गोरखपुर जंक्शन पर बुधवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। गोरखपुर से चलने वाली 15009 इज्जतनगर एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर आने के लिए ओल्ड वाशिंग पिट से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान रात करीब 9:15 बजे इंजन का पेंटोग्राफ अचानक टूट गया। पेंटोग्राफ टूटने के साथ ही इंजन का बिजली से संपर्क कट गया और ओवरहेड बिजली के तार में चिंगारी उठने लगी। तार और पेंटोग्राफ में चिंगारी उठती देखकर आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने ट्रेन को रोकने के लिए आवाज लगाई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों के चिल्लाने और ट्रेन को रोकने की आवाज सुनाई दे रही है। प्लेटफार्म पर आने से पहले ही रोकी गई ट्रेन15009 इज्जतनगर एक्सप्रेस ओल्ड वाशिंग पिट से गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-9 पर प्लेस होने के लिए आ रही थी। इसी दौरान इंजन के पेंटोग्राफ में पहले अचानक चिंगारी उठी और कुछ ही देर में पेंटोग्राफ टूट गया। पेंटोग्राफ टूटने के बाद इंजन का ओवरहेड बिजली लाइन से संपर्क टूट गया। समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गोरखपुर जंक्शन की पूर्वी साइड की लाइनें हुईं प्रभावितपेंटोग्राफ टूटने के कारण गोरखपुर जंक्शन की पूर्वी साइड की सभी रेल लाइनें करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहीं। घटना की जानकारी रेलवे प्रशासन को दी गई। इसके बाद ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी प्रक्रिया शुरू की। रेलवे कर्मचारियों ने सबसे पहले इंजन के पेंटोग्राफ को नीचे किया। इसके बाद इंजन को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।10:20 बजे पेंटोग्राफ नीचे किया गयारेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने करीब रात 10:20 बजे इंजन का पेंटोग्राफ नीचे किया। इसके बाद इंजन के आगे वाले पेंटोग्राफ को ओवरहेड इक्यूपमेंट से कनेक्ट किया गया।तकनीकी व्यवस्था पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई।रात 10:37 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची ट्रेनतकनीकी काम पूरा होने के बाद इज्जतनगर एक्सप्रेस को रात 10:37 बजे गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म पर प्लेस करने के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही पूर्वी साइड की प्रभावित रेल लाइनों पर संचालन को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।चिंगारी देखकर सहमे यात्रीघटना के समय प्लेटफार्म और आसपास मौजूद लोगों ने जब ओवरहेड तार और पेंटोग्राफ में चिंगारी उठती देखी तो कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग घटना का वीडियो बनाने लगे। देखते ही देखते घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनबाजी के खेल पर बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशाना साधा।
कानपुर: पुरानी रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या, घटना से मचा हड़कंप
पुरानी रंजिश को लेकर बुधवार देर रात कटन्ता पुरवा गांव में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद जांच लगातार जारी है। अब जाली नोटों की संख्या बढ़कर 17 करोड़ 29 लाख हो गई है। बुधवार को आरबीआई और फॉरेंसिक टीम ने दिनभर की करेंसी चेस्ट में छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
ऋषिकेश: दस दिन का आश्वासन पूरा, समाधान नहीं हुआ तो फिर टंकी पर चढ़े छात्र; समर्थन में आई कांग्रेस
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए 10 दिन के लिखित आश्वासन की अवधि पूरी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से छात्रों का गुस्सा फिर फूट पड़ा।
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बहादुरगढ़ शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान नागरिक अस्पताल के पास देर रात प्रशासनिक टीम और सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। प्रशासनिक टीम की शिकायत पर थाना सेक्टर-6 पुलिस ने नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान समेत करीब 40 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें 21 कर्मचारियों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य की पहचान पुलिस जांच के दौरान की जाएगी। सफाई अभियान के लिए पहुंची थी प्रशासन-पुलिस की टीम नायब तहसीलदार बहादुरगढ़ प्रवीण कुमार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विशेष स्वच्छता अभियान के तहत टीम-3 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शहर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल नागरिक अस्पताल के पास जमा कूड़े को उठाने के लिए पहुंचे थे। शिकायत के अनुसार, वहां करीब 35-40 सफाई कर्मचारी मौजूद थे और प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रशासनिक टीम ने जब कूड़ा उठाने का काम शुरू करने का प्रयास किया तो कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और टीम को काम करने से रोकने का प्रयास किया। कांच की बोतलें और पत्थर फेंकने का आरोप पुलिस शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया है कि विरोध कर रहे लोगों ने टीम की तरफ कूड़ा-कचरा, कांच की बोतलें, पत्थर और नारियल आदि फेंके। इसके अलावा प्रशासनिक टीम के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के दौरान मौके पर पुलिस बल मौजूद था। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान शहर में लंबे समय से जमा कूड़े को हटाने और सफाई व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से किया जा रहा था। हड़ताल के बीच प्रशासन और सफाई कर्मचारियों में बढ़ा विवाद बहादुरगढ़ में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़ा जमा होने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से विशेष अभियान चलाकर कूड़ा उठाने की कोशिश की जा रही है। इसी दौरान सफाई कर्मचारी अभियान का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच सफाई व्यवस्था को लेकर टकराव की स्थिति सामने आ चुकी है। देर रात हुए इस विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। 21 कर्मचारी नामजद, करीब 40 पर केस पुलिस ने मामले में राजेश, सुनील, संदीप, राजपाल, संदीप, अमित, सरोज, कुलदीप, सुभाष, दलबीर, धर्मबीर, सत्यवान, वजीर, मीना, सुषमा, प्रमीला, राकेश, अशोक, लीलाराम, अमित और राजेन्द्र को नामजद किया है। इनके अलावा मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सात धाराओं में FIR थाना सेक्टर-6 प्रभारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ धारा 121(1), 132, 190, 191(2), 221, 270 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच ASI जलवीर को सौंपी गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो फुटेज समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन पर लगाए आरोपदूसरी ओर, सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन पर उनके साथ गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों और हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठी चलाई और महिला सफाई कर्मचारियों को घसीटकर ले जाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने परिवार का पेट पालने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की मांग की है।
भोपाल शहर की दो मल्टी लेवल पार्किंग में अब आप फॉस्टैग के जरिए भी शुल्क दे सकेंगे। इसके अलावा यूपीआई एवं मोबाइल एप आधारित डिजिटल पार्किंग व्यवस्था भी रहेगी। इसी साल 9 जुलाई से शहर की 5 मल्टी लेवल पार्किंग्स में कैशलेस पार्किंग की व्यवस्था प्रारंभ करते हुए पार्किंग शुल्क का नकद भुगतान पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है। स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था के तहत पार्किंग स्थलों के प्रवेश द्वार पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनेशन (एएनपीआर) कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानकर फॉस्टैग रीडर के माध्यम से वाहन के प्रवेश को डिजिटल रूप में दर्ज करता है। इसके बाद पार्किंग रिकॉर्ड स्वतः जनरेट हो जाता है। इसी तरह वाहन के पार्किंग स्थल के बाहर निकलते समय एएनपीआर कैमरा और फॉस्टैग आधारित सिस्टम से वाहन की पहचान की जाती है और निर्धारित पार्किंग शुल्क फॉस्टैग के माध्यम से डिजिटली संधारित किया जाता है। इस तरह भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने पर वाहन बिना आवश्यक मैन्यूअल पार्किंग स्थल से बाहर निकलते हैं। नई व्यवस्था से जल्दी आ-जा सकेंगे वाहननई व्यवस्था से पार्किंग स्थल पर आने वाले वाहन के प्रवेश एवं निकास की प्रक्रिया अधिक तेज और सुव्यवस्थित होती है और नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। पार्किंग स्थलों पर फॉस्टैग के माध्यम से भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि किसी कारण से किसी वाहन में फॉस्ट टैग कार्य नहीं करता तो वाहन चालक के लिए क्यूआर कोड एवं यूपीआई आधारित भुगतान की वैकल्पिक सुविधा भी उपलब्ध है। उपरोक्त स्थितियों के अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
गोरखपुर के कई इलाकों में गुरुवार को बिजली का रख-रखाव, तार बदलने, लाइन शिफ्टिंग और पेड़ों की छंटाई का काम किया जाएगा। इस वजह से राप्तीनगर, शाहपुर, रानीपुर, तारामंडल, पादरी बाजार, मोतीपोखरा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अलग-अलग समय पर बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। हालांकि, मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों को दूसरे पावर हाउस से जोड़कर बिजली चालू रखी जाएगी। विभाग की ओर से यह अपील किया गया है कि उपभोक्ता समय से पहले बिजली से संबंधित अपने सभी काम निपटा लें। ताकि कोई दिक्कत न हो। दूसरे पॉवर हॉउस से दी जाएगी सप्लाई 132 केवी एफसीआई (FCI) से 33/11 केवी मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र को जोड़ने वाली 33 केवी लाइन पर दोपहर 12 बजे से 03 बजे तक मेंटेनेंस का काम होगा। जिससे उस उपकेंद्र से बिजली सप्लाई नहीं हो पायेगी। हालांकि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए इस दौरान 132 केवी भटहट से जोड़कर पूरे समय बिजली चालू रखी जाएगी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली कटेगी शाहपुर उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी 'जेल हाई लॉस' फीडर पर जेल रोड तिराहे के पास जर्जर तारों को बदलने का काम किया जाएगा। इस कारण जेल रोड तिराहे और उससे जुड़े इलाकों की सप्लाई सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगी। राप्तीनगर उपकेंद्र के 11 केवी फेस-3, मोती पोखरा, पत्रकारपुरम और दूरदर्शन फीडर, पादरी बाजार उपकेंद्र के11 केवी पादरी बाजार, जंगल धूषण और न्यू फीडर, शाहपुर उपकेंद्र के 11 केवी असुरन फीडर रानीपुर और तारामंडल उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में भी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सप्लाई प्रभावित रहेगी। पेड़ों की छंटाई की वजह से सप्लाई बंद रहेगी राप्तीनगर ओल्ड पावरहाउस से निकलने वाले मोतीपोखरा फीडर पर बिजली के तारों के पास आ रही पेड़ों की टहनियों को काटने का काम किया जाएगा। इस वजह से मोतीपोखरा फीडर की बिजली सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर इसी दौरान फेस-4 और कृष्णा नगर फीडर की बिजली भी आंशिक रूप से (थोड़े समय के लिए) बंद रखी जाएगी।
इंदौर नगर निगम में हुए नामांतरण घोटाले के बाद नामांतरण प्रकरणों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू की है। नामांतरण दाखिला के साथ आवेदक को अनिवार्य रूप से लेजर कॉपी (प्रति) भी उपलब्ध कराई जाएगी। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर नगर पालिक निगम, इंदौर ने संपत्तियों से संबंधित नामांतरण प्रकरणों में पारदर्शिता के उद्देश्य से ये नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत नामांतरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित आवेदक को नामांतरण दाखिला के साथ नामांतरण बाद प्राप्त लेजर की कॉपी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। नगर निगम ने जनता से अपील भी की है कि नामांतरण दाखिला प्राप्त करते समय संबंधित आवेदक लेजर की प्रति अवश्य प्राप्त करें और उसमें दर्ज संपत्ति, संपत्तिकर खाते और नामांतरण से संबंधित विवरण का भली-भांति अवलोकन कर लें। लेजर में दर्ज विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति पाए जाने पर आवेदक तत्काल संबंधित ऑफिस में इसकी जानकारी देकर आवश्यक सुधार करा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि हालही में हुए नामांतरण घोटाले के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एम्स गोरखपुर की एम बी बी एस छात्रा अंशिका भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता को छात्रा की शिकायतों की जांच कर तीन सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। याचिका में डीन (एकेडमिक) द्वारा 25 जनवरी 2024 और 7 मार्च 2026 को पारित आदेशों को चुनौती दी गई थी। क्या है मामला जानिये अंशिका भारद्वाज का कहना है कि पहले सेमेस्टर के दौरान चिकित्सीय कारणों से वे उपस्थिति पूरी नहीं कर सकीं, क्योंकि उनके पिता उस समय बिस्तर पर थे और अभी भी बीमार हैं। उनका यह भी कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान अन्य छात्रों को उपस्थिति में छूट दी गई, ग्रेस मार्क्स देकर अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया गया, और कुछ अन्य छात्रों को शर्तें पूरी न करने के बावजूद प्रोफेशनल परीक्षाओं में बैठने दिया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि समान परिस्थितियों में होने के बावजूद उन्हें यह राहत नहीं दी गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता स्वयं व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। डीन (एकेडमिक) डॉ. महिमा मित्तल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में मौजूद रहीं। प्रतिवादियों की ओर से पेश अधिवक्ता विद्या नाथ शुक्ला ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया। जांच करान सही कदम होगा कोर्ट ने माना कि मामला मुख्यतः शैक्षणिक और संस्थागत रिकॉर्ड से जुड़ा है, इसलिए आगे बढ़ने से पहले संस्थान के किसी वरिष्ठ अधिकारी से इसकी जांच कराना उचित होगा। प्रतिवादियों और डीन दोनों ने इस पर सहमति जताई कि यह जांच कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता को सौंपी जाए ,यह नाम स्वयं याचिकाकर्ता ने सुझाया था। छात्रा की पहचान गुप्त रखी जाएगी कोर्ट ने कहा मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता याचिकाकर्ता को सुनवाई का पूरा अवसर देंगी और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेंगी। वे यह सुझाव देंगी कि छात्रा को किस सेमेस्टर में रखा जाए, किस परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, और किस बैच के साथ उनकी पढ़ाई जारी रहे। जांच के दौरान अगर किसी अन्य छात्र का रिकॉर्ड देखा जाता है, तो उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और केवल रोल नंबर या अन्य तटस्थ पहचान से उसका उल्लेख होगा। डीन (एकेडमिक) को निर्देश दिया गया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर अदालत में पेश की जानी है, साथ ही यह सुझाव भी दिया जाएगा कि छात्रा के हित में सबसे उपयुक्त कदम क्या होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने अभी तक मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है, और यह जांच रिपोर्ट केवल अदालत की सहायता के लिए मंगाई गई है, इससे मामले का कोई मुद्दा स्वतः तय नहीं होगा। अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है।
वाराणसी जलभराव मामले में हाईकोर्ट की फटकार:कोर्ट ने अधिकारियों को दी चेतावनी, हलफनामा दाखिल करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने वाराणसी में जलभराव की समस्या को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है। जनहित याचिका कमलाकांत त्रिपाठी व अन्य ने दायर की है। 17 अगस्त 2026 को कोर्ट ने वाराणसी में बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य, वाराणसी के जिलाधिकारी और नगर आयुक्त, नगर निगम को दो सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की कोर्ट को सूचित किया गया कि 31 अगस्त 2026 की कार्यालय रिपोर्ट के अनुसार दोनों अधिकारियों को नोटिस तामील हो चुका है, बावजूद इसके किसी भी अधिकारी ने न तो प्रति-शपथपत्र दाखिल किया और न ही कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की। कोर्ट ने फटकार लगाई इस पर नाराज़गी जताते हुए खंडपीठ ने आदेश दिया कि दोनों अधिकारी परसों तक बिना किसी विफलता के अपने शपथपत्र दाखिल करें। जो भी अधिकारी ऐसा करने में असफल रहेगा, उसे स्वयं व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा। हालांकि जो अधिकारी आदेश का पालन कर देगा, उसे व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस आदेश की जानकारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी के माध्यम से जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को उसी दिन दी जाए, और अनुपालन रिपोर्ट अगले दिन तक प्रस्तुत की जाए।
मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स में जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला का भव्य आयोजन
कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से भविष्य-उन्मुख शिक्षा की ओर एक सार्थक पहल “भविष्य उनका है जो सबसे अधिक जानते हैं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग, के प्रमुख सचिव और अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर अगली सुनवाई से पहले आदेश पारित नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। यूपी सरकार पर भी आरोप जितेंद्र सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार और आठ अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ यह आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी संख्या 9 जालौन के क्षेत्र पंचायत प्रमुख अर्जुन सिंह के विरुद्ध कार्रवाई करने में जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि उसे बचाया जा सके। यह मामला 27 अक्टूबर 2025 से कोर्ट में लंबित है और अब तक कई आदेश पारित हो चुके हैं। कोर्ट ने पाया कि प्रतिवादियों की ओर से पेश निर्देशों में केवल तारीखों और औपचारिक कार्यवाहियों का उल्लेख था, जबकि 22 जुलाई 2025 से एक साल बीत जाने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई थी। कोर्ट ने कहा कि यह रवैया याचिकाकर्ता के इस आरोप को बल देता है कि प्रतिवादी संख्या 9 को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव को 1 सितंबर 2026 तक आदेश पारित न होने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।इस पर विशेष सचिव की ओर से छूट आवेदन दाखिल किया गया, जिसमें बताया गया कि उनके बेटे को डेंगू है, इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते। कोर्ट ने पाया कि छूट आवेदन में भी आदेश पारित करने की कोई मंशा नहीं दिखाई गई। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि वास्तविक आदेश प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग द्वारा पारित किया जाना है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव और संबंधित स्वीकृति देने वाले अन्य अधिकारियों को अगली तारीख से पहले आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया, पालन न करने पर अवमानना कार्यवाही की चेतावनी दी। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी। अगर उस दिन तक भी आदेश पारित नहीं हुआ, तो प्रमुख सचिव और विशेष सचिव दोनों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
