अलीगढ़ पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला किया। अम्मू ने विकास के दावों पर कटाक्ष करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि यूपी की सड़कें हेमा मालिनी या ऐश्वर्या राय के गालों जैसी नहीं, बल्कि डिप्टी सीएम के गालों जैसी खुरदरी हो चुकी हैं। कहा कि सोहना से अलीगढ़ का जो सफर पहले 2 घंटे में कटता था, गड्ढों के कारण अब उसमें 4 घंटे लग रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूपी की राजनीति में सीधे दखल का एलान करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर अकेले उतरने की घोषणा कर दी है। ‘चोरों को चोर और डाकुओं को डाकू कहेंगे’ रामघाट रोड स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के बाद सूरजपाल अम्मू बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि करणी सेना हमेशा सच के साथ खड़ी रहेगी। हम चोरों को चोर और डाकुओं को डाकू कहने से कभी नहीं डरेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम पर सड़कों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। इस बदहाली के लिए स्थानीय सांसद, विधायक और मंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। कल्याण सिंह के दौर से की मौजूदा सरकार की तुलना अम्मू ने कानून व्यवस्था और विकास के मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल्याण सिंह के कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के समय में जो सड़कें बनी थीं, वे आज भी बेहतर स्थिति में हैं। वहीं, वर्तमान सरकार में नगर निगमों के भीतर भ्रष्टाचार चरम पर है और विकास कार्यों की गुणवत्ता पूरी तरह घटिया हो चुकी है। राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण पर उठाए सवाल करणी सेना प्रमुख ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के दौरान सामने आए करोड़ों रुपए के चंदे की हेराफेरी के आरोपों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। अम्मू ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीयत पर कोई शक नहीं है, लेकिन उनके आस-पास जो लोग बैठे हैं, वे पूरी तरह भ्रष्ट हैं। क्लीन चिट पर आपत्ति उपेंद्र मिश्रा द्वारा चंपत राय को दी गई क्लीन चिट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे देश के करोड़ों सनातनियों और श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। अधिकारियों और भ्रष्ट नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब गाड़ी के टायर घिस चुके हैं और उनसे धागे निकल रहे हैं, वक्त आ गया है कि इन टायरों को बदल दिया जाए। अलीगढ़ के विधायकों की संपत्ति जांचने की मांग सूरजपाल अम्मू ने अलीगढ़ के राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी। उन्होंने यहां के सभी विधायकों की संपत्ति की जांच कराने की मांग उठा दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद नेताओं की संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है, इसका पूरा ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए ताकि जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। ये रहे मौजूद इस मौके पर करणी सेना के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गौरव चौहान, प्रदेश अध्यक्ष आशीष चौहान, वीरू भदौरिया, डॉ. दिनकल सिंह परिहार, राणा मुनि प्रताप सिंह, सुमित तोमर, गौरव दुबे, सुनील ठाकुर, आदित्य मुखरिया और राहुल शर्मा सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश में अब कैंसर मरीजों के इलाज का खर्च 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इससे एक कीमो का खर्च 2 से 3 हजार रुपए ज्यादा लगेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने कैंसर के इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख कीमोथेरेपी दवाओं कार्बोप्लाटिन और सिस्प्लाटिन के दाम बढ़ा दिए हैं। एक्सपर्ट की माने तो यह दोनों दवाएं ओवरी, फेफड़े, स्तन, सिर-गर्दन समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोग होती हैं। कई मरीजों को 4 से 6 या उससे अधिक कीमो साइकिल लगती हैं, ऐसे में पूरे इलाज पर हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, कंपनियों ने दवाओं का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, लेकिन करीब एक महीने मांग अनुरूप सप्लाई करने में लगेगा। दूसरी ओर, शहर के कैंसर अस्पतालों में कीमो की दवाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। युद्ध के चलते सप्लाई चैन बाधित हुई थी। घाटे के चलते दवा कंपनियों ने प्रोडक्शन पूरी तरह बंद कर दिया था। 7 प्रकारों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं महंगी हुईपेट्रोल-डीजल और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से जुड़ी खबरें इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अब सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रहा। इसने भारत में कैंसर के इलाज को भी मुश्किल बना दिया है। स्थिति ऐसी है कि कैंसर के 7 प्रमुख प्रकारों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की कमी से हर 100 में से करीब 70 मरीज प्रभावित हो सकते हैं। अब डॉक्टरों का इलाज के तरीकों में बदलाव पर फोकसदवाओं की कीमतें बढ़ने और इनकी कमी की बात विशेषज्ञ पहले ही कह चुके हैं। हाल ही में भास्कर से चर्चा में मुंबई स्थित कामा और एल्ब्लेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पाल्वे ने बताया था कि प्लैटिनम-बेस्ड कीमोथेरेपी दवाओं की भारी कमी से कैंसर के मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है। सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी जरूरी दवाओं की सप्लाई में रुकावट के कारण डॉक्टरों को इलाज के स्टैंडर्ड तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों पर भी इस कमी का असर पड़ा है। हालांकि, प्लैटिनम वाली दवाओं की कमी तो है, लेकिन दूसरी कीमोथेरेपी दवाएं मिल रही हैं। इसलिए, भले ही सभी इलाज पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं, लेकिन इससे कुछ खास मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है। घरेलू दवा कंपनियों को भी इन दवाओं की सप्लाई बढ़ानी चाहिए, ताकि कमी खत्म हो और मरीजों के इलाज में आने वाली रुकावटें कम हों। पहले ही दवाओं के दाम में 50% तक वृद्धि की संभावना थीकेंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली दो महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी दवाओं सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमत बढ़ाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। देशभर में इन दवाओं की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी हो गई। फार्मा कंपनियों की मांग और उत्पादन लागत के आकलन के बाद सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। रिपोर्टों के अनुसार सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमतों में 10% से 50% तक वृद्धि की गई है। ताकि इनकी उपलब्धता बनी रहे और उत्पादन फिर से सामान्य हो सके। दरअसल, युद्ध और सप्लाई बाधाओं के कारण प्लैटिनम-बेस्ड कीमो दवाओं की सप्लाई में लगभग 50% तक कमी आने का अनुमान है। इसका असर सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी दवाओं की उपलब्धता और कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 30 साल से सबसे सस्ती और भरोसेमंद दवा है सिस्प्लैटिनभोपाल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. टी.पी. साहू के अनुसार, रेडियोथेरेपी के साथ इलाज का असर बढ़ाने के लिए सिस्प्लैटिन पिछले 20-30 साल से सबसे भरोसेमंद दवा मानी जाती है। इसका उपयोग लंबे समय से स्थापित इलाज पद्धति का हिस्सा रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि सिस्प्लैटिन जैसी दवा जहां हजारों रुपए में इलाज पूरा कर देती है, वहीं इसका विकल्प इम्यूनोथेरेपी लाखों रुपए तक पहुंच जाता है, जो आम मरीजों की पहुंच से बाहर है। इस कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए यह दवा बेहद अहम मानी जाती है। अब इसके रेट में भी वृद्धि होने जा रही है। देश के 70% तक कीमोथेरेपी में उपयोगभोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओपी सिंह के अनुसार, करीब 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग होता है। ऐसे में इसकी कमी सीधे तौर पर बड़े स्तर पर मरीजों को प्रभावित कर रही है। इसका मतलब यह है कि हर दस में से लगभग सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है, जिससे इसकी उपलब्धता पूरे कैंसर उपचार तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। कई प्रमुख कैंसर के इलाज की ‘बैकबोन’सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन को दुनिया भर में कीमोथेरेपी की सबसे महत्वपूर्ण दवाओं में माना जाता है। इनका उपयोग फेफड़ों, मुंह, सर्वाइकल, ओवरी, स्तन, अंडकोष, गॉलब्लैडर समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। ऑन्कोलॉजिस्ट इन्हें कई कैंसरों की फर्स्ट-लाइन थेरेपी का प्रमुख हिस्सा मानते हैं। ये दोनों दवाएं राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (NLEM) और डीपीसीओ के तहत मूल्य नियंत्रण में हैं। कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद कंपनियां दवाओं के दाम नहीं बढ़ा पा रही थीं। उद्योग का कहना है कि उत्पादन लागत और निर्धारित बिक्री मूल्य के बीच बड़ा अंतर आ गया, जिसके कारण कई कंपनियों ने उत्पादन कम कर दिया या बंद कर दिया। देश के 70% तक कीमोथेरेपी में उपयोग गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओपी सिंह के अनुसार, करीब 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग होता है। ऐसे में इसकी कमी सीधे तौर पर बड़े स्तर पर मरीजों को प्रभावित कर रही है। इसका मतलब यह है कि हर दस में से लगभग सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है, जिससे इसकी उपलब्धता पूरे कैंसर उपचार तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
अलीगढ़ पुलिस ने प्रतिबंधित और संरक्षित पशुओं के मांस की तस्करी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। चंडौस थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह खुर्जा से पूर्व केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सरवर हुसैन के भाई अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। अनवर हुसैन खुर्जा के बड़े कारोबारी और अलहम्द मीट फैक्ट्री के मालिक हैं। इस मामले में पुलिस ने अनवर के नौकर इस्लाम खान को भी बृहस्पतिवार शाम दौरई मोड़ से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गोवध अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत की है। 6 महीने पहले पकड़ी गई थी 700 किलो मांस की खेप इस पूरे मामले की शुरुआत 15 जनवरी 2026 की रात को हुई थी। गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष प्रिंस चौहान को सूचना मिली थी कि खुर्जा से अलीगढ़ की तरफ एक बंद बॉडी के लोडर वाहन में प्रतिबंधित मांस ले जाया जा रहा है। गोरक्षा दल के करीब 20 कार्यकर्ताओं ने वाहन का पीछा किया और दौरई मोड़ व गभाना टोल प्लाजा के बीच उसे दबोच लिया। वाहन की जांच करने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के होश उड़ गए। गाड़ी के भीतर अलग-अलग बक्सों में बर्फ के सहारे मांस के पैकेट छिपाकर रखे गए थे, जिनका कुल वजन 700 किलोग्राम से अधिक था। मछलियों के चारे का बहाना पकड़े जाने पर वाहन के चालक असफाक और परिचालक इस्लाम निवासी बरेली ने दावा किया था कि यह मांस मछलियों को खिलाने के लिए बरेली ले जाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने तब चालक-परिचालक के खिलाफ केस दर्ज कर मांस का सैंपल जांच के लिए मथुरा की प्रयोगशाला भेज दिया था। अप्रैल में आई लैब रिपोर्ट ने खोला राज अप्रैल महीने में मथुरा लैब से आई रिपोर्ट ने तस्करों के दावों की पोल खोल दी। रिपोर्ट में साफ हुआ कि पकड़ा गया मांस किसी साधारण पशु का नहीं, बल्कि 'संरक्षित/प्रतिबंधित पशु' का था। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से जांच आगे बढ़ाई तो कड़ियां जुड़ती गईं। जांच में सामने आया कि यह मांस खुर्जा स्थित अनवर हुसैन की मीट फैक्ट्री से ही लोड होकर चला था। सीओ गभाना महेश कुमार ने बताया कि जनवरी महीने में लोडर गाड़ी में जो मांस पकड़ा गया था, वह अनवर हुसैन की मीट फैक्ट्री से ही सप्लाई हुआ था। लैब की जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित पशु के मांस की पुष्टि होने के बाद ही यह गिरफ्तारियां की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में जुटी नेताओं की भीड़ चंडौस कोतवाली में जैसे ही पूर्व केंद्रीय मंत्री के भाई अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लाया गया, वहां राजनेताओं का तांता लग गया। करीब तीन घंटे तक कोतवाली परिसर में नेताओं की भारी भीड़ जमा रही। पैरवी करने के लिए एक पूर्व विधायक समेत कई दिग्गज नेताओं के प्रतिनिधि भी चंडौस कोतवाली पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। जानिए पूर्व मंत्री सरवर हुसैन और आरोपी अनवर हुसैन के बारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री सरवर हुसैन बुलंदशहर के रहने वाले हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बड़े छात्र नेता रहे हैं। वह 1987 में एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर बुलंदशहर से सांसद चुने गए। वह केंद्र की तत्कालीन चंद्रशेखर सरकार में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। अनवर हुसैन खुर्जा के मुंडाखेड़ा रोड पर स्थित अलहम्द मीट फैक्ट्री के मालिक हैं। इस फैक्ट्री में उनके साथ हाजी साबू और फहीमुद्दीन भी पार्टनर हैं। अनवर इलाके के रसूखदार और बड़े कारोबारी माने जाते हैं। मुंडाखेड़ा चौराहे पर उनका अपना पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और गोदाम भी है। इसके अलावा नेहरूपुर चुंगी पर उनका एक आलीशान फार्म हाउस और करीब 100 बीघा जमीन पर आम का बाग है। खुर्जा के सीओ शोभित कुमार ने भी अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी और सख्त कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टोन पार्क इलाके से तीन दिन पहले लापता हुई 17 वर्षीय छात्रा को पुलिस ने मुरैना और श्योपुर के बॉर्डर से सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में पीड़िता ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर बहला-फुसलाकर अगवा करने और उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। छात्रा के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी को दबोच लिया है। स्टोन पार्क इलाके से अचानक लापता हुई थी छात्रापुरानी छावनी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्टोन पार्क क्षेत्र में रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग, जो 11वीं की छात्रा है। तीन दिन पहले अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिजन ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और आसपास के इलाकों में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मुरैना-श्योपुर बॉर्डर पर मिली लोकेशन; पुलिस टीम ने दी दबिशसाइबर सेल और तकनीकी इनपुट की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि लापता छात्रा को उसके घर के ठीक सामने रहने वाला एक युवक ही बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है और दोनों इस वक्त मुरैना और श्योपुर जिले की सीमा (बॉर्डर) के पास छिपे हुए हैं। सुराग मिलते ही पुरानी छावनी थाना प्रभारी के निर्देशन में सब-इंस्पेक्टर (SI) देशराज और प्रधान आरक्षक कमल वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को तत्काल श्योपुर बॉर्डर के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम ने सटीक घेराबंदी कर छात्रा को सकुशल बरामद किया और उसे वापस ग्वालियर लेकर आई। घुमाने के बहाने ले गया और किया गलत काम, आरोपी गिरफ्तारग्वालियर लाने के बाद जब महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़ित छात्रा की काउंसलिंग की गई और उसके बयान दर्ज किए गए, तो इस पूरे मामले का सच सामने आया। पीड़िता ने बताया कि उसके घर के पड़ोस में रहने वाला आरोपी उसे बहला-फुसलाकर और बाहर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया था। एकांत का फायदा उठाकर आरोपी ने श्योपुर बॉर्डर के पास उसके साथ जबरन गलत काम (दुष्कर्म) किया। छात्रा के इस बयान के बाद पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं बढ़ा दीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी छावनी टीआई डॉ. संतोष यादव ने बताया- तीन दिन पहले स्टोन पार्क इलाके से गायब हुई 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को पुलिस टीम ने मुरैना-श्योपुर बॉर्डर से बरामद कर लिया है। पीड़िता के बयानों के आधार पर पड़ोसी आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
NEET परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडवायजरी जारी की है। परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। भोपाल में परीक्षा के लिए कुल 32 केंद्र बनाए गए हैं। मेट्रो निर्माण कार्य के चलते कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। पुलिस ने परीक्षार्थियों को समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। आनंद नगर परीक्षा केंद्र जाने वाले विद्यार्थी प्रभात चौराहा-पिपलानी मार्ग पर मेट्रो निर्माण के कारण होने वाली परेशानी से बचने के लिए चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल, महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप होकर पहुंचें। वहीं शासकीय गीतांजली कन्या पीजी कॉलेज, गौतम नगर जाने वाले परीक्षार्थी नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर और जेपी ब्रिज तिराहा होकर डीआईजी बंगला चौराहा मार्ग का उपयोग करें।ट्रैफिक पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही केंद्रों के आसपास वाहन पार्क नहीं करने की अपील की गई है, ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी न हो। पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपना परीक्षा केंद्र पहले से चिन्हित कर परीक्षा समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचने की अपील की है। किसी भी यातायात संबंधी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049104825, 7049104640 और व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में 8 साल की अलीना की मौत का मामला हत्या निकला है। शुक्रवार शाम आई शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची की मौत बेरहमी से की गई मारपीट के कारण हुई। उसके शरीर पर सिर से पैर तक 10 से ज्यादा गंभीर और अंदरूनी चोटें मिली हैं। पुलिस ने पड़ोसी आमीन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बच्ची ने गुल्लक से कुछ रुपए निकाले थे जांच में सामने आया कि गुरुवार शाम अलीना खेलते-खेलते पड़ोसी आमीन खान के सूने घर में चली गई थी। इसी दौरान उसने वहां रखी गुल्लक से कुछ रुपए निकाल लिए। एक राहगीर ने उसे घर के ताले के पास देखा था। बाद में तलाश करने पर आमीन को बच्ची पास की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पीते मिली। पूछताछ में उसने रुपए लेने की बात स्वीकार कर ली और रुपए भी वापस मिल गए। इतना पीटा की बच्ची चल भी नहीं पा रही थी रुपए मिलने के बाद भी आमीन का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आरोप है कि वह बच्ची को अपने साथ ले गया और कमरे में बंद कर उसकी बेरहमी से पिटाई की।मारपीट इतनी बर्बर थी कि जब वह अलीना को घर छोड़ने पहुंचा, तब वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। परिजन उसकी हालत की गंभीरता नहीं समझ सके और रातभर दर्द से तड़पने के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह उसका शव बिस्तर पर मिला। अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया डॉक्टरों के विशेष पैनल ने पोस्टमार्टम में पाया कि बच्ची के शरीर पर कई जगह गहरे और अंदरूनी चोटों के निशान थे। रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक मारपीट से हुए अंदरूनी रक्तस्राव और अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उसकी मौत हुई। फोरेंसिक जांच में हत्या की पुष्टि शुरुआत में कुछ लोगों ने पुलिस को बताया था कि आमीन ने बच्ची से केवल पूछताछ की थी। इससे जांच की दिशा भटकने की आशंका थी। इसके बाद पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कोक सिंह को मौके पर बुलाया। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, शव पर मिले चोटों के निशान और वैज्ञानिक जांच के आधार पर विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसने हत्या की पुष्टि कर दी। टीआई बोले- चोरी के शक में पीटा था पुरानी छावनी टीआई डॉ. संतोष यादव ने बताया शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि बच्ची की मौत बेरहमी से की गई मारपीट के कारण आई 'मल्टीपल इंजरी' की वजह से हुई है। चोरी के शक में मासूम को पीटा गया था। हिरासत में लिए गए पड़ोसी आरोपी आमीन खान से पूछताछ की जा रही है। जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… बिस्तर पर मिला 8 साल की बच्ची का शव ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में 8 साल की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची शुक्रवार सुबह अपने घर में बिस्तर पर मृत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रामपुर में चलती सीएनजी कार में लगी आग:ड्राइवर ने गाड़ी रोककर 4 लोगों को बाहर निकाला
रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में राम सिंगला हॉस्पिटल के सामने शुक्रवार को एक चलती सीएनजी कार में अचानक आग लग गई। चालक की सतर्कता और सूझबूझ के चलते कार में सवार सभी चार लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, कार स्वामी फारमूद अली अपने साथियों के साथ किसी कार्य से रामपुर आए थे। मोबाइल फोन रिपेयर कराने के बाद वे अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान राम सिंगला हॉस्पिटल के सामने पहुंचते ही उन्हें वाहन से असामान्य गंध महसूस हुई। कुछ ही क्षण बाद कार के अगले हिस्से से धुआं निकलने लगा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक ने तुरंत कार को सड़क किनारे रोक दिया और सभी सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद कार के बोनट से आग की लपटें उठने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पानी और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने से कार के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। कार स्वामी फारमूद अली ने बताया कि वाहन सीएनजी से संचालित है, लेकिन आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। आग बुझने के बाद कार दोबारा स्टार्ट नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वाहन को मैकेनिक के पास ले जाकर तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सके। घटना की सूचना सिविल लाइंस थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट के ओमप्रकाश राजभर के दावे का समर्थन किया है। बलिया में मीडिया से बात करते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के साथ काम करने वाले कई नेता एक-एक करके पार्टी छोड़ चुके हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि 'नेताजी' (मुलायम सिंह यादव) से जुड़े लोगों को पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा है। मंत्री ने याद दिलाया कि नेताजी ने 2012 में सपा सरकार बनाकर अखिलेश यादव को दी थी, लेकिन उसके बाद से पार्टी लगातार चुनाव हार रही है और अखिलेश यादव पार्टी के बिखराव को रोकने में असमर्थ रहे हैं। अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर टिप्पणी करते हुए दयाशंकर सिंह ने इसकी परिभाषा 'पाताल, धरती और आकाश' बताई। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब अखिलेश का घर और उनके घर का विकास है। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब पार्टी का कोई कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देख सकता, तो फिर पीडीए का क्या अर्थ है। अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ चंपत राय के न दिखाई देने के सवाल पर मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि हर कोई हर जगह मौजूद नहीं रहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या गए हैं और यह जरूरी नहीं कि कोई विशेष व्यक्ति हर बार उनके साथ दिखाई दे।
मिर्जापुर में रिमझिम बारिश और हवाओं से गर्मी से राहत:मौसम ने ली करवट, तापमान में आई गिरावट
मिर्जापुर में शुक्रवार देर शाम मिर्जापुर में मौसम ने अचानक करवट ले ली। रिमझिम बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोगों ने शाम को मौसम सुहावना होने पर राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर गर्म हवाओं और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन शाम के समय हुई हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। अचानक शुरू हुई बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। चार पहिया वाहन चालक अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे, जबकि बाइक और साइकिल सवारों ने बारिश से बचने के लिए दुकानों, पेड़ों और अन्य सुरक्षित स्थानों का सहारा लिया। कई स्थानों पर लोग बारिश का आनंद लेते हुए भी नजर आए। बारिश के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। मौसम में आए इस बदलाव से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों के चेहरे खिल उठे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। साथ ही जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मामला गंभीर पाए जाने पर संबंधित निजी अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रसूता की मृत्यु के कारणों और उपचार में संभावित लापरवाही की जांच के लिए विभागीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या मरीजों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। यह है पूरा मामला… घोरावल थाना क्षेत्र के पुरखास गांव निवासी संतोषी (25), पत्नी रामजी, को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जड़ेरुआ प्रसव केंद्र लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात स्टाफ नर्स चिंता देवी ने बेहतर उपचार का भरोसा देकर उन्हें केकराही स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल भेज दिया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई। इसके कुछ समय बाद संतोषी की हालत भी बिगड़ने लगी। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने संतोषी को मृत घोषित कर दिया। मृतका और नवजात के शव लेकर जब परिजन वापस मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचे तो अस्पताल का शटर बंद मिला और स्टाफ मौके से गायब था। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और जांच जारी है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में दो मेंबर की नियुक्ति की गई है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रो. संतोष आनंद और डॉ.दीपक कुमार शर्मा को RPSC सदस्य पद पर शुक्रवार देर रात नियुक्ति के आदेश जारी किए। दोनों सदस्यों का कार्यकाल पद संभालने से 6 साल की अवधि या 62 साल तक की उम्र पूरी होने तक का होगा। RPSC अध्यक्ष यूआर साहू 19 जून को रिटायर हुए। नए अध्यक्ष की नियुक्ति तक सीनियर मेंबर लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) केसरी सिंह राठौड़ को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। केसरी सिंह की कांग्रेस सरकार के वक्त 2023 में आरपीएससी मेंबर के पद पर नियुक्ति दी गई थी। आरपीएससी अध्यक्ष यूआर साहू हुए रिटायर राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू का शुक्रवार को कार्यकाल पूरा हो गया। वहीं आयोग के एक अन्य सदस्य का भी कार्यकाल अगले महीने पूरा होगा। भाजपा सरकार ने 12 जून 2025 को उत्कल रंजन साहू को अध्यक्ष बनाया था। 24 सितंबर 2025 को अजमेर के प्रो. सुशील बिस्सू सहित तीन सदस्य नियुक्त किए थे। इनमें डॉ. अशोक कलवार और हेमंत प्रियदर्शी भी शामिल हैं। डॉ. कलवार का कार्यकाल 31 जुलाई को पूरा होगा।
रामानुजगंज में धान खरीदी वर्ष 2025-26 की लंबित भुगतान राशि और कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रकरणों को लेकर किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। किसान नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रामानुजगंज के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि जिले के कई किसानों के नाम पर उनकी जानकारी और सहमति के बिना केसीसी ऋण दर्ज कर दिए गए हैं। इन कथित ऋणों के कारण धान बिक्री की राशि रोक दी गई है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फर्जी ऋण प्रकरणों की जांच की मांग धरनारत किसानों ने मांग की है कि सभी संदिग्ध और फर्जी केसीसी ऋण प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि धान खरीदी की लंबित राशि का तत्काल भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। 20 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जून से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सामने सामूहिक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित सूचना भी सौंप दी गई है। कांग्रेस ने दिया समर्थन आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे धरना स्थल पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का लंबे समय तक समाधान नहीं होना चिंताजनक है और प्रशासन को गंभीरता से हस्तक्षेप करना चाहिए। मृतकों और बंदियों के नाम पर ऋण का आरोप अरविंद दुबे ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी ऋण स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल में बंद किसानों के खातों से भी ऋण आहरित दिखाया गया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। ‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’ किसान नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हुए कथित अन्याय का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जिले में करोड़ों रुपये के फर्जी केसीसी ऋण का बड़ा मामला सामने आ सकता है। किसानों का कहना है कि जब तक भुगतान और ऋण संबंधी विसंगतियों का निराकरण नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को विंध्याचल धाम पहुंचे। उनके आगमन पर नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित और विकास कार्यों को लेकर चर्चा भी हुई। विंध्याचल पहुंचने के बाद जलशक्ति मंत्री ने विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां विंध्यवासिनी से प्रदेश की सुख-समृद्धि, जनकल्याण और निरंतर विकास की कामना की। साथ ही प्रदेशवासियों के सुखद, स्वस्थ और मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने कहा कि मां विंध्यवासिनी की कृपा से उत्तर प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। दर्शन-पूजन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
चंदौली में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम को राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरित किए। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, चंद्रा त्रिपाठी कांग्रेस भवन में केक काटकर खुशी जाहिर की गई। इस अवसर पर यूपी कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि राहुल गांधी को आज पूरा देश जननायक के रूप में सम्मान देता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों, युवाओं, किसानों, गरीबों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे दुकानदारों की आवाज बन चुके हैं। मुन्ना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और संघ की विचारधारा वाले लोगों ने राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन वे देश की जनता के दिलों से उनके प्रति सम्मान कम नहीं कर पाए। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दूरदर्शिता को आज पूरा देश मान रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब कोविड के रूप में आर्थिक सुनामी आई, तो राहुल गांधी ने सबसे पहले देशवासियों और सरकार को चेताया था। द्विवेदी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने पूरे तंत्र पर कब्जा कर लिया है और राहुल गांधी को डराने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन उनकी ईमानदारी और दृढ़ता के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि आज भले ही देश में भाजपा की सरकार है, पर पूरा सिस्टम राहुल गांधी से डरता है। इस कार्यक्रम में शिवेंद्र मिश्रा, विजय त्रिपाठी, मधु राय, रामानंद यादव, रजनीकांत पांडेय, डॉ. रामधार जोसफ, गंगा प्रसाद, राजेंद्र गौतम, मुनीर खान, चंद्रवंश यादव, राममूरत गुप्ता, प्रताप पाण्डेय, शिवतापस्या तिवारी, गुलाब राम, कुलदीप वर्मा, श्रीकांत पाठक सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ में 1.41 करोड़ की ठगी करने वाला अरेस्ट:CBI अफसर बनकर रिटायर बुजुर्ग को किया था डिजिटल अरेस्ट
मेरठ में फर्जी सीबीआई अफसर बनकर रिटायर ऑफिसर से साइबर ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। आरोपी का नाम शब्बीर कुरैशी है जो झांसी का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया है। वहीं मनीलाँड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर ठगने के इस काम में और कौन लोग शामिल हैं पुलिस इसकी पूछताछ कर रही है।साथियों संग मिलकर करता है ठगीबिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी राधा कृष्ण और उनकी पत्नी को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर 1.41 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करता है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। दिसंबर में दी थी पीड़ित ने शिकायतकंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की रोहटा रोड स्थित नंद विहार कॉलोनी निवासी राधा कृष्ण बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने अप्रैल में शिकायत दी थी कि 14 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर नरेश गोयल नामक व्यक्ति ने मोबाइल सिम जारी कराया है। साथ ही उनके आधार कार्ड से दिल्ली स्थित एक बैंक में खाता खोलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद कॉलर ने उन्हें अपने अन्य मोबाइल नंबर बंद करने की सलाह दी थी।जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उनकी वीडियो कॉल पर अन्य कथित सीबीआई अधिकारी से बात कराई गई। आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए राधा कृष्ण को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। साइबर ठगों ने उन्हें 33 दिन तक डिजिटल हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा और जांच के नाम पर लगातार दबाव बनाते रहे। दबाव में करवाते रहे पैसे ट्रांसफरपीड़ित ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उन पर मानसिक दबाव बनाया था। इसके चलते पीड़ित दंपती ने अपने बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 1.41 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब अकाउंट पूरा खाली हो गया तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि आरोपी के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
जयपुर में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से शुक्रवार को शहीद स्मारक पर “लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह” का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेशभर से आए हजारों कार्यकर्ताओं, पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने अनुशासित एवं गांधीवादी तरीके से चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता और स्वायत्तता की रक्षा के लिए आवाज उठाई। सत्याग्रह में शामिल लोग “लोकतंत्र बचाओ” लिखी काली टोपी पहनकर पहुंचे थे। कार्यकर्ता अपने साथ संविधान की प्रतियां, महापुरुषों के चित्र, हाथ से बनाए पोस्टर, तिरंगे और चरखे लेकर आए थे। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक रामधुन, भजनों और गीतों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया गया। नामांकन निरस्त होना गंभीर विषय: डॉ. सुनील पवार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता लोकतंत्र की आधारशिला है, जिस पर उठ रहे प्रश्न चिंताजनक हैं। संस्थाओं की गरिमा के लिए संघर्ष जरूरी: गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था उसकी आत्मा है। उन्होंने कहा- संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठ रहे प्रश्नों के खिलाफ जनता को जागरूक करना समय की आवश्यकता है और यह सत्याग्रह उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्थानीय स्वशासन को कमजोर करने की कोशिश: टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में हो रही देरी चिंताजनक है। गांव और शहर के स्तर पर चुनी हुई संस्थाओं का समय पर गठन लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण लोकतंत्र प्रभावित हो रहा: डॉ. सी. पी. जोशी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी ने कहा कि स्थानीय चुनावों में देरी का सबसे बुरा असर ग्रामीण विकास और जनप्रतिनिधित्व पर पड़ता है। उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी. बी. यादव ने घोषणा की कि इस अभियान को राजस्थान के प्रत्येक जिले, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके तहत व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और 20 अगस्त से पूरे राजस्थान में “लोकतंत्र बचाओ पदयात्राओं” का आयोजन होगा। कार्यक्रम को संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुनाल बनर्जी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। अंत में प्रदेश प्रभारी रीना वाल्मीकि ने आभार व्यक्त किया।
बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में एक किसान द्वारा जहर सेवन करने का मामला सामने आया है। किसान कमल ओगरे ने नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी पर ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और जिला प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। घटना कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली की है। किसान की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद अब उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। बेटे का आरोप- पैसे नहीं दिए तो ट्रैक्टर जब्त कर दिया किसान के बेटे राज ओगरे के मुताबिक, वह महानदी से ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था। इसी दौरान नायब तहसीलदार ने उसे रोक लिया। राज का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की गई। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो ट्रैक्टर को कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया गया। राज ने यह भी दावा किया कि उसके साथ दो अन्य ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे, लेकिन कथित लेन-देन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि उसका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने खाया जहर परिजनों के अनुसार, किसान कमल ओगरे पहले से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। ट्रैक्टर जब्त होने और कथित रिश्वत की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण वे तनाव में आ गए। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। सीएचसी कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से किसान की जान बच गई। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। देर रात अस्पताल पहुंचे विधायक घटना की जानकारी मिलने के बाद कसडोल विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और किसान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। विधायक ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली की गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने रेत परिवहन कार्रवाई, ट्रैक्टर जब्ती और कथित लेन-देन के आरोपों की गहन जांच की मांग की है। संदीप साहू ने कहा कि वे इस मामले को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष भी उठाएंगे ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नायब तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार वहीं नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार थी और किसी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की गई। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। कलेक्टर ने लिया संज्ञान, SDM को जांच के निर्देश मामले के तूल पकड़ने के बाद बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब एसडीएम स्तर पर ट्रैक्टर जब्ती, कथित रिश्वत मांगने के आरोप और किसान द्वारा जहर सेवन करने की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं। एक ओर किसान परिवार रिश्वत मांगने का आरोप लगा रहा है, वहीं नायब तहसीलदार आरोपों को सिरे से खारिज कर रही हैं। ऐसे में अब प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर अनियमितता या अवैध वसूली हुई थी। फिलहाल पूरे मामले पर जिले की नजर बनी हुई है। ..................................... रिश्वतखोरी से संबंधित यह खबर भी पढ़िए... जमीन पर कब्जा दिलाने 40 हजार रिश्वत, हेड-कॉन्स्टेबल सस्पेंड,VIDEO:काम नहीं हुआ तो पैसे वापस मांगे; पुलिसकर्मी बोला- नहीं दूंगा, मुझे लाइन अटैच करा दो छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में रोजाना अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही है। दुर्ग जिले में लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई। सामुदायिक भवन की राशि की सही जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा नेता पुराण देशमुख नाराज थे। उन्होंने जब थनौद के जनपद CEO रूपेश पांडे से जानकारी मांगी तो वे भड़क उठे। पढ़ें पूरी खबर…
संभल के यम तीर्थ के लिए पहला बैनामा:₹17.84 लाख में भूमि खरीदी, रात में खुला रजिस्ट्री कार्यालय
