झांसी में ऑनलाइन सट्टा के करीब 100 करोड़ रुपए के बड़े मामले में झांसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष और सहकारिता बैंक के निदेशक आशीष उपाध्याय को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। वह फरारी के दौरान दिल्ली में अपने एक परिचित के यहां छिपा हुआ था। पुलिस को सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन मिली, जिसके बाद टीम तुरंत दिल्ली पहुंची और उसे दबोच लिया। देर रात उसे झांसी लाया गया, जहां फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है।इससे पहले नवाबाद थाने की पुलिस ने बुधवार को सट्टा गिरोह का खुलासा करते हुए शुभम उपाध्याय, विजय बाधवा और नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन आरोपियों ने आशीष उपाध्याय समेत कई अन्य लोगों के नाम उजागर किए थे। जिसके बाद पुलिस ने सरगर्मी से इनकी तलाश शुरू कर दी थी। पार्षद पति भी खिला रहे थे सट्टाजांच में सामने आए अन्य वांछितों में पार्षद पति पप्पू, पंकज राय, सौरभ लिखधारी, सोनू चड्ढा, हरीश कुमार, आकाश चंचलानी, सुमित साहू और रोशन मुंशी शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने पुलिस की कई टीमें गठित की हैं।एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। सदर विधानसभा से कर रहा था दावेदारीधार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले आशीष उपाध्याय ने खुद को झांसी में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता के रूप में स्थापित कर लिया था। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में वह भाजपा से टिकट की दावेदारी भी कर रहा था।सट्टा सिंडिकेट का खुलासा होने से पहले आशीष उपाध्याय ने अपने कुछ करीबियों पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे आशीष उपाध्याय का सोशल मीडिया अकाउंट पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरों से भरा पड़ा है। देश के गृहमंत्री अमित शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इन तस्वीरों के चलते बड़ी संख्या में युवा भी उससे जुड़ते रहे। फेसबुक पर उसके 35 हजार से अधिक फॉलोअर बताए जा रहे हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर करीब 16 हजार यूजर उसे फॉलो करते हैं। अभी आठ आरोपी फरारबीते दिनों एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने तीन सट्टा बुकी को गिरफ्तार करते हुए नौ अन्य आरोपियों को भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताया था। इसमें पप्पू और शौरभ राय नगर निगम पार्षद के पति हैं, जो इस पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग अपने रसूख के दम पर कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ बैठकों में भी शामिल होते थे।
शुक्रवार को सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा की जमानत याचिका को शिलॉन्ग कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं सोनम की जमानत को आधार बनाकर शिलांग जेल में बंद विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी जमानत मांग ली है। शुक्रवार को उनके वकील ने कोर्ट में अर्जी लगा दी है। बता दें की राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम मंगलवार रात को जेल से रिहा हो चुकी है और फिलहाल शिलांग के एक होटल में ठहरी हुई है। राज के वकील फुयोसा योबिन बताया की राज की बेल एप्लिकेशन को सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया। राज कुशवाहा की ज़मानत अर्जी 'तकनीकी आधारों' पर खारिज की गई, न कि मामले की मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर, अर्जी में पिछले जमानत आवेदन का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने आदेश में उसका उल्लेख किया है। सोमवार को राज कुशवाहा के लिए ज़मानत मांगने हेतु अदालत में एक नई अर्जी दायर की जाएगी। इधर राज की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां बहनों को लेकर इंदौर से अपने गांव (उप्र) चली गई है। वकील योबिन के अनुसार परिवार का कोई सदस्य राज से मिलने नहीं आता है। कोर्ट के दस्तावेज साइन करवाने के लिए वकील ही शिलांग जेल जाते है। अंडर ट्रायल और कानूनी आधारों की दलीलें रहीं बेअसर राज कुशवाहा के बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि अंडर ट्रायल मामलों में आरोपितों को लंबे समय तक जेल में रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। आमतौर पर एक साल से अधिक समय तक जेल में रहने के आधार पर आरोपित जमानत का प्रयास करते हैं, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए राज को राहत देना उचित नहीं समझा। राज कुशवाहा की याचिका खारिज होने के बाद अब अन्य आरोपितों की राह भी मुश्किल नजर आ रही है। सोनम की जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी शिलॉन्ग पुलिस शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से केस के गवाहों को प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि हम जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और कानून के मुताबिक इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। कोर्ट ने अपने अधिकारों का उपयोग किया है। हमारी जांच नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। 10 माह से जांच कर रही एसआईटी इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपी के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपी को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि एसआईटी 10 माह में भी मामले की जांच पूरी नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।
उज्जैन में किसानों के ट्रैक्टर हड़पकर बेचने वाले शातिर आरोपी को भाटपचलाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी किसानों को ज्यादा किराए का लालच देकर ट्रैक्टर लेता था और बाद में उन्हें बेच देता था। पुलिस ने कार्रवाई कर ट्रैक्टर बरामद किए हैं। एएसपी आकांक्षा खलोटे ने बताया कि रतलाम निवासी कन्हैयालाल पाटीदार और उनके तीन साथियों ने ग्राम माधोपुरा निवासी रफीक पिता गनी मोहम्मद को चार ट्रैक्टर किराए पर दिए थे। आरोपी ने एक माह तक किराया दिया, लेकिन बाद में ट्रैक्टर लौटाने के बजाय बेच दिए। जब ट्रैक्टर मालिकों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने 29 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद भाटपचलाना थाना प्रभारी सत्येंद्र चौधरी और उनकी टीम ने आरोपी रफीक को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक किसानों के करीब 20 ट्रैक्टर किराए पर लेकर 1.80 करोड़ रुपए में बेच चुका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कई ट्रैक्टर जब्त कर लिए हैं। ऐसे फंसाता था किसानों को पुलिस के अनुसार आरोपी काफी शातिर तरीके से वारदात करता था। वह किसानों को सामान्य से अधिक किराया देने का लालच देता, एक-दो माह तक भुगतान करता और भरोसा जीत लेता। इसके बाद ट्रैक्टर दूर-दराज क्षेत्रों में बेच देता था। बाद में मोबाइल बंद कर देता या पता बदल लेता था। रिमांड पर पूछताछ जारी पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी खुलासे होने की संभावना है। ट्रैक्टर बरामद होने के बाद किसानों ने पुलिस टीम का स्वागत किया।
लखनऊ में लोहिया पार्क बना स्पोर्ट्स हब::अब फीस देकर खेल सकेंगे टेनिस, स्केटिंग और बॉक्स क्रिकेट
लखनऊ के गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क को अब स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां शहरवासी स्केटिंग, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, पिकल बॉल और बॉक्स क्रिकेट जैसे खेलों का आनंद ले सकेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सभी खेल सुविधाओं के लिए शुल्क और समय निर्धारित कर दिया है। एलडीए ने पार्क के गेट नंबर-3 के पास करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से “ऑक्सीजन स्पोर्ट्स एरिना” विकसित किया है। इसी परिसर में प्रदेश का सबसे बड़ा स्केट पार्क भी बनाया गया है, जिसका उद्घाटन पिछले महीने मुख्य सचिव एसपी गोयल ने किया था। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, पहले यहां कृत्रिम वॉटर बॉडी थी, जिसमें भूगर्भ जल का इस्तेमाल होता था। इससे पानी की बर्बादी के साथ मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बना रहता था। अब उसी स्थान को खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया गया है। करीब 4000 वर्गमीटर क्षेत्र में स्केटिंग रिंग तैयार की गई है, जबकि 4500 वर्गमीटर क्षेत्र अन्य खेलों के लिए विकसित किया गया है। एलडीए का दावा है कि यह लखनऊ का पहला और प्रदेश का सबसे बड़ा स्केट पार्क है। पूरी टीम के हिसाब से तय हुआ शुल्क एलडीए के उद्यान अधिकारी एसके भारती ने बताया कि पिकल बॉल, लॉन टेनिस, बैडमिंटन और बॉक्स क्रिकेट का शुल्क प्रति खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए तय किया गया है। केवल स्केटिंग का शुल्क प्रति खिलाड़ी और मासिक आधार पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्केटिंग के लिए प्रशिक्षक की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से प्रशिक्षण मिल सके। वहीं अन्य खेलों में कोच की सुविधा शामिल नहीं होगी। उद्यान अधीक्षक मोहम्मद इमरान ने बताया कि खेल खेलने आने वालों से पार्क का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। खिलाड़ियों को सिर्फ संबंधित खेल का शुल्क जमा करना होगा। किस खेल का कितना शुल्क खेलशुल्कसमय पिकल बॉल400 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक लॉन टेनिस400 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक बैडमिंटन200 रुपए प्रति घंटासुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक बॉक्स क्रिकेट600 रुपए प्रति घंटासुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक स्केटिंग1500 रुपए मासिक + 100 रुपए रजिस्ट्रेशनसुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक
लखनऊ की वसंत कुंज योजना में रहने वाले लोगों को जल्द ही बेहतर मेंटेनेंस की सुविधा मिलने की उम्मीद है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने योजना को नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोमती नगर स्थित एलडीए मुख्यालय में हुई बैठक के बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया पूरी होने में करीब छह महीने लग सकते हैं। संयुक्त टीम करेगी सर्वे, तय होगा खर्च हैंडओवर से पहले एलडीए और नगर निगम की टीम क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण करेगी। टीम योजना में मौजूद सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की मौजूदा स्थिति का आकलन करेगी। साथ ही आने वाले समय में इनके रखरखाव पर कितना खर्च आएगा, इसकी भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर एलडीए आवश्यक बजट नगर निगम को देगा। इसके बाद ही योजना को औपचारिक रूप से नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। हैंडओवर के बाद नगर निगम संभालेगा ये जिम्मेदारियां सीवर सिस्टम सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत जलभराव और चोकिंग की समस्याओं का समाधान स्ट्रीट लाइट खराब स्ट्रीट लाइट बदलना और मरम्मत बिजली बिल का भुगतान और नियमित रखरखाव पेयजल व्यवस्था पाइपलाइन की मरम्मत पानी की सप्लाई और मेंटेनेंस व्यवस्था सूत्रों के अनुसार, हैंडओवर के बाद स्थानीय निवासियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए सीधे नगर निगम से संपर्क करना होगा, जिससे सेवाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 178 याचियों की ओर से दाखिल याचिका में एक ही पैरोकार के हलफनामे में प्रक्रियात्मक कमी पाते हुए याचिका को खारिज कर दिया और न्यायालय का समय बर्बाद करने व नियमों की अनदेखी के लिए सभी याचियों पर 10-10 रुपये का हर्जाना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका खारिज होने योग्य है क्योंकि हलफनामा किसी भी याची द्वारा नहीं बल्कि एक ऐसे पैरोकार द्वारा दिया गया है, जिसका याचियों से संबंध स्पष्ट नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने दिया है। सूर्य प्रताप शर्मा व 177 अन्य की याचिका में कोर्ट ने पाया कि याचिका किसी भी मुख्य याची द्वारा सत्यापित नहीं की गई। इसकी बजाय इसे एक पैरोकार की ओर से दाखिल किया गया था, जिसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह राज्य के विभिन्न जिलों में रहने वाले सभी 178 याचियों को कैसे जानता है। कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि वकालतनामे पर किए गए हस्ताक्षर ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे वे स्वयं याचियों द्वारा नहीं किए गए हों। कोर्ट ने कहा कि इसी तरह की एक याचिका गत सात अप्रैल को एक अन्य बेंच ने खारिज किया था। कोर्ट ने सभी 178 याचियों पर 10-10 रुपये का हर्जाना लगाते हुए यह राशि छह सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।
जैसे ही मेरा पास आया काल आया कि एक क्रूज बरगी बांध में थम गया है, शायद उसका इंजन भी बंद हो गया है। उसमें बहुत सारे लोग सवार हैं। उस दौरान मैं 100 से 150 किलोमीटर दूर था। जानकारी लगते ही फौरन मौके के लिए रवाना हुआ, जब तक पहुंचा तो क्रूज पानी में समा चुका था। जैसे-तैसे मेरे साथियों ने रेस्क्यू किया, और लोगों को बचाने काम शुरू किया। 2 घंटे के भीतर जब पहुंचा तो पानी में हाहाकार मचा हुआ था,आसपास कोई नहीं था, टीम के साथ पानी में कूद पड़े और क्रूज में मौजूद लोगों को बचाया। हम हर स्तर से काम कर रहे हैं, इसके लिए भले ही जल निगम का काम प्रभावित हो, लेकिन पहले लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है। ये कहना है जल निगम के अधिकारी अलोक तिवारी का, जिन्होंने लगातार 10 घंटे तक अपनी टीम के साथ क्रूज में फंसे लोगों को बचाने का काम किया था। सीएम ने उनकी टीम को इस कार्य के लिए इनाम देने की घोषणा भी की है। सील पैक थी लाइफ जैकेट बताया जाता है कि क्रूज के अंदर रखी हुई लाइफ जैकेट सील पैक थी। मतलब अभी तक खुली ही नहीं थी। वहीं रेस्क्यू टीम भी दो घंटे लेट हुई थी। टीम की गाड़ी खराब हो गई थी तो दूसरी गाड़ी से गए जिससे दो घंटे लेट हुए। वहीं हादसे में बचकर लौटे लोगों ने खुलासा किया है कि मौसम खराब होने के बावजूद कैप्टन ने क्रूज को किनारे लगाने का फैसला नहीं लिया। मामले की जांच अब हाई लेवल कमेटी करेगी। हमने लगा दी मशीन-मेन पवार जल निगम में कार्यरत अलोक तिवारी ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि गुरुवार को हुआ हादसा बहुत ही खतरनाक था। कर्मचारियों की नजरों के सामने क्रू पानी में समा गया था। उन्होंने बताया कि हमारा काम चल रहा था, इसलिए जैसे ही पता चला तो जेसीबी, पोकलेन मशीन के साथ-साथ हमारे कर्मचारियों ने दौड़ लगा दी और लोगों को बचाने में जुट गए। गुरुवार की रात से पूरी टीम मौके पर मौजूद है। जिस दौरान यह घटना हुई, तब क्रू करीब 90 मीटर दूर था। सबसे पहले लोगों की जान बचाना टास्क था, जिसे कि हमने स्थानीय पुलिस की मदद से मिलकर पूरा किया। 15 घंटे में 90 मीटर लाया अलोक तिवारी ने बताया कि खमरिया टापू से करीब 90 मीटर लौटते समय क्रू पानी में डूबा था। ऐसे में रात भर से हमारी टीम लगी रही। रात को 50 मीटर तक जैसे-तैसे मशीनों के द्रारा क्रू को खींचकर लाया गया थाष तब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी थी। बहुत सारे लोग क्रू में चीख-चिल्ला रहे थे। उन्होंने बताया कि रात को ही मशीनों के जरिए मोटे तार की मदद से क्रू को बाहर लाने की कोशिश की जा रही थी, पर अंधेरा के साथ-साथ भार होने के कारण तार टूट रही थी, जिसके चलते शुक्रवार की सुबह फिर से रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के समय लोग परेशान कर रहे थे आलोक तिवारी ने बताया कि रेस्क्यू के समय बहुत सारे लोग परेशान कर रहे थे। हमारा कुछ काम नहीं था, इसके बाद भी मशीनों के साथ रेस्क्यू किया। जब हम लोग क्रू को निकाल रहे थे, उस दौरान परेशानी भी आ रही थी, जिसके चलते गुस्सा भी आया। उनका कहना था कि हम रात से ही लगे हुए थे, पर बीच-बीच में कुछ अधिकारी आकर परेशान कर रहे थे, कोई कुछ डायरेक्शन देता, तो कोई कुछ बोलता। ऐसे में लाजमी है, गुस्सा आ जाता है। हम लोग भूखे,प्यासे थे, पर अधिकारी आकर यहां पर रौब जमाते, जिसके कारण गुस्सा आ गया था। उनका कहना था, कि जितने लोग आते, वह अपना-अपना मत देते, इस वजह से गुस्सा आ गई थी। जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है लाइफ जैकेट…जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था…जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के मार्गदर्शन में जिले के चिकित्सक लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में सिविल अस्पताल हजीरा के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 28 वर्षीय महिला की बच्चेदानी सुरक्षित बचा ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के अनुसार, इटावा निवासी ज्योति सिंह लंबे समय से बच्चेदानी में बड़ी गांठ (फाइब्रॉइड) की समस्या से जूझ रही थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और असहनीय पेट दर्द के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा था। कई निजी अस्पतालों में परामर्श के दौरान उन्हें बच्चेदानी निकालने की सलाह दी गई, लेकिन महंगे इलाज के कारण वे परेशान थीं। आखिरकार उन्होंने हजीरा सिविल अस्पताल में संपर्क किया, जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत नायक के मार्गदर्शन में डॉ. राहुल श्रीवास्तव (जनरल सर्जन) और उनकी टीम ने विस्तृत जांच कर ऑपरेशन की योजना बनाई। गुरुवार को हुई सर्जरी में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक बड़ी गांठ निकाल दी और बच्चेदानी को सुरक्षित रखा। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. अनुपम कुलश्रेष्ठ की भी अहम भूमिका रही। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ निगरानी में सावधानीपूर्वक पूरी की गई। मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इतनी बेहतर सुविधा और समर्पित सेवाएं मिलना सराहनीय है। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि यहां आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा जटिल ऑपरेशन एवं उपचार उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाया जा सकता है।
