सोनीपत जिले के मुरथल स्थित NH-44 पर ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र नागे बाबा मंदिर आज एक बड़े धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नागे बाबा के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत करने के लिए सोनीपत पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक हर स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।नागे बाबा मंदिर में पहुंचेंगे सीएम योगीउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मुरथल स्थित नागे बाबा मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने की व्यापक तैयारियांमुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।नागे बाबा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। यातायात और पार्किंग के लिए ऑप्शनल रूट प्लानकार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए ऑप्शनल रूट प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।मंदिर परिसर में स्वच्छता, पेयजल, बिजली आपूर्ति, मेडिकल सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त किया गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।श्रद्धालुओं और संतों की बड़ी मौजूदगी की संभावनाकार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसे देखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम से पहले और दौरान पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
हरियाणा के तीन नगर निगमों पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में मेयर पद जनरल कैटेगरी में रहेगा या रिजर्व होगा, इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इस पर फैसला आज लॉट ऑफ ड्रॉ के जरिए होगा। इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल इसी महीने में समाप्त हो चुका है। नियमों के अनुसार, तीनों में से किसी एक नगर निगम का मेयर पद बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी के लिए रिजर्व किया जाएगा। इसके लिए अब तीसरी बार ड्रॉ रखा गया है। इससे पहले 1 दिसंबर और 15 दिसंबर को ड्रॉ की तारीख तय की गई थी, लेकिन दोनों बार इसे टालना पड़ा। नगर निगमों के साथ छह निकायों में उपचुनाव भी होंगे। इनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। इन निकायों में एक-एक वार्ड पार्षद के चुनाव होंगे। राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तैयारी में जुटा नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय में भी हलचल है। आयुक्त भी कर्मचारियों के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। सभी जगह से वोटर संख्या भी राज्य चुनाव आयोग ने मांगी है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने इन सभी स्थानों पर ईवीएम से वोटिंग के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी है। निगमों का कब हुआ कार्यकाल पूरा पंचकूला नगर निगम का 5 वर्ष का कार्यकाल इसी माह 4 जनवरी को पूरा हुआ है, जबकि सोनीपत नगर निगम का 6 जनवरी और अम्बाला नगर निगम 13 जनवरी को कार्यकाल पूरा हुआ है। यहां फिलहाल प्रशासक नियुक्त किए हुए हैं। मेयर सीट के आरक्षण पर उठे सवाल पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार का कहना है कि मेयर पद के लिए ड्रा की प्रक्रिया ठीक नहीं है, क्योंकि राज्य की 11 नगर निगमों में मेयर के लिए एक साथ ड्रा के साथ सीटें आरक्षित होनी चाहिए। इससे पहले दिसंबर 2016 में प्रदेश की सभी तत्कालीन 10 नगर निगमों के लिए एक साथ ड्रा हुआ था। तब सभी नगर निगमों के आम चुनाव एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कराए गए थे। फरीदाबाद नगर निगम के जनवरी 2017 में, गुरुग्राम नगर निगम के सितंबर 2017 में, जबकि पांच नगर निगम हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक और यमुनानगर के दिसंबर, 2018 में चुनाव हुए थे। तीन नगर निगम अंबाला, पंचकूला और सोनीपत के दिसंबर 2020 में कराए गए थे। आईएएस ट्रांसफर बना देरी की वजह ड्रॉ टलने की मुख्य वजह हाल ही में हुई प्रशासनिक फेरबदल रही। हरियाणा सरकार ने 20 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें 2009 बैच के आईएएस पंकज कुमार का भी ट्रांसफर हुआ, जो उस समय अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर थे। उनकी जगह 2006 बैच के आईएएस अशोक मीणा को नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया। चूंकि ड्रॉ डायरेक्टर यूएलबी की देखरेख में होना था, इसलिए दोनों बार प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा। बैकवर्ड क्लास-बी के लिए रिजर्व होगी एक सीट तीनों नगर निगमों में से किसी एक का मेयर पद बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी के लिए रिजर्व किया जाएगा। इस वर्ग में अहीर/यादव, गुर्जर समेत कई जातियां शामिल हैं। राजनीतिक दलों ने इस वर्ग से आने वाले संभावित उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। फिलहाल पंचकूला नगर निगम का मेयर पद जनरल कैटेगरी के लिए आरक्षित है, जहां कुलभूषण गोयल मेयर हैं।
गुरुग्राम में देश के प्रतिष्ठित मेदांता दी मेडीसिटी अस्पताल में किडनी डोनेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने लोगों को ठग रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक किडनी डोनेट के बदले तीन करोड़ रुपए देने का लालच देकर ठगी के मामले का खुलासा हुआ है। मेदांता अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डॉ. संजय दुरानी की शिकायत पर सदर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है।पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार प्रिया संतोष नाम की एक महिला खुद को डॉक्टर बता कर लोगों को ठगने का काम कर रही है। यह महिला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी वेबसाइटों और व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से लोगों से संपर्क करती है। अस्पताल की फर्जी वेबसाइट भी बना रखी विज्ञापन में दावा किया जाता है कि मेदांता अस्पताल को किडनी की सख्त जरूरत है और जो व्यक्ति अपनी किडनी दान करेगा, उसे अस्पताल की ओर से तीन करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इन्होंने मेदांता अस्पताल के लोगो और नाम का अवैध रूप से इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है। महिला ने खुद को अस्पताल की डॉक्टर के रूप में पेश कर फर्जी कर्मचारी आईडी (स्टॉफ आईडी: 1484628डब्ल्यू) का भी उपयोग किया, ताकि लोग आसानी से झांसे में आ सकें।ऐसे पता चली ठगों की करतूतपांच दिन पहले प्रतीक्षा पुजारी नाम की एक महिला ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। प्रतीक्षा ने अस्पताल को एक ई-मेल भेजकर बताया कि सोशल मीडिया पर किडनी दान के विज्ञापन को देखकर उसने संपर्क किया था। अस्पताल की डॉक्टर प्रिया संतोष ने उससे पंजीकरण शुल्क के रूप में आठ हजार रुपए लिए हैं। 20 हजार और मांगने पर शक हुआ इसके बाद, ठगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसे तीन करोड़ रुपए की राशि जारी की जा रही है, लेकिन इसके बदले उसे 20 हजार रुपए और जमा करने होंगे। जब महिला को शक हुआ और उसने अस्पताल में पड़ताल की। अस्पताल की जांच में सामने आया कि प्रिया संतोष नाम की कोई डॉक्टर अस्पताल में नहीं है और उसके द्वारा दी गई स्टॉफ आईडी भी फर्जी है। मेदांता की छवि बिगाड़ने की साजिश डॉ. संजय दुरानी ने पुलिस को बताया कि आरोपी महिला द्वारा इस्तेमाल किया गया नाम, स्टाफ आईडी और व्हाट्सऐप नंबर पूरी तरह फर्जी हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी प्रकार के अवैध अंग व्यापार या ऐसी किसी वेबसाइट का संचालन नहीं करते हैं। यह एक संगठित साइबर गिरोह का काम है जो न केवल लोगों को आर्थिक चपत लगा रहा है, बल्कि अस्पताल की छवि को भी धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।पुलिस जांच कर रहीसदर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी प्रिया संतोष और उसके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ या जाएगा।
पंजाब के जालंधर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौ-तस्करी के एक संदिग्ध मामले का भंडाफोड़ किया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से जम्मू-कश्मीर की ओर जा रहे एक ट्रक को पठानकोट चौक के पास घेराबंदी कर रोका गया। इस ट्रक में क्रूरतापूर्वक गायों को भरकर ऊपर से तिरपाल से ढका गया था ताकि किसी को शक न हो। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद ट्रक और उसमें सवार व्यक्तियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। जालंधर का पठानकोट चौक उस समय हंगामे का केंद्र बन गया जब हिंदू संगठनों के सदस्यों ने एक संदिग्ध ट्रक को बीच सड़क पर रोक लिया। कार्यकर्ताओं को पहले से ही इनपुट मिले थे कि यूपी नंबर का एक ट्रक प्रतिबंधित पशुओं को लेकर पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर की ओर कूच कर रहा है। जैसे ही ट्रक चौक के पास पहुँचा, कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ियों से उसे घेर लिया। ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद युवाओं ने उसे सफल नहीं होने दिया। तिरपाल के नीचे छिपा था काला सच जब ट्रक को रोक कर उसकी तलाशी ली गई, तो स्थिति बेहद भयावह थी। ट्रक के ऊपर बड़ी ही चालाकी से नीले रंग का तिरपाल बांधा गया था ताकि बाहर से देखने पर यह सामान्य माल वाहक वाहन लगे तिरपाल हटाते ही अंदर भारी संख्या में गायें लदी हुई पाई गईं। इन बेजुबान जानवरों को ट्रक के भीतर बहुत ही बुरी स्थिति में बांधकर रखा गया था। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इन गायों को मेरठ से लाया गया था और इन्हें तस्करी के जरिए जम्मू-कश्मीर ले जाने की योजना थी। पुलिस की भूमिका और कानूनी प्रक्रिया ट्रक को काबू करने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और उसमें मौजूद लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन पशुओं के परिवहन के लिए कोई वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए। फिलहाल, पुलिस द्वारा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सेक्टर-150 स्पोर्टस सिटी प्लाट नंबर एससी-02/150 तारीख 16-17 जनवरी की रात नोएडा में युवराज मेहता की कार एक 70 फुट गहरे, पानी भरे बेसमेंट में दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गई। जहां वे कुछ देर तक जिंदा रहे और मदद के लिए आवाज देते रहे। यह गड्ढा एक निर्माणाधीन साइट का अंडरग्राउंड बेसमेंट था, जिसके चारों ओर कोई बैरिकेड, रिफ्लेक्टर्स या चेतावनी संकेत नहीं थे। यहां तक कि कई साल से यह गड्ढा इसी स्थिति में था, जिससे स्थानीय निवासियों ने पहले भी शिकायतें की थीं। मुख्य घटना के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और पिता के बयान के अनुसार, युवराज ने कार के पानी में डूबने से पहले अपने पिता को फोन किया और अपनी स्थिति बताई। पिता ने तुरंत 112 पर कॉल की और मौके पर पहुंचे, लेकिन भारी कोहरे और अंधेरी स्थिति के कारण मदद मौके पर पहुंचने के बावजूद प्रभावी बचाव नहीं हो पाया। इन बिंदुओं पर एसआईटी की टीम कर सकती है फैक्ट फाइडिंग। SIT फैक्ट फाइंडिंग-1घटना के समय कंट्रोल रूम/वार रूम को चेतावनी तुरंत मिली थी और पुलिस लगभग 9 मिनट में पहुंच गई, उसके बाद फायर ब्रिगेड लगभग 30 से 45 मिनट में, SDRF 71 मिनट में, और NDRF करीब 2 घंटे बाद मौके पर पहुंचा। लेकिन इन टीमों के पास विशेष डाइवर्स, उचित उपकरण या 70 फीट लंबी क्रेन आदि नहीं थे, जिससे वे गहरे जल में उतरकर युवराज तक पहुंच न सके। पुलिस और राहत कर्मी लगातार यह बताते रहे कि कोहरा, गहरे पानी और निर्माण सामग्री की स्थिति ने बचाव को और कठिन बना दिया, जबकि युवराज कार की छत पर लगभग 80 मिनट तक जीवित रहा और सहायता के लिए चिल्लाता रहा। लेकिन उपलब्ध संसाधनों की कमी, वहां प्रशिक्षित डाइवर्स का अभाव और रणनीतिक योजना की कमी के कारण उसे समय पर निकाला नहीं जा सका। SIT फैक्ट फाइंडिंग-2 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसे पांच दिनों में एक विस्तृत रिपोर्ट देना है। जांच के दो दिन पूरे हो चुके है। SIT को यह जांचने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि: SIT फैक्ट फाइंडिंग -3 SIT फैक्ट फाइंडिंग-4 युवराज की कार अंततः 91 घंटे बाद निकाली गई, और उसके टूटे विंडशील्ड तथा खुली सन रूफ जैसी तकनीकी सबूत भी SIT द्वारा जांचे जा रहे हैं। इस मामले ने न केवल स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, बल्कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, कंट्रोल रूम प्रोटोकॉल और टीम ट्रेनिंग की मौलिक कमजोरियों को उजागर किया है। एसआईटी को इनसे मिलेगी मदद
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने पटवारी भर्ती से जुड़े एक मामले में अहम व्यवस्था दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी महिला की शादी विवाह योग्य उम्र से पहले हुई थी, तो भी उसे विधवा कोटे के आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट ने राजसमंद के नाथद्वारा निवासी प्रीति गुर्जर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कर्मचारी चयन बोर्ड और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि वे जनरल-विडो कैटेगरी में एक पद याचिकाकर्ता के लिए खाली रखें। 31 दिसंबर को रद्द कर दी थी उम्मीदवारी मामले के अनुसार, प्रीति गुर्जर ने पटवारी भर्ती के लिए ओबीसी और जनरल-विडो कैटेगरी में आवेदन किया था। भर्ती परीक्षा में मेरिट में आने पर चयन बोर्ड ने उन्हें प्रोविजनल लिस्ट में शामिल कर लिया। लेकिन, 31 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी गई। अधिकारियों का तर्क था कि शादी के समय याचिकाकर्ता की उम्र विवाह योग्य कानूनी उम्र से कम थी, इसलिए उन्हें विधवा कोटे का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट की टिप्पणी- शादी को चुनौती नहीं दी तो वह वैध याचिकाकर्ता के वकील ने इस फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की। कोर्ट ने कहा, अधिनियम की धारा 5(iii) के तहत दुल्हन के लिए 18 वर्ष और दूल्हे के लिए 21 वर्ष की उम्र तय है। धारा 12 के अनुसार, इस नियम का उल्लंघन होने पर शादी 'शून्यकरणीय' होती है, यानी इसे रद्द करवाया जा सकता है। लेकिन यह तभी संभव है जब कम उम्र में शादी करने वाला पक्ष खुद इसे चुनौती दे। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा- मौजूदा मामले में चूंकि शादी को कभी चुनौती नहीं दी गई, इसलिए इसे सभी उद्देश्यों के लिए वैध माना जाएगा। नतीजतन, शादी के समय की उम्र का विधवा आरक्षण की पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता। विज्ञापन में ऐसी कोई शर्त नहीं कोर्ट ने भर्ती विज्ञापन की शर्तों का भी अवलोकन किया। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि विज्ञापन की शर्तों को देखने से यह कहीं भी नहीं झलकता कि यदि कोई विधवा विवाह के समय कम उम्र की थी, तो वह अयोग्य होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की, आरक्षण का लाभ लेने के लिए एकमात्र शर्त यह है कि महिला विधवा होनी चाहिए, इसके अलावा कोई और शर्त नहीं है। कोर्ट ने माना कि प्रतिवादी सरकार और बोर्ड का तर्क प्रथम दृष्टया सही नहीं है। कोर्ट ने राजस्व विभाग सचिव और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।
‘मेरी छोटी बहन अपने पसंद के लड़के से शादी कर रही थी। हम लोग राजी थे, लेकिन लड़के वाले दहेज में चार लाख रुपये मांग रहे थे। पापा ने हम लोगों की शादी के लिए जो पैसा बचाकर फाइनेंसर को दिया था, वो रुपया वापस मांग रहे थे। लेकिन फाइनेंसर टाल मटाेल कर रहा था। लड़के वाले 20 जनवरी तक पैसा देने का दबाव बना रहे थे। इसको लेकर घर में झगड़ा हुआ था। पापा ऊपर से तो शांत थे लेकिन अंदर ही अंदर वो पैसों का लेकर तनाव में थे। सोमवार दोपहर को फिर झगड़ा हुआ और फिर पापा ने एक एक कर मां, बहन दादी और बाबा को मार दिया। , ये कहना है कि एटा की 23 साल की लक्ष्मी का। लक्ष्मी के हंसते खेलते परिवार में अब सिर्फ दो लोग बचे हैं। एक लक्ष्मी और और दूसरा उसका पांच साल का भाई देवांश। हत्यारोपी पापा जेल में है। जिस घर में चार हत्याएं हुईं, लक्ष्मी अब उस घर में जाने से डर रही हैं। लिहाजा वो अपने मासूम भाई के साथ अपनी बुआ के घर चली गई। लक्ष्मी ने हत्याकांड के पीछे की पूरी कहानी बताई, पढ़िए... पहले एक नजर पूरे मामले पर एटा में कोतवाली नगर क्षेत्र के नगला प्रेमी मोहल्ले में सोमवार को दिनदहाड़े दवा कारोबारी कमल शाक्य ने बुजुर्ग माता-पिता गंगा सिंह (75), श्यामा देवी (70) और पत्नी रत्ना देवी (45) व बेटी ज्योति (22) की सिर कूचकर हत्या कर दी। कारोबारी की मां फर्श पर पड़ी तड़प रही थीं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कमरे में जहां लाशें पड़ी थीं, वहां खून से सनी इंटरलॉकिंग वाली ईंट पड़ी थी। इसी ईंट से सभी के सिर कूचे गए थे। वारदात को दोपहर एक से 2 बजे के बीच अंजाम दिया गया। 5 साल का बेटा देवांश स्कूल से लौटा तो उसने लाशें देखीं। एक बजे के आसपास कमल अपने मेडिकल स्टोर से खाना खाने घर आया था। दुकान पर बड़ी बेटी लक्ष्मी को बिठाकर आया था। आगे की कहानी लक्ष्मी की जुबानी एटा शहर में गंगा प्रसाद अपने बेटे कमल के साथ मेडिकल स्टोर चलाते थे। पिछले दो साल से वो बेड रेस्ट पर थे। उन्हें कैंसर हो गया था। जिसका इलाज चल रहा था। पूरा परिवार एक साथ रहता था। पिछल साल छोटी बहन ज्योति ने अपने प्यार के बारे में बताया। ज्योति ने एमए के बाद एटा में कोचिंग की। तभी उसका चंडीगढ़ के अनुराग सक्सेना से अफेयर हो गया। अनुराग ठेकेदारी करते हैं। अफेयर के बाद वो नोएडा में तीन साल तक बैंक में जॉब करती रही। जब दोनों में शादी क बात हुई तो वो नोएडा से पिछले साल अक्टूबर में जाॅब छोड़कर घर आ गई थी। उसने हम लोगों को ये बात बताई तो पहले तो पापा नाराज हुए लेकिन बहन की जिद के आगे मान गए। लव को हम लोगों ने अरेंज मैरिज करने का प्लान बनाया। ज्योति की शादी की तारीख 11 फरवरी तय हुई। हम लोग शादी की तैयारियों में लग गए। अचानक लड़के वालों ने मांगे 4 लाख रुपये लक्ष्मी ने बताया– मेरे पापा छोटी बहन की शादी के लिए तो तैयार हो गए लेकिन अचानक लड़के वालों ने 4 लाख रुपये की डिमांड कर दी। वो भी 20 जनवरी तक देने को कहा। इस बात से पापा परेशान रहने लगे। उन्होंने कहा कि हम साढ़े तीन लाख ही दे पाएंगे। उन्होंने जितेंद्र नाम के फाइनेंस के पास रुपये जमा कर रखे थे। वो रकम निकालने के लिए फाइनेंसर के पास गए लेकिन पैसे देने को लेकर फइनेंसर टाल मटाेल करने लगा। इसके चलते पापा परेशान थे। घर में इसके अलावा कोई बड़ा झगड़ा नहीं हुआ। छोटी बहन शादी की तारीख नजदीक देख कई बार पैसों के लिए कह चुकी थी। लेकिन पापा इस बात पर ज्यादा रिएक्ट नहीं करते थे। वो कहते थे इंतजाम हो जाएगा। फाइनेंसर पैसे देने की तारीख बढ़ा रहा था लक्ष्मी ने बताया– फाइनेंसर जितेंद्र जो 'मां वैष्णो' के नाम से फाइनेंस का काम करता है। उसके पास पापा ने पैसे जमा किए थे। वो एक एक दिन बढ़ाता जा रहा था। चूंकि 20 तारीख को पैसे देना तय था, उससे पहले पैसों का इंतजाम हो नहीं पाया। पापा को ये बात अंदर ही अदंर खाए जा रही थी। वो परेशान हो गए थे। सोमवार की दोपहर को वो मुझे दुकान में बिठाकर बाइक से खाना खाने घर गए थे। वहां फिर से मां और बहन ने पैसों को लेकर बात की होगी, क्योंकि अब सिर्फ एक दिन ही बचा था पैसे देने के लिए। इसी बात पर विवाद हुआ और पापा ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। हत्याकांड के बाद पसीने से तर था कमल लक्ष्मी ने बताया – हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पापा मेरे पास दुकान पर पहुंचे। उन्होंने पैसे मांगे। उस समय वो पसीने तर बतर थे। मैंने पूछा कि पापा ठंड में पसीना क्यों आ रहा है तो कोई जवाब नहीं दिया। उनका व्यवहार सामान्य लग रहा था। मुझे उस वक्त बिल्कुल भी अंदाजा नहीं हुआ कि पापा इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आए हैं। पैसे लेने के बाद वह रोज की तरह मार्केट चले गए और फिर उन्होंने फोन नहीं उठाया। मेरे पापा कोई नशा नहीं करते थे। अगर उस समय घर में कोई उन्हें समझाने वाला होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। हत्या के बाद भी ज्याेति को बड़ी बेटी बताया हत्या के बाद भी समाज में बेज्ज्ती से बचने के लिए वो लक्ष्मी को छोटी बेटी और ज्योति को बड़ी बेटी बताने लगा ताकि कोई इस बात का अंदाजा न लगा सके कि बड़ी से पहले छोटी बेटी की शादी क्यों हो रही है। जबकि ज्योति लक्ष्मी से एक साल छोटी थी। कमल ऐसा करेंगे, कभी नहीं सोचा था कमल के बहनोई बालिस्टर ने बताया– मैं कमल को 25–30 सालों से जनता हूं। उनका व्यवहार अच्छा था। ये हत्याकांड पैसों के दबाव को लेकर हुआ है। लड़के वालों का दबाव था। लड़की से फोन पर पैसों के लिएउ कहते थे। लड़की अपनी मां से कहकर दबाव डालती थी। इनका पैसा एक फाइनेंसर के पास था। बार बार कहने पर वो समय से पैसा नहीं दे रहा था। डिप्रेशन में आकर कमल ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया, जिसके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते। हमारी सरकार से मांग है कि बच्चे अनाथ हो चुके हैं। इनकी पढ़ाई लिखाई और जीवन यापन के लिए मदद करे। -------- ये खबर भी पढ़ें मंत्री दयाशंकर के एआरटीओ ने छुए पैर, देवरिया में विवाद उठा तो बोले- वीडियो AI जनरेटेड देवरिया में यूपी के परिवहन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह के एआरटीओ और डीडीओ ने पैर छुए। एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मंत्री जैसे ही अपनी गाड़ी से उतरे बुके लेकर खड़े डीडीओ सुशील कुमार सिंह आगे बढ़े। मंत्री को गुलदस्ता देकर पैर छुआ। मंत्री ने आशीर्वाद देते हुए उनके कंधे पर हाथ रखा। पूरी खबर पढ़ें
मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम की याचिका पर कोर्ट आज सुनवाई करेगी। याचिका में पारस सोम को नाबालिग बताते हुए केस को जेजे बोर्ड ट्रांसफर करने की मांग की गई है। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने यह याचिका दायर की है। पहले दो तस्वीरें देखिए... पहले एक नजर कपसाड़ कांड पर 8 जनवरी की सुबह सरधना के कपसाड़ गांव का पारस सोम इसी गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की रूबी को अगवा करके ले गया। जाते समय उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ता चला गया। 10 जनवरी को हुई रूबी बरामद सुनीता की मौत से गांव में तनाव फैल गया। पुलिस की 10 टीमें आरोपी की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के लिए लगाई गईं। 10 जनवरी की रात पुलिस को दोनों की सहारनपुर में मौजूद होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने पारस सोम को गिरफ्तार करते हुए रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। पारस जेल, रुबी को आशा ज्योति केंद्र भेजा 11 जनवरी को पुलिस ने पारस को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रूबी के बयान दर्ज होने के बाद उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया। 12 जनवरी को आशा ज्योति केंद्र में काउंसलिंग के बाद रूबी परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दी गई। 11 से जेल में बंद है पारस सोम अपहरण व हत्या के आरोप में पारस सोम 11 जनवरी से जेल की सलाखों के पीछे बंद है। उसे शुरुआत के दस दिन 19 नंबर बैरक जोकि मुलाहिजा बैरक है, उसमें रखा गया। अब वह दूसरी बैरक में शिफ्ट हो गया है और आम बंदियों की तरह रह रहा है। तनाव के कारण कई दिन तक परिवार का कोई व्यक्ति उससे मिलने जेल नहीं पहुंचा। उम्र को लेकर याचिका हुई दायर पारस की उम्र को लेकर शुरु से ही सवाल उठाए जा रहे थे। कागज सामने आए तो उसकी उम्र लगभग साढ़े 17 वर्ष निकली। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा ने पारस के परिजनों से संपर्क किया और उसका केस लड़ने का ऐलान कर दिया। उनके द्वारा एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर आज सुनवाई होगी। हमारे पास साक्ष्य मजबूत : संजीव राणा याचिका डालने वाले पैनल में शामिल अधिवक्ता संजीव राणा ने बताया कि उनके पास अपनी बात को पुष्ट करने का मजबूत साक्ष्य है। वह यह साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उम्मीद है कि कोर्ट इनका संज्ञान लेते हुए केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (किशोर न्याय बोर्ड) में ट्रांसफर करेगी।
अभिनेता आशुतोष राणा ने किए महाकाल दर्शन
फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने बुधवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। उनके साथ उद्योगपति ललित अग्रवाल भी थे। राणा ने नंदी हॉल में ध्यान किया। मंदिर प्रबंध समिति ने उनका स्वागत किया। राणा ने कहा कि महाकाल का दरबार दिव्य है और उन्होंने जीवन में जो कुछ भी दिया, वह अद्भुत है। उन्होंने मंदिर की दर्शन व्यवस्था की सराहना की। रोहित मित्तल मित्र मंडल ने उनका स्वागत किया।
गुलाब शाह वाली का उर्स : चादर पेश कर अमन-शांति और भाईचारे की दुआ की
आजाद कॉलोनी स्थित गुलाब शाह वाली की मजार पर उर्स का आयोजन किया गया। गुलाब शाह कमेटी ने मजार की आकर्षक विद्युत और फूलों सज्जा की। सुबह से शाम तक जायरीनों की भीड़ रही। मगरिब की नमाज के बाद कमेटी के युवाओं ने मजार पर चादर और फूलों की चादर चढ़ाई। देश में अमन-शांति और भाईचारे की दुआ की। कमेटी अध्यक्ष जावेद भाई ने बताया अतिथि ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के जिलाध्यक्ष इम्तियाज अंसारी थे। हर साल की तरह इस बार भी चादर पेश और लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और सहयोगियों का साफा बांधकर और फूलों की माला से स्वागत किया गया। इस मौके पर टीपू खान, लियाकत कला, जुनैद, जुबेर, नासिर भाई, आमिर खान, सद्दाम खान, सोहेल खान, गोलू खान, आवेश, गुल्लू भाई, नदीम आदि मौजूद थे।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने पर राज्य सरकार ने जोधपुर मंडल को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया है। जयपुर में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ये पुरस्कार प्रदान किए। अस्पताल नंबर वन, स्टेशनों को भी पहचान डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में आयोजित 'राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह-2026' में जोधपुर मंडल का दबदबा रहा। जोधपुर मंडल की ओर से यह सम्मान सहायक मंडल बिजली इंजीनियर (कर्षण) जे.के. भार्गव ने ग्रहण किया। गौरतलब है कि इससे पहले मंडल को जोन स्तर पर 'संपूर्ण कार्यकुशलता शील्ड' भी मिल चुकी है। ऐसे बचाई बिजली: मोबाइल से कंट्रोल हो रहे पंप वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (सामान्य) नितेश कुमार मीणा ने बताया कि बिजली बचाने के लिए मंडल ने तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुरस्कार मिलने के पीछे ये प्रमुख आधार रहे:
पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से महिला द्वारा नाबालिग भतीजियां बेचने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने ही उस पर अपने भाई की दो नाबालिग बेटियों को बेचने का आरोप लगाया और पुलिस को शिकायत दे दी। वहीं शिकायत कर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जगराओं के रूमी गांव के गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसके बड़े भाई व भाभी की मौत के बाद उसकी पत्नी उनकी तीन नाबालिग बेटियों को अपने साथ लेकर चले गई। उसने दो बेटियों को पैसे लेकर बेच दिया जबकि तीसरी बेटी को उसके पास से पंचायत ने मलेरकोटला जिले से बरामद किया है। भाई-भाई की मौत के बाद गुरप्रीत सिंह पाल रहा था तीनों बेटियां गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उसके भाई लखबीर सिंह और भाभी सुनीता रानी का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उनकी तीन बेटियां हैं जिनकी उम्र 14, 16 और 17 वर्ष है। भाई व भाभी की मौत के बाद वो तीनों बच्चियों को अपने घर लाया और उनका पालन पोषण कर रहा था। पत्नी पर लगाए कुछ लोगों के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। वह तीनों बच्चियों को अपने साथ लेकर चली गई। कुछ समय बाद गुरप्रीत को जानकारी मिली कि उनकी पत्नी ने दो बड़ी नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर पैसों के बदले अलग-अलग लोगों को बेच दिया है। तीसरी बेटी को मलेरकोटला से किया बरामद पीड़ित गुरप्रीत सिंह का कहना है कि वह लगातार थाने में शिकायत दे रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने बताया कि उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी मालेरकोटला जिले के गांव बिशनगढ़ बनियावाला में अपने एक साथी के साथ रह रही है। पंचायत सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ गुरप्रीत वहां पहुंचे, जहां केवल सबसे छोटी बच्ची मिली, जिसे वह अपने साथ वापस ले आए। गुरप्रीत का दावा, लड़कियों को पैसे लेकर बेचा गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि बाद में दो अलग-अलग लोगों ने उन्हें फोन कर नाबालिग लड़कियों से बात भी करवाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने पैसे देकर लड़कियों को खरीदा है, इसलिए अब उन्हें वापस नहीं किया जाएगा। गुरप्रीत ने इन कॉल करने वालों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंप दिए हैं। मजदूर किसान मोर्चा ने दिया थाने के घेराव का अल्टीमेटम मजदूर किसान मोर्चा के अध्यक्ष भरपूर सिंह छज्जावाल ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त गंभीर अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य संगठनों के सहयोग से संबंधित थाने का घेराव किया जाएगा। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर रहे सदर थाना के एसएचओ सुरजीत सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह की शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही मामले की गहराई से जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई कर उनको गिरफ्तार कर नाबालिग लड़कियों को बरामद किया जाएगा।
गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर इस साल रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली थी। करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में खिचड़ी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लिया। यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है।मकर संक्रांति बीते एक हफ्ते से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना 2-4 लाख लोग गोरखनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं, जो हर साल की तुलना में कहीं अधिक है। छोटे बच्चे भी अपने परिवार के साथ मंदिर में घूमते दिखाई दे रहे हैं। कुछ बच्चे तो सीएम योगी के पोस्टर में उनका पैर छूते भी नजर आ रहे हैं। पहले देखिए 3 तस्वीरें... भक्ति के साथ मेले का आनंदश्रद्धालु केवल पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में लगे मेले का आनंद लेने के लिए भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लोग अपने परिवार, बच्चों और दोस्तों के साथ यहां घूमने आ रहे हैं। भक्ति के साथ मनोरंजन का माहौल बना हुआ है।मेले में तरह-तरह के स्टाल लगे हुए हैं, जिनमें लोग इन सभी स्टालों पर जाकर खरीदारी और मनोरंजन कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं।सुरक्षा व्यवस्था सख्तभीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सावधान रहने की अपील की जा रही है। मंदिर परिसर और मेले में जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं। मेला थाना में बने खोया-पाया केंद्र पर पुलिसकर्मी लगातार अनाउंसमेंट कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति बिछड़ जाता है तो उसकी जानकारी देकर परिजनों को मिलवाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गोरखनाथ मंदिर और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल की तुलना में काफी ज्यादा है। प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में भी भीड़ बने रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अपनों के निशाने पर कांग्रेस विधायक अभिजीत शाहहरदा जिले के टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह इन दिनों अपनों के ही निशाने पर आ गए हैं। बीते दिनों वे एक हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी की घोषित विचारधारा के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अभिजीत शाह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, ऐसे में उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आयोजन में शामिल होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका यह कदम कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा पर संदेह पैदा करता है। पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस के टिकट पर चुने गए किसी जनप्रतिनिधि का इस तरह के आयोजनों में शामिल होना उन जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहा है, जो आरएसएस की विचारधारा से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। मामले को लेकर विधायक की शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) से भी की गई है। बता दें कि इससे पहले राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संघ के संगठन की तारीफ की थी। अब लोग कह रहे हैं कि अभिजीत शाह तो दिग्विजय सिंह से एक कदम आगे निकल गए हैं। महापौर के बंगले का घेराव, फोटो पर पोती कालिखभोपाल में गोमांस से जुड़े एक मामले को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'महापौर मुर्दाबाद' और 'महापौर इस्तीफा दो' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश यहीं नहीं थमा। उन्होंने बंगले पर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत दी और दीवारों पर 'इस्तीफा दो' जैसे नारे लिख दिए। इतना ही नहीं, महापौर के फोटो पर भी कालिख पोतते हुए उनके चेहरे पर दाढ़ी बना दी और 'मुल्ला मालती राय मुर्दाबाद' के नारे लगाए। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने महापौर के बंगले के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया और जो होना था, वह होकर ही रहा। औपचारिक बनी जनसुनवाई, अधिकारी नहीं सुन रहेमध्य प्रदेश में आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए होने वाली जनसुनवाई व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। हालिया तस्वीरें बता रही हैं कि फरियादी किस हद तक हताश हो चुके हैं और सिस्टम से उन्हें कितनी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। बुरहानपुर से सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि एक फरियादी अपनी बात रखने के लिए जमीन पर बैठ गया, तो अधिकारी भी उसके साथ जमीन पर ही बैठ गए। यह दृश्य भले ही संवेदनशीलता का प्रतीक लगे, लेकिन सवाल ये है कि क्या इससे समस्या का समाधान हुआ? नीमच में हालात और भी भावुक कर देने वाले नजर आए, जहां दो बहनें अपनी फरियाद लेकर जनसुनवाई में लोट लगाती हुई पहुंचीं। उनका मानना है कि अधिकारी उनकी बात सुन ही नहीं रहे, इसलिए अब उन्हें इस तरह गुहार लगानी पड़ रही है। आगर से सामने आया मामला तो और भी चौंकाने वाला है। यहां एक फरियादी ने जनसुनवाई बंद करने की ही मांग कर दी। उसका कहना था कि जब न न्याय मिल रहा है और न ही समस्या का समाधान हो रहा है, तो ऐसी जनसुनवाई का क्या औचित्य? अब ये तस्वीरें और ये सवाल प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़े हो गए हैं। सवाल सिर्फ ये नहीं है कि फरियादी क्या कर रहे हैं, सवाल ये है कि क्या वाकई जनसुनवाई अपने मकसद को पूरा कर पा रही है? एक्टर सुनील शेट्टी ने किए भगवान महाकाल के दर्शन मशहूर बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान किया और नंदी जी को जल अर्पित किया। दर्शन के बाद सुनील शेट्टी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ देश के जवानों को समर्पित है। उन्होंने फिल्म की सफलता और पूरी टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए बाबा महाकाल से विशेष प्रार्थना की। अभिनेता ने यह भी बताया कि उनके बेटे अहान शेट्टी भी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी वजह से वे विशेष रूप से उज्जैन आए हैं, ताकि भगवान महाकाल का आशीर्वाद ले सकें। इनपुट सहयोग - संदेश पारे (हरदा), शाकिब खान (भोपाल), मनीष मारू (आगर), बबलू किलोरिया (नीमच), रईस सिद्दिकी (बुरहानपुर), आनंद निगम (उज्जैन) ये भी पढ़ें -फोटो में सिंधिया पीछे, कांग्रेस बोली- ढूंढो, महाराज कहां हैं: कांग्रेस ने मंत्री विजय शाह को किया गिरफ्तार करीब महीनेभर पहले ग्वालियर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंच से 'राजा साहब' कहकर संबोधित किया था। अब वही सिंधिया भाजपा नेताओं के फोटो सेशन में पीछे खड़े नजर आए तो कांग्रेस ने तंज किया है। कांग्रेस ने कहा- नजर आना जरूरी है। ढूंढो, महाराज कहां हैं। पूरी खबर पढ़ें
इटावा जिले के आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। उसका साथी छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के विचारपुरा गांव के पास हुआ। यहां तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक छात्र की पहचान जसवंतनगर के नगला गड़रियान निवासी आर्यन (पुत्र शिवचरण) के रूप में हुई है। वह शहर के मैनपुरी फाटक के पास अपने परिवार के साथ रहता था। आर्यन अपने घर के निर्माण के लिए ईंट लेने फुलरई ईंट भट्टे जा रहा था। उसके साथ फ्रेंड्स कॉलोनी मंडी गेट निवासी बॉबी (पुत्र राजेंद्र) भी बाइक पर सवार था। बुधवार दोपहर जब दोनों विचारपुरा गांव के पास पहुंचे, तभी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दोनों छात्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उसी दौरान जसवंतनगर की सीओ आयुषी सिंह कार्यालय जा रही थीं, जिनकी नजर घायलों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल रुककर अपनी टीम की सहायता से 108 एंबुलेंस बुलाई और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. विकास अग्निहोत्री ने आर्यन को मृत घोषित कर दिया। बॉबी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मृतक आर्यन के मामा श्याम बाबू ने बताया कि आर्यन कक्षा 12 का छात्र था। वह तीन बहनों में सबसे छोटा और परिवार का इकलौता भाई था। हादसे की सूचना किसी राहगीर ने फोन पर परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन जसवंतनगर सीएचसी पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या हाईवे पर 18 चक्का ट्रेलर में लगी आग:टायर की दुकान जलकर राख, हादसे के बाद लगा जाम
बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर चौपुला बाराबंकी के पास देर रात लखनऊ से अयोध्या जा रहे 18 चक्का ट्रेलर में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसने जल्द ही विकराल रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेलर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इसने पास स्थित एक टायर की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। हालांकि, फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगा। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारण लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और जाम खुलवाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, ट्रेलर और टायर की दुकान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
रेवाड़ी नगर परिषद की चौधर की जंग कौन लड़ेगा। इसका फैसला 22 जनवरी को पंचकूला में ड्रा से होगा। जिस पर बहुत से लोगों की निगाह लगी हुई हैं। ड्रा में चेयरमैन की सीट सामान्य या महिला की हुई तो सभी की बल्ले बल्ले होगी। ओबीसी के लिए आरक्षित हुई तो भी बहुत कम लोग प्रभावित होंगे। हां यदि सीट एससी कोटे में गई तो चौधर की जंग लड़ने का सपना देख रहे बहुत से लोगों का सपना टूट जाएगा। रेवाड़ी नगर परिषद पर पिछले 15 साल में 6 साल प्रशासक का राज रहा है।चौधर के दावेदार अभी साध रहे चुप्पी रेवाड़ी नप चेयरमैन के लिए नए और पुराने कई चेहरे दावेदार हैं। अधिकतर दावेदार अपने आकाओं के यहां हाजिरी लगाकर गुपचुप तरीके से अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। इनमें से अभी तक विशेषकर (भाजपा समर्थक) खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। अब फिर प्रशासक के हाथ में कमानरेवाड़ी नगर परिषद की कमान फिलहाल प्रशासक के हाथ में है। नगर परिषद का कार्यकाल खत्म होने के बाद एसडीएम सुरेश कुमार 19 जनवरी को प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। नगर परिषद के चुनाव फरवरी में प्रस्तावित है। किसी कारणवश चुनाव फरवरी मार्च में संभव नहीं हो पाए तो रेवाड़ी नगर परिषद की कमान एक बार फिर लंबे समय तक प्रशासक के हाथों में रह सकती है। देरी से हुए 2010 और 2018 के चुनावरेवाड़ी नगर परिषद में 2010 के प्रस्तावित चुनाव 2013 में हुए। इसी प्रकार से 2018 के चुनाव दिसंबर 2020 में हुए। चुनाव में देरी के चलते पिछले करीब 15 साल में 6 साल रेवाड़ी नगर परिषद का संचालन प्रशासक ने किया। एक बार फिर से रेवाड़ी नप की कमान प्रशासन के हाथ में है। भाजपा अपने स्तर पर करवा रही सर्वेभाजपा ने चुनाव की घोषणा से पहले ही रेवाड़ी में नप चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके लिए बिहार की सर्वे टीम को उतारा गया है। बताया जा रहा है कि सर्वे टीम का काम अभी अंतिम चरण में है। सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही भाजपा चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। जिसे लेकर चेयरमैन का चुनाव लड़ने का सपना देख रहे भाजपा समर्थक चेहरों की धड़कने बढ़ी हुई हैं। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षणरेवाड़ी नगर परिषद में वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। । वार्ड 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी व 27 और 30 एससी महिलाओं के लिए आरक्षित हें। वार्ड 9,13,16 बीसीए वार्ड 11, 20, 25 और 26 बीसीबी, 13 बीसीए व 11 और 20 बीसीबी महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड 2, 5, 8, 15 और 23 सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कमान संभाले ही प्रशासक का फरमान 19 जनवरी को रेवाड़ी नगर परिषद के प्रशासक की कमान संभालने के वाले एसडीएम ने अब प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नया फरमान जारी किया है। जिसमें प्रॉपर्टी बकाया टैक्स जमा करवाने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। इस अवधि में टैक्स जमा नहीं करवाने वालों को नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से होने वाले तलाक (मुबारत) को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट्स के रवैये पर तल्खी जाहिर करते हुए कहा कि जब पति-पत्नी दोनों अलग होने के लिए रजामंद हैं, तो अदालत को उसमें तकनीकी अड़चनें नहीं डालनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेड़ता फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक मुस्लिम दंपति के आपसी तलाक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट की शुरुआत ही पुरानी कहावत के उल्टे रूप से करते हुए लिखा- यह मामला ऐसा है जहां 'मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी' वाली स्थिति बन गई है। जानें...क्या था पूरा मामला मामला पाली निवासी आयशा चौहान और वसीम खान से जुड़ा है। दोनों का निकाह 27 फरवरी 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद विचारों में मतभेद के चलते वे साथ रहने में असमर्थ थे। इसके बाद पति ने शरीयत के अनुसार तीन अलग-अलग 'तुहर' (मासिक धर्म के बीच का पवित्र समय) में- 8 जून, 8 जुलाई और 8 अगस्त 2024 को- तीन बार तलाक बोला। इसके बाद, दोनों ने 20 अगस्त 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर आपसी सहमति से तलाकनामा (मुबारतनामा) लिखा। इसी समझौते के आधार पर उन्होंने फैमिली कोर्ट, मेड़ता में शादी विघटित घोषित करने की अर्जी लगाई। लेकिन, 3 अप्रैल 2025 को फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट की समझ पर सवाल: सुन्नी मामले में शिया कानून थोपा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज करने के लिए गलत आधार चुना। निचली अदालत का तर्क था कि तलाक के वक्त दो गवाह मौजूद नहीं थे, इसलिए यह वैध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट ने जिन नजीरों का हवाला दिया, वे 'शिया मुस्लिम लॉ' से संबंधित थे, जहां तलाक के लिए गवाह अनिवार्य हैं। जबकि मौजूदा मामले में पक्षकार 'सुन्नी' (हनफी स्कूल) हैं। सुन्नी कानून के तहत, चाहे तलाक मौखिक हो या लिखित, उसकी वैधता के लिए गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य शर्त नहीं है। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: जनहित निजी सहमति से ऊपर नहीं जस्टिस अरुण मोंगा ने फैसला लिखते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट शायद इस सिद्धांत से प्रभावित थी कि जनहित निजी सहमति पर हावी होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि जब शादी पूरी तरह टूट चुकी हो और दोनों पक्ष अलग होना चाहते हों, तो उन्हें जबरदस्ती एक साथ रखने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने कहा, मुबारत मुस्लिम कानून में तलाक का एक मान्य रूप है, जो आपसी सहमति पर आधारित है। जब पति और पत्नी दोनों रजामंद हों, तो कोर्ट का काम केवल उस समझौते की पुष्टि करना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 7 के तहत कोर्ट को ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति घोषित करने का पूरा अधिकार है, जिसे उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया। मुबारत और खुला में अंतर स्पष्ट किया फैसले में कोर्ट ने 'खुला' और 'मुबारत' के बीच का अंतर भी समझाया। कोर्ट ने बताया: राजस्थान की सभी फैमिली कोर्ट्स के लिए 3 गाइडलाइन्स हाईकोर्ट ने माना कि राजस्थान में फैमिली कोर्ट्स मुस्लिम लॉ के तहत होने वाले ऐसे एक्स्ट्रा-जुडिशियल तलाक (अदालत के बाहर हुए तलाक) को मान्यता देने में हिचकिचा रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की तर्ज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी भविष्य के लिए तीन स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं: व्यक्तिगत उपस्थिति: यदि याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम लॉ के तहत तलाक हो चुका है, तो फैमिली कोर्ट दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करे। कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि सहमति बिना किसी दबाव या जोर-जबरदस्ती के दी गई है। दस्तावेजों की जांच: अगर तलाक लिखित में हुआ है (जैसे मुबारतनामा, तलाकनामा या खुलानामा), तो वह दस्तावेज कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए ताकि कोर्ट उसकी सत्यता जांच सके। डिक्री जारी करना: संतुष्ट होने के बाद, फैमिली कोर्ट अपनी न्यायिक बुद्धि का प्रयोग करते हुए शादी को विघटित (Dissolved) घोषित करने का आदेश/डिक्री पारित करे। अंत में, कोर्ट ने आयशा और वसीम के तलाक को वैध मानते हुए उनकी शादी को 8 अगस्त 2024 से समाप्त घोषित कर दिया।
दतिया में गुरुवार (22 जनवरी) को आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा 33 केवी और 33/11 केवी सबस्टेशनों पर रखरखाव का काम किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा कारणों से शहर और ग्रामीण अंचलों के कई फीडरों की सप्लाई 5 घंटे तक बंद रखी जाएगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक यहां रहेगी कटौती उदगवां और बगेदरी सबस्टेशन से जुड़े इलाकों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली नहीं आएगी। इन सबस्टेशनों से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की सप्लाई इस दौरान पूरी तरह बंद रहेगी। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक ये इलाके रहेंगे प्रभावित 33 केवी नयाखेड़ा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके अलावा दुसाड़ा, रिछारी, पुरसका, सरराई, सरसई, नादोना, बेहरूका, जिगना, घुघसी, ओरीना, बरगये, सीतापुर, गोराघाट, जुझारपुर और सिलोरी आबादी फीडर से जुड़े इलाकों में भी इसी समय (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे) बिजली कटौती की जाएगी। समय में हो सकता है बदलाव बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता को देखते हुए बिजली कटौती के समय में बदलाव भी किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए कंपनी ने खेद जताते हुए सहयोग की बात कही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां राहुल गांधी ने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए पंजाबी धर्मशाला में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को टिप्स दिए, तो वहीं इस कैंप में राहुल गांधी को अपना साढू भी मिल गया। लंच के पहले जिला हिसार के ग्रामीण अध्यक्ष बृज लाल ने राहुल गांधी से मुलाकात की। वे कुरुक्षेत्र के जिला अध्यक्ष मेवा सिंह की शिकायत लेकर राहुल गांधी के पास पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने खुद को राहुल गांधी का साढू बता दिया। उनका यह अंदाज राहुल गांधी को भा गया। मैं आपका साढू हूं, मुझे दरकिनार किया बृज लाल ने बताया कि जब यहां के जिला अध्यक्ष मेवा सिंह ने उन्हें सूचना दी कि राहुल गांधी का दोपहर का खाना सिर्फ 3 विधायकों, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों के साथ है, तो उन्हें लगा कि उन्हें साइडलाइन कर दिया है। इससे दुखी होकर वे सबसे पहले राहुल गांधी के पास पहुंचे और बोले, मैं आपका साढू हूं। आप भी अनमैरिड मैं भी और शिकायत कर दी ये सुनकर राहुल एक बार को चौंक गए और पूछा कैसे? तो मैंने कहा कि आप भी अनमैरिड हैं और मैं भी। इस पर राहुल गांधी ने मुझसे मेरे जिले के बारे में पूछा। तब उसने बताया कि हमारा जिला हिसार अगली पंक्ति में खड़ा है। यहां हमारे 3 विधायक हैं और एक MP हैं, लेकिन वो कभी मीटिंग में नहीं आते। स्थापना दिवस गायब रहे बृज लाल ने कहा कि 28 दिसंबर को हरियाणा में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया गया। जिला हिसार मे कार्यक्रम रखा गया, लेकिन पार्टी के विधायक, एमपी और चुनाव में प्रत्याशी रहे नेता एक बार भी नहीं आए। कम से कम स्थापना दिवस पर तो आना चाहिए था। मेरी बात का असर राहुल गांधी पर पड़ा। सबके साथ किया लंच राहुल गांधी ने इस पर पार्टी में अनुशासन को सख्ती से लागू करने की बात कही। साथ ही कहा कि वे कड़े फैसले ले रहे हैं। वहीं लंच का कार्यक्रम जो पहले चुनिंदा लोगों के साथ था, उसे बदल दिया गया। सब जिला अध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ राहुल गांधी ने लंच किया। PSO को निकाला बाहर सुबह 11.19 बजे राहुल गांधी ने अपने काफिले के साथ धर्मशाला में एंट्री की। उनके जाने के कुछ देर बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के PSO धर्मशाला में जाने के लिए गेट पर पहुंच गए, जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक दिया और एंट्री कार्ड मांगा। लेकिन वे पुलिस के विरोध के बाद भी धर्मशाला में पहुंच गए। सुरक्षा अधिकारियों ने भेजे बाहर इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने इसकी सूचना राहुल गांधी के सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचा दी। सुरक्षा अधिकारियों ने भी उनसे एंट्री कार्ड मांगा। लेकिन PSO कार्ड नहीं दिखा पाए, तो अधिकारियों ने उनको बाहर जाने का इशारा किया। फिर भी PSO बाहर नहीं गए। तब उन्होंने राहुल गांधी और हुड्डा से फोन पर उनकी बात करवाने को कहा। बात नहीं होने पर अधिकारियों ने उनको तुरंत बाहर भेज दिया। गंगाजल लेकर आए परिवार लंच से पहले राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों के परिवार के साथ 5-5 मिनट बिताए। उनसे उनके परिवार, भविष्य और कामकाज के बारे में पूछा। उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के परिवार उनके लिए पीतल के लोटे में गंगाजल लेकर आए थे। वहीं राहुल गांधी ने कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष मेवा सिंह के पोते कुनाल सिरमौर से उनके स्कूल, क्लास और भविष्य के बारे में बातचीत की। रणदीप सुरजेवाला नहीं आए कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और अन्य नेता पहुंचे थे, लेकिन रणदीप सुरजेवाला इस कार्यक्रम में नहीं आए। हालांकि उन्होंने अंबाला कैंट में राहुल गांधी का स्वागत किया था और मंगलवार को ट्रेनिंग देने भी कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। राहुल गांधी बोले- निर्भीक होकर काम करें जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी ने कहा-आपको जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आपको निडर होकर, कर्तव्यनिष्ठा के साथ इसे निभाना है। आप कांग्रेस के योद्धा हैं और योद्धा की तरह ही कार्य करना होगा। सामने भ्रष्ट सत्ता का साम्राज्य एक बड़ी चुनौती है, लेकिन कार्यकर्ताओं को निर्भीक होकर इन चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाना है। आपकी आवाज कोई नहीं दबा सकता राहुल गांधी ने कहा कि आपकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता, क्योंकि कांग्रेस जैसा मजबूत संगठन आपके साथ खड़ा है। आप सामर्थ्य वान हैं। किसी के दबाव में आकर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं, स्वतंत्र होकर काम करें। हम आपकी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश व सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
राजस्थान में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सीएम, विधानसभा स्पीकर और 15 मंत्रियों के इलाकों में उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। सबसे ज्यादा दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले और मृत वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। 12 में से 11 कैबिनेट मंत्रियों और 9 में से 4 राज्य मंत्रियों के इलाकों में उनके 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत के अंतर से ज्यादा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कट गए हैं। इसके अलावा सीएम भजनलाल के इलाके में भी उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। यही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाके में है। ड्राफ्ट रोल पर दावे आपत्तियों के बाद अब 14 फरवरी को SIR की फाइनल वोटर लिस्ट आएगी, उसमें मंत्रियों और विधायकों के इलाकों में कटने वाले वोटों पर अंतिम रूप से तस्वीर साफ होगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गहलोत के इलाके में जीत से दोगुना, वसुंधरा के इलाके में जीत से आधे वोट कटे पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा (जोधपुर) में उनकी जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे हैं। गहलोत सरदारपुरा से 26,396 वोटों से जीते थे। ड्राफ्ट रोल में उनके इलाके से 56 हजार से ज्यादा वोट कट गए हैं। वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के इलाके झालरापाटन में उनकी जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालरापाटन में ड्राफ्ट रोल में 26,278 वोट कटे हैं, जबकि वे 2023 का विधानसभा चुनाव 53,193 वोटों से जीती थीं। इन 11 कैबिनेट मंत्रियों व 5 राज्यमंत्रियों के इलाके में जीत के अंतर से ज्यादा नाम कटे कैबिनेट मंत्री: राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मदन दिलावर, डॉ किरोड़ीलाल मीणा, जोगाराम पटेल, सुमित गोदारा, कन्हैयालाल चौधरी, जोराराम कुमावत, सुरेश सिंह रावत, बाबूलाल खराड़ी, अविनाश गहलोत और गौतम दक । राज्यमंत्री : झाबर सिंह खर्रा, संजय शर्मा, जवाहर सिंह बेढ़म, मंजू बाघमार । विधानसभा स्पीकर 4644 वोटों से जीते थे, 28 हजार वोट कटे : विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी 4644 वोटों के अंतर से जीते थे, उनके विधानसभा क्षेत्र अजमेर उत्तर में 28,869 वोट कटे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे : कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। इनके इलाकों में जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे गहलोत और धारीवाल के इलाके में जीत से ज्यादा वोट कटे दोनों डिप्टी सीएम और 6 मंत्रियों के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे इन बड़े नेताओं के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। SIR को लेकर जारी है विरोध दो दिन पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही। 13 जनवरी को अमित शाह CMR में रुकते हैं। 3 से 13 जनवरी के बीच बीजेपी में गुप्त रूप से खेला चलता है। पूरी खबर पढ़िए... सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीर परिणाम हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ पूरी खबर पढ़िए...
