भोपाल में 12वीं पास स्टूडेंट्स को डिप्लोमा के सेकंड ईयर में मिलेगा लैटरल एंट्री ऐडमिशन
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शाजापुर में 11 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए:स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़, खंभे से जोड़ रखे थे तार
शाजापुर में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग ने बुधवार को एक गहन चेकिंग अभियान चलाया। इंदौर से आई एक विशेष टीम ने स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे स्मार्ट मीटरों की जांच की। इस अभियान के दौरान 11 घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पकड़ा गया। जांच में बिजली चोरी के कई तरीके सामने आए। कुछ जगहों पर उपभोक्ता सीधे तार डालकर बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं, कुछ मामलों में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर उसकी रीडिंग बदलने की कोशिश की गई थी। टीम ने मौके पर ही इन मामलों को पकड़ा और संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ पंचनामा बनाया। बिजली चोरी के मामले सामने आने के बाद विभागीय टीम ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया। संबंधित उपभोक्ताओं पर नियमों के हिसाब से जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस अभियान से बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। सहायक यंत्री रामेश्वर प्रताप अहिरवार ने बताया कि इंदौर बिजली विभाग हर महीने ऐसे स्मार्ट मीटरों की पहचान करता है, जिनकी रीडिंग या बिजली खपत में गड़बड़ी की आशंका होती है। इसके बाद एक विशेष टीम उन इलाकों में पहुंचकर मीटरों की जांच करती है। इसी कड़ी में इंदौर से टीम शाजापुर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि स्थानीय और इंदौर की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान सीधे तार डालकर और स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। सभी मामलों में पंचनामा बनाकर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने साफ किया है कि स्मार्ट मीटरों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिजली चोरी या मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
हरदा में मंगलवार शाम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बरसते पानी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर श्वेता बम्होरे और नायब तहसीलदार बीडी तमखनिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और लाडली बहना योजना से जुड़े मुद्दों सहित कुल पांच प्रमुख मांगें रखी गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। लाडली बहना योजना का पोर्टल फिर खोलने की मांग पार्टी के राष्ट्रीय सचिव बलवीर सिंह तोमर ने बताया कि जिले में हजारों महिलाएं लाडली बहना योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र महिलाओं के छूटे हुए नाम जोड़ने के लिए योजना का पोर्टल दोबारा खोला जाए, ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। स्मार्ट मीटर से बढ़ रहे बिजली बिल का आरोप बलवीर सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगा रही है। इससे लोगों के बिजली बिल बढ़ रहे हैं और परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। पार्टी ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। सालों से पट्टे का इंतजार कर रहे परिवार ज्ञापन में गांवों में लंबे समय से रह रहे दर्जनों परिवारों को पट्टे नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पट्टे नहीं मिलने के कारण लोग अपनी जमीन पर पक्के मकान नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने पात्र परिवारों को जल्द पट्टे देने की मांग की। अवैध शराब से बढ़ रही परेशानी ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। बलवीर सिंह तोमर ने कहा कि गांवों में शराब माफिया खुले तौर पर अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। इससे कई परिवारों में आर्थिक तंगी और विवाद बढ़ रहे हैं। पार्टी ने अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की। स्कूलों में शिक्षकों की गैरहाजिरी का आरोप जिलाध्यक्ष मिथुन इवने ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते और कई बार समय से पहले स्कूल बंद करके चले जाते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की। पक्की सड़कों की भी उठाई मांग ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कें नहीं होने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कें बनाने की मांग की।
जन्माष्टमी पर्व के लिए उज्जैन के कृष्ण मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। भैरवगढ़ रोड पर स्थित श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम को भगवान श्रीकृष्ण के ससुराल के रूप में जाना जाता है। इस बार जन्माष्टमी के लिए यहां खास तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाके को लाल मोतियों से बनी हार और झालरों से सजाया गया है। यह सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर बुधवार दोपहर 1 बजे प्रेस वार्ता हुई। धाम के पंडित गिरीश गुरु ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की पांचवीं पटरानी महारानी मित्रविंदा से जुड़े इस पौराणिक स्थल पर जन्माष्टमी मनाना खास है। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को दिनभर धार्मिक कार्यक्रम होंगे। महोत्सव की शुरुआत दोपहर 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के खास अभिषेक से होगी। शाम 6 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। इस दौरान भक्तों को प्रसाद के रूप में मोर पंख बांटे जाएंगे। शाम 7 बजे से दिल्ली के भजन गायक रितिक गुप्ता की भजन संध्या होगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी भंडारे का भी इंतजाम किया जाएगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने के अवसर पर महाआरती होगी। यह कार्यक्रम परमपूज्य संत शंकर गुरुजी 'बालक' की प्रेरणा से भक्त मंडल और श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम परिवार कर रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी मित्रविंदा अवंती की राजकुमारी थीं। वह भगवान श्रीकृष्ण की आठ प्रमुख पटरानियों में से एक थीं। इसी विवाह से इस जगह को श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में धार्मिक पहचान मिली है। जन्माष्टमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
फरीदाबाद के बीके अस्पताल के बाहर बुधवार को पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। इस दौरान युवती ने अपनी मां के साथ मिलकर पति पर थप्पड़ और लात-घूंसे बरसा दिए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की शिकायत एनआईटी नंबर-3 पुलिस चौकी में दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जनवरी 2025 में हुई थी शादीराहुल कॉलोनी निवासी नीतू ने बताया कि उसकी शादी जनवरी 2025 में कॉलोनी के ही रहने वाले सचिन के साथ हुई थी। नीतू का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसका पति उसे पैसों के लिए परेशान करता आ रहा है। उसके पति का कहना है कि वह दूसरी पैसे वाली लड़की से शादी कर लेगा। पांच लाख रुपये लाने का आरोपनीतू के अनुसार, शादी के समय परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज दिया था। इसके बावजूद शादी के बाद उससे पांच लाख रुपये मायके से लाने के लिए कहा जाने लगा। इसको लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद भी हुआ। मां पर हमला करने का लगाया आरोपनीतू ने आरोप लगाया कि उसके पति सचिन ने उसकी मां को धोखे से बुलाया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वह अपनी मां का मेडिकल कराने के लिए बीके अस्पताल पहुंची थी। नीतू के अनुसार, अस्पताल में सचिन भी पहुंच गया और वहां भी उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की। एक दिन पहले चौकी में हुआ था समझौताएनआईटी नंबर-3 चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि 1 सितंबर को पति-पत्नी के बीच विवाद को लेकर दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया था। वहां दोनों के बीच फैसला कराया गया था। तय हुआ था कि पति और पत्नी अलग-अलग रहेंगे। इसके बावजूद बुधवार को बीके अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच दोबारा विवाद हो गया। पुलिस कर रही मामले की जांचचौकी इंचार्ज ने बताया कि बुधवार को युवती की मां की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर जिले के नया चंद्रपुरा गांव में पारिवारिक विवाद के दौरान छोटे भाई दुनिया आदिवासी ने बड़े भाई ग्रहण आदिवासी (30) के चेहरे पर बीयर की बोतल से वार कर दिया। इससे उसके चेहरे पर गंभीर चोट आई है। अस्पताल में करीब 15 टांके लगाए गए। विवाद ग्रहण के दामाद को बचाने के दौरान हुआ। पत्नी नेपाली की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार के मुताबिक, ग्रहण का दामाद अपनी पत्नी को लेने घर आया था। इसी दौरान शराब के नशे में दुनिया उससे उलझ गया। बात बढ़ने पर उसने दामाद पर हमला करने की कोशिश की। ग्रहण बीच-बचाव करने पहुंचे। इसी दौरान दुनिया ने बीयर की बोतल फोड़कर उनके चेहरे पर हमला कर दिया। बोतल लगने से ग्रहण के चेहरे पर गहरा घाव हो गया। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान करीब 15 टांके लगाए। पत्नी ने लगाए पुराने विवाद के आरोपग्रहण की पत्नी नेपाली ने बताया कि दुनिया पहले भी उनके पति के साथ मारपीट कर चुका है। परिवार का मामला होने के कारण उन्होंने हर बार उसे माफ कर दिया। नेपाली ने कहा कि इस बार स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद जांच शुरूनेपाली ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर दुनिया के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर रील्स देखकर हथियार लहराने और रखने का शौक एक युवक को भारी पड़ गया। पानीपत पुलिस की CIA-3 टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर 11/12 में गंदे नाले की पटरी से एक युवक को अवैध देसी पिस्तौल के साथ धर दबोचा। पकड़ा गया आरोपी यमुनानगर का रहने वाला है, जो पानीपत में अपने दोस्त से मिलने आया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना चांदनीबाग में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। गुप्त सूचना पर नाला पटरी के पास दबिश सीआईए-3 प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार शाम को पुलिस टीम को सटीक गुप्त सूचना मिली थी कि यमुनानगर निवासी एक युवक अवैध हथियार के साथ सेक्टर 11/12 स्थित कटारिया लैंड के पास गंदा नाला की पटरी पर घूम रहा है। सूचना मिलते ही सीआईए-3 की टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की और घेराबंदी कर युवक को काबू कर लिया। पैंट की जेब से मिला अनलोड देसी कट्टा पुलिस टीम ने जब युवक की तलाशी ली, तो उसकी जींस पैंट की जेब से एक अवैध देसी पिस्तौल बरामद हुआ। पिस्तौल को खोलकर जांच की गई तो वह अनलोड पाया गया। जब पुलिस ने युवक से हथियार का लाइसेंस या वैध परमिट मांगा, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपनी पहचान इमरान उर्फ साहिल निवासी गांव शादीपुर, जिला यमुनानगर के रूप में बताई। देहरादून से 3 हजार में खरीदा था हथियार पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी इमरान ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसे सोशल मीडिया पर गानों और रील्स को देखकर अवैध हथियार रखने का चस्का चढ़ गया था। अपना यह शौक पूरा करने के लिए वह करीब एक महीने पहले उत्तराखंड के देहरादून गया था, जहां उसे एक अज्ञात युवक मिला। आरोपी ने उस युवक से महज 3,000 रुपए में यह देसी पिस्तौल खरीदी थी। मंगलवार को वह इसी हथियार को अपने पास रखकर पानीपत में अपने एक दोस्त से मिलने आया था। 2 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी सीआईए-3 प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आरोपी इमरान के खिलाफ थाना चांदनीबाग में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर उत्तराखंड में बैठे मुख्य असला सप्लायर के ठिकानों का पता लगाएगी और उसे गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।
सोनीपत जिले के खरखौदा में जटोला रोड पर स्थित रियल प्लाई इंडस्ट्रीज में एक घटना हुई। यहां ड्यूटी के दौरान गर्म केमिकल गिरने से रेजिन ऑपरेटर धर्मनाथ यादव गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद खरखौदा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कानूनी कार्रवाई मृतक की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत और आवेदन के आधार पर की गई है। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश के भदोही निवासी धर्मनाथ यादव पिछले 11-12 साल से इस प्लाईवुड फैक्ट्री में रेजिन ऑपरेटर के पद पर काम कर रहे थे। 14 मार्च को ड्यूटी के दौरान केमिकल युक्त रेजिन तैयार करते समय अचानक उसमें उबाल आ गया। इस दौरान लगभग 115-125 डिग्री तापमान का खौलता हुआ केमिकल उनके शरीर पर गिर गया। गंभीर रूप से झुलसी हालत में उन्हें पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया, जहां 20 मार्च को उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी प्रमिला देवी ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने कर्मचारियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट), सुरक्षा व्यवस्था या अन्य सेफ्टी फीचर्स नहीं दिए थे। उन्होंने यह भी बताया कि 11-12 साल काम करने के बावजूद प्रबंधन ने उनके पति को कोई पहचान पत्र, सैलरी स्लिप, ईपीएफओ या ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं दी थीं। सीएम से लगाई थी निष्पक्ष जांच और एफआईआर की गुहार स्थानीय स्तर पर मामला दर्ज न होने की आशंका और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा साक्ष्य नष्ट किए जाने के डर से पीड़िता ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक आलोक अग्रवाल, निदेशक आशीष अग्रवाल उर्फ जॉनी बाबू और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर, सीसीटीवी फुटेज और अटेंडेंस-वेज रजिस्टर जब्त करने तथा परिवार के लिए मुआवजे की मांग की थी। पुलिस कार्रवाई व मुकदमा दर्ज मुख्यमंत्री कार्यालय और प्राप्त परिवाद के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायत और जांच के आधार पर 2 सितंबर को थाना खरखौदा में धारा 106 BNS (लापरवाही से मौत) के तहत एफआईआर नंबर 492 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है।
बुरहानपुर में पिकअप लूट का एक आरोपी गिरफ्तार:बाइक अड़ाकर की थी वारदात, दूसरा फरार, वाहन जब्त
बुरहानपुर में पिकअप लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 31 अगस्त की रात ग्राम धावटी के पास बाइक अड़ाकर दो बदमाशों ने पिकअप चालक और उसके हेल्पर के साथ मारपीट की थी। इसके बाद बदमाश पिकअप लेकर फरार हो गए थे। खकनार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटी गई पिकअप भी बरामद कर ली है। खाद खाली कर लौट रहे थे चालक और हेल्पर 31 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे श्रीराम राठौर अपने हेल्पर उमेश राठौर के साथ पिकअप क्रमांक एमपी 11 जी 2744 में खाद खाली कर शाहपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम धावटी के पास दो अज्ञात बदमाशों ने बाइक अड़ाकर उनकी गाड़ी रुकवा ली। बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट की और पिकअप छीनकर फरार हो गए। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस घटना के बाद खकनार थाने में लूट का मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी अभिषेक जाधव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने मुखबिरों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान सूचना मिली कि मांजरोद खुर्द-सावली खेड़ा रोड पर एक सफेद पिकअप खड़ी है और उसके पास पीली टी-शर्ट पहने एक संदिग्ध व्यक्ति मौजूद है। मौके से आरोपी गिरफ्तार, पिकअप बरामद मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। यहां संदिग्ध ज्ञानेश्वर पिता रमेश कास्डेकर, उम्र 24 वर्ष, को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी सावली खेड़ा, जिला अमरावती, महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटी गई पिकअप गाड़ी भी बरामद कर ली। दूसरे आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार लूट की वारदात में दो आरोपी शामिल थे। एक आरोपी ज्ञानेश्वर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक पवन देशमुख, मनीष मंडलोई, प्रधान आरक्षक सतीश सूर्यवंशी, रूपेश शर्मा, किशोर मार्को, आरक्षक खुमसिंह, गोविंदा और सबल देवड़ा शामिल रहे।
हरदा में भारत स्काउट गाइड मध्य प्रदेश जिला संघ हरदा की ओर से बुधवार को एक दिवसीय बिगनर्स कोर्स का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदा के सभागार में हुआ। इसमें जिले के सभी सरकारी स्कूलों से 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में स्काउट गाइड की गतिविधियों को सही तरीके से संचालित करने की जानकारी देना रहा। प्रतिभागियों को स्काउटिंग के नियमों से लेकर समाज और राष्ट्र सेवा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। स्काउटिंग के नियम और गतिविधियां समझाईं प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्काउटिंग के नियम, प्रतिज्ञा, झंडा गीत और प्रार्थना के बारे में बताया गया। इसके साथ ही समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के गुणों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि वे अपने-अपने स्कूलों में स्काउटिंग की गतिविधियां किस तरह शुरू कर सकते हैं और उन्हें व्यवस्थित तरीके से कैसे संचालित किया जा सकता है। प्रशिक्षण में हर बिंदु पर चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत जिला सचिव पुरुषोत्तम राठौर ने की। जिला प्रशिक्षण आयुक्त रमेश विश्वकर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को बिगनर्स कोर्स से जुड़ी छोटी-छोटी बातों की जानकारी दी। गाइड विंग से छाया राठौर ने प्रशिक्षण के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। पदाधिकारी और प्रशिक्षक रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान कब मास्टर सूर्यकांत चौरे और कब मास्टर अजीत सोलंकी भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के अंत में रेडक्रॉस के जिला सचिव हरिओम महागाये ने सभी का आभार जताया। सफल आयोजन पर दी शुभकामनाएं कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला कमिश्नर हरदा डीएस रघुवंशी और जिला संगठन आयुक्त हरदा गजराज सिंह ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
भागलपुर में तीन बच्चों के पिता की संदिग्ध मौत हुई। परिजन ने गांव के 2 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को महागामा-एकचारी मुख्य मार्ग संथाली टोला के पास लाश को रखकर सड़क जाम किया। मृतक रसलपुर थाना क्षेत्र के कुरमा गांव के रहने वाले मोहम्मद हबीब के बेटे मोहम्मद तौसीफ (43)के तौर पर हुई है। जो 31 अगस्त की रात 10 बजे गांव के 2 दोस्तों के बुलाने पर साथ गए थे, फिर देर रात तक वापस नहीं लौटे। मृतक की पत्नी ने बताया कि गांव के ही दो लोग मोहम्मद कौसर और मोहम्मद निसार घर से बुलाकर ले गए। सुबह 5 बजे लाश मिलने की सूचना मिली थी पत्नी कहती है कि पति घर नहीं लौटे तो देर रात हमलोग आरोपियों के घर गए तो उनलोगों ने कहा कि तौसीफ कहां गया है हमें नहीं पता है। मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे डेड बॉडी सनोखर थाना क्षेत्र के तीलोंधा बहिहार में मिली। बॉडी को पुलिस ने जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद जब बॉडी घर पर पहुंचा तो परिजन आक्रोशित हो गए। मुख्य मार्ग को जाम कर जमकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। एक साल से चल रहा था जमीन विवाद पत्नी और बेटे ने बताया कि 1 साल से पड़ोस के रहने वाले मोहम्मद जहांगीर से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। कई बार विवाद के बाद मामला थाना तक भी पहुंचा है। इसी विवाद में मोहम्मद तौसीफ की हत्या की गई है। हत्या के लिए मोहम्मद जहांगीर ने कौसर और निसार को 50 हजार रुपए दिए हैं। अब अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने सड़क को जाम कर दिया है। थानेदार पंकज कुमार ने कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
