आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई भूमि खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ट्रस्ट की ओर से 117 बिस्वा जमीन, जिसकी वास्तविक कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है, 55.47 करोड़ रुपए में खरीदी गई। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह जमीन कारोबारी आलोक बंसल से खरीदी गई और इस सौदे में बाजार मूल्य से कहीं अधिक राशि का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले बरेहटा गांव में सरकार ने किसानों से भूमि लगभग 4.40 लाख रुपए प्रति बिस्वा की दर से अधिग्रहित की थी, जबकि ट्रस्ट ने कथित रूप से करीब 47 लाख रुपए प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीदी। निष्पक्ष जांच कराने की मांग AAP नेता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि भूमि खरीद में हुए कथित वित्तीय अंतर का लाभ किसे मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक मामले में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित ट्रस्ट या अन्य पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
मुज़फ्फरनगर में किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया। नेशनल प्रोजेक्ट ऑन सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी कार्यक्रम के तहत जिले की चयनित 36 ग्राम पंचायतों में खेतों से मृदा नमूनों का संग्रह किया गया। अभियान के तहत उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार सिरोही ने विकासखंड जानसठ की ग्राम पंचायत सलारपुर पहुंचकर किसान वली मोहम्मद के खेत से स्वयं मिट्टी का नमूना एकत्रित कराया। इस दौरान उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में जानकारी दी। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे मृदा जांच के बाद मिलने वाले मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों के अनुसार ही खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करें। इससे खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और फसलों का उत्पादन भी बेहतर होगा। उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार सिरोही ने बताया कि अभियान के दौरान एकत्रित किए गए सभी नमूनों की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपनी भूमि की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार कृषि निवेश का उपयोग कर सकें।
पंजाब के लुधियाना में जैकेट बनाने वाली चार मंजिला फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद वहां पर अफरा-तफरी मच गई और कारीगर बाहर भाग गए। मालिकों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड के तीन फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार वेटगंज में एमजे व्यास फैक्ट्री में शाम को करीब सवा पांच बजे दूसरी मंजिल पर आग लगी। कुछ ही मिनटों में आग दूसरी मंजिल से तीसरी व चौथी मंजिल तक पहुंच गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। फायर ब्रिगेड अभी आग बुझाने में जुटी है।
लखीमपुर खीरी के अजबापुर शुगर यूनिट परिसर में 30 साल पुरानी एक चिमनी का नियंत्रित ध्वस्तीकरण किया गया। कंपनी के अनुसार, 25 मई 2026 को आए तेज आंधी-तूफान के कारण चिमनी में संरचनात्मक असामान्यता आ गई थी और वह एक ओर झुक गई थी। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी आकलन के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे नियंत्रित तरीके से गिराने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने बताया कि यह ध्वस्तीकरण सभी आवश्यक अनुमतियों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया गया। एहतियात के तौर पर, चिमनी के आसपास लगभग एक किलोमीटर का क्षेत्र पूरी तरह खाली करा लिया गया था। ध्वस्तीकरण के समय किसी भी कर्मचारी को परिसर में मौजूद रहने की अनुमति नहीं दी गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया। कंपनी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अपने सभी परिचालनों में सुरक्षा और नियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों का पालन करती है। ध्वस्तीकरण के समय जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, इकाई प्रमुख प्रभात कुमार सिंह, एचआर हेड के.एन. राय, मोहम्मदी क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह और पसगवां प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र पाल सिंह सहित कंपनी तथा प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे। यह नियंत्रित ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई।
गोंडा में मनकापुर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा उर्फ बड़े पुजारी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 26 लाख 95 हजार रुपए कैश बरामद किए हैं। शफीक अपना पंडित रामस्वरूप शर्मा नाम रखकर शिव शक्ति ज्योति एवं आध्यात्मिक अनुसंधान संस्थान चला रहा था। वह पूजा-पाठ, ग्रह दोष निवारण और विशेष अनुष्ठानों के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठता था। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार जेल भेज चुकी है। शफीक गिरोह का मास्टरमाइंड था। मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर निवासी सुशील कुमार सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा ने ग्रह दशा सुधारने और सुख-शांति के लिए विशेष पूजा कराने का दावा किया था। इसके लिए करीब 75 हजार रुपये की पूजन सामग्री मंगवाई। घर के सोने-चांदी के आभूषण एक स्टील के डिब्बे में रखवाकर एक कमरे में पूजा शुरू की। उसने परिवार को निर्देश दिया कि पूजा के दौरान कमरे का ताला न खोला जाए। उसकी अनुपस्थिति में केवल बाहर से दीपक जलाया जाए। कुछ दिनों बाद उसने अपनी मां की तबीयत खराब होने और बाद में निधन होने की बात कहकर आना बंद कर दिया। काफी कोशिश के बाद भी बात न होने पर परिवार को शक हुआ। जब कमरे का ताला खोला गया तो जेवर और पूजा के नाम पर लिया गया सामान गायब मिला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान मेरठ निवासी शफीक के रूप में हुई। वह पंडित रामस्वरूप शर्मा बनकर लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह के अन्य सदस्य नमशेर अली, हसरत अली, इमरान, इंसाद और तोहिद को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके कब्जे से भी भारी मात्रा में नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए थे। आरोपी शफीक उर्फ पंडित रामस्वरूप शर्मा के खिलापु गोंडा और बहराइच जिलों में कुल 4 मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया- गिरोह संगठित तरीके से आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान के नाम पर लोगों को ठग रहा था। गिरोह के अधिकांश सदस्यों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी, जबकि मास्टरमाइंड फरार चल रहा था। उसे अब मनकापुर पुलिस और एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जिला पंचायत बैठक में जनसमस्याओं पर मंथन:जल जीवन मिशन और सड़कों की खराब स्थिति पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष ओम प्रकाश की अध्यक्षता में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक हुई। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी रविन्द्र कुमार ने किया। इसमें धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया, पलिया विधायक रोमी साहनी के प्रतिनिधि बृजेश सिंह, विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जनसुनवाई पोर्टल, याचिका समिति और जिला पंचायत बोर्ड से मिले विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। सदन में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जिला पंचायत सदस्यों ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कें लंबे समय से खराब हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सदस्यों ने यह चिंता भी जताई कि मिशन के तहत अभी तक कोई भी गांव पूरी तरह से संतृप्त नहीं हो पाया है। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को उन्नत प्रजाति के गन्ने की बुवाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक किसान का गन्ना सर्वे कराया जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ उन तक बेहतर ढंग से पहुंच सके। लखीमपुर-सिकंदराबाद होते हुए मोहम्मदी मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा भी सदन में उठा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि मार्ग के शून्य से 20 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष मार्ग को भी योजना में शामिल कर स्वीकृति दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को छोटे कंटेनरों में डीजल उपलब्ध कराने की समस्या पर भी चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने आश्वासन दिया कि पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि किसानों को खेती के कार्यों में कोई परेशानी न हो। बैठक को संबोधित करते हुए सांसद आनंद भदौरिया ने अधिकारियों से जनता की मूलभूत समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ओम प्रकाश ने सभी सदस्यों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला पंचायत द्वारा निर्मित अमृत सरोवर मोहम्मदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में प्रातः छह बजे उपस्थित होने का आग्रह किया। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक के समापन की घोषणा की।
पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के बैनर तले जिलेभर के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने स्वाभिमान बचाओ आंदोलन के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के सामने धरना स्थल पर महायज्ञ का आयोजन किया। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग करते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने अपनी मांगों की अनदेखी किए जाने पर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला एवं महामंत्री विपिन जैन को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कर्मचारियों ने वीबीजीआरजी के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा करते हुए एडीएम एवं सीईओ को भी ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष नंदलाल मीना ने बताया कि पिछले 18 दिनों से स्वाभिमान बचाओ आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इससे आमजन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों का जल्द समाधान करना चाहिए। CM आवास का घेराव करेंगे उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 6 जुलाई को पूरे प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारी जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 7 जुलाई को जयपुर के जलमहल पर जल समाधि आंदोलन किया जाएगा। महासंघ के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर गुर्जर ने कहा कि कर्मचारियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। वहीं जिला महामंत्री दयाशंकर महावर ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
झांसी में 90 साल की महिला की मौत हो गई। वह अपने बेटे के साथ पोती के घर रहती थी। मौत के बाद पोती और बेटा शव लेकर पेतृक गांव पहुंचे तो विवाद हो गया। पोता ने फोन करके पुलिस को बुला लियाा। आरोप लगाया कि बहन और पापा ने मिलकर दादी की हत्या कर दी। चेहरे को चीटी समेत अन्य कीड़े खा चुके थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आज पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है। पोती के पास रहती थी दादी मृतका का नाम रजकू देवी (90) पत्नी गोविंद दास वंशकार था। वह मैरी गांव की रहने वाली थी। उसका एक बेटा मातादीन है। जिसकी 3 बेटी नीलम, मंजू और चाहत व 2 बेटे भीमा व अभिषेक हैं। नीलम, मंजू, चाहत और भीमा की शादी हो चुकी है। जबकि अभिषेक अविवाहित है। मृतका की पोती नीलम ने बताया- मां अंगूरी की मौत हो चुकी है। दादी रजकू चल नहीं पाती। मेरी दादी और पापा मातादीन काफी समय से मेरे पास रह रहे हैं। हम सब नारायण बाग के नजदीक दूर के बब्बा मंदिर के पास रह रहे थे। सबकुछ ठीक चल रहा था। जेल में मुलाकात करने गए थे बेटी-पिता नीलम ने आगे बताया- मेरा छोटा भाई लड़की को भगाकर ले गया था। वह ललितपुर जेल में बंद है। मैं और मेरे पापा बुधवार को भाई से मुलाकात करने ललितपुर गए थे। घर पर दादी अकेली थी। शाम 5 बजे लौटकर आए तो दादी रजकू की मौत हो चुकी थी। चीटी-चीटा उनके चेहरे को खा चुके थे। इसलिए खून निकल रहा था। हम लोग अंतिम संस्कार करने के लिए शव को लेकर मैरी गांव पहुंचे। तब भाई भीमा ने विवाद शुरू कर दिया। वह कहने लगा कि मैंने और पापा ने दादी को मार दिया। उसने अंतिम संस्कार नहीं करने दिया और फोन करके पुलिस को बुला लिया। हम लोगों की शिकायत कर दी। पुलिस आकर शव ले गई। शक होने पर पुलिस बुलाई भीमा ने बताया- दादी रजकू के चेहरे से खून निकल रहा था। यह देखकर मुझे शक हुआ कि दादी की हत्या की गई है। इसलिए मैंने पुलिस को फोन कर दिया और पोस्टमार्टम करा रहे हैं। ताकि पता चल सके कि दादी की मौत की वजह क्या है। बजरंग चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि रजकू देवी बीमार थी। उसकी मौत होने पर पोते ने पुलिस को कॉल कर दिया। आज पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी।
करनाल में आईटीआई चौक के पास एक व्यक्ति का शव संदिग्ध हालातों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान न होने पर शव को मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया। अगले दिन पहचान होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में मौत के कारणों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। सोशल मीडिया वीडियो से हुई पहचानमृतक की पहचान 50 वर्षीय सर्वेश के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और फिलहाल करनाल में हांसी रोड पर रह रहा था। वह पेशे से पेंट का काम करता था और उसके परिवार में एक बेटा है। वीरवार की शाम को पुलिस को आईटीआई चौक के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला था, जिसकी उस समय पहचान नहीं हो सकी थी। परिजन कर रहे थे तलाशपरिजनों के अनुसार, सर्वेश पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा था और काम पर भी नहीं जा रहा था। इसी दौरान वह घर से लापता हो गया। परिवार के लोग उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें मिले शव की झलक दिखाई गई थी। वीडियो देखने के बाद परिजन तुरंत मोर्च्युरी हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारमोर्च्युरी हाउस में पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान सर्वेश के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों का कहना है कि मौत गर्मी के कारण हुई या फिर किसी अन्य वजह से, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में देर रात लूट की एक घटना सामने आई है। उर्स से लौट रहे एक युवक को कार सवार बदमाशों ने रोककर उसके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन लूटा और उसके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए हजारों रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, डेरापुर कस्बा निवासी मोहम्मद तालिब 15 जून की रात अपने साथी के साथ सिकंदरा कस्बे में आयोजित उर्स में शामिल होने गए थे। 16 जून की तड़के करीब तीन बजे बिरहाना पुल के पास कुछ अज्ञात कार सवारों ने उनकी बाइक रुकवा ली। बदमाशों ने मोहम्मद तालिब के साथ मारपीट की और उसका वीवो वी-29 मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने जबरन उसका यूपीआई पिन नंबर पूछकर उसके बैंक खाते से करीब 7,300 रुपये भी ट्रांसफर कर लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने उसे और पीटा, जिससे उसे चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित मोहम्मद तालिब ने सिकंदरा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट, मारपीट और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कासगंज जनपद में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया। यह कार्यक्रम कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में सोरों स्थित लहरा गंगा घाट के पास बने 'अपना घर आश्रम' में आयोजित किया गया। इस दौरान आश्रम में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के साथ जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। 'अपना घर आश्रम' में 51 ऐसे लोग रहते हैं जो मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इन लोगों की सेवा एक सामाजिक संस्था द्वारा की जाती है। कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आश्रम परिसर में राहुल गांधी के जन्मदिन का केक काटकर की गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय और कांग्रेस नेता मुनेंद्र पाल सिंह ने आश्रमवासियों को अपने हाथों से केक खिलाया और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद आश्रम में मौजूद जरूरतमंद लोगों के बीच फल और केक का वितरण किया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी हमेशा समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद वर्गों की आवाज उठाते रहे हैं। इसी सोच के तहत उनका जन्मदिन सेवा और जनकल्याण के कार्यों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुनेंद्र पाल सिंह राजपूत, रविकांत सक्सेना, विमल कुमार सिंह, रमेश धनगर, प्रतिभा सिंह, अर्चिका मिश्रा, गुलफाम सिंह, अली हसन, उषा पाल, देश बंधु, नूर मोहम्मद, दीपक धनगर, अभिषेक दुबे और राजा सलमानी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोवंश को बचाने के प्रयास में पलटा ट्रेलर:1 की मौत, रतनगढ़-सुजानगढ़ मार्ग पर हुआ हादसा
चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में रतनगढ़-सुजानगढ़ मार्ग पर गोवंश को बचाने के प्रयास में एक हादसा हो गया। यहां एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रेलर सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार सुजानगढ़ निवासी ड्राइवर ईश्वरराम और भामरा निवासी विक्रम सिंह ट्रेलर में लोहा भरकर बिसाऊ से सुजानगढ़ की ओर जा रहे थे। लोहा से निकलते समय अचानक एक गोवंश ट्रेलर के सामने आ गया। जिसे बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने ट्रेलर पर से नियंत्रण खो दिया। ड्राइवर गंभीर घायल, इलाज जारीअनियंत्रित ट्रेलर सड़क किनारे एक बिजली के खंभे से टकराकर पलट गया। हादसे में विक्रम सिंह और ईश्वरराम गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत रतनगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विक्रम सिंह को मृत घोषित कर दिया। घायल ईश्वरराम का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक विक्रम सिंह के शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार अपने निर्धारित दौरे के तहत पहली बार छिंदवाड़ा पहुंचे। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के आगामी कार्यक्रमों और मोर्चा की कार्ययोजना को लेकर विस्तार से जानकारी दी। पवन पाटीदार ने बताया कि ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्षों की घोषणा में एसआईआर अभियान के चलते कुछ देरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी महीने 12 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा की जाएगी, जबकि अगले महीने तक भाजपा के सभी 62 संगठनात्मक जिलों में जिला अध्यक्ष घोषित कर दिए जाएंगे। प्रशिक्षण शिविर सितंबर में होगाप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अगस्त और सितंबर माह में नव नियुक्त पदाधिकारियों के लिए कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत किया जा सके। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राव यादव, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी अनुज पाटकर एवं पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष जागेंद्र अल्डक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कौशांबी जनपद में मौरंग कारोबार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां अडीजा माइंस के डायरेक्टर आदर्श कुमार ने एक माफिया पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। आदर्श कुमार ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को बताया कि उनके पास महेवाघाट थाना क्षेत्र के दलेलागंज खंड संख्या 16/23 से 16/25 तक मौरंग खनन का वैध पट्टा है। उन्होंने अब तक करीब 5 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को जमा किया है। इसके बावजूद, एक माफिया उन पर लगातार करोड़ों की रंगदारी देने का दबाव बना रहा है। कारोबारी का दावा है कि उनके पास इस मामले से जुड़े पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वे समय आने पर सार्वजनिक करेंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। पीड़ित ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि माफिया के दबाव में आकर प्रशासन ने उनके खनन कार्य को बाधित किया है। खदान तक जाने वाले रास्ते को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया है, जिससे खनन कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मुजफ्फरनगर के रामराज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बार फिर मानवता और बहादुरी की मिसाल पेश की है। बैराज स्थित गंगा पुल से मानसिक तनाव के चलते शुकवार दोपहर एक 60 साल के बुजूर्ग ने गंगा नदी में छलांग लगा दी, जिनकी जिंदगी दो पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा ली। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस के अनुसार, इलाके के गंगदाशपुर निवासी रणवीर पुत्र भौलर सिंह मानसिक तनाव के चलते बैराज स्थित गंगा पुल पर पहुंचे ओर इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उन्होंने नदी में छलांग लगा दी। मामले की सूचना मिलते ही चौकी बैराज पर तैनात हेड कांस्टेबल कपिल कुमार और कांस्टेबल राजकुमार तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देरी के गंगा नदी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद रणवीर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की हो रही सराहना बुजुर्ग को बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई और उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाया। जिसके बाद बुजुर्ग को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। समय रहते पुलिस की तत्परता से एक व्यक्ति की जान बच गई। इस साहसिक और मानवीय कार्य के बाद क्षेत्र में रामराज पुलिस की जमकर सराहना हो रही है। परिजनों ने भी पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सलूंबर में 60KG एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट:8 नमूने जांच के लिए भेजे, व्यापारी दुकानें बंद कर भागे
