आलीराजपुर जिले के सोरवा क्षेत्र के जंगलों में बड़े पैमाने पर चल रहे एक संगठित अवैध रेत खनन के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। मुखबिर की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने अचानक छापा मारकर मौके से एक करोड़ रुपए के पोकलैंड, जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर जब्त किए हैं। रेत माफिया ने करीब 10 एकड़ जमीन पर फैले एक खेत को ही अवैध रूप से रेत बनाने की फैक्ट्री में तब्दील कर दिया था। मिट्टी को पानी में धोकर तैयार की जा रही थी रेत जांच के दौरान पता चला है कि स्थानीय जमीन मालिक पिछले कई महीनों से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। इस सुनियोजित खेल में पहले बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जाती थी, फिर उसे पानी से भरे गड्ढों में डाला जाता था। इसके बाद जेसीबी की मदद से मिट्टी को धोकर रेत तैयार होती थी, जिसे ट्रैक्टरों के जरिए बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। एसडीएम और खनिज अधिकारी की मौजूदगी में छापा इस बड़ी कार्रवाई के दौरान एसडीएम निधि मिश्रा, खनिज अधिकारी तपिश पांडे, तहसीलदार और सोरवा थाना प्रभारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों की टीम ने पूरे 10 एकड़ क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया और अवैध काम में लगी सभी गाड़ियों और मशीनों को सील कर दिया। बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच में जुटा प्रशासन जंगल के बीच इतने बड़े स्तर पर महीनों से चल रही इस अवैध फैक्ट्री ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह अवैध खनन कब से चालू था और इस खेल के पीछे कौन-कौन से रसूखदार लोग या बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जब्त मशीनों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सीकर के खाटूश्यामजी में 26 मई को युवक करण कुमावत पर हुए हमले के मामले में आज पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज शाम को धरने पर बैठे लोगों ने मशाल जुलूस निकाला। जो कलेक्ट्रेट के बाहर धरना स्थल से रवाना होकर कल्याण सर्किल,तापड़िया बगीची होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचा। मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस में शामिल शिवभगवान ने बताया कि 26 मई को युवक करण कुमावत पर जालनेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद हमने एसपी को ज्ञापन दिया और 1 जून को खाटूश्यामजी में 3 घंटे तक सांकेतिक भी दिया। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के चलते 5 दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू किया। लेकिन पुलिस अभी तक मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आज हमारे प्रतिनिधि मंडल के द्वारा प्रदेश के गृहमंत्री जवाहर सिंह से भी मुलाकात की गई। तब उन्होंने भी आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारकर लिया जाएगा। जब भी मामले को लेकर सीकर एसपी प्रवीण नायक से बात करते हैं तो वह एक ही जवाब देते हैं कि चार टीम लगी हुई है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन कई आरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में अब हमें पुलिस पर भरोसा रहा ही नहीं है। जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक धरना जारी रहेगा। आरोपी को सपोर्ट करने वाले को पकड़ा हालांकि आज सीकर की खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने युवक करण कुमावत से मारपीट के मामले में फरार चल रहे आरोपी राकेश जांगिड़ को सपोर्ट करने वाले आरोपी सुभाष बिदावत को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी सुभाष घटना के मुख्य आरोपी राकेश जांगिड़ को अपनी बाइक से गोविंदगढ़ तक छोड़कर आया और अपने मोबाइल से उसकी परिचित लोगों से बात करवाई। इसके अलावा अपने फोन पे पर पैसे मंगवा कर राकेश को दिए। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में भी बताया।
मिर्जापुर में 16 जून से बंद होंगे पांच पान्टून पुल:लोक निर्माण विभाग ने जारी की सूचना
मिर्जापुर। गंगा नदी पर बने पांच पान्टून पुलों का संचालन 15 जून तक ही किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) मिर्जापुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है। विभाग की व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मानसून और नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए 15 जून के बाद इन पुलों को हटा दिया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 16 जून से जनपद के सभी पांच पान्टून पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा। अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि गंगा नदी पर बने इन पान्टून पुलों से हजारों लोग आवागमन करते हैं। हालांकि, बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें हटाना आवश्यक होता है। जिन पान्टून पुलों का संचालन 16 जून से बंद किया जाएगा, उनमें मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पान्टून पुल, गौरा परमानपुर एवं सेमराधनाथ धाम के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल, चील्ह-गोपीगंज मार्ग से हरसिंहपुर घाट होते हुए मां विंध्यवासिनी धाम को जोड़ने वाला पान्टून सेतु, कम्पनी घाट से कोल्हुआ के बीच गंगा नदी पर बना पान्टून पुल और मिर्जापुर-भटौली-जमुनहिया-नेवढ़िया घाट मार्ग पर स्थित नेवढ़िया घाट पान्टून सेतु शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने आम जनता से अपील की है कि 16 जून के बाद इन पुलों का उपयोग न करें और आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। विभाग द्वारा निर्धारित तिथि के बाद पान्टून पुलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से छानबे और मझवां विधानसभा क्षेत्रों के उन ग्रामीणों को प्रभावित करेगी, जो रोजमर्रा के आवागमन के लिए इन अस्थायी पुलों का उपयोग करते हैं। विभाग ने नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा की है।
बाराबंकी के विकासखंड सिरौलीगौसपुर की ग्राम पंचायत महमूदाबाद में शुक्रवार को ग्राम रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कंपोजिट विद्यालय महमूदाबाद के सामने आयोजित चौपाल में राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने छोटे बच्चों को अन्नप्राशन कराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ चौपाल के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ वितरित किया गया। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत चयनित किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नए पक्के मकानों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी गईं। लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों को वितरित किए गए धान के बीज आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को उन्नत प्रजाति के धान के बीज भी वितरित किए गए। मंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि संबंधी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। विभागीय स्टॉल पर दी गई योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रयास ग्राम रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को लाभकारी बताया।
उन्नाव में कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में डायल 112 पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मदद की। यह घटना शुक्रवार रात उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के नरी के पास शेखपुरा नदी के आगे अंश धर्म कांटे के निकट हुई। जानकारी के अनुसार, गदन खेड़ा बाईपास निवासी शिवम पाल (पुत्र हरि प्रसाद) अपने पिता को खाना देने के लिए बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर उनकी तेज रफ्तार बुलेट बाइक अनियंत्रित हो गई और आगे चल रहे एक कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार शिवम पाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबुलेंस को सूचना देने के बावजूद वह करीब 40 मिनट तक मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे घायल युवक सड़क पर पड़ा रहा। घायल युवक की गंभीर हालत और एंबुलेंस की देरी को देखते हुए, डायल 112 के पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। इस त्वरित कार्रवाई से शिवम को समय पर उपचार मिल सका। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल शिवम पाल का उपचार शुरू किया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई है। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस के इस मानवीय और त्वरित कदम की सराहना की है, जिससे घायल युवक को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल पाई। पुलिस अधिकारियों ने भी अपने कर्मियों को आपात स्थितियों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
ललितपुर जिले में शुक्रवार शाम मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी और हवा के साथ लगभग 20 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान ग्राम गौना में एक बड़ा आम का पेड़ गिरने से सात वर्षीय किशोर घायल हो गया, जबकि एक गाय पेड़ के नीचे दब गई। यह घटना शाम करीब पांच बजे की है। ग्राम गौना निवासी सागर (7) पुत्र दशरथ अपने घर के बाहर लगे आम के पेड़ के नीचे गिरे आम बीन रहा था। तभी तेज आंधी के कारण विशालकाय पेड़ उस पर गिर गया। सागर की कमर में गंभीर चोट आई है। पास खड़ी एक गाय भी पेड़ के नीचे दब गई। ग्रामीणों ने तत्काल घायल सागर को पेड़ के नीचे से निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) बिरधा भेजा। वहां से उसे ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां काटकर दबी हुई गाय को भी बाहर निकाला। तेज बारिश के कारण ललितपुर शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों पर मिट्टी फैलने से दलदल जैसी स्थिति बन गई। जखौरा, पाली, बिरधा, महरौनी, मड़ावरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश का असर देखा गया। आंधी और बारिश के चलते जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
बांदा में आरा मशीन से घायल मजदूर की जान बची:रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 4 घंटे चली जटिल सर्जरी
बांदा में एक भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर की जान रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने बचा ली है। चार घंटे तक चली एक जटिल सर्जरी के बाद मजदूर की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में मजदूर के सीने की तीन पसलियां, खाने की थैली (पेट का हिस्सा), तिल्ली और बड़ी आंत सहित कई आंतरिक अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जानकारी के अनुसार, बबेरू तहसील के ग्राम भदेहदू निवासी 49 वर्षीय कल्लू प्रजापति 2 जून को अपने गांव में एक पेड़ काट रहे थे। इसी दौरान पेड़ की एक भारी डाल उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह हाथ से चलने वाली आरा मशीन सहित नीचे गिर पड़े। गिरने के दौरान आरा मशीन की चपेट में आने से उनके सीने और पेट के कई हिस्से गंभीर रूप से कट गए। परिजन और ग्रामीण कल्लू प्रजापति को तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बांदा लेकर पहुंचे। यहां सर्जरी विभाग के डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक लगातार ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, मरीज सामान्य रूप से भोजन, जूस और पानी भी ले रहा है। डॉ. आर.सी. अरुण ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से सर्जरी कर रहे हैं, लेकिन यह उनके करियर की सबसे जटिल सर्जरी में से एक थी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इसी प्रकार का ऑपरेशन किसी बड़े महानगर के निजी अस्पताल में कराया जाता तो लाखों रुपये खर्च हो सकते थे, जबकि मेडिकल कॉलेज में यह उपचार सरकारी शुल्क पर उपलब्ध कराया गया। इस चार घंटे लंबी सर्जरी में डॉ. आर.सी. अरुण के साथ डॉ. तन्मय अग्रवाल (एसआर), डॉ. यशराज छिल्लर (जेआर), डॉ. पुष्पम, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. पंकज, डॉ. विनीत और डॉ. अजीत सहित पैरामेडिकल एवं ओटी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैतूल स्थित भैंसदेही तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रंभा अंतर्गत रिंग ढाना में शुक्रवार शाम भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 25 मकानों वाले इस ढाने में 8 मकान जलकर खाक हो गए हैं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे लगभग 15 मकानों तक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, आग शाम करीब 8:15 बजे लगी। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। घटना के समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को विकराल रूप लेने में मदद की। कई घरों में रखा अनाज और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन संसाधनों के अभाव में आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर नगर परिषद भैंसदेही से फायर ब्रिगेड रवाना की गई। हालांकि, रिंग ढाना घटनास्थल से लगभग 35 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण रात 9 बजे तक दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका था। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। राजस्व अमला मौके पर पहुंचाएसडीएम अजीत मरावी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर 8 मकानों के जलने की सूचना मिली है। राजस्व विभाग का अमला, तहसीलदार और अन्य अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन स्पष्ट हो पाएगा। गौरतलब है कि करीब एक पखवाड़े पहले भैंसदेही क्षेत्र के बर्रा ढाना में भी ऐसी ही भीषण आग लगी थी, जिसमें पूरा मोहल्ला जलकर खाक हो गया था। उस घटना से प्रभावित परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि क्षेत्र में आग की यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है।
रामपुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुकदमों में शुक्रवार को सुनवाई टल गई। इनमें एक मामला गवाह को धमकाने से संबंधित है, जबकि दूसरा नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी से जुड़ा है। दोनों मामलों में अब अगली सुनवाई अलग-अलग तारीखों पर होगी। गवाह को धमकाने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में होनी थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है। यह मुकदमा शहर के मोहल्ला बेरियान निवासी नन्हे ने 17 अगस्त 2022 को दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डूंगरपुर प्रकरण में आजम खां के खिलाफ गवाही देने के कारण कुछ लोगों ने उनके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आजम खां सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। नगर पालिका की सफाई मशीन चोरी प्रकरण में आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर सोमवार को आरोप तय होने थे। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में नगर पालिका की चोरी हुई सफाई मशीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर से बरामद की गई थी। आरोप है कि मशीन को काटकर उसके टुकड़े गड्ढे में दबा दिए गए थे। विवेचना के उपरांत इस मामले में भी आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है, और यह मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में विचाराधीन है।
लखनऊ जनेश्वर मिश्र पार्क में भीषड़ गर्मी में खिल रहे हैं गुलाब। जून का महीना और तापमान 40 डिग्री के पार। इसके बाद भी गुलाब के फूल खिलखिला रहे हैं। जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित रोज गार्डेन में ये खूबसूरत नजारा देखें को मिल रहा है । 12 जून को राष्ट्रीय लाल गुलाब दिवस के रूप में मनाया जा जाता है। इस अवसर पर रोज गार्डेन में जुटे पर्यावरण प्रेमियों ने एलडीए के हॉर्टीकल्चर वर्क की जमकर तारीफ किया। लखनऊ विकास प्राधिकरण रोज गार्डेन में ‘द रेड रिवाइवल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें युवाओं, रचनाकारों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई। इस दौरान लोगों ने गुलाब की विभिन्न प्रजातियों की खूबसूरती को कैमरे में कैद किया। इस चिल्लाती हुई गर्मी में लोगों ने गुलाब के साथ वक्त गुजर कर सुकून की सांस लिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जनेश्वर मिश्र पार्क स्थित यह रोज गार्डन देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डन है। यहां 15 एकड़ क्षेत्रफल में गुलाब की 2200 से अधिक प्रजातियां और 10 हजार से अधिक पौधे रोपित किये गये हैं। विशेष बात यह है कि वैज्ञानिक सिंचाई और उद्यान प्रबंधन तकनीक की सहायता से भीषण गर्मी के मौसम में भी गुलाब की सुंदरता और गुणवत्ता को बनाए रखा गया है। कार्यक्रम में एलडीए के उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती ने लोगों को पौधरोपण व सिंचाई की आधुनिक तकनीकी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य है रोज गार्डेन का संरक्षण। साथ ही विभाग की ओर से पर्यावरण को बचाने की महिम भी चलाई जा रही है।
कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के कमासिन चौराहे पर शुक्रवार रात एक महिला ने चाट विक्रेता को चाकू मार दिया। महिला ने फुल्की खाने के बाद पैसे मांगने पर इस घटना को अंजाम दिया। हमले में चाट विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल विक्रेता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहीं, आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कमासिन निवासी 20 वर्षीय अनिल प्रतिदिन कमासिन चौराहे पर चाट का ठेला लगाता है। शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे एक महिला कुछ बच्चों और पुरुषों के साथ अनिल के ठेले पर पहुंची और फुल्की खाई। फुल्की खाने के बाद जब अनिल ने महिला से पैसे मांगे, तो महिला ने अपने झोले से चाकू निकालकर अनिल के पेट में वार कर दिया। इस हमले से अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अनिल को एम्बुलेंस से सिराथू सीएचसी अस्पताल भिजवाया। भीड़ ने आरोपी महिला और उसके साथ मौजूद लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला नशे की हालत में पाई गई। उसकी पहचान जालौन जिले की निवासी संगीता पत्नी अर्जुन के रूप में हुई है। पुलिस संगीता और उसके साथियों को थाने ले जाकर आगे की पूछताछ कर रही है। शाम के समय हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जिले के लालपुर गांव में जमीन के सीमाज्ञान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मौके पर पैमाइश करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम और पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामा इस कदर बढ़ा कि विरोध प्रदर्शन कर रही एक महिला मौके पर ही बेहोश हो गई। वहीं, पुलिस और विरोधी पक्ष के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो भी सामने आया है। बढ़ते तनाव और कम पुलिस बल को देखते हुए राजस्व टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे थे तहसीलदार जानकारी के अनुसार, लालपुर गांव में एक जमीन की सीमा तय करने के लिए तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीम के साथ पुलिस का जाब्ता भी तैनात था। लेकिन जैसे ही टीम ने जमीन नापने की प्रक्रिया शुरू की, दूसरे पक्ष के लोग वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने कार्रवाई का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। बहसबाजी के बीच महिला हुई बेहोश, टला बड़ा हादसा कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों में जमकर तीखी बहस हुई। इसी गहमा-गहमी और हंगामे के बीच विरोध जता रही एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के बेहोश होते ही वहां हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगा है। वीडियो पुलिस बहस करते नजर आ रहे है। पुलिस महिला बेहोश हुई महिला को हॉस्पिटल ले जाने बात कह रही लेकिन लोग पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विरोधी पक्ष और पुलिसकर्मियों के बीच हुई आमने-सामने की बहस का किसी ने वीडियो बना लिया। जिसमें दोनों पक्षों के बीच हो रही तीखी नोकझोंक को साफ देखा जा सकता है। क्यों अधूरी छोड़नी पड़ी कार्रवाई मौके पर मौजूद तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों की संख्या काफी अधिक थी और उस तुलना में पुलिस जाब्ता सीमित था। माहौल को बिगड़ता देख और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीमाज्ञान की प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित करने का फैसला लिया गया, जिसके बाद पूरी टीम बैरंग वापस लौट आई। क्या है जमीन का असली विवाद तहसीलदार महेंद्र मूंड के मुताबिक, यह विवाद दो भाइयों की पैतृक जमीन से जुड़ा है। दोनों भाइयों के बीच वर्षों पहले ही आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा और खाता विभाजन हो चुका था। इसके बाद एक भाई ने अपने हिस्से की जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी थी। बाद में उस जमीन को कुछ और खरीदारों ने खरीद लिया। अब वर्तमान खरीदार ने अपनी जमीन की सही सीमा तय करवाने (सीमाज्ञान) के लिए प्रशासन के पास आवेदन किया था। इसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने जब टीम पहुंची, तो दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए हंगामा कर दिया।
