हैदराबाद में आग में झुलसा रिसार, मां बेटे की मौत:सतना लाते समय दम तोड़ा; पिता और बेटे की हालत गंभीर
सतना जिले का एक परिवार तेलंगाना के हैदराबाद में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण लगी आग में झुलस गया। इस हादसे में परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के बाद एंबुलेंस से सतना लाया जा रहा था, तभी रास्ते में मां और बेटी ने दम तोड़ दिया। पिता और बेटा गंभीर हालत में सतना जिला अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के हिनौती गांव के साकेत परिवार के साथ हुई। परिजनों के अनुसार, हिनौती निवासी शिव प्रसाद साकेत कई वर्षों से हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। लगभग एक माह पहले उनकी पत्नी रानी साकेत (38), बेटा शेरबहादुर (15) और बेटी निधि (17) भी उनके साथ हैदराबाद चले गए थे। परिवार मधुवन क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहा था। बताया गया कि 9 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे रानी साकेत चाय बनाने के लिए गैस जलाने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने माचिस जलाई, सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण कमरे में भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के चारों सदस्य उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल उस्मानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन हैदराबाद पहुंचे। मंगलवार को वे एंबुलेंस से चारों को सतना लेकर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में रानी साकेत और उनकी 17 वर्षीय बेटी निधि की मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे शिव प्रसाद साकेत और उनके पुत्र शेरबहादुर को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका उपचार जारी है। इस हादसे के बाद हिनौती गांव में शोक का माहौल है।
भोपाल के आईएसबीटी पर बुधवार को जिला न्यायालय के निर्देश पर विशेष मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान चलाया गया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस ने यह अभियान चलाया। इसमें पुलिस टीम ने वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। इस दौरान असिस्टेंट कमांडेट की गाड़ी रोकी गई। लेकिन दस्तावेज पूरे होने पर उन्हें जाने दिया गया। लगभग 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म उतरवाई गई और उनपर चालानी कार्रवाई की गई। देखिए तस्वीरें कुल 13 वाहनों के चालान किए अभियान के दौरान कुल 13 वाहनों के चालान किए गए। इनमें 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई, जबकि एक वाहन पर सर्च लाइट लगाने और एक वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चालान किया गया। इसके अलावा एक डंपर को दस्तावेज होने पर न होने पर जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान चलाए जाएंगे। वाहन चालकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
बस्ती के चर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में फरार चल रहे सात आरोपियों के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ईसी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही थाना कोतवाली पुलिस को 14 अगस्त 2026 तक कुर्की की कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद शाद उर्फ सद्धू, अवनीश सिंह, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद समीर और साहिल सिंह लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं। उनकी ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से मामले में कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सुनवाई टालने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों को पहले दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत तलब किया जा चुका है, लेकिन वे जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं। वादी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और उनकी फरारी की सूचना राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत सातों फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। अब कोतवाली पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का विवरण जुटाकर कुर्की की कार्रवाई करेगी और 14 अगस्त 2026 तक उसकी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की मौत:तीन घंटे तक मचाया था उत्पात, क्वॉरेंटाइन में था
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की बुधवार को मौत हो गई। इस सांड ने मंगलवार को शहर में तीन घंटे तक उत्पात मचाया था। पशु चिकित्सा टीम की निगरानी में उसे नगर पालिका के कांजी हाउस में क्वॉरेंटाइन में रखा गया था, जहां रेबीज की पुष्टि हुई थी। मंगलवार दोपहर करीब 11:30 बजे यह सांड एसपी कार्यालय परिसर में घुस आया था। लगभग दो घंटे तक वह परिसर में उग्र अवस्था में घूमता रहा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर गौरक्षक और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के प्रयास के दौरान सांड और भड़क गया और करीब सात फीट ऊंचा बंद गेट लांघकर बाजार में भाग गया। वहां उसने दो आम के ठेले और तीन बाइक पलट दीं, जिससे लगभग आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। नगर पालिका के पंप हाउस परिसर में गौसेवक जिलाध्यक्ष सतीश राठौर के नेतृत्व में टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद रस्सी के फंदे से उसे सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद उसे कांजी हाउस में अलग से क्वॉरेंटाइन में रखा गया था। पशु चिकित्सक डॉ. आदित्य राज परमार के अनुसार, सांड में रेबीज की पुष्टि सलाइवा और अन्य लक्षणों के आधार पर की गई थी, हालांकि उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। उपचार और निगरानी के दौरान बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। डॉ. परमार ने बताया कि रेबीज का कोई उपचार नहीं है, इसलिए एहतियात के तौर पर पशुओं को आवश्यक टीके लगवाने चाहिए।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बुधवार को 'ऑपरेशन टटपुंजिया 5.0' के तहत फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम ने एक साल से फरार तस्कर हनुमानराम पुत्र भाखराराम विश्नोई (36), निवासी जोगाऊ, थाना झाब, जिला जालोर, को बागोड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी पर जालोर पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। जांच में सामने आया कि हनुमानराम ने बीए और बीएसटीसी की पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने टेंट हाउस और पानी प्लांट का व्यवसाय शुरू किया। कम आमदनी होने पर वह तस्करों के संपर्क में आया और लालच में आकर डोडा-पोस्त व अफीम की सप्लाई करने लगा। बाद में वह मध्यप्रदेश से मादक पदार्थ लाकर जालोर जिले में सप्लाई करने लगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ साल 2023 से एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। फरारी के दौरान वह जैसलमेर, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में छिपकर रह रहा था। वह अपना मोबाइल बंद रखता था और बातचीत के लिए दूसरों के फोन का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस की नजर से बच सके। फर्जी नंबर प्लेट बनवा रहा था, पकड़ा गयाANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी परिवार के साथ बालाजी मंदिर में प्रसादी कार्यक्रम में आने वाला है। टीम ने निगरानी की, लेकिन आरोपी वहां से निकल गया। पीछा करते हुए टीम बागोड़ा पहुंची, जहां वह एक दुकान पर फर्जी नंबर प्लेट बनवाता मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
अररिया पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुधवार को क्राइम मीटिंग के बाद एक पिपिंग समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस ट्रेनिंग कोर्स (पीटीसी) उत्तीर्ण 14 पुलिसकर्मियों को सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने उनके कंधों पर आधिकारिक रूप से नए स्टार लगाए। समारोह में पदोन्नत अधिकारियों और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल देखा गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। निष्ठा, ईमानदारी और तत्परता से करें कार्य उन्होंने कहा कि पदोन्नति केवल पद में वृद्धि नहीं है, बल्कि यह समाज और पुलिस विभाग के प्रति जिम्मेदारियों का भी विस्तार है। एसपी ने उम्मीद जताई कि सभी नवनियुक्त सहायक अवर निरीक्षक अपनी नई भूमिका में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और तत्परता के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। एसपी ने आगे कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन, समर्पण और जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पदोन्नत अधिकारियों के परिवारों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता में परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्टार लगने के बाद सभी नवपदोन्नत सहायक अवर निरीक्षकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर एसडीपीओ सुशील कुमार, फारबिसगंज एसडीपीओ राज किशोर सिंह, डीएसपी यातायात तरुण कुमार पांडे और डीएसपी रक्षित सुधीर कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। समारोह के अंत में, सभी पदोन्नत सहायक अवर निरीक्षकों ने वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनता की सेवा करने तथा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करने का संकल्प लिया। यह आयोजन पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ।
नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब घाघरा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को महज 11 घंटे के भीतर दूसरी बार नदी में 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले सुबह 1,28,476 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और जिला प्रशासन ने तटीय व निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बुधवार रात करीब 8:30 बजे घाघरा नदी में दूसरी बार 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल और विभिन्न बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते नदी का बहाव तेज हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर बढ़ा है। यदि इसी तरह पानी छोड़ा जाता रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं। राजस्व विभाग, बाढ़ खंड, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार तटीय क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। बाढ़ संभावित गांवों में नावों की व्यवस्था भी कर दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। घाघरा के किनारे बसे गांवों के लोगों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी में पानी का डिस्चार्ज इसी तरह जारी रहा तो कटान तेज हो सकती है और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बलौदाबाजार जिले के गिधौरी-टुण्डरा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान रास्ता मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक को चाकू मार दिया गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। हालांकि, इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। यह घटना 09 जुलाई 2026 की रात करीब 10:00 बजे ग्राम परसापाली में हुई। प्रार्थी विजय पटेल (19), निवासी गिधौरी, अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से आ रहा था। परसापाली गांव में एक शादी समारोह चल रहा था, जिसके चलते सड़क पर डीजे की धुन पर नाच रहे लोगों की भारी भीड़ थी। विजय पटेल ने भीड़ से साइड देने और रास्ता मांगने का प्रयास किया। रास्ता मांगने पर चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला रास्ता मांगने पर वहां मौजूद परसापाली के दो-तीन लड़के उग्र हो गए और विजय पटेल को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। जब विजय ने गाली देने से मना किया, तो आरोपी कमल पटेल ने धारदार चाकू निकालकर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। विजय के पेट, जांघ, कमर और पीठ पर कई वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान हो गया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर घायल विजय पटेल को तत्काल कसडोल अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बलौदाबाजार रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना गिधौरी-टुण्डरा में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 118(2), 296, 115(2), 3(5) और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू जब्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी कमल पटेल को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी कमल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मेरठ की सिवालखास विधानसभा के गांव रासना और खानपुर में आयोजित कार्यक्रमों में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई भाजपा पेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जहां रासना में स्थित शालिग्राम शर्मा डिग्री कॉलेज परिसर में कवि सम्मेलन हुआ तो कार्यक्रम के बाद दूसरी और खानपुर गांव में एक किसान चौपाल का भी आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। चौधरी ने कहा कि गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी लाई गई है और सरकार किसानों को उनकी उपज का समय पर मूल्य दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा, उन्नत बीजों की उपलब्धता, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभउठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आयोजक मनिंदर पाल ने कहा कि किसान चौपाल का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और उन्हें शासन तक पहुंचाना है। वहीं ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की है। चौपाल के दौरान किसानों ने खेती, सिंचाई, बिजली और अन्य स्थानीय मुद्दों पर अपने सुझाव और समस्याएं भी रखीं। सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व प्रत्याशी मनिंदर पाल और जानी ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी के नेतृत्व में आयेाजित किसान चौपाल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान समेत बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुल्तानपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार दोपहर हुए सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 91.600 के पास हुआ। गंभीर रूप से घायल गौरव को पहले अंबेडकरनगर जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गौरव अपने दोस्तों के साथ लखनऊ से घर लौट रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 91.600 के पास किसी कारणवश वह वाहन से उतरे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने उन्हें अंबेडकरनगर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर कर दिया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गौरव की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोस्तपुर क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। गौरव प्रसिद्ध लोकगायक देवेंद्र उपाध्याय के दो बेटों में छोटे थे। उनके बड़े भाई का नाम वैभव उपाध्याय है। देवेंद्र उपाध्याय पूर्वांचल के चर्चित लोकगायक हैं और लंबे समय से लोकगीत एवं आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी पहचान बनाए हुए हैं। बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
बाड़मेर नगर परिषद कर्मचारी के फाइनेंसरों से परेशान होकर सुसाइड करने के मामले में तीसरे दिन बुधवार को मांगों पर आश्वासन के बाद सहमति बन गई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने परिजनों और प्रशासन के बीच वार्ता करवाई। प्रशासन की ओर से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, अनुकम्पात्मक नियुक्ति, आर्थिक सहयोग के आश्वासन के बाद गतिरोध टूट गया। ट्रेन के आगे कूदकर दी थी जान जानकारी के अनुसार, सोमवार को जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन के आगे बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल ने छलांग लगा दी। हादसे के बाद उनका शव रेलवे ट्रैक के पास बने नाले के कीचड़ में जा गिरा। घटना की सूचना मिलने पर ट्रेन को रोका गया, लेकिन शुरुआत में युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया। तलाश के दौरान नाले से शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। परिजनों को थमाया था नोटिस धरने पर लोगों और पुलिस, प्रशासन से कई दौरे की वार्ताएं हुए लेकिन कुछ मांगों पर सहमति बनी लेकिन परिजन अपने मांगों पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम यशार्थ शेखर, एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा ने परिजनों से वार्ता कर समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की ओर से शव पोस्टमॉर्टम करवाकर उठाने का नोटिस भी दिया गया। दोपहर करीब 3 बजे बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से वार्ता की गई। इन बातों पर बनी सहमति पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वस्त किया कि नामजद दो आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वहीं आर्थिक सहायता को लेकर प्रशासन ने नियमानुसार जो मदद मिलेगी उसको दिया जाएगा। स्वरूपसिंह खारा ने मृतक के तीने बच्चों को पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम करवाने और शव उठाने के लिए सहमत हो गए। स्वरूपसिंह खारा ने कहा- मृतक के परिवार को अनुकम्पात्मक नियुक्ति, एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, नियमानुसार प्रशासनिक मदद का प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। वहीं मैंने मेरी ओर से बच्चों को पढ़ते तक पूरा खर्चा उठाने का भरोसा दिलाया है। एएसपी नितेश आर्य ने बताया- पुलिस ने रिपोर्ट पर तुंरत दो नामजद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही है। इन दो जनों के अलावा भी कोई आरोपी इस घटना में शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ---------------------------------- इससे जुड़ी खबर पढ़ें… फाइनेंसरों से परेशान होकर किया सुसाइड, परिजन धरने पर बैठे:नगर परिषद कर्मचारी की मौत के बाद गिरफ्तारी की मांग, डीएसपी बोले- समझाइश जारी
मंडला बाईपास स्थित नर्मदा पुल के नीचे पीपरपानी गांव के पास बुधवार को नर्मदा नदी में नहाते समय 55 वर्षीय एक बुजुर्ग डूबकर लापता हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर देर शाम तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल पाया। लापता बुजुर्ग की पहचान आमनाला निवासी गणेश प्रसाद उईके (55) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि वे एक रिश्तेदार के निधन के बाद मुंडन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए परिवार के साथ नर्मदा तट पर पहुंचे थे। स्नान करते समय गणेश प्रसाद गहरे पानी में चले गए और डूबकर लापता हो गए। घटना के तुरंत बाद, साथ मौजूद लोगों ने गणेश प्रसाद को खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मंडला एसडीईआरएफ के कमांडेंट हेमराज परस्ते ने बताया कि कंट्रोल रूम से बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। टीम ने देर शाम तक नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गणेश प्रसाद का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण फिलहाल अभियान रोक दिया गया है, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।
जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल ऐप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले बुधवार शाम को निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में इकट्ठे हुए और आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण,अवलोकन एवं विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस एवं प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग द्वारा सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदण्डों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण एवं जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे विद्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी विद्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग
गोरखपुर में कल बिजली रहेगी गुल:कई इलाके रहेंगे प्रभावित, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
गोरखपुर में गुरुवार को बिजली विभाग बड़े पैमाने पर अनुरक्षण और सड़क चौड़ीकरण से जुड़े कार्य करेगा। इसके चलते शाहपुर, तारामंडल और राप्तीनगर क्षेत्र के कई फीडरों से जुड़ी बिजली आपूर्ति निर्धारित समय के लिए बाधित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से पहले ही पानी की व्यवस्था करने और जरूरी बिजली आधारित कार्य समय रहते निपटाने की अपील की है। शाहपुर विद्युत उपकेंद्र से संचालित 11 KV खरइया फीडर के लिटिल फ्लावर स्कूल वाली गली में लंबे समय से जर्जर हो चुके बिजली के तारों को बदलने का काम किया जाएगा। विभाग के मुताबिक भीषण गर्मी के बीच खराब तारों के कारण सप्लाई बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी। इसी वजह से इमरजेंसी अनुरक्षण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। तारामंडल के इंदिरानगर फीडर पर रहेगा शटडाउन 6 लेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा फेंसिंग लगाने का कार्य किया जाएगा, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस काम के चलते तारामंडल उपकेंद्र के इंदिरानगर फीडर की बिजली सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। राप्तीनगर में कई इलाके होंगे प्रभावित राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र पर सड़क चौड़ीकरण के चलते लाइन शिफ्टिंग का कार्य होगा। इसके कारण 11 KV रेल विहार और करीमनगर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। वहीं, राप्तीनगर ओल्ड उपकेंद्र पर तीनों पावर ट्रांसफार्मरों की तकनीकी जांच (टेस्टिंग) भी की जाएगी। टेस्टिंग के दौरान ट्रांसफार्मरों को एक-एक कर बंद किया जाएगा, जिससे उनसे जुड़े सभी 11 KV फीडरों की बिजली बारी-बारी से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग ने प्रभावित इलाकों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित शटडाउन को देखते हुए सुबह ही पानी भर लें और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। विभाग का कहना है कि अनुरक्षण और सुरक्षा संबंधी कार्य पूरा होते ही सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दी जाएगी। असुविधा के लिए विभाग ने उपभोक्ताओं से खेद भी जताया है।