पंजाब के लुधियाना नगर निगम से G-8 रसीद बुक गायब होने का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा। नगर निगम की 78 G-8 रसीद बुक्स अफसरों को मिल ही नहीं रही हैं। ये रसीद बुक्स 45 कर्मचारियों को जारी की गई थी जिसमें से 17 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। 14 कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं जबकि 14 कर्मचारी ही नगर निगम में कार्यरत हैं। नगर निगम के जो 17 कर्मचारी मर गए थे उन्हें 41 रसीद बुक्स, रिटायर हुए 14 कर्मचारियों को 21 और निगम में कार्यरत 14 कर्मचारियों को 16 रसीद बुक्स जारी की गई थी। नगर निगम कमिश्नर 19 बार शिकायत होने के बावजूद रिटायर व काम कर रहे कर्मचारियों से रसीद बुक रिकवर नहीं कर पाए। जो कर्मचारी मर गए हैं उनसे रसीद बुक हासिल करना तो अब नगर निगम के लिए संभव ही नहीं है। नगर निगम कमिश्नर ने रिटायर व काम कर रहे कुल 28 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि शिकायतकर्ता ने इस कार्रवाई को सिर्फ आई वॉश बताया है। कुल 449 G-8 रसीद बुक्स थी गायब आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभरवाल ने बताया कि 29 अप्रैल 2022 को जब उन्होंने पहली बार शिकायत दर्ज की थी तब नगर निगम के पास 449 G-8 रसीद बुक्स जमा नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि 19 बार शिकायत करने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने अब तक 371 रसीद बुक्स जमा करवा दी लेकिन 78 रसीद बुक्स अब भी गायब हैं। शिकायत करते ही शो कॉज नोटिस हो जाते हैं जारी शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भी वो शिकायत करते हैं तो नगर निगम कमिश्नर अफसरों को जवाब देने के लिए शो कॉज नोटिस जारी कर देते हैं लेकिन कार्रवाई कोई नहीं करते हैं। उनका कहना है कि जो कर्मचारी मर गए हैं या रिटायर हो गए उन पर कार्रवाई के लिए निगम को लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। लेकिन निगम उनसे भी रसीद बुक रिकवर नहीं कर रहा है जो वर्तमान में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम कमिश्नर को चाहिए कि वो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे और जी-8 रसीद बुक्स काे रिकवर करवाए। निगम हर तरह की फीस G-8 रसीद बुक के जरिए लेता है रोहित सभरवाल ने बताया कि नगर निगम शहर में जितनी तरह की फीस या जुर्माना वसूल करता है उनकी रसीद G-8 रसीद बुक से काटी जाती है। जी-8 के रिकार्ड के आधार पर निगम इनकम का टोटल लगाता है। पहले फील्ड में वसूली करने वाले कर्मचारियों के साथ साथ काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों को G-8 रसीद बुक दी जाती थी। रसीद बुक गायब होने का मतलब वित्तीय गड़बड़ी शिकायतकर्ता का कहना है कि जी-8 रसीद बुक के जरिए लोगों से जुर्माना व फीस वसूली जाती हैं। कर्मचारियों ने रसीद बुक जमा नहीं करवाई जिससे वित्तीय गड़बड़ी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए वो चीफ विजिलेंस अफसर लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट को शिकायत कर चुके हैं।
यूपी में पुलिस विभाग में अफसरों के प्रमोशन हुए एक महीना 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं। इसके बाद भी अफसरों को नई तैनाती नहीं मिली है। आईजी, डीआईजी की कुर्सी पर एडीजी और एडीजी की कुर्सी पर अब भी डीजी बैठे हैं। कई जिलों के एसएसपी डीआईजी हो चुके हैं, लेकिन वे अब भी जिले के कप्तान का काम देख रहे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रमोशन के बाद भी अफसरों को अब तक नई तैनाती क्यों नहीं मिली? क्या अफसरों की आपसी रस्साकशी की वजह से फैसले नहीं हो पा रहे? ऐसे कौन-कौन से अफसर हैं, जो लंबे समय से एक ही जगह पर टिके हैं? ऐसे कौन से अफसर हैं, जिनके पास फिलहाल कोई काम नहीं? ऐसे कौन कौन से अफसर हैं, जिनके पास दोहरी जिम्मेदारी है? आइए इन सवालों के जवाब तलाशते हैं... सबसे पहले बात DG रैंक के अफसर की... डेढ़ महीने बाद भी एडीजी की कुर्सी पर डीजीलखनऊ जोन के एडीजी सुजीत पांडेय 1 दिसंबर, 2025 को प्रमोशन पाकर डीजी बन गए थे। 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय की गिनती तेज-तर्रार अफसरों में होती है। उनका प्रमोशन डीजी रैंक की अफसर तिलोत्मा वर्मा के रिटायरमेंट के बाद हुआ था। उसके बाद से वे तबादले की टकटकी लगाए बैठे हैं। 2 साल से बिना काम के हैं रेणुका मिश्रारेणुका मिश्रा 1990 बैच की आईपीएस अफसर हैं। यूपी में आईपीएस अफसरों की सीनियारिटी लिस्ट में वे दूसरे नंबर पर हैं। 5 मार्च, 2024 को उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन के पद से हटाकर वेटिंग में डाला गया था। उसके बाद से उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। हालांकि 18 जुलाई, 2024 को उन्हें वेटिंग से निकालकर डीजी ऑफिस में अटैच कर दिया गया था। अब तक भुगत रहीं पेपर लीक होने का खामियाजारेणुका मिश्रा के समय में यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का पेपर लीक हुआ था। इसके बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसी के बाद रेणुका मिश्रा को भर्ती बोर्ड से हटाकर वेटिंग में डाला गया था। मौजूदा समय में डीजी राजीव कृष्ण उनसे जूनियर हैं, जिनके साथ उन्हें अटैच किया गया है। आमतौर पर डीजीपी ऑफिस में एसपी या उससे निचली रैंक के अफसरों को अटैच किया जाता रहा है। कई अफसरों के पास है दोहरी जिम्मेदारी कई ऐसे अफसर हैं, जिनके पास दोहरी जिम्मेदारी है। डीजीपी राजीव कृष्ण के पास खुद इस पद के अलावा विजिलेंस की भी जिम्मेदारी है। डीजी रैंक के अफसर बीके सिंह के पास भी सीबीसीआईडी के साथ साइबर क्राइम के डीजी की भी जिम्मेदारी है। डीजी रैंक की एक अन्य अधिकारी नीरा रावत के पास मौजूदा समय में ईओडब्ल्यू के साथ यूपी- 112 की भी जिम्मेदारी है। इसी तरह सिविल डिफेंस के डीजी डीके ठाकुर के पास स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की भी जिम्मेदारी है। बात अगर एडीजी रैंक के अफसरों की करें, तो एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश के पास एसटीएफ और एटीएस के एडीजी की जिम्मेदारी है। 1998 बैच की आईपीएस पद्मजा चौहान के पास भी दोहरी जिम्मेदारी है। वे एडीजी फायर सर्विस के साथ महिला एवं बाल सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। रेणुका मिश्रा के अलावा दो और अफसर ऐसे हैं, जो महीनों से डीजीपी मुख्यालय से अटैच हैं। इसमें आजमगढ़ से एसपी के पद से हटाए गए हेमराज मीणा (अब DIG) और एसपी सतीश कुमार का नाम शामिल है। एक अफसर 6 साल से सस्पेंड यूपी पुलिस में एक अफसर सबसे लंबे समय तक सस्पेंड रहने का रिकार्ड बना रहा है। 14 फरवरी, 2019 को निलंबित हुए जसवीर सिंह अब तक न तो बहाल हुए हैं और न ही उनको बर्खास्त किया गया है। उक्त अफसर अब नियमों के तहत 90 प्रतिशत वेतन भी ले रहा है। यानी बिना नौकरी किए ही 90 प्रतिशत वेतन मिल रहा है। जसवीर सिंह 1992 बैच के आईपीएस अफसर हैं। अखिल भारतीय पुलिस सेवा नियमावली के उल्लंघन के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया था। बताया जाता है कि जसवीर सिंह को बर्खास्त करने के लिए केंद्र को पत्रावली भेजी गई थी। लेकिन, केंद्र ने उक्त फाइल पर कोई निर्णय नहीं लिया। लंबे समय से एक ही पोस्ट पर तैनात हैं कई अफसर तबादले का इंतजार उन अफसरों को भी है, जो लंबे समय से एक ही पोस्ट पर तैनात हैं। इनमें गौतमबुद्धनगर (नोएडा) की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह 28 नवंबर, 2022 को बतौर पुलिस कमिश्नर तैनाती हुई। उस समय वो आईजी के रूप में तैनात हुई थीं। यानी करीब सवा तीन साल से वह पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर के पद पर पोस्टेड हैं। पिछले साल 1 जनवरी, 2025 को उनका प्रमोशन आईजी से एडीजी रैंक में हो गया था। इस साल प्रमोशन पाए अफसरों को भी तैनाती का इंतजारइस साल के शुरुआत में बड़े पैमाने पर अफसरों के प्रमोशन हुए। इसमें अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार भी एडीजी हो चुके हैं, लेकिन अब भी आईजी रेंज के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा 2012 बैच के आईपीएस अफसरों को एसपी से डीआईजी की रैंक में प्रमोशन हुआ। इसमें 6 जिले के पुलिस कप्तान भी डीआईजी हो गए। इनमें मेरठ के एसएसपी विपिन टाडा, सहारनपुर के एसएसपी आशीष तिवारी, लखीमपुर खीरी के एसपी संकल्प शर्मा, पीलीभीत के एसपी अभिषेक यादव, गोरखपुर के एसएसपी राजकरन नय्यर और मिर्जापुर के एसपी सोमेन बर्मा भी अपने तबादले का इंतजार कर रहे हैं। इनके अलावा पुलिस कमिश्नरेट में तैनात कई डीसीपी भी प्रमोशन पा चुके हैं, उन्हें भी तबादले का इंतजार है। क्या अफसरों की खींचतान की वजह से नहीं हो पा रहे तबादले?एक सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर तबादले हो क्यों नहीं रहे? इसमें जानकारों का कहना है कि अफसरों की आपसी खींचतान की वजह से तबादले नहीं हो पा रहे। जिन अफसरों का प्रमोशन हुआ है, खासकर एसपी से डीआईजी के रूप में वे फील्ड में ही जाना चाहते हैं। जबकि फील्ड में एक से बढ़कर एक धुरंधर अफसर पहले से जमे हैं। वहीं, सीनियर लेवल पर भी अफसरों की अपनी-अपनी पसंद है। ऐसे में कौन कहां जाएगा, इसे लेकर खींचतान की भी अटकलें हैं। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह कहते हैं- सरकार को पक्ष नहीं बनना चाहिए। मामलों को कोर्ट-कचहरी में नहीं उलझाना चाहिए। इसी तरह किसी के पास दो-दो चार्ज और किसी के पास कोई काम नहीं। रेणुका मिश्रा को हैरेस किया जा रहा। इसी तरह एक और अफसर आशीष गुप्ता के साथ हुआ था, जिसके बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया था। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें... अपर्णा की खासियत मुलायम परिवार की बहू होना, तलाक हुआ तो BJP कितना साथ देगी भाजपा नेता अपर्णा यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की शादी टूटने की कगार पर है। प्रतीक ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपर्णा से तलाक लेने की बात कही। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में कई सवाल घूमने लगे हैं। अगर अपर्णा का रिश्ता टूटता है, तो भाजपा का क्या रुख होगा? 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भोपाल के अयोध्या बायपास, रत्नागिरी के बाद अब एमपी नगर में खाद्य भवन के लिए करीब डेढ़ सौ पेड़ काटे जाने की तैयारी है। ये करीब 50 साल पुराने हैं। इसके चलते पर्यावरणविद् और खुद कर्मचारी विरोध में उतर गए हैं। गुरुवार को वे पेड़ों से चिपककर 'चिपको आंदोलन' भी करेंगे। जानकारी के अनुसार, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन 64 करोड़ रुपए से सभी दफ्तरों को एक जगह शिफ्ट करने के लिए नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव बना चुका है। निर्माण एमपी नगर स्थित नाप तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर होना है। सभी सुविधाओं में 90 से 100 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। ये तब जब वेयर हाउसिंग, खाद्य संचालनालय व नाप तौल के अपने भवन हैं। सिर्फ नागरिक आपूर्ति निगम (नान) किराए के दफ्तर में है। दोपहर में होगा आंदोलनमप्र नाप तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया, पेड़ों को बचाने के लिए कर्मचारी और पर्यावरणविद् पेड़ों से चिपक कर प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन भोजन अवकाश के दौरान होगा। इस दौरान सभी काली पट्टी भी बांधेंगे। नए भवन के लिए टेंडर हो चुके जारीहाल ही में वेयर हाउसिंग द्वारा नए भवन के निर्माण के लिए एजेंसी चुनने टेंडर जारी कर दिए हैं। नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय एमपी नगर में जिला उद्योग केंद्र के पास लगभग डेढ़ एकड़ जमीन पर स्थित है। मुख्य भवन के अलावा काफी बड़ा क्षेत्र टैंक लारी कैलिब्रेशन और दूसरी प्रयोगशाला के लिए छोड़ा गया है। इसी जमीन पर पुराने भवन को तोड़कर नया खाद्य भवन बनेगा। जिसके लिए पेड़ों को भी काटा जाएगा। पीपल, बरगद सहित परिसरमें 40 से 50 साल पुराने लगभग 150 पेड़ हैं। एक विभाग के लिए इतना खर्च ठीक नहींतिवारी ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़कर सभी विभागीय दफ्तरों के सरकारी भवन हैं। सिर्फ नान के लिए 100 करोड़ रुपए का खर्च ठीक नहीं है। परिसर के 150 पेड़ भी काटे जाएंगे। 3 साल में भवन बनने पर मुख्यालय को लाखों रुपए किराए के देने होंगे। विभाग के सभी स्टाफ गुरुवार से काली पट्टी लगाकर काम करेंगे। वहीं, भोजन अवकाश में विरोध करेंगे। सात साल पहले अपने दफ्तर बाहर भेजेजगह की कमी बताकर 7 साल पहले नाप तौल मुख्यालय से उप नियंत्रक व निरीक्षक कार्यालय 50 लाख खर्च कर जेके रोड क्षेत्र में 5 हजार वर्गफीट के दफ्तर में भेजे थे। कर्मचारियों के मुताबिक यहां स्टाफ के बैठने और जब्त सामान रखने केलिए बमुश्किल जगह है। मुख्यालय में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा बनाने 5 करोड़ की स्वीकृति मांगी जा चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल बायपास के पेड़ों की सुनवाई अब दिल्ली NGT में भोपाल के अयोध्या बायपास में हजारों पेड़ों की कटाई के मामले में स्थगन (स्टे) अभी बरकरार रहेगा। गुरुवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मामले की सुनवाई की। वहीं, एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को दो दिन में दस्तावेज पेश करने को कहा है। 10 लेन सड़क बनाने के लिए एनएचएआई ने हजारों पेड़ काट दिए थे। वहीं, जो पेड़ बचे हैं, उन्हें लेकर एनजीटी में सुनवाई हुई। इस पर पर्यावरणविद् की भी नजर रही। वे पेड़ों को बचाने के लिए 'चिपको आंदोलन' तक कर चुके हैं।पूरी खबर पढ़ें
जनवरी के 21 दिन में चार बार रात का पारा 12 डिग्री के पार
जनवरी के आखिरी दिनाें में सर्द हवा के बावजूद रात का पारा चढ़ने लगा है। दिन में धूप के तीखे तेवर से तपन में बढ़ोतरी हो गई है। जनवरी के 21 दिन में चार बार रात का पारा 12 डिग्री के पार पहुंच गया है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बुधवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहा। इसके पहले 2, 3 और 18 जनवरी को रात का पारा 12 डिग्री से ज्यादा रहा था। अधिकतम तापमान पर नजर डालें तो यह 28 डिग्री रहा, जबकि मंगलवार को यह 26.5 डिग्री पर था। कोहरे धीरे-धीरे सिमट गया है। शाम ढलने के बाद चलने वाले सर्द हवा भी कम महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वाेत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवा बह रही है। आगे : 26 से बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग, भोपाल के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी से पश्चिमोत्तर भारत को प्रभावित करने की संभावना है। उसके असर से दिन के साथ रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार है।
गरोठ हाईवे निर्माण में अफसर-ठेकेदार की मनमानी से नाराज ग्रामीणों ने रुकवाया काम
उज्जैन-गरोठ हाईवे निर्माण में अफसर व ठेकेदारों की मनमानी का आरोप लगाते हुए बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सर्विस रोड नहीं बनाने के विरोध में मयंक परिसर पंवासा और निमनवासा के रहवासियों ने यहां हो रहा काम रुकवा दिया। ग्रामीणों को रुख देखते हुए ठेकेदार के कर्मचारी अपने सामान समेटकर चलते बने। इसके बाद ग्रामीण इंतजार करते रहे, लेकिन एनएचएआई के अफसर नहीं पहुंचे। मयंक परिसर निवासी दीपक पंवार ने बताया कि हाईवे के अधिकारियों ने सर्विस रोड की हां कर दी, लेकिन अब बनाने में आनाकानी कर रहे हैं। बरसात में हमारे रास्ते ही नहीं रहते। हाईवे बनने से पुराना रास्ता बंद हो गया। इसलिए मक्सी रोड की कनेक्टिविटी अति आवश्यक है। किसान दीप सिंह अटल ने बताया कि हमारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे हमें हाईवे पर होकर जाना पड़ता है। सर्विस रोड दे दिया जाए तो हमारी समस्या दूर हो जाएगी। यह मामला: किसानों के रास्ते बंद हुए गरोठ रोड निर्माण के दौरान हाईवे वालों ने कई साल पुरानी मयंक कॉलोनी, श्रीराम मंदिर व पंवासा के बीच का रास्ता दर्ज नहीं किया। वहीं सर्विस रोड का प्रावधान नहीं किया। इस कारण किसानों के रास्ते भी बंद हो गए। निर्माण के दौरान भी किसानों ने विरोध जताकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। तालमेल नहीं होने से यह स्थिति विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी अजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि सही तालमेल के आभाव में यह स्थिति उत्पन्न हुई। यहां एनएचएआई द्वारा बनाए गए लगभग 300 मीटर का डीएलसी सर्विस रोड अगर डामर होकर मक्सी रोड से मिला दिया जाए तो रहवासियों और किसानों की समस्या हल हो जाएगी। मैं खुद माैका देखने जाऊंगा मैं खुद मौका देखने जाऊंगा। ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। जो भी जरूरी होगी वह सब सुविधाएं देंगे। राहुल जाजोरिया, पीडी एनएचएआई उज्जैन
इंदौर-उज्जैन के ग्रीनफील्ड रोड का मामला:किसान-अफसरों में हाट-टॉक, बैठक छोड़कर चल दिए किसान
उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड रोड से प्रभावित 7 गांवों के किसानों की बुधवार शाम को हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक में किसानों को अफसर वहीं पुराने नियम बताते रहे। इसको लेकर किसानों की एडीएम शाश्वत शर्मा से भी बहस हो गई। शाम को हुई मीटिंग में प्रभावित 7 गांव से करीब 15 से 20 किसान बैठक में शामिल होने आए थे, जिन्हें एसडीएम कृतिका भीमावद ने जमीन सौदों के हिसाब से मुआवजा तय करने और उसमें एक हेक्टेयर पर 75 हजार बढ़ाने की बात कही। इससे किसान और नाराज हो गए। किसान बाजारी मूल्य के आधार पर मुआवजा और सड़क की हाइट कम करने की अपनी बात ही रखते रहे। एडीएम शाश्वत शर्मा ने किसानों को साल 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के नियम बताते हुए बाजार मूल्य पर मुआवजा देना संभव नहीं होने की बात कही। इस पर किसानों ने लिखित रूप से अपनी मांगे अफसरों के सामने रखी और अल्टीमेटम के देकर वहां से चल दिए। किसानों ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि यदि अफसरों का ऐसा ही रूख रहा तो हम ग्रीन फील्ड रोड नहीं बनने देंगे। किसान नेता राजेश सोलंकी व नरेंद्रसिंह आंजना ने बताया कि बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला। भोपाल में हाई लेवल मीटिंग, उज्जैन का भी जिक्र जमीन अधिग्रहण को लेकर सामने आ रहे विरोध को देखते हुए बुधवार को मप्र सरकार ने हाई लेवल मीटिंग रखी। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पीडब्ल्यूडी मंडी राकेश सिंह और लघु उद्योग मंत्री चेतन कश्यप की मौजूदगी में हुई मीटिंग में किसान संघ के पदाधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा। भारतीय किसान संगठन ने भारत एग्रो इकोनॉमिक्स की उदयपुर बैठक में पारित हुए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव सामने रखे। भाकिसं प्रदेशाध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को 2 गुना के बजाय 4 गुना मुआवजा देने की बात रखी है। प्रांत संगठन मंत्री मध्य भारत प्रांत भरत सिंह पटेल ने बताया कि बैठक के दौरान उज्जैन-जावरा और उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड रोड को लेकर हो रहे किसानों के विरोध पर भी चर्चा हुई।
गोरखपुर में अपने बर्थडे पर युवक को गोली मारने वाली अंशिका ब्लैकमेलर निकली। उसने गीडा थाना प्रभारी समेत 12 से ज्यादा पुलिसवालों को अपने जाल में फंसा रखा था। इन सभी पुलिस वालों से वह न्यूड होकर वीडियो कॉल करती थी। पुलिसवाले भी न्यूड हो जाते थे। अंशिका ने सभी के वीडियो बना लिए। सभी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अंशिका पुलिस वालों से कहती कि पैसे दो, वरना न्यूड वीडियो वायरल कर दूंगी। रेप का केस दर्ज करा दूंगी। पुलिस वाले भी अंशिका के आगे बेबस हो गए। वह सभी से मुंह मांगी कीमत वसूल रही थी। पुलिस वाले उसे विषकन्या कहकर बुलाते हैं। अंशिका ने 15 और लोगों के न्यूड वीडियो बनाकर इन सभी से पैसे वसूले। 20 जनवरी यानी मंगलवार अंशिका अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शाप के पास बर्थडे मना रही थी। तभी उसकी एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से कहासुनी हो गई। अंशिका ने उस पर पिस्टल तान दी। दोनों के बीच छीना-झपटी में गोली मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। मौके पर भीड़ ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। कैंट पुलिस ने अंशिका को बुधवार को जेल भेज दिया है। अब उसके साथी बंटी वर्मा समेत 5 आरोपियों की तलाश में जुटी है। शातिर अंशिका सिंह के जाल में पुलिस वालों से लेकर बाकी लोग कैसे फंसते चले गए, पढ़िए रिपोर्ट... मकान मालिक से 2 लाख की रंगदारी मांगी एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- अंशिका मूलरूप से हरपुरबुदहट की रहने वाली है। वह सिंघड़िया में किराए के कमरे में रहती थी। 2021 में अंशिका सिंह संतकबीर नगर जिले के कोतवाली इलाके में गुड़िया पीटर के मकान में किराए के घर में रहती थी। गुड़िया पीटर ने तब संतकबीरनगर के एसपी से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि अंशिका कमरे में लड़कों को बुलाकर गलत काम करती है। इस वजह से मोहल्ले में उसके घर की बदनामी हो रही। अंशिका से जब कमरा खाली करने को बोला तो उसने दो लाख रुपए की रंगदारी मांगी। झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसलिए गुड़िया शांत हो गईं। उसने घर में CCTV कैमरे लगवा दिए। इसके कुछ दिन बाद ही अंशिका ने कमरा खाली कर दिया था। 5 साल में 150 लोगों को वीडियो कॉल, CO-दरोगा के न्यूड वीडियो बनाए पुलिस जांच में सामने आया कि अंशिका ने पिछले 5 सालों में 150 लोगों से वीडियो कॉल से संपर्क किया। उनके न्यूड वीडियो बनाकर ठगी की। इसमें गोरखपुर के पुलिसकर्मियों के साथ ही अयोध्या के एक CO का भी नाम सामने आया है। अंशिका ने गोरखपुर के 12 से अधिक पुलिसकर्मियों से पहले मैसेंजर एप के जरिए बात की। फिर नंबर लेकर उसने वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया। वीडियो कॉल पर वह न्यूड होकर बात करती। इस दौरान वह पुलिसकर्मियों से भी न्यूड होने को कहती थी। तभी उनके न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। 5 जनवरी काे अंशिका ने गीडा थाने के एक दरोगा से मैसेंजर एप के जरिए बात की। फिर उनका नंबर लेकर वीडियो कॉल की। अंशिका के सामने दरोगा वीडियो कॉल पर न्यूड हो गए, जिसका उसने वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल कर वसूली करने लगी। इसके अलावा अंशिका ने संतकबीरनगर के खलीलाबाद निवासी सूरज सिंह को भी जाल में फंसाया। पैसे न देने पर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं खलीलाबाद के ही प्रियांशु सिंह काे भी फर्जी मुकदमे की धमकी देकर 50 हजार रुपए वसूले। प्रियांशु ने सीएम के पोर्टल पर शिकायत भी की थी। अंशिका पर 3 महीने पहले THAR चोरी की FIR कैंट सीओ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया- अंशिका और उसके 6 साथियों के खिलाफ 12 अक्टूबर, 2025 को THAR चोरी करने और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के मामले में FIR दर्ज की गई थी। गाजीपुर के नोनहरा में रहने वाले चंदन नारायण ने खोराबार पुलिस से इसकी शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि अंशिका और उसके साथी दिल्ली से चोरी हुई THAR पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं। बीते साल 13 अक्टूबर को पुलिस ने गाड़ी चोरी के मामले में दो युवकों को अरेस्ट किया। इनमें बड़हलगंज के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और देवरिया के बरहज बाजार के रहने वाले आकाश वर्मा उर्फ बंटी थे, जिन्हें जेल भेजा गया था। पुलिस इसके बाद अंशिका समेत 4 अन्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। जांच में गाड़ी में 4 फर्जी नंबर प्लेट मिलीं। जिनमें दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सितंबर में दिल्ली से गाड़ी किराए पर ली और उसे लेकर भाग गए। किराए की THAR लेकर दिल्ली घूमने निकले अंशिका दोस्तों के साथ सितंबर, 2025 में दिल्ली घूमने गई थी। वहीं से THAR किराए पर ली थी, जिसे लेकर भाग निकले। पकड़े जाने के डर से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में फर्राटा भर रहे थे। दो साथियों के गिरफ्तारी की खबर जैसे ही अंशिका को लगी, वो अंडरग्राउंड हो गई थी। अंशिका अपने साथियों के साथ मॉडल शॉप पर शराब खरीदने के लिए रुकी थी। इसी बीच उसका झगड़ा हो गया, जिसमें अमिताभ को गोली लग गई। उसके पास पिस्टल कहां से आई, इसकी भी जांच की जा रही है। अब पढ़िए, हॉस्पिटल मैनेजर से कैसे विवाद हुआ... मैनेजर से रंगदारी वसूल रही थी अंशिका खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल सीकरी, जमुना टोला निवासी विशाल मिश्रा ने अंशिका और उसके साथियों के खिलाफ तहरीर दी। उसने बताया कि मैं द्विवेदी चाइल्ड केयर अस्पताल में मैनेजर के पद पर कार्यरत हूं। कुछ समय पहले अंशिका सिंह और बंटी वर्मा मेरे अस्पताल में आए थे। बातचीत के दौरान दोनों ने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया। इसके कुछ दिन बाद अंशिका दोबारा बंटी के साथ अस्पताल आई। मुझे बाहर बुलाया। पिस्टल दिखाते हुए 12 हजार रुपए वसूल लिए। धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो रेप के झूठे मुकदमे में फंसा दूंगी। मैंने उसे पैसे दे दिए। 20 जनवरी को अंशिका अपने साथी अमिताभ और शैलेश निषाद के साथ करजहा क्षेत्र में थी। तभी उसने फोन करके मुझसे 50 हजार रुपए मांगे। धमकी दी कि अगर बताई गई जगह पैसे लेकर नहीं पहुंचे तो मुझे परिवार समेत जान से मरवा दिया जाएगा। पैसे कम दिए तो पिस्टल से गोली चला दी, साथी को लगी इसके बाद कई बार लगातार मुझे धमकी भरे फोन कॉल किए गए। मैं डर गया। मैंने 20 हजार रुपए का इंतजाम किया। शाम करीब 5 बजे मैं अपने दो साथियों के साथ सिंघरिया मोड़ स्थित मॉडल शॉप के पास पहुंचा। वहां पहले से अंशिका सिंह, बंटी वर्मा और उनके चार-पांच अन्य साथी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में मौजूद थे। मैंने उसे 20 हजार रुपए दिए तो वह भड़क गई। वह उसके साथी मुझे गालियां देने लगे। इसी दौरान अंशिका सिंह ने पिस्टल निकालकर मेरे सीने पर रख दी। मैं पीछे हटा तो अंशिका ने गोली चला दी, गोली मेरे साथी अमिताभ के पेट में जा लगी। पुलिस ने उसे एम्स अस्पताल में भर्ती कराया। इंस्टा पर रील बनाने का शौक, 700 वीडियो अपलोड किए अंशिका को रील बनाने का काफी शौक है। उसने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज्यादा रील पोस्ट किए हैं। डांस करते हुए रील पर खूब व्यूज भी मिले हैं। अंशिका ने एक रील संतकबीरनगर के कोतवाली थाने में भी पुलिस जीप के सामने खड़ी होकर बनाई है। जिसमें मार देब गोली थनवा में घेरकर गाना भी लगाया है। पुलिस की जांच में अंशिका के मोबाइल में उसके कई पुलिस वालों के साथ फोटो-वीडियो भी मिले हैं। इनमें से कुछ अश्लील भी हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि घटना की मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की 2 टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में लगी हैं। सभी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अंशिका की कई और शिकायतें भी सामने आई हैं। अगर उन पीड़ितों की तहरीर आती है तो बाकी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। ...................................... ये खबर भी पढ़िए- बर्थडे गर्ल ने युवक को गोली मारी, VIDEO:गोरखपुर में शराब की दुकान के सामने मारपीट; THAR चोरी कर फरार थी गोरखपुर में बर्थडे गर्ल ने एक युवक को गोली मार दी। दरअसल, युवती अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शाप के पास सड़क पर ही बर्थडे मना रही थी। उसी दौरान उसका परिचित युवक अपने दोस्तों के साथ आ गया। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। इसके बाद मारपीट होने लगी। इस पर युवती ने तैश में आकर पिस्टल निकाल ली। दोनों के बीच पिस्टल की छीना-झपटी होने लगी, जिसमें गोली चल गई। गोली युवक के ड्राइवर को लगी। इसके बाद युवती और उसके दो साथियों को स्थानीय लोगों ने घेरकर पकड़ लिया। फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पढ़ें पूरी खबर
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हम लोग मलाकराज मोहल्ले में घर के पास थे। अचानक एयरक्राफ्ट गिरते नजर आया, तो शोर मचाने लगा। इसके बाद मैं दौड़ते हुए रेलवे लाइन की तरफ भागा। रेलवे लाइन क्रॉस करते वक्त देखा कि एयरक्राफ्ट तालाब के दलदल में गिर गया। इसके बाद पायलट हाथ के इशारे से मदद मांगते नजर आए। मैंने हौसला दिखाया, कपड़े उतारे और तालाब के दलदल में छलांग लगा दी। बीच तालाब में एयरक्राफ्ट के पास पहुंचा। पायलटों को संभाला। पायलटों को निकाल कर लाए, अपनी झोपड़ी में हाथ पैर धुलाया। ये कहना है प्रयागराज के पंकज सोनकर का। मलाकराज मोहल्ला शहर के बीचों-बीच का इलाका है। केपी कॉलेज के पीछे तालाब में एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ। इसके बाद स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। दैनिक भास्कर की टीम ने यहां पहुंचकर पायलट को बचाने वालों से बात की, पढ़िए रिपोर्ट... पहले तस्वीरें देखिए पहले जानिए आबादी के बीच तालाब में कैसे गिरा एयरक्राफ्ट प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। एयरक्राफ्ट हवा में उड़ते-उड़ते डगमगाया और तालाब में गिर गया। मलाकराज मोहल्ले में हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे केपी कॉलेज के पीछे हुआ। यह शहर के बीचों-बीच का इलाका है। तालाब के पास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। एयरक्राफ्ट क्रैश होने से पहले दोनों पायलट पैराशूट से कूदे और तालाब के दलदल में फंस गए। जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। जिस तालाब में विमान गिरा है, वहां चारों तरफ जलकुंभी उगी हुई है। एयरक्राफ्ट तक रेस्क्यू टीम पहुंची। सेना, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF भी मौके पर पहुंचे। PRO डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया- माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट ने दोपहर 12:15 बमरौली एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते समय तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। अब पढ़िए पायलट को बचाने वाले लोगों से बातचीत सबसे पहले पायलटों को बचाने के लिए झोपड़ पट्टी में बसे मलाकराज मोहल्ले में रहने वाला पंकज तालाब में कूदे। भास्कर की टीम से पंकज सोनकर ने कहा- हम अपने घर के पास थे। अचानक एयरक्राफ्ट गिरते नजर आया तो लोगों ने शोर मचा दिया। इसके बाद मैं दौड़ते हुए रेलवे लाइन की तरफ भागा। रेलवे लाइन क्रॉस करते समय देखा कि एयरक्राफ्ट तालाब के दलदल में गिर गया है। भीड़ शोर मचा रही थी। मैं भी वहां पर पहुंचा। देखा कि दो पायलट दलदल में फंसे है। इसके बाद पायलट हाथ के इशारे से मदद मांगते नजर आए। मैंने हौसला दिखाया, कपड़े उतारे और तालाब के दलदल में छलांग लगा दी। तालाब में जलकुंभी थी। इसलिए तैरने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन मैंने हौसला नहीं हारा। उनके पास पहुंचा। पायलट काफी डरे हुए थेपंकज सोनकर ने कहा- मुझे देखकर वह खुश हो गए। वह लोग काफी डरे हुए थे। हमने दोनों को संभाला। तब तक आकाश और अन्य लड़के भी पहुंचने लगे। इसके बाद हम लोग पायलटों को सुरक्षित निकाल कर लाए। पायलटों ने निकलते ही हम लोगों को गले लगा लिया। इसके बाद मैं उन्हें अपनी झोपड़ी लेकर गया। वहां पर दोनों को बैठाया। उनके हाथ पैर धुलवाए। इसके बाद वो चले गए। पायलटों को बचाने वाला पंकज सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। पंकज के पीछे-पीछे उसके मोहल्ले के आकाश सोनकर भी बचाने पहुंचे। उन्होंने कहा- पंकज जान जोखिम में डालकर सबसे पहले एयरक्राफ्ट तक पहुंचा और दलदल में धंसे पायलटों को बचाया। ऐसे में सरकार को उसके लिए कुछ करना चाहिए। बेहद गरीब है जान बचाने वाला पंकज आकाश ने बताया- रेलवे लाइन के किनारे रहने वाला पंकज बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह झोपड़ी में रहता है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। दो बहनें, मां पत्नी और बच्चे हैं। स्कूल की बाउंड्री से कूदे पदम और राम चंदरविद्या वाहिनी स्कूल के कर्मचारी पदम सिंह और राम चंदर भी अपने स्कूल की बाउंड्री कूदकर तालाब में पहुंचे। इन दोनों ने भी पायलटों की मदद की। पदम सिंह ने बताया- स्कूल मैदान में थे, तभी राकेट उड़ने जैसा धमाका सुनाई पड़ा। भागते हुए बाउंड्री तक पहुंचे तो एयरक्राफ्ट तालाब में गिर रहा था। फिर पायलटों ने हाथ का इशारा किया। इसके बाद हम और राम तालाब में कूद पड़े। PRO डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया- कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का ऑर्डर हुआ है। जांच के पहलू में प्लेन में क्या खराबी आई यह सबसे अहम है। पायलट ने इमरजेंसी फोर्स लैंडिंग में क्या किया। पायलट का बयान दर्ज होगा। प्लेन का मीटर चेक होगा, उड़ान भरने से लेकर घटनास्थल की दूरी की जांच होगी। ब्लैक बॉक्स और एटीसी कंट्रोल को मिली जानकारी को सिलसिलेवार रिकॉर्डिंग पर लिया गया है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में एक माह का समय लग सकता है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें.... प्रयागराज में एयरफोर्स का प्लेन क्रैश, तालाब में गिरा, VIDEO:शहर के बीचों-बीच हवा में डगमगाया, माघ मेला से 3km दूर हादसा प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। एयरक्राफ्ट हवा में उड़ते-उड़ते डगमगाया और तालाब में गिर गया। 2 सीटर एयरक्राफ्ट में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं। हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे केपी कॉलेज के पीछे हुआ। यह शहर के बीचों-बीच का इलाका है। तालाब के पास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर...
