राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को रायपुर के दो इलाको में चाकूबाजी होने की घटनाएं सामने आई है। इन वारदातों में ई-रिक्शा चालक समेत तीन लोग चाकू लगने से घायल हो गए। दोनों मामलों में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पहली घटना खमतराई थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक तेलीबांधा निवासी संजय निषाद गुरुवार शाम करीब 7:40 बजे अपने साथी भरत यादव के साथ ई-रिक्शा से एक महिला सवारी को विशाल नगर से सेंट जेवियर्स स्कूल की ओर लेकर जा रहा था। सृष्टि प्लाजा, राजीव गांधी नगर के पास तीन युवकों ने रास्ते में गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट की और चाकू निकाल लिया। एक आरोपी ने संजय के सीने पर वार करने की कोशिश की। संजय ने हाथ से हमला रोक लिया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने भरत यादव की कमर के ऊपर चाकू मारकर उसे घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटनास्थल से एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें राहुल नाम से लगातार कॉल आ रही थी। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। सरोरा इलाके में विवाद के बाद चाकूबाजी दूसरी घटना सरोरा इलाके में हुई। मजदूर नगर निवासी युवराज सेन का कुछ युवकों से विवाद हो गया। हाथापाई के बाद आरोपियों ने अपने साथियों को बुलाया और केटीएम बाइक से पहुंचे एक युवक ने युवराज पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवराज को पहले नजदीकी क्लीनिक और फिर एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। दोनों मामलों में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के निवासी अर्जुन जायसवाल और उनके परिवार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई एक आवासीय मकान और तीन वाहनों को कुर्की से मुक्त करने का आदेश दिया है। जानिये क्या है मामला पुलिस थाना बेलीपार, गोरखपुर की रिपोर्ट पर वर्ष 2020 में अर्जुन जायसवाल के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके आधार पर जिला मजिस्ट्रेट, गोरखपुर ने जनवरी 2021 में धारा 14(1) के तहत उनकी और परिवार के सदस्यों की कुछ संपत्तियां कुर्क कर दी थीं। इसमें गाटा संख्या 206 पर बना पक्का मकान और तीन चार-पहिया वाहन शामिल थे। बाद में विशेष न्यायाधीश, गैंगस्टर एक्ट, गोरखपुर ने भी नवंबर 2022 में इस कुर्की को बरकरार रखा था, जिसके विरुद्ध यह अपील दाखिल की गई थी। अर्जुन जायसवाल ने दलील दी कि संपत्तियां पैतृक हैं, परिवार के पास लगभग 150 बीघा पुश्तैनी कृषि भूमि रही है, और राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण पर सरकार से मुआवजा भी मिला था। वाहन ऋण लेकर खरीदे गए थे और उनके भाई व रिश्तेदारों के नाम पंजीकृत थे, जो अपने वैध व्यवसाय से आय अर्जित करते थे। उनका कहना था कि दस आपराधिक मामलों में से किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है, और महज आपराधिक इतिहास के आधार पर संपत्ति को अपराध की कमाई नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने क्या कहा जानिये हाईकोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत कुर्की का अधिकार एक असाधारण शक्ति है, जिसका प्रयोग तभी किया जा सकता है जब संपत्ति और अपराध की आय के बीच स्पष्ट व प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने वाले ठोस साक्ष्य मौजूद हों। कोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक पृष्ठभूमि होने से यह नहीं माना जा सकता कि हर संपत्ति अपराध की कमाई से अर्जित की गई है। पीठ ने पाया कि अभियोजन पक्ष इस बात का कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सका कि मकान या वाहन किसी विशिष्ट अपराध की आय से खरीदे गए थे। इसके विपरीत, परिवार ने राजस्व अभिलेख, बैंक स्टेटमेंट, मुआवजा दस्तावेज़, ऋण भुगतान रिकॉर्ड और आयकर रिटर्न सहित पर्याप्त दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत किए था। कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश के आदेश को साक्ष्य के बजाय अनुमान पर आधारित मानते हुए गाटा संख्या 206 स्थित मकान तथा तीन वाहनों की कुर्की रद्द कर दी और उन्हें उनके वैध स्वामियों को सौंपने का निर्देश दिया। हालांकि, राम शरण निषाद के नाम पंजीकृत वाहन (UP 53 AB 5305) की कुर्की बरकरार रखी गई, क्योंकि उसके स्वामी ने न तो कोई आपत्ति दाखिल की और न ही कोर्ट में उपस्थित हुए। इस प्रकार अपील को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया।
रायपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी युवती ने पहले पीड़ित को वाट्सऐप ग्रुप से जोड़कर निवेश का झांसा दिया। शुरुआत में छोटा-छोटा मुनाफा दिखाकर उसका भरोसा जीता और फिर बड़ी रकम निवेश करवा ली। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने फोन बंद कर लिया। शिकायत के बाद खमतराई पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का नाम पुलिस द्वारा विशाल गोयल बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला खमतराई पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता विशाल गोयल ने बताया, कि 13 फरवरी 2026 को अनिका शर्मा नाम की युवती ने वाट्सऐप के जरिए एक लिंक भेजा था। लिंक के माध्यम से उसे एक ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ा गया, जहां 30 दिन में निवेश की रकम दोगुनी करने का दावा किया जा रहा था। ग्रुप में लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट और निवेश से होने वाले फायदे दिखाए जाते थे। शुरुआत में पीड़ित से कम राशि निवेश करवाई गई और उस पर लाभ दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद आरोपी ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर विशाल गोयल ने पांच अलग-अलग किश्तों में कुल 20 लाख रुपए बताए गए खातों में जमा कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी जमा राशि और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपी टालमटोल करने लगी। खमतराई में पीड़ित ने दी शिकायत अपने साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने खमतराई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या वाट्सऐप ग्रुप के जरिए मिलने वाले निवेश के प्रस्तावों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। कम समय में रकम दोगुनी करने का दावा करने वाले ऑफर अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं।