गयाजी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में वारदात हुई है। यहां घरेलू विवाद के दौरान एक युवक ने अपने ही परिवार पर हथियार तान दिया। युवक के हाथ में पिस्टल देखकर परिजन बुरी तरह से डर गए। घर मे हो रहे हंगामा का शोर सुनकर आसापास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से एक अवैध पिस्टल और छह जिंदा कारतूस मिले हैं। मुफस्सिल इंस्पेक्टर देवराज इंद्र ने बताया कि पकड़े गए युवक की पहचान उपेंद्र सिंह के बेटे सौरव सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सौरव नशे का आदी है। इस वजह से घर में आए दिन झगड़ा होता रहता है। इस बात की पुष्टि आसपास के लोगों ने भी की। देर शाम भी वह नशे की हालत में घर पहुंचा था। इसके बाद वह अपनी मां से किसी बात पर विवाद करने लगा। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस काफी बढ़ गई। नी मां और बहन दोनों को पिस्टल दिखाकर धमकी दी यही नहीं जब मां और बेटे के बीच विवाद बढ़ता देख सौरव की बहन बीच-बचाव करने पहुंची। बहन ने भाई को शांत कराने की कोशिश की। इस बात पर सौरव और अधिक भड़क गया। उसने तुरंत अपने पास रखी अवैध पिस्टल निकाल ली। आरोपी युवक अपनी मां और बहन दोनों को पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने लगा। घर के अंदर हथियार देखकर दोनों महिलाएं दहशत में आ गईं। उन्होंने किसी तरह से खुद को बचाया और डायल-112 पुलिस को मामले की जानकारी भी दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर को घेर लिया और काफी मशक्कत के बाद युवक को पहली मंजिल पर बने कमरे से अपने काबू में किया। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं। दरअसल पुलिस के घर मे घुसने की भनक लगते ही सौरव ने पिस्टल बाहर खाली पड़े प्लाट में फेंक दिया था। पुलिस छानबीन कर उसे जब्त कर लिया। खास बात यह भी पुलिस ने आसपास के लोगों से घर में चलने और सौरव को पकड़ने में मदद की बात कहीं, तो कोई तैयार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के इस रुख से पुलिस काफी असहज महसूस की। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार सौरव सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह आदतन अपराधी है। पहले भी कई मामलों में जेल की हवा खा चुका है। वह कोतवाली थाना क्षेत्र में लूट के एक मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा, स्थानीय थाने में भी नशे की हालत में मारपीट करने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
द्वारिकाधीश मंदिर मे रथयात्रा उत्सव, आम का भोग लगाया:रथ पर विराजे प्रभु, देशभर से आए श्रद्धालु
राजसमंद में कांकरोली स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में बुधवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकम एवं पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर रथयात्रा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। तृतीय पीठ के युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार महाराज ने रथयात्रा उत्सव की सेवा प्रभु को समर्पित की। सुबह श्रृंगार में प्रभु द्वारकाधीश को श्वेत एवं लाल परिधानों के साथ हीरा, पन्ना और माणक के आभूषण धराए गए। राजभोग के बाद पहले भोग के दर्शन में प्रभु अष्ट अश्वों से सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस अवसर पर प्रभु को साढ़े चार क्विंटल आम का विशेष भोग अर्पित किया गया। चौथे भोग के दर्शन डोल तिवारी में रथ पर विराजित स्वरूप में हुए, जबकि शयन दर्शन में प्रभु तांगे में विराजे। शयन के समय मोगरे की कलियों से विशेष श्रृंगार किया गया और युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार ने रथयात्रा उत्सव की आरती उतारी। इस दौरान बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालुओं ने दर्शन कर उत्सव का आनन्द लिया। आयोजन में गोस्वामी संजीव कुमार महाराज, मंदिर मुखिया, सहायक मुखिया, भीतरिया, कीर्तनकार एवं पखावज वादकों ने भी अपनी सेवाएं अर्पित कीं।
कासगंज पुलिस ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। यह कार्रवाई बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कासगंज के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल के साथ की गई। फ्लैग मार्च बिलराम गेट, बारहद्वारी, सोरों गेट, चामुंडा मंदिर, ठंडी सड़क, बस स्टैंड, माल गोदाम चौराहा, गांधी मूर्ति, सर्राफा मार्केट और नदराई गेट सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य जनता में विश्वास कायम करना, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना और कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
अजमेर में बाइक सवार पति और पत्नी को ट्रेलर ने बुरी तरह कुचल दिया। हादसे में दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेलर दोनों को करीब 50 से 60 फीट तक घसीटता चला गया। हादसा इतना भयानक था कि दोनों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और मांस के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। टक्कर से पति का सिर धड़ से अलग होकर उसकी पत्नी के शव के पास जा गिरा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षत-विक्षत शवों को समेटकर अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। अजमेर-नागौर बाईपास पर विश्राम स्थली तिराहे के पास बुधवार शाम को यह हादसा हुआ। अब देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पत्नी की थेरेपी करवाकर लौट रहे थे सेवानिवृत्त टीचर गेगल थाने के ASI वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा बुधवार शाम करीब 5 बजे हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले दंपती की पहचान भूडोल गांव निवासी प्रभुलाल (63) और उनकी पत्नी मैना देवी (60) के रूप में हुई है। प्रभुलाल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त टीचर थे। अपनी पत्नी मैना देवी को थेरेपी दिलाने के लिए अजमेर लेकर आए थे। इलाज के बाद दोनों शाम को बाइक से वापस अपने गाँव लौट रहे थे, इसी दौरान विश्राम स्थली तिराहे के पास पीछे से आए एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। 60 फीट तक घसीटता ले गया ट्रेलर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर दंपती को बाइक सहित करीब 50 से 60 फीट तक घसीटता चला गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और हाईवे पर दूर-दूर तक खून फैल गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दुर्घटना के वक्त पत्नी ने अपने पति को पीछे से कसकर पकड़ रखा था। टक्कर लगते ही पति का सिर धड़ से अलग होकर पत्नी के शव के पास ही गिर गया, जबकि पति के शरीर का बाकी हिस्सा ट्रेलर के साथ काफी दूर तक घिसटता और कुचलता चला गया। हाईवे पर लगा जाम, ट्रेलर जब्त; आज होगा शवों का पोस्टमॉर्टम भीषण हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही गेगल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सड़क को साफ करवाया और दोनों शवों को समेटकर अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने आरोपी ट्रेलर को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
झांसी में मुंशी से 24.90 लाख रुपए लूटने के मामले में पुलिस ने बुधवार को आठवें आरोपी अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया। उससे लूट के 23450 रुपए बरामद हुए हैं। उसने 3 सिपाहियों के साथ मिलकर वारदात की थी। अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। दो आरोपी अभी भी फरार हैं। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया था- मध्यप्रदेश के सतना जिले में रहने वाला नितिन तेजवानी और उसका भाई संस्कार तेजवानी ऑनलाइन सट्टा खिलाता है। दोनों से ट्रैवल एजेंसी मालिक सूर्यांश यादव से जुड़े थे। सूर्यांश नवाबाद थाना क्षेत्र के खुशीपुरा के रहने वाले हैं। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए 15 दिन पहले सूर्यांश सट्टे में 18 लाख रुपए जीत गया था। इस पर नितिन और संस्कार ने जीती रकम उसके पास पहुंचा दी थी। मोटी रकम पाकर सूर्यांश यादव को लालच आ गया। फिर वह सट्टे में बड़े दांव लगाने लगा। करीब 7 दिन पहले सूर्यांश यादव 24.90 लाख रुपए हार गया। इसके बाद सट्टा खिलाने वाले दोनों भाइयों ने उससे पैसे मांगने शुरू कर दिए। मौसेरे भाई के साथ मिलकर बनाई साजिश बड़ी रकम जाते देख सूर्यांश यादव ने लूट की साजिश रची। इसमें अपने मौसेरे भाई अंकित यादव को शामिल किया। अंकित प्रेमनगर थाना क्षेत्र के महाराज सिंह नगर का रहने वाला है। दोनों ने मिलकर पूरा प्लान बनाया। इसके बाद अंकित ने अपने दोस्त और जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाहियों राघवेंद्र राजपूत, मनोज कुमार और सिपाही नीरज राजपूत को साजिश में शामिल किया। साथ ही अपने तीन दोस्तों सुखबीर, सूरज सिंह और गौरव यादव को भी हायर किया। सभी को प्लान के बारे में बता दिया। सुखबीर ने पुलिस के स्टिकर लगी काले रंग की क्रेटा कार की व्यवस्था की। पैसे देने के लिए मुंशी को घर बुलाया प्लान के मुताबिक सूर्यांश यादव झांसी से बाहर चला गया, जिससे वह फंसने से बच जाए। फिर 9 जुलाई को संस्कार तेजवानी को कॉल किया। बोला- आपका पेमेंट तैयार है, घर से उठवा लीजिए। संस्कार ने पैसे के लिए अपने मुंशी किशन पांचाल को सूर्यांश के घर भेजा। किशन पांचाल अपने साथी किशन कुमार के साथ स्कूटी से सूर्यांश यादव के घर गया। वहां से पैसों से भरा बैग उठाया और निकल पड़ा। घर से ही उसके पीछे बदमाश लग गए। वर्दी में थे सिपाही, उन्होंने कार में डाला आरोपी सुखबीर, अंकित और सूरज बाइक से किशन पांचाल की रेकी करते जा रहे थे। वहीं, तीनों सिपाही और गौरव यादव क्रेटा कार में सवार थे। मुंशी मिनर्वा चौराहा पर सुरेश ढाबा के पास पहुंचे, तो कार से वर्दी में सिपाही नीचे उतरे। फिर मुंशी और उसके साथी को पीटते हुए कार में डालकर ले गए। दोनों को घुमाते हुए कानपुर बाईपास पर सखी के हनुमान मंदिर के पास ले गए। उनसे पैसों से भरा बैग छीनकर दोनों को उतार दिया। इसके बाद पूरा पैसा अंकित यादव के जरिए सूर्यांश के पास पहुंच गया। बदले में सिपाहियों को एक-एक लाख रुपए दिए गए। पकड़े जाने का डर नहीं था, इसलिए वर्दी में सिपाहियों को बुलाया सूर्यांश यादव ने पुलिस को बताया कि यह सट्टे का पैसा था। उसे विश्वास था कि वर्दी में सिपाही वारदात करेंगे, तो नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी डर जाएंगे। वो लोग पुलिस से शिकायत नहीं करेंगे। लेकिन, मुंशी किशन पांचाल 10 जुलाई को कोतवाली थाना पहुंच गया। खुद को सूरत के ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल का मुंशी बताकर थाने में शिकायत कर दी। इसके बाद पुलिस एक्टिव हो गई। सीसीटीवी में क्रेटा कार का नंबर मिल गया। इसके जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। 4 आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने सोमवार को सूर्यांश यादव, दतिया के चिटवा कॉलोनी निवासी गौरव यादव, प्रेमनगर के बल्लमपुर गांव निवासी सुखबीर, सूरज सिंह, जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राघवेंद्र राजपूत और सिपाही मनोज को गिरफ्तार किया था। उनसे लूट के 24.50 लाख रुपए बरामद हुए थे। मंगलवार को पुलिस ने सिपाही नीरज राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। आज मुखबिर की सूचना पर प्रेमनगर के महाराज सिंह नगर निवासी अंकित यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सट्टा खिलाने वाले नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी को भी आरोपी बनाया है। दोनों की तलाश जारी है।
रायपुर जिले के तिल्दा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत केसला के निवासी तुकाराम पाल ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत शौचालय प्रोत्साहन राशि में अनियमितता, अवैध वसूली और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत रायपुर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत केसला में कई हितग्राहियों ने शौचालय निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन उन्हें अब तक सरकार की ओर से मिलने वाली ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। राशि जारी करने के नाम पर ₹2 हजार मांगने का आरोप आवेदन के मुताबिक, पंचायत कर्मियों की ओर से हर हितग्राही से ₹2,000 की अवैध वसूली की मांग की जा रही है। आरोप है कि ₹1,000 फाइल पास कराने से पहले और ₹1,000 राशि स्वीकृत होने के बाद देने की बात कही जा रही है। पंचायत कर्मी इसके लिए जनपद पंचायत तिल्दा के अधिकारियों का नाम भी ले रहे हैं। शिकायतकर्ता से मांगे गए ₹2,500 तुकाराम पाल का आरोप है कि उनसे व्यक्तिगत रूप से ₹2,500 की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत वापस लेने का बनाया गया दबाव शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत की जानकारी मिलने पर ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने मामले को दबाने की कोशिश की। आरोप है कि पंचायत कर्मी पूजा देवांगन एक पत्र लेकर उनके पास पहुंचीं और उस पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया, जिसमें लिखा था कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है। सरकारी योजनाओं से नाम काटने की दी धमकी शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर सरकारी योजनाओं से नाम काटने और भविष्य में किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलने की धमकी दी गई। अन्य हितग्राही भी गवाही देने को तैयार तुकाराम पाल ने दावा किया है कि गांव के अन्य प्रभावित हितग्राही भी इस मामले में गवाही देने और बयान दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने सीईओ जिला पंचायत से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी पंचायत कर्मियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा शिकायत वापस लेने के लिए दबाव और धमकी देने के मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
रोहतक के राजीव नगर निवासी संध्या की हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रामू को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है, जबकि उसकी पत्नी को जेल भेज दिया। पुलिस आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है। पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि राजीव नगर निवासी देवराज की लड़की संध्या अपने पति दीपक निवासी फरमाणा से अलग अपने मायके में रहती थी। संध्या के दोनों बच्चे पति दीपक के पास रहते थे। 22 मई को संध्या बिना बताए घर से निकली थी, जो घर वापिस नहीं आई। इसके बाद संध्या के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई गई। 5 जून को मांडौठी गांव के खेतों में मिला शव22 मई से लापता संध्या का शव 5 जून को बेरी बहादुरगढ़ रोड पर मांडौठी गांव के खेतों में मिला। शव का पहचान करवाकर पोस्टमार्टम करवाया और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना शिवाजी कॉलोनी में केस दर्ज किया गया। वारदात में शामिल रहे आरोपी रामू पुत्र वेदप्रकाश निवासी गांव राजपुरा जिला सम्भल उतर प्रदेश हाल किरायेदार बिहारी कालोनी बहादुरगढ़ व उसकी पत्नी आरती को गिरफ्तार किया। हतया की वारदात का हुआ खुलासाआरोपी रामू ने बताया कि 1 जून को घर पर सहारा लेने के लिए संध्या पहुंची। संध्या द्वारा पहने गए आभूषणों पर उनकी नजर पड़ी। गहनों को लेने के ईरादे से 2 जून को रामू ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर संध्या की गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही शव को खुद बुर्द करने के इरादे से बोरी में डालकर गांव मांडौढी के खेतों में फेंक दिया और फरार हो गए। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछशिवाजी कॉलोनी थाना एसएचओ राकेश सैनी ने बताया कि संध्या की हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोनू को कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
जालौन में घर में घुसकर परिवार पर हमला:महिलाओं से मारपीट, घटना CCTV में कैद, जांच में जुटी पुलिस
जालौन के उरई शहर के शांति नगर मोहल्ले में घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। कुछ अज्ञात लोगों ने एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों से मारपीट की। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना उरई कोतवाली क्षेत्र की डिप्टीगंज चौकी के अंतर्गत शांति नगर मोहल्ले की है। जानकारी के अनुसार, कुछ बाइक सवार व्यक्ति अचानक एक घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने लगे। विरोध करने पर घर की महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। घटना की पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसमें हमलावरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उरई कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने और घटना की सही तारीख का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
खंडवा में बुधवार को शहरी क्षेत्र में 8 करोड़ 43 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। यह बजट विधायक के लिए रिजर्व विशेष सीएम अधोसंरचना मद से स्वीकृत किया हैं। इसमें रामेश्वर, पदमकुंड जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। खास बात है कि नगर निगम के मंच पर महापौर का स्वागत ना होने पर एक एमआईसी सदस्य को विरोध करना पड़ गया। तब बुके देकर स्वागत हो पाया। कार्यक्रम में एक तरफ महापौर अमृता यादव ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को श्रेय दिया तो वहीं विधायक कंचन तनवे ने कहा कि, 8.43 करोड़ के कार्य उनकी विशेष निधि से स्वीकृत कराए गए हैं। जिन्हें मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा में गुटबाजी देखी गई। मंच पर जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्रसिंह लोधी और कैबिनेट मंत्री विजय शाह मौजूद थे, जिनकी मौजूदगी में गुटबाजी उभरकर आई। भाजपा के सभी सीनियर नेता भी शामिल हुए, जिन्हें विधायक कंचन तनवे के द्वारा आमंत्रित किया गया था। मंत्री ने इन कार्यों का भूमिपूजन किया गयाकार्यक्रम में 8.43 करोड़ रूपए के जिन 11 कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें रामेश्वर वार्ड में प्राचीन कुंड रामेश्वर के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य की लागत 2 करोड़ 60 लाख रूपए है। इसी तरह संत रैदास वार्ड में मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य की लागत 2.55 करोड़ रूपए है। दादाजी वार्ड में दादाजी मंदिर एवं गणेश गौशाला चौराहा के सौंदर्यीकरण कार्य की लागत 77 लाख रूपए है। गुरूनानक वार्ड में माखनलाल चतुर्वेदी पुराना बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण कार्य की लागत 51 लाख रूपए, भैरों तालाब वार्ड में पदमकुंड के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य की लागत 1 करोड़ 40 लाख रूपए, वार्ड नंबर 26 में सीसी रोड निर्माण कार्य की लागत 10 लाख रूपए, महालक्ष्मी वार्ड में टीन शेड निर्माण कार्य की लागत 10 लाख रूपए हैं। गांधीनगर में रामदेव मंदिर के पास टीन शेड निर्माण की लागत 10 लाख रूपए, दीनदयाल पुरम में नाग बाबा मंदिर के पास टीन शेड निर्माण की लागत 10 लाख रूपए है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 27 में बगीचा निर्माण की लागत 10 लाख रूपए और कुंडलेश्वर वार्ड में सीसी रोड व नाली निर्माण के 10 लाख रूपए लागत के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। सांसद समर्थक मंडल अध्यक्ष के वार्ड में कार्यक्रम बता दें कि, जिस रामेश्वर वार्ड में भूमिजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह वार्ड भाजपा पार्षद काजल यादव का हैं। उनके प्रतिनिधि प्रदीप यादव हैं, जो मंडल अध्यक्ष होने के साथ ही सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के समर्थक हैं। कार्यक्रम में सांसद पाटिल ने मुकेश तनवे को सुपर विधायक बताया। इधर, नगर निगम के मंच पर महापौर का स्वागत ना होना और फिर एमआईसी सदस्य वरूण बावरे के विरोध जताने पर पार्षद डिंपल चौरसिया के द्वारा महापौर का स्वागत होना चर्चा का विषय बन गया।
नोएडा में 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटा:5 लोग झुलसे, स्कूटी में भी लगी आग, एक की हालत गंभीर
सेक्टर-63 थाना क्षेत्र के छिजारसी कॉलोनी में बुधवार शाम को 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में पांच लोग करंट की चपेट में आकर घायल हो गए, जबकि एक स्कूटी में आग लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, घटना में निधि (15), प्रिया (17), मुकेश राम (38), पवित्र (41) और रवि चौधरी घायल हुए हैं। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में रवि चौधरी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य चार की स्थिति सामान्य है। स्कूटी में लगी आग हादसे के दौरान हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से पास में खड़ी एक स्कूटी में भी आग लग गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और बिजली विभाग को दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। सेक्टर-63 थाना पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं बिजली विभाग भी हाईटेंशन लाइन का तार टूटने के कारणों की जांच कर रहा है।