संभल के यम तीर्थ के लिए पहला भूमि बैनामा निष्पादित किया गया है। यह बैनामा शासन-प्रशासन द्वारा दो साल पहले शुरू की गई एक मुहिम का परिणाम है। इस भूमि खरीद पर ₹17,84,000 की लागत आई है, जिसे संभल शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शुक्रवार रात 9 बजे संभल के रजिस्ट्री कार्यालय में यम तीर्थ के लिए भूमि बैनामा प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह अपनी राजस्व टीम के साथ मौहल्ला हल्लू सराय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में मौजूद रहे। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दो साल पहले संभल को एक दंगाग्रस्त शहर के रूप में जाना जाता था। हालांकि, संभल निवासियों के निरंतर प्रयासों के बाद, धर्मार्थ कार्य विभाग ने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के लिए ₹700 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इसमें से ₹300 करोड़ अकेले जनपद संभल को आवंटित किए गए हैं। तहसीलदार के अनुसार, इस आवंटित राशि का उपयोग यम तीर्थ के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के पूरा होने पर संभल शहर अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के समकक्ष खड़ा होगा। यम तीर्थ में दो प्रवेश द्वार हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पहले से ही सुगम था, लेकिन दूसरा प्रवेश द्वार, जो पास की कॉलोनी को जोड़ता है, एक निजी भूखंड के कारण अवरुद्ध था। इस अवरोध को दूर करने के लिए अब यह भूखंड ₹16,52,000 में खरीद लिया गया है, जिससे दूसरे द्वार का रास्ता भी साफ हो गया है। इस खरीद के बाद यम तीर्थ पर अब कोई बाधा नहीं है। इससे पहले, 12 जून को इस्कॉन ट्रस्ट ने यम तीर्थ पर भूमि पूजन किया था। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यम तीर्थ शहर के मध्य एक बहुत ही खूबसूरत और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगा। स्थानीय निवासी अनिल रस्तोगी ने इस पहल को शहर के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे शहर का विकास होगा और सरकार ने भी इस परियोजना में पूरा सहयोग दिया है। रस्तोगी ने इसे शहरवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि एक तीर्थ के उद्धार से सभी का उद्धार होगा।
बागपत के शहर कोतवाली क्षेत्र के निरोजपुर गुर्जर गांव में हुए चर्चित सचिन हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सोनू मृतक सचिन की पत्नी का प्रेमी बताया जा रहा है। मामले में सचिन की पत्नी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, करीब एक सप्ताह पूर्व सचिन की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी सोनू ने मिलकर की थी। आरोप है कि दोनों ने पहले सचिन को खीर में नशीली गोलियां मिलाकर खिलाईं और उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पत्नी से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था संपर्क हत्या के बाद सचिन की पत्नी ने परिजनों को गुमराह करने के लिए मौत को बीमारी से हुई बताने का प्रयास किया। हालांकि, मृतक के भाई नवीन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि सोनू और सचिन की पत्नी के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क हुआ था, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया। पुलिस का कहना है कि सचिन को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी और वह इसका विरोध करता था। इसी वजह से दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची। शहर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को चेकिंग अभियान के दौरान रनछाड़ क्षेत्र से आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हाथरस के हसायन क्षेत्र में बच्चों के मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। थाना हसायन के गांव खेड़ा सुल्तानपुर में शुक्रवार रात करीब 8:45 बजे दो सगे भाइयों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई के सिर में डंडा मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव खेड़ा सुल्तानपुर निवासी राजेश कुमार (45) और सुनील कुमार पुत्रगण भुजवीर सिंह सगे भाई हैं। शुक्रवार रात उनके बच्चों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। यह बच्चों का झगड़ा धीरे-धीरे बड़ों की आपसी मारपीट में बदल गया।मारपीट के दौरान सुनील के हाथ में डंडा आ गया और उसने अपने बड़े भाई राजेश कुमार के सिर पर वार कर दिया। डंडे की चोट इतनी गंभीर थी कि राजेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजन राजेश को सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग उसे एक निजी अस्पताल भी ले गए, लेकिन वहां भी उसे मृत बताया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे और शव को अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे। यह लोग शव को काफी दूर तक ले भी गए लेकिन पुलिस ने इसे जैसे तैसे इसे अपने कब्जे में लिया। इस बात को लेकर उनकी पुलिस से नोंक-झोंक भी हुई। स्थिति को देखते हुए कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक राजेश कुमार अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गया है।
रामपुर में सड़क हादसे में बिजनेस मैनेजर की मौत:खड़े ट्रैक्टर से टकराई बाइक, ड्राइवर घायल
रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मोदी स्कूल के पास हुए एक सड़क हादसे में सॉल्वेंट लैबोरेट्रीज कंपनी के एरिया बिजनेस मैनेजर की मौत हो गई। दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान हृदय कुमार (45) के रूप में हुई है। वह सॉल्वेंट लैबोरेट्रीज कंपनी में एरिया बिजनेस मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। हृदय कुमार किसी आधिकारिक कार्य से बरेली से रामपुर आए थे और कार्य पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। बताया गया कि मोदी स्कूल के निकट उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में हृदय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक नरेंद्र (22), निवासी लालपुर पट्टी कुंदन, थाना पटवाई भी घायल हो गया। उसका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। मृतक के पड़ोसी विकास ने बताया कि हृदय कुमार अपने पीछे पत्नी और लगभग 20 वर्षीय बेटी को छोड़ गए हैं। उनकी बेटी इंटरमीडिएट की छात्रा है, जबकि पत्नी गृहिणी हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंच गए। थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दमोह जिले की पथरिया थाना पुलिस ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान और निजता को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में दो यूट्यूबरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो और जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। लाइव वीडियो में उजागर की थी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता नित्या प्यासी द्वारा दमोह एसपी और कोतवाली टीआई को दी गई शिकायत में बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक लाइव वीडियो के दौरान यूट्यूबर पुष्पेंद्र लोधी और एक अन्य यूट्यूबर ने पथरिया थाना क्षेत्र की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान पूरी तरह उजागर कर दी। वीडियो में पीड़िता के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने जैसी बेहद संवेदनशील जानकारी भी सार्वजनिक की गई, जिससे उसकी निजता पर गंभीर प्रभाव पड़ा। दो महीने पुराना है मामला पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने बताया कि करीब दो महीने पहले पथरिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले को लेकर दोनों यूट्यूबरों ने लाइव बातचीत के दौरान कानून और नियमों का उल्लंघन करते हुए पीड़िता का नाम लिया था। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पथरिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की पहचान छिपाना कानूनी रूप से अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम तलाश में जुटी है।
मऊ में एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छांगुर राम की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार, मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला ने एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने पैरवी की। अभियोजन ने अपने पक्ष में कुल आठ गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छांगुर राम ने आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में आरोपी अनिल कुमार और विद्या देवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 एवं 506 के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय ने दोनों को तीन माह की परिवीक्षा पर सदाचार बनाए रखने का निर्देश दिया है। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी संदीप कुमार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
जोधपुर में शुक्रवार देर रात दो गुटों के बीच में झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कार सवार दो युवकों पर धारदार हथियार के साथ हमला किया। घटना देर रात 10:30 बजे मुंबई मोटर चौराहे के पास की है। गाड़ी रोककर की मारपीट बताया जा रहा है कि हमलावरों ने स्कॉर्पियो गाड़ी रोककर मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि धारदार हथियारों से किया था। हमले में सन्नी हंस और विक्की फाइटर घायल हो गए। बाइक और स्कूटी पर आए थे, 3 टीमें बनाई एडीसीपी वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया- कार में सन्नी हंस और विक्की फाइटर सवार थे। बाइक और स्कूटी पर आए 5 से 6 बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में लोगों ने फायरिंग की भी बात कही। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 से 6 बदमाशों की पहचान की गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए राजीव गांधी, कुड़ी और प्रताप नगर सदर थानाधिकारी के नेतृत्व में 3 टीम बनाई गई है।
मेरठ में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला:मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर 'खेती बचाओ अभियान' चलाया
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा खेती बचाओ अभियान के तहत जीरो बजट गौ-आधारित प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन, विकास, गरीब कल्याण और राष्ट्रनिर्माण के 12 स्वर्णिम वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रहे जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों के साथ प्राकृतिक खेती, भूमि की उर्वरता के संरक्षण, लागत में कमी, देसी गौ-आधारित कृषि पद्धति, किसानों की आय में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में बताया गया कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और कृषि की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के किसान आत्मनिर्भर, समृद्ध और टिकाऊ कृषि व्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहे हैं। कार्यशाला में भाजपा के वरिष्ठ नेता, झारखंड प्रभारी और राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पद्म श्री से सम्मानित प्रगतिशील किसान भारत भूषण त्यागी मुख्य वक्ता थे, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान पूर्व विधायक रणवीर राणा, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र भराला, भाजपा जिला महामंत्री भंवर सिंह तोमर, मेरठ महानगर महामंत्री विनय पराशर, उपनिदेशक कृषि निलेश चौरसिया और जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।
लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र में एक छात्रा की हत्या के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सुनील राजपूत को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार (आलाकत्ल) और मृतका का सामान भी बरामद किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय छात्रा सोमवार को कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। अगले दिन वह अदलीशपुर गांव के पास एक खेत के किनारे घायल अवस्था में मिली। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी धौरहरा के मार्गदर्शन में ईसानगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने इस मामले में सफलता हासिल की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने थाना ईसानगर में दर्ज मुकदमा में वांछित आरोपी सुनील राजपूत पुत्र चंद्रिका प्रसाद, निवासी ग्राम फूलपुर मजरा अदलीशपुर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल और मृतका का सामान भी बरामद किया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी से घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह, सर्विलांस सेल के एएसआई शरद शुक्ला, हेड कांस्टेबल उमेश मिश्रा, हेड कांस्टेबल मोहम्मद शोएब, कांस्टेबल महताब और कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं को उपहार स्वरूप 'रामबन हनी' भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से चिनाब घाटी के इस विशेष उत्पाद को वैश्विक पहचान मिली है और स्थानीय किसानों व मधुमक्खी पालकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
धमतरी में दो जगह चला बुलडोजर:NH और शासकीय भूमि से हटाया गया अतिक्रमण, मकान ध्वस्त
छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रशासन ने दो अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नेशनल हाईवे (NH) की अधिग्रहित भूमि और शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई धमतरी जिले के ग्राम मुजगहन में की गई, जहां एक मकान और बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ कब्जाधारियों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ नोकझोंक भी की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें बुलडोजर की ओर जाने से रोक दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित एक संयुक्त टीम मौजूद रही, जिसने शांतिपूर्ण ढंग से अभियान को अंजाम दिया। नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर ने बताया कि ग्राम मुजगहन में ग्राम पंचायत सरपंच ने एक आवेदन दिया था। इसमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास शासकीय भूमि पर चार-पांच लोगों द्वारा छोटे मकान बनाकर अतिक्रमण करने की शिकायत की गई थी। नोटिस दिए जाने के बाद चार-पांच कब्जाधारियों ने अपना कब्जा हटा लिया था, लेकिन एक व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। दूसरी कार्रवाई नेशनल हाईवे द्वारा अधिग्रहित भूमि पर की गई। इस भूमि के अनावेदक को पहले ही मुआवजा मिल चुका था और भूमि का अधिग्रहण हो चुका था। इसके बावजूद, उन्होंने वहां बाउंड्री वॉल बनाकर फिर से कब्जा कर लिया था। इस संबंध में राजस्व न्यायालय में प्रकरण चला था और उन्हें स्वतः कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और पंचायत की संयुक्त टीम ने आज इन दोनों स्थानों से अवैध कब्जों को हटा दिया।
कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव में शनिवार को 23 वर्षीय नवविवाहिता घूरई बाई की कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में की गई। मृतका के मायके पक्ष ने उसकी मौत पर शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के कुमा गांव की निवासी घूरई बाई का विवाह तीन साल पहले छिरहुट गांव के 26 वर्षीय दिलीप बैगा से हुआ था। दंपती का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। पति दिलीप बैगा ने बताया था कि 16 जून को घूरई की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफना दिया था। चरित्र संदेह को लेकर लगातार झगड़े का दावा मृतका के मायके पक्ष को घूरई की मौत की सूचना मिलने पर संदेह हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पति दिलीप चरित्र पर संदेह को लेकर अक्सर घूरई से झगड़ा करता था। मायके वालों ने दिलीप पर हत्या कर शव दफनाने का आरोप लगाते हुए श्यांग थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और शव के उत्खनन की मांग की। शिकायत मिलने के बाद श्यांग थाना पुलिस ने कार्रवाई की। शनिवार को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन ऑफ क्राइम टीम और जिला प्रशासन की ओर से नए तहसीलदार की मौजूदगी में छिरहुट गांव में कब्र की खुदाई कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस टीम ने शव को कब्र से निकालकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में डेढ़ साल के बच्चे की परवरिश को लेकर भी गांव में चर्चा है। मायके वालों का कहना है कि यदि हत्या साबित होती है, तो बच्चे को न्याय मिलना चाहिए। वहीं, पति दिलीप बैगा ने पत्नी की मौत बीमारी से होने का दावा किया है और हत्या के आरोपों को निराधार बताया है। श्यांग थाना पुलिस ने मृतका के परिजनों का बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में शुक्रवार शाम 'प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश भर के 15 लाख कर्मचारियों के खातों में 2400 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा में भी 4800 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन से एक वर्चुअल बटन दबाकर 'पीएम विकसित भारत योजना' के तहत यह धनराशि सीधे कर्मचारियों के खातों में भेजी। इस पहल से देश भर के 15 लाख नवनियुक्त कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में 4800 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी कर्मचारियों के खातों में लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि पहली किस्त के रूप में हस्तांतरित की गई। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर के प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह और दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में कुल 450 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 350 लाभार्थी, 70 नियोक्ता, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और ईपीएफओ के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। जीएनआईडीए ऑडिटोरियम, नॉलेज पार्क-IV, ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान नियोक्ताओं ने 23 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
महासमुंद जिले की बसना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को अंतरराज्यीय नशा तस्करी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 4 करोड़ 56 लाख रुपए की कीमत के 912.760 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले के मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शामली जिले के रहने वाले विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित के रूप में हुई है। लीगल कारोबार की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा पुलिस के अनुसार, आरोपी विनय शर्मा शराब, भांग और गांजा के अवैध कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क को चला रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि वह आंध्र प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में 10 से ज्यादा शराब ठेकों का संचालन करता है। बताया जा रहा है कि वह इन्हीं वैध कारोबारों की आड़ में अंतरराज्यीय स्तर पर नशे के पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। यह मामला 17 अप्रैल 2026 का है। उस दिन बसना थाना क्षेत्र के पलसापाली चेक पोस्ट पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन (एपी 39 टीटी 4556) को रोका था। जांच के दौरान जब वाहन की तलाशी ली गई तो कच्चे केले की खेप के नीचे छिपाकर रखी गई 29 प्लास्टिक बोरियों में 912.760 किलो गांजा मिला। इस गांजे की कीमत करीब 4.56 करोड़ रुपए आंकी गई। पुलिस ने वाहन से चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की थी, जिनका इस्तेमाल जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। मोबाइल डेटा और चैट से सामने आई पूरी साजिश मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और गूगल लोकेशन डेटा की गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि ओडिशा के कंधमाल जिले से गांजे की खेप मंगाकर उसे उत्तर प्रदेश के शामली जिले तक पहुंचाने की पूरी योजना विनय शर्मा ने बनाई थी। बताया जा रहा है कि वह इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक, फाइनेंसर और रिसीवर था। सबूत मिलने के बाद बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम उत्तर प्रदेश गई। तकनीकी जानकारी और निगरानी के आधार पर टीम ने 17 जून 2026 को शामली जिले के झिंझाना इलाके में छापेमारी कर आरोपी विनय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी को महासमुंद लाया जा रहा है, जहां उससे पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस पहले ही इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें झारखंड का वाहन चालक और कैरियर अब्दुल नईम, मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर, और ओडिशा के कंधमाल जिले के गांजा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