सलूंबर के वन नाका क्षेत्र, झल्लारा और भबराना में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही भबराना क्षेत्र के कई व्यापारी दुकानें बंद कर मौके से भाग गए। इस दौरान 60 किलोग्राम अवधि-पार और दूषित खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। एक्सपायरी डेट के सामान मिलेजिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. और अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में वन नाका चौराहा, झल्लारा स्थित मेसर्स नमन ट्रेडर्स पर अनियमितताएं मिलीं। यहां विभिन्न ब्रांडों के मसाले, घी, कुरकुरे, चिप्स, रोस्टेड चना, कॉर्न फ्लेक्स, पापड़, पोहा, राजगीरा और सिंघाड़ा आटा सहित लगभग 60 किलोग्राम अवधि-पार और अनुपयोगी खाद्य सामग्री बिक्री के लिए रखी पाई गई। सामान को नष्ट कियाजनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य सुरक्षा दल ने इस पूरी सामग्री को मौके पर ही जब्त कर गड्ढे में डालकर नष्ट करवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री आम उपभोक्ताओं को बेची जानी थी, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था। सरसों तेल और काजू के नमूने लिएकार्रवाई के दौरान नमन ट्रेडर्स से जय मेवाड़ ब्रांड कच्ची घाणी सरसों तेल और काजू के नमूने लिए गए। भबराना स्थित कौशल ट्रेडर्स से नमक, जोधपुर मिष्ठान भंडार से रसगुल्ला, तेल और लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए। इसके अलावा, एक अन्य किराना स्टोर से चाय और धनिया पाउडर के नमूने भी लिए गए। कुल 8 खाद्य नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों पर खाद्य अनुज्ञा पत्र प्रदर्शित नहीं थे, साफ-सफाई का अभाव था और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बिना लेबल के बेची जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया- संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार करना गैरकानूनी है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
खरगोन में शनिवार को 11 केवी बिस्टान रोड फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान फीडर से जुड़े कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। बिजली वितरण कंपनी के शहर सहायक यंत्री देवानंद मालवीय ने बताया कि मानसून से पहले बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह आवश्यक रखरखाव कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में आवश्यकता अनुसार बदलाव भी किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद रखरखाव कार्य के दौरान रिद्धि-सिद्धि जिनिंग, रिलायंस टावर, अनमोल नगर, कुंदानगर, लक्ष्मीनगर, राजनगर, नारायणदास कॉलोनी, गणेश विहार, गणेशपुरी, वैष्णवी कॉलोनी, ज्योतिनगर, विश्वासखा कॉलोनी, जिलानी नगर, अंजुमन नगर, ऋषिका नगर, मायादेवी कॉम्प्लेक्स, विशाल मार्ट, स्मार्ट बाजार, पाकीजा और चावका सिटी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य पहले से निपटाने की सलाह दी है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के आयोजन से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने छात्रों को तनावमुक्त रहने और शांत दिमाग से परीक्षा देने की सलाह दी है। वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के संघर्ष को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि आप लोगों ने बहुत कुछ सहा है। एक-एक महीने में दो-दो बार पेपर देना कोई हंसी-खेल नहीं है। एक बार नीट का एग्जाम देने में ही नानी याद आ जाती है। गौरतलब है कि यह बयान परीक्षा व्यवस्थाओं में हालिया बदलावों या दोबारा परीक्षा देने की चुनौतियों का सामना कर रहे छात्रों के मानसिक तनाव को ध्यान में रखकर दिया गया है। शांत दिमाग से परीक्षा देने की अपील पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्रों से पुरानी बातों और परेशानियों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा, पर वो वाली सारी बातें छोड़ो। अच्छे से अब मन लगा के पढ़ो। कुछ ही घंटे रह गए हैं। बहुत शांत दिमाग से पेपर देकर आना। डॉक्टर बनने की दी शुभकामनाएं केजरीवाल ने छात्रों की सफलता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, आई ऍम वैरी श्योर, यू विल कम आउट विद फ़्लाइंग कलर्स (मुझे पूरा विश्वास है कि आप शानदार सफलता हासिल करेंगे)। आप सब लोग बहुत अच्छा करोगे, नीट में पास होगे और अच्छे डॉक्टर बनोगे। संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए 'ऑल द बेस्ट' (शुभकामनाएं) कहा।
चित्तौड़गढ़ जिले के दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ट्रेनिंग) राघवेंद्र सुहास ने जिले की पुलिस व्यवस्था को करीब से परखा। उन्होंने पुलिस लाइन में अधिकारियों और जवानों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं, अपराध नियंत्रण की समीक्षा की और पुलिस की फील्ड तैयारी भी देखी। पुलिस लाइन पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद आयोजित संपर्क सभा में राघवेंद्र सुहास ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से खुलकर बातचीत की। इस दौरान जवानों ने अपनी सेवा और व्यक्तिगत समस्याएं रखीं। एडीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों का मनोबल और उनका कल्याण विभाग की प्राथमिकता है। जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सकता है, उन्हें तुरंत निपटाने के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों को पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति तथा पुलिस के कामकाज की डिटेल में समीक्षा की। अपराध नियंत्रण से लेकर लंबित मामलों तक हुई चर्चा संपर्क सभा के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सभी DSP और थानाधिकारियों की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। राघवेंद्र सुहास ने गैंगवार, अवैध हथियार, मादक पदार्थ तस्करी, हार्डकोर अपराधियों और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों में पुलिस और कानून के प्रति भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए पुलिस को संवेदनशील और निष्पक्ष तरीके से काम करना होगा। उन्होंने लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने, गंभीर अपराधों की जांच को मजबूत बनाने, तकनीक का अधिक उपयोग करने और अपराधियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधीक्षक ऑफिस का भी निरीक्षण किया। कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के कामकाज, रिकॉर्ड और लंबित फाइलों की समीक्षा करते हुए अभिलेखों को अपडेट रखने तथा कार्यालयीन कामों में पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। परेड, नाकाबंदी और जघन्य अपराध जांच का डेमो भी देखा आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में छह प्लाटून की परेड आयोजित की गई, जिसकी सलामी एडीजीपी राघवेंद्र सुहास ने ली। परेड में एएसपी मुकुल शर्मा तथा डीएसपी बृजेश सिंह, मनीष शर्मा, अंजली सिंह, मुकेश और अनिल पांडे ने प्लाटून कमांडर की जिम्मेदारी संभाली। एडीजीपी ने जवानों के अनुशासन और समन्वय की सराहना की। इसके बाद उप पुलिस अधीक्षक भदेसर विनोद कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ के लिए नाकाबंदी और तलाशी कार्रवाई का डेमो पेश किया गया। वहीं उप पुलिस अधीक्षक शिवप्रकाश के नेतृत्व में एक जघन्य अपराध की जांच का प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें घटनास्थल संरक्षण, साक्ष्य जुटाने और वैज्ञानिक तरीके से विवेचना की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई। एडीजीपी ने इन प्रस्तुतियों को पुलिस की पेशेवर तैयारी का अच्छा उदाहरण बताते हुए अधिकारियों और जवानों की कार्यशैली की सराहना की। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के सभी DSP, थानाधिकारी और कार्यालय स्टाफ मौजूद रहे। जवानों के साथ आयोजित बड़े खाने में भी एडीजीपी ने शामिल होकर उनके साथ भोजन किया।
बस्ती में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना की अध्यक्षता में केंद्रीय शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों से सुझाव लिए गए और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि इस वर्ष जिले में लगभग 1952 ताजिए स्थापित किए जाएंगे और 127 जुलूस निकाले जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पूरे जनपद में 1400 सीसीटीवी कैमरों से ताजियों और जुलूसों की निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, प्रशासन ने मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी भी लगाई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करेंगे। बैठक में ताजियों की ऊंचाई, जुलूस मार्गों की सुरक्षा, बिजली के तारों से संभावित खतरों और साफ-सफाई की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया, ताकि पर्व के दौरान कोई असुविधा न हो। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने भी बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत, सीओ सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी, नगर पालिका परिषद के ईओ अंगद कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मोहर्रम कमेटी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रोहतक जिले के कलानौर स्थित गुरुद्वारा धन-धन बाबा जोध सचियार के दिवंगत महंत डॉ. शरणपाल सिंह जोधका की स्मृति में शुक्रवार को टिकाणा सती भाई साईं दास आश्रम में आत्मिक अरदास एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, विभिन्न राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा नेत्री रेणु डाबला, रमेश भाटिया, गुलाब सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी इस श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहे। यहां देखें फोटो… यह संत-महात्मा रहे उपस्थित श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के संत-महात्माओं ने महंत डॉ. शरणपाल सिंह जोधका को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इनमें महंत बाबा हरपाल दास, महंत कमल महाराज, स्वामी शांतानंद महाराज, महंत रामसुखदास महाराज, महंत बाबा कर्णपुरी महाराज, महंत खुशहाल दास महाराज, महंत इन्द्रजीत महाराज, महंत अरविंद स्वामी, महंत ईश्वर शाह महाराज और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि भाई करनैल सिंह शामिल थे। उन्होंने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर रोहतक के विधायक भारत भूषण बत्रा ने कहा कि महंत डॉ. शरणपाल सिंह जोधका ने अपने जीवनकाल में धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने आगे कहा कि उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है और श्रद्धालु उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 25 जून को सवाई माधोपुर दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नवनिर्मित अभियोजन भवन के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। नवनिर्मित अभियोजन भवन का लोकार्पण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दोपहर 12:30 बजे नवनिर्मित अभियोजन भवन का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। लोकार्पण समारोह में कृषि, उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा, संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य विभाग मंत्री जोगाराम पटेल, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेगम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।लोकसभा अध्यक्ष के आगमन को लेकर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति रहने की संभावना है।
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब राशन सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजने के बजाय PNB Digital Rupee मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जाएगी। यूटी प्रशासन ने लाभार्थियों को चेतावनी दी है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उनकी सब्सिडी रुक सकती है। प्रशासन के अनुसार, शहर में 40 हजार से अधिक लाभार्थी ऐप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, लेकिन अभी भी करीब 25 हजार लोगों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इनमें मलोया, मौली जागरां, मनीमाजरा, बुडैल, पलसोरा और सेक्टर-25 सहित कई क्षेत्रों के लाभार्थी शामिल हैं। शहरभर में लगाए गए विशेष कैंप लाभार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विभिन्न कम्युनिटी सेंटरों में विशेष शिविर शुरू किए हैं। ये कैंप प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं। यह कैंप मलोया, विकास नगर (मौली जागरां), मनीमाजरा (RIMT स्कूल के पास), सेक्टर-25, सेक्टर-30, सेक्टर-40, सेक्टर-56, रामलीला ग्राउंड, बुरैल, कजहेड़ी, हल्लोमाजरा, मिल्क कॉलोनी, धनास, डड्डूमाजरा, रामदरबार, बुटरेला और बापूधाम लगाए जा रहे हैं। कैंप में जाते समय ये दस्तावेज साथ रखें प्रक्रिया पूरी करने के लिए लाभार्थियों को अपने साथ पहचान संबंधी कार्ड, लिंक किया हुआ मोबाइल फोन लेकर जाना होगा, ताकि ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जा सके। घर बैठे भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन जिन लाभार्थियों ने पहले ही अपनी जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा दी है, वह घर बैठे भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए Google Play Store या Apple App Store से PNB Digital Rupee ऐप डाउनलोड करें। मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन करें। उसके बाद आवश्यक जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इन क्षेत्रों में सबसे कम रजिस्ट्रेशन प्रशासन के मुताबिक मलोया, मौली जागरां, मनीमाजरा, सेक्टर-25, बुरैल, सेक्टर-55, सेक्टर-56, हल्लोमाजरा और पलसोरा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अभी तक ऐप डाउनलोड नहीं किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी पात्र लाभार्थी जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें, ताकि भविष्य में राशन सब्सिडी प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बुंदेलखंड के बांदा में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को लेकर अब वैज्ञानिक स्तर पर अध्ययन शुरू किया गया है। कई बार तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी अमित आसेरी के अनुरोध पर शासन ने छह सदस्यीय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम बाँदा भेजी है, जो आधुनिक तकनीकों की मदद से तापमान वृद्धि के कारणों का विस्तृत अध्ययन करेगी। वैज्ञानिक टीम रिमोट सेंसिंग तकनीक, उपग्रह चित्रों और पर्यावरणीय आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाएगी कि जिले में गर्मी लगातार क्यों बढ़ रही है। अध्ययन के दौरान भूमि सतह तापमान (लैंड सरफेस टेम्परेचर) का विश्लेषण कर उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां सबसे अधिक तापमान दर्ज हो रहा है। साथ ही अत्यधिक गर्म क्षेत्रों का वैज्ञानिक मानचित्रण भी किया जाएगा। भूजल स्तर की स्थिति का अध्ययन टीम में हरित आवरण और वन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का भी मूल्यांकन करेगी। वैज्ञानिक यह जांचेंगे कि वृक्षों की संख्या और वन क्षेत्र में कमी का तापमान वृद्धि से कितना संबंध है। इसके अलावा तालाबों, नदियों, जलाशयों और भूजल स्तर की स्थिति का अध्ययन कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि नमी की कमी गर्मी को किस हद तक बढ़ा रही है। अध्ययन के दौरान बुंदेलखंड की चट्टानी भूमि, कम आर्द्रता, खुले भूभाग और गर्म हवाओं की दिशा जैसे प्राकृतिक एवं भौगोलिक कारकों का भी विश्लेषण किया जाएगा। वहीं शहरीकरण, कंक्रीट निर्माण, सड़कों के विस्तार, निर्माण गतिविधियों और धूल प्रदूषण से पैदा होने वाले हीट आइलैंड इफेक्ट का भी आकलन किया जाएगा। गर्मी से बचाव की दीर्घकालिक रणनीति होगी तैयार जिला प्रशासन का मानना है कि अध्ययन रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बांदा में बढ़ता तापमान केवल मौसमी प्रभाव का परिणाम है या स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियां भी इसकी बड़ी वजह हैं। रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में प्रभावी हीट एक्शन प्लान, व्यापक पौधरोपण अभियान, जल संरक्षण योजनाएं और गर्मी से बचाव की दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार की जाएंगी। परियोजना वैज्ञानिक डॉ. हफीजुल्लाह और अभिषेक गोंड जनपद में रहकर अध्ययन कार्य करेंगे। वहीं खनन विभाग सहित संबंधित विभागों को भी वैज्ञानिक टीम को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने गए 518 सिख श्रद्धालुओं का जत्था गुरुवार को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौट आया। इस जत्थे में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी शामिल थीं। अटारी सीमा पर उनके परिजनों और धार्मिक संगठनों ने उनका स्वागत किया। श्रद्धालुओं को 10 जून से 19 जून तक दस दिनों के लिए वीजा प्रदान किया गया था। वीजा और इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान के विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेका और श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दस दिवसीय धार्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब और गुरुद्वारा डेरा साहिब सहित कई अन्य पवित्र गुरुधामों के दर्शन किए। यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं का जत्था गुरुवार को अटारी बॉर्डर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत पहुंचा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने विशेष प्रबंध किए थे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), अमृतसर ने श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे। अटारी पहुंचने पर उनके लिए लंगर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एसजीपीसी ने श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए हरियाणा, दिल्ली और अमृतसर से बसों की व्यवस्था की थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु के परिजन भी अटारी सीमा पर अपने प्रियजनों को लेने पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमृतसर देहाती पुलिस ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए थे। एसएसपी अमृतसर देहाती के दिशा-निर्देशों पर सीमा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। धार्मिक आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुभवों से भरपूर यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए यादगार साबित हुई। श्रद्धालुओं ने गुरुधामों के दर्शन को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए इस प्रकार की धार्मिक यात्राओं को जारी रखने की अपील की।
रायपुर के तिल्दा नेवरा क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल परिसर के पास आज दो नाबालिग दोस्तों के बीच हुए मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आपसी कहासुनी के दौरान एक नाबालिग ने धारदार चाकू से हमला कर दिया, जिसमें एक नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में दूसरा नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा नेवरा थाना प्रभारी अपनी टीम और भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह विवाद किस कारण से हुआ या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