सोनभद्र में बुधवार रात सांप के काटने से एक महिला की मौत हो गई। अनिता देवी (31) पत्नी अशोक गोंड अपने तीन बच्चों के साथ कच्चे मकान में चारपाई पर सो रही थीं। सांप के काटने के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले गए। काफी देर बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला चोपन थाना क्षेत्र के पनारी ग्राम पंचायत के टोला पंचम खाड़ी का है। जानकारी के अनुसार, अनिता देवी रात में परिवार के साथ खाना खाने के बाद बच्चों को दूध पिलाकर चारपाई पर सो गई थीं। रात करीब 12 बजे जहरीले सांप ने उनके सीने पर काट लिया। दर्द होने पर वह चीखने लगीं, जिससे घर के अन्य सदस्य जाग गए। अस्पताल ले जाने के बजाय ओझा के पास पहुंचे सांप के काटने के बाद परिजन अनिता को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के लिए ओझा के पास लेकर पहुंचे। काफी देर तक झाड़-फूंक चलती रही, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद परिजन उन्हें चोपन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद अनिता को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका के जेठ रमेश कुमार ने बताया कि सांप ने पहले अनिता का दूध पिया और इसके बाद उन्हें काट लिया। सांप के काटने से तेज दर्द हुआ, जिससे उनकी नींद खुल गई और उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में बुधवार रात एक 26 साल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक अपने घर के बाहर दरवाजे पर खड़ा था। गोली चलने की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस को सूचना मिली तो वह घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। वाजिदपुर गांव के रहने वाले गिरजा शंकर (उम्र 26 साल) बुधवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे तो गिरजा शंकर खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों और गांव वालों ने गांव के ही कुलदीप कुमार पर गोली मारने का आरोप लगाया है। कुलदीप, राम औतार का बेटा है। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पुरानी दुश्मनी थी। इसी झगड़े के कारण हत्या की आशंका है। घटना के बाद आरोपी के भाग जाने से गांव में तनाव बढ़ गया है। सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। परिजनों की शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में दरोगा के एक शब्द से वैश्य समाज भड़का:बैठक में समाज को अपशब्द कह दिया, थाने पर जमकर हंगामा
आगरा पुलिस की कार्यशैली से विवाद भड़कने के मामले सामने आ रहे हैं। एक दिन पहले एत्मादपुर में शांतिपूर्वक धरने में लाठीचार्ज से माहौल बिगड़ा। इसके बाद अब फतेहपुर सीकरी में वैश्य समाज की बैठक में चौकी इंचार्ज पर समाज को अपशब्द बोलने का आरोप है। जय श्रीराम मंदिर पर बुधवार रात अग्रवाल सेवा समिति की आम सभा की बैठक के दौरान पुलिस के कस्बा इंचार्ज द्वारा कथित तौर पर समाज के लोगों को अपशब्द कहने पर हंगामा हो गया। इससे आक्रोशित समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बताया गया है कि जय श्रीराम मंदिर पर अग्रवाल समाज की आम सभा की बैठक चल रही थी। बैठक में कुछ लोगों की ओर से पुलिस को भी बुलाया गया था। इसी दौरान कस्बा इंचार्ज द्वारा कथित तौर पर बैठक में मौजूद लोगों को डांटने के दौरान अपशब्द कह दिए गए। इससे वहां मौजूद अग्रवाल समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और नारेबाजी करते हुए थाने पहुंच गए। समाज के लोगों ने थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह से मामले की शिकायत करते हुए कथित रूप से अपशब्द कहने वाले कस्बा इंचार्ज और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। समाज के लोग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। मामले को लेकर समाज के लोगों ने सांसद और भाजपा जिलाध्यक्ष को भी घटना से अवगत कराया है। देर रात तक समाज के लोग थाने पर एकत्र हो गए। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गोरखपुर में सड़क पार कर रहे बाइक सवार दो युवकों को पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक छटककर कुछ दूर जाकर सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए,जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को AIIMS पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना बुधवार रात करीब 9 बजे झंगहा थाना क्षेत्र के गहिरा पेट्रोल पंप के पास हुई। पुलिस ने दोनों गाड़ियों को कब्जे में ले लिया है और जांच में जुटी है। जानिए पूरा मामला…प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गहिरा पोस्ट ऑफिस टोला निवासी जयकरण (20) और बबलू शर्मा (24) बाइक से अपने घर जा रहे थे। गहिरा पेट्रोल पंप के पास दोनों सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान देवरिया की ओर से गोरखपुर जा रही तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक हाथ से फिसल गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर अचेत हो गए। हादसा होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों घायलों को तत्काल एंबुलेंस से एम्स गोरखपुर भेजा गया। परिजनों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। एयरबैग खुलने से बचा कार चालक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह टूट गया। हादसे के दौरान कार का एयरबैग खुल गया, जिससे कार सवार को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद कार को मौके पर छोड़कर चालक फरार हो गया। कारणों का पता लगा रही पुलिस सूचना मिलने पर झंगहा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस कार चालक की पहचान और हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद करते हुए एक-एक कर उनकी शिकायतें जानीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की गंभीरता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दरवाजा जनता के लिए हमेशा खुला रहना चाहिए। नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकें, उनकी बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और समाधान के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यही दिल्ली सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसुनवाई के दौरान शिक्षा, लंबित पुरस्कार राशि, जलभराव, सीवर, विद्युत सुरक्षा, सफाई, अवैध निर्माण और बिजली-पानी के कनेक्शन से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने पर जोर दिया।
विधायक के फोन पर नहीं, 2 लाख घूस लेकर छोड़ा; आईपी गुप्ता ने दी पुलिस को फाइल खोलने की चेतावनी
विधायक आईपी गुप्ता ने आरोप किया है कि सहरसा में साइबर अपराध के मामले में एक गिरफ्तार एक युवक को पुलिस ने 2 लाख रुपये घूस लेकर छोड़ा। जबकि विधायक द्वारा फोन किए जाने पर उसे नहीं छोड़ा गया था। उन्होंने साइबर थाना पुलिस और संबंधित अधिकारी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में कारोबार की प्रक्रिया को आसान, तेज, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026 को मंजूरी दी गई। बिल का उद्देश्य कारोबारियों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने, एक ही जानकारी बार-बार जमा करने और लंबी मंजूरी प्रक्रिया से राहत देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकार और उद्यमों के बीच संबंधों को नियंत्रण की बजाय विश्वास और सुविधा पर आधारित करना है। सिंगल विंडो सिस्टम सबसे अहम प्रावधानप्रस्तावित कानून के तहत ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा। इसके जरिए कारोबारी पंजीकरण, लाइसेंस, एनओसी और अन्य अनुमतियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। भवन योजना, अग्निशमन, पानी, सीवर और बिजली कनेक्शन जैसी सेवाएं भी इसमें शामिल होंगी। सभी कारोबारी मंजूरियों के लिए डीएसआईआईडीसी को एकल नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। कई मामलों में आवेदन के साथ मिलेगी मंजूरीअनुसूची-3 में शामिल कम जोखिम वाली गतिविधियों में आवेदन के साथ स्वीकृति, अनुमति, लाइसेंस या एनओसी देने का प्रावधान होगा। स्व-घोषणा भी स्वीकार की जाएगी। अन्य मामलों में तय समय सीमा में मंजूरी देनी होगी। समय सीमा में निर्णय नहीं होने पर बिल के प्रावधानों के अनुसार मंजूरी मानी जाएगी। तीन साल तक सामान्य निरीक्षण नहींजीएसटी, एफएसएसएआई, एमएसएमई या श्रम कानूनों के तहत पहले से पंजीकृत उद्यमों को दोहराव वाले स्थानीय पंजीकरण से राहत मिलेगी। पंजीकरण के बाद तीन साल तक सामान्य निरीक्षण नहीं होगा। गंभीर शिकायत मिलने पर निरीक्षण किया जा सकेगा। जो प्रतिबंधित नहीं, वह अनुमतनेगेटिव लिस्ट व्यवस्था के तहत अनुसूची-2 में प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर कारोबार की अनुमति होगी। सरकार के पास पहले से उपलब्ध दस्तावेज दोबारा नहीं मांगे जाएंगे। सरकार के अनुसार इससे कारोबार में समय, लागत और अनिश्चितता घटेगी तथा निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद बिल गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।
हाथरस में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर बरसे गांव के पास पुलिस ने बुधवार रात एक संदिग्ध कंटेनर को पकड़ लिया। मुखबिर की सूचना पर करीब 10:30 बजे की गई कार्रवाई में कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में मृत पशुओं के सींग भरे मिले। पुलिस को देखते ही चालक कंटेनर छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस को हाईवे से एक संदिग्ध कंटेनर के गुजरने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और बरसे गांव के पास घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें बड़ी संख्या में पशुओं के सींग बरामद हुए। नासिक से संभल के लिए काटी गई थी बिल्टी पुलिस ने कंटेनर के कागजातों की जांच की तो सामने आया कि उसमें लदे माल की बिल्टी महाराष्ट्र के नासिक से उत्तर प्रदेश के संभल जिले के लिए काटी गई थी। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। चालक की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक कंटेनर चालक कार्रवाई के दौरान मौके से भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब बरामद माल, वाहन के दस्तावेजों और बिल्टी के आधार पर पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पशुओं के सींग कहां से लाए गए थे और इन्हें संभल में कहां पहुंचाया जाना था।
पीलीभीत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा एक से आठवीं तक के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी स्कूलों में गुरुवार को अवकाश घोषित कर दिया है। डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह के निर्देश पर बीएसए रोशनी सिंह ने बुधवार देर रात इस संबंध में आदेश जारी किया। डीएम ने बताया कि जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। बच्चों की सुरक्षा और उन्हें किसी भी तरह के जोखिम से बचाने के लिए स्कूलों में अवकाश का निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश से शहर से गांव तक जलभराव पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के साथ जिले से होकर गुजरने वाली नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट जाने वाला मुख्य मार्ग भी पानी में डूबा पीलीभीत कलेक्ट्रेट जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी पानी जमा हो गया है। इसी रास्ते से लोग और पुलिसकर्मी पुलिस लाइन की ओर जाते हैं। जलभराव के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। शहर में पोस्टमार्टम हाउस जाने वाला रास्ता भी पानी में डूब गया है। इससे वहां आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन को लेकर बुधवार देर शाम करीब 9 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था जांची गई। मुख्यमंत्री भगवान श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव में शामिल होने वाले हैं। उनके काफिले के रिहर्सल के तहत दर्जनों वाहनों का मूवमेंट कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। फ्लीट मूवमेंट के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल होने वाले वाहनों के आने-जाने के रास्ते और सुरक्षा इंतजामों को बारीकी से परखा गया। सुरक्षा के लिए जन्मस्थान के आसपास पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए काफिले में एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं का भी इंतजाम किया गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य गेट के पास से जब काफिला गुजरा, तो वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भी इसे देखने की उत्सुकता दिखी। जन्माष्टमी के चलते मथुरा में पहले से ही देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां खास सावधानी बरत रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे मथुरा आने का कार्यक्रम है। वे श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस विभाग तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के कारण जन्मस्थान क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। इसे देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के काफिले के सफल रिहर्सल के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर और सतर्कता बढ़ा दी है। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार और नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भी शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए शहर के होली गेट, डीग गेट और भूतेश्वर इलाकों में पैदल गश्त भी की।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन नए विश्वविद्यालयों में बांटने के फैसले का किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जबलपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (JEC) में मिठाई बांटी। विद्यार्थी परिषद के मुताबिक, राज्य में तकनीकी शिक्षा के लिए सिर्फ एक विश्वविद्यालय (RGPV) होने से छात्रों को लंबे समय से कई दिक्कतें आ रही थीं। इसमें प्रशासनिक, अकादमिक और वित्तीय समस्याएं शामिल थीं। विश्वविद्यालय के बड़े अधिकारियों पर वित्तीय और अकादमिक गड़बड़ियों के आरोप भी लगे थे। इससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा था। ABVP ने अपने मालवा अधिवेशन में मुख्यमंत्री से RGPV को तीन हिस्सों में बांटने की जोरदार मांग की थी। लगातार आंदोलन और कोशिशों के बाद अब राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। RGPV को बांटकर अब तीन नए विश्वविद्यालय बनेंगे। इनके नाम महाकौशल औद्योगिक विश्वविद्यालय (जबलपुर), मध्य भारत औद्योगिक विश्वविद्यालय और मालवा औद्योगिक विश्वविद्यालय होंगे। इस फैसले से जबलपुर समेत पूरे प्रदेश के तकनीकी छात्रों में खुशी का माहौल है। ABVP के प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे तकनीकी शिक्षा से जुड़ी छात्रों की पुरानी समस्याएं खत्म होंगी। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी आसान हो जाएंगी।
रामपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार शाम संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हार की हताशा में हुड़दंग और तमाशा करने में लगे हैं। उन्हें एहसास हो चुका है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी पूरी तरह हार होगी। नकवी ने कहा कि विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, जनता उन्हें हराने का मन बना चुकी है। उन्होंने कांग्रेस और सपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब उनके दावों और राजनीति को समझ चुकी है। वर्गों के नाम पर राजनीति का लगाया आरोप पूर्व केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर अलग-अलग वर्गों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कभी किसानों, कभी नौजवानों और छात्रों, तो कभी पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति की जाती है। नकवी ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ऐसी राजनीति को समझ चुकी है और अब विकास व काम के आधार पर अपना फैसला करेगी। 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान' मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 सितंबर से 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के बीच पहुंचाने का काम किया जाएगा। देश के दो हिस्सों से निकलेंगी यात्राएं नकवी ने बताया कि देश के दो अलग-अलग हिस्सों से दो बड़ी यात्राएं शुरू होंगी। ये यात्राएं देशभर के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेंगी। उन्होंने कहा कि यात्राओं को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता विकास और काम के आधार पर फैसला करेगी। उनके मुताबिक भाजपा के सामने कांग्रेस और सपा की चुनौती टिक नहीं पाएगी।
बदायूं में बुधवार को एसएसपी अंकिता शर्मा ने क्राइम कंट्रोल और थाना स्तर की कार्यशैली को लेकर कई थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की। सदर और उझानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षकों को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, गैरजनपद तबादले के चलते कई इंस्पेक्टरों को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही दातागंज, जरीफनगर, फैजगंज बेहटा समेत कई थानों में नए प्रभारियों की तैनाती की गई है। सदर कोतवाली की कमान माधव सिंह बिष्ट को ट्रांसफर सूची के मुताबिक, सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। उनकी जगह अलापुर में तैनात इंस्पेक्टर माधव सिंह बिष्ट को सदर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। इस्लामनगर कस्बा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सनी चौधरी को अलापुर का थानाध्यक्ष बनाया गया है। दातागंज और उघैती में भी बदले प्रभारी पुलिस हिरासत में राजेश की मौत के बाद चर्चा में आए वेदपाल सिंह को गैरजनपद तबादले के चलते पुलिस लाइन भेजा गया है। उनकी जगह उघैती में तैनात इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह को दातागंज का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। एएचटी में तैनात उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह को उघैती थाने की जिम्मेदारी मिली है। मुजरिया थाने में तैनात इंस्पेक्टर विदेश कुमार शर्मा को एएचटी प्रभारी बनाया गया है। मुजरिया और बिसौली में भी नई तैनाती सिविल लाइंस की शेखूपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज कुमार को मुजरिया थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बिसौली के इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा को गैरजनपद तबादले के चलते पुलिस लाइन भेजा गया है। उनकी जगह सर्वेंद्र कुमार शर्मा को बिसौली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। फैजगंज बेहटा और जरीफनगर में भी बदलाव सीकरी गांव में हुए बवाल के बाद फैजगंज बेहटा के प्रभारी निरीक्षक सुभाष कुमार को भी गैरजनपद तबादले के चलते पुलिस लाइन भेजा गया है। उनकी जगह सर्विलांस प्रभारी कपिल कुमार को थानाध्यक्ष बनाया गया है। पुलिस लाइन से अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को सर्विलांस सेल का प्रभारी बनाया गया है। जरीफनगर के इंस्पेक्टर सुमित कुमार का भी गैरजनपद तबादला हुआ है। उन्हें पुलिस लाइन भेजकर अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर बाबूराम गौतम को जरीफनगर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। उझानी कोतवाली में भी नया प्रभारी उझानी के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। उनकी जगह पुलिस लाइन से धर्मेंद्र सिंह को उझानी कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।