सरकार को 10 लाख मुआवजा देने का आदेश:लखनऊ HC ने 3 माह की अवैध हिरासत पर कड़ी फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को बिना किसी नियमानुसार कारण बताए गिरफ्तारी और लंबे समय तक हिरासत में रखने के मामले में कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन मानते हुए सरकार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह मुआवजा राशि चार सप्ताह के भीतर याची को दी जाए। सरकार चाहे तो संबंधित अधिकारियों से इसकी वसूली कर सकती है। इसके साथ ही, न्यायालय ने याची की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करते हुए उसे तुरंत रिहा करने का आदेश भी दिया। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने यह आदेश मनोज कुमार की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। यह याचिका उनके पुत्र मुदित कुमार ने दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि याची को 27 जनवरी 2026 को उन्नाव के आसीवन थाने में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उसे गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी। न्यायालय ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 और 22(1) का उल्लंघन करार दिया। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि गिरफ्तारी के आधारों को लिखित रूप में बताना अनिवार्य है और इस प्रक्रिया की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायालय ने कहा कि गिरफ्तारी में गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं, जिसके कारण मजिस्ट्रेट का रिमांड आदेश भी वैध नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के मिहिर राजेश शाह और डॉ. राजिंदर राजन मामलों में दिए गए निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि गिरफ्तारी के कारणों को लिखित रूप में बताना एक अनिवार्य संवैधानिक दायित्व है। अदालत ने अपर मुख्य सचिव (गृह) के शपथपत्र पर भी असंतोष व्यक्त किया। न्यायालय ने कहा कि शपथपत्र यह स्पष्ट करने में विफल रहा कि तीन माह तक व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने के लिए जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की गई। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि उच्च स्तर पर ही जवाबदेही का अभाव है, तो निचले स्तर पर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मक्का-मदीना की रुबात को लेकर चल रहे विवाद में अब मामला कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। सिकंदर हफीज खान की ओर से आरिफ मसूद को 150 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा गया है। नोटिस सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से 1 मई 2026 को जारी किया गया। नोटिस में कहा गया है कि 29 अप्रैल के आसपास विधायक द्वारा विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिकंदर हफीज के खिलाफ जो बयान दिए गए, वे पूरी तरह झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था। बयानों से प्रतिष्ठा को नुकसान का दावानोटिस के अनुसार, इन कथित बयानों से हफीज की सामाजिक और पेशेवर साख को ठेस पहुंची है। यह भी कहा गया कि ऐसे आरोप जानबूझकर लगाए गए, ताकि उनकी छवि आम जनता के बीच खराब हो। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि का अपराध है, जिसमें दो साल तक की सजा, जुर्माना या सामुदायिक सेवा का प्रावधान है। 150 करोड़ रुपए हर्जाने की मांगनोटिस में कहा गया है कि इन बयानों से मानसिक पीड़ा, सामाजिक उपहास और प्रतिष्ठा की क्षति हुई है। इसी आधार पर 150 करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया गया है। नोटिस के जरिए विधायक से मांग की गई है कि वे 7 दिनों के भीतर लिखित और उसी माध्यम से बिना शर्त माफी मांगें, जिस माध्यम से कथित बयान दिए गए थे। बयान हटाने और आगे रोक की मांगइसके साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से सभी कथित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और भविष्य में ऐसे बयान न देने की भी मांग की गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर सिकंदर हफीज की ओर से सिविल और आपराधिक दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन्हीं बयानों पर नोटिसविधायक आरिफ मसूद ने हाल ही में रुबात मामले को लेकर बयान देते हुए कहा था कि हाजियों को पिछले कई वर्षों से रुबात नहीं मिल रही और इसमें “सबसे बड़ा रोल सिकंदर हफीज और सबा” का है। उन्होंने यह भी कहा था कि जांच नहीं हुई तो FIR कराई जाएगी। इन्हीं बयानों को आधार बनाकर अब मानहानि का नोटिस भेजा गया है। विधायक ने क्या कहा थाविधायक मसूद ने कहा कि हमारी कई बार मक्का और मदीना की रुबात के मामले में सिकंदर हफीज साहब के घर पर मीटिंग हो चुकी है। जिसमें उन्ंहोने हमसे कमेटी बनाकर जल्द ही रुबात शुरू कराने का यकीन दिलाया था, लेकिन आज तक रुबातों का कोई मसला हल नहीं हो सका और हर साल हाजी रुबात मिलने की उम्मीद में रहते हैं। बावजूद उन्हें रुबात नहीं मिल पाती। जिस वजह से हाजी बहुत ही परेशानी का सामना कर रहे हैं। वक्फ की मंशा के मुताबिक हाजियों को मक्का और मदीना में ठहरने के लिए रुबात बनाई गई थी। ताकि रियासतें भोपाल के हाजी साहेबान को वहां ठहरने में किसी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान के बाद मैं समझता हूं कि वक्फ बोर्ड को तुरंत सबा अली और सिकंदर हफीज पर एफआईआर दर्ज कराएं, क्योंकि सिकंदर हफीज कई बार बातों-बातों में यह बात कह चुके हैं कि मुझे किसी से कोई लेना-देना नहीं है। मैं तो दुबई शिफ्ट हो रहा हूं। वे कभी भी दुबई शिफ्ट हो जाएंगे। मुतवल्लिया सबा अली खान पटौदी और सिकंदर हफीज ने भोपाल के हाजियों के साथ धोखाधड़ी की है। इन पर पुलिस प्रकरण दर्ज कर इनके पासपोर्ट भी जब्त किए जाए। मसूद बोले- हाजियों के हक के लिए जवाब दूंगा विवाद पर आरिफ मसूद ने कहा कि वे नोटिस का पूरी तरह जवाब देंगे। उनका कहना है, मैंने गलत क्या किया है? पिछले छह साल से भोपाल के हाजी रुबात में नहीं ठहर पा रहे हैं, जबकि उन्हें मुफ्त ठहरना था और वे पैसा भरने को मजबूर हैं। अगर इस बारे में सवाल उठाना और कार्रवाई की मांग करना गुनाह है, तो मैं हाजियों के लिए एक लाख बार भी सजा भुगतने को तैयार हूं।ये खबर भी पढ़ें… मैंने कोई धोखाधड़ी नहीं की', सिकंदर हफीज का दावा मक्का-मदीना की रुबात को लेकर जारी विवाद के बीच सिकंदर हफीज खान ने सामने आकर अपनी बात रखी और अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि क्या भाई मैंने धोखाधड़ी करी है क्या? मेरी क्या रेपुटेशन धोखाधड़ी की है? मैं क्या बेईमान हूं, जो मेरे ऊपर ऐसे इल्जाम लगाए जा रहे हैं। बता दें कि मिस्टर सिकंदर हफीज खान चेयरमैन, रिलायबल ग्रुप एवं वरिष्ठ सदस्य हैं औकाफ-ए-शाही के।पढ़ें पूरी खबर
पुरानी रंजिश में ठेकेदार को लोहे की रॉड से पीटा:ग्वालटोली में जान से मारने की धमकी देकर भागे आरोपी
ग्वालटोली में पुरानी रंजिश में आरोपियों ने शटरिंग ठेकेदार को पीटकर लहूलुहान कर दिया। इलाकाई लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को इलाज के लिए उर्सला अस्पताल में एडमिट कराया। परमट निवासी अश्विनी कश्यप शटरिंग ठेकेदार है। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम को वह बग्गल लाल का हाता के पास स्थित चाय की दुकान में बैठे थे। आरोप है कि इस दौरान पुरानी रंजिश में साहिल, जयसूर्या, दीपक, सूरज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने सिर में लोहे की रॉड मारकर लहूलुहान कर दिया। ग्वालटोली इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित को इलाज के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इंडियन ओवरसीज बैंक पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना बैंक द्वारा बिना पर्याप्त कारण के एक खाता फ्रीज करने के मामले में लगाया गया है। न्यायालय ने कहा कि बैंक का कार्य एक ट्रस्टी के रूप में है, न कि जांच एजेंसी की तरह खातों पर रोक लगाना। बैंक को यह राशि चार सप्ताह के भीतर खाताधारक को देनी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की पीठ ने मेसर्स एसए इंटरप्राइजेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याची फर्म मछली पालन से जुड़ी मशीनरी का कारोबार करती है। फर्म के खाते में 16 जनवरी 2026 को आरटीजीएस के माध्यम से 23 लाख रुपये जमा हुए थे। बैंक ने यह कहते हुए खाता फ्रीज कर दिया था कि फर्म की घोषित वार्षिक आय 5.76 लाख रुपये है, ऐसे में 23 लाख रुपये की बड़ी रकम संदिग्ध प्रतीत होती है। बैंक ने न्यायालय में इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया, लेकिन न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक पुलिस, ईडी या सीबीआई जैसी किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से कोई औपचारिक निर्देश न हो, तब तक बैंक अपने स्तर पर किसी का खाता सीज नहीं कर सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि खातों को मनमाने ढंग से फ्रीज करने से न केवल कारोबार प्रभावित होता है, बल्कि खाताधारक की साख और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय का कीमती समय बर्बाद करने के लिए एक विपक्षी पक्षकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने यह आदेश तब किया जब विपक्षी रामसागर सिंह के वकील सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए। याची नारायणी प्रसाद सिंह ने याचिका में मांग की थी कि उसके ज्ञापनों पर मुख्य रजिस्ट्रार, फर्म, सोसायटी व चिट्स उत्तर प्रदेश को जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए। 6 हफ्ते में फैसला लेने को कहा था इससे पहले कोर्ट ने रजिस्ट्रार को छह सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध विपक्षी रामसागर सिंह ने स्पेशल अपील की थी। अपील में कहा गया था कि उनका पक्ष सुने बिना ही आदेश कर दिया गया, जबकि याचिका में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने जैसी मांगें थीं। दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने पिछले आदेश को रद्द कर दिया और मामले को दोबारा सुनने के लिए बहाल कर दिया। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी रामसागर सिंह के वकील कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी ने ही डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया था और अब वह स्वयं पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ इसलिए यह न्यायालय का समय बर्बाद करने जैसा है। इसी के साथ कोर्ट ने विपक्षी रामसागर सिंह पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया। साथ ही मुख्य रजिस्ट्रार को याची के ज्ञापन पर सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया।
मिजोरम पीएससी में 25 पदों पर भर्ती शुरू, 20 मई तक करें आवेदन
सरकारी सेवक बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक खास मौका सामने आया है। मिजोरम लोक सेवा आयोग (मिजोरम पीएससी) ने मिजोरम स्वास्थ्य सेवा के जूनियर श्रेणी (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा) 2026 के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में डेंटल सर्जन सब-कैडर सहित कुल 25 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि फरार आरोपी को पकड़ने के नाम पर उसके परिजनों को परेशान करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि संविधान की भावना के भी विपरीत है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने रिटायर कैप्टन मंगल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए की है। याची का आरोप है कि पुलिस उसके घर पर लगातार दबिश दे रही है और उसे व उसकी पत्नी को थाने बुलाकर बेटे के ठिकाने के बारे में जानकारी देने के लिए दबाव बना रही है। क्या है मामला जानिये मामले में के तथ्यों के अनुसार याची का पुत्र संदीप तोमर दहेज हत्या के मामले में आरोपी है। उसकी अपील पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी है। वह फरार चल रहा है। पंजाब पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कानपुर नगर की गुजैनी पुलिस की मदद ली, जिसके बाद पुलिस ने याची के घर पर कई बार दबिश दी। कोर्ट ने याची के अधिवक्ता आशुतोष कुमार सिंह को सुनकर कहा कि आरोपी की तलाश के नाम पर परिवार को प्रताड़ित करना कानून के दायरे में नहीं आता। पुलिस की कार्रवाई ब्रिटिश दौर वाली कोर्ट ने टिप्पणी कि कि किसी बेटे को त्यागने का कोई प्रमाण पत्र नहीं होता और इस आधार पर पुलिस द्वारा सवाल उठाना पूरी तरह गलत व भ्रामक है। कोर्ट ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली को ब्रिटिश दौर की पुरानी और असंवैधानिक पद्धति बताया, जो आज के आधुनिक और तकनीकी युग में स्वीकार्य नहीं है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि याची और उसकी पत्नी को बार-बार थाने बुलाया गया, जो उनकी निजता व गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि याची को किसी भी प्रकार से परेशान न करे, न ही थाने बुलाए और न ही उसके घर पर दबिश दे। साथ ही कानपुर नगर गुजैनी थाने के संबंधित थाना प्रभारी को चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचने को कहा है।
बरगी क्रूज हादसा: लापरवाही पर सख्त एक्शन, 3 कर्मचारी बर्खास्त, मैनेजर निलंबित
मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।
भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन की बस्ती हटाने के विरोध में एक युवक पॉलिटेक्निक चौराहे पर टावर पर चढ़ गया। वहीं, रात में ही लोगों के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम ने नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी समेत कई कांग्रेसी धरने पर बैठे हैं। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि झुग्गियां नहीं हटाई जानी चाहिए। इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं, जकी ने बताया कि झुग्गियां हटाए जाने के विरोध में हम प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर, कांग्रेसियों को समझाने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। कांग्रेस के वार्ड 24 के अध्यक्ष शोएब खान ने बताया कि टावर पर चढ़े युवक को पुलिस ने समझाकर नीचे उतार लिया है। आदिवासियों की लड़ाई जारी रहेगी। देखें तस्वीरें… दरअसल, यहां बसे 27 झुग्गी परिवारों को शनिवार सुबह हटाया जा सकता है। इसके लिए एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने 4-4 एसडीएम, तहसीलदार समेत कुल 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। एक बार कार्रवाई कैंसिल हो चुकी है। कांग्रेस के विरोध के चलते यहां भारी-भरकम पुलिस अमला भी तैनात होगा। करीब चार महीने भी इन झुग्गियों को हटाने की कवायद हुई थी, लेकिन कांग्रेस हाईकोर्ट से स्टे ले आई थी। इसके बाद यहां जश्न मना था। इनकी ड्यूटी लगीबैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय, एमपी नगर एसडीएम एलके खरे, शहर वृत्त एसडीएम दीपक पांडे और टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा तहसीलदार यशवर्धन सिंह, करुणा दंडोतिया, सौरभ वर्मा, अनुराग त्रिपाठी समेत 9 नायब तहसीलदार, 10 राजस्व निरीक्षक और 68 पटवारियों को भी तैनात किया गया है। जीतू पटवारी भी जा चुके बस्ती मेंबता दें कि पूर्व में जिला प्रशासन का परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करने का प्लान था। 25 दिसंबर 2025 को इन्हें एसडीएम ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी मैदान में उतर गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बस्ती में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का विरोध जताया था। यहां होना है कार्रवाईयहां पर खसरा नंबर-1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर नोईयत वन अंशभाग 5613 वर्ग फीट के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होना है। यह इस साल की बड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व सीएम, प्रदेश अध्यक्ष तक उतर चुके मैदान मेंमानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया था। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमानइन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। राशि पूर्व में ही जमा की जा चुकी है। 70 साल पुरानी है ये बस्तीयह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त-25 को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था। कार्याध्यक्ष शर्मा ने कहा-हमने राशि भी जमा करवा दीपूर्व में जब कार्रवाई स्थगित हुई थी, तब मानस भवन के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा भास्कर से चर्चा में कहा था कि 27 परिवार में से आधे भी आदिवासी नहीं है। भार्गव, साहू, दांगी जैसे गोत्र वाले आदिवासी कैसे हो गए? हमने तो बस्ती वालों की मदद और उन्हें मकान का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन को 54 लाख रुपए जमा करा दिए। हमारी जमीन पर अनाधिकृत कब्जा है। वो हमें दी जाए। झुग्गियां हटे या नहीं, इसे लेकर हमें कोई लेना-देना नहीं है। जिस बिल्डिंग में मानस भवन, उसका लोकार्पण दिग्विजय ने कियातुलसी मानस प्रतिष्ठान का लोकार्पण 30 मार्च 2003 को हुआ था। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, राज्यपाल डॉ. भाई महावीर मुख्य अतिथि थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने की थी। विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, तत्कालीन संस्कृति मंत्री अजय सिंह थे। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मानस भवन संस्था गरीबों के हितों में काम करती है।
हरियाणा के करनाल शहर में मेयर के नाम पर ठगी करने वाले एक शख्स को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों से पैसे ऐंठता था और झांसा देकर काम करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करता था। पुलिस ने उसे कर्ण विहार इलाके से काबू किया है और अब कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। मेयर की शिकायत पर हुई कार्रवाईमेयर रेणुबाला गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि कर्ण विहार गली नंबर-5 निवासी ओम प्रकाश उर्फ प्रदीप लंबे समय से खुद को उनका पीए बताकर लोगों को ठग रहा है। वह फोन पर और आमने-सामने लोगों से संपर्क करता था और काम करवाने का झांसा देकर पैसे लेता था।मेयर ने बताया कि आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतों में पकड़ा जा चुका है, लेकिन उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। इसके बावजूद उसने अपनी गतिविधियां जारी रखीं। हरिद्वार में भी किया फर्जीवाड़ाशिकायत के अनुसार, कुछ दिन पहले आरोपी ने हरिद्वार में भी खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों को गुमराह किया और कमरे बुक करवाए। इस घटना के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने कर्ण विहार से किया काबूजांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 1 मई की शाम आरोपी को कर्ण विहार से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आज इसका सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया है और शनिवार को उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि गहन पूछताछ की जा सके। कितने लोगों से ठगी की, होगी जांचपुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से फर्जी पीए बनकर काम कर रहा था और अब तक कितने लोगों से ठगी कर चुका है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है। कौन हैं करनाल की मेयररेणुबाला गुप्ता करनाल नगर निगम की मेयर हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं। वे करनाल शहर की निवासी हैं और लंबे समय से सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। बीते नगर निगम चुनाव में उन्होंने मेयर पद पर जीत हासिल की। पहले चेतावनी, अब सख्त कार्रवाईपुलिस का कहना है कि पहले चेतावनी देने के बावजूद आरोपी के नहीं सुधरने पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। रिमांड के दौरान उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पति की कृषि आय का निर्धारण हाईकोर्ट नहीं कर सकता। पत्नी को गुजारा भत्ता देने के मुद्दे पर पति के वेतन पर ही विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि याची पति ग्राम रोजगार सेवक है। दस हजार वेतन स्वीकृत है। ई पी एफ की कटौती के बाद उसे 7788 रूपये प्रतिमाह मिलते हैं। इसलिए परिवार अदालत द्वारा धारा 125 व धारा 12 की कार्यवाही में दो हजार व चार हजार कुल छ हजार रुपए प्रतिमाह का गुजारा भत्ता देने का आदेश उचित नहीं है। कोर्ट ने याची पति को निर्देश दिया है कि पत्नी को प्रतिमाह 2500 रूपये गुजारा भत्ता का भुगतान करें। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने आजमगढ़ के रवि प्रकाश चौहान व तीन अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। परिवार अदालत के फैसले के खिलाफ आए याची का कहना था कि धारा 125 मे अदालत ने 3000 गुजारा देने का आदेश दिया।जिसे हाईकोर्ट ने दो हजार किया। इसके बाद परिवार अदालत ने धारा 12 की अर्जी पर 60 हजार एक मुश्त गुजारा देने का आदेश दिया। इसके खिलाफ अपील पर अदालत ने 4000 रूपये प्रतिमाह कर दिया। इस प्रकार 6000 रूपये प्रतिमाह देने का आदेश हुआ तो याची ने हाईकोर्ट की शरण ली।कहा कि यदि भत्ते का भुगतान किया तो उसके लिए कुछ नहीं बचेगा।वेतन का 90 फीसदी पत्नी को देना होगा।जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति की आय के 25 फीसदी से अधिक पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं दिया जा सकता।पति की आय को देखते हुए गुजारा भत्ता आदेश दिया जाना चाहिए। जिस पर हाईकोर्ट ने याची पति को अपनी पत्नी रंजना चौहान को 2500 रूपये प्रतिमाह गुजारा भत्ते का भुगतान करने का आदेश दिया है।