शिवपुरी में मोहर्रम पर मायके जाने की बात को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई। एक गर्भवती महिला ने अपने पति सहित चार ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जबकि दूसरे पक्ष ने भी मारपीट और गर्भवती महिला के घायल होने की शिकायत पुलिस से की है। पुरानी शिवपुरी स्थित रहमत मस्जिद वाली गली निवासी रूबीना पत्नी सोहिल खान ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के लोग उसे घरेलू कामकाज को लेकर प्रताड़ित करते थे। 18 जून की शाम जब उसने मोहर्रम के दौरान मायके जाने की बात कही तो उसके पति सोहिल खान, जेठ मोहसिन खान, सास शमीम बेगम और ससुर अनवर खान ने गाली-गलौज शुरू कर दी। रूबीना का आरोप है कि विवाद के दौरान उसके पति ने पेट में लात मारी, जबकि सास ने उसके साथ झूमाझपटी की। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे उसके पिता अनवर खान और भाई अजहर खान के साथ भी मारपीट की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर दर्ज कराने के बाद रूबीना अपने मायके पक्ष के साथ गुना रवाना हो गई। दूसरे पक्ष ने भी लगाए मारपीट के आरोप वहीं, सोहिल खान ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी मोहर्रम के ताजिये देखने के लिए गुना जाने की जिद कर रही थी। मना करने पर उसने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद मायके पक्ष के लोग घर पहुंचे और विवाद के दौरान मारपीट करने लगे। सोहिल खान का कहना है कि धक्का-मुक्की के दौरान उसकी नौ माह की गर्भवती भाभी गिर गईं, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरे पक्ष के आवेदन की जांच जारी देहात थाना पुलिस के अनुसार, एक पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि दूसरे पक्ष द्वारा दिए गए आवेदन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
देशभर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। शुक्रवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर आंधी-तूफान के दौरान अगरतला जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E6068 पर बिजली गिर गई। घटना के समय फ्लाइट एयरोब्रिज पर खड़ी थी। फ्लाइट में 147 पैसेंजर सवार थे, जिन्हें दूसरी फ्लाइट से रवाना किया गया। हादसे में दो ग्राउंड मैन को हल्की चोटें आई थीं, फिलहाल दोनों ठीक हैं। बंगाल के दार्जिलिंग में तेज बारिश के बाद शुक्रवार को बालासन नदी उफान पर आ गई। इससे नदी पर ह्यूम पाइप से बना पुल टूट कर बह गया। इस पुल के टूटने से मिरीक-सिलीगुड़ी सड़क पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। वहीं उत्तरी बंगाल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश से महानदी के पास लैंडस्लाइड होने से नेशनल हाईवे और सिलीगुड़ी-कुर्सियांग रोड बंद हो गई। हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुई। इसके कारण गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई। झारखंड के छह जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक दो साल बच्चा भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा तीन मौतें हजारीबाग जिले में हुईं। इसके अलावा पलामू, लोहरदगा, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम और गोड्डा जिलों से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं। नवी मुंबई एयरपोर्ट की छत से टपका पानी नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर छत से पानी टपकने के कारण शुक्रवार को बैगेज बेल्ट 5 और 6 का संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 मिनट में पानी का रिसाव रोक दिया गया और एक घंटे के भीतर सफाई व मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया। फिलहाल दोनों बैगेज बेल्ट पूरी तरह से चालू हैं।
कांकेर जिले के चारामा थाना पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 10 लीटर से अधिक अवैध शराब और बिक्री से प्राप्त ₹600 नकद बरामद किया है। आरोपी को 18 जून को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाजारपारा चारामा निवासी राजेश सोनकर अपनी मुर्गा दुकान के पीछे अवैध रूप से अंग्रेजी और देशी शराब बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई की। 57 पौवा शराब बरामद तलाशी के दौरान आरोपी राजेश सोनकर (45 वर्ष), पिता माखन सोनकर, निवासी बाजारपारा चारामा के कब्जे से कुल 10 लीटर 260 मिलीलीटर अवैध शराब बरामद की गई। जब्त शराब में शामिल हैं— जब्त शराब की कुल कीमत 5,520 रूपए आंकी गई है। इसके अलावा शराब बिक्री से प्राप्त 600 रूपए नकद भी बरामद कर जब्त किया गया। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना चारामा में अपराध क्रमांक 129/2026 दर्ज करते हुए आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस के अनुसार, राजेश सोनकर का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, जुआ और आबकारी अधिनियम से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2016, 2021, 2022 और 2026 के विभिन्न अपराध शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर के मझौली विकासखंड के जमुनिया गांव में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। गांव के बिगड़ते माहौल और युवाओं के बर्बाद होते भविष्य से तंग आकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकजुट होकर स्थानीय थाने का घेराव किया और थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण और धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि इससे सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न हो रहा है और कई परिवार आर्थिक तंगी, घरेलू हिंसा तथा मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। नई पीढ़ी बुरी तरह नशे के दल-दल मेंमहिलाओं ने विशेष रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस अवैध धंधे के कारण गांव की नई पीढ़ी बुरी तरह नशे के दलदल में धंसती जा रही है। उन्होंने बताया कि जहां वे चाय पीती हैं, वहीं गांव के कम उम्र के लड़के शराब पीने लगे हैं, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 'नशामुक्त गांव, सुरक्षित समाज' के नारों के साथ ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं और गांव में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। प्रतिबंध नहीं लगाया तो उग्र आंदोलन करेंगेमहिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि इस काले कारोबार पर जल्द पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पन्ना के गुनौर में तैनात रहे पूर्व नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला और उनके चौकीदार देवीदयाल दहायत को कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में 5-5 साल की सजा सुनाई है। शुक्रवार, 19 जून को विशेष अदालत ने इन दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला एक जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले घूस मांगने का है। मिट्टी ले जा रहे ट्रैक्टर को रोककर मांगी थी घूस सरकारी वकील मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि यह बात साल 2020 की है। सिली गांव के ब्रजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने की मिट्टी ट्रैक्टर में भरकर ले जा रहे थे। तभी प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने उनका ट्रैक्टर रोककर उसे जब्त कर लिया और थाने में खड़ा करवा दिया। इसके बाद ट्रैक्टर छोड़ने के बदले तहसीलदार ने ब्रजबिहारी से 35,000 रुपये की घूस मांगी। लेकिन ब्रजबिहारी घूस देने के मूड में नहीं थे और वे इस भ्रष्ट अधिकारी को सबक सिखाना चाहते थे। लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा था लोकायुक्त पुलिस ने बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़ाए पीड़ित ने इसकी शिकायत तुरंत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। योजना के तहत 35,000 रुपए में बात तय हुई, जिसमें से 10,000 रुपए पीड़ित ने पहले ही दे दिए थे। बाकी बचे 25,000 रुपए लेकर जब पीड़ित तहसीलदार के सरकारी घर पहुंचा, तो तहसीलदार ने ये पैसे अपने पास खड़े चौकीदार देवीदयाल को देने को कहा। जैसे ही पैसों का लेन-देन हुआ, वहां पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया और घूस के नोट जब्त किए। कोर्ट ने सुनाई कड़े जुर्माने और जेल की सजा इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र मेश्राम की अदालत में हुई। कोर्ट में सरकारी वकील ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। पूर्व तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को कोर्ट ने भ्रष्टाचार कानून की अलग-अलग धाराओं में 3 साल और 5 साल की जेल की सजा सुनाई, साथ ही कुल 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया। चौकीदार देवीदयाल दहायत को घूसखोरी में साथ देने के लिए 5 साल और 3 साल की जेल की सजा मिली, साथ ही उन पर भी कुल 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
हरदोई में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना', नेडा और 'पीएम स्वनिधि योजना' की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने योजनाओं की धीमी प्रगति और बैंकों में लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में जिलाधिकारी अनुनय झा ने परियोजना अधिकारी (पीओ) नेडा को निर्देश दिए कि निर्धारित विभागीय लक्ष्य के अनुरूप हर महीने सोलर प्लांट लगाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट स्थापना के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों पर तत्काल कार्यवाही हो और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्मार्ट मीटरों में आ रही तकनीकी दिक्कतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिशासी अभियंता (विद्युत) को स्पष्ट निर्देश दिए कि सोलर उपभोक्ताओं की बिजली से जुड़ी सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने वित्तीय संस्थाओं से कहा कि वे सौर ऊर्जा और पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के ऋण मामलों को अनावश्यक रूप से न लटकाएं। सभी संबंधित बैंक अधिकारी समय सीमा के भीतर ऋण स्वीकृत कर पात्रों को राशि उपलब्ध कराएं, ताकि रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में नेडा, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मैनपुरी के कुर्रा थाना क्षेत्र के लहरा एमनीपुर गांव में एक व्यक्ति ने जमीन विवाद को लेकर लगातार धमकियां मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (SP) को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। ग्राम लहरा एमनीपुर निवासी सत्यभान पुत्र दाताराम के अनुसार, उनकी भूमि से संबंधित एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस ने दोनों पक्षों को विवादित जमीन पर कब्जा करने या खेती करने से रोक रखा है। इसी बात को लेकर गांव के विपिन कुमार पुत्र राजकुमार उनसे रंजिश रखने लगे हैं। सत्यभान का आरोप है कि विपिन कुमार लगातार उनका रास्ता रोककर गाली-गलौज करते हैं और परिवार को जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़ित ने बताया कि उन्हें पहले भी कई बार इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हाल ही में 16 जून को शाम करीब 8 बजकर 6 मिनट पर आरोपी ने सत्यभान के भतीजे सर्वजीत के मोबाइल पर कॉल की। आरोप है कि इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर दिखाई दिया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। सत्यभान के पास इन धमकियों की कई कॉल रिकॉर्डिंग, जिसमें 16 जून की बातचीत भी शामिल है, मौजूद हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण सत्यभान का परिवार भय के माहौल में जी रहा है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना कुर्रा में लिखित रूप से की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक मैनपुरी से आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है।
हरदा में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए युवक को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की धारा 3/4(2) के तहत दोषी करार दिया। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार अहिरवार ने बताया कि पीड़िता ने वर्ष 2022 में महिला थाना हरदा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसकी पहचान वर्ष 2021 में इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्राम बारंगी निवासी पवन बघेल से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी थी। अभियोजन के अनुसार, 30 नवंबर 2021 को आरोपी ने छात्रा को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे शहर के एक होटल में ले गया, जहां उसके साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने कथित रूप से उसकी तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए उसे परेशान भी किया। परिजनों को बताई पूरी घटना घटना के बाद पीड़िता भय और सामाजिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रही। बाद में जब परिजनों को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी पवन पिता पूनम सिंह बघेल (23), निवासी ग्राम बारंगी, थाना छीपाबड़, जिला हरदा को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से एडीपीओ जतिन दुबे एवं विनोद कुमार अहिरवार ने पैरवी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के दौरे पर हैं। उन्होंने स्लोवाकिया के स्पीकर रिचर्ड राशी को छठ महापर्व में बनने वाला सबसे जरूरी प्रसाद ठेकुआ गिफ्ट किया है। ठेकुआ को बिहार के छठ महापर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है। इस प्रसाद के लिए लोग सालभर इंतजार करते हैं। दूर दराज रह रहे लोगों के लिए ठेकुआ एक सौगात है, जिसे वो अपने साथ परदेश तक लेकर जाते हैं। ठेकुआ भारत के बिहार और झारखंड राज्यों का एक पारंपरिक मीठा नाश्ता है, जिसे गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी, सौंफ और घी से बनाया जाता है। इसे खास तौर पर त्योहारों, खासकर छठ पूजा के दौरान बनाया जाता है। अपनी आसान चीज़ों, ज़्यादा समय तक चलने और घर के बने स्वाद के लिए मशहूर, ठेकुआ सांस्कृतिक परंपरा, त्योहारों का जश्न और इलाके की खाने की विरासत को दिखाता है। 3700 साल पहले ऋग्वेदिक काल में ठेकुआ का जिक्र विशेषज्ञों के मुताबिक ठेकुआ यानी ठोककर बनाया जाने वाला पकवान, जिसे ठकुआ, ठेकरी, खजूर और रोठ भी कहा जाता है। करीब 3700 साल पहले यानी ईसापूर्व 1500-1000 ऋग्वेदिक काल में ठेकुआ जैसे मिष्ठान ‘अपूप’ का उल्लेख मिलता है। गेहूं के आटे में गुड़, दूध व घी को मिलाकर इसे औषधि के रूप में बनाया गया था। तभी से भगवान सूर्य की उपासना में इसे भोग के रूप में प्रयोग किया जाने लगा। बुद्ध ने भी ठेकुआ खाकर खत्म किया था उपवास ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने वज्रासन और बोधिवृक्ष के आसपास 49 दिनों तक उपवास रखा था। बौद्ध ग्रंथ विनय पिटक के मुताबिक तब दो व्यापारी तापस सु और भल्लिका व्यापार करने के लिए उत्तरापथ जा रहे थे। उन्होंने बुद्ध को आटा, गुड़ ओर मधु से निर्मित टेकुआ जैसा पकवान दिया था, जिस खाकर उन्होंने उपवास खत्म किया था। शुद्ध घी से बना ठेकुआ का स्वाद अनोखा मान्यता है कि भगवान सूर्य को भी ठेकुआ बहुत प्यारा है, इसीलिए इस दौरान बना ठेकुआ सबसे स्वादिष्ट बनाया जाता है। शुद्ध घी से बना ठेकुआ का स्वाद अनोखा हो जाता है। ठेकुआ के डिजाइन भले ही अलग-अलग होने लगे हैं, लेकिन इसका स्वाद आज भी वही है जो दशकों पूर्व था। अंतर बस इतना है कि पहले यह ठेकुआ प्रातः कालीन पूजा के बाद गांव-गाव में रिश्तेदारों तक पहुंचाए जाते थे और अब देश-विदेश तक भेजे जा रहे हैं। जिनके भी परिजन विदेश में रह रहे हैं, उन तक कुरियर के माध्यम से यह भेजा जा रहा है।
ईयारा में डिग्गी में डूबने से महिला की मौत:पीहर पक्ष ने दहेज हत्या का किया केस
चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र के ईयारा गांव में एक 25 वर्षीय विवाहिता की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही डिग्गी के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की जानकारी मिलने पर सांडवा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। डिग्गी में पानी अधिक होने के कारण शव को ढूंढने में शुरुआती कठिनाई हुई। थाने के एएसआई सुमेर सिंह ने डिग्गी में उतरकर गहराई का अंदाजा लगाया, लेकिन पानी ज्यादा होने के कारण शव की तलाश में दिक्कतें आईं। भाई ने दहेज हत्या का मामला दर्ज करवायाइसके बाद डिग्गी का पानी निकालने की व्यवस्था की गई। पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से काफी मशक्कत के बाद महिला का शव बाहर निकाला जा सका। सूचना के बाद एसडीएम अमीलाल यादव, नायब तहसीलदार राजू देवी और सांडवा थानाधिकारी चौथमल वर्मा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। थानाधिकारी चौथमल वर्मा ने बताया कि मृतका के पीहर पक्ष की ओर से भाई बाबूलाल ने दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
गुना सहित प्रदेश के देवास और रीवा के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी हाथों में देने के कैबिनेट फैसले का विरोध शुरू हो गया है। आम लोगों के साथ ही रानजीतिक दलों ने भी इसे लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। एसयूसीआई कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ा विरोध जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की जा रही है। आज आरोन एसडीएम को सीएम के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। एसयूसीआईसी के ने कहा है कि किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर नागरिकों को स्वास्थ्य के अधिकार के रूप में उपलब्ध कराए। लोकतंत्र की अवधारणा ही बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को सभी नागरिकों तक पहुंचाने पर आधारित है। नागरिक इन आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था अपने व्यक्तिगत स्तर पर नहीं कर सकते, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन्हें मजबूत करे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सत्तारूढ़ दल इस लोकतांत्रिक अवधारणा को भुलाकर शिक्षा,स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी अनिवार्य सेवाओं से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और मुनाफा कमाने के लिए इन्हें कॉर्पोरेट घरानों को सौंप रहे हैं। ज्ञापन सौंपते हुए समिति के सदस्य महेन्द्र नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तीन जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय आम जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करे और नागरिकों को स्वास्थ्य का अधिकार उपलब्ध कराए। बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाएं ऐसी बुनियादी जरूरतें हैं, जिन्हें आम नागरिक अपने स्तर पर पूरा नहीं कर सकता। इसलिए इन सेवाओं की जिम्मेदारी सरकार की होती है।
खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन 'कार्यकर्ता सम्मान दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर खैरथल शहर में वरिष्ठ एवं समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर जाकर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने पार्टी के प्रति लंबे समय से उनके समर्पण और योगदान को नमन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को सम्मानित किया सम्मानित किए गए वरिष्ठ कांग्रेसजनों में वयोवृद्ध कांग्रेसी महादेव प्रसाद हेराऊँ, हजारीलाल जांगिड़ और छह बार पार्षद रहे तथा सेवादल के पूर्व अध्यक्ष नारायण छंगानी प्रमुख थे। जिला अध्यक्ष बलराम यादव ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा अपने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान करती आई है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा 'भारत जोड़ो यात्रा' के माध्यम से दिए गए प्रेम, भाईचारे और संविधान की रक्षा के संदेश का उल्लेख किया, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। पौधारोपण किया, जरूरमंदों को बांटे फल यादव ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान की यह पहल पूरे जिले में जारी रहेगी, जिसकी शुरुआत राहुल गांधी के जन्मदिवस पर की गई है। कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण भी किया गया और जरूरतमंदों को फल वितरित किए गए। इस अवसर पर जयप्रकाश हेड़ाऊ, विक्रम चौधरी, नेता प्रतिपक्ष नारायण दास छंगानी, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष एस. अग्रवाल, फतेह मोहम्मद, अभिषेक हेड़ाऊ, दौलत नागर, मनोज बुराड़िया, मेहरदीन खान, संजय गुर्जर, वीरपाल, रवि प्रकाश एडवोकेट, जगमोहन जाटव, विनीत जाटव, संतोष कुमार सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पानीपत जिले की समालखा सीआईए थ्री पुलिस ने सनौली रोड स्थित एक ऑफिस में घुसकर मोहम्मद फारूक पर लाठी-डंडों से हमला करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नवादा पार निवासी फुरकान के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार और डंडा भी बरामद किया है। सीआईए थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आरोपी फुरकान को वीरवार शाम कुराड़ गांव के नजदीक एक ढाबे के पास से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने बेटे सुहेल और कई अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने बताया कि दो दिन पहले मनमोहन नगर में फारूक के साथ उनकी कहासुनी हुई थी, जिसकी रंजिश में उन्होंने यह हमला किया। पत्थर मार्केट के पास ऑफिस यह मामला 11 जून का है। नवादा पार गांव निवासी मोहम्मद फारूख पुत्र शमशाद ने चांदनी बाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फारूख ने बताया कि उनका वेस्ट गत्ते का काम है और सनौली रोड स्थित पत्थर मार्केट के पास भारत ट्रेडिंग के नाम से उनका ऑफिस है। 11 जून को दोपहर करीब 12 बजे गांव निवासी फुरकान उनकी गाड़ी में ऑफिस आया और कुछ देर बाद चला गया। स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार करीब डेढ़ घंटे बाद फुरकान अपने बेटे सुहेल और सात-आठ अन्य युवकों के साथ दोबारा ऑफिस पहुंचा। सभी आरोपी लाठी-डंडों से लैस थे। उन्होंने ऑफिस में घुसकर फारूख पर जानलेवा हमला कर दिया। ऑफिस में मौजूद शाकिर और सद्दाम ने बीच-बचाव कर फारूख को बचाया। हमला करने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए टेम्पररी नंबर प्लेट लगी स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए थे। पुलिस ने कोर्ट में किया पेश मोहम्मद फारूख की शिकायत पर चांदनी बाग थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी फुरकान को शुक्रवार को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