शाहजहांपुर में बुधवार रात आठ बजे एक ट्रक की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह हादसा खुटार थाना क्षेत्र के बंडा रोड पर नखासे के पास ओवरटेक करते समय हुआ। मृतक की पहचान खुटार निवासी नीशू मिश्रा के रूप में हुई है। नीशू मिश्रा पूर्व चेयरमैन के आवास के पास रहने वाले एक गैस विक्रेता के बेटे थे। वह किसी काम से बाइक से घर से निकले थे और नखासे के पास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नीशू ने एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी बाइक बेकाबू होकर ट्रक से टकराई और गिर गई। नीशू सड़क पर घिसटते हुए ट्रक के अगले पहिये के पास जा पहुंचे। हालांकि, ट्रक का पहिया उनके ऊपर से नहीं गुजरा। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने युवक को ट्रक के नीचे से निकालकर तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और मृतक के परिजन भी पहुंच गए। परिजनों ने चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। खुटार थाने के एसएसआई ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भोपाल में जमीन में गड़े सोने-चांदी के खजाने को पाने के अंधविश्वास में पिता ने ही अपनी नाबालिग बेटी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मौत सुनिश्चित करने के लिए उसने बेटी का गला भी घोंट दिया। नब्ज जांचकर मौत की पुष्टि करने के बाद शव को खेत में गाड़ दिया। वारदात को अंजाम देने में उसके दो साथियों ने भी साथ दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया है। देहात पुलिस ने करीब तीन महीने पहले लापता हुई एक नाबालिग बालिका की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया की 3 अप्रैल 2026 को बालिका की मां ने थाना सूखीसेवनिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि खलिहान में सोते समय उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है। इस शिकायत पर अपराध क्रमांक 86/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान 7 मई 2026 को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में मानव कंकाल मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसी दौरान बालिका का पिता भी अचानक घर से लापता हो गया। उसकी गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की गई। पत्नी ने भी पति के व्यवहार पर संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया। गंजबासौदा में की गई आरोपी की गिरफ्तारी तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर से मिली सूचना और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को आरोपी पिता को विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दो साथियों के साथ मिलकर गड़ा हुआ सोना-चांदी निकालने के अंधविश्वास में अपनी बेटी की बलि देने की योजना बनाई थी। इसके तहत डंडे से वार कर उसकी हत्या की गई और शव को खेत में मिट्टी के नीचे दफना दिया गया ताकि किसी को घटना की जानकारी न लग सके। आरोपी पिता पर हत्या सहित अन्य धाराओं में एफआईआर आरोपी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या, साक्ष्य छिपाने और अन्य गंभीर धाराओं का इजाफा किया है। प्रारंभिक अपहरण की धारा 137(2) को हटाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(ए), 61(2)(ए) एवं 212(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। पुलिस अब आरोपी के दोनों साथियों की तलाश में जुटी है और उनसे पूछताछ के बाद इस पूरे षड्यंत्र के अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की संभावना है।
भिंंडअ रेलवे स्टेशन अब नए और आधुनिक स्वरूप में यात्रियों के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशन के प्रस्तावित उद्घाटन से पहले मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनिरुद्ध कुमार ने बुधवार को स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्घाटन से पहले सभी कार्य तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन भवन के नए फसाड, प्रवेश और निकास द्वार, प्रतीक्षालय, टिकट बुकिंग काउंटर, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, प्रकाश व्यवस्था, साइनेज और स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को हर सुविधा सुचारु रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। डीआरएम ने सुरक्षा और संरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान यात्रियों और आगंतुकों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। स्टेशन परिसर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन और दिशा-सूचक संकेतकों को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित भिण्ड रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। स्टेशन के नए स्वरूप में स्थानीय विरासत और आधुनिक अधोसंरचना का समन्वय दिखाई देगा। इससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
मर्चेंट नेवी जवान की सड़क हादसे में मौत:मथुरा में छुट्टी पर आए युवक को अज्ञात वाहन ने कुचला
मथुरा के थाना राया क्षेत्र में जयपुर-बरेली हाईवे पर बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुए एक सड़क हादसे में मर्चेंट नेवी के जवान राहुल (20) की मौत हो गई। वह छुट्टी पर घर आया हुआ था। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान राया थाना क्षेत्र के ककरेटिया गांव निवासी ज्ञान सिंह के पुत्र राहुल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, राहुल मर्चेंट नेवी में कार्यरत था और लगभग दस दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आया था। बुधवार सुबह वह बाइक से किसी निजी काम के लिए निकला था। शाम 4 बजे पोस्टमार्टम पर पहुँचे म्रतक के भाई प्रशांत ने बताया कि जयपुर-बरेली हाईवे पर केशवपुर पुलिया के समीप पहुंचते ही एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर थाना राया पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायल राहुल को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और फरार अज्ञात वाहन व उसके चालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वाहन चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हांसी जिला पुलिस की सीआईए नारनौंद टीम ने एक दुकान में हुई चोरी के मामले में चार और महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए घी की बिक्री से प्राप्त ₹21 हजार 200 की नकदी भी बरामद की गई है। यह मामला 18 मई 2026 को थाना नारनौंद में रामअवतार निवासी नारनौंद की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि अज्ञात चोर दुकान का शटर तोड़कर 11 पेटी मधुसूदन घी चुरा ले गए थे। जांच के दौरान, पुलिस ने पहले कश्मीर उर्फ गोगा सहित तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो और चोरी के घी को बेचकर मिली नकदी बरामद की गई थी। पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। पकड़ी गई महिलाओं के कब्जे कैश बरामद इसी क्रम में, सीआईए नारनौंद ने ममता, आरती, काजल उर्फ गाजर और ज्योति को गिरफ्तार किया। ये चारों पंजाब की निवासी हैं। पूछताछ में सभी ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी किए गए घी की बिक्री से प्राप्त रकम में से ममता से ₹5,800, आरती से ₹5,300, काजल उर्फ गाजर से ₹5,100 और ज्योति से ₹5,000 बरामद किए। कुल ₹21,200 की यह राशि पुलिस ने नियमानुसार कब्जे में लेकर केस में शामिल कर ली है। मेडिकल परीक्षण के बाद, चारों महिला आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
अमेठी में थार की टक्कर से बाइक सवार की मौत:पत्नी गंभीर रूप से घायल, ट्रामा सेंटर रेफर; ड्राइवर फरार
अमेठी में लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर एक सड़क हादसे में थार गाड़ी की टक्कर से एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना कमरौली थाना क्षेत्र के रोड नंबर चार के पास बुधवार देर शाम करीब 6:30 बजे हुई। हादसे में बाइक सवार की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। मृतक की पहचान सिंदुरवा गांव निवासी इंद्रभान (40) के रूप में हुई है, जबकि उनकी पत्नी कृष्णा देवी (38) घायल हुई हैं। इंद्रभान अपनी पत्नी के साथ जाफरगंज बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रहे थे, तभी लखनऊ से वाराणसी की ओर जा रही एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद थार का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त थार गाड़ी को कब्जे में ले लिया है, जो वाराणसी की बताई जा रही है। पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है। थाना प्रभारी मुकेश पटेल ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल कृष्णा देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इंद्रभान ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन वाहन के नीचे आने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने सुचारु कराया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), ई-डिटेक्शन चालान और परमिट को लेकर चल रही ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। परिवहन मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट संगठनों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। बैठक के बाद परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर कार्रवाई को लेकर लिखित आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कहा- कुछ मांगों पर तत्काल निर्णय लिया गया है, जबकि बाकी मुद्दों के समाधान के लिए समिति बनाकर आगे कार्रवाई की जाएगी। VLTD को लेकर पहले ही जारी हो चुकी है नई SOP परिवहन विभाग ने बताया- 13 जुलाई को ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर नई SOP जारी की गई थी। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के जरिए वाहन मालिकों को डिवाइस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि पहले आ रही दिक्कतें दूर हो सकें। ई-डिटेक्शन चालानों के लिए बनेगी समिति विभाग ने ई-डिटेक्शन चालानों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति ट्रांसपोर्टरों की शिकायतों और मांगों की जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगी। हर जिले में बढ़ेंगे फिटनेस सेंटर परिवहन विभाग ने बताया- वर्तमान में 40 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को अनुमति दी जा चुकी है। 43 नए केंद्रों को प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है। इनके शुरू होने के बाद लगभग हर जिला मुख्यालय पर वाहन फिटनेस की सुविधा उपलब्ध होगी। हर महीने होगी शिकायतों पर बैठक विभाग ने जिला परिवहन कार्यालय स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत हर महीने के पहले सोमवार को वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के साथ बैठक होगी। जिला स्तर पर नहीं सुलझने वाली समस्याओं को परिवहन मुख्यालय भेजा जाएगा। वाहन मालिकों से दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई बैठक में यह भी तय किया गया कि परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों और ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे। इस संबंध में परिवहन मुख्यालय की ओर से अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। फिटनेस प्रक्रिया होगी आसान विभाग ने आदेश में कहा कि वाहन फिटनेस की प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा, ताकि वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। विभाग ने स्पष्ट किया कि ट्रांसपोर्टरों की अन्य मांगों पर भी विभागीय समिति कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी और उसकी सिफारिश के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल खत्म, परिवहन व्यवस्था होगी सामान्य बैठक में सहमति बनने के बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। हड़ताल खत्म होने के साथ ही प्रदेश में माल ढुलाई का काम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कहा- विभाग ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल की है और लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन वापस लिया गया है।
बच्चों से भरी स्कूल बस ने बाइक को टक्कर मारी:मथुरा में बड़ा हादसा टला, चालक को स्थानीय लोगों ने पकड़ा
मथुरा के बीएसए कॉलेज रोड पर बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त बाइक के पास कोई मौजूद नहीं था और बस भी अनियंत्रित होकर किसी राहगीर या अन्य वाहन से नहीं टकराई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एमपीएस एम स्कूल की बस छुट्टी के बाद बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। बीएसए कॉलेज रोड पर बस चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और दुकान के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक दूर तक घिसट गई और उसके कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाइक के मालिक पुनीत शर्मा ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद बस चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें दूसरी स्कूल बस से उनके घर भेजा गया। पुनीत शर्मा ने यह भी बताया कि घटना के लगभग एक घंटे बाद तक भी स्कूल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने क्षति का जायजा लेने या बातचीत करने का कोई प्रयास नहीं किया, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बीएसए कॉलेज क्षेत्र में कई स्कूल बस चालक अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और परिवहन विभाग से स्कूल वाहनों की नियमित जांच कराने, निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शिवहर में बुधवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दिन रहा। पिपराही प्रखंड के मीनापुर बलहा पंचायत स्थित शीतलपुर विद्यालय, डुमरी कटसरी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलकाहा और पूरनहिया प्रखंड के उच्च विद्यालय बराही जगदीश में डिग्री कॉलेजों में विधिवत पठन-पाठन शुरू हो गया है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को अब अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से वर्चुअल माध्यम से राज्यभर में 211 नए डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कदम को बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक नई क्रांति बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। शिवहर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सह मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद लवली आनंद, जिलाधिकारी प्रतिभा रानी, पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद यादव, ओएसडी प्रेम सागर मिश्रा और प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज खुलने से विशेष रूप से बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्हें अब पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने इसे बिहार के शिक्षा इतिहास का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सांसद लवली आनंद ने बिहार सरकार की इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इससे प्रत्येक प्रखंड के छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर जदयू के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, आरएलजेपी जिलाध्यक्ष विजय कुमार पांडेय, जदयू जिलाध्यक्ष कमलेश पांडेय, युवा जदयू जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता, डॉ. राम बहादुर गुप्ता, अशोक चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग उपस्थित थे।
मथुरा पुलिस पेंशनर कल्याण संस्थान की कार्यकारिणी के चुनाव बुधवार शाम 6 बजे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया का पर्यवेक्षण सीओ सिटी आईपीएस आशना चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने किया। आगरा से आए इंडियन पुलिस महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने भी चुनाव प्रक्रिया का अवलोकन किया। मतदान और मतगणना के बाद चुनाव अधिकारियों ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की। अचल सिंह अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। ब्रह्म स्वरूप को उपाध्यक्ष चुना गया। सत्येंद्र यादव महासचिव और अशोक कुमार वर्मा सचिव प्रथम निर्वाचित घोषित किए गए। बच्चू सिंह सचिव द्वितीय तथा हीरालाल भगोर कोषाध्यक्ष पद पर विजयी रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, उपस्थित सदस्यों ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संस्थान के हित में पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस पेंशनरों की समस्याओं का समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। इस अवसर पर संस्थान के अनेक सदस्य और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुए चुनाव की सराहना की और आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी पुलिस पेंशनरों के हितों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगी।
किशनगंज मदरसा से नाबालिग छात्र लापता:पिता ने सदर थाने में दर्ज कराई FIR, 8 जुलाई को हुआ था गायब
किशनगंज के सदर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर के एक मदरसा से एक नाबालिग छात्र लापता हो गया है। छात्र के पिता ने काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर किशनगंज सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और छात्र की तलाश के लिए तकनीकी सहायता भी ली जा रही है। शिक्षक ने परिजनों को सूचना दी लापता छात्र दिघलबैंक प्रखंड के टप्पू गांव का निवासी है। वह रामपुर स्थित मदरसा में रहकर पढ़ाई कर रहा था। छात्र के पिता मोतिउर्रहमान ने अपनी प्राथमिकी में बताया है कि 9 जुलाई को मदरसा के एक शिक्षक ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनका बेटा 8 जुलाई से ही मदरसा से गायब है। सूचना मिलते ही परिजन उसकी तलाश में जुट गए। शिक्षकों और परिजनों ने तलाश शुरू की सूचना मिलने के बाद मदरसा प्रबंधन, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों ने अपने स्तर पर छात्र की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कई दिनों तक लगातार प्रयासों के बाद भी सफलता न मिलने पर परिजनों ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई। थानाध्यक्ष बोले-संभावित ठिकानों पर छापेमारी किशनगंज सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि छात्र नाबालिग है, इसलिए उसकी बरामदगी को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी सेल की सहायता से जानकारी जुटाई जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और छात्र को जल्द सकुशल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, परिजन अपने बेटे की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कन्नौज जिले के एक परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षक मंगलवार दोपहर स्कूल से घर जाते वक्त संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। बुधवार शाम परिजनों ने तालग्राम थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई है। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के कटरा बहसार गांव निवासी राहुल राजपूत तालग्राम थाना क्षेत्र के अमोलर कस्बे के पास टिकुरियनपुर्वा गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। मंगलवार दोपहर में वह स्कूल से अपनी बाइक लेकर घर जाने के लिए निकले, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंचे। ऐसे में परिजनों ने उसकी खोजबीन की। बुधवार शाम परिजन तालग्राम थाने पहुंचे और बेटे के लापता होने की सूचना पुलिस को दी। तालग्राम थाना इंचार्ज रंजना पांडेय ने तहरीर के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर ली। परिजनों ने राहुल राजपूत के अपहरण की आशंका व्यक्त की है। पिता देशराज ने बताया कि राहुल के नम्बर से उसकी मां आशा देवी के मोबाइल पर कॉल आई और आरोपी ने 10 लाख की फिरौती की मांग की। मोबाइल पर मैसेज कर बैंक अकाउंट नम्बर भी सेंड किया। मामले को लेकर सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह ने बताया कि टीचर राहुल मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। परिजन उसका इलाज करवा रहे थे। उस पर कुछ कर्जे की बात भी पता चली है। इस मामले में हर बिंदु पर जांच करवाई जा रही। जल्द ही लापता शिक्षक का पता लगा लिया जाएगा।
सहारनपुर शहर के वार्ड-23 में लंबे समय से सड़क और जलनिकासी की समस्या का सामना कर रहे निवासियों को जल्द राहत मिलेगी। बुधवार दोपहर 2 बजे शहीदगंज स्थित बांसों वाली गली और नखासा बाजार क्षेत्र में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। नगर निगम ने बुधवार शाम 5 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। निर्माण कार्य का शुभारंभ महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह, नगर विधायक राजीव गुंबर, भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई और क्षेत्रीय पार्षद मुकेश गक्खड़ ने निर्माण स्थल पर गैंती चलाकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि नगर निगम शहर के प्रत्येक नागरिक को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य हर वार्ड में सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। इसी दिशा में सहारनपुर नगर निगम भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा है। समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे महापौर ने विश्वास व्यक्त किया कि सीसी सड़क और नाली निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और लोगों को आवागमन में भी सुविधा मिलेगी। इससे वार्ड के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने महापौर और नगर विधायक का फूल-मालाओं से स्वागत किया। क्षेत्रीय पार्षद मुकेश गक्खड़ ने नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वार्ड की प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और विकास कार्यों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल महानगर अध्यक्ष राजकुमार मक्कड़, उपसभापति मयंक गर्ग, पार्षद ज्योति अग्रवाल, पार्षद प्रतिनिधि परविंद तोमर, राजीव गुप्ता,सेक्टर संयोजक सन्नी कालरा,अख्तर अली जैदी,शाने हैदर, फराज अहमद,सुधीर मिगलानी,मोहित पुरी,चिराग गुप्ता,गुलशेर, रियाज अली सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीकर के जगमालपुरा फाटक इलाके में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जगमालपुरा के डालसिंह कॉलोनी के लोग बुधवार को जलदाय विभाग के ऑफिस पहुंचे। कॉलोनीवासियों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर कहा- उस इलाके में शुरू से ही लोग पानी के परेशान हैं। पहले मंडी से पानी की सप्लाई हो जाती थी, लेकिन अब वो भी बंद हो गई है। कॉलोनीवासी ताराचंद ने बताया- जलदाय विभाग के पंप कर्मी से लेकर AEN, JEN और एक्सईएन तक शिकायत तक बार-बार शिकायत कर दी, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों को भी लिखित में दे दिया, लेकिन अधिकारियों ने बिना समाधान किए ही खानापूर्ति कर दी। जलदाय विभाग में ज्ञापन देकर 150 घरों की पीने के पानी की समस्या को दूर करने और नियमित सप्लाई की मांग की है। पीने के पानी के लिए टैंकर मंगवाना पड़ रहा डालसिंह कॉलोनी के प्रभुदयाल ने बताया- नहाने-धोने का पानी तो दूर पीने के पानी के लिए भी टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं। सामान्य रूप से एक टैंकर पानी 500 रुपए तक आता था, लेकिन अब पानी की मांग बढ़ती देख एक टैंकर 800-1000 रुपए तक पड़ रहा है। पानी के लिए परेशान कॉलोनीवासियों को आर्थिक मार भी झेलनी पड़ रही है।