भोपाल में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर शुक्रवार शाम सैकड़ों मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सड़कों पर उतरे। लाल झंडों, बैनर-पोस्टरों और इंकलाबी नारों के बीच श्रमिकों ने श्रम कानूनों की रक्षा का संकल्प लिया और केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। मई दिवस समारोह समिति भोपाल के आह्वान पर राजधानी के विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी और कामगार शाम 5 बजे जहांगीराबाद स्थित नीलम पार्क में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में एटक, सीटू, एआईयूटीयूसी, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, मेडिकल रिप्रजेंटेटिव, पेंशनर्स एसोसिएशन, हम्माल मजदूर सभा, आंगनवाड़ी, किसान, महिला, छात्र और नौजवान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इंकलाबी नारों से गूंजा परिसर कार्यक्रम के दौरान “दुनिया के मेहनतकशों एक हो”, “शिकागो के अमर शहीदों को लाल सलाम” और “अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। लाल झंडों, पोस्टरों, बैनरों और प्लेकार्ड्स से सजा स्थल आकर्षण का केंद्र बना रहा। पार्क परिसर में निकाली रैली प्रदर्शन के बाद नीलम पार्क परिसर में ही रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों और कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली के बाद सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। शिकागो के शहीदों को किया याद वक्ताओं ने कहा कि दुनिया भर के श्रमिक मई दिवस की 140वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर शिकागो के हेमार्केट आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए कहा गया कि उनके संघर्ष और बलिदान से श्रमिकों को कई अधिकार मिले, जिनकी रक्षा करना आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नई श्रम संहिताओं पर उठाए सवाल सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि नई लेबर कोड्स श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों के लंबे संघर्ष से मिले अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हैं, जिससे यूनियन बनाना कठिन होगा और श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। रोजगार और सार्वजनिक क्षेत्र बचाने की मांग वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र रोजगार का बड़ा आधार है, लेकिन सरकारी नीतियों से सार्वजनिक संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है। इससे युवाओं के रोजगार के अवसर घट रहे हैं। संघर्ष जारी रखने का संकल्प सभा के अंत में श्रमिक नेताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी और श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। सभा को वीके शर्मा, एसएस मौर्य, प्रमोद प्रधान, विनोद लोगरिया, यशवंत पुरोहित, दीपक रत्न शर्मा, संजय मिश्रा और आरजी पांडे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गौमाता के प्राणों की रक्षा के लिए जितना यत्न भारत में हुआ अगर उतना प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौमाता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर उनको राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता। दुर्भाग्य यह है कि भारत में खुद हिंदूवादी कहने वाली सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। आखिर गौमाता को राष्ट्र माता एवं राज्य माता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करने में सरकार के समक्ष क्या कठिनाई है? क्या अब गौमांस के व्यापार से ही भारत के उदर की पूर्ति होगी। हिंदुओं की आवाज को अनसुनी कर रही सरकारशंकराचार्य ने कहा गौमाता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिए सरकार को स्वयं सज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिए था। जब लोकतंत्र में हर जगह बहुमत से निर्णय होता है तो गौमाता की रक्षा के लिए इस देश का बहुमत बार बार निवेदन कर रहा है फिर भी बहुमत की अवज्ञा करने का क्या कारण है? भारत में सभी सनातनी चाहते हैं कि गौमाता राष्ट्रमाता घोषित हों लेकिन स्वतंत्रता के 78 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी हिंदुओं की आवाज को अनसुनी किया जा रहा है। धिक्कार है सरकारों को जिन्होंने हिंदुओं के वोट लेकर हिंदुओं के साथ छल किया है।अब समय आ गया है कि सनातनी राजनीति का प्रारंभ कर अपने गौमाता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा करें। पूर्व उद्घोषणा के अनुसार शंकराचार्य महाराज गविष्ठी यात्रा के लिए 2 मई को काशी से प्रस्थान करेंगे। 3 मई से गोरखपुर से गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुभारंभ करेंगे। यह गविष्ठी यात्रा 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान शंकराचार्य सनातनी जनता से संवाद स्थापित करके उनको गौरक्षार्थ श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।
कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और उसकी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कृष्णा सोनकर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी अपनी मौसी के घर गई थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला कृष्णा सोनकर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि वह उसे कानपुर-सागर हाईवे स्थित एक बंद पड़ी फैक्ट्री में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद आरोपी किशोरी पर उससे शादी करने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर उसने इंस्टाग्राम पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपलोड कर दिए। साथ ही, व्हाट्सएप के जरिए पीड़िता के पिता को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी। परिजनों ने धमकी भरे मैसेज के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे हैं। मामले में घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मथुरा में शराब का विरोध करने पर महिला की हत्या:चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तलाश जारी
मथुरा के गोविन्द नगर थाना क्षेत्र के जयसिंहपुरा स्थित वाल्मीकि बस्ती में शराब पीने का विरोध करना एक महिला को भारी पड़ गया। विरोध करने पर युवकों ने महिला के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। वाल्मीकि बस्ती निवासी आकाश के अनुसार, यह घटना 29 अप्रैल की रात करीब 12 बजे हुई। कॉलोनी के कुछ युवक गली में खड़े होकर तेज आवाज में शोर मचा रहे थे। शोर सुनकर आकाश की मां रामवती (56) की नींद खुल गई। जब रामवती बाहर आईं, तो उन्होंने देखा कि कॉलोनी के ही डोरी, आदित्य, ऋषि और गगन घर के बाहर खड़े होकर शराब पी रहे थे। रामवती ने उनके इस कृत्य का विरोध किया, जिस पर युवकों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन झगड़ा शांत होने के बजाय और बढ़ गया। इसी दौरान एक युवक अपने घर से लोहे की रॉड लेकर आया और रामवती के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन तत्काल घायल रामवती को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए वाल्मीकि बस्ती में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घरेलू विवाद के बाद युवक ने खाया जहर, मौत:शराब की लत बनी जानलेवा, पांच बच्चों का सहारा छूटा
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के धोकलपुर गांव में शुक्रवार शाम घरेलू विवाद के बाद एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान पंकज कुरील (42) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पंकज ने कथित तौर पर कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि उसे शराब की लत थी और इसी बात को लेकर उसकी पत्नी रेशमा से अक्सर विवाद होता रहता था। शुक्रवार को भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद उसने आवेश में यह कदम उठा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत भीतरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हैलट अस्पताल रेफर किया गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों (दो बेटे, तीन बेटियां) को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में शोक का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जहरीला पदार्थ सेवन का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर में 50 हजार की जेबकतरी:चार महिला चोर अरेस्ट, नकदी बरामद
सहारनपुर पुलिस ने कचहरी गेट पर दिनदहाड़े हुई जेबकतरी की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार महिला चोरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये उड़ा लिए थे। यह घटना 29 अप्रैल को थाना सदर बाजार क्षेत्र में हुई थी। चंद्रनगर निवासी विश्वदीप चौहान कचहरी में अपना काम निपटाकर गेट पर पहुंचे, तभी उन्हें अपनी जेब से नकदी गायब होने का अहसास हुआ। चौहान ने तुरंत अपनी जेब जांची तो उसमें रखे 50 हजार रुपये गायब मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ महिलाएं उनके पीछे चल रही थीं, जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने तत्काल थाना सदर बाजार में अज्ञात महिलाओं के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक पुलिस टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष कपिल देव के नेतृत्व में टीम ने सक्रियता दिखाते हुए शुक्रवार शाम को छोटी लाइन के पास एक खंडहर से चारों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान सरस्वती पत्नी रामू, रूमा पत्नी स्वर्गीय किशोर, नैना पुत्री सिकंदर और नंदनी पत्नी गौरव के रूप में हुई है। ये सभी बिहार के बेगूसराय जिले के टेंडवा (झुग्गी-झोपड़ी) की निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहकर लोगों को निशाना बनाता था। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की वृद्धि की गई है। फिलहाल, सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और शेष रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।
मेरठ में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के तत्वावधान में दिल्ली रोडवेज बस स्टैंड के सामने चैंबर ऑफ कॉमर्स पर संकल्प सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक विनेश मनोठिया ने कहा कि नगर निगम बोर्ड द्वारा ठेकेदारी खत्म करने का प्रस्ताव पास हो चुका है, इसके बावजूद ठेका प्रथा जारी रखना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेकेदारी लागू नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेकेदारी समाप्त नहीं की गई तो मेरठ जनपद स्तर पर जल्द ही एक बड़ी बैठक बुलाकर व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उनके इस प्रस्ताव का विभिन्न जिलों से आए सफाई कर्मचारियों ने समर्थन किया। महामंत्री बब्बू वेद ने कहा कि मजदूरों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं विनेश विद्यार्थी ने नगर निगम में चल रही ठेकेदारी व्यवस्था को गैरकानूनी बताते हुए इसे हर हाल में खत्म करने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडिशनल कमिश्नर और नगर आयुक्त को सौंपा गया। इसमें केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड का विरोध करते हुए कहा गया कि ये कानून मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें लागू नहीं होने दिया जाएगा। कार्यक्रम में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार मुख्य अतिथि रहे, जबकि अपर मंडलायुक्त अंबरेश कुमार बिंद और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभा में मेरठ के अलावा बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, सरधना, गौतमबुद्ध नगर और मोदीनगर से बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, खासकर महिला कर्मी शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष विनेश मनोठिया ने की, जबकि संचालन विनेश विद्यार्थी और हरीश गौतम ने किया।
अमृतसर में फायरिंग, युवक को लगी गोली:अस्पताल में भर्ती करवाया, बाइक पर सवार होकर आए थे 2 बदमाश
अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक बार फिर फायरिंग की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार युवकों ने अचानक गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब चार फायर किए, जिनमें से गोली एक युवक के पैर में जाकर लगी। घायल युवक की पहचान गुरपिंदर सिंह उर्फ रोबिन के रूप में हुई है, घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए अमृतसर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इलाके को घेरकर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। फिलहाल हमले के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आरोपियों की तलाश में टीमें गठित जंडियाला के डीएसपी ने बताया कि घायल युवक के परिवार के बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजस्थान साहित्य अकादमी की ओर से विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत कुल 16.24 लाख रूपए की सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें अकादमी ने 112 पांडुलिपियों के लिए भी राशि दी है। अकादमी सचिव डा. बंसत सिंह सोलंकी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 में अकादमी द्वारा पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजनान्तर्गत 112 पाण्डुलिपियों को स्वीकृत किया गया है। इसमें काव्य विधा में 84, कथा/उपन्यास विधा में 21, निंबंध/आलोचना में 2, नाटक-एंकाकी-विविध में 5 कृतियां शामिल हैं। राजस्थान साहित्यकार आर्थिक सहयोग वर्ष 2025-2026 में कुल 5 साहित्यकारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। इसमें राजाराम भादू, जयपुर, ब्रह्मानन्द बाबा, बोरी चित्तौड़गढ़, श्रीमती पूर्णिमा मित्रा, बीकानेर, रामस्वरूप किसान, नोहर, गोविन्द जोशी, बीकानेर शामिल हैं। वहीं साहित्यिक पत्र-पत्रिका सहयोग योजना में कुल 9 पत्रिकाओं को सहयोग योजना में 1.25 लाख रुपये स्वीकृत किया गया है। साथ ही 21 पुस्तकों पर सहयोग राशि स्वीकृत की गई है।
हरदोई के डीएम चौराहे पर जल्द ही महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। स्थानीय विधायक ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि प्रतिमा स्थापना के साथ पूरे चौराहे का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। इस कार्य का पूरा खर्च उनकी विधायक निधि से वहन किया जाएगा। विधायक ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के महान योद्धा थे। उन्होंने मुगलों, विशेष रूप से अकबर, के खिलाफ संघर्ष कर वीरता और साहस का प्रदर्शन किया। उनके जीवन से समाज और युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थापना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में महाराणा प्रताप के वंशजों से भी बातचीत की गई है। प्रतिमा जल्द ही हरदोई लाई जाएगी और इसे शहर की प्रमुख पहचान बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा। डीएम चौराहा शहर का एक प्रमुख स्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। प्रतिमा स्थापित होने से लोगों को उनके आदर्शों की प्रेरणा मिलेगी। चौराहे पर प्रकाश व्यवस्था, हरियाली, बैठने की व्यवस्था और अन्य सजावटी कार्य भी कराए जाएंगे। विधायक के अनुसार, यह प्रयास इतिहास और संस्कृति को सम्मान देने के लिए है। आने वाली पीढ़ियां इस प्रतिमा के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य और बलिदान को याद रखेंगी। प्रतिमा का उद्घाटन कर इसे जल्द ही हरदोई की जनता को समर्पित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद क्षेत्रवासियों में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इससे शहर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और हरदोई को एक नया स्वरूप मिलेगा।
संतकबीरनगर के मेंहदावल थाना क्षेत्र में देर रात सड़क हादसे में तीन लोग घायल हो गए। घटना सांथा-टंडवरिया मार्ग पर समदा चौराहे के पास हुई, जहां दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। बेलहर थाना क्षेत्र के करमा कला गांव निवासी मनीष शर्मा, झिनकू यादव और संजय चौधरी बाइक से मेंहदावल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान समदा चौराहे पर उनकी बाइक की एक अज्ञात बाइक से भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचित किया। घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल संतकबीरनगर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद परिजन अस्पताल पहुंच गए हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
जोधपुर में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- सनातनी हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए, सिर्फ दिखावे व विभिन्न जातियों में बंटने की बजाय एकजुटता का संदेश दें। उन्होंने कहा कि रामायण-गीता को नियमित पढ़ने के साथ जीवन में अपनाना चाहिए। वहीं हिंदू संस्कृति की रक्षा करने का आह्वान करते हुए लव जिहाद रोकने को लेकर विचार रखे। देवकीनंदन ठाकुर ने हिंदुओं को अपने धर्म के प्रति जागरूक रहने और बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया है। प्रेमहरि प्राणी मात्र सेवा संस्थान की ओर से शिकारगढ़ डारा गार्डन में शुक्रवार को आयोजित चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन में उन्होंंने यह कहा। इस दौरान ठाकुर ने कहा- संत समाज द्वारा ऐसा आयोजन सनातन धर्म को नई ऊर्जा प्रदान करता है। संस्था संरक्षक डॉ. प्रेमहरि महाराज ने बताया- सामूहिक विवाह समारोह में संत देवकीनंदन ठाकुर के सान्निध्य व कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि संसदीय कार्य, विधि व न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने परिणय सूत्र में बंध रहे जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा- जीवन का सबसे धार्मिक कार्य हैं। मंत्री पटेल ने कहा- ऐसे आयोजन संत समाज द्वारा आयोजित करने से मानव जीवन में संत समाज के प्रति वात्सल्य होता है। मानव सेवा ही व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग है। दिखा सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह का मंच प्रेमहरि प्राणी मात्र सेवा संस्था द्वारा आयोजित सर्व जातीय सामूहिक विवाह समारोह में मंच पर देशभर से साधु-संतों का सान्निध्य रहा। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के साथ पोकरण विधायक व महंत प्रतापपुरी महाराज, बड़ा रामद्वारा सूरसागर से डॉ. रामप्रकाश महाराज, गुरु जम्भेश्वर निर्वाण धाम लालासर के स्वामी डॉ. सच्चिदानंद आचार्य, संत रामप्रकाश महाराज जोधपुर, क्रांतिकारी संत रामविचार महाराज, मोकलसर आश्रम के महंत चेतनगिरी महाराज, आनंद धाम सहित अन्य सांधु-संतों ने आशीर्वचन दिया। बैंड-बाजा के साथ आई बारातें सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह के सहसंयोजक एडवोकेट अशोक पटेल ने बताया- परिणय सूत्र में बंधने के लिए दूल्हों की बारात बैंड बाजों व पुष्पवर्षा के साथ आगमन किया गया। बारात का विवाह स्थल पर हिंदू धर्म के रीति-रिवाज के साथ तोरण द्वार पर स्वागत किया गया। सभी जोड़ों को भेंट की सामग्री परिणय सूत्र में बंधे सभी जोड़ों को प्रेमहरि प्राणी मात्र सेवा संस्थान व भामाशाहों के सहयोग से प्रत्येक दूल्हा-दुल्हन को सम्पूर्ण भोजन सामग्री, अलमारी, एलईडी टीवी, सिलाई मशीन, बेड, पंखा, मंगल सूत्र, पायजेब जोड़ी, जोड़े के हाथ की घड़ी, नाक व कान की बाली, बिछुड़ी जोड़ी, दूल्हा-दुल्हन के कपड़े, प्रेशर कुकर, गैस चूल्हा, प्रेस, दो कुर्सी, बाटी ओवन, गद्दा सेट, कम्बल, तकिया, बर्तन सेट, दीवार घड़ी व पानी का केन सहित अन्य जरूरतमंद सामग्री वितरित की गई। सामाजिक समरसता का दिखा महाकुंभ समारोह में समरसता का महाकुंभ देखने को मिला। सामूहिक विवाह मण्डप में अलग-अलग जाति के जोड़ों का एक साथ विवाह संपन्न हुआ। विवाह को वैदिक मंत्रोच्चार से सम्पन्न करवा रहे पंडित राजेश दवे ने कहा- इस आयोजन ने सूर्यनगरी को समरसता का नया महाकुंभ देखने को मिला है। इसमें एक मंडप में विवाह व एक ही स्थल पर भोजन व्यवस्था एक साथ देखने को मिली हैं। ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम में पाली सांसद पीपी चौधरी, पूर्व विधायक लूणी महेन्द्रसिंह विश्नोई, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष त्रिभुवनसिंह भाटी, पूर्व जिलाध्यक्ष भोपालसिंह बड़ला आदि लोग भी मौजूद रहे। विवाह समारोह समिति के संरक्षक डॉ प्रेमहरि महाराज, संयोजक पंडित राजेश दवे, सहसंयोजक एडवोकेट अशोक पटेल, भामाशाह व उद्योगपति डॉ पप्पूराम डारा, अध्यक्ष महिपालसिंह, सचिव दयालराम प्रजापत, व्यवस्था प्रमुख प्रदीप वैष्णव, खेताराम प्रजापत सहित अन्य विशेष लोगो ने भी भागीदारी निभाई।
साहिल के बचाव में 3 गवाह कोर्ट में तलब:मेरठ में सौरभ हत्याकांड में 5 मई को अगली सुनवाई
मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम केस सौरभ हत्याकांड में सुनवाई की अगली तारीख अब 5 मई लगी है। इस दिन ब्रहमपुरी थाने के हेडमोहर्रिर, ब्रहमपुरी थाना प्रभारी और पुलिस लाइन के वायरलेस पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी को कोर्ट में तलब किया गया है। तीनों की गवाही होगी। शुक्रवार को अदालत में साहिल-मुस्कान का केस लड़ रही बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन की मांग पर विचार किया गया। जिसमें अदालत ने 4 में से कुल 3 गवाहों को तलब करने का आदेश दिया है। चौथे गवाह के रूप में बैलेस्टिक एक्सपर्ट की गवाही कराने की मांग को अदालत ने अस्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली डेट 5 मई लगाई है। थाने के सीसीटीवी फुटेज भी मांगेडीजीसी केके चौबे ने बताया कि अगली तारीख 5 मई लगी है। बचाव पक्ष की वकील के प्रार्थनापत्र पर हमारी तरफ से आपत्ति दी गई है। जिसमें तीन गवाहों को तलब करने की अनुमति कोर्ट ने परमिट की है। इसमें हेडमोहर्रिर ब्रहमपुरी थाना को जीडी के साथ आना है। थानाप्रभारी ब्रहमपुरी को 18 मार्च 2025 के सीसीटीवी फुटेज के साथ आना है। साथ ही वायरलेस प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम को तलब किया है। जबकि बचाव पक्ष ने बैलेस्टिक एक्सपर्ट को भी तलब करने की मांग की थी लेकिन अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया है। साथ ही अदालत ने भी इसे सही नहीं मानते हुए इस गवाही को खारिज कर दिया है। उसे तलब नहीं किया गया है। आपत्ति का निस्तारण करते हुए 4 में से 3 लोगों को तलब करने का आदेश दिया गया है। 22 गवाहों की हो चुकी है गवाहीसौरभ की तरफ से उसका केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने बताया कि इस केस में 22 एविडेंस हम करा चुके हैं। इसके बाद धारा 313 की कार्यवाही हुई है। इस सुनवाई में मुस्कान-साहिल जेल से ही ऑनलाइन वीसी के जरिए जुडेंगे। वहीं कोर्ट में साहिल की तरफ से उसकी वकील रेखा जैन कोई साक्ष्य प्रस्तुत करेंगी या फिर किसी गवाह को पेश कर सकती हैं। जिससे ये साबित हो सके कि सौरभ की हत्या वाली रात साहिल मेरठ में नहीं था। साहिल का बचना नामुमकिनहालांकि सीनियर एडवोकेट के अनुसार भले साहिल ने अपनी सफाई पेश करने की बात कही है, लेकिन उसका बचना नामुमकिन है। क्योंकि केस में सभी गवाहों के बयान हो चुके हैं। सभी हालात और गवाहों के बयान साहिल-मुस्कान के खिलाफ हैं। साहिल के बयानों में भी अब तक कहीं ये बात नहीं आई जिसमें उसने कहा हो कि वो हत्या की रात मेरठ में नहीं था।