उदयपुर शहर के अंदर और गांवों में आज ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन ग्रामीण क्षेत्र में शहर के पास चीरवा में ग्रामीणों ने शिविर का बहिष्कार कर दिया लेकिन बड़गांव एसडीएम ने गांव वालों की कुछ समस्याओं को उनकी सुनवाई में ही समाधान किया तो उसके बाद शिविर चला। इधर, नगर निगम में कमिश्नर ने शिविर में लापरवाही बरतने वाले दो कार्मिकों को सस्पेंड कर दिया तो यूडीए में पहले दिन 57 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बड़गांव क्षेत्र के चीरवा में ग्रामीण सेवा शिविर का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शिविर की सूचना समय पर नहीं दी गई और शिविर को तैयारी के साथ आयोजित किया जाए न कि औपचारिकताएं की जाए। विरोध की स्थिति के बीच एसडीएम मनसुख डामोर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सुना। डामोर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिविर में उनकी समस्याओं का हाथों हाथ निस्तारण किया जाएगा। इस बीच उन्होंने सफाई का विषय था हाथों हाथ डिस्पोजल करा दिया। ग्रामीणों ने बाहर हाइवे पर एक्सीडेंटल जोन को लेकर समस्याएं बताई तो एसडीएम ने नेशनल हाइवे की टीम बुलाई। टीम ने ग्रामीणों की बात सुनी और वे जो चाह रहे थे उसके अनुसार काम भी शुरू कर दिया। अन्य समस्याओं को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया। इसके बाद शिविर में कई राजस्व के काम निपटाए गए। एक खातेदार का नक्शा शुद्धिकरण का कार्य हाथों हाथ होने से चीरवा निवासी राजेश मेनारिया को राहत मिली। यूडीए पहुंचे प्रभारी मंत्रीउदयपुर जिले के प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा ने शुक्रवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) परिसर में संचालित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा शिविर में पहुंचे लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर, भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, निवर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव नागर ने शिविर को लेकर मंत्री को पूरी जानकारी दी। नगर निगम में पहले दिन सैकड़ो प्रकरण आएनगर निगम उदयपुर द्वारा शुक्रवार से शहरी सेवा शिविर का आगाज किया गया जिसमें पहले ही दिन सैकड़ो की संख्या में शहर वासी पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लिया।नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि शहरी सेवा शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को शहर में 156 स्थान पर कई समय से रोशनी नहीं होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी, शिकायत मिलने की तुरंत पश्चात ही विद्युत शाखा द्वारा 149 स्थान पर रोशनी उपलब्ध करवाई है। शिविर में नामांतरण के 10 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसी के साथ शिविर में 153 जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 129 आवेदन में दस्तावेज पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र जारी किए गए। शहर में स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था से संबंधित कुल 64 शिकायत दर्ज की गई जिसमें से 60 शिकायत का तुरंत निस्तारण करवाया गया। आयुक्त के अनुसार यह सभी कार्य त्वरित गति से किए गए हैं।15 जुलाई तक अनवरत आयोजित होगा शिविरनिगम आयुक्त खन्ना के अनुसार नगर निगम दीनदयाल उपाध्याय सभागार में राजकीय अवकाश को छोड़कर अन्य दिनों में 15 जुलाई तक प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक अनवरत शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शहरवासी अपने वंचित कार्य हेतु सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ शिविर में उपस्थित होवे जिससे उनके वंचित कार्य बिना किसी समस्या के संपन्न किए जा सके। लापरवाही पर 2 कार्मिकों को लिया निलम्बितआयुक्त अभिषेक खन्ना के निरीक्षण के दौरान पूछताछ केंद्र पर नियुक्त किए गए दो कार्मिक नदारद मिले जिस पर निगम आयुक्त खन्ना ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर दोनों कार्मिक यूडीसी पूजा माथुर और एलडीसी मोहम्मद जक्की को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
प्रदेश की राजधानी भोपाल से मंदसौर तक बनने वाले नए 4-लेन एक्सप्रेस-वे से नीमच जिले को बाहर कर दिया गया है। इस बात का खुलासा होते ही जिले की सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी कागज दिखाते हुए बीजेपी के सांसद और विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाहेती ने इसे नीमच के साथ एक 'ऐतिहासिक धोखा' करार दिया है। पहले बॉर्डर तक बनना था रोड, अब मंदसौर में ही थमा दिया तरुण बाहेती ने बताया कि यह नया फोरलेन रोड पहले भोपाल से शुरू होकर नीमच के नयागांव बॉर्डर तक जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे केवल मंदसौर तक ही सीमित कर दिया गया है। उन्होंने सीधे तौर पर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता पर 'मंदसौर प्रेम' दिखाने और नीमच की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जिले के तीनों बीजेपी विधायकों दिलीप सिंह परिहार (नीमच), माधव मारू (मनासा) और ओमप्रकाश सकलेचा (जावद) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन नेताओं की चुप्पी और नाकामी की वजह से ही नीमच के हाथ से इतनी बड़ी विकास योजना निकल गई। 6 करोड़ का ठेका भी हो गया, सोते रहे नेता कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के 26 मई 2026 के एक ऑफिशियल लेटर (अनुबंध संख्या 1100/2026) का हवाला देते हुए बताया कि इस 258 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने के लिए भोपाल की एक कंपनी को ठेका भी दे दिया गया है। सरकार इस काम पर करीब 6 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बाहेती ने तंज कसा कि जब ये पूरी कागजी कार्रवाई चल रही थी, तब क्षेत्र के बीजेपी नेता गहरी नींद में सोए हुए थे। अब आर-पार की लड़ाई, नेताओं के घरों का होगा घेराव बाहेती ने नीमच के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे इस फैसले के खिलाफ एकजुट हों और 'मेडिकल कॉलेज जैसी आर-पार की लड़ाई' के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने रूट में बदलाव कर इस एक्सप्रेस-वे को नीमच सीमा से नहीं जोड़ा, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। इसके साथ ही सांसद और तीनों विधायकों का सामूहिक बहिष्कार कर उनके घरों का घेराव किया जाएगा।
सीतामढ़ी में 2 अकाउंटेंट सस्पेंड:प्रशिक्षु सिपाहियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने पर SP का एक्शन
सीतामढ़ी पुलिस विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसपी अमित रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षु सिपाहियों के आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में पुलिस केंद्र के दो मुंशी (अकाउंटेंट) अवधेश पासवान और गुड्डू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला हाल ही में प्रशिक्षु सिपाहियों के अभिलेखों और चरित्र सत्यापन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं, जिसमें पाया गया कि दो प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में ठीक से दर्ज नहीं की गई थी। सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई आरोप है कि संबंधित जानकारी को जानबूझकर छिपाया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी अमित रंजन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्होंने पुलिस केंद्र के दोनों मुंशियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में नियुक्ति और प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तथ्यों को छिपाना गंभीर अपराध है, जो विभाग की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
नवादा में सिपाही भर्ती परीक्षा:14 और 17 जून 2026 को 18 केंद्रों पर कैंडिडेट देंगे एग्जाम
नवादा में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मद्य निषेध सिपाही, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय, गृह विभाग (कारा) में कक्षपाल एवं परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के पद पर चयन के लिए लिखित परीक्षा 14 जून 2026 (रविवार) एवं 17 जून 2026 (बुधवार) को नवादा जिले के 18 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पन्न होगी। परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के द्वारा आज डीआरडीए सभागार में केन्द्राधीक्षकों, दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई।ब्रीफिंग में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के कदाचार, अनुचित साधनों के प्रयोग या सुरक्षा मानकों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केन्द्राधीक्षकों एवं दण्डाधिकारियों को परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्रवेश समय और प्रतिबंध प्रथम पाली में परीक्षा कक्ष में प्रवेश सुबह 8 बजे से शुरू होगा और 9 बजे तक सभी अभ्यर्थी अपना स्थान ग्रहण कर लेंगे। द्वितीय पाली में प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक पूरा होना चाहिए। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्रीय चयन पर्षद के निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, लिखित सामग्री ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों को ई-प्रवेश पत्र एवं वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाएगी। सख्त निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था जिला पदाधिकारी ने सभी दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा केन्द्रों पर सतत निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया। परीक्षा केन्द्रों की छतों से भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा के एक दिन पूर्व एवं परीक्षा शुरू होने के 2 घंटे पहले पूरे परिसर की सघन जांच की जाएगी। केवल प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी परीक्षार्थी को केन्द्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम 30 मिनट में शौचालय जाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थिति में जाने वाले अभ्यर्थियों की तलाशी एवं निगरानी अनिवार्य होगी। पुलिस की भूमिका पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने निर्देश दिया कि परीक्षा केन्द्रों एवं आसपास अनावश्यक आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सभी पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर ही रहेंगे। एक दिन पहले सभी दण्डाधिकारी एवं वीक्षक परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर लेंगे।सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी, मोबाइल जैमर, फोटोग्राफी, पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक वाहनों की व्यवस्था की गई है। नियंत्रण कक्ष सक्रिय परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए समाहरणालय नवादा में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06324-212261 है। उप विकास आयुक्त नीलिमा साहु एवं पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार सिंहा इसके वरीय प्रभारी रहेंगे।अग्निशमन, चिकित्सा, ट्रैफिक व्यवस्था, बज्रवाहन, अश्रु गैस आदि की भी पूरी तैयारी की गई है। जिले में कुल 18 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केन्द्र पर दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। उड़नदस्ता, जोनल दण्डाधिकारी एवं समन्वय प्रेक्षक भी तैनात रहेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी नवादा सदर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवादा सदर-1 को परीक्षा अवधि में सतत गश्ती कर विधि-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित एक भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस विकास प्रदर्शनी में कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, पर्यटन, पंचायती राज, मत्स्य, खादी व ग्रामोद्योग समेत शासन के तमाम प्रमुख विभागों ने अपनी लोक-कल्याणकारी उपलब्धियों और योजनाओं के स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री ने यहाँ आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुँचकर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को खुद अपने हाथों से चेक, चाबियां और स्वीकृति पत्र सौंपे। फूड कार्ट लॉन्च, बनारसी व्यंजनों की लगी प्रदर्शनी इस विशेष आयोजन में सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत वाराणसी के प्रसिद्ध पारंपरिक स्वादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बनारसी लस्सी, ऐतिहासिक तिरंगा बर्फी, बनारसी लौंगलता और बनारसी पान के स्टॉल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'एक जनपद-एक व्यंजन' के अंतर्गत आधुनिक फूड कार्ट का फीता काटकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट और आम जनता को मिठाइयां भी बांटीं। स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे सीएम, लाभार्थियों को दिए 5 लाख तक के चेक सांस्कृतिक संकुल परिसर में आम जनता के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे स्थानीय लोगों के पास जाकर उनसे बातचीत की और उनके इलाज व सुविधाओं का हालचाल जाना। इसके बाद आयोजित मुख्य मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों कई लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान आई, जिन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत सीधे आर्थिक मदद और प्रमाण पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिले चेक, कार्ड और सिलाई मशीनें योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित लाभार्थियों को मंच से सम्मानित किया: प्रमिला देवी, राजू और दीपक बरनवाल (स्ट्रीट वेंडर): इन तीनों पथ विक्रेताओं को मुख्यमंत्री ने आधिकारिक 'पथ विक्रय प्रमाण पत्र' सौंपा, जिससे वे सम्मान के साथ अपना रोजगार चला सकें। बेबी मौर्या (पीएम स्वनिधि योजना): व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने इन्हें 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। कन्हैया (पीएम स्वनिधि योजना): इन्हें डिजिटल लेनदेन और वित्तीय मजबूती के लिए क्रेडिट कार्ड सौंपा गया। रोशनी कुमारी (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): नए स्टार्टअप और उद्योग के लिए इन्हें 5 लाख रुपये का बड़ा चेक दिया गया। याशिका सिंह (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान): युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्हें 2.50 लाख रुपये का चेक मिला। ललिता और खुशबू जायसवाल (विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना): इन दोनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सिलाई मशीन और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र सौंपे।
कटनी जिले के हीरापुर कौड़िया मार्ग पर चाकू की नोंक पर हुई लूट का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू बरामद कर लिया गया है। कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वेयरहाउस मोड़ के पास रास्ता रोककर की थी लूट एनकेजे थाना प्रभारी रूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार शाम को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम हीरापुर कौड़िया निवासी अभिषेक रजक ने 11 जून की रात थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभिषेक अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी नर्मदा वेयरहाउस मोड़ के पास मुंह पर सफेद गमछा बांधे तीन अज्ञात बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने अभिषेक को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया, उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल और बाइक छीनकर फरार हो गए थे। साइबर सेल की मदद से पकड़ाया मुख्य आरोपी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मुखबिरों को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही गुलशन चौधरी (निवासी गाताखेड़ा) को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर गुलशन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपने दो अन्य साथियों करन रैकवार और दीपांशु सेन के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। 1.12 लाख का मशरूका और हथियार जब्त पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में गया सारा सामान बरामद कर लिया है। गुलशन चौधरी: इसके कब्जे से फरियादी से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।दीपांशु सेन: इसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई उसकी खुद की बाइक और फरियादी से लूटा गया वीवो कंपनी का मोबाइल मिला।करन रैकवार: इसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू जब्त किया गया। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपए है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कटनी क में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।
बिजनौर में शुक्रवार दोपहर गंगा में नहाते समय एक युवा लैब टेक्नीशियन की डूबने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ रावली क्षेत्र के पास गंगा स्नान के लिए गया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान मंडावर थाना क्षेत्र के मोहड़िया गांव निवासी 23 वर्षीय आशुतोष के रूप में हुई है। वह जिला अस्पताल बिजनौर में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, आशुतोष अपने पांच दोस्तों के साथ गंगा में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह सबसे आगे निकल गया और अचानक गहरे पानी में चला गया। तैरना नहीं आता था बताया गया है कि आशुतोष को तैरना नहीं आता था। गहरे पानी में जाने के बाद वह डूबने लगा और मदद के लिए आवाज लगाने लगा। उसके साथ मौजूद दोस्तों को भी तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे उसे बचाने के लिए नदी में नहीं उतर सके। दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास काम कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद आशुतोष को बाहर निकाला। हालांकि, जब तक उसे नदी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही मंडावर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंडावर थाना प्रभारी संजय तोमर ने घटना की पुष्टि की है। आशुतोष की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता राजपाल और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आशुतोष मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के विजय दिवस के अवसर पर गुरुवार को आगरा किले स्थित जहांगीर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और सुशासन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पर्यटन विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा सूरजमल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, महाराजा सूरजमल के वंशज नेम सिंह फौजदार, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि महाराजा सूरजमल का जीवन साहस, सुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है तथा उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि महाराजा सूरजमल का अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रभक्ति भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और वीर परंपराओं से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महाराजा सूरजमल के जीवन और संघर्षों को भी दर्शाया गया। इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, चौधरी उदयभान सिंह, हेमेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, पुरुषोत्तम फौजदार, विवेक धर्मेश, शिविर जैन, राजेंद्र सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, सत्यपाल अत्री, दलवीर सिंह रावत, राजवीर भगोर, यादराम वर्मा, हरिओम चौधरी, विकास भारद्वाज, बजरंगी चौधरी, नंदी महाजन, कुंवर शैलराज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संभल के दो चचेरे भाइयों की गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों मलिहाबाद से दशहरी आम लेकर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में दो अन्य युवक घायल भी हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव घर पहुंच गए हैं। मृतक युवक संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला बरेली सराय के बंटी (28) पुत्र हरिशंकर और मुरादाबाद के पकवाड़ा थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर के राहुल (22) पुत्र मुरारी थे। बंटी अपने चचेरे भाई राहुल, पिकअप चालक अमर सिंह पुत्र हरिशंकर, अजय पुत्र विजय और एक अन्य युवक के साथ दो दिन पहले लखनऊ के मलिहाबाद दशहरी आम खरीदने गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे घर लौटते समय जनपद बदायूं के थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव बजमैरी में गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी पिकअप गाड़ी आगे चल रहे एक वाहन से टकरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बंटी और राहुल को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार शाम 6:30 बजे दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद संभल कोतवाली क्षेत्र के बरेली सराय स्थित उनके घर पहुंचे। मृतक बंटी के भाई नीरज ने बताया कि दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह 11 बजे संभल के श्मशान घाट पर एक साथ किया जाएगा। बंटी परिवार में सबसे बड़ा था। उसकी पत्नी अमरवती और तीन वर्षीय बेटी माहिर व एक वर्षीय बेटे विनायक की परवरिश का जिम्मा अब परिवार पर आ गया है।
