लखीमपुर खीरी में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने लखनऊ अग्निकांड में मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी। परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एक शोक संवेदना रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम मंगलवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ। परिषद के सदस्य स्थानीय सुभाष पार्क में एकत्र हुए और वहां से महाराजा अग्रसेन चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृत छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर सुशील कुमार गुप्ता, आनंदराम रस्तोगी, अजय गुप्ता ‘लकी’, प्रशांत जायसवाल, पंकज गुप्ता, कीर्ति गुप्ता, चंदन शाह, रमेश गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, देवेंद्र रस्तोगी, सुमित जायसवाल मोदी, शैलेंद्र रस्तोगी, विपिन रस्तोगी, विक्रम गुप्ता, प्रथम रस्तोगी, अजय जायसवाल, अजीत गुप्ता, डॉ. अश्विनी गुप्ता, संकटा गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित महामाया होटल में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात सामने आई है। नकाबपोश बदमाशों ने होटल का ताला तोड़कर नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह वारदात रात करीब 3:50 बजे हुई। मंगलवार (22 जून) सुबह जब होटल संचालक दुकान खोलने पहुंचे तो होटल के भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। सामान बिखरा पड़ा था और काउंटर व अलमारी के ताले टूटे हुए थे। कैश काउंटर से नकदी लेकर फरार जांच करने पर पता चला कि चोर कैश काउंटर से लगभग 5 हजार रुपये नकद और कुछ अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए हैं। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय लोगों और उरगा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नवीन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फिंगरप्रिंट सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठी किए हैं। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए चोर पुलिस ने होटल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में फुटेज में कुछ संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए हैं। इसी वजह से उनकी पहचान करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस आसपास की दुकानों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज उरगा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 331 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। बढ़ती चोरी की घटनाओं से व्यापारी चिंतित क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से भैसमा बाजार और आसपास के गांवों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई दुकानों को चोर निशाना बना चुके हैं, जिससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और बाजार क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि सख्त निगरानी और गश्त से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस ने बढ़ाई निगरानी उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर लगातार नजर रख रही है तथा चोरी की इस घटना का जल्द खुलासा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मऊ में त्योहारों से पहले प्रशासन अलर्ट:DM-SP ने किया फ्लैग मार्च, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
मऊ में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला। जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मधुबन मोड़ से बड़ागांव कस्बे तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी से आमजन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कहा कि प्रशासन त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने लोगों से किसी भी समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सहयोग बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव सुनने के बाद संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहरभर में विशेष जांच अभियान शुरू करने का फैसला किया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार देर शाम जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच के निर्देश दिए। एलडीए की टीम बुधवार से सभी जोनों में एक साथ अभियान चलाएगी। खासतौर पर आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की मॉनिटरिंग की जाएगी। जांच के दौरान यदि भवन स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बना मिला या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो उसे तत्काल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, ऐसे संस्थानों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए। कोचिंग संस्थानों में भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वार और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप संचालन की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी। एलडीए यह भी जांच करेगा कि भवनों में फायर विभाग के निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं तथा आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकास की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने चेतावनी दी कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संचालकों के साथ होगी बैठक एलडीए कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम और होटल संचालकों के साथ बैठक भी करेगा। इसमें उन्हें स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा, पार्किंग प्रबंधन और अन्य सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही नियमों के पालन को लेकर जागरूक किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हांसी के चैनत गांव में पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों पर आधी रात को किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह पानी जैसी बुनियादी जरूरत तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। जब जनता अपने हक का पानी मांग रही है तो सरकार समस्या का समाधान करने की बजाय डंडे बरसा रही है। अनुराग ढांडा ने कहा कि यह समझ से परे है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह से इतना छोटा सा मामला भी नहीं संभल रहे। ग्रामीण 38 दिनों से पानी मांग रहे है, कोई गैरकानूनी मांग नहीं कर रही। पूरे प्रदेश में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, कई इलाकों में 10-15 दिनों से नल सूखे पड़े हैं, किसान सिंचाई के संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार समाधान ढूंढने की बजाय जनता को डराने और दबाने में लगी हुई है। 'नाकामी उजागर होने से डर रही सरकार' उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आधी रात को डेढ़ बजे पुलिस, प्रशासन, जेसीबी और भारी फोर्स लेकर चैनत गांव में जाने की जरूरत क्यों पड़ी? अगर सरकार के पास कोई समाधान था तो दिन में बातचीत क्यों नहीं की गई? रात के अंधेरे में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर कार्रवाई करवाना साबित करता है कि सरकार को अपनी जनता से नहीं, बल्कि अपनी नाकामी उजागर होने से डर लग रहा है। अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी सरकार की पुरानी आदत है कि जब भी जनता अपने अधिकारों की बात करती है तो उसके जवाब में पुलिस भेज दी जाती है। किसानों के साथ भी यही हुआ, कर्मचारियों के साथ भी यही हुआ और अब पानी मांग रहे ग्रामीणों के साथ भी यही किया जा रहा है। जनता को सुविधाएं देने में सरकार फेल है लेकिन लाठीचार्ज करवाने में सबसे आगे है। 'अपने खर्चे पर पानी मंगवाने को मजबूर हैं पंचायतें' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह लगातार दावा करते हैं कि हरियाणा विकास कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गांवों में टैंकरों के भरोसे गुजारा हो रहा है। कई पंचायतें अपने खर्चे पर पानी मंगवाने को मजबूर हैं। यह बीजेपी सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलताओं में से एक है। अनुराग ढांडा ने कहा कि चैनत गांव में हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नायब सरकार जनता की समस्याएं सुनना नहीं चाहती। जो सरकार पानी नहीं दे सकती और सवाल पूछने पर लाठियां चलाती है, उसे जनता की सरकार कहने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह तुरंत चैनत गांव के लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों से माफी मांगें, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें और भाखड़ा के पानी के मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें। आम आदमी पार्टी किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ी तो इस जनविरोधी और तानाशाही रवैये के खिलाफ पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। इसके लिए यूडीआईएसई+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) कोड आवंटित किए जा रहे हैं और स्कूलों की श्रेणियों को अपग्रेड किया जा रहा है।
पंजाब की रणजी टीम के लिए क्रिकेट खेलने वाला सतपाल उर्फ सत्तू उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। कभी तेज गेंदबाज के रूप में पहचान बनाने वाला सत्तू पिछले करीब तीन दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और कई संगीन मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार, सत्तू का नाम रंगदारी, हत्या, अपहरण और संगठित अपराध के कई मामलों में सामने आया था। वह मुंबई के कुख्यात छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ा रहा और विभिन्न राज्यों में व्यापारियों व कारोबारियों को धमकाकर उगाही करता था। क्रिकेट छोड़ अपराध की राह पर चला पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सतपाल ने वर्ष 1996 में पंजाब की रणजी टीम के लिए बतौर तेज गेंदबाज क्रिकेट खेला था। वह एक प्रतिभावान खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन बाद में अपराधियों के संपर्क में आकर उसने खेल जगत से दूरी बना ली और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। युवराज सिंह के पिता पर हमले का भी आरोप सत्तू का नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हुए हमले के मामले में भी सामने आया था। इसके अलावा चंडीगढ़ और पंजाब के कई चर्चित मामलों में उसका नाम जुड़ा रहा। चंडीगढ़ से शुरू हुआ आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2001 में चंडीगढ़ में दर्ज हुआ था। इसके बाद वह लगातार अपराध की गतिविधियों में शामिल रहा। उस पर रंगदारी मांगने, धमकी देने और कई अन्य संगीन आरोप लगे। पूर्व मेयरों को भी दी थीं धमकियां जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने चंडीगढ़ की पूर्व मेयर अनु चतरथ, कमलेश और प्रदीप छाबड़ा को भी धमकियां दी थीं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अनु चतरथ पर हमले का आरोप भी उस पर लगा था। जेल से बाहर आने के बाद फिर चर्चा में आया मार्च 2024 में जेल से बाहर आने के बाद सत्तू एक हत्या के मामले में फिर सुर्खियों में आया। पुलिस के अनुसार, उस पर एक व्यक्ति के अपहरण और हत्या का आरोप था। बाद में वह फर्जी पहचान के सहारे अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था। अस्पताल से फरार होने के बाद चल रही थी तलाश पुलिस का कहना है कि बीमारी का हवाला देकर अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में हुआ अंत सोमवार को मुजफ्फरनगर पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो उसने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि सत्तू के खिलाफ कई राज्यों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।
श्रीगंगानगर जिले में मंगलवार को दूसरे दिन भी हाई वोल्टेज करंट लगने से हादसा हुआ। मंगलवार शाम को 132 केवी वोल्ट की लाइन की चपेट में 22 साल का युवक आ गया। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन जान बच गई है। घटना जवाहरनगर थाना क्षेत्र के गांव 20 जीजी की है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे गुरप्रीत सिंह (22) अपने दोस्त योगेश के साथ पड़ोस में जगदीश शर्मा के खाली मकान को किराए पर लेने के लिए देखने गया था। युवक को रहने के लिए मकान की तलाश थी। जैसे ही गुरप्रीत सीढ़ियों से छत पर पहुंचा, ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन ने उसे करीब 10 फीट दूर से अपनी ओर खींच लिया। करंट का झटका लगते ही युवक नीचे गिर पड़ा। दोस्त योगेश और अन्य लोगों ने तुरंत उसे संभाला और जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। फिलहाल युवक हालत स्थिर बताई जा रही है। हेड कांस्टेबल हरीमोहन मीणा ने बताया- युवक लोढ़र चलाने का काम करता है और खुद के लिए मकान ढूंढ रहा था। गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि हादसे में किसी की लापरवाही या दोष नहीं है। इसलिए इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिलहाल हॉस्पिटल में युवक का इलाज जारी है।
मुरादाबाद शहर में मंगलवार को डीएम-एसएसपी द्वारा गठित टीमों ने कुल 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया। इस दौरान एक कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया। जबकि कुछ सेंटरों को सील करने की फायर डिपार्टमेंट की स्पष्ट सिफारिश के बाद भी अधिकारी इन पर कार्रवाई करने में झिझक रहे हैं। कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की चेकिंग का यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहेगा। मुरादाबाद के फायर सेफ्टी ऑफिसर ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शहरी क्षेत्र में कुल 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया है। इनमें कांठ रोड पर स्थित आकाश कोचिंग सेंटर, प्रकाश नगर चौराहे पर प्रयास कोचिंग सेंटर,रामलीला ग्राउंड के पास माईल स्टोन कोचिंग सेंटर, जाट कालोनी में स्टडी प्वाइंट क्लासेस, रामलीला मैदान के पास रामानुज कोचिंग सेंटर, कांठ रोड पर जेनेसिस कोचिंग सेंटर, मोशन कोचिंग सेंटर और इनफिनिटी कोचिंग सेंटर शामिल हैं। ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि फायर एनओसी नहीं होने पर चाणक्य एकेडमी कोचिंग को सील कर दिया गया है। फायर सेफ्टी ऑफिसर ने बताया कि जिन 8 कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया है उनमें से तीन-चार में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है जो जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। डीएम के निर्देश पर ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी। ज्ञान प्रकाश शर्मा का कहना है कि बीते दिन शहरी क्षेत्र में कुल 25 कोचिंग सेंटर चेक किए गए थे। इनमें से 2 को सील करने की सिफारिश जिला प्रशासन को भेजी गई थी। जिसमें स्कॉलर्स डेन और चाणक्य एकेडमी शामिल हैं। फायर ऑफिसर का कहना है कि उनका डिपार्टमेंट सीधे सीलिंग की कार्रवाई नहीं कर सकता, इसके लिए डीएम आदेश की जरूरत होती है। प्रशासन को ऐसे कोचिंगों की रिपोर्ट दे दी गई है जिनके पास फायर की एनओसी नहीं है और जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, आगे की कार्रवाई प्रशासन को करनी है।
पठानकोट सिविल अस्पताल परिसर में एक महिला का गुम हुआ मोबाइल फोन पुलिस ने उसके मालिक को लौटा दिया। जवाली, जिला कांगड़ा निवासी शिवानी बेगम का मोबाइल अस्पताल में खो गया था, जिसे चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए बरामद कर वापस सौंपा। शिवानी बेगम, पुत्री सरदार अली, किसी कार्य से पठानकोट सिविल अस्पताल आई थीं। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन परिसर में कहीं गुम हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला, तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन और पुलिस चौकी से संपर्क किया। सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल की तलाश शुरू करवाई। तलाशी और जांच के बाद गुम हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल को उसकी असली मालिक शिवानी बेगम को सौंप दिया। अपना मोबाइल वापस मिलने पर शिवानी बेगम ने पुलिस का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस कार्य की स्थानीय लोगों ने भी प्रशंसा की, इसे पुलिस की जनसेवा का एक अच्छा उदाहरण बताया गया।
देवरिया में मंगलवार शाम लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान अग्निकांड के मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर मृतकों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च का नेतृत्व ओम तिवारी ने किया। हाथों में मोमबत्तियां लिए युवा सुभाष चौक से सिविल लाइन रोड और कचहरी चौराहा होते हुए वापस सुभाष चौक पहुंचे। पूरे मार्ग में युवाओं ने मौन रहकर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुभाष चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को नमन किया गया। वक्ताओं ने लखनऊ की घटना को दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने प्रशासन से जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों की नियमित जांच कराने की मांग की। उन्होंने अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया। इस कैंडल मार्च में शिवम राय, सूरज गौंड, अभिषेक सिंह, शुभम यादव, अनुराग, अविनाश, अजय, सुमित, अमर, निखिल मिश्रा, दीपक, नितेश मिश्र और बलबीर सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। मार्च के समापन पर युवाओं ने मृत छात्रों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृति में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में मंगलवार रात 8 बजे तेज रफ्तार बस ने एक मासूम बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जयसवाल ढाबा के सामने हुई। हादसे से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने रीवा-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बस की रफ्तार बहुत तेज थी, जिसकी चपेट में आने से बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही गांव के लोग और बच्चे के घरवाले भारी संख्या में वहां जमा हो गए। लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और उसके शीशे फोड़ दिए। हंगामा बढ़ने के कारण हाईवे पर चक्का जाम हो गया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही बरगवां थाना पुलिस और जिले के बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और स्थिति को काबू में लिया। काफी देर तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद पुलिस टीम यातायात व्यवस्था को दोबारा चालू कराने के प्रयास में जुटी रही। बस जब्त, फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस बरगवां थाना प्रभारी मोहम्मद समीर ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही फौरन मौके पर पहुंच गई थी। मृत बच्चे के शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि हादसे के बाद बस का ड्राइवर मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने बस में तोड़फोड़ की है, उनकी पहचान की जा रही है और मामले की पूरी जांच जारी है। पुलिस ने इलाके के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हरदोई जनपद के पिहानी कोतवाली अंतर्गत उस्मानपुर गांव में मंगलवार की सुबह नन्हे की दो महीने की नवजात बच्ची अनाया की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर बच्ची के परिजनों ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। मंगलवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। अनाया की मां रेहाना का आरोप है कि सोमवार शाम को सरकारी स्कूल में एएनएम और आशा बहू द्वारा बच्ची को पोलियो की एफआईपीवी वैक्सीन लगाने में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण नवजात की मौत हुई। बच्ची के ताऊ यूसुफ ने बताया कि टीका लगने के बाद बच्ची कुछ देर रोई और रात के समय वह सो गई। सुबह तक जब वह नहीं जागी, तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसी लापरवाही को मौत की वजह बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिर पुलिस को सूचना दीं गई। परिजनों के आरोप के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार दोपहर बाद नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया। स्वास्थ्य कर्मियों पर लगे आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने 'पिनस्पॉट' (टीका लगाने के स्थान) का सैंपल 9 वॉयल में लिया है और विसरा भी सुरक्षित रखा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों के आरोपों की पूरी सच्चाई और मौत का असली कारण फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांका में बिजली गिरने से किशोर की मौत:बाराहाट में आंधी-बारिश के समय हुई घटना