औरंगाबाद सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर माया बिगहा गांव के पास शुक्रवार को हुई। मृतक की पहचान माया बिगहा गांव निवासी मेघन राम के 60 साल के बेटे मुन्ना राम के रुप में की गई। शुक्रवार को रोजाना की तरह किसी काम से सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से गुजर रहे एक अज्ञात गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया था हॉस्पिटल टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुन्ना राम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए मदनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया ले जाया जा रहे थे। लेकिन, रास्ते में ही उसकी स्थिति बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा इसके बाद परिजन शव को लेकर मदनपुर पहुंचे। वृद्ध की मौत की सूचना पर पहुंची मदनपुर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक अपने पीछे पत्नी मरछी देवी, दो बेटा नंदलाल राम और आनंद राम, चार बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार मुन्ना राम मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सामाजिक कार्यकर्ता मुंशी प्रसाद मेहता ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मृतक अत्यंत गरीब मजदूर थे और परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से आश्रित परिवार को सड़क दुर्घटना राहत योजना के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके। ग्रामीणों ने भी परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है।
शेखपुरा में DM ने लैंड क्लासिफिकेशन की रिव्यु की:समय पर काम पूरा करने का ऑफिसर्स को दिया निर्देश
शेखपुरा में शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में भूमि वर्गीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में भूमि के वर्गीकरण को विभागीय निर्देशों के अनुरूप समान रूप से निर्धारित करना था। जिले में नगर परिषद शेखपुरा, बरबीघा और नगर पंचायत शेखोंपुरसराय तथा चेवाड़ा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पेरिफेरल क्षेत्रों को चिन्हित किया जाना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 'विकासशील' श्रेणी के स्थान पर किसी उपयुक्त श्रेणी में भूमि को रखा जाना है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें अपर समाहर्ता (एडीएम), डीसीएलआर, जिला निबंधन पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी (शेखपुरा एवं बरबीघा) और जिले के सभी अंचलाधिकारी (सीओ) प्रमुख रूप से उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करें। उन्होंने आवंटित कार्यों को पूरी गंभीरता और समय सीमा के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया। डीएम ने प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने और सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया। इस बैठक से जिले में भूमि से संबंधित लंबित कार्यों में तेजी आने और वर्गीकरण की प्रक्रिया में स्पष्टता आने की उम्मीद है।
पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र में तेलियापोखर के पास एक हाइवा ने टोटो को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में टोटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि उसमें सवार लोग बाल-बाल बच गए। शुक्रवार को इस घटना के विरोध में क्षतिग्रस्त टोटो के मालिक और स्थानीय ग्रामीणों ने महेशपुर-गुमामोड मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। वे मुआवजे की मांग पर अड़े थे। सड़क जाम की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर और मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त करवाया। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थीं। घटना के संबंध में बताया गया कि कोयला ढोने वाला हाइवा अपने निर्धारित मार्ग से हटकर महेशपुर के रास्ते तेलियापोखर होते हुए आमड़ापाड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसने तेलियापोखर के पास खड़े एक टोटो को जोरदार टक्कर मार दी। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त वाहन का जायजा लिया। हाइवा को जब्त कर स्थानीय चौकीदार के हवाले कर दिया गया। टोटो मालिक रमेश मुर्मू ने ग्रामीणों के समर्थन से मुआवजे की मांग को लेकर दोबारा सड़क जाम कर दिया। जाम कर रहे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि कोयला मार्ग पर चलने वाले हाइवा अपना रूट बदलकर इस सड़क पर कैसे आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्सर कोयला ढोने वाले वाहन इस सड़क पर तेज गति से चलते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों पर रोक लगाने की भी मांग की। सड़क जाम की खबर सुनकर थाना प्रभारी रवि शर्मा दोबारा पुलिस बल के साथ जाम स्थल पहुंचे। उन्होंने उग्र ग्रामीणों को शांत कराया और हाइवा मालिक से क्षतिपूर्ति दिलाने का आश्वासन देकर सड़क जाम हटवाया।
देवरिया के दीनानाथ पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आठ नए शिक्षकीय पदों का सृजन किया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी। नवसृजित पदों में समाजशास्त्र, हिंदी और गृह विज्ञान विषयों में परास्नातक स्तर पर दो-दो पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वाणिज्य संकाय में स्नातक स्तर पर दो पद सृजित किए गए हैं, जिससे महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन नए विषयों के शुरू होने से छात्राओं को अब उच्च शिक्षा के लिए अन्य जिलों या दूरस्थ संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नए पदों और विषयों की शुरुआत से संस्थान को एक नई पहचान मिलेगी और छात्राओं के प्रवेश में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने इसे महाविद्यालय के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्राचार्य डॉ. कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी के सहयोग और प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के योगदान की भी सराहना की। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल संस्थान के विकास को गति देगा, बल्कि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं का शुक्रवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में बन रहे 198 बेड के अस्पताल भवन तथा अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किसी उच्च स्तरीय संस्थान द्वारा नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण में प्रयुक्त सरिया, सीमेंट, बालू एवं गिट्टी सहित अन्य सामग्रियों की समय-समय पर जांच कराई जाए तथा सभी कार्य स्वीकृत DPR एवं मानकों के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों को ब्लॉकवार तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे चरणबद्ध तरीके से भवनों का उपयोग प्रारंभ किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के पूर्वी दिशा में स्थित संकरे मार्ग को चौड़ा कराने के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने तथा ट्रामा सेंटर की ओर जाने वाले मार्ग की मरम्मत एवं समतलीकरण कराने का भी निर्देश दिया गया। अगले सत्र से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी मंडलायुक्त ने मानसिक चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया तथा वहां भी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा आगामी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ करने की है, इसलिए सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान दमानी ग्रुप की चेयरमैन शर्मिला पई, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल, CMO डॉ. कौशल कुमार सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम प्रकाश व अन्य मौजूद रहे।
संयुक्त व्यापार संघ निर्वाचित की ओर से प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई मुख्य अतिथि रहे। बैठक का संचालन संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री संजय जैन ने किया, जबकि अध्यक्षता नवीन गुप्ता ने की। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. वाजपेई ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश का जवान माइनस डिग्री तापमान में सरहद पर खड़ा भी नहीं हो पाता था और उसे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सैनिक 38 डिग्री माइनस तापमान में भी पूरी मुस्तैदी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने सांसद के समक्ष ऑनलाइन व्यापार से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी और उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है, जो एक गंभीर विषय है। इस पर डॉ. वाजपेई ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी सभी समस्याओं और मांगों का विस्तृत पत्र दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने भी व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को सांसद के सामने रखा। इस दौरान उपाध्यक्ष संजीव रस्तोगी, मनीष शर्मा, अमित बंसल, अनुज सिंघल, लल्लू मक्कड़, विकास गिरधर, सुधांशु पाराशर, अपार मेहरा और पूर्व पार्षद राजेश खन्ना समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग (सेकेंडरी) ने राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ की जनरल ट्रांसफर प्रक्रिया के बीच आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन भी शिक्षकों, कंप्यूटर फैकल्टी या गैर-शिक्षण कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया (SIR) के तहत BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) या सेक्टर सुपरवाइजर के तौर पर लगी है। इस प्रक्रिया के दौरान उनका तबादला नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही विभाग ने सभी स्कूल प्रिंसिपल और डीडीओ. (DDO) को आज ही यानी 19 जून 2026 को शाम 6:00 बजे तक हर हाल में कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी का डेटा ऑनलाइन वेरिफाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) पंजाब ने मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब की ओर से जारी उस पत्र का कड़ा विरोध किया है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान चुनावी ड्यूटी से जुड़े शिक्षकों, कंप्यूटर फैकल्टी और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईआर का दिया है हवाला दफ्तर डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्य चुनाव अफसर, पंजाब के निर्देशों (SIR पीरियड) के तहत चुनाव कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता। इसी आदेश को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। डीईओ होंगे जिम्मेदार शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की हिदायतों को देखते हुए इस काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की चूक या देरी के लिए संबंधित स्कूल मुखिया और DDO निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। जिला शिक्षा अफसरों (D.E.O.) को भी इस पूरे डेटा को समय पर तस्दीक करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए स्थान पर भी जारी रखी जा सकती है चुनावी ड्यूटी डीटीएफ नेताओं ने कहा कि यदि कोई शिक्षक BLO या सेक्टर सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है तो उसकी चुनावी ड्यूटी नए स्थान पर भी जारी रखी जा सकती है या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। इसलिए चुनावी ड्यूटी का हवाला देकर तबादलों पर पूर्ण रोक लगाना उचित नहीं है।
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पर देश का पहला 24x7 'रेल लोको रेस्टोरेंट' विकसित कर रहा है। इस परियोजना के तहत एक पुराना इलेक्ट्रिक रेल इंजन अब आधुनिक रेस्टोरेंट के रूप में नई पहचान पाएगा। यह यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। प्रयागराज रेल मंडल ने इस परियोजना का अनुबंध झांसी की फर्म मैसर्स कृष्णा कैटर्स को 30 मार्च 2026 को दिया है। यह अनुबंध 10 वर्षों के लिए 31 मई 2026 से 30 मई 2036 तक प्रभावी रहेगा। रेस्टोरेंट के संचालन के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क 15.41 लाख रुपये तय किया गया है, जिसमें चौथे वर्ष से प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। छिवकी स्टेशन के मुख्य भवन के सामने सीओडी रोड के पास पुराने लोकोमोटिव इंजन और रेल के पहियों की स्थापना का कार्य पूर्ण हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इसे अगले तीन महीनों में पूरी तरह तैयार कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पूरी तरह वातानुकूलित रेस्टोरेंट होगा, जिसमें एक साथ 46 लोग बैठ सकेंगे। खुले आसमान के नीचे अंब्रेला टेबलों पर भोजन का आनंद लेने की भी सुविधा होगी। मेन्यू में उत्तर भारतीय व्यंजन, प्रयागराज के स्थानीय स्वाद, फास्ट फूड और वैश्विक व्यंजन शामिल होंगे। स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से फूड डिलीवरी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन के मार्गदर्शन में विकसित हो रही यह परियोजना रेलवे की पुरानी परिसंपत्तियों को नया जीवन देगी। साथ ही, यह रोजगार के अवसर बढ़ाने और रेलवे की आय में वृद्धि में भी सहायक होगी। रेलवे को उम्मीद है कि यह लोको रेस्टोरेंट प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक नया पर्यटन और आकर्षण केंद्र बनेगा। रेलवे को उम्मीद है कि प्रयागराज में इस मॉडल की सफलता के बाद देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह के लोको रेस्टोरेंट विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को एक नया और यादगार अनुभव मिल सकेगा
एटा में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और न्यायालयों में दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने संयुक्त रूप से अभियोजन कार्यों और नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा की। बैठक में लंबित मुकदमों, दोषसिद्धि एवं दोषमुक्ति के मामलों, अभियोजन की स्थिति तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में दोषसिद्धि अथवा दोषमुक्ति हुई है, उनकी पत्रावलियों का गंभीरता से अध्ययन किया जाए। उन्होंने न्यायालयों की टिप्पणियों, शासकीय अधिवक्ताओं के तर्कों और निर्णय के आधार बने बिंदुओं का विश्लेषण कर भविष्य में अभियोजन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि दोषसिद्धि की दर में वृद्धि हो सके। नारकोटिक्स से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हुए डीएम ने पुलिस विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फोरेंसिक रिपोर्ट, वैज्ञानिक परीक्षण और अन्य तकनीकी साक्ष्य समयबद्ध रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, जिससे अभियोजन पक्ष मजबूत हो और अपराधी कानून की खामियों का लाभ उठाकर बच न सकें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने भी विवेचना और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महत्वपूर्ण मुकदमे में साक्ष्यों का संकलन और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह, अभियोजन अधिकारी द्विजेंद्र सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर, आबकारी विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस समीक्षा बैठक को अपराध नियंत्रण, नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और न्यायालयों में मजबूत अभियोजन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सीवान में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था, जर्जर विद्युत तारों, लो-वोल्टेज तथा अनियमित बिजली आपूर्ति के विरोध में शुक्रवार को इंकलाबी नौजवान सभा के बैनर तले एकदिवसीय प्रतिवाद मार्च निकाला गया। यह मार्च जेपी चौक से शुरू होकर बिजली विभाग के कार्यालय तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को रखा। ट्रांसफार्मरों की खराब होने से दिक्कत मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि जिले के कई इलाकों में वर्षों से जर्जर तारों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके साथ ही लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली कटौती और ट्रांसफार्मरों की खराब स्थिति के कारण आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे जिले में जर्जर विद्युत तारों को तत्काल बदला जाए, आवश्यकता के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं तथा सार्वजनिक स्थानों पर खराब पड़ी विद्युत व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त किया जाए। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केवल स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली व्यवस्था की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लोगों का आरोप था कि विभाग राजस्व वसूली पर तो विशेष ध्यान देता है, लेकिन बिजली ढांचे के रखरखाव और सुधार की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मजदूर यूनियन के राज्य सचिव ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही का सीधा असर आम जनता, किसानों और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं सकरा पंचायत के मुखिया पति सुनील पासवान ने बताया कि पंचायत के छितनपुर, शंकरपुर, मनिया और बरदहा गांवों में लंबे समय से बिजली संबंधी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। साथ ही वार्ड संख्या-2 में खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग भी उठाई। आरवाईए के जिला उपाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जयपुर-दिल्ली ओल्ड हाईवे पर अब जल्द टोल बूथ पर रुके बिना तेज स्पीड में वाहन गुजर सकेंगे। गाड़ियों का टोल एडवांस सिस्टम से कट जाएगा। इसकी शुरुआत दौलतपुरा टोल प्लाजा से शुक्रवार से हो गई। राजस्थान में बैरियर फ्री टोल कलेक्शन की यह सुविधा इस टोल प्लाजा से की गई है। जयपुर-दिल्ली ओल्ड हाईवे पर मौजूद दौलतपुरा टोल बूथ पर दोपहर से गाड़ियों के गुजरते समय कोई बैरियर डाउन नहीं किया गया। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस पूरे हाईवे को 15 जुलाई तक बैरियर फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं पहले दिन कई गाड़ी के ड्राइवर फास्टैग से टोल टैक्स देने के लिए कुछ देर बूथ पर रुके। ऐसे में उन्हें बताया गया कि टोल टैक्स कट गया है। आप जा सकते हैं। अब जल्द ही इस टोल बूथ से स्ट्रक्चर भी हटेंगे। हरियाणा सीमा तक 3 टोल बूथ इस हाईवे पर जयपुर से दिल्ली जाते समय हरियाणा सीमा तक 3 टोल बूथ आते हैं। इसमें पहला टोल बूथ दौलतपुरा है, जबकि दूसरा मनोहरपुर और तीसरा शाहजहांपुर बॉर्डर। अभी पहले चरण में दौलतपुरा टोल बूथ को बैरियर फ्री किया गया है। मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम की शुरुआत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इसी साल की थी। इसकी शुरुआत गुजरात में सूरत-भरूच सेक्शन के NH-48 पर चोर्यासी टोल प्लाजा से की गई थी। 100KM की स्पीड से गुजर सकेंगी गाड़ियां इस सिस्टम के शुरू होने से इस टोल प्लाजा पर अब गाड़ियों को रुकने या गाड़ी की स्पीड धीमी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां लगी एडवांस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी और स्कैनर सिस्टम से गाड़ी का नंबर और उस पर लगे फास्टैग को स्कैन किया जा सकेगा। ये सिस्टम 100KM की स्पीड से गुजरने वाली गाड़ियों के नंबर को भी स्कैन करके टोल टैक्स काट सकेंगे। 72 घंटे में फीस जमा नहीं करवाई तो डबल लगेगा टोल अगर किसी गाड़ी पर लगे फास्टैग में पैसा नहीं है या उसने फास्टैग ही नहीं लगवा रखा तो ऐसी गाड़ियों का टोल उस गाड़ी के नंबर को रीड करके काटा जाएगा। गाड़ी नंबर रीड करने के बाद उसका चालान बनाकर ऑनलाइन भेजा जाएगा। ड्राइवर कंफ्यूज न हों, इसलिए स्ट्रक्चर हटेंगे बैरियर फ्री होने के बावजूद अधिकांश वाहन ड्राइवर टोल बूथ पर रुक रहे थे। वे कंफ्यूज थे कि उनका फास्टैग स्कैन होने के बाद ही आगे चलने दिया जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए NHAI अधिकारियों ने आने वाले समय में इन टोल बूथों (बैरियर फ्री टोल बूथ) के स्ट्रक्चर को हटाने का निर्णय किया है।
कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के ग्राम हुक्का बेड़ा पथरी में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग युवक की शादी रुकवाई गई। साथ ही ग्रामीणों और परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पहुंची संयुक्त टीम जानकारी के अनुसार, ग्राम हुक्का बेड़ा पथरी निवासी एक युवक का विवाह केरावाही की युवती के साथ तय किया गया था। इसकी सूचना प्रशासन को मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश के निर्देश और जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेन्द्र सोनी के मार्गदर्शन में संयुक्त जांच दल विवाह स्थल पर पहुंचा। दस्तावेज जांच में खुला मामला अधिकारियों ने वर-वधू के दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की। जांच में सामने आया कि युवक की आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी उम्र 21 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए विवाह की प्रक्रिया रुकवा दी। ग्रामीणों और परिजनों को दी समझाइश अधिकारियों ने दोनों परिवारों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। साथ ही बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, स्वास्थ्य और कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने सहमति जताई कि युवक की निर्धारित कानूनी आयु पूरी होने के बाद ही विवाह कराया जाएगा। पंचनामा तैयार कर रोका गया विवाह मौके पर सरपंच, पंच, ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया तथा बाल विवाह को विधिवत निरस्त कराया गया। कई विभागों ने निभाई अहम भूमिका कार्रवाई में 112 माकड़ी पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, परिवीक्षा अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, चाइल्डलाइन टीम और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन ने कहा कि जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए लगातार जागरूकता और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुजफ्फरनगर के बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने कैराना के मुगल गार्डन में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से गोमांस परोसे जाने के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रशासन से सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। स्वामी यशवीर महाराज ने इस घटना को गौमांस जिहाद करार देते हुए कहा कि यह करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे प्रकरण से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। शादी समारोह में गोमांस से भोजन बनने का दावा स्वामी यशवीर महाराज का दावा है कि 18 जून को कैराना स्थित मुगल गार्डन में एक मुस्लिम परिवार के शादी समारोह के दौरान कथित रूप से गोमांस से भोजन तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस को इसकी सूचना मिल गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कथित रूप से तैयार भोजन को नष्ट कराया। साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। गार्डन संचालकों और हलवाइयों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि केवल दो लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इस मामले में मुगल गार्डन के मालिक और संचालकों के साथ-साथ कथित रूप से गोमांस का भोजन तैयार करने वाले हलवाइयों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। स्वामी यशवीर का कहना है कि यदि किसी आयोजन स्थल पर इस प्रकार की गतिविधि होती है तो उसकी जिम्मेदारी केवल आयोजकों की ही नहीं, बल्कि स्थल संचालकों की भी बनती है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। अवैध होने पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि यदि जांच में मुगल गार्डन अवैध पाया जाता है तो उसके खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई भी की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में प्रशासन को सख्त और स्पष्ट संदेश देने वाली कार्रवाई करनी चाहिए। 7 दिन का दिया अल्टीमेटम स्वामी यशवीर महाराज ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो हिंदू समाज के साथ कैराना पहुंचकर मुगल गार्डन का घेराव किया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई पर नजर फिलहाल मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि उनका संगठन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आगे की रणनीति प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर तय की जाएगी।
भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ठीक उसी समय बुधवार की शाम को सिंगरौली क्षेत्र की दोनों उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों में अर्थ फॉल्ट से ट्रिपिंग हो गई। इसके चलते NTPC की रिहंद तापीय विद्युत स्टेशन की तीनों इकाइयां बंद हो गईं, जिससे कुल 3000 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश को लगभग 950 मेगावाट बिजली का नुकसान हुआ। इसके अलावा केंद्रीय क्षेत्र की घाटमपुर यूनिट-2 (660 MW) और खुर्जा यूनिट-2 (660 MW), निजी क्षेत्र की ललितपुर तापीय परियोजना यूनिट-3 (660 MW), अनपरा-सी यूनिट-1 (600 MW) तथा रोजा यूनिट-1 (300 MW) भी विभिन्न तकनीकी कारणों से प्रभावित रहीं। राज्य विद्युत उत्पादन निगम की ओबरा-सी यूनिट-2 और हरदुआगंज-डी यूनिट-9 भी तकनीकी खराबी के चलते बंद हुईं, जिन्हें बाद में सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया। बिजली संकट गहराएगी उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्थिति को संभालने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। अन्य उपलब्ध स्रोतों से अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी विद्युत व्यवस्था की सतत निगरानी कर रही है और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, नगर परिषद और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने को गांव टहला रोड स्थित एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री पर औचक निरीक्षण किया। इस छापामार कार्रवाई से वहां आसपास मौजूद अन्य फैक्ट्री संचालकों में भी हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते 25 हजार रुपये का चालान किया गया। तीन-चार मजदूर कर रहे थे काम ड्यूटी मजिस्ट्रेट महेश सिंह, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में हुई कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में रामकिशन निवासी मोहल्ला खरखड़ी, वार्ड नंबर-15 नारनौल मौजूद मिला। निरीक्षण के समय फैक्ट्री में 3 से 4 मजदूर काम करते पाए गए। मौके पर ही जमा कराई चालान राशि संयुक्त टीम ने फैक्ट्री संचालन से संबंधित लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मांग की, लेकिन संचालक कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाया। नियमों के उल्लंघन पर नगर परिषद नारनौल के जेई प्रवीण कुमार ने 25 हजार रुपये का चालान किया। चालान की राशि संचालक ने मौके पर ही जमा करा दी। प्रदूषण विभाग ने जारी किया नोटिस निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने भी फैक्ट्री संचालक को नोटिस जारी किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समालखा में 5 किलो गांजे समेत तस्कर गिरफ्तार:ग्राहक की तलाश में घूम रहा था; सूचना पर पुलिस ने दबोचा
पानीपत जिले के समालखा में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम ने एक युवक को 5 किलो 26 ग्राम गांजा सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोनीपत के दतौली गांव निवासी सुनील के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे समालखा बस अड्डे के पास से पकड़ा, जहां वह गांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में घूम रहा था। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी टीम समालखा में फ्लाईओवर पुल के नीचे गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि समालखा के नए बस अड्डे के पास एक युवक पीठू बैग में मादक पदार्थ लेकर बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस को देख भागने की कोशिश पुलिस टीम को देखकर सामने खड़ा युवक तेजी से चलने लगा, जिसे पुलिस ने तुरंत काबू कर लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान दतौली, सोनीपत निवासी सुनील के रूप में बताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ योगिंद्र मान की मौजूदगी में पुलिस ने युवक के पीठू बैग की तलाशी ली, जिसमें पॉलिथीन में पैक गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजा का वजन 5 किलो 26 ग्राम पाया गया। 4 दिन पहले 12 किलो गांजा खरीदा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी सुनील ने बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लिए तीन-चार दिन पहले सोनीपत में एक युवक से 12 किलो गांजा कम कीमत पर खरीदकर लाया था। इसमें से कुछ गांजा उसने राह चलते अज्ञात नशा करने वालों को बेच दिया था। आरोपी ने बताया कि वह बुधवार को बचे हुए 5 किलो 26 ग्राम गांजा को समालखा और आसपास के क्षेत्र में बेचने आया था। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपी सुनील के खिलाफ थाना समालखा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ करेगी और नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उसे काबू करने का प्रयास करेगी।
देवास जिले के टोंकखुर्द में शुक्रवार कार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसमें युवक की मौत हो गई। वहीं कार चालक और और एक लड़की घायल हो गई। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश निवासी युवक अपनी शादी के लिए इंदौर आ रहा था। हादसे के बाद युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल युवती को इस बात की जानकारी घंटों तक नहीं दी गई, और वह अस्पताल में लगातार युवक के बारे में पूछती रही। युवती बार-बार कहती रही- मुझे मेरे मोहित से मिला दो। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे टोंकखुर्द क्षेत्र में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उत्तर प्रदेश निवासी मोहित वाजपेई गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ मौजूद युवती और चालक भी घायल हुए। तीनों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मोहित को मृत घोषित कर दिया। चालक इलाज के दौरान अस्पताल से बिना बताए चला गया। वहीं युवती बार-बार मोहित के बारे में पूछती रही और रोते हुए कहती रही—“एक बार मुझे मेरे मोहित से मिला दो।” सोशल मीडिया पर युवक-युवती की हुई थी दोस्ती घायल युवती ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी और मोहित की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। बातचीत बढ़ने पर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का फैसला किया था। युवती के अनुसार, दोनों परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। दोनों शुक्रवार को उत्तर प्रदेश से इंदौर शादी करने के लिए आ रहे थे। मंदिर में शादी करने की योजना थी, इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। लड़के के परिवार का दावा: मोहित शादीशुदा था सूचना मिलने पर इंदौर से मोहित के पिता प्रेम नारायण जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका परिवार इंदौर में रहता है। मोहित दो दिन पहले अपनी मां को लेकर उत्तर प्रदेश गया था, जहां रिश्तेदारी में शादी का कार्यक्रम था। गुरुवार को उसकी बात हुई थी, तब उसने बताया था कि मां को छोड़कर वह इंदौर लौट रहा है। पिता ने बताया कि मोहित शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी है। युवती कौन है और उसके साथ उसका क्या संबंध था, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं थी। उन्होंने कहा कि मोहित ने कभी इस बारे में घर में कोई चर्चा नहीं की थी। उत्तर प्रदेश में दर्ज है युवती की गुमशुदगीउत्तर प्रदेश के हैदरगढ़ थाने के कांस्टेबल नीरज चौधरी ने बताया कि युवती के परिजनों ने गुरुवार शाम उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है।
बालाघाट के कटंगी जनपद की आगरवाड़ा पंचायत में सरकार की 'जल-जीवन मिशन योजना' का बुरा हाल है। दो साल बीत जाने के बाद भी यहां नल-जल योजना शुरू नहीं हो पाई है। जो काम महज 9 महीने में पूरा होना था, वह अफसरों और ठेकेदार की लापरवाही की वजह से आज तक अधूरा पड़ा है। इसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें आज भी पीने के साफ पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। गांव में पानी की बड़ी टंकी बनकर तैयार हो चुकी है और लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है। यहां तक कि नलों के कनेक्शन कहां दिए जाने हैं, यह जगह भी तय हो चुकी है। लेकिन इन सब तैयारियों के बाद भी नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। अधिकारी बोले- मुझे तो जानकारी ही नहीं है इस पूरी योजना की देखरेख करने वाले विभाग के अधिकारी बी.एल. उईके से जब इस बारे में फोन पर बात की गई, तो उनका गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया। उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी ही नहीं है। अधिकारी ने कहा कि अब वह यह पता लगाएंगे कि किस ठेकेदार को यह काम दिया गया था और वहां अभी क्या स्थिति है। विभाग के बड़े अफसर का ऐसा जवाब यह बताने के लिए काफी है कि जिम्मेदार लोग इस योजना को लेकर कितने लापरवाह हैं। ग्रामीणों ने लगाई गुहार, दूर से लाना पड़ रहा पानी साफ पानी का इंतजार कर रहीं पूर्व जनपद सदस्य रत्नमाला रामटेके ने बताया कि दो साल का लंबा वक्त गुजर जाने के बाद भी गांव वालों को पीने का साफ पानी नहीं मिल सका है। वहीं, ग्रामीण डालचंद रामटेके का कहना है कि योजना अधूरी रहने के कारण उन्हें आज भी दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इलाके के युवा कमलकिशोर राऊत ने प्रशासन से मांग की है कि इस अधूरे काम को तुरंत पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस भीषण समस्या से छुटकारा मिल सके।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG 2026) की री एग्जाम की तैयारियां पूरी हो चुकी है। 21 जून को आयोजित होने वाली इस पुर्नपरीक्षा के लिए प्रयागराज में कुल 47 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां 23,104 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सामान्य परीक्षार्थियों के लिए दोपहर 02:00 बजे से 05:00 बजे तक (अन्य/दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए शाम 06:00 बजे तक) पेपर की टाइमिंग होगी। परीक्षा केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा को संपन्न कराने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिसके तहत अधिकारी और जवान की तैनाती रहेगी। सुरक्षा की कमान 08 जोनल प्रभारियों (सहायक पुलिस आयुक्त - ACP) और 16 सेक्टर प्रभारियों (थाना प्रभारियों) के हाथों में होगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप 01 उपनिरीक्षक (SI), 02 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल और 02 महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी सेंटरों पर कुल 235 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। HHMD से होगी तलाशी परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी के लिए एक उड़न दस्ते का गठन किया गया है। जिसमें अपर नगर मजिस्ट्रेट और एनटीए (NTA) नोडल अधिकारी रवि प्रकाश शामिल रहेंगे। प्रवेश द्वार पर सुबह 08:00 बजे से ही पुलिस बल तैनात हो जाएगा। महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की अलग-अलग कतारों में Hand Held Metal Detector (HHMD) से गहन तलाशी (फ्रिस्किंग) ली जाएगी। केंद्र के भीतर मोबाइल, पेजर या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक व संचार उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित होगा। केंद्रों के आसपास 500 मीटर के दायरे में भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। इस क्षेत्र में लाउडस्पीकर, टेप रिकॉर्डर बजाने पर रोक रहेगी और फोटोस्टेट की दुकानें भी बंद रखी जाएंगी। गोपनीय सामग्री की सुरक्षा बैंकों से प्रश्नपत्र व गोपनीय सामग्री परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित ले जाने और परीक्षा के बाद वापस जमा करने के लिए प्रत्येक केन्द्राध्यक्ष के साथ 01-01 सशस्त्र आरक्षी (कुल 47 सशस्त्र आरक्षी) की ड्यूटी सुबह 06:00 बजे से लगाई गई है। अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन सुबह 07:00 बजे से प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त यातायात कर्मी तैनात करें ताकि जाम की स्थिति न बने। परीक्षा केंद्रों के पास वाहनों की पार्किंग का भी समुचित प्रबंध रहेगा। स्टेशनों व बस अड्डों पर मुस्तैदी परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन (सिटी व सिविल लाइंस साइड), प्रयाग रेलवे स्टेशन, जीरो रोड बस अड्डा और सिविल लाइंस रोडवेज बस स्टेशन पर सुबह 07:00 बजे से शाम 07:00 बजे तक विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा। सिविल लाइंस बस स्टेशन पर सुरक्षा के लिए पीएसी (PAC) बल भी उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गुमराह करने वाले तत्वों और संस्थाओं पर खुफिया विभाग (अभिसूचना शाखा) द्वारा कड़ी नजर रखी जाएगी। परीक्षा की शुचिता भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएग
झज्जर में परिवार के बेहतर भविष्य और दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश से आया एक युवा मजदूर शुक्रवार को औद्योगिक हादसे का शिकार हो गया। झज्जर जिले के दादरी तोय स्थित सेक्टर-3 की JSD कंपनी में काम के दौरान ऊपर से गिरी भारी लोहे की प्लेट ने 25 वर्षीय श्रमिक की जिंदगी छीन ली। हादसे के बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान संजीत सरोज (25) पुत्र रामपाल सरोज निवासी गांव परशुरामपुर कलां, जिला प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संजीत महज छह दिन पहले ही कंपनी में लेबर के तौर पर काम करने आया था। परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए वह घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर झज्जर पहुंचा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को कंपनी में नियमित कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक ऊपर से एक भारी लोहे की प्लेट नीचे आ गिरी, जो सीधे संजीत के सिर और गले पर लगी। गंभीर चोट लगने से वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे संभाला और घटना की सूचना पुलिस व एंबुलेंस को दी। सूचना मिलते ही दुलीना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल संजीत को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर भिजवाया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। फिर कठघरे में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था इस हादसे ने एक बार फिर जिले की औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ समय में विभिन्न कंपनियों में कर्मचारियों की मौत और गंभीर चोटों के मामले सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरणों, नियमित निरीक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है। इसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। एक ओर परिवारों के सपने टूट रहे हैं, तो दूसरी ओर हर नए हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वही सवाल फिर खड़े हो जाते हैं
छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को डंगनिया स्थित चन्द्राकर समाज भवन में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, समाज प्रमुख और संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जगन्नाथ साहू ने की। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और प्रदेशभर में विस्तार देने पर चर्चा की गई। उपस्थित समाज प्रमुखों ने ‘एक प्रदेश-एक संगठन’ के सिद्धांत पर सहमति जताई। साथ ही जिन जिलों में संगठन का विस्तार नहीं हुआ है, वहां संबंधित समाजों के प्रमुखों की मौजूदगी में संगठन का गठन करने का निर्णय लिया गया। सरगुजा और बस्तर संभाग में भागीदारी बढ़ाने पर जोर बैठक में पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने, जातिगत जनगणना कराने और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। विशेष रूप से सरगुजा और बस्तर संभाग में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। नई नियुक्तियों की घोषणा इस अवसर पर प्रदेश, संभाग, युवा प्रकोष्ठ और महिला प्रकोष्ठ के लिए कई नई नियुक्तियों की घोषणा की गई। नरेश राजवाड़े को प्रदेश महामंत्री, कोमल निषाद को युवा प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष तथा भगवती महेंद्र गजेंद्र को महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। बैठक में विभिन्न समाजों के सैकड़ों पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन मनाया। मिशन कंपाउंड स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केक काटा, पौधरोपण किया और राहुल गांधी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर और पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने राहुल गांधी को 'जन-जन का नेता', 'संविधान का रक्षक' और 'गरीबों का रहनुमा' बताया। चौधरी ने कहा कि देश के किसान, नौजवान, महिलाएं, दलित, आदिवासी और बेरोजगार वर्ग राहुल गांधी से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से कर रहे संवाद पूर्व विधायक ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा जनता की समस्याओं को उठाते रहे हैं और उनकी आवाज बनते रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से राहुल गांधी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे देश और पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य छोटे खान ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है। छोटे खान ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। छोटे खान ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बेरोजगारी, पेपर लीक और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करें तथा राहुल गांधी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें। ये रहे मौजूद इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव दुर्गा प्रसाद चौधरी, पीसीसी सदस्य रमेश चंद्र प्रजापति ‘पप्पू’, जिला पंचायत सदस्य कृष्ण गोपाल चौधरी, सोशल मीडिया प्रभारी अंकुश श्रीवास्तव ‘आजाद’, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रामनाथ दुबे, कपिल कुमार सोनकर, डॉ. दिनेश चौधरी, संदीप तिवारी, राजेंद्र विश्वकर्मा, संतोष यादव, रितेश मिश्रा, विजय दुबे, पहाड़ी बनवारी लाल, डिंपू यादव और आनंद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत बनाने का भी संकल्प लिया।