एमपी में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है। बीजेपी के पूर्व कार्यालय मंत्री सत्येन्द्र भूषण सिंह को लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। सत्येन्द्र भूषण को दो साल के लिए अध्यक्ष बनाया गया है। श्योपुर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गुड्डी की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। वहीं उज्जैन के सौभाग्य सिंह को पाठ्य पुस्तक निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया है। निगम-मंडलों की लिस्ट में गुड्डी पहली महिला अध्यक्ष अब तक दो दर्जन अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई, लेकिन इनमें एक भी महिला को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। निगम मंडलों की लिस्ट में गुड्डी पहली महिला नेत्री हैं जिन्हें मंत्री का दर्जा दिया गया है। हफ्ते भर में इनके नियुक्ति आदेश भी होंगे जारीबीजेपी के संगठन और सरकार की ओर से करीब आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं के नामों को हरी झंडी मिल गई है। यह भी तय हो गया है कि किन नेताओं को कहां एडजस्ट किया जाएगा। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की रेस में शामिल रहे प्रवीण शर्मा का नाम मप्र युवा आयोग के लिए फाइनल हो गया है। इन नेताओं की लिस्ट तैयार, घोषणा हफ्ते भर में अब तक इन नेताओं को मिल चुका मंत्री का दर्जा
सहरसा में CO आवास में चोरी की कोशिश:पुलिस ने 2 घंटे में आरोपी को CCTV फुटेज से पकड़ा
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में अंचलाधिकारी (सीओ) शुभम वर्मा के सरकारी आवास में चोरी के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है। शुक्रवार की शाम थानाध्यक्ष ने जानकारी दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक युवक सीओ शुभम वर्मा के सरकारी आवास परिसर में घुस गया। उसने वहां लगी पानी की मोटर खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान सीओ की पत्नी की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने शोर मचाया। आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन उसकी पूरी गतिविधि आवास परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई घटना के बाद सीओ शुभम वर्मा ने बख्तियारपुर थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अमरनाथ कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी शुरू की और मात्र दो घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के माखन टोला निवासी राजकिशोर पासवान के पुत्र रोमित कुमार उर्फ ‘हड्डी’ के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी के प्रयास में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उसके पास से चोरी की गई मोटर भी बरामद कर ली गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही शुक्रवार को आरोपी को सहरसा न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां एक ओर इलाके में चोरों के बीच हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है। स्थानीय लोग पुलिस की इस मुस्तैदी को सराहनीय कदम मान रहे हैं।
बुलंदशहर से वृंदावन तक दंडवत यात्रा मथुरा पहुंची:गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की मांग को लेकर यात्रा
बुलंदशहर से वृंदावन तक निकाली जा रही दंडवत यात्रा शुक्रवार को मथुरा पहुंची। इस यात्रा का नेतृत्व बुलंदशहर निवासी हार्दिक यादव कर रहे हैं। वे दंडवत करते हुए वृंदावन की ओर बढ़ रहे हैं। हार्दिक यादव ने बताया कि यह यात्रा 5 अप्रैल को शुरू हुई थी और अब अपने अंतिम चरण में है। यात्रा सादाबाद, नंदगांव, गोवर्धन, बरसाना और कोकिलावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होते हुए मथुरा पहुंची। मथुरा में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए। यादव के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग को मजबूत करना है। साथ ही, सनातन समाज में गौ रक्षा के प्रति जागरूकता और एकजुटता का संदेश देना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। हार्दिक यादव ने बताया कि यात्रा का समापन वृंदावन में होगा। वहां वे प्रसिद्ध संतों और भजन गायकों जैसे इंद्रेश उपाध्याय, देवकी नंदन ठाकुर, चित्र-विचित्र महाराज और संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगे। यह दंडवत यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज को एक विशेष संदेश भी दे रही है। अपनी कठिन प्रकृति के कारण यह यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जालंधर के नूरमहल के वार्ड नंबर 10 से आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद राजीव मिशर उर्फ 'राजा मिशर' का आज निधन हो गया। कल ( दो मई को) उनका अंतिंम सस्कार किया जाएगा। 47 वर्षीय राजीव मिशर पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे। उन्हें ब्रेन हेमरेज होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। राजीव मिशर को उनके मिलनसार और सरल स्वभाव के लिए जाना जाता था। उनकी असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही नूरमहल और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार, दोस्तों और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी निराशा और दुख का माहौल है। पार्टी नेताओं और स्थानीय निवासियों ने उनके निधन को नूरमहल के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। शनिवार को होगा अंतिम संस्कार राजीव मिशर का अंतिम संस्कार शनिवार, 2 मई को सुबह 11 बजे नूरमहल के स्वर्ग आश्रम मंदिर, श्री बाबा भूतनाथ में किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है।
इंदौर के हीरानगर में रहने वाले 12 साल के एक बच्चे की हादसे में मौत हो गई। वह गार्डन में खेलने जा रहा था। इस दौरान सड़क पार करते समय उसे एक ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। आसपास के लोगों ने बच्चे को उठाया और ई-रिक्शा चला रही महिला के साथ उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया। यहां बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही महिला वहां से भाग गई। हीरानगर पुलिस के मुताबिक मृतक 12 वर्षीय करण पिता मुकेश डामोर निवासी रघुनंदन बाग है। शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे सड़क पार करते समय उसे ई-रिक्शा (MP09-AT5741) ने टक्कर मार दी। हादसे में करण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसपास के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करण के परिजनों ने बताया कि वह घर के सामने स्थित ग्लोवर गार्डन में दूसरे बच्चों के साथ खेलने जा रहा था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। करण का परिवार मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला है। उसके पिता इंदौर में मजदूरी करते हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है। पुलिस अब ई-रिक्शा चला रही महिला की तलाश कर रही है। इधर, सेज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ने किया सुसाइड वहीं, एक अन्य मामले में तेजाजी नगर इलाके में सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरिंग के एक छात्र ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। वह तबीयत खराब होने के कारण कॉलेज नहीं गया था। शाम को उसका दोस्त कमरे पर उसे देखने पहुंचा तो छात्र फंदे पर लटका मिला। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को एमवाय अस्पताल भिजवाया है। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक मृतक उत्कर्ष (21) ने सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फांसी लगाई। उसका दोस्त हिमांशु उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा था। हिमांशु ने पुलिस को बताया कि उत्कर्ष मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला था और पिछले तीन साल से यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक उत्कर्ष शुक्रवार को कमरे से बाहर नहीं निकला था। उसने तबीयत खराब होने की बात कही थी। शुरुआती जांच में उसके डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि परिवार से संपर्क किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
आईआईटी-दिल्ली में प्रोजेक्ट डायरेक्टर समेत 4 पदों पर भर्ती, 12 मई तक करें आवेदन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-दिल्ली) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। आईआईटी-दिल्ली ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर समेत कुल 4 पदों पर भर्ती के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है।
गुरुद्वारा नानकसर में मथा टेकने आए बुजर्ग का हाथ से करीब ढाई तोले का सोना किसी निकाल लिया। चलने फिरने में असमर्थ बुजुर्ग को उनका एनआरआई बेटा लेकर आया था। सूचना पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को तीन चार महिलाओं पर शक है। बताया गया कि इंग्लैंड से लौटे करनैल सिंह अपने लकवाग्रस्त पिता सरदारा सिंह को माथा टेकवाने के लिए गुरुद्वारा नानकसर कलेरा लाए थे। सरदारा सिंह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं और व्हीलचेयर के सहारे ही आवाजाही कर रहे थे। इसी लाचारी का फायदा उठाकर शातिर महिलाओं के एक गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया। मदद के बहाने चोरी की आशंका घटना उस समय हुई जब करनैल सिंह अपने पिता को लंगर हॉल की ओर ले जा रहे थे। रास्ते में 3-4 अज्ञात महिलाएं उनके पास आईं और सेवा या मदद करने के बहाने व्हीलचेयर को संभालने लगीं। इसी आपाधापी का लाभ उठाते हुए उन्होंने बुजुर्ग के हाथ से करीब ढाई से तीन तोले का सोने का कड़ा बड़ी सफाई से उतार लिया। पीड़ित बुजुर्ग लकवाग्रस्त होने के कारण न तो विरोध कर पाए और न ही तुरंत शोर मचा सके। सीसीटीवी में कैद हुईं महिलाएं, पर लाइट की चमक से चेहरा साफ नहीं थाना सिटी के इंचार्ज इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस गुरुद्वारा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज में संदिग्ध महिलाएं नजर तो आ रही हैं, लेकिन सूरज की तेज रोशनी (रिफ्लेक्शन) के कारण उनके चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे अन्य तकनीकी सुरागों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल टइस घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब आने वाले श्रद्धालुओं में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि ठग गिरोह अब इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे पवित्र धार्मिक स्थलों पर भी बुजुर्गों और बीमारों को अपना शिकार बना रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक केंद्रों पर पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाए। पुलिस बोली- अभी लिखित शिकायत नहीं मिली फिलहाल पुलिस को इस मामले में अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि औपचारिक शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने गहनों और बुजुर्गों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहें।
जोधपुर में गोल्ड लोन ट्रांसफर कराने के नाम पर बैंक से 8 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। शातिर ठग सुनील विश्नोई दो साल से फरार था। जोधपुर पूर्व डीसीपी मनीष कुमार ने बताया- 22 मार्च 2024 को सीएसबी बैंक सरदारपुरा के मैनेजर यशपाल खन्ना ने थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट के अनुसार- एक ग्राहक ने उनकी शाखा में आकर अपना नाम सुनील बताया और लोन ट्रांसफर के लिए बैंक कर्मचारी नीतू चौधरी से संपर्क किया। उसने कर्मचारी को झांसा दिया कि उसने आईआईएफएल शाखा मंडोर रोड से 3 गोल्ड लोन ले रखे हैं, जिन्हें वह सीएसबी बैंक की शाखा में ट्रांसफर करवाना चाहता है। बैंक के 8 लाख खाते में डलवाए, सोना लेकर फरार बैंक कर्मचारियों ने प्रक्रिया शुरू की और ग्राहक (आरोपी) के कहने पर उसके बैंक अकाउंट से IIFL गोल्ड लोन शाखा (मंडोर मंडी) के खाते में तीन अलग-अलग किस्तों में 95 हजार 250 रुपए, 2 लाख 92 हजार 500 रुपए और 4 लाख 50 हजार रुपए (कुल 8 लाख 37 हजार 750 रुपए) ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बैंक के दो अधिकारी नीतू चौधरी और रवि ग्राहक के साथ IIFL शाखा मंडोर रोड गए। वहां पहुंचते ही आरोपी सुनील बैंक का सारा सोना लेकर वहां से रफूचक्कर हो गया। इस घटना पर पुलिस ने वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी और बैंक रिकॉर्ड से खुला राज, किराये के मकान से गिरफ्तारी घटना के बाद गठित पुलिस की विशेष टीम में एएसआई सुरेशचंद मीणा, कॉन्स्टेबल पारस और सुरेश ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वहीं संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड प्राप्त किया। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान ओसियां (जोधपुर ग्रामीण) के भीलसागर (काकड़ों की ढाणी) निवासी सुनील विश्नोई (27) पुत्र मनोहर लाल के रूप में की। पुलिस टीम ने मास्टरमाइंड को मंडोर थाना क्षेत्र के सुरपुरा डैम रोड (सालासर नगर) स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे लूटे गए माल (सोने) की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
कोटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने 67 साल की बुजुर्ग के महिला के लीडलेस पेसमेकर लगाया है। पेसमेकर लगाने के प्रोसीजर में एक घंटा का लगा। प्रोसीजर के तहत सीने में बिना चीरा लगाए दूरबीन की मदद से करीब 2 ग्राम वजनी और 38 मिलीमीटर लम्बा (पेंसिल नुमा) पेसमेकर दिल में लगाया। इस तकनीक में संक्रमण का खतरा बहुत कम होता है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भंवर रनवां की नेतृत्व में टीम में डॉ संदीप सेठी, डॉ.यशवंत शर्मा, कैथ लैब इंचार्ज मदन मोहन गुप्ता, टेक्नीशियन/स्टॉफ दीपक, गोविंद राठौड़, महेंद्र शर्मा, सुनील बैस शामिल रहे। पेसमेकर लगाने के बाद महिला स्वस्थ है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को दूसरे ही दिन चलने-फिरने की परमिशन देकर डिस्चार्ज कर दिया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ भंवर रणवाँ ने बताया कि ब्यावर निवासी शांति गर्ग (67) के 10 साल में तीसरा पेसमेकर लगा है। RGHS योजना के तहत सरकार से विशेष अनुमति लेकर निःशुल्क इलाज किया गया। जबकि प्राइवेट हॉस्पिटल में इस प्रोसीजर में करीब 12 से 15 लाख रूपए का खर्च आता है डॉ भंवर रणवाँ ने बताया कि मरीज का लगभग दो महीने पहले जयपुर में पारंपरिक पेसमेकर लगाया गया था। लेकिन उसमें गंभीर संक्रमण हो गया। एक माह पहले उसे निकालना पड़ा, औरअस्थाई पेसमेकर लगाना पड़ा। संक्रमण इतना बढ़ गया था कि लगातार मवाद आ रही थी, और प्लास्टिक सर्जरी व एंटीबायोटिक इलाज से भी सुधार नहीं हो रहा था। इस कारण फिर से पारंपरिक पेसमेकर लगाना संभव नहीं था। पिछले एक महीने से महिला बिस्तर पर थी। चमड़ी के बाहर बैटरी लगी हुई थी। महिला का उठना-बैठना, चलना-फिरना बंद था और दैनिक क्रियाएं भी बिस्तर पर ही करनी पड़ रही थीं। जयपुर और अजमेर में भी आगे पेसमेकर लगाने से मना कर दिया गया था। महिला 18 अप्रैल कोटा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी। 30 अप्रैल को ऑपरेशन कर महिला के लीडलेस पेसमेकर लगाया गया। इससे पहले साल 2016 में ट्रेडिशनल पारंपरिक पेसमेकर लग चुका था। जिसकी मियाद साल 2025 में खत्म हो चुकी थी । क्यों महत्वपूर्ण है यह तकनीक? यह उन मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। जिनके पारंपरिक पेसमेकर में बार-बार संक्रमण हो रहा हो या जिन्हें सामान्य पेसमेकर लगाना संभव न हो। पारंपरिक पेसमेकर व लीडलेस पेसमेकर में अंतर पारंपरिक पेसमेकर में बैटरी और तार स्किन के नीचे लगाए जाते हैं, जिससे संक्रमण या मशीन खराब होने का खतरा रहता है। पारंपरिक पेसमेकर का वजन 250 से 400 ग्राम के बीच होता है, और लम्बाई 6-8 सेंटीमीटर होती है। यह सस्ता पड़ता है। इस प्रोसीजर में डेढ़ लाख तक का खर्च आता है। वहीं लीडलेस पेसमेकर में बैटरीनुमा छोटा उपकरण ( 2 ग्राम व 38 मिलीमीटर लम्बा ) होता है। सीधे हृदय की मांसपेशियों में लगाया जाता है। जिससे चीरे, तार और बाहरी बैटरी की जरूरत नहीं रहती। इससे संक्रमण और खराबी का जोखिम लगभग खत्म हो जाता है। ये महंगा पड़ता है। प्राइवेट हॉस्पिटल में इसका खर्चा 10-12 लाख के करीब आता है। पेसमेकर क्या है? जब हृदय की धड़कन बहुत धीमी हो जाती है, तो मरीज को चक्कर, कमजोरी या बेहोशी आने लगती है। पेसमेकर हृदय की धड़कन को नियंत्रित कर सामान्य स्थिति में लाने का कार्य करता है। हार्ट ब्लॉक क्या है?यह हार्ट अटैक से अलग बीमारी है। जिसमें हृदय की गति धीमी हो जाती है। धड़कन 40 प्रति मिनट से कम होने पर बार-बार बेहोशी या मूर्छा की स्थिति बन सकती है।
नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी शुक्रवार रात करीब 8 बजे अनाज मंडी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया और किसानों व कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रायपुर सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक दीपक थापक और नर्मदांचल विपणन सहकारी संस्था के प्रबंधक जीतू राजपूत ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बड़ी मात्रा में गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदांचल संस्था के 7 ट्रक और रायपुर सोसायटी के 3 ट्रक एफसीआई गोदाम से वापस लौटा दिए गए, जिससे किसानों का भुगतान अटक गया है। इस पर सांसद ने तुरंत जिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम वासुदेव डवडे, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे को मंडी कार्यालय बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। “रिजेक्शन नहीं, समाधान पर ध्यान दें”अधिकारियों ने बताया कि गेहूं एफएक्यू (FAQ) मानक का नहीं होने के कारण रिजेक्ट किया गया। इस पर सांसद चौधरी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हार्वेस्टर से कटाई में थोड़ी बहुत मिट्टी आना स्वाभाविक है, इसे आधार बनाकर गेहूं रिजेक्ट करना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई, छनाई और अन्य उपाय कर गेहूं को मानक के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ध्यान रिजेक्शन पर नहीं, बल्कि अधिक से अधिक गेहूं को स्वीकार (सेलेक्ट) करने पर होना चाहिए। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देशसांसद ने उपार्जन केंद्र पर किसानों की सुविधाओं को लेकर भी कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए। पीने के पानी, छांव और भोजन की बेहतर व्यवस्था हो। मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाए। प्रयास किया जाए कि किसानों को रात में रुकना न पड़े। अधिकारियों को दिए तकनीकी जांच के निर्देशजिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह ने वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों से कहा कि एफसीआई के सर्वेयर को मौके पर बुलाकर गेहूं की जांच कराई जाए, ताकि रिजेक्शन के वैज्ञानिक कारण स्पष्ट हो सकें और अनावश्यक अस्वीकृति से बचा जा सके। निरीक्षण के दौरान सांसद ने किसानों और कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। समिति गेहूं जांच कर खरीदी कर रही, किसानों का भुगतान अटकाअनाज मंडी में नर्मदा अंचल विपणन संघ और रायपुर सेवा सहकारी समिति द्वारा गेहूं की खरीदी की जा रही है। खास बात यह है कि दोनों ही केंद्र पर गेहूं की जांच समिति के कर्मचारी ही कर रहे हैं यहां पर सर्वे नियुक्त नहीं किए गए हैं। ऐसे में ऐसे FAQ माल जांचना बड़ा सवाल है। इसी वजह से एफसीआई द्वारा दोनों ही केंद्र के गेहूं को वापस लौटाया जा रहा है। गेहूं रिजेक्ट होने के कारण किसानों का भुगतान अटक गया है। नियम अनुसार किस को सा दिन के अंदर भुगतान होना था लेकिन रिजेक्ट वहां परिवार नहीं होने के कारण 20 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं हो पाया।
मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी लक्ष्मी गामड़ को एक ऐसे असिस्टेंट की तलाश है जो उनके इशारे पर जरूरत के हिसाब से सामने वाले को दो चमाट रसीद कर सके। गामड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी वैकेंसी ओपन बताते हुए संपर्क करने के लिए कहा है। गामड़ की इस पोस्ट पर मिले जुले कमेंट्स भी आए हैं। कुछ यूजर्स ने कहा है कि उन्हें प्रशासनिक पद पर रहने के दौरान ऐसे बयान से बचना चाहिए। कई यूजर्स ने खुद को इसके लिए योग्य बताते हुए कहा है कि वे बताएं कि कब से जॉइन करना है। नीमच में अपर कलेक्टर रह चुकीं राज्य प्रशासनिक सेवा की यह अधिकारी वर्तमान में एमपी गवर्नमेंट प्रेस में अपर नियंत्रक के पद पर पदस्थ हैं। आवश्यकता है एक असिस्टेंट की गामड़ ने फेसबुक पर बनाए अपने अकाउंट में शुक्रवार को लिखा है कि आवश्यकता है एक असिस्टेंट की, जो मेरी तरफ से जब भी जरूरत लगे तो सामने वाले को जाकर दो चमाट रसीद कर सके। वैकेंसी ओपन…. योग्यता मिलकर बताई जाएगी। पोस्ट पर सवा सौ से अधिक कमेट्स फेसबुक पर गानों की और अन्य अलग-अलग तरह की रील बनाकर चर्चा में रहने वालीं राज्य प्रशासनिक सेवा की इस अधिकारी की पोस्ट के मायने निकाले जा रहे हैं। गामड़ की इस पोस्ट पर सवा सौ से अधिक कमेंट्स आ चुके हैं। ऐसी पोस्ट करेंगे तो कैसे चलेगा रवि सोनी नाम के यूजर ने लिखा है कि हम बिना किसी सैलरी के जो भी काम आप बताएंगे, वह कर देंगे। बस रेप्टा हमारे हिसाब से सामने वाले की योग्यता के अनुसार कम ज्यादा कर देंगे। प्रभात जोहर नाम के यूजर ने लिखा है कि वह बिना सैलरी के तैयार है। बस कोर्ट कचहरी मैडम को देखना है। इसी तरह कई अन्य यूजर्स ने भी सहमति दी है। एक अन्य यूजर साजी वर्गीस ने लिखा है कि गामड़ मैडम वरिष्ठ अधिकारी हैं और जवाबदेह पद पर हैं। आपका काम शांत और सौहार्द्र बनाना है। आप ही ऐसी पोस्ट करेंगे तो कैसे चलेगा। इसलिए गुस्सा छोड़ें।