बलौदाबाजार में 3 दिनों में बाप-बेटे की मौत:बेटे की आत्महत्या के सदमे से पिता ने भी तोड़ा दम
बलौदाबाजार के जिले के पलारी ब्लॉक के सकरी प गांव में तीन दिनों के भीतर पिता और पुत्र की मौत हो गई। बेटे राजेश साहू (28) ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि अभी तक कारणों का पता नहीं चल सका है। राजेश के पिता कुंज बिहारी साहू (55) रायपुर में रहकर काम करते थे और परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही वे गांव पहुंचे। उन्होंने अपने हाथों से बेटे की अर्थी को कंधा दिया, जबकि छोटे बेटे कौशिक ने बड़े भाई की चिता को मुखाग्नि दी। सदमा नहीं सह पाए, रास्ते में हुई मौत बेटे की मौत के बाद कुंज बिहारी साहू दशगात्र कार्यक्रम के लिए गांव में ही रुके हुए थे। बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए रायपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। गांव के पवन वर्मा और हेमंत साहू ने बताया कि रविवार को जिस बेटे की चिता जलाई गई थी, किसी ने नहीं सोचा था कि बुधवार को उसी के पिता की अर्थी भी उठेगी। उन्होंने कहा कि राजेश गांव में अपने बुजुर्ग दादा और मानसिक रूप से कमजोर भाई की देखभाल करता था। जबकि उसके माता-पिता रायपुर में काम कर परिवार का खर्च चलाते थे। बेटे की मौत के बाद कुंज बिहारी साहू दशगात्र कार्यक्रम के लिए गांव में ही रुके थे, लेकिन वे इस गहरे सदमे को सहन नहीं कर सके।
सीवान के लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लकड़ी नया टोला गांव में बुधवार सुबह एक 18 वर्षीय युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लकड़ी नया टोला निवासी मोहम्मद रियाजुद्दीन के 18 वर्षीय पुत्र अली हुसैन के रूप में हुई है। अली हुसैन पेशे से ड्राइवर था। परिजनों ने गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार अली हुसैन रोज की तरह मंगलवार की रात गांव में ही अपने निर्माणाधीन मकान में सोने गया था। बुधवार की सुबह काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश में निकले। खोजबीन के दौरान निर्माणाधीन मकान में चौकी पर अली हुसैन बेसुध अवस्था में पड़ा मिला। शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अली हुसैन के गर्दन पर दबाव के स्पष्ट निशान थे, जबकि पैर के नाखूनों पर भी चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। इससे उन्हें आशंका है कि पहले उसके साथ मारपीट की गई और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही लकड़ी नबीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सीवान भेज दिया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे गांव में घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल देखा गया। थानाध्यक्ष सबिता कुमारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पदाधिकारी को घटनास्थल पर भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए जा सकें।प्रथम दृष्टया युवक की मौत संदिग्ध प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस के अनुसार मृतक के पिता के लिखित आवेदन के आधार पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
करनाल के मुनक थाना क्षेत्र के गांव बाल राजपूतान में जमीन विवाद को लेकर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत जमीन हड़पने की कोशिश की, लाखों रुपए की रकम भी हड़प ली और अब कब्जे में दखल देते हुए फसल तक नष्ट कर रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाल राजपूतान निवासी शिकायतकर्ता सुरजीत कुमार पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि वह प्रॉपर्टी डीलर सुभाष को पिछले 15-20 साल से जानता है। अक्टूबर 2022 में सुभाष राणा ने उसे गांव में जमीन दिखाई और मालिक राधेश्याम व हुसनपाल से मिलवाया। इसके बाद 10 कनाल 4 मरले जमीन का सौदा हुआ। इस सौदे के तहत 3 अगस्त 2023 और 1 सितंबर 2023 को बल्ला तहसील में रजिस्ट्री करवाई गई। रजिस्ट्री के अनुसार वह जमीन का मालिक और काबिज है। 3 कनाल जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई, पैसे भी हड़पे शिकायत में बताया गया कि किल्ला नंबर 12, 18 और 19 में आरोपी जयदरथ पुत्र लछमन सिंह की 3 कनाल 11 मरले जमीन थी। इसमें से 3 कनाल जमीन का ब्याना 4 अक्टूबर 2022 को सुरजीत कुमार और सुरेंद्र कुमार के नाम हुआ था। ब्याने में साफ लिखा था कि मुरब्बा नंबर 31 के किल्ला नंबर 18 और 19 पर कब्जा दिया जाएगा। आरोप है कि जयदरथ और उसके बेटों वेदपाल, धर्मपाल, नेत्रपाल, संजय और ओमप्रकाश ने साजिश के तहत आज तक उस जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई और करीब 10 लाख रुपये की रकम भी हड़प ली। फसल नष्ट करने और धमकी देने के आरोप सुरजीत कुमार ने बताया कि आरोपी उसकी और सुरेंद्र कुमार की 10 कनाल 4 मरले जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे बार-बार परेशान करते हैं और उनकी बोई हुई फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी कि वे किसी की भी जमीन पर कब्जा कर सकते हैं और उनकी पहुंच ऊंचे अधिकारियों तक है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें धमकाया गया कि अगर कानूनी कार्रवाई की तो जान से मार दिया जाएगा। पहले दर्ज केस हो चुका रद्द शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए बीती 15 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस जांच में आरोप सही नहीं पाए गए और केस रद्द कर दिया गया। पुलिस ने 9 धाराओं में दर्ज किया केस मुनक पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले में जांच एएसआई संदीप को सौंपी गई है। आरोपियों वेदपाल, धर्मपाल, नेत्रपाल, संजय, ओमप्रकाश और जयदरथ निवासी बाल राजपूतान के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर नंदिनी निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की है। मृतका की पहचान मऊ जिले के घोसी निवासी रामदुलारी के रूप में हुई है। बिना बताए दूसरे अस्पताल भेजने का आरोप मृतका के पति जयहिंद और अन्य परिजनों का आरोप है कि रामदुलारी को हार्निया की शिकायत के चलते आर नंदिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यहां डॉ. गुलाब चौहान की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बिना सूचना दिए दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली और वे पहुंचे, तब तक रास्ते में ही रामदुलारी की मौत हो चुकी थी। आक्रोशित परिजनों ने लगाया जाम महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर किसी तरह जाम समाप्त कराया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर की विशेष गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने 19 साल पुराने मामले में आरोपी मान सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मेघराज सिंह चौहान ने बताया कि अदालत ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को पर्याप्त और विश्वसनीय माना। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मान सिंह एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो आर्थिक लाभ के लिए गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहता था। लूट के मामले में पहले ही हो चुका था दोषी साबित अदालत ने कहा कि गैंगचार्ट में शामिल लूट के एक मुकदमे में मान सिंह पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। इसी आधार पर गैंगस्टर एक्ट के आरोप भी साबित हो गए। मुकदमे के दौरान सह-आरोपी सतेंद्र उर्फ सिंगा की मौत होने से उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई, जबकि दूसरे आरोपी शमशाद का मामला अलग कर दिया गया। इलाके में बना रखा था खौफ कोर्ट ने माना कि मान सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर लूट, अवैध हथियार रखने और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए आर्थिक लाभ कमाता था। उसकी गतिविधियों के कारण इलाके में भय का माहौल था और लोग उसके खिलाफ शिकायत करने या गवाही देने से डरते थे। इन्हीं आधारों पर उसे उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया। 2007 में दर्ज हुआ था मुकदमा यह मामला 1 मार्च 2007 का है। तत्कालीन नकुड़ थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह यादव ने गैंगचार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेने के बाद मान सिंह, सतेंद्र उर्फ सिंगा और शमशाद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। करीब 19 साल बाद आए इस फैसले को अभियोजन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या ई-कॉमर्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसका कारोबार किया जा रहा है। यदि ऑनलाइन बिक्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका और उससे संबद्ध अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर आसानी से उपलब्ध है। इस दावे के समर्थन में मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया गया। इस पर न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता को निर्देश दिया कि ऑनलाइन बिक्री के आरोपों की जांच कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। इनमें पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (राज्य कर), प्रमुख सचिव (पर्यावरण) और अपर मुख्य सचिव (इन्फ्रा एवं औद्योगिक विकास) शामिल थे। इससे पहले, राज्य सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 'उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, विक्रय एवं उपयोग का प्रतिषेध) अधिनियम' लाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित कानून में चाइनीज मांझे से घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ितों या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की दान पेटियों को बुधवार को खोला गया। पहले दिन की गणना में 24 लाख 2 हजार 450 रुपये नकद प्राप्त हुए हैं। दान पेटियों से विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि दान राशि की गणना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई। सुबह से शुरू हुई यह गणना देर शाम तक चली। शेष दान राशि की गणना गुरुवार को पूरी की जाएगी। दान पेटियों से ब्राजील और नेपाल सहित विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं। विदेशी मुद्रा की प्राप्ति से यह स्पष्ट होता है कि बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में देश के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। विदेशी मुद्रा की विस्तृत गणना गुरुवार को की जाएगी। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन रहा है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या मंदिर की दान राशि में वृद्धि का संकेत है, जो बाबा पशुपतिनाथ के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
किशनगंज में दहेज प्रताड़ना और जबरन गर्भपात के आरोप में एक युवक और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सदर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़ित विवाहिता की मां की शिकायत पर की है। जानकारी के अनुसार, रूईधासा निवासी एक युवती का निकाह मोतिहारा तालुका के एक युवक से हुआ था। निकाह के बाद से ही रुखसती की रस्म नहीं हुई थी, जिसके कारण विवाहिता अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान पति का अपनी पत्नी के घर आना-जाना लगा रहता था। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि दामाद रुखसती के लिए लगातार दबाव बना रहा था। उसने रुखसती के बदले एक बाइक और 50 हजार रुपये नकद दहेज की मांग की। मांग पूरी न होने पर वह रुखसती टालता रहा और विवाहिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। शिकायत में यह भी आरोप है कि इसी दौरान विवाहिता गर्भवती हो गई थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी युवक ने धोखे से अपनी पत्नी का गर्भपात करवा दिया। इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने न्याय के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दहेज प्रताड़ना और गर्भपात जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच में जुटी है।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस अब पूरी तरह फील्ड मोड में आ चुकी है। बुधवार शाम करीब 6 बजे से SP सिटी अमृत जैन ने स्वयं राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर उतर आए और कांवड़ यात्रा मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया और सुरक्षा व यातायात व्यवस्थाओं का ग्राउंड रिव्यू लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी ने वहलना कट, नावला कोठी, मंसूरपुर और खतौली सहित पूरे कांवड़ मार्ग का घंटों तक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बैरिकेडिंग, डायवर्जन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, संवेदनशील प्वाइंट्स, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की तैनाती का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी सिटी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और प्रत्येक पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर यातायात किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए। बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, मेडिकल सहायता और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त रखा जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। इस दौरान एसपी सिटी अमृत जैन ने कांवड़ यात्रा पर निकले शिवभक्तों से भी मुलाकात की। उन्होंने कांवड़ियों का हालचाल जाना, उनकी यात्रा की जानकारी ली और सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से यात्रा पूरी करने की शुभकामनाएं दीं। साथ ही श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की। निरीक्षण के दौरान CO सदर राजू कुमार साव, CO नई मंडी सुनील कुमार, CO खतौली रूपाली रॉय चौधरी, थाना प्रभारी खालापार बबलू कुमार वर्मा, थाना प्रभारी मंसूरपुर विपिन त्यागी, थाना प्रभारी खतौली दिनेश चंद सहित पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और हर स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा जारी रहेगी।
जयपुर में उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- विकसित राजस्थान के बिना विकसित भारत नहीं बन सकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पाने के लिए सशक्त संस्थाएं जरूरी हैं। संस्थाएं तब विकसित होती हैं, जब नेतृत्व मजबूत चरित्र वाला हो। विधायक विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- राजनीति में काम करने वाले सेवा करना जारी रखें। तो सही समय पर पुरस्कार अपने आप मिल जाएगा। उपराष्ट्रपति जयपुर में बुधवार को राजस्थान विधानसभा में विधायी गौरव यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। वहीं कार्यक्रम में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए। मैं जब स्पीकर बना तो लोकसभा में बार-बार सीट से उठकर ‘आसन पैरों पर है…’ कहना पड़ता था। तब एक सांसद ने सलाह दी कि स्पीकर का बार-बार सीट पर खड़े होना ठीक नहीं है, इससे गरिमा नहीं रहती। हर व्यक्ति कुछ न कुछ सिखा जाता है। अब संसद में चाहे कितना ही हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता। विधायक सदन की चर्चाओं में भाग लें, बड़ा बदलाव ला सकते हैं उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- चुनाव के समय जनता के मतों से जीतते हैं, लेकिन दिलों को तभी जीत सकते हैं, जब लोगों की भलाई के लिए काम करें। चुनाव जीतना अहम है, लेकिन उसे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप जनता की सेवा कर रहे हैं या नहीं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजस्थान के विकास की भावना एक सूत्र में बांधे रखती है। लोकतंत्र राजनीतिक मतभेदों से बड़ा होता है। उपराष्ट्रपति ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, राजेश पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को याद करते हुए उनके साथ संसद में किए काम का जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने कहा- वाजपेयी सरकार के समय संसद की टैक्सटाइल समिति में खूब काम किया। उस समय दिए गए सुझावों को सरकार ने माना। इसमें टैक्सटाइल सेक्टर को पूरी तरह मॉडर्न करने का सुझाव दिया था। एक विधायक के रूप में जो काम मिला है, उसे जी-जान से करने में जुट जाएं। आप किसी पक्ष के हों। आप प्रश्नकाल, शून्यकाल और सदन की चर्चाओं में योगदान देते हैं तो बड़ा बदलाव आ सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- विधायक राष्ट्र और संविधान को सर्वोपरि रखें। इतिहास महाराणा प्रताप को नहीं भूल सकता, चेतक को नहीं भुला सकता। आप निष्ठा से काम करेंगे तो नेता बनेंगे और समाज को दिशा देंगे। गीता में सीख है कि निष्ठा से कर्म करते रहिए। आप फल की चिंता नहीं करें। कठोर परिश्रम करने वाले को ईश्वर पुरस्कृत करता है। अगर कठोर परिश्रम करने वाले को पुरस्कृत नहीं करते तो वो ईश्वर नहीं हो सकते। बिरला बोले- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर चुटकी लेते हुए कहा- मैंने विधानसभा अध्यक्षजी को भी कहा कि सदन में अध्यक्ष सबका होता है। सदन में कितना ही तनाव हो, अध्यक्ष के आसन पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर नहीं दिखना चाहिए। इस पर वहां मौजूद विधायकों, पूर्व विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए। बिरला ने कहा- कई बार सदन में उत्तेजना होती है। मुझे कुछ सदस्य सलाह देते हैं कि आपके चेहरे पर तनाव था, जो नहीं होना चाहिए था। इस तरह सीखते रहना चाहिए। मैं जब पहली बार संसदीय सचिव बना था, तब जनसुनवाई कर रहा था, लोग ज्यादा आ गए। मेरे एक कार्यकर्ता ने कहा- आज आपके चेहरे पर तनाव है। मैंने उस कार्यकर्ता की बात से सीख ली और आगे से ध्यान रखा कि चाहे कितनी भीड़ हो चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता बिरला ने कहा- पहली बार जीतकर संसद गया तो लगा पांच साल का समय कैसे निकालेंगे। राजस्थान विधानसभा से ही संस्कार मिले हैं। इस विधायी पाठशाला से सीखा हुआ अनुभव काम आया। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता। संसद-विधानसभा की डिबेट देखते हैं, उसमें क्या बोला है इतिहास में उसकी चर्चा होती है। संसद और विधानसभाओं में मुद्दे उठाने से ही नेता बनते हैं। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि सभी विधानसभाओं के अंदर एक नाम डालने पर उसकी आज तक की डिबेट आ जाएगी। मैं न वकील रहा न एक्सपर्ट, सीखते-सीखते स्पीकर के तौर पर 7 साल निकाले ओम बिरला ने कहा- मैं न वकील रहा, न अनुभवी विशेषज्ञ रहा, लेकिन सीखता गया। आज सीखते-सीखते लोकसभा स्पीकर के तौर पर 7 साल निकल गए। आज कई वरिष्ठ विधायक हैं, जो लगातार विधनसभा में बैठते हैं, चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं। संसद और विधानसभााओं में आजकल आए, भाषण दिया और चले गए, यह चल रहा है। जो जितना अध्ययन करेगा, उतना ही अच्छा भाषण देगा। आज भी लोग भैरोंसिंह शेखावत को याद करते हैं। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दिल्ली में कई नेता याद करते हैं। देश-प्रदेश का नेता बनने का प्लेटफार्म हैं संसद और विधानसभा बिरला ने कहा- मंत्रियों से आग्रह रहता है कि हमेशा जो सवाल पूछा जाए, उतना ही उसका सटीक जवाब दें। देश और राज्य का नेता बनने का एक ही प्लेटफार्म है संसद और विधानसभा। नेता बनने की पाठशाला संसद और विधानसभा है। सीएम बोले- हमें विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ानी चाहिए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सदन की बैठकों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। हमें सदन की बैठकों की संख्या को बढ़ाना चाहिए। विधायक सदन में कितना समय लगा रहे हैं, वे अपना दायित्व कितना निभा रहे हैं। हम मतभेदों को भुलाकर जनहित में काम करेंगे, तभी लोगों को भला होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। सीएम ने कहा- विधायकों को राजस्थान की दशा दिशा तय करने भूमिका तय करनी चाहिए। सदन में वरिष्ठ नेताओं विधायकों ने कई सुझाव दिए हैं। समय-समय पर सदन में दिए गए ऐसे सुझावों को एक जगह एकत्र कर प्रकाशित करना चाहिए। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन सहित 26 मौजूदा-पूर्व विधायक सम्मानित समारोह में 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा सहित 26 मौजूदा और पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया। पंजाब के राजयपाल गुलाबचंद कटारिया, स्पीकर वासुदेव देवनानी, पूर्व स्पीकर सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत को भी सम्मानित कया गया। राव राजेंद्र सिंह, किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, प्रद्युम्न सिंह, देवी सिंह भाटी, राजेंद्र राठौड़, मदन दिलावर, हेमाराम चौधरी, डॉ. बीडी कल्ला, महादेव सिंह खंडेला, परसराम मोरदिया, कालीचरण सराफ, परसादी लाल मीणा, दयाराम परमार, प्रताप सिंह सिंघवी, राजेंद्र पारीक, श्रवण कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, फतेह सिंह, नारायण सिंह को सम्मानित किया गया।