हमसफर की तलाश में मेट्रिमोनियल साइट पर रजिस्ट्रेशन करना बर्रा की एक महिला को भारी पड़ गया। विदेशी कारोबारी बन संपर्क करने वाले साइबर ठग ने पहले भरोसा जीता, फिर गिफ्ट पार्सल और कस्टम शुल्क का झांसा देकर करीब चार लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। पति से अनबन के बाद मायके में रह रही थीं महिला ने बताया कि पहली शादी से उनका एक बच्चा है, पति से अनबन के बाद वह मायके में रह रही हैं। सहेलियों के कहने पर उन्होंने मेट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी, जिसके कुछ ही दिनों बाद खुद को गुजरात का मूल निवासी और वर्तमान में यूके में रहने वाला कारोबारी बताने वाले आरव पाटिल नाम के युवक ने संपर्क किया। उसने खुद के तलाकशुदा होने और उनके बच्चे को अपनाने की बात कहकर विश्वास जीता। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद बताया कि उसे बड़ा कांट्रैक्ट मिला है और खुशी में उसको गिफ्ट भेज रहा है। अगले दिन खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताने वाले युवक का फोन आया। उसने पार्सल छुड़ाने के नाम पर पहले आठ हजार रुपये और बाद में कस्टम शुल्क, टैक्स व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर कई किस्तों में रकम जमा करा ली। जेवर गिरवी रख कर पैसा ट्रांसफर किया इसके बाद मुंबई आने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। उसे फोन करके बताया तो उसने खुद ही मुंबई आने की बात कही और फिर वीडियो काल पर टिकट व वीजा दिखाया। मुंबई पहुंचकर बताया कि वह कस्टम अधिकारियों के चक्कर में फंस गया और रोते हुए मदद मांगी, जिसके झांसे में आकर उन्होंने जेवर गिरवी रख दिए और फिर भेजे गए स्नैकर से रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उसकी मांग बढ़ती गई तो असमर्थता जताई। इस पर युवक ने उनका मोबाइल नंबर ही ब्लाक कर दिया, जिसपर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि वह चार लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर चुकी हैं। साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया जो संविधान के आर्टिकल 12 के तहत राज्य है, मनमाने ढंग से हाईवे बनाने का कॉन्ट्रैक्ट बीच में ही खत्म नहीं कर सकती और न ही देरी के लिए कॉन्ट्रैक्टर को जिम्मेदार ठहरा सकती है। जब देरी खुद अथॉरिटी की गलती से हुई हो—जैसे कि कॉन्ट्रैक्ट के तहत बिना किसी रुकावट वाली ज़मीन और साफ़ रास्ता न सौंप पाना है। जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी ने कहा, इस मामले में आर्टिकल 12 के तहत 'राज्य' मानी जाने वाली पार्टी का काम जनहित के काम को प्रभावित करने वाला और मनमाना पाया गया। इसलिए यह कोर्ट व्यापक जनहित में न्याय के साथ किसी भी तरह के खिलवाड़ को रोकने की अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी। अगर नेशनल हाईवे बनाने के प्रोजेक्ट में देरी 'राज्य' (जो कॉन्ट्रैक्ट की एक पार्टी है) की लापरवाही, असावधानी और मनमानी के कारण होती है तो कोर्ट के लिए इस याचिका में उठाए गए ऐसे कदमों के असली कारणों को समझने के लिए 'कॉर्पोरेट आवरण' को हटाकर देखना पूरी तरह सही है। कोर्ट ने क्या कहा जानिये कोर्ट ने आगे कहा कि 'राज्य' की एजेंसी के ऐसे मनमाने कदम को आर्टिकल 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में चुनौती दी जा सकती है, भले ही समझौते में आर्बिट्रेशन क्लॉज़ (मध्यस्थता की शर्त) हो। ऐसा तब किया जा सकता है, जब विवाद दस्तावेजों की व्याख्या पर आधारित हो और अथॉरिटी का अपना रिकॉर्ड ही एक तरह से सही बात को स्वीकार करता हो, न कि किसी असल विवादित तथ्य पर। एन एच ए आई ने दिसंबर 2018 में गढ़मुक्तेश्वर और मेरठ के बीच एन एच-709 ए के 50.254 किमी हिस्से को चौड़ा और अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव मंगाए, जिसकी लागत 940.68 करोड़ थी। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को चुना गया और मार्च 2021 में एक्सेप्टेंस लेटर (स्वीकृति पत्र) जारी किया गया। काम शुरू करने की तारीख 10 अक्टूबर 2021 तय की गई थी और काम पूरा करने की समय-सीमा 10 अक्टूबर 2023 थी। 21 सितंबर 2021 के हैंडओवर मेमोरेंडम में कुल लंबाई के 47.620 km, यानी 94.76% हिस्से के सौंपे जाने की बात दर्ज थी। हालांकि, याचिकाकर्ता ने बार-बार शिकायत की कि बिना रुकावट वाले हिस्से उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे। इसके बाद प्रोजेक्ट को समय पर पूरा न करने जैसे कारणों से अन्य बातों के साथ-साथ बीच में ही कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया। इस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने और उसके बाद की कार्रवाई को हाईकोर्ट में रिट अधिकार क्षेत्र के तहत चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहां क्या पाया कोर्ट ने पाया कि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) एग्रीमेंट के तहत अथॉरिटी की यह ज़िम्मेदारी थी कि वह एग्रीमेंट के 30 दिनों के भीतर ज़रूरी 'राइट ऑफ़ वे' (काम करने का रास्ता) का कम से कम 90% हिस्सा उपलब्ध कराए। यह हिस्सा रुकावट-मुक्त होना चाहिए था और कम-से-कम 5 किमी के लगातार हिस्सों में होना चाहिए। आर्टिकल 8.2 के तहत पार्टियों और अथॉरिटी के इंजीनियर को एक हैंडओवर मेमोरेंडम तैयार करना था। इसमें साइट की इन्वेंट्री (विवरण) दर्ज की जानी थी, जिसमें खाली और बिना रुकावट वाली ज़मीन और उस पर मौजूद कोई भी इमारत, ढांचा, पेड़ या अन्य अचल संपत्ति शामिल हो। इस पर हस्ताक्षर को इस बात का वैध सबूत माना जाना था कि कॉन्ट्रैक्टर को 'राइट ऑफ़ वे' दे दिया गया। रिकॉर्ड ही हैंडओवर मेमोरेंडम के विपरीत कोर्ट ने पाया कि अथॉरिटी का अपना रिकॉर्ड ही हैंडओवर मेमोरेंडम के विपरीत है। अथॉरिटी के 8 अगस्त 2022 के एक पत्र में माना गया कि असल में 50.254 किमी में से केवल 29.914 किमी हिस्सा ही सौंपा गया। कोर्ट ने देखा कि अथॉरिटी के इंजीनियर की 10 जुलाई, 2024 की रिपोर्ट को काउंटर एफिडेविट में नकारा नहीं गया। रिपोर्ट में बताया गया कि रुकावटें और ज़मीन से जुड़े मुद्दे अभी भी बने हुए। इसमें 247 दिनों की और मोहलत देने की सिफारिश की गई। अथारिटी की दलीलें भी सुनी गईं यह देखते हुए कि हैंडओवर मेमोरेंडम के अपेंडिक्स में केवल छोटी-मोटी यूटिलिटीज़ जैसे बिजली के खंभे, एक पाइपलाइन और कुछ हैंड पंपों का ज़िक्र था, लेकिन इमारतों, मंदिर और ज़मीन से जुड़े मुद्दों को छोड़ दिया गया, कोर्ट ने माना कि इसमें