नगर निकाय चुनाव को लेकर पाली नगर निगम सहित जिले की नौ नगर पालिका में 60 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया। पाली नगर निगम की बात करे तो यहां से 19 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है। कल गुरुवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी बागियों को मनाने में जुटे है ताकि उनके फॉर्म विड्रॉल करवाकर डेमेज कंट्रोल किया जा सके। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे है। कईयों को मनाककर फॉर्म विड्रॉल करवाया है। कल अंतिम दिन है नाम वापसी का ऐसे में शेष बागियों से भी मिल रहे है।
बरेली जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती पॉक्सो एक्ट की महिला बंदी बुधवार शाम पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई। कोर्ट में पेशी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल से अस्पताल लाया गया था। यहां सुरक्षा में तैनात महिला सिपाहियों को बाथरूम जाने का झांसा देकर वह अस्पताल परिसर से निकल गई। बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने ड्यूटी पर तैनात महिला हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और महिला कांस्टेबल रिंकी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। फरार बंदी की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत इज्जतनगर के तुला गांव निवासी 48 वर्षीय ममता देवी पत्नी पप्पू वाल्मीकि के खिलाफ फरीदपुर थाने में पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। वह जिला जेल में बंद थी। 31 अगस्त को उसे विशेष पॉक्सो कोर्ट (एडीजे) में पेशी के लिए लाया गया था। कोर्ट परिसर में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया था। बाथरूम जाने की बात कहकर निकली अस्पताल में ममता देवी की निगरानी के लिए पुलिस लाइन से महिला हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और महिला कांस्टेबल रिंकी की ड्यूटी लगाई गई थी। बुधवार शाम करीब 6 बजे ममता ने दोनों सिपाहियों से बाथरूम जाने की बात कही। इसके बाद वह पुलिसकर्मियों की नजरों से बचकर अस्पताल परिसर से निकल गई। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर दोनों सिपाहियों को उसके फरार होने का पता चला। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को इसकी सूचना दी। दोनों महिला सिपाही सस्पेंड, तलाश में जुटीं टीमें बंदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस और पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे। एसएसपी अनुराग आर्य ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दोनों महिला पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने फरार ममता देवी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
प्रयागराज के आर्मी पब्लिक स्कूल न्यू कैंट में चल रहे तीन दिवसीय सेंट्रल कमांड इंट्रा क्लस्टर राउंड-2 ब्वॉयज बास्केटबॉल टूर्नामेंट का दूसरा दिन रोमांचक रहा। दिनभर चले कड़े मुकाबलों में एपीएस क्लेमेंट टाउन और एपीएस लखनऊ की टीमों ने अपने-अपने मैच जीते। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले 3 सितंबर को खेले जाएंगे। दूसरे दिन का पहला मुकाबला आर्मी पब्लिक स्कूल, क्लेमेंट टाउन और आर्मी पब्लिक स्कूल, गोरखपुर के बीच हुआ। क्लेमेंट टाउन के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए गोरखपुर की टीम को हराया। दूसरा मैच आर्मी पब्लिक स्कूल, रुड़की नंबर-1 और आर्मी पब्लिक स्कूल, एसपी मार्ग, लखनऊ के बीच खेला गया। इस करीबी मुकाबले में लखनऊ की टीम ने जीत हासिल की। दोनों ही मैचों में युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल से दर्शकों को प्रभावित किया। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का समापन कल होगा। अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण फाइनल मुकाबला होगा, जिसमें दोनों विजेता टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। इसके बाद समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को सम्मान दिया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के 2026-27 के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव समिति ने हाईकोर्ट परिसर की गरिमा और अदालती कामकाज बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाया है। समिति ने सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को कोर्ट परिसर और गलियारों में शोरगुल करने, साथ ही हैंडबिल और पैम्फलेट बांटकर प्रचार करने से तुरंत रोक दिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एफ.ए. नकवी और चुनाव अधिकारियों ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर उम्मीदवारों को साफ चेतावनी दी है। नोटिस में बताया गया है कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी कुछ उम्मीदवार और उनके समर्थक कोर्ट परिसर में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वे गलियारों और परिसर में हैंडबिल व पैम्फलेट बांटने के साथ तेज आवाज में प्रचार कर रहे हैं। चुनाव समिति के मुताबिक, इस तरह के प्रचार से अदालत का काम प्रभावित हो रहा है। समिति ने इसे हाईकोर्ट के पहले जारी किए गए आदेशों और निर्देशों का उल्लंघन बताया है। नोटिस में कहा गया है कि कोर्ट परिसर में अदालती काम सबसे जरूरी है और चुनाव प्रचार के कारण इसमें कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ने सभी उम्मीदवारों को आखिरी बार चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में कोई उम्मीदवार या उसका समर्थक इन निर्देशों को तोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ 2026-27 की चुनाव आचार संहिता के तहत कार्रवाई होगी। समिति ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चुनाव समिति ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादा बनाए रखें और कोर्ट परिसर के माहौल को शांत रखें। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सही तरीके से पूरा कराने में सभी से सहयोग मांगा गया है। समिति ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रचार के दौरान कोर्ट की गरिमा और अदालती कामकाज से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह फर्रुखाबाद पहुंचेंगे और पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। कार्यक्रम से पहले वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी करेंगे। बुधवार देर शाम तक पुलिस लाइन मैदान में कार्यक्रम की तैयारियां चलती रहीं। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीआईजी यमुना प्रसाद कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हेलीकॉप्टर लैंडिंग स्थल पर पहुंचकर हेलीपैड की व्यवस्थाएं देखीं। इसके बाद मंच और पंडाल का निरीक्षण किया। एसपी आरती सिंह ने डीआईजी को कार्यक्रम से जुड़ी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। डीआईजी ने पंडाल तैयार करने वाले कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों को दी गई ड्यूटी की जानकारी निरीक्षण के बाद डीआईजी यमुना प्रसाद ने पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग ली। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी और जिम्मेदारियों की जानकारी दे दी गई है। डीआईजी ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल के मुख्य गेटों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। प्रवेश करने वाले लोगों की सघन चेकिंग की जाए। सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य पुलिसकर्मी भी लगातार निगरानी रखें। उन्होंने ज्वलनशील वस्तुओं और काले कपड़े पहनकर आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। स्लोगन लिखी तख्ती लेकर आने वालों की भी जांच करने को कहा गया। पंडाल के अंदर तैनात पुलिसकर्मियों को भी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। इस दौरान एसपी आरती सिंह ने भी पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। बाद में डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया। वीआईपी और सामान्य पार्किंग की अलग व्यवस्था डीआईजी यमुना प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। वीआईपी और सामान्य वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है। रूट व्यवस्था के लिए भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की भी तैनाती की गई है। सभी जवानों को मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। आठ स्थानों पर बनाई गई पार्किंग कार्यक्रम में आने वाले वाहनों के लिए आठ स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इनमें फतेहगढ़ जेजेआर, डीएन, कृष्णा लॉज पार्किंग, ऑफिसर्स क्लब के पीछे, रामप्यारी गेस्ट हाउस और उसके सामने, जेएनवी रोड पर दरगाह हजरत शाह के पास, रोडवेज वर्कशॉप और स्टेडियम शामिल हैं। इसके अलावा रखा इंटर कॉलेज से सेंट्रल जेल चौराहे तक सड़क किनारे पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति के लिए सातनपुर मंडी में इमरजेंसी पार्किंग बनाई गई है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए करीब 100 बैरियर भी लगाए गए हैं। जोन के कई जिलों से पहुंचा पुलिस बल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा में जोन के विभिन्न जनपदों से पुलिस बल बुलाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में 16 सीओ, 6 एएसपी, 60 इंस्पेक्टर, 300 सब इंस्पेक्टर, 550 आरक्षी, 15 टीएसआई, 70 यातायात पुलिसकर्मी और 10 एसओ लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे और कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मिर्जापुर में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया है और आने-जाने के रास्ते बंद हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए फैसला लिया है। 3 सितंबर 2026 को जलभराव और रास्ते बंद होने वाले इलाकों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा ने बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि जिन इलाकों में बारिश से जलभराव है या स्कूल तक पहुंचने के रास्ते बंद हैं, वहां बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में पढ़ाई बंद रखी जाए। बीईओ को अपने-अपने विकासखंडों में स्थानीय हालात की जांच करने और प्रभावित स्कूलों में जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि लगातार बारिश से बनी स्थितियों में बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम है। स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़क की स्थिति और आने-जाने की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को खोलने या बंद करने का फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों को हालात पर लगातार ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने 2.30 लाख घरों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को 25 साल तक मुफ्त बिजली मिलेगी। यह योजना सरकार के बिजली सब्सिडी के बोझ को कम करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।
शहर में बुधवार को करीब एक घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग इलाकों से कोबरा सांपों का रेस्क्यू किया गया। पहला कोबरा बिचौली इलाके के एक घर में मिला। करीब ढाई फीट लंबे इस कोबरा का फन आधा कटा हुआ था। इसके कुछ देर बाद सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव को बिजलपुर के एक घर में साढ़े चार फीट लंबे कोबरा के होने की सूचना मिली। यह जूतों की रैक के नीचे छिपा था। उसे पकड़ने में करीब 20 से 25 मिनट लगे। रेस्क्यू के दौरान कोबरा एक बार थैली में लगभग पूरी तरह जाने के बाद अचानक वापस बाहर निकल आया और फन फैलाकर खड़ा हो गया। बाद में दोनों सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। बिचौली में मिला ढाई फीट का कोबरा, फन कटा था बिचौली इलाके के एक घर में कोबरा के होने की सूचना मिलने पर सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू किए गए कोबरा की लंबाई करीब ढाई फीट थी, लेकिन उसका फन आधा कटा हुआ था। सर्पमित्र के मुताबिक फन किस वजह से कटा, यह स्पष्ट नहीं है। संभावना है कि किसी दूसरे जानवर के हमले में उसका फन चोटिल हुआ हो। हालांकि फिलहाल सांप की स्थिति ठीक है और उसे कोई परेशानी नजर नहीं आई। उनके मुताबिक इस तरह की चोट के बावजूद सांप सामान्य रूप से जीवन जी सकता है। बिजलपुर में जूतों की रैक के नीचे छिपा था साढ़े चार फीट का कोबरा बिचौली से रेस्क्यू करने के बाद सर्पमित्र बिजलपुर पहुंचे। यहां एक घर में साढ़े चार फीट लंबा कोबरा जूतों की रैक के नीचे छिपा मिला। बड़े आकार के इस कोबरा को पकड़ना आसान नहीं था। करीब 20 से 25 मिनट की मशक्कत के बाद उसे काबू में किया जा सका। रेस्क्यू के दौरान कोबरा को थैली में डालने की कोशिश की गई तो वह लगभग पूरी तरह अंदर चला गया। अचानक वह पलटकर थैली से बाहर निकल आया और फन फैलाकर खड़ा हो गया। इससे मौके पर मौजूद लोग भी घबरा गए। सर्पमित्र ने सावधानी बरतते हुए उसे दोबारा पकड़ा और सुरक्षित थैली में रखा। बड़े कोबरा को पकड़ते समय ज्यादा सावधानी जरूरी महेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक बड़े आकार के कोबरा के रेस्क्यू में विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। सांप के गुस्से में होने पर उसके घर के दूसरे हिस्से में जाने या किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का खतरा रहता है। साथ ही रेस्क्यू के दौरान सांप को भी चोट न पहुंचे, इसका ध्यान रखना पड़ता है। दोनों कोबरा को जंगल में छोड़ा रेस्क्यू के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने बताया कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों के आसपास पहुंच जाते हैं। कच्ची जमीन, चूहों के बिल और अन्य जगहों पर पानी भरने के कारण उन्हें घरों में छिपने के लिए सूखी जगह आसानी से मिल जाती है। बारिश में घरों में रखें सावधानी
मोतिहारी में जदयू एमएलसी खालिद अनवर ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण संविधान से मिला अधिकार है और इसे कोई राजनीतिक दल खत्म नहीं कर सकता। देश की किसी भी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह आरक्षण को खत्म कर सके। उन्होंने कहा कि जदयू हमेशा गरीब, दलित, पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहा है। खालिद अनवर ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत गणना करवाई। इसके बाद आरक्षण का दायरा बढ़ा और सामाजिक न्याय को और मजबूती मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल, खासकर तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी दल, यह भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं कि सरकार बदलने पर आरक्षण खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा होना संभव नहीं है। कमजोर वर्गों के खिलाफ फैसले का जदयू करेगा विरोध एमएलसी ने स्पष्ट कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) ऐसे किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेगा, जो गरीब, दलित, पिछड़े या अन्य कमजोर वर्गों के हितों के खिलाफ हो। उन्होंने कहा कि आरक्षण इन वर्गों के अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है और जदयू इसे बचाने के लिए पूरी ताकत से खड़ा रहेगा। गठबंधन में दलों की अपनी सोच, जदयू सामाजिक न्याय पर कायम एनडीए के दो सहयोगी दलों के दलित नेताओं के बीच आरक्षण के मुद्दे पर मतभेद को लेकर पूछे गए सवाल पर खालिद अनवर ने कहा कि बिहार में विकास करने वाली सरकार काम कर रही है। गठबंधन में शामिल दलों की अपनी-अपनी सोच हो सकती है, लेकिन जदयू सामाजिक न्याय और सभी को साथ लेकर चलने वाली विकास नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि पार्टी विचारों के मतभेद में उलझने के बजाय जनता के हितों को प्राथमिकता देती है। आरक्षण कमजोर करने की कोशिश हुई तो जदयू करेगा कड़ा विरोध खालिद अनवर ने कहा कि यदि कोई आरक्षण के अधिकार पर सवाल उठाएगा या इसे कमजोर करने की कोशिश करेगा, तो जदयू इसका कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी केवल सत्ता के लिए राजनीति नहीं की, बल्कि गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के हितों और उनके अधिकारों की रक्षा को हमेशा अपनी प्राथमिक राजनीतिक प्राथमिकता माना है।
देवरिया में दो बाइकों की टक्कर में युवक की मौत:बहन को देवपार छोड़कर घर लौटते समय गई जान, जांच जारी
देवरिया में बुधवार रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में राजमिस्त्री राजधारी (41) की मौत हो गई। हादसा रात करीब आठ बजे हुआ। गंभीर रूप से घायल राजधारी को आसपास के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना सुरौली थाना क्षेत्र के देवपार के पास का है। राजधारी परसा जंगल गांव निवासी बलीचरन के बेटे थे। बताया जा रहा है कि वह अपनी बहन को छोड़ने के लिए देवपार गए थे। बहन को छोड़कर बाइक से घर लौटते समय देवपार के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि राजधारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल राजधारी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलने पर सुरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की परिस्थितियों और टक्कर की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। राजधारी राजमिस्त्री का काम करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी लीला देवी हैं। परिवार में 12 वर्षीय बेटी प्रिया और नौ वर्षीय बेटा सोनू हैं। राजधारी की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों के मुताबिक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रशासनिक व संचालन व्यवस्था को पेशेवर और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के पद पर भारतीय वायुसेना के पूर्व फाइटर पायलट और रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति की गई है। 5,500 से अधिक आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए इस बड़े फैसले पर अब उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल नई प्रशासनिक नियुक्तियां कर देने से अतीत में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं, चंदे की कथित चोरी और जमीन से जुड़े विवादों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।'नई चीजें होने से क्या पुरानी बातें भूल जाएंगे?': अखिलेश का तीखा हमलासहारनपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने ट्रस्ट के नए सीईओ चयन और नए ट्रस्टियों के शामिल होने पर सीधा तंज कसा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट और सरकार किसे क्या जिम्मेदारी सौंपते हैं, यह उनका अपना फैसला है, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब भी दिया जाना जरूरी है।सपा सुप्रीमो ने कहा, नई चीजें होने से क्या हम पुरानी घटनाओं को भूल जाएंगे? हमें किसी व्यक्ति विशेष से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन सवाल आस्था और साख का है। साख से भी ऊपर आस्था होती है और आस्था पर भाजपा ने गहरी चोट पहुंचाई है। जिस तरह से राम मंदिर के दान और चढ़ावे की चोरी की घटनाएं सामने आईं, उसमें केवल छोटे व सामान्य कर्मचारियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया, जबकि बड़े चेहरों को बचाकर क्लीन चिट दे दी गई।'राम धन' की डकैती रुकेगी या नहीं?अखिलेश यादव ने दान पेटियों से जुड़े पुराने विवादों और चंदे के गबन के आरोपों को फिर से उठाते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट श्रद्धा के साथ प्रभु श्री राम के चरणों में दान अर्पित किया था।सपा प्रमुख ने सवाल दागा कि क्या इस नए प्रशासनिक बदलाव के बाद अब 'राम धन' पर पड़ने वाली डकैती और उसका दुरुपयोग रुकेगा? उन्होंने कहा कि जो भी नया अधिकारी इस पद पर आसीन होगा, उसके कंधों पर आस्था और भरोसे को बहाल करने की बेहद गंभीर जिम्मेदारी होगी। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि प्रभु के नाम पर आए धन की हेराफेरी करने वालों को न तो भगवान कभी माफ करेंगे और न ही देश की जनता।अयोध्या के विकास में गरीबों और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी का आरोपराम मंदिर निर्माण और अयोध्या के आधुनिकीकरण के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर मूल निवासियों और गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अयोध्या को निश्चित तौर पर एक विश्वस्तरीय (World-Class) आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, लेकिन इसके पीछे मुनाफाखोरी और जमीन हथियाने की होड़ नहीं होनी चाहिए।अखिलेश ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों के सौदों में धांधली की गई और जिन गरीबों, दुकानदारों व किसानों की जमीनें और मकान चौड़ीकरण के नाम पर तोड़े गए, उन्हें बाजार दर पर उचित मुआवजा तक नहीं दिया गया।कौन हैं राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्र?विवादों के बीच जिस प्रशासनिक पद को लेकर यह राजनीतिक बयानबाजी हो रही है, उस पर ट्रस्ट ने एक बेहद अनुभवी सैन्य चेहरे पर दांव लगाया है:39 वर्षों का गौरवशाली सैन्य करियर: देवरिया के मूल निवासी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना में करीब चार दशकों तक फाइटर पायलट और शीर्ष रणनीतिकार के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।ऑपरेशनल कमान का अनुभव: वह वायुसेना की बेहद महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड (Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं और महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में रणनीतिक समन्वय संभाल चुके हैं।भूमिका: ट्रस्ट के अनुसार, अब वह मंदिर परिसर के दैनिक प्रशासनिक कामकाज, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय, श्रद्धालु प्रबंधन (Crowd Management), वित्तीय रिपोर्टिंग और निर्माण कार्यों की देखरेख की सीधी जिम्मेदारी संभालेंगे।राम मंदिर के संचालन के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति के इस कदम को जहां ट्रस्ट की ओर से पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था की दिशा में मील का पत्थर बताया जा रहा है, वहीं मुख्य विपक्षी दल द्वारा पुराने वित्तीय विवादों और मुआवजे के सवालों को दोबारा हवा दिए जाने से राज्य में राजनीतिक तापमान एक बार फिर चढ़ गया है।