गाजीपुर में चर्चित विनीत राय हत्याकांड के आरोपी शंकर पांडेय को अवैध निर्माण मामले में एसडीएम कोर्ट से 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने विनीत राय हत्याकांड के नामजद आरोपी शंकर पांडेय और मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद के खिलाफ अवैध निर्माण के मामले में कार्रवाई शुरू की थी। जांच में सामने आया कि दोनों के मकान बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाए गए हैं। 12 जून तक मांगा गया था जवाब मामले में एसडीएम सदर की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 12 जून तक आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। शुक्रवार को निर्धारित तिथि पर संजय बिंद की ओर से उनके अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होकर आपत्ति दाखिल कर दी। शंकर पांडेय की ओर से नहीं पहुंचा कोई वहीं, फरार चल रहे आरोपी शंकर पांडेय की ओर से न तो कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया। इसे देखते हुए कोर्ट ने उन्हें अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 15 जून तक आपत्ति दाखिल करने की मोहलत दी है। जवाब नहीं मिला तो होगी अगली कार्रवाई एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जून तक शंकर पांडेय की ओर से नोटिस का कोई जवाब या आपत्ति प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बढ़ा प्रशासनिक दबाव प्रशासन की इस कार्रवाई को विनीत राय हत्याकांड के आरोपियों पर बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें 15 जून पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि आरोपी की ओर से कोई जवाब दाखिल किया जाता है या फिर प्रशासन अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कार्रवाई करता है।
सलूम्बर के लसाड़िया ग्राम पंचायत बेडावल में 4 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और विधानसभा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। DMFT फंड से होंगे 1.5 करोड़ के काम इन विकास कार्यों में लगभग 2.50 करोड़ रुपए की लागत से जनजातीय आश्रम छात्रावास भवन का निर्माण प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से लगभग 1.50 करोड़ रुपए के अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे। कुल 4 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इन कार्यों से क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे जनजातीय अंचल के विकास को गति मिलेगी। मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जनजातीय आश्रम छात्रावास के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास सांसद मन्नालाल रावत ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। भाजपा नेता और धरियावद विधानसभा के विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा ने बताया कि बेडावल सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता बताया। मीणा ने जोर दिया कि जनजातीय आश्रम छात्रावास का निर्माण क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा और इन कार्यों से क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, उपप्रधान धनराज पटेल, मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह झाला, एसटी मोर्चा अध्यक्ष पूंजीलाल मीणा, लालूराम मीणा, उदयलाल मीणा, सोहन मीणा, नाथूलाल मीणा (कालिभित), विरम मीणा, नाथूलाल मीणा (देवलिया), लिम्बाराम मीणा, पंचायत समिति सदस्य धनराज मीणा और शंकर मीणा (शोभजी गुड़ा) सहित अन्य कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंताओं के साथ वाराणसी मंडल के विकास कार्यों की एक हाईप्रोफाइल समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सभी चालू परियोजनाओं को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए। बरसात से पहले प्रोजेक्ट्स पूरे करने का अल्टीमेटम मुख्यमंत्री ने मानसून के आगमन को देखते हुए अधिकारियों को विशेष हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं बरसात शुरू होने से पहले पूरी की जा सकती हैं, उन पर पूरा फोकस किया जाए ताकि बारिश के मौसम में आम जनता को जलभराव या टूटी सड़कों के कारण परेशानी न उठानी पड़े। बैठक में कमिश्नर और जिलाधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें कर निर्माण कार्यों की प्रगति की कड़ा मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। वाराणसी परिक्षेत्र में 7,175 करोड़ के काम; देखिए प्रगति रिपोर्ट समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस पूरे क्षेत्र में कुल 7,175 करोड़ रुपये लागत की 2,630 परियोजनाएं वर्तमान में संचालित हैं। इनमें से 687 कार्य शत-प्रतिशत पूरे हो चुके हैं, जबकि 542 परियोजनाओं का 90 फीसदी से ज्यादा काम मुकम्मल हो चुका है। सिर्फ वाराणसी जिले की बात करें तो यहां 3,223 करोड़ रुपये के 421 विकास कार्य गतिमान हैं। इनमें से 85 काम पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं और 158 प्रोजेक्ट्स का 90 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया गया है। बिना वेटिंग के लागू होगी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही टेंडर की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू हो जानी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की फाइल वेटिंग नहीं होनी चाहिए। सड़कों की मरम्मत से पहले उनका अनिवार्य रूप से प्री-सर्वे कराया जाए और नगरीय क्षेत्र की सड़कों को सुधारने का जिम्मा नगर निगम मुस्तैदी से संभाले। सीएम ने यह भी साफ किया कि इन योजनाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। यूनिटी मॉल और चंदौली कोर्ट कॉम्प्लेक्स के काम में तेजी लाने के निर्देश बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दो बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत भी जानी। अभियंताओं ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि चंदौली में बनने वाले इस भव्य कॉम्प्लेक्स का अब तक 18 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सीएम ने इसकी गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम की गति बढ़ाने को कहा। वाराणसी में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे इस मॉल के निर्माण कार्य की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए गए ताकि इसे जल्द ही जनता को समर्पित किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत वाराणसी मंडल के कई विधायक और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
फलोदी पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने एक संयुक्त कार्रवाई में 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अवैध शराब सप्लाई के एक मामले में पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। 9 जून 2023 को पकड़ा था ट्रक पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया-9 जून 2023 को फलोदी थाना पुलिस ने एक ट्रक से पंजाब निर्मित अवैध शराब के 681 कार्टन जब्त किए थे। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि अवैध शराब का यह ट्रक राकेश ने लोड करवाकर आरोपी सतीश और संदीप को सप्लाई किया था। इस कार्रवाई के बाद से ही मुख्य आरोपी राकेश फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। फलोदी डीएसटी ने पकड़ा डीएसटी टीम और फलोदी थाना पुलिस ने हरियाणा एसटीएफ के सहयोग से फरार चल रहे आरोपी राकेश पुत्र धर्मपाल नायक को हिसार से गिरफ्तार किया। राकेश फतेहाबाद हरियाणा के अकावाली पोस्ट हिजरावा कला का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राकेश पर फतेहाबाद जिले में पहले से ही 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भंवराराम, एएसआई पदमा राम और डीएसटी टीम के कांस्टेबल महेंद्र उज्ज्वल की विशेष भूमिका रही।
धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी अब देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक विमर्श की गवाह बनने जा रही है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 13 और 14 जून को विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय इस महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र में 13 जून की सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह सत्र देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और राष्ट्रीय विकास से जुड़े भावी विमर्श की दिशा तय करेगा। देश-विदेश से जुटेंगे 1200 से अधिक दिग्गज इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत सहित दुनिया के कोने-कोने से लगभग 1200 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस महाकुंभ में विज्ञान भारती के सदस्य, जाने-माने वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न तकनीकी विषयों के विशेषज्ञ एक मंच पर नजर आएंगे। उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा विशिष्ट अतिथि और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी मौजूद रहेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नैतिकता पर मंथन करेंगे पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा अधिवेशन के दूसरे दिन सबसे महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं नैतिकता' पर विशेष सत्र आयोजित होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा इस सत्र का नेतृत्व करेंगे। इसमें तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता इस बात पर गहराई से विचार-विमर्श करेंगे कि समाज के हित में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उत्तरदायी और नैतिक उपयोग किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए। 'वन हेल्थ' और 'नेट जीरो' पर देश के शीर्ष थिंक टैंक बनाएंगे रणनीति विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा के मुताबिक, इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक और सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक चर्चा करके वैज्ञानिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। इसके लिए दो बड़े सत्र आयोजित होंगे: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर के नेतृत्व में चिकित्सा, स्वास्थ्य और अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञ इस विषय पर मंथन करेंगे। मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में सतत विकास और ऊर्जा संक्रमण (एनर्जी ट्रांजिशन) से जुड़े आयामों पर चर्चा होगी। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी होंगे शामिल अधिवेशन के दौरान प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल का विशेष उद्बोधन और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया है। संचालक समिति के सदस्य प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि इस मंच पर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की मौजूदगी में होगा समापन इस दो दिवसीय आयोजन का समापन 14 जून को होगा। समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर और प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। विज्ञान भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने बताया कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने और 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
हिसार जिले के उकलाना में बालक नहर, राणा नहर और पाबड़ा नहर के अंतिम छोर (टेल) तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचाने की मांग को लेकर अग्रोहा क्षेत्र में किसानों द्वारा 8 जून से चलाया जा रहा धरना फिलहाल 21 जून तक स्थगित कर दिया गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने यह निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार किसान पिछले कई दिनों से तीनों नहरों के टेल क्षेत्रों में पर्याप्त पानी न पहुंचने से परेशान थे। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा था। 11 जून को अधीक्षण अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के साथ किसानों की विस्तृत वार्ता हुई। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि आगामी नहरबंदी के दौरान नहरों की समुचित सफाई करवाई जाएगी तथा इसके बाद बालक, राणा और पाबड़ा नहरों में अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। कार्रवाई नहीं होने पर फिर होगा आंदोलन अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने आपसी सहमति से धरना 21 जून तक स्थगित करने का निर्णय लिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को फिर से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित किसान मजदूर संघर्ष समिति की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति के सदस्य अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के भिवानी में प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान किसानों की ओर से तीनों नहरों में लगातार दो सप्ताह तक पानी छोड़े जाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। बैठक में ये किसान रहे शामिल बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण क्षेत्र के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में टेल क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में राजेंद्र मिल, कामरेड सुरेश कुमार, जगदीश सहारन, समुद्र नंबरदार, सुरेंद्र मलिक, धूप सिंह मलिक, राजकुमार प्रचार, सुधीर मदेरणा, रमेश मंजू, ब्रह्म प्रकाश मलिक, राम प्रताप सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने उम्मीद जताई कि सिंचाई विभाग अपने आश्वासन पर अमल करते हुए जल्द नहरों की सफाई करवाएगा और टेल क्षेत्रों तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
टीकमगढ़ के प्रसिद्ध धजरई त्रिदेव हनुमान मंदिर में चल रहे साकेत महोत्सव का शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। इस दौरान निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धीर समीर वृंदावन के महंत मदनमोहन दास महाराज ने व्यास पीठ से संतों की महिमा का सुंदर बखान किया। संतों का उत्सव मनाने वालों को मिलता है श्रीकृष्ण का सानिध्य महंत मदनमोहन दास महाराज ने पूज्य त्यागी जी महाराज का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि भगवान इस धरती पर महान संतों को भेजकर अनंत जीवों का कल्याण करते हैं और सनातन धर्म की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने भक्तों से कहा कि जो श्रद्धालु संतों के उत्सव में शामिल होते हैं, उन्हें निश्चित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा और सानिध्य प्राप्त होता है। मूसलाधार बारिश भी नहीं रोक पाई भक्तों के कदम कथा के दौरान जब महंत जी ने श्री सुदामा जी का पावन और भावुक कर देने वाला चरित्र सुनाया, तो पंडाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। इसके बाद जब उन्होंने मीठो मीठो यमुना जी को पानी लागे भजन गाना शुरू किया, तो पंडाल में उपस्थित जनसैलाब भाव-विभोर हो उठा। बाहर मूसलाधार बारिश होती रही, लेकिन भक्त पूरी तन्मयता से पंडाल के अंदर झूमते और नाचते रहे। 13 जून को भंडारा होगा बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने बताया कि कथा के औपचारिक विश्राम के बाद, अब 13 जून को गो लोकवासी हरिदास त्यागी जी महाराज की मुख्य पुण्यतिथि के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस भंडारे की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं- यह भंडारा सुबह 7 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक लगातार चलेगा। भंडारे की मुख्य विशेषता यह रहेगी कि मंदिर के सामने वाले मुख्य मार्ग (हाईवे) से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को रोककर, राहगीरों को पूरे आदर-सम्मान के साथ बैठाकर भोजन प्रसादी ग्रहण कराई जाएगी।
फेसबुक पर फर्जी सरकारी विज्ञापन दिखाकर जोधपुर के एक युवक से 28 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगी की शुरुआत 23 फरवरी से हुई थी। मामला साइबर थाना पुलिस का है। मामले में साइबर पुलिस ने बैंक कर्मचारी जयवीर और निखिल को को गिरफ्तार किया है। दोनों को दिल्ली से हिरासत में लिया था। ये लोग ग्रुप बनाकर प्रॉफिट का झांसा देते और ठगी करते थे। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया और शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। डेढ़ महीने में 28 लाख रुपए इन्वेस्टमेंट किएसाइबर थाना पुलिस के थानाधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि जोधपुर के अतुल भूतड़ा ने 5 अप्रैल को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया कि उसने फेसबुक पर फाइनेंस मिनिस्ट का एक विज्ञापन देखा था, जो दिखने में असली लग रहा था। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक किया तो 23 फरवरी को फिरोज खान नाम के व्यक्ति ने टेलीग्राम से मुझे कॉन्टैक्ट किया और खुद को मिरर एक्स कंपनी का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद इन्वेस्टमेंट के नाम अच्छा रिटर्न देने की बात कही। करीब डेढ़ महीने तक अतुल ने 28 लाख रुपए इन्वेस्टमेंट किए। जब रुपए लेने की बात आई तो अलग-अलग कारण बताने लगे। दिल्ली से दोनों को किया गिरफ्तार थानाधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देश पर टीम बनाई गई। टीम में शामिल थानाधिकारी सुरेश सारण, एएसआई राजेश कुमार और हेड कॉन्स्टेबल रामदलया दिल्ली पहुंची। इसके बाद निखिल शर्मा और उज्जीवन फाइनेंस बैंक के सेविंग अकाउंट मैनेजर जयवीर को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी ने बताया कि जब निखिल शर्मा से पूछताछ की तो उसलने बताया कि उसका सेविंग अकाउंट जयवीर ने खुलवाया था। इसके बाद ये लोग ठगी के रुपए इन अकाउंट में डलवाते। बैंक में काम करने की वजह से बड़ी राशि आसानी से निकल जाती थी। इसके बदले जयवीर को कमीशन भी मिलता था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह में एक बदमाश और शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है।
मुंगेर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता विकास वर्ग (सामान्य) प्रथम उत्तर-पूर्व क्षेत्र का गुरुवार को समापन हो गया। यह 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग 23 मई को शुरू हुआ था और पुरानीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इसमें बिहार और झारखंड के विभिन्न प्रांतों से 126 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, दक्षिण बिहार द्वारा आयोजित संघ शिक्षा वर्ग और घोष वर्ग में 229 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। समापन अवसर पर आयोजित 'प्रकटी' कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अपने प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। उन्होंने योग, नियुद्ध, समता, दंड संचालन और अन्य शारीरिक गतिविधियां प्रस्तुत कीं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति और स्वयंसेवक उपस्थित थे। आधारशिला जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार थे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह वर्ग केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राष्ट्र, समाज और संगठन के प्रति समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यबोध विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। कुमार ने जोर दिया कि व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज निर्माण की जो आधारशिला इस वर्ग में रखी गई है, उसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों, ज्ञान परंपरा और मानवीय मूल्यों के आधार पर विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्वों का निर्वहन करे, तो भारत पुनः विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र बन सकता है। कई देश वर्चस्व की लड़ाई में वर्षों से संघर्षरत आलोक कुमार ने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विश्व पूंजीवाद, आतंकवाद और युद्ध जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। कई देश वर्चस्व की लड़ाई में वर्षों से संघर्षरत हैं, जिससे मानवता संकट में है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे समय में हिंदुत्व की चिंतन परंपरा ही विश्व शांति का आधार बन सकती है। कुमार ने कहा कि संपूर्ण मानवता की रक्षा और विश्व कल्याण के लिए भारत को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। शताब्दी वर्ष का प्रमुख विषय ‘पंच परिवर्तन’ उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। शताब्दी वर्ष का प्रमुख विषय ‘पंच परिवर्तन’ है, जिसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व का जागरण और नागरिक कर्तव्य को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन पांच आयामों पर समाज के व्यापक सहयोग से ही व्यवस्था परिवर्तन का लक्ष्य साकार हो सकेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुंगेर के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने कहा कि संघ द्वारा प्रत्येक वर्ष कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जाता है। मुंगेर की ऐतिहासिक धरती पर इस वर्ग का आयोजन जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में लगे स्वयंसेवक समाज को संस्कारित और सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। समाज