उमरिया जिले के डोडका गांव में शुक्रवार को कलेक्टर राखी सहाय ने प्रशासनिक अमले के साथ विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग के कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। खेती की लागत घटाने पर जोर कलेक्टर ने कार्यक्रम में कहा कि कृषि विभाग द्वारा मृदा परीक्षण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और लागत कम हो सके। नए आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत में बने नए आंगनबाड़ी भवन की व्यवस्थाओं, संचालन और रखरखाव का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। गौशाला में चारे-भूसे की ली जानकारी इसके बाद कलेक्टर गांव की गौशाला पहुंचीं और मवेशियों के लिए चारे, भूसे और अन्य आहार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पशुओं की देखभाल और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
नरवाना में हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार:सप्लाई करने की फिराक में था; सूचना पर सीआईए टीम ने की रेड
जींद जिले के नरवाना सीआईए स्टाफ की टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। टीम ने चमेला कॉलोनी नरवाना से आरोपी को 10 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान संदीप उर्फ सिंधु के रूप में हुई है, जो चमेला कॉलोनी नरवाना का रहने वाला है। सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स.उप.नि. रणधीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम मेला मंडी गेट नरवाना पर मौजूद थी। टीम को सूचना मिली कि संदीप मितासो स्कूल के नजदीक हेरोइन सप्लाई करने की फिराक में खड़ा है। गुप्त सूचना पर सीआईए का छापा सूचना मिलते ही सीआईए टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए मितासो स्कूल के नजदीक छापा मारा। टीम ने मौके पर ही आरोपी को काबू कर लिया। राजपत्रित अधिकारी श्री रणबीर सिंह, नायब तहसीलदार नरवाना की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली गई, जिसमें उसकी पैंट की जेब से 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ थाना शहर नरवाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21B/61/85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को 8 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने वाली अन्नपूर्णा रसोई योजना में AI की मदद से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि अन्नपूर्णा रसोई संचालक पुराने लाभार्थियों की फोटो में बदलाव कर उन्हें नया बताकर पोर्टल पर अपलोड कर रहे थे। इसके बाद उन्हीं के आधार पर फर्जी कूपन जनरेट कर रहे थे। मामले में 4 अन्नपूर्णा रसोइयों को सीज किया गया है और प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अब जिले की सभी 38 रसोइयों के पिछले 5 महीने के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। हालांकि पकड़े गए संचालकों का दावा है कि कच्ची बस्तियों के लोगों के पास कपड़े कम होते हैं, ऐसे में उनकी फोटो एक ही दिखाई दे रही है। कैसे करते थे यह खेल, AI से फोटो बदलकर बनाए जा रहे थे नए लाभार्थी भ्रष्टाचार के इस डिजिटल मॉडल को समझने के लिए शुक्रवार को दैनिक भास्कर टीम ने जब आईटी एक्सपर्ट्स और जानकारों से बात की, तो जांच में सामने आया कि कुछ अन्नपूर्णा रसोई संचालक पुराने लाभार्थियों की फोटो को AI टूल की मदद से बदल रहे थे। फोटो में चेहरा, बैकग्राउंड, पिक्सल और कपड़ों के रंग में मामूली बदलाव कर उसे नए लाभार्थी की तरह पोर्टल पर अपलोड किया जाता था। इसके बाद एक ही व्यक्ति की फोटो का अलग-अलग तारीखों में उपयोग कर कई कूपन जनरेट किए जा रहे थे। मौके पर कम लोग भोजन कर रहे थे, लेकिन रिकॉर्ड में ज्यादा भोजन परोसा हुआ दिखाया जा रहा था। ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा अनिता कुमारी, जॉइंट डायरेक्टर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड कम्युनिकेशन, आईटी सेल विभाग ने बताया- डीएलबी की आईटी टीम ने ऑनलाइन कूपन डेटा और लाभार्थियों की फोटो की जांच की। जांच में कई फोटो में एक जैसे चेहरे, कपड़े और पैटर्न बार-बार दिखाई दिए। कुछ रसोइयों में रिकॉर्ड के अनुसार रोज 190 से 200 कूपन कट रहे थे, जबकि मौके पर केवल 19 से 20 लोग ही भोजन करते मिले। डेटा, फोटो और मौके की स्थिति का मिलान करने पर गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद 4 रसोइयों को सीज कर प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। जरूरतमंदों को सस्ता भोजन देना था उद्देश्य सरकार ने गरीब, मजदूर, प्रवासी और जरूरतमंद लोगों को सस्ते में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य था कि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। योजना के तहत 8 रुपए में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 300 ग्राम चपाती और 100 ग्राम चावल या मिलेट्स की खिचड़ी उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए सरकार संचालकों को अनुदान भी देती है। वेरिफिकेशन सिस्टम में AI से किया घोटाला जानकारी के अनुसार सरकारी पोर्टल का वेरिफिकेशन सिस्टम चेहरे के मुख्य फीचर्स को पहचानता है। आरोप है कि AI की मदद से फोटो के पिक्सल, कपड़ों के रंग और बैकग्राउंड में बदलाव कर सिस्टम को भ्रमित किया गया। इस तरीके से एक ही व्यक्ति को अलग-अलग लाभार्थी दिखाकर फर्जी कूपन बनाए गए। एक जैसे कपड़ों पर संचालक बोले- आईटी टीम की जांच में कई लाभार्थी लगातार एक जैसे कपड़ों में दिखाई दिए। कई महीनों तक एक जैसे कपड़ों वाली फोटो सामने आने पर संचालकों से जवाब मांगा गया। इस पर संचालकों ने कहा कि कच्ची बस्तियों के लोगों के पास कपड़े कम होते हैं, इसलिए वे रोज एक जैसे कपड़े पहनकर भोजन करने आते हैं। मामला सामने आने के बाद स्वायत्त शासन विभाग (DLB) और स्थानीय प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिले की सभी 38 अन्नपूर्णा रसोइयों के 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक के ऑनलाइन कूपन डेटा, आवंटन और उपयोग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कई जगह भोजन और कूपन के आंकड़ों में अंतर जांच में यह भी सामने आया कि असली काउंटर पर भले ही कम लोग भोजन कर रहे थे, लेकिन बैकएंड में कंप्यूटर ऑपरेटर AI से तैयार फोटो के जरिए लगातार कूपन जनरेट कर रहे थे। कई जगह 20 लोगों के आने के बावजूद रिकॉर्ड में 190 से 200 कूपन तक काटे जाने का मामला सामने आया। जांच में भोजन क्षमता और उपयोग के आंकड़ों में भी अंतर मिला है। मंड्रेला की एक रसोई की कुल क्षमता 57,800 भोजन की थी, जबकि रिकॉर्ड में 36,986 भोजन दर्ज किए गए। उपयोग प्रतिशत 63.99 रहा। झुंझुनूं शहर की 6 रसोइयों में कुल क्षमता 58,200 भोजन की थी, जबकि रिकॉर्ड में 42,661 भोजन दर्ज किए गए। यहां उपयोग प्रतिशत 73.30 रहा। मुकुंदगढ़ की 2 रसोइयों में 72.12 प्रतिशत और मंडावा की 2 रसोइयों में 86 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया। बिसाऊ में सबसे ज्यादा गड़बड़ी का शक बिसाऊ की 2 रसोइयों में रिकॉर्ड के अनुसार 44,606 भोजन और 74.59 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया। लेकिन मौके की जांच में सामने आया कि वहां रोजाना केवल 19 से 20 लोग भोजन कर रहे थे, जबकि 190 से 195 कूपन प्रतिदिन काटे जा रहे थे। इससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया। वहीं सुल्ताना में 95.51 प्रतिशत और सिंघाना में 95.19 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों की भी दोबारा जांच की जा रही है। सुलताना और सिंघाना में 95% से ज्यादा उपयोग रिकॉर्ड के मुताबिक सुलताना में 95.51% और सिंघाना में 95.19% उपयोग दर्ज किया गया है। ये आंकड़े 100% के काफी करीब हैं। इसलिए इन रसोइयों के रिकॉर्ड की भी AI टूल की मदद से दोबारा जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये आंकड़े सही हैं या फिर कूपन बढ़ाकर दिखाए गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई नोडल अधिकारी अरुण जाखड़ ने बताया कि जिले में वर्तमान में 38 रसोइयां संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जिन 4 रसोइयों पर कार्रवाई हुई है, उनसे जुर्माने की राशि बकाया बिलों से वसूल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बाकी 34 रसोइयों के रिकॉर्ड की भी जांच चल रही है। यदि किसी संस्था द्वारा कूपन बढ़ाने या AI के जरिए पुरानी फोटो का उपयोग कर फर्जी लाभार्थी बनाने की पुष्टि होती है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अन्नपूर्णा रसोई में फर्जीवाड़ा, तीन संस्थाएं ब्लैकलिस्ट:झुंझुनूं, चिड़ावा और पिलानी में 'फोटो से फोटो' खींचकर काटे जा रहे थे नकली कूपन कोई भी भूखा न सोए उद्देश्य के साथ सरकार ने 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' चलाई थी। इसमे गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यहां सिर्फ 8 रुपए में भर पेट खाना खिलाया जाता है। (पूरी खबर पढ़ें)
सोनभद्र में पर्यावरण बैंक संस्थान ने प्रदूषण से मुक्ति के लिए वृक्षारोपण जागरूकता अभियान चलाया। स्वर्ण जयंती चौक पर एकत्रित हुए संस्था के सदस्यों ने लोगों से वृक्षारोपण और उनकी सुरक्षा का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और प्रदूषण से बचा जा सके। “पेड़ से ही प्राण” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति सिंह ने कहा कि देश को अंग्रेजों और मुगलों की गुलामी से आजादी तो मिल गई, लेकिन प्रदूषण से आजादी अभी भी नहीं मिली है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिस गति से पेड़ों की कटाई हो रही है, उस अनुपात में नए पौधे नहीं लगाए जा रहे हैं और न ही उनका संरक्षण हो पा रहा है। क्रांति सिंह ने जोर देकर कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन का आधार हैं। स्वास्थ्य विभाग, कलेक्ट्रेट, तहसील, विकास भवन और स्वर्ण जयंती चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीपल का पौधा सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों में शामिल है और इसी उद्देश्य से लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ऑक्सीजन की कमी ने लाखों लोगों को प्रभावित किया। कई लोगों को महंगी कीमतों पर भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो सकी और अनेक लोगों ने दम तोड़ दिया। ऐसे में यह स्पष्ट है कि वृक्ष ही जीवन का वास्तविक आधार हैं। क्रांति सिंह ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। यदि किसी स्थान पर पांच पेड़ काटे जाते हैं तो उसके बदले बड़ी संख्या में पौधे लगाए और सुरक्षित किए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों पौधे लगाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उनमें से कितने पौधे जीवित बचे हैं, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान होता है और यदि कोई व्यक्ति या संस्था पौधे लगाकर उनका संरक्षण नहीं करती तो यह केवल गलती नहीं बल्कि महापाप है। क्रांति सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जींद जिले में उचाना के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जल संरक्षण अभियान के तहत भौंसला गांव में कार्रवाई की है। गुरुवार को विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण कर पानी बर्बाद करने और अवैध कनेक्शन रखने वाले 24 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए। इसके साथ ही, 8 अवैध जल कनेक्शनों को मौके पर ही काट दिया गया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने घर-घर जाकर जल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन उपभोक्ताओं की पहचान की गई जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। यह कार्रवाई पानी की अनावश्यक बर्बादी, अवैध कनेक्शन और विभागीय नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ की गई। जल संरक्षण के लिए चलाया जा रहा अभियान टीम में शामिल जेई गोविंद ने बताया कि सरकार और विभाग के निर्देश पर जल संरक्षण के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक से पानी का सदुपयोग करने और इसकी हर बूंद बचाने की अपील की। जेई गोविंद ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने और नियमों का पालन करने का अवसर दिया जाएगा। नियमों की अवहेलना जारी रहने पर उनके खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणें से पानी की बर्बादी न करने का आह्वान उन्होंने ग्रामीणों से पेयजल का उपयोग केवल घरेलू आवश्यकताओं के लिए करने और पानी की बर्बादी से बचने का आग्रह किया। जेई गोविंद ने चेतावनी दी कि अवैध कनेक्शन लेने या जलापूर्ति व्यवस्था में छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग आने वाले दिनों में भी विभिन्न गांवों में ऐसे मामलों के खिलाफ औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रखेगा। इस दौरान गांव के सरपंच नसीब और कुशल बीआरएसी सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान का समर्थन किया और पानी बचाने के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
बरेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर बर्खास्त सिपाही सुरकेश को पत्नी और साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिपाही को पुलिस की कई टीमें लंबे समय से तलाश रही थी, लेकिन हर बार बर्खास्त सिपाही सुरकेश पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। एसएसपी अनुराग आर्य की सख्ती के बाद पुलिस एक्शन में आई और भमोरा थाने की पुलिस ने सिपाही को दबोच लिया। लंबे समय से चल रहा था फरारबर्खास्त सिपाही सुरकेश की हाल ही में एसएसपी अनुराग आर्य ने हिस्ट्रीशीट खोली थी। उसके ऊपर एसएसपी ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिली। पुलिस ने सुरकेश के साथ उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और साथी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार ग्राम चाढ़पुर थाना भमोरा निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा ने 18 जून 2026 को थाना भमोरा में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी सिपाही सुरकेश संगठित गिरोह बनाकर लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर अवैध वसूली करते हैं। आरोपियों पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगने, गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इस संबंध में थाना भमोरा में धारा 61(2), 111(3), 308(5), 308(6), 248, 352, 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में सुरकेश कुमार शर्मा समेत 11 आरोपियों को नामजद किया गया था। प्रभारी निरीक्षक भमोरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह करीब 6:10 बजे आरोपी सुरकेश पुत्र चंद्रसेन शर्मा निवासी जादूपुर थाना भमोरा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सिपाही सुरकेश का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ भमोरा, सुभाषनगर और इज्जतनगर थानों में मारपीट, धमकी, बलवा, रंगदारी, रेप समेत गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) प्रारंभिक परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में अब एसटीएफ को 30वें आरोपी की तलाश है। प्रयागराज का रहने वाला पुष्कर पांडेय नाम का यह आरोपी पेपर लीक गैंग के सरगना राजीव नयन मिश्रा का मददगार है। वह मर्डर में भी 11 साल से वांटेड है। कैंडिडेट्स ढूंढ़कर लाता थापुष्कर मूल रूप से करछना का रहने वाला है। एसटीएफ की जांच में यह सामने आया कि वह पेपर लीक गैंग के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा के सीधे संपर्क में था। वह कैंडिडेट्स को गैंग के नंबर टू सुभाष प्रकाश से मिलवाता था। इसके एवज में उसे मोटा कमीशन भी मिलता था। 2015 में हुई थी हत्यासूत्रों का यह भी कहना है कि पुष्कर प्रयागराज में हुई हत्या के मामले में भी वांटेड है। 2015 में यह घटना हुई थी और इसके बाद से ही वह फरार हो गया था। 2023 में मप्र की एनएचएम भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में भी वह गैंग के मास्टरमाइंड राजीव नयन और अन्य लोगों संग शामिल था। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मारे थे छापेउसकी तलाश में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने भी प्रयागराज में उसके कई ठिकानों पर दबिश दी थी। लेकिन वह हाथ नहीं आया। अब एसटीएफ उसे तलाश रही है। एक दिन पहले पकड़ा गया था आरोपीएक दिन पहले इस मामले में दो साल से वांटेड चल रहे आलोक मिश्रा को मऊ से गिरफ्तार किया गया था। उसने 12 लाख रुपये में डील की थी और 3 लाख रुपये एडवांस देकर पेपर हासिल किया था। उसे प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया था। आलोक पुत्र संजय मिश्रा बाबूरायपुर, मानपुर, थाना जंगीपुर, जनपद गाजीपुर का रहने वाला है। परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हुआ था पेपरलोक सेवा आयोग की ओर से 11 फरवरी 2024 को प्रदेश भर में RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर दी थी और पूरे प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी थी।एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की टीम लगातार मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। अब तक 29 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेलएसटीएफ इस मामले में अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।गिरोह के सक्रिय सदस्य सुभाष प्रकाश, विवेक उपाध्याय और उनके अन्य साथियों को 23 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं आलोक मिश्रा के बहनोई कृष्णा पाण्डेय को 10 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत अन्य पर गैंगस्टर भी लगाया जा चुका है।
मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र में एक पड़ोसी ने एक नाबालिग बच्ची को अपने कमरे में बंद कर लिया। उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश किया। गनीमत रही कि मासूम का भाई समय पर पहुंच गया, जिससे आरोपी घटना को अंजाम नहीं दे पाया। पीड़ित मां का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी, जिसके बाद न्याय की गुहार लेकर वह शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। पीड़ित महिला का आरोप है कि घटना गुरुवार शाम की है। उसकी नाबालिग बेटी अपने छोटे भाई के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले आरोपी सुग्रीव कुमार पुत्र प्रेमचंद की नीयत खराब हो गई। आरोपी ने पहले तो मासूम भाई को नारियल खिलाने का लालच देकर अपने पास बुलाया। कहा कि अपनी बहन को मेरे कमरे में ले आओ। जब बच्चे ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो आरोपी ने चाल चली। उसने बच्चे को चाकू लाने के बहाने वहां से दूर भेज दिया। जैसे ही भाई वहां से हटा, आरोपी सुग्रीव ने नाबालिग किशोरी को जबरन अपने कमरे में ले जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कमरे के भीतर आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ गलत काम करने की कोशिश की। कुछ देर बाद जब उसका छोटा भाई चाकू लेकर वापस लौटा, तो उसे अपनी बहन के कमरे के अंदर होने का अहसास हुआ। बालक ने बिना डरें तुरंत कमरे का दरवाजा खटखटाया जिससे आरोपी डर गया, जिसके बाद किशोरी गेट खोकर तुरंत अपने भाई के साथ घर आ गई, और पूरी बात अपनी माँ को बताई। पीड़िता की मां ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह अपनी बेटी को लेकर तुरंत स्थानीय भोगांव थाने पहुंची थी। लेकिन, आरोप है कि थाने से उसको कोई मदद नहीं मिल पाई। जिसके बाद आज वह शुक्रवार को मैनपुरी एसपी कार्यालय पहुंची। शिकायती पत्र देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