सीतापुर में मंगलवार सुबह से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी रुक-रुककर जारी रही। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश बढ़ा दिया है। जिलाधिकारी राजा गणपति आर के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही इन कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए जिले में लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद रहेंगे। बीएसए कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार अवकाश जिले के नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य बोर्डों से संबद्ध विद्यालय भी शामिल हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल पहुंचना होगा विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित होने के बावजूद शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। सभी कर्मचारी विद्यालय पहुंचकर विभागीय कार्यों का नियमानुसार निर्वहन करेंगे। बीएसए ने संबंधित अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रबंधकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन बारिश और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सहरसा जिले में गुरुवार, 3 सितंबर को बिजली ग्राहकों को करीब चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। 33 केवी भेलाही लाइन में जरूरी मेंटेनेंस और रखरखाव कार्य के कारण सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संबंधित इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली से जुड़े जरूरी काम निर्धारित समय से पहले निपटा लें। सहरसा के बिजली कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि 33 केवी भेलाही लाइन का तकनीकी मेंटेनेंस और रखरखाव कार्य गुरुवार को किया जाएगा। इसके लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। तीन पावर सब-स्टेशनों से जुड़े ग्राहक होंगे प्रभावित मेंटेनेंस के दौरान भलाही, ऐना और डरहार पीएसएस से बिजली लेने वाले ग्राहक प्रभावित होंगे। इन पावर सब-स्टेशनों से जुड़े घरेलू, व्यावसायिक और अन्य उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि तक बिजली नहीं मिलेगी। भविष्य की तकनीकी खराबी रोकने के लिए मेंटेनेंस कार्यपालक अभियंता ने बताया कि बिजली व्यवस्था को सुरक्षित, सुचारू और बेहतर बनाए रखने के लिए लाइन का यह जरूरी रखरखाव किया जा रहा है। समय-समय पर तकनीकी जांच और मेंटेनेंस जरूरी है, ताकि भविष्य में अचानक होने वाली खराबी और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या को कम किया जा सके। पानी और घरेलू जरूरतों का काम पहले निपटा लें बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा कि लोग बिजली कटौती के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के लिए पानी की व्यवस्था, घरेलू काम और बिजली से चलने वाले जरूरी कार्य पहले ही पूरे कर लें। काम पूरा होने के बाद बहाल होगी बिजली विभाग के अनुसार निर्धारित समय में मेंटेनेंस का काम पूरा करने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, तकनीकी कार्य की स्थिति के अनुसार बिजली बहाल होने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से धैर्य रखने और मेंटेनेंस कार्य में सहयोग करने की अपील की है।
पूर्णिया पुलिस ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से एक शातिर को रंगेहाथ पकड़ा है। यह शातिर दूसरे के खाते से फर्जी पासबुक के जरिए पैसे निकालने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बैंक खाते से छेड़छाड़ कर एक फर्जी पासबुक तैयार की थी। इसी पासबुक का इस्तेमाल कर वह गलत तरीके से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए शातिर का संबंध कोढ़ा गैंग से बताया जा रहा है। यह गैंग वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहता है। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इसके लिए कोढ़ा थाना से संपर्क साधा जा रहा है। पूर्णिया सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि 1 सितंबर को के हाट थाना अंतर्गत एसबीआई की मुख्य शाखा में धोखाधड़ी का प्रयास किया जा रहा था। कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र स्थित हवाई अड्डा, बजरंगबली मंदिर के पास रहने वाले राजेश कुमार सहनी चूनापुर एरोड्रम पूर्णिया निवासी शिवाशीष कुमार मिश्रा के बैंक खाते से पैसे निकालने की फिराक में था। अपनी तस्वीर के साथ एडिटेड पासबुक लेकर पहुंचा था शातिरएसडीपीओ में बताया कि अभियुक्त ने मूल खाताधारक के अकाउंट नंबर का इस्तेमाल कर अपनी तस्वीर और फर्जी विवरण जोड़कर एक एडिटेड पासबुक तैयार कराई थी। पैसे निकासी के लिए पहुंचे शातिर के पासबुक और अकाउंट से जुड़े विवरण पर बैंक के कर्मी को शक हुआ। एडिटेड पासबुक लिए अभियुक्त को शाखा प्रबंधक ने भांप लिया और मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। एसएसपी क्यूआरटी और पुलिस ने की कार्यवाहीइधर फर्जीवाड़े की सूचना मिलते ही के हाट थाना पुलिस और एसएसपी क्यूआरटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को बैंक परिसर से ही डुप्लीकेट पासबुक और फॉर्म के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से डुप्लीकेट पासबुक का फॉर्म तथा डुप्लीकेट एडिटेड पासबुक जब्त की है।सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि एसबीआई मुख्य शाखा के मैनेजर के लिखित आवेदन के आधार पर के हाट थाना कांड संख्या 387/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 62 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के पास मूल खाताधारक के बैंक खाते और गोपनीय हस्ताक्षरों की जानकारी कहां से पहुंची। उन्होंने रेखांकित किया कि कोढ़ा क्षेत्र के अपराधी पूर्व में छिनतई जैसी वारदातों के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वे बैंक पासबुक एडिटिंग, फर्जीवाड़ा और एटीएम फ्रॉड जैसे संगठित वित्तीय अपराधों में लिप्त हो रहे हैं।
आगरा में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का पहला मामला सामने आया है। कमला नगर निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने महिला को घर में ही आइसोलेट कर उपचार शुरू कर दिया है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, महिला पिछले चार-पांच दिनों से बुखार से पीड़ित थी। शुरुआत में वह निजी चिकित्सक से इलाज करा रही थी, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर बुधवार को उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखाया गया। जांच के दौरान महिला को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी की शिकायत मिली। इसके बाद चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की आशंका में नमूना जांच के लिए वायरोलॉजी लैब भेजा, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के परिजनों को भी सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि मरीज पहले से निजी उपचार ले रही थी और फिलहाल उसकी निगरानी की जा रही है। हालत बिगड़ने पर आइसोलेशन वार्ड में होगी भर्तीस्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। आगरा में इस साल का यह पहला मामला है। मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता है तो उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए रैपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण स्वास्थ्य विभाग की अपीलस्वास्थ्य विभाग ने लोगों से वायरल फीवर के लक्षण दिखने पर सतर्क रहने की अपील की है। खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, नियमित रूप से हाथ साफ करें, मास्क का प्रयोग करें और बिना धुले हाथों से आंख, नाक व मुंह को छूने से बचें। साथ ही बीमार होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें। कंट्रोल रूम नंबर जारीस्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 9458569043 और 0562-260412 पर दी जा सकती है। ये नंबर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेंगे।
भोपाल के शिवनगर में नाला निर्माण में लापरवाही के कारण कार्यपालन यंत्री सस्पेंड
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बरेली सर्किल ने जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में समूचे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। डीआईजी अजय कुमार साहनी के कुशल मार्गदर्शन में माह अगस्त-2026 की जारी रैंकिंग में परिक्षेत्र अव्वल रहा। परिक्षेत्र के अंतर्गत बदायूं और शाहजहांपुर जनपद संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे हैं। इसके साथ ही परिक्षेत्र के कुल 68 थानों ने भी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। परिक्षेत्र के 68 थानों का शत-प्रतिशत परिणामनागरिकों की शिकायतों के समाधान में रेंज के चारों जिलों के थानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है: बरेली (24 थाने): सुभाषनगर, फतेहगंज पश्चिमी, किला, सीबीगंज, विशारतगंज, शाही, बारादरी, इज्जतनगर, देवरनियां, क्योलड़िया, भुता, हाफिजगंज, भोजीपुरा, बहेड़ी, मीरगंज, नवाबगंज, आंवला, भमोरा, शीशगढ़, प्रेमनगर, सिरौली, बिथरी चैनपुर, कैंट और फतेहगंज पूर्वी। बदायूं (15 थाने): कुंवरगांव, महिला थाना, बिनावर, जरीफनगर, फैजगंज बेहटा, इस्लामनगर, वजीरगंज, मुजरिया, बिसौली, उझानी, कादरचौक, उसहैत, मूसाझाग, हजरतपुर व कोतवाली। शाहजहांपुर (19 थाने): महिला थाना, रामचंद्र मिशन, खुटार, सिंधौली, कोतवाली, परौर, बंडा, जलालाबाद, कलान, अल्हागंज, सेहरामऊ दक्षिणी, रोजा, मिर्जापुर, सदर बाजार, गढ़िया रंगीन, जैतीपुर, तिलहर, कटरा और खुदागंज। पीलीभीत (10 थाने): महिला थाना, माधौटांडा, बरखेड़ा, हजारा, जहानाबाद, सेहरामऊ उत्तरी, दियोरिया कलां, बीसलपुर, अमरिया और बिलसंडा। शानदार काम पर मिलेगा नकद इनाम, लापरवाहों पर कसेगा शिकंजाआईजीआरएस सेल में उत्कृष्ट काम करने वाले उपनिरीक्षक शालू, कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेंद्र कुमार और आरक्षी सलिल सक्सेना को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि जिन थानों या जनपदों का प्रदर्शन असंतोषजनक रहा है, उनके कार्यों की गहन समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी।
बगहा में अंधाधुंध फायरिंग से दहशत, उप मुखिया और वार्ड सदस्य पर बरसाई गोलियां
बगहा के भैरोगंज में बुधवार शाम अपराधियों ने घर के बाहर बैठे उप मुखिया अशोक दास और वार्ड सदस्य राधेश्याम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। अपराधी दोनों पर गोलियां बरसा कर भाग निकले। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई।
जालौन की उरई तहसील में तैनात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (न्यायिक) IAS रिंकू सिंह राही की कार्यशैली और आचरण को लेकर प्रदेश शासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासन ने 20 अगस्त 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में रिंकू सिंह राही से 15 दिनों में अपना लिखित पक्ष देने को कहा गया है। जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार फैसला लेने की बात कही गई है। कई शिकायतों और जांच रिपोर्ट का हवाला शासन ने नोटिस में डीएम के लेटर के साथ एडीएम (वित्त एवं राजस्व) और एएसपी की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का हवाला दिया है। इसमें विभिन्न संघों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों की ओर से रिंकू सिंह राही के खिलाफ की गई शिकायतों का जिक्र है। शासन ने जांच में सामने आए सबूतों को शुरुआती तौर पर गंभीर मानते हुए अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के नियम-3 के उल्लंघन माना है। कलेक्ट्रेट में आवंटित चैम्बर के बावजूद तहसील पहुंचने का आरोप नोटिस के अनुसार, 27 जुलाई को रिंकू सिंह राही कलेक्ट्रेट में आवंटित चैम्बर और न्यायालय कक्ष के बावजूद बिना अनुमति फर्नीचर आदि लेकर नव निर्मित तहसील सदर उरई पहुंच गए थे। वहां मीडिया को बुलाकर हंगामा और धरना करने का आरोप लगाया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की ओर से लिखित रूप से यह बताए जाने के बाद कि उनका न्यायालय और चैम्बर कलेक्ट्रेट में ही आवंटित है और वहीं से न्यायिक कार्य करना है, वह रात करीब 9 बजे कलेक्ट्रेट लौटे। नगर पालिका की जांच को लेकर भी आपत्ति नोटिस में नगर पालिका परिषद उरई से जुड़ी जांच का भी उल्लेख है। आरोप है कि जांच के लिए गठित समिति में राही को सदस्य बनाया गया था, लेकिन समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की मौजूदगी के बिना उन्होंने 29 जुलाई को बड़ी संख्या में निजी लोगों और मीडिया के साथ नगर पालिका पहुंचकर लाइव जांच की। नोटिस के मुताबिक, वह करीब 20-25 अनधिकृत व्यक्तियों और 70-80 अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे थे। इस दौरान दस्तावेजों को निजी व्यक्तियों के माध्यम से स्कैन कराए जाने का भी आरोप है। शासन ने यह भी कहा है कि समिति के माध्यम से कार्रवाई करने के बजाय अपने स्तर से विभिन्न पत्र जारी किए गए और मूल शिकायत व जांच आदेश की सीमा से बाहर अभिलेख तथा सूचनाएं मांगी गईं। अधिवक्ताओं के विरोध और न्यायालय बहिष्कार का जिक्र नोटिस में डिस्ट्रिक्ट जालौन बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और अन्य अधिवक्ताओं की ओर से जुलाई में दिए गए प्रार्थना पत्रों का भी उल्लेख है। इनमें राही की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर शिकायतें किए जाने तथा अधिवक्ताओं द्वारा उनके न्यायालय का बहिष्कार किए जाने की बात कही गई है। शिकायतों में अधिवक्ताओं से कथित तौर पर कठोर भाषा में बात करने और धमकी देने के आरोप भी बताए गए हैं। इसके अलावा सुनवाई के बाद आदेश पारित नहीं किए जाने की शिकायत का भी उल्लेख है। अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल नोटिस में जालौन तहसील में तैनाती के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से की गई शिकायतों का भी हवाला दिया गया है। उपजिलाधिकारी जालौन की आख्या के अनुसार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, नायब नाजिर और अन्य कर्मचारियों ने राही की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर शिकायतें की थीं। आरोप है कि अधीनस्थों के साथ कथित अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार से कार्यालय का माहौल प्रभावित हुआ और कर्मचारियों में तनाव की स्थिति बनी। नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रमाण पत्रों को लंबित रखने, प्रशासनिक कार्यों में देरी और आम नागरिकों व अधिवक्ताओं के साथ कथित कठोर व्यवहार का भी नोटिस में उल्लेख है। सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी शासन ने जताई आपत्ति शासन ने रिंकू सिंह राही की सोशल मीडिया गतिविधियों को भी नोटिस का आधार बनाया है। आरोप है कि उनके द्वारा शासन स्तर के अधिकारियों को संबोधित पत्र और प्रशासनिक विषयों से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की जाती रही। इससे प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर एकपक्षीय धारणा बनने और आमजन में भ्रम की स्थिति पैदा होने की संभावना जताई गई है। नोटिस में शासन की योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों की सार्वजनिक आलोचना तथा सोशल मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन के खिलाफ कथित नैरेटिव तैयार करने संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। 15 दिन में देना होगा जवाब शासन ने यह भी कहा है कि राही ने पूर्व में व्हाट्सएप चैट के माध्यम से अपने आचरण और कार्यप्रणाली से जुड़ी कुछ त्रुटियों को स्वीकार करते हुए भविष्य में सुधार का आश्वासन दिया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट के अनुसार अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया। अब शासन ने पूरे मामले में रिंकू सिंह राही से 15 दिनों के भीतर लिखित पक्ष मांगा है। उनका जवाब मिलने के बाद उपलब्ध अभिलेखों और मामले के गुण-दोष के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। इससे अधिवक्ताओं में खुशी है। हालांकि उन्होंने 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं का यह विरोध राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से लिखे गए पत्रों के बाद शुरू हुआ था। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। हड़ताल के दूसरे दिन अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत जोशी और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट की मुख्य पीठ परिसर में प्रदर्शन किया। सुंदरकांड का किया पाठ हाईकोर्ट भवन में करीब तीन घंटे तक सुंदरकांड पाठ किया गया। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की सिफारिश पर अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी भी जताई। अधिवक्ताओं ने बताया कि लंबे समय से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कार्यप्रणाली को लेकर चिंताएं थीं। विभिन्न स्तरों पर अपनी बात रखने के बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। कॉलेजियम की ओर से नए मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश को अधिवक्ता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट न्याय का मंदिर है और इसकी गरिमा व सुरक्षा सबसे जरूरी है। इसी भावना के साथ भवन की सुरक्षा और सकारात्मक माहौल की कामना को लेकर सुंदरकांड पाठ कराया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित ने कहा कि कॉलेजियम की सिफारिश से लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के समाधान का रास्ता खुला है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर अधिवक्ता भविष्य में भी आवाज उठाते रहेंगे।