ग्रामीणों की सुविधा के नाम पर हर दूसरे गांव में श्मशान घाट बनाए गए, जिन्हें मनरेगा व मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना जैसे मदों से सहायता मिली थी। 10 सालों में 609 ग्राम पंचायतों में 102 शांतिधाम का निर्माण हुआ, लेकिन अधिकांश की स्थिति खराब है। जर्जर स्थिति, टूटते चबूतरे, अधूरे निर्माण और पहुंच मार्गों की कमी जैसी समस्याएं रहवासियों को प्रभावित कर रही हैं। नियम यह है कि पंचायतों को श्मशान स्थल पर बुनियादी सुविधाएं और पहुंच मार्ग विकसित करना चाहिए, लेकिन कई जगह यह पूरा नहीं हो पाया है। भास्कर ने 7 श्मशान घाटों पर जाकर स्थिति देखी, जहां अधिकांश शांतिधाम का चबूतरा टूट चुका है या मिट्टी में मिल गया है। कुछ जगह केवल बाउंड्री वाल और रंगाई‑पुताई जैसे काम हुए हैं, जबकि राशि के अनुसार काम नहीं दिखता है। कई शांतिधाम ऐसे हैं जहां कोई सीमेंटेड रास्ता नहीं है और अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन तक जाना पड़ता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए शहर पर निर्भर रहना पड़ता है हासामपुरा श्मशान घाट में सड़क अधूरी छोड़ी गई, क्योंकि जमीन का मामला अटका था और यहां से ब्रिज निर्माण भी होना है, इन सब कारणों के चलते काम बाकी है। रानाबड़ में जनसहयोग से काम हो रहा है, इतनी ही जानकारी है। - नरेंद्र सिंह चावड़ा, हासामपुरा सरपंच बृजराज खेड़ी में श्मशान की बाउंड्री वाल आगे तक बढ़ाई थी, जिसके चलते ज्यादा खर्च हो गया। साथ ही कुछ कार्य और करवाएंगे। ग्राम गंगेडी का श्मशान घाट भी बनवाना है।मुकेश आंजना, सरपंच प्रतिनिधि गंगेड़ी
बहुजन समाज पार्टी यूपी फतह करने के लिए हर जिले में रोड-शो और सभा करने की रणनीति बना रही है। पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद इस रणनीति में फ्रंट पर भूमिका निभाएंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पूरे प्रदेश में माहौल बनाने की तैयारी कर रही है। इस दौरान आकाश हर जिले में जाएंगे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद करेंगे। इस दौरान दूसरी पार्टी के बड़े नेताओं को बसपा की सदस्यता भी दिलाई जाएगी। आकाश आनंद कब से हर जिले में निकलेंगे? विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी आकाश को पूरे यूपी में घुमाकर क्या संदेश देना चाहती है? क्या 2027 विधानसभा में आकाश ही होंगे यूपी में पार्टी का चेहरा? पढ़िए पूरी खबर… मायावती के भतीजे आकाश आनंद अब यूपी में जोर-शोर से सक्रिय होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आकाश फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह से यूपी के सभी 75 जिलों में रैली के लिए निकलेंगे। पार्टी स्तर पर इसकी गुपचुप तैयारी शुरू कर दी गई है। 2027 विधानसभा से पहले मायावती आकाश को पूरे प्रदेश में घुमाकर राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती हैं। खासकर आकाश के माध्यम से वह युवाओं को पार्टी के पाले में लाना चाहती हैं, जो चंद्रशेखर आजाद के साथ चले गए हैं। आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्रीआकाश पहली बार 2017 में सहारनपुर की एक जनसभा में मायावती के साथ दिखे थे। इसके बाद से वह लगातार पार्टी का काम कर रहे थे। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। यह फैसला तब लिया गया, जब सपा और बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद टूटा। 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आया था। आकाश ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है। उनकी शादी बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से हुई है। आकाश पर क्यों दांव लगा रही बसपा वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम कहते हैं- आकाश की उम्र 30 के करीब है। वह युवा हैं। बसपा प्रमुख मायावती की अपीलिंग प्रदेश में सबसे अधिक है। लेकिन, उनके बाद आकाश को बसपा के कार्यकर्ता देखना-सुनना चाहते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में आकाश की सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती थी। लेकिन, पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी के चलते मायावती ने उनके पर कतर दिए। इसका असर ये रहा कि बसपा के कोर वोटर में ये गलतफहमी पैदा हो गई कि मायावती भाजपा के दबाव में निर्णय ले रहीं। बसपा को इसका तिहरा नुकसान हुआ। पहला- दलितों का एक बड़ा वोट बैंक पीडीए का नारा लगा रही सपा-कांग्रेस के महागठबंधन की ओर चला गया। दूसरा- बसपा लोकसभा में यूपी से अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि 2019 के लोकसभा में उसके 10 सांसद थे। तीसरा- आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद नगीना सीट से जीतने में सफल रहे। पश्चिमी यूपी में दलितों के एक नए चेहरे के उभार के बाद बसपा को समझ में आया कि उससे क्या गलती हुई? इसी गलती को अब मायावती ठीक करने में जुटी हैं। यही वजह है कि मायावती न सिर्फ अपनी भतीजे को पार्टी में वापस लाईं, बल्कि अब उन्हें पार्टी में अघोषित तौर पर नंबर-2 की पोजिशन पर भी बैठा दिया। मायावती भतीजे आकाश आनंद के सहारे चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती लोकप्रियता पर ब्रेक लगाना चाहती हैं। दूसरी ओर, वह आकाश को सक्रिय करके बसपा कार्यकर्ताओं में उनकी स्वीकार्यता मजबूत करना चाहती हैं। इसका फायदा ये हाेगा कि जब कभी मायावती आकाश को अपना उत्तराधिकारी घोषित करेंगी, तो कोई विरोध नहीं होगा। क्या 2027 में आकाश होंगे पार्टी का चेहरा? वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं- आकाश चेहरा रहेंगे, लेकिन मुख्य चेहरा मायावती ही होंगी। खुद मायावती अपने जन्मदिन पर पत्रकारों से बता चुकी हैं कि बसपा कार्यकर्ता उन्हें 5वीं बार यूपी का सीएम बनाने का मन बना चुके हैं। इससे साफ है, अभी मायावती के हाथ ही में संगठन और सत्ता मिलने पर सरकार की कमान रहेगी। हां, मायावती सरकार बनने पर भतीजे आकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर अपनी देख-रेख में उनकी राजनीति को और निखारेंगी। बसपा में 1 से 10 नंबर तक मायावती ही चेहरा हैं। इसके बाद किसी दूसरे नेता का नंबर आता है। ये छवि पार्टी की कमजोरी भी साबित हुई। पहले बसपा में मायावती के बाद कई ऐसे नेता थे, जिन्हें महत्वपूर्ण माना जाता था। लेकिन, समय के साथ सभी को मायावती पार्टी से किनारे लगा चुकी हैं। ऐसे में अब उनके पास भतीजे आकाश के अलावा कोई दमदार चेहरा नहीं बचा है। अब आकाश ग्राउंड में उतरकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे और मायावती बीच-बीच में जाकर इस माहौल को और गरमाएंगी। यूपी के हर जिले में रैली, रोड शो और जनसभाएंबसपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- आकाश होली के बाद यूपी के दौरे पर निकलेंगे। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। बसपा ने 9 अक्टूबर, 2025 के बाद अपना ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है कि हर महीने कोई न कोई महत्वपूर्ण आयोजन से पार्टी चर्चा में बनी रहे। मायावती का जन्मदिन का आयोजन भी निकल चुका है। फरवरी में धार्मिक आयोजन और होली के बीच एसआईआर को लेकर पार्टी का पूरा फोकस रहेगा। मार्च से पार्टी आकाश के जरिए पूरे यूपी में बसपा के पक्ष में एक जनसमर्थन वाला माहौल बनाना चाहती है। आकाश प्रदेश के सभी 75 जिलों में जाएंगे। हर जिले में रैली से ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं में जोश भरा जाएगा। युवाओं को बसपा की तरफ आकर्षित किया जाएगा। बिहार की युवा अधिकार यात्रा की तर्ज पर यूपी में भी इसी तरह की जागरूकता रैली सीरीज चलाई जाएगी। बसपा की इन रैलियों में दलित, मुस्लिम, पिछड़े और ब्राह्मणों को जोड़ने पर फोकस रहेगा। पार्टी की रैली और सभाओं को सफल बनाने की जिम्मेदारी जिला संगठन के साथ सभी भाईचारा कमेटियां और बीएस-4 के लोगों को भी सौंपी गई है। आकाश कार्यकर्ताओं के साथ ही रात्रि विश्राम भी करेंगे, उनसे चर्चा करेंगे। मायावती 9 अक्टूबर, 2025 में लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित लाखों की रैली में पहले ही आकाश को लेकर अपील कर चुकी हैं कि ’जैसे मेरे साथ खड़े रहे, वैसे ही आकाश के साथ खड़े रहें।’ मायावती के जन्मदिन के बाद से सक्रिय हैं आकाशआकाश आनंद 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन अवसर पर लखनऊ में थे। इसके बाद वे दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने पार्टी का संगठन मजबूत करने पर फोकस बढ़ा दिया। पिछले दिनों आकाश ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब सहित 8 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की। उनके साथ पिता आनंद कुमार भी मौजूद रहे। आकाश ने चुनावी राज्यों में पार्टी संगठन के विस्तार को लेकर अलग से बात की। इसके पहले बिहार चुनाव में उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में लगातार प्रचार किया था। अब यूपी में आकाश पूरी तरह से सक्रिय होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते और ओबीसी चेहरे के तौर पर उनके साथ विश्वनाथ पाल भी इन रैलियों और सभाओं में नजर आ सकते हैं। पश्चिम से शुरू हो सकती है रैली और सभाएंपार्टी सूत्रों के मुताबिक, आकाश की रैली और सभाएं पश्चिमी यूपी से शुरू होगी। पार्टी का कोर जाटव वोटर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा है। पश्चिमी यूपी में ही चंद्रशेखर भी सक्रिय हैं। हालांकि किस जिले में आकाश सबसे पहले जाएंगे, इसका चयन अभी नहीं हुआ है। सैय्यद कासिम कहते हैं- पश्चिम में जाटव और मुस्लिम के समीकरण को साधने के लिए भी पार्टी आकाश की रैली और सभाओं को वहां से शुरू कराना चाहती है। इसके बाद पार्टी का फोकस पूर्वांचल के जिले होंगे। यहां ब्राह्मणों को साधने के लिए आकाश की मौजूदगी में कई स्थानीय ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की तैयारी है। मायावती 2007 की तरह ही पिछड़ों, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों को साधकर सोशल इंजीनियरिंग का एक गुलदस्ता तैयार करना चाहती है। जिसके जरिए उन्हें 2027 विधानसभा को फतह करने में आसानी हो। 206 से 1 विधानसभा सीट पर सिमटी बसपा2007 में 206 विधानसभा सीटें जीतने वाली बसपा की अब हालत ये है कि विधानसभा में सिर्फ एक विधायक है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 15.2 करोड़ वोटर में से 12.9 फीसदी वोट बसपा को मिला। उसे कुल एक करोड़ 18 लाख 73 हजार 137 वोट मिले थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बसपा की स्थिति नहीं सुधरी। 2019 के लोकसभा में 10 सीटें जीतने वाली बसपा इस बार खाता भी नहीं खोल पाई। उसका वोट प्रतिशत 2019 में 19.43% से गिरकर 9.35% रह गया। ये विधानसभा चुनाव से भी लगभग 3 प्रतिशत कम था। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें- अपर्णा की खासियत मुलायम परिवार की बहू होना, तलाक हुआ तो BJP कितना साथ देगी भाजपा नेता अपर्णा यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की शादी टूटने की कगार पर है। प्रतीक ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपर्णा से तलाक लेने की बात कही। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में कई सवाल घूमने लगे हैं। अगर अपर्णा का रिश्ता टूटता है, तो भाजपा का क्या रुख होगा? पढ़ें पूरी खबर
'ए गाड़ी वाले भइया। ए बाबू जी। आप अपनी गाड़ी पीछे मोड़ के ले आइए। उधर कहां लेकर जा रहे हैं। आप तो पढ़े-लिखे समझदार हैं बाबू जी। गाड़ी पीछे मोड़ लीजिए। आ जाइए। आपकी सेवा में वाहन स्टैंड बना है।' प्रयागराज माघ मेले में लाउडस्पीकर के जरिए ये जो आवाज आपके पास आती है, इसके पीछे होमगार्ड विमल कुमार शर्मा हैं। इसके अलावा दिन भर यह भी आवाज आप सुनते ही होंगे- फला व्यक्ति खो गए हैं, जहां भी हों आप संगम टावर के पास आ जाइए। आपके भाई इंतजार कर रहे हैं। विमल कुमार शर्मा ये काम पिछले 23 साल से कर रहे। अब तक मेले में 2 लाख से ज्यादा बिछड़े लोगों को अपनों से मिला चुके हैं। उनके साथ दो अन्य होमगार्ड भी अनाउंसमेंट का यह काम करते हैं। लेकिन, अधिकारियों की पहली पसंद आज भी विमल ही हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने उनसे बात की। आइए जानते हैं... 23 साल पहले की थी शुरुआतविमल कुमार शर्मा इस वक्त 56 साल के हैं। प्रयागराज के ही मेजा इलाके के सोनाई गांव के रहने वाले हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गेट नंबर 4-5 पर ड्यूटी करते हैं। माघ मेला शुरू होते ही यहां आ जाते हैं। विमल कहते हैं- 2003 में पहली बार मेरी बातचीत और भाषा को पसंद करते हुए मुझे अनाउंसमेंट के लिए बुलाया गया। मेरी बोली-भाषा लोगों को पसंद आई। इसके बाद मैं अधिकारियों का पसंद बन गया। जब भी मेला शुरू होता है, अधिकारी बोलते हैं- विमल कुमार अपनी जगह पर पहुंच आइए। विमल कहते हैं- मैं यहां अनाउंसमेंट करके लोगों को मिलाने को अपना सौभाग्य समझता हूं। यह गंगा मइया का आशीर्वाद ही है, जो इतने वक्त से यह कर रहा हूं। 4-5 साल की नौकरी और बची है। इस दौरान तो करूंगा ही, आगे जब रिटायर हो जाऊंगा तब भी मैं निस्वार्थ भाव (फ्री) से यहां आऊंगा। लगातार अनाउंसमेंट का काम करता रहूंगा। इस काम से मुझे सुकून मिलता है। मौनी अमावस्या पर 8-9 हजार लोगों को मिलवायामाघ मेले में सामान्य दिनों में लोगों के अपनों से बिछड़ने वालों की संख्या कम होती है। लेकिन जब प्रमुख स्नान होता है, उस दिन इतने ज्यादा लोग बिछड़ते हैं। हर मिनट 10 से ज्यादा लोगों के नाम पुकारे जाते हैं। विमल बताते हैं- मौनी अमावस्या पर भोर के 3 बजे से अनाउंसमेंट शुरू हो गया था। रात 11 बजे तक यह क्रम चलता रहा। उस दिन 8 से 9 हजार लोगों को मिलवाया गया। हां, 100-200 लोग ऐसे भी थे, जिनके लोग उनसे मिलने नहीं आए। उन्हें हमारी ही टीम हनुमान मंदिर के पास बने भूले-भटके शिविर में छोड़कर आई। विमल से हमने पूछा कि क्या इसके लिए आपको कोई अलग से पैसा मिलता है? वह कहते हैं- नहीं, इसके लिए हमें कोई पैसा नहीं मिलता। लेकिन, इस काम को करने में बहुत सुकून मिलता है। कई बार छोटे बच्चे अपनों से बिछड़ जाते हैं, उन्हें यहीं नाश्ता-पानी करवाया जाता है। जब कोई नहीं आता तो भूले-भटके शिविर पहुंचा दिया जाता है। वहां के लोग उनके वहीं रहने की व्यवस्था करते हैं। फिर भी कोई नहीं आता, तो उसे उसके घर जाने वाली बस-ट्रेन पर टिकट देकर बैठा देते हैं। बस वाले को भी कह देते हैं कि इन्हें वहीं उतार दे। दो अन्य लोग भी साथ में जिम्मेदारी निभाते हैंविमल के अलावा दो और लोग अनाउंसमेंट का काम करते हैं। इनमें एक होमगार्ड जगन्नाथ पटेल हैं, दूसरे सुरेश चंद्र भारती। जगन्नाथ का घर भी विमल के ही पास है। सुरेश चंद्र भी मेजा साइड के हैं। उनकी इस वक्त ड्यूटी मेजा थाने में है। पिछले 4 सालों से वह अनाउंसमेंट के लिए आ रहे और विमल से सीख रहे हैं। विमल कहते हैं- दोनों ही हमारे शिष्य हैं। दोनों ही अब अच्छे से सीख गए हैं और अनाउंसमेंट का काम करते हैं। विमल से हमने पूछा कि कई बार आप लोगों को गाड़ी हटाने, उधर से भागने की बात कहते हैं। क्या कोई बुरा नहीं मानता? विमल कहते हैं- मेरी आवाज ही ऐसी है कि कोई बुरा नहीं मानता। लहजा हमेशा नम्र रखते हैं। कई बार तो लोग गाड़ी पीछे मोड़ते हैं और फिर सॉरी-सॉरी बोलते हुए गाड़ी पीछे लेकर चले जाते हैं। कई बार तो अधिकारियों को भी टोक दिया। वो भी बुरा नहीं मानते, तुरंत ही गाड़ी पीछे घुमा लेते हैं। विमल के पास कोई ऐसा आंकड़ा तो नहीं है कि वह यह बता पाएं कि अब तक कितने लोगों को मिलवाया। लेकिन, वह दावा करते हैं कि 2 लाख से ज्यादा लोगों को संगम पर मिलवा चुका हूं। विमल जिस तरह से काम कर रहे, उससे तो यही लगता है कि पिछले 23 सालों में उन्होंने इससे ज्यादा लोगों को मिलवाया है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें... हिंदू लड़कियां अब्दुल के चक्कर में क्यों पड़े, हर्षा रिछारिया बोलीं- डंडे से समझाने की जरूरत प्रयागराज में संगम में स्नान करके श्रद्धालु लौट रहे हैं। सामने 3 लोग चार्ट लेकर खड़े हैं। किसी में लिखा है- अपनी बेटी को लव जिहाद से बचाओ तो किसी में लिखा है कब तक हिंदू कटता रहेगा? ये बैनर लेकर खड़े लोग कहते हैं कि लोगों को हम लव जिहाद को लेकर जागरूक कर रहे। पढ़ें पूरी खबर
पाकिस्तान के साथ 1971 की वो जंग जो जमीन और आसमान के साथ समंदर की गहराइयों में भी लड़ी गई। डूबते जहाज के कैप्टन ने अपनी लाइफ जैकेट जूनियर को पहना दी और खुद जहाज के साथ पानी में समा गया। एक जांबाज घायल होकर अस्पताल पहुंचा और चार दिन बाद ही फिर से मोर्चे पर आ खड़ा हुआ। ये कहानियां है उत्तर प्रदेश के वीर सपूतों की, जिन्होंने दुश्मन को दफ्न करके ही तिरंगा ओढ़ना मंजूर किया। गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता और बलिदान की कहानियां। कल यानी 23 जनवरी से पढ़िए, देखिए और सुनिए दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘यूपी के योद्धा’।
पुलिस को मिल नहीं रहे कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी, जमानती वारंट जारी
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ एक बार फिर जमानती वारंट जारी किया है। मामला भिंड के उमरी पुलिस थाने का है, जहां 4 मई 2024 को पूर्व विधायक पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 16 जनवरी को प्रकरण उनकी उपस्थिति के लिए था, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष गैरहाजिर रहे। एक बार फिर 500 रुपए के जमानती वारंट से एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। प्रकरण लोकसभा चुनाव के समय का है, जब चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठ-गांठ करने का आरोप लगाया। बसपा प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता अशोक गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में केवल जीतू पटवारी को आरोपी बनाया गया है। लगभग 8 माह पहले कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था।
जिला अस्पताल के विस्तार-पार्किंग को जगह नहीं, रेलवे की मांगी भूमि
जिला अस्पताल मुरार 300 बिस्तर का बन गया है, लेकिन यहां पार्किंग की जगह नहीं बची है। अब यहां नए विभाग अगर शुरू करने हैं तब अस्पताल में कोई जगह बची नहीं है। अस्पताल के पीछे रेलवे की खाली जगह पड़ी है। इसे लेने के लिए सीएमएचओ, सिविल सर्जन कई बार प्रयास कर चुके हैं लेकिन हुआ कुछ नहीं। यहां नवीन टीबी वार्ड, बर्न यूनिट, कैदी वार्ड, डाक्टरों के आवास एवं गाड़ियों की पार्किंग के लिए भूमि की आवश्यकता है। इसके अभाव में जिला चिकित्सालय में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण हॉस्पिटल का विस्तार नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव एवं केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र भेजकर जिला अस्पताल से लगी रेलवे भूमि जिला हॉस्पिटल को उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में 5 अक्टूबर 2021 को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलमंत्री को पत्र लिखा था।
जिला न्यायालय:मजिस्ट्रेट ने कक्ष बंद कराया तो वकीलों ने जमकर नारेबाजी की
जिला न्यायालय, ग्वालियर में बुधवार को वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकील में इस बात को लेकर रोष था मजिस्ट्रेट एमएनएच रिजवी ने कोर्टरूम का कक्ष क्यों बंद कर लिया? मामला बिगड़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल को कोर्ट में बुला लिया गया। विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक केस में आरोपी नीरज और धीरज शर्मा को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। एडवोकेट अक्षिता सिंह ने भास्कर को बताया कि कुल 4 लोगों के खिलाफ उन्होंने पुलिस थाना माधवगंज में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें से पुलिस नीरज और धीरज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। उनकी जमानत का विरोध करने जब वह कोर्टरूम में पहुंची तो कटघरे में खड़े नीरज ने कहा- बाहर निकलकर बताता हूं। पास में खड़े धीरज ने कहा- गोली मार दूंगा। इसकी जानकारी उन्होंने मजिस्ट्रेट को दी। जैसे ही वकीलों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे भी कोर्टरूम पहुंच गए। कुछ वकीलों ने आरोपियों को पीटने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख मजिस्ट्रेट ने कोर्टरूम का बंद करा दिया। इससे वकील नाराज हो गए और कोर्टरूम के बाहर नारेबाजी करने लगे। दोपहर ढाई बजे के लगभग शुरु हुआ हंगामा दो घंटे तक चला। काफी देर नारेबाजी करने के बाद बार ने चार मजिस्ट्रेट कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया। वहीं, भारी सुरक्षा के बीच पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा। चार कोर्ट में पैरवी नहीं करेंगे वकील बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद वकीलों ने बार अध्यक्ष से पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर बैठक बुलाने का आग्रह किया। जिसके बाद बार ने आकस्मिक बैठक बुलाई। इसमें न्यायाधीश एमएनएच रिजवी के साथ ही न्यायाधीश प्रियंका मालपानी, न्यायाधीश फाल्गुनी शर्मा और न्यायाधीश सक्षम नरूला की कोर्ट में कार्य से विरत करने का निर्णय लिया गया। बार अध्यक्ष पवन पाठक ने बताया कि न्यायाधीशों का व्यवहार अशोभनीय है। अभद्र टिप्पणी करने वाले न्यायाधीशों की कोर्ट में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक से ठगी:बिट कॉइन में 40% मुनाफे का लालच देकर खाते से 1.74 लाख रु. उड़ाए
निजी स्कूल के शिक्षक के साथ साइबर ठगी हो गई। ठगों ने टेलीग्राम पर बिट कॉइन ट्रेडिंग में 40% मुनाफे का लालच देकर शिक्षक के खाते से 1.74 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कृष्णपुरी मुरार निवासी 31 वर्षीय गौरव शर्मा डीपीएस स्कूल रायरू में शिक्षक हैं। 7 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे उनके टेलीग्राम अकाउंट पर एक अज्ञात व्यक्ति का मैसेज आया। ठग ने निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया। झांसे में आकर शिक्षक ने पहले पेटीएम के जरिए 38 हजार रुपए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 58 हजार, फिर 50 हजार और 28,190 रु. अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए गए। अंत में 1,13,945 रुपए और मांगने पर शिक्षक को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने मुरार थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से संदिग्ध बैंक खातों और टेलीग्राम अकाउंट की जानकारी जुटाई जा रही है। बिटकॉइन में निवेशकों को ज्यादा मुनाफा मिला है। ऐसे में मुनाफा गंवाने से बचना जरूरी है। विशेषज्ञ आंशिक मुनाफावसूली, स्टॉप-लॉस लगाने और निवेश का लक्ष्य तय करने की सलाह देते हैं। भावनाओं में आकर ट्रेडिंग से बचें, पोर्टफोलियो में विविधता रखें और टैक्स नियम समझकर ही फैसला लें।
नीतीश से दूर हो गए विधायक जी:सरकारी फाइलों में पार्षद मुर्दा, स्कूल में 'फाइव-स्टार' दफ्तर
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
दरभंगा में हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की शादी का मामला सामने आया है। 14 जनवरी को लड़की ससुराल आ गई। इसके बाद लड़की के घरवाले और मोहल्ले के करीब 50 की संख्या में मुस्लिम लोग लड़के के घर पहुंचे। इसके बाद लड़की और लड़के के घर वालों के साथ जमकर मारपीट की। घटना सकतपुर थाना क्षेत्र के कुर्सो गांव की है। लड़के के परिजनों ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल, लड़के और लड़की ने 16 जनवरी को कोर्ट मैरिज कर लिया और दोनों पुलिस की सुरक्षा में अज्ञात स्थान पर हैं। लड़के की पहचान सोनू कुमार कामत (20) और लड़की की पहचान रूबी खातून (21) के रूप में हुई है। हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेम कहानी क्या है, कैसे शुरू हुई, कब से अफेयर चल रहा था, 14 जनवरी को क्या हुआ था, किसने सोनू के परिवार से मारपीट की थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए अफेयर की कहानी सोनू बीए पार्ट टू का स्टूडेंट है और वो पढ़ाई के लिए घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बहेड़ी जाता था। लड़की बहेड़ी की ही है। वो भी कोचिंग और पढ़ाई के सिलसिले में घर से बाहर जाती थी। कॉलेज में ही सोनू और रूबी की पहली मुलाकात एक साल पहले हुई थी। दोनों के बीच जान पहचान हुई तो कॉलेज में बातचीत होने लगी। शुरुआती दिनों में दोनों एक दूसरे के धर्म के बारे में नहीं जानते थे। इसके बाद सोनू और रूबी ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो करना शुरू किया। दोनों इंस्टाग्राम पर बातचीत करने लगे। करीब छह महीने पहले रूबी और सोनू ने एक दूसरे से प्यार का इजहार किया और शादी का फैसला किया। मां ने कहा था- बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है छह महीने पहले रूबी और सोनू ने शादी का फैसला किया तो रूबी तुरंत प्रेमी के घर आ गई। हालांकि, तब लड़की के घरवाले मामले को पंचायत में ले गए। पंचायत में लड़के और लड़की ने शादी की इच्छा जताई। इसपर लड़की वालों ने भविष्य में दोनों की शादी कराने की बात कही और लड़की को लेकर घर चले गए। 14 जनवरी को रूबी ने कॉल कर प्रेमी सोनू को अलीनगर बुलाया। सोनू अलीनगर पहुंचा तो रूबी ने उसके घर चलने की जिद पकड़ ली। रूबी के कहने पर सोनू उसे लेकर अपने घर आ गया। यहां आने के बाद सोनू ने अपने परिजन को इसकी जानकारी दी। सोनू के पिता सुरेश कुमार कामत ने इसकी जानकारी सबसे पहले पंचायत के मुखिया और अन्य लोगों को दी। पंचायत ने तत्काल लड़की के परिजन से बातचीत की। इस दौरान लड़की की मां ने कॉल कर कहा कि घर में कोई पुरुष नहीं हैं। बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है। अब जानिए, 14 जनवरी की रात को क्या हुआ? रूबी खातून के सोनू कामत के घर आने की जानकारी आसपास के लोगों को हो गई थी। सोनू के पिता सुरेश कामत के मुताबिक, हम लोग खाना खाकर सोने चले गए थे। रात करीब 10 बजे 50 की संख्या में दूसरे मोहल्ले के लोग हमारे घर पहुंचे और रूबी के साथ-साथ सोनू को घर से बाहर निकालने की मांग करने लगे। सुरेश कामत के मुताबिक, जब मैं उठा और घर के बाहर जुटे लोगों से उनके आने का कारण पूछा तो वे धमकाने लगे। कहने लगे कि तुम मुस्लिम की बेटी को अपने घर रख लोगे। सोनू के पिता के मुताबिक, बातचीत हो ही रही थी कि कुछ लोग घर में घुस गए। उधर, शोरगुल और भीड़ के चिल्लाने के बाद मेरा बेटा सोनू, रूबी और घर के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। रूबी और सोनू को देख भीड़ में मौजूद कुछ लोग उनके साथ मारपीट करने लगे। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी की, मारपीट की और घर के अंदर घुसकर लूटपाट भी की। सुरेश कुमार कामत ने सकतपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया कि अंधेरा होने की वजह से अधिकतर लोगों को पहचान नहीं पाए, लेकिन जिनका चेहरा उन्होंने देखा, उनमें मोहम्मद श्मशूल, मोहम्मद जुमराती, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद सुपहा, मोहम्मद असलम शामिल हैं। इनके साथ मौजूद मोहम्मद सिपाही उर्फ मोहम्मद यूनुस के हाथ में धारदार हथियार (दबिया) था। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने दो मोबाइल फोन और 12 हजार कैश की लूट की। मारपीट की घटना में सोनू की मां ललिता देवी, सोनू की भाभी वीना देवी और चाचा रमेश कामत घायल हो गए, जिनका इलाज सीएचसी तारडीह में कराया गया। सुरेश कामत बोले- जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी सोनू के पिता सुरेश ने बताया कि हंगामे के बाद जाने के दौरान मुख्य आरोपी समसुल ने खुलेआम धमकी दी और कहा- अगर तुम्हारे परिवार से कोई भी महिला और लड़की घर से बाहर निकली तो जबरन उनसे निकाह किया जाएगा। धमकी के बाद से हम लोगों का परिवार दहशत में है। सुरेश ने कहा मेरा घर कुर्सो गांव के मदरसा टोला में है, जहां करीब 300 मुस्लिम परिवार हैं, जबकि हम दो परिवार सिर्फ हिंदू हैं। अब हम लोगों को जान-माल का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। रात को सोते वक्त डर लगा रहता है कि कभी भी आरोपी दोबारा घर पर हमला कर कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा भी बालिग है और लड़की भी बालिग है, दोनों शादी करना चाहते हैं। मेरे मोहल्ले के 300 मुस्लिम परिवार को कोई दिक्कत नहीं है, मुझे और मेरे परिवार को कोई दिक्कत नहीं है। लड़की के परिवार ने भी रजामंदी दे दी है, तो फिर दूसरे मोहल्ले के लोग हमें क्यों परेशान कर रहे हैं। सुरेश कामत ने कहा कि थाना जाने पर केवल ‘देखते हैं, करते हैं’ कहकर टाल दिया जाता है। हालांकि घटना के तीन दिन बाद तक पुलिस कैंप कर रही थी, लेकिन फिलहाल कोई पुलिस बल तैनात नहीं है। मारपीट की सूचना के बाद मैथिली पहुंची, 20 मिनट तक रही, जानकारी ली 14 जनवरी की घटना की सूचना के बाद अलीनगर की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर 19 जनवरी को कुर्सो गांव के मदरसा मोहल्ला पहुंची और सुरेश कामत के परिजन से मुलाकात की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है, जिससे वे भय और असुरक्षा के माहौल में रह रहे हैं। इस पर विधायक ने तत्काल सकतपुर थानाध्यक्ष को फोन कर अविलंब आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। विधायक मैथिली ठाकुर ने थानाध्यक्ष से कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी भी समय, चाहे दिन हो या रात, यदि कोई परेशानी हो तो तुरंत कॉल करें। मैं जिम्मेवारी लेती हूं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं मौके पर 5 मिनट में पहुंचेंगी। मारपीट की घटना के तीन दिनों के बाद अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकतपुर थाना के SHO को लड़के, लड़की और उनके परिवार को सुरक्षा देने की बात कही। अब जानिए, गांव के लोगों ने मामले को लेकर क्या कहा? समाजसेवी कौशल ने कहा कि कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बिना किसी संबंध या अधिकार के रात में पीड़ित परिवार के घर में घुसकर महिला और पुरुषों के साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि जिस लड़की से मारपीट के नाम पर विवाद किया गया, उन लोगों का उससे कोई पारिवारिक या कानूनी रिश्ता नहीं है। ऐसे में यह पूरी घटना अनुचित और गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उस समय हिंदू पक्ष की ओर से भी बड़ी संख्या में लोग जुट जाते, तो गांव में सांप्रदायिक दंगा जैसी स्थिति बन सकती थी। लेकिन पीड़ित पक्ष और समाज के लोगों ने संयम बरता और स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। इसके बाद समाज के लोगों ने थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। समाजसेवी ने आरोप लगाया कि इस मामले में घर में घुसकर मारपीट करने वाले सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। मारपीट का एकमात्र उद्देश्य यही था कि एक हिंदू लड़के ने मुस्लिम लड़की से शादी क्यों की। जबकि गांव में पहले भी ऐसे उदाहरण हैं, जहां हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के ने आपसी सहमति से शादी की और हिंदू समाज ने कोई विरोध नहीं किया। कमलाकांत चौधरी ने मांग की कि इस पूरे मामले में हमलावरों की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मारपीट की, उनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक प्रवृत्ति की चर्चा होती रही है, इसलिए पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने का कारण आरोपियों की आर्थिक स्थिति हो सकती है और वे पैसे के बल पर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और प्रशासन को इसकी सच्चाई सामने लानी चाहिए। पीड़ित परिवार के पड़ोसी बोले- हमें कोई दिक्कत, परेशानी नहीं है पीड़ित सुरेश परिवार के पड़ोसी शकील अहमद ने कहा कि जिस मुहल्ले में ये घटना हुई, वहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले कई साल से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ले में हिंदू समुदाय के केवल दो परिवार हैं, जबकि मुस्लिम परिवारों की संख्या अधिक है। इसके बावजूद कभी किसी तरह की दुश्मनी, तनाव या भेदभाव की स्थिति नहीं रही। शकील अहमद ने कहा कि सभी लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं और ग्रामीण परिवेश में मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार से भी मोहल्ले के लोगों को कोई आपत्ति या व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हंगामा और मारपीट करने पहुंचे थे, वे इसी मोहल्ले के नहीं थे, बल्कि करीब आधा किलोमीटर दूर के दूसरे मोहल्ले से आकर पीड़ित के घर में जबरन घुसे और उत्पात मचाया। शकील अहमद के अनुसार, बाहरी लोगों द्वारा इस तरह की हरकत से पूरे मोहल्ले का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र से जुड़े प्रेम प्रसंग विवाद को लेकर SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस मामले में लड़के की ओर से सकतपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लड़की का बयान न्यायालय में कराया गया। उन्होंने बताया कि सकतपुर थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।
स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड में एक ‘नगर मित्र’ का चयन किया जाएगा, जो अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कराने में अहम भूमिका निभाएगा। नगर निगम का मानना है कि जब तक आम नागरिक स्वच्छता अभियान से सीधे नहीं जुड़ेंगे, तब तक स्थायी और व्यापक बदलाव संभव नहीं है। इसी सोच के तहत ‘नगर मित्र’ की अवधारणा लाई गई है, ताकि जनभागीदारी के माध्यम से शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाया जा सके। निगरानी से लेकर जागरूकता तक निभाएंगे अहम भूमिका नगर मित्र की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे अपने-अपने इलाकों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने, लोगों को जागरूक करने और स्वच्छ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम भी करेंगे। नगर मित्र अपने निवास स्थान के दोनों ओर लगभग पांच पांच घरों तक की सड़क, गली और आसपास के सार्वजनिक स्थलों की नियमित निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति सड़क, गली, नाली या खुले स्थानों पर कचरा न फेंके। सफाई संबंधी समस्या की जानकारी देना भी होगी जिम्मेदारी किसी भी प्रकार की सफाई संबंधी समस्या की जानकारी समय पर नगर निगम तक पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी होगी, ताकि त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा सके। इसके साथ ही वे स्थानीय नागरिकों को गीले और सूखे कचरे के अलग अलग करने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में सहयोग, प्लास्टिक के सीमित उपयोग और स्वच्छता से जुड़े नियमों के पालन के लिए प्रेरित करेंगे। कैसे होगा नगर मित्र का चयन? नगर मित्र के चयन की प्रक्रिया पटना नगर निगम के सफाई इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर की निगरानी में की जाएगी। चयन के दौरान संबंधित क्षेत्र के आसपास के घरों से भी फीडबैक लिया जाएगा, ताकि जिम्मेदार, जागरूक और स्वच्छता के प्रति संवेदनशील नागरिक को ही इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना जा सके। नगर निगम का उद्देश्य है कि ऐसे लोग आगे आएं जो समाज में उदाहरण बन सकें और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित कर सकें। VMD पर दिखाई जाएगी नगर मित्र की तस्वीर पटना नगर निगम ने यह भी निर्णय लिया है कि जिस प्रकार पहले नगर शत्रु की तस्वीरें पटना स्मार्ट सिटी द्वारा अधिस्थापित VMD (वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले) पर दिखाई जाती थीं। उसी तरह नगर मित्र के चयन के बाद उनकी तस्वीर भी VMD पर दिखाई जाएगी। इससे एक ओर जहां अच्छे कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान और पहचान मिलेगी। वहीं, दूसरी ओर समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। नगर शत्रु के खिलाफ अभियान जारी गौरतलब है कि पटना नगर निगम द्वारा नगर शत्रु (गंदगी फैलाने वालों) के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सघन अभियान के तहत अब तक करीब 2000 लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। विभिन्न अंचलों में यह संख्या इस प्रकार है: नूतन राजधानी अंचल – 650 बांकीपुर अंचल – 400 कंकड़बाग अंचल – 390 पाटलिपुत्र अंचल – 396 अजीमाबाद अंचल – 100 पटना सिटी अंचल – 120 स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी पहल आने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखकर की जा रही है, ताकि पटना की रैंकिंग में सुधार हो और शहर को देश के स्वच्छ और सुंदर शहरों की श्रेणी में लाया जा सके। नगर निगम को उम्मीद है कि नगर मित्र और आम नागरिकों के सहयोग से पटना को स्वच्छ स्वस्थ और आदर्श शहर बनाने का सपना जरूर साकार होगा।
‘डर लगता था पुलिस कहीं एनकाउंटर न कर दे। वे घर आकर कहते- तुम्हारा पति जहां मिलेगा मार देंगे, तुम्हें घसीटकर पहाड़ पर ले जाएंगे। अपने पति का सरेंडर करा दो। पति नक्सली बना तो मुझे और मेरे बेटे को जेल जाना पड़ा। मैं जंगल गई, पति से मिलकर उसे सरेंडर के लिए मनाया।’ ‘आज वह जेल में है तो मुझे चैन है। खौफ भी है कि बाहर निकला तो नक्सलियों का कमांडर सुरेश मार डालेगा। वह किसी भी समय मुझे और मेरे बच्चों को मार सकता है। इसके चलते गांव से बाहर नहीं जाती। डर से सो नहीं पाती। बेटियां जवान हो गईं। लगता है पता नहीं कब वे आएंगे उठाकर ले जाएंगे।’ यह कहना है जमुई के चोरमारा गांव की मंगनी देवी का। पति बालेश्वर कोड़ा नक्सलियों का जोनल कमांडर था। SP केसी सुरेन्द्र बाबू और 5 अन्य लोगों को IED धमाका कर मार डालने में उसका हाथ था। 31 मार्च 2026 तक बिहार को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य है। ऐसे में हम बिहार के जमुई जिले के चोरमारा गांव से ग्राउंड रिपोर्ट लेकर आए हैं। यह कभी नक्सलियों का गढ़ था। यहां उनका ट्रेनिंग कैंप था। इस गांव में रह रहे पूर्व नक्सलियों के परिवारों की क्या हालत है? एसपी को मारने वाले नक्सलियों का क्या हुआ? गांव में नक्सलियों का कितना आतंक था? पढ़िए खास रिपोर्ट… सबसे पहले उस दिन की यादें, जब नक्सलियों ने SP केसी सुरेन्द्र की हत्या की दिन- 5 जनवरी, 2005। समय- शाम के करीब 6 बजे। मुंगेर और जमुई की पुलिस टीम नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन कर लौट रही थी। सोनबरसा से पेसरा जाने वाले रास्ते पर नक्सलियों ने जमीन के नीचे IED लगाया था। मुंगेर के एसपी केसी सुरेंद्र बाबू की गाड़ी भीम बांध से जैसे ही आगे बढ़ी भीषण विस्फोट हो गया। धमाके की चपेट में आकर एसपी और इनके साथ मौजूद 5 अन्य लोग (ड्राइवर इस्लाम और पुलिसकर्मी ओमप्रकाश गुप्ता, अब्दुल कलाम, शिव कुमार और ध्रुव कुमार) मारे गए। शवों की हालत ऐसी थी कि किसी को पहचान पाना भी मुश्किल था। इसके बाद नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाए कि हमारे इलाके में घुसने और हमें छेड़ने की कोशिश करने वाले का यही हाल होगा। घटना के 20 साल बाद इसमें शामिल 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ये थे जोनल कमांडर नारायण कोड़ा, सब जोनल कमांडर बहादुर कोड़ा और विनोद कोड़ा। तीनों पर 3-3 लाख रुपए इनाम था। इस घटना में शामिल अन्य नक्सली जोनल कमांडर बालेश्वर कोड़ा और एरिया कमांडर अर्जुन कोड़ा चोरमारा गांव के रहने वाले हैं। अर्जुन, बालेश्वर, नागेश्वर और सुरेंद्र कोड़ा ने सरेंडर कर दिया है। नक्सलियों के लिए सेफ जोन था भीम बांध से लगा इलाका भीमबांध के पास का जंगल वाला इलाका नक्सलियों के लिए सेफ जोन था। यहां चोरमारा गांव है, जहां नक्सली ट्रेनिंग कैंप चलाते थे। इसके आसपास के करीब दर्जन भर गांव पर नक्सलियों का कब्जा था। यहां उनकी सरकार चलती। उनके कोर्ट (जन अदालत) लगते। इस इलाके के नक्सलियों ने किऊल-जसीडीह रेलखंड के कुंदर हाल्ट के समीप इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हमला, 2011 में कजरा के जंगल में सुरक्षाबलों पर हमला, किऊल-भागलपुर रेलखंड के जमालपुर के समीप ट्रेन पर हमला और जमुई के मलयपुर में सोना कारोबारी के घर लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। इन नक्सलियों ने नक्सली नेता प्रवेश को पुलिस से छुड़ाने सहित कई बड़े वारदात किए थे। नक्सलियों के गढ़ चोरमारा की हालत, बिजली के पोल, लेकिन तार नहीं नक्सलियों का गढ़ रहा चोरमारा गांव अब नक्सल मुक्त है। यहां की जमीनी स्थिति जानने के लिए हम पटना से करीब 150 km दूर जमुई पहुंचे। यहां से लक्ष्मीपुर गए। इसके आगे जंगल के बीच से गुजरे। भीमबांध के बाद कच्चा रास्ता है। जंगल इतना घना कि चंद मीटर के आगे कुछ नजर न आए। रास्ता एकदम सुनसान। कुछ किलोमीटर आगे बढ़े तो एक स्थानीय व्यक्ति नजर आए। हमने चोरमारा गांव का रास्ता पूछा तो उन्होंने इशारे से बताया। साथ में हिदायत दी, अंधेरा होने से पहले लौट आइएगा। हम भीमबांध से जैसे आगे बढ़े, मोबाइल नेटवर्क गायब हो गया। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और घने जंगल के बीच रास्ता एकदम सुनसान। हम चोरमारा गांव पहुंचे तो देखा कि अधिकतर घर खपरैल और मिट्टी के हैं। चंद पक्के मकान हैं। गांव के सभी लोग आदिवासी हैं। बिजली के खंभे तो हैं, लेकिन इन पर बिजली के तार नहीं। लोगों के घरों के सामने सोलर प्लेट लगे दिखे। इस गांव के तीन हार्डकोर नक्सली थे। एरिया कमांडर अर्जुन कोड़ा, जोनल कमांडर बालेश्वर कोड़ा और सुरेंद्र कोड़ा। गांव के सरकारी स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते थे तो इन तीनों ने उसे बम लगाकर उड़ा दिया था। जोनल कमांडर बालेश्वर कोड़ा की पत्नी को डर, कभी भी हो सकती है हत्या सबसे पहले हमने नक्सलियों के परिवार वालों से बात की। इसके लिए जोनल कमांडर रहे बालेश्वर कोड़ा के घर पहुंचे। उसका घर CRPF कैंप के ठीक सामने है। दरवाजे पर बालेश्वर की पत्नी मंगनी देवी और उसका बड़ा बेटा संजय कोड़ा मिले। हमने दोनों से बात की। मंगनी देवी से जाना कि बालेश्वर कैसे नक्सली बना? जब नक्सली था तब जीवन कैसा था? उसे सरेंडर के लिए कैसे तैयार किया? आगे पढ़ें जैसा मंगनी देवी ने बताया… बेटियां जवान हो गईं, कैसे शादी करूंगी, पता नहीं मेरे पति ने सरेंडर तो कर दिया, लेकिन हमें डर रहता है कि नक्सलियों का कमांडर सुरेश मार देगा। पति के सरेंडर करने से सुरेश नाराज है। मेरे परिवार का कोई भी आदमी गांव से बाहर नहीं जाता। बेटियां जवान हो गईं हैं। खौफ में रहते है कि पता नहीं कब वे आएंगे और उठाकर ले जाएंगे। उनकी शादी करनी है। पता नहीं कैसे होगी? उनके लिए लड़का खोजने नहीं निकल पा रही हूं। मेरी शादी बहुत छोटी उम्र में हो गई थी। पति खेती करता था। बच्चे छोटे-छोटे थे तभी वह नक्सलियों के साथ चला गया। बीरबल नाम का नक्सली मेरे पति को अपने साथ ले गया था। बीरबल गांव आता था। पति से मिलता था। जब वह गया तो मुझे पता नहीं था कि नक्सलियों की पार्टी में शामिल होने जा रहा है। वह 30 साल नक्सलियों के साथ रहा। कभी गांव आता भी तो घर नहीं आता था। पति के नक्सली बनने के बाद घर की हालत खराब हो गई। मुझे बच्चों को मायके भेजना पड़ा। दूसरे के खेतों में मजदूरी कर घर चलाती थी। छोटे-छोटे बच्चे थे। पूछते थे कि पापा कहां हैं। पुलिस परेशान करती थी। पुलिस ने मुझे और मेरे बेटे को केस में फंसा दिया। हम दोनों नक्सलियों की मदद के आरोप में 1 साल जेल में रहे। घर की कुर्की जब्ती की गई। दरवाजा तक तोड़ दिया गया। पुलिस कहती थी तुम्हारा पति जहां दिखेगा मार देंगे मुझे डर था कि कहीं पुलिस एनकाउंटर न कर दे। पुलिस के लोग कहते कि तुम्हारा पति जहां मिलेगा, वहीं मार देंगे। तुम्हें घसीटकर पहाड़ पर ले जाएंगे। अन्यथा, पति का सरेंडर करवा दो। गांव के ही अर्जुन कोड़ा की पत्नी उससे मिलती थी। जब पुलिस तंग करने लगी तो मैं उसकी मदद लेकर अपने पति से मिली। मेरा पति इसी जंगल में रहता था, लेकिन मुझसे नहीं मिलता था। मैं अपनी पति से मिली और कहा कि तुम्हारे चलते पूरा परिवार परेशान है। घर से सारा सामान पुलिस ले गई। मुझे और बेटे को पुलिस बार-बार पकड़कर जेल में बंद कर रही है। उसे काफी समझाया। वह जब भी पास के जंगल में आता तो जाकर मिलती। काफी समझा-बुझाकर उसे सरेंडर के लिए मनाया। वह पहले तैयार नहीं था। बोल रहा था कि सरेंडर किया तो पुलिस मार देगी। पति के सरेंडर करने के बाद बाकी नक्सली परेशान करने लगे। हम कहीं बाहर नहीं जाते। मैं और हमारे बच्चे गांव में ही रहते हैं। नक्सली अभी भी धमकी देते हैं। कहते हैं कि तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को मार देंगे। डर के मारे सो नहीं पाती हूं। खेती-बाड़ी कर घर चलाती हूं। सरेंडर के बाद सरकार की तरफ से मिलने वाले इनाम को लेकर मंगनी देवी ने बताया कि मेरे पति पर 50 हजार रुपए इनाम था। उतना पैसा ही मिला है। सरेंडर करने पर 3 लाख रुपए देने की बात हुई थी। वह पैसा अभी नहीं मिला है। पति ने सरेंडर किया तब एक चेक की फोटो कॉपी हमें दी गई। पुलिस ने ओरिजिनल चेक रख लिया। कहा था कि सरेंडर के 3 साल पूरा होने के बाद पैसे मिल जाएंगे। मेरे पति नक्सली थे तब से आज जीवन थोड़ा बेहतर है। मन में शांति रहती है कि कम से कम वह सुरक्षित तो हैं। साथ ही डर लगा रहता है कि नक्सली मेरी या मेरे बेटे की हत्या कर देंगे। पहले पुलिस धमकी देती कि पति को मार देंगे। अब नक्सली धमकी देते हैं। मुंगेर और जमुई जाने में डर लगता है। अब उतने नक्सली तो नहीं, लेकिन पूरी तरह खत्म भी नहीं हुए हैं। हमने बालेश्वर कोड़ा के बड़े बेटे संजय कोड़ा से बात की। वह वन विभाग में गार्ड हैं। संजय ने कहा, हमने अपने पिता को मिस किया है। मुझे संजय कोड़ा से डर लगता है। वह धमकी देता है। कहता है कि कहीं अकेले मिल गया तो मार दूंगा।’ AK-47 लिए नक्सली घर में घुसे, पति से कहा- साथ चलो नहीं तो परिवार खत्म कर देंगे हमने गांव के दूसरे पूर्व नक्सली अर्जुन कोड़ा की पत्नी सरस्वती देवी से बात की। सरस्वती ने बताया… मेरा पति नक्सली नहीं बनना चाहता था। करीब 20 साल पहले की बात है। गांव में नक्सली आते थे। वे किसी के भी घर पहुंच जाते और खाना बनाने के लिए बोलते थे। ऐसे ही मेरे घर भी आकर खाना के लिए ऑर्डर करते थे। घर पर एक साथ 50-60 नक्सली आते और खाना खाते थे। अर्जुन ने सरकार की मदद से आटा चक्की शुरू की। इसके बाद नक्सलियों ने कहना शुरू किया कि अर्जुन पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहा है। पहले तो नक्सलियों ने अर्जुन की पिटाई की। कहा कि सरकार से कुछ नहीं लेना है। इसके बाद भी उसने चक्की चलाना बंद नहीं किया तो एक रात 40 से अधिक नक्सली घर में घुस आए। सभी के हाथ में AK-47 और ड्रेस के पैकेट में गोलियां थी। उनलोगों ने अर्जुन को नींद से जगाया। कहा कि पार्टी के साथ चलो। नहीं चलोगे तो पूरे परिवार को मार देंगे। डर के मारे मेरा पति नक्सलियों के साथ चला गया। इसके बाद वह घर नहीं आता था। कई घटनाओं में उसका नाम जुड़ा तो पुलिस उसे खोजने लगी। पुलिस कहती थी कि सरेंडर करा दो, नहीं तो जहां मिलेगा वहीं मार देंगे। मैं डर गई थी। पुलिस घर के सारे सामान, यहां तक कि खिड़की-दरवाजा तक उखाड़ ले गई। पुलिस आती तो मैं बच्चों को लेकर जंगल में भाग जाती थी। एक दिन मुझे जानकारी मिली कि अर्जुन पास के गांव में खाना खाने आया है। मैं जाकर उससे मिली। अर्जुन को सरेंडर करने के लिए मनाने लगी। वह पहले तैयार नहीं था। मुझपर विश्वास नहीं कर रहा था। बोल रहा था कि मुझे मरवा दोगी। मैंने उसे पूरा विश्वास दिलाया। कहा कि मैं भी साथ चलूंगी। वह मुझसे प्रेम करता था। कहीं भी रहता था तो मिलने आ ही जाता था। काफी समझाने पर वह सरेंडर के लिए तैयार हुआ। अर्जुन पर 50 हजार रुपए इनाम था। सरेंडर के बाद वह पैसा मिला। बाकी 3 लाख रुपए 3 साल बाद मिलेंगे। अब जीवन में शांति है। 30 साल तक चोरमारा गांव में चली नक्सलियों की सरकार चोरमारा में नक्सलियों का कितना आतंक था। यह जानने के लिए हमने गांव के नागेश्वर कोड़ा से बात की। उन्होंने कहा, 'यहां करीब 30 साल तक नक्सलियों का कब्जा था। उनकी अपनी सरकार चलती थी। अपने नियम थे। जो आदमी उनके नियम को नहीं मानता, उसे जन अदालत लगाकर सबके सामने मार डाला जाता था।' नागेश्वर ने कहा, 'इस इलाके के गुरमाहा, कारमेग, बेलाबाकम, जमुनियाटाड़, पेसरा सहित दर्जन भर गांव नक्सल प्रभावित थे। जब से गांव में CRPF कैंप बना है, हमलोग शांति से रह रहे हैं। नक्सलियों की गतिविधि कम हुई है। अगर CRPF कैंप हट जाए तो यहां फिर से नक्सलियों का तांडव शुरू हो जाएगा। नक्सलियों की सोच थी कि हमारी ही सरकार चलेगी। हमारा मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री होगा। हमारे नियम होंगे।' रात में ठीक से सोते नहीं थे, डर लगता था कि पता नहीं कब नक्सली आ जाएं हमने ग्रामीण रघुनाथ कोड़ा से बात की। उन्होंने बताया, ‘मैं खेती करता हूं। पहले यह गांव पूरी तरह नक्सल प्रभावित था। हमलोग रात में ठीक से सो नहीं पाते थे। डर लगा रहता था कि पता नहीं कब नक्सली आ जाएं।’ गांव के पास था नक्सलियों का ट्रेनिंग सेंटर हमने रामविलास कोड़ा से बात की। उन्होंने कहा, ‘इस गांव के पास में नक्सलियों का ट्रेनिंग सेंटर था। गांव में नक्सलियों का इतना आतंक था कि जो बोल दिया वह करना ही है। पहाड़ पर खाना-पानी मंगवाते थे। नहीं दिया तो घर से खींचकर सबके सामने पीटते थे।’ उन्होंने कहा, ‘बात नहीं मानने पर सबके सामने शारदा देवी को मार दिया। नक्सली गांव के लड़कों को जबरदस्ती अपनी पार्टी में शामिल करते थे।’ क्या है चोरमारा गांव की वर्तमान स्थिति? नागेश्वर कोड़ा ने बताया, ‘2 फरवरी 2022 को गांव में CRPF कैंप बना तब से यहां शांति है। आज हमलोग नक्सलियों से तो परेशान नहीं हैं, लेकिन पूरी दुनिया से कटे हैं। चारों तरफ जंगल और पहाड़ है। गांव में न बिजली है, न मोबाइल नेटवर्क।’ उन्होंने कहा, ‘जब नक्सली एक्टिव थे तो हमें पढ़ने नहीं देते थे। सरकार गांव में स्कूल बनाती तो नक्सली बम लगाकर उसे उड़ा देते थे। आज हमारे गांव में स्कूल है। बच्चे पढ़ने जाते हैं, लेकिन 5वीं के बाद स्कूल नहीं है। इसके चलते आगे की पढ़ाई में दिक्कत होती है।’ गांव के लोगों के दिलों में खौफ, CRPF कैंप हटा तो क्या होगा चोरमारा गांव में हमने जितने लोगों से बात कि सभी इससे खुश दिखे कि गांव में CRPF कैंप है। इसके साथ ही उनके दिलों में खौफ भी है कि अगर कैंप हट गया तो क्या होगा। ग्रामीणों ने बताया कि कई नक्सली मारे गए हैं। कुछ ने सरेंडर किया है, लेकिन अभी भी सुरेश कोड़ा और उसके कई साथी अंडरग्राउंड हैं। CRPF कैंप से गांव के लोगों को कई सुविधाएं मिलती हैं। कोई बीमार पड़े तो यहां प्राथमिक इलाज होता है। इसके बाद उसे हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है।
खंडवा रोड स्थित राधास्वामी सत्संग परिसर में 24 व 25 जनवरी को होने वाले सत्संग के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सत्संग में शामिल होने के लिए 22 जनवरी से ही इंदौर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 22 से 25 जनवरी तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। तीन इमली, देवगुराड़िया बायपास से जा सकेंगे भारी वाहन वैकल्पिक मार्ग तय पार्किंग व्यवस्था खंडवा-ओंकारेश्वर जाने वालों के लिए सलाह
राजस्थान में गुरुवार को 6 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से उत्तर-पश्चिम जिलों में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर इस सप्ताह थमने वाला नहीं है। एक बैक टू बैक नया सिस्टम अगले सप्ताह फिर एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से 26 से 28 जनवरी को मौसम में फिर बदलाव होगा और आसमान में बादल छाने के साथ मावठ का दौर शुरू होगा। पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी जिलों में बुधवार को कोहरा छाया। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। कोहरे के कारण धूप थोड़ी कमजोर रही। इन शहरों में दिन में सर्दी का असर तेज रहा। सुबह-शाम सर्द हवाओं से राहत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राजस्थान में उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो गया है। राज्य में सर्द हवाओं से सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी से भी राहत है, लेकिन कोहरे के चलते अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। गंगानगर, टोंक, उदयपुर, पिलानी, सीकर, करौली, अलवर, बारां समेत कुछ शहरों में ही तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। कल सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर का रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आखिरी सप्ताह में भी होगी बारिश राजस्थान में जनवरी के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर आएगा। एक स्ट्रांग वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होने से 26 से 28 जनवरी के बीच प्रदेश के कई शहरों में बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
NEET स्टूडेंट से रेप-हत्या...यह महज एक अपराध नहीं, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था की कड़ी परीक्षा है। और सम्राट चौधरी अपनी पहली ही परीक्षा में फेल होते दिख रहे हैं। रेप-मर्डर को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस आज भी अंधेरे में तीर चला रही है। लोगों का दबाव बढ़ा तो SIT बनी, लेकिन उसमें भी वही अफसर शामिल किए गए, जिन पर शुरू से लापरवाही बरतने का आरोप लगता रहा है। सवाल साफ है-किसे बचाया जा रहा है? किस नेता से उसके खास संबंध हैं कि पुलिस कदम पीछे खींच रही है। सम्राट की पुलिस की 5 बड़ी चूक, जिससे न्याय मिलने की उम्मीद धुंधली दिख रही है। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में...। पटना पुलिस की 5 चूक, जिससे न्याय की संभावना कम हो रही 1. 3 दिन बाद FIR, बिना रिपोर्ट आत्महत्या बताया घटना 6 जनवरी की, लेकिन FIR 9 जनवरी को हुई। प्रभात मेमोरियल अस्पताल में इलाज से असंतुष्ट परिवार ने छात्रा को 10 जनवरी को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 11 जनवरी की दोपहर उसकी मौत हो गई। 12 जनवरी को पोस्टमॉर्टम कराया गया और बॉडी परिजनों को सौंप दी गई। 2. 14 दिन बाद क्राइम सीन सील किया घटना के 14 दिन तक हॉस्टल या कमरा सील नहीं किया गया, जिससे सबूत नष्ट होने का खतरा था। 3 दिन तक कोई गंभीर जांच नहीं हुई। 3. प्राइवेट ड्राइवर भेजकर सीसीटीवी- DVR मंगवाया उठवाना SHO रोशनी कुमारी ने खुद मौके पर जाने की बजाय अपने प्राइवेट ड्राइवर को DVR लाने भेजा, जो सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका पैदा करता है। 4. संदिग्धों पर 10 दिन बाद कार्रवाई घटना के 10 दिन तक संदिग्धों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और लोगों के हंगामा करने के बाद 16 जनवरी को पुलिस ने हॉस्टल मकान मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया। 5. लापरवाह अफसरों को ही SIT में शामिल कर दिया लोगों के दबाव पर DGP विनय कुमार ने 16 जनवरी को SIT बनाई, लेकिन इसमें उन्हीं अफसरों को शामिल किया गया जिन पर लापरवाही के आरोप थे। 7 सदस्यीय SIT का नेतृत्व सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार कर रहे हैं। इसमें एएसपी सदर वन अभिनव को भी शामिल किया गया है। जिन्होंने इस केस में शुरू से लापरवाही बरती…जानिए सिटी एसपी परिचय कुमारः इन्होंने बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सीधे इसे सुसाइड बताया। नींद की गोली और मोबाइल सर्च की कहानी सामने लाए। मेडिकल रिपोर्ट में उनकी सभी बातें उलट साबित हुईं। बिना जांच के नीचे के अफसरों की रिपोर्ट पर भरोसा कर लिया। ASP अभिनव कुमारः इन्होंने थाना प्रभारी की रिपोर्ट को ही आधार मान लिया। न कमरे की फोरेंसिक जांच कराई गई, न नए सिरे से संदिग्धों को जोड़ा गया। यह वह टाइम था, जहां केस को सही दिशा में मोड़ा जा सकता था, लेकिन कैजुअल एप्रोच से ही काम किया गया। ऐसा मान लिया गया कि मामला सुसाइड का है, दब जाएगा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पुलिस ने SIT के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया है। अपनी थ्योरी साबित करने पटना एम्स गई पुलिस? PMCH ने अपनी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा है- सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान हैं। ब्लीडिंग पाई गई है। गाल, गर्दन, माथा, बाईं भौंह के ऊपर, बाएं कंधे के ऊपरी हिस्से, बाईं बांह के अंदरूनी हिस्से (कोहनी के नीचे) और दाहिनी कलाई के ऊपर 2 सेमी तक नाखून से नोचने के निशान थे। पूर्व DGP अभयानंद कहते हैं, ‘सेकेंड ओपिनियन मांगने की जरूरत ही नहीं थी। पटना एम्स भी करीब-करीब PMCH की तरह ही रिपोर्ट देगा। क्योंकि उसको दोबारा बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजा गया है। उसे रिपोर्ट की कापी भेजी गई है। थोड़ा बहुत बदलाव कर वही बात निकलेगी।’ अभयानंद कहते हैं, ‘पुलिस पटना एम्स भेजकर केस को डिले करने का प्रयास कर रही है। अब मामला बढ़ रहा है तो हो सकता है अपनी गर्दन बचाने के लिए कोई उपाय खोजा जा रहा हो। आगे हो सकता है कि मामले को CBI ट्रांसफर किया जा सकता है।’ मनीष-नीलम के पीछे कौन? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 15 हजार की नौकरी कर करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाने वाला जहानाबाद के मनीष रंजन के पीछे कुछ राजनेताओं का हाथ है। वह समय-समय पर अपनी सर्विस उन नेताओं को उपलब्ध कराता रहा है। मनीष पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया है। नीलम अग्रवाल को भी एक नेता का करीबी बताया जाता है। बताया जा रहा है कि यही कारण है कि नीलम को तब पुलिस ने सिर्फ पूछताछ करके छोड़ दिया था। उसका पटना में कई हॉस्टल है।
