आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामूहिक नकल मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मथुरा के आरएसएस पीजी कॉलेज और एसबीएस कॉलेज का परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया है। इनमें परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं के लिए नए केंद्र बना दिए गए हैं। पांच परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक की निगरानी में परीक्षाएं कराई जाएंगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक स्तर की बीए, बीएससी, बीकॉम के द्वितीय, चतुर्थ और छठे सम सेमेस्टर और परास्नातक (एमए, एमकॉम, एमएससी) के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। 28 अप्रैल को (परीक्षा केंद्र संख्या 0207) आरएसएस पीजी कॉलेज बल्देव मथुरा और (0744) एसबीएस कॉलेज फालोन, छाता मथुरा में सामूहिक नकल पकड़ी थी। एसबीएस कॉलेज में सुबह 8 से 10 बजे की पाली में राजनीति विज्ञान की परीक्षा में बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। इसके सीसीटीवी कैमरे भी विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम से लिंक नहीं थे। सचल दल ने ओएमआर शीट भी जब्त की थी। आरएसएस पीजी कॉलेज की तीसरी पाली में परीक्षा छूटने से 10 मिनट पहले बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। परीक्षार्थियों के ओएमआर शीट में मिलान होने पर सचल दल ने सामूहिक नकल की रिपोर्ट दी। कॉलेज संचालकों को नोटिस भी दिए थे। इन दोनों कॉलेजाें के परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया है। इसमें परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए नए केंद्र बना दिए हैं। इनके प्रवेश पत्र भी नए सिरे से बनाकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि सचल दल के निरीक्षण में पांच परीक्षा केंद्रों में अव्यवस्था और संदिग्ध स्थिति पाई गई। नकल सामग्री के ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर सचल दल की रिपोर्ट के आधार पर इनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। ऐसे में मोतीलाल रामनाथ महाविद्यालय भदरौली, बाह, सिद्धांत राज महाविद्यालय बाह, आईआईएमटी अछनेरा, ताराचंद शास्त्री महाविद्यालय और रामस्वरूप गोविंदी देवी महाविद्यालय में आगे की परीक्षाएं पर्यवेक्षक की निगरानी में होंगी। इनके पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। काॅलेज का नाम1.आरएसएस पीजी कॉलेज 2. एसबीएस कॉलेज नोडल केंद्र 1. बीएसए कॉलेज,मथुरा2. श्री ब्रिज बिहारी डिग्री कॉलेज कोसीकलां नया परीक्षा केंद्र1 श्री फतेह सिंह डिग्री कॉलेज नगला राय सिंह पंचवार(0869)2. श्री ब्रिज बिहारी डिग्री कॉलेज कोसीकलां (0022)
आगरा में एक शिक्षिका साइबर ठगी का शिकार हो गई। साइबर ठग ने महिला को 9 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर के रखा। बोला-मैं प्रवर्तन निदेशालय से बोल रहा हूं। तुम्हारा नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। तुम्हें गिरफ्तार किया जाएगा। जिंदगी भर जेल में सड़ोगी। यह धमकी साइबर अपराधियों ने दयालबाग निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका को दी। उन्हें 9 दिन तक 4 से 5 घंटे के लिए डिजिटल अरेस्ट कर जेल भेजने का डर दिखाया। अपने खाते में 32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। एमरल्ड रेजिडेंसी, दयालबाग निवासी 65 वर्षीय लता शर्मा रिटायर्ड शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ईडी का अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका मोबाइल और खाते का इस्तेमाल होने की बात कही। वह डर गईं तो आरोपी और डराने लगे। वीडियो कॉल कर बात करने लगे। गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने और लंबी जेल काटने की बात कहकर ब्लैकमेल करने लगे। आरोपी 9 दिन तक रोजाना 4 से 5 घंटे तक घर से बाहर नहीं निकलने के लिए मजबूर करते थे। थोड़ी-थोड़ी देर में वीडियो कॉल कर जानकारी लेते थे। नजर रखी जाने की बोलकर धमकाते थे। आरोपी उनके खाने तक की जानकारी लेते थे। किसी को फोन करने पर आतंकियों से पूरे परिवार की हत्या करने का डर दिखाने लगते थे। उन्होंने उनके बैंक खाते समेत पूरे परिवार और आसपास रहने वालों तक की जानकारी ले ली थी। उनसे पूछे बिना कोई काम करने पर गिरफ्तारी की धमकी देते थे। 27 मार्च को आरोपियों ने एक बैंक खाते का नंबर दिया। जांच के नाम पर खाते से रकम भेजने को कहा। दो बार में 32 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए। इस पर भी नहीं माने। आरोपी बाद में भी लगातार वॉट्सऐप पर वीडियो और ऑडियो कॉल कर परेशान करते रहे। लगातार रकम की मांग किए जाने से वह परेशान हो गईं। थाना साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने वापस कराए 10.52 लाखडीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि महिला ने पुलिस को शिकायत की थी। जांच कर आरोपियों के खाते में जमा 10.52 लाख रुपये खाते में वापस करा दिए गए हैं। 4 लाख रुपये अभी भी फ्रीज़ हैं। शेष रकम आगे कई अन्य खातों में ट्रांसफर हुई है। मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। अवसाद में आई पीड़िताडिजिटल अरेस्ट का शिकार हुई शिक्षिका लता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें इतना डराया कि उन्हें लगने लगा कि किसी ने उनके मोबाइल और खाते का गलत इस्तेमाल कर लिया है। इससे वो इतना डर गई कि उनसे भोजन तक नहीं किया जाता था। रात में नींद नहीं आती थी। कोई कॉल आने पर धड़कनें बढ़ जाती थीं। रास्ते पर चलते समय या घर की छत पर खड़े होने पर लगता था कि हर ओर से उनके ऊपर नजर रखी जा रही है। वह मानसिक तनाव में आ गई थीं। लगता था कि अब इस मामले से वह बाहर नहीं निकल पाएंगी। कोई सरकारी सुरक्षा एजेंसी नहीं कर सकती डिजिटल अरेस्टडीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। कभी जांच के नाम पर अपने खातों में रुपये भी नहीं ट्रांसफर करवाए जा सकते हैं। किसी भी अनजान कॉल खासकर खुद को पुलिस, सीबीआई या आरबीआई जैसी सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताने वालों पर तुरंत भरोसा न करें। डिजिटल अरेस्ट जैसी बात कानून में नहीं होती है। ऐसे दावे सीधे ठगी का संकेत हैं।
रावतपुर में बुधवार शाम बर्रा के हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर आश्रम में पर पथराव कर दिया। जान बचाकर भागे महंत को जमकर मारापीटा और जान से मारने की धमकी दी। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे ईशू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अजय ठाकुर व उसके अन्य साथी भाग निकले। अजय ठाकुर क्षेत्र में रहने वाली अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड से मिलने आया था। पीड़ित महंत की तहरीर पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और उसकी गर्लफ्रेंड व उसकी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से भाजपा का झंडा लगी THAR, बुलेट समेत चार वाहन बरामद किए है। हिस्ट्रीशीटर हत्या का प्रयास, रेप, लूट, पाक्सो और गुंडा एक्ट समेत करीब 32 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ दिन पहले एक पॉडकास्ट का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें उससे पूछा गया था कि गर्लफ्रेंड के जन्मदिन के मौके पर वह काले रंग की 12 स्कार्पियों के साथ काफिला लेकर निकला था ? जिसके जवाब में उसने कहा था कि गर्लफ्रेंड का जन्मदिन था, वरना गाड़ियां गिन नहीं पाता शासन-प्रशासन। । आश्रम के पास रहने वाली किशोरी से है अफेयर रावतपुर के केशवपुरम राणा प्रताप नगर स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने बताया कि वह करीब चार दशक से आश्रम में रह रहे हैं। आरोप है कि बर्रा निवासी हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर का आश्रम के पास रहने वाली इंटर में पढ़ने वाली एक युवती से प्रेम संबंध है, जिसके चलते वह अक्सर उससे मिलने आता है। इसे लेकर उन्होंने कई बार आपत्ति जताई थी। बुधवार देर शाम इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि महंत के विरोध करने पर अजय ठाकुर ने साथी ईशू व अन्य लोगों के साथ आश्रम में घुसकर उनसे मारपीट करते हुए पथराव कर दिया लगा। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी ईशू को गिरफ्तार कर लिया। महंत ने बताया कि घटना के बाद जब वह तहरीर देने थाने जा रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने रोककर जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद वह थाने पहुंचे और तहरीर दी। मेडिकल के लिए जाने पर पुलिस के सामने किया हमला पुलिस उन्हें मेडिकल के लिए सीएचसी ले जा रही थी तभी रामलला स्कूल के पास आरोपियों ने एक बार फिर हमला कर दिया और मारपीट करने लगे। फोर्स आता देखकर आरोपी अपनी गाड़ियां छोड़कर भाग निकले। वहीं हिस्ट्रीशीटर की गर्लफ्रेंड का कहना है कि वह अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा रही थी, जिसका महंत ने विरोध किया तो उसने अजय ठाकुर को जानकारी दी थी। हत्या के प्रयास में हुई FIR अजय ठाकुर से उसका इंस्टाग्राम के जरिए से बातचीत के बाद अफेयर शुरु हुआ था। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि महंत की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर, ईशू यादव, नाबालिग गर्लफ्रेंड व उसकी मां समेत 7 के खिलाफ हत्या का प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ फेंकने वाली मोहनपुरी की महिलाओं ने बुधवार को फिर मोहनपुरी बिजली घर पर हंगामा किया। वह धरना देकर बैठ गई और कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं मिलता धरना जारी रहेगा। इस दौरान पार्षद उत्तम सैनी भी उनके साथ मौजूद रहे। पहले एक नजर पूरे मामले पर पिछले पंद्रह दिन से मोहनपुरी की महिलाएं स्मार्ट मीटर के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही हैं। ऊर्जा भवन तक आवाज बुलंद की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि आंदोलन को उग्र रूप देना पड़ा। महिलाओं ने अपने घरों के मीटर खुद उखाड़े और बिजली घर पर लाकर पटक दिए। विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर उग्र प्रदर्शन से विभाग में खलबली मच गई। कर्मचारियों ने मीटर उठाकर अपने पास रख लिए। शाम को ही महिलाओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई, जिस पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। इस मुकदमे में दो अज्ञात युवकों के अलावा 15-20 महिलाओं का जिक्र है। बुधवार को फिर शुरु किया धरना एफआईआर दर्ज होने के बाद भी यह महिलाएं डरती नहीं दिख रहीं। बुधवार को वह फिर एक बार सड़क पर उतर आई और सीधे मोहनपुरी बिजली घर पहुंच गई। वहां जाकर उन्होंने नारेबाजी शुरु कर दी और धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने कहा कि वह किसी मुकदमे से डरने वाली नहीं हैं। धोखा देकर लगाए स्मार्ट मीटर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके घरों पर धोखे से स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। यह कर्मचारी जान बूझकर गरीब मोहल्लों में जाकर लोगों से झूठ बोल रहे हैं और लोगों को मीटर लगवाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। अब उनकी मांग है कि इन कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो। पार्षद ने कहा- जनता सबसे पहले भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने कहा कि कोई इन परिवारों का दर्द समझने वाला नहीं है। यह पिछले पंद्रह दिन से भटक रही हैं लेकिन कोई अफसर सुनवाई करने वाला नहीं दिखा। खामिया तक अफसरों को दिखाई गई लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर महिलाओं ने खुद मीटर उखाड़ फेंके। अब मुकदमा कराकर डराने का प्रयास हो रहा है।
छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ में एक शादी समारोह के दौरान दुल्हन ने भरे मंडप में दूल्हे की जगह अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। घटना 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मंगलवार को इस मामले की शिकायत उमरेठ थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद बुधवार को मामला सुर्खियों में आया। जानकारी के मुताबिक, परासिया से बारात उमरेठ थाना क्षेत्र के मुजावर गांव पहुंची थी। शादी की सभी रस्में धूमधाम से चल रही थीं। बारात का स्वागत हुआ, आतिशबाजी हुई और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी शुरू हो गई थी। इसी बीच वरमाला की रस्म के लिए मंच तैयार किया गया और दूल्हा मंच पर पहुंच गया। जैसे ही दुल्हन को मंच पर लाया गया, उसने अचानक पंडाल में मौजूद एक युवक के गले में वरमाला डाल दी और उससे लिपट गई। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुईघटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुल्हन के परिजनों ने युवक की पिटाई कर दी और उसे पंडाल से बाहर भगा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद और मारपीट की स्थिति बन गई। दूल्हे ने किया शादी से इनकारइस घटनाक्रम के बाद दूल्हे ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। बारात बिना विवाह के ही वापस लौट गई। दूल्हा पक्ष ने उमरेठ थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि युवती और युवक के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। परिवार के दबाव में युवती शादी के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन शादी के दिन उसने यह कदम उठा लिया। लेन-देन की वस्तुएं लौटाईंघटना के बाद दूल्हा पक्ष द्वारा दिए गए गहने, अंगूठी और मोबाइल भी वापस ले लिए गए। इस पूरे मामले में दूल्हा पक्ष ने आर्थिक नुकसान और सामाजिक मान-सम्मान को ठेस पहुंचने की बात कही है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
लखनऊ नगर निगम अब अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सरकारी जमीनों को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी सख्त कदम उठा रहा है। बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस दिन किसी जमीन से कब्जा हटाया जाए, उसी दिन वहां फेंसिंग का कार्य भी शुरू कराया जाए।पिछले निर्देशों की हुई समीक्षाबैठक में पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों पर कराई गई बाउंड्री वॉल और तारबाड़ की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि केवल कब्जा हटाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीन को दोबारा अतिक्रमण से बचाना भी जरूरी है।68 गाटा पर तारबाड़, 70 गाटा पर बायोफेंसिंगसंपत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि अब तक 68 गाटा भूमि पर तारबाड़ का कार्य कराया जा रहा है, जबकि 70 गाटा भूमि को बायोफेंसिंग के लिए उद्यान विभाग को सौंपा गया है। विभाग तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने में जुटा है।फेंसिंग के लिए पहले से रहेगा स्टॉक तैयारनगर आयुक्त गौरव कुमार ने चीफ इंजीनियर महेश वर्मा को निर्देश दिए कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट के माध्यम से पिलर और बाउंड्री वॉल का पर्याप्त स्टॉक पहले से तैयार रखा जाए, ताकि अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद सुरक्षा कार्य शुरू हो सके।‘उत्सव वाटिका’ के रूप में होंगी विकसित जमीनेंमहापौर सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों को “उत्सव वाटिका” के रूप में विकसित किया जाए। इसके तहत संबंधित भूमि पर कमरा निर्माण और गेट लगाए जाएंगे, जिससे दोबारा कब्जे की संभावना खत्म हो सके।15 मई तक पूरा होगा अभियानमहापौर ने 15 मई तक सभी अतिक्रमण मुक्त जमीनों पर फेंसिंग और बायोफेंसिंग का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर आयुक्त ने 10 दिन बाद दोबारा समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अभिषेक कुमार सिंह एसडीएम सदर प्रयागराज को अवमानना नोटिस जारी किया है।इनपर आदेश का पालन करने का दुबारा मौका दिए जाने के बाद भी अवहेलना करने का आरोप है। कोर्ट ने इन्हें प्रथमदृष्टया अवमानना का दोषी माना। इससे पहले कोर्ट ने अवमानना याचिका पर तीन माह में आदेश का पालन करने का आदेश दिया था। पालन न करने पर दुबारा यह अवमानना याचिका दायर की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने बासदेव की अवमानना याचिका पर दिया है। जमीन से जुड़ा है पूरा मामला मौजा चंद्र भान पुर में याची ने जमीन का बैनामा लिया था। उसमें से कुछ हिस्सा एयरपोर्ट अथारिटी को बेच दिया। 2025मे जमीन का कुछ हिस्सा एयरपोर्ट की सड़क चौड़ीकरण के लिए लिया गया।शेष बची जमीन पर याची ने चहारदीवारी बनाकर अपने कब्जे में रखा था।जनवरी 25मे मोहम्मद आसिफ ने जमीन की बाउंड्री तोड़ कर गेट लगा लिया। तहसील कर्मियों की मिलीभगत इसमें तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत है। अपने नाम एक फर्जी बैनामा करा लिया। जिसकी शिकायत मंडलायुक्त व जिलाधिकारी प्रयागराज से की गई। जिलाधिकारी ने एस डी एम सदर को जांच कार्रवाई करने का आदेश दिया।और सात दिन में रिपोर्ट मांगी। कोई कार्यवाही न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी व आयुक्त के आदेशानुसार एस डी एम को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।जिसका पालन न करने पर दाखिल अवमानना याचिका पर कोर्ट ने आदेश पालन के लिए अतिरिक्त तीन माह का समय दिया,फिर भी अवहेलना करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई एक महीने बाद पुनः होगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में डीन के रीडर के साथ मारपीट करने से चर्चाओं में आए फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कदम उनके विरुद्ध मिली शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राकेश गोरखे के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। विस्तृत जांच के बाद समिति ने उन्हें आरोपों में दोषी पाया। इसके आधार पर प्रबंधन ने सख्त निर्णय लेते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। मारपीट का मामला बना मुख्य कारण जानकारी के अनुसार, गोरखे ने पिछले साल कॉलेज परिसर में डीन के रीडर भावेश के साथ मारपीट की थी। इस घटना के बाद मामला गंभीर हो गया और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। इस घटना को बर्खास्तगी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस घटना का हाल ही में वीडियो भी वायरल हुआ था। मारपीट की घटना के बाद किया गया था सस्पेंड मारपीट की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोरखे को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही उन्हें शासकीय मनोरोग अस्पताल बाणगंगा में अटैच किया गया था। गोरखे के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की।
डिजिटल दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी ढेरों जानकारी उपलब्ध है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में कंटेंट भ्रामक या अधूरा होता है। कई मरीज ऑपरेशन या इलाज के बाद इन्हीं गलत टिप्स के आधार पर एक्सरसाइज और उपचार शुरू कर देते हैं, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का फोकस अब मरीजों को गलत इलाज से बचाने पर फोकस कर रहे हैं। इसी दिशा में राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने आर्थो रिहैब एप तैयार किया है। ऑर्थोपेडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष गोहिया ने कहा कि इस एप का उद्देश्य ऑपरेशन के बाद मरीजों को सामान्य और सही जानकारी देना है, ताकि वे घर पर भी एक्सरसाइज और चिकित्सीय सलाहों का सही तरीके से पालन कर सकें। सोशल मीडिया के भरोसे इलाज बन रहा खतरा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी हर किसी के लिए एक जैसी होती है, जबकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है। ऐसे में एक ही तरह की एक्सरसाइज सभी पर लागू नहीं होती। कई मामलों में देखा गया है कि मरीज गलत तरीके से एक्सरसाइज करने के कारण और ज्यादा चोटिल हो गए या उनकी रिकवरी में देरी हुई। यही वजह है कि विशेषज्ञ लंबे समय से प्रमाणिक और पर्सनलाइज्ड गाइडेंस की जरूरत महसूस कर रहे थे। डॉक्टरों ने तैयार किया वैज्ञानिक समाधान इस जरूरत को समझते हुए गांधी मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. सुदीप त्रिपाठी ने ‘आर्थो रिहैब एप’ विकसित किया है। यह एप खासतौर पर उन मरीजों के लिए तैयार किया गया है, जिनका हड्डी से जुड़ा ऑपरेशन हुआ है। इसमें 200 से अधिक सर्जरी से संबंधित जानकारी, एक्सरसाइज और देखभाल के तरीके वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट फॉर्मेट में शामिल किए गए हैं। मरीजों को मिलेंगे यह फायदे - बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी। - रिकवरी प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। - वीडियो में जानकारी होने से कम पढ़े-लिखे मरीज भी आसानी से समझ सकेंगे। - डॉक्टर और मरीज के बीच बेहतर समन्वय बनेगा। हर मरीज को मिलेगी जरूरत के अनुसार जानकारी इस एप की सबसे खास बात यह है कि इसमें मरीज खुद से लॉगिन नहीं कर सकता। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ही मरीज का रजिस्ट्रेशन करते हैं और उसकी सर्जरी के अनुसार जरूरी जानकारी अपलोड करते हैं। इससे मरीज को केवल वही जानकारी मिलती है, जो उसके लिए जरूरी और सुरक्षित है। इससे भ्रम की स्थिति खत्म होती है और इलाज अधिक प्रभावी बनता है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीजों को लंबे समय तक एक्सरसाइज करनी होती है। अस्पताल में दी गई सलाह मरीज घर जाकर भूल जाते हैं और कई बार गलत तरीके अपनाते हैं। इस एप के जरिए उन्हें हर समय सही मार्गदर्शन मिलता रहेगा, जिससे गलत एक्सरसाइज से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।
शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव कार्यक्रम के तहत बुधवार को नामांकन जमा करने का अंतिम दिन था, जिसमें कुल 11 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। कॉलेज से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार, इस बार चुनाव दो विशेष श्रेणियों में कराए जा रहे हैं। इनमें 'फाउंडर डोनर' यानी पुराने दानदाता राजघराना श्रेणी से 4 उम्मीदवारों और 'न्यू डोनर' श्रेणी से 7 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 3 मई को उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसी दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव मैदान में कितने प्रत्याशी शेष रहेंगे। फाउंडर डोनर श्रेणी में दो पदों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष विक्रमसिंह पंवार, सदस्य प्रियव्रत सिंह खिलचीपुर, ठाकुर नरेन्द्रसिंह बिडवाल और ठाकुर अनिरुद्ध सिंह दोत्ररिया शामिल हैं। न्यू डोनर श्रेणी में सात दावेदार न्यू डोनर श्रेणी के एक पद के लिए सात उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। इनमें राजेश अग्रवाल, संदीप पारिख, जयेश पटेल, नीरज देसाई, हरपालसिंह भाटिया, गुरमीतसिंह भाटिया और मानवीरसिंह बायस शामिल हैं। 21 मई को मतदान, उसी दिन परिणाम 4 मई से डाक मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्य मतदान 21 मई को कराया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया पर विवाद भी गहराया बोर्ड गठन की प्रक्रिया विवादों से भी घिरी हुई है। कॉलेज के संविधान में किए गए संशोधनों और चुनाव में देरी को लेकर सदस्यों के बीच असंतोष देखा जा रहा है। विशेष रूप से 'ओल्ड डेलियन्स' श्रेणी को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने का विरोध हो रहा है। यह मामला अब शासन और प्रशासन तक पहुंच गया है। नाराज सदस्यों ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं विवाद हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि कानूनी अड़चनों और विरोध के बीच 21 मई को होने वाले मतदान में मतदाता किन चेहरों पर भरोसा जताते हैं।
ICSEI बोर्ड के10वीं-12वीं का रिजल्ट आज:11 बजे जारी होगा परिणाम, results.cisce.org पर देखें स्कोर
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं (ICSE) और कक्षा 12वीं (ISC) की मुख्य परीक्षाओं के परिणाम आज यानी 30 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे घोषित किए जाएंगे। काउंसिल के सचिव डॉ. जोसेफ इमैनुएल ने आज आधिकारिक पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की है। 10वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च तक और 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक आयोजित की गई। प्रयागराज जिले में ICSE और ISC बोर्ड (CISCE) से संबद्ध लगभग 22 से 25 मुख्य स्कूल सक्रिय हैं। जिनमें बॉयज हाई स्कूल एंड कॉलेज (BHS), सेंट जोसेफ कॉलेज (SJC), सेंट मैरीज कॉन्वेंट (SMC),गर्ल्स हाई स्कूल (GHS),बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज, बेथानी कॉन्वेंट स्कूल (नैनी), आई.पी.ई.एम. इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। वेबसाइट पर ऐसे देखें परिणाम छात्र और अभिभावक काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट cisce.org या results.cisce.org पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। परिणाम देखने के लिए वेबसाइट पर 'Course' ड्रॉपडाउन से ICSE या ISC चुनें। अपना Unique ID, Index Number और स्क्रीन पर दिया गया CAPTCHA दर्ज करें। 'View Result' पर क्लिक करते ही परिणाम सामने आ जाएगा, जिसे प्रिंट भी किया जा सकता है। स्कूलों के लिए विशेष निर्देश काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के प्रधानाचार्य 'CAREERS' पोर्टल पर लॉग-इन करके अपने स्कूल का Tabulation Register और Comparison Table देख या डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें Examination टाइल के अंदर Reports सेक्शन में जाना होगा।
वैशाली नगर में निर्माणाधीन मकानों से बिजली और एसी के महंगे कॉपर वायर काटकर चोरी करने की वारदातों का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए शातिर ‘टोपी वाले’ चोर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस थाना वैशाली नगर ने अबुबकर सिद्दीकी उर्फ इमरान उर्फ फौदा (23) पुत्र सैयद हुसैन, मूल निवासी मुजफ्फर नगर (उत्तर प्रदेश), हाल 1 पंचवटी कॉलोनी, जयपुर, खालिद खान निवासी गांव बाजपुर भागता नगला बदायूं (उत्तर प्रदेश), हाल गली नंबर तीन नारायणपुरी कॉलोनी जयपुर, रईस खान (70) पुत्र रईद खान मेहनत नगर खातीपुरा रोड जयपुर और चांद मियां (53) नारायणपुरी हसनपुरा जयपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वैशाली नगर और आसपास के क्षेत्रों में आधा दर्जन वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। जानकारी के अनुसार आरोपी दिन और रात के समय सूने व निर्माणाधीन मकानों को निशाना बनाकर बिजली के तार, एसी वायर और अन्य सामग्री चोरी कर रहा था। इन घटनाओं से क्षेत्र में लगातार दहशत का माहौल बना हुआ था और कई परिवादियों ने थाने में मामले दर्ज कराए थे। सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पकड़ पुलिस उपायुक्त प्रशान्त किरण ने बताया कि बढ़ती वारदातों को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया।टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर और संदिग्ध के हुलिए के आधार पर आरोपी की पहचान की तथा उसके मूवमेंट को ट्रैक कर दबिश देकर गिरफ्तार किया। चोरी का माल बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए जले हुए तांबे के तार और कटे हुए वायर बरामद किए हैं। 6 वारदातों का खुलासा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने क्षेत्र में करीब 6 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था, जिनका अब खुलासा हो चुका है। ऐसे करते थे रेकी और चोरी पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य कबाड़ की फेरी करते हुए इलाके में घूमता था और सूने मकानों की पहचान करता था। इसके बाद मुख्य आरोपी मौके पर पहुंचकर तार काटकर चोरी करता और माल को कबाड़ियों को बेच देता था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी पत्र वायरल करने के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पेश किया गया। मामले में परिजनों द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तीनों के बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जयपुर के डीआईजी क्राइम और भोपाल डीसीपी क्राइम से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ में हुई। राजस्थान पुलिस ने निखिल, बिलाल और इनाम नाम के तीनों कार्यकर्ताओं को अदालत के समक्ष पेश किया। गिरफ्तारी तारीख पर पुलिस की सफाई सुनवाई के दौरान राजस्थान पुलिस ने कहा कि कानूनी दस्तावेजों में गिरफ्तारी 22 अप्रैल दर्शाई गई है, क्योंकि तीनों कार्यकर्ता 20 अप्रैल को स्वयं उनके साथ भोपाल से जयपुर गए थे। जांच के बाद 22 अप्रैल को औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई गई। पुलिस ने यह भी बताया कि जयपुर कोर्ट से तीनों को जमानत मिल चुकी है और बेल बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने पुलिस का दावा नकारा जब हाईकोर्ट ने तीनों कार्यकर्ताओं से पूछताछ की तो उन्होंने राजस्थान पुलिस के दावे को गलत बताया। उनका कहना था कि वे अपनी मर्जी से नहीं गए थे, बल्कि उन्हें गिरफ्तार कर जयपुर ले जाया गया था। साथ ही, उन्हें ले जाने से पहले आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दो राज्यों के अफसरों से जवाब तलब अदालत ने जब पुलिस अधिकारियों से इस पर सवाल किया तो बताया गया कि जयपुर पुलिस के डीआईजी क्राइम ब्रांच और भोपाल पुलिस के डीसीपी क्राइम के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद यह कार्रवाई की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से शपथपत्र पर पूरे मामले की सच्चाई बताने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई में दोनों अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सीजेएम जबलपुर को बयान दर्ज करने के निर्देश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल के तीनों कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज करने के लिए जबलपुर सीजेएम को निर्देश दिए हैं, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है।
पन्ना में बारातियों से भरी बस में लगी आग:सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए, पवई से देवेंद्रनगर जा रही थी
जिल में पवई से देवेंद्रनगर जा रही बारातियों से भरी एक बस में शंकरगढ़ के पास अचानक आग लग गई। चलती बस में आग भभकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया, लेकिन बस ड्राइवर और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी टल गई और सभी बाराती सुरक्षित बच गए। बताया जा रहा है कि जब बारात वाली बस शंकरगढ़ के पास पहुंची, तो अचानक उसके इंजन से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की खबर लगते ही ड्राइवर ने तुरंत बस रोकी और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बारातियों को फटाफट नीचे उतारा गया। जलकर खाक हुई बस आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर कंकाल बन गई। गनीमत रही कि आग पूरी तरह फैलने से पहले ही सभी यात्री समय रहते बाहर निकल आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही गुनौर थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर स्थिति को संभाला और यात्रियों को सुरक्षित जगह पहुंचाया। शॉर्ट सर्किट हो सकती है वजह शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना में जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन बस पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
झारखंड: कोल्हान के जंगल में मुठभेड़, एक लाख का इनामी माओवादी ढेर
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित माओवादी संगठन के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है
घाटमपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास बुधवार को एक प्राइवेट स्कूल के शिक्षक ने बंद पड़े विद्यालय परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। शिक्षक की पहचान घाटमपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर राहा निवासी अनमोल सिंह उर्फ हिमांशु (21) के रूप में हुई है। वह घाटमपुर क्षेत्र के एक प्राइवे स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले स्कूल में पढ़ाने के दौरान एक बच्चे को अनुशासनहीनता पर शिक्षक ने हल्की डांट लगा दी थी। इस दौरान कथित रूप से छड़ी लगने से बच्चा भागते समय गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आ गई। परिजनों का आरोप है कि इसी घटना के बाद बच्चे के परिवार वालों ने शिक्षक को गंभीर परिणाम भुगतने और जेल भिजवाने की धमकी दी थी। इस बात से युवक मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। बताया जा रहा है कि लगातार मिल रही धमकियों और तनाव के चलते वह अवसाद में आ गया था। बुधवार को अनमोल सिंह शीतलपुर स्थित एक बंद पड़े स्कूल में पहुंचा, जहां उसने साइकिल पर चढ़कर कुंडे से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी बोले- घाटमपुर थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव और धमकियों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों की ओर से तहरीर प्राप्त होती है तो मामले में आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष सिंह और उनकी पत्नी इलाक्षी शुक्ला पर FIR दर्ज की गई है। यह एफआईआर डॉ. मनीष कुमार केसरी ने दर्ज कराई है जो डॉक्टर की पत्नी के बिजनेस पार्टनर हैं। आरोप है कि पति-पत्नी ने अनर्गल दबाव बनाया और न मानने पर यौन शोषण के झूठे केस में फंसाने को धमकाया। अस्पताल में घुसकर गालीगलौज की। उधर डॉ. संतोष ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि पत्नी से अभद्रता के विरोध पर उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। क्या लिखा तहरीर मेंसिविल लाइंस के रहने वाले डॉ. मनीष ने पुलिस को बताया, मैं सिविल लाइंस के एक्युरा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के तीन निदेशकों में से एक हूं। दो अन्य निदेशकों में से एक इलाक्षी शुक्ला के पति डॉ. संतोष सिंह स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के सर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इलाक्षी ने पूर्व में अनेकों बार दबाव बनाया कि मैं डॉ. संतोष को अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने दूं। सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट अस्पताल में सेवाएं देने पर रोक का हवाला देकर मना करने पर डॉ. संतोष व उनकी पत्नी इलाक्षी से मेरा मनमुटाव हुआ। रिश्तेदार को रखने का बनाया दबावमनीष ने आरोप लगाया, उनके अस्पताल में डॉ. संतोष की एक रिश्तेदार स्टाफ नर्स थी, आईसीयू में आपत्तिजनक कृत्य पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। डॉ. व उनकी पत्नी लगातार उसे वापस काम पर रखने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर यौन शोषण की झूठी रिपोर्ट लिखवाने की धमकी दी। 27 अप्रैल को अस्पताल में अनाधिकृत रूप से मरीज देखते मिलने पर आपत्ति करने पर डॉ. संतोष ने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। अस्पताल के रिसेप्शनिस्ट विक्रम से अस्पताल में प्राप्त हुई समस्त नकदी भी ले गए। 28 अप्रैल को सुबह करीब 11:30 बजे इलाक्षी शुक्ला 10-12 असामजिक तत्वों के साथ आईं। उनके साथ आए लोग बम, असलहों से लैस थे जिन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। डॉ. मनीष ने यह भी कहा कि घटना का फुटेज उनके पास मौजूद है और उनकी जान को खतरा है। झूठे केस में फंसाने का भी डर है। सिविल लाइंस एसीपी विद्युत गोयल ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। आरोपों के संबंध में जांच कराई जा रही है। डॉ. संतोष बोले- अस्पताल से कोई संबंध नहींइस मामले में डॉ. संतोष का कहना है कि उनका अस्पताल से कोई संबंध नहीं है और जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह गलत हैं। उन्होंने बताया, मेरी पत्नी इस अस्पताल की निदेशक तब से हैं जब मैं एसआरएन अस्पताल में संविदा पर तैनात था। 21 अप्रैल से मेरी सगी बहन अस्पताल में भर्ती हैं। बहन को देखने के लिए मैं पत्नी के साथ अस्पताल गया था। इसी दौरान डॉ. मनीष, जो अस्पताल के निदेशक पद से चार अप्रैल को ही हटाए जा चुके हैं, ने मेरी पत्नी से अभद्रता की। विरोध पर मुझसे गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मैंने इस मामले की लिखित शिकायत गृह सचिव को भेजी जिसमें अपनी जान को खतरा बताया। इस पर एलआईयू के एक इंस्पेक्टर ने मेरा बयान भी दर्ज किया।
लखनऊ में राजा महेंद्र प्रताप की पुस्तक का विमोचन:स्वतंत्रता सेनानी की अनदेखी विरासत पर हुईं चर्चा
लखनऊ में महान स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप की पुण्यतिथि पर उनकी विरासत पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया। गोमती नगर स्थित शीरोज़ हैंगआउट में आयोजित इस गरिमामय समारोह में इतिहास, शिक्षा और समाज से जुड़े कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। डॉ. तूलिका रानी और प्रो. मधु राजपूत द्वारा सह-लिखित पुस्तक 'राजा महेंद्र प्रताप: एन अनडिस्कवर्ड लेगेसी' का अनावरण मुख्य अतिथि मेजर जनरल हेमंत कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर शालिनी सिंह, कुमकुम सिंह, प्रो. रंजना मिश्रा, कर्नल संजय त्रिपाठी, शिवम शुक्ल और दुर्गेश त्रिपाठी सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। नई दिल्ली से प्राप्त ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित समारोह में बड़ी संख्या में शोधार्थी और शिक्षाविद शामिल हुए। डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. बी.एन. गुप्ता और डॉ. शीतल कुमारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया।यह पुस्तक राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली से प्राप्त ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित है। इसमें राजा महेंद्र प्रताप के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ पत्राचार, उनके लेख, पत्रिकाएं और उस दौर की खबरें विस्तार से शामिल की गई हैं। विश्व शांति जैसे योगदान को विस्तार से बताया गया पुस्तक में राजा महेंद्र प्रताप के शिक्षा, स्वतंत्रता संग्राम, समाज सेवा और विश्व शांति जैसे क्षेत्रों में दिए गए योगदान को विस्तार से बताया गया है। इसमें ‘वर्ल्ड फेडरेशन’ की उनकी सोच को आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक बताया गया है। यह किताब उन अनसुने नायकों को सामने लाने का प्रयास करती है, जिनके साथ इतिहास ने पूरा न्याय नहीं किया। आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा मुख्य अतिथि मेजर जनरल हेमंत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए नई दिशा तय करेगी। डॉ. कुमकुम सिंह ने लेखकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. तूलिका रानी के कविता संग्रह 'ए स्ट्रे क्लाउड' का भी विमोचन किया गया, जिसने साहित्य और इतिहास के इस संगम को और खास बना दिया।
ट्रक की चपेट में आने से महिला की मौत:आंधी में बाइक से गिरी, पति-बच्चा सुरक्षित; चालक फरार
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक महिला की जान चली गई। तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के बीच यह घटना हुई, जिसमें महिला के पति और मासूम बच्चा सुरक्षित बच गए। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। हिंदूवारी चौकी क्षेत्र के भाटोलिया गांव की 28 वर्षीय नीतू यादव अपने पति रोहित और छोटे बच्चे के साथ बाइक से राबर्ट्सगंज से कठपुरवा की ओर जा रही थीं। देवरा राजा पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही अचानक तेज आंधी के साथ धूल का गुबार उठने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उड़ती धूल सीधे महिला की आंखों में चली गई, जिससे वह असंतुलित होकर चलती बाइक से नीचे गिर पड़ीं। बताया जा रहा है कि बाइक चला रहे पति और साथ बैठे बच्चे को महिला के गिरने का तुरंत पता नहीं चल सका। इसी बीच पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। हिंदूवारी चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चरी भेज दिया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती करने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
हरदोई के मल्लावां क्षेत्र में हुए चर्चित शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 30 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने गढ़ी रसूलपुर गांव पहुंचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। क्या है पूरा मामला 13 अप्रैल की शाम शिल्पी कुशवाहा (26) घर से कूड़ा डालने निकली थीं। इसी दौरान गांव के ही ऋषभ द्विवेदी ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पिता राम रहीस की तहरीर पर आरोपी ऋषभ और उसके पिता प्रमोद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार किया, जबकि 19 अप्रैल को उसके पिता प्रमोद को भी पकड़कर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद 28 अप्रैल को एसपी अशोक कुमार मीणा ने मल्लावां कोतवाल शिवाकांत पांडेय को निलंबित कर दिया। हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप में 24 अप्रैल को 12 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पहले रोका गया था सपा प्रतिनिधिमंडल इससे पहले 23 अप्रैल को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था, जिसे संडीला के पास रोक दिया गया था। 22 अप्रैल की रात कई सपा कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट भी किया गया था। अखिलेश यादव 30 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे गढ़ी रसूलपुर पहुंचेंगे और करीब 45 मिनट तक पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह दोपहर 1:15 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन में बुधवार रात 10 बजे यूनियन बैंक के पास एक बस और पिकअप की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक युवक का दायां हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया। बताया जा रहा है कि महामाया ट्रैवलर्स की एक बस बेलकसरी से रीवा की तरफ बारात लेकर जा रही थी। चश्मदीद रवि केवट का आरोप है कि बस ड्राइवर नशे में था और गाड़ी को बेहद लापरवाही से चला रहा था। यूनियन बैंक के पास बस अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप से जा भिड़ी। खिड़की के पास बैठे युवक के साथ हुआ हादसा टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस की खिड़की के पास बैठे सित्तू केवट नाम के युवक का दायां हाथ कटकर गिर गया। हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया। मौके का फायदा उठाकर बस ड्राइवर गाड़ी छोड़कर अंधेरे में फरार हो गया। रीवा रेफर किया गया घायल रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बस को कब्जे में लिया। घायल सित्तू को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत ज्यादा खराब होने की वजह से उसे संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया गया है। पुलिस अब फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है।