बांका जिले के बाराहाट प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार शाम आई हल्की आंधी और बारिश के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान अखिलेश कुमार 15 के रूप में हुई है, जो बौंसी प्रखंड के कोड़राडीह मनियारपुर गांव निवासी हुरो मंडल का पुत्र था। जानकारी के अनुसार अखिलेश अपने ननिहाल बाराहाट थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में रहकर पढ़ाई करता था। मंगलवार शाम वह किसी काम से भेड़ा मोड़ आया हुआ था। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। ठनके की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई बारिश से बचने के लिए वह सड़क किनारे स्थित एक झोपड़ी में शरण लिए हुए था। जबकि दूसरी और बताया जा रहा है कि आंधी तूफान एवं बिजली की गड़गड़ाहट को सुनते ही दुकान बंद कर वापस अपने घर रतनपुर जा रहा था इसी दौरान ठनके की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई। झोपड़ी के समीप खड़े एक पेड़ पर जोरदार वज्रपात प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी बीच झोपड़ी के समीप खड़े एक पेड़ पर जोरदार वज्रपात हुआ। वज्रपात की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पेड़ और पास का बिजली का खंभा झोपड़ी पर गिर पड़ा। मलबे की चपेट में आने से अखिलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाराहाट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। किशोर की मौत से पूरे गांव और ननिहाल क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से उचित मुआवजा देने की मांग की है।बाराहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मोतिहारी में मोहर्रम से पहले DJ जब्त:प्रशासन अलर्ट, शांति समिति की मीटिंग में दिए सख्त निर्देश
मोतिहारी में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत एक डीजे जब्त किया गया है। इसी क्रम में पिपरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता थानाध्यक्ष अंजन कुमार ने की। बैठक में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। सभी से मोहर्रम के दौरान आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें थानाध्यक्ष अंजन कुमार ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के अवसर पर सभी आयोजन समितियां प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करने को कहा गया, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। दूसरी ओर, नगर थाना पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में चांदमारी चौक पर छापेमारी कर एक डीजे जब्त किया गया। यह कार्रवाई प्रशासन के प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजाए जाने पर की गई। संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नियमों के पालन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी डीजे जब्ती की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के डीजे संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती से नियमों के पालन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। बैठक में चकिया के पूर्व प्रमुख सीताराम प्रसाद यादव, भेरखिया मुखिया प्रतिनिधि श्रीबाबू प्रसाद यादव, विशुनपुरा सरपंच प्रतिनिधि शंभू दुबे, पूर्व मुखिया जयनाथ पांडेय, आरपीबीडी कॉलेज के सचिव सुभाष चंद्र गुप्त, भाजपा नेता संजय चौधरी, चकबारा मुखिया प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव, मैनेजर सिंह और रामकुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम को सिंग्रामपुर-भजिया रास्ते पर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत जबेरा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से दो लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों बाइक सवार अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे। रास्ते में एक तीसरे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में दोनों बाइकों की रफ्तार अनियंत्रित हो गई और वे सीधे आपस में टकरा गईं। यह एक्सीडेंट भजिया गांव के पास हुआ। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे लोग घायलों में सागर जिले के बलेया गांव के रहने वाले लक्ष्मण धनगर और उनके एक साथी शामिल हैं। ये दोनों भजिया गांव में किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर सवार युवक अपनी दादी को सगोड़ी गांव छोड़कर वापस अपने गांव देवतरा लौट रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस, डॉक्टर ने किया प्राथमिक उपचार हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस को फोन किया। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस चालक दौलत रैकवार और ईएमटी सुनील रैकवार फौरन मौके पर पहुंचे और घायलों को जबेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सौरभ यादव ने घायलों का शुरुआती इलाज किया और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। एक अन्य घायल का इलाज जबेरा के अस्पताल में ही किया जा रहा है।
फलोदी साइबर थाने को मिले पहले डीएसपी:भवानी सिंह ने संभाला पदभारा, साइबर अपराधों पर लगेगी रोक
भवानी सिंह ने फलोदी साइबर पुलिस थाने में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) का पदभार ग्रहण कर लिया है। फलोदी के जिला बनने के बाद यह साइबर थाने में डिप्टी स्तर के पहले अधिकारी हैं। पोकरण से हुआ ट्रांसफर राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारियों की तबादला सूची में भवानी सिंह को फलोदी साइबर पुलिस थाने में डीएसपी पद पर नियुक्त किया गया था। वह पोकरण से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। डीएसपी स्तर के अधिकारी की तैनाती से जिले में साइबर अपराधों की जांच, निगरानी और त्वरित कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है। डीएसपी ने बताईं प्राथमिकता पदभार ग्रहण करने के बाद डीएसपी भवानी सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि साइबर पुलिस की पहली प्राथमिकता साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की राशि को समय रहते होल्ड करवाकर वापस दिलाना होगी। भवानी सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में किराए के बैंक खातों का उपयोग कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे संगठित साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिले में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।
मुंगेली जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डुमरहा खार में 11 बकरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत बकरियों में पांच गर्भवती थीं, जबकि दो अन्य बकरियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना से पशुपालक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, चिल्फी निवासी बिसाहू राम यादव, सुरेंद्र यादव और बाबूलाल यादव 23 जून को अपनी लगभग 70 बकरियों के झुंड को चराने के लिए ग्राम चिल्फी से डुमरहा खार ले गए थे। चराई के दौरान सुबह बकरियों ने पानी पिया, जिसके कुछ समय बाद अचानक एक-एक कर बकरियां गिरने लगीं। खेत में अलग-अलग जगह मिले शव प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत में पांच से दस फीट की दूरी पर 11 बकरियों के शव पड़े मिले। अचानक हुई इस घटना से पशुपालकों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। मृत बकरियों में पांच गर्भवती होने से नुकसान और अधिक बढ़ गया है। किसानों को हुआ भारी नुकसान पीड़ित किसानों ने बताया कि बकरी पालन ही उनकी आय का प्रमुख साधन है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बकरियों की मौत से उन्हें गहरा आर्थिक झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को सूचित किया तथा मामले की शिकायत चिल्फी थाने में दर्ज कराई। पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज सूचना मिलने पर चिल्फी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृत बकरियों का पंचनामा तैयार कर पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बकरियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच जारी चिल्फी थाना प्रभारी रघुवीर प्रसाद चंद्रा ने बताया कि बकरियों की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
मुंगेर में पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक ट्रक से लगभग 800 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। इस मामले में पूर्णिया जिले के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुफस्सिल थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंगेर-बरियारपुर मुख्य मार्ग पर बनौधा के पास एक ट्रक से शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और उसमें छिपाकर रखी गई शराब बरामद की। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई गिरफ्तार तस्करों की पहचान पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र के बालसर गांव निवासी ट्रक चालक मो. सोनू और उसके भतीजे मो. मोज्जम के रूप में हुई है। पुलिस गिरफ्तार चाचा-भतीजे से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान थानाध्यक्ष बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि जब्त की गई शराब में ऑफिसर च्वाइस और रॉयल मैनसन गोल्ड व्हिस्की शामिल है। कुल मिलाकर लगभग 800 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक (WB-57C-2252) को भी जब्त कर लिया है। मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद के नेतृत्व में जिले में शराब तस्करों और अवैध हथियार के खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत मुफस्सिल थाना पुलिस ने शराब की इस बड़ी खेप को पकड़ा है।
सीतापुर में आगामी त्योहारों मोहर्रम के मद्देनजर जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से डीएम राजा गणपति आर और एसपी अंकुर अग्रवाल ने मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे खैराबाद कस्बे में संयुक्त रूप से रूट मार्च किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रूट मार्च के दौरान डीएम और एसपी ने खैराबाद क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों, चौराहों तथा संवेदनशील स्थलों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और गणमान्य लोगों से संवाद स्थापित कर आगामी त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। साथ ही लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया। डीएम राजा गणपति आर ने कहा कि त्योहार सामाजिक समरसता, प्रेम और भाईचारे के प्रतीक हैं। जनपद में प्रत्येक पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। एसपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस बल पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही नागरिकों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना को साझा न करने की अपील की। इस रूट मार्च के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, उप जिलाधिकारी जनार्दन कुमार, क्षेत्राधिकारी, खैराबाद थाना प्रभारी समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में विप्लव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अरविंद के नेतृत्व में लखनऊ अग्निकांड के 15 मृतक छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च शहर के मन्नीगंज तिराहा से लाल गेट फब्बारे तक निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में कैंडल और बैनर लेकर मार्च किया। फब्बारे पर पहुंचकर उन्होंने अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया और प्रार्थना की। डॉ. अरविंद ने बताया कि लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मृत्यु हुई है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि यह मार्च उन तक अपनी भावनाएं पहुंचाने का एक छोटा सा प्रयास है। एक सवाल के जवाब में डॉ. अरविंद ने कहा कि अचानक व्यवस्थाओं में परिवर्तन संभव नहीं है। उन्होंने भीषण गर्मी के कारण इलेक्ट्रिकल उपकरणों में खराबी और एसी फटने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक अत्यधिक गर्मी है, तब तक एक हफ्ते या 10 दिन के लिए पूर्ण शटडाउन कर देना चाहिए, ताकि बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
रायपुर में हत्या और हत्या की कोशिश के 3 अलग-अलग मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दो मामलों में आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी गई है, जबकि जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। पहला मामला खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम केशला का है। यहां 44 वर्षीय याज्ञवल्क देवांगन ने अपनी पत्नी तीजन बाई की कैंची मारकर हत्या कर दी थी। घटना 6 मार्च 2024 की है। बताया गया कि पत्नी ने खाना बनाने और कपड़े धोने से मना किया था, जिससे नाराज होकर आरोपी ने मार डाला। कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 540 रुपए के लिए पोते ने दादी की कर दी हत्या दूसरा मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है। गोपाल नगर निवासी 21 वर्षीय दिनेश साहू उर्फ दीनू ने अपनी बुजुर्ग दादी की टंगिया (कुल्हाड़ी) से हमला कर हत्या कर दी थी। यह घटना 19-20 अप्रैल 2024 की रात की है। आरोपी ने झोपड़ी में सो रही दादी की गर्दन पर हमला किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से दादी की थैली से लूटे गए 540 रुपए भी बरामद किए थे। कोर्ट में आरोपी इस रकम को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। कोर्ट ने आरोपी दिनेश साहू को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। युवक पर लोहे के पट्टे से हमला, तीन को 7 साल की सजा तीसरा मामला जानलेवा हमले का है। 24 दिसंबर 2023 को तेली तालाब के पास जितेंद्र पटेल नाम के युवक पर लोहे के पट्टे, डंडे और मुक्कों से हमला किया गया था। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने अभनपुर क्षेत्र के राजेश मारकंडे, तुलाराम उर्फ विक्की मारकंडे और सुनील मारकंडे को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने माना कि हमला जान लेने की नीयत से किया गया था। तीनों आरोपियों को 7-7 साल के सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
गोंडा में श्रावस्ती से समाजवादी पार्टी के सांसद राम शिरोमणि वर्मा मंगलवार शाम गोंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में लखनऊ कोचिंग अग्निकांड, श्रीराम मंदिर दानपात्र घपला और केंद्रीय राज्य मंत्री के इस्तीफे जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर सपा सांसद ने सरकार को घेरते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में भारतीय जनता पार्टी सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई कोचिंग संस्थान बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही थी, उसे वर्ष 2016 में ही गिराने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद वहां तीन मंजिला संस्थान चल रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। सांसद ने इस घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण नहीं है या निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो उन्हें मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने घटना में 15 छात्रों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। संसद में यह मुद्दा उठाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे मुद्दों को लगातार उठाता रहा है, लेकिन 'डबल इंजन' सरकार होने के कारण जवाबदेही भी अधिक बनती है। श्रीराम मंदिर दानपात्र घपले के संबंध में सांसद वर्मा ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में वही लोग शामिल हैं, जो सरकार और मंदिर प्रशासन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जांच निष्पक्ष और कठोर तरीके से होगी। उन्होंने कहा कि यह देश जानना चाहता है कि भगवान राम के दरबार में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन की कथित चोरी कैसे हुई। यदि भगवान के मंदिर में ही चोरी हो रही है और उसकी जांच में इतना समय लग रहा है, तो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा सांसद ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर भी बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किससे इस्तीफा लिया जाएगा या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कोई भी मंत्री पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है। सरकार जिस मंत्री से चाहे इस्तीफा ले सकती है और जिससे नहीं चाहे, उसका इस्तीफा नहीं लिया जाता।
बड़वानी में मोहर्रम के त्योहार को शांति और सुरक्षा के साथ पूरा कराने के लिए मंगलवार शाम 7 बजे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल की अगुवाई में निकले इस मार्च का मकसद आम जनता में सुरक्षा का भरोसा जगाना और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को सख्त संदेश देना था। इस फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एजेके डीएसपी नीलेश्वरी डावर, बड़वानी तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और रक्षित निरीक्षक बलजीत सिंह सहित करीब 150 पुलिस जवान शामिल हुए। जिले के बड़े अधिकारियों ने खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा के इंतजामों को देखा और जायजा लिया। मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च यह फ्लैग मार्च बड़वानी के मुख्य बाजारों, ताजिए के पारंपरिक रास्तों और भीड़-भाड़ वाले मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा के इंतजामों को बारीकी से परखा और संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए। साथ ही, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी प्रशासन ने लोगों को साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट शेयर न करें। शहर की शांति व्यवस्था में बाधा डालने वाली किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी पल-पल की नजर आने वाले त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ताजिए के पूरे रास्ते को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम पूरी तरह मुस्तैद है।
जमुई में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना द्वारा विशेष शाखा में सिपाही के रिक्त पदों पर बुधवार, 24 जून को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 3,885 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू रहेगी। साथ ही, परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के पास स्थित फोटोकॉपी की दुकानें बंद रखने का निर्देश दिया गया है। सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों की एक संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क और सजग रहने का निर्देश दिया। उन्होंने हाल ही में लखीसराय में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन कराने पर फोकस उन्होंने बायोमेट्रिक जांच दल, पानी उपलब्ध कराने वाले कर्मियों सहित केंद्र पर आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों की गतिविधियों की निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही, निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन कराने पर बल देते हुए कहा कि समय समाप्त होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में कदाचार के प्रति जिला प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले अभ्यर्थियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध बिहार लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन शहर के गोपालपुर बायपास तिराहे पर मंगलवार रात 8 बजे एक सड़क हादसा हुआ। बिजली के पोल लेकर जा रहे एक ट्रैक्टर से पीछे चल रही कार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल कार के अगले हिस्से को चीरते हुए पीछे तक निकल गए, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार भोपाल निवासी मित्रा शुक्ला, उनके पति और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद मित्रा शुक्ला को भोपाल रेफर कर दिया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है। ट्रैक्टर नया, पंजीयन नंबर तक नहींप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर नया था और उस पर कोई पंजीयन नंबर नहीं था। हादसे के बाद ट्रैक्टर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। टक्कर के बाद बिजली के पोल कार में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय निवासी मनीष मालवीय, सतीश मालवीय और नीरज लोधी की मदद से ट्रैक्टर को आगे बढ़ाकर बाहर निकाला गया। ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिसघटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हादसे के कारण कुछ देर तक भोपाल-विदिशा-रायसेन मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस दुर्घटना के कारणों और फरार ट्रैक्टर ड्राइवर की तलाश कर रही है। देखिए मौके की तस्वीरें…
देवरिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम सात बजे सुभाष चौक पर दिवंगत शिवानंद चौरसिया को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने शिवानंद चौरसिया के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि सरकार को शिवानंद चौरसिया के परिवार के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान करना चाहिए। उन्होंने परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की मांग की। सपा नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी शिवानंद चौरसिया के परिजनों को न्याय दिलाने और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने सरकार से परिवार के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सपा नेता विजय रावत, अवनीश यादव, मनोज यादव, सयूस के जिला अध्यक्ष रणवीर यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