और संघ के समरस एवं एकात्म भाव से ही राष्ट्र निर्माण का कार्य आगे बढ़ता है। समापन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, क्षेत्र संपर्क प्रमुख अरुण कुमार, क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख राणा प्रताप, क्षेत्र शारीरिक प्रमुख मनोज कुमार, क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेश पांडे, अखिल भारतीय घोष प्रमुख रामचंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सरैया थाना क्षेत्र के रतवारा चंदन गांव स्थित एक लाइन होटल के पास मकान में छापेमारी हुई। इसमें आठ युवतियों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध देह व्यापार संचालित होने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए, एसएसपी के निर्देश पर सरैया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अभिजीत कौर और सरैया थाना अध्यक्ष के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। दो युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले पुलिस टीम ने पूरी तैयारी के साथ चिन्हित ठिकाने की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। जब टीम ने मकान के कमरों की तलाशी ली, तो एक बंद कमरे में दो युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों पुरुष बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, रैकेट का मुख्य संचालक और परिसर का मालिक पुलिस की भनक लगते ही फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने कमरों की सघन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई मोबाइल फोन और कैश रुपये बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं, ताकि रैकेट के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके। एसडीपीओ ने की मामले की पुष्टि एसडीपीओ अभिजीत कौर ने बताया कि पुलिस को रतवारा चंदन गांव में अनैतिक देह व्यापार चलाए जाने की सटीक जानकारी मिली थी। छापेमारी के दौरान कुल 8 महिलाओं और युवतियों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखकर आगे की काउंसिलिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वे इस धंधे में कब से संलिप्त थे और उनके तार कहां-कहां जुड़े हैं। एसडीपीओ ने साफ कहा कि परिसर का मालिक फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने मकान को भी सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जगह पर काफी समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें आ रही थीं, लेकिन पुख्ता सबूत न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सरैया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी और आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद ने एक ट्रक ड्राइवर की जान ले ली। मामूली कहासुनी के बाद हुई मारपीट में घायल ट्रक ड्राइवर की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी हाईवा ड्राइवर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार घटना 10 जून 2026 की है। दुर्ग-रायपुर मार्ग स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा के पास ट्रक क्रमांक HR 38 Z 3022 का चालक यूटर्न लेकर सड़क किनारे वाहन खड़ा कर रहा था। इसी दौरान हाईवा क्रमांक CG 04 LB 9345 वहां पहुंचा। टोल प्लाजा के पास हुआ विवाद वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों ड्राइवरों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि हाईवा ड्राइवर ने ट्रक चालक के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट के बाद बिगड़ी तबीयत, रास्ते में मौत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मारपीट के बाद ट्रक ड्राइवर की तबीयत अचानक खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान हाईवा ड्राइवर ने ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की थी। तकनीकी और मौखिक सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। हत्या नहीं, आपराधिक मानव वध का मामला पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मामला हत्या की श्रेणी में नहीं आता। इसके आधार पर थाना कुम्हारी में अपराध क्रमांक 170/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत आपराधिक मानव वध का मामला कायम किया गया है। बालोद निवासी है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान देव कुमार साहू (37) निवासी ग्राम भूसरेंगा, पोस्ट बेलौदी, थाना रनचिरई, जिला बालोद के रूप में हुई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हाईवा और फुटेज जब्त पुलिस ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों के रूप में सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है। वहीं घटना में प्रयुक्त हाईवा वाहन क्रमांक CG 04 LB 9345 को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
सलूम्बर में सड़क हादसों की रोकथाम और वाहन चालकों की दृष्टि क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा संबंधित समिति और जिला परिवहन कार्यालय सलूम्बर के संयुक्त तत्वावधान में परिवहन कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इसमें बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। 165 वाहन चालकों की हुई जांच शिविर में उदयपुर के तारा नेत्र संस्थान के प्रशिक्षित ऑप्टोमिट्रिस्ट हितेश टांक और नर्सिंग स्टाफ ने 165 वाहन चालकों की विस्तृत नेत्र जांच की। जांच के दौरान 4 चालक मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए। इसके अतिरिक्त, 90 वाहन चालकों को मौके पर ही नि:शुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि 110 चालकों को आंखों की सुरक्षा और उपचार के लिए आई ड्रॉप्स दी गईं। सुड़क सुरक्षा का उद्देश्य जिला परिवहन अधिकारी विपिन माहेश्वरी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों की दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने जोर दिया कि खराब दृष्टि भी सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण हो सकती है, इसलिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर चालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शिविर में इनका रहा सहयोग इस शिविर के सफल आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र परमार और डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र लोहार का विशेष सहयोग रहा। जिला परिवहन कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित कर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
गाजियाबाद के भोजपुर में आज शुक्रवार को 3 साल की बच्ची के फूल तोड़ने पर बवाल हो गया। घटना अमीरपुर नगोला गांव की है, जहां बच्ची के फूल तोड़ने को नाराज पड़ोसियों ने घर में घुसकर मारपीट कर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान पथराव भी किया गया। मारपीट में महिलाओं समेत 8 लोग घायल हुए हैं, एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी पक्ष के 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है। 3 साल की बच्ची ने तोड़ लिया फूल नंगौला अमीरपुर निवासी आसिफ की 3 साल की बेटी अनाया घर के बाहर खेल रही थी। बच्ची ने फुरकान के घर के बाहर लगे पेड़ से फूल तोड़ लिया। इस बात से नाराज होकर आरोपी फुरकान पक्ष के लोगों ने पहले बच्ची को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दबंग आसिफ के घर में घुस गए और जमकर मारपीट व तोड़फोड़ की। जहां महिलाओं ने छत से पथराव कर दिया, चीख पुकार सुन आसपास के लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसमें पीड़ित परिवार ने बताया कि महिलाओं को पीटा गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए। आरोपियों पर तमंचे और लाठी डंडे थे। एक पक्ष से 8 लोग घायल हुए इस मारपीट में आसिफ पक्ष से समरीन, आरिफ, अय्याज, सायदा, फिजा,अनाया व सलमान घायल हो गए। अय्याज की हालत गंभीर बनी हुई,जिसे गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने भोजपुर थाने में तहरीर दी है। आसिफ के भाई नसीर की पत्नी सायदा ने थाने में तहरीर दी है। जिसमें पीड़ित पक्ष ने कहा कि घर में घुसकर चाकू, छुरे और तमंचे लेकर हमला किया गया है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा का कहना है कि तहरीर आई है। दरघायलों का मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लोहारू में युवक ने लौटाए 1.75 लाख रुपण्:तहसील के पास पड़ा मिला था बैग, मोबाइल कॉल कर मालिक को बुलाया
भिवानी जिले के लोहारू तहसील परिसर के बाहर गुम हुए 1 लाख 75 हजार रुपए और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित मिल गए हैं। गांव सूजडोला निवासी अमित पूनिया ने यह राशि और दस्तावेज उनके वास्तविक मालिक को लौटा दिए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव सोहासड़ा निवासी राजेंद्र गुरुवार को लोहारू तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने आए थे। गाड़ी से उतरते समय उनका एक बैग गिर गया था। इस बैग में 1 लाख 75 हजार रुपए, बैंक की चेक बुक, पास बुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। तहसील के पास पड़ा मिला था बैग गांव सूजडोला निवासी अमित पूनिया ने बताया कि वह अपनी बहन के साथ लोहारू में पटवारी के पास किसी काम से आए थे। इसी दौरान उन्हें यह बैग मिला। बैग की जांच करने पर उसमें रखी एक फोटोकॉपी पर राजेंद्र का मोबाइल नंबर मिला। अमित ने कई बार उस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल नहीं लग सकी। अमित ने बताया कि बाद में उन्होंने ई-मित्र केंद्र पर भी जाकर बैग में रखे आधार कार्ड के माध्यम से कोई अन्य संपर्क नंबर प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को उन्होंने एक बार फिर राजेंद्र के नंबर पर कॉल किया और इस बार संपर्क हो गया। बातचीत के दौरान गुम हुए बैग और रकम की पुष्टि होने पर अमित ने राजेंद्र को गांव सूजडोला बुलाया और पूरी रकम व दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। अमित लोहारू के ठुकराल स्कूल में ड्राइवर का काम करते हैं। पुलिस ने गठित की थी टीम दूसरी ओर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुरारी लाल ने बताया कि गुम हुए रुपयों की तलाश के लिए पुलिस की टीम गठित की गई थी। पिछले दो दिनों से लगातार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही थी। साथ ही आमजन से भी अपील की गई थी कि यदि किसी को बैग या रुपए मिले हों तो वह पुलिस से संपर्क करे। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसी संपत्ति मिलने के बावजूद उसे छिपाया जाता है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। रुपए और दस्तावेज सुरक्षित मिलने पर पीड़ित राजेंद्र ने अमित पूनिया की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी अमित के इस सराहनीय कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है। ईमानदारी की यह मिसाल आज के समय में समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि मानवता और नैतिक मूल्य आज भी जीवित हैं।
मोतिहारी में चोरी के 6 मोबाइल के साथ युवक गिरफ्तार:उत्तर प्रदेश से बेचने आया था, पुलिस ने पकड़ा
मोतिहारी पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश से चोरी कर लाए गए छह मोबाइल फोन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्ञान बाबू चौक के पास एक युवक चोरी के मोबाइल बेचने आने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका तलाशी के दौरान युवक के पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए। जब उससे मोबाइल के कागजात मांगे गए, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। युवक ने अपना नाम राहुल कुमार बताया और स्वीकार किया कि वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है तथा बरामद सभी मोबाइल चोरी के हैं। पुलिस ने सभी छह मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इन मोबाइल फोन को बेचने के इरादे से मोतिहारी आया था। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। नगर थाना पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की भी संभावना है। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए एक बयान के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ 'कंटेंट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971' की धारा 15 (1)(b) के तहत आपराधिक अवमानना का केस चलाने की मांग की है। महापौर ने साक्ष्य के रूप में न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए उस वीडियो इंटरव्यू की पेन ड्राइव भी सौंपी है। इसमें दिग्विजय सिंह ने शीर्ष अदालत को कथित तौर पर चोर कहा था। महापौर ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने इंटरव्यू में कहा था.. मालूम था कि जो चोरी हुई है तो चोरी में सभी शामिल हैं, न केवल राज्य लेकिन केंद्र भी। चुनाव आयोग भी और माननीय मुझे कहना पड़ रहा है... 'सुप्रीम कोर्ट' भी। जब सुप्रीम कोर्ट को मालूम था कि हमारी जो पिटीशन है जो 4 बजे बाद इन्फक्चुअस (निष्प्रभावी) हो जाएगी तो सुना क्यों नहीं आज। कल की डेट क्यों लगाई है, ये सब मिली-जुली चोरी है। जल्दबाजी में दिया बयान नहीं, सोची-समझी साजिश पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल से इस मामले को बेहद गंभीरता से लेने और धारा 15 (1)(b) के तहत अवमानना की प्रक्रिया बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने अपने पत्र में तीन बेहद महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु सामने रखे हैं। अगर इसे नहीं रोका तो हमले और बढ़ेंगे पुष्यमित्र भार्गव ने अपने पत्र में लिखा- यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से ऊपर का है। यह देश की सबसे बड़ी अदालत की स्वतंत्रता और सम्मान को बचाने की लड़ाई है। अगर ऐसे बयानों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया, तो इससे अन्य लोगों के हौसले भी बुलंद होंगे और वे संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के हमले शुरू कर देंगे। इसलिए इस मामले में त्वरित और सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। आगे क्या होगा… कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 15 (1)(b) के नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की याचिका दायर करने से पहले भारत के सॉलिसिटर जनरल या अटॉर्नी जनरल की लिखित सहमति अनिवार्य होती है। अब यदि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इंदौर महापौर के इस पत्र पर अपनी सहमति दे देते हैं, तो दिग्विजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी हो सकता है।
सीतामढ़ी शहर के बाबू वीर कुंवर सिंह चौक पर शुक्रवार को एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद विवाद बढ़ गया। ऑटो का साइड मिरर टूटने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसमें एक बाइक चालक घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, एक बिना नंबर की ऑटो और बाइक के बीच हल्की टक्कर हुई थी। इस टक्कर से ऑटो का साइड मिरर टूट गया। ऑटो चालक, जिसकी पहचान बखरी बसतपुर निवासी के रूप में हुई है, ने बाइक चालक से साइड मिरर ठीक कराने की मांग की। हालांकि, बाइक चालक ने इसे एक गलती बताते हुए मांग मानने से इनकार कर दिया। साइड मिरर से ही बाइक चालक के चेहरे पर हमला कर दिया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी बात पर दोनों के बीच विवाद गहरा गया। गुस्से में ऑटो चालक ने टूटे हुए साइड मिरर से ही बाइक चालक के चेहरे पर हमला कर दिया। इस हमले में बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके चेहरे से खून बहने लगा। घटना के बाद चौक पर अफरातफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
मोतिहारी के तुरकौलिया बाजार में नकली टायर-ट्यूब बेचने के कारोबार का खुलासा हुआ है। सीईएटी कंपनी के अधिकृत अधिकारी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली ट्यूब बरामद किए गए हैं। मामले में कंपनी के अधिकारी के आवेदन पर तुरकौलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, सीईएटी कंपनी के अधिकृत अधिकारी धीरज शुक्ला को सूचना मिली थी कि तुरकौलिया बाजार में कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर नकली टायर और ट्यूब बेचे जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने मामले का सत्यापन कराया। इसके बाद तुरकौलिया थाना पुलिस के सहयोग से बाजार में छापेमारी की योजना बनाई गई। दो दुकानों से बरामद हुए नकली ट्यूब संयुक्त टीम ने तुरकौलिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के समीप दो दुकानों पर छापेमारी की। छापेमारी सत्यम मोटर्स और शर्मा मोटर सायकल नाम की दुकानों में की गई। इस दौरान दोनों दुकानों से सीईएटी कंपनी के नाम पर बेचे जा रहे बड़ी संख्या में नकली ट्यूब बरामद किए गए। पुलिस और कंपनी अधिकारियों ने बरामद सामान को जब्त कर लिया है। दो दुकानदारों को बनाया गया नामजद आरोपी कार्रवाई के बाद सत्यम मोटर्स के संचालक बच्चा सिंह और शर्मा मोटर सायकल के संचालक मोहदी शर्मा को मामले में नामजद अभियुक्त बनाया गया है। कंपनी अधिकारी धीरज शुक्ला के आवेदन के आधार पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कंपनी की छवि खराब करने का किया जा रहा था प्रयास सीईएटी कंपनी के अधिकारी धीरज शुक्ला ने बताया कि नकली उत्पादों की बिक्री से कंपनी की साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि नकली टायर-ट्यूब से ग्राहकों की सुरक्षा पर भी खतरा रहता है। कंपनी ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच तुरकौलिया थानाध्यक्ष सम्पत कुमार ने बताया कि कंपनी अधिकारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। नकली सामान की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नकली उत्पादों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद बाजार के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में नकली उत्पादों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को ठगी से बचाना और बाजार में असली उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करना है।
झाबुआ जिले के बामनिया स्थित चौकीदार फलिया में शुक्रवार शाम एक तीन मंजिला मकान की छत से 30 वर्षीय युवक अचानक निचे गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हाे गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। मां के साथ किराए के मकान में रहता था जानकारी के अनुसार, कुलदीपसिंह बारिया (30) पेशे से मजदूर था और अपनी मां के साथ इसी तीन मंजिला मकान में किराए से रहता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मकान के मालिक खुद यहां नहीं रहते हैं और उन्होंने मकान के ज्यादातर कमरों को किराए पर दे रखा है। शाम 5 बजे हुआ हादसा, सहम गए लोग यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुलदीपसिंह के छत से नीचे गिरते ही भारी आवाज हुई, जिसे सुनकर कुछ लोग मौके पर जमा हुए। हालांकि, घबराहट के कारण लोग तुरंत अपने-अपने घरों की तरफ लौट गए। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार के अन्य सदस्य भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। टीआई पुलिस बल के साथ पहुंचे, जांच जारी हादसे की जानकारी मिलते ही पेटलावद टीआई निर्भयसिंह भूरिया अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया ने बताया- पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि युवक छत से कैसे और किन परिस्थितियों में गिरा, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
फलोदी विधायक के निजी सचिव की नकली बीज रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं ने आज जिला कांग्रेस कमेटी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कृषि मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई। सत्ता के संरक्षण में कमीनशनखोरी कांड बताया कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह केवल विभागीय भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रहा एक संगठित कमीशनखोरी कांड है। जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच करवाने तथा कृषि मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश छंगाणी ने नकली एवं महंगे बीजों से प्रभावित किसानों की विशेष गिरदावरी कराकर उन्हें बीज लागत का दस गुना मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने राजस्थान राज्य बीज निगम को भंग कर सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की। कांग्रेस नेता कुंभ सिंह पातावत ने घोटाले में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, दलालों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की मांग की। ग्रामीणों की जनसमस्याओं के बारे में भी बताया कांग्रेस नेताओं ने फलोदी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य जनसमस्याओं को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और सीवरेज का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। नेताओं ने कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। इस अवसर पर जिला प्रवक्ता सतीश बिश्नोई, प्रधान उमरदीन सिंधी, शीशपाल बिश्नोई, अरुण व्यास, भैराराम मकवाना सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मथुरा, उत्तर प्रदेश में बक्सर जिले के डुमरांव निवासी 40 साल के ट्रक ड्राइवर वशिष्ठ यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक नाले से बरामद हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी हत्या कर शव को नाले में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना की खबर बक्सर स्थित उनके गांव नवाडेरा पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है। यह घटना गुरुवार शाम को मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में आगरा-दिल्ली राजमार्ग की सर्विस लाइन पर आर्य नगर गली संख्या-2 के पास सामने आई। स्थानीय लोगों ने नाले में एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान बक्सर जिले के डुमरांव निवासी वशिष्ठ यादव के रूप में हुई। ट्रक के टायर के नीचे लगी थी ईंट घटनास्थल के पास एक बंद बॉडी ट्रक भी खड़ा मिला, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। पुलिस को आशंका है कि ट्रक चालक वशिष्ठ यादव की हत्या किसी साथी या अपराधियों द्वारा की गई और फिर शव को नाले में फेंक दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रक दिल्ली से आगरा की ओर जा रहा था, लेकिन वह सर्विस लाइन पर दिल्ली दिशा में खड़ा मिला। ट्रक की चालक साइड की खिड़की बंद थी, जबकि दूसरी ओर की खिड़की खुली मिली। ट्रक के टायर के नीचे ईंट भी लगी थी, जिससे साक्ष्य मिटाने या घटना को दुर्घटना का रूप देने की आशंका जताई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही मथुरा पुलिस ट्रक नंबर के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही मृतक के मित्र गोविंद यादव उर्फ खोखी यादव, राजेंद्र यादव, कमलेश यादव और विवेक यादव सहित अन्य लोग मथुरा के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, वशिष्ठ यादव अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। जनशक्ति जनता दल के जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सजा तथा मृतक परिवार को मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।
विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। प्रभाकर कॉलोनी में हुई इस घटना में तीन मजदूर मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह हादसा नन्नूलाल कुशवाहा के मकान में निर्माण कार्य के दौरान हुआ। दीवार गिरने से कल्लू, कमलेश और हल्के राम नामक मजदूर उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में तीनों जिला अस्पताल रेफरतीनों घायलों को तत्काल लटेरी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। आशंका है कि बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, जिससे वह ढह गई। प्रशासन द्वारा इस मामले की विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
बरेली रेंज में पिछले आठ महीनों में पुलिस और बदमाशों के बीच 98 मुठभेड़ें हुईं। इनमें 175 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 129 बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हुए। दो कुख्यात अपराधी मुठभेड़ में मारे गए। कार्रवाई के दौरान 39 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। 1 अक्टूबर 2025 से 31 मई 2026 तक बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में चले अभियान के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार दबाव बनाया गया। रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी खुद अभियान की निगरानी कर रहे हैं। आंकड़ों में समझिए पुलिस का एक्शन… 44 मुठभेड़ों में 76 बदमाश पकड़े चार जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई बरेली में हुई। यहां 44 मुठभेड़ों में 76 बदमाश पकड़े गए और 57 को गोली लगी। बदायूं में 27 मुठभेड़ों में 53 अपराधी गिरफ्तार हुए। पीलीभीत में 14 मुठभेड़ों में 22 अपराधी दबोचे गए और सभी गोली लगने से घायल हुए। शाहजहांपुर में 13 मुठभेड़ों के दौरान 24 बदमाश पकड़े गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का असर अपराधियों के नेटवर्क पर साफ दिखाई दे रहा है। कई शातिर अपराधियों ने जिले छोड़ दिए, जबकि कई ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। गैंगस्टरों की आर्थिक ताकत पर भी वार रेंज पुलिस ने सिर्फ गिरफ्तारी तक खुद को सीमित नहीं रखा। संगठित अपराध करने वाले गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 23 मुकदमे दर्ज कर 83 अपराधियों को जेल भेजा गया। अपराध से अर्जित करीब 5 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की गई। बदायूं में एक अपराधी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई, जो पूरे अभियान की सबसे कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जिन एनकाउंटरों की सबसे ज्यादा चर्चा रही डीआईजी बोले- अपराधियों के लिए अब सिर्फ दो रास्ते डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। अपराधियों के लिए अब सिर्फ दो रास्ते हैं। कानून का पालन करें या फिर कानून की सख्त कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
फरीदकोट जिले में जैतो के नजदीकी गांव रामेआना में शुक्रवार शाम रजवाहा टूटने के कारण करीब एक हजार एकड़ खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलते ही जैतो से आप विधायक अमोलक सिंह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। विधायक अमोलक सिंह ने प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए खराब हुई फसलों की तत्काल गिरदावरी करवाने के आदेश जारी किए। वहीं प्रशासन ने रजवाहे की मरम्मत और खेतों में भरे पानी की निकासी के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक अमोलक सिंह ने बताया कि यह रजवाहा काफी पुराना है और पानी का दबाव बढ़ने के कारण इसमें लगभग हर साल कहीं न कहीं कटाव या टूट-फूट हो जाती है। उन्होंने कहा कि इसके पुनर्निर्माण के लिए पहले भी सरकार की ओर से ग्रांट जारी की गई थी, लेकिन कुछ जमीन मालिकों द्वारा अदालत से स्टे लेने के कारण वह योजना अधूरी रह गई और ग्रांट वापस चली गई। वहीं प्रभावित किसानों का कहना है कि करीब 1000 एकड़ से अधिक भूमि पानी की मार झेल रही है, जिससे सब्जी की फसलों के साथ साथ धान की पनीरी व हाल ही में बीजी गई धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की है। अक्टूबर माह तक रजवाहे के नवनिर्माण का कार्य शुरू होगा: विधायक इस मौके पर विधायक अमोलक सिंह ने बताया कि अब सरकार इस रजवाहे को नए सिरे से बनाने के लिए प्रयास कर रही है और उम्मीद है कि इसका निर्माण कार्य अक्टूबर महीने में शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की फसलों की जल्द गिरदावरी करवाई जाएगी और नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा और किसी भी प्रभावित किसान को नुकसान नहीं उठाने दिया जाएगा।
कैमूर के चांद थाना क्षेत्र के भरारी कला गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां कुएं में गिरने से एक 25 वर्षीय युवक की डूबकर मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान भरारी कला गांव निवासी वीरेंद्र कुमार राम के पुत्र यशवंत कुमार उर्फ जामवंत कुमार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शौच के लिए बधार की ओर निकला था युवक परिजनों के अनुसार, यशवंत कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। वह रोज की तरह गांव से दक्षिण दिशा में स्थित बधार की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान रास्ते में अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी से भरे एक गहरे कुएं में जा गिरा। दिमागी हालत ठीक नहीं होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और काफी देर तक पानी में डूबा रहा, जिससे उसकी मौत हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटा तो शुरू हुई खोजबीन बताया गया कि जब काफी समय बीत जाने के बाद भी यशवंत घर वापस नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। परिवार के लोगों ने आसपास के इलाकों में उसकी खोजबीन शुरू की। बधार की तरफ जाने पर परिजनों को कुएं के पास अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से कुएं में तलाश शुरू की गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद निकाला शव ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद युवक के शव को कुएं से बाहर निकाला। घटना की सूचना तत्काल चांद थाना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर पंचनामा तैयार किया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में पसरा मातम युवक की अचानक हुई मौत से भरारी कला गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने बताया कि यशवंत की मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। वहीं पुलिस ने मामले की आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है।
बागपत को मिलीं 4 नई दो-पहिया पीआरवी:आपातकालीन सेवाएं होंगी और तेज
बागपत जनपद में आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। यूपी-112 मुख्यालय, लखनऊ ने जनपद को द्वितीय चरण में चार नए दो-पहिया पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) वाहन आवंटित किए हैं। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाना है। इसी कड़ी में, बागपत के अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चारों दो-पहिया पीआरवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर आपातकालीन सेवाओं के लिए रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों के संचालन से उन क्षेत्रों में तेजी से पहुंचना संभव होगा जहां बड़े वाहनों को पहुंचने में समय लगता है या यातायात की समस्या रहती है। यूपी-112 सेवा पूरे प्रदेश में नागरिकों को तत्काल पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए कार्यरत है। ये नए दो-पहिया पीआरवी वाहन संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कम समय में पहुंचकर लोगों को राहत पहुंचाएंगे। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटना की सूचना, झगड़े या अन्य आपातकालीन घटनाओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज़ होगी। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस का लक्ष्य जनता को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है, जिसके लिए संसाधनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं और प्रत्येक कॉल पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इन चार नए दो-पहिया पीआरवी वाहनों के शामिल होने से यूपी-112 की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी, जिससे आमजन को सुरक्षा और सहायता का बेहतर अनुभव मिलेगा। इस पहल को जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को उकलाना पहुंचकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब के दौरों में अधिक व्यस्त हैं, जबकि हरियाणा की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। मुख्यमंत्री को पहले हरियाणा की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उकलाना के किसान विश्राम गृह में चौधरी दलवीर सिंह फाउंडेशन द्वारा छह गांवों को पानी के टैंकर वितरित किए जाने के कार्यक्रम में पहुंची कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं और उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था भी कमजोर होती जा रही है। जनसमस्याओं के समाधान में विफल हो रही भाजपा सरकार : सैलजा उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हरियाणा को बेहतर ढंग से संभालने में सफल हो जाते हैं तो उनका प्रचार अपने आप हो जाएगा, लेकिन वर्तमान में भाजपा सरकार प्रदेश के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ी है, जिससे आम जनता का जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तुलना वर्तमान सरकार से करना उचित नहीं है। नेहरू के नेतृत्व में देश में बड़े-बड़े औद्योगिक संस्थान, एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना हुई, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। देश की जनता के सामने महंगाई और आर्थिक चुनौतियां सैलजा ने आरोप लगाया कि आज देश कई मामलों में बाहरी दबावों के प्रभाव में नीतियां बना रहा है, जबकि आम जनता महंगाई और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कृषि क्षेत्र लगातार समस्याओं से घिरा हुआ है। कांग्रेस संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर आगामी चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस का लक्ष्य जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करना और प्रदेश में जनहित की सरकार स्थापित करना है। सैलजा बोलीं- कांग्रेस उठाती रहेगी जनता के मुद्दे उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासन में किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी और युवा सहित समाज का लगभग हर वर्ग परेशान है। अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार इन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और लोगों की आवाज बनने का काम करेगी।
प्रतापगढ़ के धरियावद में वन विभाग की टीम ने खेर की लकड़ी से भरी एक पिकअप जब्त की है। लकड़ी तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे। विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धरियावद के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल भील ने बताया- जिले में उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल के निर्देश पर वन संपदा के अवैध परिवहन और खनन को रोकने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वन विभाग की टीमें लगातार गश्त और नाकाबंदी कर रही हैं। खुंता वन नाका पर की नाकाबंदीउन्होंने बताया कि खुंता वन नाका पर नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान एक पिकअप आती हुई दिखाई दी। नाकाबंदी देखकर चालक ने वाहन को कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दिया और भागने का प्रयास किया। पिकअप रुकवाते ही ड्राइवर फरारवन विभाग की टीम ने रास्ते में वन समिति के सदस्यों को इसकी सूचना दी। सदस्यों ने पिकअप को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर वाहन को सड़क से नीचे उतारकर फरार हो गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देखा कि पिकअप में खेर की लकड़ी भरी हुई थी। विभाग ने पिकअप और लकड़ी को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच में जुट गया है।
देवास में प्रतिष्ठित कॉलोनाइजर प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट वायरल हुआ, जिससे नया मोड़ आ गया। कॉलोनाइजर के बेटे विनायक अग्रवाल ने मीडिया के सामने आकर गंभीर आरोप लगाए और पिता के लिए न्याय की मांग की। पुलिस वायरल हो रहे कथित सुसाइड नोट की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित सुसाइड नोट में प्रेम कुमार अग्रवाल ने कुछ व्यक्तियों का उल्लेख किया है। इसमें मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक लेनदेन और धोखाधड़ी सहित कई मुद्दों का जिक्र है। नोट में विशेष रूप से लगभग 100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया है, जिसे उन्होंने अपनी परेशानी का मुख्य कारण बताया है। बेटा बोला- आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएप्रेम कुमार अग्रवाल के बेटे विनायक अग्रवाल ने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर सुसाइड नोट का जिक्र किया और गंभीर आरोप लगाए। विनायक के अनुसार, उनके पिता लंबे समय से परेशान थे और जिन लोगों के नाम उन्होंने सुसाइड नोट में लिखे हैं, वे उनसे सबसे अधिक परेशान रहते थे। विनायक ने कहा, मेरी विनती है कि मुझे और मेरे परिवार को न्याय मिले और सुसाइड नोट में नामित लोगों को कड़ी सजा दी जाए। बेटे ने बताया कि उनके पिता परिवार के सामने अपनी परेशानियां ज्यादा साझा नहीं करते थे, लेकिन अंदर ही अंदर काफी तनाव में रहते थे। उन्होंने पैसों के तनाव के साथ-साथ अन्य कई परेशानियों का भी जिक्र किया। विनायक अग्रवाल ने यह भी बताया कि अंतिम समय में उनके पिता ने उन्हें सुसाइड नोट देते हुए कहा था, इनमें नाम लिखे हैं। जहर खाने से हुई थी प्रेम कुमार की मौतगौरतलब है कि गुरुवार को प्रेम कुमार अग्रवाल ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उन्हें उपचार के लिए इंदौर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को देवास में उनका अंतिम संस्कार किया गया। जांच हो रही है, कार्रवाई करेंगेसुसाइड नोट के वायरल होने के बाद प्रेम कुमार अग्रवाल के बेटे ने पिता के लिए न्याय की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता एक सुसाइड नोट छोड़कर गए हैं, जिसमें कुछ लोगों के नाम लिखे हैं। मामले में औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि गुरुवार देर रात सूचना प्राप्त हुई थी। मर्ग औद्योगिक थाने में दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भदोही में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने आरोप लगाया है कि 14 जून को प्रस्तावित लखनऊ घेराव कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने का निंदनीय प्रयास बताया। अंसारी ने बताया कि उन्हें स्वयं एक दिन पहले रात करीब 12 बजे बिना किसी स्पष्ट कारण या विधिक आधार के उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात करार दिया। इसी कड़ी में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शक्ति मिश्रा को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा, नगर अध्यक्ष भदोही सरफराज अहमद, नगर उपाध्यक्ष अनीश शेख, मंडल अध्यक्ष विशाल गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष सुरियावां सुरेश चौहान, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष राकेश पाल और जिला महासचिव जजलाल राय सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्षों से प्रेरणा लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अन्याय, दमन और तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अंसारी ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक दबाव, हाउस अरेस्ट और भय का माहौल बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं तोड़े जा सकते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और उसे दबाने का हर प्रयास अंततः विफल होगा।
हरदोई में पुराना लेंटर ढहा, 5 मजदूर गंभीर घायल:हरदोई में मकान की छत तोड़ते समय हुआ हादसा
हरदोई जनपद के पिहानी कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक पुराने मकान का लेंटर ढहने से पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना पिहानी कोतवाली क्षेत्र में एक पुराने मकान को गिराने और उसकी छत का लेंटर तोड़ने के दौरान हुई। मजदूर जैसे ही स्लैब तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी, जिससे पांचों मजदूर मलबे में दब गए। हादसे की जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल हरदोई रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे में घायल हुए सभी मजदूर मवैया गांव के निवासी हैं। उनकी पहचान वीरेश, बलराम और रमाकांत (तीनों राजेंद्र के पुत्र), पंकज (दाताराम के पुत्र) और दयाराम (रामस्वरूप के पुत्र) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पिहानी कोतवाली पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। कोतवाल छोटेलाल के अनुसार, पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है। परिजनों या पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जमुई में सड़क हादसे के बाद उपद्रव मामला:38 नामजद समेत 50 अज्ञात पर केस, 11 गिरफ्तार भेजे गए जेल