लखनऊ में पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने पीसी की। उन्होंने कहा- हज जैसे पवित्र सफर के लिए 'डिफरेंशियल एयरफेयर' के नाम पर ₹10,000 का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। हज एक पवित्र यात्रा है। इसे सरकार मुनाफा और उगाही का जरिया न बनाए। मौजूदा सरकार हर साल यात्रा को महंगा करती जा रही है। अनीस मंसूरी ने कि 22 अप्रैल को जब उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के चेयरमैन दानिश आजाद अंसारी ने हज यात्रियों को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया था। ये पहली बार हुआ कि भगवा झंड़ी दिखाई गई, मौजूदा सरकार इसमें बैठे हुए लोग लगातार परंपराओं को बदलने और भावनाओं को आहत करने का का काम कर रहा है। अब हज यात्रियों से 10 हजार रुपए अधिक उसूला जा रहा है जिसका हम विरोध करते हैं। अनीस मंसूरी ने कहा कि हज पर जाने वाले यात्री बहुत मशक्कत से पैसे जमा करते हैं। सालों तक अपनी पाई-पाई जोड़कर इस पाक सफर की रकम जोड़ते हैं। अब 10 हजार रुपए बढ़ा देना उचित नहीं है। हज यात्रियों के लिए सरकार विशेष सुविधा दे। जो भी अनावश्यक और अत्यधिक चार्ज लिए जा रहे हैं उसकी कटौती की जाए। यह कोई व्यापार नहीं है कि जिसमें मुनाफा कमाया जाए। हद से जुड़े हुए विभाग को सेवा भाव से काम करना चाहिए। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय हज मंत्री किरण रिजिजू से हस्तक्षेप की मांग किया है।
फर्रुखाबाद को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को नई गति मिलती दिख रही है। करीब 90-92 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का जिक्र बुधवार को प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दौरान किया। विरोध के बाद बनी थी योजना दरअसल, गंगा एक्सप्रेसवे का रूट पहले शाहजहांपुर से होकर गुजर रहा था, जिससे फर्रुखाबाद जिले के लोग इससे सीधे नहीं जुड़ पा रहे थे। इसी को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ था। इसके बाद सरकार ने फर्रुखाबाद को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया। 6-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना यह लिंक एक्सप्रेसवे 6-लेन (भविष्य में विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड परियोजना होगी, जो इटावा के कुदरैल से हरदोई के सवायजपुर तक बनेगी। यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क और मजबूत होगा। यह एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद, मैनपुरी और शाहजहांपुर के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगा। इसके बन जाने से दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों तक पहुंचना आसान और तेज हो जाएगा। सर्वे पूरा, भूमि अधिग्रहण जारी परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। तहसील स्तर पर किसानों से जमीन के बैनामे भी किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के अन्य एक्सप्रेसवे के साथ बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सोनीपत की उपायुक्त (डीसी) नेहा सिंह ने जिलावासियों से 30 अप्रैल तक स्वयं जनगणना पूरी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह स्वयं जनगणना का अंतिम दिन है, और यदि नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज नहीं करते हैं, तो 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। डीसी नेहा सिंह ने बताया कि अब तक जिले में 12,829 से अधिक परिवार स्वयं जनगणना का कार्य पूरा कर चुके हैं। उन्होंने इसे जनभागीदारी और जागरूकता का प्रतीक बताया, विशेषकर युवाओं में इस अभियान के प्रति उत्साह देखा गया है। स्वयं जनगणना एक सरल प्रक्रिया है, जिसे se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर केवल 5 से 7 मिनट में पूरा किया जा सकता है। डीसी ने आमजन से आग्रह किया है कि वे 1 मई से शुरू होने वाले वास्तविक हाउस लिस्टिंग और जनगणना संचालन के दौरान अपने क्षेत्र में आने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के साथ पूर्ण सहयोग करें। उन्हें सही, सटीक और अद्यतन जानकारी प्रदान करना आवश्यक है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनगणना को एक राष्ट्रीय दायित्व बताया, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक देश के विकास, नीति-निर्धारण और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनगणना कर्मियों को आवश्यक जानकारी देने से इनकार करना या सहयोग न करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। डीसी ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय महोत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी जनगणना अवश्य करवाने का आग्रह किया। किसी भी प्रगणक, पर्यवेक्षक या नागरिक को समस्या आने पर वे अपने संबंधित पर्यवेक्षक या तहसीलदार से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जनगणना विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी नागरिक, प्रगणक या पर्यवेक्षक अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। प्रत्येक शिकायत पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
करंट की चपेट में आने से मासूम की मौत:संभल में बच्चों के साथ खेलते समय हुआ हादसा, खंभे आ रहा था करंट
संभल में बिजली के खंभे से करंट लगने से एक छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। यह घटना रजपुरा थाना क्षेत्र के मोलनपुर डांडा गांव में बुधवार को हुई, जब बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। मृतक बच्चे की पहचान कक्षा 2 के छात्र हिमांशु कुमार (06) पुत्र रमाशंकर कुमार के रूप में हुई है। सुबह करीब 10 बजे हिमांशु खेलते हुए बिजली के खंभे के पास चला गया और करंट की चपेट में आ गया। साथ खेल रहे बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण और हिमांशु के परिजन मौके पर पहुंचे। प्रधान से संपर्क कर तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। ग्रामीणों ने लकड़ी के डंडे की मदद से बच्चे को खंभे से अलग किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता रामाशंकर के अनुसार, हिमांशु उनके चार बच्चों में दूसरे नंबर पर था और गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था। मां जयमुखी बेटे की मौत से सदमे में हैं। विद्युत विभाग के अवर अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो लाइनमैन को भेजकर मामले की छानबीन कराई जाएगी। खंभे पर करंट आने के कारणों की भी जांच की जाएगी। थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि बिजली के करंट से बच्चे की मौत की कोई सूचना अभी तक थाने में नहीं दी गई है।
निवाड़ी जिला प्रशासन ने एक बुजुर्ग पिता की शिकायत पर उनके बेटे के कब्जे से दो दुकानें खाली कराईं। कलेक्टर जमुना भिड़े के आदेश पर पुलिस और राजस्व की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को उनकी संपत्ति वापस दिलाई। जेरोन खालसा के रहने वाले रामचरण सोनी और प्यारेलाल सोनी मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे मुकेश सोनी ने उनकी खुद की दो दुकानों पर अवैध कब्जा कर ताला लगा दिया है। इससे उन्हें पैसे की तंगी हो रही थी और वे काफी परेशान थे। कलेक्टर ने वीसी के जरिए दिए तुरंत आदेश कलेक्टर जमुना भिड़े ने बुजुर्गों की पीड़ा सुनकर तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए नायब तहसीलदार वंदना सिंह को निर्देश दिए कि दुकानों का ताला तोड़कर पिता को कब्जा दिलाया जाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि माता-पिता के जीवित रहते बच्चा उनकी संपत्ति पर इस तरह कब्जा नहीं कर सकता। मौके पर पहुंची टीम, दिलाया कब्जा बुधवार शाम को कलेक्टर का आदेश मिलते ही नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दुकानों के ताले खुलवाए और अवैध कब्जा हटाकर रामचरण सोनी को उनकी दुकानें सौंप दीं। इतनी जल्दी न्याय मिलने पर बुजुर्ग पिता ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि बुजुर्गों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की समस्याओं का तुरंत हल निकालना ही उनकी प्राथमिकता है।
संभल में बाल संरक्षण इकाई और पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। ग्रामीणों की सूचना पर बनियाठेर थाना क्षेत्र के मझावली गांव पहुंची टीम को परिजनों को समझाने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लगा। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और करीब 400 बारातियों के लिए खाना भी तैयार था। घटना बुधवार शाम करीब 05:30 बजे सामने आई, जब बाल संरक्षण इकाई को नाबालिग के विवाह की सूचना मिली। इसके बाद एएचटी थाना प्रभारी मेघपाल सिंह, बनियाठेर थाना एसएसआई रोशन सिंह और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर कार्रवाई की। बारात अमरोहा के सैदनगली कस्बे से आ रही थी और शाम 6 बजे तक पहुंचने वाली थी। बारात पहुंचने से पहले शादी रोकीपुलिस टीम ने बारात पहुंचने से पहले ही परिजनों को नाबालिग लड़की की शादी न करने के लिए समझाया। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है और लड़की के बालिग होने पर ही उसका विवाह किया जाना चाहिए। पुलिस टीम ने लड़की के परिजनों और गांव के अन्य लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई कि नाबालिग लड़की की शादी करने वाले दूल्हा सहित उसके परिजनों और शादी में शामिल होने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह एक दंडनीय अपराध है। 400 लोगों का खाना फेंका गयाएसएसआई रोशन सिंह ने बताया कि नाबालिग लड़की के निकाह की सूचना पर बाल संरक्षण इकाई के साथ मिलकर कार्यक्रम को रुकवा दिया गया। बारातियों के लिए तैयार किया गया 400 लोगों का खाना पुलिस द्वारा निकाह रुकवाने के बाद फेंक दिया गया। हालांकि, लड़की पक्ष के घर में मौजूद लगभग 100-125 मेहमानों ने उस खाने का सेवन किया।
कानपुर की छावनी विधानसभा क्षेत्र में बुधवार की शाम महिला आरक्षण के समर्थन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कार्यक्रम का नेतृत्व सुमन वर्मा ने किया। छावनी विधानसभा स्थित सरस्वती स्कूल मेन रोड से जगई पुरवा चौराहे तक (1 किलोमीटर) महिलाओं ने पैदल मार्च निकाला। पदयात्रा के बाद जगई पुरवा चौराहे पर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने हाथ में तख्ती लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ जानकार नारेबाजी की। इसके बाद दोनों नेताओं का पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को लेकर महिलाओं के हितों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे उनमें आक्रोश है। महिलाओं ने होश में आओ के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में कानपुर दक्षिण जिले के मंत्री एलबी सिंह पटेल, पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, मंडल अध्यक्ष शनि जायसवाल, लक्ष्मी, रूबी, माया साहू और किरण जायसवाल सहित कई महिलाएं उपस्थित थीं। आयोजकों ने बताया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए यह आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा।
घाटमपुर कस्बे में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में डंपर चालक की जान चली गई। हमीरपुर रोड स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास यह घटना उस समय हुई, जब चालक डंपर का पहिया बांध रहा था। अचानक टायर और रिम के ऊपर लगने वाली सुतिया तेज दबाव के साथ निकलकर सीधे उसके शरीर से टकराई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, सजेती थाना क्षेत्र के निबिया खेड़ा निवासी नरेंद्र (35) डंपर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बुधवार को वह डंपर के पहिए में आई खराबी को ठीक करने के बाद उसे बांधने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक सुतिया तेज आवाज के साथ निकल गई और उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल नरेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। नरेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उसकी पत्नी माया का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं उसके दो बेटियां और एक बेटा हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ही साधारण थी, ऐसे में नरेंद्र की मौत ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर यह हादसा तकनीकी लापरवाही और दबाव के कारण सुतिया निकलने से हुआ माना जा रहा है।
मथुरा में देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीओ सिटी सहायक पुलिस अधीक्षक आशना चौधरी को सूचना मिली कि शहर कोतवाली क्षेत्र के बाग बहादुर चौकी इलाके स्थित गिर्राज गेस्ट हाउस में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारा। मौके से 5 युवक और 4 युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिलीं, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए युवकों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौके से मिला आपत्तिजनक सामान पुलिस को गेस्ट हाउस के कमरों से आपत्तिजनक सामान भी मिला, जिसे जब्त कर लिया। पुलिस पकड़े गए सभी युवक और युवतियों को थाना ले आई। यहां पुलिस ने पकड़ी गई युवतियों के परिवार वालों को सूचना दे दी। पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर युवक युवती खुद को छोड़ने के लिए मिन्नत करते रहे और दोबारा ऐसा न करने की दुहाई दे रहे थे। कार्यवाही में जुटी पुलिस सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिर्राज गेस्ट हाउस में अवैध देह व्यापार को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना पर कार्यवाही की गई तो वहां काफी कुछ आपत्तिजनक मिला। फिलहाल 5 युवकों को हिरासत में ले लिया है और 4 युवतियों का रेस्क्यू किया गया है। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि पकड़े गए युवकों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
उज्जैन में चल रहे गुर्जर-बुंदेला गैंग विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चिमनगंज मंडी पुलिस ने बुंदेला गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए इन आरोपियों का जुलूस निकाला, जिसमें उन्होंने अपने फरार साथियों से सरेंडर करने की अपील की। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निखिल पवार (22), राहुल गोहर (20) (दोनों निवासी भैरव नाला वाल्मिकी कॉलोनी) और राहुल सूर्यवंशी (30) (निवासी पटेल नगर गणेश टेकरी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों बुंदेला गैंग से जुड़े हैं और हाल ही में हुई आगजनी तथा गैंगवार की घटनाओं में सक्रिय थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों का इलाके में जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपियों ने अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है का नारा लगाया। उन्होंने अपने फरार साथियों से नाम लेकर सरेंडर करने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस की सख्ती के आगे बचना मुश्किल है। जुलूस के दौरान आरोपियों ने अपने किए पर माफी मांगी और कान पकड़कर भविष्य में अपराध न करने की बात कही। पुलिस ने उन्हें घटनास्थल पर ले जाकर उठक-बैठक भी लगवाई। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अपराधियों के प्रति भय कम करना और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है। इस पूरे विवाद की शुरुआत 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र में हुई थी। उस दिन 12वीं के छात्र अतीक माहोरकर को गोली लगने का मामला सामने आया था। इसके अगले ही दिन, 11 अप्रैल को चिमनगंज मंडी क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर पेट्रोल डालकर आगजनी की घटना हुई। इस घटना में लगभग 13 बदमाश शामिल थे। इस मामले में पहले ही 13 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है, जिनमें संतोष परमार और कमल उर्फ आकाश की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बुंदेला गैंग के तीन और आरोपियों के पकड़े जाने के बाद, पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बुधवार रात परिजन साथ थाने पहुंचकर दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मामले की जांच कर रही महिला एसआई प्रीति पांडे ने बताया कि आरोपियों ने मासूम के साथ यह दरिंदगी पहली बार नहीं की है। करीब 10-12 दिन पहले भी उन्होंने बच्ची के साथ गलत काम किया था। उस वक्त बच्ची इतनी डरी हुई थी कि उसने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया और मंगलवार रात दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों की तलाश जारी हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी के मुताबिक, शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगरेप की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो नाम सामने आए हैं- दानिश कुरैशी (20 साल) वारिक (19 साल) ये दोनों आरोपी हटा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। डॉक्टरी जांच के लिए भेजा गया अस्पताल पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
मैनपुरी में आशा कार्यकत्री के घर चोरी:5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, पुलिस जांच में जुटी
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र के लुखुरपुरा गांव में एक आशा कार्यकत्री के घर में चोरी हो गई। 24 अप्रैल की रात चोरों ने ताला तोड़कर घर से जेवर और नकदी चुरा ली। घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज की है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की है। पीड़िता आशा देवी, जो एक आशा कार्यकत्री हैं, चोरी के समय अपने मायके गई हुई थीं। उनका घर खाली था और उस पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बनाया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आशा देवी के वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि कमरों और बक्सों के ताले टूटे हुए थे और घर का सारा कीमती सामान गायब था। चोरी हुए सामान में सोने की झुमकी, टोकस, सोने का हार, दो अंगूठियां, चांदी की करधनी, तीन जोड़ी पायल और 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया था। हालांकि, आशा देवी का आरोप है कि पांच दिन बीत जाने के बावजूद इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस स्थिति से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई, चोरी का खुलासा, आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय दिलाने की मांग की है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
तेज रफ्तार कार ने बाइक को 1 KM घसीटा:टक्कर के बाद बाइक रेलिंग से टकराई, 2 लोग गंभीर रूप से घायल
जयपुर में करतारपुरा नाले के पास बुधवार रात एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गति से आ रही कार बाइक को टक्कर मारने के बाद उसे करीब एक किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गई। टक्कर के कारण बाइक सवार नाले के पास लगी रेलिंग से जा टकराए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल कार (RJ 60 CF 9084) ने बाइक (RJ 14 SJ 6679) को टक्कर मारी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के धार में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सामने आई तस्वीरें घटनास्थल की भयावहता बयां कर रही हैं। मजदूरों से भरा पिकअप वाहन स्कॉर्पियो को टक्कर मारने के बाद पलट गया, जिसमें अब तक दो बच्चों समेत 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। तस्वीरों में मौके पर मची अफरा-तफरी, क्षतिग्रस्त वाहन और घायलों को अस्पताल ले जाते दृश्य साफ नजर आ रहे हैं।हादसे की 12 तस्वीरें
आगरा में जूता कारीगर की नाक काटी:धारदार हथियार से किया हमला, सिर में 12 और हाथों में 40 टांके आए
आगरा के जूता फैक्टरी में काम करने वाले युवक ने मामूली विवाद के बाद सहकर्मी को रास्ते में रोककर उस पर हमला कर दिया। धारदार हथियार से उसकी नाक काट दी। कई बार प्रहार किए, इससे सिर में 12 और हाथों में 40 टांके लगाने पड़े हैं। सिकंदरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीवनी मंडी निवासी वर्षा ने बताया कि उनके पति आकाश सिकंदरा के औद्योगिक क्षेत्र में मिलानी फुटवियर में काम करते हैं। उनका कामकाज के दौरान ही साथ काम करने वाले जूता कारीगर करन (निवासी राहुल नगर, बोदला) से विवाद हुआ। वर्षा ने बताया कि 25 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे पति फैक्टरी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सब्जी मंडी के पास करन ने उनका रास्ता रोक लिया और धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में पति की नाक कटकर चेहरे से अलग हो गई। सिर पर करीब 12 टांके लगाने पड़े और दोनों बाजुओं पर कुल 40 टांके लगे हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद राहगीरों और फैक्टरी के अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह पति को बचाया। आरोपी करन धमकी देकर भाग गया। पति को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत अभी नाजुक बनी है। पति का इलाज कराने के कारण अब तहरीर दी है। इंस्पेक्टर सिकंदरा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक संपन्न:डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में हुई बैठक