लखनऊ में हुए हादसे में 15 बच्चों की मौत के बाद देशभर में नाराजगी है। इसी कड़ी में जबलपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं साथियों ने सरकार व प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सपा कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने हवा में साबुन के गुब्बारे उड़ाकर विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के महासचिव आशीष मिश्रा ने इस तरीके के पीछे का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तरह साबुन के गुब्बारे मामूली ठेस लगने पर फूट जाते हैं, उसी तरह कागजों पर बनी सुरक्षा व्यवस्था भी आपदा आने पर विफल हो जाती है। मिश्रा ने प्रशासन के दावों को खोखला बताया और कहा कि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटनाओं के बाद जांचें केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने शहर की व्यावसायिक इमारतों, मॉल और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुमंजिला इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर एग्जिट, अग्निशामक यंत्रों और अन्य सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। संगठन ने पहले भी अधिकारियों को 'आई ड्रॉप' भेंट किए थे, ताकि वे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वास्तविकता देख सकें। कार्यकर्ताओं ने याद दिलाया कि कुछ समय पहले जबलपुर के एक अस्पताल में भी आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश मरीज थे। लखनऊ की घटना के बाद, उन्होंने शहर में चल रहे ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की गहन जांच की मांग की। प्रदर्शन के समापन पर, कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे तुरंत शासन स्तर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को इंदौर दौरे के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले में कई तथ्य सामने आ रहे हैं और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। राम मंदिर में भ्रष्टाचार की बात निंदनीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोप बेहद गंभीर और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे वह किसी बड़े पद पर हो, किसी प्रभावशाली व्यक्ति का करीबी हो या किसी जिम्मेदार पद से जुड़ा हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है। कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है, लेकिन सरकार तथ्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी। महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा दावा महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर अठावले ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद और विधायक एनडीए में शामिल होने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के दरवाजे उनके लिए खुले हैं और यदि वे गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। अठावले ने यहां तक कहा कि भविष्य में स्वयं उद्धव ठाकरे भी एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। उद्धव गुट कमजोर हो रहा, नेता शिंदे पर जता रहे भरोसा अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एनडीए में आने का रास्ता खुला है लेकिन यहां से बाहर जाने का रास्ता नहीं है। संजय राउत पर भी साधा निशाना शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत पर हमला बोलते हुए अठावले ने कहा कि उन्हें केवल बयानबाजी के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता विकास और स्थिरता चाहती है और एनडीए सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। अठावले ने इस दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और अपनी पार्टी की आगामी रणनीतियों की भी जानकारी साझा की।
जबलपुर के सदर क्षेत्र से शिया समुदाय का मातमी जुलूस निकाला गया। दोपहर दो बजे सदर आला डॉक्टर बटालिया के सामने स्थित मरहूम बाबा जाफरी साहब के इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस की शुरुआत 'मर्सिया' से हुई, जिसके बाद नाईब रिज़वी ने बारगाहे हुसैनी में 'सलाम' पढ़ा। मुरादाबाद से आए शिया आलिम-ए-दीन मौलाना जाफर रजा ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोहर्रम पर निकाले जाने वाले मातमी जुलूस का मकसद सिर्फ शोक मनाना नहीं, बल्कि कर्बला के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। मौलाना जाफर रजा ने बताया कि यह जुलूस याद दिलाता है कि अन्याय, अत्याचार और झूठ के सामने कभी सिर नहीं झुकाना चाहिए। इमाम हुसैन ने किसी सत्ता या सांसारिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उस दौर के 'सुपर पावर' यज़ीद के आतंक से मानवता, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए अपने पूरे परिवार और साथियों का बलिदान दिया था। मजलिस के बाद दोपहर तीन बजे बाबा जाफरी के इमामबाड़े से मातमी जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों घंटाघर और बड़ी ओमती से होता हुआ गलगला स्थित शिया इमामबाड़ा पहुंचा। जुलूस के दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा।
धमतरी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 भारी वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद महानदी से लगातार रेत चोरी की शिकायतों के बाद माइनिंग विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने यह कार्रवाई की। जिला खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिलने पर विभागीय टीम ने भरारी और दोनर क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान भरारी रेत खदान से दो चैन माउंटेन मशीन और चार हाइवा वाहन जब्त किए गए। वहीं, दोनर खदान से दो जेसीबी मशीनें पकड़ी गईं। महानदी से हो रहा था अवैध उत्खनन खनिज विभाग के अनुसार, एनजीटी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ लोग महानदी से अवैध रूप से रेत निकालने में लगे हुए थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों और वाहनों को जब्त किया तथा संबंधित संचालकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। 181 मामलों में 49 लाख का जुर्माना विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 15 जून तक अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 181 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में अब तक करीब 49 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। खनिज विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और छापेमार कार्रवाई के चलते अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। 10 जून से 15 अक्टूबर तक रहता है प्रतिबंध उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इस अवधि में केवल पूर्व स्वीकृत भंडारण स्थलों से ही रेत परिवहन की अनुमति होती है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से रेत निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के डीह ब्लॉक की बरुआ ग्राम पंचायत में राशन कोटे की खुली बैठक के बाद बवाल हो गया। राशन कार्ड से नाम कटने से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अजय कुमार को करीब दो घंटे तक कमरे में बंद कर बंधक बनाए रखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। राशन कार्ड से नाम कटने के मुद्दे पर नाराज ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) अजय कुमार को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बताया गया कि बैठक शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राशन कार्ड से नाम हटाए जाने को लेकर VDO से बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अधिकारी को कमरे में बंद कर दिया। राशन कोटे और विकास कार्यों की समीक्षा ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि वह बरुआ ग्राम पंचायत में राशन कोटे और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए गए थे। बैठक खत्म होने के करीब आधे घंटे बाद 15-20 लोग एक साथ पहुंचे और उन पर राशन कार्ड काटने का आरोप लगाने लगे। उन्होंने समझाया कि नाम हटाने की सूची ऊपर से आती है, लेकिन लोग नहीं माने और उन्हें बंधक बना लिया। अजय कुमार के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि जब तक उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान ने बीच-बचाव किया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ने से बच गई। इसी दौरान साथ मौजूद एक कर्मचारी ने डायल 112 पर सूचना दी। पहले पीआरवी टीम पहुंची, लेकिन मामला गंभीर होने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ग्राम विकास अधिकारी को मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाकर उनकी लिखित तहरीर ली गई। थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाने और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा टिंकू (नंटू), अमित यादव, संजय यादव, अनूप साहू, वीरेंद्र यादव, पवन, हरिओम और देवेंद्र (बब्लू) समेत अन्य आरोपियों तथा 20 अज्ञात लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
करोड़ों रुपए के डब्बा ट्रेडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी कांग्रेस नेता विशाल उर्फ ‘गोलू’ अग्निहोत्री को स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पाटीदार की कोर्ट ने उनका जमानत आवेदन स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशाल अग्निहोत्री के खिलाफ करोड़ों रुपए के अवैध डब्बा कारोबार से जुड़े धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। इसी मामले में एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और जांच की कार्रवाई की गई थी। ईडी की कार्रवाई में मिले थे अहम सुराग मामले में ईडी ने विशाल अग्निहोत्री के इंदौर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान करीब 1.5 करोड़ रुपए की अघोषित नकदी मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। ईडी की जांच में यह भी सामने आया था कि ऑनलाइन डब्बा ट्रेडिंग नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी को कुछ शेल कंपनियों के दस्तावेज भी मिले थे, जिनके जरिए देश और विदेश से आने वाले धन के रोटेशन की आशंका जताई गई थी। दुबई कनेक्शन भी जांच के दायरे में सूत्रों के अनुसार विशाल अग्निहोत्री पिछले कुछ समय से दुबई में सक्रिय थे। जांच एजेंसियों को दुबई में संपत्ति निवेश और शेल कंपनियों के संचालन से जुड़े कुछ इनपुट भी मिले थे। इसी आधार पर ईडी कथित रूप से सट्टे की कमाई को विदेश भेजने और धन शोधन के पहलुओं की जांच कर रही थी। राजनीतिक पहचान के चलते मामला रहा चर्चाओं में विशाल अग्निहोत्री मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी माने जाते हैं। वे इंदौर नगर निगम में पार्षद रह चुके हैं और शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी भी पार्षद रह चुकी हैं। राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण यह मामला लंबे समय तक चर्चा में बना रहा। जांच जारी रहेगी हालांकि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी मामले की जांच जारी रहेगी। ईडी मनी ट्रेल, वित्तीय लेन-देन, शेल कंपनियों और विदेशों में हुए निवेश की पड़ताल कर रही है। आने वाले समय में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में कांग्रेस नेता के घर ईडी का छापा इंदौर में सोमवार को कांग्रेस नेता विशाल (गोलू) अग्निहोत्री के घर पर ईडी ने छापा मारा है। उनके चंदन नगर स्थित घर के बाहर सीआरपीएफ तैनात है। बताया जा रहा है कि गोलू अग्निहोत्री सोमवार को दुबई से इंदौर लौटे थे। ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से ईडी की टीम उसी फ्लाइट में इंदौर आई थी, जिसमें गोलू अग्निहोत्री आए थे।पूरी खबर पढ़ें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद उदयपुर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 655 व्यावसायिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का सर्वे किया जा चुका है, जिनमें से 337 में फायर सेफ्टी संबंधी कमियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें पिछले दिनों की सर्वे भी शामिल है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर गठित सात विशेष टीमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में टीमों ने शहर कोट अंदर, बलीचा, प्रतापनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। टीमों ने होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल, बहुमंजिला भवनों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की है। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है। अग्निशमन अधिकारी शिवराम मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी नवदीप सिंह बग्गा सहित विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी अभियान में जुटे हुए हैं। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सीज किया जा सकता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि उदयपुर पर्यटन नगरी होने के कारण यहां बड़ी संख्या में होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। कई होटल शहर की संकरी गलियों में स्थित हैं, इसलिए वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर की सभी व्यावसायिक इमारतों का चरणबद्ध तरीके से सर्वे किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना को रोका जा सके। 30 दिन में देना होगा जवाब नगर निगम द्वारा नोटिस प्राप्त संस्थानों को 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा और बताई गई कमियों को दूर करना होगा। तय समयावधि में सुधार नहीं होने पर निगम प्रशासन सीज की कार्रवाई शुरू करेगा। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अररिया के जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधि-व्यवस्था संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड एवं थाना स्तर के अधिकारियों को मुहर्रम पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा आपसी सौहार्द एवं शांति कायम रखने के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। मामलों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई सभी पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकों का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया। समीक्षा बैठक में भू-समाधान पोर्टल पर लंबित मामलों के निष्पादन, उत्पाद विभाग से संबंधित कार्यों, थाना परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन, खनन गतिविधियों की निगरानी, निलाम पत्र वादों के निष्पादन तथा चरित्र एवं शस्त्र सत्यापन से जुड़े मामलों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
गयाजी विष्णुपद थाना क्षेत्र के खटकाचक मोड़ पर मंगलवार की देर शाम तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहां सड़क किनारे अपनी बाइक खड़ी कर मोमो खा रहे एक व्यक्ति को अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मोमो खा रहा युवक करीब 10 फीट हवा में उछल गया और फिर सिर के बल सड़क पर गिर गया। इससे उसका सिर बुरी तरह से जख्मी हो गया और मौके पर ही मौत हो गई। पास में लगी मोमो की एक ठेला भी इस टक्कर की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतक की पहचान मंगलागौरी बाईपास निवासी रामप्रवेश प्रजापति के रूप में की गई है। वह एक निजी इलेक्ट्रॉनिक सर्विस सेंटर में काम करता था। मोमो खाने व बातचीत करने के दौरान पीछे से मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामप्रवेश प्रजापति अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर किसी से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार झारखंड नंबर की एक अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रामप्रवेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों को जुटता देख आरोपी कार चालक अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। करीब दो घंटे तक सड़क जाम, जमकर हुआ बवाल हादसे से गुस्साए स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने खटकाचक मोड़ को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 3 घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन और बवाल चलता रहा, जिससे इस रूट पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के आश्वासन के बाद शांत हुए लोग, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही विष्णुपद थानाध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी-1 सरोज कुमार साह घटनास्थल पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और उचित कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों ने जाम हटाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।
नए DM और SP ने किया ब्लड डोनेट:38 यूनिट ब्लड कलेक्शन, किशनगंज में पुलिस परिवार का वोलंटरी कैंप
किशनगंज में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने मंगलवार शाम को खगड़ा स्थित खेल भवन परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस परिवार की ओर से आयोजित इस शिविर में कुल 38 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. इच्छित भारत और सचिव मिक्की साहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मिक्की साहा ने जिलाधिकारी का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर किया। पुण्य कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की जिलाधिकारी नवीन कुमार ने रक्तदान को मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा के लिए रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं और आमजन से रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर इस पुण्य कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया है। उन्होंने जोर दिया कि रक्तदान से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है और रक्तदाता भी जरूरतमंदों के जीवन रक्षक बनते हैं। रक्तदान को मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताया रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. इच्छित भारत ने रक्तदान को मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है। रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मिक्की साहा ने बताया कि रेड क्रॉस के स्वयंसेवक दुनिया भर में निःस्वार्थ भाव से मानव सेवा में संलग्न हैं। उन्होंने कहा कि जिले में भी स्वयंसेवक जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महामारी, बाढ़, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं में पीड़ितों की सहायता करते रहे हैं। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गईं।
मेरठ में पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई:ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधानों ने रखे सुझाव, आपत्तियां दर्ज
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में जनसुनवाई आयोजित की। यह जनसुनवाई स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण की वर्तमान स्थिति पर केंद्रित थी। जनसुनवाई में जनपद के ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और आम जनता ने भाग लिया। उन्होंने आयोग के समक्ष अपने सुझाव और राय लिखित एवं मौखिक रूप से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था की प्रभावशीलता और पंचायत स्तर पर भागीदारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। आयोग ने इस दौरान यह जानकारी भी जुटाई कि पंचायतों में ओबीसी वर्ग का राजनीतिक प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुपात में है या नहीं। इसके साथ ही, आयोग ने राजनीतिक भागीदारी पर आर्थिक स्थिति, सामाजिक जागरूकता या अन्य वर्गों के प्रभाव का आकलन किया और पिछड़े वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विचार किया। इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने सुझाव और आपत्तियां आयोग के समक्ष रखने का अनुरोध किया।मवाना के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेश कुमार ने आयोग से जानना चाहा कि यदि पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 70 प्रतिशत से अधिक है, तो क्या उन्हें 27 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मिल सकता है। मेरठ के जिला पंचायत सदस्य दीपक गून ने सुझाव दिया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और गुर्जर जैसी जातियों की आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। उन्होंने पाल, प्रजापति, सैनी, माली, कश्यप, जोगी, नाई, जलाहा सहित लगभग 15-20 ऐसी जातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के प्रयास करने की बात कही, जिनका प्रतिनिधित्व वर्तमान में बहुत कम है। मेरठ के ब्लॉक प्रमुख कपिल मुखिया ने सुझाव दिया कि जिन ग्राम पंचायतों में एक हजार वोटर होते हैं, वहां भी एक प्रधान होता है, और जहां आठ हजार वोटर होते हैं, वहां भी एक ही ग्राम प्रधान बनता है। उन्होंने वोटों की संख्या निर्धारित करने की मांग की, ताकि यह तय हो सके कि एक ग्राम प्रधान कितनी वोटों पर बनेगा और इस प्रकार राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके।