बागपत में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के संचालन में बड़ी अनियमितता सामने आई है। एक ओर 44 मृत विधवाओं के खातों में अब भी पेंशन की राशि भेजी जा रही है, वहीं दूसरी ओर 924 वृद्धावस्था पेंशन आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं। मामले का खुलासा होने पर डीएम अस्मिता लाल और सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर जानकारी के अनुसार, महिला कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान पता चला कि 44 ऐसी विधवाओं के खातों में हर माह पेंशन भेजी जा रही थी, जिनका निधन हो चुका है। दूसरी ओर, सैकड़ों पात्र वृद्ध पेंशन स्वीकृति के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से पात्र वृद्धजनों को प्रति माह एक हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। वर्तमान में जिले में करीब 28 हजार वृद्ध पेंशन का लाभ ले रहे हैं, लेकिन इसके अलावा 924 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। इनमें बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील के साथ-साथ जिले के छह विकास खंडों में जमा आवेदन शामिल हैं। बताया गया कि सत्यापन और जांच प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन आवेदनों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते अनेक जरूरतमंद वृद्ध पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं। लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए। वहीं, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने भी समीक्षा बैठक में वृद्धावस्था पेंशन आवेदनों के लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि यदि ग्राम सचिव अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था कर समाज कल्याण विभाग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बागपत में 20, बड़ौत में 29 और खेकड़ा तहसील में 7 आवेदन लंबित हैं। बड़ौत ब्लॉक में 206, खेकड़ा में 214, बिनौली में 203, बागपत में 134, छपरौली में 89 और पिलाना ब्लॉक में 22 आवेदन महीनों से निस्तारण की बाट जोह रहे हैं।
कटनी जिले के स्लीमनाबाद में नेशनल हाईवे-30 सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे यात्रियों से भरा एक तूफान वाहन बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गया। भेड़ा टेक के पास शुक्रवार रात हुए इस हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 6 लोग घायल हो गए हैं। पन्ना से कटनी जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, तूफान वाहन (MP 35 BA 0871) पन्ना जिले से एक परिवार और उनके रिश्तेदारों को लेकर सिहोरा के रास्ते कटनी में आयोजित एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहा था। शुक्रवार रात करीब 9 बजे स्लीमनाबाद के भेड़ा टेक स्थित फोरलेन बायपास के पास चालक ने तेज रफ्तार वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे गाड़ी पलट गई। राहगीरों और पुलिस ने मिलकर किया रेस्क्यू हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर स्लीमनाबाद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सूझबूझ के साथ वाहन से बाहर निकाला। पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और सरकारी वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्लीमनाबाद पहुंचाया। अस्पताल में इलाज जारी, कारणों की जांच में जुटी पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में है। स्लीमनाबाद थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य किया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
दतिया जिले में पुलिस अपराधियों के खिलाफ फुल एक्शन मोड में है। शहर के तलैया मोहल्ला में पिछले 3 दिनों से खड़ी एक लग्जरी कार पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। जैसे ही पुलिस को पता चला कि यह गाड़ी कुख्यात बदमाश राजा बड़ौनी की है। पुलिस ने आव देखा न ताव, गाड़ी को जब्त किया और क्रेन से 4 किलोमीटर तक घसीटते हुए थाने ले गई। इस कार्रवाई में कार के चारों टायर सड़क पर रगड़ा खाकर पूरी तरह बर्बाद हो गए। तलैया मोहल्ला के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि, एक संदिग्ध दिल्ली नंबर की कार DL 8C AF 5999 तीन दिन से लावारिस हालत में खड़ी है। जब यातायात पुलिस मौके पर पहुंची, तो कार के पिछले कांच पर राजा बड़ौनी लिखा मिला। आसपास पूछताछ करने पर भी जब कोई गाड़ी लेने नहीं आया, तो पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पहले पहियों में व्हील लॉक डाल दिया। इसके बाद बुलाई गई क्रेन। पुलिस कार को टो करके ले जाने के बजाय क्रेन से घसीटते हुए करीब 4 किलोमीटर दूर थाने ले गई। सड़क पर बुरी तरह रगड़ने की वजह से कार के महंगे टायर पूरी तरह घिस गए और उनकी रबर बाहर निकल आई। जानिए कौन है राजा बड़ौनीराजा बड़ौनी का असली नाम- धर्मेश अहिरवार है। वह इलाके का जाना-माना बदमाश है। इसी साल जनवरी में उसने दतिया विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी लोकेंद्र अहिरवार उर्फ नेताजी के साथ बेरहमी से मारपीट की थी।जिसके बाद वह जेल गया था। राजा बड़ौनी को दो दिन पहले ही कोर्ट से जमानत मिली है। जेल से बाहर आते ही उसने बड़ौनी कस्बे में समर्थकों के साथ एक बड़ा रोड शो निकाला था। रिश्तेदारों ने उसका जोरदार स्वागत किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। थाना प्रभारी सपना शर्मा ने बताया कि, कार तीन दिन से लावारिस हालत में तलैया मोहल्ला में खड़ी थी। जिस की लगातार सूचना मिल रही थी। मौके पर जब लोगों से बात कि, किसी ने मालिक के बारे में नहीं बताया। जिस के बाद कार को जब्त किया गया।
लखनऊ में जश्न-ए-नाच' समर कैंप शोकेस:रिदम डिवाइन इंस्टीट्यूट के 22वें आयोजन में दिखी प्रतिभा
कैसरबाग स्थित बाली प्रेक्षा गृह में रिदम डिवाइन इंस्टीट्यूट ने अपना 22वां समर कैंप शोकेस 'ELIXIR-2026 : जश्न-ए-नाच' आयोजित किया। इस रंगारंग शाम में बच्चों, युवाओं और महिलाओं सहित प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अमृत सिन्हा और छात्रों ने 'पुष्पांजलि' तथा 'शिव अर्धनारीश्वर अष्टकम' की मनमोहक प्रस्तुति से की। इसके बाद बॉलीवुड पंजाबी मेडले, इंडो-हिप हॉप फ्यूजन, साल्सा, कंटेम्परेरी, मॉडर्न जैज, भरतनाट्यम, कथक और लोकनृत्य जैसी विभिन्न शैलियों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। भारतीय सिनेमा में शास्त्रीय नृत्य के प्रभाव को भी आकर्षक ढंग से मंचित किया गया। गर्ल्स ग्रुप की प्रस्तुति ने भी खूब तालियां बटोरीं शो का एक विशेष आकर्षण माइकल जैक्सन और ऋतिक रोशन को समर्पित मेडले ग्रुप डांस रहा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। 'कृष्णवर्तन' म्यूजिकल डांस, महिलाओं का 'घूमर', बॉली-हिप हॉप मेडले और मुस्कान सिन्हा के साथ आरडीआई गर्ल्स ग्रुप की प्रस्तुति ने भी खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का समापन सभी छात्रों ने आशा भोसले को संगीतमय श्रद्धांजलि देकर किया। ये मौजूद रहे इस आयोजन में लगभग 60 प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुकेश बहादुर सिंह, जेंसन जेम्स, तुलिका बनर्जी, आरजे प्रतीक, अनीता मिश्रा और फैशन डिजाइनर अस्मा हुसैन सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी कला की सराहना की।
जींद जिले में नरवाना क्षेत्र के गांव हरनामपुरा में शुक्रवार देर रात फायरिंग की घटना सामने आई। गोली लगने से सुरेंद्र नामक युवक घायल हो गया, जिसे नरवाना के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बिजली विभाग के कर्मचारियों बिजली संबंधी तकनीकी कार्य किए जा रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी गांव धमतान साहिब का निवासी बसावा नामक व्यक्ति मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसने वहां पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आरोपी ने चार से पांच राउंड फायर किए। फायरिंग के दौरान एक गोली सुरेंद्र को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत घायल युवक को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। मौके पर पहुंची पुलिस, ग्रामीणों से पूछताछ सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में फायरिंग के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। अस्पताल में भर्ती सुरेंद्र का उपचार चिकित्सकों की टीम की निगरानी में चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फायरिंग के पीछे की वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपित के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए किसानों से रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने 5.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जिला औषधि भंडार गृह के नवीन भवन का शिलान्यास भी किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस खेती पद्धति से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए टिकाऊ खेती मॉडल अपनाने की अपील की। पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संवर्धन पर दिया जोर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक पब्बाराम बिश्नोई ने किसानों को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण अनुकूल खेती पद्धतियां भविष्य की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञों ने बताईं प्राकृतिक खेती की तकनीकें संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार बंशीधर चौधरी और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. गजानंद नागल ने प्राकृतिक खेती के महत्व तथा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका कटारा और डॉ. प्रियंका कायथ ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग और कम लागत वाली खेती पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उप निदेशक उद्यानिकी सतीश चौहान, कृषि अधिकारी रामप्रकाश जाखड़ सहित कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान और महिला कृषकों ने भी कार्यशाला में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक कृषि अधिकारी रतनलाल जीतरवाल ने किया, जबकि डॉ. गजानंद नागल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 5.80 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा जिला औषधि भंडार गृह कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जिला मुख्यालय पर 5.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जिला औषधि भंडार गृह के नए भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की दवा भंडारण और वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों तक समय पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर लगी प्रदर्शनी स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक पब्बाराम बिश्नोई ने पंचायत समिति सभागार में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर एसडीएम पूजा चौधरी, सीएमएचओ डॉ. प्रताप सिंह राठौड़, पीएमओ डॉ. अभिषेक अग्रवाल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक बंशीधर चौधरी, शंकर माचरा, शांति लाल शर्मा (लोहावट), विक्रमादित्य सिंह आमला, रतन मेघवाल, सौरभ बोहरा और शिवकुमार पंचारिया सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बटरामपुर गांव निवासी शंकर कुमार का शव शुक्रवार सुबह गांव से लगे खेत में पेड़ पर लटका मिला। परिजनों के अनुसार, वह फाइनेंस से ली गई नई बाइक की किस्तें न चुका पाने और फाइनेंसर के लगातार दबाव के कारण तनाव में था। परिजनों ने बताया कि शंकर कुमार 17 जून को काम पर जाने के बाद रात करीब 9 बजे घर लौटा। उसने अपनी बाइक घर के बाहर खड़ी की और बिना कुछ बताए कहीं चला गया। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। रात भर संपर्क न होने पर अगले दिन परिजनों ने शंकर की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में पता करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने उरगा थाना पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की और उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन बटरामपुर गांव के एक खेत के पास मिली। पुलिस टीम और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां शंकर का शव परसा के पेड़ से कपड़े के फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घरवालों ने बताया कि शंकर ने कुछ महीने पहले फाइनेंस पर नई बाइक खरीदी थी। किस्तें समय पर जमा न कर पाने के कारण वह काफी तनाव में था, और फाइनेंसर लगातार भुगतान के लिए दबाव बना रहा था। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने जानकारी दी कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शंकर का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है।
मुंगेली जिले में 18 जून 2026 की सुबह करीब 7 बजे सरगांव रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड में हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक, मेंटेनेंस के दौरान कीलन डिस्चार्ज गेट जाम हो गया था, जिसे ठीक किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गेट खुल गया और गर्म स्पंज आयरन बाहर आ गया। इससे वहां काम कर रहे तीन कर्मचारी झुलस गए। घायलों में अमित कुमार (बिहार के औरंगाबाद), योगेश मीणा (मध्य प्रदेश के होशंगाबाद) और अमरेश दत्ता (ओडिशा के बालेश्वर) शामिल हैं। हादसे के बाद कंपनी ने तुरंत एम्बुलेंस से सभी को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से अमित कुमार को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना मिलने पर औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अस्पताल जाकर अधिकारियों ने घायलों की स्थिति भी देखी। अस्पताल के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है। प्रशासन पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और हादसे की जांच की जा रही है।
नर्मदापुरम जिले के इटारसी में न्यूज में नाम प्रकाशित नहीं होने की नाराजगी एक मीडियाकर्मी पर हमले तक पहुंच गई। क्रांतिकारी मजदूर संगठन के यूथ विंग प्रदेशाध्यक्ष अरुण पटेल पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार को घर बुलाकर क्रिकेट बैट से हमला किया। इस हमले में पत्रकार घायल हो गया। घटना के बाद दोनों पक्ष इटारसी थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज किया है। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवादजानकारी के अनुसार पत्रकार राकेश पटेल डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए काम करते हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब अरुण पटेल ने सोशल मीडिया पर राकेश की एक खबर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे राकेश ने फोन कर इस पोस्ट पर आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान अरुण ने राकेश को घर बुलाकर आमने-सामने चर्चा करने की बात कही। घर पहुंचते ही हुआ हमलाराकेश पटेल का आरोप है कि जब वह अरुण के घर पहुंचे तो वहां पहले गाली-गलौज हुई। विरोध करने पर अरुण, उनकी पत्नी राधिका और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और क्रिकेट बैट से सिर, हाथ, कमर, जांघ और सीने पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। घायल पत्रकार को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिटी स्कैन में सिर में अंदरूनी चोट की पुष्टि हुई है। अरुण पटेल ने भी लगाए आरोपदूसरी ओर अरुण पटेल ने आरोप लगाया कि राकेश पटेल अक्सर खबरों में नाम और फोटो बदल देते थे या प्रकाशित नहीं करते थे। इस बात को लेकर उन्होंने कई बार आपत्ति भी जताई थी। अरुण का कहना है कि शुक्रवार को राकेश खुद उनके घर पहुंचे और वहां अपशब्द कहते हुए मारपीट की। इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपमानित करना गलत अरुण पटेल ने अपने चौरिया जन जागृति एकता नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर रात 12.30 बजे एक पोस्ट की। जिसमें राकेश पटेल को सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा लिख अपमानित किया। लेकिन इसे लेकर पुलिस द्वारा धारा नहीं बढ़ाई गई। सीनियर अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह बताते है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक अथवा अन्य डिजिटल माध्यम पर अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणी करना कानूनन अपराध हो सकता है। यदि किसी पोस्ट से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है, उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है या उसके बारे में आपत्तिजनक आरोप लगाए जाते हैं, तो परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मानहानि, जानबूझकर अपमान का अपराध हो सकता है। यदि पीड़ित पक्ष को लगता है कि उसकी शिकायत के अनुरूप उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों अथवा सक्षम न्यायालय के समक्ष विधिक कार्यवाही कर सकता है।
कटिहार के नगर थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता लॉज में 16 वर्षीय छात्र प्रियांशु चौधरी का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। छात्र की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पुलिस ने परिजनों को बिना पोस्टमार्टम कराए शव सौंप दिया, जिससे मौत के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक प्रियांशु चौधरी डंडखोरा थाना क्षेत्र के चौधरी ग्राम निवासी प्रमोद चौधरी का पुत्र था। वह कटिहार में रहकर पढ़ाई कर रहा था और गुप्ता लॉज में कमरा लेकर रह रहा था। शुक्रवार को जब उसके कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला, तो लॉज के अन्य छात्रों को संदेह हुआ। छात्रों ने लॉज संचालक को इसकी सूचना दी। दरवाजा तोड़ने पर प्रियांशु का शव पंखे से गमछे के फंदे से लटका मिला। तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और छात्र को सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने लिखित आवेदन लेकर शव परिजनों को सौंप दिया। इस कारण मौत के वास्तविक कारणों की गहन जांच नहीं हो पाई। मृतक के पिता प्रमोद चौधरी ने बताया कि उनका पुत्र पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसका इलाज भी चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण प्रियांशु ने यह कदम उठाया। पिता ने किसी पर कोई संदेह व्यक्त नहीं किया और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, पिता के इस दावे के बावजूद कई सवाल अनुत्तरित हैं। यदि छात्र मानसिक रूप से अस्वस्थ था, तो उसे अकेले लॉज में क्यों रखा गया था, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। लॉज में उसकी दिनचर्या कैसी थी? क्या पढ़ाई का दबाव था या कोई और वजह? बिना पोस्टमार्टम के शव सौंपने पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों के लिखित इनकार के बाद नियमानुसार शव सौंप दिया गया। नगर थाना पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजन अगर आगे कोई आवेदन देते हैं तो जांच की जाएगी। फिलहाल मौत के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना के बाद लॉज के अन्य छात्र भी सहमे हुए हैं।
श्रीगंगानगर के सादुलशहर में गंडासी-डंडों से हमला:दो गुटों में झड़प, ईंट-पत्थर फेंके; 3 युवक डिटेन
श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में शुक्रवार को दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक- दूसरे से मारपीट की, इसके बाद लाठी- डंडों और गंडासे से एक- दूसरे पर वार किए। घटना से मेन बाजार से लेकर सार्वजनिक बस स्टैंड तक दहशत फैल गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सादुलशहर सीआई मलकीयत सिंह मान ने बताया कि मामले में 3 युवकों को हिरासत में लिया है। फिलहाल किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मेन बाजार के श्री अरूटजी महाराज चौक पर दो गुटों के बीच हुई। इस दौरान करीब आधा दर्जन युवक आमने-सामने हो गए। लाठियां, कापे, गंडासी चले और ईंट-पत्थर फेंके गए। मारपीट का शोर सुनकर आस-पास के दुकानदार और राहगीर आए और बीच-बचाव किया। इस दौरान बस स्टैंड पर भी अफरा-तफरी मच गई। यात्री इधर-उधर भागने लगे और बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सीआई मलकीयत सिंह मान ने बताया- अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। हमने तीन युवकों को संदेह के आधार पर हिरासत में पूछताछ शुरू कर दी है। बदमाशी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
इंदौर में लगातार गहराते जल संकट के बीच शुक्रवार को पालदा इलाके में पानी की किल्लत को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और महिलाएं सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। करीब 50 से अधिक लोग सड़क पर बैठ गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित जल सप्लाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के चलते इलाके में कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी और करीब आधे घंटे बाद लोगों को सड़क से हटाया गया। घरों में नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी स्थानीय लोगों का कहना है कि पालदा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई बाधित है। कई घरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। खासतौर पर महिलाओं को पानी भरने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी नाराजगी के चलते उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। पहले भी हो चुका है विरोध गौरतलब है कि इंदौर में पानी की किल्लत को लेकर यह पहला प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग इलाकों में जल संकट को लेकर लोग विरोध जता चुके हैं। कहीं मटके फोड़े गए, तो कहीं निगम दफ्तरों का घेराव किया गया। गर्मी बढ़ने के साथ शहर के कई हिस्सों में जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती 29 दिनों से फरार था। आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया। उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया। शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की। इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया। उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए। इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए। जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना से टूटा फरारी का खेल करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कई और निवेशकों के फंसे हैं पैसे जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की संख्या सिर्फ एक-दो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है और धोखाधड़ी की कुल राशि भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दस्तावेज और साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था। शुरुआती लाभ दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली। हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