कपूरथला। सुल्तानपुर लोधी सड़क पर थाना फत्तूढिंगा क्षेत्र के मुंडी छन्ना गांव के टी-पॉइंट के पास झाड़ियों और गहरी जगह से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। शव कई दिनों से वहां पड़ा होने की आशंका है। सूचना मिलने के बाद फत्तूढिंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आसपास के इलाके से भी जानकारी जुटाई। फत्तूढिंगा थाने के एएसआई दिलबाग सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शव करीब 5 से 6 दिन पुराना लग रहा है। कई दिन बीतने के कारण शव की हालत काफी खराब हो चुकी है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी पुलिस के अनुसार शव को पहचान के लिए सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी के मुर्दाघर में 72 घंटे तक रखा जाएगा। इस दौरान पुलिस मृतक की पहचान करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ लापता लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित पिछले कुछ दिनों से लापता है और उसका हुलिया बरामद शव से मिलता है तो तुरंत फत्तूढिंगा थाना पुलिस से संपर्क करें। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक कौन है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के हटवा सोरैहान गांव में बुधवार को एक हादसा हो गया। दोस्तों के साथ नाले के किनारे गया 13 साल का देवेंद्र अचानक पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू कराई। नाले में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण रीवा से SDRF की टीम बुलाई गई है। टीम लगातार देवेंद्र की तलाश में जुटी है। हटवा सोरैहान गांव के रहने वाले देवेंद्र कुमार सेन (13) राजकुमार सेन का बेटा है। बुधवार को वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास बारी नाला के किनारे गया था। तभी उसका अचानक पैर फिसल गया और वह नाले के तेज बहाव में जा गिरा। देखते ही देखते वह पानी के साथ बह गया। इस हादसे के बाद देवेंद्र के साथ मौजूद बच्चे घबरा गए। उन्होंने तुरंत गांव पहुंचकर देवेंद्र के परिवार को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को बताया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से देवेंद्र की तलाश शुरू कराई। लेकिन नाले में तेज बहाव और ज्यादा पानी होने के कारण तलाश में दिक्कत आई। इसके बाद पुलिस ने रीवा से SDRF टीम को बुलाया। टीम मौके पर पहुंचकर नाले और आसपास के इलाके में तलाश अभियान चला रही है। शाम करीब 4 बजे तक देवेंद्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। SDRF की टीम लगातार नाले में तलाश कर रही है। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है। वहीं, देवेंद्र के परिजन और ग्रामीण उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस और SDRF का तलाश अभियान जारी है।
नंदलाला की किलकारियों से खिलखिलाएगा पूरा शहर, दिल्ली में जन्मोत्सव की तैयारियां तेज
दिल्ली में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं, शहर कान्हा के जन्मोत्सव के लिए सज रहा है। बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाकों और झूलों की खूब खरीदारी हो रही है, वहीं मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे।
राजधानी में सराफा कारोबारी से जेवर बनाने के नाम पर 150 ग्राम फाइन गोल्ड लेकर कारीगर के फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपी पहले कारोबारी से सोना लेकर जेवर बनाकर समय पर वापस करता था। इसी वजह से कारोबारी का उस पर भरोसा बन गया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर कारीगर सोना लेकर पश्चिम बंगाल चला गया और इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। टिकरापारा निवासी तापस सामंत करीब 20 वर्षों से ज्वेलरी कारोबार से जुड़े हैं। उनकी मां महालक्ष्मी ज्वेलरी वर्कशॉप के नाम से बुढ़ापारा स्थित सोनी सदन के पास दुकान है। शुभांकर हलदर उनके यहां ज्वेलरी कारीगर के तौर पर काम करता था। 15 अप्रैल को लिया था 150 ग्राम सोना तापस के मुताबिक, शुभांकर पहले कई बार फाइन गोल्ड लेकर जेवर तैयार करता और वापस कर देता था। इसलिए उस पर विश्वास था। 15 अप्रैल 2026 को शुभांकर ने दुकान से 150 ग्राम फाइन गोल्ड जेवर बनाने के लिए लिया। 18 अप्रैल को कारोबारी ने फोन कर जेवर के बारे में पूछा। शुभांकर ने बताया कि अभी जेवर तैयार नहीं हुए हैं। उसने कहा कि पश्चिम बंगाल के नादिया में रहने वाली उसकी मां की तबीयत खराब है और उसे गांव जाना पड़ सकता है। लौटने के बाद वह जेवर बनाकर दे देगा। 20 अप्रैल के बाद दोनों मोबाइल बंद 20 अप्रैल को शुभांकर मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर चला गया। इसके बाद उसने कारोबारी से संपर्क नहीं किया। तापस ने उसके दोनों मोबाइल नंबरों पर कॉल किया, लेकिन दोनों बंद मिले। काफी समय तक सोना वापस नहीं मिलने पर कारोबारी ने आरोपी की तलाश शुरू की। पूछताछ में पता चला कि शुभांकर रायपुर से फरार हो गया है। काफी कोशिश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। आरोपी की तलाश में जुटे अफसर तापस ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि शुभांकर ने विश्वास में लेकर 150 ग्राम फाइन गोल्ड लिया और उसे वापस किए बिना फरार हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब आरोपी के मोबाइल नंबर, संपर्कों और पश्चिम बंगाल में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सोने की बरामदगी के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आज कलेक्टोरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव के नाम डिप्टी कलेक्टर नितिन जैन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ी सात लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की गई। एसोसिएशन ने महंगाई राहत, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, समयमान वेतनमान और बकाया एरियर्स सहित अन्य मांगें रखीं। पदाधिकारियों ने सरकार से लंबित मामलों में जल्द आदेश जारी करने की मांग की। 2 प्रतिशत महंगाई राहत और कैशलेस बीमा की मांग एसोसिएशन ने मांग की कि मध्यप्रदेश के पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई राहत देने के आदेश जल्द जारी किए जाएं। इसके साथ ही पेंशनरों के लिए 20 लाख रुपए तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। डिप्लोमाधारी उपयंत्रियों को चौथा समयमान एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 35 साल की सरकारी सेवा पूरी करने वाले डिप्लोमाधारी उपयंत्रियों को चौथा समयमान वेतनमान देना शामिल है। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में इसका लाभ सिर्फ डिग्रीधारी उपयंत्रियों को मिल रहा है, जबकि डिप्लोमाधारी उपयंत्रियों को इससे वंचित रखा गया है। हर पांच साल में 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन पेंशनरों को 80 वर्ष की उम्र पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन की व्यवस्था में बदलाव की मांग भी की गई। एसोसिएशन ने 65, 70, 75 और 80 वर्ष की उम्र पर हर पांच साल में 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग रखी। वेतन वृद्धि और बकाया राशि का भुगतान एसोसिएशन ने 30 जून और 31 दिसंबर की काल्पनिक वेतन वृद्धि से जुड़े अदालती मामलों में रुकी हुई मंजूरी जारी करने की मांग की। पेंशन दोबारा तय होने के बाद ग्रेच्युटी और छुट्टी के बदले मिलने वाली नगद राशि की बची हुई रकम का भुगतान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। छठे-सातवें वेतन आयोग का एरियर पदाधिकारियों ने छठे और सातवें वेतन आयोग के 32 और 27 महीने के बकाया एरियर्स का भुगतान करने की मांग की। उनका कहना है कि यह राशि लंबे समय से लंबित है, इसलिए सरकार को जल्द भुगतान के आदेश जारी करने चाहिए। बिना पदोन्नति रिटायर कर्मचारियों को भी लाभ साल 2016 के बाद पदोन्नति पर रोक लगने के कारण बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी 35 साल की सेवा पूरी होने पर चौथे समयमान वेतनमान का लाभ देने की मांग की गई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द आदेश जारी करने की अपील की।
हाथरस में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बुधवार को पैतृक गांव बामौली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुरसान ब्लॉक क्षेत्र स्थित उनके समाधि स्थल पर हवन-यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए हवन के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समर्थक और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने रामवीर उपाध्याय के व्यक्तित्व और उनके राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को याद किया। जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। हाथरस के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक बामौली पहुंचे। कार्यक्रम में सांसद अनूप प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, एमएलसी ऋषिपाल सिंह और पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय शामिल हुए। इसके अलावा मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, पुर्दिलनगर चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा, चिराग उपाध्याय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद महेश्वरी, गौरव आर्य और पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग मौजूद रहे। हाथरस को जिला बनवाने के लिए कुर्सी तक दांव पर लगाई श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने रामवीर उपाध्याय को आम जनता से जुड़े नेता के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि हाथरस को जिला बनवाने के लिए रामवीर उपाध्याय ने अपनी राजनीतिक कुर्सी तक दांव पर लगा दी थी। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए गए, जिसके चलते लंबे समय तक उनका मजबूत जनाधार बना रहा। लगातार पांच बार विधायक चुने गए रामवीर उपाध्याय का हाथरस की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रहा। वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में कई विभागों के कैबिनेट मंत्री भी रहे। उन्होंने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। वह पहली बार 1996 में विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद 2002 और 2007 में हाथरस, 2012 में सिकंदराराऊ और 2017 में सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। बामौली में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में लोगों ने उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान समर्थकों ने उनके विचारों और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को भी याद किया।
अम्बाला कैंट में 5 घंटे थमेगा रेल ट्रैफिक:2 ट्रेनें रद्द, वंदे भारत समेत 10 का प्लेटफॉर्म बदला
अम्बाला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन के यार्ड में 9 सितंबर को पांच घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। यह ब्लॉक सुबह 10:45 बजे से दोपहर 3:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्टेशन पर सुपरस्ट्रक्चर डायमंड सिंगल प्वाइंट नंबर 225B/226 पर 52 किलोग्राम की रेल को हटाकर 60 किलोग्राम की रेल लगाने का काम किया जाएगा। यह जानकारी उत्तर रेलवे के अम्बाला मंडल के जनसंपर्क विभाग के द्वारा दी गई है। ब्लॉक के चलते इस दौरान संचालित होने वाली दो ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि 10 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले गए हैं। वहीं इन बदले गए ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में वंदे भारत ट्रेन भी शामिल है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति और प्लेटफॉर्म की जानकारी जांचने की अपील की है। वंदे भारत समेत 10 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले रेलवे की यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्टेशन के पूछताछ केंद्र, एनाउंसमेंट या रेलवे कर्मचारियों से ट्रेन की स्थिति और प्लेटफॉर्म की जानकारी प्राप्त कर लें। यात्री NTES या रेल मदद 139 के माध्यम से भी ट्रेन की जानकारी ले सकते हैं।
सीतापुर में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में सीतापुर पुलिस ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। अगस्त माह में शिकायतों के निस्तारण के आधार पर जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। खास बात यह है कि सीतापुर के 24 थानों ने भी प्रदेश स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पुलिस विभाग के अनुसार शासन की प्राथमिकताओं और मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं, बालिकाओं और आमजन की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद और थाना स्तर पर गठित आईजीआरएस सेल एवं टीमों ने शिकायतों की लगातार निगरानी करते हुए प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और विधिक तरीके से निस्तारण कराया। शिकायतों के निस्तारण के बाद आईजीआरएस टीमों द्वारा आवेदकों और शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक भी लिया गया। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण की प्रक्रिया और कार्रवाई पर संतुष्टि जताई। इसी के परिणामस्वरूप जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। प्रदेश में प्रथम स्थान पाने वाले 24 थानों में अटरिया, इमलिया सुल्तानपुर, कमलापुर, कोतवाली नगर, मानपुर, खैराबाद, तालगांव, थानगांव, नैमिषारण्य, बिसवां, मछरेहटा, महमूदाबाद, महिला थाना, महोली, मिश्रिख, रामकोट, रामपुरकलां, रामपुरमथुरा, लहरपुर, रेउसा, संदना, सदरपुर, सिधौली और हरगांव शामिल हैं। सभी थानों ने 100 में 100 अंक हासिल किए। यह उपलब्धि एसपी अंकुर अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा एएसपी दक्षिणी एवं आईजीआरएस के नोडल अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में हासिल हुई। एसपी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि आईजीआरएस के माध्यम से महिलाओं से जुड़े अपराधों और पारिवारिक विवादों में त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को समय से राहत मिल रही है, जिससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्री कृष्ण के लिए बाबा विश्वनाथ की तरफ से काशी विश्वनाथ धाम से उपहार आ रहे हैं। बुधवार को विधिवत रूप से बाबा काशी विश्वनाथ का पूजन अर्चन करने के बाद वैदिक मंत्रों के मध्य उपहारों को सुसज्जित वाहन से मथुरा के लिए रवाना किया गया। सनातन संस्कृति के दो दिव्य एवं प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्रों- काशी एवं मथुरा- के मध्य श्रद्धा, समर्पण एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अनुपम परंपरा को निरंतरता प्रदान करते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री लड्डू गोपाल हेतु विशेष उपहार सामग्री श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए श्रद्धापूर्वक भेजी गई है। दो साल से आ रहे उपहार 2 वर्ष पहले 2024 में पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस अभिनव धार्मिक एवं सांस्कृतिक नवाचार के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री विश्वेश्वर द्वारा श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में विराजमान श्री लड्डू गोपाल को उपहार सामग्री भेजी गई थी। इसी क्रम में रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी काशी एवं मथुरा के मध्य परस्पर भेंट एवं श्रद्धा-संदेशों के आदान-प्रदान की इस पावन परंपरा को आगे बढ़ाया गया। इस नवाचारपूर्ण परंपरा का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थों एवं मंदिरों के मध्य आध्यात्मिक संवाद, सांस्कृतिक समन्वय तथा परस्पर श्रद्धा के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था। पूजन अर्चन के बाद भेजे उपहार 4 सितम्बर को आयोजित होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से पहले बुधवार को कान्हा के लिए तैयार विशेष उपहार सामग्री को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विधि-विधानपूर्वक पूजित किया गया तथा भगवान श्री विश्वेश्वर को समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के मध्य उपहार सामग्री को श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए भेजा गया। सौ से अधिक देवालयों से आए शुभकामना संदेश इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम पारंपरिक गरिमा एवं श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष नवाचार में अभिवृद्धि करते हुए देश विदेश के विभिन्न देवालयों से विराजमान देवता के शुभकामना संदेश श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व हैतु श्री कृष्ण जन्मस्थल न्यास को संबोधित करते हुए निर्गत करने की पहल का समन्वय श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संस्थागत नॉलेज पार्टनर टेम्पल कनेक्ट के सहयोग से किया जा रहा है। अब तक लगभग 15 देशों से 100 से अधिक देवालयों से शुभकामना संदेश श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा प्राप्त किए जा चुके हैं जिन्हें श्री कृष्ण जन्मस्थल न्यास को भेंट सामग्री के साथ ही प्रेषित किया जा रहा है। यह भेजा उपहार में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कान्हा की काशी विश्वनाथ धाम से चांदी की चम्मच,पायजेब,मुरली और कंगन भेजे हैं। इसके अलावा खिलौने,फल और मेवा भी भेजे गए हैं। काशी विश्वनाथ धाम से भेजे गए यह उपहार गुरुवार को मथुरा श्री कृष्ण जन्मस्थान पहुंचेंगे।
नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अब्दालपुर गांव में बिजली के करंट से 64 साल के एक बुजुर्ग की जान चली गई। मृतक की पहचान अब्दालपुर गांव के रहने वाले सुरेंद्र यादव के तौर पर हुई है। सुरेंद्र यादव अपने भैंस को लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप वे इसी तार के संपर्क में आ गए और करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता रोज की तरह जानवर लेकर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। परिजनों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर बिजली के तारों और पोल की समय पर जांच और मरम्मत होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग घटना की जानकारी मिलते ही वारिसलीगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जरूरी कार्रवाई की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, नवादा भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग से घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के मानदेय भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत की है। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाने की व्यवस्था की जा रही है। बुधवार को इस कार्यक्रम का सुबह करीब 11 बजे से सीधा प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में UPCOS के पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग की गई। इस दौरान निगम के लोगो का भी अनावरण किया गया तथा आउटसोर्स कर्मियों को चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम का मुज़फ़्फ़रनगर में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र के मानेकशॉ सभागार में लाइव प्रसारण किया गया। यहां विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पहले आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय संबंधित कंपनियों और एजेंसियों के माध्यम से भुगतान किया जाता था। इस व्यवस्था को लेकर कई बार मानदेय में कटौती और भुगतान संबंधी शिकायतें सामने आती रही हैं। नई UPCOS व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किए जाने की योजना है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और कर्मचारियों को उनके श्रम का पूरा पारिश्रमिक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम में RLD जिलाध्यक्ष संजय राठी, मीरापुर विधायक प्रतिनिधि अमरनाथ पाल, ब्लॉक प्रमुख अमित चौधरी, CDO कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, ADM प्रशासन देश दीपक सिंह, डीसी एनआरएलएम केएन पांडे, सहायक श्रमायुक्त देवेश सिंह और EO पवन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान नगर पालिका परिषद के 10 सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी किट भी वितरित की गईं। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाना और उन्हें अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया।