जमुई के खैरा बाजार में सड़क हादसे के बाद हुए उपद्रव मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 38 नामजद और 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 11 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। कोचिंग जा रही छात्रा की हाइवा की चपेट में आने से हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह खैरा बाजार में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। खैरा थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव निवासी जितेंद्र रावत की 10वीं कक्षा की बेटी मुस्कान कुमारी कोचिंग जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सड़क जाम के बाद हिंसक हुआ प्रदर्शन हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खैरा बाजार में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। धीरे-धीरे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप लेने लगा। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने सड़क जाम के दौरान पुलिस बल पर पथराव किया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। थाना परिसर में तोड़फोड़ और पुलिस पर फायरिंग का आरोप दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने आरोप लगाया है कि उपद्रवियों ने खैरा थाना परिसर में भी तोड़फोड़ की। इसके अलावा पुलिस का कहना है कि भीड़ की ओर से पुलिसकर्मियों पर छह से आठ राउंड गोली चलाई गई। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया मामला पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सड़क जाम करने, जान से मारने की धमकी देने, गाली-गलौज करने और पुलिस अभिरक्षा में मौजूद ट्रक चालक पर हमला करने सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। खैरा थाना अध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार 11 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाकी नामजद और अज्ञात आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। एसपी ने मृत छात्रा के परिवार से की मुलाकात घटना के बाद पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बरियारपुर गांव पहुंचकर मृत छात्रा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को न्यायसंगत कार्रवाई का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने एसपी से निर्दोष लोगों को मामले में नहीं फंसाने की मांग की। इस पर एसपी ने कहा कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है। उन्होंने बताया कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई उपद्रव की घटना के बाद खैरा बाजार और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बहुचर्चित PACL चिटफंड घोटाले से जुड़े मामले में पुलिस ने दो और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पुलिस का कहना है कि निवेशकों के साथ हुई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के सभी पहलुओं की जांच जारी है। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले में लंबित चिटफंड मामलों के निराकरण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई इसी अभियान के तहत थाना सूरजपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 182/2016 में कार्रवाई करते हुए PACL कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह (82), निवासी मोहाली (पंजाब) और गुरूनाम सिंह (77), निवासी रूपनगर (रोपड़), पंजाब के रूप में हुई है। दोगुना पैसा देने का लालच देकर की ठगी पुलिस जांच में सामने आया है कि PACL कंपनी के डायरेक्टरों ने निवेशकों को उनकी जमा राशि दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी संख्या में निवेश कराया था। लेकिन मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई। इससे हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कवर्धा जेल से लाए गए आरोपी विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी पहले से ही कवर्धा जिला जेल में बंद हैं। इसके बाद सूरजपुर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों को सूरजपुर लाया और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर निवेशकों से धन संग्रह करने और कंपनी के माध्यम से निवेश योजनाएं संचालित करने की बात स्वीकार की। पहले 6 डायरेक्टर भी हो चुके हैं गिरफ्तार पुलिस इससे पहले PACL कंपनी के 6 अन्य डायरेक्टरों निर्मल सिंह भंगू, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, जोगेन्दर टाइगर, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर चुकी है। दो और गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। निवेशकों को न्याय दिलाने पर फोकस सूरजपुर पुलिस का कहना है कि चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगे गए निवेशकों को न्याय दिलाने और फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अन्य संबंधित मामलों की भी जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम से व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। जालसाज ने एलडीए वीसी की फोटो लगाकर उनके नाम से अधिकारियों को मैसेज भेजे। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी और जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी को संदेश भेजकर पैसों की मांग की। मामले की जानकारी होते ही एलडीए प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट संचालित किया जा रहा है, वह वियतनाम का है। आशंका है कि साइबर अपराधियों ने वीसी की पहचान का दुरुपयोग कर अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने की साजिश रची है। साइबर सेल ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही एलडीए उपाध्यक्ष की ओर से साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। साइबर विशेषज्ञों ने फर्जी नंबर और अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट किसने बनाया और इसके पीछे किसी संगठित साइबर गिरोह का हाथ तो नहीं है। एलडीए अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों और आम लोगों से अपील की है कि उपाध्यक्ष या किसी अन्य अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की धनराशि भेजने या संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें। साइबर सेल का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक नई पहल की है। मिशन शक्ति-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जनपद के सभी थानों पर नियुक्त मिशन शक्ति प्रभारियों और उनकी टीमों को सरकारी मोबाइल फोन वितरित किए। यह वितरण शुक्रवार शाम 7 बजे किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को पुलिस सहायता सेवाओं से सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अब किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या अन्य समस्या की स्थिति में महिलाएं सीधे अपने क्षेत्र की मिशन शक्ति टीम से संपर्क कर सकेंगी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान मुजफ्फरनगर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि सरकारी मोबाइल फोन मिलने से मिशन शक्ति टीमों की पहुंच और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी। एसएसपी वर्मा ने आगे कहा कि इससे महिलाओं और पुलिस के बीच संवाद मजबूत होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक महिला स्वयं को सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस कर सके। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा, क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राय, क्षेत्राधिकारी जानसठ ऋषिका सिंह सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीतामढ़ी के परिहार थाना क्षेत्र के जगदर बाजार वार्ड संख्या-6 में अपराधियों ने एक व्यक्ति की घर में घुसकर गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कुंज बिहारी महतो (55) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने उस समय वारदात को अंजाम दिया, जब घर पर कोई मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बेटा दुकान पर कर रहा था काम, पत्नी गई थी खेत जानकारी के अनुसार, कुंज बिहारी महतो घटना के समय अपने घर पर अकेले थे। उनका बेटा दुकान पर काम करने गया हुआ था, जबकि पत्नी खेत में गई थी। इसी दौरान अज्ञात अपराधी घर में घुस गए और कुंज बिहारी महतो पर हमला कर दिया। अपराधियों ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण, दी पुलिस को सूचना घटना के बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली। ग्रामीणों के पहुंचने पर घर में खून से लथपथ हालत में कुंज बिहारी महतो का शव मिला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना परिहार थाना पुलिस को दी। हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की जांच सूचना मिलते ही परिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अपराधियों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। डीएसपी बोले- जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति मामले को लेकर सदर डीएसपी-2 आशीष आनंद ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वह खुद घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर पहुंचने और जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।
प्रतापगढ़ शहर में मिला गोशंव का अंग:पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, सीसीटीवी खंगालने में जुटी
प्रतापगढ़ शहर में नई आबादी क्षेत्र में समता चौक के पास एक गोवंश का अंग मिलने की सूचना पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।पुलिस ने गोवंश के अंग को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भिजवाया। घटना की सूचना पर डीएसपी गजेंद्र सिंह राव, कोतवाली थाना अधिकारी शंभू सिंह पशु चिकित्सालय पहुंचे। वहीं पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस मामले में प्रतापगढ़ निवासी कुंदन सुथार की ओर से प्रकरण दर्ज करवाया गया है। शिकायत में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आक्रोशित गौ सेवकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दो बाइक में टक्कर, युवक की मौत:पिकअप ने मारी बाइक को टक्कर, तीन घायल
पाली में दो अलग-अलग हादसों में एक युवक की मौत हो गई तो वही तीन जने घायल हो गए। मृतक की बॉडी का पुलिस ने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा। वही दूसरे हादसे में पिकअप की टक्कर से घायल हुए तीन जनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया है। पहला हादसा गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र के शेखों की ढाणी और पिंक सिटी के बीच हुआ। यहां दो बाइकों में टक्कर हो गई। हादसे में पाली जिले के शिवपुरा थाना क्षेत्र के हापत गांव निवासी 29 साल का नरेन्द्रसिंह पुत्र मदनसिंह की मौत हो गई। शुक्रवार को सदर थाने के एएसआई खेतसिंह ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवा शव परिजनों को सौंपा। मृतक शादीशुदा था और उसके दो बच्चे है। युवक पेट्रोल पम्प पर काम करता था। जवान बेटे की अकाल मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, तीन घायलदूसरा हादसा शुक्रवार को पाली के 72 फीट बालाजी मंदिर के निकट हाईवे पर हुआ। बाइक को पिकअप ड्राइवर ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 35 साल का जितेंद्र सांखला, 16 साल की जिज्ञासा और 17 साल की एकता घायल हो गई। तीनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। तीनों पाली से मामावास गांव जा रहे थे। इस दौरान यह हादसा हो गया।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से पाकिस्तान के गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मुद्दे पर आज शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) हरियाणा के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम DC को ज्ञापन सौंपा। SAD ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। हालांकि इससे पहले हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बीते दिन कमेटी बनाने की बात कही थी। साथ ही कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद आगे कोई एक्शन लेने का आश्वासन संगत को दिया था। 94 सिख श्रद्धालुओं का जत्था हुआ था रवाना SAD के प्रदेश अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने कहा कि पाकिस्तान में श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर गुरुधामों के दर्शन के लिए हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ था। सभी श्रद्धालुओं को 10 जून को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करना था, लेकिन सीमा पर ही उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं की यात्रा रह गई अधूरी आरोप लगाया कि अगर संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों को जरूरी जानकारी और वेरिफाइड लिस्ट मुहैया करवा दी होती, तो श्रद्धालुओं को इन हालात का सामना नहीं करना पड़ता। प्रशासनिक लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा अधूरी रह गई, जिससे सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। 19 जून को लौटना था जत्था हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं का जत्था 10 जून को पाकिस्तान रवाना हुआ था। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार श्रद्धालुओं को 19 जून को वापस लौटना था। हालांकि सीमा पर रोक दिए जाने के बाद सभी श्रद्धालुओं को उसी दिन देर रात अपने-अपने जिलों में वापस लौटना पड़ा। कई जिलों में शुरू हुआ ज्ञापन अभियान हरिकेश मोहड़ी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर में DC के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। कल शनिवार को करनाल, पानीपत समेत अन्य जिलों में भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अकाल तख्त नहीं ले जाएंगे मामले हरिकेश मोहड़ी से मामले को श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मुख उठाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि इससे सिख समाज में नाराजगी है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाजिक के स्तर पर इस मुद्दे को और मजबूती से उठाने की चेतावनी दी। SAD ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें - पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। - लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। - प्रभावित श्रद्धालुओं से हरियाणा सरकार सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करे। - भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए। - सिख समाज के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी भावनाओं और सुझावों को महत्व दिया जाए।
शामली में समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने शुक्रवार को क्षेत्र की शुगर मिल का दौरा किया। उन्होंने मिल में कार्यरत मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। विधायक पंकज मलिक ने बताया कि शुगर मिल के मजदूर लंबे समय से वेतन, सुविधाओं और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की, ताकि मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मजदूरों ने विधायक को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए समय पर वेतन भुगतान, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की। इस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए और आश्वासन दिया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान सपा विधायक पंकज मलिक के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि और सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे। विधायक के दौरे और अधिकारियों से वार्ता के बाद मजदूरों ने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष, प्रवक्ता एवं लखनऊ मंडल प्रभारी मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को संबोधित अपने इस्तीफे में पार्टी के भीतर पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा को इसकी प्रमुख वजह बताया है। 43 वर्षों तक कांग्रेस में की सक्रिय राजनीति मो. यूनुस सिद्दीकी ने अपने पत्र में कहा है कि वह पिछले 43 वर्षों से कांग्रेस पार्टी की निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहे हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से पार्टी के भीतर वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। संगठन और टिकट बंटवारे को लेकर जताई नाराजगी इस्तीफे में उन्होंने कहा कि चाहे संगठनात्मक जिम्मेदारियों का मामला हो या टिकट वितरण का, हर बार पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। इससे पार्टी से जुड़े अनेक कार्यकर्ता हताश और निराश महसूस कर रहे हैं। प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा इन परिस्थितियों को देखते हुए मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि पार्टी में लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद जिस प्रकार पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई, उससे आहत होकर उन्होंने यह निर्णय लिया है। अगले राजनीतिक कदम पर नजर मोहम्मद यूनुस सिद्दीकी के इस्तीफे के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में किसी अन्य दल में शामिल होने का जिक्र नहीं किया है। राजनीतिक हलकों में उनके समाजवादी पार्टी समेत अन्य दलों के संपर्क में होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मऊ जिले में चार दिन पहले दो नाबालिग सगी बहनों से दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रानीपुर थाना पुलिस, स्वॉट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जमुई अंडरपास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दुष्कर्म और साजिश में शामिल एक बाल अपचारी भी शामिल है। मुख्य आरोपी को पुलिस एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। यह घटना रानीपुर थाना क्षेत्र के करजौली जंगल में हुई थी। दुष्कर्म के बाद 16 वर्षीय बड़ी बहन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रिंस उर्फ शिवम, जो मृतक बड़ी बहन का प्रेमी था और कमालपुर बभनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना का निवासी है, उसे गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि छोटी बहन से दुष्कर्म का आरोपी राकेश, जो कमालपुर बभनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना का निवासी है, फरार चल रहा था। जांच में इस पूरी घटना की साजिश में दो अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रानीपुर थाना, स्वॉट, एसओजी और सर्विलांस टीम लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जमुई अंडरपास के पास घेराबंदी कर राकेश (25) और एक 15 वर्षीय बाल अपचारी को दबोच लिया। राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना शीतला प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि नाबालिग दोनों सगी बहनों से रेप के मामले में मुख्य दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जबकि पुलिस की जांच में घटना की साजिश रचने में शामिल दो और आरोपियों का नाम प्रकाश में आया था। इसमें एक 15 वर्षीय बालअपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। जबकि अभी साजिश रचने में शामिल एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुभासपा ने रामनगर से संजय तिवारी को प्रत्याशी बनाया:भाजपा गठबंधन से सीट पर चुनाव लड़ने का दावा
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर शुक्रवार को बाराबंकी पहुंचे। उन्होंने रामनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान अरविंद राजभर ने रामनगर विधानसभा क्षेत्र से संजय तिवारी को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने दावा किया कि सुभासपा भाजपा गठबंधन के तहत इसी सीट पर चुनाव लड़ेगी। मीडिया से बात करते हुए अरविंद राजभर ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सुभासपा उत्तर प्रदेश में केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां उसका जनाधार मजबूत है। राजभर के अनुसार, बाराबंकी जिले की रामनगर सीट पर पार्टी का जनाधार सबसे मजबूत है, इसलिए वे यहीं से चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे गठबंधन (भाजपा) से यह एक सीट मांग रहे हैं और इसके बदले में अन्य 10 सीटें छोड़ने को भी तैयार हैं। जब उनसे भाजपा के पूर्व विधायक की दावेदारी के बारे में पूछा गया, जो रामनगर से कम वोटों के अंतर से हारे थे, तो राजभर ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सुभासपा ने भी 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 10 सीटों पर केवल 500 से 1000 वोटों के अंतर से हार का सामना किया था। राजभर ने कहा कि ऐसी स्थितियों पर शीर्ष नेतृत्व मिलकर अंतिम फैसला करेगा। अरविंद राजभर ने आगे जानकारी दी कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश की लगभग 56 विधानसभा सीटों पर अपने कोऑर्डिनेटर और सब-कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। इन सीटों पर संगठन और जातिगत आंकड़ों के आधार पर लगातार समीक्षाएं की जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, गांवों में चौपालों के माध्यम से पार्टी की नीतियों का प्रचार करने और मतदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
हरदा में कल चार घंटे बिजली कटौती:सात से अधिक इलाकों में सप्लाई प्रभावित होगी
हरदा शहर के बड़े हिस्से में कल (शनिवार) चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी 11 केवी गुप्तेश्वर मंदिर फीडर पर प्री-मानसून रखरखाव और आवश्यक मेंटेनेंस कार्य करेगी, जिससे सात से अधिक प्रमुख इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्य सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। इस दौरान बिजली के तारों की छंटाई, पेड़ों की कटाई और अन्य तकनीकी रखरखाव संबंधी कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से इस अवधि में बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस बिजली कटौती से सिविल लाइन, गौर कॉलोनी, मानपुरा, खेड़ीपुरा, कहारवाड़ी और मांग मोहल्ला सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित कॉलोनियों के निवासियों से अपील की कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
जयपुर सीएमएचओ टीम की कार्रवाई:मुहाना मंडी में 3640 किलो सरसों तेल सीज; सैंपल जांच के लिए लैब भिजवाए
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर (द्वितीय) की फूड सेफ्टी टीम ने मुहाना मंडी में खाद्य तेल व्यापारी के यहां कार्रवाई करके 3640 किलोग्राम सरसों तेल का स्टॉक सीज किया। सीएमएचओ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक मैसर्स कमल एंड कंपनी पर कार्रवाई करते हुए मैसर्स गोयल ऑयल उद्योग द्वारा सप्लाई टैगोर ब्रांड और विधि ब्रांड सरसों ऑयल में मिलावट की आशंका को देखते हुए टीम ने छापा मारा। इस तेल की प्रथम दृश्यता जांच में तेल में अगल से खुशबू आने और कलर दिखने पर उसकी बिक्री पर रोक लगाई और मौजूदा स्टॉक को सीज करते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भिजवाए। मौके पर सीज किए गए स्टॉक् में टैगोर ब्रांड सरसों तेल के 90 टीन, 5 लीटर के प्लास्टिक 80 जार, 2 लीटर के 240 प्लास्टिक जार, 1 लीटर के 600 प्लास्टिक जार, आधे लीटर के 480 प्लास्टिक जार और विधि ब्रांड के 22 टीन, 1 लीटर के 120 प्लास्टिक जार, आधे लीटर के 240 प्लास्टिक जार को सीज किया है। सीएमएचओ ने बताया- दोनों ब्रांड का सरसों तेल जयपुर के आकेड़ा डूंगर, लक्ष्मीनारायणपुरा, वी के आई इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मैसर्स गोयल ऑयल उद्योग में तैयार किया जाता है।