सीतामढ़ी में ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत:शिवनगर रेलवे फाटक के पास हुआ हादसा,अनियंत्रित होकर पलटा
सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। यह घटना शिवनगर रेलवे फाटक के समीप हुई, जहां एक अनियंत्रित ट्रैक्टर पलट गया। हादसे में चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान बथनाहा थाना क्षेत्र के मौदह निवासी जय मंगलदास के पुत्र नीतीश कुमार के रूप में हुई है। तेज रफ्तार के चलते हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर तेज रफ्तार में था। इसी दौरान चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया। लोगों ने चालक को निकालने का प्रयास किया घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। रीगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। रीगा की प्रभारी थाना अध्यक्ष रिया कुमारी ने इस संबंध में बताया कि ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
नूंह जिले के गांधी ग्राम घासेड़ा स्थित गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अपमान का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक युवक गांधी जी की प्रतिमा चढ़कर मुस्कुराता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद जिलेभर में नाराजगी का माहौल है। युवक की तस्वीर सामने आते ही लोगों ने इसे राष्ट्रपिता और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान बताया है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं देश के इतिहास, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक होती हैं। ऐसी हरकतें न केवल आपत्तिजनक हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं। लोगों ने प्रशासन से आरोपी युवकों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वायरल तस्वीर की अधिकारिक पुष्टि नहीं हालांकि, वायरल तस्वीर की प्रामाणिकता, यह कब की है और किन परिस्थितियों में ली गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि पुलिस ने वायरल तस्वीर का संज्ञान लिया है। तस्वीर में दिख रहे युवकों की पहचान की जा रही है। डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि पहचान होते ही कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय महापुरुष की प्रतिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल वायरल तस्वीर के हर पहलू की जांच कर रही है।
पठानकोट के नरोट जैमल सिंह क्षेत्र के अंतर्गत जम्मू-दीनानगर स्टेट हाईवे पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा पेश आया। यहाँ श्रद्धालुओं से भरी एक यात्री बस और चीनी से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बस में सवार करीब 30 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया ताकि यातायात सुचारू किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे के वास्तविक कारणों व लापरवाही की गहनता से जांच की जा रही है। जम्मू से डेराब्यास की ओर जा रही थी बस चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यात्री बस (पंजीकरण संख्या: JK02AC8181) जम्मू से श्रद्धालुओं को लेकर राधा स्वामी डेरा ब्यास की ओर जा रही थी। जैसे ही बस जम्मू-दीनानगर स्टेट हाईवे पर नरोट जैमल सिंह के पास पहुंची, तो सामने से आ रहे चीनी से लदे एक ट्रक के साथ उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया, जबकि चीनी से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेतों में जा पलटा। हादसे के वक्त बस के भीतर सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य; अस्पताल में भर्ती हादसे की आवाज सुनते ही आस-पास के खेतों और गांवों के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ियों से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे और वाहनों में बैठकर शराब पीने वालों के खिलाफ शुक्रवार शाम पुलिस ने सख्त अभियान चलाया। शहर की प्रमुख सड़कों पर अचानक शुरू हुई चेकिंग से हड़कंप मच गया। पुलिस ने सड़क पर शराब पीते मिले लोगों को पकड़कर थाने पहुंचाया, जबकि कई वाहनों को भी सीज किया गया। शिकायतों के बाद हरकत में आई पुलिसपुलिस के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शाम होते ही सिविल लाइंस क्षेत्र की सड़कों और शराब की दुकानों के आसपास लोगों का जमावड़ा लग जाता है। कई लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर उनमें बैठकर शराब पीते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। प्रमुख सड़कों पर चला अभियानइन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार शाम सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव पुलिस बल के साथ स्वयं सड़कों पर उतरे। एसपी मार्ग, एमजी मार्ग, सरोजिनी नायडू मार्ग, दयानंद मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों और शराब की दुकानों के आसपास व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। वाहनों में बैठकर शराब पीने वालों पर भी कार्रवाईअभियान के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे शराब पीते मिले लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया। कई स्थानों पर कारों और अन्य वाहनों में बैठकर शराब पी रहे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस की अचानक मौजूदगी से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहां से किसी तरह निकलने का प्रयास करते दिखाई दिए। 13 लोग थाने लाए गएपुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कुल 13 लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों को भी सीज किया गया। सख्त लहजे में दी चेतावनीसिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानून का उल्लंघन है। इससे कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों के आधार पर यह अभियान चलाया गया है।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रहित, गौसंरक्षण, प्राकृतिक कृषि और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए राजस्थान को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि राज्य घोषित करने की मांग उठाई। साथ ही गौ-आधारित कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (CCS NIAM), अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद और प्राकृतिक कृषि आदान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक हैं, जिनका जीवन आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता CCS NIAM की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरुचि माथुर ने की। इस दौरान रिसर्च एसोसिएट यतीन्द्र वर्मा ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सतत कृषि पद्धतियां किसानों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद एवं प्राकृतिक कृषि आदान परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। परिषद देशभर में गौसंवर्धन, गौसंरक्षण और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राजस्थान को गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक कृषि का मॉडल राज्य बनाने का आह्वान किया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में राजस्थान को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि राज्य घोषित करने के लिए विशेष राष्ट्रीय मिशन शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में किसानों के लिए वित्तीय पैकेज, प्रशिक्षण, अनुसंधान सुविधाएं और विपणन सहायता उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर प्राकृतिक खेती के मॉडल फार्म स्थापित किए जाएं तथा युवाओं को प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्योगों से जोड़ा जाए। साथ ही रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर पर्यावरण-अनुकूल कृषि व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है। परिषद की अंतरराष्ट्रीय उप-सहसंयोजक मोनिका गुप्ता ने कहा कि देशभर की गौशालाओं, किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों के आधार पर गौसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। प्रमुख मांगें: अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा- प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, समृद्ध किसान और सुरक्षित पर्यावरण का आधार है। कार्यक्रम में भारतीय सेना, वायु सेना और विभिन्न सेवाओं से जुड़े प्रतिभागियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में सभी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित, किसान हित, गौसंरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
किशनगंज के शबाना बेगम हत्याकांड में पहाड़कट्टा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। SDPO-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद प्राथमिकी अभियुक्त मो. इरफान और अप्राथमिकी अभियुक्त फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामला 14 जून का,BNS के तहत केस दर्ज यह सनसनीखेज मामला 14 जून 2026 का है। छतरगाछ के समीप कोल्था पुल स्थित हक पब्लिक स्कूल के पीछे रविवार सुबह एक 18 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतका की पहचान शबाना बेगम (पिता मकतूब हुसैन), निवासी भोटाथाना पंचायत के रूप में हुई थी। इस संबंध में पहाड़कट्टा थाना कांड संख्या 154/26, धारा 103(1)/238/3(5) BNS (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया था। 7 महीने पहले मंसूर के साथ भागी थी शबाना पुलिस जांच में सामने आया कि शबाना बेगम लगभग 7 माह पूर्व नया बस्ती कोल्था वार्ड-01 निवासी मंसूर के साथ घर से गायब हो गई थी। हाल ही में दोनों घर लौटे थे। कुछ ही दिन बाद युवती का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मंसूर के बेटे मो. इरफान (प्राथमिकी अभियुक्त) और मंसूर की पत्नी फिरदौस (अप्राथमिकी अभियुक्त) को गिरफ्तार किया है। दोनों साकिन-कोल्था, थाना-पहाड़कट्टा के रहने वाले हैं। SDPO-2 बोले-आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा मामले पर SDPO-2 मनोज कुमार सिंह ने कहा, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। हत्या में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। थानाध्यक्ष फुलेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
जोधपुर में गौशाला मैदान स्थित स्विमिंग पूल में एक विशेष एक्वा योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आमजन, योग साधकों एवं खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पानी के भीतर विभिन्न योगासनों का अभ्यास कर योग के प्रति अपनी जागरूकता और उत्साह का परिचय दिया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में क्रीड़ा भारती जोधपुर महानगर द्वारा यह आयोजन किया गया था। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति क्रीड़ा भारती जोधपुर महानगर के अध्यक्ष वरुण धनाडिया ने बताया का-र्यक्रम का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज को योग के विभिन्न आयामों से परिचित कराना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाई गई है। योग और स्विमिंग के समन्वय से आयोजित यह अभिनव कार्यक्रम स्वास्थ्य, संतुलन, लचीलापन एवं फिटनेस का अनूठा संदेश देता है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन पद्धति है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करती है। कार्यक्रम का निर्देशन तैराकी कोच सुरेंद्र सोनी एवं योग प्रशिक्षक हर्ष जैन ने किया। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने जल के भीतर विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं संतुलन आधारित अभ्यास किए। पानी में योगाभ्यास का यह अनूठा अनुभव प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा तथा सभी ने इसे स्वास्थ्यवर्धक, आनंददायक और प्रेरणादायी बताया। हास्य योग का किया अभ्यास कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने लाफिंग थेरेपी (हास्य योग) का अभ्यास किया। सामूहिक ठहाकों और सकारात्मक ऊर्जा से पूरा वातावरण उल्लासमय हो गया। क्रीड़ा भारती जोधपुर महानगर के सचिव नीरज कौशिक ने बताया- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में क्रीड़ा भारती द्वारा प्रतिवर्ष विविध योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी योग सप्ताह के अंतर्गत अनेक नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि 20 जून को प्रातः 6 बजे ऐतिहासिक जसवंत थड़ा परिसर में सामूहिक योग सत्र आयोजित किया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर 20 बागी सांसदों की अयोग्यता की मांग उठाई
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में चार सांसदों (तीन लोकसभा और एक राज्यसभा) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने त्रिपुरा स्थित राष्ट्रवादी नागरिक दल (एनसीपीआई) में हाल ही में शामिल हुए 20 बागी सांसदों की अयोग्यता की मांग की।
लोकायुक्त पुलिस ने ग्वालियर में शुक्रवार शाम तहसील तानसेन के हल्का गूंधारा में पदस्थ महिला पटवारी रेखा शाक्य को किसान से रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी जमीन के सीमांकन और नामांतरण (दाखिल-खारिज) की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रही थी। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही संबंधित विभाग को भ्रष्ट पटवारी पर कार्रवाई के लिए लिखा है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि सिरसौद मुरार निवासी मंशाराम ने 16 जून 2026 को लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि ग्राम गूंधारा में उसकी बहन गुड्डी की जमीन का सीमांकन होना था। उसकी पत्नी सावित्रीबाई के नाम पर जमीन का नामांतरण होना था। इस कार्य को करने के एवज में हल्का पटवारी रेखा शाक्य पत्नी कृष्णकांत शाक्य लगातार चक्कर कटवा रही थी और 15,000 रुपए की रिश्वत मांग रही थी। पहली किस्त लेते ही पुख्ता हुआ था सबूत शिकायत मिलते ही लोकायुक्त एसपी ने मामले की सत्यता जांचने के लिए प्राथमिक सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान जब पीड़ित मंशाराम पटवारी से मिला, तो आरोपी रेखा शाक्य ने सौदेबाजी करते हुए शिकायतकर्ता से एडवांस के रूप में 3,500 रुपए ले लिए। वॉयस रिकॉर्डर और लोकायुक्त की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि शत-प्रतिशत सही पाई गई, जिसके बाद शुक्रवार को ट्रैप की रणनीति तैयार की गई। मुरार में तीसरी मंजिल के कमरे पर जाल बिछाकर दबोचाशुक्रवार को तय रणनीति के मुताबिक, लोकायुक्त की टीम ने बताए गए घटना स्थल पर दबिश दी। उपनगर मुरार स्थित पूनम माथुर के मकान की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में जैसे ही पीड़ित मंशाराम ने पटवारी रेखा शाक्य को रिश्वत की अगली किस्त के 5,000 रुपए थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। केमिकल से धुलाते ही गुलाबी हो गए हाथजब पटवारी के हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए गए, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जो इस बात का पक्का वैज्ञानिक सबूत है कि नोटों को आरोपी ने ही छुआ था। लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा ने बताया लोकायुक्त संगठन मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर लगातार मुस्तैदी से काम कर रहा है। महिला पटवारी ने सीमांकन करने के बदले 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त 3500 रुपए की वह ले भी चुकी थीं। शुक्रवार को जब किसान ने 5 हजार रुपए दिए तो लोकायुक्त की टीम ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ लिया है।
शामली के कैराना कस्बे में एक शादी समारोह में प्रतिबंधित गोमांस परोसने के आरोप में पुलिस ने दूल्हे समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में मैरिज होम संचालक को भी नामजद किया गया है और उसकी तलाश जारी है। घटना के बाद हिंदू धर्मगुरु यशवीर महाराज ने मैरिज होम पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। पुलिस के अनुसार, 18 जून को कैराना कोतवाली क्षेत्र स्थित मुगल गार्डन मैरिज होम में एक वलीमा समारोह आयोजित किया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कथित तौर पर प्रतिबंधित मांस से तैयार व्यंजनों को नष्ट कराया। मामले में दूल्हे फरमान समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग हिंदू धर्मगुरु यशवीर महाराज ने कहा कि केवल दो लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मैरिज होम संचालक अनीस अंसारी और कार्यक्रम में भोजन तैयार करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यशवीर महाराज ने यह भी मांग की कि यदि मैरिज होम नियमों के विरुद्ध संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदू समाज के लोगों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक परीक्षण के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
कबड्डी के स्टेट प्लेयर मनोज बिश्नोई की हत्या के मामले में सोजत पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ड्रोन की मदद से पहाड़ियों में खोजबीन की। जहां से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मारपीट का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया था। सोजत डीएसपी रतनाराम देवासी ने बताया- पुलिस ने घटना में शामिल तीन मुख्य आरोपी श्यामलाल बिश्नोई, ओमप्रकाश बिश्नोई और हरदेवराम बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 11 जून को शिवपुरा थाना क्षेत्र में हुई थी। मनोज बिश्नोई अपनी स्कॉर्पियो से पाली जा रहे थे। इस दौरान दो कैंपर गाड़ियों में आए 12 से ज्यादा लोगों ने उनकी गाडी़ को टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपी मनोज का अपहरण कर ले गए। जोधपुर में हुई मौत आरोपियों ने पहले धारदार हथियारों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद उसे लहूलुहान हालत में लांबा गांव के चौराहे पर फेंक दिया। परिजनों को सूचना मिलने पर वे मनोज को जोधपुर के अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसकी मौत हो गई। मनोज के परिजनों ने 12-13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी थी। ड्रोन की सहायता से आरोपियों को पकड़ा सोजत डीएसपी ने बताया- पुलिस पिछले 9 दिन से आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी जोधपुर जिले के बिलाड़ा थाना क्षेत्र स्थित लांबा गांव की पहाड़ियों में छिपे हैं। इस पर पुलिस ने ड्रोन की मदद से उनके छिपे होने की तस्वीर कैप्चर की। इसके बाद पहाड़ी इलाके की घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। रिश्तेदार के साथ की थी मारपीट डीएसपी ने बताया- प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक मनोज ने आरोपी श्यामलाल के एक रिश्तेदार के साथ किसी बात को लेकर मारपीट की थी। इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने मनोज पर हमला किया था। … घटना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कबड्डी प्लेयर का किडनैप कर शरीर में कीलें ठोकीं:भतीजे की पिटाई का बदला मर्डर कर लिया, बॉडी में 30 जगह फ्रैक्चर जोधपुर के स्टेट लेवल कबड्डी प्लेयर मनोज विश्नोई (26) हत्याकांड में एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महज ढाई महीने पहले एक थप्पड़ से शुरू हुई रंजिश और पुलिस की सुस्ती का नतीजा यह हुआ कि एक खिलाड़ी को अपनी जान गंवानी पड़ी। मनोज जोधपुर जिले के कापरड़ा गांव के रहने वाले थे। (पढ़ें पूरी खबर)