बेमेतरा जिले के बेरला जनपद के ग्राम पंचायत बहेरघट में अवैध शराब बिक्री और पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समस्याओं के समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि, गांव में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और युवा वर्ग गलत दिशा में जा रहा है। शराबियों के उत्पात से महिलाओं और परिवारों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित ग्राम पंचायत की उपसरपंच किरण मिश्रा ने बताया कि, अवैध शराब के कारण गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। टंकी बनी, लेकिन गांव तक नहीं पहुंचा पानी गांव में पेयजल संकट भी गंभीर बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार नल-जल योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते लोगों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। जनदर्शन और सुशासन तिहार में भी उठाई समस्या ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सुशासन तिहार और जिला स्तरीय जनदर्शन कार्यक्रम में आवेदन देकर अपनी समस्याएं बताई हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। चक्काजाम और आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि अवैध शराब और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं पर प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘बच्चे बर्बाद हो रहे, पानी के लिए भटकना पड़ रहा’ उपसरपंच किरण मिश्रा और ग्रामीणों ने कहा कि अवैध शराब से गांव के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, महिलाएं परेशान हैं और पानी टंकी बनने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है। कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की तरफ से ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा कि, अवैध शराब बिक्री और जल संकट की शिकायत मिली है। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
उदयपुर में एक खदान में मां और बेटी के संदिग्ध हालत में शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों के शव पानी में तैरते हुए मिले, जिसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को खदान से बाहर निकलवाया। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। घटना कुराबड़ थाना क्षेत्र स्थित रोडगा गांव में शाम करीब 5 बजे की है। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध माना जा रहा है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। कुराबड़ थाना पुलिस ने कुराबड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में दोनों के शव रखवाएं हैं, जिनका परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। मौत के कारणों का नहीं चला पता एएसआई सुखदेव ने बताया कि मृतक की पहचान लोगरी(40) पत्नी भूरा मीणा निवासी जावद मनेला सलूंबर, कंकु(12) पुत्री भूरा मीणा के रूप में हुई है। मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं लग पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उठ रहे सवाल, हर एंगल से जांच कर रही पुलिस इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बता रही। पहला सवाल ये है कि मृतक के निवास जावद से घटना स्थल रोडगा गांव की दूरी करीब 4 किलोमीटर है। ऐसे में दोनों मां-बेटी यहां किसलिए और क्यों आईं थी। संभावना ये भी जताई जा रही है कि दोनों नहाने के लिए पहुंची। बेटी को बचाते हुए मां भी डूब गई होगी। वहीं अन्य घटना भी घटित हो सकती है। पुलिस इन सभी एंगलों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। बर्रा-7 और विजय नगर मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्म लेवल की ढलाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह पहली बार है जब इस एलिवेटेड सेक्शन में दो स्टेशनों के प्लेटफॉर्म तैयार हुए हैं, जिससे सिविल ढांचा तेजी से आकार ले रहा है। लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन पर अब कॉनकोर्स लेवल के तकनीकी कक्षों का निर्माण भी शुरू हो गया है। इन कक्षों में मेट्रो संचालन के लिए आवश्यक सिग्नलिंग, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। जल्द ही स्टेशनों पर प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) स्ट्रक्चर का निर्माण भी शुरू होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाइलिंग कार्य पूर्ण हो चुका है, और पियर कैप, डबल टी-गर्डर तथा यू-गर्डर जैसी प्री-कास्ट संरचनाओं की ढलाई भी पूरी कर ली गई है। सिविल कार्यों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम भी तेज गति से जारी है। कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड हिस्से में कुल पांच स्टेशन शामिल हैं, जिनमें कृषि विश्वविद्यालय, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया को जोड़ने वाला लगभग 4.10 किलोमीटर लंबा भूमिगत (अंडरग्राउंड) सेक्शन भी इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में, कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में यात्री सेवाएं उपलब्ध हैं, और नौबस्ता तक इसके विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कॉरिडोर-2 पर तेजी से हो रहा यह निर्माण कार्य कानपुर के निवासियों के लिए एक बेहतर और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कोशी क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस हाई अलर्ट पर है। मंगलवार को पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कोशी क्षेत्र डॉ. कुमार आशीष ने सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुहर्रम की तैयारियों और लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। डीआईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को 24 जून तक दंगा निरोधक दस्ता और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) का अभ्यास पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त दंडाधिकारी व पुलिस बल तैनात करने को कहा। मुहर्रम जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस जारी करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। जुलूसों के दौरान डीजे के प्रयोग पर नियंत्रण रखने, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कराने तथा ताजिया जुलूसों की निगरानी सीसीटीवी, ड्रोन कैमरा और वीडियोग्राफी से करने के निर्देश दिए गए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने को भी कहा गया। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए। बैठक में लंबित आपराधिक मामलों के निष्पादन की भी समीक्षा की गई। कोशी क्षेत्र के तीनों जिलों में कुल 12,206 मामले लंबित हैं, जिनमें सहरसा में 2,499, सुपौल में 4,329 और मधेपुरा में 5,378 मामले शामिल हैं। जून 2026 तक कुल 4,164 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सहरसा के 586, सुपौल के 1,600 और मधेपुरा के 1,978 मामले शामिल हैं। डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मामलों की साप्ताहिक समीक्षा उनके स्तर पर की जाएगी।
कानपुर के जाजमऊ से रामादेवी फ्लाईओवर पर रैंप निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिस और संबंधित विभाग सतर्क हैं। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार ने रामादेवी रैंप और बीमा चौराहे का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा रामादेवी रैंप पर चल रहे निर्माण कार्य का अवलोकन किया। यह रैंप का काम अगले 10 दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, यातायात डायवर्जन योजनाओं और वाहनों की आवाजाही के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान ड्रोन की मद्द से यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। डीसीपी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात का संचालन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे। उन्होंने जोर दिया कि आम नागरिकों को किसी भी स्थिति में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्माण स्थल पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाने, मजबूत बैरिकेडिंग करने और पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम का प्रभावी उपयोग कर राहगीरों व वाहन चालकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यातायात कर्मियों की समुचित तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि व्यस्त समय में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहे। निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा भी हुई। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक जाजमऊ, यातायात निरीक्षक पूर्वी जोन प्रथम, एनएचएआई के अधिकारी, थाना चकेरी और जाजमऊ पुलिस टीम सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। डीसीपी ट्रैफिक ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।
सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी के प्रस्तावित नए बाक्साइट खदानों के प्रस्तावित खदानों के लिए भारी विरोध के बीच जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि मैनपाट का सर्वाधिक नुकसान खदानों के कारण हुआ है। मैनपाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के बजाय उसे उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। मेरे कार्यकाल में ये खदानें प्रस्तावित थीं, जिसे मैनें रूकवा दिया था। मैनपाट में सीएमडीसी की चार बाक्साइट खदानें प्रस्तावित हैं। इनमें पथरई, नर्मदापुर-कुनिया, कमलेश्वरपुर और सरभंजा में बाक्साइट खदानें शामिल हैं। इनमें पथरई-लुरेना बाक्साइट खदान की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए मंगलवार से जनसुनवाई एसडीएम सीतापुर की मौजूदगी में शुरू की गई। जनसुनवाई ग्रामीणों की नारेबाजी एवं हंगामें के बीच पूरी हुई। पूर्व मंत्री बोले-बाक्साइट खदानों से सिर्फ विनाश पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि मैनपाट की पहचान पर्यटन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्यों में है। यहां जब से बाक्साइट का खनन शुरू हुआ है, सिर्फ बर्बादी हुई है। सड़कें खराब हुईं। स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिला। पेड़ काटे गए और पर्यावरण को नुकसान हुआ है। पूर्व मंत्री ने जनसुनवाई में कहा कि मेरे कार्यकाल में इन खदानों की स्वीकृति के लिए जनसुनवाई का नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन मैने इनका विरोध किया और खदानों की प्रक्रिया रोक दी थी। अब खदानें खोलने के लिए फिर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाहरी लोगों का समर्थन, स्थानीय लोगों का विरोध जनसुनवाई में स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए खदानों का विरोध किया और कहा कि वे खदानें खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं। जनसुनवाई में सीएमडीसी के ठेकेदारों के द्वारा नर्मदापुर से लोगों को बुलाया गया था, जो खदान के समर्थन में बोलते दिखे। जमकर नारेबाजी एवं हंगामें के बीच खदान के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई पूरी की गई। तीन अन्य खदानों के लिए जनसुनवाई की अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। दलदली और झंडा पार्क के पास भी खदानमैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दलदली और प्रस्तावित झंडा पार्क के पास भी नए खदान प्रस्तावित हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि खदान खुलने से जलस्तर गिरेगा और पर्यावरण को नुकसान होगा। खदानों के कारण मैनपाट के पर्यटन स्थलों को भी नुकसान होगा, इस कारण खदानों का विरोध किया जा रहा है। जन पर्यावरण संरक्षण मंडल संस्था ने भी मैनपाट मंे बाक्साइट खदानों की स्वीकृति का विरोध करते हुए सभी ग्रामसभाओं के प्रस्तावों की जांच कराने की मांग की है, क्योंकि पंचायतों के सरपंचों ने दावा किया है कि उन्होंने खदानों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव नहीं दिया हैं इसके साथ ही फर्जी पट्टों की जांच की भी मांग की है।
कटिहार में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए मंगलवार को जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। विकास भवन सभागार में हुई इस बैठक में प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने संयुक्त रूप से की। इसमें जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। शांति समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए, जबकि जनप्रतिनिधियों ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने में जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी और भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मोहर्रम जुलूस मार्गों, इमामबाड़ों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, जिसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में महापौर उषा देवी अग्रवाल, उपमहापौर मंजूर खान, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।
लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना के बाद पीलीभीत का अग्निशमन विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अनुराग सिंह के निर्देश पर विभागीय टीम ने पीलीभीत शहर और बीसलपुर में विभिन्न कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मिलने पर 15 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण अधिकांश कोचिंग संस्थान बंद पाए गए, जबकि बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित हो रही थीं। टीम ने करीब 15 स्थानों पर जांच की, जहां अधिकांश संचालक संस्थान का पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। सीएफओ अनुराग सिंह ने बताया कि लगभग सभी लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थान बेहद संकरे भवनों में चल रहे हैं, जो सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं। कई जगहों पर आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) और अग्निशमन उपकरणों का अभाव मिला। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी संस्थान में कम से कम चार फीट चौड़ा कॉरिडोर होना अनिवार्य है, ताकि आपात स्थिति में लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। सीएफओ ने यह भी बताया कि विद्युत वायरिंग की नियमित जांच और ओवरलोडिंग से बचाव बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान टीम ने वहां मौजूद स्टाफ और छात्र-छात्राओं को आग लगने पर बचाव के उपाय सिखाए और फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। जांच में मिली गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के मेघा गांव में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक अपनी पत्नी को वापस घर ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था, लेकिन पत्नी के साथ चलने से इनकार करने के बाद उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद गांव और ससुराल पक्ष में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान दीपेश कुमार पटेल (35) के रूप में हुई है, जो महासमुंद जिले के मुरकी गांव का निवासी था। पुलिस के अनुसार, दीपेश और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। विवाद के चलते 14 जून को उसकी पत्नी नाराज होकर अपने मायके मेघा गांव आ गई थी। पत्नी को लेने पहुंचा था ससुराल जानकारी के अनुसार, 20 जून को दीपेश अपनी पत्नी को मनाने और वापस घर ले जाने के उद्देश्य से ससुराल पहुंचा था। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच बातचीत हुई, लेकिन पत्नी ने उसके साथ वापस जाने से साफ इनकार कर दिया। पत्नी के मना करने से आहत दीपेश ने ससुराल के पास स्थित एक पान ठेले के बाहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की सूचना पर मगरलोड पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। चरित्र शंका और नशे की लत से बढ़ा विवाद एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि मृतक अपनी पत्नी को वापस ले जाने के लिए ससुराल आया था। पत्नी के साथ नहीं जाने पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और अपनी पत्नी पर चरित्र शंका करता था। इसी वजह से दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था और पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल सदस्य बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को एटीएस ने सात दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, बबीता पिछले करीब दो वर्षों से आतंकी संगठन के संपर्क में थी और उसे आत्मघाती हमले के लिए तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर्स उसे ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने इंटरनेट पर आत्मघाती हमलों से जुड़े विषयों की जानकारी खोजी थी। एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। भारतीय सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने की ट्रेनिंग प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय सेना के जवानों को हनीट्रैप में फंसाने और उनसे संपर्क स्थापित करने की ट्रेनिंग दी गई थी। बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कई लोगों से संपर्क साधने का प्रयास किया था। युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि बबीता अन्य राज्यों के कई लोगों के संपर्क में थी और कुछ युवतियों को प्रभावित कर उन्हें संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रही थी। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए वह युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही थी। क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना सूत्रों के अनुसार, उसका संपर्क जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कुछ पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से भी था और वह उनसे व्हाट्सएप के जरिए बातचीत करती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना थी। पूछताछ के दौरान धर्म परिवर्तन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसियों के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद उसने अपना नाम खदीजा रखा था। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह तीन मोबाइल नंबरों का उपयोग करती थी और व्हाट्सएप चैट, फोटो तथा वीडियो नियमित रूप से डिलीट कर देती थी। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, डिजिटल नेटवर्क, संभावित फंडिंग और कथित आतंकी कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हैं। एटीएस का मानना है कि पूछताछ से आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। मामले की जांच अभी जारी है। पूछताछ में सामने आई जानकारियां जांच एजेंसियों के सूत्रों पर आधारित हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बक्सर जिले में 24 जून को आयोजित होने वाली सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा विशेष शाखा में सिपाही भर्ती (सामान्य बंद संवर्ग) परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराना है। पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह रोक अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर के अनुसार, यह परीक्षा जिले में दो पालियों में आयोजित होगी। इसके लिए जिले भर में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में एम.पी. उच्च विद्यालय रामरेखा घाट, डी.ए.वी. स्कूल इटाढ़ी रोड, एम.वी. कॉलेज चरित्रवन, उच्च माध्यमिक विद्यालय अहिरौली, इंदिरा उच्च विद्यालय जेल रोड, आदर्श मध्य विद्यालय नया बाजार, उच्च माध्यमिक विद्यालय जासो, बिहार पब्लिक स्कूल अहिरौली, फाउंडेशन स्कूल इटाढ़ी रोड और संत मेरी उच्च विद्यालय नया बाजार शामिल हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भीड़भाड़ से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। इस धारा के तहत, परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अभिभावकों और मीडिया कर्मियों पर भी लागू होगा आदेश यह आदेश परीक्षार्थियों के अभिभावकों और मीडिया कर्मियों पर भी लागू होगा। हालांकि, परीक्षा कार्य में लगे दंडाधिकारी, परीक्षा कर्मी और पुलिस बल को इससे छूट दी गई है।जारी आदेश के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों के आसपास घातक हथियार, आग्नेयास्त्र लेकर चलने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग और धूम्रपान करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, धार्मिक कार्यक्रम, शवयात्रा और विवाह समारोह को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने क्षेत्र में पुलिस बल के साथ मौजूद रहें और परीक्षा संचालन में सहयोग करें। साथ ही, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल, पुलिस पदाधिकारी और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोहाली के गांव भागसी में देसी-अंग्रेजी शराब के ठेके पर उधार शराब न देने को लेकर सेल्समैन के साथ मारपीट का एक मामला सामने आया है। ठेके पर कार्यरत सेल्समैन नीतीश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 जून की रात करीब 10:30 बजे कुछ युवक दुकान पर आए थे। उन युवकों ने नीतीश से उधार शराब की मांग की, लेकिन जब नीतीश ने उधार देने से साफ इनकार कर दिया, तो वे भड़क गए। आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर नीतीश को घेरकर बुरी तरह पीट दिया। जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए आरोपी पीड़ित सेल्समैन ने बताया कि जब उसने खुद को घिरता देख शोर मचाना शुरू किया, तो आस-पास के लोगों को इकट्ठा होता देख आरोपी सहम गए। हालांकि, मौके से भागने से पहले वे नीतीश को जान से मारने की गंभीर धमकियां देकर फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत इस पूरी घटना की सूचना पुलिस और ठेके के मालिकों को दी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी इस मामले की जांच कर रहे एएसआई (ASI) परमजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित नीतीश कुमार के बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने गांव भुखड़ी के रहने वाले गौरव उर्फ गोरा, गांव भागसी के निवासी प्रिंस उर्फ कीतू और उनके साथ आए 5-6 अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नामजद और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कल से सीलिंग शुरू करेगा GDA:निरीक्षण में 65 प्रतिशत भवनों में अनियमितता मिली