गैंगस्टरों पर ‘प्रहार’, गढ़ा में 70 संदिग्धों को राउंडअप किया
भास्कर न्यूज | जालंधर/शाहकोट पंजाब सरकार द्वारा राज्य से गैंगस्टरों के खात्मे के लिए चलाए गए अॉपरेशन ‘प्रहार’ के तहत बुधवार को पुलिस ने गढ़ा में कार्रवाई कर 70 संदिग्ध राउंडअप किए हैं। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर की अगुवाई में पुलिस बल ने तलाशी अभियान चलाया। बीते दिन भी इसी मुहिम के तहत 50 लोगों को राउंडअप किया गया था, जिनमें से 15 के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उन्हें जेल भेजा जा चुका है। पकड़े गए 70 व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। गैंगस्टरों की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति पुलिस को जानकारी दे सकता है। पुलिस ने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। वहीं, शाहकोट में अधिकारियों के बात करते हुए एसएसपी ने कहा कि मंगलवार को गांव सोहल जगीर के पास एक एनकाउंटर में दो शूटर हथियार के साथ गिरफ्तार किए गए हैं। 6 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनमें से 10 लोग गैंगस्टरों को पनाह देते थे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 56 लोगों की पहचान की गई है, जो विदेश से खुद को गैंगस्टर बता रहे हैं। शाहकोट में पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते एसएसपी विर्क।
बिहार में कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है। दिन में धूप निकल रही है, जिससे ठंड काम महसूस हो रही है। लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दिन में लगातार धूप निकलने से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं, अगले एक सप्ताह तक कड़ाके की ठंड या घने कोहरे को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान मौसम में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह और रात में ठंड महसूस होगी, लेकिन दिन में ठंड से राहत मिलेगी। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं है। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत और बिहार में ठंड बढ़ती है, बादल छाते हैं या कहीं-कहीं हल्की बारिश होती है। फिलहाल, इस समय ऐसे किसी सिस्टम के सक्रिय नहीं होने के कारण वातावरण सामान्य बना हुआ है। तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यही वजह है कि दिन में धूप निकल रही है, जिससे ठंड कम महसूस की जा रही है। पूर्वानुमान के अनुसार, न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। आने वाले दिनों में लोगों को ठंड से थोड़ी और राहत मिलेगी। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि, सुबह और शाम ठंड महसूस होगी। लेकिन दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिलेगी। अगले कुछ दिनों में पटना के न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।
एसआईआर:अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं, काम का दबाव ज्यादा, संसाधन भी नहीं दिए
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगे राऊ विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ ने सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा है कि विधानसभा क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। बार-बार सभी के साथ अभद्र भाषा का उपयोग कर निलंबन की धमकी दी जाती है। व्हाट्सएप ग्रुप पर भी सही शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता है। बीएलओ का कहना था कि हर दिन काम पूरा करने के बाद बदलाव के नए आदेश देकर उन पर दबाव बनाया जाता है। बीएलओ ने मांग की है कि पर्यवेक्षक और समन्वयकों को शिष्टाचार बनाए रखने के साथ मनोवैज्ञानिक दबाव डालने से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी होना चाहिए। बार-बार नोटिस जारी करने से विरोध का सामना करना पड़ रहा बीएलओ ने दिए पत्र में कहा कि नाम जोड़ने, कम करने या संशोधन के लिए पर्याप्त आवेदन पत्र भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिसके कारण उन्हें खुद के पैसों से फोटो कॉपी करवाकर मतदाताओं को देना पड़ रहा है। सभी बीएलओ ने समस्या बताते हुए कहा कि अभियान के दौरान मतदाताओं से दो बार दस्तावेज लेकर मैपिंग करने के बाद उनसे नए दस्तावेज लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह के मतदाताओं को बीएलओ के प्रमाणीकरण के बावजूद नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बार-बार नोटिस जारी होते हैं तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस काम के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय की पात्रता है, जो नहीं दिया गया है। लंबित और भविष्य में मिलने वाले मानदेय को समय पर उनके खाते में जमा किया जाए। बीएलओ ने मांग की है कि अवकाश के दौरान काम करने पर नियमानुसार उन्हें दी जाने वाली छुट्टियां में काम करने वालों के खाते में अर्जित अवकाश जोड़े जाएं।
ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आरटीओ का औचक निरीक्षण
जालंधर| बुधवार को आरटीओ अमनपाल सिंह ने ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पक्के लाइसेंस का टेस्ट लेने वाला एक कर्मचारी देरी से ड्यूटी पर पहुंचा। आरटीओ ने जब हाजिरी रजिस्टर की जांच की तो पाया कि ऑफलाइन हाजिरी पिछले तीन दिनों से लंबित थी, जबकि कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी पूरी पाई गई। आरटीओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर काम कराने आने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
शिलान्यास पत्थर से पार्षद का नाम गायब होने पर भाजपा ने मेयर-कमिश्नर को घेरा
भास्कर न्यूज | जालंधर वार्ड-84 के ज्वाला नगर पार्क में बीते दिन मेंटेनेंस काम के उद्घाटन के बाद लगे शिलान्यास पत्थर को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। मौजूदा भाजपा पार्षद गुरदीप सिंह भट्टी का नाम पत्थर न डालकर हारे हुए आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दीपक का नाम लिखने पर बुधवार को पूर्व विधायक केडी भंडारी के नेतृत्व में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम कमिश्नर और मेयर वनीत धीर से मुलाकात की। पार्षद गुरदीप सिंह फौजी ने इस कार्रवाई को प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया। हालांकि निगम कमिश्नर ने शिलान्यास पत्थर पर मौजूदा पार्षद का नाम नियमानुसार डलवाने का आश्वासन दिया है। पूर्व विधायक केडी भंडारी ने कहा कि नार्थ हलके में सड़क, सीवरेज और पार्कों के अनेक काम पेंडिंग हैं। भंडारी ने आरोप लगाया कि निगम द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। जहां आप के पार्षद हैं, वहां 40 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जबकि भाजपा पार्षदों के वार्डों को जानबूझकर इग्नोर किया जा रहा है।
रेरू पिंड में झड़प, युवक पर तेजधार हथियारों से हमला, घायल, जांच जारी
भास्कर न्यूज | जालंधर थाना डिवीजन-8 के अंतर्गत आते रेरू पिंड मोहल्ला हरगोविंद नगर में मामूली कहासुनी के बाद तीन युवकों ने 22 वर्षीय युवक पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। घायल युवक की पहचान राजू वर्मा पुत्र धनीराम वर्मा के रूप में हुई है, जिसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित राजू ने बताया कि वह अपने एक मित्र से मिलने के लिए उसके घर जा रहा था। जब वह मकान के पास पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद तीन युवकों शिवम, सत्यम और पापड़ ने उसे रास्ता रोककर टोक दिया। आरोपियों ने राजू से बहस शुरू कर दी और कहा कि वह इस तरफ क्यों आ रहा है और उसे वापस चले जाना चाहिए। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि तीनों आरोपियों ने राजू पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे लहुलुहान कर दिया। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर 8 के प्रभारी साहिल चौधरी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिल गई है और पीड़ित के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
19 कॉमर्शियल वाहनों के काटे चालान
जालंधर| एआरटीए रूपिंदर सिंह ने हाईवे पर नाका लगाकर जांच अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 19 कॉमर्शियल वाहनों के चालान काटे। कार्रवाई के तहत 3.74 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। जांच के दौरान ओवरलोडिंग, दस्तावेजों की कमी, फिटनेस और परमिट से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्ती से कार्रवाई की गई। रूपिंदर सिंह ने बताया कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
इंदौर में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग जान गंवा रहे हैं। यहां 25 ब्लैक स्पॉट हैं, लेकिन हादसे कम करने को लेकर प्रशासन का रवैया ढीला है। यह इससे साफ होता है कि शहर में सड़क सुरक्षा समिति की सालभर में सिर्फ 4 बैठकें हुई हैं। यह खुलासा बुधवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में हुआ। मुख्य सचिव अक्टूबर में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी से सीएम की बैठक के मुद्दों के साथ अन्य कामों की प्रगति भी जानी गई। बैठक में खुलासा हुआ कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित होना चाहिए थीं, पर इंदौर में सिर्फ 4 बैठकें हुईं, जबकि बैतूल में 23, रतलाम में 22, आगर में 19 बैठकें जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच हुईं। किसके यहां क्या पक रहा, सब पता चल जाता हैमुख्य सचिव ने कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसके यहां क्या पक रहा है, सब पता चल जाता है। इसलिए सभी भ्रष्टाचार से दूर रहें और सरकार की प्राथमिकता के साथ जनता के हितों के लिए काम करें। सीएस ने साफ कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और सीएम के पास आई हैं, इसलिए सुधर जाएं तो ही बेहतर होगा। मुख्य सचिव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और इसमें कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को अपनी स्थिति सुधारने के लिए कहा है। 1343 संवेदनशील गलियां-बस्तियां चिह्नित कानून व्यवस्था की दृष्टि से ऐसे संवेदनशील इलाके जहां सड़कें और गलियां संकरी हैं, फोर्स मूवमेंट में समस्या आती है। कलेक्टर और एसपी मिलकर निकायों के सहयोग से उन बस्तियों का जोनल प्लान तीन महीने में तैयार करवाएं। बताया गया कि 24 जिलों में जोनल प्लान तैयार है। प्रदेश में 1343 संवेदनशील गलियों-बस्तियों को चिह्नित किया गया है। बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि स्कूल और कॉलेजों में महिला अपराधों के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाए जाने थे। इस काम में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली शीर्ष 3 जिलों में हैं। इंदौर इसमें भी पीछे है। ड्रग फ्री इंडिया का टारगेट, 14 जिलों में एक भी बैठक नहीं : बैठक में सामने आया कि देश को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अगले तीन साल का सख्त एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से ड्रग फ्री इंडिया अभियान शुरू होने जा रहा है। नशे पर सख्ती के लिए हर महीने NCORD यानी नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक अनिवार्य है। लेकिन वर्ष 2025 में इंदौर सहित प्रदेश के 14 जिलों में एक भी बैठक नहीं हुई। पीएमश्री एंबुलेंस : इंदौर में 4 मरीजों को किया एयरलिफ्ट : स्वास्थ्य विभाग की पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के तहत वर्ष 2025 में प्रदेश के कुल 127 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया। सबसे ज्यादा रीवा जिले में 44 मरीजों को बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया। इंदौर संभाग में 4 मरीजों को इसका लाभ मिला।
नीट छात्रा ने जहानाबाद की दुकान से 26 दिसंबर को खरीदी थी एंटी डिप्रेशन की गोली
मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में एसआईटी को एक अहम साक्ष्य मिल गया है। एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि उसने नींद की गोली जहानाबाद में 26 दिसंबर को खरीदी और उसे लेकर 5 जनवरी को पटना आ गई। एसआईटी उस दवा के बैच नंबर की मदद से जहानाबाद स्थित दवा दुकान तक पहुंच गई। उसने एंटी डिप्रशेन की गोली छह पत्ता खरीदी थी। सूत्रों के अनुसार, यह बात उसके परिजनों को भी पता है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी उसके परिजनों से भी पूछताछ करेगी। 26 दिसंबर को छात्रा पटना से जहानाबाद गई थी। उसे लेने के लिए उसके पिता, मां और अन्य परिजन पटना आए थे। किराए की स्कॉर्पियो से सभी पटना से जहानाबाद 26 दिसंबर को गए थे। वह अकेले पटना लौटी और हॉस्टल चली गई। अबतक की जांच में एसआईटी को पटना में उसके साथ दुष्कर्म होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। एसआईटी एम्स के सेकंड ओपिनियन और पटना एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जहानाबाद से एक युवक को हिरासत में लिया जांच के लिए एसआईटी की दो टीमें बुधवार को जहानाबाद स्थित छात्रा के गांव पहुंचीं। एक महिला डीएसपी की अगुवाई में टीम ने छात्रा के परिजनों से बातचीत की और वहां से एक युवक को हिरासत में लिया। पुलिस टीम ने कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की। एसआईटी की दूसरी टीम में परसा बाजार की थानाध्यक्ष मोनिका रानी और जक्कनपुर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। हिरासत में लिया गया युवक चालक है। एसआईटी जहानाबाद के नगर थाने भी पहुंची और कुछ देर वहां रुकने के बाद टेहटा-मखदुमपुर की ओर रवाना हो गई। एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारी जांच के बाबत अभी कुछ भी बताने से मना कर रहे हैं। मामला गरमाने की वजह से पुलिस ठोस नतीजे पर पहुंचने के बाद ही कोई बात करना चाह रही है, ताकि किरकिरी न हो। मोबाइल भेजा गया एफएसएल छात्रा के मोबाइल को एसआईटी ने एफएसएल भेज दिया है। मोबाइल से कई डाटा डिलीट कर दिए गए हैं। पुलिस चाह रही है कि उसके मोबाइल के सारे डाटा वापस आ जाएं ताकि पूरी हकीकत का पता चल जाए कि मौत से पहले गूगल पर कौन-कौन सी दवा के लिए सर्च किया गया था। किस-किस से उसने बात की? 26 दिसंबर से पहले और उसके बाद 5 जनवरी तक उसके मोबाइल में क्या-क्या डाटा डिलीट कर दिया गया? डाटा डिलीट करने का क्या मकसद था।
गैर इरादतन हत्या के केस में मालिक गिरफ्तार, दो दिन का रिमांड लिया
जालंधर| भोगपुर के गांव बहराम सरिस्ता में 15 जनवरी की रात दो दोस्तों की मौत का मामला पुलिस ने ट्रेस करने का दावा किया है। थाना भोगपुर में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर गांव बहराम सरिस्ता के रहने वाले जरनैल सिंह को गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है। यह मामला मृतक गोपेश के पिता दलजीत सिंह वासी गांव गेहलड़ा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। गोपेश उर्फ आर्यन और अर्शप्रीत सिंह (17) वासी गांव भुंडियां के शवों का वीरवार को संस्कार होगा। एसएचओ राजेश अरोड़ा ने कहा-4 दिन की जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों दोस्त बाइक पर आ रहे थे। इस बीच उनकी बैलगाड़ी से टक्कर हो गई थी। दोनों की मौत हो गई। जरनैल सिंह ने खुद के बचाव के लिए एक्सीडेंट वाली बैलगाड़ी को छुपा दिया था। उसकी जगह दूसरी बैलगाड़ी थाने लेकर आ गया था। एसएचओ ने कहा-आरोपी को रिमांड पर लिया गया है और दूसरी बैलगाड़ी बरामद कर ली गई है। बता दें, 15 जनवरी को दोनों दोस्त बाइक पर लोहड़ी के फंक्शन से निकले थे। घर से पांच किलो दूर दोनों के शव मिले थे। पुलिस एक्सीडेंट बता रही थी तो फैमिली कह रही थी कि लड़की के विवाद को लेकर दोनों दोस्तो की हत्या की गई है। फैमिली ने पठानकोट हाईवे जाम कर दिया था। पुलिस ने जांच के लिए 4 दिन का लाइन लिया था। गोपेश अपनी फैमिली का इकलौता बेटा था।
कंगनीवाल वेईं पर पुल, नकोदर-जगराओं रोड के निर्माण की मांग उठाई, ज्ञापन सौंपा
भास्कर न्यूज | जालंधर/किशनगढ़ बुधवार को किसानों, मजदूर, स्टूडेंट्स और युवाओं ने जंडियाला-जालंधर रोड स्थित गांव कंगनीवाल वेईं पर पुल और नकोदर-जगराओं रोड के निर्माण की मांग की। इस संबंध में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर के नाम मुख्यमंत्री फील्ड अफसर नवदीप सिंह को मांगपत्र सौंपा। सदस्यों ने कहा कि कंगनीवाल वेईं वाला पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और कई दिनों तक सड़क बंद भी रही। उस समय वेईं पर नया पुल बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन बीच में ही रोक दिया गया। इसके कारण अब किसी भी समय जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसलिए नए पुल का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए। वहीं, सदस्यों ने कहा कि नकोदर-जगराओं रोड पर गड्ढे और धूल-मिट्टी के कारण लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। शाहकोट में टोल लगने के कारण बहुत से भारी वाहन इस सड़क से गुजरते हैं, जिससे सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। यह सड़क मंड क्षेत्र को जगराओं और नकोदर से जोड़ती है। खराब सड़क के कारण आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। उधर, नूरमहल के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को शुरू करवाने के लिए किसान, मजदूर, स्टूडेंट, कर्मचारी और युवा संगठनों ने डिप्टी डीईओ (सेकेंडरी) राजीव जोशी को मांगपत्र सौंपा है। पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट रमनदीप कौर और यूनियन लीडर जुलेखा, रूरल वर्कर्स यूनियन पंजाब के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट हंस राज पबवान ने कहा कि अलग-अलग सरकारें आईं, लेकिन किसी भी सरकार ने नूरमहल के सरकारी स्कूल को चलाने की कोशिश नहीं की। दिल्ली मॉडल का नारा लगाकर सत्ता में आई मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार को भी सत्ता में आए चार साल हो गए हैं। सरकारी स्कूल न चलने का फायदा सीधे तौर पर प्राइवेट एजुकेशन संस्थानों को हो रहा है। स्कूल के कुछ कमरे भी बनवाए गए हैं। 16 करोड़ की ग्रांट भी मिल गई है, लेकिन अब तक वहां काम शुरू नहीं हुआ है। डिप्टी डीईओ ने कहा कि स्कूल का इंस्पेक्शन करने के बाद अप्रैल में सेशन शुरू करने पर विचार करेंगे। ग्रांट के खर्च के बारे में पीडब्ल्यूडी को मैप बनाकर दे दिया गया है। इस मौके पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के स्टेट लीडर मास्टर कुलविंदर सिंह जोसन, कीर्ति किसान यूनियन के प्रेसिडेंट संतोख सिंह संधू, सुरजीत सिंह समरा, देश भगत यादगार कमेटी की सीनियर ट्रस्टी सुरिंदर कुमारी कोछड़ मौजूद रहे।
हरियाणा में आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 22 जनवरी से लेकर 24 जनवरी तक हरियाणा में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 22 जनवरी को मौसम की पहली बड़ी हलचल देखने को मिलेगी। विभाग ने इसके लिए बाकायदा एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग ने अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और सिरसा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान महज बारिश ही नहीं, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। हवाओं के झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं, जिससे पेड़ों और कच्ची छतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। रात में राहत, दिन में बढ़ेगी ठिठुरनपश्चिमी विक्षोभ के बादल छाने की वजह से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की कड़ाके की ठंड थोड़ी कम महसूस होगी। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट आएगी। सूरज न निकलने से 'कोल्ड डे' जैसे हालात बन सकते हैं। दिन का पारा चढ़ा, रात में गिराराज्य में औसत अधिकतम तापमान में बीते कल की तुलना में 2.2C की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान तापमान सामान्य से 3.6C अधिक बना हुआ है। पूरे प्रदेश में पलवल (AWS) सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6C दर्ज किया गया। चंडीगढ़ शहर का अधिकतम तापमान 24.0C रहा। इसके विपरीत, रात के औसत तापमान में 1C की गिरावट आई है, जो अब सामान्य के करीब है। राज्य में सबसे कम तापमान सोनीपत (कनाल रेस्ट हाउस, सरगथल AWS) में 4.0C रिकॉर्ड किया गया। हिसार में भी कड़ाके की ठंड रही, जहां पारा 4.3C तक गिर गया।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने 23 जनवरी को रिलीज हो रही अपनी फिल्म बॉर्डर-2 से पहल बॉर्डर फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए हैं। इंस्टा पर 58 सेकेंड का वीडियो अपलोड कर दिलजीत ने बताया कि जब बॉर्डर फिल्म आई तो पैसे न होने से वह इसे सिनेमा में नहीं देख पाए थे। दिलजीत ने बताया कि, तब गांव से कई दोस्त शहर में फिल्म देखने के लिए गए थे। उन्होंने बहुत बाद में ये फिल्म देखी थी। बॉर्डर देखने के बाद ही उनको सैनिकों के जीवन का पता चला। उन्होंने बताया कि उनके मौसा भी फौजी रहे हैं। इसलिए बचपन से सैनिकों के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है। बॉर्डर-2 के शूट के दौरान रोडवेज की बस में यात्रा करते हुए उन्होंने अपने पिता को भी याद किया। रोडवेज के साथ जुड़ी अपनी यादों को शेयर किया। बता दें कि, दिलजीत दोसांझ के पिता रोडवेज विभाग में नौकरी करते थे। दिलजीत ने फिल्म पर कहीं अहम बातें... दिलजीत बोले-फ्लाइंग ऑफिसर पंजाब के थे इसलिए भी हां कर दी दिलजीत ने कहा कि सबको फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के बारे में पता होगा ही, अगर नहीं भी है तो उनके बारे में पढ़ना चाहिए। दिलजीत ने कहा कि जब से लोगों को पता चला है कि वह फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं, तब से लोगों को उनके बारे में जानने की दिलचस्पी और जागी है। खासकर युवा पीढ़ी में। दिलजीत ने कहा कि सबको फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के बारे में बढ़ना चाहिए। बॉर्डर फिल्म करने के पीछे एक कारण ये भी था कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों अपने बंदे हैं, उनका किरदार निभाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। जानें बॉर्डर 2 में किसने किसका किरदार निभाया लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर का किरदार निभाएंगे सनी देओल बॉर्डर-2 फिल्म में तीनों सेनाओं के साहस की असली कहानियां हैं। इसमें नौसेना, थल सेना, वायु सेना के महान नायकों की गाथा देखने को मिलेगी। फिल्म में सनी देओल 6 सिख रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर, वरुण धवन परमवीर चक्र विजेता मेजर होशियार सिंह दहिया (3 ग्रेनेडियर्स) अहान शेट्टी INS खुखरी के लेफ्टिनेंट कमांडर एमएस रावत जबकि दिलजीत दोसांझ वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के किरदार को पर्चे पर जीवंत करेंगे। 1971 के युद्ध में शहीद हुए थे फ्लाइंग ऑफिसर सेखों फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों लुधियाना के इसवाल के रहने वाले थे। वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। 1971 के युद्ध के दौरान अकेले होने के बावजूद दुश्मन के दो विमानों को मार गिराया। विमान क्षतिग्रस्त से वे शहीद हो गए।
ग्वालियर के एक ब्यूटी पार्लर की लापरवाही से साल 2021 में मॉडल प्रज्ञा शुक्ला का चेहरा बिगड़ गया। वे वैक्स कराने के लिए नई सड़क पर कायाकल्प ब्यूटी पार्लर एंड मेकअप स्टूडियो पहुंची थीं। पार्लर के स्टाफ ने केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाकर वैक्स चेहरे पर लगा दिया। हड़बड़ी में कुछ केमिकल चेहरे पर गिर भी गया, जिससे तेज जलन के साथ असहनीय दर्द होने लगा। प्रज्ञा ने ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी से शिकायत की। उसने मॉडल के चेहरे पर एक लेप लगाया और कहा कि चेहरा जल्द ही पहले जैसा ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समय के साथ चेहरे पर घाव और स्पॉट्स उभरने लगे। प्रज्ञा करीब एक साल तक स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज कराती रही, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरी में डॉक्टरों ने सर्जरी का विकल्प सुझाया। इस दौरान प्रज्ञा के पास कई प्रोजेक्ट्स थे। चेहरा खराब होने से उन पर भी असर पड़ा। हालात ऐसे बने कि मॉडलिंग करियर संकट में आ गया। दूसरी ओर, ब्यूटी पार्लर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मजबूर होकर प्रज्ञा ने 22 सितंबर 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कराया। इसकी अंतिम सुनवाई 16 दिसंबर 2025 को पूरी हुई। उपभोक्ता फोरम ने 18 जनवरी 2026 को ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 2 हजार रुपए कोर्ट खर्च चुकाने का भी आदेश दिया है। पार्लर का बेस्ट सर्विस और प्रोडक्ट का दावाप्रज्ञा शुक्ला ग्वालियर में जनकगंज स्थित ऊदाजी की पायगा में रहती हैं। उन्होंने बताया कि वे मॉडलिंग करती हैं और इसी फील्ड में करियर बनाना चाहती हैं। साल 2021 में जब वे 30 साल की थीं तो कई कॉम्पिटीशन में भाग ले रही थीं। इसी दौरान 16 अगस्त 2021 को वह वैक्स कराने के लिए कायाकल्प ब्यूटी पार्लर गई थीं। पार्लर की प्रॉपराइटर सुनीता सोनी का दावा था कि उनके यहां बेस्ट सर्विस और प्रोडक्ट कस्टमर को दिए जाते हैं। गाल पर घाव हो गया, सर्जरी ही विकल्पचेहरा बिगड़ने के बाद ब्यूटी पार्लर संचालक सुनीता सोनी ने पहले मॉडल को उसका इलाज कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मुकर गई। प्रज्ञा ने कई स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज कराया लेकिन एक साल बाद भी चेहरे पर बना घाव का स्पॉट ठीक नहीं हुआ। आखिरी में स्किन स्पेशलिस्ट ने कहा कि स्पॉट का इलाज सर्जरी ही है। 50 हजार रुपए का खर्च भी बताया। फोरम ने माना- लापरवाही से बिगड़ा मॉडल का चेहरादोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने आदेश में कहा- सौंदर्य सेवाओं में अपेक्षित सावधानी और पेशेवर दक्षता का पालन करना सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवाओं में कमी मानी जाती है। फोरम ने लापरवाही से वैक्स करने पर कायाकल्प ब्यूटी पार्लर की संचालक पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। दो हजार रुपए बतौर कोर्ट खर्च देने को भी कहा। ये राशि 45 दिन में नहीं देने पर 6 प्रतिशत ब्याज भी चुकाना होगा। ये खबर भी पढ़ें... 5.28 रुपए ज्यादा वसूलने के खिलाफ 7 साल केस लड़ा इंदौर में एक ग्राहक से छाछ के 5 रुपए 28 पैसे ज्यादा लेने के बदले रिलायंस फ्रेश और सांची दुग्ध संघ को 5000 रुपए लौटाने होंगे। जिला उपभोक्ता फोरम ने सात साल चले केस का फैसला ग्राहक के पक्ष में सुनाया है। फोरम ने आदेश दिया है कि रिलायंस फ्रेश और सांची दुग्ध संघ तिवारी को 2.64-2.64 रुपए लौटाएं। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 3,000 और केस खर्च के 2,000 रुपए भी दें। पढ़ें पूरी खबर...