खगड़िया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के संसारपुर स्थित गंडक नदी में डूबने से एक युवती की मौत हो गई। गुरुवार शाम हुई इस घटना के बाद शुक्रवार दोपहर नदी से युवती का शव बरामद किया गया। मृतका की पहचान मोरकाही थाना क्षेत्र के माड़र उत्तरी पंचायत के सबलपुर टोला, वार्ड संख्या-11 निवासी रामाशीष पासवान की 21 वर्षीय पुत्री मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, मुस्कान कुछ दिन पहले अपनी बीमार नानी की देखभाल के लिए संसारपुर आई थी। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मुस्कान गंडक नदी में स्नान करने गई थी। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चली गई और डूब गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह संसारपुर घाट के समीप नदी में एक शव तैरता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। 1 साल पहले हुई थी शादी परिजनों ने बताया कि मुस्कान की शादी लगभग एक वर्ष पूर्व बछौता पंचायत में हुई थी। वह कुछ समय पहले मायके आई थी। इसी दौरान नानी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वह संसारपुर पहुंची थी। मोरकाही थाना के प्रभारी थाना अध्यक्ष उदयशंकर प्रसाद ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को समाजसेवी सतपाल सिंह ने दंडवत प्रणाम करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तपती धूप के बीच जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। विद्या ज्योति सेवा संस्थान से जुड़े सतपाल सिंह ने दोपहर की भीषण गर्मी और लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार से लेकर डीएम कार्यालय तक दंडवत प्रणाम किया। सतपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने यह तरीका देश और प्रदेश की आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तथा सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए अपनाया है। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना है। ज्ञापन में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आम लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग की, साथ ही युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की अपील की ताकि बेरोजगारी कम हो सके। समाजसेवी ने कहा कि दंडवत प्रणाम करते हुए ज्ञापन देने का उद्देश्य अपनी पीड़ा और जनता की भावनाओं को प्रशासन तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि जब तक आम लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। डीएम कार्यालय में एसडीएम अरुण दीक्षित ने सतपाल सिंह का ज्ञापन प्राप्त किया और इसे संबंधित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।
सिवनी जिला न्यायालय परिसर में गुरुवार शाम को पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान उपद्रवियों द्वारा सरेआम चाकू लहराने, एक-दूसरे को दौड़ाने और जमकर पथराव करने का मामला सामने आया है। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हालात को संभाला, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। जानकारी के मुताबिक, यह घटना शाम करीब 5 बजे की है। वाशु नामक युवक की किसी मामले पर जमानत थी। इसके मित्र अमन झा और सोशल कोर्ट गए थे। दूसरे पक्ष के लोग किसी काम से कोर्ट पहुंच थे, दोनों पक्ष के बीच कहासुनी हो गई। जिसके बाद विवाद हुआ। अमन झा और एक नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष के लोग मौके से भाग गए। लहराया चाकू, पथराव में गाड़ियां टूटीं चश्मदीदों ने बताया कि हंगामे के दौरान एक युवक ने अचानक चाकू निकाल लिया और विरोधी पक्ष के लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ा। इस बीच दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी भी हुई, जिससे कोर्ट परिसर में खड़ी कुछ मोटरसाइकिलें और अन्य दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से परिसर में मौजूद वकीलों और आम लोगों के बीच भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया। दो हिरासत में, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस कंट्रोल रूम की सूचना पर कोतवाली पुलिस तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंची और न्यायालय के सुरक्षाकर्मियों की मदद से उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने मौके से तत्परता दिखाते हुए दो संदेही लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एसडीओपी (SDOP) सचिन परते ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पर कार्रवाई की गई है। कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज निकाली जा रही है, ताकि पथराव और चाकूबाजी करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस सनसनीखेज वारदात के बाद जिला न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय अधिवक्ताओं और लोगों ने बेहद संवेदनशील माने जाने वाले कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग (जांच) व्यवस्था लागू करने की मांग की है, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर हथियार न ले जा सके और भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो।
बच्ची के पेट से निकाली 12KG की गांठ:SMS हॉस्पिटल की सर्जरी विभाग की टीम ने किया ऑपरेशन
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल की सर्जरी विभाग की टीम ने एक 15 साल की बच्ची के पेट से करीब 12KG वजनी गांठ को ऑपरेशन करके निकाली है। इस गांठ के कारण बच्ची को खाना खाने में समस्या हो रही थी और पेट में भी लगातार दर्द रहता था। झुंझुनूं जिले की रहने वाली बच्ची पिछले कई महीनों से पेट में लगातार बढ़ती सूजन, भारीपन और खाना खाने में आ रही दिक्कत से परेशान थी। इसके बाद बच्ची के परिजन उसे लेकर एसएमएस हॉस्पिटल आए, सर्जरी विभाग में दिखाया। जहां जांच करने पर बच्ची के पेट में गांठ डिटेक्ट हुई। जिसका ऑपरेशन करने का निर्णय किया। ऑपरेशन सर्जरी विभाग के डॉ. हनुमान खोजा ने किया, जिनके साथ डॉ. द्रव्या, डॉ. आयुष और डॉ. भावना, डॉ. फारुख खान, डॉ. दिनेश चंद शर्मा और डॉ. अक्षिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. शैलेश ने किया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति अब ठीक है। पेट की सूजन में कमी आई है तथा अब वह सामान्य रूप से भोजन ग्रहण कर पा रही है। हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि मरीज का पूरा इलाज मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया है।
बाराबंकी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़:तीन महिलाओं, एक पुरुष हिरासत में; नशीले पदार्थ, दवाएं बरामद
बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने एक कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया गया है। मौके से नशीले पदार्थ और कुछ दवाएं भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने शहर में विशाल मेगा मार्ट के सामने स्थित एक गली में गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी की। यह कार्रवाई लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें कई लोगों को मौके से पकड़कर पूछताछ के लिए ले जाया गया। इस अभियान में क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार, गरिमा पंत और पुलिस की विशेष टीम शामिल रही। छापेमारी के दौरान बरामद नशीले पदार्थों, दवाओं और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नगर क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद एक योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस टीम को इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मामले में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और बरामद सामग्री की जांच कराई जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और यदि किसी की संलिप्तता अवैध गतिविधियों में पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र में चर्चित आनंद गौतम हत्याकांड के बाद शुक्रवार को मृतक का अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा के बीच कराया गया। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। गोनहा घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ। हत्या की घटना के बाद से ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित लोगों ने पोस्टमॉर्टम हाउस परिसर में हंगामा किया और तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी प्रदान की। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की। विश्व हिंदू महासंघ ने कार्रवाई की मांग की विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष दिनेश चतुर्वेदी ने घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही समाज से एकजुट होकर पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़े होने की अपील की। बसपा नेता ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल बहुजन समाज पार्टी के बस्ती मंडल मुख्य समन्वयक धर्मदेव प्रियदर्शी ने भी घटना की निंदा करते हुए इसे जघन्य अपराध बताया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी जिले में इस प्रकार की घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था किए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल करीब स्थित फाजिल्का के अंतिम छोर के गांव गुलाबा भैणी में विभाजन से पूर्व स्थापित पीर बाबा बुर्जी वाला की ऐतिहासिक दरगाह पर वार्षिक मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। सरहद की जीरो लाइन पर स्थित यह अनूठी मजार दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने और पुरानी सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रखने का एक बड़ा प्रतीक है। मेले में भारी संख्या में भारतीय श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पीर बाबा की समाधि पर माथा टेका और मन्नतें मांगीं। एक तरफ जहाँ कड़े सुरक्षा इंतजाम थे, वहीं दूसरी तरफ मेले में बच्चों के झूले और खान-पान के विभिन्न स्टॉल हर वर्ष की तरह इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने मेले की शोभा को दोगुना कर दिया। आस्था के बीच खड़ी हुई सरहद की दीवार, पाक श्रद्धालुओं ने दूर से किया सजदा यह मेला दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के निकट लाता है और अमन-शांति का संदेश देता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच खिंची सरहद की मजबूत दीवार के चलते इस बार भी पाकिस्तान से आने वाले श्रद्धालु मजार के अंदर तक नहीं पहुंच पाए। आस्था और सरहद की इस स्थिति को बयां बीएसएफ और पंजाब पुलिस की कड़ी सुरक्षा, गर्मी में लगाई छबील जीरो लाइन पर स्थित होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां इस आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क रहीं: भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) की कड़ी सुरक्षा और पैनी नजर के बीच मेले का आयोजन हुआ। हर श्रद्धालु की बारीकी से जांच करने के बाद ही उन्हें सीमा के नजदीक बाबा की मजार पर जाने की अनुमति दी गई। बीएसएफ की मानवीय पहल भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए बीएसएफ के जवानों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे-मीठे पानी की छबील (लंगर) लगाई गई, जिसने सुरक्षा बलों के मानवीय चेहरे को पेश किया। मौके पर पहुंचे डीएसपी बी.एस. रंधावा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पंजाब पुलिस बल को भी क्षेत्र में तैनात किया गया है। उन्होंने भी पुष्टि की कि इस बार पाकिस्तान की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती पिछले समय के मुकाबले कम देखने को मिली है।तश्वीरों से मेले का आकर्षण
इंदौर शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नगर निगम और राज्य शासन को निर्देश दिए हैं कि शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तत्काल प्रभाव से अंतरिम व्यवस्थाएं लागू की जाएं तथा 36 आटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नलों को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से चालू किया जाए। शुक्रवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डबल बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संस्था राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागडिया और सीनियर शिरीन सिलावट ने कोर्ट का ध्यान 7 मई को पारित आदेश की ओर आकर्षित किया। उस आदेश में राज्य शासन और यातायात विभाग को पर्याप्त ट्रैफिक बल उपलब्ध होने तक स्वयंसेवकों की सहायता से यातायात संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। स्काउट्स के साथ एनसीसी कैडेट्स भी संभाल सकते हैं ट्रैफिक सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था के संचालन के लिए स्काउट्स सहित अन्य स्वयंसेवकों की सेवाएं लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवकों की श्रेणी में उपलब्धता की स्थिति में एनसीसी कैडेट्स को भी शामिल किया जा सकता है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए ऐसी अंतरिम व्यवस्थाओं को शीघ्र लागू किया जाए। ट्रैफिक सिग्नल होंगे पूरी तरह कार्यशील सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ट्रैफिक सिग्नलों के ऑटोमेशन की प्रगति की भी समीक्षा की। नगर निगम और नियुक्त नोडल अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नलों को स्वचालित किया जा चुका है। कुछ नए ऑटोमेटेड सिग्नल भी शुरू किए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई से पहले नगर निगम आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शहर के 36 ऑटोमैटेड ट्रैफिक सिग्नलों को पूर्ण रूप से कार्यशील बना देगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था शहर में यातायात सुगमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। नागरिकों से भी मांगे सुझाव कोर्ट ने यह भी कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नागरिक, सामाजिक संगठन और अन्य हितधारक अपने सुझाव संबंधित समितियों को दे सकते हैं। इन सुझावों पर नोडल अधिकारी के माध्यम से विचार किया जाएगा और आवश्यक होने पर उन्हें संबंधित समितियों के समक्ष रखा जाएगा। 6 जुलाई को पेश होगी स्थिति रिपोर्ट मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित की गई है। उस दिन नगर निगम, बीआरटीएस हटाओ समिति और ट्रैफिक रेगुलेटरी कमेटी को अदालत के समक्ष अपनी ताजा स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
सहरसा के सौरबाजार में 3 घंटे नहीं आएगी बिजली:नए 33 केवी फीडर में तार लगाने का होगा काम
सहरसा के सौरबाजार प्रखंड और आसपास के कई क्षेत्रों में शनिवार, 20 जून को तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती नए 33 केवी सौरबाजार फीडर में तार लगाने के कार्य के कारण की जाएगी। विद्युत कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि यह कार्य सुबह 08:00 बजे से 11:00 बजे तक चलेगा। इस दौरान सौरबाजार विद्युत शक्ति उपकेंद्र से जुड़े फीडरों की बिजली अस्थायी रूप से बंद रहेगी ताकि तकनीकी कार्य सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सके। बिजली कटौती से सौरबाजार, समदा, सिलेट, अजगैबा, चंदौर पूर्वी, चंदौर पश्चिमी, बखरी, बैजनाथपुर और बराही क्षेत्र प्रभावित होंगे। इन इलाकों के उपभोक्ताओं को तीन घंटे तक बिजली नहीं मिलेगी। कार्यपालक अभियंता ने कहा कि नए 33 केवी फीडर के निर्माण से भविष्य में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विभाग का लक्ष्य है कि कार्य निर्धारित समय पर पूरा कर आपूर्ति बहाल कर दी जाए। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती से पहले अपने आवश्यक कार्य पूरे कर लें। इसमें पानी की टंकी भरना, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करना शामिल है ताकि असुविधा से बचा जा सके। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है और कहा है कि यह कार्य क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। विभाग ने किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा- जनता ने भाजपा को सरकार चलाने के लिए बहुमत दिया है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं दिया। ऐसा जनादेश, जो जनता ने नहीं दिया, उसे कृत्रिम रूप से तैयार करने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। TMC और शिवसेना के सांसदों को तोड़ने के मामले में केंद्र सरकार और बीजेपी पर शुक्रवार को पायलट ने यह कहा। पायलट ने कहा- पहले जो विधेयक गिर चुका था, उसे दोबारा लाने की कोशिश में मैन्युफैक्चर्ड मैंडेट के माध्यम से राजनीतिक एजेंडा पूरा करने का प्रयास है। इसकी अनुमति देश की जनता ने कभी नहीं दी। यदि राजनीतिक दलों को तोड़कर, सांसदों को इधर-उधर कर और कृत्रिम जनादेश तैयार कर संवैधानिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जाएगा तो देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। बिना जनगणना परिसीमन करने की कोशिश अनैतिक पायलट ने कहा- परिसीमन की प्रक्रिया का एक निर्धारित संवैधानिक ढांचा है। पहले जनगणना होनी चाहिए, उसके बाद आयोग का गठन होना चाहिए और फिर परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। बिना आधार और निर्धारित प्रक्रिया के परिसीमन करना केवल राजनीतिक उद्देश्य साधने का प्रयास है, जो अवैधानिक, अनैतिक और असंवैधानिक है। जनता माफ नहीं करेगी पायलट ने कहा- देश की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए किस प्रकार के रास्ते अपना रही है।
पूर्णिया में शुक्रवार शाम को पूर्णिया-धमदाहा स्टेट हाईवे पर एक अनियंत्रित ट्रैक्टर सामने से आ रही टेम्पू को टक्कर मार दी। जिससे टेम्पू सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर धमदाहा की ओर से मक्का लेकर पूर्णिया की ओर आ रहा था, तभी काझा कोठी आरा मिल के समीप अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेम्पू को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर - टेम्पू वाहन के ऊपर चढ़ गया, जिससे वाहन दबकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई, जिससे सड़क जाम हो गई। लोगों की सूचना पर केनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसा काझा कोठी स्थित आरा मिल के पास शाम करीब 6 बजे हुई। हादसे की मौके आई 3 तस्वीरें देखीए… एक व्यक्ति की मौत, 4 लोग घायल मृतक की पहचान ज्ञानेंद्र कुमार उर्फ लक्ष्मण राम (42) निवासी हाटबाड़ी वार्ड संख्या-11, काझा कोठी के रूप में हुई है, जबकि पूनम कुमारी (35) और रंजू देवी (50) सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की वजह से स्टेट हाईवे पर कुछ देर तक यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा केनगर थाना प्रभारी ए.के अजनबी ने बताया कि घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मृतक का पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, घायलों का इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में चल रहा है। के०नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और वाहनों की गति पर नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की है।
हरियाणा के झज्जर में शुक्रवार देर शाम पुलिस और एक कुख्यात बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में बदमाश मारा गया। कड़ौदा गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। गोलीबारी के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर संयम की बाजू में गोली लगी है। दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण बच गए। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री, DCP धारणा यादव समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। मृतक की पहचान बिरधाना गांव निवासी संजय (26) के रूप में हुई है। वह अपने साले की हत्या करने की फिराक में घूम रहा था। वह अपनी पत्नी समेत तीन हत्या के मामलों में आरोपी था। हाल ही में उसने विजय सैनी नामक व्यक्ति की हत्या की थी। इससे पहले वह विजय के बेटे की हत्या के मामले में भी आरोपी था। इन मामलों में वह फरार चल रहा था। मुठभेड़ के बाद की दो तस्वीरें… DCP बोलीं- साले की हत्या करने आया था DCP धारणा यादव ने बताया- सूचना मिलने के बाद CIA की टीम संजय के पीछे लगी हुई थी। मुठभेड़ में संजय गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते हुए उसकी मौत हो गई। संजय अपनी पत्नी की पहले हत्या कर चुका था। कड़ौदा गांव में वह अपने साले की हत्या करने के लिए आया था। मौके से पुलिस को एक हथियार बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। 14 जून को संजय का साथी एनकाउंटर में मारा गया था संजय बिरधाना से पहले उसके करीबी साथी इंद्रपाल भी मुठभेड़ में मारा जा चुका है। 14 जून की रात झज्जर के दुजाना गांव के पास हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और इंद्रपाल के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार, विजय सैनी हत्याकांड में वांछित इंद्रपाल को पकड़ने के लिए टीम ने घेराबंदी की थी, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इंद्रपाल गोली लगने से घायल हो गया, जबकि STF इंस्पेक्टर राकेश के हाथ में गोली लगी थी। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इंद्रपाल को मृत घोषित कर दिया गया। 31 मई को हुई थी विजय सैनी की हत्या विजय सैनी की 31 मई को झज्जर के दुजाना गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने बेटे सुनील सैनी की हत्या के मामले में गवाह था। विजय अपने खेतों की ओर गया हुआ था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और जमीन विवाद को वजह माना गया। पुलिस ने इस मामले में संजय बिरधाना, इंद्रपाल और अन्य आरोपियों को नामजद किया था। होली के दिन पत्नी की हत्या की 3 मार्च को होली की रात बिरधाना गांव में अंजलि की उसके पति संजय ने घर के बाहर गोली मारकर हत्या की थी। आरोपी संजय पर पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज थे और वह एक हत्या के मामले में जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते संजय ने उसे 8 गोलियां मारीं। अंजलि की हत्या के बाद उसके खिलाफ एक और हत्या का मामला दर्ज किया गया। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा में STF ने बदमाश ढेर किया:दोनों तरफ से फायरिंग, इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी हरियाणा के झज्जर में 14 जून की रात बदमाशों और STF के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से फायरिंग की गई। काफी मशक्कत के बाद एसटीएफ की टीम ने बदमाश इंद्रपाल को घेरकर ढेर कर दिया। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर राकेश भी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