राजस्थान हाईकोर्ट में टारगेटेड केसों को जल्दी निपटाने को लेकर वकीलों के विरोध के बीच, हाईकोर्ट प्रशासन ने 11 अगस्त 2026 को जारी किए गए निर्देश वापस ले लिए हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (प्रशासन) ने प्रदेश के सभी जिला और सत्र न्यायाधीशों को लेटर भेजकर एक्शन प्लान फेज-VI के तहत टारगेटेड केसों को निपटाने से जुड़े आदेश वापस लेने की जानकारी दी है। साथ ही निर्देशों को संबंधित न्यायिक अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा है। टारगेटेड केसों को निपटाने के निर्देशों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन जोधपुर लगातार विरोध कर रहे थे। वकीलों का कहना था कि मामलों के लिए तय लक्ष्य के दबाव में न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। निपटाने की संख्या बढ़ाने पर ज्यादा जोर रहता है। इसी मुद्दे पर वकीलों ने कामकाज का बहिष्कार भी किया। वकीलों की बड़ी जीत राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी और लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने निर्देश वापस लिए जाने को वकीलों की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि न्याय की गुणवत्ता और गरिमा से समझौता नहीं होना चाहिए। महासचिव डॉ. विजय चौधरी और डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि टारगेटेड केसों के विरोध में प्रदेश के ज्यादातर बार संघों ने न्यायिक कामकाज का बहिष्कार किया था। जोधपुर की दोनों एसोसिएशन ने प्रदेश के बार संघों का समर्थन किया था, जिसका नतीजा अब सामने आया है।
कानपुर नगर निगम में टेंडर और विकास कार्यों को लेकर सामने आई अनियमितताओं के बीच महापौर प्रमिला पांडेय ने बुधवार को CM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। महापौर ने मुख्यमंत्री को नगर निगम की मौजूदा स्थिति और चल रहे विवादों के बारे में बताया। उन्होंने नगर निगम में चल रही एसआईटी जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की। महापौर प्रमिला पांडेय ने मुख्यमंत्री से पिछले 5 सालों के दौरान नगर निगम निधि से कराए गए कार्यों से संबंधित सभी फाइलों को भी जांच के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि जांच का दायरा बढ़ने से नगर निगम निधि के जरिए कराए गए कार्यों में अगर किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसका भी पता लगाया जा सकेगा। टेंडर प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग रखी महापौर ने CM को बताया कि एक लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था बोर्ड की ओर से लागू की गई थी। इससे पहले इस तरह के कार्यों की फाइलें सीधे ठेकेदारों को आवंटित किए जाने की व्यवस्था थी। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर को आश्वासन दिया कि जांच में नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी घोटाले व अनियमितताओं में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद नगर निगम से जुड़े मामलों की जांच में और तेजी आने की उम्मीद है। सीएम योगी से मिले बार काउंसिल उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष और महापौर के बेटे अनुराग पांडे ने भी सीएम को अधिवक्ताओं से जुड़े कई मुद्दों को लेकर पत्र सौंपा। अनुराग ने लखनऊ में तोड़े गए अधिवक्ताओं के चैंबरों को दोबारा स्थापित कराने की मांग की। पत्र में कहा कि चैंबर टूटने से अधिवक्ताओं के सामने काम करने के लिए समुचित स्थान का संकट खड़ा हो गया है। अनुराग पांडे ने मुख्यमंत्री की ओर से घोषित अधिवक्ताओं की कैशलेश इलाज योजना को जल्द लागू कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि योजना की घोषणा के बावजूद अभी तक इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है। इसके अलावा प्रदेश में लंबे समय से लंबित एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग भी रखी। उन्होंने अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए समन्वय समिति गठित करने का सुझाव दिया, ताकि विवाद की स्थिति में दोनों पक्ष समिति के माध्यम से अपनी बात रख सकें और प्रभावी समाधान निकाला जा सके।
औरंगाबाद में बुधवार शाम आकाशीय बिजली से एक किसान की मौत हो गई। खेत में काम कर रही थीं चार महिलाएं भी घायल हो गईं। मृतक परसडीह गांव निवासी विजय यादव है। स्थानीय लोगों ने सभी झुलसी महिलाओं को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक किसान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परसडीह गांव की है। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि विजय अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में 2 बेटे और एक बेटी है। पिता की मौत के बाद तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की पढ़ाई का उठा रहे थे खर्च, परिवार पर आर्थिक संकट ग्रामीणों के अनुसार विजय यादव खेती-बाड़ी का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने बेटे को कोटा में पढ़ा रहे थे और उसकी पढ़ाई का खर्च भी खेती से ही चला रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला पार्षद अनिल यादव भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि विजय यादव सामाजिक व्यक्ति थे और उनका आकस्मिक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
मोहाली में हेयर सैलून के बाहर फायरिंग:हेलमेट पहनकर बाइक पर आए थे 2 आरोपी, CCTV कैमरे में जाते दिखे
मोहाली के सेक्टर-67 स्थित सीपी मॉल के पास हेयर मास्टर सैलून के बाहर फायरिंग का मामला सामने आया है। बाइक सवार दो युवकों ने सैलून के बाहर एक राउंड फायर किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्राइम सीन का जायजा लिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने केवल एक राउंड फायर किया। सैलून मालिक को पंजाब पुलिस की तरफ से पहले से सुरक्षा मिली हुई है। अब तीन पॉइंट में जानिए सारी कहानी 1. घटना आज शाम करीब साढ़े आठ बजे की है। सैलून के मैनेजर ने पुलिस को फायरिंग होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि आरोपी स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर आए थे और उन्होंने केवल एक राउंड फायर किया। 2. डीएसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पूरे इलाके में नाकाबंदी भी की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। 3. फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों के निशाने पर कौन था। फायरिंग में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
झारखंड की धरती ने देश को एक से बढ़कर एक नायाब खेल प्रतिभाएं दी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा फहराया है। लेकिन इसी माटी से एक ऐसी कड़वी और झकझोर देने वाली सच्चाई सामने आई है, जिसने पूरे खेल जगत और प्रशासनिक तंत्र को सन्न कर दिया है। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी मेहनत, लगन और जज्बे के बल पर गोल्ड मेडल जीतने वाली एक महिला खिलाड़ी आज पाई-पाई को तरस रही है। जिस खिलाड़ी ने अपनी गाढ़ी कमाई और भारी-भरकम कर्ज लेकर विदेशी सरजमीं पर भारत का मान बढ़ाया था, आज वही खिलाड़ी अपना और अपने परिवार का पेट पालने तथा साहूकारों का कर्ज चुकाने के लिए सड़कों के किनारे सब्जी बेचने को मजबूर हो गई है। यह मामला न केवल खिलाड़ियों के प्रति हमारी व्यवस्था की उपेक्षा को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही समय पर प्रोत्साहन न मिलने से देश की प्रतिभाएं किस कदर गुमनामी के अंधेरे में खो जाती हैं।खेल के प्रति अटूट जुनून और कर्ज के बोझ में दबी नेशनल चैंपियनइस अंतरराष्ट्रीय विजेता खिलाड़ी का सफर कभी आसान नहीं रहा। एक बेहद गरीब और साधारण परिवार में जन्मी इस एथलीट ने बचपन से ही खेल के मैदान में पसीना बहाया। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका आया, तो वित्तीय संसाधनों की भारी कमी आड़े आ गई। सरकारी मदद और स्पॉन्सरशिप का इंतजार करते-करते जब समय बीतने लगा, तो खिलाड़ी ने अपने खेल के सपने को टूटने नहीं दिया। अपने जुनून को जिंदा रखने और भारत को पदक दिलाने के लिए उसने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और स्थानीय साहूकारों से भारी ब्याज दर पर कर्ज लिया। इस रकम से उसने अपनी ट्रेनिंग, खेल किट, खुराक और यात्रा के खर्चों को पूरा किया। मैदान पर उतरी तो उसने अपनी पूरी जान झोंक दी और शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को 'गोल्ड मेडल' दिलाया। लेकिन पदक जीतकर घर लौटने के बाद की सच्चाई किसी भयानक सपने जैसी साबित हुई। ढोल-नगाड़ों और शुरुआती सराहना का शोर थमते ही खिलाड़ी अपने उसी पुराने टूटे हुए मकान और भारी कर्ज के कड़वे सच के बीच अकेली खड़ी रह गई।जब पदक की चमक के पीछे छिप गया पेट की भूख का दर्दमेडल जीतने के बाद उम्मीद थी कि राज्य सरकार, खेल विभाग या कोई कॉर्पोरेट घराना इस होनहार एथलीट का हाथ थामेगा। उसे लगा था कि उसे कोई स्थायी नौकरी या आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वह अपना कर्ज चुका सकेगी और आगे की ट्रेनिंग जारी रख सकेगी। लेकिन समय गुजरता गया और आश्वासनों के अलावा कुछ हाथ न आया। कर्जदारों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था और ब्याज की रकम दिन-ब-दिन पहाड़ जैसी होती जा रही थी। दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना और दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना दूभर हो गया। अंततः, कोई अन्य रास्ता न देखकर इस प्रतिभावान खिलाड़ी ने अपने मेडल को एक तरफ रखा और टोकरी में सब्जी भरकर बाजार की पटरियों पर बैठना शुरू कर दिया। सुबह से शाम तक सब्जी बेचकर जो चंद रुपये मिलते हैं, उससे किसी तरह परिवार की गुजर-बसर होती है और कर्ज की किस्त चुकाने की कोशिश की जाती है। खेल के मैदान में भारत का सिर ऊंचा करने वाली यह बेटी आज ग्राहकों की राह देखने पर मजबूर है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा संज्ञान और खेल विभाग को सख्त निर्देशजैसे ही यह दुखद और हैरान कर देने वाली खबर मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुई, राज्य प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत इस पर कड़ा संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने बिना कोई वक्त गंवाए राज्य के खेल विभाग को तत्काल प्रभाव से इस पूरे मामले की जांच करने और खिलाड़ी तक हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की यह दुर्दशा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद खेल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई और संबंधित खिलाड़ी के घर पहुंचकर उसकी वित्तीय स्थिति और समस्याओं का जायजा लिया।खिलाड़ियों के पुनर्वास और सरकारी योजनाओं पर उठते तीखे सवालमुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जगी है कि इस पीड़ित एथलीट को जल्द ही उचित मुआवजा, बकाया कर्ज से मुक्ति और एक सुरक्षित भविष्य के लिए रोजगार का अवसर मिलेगा। हालांकि, यह घटना एक बड़े और नीतिगत सवाल को जन्म देती है। झारखंड में खिलाड़ियों के लिए सीधी नियुक्ति नीति और प्रोत्साहन राशियां कागजों पर तो बहुत आकर्षक दिखती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका क्रियान्वयन समय पर क्यों नहीं हो पाता? यदि किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़े या कर्ज लेना पड़े, तो यह हमारी खेल व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी है। खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सरकार को ऐसा पारदर्शी और त्वरित ढांचा तैयार करना चाहिए जिससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब एथलीटों को समय पर सीधी आर्थिक मदद और कोचिंग सुविधाएं मिल सकें, ताकि किसी भी 'गोल्ड मेडलिस्ट' को देश का मान बढ़ाने के बाद सब्जी बेचने की नौबत न आए।
चांदनी चौक के 22 बूम बैरियरों का संचालन अब निजी हाथों में, व्यवस्था में सुधार की जगी उम्मीद
चांदनी चौक की मुख्य सड़क पर लगे 22 स्वचालित बूम बैरियरों का संचालन अब एक निजी कंपनी करेगी, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कैमूर की एक अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सेशन जज-II सह विशेष न्यायाधीश NDPS विनय प्रकाश तिवारी की अदालत ने यह फैसला दिया। यह मामला भभुआ थाना कांड संख्या 344/2009 से जुड़ा है। दुखंती साह उर्फ रामपति गुप्ता स्वर्गीय गुपुत साह का बेटा है। वह कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र की वीआईपी कॉलोनी का रहने वाला है। अदालत ने उसे अवैध गांजा तस्करी का दोषी पाया। उसे NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत 4 साल 3 महीने की जेल हुई है। साथ ही, उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर आरोपी को 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। उनकी भूमिका की काफी तारीफ की गई है। कैमूर पुलिस की तेज जांच और मजबूत सबूतों के कारण आरोपी को सजा मिल पाई। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
शहर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सैनिक कॉलोनी में बुधवार शाम प्लॉट के विवाद को लेकर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष की स्थिति बन गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि पड़ोसी फौजी ने बंदूक निकालकर फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से पूरी कॉलोनी में भगदड़ मच गई और दहशत का माहौल बन गया। गोली पास ही खड़ी एक कार में जा लगी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की। प्लॉट को लेकर चल रही है पुरानी रंजिश पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सैनिक कॉलोनी में शैलेंद्र भदौरिया और गुरु सिंह भदौरिया आमने-सामने रहते हैं। शैलेंद्र भारतीय सेना में पदस्थ है। दोनों के बीच कॉलोनी के ही एक प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। बुधवार शाम इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। गाड़ी में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी विवाद के दौरान फौजी शैलेंद्र भदौरिया ने आपा खो दिया और बंदूक से फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली किसी इंसान को न लगकर पास में खड़ी गाड़ी में जा धंसी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। गोला का मंदिर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और फरियादी पक्ष को थाने लाकर बयान दर्ज किए। गोला का मंदिर थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर जयेन्द्र सिंह कुशवाह का कहना है कि सैनिक कॉलोनी में दो पड़ोसियों के बीच विवाद और फायरिंग की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर मामले की तस्दीक और जांच में जुटी है। जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
औरंगाबाद में करंट से किसान की मौत:खेत में सिंचाई के लिए गए थे, मोटर स्टार्ट करते वक्त शॉर्ट-सर्किट
औरंगाबाद में बुधवार शाम करंट से किसान की मौत हो गई। मृतक कुटुंबा थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान जमादार भगत (67) हैं। जो खेत में मोटर स्टार्ट करने के लिए गए थे। इसी दौरान हादसा हुआ। घटना के करीब 2 घंटे तक किसी को हादसे की जानकारी नहीं हुई। बताया जाता है कि बुधवार की शाम जमादार भगत गांव से पश्चिम दिशा की ओर बधार में सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गए थे। कनेक्शन में शॉर्ट सर्किट हो गया। करीब दो घंटे बाद धान की रोपनी कर घर लौट रही महिलाओं की नजर खेत में पड़े जमादार भगत पर पड़ी। उन्हें मृत अवस्था में देखकर महिलाओं ने इसकी जानकारी उनके परिजनों और ग्रामीणों को दी। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे घटना की सूचना मिलने पर कुटुंबा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार, जमादार भगत परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। जमादार भगत अपने पीछे एक बेटे और 6 बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कृषि फीडर का काम पूरा नहीं होने का आरोप, मुआवजे की मांग घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। सरपंच प्रतिनिधि अभिषेक सज्जन ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन किया गया, लेकिन अधिकारियों ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई किसानों ने मोटर का बिजली कनेक्शन कराया है, लेकिन कृषि फीडर का काम अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसके कारण किसान कथित तौर पर टोका फंसाकर मोटर चलाने को मजबूर हैं। इसी तरह मोटर स्टार्ट करने के दौरान जमादार भगत करंट की चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई। सरपंच प्रतिनिधि ने बिजली विभाग से मामले की जांच कराने, क्षेत्र में सुरक्षित बिजली व्यवस्था करने और मृतक किसान के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे के विरोध में बुधवार को कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध मार्च निकाला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टाउन हॉल से मार्च शुरू किया और शहीद चौक तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा राजनीति से प्रेरित, झूठा और निराधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर घिरने के बाद विपक्ष की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लेने और जांच एजेंसियों के राजनीतिक गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की। संजय कुमार सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ खड़ा है और यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। इस विरोध मार्च में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सऊद आलम, प्रदेश प्रवक्ता प्रेम राय, वरिष्ठ नेता संजय सिंह, जिला प्रवक्ता पंकज कुमार तमाखुवाला, नगर अध्यक्ष अजय आनंद सिंह, रिंकू मिश्रा, सौरभ कुमार, वहाब, मो. रियाज, प्रशांत गिरी, अमर तिवारी, जटा शंकर झा, मो. ताहिर, धनंजय ठाकुर, माधव पाण्डेय, नितिन सिन्हा, मुकेश कुमार, कैलाश कुमार मंडल, नीतीश कुमार, राजा यादव, मोहर्रम खान समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर ग्रामीण एवं उपखण्ड प्रशासन शेरगढ़ की संयुक्त टीम ने बुधवार को ग्राम मीरपुरा एवं वीरमपुरा में कार्रवाई करते हुए कृषि भूमि पर अवैध रूप से संचालित 8 से 10 टेक्सटाइल इकाइयों को मौके पर ही ध्वस्त करवा दिया। संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण एवं टेक्सटाइल इकाइयों को जमींदोज किया गया। मौके पर बिजली विभाग के माध्यम से बिजली कनेक्शन भी कटवाए गए। शिकायत के आधार पर औचक निरीक्षण, मौके पर मिली गंभीर अनियमितताएं जोधपुर ग्रामीण क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी ने बताया कि जिला कलक्टर कार्यालय एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित हाई पावर्ड कमेटी से प्राप्त शिकायत, सूचना के आधार पर मीरपुरा एवं वीरमपुरा में यह संयुक्त कार्रवाई की गई। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल जोधपुर ग्रामीण के अधीक्षण वैज्ञानिक अधिकारी दीपक ओझा, कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता कमल मौर्य, तहसीलदार शेरगढ़ लाला राम मीणा एवं बिजली विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषि भूमि पर बड़ी संख्या में टेक्सटाइल इकाइयां अवैध रूप से संचालित पाई गईं। मौके पर कपड़ा धुलाई के हौद आदि निर्मित पाए गए तथा इनसे निकलने वाले अपशिष्ट जल को बिना किसी समुचित उपचार के खुले में भूमि पर छोड़ा जा रहा था। इससे पर्यावरण एवं भूमि की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति सामने आई। चौधरी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पाई गई कुछ इकाइयों के विरुद्ध 31 जुलाई एवं 11 अगस्त को भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा पुनः निर्माण कर अवैध टेक्सटाइल गतिविधियां शुरू कर दी गईं। मण्डल द्वारा इस प्रकार नियमों की अनदेखी कर दोबारा गतिविधियां संचालित किए जाने को गंभीरता से लेते हुए आज पुनः मौके पर कार्रवाई की गई और संबंधित अवैध इकाइयों को ध्वस्त करवाया गया। अवैध इकाइयों के विरुद्ध मौके पर ही कार्रवाई मौके पर मेहरदीन खान पिता इमाम खान, खसरा संख्या 2023/1700; खेरू खान पिता सिंदल खान, खसरा संख्या 1772; जले खान, खसरा संख्या 1943/1771; लतीफ खान, खसरा संख्या 1873; वली खान पिता मेहरे खान, खसरा संख्या 1877; खमे खान पिता कादर खान, खसरा संख्या 1877; वली खान पिता नबे खान, खसरा संख्या 1881; गफूर खान पिता रिमु खान, खसरा संख्या 1890; शेरु खान पिता आकु खान, खसरा संख्या 1856/1 एवं हसम खान पिता बचचू खान, खसरा संख्या 1846 सहित अन्य द्वारा कृषि भूमि पर टेक्सटाइल गतिविधियां संचालित किया जाना पाया गया। संयुक्त टीम द्वारा संबंधित अवैध इकाइयों एवं निर्माणों को जेसीबी की सहायता से मौके पर ही ध्वस्त करवाया गया और बिजली विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन भी कटवाए गए।