नेपाल में हुई त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए काशी के महामोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका घाट पर श्राद्ध-तर्पण और प्रार्थना की गई। नेपाल राष्ट्र की ओर से काशी में नियुक्त लाल मोहरिया परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से अनुष्ठान कर मृतकों की आत्मा की शांति की कामना की। इस दौरान त्रासदी के बाद अपने परिजनों से बिछड़े लोगों के जल्द अपनों से मिलने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की गई। इस अवसर पर अभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि लाल मोहरिया परिवार को नेपाल राज परिवार की ओर से काशी में नेपाल राष्ट्र के नागरिकों और नेपाल राज परिवार के लिए अनुष्ठान, पूजन तथा श्राद्ध-तर्पण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी जिम्मेदारी के तहत नेपाल में हुई त्रासदी में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए यह अनुष्ठान कराया गया। पीड़ित परिवारों के लिए निशुल्क जारी रहेगी सेवाअभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि यह पूजन और श्राद्ध-तर्पण सिर्फ अभी तक सीमित नहीं रहेगा। त्रासदी से प्रभावित कोई भी परिवार अगर काशी आकर श्राद्ध-तर्पण या पूजन कराना चाहता है, तो लाल मोहरिया परिवार की ओर से यह सेवा आगे भी निशुल्क जारी रखी जाएगी। इस पहल के जरिए त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए धार्मिक अनुष्ठान की व्यवस्था करने की बात कही गई है।
जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वेलनेस सेंटर की ओर से नए स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को दोपहर करीब 3 बजे तक चले कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, स्वस्थ जीवनशैली और जीवन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के प्रति जागरूक करना रहा। व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं वेलनेस सेंटर के समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिस तरह शरीर का ध्यान रखना जरूरी है, उसी तरह मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को शॉर्ट वीडियो और डिजिटल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लगातार शॉर्ट वीडियो देखने की आदत ध्यान, एकाग्रता और स्मरण शक्ति को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया का समझदारी और संतुलित तरीके से इस्तेमाल करने तथा पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की सलाह दी। चुनौतियों से निपटने के बताए तरीके अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्रा ने विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक तकनीकें आज के दौर की कई समस्याओं को समझने और उनके समाधान में उपयोगी साबित हो सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन तकनीकों को समझकर जीवन में उचित तरीके से अपनाने के लिए प्रेरित किया। वेलनेस सेंटर की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने मानसिक स्वास्थ्य और बेहतर कोपिंग स्किल्स के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी मानसिक या भावनात्मक समस्या को अकेले नहीं झेलना चाहिए। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को काउंसलिंग सेंटर की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने और प्रतिदिन करीब 30 मिनट पैदल चलने की सलाह दी। तनाव को पहचानना और संभालना जरूरी व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने अतिथियों और नए विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने तनाव और उसके विभिन्न प्रकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में तनाव महसूस करना सामान्य है, लेकिन उसे समय रहते पहचानकर स्वस्थ तरीके से संभालना जरूरी है। कार्यक्रम में अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।
गोरखपुर में मनाया गया हलषष्ठी पर्व:महिलाओं ने संतान की लंबी आयु के लिए रखा व्रत, दिनभर चला पूजा-पाठ
गोरखपुर में बुधवार को हलषष्ठी का पर्व बहुत ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर में धार्मिक माहौल बन गया। मंदिरों, तालाबों और खुले पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। माताओं ने अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए व्रत रखा। कई महिलाओं ने दिनभर बिना पानी पिए व्रत रखा और भगवान से अपने बच्चों की सलामती की प्रार्थना की। सुबह होते ही महिलाएं पूजा की थाली लेकर घरों से निकल पड़ीं। शहर के अलग-अलग इलाकों में वे समूह बनाकर पूजा स्थलों पर पहुंचीं। कहीं मंदिरों में तो कहीं पेड़ों और खुले स्थानों पर कुश के पौधे की पूजा की गई। महिलाएं आपस में मिलकर पूजा की तैयारी करती नजर आईं। हर जगह भजन और मंत्रों की आवाज सुनाई देती रही, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। तस्वीरें देखिए… कुश की पूजा और परंपराओं का पालन हलषष्ठी के दिन कुश के पौधे की पूजा का खास महत्व होता है। महिलाओं ने कुश को जल चढ़ाया, फल-फूल अर्पित किए और दीप जलाकर पूजा की। उन्होंने पूरे नियम और परंपराओं का पालन किया। कई जगहों पर महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती भी नजर आईं, जिससे त्योहार की महत्ता और बढ़ गई। इस पर्व पर माताएं अपने बच्चों के लिए कठिन व्रत रखती हैं। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर वे अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे भविष्य की कामना करती हैं। पूजा के बाद उन्होंने परिवार की खुशहाली और शांति के लिए भी प्रार्थना की। यह पर्व मां के प्यार और त्याग को साफ दिखाता है। शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया पर्व त्योहार के चलते गोरखपुर के बाजारों में भी अच्छी रौनक देखने को मिली। लोग पूजा की सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचे। कुश, फल, मिट्टी के बर्तन, धूप-दीप और अन्य सामान की खूब बिक्री हुई। छोटे दुकानदारों के यहां भी दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। पूरे दिन गोरखपुर की गलियों में भक्ति का माहौल बना रहा। महिलाएं पारंपरिक कपड़ों में सजी-धजी नजर आईं। हर जगह पूजा-पाठ और व्रत की चर्चा होती रही। कहीं भजन गूंजे तो कहीं महिलाएं एक साथ बैठकर पूजा करती दिखीं।
धार जिले के सरदारपुर स्थित 50 बेड वाले सिविल अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम दिखाई दी, जबकि पुराने अस्पताल परिसर में बने डॉक्टरों के आवास पर मरीज इलाज के लिए पहुंचते नजर आए। मौसमी बीमारियों के दौर में जहां अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है, वहीं सरदारपुर सिविल अस्पताल की स्थिति अलग दिखाई दी। मामला सामने आने के बाद बीएमओ डॉ. शीला मुजाल्दा ने इसे गंभीर समस्या बताया है। ड्यूटी के समय आवास पर मरीज देखने की बात बीएमओ डॉ. शीला मुजाल्दा ने कहा कि कुछ डॉक्टर ड्यूटी के समय अपने आवास पर मरीज देखते हैं। उनके मुताबिक इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी की व्यवस्था है, ऐसे में डॉक्टरों का ड्यूटी के दौरान आवास पर मरीज देखना सवाल खड़े करता है। पहले भी डॉक्टरों को दिए जा चुके नोटिस बीएमओ ने बताया कि इस मामले में पहले भी कई डॉक्टरों को नोटिस दिए जा चुके हैं। अब उनके सामने यह मामला आया है, इसलिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के समय डॉक्टर अस्पताल में मौजूद रहें और मरीजों को अस्पताल की ओपीडी में ही उपचार मिले, इस व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। मौसमी बीमारियों में भी ओपीडी में कम मरीज मौसमी बीमारियों के दौरान आमतौर पर सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में सिविल अस्पताल की ओपीडी में कम मरीज दिखाई देना और डॉक्टरों के आवास पर इलाज के लिए लोगों का पहुंचना अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। पार्टी के बाद अब ओपीडी व्यवस्था पर सवाल सरदारपुर सिविल अस्पताल कुछ दिन पहले डॉक्टरों और कर्मचारियों की पार्टी को लेकर भी चर्चा में रहा था। अब ड्यूटी के समय अस्पताल के बजाय डॉक्टरों के आवास पर मरीज देखने की बात सामने आने के बाद अस्पताल के कामकाज और व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।
कोटपूतली-बहरोड़ में कृषि पर्यवेक्षक संगठन ने अपनी लंबित डीपीसी और 11 सूत्री मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम दिया गया। कृषि पर्यवेक्षक समन्वय समिति राजस्थान की अपील पर यह ज्ञापन सौंपा गया। डीपीसी और नए पद बनाने की मांग संगठन की प्रमुख मांगों में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षकों को सहायक कृषि अधिकारी पद पर जल्द पदोन्नति (डीपीसी) करवाना शामिल है। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 और 2026-27 की डीपीसी भी आयोजित करने की मांग की गई है। उद्यान विभाग में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षकों के नए पद बनाना और विभाग से जुड़ी 11 अन्य मांगों का समाधान करना भी इसमें शामिल है। 8 सितंबर से ऑनलाइन कामकाज बहिष्कार की चेतावनी शाखा अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कृषि समन्वय समिति की ओर से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 8 सितंबर से विभागीय ऑनलाइन कामों का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जिला अध्यक्ष बाबूलाल गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष मोहित तंवर और शाखा अध्यक्ष सुभाष गुर्जर मौजूद रहे।
हनुमानगढ़ के भादरा क्षेत्र के डाबड़ी गांव निवासी सीआरपीएफ जवान इंद्र सिंह का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। बुधवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव डाबड़ी लाया गया। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। इंद्र सिंह साल 2006 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वे फिलहाल झारखंड में सीआरपीएफ की 193वीं बटालियन में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक इंद्र सिंह हाल ही में छुट्टी पर अपने गांव आए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद वे वापस झारखंड ड्यूटी पर लौट गए थे। ड्यूटी के दौरान अचानक हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। इंद्र सिंह के निधन की खबर मिलते ही डाबड़ी गांव में शोक छा गया। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर परिजन और ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जमा हो गए। अंतिम संस्कार के दौरान जवान को राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। भारत माता के जयकारों और 'शहीद इंद्र सिंह अमर रहें' के नारों के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इंद्र सिंह के परिवार में उनकी माता रुकमा देवी, पिता महावीर सिंह और पत्नी कांता देवी हैं। उनकी बेटी दीपिका बीए की पढ़ाई कर रही है। इंद्र सिंह के निधन से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि इंद्र सिंह ने लंबे समय तक देश की सेवा की। उनका जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मुआवजा, पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों का पालन कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। लोगों का आरोप है कि परियोजना के तहत कई गांवों में लोगों के मकान तोड़े जा रहे हैं, लेकिन कुछ परिवारों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसके अलावा विस्थापन के बाद जिन जगहों पर परिवारों को बसाया जा रहा है, वहां सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। भटनागर बोले- सिर्फ दौरे से समस्या हल नहीं होगी सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर और गांव उजाड़े गए, उनके पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था पहले सुनिश्चित होनी चाहिए थी। भटनागर ने कहा कि मंत्री ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर मुआवजा और राशन मिलने की जानकारी ली। लेकिन समस्या सिर्फ इन दोनों चीजों तक सीमित नहीं है। कई परिवार सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार का अलग-अलग सर्वे कराया जाए। इसके आधार पर लंबित मुआवजे का निराकरण और पुनर्वास स्थलों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। एसडीएम बोले-आवेदनों की जांच कर कार्रवाई होगी किसानों से ज्ञापन लेने वाले एसडीएम ने बताया कि नेगुवां सिंचाई तालाब में भू-अर्जन की प्रक्रिया से संबंधित ज्ञापन मिला है। ग्रामवासियों ने आवेदन देकर अपनी समस्याएं और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एसडीएम ने कहा कि परियोजना के तहत मिले सभी आवेदनों की जांच कराई जाएगी। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विस्थापित परिवारों को सुविधाएं देने की मांग भटनागर ने कहा कि परियोजना के कारण जिन परिवारों ने अपने घर और गांव छोड़े हैं, उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने मुआवजा, पुनर्वास और अन्य समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण करने की मांग की।
शिवपुरी की दिनारा पुलिस ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी तरीके से सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंट अभिषेक यादव (26) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक महिला के आधार, फोटो और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उसकी जानकारी के बिना सिम एक्टिवेट की और दूसरे व्यक्ति को दे दी। आरोपी द्वारा जारी 12 सिम कार्ड से 23 साइबर फ्रॉड हुए। इनमें करीब 28 लाख 32 हजार 319 रुपए की ठगी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर साइबर फ्रॉड से जुड़ी पूरी कड़ी की जांच शुरू कर दी है। सिम पोर्ट कराने के नाम पर लिए दस्तावेजपुलिस ने दिनारा क्षेत्र के पीओएस एजेंटों की एक्सल शीट की जांच की थी। इसमें ग्राम दावरदेही निवासी अभिषेक यादव की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। जांच में सामने आया कि अभिषेक नई सिम जारी करने और सिम पोर्ट कराने का काम करता था। इसी दौरान उसने उर्मिला अहिरवार के दस्तावेज लिए थे। उर्मिला ने बताया कि अभिषेक ने सिम पोर्ट कराने की बात कहकर उसका आधार कार्ड, फोटो और फिंगरप्रिंट लिया था। उसने एक महीने का रिचार्ज फ्री मिलने की बात भी कही थी। महिला के नाम पर सिम, इस्तेमाल कोई और कर रहा थापुलिस को एयरटेल नंबर 8962733982 से अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिली थीं। दस्तावेजों की जांच में यह नंबर उर्मिला अहिरवार के नाम पर दर्ज मिला। पुलिस ने उर्मिला से पूछताछ की। उसने बताया कि न तो वह और न ही उसके परिवार का कोई सदस्य इस नंबर का इस्तेमाल करता है। इसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने की प्रक्रिया की जांच की। इसमें अभिषेक की भूमिका सामने आई। डिस्ट्रीब्यूटर को दे दी सिमपुलिस के मुताबिक, अभिषेक ने 1 अप्रैल 2026 को उर्मिला के दस्तावेजों पर सिम जारी की थी। आरोप है कि उसने महिला की जानकारी के बिना सिम एक्टिवेट कर दी। सिम महिला को देने के बजाय उसने अपने डिस्ट्रीब्यूटर अरविंद लोधी निवासी छितीपुर को दे दी। 12 सिम से 23 साइबर फ्रॉडपुलिस की जांच में अभिषेक द्वारा जारी 12 संदिग्ध सिम सामने आईं। इन सिमों का इस्तेमाल कर 23 साइबर फ्रॉड किए गए। इन मामलों में कुल 28 लाख 32 हजार 319 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस अब इन सभी मामलों में सिम का इस्तेमाल करने वाले लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। इन धाराओं में केस दर्जदिनारा पुलिस ने अभिषेक यादव के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(ई), 42(6) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फर्जी सिम से जुड़े अन्य लोगों और साइबर फ्रॉड की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
गाजीपुर में देवल पुलिस चौकी के पास भैंस लदे एक पिकअप को रोककर सादे कपड़ों में एक व्यक्ति के रुपये लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 30 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे का बताया जा रहा है। इसमें सादे कपड़ों में दिख रहा व्यक्ति भैंस लदे पिकअप के पास पहुंचता है और वाहन में बैठे व्यक्ति से रुपये लेता नजर आता है। इसके बाद वह रुपये को मुट्ठी में दबाकर वहां से हट जाता है। पीछे से बाइक सवार एक युवक ने यह वीडियो बनाया है। वीडियो में दो पिकअप वाहनों पर भैंस लदी दिखाई दे रही हैं। ये दोनों पिकअप गाजीपुर से बिहार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान देवल चौकी के पास सादे कपड़ों में मौजूद व्यक्ति के रुपये लेने का यह वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद देवल चौकी के पुलिस के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। भैंस लदे वाहनों को चौकी के पास रोककर रुपये लेने की जरूरत क्यों पड़ी। क्या वाहनों की जांच के दौरान यह रकम ली गई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। अगर रुपये लेने के बाद वाहनों को आगे जाने दिया गया, तो यह जांच का मामला है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर पुलिसकर्मी के रूप में साफ नहीं हुई है। इसी तरह वीडियो में लिए गए रुपये किस वजह से दिए गए, इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। वायरल वीडियो के संबंध में एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
श्योपुर जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। योजनाओं और विकास कार्यों में राशि के उपयोग की जानकारी न मिलने पर उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय की वाटर शेड शाखा पर ताला लगा दिया। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें 15वें वित्त और वाटरशेड योजना से जुड़ी जानकारी नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि जिला पंचायत में वाटर शेड अधिकारी पी एस राजपूत का 'माफिया राज' चल रहा है। गुड्डी बाई आदिवासी ने कहा कि अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें विकास कार्यों और योजनाओं की जरूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने 8 अगस्त 2022 से 6 जुलाई 2026 तक 15वें वित्त की राशि का पूरा हिसाब मांगा है। इसमें जिला पंचायत के पास उपलब्ध राशि, खर्च की गई राशि, ग्राम पंचायतवार कराए गए विकास और निर्माण कार्य, साथ ही किए गए भुगतान की जानकारी शामिल है। इस दौरान उन्होंने वाटर शेड परियोजना अधिकारी पी एस राजपूत पर माफिया होने का आरोप भी लगाया है। अध्यक्ष ने यह भी पूछा है कि संबंधित ग्राम पंचायतों को किन कामों के लिए भुगतान हुआ और यह भुगतान किस सदस्य की मंजूरी से किया गया। उन्होंने इस अवधि की आय-खर्च की पूरी जानकारी मांगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे गुरुवार से कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगी।
सुलतानपुर में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और कायाकल्प योजना के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बुधवार को मोतिगरपुर ब्लॉक के लामा बनकटा (नोनरा) स्थित प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की स्थिति का वीडियो जारी कर शिक्षा विभाग और भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। वंशराज दुबे ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय लामा बनकटा की अपनी कोई स्थायी इमारत नहीं है। स्कूल आंगनबाड़ी केंद्र के टूटे-फूटे और अधूरे भवन में संचालित हो रहा है। यहां बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यू-डाइस पोर्टल पर स्कूल में शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं चालू दिखाई जा रही हैं, जबकि मौके पर न शौचालय है और न ही सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल। स्कूल परिसर के ठीक बगल में खुला और असुरक्षित कुआं भी है, जो छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। भवन की व्यवस्था नहीं होने के कारण शिक्षक बच्चों को कभी नीम के पेड़ के नीचे तो कभी खराब हालत वाले आंगनबाड़ी कक्ष में बैठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। आप प्रवक्ता ने कहा कि यह स्थिति सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों पर सवाल खड़े करती है। प्राथमिक शिक्षा की स्थिति में सुधार न होने पर धरना होगा वंशराज दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आलीशान कार्यालय बना रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के बच्चे बिना स्कूल भवन और मूलभूत सुविधाओं के पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने सुलतानपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पर भी निशाना साधा। आरोप लगाया कि अधिकारी कार्यालयों में बैठकर आदेश जारी करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूलों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। वंशराज दुबे ने चेतावनी दी कि यदि प्राथमिक शिक्षा की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ और स्कूल को अपनी इमारत के साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो पार्टी सरकार और प्रशासन से सड़क से लेकर उच्च स्तर तक सवाल उठाएगी।