महाराष्ट्र : कल्याण डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग, धुएं से घुटा इलाका
महाराष्ट्र के कल्याण पश्चिम के बारावे डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग लग गई। आग लगने के इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई
अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे पर गोइंदवाल बाईपास के पास स्थित 'राजस्थान मार्बल स्टोर' पर तीन अज्ञात बदमाशों ने सरेआम गोलियां बरसाईं। स्टोर के मालिक यशप्रीत सिंह के अनुसार, गैंगस्टर डोनी बल ने उनसे 5 अप्रैल को फोन पर 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसे हमलावरों ने फायरिंग कर अंजाम देने की कोशिश की। फायरिंग का वीडियो बनाते रहे बदमाश वारदात शाम करीब 7 बजे हुई, जब यशप्रीत सिंह अपने स्टोर पर मौजूद थे। मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाशों में से एक ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जबकि दूसरा बदमाश इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था ताकि दहशत फैलाई जा सके। तीसरा आरोपी मोटरसाइकिल स्टार्ट करके भागने के लिए तैयार खड़ा था। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। मार्बल की आड़ में बची जान फायरिंग इतनी भीषण थी कि शोरूम के बाहर लगा टफ ग्लास चकनाचूर हो गया और गोलियां अंदर तक जा लगीं। यशप्रीत सिंह और उनके कर्मचारियों ने मार्बल की स्लैब के पीछे छिपकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस की सुस्ती पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 अप्रैल को शिकायत देने के बावजूद उन्हें समय पर सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सदर तरनतारन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए हैं और शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी सुराग जुटाए जा रहे हैं। सुरक्षा का आश्वासन और मामला दर्ज सदर थाने के हेड अमृतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने पीड़ित व्यापारी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब यशप्रीत सिंह को सुरक्षा (सिक्योरिटी) प्रदान कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और व्यापारी वर्ग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
जौनपुर में दूल्हे की 3 गोली मारकर हत्या:ओवरटेक करके बारात रोकी, फिर अंधाधुंध फायरिंग की
जौनपुर में शुक्रवार रात बारात लेकर जा रहे दूल्हे की गोली मारकर हत्या कर दी। 2 बाइक सवार बदमाशों ने ओवरटेक करके कार को रोका। दूल्हे की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। दूल्हे के पेट में 2 और जबड़े पर एक गोली लगी। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद वहां चीख पुकार मच गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आरोपी वहां से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बारातियों से पूछताछ की। मामला शुक्रवार रात करीब 9 बजे खेतासराय थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बडऊर गांव निवासी रामलखन के बेटे आजाद (22) की बारात खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव के लिए निकली थी। इस दौरान तीन गाड़ियां चल रही थीं, जिनमें दूल्हा एक कार में सवार था। मनेछा गांव के पास बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने ओवरटेक कर दूल्हे की गोड़ी रोकी। जिससे पूरी बारात रुक गई। वह दूल्हे की गाड़ी पर लगातार फायरिंग करने लगे। जिसमें दूल्हे को 3 गोली लगी। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुरानी रंजिश में की वारदातसूचना पर पहुंची खेतासराय पुलिस ने घटनास्थल की जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कई टीमें उनकी तलाश में लगी हैं। वहीं सपा जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर दूल्हे आजाद के परिजनों को सांत्वना दी। बदमाशों ने नंबर प्लेट पर कपड़ा बांधा थादूल्हे के छोटे भाई आकाश ने बताया- बारात करीब एक से दो घंटे पहले निकली थी। भाई मोबाइल में व्यस्त था। बाइक पर सवार दो युवक आए। उन्होंने चश्मा पहन रखा था। बाइक की नंबर प्लेट पर कपड़ा बांधा हुआ था। बाइक सवारों ने गाड़ी के पास पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। पिता बोले- बेटे की गाड़ी में 6 लोग सवार थेदूल्हे के पिता रामलखन बिंद ने बताया- बेटे को किसने गोली मारी, इसकी जानकारी नहीं है। मैं बारात में सबसे पीछे वाली गाड़ी में था। इसी दौरान फोन पर सूचना मिली कि बेटे को गोली लग गई है। जिस गाड़ी में बेटा सवार था, उसमें कुल 6 लोग मौजूद थे। बेटा पुणे में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उन्होंने बताया, 3 साल पहले जपतापुर गांव के 30 लोगों ने उन्हें और उनके बेटे को बुरी तरह पीटा था। इससे दोनों के हाथ-पैर तक टूट गए थे। उन्होंने मुकदमा भी दर्ज कराया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -------------------------------------------यह खबर भी पढ़ें… पुलिस चौकी में सिपाही पर थप्पड़ बरसाए, सिर फोड़ा, दरोगा की वर्दी फाड़ी, मोबाइल छीना; मिर्जापुर में वकील समेत 4 हिरासत में मिर्जापुर में बुधवार रात भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर एक सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा। दरोगा की वर्दी फाड़ दी और मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जमकर गाली-गलौज भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस चौकी में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पैदल चल रहे युवक को एक ई-रिक्शा से हल्की चोट लग गई थी। पढ़ें पूरी खबर…
जोधपुर शहर में 5 मई को नहीं आएगा पानी:6 और 7 मई का सप्लाई शेड्यूल भी बदलेगा, ये इलाके होंगे प्रभावित
जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों में रखरखाव और सफाई का काम किया जाएगा। इसके चलते शहर के फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में 5 मई को पानी की सप्लाई बंद रहेगी। जोधपुर में कायलाना, चौपसनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में 5 मई को होने वाली पानी की सप्लाई 6 मई को दी जाएगी। वहीं 6 मई को होने वाली सप्लाई 7 मई को दी जाएगी। इन इलाकों में पानी सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव जलदाय विभाग जोधपुर सिटी सर्कल के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया- झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े इलाकों में 5 मई सुबह 10 बजे तक होने वाली पानी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी रहेगी। इन इलाकों में सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर और पाल बाइपास व शिल्पग्राम के आसपास के इलाके शामिल हैं। हालांकि इन इलाकों में 6 मई को होने वाली पानी की सप्लाई 7 मई को होगी। वहीं 7 मई को होने वाली सप्लाई 8 मई को की जाएगी।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खेमकरण पुलिस ने एक सटीक सूचना के आधार पर भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक साझा तलाशी अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को सीमा पार से तस्करी कर लाई गई 511 ग्राम हेरोइन और एक आधुनिक ड्रोन बरामद करने में सफलता मिली है। बीओपी कालस इलाके में गिरी संदिग्ध वस्तु खेमकरण थाने के हेड इंस्पेक्टर कवलजीत राय के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि बीओपी (BOP) कालस के इलाके में कोई संदिग्ध वस्तु आसमान से गिरी है। बिना समय गंवाए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू किया। किसान के खेत से मिला तस्करी का सामान तलाशी के दौरान सीमावर्ती गांव मस्तगढ़ के निवासी सेवक सिंह (पुत्र शीशा सिंह) की जमीन से एक ड्रोन बरामद हुआ। ड्रोन के साथ एक पीला पैकेट बंधा हुआ था, जिसमें कुंडी और रेडियस लाइट लगी हुई थी ताकि रात के अंधेरे में पैकेट को आसानी से पहचाना जा सके। जब इस पैकेट को खोलकर जांच की गई, तो उसमें से 511 ग्राम शुद्ध हेरोइन बरामद हुई। पैकिंग सामग्री का वजन अलग से 43 ग्राम दर्ज किया गया है। अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फिलहाल एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस तकनीकी और खुफिया जांच में जुट गई है कि पाकिस्तान के किस तस्कर ने यह खेप भेजी थी और भारतीय सीमा में इसे कौन रिसीव करने वाला था। ड्रोन के डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि तस्करी के इस रूट का पर्दाफाश किया जा सके।
मुंगेर शहर के श्रवण बाजार इलाके में शुक्रवार को कोतवाली थाना पुलिस ने छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध देह व्यापार की गुप्त सूचना पर की गई थी। सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके के कई ठिकानों की गहन तलाशी ली। पुलिस को श्रवण बाजार में अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां रहने वाले लोगों के पहचान और पते संबंधी दस्तावेजों की जांच की। कई लोगों से पूछताछ कर उनके सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की गई। आपत्तिजनक सामग्री या संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली छापेमारी के दौरान पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामग्री या संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। इसके बावजूद, इलाके में सघन जांच अभियान चलाया गया ताकि किसी भी गैरकानूनी गतिविधि पर नजर रखी जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। फिलहाल जांच में कोई आपत्तिजनक बात सामने नहीं आई है, लेकिन सत्यापन की प्रक्रिया जारी रहेगी। अपराध नियंत्रण के लिए अभियान जारी यह भी उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में बाटा चौक के पास हथियारों की खरीद-बिक्री के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने कहा है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित गश्ती और ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबिकापुर के माता राजमोहनी देवी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पथरी के इलाज के लिए भर्ती युवक की शुक्रवार शाम मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। वहीं डॉक्टरों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि मरीज को परिजनों ने पानी पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के जमड़ी निवासी राजपाल खलखो को पेट दर्द के कारण गुरुवार शाम छह बजे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया गया था। उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। जांच में पता चला कि उन्हें किडनी स्टोन (पथरी) की शिकायत है। जांच के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। शुक्रवार शाम उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही की गई। दर्द और जलन बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टरों से कई बार देखने की गुहार लगाई, लेकिन वे देखने नहीं गए। नर्सों के भरोसे इलाज चल रहा था। जब राजपाल की मौत हो गई तो डॉक्टरों ने कहा कि पानी पिलाने के कारण उसकी मौत हो गई है। परिजनों का हंगामा, जांच का मिला आश्वासन युवक की मौत और उल्टे परिजनों पर पानी पिलाने का आरोप लगाने से भड़के परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा कर दिया। इस दौरान आईसीयू के गार्ड ने महिलाओं को धक्के मारकर बाहर कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक प्रभारी डॉ. संतू बाग मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें पूरी घटना बताई और इलाज में लापरवाही की शिकायत की। डॉ. संतू बाग ने कहा कि अगर परिजन चाहें तो वे पोस्टमॉर्टम करा सकते हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चल जाएगा। परिजनों ने कहा-डॉक्टर ने पानी पिलाने से मना नहीं किया मरीज के परिजन सुशीला केस्पोट्टा और जयमनी किस्पोट्टा ने कहा कि किसी भी डॉक्टर ने मरीज को कुछ खिलाने या पानी पिलाने से मना नहीं किया था। उन्होंने थोड़ा सा खीरा खिलाया था और बहुत कम पानी पिलाया था। डॉक्टर इलाज में लापरवाही छिपाने के लिए बहाना बना रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डा. संतू बाग ने कहा कि वे विभाग के एचओडी से मामले में जानकारी लेंगे। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है।
बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी सामने आने पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने एमपीआरडीसी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। हैंडओवर प्रक्रिया पर सख्ती, बिना सत्यापन नहीं होगा स्वीकार मंत्री ने कॉम्पलेक्स के हैंडओवर-टेकओवर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना तकनीकी वेरिफिकेशन के किसी भी निर्माण को स्वीकार न किया जाए। साथ ही, मरम्मत योग्य कार्यों का विस्तृत फ्लो चार्ट तैयार कर चरणबद्ध योजना बनाई जाए, ताकि काम में गति और स्पष्टता बनी रहे। मूलभूत सुविधाओं के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर समीक्षा बैठक में मंत्री ने पानी, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग और आईटी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम और आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे कॉम्पलेक्स का संचालन व्यवस्थित हो सके। थर्ड पार्टी ऑडिट से होगी निष्पक्ष जांच निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री सारंग ने थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे कार्यों की निष्पक्ष समीक्षा होगी और परियोजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी। ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कॉम्पलेक्स में सोलर एनर्जी के उपयोग को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के अन्य खेल परिसरों के लिए भी सोलर व्यवस्था की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण पर जोर मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें और मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके। इसके अलावा उन्होंने परिसर में स्पष्ट साइनेज व्यवस्था विकसित करने के लिए अलग प्रोजेक्ट प्लान तैयार करने को कहा। खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था, फायर सेफ्टी, हॉर्टिकल्चर, अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बाउंड्री वॉल के साथ समानांतर सड़क निर्माण के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाने को कहा गया। पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष फोकस बैठक में बताया गया कि सभी ब्लॉकों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जा रही है। अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप उपकरण लगाए जा रहे हैं और अतिरिक्त प्रवेश द्वार से आपात सेवाओं की पहुंच आसान होगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी एजेंसी को भुगतान से पहले खेल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा और उपकरणों की खरीदी से पहले विभागीय अनुमोदन जरूरी रहेगा।
उदयपुर की एक महिला डॉक्टर ने हैदराबाद स्थित हार्टफुलनेस के विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्र 'शांतिवनम' में आध्यात्मिक रीति-रिवाजों से शुक्रवार को शादी की। हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक दाजी के सान्निध्य में एक-दूसरे को वरमाला डाली। वर ने मंगलसूत्र पहनाया और वधू की मांग भरी। यह विवाह बिना बैंड-बारात और तमाम विवाह की रस्मों से दूर आध्यात्मिक शांति के बीच हुआ। डॉक्टर ऋषिता ने अहमदाबाद के बिजनेसमैन प्रीत से शादी रचाई। दरअसल, ये जोड़ा कई सालों से हार्टफुलनेस से जुड़ा है। आध्यात्म से प्रभावित होकर ही इन्होंने शादी में बिना बडे़ समारोह और आधुनिक ट्रेंड्स के इस तरह विवाह करने का निर्णय लिया। शादी के दौरान वर-वधू के माता-पिता और रिश्तेदार भी मौजूद रहे। दुल्हन डॉक्टर और दूल्हा बिजनेसमैन दुल्हन डॉ. ऋषिता एमबीबीएस के बाद पीडियाट्रिक (बाल रोग) में एमडी कर रही हैं। उनका परिवार भी हार्टफुलनेस से जुड़ा है। ऋषिता के पिता मीरा गर्ल्स कॉलेज में प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। वे वर्तमान में योग, अध्यात्म व विभिन्न हीलिंग थेरेपी के माध्यम से निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। वहीं दूल्हा प्रीत अहमदाबाद में बिजनेसमैन है। यह विवाह बाबूजी महाराज की 127वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव (भंडारे) के समापन पर अवसर पर हुआ। 160 देशों के 20 हजार लोग हुए शामिल हुए हैदराबाद में हुए इस आयोजन में विश्व के 160 देशों से करीब 20 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इस महासंगम में उदयपुर सहित राजस्थान से एक हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। राजस्थान दल का नेतृत्व प्रदेश प्रभारी विकास मोघे और उदयपुर केंद्र समन्वयक प्रशिक्षक डॉ. राकेश दशोरा ने किया। समारोह में हार्टफुलनेस मार्गदर्शक 'दाजी' के सान्निध्य में विशेष ध्यान सत्र हुआ। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शिरकत की।
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब में आज शाम रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ रतिपुर रोड और सैनी कॉलोनी क्षेत्र में दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक की जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि दोनों गुटों ने बकायदा फोन पर 'लड़ाई का समय' तय किया था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत रतिपुर रोड पर हुई जहाँ दोनों गुटों की गाड़ियां आपस में टकराईं। इसके बाद मोटरसाइकिलों पर सवार दर्जनों युवक गाड़ियों का पीछा करने लगे। भागते-भागते ये गाड़ियां सैनी कॉलोनी में जा घुसीं, जहाँ आगे रास्ता बंद होने के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। ईंटों और पत्थरों से हुआ हमला रास्ता बंद होने पर युवक गाड़ियों से उतरे और वहां पड़ी ईंटों व अन्य हथियारों से एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते गली जंग का मैदान बन गई। सूत्रों का कहना है कि इस खूनी संघर्ष में करीब 30 से 40 युवक शामिल थे। वारदात के बाद हमलावर कुछ घायल साथियों को जबरन अपनी गाड़ियों में डालकर मौके से फरार हो गए। एक की मौत, दूसरा चंडीगढ़ रेफर इस हमले में दो युवक बुरी तरह लहूलुहान हो गए। इसमें गांव हेडो निवासी गगनदीप सिंह की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल मनी की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। फोन कॉल पर तय हुई थी रंजिश की बिसात हैरान कर देने वाली बात यह सामने आ रही है कि दोनों गुटों के बीच पहले से ही तनातनी चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, फोन कॉल के जरिए एक-दूसरे को चुनौती दी गई थी और आज शाम का समय लड़ाई के लिए तय किया गया था। इसी योजना के तहत इतनी बड़ी संख्या में युवक हथियारों के साथ जुटे थे। भारी पुलिस बल तैनात, जांच शुरू वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी समराला प्रितपाल सिंह और थाना मुखी पवित्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। डीएसपी प्रितपाल सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए शामिल युवकों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा राजधानी के समन्वय भवन में एक विशाल प्रांतीय सम्मेलन और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने उप-मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग की। डिप्टी सीएम बोले- समस्याओं का होगा समाधान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून पर अब तक कमेटी न बन पाने के विषय में मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया। शुक्ल ने कहा, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पत्रकारिता का सशक्त होना जरूरी है। आपकी मांगों पर चरणबद्ध तरीके से विचार कर उन्हें पूरा किया जाएगा। पटवारी बोले- सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमलों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आज पत्रकारों को सुरक्षा की मांग करनी पड़ रही है, जो चिंताजनक है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वर्तमान सरकार मांगें पूरी नहीं करती है, तो भविष्य में उनकी पार्टी इन्हें प्राथमिकता से पूरा करेगी। लिफ्ट हादसे के बावजूद डटे रहे पत्रकार कार्यक्रम के दौरान एक लिफ्ट गिरने की घटना भी हुई, जिसमें आयोजन समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी सहित कुछ अन्य साथी घायल हुए। इसके बावजूद, घायलों ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। मध्या एडवरटाइजिंग के सुशील अग्रवाल ने घायल पत्रकारों के उपचार का जिम्मा उठाया।
