शहर के हाउसिंग बोर्ड इलाके में एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर एक दुकान में जा घुसी। यह हादसा तब हुआ जब कार चूरू बाईपास की तरफ जा रही थी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई | शुक्रवार शाम को एक हुंडई कार काफी तेज गति में आ रही थी। अचानक कार चालक ने अपना संतुलन खो दिया। लहराते हुए सीधे एक बाइक गैरेज के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि दुकान का शीशा टूट गया और बाहर खड़ी दो-तीन बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। CCTV में दिखी कार की रफ्तार यह पूरी घटना पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में दिख रहा है कि कार कितनी तेजी से दुकान की तरफ आई। अगर उस समय वहां कोई व्यक्ति खड़ा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। कार सवार सुरक्षित कार में 3-4 युवक सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। कार और बाइकों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई जनहानि नहीं होने से सभी ने राहत की सांस ली।
ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा बेचने जा रहे लोगों को बदमाशों ने लूट लिया। बदमाशों ने लाठी-डंडों से उनके ऊपर हमला भी किया। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे लेकिन, बदमाश दो लोगों का अपहरण कर अपने साथ ले गए। साथ ही भूसे से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली भी लेकर फरार हो गए। मामला डीग जिले के खोह थाना इलाके का है। बदमाशों ने रुकवाया ट्रैक्टर ओमी निवासी कनवाड़ा ने FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि कल शाम करीम 5 बजे मेरे साथ विष्णु, सलीम, युसूफ अपने ट्रैक्टर से यूपी के दौसरस जा रहे थे। ट्रैक्टर में भूसा भरा हुआ था। जैसे ही ओमी और उसके साथी महमदपुरा रोड़ पर पहुंचे। तभी वहां बिज्जो, शिब्बो, लीला, लव कुश, महावीर, रामवीर और उसके साथियों ने ओमी के ट्रैक्टर को रुकवा लिया। हथियार तान कर डराया सभी के पास लाठी-डंडे और हथियार थे। सभी ने ओमी और उसके साथियों को रोककर उनके ऊपर हथियार तान दिए। कुछ लोगों ने ओमी और उसके साथियों के ऊपर लाठी डंडों से हमला करना शुरू कर दिया। ओमी और उसके साथी अपनी जान बचाकर भागने लगे। हमलावरों ने श्याम और विष्णु को अपने ट्रैक्टर ट्रॉली में पटक लिया। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश हमलावर श्याम और विष्णु का अपहरण कर ले गए। साथ ही ओमी का ट्रैक्टर भी अपने साथ ले गए। जिसके बाद ओमी और उसके साथी कामां पहुंचे और बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। 1 आरोपी गिरफ्तार, ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त खोह थाना अधिकारी शिव लहरी मीणा ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी गई। एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
नोएडा में 299 श्रमिकों को छोड़ा गया:शांतिभंग की धारा में भेजा गया था जेल, पुलिस का फ्लैग मार्च जारी
श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामलों में प्रशासन ने आंशिक राहत देते हुए शांतिभंग की धाराओं में जेल भेजे गए आरोपियों की रिहाई शुरू कर दी है। इस क्रम 299 आरोपियों को रिहा किया गया। जबकि अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई अभी जारी है। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी घटनाओं के चलते पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 1050 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें से कुछ पर केवल शांति भंग की धाराएं लगाई गई थीं, जबकि अन्य पर गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसमें से 62 लोग ऐसे है जिनको प्रमुख से माना गया कि वे तोड़फोड़ और लोगों को उकसा रहे थे। जेल प्रशासन के अनुसार, हालात सामान्य होने और कानून-व्यवस्था बहाल होने के बाद धारा 151 के तहत बंद आरोपितों को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जा रहा है। शुक्रवार शाम तक करीब 299 लोगों की रिहाई हो चुकी थी, बाकी की प्रक्रिया की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जहां एक ओर छोटे मामलों में राहत दी जा रही है, वहीं हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बता दे इस मामले में पाकिस्तानी लिंक निकलने के बाद अब एटीएस ने भी इसकी जांच शुरू की है। साथ ही एसटीएफ पहले से ही मामले की जांच कर रही है।
सीहोर के गंज क्षेत्र के कोली मोहल्ले में शुक्रवार रात बेटे ने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सूचना पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पिता-पुत्र के विवाद ने लिया खतरनाक रूप कोली मोहल्ले में गंज निवासी सोनू शाक्य का अपने पिता सुभाष शाक्य से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि सोनू शाक्य ने अपने पिता पर हमला कर दिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस हमले में सुभाष गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें परिजन और आसपास के लोगों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे सोनू शाक्य को हिरासत में ले लिया। फिलहाल आरोपी से थाने में पूछताछ की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद किस कारण से शुरू हुआ था। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और आसपास के लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। मां का दर्द: 10 साल से कर रहा था परेशान मृतक की पत्नी कृष्णा बाई ने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से परिवार को परेशान कर रहा था। उन्होंने कहा कि वह करीब 10 साल से घर में विवाद करता आ रहा है और अक्सर झगड़ा करता रहता था। उनका बेटा छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था और हमेशा लड़ाई के लिए तैयार रहता था। उन्होंने कहा कि घर में अक्सर तनाव का माहौल बना रहता था। पिता के टोकने पर भड़क जाता था बेटा मां के अनुसार, यदि पिता उसके देर से घर आने या किसी बात पर सवाल करते थे, तो वह भड़क जाता था। उन्होंने कहा कि पिता को बेटे से सवाल पूछने का पूरा अधिकार था, लेकिन वह हर बार विवाद खड़ा कर देता था। इस घटना के बाद पूरे कोली मोहल्ले में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली।
अलवर शहर के विवेकानंद नगर 2/20 वाली गली में एक युवक बड़ा पत्थर उठा बुजुर्ग की तरफ मारने दौड़ा। फिर दो-तीन जनों ने आकर एक साइड के पत्थर उठा दूसरी साइड फेंकने लगे। बुजुर्ग दंपती घर के अंदर से बोलते रहे कि ऐसा क्यों करते हो। तब वहां खड़ी युवती ने जवाब दिया कि आप लोग मनमर्जी करते हो। यह पूरा घटनाक्रम एक वीडियो के जरिए सामने आया है। इसी जगह पर एक दिन पहले कलेक्टर के आदेश पर अतिक्रमण हटाने टीम पहुंची थी। उसके बाद देर शाम को दोनों पक्षों में बहसबाजी हुई। तब बुजुर्ग ने कह दिया था किवे भी कलेक्टर महोदय का इलाज जानते हैं। इस तरह ये दोनों वीडियो सामने आए हैं। जबकि यहां पूरा मामला अतिक्रमण का है। छोटी गली है। गली में कूलर लगता है और कार खड़ी होती है। बुजुर्ग दंपती का कहना है कि उनको आए दिन धमकी दी जाती है। दो दिन पहले कलेक्टर को शिकायत दी, अतिक्रमण हटाने टरीम पहुंची दो दिन पहले विवेकानंद नगर 2/20 मकान वाली गली में अतिक्रमण हटाने की शिकायत अलवर कलेक्टर को जनसुनवाई में की गई। उससे पहले भी कई बार शिकायत की थी। जिसके कारण कलेक्टर ने तुरंत यूआईटी अधिकारियों को भेजा। यहां आने पर देानों पक्षों को समझाया गया। देर शाम को पुलिसकर्मी भी पहुंचे। तब भी दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी हुई थी। दिन में यूआईटी के दस्ते ने रास्ते से कूलर व कार को हटाया था। लेकिन कुछ ही घंटे के बाद कूलर भी वहीं पर लगा दिया गया। दूसरे वीडियो में पत्थर उठा बुजुर्ग की तरफ दौड़ा अब एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक बड़ा पत्थर उठा बुजुर्ग की तरफ दौड़ा। बुजुर्ग अपने घर के अंदर दीवार के पास खड़ा था। जब बुजुर्ग ने कहा कि क्या बीमारी है भाई। तभी युवक पत्थर उठा बुजुर्ग की तरफ दौड़ता है। फिर बुजुर्ग महिला बोलती है कि तुम्हे कुछ कह नहीं रहे हैं। फिर भी। इसके बाद बाहर खड़ी युवती ने कहा कि तरीके से काम करो। दादागिरी नहीं चलेगी। इस पूरे मामले में यूआईटी के तहसीलदार मानवेंद्र जायसवाल का कहना है ये दोनों पक्षों के आपसी झगड़े का मामला है। फिर भी अतिक्रमण को हटाया जाएगा। बुजुर्ग बोला-हम भी इलाज जानते हैं कलेक्टर महोदय का:UIT टीम ने अतिक्रमण हटवाया, 1 घंटे बाद फिर लगा दी कूलर-कार
सिरसा में महिला ने अपने पति पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला का ये भी आरोप है कि उसका पति अक्सर शराब पीकर झगड़ा करता है। जब वह स्कूल से अपनी बेटी को लेने गई हुई थी। तभी रास्ते में उसका पति मिल गया और उसे डंडे से मारना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, घायल महिला को सिर, कमर व पेट पर काफी चोटें लगी है। इस मामले में महिला के बयान पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। इसकी जांच जारी है। पुलिस को दी शिकायत में जिले के गांव निवासी महिला का कहना है कि वह घरेलू कार्य करती है। उसका एक बेटा व एक बेटी है, जो दोनों बच्चे पढ़ाई करते हैं। उसके पति शराब पीते हैं और फिर घर पर लड़ाई-झगड़ा करते हैं। उसके साथ हर रोज गाली-गलौज करता है और थप्पड़-मुक्कों से मारपिटाई करता है। घर बसाने को कुछ दिन वह चुप रही। एक दिन दोपहर डेढ़ बजे जब वह अपनी बेटी को स्कूल से लेने घर से गई थी। जब वह गौशाला के नजदीक जलघर के पास पहुंची तो सामने से उसका पति आ गया और उसके हाथ में डंडा था। उसने उसका रास्ता रोक लिया और उसे डंडे से पीटना शुरू कर दिया। शोर मचाने पर लोगों ने छुड़वाया शिकायत में महिला ने बताया, जब वह छुड़वाकर भागने लगी तो उसने हाथ में लिया डंडा सिर व माथे पर मारा व कमर पर भी चोटें लगी। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने उसे छुड़वाया। उसका पति उसे जान से मार देने की धमकी देने लगा। इसके बाद उसे ऐलनाबाद के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद उसका भाई तलवाड़ा खुर्द निवासी वहां आ गया, परंतु उसके पति ने उसकी कोई सुध नहीं ली है।
सिद्धार्थनगर में इटवा ब्लॉक के कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप गुप्ता की शुक्रवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना इटवा थाना क्षेत्र के रगड़गंज में रात करीब 11 बजे हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद संदीप गुप्ता गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े थे। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक संदीप गुप्ता खुनियांव विकास खंड के ग्राम अकोल्हिया के निवासी थे। वह इटवा ब्लॉक में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे और बताया जा रहा है कि ड्यूटी के बाद अपने घर लौटते समय यह हादसा हुआ। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र के कुटेना माफी गांव में 40 वर्षीय विवाहिता ने गृह क्लेश के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान प्रेमवती पत्नी पप्पू के रूप में हुई है। परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, प्रेमवती की सास और जेठानी ने उसकी सास से जमीन का बैनामा करवा लिया था। इस बात को लेकर परिवार में लगातार विवाद चल रहा था। जेठानी ने जमीन वापस नहीं की, जिससे क्षुब्ध होकर प्रेमवती ने यह कदम उठाया। मृतका के पति पप्पू ने बताया कि उसकी मां से मौसी ने जमीन का बैनामा करवा लिया था, जिसका पैसा नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर आए दिन विवाद होता था और आज उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी नीतू वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
श्रावस्ती जिले के जमुनहा और इकौना सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से पेट्रोल पंपों पर ईंधन के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। किसान खेतों की सिंचाई और बची गेहूं की फसल मड़ाई के लिए डीजल लेने पहुंच रहे हैं, जबकि बाइक और अन्य वाहन चालक पेट्रोल के लिए लाइन में लग रहे हैं। बीते शुक्रवार को इकौना क्षेत्र के कंजड़वा पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति अपनी बाइक की टंकी लेकर पेट्रोल लेने पहुंच गया, जिससे लोग हैरान रह गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। व्यक्ति ने बताया कि उसकी बाइक का इंजन मिस्त्री के पास खुला हुआ था, इसलिए वह मजबूरी में टंकी लेकर आया था। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले जमुनहा क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो गया था, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, शुक्रवार को कई पंपों पर डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति हुई, जिसके बाद वितरण फिर से शुरू हो गया। वर्तमान में मक्का की खेती के लिए सिंचाई हेतु डीजल की बड़ी मांग है। इसके अतिरिक्त, शादी-विवाह के मौसम के कारण जनरेटरों के संचालन के लिए भी डीजल की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। भीड़ बढ़ने का एक अन्य कारण ग्रामीण इलाकों में ईंधन खत्म होने की अफवाह भी है। ग्रामीण यह सोचकर बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं कि कहीं ईंधन समाप्त न हो जाए। ईंधन की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ जूम बैठक की। उन्होंने पेट्रोल पंपों को किसी भी स्थिति में सूखा न पड़ने देने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदने की अपील की है। साथ ही, अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
संभल में 41 डिग्री पहुंचा पारा, AQI 136:अप्रैल में पहली बार इतनी गर्मी, तेज हवाओं से फसलों पर संकट
संभल में अप्रैल महीने में पहली बार तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे यह इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 136 दर्ज किया गया। शनिवार सुबह 9 बजे जनपद संभल का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच यह 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। इस दौरान 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार रात को तेज बिजली की गड़गड़ाहट और बूंदाबांदी के साथ 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने मौसम में बदलाव लाया था। हालांकि, सुबह तेज धूप निकलने के बाद भीषण गर्मी का एहसास हुआ। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की बालियां टूट गई हैं, मक्का में कीड़ा लग गया है और सरसों की फसल खराब हो चुकी है। अब मौसम में आए इस बदलाव से मेंथा की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है। किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 400 नई ओपीडी दर्ज की जा रही हैं। गांव शहजादी सराय निवासी किसान नौबत सिंह ने बताया कि पहले आलू और अब गेहूं, मक्का, सरसों की फसल खराब हुई है। इस बार किसानों को किसी भी फसल में फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि अब मेंथा की फसल लगाई है, देखते हैं क्या होता है। स्थानीय निवासी मनोज कुमार के अनुसार, रात में मौसम बदला था, लेकिन सुबह होते ही फिर से गर्मी का एहसास होने लगा।
गाजीपुर शहर की अफीम फैक्ट्री स्थित CISF की अग्निशमन शाखा ने राष्ट्रीय अग्निशमन सप्ताह के तहत शनिवार को केन्द्रीय विद्यालय गाजीपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान अग्नि शाखा प्रभारी राकेश कुमार मिश्रा और उनकी टीम ने स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को फायर फाइटिंग का प्रशिक्षण दिया और मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आग से बचाव, सुरक्षा उपायों और आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। बच्चों और शिक्षकों को आग के प्रकार, आग लगने के कारण, उससे होने वाली घटनाओं और उसे बुझाने के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 3 तस्वीरें देखिए… साथ ही, विभिन्न प्रकार के अग्निशामक उपकरणों के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली को भी समझाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका सही इस्तेमाल किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए CISF टीम ने आग लगने की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे किया जाता है, इसका लाइव प्रदर्शन किया। बच्चों को सिखाया गया कि संकट के समय घबराने के बजाय धैर्य और साहस बनाए रखें, फायर अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की जान बचाने में कैसे मदद कर सकते हैं।
भिंड जिले की सिंध नदी में पनडुब्बी डालकर अवैध रेत उत्खनन किए जाने के विरोध में संत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन की अनदेखी और एनजीटी (NGT) के नियमों का उल्लंघन होने पर संत समिति ने नदी संरक्षण सहित 7 सूत्रीय उद्देश्यों को लेकर जिलेभर में 'सनातन पदयात्रा' शुरू की है। पदयात्रा पहले दिन भिंड से फूप तक पहुंची है और आज (शनिवार) फूप से उमरी तक जाएगी। संत गांव-गांव पहुंचकर लोगों को नदियों को बचाने और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का संदेश दे रहे हैं। पनडुब्बी से रेत खनन, प्रशासन को जानकारी फिर भी नियमों की अनदेखी भिंड में सिंध नदी में पनडुब्बी डालकर रेत का अवैध तरीके से उत्खनन किया जा रहा है। इसकी जानकारी प्रशासनिक अफसरों को होने के बावजूद एनजीटी के नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा है। रेत खदानों का टेंडर लेने वाली कंपनी ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया है। इसी कारण नदियों के संरक्षण की चिंता भिंड के संत समाज को सताने लगी है, जिसके चलते उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए सनातन पदयात्रा निकाली है। पहले दिन की पदयात्रा में प्रमुख तौर पर दंदरौआ धाम के संत महामंडलेश्वर रामदास महाराज मौजूद रहे। उन्होंने नदियों के संरक्षण और अवैध उत्खनन पर रोक की बात कहते हुए इस पदयात्रा की प्रशंसा की। संत समिति अध्यक्ष ने बताए यात्रा के 7 प्रमुख उद्देश्य संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने पदयात्रा के 7 प्रमुख उद्देश्य बताए हैं। इनमें पहला उद्देश्य नदियों का संरक्षण और अवैध उत्खनन रोकना है। दूसरा- गांव की बेटी को अपनी बेटी मानना, तीसरा- गो रक्षा, चौथा- नशा बंदी, पांचवां- झूठी शान में लड़ाई-झगड़े पर रोक, छठवां- घरों में धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, सातवां- छोटी उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर कर संस्कारों की शिक्षा देना है। महाराज इन विषयों पर गांव-गांव पहुंचकर लोगों से चर्चा कर रहे हैं। नदियां हमारी मां हैं, अवैध उत्खनन से मूल स्वरूप खत्म हो जाएगा दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने कहा, नदियां हमारी संस्कृति का हिस्सा है। इन नदियों के संरक्षण को लेकर काम नहीं हो रहा है। नदियों से रेत को गलत तरीके से निकाली जा रही है। ये हमारी मां है। पूर्वज इनका संरक्षण करते आए है। जिस तरह से सिंध नदी में रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। इससे नदी का मूल स्वरूप खत्म हो जाएगा। जिले की प्राकृत्तिक संरचना खत्म हो जाएगी। नदियों के संरक्षण व अवैध उत्खनन के लिए लोगों को जागना होगा। जब तक गांव की बेटी को अपनी नहीं मानेंगे, दुष्कर्म बंद नहीं होंगे कालीदास महाराज ने सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते हुए कहा, गांव की बेटी हमारी बेटी होती है। ये भाव हमें सभी लोगों के बीच जगाना होगा। जब तब हम पड़ोसी, मोहल्ले या गांव की बेटी को अपनी बेटी की तरह नहीं मानेंगे। पूजेंगे तब तक दुष्कर्म जैसी घटनाएं बंद नहीं होगी। हम सभी को बेटियों के सम्मान के लिए आगे आना होगा। बुराई को दूर भगाना होगा। गो रक्षा के लिए अभयारण्य बनाने और गायों का जीवन सुरक्षित करने की मांग सरकार से करते हुए महाराज ने कहा, मेरा उद्देश्य है कि गांव गांव में नशाखोरी बंद हो। इस पर प्रतिबंध लगे। कारण यह है कि नशे के कारण परिवार उजड़ रहे है। लोग नशे की लत में अपराध भी कर रहे हैं। ये सामाजिक बुराई है। इसे खत्म करना होगा। झूठी शान और मोबाइल की लत से बचाने की पहल महाराज ने आगे कहा, भिंड जिले में लोगों के बीच झूठी शान में जीने की प्रवृत्ति है। अपना रौब व रूतबे दिखाने के लिए टशन लेकर चलते है। लड़ाई झगड़ा करते है मुकदमा वाजी होती है। ऐसे विचारों को त्यागने के लिए लोगों के बीच भाई चारे का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले घरों में शाम को रामचरित मानस पढ़ा जाता था, जो अब धीरे-धीरे बंद होता जा रहा है। लोगों को घरों में धार्मिक ग्रंथ पढ़ने और सनातन संस्कृति को प्रबल बनाने का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा, आज के समय में छोटी उम्र के बच्चों में मोबाइल की लत लगती जा रही है। ये शारीरिक व मानसिक विकास में अवरोध पैदा कर रहा है। ऐसे बच्चों में सनातन व संस्कारों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए।