दर्ज कब्ज़ा सिर्फ़ कागज़ी कार्रवाई थी और अपेंडिक्स खुद धोखा देने वाला और गुमराह करने वाला था। कोर्ट ने माना कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का फ़ैसला बिना सोचे-समझे लिया गया, क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश की भाषा वैसी ही थी जैसी 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) की, और कॉन्ट्रैक्टर के दस्तावेज़ों के साथ दिए गए विस्तृत जवाब पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया। कोर्ट ने अथॉरिटी के व्यवहार को राज्य की ओर से अनुचित व्यवहार और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के फ़ैसले को पूरी तरह मनमाना और रिकॉर्ड से साफ तौर पर ज़ाहिर बताया। अथॉरिटी की इस दलील पर कि कॉन्ट्रैक्टर को एग्रीमेंट के आर्टिकल 26 के तहत आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) के लिए भेजा जाना चाहिए, कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ आर्बिट्रेशन क्लॉज़ होने या तथ्य से जुड़े किसी कथित विवादित सवाल के होने से रिट अधिकार क्षेत्र (writ jurisdiction) खत्म नहीं हो जाता, खासकर तब जब राज्य के अपने दस्तावेज़ों से स्पष्ट रूप से बात स्वीकार की गई हो और विवाद कानून से जुड़ा हो जो उन दस्तावेज़ों की व्याख्या पर निर्भर करता हो। याचिका को मंज़ूरी देते हुए कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 के कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश उसके बाद बैंक गारंटी ज़ब्त करने की कार्रवाई और 3 फरवरी 2025 को जारी नए टेंडर रद्द किया है। कॉन्ट्रैक्टर के 14 महीनों में काम पूरा करने के वादे को रिकॉर्ड करते हुए और यह देखते हुए कि किसी तीसरे पक्ष के अधिकार नहीं बने थे और कब्ज़ा कॉन्ट्रैक्टर के पास ही था, कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे एक महीने के भीतर साइट का नया संयुक्त निरीक्षण करें और ईपीसी एग्रीमेंट के तहत बड़े जनहित में प्रोजेक्ट का नया शेड्यूल बनाकर उसे पूरा करें।
आदेश की अवहेलना पर इटावा के बीएसए तलब:हाईकोर्ट ने कहा- बताएं कि आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेशों की अनदेखी और मनमानी करने के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए इटावा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बीएसए को निर्देश दिया कि व्यक्तिगत हलफनामे के साथ उपस्थित होकर स्पष्ट करें कि बार-बार दिए गए न्यायिक आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनूप कुमार सत्संगी की याचिका पर उसके अधिवक्ता कमल कुमार केशरवानी को सुनकर दिया है।जानिये क्या है मामला याची की मां की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी। उसने अनुकंपा के आधार पर मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे विभाग ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि उस समय तृतीय श्रेणी का कोई पद रिक्त नहीं था। इस पर याची ने याचिका दाखिल की तो सुनवाई के दौरान बीएसए इटावा ने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्वीकार किया कि नगर क्षेत्र इटावा के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिपिक ज्ञान सिंह की सेवानिवृत्ति के कारण तृतीय श्रेणी का पद रिक्त है। इस पर कोर्ट ने 16 मार्च 2023 को विभाग को आदेश दिया कि याची को उसी रिक्त पद पर नियुक्ति दी जाए। एकल पीठ के इस आदेश के खिलाफ बेसिक शिक्षा परिषद और विभाग ने स्पेशल अपील दाखिल की। डिवीजन बेंच ने विभाग की अपील को खारिज कर दिया और राज्य सरकार पर 10 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया। साथ ही कोर्ट ने फिर से निर्देश दिया कि स्वीकृत रिक्त पद पर ही याची को नियुक्ति दी जाए। याचिकर्ता के वकीलों ने रखी दलील याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद बीएसए ने अनूप कुमार को उस जगह (नगर क्षेत्र) नियुक्ति देने की बजाय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ताखा (इटावा) में ज्वॉइन करने का आदेश दिया। याची ने वहां कार्यभार भी संभाल लिया। इसके बाद याची ने आदेश के पूर्ण अनुपालन के लिए अवमानना याचिका की तो विभाग ने गत 25 अप्रैल को एक नया आदेश जारी कर दिया, जिसमें याची की ज्वॉइनिंग तारीख 25 अगस्त 2023 की बजाय एक जनवरी 2024 दिखा दी गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया बीएसए इटावा का 25 अप्रैल का आदेश एकल पीठ और डिवीजन बेंच के आदेशों के बिल्कुल विपरीत है। कोर्ट ने कहा कि पर्याप्त समय मिलने और अवमानना याचिका के बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इटावा ने न्यायालय के आदेशों के अनुपालन पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उनका यह आचरण प्रथम दृष्टया जानबूझकर की गई अवहेलना को दर्शाता है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिवक्ता द्वारा जानकारी के लिए 10 दिन का समय मांगे जाने पर मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उस दिन बीएसए इटावा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।
एमपी के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव का नामांकन फॉर्म खरीद लिया था। ताबड़तोड़ प्रचार में भी जुट गए थे। लेकिन 10 जुलाई को बीजेपी ने उनका टिकट ही काट दिया। आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया गया है। नरोत्तम के समर्थक उत्पात मचा रहे हैं। दतिया में धारा 163 लागू है। आखिर क्यों कटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट और कौन हैं नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी; एमपी एक्सप्लेनर में पूरी कहानी…। सवाल-1: दतिया में नरोत्तम इतने कॉन्फिडेंट क्यों थे?जवाबः सवाल-2: तो आखिर ऐन वक्त पर उनका टिकट क्यों कट गया?जवाबः इसकी 3 वजहें सामने आ रही हैं… 1. गिरता वोट मार्जिनराजनीतिक विश्लेषक रवि ठाकुर के मुताबिक, ‘विधायक रहते हुए उनके पुराने आचरण को लेकर आम आदमी और अधिकारियों में अब भी नाराजगी है। पिछले 2 साल में सिर्फ 10-20% डैमेज कंट्रोल हो पाया है।' पिछले तीन विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी यही दिखाते हैं… 2. हार का ठीकरा CM पर फूटतारवि ठाकुर कहते हैं- उपचुनाव हमेशा सत्ताधारी दल और मौजूदा सीएम के चेहरे का चुनाव माना जाता है। अगर नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलता और वे हार जाते, तो इसका सीधा ठीकरा सीएम मोहन यादव पर फूटता। नरोत्तम मूल रूप से डबरा के हैं, इसलिए बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा भी उठ रहा था। 