सरगुजा के दरिमा में एक माह पूर्व खोले गए शराब दुकान को हटाने के लिए शुक्रवार को महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं ने दुकान हटाने की मांग को लेकर रैली निकाली और शराब दुकान के सामने नारेबाजी की। महिलाओं ने सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और एक सप्ताह में शराब दुकान को हटाने का अल्टीमेटम दिया है। एक सप्ताह में दुकान नहीं हटाए जाने पर अनिश्चिकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। सरगुजा के दरिमा में गौरव पथ के पास एक माह पूर्व अंग्रेजी शराब दुकान खोली गई है, जिसका महिलाएं विरोध कर रही हैं। चार दिनों पूर्व भी महिलाओं ने अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था और शराब दुकान को हटाने की मांग की थी। शुक्रवार को महिलाओं ने दरिमा में शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। झमाझम बारिश में निकाली रैली, एक सप्ताह का अल्टीमेटम महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए रैली निकाली और शराब दुकान के सामने भी प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि जब तक शराब दुकान नहीं हटाई जाती, प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन की सूचना पर सहायक आबकारी अधिकारी शीला बड़ा सहित पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। महिलाओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है और एक सप्ताह में शराब दुकान नहीं हटाने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। स्कूल, हॉस्टल के पास शराब दुकान शराब दुकान का विरोध करने वाली महिलाओं ने कहा कि आबकारी अमले ने रिहायशी इलाके में शराब दुकान खोला है। पास ही स्कूल और छात्रावास भी हैं। शराबियों के जमावड़े के कारण यहां से गुजरने वाली छात्राओं और महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। वे किसी भी हालत में शराब दुकान का संचालन नहीं होने देंगे। महिलाओं ने कहा कि शराब दुकान को बंद करें या दूसर जगह स्थानांतरित करें।
दरभंगा में तीन दिवसीय यज्ञ खत्म:श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, भक्तों की उमड़ी भीड़
दरभंगा शहर के वीआईपी रोड स्थित बलभद्रपुर लहेरियासराय के पचाढ़ी मठ परिसर में तीन दिवसीय ऐतिहासिक सामूहिक यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार कार्यक्रम आज खत्म हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक और सनातन धर्मावलंबी उपस्थित रहे। पूरे मठ परिसर में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। मिथिला की पुरानी धार्मिक परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में विद्वान आचार्यों और पंडितों की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया गया। संस्कार के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। नैतिक मूल्यों से जोड़ने का काम करता पचाढ़ी मठ के महंथ रामउदित दास उर्फ मौनी बाबा ने बताया कि 17 जून 2026 से शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन के तहत पहले दिन बासकट्टी, दूसरे दिन कुमारम और अंतिम दिन आज मुख्य यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यज्ञोपवीत संस्कार सनातन धर्म के प्रमुख संस्कारों में से एक है, जो बच्चों को धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का काम करता है। महंथ ने बताया कि इस वर्ष कुल 15 बरूआ (बटुकों) का उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में दरभंगा सहित विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म फायदा हासिल किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मठ परिसर में भव्य पंडाल, भोजन, प्रसाद वितरण, पेयजल तथा बैठने की विशेष व्यवस्था की गई थी। अंतिम दिन पूरे मठ परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने क्षेत्र को पूरी तरह धर्ममय बना दिया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने एक ही भूखंड पर दो पट्टे जारी करने और जनसुविधा के लिए आरक्षित जमीन पर व्यावसायिक पट्टे देने के मामले में श्रीगंगानगर यूआईटी सचिव अशोक कुमार असीजा को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही चार अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। शुक्रवार को सीएम कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की छठी बैठक में यह प्रकरण सामने आया। सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्मिक विभाग के शासन उप सचिव लेखराज सैनी ने जारी आदेश में यूआईटी सचिव अशोक कुमार असीजा, एईएन संदीप वर्मा, पटवारी रतनलाल, यूडीसी सुनील और एडीसी जितेंद्र को निलंबित किया है। सभी के खिलाफ 16 सीसी के तहत विभागीय कार्रवाई भी होगी। यूआईटी सचिव असीजा पर 10-15 शिकायतें निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि असीजा के खिलाफ विभागीय जांच पहले से विचाराधीन है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर रहेगा। जांच में सामने आया कि यूआईटी सचिव अशोक कुमार असीजा के खिलाफ पिछले समय में 10 से 15 शिकायतें उच्चाधिकारियों और सरकार तक पहुंच चुकी हैं। सबसे प्रमुख मामला शहर के चहल चौक का है। शिकायतकर्ता जगदीश कुलचानिया ने बताया कि उनके दादाजी के नाम पर 20x25 साइज का भूखंड था। यूआईटी को 1994 से 2023 तक चैन देने के बाद न्यास ने जगदीश कुलचानिया के नाम भूमि उपयोग परिवर्तन कर पट्टा जारी कर दिया। लेकिन वर्ष 2025 में पता चला कि उसी भूखंड का एक पट्टा यूआईटी द्वारा महेंद्र कुमार के नाम भी जारी कर दिया गया था। शिकायत पर सीएम भजनलाल शर्मा ने तत्कालीन कलेक्टर डॉ. मंजू को जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर न्यास सचिव ने दूसरे पट्टे को निरस्त कर दिया। ई छोटी कॉलोनी में भी गड़बड़ी इसी तरह ई छोटी स्थित कॉलोनी में भी कॉलोनाइजर के साथ मिलकर पट्टे जारी करने की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची थी। बाद में इन पट्टों को भी निरस्त करना पड़ा। सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद पूरे यूआईटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।
गौतमबुद्धनगर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को एक व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न डेयरियों और थोक विक्रेताओं से दूध एवं पनीर के कुल पांच नमूने लिए गए। विभाग ने लगभग 300 किलोग्राम पनीर को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट करा दिया। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जिले में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान इसी कड़ी का हिस्सा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने हल्दौनी, ग्रेटर नोएडा स्थित चौधरी डेरी का निरीक्षण किया। यहां से पनीर का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। निरीक्षण के दौरान लगभग 100 किलोग्राम पनीर मिलावटी और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया। इसी टीम ने जेवर तहसील के ग्राम जहांगीरपुर स्थित प्रमोद डेरी से दूध का एक नमूना भी संग्रहीत किया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह और विशाल गुप्ता की टीम ने सेक्टर-15, नोएडा स्थित चौहान डेरी का निरीक्षण किया। इस डेरी से पनीर का एक नमूना लिया गया। यहां भी लगभग 200 किलोग्राम पनीर मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने सेक्टर-65 स्थित हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड से दूध और पनीर के एक-एक नमूने संग्रहीत किए। अभियान के दौरान कुल पांच नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सेक्टर-57 स्थित एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो बायजूस (Byju’s) में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) गौरव फोगाट के निर्देश पर, थाना साइबर अपराध पश्चिम की पुलिस टीम ने जांच अधिकारी संदीप के नेतृत्व में कार्रवाई की। 18/19 जून की रात छापेमारी कर कॉल सेंटर से रविश कुमार, अंकित कुमार, गोलू कुमार, रविकांत, टुनर कुमार और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी बिहार के नवादा जिले के जमुनावन गांव के निवासी हैं और उनकी उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया पर दिय जाता था फर्जी विज्ञापन पुलिस जांच में सामने आया कि रविश कुमार इस गिरोह का मुख्य संचालक था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर बायजूस में शिक्षक की नौकरी का विज्ञापन देता था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर चयन प्रक्रिया और अन्य विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। यह राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ली जाती थी। रविश ठगी की रकम का 20 से 30 प्रतिशत अपने साथियों को कमीशन के तौर पर देता था। साइबर ठगी से जुडे़ डिजिटल साक्ष्य मिले पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोनों की जांच में बायजूस के नाम पर तैयार की गई कॉलिंग स्क्रिप्ट, फर्जी पहचान पत्र तथा साइबर ठगी से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से लोगों को फोन कर नौकरी का लालच देते थे और उनसे धनराशि ठगते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, कई मोबाइल सिम कार्ड, फर्जी बायजूस आईडी कार्ड तथा ठगी में इस्तेमाल होने वाली कॉलिंग स्क्रिप्ट बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत अभियान:एडीसीपी क्राइम ने लखनऊ के राजकीय बालिका गृह का किया निरीक्षण
राजधानी लख़नऊ में गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत लखनऊ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम ने पारा के सिंधीखेड़ा स्थित राजकीय बालिका गृह का निरीक्षण किया और वहां रह रही बच्चियों से बातचीत कर उनकी पहचान तथा पारिवारिक जानकारी जुटाई।बालिका गृह में रह रही बच्चियों से की बातचीत, परिवारों तक पहुंचने की तैयारी निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने बच्चियों से उनके घर, परिवार और मूल निवास के बारे में जानकारी हासिल की। कई बच्चियों ने अपने परिजनों के पास वापस जाने की इच्छा जताई। पुलिस अब प्राप्त जानकारियों के आधार पर उनके परिवारों से संपर्क स्थापित कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। 2026 में अब तक 22 गुमशुदा बच्चियों की बरामदगी बाकी लखनऊ पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में अभी 22 बच्चियों की तलाश की जानी बाकी है। इसके लिए शहर के विभिन्न बाल आश्रय गृहों में रह रहे बच्चों का मिलान गुमशुदा बच्चों के रिकॉर्ड से किया जा रहा है। एएचटीयू की टीम इस वर्ष अब तक आठ गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिला चुकी है।तलाश अभियान के लिए पांच जोनल टीमें गठित गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए एएचटीयू ने पांच जोनल टीमें बनाई हैं। ये टीमें बाल आश्रय गृहों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मलिन बस्तियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाकर बच्चों की पहचान और सत्यापन का कार्य करेंगी। बाल श्रम और मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश पुलिस ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाने, होटल-ढाबों और फैक्ट्रियों में बाल श्रम की जांच करने तथा झुग्गी-बस्तियों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बाल संरक्षण से जुड़े विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। क्राइम ब्रांच ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर मानव तस्करी और संगठित अपराध से संबंधित सूचनाओं के लिए लखनऊ क्राइम ब्रांच ने हेल्पलाइन नंबर 7839861034 जारी किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा के जयपुर में एसीबी मुख्यालय पहुंचकर खुद को बदनाम करने और जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाने के मामले में अब कांग्रेस ने तंज कसा है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किरोड़ी के बयान पर तंज कसते हुए इसे बीजेपी की अंदरूनी कलह से जोड़ा है। दोनों नेताओं ने सीएम से पूरे मामले में रुख साफ करने को कहा है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की शुक्रवार को ACB मुख्यालय में की गई प्रेस वार्ता ने भाजपा सरकार की आपसी कलह को उजागर कर दिया। कृषि मंत्री ने ACB पर सीधे उन्हें किसी दबाव में आकर फंसाने के आरोप लगाए हैं। कृषि मंत्री ने ACB को पॉलिटिकल वैपन यानी राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। क्या कृषि मंत्री सीधे मुख्यमंत्री पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा रहे हैं? गहलोत ने लिखा- ACB सीधे मुख्यमंत्री के अधीन है। क्या कृषि मंत्री सीधे मुख्यमंत्री पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा रहे हैं? अब जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है कि वह सच्चाई बताएं कि कृषि मंत्री इस रिश्वत प्रकरण में लिप्त हैं या मुख्यमंत्री के अधीन ACB उन्हें फंसा रही है? डोटासरा का तंज- अपनी बारी आने पर एसीबी को कठघरे में खड़ा कर रहे डोटासरा ने लिखा- राजस्थान में करोड़ों के खाद-बीज रिश्वतकांड में कृषि मंत्री के करीबी करोड़ों रुपए के साथ पकड़े गए। अब गिरफ्तारी की आंच अपने दरवाजे तक पहुंचती देख कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मुख्यमंत्री को ही लक्ष्मण रेखा यानी अपनी हद में रहने की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के अधीन एजेंसी ACB को पॉलिटिकल वेपन बताकर खुद को फंसाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं। डोटासरा ने लिखा- आखिर कृषि मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे हैं? कल तक जो दूसरों पर कीचड़ उछालते थे, आज अपनी बारी आने पर व्यवस्था, एजेंसियों और मुख्यमंत्री तक को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। जनता ये तमाशा नहीं, सच जानना चाहती है डोटासरा ने लिखा- मुख्यमंत्री घबराइए मत, राजस्थान को सच्चाई बताइए। क्या आपका कैबिनेट मंत्री भ्रष्टाचार के जाल में फंसा है? क्योंकि अगर ACB राजनीतिक हथियार है, तो इसका जवाब आपको देना होगा और अगर ACB निष्पक्ष है तो फिर भ्रष्टाचारियों को जेल में डालिए। जनता ये तमाशा नहीं, सच जानना चाहती है, उजागर कीजिए। यह खबर भी पढ़ें... किरोड़ीलाल पहुंचे ACB मुख्यालय, बोले-दोषी हूं तो गिरफ्तार करो:कहा- एसीबी लक्ष्मण रेखा न लांघे, FIR में मंत्री और डॉक्टर कौन, इसका खुलासा करें कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार दोपहर ACB मुख्यालय पहुंचे। मंत्री एसीबी में पकड़े गए बीज निगम के नामित डायरेक्टर और कृषि विभाग के कर्मचारियों के मामले में खुलकर बोले। उन्होंने कहा-‘यदि मैं जांच में दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार किया जाए, लेकिन यदि निर्दोष हूं तो ACB को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।’ (पूरी खबर पढ़ें)
भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के समर्थन में आज बड़ी संख्या में युवाओं ने न्याय मार्च निकाला। आरा शहर के कतीरा मोड़ से शुरू हुआ यह मार्च विभिन्न इलाकों से होते हुए निकला, जिसमें शामिल युवाओं ने हाथों में कैंडल और तख्तियां लेकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्च के दौरान शहीद भरत तिवारी अमर रहें और न्याय दो-न्याय दो जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग युवाओं का कहना है कि भरत तिवारी की मौत एक सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर का परिणाम है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सजा दिलाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई। मार्च का नेतृत्व कर रहे युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले के कई थानों में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम लोगों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें अपमानित कर भगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज और गरीबों की आवाज उठाने वाले एक युवक को दिनदहाड़े एनकाउंटर में मार दिया गया और अब दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। युवाओं ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
एक लाख की शराब पकड़ी, कार जब्त:सुनसान जगह कार छोड़ भागा तस्कर, पाटिया थाना पुलिस की कार्रवाई
उदयपुर की पाटिया थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 लाख कीमत की 12 कर्टन शराब जब्त की है। साथ ही बिना नंबर की कार को भी जब्त किया है। एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अभियान के तहत एएसपी अंजना सुखवाल, डीएसपी राजीव राहर के सुपरविजन में पाटिया थानाधिकारी देवीलाल मीणा की टीम ने ये कार्रवाई। थानाधिकारी देवीलाल ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के बाद देमत गुड़ा तिराहे पर नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक बिना नंबर की ईको कार आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर चालक कार को वापस घुमाकर देमत कड़ियानाला की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो चालक देमत हनुमानजी मंदिर के पास कार छोड़कर फारार हो गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें राजस्थान निर्मित अंग्रेजी शराब के 12 कर्टन मिले। पुलिस ने शराब और कार को जब्त कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।कार्रवाई में एएसआई मनीष कुमार, वालचंद, हेड कांस्टेबल बदराम, कांस्टेबल रामलाल आदि शामिल थे।
हरदोई में बेसिक शिक्षा विभाग में 29 हजार शिक्षक भर्ती से संबंधित 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां गायब मिली हैं। इस मामले में अब बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले बीएसए दफ्तार के बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। दरअसल, एजुकेटर भर्ती से जुड़ी एक संस्था की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने 2 लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद बढ़ने के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह की तीन सदस्यीय समिति बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने घंटों तक भर्ती, नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की। जांच के दौरान कुछ जरूरी पत्रावलियां रिकॉर्ड से गायब मिलीं, जबकि कई दस्तावेजों में विसंगतियों की आशंका जताई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भर्ती संबंधी अभिलेख रखने वाली कई अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जांच में यह भी सामने आया कि 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया का दायित्व भी उनके पास था। एक ओर सरकारी रिकॉर्ड गायब होने का मामला है तो दूसरी ओर चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और धन उगाही के आरोप लगे हैं। ऐसे में पूरा शिक्षा विभाग जांच एजेंसियों के रडार पर है और सभी की नजर अब जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
नीमच शहर में बढ़ते अतिक्रमण और सड़क हादसों की शिकायतों के बाद शुक्रवार को नपा ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने डाक बंगले से इंदिरा नगर और भगवानपुरा चौराहे तक विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान नाले के ऊपर अवैध रूप से सामान रखकर रास्ता जाम करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की गई, हालांकि इस दौरान टीम पर पक्षपात के आरोप भी लगे। दो जानलेवा हादसों के बाद एक्शन स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मार्ग पर कई दुकानदारों ने नाले के ऊपर भट्ठियां लगा रखी थीं और दुकानों के बाहर पक्की दीवारें व टीनशेड तानकर सड़क तक कब्जा कर लिया था। इस अव्यवस्था के कारण पूर्व में दो भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोगों की जान चली गई थी। शुक्रवार को टीम ने इन अवैध ढांचों, बैनर-पोस्टरों और सड़क पर रखे सामान को जब्त किया। हॉस्पिटल का जनरेटर न हटने से फूटा गुस्सा अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की टीम पर भेदभाव के आरोप लगाए। रहवासियों का कहना था कि प्रशासन ने छोटे दुकानदारों का सामान तो जब्त कर लिया, लेकिन मार्ग में आने वाले एक निजी हॉस्पिटल के बड़े जनरेटर और कई रसूखदारों के अवैध निर्माण को बिना छुए छोड़ दिया। लोगों ने इस दोहरी कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। कार्रवाई में यह अधिकारी रहे मौजूद इस अभियान के दौरान नगर पालिका के राजस्व अधिकारी टेकचंद बुनकर, स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक, हेमंत सिसोदिया, महावीर जैन, हेमंत कलोसिया और योगेश टांकवाल सहित पुलिस बल मौजूद रहा। नपा अधिकारियों ने पक्षपात के आरोपों पर बिना कोई विशेष टिप्पणी किए कहा कि शहर को यातायात मुक्त बनाने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