वार्ड के अंतर्गत महेश बिल्डिंग के पास पब्लिक अपशब्द कह रही थी। मैं 5 घंटे से सीवर-नाला सफाई के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों का इंतजार कर रहा था। मुझे लगा मेरी जिम्मेदारी है, जनता ने मुझे वोट दिया है। कई दिनों से जलकल के अधिकारी सिर्फ समय दे रहे थे, इसलिए मैं खुद ही नाले में सीढ़ी लगाकर उतर गया।यह कहना है बाबूपुरवा वार्ड 105 के सपा पार्षद मोहम्मद मेराज का। 16 अप्रैल, गुरुवार को इलाके में नाला-सीवर भरने की समस्या के बाद वे खुद सफाई के लिए नाले में उतर गए थे। उन्होंने कहा, मेरे वार्ड में सीवर-नाला की बड़ी समस्या है। इलाके में 1971 में चीनी मिट्टी की सीवर लाइन पड़ी है। इसकी वजह से आए दिन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में नाला-सीवर चोक हो जाता है।2 साल से कई जगह सीवर लाइन का काम तो कराया गया है, लेकिन कुछ जगह अभी भी दिक्कत है। ऐसे में जब नाला-सीवर चोक की समस्या को लेकर क्षेत्रीय लोग शिकायत करते हैं, तो मैं जलकल और संबंधित अधिकारियों से समाधान के लिए कहता हूं।लेकिन जोन के अधिकारियों का एक महीने मे ही ट्रांसफर हो जाता है, जिसकी वजह से वे इस क्षेत्र की समस्या को भली-भांति समझ नहीं पाते। मेरा उनसे परिचय भी खास नहीं हो पाता। जिस नाले में मैं खुद उतरा, वहां कई दिनों से नाला-सीवर लाइन चोक थी। मैंने कई बार अधिकारियों को बताया, लेकिन मुझे कई दिनों तक सिर्फ समय दिया जाता रहा आज आएंगे, कल आएंगे। उस दिन गुरुवार को मैंने अधिकारियों का वहीं 5 घंटे तक इंतजार किया। जब कोई नहीं आया, तो वहां मौजूद लोग मुझसे सवाल करने लगे।कुछ लोगों ने मुझे गलत भी कहा। मुझे लगा मेरी जिम्मेदारी है, इसलिए मैंने शर्ट उतारी और नाले के भीतर उतर गया। जब इसका वीडियो बनाकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, तो थोड़ी ही देर बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए और काम भी शुरू हो गया। अब समस्या का समाधान भी कर दिया गया है।बस यही बात है कि अधिकारी कम से कम यह बता दें कि कब आएंगे और कब काम होगा, ताकि मैं भी अपनी जनता को बता सकूं कि समस्या का समाधान कब तक हो जाएगा। लेकिन केवल आश्वासन देने से इलाके में समस्या बढ़ जाती है। हालांकि अब अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं।
बिहार के बक्सर की रहने वाली एक छात्रा ने हरियाणा में सुसाइड कर लिया। छात्रा का नाम दीक्षा दुबे (19) है और वह हरियाणा की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पढ़ाई कर रही थी। उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा, “मुझे माफ कर दो मम्मी पापा, मैं किसी काम की नहीं हूँ, मैंने खुद को बिगाड़ लिया है, मुझे खुद से नफरत है।” सुसाइड से पहले फ्रेंड को मैसेज किया सुसाइड से पहले दीक्षा ने अपनी फ्रेंड को आखिरी मैसेज किया- मुझसे और नहीं हो पा रहा..। हालांकि, कुछ देर बाद उसे डिलीट कर दिया। इसके बाद दीक्षा की फ्रेंड उसे कॉल और मैसेज करती रही, लेकिन दीक्षा की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया। उसकी फ्रेंड को लगा कि दीक्षा अपने रूम पर आकर सो गई, इसलिए दीक्षा रिप्लाई नहीं दे रही। पुलिस सूत्रों की मानें, तो 16 अप्रैल की सुबह दीक्षा AIDS की लैब अटेंड करने के बाद दोपहर करीब 1 बजे अपनी फ्रेंड के साथ मैस में आई। यहां कुछ देर रुकने के बाद दीक्षा मैस से चली गई और उसकी फ्रेंड अपनी दूसरी सहेली के पास चली गई। मैसेज करके डिलीट किया दोपहर के बाद दीक्षा दोबारा AIDS लैब में नहीं जाना चाहती थी, इसलिए उसने अपनी फ्रेंड को मैसेज करके लैब जाने से मना कर दिया। दोनों के बीच कुछ चैट हुई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसके थोड़ी बाद दीक्षा ने अपनी फ्रेड को एक मैसेज किया। उसकी फ्रेंड ने मैसेज थोड़ा पढ़ा, लेकिन दीक्षा ने उसे डिलीट कर दिया। फिर नहीं हुई कोई बातचीत शायद उस मैसेज में दीक्षा ने लिखा कि और नहीं हो पा रहा। उस मैसेज के बाद दीक्षा ने अपनी फ्रेंड के साथ कोई बातचीत नहीं की, बल्कि उसकी फ्रेंड ने उसे कॉल भी किया। फिर करीब 3 बजे उसकी फ्रेंड अपनी दूसरी सहेली के साथ दीक्षा से मिलने गई, तो उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। फंदे पर लटकी मिली NIT प्रशासन को बुलाने के बाद रोशनदान से झांक कर देखा, तो दीक्षा का शव रस्सी के साथ पंखे पर लटका हुआ था। बताते चलें कि दीक्षा NIT में ऑर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम से बीटेक कर रही थी। दीक्षा बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली थी। हालांकि उसका परिवार यूपी के अलीगढ़ में रहता है। पिता कंपनी में ऑपरेटर दीक्षा के पिता शशि कुमार दुबे अलीगढ़ में बीयर बनाने वाली कंपनी में ऑपरेटर है। उसकी मां पूनम देवी हाउसवाइफ है और दोनों छोटे भाई आयुष और दिव्याम स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार को दीक्षा के सुसाइड करने पर यकीन नहीं हो रहा है। परिवार मामले की उच्च जांच करने की मांग कर रहा है। हालांकि परिवार ने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया। पेंसिल से लिखा सुसाइड नोट पुलिस को दीक्षा के कमरे से एक रजिस्टर बरामद हुआ। इसमें पुलिस को इंग्लिश में पेंसिल से लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में लिखा मिला कि I AM SORRY MUMMY PAPA, I AM NOT WORTH OF ANYTHING, I JUST SPOILED MY SELF, I HATE MY SELF HATE. दूसरे पेज पर सिर्फ सुसाइड लिखा था। सुसाइड की वजह साफ नहीं नोट मिलने के बाद भी दीक्षा के सुसाइड करने की वजह साफ नहीं हो पाई। पिता शशि कुमार दूबे के मुताबिक, दीक्षा की घर पर उसकी मां के साथ बात होती रहती थी। घटना से पहले सुबह दीक्षा की उसकी मां के साथ बातचीत हुई थी। बातचीत से लगा नहीं कि दीक्षा सुसाइड करेगी। दीक्षा को परिवार और पढ़ाई को लेकर कोई स्ट्रेस नहीं था। वीडियोग्राफी के बीच हुआ पोस्टमॉर्टम केयूके थाना के SHO विशाल ने बताया कि पुलिस की ओर से हॉस्टल की 2 लड़कियों के सामने सारी कार्रवाई की गई। दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिवार को सौंप दिया। परिजनों की ओर से कोई बयान और शिकायत नहीं दी गई। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। प्रदर्शन के बाद वार्डन बदली गईं दीक्षा सुसाइड केस और स्टूडेंट्स के हंगामे के बाद NIT प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्ल हॉस्टल की चीफ वॉर्डन, डिप्टी वॉर्डन और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेल्फेयर को बदल दिया। गर्ल हॉस्टल की चीफ वॉर्डन डॉ. वृंदा गोयल की जगह प्रो. ज्योति ओहरी और डिप्टी चीफ वॉर्डन डॉ रितु गर्ग को बनाया गया है। साथ ही स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएट डीन प्रो. वीके वाजपेयी और डॉ. पूनम जिंदल को लगाया गया है। हालांकि NIT में यह बदली आपसी खींचतान को लेकर भी मानी जा रही है। एक और स्टूडेंट ने किया सुसाइड का प्रयास देर रात करीब 11:30 बजे एक और छात्रा ने सुसाइड की कोशिश की। महाराष्ट्र के भौसरे की रहने वाली छात्रा ने कल्पना चावला हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदने चाहा, लेकिन उसे साथ वाले स्टूडेंट्स ने पकड़ लिया और बचा लिया। घटना के बाद NIT में हड़कंप मच गया। फर्स्ट इयर की स्टूडेंट ये लड़की NIT में कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम बीटेक की फर्स्ट इयर में 2nd सेमेस्टर की छात्रा है और गर्ल हॉस्टल के सी ब्लॉक में भाग्यरथी हॉस्टल में रहती है। घटना की सूचना मिलते ही NIT प्रसासन, DSP हेडक्वार्टर, SHO केयूके और चौकी इंचार्ज 3rd गेट ने लड़की को समझाया और उसे करीब अस्पताल में भती करवाया।
रामपुर में शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे आई तेज आंधी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल टूट गए, जिससे विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। शहर के कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति चालू है, लेकिन अधिकांश शहरी क्षेत्र अभी भी अंधेरे में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां बड़ी संख्या में लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है। आंधी से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने कई पेड़ गिर गए। कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी एक कार पेड़ के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस अधीक्षक आवास के सामने पेड़ गिरने से बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचा। कलेक्ट्रेट के निकट चौराहे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ, जिसे वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई कर हटाया। 10 तस्वीरें देखिए… रामनाथ कॉलोनी में करीब 20 वर्ष पुराना एक पेड़ 11000 वोल्ट की लाइन पर गिरने से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत विभाग की टीमें रात से ही लगातार पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। विद्युत विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि टीमें लगातार काम कर रही हैं और क्षतिग्रस्त लाइनों तथा पोलों को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शहर में आज शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात या अगले दिन तक सुधार संभव है। बिजली संकट के चलते जलापूर्ति भी बाधित हो गई है। सिविल लाइंस क्षेत्र में बिजली घर संख्या 270 से जुड़े दो फीडर बंद हैं उपभोक्ता आदेश सिंह बोले पानी सप्लाई न मिलने से दिक्कत है नगर पालिका जल विभाग के जेई मूलचंद ने बताया कि सीमित जनरेटर और कम प्रेशर के कारण पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि 58 पंपों के मुकाबले केवल 17 जनरेटर उपलब्ध हैं, जिससे पानी के दबाव में कमी आती है और आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं।
लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में 14 अप्रैल को हुए बवाल के मामले में दर्ज एफआईआर अब विवादों में आ गई है। थाना प्रभारी की तहरीर पर दर्ज इस केस में 73 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इस सूची में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं, जिनका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। एफआईआर में 71वें नंबर पर नामजद मोतीपुर निवासी अरविंद कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि घटना वाले दिन वह सैकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान के बूंदी-कोटा बाईपास पर ट्रक चला रहे थे। अरविंद के मुताबिक, उन्होंने सुबह 9:40 बजे श्याम धर्म कांटा पर वाहन का वजन कराया और इसके बाद राधा कृष्ण राइस मिल में लोडिंग की। दिनभर वह ट्रांसपोर्ट कंपनी में कागजी कार्यवाही में व्यस्त रहे और रात में हरियाणा के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी यात्रा हाईवे और एक्सप्रेस-वे से हुई, जहां सीसीटीवी फुटेज से उनकी मौजूदगी की पुष्टि की जा सकती है। अरविंद ने पुलिस को लोकेशन और अन्य साक्ष्य सौंपने की बात कही है। 14 अप्रैल को जमीन विवाद से भड़का था बवाल 14 अप्रैल को मोतीपुर गांव में विवादित जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो पक्षों में तनाव हो गया था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ हुई और आगजनी भी की गई। घटना में करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। गांव में छापेमारी से दहशत, कई घर खाली घटना के बाद पुलिस की लगातार कार्रवाई और छापेमारी से गांव में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीण घर छोड़कर फरार हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर अभद्रता और घरों में नुकसान की भी घटनाएं हुईं। फिलहाल गांव की गलियां सूनी हैं और अधिकांश घरों में महिलाएं ही नजर आ रही हैं। राजनीतिक हलचल भी तेज, जांच की मांग मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। पूर्व सांसद जुगल किशोर गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस से संयम बरतने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का दावा—जांच जारी, गिरफ्तारी तेज होगी पुलिस ने अब तक 32 आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि पिछले कुछ दिनों में कोई नई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
झज्जर में किसानों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। एक तरफ खरीद पोर्टल की तकनीकी खामियों से गेहूं की उठान अटकी हुई है, तो दूसरी तरफ लगातार बारिश ने मंडियों में पड़े अनाज को भीगा दिया है, जिससे भारी नुकसान की आशंका बढ़ गई है। मंडी में भीगा गेहूं, बढ़ा नुकसान मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं बारिश के कारण पूरी तरह भीग गया। इससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है, जिसका सीधा असर किसानों को मिलने वाले दाम पर पड़ेगा। कई जगहों पर गेहूं में नमी बढ़ने से उसके खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। दिनभर गेहूं बचाने में जुटे किसान बारिश के दौरान किसान अपने अनाज को बचाने के लिए दिनभर मशक्कत करते रहे। कोई तिरपाल से गेहूं ढकता नजर आया तो कोई बोरियां उठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाने में लगा रहा। बावजूद इसके, लगातार बारिश के चलते ज्यादातर गेहूं भीग गया। पोर्टल समस्या ने बढ़ाई परेशानी किसानों का कहना है कि खरीद पोर्टल की दिक्कतों के कारण समय पर गेहूं की खरीद और उठान नहीं हो पा रहा है। अगर समय रहते उठान हो जाता, तो मंडियों में इतना अनाज जमा नहीं होता और नुकसान से बचा जा सकता था। किसान और आढ़तियों दोनों पर असर इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि आढ़तियों पर भी पड़ा है। भीगा हुआ गेहूं कम दाम पर बिकेगा या रिजेक्ट हो सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान दोनों को झेलना पड़ेगा। एक तरफ व्यवस्था की खामियां और दूसरी तरफ मौसम की बेरुखी—दोनों ने मिलकर किसानों की परेशानी को और गहरा कर दिया है। हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
संतकबीरनगर। जनपद के पंचायत विगरा अव्वल के पूर्व प्रधान मोहनलाल आनंद ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार यादव पर जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर डीपीआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान मोहनलाल आनंद के अनुसार, उनके प्रधानी कार्यकाल के दौरान लगभग 5.5 लाख रुपये की धनराशि और तीन माह का मानदेय लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि इस भुगतान के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा पूर्व में आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है। पीड़ित ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर वह डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे थे। वहां उनकी समस्या के समाधान को लेकर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि बातचीत के बाद जब वह कार्यालय से बाहर निकले, तभी डीपीआरओ ने उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया और अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से आहत पूर्व प्रधान ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर में स्मार्ट मीटर समस्याओं का घर-घर समाधान:बिजली विभाग ने शुरू किया 'डोर-टू-डोर फीडबैक' अभियान
जौनपुर में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और फीडबैक के लिए विद्युत विभाग ने 'डोर-टू-डोर स्मार्ट मीटर फीडबैक' अभियान शुरू किया है। मुख्य अभियंता के निर्देश पर यह अभियान 19 अप्रैल से चलाया जा रहा है। इसके तहत बिजली कर्मी सीधे उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर मीटर से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही समाधान करेंगे। अधीक्षण अभियंता (प्रथम) मनोज कुमार गुप्ता और अधीक्षण अभियंता (द्वितीय) अनिल पाठक ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि जनपद में अब तक 1,94,250 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने के कारण 83,644 कनेक्शन विच्छेदित किए गए थे। इन विच्छेदित कनेक्शनों में से 54,189 उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराकर अपनी बिजली आपूर्ति बहाल करा ली है। विभाग शेष उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए घर-घर संपर्क कर रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुछ नए नियमों की भी घोषणा की है। 'हैप्पी आवर्स' के तहत शाम छह बजे से सुबह आठ बजे के बीच बैलेंस खत्म होने पर भी बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अतिरिक्त, रविवार, दूसरे शनिवार और राजपत्रित अवकाश के दिन बिजली विच्छेदन नहीं होगा। पोस्ट-पेड से प्री-पेड में बदलने के शुरुआती 30 दिनों और इमरजेंसी क्रेडिट खत्म होने के बाद तीन दिन का अतिरिक्त समय भी उपभोक्ताओं को मिलेगा। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि उपभोक्ता ऐप के माध्यम से हर घंटे की बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बैलेंस 20 प्रतिशत, 10 प्रतिशत या शून्य होने पर एसएमएस के जरिए अलर्ट भी भेजा जा रहा है। यदि रिचार्ज करने के दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो उपभोक्ता तत्काल टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। वे व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
गोंडा के खोडारे थाना क्षेत्र में देर रात दबंगई की वारदात सामने आई है। अल्लीपुर नरहरपुर गांव निवासी राजेश चतुर्वेदी अपने घर लौट रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना उस समय हुई जब राजेश मसकनवा बाजार से काम निपटाकर लौट रहे थे। दौलतपुर ग्रांट प्राइमरी पाठशाला के पास आरोपी अहमद पहले से घात लगाकर बैठा था। जैसे ही राजेश वहां पहुंचे, उनकी मोटरसाइकिल रोक दी गई और गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। लाठी-डंडों और चाकू से जानलेवा हमला आरोप है कि विरोध करने पर अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में राजेश चतुर्वेदी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके जबड़े को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। उनके शरीर पर कई चोटों के निशान हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनकी सोने की अंगूठी भी छीन ली। घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दर्ज किया केस, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित थाना अध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी अहमद के खिलाफ जानलेवा हमला समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और आरोपी के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार सुबह को बहु-एजेंसी आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एयरपोर्ट के सिटी साइड इलाके में डमी आतंकी हमले का सीन तैयार किया गया, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और समन्वय की कड़ी परीक्षा हुई। अलर्ट मिलते ही CISF की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) ने मोर्चा संभाल लिया। डिप्टी कमांडेंट रवींद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने शुरुआती हालात को काबू में किया। इसके बाद UP ATS, यूपी पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची ATS टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए डमी आतंकियों को जिंदा पकड़ लिया। इसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS) ने पूरे क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमों ने राहत और आपात चिकित्सा सेवाएं संभालीं। मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, विभिन्न एयरलाइंस और अन्य एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी रही। एयरलाइंस प्रतिनिधियों ने ऑब्जर्वर के रूप में पूरी प्रक्रिया को देखा। अभ्यास के बाद डिब्रीफिंग सत्र में सभी एजेंसियों ने अपने अनुभव साझा किए और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा की। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ड्रिल से किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां और मजबूत होती हैं।