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने लखनऊ की कोचिंग में हुई अग्निकांड की घटना के बाद व्यावसायिक भवनों, कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, हास्पिटल की सघन जांच के लिए टीम बनाई है। टीमों ने सभी जोन में जाकर मंगलवार को जांच की। पहले दिन जितने भवनों की जांच की गई, उसमें से लगभग 65 प्रतिशत में अनियमितता मिली है। सभी को नोटिस जारी किया गया है। बुधवार को अनियमितता वाले भवनों को सील करने की कार्यवाही भी शुरू की जाएगी। GDA की टीम ने मंगलवार को हरिओमनगर, छात्रसंघ चौराहा, पादरी बाजार, शिवपुर सहबाजगंज, गांधी गली गोलघर, असुरन से राप्तीनगर चौराहे तक निरीक्षण किया गया। सहायक अभियंता संजीव कुमार तिवारी व अनिल कुमार के नेतृत्व में जांच की गई। पहले दिन 32 भवनों की हुई जांचपहले दिन विभिन्न प्रकार के 32 भवनों की जांच की गई। इसमें कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, हास्पिटल शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान भवनों के स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण स्थिति व प्रयोग, फायर एनओसी आदि की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान 22 भवनों में अनियमितता पायी गई। इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी कर कमियों को दूर कराने को कहा गया है। ऐसा न करने पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मानचित्र के विपरीत उपयोग पर सील होगा भवनGDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि जितने कोचिंग सेंटर हैं, हास्पिटल हैं या इस तरह की बिल्डिंग जहां घटनाएं होने की आशंका हैं, वहां जांच कराई जा रही है। सभी जोन में जांच के लिए टीम बनाई गई है। पूरे दिन उसकी जांच की गई। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्र जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहते हैं, वहां भी जांच होगी। उसके बाद ऐसे भवनों की सूची बनाकर नोटिस जारी किया जाएगा। कमियां दुरुस्त करने को कहा जाएगा। मानचित्र के विपरीत उपयोग वाले भवनों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। गतिविधि बंद न होने पर ध्वस्तीकरण भी किया जाएगा। लखनऊ जैसी घटना को रोकने के लिए GDA की टीम अगले 3 दिनों तक ग्राउंड पर विशेष अभियान चलाएगी।
जालौन के मंगलवार देर शाम जालौन जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलाई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम खुशनुमा हो गया। इससे गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़भाड़ देखने को मिली। हालांकि शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते पूरे जिले में वातावरण में ठंडक घुल गई और मौसम सुहाना हो गया। इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिला है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान धान की रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे थे, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा था। पर्याप्त वर्षा होने से अब खेतों में पानी भर गया है और धान की रोपाई का कार्य तेजी पकड़ने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे जहां लोगों को गर्मी से और राहत मिलेगी, वहीं कृषि कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है। मौसम में आए इस बदलाव ने आमजन को राहत देने के साथ किसानों की उम्मीदों को भी नई ऊर्जा दी है।
मंडला में कान्हा टाइगर रिजर्व में केनाइन डिस्टेम्पर वायरस (CDV) का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को मुक्की क्वॉरेंटाइन सेंटर में उपचार के दौरान एक और बाघ की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले दो महीनों में इस वायरस से मरने वाले बाघों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। अस्वस्थ हालत में मिला था बाघ जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 को किसली परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 777 स्थित संदूक खोल क्षेत्र में एक बाघ गंभीर रूप से बीमार अवस्था में मिला था। हाथी गश्ती दल की सूचना पर वन विभाग की टीम ने उसका रेस्क्यू कर मुक्की क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया था। प्रारंभिक जांच में बाघ में केनाइन डिस्टेम्पर वायरस के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया। विशेषज्ञों की टीम कर रही थी उपचार बाघ के उपचार में कान्हा टाइगर रिजर्व, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय और वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशवन ट्रस्ट (WCT) के विशेषज्ञ शामिल थे। लगातार इलाज और निगरानी के बावजूद मंगलवार को बाघ ने दम तोड़ दिया। पहले भी छह बाघों की हो चुकी है मौत कान्हा में CDV का असर सबसे पहले सरही परिक्षेत्र में सामने आया था। अमाही क्षेत्र की बाघिन टी-141 के चार शावकों में से एक का शव 21 अप्रैल को मिला था। इसके बाद 24 और 25 अप्रैल को दो अन्य शावकों की भी मौत हो गई। स्थिति को देखते हुए बाघिन और उसके एकमात्र जीवित शावक को रेस्क्यू कर मुक्की क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था, लेकिन 29 अप्रैल को पहले बाघिन और फिर उसके शावक की भी मौत हो गई। इस तरह नौ दिनों के भीतर एक बाघिन और उसके चारों शावकों की जान चली गई थी। महावीर बाघ भी वायरस का शिकार हुआ इसके बाद 19 मई को मुक्की परिक्षेत्र के चर्चित महावीर बाघ की मौत भी इसी वायरस के कारण हुई थी। अब एक और बाघ की मौत के बाद CDV से मरने वाले बाघों की संख्या सात हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के सामने चुनौती लगातार हो रही बाघों की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। वायरस के प्रसार को रोकने और अन्य बाघों की सुरक्षा के लिए निगरानी और उपचार संबंधी प्रयास जारी हैं।
जमीन विवाद के बीच युवक ने लगाई फांसी:कमरे में पंखे से लटका मिला शव, बेमेतरा के छीतापार गांव की घटना
बेमेतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छीतापार में एक युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अक्षय रजक के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह शराब पीने का आदी था और पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव में भी था। जमीन बंटवारे को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के मुताबिक एक दिन पहले जमीन के बंटवारे को लेकर अक्षय का अपने माता-पिता से विवाद हुआ था। मंगलवार सुबह उसके पिता ओमप्रकाश रजक गांव के लोगों को जमीन का बंटवारा करने के लिए घर बुलाए थे। कमरे का दरवाजा तोड़ने पर मिला शव काफी देर तक अक्षय कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को संदेह हुआ। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर अक्षय लाल रंग के गमछे के सहारे सीलिंग फैन से लटका मिला। घटना का पता चलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मर्ग कायम, जांच जारी सूचना मिलते ही बेमेतरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बांसवाड़ा में आगमी त्योहारों को देखते हुए मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक हुई। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा- बांसवाड़ा की पहचान आपसी भाईचारे से है। इसे हर हाल में कायम रखा जाएगा। एसपी सुधीर जोशी के निर्देश पर शाम को कोतवाली थाना पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। शहर कोतवाल बुद्धाराम बिश्नोई ने बताया- फ्लैग मार्च की शुरुआत पाल मस्जिद क्षेत्र से हुई, जो कंधारवाड़ी सहित शहर के विभिन्न प्रमुख और विभिन्न मार्गों से होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम पर संपन्न हुआ। मार्च के जरिए पुलिस ने संदेश दिया कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो खैर नहीं: एसपी शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने कहा- जिले की शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करें। मोहर्रम के जुलूसों के दौरान समय की मर्यादा का पालन करने और आयोजकों को स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की सूची पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिजली-पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश बैठक में जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान बिजली कटौती न हो, पेयजल की सुचारू आपूर्ति रहे और जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई व यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए। पूर्व मंत्री और सदस्यों ने उठाए मुद्दे, डायलाब में पानी भरने की मांग बैठक में पूर्व मंत्री भवानी जोशी सहित शांति समिति के अन्य सदस्यों ने शहर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने जुलूस मार्गों की सफाई, नीचे लटकते बिजली के तारों को दुरुस्त करने और डायलाब तालाब में पानी भरने जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं। बैठक में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को सब त्योहार शांतिपूर्ण और परंपरागत रूप से मिल-जुलकर मनाने का वादा किया।
जोधपुर के पावटा हॉस्पिटल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी तरह का कोई इंफेक्शन नहीं मिला है। मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर की प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। बता दें कि शनिवार को सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद ओटी, दवाइयों और मरीजों के सैंपल लिए गए थे। वहीं पावटा में भर्ती जिन 6 प्रसूताओं के सैंपल लिए गए थे, उनकी भी ब्लड कल्चर, यूरिन और वेजाइनल स्वाब की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। लेकिन, इनमें माइल्ड यानी हल्का इंफेक्शन मिला है। इधर, मंगलवार को एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम भी पावटा हॉस्पिटल पहुंची। यहां होने वाले ऑपरेशन की एसओपी और इसमें शामिल डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के बयान भी लिए। शनिवार को ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार शनिवार को पावटा डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में 8 प्रसूताओं (तसलीम शाह, गट्टू, नंदू कंवर, पायल, संतोष, प्रियंका, ललिता और सोनू) की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद इन सभी 8 प्रसूताओं की तबियत खराब होने लगी। ऑपरेशन के बाद ही ब्लीडिंग और यूरिन की समस्या आने लगी। गंभीर ललिता और सोनू को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। वहीं बाकी 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा में ही चल रहा है। इनके शनिवार को यूरीन, ब्लड कल्चर और वेजाइनल स्वाब के सैंपल लिए थे। पीएमओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- इनके सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इनमें हल्का इंफेक्शन था, जिसके बाद इन्हें हायर एंटीबॉयटिक पर रखा गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर की भी रिपोर्ट आ गई है, जो प्रारंभिक तौर पर निगेटिव आई है। हालांकि इसकी डिटेल्ड रिपोर्ट आने में एक से दो दिन लगेगा। तब तक ओटी बंद रहेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व सोमवार को सिजेरियन डिलीवरी के समय प्रसूताओं को सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन (ड्रिप) की सप्लाई पर रोक लगा दी थी। एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम पहुंची पावटा हॉस्पिटल पीएमओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- मंगलवार को एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम भी पावटा आई थी। दोनों टीमों ने ओटी के प्रोटोकॉल से लेकर बाकी सारे रिकॉर्ड भी देखे। इस दौरान एम्स की टीम ने पेशेंट से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि टीम ने स्टाफ से बातचीत कर ऑपरेशन की पूरी एसओपी जानी। ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत की। अधिकारियों के साथ किया रिव्यू हर प्रसूता की रोजाना हेल्थ जांच होगी प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट की रिव्यू बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी को गर्भवती और प्रसूता महिलाओं के नियमित हेल्थ चेकअप, हीमोग्लोबिन टेस्ट, स्क्रीनिंग और फॉलोअप के निर्देश दिए। साथ ही कहा- एनीमिया और दूसरे हेल्थ से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित महिलाओं की पहचान कर उनकी मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए आशा सहयोगिनियों, बीसीएमओ एवं आरसीएचओ के माध्यम से इन्हें ट्रैक करने के लिए कहा गया। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; चिकित्सा मंत्री बोले- 50% महिलाएं सीजेरियन चाहती हैं, वे दर्द नहीं चाहती प्रसूताओं को लगाए गए ड्रिप सहित 25 दवा-इंजेक्शन पर रोक:7 दिन पहले हुई थी पहले बैच की सप्लाई, पहली बार 8 महिलाओं को लगा था गहलोत बोले-वसुंधरा सरकार में अच्छे मंत्री थे खींवसर:इस बार पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया, बयान उल्टे पड़ रहे है प्रसूता का पति बोला- डिलीवरी से पहले सही थी पत्नी:अब कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी; फेफड़ों में पानी भरा, लीवर-किडनी पर असर
आगर मालवा। नलखेड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर लेखापाल शैलेंद्र जैन के स्थानांतरण का विरोध किया। कलेक्टर से मुलाकात न होने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही ज्ञापन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया और वापस लौट गए। ज्ञापन में बताया गया कि नलखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ लेखापाल शैलेंद्र जैन का स्थानांतरण जनपद पंचायत बड़ौद कर दिया गया है। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत जनपद पंचायत एक अर्द्धशासकीय संस्था है और स्थानांतरण जनपद पंचायत के ठहराव प्रस्ताव के बाद ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैलेंद्र जैन अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से कर रहे हैं। उनके कार्यों से जनप्रतिनिधि और कर्मचारी संतुष्ट हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उनके स्थानांतरण से नलखेड़ा जनपद पंचायत में लेखापाल का पद रिक्त हो जाएगा, जिससे शासकीय कार्य और आमजन के काम प्रभावित होंगे। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से स्थानांतरण आदेश पर विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की। इस दौरान जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वे कलेक्टर से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक घंटे इंतजार के बाद भी मुलाकात न होने के कारण उन्हें ज्ञापन गेट पर रखकर लौटना पड़ा।
धार के हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े में मोहर्रम के दौरान ताजिया निर्माण की अनुमति से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को इंदौर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से सरकारी ताजिया समिति की सदस्यता के दस्तावेज पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी। याचिका आय्या अंसारी उर्फ जेबरान अंसारी और बाब्बू चाचा उर्फ जाकिर मोहम्मद ने दायर की। इसमें हटवाड़ा के सरकारी इमामबाड़े में मोहर्रम के अवसर पर हर साल 70 दिनों के लिए ताजिया निर्माण की अस्थायी अनुमति देने और परंपरागत किराया या अस्थायी उपयोग शुल्क स्वीकार करने की मांग की गई है। एक अन्य याचिका सिद्दीक द्वारा दायर की गई है। इसमें एसडीओ धार द्वारा मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम, 1974 के तहत पारित आदेश और आयुक्त इंदौर संभाग द्वारा अपील निरस्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई। राज्य शासन ने सुनवाई के दौरान बताया कि सक्षम प्राधिकारी पहले ही याचिकाकर्ताओं का आवेदन निरस्त कर चुका है। शासन का तर्क था कि किसी व्यक्ति को किसी विशेष स्थान पर ताजिया निर्माण की अनुमति मांगने का अधिकार नहीं है। साथ ही, संबंधित स्थल के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े मामलों में पूर्व में निर्णय हो चुके हैं और बेदखली की कार्रवाई भी की जा चुकी है। शासन ने कोर्ट को यह भी बताया कि 17 जुलाई 2025 के आदेश के अनुसार, उक्त स्थल पर ताजिया निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, मोहर्रम के आयोजन के लिए छोटा इमामबाड़ा और जमातखाना को वैकल्पिक स्थल के रूप में उपलब्ध कराया गया है। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने खुद को सरकारी ताजिया समिति का सदस्य बताया है, लेकिन इसके समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने उन्हें सदस्यता और अधिकारिता संबंधी प्रमाण पेश करने का अवसर देते हुए मामले की सुनवाई 25 जून तक स्थगित कर दी।
एटा के जसरथपुर थाना क्षेत्र के कलंदरनगर गांव में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने एक घर में धावा बोलकर लाखों रुपये की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना के समय परिवार के अधिकांश सदस्य घर से बाहर थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एटा के जसरथपुर थाना क्षेत्र के कलंदरनगर गांव में सोमवार देर रात चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घर से लाखों रुपये मूल्य की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण समेटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी पातीराम पुत्र गंगाराम के परिवार के अधिकांश सदस्य किसी रिश्तेदार के यहां गए हुए थे। घर में केवल दो लोग मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए और कमरों में रखे बक्सों व अलमारियों के ताले तोड़कर सामान खंगाल डाला। मंगलवार सुबह परिवार के लोगों ने कमरे का बिखरा सामान और खुले बक्से देखे तो चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित पातीराम के अनुसार, चोर 1 लाख 24 हजार रुपये नकद, दो सोने की लर, दो झुमके, एक बेंदा, बेसर, अंगूठी, दो जोड़ी पायल तथा एक कमरबंद चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही जसरथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
बदलते जलवायु में किसानों तक समय पर और सटीक मौसम आधारित सलाह पहुंचाने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), नई दिल्ली और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत मौसम विज्ञान विभाग के एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज प्रभाग के प्रमुख डॉ. शेषा कुमार गोरोशी ने कहा कि मौसम आधारित वैज्ञानिक सलाह किसानों को मौसम जनित जोखिमों से बचाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को किसानों के हित में उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक कुमार ने की। उन्होंने कहा कि कृषि और मौसम विज्ञान का समन्वय ही जलवायु-स्मार्ट खेती का आधार है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि मौसम वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। टिकाऊ कृषि विकास के लिए बेहद जरूरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने अपने संदेश में कहा कि कृषि मौसम सेवाओं का सुदृढ़ीकरण खेती की लागत कम करने और टिकाऊ कृषि विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने इस सहयोगात्मक पहल की सराहना की। नोडल अधिकारी कृषि मौसम सेवा एवं मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. यू.पी. शाही ने बताया कि प्रशिक्षण में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से 30 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। कार्यक्रम 25 जून तक चलेगा प्रशिक्षण के दौरान कृषि मौसम बुलेटिन निर्माण, निर्णय सहायता प्रणाली (DSS), प्रभाव आधारित पूर्वानुमान, उन्नत एग्रोमेट उपकरणों के उपयोग और स्थान-विशिष्ट किसान परामर्श जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. लता विश्नोई और डॉ. प्रियंका सिंह सहित विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 जून तक चलेगा।