नाबालिगों की पोर्नोग्राफी तक आसान पहुंच रोकने, इस संबंध में राष्ट्रीय नीति बनाने और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के सेंधवा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बीएल जैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि यह मुद्दा निस्संदेह अत्यंत गंभीर और व्यापक जनहित से जुड़ा है, लेकिन यह न्यायिक निर्णय का नहीं बल्कि सरकारी नीति और तकनीकी नियमन का विषय है। इसलिए इस पर निर्णय लेना केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों का अधिकार क्षेत्र है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि याचिका में उठाया गया विषय सार्वजनिक महत्व का है, लेकिन यह तकनीकी विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नीति निर्माण से जुड़ा मामला है। ऐसे विषयों पर संबंधित मंत्रालय और विशेषज्ञ एजेंसियां अधिक उपयुक्त निर्णय लेने की स्थिति में हैं। सरकार को सुझाव देने की छूट सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता बीएल जैन को यह स्वतंत्रता दी कि वे अपनी याचिका और विस्तृत अभ्यावेदन केंद्र सरकार तथा संबंधित मंत्रालयों के समक्ष प्रस्तुत करें। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित अधिकारी याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सुझावों और उठाए गए मुद्दों पर विधि अनुसार उचित विचार करें। याचिका में उठाए गए थे ये मुद्दे बीएल जैन ने अपनी याचिका में कहा था कि नाबालिगों की पोर्नोग्राफी तक आसान पहुंच बच्चों और किशोरों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। विशेष रूप से 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों पर इसका मनोवैज्ञानिक असर भविष्य में सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि कई देशों में बाल अश्लीलता और उससे संबंधित सामग्री पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं, जबकि भारत में अब भी ऐसी सामग्री तक पहुंच को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जा सका है। आईटी एक्ट की धारा 69A का दिया हवाला याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A का हवाला देते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार के पास कानून के विपरीत या सार्वजनिक हित को प्रभावित करने वाली ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक करने की पर्याप्त कानूनी शक्ति है। इसके बावजूद इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया। अब केंद्र सरकार को सौंपेंगे अभ्यावेदन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता बीएल जैन ने कहा कि वे शीघ्र ही केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को विस्तृत अभ्यावेदन सौंपेंगे, ताकि इस गंभीर सामाजिक चुनौती पर राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाई जा सके। उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ इंदौर के उपाध्यक्ष एडवोकेट अभिषेक तुगनावत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप याचिकाकर्ता अब संबंधित मंत्रालयों के समक्ष विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्हें विश्वास है कि सरकार बच्चों और युवाओं के हित में इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाएगी।
प्रतापगढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देवगढ़ थाना पुलिस ने 1.546 किलो अफीम तस्करी मामले में तीन माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी गोविन्दराम मीणा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की पुलिस के अनुसार, मामला 18 अप्रैल 2026 का है। उस दिन राणपुर फंटा पर नाकाबंदी के दौरान एक युवक बाइक पर आता दिखा। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वह वाहन छोड़कर भागने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम दिलीप थोरी, निवासी भटोड़िया फतेहगढ़, थाना अरनोद बताया। बाइक से मिली डेढ़ किलो अफीम तलाशी के दौरान बाइक की सीट के नीचे और बैटरी बॉक्स से दो प्लास्टिक की थैलियों में रखी 1 किलो 546 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। इसके बाद दिलीप थोरी को गिरफ्तार कर अफीम और मोटरसाइकिल जब्त की गई, और उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। तीन महीने से चल रहा था फरार इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दिलवर पुत्र गोपाल निवासी गंधेर और कालू उर्फ काला रेबारी निवासी जैतपुरा (जालौर) को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, इस प्रकरण में वांछित गोविन्दराम पुत्र लालूराम मीणा (48), निवासी फतेहगढ़, थाना अरनोद, पिछले तीन माह से फरार चल रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में देवगढ़ थानाधिकारी नगजीराम उपनिरीक्षक के नेतृत्व में लगातार तलाश के बाद देवगढ़ पुलिस ने गोविन्दराम मीणा को गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शिवपुरी में दूध विक्रेताओं ने डेयरी व्यापार संघ पर पूर्व सहमति का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है कि दूध की खरीद दर 55 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जिलेभर में 15 दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे और दूध की आपूर्ति बंद कर देंगे। दूध विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष मुकेश गुर्जर ने बताया कि 28 मई 2026 को दूध विक्रेताओं, डेयरी व्यापार संघ और मिठाई कारोबारियों के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत, 29 मई 2026 से दूध की खरीद दर 55 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी, जिसे अगले दो वर्षों तक लागू रहना था। इसमें यह भी सहमति बनी थी कि दो साल बाद प्रति लीटर 5 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। मुकेश गुर्जर के अनुसार, समझौते के मात्र दो महीने बाद ही डेयरी संचालकों ने बुधवार से 55 रुपये के बजाय 50 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना शुरू कर दिया है। दूध विक्रेताओं का कहना है कि यह तय शर्तों का सीधा उल्लंघन है और वे इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। दूध विक्रेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पशुओं के लिए चारा, भूसा और पानी की व्यवस्था करना महंगा हो गया है। ऐसी स्थिति में 55 रुपये प्रति लीटर से कम कीमत पर दूध बेचना उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है। विक्रेताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि डेयरी व्यापार संघ को पूर्व सहमति के अनुसार 55 रुपये प्रति लीटर की दर से ही भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने अपनी चेतावनी दोहराई कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस विवाद का कोई समाधान नहीं निकलता है, तो जिले के सभी दूध विक्रेता 15 दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे और शिवपुरी शहर सहित पूरे जिले में दूध की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर देंगे।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के कथित हिड़मा संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की शांति, लोकतंत्र और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों और निर्दोष आदिवासियों का अपमान बताया। सत्यनारायण सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव को अपने बयान के लिए जनता और शहीदों के परिवारों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा हिड़मा जैसे नक्सली का महिमामंडन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिड़मा पर लगाए गंभीर आरोप भाजपा नेता ने कहा कि हिड़मा झीरम घाटी, ताड़मेटला और बीजापुर-सुकमा समेत कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिड़मा की वजह से कई जवान और निर्दोष आदिवासी अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे व्यक्ति की तारीफ करना गलत संदेश देता है। कांग्रेस की सोच पर उठाए सवाल सत्यनारायण सिंह ने कहा कि जब भाजपा सरकार बस्तर में विकास कार्य कर रही है और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, तब कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयान उनकी सोच पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने की मांग की। कांग्रेस नेतृत्व से पूछा सवाल भाजपा नेता ने कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व से पूछा कि क्या वे अपने विधायक के इस बयान से सहमत हैं। अगर नहीं, तो अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्रदर्शन की दी चेतावनी उन्होंने कहा कि अगर अटल श्रीवास्तव जल्द सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तो भाजपा इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन करेगी। साथ ही कहा कि नक्सली हिंसा में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
भिंड जिले के नयागांव थाना क्षेत्र में भाई के अंतिम संस्कार से लौट रही एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। रायपुरा गांव के पास एक बाइक की टक्कर लगने से महिला सड़क पर गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट आई। घायल अवस्था में उसे 112 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार टेहनगुर गांव निवासी 50 वर्षीय रनौ देवी पत्नी रामपाल तोमर अपने बेटे के साथ ररूआ गांव में अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने गई थीं। बुधवार दोपहर अंतिम संस्कार से लौटते समय रायपुरा गांव के पास पीछे से आ रही एक बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वह सड़क पर गिर गईं और सिर में गंभीर चोट लगने से बेहोश हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर 112 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। नयागांव थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (DETC) स्तर के अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार पंचकूला, गुरुग्राम, करनाल, अंबाला, फरीदाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र, कैथल, रोहतक, पलवल, सोनीपत और नारनौल सहित कई जिलों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए सरकार ने कुछ अधिकारियों को नई पोस्टिंग के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी है। अनिरुद्ध शर्मा को गुरुग्राम नॉर्थ (इंस्पेक्शन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि अनिल कुमार को अंबाला (एक्साइज) के साथ अंबाला (इंस्पेक्शन) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं पूनम को कुरुक्षेत्र (एक्साइज) का अतिरिक्त प्रभार वर्तमान कार्य के साथ संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू आदेश आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, आईएएस की ओर से जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने और एचआरएमएस रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानों का विवाद:नगर पालिका में बैठक, लेकिन समाधान पर सस्पेंस अब भी बरकरार
झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानों के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 जुलाई को सकल व्यापारी संघ द्वारा बुलाए गए सफल बंद के बाद भी मंगलवार और बुधवार को शहर में तनाव बना रहा। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए गुरुवार को नगर पालिका दफ्तर में प्रशासनिक अफसरों और व्यापारियों के बीच एक बैठक भी हुई, लेकिन इसके बाद भी समझौते की राह फिलहाल आसान नहीं दिख रही है। यह महत्वपूर्ण बैठक नगर पालिका अध्यक्ष कविता सिंगार, सीएमओ मिलन पटेल और राजस्व सभापति विजय चौहान की मौजूदगी में हुई। व्यापारियों के साथ हुई इस बातचीत को पूरी तरह गोपनीय रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर पालिका कार्यालय के मुख्य गेट तक बंद कर दिए गए थे। नतीजा अब भी बेअसर, बातचीत जारी काफी देर चली इस बैठक के खत्म होने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका। दोनों ही पक्षों ने इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से परहेज किया। सीएमओ मिलन पटेल ने जहां इसे केवल एक 'अनौपचारिक मुलाकात' बताया, वहीं दुकानदारों ने भी संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी बातचीत चल रही है। ऐसे में दुकानों के मालिकाना हक का मामला अब भी उलझा हुआ है। दूसरी तरफ, राजस्व सभापति विजय चौहान ने उम्मीद जताते हुए कहा कि व्यापारियों के साथ सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारियों की बात दूसरों के जरिए आ रही थी जिससे संवाद पूरा नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब अध्यक्ष और सीएमओ से सीधी बातचीत होने के बाद जल्द ही कोई अच्छा समाधान निकलने की उम्मीद है। राजनीतिक रंग ले चुका है पूरा मामला यह पूरा विवाद बीते 6 जुलाई की बैठक के बाद से और ज्यादा गर्मा गया है। कांग्रेस पार्षदों ने इस मुद्दे पर खुलकर व्यापारियों का समर्थन किया है, जिससे नगर पालिका प्रशासन पर खासा दबाव बन गया है। इस विवाद ने तब राजनीतिक रूप ले लिया जब बंद के दौरान नगर पालिका के उपाध्यक्ष लखन सिंह सोलंकी खुद व्यापारियों के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने अब परिषद हम चलाएंगे जैसा बड़ा बयान दे दिया। इसके बाद मंगलवार को भाजपा पार्षदों ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा।
विधानसभा चुनाव से करीब 7 महीने पहले पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर हाईकमान में भी मतभेद हो गए हैं। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक इस मामले में राहुल गांधी की टीम और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अलग-अलग राय है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल नहीं चाहते थे कि राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाया जाए। वहीं, खड़गे बदलाव को लेकर चर्चा करने के पक्ष में हैं। यही वजह है कि केसी वेणुगोपाल से एक घंटे मीटिंग के बाद खड़गे ने भी बघेल को तलब कर पंजाब की स्थिति पर सवाल-जवाब किए। इसके बाद बघेल को वापस छत्तीसगढ़ भेज दिया। इधर, राहुल और खड़गे बागी गुट से नाराज हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि ये दोनों नेता अब चरणजीत सिंह चन्नी से नहीं मिलना चाहते। पार्टी महासचिव वेणुगोपाल ही आलाकमान का अंतिम फैसला पंजाब कांग्रेस सांसदों से मिलकर सुनाएंगे। अब राहुल गांधी कभी भी इस बारे में नया फैसला ले सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान या फिर दूसरे नेता कुछ भी ऑफिशियली बोलने को तैयार नहीं है। इससे पहले बुधवार को हाईकमान ने अचानक विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा को दिल्ली बुलाया, जहां केसी वेणुगोपाल से उनकी मीटिंग हुई। तब यह भी चर्चा रही कि वड़िंग से इस्तीफा लेकर बाजवा को प्रधान बना सकते हैं, लेकिन बाजवा इसके बाद पंजाब लौट आए। पंजाब आकर उन्होंने पूर्व CM चन्नी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि बाजवा के जरिए हाईकमान ने अपना संदेश चन्नी को भेजा है। इसी बीच चन्नी गुट ने भी प्रभारी के बाद कांग्रेस हाईकमान को आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। चन्नी गुट ने पंजाब में सोशल मीडिया पर ‘सारा पंजाब चन्नी दे नाल’ मुहिम शुरू की है। चन्नी गुट के नेता सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहे हैं और चन्नी के साथ होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का कहना है कि पंजाब में कोई बदलाव नहीं होगा। यह गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है। मैंने सभी पक्षों से पंजाब में बात की है और केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट दे दी है। जानिए, चन्नी के दबाव में क्यों नहीं आ रहा कांग्रेस हाईकमान पंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के आगे 3 सांसद, 9 MLA और चुनाव हारे-जीते 92 नेताओं की परेड करा चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान उनके दबाव में नहीं आ रहा। बागी गुट की 3 मीटिंग के बाद अब चन्नी ने यूथ कांग्रेस के नेताओं को भी बुला लिया है। इसके बावजूद हाईकमान परवाह नहीं कर रहा। सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसा क्यों? इसकी बड़ी वजह 2022 का चुनाव और उसके नतीजे के बाद का करीब 8 महीने का वक्त है, जब चन्नी की अगुआई में न केवल पार्टी बुरी तरह से पंजाब का विधानसभा चुनाव हारी, बल्कि खुद चन्नी भी 2 सीटों से हार गए। इसके बाद निराश संगठन को छोड़ वह अचानक विदेश चले गए और करीब 9 महीने वहीं डटे रहे। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक, यही वजह है कि चन्नी के पक्ष में समर्थन के बावजूद कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग को हटाकर यह मैसेज नहीं देना चाहती कि वह सिर्फ मौके के हिसाब से तेवर दिखाने वालों को तरजीह देती है और मुश्किल वक्त में संगठन संभालने वालों को नजरअंदाज कर देती है। चुनाव से 8 महीने पहले हुई कलह मिटाने के लिए आज दिल्ली में राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे प्रभारी भूपेश बघेल से बात कर सकते हैं। वहीं, चन्नी जालंधर में यूथ कांग्रेस के नेताओं को बुलाकर फिर ताकत दिखाएंगे। जानिए, चन्नी पर भरोसा क्यों नहीं कर रहा हाईकमान वड़िंग पर क्यों भरोसा जता रहा हाईकमान 2022 में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की। मालवा की 69 में से 66 सीटें AAP ने जीती। राजा वड़िंग इकलौते ऐसे कांग्रेस उम्मीदवार थे, जिन्होंने गिद्दड़बाहा से जीत हासिल की। दूसरे कांग्रेसी संदीप जाखड़ थे, जिन्होंने अबोहर से चुनाव जीता। 5 साल सत्ता से बाहर देख उस वक्त कोई संगठन की कमान लेने को तैयार नहीं था, तब राजा वड़िंग तैयार हुए। करीब साढ़े 4 साल से वह संगठन चला रहे। इस दौरान किसी ने प्रधान पद पर दावेदारी नहीं ठोकी। अब चुनाव में करीब 8 महीने का टाइम बचा हुआ है तो सब वड़िंग की कुर्सी के पीछे पड़े हुए हैं। यही वजह है कि हाईकमान इस वक्त वड़िंग का साथ नहीं छोड़ना चाहता। बघेल की रिपोर्ट भी राजा वडिंग के फेवर में पंजाब प्रभारी ने छह दिन के पंजाब दौरे की जो रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी है वो भी राजा वडिंग के फेवर में ही है। चन्नी गुट जहां राजा वडिंग को हटाने की मांग पर अड़ा रहा वहीं राजा वडिंग लगातार चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा को पार्टी का सीनियर नेता बताते रहे और कहते रहे कि जल्दी ही सभी एक मंच पर होंगे। इसके अलावा राजा वडिंग को 23 जिलों के जिला प्रधानों का समर्थन मिला। बघेल ने अपनी रिपोर्ट में ये सभी बातें लिखकर हाईकमान को दी हैं। राहुल गांधी से मीटिंग करेगा चन्नी खेमा चरणजीत सिंह चन्नी खेमा एक बार राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहता है। दरअसल चन्नी खेमा राहुल गांधी के सामने अपना पक्ष रखना चाहता है। चन्नी खेमे को लगता है कि भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के सामने एक तरफा रिपोर्ट पेश की होगी। इसलिए वो राहुल गांधी से मिलने की बात कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा लगातार कांग्रेस के सीनियर नेताओं के संपर्क में हैं ताकि राहुल गांधी से मीटिंग फिक्स हो जाए। क्या कहते हैं पॉलिटिकल एक्सपर्ट… पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि चन्नी खेमे को भूपेश बघेल ने यहीं पर संकेत दे दिए थे कि हाईकमान में उनकी सुनवाई नहीं होगी। बघेल ने जब कहा कि हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने भी राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने की बात हाईकमान के इशारे पर ही कही। जिससे साफ है कि हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव में नहीं आएगा। राहुल गांधी चन्नी पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं क्योंकि 2022 विधानसभा चुनाव में हार के बाद वो विदेश चले गए। मुश्किल में राजा वडिंग ने पार्टी को संभाला। राजा वडिंग शुरू से राहुल गांधी की गुड बुक में रहे हैं इसलिए वो इस बार राजा वडिंग को बदलने को बदलने से गुरेज करेंगे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर डॉ केके रत्तू का कहना है कि कांग्रेस ने नो सीएम फेस कह दिया है। जिससे चन्नी खेमे को करारा झटका लगा है। उनका कहना है कि चन्नी गुट की डिमांड राजा वडिंग को हटाने की है और हाईकमान स्पष्ट कर चुका है कि प्रधान नहीं बदला जाएगा। जिससे साफ है कि चन्नी न तो प्रधान बनेंगे और न ही सीएम फेस होंगे। ऐसे में चन्नी या तो हाईकमान के सामने सरेंडर कर देंगे या फिर वो कोई बड़ा फैसला लेंगे। उनका कहना है कि चन्नी अच्छा आधार रखते हैं ऐसे में उनको दरकिनार करके कांग्रेस को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस विवाद से हिमाचल में लटका कैबिनेट विस्तार:PAC मीटिंग स्थगित; इसमे होनी थी चर्चा, वेणुगोपाल नहीं आएंगे, राजनीतिक नियुक्तियां में देरी हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट का विस्तार फिर लटक सकता है। कांग्रेस की ओर से 16 और 17 जुलाई को धर्मशाला में बुलाई गई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक स्थगित हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह बैठक अभी नहीं हो पाएगी। पूरी खबर पढ़ें… राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी को दिल्ली तलब किया, बघेल के दावे का तोड़ निकालने में जुटे चन्नी, जालंधर में यूथ कांग्रेस की मीटिंग बुलाई पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई मीटिंग के बीच से सोर्सेज से ये खबर सामने आ रही है। इसी के साथ सूचना यह भी है कि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भी राहुल गांधी ने तलब किया है। बघेल छत्तीसगढ़ से दिल्ली निकल चुके हैं, और इनकी बुधवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर…