डिफेंस वालिंटियरों को आपाताकलीन स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए दी ट्रेनिंग
भास्कर न्यूज | जालंधर सिविल डिफेंस की तरफ से कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ सिविल डिफेंस के तहत पीएपी में ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। कोर्स ऑफ कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ सिविल डिफेंस-2026 सत्र का उद्देश्य सिविल डिफेंस वालिंटियरों को मुसीबत और इमरजेंसी जैसी स्थिति में काम करने की मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार करना था। कोर्स-1 12 से 20 जनवरी तक चलाया गया, जिसमें कुल 180 सिविल डिफेंस वालिंटियरों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विशेष इंस्ट्रक्टरों ने वालंटियरों को आग बुझाना, बाढ़ के दौरान बचाव, रस्सी के माध्यम से रेस्क्यू, जख्मी को फर्स्ट एड और अचानक आने वाली आफत में आम लोगों की जान बचाने की ट्रेनिंग दी गई। वहीं, कोर्स-2 की ट्रेनिंग आज से 30 जनवरी तक होगी, जिसमें अन्य वालिंटियरों को भी शामिल किया जाएगा। इस मौके पर जिला कमांडेंट जसकरन सिंह, चीफ वार्डन (सिविल डिफेंस) प्रितपाल सिंह नोटी, प्रिंसिपल डॉ. जगजीत कौर मौजूद रहे।
पटना विश्वविद्यालय के हथुआ हॉस्टल में 40 बम मिले, सात छात्र गिरफ्तार
सीवी रमण हॉस्टल पर मंगलवार रात बमबाजी और गोली चलने के बाद पुलिस ने पटना विवि के हॉस्टलों में छापा मारा। हथुआ हॉस्टल से 40 सुतली बम, 174 ग्राम बारूद, 68 ग्राम लोहे की कील, 125 माचिस, 400 एमएल पेट्रोल, 50 रॉल कैप्स, सुतली लपेटी लाठी, 120 ग्राम सुतली बरामद की। सात छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। देर रात से सुबह तक पुलिस ने जैक्सन, हथुआ, सीवी रमण, रामानुजम समेत आसपास के हॉस्टलों में छापेमारी की। इस बाबत सुल्तानगंज थाने में केस दर्ज किया गया। गिरफ्तार छात्रों पर हॉस्टल में बम और बम बनाने का सामान रखने का आरोप है। गिरफ्तार छात्र सौरभ कुमार, शुभम कुमार, मोहित कुमार, सुमित कुमार, दीपक कुमार, प्रणव कुमार और विवेक कुमार हथुआ हॉस्टल के हैं। उधर, बम चलाने को आरोप में पुलिस ने जैक्सन हॉस्टल के छात्र अभिषेक कुमार को उठाया है। इस मामले में एक दर्जन की तलाश है। सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने कहा कि बम-गोली चलने की बात सामने आई है। विसर्जन जुलूस के लिए बना कर रखे गए थे बम हथुआ हॉस्टल में सरस्वती पूजा के विसर्जन जुलूस के लिए बम बनाकर रखा गया था। पटना सिटी से सुतली, बारूद, लोहे की कील समेत अन्य सामग्री लाई गई थी। विसर्जन जुलूस में हर साल अप्रिय घटना होती है। लेकिन, न तो विवि प्रशासन, न पुलिस प्रशासन को चिंता है। जब कैंपस में बमों के धमाके और फायरिंग होती है तब विवि और पुलिस प्रशासन की नींद टूटती है। जिला प्रशासन इसे विवि प्रशासन का मामला बताकर पीछे हट जाता है तो विवि प्रशासन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का मामला बता कर पल्ला झाड़ लेता है। चाय पी रहे छात्र पर किया था कमेंट पुलिस के अनुसार, मंगलवार की रात 9 बजे सीवी रमण हॉस्टल का छात्र प्रिंस कुमार गर्लफ्रेंड के साथ कृष्णाघाट स्थित दुकान में चाय पीने गया था। इसी दौरान जैक्सन हॉस्टल के छात्र ने कुछ कमेंट कर दिया। उसके बाद मारपीट शुरू हो गई। जैक्सन के छात्र की जमकर पिटाई हो गई। उसके बाद जैक्सन का छात्र अपने साथियों के साथ सीबी रमण हॉस्टल गया और वहां बमबाजी और फायरिंग की। सुल्तानगंज थानेदार ने बताया कि मारपीट में दो छात्रू घायल हुए। बमबाजी या गोलीबारी में कोई जख्मी नहीं हुआ। मारपीट का केस पीरबहोर थाने में दर्ज किया गया है।
मनरेगा को लेकर आप ने केंद्र सरकार को घेरा, पुतला फूंककर किया प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | जालंधर आम आदमी पार्टी ने मनरेगा योजना में किए गए बदलाव को लेकर केंद्र सरकार का घेराव किया। मौके पर नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारजी की और सरकार का पुतला फूंका। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून को कमजोर कर रही है। भाजपा की यह नई नीति मजदूर-विरोधी और गरीबों के साथ सीधी नाइंसाफी है। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को कमजोर करना देश के गरीब मजदूरों के मुंह से रोटी छीनने के बराबर है। इस मौके पर पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर बैंक चेयरमैन पवन कुमार टीनू ने कहा िक भाजपा की यह नई मजदूर विरोधी नीति एक सोची-समझी साजिश है। भाजपा ने मनरेगा का नाम बदलकर इसे ‘वी-बी-जी राम-जी एक्ट’ कर दिया है और इस नए नाम के तहत लिए जा रहे फैसले बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के बजट में लगातार कटौतियां कर गांवों की अर्थव्यवस्था को तबाह किया जा रहा है। पहले मनरेगा का 100 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था, लेकिन अब इसे 60:40 के अनुपात में बांट दिया गया है। अब 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकारों को देना होगा। वहीं, पार्टी के जिला अध्यक्ष जालंधर शहरी अमृत पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक संकट जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जनहितकारी योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति के जरिए असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, लेकिन आम आदमी पार्टी इस तरह की चालों को कभी सफल नहीं होने देगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक पंजाब को उसका हक नहीं मिलता और केंद्र सरकार अपनी गरीब-विरोधी नीतियों में बदलाव नहीं करती, तब तक आम आदमी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। यहां संदीप सैनी, जेआईटी चेयरमैन रमणीक सिंह रंधावा, मेयर वनीत धीर, विधायक बलकार सिंह मौजूद रहे।
अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम
भास्कर न्यूज | जालंधर काला संघिया रोड पर हुए एक सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहन लाल ने बताया कि न्यू सूराजगंज, भार्गव कैंप निवासी टिंकू कुमार अपनी बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टिंकू सड़क पर गिरकर बुरी तरह लहूलुहान हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गहरे जख्मों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। इंस्पेक्टर मोहन लाल के अनुसार, मृतक की पत्नी पिंकी के बयानों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात गाड़ी चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 281, 106 और 324(4)(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास स्थित दुकानों और घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
23 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार भोजशाला पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। दरअसल, इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। हिंदू संगठनों ने दिन भर माता सरस्वती की पूजा- अर्चना की प्रशासन से इजाजत मांगी है। वहीं इसी दिन मुस्लिम समाज भी नमाज पढ़ने आएगा। इससे पहले 2003 से लेकर 2016 के बीच तीन बार ऐसा मौका आया जब बसंत पंचमी शुक्रवार को ही थी। तीनों ही बार विवाद की स्थिति बनी। इस बार ऐसा न हो इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पूरे दिन पूजा के अधिकार की मांग है। इस पर आज यानी 22 जनवरी को सुनवाई है। धार की भोजशाला का इतिहास करीब 990 साल पुराना है। 1034 ई. में राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और यहां मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। 200 सालों से ज्यादा समय तक भोजशाला का वैभव कायम रहा, लेकिन 1305 ई में मोहम्मद खिलजी ने भोजशाला पर आक्रमण कर इसे नेस्तनाबूत करने की कोशिश की। इसके बाद कई बार मुस्लिम आक्रांताओं ने भोजशाला पर हमले किए। कई सालों तक मां सरस्वती की प्रतिमा भोजशाला में दबी रही। इसके बाद अंग्रेज आए। वे यहां से खुदाई कर वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन के म्यूजियम ले गए। खिलजी के आक्रमण से लेकर अब तक भोजशाला को उसकी पहचान दिलाने के लिए संघर्ष जारी है। तारीखों में जानिए भोजशाला के बनने इसके ध्वस्त होने से लेकर इसे नई पहचान देने तक की कहानी... नोट- भोजशाला के इतिहास की जानकारी भोजशाला उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने दी है। अब जानिए कोर्ट में क्या है भोजशाला के मामले का स्टेटस भोजशाला मंदिर या मस्जिद, साइंटिफिक सर्वे पूराहिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने 1 मई 2022 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि भोजशाला का पूर्ण आधिपत्य हिंदुओं को सौंपा जाए। ये मंदिर है या मस्जिद इसका कैरेक्टर तय करने के लिए एएसआई से साइंटिफिक सर्वे कराया जाए। 11 मार्च 2024 को इंदौर हाईकोर्ट ने एएसआई को भोजशाला का साइंटिफिक सर्वे कर 6 हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। एएसआई ने और समय मांगा जिसपर 2 जुलाई 2024 तक का समय दिया गया। एएसआई ने फिर समय मांगा जिसपर कोर्ट ने 15 जुलाई तक की तारीख दी। इस तारीख को एएसआई ने साइंटिफिक रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी। एएसआई ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और कार्बन डेटिंग मेथड की मदद से अपना सर्वे शुरू किया। मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचादूसरी तरफ हाईकोर्ट के 11 मार्च के 2024 के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में 16 मार्च 2024 को विशेष अनुमति याचिका लगाई। इसमें पूरा पक्ष सुनने की मांग की गई। 1 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर दिया। जिसमें साइंटिफिक सर्वे पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सर्वे रिजल्ट के आधार पर बिना सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के निर्णय लेने पर रोक लगाई। सर्वे रिपोर्ट को गुप्त रखने और सार्वजनिक न करने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसा उत्खनन न किया जाए जिससे भोजशाला के मूल स्वरूप में बदलाव आए। सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष ने कहा कि 2003 के ऑर्डर के खिलाफ हिन्दू पक्ष कोर्ट चला गया और 2019 में दायर मुस्लिम पक्ष की याचिका को फॉलो नहीं किया। हाईकोर्ट ने बिना सुने सर्वे का ऑर्डर दिया। सर्वे रिपोर्ट के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई मेंशन एएसआई की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में मेंशन लगाकर रिपोर्ट के आधार पर फैसले पर लगी रोक हटाने और हाई कोर्ट को निर्णय लेने के लिए डायरेक्शन देने की मांग की थी। अब ये पूरा मामला न्यायालय के विचाराधीन है।
30 ग्राम हेरोइन के साथ तीन नशा तस्कर गिरफ्तार
जालंधर| थाना-5 की पुलिस ने 30 ग्राम हेरोइन के साथ तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान विशाल उर्फ लोटा, बलविंदर सिंह सोनू और गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से 30 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह नशा कहाँ से लाए थे और आगे किसे सप्लाई किया जाना था।
बाइक सवार को बचाने के चक्कर में रामामंडी चौक पर दो बसों में टक्कर
भास्कर न्यूज | जालंधर रामामंडी चौक के पास बुधवार को सवारियों से भरी दो बसें टकरा गईं। हादसे में दिल्ली एयरपोर्ट से आ रही इंडो-कैनेडियन बस और होशियारपुर से आ रही दोआबा बस क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के दौरान इंडो-कैनेडियन बस का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हालांकि गनीमत रही कि बस में बैठे यात्री सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब क्रॉसिंग के दौरान अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने के लिए दोआबा बस के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई, जिससे पीछे आ रही इंडो-कैनेडियन बस भी अनियंत्रित होकर टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शी रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों बसों में सवारियां मौजूद थीं, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। दूसरी ओर, होशियारपुर निवासी मोहित ने कहा कि वह अपनी साइड पर खड़ा था और हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ। उसने बताया कि उसके साथी ने बाइक से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिससे यातायात भी बाधित रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पंचायत सरकार भवनों का जल्द हस्तांतरण करें अधिकारी : मंत्री
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार को भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंत्री ने पंचायत सरकार भवनों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिए पदाधिकारियों को निर्देश दिया। साथ ही निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों का स्थल निरीक्षण करने को कहा। मंत्री ने निर्मित पंचायत सरकार भवनों का शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए पदाधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में यह बात सामने आई कि गुणवत्ता जांच के दौरान 74 पंचायत सरकार भवनों की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई थी। इस पर मंत्री ने संबंधित एजेंसियों को एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का कहा है। साथ ही पंचायत सरकार भवन निर्माण से संबंधित अद्यतन प्रगति रिपोर्ट को विभाग के पोर्टल पर अपलोड को कहा है। बैठक में विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह, अपर सचिव नजर हुसैन सहित अन्य मौजूद थे।
सिंहस्थ:लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन पर भी हो रिजर्वेशन सेंटर
मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक बुधवार को रतलाम में हुई। सदस्यों ने सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन का काम जल्द से जल्द पूरा करने और यहां रिजर्वेशन ऑफिस शुरू करने की सलाह दी। इसके साथ ही इंदौर स्टेशन का रि-डेवलपमेंट तय समय में पूरा करने, ट्रेनों के फेरे बढ़ाने, नई ट्रेनें शुरू करने सहित अन्य सुझाव दिए गए। बैठक में इंदौर से सदस्य शैलेष गर्ग, विशाल गिदवानी, हिमांशु दुबे सहित अन्य सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा उज्जैन के साथ ही साथ देवास, इंदौर, नागदा, रतलाम, मंदसौर के सदस्यों ने भी अलग-अलग मांगें रखी। डीआरएम अश्वनी कुमार ने सदस्यों से कहा कि उनके सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार होगा। 19 में से 14 सदस्य शामिल हुए, एक सदस्य के लिए चुनाव भी बैठक में कुल 19 माननीय सदस्यों में से 14 सदस्य तथा एक सदस्य के प्रतिनिधि शामिल हुए एवं क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता समिति के तीन सदस्य शामिल हुए। रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा इस दौरान मंडल की जनवरी से दिसंबर 2025 तक की मंडल की उपलब्धियां बताई गईं। बैठक में मंडल रेल उपभोक्ता समिति सदस्यों में से एक को क्षेत्रीय रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के लिए चुना जाना था। हालांकि आम सहमति नहीं होने पर वोटिंग करवाई गई। इसमें तरुण व्यास को 10 वोट मिले। इनका नाम क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति में शामिल करने के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। यह मांग भी की गई
फोलड़ीवाल में लगी पॉलिथीन क्रशिंग मशीन, जब्त प्लास्टिक से दाना बनेगा
भास्कर न्यूज | जालंधर शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में निगम ने एक प्रभावी कदम उठाया है। फोलड़ीवाल में निगम ने अत्याधुनिक पॉलिथीन क्रशिंग मशीन लगाई है। इस मशीन की मदद से निगम विभिन्न हिस्सों से जब्त किए गए प्रतिबंधित पॉलिथीन और प्लास्टिक के कचरे को नष्ट किया जाएगा। इस योजना के मुताबिक, यह मशीन पहले प्लास्टिक कचरे को छोटे टुकड़ों में क्रश करेगी और फिर उसे 'प्लास्टिक के दानों' में परिवर्तित कर देगी। इन दानों का उपयोग कई प्रकार के औद्योगिक कार्यों में किया जा सकेगा। अब तक जब्त पॉलिथीन को स्टोर करना या नष्ट करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन इस तकनीक से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से समाधान होगा। इस प्लास्टिक दाने का उपयोग सड़क निर्माण में बिटुमेन (कोलतार) के साथ मिलाकर या प्लास्टिक के अन्य उत्पाद बनाने में किया जा सकता है।
वसंत पंचमी कल: घर-घर विराजेंगी विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती
माघ शुक्ल पंचमी 23 जनवरी शुक्रवार को वसंत पंचमी के साथ फागुन के रंग भी फिजा में घुलने लगेंगे। इस दिन बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की पूजा स्कूल-कोचिंग, शैक्षणिक प्रतिष्ठान समेत घरों में की जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार संगीत व कला की अधिष्ठात्री देवी मां बागेश्वरी को समर्पित वसंत पंचमी पर भगवान गणेश, लक्ष्मी, नवग्रह, पुस्तक-लेखनी और वाद्य यंत्र की पूजा भी होगी। पंचमी तिथि 22 की देर रात 2:29 बजे से लगेगी और दूसरे दिन 23 जनवरी की देर रात 1:47 बजे तक रहेगी, इसलिए शुक्रवार को पूरे दिन माता सरस्वती की पूजा होगी। मूर्तिकार संजीव कुमार पंडित के अनुसार गंगा मिट्टी, लोहरदगा की पंख मिट्टी व नगड़ा की मिट्टी से मूर्ति को आकार दिया जाता है। मूर्ति के निर्माण में सबसे पहले पुआल का ढांचा बनाकर उस पर नगड़ा मिट्टी का लेप लगाया जाता है। इसको सूखने के बाद फिर से नगड़ा मिट्टी का लेप फिर पंख मिट्टी का उपयोग किया जाता है। अंत में मां का चेहरा, उंगली और मूर्ति को फिनिशिंग के लिए पटना की पवित्र गंगा मिट्टी का उपयोग किया जाता है। मिट्टी की मूर्ति बैठाएं पटना साइंस कॉलेज में इन्वॉयरमेंट साइंस की कोआर्डिनेटर प्रो. पूनम रंजन के अनुसार मिट्टी से निर्मित मूर्तियां पानी में आसानी से घुल जाती हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल हैं। इसलिए मिट्टी से बनी मूर्ति ही बैठानी चाहिए। मूर्ति में प्लास्टर ऑफ पेरिस के उपयोग से पर्यावरण, जल, जलीय जीव और मानव स्वास्थ्य पर कई तरह से दुष्प्रभाव पड़ता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट से बना एक कृत्रिम पदार्थ है, जो जल्दी सख्त हो जाता है, पानी में आसानी से नहीं घुलता है। पीओपी की मूर्तियां मिट्टी की तरह घुलकर नष्ट नहीं होती हैं। विसर्जन के बाद यह तलछट के रूप में नदी या तालाब के तल में जमा हो जाती है। पीओपी से प्रदूषित पानी में स्नान करने या पीने से त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियां, किडनी व लिवर पर प्रभाव आदि हो सकता है। कोचिंग एरिया, स्कूल-कॉलेजों के पास अभया ब्रिगेड की तैनाती सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस को लेकर आईजी जितेंद्र राणा ने एसएसपी और तीनों सिटी एसपी के साथ बैठक की। कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान कोचिंग एरिया, स्कूल, कॉलेजों के पास अभया ब्रिगेड की तैनाती की जाए। पूजा और जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर रोक रहेगी। मूर्ति स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। हर पंडाल के पास पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी और वीडियोग्राफी होगी। विसर्जन के दौरान भी पुलिस बल की तैनाती रहेगी। जिला नियंत्रण कक्ष और आई ट्रिपल सी में अलग से एक-एक पुलिस अधिकारी की तैनाती होगी। डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने भी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले सभी होटलों में छापेमारी का निर्देश दिया।
स्टूडेंट वेलफेयर विभाग ने बांटीं फ्री बुक्स
जालंधर | कन्या महा विद्यालय के स्टूडेंट वेलफेयर विभाग की ओर से छात्राओं को बांटी गई मुफ्त किताबें। बता दें यह फ्री बुक बैंक विभाग की ओर से पिछले कई सालों से कॉलेज कैंपस में छात्राओं के लिए चलाया जा रहा है। इस बैंक की ओर से हर सेमेस्टर में छात्राओं की सुविधा के लिए सभी विषयों की पुस्तकें ज़रूरत अनुसार बांटी जाती हैं। इस सेमेस्टर के दौरान भी अब तक 500 से ज्यादा पुस्तकें बाटी जा रही है। जिसको लेकर प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने बताया कि कन्या महा विद्यालय के बुक बैंक के अंतर्गत छात्राओं की ओर से अपनी पिछली कक्षाओं के सिलेबस के साथ संबंधित बुक बैंक में जमा करवाई जाती हैं। इस बैंक में छात्राओं की ओर से अंग्रेज़ी, इतिहास, केमिस्ट्री, फिज़िक्स, पंजाबी, हिंदी, पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, गणित आदि की पुस्तकें प्राप्त की जा रही हैं।
विद्यार्थी की किताब सीक्रेट्स ऑफ़ सोल स्ट्रैंथ प्रकाशित
जालंधर | एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के बीए पांचवे सेमेस्टर के विद्यार्थी अक्षय भास्कर ने अपने निजी जिंदगी के अनुभवों के आधार पर एवं आजकल के युवाओं को प्रेरित करने वाली पुस्तक सीक्रेट्स ऑफ़ सोल स्ट्रैंथ पब्लिश की। जिसमें अक्षय ने 39 कहानियों के माध्यम से निजी जिंदगी के अनुभव साझा किए हैं। इस के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया है। उसने अपना प्रेरणास्रोत डॉ. नीरजा ढींगरा एवं अपने पिता को माना है जिनकी सर्जनात्मकता से प्रभावित होकर वह निरंतर अच्छी पुस्तकें पढ़ता रहता था और पढ़ते-पढ़ते उसने खुद की किताब लिखने की ठानी। डॉ नीरजा ढींगरा ने कहा कि वह इसी तरह भविष्य में भी साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाये और अपने व्यक्तित्व को और भी निखारे।
वैदिक भाषण प्रतियोगिता में युवराज ने जीता पुरस्कार
जालंधर | शिव ज्योति पब्लिक स्कूल के छात्र युवराज शर्मा ने इंटरस्कूल वैदिक भाषण प्रतियोगिता में प्रशंसा पुरस्कार हासिल किया। यह प्रतियोगिता लुधियाना की वेद प्रचार मंडल (रजि.) की ओर से सदा सुख चोपड़ा एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित की गई थी। नौवीं कक्षा ‘सी’ के विद्यार्थी युवराज शर्मा ने प्रतियोगिता के दूसरे राउंड में भाग लिया। उन्होंने “जन जागृति के नायक–महर्षि दयानंद सरस्वती” विषय पर भाषण प्रस्तुत कर प्रशंसा पुरस्कार प्राप्त किया। प्रिंसिपल प्रवीण सैली ने इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने गतिविधि प्रभारी भावना सभ्रवाल, ज्योति चावला और पलविंदर कौर के योगदान की भी सराहना की। इस मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. विदुर ज्योति, डॉ. सुविक्रम ज्योति, रमनदीप तथा ममता अरोड़ा ने भी युवराज की सराहना की।
परेशानी:9.83 लाख का फ्रॉड, आधार में एड्रेस अलग इसलिए थानों के चक्कर काट रहा फरियादी
एक तरफ पुलिस कमिश्नर हर थाने की साइबर सेल को मजबूत करने का दावा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ एक फरियादी 25 दिन से तेजाजी नगर और भंवरकुआं थानों के बीच झूल रहा है। कारण सिर्फ इतना है कि साइबर हेल्पलाइन सेंटर ने आधार कार्ड का एड्रेस लेकर केस दर्ज कर दिया। जबकि घटना फरियादी के वर्तमान पते पर हुई थी। इसी गफलत में दो बार केस ट्रांसफर कर दिया गया। 3 मिनट में दो अकाउंट से 11 ट्रांजेक्शनघटना 27 दिसंबर 2025 को संजय देवंडे के साथ हुई। बुधवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे संजय ने बताया कि उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। आरोपी ने उनके मोबाइल, यूपीआई सुविधा और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया है। घटना वाली शाम 7:42 से 7:45 बजे के बीच उनके दो अकाउंट से 11 बार ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान उनके दोनों अकाउंट से करीब 9.83 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 साइबर क्राइम की हेल्पलाइन पर की। वहां से ई-एफआईआर हुई और केस भंवरकुआं थाने पर ट्रांसफर हुआ। यहां एक सब इंस्पेक्टर ने उनका एड्रेस मुंडला नायता देखा। यह कहते हुए कि उनका घर का पता तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में आता है, केस फिर भोपाल ट्रांसफर कर दिया। जबकि उन्होंने दलील दी कि मेरा वर्तमान पता स्कंद धाम है जो आपके थाना क्षेत्र में है। वेरिफिकेशन के बाद भेजा : इसके बाद उनका केस तेजाजी नगर थाने पहुंचा। टीआई ने केस ले लिया, लेकिन जब उनका एड्रेस पूछा तो उन्होंने बताया कि वे पहले मुंडला नायता रहते थे। अब वे पालदा इलाके की स्कंद धाम कॉलोनी में रहते हैं। इसके बाद टीआई ने फिर से उनका केस भोपाल भेजा। जांच में फर्क पड़तातेजाजी नगर थाना टीआई देवेंद्र मरका का कहना है क संजय देवंडे का केस हमारे थाने पर आया था। हमने उसे अपने यहां ले लिया था, क्योंकि भोपाल से आई एफआईआर में उसका एड्रेस मुंडला नायता था, जो हमारे यहां का था। जब फरियादी से उसका एड्रेस पूछा तो उसने पालदा इलाके का बताया। जिन अकाउंट में पैसा गया है, उसकी जांच शुरू हो चुकी है। एफआईआर भी दर्ज हो चुकी, लेकिन इन्वेस्टिगेशन में एड्रेस लोकेशन की गलती न हो, इसलिए उसे भंवरकुआं थाने भेजा गया है।
कुशवाहा और दो विधायकों ने वापस की पेंशन की राशि
बिहार के आठ विधायक-विधान पार्षदों द्वारा पेंशन और वेतन एक साथ लेने का मुद्दा सामने आया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी सामने आई हैै। इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा के साथ जदयू के विधायक रामसेवक सिंह और राजद विधायक राहुल कुमार ने पेंशन की राशि वापस कर दी है। जदयू विधायक रामसेवक सिंह ने भी पेंशन के रूप में 53867 रुपए अधिक लिया था, जिसे उन्होंने 10 दिसंबर 2025 को वापस किया है। राजद विधायक राहुल कुमार पेंशन के रूप में 30400 ज्यादा लिया था। उन्होंने भी 15 दिसंबर 2025 को चालान के माध्यम से पटना कोषागार में वापस किया है। रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पिछले महीने 11 दिसंबर 2025 को 3 लाख 36 हजार 135 रुपए जमा किए हैं। हालांकि, भास्कर से बातचीत में कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने पेंशन की राशि वापस नहीं की है। बल्कि उनके गाड़ी के लोन की राशि पेंशन अकाउंट में आ गई थी। इसलिए उन्होंने इसे वापस की है।
कोविड के समय सेवाएं देते हुए जान गंवाने वालों के परिवारों को एक्स ग्रेशिया ग्रांट दी
जालंधर| कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए स्वर्गवास हुए नगर निगम एवं नगर कौंसिल के 11 कर्मचारियों के परिवारों को पंजाब सरकार की ओर से एक्स-ग्रेशिया सहायता राशि प्रदान की गई। पंजाब सफाई कर्मचारी कमीशन के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने सरकार की ओर से प्राप्त 50 लाख रुपये की ग्रांट प्रभावित परिवारों में वितरित की। इस अवसर पर ग्रेवाल ने पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने कोविड-19 के कठिन समय में अपनी सेवाएं देते हुए जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को उनका बनता हक देकर एक सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता ।
डॉ. रोहन बौरी ने की डिफर्ड लाइव रिफ्रेक्टिव सर्जरी