कैमूर के कुदरा थाना क्षेत्र के सकरी में एक सड़क हादसा हुआ है। यहां लक्ष्मी टायर दुकान के पास एक ट्रक सड़क पर आई गाय से टकरा गया। ट्रक चालक गाय को रास्ते से हटाने के लिए नीचे उतरा, तभी पीछे से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीर गोविंद कुमार और उनके साथियों ने घायल चालक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुदरा पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि चालक के सिर, चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें लगी हैं। उसकी हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घायल चालक की पहचान रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के पेवंदी गांव निवासी इंदल यादव के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही कुदरा थाना पुलिस सीएचसी कुदरा पहुंची और घायल चालक के बारे में जानकारी ली। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
जालंधर में केसर पेट्रोल पंप के बाहर बुधवार देर रात भाटिया इलेक्ट्रॉनिक की गाड़ी से अज्ञात चोर नकदी भरा बैग ले गए। घटना उस समय हुई जब पीड़ित अपनी कार का पंचर लगवा रहा था और कार के पास ही मौजूद था। मामले की जानकारी देते हुए भाटिया इलेक्ट्रॉनिक्स के गुनीत पाल सिंह ने बताया कि उनके भाई सरण पाल सिंह से 10 लाख रुपए लूट कर लुटेरे फरार हो गए। गुनीत पाल सिंह नके भाई सरण कुछ देर पहले दुकान से घर के लिए निकले थे। इस दौरान पीएनबी चौक रेड लाइट पर उनकी गाड़ी की हवा निकल गई। इसके बाद वह पंक्चर लगवाने के लिए केसर पैट्रोल पंप पर रुक गए। पंचर वाले ने उन्हें बताया कि गाड़ी के टायर का पूरा प्रेशर खत्म हो चुका है। इसके बाद सरण पाल सिंह ड्राइविंग सीट से उतरकर गाड़ी का टायर देखने के लिए पीछे आए और तभी वहां पर मौजूद युवक उनकी गाड़ी की सीट पर रखा बैग लूट कर फरार हो गए, जिसमें 10 लख रुपए मौजूद थे। घटना की सूचना पुलिस को दी गई है। वारदात के तुरंत बाद केसर पैट्रोल पंप मालिकों द्वारा वारदात की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध को दे दी गई है। जानें घटना पर पुलिस ने क्या कहा-
पन्ना जिले के महेवा गांव में बुधवार रात एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पुलिया पर बैठे एक युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अमानगंज अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक, महेवा निवासी दुर्गेश कोरी गांव की पुलिया पर बैठा था। तभी बहरासर मोड़ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो (क्रमांक MP 35 CA 3842) अनियंत्रित हो गई। बोलेरो सीधे पुलिया पर चढ़ गई और दुर्गेश को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुर्गेश के सीने, कमर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल दुर्गेश को अस्पताल पहुंचाया और भाग रहे वाहन का नंबर नोट कर लिया। मामले की शिकायत पर अमानगंज थाना पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125(ए) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस वाहन की तलाश कर रही है और मामले की जांच में जुटी है।
गयाजी में 24 अर्धनिर्मित हथियार बरामद:घर-दुकान में पुलिस ने की छापेमारी, एक आरोपी को किया गिरफ्तार
गयाजी में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण का खुलासा किया है। मथुरापुर डीह गांव में छापेमारी कर पुलिस ने 24 अर्ध निर्मित हथियार बरामद किए हैं। मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गुरारू थाना क्षेत्र में कार्रवाई ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसटीएफ-स्थानीय पुलिस की टीम ने की। मामला टिकारी एसडीपीओ राजन कुमार ने पीसी कर मामले की जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को मथुरापुर डीह गांव में अवैध हथियार बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद गांव में छापेमारी की गई। पुलिस टीम मथुरापुर डीह के रहने वाले साकेत मिस्त्री के घर पहुंची। पुलिस को देखते ही साकिल ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस टीम में शामिल जवानों ने उसे मौके पर ही खदेड़ कर पकड़ लिया।इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर उसके घर और दुकान में भी छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में अर्ध निर्मित हथियार मिले। अवैध धंधे के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस एक साथ इतनी संख्या में हथियार मिलने के बाद पुलिस भी सकते में आ गई। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार निर्माण का काम कब से चल रहा था। इसमें सिर्फ साकिल मिस्त्री शामिल था या उसके साथ दूसरे लोग भी जुड़े थे। इसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस बरामद हथियारों के खरीदारों और सप्लायरों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस को शक है कि हथियारों की सप्लाई स्थानीय स्तर के अलावा दूसरे इलाकों में भी की जाती होगी। हालांकि, इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। डीएसपी राजन कुमार ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य लोगों के लिंक खंगाले जा रहे हैं। दुकान से बरामद सामान पुलिस ने आरोपी के घर व दुकान से देसी पुराना थर्नट- 01, अर्धनिर्मित देसी पुराना लोहे के बना हुआ थर्नट- 02, लोहे का छिद्रनुमा पुराना बैरल - 02 पीस, लोहे का बना थर्नट की अर्धनिर्मित बॉडी 04 पीस, थर्नट में उपयोग होने वाला लोहे का बना हुआ पार्ट 04 पीस, लोहे का एक ईंच बोर का पाइप 07 पीस, लोहे का पाइप लगा हीट मशीन 01 पीस, बिजली से चलने वाला ड्रिल मशीन 02 पीस, बिजली में चलने वाला लोहा काटने वाली मशीन में एक में ब्लेड लगा हुआ- 02 पीस, पुरानी लोहे की ड्रिल मशीन- 02 पीस समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं।
बालाघाट में आदिवासी इलाकों के गांवों में बच्चों की बीमारी और मौतों के बाद सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप को पद से हटा दिया गया है। इन बीमारियों में खसरा, मलेरिया, चर्मरोग और डायरिया शामिल थे। करीब 27 बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर लगातार सवाल उठ रहे थे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार देर शाम यह कार्रवाई की। डिंडौरी के वर्तमान सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय को बालाघाट का नया सीएमएचओ बनाया गया है। डॉ. मनोज पांडेय पहले भी बालाघाट के सीएमएचओ रह चुके हैं। उनके स्थान पर ही डॉ. परेश उपलप को सीएमएचओ की जिम्मेदारी मिली थी। डॉ. उपलप उनके कार्यकाल में टीकाकरण अधिकारी थे। डॉ. उपलप के कार्यकाल में आदिवासी गांवों में टीकाकरण को लेकर सवाल उठे थे। आदिवासी बच्चों की बीमारी और मौत के मामले में आईसीएमआर की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि खसरा (मीजल्स) बीमारी और मौत की एक वजह थी। अब देखना होगा कि डॉ. मनोज पांडेय अपनी नई जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं। उनके पिछले कार्यकाल में भी उन पर कई आरोप लगे थे।
मोतिहारी के सुगौली नगर स्थित श्वेता इमरजेंसी हॉस्पिटल को प्रशासन ने सील कर दिया है। अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के करीब 36 घंटे बाद बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल का संचालन बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण बीडीओ सह मजिस्ट्रेट नूतन किरण, एसीएमओ डॉ. एमए असद और सुगौली थानाध्यक्ष अनिष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों की टीम अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और जरूरी दस्तावेजों व रिकॉर्ड की जांच शुरू की। इसके बाद अस्पताल के संचालन पर रोक लगाते हुए उसे सील कर दिया गया। महिला की मौत के बाद हुआ था हंगामा मंगलवार को इसी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया था, जिसके बाद मामले में प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। लाइसेंस और सुविधाओं की होगी जांच प्रशासन ने बताया कि अस्पताल के लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि अस्पताल नियमों के अनुसार संचालित हो रहा था या नहीं। मौत के कारणों की भी होगी पड़ताल अधिकारियों का कहना है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती गई या नहीं और अस्पताल प्रबंधन ने सभी निर्धारित नियमों का पालन किया था या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या इलाज में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा में 15 कट्टा जमीन विवाद को लेकर 2 भाइयों के बीच विवाद चल रहा था। 28 अगस्त को मारपीट हुई थी। जिसमें 70 साल की लक्ष्मी यादव घायल हुए थे। इलाज के तीसरे तीन उनकी मौत हो गई। मृतक अतरबेल गांव के वार्ड नंबर-09 निवासी थे। वह पशु व्यवसाय कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें दो विवाहित और एक अविवाहित हैं। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी यादव और उनके छोटे भाई कल्येश्वर यादव उर्फ करौली यादव के बीच करीब आधा कट्ठा जमीन को लेकर आपस में विवाद चल रहा था। इसी जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मृतक की ओर से थाने में दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कल्येश्वर यादव जमीन में हिस्सा मांगता था और इसी बात को लेकर विवाद होता था। घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के अतरबेल गांव की है। चौक पर मारपीट के बाद घर में घुसकर चाकू से हमलालक्ष्मी यादव के आवेदन के अनुसार, 28 अगस्त की रात करीब 11 बजे वह अतरबेल चौक पर थे। इसी दौरान कल्येश्वर यादव वहां पहुंचा और कॉलर पकड़कर मुझे थप्पड़ मारने लगा। गला दबाने का प्रयास किया। आरोप है कि कल्येश्वर यादव पीछा करते हुए उनके घर में घुस आया और कमर से चाकू निकालकर लक्ष्मी यादव पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान चाकू उनके दाएं हाथ में लगा, जिससे गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। परिजनों के बीच-बचाव करने पर घर की महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। इलाज के बाद घर लौटे, फिर बिगड़ी तबीयतघटना के बाद परिजन घायल लक्ष्मी यादव को सिंहवाड़ा सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इसके बाद 1 सितंबर को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें दोबारा सिंहवाड़ा सीएचसी लेकर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें डीएमसीएच रेफर कर दिया। परिजन उन्हें डीएमसीएच लेकर पहुंचे, लेकिन इमरजेंसी गेट तक पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 1 सितंबर को दर्ज हुई प्राथमिकीघटना 28 अगस्त की रात की है, जबकि मामले में 1 सितंबर को सिंहवाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस के अनुसार, पहले मारपीट को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया गया था। इसी बीच घायल लक्ष्मी यादव की मौत हो गई।सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि मामले में कांड संख्या 294/26 दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
जहानाबाद में उफनी मोरहर-दरधा नदियां:एक दर्जन गांव जलमग्न; धान की फसल डूबी, सड़क पर 2 फीट पानी
जहानाबाद में लगातार हो रही बारिश के कारण जहानाबाद जिले में मोरहर और दरधा नदियां उफान पर हैं। नदियों का पानी आसपास के इलाकों में फैलने से घोसी, गोनमा और आलमपुर समेत करीब एक दर्जन गांव जलमग्न हो गए हैं। कई जगह सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के सामने घर से निकलने से लेकर बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक की परेशानी खड़ी हो गई है। आलमपुर गांव निवासी राजीव कुमार ने बताया कि गांव की आने-जाने वाली सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पानी भरने के कारण बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है। वहीं, बीमार महिलाओं को भी जान जोखिम में डालकर पानी से भरी सड़क पार करनी पड़ रही है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूबी ग्रामीण शिव लखन यादव ने बताया कि गांव के खेतों में पानी भर गया है। इससे धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रही तो धान की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। रिटायर्ड जवान की भी फसल बर्बाद होने की आशंका सेवानिवृत्त जवान मधेश्वर सिंह ने भी बताया कि उनके खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूब गई है। इससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि लगातार जलजमाव रहने से फसल को बचाना मुश्किल होगा। जलनिकासी नहीं होने से बढ़ी परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और नदी का पानी गांवों में जमा हो रहा है। इससे सड़क, घर और खेत सभी प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी नदी में पानी बढ़ने के बाद ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी। उस समय भी प्रशासन और सरकार से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप मधेश्वर सिंह ने प्रशासन पर ग्रामीणों की समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि हर साल बारिश के दौरान गांवों में जलजमाव की स्थिति बनती है, लेकिन इससे निपटने के लिए अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने और फसल नुकसान का जायजा लेकर किसानों को राहत देने की मांग की है।
मैहर जिले में लगातार बारिश के बीच जरियारी रोड पर बना करोड़ों रुपए की लागत वाला पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल का एक हिस्सा बीच से धंस गया है, जबकि उससे जुड़ी सड़क भी बीच हिस्से में नीचे बैठ गई है। पुल को नुकसान पहुंचने के बाद प्रशासन ने सावधानी के तौर पर इस रास्ते पर आवाजाही बंद कर दी है। जानकारी के अनुसार, इस पुल का निर्माण नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने करीब दो साल पहले कराया था। पुल धंसने की खबर मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारी मौके पर पहुंचे एसडीओ प्रखर कुमार, तहसीलदार आरडी साकेत और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सुरक्षा के लिए पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। बड़े वाहनों के लिए इस पर पहले से ही रोक लगाई गई थी। यह पुल जरियारी सहित आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। करीब चार हजार की आबादी के लोग इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। पुल खराब होने से ग्रामीणों के सामने आवाजाही में बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है। मौके पर पहुंचे नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के एसडीओ प्रखर कुमार ने बताया कि पुल के पिलर धंस गए हैं, जिसके कारण उसमें मोड़ आ गया है। मामले की जांच की जा रही है और इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल, प्रशासन की पहली प्राथमिकता पुल की सुरक्षा देखना और किसी भी दुर्घटना को रोकना है।
पाली शहर के नगर निकाय चुनाव में बाहरी प्रत्याशियों को टिकट दिए जाने को लेकर कई वार्डों में विरोध के सुर तेज हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने 'बाहरी प्रत्याशी वापस जाओ' के बैनर लगाकर विरोध दर्ज कराया है, वहीं कई वार्डों में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। वार्ड संख्या 26 में मीटिंग, निर्दलीय कुसुम सोनी को मिला समर्थनबुधवार शाम शहर के वार्ड संख्या 26 के लोग बाहरी प्रत्याशी के विरोध में रणनीति बनाने और एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए जुटे। हालांकि, चर्चा के दौरान व्यास कॉलोनी के निवासी यह कहते हुए बैठक बीच में छोड़ गए कि उनके क्षेत्र से कम लोग आए हैं, इसलिए उनका उम्मीदवार चुना नहीं जा सकेगा। इसके बाद मौजूद अन्य वार्डवासियों ने सर्वसम्मति से पूर्व सभापति कुसुम सोनी को समर्थन देने का फैसला किया, जो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं। इस बैठक के दौरान एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार बहादुर सिंह ने भी कुसुम सोनी के समर्थन में 3 सितंबर को अपना नामांकन फॉर्म वापस लेने की घोषणा कर दी। बीजेपी का पारंपरिक गढ़, फिर अचानक बढ़ा असंतोषवार्ड 26 में महावीर नगर, तिलक नगर, जय नारायण व्यास कॉलोनी, ईदगाह रोड, नेहरू नगर और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र शामिल हैं। इस वार्ड में कुल 3154 मतदाता हैं, जिनमें 1568 महिला और 1568 पुरुष वोटर हैं। इस वार्ड को बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में जैन समुदाय के लोग रहते हैं। इस बार यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित हुई। इसके बाद भाजपा ने वार्ड संख्या 40 के निवासी शिवजी प्रजापत को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया। पूर्व पार्षद नरेश मेहता और अन्य स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए मांग की थी कि इसी वार्ड के किसी ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को टिकट दिया जाए। बात न बनने पर पूर्व सभापति कुसुम सोनी ने निर्दलीय के रूप में पर्चा भर दिया। कांग्रेस अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतार सकीइस वार्ड से कांग्रेस अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतार सकी। नामांकन के बाद 2 सितंबर को निर्दलीय उम्मीदवार धीरेंद्र सिंह और प्रवीण शर्मा ने अपने फॉर्म वापस ले लिए। अब बहादुर सिंह के फॉर्म वापस लेने के बाद चुनावी मैदान में भाजपा के शिवप्रकाश प्रजापत, निर्दलीय कुसुम सोनी और गोपाल सिंह ही बचे हैं। स्थानीय लोगों का समर्थन मिलने के बाद इस सीट पर मुकाबला रोमांचक हो गया है। वार्ड 17 और 39 में भी 'बाहरी' का विरोधविरोध का यह सिलसिला केवल वार्ड 26 तक सीमित नहीं है। वार्ड संख्या 17 की गरीब नवाज कॉलोनी में स्थानीय निवासियों ने पोस्टर-बैनर लगाए हैं, जिन पर लिखा- 'एक ही पुकार, स्थानीय प्रत्याशी ही हमारा है, बाहरी प्रत्याशी वापस जाओ।' यहां कांग्रेस प्रत्याशी को बाहरी बताकर विरोध किया जा रहा है। इसी तरह वार्ड संख्या 39 में भी स्थानीय लोग बाहरी उम्मीदवार का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