3. भाजपा जनरेशनल शिफ्ट के दौर मेंराजनीतिक विश्लेषक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि भाजपा इस वक्त जनरेशनल शिफ्ट यानी नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। इसी वजह से किसी हैवीवेट और विवादित चेहरे की जगह आशुतोष तिवारी जैसे युवा चेहरे को आगे किया गया। संगठन में इसे इंटरनल बैलेंस कहा जाता है। यानी किसी भी नेता को इतना बड़ा न होने देना कि वह सरकार के सामने अलग 'पावर सेंटर' बन जाए। इससे गुटबाजी भी बढ़ती है। सीएम मोहन यादव को पार्टी ने जो फ्री-हैंड दिया है। इसका मकसद गुटबाजी रोकना है। सवाल-3: क्या नरोत्तम को किनारे लगाने में किसी ‘अपने’ का हाथ है?जवाबः ऐसा पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता, लेकिन 3 संकेत इस संभावना को जोर दे रहे हैं… 1. राम नरेश-भरत यादव कनेक्शनचर्चा है कि नरोत्तम का टिकट कटने के पीछे दतिया जिला पंचायत सदस्य राम नरेश यादव और उनके भाई IAS भरत यादव की अहम भूमिका है। भरत सीएम मोहन यादव की कोर टीम का हिस्सा हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकल भी है कि दतिया में 'नरोत्तम-मुक्त' चुनाव को लेकर पर्दे के पीछे कोई तैयारी पहले से चल रही थी, ताकि सरकार के कामकाज में पॉवर सेंटर्स का दखल कम हो। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। भरत यादव या राम नरेश यादव की तरफ से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। 2. पावर सेंटर का डरनरोत्तम मिश्रा शिवराज सरकार के पावरफुल चेहरों में गिने जाते थे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नरोत्तम प्रेशर पॉलिटिक्स में माहिर हैं। सरकार में पहले ही कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे तीन-चार दिग्गज मौजूद हैं। ऐसे में डर था कि नरोत्तम जीतकर आते, तो वे सरकार के सामने एक अलग 'पावर सेंटर' बन जाते। 3. बड़े नेताओं की राय बनाम ग्राउंड सर्वेभाजपा सूत्रों के मुताबिक जब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल से राय ली तो उन्होंने नरोत्तम का नाम आगे बढ़ाया। हालांकि, पार्टी के इंटरनल सर्वे में उनका निगेटिव फीडबैक आया। दरअसल, पिछले 15-20 सालों में नरोत्तम के दबदबे ने अन्य नेताओं का कद छोटा कर दिया था। नरोत्तम की पिछली चुनाव हार ने उन नेताओं को उभरने का मौका दिया। उनके दोबारा विधायक बनने से वे फिर साइड लाइन हो सकते थे। ऐसे में कुछ स्थानीय नेताओं ने छिपे तौर पर नरोत्तम के टिकट का विरोध किया था। सवाल-4: नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी कौन हैं, उन्हें किस आधार पर टिकट मिला?जवाबः आशुतोष तिवारी मूल रूप से दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह उनका पहला चुनाव है। आशुतोष को टिकट मिलने का चुनावी गणित1. दतिया में ब्राह्मण वोटरों का बड़ा प्रभाव है। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से इस वोट बैंक में नाराजगी का रिस्क था। इसे बैलेंस करने के लिए आशुतोष तिवारी को टिकट दिया गया। 2. आशुतोष साफ-सुथरी छवि के नेता हैं और स्थानीय स्तर पर उनका विरोध नहीं है। 3. मध्य प्रदेश भाजपा में सत्ता परिवर्तन के बाद से व्यक्ति-केंद्रित राजनीति की जगह 'संगठन के चेहरों' को टिकट दिया जा रहा है। 4. संगठन मंत्री रहने के कारण तिवारी की पकड़ RSS और भाजपा के कोर ग्रुप में मजबूत मानी जाती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, पार्टी नेतृत्व फिलहाल ऐसे चेहरों को तरजीह दे रहा है जिनसे सरकार के सामने कोई अलग 'पावर सेंटर' खड़ा होने का जोखिम न हो। आशुतोष इस खांचे में फिट बैठते हैं। सवाल-5: नरोत्तम मिश्रा के पास आगे क्या विकल्प हैं?जवाबः रवि ठाकुर बताते हैं कि पिछले 35 सालों में नरोत्तम मिश्रा चाहे जीते हों या हारे हों, उन्होंने कभी पार्टी नहीं बदली। इसी वजह से आगे के ज्यादातर विकल्प पार्टी के भीतर रहकर ही दिखते हैं। ऐसे में 5 विकल्प नजर आते हैं… 1. टिकट पलटवाने की कोशिश पहली कोशिश यही होगी कि आशुतोष तिवारी का टिकट कैंसिल हो जाए और उन्हें ही टिकट मिल जाए। इसके लिए वे दिल्ली भी गए थे। रवि ठाकुर कहते हैं, अगर टिकट वापस नहीं मिलता तो नरोत्तम खुद बगावत नहीं करेंगे, लेकिन उनके करीबी कार्यकर्ता जरूर विद्रोह कर सकते हैं। हालांकि, टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने दैनिक भास्कर से कहा, ‘पार्टी के किसी बड़े नेता का मुझे फोन नहीं आया। पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसका मैं सम्मान करता हूं। नाराज कार्यकर्ताओं को मना लिया जाएगा, सभी मिलकर काम करेंगे।’ 2. दबाव की रणनीति नरोत्तम ने अपनी पहचान 'जमीनी नेता' की बनाई है। दतिया में उनके समर्थकों का प्रदर्शन इसी का संकेत है- वे अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए अपने कैडर का इस्तेमाल करेंगे, ताकि पार्टी को यह संदेश मिले कि दतिया की राजनीति उनके बिना आसान नहीं होगी। 3. निर्दलीय चुनावठाकुर के मुताबिक, अगर कार्यकर्ताओं का दबाव बहुत बढ़ा, तो नरोत्तम निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते हैं। वे पिछले 2 महीने से तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के अलावा भी उनका निजी तौर पर बूथ-स्तर तक संगठन तैयार है। 4. संगठन में बड़ी भूमिका का इंतजारभाजपा में नरोत्तम की पहचान एक 'संगठन के आदमी' की रही है। केंद्रीय नेतृत्व से उनके पुराने संबंध हैं। संभावना है कि उन्हें संगठन में किसी बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी या किसी अन्य राज्य में चुनाव प्रबंधन की भूमिका दी जाए। यह उन्हें 'मेनस्ट्रीम' में बनाए रखने का एक तरीका हो सकता है। 5. मार्गदर्शक की भूमिका में रहनामध्य प्रदेश की नई सियासत जनरेशनल शिफ्ट की तरफ बढ़ रही है। एक विकल्प यह भी है कि वे सक्रियता कम करके पार्टी के वरिष्ठ मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। हालांकि, उनके जैसा आक्रामक और हमेशा सक्रिय नेता इतनी जल्दी 'रिटायरमेंट' मोड में जाएगा, इसकी संभावना कम है। ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें एमपी एक्सप्लेनर: ₹7669 करोड़ का दावा छोड़ा, ₹232 करोड़ जेब से देंगे सरदार सरोवर डैम की वजह से मध्य प्रदेश की करीब 21 हजार हेक्टेयर जमीन पानी में समा गई। 192 गांव उजड़ गए। राज्य सरकार ने गुजरात से 7,669 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा। 30 साल से अटके मामले पर 7 जुलाई को दिल्ली में समाधान हुआ है। मध्य प्रदेश को मुआवजा मिलना तो दूर, उल्टा 231.80 करोड़ रुपए चुकाने पड़ रहे हैं…पूरी खबर पढ़ें
पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “एक पेड़ में के नाम” अभियान को इंदौरवासियों का काफी समर्थन मिल रहा है। शनिवार को राजवाड़ा पर आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम में काफी संख्या में नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने भाग लिया। लोगों ने न केवल हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया, बल्कि निःशुल्क पोहा और चाय का आनंद लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया। मां के नाम पौधा लगाने का दिलाया संकल्प अभियान के दौरान एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा मामा स्वयं लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने नागरिकों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया और अपने खुद पोहा परोसा।। साथ ही सभी से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया। मंत्री विजयवर्गीय ने भी कार्यक्रम का उत्साहवर्धन किया और लोगों को अपने हाथों से पोहे दिए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 21 घंटे तक लगातार चलने वाला संगीतमय जन-जागरूकता अभियान रहा। इस दौरान मनीष शर्मा और राजू शर्मा ने प्रेरणादायक गीत ‘एक अलख जगाउंगा, अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाऊंगा’ प्रस्तुत कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। गीतों के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाने का संदेश दिया गया। देर रात तक दिखी लंबी कतारें राजवाड़ा पर सुबह से देर रात तक लोगों की लंबी कतारें देखने को मिली। हस्ताक्षर अभियान, पौधारोपण संकल्प और पोहा-चाय वितरण ने पूरे आयोजन को जनसहभागिता के उत्सव में बदल दिया। इस अवसर पर मनीष शर्मा ने कहा कि मां जीवन का पहला आधार है और प्रकृति हमारा दूसरा जीवन। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो इंदौर ही नहीं, पूरा प्रदेश हरियाली से आच्छादित हो सकता है। प्रदेशभर में 21 लाख पौधों के रोपण के लक्ष्य के साथ संचालित यह अभियान लगातार जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। राजवाड़ा का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और जन-जागरूकता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
'हैलो... मैं पूजा बोल रही हूं।' आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल का यह डायलॉग याद होगा। ग्वालियर में भी कुछ ऐसी ही शुरुआत हुई, लेकिन यह फिल्म नहीं, बल्कि 21.06 करोड़ रुपए की साइबर ठगी थी। 'हैलो... मैं दिव्या बोल रही हूं' से शुरू हुई चैटिंग ने मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सीनियर CA अशोक विजयवर्गीय को करोड़ों का चूना लगा दिया। मामला 25 दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच चला। शुरुआत में ठगों ने मुनाफा देकर उनका भरोसा जीता, लेकिन जब पोर्टल पर दिख रही करोड़ों की रकम निकालने की बारी आई तो इनकम टैक्स और रिस्क मार्जिन के नाम पर लगातार पैसे मांगते रहे। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने 11 जुलाई को FIR दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, खुद को बताया निवेश सलाहकार राज्य साइबर सेल को दी गई शिकायत के अनुसार, ग्वालियर के रोशनी घर रोड निवासी 70 वर्षीय अशोक विजयवर्गीय के मोबाइल पर दिसंबर 2025 में +91-8151931249 नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज करने वाली महिला ने 'हैलो, मैं दिव्या हूं लिखकर नाम बताया। खुद को निवेश सलाहकार बताया। इस दौरान उसने दावा किया कि USDT (यूएस डॉलर टेथर) क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश कर कुछ ही समय में कई गुना मुनाफा कमाया जा सकता है। भारतीय मोबाइल नंबर से बातचीत शुरू हुई, लेकिन बाद में अन्य मोबाइल नंबरों और एक विदेशी नंबर +1 (516) 713-7291 के जरिए संपर्क जारी रहा। ठगों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर निवेश शुरू करा दिया। पहले 1.88 लाख का मुनाफा देकर जीता भरोसा ठगों ने शुरुआत में निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर अशोक विजयवर्गीय का भरोसा जीत लिया। 7 जनवरी को उन्होंने 1.88 लाख रुपए वास्तव में उनके एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिए। रकम खाते में आने के बाद उन्हें भरोसा हो गया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में लगातार करोड़ों रुपए निवेश करना शुरू कर दिया। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया जाता रहा। फर्जी पोर्टल पर 33.25 करोड़ का मुनाफा दिखाया कुछ समय बाद फर्जी पोर्टल पर उनके निवेश का मुनाफा बढ़कर 33.25 करोड़ रुपए तक दिखने लगा। जब उन्होंने यह राशि निकालने का प्रयास किया तो भुगतान रोक दिया गया। ठगों ने कहा कि रकम निकालने से पहले 10.84 करोड़ रुपए इनकम टैक्स के रूप में जमा करने होंगे। बाद में उन्होंने भरोसा दिलाने के लिए कहा कि वे अपनी ओर से 5.34 करोड़ रुपए जमा कर देंगे। बाकी रकम पीड़ित जमा कर दें। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। फिर 'रिस्क मार्जिन' के नाम पर 1 करोड़ रुपए और मांगे गए। तभी अशोक विजयवर्गीय को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। 20 बैंक खातों में कराया गया ट्रांजेक्शन पीड़ित ने साइबर सेल को व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट और 20 से अधिक बैंक खातों का पूरा विवरण सौंपा है। इन खातों में फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक समेत कई बैंकों के खाते शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग समय पर रकम ट्रांसफर कराई गई। तीन वाट्सएप नंबर और फर्जी पोर्टल की जांच शुरू राज्य साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और वरिष्ठ सीए अशोक विजयवर्गीय से 21 करोड़ 6 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ठगों के इस्तेमाल किए गए तीन वाट्सएप नंबर, 20 बैंक खाते और फर्जी यूआरएल ट्रेडिंग पोर्टल की तकनीकी जांच की जा रही है। संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने, आईपी एड्रेस ट्रैक करने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल की टीम कार्रवाई में जुटी हुई है।