कुशीनगर के तरया सुजान क्षेत्र के गड़हिया पाठक गांव में शुक्रवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने कुशीनगर विधायक पीएन पाठक के दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के बाद ग्राम प्रधान संघ, कुशीनगर के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उपमुख्यमंत्रियों को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि कई विकास कार्य अभी अधूरे हैं। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि तय समय में पंचायत चुनाव कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। मतदाता सूची पुनरीक्षण, आरक्षण प्रक्रिया, आयोग के गठन और न्यायालय से जुड़े कई कार्य अभी लंबित हैं। ऐसे में बिना पूरी तैयारी के चुनाव कराना न तो न्यायसंगत होगा और न ही पारदर्शी। ग्राम प्रधान संघ ने मांग रखी कि यदि समय पर चुनाव संभव न हो, तो वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे और ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित न हों। संघ ने यह भी तर्क दिया कि अन्य राज्यों में भी ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने के उदाहरण मिलते हैं। उनके अनुसार, इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है, जबकि प्रशासक नियुक्त होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधित्व कमजोर हो जाता है। इस कार्यक्रम में विधायक पीएन पाठक के साथ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
KGMU ट्रॉमा सेंटर में गुरुवार देर रात इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत पर तीमारदारों का गुस्सा भड़क उठा। इलाज में कोताही का आरोप लगाते हुए कैजुअल्टी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। डॉक्टरों से हाथापाई की। कम्प्यूटर फेंक दिया। हंगामा और मारपीट की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इसकी वजह से इलाज प्रभावित रहा। शिकायत पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। चीफ प्राक्टर ने मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दिया है। ये था पूरा मामलाहरदोई के संडीला निवासी 60 साल के राजकुमार गुप्ता को सांस लेने में तकलीफ थी। गुरुवार को मरीज की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन परिवारीजन मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताई। मरीज को KGMU ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिवारीजन रात में मरीज को लेकर ट्रॉमा पहुंचे। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज को कैजुअल्टी में भर्ती कराया गया।वेंटिलेटर सपोर्ट देने से पहले ही हुई मौतडॉक्टरों ने मरीज की सेहत की जांच की। तो पता चला मरीज की हालत बेहद गंभीर है। वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है। डॉक्टरों ने मरीज की तबीयत की स्थिति से अवगत कराया। परिवारीजन शुरु में मरीज को वेंटिलेटर पर भर्ती कराने को राजी नहीं थे। इसके बावजूद डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखने की तैयारी शुरू कर दी। तभी मरीज की सांसे थम गई।
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद दो पक्षों के बीच सड़क पर मारपीट हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद एक बाइक से टक्कर लगने के बाद शुरू हुआ। पहले दोनों पक्षों में हल्की कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज में बदल गई। माहौल गरमाने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते यह खुलेआम मारपीट में बदल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक पक्ष के लोग बाइक सवार युवक के साथ हाथापाई करते हुए उसे थप्पड़ मार रहे हैं। यह घटना सड़क पर मौजूद राहगीरों की भीड़ के बीच हुई। शुरुआती क्षणों में कोई बीच-बचाव के लिए आगे नहीं आया, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
लुधियाना में भाजपा नेता व राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के सदस्य सुखविंदर सिंह बिंद्रा को धमकी मिली है कि पांच करोड़ रुपए दे दे नहीं तो तुझे मार देंगे। भाजपा नेता ने इसकी शिकायत थाना दुगरी में दर्ज करवा दी। सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वो घर पर नहीं थे तो किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके घर के गेट पर एक बोतल टांगी थी जिससे पेट्रोल की गंध आ रही थी। उसके साथ एक लेटर भी रखा था जिस पर लिखा था कि हमें पांच करोड़ रुपए दे दे नहीं तो मार देंगे। लेटर में लिखा था कि हम तुझे फोलो कर रहे हैं। सुखविंदर सिंह बिंद्रा के घर के बाहर बोतल व लेटर मिलने से लोग दहशत में हैं। बिंद्रा का कहना है कि इस बोतल में कोई संदिग्ध और हानिकारक तरल पदार्थ होने का संदेह है, जिसका उद्देश्य उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और डराना है। सुखविंदर बिंद्रा का कहना है कि इस तरह की धमकी और रंगदारी मांगने की शिकायत उन्होंने तुरंत पुलिस को दी है। पुलिस ने थाना दुगरी में अज्ञात लोगों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया है। उधर पुलिस ने अब सुखविंदर बिंद्रा के घर के आसपास सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं। पहले भी मिली हैं बिंद्रा को धमकियां सुखविंदर सिंह बिंद्रा का कहना है कि धमकी मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 4-5 वर्षों के दौरान उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल और फिरौती के पत्र मिलते रहे हैं। बार-बार इस तरह की घटनाओं से परिवार की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। बिंद्रा ने बताया कि उन्हें पहले भी कई बार निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन इस बार घर के बाहर संदिग्ध सामान छोड़कर सीधा हमला करने का संकेत दिया गया है।
इटावा में लवेदी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिंडौली में मां-बेटे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह घटना आज दोपहर करीब 4 से 5 बजे के बीच एक पुराने मकान में हुई। 21 वर्षीय विवेक ने जहर खाकर और उनकी मां, 55 वर्षीय गुड्डी देवी ने साड़ी से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। अब जानिए पूरा मामला… परिवार के मुखिया सटार सिंह नए मकान में रहते हैं, जबकि पुराने घर का उपयोग जानवरों के लिए किया जाता था। दोपहर में जानवरों को चारा देने गई गुड्डी देवी ने अपने बेटे विवेक को कमरे में अचेत पड़ा देखा। बताया जा रहा है कि इस घटना से व्यथित होकर उन्होंने अपनी साड़ी से फांसी लगा ली। काफी देर तक मां-बेटे के वापस न लौटने पर सटार सिंह पुराने मकान में गए, जहां उन्होंने विवेक को जमीन पर मृत पड़ा देखा और गुड्डी देवी साड़ी से लटकी हुई थीं। परिजनों ने कई बार 112 पर डायल किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे लवेदी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस लगभग दो घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, विवेक की शादी छह माह पहले एटा जिले के खरफुलिया गांव में तय हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खबर को अपडेट की जा रही है…
दमोह में एक घंटे तेज बारिश:आंधी से कई पेड़ उखड़े, यातायात बाधित, घरों के टीन शेड और छप्पर उड़े
दमोह जिले में शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी के साथ हुई करीब एक घंटे की झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन आंधी की वजह से कई जगह नुकसान भी हुआ। ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दमोह की ऑफिसर्स कॉलोनी में एक बड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ अधिकारियों की गाड़ियों पर जा गिरा। गनीमत रही कि गाड़ियों के ऊपर टीन शेड लगा था, जिसकी वजह से वे टूटने से बच गईं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घरों के छप्पर उड़े, बिजली हुई गुल जिले के जबेरा ब्लॉक के बनवार और खमरिया इलाकों में तूफान ने काफी तबाही मचाई। तेज हवा की वजह से कई घरों के टीन शेड और छप्पर उड़ गए। तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा छा गया और लोग परेशान होते रहे। बस स्टैंड पर पेड़ गिरने से थमा ट्रैफिक तूफान का सबसे ज्यादा असर बनवार बस स्टैंड पर दिखा, जहां एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया। इसकी वजह से सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। बाद में गांव वालों ने खुद कुल्हाड़ी उठाकर पेड़ को काटा और रास्ता साफ किया, तब जाकर ट्रैफिक शुरू हो पाया। बाल-बाल बचे लोग बनवार चौकी के पास एक दुकान के सामने और खमरिया के हनुमान मंदिर के पास पुजारी की झोपड़ी पर भी पेड़ गिरने की खबरें आईं। राहत की बात यह रही कि इन हादसों में किसी को चोट नहीं आई। बनवार से खमरिया तक करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश और हवा का दौर चलता रहा। वहीं रोड बम्होरी इलाके में आंधी का असर थोड़ा कम रहा, जिससे वहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। सराफा एसोसिएशन जबलपुर ने सराफा चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दौरान मृतकों को मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सभा में सराफा परिवार से जुड़े प्रमुख व्यवसायी प्रकाश जोहरी, नीतू सोनी और लापता विराज सोनी को याद किया गया। व्यापारियों ने बताया कि हादसे के दौरान नीतू सोनी ने अन्य लोगों को लाइफ जैकेट पहनाने में मदद की, लेकिन खुद जैकेट नहीं पहन सकीं, जिससे उनकी जान चली गई। इस घटना को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखा गया। क्रूज के जिम्मेदार कर्मचारियों पर हो कार्रवाई सराफा एसोसिएशन ने प्रशासन से क्रूज के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि हादसे के समय क्रूज स्टाफ ने यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी की और अपनी जान बचाने की कोशिश करते हुए पर्यटकों को संकट में छोड़ दिया। ये रहे मौजूद श्रद्धांजलि सभा में मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा सराफ, जबलपुर अध्यक्ष नवीन सराफ, पूर्व अध्यक्ष सुरेश सराफ, अजय वक्तावर, मंत्री अमित अग्रवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र ओसवाल, सहसचिव केके सुहाने सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सर्राफा व्यापारियों ने एकत्र होकर मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट की और हादसे के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
सीतापुर में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की पहचान लाल बाबू (35) के रूप में हुई। वह रेवती थाना रेवती, जनपद बलिया का रहने वाला था। मामला रामपुर मथुरा थाना के महमूदाबाद-रेउसा मार्ग का है। लालबाबू करीब 15 दिनों से अपने बहनोई राजेश पुत्र रामचतुर निवासी रंजीतपुर, थाना रामपुर मथुरा के यहां रह रहा था। गुरुवार शाम वह अपने बहनोई के साथ बाजार गया था, जहां किसी समय दोनों अलग हो गए। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी दौरान पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में रात करीब 4:18 बजे युवक सड़क के बीच टहलता नजर आ रहा है। तभी घोड़ेचा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार फोर व्हीलर कार उसे टक्कर मारते हुए फरार हो जाती है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक शराब के नशे में था और सड़क के बीच आ-जा रहा था, जबकि उस समय मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन जारी था। हादसे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। चौकी चांदपुर प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आईसीआईसीआई बैंक में 1 करोड़ 38 लाख रुपए की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति और अन्य के साथ मिलकर बैंक और ग्राहकों की एफडी डिपॉजिट के साथ ही गोल्ड लोन का सोना लेकर फरार हो गई है। बैंक के ब्रांच मैनेजर की रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पूरा मामला सिविल लाइन क्षेत्र के मंगला स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा का है। मंगला ब्रांच के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने बैंक ऑडिट में गड़बड़ी पकड़ने के बाद पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर 2025 को दैनिक बैंकिंग कार्यों के दौरान वित्तीय लेन-देन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि रिपोर्ट का अंतिम पन्ना गायब था, जिसे डिप्टी ब्रांच मैनेजर तनीषा अग्रवाल ने जानबूझकर हटाया था। गोल्ड लोन का असली सोना गायब, नकली गहने मिलेजब उन्होंने बारीकी से जांच कर ऑडिट किया, तो पता चला कि गोल्ड लोन के 4 पाउचों में असली जेवरों की जगह नकली आभूषण मिले। उन्होंने बताया कि सोने के असली गहनों को गायब कर दिया गया है। ग्राहकों के 87.95 लाख का ट्रांजेक्शनजांच में यह भी पता चला कि ग्राहकों के फर्जी हस्ताक्षर कर 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए। इसी तरह एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर एक महिला ग्राहक की 30 लाख की जमा पूंजी में से बिना अनुमति 28.29 लाख रुपए निकाल लिए गए। कई ग्राहकों के एफडी और निवेश के रिकार्ड गायबजांच में यह भी पता चला कि कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए। पूरे मामले में सभी ने मिलकर अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक 1.38 करोड़ रुपए की हेराफेरी को अंजाम दिया है। थाना प्रभारी एसआर साहू ने अरूप पाल की लिखित शिकायत पर आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति व अन्य के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति के साथ मिलकर रची साजिश, अब दोनों फरारइस पूरे घोटाले में डिप्टी ब्रांच मैनेजर व उसका पति भी शामिल है, जो खुद बैंक कर्मचारी थे। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवा देने के बहाने उनके मोबाइल एप का एक्सेस लेती थी और धोखाधड़ी को अंजाम देती थी। आरोपी और उसका पति 22 सितंबर 2025 से ही फरार बताए जा रहे हैं।
जयपुर के चर्चित प्रोपर्टी डीलर प्रमोद शर्मा को हाईकोर्ट से झटका लगा हैं। जस्टिस उमाशंकर व्यास ने प्रमोद शर्मा व अन्य सह आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अभी मामले में जांच प्रारंभिक स्टेज पर हैं। पुलिस ने आरोपियों को केवल अपने पक्ष के दस्तावेज पेश करने और बयान दर्ज कराने का नोटिस दिया है। इस स्टेज पर एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता हैं। वहीं प्रमोद शर्मा की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस होरा ने कहा कि यह सिविल नेचर का मैटर है, इसमें एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती हैं। वहीं आरोपी के खिलाफ कोई अपराध भी नहीं बनता हैं। करोड़ो की भूमि पर किया जबरन कब्जापरिवादी घनश्याम शर्मा की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता गिर्राज प्रसाद शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने मानसरोवर इलाके में करीब साढ़े 7 हजार वर्ग गज जमीन पर जबरन कब्जा किया हैं। प्रमोद शर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ 13 जुलाई 2025 को मानसरोवर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें पुलिस ने 15 अप्रेल और 17 अप्रेल 2026 को प्रमोद शर्मा को जांच में सहयोग करने के लिए पेश होने का नोटिस दिया था। केवल कथित गिरफ्तारी के डर से प्रमोद शर्मा ने अदालत में याचिका दायर कर दी। जो इस स्टेज पर खारिज करने योग्य हैं। जमीन पर सिविल कोर्ट का स्टेअधिवक्ता गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस जमीन पर पथिक गृह निर्माण सहकारी समिति और नवजीवन गृह निर्माण सहकारी समिति के बीच विवाद हैं। जमीन पर पथिक गृह निर्माण सहकारी समिति काबिज थी। जिस पर सिविल कोर्ट का लंबे समय से स्टे चल रहा है। परिवादी इसी समिति का अध्यक्ष हैं। लेकिन प्रमोद शर्मा ने नवजीवन गृह निर्माण सहकारी समिति के साथ मिलकर जमीन पर जबरन कब्जा किया है। जो सिविल कोर्ट की भी अवमानना हैं।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के मजीद नगर में शुक्रवार सुबह हुई महिला कौसर की गला रेतकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में महिला के पति साकिब को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। पति ने कुबूला कि उसने ही पत्नी को गला रेतकर अपने ही घर में कमरे के अंदर मारा है। आरोपी पति ने पुलिस के सामने हत्या की बात कुबूली है। पूरा कुबूलनामा पढ़िए… पुलिस ने जो बताया वो पढ़िए…एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कौसर के पति साकिब पर पुलिस टीमों को पहले से ही शक था। सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल पूरे मामले की जांच कर रहे थे। क्राइम सीन पर किसी तरह के बीचबचाव या हाथापाई का कोई निशान नहीं था। इससे स्पष्ट हो गया कि हत्या किसी अपने ने ही की है। ऐसा व्यक्ति जो घर, महिला से पूरी तरह जान पहचान का था। करीबियों से पूछताछ शुरू की गई। बेटियों से महिला कांस्टेबल ने अलग से बात की थी। पति साकिब से भी पूछताछ की गई। तो वो नकार गया। साकिब ने अपने 2 बयान दिए। उसके दोनों ही बयानों में कंट्राडिक्शन था। वो अपने बयान बदल रहा था। जब उसके बयानों के अनुसार उन जगहों पर जाकर जांच की गई, वहां सीसीटीवी कैमरा देखे गए तो साकिब की बातें बिल्कुल झूठ निकली। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कुबूल किया। साकिब ने कहा कि उसने ही पत्नी कौसर की पेपर कटर से गला रेतकर हत्या की है। वहीं तीनों साकिब-कौसर की तीनों बेटियां फिलहाल साकिब की बहन यानि अपनी बुआ के साथ उनके घर पर हैं। अब आरोपी साकिब का कुबूलनामा पढ़िए.. दूसरी महिला से अफेयर पर रोकती थी कौसर साकिब ने पुलिस को बताया कि उसके शहर में ही एक दूसरी महिला से अनैतिक संबंध चल रहे हैं। वो उसे अपनी पत्नी बनाना चाहता है। उस महिला से मिलता जुलता, बातचीत भी करता है। ये बात उसकी पत्नी कौसर को पता चल गई। कौसर लगातार पति को उसके अफेयर के लिए रोकती थी। वो कहती कि तीन बेटियां हैं हमारा अच्छा परिवार है ये सब मत करो। लेकिन वो नहीं मानता था।साकिब को कौसर की रोकटोक पसंद नहीं आ रही थी। इसलिए उसने सोचा कि कौसर को रास्ते से हटाने के बाद ही वो अपनी प्रेमिका के साथ सुकून की जिंदगी जी पाएगा। पत्नी को मारकर ही सुकून से रह सकूंगा साकिब ने पहले कौसर को सुसाइड के लिए उकसाया। ताकि कौसर खुद ही सुसाइड करके मर जाए उसका रास्ता साफ हो जाए। इसलिए वो अक्सर पत्नि को मारने, पीटने लगा। उस पर अत्याचार करने लगा। इससे तंग आकर वो सुसाइड कर ले। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तब साकिब ने खुद ही पत्नी की हत्या कर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। बेटियों से कहा बताना काला चोर आया था शुक्रवार सुबह जब बेटियां, पत्नी सो रही थीं तब साकिब उठा उसने नींद में ही पत्नी के गले को पेपर कटर से रेत दिया। कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़कर उसे खोलकर सामान बिखेर दिया। इससे लगी कि चोरों ने ये वारदात की है। फिर साकिब ने बाथरूम में जाकर खून से सने हाथपांव धोए। आलाकत्ल पेपर कटर धोया। जहां खून के छींटे पड़े थे उनको भी साफ कर दिया। इसके बाद पेपर कटर को कूड़ेदान में डालकर घर से निकल गया। साकिब ने बताया कि हत्या के बाद वो अपना जुर्म छिपाने के लिए घर से निकल गया। इसके बाद उसकी योजना के अनुसार ही सबकुछ हो रहा था। लेकिन पुलिस पूछताछ में सच सामने आ गया। बताया कि उसने बेटियों को पहले ही समझा दिया था कि जब कोई भी पूछे कि अम्मी को किसने मारा है तो कह देना कि एक काला चोर सीढ़ियों से आया था। वो ही अम्मी को मारकर चला गया। सादे कपड़ों में बेटियों से पूछताछ में खुला राज एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि बच्चियों ने पिता के समझाए में आकर पहले काले चोर के आने की बात पुलिस से कही थी। बाद में महिला थाने की दो महिला कांस्टेबल ने जब सादे कपड़ों में दोबारा बच्चियों से पूरी बात पूछा तो उन्होंने बताया कि अम्मी को अब्बू ने ही मारा था। अब्बू ने ही हमसे कहा था कि किसी को बताना नहीं है। अगर कोई पूछे तो कहना कि काला चोर सीढ़ियों से आया था। वही हमने बताया था। बच्चियों के बयान, साकिब का अपना गुनाह कुबूलने और उसके द्वारा दिए गए बयानों के झूठा निकलने के आधार पर साकिब के खिलाफ पत्नी की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया है। उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल पेपर कटर भी बरामद कर लिया गया है।
बांसवाड़ा के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के कलिंजरा गांव में शुक्रवार को घर के पास खेल रहा एक 6 साल का मासूम बच्चा अचानक पैर फिसलने से तालाब में जा गिरा। ग्रामीणों की सूझबूझ से बच्चे को पानी से बाहर निकाल लिया गया, जिसे गंभीर हालत में महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खेलते-खेलते गहरे पानी में गिरा मासूम जानकारी के मुताबिक वसुनी निवासी अजय पुत्र प्रभुलाल कलिंजरा गांव में तालाब के किनारे खेल रहा था। खेलते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। बच्चे को डूबता देख मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के वक्त तालाब के पास मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। जैसे ही उन्होंने बच्चे को डूबते देखा, बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसके शरीर में काफी पानी जा चुका था और वह अचेत हो गया था। कुशलगढ़ से जिला अस्पताल रेफर घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस की मदद से मासूम को स्थानीय अस्पताल कुशलगढ़ ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी बच्चे की स्थिति नाजुक बनी रही। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जिला मुख्यालय स्थित एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे अजय को एमजी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