गुरुगाम जिले में सोहना के गांव कवरसिका के पास एक सड़क दुर्घटना में रक्षा मंत्रालय के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर प्रभु दयाल की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दुर्घटना के बाद उन्हें समय पर मदद नहीं मिली, जिस कारण उपचार के दौरान उनकी जान चली गई। गांव बरोटा निवासी प्रभु दयाल कुछ समय पहले ही रक्षा मंत्रालय से सेवानिवृत्त होकर घर लौटे थे। मृतक के पुत्र केशव ने बताया कि उनके पिता किसी आवश्यक कार्य से सोहना जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक युवक की बाइक पर लिफ्ट ली थी। बाद में उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता गांव कवरसिका के पास सड़क दुर्घटना में घायल अवस्था में पड़े हैं। परिजनों का आरोप- नहीं मिला समय से इलाज परिजनों के मौके पर पहुंचने पर प्रभु दयाल जीवित थे और उनकी सांसें चल रही थीं। परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद बाइक चला रहे युवक को गांव के लोग उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जबकि प्रभु दयाल को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते उन्हें भी अस्पताल पहुंचाया जाता, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी। बाद में जब उन्हें उपचार के लिए सोहना ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों बोले- आरोपी ड्राइवर को बचाने का प्रयास किया गया परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना करने वाला हाइड्रा चालक नाबालिग था और वह आसपास के ही गांव का रहने वाला है। उनका कहना है कि कुछ लोग ड्राइवर को बचाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि घायल पूर्व डिप्टी डायरेक्टर की सहायता करने के बजाय उन्हें सड़क पर तड़पता छोड़ दिया गया। घटना के बाद रोजका मेव थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
कटिहार रेल मंडल ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के संचालन की जिम्मेदारी दिव्यांगजनों को सौंपने का निर्णय लिया है। मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में डीआरएम, एन.एफ. रेलवे कटिहार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। डीआरयूसीसी बैठक में उठी थी मांग यह निर्णय डीआरयूसीसी सदस्य शिव शंकर रमानी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में लिया गया। उन्होंने दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता दिलाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा, जिसे डीआरएम ने स्वीकार कर लिया। 12 सूत्री मांगों पर भी हुई चर्चा बैठक में प्रस्तुत 12-सूत्रीय मांग पत्र के अन्य बिंदुओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल सेवाओं में सुधार को लेकर कई प्रस्तावों पर प्रशासन ने सहमति जताई। नई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव बैठक में कटिहार से भागलपुर (मालदा मार्ग), मैसूर (बेंगलुरु मार्ग), देवघर, दरभंगा और सहरसा के लिए नई ट्रेनों के परिचालन के प्रस्ताव पर भी समीक्षा की गई। वहीं मनिहारी टर्मिनल स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग पर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। रैंप और रेल फाटक बनाने पर बनी सहमति कटिहार स्टेशन के पूर्वी हिस्से में दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए रैंप निर्माण तथा बिनोदपुर पुराना जूट मिल गेट के पास गौशाला मार्ग पर नया रेल फाटक बनाने के प्रस्ताव पर भी प्रशासनिक सहमति बनी। दिव्यांग बोगियों में अनाधिकृत प्रवेश पर होगी सख्ती बैठक में दिव्यांग कोच में अनधिकृत यात्रियों के प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई करने और स्टेशनों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता संबंधी घोषणाएं कराने का भी निर्णय लिया गया। 'दिव्यांगों के लिए बड़ी उपलब्धि' डीआरयूसीसी सदस्य शिव शंकर रमानी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कटिहार रेल मंडल और दिव्यांग समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
सावन के पावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ के स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक चिकित्सा व्यवस्था का माइक्रो प्लान तैयार कर लिया है। इस बार विभाग का सबसे बड़ा फोकस कांवड़ मार्गों पर भीड़ के बीच श्रद्धालुओं तक बिना देरी के चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पहली बार जिले में 16 बाइक एंबुलेंस को सेवा में उतारा जाएगा, ताकि संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भी मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। मेरठ सीएमओ डॉ रामप्रसाद ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार भारी भीड़ के कारण चार पहिया एंबुलेंस घटनास्थल तक समय पर नहीं पहुंच पाती हैं। इसे देखते हुए पहली बार 16 बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बाइक एंबुलेंस पर एक प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा, जिसके पास प्राथमिक उपचार के लिए आवश्यक दवाओं और उपकरणों से लैस फर्स्ट एड बॉक्स होगा। जरूरत पड़ने पर मौके पर ही उपचार शुरू किया जाएगा और गंभीर स्थिति में मरीज को बड़ी एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा जाएगा। 32 हेल्थ बूथों पर मिलेगी चिकित्सा सुविधा डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर कुल 32 हेल्थ बूथ स्थापित किए जाएंगे। इन बूथों पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य कर्मी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य समस्या का तत्काल उपचार मिल सके। 100 डॉक्टर और 350 स्वास्थ्य कर्मियों की रहेगी तैनातीपूरे कांवड़ मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 100 डॉक्टरों और 350 स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में कावड़ वार्ड और स्पेशल बेड भी रिजर्व रखे जाएंगे। सभी टीमों को अलग-अलग कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा। विभाग ने हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चोट, थकान और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। 44 एंबुलेंस रहेंगी तैयारगंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की 19 सरकारी एंबुलेंस को रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा 25 निजी अस्पतालों की एंबुलेंस भी आपात स्थिति में सेवा देने के लिए तैयार रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार चिकित्सा व्यवस्था को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मजबूत बनाया गया है, जिससे लाखों शिवभक्तों को सुरक्षित और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
गुरुग्राम में गैंगस्टर कौशल चौधरी गैंग के नाम पर एक ठेकेदार को जान से मारने की धमकी और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। बुधवार शाम को काले रंग की 10 से ज्यादा स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने साइट पर पहुंचर कर उन्हें रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। प्रोटेक्शन मनी के लिए आरोपियों ने गैंगस्टर कौशल चौधरी का नाम लिया है। डरे सहमे ठेकेदार ने इसकी शिकायत राजेंद्रा पार्क थाने में दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। बदमाशों के काले रंग की स्कॉर्पियो के काफिले का एक सीसीटीवी भी सामने आया है। पीड़ित ठेकेदार ने पुलिस को शिकायत देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस को दी शिकायत में ठेकेदार ने बताया कि वह पानी और मिट्टी सप्लाई के धंधे से जुड़े हैं और सेंट्रल पार्क (सेक्टर-108) तथा एलन ग्रुप (सेक्टर-106) में मिट्टी और पानी की सप्लाई का काम करते हैं। 15 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे, दविंदर (सुक्कू), लखिराम, दिनेश दहिया, भोला, नवीन, मुंडी और अजय दहिया अपने 50-60 साथियों के साथ लगभग 20 गाड़ियों के काफिले में उनकी साइट पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में काले रंग की 10 से 12 स्कॉर्पियो गाड़ियां गुरुग्राम के धनवापुर इलाके में रुकती दिखाई दे रही हैं, जिनमें से 2 से 3 दर्जन युवक बाहर निकले और शक्ति प्रदर्शन किया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने साइट पर पहुंचकर धमकी दी कि अगर काम करना है, तो दिनेश दहिया और दविंदर (सुक्कू) को पैसे देने होंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने ठेकेदार के सुपरवाइजर रंजन को भी बंधक बनाकर धमकी दी कि यदि उनका मालिक उनके सामने आया, तो वे उसे जान से मार देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 'काम करना है तो ठेके में हिस्सा दो, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो'। पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इन सभी आरोपियों ने कुख्यात गैंगस्टर 'कौशल चौधरी' के नाम पर उससे रंगदारी मांगी है। आरोपियों ने खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन भी किया। धमकी देने के बाद ये सभी दबंग मौके से फरार हो गए।
मधेपुरा के आलमनगर नगर पंचायत मुख्यालय स्थित शंकरी टोला में बुधवार दोपहर बिजली करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान वार्ड तीन निवासी विनोद मंडल की पत्नी राधा देवी (40) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, राधा देवी स्नान करने के बाद पानी के मोटर का स्विच बंद करने बिजली बोर्ड के पास गई थीं। इसी दौरान उन्हें अचानक करंट लग गया और वे मौके पर ही गिर पड़ीं। परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन आनन-फानन में राधा देवी को आलमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। राधा देवी अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गई हैं। घटना की सूचना मिलने पर आलमनगर थाना के एसआई कमलेश कुमार पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मधेपुरा भेज दिया है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता विजय कुमार ने बताया कि इस घटना की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
करीब छह साल से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा 25 हजार रुपए का इनामी अफीम तस्कर आखिरकार चित्तौड़गढ़ में आकर फंस गया। मध्यप्रदेश का रहने वाला 72 वर्षीय गोमाराम उर्फ गोविंद उर्फ गोमा रिश्तेदार के मौसर (मृत्युभोज) में शामिल होने गंगरार आया था। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) उसकी हर गतिविधि पर पहले से नजर रखे हुए थी। टीम ने प्रोग्राम खत्म होने तक इंतजार किया और जब वह स्कॉर्पियो से वापस लौटने लगा तो बस्सी के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक गोमाराम पिछले कई सालों से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच अफीम तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था और हर महीने लाखों रुपए की कमाई कर रहा था। ऑपरेशन 'खंगार' में मिली बड़ी सफलता पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बालोतरा पुलिस की ओर से गोमाराम पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वह साल 2020 से एक अफीम तस्करी के मामले में फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बच रहा था। एएनटीएफ ने उसे पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन खंगार' शुरू किया था। लंबे समय तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद टीम को सूचना मिली कि वह चित्तौड़गढ़ जिले में अपने रिश्तेदार के यहां मौसर में शामिल होने आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की और बस्सी के पास उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह राजस्थान में सक्रिय बड़े अफीम सप्लायरों में शामिल था और कई तस्करों को माल पहुंचाता था। खेती और भैंसों के कारोबार से तस्करी तक का सफर पुलिस जांच में सामने आया कि गोमाराम मूल रूप से मध्यप्रदेश के नीमच जिले का रहने वाला है और पढ़ा-लिखा नहीं है। पहले वह खेती करता था और भैंसों की खरीद-फरोख्त का काम भी करता था। गांव के जंगलों में भैंस चराने का काम भी करता था, लेकिन इससे परिवार का खर्च ठीक से नहीं चल पा रहा था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने उसे अफीम तस्करी में उतरने की सलाह दी। शुरुआत में उसने दूसरे तस्करों के साथ मिलकर काम किया, लेकिन धीरे-धीरे उसने खुद का नेटवर्क तैयार कर लिया। इसके बाद उसने राजस्थान के कई तस्करों से संपर्क बनाए और अफीम की सप्लाई शुरू कर दी। देखते ही देखते वह राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच अवैध अफीम सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया। हर महीने लाखों की कमाई, तस्करी ही बना कमाई का जरिया पुलिस के अनुसार गोमाराम आसपास के किसानों से चोरी-छिपे करीब एक लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से अफीम खरीदता था। इसके बाद वही अफीम राजस्थान, खासकर मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों को करीब 1.40 लाख रुपए प्रति किलो में बेच देता था। यानी हर किलो पर उसे करीब 40 हजार रुपए का फायदा होता था। पुलिस का दावा है कि उसके पास हर महीने पांच से छह बार तस्कर आते थे और हर बार चार से पांच किलो अफीम लेकर जाते थे। इस तरह वह महीने में करीब 25 से 30 किलो अफीम की सप्लाई करता था और लगभग 10 से 12 लाख रुपए तक कमा लेता था। पुलिस का कहना है कि तस्करी से हुई कमाई से उसने अच्छा पैसा बनाया और महंगी गाड़ियों में घूमने का भी शौक पूरा करता रहा। पहले भी कई मामलों में आया नाम, लेकिन हर बार बच निकला गोमाराम का नाम पहली बार साल 2019 में तब सामने आया, जब वह भैंसों का व्यापार करने के बहाने सिरोही गया था। पुलिस के अनुसार उस दौरान वह साथ में अफीम की सप्लाई भी करता था। सिरोही पुलिस ने उसके एक साथी तस्कर को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में गोमाराम का नाम सामने आया। बाद में उसे जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद साल 2020 में फिर उसका नाम एक बड़े मामले में सामने आया। मारवाड़ का एक तस्कर उससे दो किलो अफीम लेकर जा रहा था, जिसे बाड़मेर जिले के सिवाणा थाना पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में गोमाराम का नाम सामने आने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। पुलिस कई बार उसके गांव पहुंची, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। फरारी में भी नहीं छोड़ा धंधा, आखिर मौसर में आकर फंस गया पुलिस के मुताबिक फरार रहने के दौरान भी गोमाराम ने तस्करी का धंधा नहीं छोड़ा। वह भैंसों की खरीद-फरोख्त के बहाने जालोर, बाड़मेर और दूसरे इलाकों में जाता था और इसी दौरान अफीम की सप्लाई भी करता था। पुलिस लंबे समय से उसके घर, रिश्तेदारों और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान टीम को पता चला कि उसके एक रिश्तेदार के यहां गंगरार क्षेत्र में मौसर का प्रोग्राम है और गोमाराम वहां जरूर आएगा। टीम पहले से मौके पर पहुंच गई और कार्यक्रम के दौरान उसे पकड़ने के बजाय बाहर निकलने का इंतजार करती रही, ताकि किसी तरह का हंगामा न हो। जैसे ही वह परिवार के साथ स्कॉर्पियो में बैठकर रवाना हुआ, बस्सी के पास पहले से घात लगाए बैठी एएनटीएफ टीम ने गाड़ी रुकवाया और बिना किसी मौके के उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि अब उससे पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क, संपर्कों और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बक्सर में बुधवार, 15 जुलाई को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दिन रहा। चक्की, चौगाई, केसठ और ब्रह्मपुर प्रखंडों में चार नए डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन कॉलेजों से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य स्तर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के कुल 211 नए डिग्री कॉलेजों में एक साथ शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में बक्सर जिले के इन चारों नए महाविद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू हुई। जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह केसठ प्रखंड की रघुनाथपुर पंचायत स्थित केएचके प्लस-2 उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी साहिला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि इन नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत से जिले में उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को होने वाले लाभ पर जोर दिया। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे शिक्षा के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी भी बढ़ेगी। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये चारों नए डिग्री महाविद्यालय भविष्य में बक्सर जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव और विशेष कार्य पदाधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। जिले के चारों प्रखंडों में भी स्थानीय स्तर पर उत्साह के साथ उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
इंदौर में 16 से 18 जुलाई तक होने वाली 54वीं राज्य सब जूनियर और मिनी ग्रुप तैराकी प्रतियोगिता के लिए भोपाल जिले की 36 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी गई है। टीम की कमान अरनव चौधरी को सौंपी गई है। इसी प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप (जयपुर) के लिए मध्यप्रदेश की टीम का चयन भी होगा। भोपाल तैराकी संघ ने जारी की सूची भोपाल तैराकी संघ के सचिव रामकुमार खिलरानी ने बताया कि प्रतियोगिता तीन आयु वर्गों में आयोजित होगी। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर के तैराक हिस्सा लेंगे। भोपाल टीम के कोच पंकज बाथम होंगे। भोपाल टीम के खिलाड़ी मोली आहुजा, आन्या वाडिया, हिमांशी लीलानी, जाग्वी सबनानी, आराध्या मेहता, तृषा विश्वकर्मा, तीशा पंथी, साक्षी चतुर्वेदी, दानिका बाथम, तेजस्विनी कौशल, मिताली निकुंभ, यूमायरा दत्ता, अवनी कौशल, कनुप्रिया शर्मा, किमाया तिवारी, चहक उनियाल, अथर्व बाथम, अरनव चौधरी (कप्तान), ईशान सिंह सेंगर, तेजस बाथम, अरीज खान, वेंकटेश के, ऋषभ कौशिक, ध्रुव नेगी, अर्णव कुशवाह, धवित पाठक, द्युतित सिंह, शौर्य साहू, वेदांत गुप्ता, तनिष्क अग्रवाल, कोविद गुप्ता, रियांश खुराना, वेदांत पांडे, आद्यमान रघुवंशी, अक्षत ठाकुर और लक्ष्य उनियाल।
मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को दो साइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना सद्भावना घाट पुल के समीप हुई। मृतक की पहचान हवेली खड़गपुर नगर परिषद क्षेत्र के पुरानी चौक मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय ऋषभ कुमार के रूप में की गई है। परिजनों ने बताया कि ऋषभ की शादी करीब दो माह पहले ही हुई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ऋषभ गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और वह मामले की जांच में जुट गई है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मुंगेर जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले दिनों हुए प्रमुख सड़क हादसे10 अप्रैल : धपरी मोड़ पर ऑटो की चपेट में आने से 70 वर्षीय शांति देवी की मौत।28 अप्रैल : बनौधा में तेज रफ्तार कार ने तीन लोगों को कुचला, तीनों की मौत।7 मई : बहादुरपुर के समीप हाईवा की चपेट में आने से मनोज कुमार उर्फ मंटू की मौत।10 मई : रतनपुर शिव मंदिर के पास सड़क दुर्घटना में फुटुश कुमार की मौत। 15 मई : कल्याण टोला के समीप मंटू मंडल की जान गई।28 मई : शिवपुर लोगांय के पास हाईवा की चपेट में आने से ऋषभ कुमार गंभीर रूप से घायल।1 जून : नौवागढ़ी मस्जिद मोड़ पर ट्रक की टक्कर से मनोरमा देवी की मौत।2 जून : सिंघिया चौक के पास एक्सयूवी की टक्कर से पंकज ठाकुर की मौत।5 जून : श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ पर ट्रक की चपेट में आने से खुशी कुमारी की मौत।7 जुलाई: सफियाबाद थाना क्षेत्र के फरदा में सड़क दुर्घटना में 8 वर्षीय डोली कुमारी की हुई मौत7 जुलाई : जमालपुर ईस्टकॉलोनी आशिकपुर पुल के समीप सड़क हादसा में 65 वर्षीय महिला गीता देवी की हुई मौत9 जुलाई : गंगटा थाना क्षेत्र के रायपुरा बाजार के समीप बाइक एक्सीडेंट में 30 वर्षीय गोपाल तांती की हुई मौत12 जुलाई: बरियारपुर थाना क्षेत्र के बिजयनगर चौक के समीप सड़क हादसे में 72 वर्षीय ललित सहनी हुई मौत।
दमोह जिले की हटा पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 32 हजार रुपए का 1 किलो 618 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। हटा टीआई सुधीर बेगी ने बुधवार शाम को इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी यह कार्रवाई मंगलवार रात को अंजाम दी गई। एसपी आनंद कलादगी और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हटा पुलिस की टीम क्षेत्र में सक्रिय थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एक व्यक्ति नीले रंग का लोवर और टी-शर्ट पहने हुए, बैग में गांजा लेकर लालटेक से हारट गांव की ओर पैदल जा रहा है। हारट पुल के पास दबोचा सूचना मिलते ही हटा पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हारट पुल के पास घेराबंदी की। कुछ ही देर में मुखबिर के बताए हुलिए का एक संदिग्ध व्यक्ति वहां से गुजरता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, तो उसने अपना नाम देवेंद्र पिता धनीराम काछी (38 वर्ष) निवासी ग्राम हारट बताया। बैग से मिले गांजे के 4 पैकेट जब पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर युवक के पास मौजूद बैग की तलाशी ली, तो उसके अंदर खाकी टेप से लिपटे हुए चार अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। इन पैकेतों को खोलने पर उनमें अवैध गांजा पाया गया। पुलिस ने तौल कराने पर गांजे का कुल वजन 1.618 किलोग्राम पाया। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा और तस्करी में इस्तेमाल बैग को जब्त कर लिया है। आरोपी देवेंद्र काछी के खिलाफ हटा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तालाब में डूबने से अधेड़ की मौत:दरभंगा के श्यामा माई मंदिर तालाब में हादसा, स्नान करते समय गई जान