चिरमिरी नगर पालिक निगम में शनिवार को नौ मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। सभी नवनियुक्त एल्डरमैन ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर नगर निगम क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पार्षदों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिरमिरी नगर निगम में पहले से ट्रिपल इंजन सरकार काम कर रही है और अब नौ एल्डरमैन के रूप में एक बूस्टर इंजन भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि सभी मनोनीत पार्षद अपने अनुभव और सामाजिक कार्यों के जरिए शहर के विकास को नई गति देंगे। सभी 40 वार्डों में निभाएंगे भूमिका स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निर्वाचित पार्षद जहां अपने-अपने वार्ड तक सीमित रहते हैं, वहीं एल्डरमैन पूरे नगर निगम के 40 वार्डों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एल्डरमैन को 5 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक के विकास कार्य कराने का अधिकार है, जिसका उपयोग जनहित में प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। नियमों के तहत विकास कार्यों पर जोर मंत्री जायसवाल ने कहा कि सभी विकास कार्य प्रशासनिक और तकनीकी नियमों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि योजनाएं बिना किसी बाधा के समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वय बनाकर शहर के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में एमसीबी कलेक्टर संतन जांगड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष चंपा देवी पावले, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महापौर राम नरेश राय, सभापति संतोष सिंह, विधायक प्रतिनिधि राजू नायक, पूर्व आयुक्त आर.पी. आँचला, निगम आयुक्त सारथी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मनेंद्रगढ़ में भी हुआ शपथ ग्रहण इससे पहले शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के मनोनीत एल्डरमैन का भी शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। उस अवसर पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि नामनिर्दिष्ट पार्षद सभी वार्डों में विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन परिसर में शनिवार सुबह सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात भारतीय सेना के एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जवान ने राइफल की नाल को अपने पेट और सीने के बीच सटाकर ट्रिगर दबा दिया। एसएलआर (7.62 SLR) राइफल बर्स्ट मोड पर होने के कारण ट्रिगर दबते ही छह गोलियां चलीं, जो जवान के पेट और सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गईं। गोली चलने की आवाज सुनकर साथी जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मिलिट्री और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुबह की शिफ्ट में तैनात था जवान इसेंद्र सिंह महाराजपुरा थाना पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 41 वर्षीय इसेंद्र सिंह भदौरिया के रूप में हुई है। वह मूल रूप से भिंड जिले के रहने वाले थे और यूनिट 300 डीएससी प्लाटून में सिपाही (जीडी) के पद पर पदस्थ थे। शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे उनकी ड्यूटी पोस्ट-25 एमएमपीयू पर गार्ड के रूप में लगी थी। उनके पास सरकारी 7.62 एसएलआर राइफल थी। सुरक्षा पोस्ट पर कुल पांच जवान तैनात थे। तीन-तीन घंटे की शिफ्ट होने के कारण अन्य जवान पास के रेस्ट रूम में थे। ड्यूटी शुरू होने के कुछ देर बाद अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। साथी जवान मौके पर पहुंचे तो इसेंद्र सिंह लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े मिले। उन्हें तत्काल मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) मुरार ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ऑटोमैटिक मोड पर थी राइफल, छह गोलियां चलीं प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस हथियार (7.62 SLR) से गोली चली, उसका ट्रिगर दबते ही एक साथ 6 राउंड फायर हो गए, जिससे जवान के पेट और सीने को चीरते हुए 6 गोलियां आर-पार हो गईं और उसे बचाने का कोई मौका नहीं मिला। एयरफोर्स स्टेशन महाराजपुरा के सूबेदार चितरंजन महंता (57 वर्ष) ने थाने पहुंचकर स्थानीय पुलिस को घटना की आधिकारिक सूचना दी, जिसके बाद महाराजपुरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया। बड़े बेटे से विवाद के कारण तनाव की आशंका प्रारंभिक जांच और परिजन से पूछताछ में पता चला है कि इसेंद्र सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। उनकी पहली पत्नी का निधन हो चुका है। पुलिस के अनुसार, उनका बड़े बेटे से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिससे वे परेशान रहते थे। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तथ्यों की जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया- एयरफोर्स स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात डीएससी के जवान इसेंद्र सिंह भदौरिया ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या की है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद के कारण मानसिक तनाव की बात सामने आई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
महोबा में बारातियों से भरी एक बोलेरो कार बेकाबू होकर नाले में बह गई। कार में सवार दूल्हे के पिता समेत 6 बाराती फंस गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय मुस्लिम युवकों ने उफनती नदी में छलांग लगा दी। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना शनिवार की रात करीब 10 बजे खन्ना थाने के सिरसीकला गांव के श्याम नाला के पास हुई। चिचारा गांव के रामऔतार के बेटे रोहित की बारात बांदा के मसारी गांव जा रही थी। सिरसीकला गांव के पास श्याम नाला पर बने निर्माणाधीन पुल के अस्थायी रास्ते से गुजरते समय बारातियों से भरी बोलेरो कार बेकाबू होकर नाले में जा गिरी। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बारातियों को बाहर निकालाकार के बहने और चीख-पुकार सुनकर पास में ट्रैक्टर सुधारने की दुकान चलाने वाले इसराइल के बेटों तौफीक और शफीक ने अपने साथियों इरफान, जमशेद और दीनदयाल के साथ तुरंत उफनती नदी में छलांग लगा दी। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने ट्रैक्टर की मदद से कार बाहर निकालीहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैक्टर की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला। श्याम नाला पर पिछले लगभग एक साल से पुल का निर्माण कार्य जारी है, जिसके लिए एक अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव अत्यधिक तेज था, बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदारों ने इस खतरनाक अस्थायी रास्ते पर कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे की खबर मिलते ही खन्ना थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर मंगवाकर बोलेरो कार को भी नदी से बाहर निकाला गया। स्थानीय निवासी जब्बार और कालीचरण प्रजापति का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग पिछले कई महीनों से धीमी गति से काम कर रहा है। बीच-बीच में काम बंद कर दिया जाता है, जिससे यहां हर वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा मंडराता रहता है। फिलहाल, सभी बाराती पूरी तरह सुरक्षित हैं।