खरगोन में साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था विविधा अपना 31वां आयोजन कल (2 मई) करने जा रही है। इस अवसर पर अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान 2026 नाजिया इलाही खान को प्रदान किया जाएगा। हिंदी गीत विधा का अखिल भारतीय विद्यापति सम्मान गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, नर्मदा परिक्रमा साइकिल से करने वाली कवयित्री शारदा ठाकुर को ओंकारेश्वर नर्मदा सम्मान 2026 से नवाजा जाएगा। संस्था के संस्थापक डॉ. शंभूसिंह मनहर ने बताया कि यह कार्यक्रम रात 8 बजे स्वामी विवेकानंद स्कूल मैदान में आयोजित होगा। इसमें मुंबई के प्रसिद्ध कवि और कलाकार बाबा सत्यनारायण मौर्य भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान वार्षिक स्मारिका निमाड़ स्तवन 2026 का विमोचन भी किया जाएगा। इस वर्ष स्मारिका का विषय निमाड़ के संत है, जिसमें निमाड़ अंचल के साधु-संतों का विस्तृत वर्णन उपलब्ध होगा। कवि सम्मेलन में मुंबई से डॉ. अनीता आनंद, गीतकार मुकेश शांडिल्य, बालाघाट से हास्य कवि अंतू झकास और नागपुर से सरिता सरोज काव्य पाठ करेंगी। संस्था के अध्यक्ष डॉ. विराज भालके ने बताया कि कार्यक्रम में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। डॉ. भागीरथ कुमरावत, बाबूलाल महाजन, रणजीत डंडीर, प्रकाश रत्नपारखी, जितेंद्र सुराणा, परसराम चौहान, शालिनी रतोंरिया, अनिल रघुवंशी और नितिन मालवीय सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन की सभी तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा (रालोमो) के सांगठनिक चुनाव को लेकर शेखपुरा में एक जिलास्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शुक्रवार शाम शहर के खांड पर एक निजी सभागार में हुई। इसमें रालोमो के प्रदेश प्रधान महासचिव सह प्रदेश पर्यवेक्षक हिमांशु पटेल और शेखपुरा जिला प्रभारी रामानंद कुशवाहा शामिल हुए। बैठक में रालोमो के जिला संयोजक देवेन मुखिया, देवेंद्र कुशवाहा, रवींद्र प्रसाद कुशवाहा, विनोद कुमार, अनीश धारी सहित अन्य नेता मौजूद थे। जिले में 50 हजार नए सदस्य बनाए जा चुके प्रदेश प्रधान महासचिव हिमांशु पटेल ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के सांगठनिक चुनाव की घोषणा 26 अप्रैल को पूरे प्रदेश में की गई थी। इसके तहत सबसे पहले पंचायत स्तर पर, फिर प्रखंड, जिला और अंत में प्रदेश स्तर पर चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि जिले में 50 हजार नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। शेखपुरा जिले में 15 मई तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, जिसके बाद प्रखंड और जिला स्तर के चुनाव होंगे। प्रदेश संगठन का चुनाव 7 जून को और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 14 जून को संपन्न कराया जाएगा। सभी प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई सांगठनिक चुनाव के लिए जिले के सभी प्रखंडों में निर्वाची पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इनमें घाट कुसुंभा प्रखंड के लिए अनीश धारी, शेखपुरा ग्रामीण के लिए रविंद्र प्रसाद कुशवाहा, चेवाड़ा के लिए अरविंद कुमार, अरियरी के लिए विनोद कुमार पटेल, शेखोंपुर सराय के लिए जगन महतो, बरबीघा के लिए विनोद कुमार लल्लू और शेखपुरा नगर के लिए सौरव कुमार को प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है। पटेल ने कहा कि पार्टी पूरे राज्य में पहले की तरह मजबूत स्थिति में है। बैठक में आए प्रदेश नेताओं का स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गांजा तस्करी से अर्जित की गई लगभग 8 करोड़ रुपये मूल्य की 16.68 एकड़ कृषि भूमि को NDPS एक्ट के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इस मामले में धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर निवासी मनोज साहू (45) को आरोपी बनाया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से गांजा तस्करी में संलिप्त था। उसके खिलाफ वर्ष 2001 से 2020 तक NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, जो उसकी लगातार सक्रियता को दर्शाते हैं। गांजा बेच कर आरोपी ने 16.68 एकड़ जमीन खरीदी थी जाँच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी मनोज साहू ने गांजा बिक्री से मिली अवैध आय का उपयोग कृषि भूमि खरीदने में किया। धमधा, राजपुर और परपोडी गांवों में फैली कुल 16.68 एकड़ जमीन इसी अवैध कमाई से खरीदी गई थी।राजस्व रिकॉर्ड और वित्तीय जांच के आधार पर इस संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। फ्रीज सपत्ति न कोई बेच सकता न कोई उपयोग कर पाएगा NDPS एक्ट की धारा 68(F) के तहत सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPS कोर्ट, मुंबई ने इस जमीन को फ्रीज करने का आदेश दिया है। इस कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी अब इस संपत्ति को न तो बेच सकता है और न ही किसी अन्य प्रकार से इसका उपयोग कर सकता है।एएसपी बोले एएसपी मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त या फ्रीज करना भी एक महत्वपूर्ण रणनीति है। ऐसी कार्रवाई से अपराधी की रीढ़ टूटती है पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों की आर्थिक रीढ़ टूटती है और वे दोबारा इस धंधे में लौटने से डरते हैं।
अररिया के पलासी प्रखंड को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर चहटपुर पंचायत में एक पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में यहां एक पुराने कल्वर्ट को तोड़कर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, ठेकेदार के अदालत जाने के बाद निर्माण कार्य रुक गया और तब से यह पुल अधूरा पड़ा है। वर्तमान में पुल के बगल में एक अस्थायी डायवर्सन बनाया गया है, जिससे लोग किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन, बरसात के दिनों में डायवर्सन पर पानी भर जाने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे पलासी प्रखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है। इस मार्ग के बाधित होने से अररिया के पंचकोरी चौक की 16 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और दैनिक जरूरतों का सामान ले जाने वाले किसानों-मजदूरों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बरसात में तो यहां से गुजरना नामुमकिन हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना और बाजार जाना मुश्किल पड़ जाता है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।” इस अधूरे पुल के कारण क्षेत्र के समग्र विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे पलासी प्रखंड की कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग कर रहे हैं कि ठेकेदार के अदालत मामले का त्वरित समाधान निकालकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।
लुधियाना में नाबालिग से रेप:7 महीने तक धमकी देकर बनाए शारीरिक संबंध; 6 महीने की हुई गर्भवती
लुधियाना में एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी पिछले 6-7 महीने नाबालिग को डरा-धमाकर कर जबरी शारीरिक संबंध बनाता रहा। नाबालिग जब 6 महीने की गर्भवती हुई तो उसके परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाई। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 64, BNS 06,पास्को Act के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रेड कर रही है। सर्टीफिकेट लेमीनेशन करवाने गई बेटी हुई थी लापता जानकारी मुताबिक पीड़ित नाबालिग के पिता ने पुलिस को बताया कि मेरी बेटी का नाम प्रिया (काल्पनिक) है। वह 26-4-2026 को घर से सर्टीफिकेट लेमीनेशन करवाने गई थी लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 29-04-2026 को पुलिस चौकी में से फोन आया कि आपकी बेटी मिल गई है। पिता अनुसार बेटी को भगा कर ले जाने वाले व्यक्ति के बारे जब उसने पुलिस से पूछा तो आरोपी का नाम सुरजीत गुप्ता पता चला। सुरजीत ने उनकी बेटी को काफी डराया और धमकाया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज उनकी बेटी के साथ आरोपी पिछले 6 से 7 महीने शारीरिक संबंध जबरदस्ती बनाता रहा। अब उनकी बेटी को आरोपी ने गर्भवती कर दिया है। जिस कारण पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
हाथरस में बिजलीघर का घेराव:तीन दिन से बिजली न मिलने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
हाथरस में नगला भूरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शहर से सटे लहरा बिजलीघर का आज रात्रि घेराव किया। ग्रामीणों ने तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने के विरोध में जमकर हंगामा किया। शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे हुए इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का आरोप था कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत लाइन को दुरुस्त नहीं किया गया है। इस दौरान वहां मौजूद कुछ विद्युत कर्मियों से ग्रामीणों की नोक-झोंक भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों में काफी महिलाएं भी मौजूद थी। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मुरसान के ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख को बताया कि अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें रात में बिजलीघर का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। बाद में, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए और वापस लौट गए। ब्लॉक प्रमुख और अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही विद्युत आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
BPSC ने शुक्रवार को सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा रद्द कर दी है। एग्जाम में गड़बड़ी और कदाचार को लेकर 6 जिलों में आठ एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसके बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है, जो अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिशों को नाकाम किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों और अभ्यर्थियों ने मिलकर परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने का षड्यंत्र रचा था। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए। दोषी अभ्यर्थियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पेपर लीक से समझौता नहीं आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्न-पत्र लीक होने या सोशल मीडिया पर वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। न ही किसी प्रश्न-पत्र की कोई सीरीज बाहर मिली है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया और समाचारों में आई खबरों और कुछ केंद्रों पर हुई गड़बड़ी की कोशिशों को देखते हुए आयोग ने यह कड़ा कदम उठाया है। आयोग का मानना है कि परीक्षा की गरिमा और ईमानदारी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। कौन-कौन सी परीक्षाएं हुईं रद्द सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 87/2025): 14 अप्रैल से 21 अप्रैल तक आयोजित सभी 9 पालियों की परीक्षा रद्द। सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (विज्ञापन संख्या 108/2025): 23 अप्रैल को आयोजित लिखित परीक्षा रद्द। आयोग जल्द ही इन परीक्षाओं के आयोजन की नई तिथियों की घोषणा करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेहटा और ग्राम गिरसी के किसानों के लिए शुक्रवार की शाम एक बड़ी सौगात लेकर आई। क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने दोनों गांवों में स्थापित दो नए राजकीय नलकूपों का बटन दबाकर विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल से इलाके में सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है। नव स्थापित इन नलकूपों के चालू होने से किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे फसलों की सिंचाई सुचारु रूप से हो पाएगी। अब तक पानी की कमी के कारण प्रभावित होने वाली फसलों को राहत मिलेगी और उत्पादन में वृद्धि होने की संभावना है। इससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक नलकूप की लागत लगभग 48 लाख रुपये है। इस परियोजना को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा पूर्ण कराया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस ये नलकूप क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचाने में कारगर साबित होंगे। सरोज कुरील बोलीं - किसानों को मिलेगा लाभ घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को समय पर सिंचाई, खाद और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिससे कृषि को लाभकारी बनाया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित बैजनाथ खोयरी महादेव मंदिर में शुक्रवार को एक बार फिर चोरी की वारदात हुई है। अज्ञात बदमाशों ने मंदिर की दो दान पेटियों के ताले तोड़कर उनमें रखा चढ़ावा चुरा लिया। यह मंदिर में एक साल के भीतर तीसरी और एक महीने में दूसरी चोरी है। सुबह जब मंदिर के पुजारी उमेश शर्मा पूजा करने पहुंचे, तो उन्हें दान पेटियों के ताले टूटे मिले। उन्होंने तत्काल कोतवाली थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। मंदिर परिसर में कार्यरत हैं तीन चौकीदारखास बात यह है कि मंदिर परिसर में तीन चौकीदार कार्यरत हैं, इसके बावजूद चोरी की घटना हुई। इस वारदात ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशा करने वाली प्रवृत्ति के लोग अक्सर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं। बता दें कि खोयरी धाम में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 7 जून 2025 को भी इसी तरह एक दान पात्र तोड़कर चोरी की गई थी। वहीं, 16 मार्च 2026 को हुई दूसरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। उस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी कालू शाह निवासी कालाखेत, राजगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह अभी भी जेल में है। कोतवाली थाना पुलिस ने वर्तमान मामले को भी जांच में लिया है। टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। चौकीदार तैनात, लेकिन सुरक्षा नदारद नगर पालिका के दो और कलेक्ट्रेट के एक चौकीदार की नियुक्ति के बावजूद मंदिर धाम असुरक्षित बना हुआ है। जिम्मेदार कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचते, जबकि उन्हें नियमित वेतन मिलता है। रात के समय परिसर पूरी तरह खाली रहता है, जिसका फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे हैं। व्यवस्थाएं कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं, जिससे पुलिस के साथ-साथ ट्रस्ट प्रबंधन की निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लखनऊ मेट्रो के 'लॉस्ट एंड फाउंड' सेल के सराहनीय कार्य से युवक के चेहरे पर मुस्कान लौटी। शृंगार नगर मेट्रो स्टेशन पर एक युवक का बैग छूट गया जिसमें ₹ 2000 इंडियन करेंसी मोबाइल फोन के साथ 15000 रियाल (विदेशी करेंसी )थे। जिसकी सूचना उसने लॉस्ट एंड फाउंड सेल को दिया तत्काल सेल एक्टिव हुआ और युवक का बैग ढूंढ निकाला। सिंगार नगर स्टेशन पर आज़मगढ़ के यात्री मो.आतिफ का बैग छूट गया था। यात्री के ब्लैक बैग में एक सैमसंग मोबाइल, 2000 रुपये नकद और अन्य कीमती सामान मौजूद था। उसी बैग में 15,000 रियाल विदेशी मुद्रा थी (भारतीय मुद्रा में लगभग 3,79,000 रुपये) बनती है। वेरिफिकेशन और संतुष्टि के बाद 'लॉस्ट एंड फाउंड' सेल ने बैग और उसकी पूरी सामग्री युवक को सौंप दिया। जिसके बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौटी। इससे पहले ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन पर एक महिला का पर्स छूट गया था जिसमें 20,457 रुपये नकद, दो अंगूठियां और एक जोड़ी इयरिंग थे , जिसे महिला को सकुशल सौंपा गया। मेट्रो की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार सेल की शुरुआत से लेकर अब तक यात्रियों को 51 लाख रुपये से अधिक की नकदी लौटाई गई। अपने आप में ये एक बड़ी रकम के साथ मेट्रो के लिए बड़ी उपलब्धि भी है । यह उपलब्धि मेट्रो कर्मचारियों की मेहनत, ईमानदारी और कुशलता को दर्शाती है। यात्रियों का खोया हुआ सामान उन्हें सुरक्षित रूप से वापस लौटने में लॉस्ट एंड फाउंड सेल सबसे अहम भूमिका निभाता है।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कानपुर उत्तर के जिला कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। बुद्ध जयंती के इस मौके पर पूरा कार्यालय परिसर भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेशों से सराबोर नजर आया। बुद्ध का संदेश आज भी प्रासंगिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भगवान बुद्ध की करुणा, अहिंसा और उनके शांति के संदेशों को आत्मसात करने का है। उन्होंने बुद्ध के विचारों पर जोर देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें प्रेम और शांति का मार्ग दिखाता है। उनके उपदेशों की सबसे बड़ी सीख यह है कि शांति कहीं बाहर खोजने की जरूरत नहीं है, बल्कि वह हमारे भीतर ही मौजूद है। अष्टांगिक मार्ग से मिलेगी जीवन को ऊर्जा जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि, भगवान बुद्ध द्वारा बताया गया अष्टांगिक मार्ग सदियों बाद आज भी मानव जीवन को नई दिशा और ऊर्जा देने की शक्ति रखता है। यदि हम उनके बताए मार्ग का अनुसरण करें, तो समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। पार्टी पदाधिकारियों ने भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी अन्य प्रेरणादायक घटनाओं को भी साझा किया। बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद इस आयोजन में मुख्य रूप से भाजपा के जिला महामंत्री प्रमोद विश्वकर्मा और अवधेश सोनकर सहित जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा मौजूद रहे। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में उपाध्यक्ष सीमा एमबीए, धीरज बाल्मीकि, मुनेन्द्र राजपूत, सुरेश गुप्ता, राधा सैनी, हर्षित श्रीवास्तव लाला, श्याम कुमार और जिशान अहमद जैसे कई अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल थे।सभी ने सामूहिक रूप से भगवान बुद्ध के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में शांति और भाईचारे की कामना की गई।
जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी के चलते पर्यटन विभाग की एक नाव (क्रूज) के डूबने से नौ लोगों की मौत ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना के बाद अब अन्य पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में ग्वालियर के प्रसिद्ध तिघरा जलाशय पर शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने तिघरा डैम स्थित बोट क्लब का विस्तृत निरीक्षण किया। उद्देश्य साफ था—पर्यटकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो। निरीक्षण के दौरान टीम ने बोट क्लब की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। खासतौर पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता, बोट संचालन के नियम, यात्रियों की संख्या नियंत्रण और मौसम से जुड़ी चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी पर्यटक को नाव में बैठने की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स), और स्टाफ की ट्रेनिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण में एसडीआरएफ, सीएसपी, और ईएंडएम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बरगी डैम हादसे ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच पर्यटन गतिविधियों में जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में ग्वालियर प्रशासन का यह कदम न सिर्फ सतर्कता का संकेत है, बल्कि पर्यटकों के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रमाण है। अब देखना होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होते हैं।
हिसार में प्रेस मारकर पत्नी की हत्या:घर पर दोनों में झगड़ा हुआ, हमला करने के बाद भागा पति
हरियाणा के हिसार में शुक्रवार शाम एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। दोनों के बीच घर में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। आरोप है कि गुस्से में पति ने पत्नी की छाती में प्रेस (इस्त्री) से वार किया। फिर उसका गला भी दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। 8 साल पहले शादी, एक 6 साल की बेटी सोनिया (36) हिसार के संत नगर की रहने वाली थी। करीब 8 साल पहले उसकी सेक्टर-13 निवासी सौरभ से शादी हुई थी। शादी के बाद उनके यहां एक बेटी हुई, जिसकी उम्र अब 6 साल है। सौरभ टूर एंड ट्रैवल का काम करता है, जबकि सोनिया हिसार के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं...