जालंधर| इनोसेंट हार्ट्स आई सेंटर के नेत्र विशेषज्ञ और डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. रोहन बौरी ने डिफर्ड लाइव रिफ्रेक्टिव सर्जरी की। यह सर्जरी “प्रेस बियॉन्ड” के नाम से की गई। जिसे शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लाइव दिखाया गया। डॉ. बौरी ने अत्याधुनिक लेज़र तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रोगी के दृष्टि दोष को ठीक किया, जिससे रोगी को पास और दूर दोनों के चश्मों की जरूरत नहीं रही। इस सर्जरी में उन्नत लेज़र सिस्टम का इस्तेमाल हुआ। इसके साथ ही इनोसेंट हार्ट्स आई सेंटर पंजाब का पहला ऐसा केंद्र बन गया है जहाँ ये तकनीक उपलब्ध है। यह सर्जरी सुपर स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल, बेंगलुरु में दिखाई गई, जिसे पूरे देश से आए 1,500 से अधिक नेत्र विशेषज्ञ और सर्जनों ने देखा।
कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा गुहला एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला लगातार गर्माया हुआ है। अब इसमें मामले में एक ओर जहां राजनीतिक दलों की एंट्री हुई है, वहीं सामाजिक संगठन भी इस मामले में उतर गए हैं। इनमें से एक पक्ष एसडीएम तो दूसरा पक्ष विधायक के समर्थन में उतरा है। जिन हाथों ने देश के लिए बंदूक उठाई, उनमें झुनझुना देना बर्दाश्त नहीं कुछ लोगों की ओर से जहां विधायक को अपनी जगह पर सही बताया जा रहा है तो कुछ इसे निंदनीय करार दे रहे हैं। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगजीत सिंह व संरक्षक कैप्टन बलजीत मोर ने कहा कि वे इस मामले को लेकर पूरी तरह से एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि जिन हाथों ने पहले देश की रक्षा के लिए बंदूक उठाई, उन हाथों में विधायक द्वारा झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला कतई बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सीएम व अन्य बड़े नेताओं को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। जजपा आई विधायक के समर्थन में वहीं दूसरी ओर जजपा के जिला प्रधान ने विधायक द्वारा झुनझुना पकड़ने के प्रयास के मामले का समर्थन किया। जजपा जिला प्रधान अवतार सिंह सीड़ा ने कहा कि विधायक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इस समय गुहला क्षेत्र में विभिन्न कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कांग्रेस ही नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ अगर उन्हें किसी भी दल के साथ या किसी विधायक अथवा नेता के साथ खड़ा होना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उस समय किसी पार्टी को नहीं देखा जाएगा बल्कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। बता दें कि मामले में एसडीएम की ओर से कैथल एसपी को विधायक के खिलाफ शिकायत भी दी गई है। जिसमें उन्होंने विधायक पर काम में बाधा डालने और गलत व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में एसपी उपासना ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। ये है पूरा मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी ओवरऑल चैंपियन बनी
भास्कर न्यूज | जालंधर सरकारी आर्ट्स व स्पोर्ट्स कॉलेज में जारी नॉर्थ रीजनल इंटर-यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल चैंपियनशिप बुधवार को संपन्न हुई। 16 से 21 जनवरी तक जारी इस चैंपियनशिप में बुधवार को फाइनल मुकाबले खेले गए जिसमें ओवरऑल चैंपियनशिप पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के नाम रही। जबकि एलपीयू ने दूसरा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली ने तीसरा और पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पटियाला ने चौथा स्थान हासिल किया। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी की तरफ से नियुक्त ऑब्जर्वर डॉ. यशवंत गहलोत की देखरेख में टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। ऑब्जर्वर डॉ. गहलोत ने सभी टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात करते हुए उन्हें टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स कॉलेज की पूरी एडमिनिस्ट्रेटिव टीम की तारीफ की। चैंपियनशिप के आखिर में टेक्निकल, स्पोर्टिंग स्टाफ को सम्मानित किया गया। 6 दिनों तक चली इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रिंसिपल डॉ. रणबीर सिंह ने चैंपियनशिप कराने के लिए ऑब्जर्वर, कोच, एडमिनिस्ट्रेटर और स्टाफ का धन्यवाद किया।
69वीं नेशनल स्कूल फुटबॉल के लिए करिश्मा व जानवी का चयन
जालंधर| वाईएफसी रुड़का कला लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रहा है। खिलाड़ी करिश्मा और जानवी कई वर्षों से यूथ फुटबॉल क्लब से प्रशिक्षण ले रही हैं। हाल ही में वाईएफसी की इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय चैंपियनशिप जीती है, जिससे क्लब को गर्व महसूस हुआ है। टूर्नामेंट में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते अब उनका चयन 69वीं राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता के लिए हुआ जो 23 से 28 जनवरी तक इंफाल, मणिपुर में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर वाईएफसी क्लब के अध्यक्ष गुरमंगल दास ने करिश्मा और जानवी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनकी क्षमताओं पर विश्वास जताया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वाईएफसी रुड़का कला की ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर अपने गांव, क्लब और माता-पिता का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से वाईएफसी रुड़का कला फुटबॉल के साथ लैंगिक समानता पर भी पूरी तरह काम कर रही है। इसी के तहत वाईएफसी में लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। करिश्मा और जानवी
पंजाब और चंडीगढ़ में आज (वीरवार) से मौसम बदलने वाला है। दो दिन तक लगातार बिजली चमकने, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं (50 से 60 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विभाग की ओर से इस संबंध में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई है, फिर भी यह सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक बना हुआ है। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री आदमपुर में दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज कहां- कहां हो सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार, आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर ,तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, रूपनगर , फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जबकि बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा देखने को मिला।इस दौरान बठिंडा में दृश्यता 0 मीटर, जबकि अमृतसर और लुधियाना में 50-50 मीटर दर्ज की गई।राज्य में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान आदमपुर में 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान बढे़गा, बारिश की संभावना मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, ठंड का पीक पीरियड निकल चुका है और अब ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की ओर पहुंच गया है। 22 जनवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि 23 जनवरी को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 24 और 26 जनवरी को कुछ ही स्थानों पर बारिश के आसार हैं। 27 जनवरी को भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 48 घंटों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, और फिर उसके बाद दोबारा गिरावट की संभावना है। आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम 23 जनवरी - पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा, जबकि झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं (40-50 किलोमीटर प्रति घंटा) की प्रबल संभावना है। पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 24 जनवरी - अमृतसर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, फाजिल्का, मुक्तसर, मानसा, बरनाला और बठिंडा में कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 25 जनवरी - अमृतसर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, फाजिल्का, मुक्तसर, मानसा, बरनाला और बठिंडा में कुछ स्थानों पर घना कोहरा रह सकता है। जबकि मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
पंजाब पुलिस का ASI डॉ. अशोक कुमार एक अनूठे तरीके से पोर्ट्रेट तैयार करता है। उसने पोर्ट्रेट करने की ऐसी नई विद्या तैयार की है, जो उसके बनाए पोर्ट्रेट देखता है, देखता ही रह जाता है। डॉ. अशोक कुमार जरकन से डायमंड पोर्ट्रेट तैयार करता है। अब तक वो दुनिया की कई बड़ी हस्तियों के पोर्ट्रेट तैयार कर चुका है और वर्ल्ड रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा चुका है। पंजाबी सिंगर व एक्टर दिलजीत दोसांझ, वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज समेत कई हस्तियां अपने डायमंड पोर्ट्रेट देखकर उसके कायल हो चुके हैं। दिलजीत दोसांझ को डॉ. अशोक कुमार ने डायमंड पोर्ट्रेट गिफ्ट किया तो उन्होंने कहा कि वो वर्ल्ड टूर पर हैं इसलिए इसे लेने बाद में आएंगे। दिलजीत ने उन्हें कहा था कि इसे संभालकर रखना इसे लेकर जरूर जाउंगा। तीन महीने पहले डॉ. अशोक कुमार अपनी मां के साथ वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के पास पहुंचे। पोर्ट्रेट देखकर वो बेहद खुश हुए। अशोक कुमार ने जब उन्हें पोर्ट्रेट दिया तो प्रेमानंद जी ने कह दिया कि इसे आशीर्वाद के तौर पर अपने पास रखना। दिलजीत दोसांझ को करूंगा गिफ्ट डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दिलजीत दोसांझ का डायमंड पोर्ट्रेट उन्होंने तैयार किया है। अब जब भी दिलजीत दोसांझ से उनका मिलना होगा तो वो उन्हें जरूर इसे गिफ्ट देंगे, क्योंकि उन्होंने तब कहा था कि इसे मेरी अमानत समझकर अपने पास संभालकर रखना। एक दिन इसे लेने जरूर आउंगा। गुरुनानक देव जी का 20 फीट ऊंचा पोर्ट्रेट बनाकर बनाया वर्ल्ड रिकार्ड डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 2021 में उन्होंने श्री गुरुनानक देव जी का 20 फुट ऊंचा पोर्ट्रेट तैयार किया था। जो एक वर्ल्ड रिकार्ड था। उन्होंने बताया कि उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया। इस तरह तीन बार उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो चुका है। इसके अलावा एशिया रिकार्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी उनका नाम दर्ज हुआ है। दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने दी डॉक्ट्रेट की उपाधि अशोक कुमार पंजाब पुलिस में ASI हैं और उनके नाम के आगे डॉक्टर लिखा जाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुत से पोर्ट्रेट तैयार किए हैं और उनकी स्टोरी एक बुक में प्रकाशित की गई है। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने उन्हें डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि दी है। अशोक का किप्स मार्केट व सुकना लेक में स्केच बनाने से वर्ल्ड रिकार्ड तक का सफर उत्तर प्रदेश में पैदा हुए, लुधियाना में पले- बढ़े: अशोक के माता पिता उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अशोक का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ और जब वो छह माह के थे तो उनके माता- पिता उन्हें लेकर लुधियाना आ गए। यहीं पर पले बढ़े। पिता फैक्ट्री में काम करते थे। दसवीं कक्षा तक पढ़ने के बाद पुलिस में कॉन्स्टेबल बन गए। किप्स मार्केट लुधियाना में बनाते थे स्केच: अशोक कुमार को पेंटिंग व स्केच बनाने का शौक बचपन से था। रेत व मिट्टी पर उंगली से आकृतियां व कोयले से दीवार पर चित्र बचपन से बनाते थे। दसवीं कक्षा पास करने के बाद किप्स मार्केट लुधियाना में जाकर लोगों के स्केच बनाते थे। लोग प्रति स्केच 200 से 300 रुपए देते थे। करीब छह महीने तक यहां पर स्केच बनाते रहे। सुकना लेक चंडीगढ़ में भी बनाते थे स्केच: डॉ. अशोक ने बताया कि उन्हें पता चला कि चंडीगढ़ सुकना लेक के किनारे स्केच बनाने वालों को अच्छे पैसे मिल जाते हैं तो वो एक दिन वहां चले गए। वहां पर चार पांच स्केच बनाए और 2000 रुपए कमाकर आ गए। उसके बाद पुलिस में भर्ती होने तक वहां जाते रहे। पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती हुए : अशोक कुमार 2008 में पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल भर्ती हुए। पुलिस की नौकरी के साथ उन्होंने केनवस पर पेंटिंग व स्केच बनाने शुरू किए। इसी दौरान उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ। कोरोना के दौरान शुरू की डायमंड पेंटिंग: डॉ. अशोक ने बताया कि उनके मन में नया करने की ललक थी। इसलिए उन्होंने डायमंड पेंटिंग शुरू की। इसे न तो उन्हें किसी ने सिखाया है और न ही उनसे पहले ऐसी पेटिंग कोई बनाता था। उन्होंने बताया कि उसके बाद उन्होंने कई महान लोगों के पोर्ट्रेट बना दिए। 2021 में वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल: डॉ. अशोक ने बताया कि 2021 में उनका नाम पहली बार वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हुआ। अब तक 4 बार वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल हो चुका है। उनका लक्ष्य है कि वो इस विधा को लोगों को दिखाएं और इससे जोड़ें। 20 से 25 हजार में तैयार होता है डायमंड पोर्ट्रेट डॉ. अशोक ने बताया कि एक पोर्ट्रेट तैयार करने में 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। पुलिस की नौकरी के कारण उन्हें पोर्ट्रेट तैयार करने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिलता है। फिर भी रात को काम करके वो करीब एक महीने में एक पोर्ट्रेट तैयार कर लेते हैं।
जेईई मेन : पिछले साल से इस बार आसान रहा पेपर
जेईई मेन 2026 के पहले सेशन की शुरुआत बुधवार से हुई। पहले दिन प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। परीक्षार्थियों के मुताबिक, केमिस्ट्री लंबी, मैथ्स और फिजिक्स मॉडरेट लगे। पिछले साल की तुलना में पेपर में सीधे सवाल कम थे। ज्यादातर सवाल फॉर्मूला बेस्ड थे जिनके लिए क्रिटिकल थिंकिंग और कॉन्सेप्ट की क्लेरिटी की जरूरत थी। परीक्षा केंद्र से लौट रही अदिति कुमारी ने बताया कि पिछले साल से प्रश्न का स्तर आसान था। आयशा कुमारी ने बताया कि कुल मिलाकर प्रश्नपत्र मॉडरेट रहा। आशीष ने बताया कि फिजिक्स के कुछ प्रश्न कठिन लगे, गणित आसान रहा। हाजीपुर के प्रिंस कुमार ने बताया कि गणित के कुछ प्रश्न कठिन थे, जिस वजह से काफी दिक्कत हुई। केमिस्ट्री आसान रही। सीवान के रविकुमार के अनुसार गणित के कई प्रश्न कठिन रहे, जिस वजह से काफी समय लगा। एक्सपर्ट विनोद कुमावत ने बताया कि स्टूडेंट्स के फीडबैक के आधार पर पेपर का एनालिसिस किया गया है। कैमिस्ट्री और फिजिक्स का पेपर मॉडरेट जबकि मैथ्स का लेंदी था। लेकिन, पिछले वर्ष की अपेक्षा आसान रहा। कठिनाई के स्तर पर इस पेपर को पांच में से तीन रेटिंग दी जा सकती है। विद्यार्थियों को पहले दिन किसी भी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। पेपर का पैटर्न पिछले वर्ष के अनुसार ही था, जिसमें स्टेटमेंट, मैचिंग लिस्ट, सिंगल करेक्ट और न्यूमेरिकल वैल्यू आधारित प्रश्न पूछे गए थे। मैथ्स मैथ्स का पेपर कठिन और लेंदी था। 36 प्रतिशत प्रश्न 11वीं और 64 प्रतिशत 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गए थे। एलजेब्रा से 36 प्रतिशत, कैलकुलस से 28 प्रतिशत, वेक्टर थ्री डी से 12 प्रतिशत, ट्रिग्नोमेट्री से आठ प्रतिशत, कॉर्डिनेट से 16 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। केमिस्ट्री में ज्यादा प्रश्न 11वीं तो मैथ्स में 12वीं से पूछे गए केमिस्ट्री का पेपर मॉडरेट रहा। सेक्शन बी के प्रश्नों में कैलकुलेशन कठिन था। इसके कारण प्रश्नों को करने में सामान्य से अधिक समय लगा। एनसीईआरटी के टॉपिक्स के अनुसार 52 प्रतिशत प्रश्न 11वीं और 48 प्रतिशत 12वीं कक्षा के सिलेबस से थे। लगभग संपूर्ण सिलेबस को कवर किया गया था। कैमिकल बॉन्डिंग, सॉल्ट एनालिसिस, ऐरोमेटिक कम्पाउंड, मॉल कंसेप्ट से दो-दो प्रश्न पूछे गए। अन्य सभी टॉपिक्स से एक-एक प्रश्न आया। फिजिक्स का पेपर मॉडरेट था। एनसीईआरटी आधारित 50 प्रतिशत प्रश्न 11वीं और 50 प्रतिशत 12वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गए। अधिकतर प्रश्न इलेक्ट्रोडायनेमिक्स, मैकेनिक्स, हीट एंड थर्मोडायनेमिक्स, वेव और वेव ऑप्टिक्स से पूछे गए थे। अन्य प्रश्न मैग्नेटिज्म, ग्रेविटेशन, मॉडर्न फिजिक्स, ज्योमेट्री ऑप्टिक्स, फ्लुइड, एरर तथा सेमिकंडक्टर से संबंधित थे।
बाढ़ पीड़ित सहायता फंड के लिए आर्थिक मदद की
जालंधर | शहीद बाबा संगत सिंह यादगारी ट्रस्ट की तरफ से मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ित सहायता फंड में आर्थिक मदद की गई। इस मौके पर ट्रस्ट के मेंबर गगनदीप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल को मिलकर चेक सौंपा। गौर है कि पिछले साल बाढ़ से पंजाब भर में भारी नुकसान हुआ था और इसका असर जालंधर में भी देखने को मिला था।
पटियाला टूर्नामेंट की विजेता ट्रॉफी डीबीए को सौंपी
भास्कर न्यूज | जालंधर डीबीए पटियाला द्वारा आयोजित पटियाला टूर्नामेंट की विजेता ट्रॉफी डीबीए के सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर व कार्यकारी प्रधान राम छाबड़ा व संयुक्त सचिव साहिल मल्होत्रा को सौंपी गई। पूर्व प्रधान आदित्य जैन ने कहा-बार की टीम के क्रिकेट के मैदान अच्छे प्रदर्शन का नतीजा है यह टॉफी। इस मौके पर डीबीए लायंस के कैप्टन एडवोकेट विनय शर्मा, चेयरमैन सुमित शर्मा उप कप्तान, सचिन शर्मा और टीम के मेंबर्स अजय, निशांत, सौरभ, धीरज, निर्मल, अक्ष, साहिल हांडा, कार्तिक, नवदीप, सनी, साहिल गुप्ता, सैंडी, संदीप कुमार, हेमंत, जश्नीव व शिवम उपस्थित थे।
जमीन विवाद:युवक का अपहरण कर सरियों से दागा, फिर दर्ज कराया रेप का केस
बाणगंगा इलाके में एक युवक के साथ चाचा‑चाची और उनके बेटों ने जमीन विवाद के चलते अत्याचार की हदें पार कर दीं। बिहार निवासी युवक पर 17 जनवरी को घर में हमला किया, फिर दो चचेरे भाइयों ने अपने साथियों के साथ MR‑10 ब्रिज के पास से उसका अपहरण कर शाजापुर ले गए। वहां खेत पर उसे पेड़ से बांधकर बेल्ट, लाठी‑डंडों से पीटा और गर्म सरिये से दागा। बाद में चाचा‑चाची ने युवक पर अपनी नाबालिग बेटी से रेप का झूठा केस तक दर्ज करा दिया। पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया। बेहोश हुआ तो इंदौर ले आएयुवक ने बताया कि जब वह बेहोश हो गया तो सभी आरोपी उसे वापस इंदौर ले आए। बाणगंगा टीआई सियाराम गुर्जर ने बताया कि 18 की शाम को दंपती अपनी 15 साल की बेटी और जख्मी युवक को थाने लेकर आए। यहां चाचा चाची ने अपनी बेटी की तरफ से युवक के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया। युवक की चोट देखकर हमने उसकी गिरफ्तारी न लेते हुए पहले उसे मेडिकल के लिए भेजा। बुधवार को एमवाय हॉस्पिटल में उसके बयान दर्ज करने गए तो पूरा घटनाक्रम सामने आया। अभी सभी आरोपी फरार हैं। जांच की जा रही है।
खादी बोर्ड के चेयरमैन बने युवा नेता काकू
जालंधर| सरकार ने काकू अहलुवालिया को पंजाब खादी एवं ग्राम विकास बोर्ड का चेयरमैन बनाया है। बुधवार को जिम्मेदारी मिलने के बाद काकू अहलुवालिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी लीडरशिप और सरकार ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि खादी और ग्राम उद्योग से जुड़े कारीगरों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण युवाओं के हितों के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया जाएगा। काकू अहलुवालिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, केंद्रीय विधानसभा हलका प्रभारी नितिन कोहली और राज बीर सिंह घुमन का आभार जताया है। नितिन कोहली न कहा है कि उनके नेतृत्व में खादी क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, कारीगरों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिलेगा तथा ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
दिनदहाड़े घर में हुई बड़ी चोरी के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से शासकीय अधिवक्ता ( ADPO) खुद पुलिस व्यवस्था से आहत हैं। यह कहना है शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार का, जिनके जबलपुर स्थित घर से 30 से 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए। अमित कुमार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक न तो संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ की और न ही एफआईआर दर्ज की। हर बार थाने जाने पर सिर्फ “विवेचना चल रही है” कहकर टाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अदालत में पुलिस के मामलों की पूरी निष्ठा से पैरवी करते हैं, लेकिन आज जब उन्हें न्याय की जरूरत है, तो पुलिस ही मददगार नहीं बन रही। इस मामले में एडीपीओ ने जबलपुर एसपी से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। एक माह पहले हुई थी चोरीमूल रूप से ग्वालियर निवासी और अगस्त 2025 में जबलपुर में पदस्थ शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार 29 नवंबर को दोस्त की शादी में झांसी (उत्तर प्रदेश) गए थे। वह 2 दिसंबर को जबलपुर लौटे। 3 दिसंबर को उन्होंने घर की अलमारी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी रखी थी। 13 दिसंबर को अमित ने पत्नी से अलमारी में रखे पैसों में से दो हजार रुपए लाने को कहा। अलमारी खोलने पर देखा कि लॉकर में चाबी लगी हुई थी। लॉकर खोलकर जांच की तो उसमें रखे करीब 18 हजार रुपए गायब मिले। संदेह होने पर जब जेवरात के बक्से खोलकर देखे गए, तो उनमें रखा सारा सोना-चांदी नदारद था। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसके बाद अमित कुमार ने आधारताल थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार गहरे तनाव में है। अमित गुप्ता ने बताया कि जुलाई 2025 को जिला कोर्ट में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर ज्वाइंनिंग हुई थी। अगस्त माह में आधारताल में किराए का मकान लिया। परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। 13 दिसंबर की दोपहर को जब अलमारी खोली तो सारे जेवरात गायब थे। अमित ने बताया कि उनके घर पर काम करने के लिए सुबह 11 बजे मेड आती है। इसके अलावा पड़ोस में रहने वाली एक महिला उनकी 6 माह की बच्ची को खिलाने के लिए अक्सर घर आया करती थी, उनके साथ-साथ शाम को 7 वर्षीय बेटे को पढ़ाने के लिए टीचर आती है। इन तीनों के अलावा और किसी का आना-जाना नहीं है। घर से गायब हुआ समान सहायक लोक अभियोजन अधिकारी का कहना है कि रोजाना वह 11 बजे आफिस चले जाया करते हैं। घर पर पत्नी और बच्चे बस रहते है। काम वाली मेड भी कुछ माह से आ रही है। जिस जगह पर अलमारी रखी हुई है, वहां पर बाहरी व्यक्ति कोई नहीं जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले जब दोपहर को उनकी पत्नी सो गई थी, हो सकता है उसी का फायदा उठाते हुए चोर अलमारी तक पहुंचा और खोलकर जेवरात एवं नगदी लेकर रफू चक्कर हो गया। अमित का कहना है कि जिसने भी चोरी कि है, वह अच्छे से जानता है कि अलमारी के बगल में ही चाबी रखी रहती है। अमित गुप्ता के घर से सोने के करीब 20 तोला और चांदी के एक किलो के जेवरात थे, जो चोरी गए हैं। एक सोने का मंगलसूत्र, सोने की चार अंगूठी, एक सोने की बेंदी, सोने की चार चूड़ियां, दो सोने के कंगन, सोने की कान की झुमकी सहित 18000 रुपए नगद चोरी गए हैं। लगातार जा रहा हूं थानेएडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि जब भी थाने जाओ, तो टीआई का कहना होता है कि हमारी जांच जारी है। विवेचक कहते है कि विवेचना चल रही है, पर आरोपियों के खिलाफ कोई सुराग नहीं मिल रहा है। जिन पर हमने संदेह जताया है, अब तक उनसे पूछताछ भी नहीं की गई। इतना ही नहीं थाने भी उन्हें बुलाया। एडीपीओ का कहना है कि एक माह के भीतर पुलिस ने जितनी भी कार्रवाई की है, उससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने बताया कि पुलिस के हर मामले में मैं हम पैरवी करते है, कोर्ट में खड़े होते है, हमसे गाइडलाइन लिया जाता है, पर हमारे मामले में पुलिस हमको इग्नोर कर रही है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा कहना है- एडीपीओ अमित कुमार गुप्ता की शिकायत को गंभीरता से लिया है, आधारताल थाना पुलिस लगातार जांच भी कर रही है। संदेहियों से भी पूछताछ जारी है, जल्द ही चोरी का खुलासा हो जाएगा। टीआई को निर्देश दिए गए हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह की राष्ट्रीय परेड और भंगड़ा टीम में सिलेक्ट हुए एलपीयू के विद्यार्थी
जालंधर | एलपीयू के तीन छात्रों को 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले 77वें राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए चुना गया है। जिनमें बीटेक सीएसई, दूसरे वर्ष के अमोद कुमार, बीटेक सीएसई, दूसरे वर्ष के कैडेट सक्षम शर्मा और बीटेक सीएसई, तीसरे वर्ष के कैडेट शुभांग जैमन शामिल हैं। तीनों कैडेट्स ने 100-दिवसीय राष्ट्रीय-स्तरीय प्रशिक्षण शिविर को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपनी जगह बनाई। इस के साथ राष्ट्रीय समारोह में एलपीयू के बीए, दूसरे वर्ष के विद्यार्थी पंकज वर्मा को भी कर्तव्य पथ पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए चुना गया है। वह देश भर से चुने गए 2,500 से अधिक सांस्कृतिक कलाकारों में से एक हैं। जो भंगड़ा कलाकार के रूप में पंजाब की विरासत का प्रतिनिधित्व करेंगे। छात्रों की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए एलपीयू की प्रो-चांसलर कर्नल डॉ. रश्मि मित्तल ने कहा इन कैडेट्स का चयन उनके ओवरऑल प्रदर्शन, सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक मुद्दों पर बहस में भागीदारी और अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक भावना को दिखाने की क्षमता के आधार पर किया गया था। उनकी राष्ट्रीय सेवा के सम्मान में, उन्हें भारत के राष्ट्रपति से प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र भी मिलेंगे।
होटल के बाहर खड़ी कार पर गिरा सूखा पेड़, डेकोरेशन कर्मी बचा
भास्कर न्यूज | जालंधर बीएमसी चौक से गुरु नानक मिशन रोड पर एपीजे कॉलेज के पास एक होटल के बाहर खड़ी कार पर अचानक सूखा पेड़ गिर गया। इस हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा रात 11:30 के करीब हुआ। मिट्ठापुर के रहने वाले राघव ने बताया कि वह अपनी कार में सवार होकर एक निजी होटल में सजावट का काम करने पहुंचा था। राघव ने अपनी कार होटल के बाहर सड़क किनारे पार्क की और काम के लिए अंदर चला गया। कुछ समय बाद जब वह अपना काम निपटाकर वापस लौटा, तो एक सूखा पेड़ उसकी कार के अगले हिस्से पर गिरा हुआ था। राघव ने बताया कि हादसे में उसकी कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में लगे सूखे और खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