नवादा में निगरानी विभाग की टीम ने सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अस्पताल परिसर में की गई, जिससे पूरे अंचल कार्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, सुजीत कुमार एक राजस्व संबंधी कार्य के लिए शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने एक जाल बिछाया। तय समय पर जब शिकायतकर्ता पैसे देने अस्पताल परिसर पहुंचा, तो निगरानी टीम ने सुजीत कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। सदर अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत था गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ ले गई। फिलहाल, टीम सुजीत कुमार से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। सुजीत कुमार सदर अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। अंचल कार्यालय के आसपास भी अफरा-तफरी का माहौल इस घटना की सूचना अंचल कार्यालय पहुंचते ही वहां खलबली मच गई। कर्मचारियों के चेहरों पर असमंजस और चिंता साफ नजर आ रही थी। कई कर्मचारी आपस में फुसफुसाते देखे गए, जबकि कुछ अधिकारियों ने तुरंत अपने कमरों में जाकर दरवाजे बंद कर लिए। अंचल कार्यालय के आसपास भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग में लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इस गिरफ्तारी से अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि सुजीत कुमार के खिलाफ और सबूत मिलते हैं, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को गति दी है।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत की गई। फरवरी 2025 में हुई थी लूट की वारदातजानकारी के अनुसार, कुढ़नी कस्बा स्थित शुक्ला ज्वैलर्स के संचालक के साथ फरवरी 2025 में लूट की घटना हुई थी। व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी जंगली बाबा मंदिर के पास बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेलघटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारीपुलिस आयुक्त के निर्देशन में चल रहे संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान साढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी कुढ़नी मंदिर के पास मौजूद है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहचान और आपराधिक इतिहासगिरफ्तार आरोपी की पहचान गोलू उर्फ प्रशांत सिंह पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी गढ़ी, थाना औंग, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ साढ़, चकेरी और मलवा थाना क्षेत्रों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने भेजा जेलथाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
रीवा में 5 जून को हुई चेन स्नेचिंग की वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश साकेत और बृजेश साकेत के रूप में हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। वहीं लूटी गई सोने की चेन खरीदने वाला आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार 5 जून की शाम करीब 4 बजे रतहरा निवासी आदर्श मिश्रा अपनी बाइक से समान ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। संदेह के आधार पर आकाश साकेत और बृजेश साकेत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। चेन खरीदने वाला फिलहाल फरारसीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि चेन स्नेचिंग की घटना के बाद विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आकाश साकेत और बृजेश साकेत को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया है। आरोपियों ने लूटी गई सोने की चेन बाल न्यायालय के पास रहने वाले जितेंद्र सोनी उर्फ गुड्डू को बेच दी थी। चेन खरीदने वाला आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शिवहर के बेलवा में स्टेट हाइवे संख्या-54 के निर्माण में अलाइनमेंट बदलाव के विरोध में पिछले पांच दिनों से जारी आमरण अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की पहल पर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुणाल और एसडीपीओ अनुशील कुमार अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुराने अलाइनमेंट पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद अनशनकारी रंजन चौधरी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। यह अनिश्चितकालीन अनशन बेलवा-देवापुर खंड में सड़क निर्माण के दौरान नक्शे में बदलाव के विरोध में बेलवा के ग्रामीणों द्वारा हनुमान मंदिर परिसर में शुरू किया गया था। ग्रामीण पथ निर्माण विभाग और भू-अर्जन विभाग के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ''किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा'' अनशन के दौरान रंजन चौधरी की तबीयत भी बिगड़ गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप था कि अलाइनमेंट में बदलाव से लगभग 15 परिवारों के घर और एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। चौधरी ने बताया कि लगभग 1200 मीटर में सड़क निर्माण प्रस्तावित है। प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए गए थे। अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ही यह अनशन समाप्त किया गया।
पठानकोट के सुजानपुर में एक घर को आग लगाने की कोशिश के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस घटना में शामिल उसके एक अन्य साथी की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक 9 जून को सुजानपुर के अंबेडकर मोहल्ला में एक घर के मेन गेट पर आग लग गई। परिवार ने सीसीटीवी चैक किए तो उसमें उक्त आरोपी पैट्रोल छिड़कता नजर आया था। पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि, दूसरे की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुजानपुर निवासी लखविंदर के तौर पर हुई है। आरोपी ने पूछताछ में किया बड़ा खुलासाथाना सुजानपुर प्रभारी अरूण कालिया ने बताया कि जब आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि अंबेडकर नगर निवासी के घर में धार्मिक जगह है। जहां रघुबीर लोगों की मुश्किलें सुनता है और उसका हल करता है। लेकिन, रघुबीर ने उसका बताया कोई काम नहीं किया। इसके चलते रंजिश में उसने इस वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दूसरे आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। ये था पूरा मामलादरअसल, पुलिस को पीड़ित रघुबीर कुमार पुत्र रतन चंद, निवासी: डॉ. आंबेडकर कॉलोनी, सुजानपुर ने शिकायत दी थी कि 7 जून की रात वह अपने परिवार के साथ खाना खाकर रात करीब 10:30 बजे सो गए थे। रात करीब 11:50 बजे अचानक पेट्रोल की तेज गंध आई। गंध आने पर रघुबीर कुमार और बेटा शिव महाजन तुरंत उठ गए। जिंदा जल सकता था पूरा परिवारपीड़ित रघुबीर कुमार ने बताया कि जब उन्होंने बाहर जाकर देखा तो घर के मुख्य दरवाजे पर भीषण आग लगी हुई थी और लपटें ऊपर उठ रही थीं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया। अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती, तो आग पूरे घर के अंदर फैल जाती और हमारा पूरा परिवार जिंदा जल सकता था। CCTV फुटेज में हुआ बड़ा खुलासाआग बुझाने के बाद जब पीड़ित परिवार ने अपने घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा था कि दो अज्ञात नकाबपोश युवक वहां आए, जिनके हाथ में पेट्रोल से भरी एक बोतल थी। उन्होंने मुख्य दरवाजे के सामने आकर पूरे घर पर पेट्रोल छिड़का और माचिस की तीली जलाकर आग लगा दी, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। पुरानी रंजिश का शक, पुलिस ने दर्ज किया मामलापीड़ित रघुबीर कुमार ने पुलिस को बताया कि इस घटना के पीछे मैक्स पुत्र घासी, निवासी: शेखां मोहल्ला, सुजानपुर का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 4-5 दिन पहले मैक्स ने उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज की थी और धमकी देते हुए कहा था कि वह उनका भारी नुकसान करेगा। पीड़ित का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपी मैक्स ने इन अज्ञात नकाबपोश युवकों से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिलवाया है।
रामपुर में हल्की बारिश के बाद शहर की सड़कें और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल, कचहरी, मुख्य मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पानी भर गया है। जिला अस्पताल परिसर में स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जलभराव बना हुआ है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. सी. सक्सेना ने बताया कि अस्पताल परिसर की खराब सड़कों और जलभराव की समस्या के संबंध में नगर पालिका और संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखे गए हैं। हालांकि, अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। शहर के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में शाहबाद गेट, बिलासपुर गेट, पहाड़ी गेट, शिवपुरम और बिलासपुर शाहबाद गेट शामिल हैं। माल गोदाम तिराहा स्थित दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-24, जिला कचहरी के गेट नंबर दो और पुलिस कंट्रोल रूम के निकट भी जलभराव देखा गया। इससे कचहरी आने वाले अधिवक्ताओं और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि शहर में खराब सड़कों और जलभराव की समस्या वाले स्थानों पर जल्द ही मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण वीर ने भी कहा कि विभाग के संज्ञान में जो सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। हल्की बारिश में ही शहर की सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की बदहाली ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
व्हाइटस्वान आर्ट फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. अंजलि निगम द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कला, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक संवेदनशीलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर कला प्रदर्शनी, संवाद सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। इस दौरान कला एवं संस्कृति की सामाजिक भूमिका, पर्यावरणीय चुनौतियों और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दूसरे और तीसरे दिन यानी 13 एवं 14 जून को हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कला प्रदर्शनी, संगीत , सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा और सस्टेनेबल क्लोदिंग शोकेस प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदर्शनों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और विकास के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय संगीत , नृत्य रहा ,जिसे दर्शकों द्वारा सराहा जा रहा है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यूपी मेट्रो केवल सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सेवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य कर रहा है ।
बक्सर स्टेशन रोड पर धान रोपकर विरोध:जलजमाव और गड्ढों से परेशान लोगों ने सड़क मरम्मत की मांग की
बक्सर जिले के डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों और युवाओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। वर्षों से जर्जर सड़क, बड़े गड्ढों और बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या से परेशान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जमा पानी और गड्ढों के बीच धान की रोपनी कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। लोग अक्सर चोटिल हो रहे स्थानीय निवासियों के अनुसार, स्टेशन रोड डुमरांव का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। यह सड़क रेलवे स्टेशन, बाजार और आसपास के कई इलाकों को जोड़ती है, लेकिन लंबे समय से इसकी स्थिति खराब है। बारिश के बाद सड़क पर जलजमाव और गहरे गड्ढे बन जाते हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और लोग अक्सर चोटिल हो रहे हैं। नाराज होकर लोगों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया प्रदर्शनकारी युवाओं ने बताया कि इस समस्या के संबंध में नगर परिषद, संबंधित विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार सूचित किया गया है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की लगातार अनदेखी से नाराज होकर लोगों ने यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया, ताकि उनकी परेशानी सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि स्टेशन रोड का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, सड़क पर बने गड्ढों को तुरंत भरा जाए और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में छात्र नेता मनीष यादव, बीडीसी नंदन, हरेंद्र यादव, जीतू यादव, बब्लू यादव, नागेंद्र यादव, कविंद्र यादव, देवेंद्र सिंह, मुखिया इंदल सिंह, सुनील सिंह, जितेंद्र यादव, सोनू सिंह, धर्मेंद्र सिंह और राजद नेता मंटू यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
चंडीगढ़ नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर राकेश कुमार शर्मा के साथ एटीएम फ्रॉड का मामला सामने आया है। एक शातिर ठग ने एटीएम बूथ में कार्ड बदलकर उनके खाते से करीब 67 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 4 जून को खरड़ के सन्नी एन्क्लेव स्थित ग्रीन मार्केट के एक एटीएम में हुई। मोहाली के खरड़ निवासी राकेश कुमार शर्मा (57) अपनी पत्नी नीसा शर्मा के साथ बलौंगी जा रहे थे और नकदी निकालने के लिए एटीएम बूथ पर रुके थे। एटीएम बूथ पर बदला कार्ड राकेश शर्मा ने जैसे ही 5 हजार रुपए निकालने की प्रक्रिया शुरू की, तभी करीब 35 वर्षीय एक युवक एटीएम के बाहर आ गया। इसी दौरान राकेश शर्मा का चश्मा नीचे गिर गया। युवक ने उनका ध्यान चश्मे की ओर दिलाया और इसी मौके का फायदा उठाकर कथित तौर पर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपी ने असली कार्ड अपने पास रख लिया और उन्हें दूसरा कार्ड थमा दिया। पीड़ित को उस समय कार्ड बदले जाने का आभास नहीं हुआ। अलग-अलग जगह प्रयोग किया कार्ड कुछ देर बाद आरोपी ने बदले हुए कार्ड का उपयोग कर उनके खाते से पैसे निकालने शुरू कर दिए। उसने सबसे पहले चंडीगढ़ स्थित कोहिनूर ज्वेलर्स से 41 हजार 590 रुपए की खरीदारी की। इसके बाद विभिन्न एटीएम से 10-10 हजार रुपए की दो नकद निकासी और 5 हजार रुपए की एक अन्य निकासी की गई। इसके अतिरिक्त, 1,140 रुपए का भुगतान एक शराब ठेके पर भी किया गया। अकाउंट में छोड़े मात्र 102.84 रुपए शाम को जब राकेश शर्मा ने अपना बैंक खाता जांचा, तो उसमें मात्र 102.84 रुपए शेष थे। उन्होंने तुरंत बैंक पहुंचकर अपना कार्ड ब्लॉक करवाया। राकेश शर्मा ने ज्वेलरी शोरूम से प्राप्त सीसीटीवी तस्वीरें और खरीदारी के बिल पुलिस को सौंपे। जिसके बाद अब थाना सिटी खरड़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। सन्नी एन्क्लेव पुलिस पोस्ट इंचार्ज हरदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झांसी में 5 साल पहले 14 साल की किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी रक्खू नाई उर्फ राकेश (38) को कोर्ट ने 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 6 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया। नहीं देने पर दो माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने सुनाया है। पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 7 सितंबर 2020 को एक व्यक्ति ने गरौठा थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 3 सितंबर को उसकी 14 साल की बेटी खेत पर गई थी। वहां गरौठा के निपान गांव निवासी रक्खू नाई पुत्र चिरंजी आया और बेटी का हाथ पकड़कर अश्लील हरकत करने लगा। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया बेटी ने अपने घरवालों को जानकारी दी। तब पिता उलाहना देने गया। इससे बौखलाकर आरोपी गाली गलौच कर बेटी को उठाकर ले जाने की धमकी देने लगा। धमकी दी कि यदि कानूनी कार्रवाई की तो जान से मार देगा। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया था। 6 हजार का जुर्माना लगाया बाद में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने रक्खू नाई को दोषी करार देते हुए 3 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
नर्मदापुरम नगरपालिका के अतिक्रमण दल के पूर्व प्रभारी (दैनिक वेतन भोगी) सुनील राजपूत को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। सुनील राजपूत को आईटी एक्ट के लगातार दूसरी बार किए अपराध के चलते पुलिस ने उसे अरेस्ट किया। शाम 4.35 बजे कोतवाली थाने से पुलिसकर्मियों ने आरोपी सुनील राजपूत को हाथ पकड़कर सरकारी वाहन में बैठाया। फिर उसे कोर्ट ले जाया गया। आईटी एक्ट के दर्ज दो अपराध को देखते हुए कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दिए। शाम 7 बजे पुलिस कर्मी हड़कड़ी बांधकर आरोपी को जेल ले गए। कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया आईटी एक्ट और छेड़छाड़ अपराध में आरोपी सुनील राजपूत अरेस्ट किया है। जेल भेजने के आदेश हुए हैं। महिला के नाम से आईडी से मैसेज-फोटो भेजेइटारसी निवासी एक युवती को आरोपी सुनील राजपूत ने तीन माह पहले फेसबुक पर फर्जी आईडी से अश्लील मैसेज और फोटो भेजे थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 फरवरी को पीड़िता नर्मदापुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। वह करीब 11 दिन अस्पताल में रही और इसी दौरान 14 फरवरी की सुबह 'सौरभ साहू' नाम की फेसबुक आईडी से उसके मैसेंजर पर आपत्तिजनक मैसेज आए। उसी रात एक महिला के नाम की आईडी से भी अश्लील फोटो भी भेजी गई। पीड़िता ने डिस्चार्ज होने से पहले ही 16 फरवरी को अस्पताल से सीधे साइबर सेल पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अप्रैल महीने में भी उसे दो अलग-अलग नंबरों से अश्लील कॉल आए। आईपी एड्रेस से पकड़ा गयाशिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को नामजद किया है। एफआईआर में नाम जुड़ने पीड़िता की शिकायत के तीन महीने बाद साइबर सेल की आईपी एड्रेस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और छेड़छाड़ का शून्य (Zero) पर केस दर्ज किया, जिसमें आरोपी अज्ञात लिखा। घटनास्थल कोतवाली क्षेत्र का होने से देहात थाने से डायरी कोतवाली थाने को भेजी गई। साइबर सेल ने संबंधित फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर खंगाला, तो वह शास्त्री वार्ड निवासी सुनील राजपूत के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में अज्ञात शब्द हटाकर उसका नाम शामिल किया। नगरपालिका कार्यालय में देखा जा रहा था आरोपीअपराध दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी कुछ दो तीन दिन तक छिपकर रहा। एफआईआर के बाद आरोपी सुनील राजपूत को नगर पालिका सीएमओ ने अतिक्रमण दल से हटा दिया था। दो दिन से वो नगर पालिका कार्यालय में घूमते दिख रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने उसे अरेस्ट कर थाने ले आई। आईटी एक्ट और पीएम आवास घोटाले में आ चुका नामआरोपी सुनील के खिलाफ इससे पहले 2023 में देहात थाने में भी आईटी एक्ट का केस दर्ज हो चुका है। इसके अलावा नगर पालिका में 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले में भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील राजपूत के खिलाफ केस दर्ज हुआ। बावजूद उसे नगर पालिका के अधिकारी द्वारा अतिक्रमण दल का प्रभारी बनाया गया। अतिक्रमण दल प्रभारी रहने के दौरान भी सुनील काफी विवादों में रहा। समय समय उसके खिलाफ आरोप भी लगे।
इंदौर लोकायुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त डीजी तक पहुंची है। आमतौर पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें लोकायुक्त संगठन में की जाती हैं, लेकिन यह ऐसा मामला है, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त भोपाल, उप-लोकायुक्त और डीजी लोकायुक्त को शिकायत भेजी है। एक व्यापारी शेखर का आरोप है कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ इंदौर के जोन-1 के एक थाने में झूठी FIR दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान उनके नाबालिग बेटे का नाम भी प्रकरण में जोड़ दिया था। 16 अप्रैल 2026 को उन्हें थाने बुलाया गया तो मौजूद दो मीडियाकर्मियों में से एक ने अपना नाम कमलेश बताया। उसने नाबालिग बेटे का नाम मामले से हटाने के एवज में पहले एक लाख रुपए और बाद में 70 हजार रुपए की मांग की। यह राशि थाने की पुलिस के नाम पर मांगी जा रही थी। मीडियाकर्मी से बातचीत की रिकॉर्डिंग व्यापारी का कहना है कि मैंने एक मीडियाकर्मी से हुई बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग की, जिसमें 70 हजार रुपए की मांग और पुलिस की ओर से मदद कराने का जिक्र है। इसके बाद मैंने 17 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्डिंग सहित शिकायत दर्ज कराई। रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव भी सौंपी गई। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोकायुक्त कार्यालय ने ट्रैप कार्रवाई करने के बजाय केवल उनके बयान दर्ज किए और रिकॉर्डिंग जब्त कर ली। बाद में भी संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय बाद उसी मीडियाकर्मी ने मुझसे मुलाकात कर कहा कि शिकायत की जानकारी पहले ही उसे मिल गई थी, जिससे वे सतर्क हो गए। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भी अनुरोध किया है कि यदि शिकायत की गोपनीय जानकारी लीक हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। लोकायुक्त के वकील आशीष खरे ने बताया- लोकायुक्त निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। यदि किसी लोक सेवक की रिकॉर्डिंग होती या पीड़ित की सीधे किसी लोक सेवक से बातचीत कराई जाती, तो मामला बन सकता था। इस प्रकार के मामलों में लोकायुक्त सामान्यतः संज्ञान नहीं लेता है। पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए शिकायत लोकायुक्त के रिटायर्ड डीएसपी बीएस परिहार ने बताया कि ऐसे मामलों में लोकायुक्त केवल अवैध संपत्ति या किसी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने संबंधी मामलों में कार्रवाई कर सकता है। उनके अनुसार, यह मामला फ्रॉड या चीटिंग की श्रेणी का प्रतीत होता है, जिसकी शिकायत संबंधित पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए थी।