चरणदास महंत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा की गई। बैठक में दीपक बैज, लखेश्वर बघेल, दलेश्वर साहू, दिलीप लहरिया समेत कई विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा अनिला भेड़िया, भोलाराम साहू, लालजीत सिंह राठिया, इंद्रशाह मंडावी, सावित्री मंडावी, यशोदा निलाम्बर वर्मा, संगीता सिन्हा, द्वारिकाधीश यादव, रामकुमार यादव, उत्तरी गणपत जांगड़े, शेषराज हरबंश, बालेश्वर साहू, राघवेन्द्र सिंह, चातुरी नंद, फूलसिंह राठिया, कविता प्राणलहरे, संदीप साहू, जनक ध्रुव, ओंकार साहू और हर्षिता स्वामी बघेल भी बैठक में शामिल हुए। साथ ही पीसीसी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, विधायक दल सचिव अमित पांडे और वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी की भी उपस्थिति रही। बैठक को संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 30 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को प्रस्तावित है। इस दौरान राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे “दुखी मन” से अपनी बात रख रहे हैं। उनके मुताबिक महिलाओं को 33% आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रुख के कारण पूरा नहीं हो सका। सीएम साय ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है और यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा है।
पंचकूला जिले के जीरकपुर-शिमला नेशनल हाईवे पर पिंजौर-सूरजपुर के समीप एक तेज रफ्तार कार ने ओवरटेक करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद कार और ट्रैक्टर दोनों घूम गए, जिससे ट्रॉली पलट गई। दुर्घटना में दोनों वाहनों के सवार घायल हो गए। ट्रैक्टर ड्राइवर श्यामलाल ने बताया कि वे पिंजौर से सूरजपुर की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने ओवरटेक करते हुए उनके ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। टक्कर से ट्रैक्टर पूरी तरह घूम गया और ट्रॉली पलट गई। श्यामलाल के साथ ट्रैक्टर में पप्पू और उमेश भी सवार थे। पप्पू को मामूली चोटें आईं, जबकि उमेश की बाजू में फ्रैक्चर हो गया है। हादसे में वरना कार सवार घायल जानकारी के अनुसार, वरना कार में एक पुरुष और एक महिला सवार थे, जिन्हें हादसे में चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें एक निजी वाहन से अमरावती पॉलीक्लिनिक केंद्र पहुंचाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सेक्टर 6 पंचकूला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बहाल कराया यातायात हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस की सहायता से ट्रैक्टर सवार घायलों को इलाज के लिए सेक्टर 6 अस्पताल भिजवाया और यातायात को सुचारु रूप से बहाल करवाया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 9 दिनों के भीतर इस बाघ परिवार के सभी 5 सदस्य (बाघिन और उसके 4 शावक) खत्म हो गए हैं। बाघिन और उसके इकलौते बचे शावक को बचाने के लिए मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख कर रही थी, लेकिन बुधवार सुबह पहले बाघिन ने दम तोड़ा और फिर शाम को करीब 5:30 बजे शावक की भी मौत हो गई। कैसे उजड़ा बाघिन का कुनबा? बाघिन के बच्चों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू हुआ था- 21 अप्रैल को पहले शावक की मौत। 24 अप्रैल को दूसरा शावक मृत मिला। 25 अप्रैल को तीसरे शावक ने दम तोड़ा। 29 अप्रैल को सुबह बाघिन और शाम को चौथे शावक की मौत। संक्रमण बनी मौत की वजह! कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र करीब 8 से 10 साल और शावक की उम्र 15 से 18 महीने के बीच थी। डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर लिया है, जबकि शावक का पोस्टमार्टम और दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण होना बताया जा रहा है। उठ रहे हैं गंभीर सवाल महज 9 दिनों के अंदर पूरा कुनबा खत्म हो जाने से पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतना घातक संक्रमण कैसे फैला और प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम क्यों रहा, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन और शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, आगे की जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं।
सीकर में देशी कट्टा लेकर घूम रहा था बदमाश:बिना नंबर की बाइक भी जब्त, वारदात की फिराक में था आरोपी
सीकर में जीणमाता थाना पुलिस ने कुख्यात बदमाश गैंग के मेंबर को 1 अवैध देशी कट्टे और 2 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि आरोपी दिलीप वर्मा आदतन अपराधी है और इस पर जिले के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। जीणमाता थानाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि आज गश्त के दौरान मुखबिर से बासड़ी गांव से मोहनपुरा जाने वाली ग्रेवल सड़क के पास एक जोहड़ में संदिग्ध व्यक्ति बिना नंबर की बाइक पर घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत नाकाबंदी कर मौके पर दबिश दी और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में रैवासी निवासी आरोपी दिलीप वर्मा (21) की तलाशी लेने पर 1 अवैध देशी कट्टा और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने अवैध हथियार, कारतूस और बिना नंबर की हीरो एक्सट्रीम बाइक को जब्त कर लिया है। डीएसपी कैलाश कंवर ने बताया कि आरोपी दिलीप वर्मा इलाके का शातिर अपराधी है। वह एक बदमाश गैंग का मेंबर है और उसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में हत्या के प्रयास (307) और आर्म्स एक्ट के 6 गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाधिकारी राकेश कुमार, ASI बनवारीलाल, ASI टोडरमल, कांस्टेबल राजेश कुमार, अनिल कुमार, दीपक कुमार और मनोज कुमार शामिल थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी से अवैध हथियार से जुड़ी पूछताछ कर रही है।
दिल्ली मेयर चुनाव में भाजपा की जीत:प्रवेश वाही नए मेयर होंगे; 165 में से 156 वोट मिले; AAP का बॉयकॉट
दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर चुनाव में बीजेपी को जीत मिली है। पार्टी के मेयर उम्मीदवार प्रवेश वाही को बुधवार को हुई वोटिंग में 165 में से 156 वोट मिले। MCD में हर साल मेयर चुनाव होते हैं। इसके लिए प्रदेश के सभी पार्षद, सांसद और विधानसभा स्पीकर के चुने हुए 14 विधायक वोट डालते हैं। आम आदमी पार्टी ने चुनाव का बहिष्कार किया था और वोटिंग नहीं की थी। जीत के बाद प्रवेश वाही ने कहा- उनकी प्राथमिकता दिल्ली के लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है। शहर में कचरे के ढेर को साफ करने और दिल्ली को स्वच्छ बनाने पर काम किया जाएगा। प्रवेश 3 बार के पार्षद प्रवेश वाही रोहिणी ई वार्ड के पार्षद हैं। वह तीन बार पार्षद रह चुके हैं और खत्री पंजाबी समुदाय से आते हैं। उनका परिवार रावलपिंडी से विस्थापित होकर भारत आया था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पुरानी दिल्ली के एक नगर निगम स्कूल से प्राप्त की और वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सक्रिय सदस्य रहे हैं। प्रवेश ने 1990 में विश्व हिंदू परिषद से शुरुआत की और 2002 में भाजपा युवा मोर्चा में शामिल हुए। वे 2007 और 2012 में भी पार्षद चुने जा चुके हैं और इस दौरान उन्होंने रोहिणी जोनल कमेटी के चेयरमैन तथा उत्तरी नगर निगम की प्रभावशाली स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं। MCD में भाजपा के पास 142 वोट BJP के पास चुनाव से पहले 142 वोट थे… AAP के पास 105 वोट… ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय की उम्मीद खत्म:उनके बेटे को केंद्र से सबसे ज्यादा केस मिले, शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट नहीं जाऊंगा अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को वीडियो जारी कर कहा, ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा।' उन्होंने कहा, हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गेहूं उपार्जन की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा की कि किसान भाइयों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब स्लॉट बुकिंग और गेहूं खरीदी की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। इस फैसले से उन हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक गेहूं नहीं बेच पाए थे। हर खरीद केन्द्र पर होंगे 6 तौल कांटे मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अब हर खरीदी केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है, ताकि किसानों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आवश्यकता पड़ती है, तो जिलेवार इन कांटों की संख्या में और भी वृद्धि की जा सकती है। अब रोज 2250 क्विंटल गेहूं की होगी स्लॉट बुकिंगकिसानों से अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने केंद्रों की प्रतिदिन की क्षमता में भी बढ़ोतरी की है। अब प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों और अधिक मांग होने पर जिला प्रशासन के पास यह अधिकार होगा कि वे इस क्षमता को प्रति केंद्र 3000 क्विंटल तक बढ़ा सकें। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बोले- प्रदेश में 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं पैदा हुआ जीतू पटवारी ने गेहूं खरीदी में आ रही दिक्क्तों को लेकर कहा कि प्रदेश में इस वर्ष अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ है, लेकिन सरकार ने केवल 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ही लक्ष्य रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस धीमी गति से काम हो रहा है, उसे देखते हुए यह लक्ष्य पूरा करने में भी 140 दिन लग जाएंगे। बार-बार तारीख बढ़ाना केवल प्रशासनिक विफलता को छिपाने और किसानों को भ्रमित करने का एक तरीका है। पटवारी बोले- फर्जी किसान बनाकर करोड़ों का घोटाला किया जा रहा पटवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भिंड, मुरैना और राजगढ़ जैसे जिलों में फर्जी किसान बनाकर करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असली किसानों की जमीन पर उन लोगों के पंजीयन कर दिए गए जिनके पास खुद की भूमि तक नहीं है। सरकारी भाव और बाजार भाव के बीच के अंतर का फायदा उठाकर प्रशासनिक मिलीभगत से करोड़ों की हेराफेरी की जा रही है, जबकि असली किसान वेबसाइट और सर्वर की खराबी के कारण दर-दर भटक रहा है।
गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार
छतरपुर: जिले के चंदला थाना क्षेत्र के बलकौरा गांव में बुधवार सुबह पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार बलकौरा निवासी रामवरन उर्फ पप्पू अहिरवार शराब का आदी था और अपनी पत्नी पिंकी अहिरवार के चरित्र पर अक्सर शक करता था। इसी बात को लेकर वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पिंकी करीब तीन महीने से मायके में रह रही थी। वह चार माह की गर्भवती थी। करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी उसे वापस घर लेकर आया था। रातभर बनाता रहा योजना बताया जा रहा है कि मंगलवार रात शराब के नशे में आरोपी ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। बुधवार सुबह उसने धारदार हथियार से पिंकी का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता था, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बना। आरोपी के दो बच्चे मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गई है। इस घटना से बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। चार माह में तीसरी हत्याग्रामीणों के मुताबिक बलकौरा गांव में चार महीने के भीतर यह तीसरी हत्या है। लगातार हो रही वारदातों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
जोधपुर मंडल से संचालित तीन जोड़ी समर स्पेशल साप्ताहिक ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ा दी गई है। अब ये ट्रेनें 26 जुलाई तक कुल 27 अतिरिक्त ट्रिप पूरी करेंगी। इसके साथ ही, भावनगर-हरिद्वार रूट पर भी समर स्पेशल ट्रेन के 5 अतिरिक्त ट्रिप संचालित किए जाएंगे। गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। मंडल रेल प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) हितेश यादव ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की मांग को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो ट्रेनों की संख्या में और भी वृद्धि की जा सकती है। ये रहेगा प्रमुख शेड्यूल ◆ ट्रेन संख्या 04827-भगत की कोठी-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस भगत की कोठी से प्रत्येक शनिवार प्रातः 11.30 बजे प्रस्थान, रविवार सुबह 7.25 बजे बांद्रा टर्मिनस आगमन (11 जुलाई तक,11 ट्रिप शेष) ◆ ट्रेन संख्या 04828-बांद्रा टर्मिनस-भगत की कोठी साप्ताहिक एक्सप्रेस,बांद्रा टर्मिनस से प्रत्येक रविवार सुबह 10.30 बजे प्रस्थान,सोमवार सुबह 4.30 बजे भगत की कोठी आगमन (12 जुलाई तक, 11 ट्रिप शेष) ◆ ट्रेन संख्या 04813- भगत की कोठी-दानापुर साप्ताहिक एक्सप्रेस,भगत की कोठी से प्रत्येक बुधवार शाम 5.20 बजे प्रस्थान,गुरुवार शाम 5.45 बजे दानापुर आगमन (15 जुलाई तक,11 ट्रिप शेष) ◆ ट्रेन संख्या 04814- दानापुर-भगत की कोठी साप्ताहिक एक्सप्रेस दानापुर से प्रत्येक गुरुवार शाम 7 बजे प्रस्थान,शनिवार रात्रि 1 बजे भगत की कोठी आगमन (16 जुलाई तक,11 ट्रिप शेष) ◆ ट्रेन संख्या 09271-भावनगर-हरिद्वार साप्ताहिक एक्सप्रेस भावनगर टर्मिनस से प्रत्येक रविवार सुबह 4.25 बजे प्रस्थान,सोमवार दोपहर 3 बजे हरिद्वार आगमन (31 मई तक,5 ट्रिप शेष) ◆ ट्रेन संख्या 09272- हरिद्वार-भावनगर टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस हरिद्वार से प्रत्येक सोमवार शाम 4.25 बजे प्रस्थान,बुधवार सुबह 4.35 बजे भावनगर टर्मिनस आगमन (25 मई तक, 5 ट्रिप शेष) रेलवे के अनुसार इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में सहूलियत होगी और गर्मी के मौसम में यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी। भोपाल-जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के मई में 14 ट्रिप रद्द जयपुर मंडल के कनकपुरा रेलवे यार्ड में ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए लाइन नंबर 3 व 4 के बीच अतिरिक्त क्रॉसओवर का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य के चलते नॉन इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया गया है,जिससे भोपाल-जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस के आवागमन में कुल 14 ट्रिप रद्द किए गए हैं। दोनों दिशाओं में इस ट्रेन के 7-7 ट्रिप पूरी तरह रद्द रहेंगे। यह रहेगा असर ट्रेन संख्या 14814, भोपाल-जोधपुर प्रतिदिन एक्सप्रेस भोपाल से 2,4,5,8 व 12 से 14 मई तक (कुल 7 ट्रिप) रद्द रहेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 14813,जोधपुर-भोपाल प्रतिदिन एक्सप्रेस जोधपुर से 2 से 4,7 व 11 से 13 *मई* तक (कुल 7 ट्रिप) संचालित नहीं होगी। यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर यात्रा करें,ताकि असुविधा से बचा जा सके।
सीहोर में हार्डवेयर दुकान में आग, मालिक झुलसा:पूजा के दौरान दीपक से लगी आग, लाखों का सामान खाक
सीहोर जिले के बृजेश नगर में एक हार्डवेयर दुकान में शाम की पूजा के दौरान आग लग गई। इस हादसे में दुकान मालिक लखन मेवाड़ा गंभीर रूप से झुलस गए और दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार, बृजेश नगर निवासी लखन मेवाड़ा अपनी हार्डवेयर दुकान में शाम की आरती कर रहे थे। इसी दौरान जलते दीपक की लौ दुकान में रखे कपड़े पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी। आग बुझाने के प्रयास में लखन मेवाड़ा गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत इच्छावर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल, लखन मेवाड़ा की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। दमकल देर से पहुंची, ग्रामीणों ने बुझाई आग परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड को समय पर सूचना दी गई थी, लेकिन दमकल की गाड़ी लगभग एक घंटे तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची। दमकल के अभाव में स्थानीय ग्रामीणों ने पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।
संभल में यातायात प्रभारी दुष्यंत बालियान और हेड कॉन्स्टेबल जय भगवान के बीच अनोखा विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल जय भगवान की मंगलवार को गंगा एक्सप्रेस-वे पर ड्यूटी लगी थी। इस बीच उनका पेट खराब हो गया। फ्रेश होने के लिए पास के पेट्रोल पंप पर चले गए। लौटे तो पता चला कि यातायात प्रभारी ने उनके खिलाफ ड्यूटी पॉइंट से लापता होने की रिपोर्ट लिख दी है। हेड कॉन्स्टेबल ने कहा, वह निजी काम के लिए नहीं गए थे। पेट किसी का भी खराब हो सकता है। उन्होंने प्रभारी पर अवैध रूप से डंपर-ट्रक चलवाने के गंभीर आरोप लगाए। यातायात प्रभारी ने फोन कर कहा- अपनी आमद दर्ज कराओपीएम मोदी ने बुधवार को गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। मंगलवार को ही एक्सप्रेस-वे से जुड़े जिलों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। संभल में थाना बहजोई क्षेत्र के गांव लहरावन स्थित एक्सप्रेस-वे पर हेड कॉन्स्टेबल जय भगवान की भी ड्यूटी थी। दोपहर करीब 2 बजे अचानक उनका पेट खराब हो गया। इस पर वह पास के पेट्रोल पंप पर शौच के लिए चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर उन्हें यातायात प्रभारी दुष्यंत बालियान का फोन आया। प्रभारी ने उन्हें आमद दर्ज कराने को कहा और बताया कि गैरहाजिरी की रपट लिख दी गई है। 1 लीटर दूध पीने से बिगड़ा था पेटजय भगवान ने बताया कि यातायात प्रभारी का जब कॉल आया तो मैंने उन्हें पेट खराब होने की जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने बिना कोई सुनवाई किए कार्रवाई कर दी। हेड कॉन्स्टेबल के अनुसार, यातायात प्रभारी ने कहा कि मैंने तेरी पॉटी का ठेका नहीं ले रखा है। जय भगवान ने बताया कि यातायात प्रभारी दुष्यंत बालियान उनसे पहले से नाराज हैं। प्रभारी अवैध तरीके से डंपर-ट्रक चलवाते हैं और जब वह ऐसे वाहनों का चालान करते हैं, तो प्रताड़ित किया जाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने एक डंपर रोका था, जो प्रतिबंधित मार्ग पर जा रहा था। बाद में पता चला कि वह डंपर प्रभारी के कहने पर चल रहा था। इसी बात को लेकर प्रभारी नाराज हैं। एसपी केके बिश्नोई ने बताया- TSI दुष्यंत बालियान और हेड कॉन्स्टेबल जयभगवान को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे मामले पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें कानपुर में दो बेटियों संग मां ने खाया जहर, मौत:12 साल पहले शादी, पति से तलाक के बाद 3 साल से मायके में थी कानपुर में एक महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया है। महिला अपने दोनों बेटियों के साथ तीन साल से मायके में रह रही थी। घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र की है। पढ़िए पूरी खबर
मुजफ्फरपुर में आज शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जन-जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। कहीं मकान पर पेड़ गिरा, तो कहीं सड़कें बाधित हो गईं, वहीं शहर में भी कई जगहों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। मकान पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचे लोग सरैया प्रखंड के मधौल पंचायत वार्ड संख्या-12 में तेज आंधी के दौरान एक हादसा हो गया। नरेश दास के घर पर अचानक एक विशाल पीपल का पेड़ गिर पड़ा, जिससे मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय घर में मौजूद परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर राहत काम शुरू किया। सूचना मिलते ही जिला परिषद प्रतिनिधि रहमतुल्ला राईन भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। बिजली का पोल सड़क पर गिरा इधर, कुढ़नी प्रखंड के चकिया पंचायत अंतर्गत पुपरी गांव में आंधी के कारण कई पेड़ और बिजली के पोल उखड़कर सड़कों पर गिर गए। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। साथ ही बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। स्पीकर चौक पर गिरा होर्डिंग वहीं, शहर में भी आंधी-बारिश का असर साफ देखने को मिला। स्पीकर चौक के पास सड़क पर एक बड़ा होर्डिंग गिर गया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी के बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर, तेज आंधी और बारिश ने मुजफ्फरपुर में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