एटा जिले की जलेसर पुलिस ने अवैध पशु वध स्थल पर छापा मारा है। इस कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक फरार हो गया। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मांस और कटान के उपकरण बरामद किए हैं। क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व और प्रभारी निरीक्षक संजयपाल सिंह राघव की निगरानी में यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। शुक्रवार तड़के प्रभारी निरीक्षक राघव को गोपनीय सूचना मिली थी कि बड़ा बाजार चौराहा के पास अवैध रूप से भैंस काटने का काम चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक तत्काल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने अन्नु के घर के पास स्थित अभियुक्त अफसर के मकान (मोहल्ला बड़ा बाजार) की घेराबंदी की और भैंस काट रहे सात आरोपियों को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद समीर, सौरभ, बिलाल उर्फ रोहित (सभी पुत्र बन्टी उर्फ मन्सूर, मोहल्ला बड़ा बाजार, जलेसर), अदनान पुत्र सलीम, मोहम्मद आरिफ पुत्र कल्लू (दोनों मोहल्ला पठानान, जलेसर), अकरम पुत्र इकबाल और इकबाल पुत्र इस्लाम (दोनों सरायखानम, जलेसर) शामिल हैं। मौके से फरार हुए अभियुक्त की पहचान अफसर पुत्र बाबू (मोहल्ला बड़ा बाजार, जलेसर) के रूप में हुई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। प्रभारी निरीक्षक संजय राघव ने बताया कि मोहम्मद समीर व अन्य आठ अभियुक्तों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पशु चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम बुलाकर मांस के सैंपल विधि सम्मत तरीके से संकलित किए गए। बरामद मांस के सैंपल्स को सीलबंद कर वैज्ञानिक एवं प्रयोगशाला जांच के लिए मथुरा वैटनरी कॉलेज भेजा जा रहा है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में भैंस का मीट, एक कुल्हाड़ी, दो छूरी, एक सूजा और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद किया है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक संजयपाल सिंह, उपनिरीक्षक रविराज सिंह, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार, कांस्टेबल कृष्णगोपाल, कांस्टेबल शीशपाल सिंह, कांस्टेबल मनीष कुमार, रिक्रूट कांस्टेबल पंकज कुमार, रिक्रूट कांस्टेबल नईम सैफी और रिक्रूट कांस्टेबल रवि कुमार शामिल रहे।
बहराइच में सियार ने किशोरी पर किया हमला:घास काटते समय हुई घटना, चेहरे पर नोचा
बहराइच जिले के पयागपुर इलाके में गुरुवार शाम घास काट रही 15 वर्षीय किशोरी लक्ष्मी पर एक सियार ने हमला कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर सियार उसे छोड़कर भाग गया। घायल किशोरी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना पयागपुर थाना क्षेत्र के नगर इलाके में हुई। किशोरी लक्ष्मी अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत के किनारे घास काट रही थी, तभी सियार ने उस पर अचानक हमला कर दिया। उसकी चीख सुनकर पास में मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े, जिसके बाद सियार वहां से भाग निकला। हमले में किशोरी के चेहरे पर घाव हो गए। परिजन किशोरी को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। शुक्रवार सुबह उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल किशोरी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में केनरा बैंक के वैध कब्जे वाली गिरवी संपत्ति में कथित रूप से ताला तोड़कर प्रवेश करने और सुरक्षा कर्मचारियों को धमकाने के मामले में पुलिस ने होटल संचालक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामला तलावली चांदा स्थित अंसल टाउनशिप के पाइन टॉवर के फ्लैट नंबर-403 से जुड़ा है। केनरा बैंक की ओर से महाप्रबंधक अतिंदर नाथ चक्रवर्ती द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, उक्त फ्लैट बैंक के पास गिरवी रखा गया था। अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दंडाधिकारी के आदेश तथा तहसीलदार द्वारा जारी कब्जा वारंट के आधार पर 22 जनवरी 2026 को संपत्ति का वैध कब्जा केनरा बैंक को सौंपा गया था। आरोप है कि उसी दिन रात करीब 9 बजे ऋणकर्ता पूजा पथिक, उनके पुत्र अरमान पथिक तथा सहयोगी सुधीर सिंह ने फ्लैट का ताला तोड़कर उसमें प्रवेश कर लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्डों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें धमकाया। पूजा पथिक ब्लू मून होटल की संचालक हैं, जबकि अरमान पथिक उनके पुत्र हैं। केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह कृत्य न्यायालय और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की मंशा से किया गया। बैंक का दावा है कि मामले को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं तथा उच्च न्यायालय से भी आवश्यक निर्देश प्राप्त हुए थे। पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूजा पथिक, अरमान पथिक और सुधीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप:मुजफ्फरनगर में ग्रामीण SSP कार्यालय पहुंचे, निष्पक्ष जांच की मांग
मुज़फ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र स्थित रोनी हरजीपुर गांव के दर्जनों ग्रामीण शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोग उनकी दाद इलाही पुश्तैनी भूमि पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में एसएसपी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। एक पीड़ित युवक ने बताया कि गांव के जमील, कल्लू, आमिर खान, सुक्का और कादिर सहित अन्य लोगों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित का आरोप है कि इन व्यक्तियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कुछ समय पहले इन आरोपियों का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे ग्रामीणों के साथ मारपीट करते दिखाई दिए थे। उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई भी की थी। पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2026 में पुलिस प्रशासन ने उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराया था। हालांकि, अब वही लोग दोबारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने पहले भी कब्जे की नीयत से उनके परिवार के साथ मारपीट की थी। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि भूमि विवाद को लेकर आरोपियों द्वारा मुज़फ्फरनगर न्यायालय में दायर वाद वर्ष 2012 में खारिज कर दिया गया था। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर अपील भी वर्ष 2013 में निरस्त हो चुकी है। वर्तमान में इस भूमि को लेकर किसी भी न्यायालय में कोई वाद विचाराधीन नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद आरोपित उन्हें अपनी जमीन पर बाउंड्री कराने से रोक रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रोहतक जिले के महम एसडीएम विपिन कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खंड के सभी गांवों के सरपंचों और नगर निकाय के पार्षदों के साथ बैठक कर इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया। यह बैठक भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई थी। एसडीएम ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को पूर्णतः शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने इस कार्य के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। सरपंचों और पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और प्रत्येक पात्र नागरिक तक अभियान की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया गया, ताकि वे गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरने के लिए प्रेरित हो। अभी तक गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं विपिन कुमार ने निर्देश दिए कि जिन नागरिकों को अभी तक गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुआ है या जिन्होंने इसे जमा नहीं कराया है, वे समय रहते इसे पूरा करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके क्षेत्र का कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसडीएम ने जोर दिया कि अभियान के दौरान नागरिकों का जितना अधिक सहयोग होगा, मतदाता सूची उतनी ही अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी। डिजिटल सुविधाओं की जानकारी उन्होंने जानकारी दी कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in तथा ईसीआई नेट एप्लीकेशन के माध्यम से अपने पिछले एसआईआर का विवरण देख सकते हैं। आवश्यकता होने पर ऑनलाइन गणना प्रपत्र भी भरे जा सकते हैं। एसडीएम ने सभी जनप्रतिनिधियों से इन डिजिटल सुविधाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाने का आग्रह किया। जनसहभागिता के महत्व पर डाला प्रकाश एसडीएम ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विभिन्न प्रक्रियाओं, मतदाता जागरूकता गतिविधियों और जनसहभागिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना अनिवार्य है। अंत में, उन्होंने सभी सरपंचों और पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
गयाजी के कोरमा प्रेतशिला मेला में एक युवक की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। यह घटना चंदौती थाना क्षेत्र में हुई, जब युवक अपने बच्चों के साथ मेला घूमने आया था। पीड़ित नवादा के कंडी गांव निवासी अजीत कुमार ने चंदौती थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ कोरमा प्रेतशिला मेला घूमने आए थे। अजीत कुमार ने अपनी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल मेले के पास खड़ी की थी। मेला घूमने के बाद जब वे वापस लौटे, तो उनकी बाइक वहां से गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं मिला। भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम अजीत कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि चोरों ने मेले में भीड़ का फायदा उठाकर उनकी मोटरसाइकिल चुरा ली। इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ के बीच बाइक चोरी होने से लोगों में चिंता है। स्थानीय लोगों ने मेले में पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की मांग की है। कोई टिप्पणी करने से इनकार किया मेला प्रबंधन से इस घटना पर प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मेला प्रबंधन की इस चुप्पी पर भी लोगों के बीच चर्चा हो रही है। चंदौती थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी नीट छात्रा, VIDEO इंदौर में नीट (National Eligibility cum Entrance Test) की तैयारी कर रही छात्रा गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरी। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर… मां बोली-प्रेमिका शादी से मुकरी तो बेटे ने दी जान इंदौर के सराफा थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक अमन मालाकार की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। अमन की मौत के बाद उसके परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि एक युवती और उसके परिजनों की प्रताड़ना से परेशान होकर अमन ने आत्मघाती कदम उठाया। पढ़ें पूरी खबर… न्याय की आस में खुली कब्र, नहीं मिला जवाब इंदौर की दो वर्षीय मासूम काशवी यादव अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत के पीछे का सच आज भी दफन है। न्याय की उम्मीद में परिवार ने चार दिन बाद बच्ची का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया, मगर इस पूरी कवायद के बाद भी मौत की वजह सामने नहीं आ सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जितने जवाब देने थे, उससे कहीं ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर… मुंशियों की कार्यप्रणाली पर इंदौर में वकीलों ने उठाए सवाल इंदौर जिला कोर्ट परिसर में मुंशियों की कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं ने गुरुवार को जिला न्यायाधीश के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। वकीलों का आरोप है कि विशेष रूप से मोटर वाहन अधिनियम के तहत दर्ज ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में कुछ मुंशी सीधे तौर पर प्रकरणों का संचालन कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और वकीलों की वैधानिक भूमिका प्रभावित हो रही है। पढ़ें पूरी खबर… काले हिरण के कुनबे में सफेद हिरण का शावक इंदौर के चिड़ियाघर में काले हिरण के कुनबे में जन्म सफेद हिरण शावक का जू प्रबंधन के साथ ही मां भी पूरा ध्यान रख रही है। इसके साथ ही ये सफेद हिरण यहां आने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। बता दे कि कुछ दिनों पहले ही इंदौर के चिड़ियाघर में काले हिरण के कुनबे में सफेद हिरण शावक का जन्म हुआ है। ये शावक पूरी तरह स्वस्थ है। पढ़ें पूरी खबर… नगर निगम कर्मचारी ने घर की छत पर लगाई फांसी इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र स्थित पालदा तेजाजी चौक में नगर निगम के एक कर्मचारी ने गुरुवार शाम घर की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोस में रहने वाले एक 10 वर्षीय बच्चे ने उसे फंदे पर लटका देखा और परिजनों को इसकी सूचना दी। मृतक की पहचान राहुल दसोरे (30) पुत्र प्रकाश दसोरे के रूप में हुई है। पढ़ें पूरी खबर… मंदिर में प्रवेश रोकने की रंजिश में हत्या इंदौर के गुरूनानक कॉलोनी में कैलाश मोदी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी मुकेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मंदिर परिसर में उसकी आवाजाही पर पिछले आठ महीनों से रोक लगा दी गई थी, जिससे वह बेहद नाराज था। इसी रंजिश के चलते उसने कैलाश मोदी पर अचानक हमला कर उनकी हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर के नामी अस्पताल में महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ इंदौर के विजय नगर इलाके में स्थित एक नामी अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में हाउसकीपिंग का काम करने वाले कर्मचारी ने रेस्ट रूम में घुसकर महिला डॉक्टर के साथ गलत हरकत की। गुरुवार को 30 वर्षीय महिला डॉक्टर की शिकायत के बाद विजय नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… 45 लाभार्थियों का गृह प्रवेश औद्योगिक नगर पीथमपुर में विकास और जन-कल्याण की दिशा में एक साथ दो बड़ी उपलब्धियां दर्ज की गईं। शहर को आधुनिक और स्वच्छ बनाने के लिए जहां एक ओर केंद्र सरकार की 'अमृत 2.0 योजना' के तहत एक सौ अठासी करोड़ रुपए की सीवरेज परियोजना का भूमि पूजन हुआ, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पैंतालीस गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हुआ। पढ़ें पूरी खबर… महू में सैन्य भूमि से आधा एकड़ जमीन कब्जामुक्त महू की बंडा बस्ती में सैन्य भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया। यह दूसरी बार है जब इस क्षेत्र में ऐसी कार्रवाई की गई है। हाल ही में सामने आए गोवंश हत्या मामले के बाद क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। इस अभियान में करीब आधा एकड़ सैन्य भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसमें पांच मकान और पशु बाड़े ध्वस्त किए गए। पढ़ें पूरी खबर…
थाना सेक्टर-58 पुलिस ने पांच सालों से फरार चल रहे आरोपी मुदासिर जहूर को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट की कार्रवाई हो चुकी थी। वह लंबे समय से सऊदी अरब में रह रहा था और उसके खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे जेद्दा से मुंबई पहुंचते ही हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के खानयार निवासी 38 साल मुदासिर जहूर के खिलाफ मथुरा जिले के नौहझील थाने में साल 2020 में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में मामले को वापस लेने के लिए उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और मोबाइल फोन हैक कर 40 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप भी लगा। अक्टूबर 2021 में दर्ज हुआ था मुकदमापीड़िता ने अक्टूबर 2021 में थाना फेस-3 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। इस शिकायत के आधार पर थाना फेस-3 में मारपीट, धमकी, रंगदारी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना थाना सेक्टर-58 पुलिस कर रही थी। भाग गया था साउदीजांच के दौरान पता चला कि आरोपी भारत छोड़कर सऊदी अरब में रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराया। गुरुवार को जेद्दा से मुंबई आने वाली फ्लाइट से उतरते ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे डिटेन कर लिया। सूचना मिलने पर थाना सेक्टर-58 पुलिस मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर नोएडा ले आई।
टोंक में श्रुत पंचमी एवं जिनवाणी महोत्सव के पावन अवसर पर शुक्रवार को मुनि श्री 108 विलोक सागर जी महाराज और मुनि श्री 108 विबोध सागर जी महाराज का श्री दिगंबर जैन नसिया में गाजे-बाजे एवं जयघोष के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। बड़ी संख्या में उमड़े लोग ये मुनि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री 108 आर्जव सागर जी महाराज के शिष्य है। इनके आगमन पर जैन नसिया में जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। दिन भर इनके दर्शन के लिए जैन नसिया में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्री दिगंबर जैन नसिया में मंगल प्रवेश किया समाज के प्रवक्ता पवन जैन कंटान और कमल सर्राफ ने बताया- मुनि संघ ने छावनी क्षेत्र से शहर में प्रवेश किया । बाद में उन्होंने बड़ा कुआं मार्ग से होते हुए श्री दिगंबर जैन नसिया में मंगल प्रवेश किया। इस अवसर पर समाजजनों द्वारा श्रद्धापूर्वक पाद प्रक्षालन किया गया। बाद में मां जिनवाणी की अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना एवं भक्ति की गई। सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना है अपने मंगल प्रवचन में मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज ने श्रुत पंचमी एवं जिनवाणी माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा- आज ही के दिन महान ग्रंथ षट्खण्डागम की रचना हुई थी, जिसमें मंगलाचरण के रूप में णमोकार महामंत्र को लिपिबद्ध किया गया। उन्होंने कहा- भगवान महावीर की दिव्य वाणी हम सभी के लिए अमूल्य उपकार है तथा उनके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना प्रत्येक श्रावक का कर्तव्य है। संघ का कुछ दिन का अल्पकालिक प्रवास मुनि श्री ने अपने पूर्व संस्मरण साझा करते हुए बताया- वर्ष 2010 में मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान वे ब्रह्मचारी रूप में टोंक आए थे। उन्होंने कहा- टोंक की धर्मनिष्ठ जनता एवं यहां की धर्म प्रभावना सदैव प्रेरणादायी रही है। संघ का कुछ दिन का अल्पकालिक प्रवास रहेगा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पदमचंद आड़रा, नरेंद्र फागी, प्रेमचंद झिराना, अनिल सर्राफ, विकास अतार, ओम ककोड़, मुकेश बरवास, जितेंद्र बनेठा, मनीष फागी, पप्पू नायक, नीटू छामुनिया, पारस दाखिया धर्म चंद आड़रा पत्तल दोना सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
रायबरेली की डीह थाना पुलिस ने घर में हुई करीब 6 लाख रुपए की चोरी का खुलासा करते हुए पीड़ित परिवार की बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 16 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर डीह थाना पुलिस ने 18 जून को ग्राम दक्षिणी गोसाईं स्थित नहर पुलिया के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अरविंद गिरि पुत्र काशीप्रसाद निवासी दक्षिणी गोसाईं, शक्ति यादव पुत्र रामदेव निवासी हिमाचल का पुरवा थाना फुरसतगंज (अमेठी) तथा पूनम गिरि पत्नी जितेंद्र गिरि निवासी दक्षिणी गोसाईं शामिल हैं। पूनम पीड़ित परिवार की पुत्रवधू है। पड़ोसी से संबंध और जेवर विवाद बना चोरी की वजह पुलिस पूछताछ में आरोपी पूनम ने बताया कि उसके पड़ोसी अरविंद गिरि से उसके घनिष्ठ संबंध थे। उसने अपने कुछ आभूषण अरविंद को दिए थे, लेकिन बाद में उसने जेवर वापस नहीं किए। जब पूनम ने अपने आभूषण मांगे तो अरविंद ने नुकसान की भरपाई के लिए उसके ससुर के घर में चोरी करने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, लालच में आकर पूनम भी इस साजिश में शामिल हो गई और दोनों ने अपने साथी शक्ति यादव को भी योजना में शामिल कर लिया। घर खाली मिला तो रच दी चोरी की वारदात पूनम ने बताया कि 12 जून को उसका देवर अमरेश अपनी पत्नी के साथ ससुराल गया हुआ था। घर में कम लोगों की मौजूदगी का फायदा उठाते हुए 13 जून की रात उसने अरविंद और शक्ति को घर बुलाया। तीनों ने मिलकर घर के बक्सों और अलमारी के ताले तोड़े और सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी कर ली। वारदात के बाद शक से बचने के लिए पूनम ने खुद ही सुबह घर में चोरी होने का शोर मचाया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 हजार रुपये नकद, एक सोने का हार, एक माथाबेंदी, एक बेसर तथा चांदी की एक जोड़ी पायजेब, एक हाफ पेटी, एक जोड़ी पायल और छह बिछुए बरामद किए हैं। तीनों आरोपी भेजे गए जेल पीड़ित की तहरीर पर डीह थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। खुलासे के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस मामले के सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र मोहन सरोज, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मानसिंह, उपनिरीक्षक शिवम जायसवाल, आरक्षी डालचंद्र, गौरव, छोटे सिंह, राज तथा महिला आरक्षी नम्रता और निधि की महत्वपूर्ण भूमिका रही