दरभंगा में आज एक एंजेसी के कर्मी का मर्डर हुआ है। एजेंसी में कार्यरत युवक मो फैज अहमद की लोहे की रॉड से पिटाई कर हत्या कर दी गई। घटना अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी स्थित एक यामाहा एजेंसी की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मोहम्मद फ़ैज़ अहमद यामाहा एजेंसी में कार्यरत थे। इसी दौरान एक युवक ने उन पर लोहे की रॉड से अचानक हमला कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पहले उसी एजेंसी में काम करता था, लेकिन वर्तमान में वहां कार्यरत नहीं था। पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी घटना की जानकारी मिलने पर सदर एसडीपीओ राजीव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। उन्होंने बताया कि सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, जहां घटना सही पाई गई। एसडीपीओ ने कहा कि मृतक के साथ काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने अचानक लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी पहले उसी एजेंसी में कार्यरत था, लेकिन फिलहाल वहां काम नहीं कर रहा था। हत्या के पीछे किसी रंजिश की बात सामने आ रही है, जिसकी भी जांच की जा रही है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल से एक लोहे की रॉड बरामद की है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना के पूरे क्रम और आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नमाज पढ़कर लौटे थे, तभी मिली हत्या की सूचना स्थानीय निवासी मो. मक्की ने बताया कि मो. फैज हमलोगों के साथ नमाज पढ़कर लौटे थे। इसके बाद वह आराम कर रहे थे कि अचानक एक स्टाफ ने आकर बताया कि मो फ़ैज़ की हत्या कर दी। उन्होंने कहा, “हम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो देखा कि फ़ैज़ गंभीर हालत में पड़े हुए थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। फ़ैज़ बेहद शरीफ और मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी हत्या किस कारण से की गई, यह समझ से परे है।”
कोंडागांव जिले में एक करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन पहली ही बारिश में गंभीर खामियों का शिकार हो गया है। अस्पताल की छत और दीवारों से पानी रिसने लगा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति ऐसी है कि वार्डों और कमरों में टपकते पानी को रोकने के लिए जगह-जगह बाल्टियां और बर्तन रखने पड़ रहे हैं। पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) द्वारा निर्मित इस भवन का निर्माण कुछ माह पहले ही पूरा हुआ था। निर्माण कार्य शुरू हुए करीब 9 महीने हुए हैं, लेकिन मानसून की पहली बारिश ने ही भवन की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने ला दी। अस्पताल के लगभग सभी वार्डों, कमरों और गलियारों में पानी का रिसाव देखा जा रहा है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के करंट का बढ़ा खतरा सबसे गंभीर बात यह है कि जिन दीवारों से पानी रिस रहा है, उन्हीं दीवारों के भीतर विद्युत वायरिंग भी की गई है। लगातार नमी बढ़ने से शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पहले भी दी गई थी जानकारी अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि भवन में आ रही तकनीकी और निर्माण संबंधी समस्याओं की जानकारी पहले भी संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद अब तक सुधार के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों को मजबूरी में इसी माहौल में काम करना पड़ रहा है, जबकि मरीजों का इलाज भी इसी भवन में जारी है। मानसून में और बिगड़ सकते हैं हालात कर्मचारियों के मुताबिक यदि पहली बारिश में ही भवन की यह स्थिति है, तो पूरे मानसून के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। लगातार बारिश होने पर कई हिस्सों में जलभराव, सीलन और विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना के विज्ञापन संख्या-03/2025 के तहत मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा 14 जून 2026 और 17 जून 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। शिवहर जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 06 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से 12 जून 2026 को शिवहर के जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने एक संयुक्त ब्रीफिंग बैठक की। इसमें सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए बैठक में, जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, प्रतिबंधित वस्तु या अनुचित साधनों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। कदाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त, परीक्षार्थियों, वीक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे सभी कर्मियों को निर्धारित समय-सारणी एवं परीक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। शिवहर जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और नियमों का पालन करते हुए परीक्षा में शामिल हों। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और कदाचार या अनुचित गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है, अन्यथा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
ताड़ी के पेड़ से गिरे बुजुर्ग की मौत:गोपालगंज में गंभीर हालत में सदर अस्पताल किया गया था रेफर
गोपालगंज जिले के मांझा थाना क्षेत्र के कोइनी खजुरबानी गांव में ताड़ी के पेड़ से गिरकर एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के बहुवारा गांव निवासी जगलाल महतो के बेटे लाल बाबू महतो के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लाल बाबू महतो ताड़ी के पेड़ पर चढ़कर ताड़ छावने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ऊंचाई से जमीन पर गिर गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल लाल बाबू महतो को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक लाल बाबू महतो पिछले चार साल से ताड़ी से जुड़े काम के सिलसिले में गोपालगंज में रह रहे थे और यहीं काम करते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शिवहर में जनता दरबार, 27 मामले आए:DM ने शिकायतों का मौके पर किया समाधान
शिवहर जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती प्रतिभा रानी (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए 27 नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। जनता दरबार के दौरान डीएम प्रतिभा रानी ने नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कई मामलों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, जिससे कई समस्याओं का तत्काल समाधान हो सका। संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को भेजा गया शेष आवेदनों को जनता दरबार में कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से जमीन विवाद, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), नल-जल योजना, समाज कल्याण विभाग और खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। शेष आवेदनों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को भेजा गया। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए और अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। नागरिक अपनी शिकायतों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराकर जनता दरबार में सीधे अपनी बात रख सकते हैं। इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) और आई.टी. प्रबंधक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के लिए विशेष भारत गौरव पर्यटक रेल चलाने की घोषणा की है। यह धार्मिक यात्रा 14 जुलाई 2026 को दुमका से शुरू होगी। इसमें बिहार और झारखंड के कई रेलवे स्टेशनों से श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे, जिनमें बक्सर स्टेशन भी प्रमुख है। बक्सर रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि यह यात्रा कुल 12 रात और 13 दिन की होगी। इस दौरान यात्रियों को दक्षिण भारत के कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाएंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य देश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का मौका यात्रा के दौरान श्रद्धालु आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर, तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी मंदिर, मदुरै का प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी मंदिर और आंध्र प्रदेश स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर के दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा धार्मिक महत्व के साथ-साथ दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर भी प्रदान करेगी। यह विशेष रेल दुमका, हंसडीहा, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, किऊल, मोकामा, बख्तियारपुर, पटना साहिब, पटना, आरा, बक्सर, दिलदारनगर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सहित कई स्टेशनों से होकर गुजरेगी। दो स्तरीय श्रेणी का किराया 55,500 रुपये तय यात्रा के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। साधारण श्रेणी का किराया 25,400 रुपये, वातानुकूलित तीन स्तरीय श्रेणी का किराया 45,550 रुपये और वातानुकूलित दो स्तरीय श्रेणी का किराया 55,500 रुपये तय किया गया है। इस पैकेज में रेल यात्रा, होटल में ठहरने की व्यवस्था, शुद्ध शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रा बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इच्छुक यात्री रेलवे पर्यटन कार्यालय पटना या जारी सहायता नंबरों पर संपर्क कर अपना स्थान सुरक्षित करा सकते हैं।
उज्जैन के मक्सी रोड स्थित सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक (डिप्टी जीएम) दीपक कुमार के साथ 1 करोड़ 77 लाख की बड़ी डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है। जीएम को 'S108 Kotak Wealth Insights' नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शेयर मार्केट से भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट देखकर दीपक कुमार झांसे में आ गए और उन्होंने करोड़ों रुपए की राशि आरोपियों के खाते में डाल दी। राज्य साइबर सेल ने भोपाल के भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगों के साथ मिलकर जीएम दीपक कुमार कई गुना प्रॉफिट दिलाने का झांसा देकर 'Neo Kot Pro' नामक एक फर्जी ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करवाया। आधार और पैन कार्ड लेकर अकाउंट खोलने के बाद शुरुआत में 50000 जमा करवाए गए। इस पर झूठा प्रॉफिट दिखाकर जालसाजों ने 3 महीने के भीतर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,77,26,000 ट्रांसफर करवा लिए। जब फरियादी ने अपनी रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने 1.70 करोड़ का फर्जी IPO अलॉट होने का बहाना बनाकर और पैसों की डिमांड की। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। कर्ज चुकाने के लिए 26 हजार में बेचा था करंट अकाउंटसाइबर सेल की जोन प्रभारी डीएसपी लीना मारोठ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर भोपाल की शिवनगर कॉलोनी से 25 वर्षीय आरोपी भानु चौरसिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में भानु ने कुबूल किया कि उस पर भारी कर्ज था। कर्ज उतारने के लिए उसने अपने दोस्त सारांश जैन को यस बैंक का करंट अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बदले उसे 26,000 नकद और 10,000 महीना देने का वादा किया गया था। इस ठगी के 2.50 लाख सीधे भानु के इसी खाते में आए थे। साइबर सेल ने मामले में आरोपी भानु चौरसिया को अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत केस दर्ज गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी सारांश जैन और इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
रिहाई के स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद एक व्यक्ति को 53 दिन तक हिरासत में रखने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को रिहाई का वैध आदेश जारी होने के बाद हिरासत में बनाए रखना संविधान के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट ने नागौर जिले के एक मामले में अवैध हिरासत को लेकर राज्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा आजादी छीनना प्रशासनिक गलती नहीं, संवैधानिक उल्लंघन है। सिविल कारावास की दी गई थी सजा जस्टिस फरजंद अली व जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ में नागौर जिले के एक व्यक्ति की ओर से वकील मोतीसिंह राजपुरोहित ने याचिका पेश की थी। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोप में कार्रवाई करते हुए सिविल कारावास की सजा दी गई थी। इसके खिलाफ अपील पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, अजमेर ने 15 अप्रैल 2026 को सजा के संचालन को स्थगित कर दिया था और रिहाई का रास्ता साफ किया था। याचिका के अनुसार, आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने उन्हें रिहा नहीं किया और वे करीब 53 दिन तक हिरासत में रहे। आखिर पत्नी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसके बाद 8 जून को अदालत के निर्देश पर रिहाई संभव हो सकी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसी उच्च प्राधिकारी के आदेश का पालन करना प्रशासनिक विवेक नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व है। अदालत ने यह भी माना कि हिरासत शुरू में वैध हो सकती थी, लेकिन सजा स्थगित होने के बाद उसका जारी रहना पूरी तरह अवैध था। कोर्ट ने इस तथ्य को भी गंभीर माना कि संबंधित व्यक्ति एचआईवी से पीड़ित है और उसकी पत्नी कैंसर रोगी है। कोर्ट ने कहा- ऐसे हालात में अवैध हिरासत ने परिवार को अतिरिक्त पीड़ा पहुंचाई। इसी आधार पर कोर्ट ने मुआवजा देकर जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई।
शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में बिहार सरकार के सात निश्चय 3.0 के अंतर्गत सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम के तहत जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कुल 102 मामलों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों और शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राजस्व संबंधी मामलों की संख्या सर्वाधिक उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता दरबार में सुनवाई के दौरान भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मामलों की संख्या सर्वाधिक रही। इनमें मोहम्मद साजिद आलम ने निजी भूमि से बेदखल किए जाने की शिकायत दर्ज कराई, जबकि सलाउद्दीन ने बंदोबस्त से प्राप्त भूमि पर कब्जे का मामला उठाया। सदानंद ठाकुर, सुरेंद्र प्रसाद शाह और देवानंद शर्मा ने भी अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जमाबंदी सुधार से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया इसके अतिरिक्त, संतोष ततमा ने अपनी पुत्री की शादी के लिए भूमि बिक्री की अनुमति देने और रोक सूची से नाम हटाने का आवेदन दिया। मोहम्मद जावेद अख्तर ने जमाबंदी सुधार से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। भूमि मापी और दखल-कब्जा से जुड़े मामलों में दिलीप पासवान ने सरकारी अमीन से नापी कराकर भूमि पर कब्जा दिलाने का अनुरोध किया, वहीं रमेश पासवान ने बासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग की। राशन कार्ड में नाम जोड़ने को लेकर अब्दुल कलाम और मिन्हाज आलम ने अपनी समस्याएं रखीं। आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया जनता दरबार के समापन पर, जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की विधिसम्मत जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पूरी करने पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार आम लोगों और प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है।
शाजापुर ट्रैफिक पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई की। शुक्रवार को विशेष चेकिंग अभियान में 5 चालकों को शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इन सभी चालकों पर कोर्ट ने कुल 50 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। ब्रेथ एनालाइजर मशीन से हुई चेकिंग यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग पॉइंट लगाए गए थे। इस दौरान पुलिस टीम ने 'ब्रेथ एनालाइजर मशीन' के जरिए वाहन चालकों की जांच की, जिसमें 5 चालक अत्यधिक नशे की हालत में मिले। पुलिस ने तत्काल वाहनों को जब्त कर चालकों के खिलाफ वैधानिक केस दर्ज किया और उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना यातायात पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के साथ मामले को कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी पांचों आरोपी चालकों पर कुल 50 हजार रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य नशेड़ी वाहन चालकों में कानून का डर पैदा करना है। थाना प्रभारी बोले- दूसरों की जान जोखिम में डालना बर्दाश्त नहीं थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाना न सिर्फ खुद की बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों की जान को भी सीधे तौर पर जोखिम में डालना है। यह एक गंभीर श्रेणी का अपराध है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई में यह रहे शामिल इस कार्रवाई में सूबेदार सीमा मौर्य, एएसआई श्यामलाल चौधरी, एएसआई जगदीश चंद्र चौहान सहित यातायात थाने के पूरे स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी कोटा ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी,जिला झालावाड़ के खिलाफ कोटा कोर्ट चार्जशीट पेश की है। आरोपी रजनी मीणा ग्राम पंचायत मऊबोरदा, पंचायत समिति खानपुर में पोस्टेड थी। रजनी ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में 26 जोड़ों का मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले प्रति सर्टिफिकेट 500 की डिमांड की थी। एसीबी ने 10,400 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। 26 जोड़ों के मांगे थे 13 हजार रुपए एसीबी कोटा के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया -10 अप्रैल 2026 को परिवादिया ने शिकायत दी थी, जिसमें बताया गया था कि 16 फरवरी 2026 को ग्राम धानोदा खुर्द में सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में 26 जोड़ों की शादी हुई थी। जब इन जोड़ों के मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा से संपर्क किया गया, तो रजनी ने प्रति जोड़ा 500 रुपए के हिसाब से कुल 13 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। बाद में प्रति जोड़ा 400 रुपए लेने पर सहमति बनी और कुल 10,400 रुपए रिश्वत देना तय हुआ। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी रजनी मीणा को 10,400 रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच एसीबी कोटा के डीएसपी अनीस अहमद ने की। जांच में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके बाद एसीबी ने कोर्ट में चालान पेश किया। आरोपी रजनी मीणा 15 अप्रैल से ही न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में है।
पठानकोट में बैराज औसती संघर्ष समिति के सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। समिति ने रणजीत सागर डैम (RSD) के चीफ इंजीनियर की गाड़ी का घेराव किया और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। समिति के प्रतिनिधियों ने चीफ इंजीनियर को बताया कि बैराज परियोजना के लिए जिन लोगों की जमीनें अधिग्रहित की गई थीं, उनके परिवारों को रोजगार देने का वादा किया गया था। हालांकि, अनेक प्रभावित परिवारों को अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है। प्रभावित परिवारों को रोजगार दिलाने की मांग समिति ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द रोजगार उपलब्ध कराया जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ और रोजगार नहीं मिला, तो वे अपना संघर्ष तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार रोजगार देने में असमर्थ है, तो उनकी अधिग्रहित जमीनों को बिना पानी के खाली कर वापस किया जाए। प्रदर्शन में संघर्ष समिति के कई सदस्य हुए शामिल चीफ इंजीनियर ने समिति के प्रतिनिधियों की बात सुनी और उनकी मांगों को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने उचित समाधान का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के कई सदस्य और प्रभावित परिवार उपस्थित रहे।