दरभंगा स्थित मिथिला की आस्था का प्रमुख केंद्र श्यामा माई मंदिर परिसर में बुधवार को एक हादसा हो गया। मंदिर परिसर स्थित तालाब में स्नान करने के दौरान करीब 55 साल के विजय महतो की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु व स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से विजय महतो को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि विजय महतो स्नान करने के उद्देश्य से तालाब पर आए थे। उन्होंने घाट के किनारे अपने कपड़े धोकर रखे और इसके बाद स्नान के लिए तालाब में उतर गए। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की मृतक के बड़े भाई अरुण महतो ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विजय महतो अविवाहित थे और फिलहाल कोई काम नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि आखिर वह किस परिस्थिति में तालाब में डूब गए। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति सामान्य कराई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
पूर्णिया में शराब को लेकर पुलिस की छापेमारी:10 गिरफ्तार, 138 लीटर शराब सहित 2 बाइक, एक साइकिल जब्त
पूर्णिया जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर जिले में मद्यनिषेध विभाग और पुलिस अधिकारियों द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 14 जुलाई 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के तहत 138.550 लीटर शराब/बीयर बरामद की गई और 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान के दौरान दो मोटरसाइकिल और एक साइकिल भी जब्त की गई। मद्यनिषेध विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण, बिक्री और सेवन के विरुद्ध यह कार्रवाई जिला के विभिन्न मद्यनिषेध थाना क्षेत्रों और समेकित जांच चौकियों पर की गई। दालकोला समेकित जांच चौकी (बायसी थाना क्षेत्र) पर सघन वाहन जांच के दौरान दो अलग-अलग मामलों में कुल 59.450 लीटर विदेशी शराब और बीयर बरामद हुई। पहले मामले में 45.200 लीटर बीयर और विदेशी शराब के साथ एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। दूसरे मामले में 14.250 लीटर विदेशी शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। इन दोनों मामलों में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 30(a) और 47 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी जांच चौकी पर धारा 37(1) के अंतर्गत पांच अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्हें आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। सदर मद्यनिषेध थाना द्वारा भी दो अलग-अलग मामलों में कुल 78.600 लीटर विदेशी शराब/बीयर बरामद की गई। पहले मामले में 12.600 लीटर विदेशी शराब मिली, जबकि दूसरे मामले में 66.000 लीटर विदेशी बीयर के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों मामलों में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 30(a) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बल्लभगढ़ में पड़ोसियों की झड़प, दो घायल:अवैध सीढ़ी हटाने के बाद हुआ विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित सेक्टर-3 में नगर निगम द्वारा एक मकान से अवैध लोहे की सीढ़ी हटाए जाने के बाद पड़ोसियों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस मारपीट में दो लोग घायल हो गए, जिनमें एक के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर आया है। घायल पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सेक्टर-3 के मकान नंबर 6000ए निवासी झिंकू सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में मकान नंबर 5999ए में रीता यादव अपने परिवार के साथ रहती हैं। शिकायत के अनुसार, सेक्टर में दो मंजिल तक मकान बनाने की अनुमति है, लेकिन रीता यादव ने अपने मकान पर एक अतिरिक्त मंजिल बना रखी है। दोनों मकानों के लिए एक ही सीढ़ी का उपयोग होता था। आरोप है कि रीता यादव ने बाद में अपने मकान पर अवैध रूप से लोहे की एक अलग सीढ़ी भी लगा ली थी। सीढ़ियों पर पानी गिराने का आरोप झिंकू सिंह का आरोप है कि रीता यादव और उनका परिवार अक्सर साझा सीढ़ियों पर पानी गिराते थे, जिससे आने-जाने में परेशानी होती थी। उन्होंने कई बार इस बारे में समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 11 जुलाई को नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध लोहे की सीढ़ी को हटवा दिया। आरोप है कि निगम की टीम के वहां से जाने के तुरंत बाद रीता यादव, उनकी बेटी रागिनी यादव और बेटे अभिषेक यादव ने झिंकू सिंह और उनके भाई विश्व प्रकाश सिंह पर डंडों, सरियों और लोहे के एंगल से हमला कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। पांच महीने पहले खरीदा मकान झिंकू सिंह ने शिकायत में यह भी कहा कि उन्होंने करीब पांच महीने पहले ही यह मकान खरीदा है। उनका आरोप है कि रीता यादव के व्यवहार के कारण पिछले दो वर्षों में इस मकान को खरीदने वाले तीन लोग भी मकान छोड़कर जा चुके हैं। उनका कहना है कि मकान में आने के बाद से ही उन्हें हर महीने पुलिस चौकी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हमले में घायल झिंकू सिंह का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उनके सिर की बाईं पार्श्व हड्डी (लेफ्ट पैराइटल बोन) में बिना खिसका हुआ फ्रैक्चर पाया गया। डॉक्टरों ने इसे गंभीर चोट माना है। वहीं उनके भाई विश्व प्रकाश सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने दर्ज की शिकायत, पुलिस कर रही जांच पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि घायल पक्ष की शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो सहित सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को NH-27 पर हुए एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई। यह घटना ढ़ोलबज्जा के समीप हुई, जब एक अनियंत्रित चारपहिया वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान फारबिसगंज प्रखंड के सुल्तान पोखर वार्ड संख्या-2 निवासी नंदकिशोर सिंह (55) के रूप में हुई है। टक्कर के बाद स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और घायल नंदकिशोर सिंह को अनुमंडलीय अस्पताल, फारबिसगंज ले गए। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही फारबिसगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बुधवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, अररिया भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। दुर्घटना के बाद चारपहिया वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने NH-27 पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।
कोरबा के कटघोरा में प्रयागराज निवासी 22 वर्षीय अभिषेक कुमार गौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक को जहर सेवन की हालत में अस्पताल लाया गया था। मौत के बाद खुद को उसकी पत्नी बताने वाली एक महिला अस्पताल से अचानक गायब हो गई। वहीं, मृतक का मोबाइल, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी नहीं मिले हैं। जानकारी के अनुसार, अभिषेक पिछले दो साल से बिलासपुर की एक शीशा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। मंगलवार (14 जुलाई) दोपहर उसे गंभीर हालत में कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पत्नी होने का दावा कर महिला हुई गायब मौत की सूचना मिलने पर एक महिला अस्पताल पहुंची और खुद को अभिषेक की पत्नी बताते हुए उनके दो बच्चे होने का दावा किया। पुलिस ने उससे पूछताछ की, लेकिन कुछ देर बाद वह अस्पताल से चली गई और वापस नहीं लौटी। मोबाइल और दस्तावेज नहीं मिले पुलिस ने मृतक की जेब से मिले एक कागज पर लिखे नंबर के आधार पर प्रयागराज में रहने वाले उसके पिता नीरज कुमार गौड़ को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि अभिषेक ने शादी की बात जरूर बताई थी, लेकिन परिवार को अधिक जानकारी नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक के पास से मोबाइल, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज नहीं मिले। केवल 401 रुपये नकद और कुछ कागज बरामद हुए। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पिता और अन्य परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अभिषेक के जहर खाने के पीछे कोई और वजह हो सकती है।
बिलासपुर जिले के रतनपुर-कोटा रोड स्थित भैंसाझार मोड़ के पास देर रात हुई लूट की दो अलग-अलग घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। रतनपुर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6,300 रुपए नकद और लूट में इस्तेमाल की गई दो बाइक बरामद की हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। रतनपुर पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद तुरंत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी नीलेश पांडे के नेतृत्व में टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर कुछ ही घंटों में चारों आरोपियों को पकड़ लिया। ये हैं गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने गुलाब नरेश उर्फ राजा सारथी (21), शिवप्रसाद यादव (27), अनवर खान (18), ओमप्रकाश पोर्ते (20) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पहले भी लूट की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। पहले युवक से 5 हजार रुपए लूटे भेड़ीमुड़ा, रतनपुर निवासी भारत कुमार सूर्यवंशी ने पुलिस को बताया कि 15 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे वह अपने मामा के गांव नेवरा (कोटा) से घर लौट रहे थे। भैंसाझार मोड़ के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उनकी बाइक को पैर मारकर गिरा दिया और जेब में रखे 5 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। दूसरे युवक से नकदी और मोबाइल छीना इसी दौरान ग्राम खैरा निवासी अरुण कुमार राज भी कोटा से रतनपुर लौट रहे थे। बदमाशों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और 15 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन लूट लिया। पूछताछ में कबूला जुर्म टीआई नीलेश पांडे ने बताया कि पहले से लूट के मामले में गिरफ्तार हो चुके राजा सारथी को हुलिए के आधार पर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों शिवप्रसाद यादव, अनवर खान और ओमप्रकाश पोर्ते के साथ मिलकर दोनों वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि लूटी गई रकम आपस में बांट ली थी और उसका कुछ हिस्सा खर्च भी कर दिया था। दो बाइक और नकदी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट में इस्तेमाल की गई यामाहा R15 और बजाज पल्सर NS बाइक के साथ 6,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कैमूर में 30 मवेशी बरामद, 4 तस्कर अरेस्ट:मोहनियाँ पुलिस ने जीटी रोड टोल टैक्स के पास से जब्त किए
कैमूर जिला पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मोहनियाँ थाना पुलिस ने जीटी रोड पर टोल टैक्स के पास से एक कंटेनर से 30 मवेशी बरामद किए हैं। इस दौरान चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कंटेनर और मवेशियों को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक इसराफिल खान, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद बबलू कुरैशी और मोहम्मद अरसद कुरैशी के रूप में हुई है। ये सभी गया जिले के चेरकी थाना क्षेत्र के चौकी गांव के निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जीटी रोड के रास्ते एक कंटेनर में अवैध रूप से मवेशियों को ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया और कंटेनर को रोका। जांच के दौरान कंटेनर के भीतर क्रूरतापूर्वक बांधकर ले जाए जा रहे 30 मवेशी मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। मोहनियाँ थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
धमतरी में रथयात्रा पर रूट डायवर्ट:सुरक्षा के लिए पुलिस बल, साइबर टीम तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी
छत्तीसगढ़ के धमतरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महापर्व के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सदर मार्ग पर चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रूट प्लान और विशेष पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। रथयात्रा पर्व के दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का प्रबंधन किया गया है। पार्किंग स्थलों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पुलिस व्यवस्था लागू रहेगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथयात्रा में सहभागिता सुनिश्चित कराना है। नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि 16 जून को सुबह 9:00 बजे से रथयात्रा समाप्त होने तक घड़ी चौक से विंध्यवासिनी मंदिर तक सभी प्रकार के चारपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में केवल आपातकालीन सेवाओं और अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, ताकि रथयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध और सुरक्षित बना रहे। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों का भी निर्धारण किया गया है। रायपुर और गुंडरदेही मार्ग से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन मकई गार्डन में पार्क कर सकेंगे। कांकेर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इंडोर स्टेडियम परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। नगरी, सिहावा और रूद्री मार्ग से आने वाले लोग अपने वाहन विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे स्थित गौशाला मैदान और एकलव्य खेल परिसर में पार्क कर सकते हैं। रथयात्रा मार्ग पर कड़ी सुरक्षा, पुलिस बल तैनात रथयात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वर्दीधारी पुलिस बल के अलावा, सादे वस्त्रों में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, साइबर टीम और विशेष निगरानी दल भी विभिन्न प्रमुख स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर संपूर्ण रथयात्रा मार्ग और भीड़ वाले क्षेत्रों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों, चाकूबाजों, जेबकतरों, असामाजिक और उपद्रवी तत्वों पर विशेष नजर रहेगी। कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा सदर के नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कुमार गौरव ने बुधवार को अपने कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए एक बड़ी जवाबदेही है और वे इसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाएंगे। उन्होंने बताया कि वे झंझारपुर अनुमंडल से स्थानांतरित होकर दरभंगा सदर आए हैं। झंझारपुर में प्राप्त प्रशासनिक अनुभव का फायदा दरभंगा के विकास और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था में मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। जाम की समस्या से दिलाई जाएगी राहत शहर में लगातार लगने वाले जाम को गंभीर समस्या बताते हुए एसडीओ ने कहा कि पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील और प्रमुख स्थानों की पहचान की गई है। आवश्यकता के अनुसार इन स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को जाम से राहत मिल सके। एम्स और एयरपोर्ट परियोजनाओं को मिलेगी गति एसडीओ कुमार गौरव ने कहा कि दरभंगा में प्रस्तावित एम्स, एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंच सके। जलजमाव वाले क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने कहा कि जलजमाव की समस्या वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को बारिश के दौरान कम से कम परेशानी हो। जनता से सीधे संवाद पर रहेगा जोर नवनियुक्त एसडीओ ने कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर किसी भी काम दिवस पर कार्यालय में उनसे मिल सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसारनिष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेगा।
पत्नी ने ब्वॉयफ्रेंड संग मिलकर पति की हत्या कराई:कटिहार में 34 दिन बाद खुला राज, सुपारी किलर अरेस्ट
कटिहार में एक हत्या का खुलासा हुआ है। जम्मू में तैनात विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन की हत्या के पीछे उनकी पत्नी का हाथ सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में सुपारी किलर को भी गिरफ्तार किया है। देवकुमार गुंजन को 11 जून को मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन में गोली मारी गई थी। वह अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में यह मामला अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। रेल पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस हत्या की गुत्थी सुलझाई। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी समिता कुमारी का जहानाबाद निवासी अजीत कुमार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस के अनुसार, देवकुमार गुंजन दोनों के रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसके बाद समिता और अजीत ने मिलकर जहानाबाद निवासी राजू कुमार उर्फ धीरज नामक सुपारी किलर को 4 लाख रुपये में हायर किया। राजू ने चलती ट्रेन में देवकुमार को गोली मारकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया। रेल एसपी हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मामले में शामिल लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी हरिशंकर कुमार ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर ही इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा संभव हो पाया।
नूंह जिले का अल आफिया अस्पताल मांड़ीखेड़ा एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में है। अस्पताल की एक स्टाफ नर्स ने मेंटल हेल्थ प्रोग्राम में कार्यरत लेखा सहायक अब्दुल गफ्फार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्स का कहना है कि गफ्फार काम के बदले पैसे मांगते हैं, अभद्र व्यवहार करते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। पीड़िता ने इस संबंध में सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी है और निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, जब भी वह किसी प्रशासनिक कार्य के लिए लेखा सहायक के पास जाती थी, तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था और हर काम के बदले पैसों की मांग की जाती थी। एरियर जारी करने के बदले रुपए मांगने का आरोप स्टाफ नर्स का आरोप है कि वेतन का एरियर जारी कराने के लिए उसने हाल ही में आरोपी को ऑनलाइन 1000 रुपए दिए। इसके अतिरिक्त, उसने 27 अप्रैल 2025 को 500 रुपए, 1 नवंबर 2025 को 1000 रुपए, 29 जनवरी 2026 को 500 रुपए और 1 अप्रैल 2026 को 1,000 रुपए फोन-पे के माध्यम से दिए। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार मानसिक दबाव बनाता था और काम करवाने के लिए पैसे मांगता था। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब अस्पताल के लगभग आधा दर्जन अन्य कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि उनसे भी कई बार काम के बदले पैसे लिए गए हैं। इन कर्मचारियों ने सुझाव दिया है कि आरोपी के बैंक खाते और ऑनलाइन लेन-देन की जांच से सच्चाई सामने आ सकती है। जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार की मिल रही शिकायतें : नितिन दूबे सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन नितिन दूबे ने बताया कि जिला अस्पताल से भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा रहा है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। शिकायत शाखा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आशीष सिंगला ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी और समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर के सालावास रोड स्थित एक स्कूल में टीसी की मांग को लेकर हंगामा हो गया। इस पर शहर के राजश्री बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंधन ने बासनी थाने में स्कूल परिसर में घुसकर कर्मचारियों को धमकी देने, अभद्र व्यवहार करने और तोड़फोड़ का प्रयास करने की शिकायत दी है। शिकायत में खुद को वकील बताने वाले व्यक्ति और उनके साथ आए अन्य तीन-चार लोगों पर आरोप लगाया गया। शिकायत में बताया कि 14 जुलाई को संबंधित व्यक्ति क्लास 9वीं के एक छात्र की टीसी जारी कराने की मांग को लेकर स्कूल पहुंचे थे। स्कूल प्रशासन ने उन्हें बताया- छात्र की पिछले सत्र की फीस बकाया है। नियमानुसार बकाया शुल्क जमा होने और 'नो ड्यूज' प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही टीसी जारी किया जा सकता है। साथ ही स्कूल प्रबंधन ने कहा कि अभिभावकों की तरफ से टीसी प्राप्त करने की कोई प्रक्रिया नहीं दी गई। सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस बात पर संबंधित लोगों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, धमकियां दी और स्कूल के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने और परिसर में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। घटना के बाद स्कूल के कर्मचारियों और स्टूडेंट्स में डर का माहौल है। प्रबंधन ने कहा- पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। शिकायत में स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने और सोशल मीडिया के माध्यम से संस्था की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से संरक्षण संबंधी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, बासनी थाने के उप निरीक्षक त्रिलोक दान ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से शिकायत मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही की है।