दिल्ली चिड़ियाघर अपने सफेद गिद्ध 'जटायु' के लिए दो दशक बाद साथी की तलाश कर रहा है, जिसके लिए अन्य चिड़ियाघरों से बातचीत जारी है। इसके साथ ही चिड़ियाघर 16 अन्य प्रजातियों के लिए भी साथी ढूंढ रहा है।
्महेंद्रगढ़ पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने नारनौल की पुरानी सराय निवासी लक्की को पकड़ा। उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम टाटला चौक, नारनौल पर गश्त कर रही थी। तभी उन्हें सूचना मिली कि पुरानी सराय, नारनौल का रहने वाला लक्की अवैध हथियार के साथ मंडलाना से निवाजनगर जाने वाले रास्ते पर अंडरपास के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। नहीं दिखा सका कोई दस्तावेज सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। वे नारनौल बाईपास के गांव मंडलाना की तरफ निवाजनगर अंडरपास के पास पहुंचे। वहां एक युवक खड़ा था, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम लक्की, निवासी पुरानी सराय, नारनौल बताया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसकी जेब से एक अवैध देसी कट्टा और एक कारतूस मिला। लक्की से हथियार का वैध लाइसेंस या परमिट दिखाने को कहा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। थाना सदर नारनौल में दर्ज हुआ केस पुलिस ने देसी कट्टा और कारतूस जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सदर नारनौल में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस लक्की से पूछताछ कर रही है ताकि अवैध हथियार के स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता चल सके। मामले की जांच जारी है। महेंद्रगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी के पास अवैध हथियार होने या अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त या तस्करी में शामिल होने की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को बताएं। यह सूचना डायल-112 या नजदीकी पुलिस थाने में दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
2 सितंबर, बुधवार: सीवान में राहुल गांधी पर मुकदमे की वापसी की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च जिला परिषद से जेपी चौक तक निकाला गया।
उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग की संयुक्त टीम मेरठ पहुंची। उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि गाय आवारा पशु नहीं, बल्कि मां हैं। दूध निकालने के बाद गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वाले डेयरी संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने किसानों और गोसेवकों से अपील की कि वे अपनी गायों को बांधकर रखें और उन्हें कभी न छोड़ें। गोवंश को गोशालाओं तक नहीं जाना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में घरों से निकलने वाला कचरा और पानी बाहर फेंका जाता है। इसे खाकर गायें बीमार हो रही हैं, जिससे उनकी मौत भी हो रही है। आयोग ने लोगों से जन जागरण में सहयोग करने की अपील की। *छावनी क्षेत्र में गोवंश की वजह से होते है हादससे* मेरठ छावनी क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या पर भी चर्चा हुई। यहां आवारा गायों के कारण कई दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन छावनी परिषद के पास गोवंश रखने के लिए कोई संसाधन या जगह नहीं है। आयोग ने बताया कि सरकार और मुख्यमंत्री गोवंश संरक्षण को लेकर गंभीर हैं। भारतीय संस्कृति में गाय को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए उनके प्रति संवेदनशीलता जरूरी है। किसानों को, गौसेवकों को ये समझाने की जरूरत है कि अपनी गौमाता को आप छोड़ें ना, अपने खूंटे पर बांध कर रखें। किसी भी परिस्थिति में गौवंश को गौशाला तक नहीं जाना चाहिए, उसे घर पर ही सुरक्षित रखना चाहिए। *दूध निकाल कर गाय को छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई* जो लोग गाय पालते हैं, दूध निकालते हैं और सुबह-शाम छोड़ देते हैं, उनके लिए भी इलाज है। मैं नगर निगम को निर्देशित करूँगा कि जहाँ भी गौवंश घूमते मिलें उन्हें संरक्षित करें और जो लोग ले जाने आएं उनसे जुर्माना लेकर ही गाय दी जाए। निश्चित रूप से अधिकारियों को मौके पर पहुँचना चाहिए। ये जन आंदोलन है, समाज का आंदोलन होना चाहिए। हमारे दरवाजे के आसपास कोई गौवंश घायल हो गया तो सबसे पहले हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उसे किनारे ले जाएं, उसकी दवा कराएं और फिर उसे उचित स्थान पर इलाज के लिए भेजने का प्रयास करें।
गोपालगंज में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। नियमों की अनदेखी करने वाले बेपरवाह वाहन चालकों के खिलाफ विभाग की ओर से एक विशेष जांच ड्राइव अभियान चलाया गया। इस सघन जांच अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, कार में बिना सीट बेल्ट लगाए सफर करने, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी दौड़ाने और वाहनों के जरूरी कागजात पास न रखने वाले चालकों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग की विशेष टीम ने जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों पर औचक नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच की। 3.75 लाख रुपए का जुर्माना वसूला जांच के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के चालान काटे गए और मौके पर ही कुल 3 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप का माहौल देखने को मिला। इस संदर्भ में एमवीआई अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वाहन जांच का यह विशेष अभियान किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी पूरे जिले में लगातार और सख्ती से जारी रहेगा। वैलिड डॉक्यूमेंट हमेशा साथ रखने की अपील परिवहन विभाग ने इस कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों से जिम्मेदार नागरिक बनने की पुरजोर अपील भी की है। एमवीआई आनंद कुमार ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठा व्यक्ति अनिवार्य रूप से ISI मार्क हेलमेट पहनें। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग निश्चित रूप से करें। वाहन चलाते वक्त ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे सभी वैध कागजात हमेशा अपने साथ रखें। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ आगे भी ऐसी ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
दिल्ली-हरिद्वार के बीच जन्माष्टमी पर तीन दिन अनारक्षित स्पेशल ट्रेन; जानिए कब चलेगी, कहां रुकेगी
जन्माष्टमी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ के बारे में सोचकर रेल विभाग ने इस विशेष ट्रेन को चलाने का फैसला किया है। इसके संचालन से दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है।
बेला बस्ती में पांडू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। इससे बेला बस्ती गांव के किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के आसपास के खेतों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। किसानों को अपनी खड़ी फसल खराब होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में पानी भर रहा है। अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो किसानों की फसलों को नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पानी निकालने की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि फसल खराब होने पर प्रशासन सर्वे कराकर उन्हें सही मुआवजा दिलाए। जिन ग्रामीणों ने चिंता जताई है, उनमें सुभाष चंद्र बाथम, गोविंद, ब्रजपाल सिंह, रंगीलाल, कमल सिंह भदौरिया, राजेश दुबे, आनंद स्वरूप, अवधेश बाथम, अनुराग, पप्पू, वीरू दुबे और कप्तान सिंह शामिल हैं।
दिल्ली एम्स में इलाज के लिए 13 साल से चक्कर काट रही 15 साल की छात्रा तन्वी की मौत हो गई। तन्वी 2 साल की उम्र से 'वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट' (VSD) यानी दिल में छेद की बीमारी से जूझ रही थी। 24 अगस्त को इलाज के दौरान तन्वी ने दिल्ली एम्स में दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि बीते 13 सालों में 100 से भी ज्यादा बार तन्वी को लेकर एम्स पहुंचे। लेकिन हर बार सर्जरी की तारीख आगे बढ़ा दी गई। फिलहाल तन्वी के माता पिता दिल्ली ही हैं। तन्वी के पिता मुकेश एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करते हैं। गुमानपुरा निवासी तन्वी 9वीं कक्षा की छात्रा थी। तारीखों के फेर में फंसी मासूम जिंदगी तन्वी के ताऊ सुनील ने बताया- 2 साल की उम्र में दिल की बीमारी का पता चला था। उसी समय से दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने हर 2-3 महीने में जांच के लिए बुलाया। परिवार हर बार इस उम्मीद में कोटा से दिल्ली जाता कि इस बार बेटी का ऑपरेशन हो जाएगा, लेकिन सर्जरी की तारीख ही मिलती रही। उन्होंने बताया- 100 से ज्यादा बार तन्वी को ऑपरेशन के लिए एम्स लेकर गए, लेकिन ऑपरेट नहीं किया जा सका। हर बार बाद की डेट मिलती रही। इस बार तन्वी को 24 अगस्त को फिर एम्स लाया गया था, जहां जांच प्रक्रिया के दौरान उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और मौत हो गई। पीएमओ में शिकायत के बाद बनाया गया दबाव तन्वी के ताऊ सुनील ने बताया- सर्जरी में लगातार देरी होने पर परिवार ने प्रधानमंत्री कार्यालय शिकायत भेजी थी। शिकायत दर्ज कराने के बाद एम्स प्रशासन की ओर से केस वापस लेने का दबाव बनाने की कोशिश की गई। लेकिन मासूम को समय पर सर्जरी नहीं मिल सकी। पिता मुकेश का कहना है कि अगर एम्स के डॉक्टर समय रहते मेरी बेटी का ऑपरेशन कर देते तो आज तन्वी हमारे बीच जिंदा होती। इस लापरवाही और व्यवस्था की नाकामी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराएंगे। एम्स की लंबी वेटिंग लिस्ट पर उठे सवाल इस दुखद घटना के सामने आने के बाद देश के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान एम्स की लंबी वेटिंग लिस्ट और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सालों-साल सर्जरी का इंतजार करते रहते हैं।
तीन दिन से लापता वृद्ध का शव नहर से बरामद:घर से मजदूरी के लिए निकले थे, परिजन कर रहे थे खोजबीन
औरंगाबाद में बुधवार को 3 दिन से लापता बुजुर्ग की नहर में लाश मिली। मृतक नवीनगर थाना के शंकरपुर गांव निवासी रामाशीष यादव थे। परिवार के लोग लगातार खोजबीन कर रहे थे। आसपास के गांव में भी उनकी तलाश की गई। आज सुबह उनकी लाश नहर के पास ग्रामीणों ने देखी। परिजन का कहना है कि रामाशीष यादव मजदूरी करते थे। घटना होलया छोटकी नहर की है। ग्रामीणों ने नहर से निकाला शव नहर में शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में परिजन भी वहां पहुंचे और शव की पहचान रामाशीष यादव के रूप में की। घटना की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मुखिया आमोद चंद्रवंशी, राजद प्रखंड अध्यक्ष जगन यादव समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण घटना की सूचना मिलने के बाद नवीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि आवश्यक पूछताछ और प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक स्थिति और कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गोरखपुर में कान्हा उपवन नगर के एतमाली इलाके की तस्वीर किसी बदहाल बस्ती से कम नहीं है। यहां सड़क पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है और लोग उसी में चलने को मजबूर हैं। हर गली में कीचड़, बदबू और गंदगी का अंबार है, लेकिन जिम्मेदारों की नजर अब तक इस ओर नहीं गई। दरअसल, यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार पार्षद को लिखित शिकायत दी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन का झुनझुना थमा दिया गया। इतना ही नहीं, नगर आयुक्त से भी तीन बार मिलकर समस्या बताई गई। एक बार JE मौके पर आए, निरीक्षण किया और चले गए लेकिन उसके बाद न तो काम शुरू हुआ और न ही कोई फॉलोअप। सड़क-नाली की मांग पर सड़कों पर उतरे लोग लगातार अनदेखी और लापरवाही से तंग आकर बुधवार को एतमाली के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ के अंदाज में साफ चेतावनी दे दी। लोगों ने कहा कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। इस बदहाली का सबसे खतरनाक असर बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूल जाते समय उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी यूनिफॉर्म खराब होती है और कई बार फिसलकर गिरने से चोट भी लग जाती है। अभिभावकों का आरोप है कि यह सीधा-सीधा बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। तैयार है 8 लाख की योजना नगर आयुक्त अजय जैन का कहना है कि इलाके का सर्वे कराया जा चुका है और करीब 8 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। टेंडर प्रक्रिया भी शुरू होने की बात कही जा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि इलाके में अभी तक एक फावड़ा तक नहीं चला है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ कागजी कवायद है, जिसका जमीनी असर कहीं नजर नहीं आ रहा। एतमाली के लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि अब वे झूठे आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। सालों से झेल रही इस समस्या का समाधान अगर जल्द नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर जनता को सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज और तेज करनी पड़ेगी।
सीतामढ़ी के कुसमारी गांव में टूटे नाले का वीडियो सोशल मीडिया पर डालना एक ग्रामीण को महंगा पड़ गया। वीडियो पोस्ट करने से नाराज वार्ड सदस्य और उसके साथी पर ग्रामीण को रास्ते में रोककर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा है। इस मामले में कुसमारी निवासी श्यामबाबू ठाकुर ने रीगा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। टूटे नाले से सड़क पर बह रहा था पानी श्यामबाबू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि कुसमारी गांव के वार्ड संख्या-12 में सड़क किनारे बना नाला टूट गया था। नाला टूटने के कारण उसका पानी सड़क पर बहता रहता था, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। सड़क पर पानी जमा रहने के कारण हादसे की आशंका भी बनी रहती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद नाले की मरम्मत नहीं कराई गई। 31 अगस्त की रात पोस्ट किया वीडियो इसके बाद श्यामबाबू ठाकुर ने टूटे नाले और सड़क पर बहते पानी का वीडियो बनाकर 31 अगस्त की रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद वार्ड सदस्य रामनाथ महतो और उनके साथी राहुल कुमार नाराज हो गए। रात में घर लौटने के दौरान रास्ते में रोका शिकायत के अनुसार, 1 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे श्यामबाबू ठाकुर काम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में रामनाथ महतो और राहुल कुमार ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालने का कारण पूछा और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर श्यामबाबू के साथ मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों से भी मारपीट पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने लात-घूंसों और थप्पड़ों से उनकी पिटाई की, जिससे उन्हें चोटें आईं। शोर सुनकर किशन कुमार, जय प्रकाश कुमार और दीपक कुमार बीच-बचाव के लिए पहुंचे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट की गई। वीडियो डिलीट नहीं करने पर धमकी का आरोप श्यामबाबू ठाकुर का आरोप है कि वीडियो डिलीट नहीं करने पर आरोपियों ने उन्हें आगे भी बुरे अंजाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ित ने रीगा थानाध्यक्ष से मामले की जांच कर वार्ड सदस्य रामनाथ महतो समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बहराइच के महसी इलाके में बिजली की खराब सप्लाई को लेकर बुधवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार बिजली कटौती और अनियमित सप्लाई से परेशान लोगों ने आदर्श शुक्ला की अगुवाई में बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महसी पावर हाउस से तहसील के बिजली सब-स्टेशन तक पैदल मार्च निकाला और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर जमकर नारे लगाए। पैदल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अफसरों से इलाके की बिजली सप्लाई ठीक करने की मांग की। उनका कहना था कि महसी इलाके में बिजली की दिक्कत लंबे समय से है। अनियमित सप्लाई के कारण लोगों को तेज गर्मी में दिक्कत हो रही है। घर के कामों के साथ ही दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का काम भी असर पड़ रहा है। तहसील पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने महसी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इलाके में नियमित और पूरी बिजली सप्लाई देने और बिजली कटौती की समस्या को जल्द खत्म करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
सोते हुए मासूम को पिता ने मारा हथौड़ा, मौत:जबलपुर में 4 साल के बेटे पर अचानक किया वार; आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर ग्राम बसेड़ी में एक पिता ने 3 साल के मासूम बेटे की हत्या कर दी। घटना बुधवार को दोपहर 2.30 से 3 बजे के बीच की है। मासूम बेटे को घर पर सोता देख अचानक पिता तुलसीराम लोधी ने हथौड़ा उठाया और बेटे के सिर और हाथ पर मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को किया गिरफ्तार एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और उनकी टीम मौके पर पहुंचे और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
दमोह जिले के तारादेही में पुलिस ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से लाखों की चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए 10 कंप्यूटर और 2 प्रिंटर समेत पूरा सामान बरामद कर लिया है। बुधवार शाम तारादेही थाना प्रभारी आलोक त्रिपुरे ने इस मामले का खुलासा किया। सोमवार सुबह जब स्कूल के प्राचार्य पहुंचे, तो उन्हें गेट का ताला टूटा मिला। कंप्यूटर लैब से 10 कंप्यूटर, 2 प्रिंटर और अन्य सामान गायब था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। थाना प्रभारी आलोक त्रिपुरे ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम बनाई गई। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर अनारी पिता राम प्रसाद गौंड और सुरेश पिता तुलसीराम गोंड, जो तारादेही के रहने वाले हैं, उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे स्कूल में पीछे की दीवार से घुसे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए 10 कंप्यूटर, 2 प्रिंटर और अन्य सामान बरामद कर लिया है। इस सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 4 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिला शाखा रामपुर के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मंडल आयुक्त मुरादाबाद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिला अध्यक्ष पंडित राम बाबू शर्मा के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की पदोन्नति समेत कई मामलों के लंबित रहने का मुद्दा रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने मंडल आयुक्त को फूलों का गुलदस्ता, परिषद का प्रतीक चिन्ह और धार्मिक ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समय पर समाधान को लेकर चर्चा हुई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि कई विभागों में पदोन्नति और कर्मचारी हित से जुड़े अन्य मामले लंबे समय से रुके हुए हैं। इससे कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है। मंडल आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकारी आदेशों के अनुसार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही एक सर्कुलर जारी करने का भी भरोसा दिया, ताकि लंबित मामलों का समय रहते समाधान हो सके। मंडल आयुक्त ने यह भी कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं होने दिया जाएगा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी रिटायरमेंट के बाद अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबंधित स्तर पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई समस्या या गलत होता है, तो परिषद सीधे उनसे संपर्क कर सकती है। जिलाध्यक्ष पंडित रामबाबू शर्मा ने मीडिया को बताया कि मंडल कमिश्नर मुरादाबाद से उनकी मुलाकात अच्छी रही। उन्होंने कहा कि सभी राज्य कर्मचारियों की परेशानियों से संबंधित विषयों पर बातचीत हुई। कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि भविष्य में अगर किसी भी राज्य कर्मचारी को कोई परेशानी होती है, तो वे बिना किसी झिझक के शिकायत कर सकते हैं और शिकायत पर तुरंत सुनवाई होगी। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुराद खान, संयुक्त मंत्री अमित प्रकाश केवट, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सैनी और मीडिया प्रभारी मोहम्मद जुहेव मौजूद रहे।