जींद में बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में कुल 13 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष मामलों में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान सफीदों निवासी अतुल ने शिकायत की कि उनकी हुडा स्थित कृषि भूमि के पास एक डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि यार्ड की गंदगी और मृत जानवर उनके खेतों में चले जाते हैं, जिससे उनकी फसल बर्बाद हो रही है। पिछली बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर मंत्री ढांडा ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने नगर पालिका सचिव आशीष कुमार को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में गंदगी नहीं हटाई गई, तो उनके निलंबन का आदेश तैयार रखा जाए। एक अन्य मामले में, कलावतीन गांव के किसान दलसिंह ने पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से उनके खेत में पानी नहीं पहुंच रहा है। जब मंत्री ने पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के एक्सईएन से इस मामले पर जवाब मांगा, तो किसी भी अधिकारी के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इस पर मंत्री ने सख्त लहजे में कहा, काम हुआ है और रिकॉर्ड नहीं है? यह कैसा मजाक है? मैं तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दूंगा। उन्होंने तत्काल पाइप खुलवाकर किसान के खेत तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। नगूरां निवासी महिला राजो ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। महिला ने शिकायत की कि पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस ने हमलावरों के बजाय उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। डीएसपी ने इस मामले को 'क्रॉस केस' बताया और कहा कि चोटें सामान्य थीं। हालांकि, मंत्री ने इस मामले में भी निष्पक्ष जांच के आदेश दिए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
सरगुजा जिले में बाइक सवार युवकों के साथ विवाद के दौरान कुछ लोगों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। बुलेट सवार युवकों से 52 हजार रुपये नकद, बुलेट का हॉर्न और ईयरफोन छीनकर आरोपी फरार हो गए। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवकों को डराया और लूटपाट की। इसके बाद पीड़ित युवकों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में तीन युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के ग्राम दतिमा का रहने वाला पप्पू राजवाड़े 27 अप्रैल को करीब 3 बजे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल (CG 29 AH 1811) लेकर लाइट बनवाने अंबिकापुर आया था। उसके साथ उसका साथी टेमसाय राजवाड़े डीजे का स्पीकर लेने अंबिकापुर आया था, लेकिन डीजे पहले से बुक होने के कारण उसे स्पीकर नहीं मिल सका। इसके बाद दोनों शाम करीब 6 बजे बुलेट से वापस अपने घर लौटने के लिए निकल गए। बाइक सवारों ने रोका, धमकी देकर की लूटपाट अंबिकापुर-बनारस रोड पर मिश्रा होटल के पास जब पप्पू और टेमसाय राजवाड़े अपनी बुलेट से पहुंचे, तभी पीछे से स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। उन्होंने तेज बाइक चलाने की बात कहकर उन्हें धमकाया और टेमसाय से बुलेट की चाबी छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने मारपीट भी की। डर के कारण बुलेट सवार युवकों ने उन्हें पुलिसकर्मी समझ लिया। बाइक सवार युवकों में से एक ने बुलेट खुद स्टार्ट की और पप्पू व टेमसाय को जबरन पीछे बैठा लिया। इसके बाद वह तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर उन्हें कमोदा बिहार की ओर ले गया। उसके साथी भी पीछे-पीछे बाइक से वहां पहुंच गए। कमोदा बिहार के पास एक सुनसान जगह पर ले जाकर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और दोनों से कहा कि या तो थाने चलो या पैसे दो। इस पर दोनों ने बताया कि उनके पास नकद पैसे नहीं हैं। आरोपियों में से एक युवक पप्पू राजवाड़े को बुलेट पर बैठाकर पेट्रोल पंप के पास स्थित च्वाइस सेंटर ले गया। वहां से उसने फोन पे के जरिए 4000 रुपए निकलवाए और अपने पास रख लिए। इसके बाद आरोपी ने बुलेट का हॉर्न भी वहीं पर निकलवा लिया और अपने पास रख लिया। वे वापस उसे कमोदा विहार के पास ले गया, यहां टेमसाय राजवाडे़ को दो युवकों ने रोक कर रखा था। टेमसाय राजवाडे़ के पास डीजे स्पीकर खरीदने के लिए रखे गए 48 हजार रुपए युवकों ने लूट लिया। पप्पू राजवाडे़ की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस की धारा 126(2), 140(2), 3(5), 309(6) का मामला दर्ज कर लिया है।
नालंदा के पावापुरी सहायक थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरसुआ गांव में हनीट्रैप और अपहरण का मामला सामने आया है। यहां एक युवती पर आरोप लगा है कि उसने शेखपुरा के एक युवक को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उसे बंधक बना लिया और परिजनों से लाखों रुपये की फिरौती की मांग की। पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी और युवक की सकुशल बरामदगी के लिए सघन छापेमारी जारी है। पांची गांव निवासी सागर रविदास का 22 साल का बेटा बिक्रम कुमार चोरसुआ गांव की रहने वाली रामाधीन प्रसाद की बेटी के संपर्क में था। आरोप है कि युवती ने उसे साजिश के तहत मिलने के लिए चोरसुआ बुलाया और वहां उसे बंधक बना लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन कर पहले छह लाख रुपये की मोटी रकम मांगी। सौदेबाजी के दौरान यह मांग घटकर चार लाख और अंत में दो लाख रुपये पर आकर रुकी। आसपास के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने अभियान चलाया अपने बेटे के अपहरण की आशंका से घबराए पिता ने तत्काल शेखोपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस तुरंत हरकत में आई और राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। संयुक्त टीम में शेखोपुर, गिरियक, पावापुरी, कतरीसराय और दीपनगर थाना की पुलिस शामिल थी। पुलिस ने देर रात चोरसुआ स्थित त्रिवेणी धाम और उसके आसपास के संभावित ठिकानों पर पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि रात भर चली छापेमारी में युवक का सुराग नहीं मिल सका है, लेकिन सुबह होते ही पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी युवती को उसके घर से दबोच लिया। पावापुरी सहायक थाना की पुलिस अधिकारी भावना कुमारी ने बताया कि हिरासत में ली गई युवती से कड़ी पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और युवक के ठिकाने का पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस साजिश में युवती के साथ कुछ अन्य स्थानीय युवक भी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फिलहाल पुलिस जांच प्रभावित होने की आशंका से विस्तृत जानकारी देने से बच रही है।
KGMU की डायलिसिस यूनिट 10 मई तक बंद होने की सूचना से बुधवार को मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। यूनिट के बाहर चस्पा नोटिस को देखकर लोग असमंजस में पड़ गए, खासकर वे मरीज जिनकी इन तारीखों में डायलिसिस की निर्धारित डेट थी। शताब्दी भवन स्थित नेफ्रोलॉजी विभाग में संचालित इस यूनिट में 28 मशीनों के जरिए 24 घंटे डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रदेश भर से किडनी के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रोजाना 150 से अधिक मरीजों की डायलिसिस की जाती है। नोटिस में तकनीकी कारणों से 30 अप्रैल से 10 मई तक यूनिट का संचालन आंशिक रूप से बंद रहने की जानकारी दी गई थी। मरीजों को नजदीकी जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस कराने की सलाह दी गई थी। इससे पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सोशल मीडिया पर भी यह सूचना तेजी से फैल गई। मरीजों को नहीं होगी कोई असुविधा मामले के तूल पकड़ने पर देर शाम KGMU प्रशासन सक्रिय हुआ। संस्थान के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने बताया कि पुरानी कंपनी का टेंडर 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है और नई कंपनी को अपनी मशीनें और अन्य व्यवस्थाएं स्थापित करनी थीं, इसी वजह से नोटिस लगाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जब तक नई कंपनी पूरी तरह से कार्यभार संभालने के लिए तैयार नहीं हो जाती, तब तक पुरानी कंपनी ही डायलिसिस यूनिट का संचालन जारी रखेगी। इससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
बीजापुर में सूखे नशे का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:कोतवाली पुलिस ने एक महीने में की 10 से अधिक कार्रवाई
बीजापुर में सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब एक महीने से फरार चल रहे सूखे नशे के कारोबार के मुख्य आरोपी आकाश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आकाश ठाकुर कारवॉश सेंटर की आड़ में अवैध रूप से सूखे नशे का कारोबार चला रहा था। पूर्व में की गई कार्रवाई के दौरान उसके सेंटर से नशीली गोली, कैप्सूल और थिनर जैसी सामग्री बरामद की गई थी। आरोपी का सहयोगी पहले ही गिरफ्तार इस मामले में आरोपी का सहयोगी धर्मेंद्र कुमार पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। आकाश ठाकुर को मुखबिर की सूचना पर दंतेवाड़ा जिले से पकड़ा गया। पुलिस को लगातार यह सूचनाएं मिल रही हैं कि मेडिकल दवाओं की अवैध तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क तेलंगाना के वेंकटपुरम क्षेत्र से संचालित हो रहा है। जानकारी के अनुसार वहां के कुछ फार्मेसी और मेडिकल स्टोर इस सप्लाई चेन के प्रमुख केंद्र बन गए हैं, जहां से छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में नशीली दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। पुलिस अब सघन जांच में लगी है कोतवाली पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और वेंकटपुरम कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। पिछले एक महीने में सूखे नशे के खिलाफ 10 से अधिक प्रभावी कार्रवाइयाँ की गई हैं और कई लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। बीजापुर कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा ने बताया कि अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरे कनेक्शन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कैथल में रबी सीजन 2026 के तहत गेहूं की खरीद का कार्य राजौंद क्षेत्र में लगभग संपन्न हो चुका है। राजौंद मार्केट कमेटी और इसके अधीन आने वाले खरीद केंद्रों पर अब गेहूं की आवक शून्य हो गई है। प्रशासन अब मंडियों से गेहूं के उठान (Lifting) को जल्द से जल्द पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस बार किसानों के लिए मंडी की राह उतनी आसान नहीं थी। सचिव ने स्वीकार किया कि सीजन की शुरुआत में किसानों को गेट पास कटवाने और बायोमेट्रिक जांच की नई व्यवस्था के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन तकनीकी बाधाओं के बावजूद किसानों ने अपनी पूरी फसल मंडी तक पहुँचाई। फसल की तौल के लिए धर्म कांटों का उपयोग किया गया और अब आढ़तियों द्वारा ट्रकों के वजन के आधार पर उठान कार्य किया जा रहा है। जल्द खाली होंगी मंडियां खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्राथमिकता शेष 24 प्रतिशत गेहूं को मंडियों से उठाकर सुरक्षित गोदामों तक पहुँचाने की है। सचिव ओमप्रकाश ने उम्मीद जताई है कि आगामी कुछ दिनों में उठान का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे मंडियां पूरी तरह खाली हो जाएंगी। किस केंद्र पर कितनी हुई आवक? मार्केट कमेटी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न केंद्रों पर गेहूं की आवक का ब्योरा इस प्रकार है: राजौंद मुख्य मंडी: 2,39,534 क्विंटल किठाना खरीद केंद्र: 2,62,280 क्विंटल (सर्वाधिक आवक) जाखोली केंद्र: 1,14,963 क्विंटल सेहरदा केंद्र: 66,367 क्विंटल उठान की स्थिति: जाखोली सबसे आगे मार्केट कमेटी सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि अब तक कुल 76 प्रतिशत गेहूं का उठान गोदामों तक हो चुका है। अलग-अलग मंडियों की स्थिति इस प्रकार है: जाखोली: 91% (सबसे तेज़ उठान) किठाना: 80% सेहरदा: 76% राजौंद: 64%
झांसी में एक पुराने टायर के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। धुआं उठता देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की शुरुआती 2 गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन टायरों में लगी आग तेजी से फैलती चली गई। स्थिति को देखते हुए दमकल की 8 और गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं। 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना बुधवार शाम नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित डड़ियापुरा में हुई। आग से गिरा एक फ्लोर बैंकर्स कॉलोनी के रहने वाले जितेंद्र साहू ने बताया- शाम को करीब 7:30 बजे गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया। गोदाम में लगी आग इतनी विकराल थी कि दो मंजिला गोदाम का ऊपरी हिस्सा धराशाई होकर नीचे गिर गया। वहीं, आग पास के एक नमकीन और सॉस के गोदाम तक पहुंच गई। गली संकरी होने के चलते फायर फाइटर्स को आग बुझाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। टायर गोदाम काफी समय से बंद पड़ा था टायर गोदाम के मालिक जितेंद्र साहू ने बताया कि उनके यहां पुराने टायर रखे हुए थे। गोदाम काफी समय से बंद पड़ा था, जिसमें करीब 50–60 टायर थे। आग लगने से उन्हें लगभग 25 से 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, चिप्स और सॉस के गोदाम के मालिक राहुल साहू ने बताया कि उनकी फर्म बीके इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित है। उन्होंने गोदाम किराये पर लिया हुआ था। पीछे स्थित टायर गोदाम में लगी आग फैलकर उनके गोदाम तक पहुंच गई, जिससे उन्हें करीब 10 से 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सीओ फायर ब्रिगेड राजकुमार राय ने बताया कि टायर गोदाम में आग लगने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोदाम सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थे। संबंधित लोगों को नोटिस जारी की जाएगी।
लखनऊ में LDA की अवैध प्लाटिंग और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी है। बुधवार को दुबग्गा और सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान लगभग 82 बीघा में की जा रही 6 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-2 एवं जोन-7 की टीम ने की। प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया- ऋषि अरोरा और अन्य द्वारा सुशांत गोल्फ सिटी के सेक्टर-एच में रेलवे लाइन के पास लगभग 5,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में सार्वजनिक सुविधाओं की जगह पर बाउन्ड्रीवॉल निर्मित करते हुए अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे जिसके विरुद्ध न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए थे। इसके अनुपालन में प्रवर्तन टीम द्वारा स्थल पर अभियान चलाकर अवैध विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया। 80 बीघा में की जा रही 5 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि दुबग्गा थानाक्षेत्र के ग्राम-जेहटा में अभियान चलाया गया। इस दौरान मोहम्मद शाहिद, आशीष यादव, ओमकार, दिलीप मिश्रा और अन्य द्वारा लगभग 80 बीघा में की जा रही 5 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। प्रभाकर सिंह ने कहा कि बिना नक्शा पास करवाए और अवैध रूप से किए जा रहे प्लाटिंग का निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी।
रेवाड़ी जिले में 3 मई को नीट परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसी संबंध में नोडल अधिकारी और बावल के एसडीएम संजीव कुमार ने बुधवार को परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम संजीव कुमार ने जानकारी दी कि नीट परीक्षा 3 मई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रेवाड़ी जिले के 11 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित होगी। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने सभी सेंटर सुपरिटेंडेंट को परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पंखे, जैमर, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अनुशासन बनाए रखने में मदद एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में 'नो व्हीकल जोन' लागू रहेगा, जहां वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इससे परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठने की उचित व्यवस्था के निर्देश उन्होंने परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जमा न होने देने के भी निर्देश दिए। साथ ही, सेंटर सुपरिटेंडेंट को अभ्यर्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों के समीप स्वच्छ पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती एसडीएम ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी, और सुव्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया के साथ परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र हुड्डा भी एसडीएम संजीव कुमार के साथ उपस्थित रहे।
अमृतसर के मानावाला गांव स्थित जीवन जागृति नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान अजनाला निवासी 36 वर्षीय सुनील शर्मा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते पुलिस ने केंद्र संचालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की बहन रीतू ने बताया कि सुनील शर्मा डिप्रेशन से जूझ रहे थे और उन्हें इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि सुनील नशे के आदी नहीं थे, बल्कि मानसिक तनाव के कारण उन्हें यहां रखा गया था। परिजनों के अनुसार, देर रात केंद्र की ओर से उन्हें फोन पर सुनील की मौत की सूचना दी गई। परिवार ने केंद्र प्रबंधन पर कई सवाल उठाए परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो उन्हें बताया गया कि कैमरे बंद थे, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि एक कमरे में 15-20 लोगों को रखा जाता है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। परिवार का मानना है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि उनके भाई के गले पर रस्सी से घोंटने के निशान थे वहीं संचालकों ने जिसे पकड़वाया है वो आरोपी नहीं लग रहा। पुलिस जांच में जुटी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। केंद्र संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वहां मौजूद अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और उन्हें न्याय मिल सके।
नवादा सदर अस्पताल में अवैध प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर सदर एसडीओ अमित अनुराग और डीटीओ नवीन पांडे की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। टीम ने आम लोगों से बातचीत की यह कार्रवाई मरीजों को गुमराह करने और अस्पताल परिसर में अवैध घुसपैठ की शिकायतों के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने आम लोगों से बातचीत की और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर अस्पताल के डीपीएम अमित कुमार भी मौजूद थे। जांच में पाया गया कि अस्पताल परिसर के अंदर एक निजी एंबुलेंस खड़ी थी, जबकि दो-तीन अन्य निजी एंबुलेंस अस्पताल के बाहर देखी गईं। नियमों का उल्लंघन करने वाली इन एंबुलेंसों पर जुर्माना लगाया गया और चालान जारी किए गए। सदर एसडीओ अमित अनुराग ने पत्रकारों को बताया, जिला पदाधिकारी को सूचना मिली थी कि सदर अस्पताल में कुछ बाहरी एंबुलेंस अवैध रूप से प्रवेश कर मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह कर अपनी सेवाएं थोप रही हैं। 10 सरकारी एंबुलेंस सही पाए गए डीएम के आदेश पर हमारी टीम तुरंत अस्पताल पहुंची। यहां 10 सरकारी एंबुलेंस सही पाए गए, जबकि निजी एंबुलेंसों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। बाहर खड़ी एंबुलेंसों पर भी चालान काटा गया है।इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की शुचिता बनाए रखना था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सदर अस्पताल जैसी सरकारी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि मरीजों को निर्बाध और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इंदौर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार नए-नए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने पलासिया चौराहे पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इसमें ट्रेनी एयर होस्टेस पलासिया चौराहे पर पहुंची और इस अभियान का हिस्सा बनीं।अभियान के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने फ्लाइट में दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों की शैली में, इशारों एवं संकेतों के माध्यम से गाड़ी चलाने वालों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए मोटिवेट किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने रेड सिग्नल पर रुकने, सीट बेल्ट लगाने, टू व्हीलर चलाने वालो को हेलमेट पहनने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण रुल्स की जानकारी दी। इस अभिनव पहल ने चौराहे पर उपस्थित गाड़ी चलाने वालों का ध्यान आकर्षित किया।