कौशांबी में महिला ने किया सुसाइड:पति के गहने गिरवी रखने से नाराज थी, कमरा बंद करके फांसी लगाई
कौशांबी के महेवा घाट थाना क्षेत्र के अंधवा गांव में मंगलवार शाम एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय हुई जब पति घर बनवाने के लिए अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखने की बात कहकर घर से निकला था। जानकारी के अनुसार, अंधवा गांव निवासी चिरौंजी लाल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। वह इन दिनों अपना मकान बनवा रहा था। घर में पैसों की कमी के कारण उसने अपनी पत्नी ममता देवी के गहने गिरवी रखने की बात कही। पति जब गहने लेकर घर से बाहर गया, तो ममता देवी ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे घर के भीतर एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल में जुट गई। बताया जा रहा है कि मृत विवाहिता ममता की शादी 14 महीने पहले हुई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
कर्ज के दलदल से बाहर निकलने और लेनदारों को गुमराह करने के लिए नालंदा के कतरीसराय थाना क्षेत्र में अपहरण की साजिश की। एक युवक ने खुद ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने अपहरण का हाई-वोल्टेज ड्रामा रचा था। ये परिवार से 10 लाख वसूलने के फिराक में था। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी सूझबूझ के आगे यह साजिश महज साढ़े तीन घंटे में ढह गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी युवक सहित तीन साजिशकर्ताओं को नवादा के वारसलीगंज से गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी 'साइबर सेल अधिकारी' बनकर आए थे दोस्त कतरीसराय के संगत टोला निवासी स्वर्गीय टुनटुन प्रसाद का 28 वर्षीय बेटा रौशन कुमार कर्ज के भारी दबाव में था। खुद को इस स्थिति से निकालने के लिए उसने एक हैरान करने वाली योजना बनाई। योजना के तहत उसके कुछ दोस्त उसके घर पहुंचे। उन्होंने खुद को समस्तीपुर साइबर सेल का अधिकारी बताया और रौशन के परिजनों को बकायदा मुहर लगा हुआ एक फर्जी सरकारी पत्र भी दिखाया। पूछताछ का बहाना बनाकर वे रौशन को अपने साथ ले गए। शुरुआती तौर पर रौशन के परिजन इसे असली पुलिसिया कार्रवाई समझकर शांत रहे, लेकिन काफी देर तक संपर्क न होने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत स्थानीय कतरीसराय थाने को इसकी सूचना दी। कतरीसराय पुलिस की मुस्तैदी से साढ़े तीन घंटे में भंडाफोड़ मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कतरीसराय के अपर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने तुरंत मोर्चा संभाला। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगने पर उन्होंने समस्तीपुर साइबर डीएसपी से संपर्क साधा, जहां से किसी भी टीम के कतरीसराय भेजे जाने की बात से साफ इनकार कर दिया गया। मामला फर्जीवाड़े का निकलते ही डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अपर थानाध्यक्ष ने बताया कितकनीकी साक्ष्यों (लोकेशन और सर्विलांस) के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और महज साढ़े तीन घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा करते हुए रौशन कुमार और उसके दो साथियों को वारसलीगंज से गिरफ्तार कर लिया। कर्ज से बचने को रची थी साजिश अपर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी रौशन कुमार ने स्वीकार किया कि उस पर कर्ज है। लेनदारों के बढ़ते दबाव और बदनामी के डर से बचने के लिए उसने इस अपहरण कांड की पटकथा खुद लिखी थी। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश में आधुनिक तकनीक और एआई जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया था, जिसे विफल कर दिया गया। फिलहाल इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पर कितना कर्ज है।
हरदोई में लखनऊ के पुरनिया क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की याद में मंगलवार शाम श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। शहीद उद्यान में वीरांगना सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं।संस्थान की अध्यक्ष शरणजीत सुहाना जैन ने कहा कि लखनऊ की घटना समाज के लिए दुखद है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का निधन हुआ, उनके परिवारों के प्रति समाज की संवेदनाएं हैं। वक्ताओं ने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। इस अवसर पर हरदोई बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जे.पी. त्रिवेदी, संजीव अवस्थी एडवोकेट, उमंग शर्मा, कुसुम सिंह, वीरपाल सिंह, गोलू पाल, अरविन्द मिश्रा, डॉ. अभिषेक, विनय, सर्वेश, अंतरा, अंशिका और मोहिनी सहित कई गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
भोपाल में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई। ये कॉलोनियां लांबाखेड़ा और जगदीशपुर में बिना अनुमति के डेवलप की जा रही थी। करीब 5 करोड़ रुपए जमीन की कीमत है। हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। एसडीएम सोनकिया ने बताया कि अमन कुरैशी, जुबैर आलम और निर्मला चौकसे कॉलोनियां काट रहे थे। इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई थी। मंगलवार को टीम मौके पर पहुंची और गेट, बाउंड्रीवॉल, सड़क जैसे स्ट्रक्चर तोड़ दिए। पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में की गई। ताकि, किसी प्रकार के हंगामे की स्थिति न बने। लगातार कार्रवाई होगी एसडीएम सोनकिया ने बताया कि पिछले तीन दिन से अवैध कॉलोनियों को लेकर कार्रवाई की जा रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। उन कॉलोनियों को लिस्टेड किया गया है, जो बिना किसी अनुमति के काटी गई है। निगम ने तोड़ा बहुमंजिला भवन का अवैध हिस्सा निगम की भवन अनुज्ञा शाखा एवं अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 80 फिट रोड अशोका गार्डन क्षेत्र में बहुमंजिला भवन के अवैध हिस्से को तोड़ दिया। इस दौरान भवन अनुज्ञा शाखा एवं अतिक्रमण निरोधक दस्ते के अधिकारी व भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
पद्म पुरस्कार विजेताओं को अवॉर्ड वितरण समारोह का दूसरा सेशन मंगलवार को आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 2026 पद्म अवॉर्ड्स विनर्स को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पंजाब की तीन हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें भारतीय हॉकी के एक दिग्गज और प्रसिद्ध कोच बलदेव सिंह, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और डेरा बल्लां के संत निरंजन दास शामिल हैं। पहली बार वनडे विश्व कप जिताकर बढ़ाया देश का मानपंजाब के मोगा जिले के गांव दुननेके की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को 25 जनवरी को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री देने की घोषणा की गई थी। यह सम्मान भारतीय महिला क्रिकेट में उनके ऐतिहासिक योगदान और नेतृत्व में टीम को पहली बार वनडे विश्व कप खिताब दिलाने के लिए दिया गया है। 2 नवंबर 2025 को उनकी कप्तानी में भारत ने विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। साधारण परिवार से आने वाली हरमनप्रीत के पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर मोगा जिला अदालत में वकील के मुंशी रहे हैं। बचपन से ही उन्होंने क्रिकेट में रुचि दिखाई और पिता के साथ गुरु नानक कॉलेज के मैदान में लड़कों के साथ खेलना शुरू किया। समाज के विरोध के बावजूद पिता ने उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और 2014 में टेस्ट डेब्यू किया। 2017 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला था। अब पद्म श्री से सम्मानित होकर उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। पिता ने इसे गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह सम्मान शब्दों से परे है। यह उपलब्धि देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। संत निरंजन दास को पद्मश्री, पंजाब की राजनीति पर पड़ेगा असरजालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास जी को पद्मश्री सम्मान मिलना केवल धार्मिक या सामाजिक उपलब्धि नहीं माना जा रहा है बल्कि इसे पंजाब की राजनीति और सामाजिक समीकरणों में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इस सम्मान ने जहां रविदासिया समाज का मनोबल बढ़ाया है, वहीं भाजपा को पंजाब खासकर दोआबा क्षेत्र में दलित वर्ग के बीच नई राजनीतिक पकड़ बनाने का अवसर भी दिया है। इसी वर्ष गुरु रविदास जयंती के अवसर पर पीएम मोदी का डेरा सचखंड बल्लां पहुंचना केवल धार्मिक श्रद्धा तक सीमित नहीं माना गया। राजनीतिक हलकों में इसे एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा गया कि केंद्र सरकार रविदासिया समाज और डेरा बल्लां के सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के जरिये भाजपा पंजाब के दलित वोट बैंक में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवाने की कोशिश कर रही है। खासकर दोआबा क्षेत्र, जहां अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 45 प्रतिशत है, वहां डेरा बल्लां का प्रभाव बेहद अहम माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पंजाब की करीब 32 प्रतिशत आबादी दलित समुदाय से संबंधित है, जो देश में सबसे अधिक मानी जाती है। यह चर्चा राजनीतिक रूप से तेज है। भारतीय हॉकी के सबसे सफल कोचों में से एक हैं बलदेव सिंह लुधियाना के भैनी साहिब से संबंधित बलदेव सिंह भारतीय हॉकी के दिग्गज और सबसे सफल कोचों में से एक हैं। उन्हें भारतीय महिला हॉकी का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है। उन्होंने हरियाणा के शाहबाद मारकंडा को एक छोटे से कस्बे से बदलकर महिला हॉकी का अंतरराष्ट्रीय पावरहाउस बना दिया। बलदेव सिंह, जिन्होंने शाहबाद मार्कंडा के शांत कस्बे को हॉकी की विशिष्ट प्रतिभाओं के लिए एक केंद्र में बदल दिया। 75 वर्षीय बलदेव सिंह 1982 में हरियाणा खेल विभाग के कोच के रूप में शाहबाद मार्कंडा पहुंचे और वहां चार साल तक सेवा की। वे 1993 में वापस शहर लौटे और हॉकी नर्सरी को हॉकी प्रतिभा के सबसे उत्पादक केंद्रों में से एक में बदल दिया। नामधारी हॉकी टीम, भैनी साहिब के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत करते हुए और अस्सी के दशक की शुरुआत में बेंगलुरु के राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) से हॉकी कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद, सिंह ने खेल में 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और आठ भारतीय कप्तानों को सलाह देने में अपने अनुभव का उपयोग किया। अकादमी के खेल के लिए एक प्रांतीय केंद्र बनने के साथ, सिंह ने हॉकी के प्रतिस्पर्धी तंत्र के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं, उन्होंने 1993 में जूनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ता के रूप में, 1996 में मद्रास में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में और बाद में वरिष्ठ राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्य किया। 2001 से 2004 तक उन्होंने भारतीय पुरुष टीम के कोच के रूप में कार्य किया, जिसमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी भी शामिल है, और उन्होंने 2004 में एशिया कप में टीम को स्वर्ण पदक दिलाया। चार दशकों से अधिक समय से, सिंह ने स्टार एथलीटों के लिए आरक्षित चकाचौंध से दूर रहकर काम किया है, और श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व विश्वविद्यालय, फतेहगढ़ साहिब, खालसा कॉलेज, अमृतसर में हॉकी कोच के रूप में योगदान देते हुए भारतीय हॉकी की संस्थागत संरचना को आकार दिया है, साथ ही 2020 टोक्यो, 2024 पेरिस और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों के लिए एक रोड मैप तैयार करने के लिए केंद्र द्वारा गठित ओलंपिक टास्क फोर्स के मुख्य सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।
हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोलर प्लेट चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई पांच सोलर प्लेटें, एक पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह मामला ग्राम होलिया निवासी दुलीचन्द्र की शिकायत के बाद सामने आया। दुलीचन्द्र ने सुरसा थाने में अपने खेत से पांच सौर ऊर्जा प्लेटें चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सुरसा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने कार्रवाई करते हुए सूरजपाल, राजनी, अनुज कुमार, सत्यम, मोनू और शिवा नामक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी हरदोई जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई पांच सोलर प्लेटें बरामद की गईं। साथ ही घटना में प्रयुक्त एक महिंद्रा पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली। बरामदगी के बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई इसी क्रम में की गई, जिससे क्षेत्र में सक्रिय चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना सुरसा की पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस इसे चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है।
हांसी में जींद रोड स्थित पानू पेट्रोल पंप पर सोमवार तड़के हुई 35 हजार रुपए की लूट का मामला हांसी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप का कर्मचारी ही इस वारदात का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नकदी हड़पने के लिए लूट का नाटक रचा था। पुलिस जांच के अनुसार, कर्मचारी दीपक ने पूर्व नियोजित योजना के तहत अपने एक साथी को सोमवार तड़के करीब तीन बजे कंबल ओढ़कर पेट्रोल पंप के कमरे में भेजा। आरोपी ने लाठी से दीपक पर हल्के वार किए, ताकि यह घटना वास्तविक लूट लगे। इसके बाद वह मौके से लगभग 35 हजार रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस को जांच में संदिग्ध लगा मामला वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस और सीआईए टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में हमलावर द्वारा लाठी मारने का तरीका संदिग्ध लगा। इसमें कोई वास्तविक संघर्ष या गंभीर वार दिखाई नहीं दिए। इसी आधार पर पुलिस का शक सबसे पहले कर्मचारी दीपक पर गया। पुलिस ने दीपक से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी दीपक, आशीष निवासी ढाणा कलां, अमन उर्फ मिथुन निवासी ढाणा कलां और अमन निवासी खेड़ी गगन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। वारदात में इस्तेमाल बाइक को जब्त किया शेखपुरा चौकी प्रभारी जय सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इस रकम का इस्तेमाल किसी और बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। ,
प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवामई गांव में बने एक वाटर पार्क में सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई है। मंगलवार शाम को यहां नहाने गई एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची की स्विमिंग पूल के गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है और वाटर पार्क प्रबंधन की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ₹50 का टिकट लेकर अंदर गई थी मासूम जानकारी के मुताबिक, अलुवामई गांव के रहने वाले सुशील केसरवानी की बड़ी बेटी सानिया केसरवानी (8) मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे गांव के ही वाटर पार्क में नहाने के लिए गई थी। इस वाटर पार्क में एंट्री के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये का शुल्क लिया जाता है। नहाने के दौरान मासूम सानिया अचानक गहरे पानी की तरफ चली गई और डूबने लगी। हैरान करने वाली बात यह है कि काफी देर तक किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। जब कुछ लोगों ने उसे अचेत अवस्था में देखा, तब जाकर उसे पानी से बाहर निकाला गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें हादसे की खबर मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। बच्ची को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कुंडा ले जाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने सानिया को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की घोषणा सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। तीन बहनों में सबसे बड़ी थी सानिया मृतका सानिया अपने माता-पिता की तीन बेटियों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता सुशील केसरवानी प्रयागराज नगर निगम में जेसीबी (JCB) चालक के रूप में काम करते हैं। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ग्रामीणों और परिजनों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि वाटर पार्क प्रबंधन सिर्फ पैसे कमाने में जुटा है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए वहां कोई इंतजाम नहीं थे। मौके पर न तो कोई पर्याप्त निगरानी व्यवस्था थी और न ही कोई प्रशिक्षित लाइफगार्ड तैनात था। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस अवैध या असुरक्षित तरीके से चल रहे वाटर पार्क के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मानिकपुर थाना इंस्पेक्टर पंकज राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। परिजनों की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बीजापुर जिले के प्राथमिक शाला मंजारपारा पालनार के प्रधान अध्यापक राजू पुजारी आत्महत्या मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर तेलंगा और तेलगा समाज समिति ने चिंता व्यक्त की है। समिति ने आरोप लगाया है कि घटना के कई महीने बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी छविनाथ डोंगरे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) और शैलेष वासम (तकनीकी सहायक) खुलेआम घूम रहे हैं। वे अपने परिवार और कार्यालय से संपर्क में हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहे हैं। समिति ने बताया कि पहले भी कई बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ नोटिस चस्पा करने और निर्धारित समय में अनुपस्थित रहने पर संपत्ति कुर्की की चेतावनी देने की खबरें भी सामने आई थीं। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने से समाज में अपराधियों को छूट मिलने जैसी धारणा फैल रही है, जिससे शासन-प्रशासन पर लोगों का विश्वास कम हो रहा है। कोई विभागीय कार्रवाई भी नहीं हुई समिति ने कहा कि, दोनों आरोपी लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर सेवा समाप्ति या अन्य कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। समिति ने छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र का हवाला दिया। जिसमें अनाधिकृत अनुपस्थिति की स्थिति में विभागीय जांच कर सेवा समाप्ति जैसे कदम उठाने का प्रावधान है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर समिति ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी तेलंगा समाज समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। शासन के नियमों के अनुसार विभागीय जांच कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समाज व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी- कलेक्टर इस मामले में बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने भास्कर को बताया कि उन्हें आज आवेदन मिला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी बताया कि इस मामले को समय सीमा की बैठक में रखा गया है।