बेगूसराय के बरौनी में इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा। इसको लेकर बिहार सरकार ने 700 एकड़ सरकारी जमीन उद्योग विभाग को मुफ्त में दी गई है। इसके साथ ही अरवल में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाने के लिए करपी अंचल की 25 एकड़ सरकारी जमीन स्वास्थ्य विभाग को मुफ्त में दी गई। बुधवार को सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में 27 एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक में बिहार विरासत विकास समिति में वित्त और लेखा से जुड़े काम के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई है। वहीं, पटना संग्रहालय की मेंटेनेंस और संचालन के लिए 40 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है
डूंगरपुर नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है। वार्ड 28 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतीक बलात ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे वार्ड में भाजपा के एकमात्र प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना तय है। इससे पहले वार्ड 23 से भी कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने से भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध हो गया था। इस तरह डूंगरपुर नगर परिषद के 40 में से 2 पार्षद मतदान से पहले ही निर्विरोध चुने गए हैं। वार्ड 23 से कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज हुआ था। इसके बाद वार्ड 28 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतीक बलात ने अपना नामांकन वापस ले लिया। वार्ड 28 से भाजपा के चेतन खराड़ी और कांग्रेस से प्रतीक बलात मैदान में थे। बुधवार को नामांकन वापसी के समय कांग्रेस उम्मीदवार प्रतीक ने निर्वाचन अधिकारी के सामने अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे वार्ड में अब भाजपा के एकमात्र प्रत्याशी चेतन खराड़ी ही बचे हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। हालांकि, निर्वाचन विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की है। भाजपा के अब 2 वार्ड से प्रत्याशी निर्विरोध हो गए हैं। वार्ड 23 से भाजपा के मनन कलासुआ भी निर्विरोध चुने गए हैं।
मधुबनी में 2 सितंबर को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मॉडल सदर अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। वे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानना चाहते थे। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई। इस दौरान सिविल सर्जन, हेल्थ मैनेजर और स्वास्थ्य विभाग के दूसरे बड़े अधिकारी भी वहां मौजूद थे। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों और विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सर्जिकल वार्ड, महिला वार्ड और जनरल वार्ड में जाकर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बात की और उनके इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल से मिल रही दूसरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने अलग-अलग विभागों में रखी उपस्थिति पंजी और दूसरे जरूरी कागजातों को भी देखा। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं ठीक रखने के निर्देश दिए गए। भर्ती मरीजों से बात करते हुए डीएम ने उन्हें मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के बारे में भी पूछा। जिलाधिकारी ने कहा कि मधुबनी जिले के कई इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज अच्छे इलाज की उम्मीद में मॉडल सदर अस्पताल आते हैं। ऐसे में हर मरीज को अच्छी, आसान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाज से लेकर अस्पताल की रसोई तक, हर स्तर पर तय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। मरीजों से संवेदनशील व्यवहार करने की सलाह डीएम आनंद शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों और उनके परिवारवालों के साथ संवेदनशीलता से और अच्छा व्यवहार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले लोगों को कोई फालतू परेशानी नहीं होनी चाहिए। मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका तुरंत हल किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में कमी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ डीएम की संवेदनशील पहल:छात्रा मेनका को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मिली एक लाख की मदद
आजमगढ़ में आर्थिक तंगी के कारण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में आ रही बाधा अब छात्रा मेनका प्रजापति के सपनों के आड़े आने नहीं देंगे। डीएम रविंद्र कुमार की संवेदनशील पहल पर समाजसेवी ने मेनका की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। डीएम ने कलेक्ट्रेट में छात्रा और उसकी मां को सहायता राशि का चेक प्रदान किया और आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। डीएम से अपनी आर्थिक स्थिति बताकर मदद मांगी थी तहसील बूढ़नपुर के अतरौलिया क्षेत्र के खानपुर फतेह गांव निवासी मेनका प्रजापति पुत्री स्व. अमरजीत प्रजापति ने कुछ दिन पहले जनता दर्शन में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराया था। मेनका आजमगढ़ शहर में एसएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। गांव से शहर स्थित कोचिंग संस्थान तक उसे प्रतिदिन करीब 60 किलोमीटर आना-जाना पड़ता है। किराए का खर्च अधिक होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा था। डीएम ने छात्रा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रोडवेज का एमएसटी पास बनवाने की व्यवस्था कराई, जिससे उसके रोजाना आवागमन का खर्च कम हो सके। इसके साथ ही छात्रा की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसकी पढ़ाई में सहयोग के लिए अपील की गई। डीएम की अपील से प्रेरित होकर एक समाजसेवी ने एक लाख रुपए की सहायता राशि का चेक उपलब्ध कराया। कलेक्ट्रेट में दी गई सहायता राशिडीएम ने छात्रा मेनका और उसकी मां सरिता देवी को सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने मेनका को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने कहा कि आर्थिक कठिनाई उसकी प्रतिभा और सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनने दी जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से छात्रा को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। एक लाख रुपए की सहायता मिलने पर मेनका और उसकी मां सरिता देवी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि जब डीएम कार्यालय से फोन कर सहायता मिलने की जानकारी दी गई तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। आर्थिक संकट के बीच यह मदद उनके लिए बड़ी उम्मीद बनकर आई है। मेनका ने कहा कि अब वह पूरी मेहनत और लगन से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करेगी। सफलता हासिल कर परिवार तथा सहयोग करने वालों का नाम रोशन करने का प्रयास करेगी। मां-बेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के प्रति आभार जताया।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने ब्राह्मण समाज को लेकर एक बयान दिया। इस पर भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उचाना में पत्रकार वार्ता में अत्री ने कहा कि कांग्रेस का रवैया हमेशा जात-पात की राजनीति वाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में की गई टिप्पणी से कांग्रेस की जातिवादी मानसिकता सामने आ गई है। मीडिय से बात करते हुए देवेंद्र अत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी खास जाति के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह आज छत्तीस बिरादरी के आशीर्वाद से विधायक हैं। कोई एक जाति किसी को विधायक नहीं बना सकती। अत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सदन की अपनी गरिमा होती है, जिसका पालन सभी जनप्रतिनिधियों को करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के एक विधायक द्वारा मेज थपथपाकर हंसते हुए इस टिप्पणी का समर्थन करने को भी गलत बताया। सदन में भाईचारें की बात होनी चाहिए : अत्री अत्री ने कहा कि जब सदन में भाईचारे की बातें होनी चाहिए थीं, उस समय जाति विशेष पर टिप्पणी की गई। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में भाईचारे के लिए काम शुरू किया था। उन्होंने महापुरुषों की जयंती मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाया, जिसे अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगे बढ़ा रहे हैं। अत्री के अनुसार, कांग्रेस का काम हमेशा जात-पात फैलाना रहा है। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस की ब्राह्मण समाज के प्रति सोच समय-समय पर सामने आती रही है। कांग्रेस ने ब्राह्मणों का इस्तेमाल किया और उन्हें दबाने का काम किया। कांग्रेस के पास नहीं कोई मुद्दा एचकेआरएन और विधानसभा में कांग्रेस के सदन से बाहर जाने (वाकआउट) को लेकर अत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का काम सिर्फ ड्रामा और तमाशा करना रह गया है। जिन मुद्दों पर विपक्ष को सरकार से बात करनी चाहिए, उन पर चर्चा करने की बजाय कांग्रेस सदन से भागकर समय बर्बाद करती है। विधायक अत्री ने एचकेआरएन का बचाव करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में ठेकेदारी प्रथा से युवाओं का शोषण होता था। कर्मचारियों के पीएफ तक हड़प लिए जाते थे और पिछले दरवाजे से नियुक्तियां दी जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन युवाओं को 15 हजार रुपये मिलने चाहिए थे, उन्हें सिर्फ 6 से 8 हजार रुपये ही दिए जाते थे। प्रदेश सरकार पारदर्शिता से कर रही भर्ती अत्री ने कहा कि भाजपा सरकार एचकेआरएन के माध्यम से पारदर्शिता के साथ भर्ती कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा बनाए गए पोर्टल में पारदर्शिता है। सरकार विधानसभा सत्र में जॉब सिक्योरिटी का प्रावधान भी लेकर आई है। उन्होंने कहा कि आज युवा जागरूक है और कांग्रेस के भ्रामक प्रचार में आने वाला नहीं है। अत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस झूठा प्रचार करती है और उसके पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ऊपर से फोन आने के बाद उसी हिसाब से अपनी राजनीति करते हैं। भाजपा सरकार अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करते हुए आमजन की सेवा में जुटी है और युवा भी सरकार के साथ है।
मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू और कोविड जैसे श्वसन रोगों की आशंका को देखते हुए झालावाड़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जयपुर मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद विभाग ने जिले के अस्पतालों में जांच, इलाज, दवाइयों की उपलब्धता और संक्रमण से बचाव की व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी श्वसन संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच कराने की अपील की है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को श्वसन रोगों की रोकथाम और बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने और मरीजों में श्वसन रोगों के लक्षण सामने आने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उपचार शुरू करने को कहा है। खांसी-छींक की बूंदों से फैल सकता है संक्रमण उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लेखराज मालव ने बताया कि श्वसन रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों, संक्रमित सतह को छूने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से फैल सकते हैं। संक्रमण से बचाव के लिए खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखने, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने और बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो तो रहें सतर्क स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर इसे सामान्य मौसमी बीमारी मानकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच और उपचार कराना जरूरी है। लक्षणों को नजरअंदाज न करें सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने आमजन से मौसम परिवर्तन के दौरान स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर से उचित परामर्श लें।
किशनगंज जिले के बहादुरगंज के ऐतिहासिक रसल हाई स्कूल की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। लंबे समय से स्कूल परिसर और आसपास की कीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। प्रशासनिक अमला पहुंचा तो मचा हड़कंप अतिक्रमण हटाने के दौरान मौके पर अंचल अधिकारी आशीष कुमार, थानाध्यक्ष सुनील कुमार के साथ अंचल प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासनिक अमले को देखते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि रसल हाई स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थान है और इसकी सरकारी जमीन पर किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होने पर बुधवार को बलपूर्वक कार्रवाई की गई। दोबारा कब्जा किया तो होगी कड़ी कार्रवाई थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल की जमीन पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर के खपरगंज में रक्षाबंधन की रात हुए पथराव और हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हो गए हैं। जिंदगी पटरी पर लौट आई है। शहर में हमेशा शांति बनी रहे, इसके लिए शांति समिति ने 3 सितंबर को शांति मार्च निकालने का फैसला किया है। बिलासपुर में शांति और भाईचारा मजबूत करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की मौजूदगी में शांति समिति की बैठक हुई। इसमें सभी समाज के लोगों ने कहा कि शांति और भाईचारा बिलासपुर की पहचान है। इसे बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। बैठक में अलग-अलग समाज और समुदाय के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। शहर में शांति बनाए रखने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई। बैठक में तय हुआ कि 3 सितंबर की शाम 4 बजे नेहरू चौक से शांति मार्च निकलेगा। यह मार्च शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए गांधी चौक पर खत्म होगा। सभी समाज और समुदाय के लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर शांति और भाईचारे का संदेश देने की अपील की गई है। कलेक्टर ने कहा कि बिलासपुर की पहचान शांति और भाईचारे से है। मौजूदा हालात में सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे संयम रखें और शहर के शांतिपूर्ण माहौल को मजबूत करने में मदद करें। उन्होंने लोगों से किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर भरोसा न करने और उसे आगे न फैलाने की अपील की। कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा और शहर में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थिति सामान्य बनाने एसएसपी ने जताया आभार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में अब शांति लौट आई है और स्थिति सामान्य है। इसे बनाए रखने में नागरिकों और मीडिया ने महती भूमिका निभाई है।उन्होंने सभी नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में तीज-त्योहारों का सिलसिला शुरू हो रहा है और शहर में विभिन्न आयोजन होंगे। ऐसे आयोजनों में शांति एवं अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। अफवाह, भ्रामक सूचना.. तत्काल पुलिस को बताएं किसी भी आयोजन में नशे की हालत में अथवा हथियार लेकर आने वाले व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाए। आयोजकों से भी उन्होंने इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। शांति, सौहार्द का दिलाया भरोसा बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने शहर में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। समिति के सदस्यों ने हालिया परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभालने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल एसपी पंकज पटेल, एसडीएम मनीष साहू सहित शांति समिति के सदस्य, विभिन्न समाजों एवं संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जमुई में बुधवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन पर असर डाला है। इस बारिश ने जमुई सदर अस्पताल की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। अस्पताल परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। बारिश के पानी के साथ नाले का गंदा पानी भी परिसर में फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में परेशानी हुई। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत मुख्य द्वार और परिसर के अंदर जमा पानी को पार करना था। कई जगहों पर सड़क और पानी भरे हिस्से में फर्क करना मुश्किल हो गया। मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से संभलकर निकलना पड़ा। बारिश से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल आने-जाने वाले दूसरे लोगों को भी ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा। सदर अस्पताल परिसर में पानी जमा होना कोई नई समस्या नहीं है। बारिश होते ही परिसर के कई हिस्सों में पानी भरने की शिकायतें आती रही हैं। इस बार भी बारिश ने अस्पताल की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कुछ हिस्सों में नाले का गंदा पानी भी शामिल होने से स्थिति और खराब हो गई। अस्पताल जैसे संवेदनशील जगह पर जल निकासी की ऐसी स्थिति चिंताजनक है। बुधवार सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ। 2 दिनों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना लगातार बारिश के चलते कई लोग जरूरी काम छोड़कर घरों में ही रहे। सड़कों पर भी आवाजाही पर असर पड़ा। हालांकि, इस बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी है। धान की फसल के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और धान की फसल को इसका फायदा मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक जिले में मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। ऐसे में सदर अस्पताल सहित शहर के जलजमाव वाले इलाकों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। जलजमाव वाले इलाकों में स्थिति बिगड़ने की आशंका अब सवाल है कि लगातार सामने आ रही जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक जिले में मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। ऐसे में सदर अस्पताल सहित शहर के जलजमाव वाले इलाकों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। अब सवाल है कि लगातार सामने आ रही जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाता है।