करनाल में अवैध हथियार रखने के मामले में जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआईए-1 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर आरोपी को सेक्टर-16 क्षेत्र से काबू किया। आरोपी के कब्जे से .315 बोर की एक देशी पिस्तौल बरामद हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने एएसआई कृष्ण कुमार लाल के नेतृत्व में कार्रवाई की। टीम को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियार के साथ क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। कोर्ट ने भेजा जेल पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव कम्बोपुरा निवासी गोविन्दा पुत्र नरेंद्र के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर की देशी पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस ने 28 अप्रैल को थाना सिटी में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को विधि अनुसार गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मोगा-लुधियाना रोड पर धवन पैलेस के पास आज एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, एक बेकाबू कैंटर ने पहले एक कार को टक्कर मारी। इसके बाद उसने दो स्कूटरों पर सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। एक स्कूटी सवार ने कूदकर बचाई जान मृतक की पहचान जसविंदर सिंह (35) के रूप में हुई है, जो साहिबजादा फतेह सिंह नगर, दमन सिंह रोड, मोगा के निवासी हरफूल सिंह के पुत्र थे। हादसे में घायल हुए दूसरे व्यक्ति ने बताया कि उसने अपनी स्कूटी से कूदकर अपनी जान बचाई। घायल के अनुसार, कैंटर चालक नशे की हालत में लग रहा था और उसने स्कूटर सवारों को टक्कर मारने से पहले भी एक वाहन को टक्कर मारी थी। पुलिस कैंटर चालक की तलाश में जुटी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस कैंटर चालक की तलाश कर रही है और हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने समाज सेवा सोसाइटी के सहयोग से जसविंदर सिंह को मोगा के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की।
जोधपुर में नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बाइक से शहर के भीतरी इलाकों का दौरा किया। निगम आयुक्त राहुल जैन ने बुधवार को लोगों से फीडबैक भी लिया। इस पर कई लोगों ने संतोष जताया। आयुक्त ने शहरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने भीतरी शहर को अधिक सुंदर बनाने के लिए दीवारों पर पेंटिंग कराने और जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क पर कचरा डालने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। नई सड़क से घंटाघर, तूरजी का झालरा, त्रिपोलिया मार्केट, अचलनाथ मंदिर, कुंज बिहारी मंदिर, कंदोई बाजार, आडा बाजार, गंगश्याम मंदिर, नवचौकिया, फतेहपोल और रानीसर पदमसर तालाब होते हुए ब्रह्मपुरी की संकरी गलियों तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से फीडबैक लिया। सफाई के बाद लोग फिर फेंक रहे कचरा आयुक्त राहुल जैन ने बताया- शहर में सफाई में काफी सुधार हुआ है। कचरा पॉइंट पर निगम द्वारा सफाई के बाद कुछ लोग फिर कचरा डाल देते हैं। उन्होंने कहा- ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्वच्छता संरक्षण और भोगीशैल परिक्रमा (मारवाड़ का महाकुंभ) को लेकर भीतरी इलाकों की तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए आएंगे, इसलिए शिकायतों का जल्द निस्तारण के आदेश दिए। जनगणना में अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जनगणना-2027 के पहले चरण मकान सूचीकरण के लिए बुधवार से प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग शुरू होते ही 80 कर्मचारी बिना सूचना के गायब मिले। निगम आयुक्त राहुल जैन ने ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण कर सभी को नोटिस थमाए और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। निगम क्षेत्र के 6 स्कूलों में चल रहे प्रशिक्षण के पहले ही दिन आयुक्त के निरीक्षण में 60 प्रगणक और 20 पर्यवेक्षक अनुपस्थित पाए गए। राहुल जैन ने कहा- बिना वजह गायब होने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, ताकि जनगणना का काम सुचारू चले। बता दें कि जनगणना का यह चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा। अभी इसकी ट्रेनिंग चल रही है।
बठिंडा के भगता भाई का में स्थित सिंगला कोल्ड स्टोर की छत गिरने से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस हादसे में तीन लोग मलबे के नीचे दब गए थे। हादसे के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से दो व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य प्रशासनिक टीमें मौके पर तैनात हैं। डीएसपी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि विभिन्न टीमें बचाव अभियान में लगी हुई हैं। स्थानीय निवासी बोले- जोरदार धमाका हुआ गांव के निवासी मंजीत सिंह ने बताया कि कोल्ड स्टोर में एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद दीवारें ढह गईं और छत गिर गई। डीएसपी शर्मा के अनुसार, फैक्ट्री मालिक को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। छत गिरने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में भी इस कोल्ड स्टोर की छत गिर चुकी थी।
सीकर में 3 मई को 102 एग्जाम सेंटर पर 29979 स्टूडेंट NEET Exam देंगे। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-2026) का आयोजन रविवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। एग्जाम के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया है। आज सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में NEET एग्जाम को लेकर संबंधित अधिकारियों की विशेष बैठक हुई। बैठक में सभी जरुरी तैयारियों की विभागवार समीक्षा हुई। कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि जिले में इस साल कुल 102 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। इस बार सभी एग्जाम सेंटर केवल सरकारी स्कूलों और कॉलेज में ही रखे गए हैं। परीक्षा के दौरान लाॅ एंड ऑर्डर, अनुचित साधनों की रोकथाम और भीषण गर्मी (हीटवेव) से बचाव आदि का विशेष ध्यान रखा जाएगा। एग्जाम काॅर्डिनेटर ADM रतन कुमार स्वामी ने से अपील की है कि समय का विशेष ध्यान रखें। एग्जाम सेंटर पर सुबह 11 बजे से एंट्री शुरू कर दी जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी है, इसलिए स्टूडेंट्स को गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले, यानी दोपहर 1:30 बजे तक ही एग्जाम सेंटर में एंट्री दी जाएगी। सभी एस्पिरेंट्स की बायोमेट्रिक अटेंडेंस की जाएगी और पूरे एग्जाम सेंटर की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। नकल और पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त है। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा ड्यूटी में केवल उन्हीं सरकारी कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है। ऐसे किसी भी कर्मचारी को ड्यूटी नहीं दी जाएगी जिसके खिलाफ पहले नकल संबंधी कोई मामला दर्ज हो। फोर्थ ग्रेड कर्मचारी भी साफ-सुथरी छवि वाले ही लगाए जाएंगे। एग्जाम सेंटर के अंदर केवल सेंटर सुप्रीटेंडेंट के पास ही मोबाइल फोन रहेगा। इमरजेंसी के लिए 10 से 12 इंविजिलेटर रिजर्व रहेंगे। मई माह की भीषण गर्मी और हीटवेव के अलर्ट को देखते हुए स्टूडेंट्स के लिए विशेष बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी एग्जाम सेंटर पर रेगुलर बिजली सप्लाई के लिए साइलेंट जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। हर सेंटर के पास ANM और मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी रहेगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद OMR शीट जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित रखा जाएगा ताकि भीड़ ना हो।एग्जाम के लिए जिले में 6 सिटी कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वाॅयड, ऑब्जर्वर, और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। पुलिस का जाब्ता हर केंद्र पर तैनात रहेगा और खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी। एग्जाम से एक दिन पहले और एग्जाम के दिन यातायात का दबाव देखते हुए एक्स्ट्रा बसों का संचालन किया जाएगा। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत, ADM (सिटी) भावना शर्मा, CMHO डॉ. अशोक महरिया, DTO ताराचंद बंजारा सहित शिक्षा और आईटी विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
लुधियाना की गर्लफ्रेंड ने बिहार में जाकर बॉयफ्रेंड की शादी में हंगामा कर दिया। युवती कुएं पर चढ़कर सुसाइड की धमकी देने लगी। उसका कहना था कि मेरा बॉयफ्रेंड किसी और लड़की से शादी कर रहा है। प्रेमिका ने उसपर शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में मुकरने का आरोप लगाया है। हंगामे के कारण शादी की रस्मों को रोकना पड़ा और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। लड़की ने कहा, जिस लड़के के साथ मैं रिलेशनशिप में थी, वो मुझे शादी का झांसा देकर अपने गांव आ गया है। हंगामे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल, दोनों पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। मामला बिहार में सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र के छेनी छापर गांव का है। युवक की पहचान अजीत कुमार दुबे के रूप में हुई है। वहीं, युवती की पहचान पंजाब के लुधियाना के शिमलापुरी थाना क्षेत्र स्थित न्यू शिमला गांव की रहने वाली अंजलि जायसवाल के रूप में हुई है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला लुधियाना में साथ करते थे कामअंजलि जायसवाल ने बताया, मैं लुधियाना में जॉब करती हूं। एक साल पहले 2025 के जनवरी में ऑफिस में मेरी मुलाकात अजीत से हुई थी। हम दोनों एक ही कंपनी में काम करते थे। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे रिश्ता प्यार में बदल गया। अंजलि के मुताबिक, मई 2025 से दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान अजीत ने शादी का वादा किया और उसी भरोसे पर उसने शारीरिक संबंध बनाए। अब जब शादी की बात करने लगी तो वह मुकर गया। युवती का आरोप है कि युवक और उसके परिवार वाले कह रहे हैं कि वह दूसरी जाति की है, इसलिए उससे शादी नहीं की जा सकती। मैंने शुरू में साफ कहा था कि अगर शादी करनी है तभी बात करना, वरना मुझसे कोई मतलब मत रखना। उसने बार-बार कहा कि वह मुझसे शादी करेगा। इसी कारण मैंने उस पर भरोसा किया। मैं उसकी हर बात मानती थी अंजलि ने आगे बताया- धीरे-धीरे हमारा रिश्ता गहरा हुआ। उसने मुझे हर तरह से भरोसा दिलाया कि वह मुझे अपनी पत्नी बनाएगा। वह मुझे अलग-अलग जगह घुमाने ले जाता था। मंदिर ले जाता था। उसके व्यवहार से लगता था कि वह सचमुच मुझे दिल से चाहता है। मैं उसकी हर बात मानती थी। किससे बात करनी है, किससे नहीं करनी है, कहां जाना है, कहां नहीं जाना है, किस नौकरी में रहना है, कब छुट्टी लेनी है, मैं सब मानती थी। मुझे लगता था कि वह मेरा होने वाला पति है, इसलिए उसकी बात मानना गलत नहीं है। उसने अपनी पारिवारिक परेशानियां भी बताईं। उसने कहा कि घर की हालत ठीक नहीं है। मेरा किडनी खराब है। मुझे छोड़कर मत जाना। मैं अपने घर की जिम्मेदारी खुद उठाती हूंअंजलि ने आगे कहा, मैं खुद अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाती हूं। मेरे पिता नहीं हैं, दो छोटे भाई हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च मैं देती हूं। मां को हार्ट की दिक्कत है, इसलिए उसकी बातों से मैं भावनात्मक रूप से जुड़ गई और हर हाल में उसका साथ देने लगी। लेकिन बाद में पता चला कि वह मुझे सिर्फ इस्तेमाल कर रहा था। शादी का झांसा देकर उसने मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए। कई बार उसने जबरदस्ती भी की। एक बार उसने मेरी कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिला दी, जबकि मैं शराब से दूर रहती हूं। इसके बाद भी उसने कई बार मेरे साथ गलत किया। उसकी शादी की जानकारी मिलने के बाद मैं यहां आई हूं लुधियाना की युवती ने कहा कि जब मैंने शादी की बात तेज की तो उसके परिवार ने भी मुझे भरोसा दिया। उसकी मां और बहन वीडियो कॉल पर मुझसे बात करती थीं। मुझे संस्कारी लड़की कहती थीं। कहती थी कि शादी हो जाएगी। यहां तक कहा गया कि पहले उसकी बहन की शादी होगी, फिर हमारी शादी कराई जाएगी। मैं इसी भरोसे पर शांत रही। फिर अचानक सोशल मीडिया और गांव के लोगों से पता चला कि लड़के की शादी तय हो गई है। जब शादी की जानकारी मिली तो मेरे पास यहां आने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। अगर मैं नहीं आती, तो वह चुपचाप दूसरी शादी कर लेता और मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाती। अजीत का हो गया था तिलक, मुझे उससे शादी करनी है अंजलि ने आगे बताया, मेरा सीवान आने का सबसे बड़ा कारण ये था कि हरियाणा में भी लड़के के परिवार वाले और उनके वकील लगातार झूठ बोल रहे थे। पंजाब पुलिस को कहा जा रहा था कि एक सप्ताह बाद वे खुद मेरी फैमिली को लेकर आएंगे। शादी की बात करेंगे, लेकिन मुझे पता था कि अगर मैं इंतजार करती, तब तक उसकी शादी हो चुकी होती। मुझे जब पता चला कि अजीत का तिलक हो रहा है और शादी का कार्ड भी सामने आ गया, तब मैं मंगलवार की सुबह ट्रेन पकड़ा और यहां के लिए निकल गई। मैंने अपने परिवार से कहा, मैं ऑफिस जा रही हूं। मेरी फैमिली पहले से डरी हुई थी। अजीत के परिवार वाले मुझे जान से मारने की लगातार धमकियां दे रहे थे। इन धमकियों के बावजूद मैं यहां आई, क्योंकि मैं देखना चाहती थी कि आखिर मेरे साथ इतना बड़ा धोखा कैसे किया जा सकता है। मैं ट्रेन के नीचे आकर भी मर जाऊंगी अंजलि ने कहा कि मैं पूरी तरह टूट चुकी थी। मुझे लग रहा था कि अगर अब भी मुझे न्याय नहीं मिला तो मेरे पास जीने का कोई कारण नहीं बचेगा, इसलिए मैं कुएं पर चढ़ गई थी। मैंने कहा था कि अगर मेरी शादी उससे नहीं हुई, या मुझे इंसाफ नहीं मिला, तो मैं जान दे दूंगी। मैं ट्रेन के नीचे आकर भी मर जाऊंगी, लेकिन इस तरह धोखा सहकर चुप नहीं बैठूंगी। मैं पढ़ी-लिखी लड़की हूं। बीकॉम किया है, नौकरी करती हूं और अपने परिवार को संभालती हूं। मैं किसी पर बोझ नहीं हूं। मैंने सिर्फ प्यार किया और शादी की उम्मीद की थी, लेकिन मुझे धोखा मिला। मेरा इस्तेमाल किया गया और अब धमकी भी मिल रही है। मेरी सिर्फ एक मांग है कि मुझे न्याय मिले। जिसने मेरे साथ शादी का वादा कर रिश्ता बनाया, मेरे जीवन से खेला, उसे उसके किए की सजा मिले। मैं इतनी दूर सिर्फ तमाशा करने नहीं आई हूं, अपने हक और सम्मान के लिए आई हूं। घटना की सूचना मिलने पर मैरवा थाना प्रभारी राहुल कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया है और उन्हें थाने लाया गया है। साथ ही युवती के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चरखी दादरी जिले के वार्ड नंबर 11 से एक महिला संदिग्ध हालात में लापता हो गई। दो साल की बेटी को भी अपने साथ ले गई है। महिला का पति ऑटो चलाता है। उसने सभी संभावित स्थानों पर तलाश करने के बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दादरी शहर में रहने वाले ने दरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पेशे से ऑटो चालक है। 28 अप्रैल सुबह करीब 10 बजे वह हमेशा की तरह अपना ऑटो लेकर बाजार गया था। उस समय घर पर कोई और मौजूद नहीं था। जब वह वापस लौटा, तो उसकी पत्नी और बेटी घर पर नहीं मिलीं। पता चला कि उसकी पत्नी बिना बताए बच्ची और एक पर्स लेकर कहीं चली गई। दरेन्द्र ने अपने सभी जान-पहचान वालों और रिश्तेदारों से संपर्क कर पत्नी व बेटी का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। हताश होकर उन्होंने पुलिस से अपनी पत्नी और बच्ची को सुरक्षित ढूंढने की अपील की है। दरेन्द्र ने पुलिस को अपनी पत्नी का हुलिया बताया है। उसकी उम्र 21 वर्ष है और रंग सांवला है। लापता होने के समय उसने हरे रंग का सूट-सलवार और सिर पर लाल रंग की चुन्नी पहनी हुई थी। उसका मोबाइल फिलहाल संपर्क से बाहर है। थाना शहर चरखी दादरी पुलिस ने दरेन्द्र की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मुकदमा दर्ज किया है और मां-बेटी की तलाश शुरू कर दी है।
कन्नौज में काली नदी में नहाते समय दो दोस्त डूबे:ग्रामीणों ने एक को बचाया, दूसरा लापता; खोजबीन जारी
कन्नौज जिले के एक गांव में दो दोस्त बुधवार शाम काली नदी नहाने गए। नहाते वक्त दोनों दोस्त गहरे पानी मे डूबने लग गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों पहुंच गए। एक दोस्त को बचा लिया, लेकिन दूसरा लापता हो गया। देर रात तक उसकी तलाश की जाती रही। घटना गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के भूड़पुरवा गांव के पास की है। यहां खाड़ेदेवर गांव निवासी सत्यम पुत्र रामसिंह और देव पुत्र बिनोद बुधवार शाम करीब 5 बजे काली नदी नहाने गए हुए थे। नहाते वक्त दोनों दोस्त गहरे पानी मे चले गए। जिससे वह डूबने लगे। डूबते वक्त वह लोग शोर मचाने लगे। शोर-शराबा सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान आ गए। दोनों युवकों को डूबता देख वह लोग बचाने का प्रयास करने लगे। मशक्कत कर किसी तरह ग्रामीणों ने देव को पानी से बाहर निकाल लिया। जबकि सत्यम गहरे पानी में बह गया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थानीय गोताखोरों की मदद से सत्यम की खोज शुरू करवा दी। देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उधर घटना को लेकर सत्यम के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
गोरखपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शाम के समय नगर निगम के जोनल कार्यालय के बाहर हुआ, जिसमें 50 से अधिक कार्यकर्ता शामिल रहे। जानिए क्या है पूरा मामला एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गोरखपुर नगर निगम ने अपने जोनल कार्यालय के सामने सड़क पर दोनों एंट्री प्वाइंट से पहले स्पीड ब्रेकर बनवा दिए हैं। लेकिन उन पर कोई स्पीड ब्रेकर पट्टी (मार्किंग) नहीं बनाई गई है। इस वजह से वहां से गुजरने वाले लोगों को स्पीड ब्रेकर का अंदाजा नहीं लग पाता और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यह सड़क दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने से निकलकर सीधे हरिओम नगर की तरफ जाती है। सुबह और शाम के समय यहां छात्र-छात्राओं की काफी भीड़ रहती है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क जाम कर किया विरोध शाम करीब 8 बजे प्रदर्शन के दौरान 8 से 10 कार्यकर्ता सड़क के बीच में बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। अधिकारियों से बातचीत प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने समस्या सुनकर तुरंत स्पीड ब्रेकर के दोनों तरफ स्ट्रिप (मार्किंग) पेंट कराने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद कार्यकर्ता नगर आयुक्त को ज्ञापन देने की मांग पर डटे रहे। दैनिक भास्कर से बात करते हुए अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने कहा कि- “देखिए इस मामले में मैंने इन लोगों से बात की उनकी समस्या जानी और तत्काल ब्रेकर के दोनों साइड स्ट्रिप कलर करने की निर्देश दिया। लेकिन यह लोग नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए पड़े हुए हैं।” उन्होंने कहा कि- निर्माण विभाग से इस मामले में जवाब मांगा गया है। अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोष सिद्धि दर 100 प्रतिशत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने एडिशनल एसपी से लेकर सब इंस्पेक्टर तक सभी अधिकारियों को “स्मार्ट विवेचना” के लिए विस्तृत योजना और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आईजी गर्ग ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद होने वाले हत्या के सभी मामलों की विवेचना नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के माध्यम से की जाएगी। इसका उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप जांच के स्तर को सुधारना है। बिलासपुर रेंज पुलिस अब सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि से लेकर साइबर साक्ष्यों (जैसे CDR, IPDR, IMEI) के संकलन तक पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएगी। इससे अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दिलाने में मदद मिलेगी। इस प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल सहित रेंज के सभी जिलों के एएसपी और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी वर्चुअल मोड पर शामिल हुए। आईजीपी गर्ग ने स्वयं प्रशिक्षक के रूप में पुलिस अधिकारियों को मार्गदर्शन देते हुए, पीपीटी के माध्यम से विवेचना के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। 7 बिंदुओं पर होगी स्मार्ट विवेचना 1: चेकलिस्ट के मुताबिक चालान आईजी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है। इस नई रणनीति के तहत बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए मंगलवार को विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर एक चेकलिस्ट जारी किया गया , जिसके मुताबिक अब से हत्या के हर प्रकरण के चालान (Charge-sheet) में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य होगा। 2: वीडियोग्राफी करते साक्ष्यों की जब्ती आईजी ने अफसरों को कहा कि 'ई-साक्ष्य' (e-Sakshya) और नए कानूनों का पालन अनिवार्य होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी प्रकार की जप्ती 'ई-साक्ष्य' ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएगी, ताकि साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़े और गवाहों के मुकर जाने (Hostile) की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य प्रभावी रहेंगे। 3:गोल़्डन ऑवर का महत्व आईजी ने स्मार्ट विवेचना के लिए घटनास्थल पर 'गोल्डन ऑवर' के महत्व को समझते हुए क्षेत्र को तत्काल टेप लगाकर सील करने कहा। फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही साक्ष्य संकलन होगा। किसी भी साक्ष्य को बिना दस्ताने (Gloves) के छूना प्रतिबंधित रहेगा। 4: 124 बिंदुओं का प्रोटोकॉल फॉलो करें पुलिस महानिरीक्षक ने अफसरों को बताया कि विवेचना में मानवीय त्रुटि को शून्य करने के लिए 124 बिंदुओं का एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक की हर प्रक्रिया का Documentation शामिल है, ताकि बचाव पक्ष को तकनीकी खामियों का लाभ न मिल सके। 5: घटनास्थल की मेपिंग इसी प्रकार विवेचक अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स जैसे गूगल टेकआउट (Google Takeout), इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की बारीकी से जांच करेंगे। घटनास्थल के आसपास के 100 किमी के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप के जरिए मैपिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज को सीधे डीवीआर (DVR) से जप्त कर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4)(c) के प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा। 6: डीएनए ट्रेस करें ट्रेनिंग में पुलिस अफसरों को DNA एवं जैविक साक्ष्यों से लिंक स्थापित करने के बारे में बताया गया कि मृतक के नाखूनों में फंसे आरोपी की स्किन, संघर्ष के दौरान टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए (DNA) ट्रेस करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वैज्ञानिक रूप से आरोपी की उपस्थिति घटनास्थल पर सिद्ध की जा सके। 7: रात्रिकालीन पोस्टमार्टम एवं वीडियोग्राफी संवेदनशील मामलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त रोशनी में रात में भी पोस्टमार्टम कराया जा सकेगा, जिसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। पीएम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने पर डॉक्टरों से अनिवार्य रूप से एफएसएल (FSL) क्वेरी कराई जाएगी। अफसरों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें थाने के मालखाने और फिर एफएसएल (FSL) तक भेजने का पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। अन्य प्रकरणों पर भी ट्रेनिंग होगी उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण के सत्र प्रति सप्ताह, अलग अलग विषयों पर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नवीनतम अनुसंधान तकनीकों से खुद को अपग्रेड कर , कमियों को दूर कर सकें।
पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को गुंडागर्दी का एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी कराने आए एक युवक को दर्जनभर हमलावरों ने अस्पताल परिसर के अंदर ही घेरकर बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने युवक पर लाठी-डंडों से इतने वार किए कि उसके हाथ और पैर टूट गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। पीड़ित युवक की पहचान शमशाबाद निवासी विकास के रूप में हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, विकास जैसे ही अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल के आपातकालीन (Emergency) विभाग के पास पहुंचा, तभी कारों में सवार होकर करीब 12 युवक वहां आए। उन्होंने विकास को संभलने का मौका तक नहीं दिया और उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ियों में सवार होकर फरार हो गए।घटना से मची अफरातफरी अस्पताल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर हुई इस हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के वक्त वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घायल विकास को उपचार के लिए भर्ती करवाया। पुरानी रंजिश में हमले की आशंका घायल युवक के पिता दिगंबर ने पुलिस को बताया कि इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले विकास का मोहल्ले में शराब का ठेका चलाने वाले एक व्यक्ति के साथ झगड़ा हुआ था। पिता का दावा है कि उसी ठेकेदार ने रंजिश निकालते हुए साजिश के तहत विकास पर यह जानलेवा हमला करवाया है।सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस फिलहाल, पलवल शहर थाना पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उन गाड़ियों का नंबर पता चल सके जिनसे वे आए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त मामला दर्ज किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है।
रामपुर में राम रहीम ओवरब्रिज के उत्तरी छोर पर बुधवार शाम भगवान परशुराम चौक और प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। नगर विधायक आकाश सक्सेना ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इसका उद्घाटन किया। इस चौक के बनने से ओवरब्रिज के दोनों छोर अब धार्मिक पहचान बन गए हैं। इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा नेता सूर्य प्रकाश पाल, धनंजय पाठक, अनिल वशिष्ठ सहित कई दर्जन हिंदूवादी नेता और समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रतिमा अनावरण के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया। नगर विधायक आकाश सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि इस चौक को बनाने का विचार उनके मन में लंबे समय से था, जिसे अब साकार किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप रामपुर को भी विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर बनाने की बात कही। विधायक ने दावा किया कि वर्ष 2026 के अंत तक रामपुर में कई बड़े विकास कार्य धरातल पर दिखाई देंगे। विधायक सक्सेना ने बताया कि राम रहीम ओवरब्रिज के एक ओर भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित है, जिसे राम चौक कहा जाता है। अब दूसरी ओर भगवान परशुराम चौक बन जाने से यह क्षेत्र धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गया है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने इसे शहर की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाला कदम बताया और कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों से युवाओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 30 अप्रैल को प्रस्तावित महारैली स्थगित कर दी गई। डिस्कॉम अध्यक्ष के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बुधवार को पहले डिस्कॉम के एमडी से मीटिंग हुई। इसके बाद डिस्कॉम अध्यक्ष से फोन पर बातचीत हुई। पदाधिकारी को डिस्कॉम अध्यक्ष की तरफ से आश्वासन दिया गया कि डिस्कॉम का किसी भी तरह से निजीकरण नहीं किया जाएगा। इसके बाद गुरुवार को प्रस्तावित महारैली को स्थगित कर दिया गया। संघर्ष समिति के संयोजक उम्मेदाराम चौधरी और जगदीश दाधीच ने बताया- ऊर्जा विभाग सचिव एवं विद्युत वितरण कंपनियों की अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने स्पष्ट किया कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जोधपुर डिस्कॉम) के किसी भी सर्किल के निजीकरण के संबंध में राज्य सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस विषय में डिस्कॉम्स ने कोई निर्देश भी जारी नहीं किए हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रस्तावित महारैली को स्थगित कर दिया। वहीं डोगरा से मीटिंग 1 मई को जयपुर में मीटिंग की जाएगी। किसी भी सर्किल के निजीकरण का प्रस्ताव नहीं दरअसल, संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल से मुलाकात की। बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक द्वारा दोबारा आश्वासन दिया गया कि जोधपुर डिस्कॉम के किसी भी सर्किल के निजीकरण का प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने निगम के वर्तमान कार्य निष्पादन को संतोषजनक बताते हुए इसमें सुधार के लिए कहा। प्रतिनिधिमंडल में उम्मेदाराम चौधरी, जगदीश दाधीच, लिखमाराम जाखड़, रामप्रकाश चौधरी, मनोज सैनी, मोहम्मद शमीम, बिशन वैष्णव, हुकमचंद चौहान, भरत गुर्जर एवं हिम्मत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
श्योपुर पुलिस ने CPR देकर बचाई शख्स की जान:सीने में तेज दर्द से अचानक सड़क पर गिरा था, कोटा रेफर
श्योपुर में पुलिस की मुस्तैदी से एक आदमी की जान बच गई। बुधवार को वार्ड नंबर 3 के रहने वाले मुस्तफा बड़ौदा रोड से अपनी दुकान की तरफ जा रहे थे, तभी कंट्रोल रूम के पास उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे अचानक सड़क पर गिर पड़े। उसी वक्त वहां से पुलिस की गाड़ी (FRV) गुजर रही थी। गाड़ी चला रहे वीरेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल सतेन्द्र सिंह ने मुस्तफा को बेहोश देखा, तो वे तुरंत उनके पास पहुंचे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए मुस्तफा को वहीं सड़क पर सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। पुलिस की इस कोशिश से मुस्तफा की सांसें वापस आने लगीं। सही समय पर अस्पताल पहुंचाया हालत में थोड़ा सुधार देखते ही पुलिस टीम ने उन्हें अपनी गाड़ी में रखा और फौरन जिला अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। प्राथमिक इलाज के बाद मुस्तफा की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा भेज दिया गया है। मुस्तफा के परिवार और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस के इस काम की खूब तारीफ की है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस सही समय पर मदद न करती, तो मुस्तफा की जान बचाना मुश्किल था।
ललितपुर में अधेड़ ने फांसी लगाकर आत्महत्या की:घरेलू कलह के चलते उठाया कदम, पुलिस जांच में जुटी
ललितपुर के मदनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जलनधर में बुधवार दोपहर घरेलू कलह के चलते एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्राम जलनधर निवासी भान सिंह (58) पुत्र स्वर्गीय गणेश सिंह बुधवार दोपहर करीब एक बजे घर से दुकान पर घरेलू सामान लेने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर उनकी पत्नी फूलरानी उन्हें तलाशने निकलीं। घर और दुकान के बीच स्थित एक पुराने मकान की खुली डालान में फूलरानी ने भान सिंह को चौखट पर रस्सी के सहारे फांसी पर लटका देखा। यह दृश्य देखते ही पत्नी फूलरानी ने चीख-पुकार मचाई, जिससे परिजन और ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने के बाद मदनपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक के बड़े पुत्र राहुल सिंह ने बताया कि उनके पिता चार भाई-दो बहन में तीसरे नंबर के थे। भान सिंह पहले ट्रक चालक का काम करते थे, लेकिन पिछले एक-दो साल से घर पर ही रह रहे थे। राहुल सिंह के अनुसार, उनके माता-पिता और दोनों पुत्र अलग-अलग रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से छोटे पुत्रवधू के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। परिजनों का मानना है कि इसी घरेलू कलह से आहत होकर भान सिंह ने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बांसवाड़ा में प्रेम प्रसंग के विवाद में युवक की नृंशस हत्या करने वाले पिता- पुत्र समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने अपने साथियों के साथ घर लौट रहे युवक पर पहले तलवार, फिर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में युवक की गर्दन काफी गहराई तक कट चुकी थी। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तड़पते हुए युवक ने परिजनों की गोद में ही दम तोड़ दिया था। घटना 26 अप्रैल को टामटिया गांव में हुई थी। इस वीभत्स घटना के बाद पथराव और आगजनी शुरू हुई और देखते ही देखते बस्ती के अधिकांश घरों को आग के हवाले कर दिया था। स्पेशल टीम ने दबिश देकर पकड़े आरोपीएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि स्पेशल टीम ने दबिश देते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी नानालाल(45) पुत्र हूरजी कटारा, अनिल(21) पुत्र रूपलाल कटारा, गणेश(20) पुत्र नारायण कटारा और विजय उर्फ रामेश्वर(21) पुत्र नानालाल कटारा को गिरफ्तार किया है। सभी टामटिया गांव के निवासी है। इनमें विजय और नानालाल आपस में पिता-पुत्र है। शादी समारोह से लौटते समय किया हमलापुलिस को सौंपी रिपोर्ट में टामटिया निवासी मृतक के पिता छगन मईडा ने बताया- 26 अप्रैल की शाम करीब साढ़े 5 बजे उनका बेटा गोविंद (25) अपने परिवार के साथ रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव के आंगनबाड़ी केंद्र के पास घात लगाए बैठे आरोपियों ने गोविंद का रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने जानलेवा नीयत से गोविंद पर हमला कर दिया। नानु उर्फ नानालाल ने तलवार से, जबकि विजय और सुनील ने कुल्हाड़ी से वार किए। गोविंद की चीख सुनकर उसकी मां नागरी देवी और अन्य परिजन बचाव के लिए दौड़े, लेकिन तब तक गोविंद लहूलुहान होकर गिर चुका था। परिजनों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए। गोविंद परिजनों की गोद में ही दम तोड़ चुका था, फिर भी परिजन उसे लेकर पास के हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अभी भी कई आरोपियों की तलाश जारी, ठिकानों पर पुलिस दे रही दबिश जांच अधिकारी रूपसिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पकड़े गए आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह और पुरानी रंजिश के पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। बता दें कि कुल 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला 1. युवती के भाई ने कई बार समझाया, नहीं माना बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर टामटिया गांव में करीब 2100 लोगों की आबादी रहती है। इसमें अलग-अलग बस्तियां हैं। यहां एक बस्ती के युवक का दूसरी बस्ती की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवती का भाई युवक को कई कई बार समझा चुका था, लेकिन वह मान नहीं रहा था। 2. हत्या के बाद भीड़ बस्ती में घुसी: रविवार को शाम 6 बजे युवक ने युवती के भाई पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काट डाली। इस बात से दूसरे पक्ष के ग्रामीण नाराज हो गए और करीब 300 लोग इकठ्ठा होकर 35 घरों की बस्ती में पहुंच गए। इस बस्ती में सड़क के दोनों तरफ करीब 35 मकान थे। ग्रामीणों ने पहले सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन करते रहे। कुछ देर बाद अचानक ग्रामीणों ने बस्ती पर हमला बोल दिया और घरों को आग लगा दी। पुलिस के रास्ते में लकड़ियां बिछा दी। उन्हें अंदर नहीं आने दिया। एक साथ पहुंची भीड़ को देख बस्ती के लोग जान बचाकर भागे। अब देखिए बस्ती का हाल ये खबर भी पढ़िए… युवक की हत्या से गांव में तनाव,घरों में आग लगाई:दावा-पुलिस पर भी हुआ पथराव, रातभर गांव के बाहर बैठे रहे अधिकारी युवक की हत्या से गुस्साई भीड़ ने बस्ती जला दी:चूल्हे पर रोटियां छोड़कर भागे लोग; मशालें लेकर आए ग्रामीणों ने घरों में आग लगाई पहली बार सामने आई बांसवाड़ा हत्याकांड की चश्मदीद:बोली- मेरे सामने 7 लोगों ने घेरकर मारा; भीड़ ने फूंके थे 30 घर, पूरी बस्ती खाली
दहेज सामान से लदी पिकअप पलटी:पुलिया से 10 फीट नीचे गिरी, मैहर में तीन लोग गंभीर घायल
मैहर जिले के रामनगर इलाके में बुधवार शाम एक बोलेरो पिकअप गाड़ी पुलिया से नीचे गिर गई। यह हादसा बाबूपुर गांव के पास बुधवार करीब 5 बजे हुआ। गाड़ी में दहेज का सामान लदा था और इस एक्सीडेंट में तीन लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, पिकअप गाड़ी सीधी जिले से एक बारात से लौटकर सिमरिया जा रही थी। बाबूपुर गांव की पुलिया के पास ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे वह अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट नीचे जा गिरी। गाड़ी पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने किया बचाव कार्य हादसे की खबर मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। प्रधान आरक्षक सूर्यभान सिंह और ड्राइवर रामधनी वर्मा ने गांव वालों की मदद से गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने बिना देर किए सभी घायलों को अस्पताल भेजने का इंतजाम किया। हादसे में घायल हुए युवक इस दुर्घटना में रीवा जिले के सेमरिया के रहने वाले तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लाली विश्वकर्मा (26 साल) विनोद कुमार विश्वकर्मा (25 साल) अनिरुद्ध विश्वकर्मा (22 साल) तीनों को इलाज के लिए रामनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार या लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पाली में शाम को चली तेज हवा, उड़े होर्डिंग्स:सिरियारी में गिरे ओले, कई जगह हुई हल्की बरसात
पाली में बुधवार शाम को अचानक मौसम ने करवट ली। सिरियारी में ओले गिरे वही जिले में कई जगह बरसात हुई। पाली शहर में भी शाम के समय अचानक तेज हवा चली। जिससे शहर के नगर पुलिया पर लगा होर्डिंग फट गया। इसके साथ ही शहर में और भी कई जगह होर्डिंग फटने के समाचार है। अचानक तेज हवा चलने से जहां शादी समारोह था वहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में कई बार लाइट गुल हुई जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले के मारवाड़, सोजत, बाली सहित जिले भर में मौसम बदलने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। इससे पहले सुबह से ही शहर में गर्मी का असर तेज रहा। शाम को मौसम बदला तो लोगों ने गर्मी से कुछ राहत महसूस की पाली में बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहा।
सुल्तानपुर में बुधवार शाम चक्रवाती तूफान ने कहर बरपाया। इस दौरान करीब 12 लोग घायल हुए, जिनमें से 6 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तूफान से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। कूरेभार ब्लॉक क्षेत्र में तूफान से 10 लोग घायल हुए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराए गए घायलों में लोकेपुर गांव के शिवम (28) और आंचल (18) शामिल हैं, जो टीन शेड गिरने से गंभीर रूप से चोटिल हुए। भगवानपुर शहरी की स्वाती (20) और अमेठी की 6 वर्षीय आराध्या भी टीन शेड की चपेट में आईं। बैंतीकला (अयोध्या) निवासी राजेश्वरी (60) और गलिबहा के रमन (30) भी घायल हुए। मुजेश टोल प्लाजा पर कार्यरत कपिल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कियासीएचसी के डॉ. जसवंत आजाद ने बताया कि कुल 10 घायल अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 6 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उधर, दुबेपुर ब्लॉक क्षेत्र के बंधुआकला के चौदहवा मोहल्ले में आंधी के कारण एक विशालकाय नीम का पेड़ जड़ से उखड़कर मुन्नीलाल कोरी के मकान पर गिर गया। इससे मकान का टीन शेड और छत ढह गई। पेड़ गिरने से लोग घायल हुएपेड़ गिरने से मुन्नीलाल की पत्नी धनऊ और उनकी बच्ची सुनैना मामूली रूप से घायल हो गईं। पड़ोसियों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, बड़ा हादसा टल गया, लेकिन घर का सारा सामान जैसे गेहूं, चावल और अन्य घरेलू वस्तुएं मलबे में दब गईं। पेड़ के नीचे कार दबी, टेंट उखड़ापेड़ गिरने से बिजली का खंभा भी टूट गया, जिससे पूरे मोहल्ले की बिजली गुल हो गई। हलियापुर में भाजपा नेता हिन्देश सिंह के यहां एक वरीक्षा कार्यक्रम चल रहा था। तेज आंधी के कारण चिलबिल का पेड़ गिरने से तीन कारें दब गईं, जबकि टेंट उखड़ गया। आंधी बारिश से बिजली गुल, लोग परेशानकुड़वार फीडर बंद होने से जहां हजारों की आबादी प्रभावित हुई है, वहीं मोतिगरपुर और दियरा उपकेंद्र बंद होने से हजारों लोग अंधेरे में रहने को बाध्य हैं। बल्दीराय और धनपतगंज में भी बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई है। असरोगा उपकेंद्र अंतर्गत आंधी से आठ खंभे टूट गए हैं, जिससे रात भर बिजली नहीं आएगी। जूनियर इंजीनियर का कहना है कि आज विद्युत व्यवस्था ठीक होना संभव नहीं है। रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़उधर, अयोध्या-प्रयागराज रेलखंड पर कूरेभार थाना क्षेत्र अंतर्गत फूलपुर गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर आम का पेड़ गिर गया। ट्रैक से पेड़ हटा दिया गया है। वहीं आंधी और बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। आम के फल गिर गए और लोग खेतों में पड़े गेहूं व भूसे को सहेजते नजर आए। किसान त्रियुगी नारायण और प्रताप नारायण ने बताया कि मशीन से गेहूं कटने के बाद अभी भूसा नहीं बना था। इसी क्रम में अखंडनगर के बरामदपुर में सेवानिवृत्त अनुचर सतई कहार के परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यहां मलबे में दबकर दो गाय और एक बकरी की मौत हो गई, जो परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थीं।
खगड़िया में 50 हजार का इनामी अरेस्ट:‘लाल वारंटी’ दबोचा, मानसी थाना और STF की ज्वाइंट कार्रवाई