पानीपत रिफाइनरी से तेल लेकर हिमाचल प्रदेश जा रहे एक टैंकर के संदिग्ध परिस्थितियों में पलटने और उसमें से करीब 11 लाख रुपए का तेल चोरी होने का मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर ने टैंकर के ड्राइवर और कंडक्टर पर जानबूझकर गाड़ी पलटाने और तेल चोरी कर उसे बेचने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ये है पूरा मामला राजेश कुमार ट्रांसपोर्ट रिफाइनरी पानीपत के मैनेजर संदीप ने SP को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी का रिफाइनरी के अंदर ट्रांसपोर्ट का टेंडर है। 23 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2:28 बजे तेल टैंकर रिफाइनरी से हिमाचल के पोंटा साहिब के लिए रवाना हुआ था। इस टैंकर पर करनाल निवासी पंकज राणा ड्राइवर और अरुण कंडक्टर के रूप में तैनात थे। हादसे की आड़ में चोरी का खेल मैनेजर के अनुसार, टैंकर उसी रात करीब 8 बजे पोंटा साहिब पहुंच गया था। यात्रा के दौरान नैना टीकर के पास आरोपियों ने गाड़ी को सड़क पर पलटा दिया। हादसे के बाद जब जांच की गई, तो पता चला कि टैंकर का ढांचा सुरक्षित होने के बावजूद उसके अंदर मौजूद करीब 11,02,584 (ग्यारह लाख दो हजार पांच सौ चौरासी) रुपए का तेल गायब था। सबक सिखाने की दी थी धमकी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर पंकज राणा पिछले कई दिनों से एडवांस पेमेंट के लिए दबाव बना रहा था। पेमेंट न मिलने पर उसने मैनेजर को सबक सिखाने की धमकी भी दी थी। मैनेजर का दावा है कि इसी रंजिश के चलते ड्राइवर और कंडक्टर ने मिलकर पहले तेल चोरी कर किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया और फिर चोरी छुपाने के लिए जानबूझकर टैंकर को लापरवाही से चलाकर पलट दिया।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को अब वाई-फाई की समस्या से राहत मिलने जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में वाई-फाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नई ऑप्टिकल फाइबर अंडरग्राउंड बिछाने की योजना शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक, पीयू के कंप्यूटर सेंटर की ओर से 97 कोर की नई ऑप्टिकल फाइबर कैंपस में अंडरग्राउंड डाली जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और करीब 15 कंपनियों ने आवेदन किया है। बेहतर बिड फाइनल होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। 3-4 महीने में पूरा होगा प्रोजेक्टप्रशासन के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा और इसके बाद इस पूरे प्रोजेक्ट को करीब 3 से 4 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमें पहले कैंपस के मुख्य हिस्सों में खुदाई कर ऑप्टिकल फाइबर के लिए अंडरग्राउंड लाइन डाली जाएगी, उसके बाद उसे अलग-अलग विभागों, हॉस्टलों और लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा। इस योजना पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट में नई 97 कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल खरीदना, उसे जमीन के अंदर सुरक्षित तरीके से बिछाना, इंस्टॉलेशन, कनेक्टिविटी सिस्टम को अपग्रेड करना और टेस्टिंग जैसे सभी काम शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह एक लंबी अवधि का समाधान होगा, जिससे बार-बार नेटवर्क खराब होने की समस्या खत्म होगी और छात्रों को तेज वाई-फाई सुविधा लगातार मिल सकेगी। वाई-फाई की समस्या के लिए दो कर्मचारी तैनातवाई-फाई नेटवर्क में आने वाली समस्याओं को तुरंत ठीक करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो कर्मचारियों की विशेष रूप से तैनाती की है। ये कर्मचारी कंप्यूटर सेंटर के अधीन काम करेंगे और कैंपस में नेटवर्क से जुड़ी किसी भी तकनीकी दिक्कत पर नजर रखेंगे। इनकी ड्यूटी खासतौर पर शाम के समय शिफ्ट में लगाई गई है, क्योंकि इसी दौरान हॉस्टलों और लाइब्रेरी में छात्रों द्वारा इंटरनेट का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। अगर किसी हॉस्टल, विभाग या लाइब्रेरी में वाई-फाई धीमा चलता है या बंद हो जाता है, तो ये कर्मचारी मौके पर जाकर तुरंत समस्या को ठीक करेंगे। इसके अलावा ये टीम नियमित रूप से नेटवर्क की मॉनिटरिंग भी करेगी, ताकि पहले से ही तकनीकी खामियों का पता लगाकर उन्हें दूर किया जा सके। इससे छात्रों को लगातार और बिना रुकावट के बेहतर इंटरनेट सुविधा मिल सकेगी। छात्रों की शिकायतों के बाद लिया फैसलाकाफी समय से छात्र लगातार यह शिकायत कर रहे थे कि हॉस्टलों और लाइब्रेरी में वाई-फाई नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा है। कई जगहों पर इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी रहती थी, जबकि कई बार कनेक्शन बार-बार कट जाता था। खासतौर पर परीक्षा के समय और असाइनमेंट जमा करने के दौरान छात्रों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता था। लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाले छात्रों ने भी कई बार बताया कि ऑनलाइन स्टडी मटेरियल खोलने, रिसर्च करने और नोट्स डाउनलोड करने में दिक्कत आती है। वहीं हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को ऑनलाइन क्लास, प्रोजेक्ट वर्क और पढ़ाई से जुड़े काम करने में बाधा आ रही थी। इन लगातार शिकायतों और समस्याओं को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वाई-फाई नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है, ताकि छात्रों को बिना रुकावट तेज इंटरनेट सुविधा मिल सके और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। जमीन के नीचे बिछेगी फाइबर, नहीं टूटेंगी तारेंकंप्यूटर सेंटर की अधिकारी सोनल चावला के अनुसार, मौजूदा समय में कई जगहों पर ऑप्टिकल फाइबर केबल जमीन के ऊपर या कम गहराई में बिछी हुई हैं। ऐसे में कैंपस के अंदर भारी वाहनों के गुजरने, सड़क मरम्मत या किसी तरह की खुदाई के दौरान ये केबल बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे वाई-फाई नेटवर्क प्रभावित होता है और कनेक्शन बार-बार बंद हो जाता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब नई ऑप्टिकल फाइबर को जमीन के अंदर अधिक गहराई में और सुरक्षित तरीके से बिछाया जाएगा। इसके लिए पहले गहरे गड्ढे खोदे जाएंगे और फिर केबल को प्रोटेक्टिव पाइप के अंदर डालकर इंस्टॉल किया जाएगा, ताकि उस पर बाहरी दबाव या नुकसान का असर न पड़े। इस व्यवस्था से न केवल केबल सुरक्षित रहेंगी, बल्कि नेटवर्क की स्थिरता भी बढ़ेगी। बार-बार केबल टूटने की समस्या खत्म होने से इंटरनेट स्पीड बेहतर होगी और छात्रों को बिना रुकावट लगातार वाई-फाई सुविधा मिल सकेगी।
कटनी में भीषण गर्मी, स्कूल का समय बदला:अब सुबह 7:30 बजे से लगेंगे स्कूील, दोपहर 12:30 पर होगी छुट्टी
कटनी में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के समय में तत्काल प्रभाव से परिवर्तन के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का नया समय प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी। हालांकि, शैक्षणिक स्टाफ के लिए समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालय में निर्धारित समय तक उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इसके पीछे प्रशासनिक कार्यों और आगामी सत्र की तैयारियों को सुचारू रूप से जारी रखने का उद्देश्य है। वर्तमान में चल रही बोर्ड या स्थानीय स्तर की परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही आयोजित होंगी। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी तय समय पर जारी रहेगा। यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी स्कूल प्रबंधकों और संचालकों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं, उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा, विद्यार्थियों का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है। बढ़ते तापमान के कारण बच्चों को लू लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्कूल के समय में कटौती की गई है ताकि वे दोपहर की कड़ी धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच सकें।
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले सोमवार से जारी तनाव अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। प्रशासन की सक्रियता और पुलिस की मुस्तैदी के कारण क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई है। औद्योगिक गतिविधियां और जनजीवन वापस पटरी पर लौट आए हैं। पिछले पांच दिनों से चल रहे प्रदर्शनों ने औद्योगिक वातावरण को प्रभावित किया था, जिससे कारखानों के संचालन और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा था। जिला प्रशासन ने श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने भी स्थिति पर अपना रुख स्पष्ट किया है। एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने क्षेत्र में शांति बहाली की पुष्टि करते हुए बताया कि पीथमपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने नागरिकों और कामगारों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। बेलापुरकर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन और पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल की गश्त लगातार जारी है, जिससे औद्योगिक इकाइयों में कामकाज बिना किसी डर या बाधा के संचालित हो सके। वर्तमान में पीथमपुर के औद्योगिक हब में उत्पादन का काम सुचारू रूप से चल रहा है। बाजार में हलचल देखी जा रही । प्रशासन और पुलिस की तत्परता ने औद्योगिक क्षेत्र में पुनः विश्वास और शांति का माहौल स्थापित किया है।
हाथरस में कार पलटी, एक की मौत:बदायूं निवासी मरीज को वृंदावन ले जाते समय हादसा, तीन घायल
हाथरस में मथुरा-बरेली हाईवे पर सलेमपुर पुलिस चौकी के पास एक ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के सिरसा निवासी 45 वर्षीय एजाज पुत्र अलाउद्दीन के रूप में हुई है। एजाज को उसके भाई इलाज के लिए ब्रेजा कार से वृंदावन ले जा रहे थे। वह किसी बीमारी से पीड़ित थे और वृंदावन में उनका उपचार चल रहा था। बताया गया है कि हाथरस-बरेली रोड पर सलेमपुर के निकट कार अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। इस सड़क हादसे में एजाज के अलावा उनके तीन भाई आजाद, गुड्डू और यासीन भी घायल हुए हैं। घायलों का जिला अस्पताल में हुआ इलाज... सभी घायलों को सुबह करीब 5 बजे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने एजाज को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीनों भाइयों का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद परिजन एजाज के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए और पुलिस को सूचित किए अपने साथ ले गए।
सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित लोहारबाग कॉलोनी में महिला से मंगलसूत्र लूट के मामले में 32 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपी की पहचान और घटना का खुलासा अब तक नहीं हो सका है, जिससे इलाके में दहशत और लोगों में नाराजगी बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, निर्मला गुप्ता पत्नी वीरेंद्र गुप्ता रात करीब 10 बजे ऑटो से उतरकर पैदल अपने घर जा रही थीं, तभी बाइक सवार उचक्के ने उनके गले से मंगलसूत्र झपट लिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध युवक बिना हेलमेट के बाइक से जाते हुए दिखाई दे रहा है। हालांकि फुटेज में चेहरा साफ न होने के कारण पुलिस को पहचान में दिक्कत आ रही है। पुलिस ने आरोपी की पहचान के लिए तकनीकी मदद भी ली है और ‘यक्ष ऐप’ के जरिए संदिग्ध की तलाश की जा रही है। बावजूद इसके घटना के 32 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। इस वारदात से क्षेत्रीय लोगों में भय का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पॉश इलाके में इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है और पुलिस को गश्त बढ़ाने के साथ जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ना चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एसीसीयू की टीम ने एक कार से 1.22 करोड़ रुपए कीमती 245 किलो गांजा बरामद किया है। नेशनल हाईवे पर पुलिस को देखकर तस्कर गांजा लेकर भाग रहे थे, जिसका पीछा कर टीम ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा भाग निकला। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है। दरअसल, शुक्रवार को एसीसीयू प्रभारी निमितेश सिंह को जानकारी मिली थी कि, गांजा तस्कर कटघोरा से बिलासपुर होते हुए मरवाही मार्ग से मध्यप्रदेश जा रहे हैं। उनके पास बड़ी मात्रा में गांजा रखा हुआ है। पुलिस को मुखबिर ने बकायदा मारुति अर्टिगा (सीजी 04 क्यूडी 7255) में गांजा तस्करी होने की जानकारी दी। पुलिस को देखकर भाग रहे थे तस्कर इस पर एसीसीयू और रतनपुर पुलिस ने भेड़ी मुड़ा नवापारा चौक पर घेराबंदी की। इस दौरान जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, पुलिस को देख चालक ने यू-टर्न लेकर भागने की कोशिश की। पुलिस की दो टीमें अलग-अलग वाहनों से पीछा करने लगीं। भागते समय तस्कर ने कार रॉन्ग साइड पर मोड़ दी। पीछा कर रही टीम के एक जवान ने ड्राइवर साइड पर डंडा मारा, जिससे कार का संतुलन बिगड़ा और वह रुक गई। एक गिरफ्तार, दूसरा फरार इस दौरान एक तस्कर कार से उतरकर भाग गया, जबकि दूसरे को मौके पर पकड़ लिया गया। कार की जांच में काले शीशों के पीछे बड़ी मात्रा में गांजे के पैकेट मिले। कुल 245 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने कार समेत करीब 1.30 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी ने इस कार्रवाई में शामिल टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। ओडिशा कनेक्शन और एमपी सप्लाई की जांच गिरफ्तार आरोपी अमित कुमार केवट मध्य प्रदेश के शहडोल के बुढार का निवासी है। पूछताछ में उसने शुरू में पुलिस को गुमराह किया, लेकिन बाद में बताया कि गांजा कटघोरा मार्ग से मध्य प्रदेश ले जाकर खपाया जाना था। पुलिस अब ओडिशा और मध्य प्रदेश कनेक्शन के साथ मुख्य सरगना की तलाश कर रही है। दो गाड़ियों में थी खेप, एक निकल गई पुलिस को सूचना मिली थी कि, दो गाड़ियों से गांजा ले जाया जा रहा है। कार्रवाई में एक कार पकड़ी गई, जबकि दूसरी कार में सवार तस्कर फरार हो गए। पुलिस देर रात तक पकड़े गए आरोपी से दूसरी गाड़ी के बारे में पूछताछ करती रही। फिलहाल मामले की जांच जारी है। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… एंबुलेंस से 2.60 करोड़ का गांजा जब्त...दवाई कार्टून में छिपाया:ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते ले जा रहे थे नागपुर, NH-53 छोड़कर अंदरूनी रूट चुना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए आंकी गई है। गांजे को तस्कर ओडिशा के भवानीपटना जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। मामला कोमाखान थाना के टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट का है। पढ़ें पूरी खबर…
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में मशहूर गायक बी प्राक शुक्रवार देर रात नतमस्तक हुए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धा भाव से मत्था टेककर सरबत दा भला (सभी का कल्याण) की अरदास की। इस आध्यात्मिक यात्रा की तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इसे उनकी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बी प्राक रात करीब 11 बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सफेद कुर्ता-पजामा पहना हुआ था। वे लगभग एक घंटे तक परिक्रमा क्षेत्र में बैठे रहे और शांत भाव से गुरबाणी का श्रवण किया। सिंगर बी प्राक के बारे में जानिए... चंडीगढ़ में जन्मे, पिता संगीतकार रहे बी प्राक का जन्म 7 फरवरी 1986 को चंडीगढ़ के एक सिख परिवार में हुआ। उनके पिता स्व. वरिंदर बच्चन जाने-माने संगीतकार रहे हैं। बी प्राक ने बचपन में पिता से ही संगीत की बारीकियां सीखीं। बी प्राक कई बार इंटरव्यू में बता चुके हैं कि वह बचपन से सिंगर बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे म्यूजिक डायरेक्टर बनें। म्यूजिक की बारीकियां सीखने के लिए बी प्राक ने 10 सालों तक पर्दे के पीछे रहकर संगीत सीखा। कोई नहीं जानता था, जानी के गीतों से मिली पहचान करियर की शुरुआत में बी प्राक ने प्रीक बी के नाम से काम शुरू किया, लेकिन शुरुआती गानों को कोई खास पहचान नहीं मिली। संघर्ष के दिनों में वे अपने पिता से 30 रुपए लेकर संगीत सीखने जाया करते थे। यहां तक कि उन्होंने संगीत की राह चुनने से पहले एक फैक्ट्री में भी काम किया था। रातों-रात स्टार बने बी प्राक 2017 में सांग राइटर जानी के गीत मन भरेया जिगरिया यारा कि तू मैंने छड्ड जाणा से प्राक ने सिंगिंग का डेब्यू किया। ये गीत सैड होने के बावजूद इतना हिट हुआ कि बी प्राक के लाखों फैंस बन गए। यह गाना इतना बड़ा हिट हुआ कि वे रातों-रात स्टार बन गए। 2012 में जानी से मुलाकात के बाद गायकी में आया निखार अक्षय कुमार की फिल्म केसरी का गीत तेरी मिट्टी में मिल जावां हर किसी की जुबान पर चढ़ गया। 2012 में जानी से मुलाकात के बाद उनकी गायकी में निखार आता गया। इससे पहले बी प्राक ने 2013 में हार्डी संधू के गीत सोच का म्यूजिक बनाया था। इस गाने ने उनकी किस्मत बदलने में योगदान दिया।
ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कलेक्ट्रेट से सरकारी जमीन की फाइल गायब होने के मामले में कलेक्टर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले की सही जांच नहीं हुई और जिम्मेदारी तय करने में लापरवाही बरती गई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि या तो सरकारी अधिवक्ता कार्यालय की ओर से लापरवाही हुई है, या फिर कलेक्टर कार्यालय में किसी ने जानबूझकर फाइलें हटाईं। इसके बावजूद, असली कारण तलाशने के बजाय जिम्मेदारी इधर-उधर डाली गई। कोर्ट ने कलेक्टर को अपने कर्तव्य पालन में विफल बताया। कहा कि अब पूरे प्रकरण की जांच प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग द्वारा कराए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने जांच के लिए दो महीने का समय दिया है। पूरी फाइल कलेक्ट्रेट में उपलब्ध नहीं हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया कि वर्ष 2006 से जुड़े एक सिविल सेकेंड अपील से संबंधित पूरी फाइल ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। केवल आउटवर्ड रजिस्टर में एक एंट्री मिली। जिसमें भी यह संकेत मिलता है कि तत्कालीन एसडीओ ने अपील दायर करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, अनुमति दी गई या नहीं, इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। कोर्ट ने यह भी पाया कि अपील 2 दिसंबर 2006 को दायर की गई थी। इसमें तत्कालीन एसडीओ बीबीएस तोमर ने स्वयं को ओआईसी बताते हुए वकालतनामा पर हस्ताक्षर किए थे, जबकि उनके ओआईसी नियुक्त होने का कोई आदेश उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में भी कई खामियां सामने आईं। जिन अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाली गई, उनके बारे में यह तक रिकॉर्ड नहीं था कि उन्हें मामले की जानकारी थी या उन्हें ओआईसी नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने इसे ‘सतही जांच’ बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। अब इन सवालों के जवाब देने होंंगे ऐसे समझें मामला
भागलपुर के मारवाड़ी कॉलेज में ग्रेजुएशन एग्जाम के दौरान एक छात्रा का मोबाइल से नकल करने का वीडियो सामने आया है। इस मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे प्राचार्य ने स्वीकृति दे दी है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच दो दिन और चलेगी। जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा कॉलेज प्रशासन ने पहले जांच कमेटी को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। यह समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही थी, लेकिन कमेटी ने बैठक कर मामले के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर और साक्ष्य जुटाने की आवश्यकता बताते हुए कमेटी ने प्राचार्य से अतिरिक्त समय की मांग की। प्राचार्य प्रो. संजय कुमार झा ने कमेटी की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करना जरूरी है। प्राचार्य ने बताया कि कमेटी को हर पहलू की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट स्पष्ट मंतव्य के साथ सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग कराने को भी कहा गया है, ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। जांच कमेटी का किया गठन दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। जिसमें मारवाड़ी कॉलेज की एक छात्रा परीक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रही है। वीडियो में छात्रा को उत्तर पुस्तिका देखते, मोबाइल से मिलान करते और अपनी एक सहपाठी के साथ सेल्फी लेते हुए भी देखा गया। जिसके बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। तुरंत जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया। निष्पक्ष जांच का आश्वासन मामले में नया मोड़ तब आया जब संबंधित छात्रा शुक्रवार को अपने अभिभावक के साथ कॉलेज पहुंची। उसने प्राचार्य से मुलाकात कर अपनी सफाई पेश की। छात्रा का कहना है कि उसे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इसमें एक छात्र संगठन की भूमिका की आशंका है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्राचार्य ने छात्रा को आश्वस्त किया कि जांच कमेटी सभी पक्षों को सुनेगी और निष्पक्ष तरीके से तथ्यों की जांच करेगी।
शेखपुरा में थ्रेसर हटाने को लेकर हुए विवाद में गोलीबारी हुई। इस घटना में दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना सिरारी थाना क्षेत्र के अकौना गांव की है। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शुक्रवार की रात एक पक्ष के लोग थ्रेसर से गेहूं की दौनी कर रहे थे। पुरवा हवा के कारण थ्रेसर से निकलने वाला भूसा दूसरे पक्ष के घर में जा रहा था। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष ने थ्रेसर हटाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और गोलीबारी शुरू हो गई। इलाज के दौरान दूसरे की मौत गोलीबारी में 65 वर्षीय परमेश्वर यादव उर्फ पूना यादव की मौके पर ही मौत हो गई, उनके ललाट में गोली लगी थी। वहीं, दूसरे पक्ष के 35 वर्षीय प्रेमराज उर्फ संतोष यादव को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल से पटना रेफर किया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष गोतिया परिवार से संबंधित हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसपी बलिराम कुमार चौधरी, एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार, अंचल निरीक्षक राजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। थाना अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने मृतक परमेश्वर यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच टीम ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने 5 लोगों को लिया हिरासत में वहीं इस मामले में दोनों पक्ष के 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव में विधि व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एसपी द्वारा दो पुलिस पदाधिकारियों के नेतृत्व में 2 दर्जन पुलिस बलों को तैनात किया गया है। घटना के बाद दोनो पक्ष के अन्य लोग गांव छोड़कर भाग खड़े हुए है। घटना के बाद दोनो पक्ष के बीच तनाव की स्थिति बनी है।
मनियां में अंबेडकर जयंती शोभायात्रा निकाली:31 झांकियां और 12 बैंड रहे आकर्षण का केंद्र
धौलपुर जिले के मनियां कस्बे में अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसका शुभारंभ बसेड़ी विधायक संजय जाटव और धौलपुर प्रधान प्रतिनिधि नागेश कुशवाह ने हरी झंडी दिखाकर किया। शोभायात्रा स्थानीय थाने से शुरू होकर मुख्य बाजार मार्ग से गुजरी और अंबेडकर पार्क पर समाप्त हुई। अंबेडकर पार्क में ही मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में 31 आकर्षक झांकियां और राजस्थान व मध्यप्रदेश के 12 प्रसिद्ध बैंड दल शामिल हुए, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। बाबा साहेब की प्रतिमा को एक सजे-धजे रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। विधायक का हुआ स्वागतकार्यक्रम स्थल पर आयोजन समिति और समाज के लोगों ने विधायक संजय जाटव का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि विधायक संजय जाटव ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवनकाल में दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए संघर्ष किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। बाबा साहेब के विचारों से किया जागरूकशोभायात्रा के दौरान लोगों ने जय भीम के नारे लगाए और नीले दुपट्टे व झंडे के साथ समरसता का संदेश दिया। बैंड-बाजों की धुन पर लोग नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। तख्तियों पर बाबा साहेब के विचारों को लिखकर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर नागेश कुशवाह ने बाबा साहेब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की और कानून, अर्थशास्त्र व राजनीति में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष अजय स्वर्णकार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पोसवाल, पप्पू जाटव, शुभाष जाटव, शिवदास जाटव, बंशी, भारत जाटव, सरनाम गुर्जर, नाथूराम कुशवाह, के.के. गहलोत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
फिरोजाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे एक 60 वर्षीय यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना थाना नसीरपुर क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के 54 किलोमीटर के पास हुई। मृतक की पहचान सीतापुर जिले के निवासी रामनरेश के रूप में हुई है। वह भरतपुर स्थित एक कंपनी में कार्यरत थे और खराब स्वास्थ्य के कारण अपने घर लौट रहे थे। रामनरेश अपने गांव के साथी विष्णु के साथ बस में सफर कर रहे थे। जैसे ही बस एक्सप्रेसवे पर 54 किलोमीटर के पास पहुंची, उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। उनकी हालत खराब होते देख बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद बस चालक ने तुरंत बस रोकी और यूपीडा की एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से रामनरेश को तत्काल शिकोहाबाद अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के साथी विष्णु ने पुलिस को बताया कि रामनरेश पहले से ही अस्वस्थ थे और घर लौटने के लिए बस से यात्रा कर रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी हालत गंभीर हो गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में चलती कार में लगी आग:मथुरा-बरेली हाईवे पर हुआ हादसा, दमकल कर्मियों ने बुझाई आग
हाथरस में हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में मथुरा-बरेली हाईवे पर देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। गांव टुकसान के पास बरेली से मथुरा की ओर जा रही एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना देर रात हुई कार में आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर में समान लोगों ने जैसे तैसे कार से निकल कर अपनी जान बचाई। इस दौरान कार धूं धूं कर जलने लगी। इस दौरान वहां जाम भी लग गया। यह कार मथुरा से बरेली की ओर जा रही थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू... सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम भी लग गया। बाद में फायर स्टेशन कर्मियों ने आग पर काबू पाया और इसके बाद ट्रैफिक सुचारू हुआ।
नगर विकास एवं आवास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने उनके खिलाफ 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप में FIR दर्ज किया है। तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी आज SVU की टीम ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव कुमार के 3 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। इनमें, पहला ठिकाना पटना के रामनगरी में सुमित गृहम अपार्टमेंट के वेस्ट ब्लॉक में फ्लैट नंबर- B 202 है। यहां एग्जीक्यूटिव इंजीनियर खुद परिवार के साथ रहते हैं। दूसरा ठिकाना दानापुर के खगौल रोड में लैंडमार्क गोल्ड का फ्लैट नंबर 807 है। वहीं, तीसरा ठिकाना पंत भवन के 6वें फ्लोर स्थित इनका सरकारी ऑफिस है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बॉयफ्रेंड ने गला घोंटकर अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। उसे शक था कि, प्रेमिका का किसी दूसरे के साथ अफेयर चल रहा है। इस बात पर दोनों का विवाद हुआ और गुस्से में आकर कार्तिक ने उसे मार डाला। उसके बाद खुद ही पुलिस को फोन कर मर्डर की जानकारी दी। घटना पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, युवती की पहचान यूनेश्वरी वर्मा (26) है, जो कि मूल रूप से खैरागढ़ जिले के चिचोला की रहने वाली थी। वह दुर्ग में पढ़ाई करती थी। आरोपी बॉयफ्रेंड कार्तिक राम साहू (27) बालोद जिले का रहने वाला है। पढ़ाई के दौरान दोनों की पहचान हुई थी। जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, यूनेश्वरी वर्मा पढ़ाई के लिए पुलगांव में किराए के मकान में रह रही थी, जबकि कार्तिक भी सुभाष नगर में किराए के मकान में रहता था। दोनों दुर्ग-बालोद रोड स्थित कोलिहापुरी के बीएम कॉलेज में बी.एड की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। दोस्ती धीर-धीरे प्यार में बदल गई। हालांकि कार्तिक यूनेश्वरी पर शक करता था कि, उसका किसी दूसरे के साथ अफेयर चल रहा है। इसी बातकर लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था। कमरे में ले जाकर मार डाला, पुलिस को खुद की जानकारी शुक्रवार (17 अप्रैल) करीब दोपहर एक बजे कार्तिक यूनेश्वरी को लेकर अपने रूम पहुंचा, जहां उसी बात पर उनका दोबारा विवाद हो गया। गुस्से में आकर कार्तिक ने यूनेश्वरी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद कार्तिक ने खुद ही पूरे मामले की जानकारी डॉयल-112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजवा दिया है। आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। पूछताछ में आरोपी अपना जुर्म स्वीकार लिया है। घटना स्थल से जुटाए अहम साक्ष्य पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं, जो मामले को मजबूत बनाने में जरूरी होंगे। कमरे की स्थिति और अन्य परिस्थितियों ने भी हत्या की पुष्टि हुई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) BNS के तहत केस दर्ज गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बॉयफ्रेंड ने पैर पकड़ा, दोस्त ने मुंह दबाया..तीसरे ने गला-घोंटा:2 महीने बाद मिला लड़की का कंकाल, शादी के लिए जिद करने पर मर्डर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बॉयफ्रेंड ने दोस्तों संग मिलकर गर्लफ्रेंड को मार डाला। गर्लफ्रेंड अपने बॉयफ्रेंड पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने युवती को मिलने बुलाया। फिर दोस्तों संग मिलकर गला घोंटकर मारा। वारदात के बाद शव कुछ दूर ले जाकर झाड़ियों में छिपा दिया था। पढ़ें पूरी खबर…
पानीपत में उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक 23 वर्षीय विवाहिता ने गांव नवादा-आर के एक युवक पर ब्लैकमेलिंग, नशीला पदार्थ पिलाकर रेप करने और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि युवक ने अश्लील वीडियो के नाम पर पीड़िता को कई महीनों तक मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। कॉल रिकॉर्डिंग के नाम पर बिछाया जाल पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी युवक उसका दूर का रिश्तेदार है। वह फोन पर उससे बातें करता था, जिसका पति ने विरोध किया। जब महिला ने बात करना बंद किया, तो आरोपी ने पुरानी कॉल रिकॉर्डिंग उसके पति को सुनाने की धमकी दी। रिकॉर्डिंग डिलीट करने के बहाने दिसंबर 2025 में आरोपी ने उसे सनौली के एक होटल में बुलाया। नशीला पदार्थ पिलाकर बनाई अश्लील वीडियो शिकायत के अनुसार, होटल में आरोपी ने महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ रेप किया और इस दौरान उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपी वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर उसे बार-बार सनौली और आसपास के क्षेत्रों में बुलाकर गलत काम करता रहा। चाकू की नोक पर रेप और मारपीट पीड़िता का आरोप है कि जब उसने वीडियो डिलीट करने की जिद की, तो आरोपी उसे फरीदपुर के पास ले गया और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती की। 2 अप्रैल 2026 को आरोपी उसे अपने खेत में बने कोठे पर ले गया, जहां अश्लील वीडियो मांगने पर आरोपी ने उसे डंडों से बुरी तरह पीटा और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। कोर्ट में खाली कागजों पर कराए हस्ताक्षर महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरदस्ती पानीपत कोर्ट ले गया और वहां डरा-धमका कर कई कोरे कागजों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए, ताकि वह कानूनी कार्रवाई न कर सके। परेशान होकर पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
फतेहपुर में पुलिस और चेन स्नेचरों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए, जबकि एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। पिछले कई दिनों से जिले में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग की घटनाएं बढ़ गई थीं। हाल ही में एक डॉक्टर की पत्नी के गले से चेन लूट ली गई थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की थी। सदर कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा, एसओजी टीम प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव और इंटेलिजेंस प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम मदारीपुर जाने वाली नहर पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। शनिवार तड़के मुखबिर से सूचना मिली कि चेन स्नेचिंग और डकैती की घटनाओं में शामिल चार अपराधी दो बाइकों पर सवार होकर प्रयागराज से फतेहपुर की ओर आ रहे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। चारों ओर से घिरने पर अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि मुठभेड़ में ईशु रावत उर्फ अनुभव (20) और अंशु कुशवाहा (21) के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। तीसरा अपराधी सौरभ उर्फ करन पटेल (21) अपने साथियों के घायल होने पर फायरिंग बंद कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर घायल बदमाशों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए इन तीनों अपराधियों पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
बदायूं में एक साल के मासूम के अपहरण के मामले में तीसरे दिन भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। जांच में सामने आया है कि मासूम को मैरिज लॉन से अगवा करने वाली महिला अपने गिरोह के साथ स्विफ्ट कार से भागी है। पुलिस ने आसपास के थानाक्षेत्रों और जिले की सीमाओं पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। आशंका है कि गिरोह बच्चे को संभल या कासगंज की ओर ले गया है। यह घटना बुधवार रात बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में स्थित एक मैरिज लॉन में हुई। संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी भूकन सिंह के एक साल के बेटे सौरभ का अपहरण किया गया। सीसीटीवी फुटेज में अपहर्ता महिला के साथ एक अन्य युवक भी दिखाई दिया है। मासूम की बरामदगी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में आसपास के थानेदारों को भी शामिल किया गया है। एक टीम सीमावर्ती इलाकों से जानकारी जुटा रही है, जबकि अन्य टीमें स्थानीय स्तर पर बच्चे की तलाश कर रही हैं। सहसवान, बिल्सी और बिसौली थानों की पुलिस इस अभियान में जुटी है। पुलिस ने बिल्सी के एग्जिट प्वाइंट्स के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इसके अतिरिक्त, बदायूं और संभल जिलों की सीमा से सटे ओरछी, कछला और आसपास के क्षेत्रों के कैमरे भी जांचे जा रहे हैं। भूकन सिंह अपनी पत्नी शांति और तीनों बेटों के साथ अपनी फुफेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मैरिज लॉन आए थे।
बिजनौर शहर कोतवाली के इंदिरा पार्क में शुक्रवार रात युवक-युवती को लेकर विवाद हो गया। अलग-अलग समुदाय से होने के कारण हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने दोनों को रोककर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने देर शाम इंदिरा पार्क में एक युवक और युवती को देखा। उन्होंने दोनों को रोक लिया, जिसके बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि युवक शहर के एक मोहल्ले का निवासी है और ई-रिक्शा चलाता है। युवती दूसरे समुदाय की है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और युवक-युवती को थाने ले आई। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने बीबीए और बीसीए सम-सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल तक बढ़ा दी है। यह उन छात्रों के लिए अंतिम अवसर है जो अब तक किसी कारणवश फॉर्म नहीं भर पाए थे। विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, बीबीए एवं बीसीए सम-सेमेस्टर सत्र 2025-26 की परीक्षाएं 28 अप्रैल से शुरू होंगी। संबंधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिन महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं अभी तक बीबीए या बीसीए का परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, उन्हें यह अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। ऐसे सभी अभ्यर्थी 18 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच परीक्षा फॉर्म भरने, उसका सत्यापन कराने और निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
गोंडा-घाघरा संजय सेतु के मरम्मत कार्य में तेजी लाई गई है पुल के जर्जर ज्वाइंटर और अप्रोच को मशीनों की मदद से तोड़कर मरम्मत का काम किया जा रहा है। कार्यस्थल पर बड़ी संख्या में मशीनें और मजदूर लगाए गए हैं, ताकि 15 जून तक यह कार्य पूरा किया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कार्यदायी संस्था को 15 जून तक हर हाल में मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मरम्मत के दौरान खोदी गई पक्की सड़क का निर्माण भी कार्य पूरा होने के बाद किया जाएगा, ताकि वाहनों के आवागमन में कोई बाधा न आए। पुल की खराब स्थिति के कारण आम जनता को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए शासन ने मरम्मत कार्य के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी। कार्यस्थल पर सुरक्षा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अनंत मौर्य ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संजय सेतु की मरम्मत का कार्य निर्धारित समय सीमा, यानी दो माह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। प्रशासन द्वारा कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस मरम्मत कार्य से क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पहले यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी।NHAI के अनुसार संजय सेतु के कई हिस्सों को तोड़कर नए सिरे से मरम्मत की जाएगी इस कार्य का मुख्य उद्देश्य पुल के ढांचे को अगले 20 से 25 वर्षों के लिए मजबूत बनाना है। घाघरा नदी पर एक नए पुल का प्रस्ताव फिलहाल भारत सरकार के पास लंबित है। जानकारों का मानना है कि यदि नया पुल स्वीकृत भी हो जाता है, तो उसे बनकर तैयार होने में कम से कम तीन साल का समय लगेगा। NHAI के अनुसार संजय सेतु के कई हिस्सों को तोड़कर नए सिरे से मरम्मत की जाएगी इस कार्य का मुख्य उद्देश्य पुल के ढांचे को अगले 20 से 25 वर्षों के लिए मजबूत बनाना है।घाघरा नदी पर एक नए पुल का प्रस्ताव फिलहाल भारत सरकार के पास लंबित है। जानकारों का मानना है कि यदि नया पुल स्वीकृत भी हो जाता है, तो उसे बनकर तैयार होने में कम से कम तीन साल का समय लगेगा।यही कारण है कि NHAI वर्तमान संजय सेतु की रिपेयरिंग को प्राथमिकता दे रहा है।ताकि यातायात पूरी तरह ठप न हो।
मधेपुरा के दीनापट्टी के समीप शुक्रवार की देर रात पटना से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच के निचले हिस्से में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब 11.20 बजे की बताई जा रही है। ट्रेन के जनरल कोच संख्या एस-5 में अचानक नीचे की ओर से धुआं निकलना शुरू हुआ, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में जब धुआं उठता दिखा तो कुछ यात्रियों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को सचेत करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। ट्रेन कुछ दूर आगे बढ़ी ही थी कि धुआं तेजी से आग की लपटों में बदल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को तत्काल रोका गया और उस कोच के यात्री नीचे उतरा। आधे घंटे तक रुकी रही ट्रेन रेलवे कर्मियों ने आग बुझाई। आग लगने के कारण करीब आधे घंटे तक ट्रेन रुकी रही। आग पर नियंत्रण के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। रेलवे प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुजफ्फरनगर में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में पंजीकृत हिस्ट्रीशीटरों को तलब कर उनका सत्यापन किया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में यह विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत हिस्ट्रीशीटरों की वर्तमान गतिविधियों, निवास स्थान, आपराधिक रिकॉर्ड और व्यवहार का बारीकी से सत्यापन किया गया। थानों में बुलाए गए अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि वे दोबारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए, तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने हिस्ट्रीशीटरों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की हिदायत दी। इसके साथ ही, संदिग्ध गतिविधियों और सक्रिय अपराधियों पर निगरानी भी तेज कर दी गई है। इस अभियान में थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों और स्थानीय पुलिस बल ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक औपचारिक सत्यापन नहीं है, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर फील्ड इंटेलिजेंस आधारित निगरानी का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध की संभावनाओं को पहले ही नियंत्रित करना है। पुलिस ने बताया कि जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने के लिए इस तरह के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
लखनऊ एसटीएफ और प्रतापगढ़ की स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये के इनामी गौ-तस्कर नदीम को देर रात गिरफ्तार किया है। उसे प्रतापगढ़ के थाना कोहरौर क्षेत्र से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नदीम पुत्र मोहम्मद खलील के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, नदीम पर गौ-तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जनपद चंदौली में दर्ज एक मुकदमे में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जानकारी के मुताबिक, नदीम मूल रूप से मुरादाबाद जनपद का निवासी है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा। संयुक्त टीम की सतर्कता और सुनियोजित रणनीति के कारण आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। फिलहाल पुलिस अभियुक्त से पूछताछ कर रही है। उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
फर्रुखाबाद जनपद के जहांनगंज थाना क्षेत्र में एक युवती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। शुक्रवार रात उसका शव छिबरामऊ मार्ग पर काली नदी पुल के पास सड़क किनारे खाई में फेंक दिया गया। युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई है। कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के उधरनपुर निवासी प्रेम चतुर्वेदी को शुक्रवार रात बाइक सवारों ने शव पड़े होने की सूचना दी थी। प्रेम की सूचना पर छिबरामऊ की साईंमीर चौकी प्रभारी रामजीत तिवारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल जहांनगंज थाने का होने के कारण वहां सूचना दी गई। इसके बाद जहांनगंज थाने के दरोगा रामबाबू, ब्रजेश और कन्हैया लाल मौके पर पहुंचे। युवती टी-शर्ट और लोअर पहने थी, जिसकी टी-शर्ट सिर से पेट तक खून से सनी थी। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य एकत्रित कराए। छिबरामऊ इंस्पेक्टर कपिल दुबे भी घटनास्थल पर पहुंचे। शव पुल के पास सड़क से करीब 15 फीट नीचे झाड़ियों में पड़ा मिला था। जहांनगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी ने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस शव की पहचान कराने के प्रयास में देर रात तक जुटी रही।
सिद्धार्थनगर में कालानमक चावल को उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए सिद्धार्थनगर को 161 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस पहल से 40 नए उद्यमियों को कालानमक चावल आधारित उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा, जिससे जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। शासन ने सिद्धार्थनगर के लिए कालानमक चावल को चयनित उत्पाद घोषित किया है। इसके बाद इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को संगठित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना के तहत राइस मिल इकाइयों की स्थापना, चावल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से संबंधित कार्यों के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। चयनित लाभार्थियों को विभाग की ओर से 25 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। इससे उद्यम स्थापित करने की लागत कम होगी और युवाओं को कारोबार शुरू करने में आसानी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से कालानमक चावल की मांग और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही, स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल पाएगा। कालानमक चावल अपनी गुणवत्ता, सुगंध और विशेषता के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहले से ही पहचान बना चुका है। अब इसे उद्योग के रूप में विकसित करने की पहल से जनपद की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओडीओपी योजना के माध्यम से कालानमक चावल आधारित उद्योगों के विस्तार से प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा और युवाओं का पलायन भी कम होगा। यह योजना जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनपद में इस योजना को लेकर युवाओं और किसानों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि 40 उद्यमियों के चयन के बाद कालानमक चावल की ब्रांडिंग और विपणन को नई गति मिलेगी, जिससे सिद्धार्थनगर की पहचान और अधिक मजबूत होगी। प्रशासनिक स्तर पर भी इसे जिले के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ओडीओपी योजना के तहत मिली यह सौगात सिद्धार्थनगर को कृषि उत्पाद आधारित उद्योगों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है। कालानमक चावल अब केवल जिले की परंपरागत पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं की आजीविका और आर्थिक समृद्धि का आधार बनने की ओर अग्रसर दिखाई दे रहा है।
आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं और जान से खेलने वालों की कमी नहीं है। इन दिनों एक ऐसा ही मामला सामने आ रहा है, जहां एक बाबा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को ठीक करने का दावा कर रहा है। इस बाबा के दरबार में रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जो इस उम्मीद में आते हैं कि उन्हें इस जानलेवा बीमारी से निजात मिल जाएगी। लेकिन, क्या वाकई में ऐसा कोई चमत्कार हो रहा है, या यह सिर्फ आस्था की आड़ में एक बड़ा धोखा है? दैनिक भास्कर की टीम ने इस बाबा और उसके दावों की तह तक जाने का फैसला किया। 'ऑपरेशन ढोंगी बाबा' के तहत भास्कर ने बाबा के दरबार और उसकी कार्यप्रणाली के तीन कड़े टेस्ट किए। इस स्टिंग ऑपरेशन में जो सच्चाई सामने आई है, वह हैरान करने वाली है। कैंसर जैसी बीमारी को ठीक करने के नाम पर पर्ची सिस्टम, रजिस्ट्रेशन और झाड़-फूंक का एक पूरा खेल चल रहा है। आखिर कौन है यह बाबा जो आस्था के नाम पर इतना बड़ा भ्रम फैला रहा है? क्या वाकई में लोगों का इलाज हो रहा है, या फिर उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है? इन सभी सवालों के जवाब और बाबा की पूरी हकीकत बेनकाब होगी रविवार सुबह 6 बजे। देखें और पढ़ें 'ऑपरेशन ढोंगी बाबा' सिर्फ दैनिक भास्कर ऐप पर।
पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार देर रात एक IAF विमान की हार्ड लैंडिंग के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस घटना के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन 8 घंटे तक प्रभावित रहा। भारतीय वायुसेना ने खुद इसकी जानकारी दी। IAF के मुताबिक, विमान की लैंडिंग के दौरान हुई घटना के बाद, सुरक्षा कारणों से रनवे को तुरंत बंद करना पड़ा। विमान का क्रू सुरक्षित है। किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। कैंसिल होने वाली फ्लाट्स में इंडिगो की 65, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5, एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10 फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद उड़ानें सुबह 7:30 बजे से शुरू हो गई हैं। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा। दरअसल, पुणे एयरपोर्ट डुअल यूज मॉडल पर काम करता है, जिसमें सिविल कमर्शियल उड़ानों के साथ-साथ एक एक्टिव एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशन भी शामिल है। वायुसेना के विमान का लैंडिंग गियर खराब हुआ था न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बताया कि शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे लड़ाकू विमान लैंडिंग करने वाला था। इस दौरान उसका 'अंडरकैरेज' (लैंडिंग गियर) खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। हालांकि यह कौन सा फाइटर जेट था, इसके बारे में अथॉरिटीज ने कोई जानकारी नहीं दी है। न ही इसके विजुअल मिल सकते हैं। क्या होती है हार्ड लैंडिंग आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है। हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं।
उमरिया जिले में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के निजी स्कूलों से फीस, पाठ्यपुस्तकों और बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। जिले में लगभग 197 निजी स्कूल संचालित हैं। प्रशासन का विशेष ध्यान स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस, पढ़ाई जाने वाली किताबों और दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप जैसी आवश्यक सुविधाओं पर है। इस पहल के बाद कई स्कूल संचालकों में हलचल मच गई है, और वे अपनी व्यवस्थाओं को सुधारने में जुट गए हैं। जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि स्कूलों से प्राप्त जानकारी का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद निरीक्षण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों पर अनावश्यक किताबों का बोझ नहीं डाला जाएगा और फीस भी निर्धारित सीमा के भीतर ही ली जा सकेगी। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कोई भी स्कूल एक वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकता है। मनमानी वसूली या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में रैंप जैसी सुविधाओं को अनिवार्य करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दिव्यांग छात्रों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। प्रशासन का यह कदम अभिभावकों और छात्रों को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटना के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) ट्रॉमा सेंटर में बहुप्रतीक्षित सर्जिकल सेवाओं की शुरुआत हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर को सक्रिय कर ट्रायल फेज में सर्जरी शुरू की है। इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' (पहले एक घंटे) के भीतर समुचित इलाज मिलने की उम्मीद है। पहले ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे इलाज में देरी होती थी और जान का जोखिम बढ़ जाता था। मरीजों को अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में अब जनरल सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और क्रिटिकल केयर जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू की जा रही हैं। दुर्घटना में घायल मरीजों को अक्सर सिर, छाती, पेट या आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आती हैं, जिनका इलाज अब यहीं संभव हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जनों के अलावा न्यूरो सर्जन, जनरल सर्जन और कार्डियक विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भटकना नहीं पड़ेगा और समय पर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा। एक दशक बाद मिली पूरी सुविधा लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) ट्रॉमा सेंटर को शुरू हुए एक दशक से अधिक समय हो चुका है, लेकिन यह अब तक पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो पाया था। पहले यहां मुख्य रूप से हड्डी (ऑर्थोपेडिक) से जुड़े मरीजों का ही इलाज होता था। सिर या आंतरिक चोट वाले गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच, एनएमसीएच या आईजीआईएमएस जैसे बड़े संस्थानों में रेफर करना पड़ता था। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती थी, जब ट्रॉमा सेंटर शहर के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वीआईपी क्षेत्रों के करीब स्थित है। क्या होना चाहिए और क्या है वास्तविक स्थिति एक ट्रॉमा सेंटर में 24x7 मल्टी-स्पेशियलिटी डॉक्टरों की उपलब्धता, अत्याधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी त्वरित जांच सुविधाएं, प्रशिक्षित स्टाफ और एम्बुलेंस नेटवर्क होना जरूरी होता है। LNJP की मौजूदा स्थिति अभी इन मानकों से काफी पीछे है। हालांकि, अत्याधुनिक उपकरणों से लैश ऑपरेशन थिएटर को चालू कर दिया गया है। बेसिक सर्जरी भी शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जरूरी सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। ICU की संख्या सीमित, वेंटिलेटर की सुविधा नहीं अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सेवाएं अपेक्षाकृत बेहतर हैं, लेकिन आईसीयू की संख्या सीमित है और वेंटिलेटर की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। यह गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ी बाधा बन सकती है। इसके अलावा 24 घंटे सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। रेडियोलॉजी सेवाएं पूरी तरह से एकीकृत नहीं हैं, जिससे जांच में देरी हो सकती है। ट्रॉमा में ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ की भी कमी है। सबसे बड़ी चिंता ब्लड बैंक की अनुपस्थिति है, जो किसी भी ट्रॉमा सेंटर के लिए अत्यंत आवश्यक सुविधा मानी जाती है। 300 बेड का नया भवन, लेकिन लक्ष्य अधूरा अस्पताल के विस्तार के तहत 300 बेड के नए भवन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस योजना में ट्रॉमा और मल्टी-स्पेशियलिटी सेवाओं को एकीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही आधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और उन्नत डायग्नोस्टिक ब्लॉक विकसित करने की भी योजना है। हालांकि, यह परियोजना अभी धीमी गति से आगे बढ़ रही है और इसे तैयार होने में वक्त लग सकता है। ऐसे में वर्तमान व्यवस्थाओं को मजबूत करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। ट्रायल फेज के सकारात्मक संकेत, लेकिन चुनौतियां बरकरार ट्रायल फेज के दौरान 25 सफल ऑपरेशन किए जाना एक सकारात्मक संकेत है, जो यह दर्शाता है कि ट्रॉमा सेंटर धीरे-धीरे अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ट्रायल के दौरान सामने आई छोटी-मोटी समस्याओं को लगातार दूर किया जा रहा है। निदेशक के अनुसार, लक्ष्य यह है कि दुर्घटना के शिकार हर मरीज को तत्काल और संपूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए और उसे पूरी तरह स्वस्थ कर ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाए। उम्मीदें जगीं, लेकिन सुधार की जरूरत LNJP ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी सेवाओं की शुरुआत निश्चित रूप से एक बड़ी उपलब्धि है और इससे पटना के मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर इलाज मिलना कई जिंदगियों को बचा सकता है। हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी भी कई कमियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर किए बिना इस व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। अगर प्रशासन इन चुनौतियों को समय रहते दूर कर लेता है, तो LNJP ट्रॉमा सेंटर वास्तव में राजधानी के लिए एक जीवनरक्षक संस्थान साबित हो सकता है।
कानपुर में शनिवार को 18 इलाकों में बिजली विभाग द्वारा शटडाउन लिया जाएगा। केस्को की ओर से 11 केवी रिकंडक्टरिंग और बिजली लाइनों के पास पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम किया जाएगा। इसके चलते अलग-अलग क्षेत्रों में 3 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। करीब 50 कर्मचारी फील्ड पर मरम्मत का कार्य करेंगे।इन इलाकों में रहेगा असरघंटाघर, मंजूश्री और टेलीफोन एक्सचेंज क्षेत्र के आसपास सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।गंगापुर कॉलोनी, गोपाल नगर, K ब्लॉक मछरिया, S ब्लॉक, बजरंग चौराहा और सैनिक चौराहा इलाके में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बाधित रहेगी।विकास नगर, अवधपुरी, मदारपुर, मोर बिल्डिंग और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिठूर चुग्गी, लवकुश नगर, ईश्वरीगंज, बैकुंठपुर और पैगूपुर इलाके में दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली नहीं रहेगी।विजयनगर क्षेत्र में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।विभाग की अपीलबिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी कार्य समय से पहले निपटा लें। विभाग का कहना है कि काम पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी जाएगी।
उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) पुनर्परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह परीक्षा 18 और 19 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षा पूरी तरह वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) होगी और पेन-पेपर (ओएमआर) मोड में कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को 120 मिनट में 100 प्रश्न हल करने होंगे। बायोमीट्रिक प्रक्रिया (आइरिस स्कैन और फोटोग्राफ) व उपस्थिति दर्ज करने में लगने वाले समय की भरपाई के लिए 5 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए 9 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4200 से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी। शनिवार को 17 विषयों और रविवार को 16 विषयों की परीक्षा होगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।समय से पहले पहुंचे अभ्यर्थी, देर से आने पर नहीं मिलेगा । प्रवेश परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। पहली पाली के लिए प्रवेश सुबह 8:45 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:45 बजे बंद हो जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी के पास नकल से संबंधित सामग्री पाई जाती है, तो उसे तुरंत परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा। साथ ही भविष्य में आयोग की परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं से भी वंचित किया जा सकता है, भले ही उस सामग्री का उपयोग किया गया हो या नहीं।
दतिया में महिला को 10 साल की सजा:झूठा रेप और SC/ST केस दर्ज कराने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
दतिया में झूठे रेप और एससी/एसटी एक्ट के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अति. सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने वैभवी सनोरिया को दोषी ठहराते हुए दस हजार पांच सौ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। मामला बड़ोनी थाना क्षेत्र का है। वैभवी सनोरिया ने 22 सितंबर 2021 की रात अपने पड़ोसी कालीचरण पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने दुष्कर्म एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर चालान विशेष न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान मामले ने मोड़ ले लिया। फरियादिया ने अदालत में अपने ही आरोपों से पलटते हुए बताया कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में उसने कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इसके बाद विशेष न्यायालय ने कालीचरण को दोषमुक्त करते हुए वैभवी के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में सुनवाई के दौरान पांच गवाहों के बयान हुए और अंतिम बहस के बाद अदालत ने वैभवी को दोषी करार दिया। फैसले में अदालत ने टिप्पणी की कि, इस तरह के झूठे मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है और समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर नकारात्मक धारणा पैदा करती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक है।
भागलपुर जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रिक्त सीटों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर जिले में 'अंतिम प्रहार' अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रखंडों में विशेष रणनीति बनाकर नामांकन बढ़ाया जाए। जिले में संचालित कस्तूरबा विद्यालयों में खासकर कक्षा 9 से 12 तक नामांकन अपेक्षाकृत कम है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ब्लॉक-टू-ब्लॉक रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है। जिन प्रखंडों में 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां की छात्राओं को दूसरे प्रखंडों के कस्तूरबा विद्यालयों के छात्रावासों में प्राथमिकता के आधार पर नामांकित किया जाएगा। इससे छात्राओं की पढ़ाई बीच में बाधित न हो और वे उच्च कक्षाओं तक शिक्षा प्राप्त कर सकें। घर-घर दस्तक देगी टीम इस अभियान को 'प्रवेश उत्सव' के रूप में मनाने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक छात्राओं और अभिभावकों को इससे जोड़ा जा सके। इसके तहत पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका समूहों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की मदद से घर-घर संपर्क कर छात्राओं को विद्यालय में नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यहां निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके बावजूद कई विद्यालयों में सीटें खाली रहना चिंता का विषय है, जिसे अब अभियान चलाकर दूर करने की कोशिश की जा रही है। डीईओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और जहां भी कमी पाई जाए, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल तक हर हाल में सभी सीटों को भरना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी के दस कारोबारियों के साथ दंपत्ति द्वारा 60.54 लाख रुपए ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दासों कारोबारियों की संयुक्त तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी ने बड़ा गणेश स्थित प्रथम फार्मा को दवा सप्लाई की थी। लेकिन किसी का भुगतान नहीं हुआ और जब दबवा बनाया गया तो जाली हस्ताक्षर किया हुआ चेक पकड़ा दिया गया। गलती पकड़े जाने पर फरवरी तक का समय मांगा गया पर अप्रैल आने के बावजूद अभी तक भुगतान न होने पर दवा कारोबारियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दवा व्यवसाइयों ने दी तहरीर सप्तसागर दवा मंडी के दवा व्यवसायी सौरभ अग्रवाल सहित 10 व्यवसाइयों ने कोतवाली थाने में कुल 60 लाख 54 हजार रुपए की ठगी की तहरीर दी है। इन्होने पुलिस को बताया - कोतवाली थानाक्षेत्र के बड़ा गणेश में मौजूद प्रथम फार्मा के प्रोप्राइटर मोना मद्धेशिया, पति मनीष मद्धेशिया और बेटे प्रथम मद्धेशिया ने हम सभी से अलग-अलग तरह के मेडिकल दवाएं नए क्रेडिट पर ली लेकिन दिसंबर 2025 से भुगतान बंद कर दिया। जबकि लगातार उनकी दुकान खुली रही और उन्होंने माल की बिक्री की। दबाव बनाने पर दिया जाली चेक दवा व्यवसाइयों ने बताया - जब हम सभी ने दबाव बनाया तो मनीष ने अपनी पत्नी मोना के नाम से एक चेक दिया। जिसे बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इसपर हम लोगों ने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो 26 जनवरी 2026 को हुई पंचायत के बाद फरवरी में सभी के भुगतान की बात कही गयी थी। लेकिन आज तक हमें पैसा नहीं दिया गया है। जो कुल 60 लाख 54 हजार रुपए है। पुलिस ने दर्ज की FIR एसीपी विजयप्रताप सिंह ने बताया - दवा कारोबारियों की तहरीर पर बीएनएस की धारा 316(5), 338, 336(3), 340(2) में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कर्रवाई की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही सबके पैसे वापस करवा दिए जाएंगे। अब जानिए किसका कितना फंसा है पैसा 1 - सौरभ अग्रवाल की फर्म अग्रवाल एन्ड अग्रवाल का 2,2,55,099/- लाख रुपए। 2 - विष्णु कुमार गुप्ता की फर्म विष्णु एजेंसी का 8,39,349/- लाख रुपए। 3 - देवानंद कुकरेजा की फर्म नारायण एंटरप्राइजेज का 7,16,365/- लाख रुपए। 4 - प्रदीप कुमार जायसवाल की फर्म आकाश फार्मा का 4,74,517/- लाख रुपए। 5 - महेश कुमार बरनवाल की फर्म बरनवाल एजेंसी का 3,47,899/- लाख रुपए। 6 - मोहन लाल गुप्ता की फर्म पीआर फार्मा का 3,18,008/- लाख रुपए । 7 - नंद लाल गुप्ता की फर्म नीरज मेडिसिन सेंटर का 3,02,216/- लाख रुपए। 8 - पुरषोत्तम कुमार मारू की फर्म मारू एंड मारू का 2,82,204 /- लाख रुपए । 9 - सिद्धार्थ लाढा की फर्म लढा एजेंसी का 2,71,473/- लाख रुपए। 10 - गोवर्धन इसरानी की फर्म विकास मेडिकल एजेंसी का 2,47,183/- लाख रुपए।
देवरिया में रेलवे ट्रैक किनारे मिला शव:ट्रेन से गिरने से मौत की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया जिले के दनउर पुल के समीप रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव मिला है। सुबह ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक किनारे पड़े शव को देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की और शव की पहचान कराने का प्रयास किया। मृतक की पहचान देवरिया जनपद के सुरौली थाना क्षेत्र के नागौर टोला निवासी बब्बन बिंद (43) पुत्र बीपत बिंद के रूप में हुई। यह पहचान मृतक के पास मिले मोबाइल फोन और आधार कार्ड के आधार पर की गई। इसके बाद परिजनों को घटना की सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत चलती ट्रेन से गिरने के कारण हुई है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार राय ने बताया कि दनउर पुल के पास रेलवे ट्रैक के समीप एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया यह ट्रेन से गिरकर हुई मौत का मामला प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जौनपुर में दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास:पीड़िता के अपहरण में चार को 6, एक को 7 साल की सजा
जौनपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में पीड़िता के अपहरण के चार अन्य आरोपियों को 6-6 साल और एक आरोपी को 7 साल के कारावास की सजा दी गई है। दुष्कर्म के दोषी छोटू पठान (नैनी, इलाहाबाद) और मनीष चंद्र मौर्य (मड़ियाहूं) को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अपहरण में शामिल दोषी कैफरीन (सुजानगंज) को 7 वर्ष कारावास और 47,000 रुपये अर्थदंड की सजा मिली है। वहीं, पीड़िता के अपहरण के दोषी सलीम, कलीम, हलीम और सलमान (सुजानगंज) को 6-6 वर्ष कारावास और प्रत्येक पर 35,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी। इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता के चाचा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सुजानगंज में उनकी चाय-पान की दुकान है। पुलिस और पुलिस अधीक्षक द्वारा शिकायत पर कोई सुनवाई न होने के बाद, कोर्ट के आदेश पर 4 मार्च 2015 को सुजानगंज थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। घटना 17 जनवरी 2015 की शाम 6:15 बजे की है, जब 16 वर्षीय पीड़िता अपनी बड़ी मां के साथ घर से कुछ दूरी पर शौच के लिए गई थी। लौटते समय पहले से घात लगाए आरोपियों ने उसे जबरन एक बोलेरो गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया। पीड़िता लगभग चार महीने तक लापता रही। 9 मई 2015 को इश्तियाक खान ने मिर्जापुर से फोन कर सूचना दी कि लड़की मिर्जापुर में अकेले रोते हुए मिली है। अगले दिन पीड़िता के चाचा मिर्जापुर पहुंचे और उसे वापस लाए। तब लड़की ने अपने साथ हुई आपबीती बताई। पुलिस विवेचना में यह सामने आया कि सलीम, कलीम, हलीम और सलमान ने पीड़िता का अपहरण किया था, जिसमें कैफरीन ने उनकी मदद की थी। इसके बाद छोटू पठान और मनीष चंद्र मौर्य ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने सातों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई।