2 सितंबर, बुधवार: सीवान के जयप्रकाश नगर में भुजा दुकानदार विशु कुमार की मौत हो गई। घर में घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बिना छुट्टी के कथा करने वाले सचिव को कारण बताओ नोटिस सौंपा गया है। जनपद सीईओ रीना कुमारिया ने हरदा जिले की खिरकिया जनपद पंचायत के सचिव सुरेश राजपूत यह नोटिस सौंपा है। सचिव पर ग्राम पंचायत हसनपुरा और ढोलगांव कला की जिम्मेदारी है। जानकारी के अनुसार, सचिव सुरेश राजपूत खिरकिया जनपद अध्यक्ष रानू पटेल के गांव सांगवामॉल में परचरी कथा कर रहे हैं। यह कथा 1 से 5 सितंबर 2026 तक होनी है। उनके बनाए गए बैनर-पोस्टर में उन्हें 'सुरेश महाराज' के नाम से संबोधित किया जा रहा है। यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि सुरेश राजपूत एक सरकारी कर्मचारी हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उन्होंने कथा करने के लिए विभाग से अनुमति ली है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव के नियमित रूप से मौजूद न रहने से पंचायत के काम पर असर पड़ रहा है। पंचायत में साफ-सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सचिव सुरेश राजपूत के पास दो ग्राम पंचायतों का प्रभार है। उनकी इस धार्मिक कथा में सक्रिय भूमिका से सरकारी जिम्मेदारियों पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक सचिव राजपूत से इस बारे में बात नहीं हो पाई है।उनके नम्बर पर कॉल किया गया।लेकिन कथा का वाचन करने के दौरान उन्होंने रिसीव नही किया।
पठानकोट में बच्चों से भीख मंगवाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी के निर्देश पर डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, चाइल्ड लाइन 1098 और पंजाब पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की। अभियान का नेतृत्व डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (DCPO) ऊषा ने किया। टीम ने पठानकोट के प्रमुख धार्मिक स्थलों काली माता मंदिर और आशापूर्णी मंदिर के आसपास जांच की। इस दौरान काली माता मंदिर के पास 2 और आशापूर्णी मंदिर के पास 5 बच्चे भीख मांगते हुए मिले। टीम ने सभी 7 बच्चों को अपनी कस्टडी में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। रेस्क्यू अभियान में काउंसलर सोनिका, सोशल वर्कर इंद्रजीत सिंह, आउटरीच वर्कर नीरज कुमारी, चाइल्ड लाइन 1098 के सुपरवाइजर भारत, श्वेता शर्मा, सिमरन और केस वर्कर रूबी शर्मा ने सहयोग किया। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने कहा- अभियान आगे भी जारी रहेंगे बचाए गए बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। कमेटी ने बच्चों और उनके अभिभावकों को भिक्षावृत्ति के दुष्प्रभावों और बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। अभिभावकों को फटकार लगाते हुए भविष्य में बच्चों को भीख मांगने के लिए न भेजने की हिदायत दी गई। जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद कमेटी के निर्देश पर सभी बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने कहा कि बच्चों को भीख से दूर रखकर शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य देना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर की एक टीवी शो के दौरान पद्मावत के जौहर सीन पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद चल रहा है। पटना में स्वरा भास्कर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। बीजेपी नेता कृष्णा सिंह उर्फ कल्लू ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अभिनेत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद कृष्णा सिंह कल्लू ने कहा कि स्वरा भास्कर की टिप्पणी से समाज के एक वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा, किसी भी हाल में क्षत्रिय महिलाओं या देश की माताओं-बहनों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिनेत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। कहा- राजधानी में निकालेंगे आक्रोश मार्च कृष्णा सिंह ने बताया, इस मामले को लेकर जल्द ही आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर कोर्ट का भी रुख किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज कोतवाली थाने में पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस की ओर से शिकायत की जांच करने और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। बीजेपी नेता ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल शिकायत के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब जानिए पूरा विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है। स्वरा ने दी सफाई इधर, भारी ट्रोलिंग के बाद मंगलवार को स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
बस्ती में बुधवार दोपहर माकपा और विभिन्न जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी जुटाने का आरोप लगाया। साथ ही चीनी, खाद्य तेल, खाद-बीज समेत जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतों का भी विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने न्याय मार्ग से जुलूस निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी शत्रुघ्न पाठक को दिया गया। माकपा नेताओं ने कहा कि नागरिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जरूरी चीजों की कीमतों में कथित बढ़ोतरी पर भी नाराजगी जताई। ज्ञापन में चीनी, खाद्य तेल, खाद-बीज समेत अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम कंट्रोल करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अठदमा चीनी मिल पर किसानों के करीब 50 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान मांगा। साथ ही वाल्टरगंज चीनी मिल के करीब आठ करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान कराने की भी मांग की। ज्ञापन में कुछ और मांगें भी शामिल थीं। इनमें दसिया स्थित इथेनॉल फैक्ट्री को कृषि क्षेत्र और आबादी से दूर औद्योगिक इलाके में लगाने की मांग थी। शुगर मिल बस्ती से करण मंदिर तक खराब सड़क को दोबारा बनाने और वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिकटा व आसपास के गांवों को बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग भी की गई। इस प्रदर्शन में माकपा के साथ खेएमयू, किसान सभा, एसएफआई, एडवा और नौजवान सभा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे। इस दौरान केके तिवारी, शेषमणि, राम अचल निषाद, नरसिंह भारद्वाज, शिव चरण निषाद, सोनी, संतोष कुमार यादव, नवनीत कुमार यादव, ऋषिक द्विवेदी, सुरेश चंद्र, राम भजन चौधरी, शिवम यादव, राज मोहम्मद, हमजा खान, अब्दुल हक, आनंद शुक्ला, राम केश और प्रशांत शुक्ला समेत कई लोग मौजूद रहे।
सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 में बुधवार को खेत पटवन के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से 26 वर्षीय युवक जितेंद्र कुमार की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र कुमार बुधवार को खेत में पटवन करने के लिए गया था। इसी दौरान वह बिजली की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों की मदद से उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। अचानक हुई मौत से परिवार में मातम पसर गया। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं हैं। वे अपने स्तर से शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे हैं। थाने में सूचना नहीं मिलने की बात इधर, घटना को लेकर पिपरा पुलिस को बुधवार शाम तक आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बुधवार शाम करीब 4 बजे बताया कि परिजनों की ओर से घटना की सूचना नहीं मिली है। पुलिस मामले का पता लगा रही है। उन्होंने बताया कि आवेदन मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवक की मौत बिजली करंट की चपेट में आने से हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने खेतों में पटवन के दौरान बिजली उपकरणों और तारों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के नैनीताल जिले में दर्ज एफआईआर के विरोध में बुधवार को सागर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता भगवानगंज चौराहे के पास एकत्र हुए और भाजपा सरकार व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी पर दर्ज मामले को झूठा बताते हुए एफआईआर वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री धामी का पुतला लेकर पहुंचे और उसे जलाने लगे। पुतला छीनने की कोशिश, कार्यकर्ता लेकर भागे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पुतला छीनने की कोशिश की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगा दी और उसे लेकर भागने लगे। पुतले को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता पुतला लेकर आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने वाटर कैनन से खदेड़ा प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार कर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ा। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। कांग्रेस ने FIR वापस लेने की मांग की जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है।
2 दिन की बारिश से धान के फसलों को फायदा:शेखपुरा में सूखे की आशंका खत्म, खेतों में पर्याप्त नमी लौटी
शेखपुरा जिले में पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय है। जिले के सभी इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। मुरझा रही धान की फसलों को नई जान मिल गई है। खेतों में पड़ी दरारों में अब पर्याप्त नमी दिख रही है। कई धान के खेतों में पानी भी जमा हो गया है। घाटकुसुंभा प्रखंड में 45 मिलीमीटर बारिश हालांकि, अभी भी जिले की नदियों और तालाबों में पानी नहीं दिख रहा है। दो दिन पहले तक लोग सूखे की आशंका से डरे हुए थे, लेकिन अब खुशी का माहौल है। सांख्यिकी विभाग के अनुसार, जिले के पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। सदर प्रखंड शेखपुरा में पिछले 24 घंटे में 36.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। घाटकुसुंभा प्रखंड में 45 मिलीमीटर, चेवाड़ा प्रखंड में 44.6 मिलीमीटर, अरियरी प्रखंड में 38.8 मिलीमीटर और बरबीघा प्रखंड में 24 मिलीमीटर बारिश हुई। बाजारों और सड़कों पर बारिश से सन्नाटा पसरा शेखोपुरसराय प्रखंड में सबसे कम 19.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश का यह दौर मध्यम हवा के साथ जारी है। देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों को अपनी सैर रद्द करनी पड़ी। स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, बैंक और कोर्ट जाने वाले लोग भीगते हुए अपने ठिकाने तक पहुंचे। लगातार बारिश के कारण बुधवार दोपहर तक बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र के सूमर गांव में धरणीधर भगवान की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस मौके पर धरणीधर मंदिर से एक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें नागर और धाकड़ समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह से भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरा गांव भगवान धरणीधर के जयकारों से गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा की शुरुआत धरणीधर मंदिर से हुई। डीजे के धार्मिक गानों और भगवान धरणीधर के जयकारों के साथ श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। यह शोभायात्रा गांव के मुख्य रास्तों से होकर गुजरी। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया। कई जगहों पर आतिशबाजी भी की गई, जिससे जयंती का उत्साह और बढ़ गया। शोभायात्रा में शामिल विभिन्न धार्मिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें राम दरबार, राधा-कृष्ण, धरणीधर भगवान और शिव-पार्वती की आकर्षक झांकियां शामिल थीं। झांकियों को देखने और भगवान के दर्शन करने के लिए रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन झांकियों का आनंद लिया। शोभायात्रा में महिलाओं और युवतियों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। श्रद्धालु धार्मिक गीतों और भजनों पर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह ग्रामीणों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस दौरान सूमर गांव का माहौल धार्मिक उत्सव जैसा हो गया। शोभायात्रा गांव के मुख्य रास्तों से होते हुए वापस धरणीधर मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। जयंती समारोह खत्म होने पर आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी का इंतजाम किया। कई लोगों ने प्रसादी ली। इस आयोजन को लेकर समाज के लोगों और ग्रामीणों में खास उत्साह दिखा। जयंती समारोह के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ समाज की एकजुटता और सामूहिक भागीदारी का संदेश भी मिला।
छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग में उप संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी और सहायक संचालक समेत जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी संवर्ग के 14 अधिकारियों का तबादला किया गया है। तबादले के तहत कई जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दूसरे जिलों और विभाग के मुख्यालय में भेजा गया है। वहीं सहायक संचालकों को अलग-अलग जिलों में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में अधिकांश तबादलों का आधार प्रशासनिक बताया गया है। देखिए लिस्ट
गोंडा जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार पर पंचायती राज विभाग के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) गोवर्धन दास जैन समेत विभागीय अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के साथ तौर पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। मामले को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। इसे गंभीरता से लेते हुए तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रेम नारायण पाण्डेय ने बुधवार शाम करीब चार बजे जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, जनपद शाखा गोंडा की ओर से दिए गए शिकायती ज्ञापन का हवाला दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि डीपीओ संजय कुमार ने डीपीआरओ, पंचायती राज विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के प्रति अमर्यादित एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। सरकारी सेवक आचरण नियमावली का दिया हवाला विधायक प्रेम नारायण पाण्डेय ने अपने पत्र में कहा कि किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 के विपरीत है। नियमावली के तहत सरकारी कर्मचारियों से उच्च नैतिक आचरण बनाए रखने और अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार करने की अपेक्षा की जाती है। विधायक ने कहा कि किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल गंभीर मामला है। इससे विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी के साथ-साथ असुरक्षा की भावना भी पैदा हो सकती है। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग प्रेम नारायण पाण्डेय ने जिलाधिकारी से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमों के तहत उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा होगी और प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विभागीय गरिमा भी बनी रहेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने निगम के महाप्रबंधक विनोद कुमार वर्मा के हस्ताक्षर को स्कैन कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया। इसमें एक युवक को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किए जाने का दावा किया गया था। मामले का खुलासा 29 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे हुआ। महाप्रबंधक के मोबाइल पर वाट्सएप के जरिए नियुक्ति पत्र की फोटो भेजी गई थी। इसके बाद शेखर वर्मा ने फोन कर आदेश जारी होने की पुष्टि की। दस्तावेज देखने के बाद महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियुक्ति आदेश उनके कार्यालय से जारी नहीं किया गया है। हेमंत साहू के नाम से बनाया नियुक्ति पत्र फर्जी नियुक्ति पत्र हेमंत साहू के नाम से तैयार किया गया था। इसमें उसका पता हांडापारा, कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा दर्ज था। पत्र में दावा किया गया कि उसे 6 जुलाई 2026 से कसडोल कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया है। महाप्रबंधक के मुताबिक, निगम ने पिछले दो वर्षों में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर भर्ती के लिए कोई आवेदन नहीं मंगाए हैं। वहीं, फर्जी पत्र में जिस कसडोल कार्यालय का उल्लेख किया गया है, वहां निगम का कोई कार्यालय संचालित नहीं है। नियुक्ति पत्र में पत्र क्रमांक और तारीख भी दर्ज नहीं थी। नौकरी के नाम पर रकम लेने की जांच पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया और इसे किस उद्देश्य से भेजा गया। आशंका है कि किसी व्यक्ति को सरकारी उपक्रम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम वसूलने का प्रयास किया गया हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। तेलीबांधा पुलिस ने शुरू की जांच महाप्रबंधक की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने 1 सितंबर की रात अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस वाट्सएप नंबर, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के स्रोत की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत किशोर ने डस्टबिन घोटाला में मंगल पांडेय के साथ तेजस्वी यादव को भी लपेटा, अफसर पर भी सवाल
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के मंत्री रहते शुरू हुई थी और मंगल पांडेय के कार्यकाल तक चली थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दोनों ही नेताओं के कार्यकाल में यह काम देखा था।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बुधवार को कुछ देर के लिए पूर्णिया पहुंचे। खराब मौसम की वजह से उनके यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। पहले उन्हें हवाई मार्ग से जाना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे सड़क मार्ग से रवाना हुए। मुख्यमंत्री नेशनल हाईवे-31 होते हुए बंगाल के बालुरघाट के लिए निकले। इस दौरान पूर्णिया जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। शुभेंदु अधिकारी ने सुबह 10:15 बजे कोलकाता से विशेष निजी विमान से उड़ान भरी थी। तय शेड्यूल के मुताबिक, पूर्णिया एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद उन्हें सुबह 11:15 बजे हेलीकॉप्टर से पश्चिम बंगाल के बालुरघाट के लिए प्रस्थान करना था। हालांकि, क्षेत्र में दृश्यता कम होने और मौसम खराब रहने के कारण हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिल सकी, जिससे प्रशासनिक स्तर पर तत्काल वैकल्पिक योजना तैयार की गई। सड़क मार्ग से NH-31 होते हुए निकला सीएम का काफिलाहवाई यात्रा रद्द होने के बाद सुबह लगभग 11:00 से 12:00 बजे के बीच मुख्यमंत्री का पूरा काफिला पूर्णिया एयरपोर्ट से बाहर निकला और मुख्य सड़क मार्ग नेशनल हाईवे-31 से होते हुए बालुरघाट के लिए आगे बढ़ गया। यात्रा में बदलाव की सूचना मिलते ही पुलिस बल ने रूट पर त्वरित व्यवस्था संभाली। मुख्यमंत्री के अचानक सड़क मार्ग से जाने के निर्णय के बाद सुरक्षा प्रबंध बेहद कड़े कर दिए गए । मुख्यमंत्री के सुरक्षा कारकेड में वार्निंग कार, एडवांस पायलट कार, मोबाइल जैमर, बुलेट रेजिस्टेंट वीवीआईपी वाहन, 2 अलग-अलग एस्कॉर्ट दल, स्पेयर कार, अत्याधुनिक एम्बुलेंस, टेलकार और अग्निशामक दस्ता शामिल रहे। एसएसपी ने खुद से संभाला मोर्चा पूर्णिया एयरपोर्ट से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक हाईवे पर जगह-जगह अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई। बदले हुए रूट और सुरक्षा निगरानी का जिम्मा खुद पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने संभाला। वे पूरे कारकेड की अगुवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए, जिससे काफिला बिना किसी व्यवधान के सुरक्षित रूप से बंगाल सीमा की ओर रवाना हो गया।