कोरबा जिले में तेज रफ्तार के कारण दो अलग-अलग सड़क हादसे सामने आए हैं। सुनालिया रोड पर तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जबकि कटघोरा मुख्य मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। दोनों घटनाओं में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। बुधवार (15 जुलाई) दोपहर कोतवाली थाना क्षेत्र के सुनालिया रोड पर बाइक से जा रहे दो युवकों को पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने शुरू की जांच हादसे में एक युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दूसरे को मामूली चोट लगी है। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर फरार वाहन की तलाश की जा रही है। झपकी आने से गड्ढे में उतरी कार दूसरी घटना मंगलवार (14 जुलाई) देर रात कटघोरा मुख्य मार्ग पर हुई। तेज रफ्तार कार चालक को अचानक झपकी आने से वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में उतर गया। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन चालक सुरक्षित बच गया। ट्रैक्टर की मदद से निकाली गई कार गनीमत रही कि इस हादसे में चालक को गंभीर चोटें नहीं आईं। कार गड्ढे में फंस जाने के कारण उसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में ट्रैक्टर की मदद से टोचन कर वाहन को बाहर निकाला गया।
गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल में बुधवार को प्लास्टिक सर्जरी दिवस मनाया गया। इस मौके पर बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने नुक्कड़ नाटक किए। इसके जरिए लोगों को बताया कि प्लास्टिक सर्जरी सिर्फ सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं होती, बल्कि जलने, हादसों, जन्म से होने वाली शारीरिक समस्याओं और कैंसर के बाद शरीर को फिर से सामान्य बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है। इसी दिन जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने दो मुश्किल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए। मेडिकल के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से जागरूक किया एमबीबीएस के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया कि जलने के बाद की तकलीफें, जन्म से होने वाली शारीरिक दिक्कतें, सड़क हादसों में लगी गंभीर चोटें और स्किन ग्राफ्टिंग जैसी समस्याओं का इलाज प्लास्टिक सर्जरी से संभव है। डॉक्टरों ने कहा कि लोगों में अभी भी यह गलतफहमी है कि प्लास्टिक सर्जरी सिर्फ कॉस्मेटिक सर्जरी होती है। चार महीने से परेशान महिला का सफल ऑपरेशन दमोह की एक महिला सामान्य प्रसव के बाद गंभीर समस्या से जूझ रही थी। चार महीने तक कई जगह इलाज कराने के बाद भी उसे आराम नहीं मिला। बाद में वह हमीदिया अस्पताल पहुंची, जहां डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने ऑपरेशन किया। अस्पताल के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा और अब महिला स्वस्थ है। 14 साल की बच्ची का भविष्य बचाने वाला ऑपरेशन दूसरे मामले में 14 साल की एक बच्ची मासिक धर्म शुरू नहीं होने की शिकायत लेकर अस्पताल आई। जांच में अंदरूनी समस्या सामने आई। परिजनों ने बताया कि निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की सलाह दी गई थी। डॉ. कविता सिंह ने ऑपरेशन कर समस्या का समाधान किया। अस्पताल के अनुसार अब बच्ची का भविष्य सुरक्षित है और आगे मां बनने की संभावना भी बनी रहेगी। 2003 से मिल रही हैं प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अरुण भटनागर ने बताया कि विभाग की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी। यहां बर्न यूनिट, स्किन बैंक, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और प्लास्टिक सर्जरी की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग में एमसीएच की तीन सीटों पर डॉक्टरों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे SIR (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) के बीच लापरवाही करने वाले कर्मी को DC ने सस्पेंड कर दिया है। शाहाबाद ब्लॉक के ग्राम सचिव निमित कुमार पर SIR की ड्यूटी में गायब रहने पर DC विश्राम कुमार मीणा की ओर से कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से पहले सचिव को नोटिस भी दिए थे। सचिव निमित कुमार SIR को लेकर हुई मीटिंग में नहीं पहुंचे। इसके बाद 2 बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने न तो कोई जवाब दिया और न ही अधिकारियों के सामने पेश हुए। इसके बाद DC विश्राम कुमार मीणा ने विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। बूथ-135 पर लगी थी ड्यूटी, मीटिंग से रहे गायब प्रशासन के मुताबिक, निमित कुमार की ड्यूटी शाहाबाद विधानसभा के बूथ नंबर-135 पर अतिरिक्त स्टाफ के रूप में लगाई गई थी। 3 जुलाई को उन बूथों की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी, जहां SIR कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं थी। बैठक में सभी बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर और अतिरिक्त स्टाफ को बुलाया गया था। लेकिन निमित कुमार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे। पहले नोटिस, फिर रिमाइंडर बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद 3 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और अगले दिन कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम दिया गया। जब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो 4 जुलाई को दूसरा पत्र जारी कर 5 जुलाई को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। फिर भी नहीं हुए पेश इसके बावजूद वे अधिकारियों के सामने पेश हुए नहीं हुए और न ही लिखित जवाब दिया। इसे SIR अभियान में सहयोग नहीं देना माना गया। इस गंभीर लापरवाही के चलते उनको तुरंत ग्राम सचिव के पद से सस्पेंड कर दिया गया। इस सस्पेंशन पर उनका मुख्यालय खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) थानेसर रहेगा। 24 जुलाई तक बढ़ाया गया SIR अभियान उधर, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि चुनाव आयोग ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। जिन मतदाताओं के फॉर्म अभी तक जमा नहीं हुए हैं, उनके लिए बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे। नागरिक भी अपने बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कर सकते हैं। 1.15 लाख से ज्यादा फॉर्म अभी भी बाकी कुरुक्षेत्र जिले में कुल 7,83,831 मतदाता हैं। इनमें से 6,68,239 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा होकर डिजिटाइज हो चुके हैं, जबकि 1,15,502 फॉर्म अभी भी लंबित हैं। इसमें थानेसर में 52,547, पिहोवा में 24,642, लाडवा में 19,327 और शाहाबाद में 18,986 के फॉर्म बकाया है।
कनाडा के एडमोंटन शहर में एक तीन मंजिला रिहायशी और व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने से लुधियाना जिले के आलीवाल गांव के एक बुजुर्ग दंपती की मृत्यु हो गई। यह घटना 132 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास हुई। मृतकों की पहचान मेजर सिंह भंडाल (82) और उनकी पत्नी सुरिंदर कौर (80) के रूप में हुई है। इस घटना से गांव आलीवाल सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक दंपती के भतीजे जगपाल सिंह भोला और पूर्व सरपंच प्रगट सिंह ढिल्लों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि मेजर सिंह भंडाल के शव की पहचान एडमोंटन में परिजनों द्वारा कर ली गई। उनकी पत्नी सुरिंदर कौर आग की लपटों में घिरी इमारत में ही फंस गईं। आग पर नहीं पाया जा सका काबू आग पर लंबे समय तक काबू नहीं पाया जा सका, जिसके कारण उनके जीवित बचने की कोई संभावना नहीं रही और उनकी मृत्यु की भी पुष्टि हो चुकी है। परिजनों के अनुसार, मेजर सिंह भंडाल और सुरिंदर कौर पिछले लंबे समय से अपनी बेटी संदीप कौर के पास कनाडा में रह रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि एक भीषण अग्निकांड उनकी जिंदगी का इस तरह दुखद अंत कर देगा। घटना की सूचना मिलते ही गांव आलीवाल में मातम छा गया। परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग इस खबर से गहरे सदमे में हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दिवंगत दंपती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
इंदौर के श्याम पैलेस होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर हुई जीतू उर्फ जितेंद्र साहू की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ी है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि घटना के समय जीतू पिछले 22 दिनों से एक युवती के साथ होटल में रह रहा था। युवती से उसका करीब ढाई साल से रिलेशनशिप था। वहीं, मौत से कुछ घंटे पहले सलमान लाला के रिश्तेदार जावेद और उनके साथी होटल में जीतू से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और युवती समेत सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। रात 3 बजे तक होटल में थे मेहमान पुलिस जांच के अनुसार रविवार को जीतू के घर शिव पूजा का कार्यक्रम था। इसके बाद उसने जावेद और अन्य परिचितों को होटल बुलाया। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया। रात करीब 3 बजे जावेद अपने साथियों के साथ होटल से चले गए। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को उनके और जीतू के बीच दोस्ताना संबंध होने की जानकारी मिली है। सुबह लौटने की बात कहकर निकला, फिर मिला शव पुलिस के मुताबिक सुबह करीब 4:20 बजे जीतू ने युवती से कहा था कि वह थोड़ी देर में वापस आएगा। युवती को लगा कि वह होटल के बाहर या बाथरूम गया है, लेकिन कुछ देर बाद होटल के नीचे उसका शव मिला। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि वह पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान पाइप टूटने से वह नीचे गिर गया। फ्लैट खाली कराया, फिर होटल में रहने लगे जांच में सामने आया है कि जीतू और युवती पहले करोल बाग क्षेत्र स्थित एक फ्लैट में साथ रहते थे। करीब 22 दिन पहले जीतू ने फ्लैट खाली करा दिया, जिसके बाद युवती अपना सामान लेकर होटल में रहने आ गई। जीतू भी नियमित रूप से वहीं आता-जाता था। आर्थिक संकट की भी जांच पुलिस आर्थिक पहलू की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जीतू पर काफी कर्ज था और कई लोगों के साथ उसका वित्तीय लेन-देन चल रहा था। बताया जा रहा है कि होटल का 22 दिन का भुगतान भी बाकी था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं आर्थिक दबाव का घटना से कोई संबंध तो नहीं है। CCTV और बयानों के आधार पर जांच जारी बाणगंगा पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। युवती के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल परिजनों ने किसी पर संदेह व्यक्त नहीं किया है, लेकिन मौत से पहले के हर घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।
कोरबा जिले के दादरखुर्द में 125 सालों से चली आ रही भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा इस साल 16 जुलाई को निकाली जाएगी। यह सदियों पुराना महापर्व लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और लोककल्याण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर समिति, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने इस बार आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। दादरखुर्द स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और लाइटों से सजाया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दिव्य श्रृंगार और वस्त्राभूषण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुजारी और सेवायत लगातार पूजा-अनुष्ठान में जुटे हैं। 16 जुलाई की सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद तीनों देवताओं को भव्य रथ पर विराजमान किया जाएगा। इसके बाद 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष के साथ रथ नगर भ्रमण के लिए निकलेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं। रथ की रस्सी खींचना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मंदिर के मुख्य पुजारी श्री कुंज द्विवेदी ने बताया कि दादरखुर्द की रथयात्रा कोरबा जिले की सबसे पुरानी धार्मिक परंपराओं में से एक है। यह यात्रा पिछले 125 वर्षों से बिना किसी रुकावट के निकाली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान जगन्नाथ को 'जगत के नाथ' यानी पूरे संसार के पालनहार कहा जाता है। उनकी बड़ी-बड़ी आंखें इस बात का प्रतीक हैं कि वे हर जाति, वर्ग और समुदाय के भक्तों पर समान दृष्टि रखते हैं। इसी कारण इस रथयात्रा को समानता, सेवा और लोककल्याण का महापर्व भी कहा जाता है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। मंदिर समिति के साथ मिलकर पुलिस, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी बब्बू को गिरफ्तार किया है। सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी खायरा, थाना शहर महेंद्रगढ़ का निवासी है और उसके खिलाफ नारनौल शहर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी बब्बू लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर लगातार प्रयास करते हुए उसे गिरफ्तार किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जल्द ही कोर्ट में सरेंडर करने की योजना बना रहा था। हालांकि, पुलिस ने उसकी योजना से पहले ही उसे दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी प्रकार के संगठित अपराध और गुंडागर्दी को पनपने नहीं दिया जाएगा।
निवाड़ी जिले के गणेशपुरा सिनोनिया पश्चिमी गांव में बुधवार शाम एक घर में 60 वर्षीय महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस को शक है कि महिला के सगे बेटे ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है, जो घटना के बाद से ही लापता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मुंह से निकल रहा था खून, सिर पर थे गहरे जख्म घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को घर के अंदर 60 वर्षीय भारती कुशवाहा का शव मिला। मृतका के मुंह से खून निकल रहा था और सिर पर चोट के गहरे निशान थे। घटनास्थल से पुलिस ने खून से सना हुआ एक भारी सिलबट्टा भी बरामद किया है। सिलबट्टे से सिर पर वार करने की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने महिला के सिर पर सिलबट्टे से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी बेटा वारदात के बाद से फरार पुलिस की तफ्तीश में मृतका के 30 वर्षीय बेटे दीपक उर्फ चिनटा कुशवाहा पर हत्या का शक गहराया है। वारदात के बाद से ही दीपक अपने घर से फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। साक्ष्य जुटाने में लगी फॉरेंसिक टीम घटनास्थल को पुलिस ने सील कर दिया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस हत्या की असली वजह जानने के लिए परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
करौली के सपोटरा में भारतीय किसान संघ की जिला बैठक में यूरिया खाद की कालाबाजारी और डीलरों की मनमानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पर्याप्त मात्रा में निर्धारित दर पर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मीणा धर्मशाला, सपोटरा में आयोजित इस बैठक में भारतीय किसान संघ जिला इकाई करौली के प्रांतीय उपाध्यक्ष गंगाराम मीणा और संभाग उपाध्यक्ष गिरिराज मीणा अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मोहर सिंह मीणा ने की। इस दौरान जिलेभर में जल्द शुरू होने वाले सदस्यता अभियान की रूपरेखा भी तैयार की गई। सभी तहसील पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रत्येक ग्राम पंचायत तक अभियान पहुंचाने तथा हर ग्राम समिति में 11 सदस्यीय टीम गठित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में किसानों ने सपोटरा क्षेत्र में यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी और डीलरों की मनमानी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रांतीय उपाध्यक्ष गंगाराम मीणा ने बताया कि इस संबंध में उप कृषि निदेशक धर्म सिंह मीणा से बातचीत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि दो दिन के भीतर डीलरों की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी और किसानों को आवश्यकतानुसार यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक के बाद किसान संघ के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी, सपोटरा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि किसानों को सीमित मात्रा में यूरिया दिया जा रहा है और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है। प्रशासन ने खाद डीलरों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों की बैठक बुलाकर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया है। किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि दो दिन में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
सहरसा में करंट लगने से सातवीं के छात्र की मौत:घर में पंखा चलाने के दौरान नंगे तार की चपेट में आया
सहरसा के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र में बिजली का करंट लगने से 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। यह घटना बुधवार दोपहर को हुई, जब छात्र घर में पंखा चलाने की कोशिश कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मृतक की पहचान बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के खुजरी पंचायत अंतर्गत बनचोल्हा वार्ड नंबर 3 निवासी श्री देव सादा के पुत्र धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। धर्मेंद्र दो भाइयों में सबसे छोटा था और गांव के ही मिडिल स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। दोपहर को स्नान के लिए घर गया था धर्मेंद्र के चचेरे भाई ने बताया कि बुधवार सुबह वह उनके साथ खेत में धान रोपने गया था। दोपहर बाद वह घर स्नान के लिए आया। इसके बाद गर्मी लगने पर उसने पंखा चलाने के लिए स्विच में तार लगाया, तभी एक नंगे तार की चपेट में आने से उसे करंट लग गया। करंट लगने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही बैजनाथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। बैजनाथपुर थाना अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि बिजली के करंट से एक किशोर की मौत हुई है। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
प्रतापगढ़ में राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर लालगंज स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कॉलेज परिसर में एक सद्भावना सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनसेवा, विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को रेखांकित करना था। मुख्य अतिथि सांसद एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष तनुज पुनिया ने प्रमोद तिवारी के लंबे राजनीतिक जीवन को जनप्रतिनिधित्व का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि तिवारी ने हमेशा सार्वजनिक विकास और आमजन की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी है। सांसद पुनिया ने प्रमोद तिवारी के विधायक और सांसद के रूप में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि तिवारी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम किया है। पहले देखें, 3 तस्वीरें… पुनिया ने रामपुर खास क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सुरक्षा और लघु उद्योग के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को प्रमोद तिवारी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण बताया। उन्होंने विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' के विधानसभा में सक्रिय प्रतिनिधित्व की भी प्रशंसा की। पुनिया ने कहा कि सीमित संख्या के बावजूद उन्होंने कांग्रेस की प्रभावी आवाज को मजबूती प्रदान की है। इस अवसर पर सांसद पुनिया ने आगामी विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने रामपुर खास की जनता से विकास की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। पुनिया ने भारतीय जनता पार्टी पर मताधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महात्मा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। सांसद पुनिया ने लालगंज चौक पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा और सलेम भदारी वार्ड में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में प्रमोद तिवारी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए केक काटा गया। इसी अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश शुक्ल द्वारा लिखित पुस्तक 'स्वर्णिम नेतृत्व का उल्लास, प्रमोद जी का प्रकाश' का लोकार्पण भी किया गया। आयोजन समिति ने मुख्य अतिथि सांसद तनुज पुनिया को बाबा घुइसरनाथ की आकर्षक तस्वीर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी और पीसीसी सदस्य प्रशांत शुक्ल का भी सम्मान किया गया। सद्भावना सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए। लोकगायक श्रीकांत, प्रेमचंद्र, अमर बेदर्दी और परशुराम क्रोधी की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भगवती प्रसाद तिवारी ने की, जबकि संयोजन ज्ञानप्रकाश शुक्ल और संचाiलन विकास मिश्र ने किया। इससे पहले सांसद तनुज पुनिया के रामपुर खास पहुंचने पर अगई सीमा से लेकर लालगंज तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह नारेबाजी और स्वागत समारोह आयोजित हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने बताया कि गुरुवार को प्रमोद तिवारी के जन्मदिन पर लालगंज ट्रॉमा सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण, बाबा घुइसरनाथ धाम में पूजन-अर्चन तथा कैंप कार्यालय पर हवन, पूजन और सामूहिक सुंदरकांड सहित विभिन्न सेवा एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