धनबाद में मेयर समर्थक की गोली मारकर हत्या:घर में घुसकर की 3 फायरिंग, दो छाती में और एक सिर में लगी
धनबाद जिले के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में जनता श्रमिक संघ के केंद्रीय संगठन सचिव और मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव (28) की घर में घुसकर गोली मार हत्या कर दी। घटना सोनारडीह ओपी से महज 300 मीटर की दूरी पर एनएच-32 किनारे स्थित उनके आवास में हुई। बताया जाता है कि उस समय शुभम अपनी दादी के साथ घर पर थे। तभी दो अज्ञात हमलावर अचानक घर में घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शुभम को तीन गोलियां लगीं। जिसमें दो छाती में और एक सिर में। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इलाज के दौरान तोड़ा दम, अस्पताल में जुटी भीड़ गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल शुभम को आनन-फानन में कतरास और फिर निचितपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें धनबाद के असर्फी अस्पताल रेफर कर दिया। जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में समर्थकों, स्थानीय लोगों और जनता श्रमिक संघ के नेताओं की भारी भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने की जांच तेज, पांच खोखे बरामद घटनास्थल से पुलिस ने पांच खोखे बरामद किए हैं। धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय समेत पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना से पहले सोनारडीह पुलिस द्वारा इलाके में वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था, बावजूद इसके अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मेयर बोले- थाने के इतने करीब हुई घटना घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि थाना के इतने करीब इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। वहीं पुलिस ने बताया कि शुभम यादव के खिलाफ कतरास थाना में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2021 के चर्चित नीरज तिवारी हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। वह जुलाई 2023 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में मरीज गर्मी से बेहाल:कूलर खराब, 39 डिग्री तापमान में इलाज कराने मजबूर
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में भर्ती मरीज भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। अस्पताल में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच मरीजों को गर्मी और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के कई वार्डों में कूलर की व्यवस्था नहीं है। जिन वार्डों में कूलर लगाए गए हैं, उनकी टंकियां या तो गायब हैं या खाली पड़ी हैं। कुछ स्थानों पर बिजली के बोर्ड खराब होने के कारण कूलर चलाए नहीं जा पा रहे हैं। हाल ही में कुछ वार्डों में कूलर पहुंचाए गए हैं, लेकिन अधिकांश में टंकियां नहीं हैं। जिन कूलरों में टंकियां हैं, उनमें पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। मरीजों ने बताया कि बीमारी के साथ-साथ गर्मी और अव्यवस्थाएं उनकी परेशानी बढ़ा रही हैं। पंखों से गर्म हवा निकल रही है। पंखे बंद करने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे रात में नींद नहीं आ पाती। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से कूलर, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत करने पर केवल व्यवस्था सुधारने और कूलरों में टंकियां लगाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन सुधार कब तक होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. राजेंद्र डेहरिया ने बताया कि अस्पताल के लिए 50 से अधिक कूलर तैयार कराए गए हैं। जहां टंकियां नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की कार्रवाई की जाएगी। टंकियों में पानी भरवाने की जिम्मेदारी वार्ड प्रभारियों को दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरीजों को गर्मी में परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। इस संबंध में जिला अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. राजेंद्र डेहरिया ने बताया कि अस्पताल के लिए 50 से अधिक कूलर तैयार कराए गए हैं। जहां टंकियां नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की कार्रवाई की जाएगी। टंकियों में पानी भरवाने की जिम्मेदारी वार्ड प्रभारियों को दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरीजों को गर्मी में परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
सिवनी में फिसलने से बाइक सवार घायल:सिर, हाथ-पैर में आई गंभीर चोट, समनापुर गांव के पास हुआ हादसा
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में समनापुर गांव के पास 17 अप्रैल की देर रात एक सड़क हादसे में 21 वर्षीय युवक राहुल उइके गंभीर रूप से घायल हो गया। खैरी खुर्द सालेपानी निवासी राहुल अपनी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी समनापुर के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इस दुर्घटना में युवक को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना देर रात हुई, जिससे तुरंत किसी को जानकारी नहीं मिल पाई। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने घायल राहुल को देखा और स्थानीय लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। घंसौर अस्पताल में चिकित्सकों ने राहुल को प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर फिसलन या मोटरसाइकिल की तेज गति हादसे की वजह हो सकती है। घंसौर थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें सड़क हादसे में युवक के घायल होने की सूचना मिली है और मामले की पड़ताल जारी है।
हरदोई शहर में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के अपहरण का मामला सामने आया है। छात्रा के पिता ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शुक्रवार की देर शाम अपहरण और शादी का झांसा देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। शहर के एक मोहल्ले के निवासी व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी 15 अप्रैल की सुबह 7:30 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान उन्हें पता चला कि उनकी बेटी एक मोबाइल नंबर पर लगातार बात करती थी। पिता ने पुलिस को वह मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है, जिस पर उनकी बेटी बात करती थी। उन्हें संदेह है कि उसी नंबर वाला युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर किशोरी और आरोपी दोनों की तलाश शुरू कर दी है।
उन्नाव के सदर विधानसभा क्षेत्र के करीमाबाद, चंदन खेड़ा और अमलोना गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट है। आजादी के 70 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन गांवों के लोग बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। तीनों गांवों के ग्रामीण अपनी प्यास बुझाने के लिए केवल एक हैंडपंप पर निर्भर हैं। ग्रामीणों सुमेर, मुनेश, रंजीत और महेश के अनुसार, गांव के अधिकांश हैंडपंपों का पानी दूषित है। यह पानी न तो पीने योग्य है और न ही खाना बनाने के काम आता है। इस कारण लोगों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को इस समस्या का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है, जिनका दिन का बड़ा हिस्सा पानी लाने में ही बीत जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वे पूरे नहीं होते। पानी के संकट के साथ-साथ बाढ़ की समस्या भी इन गांवों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। सरकार की अमृत जल योजना के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई है। हालांकि, अब तक घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी है। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी न मिलने से योजना का कोई लाभ नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर जगी हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रियंवदा सिंह ने संतकबीर नगर के सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री और फिटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने बताया कि ऐसे वाहनों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के अंतर्गत, मोडिफाइड साइलेंसर या अन्य अवैध उपकरण लगाने वाले वर्कशॉप अथवा गैराज संचालकों पर प्रति उपकरण एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उनसे ऊपर के अधिकारियों को प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में परिवर्तन कर मोडिफाइड साइलेंसर या अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगाता है, तो उसके विरुद्ध धारा 182ए (4) के तहत कार्रवाई होगी। इस प्रावधान के अंतर्गत, वाहन स्वामी को छह माह तक का कारावास अथवा पांच हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर ऐसा वाहन चलाता है जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण एवं वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है, तो उसके खिलाफ धारा 190 (2) के अंतर्गत कार्रवाई होगी। प्रथम अपराध पर, संबंधित व्यक्ति को तीन माह तक का कारावास या दस हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों, साथ ही तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित वाहन चालक या स्वामी पर जुर्माने के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर या ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण पाए जाएंगे और जिनका चालान किया जाएगा, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत वाहन का पंजीयन प्रमाण-पत्र (RC) निलंबित करने की कार्रवाई प्राथमिकता पर की जाएगी। प्रियंवदा सिंह ने जनपद के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर आदि न लगाएं, अन्यथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सतना में देवलहा का जंगल 7 घंटे तक धधका:20 हेक्टेयर क्षेत्र जला, आग बुझाने में दो वनकर्मी हुए बेहोश
सतना के मझगवां रेंज के देवलहा बीट के जंगल में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। रोहनिया गांव के पास स्थित कक्ष क्रमांक पी-839 और पी-840 में लगी इस आग से करीब 15 से 20 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक हो गया। आग बुझाने के दौरान दो वनकर्मी भी बेहोश हो गए। यह आग दोपहर करीब 1 बजे अज्ञात कारणों से लगी थी। प्रभारी रेंजर अभिषेक मिश्रा के अनुसार, आग मुख्य रूप से झाड़ियों और लेंटाना में लगी थी, लेकिन तेज हवा और सूखी तुलसा की झाड़ियों के कारण तेजी से फैलती चली गई। आग की लपटें 10 से 12 फीट ऊंची उठ रही थीं, जिससे इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग का पूरा अमला मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। परिक्षेत्र के 12 वनकर्मी और 25 सुरक्षा श्रमिक लगातार 7 घंटे तक फायर बीटर्स और लीफ ब्लोअर की मदद से आग पर काबू पाने के लिए संघर्ष करते रहे। रात करीब 8 बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। आग बुझाने के अभियान के दौरान दो वनकर्मी रामकृष्ण पांडेय और गोविंद यादव ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक तापमान के कारण अचेत हो गए। उन्हें तत्काल मझगवां के शासकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद लगभग 3 घंटे बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एहतियात के तौर पर चित्रकूट से फायर ब्रिगेड भी बुलाई गई थी, ताकि आग रोहनिया गांव तक न फैले। हालांकि, जंगल के अंदर रास्ता न होने के कारण दमकल वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। वन विभाग के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर-51 के लिए आज 18 अप्रैल से पुनर्परीक्षा करा रहा है। कड़ी निगरानी के बीच यह आयोजित कराई जा रही है। 2 दिनों तक होने वाली इस परीक्षा के लिए वाराणसी समेत 6 शहरों में कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, लखनऊ व गोरखपुर में परीक्षा हो रही है। वाराणसी में इसके लिए 8 परीक्षा केंद्र बने हैं। आयोग के अध्यक्ष व पूर्व DGP डा. प्रशांत कुमार ने इस परीक्षा को लेकर विशेष सख्ती की है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई परीक्षा में नकल करते या कराते हुए तथा किसी भी तरह की सेंधमारी करने का प्रयास करता है तो उसे सीधे आजीवन कारावास की सजा होगी। आयोग में बने कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी सभी परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों को एवं सभी महत्वपूर्ण हिस्सों को CCTV से लैस किया गया है। इसकी निगरानी जनपद के कंट्रोल रूम तथा आयोग के कमांड एंड कंट्रोल रूम से जोड़ा जा गया है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों की विधिवत तलाशी के बाद ही उन्हें एंट्री मिलेगी। सभी परीक्षा केंद्रों के आप-पास निषेधाज्ञा लागू की गई है। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा उनकी निगरानी टीमों के द्वारा परीक्षा केंद्रों पर लगातार भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त फोर्स की तैनाती की गई है। संदिग्ध व असामाजिक तत्वों पर सख्ती से नजर रखने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के द्वारा किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक डिवाइस मोबाइल फोन आदि का प्रयोग प्रतिबंधित होगा। विमल कुमार विश्वकर्मा वाराणसी के प्रेक्षक प्रत्येक जनपद के लिये एक-एक सदस्य को प्रेक्षक नामित कर जनपदों में भेजा गया है। वाराणसी के लिए विमल कुमार विश्वकर्मा को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। वह जनपद में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिए। इसी तरह गोरखपुर में डा.कृष्ण चंद्र वर्मा, प्रयागराज में डा. हरेन्द्र कुमार राय, आगरा में कीर्ति गौतम, मेरठ में प्रो. राधाकृष्ण एवं लखनऊ में योगेन्द्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किये गये हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें परीक्षा : अध्यक्ष आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की गयी है कि वे समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तथा प्रवेश पत्र में लिखित निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उनके हित में सुनिश्चित की गयी हैं। अभ्यर्थी किसी अफवाह या बहकावे में न आयें । आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं 'X' हैंडल @upesscprayagraj पर सूचनाओं के संबंध में पुष्टि कर लें। एक साल बाद दोबारा हो रही यही परीक्षा दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के तहत एडेड डिग्री कालेजों में 910 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए 16 और 17 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित कराई थी। भर्ती के लिए करीब 82 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद से ही बड़े पैमाने पर धांधली, नकल और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने लगी थीं। अभ्यर्थी भी लगातार इसको लेकर धरना प्रदर्शन भी करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए CM के निर्देशन में STF ने गोपनीय जांच कराई। जांच में बड़ा खुलासा हुआ था। इसके बाद STF ने फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार कर लिया था।
दरभंगा में संदिग्ध हालत में विवाहिता की मौत हो गई। कमरे में फंदे से लटका हुआ शव मिला है। मृतका की पहचान बिरजे सहनी की पत्नी रानी देवी(22) के तौर पर हुई है। मायके पक्ष ने पति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। घटना हायाघाट थाना क्षेत्र के नेमात गांव की है। मृतका के भाई पप्पू सहनी कि रानी का पति चेन्नई में काम करता है। पिछले तीन महीनों से घर नहीं आया था। खर्च के लिए पैसे भी नहीं भेजता था। गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे सूचना मिली कि मेरी बहन ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली है। रात में पति से वीडियो कॉल पर उसकी बात भी हुई है। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। प्रताड़ना से तंग आकर रानी ने खौफनाक कदम उठा लिया। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग वहीं, भाभी विभा देवी ने बताया कि पति घर आने पर उसके साथ दुर्व्यवहार करता था। लगातार मानसिक तनाव के कारण रानी ने अपने तीन साल के बच्चे को छोड़कर यह कदम उठाया। आरोपी पति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। छानबीन में जुटी पुलिस डीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के बयान के आधार पर छानबीन की जा रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
दामाद ने पत्नी और सास पर चाकू से हमला किया:लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद, दोनों महिला की हालत गंभीर
कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के देवगांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सास पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें कटनी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद आरोपी दामाद फरार हो गया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना पारिवारिक विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर हुई। घायल मनियां ने बताया कि उनकी बेटी काजल का अपने पति से लंबे समय से विवाद चल रहा था। काजल ने पति पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उसके साथ रहने से इनकार कर दिया था और वह अपने मायके देवगांव में रह रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार शाम काजल और उसकी मां मनियां किसी काम से बाहर निकली थीं। तभी आरोपी दामाद वहां पहुंचा और काजल पर जबरन अपने साथ चलने का दबाव बनाने लगा। जब मां-बेटी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई और दोनों घायलों को तत्काल कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। रीठी थाना पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल के मैनेजर से ब्लैकमेलिंग कर 5 लाख रुपए मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, कोहका साकेत नगर निवासी निर्मल सिंह (47) एसबीएस हॉस्पिटल, पावर हाउस भिलाई में मैनेजर के पद पर पदस्थ है। उन्होंने बताया कि सुंदर नगर भिलाई निवासी गुरूमीत सिंह वाधवा (55) अस्पताल में कैंसर का इलाज कराने आते थे। अस्पताल प्रबंधन के निर्देश पर उन्हें इंजेक्शन मुफ्त में लगाया जाता था। निर्मल सिंह के अनुसार, जरूरी काम का हवाला देकर मरीज ने बिल की मांग की थी, जिसके बाद अस्पताल की ओर से इंजेक्शन का बिल कंपनी रेट के हिसाब से तैयार कर गुरूमीत सिंह को दिया गया। लेकिन उन्होंने उसका अब तक भुगतान नहीं किया। आरोप है कि, इसी बिल को फर्जी बताकर गुरूमीत सिंह वाधवा ने उल्टा अस्पताल मैनेजर को ही ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और 5 लाख रुपए की मांग की। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी अस्पताल के चेंबर में पहुंचा और गाली गलौज शुरू कर दी। उस समय गुरुमुख सिंह रंधावा और मनोज साहू भी मौजूद थे। मैनेजर ने पैसे देने से मना कर दिया। फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी इसके बाद 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी फिर अस्पताल पहुंचा। उस समय मैनेजर मरीजों की देखभाल में व्यस्त थे। आरोप है कि आरोपी ने वहां गाली-गलौज की और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। साथ ही आरटीआई लगाने की बात कहकर चला गया। घटना के दौरान अस्पताल के कई स्टाफ मौजूद थे। मैनेजर का कहना है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास सुरक्षित है। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर पीड़ित ने यह भी बताया कि, पहले भी इस मामले में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वे आरोपी से डरे हुए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा की धारा 3 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में किसान कर पाएंगे आड़ू की खेती:कृषि विश्वविद्यालय ने किया शोध, आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
अयोध्या में अब आड़ू की खेती संभव हो गई है, जो अब तक केवल पहाड़ी इलाकों का फल माना जाता था। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के वैज्ञानिकों ने इस पारंपरिक धारणा को चुनौती देते हुए पूर्वांचल के मैदानी क्षेत्रों में आड़ू उगाने में सफलता हासिल की है। यह शोध किसानों की आय बढ़ाने का नया रास्ता खोल सकता है। परंपरागत रूप से, भारत में आड़ू की खेती जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे ठंडे राज्यों तक सीमित रही है, जहां लंबे समय तक 'चिलिंग' यानी ठंड का प्रभाव रहता है। हालांकि, बदलती कृषि तकनीक और वैज्ञानिक नवाचारों के कारण अब पूर्वांचल जैसे मैदानी इलाकों में भी इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। विश्वविद्यालय के उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के प्रक्षेत्र में वैज्ञानिकों द्वारा आड़ू की विभिन्न प्रजातियों पर प्रयोग किए जा रहे हैं। उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप के नेतृत्व में डॉ. निरंजन सिंह इस दिशा में महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश के यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना से आड़ू की उन्नत प्रजातियों के पौधे मंगाकर रोपित किए गए थे। रोपण के दूसरे ही वर्ष इन पौधों में फल आने शुरू हो गए, जो अब पकने की अवस्था में पहुंच चुके हैं। डॉ. निरंजन सिंह के अनुसार, अगले दो वर्षों में इस शोध के आधार पर पूर्वांचल के किसानों के लिए उपयुक्त उत्पादन तकनीक विकसित कर ली जाएगी। इससे किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ आड़ू की बागवानी कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पोषण की दृष्टि से भी आड़ू बेहद लाभकारी फल है। इसमें आयरन, पोटेशियम, फास्फोरस विटामिन C, विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), विटामिन E, विटामिन K और विटामिन B समूह प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी, रोग प्रतिरोधक क्षमता और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज का यह प्रयास क्षेत्रीय बागवानी को नई दिशा देगा और पूर्वांचल को फल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।