हरदा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार को नांद्रा गांव के पास हुए संस्कार स्कूल बस हादसे को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिषद के नगर मंत्री निकुंज शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी और संस्कार स्कूल के डायरेक्टर को ज्ञापन दिया। ABVP ने हादसे में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और ड्राइवर के वेरिफिकेशन की जांच कराने को कहा। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग ABVP ने मांग की कि बस हादसे के लिए जिम्मेदार और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। परिषद ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की भी मांग की, ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने में किसी तरह का खतरा न रहे। फिटनेस और परमिट की जांच की मांग परिषद ने सभी स्कूली वाहनों के फिटनेस और परमिट की जांच करने को कहा। इसके साथ ही बस चालकों के वेरिफिकेशन की जांच कराने की मांग भी रखी गई। ABVP ने कहा कि पुरानी और खराब हालत में चल रही बसों की जांच कर उन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई का भरोसा दिया मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वे इसे गंभीरता से लेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित स्कूल प्रशासन को तुरंत नोटिस दिया जाएगा। हादसे के बाद स्कूली बसों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कार्रवाई करने की बात कही गई। स्कूल स्तर पर जांच समिति बनेगी संस्कार स्कूल के डायरेक्टर ने ABVP को भरोसा दिलाया कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल स्तर पर जांच समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल की सभी बसों के परमिट और ड्राइवरों के वेरिफिकेशन की जांच की जाएगी। पुरानी और खराब बसें हटाने का आश्वासन स्कूल डायरेक्टर ने यह भी कहा कि जांच के दौरान पुरानी और खराब हालत वाली बसों को चिन्हित किया जाएगा और उन्हें स्कूल से हटा दिया जाएगा। स्कूल की बसों की स्थिति और दस्तावेजों की जांच कर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन देने के दौरान परिषद के कार्यकर्ता शुभम ढोके, विकास, केतन, आशीष, रुद्र, प्रियांशु और दानिश भी मौजूद रहे। ABVP ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थी परिषद बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
कैथल पहुंचे करनाल रेंज आईजी अशोक कुमार:नशा तस्करी की केस प्रॉपर्टी चेक कर सील की
कैथल में पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल अशोक कुमार पुलिस लाइन स्थित एनडीपीएस मालखाना पहुंचे। उनके द्वारा जुडिशियल मालखाना में रखी एनडीपीएस एक्ट मामलों में बरामद केस प्रॉपर्टी चेक करने उपरांत सील की गई। पुलिस द्वारा 64 मामलों में बरामद किया गया नशा जिसमें अफीम, चूरा पोस्त, डोडापोस्त, गांजा, चरस, हेरोईन शामिल हैं, उसको नष्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें आईजी अशोक कुमार तथा एसपी कैथल मनप्रीत सिंह सूदन द्वारा पुलिस लाइन स्थित मालखाना की जांच की गई है। विचाराधीन चल रहे 62 मामलों के नमूने सुरक्षित इस दौरान मालखाने में रखे गए माल मुकदमे का रजिस्टर में अंकित मद अनुसार मिलान किया गया। विचाराधीन चल रहे 62 मामलों के नमूने सुरक्षित रखने उपरांत माल मुकदमा को कार्रवाई दौरान नष्ट किया जाना है तथा डिसाइड हो चुके 2 मामलों के नमूनों को नष्ट किया जाएगा। इस दौरान डीएसपी रोहताश, डीएसपी रमेश गुलिया, आईजी प्रवाचक एसआई सुभाष, एसपी प्रवाचक एसआई तरसेम, ओएएसआई प्रवेश, मालखाना इंचार्ज एएसआई सुरेश कुमार, एचसी होशियार सिंह अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। जांच के बाद कक्ष लॉक किया पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि जांच प्रक्रिया उपरांत मुख्य मालखाना कक्ष के लॉक को आईजी अशोक कुमार द्वारा सील कर दिया गया। उक्त नशे को ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा आगामी दिनों करनाल स्थित गांव बजीदा जाटान स्थित वेस्टेज फैक्ट्री में शीघ्र ही नियम अनुसार कार्रवाई अंतर्गत नष्ट किया जाना है।
रायगढ़ जिले में जन्माष्टमी पर्व को लेकर यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था का रूट चार्ट जारी किया है। पर्व के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शहर पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए शहर में कई जगह डायवर्सन प्वाइंट और पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। वहीं, कुछ प्रमुख मार्गों पर कार, बाइक और ऑटो की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का उपयोग करें। 2 से 6 सितंबर तक एकांगी मार्ग पुलिस के अनुसार 2 से 6 सितंबर तक शहर में यातायात व्यवस्था एकांगी मार्ग के रूप में लागू रहेगी। रेलवे स्टेशन से चक्रधरनगर की ओर: पॉइंट नंबर-6 से आने वाले वाहन पॉइंट नंबर-8 सुभाष चौक होते हुए पॉइंट नंबर-9 गद्दी चौक से डायवर्ट होकर चांदनी चौक या सर्किट हाउस के रास्ते चक्रधरनगर की ओर जा सकेंगे। चक्रधरनगर से रेलवे स्टेशन की ओर: वाहन पॉइंट नंबर-4 शहीद चौक से सारंगढ़ चौक, मालधक्का रोड होते हुए पॉइंट नंबर-6 रेलवे स्टेशन की ओर आ सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इन जगहों पर प्रतिबंध का उद्देश्य भीड़ के बीच लोगों की आवाजाही को आसान और सुरक्षित बनाए रखना है।
गेस्ट टीचर बन गया वकील:जेल से लिए 300 से अधिक वकालतनामे, हाईकोर्ट ने दिए जांच के निर्देश
मध्य प्रदेश के रीवा में रहने वाला एक शख्स शासकीय स्कूल में टीचर है। वह वकील बनकर जेल में वकालतनामा भर रहा था। जबलपुर के अधिवक्ता सिद्धार्थ दत्त ने कोर्ट को बताया कि रीवा के सिरमौर में रहने वाला नीरज साकेत ने अलग-अलग जेल अधिकारियों से अधिवक्ता राम प्रकाश यादव के लिए 30 वकालतनामे प्राप्त कर लिए। बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने पाया कि जिस नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता बताया गया, वह वास्तव में रीवा जिले के सरकारी स्कूल में अंग्रेजी के गेस्ट लेक्चरर, ग्रेड-II के पद पर कार्यरत हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिवक्ता राम प्रकाश यादव द्वारा दाखिल शपथपत्र में नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता बताया जाना प्रथम दृष्टया झूठा कथन है। हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग, रीवा सेंट्रल जेल प्रशासन और स्टेट बार काउंसिल को अलग-अलग जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तीनों प्राधिकरणों को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है। ग्रेड-II अंग्रेजी के गेस्ट लेक्चरर हैंमामले की सुनवाई के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल, जबलपुर के वरिष्ठ अधीक्षक अखिलेश सिंह तोमर कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि वकालतनामा जारी करने के संबंध में 24 जुलाई 2026 को SOP जारी की गई है। नीरज कुमार साकेत वास्तव में गेस्ट लेक्चरर, ग्रेड-II (अंग्रेजी) हैं और वर्तमान में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, बरेला, थाना सिरमौर, जिला रीवा में कार्यरत हैं। शपथपत्र में दी गलत जानकारीजानकारी अधिवक्ता राम प्रकाश यादव द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल किए गए शपथपत्र में किए गए दावे से अलग थी। कोर्ट के आदेश के अनुसार, राम प्रकाश यादव ने अपने शपथपत्र के पैराग्राफ 2 और 7 में नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता बताया था। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि शपथपत्र में असत्य जानकारी दी गई है। जेल अधिकारियों से 30 वकालतनामे प्राप्त किए सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सिद्धार्थ दत्त ने कोर्ट को बताया कि नीरज साकेत ने अलग-अलग जेल अधिकारियों से राम प्रकाश यादव के लिए 30 वकालतनामे प्राप्त किए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि यह मान भी लिया जाए कि राजेंद्र साकेत और नीरज साकेत आपस में रिश्तेदार हैं, तो नीरज साकेत को केवल राजेंद्र साकेत का वकालतनामा प्राप्त करने का अधिकार हो सकता था। अन्य 29 आरोपियों के वकालतनामे प्राप्त करने का उन्हें अधिकार नहीं था। 300 से अधिक वकालतनामे प्राप्त किए गएजबलपुर सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अखिलेश सिंह तोमर द्वारा प्रस्तुत जानकारी के आधार पर कोर्ट के समक्ष यह भी आया कि रीवा सेंट्रल जेल से अधिवक्ता राम प्रकाश यादव के लिए 300 से अधिक वकालतनामे प्राप्त किए गए थे। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा रीवा सेंट्रल जेल में उपस्थित होकर वकालतनामे प्राप्त किए जाते थे। हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर मामला माना और प्रथम दृष्टया नीरज कुमार साकेत को अधिवक्ता राम प्रकाश यादव का 'टाउट' बताया, जो जेल से वकालतनामे की व्यवस्था कर रहा था और उसके बाद राम प्रकाश यादव अपनी सुविधा के अनुसार उन्हें अदालत में दाखिल कर रहे थे। जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए शिक्षा विभाग, जेल DG और एडवोकेट जनरल को कार्रवाई के निर्देश जस्टिस विवेक अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने तीनों संबंधित प्राधिकरणों को 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर निष्कर्ष की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी, रीवा को आदेश की प्रति भेजने तथा लोक शिक्षण आयुक्त को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है। इसी तरह जेल एवं सुधार प्रशासन के महानिदेशक को भी आदेश की प्रति भेजकर रीवा सेंट्रल जेल के तत्कालीन अधीक्षक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। मामले की जानकारी एडवोकेट जनरल को भी देने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा है कि यदि तब तक स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के परिणाम घोषित हो जाते हैं, तो जांच निर्वाचित बार काउंसिल को सौंप दी जाए।
गोरखपुर में मंगलवार को दिग्विजयनाथ 30 का चौकमाफी में युगपुरुष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्र सन्त ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति में वर्तमान परिदृश्य में भारतीय सनातन संस्कृति की आवश्यकता एवं उसके संरक्षण में महन्त द्वय का योगदान विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ॰ राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य, महन्त अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय, रायपुर जंगल, कौड़िया उपस्थित रहे। विशिष्ट वक्ता डॉ० रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी, पूर्व प्रधानाचार्य, अमर सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बढ़या चौक तथा उदई प्रसाद नायक, पूर्व प्रधानाचार्य, लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखूखोर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबन्धक उमापति त्रिपाठी ने की। आभार ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार मिश्र ने किया। संचालन आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक जय प्रकाश त्रिपाठी, दिनेश कुमार मिश्र, रुद्रमणि प्रसाद, भागवत साहनी, अमरजेश सिंह, संजय चौरसिया, गोविन्द लाल यादव, विनय मिश्र, कु० जया मिश्र, कु० अल्का दूबे, कु० पूजा सिंह आदि एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सोनीपत में बहालगढ़ रोड पर हुए सड़क हादसे में बुरी तरह घायल 24 साल के वसीम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद ऑटो चालक वाहन समेत मौके से भाग गया था। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात ऑटो ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना सेक्टर-27 पुलिस को दी शिकायत में खान कॉलोनी निवासी मोसीम ने बताया कि 28 अगस्त को उसका भाई वसीम बाल कटवाने के लिए घर से निकला था। वह बहालगढ़-सोनीपत मुख्य मार्ग पर भगत सिंह ढाबे के पास पहुंचा ही था कि बहालगढ़ की तरफ से आ रहे एक ऑटो के ड्राइवर ने उसे तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सीधी टक्कर मार दी। रोहतक के मेडिकल कॉलेज में कराया गया था भर्ती दुर्घटना के तुरंत बाद वसीम को सोनीपत के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे PGIMS रोहतक रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन उसे मुरथल रोड के पार्क निदान अस्पताल ले गए। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें होने के कारण वसीम बयान नहीं दे पा रहा था। 1 सितंबर की देर रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल से सूचना मिलने पर सेक्टर-27 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच अधिकारी ASI प्रदीप सिंह ने बताया कि मृतक के भाई के बयान और डेथ समरी के आधार पर अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। इसमें धारा 281 (तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना) और 106 BNS (लापरवाही से मौत) लगाई गई हैं। पुलिस ऑटो नंबर के आधार पर आरोपी चालक की तलाश कर रही है।
ट्रांसजेंडरों की गिरफ्तारी के लिए नहीं है कोई नियम? दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त आदेश- तुरंत बनाएं SOP
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गिरफ्तारी और हिरासत के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने का निर्देश दिया है।
बस्ती के होनहार छात्र करन गुप्ता ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से बस्ती का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। एमडी इंटरनेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल, बैंकासाही के छात्र करन का जिले के 400 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में से ‘प्रेरणा’ कार्यक्रम के लिए चयन हुआ था। चयन के बाद उन्होंने गुजरात के वडनगर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने विचार व अनुभव साझा किए। देशभर से चयनित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में छात्रों को देश की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प से परिचित कराया गया। करन ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई पत्र करन की उपलब्धि पर 1 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनके नाम बधाई और शुभकामना पत्र प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री ने पत्र के माध्यम से करन को जीवन में अपने लक्ष्यों की ओर आत्मविश्वास, निरंतरता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री का पत्र मिलने के बाद करन और उनके परिवार में खुशी का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। विद्यालय परिवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। करन की उपलब्धि ने विद्यालय के साथ-साथ पूरे बस्ती जिले का गौरव बढ़ाया है। करन की सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी बनी है। उनकी उपलब्धि ने यह साबित किया है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर छोटे क्षेत्र से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
बक्सर में 7 अगस्त को इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम हुआ था। इस मामले में आरपीएफ ने नामजद आंदोलनकारियों को समन भेजा था। मंगलवार को ये आंदोलनकारी अपने वकीलों के साथ आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। रेलवे सुरक्षा बल ने इस रेल चक्का जाम मामले में 33 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसके बाद नामजद लोगों को समन भेजकर आरपीएफ पोस्ट पर आने को कहा गया था। कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा समन के आधार पर बक्सर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ वकील राहुल आनंद, वकील संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, अतिपिछड़ा संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरिशंकर उर्फ गोपाल त्रिवेदी और कांग्रेस नेता लक्ष्मण उपाध्याय समेत कई आंदोलनकारी और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आरपीएफ निरीक्षक कुंदन सिंह की मौजूदगी में अधिकारियों, वकीलों और आंदोलनकारियों के बीच पूरे मामले पर बातचीत हुई। सभी पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और मामले के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की गई। दर्ज मामले को वापस लेने की अपील कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी को खोलने की मांग इलाके के लोगों की सुविधा और भलाई से जुड़ा मुद्दा है। आंदोलनकारियों ने इसी जनसमस्या को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि अब जब इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा खोलने का काम शुरू हो चुका है, तो आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले को वापस लेने पर भी विचार करना चाहिए। वहीं, आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, समन मिलने के बाद जो नामजद अभियुक्त आ रहे हैं, उनके संबंध में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और बंधपत्र भरवाए जा रहे हैं। 25 मिनट तक बाधित रहा था रेल परिचालन बता दें कि 7 अगस्त को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आंदोलनकारियों ने इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग को लेकर हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर करीब 25 मिनट तक रेल चक्का जाम किया था। इस दौरान मगध एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था। मंगलवार को आरपीएफ पोस्ट पर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने उम्मीद जताई कि इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और रेल चक्का जाम मामले में भी आगे कोई सकारात्मक समाधान निकल सकता है।
तारुन मंडल में बूथ सत्यापन अभियान को लेकर बुधवार को एक बैठक हुई। यह बैठक ब्लॉक मुख्यालय सभागार में मंडल अध्यक्ष पति राज वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें 3 और 4 सितंबर को सभी बूथों के सत्यापन के लिए कार्ययोजना बनाई गई। बैठक में मुख्य अतिथि और तारुन मंडल प्रवासी धर्मेंद्र सिंह टिल्लू ने कहा कि बूथ संगठन की सबसे अहम कड़ी होते हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तय तारीखों पर बूथों का सत्यापन गंभीरता से करें। इस अभियान के तहत 20 शक्ति केंद्रों और 116 बूथों का सत्यापन किया जाएगा। इस बैठक में मंडल मीडिया प्रभारी नरेंद्र देव पांडेय, संदीप तिवारी, महेंद्र मिश्रा, प्रवेश कुमार मिश्रा, शिवकुमार निषाद, राजमणि पांडेय, उदयभान वर्मा, पवन तिवारी, केदार तिवारी, महेश ठाकुर, सुभाष चंद्र, राकेश वर्मा, लक्ष्मण सिंह, मोनू मिश्रा, दिवाकर पांडेय, प्रदीप गुप्ता, वेद प्रकाश मिश्रा, दिनेश तिवारी और उमेश मिश्रा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिलेश निषाद ने किया।
खरगोन में महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार तड़के गोवंश तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने बिना नंबर की पिकअप से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 8 गोवंश को मुक्त कराया। नाकाबंदी देखकर पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया। पुलिस ने रस्सियों में बंधे गोवंश को चाकू से काटकर अलग किया और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाया। कार्रवाई में 2.20 लाख रुपए के गोवंश के साथ करीब 10 लाख रुपए कीमत की पिकअप भी जब्त की गई। मुखबिर से मिली थी तस्करी की सूचना चैनपुर थाना प्रभारी गणपत कनेल ने बताया कि हेलापड़ावा चौकी पुलिस को बुधवार तड़के मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना थी कि बिना नंबर की पिकअप में गोवंश का क्रूरतापूर्वक अवैध परिवहन किया जा रहा है। यह वाहन चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे से गुजरने वाला था। हाईवे पर पुलिस ने की नाकाबंदी सूचना मिलने के बाद चौकी प्रभारी सउनि नंदकिशोर राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। कुछ देर बाद पुलिस को बिना नंबर की एक संदिग्ध पिकअप आती दिखाई दी। टीम ने पिकअप को रोकने की कोशिश की तो चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और उसे भगाने लगा। पीछा करने पर वाहन छोड़कर भागा चालक पुलिस टीम ने पिकअप का पीछा किया। पुलिस को पीछे आता देख चालक ने कुछ दूरी पर पिकअप सड़क पर छोड़ दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसके अंदर 8 गोवंश क्रूरतापूर्वक भरे मिले। रस्सियां काटकर गोवंश को कराया मुक्त पिकअप में गोवंश रस्सियों से बंधे हुए थे। पुलिस ने चाकू की मदद से रस्सियां काटकर सभी 8 गोवंश को वाहन से बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस ने गोवंश की कीमत करीब 2.20 लाख रुपए और पिकअप की कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई है। गोवंश तस्करी अधिनियम के तहत केस पुलिस ने मामले में मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, 9 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब फरार पिकअप चालक की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