पंजाब में फिरौती को लेकर फायरिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। कपूरथला की सब-डिवीजन सुल्तानपुर लोधी में बरिस्ता रेस्टोरेंट के बाहर फायरिंग की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। सुल्तानपुर लोधी के डीएसपी धीरेंद्र वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले रेस्टोरेंट के मालिकों को लाखों रुपये की फिरौती के लिए धमकी भरे फोन कॉल आए थे, जिसके चलते इस हवाई फायरिंग को उसी फिरौती के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मौके पर एक गोली चलने की बात कही जा रही है, जिसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इंस्टाग्राम पर ली फायरिंग की जिम्मेदारी इस वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला दावा सामने आया है। 'chan_dhillon307' नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए पोस्ट डाली गई है। पोस्ट में कहा गया है कि फिरौती के फोन कॉल का जवाब न मिलने के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस या किसी प्रामाणिक स्रोत ने इस सोशल मीडिया दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी, लिखित शिकायत का इंतजार डीएसपी धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि इस मामले में अभी तक रेस्टोरेंट प्रबंधन या किसी अन्य पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद, पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच तेज कर दी है। घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने पर बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक कैद हुए हैं, जिनके हुलिए के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। व्यापारियों में चिंता, हर पहलू से जांच कर रही पुलिस इस घटना के बाद से सुल्तानपुर लोधी के व्यापारिक समुदाय और दुकानदारों में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी साक्ष्यों और आपसी रंजिश सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वारदात के असली कारणों और इसके पीछे शामिल चेहरों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। फिरौती के एंगल से जांच की जा रही है एसपी ने घटना पर कहा कि फायरिंग के बारे में सूचना मिली है। टीम मौके पर पहुंची है। इसमें गैंग द्वारा वारदात की जिम्मेदारी लेने की पोस्ट का भी दावा किया जा रहा है। इससे फिरौती का भी एंगल सामने आ रहा है। पोस्ट और दूसरे लिंक की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के बघारी गांव के समीप मंगलवार को एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक कमलेश महतो की मौत हो गई। वह बघारी गांव के वार्ड संख्या-10 निवासी उपेंद्र महतो के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार, ऑटो संख्या BR07PC-4354 बहुरार से बघारी की ओर जा रहा था। बहुरार और बघारी के बीच एक मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में कमलेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा तेज आवाज के साथ हुआ, जिसके बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और रुन्नीसैदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, दुर्घटना के बाद चालक वाहन को घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल कमलेश महतो की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही थानाध्यक्ष ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में वाहन के तेज रफ्तार होने और मोड़ पर संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस फरार चालक की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
बागपत में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:पुलिस ने जांच शुरू की, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया
बागपत में दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित नेथला गांव के पास एक युवक का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला। एचपी पेट्रोल पंप के पीछे जंगल में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर बागपत थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की।पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 29 वर्षीय मोनू कश्यप पुत्र रामनाथ के रूप में हुई है। वह जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के हरखमलपुर गांव का निवासी था।जानकारी के अनुसार, मोनू कश्यप लगभग 20 दिन पहले ही बागपत आया था और नेथला रोड स्थित कुबेर इंडस्ट्रीज हाउस में रोलर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। फैक्ट्री मालिक मोहित ने पुलिस को बताया कि मोनू पहले भी उनकी ट्रॉनिका सिटी स्थित फैक्ट्री में काम कर चुका था और दोबारा नौकरी के लिए आया था। उन्होंने किसी भी विवाद या रंजिश से इनकार किया है।फैक्ट्री कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी सामने आई है कि मोनू अक्सर देर रात मोबाइल फोन पर किसी महिला से बात करता था। पुलिस ने इस पहलू की भी जांच शुरू कर दी है।घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है, जिसमें उसके भाई दिनेश प्रजापति को भी सूचित किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामला अभी संदिग्ध है और आत्महत्या सहित सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
बस्ती में एक छात्रा के खिलाफ फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। बलिया के तहसीलदार सदर की शिकायत पर 22 जून को जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है। यह मुकदमा बलिया जनपद के थाना कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत पंजीकृत किया गया है। वादी अतुल हर्ष, तहसीलदार सदर बलिया, ने शिकायत में आरोप लगाया है कि बलिया जिले के शाहपुर पोस्ट बढ़वलिया निवासी रीया देव ने स्वतंत्रता सेनानी से संबंधित कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों का उपयोग उन्होंने महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बस्ती में प्रवेश पाने के लिए किया। तहसीलदार द्वारा कराई गई जांच में दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद यह मामला दर्ज कराया गया। यह जीरो एफआईआर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज की गई है। अब संबंधित थाना और जांच एजेंसियां इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। मामले की विवेचना के दौरान दस्तावेजों की सत्यता, प्रवेश प्रक्रिया में उनके उपयोग और अन्य संबंधित तथ्यों की गहन जांच की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस केन्द्र दरभंगा के परेड ग्राउंड में मंगलवार को नवादा जिलाबल के 230 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत समारोह-सह-पारण परेड भव्य रूप से आयोजित किया गया। लगभग 11 महीने तक चले बुनियादी प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद प्रशिक्षु सिपाहियों ने अनुशासित और आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। साल 2025 में नियुक्त नवादा जिलाबल के इन 230 प्रशिक्षु सिपाहियों का प्रशिक्षण जुलाई 2025 से दरभंगा में संचालित किया जा रहा था। निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आयोजित समारोह में मिथिला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जोधा रेड्डी, नगर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने पारण परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षु सिपाहियों के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पुलिस बल का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह रहना भी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। प्रशिक्षण के दौरान सिपाहियों को ड्रिल, परेड, सलामी, शस्त्र संचालन, दंगा नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था संधारण से संबंधित विभिन्न विषयों का व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पुलिस कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़े आवश्यक कानूनों और प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित समारोह के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों एवं अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। परेड कमांडर के रूप में शुभम कुमार और हर्षवर्धन कुमार को क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं विभिन्न प्लाटूनों के उत्कृष्ट कमांडरों सहित बेस्ट अनुशासन के लिए सकिन्दर कुमार, आंतरिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपदेश कुमार तथा बैंड कमांडर के रूप में नीरज कुमार को सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण पर पुलिस मुख्यालय का विशेष फोकस: एसएसपी एसएसपी जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय और डीजीपी स्तर पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से परेड और प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग की गई, जिसके कारण प्रशिक्षुओं को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सका। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित सिपाही अपने-अपने जिलों में जाकर बेहतर पुलिसिंग का परिचय देंगे। एसएसपी ने बताया कि राज्य में चल रही बड़ी बहाली प्रक्रिया के तहत दरभंगा को कुल 1066 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी मिली है और भविष्य में भी अन्य जिलों के प्रशिक्षुओं को उच्च स्तर का प्रशिक्षण देने का प्रयास जारी रहेगा। पुलिसिंग होगी और मजबूत- डीएम जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि नवादा जिले के 230 प्रशिक्षु सिपाहियों की पारण परेड का आयोजन अत्यंत सफल रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण हासिल कर अपने जिले लौटने के बाद ये जवान कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि पिछले 11 महीनों से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम को एसएसपी दरभंगा के नेतृत्व में पूरी टीम ने सफलतापूर्वक संचालित किया है। उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़े सभी अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह टीम भविष्य में आने वाले प्रशिक्षुओं को भी इसी तरह गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित सिपाही अपने-अपने जिलों में उत्कृष्ट सेवा देकर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे।
आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग ने 2026-27 के लिए एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। कक्षा 12वीं और उससे ऊपर की पढ़ाई कर रहे पात्र विद्यार्थी विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, पुराने विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति रिन्यूअल की प्रक्रिया 20 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। नए छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीयन 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा। छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। आधार से लिंक कर देना होगा बैंक खाते जानकारी नए आवेदकों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) कराना जरूरी होगा। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को अपने सक्रिय और आधार से लिंक बैंक खाते की सही जानकारी देनी होगी, ताकि छात्रवृत्ति की राशि समय पर मिल सके। छात्रवृत्ति के लिए एससी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक तथा ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की आय 1 लाख रुपए तक निर्धारित की गई है। विभाग ने सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से समय पर आवेदन जांचकर स्वीकृत करने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जनपद के सबसे संवेदनशील और प्रमुख धार्मिक स्थल शिव चौक पर इस बार विशेष सुरक्षा और सजावट की गई है। खास बात यह है कि पूरे मंदिर को नहीं, बल्कि जुलूस के गुजरने वाले मार्ग की ओर स्थित उत्तर-पूर्वी हिस्से को ही लाल कपड़े और फूलों से ढका गया है, जबकि मंदिर का शेष भाग खुला छोड़ा गया है। प्रशासन के अनुसार मोहर्रम का जुलूस भगत सिंह रोड से होते हुए शिव चौक पहुंचेगा और वहां से मंदिर के पीछे वाले मार्ग से रुड़की रोड की ओर आगे बढ़ेगा। इसी रूट को ध्यान में रखते हुए मंदिर के उसी हिस्से को लाल कपड़े से कवर किया गया है, जहां से जुलूस की आवाजाही होगी। शिव चौक और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कांटेदार तार वाले बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्रसारित करने के लिए अतिरिक्त साउंड सिस्टम भी लगाया गया है। पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात हैं। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हिंदू संगठनों ने मोहर्रम जुलूस का मार्ग शिव चौक और हनुमान चौक से बदलने की मांग की थी। हालांकि प्रशासन ने परंपरागत मार्ग को बरकरार रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी है। समाचार लिखे जाने तक मोहर्रम का जुलूस भगत सिंह रोड की ओर बढ़ रहा था और जल्द ही शिव चौक पहुंचने की संभावना थी। प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति, संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
हरियाणा के सिरसा की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें यह अवार्ड प्रदान किया। पूनिया भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान, मौजूदा गोलकीपर हैं। उन्हें भारतीय महिला हॉकी की 'द ग्रेट वॉल' के नाम से जाना जाता है। टोक्यो ओलिंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 पेनल्टी कॉर्नर बचाए थे, जिसके बाद उन्हें द ग्रेट वाल के नाम से पहचान मिली। अवार्ड मिलने पर सविता ने कहा, यह सम्मान अपने आप में बहुत बड़ा है। मैंने जब हॉकी खेलना शुरू किया था, तो कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा। मुझे इतने बड़े व्यक्तिगत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है। कई बार ऐसे हालात रहे। जब मुझे लगा कि हॉकी खेलना छोड़ना पड़ेगा, लेकिन परिवार के समर्थन के बाद मैंने हॉकी का सफर जारी रखा। जब एक लड़की होने के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार में आपको इतना समर्थन मिलता है, तो ये बेहद खास होता है। यह सभी के लिए एक शानदार उदाहरण है। अगर सविता ऐसा कर सकती है, तो अन्य बेटियां भी ऐसा कर सकती हैं। सविता पूनिया की ये उपलब्धियां भी खास इससे पहले सविता पूनिया को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सविता सिरसा जिले की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही है। वे लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। सविता पूनिया उस टीम की उप-कप्तान थीं। पीआर श्रीजेश के बाद वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वालीं दूसरी भारतीय गोलकीपर हैं। उनकी कप्तानी में बर्मिंघम में 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम कांस्य पदक जीती थी। एफआईएच नेशंस कप का भी खिताब जीता। पिता हेल्थ विभाग से रिटायर्ड, पति कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पिता महेंद्र सिंह के अनुसार, कुमारी सविता पूनिया का जन्म 11 जून 1990 को सिरसा के जोधकां गांव में हुआ था। उनके पिता महेंद्र सिंह हेल्थ विभाग से फार्मासिस्ट के पद से रिटायर्ड है और डिंग में लंबे समय तक सेवाएं दी। उनकी माता लीलावती गृहिणी है। सविता का बड़ा भाई भविष्य आईटीआई में नॉन टीचिंग जॉब पर और भाभी एग्रीकल्चर विभाग सिरसा में कार्यरत है। सविता की शादी साल 2021 में हरियाणा के सोनीपत के अंकित बल्हारा के साथ हुई है, उनके पति अंकित कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पूरी फैमिली कनाडा में ही रहती है। ससुराल जाने के लिए उनको कनाडा ही जाना पड़ता है और बाकी समय खेल, ट्रेनिंग कैंप या मायके में गुजरता है। दादा को मानती है रोल मॉडल सविता की पढ़ाई के साथ-साथ खेल में रूचि थी। वह अपने दादा रणजीत सिंह को रोल मॉडल मानती है। उनके दादा रणजीत सिंह ने सविता को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया था। शुरू में साल 2003-2004 में सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में बाद में भारतीय हॉकी प्राधिकरण के हिसार साईं सेंटर में खेलना शुरू किया। कोच आजाद सिंह मलिक के नेतृत्व में खेली। साल 2007 में भारतीय सीनियर नेशनल हाकी कैंप के लिए सविता का चयन हुआ। इसके बाद साल 2011 में सविता की अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई। हाइट लंबी और फुर्ती होने के कारण कोच ने उनको गोलकीपर के चुना था। ग्रामीण आंचल से शहर पहुंची और जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। देखें 2026 के पद्म अवॉर्ड विजेताओं की पूरी लिस्ट…
पठानकोट के सुजानपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 में दिनदहाड़े चोरी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़ित यशपाल ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे उनकी पत्नी और बेटा काम से घर लौटे थे। उन्होंने अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (नंबर PB-35Y-9124) घर के मुख्य गेट के बाहर खड़ी की थी। उनका बेटा जैसे ही किसी काम से घर के अंदर गया, महज कुछ ही मिनटों में एक अज्ञात चोर मोटरसाइकिल लेकर रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। यशपाल और स्थानीय निवासियों ने कहा कि दिन के उजाले में हुई इस चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि सुजानपुर इलाके में सक्रिय नशेड़ी अपनी लत को पूरा करने के लिए लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। करीब छह महीने पहले भी रात के समय एक चोर एक घर में घुस आया था, जिसे लोगों ने रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र में अवैध रूप से नशीली दवाएं बेचने वालों के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कार्रवाई के बाद फिर बढ़ीं संदिग्ध गतिविधियां मोहल्ला निवासियों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले पुलिस ने नशेड़ियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया था, जिससे कुछ दिनों तक स्थिति में सुधार रहा था। लेकिन अब एक बार फिर क्षेत्र में संदिग्ध असामाजिक तत्वों की आवाजाही और गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। लोगों को डर है कि यदि समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। CCTV फुटेज सौंपकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने कहा कि वे चोरी की इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज पुलिस प्रशासन को सौंप रहे हैं ताकि आरोपी की जल्द से जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके। इसके साथ ही सुजानपुर के निवासियों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) को तुरंत बढ़ाया जाए और नशा तस्करों व चोरों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
पानीपत जिले में थाना सेक्टर 13/17 क्षेत्र में एक नाबालिग का रास्ता रोककर अपहरण करने, मारपीट करने और धमकी देने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। सीआईए वन पुलिस टीम ने देर रात सूचना के आधार पर गांव राणा माजरा में दबिश देकर इन आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान राणा माजरा निवासी समरा और आठ मरला निवासी रोहित के रूप में हुई है। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे दोनों नशे के आदी हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी रोटी बैंक के नाम पर शहर में रसीद काटकर पैसे इकट्ठा करते थे और रकम को नशे पर खर्च कर देते थे। नशे की पूर्ति के दिया वारदात को अंजाम 20 जून को नशे की पूर्ति के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। दोनों आरोपी रोटी बैंक की रसीद बुक और अपनी पल्सर बाइक लेकर शहर में निकले, लेकिन किसी ने पर्ची नहीं कटवाई। इसके बाद वे अंसल क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्हें तीन युवक खड़े दिखाई दिए। आरोपियों ने अपने चेहरे रुमाल से ढक लिए और युवकों का रास्ता रोक लिया। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए तीनों युवकों की तलाशी ली। जब उनके पास पैसे नहीं मिले, तो आरोपियों ने दो युवकों के मोबाइल फोन छीन लिए और पैसे देने के बाद फोन वापस करने को कहा। एक युवक ने कहा कि वह गूगल पे से पैसे दे देगा, जिसके बाद आरोपी उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठाकर बराना गांव के खेतों में ले गए। पैसे देने से इनकार करने पर की मारपीट खेतों में पहुंचने पर युवक ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, मोबाइल का पासवर्ड पूछा और जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपियों ने बाद में मोबाइल फोन बराना अड्डे के पास दुकानों के सामने फेंक दिए और मौके से भाग गए। इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक बरामद कर ली है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी रोहित का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड होना पाया गया है। उसके खिलाफ हत्या, चोरी तथा मारपीट की वारदातों के पानीपत और करनाल में करीब 20 मामले दर्ज हैं। आरोपी करीब तीन माह पहले करनाल जेल से जमानत पर बाहर आया था।यह है पूरा मामला थाना सेक्टर 13/17 में सेक्टर 18 निवासी राजेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका 17 वर्षीय नाबालिग बेटा अपने दो दोस्तों के साथ 20 जून को दोपहर करीब 12 बजे ट्यूशन पढने के बाद बाइक व स्कूटी से अंसल में घुमने चले गए थे। वहां एक बगैर नंबर प्लेट लगी बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने बाइक अड़ाकर उनका रास्ता रोक लिया। युवकों ने मुंह को कपड़े ढका हुआ था। युवक अपने आप को सीआईए पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी तलाशी लेने लगे। बेटे व उसके एक दोस्त के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद आरोपी उसके बेटे को जबरन अपनी बाइक पर बैठाकर बराना गांव के खेतों में ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। बाद में धमकी देकर छोड़ दिया। बेटा वहां से घर आ रहा था तो बराना गांव के पास एक राहगीर ने बेटे को फोन वापस कर कहा कि उसे फोन सड़क पर पड़े मिले थे। आरोपियों ने उसके बेटे का अपहरण कर मारपीट की। राजेश की शिकायत पर थाना सेक्टर 13/17 में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और धरपकड़ के प्रयास शुरू किए थे।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 3 दिन पहले किडनैप हुए किराना व्यापारी गिरीश यादव को पुलिस और साइबर सेल ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपियों गिरफ्तार किया है। यह घटना 20 जून 2026 की सुबह ग्राम उषाढ़ में हुई थी। व्यवसायी गिरीश यादव अपने घर के बाहर खड़े थे, तभी एक बलेनो कार में सवार हथियारबंद बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर उनका अपहरण कर लिया। बदमाशों ने परिजनों से फोन पर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों की शिकायत पर मरवाही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीडीआर, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। आरोपियों का पीछा करते हुए अलग-अलग राज्यों में दबिश दी गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी हुए गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पुंडलिक केंद्रे (महाराष्ट्र), चंद्रशेखर (राजस्थान) और शेषपाल सिंह (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, 6 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल और स्कॉर्पियो एन गाड़ी बरामद किया है। गाड़ी में नीली बत्ती और पुलिस लिखा था इस गाड़ी पर फर्जी तरीके से नीली बत्ती और 'पुलिस' का बोर्ड लगा था, जिसका इस्तेमाल आरोपी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। व्यवसायी को सुरक्षित मुक्त कराने के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