सिरसा की अनाज मंडियों में आज गेहूं उठान में देरी बड़ी समस्या बन गई है। एक तरफ मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है तो दूसरी ओर गेहूं मंडी परिसर में खुले में रखा हुआ है। ताजा मामला, नाथुसरी चौपटा मंडी में खुले में रखा गेहूं बारिश में भीग गया। बाकी मंडियों के भी ऐसे ही हालात है, जहां पर एजेंसियों उठान को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार एवं मार्केट कमेटी की ओर से पोर्टल भी आढ़तियों के लिए समस्या बन गई है। इस बारे में सिरसा के आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने आज हर जगह डिजिटल पोर्टल सिस्टम बना दिया है, जो किसान व आढ़तियों के लिए परेशानी बना हुआ है। पोर्टल में कई तरह की खामियां है। खास बात है कि एफसीआई की ई-खरीद पोर्टल पर अभी तक कनेक्टिविटी नहीं है। आढ़ती एसोसिएशन बोली, इस कारण उठान के बाद गाड़ियां गोदाम में खाली होने के लिए जाती है। वहां से गाड़ी खाली होकर वापस आ जाती है, पर वो गाड़ी पोर्टल पर लॉग आउट नहीं होती। वह गाड़ी साइट पर लॉग इन ही रहती है। गोदाम वाले गाड़ी खाली करवा लेते हैं, परंतु इसे गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में आढ़ती एसोसिएशन मार्केट कमेटी सचिव से भी मिली है और इस समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है। हर शर्त पूरी कर पाना मुश्किल- आढ़ती आढ़ती एसोसिएशन ने कहा पोर्टल सिस्टम के कारण बहुत समय लगता है। कभी पोर्टल चलता नहीं, तो कभी बंद हो जाता है। किसान भी ऐतराज जता रहे हैं। उनके लिए भी हर शर्त पूरी कर पाना मुश्किल हो जाता है। मगर सरकार इसके प्रति गंभीर नहीं है। सरकार की ओर से किसी विधायक या मंत्री ने किसान व आढ़ती के पक्ष में आवाज नहीं उठाई है। सिरसा में भी ऐसा हाल है। ये पूरे हरियाणा की समस्या- उप प्रधान हरियाणा राज्य आढ़ती एसोसिएशन से उप प्रधान मनोहर मेहता ने बताया, साइट चल नहीं रही है और उठान के बाद गाड़ी ऑफलाइन एफसीआई के गोदाम में खाली कराने को भेजनी पड़ती है। गाड़ी तो एफसीआई वालों ने गोदाम में खाली करवा ली, पर पोर्टल से वह लॉग आउट नहीं हो पा रही। ये पूरे हरियाणा की समस्या है। इसे सरकार व अधिकारी जल्द ठीक करवाए, ताकि काम ढंग से हो सके। विपक्ष से हर कोई आ चुका- गर्ग अनाज मंडी शहरी प्रधान आढ़ती कीर्ति गर्ग ने कहा एफसीआई गोदाम वालों ने गाड़ी खाली करवा ली, वो गाड़ियां वापस आ गई है और दोबारा लोड हो गई है। परंतु वो गाड़ियां लॉग आउट नहीं हो पा रही है। एफसीआई की ई-खरीद पर ऑनलाइन कनेक्टिविटी ही नहीं है। जब तक उसकी कनेक्टिविटी नहीं होगी, तब तक ये रिकॉर्ड वैसे ही पड़ा रहेगा। वो गाड़ियां न उतारने में शामिल है, तो न खाली करवाने में। वह गाड़ी आगे भी नहीं जा सकती। इसलिए एफसीआई की कनेक्टिविटी जल्द करवाई जाए। पोर्टल समस्या पर गर्ग ने कहा, इन चीजों में समय लगता है, क्योंकि अभी व्यवस्थाएं पूरी नहीं है। सिरसा में आढ़तियों व किसानों की समस्या सुनने को सरकार की ओर से कोई नहीं आया है और विपक्ष ने ही सुध ली है। इनेलो, जजपा व कांग्रेस से नेता व विधायक मंडी में आ चुके है और उनकी समस्या जानी है। मौसम भी खराब है। इसलिए किसान व आढ़ती को भारी नुकसान हो सकता है। फसल भीगने पर एजेंसी-आढ़ती होंगे जिम्मेदार मार्केट कमेटी सचिव वीरेंद्र मेहता का कहना है कि अगर मंडी में आने के बाद किसान की फसल भीग जाती है, तो इसके लिए एजेंसी या आढ़ती ही जिम्मेदार होगा। हमारी ओर से सभी को हिदायतें दी हुई है और तिरपाल आदि व्यवस्था मुहैया करवाई जाती है। एजेंसियों ने भी जल्द उठान का दावा किया है, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बाल विवाह की सूचना पर 1100 रुपए का नकद इनाम:उदयपुर में एक महीने तक चलेगा अभियान, पोस्टर का विमोचन
उदयपुर में बाल विवाह की रोकथाम के लिए 'बाल विवाह मुक्त उदयपुर' अभियान का एक महीने का आगाज किया है। अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए यह पहल की गई है। जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग, गायत्री सेवा संस्थान और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस ने संयुक्त रूप से इस अभियान को शुरू किया है। अभियान की शुरुआत राजकीय किशोर गृह में आयोजित बैठक में पोस्टर विमोचन के साथ हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बाल विवाह को एक दंडनीय अपराध बताया और इसकी रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई पर जोर दिया। बाल विवाह की सूचना देने वाले को 1100 रुपए का नकद इनाम उपनिदेशक के.के. चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि प्रशासन इस संबंध में पूरी तरह अलर्ट है। गायत्री सेवा संस्थान के नितिन पालीवाल ने 8239999288 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी, जहां बाल विवाह की सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सत्यापन के बाद सूचना देने वाले को 1100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अभियान के तहत हलवाई, बैंड और फोटोग्राफर जैसे संबंधित हितधारकों को बाल विवाह कानून की जानकारी दी गई। इसी बीच जनगणना 2027 के तहत जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण का तीसरा दिन भी संपन्न हुआ। इस दौरान एचएलओ मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। मास्टर ट्रेनर बनवारी लाल बुम्बरिया ने प्रगणकों और सुपरवाइजर्स की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया। जिला समन्वयक महेंद्र मीणा ने जनगणना को महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए इसके डेटा की उपयोगिता पर बात की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने आमजन से जनगणना में सहयोग करने और सही जानकारी प्रदान करने की अपील की।
नीमच जिले की जीरन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में बिना नंबर की कार से 200 किलोग्राम (2 क्विंटल) अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। यह कार्रवाई हर्कियाखाल पुलिस सहायता केंद्र के सामने नाकाबंदी के दौरान की गई, लेकिन कार चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। हर्कियाखाल पुलिस सहायता केंद्र के सामने चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक सफेद रंग की बिना नंबर वाली शेवरले कार को रुकने का इशारा किया। चालक ने पुलिस को देखते ही कार की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेड्स को टक्कर मारते हुए तेजी से भाग निकला। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन का पीछा किया। करीब आधा किलोमीटर आगे चालक अपनी कार को चालू हालत में ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग गया। पुलिस ने लावारिस मिली कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के भीतर से 8 काले रंग के प्लास्टिक के कट्टे बरामद हुए। इनमें 200 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा भरा हुआ था। पुलिस ने डोडाचूरा और तस्करी में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में थाना जीरन पर अज्ञात चालक के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत अपराध क्रमांक 96/26 पंजीबद्ध किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश यादव और हर्कियाखाल चौकी की टीम इस कार्रवाई में शामिल थी। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-25 की प्रारंभिक परीक्षा 31 मई को आयोजित करने का ऐलान किया है। 1253 पदों के लिए इस परीक्षा में रिकॉर्ड 1,14,955 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। आयोग के अनुसार, हिंदी विषय में सबसे अधिक 16,098 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा, उसके बाद इतिहास में 11,272 और राजनीति विज्ञान में 10,519 आवेदन दर्ज हुए। वाणिज्य में 8423, भूगोल में 7741, शिक्षाशास्त्र में 6616, समाजशास्त्र में 6163 और वनस्पति विज्ञान में 5864 अभ्यर्थी शामिल हैं। इसी क्रम में रसायन विज्ञान में 5403, अंग्रेजी में 4866, जंतु विज्ञान में 4437, संस्कृत में 4315, गणित में 3916, भौतिक विज्ञान में 3852 तथा अर्थशास्त्र में 3780 आवेदन प्राप्त हुए। गृह विज्ञान में 2991, शारीरिक शिक्षा में 1820, चित्रकला में 1582, मनोविज्ञान में 1537, उर्दू में 787, कंप्यूटर साइंस में 573, संगीत गायन में 658, संगीत वादन तबला में 141, संगीत वादन सितार में 71, सैन्य विज्ञान में 263, सांख्यिकी में 290 तथा फारसी में 82 अभ्यर्थियों ने भागीदारी दर्ज की। आयोग ने मुख्य परीक्षा 15 सितंबर से एक अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड और अन्य अपडेट देखें।
लोकसभा में संविधान संशोधन और परिसीमन विधेयकों पर चर्चा के दौरान नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है और महिला वर्ग को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना उनकी विचारधारा का मूल है, लेकिन वे ऐसे मनमाने परिसीमन के सख्त खिलाफ हैं जो दलितों, आदिवासियों, ओबीसी और मुस्लिम समाज के हितों को चोट पहुंचाता हो। सांसद ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और दलित नेता कांशीराम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिसकी जितनी संख्या भारी है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का उदाहरण देते हुए विधेयकों की मंशा पर प्रश्न उठाए और कहा कि बिना व्यापक चर्चा और जन-सहमति के किए जा रहे ये संवैधानिक बदलाव देश की मूल भावना के विपरीत हैं। बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र केवल संख्या का खेल नहीं बल्कि विश्वास का नाम है, जिसे वर्तमान सरकार कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जातिगत जनगणना के बाद ठोस कदम उठाने के बजाय बिना राज्यों और दलों से संवाद किए इन विधेयकों को जल्दबाजी में प्रस्तुत किया है। राजस्थान का पक्ष रखते हुए सांसद ने आंकड़ों के साथ बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में 48 लोकसभा सीटें होनी चाहिए, लेकिन सरकार के प्रस्तावों से राज्य को 10 सीटों का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने दक्षिण भारत के राज्यों और संघीय ढांचे की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। सांसद ने अंत में कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के समय यह विधेयक लाना केवल दिखावे की राजनीति है और यदि सरकार वास्तव में गंभीर होती तो जातिगत जनगणना के आधार पर ओबीसी वर्ग को आरक्षण और एससी-एसटी सीटों में वृद्धि करती।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा के पचपदरा में हाई टेक्नोलॉजी रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस प्रोग्राम को लेकर प्रशासन, सरकार, बीजेपी और एचपीसीएल तैयारियों में जुटे हैं। रिफाइनरी के सामने करीब 2 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि अलग-अलग जिलों को भीड़ जुटाने के लक्ष्य दिए गए हैं। इस बीच भीड़ जुटाने और स्टूडेंट्स को प्रोग्राम में ले जाने के आदेशों को लेकर सांसद और विधायक ने सवाल उठाए हैं। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने X पर शिक्षा विभाग के आदेश को साझा करते हुए लिखा कि भ्रमण के नाम पर स्टूडेंट्स को सभा में ले जाने के निर्देश शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। वहीं बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी X पर आदेशों की कॉपी साझा कर आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए प्रशासनिक संसाधनों और लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने लिखा कि सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को रिफाइनरी भ्रमण के नाम पर प्रोग्राम में ले जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है। भीड़ जुटाना बना चुनौती प्रोग्राम ऐसे समय पर हो रहा है जब आखातीज के कारण गांवों में शादियां चल रही हैं। हर गांव में कई शादियां होने से लोग सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। वहीं दूसरी ओर बाड़मेर में तापमान 42-43 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे रैली में भीड़ जुटाना प्रशासन और पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है। जिलों को दिए गए अलग-अलग लक्ष्य मिली जानकारी के अनुसार बाड़मेर जिले में 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें गुड़ामालानी से 12 हजार, शिव से 8 हजार, चौहटन से 10 हजार, बाड़मेर से 10 हजार और बायतु से 15 हजार लोगों को लाने की योजना है। बालोतरा जिले को 1 लाख लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, बीकानेर, पाली और सिरोही से भी 1 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए बाड़मेर कलेक्ट्रेट परिसर के अटल सेवा केंद्र में कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह भाटी को इसका प्रभारी बनाया गया है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द जिला प्रशासन ने सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है। अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्टूडेंट्स को ले जाने के आदेश पर सवाल बायतु विधायक हरीश चौधरी ने X पर शिक्षा विभाग का एक आदेश ट्वीट करते हुए लिखा कि भ्रमण के नाम पर स्टूडेंट्स को जबरन प्रधानमंत्री की सभा में ले जाने का यह आदेश न केवल शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है बल्कि लोकतांत्रित मूल्यों का भी खुला अपमान है। बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने एक्स पर आदेशों की कॉपी ट्वीट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी के प्रोग्राम के नाम पर जिस प्रकार भीड़ जुटाने के लिए प्रशासनिक संसाधनों और लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जोधपुर संभाग के सरकारी स्कूलों के 11वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को रिफाइनरी भ्रमण के नाम पर प्रोग्राम में ले जाने के निर्देश दिए जा रहे है। लोकतंत्र में जनसमर्थन होना चाहिए, न कि दबाव और प्रशासनिक दुरूपयोग के माध्यम से जुटाया जाए।
लुधियाना में गैंगस्टर के नाम पर धमकी देने का मामला सामने आया है। थाना सराभा नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता तकदीर सिंह और कुलदीप सिंह पुत्र परमिंदर सिंह निवासी बाड़ेवाल, लुधियाना ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ‘अर्श डल्ला’ गैंगस्टर के नाम पर फेसबुक पर लाइव होकर उनके परिवार को धमका रहा है। आरोप है कि 17 अप्रैल 2026 को उनके मोबाइल नंबर पर एक विदेशी नंबर (+92-3061335479) से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें करीब 1 मिनट 11 सेकंड तक धमकियां दी गईं। पुलिस ने आरोपी अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। 2022 में डल्ला को आतंकी घोषित किया गया बता दें कि, केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने साल 2022 में डल्ला को आतंकी घोषित किया। डल्ला पर देश भर में 70 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। डल्ला के गैंग में 300 से अधिक मैंबर एक्टिव हैं। सिलसिलेवार जानिए, अर्श डल्ला कैसे बना भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी... खेती करते थे डल्ला के पिता- पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद उसका आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) अर्श डल्ला ही चला रहा है। डल्ला का जन्म 1996 में मोगा के गांव डाला में हुआ था। उसके पिता चरणजीत सिंह गिल एक आम किसान थे, जोकि ठेके पर जमीन लेकर खेती करते थे। डल्ला शुरू से आपराधिक संगत में नहीं था। आर्थिक तंगी से प्राइवेट स्कूल छोड़ा- अर्श डल्ला ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई मोगा के सेक्रेड हार्ट स्कूल से की। उसका छोटा भाई भी उसके साथ पढ़ता था। आर्थिक तंगी के चलते 10वीं के बाद 12वीं तक की पढ़ाई डल्ला ने अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। दोस्तों के साथ झगड़ा करने पर पहली FIR हुई- 12वीं के बाद अर्श डल्ला ने भारत में पढ़ाई नहीं की। इस दौरान डल्ला की संगत बुरी हुई तो उसके लड़ाई-झगड़े भी होने लगे। पहली बार अर्श ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मोगा में एक झगड़ा किया था, जिसमें पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद डल्ला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विदेश से लौट मोगा में की गैंगस्टर सुक्खा लम्मा की हत्या- परिवार ने अर्श को किसी तरह से विदेश भेज दिया। जब विदेश गया तो उसकी मोगा के बदमाश सुक्खा लम्मा के साथ किसी बात को लेकर दुश्मनी हो गई। इसके बाद वह विदेश से भारत लौट आया और उसने सुक्खा लम्मा की अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी। सुक्खा अपने एरिया में काफी प्रभाव रखता था। यह पहली हत्या थी, जोकि अर्श द्वारा की गई थी। डल्ला ने लम्मा की हत्या के बाद उसके सोशल मीडिया अकाउंट से कई लोगों से उगाही की और फिरौतियां मांगीं। लम्मा का नाम सुनकर लोगों ने फिरौतियां दी भी। साल 2020 में ही डल्ला दोबारा विदेश भाग गया था। इसके बाद कनाडा से मोगा के चर्चित कारोबारी सुपर शाइन जींस शोरूम के मालिक जितेंद्र उर्फ पिंका (45) की गोली मारकर हत्या करवाई गई थी। इसकी जिम्मेदारी गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह लम्मा ने फेसबुक पर ली थी। जांच में पता चला कि हत्या अर्श ने करवाई थी, लेकिन जिम्मेदारी लम्मा के अकाउंट से ली गई। राजस्थान की लड़की से पेपर मैरिज कर भागा विदेश- सुक्खा की हत्या के बाद डल्ला की मोगा में दुश्मनी बढ़ गई थी। इसके बाद डल्ला ने उगाही के पैसों से विदेश भागने का प्लान बनाया। विदेश भागने में उसकी मदद खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के गुर्गों ने की थी। उसने राजस्थान की एक लड़की से पेपर मैरिज की और जालंधर से एक फेक पासपोर्ट बनवाया। पेपर मैरिज के प्रूफ लगाकर वह किसी तरह कनाडा भाग गया और सरे में जाकर शरण ले ली। कनाडा पहुंचते ही वह खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में आ गया था। बाद में कनाडा के सरे में ही अर्श डल्ला की एक बेटी हुई। अर्श के भाई बलदीप सिंह की भी गिरफ्तारी हुई- वहां से डल्ला ने एक-एक कर पूरे देश में वारदातें करवानी शुरू कीं। इस दौरान अर्श के भाई बलदीप सिंह की भी गिरफ्तारी हुई। जब बलदीप सिंह जमानत पर लौटा तो वह अपनी मां के साथ कनाडा भाग गया और वहां से कभी नहीं लौटा। डल्ला पर करीब 70 से ज्यादा मामले दर्ज- पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, पूरे देश में डल्ला पर करीब 70 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सबसे ज्यादा केस पंजाब में दर्ज हैं, जिसकी गिनती 50 है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने साल 2022 में डल्ला को आतंकी घोषित किया। गैंगस्टर और खालिस्तान टाइगर फोर्स ऑपरेटिव डल्ला को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में आतंकी घोषित किया गया था।
कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही रोडवेज बस की टक्कर से कमालगंज थाना क्षेत्र में एक बराती घायल हो गया। यह घटना कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र के नगला आमेर निवासी वीरपाल सिंह के पुत्र सचिन कुमार की बरात के दौरान हुई। हादसे के बाद बरात में अफरा-तफरी मच गई। बरात गुरुवार रात खुदागंज गांव पहुंची थी। रात करीब 10:15 बजे बराती रजनेश, शिवम और आशीष (20) गेस्ट हाउस से बरात स्थल की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही लीडर रोड डिपो की रोडवेज बस ने आगे चल रही कार को ओवरटेक करते समय आशीष को टक्कर मार दी। गुस्साए बरातियों ने 10 किलोमीटर तक किया पीछा हादसे में आशीष गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद गुस्साए बरातियों ने कार से बस का करीब 10 किलोमीटर तक पीछा किया। इसके बाद रेलवे स्टेशन तिराहे पर बस को रोक लिया गया और उसमें तोड़फोड़ की गई। ईंट-पत्थर फेंके जाने से बस के शीशे टूट गए। थाने के सामने पहुंची बस, पुलिस ने संभाली स्थिति बस चालक किसी तरह बस को थाने के सामने ले गया और अंदर भाग गया। इसके बाद बरातियों ने बस को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने चार बरातियों और रोडवेज के चालक-परिचालक को हिरासत में ले लिया। बाद में चार बरातियों का शांति भंग में चालान किया गया। दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज, जांच जारी घायल आशीष के पिता की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी अमृतपुर अमरपाल सिंह मौके पर पहुंचे। फिलहाल घायल आशीष की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