बेमेतरा के ग्राम पंचायत तुमा के शासकीय हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य मनोज बंजारे पर नशे की हालत में स्कूल आने का आरोप है। इस मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच परमेश्वर साहू और सचिव रामकुमार चतुर्वेदी ने कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से शिकायत की है। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग की है। सरपंच परमेश्वर साहू का आरोप है कि प्राचार्य मनोज बंजारे अक्सर नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं। ग्रामीणों और विद्यार्थियों से भी उनके व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पंचायत प्रतिनिधियों का दावा है कि एक बार प्राचार्य को नशे की हालत में मौके पर पकड़ा गया था, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। प्राचार्य के व्यवहार से स्कूल का माहौल खराब सरपंच के मुताबिक, ग्रामीणों और पालकों ने कई बार प्राचार्य को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि प्राचार्य के इस व्यवहार से स्कूल का अनुशासन और पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। परमेश्वर साहू ने बताया कि इस संबंध में पहले शिक्षा विभाग में भी शिकायत की गई थी। अब कलेक्टर से शिकायत की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण स्कूल में तालाबंदी करने पर मजबूर होंगे। मामले में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा शिक्षक के आचरण और नशे की हालत में स्कूल में रहने की शिकायत मिली है। उन्होंने मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर में कल 4 घंटे तक रहेगा पावर कट:40 से ज्यादा इलाके होंगे प्रभावित; जानिए कब कहां रहेगा शटडाउन
अजमेर में गुरुवार को तकनीकी कार्य के चलते अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। टाटा पावर ने शटडाउन शेड्यूल जारी किया। इसके तहत शहर के 40 से ज्यादा इलाकों में अलग-अलग समय पर बिजली बंद रहेगी।
हिसुआ में 22 वर्षीय प्रणय कुमार भारती उर्फ पीयूष की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद बुधवार को भी लोगों का गुस्सा बरकरार रहा। राजद एमएलसी रामबली चंद्रवंशी हिसुआ पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों और मीडिया को संबोधित करते हुए अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों से एकजुट होने की अपील की। ‘यह सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे नवादा की समस्या’ रामबली चंद्रवंशी ने कहा, “संविधान का जमाना है। बड़े-बड़े बाहुबली बिल में घुस गए, ये कौन बड़ी चीज है।” उन्होंने लोगों से जागने और एकजुट होने की अपील की। एमएलसी ने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे नवादा की समस्या है। इसका समाधान पटना या गया से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर एकता बनाकर किया जा सकता है। आरोप- कई सालों से साइबर क्राइम में शामिल हैं आरोपी एमएलसी ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल आरोपी कई वर्षों से साइबर क्राइम में शामिल हैं। अब वे दिनदहाड़े मोहल्ले में पहुंचकर गोली मारकर चले जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए साजिश रच रहे हैं और अपने बचाव में झूठी कहानी बनाई जा रही है कि उन्हें भी गोली लगी है। ‘गोली लगी होती तो इतनी देर बाद बात सामने नहीं आती’ चंद्रवंशी ने कहा कि यदि आरोपियों को वास्तव में गोली लगी होती तो घटना के काफी देर बाद इस तरह की बातें सामने नहीं आतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीयूष की मौत की जानकारी सामने आने के बाद खुद को बचाने के लिए ऐसी कहानी गढ़ी जा रही है। सीएम से पूछा- ‘क्या ऐसे लोगों के लिए एनकाउंटर नहीं है?’ एमएलसी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयानों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मैं सम्राट चौधरी जी से मिलूंगा और उनसे कहूंगा कि आप एनकाउंटर और हाफ एनकाउंटर की बात करते थे। क्या ऐसे लोगों के लिए एनकाउंटर नहीं है?” उन्होंने मुख्यमंत्री को अति पिछड़ों का अंगरक्षक और संरक्षक बताते हुए कहा कि उनके रहते अति पिछड़ों पर हत्या, बलात्कार और उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सैकड़ों लोगों ने हाथ उठाकर लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में रामबली चंद्रवंशी ने मौजूद सैकड़ों लोगों को हाथ उठाकर संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पीयूष की हत्या का बदला लेने के लिए वे किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद भीड़ ने हाथ उठाकर ‘जय संविधान’ के नारे लगाए।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में एक पति ने गर्भवती पत्नी को इतना पीटा कि उसका लिवर फट गया। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। महिला 8 माह की गर्भवती थी। पेट में पल रहे नवजात की भी जन्म से पहले मौत हो गई। घटना पातालेश्वर की है। कुंडीपुरा पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान सोनिया (19) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से सिवनी की रहने वाली थी। शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान हैं। उसने आरोपी निहाल करोसिया से सालभर पहले लव मैरिज की थी। मंगलवार रात फिर हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात किसी बात को लेकर सोनिया और निहाल के बीच विवाद हुआ। इसके बाद निहाल ने सोनिया से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि सोनिया की हालत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ी। गंभीर रूप से घायल सोनिया को परिजन और स्थानीय लोग तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद गंभीर देखते हुए आपातकालीन इलाज शुरू किया। मारपीट में सोनिया के लिवर को गंभीर चोट पहुंची थी। लिवर फटने से हालत बेहद गंभीर हुई डॉक्टर्स ने बताया- महिला की स्थिति बहुत खतरनाक थी। उसका लिवर फट गया था।इसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टर्स ने उसे बचाने के लिए इलाज किया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मां और उसके अजन्मे बच्चे ने दम तोड़ दिया। महिला के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान मारपीट में सोनिया के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। चेहरे, पैर और पेट पर चोटें थीं। उसकी नाक से खून भी निकला था। गर्दन के पास भी चोट के निशान मिले हैं। इसके अलावा निजी अंगों पर भी कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद बढ़ाई जाएंगी धाराएं कुंडीपुरा थाना प्रभारी महेंद्र भगत ने बताया- आरोपी फिलहाल फरार है। उसे पकड़ने के लिए हमारी टीम लगी हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद दर्ज FIR में अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था और मारपीट की पूरी घटना कैसे हुई। पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है। उनके मुताबिक पति पहले भी सोनिया के साथ मारपीट करता था।……………………………. यह खबर भी पढ़ें 'मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए, मुझे मार डालेंगे मां', VIDEO मध्य प्रदेश के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए। परिजन ने कहा- इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, इसलिए जान चली गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पढ़ें पूरी खबर…
जमुई के किऊल-जसीडीह रेलखंड पर गिद्धौर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को एक 19 वर्षीय युवती की एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया। करीब पांच घंटे बाद मृतका की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के बानपुर निवासी तबस्सुम खातून के रूप में हुई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पोल संख्या 378/22 के पास हुई घटना हादसा गिद्धौर रेलवे स्टेशन के पास पोल संख्या 378/22 के समीप हुआ। स्टेशन प्रबंधक पप्पू गौंड ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल और झाझा जीआरपी को जानकारी दी गई। इसके बाद रेल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तबस्सुम की मौत किसी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से हुई। हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर झाझा रेल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। टोटो से स्टेशन पहुंची थी युवती प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, युवती टोटो से गिद्धौर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन पर उतरने के बाद वह तेजी से रेलवे ट्रैक की ओर गई। कुछ ही देर बाद वह ट्रेन की चपेट में आ गई। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है। बीए की छात्रा थी तबस्सुम मृतका के पिता नजरुल मियां ने बताया कि तबस्सुम बीए की छात्रा थी। वह बुधवार सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच घर से निकली थी। मां के घर लौटने पर वह नहीं मिली तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ट्यूशन वाली जगह पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। सोशल मीडिया से मिली जानकारी कुछ घंटे बाद परिजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से गिद्धौर में ट्रेन हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंचे और तबस्सुम की पहचान की। पिता ने बताया कि घर में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। झाझा रेल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
सोनीपत से सिवानी तक प्रस्तावित पावर ग्रिड लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर बुधवार को गोहाना एसडीएम कार्यालय में बैठक हुई। डीसी नेहा सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों के साथ चर्चा की गई। बैठक में पावर ग्रिड लाइन से जुड़े किसानों की आपत्तियों, सुझावों और चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पूरी बैठक अच्छे और सकारात्मक माहौल में हुई। डीसी नेहा सिंह ने किसानों के हर सुझाव और आपत्ति को ध्यान से सुना। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना से जुड़ी जानकारी भी ली। नेहा सिंह ने किसानों से आपस में बात करके समाधान निकालने को कहा। चर्चा के लिए एक हफ्ते का समय मांगा किसानों ने परियोजना से संबंधित अलग-अलग बिंदुओं पर चर्चा के लिए एक हफ्ते का समय मांगा। इस पर सहमति बन गई। एक हफ्ते बाद किसान परियोजना से जुड़े अपने सुझावों और आपत्तियों पर विचार करेंगे। इसके बाद फिर से बैठक होगी। इसमें किसानों के सुझावों और आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही आगे की कार्रवाई भी तय की जाएगी। भूमि अधिग्रहण से जुड़े विषयों के बारे में भी बताया बैठक में गोहाना के एसडीएम अंकित कुमार ने भी किसानों और पावर ग्रिड के अधिकारियों के बीच तालमेल बनाने के लिए जरूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों को परियोजना की प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विषयों के बारे में भी बताया। बैठक में शुगर मिल की निदेशक अंकिता वर्मा, नायब तहसीलदार हेमंत कुमार, पावर ग्रिड की ओर से जीएम वीरेंद्र, डीजीएम प्रमोद कुमार भगत और इंजीनियर त्रिलोकी कुमार शामिल थे। किसानों की ओर से चांद सरपंच जाजी, मनोज कुमार सरपंच, बसंत सरपंच, पवन, राजबीर, अजीत और नरेंद्र गहलावत सहित कई अन्य किसान भी मौजूद थे।
लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए सांसद या विधायक की मंजूरी के खिलाफ दायर हुई एक और याचिका
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकरण के लिए सांसद या विधायक की मंजूरी की अनिवार्य शर्त के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक और याचिका दायर हुई है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को इस पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले को 17 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और उत्तरी जिला पुलिस ने आरडब्ल्यूए व मार्केट एसोसिएशन के साथ बैठक की। बैठक में अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ई-रिक्शा से होने वाले जाम पर चर्चा हुई, जिसके लिए अब अलग ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनेगा।
दिल्ली क्राइम ब्रांच और असम पुलिस ने 'नार्को-टेरर' गठजोड़ के तहत उल्फा (आई) से जुड़े ड्रग तस्कर अपूर्व ठाकुर को नरेला से गिरफ्तार किया है।
पुरानी टोंक थाना क्षेत्र के छावनी इलाके में बुधवार शाम एक पुराने टीवीएस बाइक शोरूम में आग लग गई। शोरूम से उठता धुएं का गुबार देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त शोरूम में 10 से 12 कर्मचारी मौजूद थे। आग लगते ही सभी कर्मचारी तुरंत जान बचाकर बाहर की तरफ भागे और पुलिस व फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुरानी टोंक थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इसके करीब 15-20 मिनट बाद दमकल की दो गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया। लाखों रुपए की बाइकें जलींथाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि यह घटना शाम करीब 3:45 बजे की है। आग इतनी भीषण थी कि पूरा शोरूम धुएं से भर गया और दीवारें काली पड़ गईं। हादसे में शोरूम में रखी करीब आधा दर्जन मोटरसाइकिलें आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गईं, जिससे शोरूम संचालक को लाखों रुपए का नुकसान होने की आशंका है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंकाहादसे के बाद शोरूम के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके कारण करीब आधा घंटे तक सड़क के एक तरफ का यातायात बाधित रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैफिक को सुचारू कराया। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट जज के लगाए आरोपों पर बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ी और उनका खंडन किया। उन्होंने कहा- मीडिया और सोशल मीडिया में पिछले दिनों चल रहे घटनाक्रम के संदर्भ में यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं इन सभी आरोपों का खंडन करता हूं। न्यायाधीश एसपी शर्मा ने कहा- सभी आरोप बेबुनियाद हैं, जज साहब (जस्टिस संदीप मेहता) ने रंजिशवश लगाए हैं। मीडिया को जारी अपने पक्ष में न्यायाधीश एसपी शर्मा ने कहा- मैंने अपना पक्ष सीजेआई सूर्यकांत को भेज दिया है। मैंने जस्टिस संदीप मेहता के लिखित पत्रों में निराधार, झूठे और तथ्यहीन आरोप का खंडन प्रमाण (प्रूफ) के साथ किया है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा ने कहा- मैं मीडिया, वकील बंधुओं और अन्य से भी करबद्ध अपील करता हूं कि न्याय के सिद्धांत का मान रखते हुए सीजेआई के निर्णय तक धैर्य रखें। मैं भारतीय न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास रखता हूं। वहीं जल्द ही सही समय आने पर सीजेआई द्वारा स्वीकृती मिलने पर स्वयं मीडिया के समक्ष आ कर अपना पक्ष रखूंगा, तब तक धैर्य रखें। सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश ने लगाए थे आरोप सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को हटाने की मांग करते हुए सीजेआई सूर्यकांत को 3 लेटर लिखे थे। इसमें एसीजे पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। जस्टिस मेहता ने लिखा था कि जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा अक्सर साथी जजों को ट्रांसफर की धमकी देते हैं। खुद को CJI का करीबी बताते हैं। उन्होंने मांग की थी कि राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए। जस्टिस मेहता ने CJI को लिखा कि स्थायी न्यायाधीश की नियुक्ति के विचार की लगातार अनदेखी संस्था के हित के पूरी तरह से खिलाफ है। जस्टिस संदीप मेहता ने जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को हटाने के लिए 2, 10 और 17 अगस्त को CJI को लेटर लिखे थे। लेटर के बाद विरोध मे उतर आए थे वकील जस्टिस मेहता के लेटर सामने आने के बाद प्रदेश में जोधपुर और जयपुर हाईकोर्ट के वकील एक्टिंग सीजे के खिलाफ विरोध में उतर आए थे। जयपुर में वकीलों ने 31 अगस्त को एक्टिंग सीजे की कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन करके उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। वहीं जोधपुर हाईकोर्ट में एक्टिंग सीजे को हटाने की मांग को लेकर 6 सितंबर तक वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर रखा है। संजय के. अग्रवाल होंगे राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने 31 अगस्त को छत्तीसगढ़ के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। उनकी शपथ के बाद जस्टिस एसपी शर्मा कार्यवाहक न्यायाधीश नहीं रहेंगे। एक-दो दिन में केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ ही राष्ट्रपति भवन से उनके नियुक्ति आदेश भी जारी हो सकते हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। ये खबरें भी पढ़ें... राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को हटाने की मांग:सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश ने CJI को लिखे लेटर, कहा- जजों को ट्रांसफर की धमकी देते हैं छत्तीसगढ़ के न्यायाधीश संजय के.अग्रवाल राजस्थान-हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे:जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का सीजे बनाने की सिफारिश
सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर बेदौल के पास बुधवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। नेशनल हाईवे-77 पर सीतामढ़ी जा रही 'गिरजा' बस और मुजफ्फरपुर की ओर आ रही 'सरोवर' बस की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में गिरजा बस के चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बसों में सवार करीब 24 यात्री घायल हो गए। देखें, मौके से आई तस्वीरें… टक्कर में बस का अगला हिस्सा चकनाचूर मृतक चालक की पहचान डुमरा निवासी अजीत शर्मा के रूप में हुई है। टक्कर इतनी भीषण थी कि गिरजा बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक अजीत शर्मा स्टेयरिंग और केबिन के बीच फंस गए थे। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। गैस कटर से काटकर निकाला गया शव हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। चालक के बस में फंसे होने के कारण गैस कटर मंगाया गया। बस के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटने के बाद काफी मशक्कत से शव को बाहर निकाला गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया हादसे में घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादातर घायलों को छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ यात्रियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार भर्ती घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस जांच में जुटी, यातायात सामान्य पुलिस ने बचाव कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त बसों को हटवाकर यातायात सामान्य करा दिया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
निकाय चुनाव-2026 में दो से ज्यादा बच्चे वाले लोगों के चुनाव लड़ने पर लगी पाबंदी हटने के बाद इस बार प्रत्याशियों की तस्वीर भी बदली नजर आ रही है। कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने ऐसे 133 प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जिनके दो से पांच तक बच्चे हैं। इनमें कांग्रेस के 63 और भाजपा के 70 प्रत्याशी शामिल हैं। दोनों दलों में 7 प्रत्याशियों के 4-4 बच्चे हैं। वहीं दोनों प्रमुख दलों की सूची में 19 अविवाहित प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी की सूची में 21 प्रत्याशी 3 से ज्यादा बच्चे वाले बीजेपी ने कोटा में सभी 100 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी की सूची में 3 प्रत्याशी अविवाहित हैं। प्रत्याशियों से मिली जानकारी के अनुसार- बीजेपी के 21 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं। इनमें से एक प्रत्याशी के पांच बच्चे हैं। नियम में बदलाव के बाद ऐसे प्रत्याशियों के सामने अब दो से अधिक संतान होना चुनाव लड़ने में बाधा नहीं है। वार्ड 30 में 5 बच्चों की मां चुनाव मैदान में इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 30 से बीजेपी प्रत्याशी प्रेमलता की है। प्रेमलता बीवीरामजी योजना में मेट का काम करती है। उनके पति मुकेश पेंटर हैं। उनके पांच बच्चे हैं। अब वे नगर निगम चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं। प्रेमलता 10वीं क्लास पास हैं। कांग्रेस में 5 और भाजपा में 2 प्रत्याशी चार बच्चे वाले कांग्रेस की सूची में पांच ऐसे प्रत्याशी है जिनके चार बच्चे हैं। वहीं बीजेपी में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या 2 हैं। वहीं कांग्रेस में तीन बच्चे वाले प्रत्याशियों की संख्या 8 हैं तो वहीं बीजेपी में तीन बच्चे वाले प्रत्याशियों की संख्या 18 है। इधर, कांग्रेस में 16 कुंआरे प्रत्याशी है तो वहीं बीजेपी में 3 प्रत्याशी कुंआरे हैं। वहीं कांग्रेस में 4 ऐसे प्रत्याशी हैं जिनकी कुछ समय पहले ही शादी हुई है। वहीं बीजेपी में ऐसे 2 प्रत्याशी है। कांग्रेस और बीजेपी के चार या इससे ज्यादा संतान वाले प्रत्याशी