सीकर के माहेश्वरी भवन में माहेश्वरी समाज का उत्पत्ति दिवस महेश नवमी महोत्सव संपन्न हुआ। भगवान शिव के जयकारों के साथ 3 दिनों तक हुए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। माहेश्वरी समाज के पन्नालाल सारड़ा और महेश काबरा ने बताया कि महेश नवमी के ही दिन भगवान महेश (शिव) के आशीर्वाद से माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी। महोत्सव के अंतिम दिन सुबह समाज के लोगों ने विद्वान पंडितों के सान्निध्य में भगवान महेश की विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद रुद्राभिषेक और सर्व मंगलकामना यज्ञ किया। मंगलवार दोपहर में माहेश्वरी भवन से शाही लवाजमे के साथ शोभायात्रा निकली। इसमें ऊंट-घोड़े शामिल रहे। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। महोत्सव के दौरान महिला मंडल ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। माहेश्वरी समाज के बच्चों ने सजाई गई शिव परिवार और राम दरबार की सजीव झांकियां प्रस्तुत कीं। माहेश्वरी समाज के तीनों घटकों के सचिवों ने अपना वार्षिक रिपोर्ट पेश की।
सब इंस्पेक्टर (SI) दिलबाग सिंह ने आज जालंधर जिले के बिलगा थाने के नए थाना प्रभारी (SHO) का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने ड्रग तस्करों और अन्य गैर-कानूनी तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की घोषणा की। थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उनका स्वागत किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, SI दिलबाग सिंह ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थानीय पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलाके में किसी भी गैर-कानूनी तत्व, ड्रग तस्कर या लुटेरों को पनपने नहीं दिया जाएगा। तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे धकेलेगी पुलिस थाना प्रभारी ने कहा कि उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत, ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे धकेला जाएगा। दिलबाग सिंह ने यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस स्टेशन के दरवाजे हर नागरिक के लिए हमेशा खुले रहेंगे। उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और उनका सम्मानपूर्वक निपटारा किया जाएगा। दिन-रात पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी शहर और ग्रामीण इलाकों में दिन-रात पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी निवासियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। थाना प्रभारी ने इलाका निवासियों से पुलिस प्रशासन को सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आसपास कोई भी संदिग्ध या गैर-कानूनी गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
इंदौर के जोन-1 क्षेत्र में पुलिस ने भाजपा के शिवाजी मंडल के उपाध्यक्ष गोपाल सिंगार को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि वह अवैध नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों से संरक्षण राशि वसूलता था। मामले में गिरफ्तार महिला और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत के अनुसार, आजाद नगर क्षेत्र में पिछले दिनों गांजा और एमडी ड्रग्स के साथ पंगुबाई, दुगाबाई, सरदार सहित अन्य आरोपियों को अलग-अलग कार्रवाई में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि वार्ड क्रमांक-54 स्थित भील कॉलोनी निवासी एवं भाजपा नेता गोपाल सिंगार कथित तौर पर नशा कारोबारियों से आर्थिक लाभ लेता था। पुलिस ने गोपाल सिंगार को हिरासत में लेकर आरोपियों से आमना-सामना कराया। पुलिस के मुताबिक पंगुबाई ने बयान दिया कि वह गोपाल सिंगार को हर माह 50 हजार रुपए देती थी। दुगाबाई और सरदार ने भी उसे पैसे देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने गोपाल सिंगार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और 11 नंबर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जिन महिला और अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ पहले से दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, गोपाल सिंगार को छुड़ाने के लिए कुछ राजनीतिक नेताओं के फोन आने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कुरुक्षेत्र में दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी के मैनेजर को दोबारा निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला रजिस्ट्रार (डीआर) को आदेश दिए कि जांच पूरी होने तक मैनेजर की बहाली न की जाए। गांव किरमच निवासी राजेश शर्मा की शिकायत पर सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि निलंबित मैनेजर को जांच लंबित होने के बावजूद बहाल कर दिया गया था। कैबिनेट मंत्री ने एक अन्य मामले में अंसल सुशांत सिटी के कॉलोनाइजर के खिलाफ केस दर्ज करने तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य आपूर्ति एवं नागरिक विभाग के दो निलंबित इंस्पेक्टरों को शीघ्र गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को भी निर्देशित किया गया। मंगलवार को नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित ग्रेवांस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृष्ण लाल पंवार ने एजेंडे में शामिल 11 मामलों में से 6 का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष 5 मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और समितियों को आवश्यक निर्देश दिए। गलत तरीके से नियुक्त कर्मचारियों को हटाने के निर्देश कैबिनेट मंत्री ने डीआर को निर्देश दिए कि जिन को-ऑपरेटिव सोसायटियों में नियमों के विरुद्ध नियुक्तियां हुई हैं, वहां ऐसे कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए। यदि हटाए जाने के बाद भी कोई कर्मचारी कार्यरत पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा शास्त्री कॉलोनी वार्ड नंबर-4 के नागरिकों, सफाई कर्मचारियों के भुगतान, गांव बिलौना निवासी हर्ष बावा तथा गांव बारवा निवासी ओम प्रकाश की शिकायतों की सुनवाई कर उनका निपटारा किया गया। अंसल सुशांत सिटी के कॉलोनाइजर के खिलाफ दर्ज होगा केस अंसल सुशांत सिटी के निवासियों की शिकायत पर एसडीएम अमन कुमार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट और शिकायतकर्ताओं के पक्ष को सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कॉलोनाइजर की कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके कारण कॉलोनी के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कॉलोनाइजर के खिलाफ शीघ्र केस दर्ज करने और प्रत्येक बिंदु की गहन जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक को लिखित रूप में आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश भेजने को कहा। एचएसवीपी और जनस्वास्थ्य विभाग को संयुक्त समिति बनाकर कॉलोनी में पेयजल और निकासी व्यवस्था जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। निलंबित इंस्पेक्टरों को जल्द गिरफ्तार करे पुलिस महावीर कॉलोनी, लाडवा निवासी सोनू नारंग की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कृष्ण लाल पंवार ने खाद्य आपूर्ति एवं नागरिक विभाग के दो निलंबित इंस्पेक्टरों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों इंस्पेक्टरों की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। पिछली बैठक में भी मामले की जांच में उन्हें शामिल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उस समय जमानत याचिका लंबित थी। हाउसिंग बोर्ड के पार्क में अवैध निर्माण हटाने के आदेश वेलफेयर सोसायटी की शिकायत और एसडीएम शंभू राठी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-1, शाहाबाद मारकंडा स्थित पार्क में अवैध रूप से बनाए गए गेट और खिड़कियां तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। जहां लैंटर डाला गया है, उसे भी हटाने को कहा गया।
दुर्ग जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। बढ़े बिजली बिल के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में भिलाई के वृंदानगर के मोहल्लेवासी बैकुंठधाम स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए। लोगों ने अपने घरों से निकाले गए स्मार्ट मीटर साथ लाकर कार्यालय परिसर में फेंककर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने स्मार्ट मीटर तोड़कर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। लोगों की मांग है कि स्मार्ट मीटर हटाकर पहले की तरह पुराने मीटर दोबारा लगाए जाएं। देखिए ये तस्वीरें… स्मार्ट मीटर से ज्यादा आ रहे बिल प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों का कहना था कि, स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके घरों में बिजली की खपत लगभग उतनी ही थी जितनी अभी है, लेकिन मीटर बदलने के बाद से बिल में अचानक बढ़ोतरी होने लगी। लोगों का आरोप है कि पहले जो बिल सामान्य आता था, अब वही कई गुना बढ़कर आ रहा है। इससे परिवार का बजट बिगड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग को आवेदन भी सौंपा। आवेदन में कहा गया है कि, स्मार्ट मीटर लगने के बाद से लगातार ज्यादा बिजली बिल आ रहा है। पहले लोग समय पर बिजली बिल जमा कर देते थे, लेकिन अब बढ़े हुए बिल का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। हर महीने बढ़कर आ रहा बिजली बिल लोगों ने बताया कि, इलाके में ज्यादातर परिवार मजदूरी और छोटे काम कर घर चलाते हैं। ऐसे में हर महीने बढ़ा हुआ बिजली बिल भरना आसान नहीं है। उनका कहना है कि घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों के बीच बिजली का बढ़ा बोझ परेशानी बढ़ा रहा है। पूरे जिले और प्रदेश में यही स्थिति प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि, यह परेशानी केवल उनके मोहल्ले तक सीमित नहीं है। जिले के कई इलाकों से भी स्मार्ट मीटर लगने के बाद ज्यादा बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी वजह से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। स्मार्ट मीटर की जांच करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने विभाग से मांग की कि स्मार्ट मीटर की जांच कराई जाए और जिन उपभोक्ताओं के बिल बढ़े हैं, उन्हें राहत दी जाए। साथ ही पुराने मीटर फिर से लगाने की व्यवस्था की जाए। लोगों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के चर्चित राघवेंद्र पटेल हत्याकांड में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने ऋषि रैदास और रविशंकर श्रीवास्तव को हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य आरोपी संतोष चौधरी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। जून 2021 में हुई थी वारदात अभियोजन पक्ष के अनुसार, जून 2021 में मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उजवनडांड में आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत राघवेंद्र पटेल की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अपराध छिपाने की नीयत से शव पर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए और न्यायालय में चालान पेश किया। इस प्रकरण का एक अन्य आरोपी काजल कुमार मन्ना अभी भी फरार है, जिसके संबंध में मामला लंबित है। सबूतों के आधार पर सुनाया फैसला सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पक्ष रखा। न्यायालय ने गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने माना कि आरोपियों ने पूर्व मित्रता के बावजूद लालच और आपराधिक मंशा के तहत वारदात को अंजाम दिया था। हत्या और षड्यंत्र में उम्रकैद न्यायालय ने ऋषि रैदास और रविशंकर श्रीवास्तव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास तथा 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में धारा 201 सहपठित धारा 34 के तहत दोनों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और 1-1 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं, आपराधिक षड्यंत्र रचने के अपराध में धारा 120-बी के तहत भी दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। सजाएं एक साथ चलेंगी न्यायालय ने आदेश दिया है कि दोषियों को दी गई सभी सजाएं एक साथ संचालित होंगी। फैसले के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया। इस निर्णय को जिले के चर्चित हत्याकांड में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जमुई के खैरा प्रखंड के चौकिटांड़ गांव में मुहर्रम मेले की तैयारी के दौरान मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। मेले में झूला लगाते समय 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना चौकिटांड़ गांव में मुहर्रम पर्व के अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले के लिए झूला लगाने के दौरान हुई। मेले की शुरुआत बुधवार से होनी थी, जिसके लिए मंगलवार को झूले लगाने का काम अंतिम चरण में था। इस कार्य के लिए नालंदा जिले से मजदूरों की एक टीम बुलाई गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झूले का एक लंबा लोहे का पोल खड़ा करते समय वह पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार के संपर्क में आ गया। तार से संपर्क होते ही पूरे पोल में तेज करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। एक नाबालिग मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। मृतकों की पहचान नालंदा जिले के बिहारशरीफ निवासी 18 वर्षीय सोमर कुमार और 24 वर्षीय मनीष कुमार उर्फ मोनी के रूप में हुई है। घायल किशोर पवन कुमार इस्लामपुर थाना क्षेत्र के पचलोबा गांव का निवासी है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतकों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है। घटना के बाद मेले के आयोजक और झूला संचालक अस्पताल नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 35.52 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की जांच के अनुसार यह मामला एम/एस धनलक्ष्मी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड (DSPL), उसके निदेशकों और उससे जुड़े संस्थानों और व्यक्तियों से संबंधित है। कंपनी पर बैंकों के साथ करीब 356.31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी द्वारा जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें इंदौर और शाजापुर जिलों में स्थित आवासीय फ्लैट एवं भूमि के विभिन्न टुकड़े शामिल हैं। ये संपत्तियां आरोपित व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि बैंक फ्रॉड से अर्जित या उससे जुड़े धन के निवेश के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है। इसी के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) किया गया है। 356 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच जारी ईडी इस पूरे मामले में धन के स्रोत, उसके उपयोग और विभिन्न संपत्तियों में निवेश की पड़ताल कर रही है। जांच में कंपनी के निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे भी वित्तीय लेन-देन और अन्य संपत्तियों की जांच जारी रहेगी तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में निजी कंपनी के ठिकानों पर ED रेड भोपाल में एक निजी कंपनी के शैक्षणिक संस्थानों और उससे जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। 200 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय हेराफेरी उजागर होने के बाद ईडी की टीम भोपाल सहित ग्रुप के अन्य परिसरों और संबंधित स्थानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही है।पूरी खबर पढ़ें
समराला नगर कौंसिल के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए मंगलवार को चुनाव संपन्न हुए। इस दौरान भारी राजनीतिक हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल रहा। आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार लाला मंगत राय ने 15 में से 9 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। डॉ. सिकंदर सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कुलदीप कौर उपाध्यक्ष चुनी गईं। मामला तब और गरमा गया जब समराला पुलिस ने वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के पार्षद अमनदीप सिंह राजू को खरीद-फरोख्त मामले में हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही अकाली दल और भाजपा के दर्जनों समर्थक नगर कौंसिल कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। गाड़ी के आगे लेटकर विरोध प्रदर्शन किया प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को घेर लिया और गाड़ी के आगे लेटकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत किया और गिरफ्तार पार्षद को अपने साथ ले गए। आप वर्करों ने मनाया जश्न चुनाव परिणाम घोषित होते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया। हालांकि पार्षदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। नगर कौंसिल कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में आप समर्थक एकत्र हुए और जीत का उत्सव मनाया। विधायक जगतार सिंह दयालपुरा और अध्यक्ष लाला मंगत राय ने शहर के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने लंबित सीवरेज परियोजना सहित अन्य समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शिता की राजनीति पर भरोसा जताया है। पार्षदों को नकदी और अन्य प्रलोभन दिए: दयालपुरा चुनाव के बाद विधायक दयालपुरा ने शिरोमणि अकाली दल पर पार्षदों की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ पार्षदों को नकदी और अन्य प्रलोभन देकर प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। दूसरी ओर, अकाली दल के नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए राज्य सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
भोपाल में फैले अतिक्रमण को लेकर मंगलवार को महापौर मालती राय ने जिम्मेदारों की मीटिंग की। इसके बाद शाम को टीमें अतिक्रमण हटाने के लिए शहर में उतर गई। पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड, जहांगीराबाद समेत कई इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया। नाले पर कब्जा करने वालों को चेतावनी दी गई। सांयकालीन अतिक्रमण अधिकारी नासिर खान के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपॉथ पर व्यवसाय कर रहे ठेले संचालकों को हटाया गया। साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की समझाइश दी गई। कार्रवाई के दौरान पॉलिटेक्निक कॉलेज सर्किट हाउस रोड स्थित फुटपाथ और सड़क किनारे फालूदा, चाट और पानी पुरी के ठेले लगाने वालों को हटाया गया। वहीं, पुल पातरा जहांगीराबाद रोड स्थित एस्टल कॉलेज के पास संचालित रीना फास्ट फूड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। नाले पर अवैध कब्जा कियाजानकारी के अनुसार, रीना फास्ट फूड संचालक ने नाले के ऊपर स्लैब डालकर अवैध कब्जा कर रखा था। संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। बावजूद अतिक्रमण जारी रखा गया। मामले की जानकारी संबंधित सहायक स्वास्थ्य अधिकारी को भी मोबाइल पर दी गई है। ताकि नाले पर डाली गई स्लैब को हटाने की आगे की कार्रवाई की जा सके। महापौर ने कहा- स्ट्रेक्चर रिपोर्ट न देने वालों की अनुमति निरस्त की जाएइससे पहले महापौर राय ने निगम की होर्डिंग एवं अतिक्रमण शाखा की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए। कहा कि बारिश के दिनों में सभी यूनीपोल होर्डिंग संचालकों से स्ट्रेक्चर रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाए। स्ट्रेक्चर रिपोर्ट न देने वालों की अनुमति निरस्त करने की कार्रवाई करें। निगम मुख्यालय अटल भवन के सभाकक्ष में निगम की होर्डिंग शाखा एवं अतिक्रमण शाखा की बैठक आहूत कर उक्त शाखाओं के कार्य की समीक्षा की। गंदगी देख महापौर ने अपना वाहन रोकामंगलवार को ही महापौर मालती राय ने पिपलानी थाने के पास स्थित दीनदयाल रसोई के पास कचरा, गंदगी आदि पड़ी देखी तो तत्काल अपना वाहन रोककर संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद जोन नंबर-15 के अमले ने सफाई की।