रोहतक में जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की गाड़ी को टक्कर मारने का प्रयास किया। वहीं, एक पुलिसकर्मी ने पिस्तौल तक तानी, जिसकी वीडियो व सीसीटीवी फुटेज है। यह भाजपा सरकार की सरेआम गुंडागर्दी है। जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि आरएसएस ने प्रदेश के कॉलेज व यूनिवर्सिटी को अपनी कार्यशाला बना रखा है। सभी यूनिवर्सिटियों में आरएसएस के लोगों को वीसी बनाया हुआ है। छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें पहले अनुमति नहीं दी और बाद में उनके खिलाफ केस दर्ज करवा दिए। रात 3 बजे इनसो कार्यकर्ताओं को उठाया जजपा प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद 40 के करीब लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। रात को 3 बजे इनसो के 7-8 लोगों को उठाकर जेल में डाला गया। इससे पहले प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को आगे करके रोकने का प्रयास किया गया। आतंकवादियों की तरफ रोकने का प्रयास जजपा प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की गाड़ी को ऐसा रोका गया, जैसे आतंकवादी हो। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही बड़ा निर्णय लेंगे, जिसे केस वापस लेने के साथ ही वीसी को हटाने की मांग भी की जाएगी। किसानों को परेशान कर रही भाजपा जजपा प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि भाजपा ने जैसे हिमाचल में सारा सेब अडानी व अंबानी को दे दिया, वैसे ही हरियाणा में भी करना चाहते है। फसल बेचने के लिए किसान को तीन-तीन जगह अंगूठे लगाने पड़ेंगे। घपले तो धान में भाजपा के विधायकों व अधिकारियों ने किए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। किसानों को केवल परेशान करने का काम कर रहे हैं।
पावापुरी पुलिस ने पकड़ी 134 लीटर विदेशी शराब:कार समेत 4 तस्कर गिरफ्तार, रांची से पटना ले जा रहे थे
पावापुरी पुलिस ने रांची-पटना मुख्य मार्ग पर वाहन जांच के दौरान एक कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। शुक्रवार को करमपुर गांव के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 134.625 लीटर शराब के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर घेराबंदी की गई थी। संदिग्ध कार को NH 20 बाईपास स्थित महारानी होटल के पास रोका गया। तलाशी के दौरान कार की सीट के नीचे और डिक्की में ब्लेंडर प्राइड, रॉयल स्टैग सहित विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। पावापुरी थाना प्रभारी गौरव कुमार सिंह ने बताया कि तस्कर रांची से शराब लेकर पटना की ओर जा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराज्यीय शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है और यह कार्रवाई उसी का हिस्सा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस छापेमारी अभियान में इंस्पेक्टर सुमन कुमार, थाना प्रभारी गौरव कुमार सिंह और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बांसवाड़ा के आंबापुरा थाना पुलिस ने बिजली लाइन के एल्युमीनियम तार चोरी मामले का खुलासा करते हुए चौकीदार और खरीदार को गिरफ्तार किया है। 29 मार्च की रात बीरपुर जीएसएस से नल्दा फीडर तक चल रहे काम के दौरान तार चोरी हुए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए करीब एक टन 80 किलो तार और वारदात में इस्तेमाल बोलेरो कैंपर जब्त की। बरामद माल की कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। चौकीदार ही निकला आरोपी मामले में सांवरिया इंटरप्राइजेज के संचालक राजकुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत बीरपुर जीएसएस से नल्दा फीडर तक बिजली लाइन बिछाने का काम चल रहा था। सामान की सुरक्षा के लिए बसंत सिंह (23) निवासी पलेवाघाटी को चौकीदार रखा गया था। 29 मार्च की रात उसने बाड़े में रखे दो ड्रम एल्युमीनियम तार ट्रैक्टर में भरकर चोरी कर ली। तकनीकी जांच और सूचना से पहुंची पुलिस पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में थानाधिकारी निर्भय सिंह राणावत की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी टीम और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने बसंत सिंह उर्फ पिन्टु को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने चोरी करना स्वीकार किया। खरीदार तक पहुंचकर बरामद किया माल आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी का तार मुनिसिंह उर्फ मुन्ना (32) निवासी दौसा को बेचा था। इसके बाद पुलिस ने मुनिसिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से पूरा चोरी का माल बरामद कर लिया। पुलिस ने करीब एक टन 80 किलो एल्युमीनियम तार और बोलेरो कैंपर जब्त की। दोनों आरोपी गिरफ्तार, टीम ने की कार्रवाई पुलिस ने चौकीदार बसंत सिंह निवासी पलेवाघाटी जिला उदयपुर और खरीदार मुनिसिंह निवासी घुमना जिला दौसा को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में थानाधिकारी निर्भय सिंह, एएसआई प्रकाशचंद्र, हेड कॉन्स्टेबल कीर्तन सिंह सहित 8 सदस्यों की टीम शामिल रही। पुलिस दोनों आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस तरह की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सके।
बेतिया शहर के संत जेवियर स्कूल में शनिवार सुबह वॉशरूम में हुए विस्फोट में एक छात्र घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, कक्षा 8C के एक नाबालिग छात्र ने ही वॉशरूम में विस्फोटक पदार्थ रखा था, और वह खुद भी विस्फोट की चपेट में आकर जख्मी हो गया। घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्र को निष्कासित कर दिया। घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस मामले की सूचना पुलिस को स्कूल प्रशासन ने नहीं दी। पीड़ित छात्र के परिजनों ने डायल 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बेतिया सदर-1 के एसडीपीओ विवेक दीप पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ मुफस्सिल थाना की टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की जांच में जुटी पुलिस फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट में इस्तेमाल किया गया पदार्थ सामान्य पटाखा नहीं था, बल्कि आकार और प्रभाव में उससे बड़ा था। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र ने यह विस्फोटक सामग्री कहां से और कैसे प्राप्त की। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है और आने वाले दो दिनों में भी लोगों को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ स्थानों पर अगले दो दिनों के दौरान हीटवेव चल सकती है। 4 शहरों में पारा 42 डिग्री के पार चला गया है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया गया है। पिछले 24 घंटे में राज्य का अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 44C और न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 21C दर्ज किया गया। इससे साफ है कि दिन में तेज गर्मी है, जबकि रात में तापमान थोड़ा कम रहता है। प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है, इसलिए अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। रायपुर का मौसम राजधानी में आज आसमान साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे दिन में तेज गर्मी का अहसास बना रहेगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज एक सप्ताह बचा है। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने गए वोटर्स की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। बिलासपुर जोन से होकर कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें समर वेकेशन के नाम पर पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि ज्यादातर ट्रेनें मतदान से 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी। हालांकि, रेलवे ने आधिकारिक तौर पर इन ट्रेनों को चुनाव से नहीं जोड़ा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को देखते हुए इसे चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। दरअसल, रेलवे की समर स्पेशल ट्रेनों का फोकस पश्चिम बंगाल रूट पर ज्यादा है। बड़ी संख्या में वहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों को मतदाताओं की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है। जानिए स्पेशल ट्रेनों का पॉलिटिकल रूट रेलवे ने उन शहरों को फोकस किया है, जहां बंगाल, असम और दक्षिण भारत के श्रमिक और मध्यम वर्गीय वोटर बड़ी संख्या में रहते हैं। रद्द हुई ट्रेनों को किया रिस्टोर, स्पेशल ट्रेन भी 5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के चलते इसे सीजन का चुनावी स्पेशल ट्रेन कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि गोंदिया में वॉशेबल एप्रन के काम के कारण शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस को 24 अप्रैल तक रद्द किया गया था। लेकिन ऐन चुनाव से पहले 29 मार्च को नया आदेश जारी कर इसे बहाल कर दिया गया है। इसी तरह शालीमार-इतवारी के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन की सौगात भी दे दी गई। अचानक राइट टाइम चलने लगीं गाड़ियां अभी बिलासपुर जोन से होकर चलने वाली कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय पर चलने लगी है, जो हावड़ा रूट पिछले कई महीनों से ‘लेटलतीफी'' के लिए जाना जाता था, वहां पिछले एक हफ्ते से ट्रेनें अचानक ‘राइट टाइम'' हो गई हैं। बता दें कि असम में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है। अब पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसके चलते ट्रेनें समय पर चलाई जा रही है। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… आज से 8 दिन नहीं चलेंगी 10 ट्रेनें:रेलवे ने पहले किया रीस्टोर, दूसरे दिन कैंसिल, रायगढ़-गेवरारोड, झारसुगुड़ा-गोंदिया के यात्रियों की बढ़ी परेशानी बिलासपुर रेलवे जोन ने जिन ट्रेनों को पहले कैंसिल किया था, उन्हें भीषण गर्मी में यात्रियों को सुविधा देने के लिए एक दिन पहले ही रिस्टोर किया था। अब दूसरे ही दिन 10 ट्रेनों को फिर रद्द कर दिया गया है। अचानक ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई है। रेलवे ने यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। पढ़ें पूरी खबर…
प्रदेश के सरकारी हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में होने वाला गरीबों का मुफ्त इलाज थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) की पेचीदगियों में उलझ गया है। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर टीपीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि ये अव्यावहारिक और मरीजों की निजता का उल्लंघन है। बेवजह के नियम थोपे जा रहे हैं। साल 2024 में 20.90 करोड़ रुपए के दावे बुक हुए, वहीं, ये साल 2025 में बढ़कर 23.24 करोड़ पहुंच गए, लेकिन क्लेम रिजेक्ट करने की दर बढ़ी है। अधीक्षक डॉ. शर्मा ने आग्रह किया है कि वर्ष 2025 में तकनीकी कारणों से रिजेक्ट सभी क्लेम की अपील सुनी जाए, ताकि अस्पताल को वित्तीय नुकसान नहीं हो। सबूतों के साथ सरकार को भेजी रिपोर्ट में 30 मामलों का जिक्र अधीक्षक की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में 30 टीआईडी(TID) का जिक्र है। सभी के साथ बतौर सबूत टीआईडी है। गलत पैकेज कोड के कारण रिजेक्ट- (T22122544436598, T12112543530446, T31102543246827) ये टीआईडी उन दावों के हैं, जिन्हें सही पैकेज छपे होने के बावजूद गलत कोड बताकर खारिज किया। हॉस्पिटल का तर्क है कि डायग्नोसिस के अनुसार पैकेज सही थे, फिर भी रिजेक्ट किए गए। बायोप्सी रिपोर्ट के अभाव में रिजेक्ट (T26112543847419, T24112543782273, T09112543442034) ये टीआईडी बायोप्सी की रसीद अटैच होने के बावजूद फाइनल रिपोर्ट न होने से रिजेक्ट किए हैं। रिपोर्ट में 10-15 दिन लगते हैं, लेकिन टीपीए इसे तुरंत अनिवार्य मान रहा है। निजी अंगों के फोटो न होने पर रिजेक्ट (T27112543854286, T14122544251845, T23122544453066) ये उन सर्जरी के हैं, जिनमें मरीज के प्राइवेट पार्ट के फोटो मांगे। हॉस्पिटल इसे निजता का उल्लंघन मानता है। इनवॉइस और बारकोड की समस्या (T14122544250982, T05012644721722, T21112543731886) ये टीआईडी अस्थिरोग विभाग में इस्तेमाल सामान के अलग-अलग बिल और बारकोड न होने से रिजेक्ट हुए। थोक खरीदी का अलग-अलग बिल संभव नहीं। टांके के फोटो (T23122544461527, T02112543283927, T22112543751961) फोटो के लिए मरीज की ड्रेसिंग खोलने की मांग की गई। हॉस्पिटल इसे संक्रमण के खतरे के कारण मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानता है। एक से अधिक बीमारियां हैं तो एक का क्लेम या पूरा क्लेम ही रिजेक्ट कर देता है टीपीए अस्थि रोग विभाग में कलेक्टर की ओर से स्वीकृत आयुष्मान कार्डों पर किए गए ऑपरेशनों को भी टीपीए रिजेक्ट कर रहा है। किसी मरीज को एक से अधिक बीमारियां हैं (जैसे सांस की बीमारी के साथ टीबी), तो टीपीए एक ही बीमारी का क्लेम देता है या पूरा क्लेम ही रिजेक्ट कर देता है। मरीज 24 घंटे से कम समय के लिए भर्ती रहता है, तो डे-वाइज पैकेज के क्लेम रिजेक्ट किए जा रहे हैं, जबकि पहले 12 घंटे से अधिक रुकने पर पूरे दिन का क्लेम मिलता था। मेडिसिन और श्वास रोग विभाग में फिल्म उपलब्ध कराने के बावजूद लिखित एक्स-रे रिपोर्ट न होने पर दावे खारिज हो रहे हैं। 4 मामलों से समझिए सिस्टम की संवेदनहीनता 1. जच्चा-बच्चा अलग-अलग भर्ती, एक साथ फोटो की डिमांड : शिशु रोग विभाग में यदि कोई नवजात गंभीर हालत में एनआईसीयू (NICU) में भर्ती है और उसकी मां का इलाज दूसरे वार्ड में चल रहा है तो टीपीए कहता है कि बच्चे की फोटो मां के साथ ही होनी चाहिए। हॉस्पिटल का कहना है कि गंभीर स्थिति में बच्चे को वेंटिलेटर या मशीनों से हटाकर फोटो खिंचवाना संभव नहीं होता, लेकिन इस आधार पर क्लेम रिजेक्ट किए जा रहे हैं। 2.निजता का भी ध्यान नहीं, प्राइवेट पार्ट के फोटो मांगे जा रहे- सर्जरी विभाग के कई केस सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिए गए क्योंकि उनमें मरीज के प्राइवेट पार्ट के फोटो अटैच नहीं थे। हॉस्पिटल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीज की निजता के लिहाज से ऐसे फोटो उपलब्ध कराना उचित नहीं है, फिर भी टीपीए इसे अनिवार्य बताकर क्लेम रोक रहा है। 3. बायोप्सी रिपोर्ट का इंतजार नहीं कर रहा टीपीए -कैंसर व अन्य सर्जरी के मामलों में बायोप्सी की रिपोर्ट आने में 10 से 15 दिन का समय लगता है। पहले केवल रसीद के आधार पर क्लेम अप्रूव हो जाते थे, लेकिन अब रिपोर्ट के अभाव में 30-35 प्रतिशत दावे सीधे खारिज कर रहा है। जबकि, बायोप्सी की रिपोर्ट आने में समय लगना स्वाभाविक प्रक्रिया है। 4. डिस्चार्ज के समय टांकों के सबूत मांगते हैं-अस्थि रोग विभाग में ऑपरेशन के बाद जब मरीज डिस्चार्ज होता है, तो टीपीए टांकों के फोटो मांगता है। इसके लिए मरीज की ड्रेसिंग खोलनी पड़ती है, जिससे संक्रमण का खतरा रहता है। हॉस्पिटल का तर्क है कि मरीज के ऑपरेशन के दौरान लिए गए घाव के फोटो को ही आधार माना जाना चाहिए।
करनाल जिले के गांव गढ़ी बीरबल में पुरानी रंजिश के चलते एक किसान के खेत में घुसकर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रैक्टर से फसल उजाड़ने की कोशिश की गई और विरोध करने पर किसान को कुचलने का प्रयास किया गया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश के चलते खेत में पहुंचे आरोपी गढ़ी बीरबल निवासी अमर सिंह पुत्र श्याम सिंह ने बताया कि उसका गांव के ही रामपाल पुत्र मंगत राम के साथ पहले से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर अदालत में केस भी चल रहा है, जिसके चलते आरोपी उससे रंजिश रखता है। ट्रैक्टर-हैरो से फसल खराब करने की कोशिश अमर सिंह के अनुसार 17 अप्रैल को रामपाल ट्रैक्टर-हैरो लेकर 5-6 अन्य व्यक्तियों के साथ उसके खेत में पहुंचा। आरोप है कि सभी ने मिलकर गेहूं की खड़ी फसल को ट्रैक्टर-हैरो से उजाड़ने की कोशिश शुरू कर दी, जिससे खेत में काफी नुकसान हुआ। किसान को कुचलने का प्रयास पीड़ित ने बताया कि जब वह दूर से भागकर अपने खेत में पहुंचा तो रामपाल ने ट्रैक्टर-हैरो उसके ऊपर चढ़ाने की कोशिश की। उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचा दिया। इसके बाद आरोपी कुछ समय तक फसल को नुकसान पहुंचाते रहे। धमकी देकर फरार हुए आरोपी अमर सिंह का कहना है कि जाते समय रामपाल और उसके साथ आए अन्य लोगों ने उसे जान से मारने और फसल उजाड़ने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि उसे अपनी जान-माल का खतरा बना हुआ है और उसने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू थाना इन्द्री में एसआई राजा राम को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि अमर सिंह की शिकायत पर रामपाल पुत्र मंगत राम निवासी गढ़ी बीरबल व अन्य 5-6 व्यक्तियों के खिलाफ बीती रात मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।
जौरा क्षेत्र में पगारा डैम के रास्ते पर रात के समय एक तेंदुआ सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दिया। जौरा से काम खत्म कर वापस लौट रहे पगारा गांव के ग्रामीणों ने अपनी गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी में इसका वीडियो बनाया है। तेंदुए के दिखने से इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षा के लिए घरों के अंदर बांध रहे हैं। वन विभाग को सूचना दे दी गई है और अधीक्षक के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर तेंदुए की तलाश और जांच कर रही है। गाड़ी की हेडलाइट की रोशनी में बनाया वीडियो जानकारी के अनुसार, पगारा गांव के ग्रामीण अपनी गाड़ी से जौरा में काम खत्म कर वापस पगारा गांव जा रहे थे। इसी दौरान डैम के पास उन्हें सड़क पर एक तेंदुआ घूमता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत गाड़ी रोकी और हेडलाइट की रोशनी में तेंदुए का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद तेंदुआ दिखने की यह खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। ग्रामीण बोले- पहले भी कर चुका है मवेशियों का शिकार तेंदुए की मौजूदगी से पगारा क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं और उन्होंने अपने पालतू जानवरों को घरों के अंदर बांधना शुरू कर दिया है। ग्रामीण जितेंद्र ने बताया, तेंदुआ पहले भी इस क्षेत्र में आता रहा है कई बार चारा चरने गए पालतू मवेशियों को शिकार बनाया है। अब फिर से रात में दिखाई दिया है तो मवेशियों का और खुद का भी ध्यान रखना होगा। वन विभाग को सूचना दी है। अधीक्षक बोले- टीम रवाना हुई है ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। मामले को लेकर अधीक्षक वन विभाग श्याम सिंह चौहान के अनुसार, ग्रामीणों को सूचना आई थी पगारा डेम पर तेंदुआ होने की टीम रवाना हुई है जानकारी ले रही है।
पांच दिन पूर्व रतलाम के माही नदी के आगे बाइक सवार पिता व बेटी के साथ लूट की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। बदमाश लूट के अगले दिन एक शादी में शामिल हुए थे। वहां डीजे पर नाचने के दौरान विवाद कर एक युवक पर पत्थरों व चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने लूट व हत्या के आरोप में 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। एक फरार है। सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल ने बताया 13 अप्रैल 2026 को फरियादी कादर खां (60) निवासी ग्राम पाटी कुशलगढ़, जिला बांसवाड़ा (राजस्थान) अपनी बेटी व पौते के साथ जावरा में शादी से लौट कर अपने घर जा रहे थे। बाजना थाने के माही नदी से आगे ग्राम रतनगढ़ पीठ में अज्ञात बदमाशों ने दो बाइक से पीछे से ओवरटेक कर कादर खां के गले पर चाकू अड़ा दिया था। 20 हजार नगदी व ज्वेलरी लूटी मारपीट कर बदमाश कादर खान से 5 हजार रुपए नगद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, जनआधार कार्ड लूट लिया। बेटी के पर्स से 15 हजार रुपए, गले से मंगलसूत्र, कान के टॉप्स, कपड़ों से भरा बैग के साथ दोनों के मोबाइल भी छीन लिए। लूट के दौरान बाजना की तरफ से एक पिकअप की रोशनी दिखने पर बदमाश वहां से भाग गए थे। लूट के शिकार पिता और बेटी रात में जैसे-तैसे बाजना में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे। घटनाक्रम बताते हुए बाजना पुलिस थाना पर घटनाक्रम की सूचना दी। घटना के बाद खुद एसपी अमित कुमार व अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच सारे तथ्यों को देखा था। लूटेरों ने अगले दिन युवक की हत्या की पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी थी कि अगले दिन बाजना थाना के गांव देवीपाड़ा में 14 अप्रैल की रात एक 30 वर्षीय युवक बाजना थाना के ग्राम देवीपाड़ा में घायल अवस्था में मिला था। युवक को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। युवक की पहचान सुनील झोड़िया निवासी ग्राम देवीपाड़ा थाना बाजना के रूप में हुई थी। पत्नी ने पुलिस को बताया था कि मामा ससुर के घर शादी में डीजे पर नाचने की बात को लेकर पति से निलेश झोड़िया व उसके अन्य साथियों द्वारा विवाद किया था। सभी ने एकमत होकर पति पर चाकू व पत्थरो से हमला कर मारपीट की। इससे पति की मौत हो गई। पुलिस हत्या का केस दर्ज कर जांच में जुटी। शादी में लहराया था चाकू लूट के बाद पुलिस ने घटना वाले क्षेत्रों के आसपास 8 से अधिक मुखबिरों की मदद से पुलिस लूट के बदमाशों तक पहुंची। तभी पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने लूट के अगले दिन गांव देवीपाड़ा में आयोजित शादी समारोह में चाकू लहराते हुए डांस करने लगे। इस दौरान सुनील ने आरोपियों को डांस करने से रोका। उस समय तो आरोपी वहां से निकल गए। कुछ देर बाद सुनील अपने घर की और रवाना हुआ। तब रास्ते में आरोपियों ने उस पर चाकू और पत्थरों से हमला करते हुए उसको घायल कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मुखबिर तंत्र को किया एक्टिव उक्त दोनों घटना एक ही थाना क्षेत्र में होने के कारण एसपी अमित कुमार ने एएसपी विवेक कुमार के निर्देशन में टीम बनाई। टीम में सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया। यह हुए गिरफ्तार निलेश पिता नारु झोडिया निवासी चिकनी, शंभु पिता कालु भाभर निवासी रतनगढ पीठ, सुभाष पिता सोहन सिगाड निवासी पिपलीपाडा तीनों थाना बाजना, तोलु पिता राजु खडिया निवासी मलवासी थाना रावटी को गिरफ्तार किया। जबकि एक आरोपी अश्विन कटारा निवासी केलदा थाना शिवगढ़ हालमुकाम बिबड़ोद फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 2 बाइक, कपड़े और पर्स जब्त किए हैं।