सीकर के दादिया थाना इलाके में 19 दिन पहले लापता हुए एक युवक का शव उसके खेत के कुएं में ही पड़ा मिला। कुएं से बदबू आने के चलते परिवार के लोग पास गए। कुएं के नजदीक ही युवक का मोबाइल पड़ा था। शाम को पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। दादिया थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। दादिया थाना SHO संजय पूनियां के अनुसार, मृतक का नाम हरेंद्र (43) निवासी गोठड़ा तगेलान है। मृतक के परिवार ने 13 अगस्त को पुलिस थाने पर गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। परिवार ने बताया था कि हरेंद्र कहीं लापता हो गया। मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस टेक्निकल सोर्सेज के आधार पर हरेंद्र का पता लगा रही थी। कुएं से बदबू आई तो शव मिला इसी बीच बुधवार को हरेंद्र के परिजनों को कुएं से बदबू आने लगी। जब लोग कुएं के पास गए तो हरेंद्र का मोबाइल स्विच ऑफ पड़ा मिला। इसके बाद कुएं में देखा तो अंदर हरेंद्र का शव था। इसे पुलिस की मौजूदगी में बाहर निकाला गया। फिर शव को एसके अस्पताल लाया गया। जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। जानकारी के अनुसार हरेंद्र अविवाहित था। जिस कुएं में शव मिला वह कुआं भी लंबे समय से बंद था। ऐसे में कुएं के पास लोगों की आवाजाही कम ही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के हकीकत कारणों का पता चल पाएगा।
बदले रूट से चलेगी रणथंभौर एक्सप्रेस:दिल्ली सराय-जोधपुर एक्सप्रेस होगी रेगुलेट; जानिए कहां पर रुकेंगी
रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 15 अक्टूबर को बदले हुए रूट से चलेगी। यह ट्रेन निर्धारित मार्ग के बजाय जयपुर, दौसा, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर होकर इंदौर जाएगी। ट्रेन का दौसा और गंगापुर सिटी स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। जयपुर मंडल के देवपुरा-सवाई माधोपुर स्टेशनों के बीच ब्रिज पर आरसीसी बॉक्स लॉन्चिंग कार्य के चलते भगत की कोठी-इंदौर रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एक-एक ट्रिप परिवर्तित रूट से संचालित की जाएगी। ये रहेगा रूट जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार ट्रेन संख्या 12466 भगत की कोठी-इंदौर रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 15 अक्टूबर को भगत की कोठी से रवाना होगी। यह ट्रेन निर्धारित मार्ग के बजाय जयपुर-दौसा-गंगापुर सिटी-सवाई माधोपुर होकर इंदौर जाएगी। परिवर्तित मार्ग में ट्रेन का दौसा और गंगापुर सिटी स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 12465 इंदौर-भगत की कोठी रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी 15 अक्टूबर को इंदौर से रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन सवाई माधोपुर-गंगापुर सिटी-दौसा-जयपुर के परिवर्तित मार्ग से संचालित होकर भगत की कोठी पहुंचेगी। इस दिशा में भी ट्रेन का गंगापुर सिटी और दौसा स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। अजमेर-चंदेरिया स्टेशन के बीच कार्य के चलते 2 ट्रेन का बदला रूट अजमेर मण्डल के अजमेर-चंदेरिया रेलखण्ड पर झड़वासा-बान्दनवाडा व सिंगावल स्टेशनों के मध्य दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत नॉन इण्टरलॉकिंग ब्लॉक लिया जा रहा है। ब्लॉक के कारण ये ट्रेन बदले रूट से चलेंगी। मार्ग परिवर्तित ट्रेन (प्रारम्भिक स्टेशन से) दिल्ली सराय-जोधपुर एक्सप्रेस चूरू स्टेशन पर 30 मिनट रेगुलेट रहेगी रेलवे द्वारा रतनगढ़-चूरू रेलखंड के रतनगढ़ एवं मोलीसर स्टेशनों पर तकनीकी कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण निर्धारित ट्रेन को रेगुलेट किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि गाड़ी संख्या 22482, दिल्ली सराय–जोधपुर एक्सप्रेस 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सराय से प्रस्थान करेगी तथा चूरू स्टेशन पर 30 मिनट रेगुलेट रहेगी।
बिजनौर में करीब ढाई साल पहले ई-रिक्शा लूटने के बाद चालक की हत्या करने के मामले में अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत मित्तल की अदालत ने जावेद और जाकिर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, चोरी की ई-रिक्शा की खरीद-फरोख्त के मामले में उनके तीसरे साथी फैसल को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई। अदालत ने दोषियों पर कुल 76 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। घर से ई-रिक्शा लेकर निकले थे राजेश एडीजीसी आमोद त्यागी के मुताबिक घटना नहटौर थाना क्षेत्र की है। 18 अप्रैल को दोपहर करीब दो बजे मोहल्ला नौधा निवासी राजेश सैनी ई-रिक्शा लेकर घर से निकले थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर उनके भाई और बच्चों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 19 अप्रैल को राजेश सैनी का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कर्ज चुकाने के लिए बनाई लूट की योजना जांच के दौरान पुलिस को जावेद पुत्र अनवर निवासी मोहल्ला काजियान, जाकिर पुत्र अल्लाह दिया निवासी ग्राम बैरम नगर और फैसल पुत्र एहसान निवासी सराय कोना, अमरोहा की भूमिका का पता चला। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर काफी कर्ज था और उसे चुकाने में परेशानी हो रही थी। इसी के चलते उन्होंने ई-रिक्शा लूटने की योजना बनाई। जांच में शानू नामक युवक के बयान भी दर्ज किए गए। शानू ने पुलिस को बताया कि जावेद अपने साथी जाकिर के साथ ई-रिक्शा बेचने के लिए उसके पास आया था, लेकिन उसने रिक्शा खरीदने से इनकार कर दिया। निशानदेही पर बरामद हुई ई-रिक्शा पुलिस पूछताछ में जावेद और जाकिर ने अपराध स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर लूटी गई ई-रिक्शा बरामद की गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई, जिसमें दोनों आरोपी धामपुर के पहाड़ी दरवाजा इलाके में ई-रिक्शा ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचना पूरी करने के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने जावेद और जाकिर को हत्या और लूट के मामले में दोषी पाया और दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं चोरी की ई-रिक्शा की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में फैसल को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई। अदालत ने दोषियों पर 76 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सुपौल के रतनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर पंचायत के वार्ड संख्या-9 में बुधवार देर शाम घर में बिजली की खराबी ठीक करने के दौरान करंट लगने से 35 वर्षीय निजी शिक्षक श्रवण कुमार सागर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतक राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंच गए। घर में बिजली ठीक करते समय लगा करंट परिजनों के अनुसार, श्रवण कुमार सागर निजी शिक्षक थे। बुधवार को उनके घर की छत ढलाई का काम पूरा हुआ था। इसके बाद वे घर में बिजली की खराबी ठीक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली के संपर्क में आने से उन्हें जोरदार करंट लग गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले गए परिजन करंट लगने के बाद गंभीर हालत में परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए राघोपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. ललिता कुमारी ने जांच के बाद श्रवण कुमार सागर को मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ऑनलाइन क्लास को तैयार कर रहे थे सेटअप बताया गया कि श्रवण कुमार घर की छत ढलाई का काम पूरा होने के बाद वहां ऑनलाइन क्लासेज के लिए सेटअप तैयार करने की तैयारी में थे। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वे घर की बिजली व्यवस्था ठीक कर रहे थे। इसी क्रम में यह दर्दनाक हादसा हो गया। 3 मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया श्रवण कुमार सागर अपने पीछे पत्नी सोनम कुमारी और तीन मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी योग्यता कुमारी करीब 6 वर्ष की है। वहीं आकांक्षा और अर्पिता जुड़वां बेटियां हैं, जो अभी काफी छोटी हैं। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से पत्नी और तीनों बेटियों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में शोक, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। बुधवार देर शाम रतनपुर थाना अध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बरेली कैंटोनमेंट क्षेत्र के बाशिंदों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने के लिए बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड ने एक बड़ी पहल शुरू की है। बोर्ड ने रुहेलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर (RLRC) के साथ मिलकर पानी की वैज्ञानिक निगरानी का जिम्मा संभाला है। इस साझेदारी का सीधा मकसद न केवल घरों तक पहुंचने वाले पानी की नियमित लैब जांच सुनिश्चित करना है, बल्कि पूरे इलाके के जलस्रोतों की सेहत सुधारना भी है। यह पूरा कदम “नाथ गंगा परियोजना” का हिस्सा है, जिसके तहत ऐतिहासिक नकटिया नदी के पुनर्जीवन, स्वच्छता और जल संरक्षण पर काम तेज कर दिया गया है। नौ अलग-अलग इलाकों से जुटाए गए पानी के नमूनेअभियान की शुरुआत में आरएलआरसी की तकनीकी और वैज्ञानिक टीम ने तय मानकों का पालन करते हुए कैंटोनमेंट क्षेत्र के 9 अहम स्थानों से पानी के सैंपल एकत्र किए। जांच के लिए एकत्र किए गए नमूनों में ट्रेंचिंग ग्राउंड से भूजल व टैंक का पानी, थिरिया पुल और धोपा मंदिर के पीछे से नकटिया नदी का जल, धोपा मंदिर के पास तालाब का पानी, कैंटोनमेंट बोर्ड दफ्तर में सीईओ डॉ. तनु जैन के कार्यालय का नल का पानी, सदर क्षेत्र की ओवरहेड टंकी का पानी, आरएन टैगोर जूनियर हाई स्कूल के पास सीएफ आवास संख्या 70 तथा बीआई बाजार स्थित सीएफ आवास का पानी शामिल है। लैब रिपोर्ट के बाद तय होंगे सुधारात्मक कदमएकत्र किए गए सभी नमूनों की आरएलआरसी की अत्याधुनिक लैब में भौतिक और रासायनिक मानकों पर गहन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद पानी की मौजूदा स्थिति का सही आकलन हो सकेगा। यदि किसी क्षेत्र के पानी में मानक स्तर से अंतर पाया गया, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और नियमित मॉनिटरिंग की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पर्यावरण और नदी संरक्षण को समग्र विकास से जोड़ाकैंटोनमेंट बोर्ड ने इस कवायद को सिर्फ नलों के पानी तक सीमित न रखकर व्यापक पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा है। नाथ गंगा परियोजना के तहत नकटिया नदी को प्रदूषण मुक्त कर उसकी अविरल धारा लौटाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही हरित पट्टी के विस्तार, बड़े पैमाने पर पौधारोपण और जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। आरएलआरसी प्रबंधन ने सीईओ डॉ. तनु जैन की इस पहल का स्वागत करते हुए पूरे मिशन में तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद सभा स्थल पर कथित शुद्धिकरण को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके विरोध में बुधवार शाम मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने और हल्द्वानी की घटना पर कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस का आरोप है कि हल्द्वानी में खड़गे की सभा के बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण किया गया। पार्टी ने इसे जातिगत भेदभाव से जुड़ा बताते हुए आपत्ति जताई है। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा कि हल्द्वानी की घटना अनुसूचित जाति समाज के सम्मान से जुड़ा मामला है। पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 17 का जिक्र करते हुए कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया और उसे रद्द करने की मांग की गई। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से इस मामले में दखल देने और संबंधित प्रशासन को जरूरी निर्देश देने की भी मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नारेबाजी करते हुए SP कार्यालय पहुंचने के बाद एडिशनल एसपी को बाहर आने में करीब 10 मिनट का समय लगा। इस दौरान ASP ने नारेबाजी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कार्यालय की मर्यादा बनाए रखने की बात कही। इस पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे काफी देर से ज्ञापन देने के लिए इंतजार कर रहे हैं। ASP ने उनसे ज्ञापन देने को कहा। इसी दौरान कांग्रेस नेता मनजीत सिंह मनी ने कार्यकर्ताओं से नारे लगाने की बात कही। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तेज़ी से भारत माता की जय, राहुल गांधी जिंदाबाद और कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए। नारेबाजी बढ़ने पर ASP ने कार्यालय के भीतर जाने का रुख किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने और तेज नारेबाजी शुरू कर दी और देश का नेता कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो के नारे लगाते हुए कार्यालय के बाहर बैठ गए।्र ASP बोले- राजनीति ऑफिस के बाहर करेप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है जैसे नारे भी लगाए। इसके बाद ASP ने दोबारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ज्ञापन देने को कहा। इस दौरान कांग्रेसजनों ने कहा कि वे करीब 20 मिनट से इंतजार कर रहे हैं। ASP ने जवाब दिया कि वे ज्ञापन लेने के लिए ही आए हैं और कार्यकर्ताओं से ज्ञापन देने को कहा। इसी दौरान एक कांग्रेस नेता ने ASP से कहा कि वे जिले के सबसे ईमानदार अधिकारी हैं, लेकिन उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।ASP ने इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति आप ऑफिस के बाहर कीजिए। इसके बाद ज्ञापन का वाचन किया गया और ASP ने ज्ञापन प्राप्त किया। कांग्रेस नेता बोले- खड़गे के साथ हुआ घटनाक्रम अपमानजनक कांग्रेस नेता दीपक सिंह गुर्जर ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुआ कथित शुद्धिकरण कांग्रेस के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि उस घटना की भी जांच होनी चाहिए और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लिया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने खड़गे के सम्मान और दलित समाज के सम्मान का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस इस पूरे मामले की निंदा करती है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूदप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता दीपक सिंह गुर्जर, मनजीत सिंह मनी, जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष कन्हैया लाल सिसोदिया, मंथन धनोतिया, वाहिद जैदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भोपाल देवास मार्ग पर टोल वसूली व्यवस्था की आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर बैरियर लेस टोलिंग की शुरुआत की गई है। यहां से गुजरने वाला वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हुए भी टोल प्लाजा को पार कर सकेगा। इससे टोल प्लाजा पर बूम बैरियर के कारण होने वाली अनावश्यक ब्रेकिंग और समय की बर्बादी से निजात मिलेगी। एमपीआरडीसी ने फंदा बैरियर पर फिलहाल एक लेन में बैरियर लेस टोलिंग सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। प्रयोग सफल रहा तो भोपाल देवास मार्ग पर तीनों टोल प्लाजा पर सभी लेन में एक जनवरी 2027 से इसे लागू किया जाएगा। एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था में फंदा टोल बैरियर पर वाहन को टोल शुल्क चुकाने के लिए रुकने की आवश्यकता नहीं होगी और टोल लेन में पारंपरिक बैरियर या टोल संग्रह के लिए मैनपावर की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। नई तकनीकी का उपयोग शुरू होने के बाद यहां से तेज गति से चलते हुए भी वाहनों की स्वतः पहचान, वर्गीकरण व फास्टैग विवरण के आधार पर टोल राशि की वसूली की जा सकेगी। वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हुए भी टोल प्लाजा को पार कर सकेगा। इससे टोल प्लाजा पर बूम बैरियर के कारण होने वाली अनावश्यक ब्रेकिंग और समय की बर्बादी से निजात मिलेगी। फास्टैग में गड़बड़ी होने पर ई-चालान यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और वाहन का पंजीकरण नंबर गलत दर्ज है या किसी अन्य तकनीकी कारण से टोल राशि तत्काल प्राप्त नहीं हो पाती है, तो संबंधित वाहन को ई-चालान के माध्यम से टोल राशि की सूचना दी जाएगी। इसके बाद तीन दिन की अवधि में राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार पेनल्टी सहित वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आधुनिक सिस्टम के ये होंगे फायदे बैरियर-लेस टोलिंग का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि वाहन को टोल प्लाजा पर बूम बैरियर पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रा समय की बचत, ईंधन की बचत और यातायात के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी। साथ ही टोल संग्रह प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से संचालन एवं मैनपावर लागत में कमी आएगी। वर्तमान में फंदा टोल प्लाजा की एक लेन में इस व्यवस्था का पायलट परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के सफल परिणाम आने के बाद इस प्रक्रिया को 1 जनवरी 2027 से भोपाल–देवास मार्ग के तीनों टोल प्लाजा की सभी लेनों में लागू करने की योजना है। इससे वाहन टोल प्लाजा पर रुके बिना निर्बाध गति से आवागमन कर सकेंगे। यूरोप, जर्मनी जैसे देशों में इस्तेमाल हो रही तकनीक यह तकनीक यूरोप, जर्मनी सहित कई विकसित देशों में पहले से ही उपयोग में है। भारत में भी कुछ नए एक्सप्रेसवे में इस आधुनिक टोलिंग प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसी सड़क पर इस प्रकार की बैरियर-लेस टोलिंग व्यवस्था का यह पहला नवाचार है। नई तकनीक से ऐसे कटेगा पैसा इस लेन में FASTag/RFID रीडर, हाई-रिजॉल्यूशन ANPR कैमरे, वाहन डिटेक्शन एवं क्लासिफिकेशन सेंसर, लेन कंट्रोलर तथा ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सिस्टम लगाए जाते हैं। जब कोई वाहन इस लेन से गुजरता है, तो सिस्टम फास्टैग को स्वतः रीड कर वाहन की पहचान करता है और निर्धारित टोल राशि की गणना कर उसे फास्टैग खाते से काटने की प्रक्रिया पूरी करता है। इस प्रक्रिया के दौरान वाहन को रुकने की आवश्यकता नहीं होती। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल बायपास पर सरकार ने वसूला 270 करोड़ का टोल भोपाल बायपास पर मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2019 से लेकर अक्टूबर 2025 तक 270.29 करोड़ रुपए का टोल टैक्स वसूला है। नेशनल हाईवे 12 पर स्थित यह 52 किलोमीटर लंबा बायपास निवेशक कंपनी ट्रॉन्सट्राय प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया था। खास बात यह है कि रखरखाव नहीं होने के चलते बीते अक्टूबर महीने में यही सड़क धंस गई थी। जिसने जमकर सुर्खियां बटोरी थीं। इससे पहले, टोल का संचालन करने वाली कंपनी ने कलेक्शन को कम दिखाकर स्क्रू अकाउंट में पैसा जमा नहीं किया था।पूरी खबर पढ़ें