मंडला में नहर में मिला शख्स का शव:ग्राम कूड़ेला नयाटोला का रहने वाला, मौत की वजह तलाश रही पुलिस
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर सिझौरा के पास हालोंन नहर में एक शख्स की लाश मिली है। शव देखने पर सड़क से गुजरने वाले लोगों ने तुरंत बिछिया थाना पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रंजीत सैयाम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त शुरू की। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान 50 साल के संतु उइके के रूप में हुई है, जो ग्राम कूड़ेला नयाटोला के रहने वाले थे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा शव पुलिस ने मामले की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिवार वालों के हवाले कर दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस संतु की मौत कैसे हुई और वे नहर तक कैसे पहुंचे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। बिछिया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत की सही वजह जानने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है।
राजस्थान में सस्पेंड DEO को रिटायरमेंट के 60 मिनट पहले पोस्टिंग मिली। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगते हुए उनके निलंबन को रद्द किया और बहाली के आदेश दिए। DEO पर आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर दूरदराज के स्कूलों में तैनात टीचर्स को शहर के आसपास पोस्टिंग दे दी। आरोप गलत साबित हुए और हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग फटकार को लगाते हुए उनकी बहाली के आदेश दिए। DEO ने कहा- पूरे 11 महीने की सस्पेंशन की जंग इस एक घंटे की कुर्सी के साथ 'सम्मान' में बदल गई। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। पहले 2 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला 1. अचानक आए थे सस्पेंशन के आरोप: झुंझुनूं में प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में DEO की पोस्ट पर तैनात मनोज ढाका को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर) ने राहत दी है। उनके सस्पेंशन को रद्द करते हुए शिक्षा निदेशालय बीकानेर को पद पर बहाल करने के निर्देश दिए। 30 अप्रैल 4 बजकर 30 मिनट पर पदभार ग्रहण किया। इसके बाद साढ़े 5 बजे वे रिटायर हो गए। 20 मई 2025 को शिक्षा विभाग ने निलंबित (Suspend) कर दिया। 2. नियमों को ताक पर रखा: आरोप था कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों के ट्रांसफर किए हैं। दूरदराज के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को नियमों के खिलाफ जिला मुख्यालय के आसपास के स्कूलों में लगा दिया है। इसके बाद विभागीय प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप में उनका मुख्यालय बीकानेर निदेशालय कर दिया गया। ये विभाग की तरफ से की गई बड़ी कार्रवाई मानी जा रही थी। लेकिन, ढाका ने इसके खिलाफ कोर्ट में अपील कर दी। नवंबर में कोर्ट ने रोक लगा दी थी ढाका ने कहा- मैंने इस आदेश के खिलाफ जून 2025 में अपील की थी। इसके बाद नवंबर 2025 में कोर्ट ने राहत देते हुए निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी थी। लेकिन इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने वापस पदभार नहीं सौंपा। इसके बाद मामला फिर कोर्ट पहुंचा। इस बार हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विभाग को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि मुझे तुरंत बहाल किया जाए। रिटायरमेंट से 1 घंटा पहले जॉइन किया ढाका ने कहा- कोर्ट की सख्ती के बाद 30 अप्रैल गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने जॉइनिंग के आदेश जारी किए। मैं कार्यालय पहुंचा और प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार ग्रहण किया। चूंकि उसी दिन उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) तय था, इसलिए शाम 5:30 बजे सरकारी सेवा से मुक्त हो गया। यही मेरी सबसे बड़ी जीत DEO मनोज ढाका ने बताया- मेरे लिए समय मायने नहीं रखता, सम्मान मायने रखता है। मुझ पर लगे आरोप गलत थे, जो अंततः साबित हो गए। मुझे ससम्मान रिटायरमेंट मिला, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। मेरा केस राजस्थान हाईकोर्ट के वकील संदीप कलवानिया ने केस लड़ा।
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में एक छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने KPUC गेट के सामने सड़क जाम कर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के छात्र आर्यन झा (राजवर्धन), जो हॉलैंड हॉल छात्रावास के निवासी हैं, 30 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने एक साथी का टांका कटवाने के लिए SRN अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड के काउंटर पर मौजूद कंपाउंडर से बातचीत के दौरान विवाद हो गया। छात्र का आरोप है कि कंपाउंडर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और विरोध करने पर अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद कथित रूप से छात्र को घसीटकर एक कमरे में ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि एक डॉक्टर ने छात्र की छाती पर बैठकर उसे धमकाया और करीब 10 मिनट तक पिटाई की गई। छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसकी जेब से पैसे और दस्तावेज छीन लिए गए और जान से मारने की धमकी देकर अस्पताल परिसर से भगा दिया गया। घटना के बाद पीड़ित छात्र शिकायत करने के लिए अस्पताल चौकी और फिर कोतवाली थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई और न ही तहरीर ली गई। कार्रवाई न होने से नाराज छात्रों ने 1 मई की शाम करीब 5 बजे KPUC गेट के सामने चक्का जाम कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी तथा FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए भेजा। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ। इस दौरान लगभग दो घंटे तक सड़क जाम रही, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, पूर्व छात्रनेता विवेकानंद पाठक और छात्रनेता प्रियांशु विद्रोही ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 3 मई तक FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में विवेकानंद पाठक, आदर्श भदौरिया, प्रियांशु विद्रोही, विशाल सिंह रिशु, सौरभ गहरवार, अमित द्विवेदी, इंद्रजीत मौर्य, गौरव गोंड, आशुतोष मौर्य, आलोक तिवारी समेत सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।
पूर्णिया में सीएसपी संचालक के घर प्रशासन की रेड पड़ी। इस रेड में फिनो बैंक सीएसपी संचालक के घर से भारी मात्रा में फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। घटना भवानीपुर के शेखपुरा गांव की है। प्रशासन ने गांव के कई संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की है। फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने ये कार्रवाई की है। एसडीओ अनुपम और एसडीपीओ संदीप गोल्डी के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गांव पहुंची और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान भवानीपुर थाना अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, अवर निरीक्षक पल्लवी कुमारी और पुलिस बल भी मौजूद रहे। गलत तरीके से दस्तावेज जुटाने की थी सूचना प्रशासन को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में कुछ लोग गलत तरीके से पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं और इसमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और बैंक खातों का भी इस्तेमाल हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर जांच की। छापेमारी के दौरान सैकड़ों आधार कार्ड के जेरॉक्स, कई महत्वपूर्ण कागजात और कंप्यूटर से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही एक पासपोर्ट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। ये पता लगाया जा रहा है कि पासपोर्ट असली है या फर्जी और इसका इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था। जांच में सामने आई है कि इस पूरे मामले में शामिल मो. मोबिन फिनो बैंक का सीएसपी संचालक है। इसके बाद प्रशासन अब उसके बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रहा है, ताकि यह पता चल सके कि इस काम में कितने लोग शामिल हैं और पैसे का लेन-देन कैसे हो रहा था। एसडीओ बोले- ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा अधिकारी इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। साथ ही ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मामला सिर्फ गांव तक सीमित है या इसके तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हुए हैं। एसडीओ अनुपम ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और ऐसे लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।l
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर शनिवार को मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस मनाएगा। इसमें प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही अपने नए कैंपस खोलकर विस्तार की योजना पर भी कार्य कर रहा है। आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने आईआईटी की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बताया- जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। नए कैंपस का खोलने की योजना आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर डॉक्टर अविनाश अग्रवाल ने कहा- संस्थान अब डिफेंस, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। इसी दिशा में जैसलमेर और जयपुर में नए परिसरों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में यदि अत्याधुनिक लैब स्थापित होगी तो छात्र कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में शोध कर देश के लिए नई तकनीकों का विकास कर सकते हैं। खासकर रक्षा क्षेत्र में नवाचार की बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं जयपुर में विस्तार से शैक्षणिक और औद्योगिक समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। जयपुर की कनेक्टिविटी भी जोधपुर से बेहतर है। फिलहाल ये प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन हैं और संस्थान को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन्हें स्वीकृति मिल सकती है। विज्ञान को लेकर बच्चों के मन में हो उत्सुकता अग्रवाल ने बताया कि प्रतिबद्धता दिवस से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर सरकार की प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य की दिशा तय करने पर फोकस कर रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर देश के बच्चों को अपनी ओर आकृषित करने के साथ ही नए कोर्स शुरू करना चाहता है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा- राजस्थान की परिपेक्ष्य को देखते हुए जहां बच्चे विज्ञान को लेकर कम जागरूक हैं। बच्चों के मन में विज्ञान को लेकर उत्सुकता होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक राजस्थान के बच्चे आईआईटियन बन सकें।
गढ़ीमलहरा बस स्टैंड पर ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला:इलाज कराने आए थे; तेज रफ्तार बना हादसे का कारण
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार पिता-पुत्र को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में तीन वर्षीय मासूम और उसके पिता की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम गनेशपुरा निवासी 35 वर्षीय जितेंद्र यादव अपने 3 साल के पुत्र तनिश यादव को इलाज दिलाने के लिए बाइक से गढ़ीमलहरा आए थे। जैसे ही वे गढ़ीमलहरा बस स्टैंड के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। हादसे के तत्काल बाद राहगीरों की मदद से दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत 3 वर्षीय तनिश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल जितेंद्र सिंह यादव को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रोमा वार्ड में भर्ती किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ट्रक को जब्त कर लिया है। जिला अस्पताल में दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र के नूरी चौक स्थित एक किराना दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने इस मामले में दो चोरों को गिरफ्तार किया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया। मेडिकल जांच के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दुकानदार खालिद रजा ने बताया कि चोर उनकी दुकान से हजारों रुपये नकद और अन्य सामग्री ले गए थे। पीड़ित के अनुसार, चोरी हुए सामानों में दुकान का कैश बॉक्स भी शामिल था, जिससे उन्हें 30 हजार से 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। पीड़ित दुकानदार ने थाने में आवेदन दिया था चोरी की घटना सामने आने के बाद पीड़ित दुकानदार ने थाने में आवेदन दिया था। पौआखाली थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने जानकारी दी कि आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। खालिद रजा ने पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को नूरी चौक चोरी मामले में 5500 रुपये नकद, 6 पैकेट सिगरेट और 5 पाउच रजनीगंधा-तुलसी बरामद किए। यह बरामदगी गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर की गई। पुलिस ने इस मामले में कलाम (23 वर्ष, पिता-मोहमद्दीन) और सज्जाद आलम उर्फ पानीडुब्बा (25 वर्ष, पिता-साबिर आलम) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सिमलबाड़ी के निवासी हैं। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त का आपराधिक इतिहास - गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी है। सज्जाद आलम उर्फ पानीडुब्बा के खिलाफ पौआखाली थाना में कांड संख्या-37/21 (दिनांक 19.07.21, धारा-461/379/34 IPC) और कांड संख्या-14/25 (दिनांक 04.03.25, धारा-331(4)/305(a) BNS) तथा बहादुरगंज थाना में कांड संख्या-382/25 (दिनांक 01.09.25, धारा-303(2) BNS) दर्ज हैं। वहीं, कलाम के खिलाफ पौआखाली थाना में कांड संख्या-33/21 (दिनांक 20.05.21, धारा-379 IPC) दर्ज है।
मुंबई में तरबूज खाने से कथित मौत की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद चंडीगढ़ प्रशासन (UT) अलर्ट हो गया है। फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य विभाग यूटी चंडीगढ़ ने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए शहर के विभिन्न बाजारों से तरबूज के सैंपल इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं। इन सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए FSSAI द्वारा अधिसूचित और NABL मान्यता प्राप्त लैब्स में भेजा गया है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स तैनात की गई हैं, जहां मौके पर ही तरबूज की गुणवत्ता जांची जा रही है। शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक किसी भी सैंपल में नकली रंग या अतिरिक्त चीनी की मिलावट नहीं पाई गई है। विभाग फिलहाल विस्तृत लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। मुंबई में तरबूज खाने से चार की मौत मुंबई के जेजे मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई थी। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। गेट-टुगेदर पार्टी में परिवार ने खाया था तरबूज पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई।
लुधियाना में एक सड़क हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय युवक घोला की मौत हो गई। बुधवार शाम अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह एक दिन कोमा में रहा और शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। यह घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे काराबारा चौक के पास हुई। मृतक घोला, जो तलवंडी कलां गांव का निवासी था और ट्रेकर चलाने का काम करता था, काम से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण घोला के दिमाग में गंभीर चोटें आईं। कोमा में चला गया था युवक हादसे के तुरंत बाद उसका एक दोस्त मौके पर पहुंचा और उसे दयानंद मेडिकल कॉलेज (DMC) अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह कोमा में चला गया है। गुरुवार को उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना थाना दरेसी पुलिस को दी गई। जांच अधिकारी सतवीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अमरोहा के प्रसिद्ध चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. शिव कुमार शुक्रवार सुबह से लापता हैं। वह अपने अस्पताल के लिए निकले थे, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। परिजनों ने उनकी सकुशल बरामदगी के लिए देहात थाने में तहरीर दी है। पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम मामले की जांच कर रही है। डॉ. शिव कुमार अपनी पत्नी टीना और दो बच्चों के साथ जोया रोड स्थित ग्रीन्स कॉलोनी में रहते हैं। मोहल्ला जय ओम नगर में उनका 'प्रकाश चिल्ड्रन हॉस्पिटल' है, जबकि जोया रोड पर एक नया क्लीनिक निर्माणाधीन है। तहरीर के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे डॉ. शिव कुमार अपनी कार से अस्पताल के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर तक डॉक्टर के अस्पताल न पहुंचने पर उनकी तलाश शुरू की गई। घर से लेकर अस्पताल तक हर जगह खोजबीन की गई, लेकिन डॉ. शिव कुमार या उनकी कार का कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। चिंतित पत्नी टीना ने अमरोहा देहात थाने में तहरीर देकर पति की तलाश की मांग की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारी भी इस घटना से अवगत हैं और जानकारी जुटा रहे हैं। सीओ अवध भान सिंह भदौरिया ने बताया कि डॉक्टर की तलाश के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि मोबाइल नंबर बंद होने के कारण लोकेशन ट्रेस करने में कुछ दिक्कत आ रही है। सीओ ने आश्वासन दिया कि डॉ. शिव कुमार को जल्द ही सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में तीन युवकों की जान चली गई। सेमरा पुल पर एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की पहचान राम मिलन सौर (22) निवासी राजा बिलहरा खुरखी और विशाल सौर (21) निवासी पापेट छानबीला (दोनों जिला सागर) के रूप में हुई। इन दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी। सागर से शाहगढ़ जा रहे थेगंभीर रूप से घायल तीसरे युवक गोविंद सौर निवासी बरखेरी सागर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया था। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ये तीनों युवक सागर से शाहगढ़ की ओर जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही बकस्वाहा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