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक युवक खड़ी मालगाड़ी की बोगी पर चढ़ गया। तेज धूप के बावजूद वह अर्धनग्न अवस्था में करीब आधे घंटे तक बोगी के ऊपर बैठा रहा। इस दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग युवक का वीडियो बनाते रहे, जबकि कई लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। संयोगवश युवक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास के दौरान जीआरपी के सिपाही अरुण कुमार अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक पर गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें आईं। इसके बाद पुलिस के तीन से चार जवान बोगी पर चढ़े और काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। प्रारंभिक जांच में युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हुआ। उसके पास कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ के दौरान वह अपना नाम और पता भी नहीं बता सका। जीआरपी थाना प्रभारी रजोल नागर ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। उसकी पहचान कराने और परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी शुक्रवार को भिवानी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सूर्य कवि लखमीचंद आश्रम में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने कहा कि कहा कि कांग्रेस देश के युवाओं को जैन-जी, नेपाल व अफगानिस्तान का उदाहरण देकर बरगलाने का काम कर रही है। मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सूर्य कवि दादा लखमीचंद ने जो हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य किया। उसी को आज उनकी तीसरी व चौथी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है तथा आज प्रदेश भर से जुटे हरियाणवी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां इस कार्यक्रम में दे रहे है। यह हरियाणा की संस्कृति के लिए गौरव की बात है। राहुल गांधी पर साधा निशानामंत्री ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे को लेकर कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही है। जबकि एसआईआर के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जो व्यक्ति दूसरे राज्यों में चले गए है या गांव छोड़कर शहर में आ गए है या एक बेटी गांव से ससुराल जा चुक है, उनकी वोट को काटकर 18 साल की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं के वोट बनाए जा रहे है तथा जो व्यक्ति जहां रहते है, वोट शुद्धिकरण किया जा रहा है। इससे मतदाताओं का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के केंद्रीय शिक्षा बजट से अधिक देश का युवाओं का कोचिंग पर अधिक बजट लगता है के आरोप पर कृष्ण बेदी ने कहा कि राहुल गांधी कहीं से भी आंकड़े उठाकर जोड़ देते है। राहुल सहित विपक्षी दलों के नेता राज्यसभा व विधानसभा व संसद में आंकड़ों के साथ बातचीत करने पर सदन दोड़कर बाहर चले जाते है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कनाड़ा, अमेरिका व चाइना में जाकर देश विरोधी ब्यान देते है। कांग्रेसी पर साधा निशानामंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का दम बड़े नेताओं द्वारा घोटा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को देखकर विपक्षी दलों के नेता भाजपा की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे है। यह प्रधानमंत्री की नीतियों में नेताओं का विश्वास दर्शाता है। आने वाले समय में भाजपा की मैजोरिटी देखने को मिलेगी। उन्होंने जी-7 में प्रधानमंत्री के बेहतर प्रेजेंटेशन की बात कही। हालांकि जी-7 सम्मेलन में देश को क्या मिला, इसका जवाब वे नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जी-7 में कद, पद व स्तर बढ़ा है।
बिहार सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कटिहार के वर्तमान पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी का स्थानांतरण कैमूर कर दिया गया है। कटिहार जिले की कमान अब 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी परिचय कुमार को सौंपी गई है। वे इससे पहले पटना में नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के पद पर तैनात थे। संवेदनशील जिले में तैनाती महत्वपूर्ण मानी जा रही परिचय कुमार को पटना में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था संभालने का अनुभव है। कटिहार जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में उनकी यह तैनाती महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निवर्तमान एसपी शिखर चौधरी को अब कैमूर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। कटिहार में अपने कार्यकाल के दौरान, शिखर चौधरी ने अपराध नियंत्रण, शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कई अभियान चलाए थे। कई जिलों में एसपी के रूप में कार्य कर चुके हरि मोहन शुक्ला इसी क्रम में, 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं वर्तमान पुलिस अधीक्षक कैमूर हरि मोहन शुक्ला को बीएसएपी-07 कटिहार का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। बीएसएपी-07 बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की एक महत्वपूर्ण बटालियन है, जिसका मुख्यालय कटिहार में स्थित है। शुक्ला इससे पूर्व भी कई जिलों में एसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं। गृह विभाग ने एक साथ दर्जनों आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना है। नए एसपी परिचय कुमार के अगले दो-तीन दिनों में कटिहार में अपना कार्यभार संभालने की संभावना है। नए एसपी और कमांडेंट के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद कटिहार जिले में शराब तस्करी, पशु तस्करी, साइबर ठगी और बंगाल-बिहार सीमा पर होने वाले अपराध प्रमुख चुनौतियां हैं। जिले में बीएसएपी-07 और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की भी तैनाती रहती है। ऐसे में, नए एसपी और कमांडेंट के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है। कटिहार पुलिस के अधिकारियों ने नए एसपी के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुजफ्फरनगर में विकास चित्र प्रदर्शनी:सम्मानित हुईं छात्राएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
मुज़फ़्फ़रनगर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विकास चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र (सोल्जर बोर्ड) स्थित मानेकशॉ सभागार में आयोजित इस प्रदर्शनी के तीसरे दिन राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप, पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सपना कश्यप ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी देखने आएं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल ने भी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, पीएम विश्वकर्मा, जल जीवन मिशन, जनधन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और अभ्युदय योजना प्रमुख थीं। कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रदर्शनी में बनाए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सेल्फी प्वाइंट पर जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों ने तस्वीरें भी खिंचवाईं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पंजीकृत कलाकारों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक लोकगीतों और जनजागरूकता गीतों की प्रस्तुति दी। इन लोकगीतों के माध्यम से केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। जिला सूचना विभाग एवं जिला सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून (रविवार) को होगी। देशभर के साथ रायपुर में भी परीक्षा कराई जाएगी। जिला प्रशासन और NTA ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। इसको लेकर कलेक्टर गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट में बैठक हुई। बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक, बिजली, मेडिकल सुविधा और परीक्षा से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। NTA की जिला नोडल अधिकारी और सिटी कोऑर्डिनेटर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि रायपुर में इस बार कुल 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दस हजार के करीब स्टूडेंट्स पेपर में शामिल हो सकते हैं परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक रहेगा। रायपुर से करीब 10 हजार स्टूडेंट्स शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही एंट्री मिलेगी। 1:30 बजे के बाद किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जाएगा। परीक्षा देने आने वाले छात्रों को अपना एडमिट कार्ड और एक ओरिजनल फोटा ID साथ लाना जरूरी होगा। सेंटर में एंट्री से पहले बायोमेट्रिक चेक, पहचान जांच और सिक्योरिटी चेक होगा। इसलिए छात्रों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन ने भी सर्कुलर जारी कर सभी मेडिकल कॉलेजों से कहा है कि 20 और 21 जून को किसी भी स्टूडेंट को अवकाश न दिया जाए। सिर्फ बहुत जरूरी और सही वजह होने पर ही छुट्टी दी जाएगी। विभाग का कहना है कि यह फैसला सावधानी के तौर पर लिया गया है, ताकि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी या गलत इस्तेमाल की संभावना न रहे। सरकार का मकसद है कि NEET परीक्षा पूरी तरह साफ-सुथरे और निष्पक्ष तरीके से हो। इसलिए खास तौर पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। ड्रेस कोड का रखें ध्यान छात्रों को हल्के और सिंपल कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। मेटल वाले बटन, चेन, गहने या भारी फुटवियर पहनकर न आएं। साधारण चप्पल या सैंडल पहनना बेहतर रहेगा। अगर कोई छात्र धार्मिक या पारंपरिक ड्रेस में आता है तो उसे सिक्योरिटी चेक में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में उसे और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों को तनावमुक्त माहौल दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। छात्रों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करें। व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर एग्जाम के पहले शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने शहर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने पीएम श्री आत्मानंद आर.डी. तिवारी स्कूल आमापारा, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 डीडीयू नगर और NIT स्थित परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र प्रभारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश की स्थिति में परीक्षार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि केंद्रों में पर्याप्त शेड (Shade) की व्यवस्था रहे, ताकि फ्रिस्किंग और एंट्री प्रक्रिया आसानी से हो सके। फ्रिस्किंग प्वाइंट पर भी शेड और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान DCP मयंक गुर्जर, SDM नंदकुमार चौबे, ADCP राहुल देव शर्मा और डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किण्डो समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
गोपालगंज के बरौली थाना क्षेत्र के नवादा गांव में शुक्रवार को एक 22 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सिवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र के बसाव रफी गांव निवासी अमानुल्लाह के पुत्र शोहरत अली (22) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि शोहरत अली बचपन से ही अपने मामा के घर नवादा गांव में रह रहा था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… मामा के घर के पास खरीदना चाहता था जमीन परिजनों के अनुसार, शोहरत करीब 15 दिन पहले ही विदेश से अपने घर लौटा था। विदेश में कमाई गई रकम से वह अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मामा के घर के समीप जमीन खरीदना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने एक व्यक्ति से जमीन का सौदा किया और अग्रिम राशि के तौर पर 7 लाख रुपये दे दिए थे। जमीन की रजिस्ट्री टालने से परेशान था आरोप है कि रकम लेने के बाद संबंधित व्यक्ति लगातार जमीन की रजिस्ट्री टालता रहा। जब शोहरत ने रजिस्ट्री कराने या अपनी राशि वापस करने का दबाव बनाया, तो उसे न तो जमीन मिली और न ही उसके पैसे लौटाए गए। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद वह काफी परेशान रहने लगा था। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पुलिस ने युवक की मौत के कारणों को लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। थानाध्यक्ष बोलीं-मामले की जांच कराई जा रही बरौली थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष अलका सिंहा ने बताया कि मृत युवक अपने मामा के घर रह रहा था और कुछ दिन पहले ही विदेश से वापस आया था। शुक्रवार को उसका शव गांव के एक पेड़ से लटका हुआ मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं थानाध्यक्ष के अनुसार, एफएसएल टीम और विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करनाल में पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी युवक को काबू किया है। सीआईए-1 की टीम ने एक सूचना के आधार पर इंद्री रोड स्थित कर्ण लेक के नजदीक दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक बोलेरो गाड़ी बरामद हुई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जिला पुलिस द्वारा अपराध और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सीआईए-1 करनाल की टीम ने मुख्य सिपाही अमित कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने कर्ण लेक के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध को काबू किया। तलाशी में हथियार व कारतूस बरामद पूछताछ में आरोपी की पहचान गांव शहर मालपुर, थाना बापौली, जिला पानीपत निवासी अमनदीप उर्फ पहलवान के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक बोलेरो गाड़ी बरामद की गई। पुरानी रंजिश के चलते रखता था हथियार जांच में सामने आया कि आरोपी पुरानी रंजिश के चलते अपनी सुरक्षा के लिए अवैध हथियार अपने पास रखता था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सदर करनाल में मामला दर्ज कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जुआ का आदतन संचालक गिरफ्तार:पुलिस ने जुलूस निकालकर न्यायालय में पेश किया
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में पुलिस ने शुक्रवार को जुआ खिलाने वाले एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का नगर में जुलूस निकाला और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। गोटेगांव एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि थाना ठेमी क्षेत्र के ग्राम बड़ीसेमरी निवासी नरेंद्र पटेल उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के विरुद्ध लंबे समय से जुआ खेलने और खिलाने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इसी के चलते उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 110 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पोस्टर का विमोचन शुक्रवार को जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने किया। जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम 21 जून को सवेरे 6 बजे से 8 बजे तक डीडवाना स्थित शीतल कुण्ड मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. तुलसीराम ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम योगा फॉर हेल्दी एजिंग निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना है। जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने और कार्यक्रम को अधिक से अधिक जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार योग दिवस को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों और अन्य समूहों से संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने जिलेवासियों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिलेभर से नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारी-कर्मचारियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
दरोगा परीक्षा को कैंसिल करने की मांग को लेकर कैंडिडेट्स लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सब के बीच शुक्रवार को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती मुख्य लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। 27 मई 2026 को हुई इस परीक्षा के आधार पर कुल 1,799 पदों पर भर्ती की जानी है। मुख्य परीक्षा में सफल 10,759 अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए चयनित किया गया है। 27 मई को हुए थे मेन्स एग्जाम दरोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में सामान्य हिन्दी और सामान्य अध्ययन के दो पेपर शामिल थे। सामान्य हिन्दी में न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। 34 हजार से अधिक अभ्यर्थी हुए थे शामिल सामान्य हिन्दी पेपर में 34,302 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 414 अभ्यर्थियों को विभिन्न कारणों से अयोग्य घोषित किया गया। वहीं 33,726 अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता प्राप्त करने में सफल रहे। सामान्य अध्ययन पेपर में 34,298 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 998 अभ्यर्थी अयोग्य पाए गए। 1,799 पदों पर होगी नियुक्ति बिहार पुलिस में दरोगा के कुल 1,799 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 850 पद अनारक्षित, 273 अत्यंत पिछड़ा वर्ग, 222 पिछड़ा वर्ग, 210 अनुसूचित जाति, 180 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, 42 पिछड़ा वर्ग महिला, 15 अनुसूचित जनजाति और 7 पद ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। महिलाओं के लिए 614 पद क्षैतिज रूप से आरक्षित हैं। सामान्य वर्ग का कट-ऑफ सबसे अधिक मुख्य परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का कट-ऑफ 134 अंक और महिला अभ्यर्थियों का कट-ऑफ 116.20 अंक रहा। वहीं पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस, ईबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए भी अलग-अलग कट-ऑफ जारी किए गए हैं। अब होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोग ने रिक्तियों के छह गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया है। मुख्य परीक्षा में सफल 10,759 अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में शामिल होना होगा। PET की तिथि और विस्तृत कार्यक्रम आयोग जल्द जारी करेगा। 18 और 21 जनवरी को हुई थी PT परीक्षा 1,799 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा (PT) 18 और 21 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा में कुल 10.36 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि 7.26 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 16 मार्च 2026 को जारी किया गया था, जिसमें 35,857 अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद 27 मई 2026 को मुख्य परीक्षा आयोजित हुई। अब मुख्य परीक्षा के परिणाम में कुल 10,759 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए चयनित किया गया है। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कैंडिडेट्स कर रहे प्रदर्शन बता दें कि बिहार पुलिस में 1,799 दारोगा पदों के लिए 27 मई 2026 को आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने कुछ दिन पहले पटना में जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर जेपी गोलंबर तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर परीक्षा की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बैनरों पर लिखा था कि उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई (EOU), मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), पुलिस मुख्यालय और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक को आवेदन दिया, लेकिन किसी भी स्तर से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग की थी, लेकिन अब आयोग ने परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स के प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए…
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि तय फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और एएस चंदुरकर की बेंच ने एक अहम फैसले में कहा कि तय रास्तों पर मोटर गाड़ियों के मुकाबले इस अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि यह संविधान के आर्टिकल 19 (1) (d) के तहत गारंटी वाले आने-जाने के अधिकार और आर्टिकल 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) समेत दूसरे बुनियादी अधिकारों का हिस्सा है। बेंच ने कहा कि इस अधिकार के तहत अगर सड़क है, तो यह पक्का करना भी ड्यूटी है कि पैदल चलने वालों के लिए तय और अच्छी तरह से मेंटेन किए गए फुटपाथ हों। यह फैसला एक एक्सीडेंट केस में आया, जिसमें एक पिता ने अपने 5 साल के बेटे को खो दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे की रकम बढ़ाकर 11,44,628 रुपए कर दी। और इसे कम करने वाले हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट के आदेश की 2 बातें… सुप्रीम कोर्ट बोला- मौलिक अधिकार लागू करवाने निगरानी बॉडी बनाएं सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा- तय फुटपाथ पर चलने के मौलिक अधिकार को बेहतर बनाने और लागू करने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी बनाना जरूरी है। हमेशा काम करने वाली और लगातार बनी रहने वाली ऐसी रेगुलेटरी बॉडी संस्थागत जानकारी विकसित और सुरक्षित रखेगी, ताकि वह अपने जमा किए और प्रोसेस किए गए अनुभव, डेटा और जानकारी के आधार पर काम कर सके। बेंच ने कहा कि संस्थागत विशेषज्ञता बहुत जरूरी है और ऐसी रेगुलेटरी बॉडी खास जानकारी और हुनर वाले लोगों को काम पर रखेगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह इस फैसले की कॉपी केंद्र सरकार, आवास और शहरी मामलों, ग्रामीण विकास और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालयों को भेजे ताकि जरूरी कानूनी ढांचा शुरू करने की जरूरत पर विचार किया जा सके।