बांका शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती होगी। शहर के प्रमुख गांधी चौक पर रेड सिग्नल लाइट के साथ ऑटोमेटिक चालान कैमरा लगाया गया है। कैमरा सिस्टम शुरू होने के बाद चौक से गुजरने वाले वाहनों की गतिविधियों पर अब स्वतः नजर रखी जाएगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रेड सिग्नल तोड़ने वालों पर कार्रवाई नई व्यवस्था के तहत रेड सिग्नल तोड़ने, बिना हेलमेट वाहन चलाने और अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को कैमरे के जरिए चिह्नित किया जाएगा। कैमरे में दर्ज गतिविधियों के आधार पर संबंधित वाहन के खिलाफ नियमों के अनुसार चालान और कार्रवाई की जा सकती है। व्यस्त गांधी चौक पर बढ़ेगी निगरानी गांधी चौक बांका शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में ऑटोमेटिक निगरानी व्यवस्था शुरू होने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती बढ़ेगी। हेलमेट और जरूरी कागजात रखना जरूरी नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को घर से निकलते समय अधिक सावधानी बरतनी होगी। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। साथ ही वाहन के जरूरी कागजात रखने और रेड सिग्नल समेत सभी यातायात नियमों का पालन करने पर विशेष ध्यान देना होगा। नियमों के पालन से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी प्रशासन की इस पहल से ट्रैफिक पुलिस को शहर में नियमों का पालन कराने में आसानी होगी। नियमों का पालन करने से जहां वाहन चालक चालान की कार्रवाई से बच सकेंगे। वहीं सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी। प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ेगी।
रामपुर में पसियापुर और चांदपुर गांव में बाढ़ के हालात और ग्रामीणों की परेशानी को लेकर डीएम अजय कुमार द्विवेदी एसपी के साथ पसियापुर और चांदपुर गांव पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। डीएम ने नदी किनारे बने बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बांध फिलहाल सुरक्षित है। हालांकि, जहां नुकसान की आशंका है, वहां मरम्मत कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने बाढ़ के कारण ग्रामीणों के आवागमन की स्थिति भी देखी। पसियापुर और चांदपुर का संपर्क मार्ग पानी में डूबने से ग्रामीणों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है। इस पर डीएम ने ग्रामीणों के आने-जाने के लिए नाव और ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जरूरतमंद ग्रामीणों को सूखा राशन उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। देखें, 5 तस्वीरें… डीएम ने बताया कि फिलहाल जलस्तर घट रहा है। यदि रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में आगे बारिश नहीं होती है तो स्थिति के ज्यादा बिगड़ने की संभावना नहीं है। प्रशासन लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। डीएम ने कहा कि छोटे बच्चों को नदी, जलाशयों और पानी भरे क्षेत्रों के आसपास न जाने दें। ग्राम प्रधानों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मस्जिदों और मंदिरों से भी अनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों से पानी भरे इलाकों से दूर रहने और बिना जरूरत वहां नहीं जाने को कहा गया है। गांव के कुछ लोग अपने पशुओं के लिए हरा चारा लेने जंगल की ओर जा रहे हैं, जहां पानी भरा हुआ है। डीएम ने ऐसे लोगों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपनी जान जोखिम में न डालें। जहां भी पानी भरा हो, वहां खुद भी जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
निकाय चुनाव: खेतड़ी में सबसे ज्यादा फॉर्म रिजेक्ट हुए:डूंडलोद में एक भी रद्द नहीं हुआ; 3 को नाम वापसी
झुंझुनूं जिले की 19 नगरीय निकायों में होने वाले आम चुनाव-2026 के लिए चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद जिले के 555 वार्डों में 2,954 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। यानी हर वार्ड में औसतन पांच से अधिक प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में बने रहने से अधिकांश वार्डों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले माने जा रहे हैं। 3 को होगी नाम वापसी जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि जिले की एक नगर परिषद और 18 नगर पालिकाओं के कुल 555 वार्डों के लिए 3,139 अभ्यर्थियों ने 3,558 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। संवीक्षा के दौरान 434 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। इसके बाद 3,123 नामांकन पत्र सही पाए गए और 2,954 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में शेष रहे। अब 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का अवसर रहेगा। इसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी। वहीं 4 सितंबर को अंतिम रूप से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। झुंझुनूं में सबसे ज्यादा उम्मीदवार जिले की सबसे बड़ी निकाय नगर परिषद झुंझुनूं के 60 वार्डों के लिए 359 अभ्यर्थियों ने 433 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। संवीक्षा में 73 नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद अब 334 उम्मीदवार मैदान में हैं। यानी नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड में औसतन साढ़े पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। कौनसे निकाय में अब कितने उम्मीदवार पढ़ें निकायों की पूरी डिटेल
फर्रुखाबाद के कमालगंज कस्बे में बंद घर को निशाना बनाकर चोरी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए जेवरात और नकदी बरामद हुई है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे एसपी आरती सिंह ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा किया। कमालगंज के शास्त्री नगर निवासी प्रीति ने 31 अगस्त को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी गैरमौजूदगी में चोर घर में घुस आए और जेवरात समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने चोरी की घटना कबूल कर ली और उसके जरिए अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने शास्त्री नगर निवासी विशेषांक उर्फ हिमांश, नई बस्ती निवासी अर्जुन सिंह, हरदेव नगर निवासी अक्षय कुमार और अंबेडकर नगर निवासी सचिन शंखवार को गिरफ्तार किया। जेवरात और 3500 रुपए बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जंजीर, एक गले का हार, एक जोड़ी कान के झाले, मांग बेदी, तीन अंगूठियां, तीन पायल, एक चांदी का सिक्का और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। एसपी आरती सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति पर शक होने के बाद उसकी गतिविधियों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के नाम बताए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अर्जुन सिंह की पुरानी आपराधिक हिस्ट्री भी सामने आई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फरीदाबाद नगर निगम सफाई कर्मचारियों की ओर से 2 सितंबर तक हड़ताल का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन अब बुधवार से हड़ताल को चार दिन और आगे बढ़ा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों ने अब 6 सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है, जिसके चलते हड़ताल की अवधि बढ़ाई गई है। सफाई कर्मचारियों के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। पहले कर्मचारियों ने सरकार को 2 सितंबर तक का समय दिया था। इस दौरान सरकार से कई बार मांगों को पूरा करने की अपील की गई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद हड़ताल को चार दिन और बढ़ाकर 6 सितंबर तक करने का फैसला लिया गया है। सीएम से टेबल पर करेंगे सीधे बातचीत नरेश शास्त्री ने कहा कि अब सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री के साथ सीधे टेबल पर बैठकर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली वार्ता में कर्मचारियों की मांगों को रखा जाएगा और बातचीत के बाद ही हड़ताल समाप्त करने पर कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है। कांग्रेस की ओर से विधानसभा में सवाल उठाया गया था कि सफाई कर्मचारियों को नीति के तहत पक्का किया जाए। सरकार की ओर से जवाब दिया गया था कि यदि ऐसी कोई नीति है, जिसके आधार पर कर्मचारियों को पक्का किया जा सकता है, तो उस नीति को सामने लाया जाए। तीन साल तक काम करने वाले कर्मचारी को नियमित करने का प्रावधान इस पर नरेश शास्त्री ने कहा कि हरियाणा में पहले से ही तीन साल की नीति मौजूद है। उनका दावा है कि इस नीति के तहत जो कर्मचारी लगातार तीन साल तक नियमित रूप से काम करता है, उसे पक्का किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है, इसके बावजूद सरकार सफाई कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है। नरेश शास्त्री ने निकाय मंत्री कृष्ण बेदी और मंत्री विपुल गोयल पर सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कर्मचारियों की मांगों पर सरकार कोई फैसला नहीं ले रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर में जगह-जगह जमा कूड़े को पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से उठाया जा रहा है। कूड़ा उठाने के नाम पर किया जा रहा भ्रष्टाचार : नरेश उन्होंने आरोप लगाया कि कूड़ा उठाने के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और कूड़ा उठाने का दिखाकर फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं। हालांकि, ये आरोप सफाई कर्मचारी संगठन की ओर से लगाए गए हैं। नरेश शास्त्री ने कहा कि सफाई कर्मचारी अब तभी हड़ताल खत्म करेंगे, जब सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें पक्का करने और समान काम के लिए समान वेतन देने की है। यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह आर-पार की लड़ाई होगी।
शेखावाटी विश्वविद्यालय ने गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया को 2 साल के लिए यूनिवर्सिटी से रेस्टीकेट कर दिया है। राजू बिजारणियां को अब शेखावाटी यूनिवर्सिटी से जुड़ी किसी भी कॉलेज में एडमिशन नहीं दिया जाएगा। डिप्टी रजिस्ट्रार रामसिंह सरावग ने रेस्टिकेशन का नोटिस जारी किया है। SFI के कार्यकर्त्ताओं ने इसके विरोध में यूनिवर्सिटी कैंपस में धरना-प्रदर्शन कर दिया है। कार्रवाई के विरोध में छात्र संगठन SFI ने यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। SFI कार्यकर्ताओं ने कैंपस के सभी ऑफिसों के बाहर विरोध मार्च निकाला और इसके बाद एकेडमिक ब्लॉक के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। 10 महीने पुराने मामले में कार्रवाई पर उठाए सवाल छात्र संगठन SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि 10 महीने पहले हुए प्रकरण में अब कार्रवाई करना पूरी तरह द्वेषतापूर्ण है। उस विरोध-प्रदर्शन में काफी छात्र शामिल थे, लेकिन राजू बिजारणियां SFI से जुड़ा है। इसलिए एकतरफा कार्रवाई की गई। शेखावाटी यूनिवर्सिटी कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन जब तक राजू बिजारणियां का रेस्टीकेशन बहाल करने समेत छात्र हितों की 18 मांगे पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। SFI ने कैंपस के हर ऑफिस के बाहर स्टूडेंट्स के साथ विरोध मार्च निकाला। अब एकेडमिक ब्लॉक के सामने धरना दिया जा रहा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणियां ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस में स्टूडेंट्स की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका, जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, साइंस कॉलेज पूर्व अध्यक्ष संदीप नेहरा, अभिषेक महला, अमित व सुशीला से यूनिवर्सिटी प्रशासन की असफल वार्ता के बाद अब SFI ने उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी है।
बलिया में एक पैर के सहारे स्कूल जाने वाली 7 साल की रागिनी की अपील डीएम ने सुनी। बुधवार को डीएम मंगला प्रसाद सिंह खुद बच्ची के घर पहुंचे और उसे 2 ट्राईसाइकिल दीं। रागिनी जब 6 महीने की थी तभी एक्सीडेंट में उसका पैर खराब हो गया था। एक पैर से कूदते-कूदते स्कूल जाती रागिनी बीच में थककर कई जगह बैठती है। रागिनी ने कहा कि- DM अंकल ने मुझे किताबें, साइकिल और मिठाई दी है। अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए। DM ने कहा कि कल बच्ची ने बहुत भावुक अपील की थी। लड़की बहुत टैलेंटेड है और डॉक्टर बनना चाहती है। आगे भी उसकी मदद की जाएगी। मामला मनियर ब्लॉक का है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… पिता हैदराबाद में करते हैं मजदूरी रानीपुर गांव में देवेंन्द्र राजभर का परिवार रहता है। घर में पिता नारद, मां, पत्नी बबीता देवी हैं। देवेन्द्र हैदराबाद में मजदूरी करते हैं। रागिनी (7) इकलौती बेटी है। 6 महीने की उम्र में रागिनी ने एक पैर गवां दिया था। दिघेड़ा गांव के प्राथमिक स्कूल में रागिनी कक्षा 1 में पढ़ती है। घर से स्कूल 400 मीटर दूर स्कूल और घर की दूरी सिर्फ 400 मीटर है, लेकिन रागिनी के लिए ये सफर बहुत लंबा है। कभी परिवार का कोई सदस्य स्कूल छोड़ देता है, तो कभी रागिनी खुद एक पैर से कूदते हुए निकल पड़ती है। इस 400 मीटर में वो कई बार थककर जमीन पर बैठ जाती है और दर्द से रोने लगती है। डीएम से की थी भावुक अपील सोमवार को डीएम से भावुक अपील की थी। उसने कहा- DM अंकल मेरा एक पैर खराब है, मुझे एक साइकिल दिलवा दीजिए। मैं बहुत पढ़ाई करूंगी। इसी अपील को सुनकर आज डीएम पहुंचे और एक की जगह 2 ट्राई साइकिल रागिनी को दीं। इसके अलावा खेलने की किट, कॉपी-किताबें और मिठाई भी दी। रागिनी के घर तक सड़क की मरम्मत, आवास, शौचालय बनवाने और रागिनी के इलाज का भी भरोसा दिया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन कराने का भी आश्वासन दिया। बोली- साइकिल मिल गई और कुछ नहीं चाहिए रागिनी ने कहा कि मैंने डीएम अंकल से ट्राईसाइकिल मांगा था उन्होंने आज मुझे दिया है। मुझे मिठाई भी दिया है और ढेर सारा सामान भी दिया है। मैं सामान पाकर बहुत खुश हूं अब और कुछ नहीं चाहिए। बच्ची को लेकर दवा दिलाने जा रही थी मां मां बबीता ने बताया कि रागिनी 6 महीने की थी, तब वो उसे गोद में लेकर दवा लेने जा रही थीं। रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। उसी हादसे में रागिनी का एक पैर बुरी तरह टूट गया। इलाज तो हुआ पर पैर पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया। कई स्थानों पर इलाज कराया गया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं कि महंगी जगहों पर इलाज करा पाएं। एक पैर के सहारे करती है सारा काम आज रागिनी 7 साल की हो गई है और वो एक पैर से ही अपना सारा काम करती है। उसका वीडियो वायरल हो गया है, इसलिए सब लोग आ रहे हैं। गली-मोहल्ले के बच्चे स्कूलबैग लेकर उसके घर के सामने से गुजरते हैं, तो रागिनी रोने लगती है, कहती है कि मुझे भी पढ़ना है। डीएम के मदद के सवाल पर मां ने कहा कि वो थोड़ी न साइकिल चला पाएगी। जब वो खुद से चल पाएगी तभी हमें संतुष्टि होगी। बाबा बोले- डीएम ने मदद का भरोसा दिया बाबा नारद राजभर ने बताया कि आज DM और कई अधिकारी आए थे। कई साल पहले बच्ची का पैर खराब हो गया था। इतने सालों में पहले कभी कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया था, लेकिन आज प्रशासनिक टीम ने पहुंचकर बच्ची को साइकिल और पढ़ाई-लिखाई का सामान दिया। डीएम साहब ने आगे और भी हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है, जिससे वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। DM बोले- वीडियो देखकर बच्ची से मिलने आए DM ने बताया कि एक छोटी सी बिटिया का रोते हुए भावुक अपील का वीडियो सामने आया था। उसे देखकर मेरी तुरंत उससे मिलने की इच्छा हुई, इसीलिए आज हम उसके घर आए हैं। उसका बायां पैर चलने योग्य नहीं रहा। इसके बावजूद वह गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ने जाती है। उसने एक साइकिल के लिए अपील की थी, जो आज हमने उसे उपलब्ध करा दी है। मेडिकल के बाद हो सकता है ऑपरेशन बिटिया का मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। अगर ऑपरेशन के जरिए उसका पैर ठीक हो सकता है, तो लखनऊ या जहां भी जरूरत होगी, हम उसका इलाज कराएंगे ताकि वह अपने पैरों पर चल सके। बिटिया बहुत प्रतिभावान और हिम्मत वाली है। वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है। खेलने और पढ़ने के लिए उसे एक स्पोर्ट्स किट भी दी गई है। गांव से स्कूल तक का रास्ता सही होगा गांव और स्कूल तक आने वाला रास्ता 2018 में कंक्रीट का बना था। आठ साल पुराना होने के कारण इसमें मरम्मत की जरूरत है, जिसे हम जल्द पूरा कराएंगे। परिवार को व्यक्तिगत शौचालय स्वीकृत हो चुका है और राशि खाते में आ गई है, जिसका निर्माण कराया जाएगा। बिटिया से मिलकर बहुत खुशी हुई; वह बहुत ही साहसी और प्रतिभावान है। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि वह पढ़-लिखकर अपने माता-पिता, जिले और देश का नाम रोशन करे। ------------------- यह खबर भी पढ़ें… 4 बच्चे खोने वाले पिता से सीओ लिपटकर रोए, VIDEO:कौशांबी में बोले- आपके साथ हूं, बात मान लीजिए; अंतिम संस्कार न करने पर अड़े थे प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में चार बच्चों को खोने वाले पिता से सीओ लिपटकर रोए। उन्हें गले लगाकर समझाते और ढांढस बंधाते रहे। फिर सामने पड़े तख्त पर बैठाकर गालों पर हाथ रखा और कहा- हम आपके साथ हैं। अभी मेरी बात मान लीजिए और बच्चों का अंतिम संस्कार कीजिए। दरअसल, गया प्रसाद साहू मुआवजे की रकम बढ़ाने समेत कई मांगों के पूरी होने तक बच्चों का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े थे। पढ़ें पूरी खबर…
प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) और सहायक परियोजना समन्वयक (APC) के करीब 525 रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर शर्तें तय करने की जानकारी दी है। इसमें उच्च पद प्रभार पर काम कर रहे व्याख्याता एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों को पात्रता से बाहर रखा गया है जिसका विरोध करते हुए शिक्षक संगठनों ने इन्हें भी पात्रता की कैटेगरी में शामिल करने की मांग रखी है। बीआरसी का पद प्रदेश के सभी 313 विकासखंडो में भरा जाएगा वहीं सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) के हर जिले में औसत चार पद होते हैं। इसलिए औसतन 220 एपीसी की नियुक्ति नए सिरे से किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 25 सितम्बर से इसके लिए आवेदन लिए जाएंगे और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट घोषित कर दिए जाएंगे। मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में एपीसी के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया अलग से करने का निर्णय लिया गया है। उच्च पद प्रभार पर कार्यरत शिक्षकों को भी मौका देने की मांग शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र को पत्र भेजकर मांग की है कि मूल पद के साथ उच्च पद प्रभार पर काम कर रहे व्याख्याता एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों को भी APC एवं BRC पदों के लिए आयोजित परीक्षा, चयन प्रक्रिया में शामिल होने की पात्रता दी जाए। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से विद्यालयीन शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने विषयगत ज्ञान, अनुभव और प्रशासनिक दक्षता का उपयोग विभागीय कार्यों में कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को चयन प्रक्रिया से बाहर रखना उनके शैक्षणिक अनुभव एवं सेवाकालीन अनुभव की दृष्टि से उचित नहीं होगा। संगठन ने मांग की है कि मूल पद के साथ-साथ उच्च पद प्रभार पर किए गए कार्य, सेवा अनुभव को भी पात्रता निर्धारण में मान्य किया जाए। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग संगठन ने राज्य शिक्षा केंद्र से यह भी आग्रह किया है कि वर्तमान दिशा-निर्देशों में यदि उच्च पद प्रभार पर कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो इसके लिए आवश्यक संशोधन या विशेष अनुमति जारी की जाए। साथ ही योग्य और अनुभवी शिक्षकों को समान अवसर देने के लिए चयन प्रक्रिया को व्यापक, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।