खगड़िया पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में 50,000 रुपये के इनामी 'लाल वारंटी' चंद्रकिशोर मंडल उर्फ चानो मंडल को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मानसी थाना पुलिस, DIU टीम खगड़िया और STF (SOG-03) पटना की एक संयुक्त टीम ने की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मानसी थाना क्षेत्र के एकनिया गांव में छापेमारी कर आरोपी को दबोचा। चंद्रकिशोर मंडल लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रयास किए गए थे, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहा था। गिरफ्तार अपराधी मानसी थाना कांड संख्या 60/13, दिनांक 17 अप्रैल 2013 में धारा 395 भा.दं.वि. (डकैती) के तहत वांछित था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चंद्रकिशोर मंडल का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ चौथम थाना कांड संख्या 272/19 (दिनांक 10.11.2019) में डकैती का मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त, मानसी थाना कांड संख्या 16/20 (दिनांक 14.01.2020) में भी धारा 395 के तहत केस दर्ज है। मानसी थाना कांड संख्या 48/10 (दिनांक 05.05.2010) में धारा 341, 323, 324, 307, 504, 34 भा.दं.वि. एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत हत्या के प्रयास और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मानसी थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क तथा साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।इस सफल कार्रवाई में मानसी थाना के पु०अ०नि० सह थानाध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में DIU टीम खगड़िया एवं STF (SOG-03) पटना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।खगड़िया पुलिस ने इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) बरेली की टीम ने फरीदपुर तहसील में तैनात चकबंदी कानूनगो कमल सुधीर शुक्ला को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। योगी सरकाफ की जीरो टोलरेंस नीति के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी को रेलवे स्टेशन बिलपुर के पास फतेहगंज पूर्वी रेलवे क्रासिंग से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से शाहजहाँपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र का निवासी है। किसान से पैमाइश के नाम पर मांगी थी घूसग्राम खजुरिया निवासी शिकायतकर्ता राजीव ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि कानूनगो उनकी जमीन की नाप-तौल करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम पकड़ी, टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। ट्रैप टीम प्रभारी का बयानट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि चकबंदी कानूनगो कमल सुधीर शुक्ला को 10,000 रुपये के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली में वैधानिक कार्यवाही करते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है। पीड़ित व्यक्ति भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए विभाग के मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
नूंह जिले के पुन्हाना उपमंडल के बिछोर गांव में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक मोबाइल दुकानदार और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया है। दो दिनों के भीतर गांव में यह दूसरी बड़ी आपराधिक घटना है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है। पूरी घटना मोबाइल बदलने के मामूली विवाद से शुरू हुई। पीड़ित दुकानदार अतुल ने बताया कि एक युवक मोबाइल खरीदकर ले गया और कुछ देर बाद उसे बदलने की जिद करने लगा। विवाद बढ़ने पर अतुल ने ग्राहक के पैसे वापस कर मोबाइल ले लिया। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ और शाम को आरोपियों ने हमला बोल दिया। सात आठ युवकों ने दुकान में घुसकर किया हमला आरोप है कि शाम करीब 5 बजे रोबिन, बोयल, वक्की और अनीस सहित करीब 7-8 युवक हथियारों के साथ अतुल की दुकान में घुस आए। उन्होंने अतुल के साथ बेरहमी से मारपीट की। जब उसकी माँ उसे बचाने आई, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मारपीट के कारण अतुल की माँ बेहोश हो गईं और अतुल के चेहरे पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें आईं।नकदी और गहने उठा ले गए हमलावर केवल मारपीट तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि जाते-जाते दुकान से चार मोबाइल फोन, करीब 20 हजार रुपये की नकदी और अतुल की माँ के सोने के गहने भी लूट ले गए। यह पूरी सनसनीखेज वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। लोगों ने पुलिस की गश्त पर उठाया सवाल बिछोर गांव में लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इससे पहले भी गांव में एक परिवार पर पुरानी रंजिश के चलते हमला हुआ था। फिलहाल, जांच अधिकारी योगेश का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र स्थित नवादा गांव में बुधवार शाम एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय किशन कन्हैयालाल पटेल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कन्हैयालाल पटेल खेती-किसानी के साथ टेंट व्यवसाय भी करते थे। बुधवार शाम वे अपने घर के पास टेंट लगाने के काम की देखरेख कर रहे थे। काम पूरा करने के बाद वे घर लौटे और पानी पिया, इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन तुरंत उन्हें देवास जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने के बाद शव को जिला अस्पताल के पीएम रूम में रखवाया गया है। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।
बालाघाट के बुढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले करीब 15 दिनों से महिलाएं इस 50 साल पुरानी दुकान को रिहायशी इलाके से हटाने के लिए दिन-रात धरने पर बैठी हैं। बीते दिनों दुकान पर हुई हाथापाई और झड़प के बाद अब यह आंदोलन और तेज हो गया है। बुधवार देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर और पार्षद सरिता सोनेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच पहुंचीं। नपाध्यक्ष ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कानून अपने हाथ में न लें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे पहले है और वे पुलिस अधीक्षक से बात कर यहां पुलिस बल तैनात करने की मांग करेंगी। हालांकि, उन्होंने दुकान हटाने को लेकर कोई तय समय बताने से मना कर दिया है। 40 सालों का दर्द और कलेक्टर को न्योता वार्ड की महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 40-50 सालों से इस परेशानी को झेल रही हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट हो रहा है, जिसमें महिलाएं अपनी तकलीफ बताते हुए कलेक्टर से गुहार लगा रही हैं। महिलाओं ने कलेक्टर को चुनौती भरे लहजे में न्योता दिया है कि वे सिर्फ दो घंटे अपने परिवार के साथ इस इलाके में आकर रहें, तब उन्हें असलियत पता चलेगी। वार्ड 24 और 25 की तरह मांग महिलाओं की मांग है कि जिस तरह वार्ड नंबर 24 और 25 से शराब दुकानें हटाई गई हैं, उसी तरह इस दुकान को भी आबादी वाले क्षेत्र से दूर कहीं और शिफ्ट किया जाए। वार्ड पार्षद सरिता सोनेकर ने भी प्रशासन से अपील की है कि लोगों की भावनाओं और सुरक्षा को देखते हुए दुकान को जल्द से जल्द हटाया जाए। फिलहाल, प्रशासन की ओर से कोई ठोस फैसला न आने के कारण महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में सरगुजा को फिर से निराश किया है। सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों से कोई भी छात्र टॉप 10 में जगह नहीं बना सके। सरगुजा जिले की रैंकिंग भी नीच गिर गई है। सूरजपुर की रैंकिंग बढ़ी है। सरगुजा जिले का दसवीं बोर्ड में परिणाम 83.09 प्रतिशत और बारहवीं में 80.56 प्रतिशत रहा। बारहवीं बोर्ड में मल्टी परपज स्कूल के बाबा आशीष केरकेट्टा ने 94.40 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान और दसवीं बोर्ड में प्रयास विद्यालय की ज्योति साहू ने 97.33 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। सरगुजा की रैंकिंग भी नीचे आई, सूरजपुर की बढ़ी बोर्ड परीक्षाओं में सरगुजा की रैंकिंग भी गत वर्ष के मुकाबले नीचे आ गई है। बारहवीं में सरगुजा की जिलेवार रैंकिंग 24 वां और दसवीं में रैंकिंग 16 वें स्थान में पहुंच गई है। सूरजपुर जिले से भी टॉप-10 में कोई जगह नहीं बना सका। सूरजपुर जिले का 12वीं का कुल परीक्षाफल 86.46 प्रतिशत तथा 10वीं का परीक्षाफल 82.75 प्रतिशत रहा है। गत वर्षों की तुलना में सूरजपुर का रिजल्ट बेहतर रहा है। बलरामपुर जिले से भी बोर्ड परीक्षाओं में कोई टॉप 10 में जगह नहीं बना सका। बलरामपुर का 12वीं बोर्ड में रिजल्ट 84.29 प्रतिशत और 10 वीं बोर्ड में 84.63 प्रतिशत रहा। मल्टी परपज और प्रयास के छात्र जिले में अव्वल शासकीय मल्टी परपज स्कूल के आर्ट्स के छात्र बाबा आशीष केरकेट्टा ने 94.40 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पहला स्थान हासिल किया है। आशीष केरकेट्टा के माता-पिता मजदूरी करते है और छात्र भी स्वयं खेत में काम करता है। 12वीं बोर्ड में जिले में द्वितीय स्थान प्रयास आवसीय विद्यालय की छात्रा कलिश कुमारी ने 94 प्रतिशत अंकों के साथ हासिल किया है। जिले में 10वीं बोर्ड की बात की जाए तो प्रयास आवासीय विद्यालय की छात्रा ज्योति साहू ने 97.33 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे स्थान पर वेदिका राजवाड़े ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। सुपर फ्लाप हुआ सुपर 30 जिला प्रशासन द्वारा सरगुजा के मेधावी छात्रों के लिए शुरू किया सुपर 30 आवासीय स्कूल व कोचिंग इस वर्ष सुपर फ्लॉप रहा। सुपर 30 के छात्र कोई कमाल नहीं दिखा सके। यह योजना ही जिले का रिजल्ट सुधारने और प्रदेश के टॉप 10 में जिले के बच्चों को शामिल करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। बच्चों को आवासीय सुविधा देकर शिक्षकों के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जा रही थी। इस वर्ष सुपर 20 के बच्चे राज्य की प्रावीण्य सूची तो दूर सरगुजा जिला टॉप-10 में भी अपनी जगह नहीं बना सके। सुपर 30 में जिलेभर के मेधावी बच्चों का चयन कर उनके लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। आवासीय सुविधा सहित अन्य सुविधाओं में प्रति माह लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च किये जा रह हैं।
लखनऊ के गोमती नगर में ‘भारतीयम् भवन’ में बुधवार को वर्ल्ड डांस डे के मौके पर रत्ना डांस अकादमी की ओर से ‘डांससुरा फिएस्टा’ का रंगारंग आयोजन किया । कार्यक्रम का निर्देशन रत्ना अस्थाना ने किया, जिसमें ‘डांस’ और ‘सुर’ का शानदार संगम देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर माताओं तक ने मंच पर अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में घोषणा की गई कि 1 मई से ‘दादी, मम्मी और पोती’ के लिए एक्सक्लूसिव समर डांस क्लासेस शुरू होंगी। इन कक्षाओं में बॉलीवुड और सेमी-क्लासिकल डांस के साथ जुम्बा और योगा के जरिए फिटनेस पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही इंटरेस्टिंग गेम्स और आर्ट एंड क्राफ्ट के शुरुआती सेशन भी आयोजित होंगे। प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को बड़े मंचों पर प्रदर्शन का मौका देने की भी योजना है। माताओं को सम्मानित किया गया इस मौके पर 'बेस्ट किड्स डांस' कैटेगरी में पांच बच्चों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। इनमें अग्रिमा-आशा चौरसिया, एंजल-लक्ष्मी मौर्या, वीरा-लक्ष्मी मौर्या, रक्षा-सुधा शर्मा और श्री-रोली मौर्या शामिल रहीं। वहीं 'मदर डांस' कैटेगरी में श्वेता मनराल, रीता मनराल, रश्मि गुप्ता, नीलम गुप्ता, बबीता साहू, पिंकी मिश्रा, गरिमा सिंह, प्रीति गुप्ता, प्रीति श्रीवास्तव, अनुजा पांडेय, रीना साहनी, रश्मि त्रिवेदी और रचना श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया। गीतों पर उत्साहपूर्ण नृत्य कर समां बांधा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान माताओं ने 'पिया तोसे', 'तौबा कैसे हैं नादान' और 'ओ रे पिया' जैसे गीतों पर उत्साहपूर्ण नृत्य कर समां बांध दिया। मुख्य अतिथि भारतेन्दु नाट्य अकादमी के पूर्व निदेशक पुनीत अस्थाना ने कहा कि भगवान शिव का तांडव नृत्य सृष्टि के निर्माण और पुनर्निर्माण का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में नृत्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि साधना का माध्यम भी है। कार्यक्रम संयोजिका शुभ्रा अस्थाना ने सभी को विश्व नृत्य दिवस की शुभकामनाएं दीं। आयोजन को सफल बनाने में नमन ने मंच सज्जा और पावनी ने सोशल मीडिया प्रमोशन की जिम्मेदारी संभाली।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV ACB) फरीदाबाद ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हलका पटवारी जावेद को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी गौच्छी (उप तहसील गौच्छी) में तैनात था। मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना SV ACB, फरीदाबाद में केस दर्ज किया गया है। यहां जानिए क्या है पूरा मामला शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने गांव फिरोजपुर कलां में स्थित कृषि भूमि का अपने भतीजे कृष्ण (पुत्र रोहताश) के साथ आपसी तबादला कराया था। यह प्रक्रिया कार्यालय सब-रजिस्ट्रार गौच्छी में पूरी हुई, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल गलत दर्ज हो गया। इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए 24 मार्च को तहसीलदार गौच्छी को आवेदन दिया गया, जिसे उसी दिन पटवारी जावेद को मार्क कर दिया गया। आरोप है कि पटवारी ने काम को जानबूझकर लटकाया और बाद में इंतकाल ठीक करने के नाम पर 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। 25 हजार के साथ गिरफ्तार शिकायत की पुष्टि के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने योजना बनाकर रेड की। शिकायतकर्ता ने आरोपी को 25,000 रुपये दिए। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत ली, उसे शक हो गया और उसने तुरंत पैसे अपने निजी सहायक को थमा दिए। मौके पर मौजूद टीम ने आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन उसका सहायक नकदी लेकर फरार हो गया। मामले की जांच में जुटी टीम पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और फरार निजी सहायक की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। रिश्वत की राशि बरामद करने के प्रयास भी जारी हैं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है।
लखीसराय में रोड एक्सीडेंट, 2 बाइक सवारों की मौत:बाइक, ऑटो और वैन की भिड़ंत; तिलक समारोह में जा रहे थे
लखीसराय-हलसी मुख्य मार्ग पर बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना हलसी थाना क्षेत्र के गिद्धा और कोली गांव के बीच हुई, जहां बाइक, सीएनजी ऑटो और टाटा मैजिक की आपस में टक्कर हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और मार्ग पर जाम लग गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार तीनों युवक हलसी थाना क्षेत्र के राता गांव में दरबारी महतो के यहां आयोजित तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। बाइक, ऑटो और मैजिक वाहन की भिड़ंत हो गई गिद्धा और कोली गांव के बीच तेज रफ्तार वाहनों के बीच ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक, ऑटो और मैजिक वाहन की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान जमुई जिले के लछुआड़ फतेहपुर निवासी संदीप महतो के पुत्र कौशल कुमार और बरबीघा निवासी सोहरायन महतो के रूप में हुई है। वहीं, घायल युवक राता गांव निवासी सोफेंद्र महतो का 17 वर्षीय पुत्र विक्की कुमार है। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सदर अस्पताल लखीसराय पहुंचाया घायल विक्की कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सदर अस्पताल लखीसराय पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बीडीओ अर्पित आनंद, रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार और हलसी थाना के अपर थानाध्यक्ष रंजीत रंजन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। अपर थानाध्यक्ष रंजीत रंजन ने बताया कि हादसे में मृत दोनों युवकों की शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरटेक को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के जनता दरबार में एक संवेदनशील मामले का त्वरित समाधान किया गया। उनकी पहल पर एक असहाय महिला को तमिलनाडु से जारी उसके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। जनता दरबार में दुलारी देवी, पति स्वर्गीय दिनेश पासवान, निवासी ईदगाह, वार्ड संख्या-12, पंचायत ढोलबज्जा, थाना-फारबिसगंज, जिला अररिया ने आवेदन दिया था। उन्होंने अनुरोध किया था कि उनके पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र तमिलनाडु राज्य के थुथुकुड़ी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से निर्गत नहीं हो पा रहा है, क्योंकि वह असहाय स्थिति में थुथुकुड़ी नहीं जा सकती हैं। 6 जुलाई 2025 को बस की टक्कर हुए थे घायल आवेदिका ने बताया कि उनके पति दिनेश पासवान (लगभग 40 वर्ष) तमिलनाडु के तिरुचेंदूर क्षेत्र में कार्यरत थे। 16 जुलाई 2025 को कार्य समाप्त कर घर लौटते समय पीछे से आई बस की टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें थुथुकुड़ी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान 17 जुलाई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। आर्थिक एवं अन्य कारणों से दुलारी देवी का तमिलनाडु जाना संभव नहीं था। उन्होंने जिला पदाधिकारी से मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने त्वरित संज्ञान लिया। प्रयासों के फलस्वरूप मृत्यु प्रमाण-पत्र मिला डीएम दूहन ने तमिलनाडु के थुथुकुड़ी जिला के जिला पदाधिकारी से संपर्क स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उनके प्रयासों के फलस्वरूप, मृतक दिनेश पासवान का मृत्यु प्रमाण-पत्र आज आवेदिका को उपलब्ध कराया गया। जिला पदाधिकारी ने स्वयं आवेदिका दुलारी देवी को उनके पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र सौंपा। इस दौरान भावुक आवेदिका ने जिला पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। यह घटना जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार रतलाम विकास प्राधिकरण (आरडीए) के पद पर मनोहर पोरवाल को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इनके साथ ही पहली बार दो उपाध्यक्ष व पांच सदस्यों को कार्यकारिणी सदस्य भी नियुक्त किया है। प्रवीण सोनी और गोविंद काकाणी को उपाध्यक्ष बनाया है। कार्यकारिणी में राजेंद्र सिंह गोयल, राजेंद्र मौर्य, धीरज व्यास, राखी व्यास और किरण महावर को शामिल किया है। बता दे कि राज्य शासन ने अन्य जिलो में आरडीए के पद पर नियुक्ति कर दी थी। लेकिन रतलाम को लेकर होल्ड कर रखा था। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल भी नए अध्यक्ष के पद की दौड़ में थे। अशोक पोरवाल प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खास समर्थकों में से है। लेकिन उनकी नहीं चली। मंत्री काश्यप के खास समर्थक है पोरवाल नए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल मंत्री व रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप के खास समर्थकों में से है। इसके पहले भी वह पार्टी में कई पदों पर रह चुके है। बुधवार शाम को राज्य शासन ने नियुक्ति का आदेश जारी किया। नियुक्ति के बाद नए अध्यक्ष पोरवाल ने भोपाल में सीएम डॉ. मोहन यादव व कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप से मुलाकात की। जारी आदेश में राज्य शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी नियुक्तियां संबंधित पदाधिकारियों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएंगी। ये नियुक्तियां आगामी आदेश तक लागू रहेंगी।
हिसार की सेशन जज अलका मलिक की अदालत ने करीब आठ साल पुराने शराब ठेकेदार जय सिंह उर्फ धौलिया हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत इन सभी दोषियों को 4 मई को सजा सुनाएगी। लेने देन के विवाद में हुई थी हत्या मामला नवंबर 2017 में सिटी थाना पुलिस ने जीएलएफ कॉलोनी निवासी सुनील की शिकायत पर दर्ज किया था। सुनील के अनुसार, उसका भाई जय सिंह शराब कारोबारी था और पहले राधेश्याम गुज्जर के साथ ठेकेदारी करता था। पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। हिसाब करने के बहाने बुलाया था, ताबड़तोड़ मारी कई गोलियां घटना के दिन राधेश्याम ने जय सिंह को तेलियान पुल के पास ठेके पर हिसाब करने के बहाने बुलाया। जय सिंह अपने भांजे के साथ वहां पहुंचा, जहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया। इनको मिलेगी सजा दोषी ठहराए गए आरोपियों में राधेश्याम, अशोक, उमेद, सुरेंद्र, सुंदर, महिपाल, प्रवीन, दीपक और कृष्ण शामिल हैं। वहीं, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में शेरसिंह और अमित को बरी कर दिया। अहम बात यह रही कि कई गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे, इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी माना।