होशियारपुर के मुकेरियां में एक प्रवासी मजदूर ने अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना थाना हाजीपुर के अंतर्गत गांव दगन स्थित एक ईंट भट्ठे पर शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे हुई। मृतका की पहचान 27 वर्षीय ज्योति के रूप में हुई, जो लक्ष्मी नारायण की पत्नी और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की निवासी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतका के भाई पंच ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि ज्योति की शादी सात साल पहले लक्ष्मी नारायण से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही लक्ष्मी नारायण ज्योति पर शक करने लगा और उसके साथ मारपीट व अन्य तरह से प्रताड़ना करता था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर ज्योति एक महीने पहले अपनी बेटी के साथ अपने रिश्तेदारों के पास दगन गांव आ गई थी और यहां ईंट पाथने का काम करने लगी थी। दोनों के बीच हो गई थी सुलह जब लक्ष्मी नारायण को ज्योति के यहां होने का पता चला, तो वह तीन दिन पहले दगन गांव आ गया। रिश्तेदारों की मध्यस्थता से दोनों के बीच सुलह हो गई थी और वे फिर से साथ रहने लगे थे। शुक्रवार सुबह करीब 2 बजे उनकी झुग्गी से पंखा टूटने जैसी आवाज आई। पड़ोसियों और ज्योति के भाई ने जाकर देखा तो लक्ष्मी नारायण अपनी बहन का कत्ल कर उसके शव को बेड के नीचे धकेल रहा था। शोर मचाने पर लक्ष्मी नारायण वहां से भागने में सफल रहा, लेकिन तब तक ज्योति दम तोड़ चुकी थी। घटना की सूचना थाना हाजीपुर पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी हरप्रेम ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आरोपी लक्ष्मी नारायण को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
घाटमपुर में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर केक काटकर उनकी दीर्घायु की कामना की गई और पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। यह कार्यक्रम पूर्व प्रत्याशी डॉ. कृपा शंकर के संयोजन और जिला सचिव तौसीफ कुरैशी के सहयोग से एक गेस्ट हाउस में आयोजित किया गया। इसमें लंबे समय बाद बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता एकत्र हुए। जन्मदिन समारोह के दौरान राहुल गांधी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल राजनीतिक जीवन की कामना करते हुए केक काटा गया। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति बेहतर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रत्याशी डॉ. कृपा शंकर ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। डॉ. कृपा शंकर ने दावा किया कि ऐसे हालात में लोग फिर से कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की नीतियों और विचारधारा की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाने की अपील की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अमित पांडेय, पीसीसी सदस्य धवल पांडेय, संत शरण सिंह, महेश श्रीवास्तव, मानेश दीक्षित, मीडिया प्रभारी राम जी श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष नवीन कमल, मो. शुऐब कुरैशी, इकलाख पहलवान, अमित यादव, प्रकाश दीक्षित, संदीप कुमार और युवा नेता रेहान कुरैशी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुज़फ्फरनगर के चर्चित विकसित उर्फ़ रॉकी हत्याकांड को आज पूरा एक महीना हो चुका है, लेकिन यह सनसनीखेज केस अभी भी पूरी तरह से अंजाम तक नहीं पहुंच पाया है। हत्या के बाद धड़ और सिर अलग-अलग ठिकानों पर ठिकाने लगाने वाले आरोपियों में से चार जेल पहुंच चुके हैं, जबकि रॉकी का कटा हुआ सिर अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। शुक्रवार को सिखेड़ा थाना पुलिस ने PAC की विशेष टीम के साथ एक बार फिर जौली के पास नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुबह से लेकर शाम तक नहर के कई हिस्सों में तलाश की गई, लेकिन इस बार भी पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी। कातिलों ने अपने इकबालिया जुर्म में कबूल किया था कि हत्या के बाद रॉकी के सिर को नहर में फेंका गया था। पुलिस को उम्मीद थी कि लंबे समय तक पानी में रहने के कारण सिर किसी स्थान पर ऊपर आ सकता है, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद अब तक सिर का कोई सुराग नहीं मिला। आपको बता दें कि 18 मई विकसित उर्फ रॉकी को उसकी कथित पत्नी रेणु सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव स्थित उसके घर से स्कॉर्पियो में बैठाकर अपने साथ ले गई थी। वो 18 मई की रात रॉकी की जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई थी। उसी रात बागपत जिले के बड़ौत स्थित रेणु के घर पर रॉकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद मुजफ्फरनगर लाकर शव के दो टुकड़े किए गए। धड़ को भोपा थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव के जंगल में शुभम के खेत में कई फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया गया, जबकि सिर को जौली के पास नहर में फेंक दिया गया। इस सनसनीखेज हत्याकांड में रेणु, उसके पहले पति का बेटा बादल तोमर, बादल की पत्नी निशा, दोस्त मोंटी उर्फ अभि और शुभम का नाम सामने आया था। पुलिस रेणु, बादल, मोंटी और शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं आरोपी निशा ने अंतरिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर 25 जून को सुनवाई प्रस्तावित है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी होने का दावा कर रही है। CO नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि रॉकी के सिर को नहर में तलाश करने के लिए एक बार फिर से कोशिश की गई। उम्मीद थी कि इतने दिन पानी में होने के बाद शायद फूल कर पानी में कहीं ऊपर आ जाए। इसीलिए एक बार फिर से कोशिश की गई।
गोरखपुर में मुहर्रम का महीना शुरू होते ही कर्बला के शहीदों की याद में महफिलों का सिलसिला जारी है। तीसरी मुहर्रम को भी मस्जिदों और घरों में जिक्रे शुहदाए कर्बला की महफिलें सजाई गईं। इस दौरान कर्बला की दास्तां सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। जुमा की नमाज के दौरान हुई तकरीरों में इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए सब्र, सच्चाई और इंसानियत के रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया। गोरखनाथ, रहमतनगर, तुर्कमानपुर समेत कई इलाकों में मुहर्रम को लेकर अकीदतमंद इबादत में जुटे हैं। कई युवाओं ने रोजा रखकर इबादत की। शहर की एक दर्जन से अधिक मस्जिदों और घरों में कर्बला के शहीदों का जिक्र किया जा रहा है। लोगों ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं को जिंदगी में अपनाने की बात कही। ‘इमाम हुसैन ने दुनिया को दिया सब्र और इंसानियत का पैगाम’ मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार में मौलाना महमूद रजा कादरी की ओर से आयोजित महफिल में मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि कर्बला की सरजमीं से इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को तौहीद, सब्र और इंसानियत का ऐसा पैगाम दिया, जो हमेशा लोगों को सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्बला में दी गई कुर्बानियां इंसानियत और हक की आवाज को बुलंद करने की मिसाल हैं। ‘सच्चाई के रास्ते पर कायम रहने की सीख देती है कर्बला’ मकतब इस्लामियात चिंगी शहीद इमाम चौक तुर्कमानपुर में हुई महफिल में हाफिज रहमत अली निजामी और कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कर्बला का पैगाम है कि मुश्किल हालात में भी इंसान को सब्र, हिम्मत और सच्चाई का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर सहित शहर की अन्य मस्जिदों और घरों में भी शुहदाए कर्बला की याद में महफिलें हुईं। तकरीरों में कर्बला की घटनाओं और इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली गई। आखिर में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी गई।
कानपुर में देश के पहले 'लाइफस्टाइल लेगेसी कम्युनिटी मूवमेंट – आर्ट ऑफ मुक्ति (Art of Mukti)' का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बदलते सामाजिक परिवेश में लोगों को सार्थक जीवन, मजबूत रिश्ते और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रेरित करना है। यह लोगों को परिवार, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और विरासत निर्माण जैसे मूल्यों से जोड़ेगी। संस्था की संस्थापक करिश्मा दुग्गर ने शुक्रवार रात इस पहल को एक सामाजिक जनआंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य लोगों को बेहतर जीवन जीने, समाज में रचनात्मक योगदान देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी विरासत छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। दुग्गर ने यह भी बताया कि जहां तकनीक ने लोगों को जोड़ा है, वहीं रिश्तों में दूरियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में एक ऐसे मंच की आवश्यकता थी जो संवाद, सहयोग और सामूहिक विकास को बढ़ावा दे सके। 'आर्ट ऑफ मुक्ति' चार प्रमुख स्तंभों - परिवार, विकास, प्रभाव और विरासत पर आधारित है। संस्था का लक्ष्य युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों और समाजसेवियों को एक साझा मंच पर लाकर नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की नई संस्कृति विकसित करना है। कार्यक्रम में सीज़न कॉफ़ी हाउस एंड किचन के संस्थापक हरप्रीत सिंह ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच लोगों को जोड़ने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक उद्देश्य और सामूहिक विकास की दिशा भी प्रदान करेगा। संस्था की योजना कानपुर से शुरू होकर इस अभियान को देशभर के विभिन्न शहरों तक पहुंचाने की है। इसके तहत बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व प्रशिक्षण, संवाद मंच और सामाजिक प्रभाव से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध रेडियो प्रस्तोता आर.जे. सुगंधा ने किया। इस अवसर पर संस्था की मुख्य टीम के सदस्य करिश्मा दुग्गर, अंशुल उत्तम, प्रिंस तिवारी, श्रेय उत्तम, ओंकार सिंह बिष्ट, अंजली, गौरव रावत और जूड्स बुडवर्ड मौजूद रहे। 'आर्ट ऑफ मुक्ति' को कानपुर से शुरू हुई एक ऐसी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो सामाजिक विकास और सकारात्मक नेतृत्व की नई मिसाल कायम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सीवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र के कोड़र गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय युवक राहुल कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मृतक की पहचान कोड़र गांव निवासी बिजली महतो के पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर किसी बात को लेकर राहुल कुमार की गांव के ही चुनचुन कुमार और सुधीर कुमार से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दोनों ने लाठी-डंडों से राहुल पर हमला कर दिया। हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल बसंतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सीवान रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में हालत चिंताजनक बनी रहने पर उसे पटना भेजा गया, लेकिन गुरुवार देर रात पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। गांव में पुलिस बल की तैनाती की युवक की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही राहुल का शव गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां सुमिता देवी और पिता बिजली महतो जवान बेटे का शव देखकर बेसुध हो गए। राहुल चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की मां के बयान पर बसंतपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में गांव के ही चुनचुन कुमार और सुधीर कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। परिजनों के आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी बोले-आरोपी की गिरफ्तारी को छापेमारी एसपी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर घटना में संलिप्त नामजद आरोपी चुनचुन कुमार, पिता स्वर्गीय भगवान साह, निवासी कोड़र, थाना बसंतपुर को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं दूसरे नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।
कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में बीते दिनों एक चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई बर्बरता और हत्या के विरोध में वाल्मीकि समाज ने कैंडल मार्च निकाला। वाल्मीकि समाज चेतना मंच के बैनर तले यह प्रदर्शन किया गया, जिसमें समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिला। कैंडल मार्च की शुरुआत अम्बेडकर पार्क से हुई, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में मोमबत्तियां लिए नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार और बारहद्वारी मार्ग से गुजरे। मार्च का समापन गांधी मूर्ति स्थल पर हुआ। इस दौरान वाल्मीकि समाज के नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। समाज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वाल्मीकि समाज सफाई कार्य बंद कर आंदोलन को तेज करेगा। प्रदर्शन में रामखिलाड़ी, राकेश नेताजी, तरुण, पीड़िता के पिता राहुल, संतोष वाल्मीकि (गंजडुंडवारा) और मुकेश वाल्मीकि सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत अब चंडीगढ़ के सभी 42 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्किल इलेक्टिव कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। अब तक शहर के केवल 23 सरकारी स्कूलों में ही वोकेशनल और स्किल कोर्स पढ़ाए जा रहे थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने इसे सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों तक विस्तार देने का फैसला लिया है। इससे विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ रोजगारपरक और व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को मिलेंगे 30 स्किल कोर्स के विकल्प नई व्यवस्था के तहत छात्र अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न स्किल कोर्स चुन सकेंगे। इनमें आधुनिक तकनीक से लेकर स्वास्थ्य, व्यवसाय और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े विषय शामिल हैं। जो इस प्रकार है- 1. टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल 2. बिजनेस और फाइनेंस 3. हेल्थ और लाइफस्टाइल 4. होटल और टूरिज्म 5. तकनीकी कोर्स 6. कार्यालय और कंप्यूटर आधारित कौशल 11वीं में दाखिले का बढ़ेगा दायरा शिक्षा विभाग ने 11वीं कक्षा में उपलब्ध 1,755 वोकेशनल सीटों को साइंस, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में पुनर्वितरित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा की कुल सीटें 13,875 से बढ़कर 13,920 हो जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद की स्ट्रीम और विषय चुनने में अधिक सुविधा मिलेगी। 38 नए ट्रेनर रखे जाएंगे योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए शिक्षा विभाग 38 नए पार्ट-टाइम स्किल ट्रेनर नियुक्त करेगा। वर्तमान में कार्यरत 110 स्थायी और संविदा शिक्षकों के साथ ये प्रशिक्षक विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इस पूरी योजना पर प्रशासन करीब 1.2 करोड़ रुपये खर्च करेगा। भविष्य के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितीश सिंगला के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक कौशल से भी लैस करना है। इससे छात्र आत्मनिर्भर बनने के साथ भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्किल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
सीतामढ़ी के मजदूर की छत्तीसगढ़ में मौत:कमाने गया था रायपुर, रोड एक्सीडेंट में गई जान
सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड के बसहिया गांव में शुक्रवार को उस समय मातम छा गया, जब छत्तीसगढ़ के रायपुर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले प्रवासी मजदूर पंकज कुमार महतो का शव गांव लाया गया। शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा माहौल गमगीन हो गया। जानकारी के अनुसार, बसहिया निवासी रविंदर भगत के 32 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार महतो छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित सरोरा इलाके में 'मा कोदरगाड़ी प्राइवेट लिमिटेड' नामक होम पाइपलाइन कंपनी में कार्यरत थे। तेज आंधी के बीच बाइक एक ट्रैक्टर से टकरा गई बीते बुधवार की रात वे किसी आवश्यक कार्य से बाइक से निकले थे। इसी दौरान तेज आंधी के बीच उनकी बाइक एक ट्रैक्टर से टकरा गई। इस हादसे में पंकज महतो की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर पीछे बैठे उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी एक अन्य युवक ने भी दम तोड़ दिया। मृतक की मां मंजू देवी, पत्नी पूनम कुमारी, पुत्री हंसिका कुमारी (8 वर्ष), पुत्र अयान कुमार (6 वर्ष) तथा छोटे भाई मनोज कुमार उर्फ विकास का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि पंकज पिछले पांच वर्षों से रायपुर में रहकर काम कर रहे थे। उनकी शादी करीब नौ वर्ष पूर्व हुई थी। पंकज महतो अपने परिवार के मुख्य आर्थिक आधार थे। उनके निधन से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। पूरे गांव में शोक और मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
डेढ़ साल का मासूम स्विमिंग पूल में डूबा, मौत:माता- पिता निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे थे
बांसवाड़ा शहर के सेंट्रल जेल के पास अहमदपुरा इलाके में शुक्रवार शाम एक निर्माणाधीन साइट के पास बने स्विमिंग पूल में डूबने से डेढ़ साल के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद बदहवास परिजन बच्चे को लेकर तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मजदूरी करने आए थे माता-पिताजानकारी के अनुसार, माहीडेम निवासी सुनील और उनकी पत्नी अहमदपुरा में एक मकान की निर्माणाधीन साइट पर मजदूरी का कार्य करते हैं। उनका डेढ़ साल का बेटा आयुष भी वहीं पास में खेल रहा था। शाम को काम खत्म होने के बाद जब माता-पिता ने घर जाने के लिए आयुष को आवाज लगाई, तो वह कहीं दिखाई नहीं दिया। पूल के पानी में मिला मासूम का शवकाफी देर तक तलाश करने के बाद जब परिजन पास ही बने एक स्विमिंग पूल के पास पहुंचे, तो आयुष पानी में डूबा हुआ मिला। उसे पानी से बाहर निकालकर महात्मा गांधी हॉस्पिल लाया गया, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक मासूम के शव को अस्पताल मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है।
वाराणसी के गेल CNG पंप पर लगी भीषण आग:पंप पर गैस भरवाते समय हादसा, 40 फिट ऊंची लपटों से हड़कंप
वाराणसी-जौनपुर हाईवे के करखियाव स्थित गेल के सीएनजी पम्प पर शुक्रवार रात 9.20 बजे भीषण आग लग गई। फूलपुर थाना क्षेत्र के सीएनजी पंप पर हादसा गैस भरवाते समय हुआ और चिंगारी ने आग पकड़ ली। आग के बाद पंप पर हड़कंप मच गया। गैस लीक या वाहन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग की आशंका मानी जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों पर तुरंत अग्निशमन विभाग और पुलिस को सूचित किया गया। चंद मिनट में आग की लपटें 40 फिट तक ऊंची उठने लगी। आग से आसपास के इलाके में कोहराम मच गया और बड़े हादसे की आशंका पर लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। आग देखकर हाईवे से गुजरने वाले लोग भी ठहर गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुट गई है।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शहर की सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। शुक्रवार को संगम सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने प्रमुख चौराहों और शराब की दुकानों के बाहर लगने वाली भीड़ व जाम पर कड़े निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि शराब की दुकानों के सामने बार-बार भीड़ लगती है, जाम लगता है या दुकान के पास खुले में शराब पीने की शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। शहर को जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने 16 स्थायी होल्डिंग एरिया चिन्हित किए हैं। इन स्थानों पर बसों और ट्रकों को खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान तेज करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिष्ठानों पर मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दिए। अवैध पार्किंग और डग्गामार वाहनों पर भी सख्ती बरती जाएगी। डीएम ने पुलिस और एआरटीओ को अवैध टैक्सी स्टैंड हटाने तथा डग्गामार बसों व बिना नंबर के वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। ऐसे चालकों का चालान करने के साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के निलंबन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। गाड़ियों में लगी काली फिल्मों को हटवाने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर स्टंटबाजी करने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। हाईवे और मुख्य मार्गों पर रिस्पांस टाइम कम करने के लिए अस्पतालों की जियो-टैगिंग कराई जाएगी। नेशनल हाईवे पर निर्धारित दूरी पर एम्बुलेंस और क्रेन की उपलब्धता अनिवार्य की गई है, ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।