देवरिया में शनिवार रात करीब 10:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से दिनभर की उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। वहीं बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हुई बारिश के दौरान कई स्थानों पर बिजली भी चमकी। इस बारिश से किसानों को धान की रोपाई करने में लाभकारी होगा। बारिश से पहले जिले का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस था, जिससे लोग उमस से परेशान थे। वर्षा के बाद तापमान घटकर करीब 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में लगभग 2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस बारिश से धान सहित खरीफ फसलों की खेती कर रहे किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी, वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की नदियों के जलस्तर में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मणिपुर सरकार छह नागा नागरिकों की हत्या में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है: मुख्यमंत्री
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार लगभग दो महीने पहले कांगपोकपी जिले में छह नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
भारतीय स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल टीम स्वीडन में आयोजित होने वाले गोथिया कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गई है। नई दिल्ली स्थित स्वीडन दूतावास में आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह में धमतरी के खिलाड़ी सत्यांशु दीप को छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने पर सम्मानित किया गया। विदाई समारोह का आयोजन स्पेशल ओलंपिक्स भारत, स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़, एसकेएफ इंडिया और स्वीडन दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान भारतीय टीम के 10 विशेष खिलाड़ियों, हेड कोच, असिस्टेंट कोच और टीम अधिकारियों का सम्मान किया गया। खिलाड़ियों को मिली पूरी टीम किट समारोह में खिलाड़ियों को आधिकारिक जर्सी, ट्रैवल बैग, ट्रॉली सूटकेस, स्पोर्ट्स शूज़, ग्लव्स और अन्य खेल सामग्री सहित पूरी टीम किट प्रदान की गई। 12 से 18 जुलाई तक होगा टूर्नामेंट भारतीय टीम 11 जुलाई को नई दिल्ली से स्वीडन के गोथेनबर्ग के लिए रवाना हुई। 12 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाले स्पेशल ओलंपिक गोथिया कप में टीम भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। धमतरी और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ के माध्यम से चयनित सत्यांशु दीप का भारतीय टीम में चयन धमतरी और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा बनी है। कई राज्यों के खिलाड़ी टीम में शामिल भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ के सत्यांशु दीप के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और बिहार के खिलाड़ी शामिल हैं। समारोह में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि भारतीय टीम स्वीडन में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी।
रोटरी क्लब लखनऊ ने नए वर्ष का किया शुभारंभ:भजन संध्या के साथ 2026-27 सत्र का हुआ आध्यात्मिक आगाज
लखनऊ में रोटरी क्लब लखनऊ राजधानी, मंडल 3120 ने नए रोटरी वर्ष 2026-27 का शुभारंभ भक्तिमय माहौल में किया। शनिवार को मायरियड होटल में आयोजित भजन संध्या में क्लब के सदस्यों ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन अनु मारवाह और रोटेरियन रचना माथुर ने किया। क्लब की नवनिर्वाचित अध्यक्षा अर्चना अग्रवाल ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नए सत्र की शुरुआत आध्यात्मिक माहौल में करना क्लब की परंपरा को दर्शाता है और आपसी एकता को मजबूत करता है। भजन संध्या आपसी जुड़ाव भी बढ़ाते हैं इस अवसर पर क्लब की वरिष्ठ सदस्या कुसुमांगिनी माथुर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। रोटेरियन रचना माथुर ने कहा कि भजन संध्या जैसे आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि सदस्यों के बीच आत्मीयता और आपसी जुड़ाव भी बढ़ाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम क्लब की सेवा भावना को और मजबूत करते हैं। भजन संध्या में क्लब के 60 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना और सभी के उज्ज्वल, सफल एवं सेवा भाव से परिपूर्ण नए रोटरी वर्ष की कामना के साथ हुआ।
प्रयागराज में 60 से अधिक सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान इन अतिक्रमणों की शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को इन कब्जों को तत्काल खाली कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। ये अवैध कब्जे मुख्य रूप से चकमार्ग, खलिहान और बंजर भूमि पर हुए हैं। जिले भर से प्राप्त रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लिया। अतिक्रमण के मामलों में सोरांव तहसील सबसे आगे रही, जहां से 13 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त, बारा और हंडिया तहसीलों में भी 10-10 गंभीर शिकायतें दर्ज की गईं। हंडिया में उतरांव और सराय ममरेज थाना क्षेत्रों से जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार बिंद, अभिषेक, दिलीप कुमार, महंत रामानंद गिरि और राम अचल सहित कई लोगों ने अतिक्रमण की शिकायतें कीं। फूलपुर में अदनान अहमद, महेंद्र कुमार, प्रेम शंकर, राधेश्याम और माधो प्रसाद की शिकायतों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि की। कोरांव में बृजेश सिंह, राम रतन सिंह, राजेश कुमार और लालता प्रसाद पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के गंभीर आरोप लगे, जिस पर उपजिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। मेजा में खलिहान और चकमार्ग की निशानदेही को लेकर तनाव की स्थिति रही, जबकि करछना में सुमित कुमार, विमला देवी और दिलीप कुमार की शिकायतों पर टीम भेजी गई। सदर तहसील के पुरामुफ्ती इलाके में भी फूलचंद पासी, आदित्य पटेल, महेंद्र कुमार और कल्याण सिंह की शिकायतों पर लेखपालों की टीम ने मौका मुआयना किया। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों ने राजस्व टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतों का निस्तारण शुरू किया। मेजा के ग्राम बडिड्डा में पट्टेदारों को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, हंडिया और कोरांव जैसे क्षेत्रों में प्रभावशाली लोगों द्वारा सरकारी जमीन से कब्जा खाली कराना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद टीम आती तो है, लेकिन कब्जेदार फिर से जमीन पर काबिज हो जाते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है। राजस्व टीम की कार्यप्रणाली पर सवालएक ही दिन में 60 से अधिक शिकायतों का सामने आना यह दर्शाता है कि प्रयागराज में सरकारी जमीनों को लेकर कोई डर नहीं बचा है। चकमार्ग बंद होने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित है और खलिहानों पर पक्के निर्माण खड़े हो चुके हैं। यदि डीएम के आदेश के बाद भी सरकारी जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कर उन्हें सुरक्षित नहीं रखा गया, तो आने वाले दिनों में यह और मुसीबत बनेंगे।
कानपुर देहात में एक गरीब मजदूर की 13 वर्षीय बेटी के इलाज में पैसों की कमी बाधा बन गई है। पिता का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में भी मुफ्त इलाज नहीं मिला और ऑपरेशन के लिए 10,500 रुपये का अनुमानित खर्च बताया गया है। पिता ने अब बेटी के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है। यह मामला कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कारेरामपुर का है। गांव निवासी रिंकू की 13 वर्षीय बेटी शिवांगी बरसात के दौरान सीढ़ियों से गिर गई थी, जिससे उसका हाथ टूट गया। परिजन उसे एंबुलेंस से पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रिंकू का आरोप है कि 10 जुलाई शुक्रवार शाम को जिला अस्पताल पहुंचने पर बेटी को भर्ती नहीं किया गया। स्टाफ ने कथित तौर पर यह कहकर वापस भेज दिया कि अस्पताल में मच्छर बहुत हैं और उन्हें कहीं रिश्तेदारी में रुकने की सलाह दी गई। अगले दिन, शनिवार को जब वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, तो ऑपरेशन के लिए 10,500 रुपये का खर्च बताया गया। रिंकू के अनुसार, पैसे न होने की बात बताने पर उन्हें कहीं और इलाज कराने की सलाह दी गई और एक मोबाइल नंबर देकर खर्च की जानकारी लेने को कहा गया। गरीब मजदूर रिंकू का कहना है कि चार बच्चों का पालन-पोषण करना ही मुश्किल है, ऐसे में ऑपरेशन के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए असंभव है। उन्होंने फिलहाल बेटी को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए 10,500 रुपये का अनुमानित खर्च बताया है। इस संबंध में, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरमीत सिंह ने बताया कि शासन की ओर से इम्प्लांट उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, इसलिए इम्प्लांट की लागत मरीज को स्वयं वहन करनी पड़ती है। वहीं, क्षेत्रीय विधायक पूनम शंखवार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद का आश्वासन दिया है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा रविवार को एक दिवसीय दौरे पर कानपुर आएंगी। इस दौरान वह मीडिया से संवाद कार्यक्रम भी करेंगी और भाजपा महिला मोर्चा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की संगठनात्मक बैठक को संबोधित करेंगी। भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनिता गुप्ता ने शनिवार रात 10 बजे जानकारी दी कि सरोज कुशवाहा सुबह 11 बजे जाजमऊ पुल पहुंचेंगी, जहां महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगी। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय कार्यालय में वह पत्रकारों से बातचीत करेंगी। इस दौरान महिला मोर्चा के संगठनात्मक कार्यक्रमों, केंद्र और प्रदेश सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं तथा आगामी अभियानों की जानकारी देंगी और मीडिया के सवालों का जवाब भी देंगी। बैठक में संगठन की रणनीति पर होगी चर्चादोपहर 1 बजे क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित भाजपा महिला मोर्चा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की संगठनात्मक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष क्षेत्र के सभी जिलों की महिला मोर्चा पदाधिकारियों को संबोधित करेंगी। बैठक में बूथ सशक्तिकरण, सदस्यता अभियान, महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका, जनसंपर्क अभियान और संगठन के आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनिता गुप्ता ने अपील की है कि क्षेत्र की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हो।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में शनिवार को दो नाट्य प्रस्तुतियों 'ठेस' और 'अपरिचित' का मंचन किया गया। भारतीयम् और शिवांजना एंटरटेनमेंट्स के सहयोग से आयोजित इन नाटकों ने रिश्तों, संवेदनाओं और पारिवारिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य और रंगमंच प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान थे। इस दौरान भारतीयम् के संस्थापक पुनीत अस्थाना ने वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह और वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी को सम्मानित किया। दोनों नाटकों का निर्माण राजीव रंजन सिंह ने किया था, जबकि उनका लेखन आशुतोष शुक्ल ने किया। वरिष्ठ रंग निर्देशक गोपाल सिन्हा ने इन प्रस्तुतियों का निर्देशन किया। महिला के जीवन संघर्ष कों दिखाया पहली प्रस्तुति 'ठेस' त्याग, प्रेम, विश्वास और आत्मसम्मान पर केंद्रित एक मार्मिक कहानी थी। यह नाटक एक महिला के जीवन संघर्ष और उसकी आंतरिक भावनाओं को संवेदनशीलता से दर्शाता है। कहानी ने यह संदेश दिया कि समय बीतने के बावजूद कुछ मानसिक आघात यादों का हिस्सा बने रहते हैं। प्रस्तुति के कई दृश्यों ने दर्शकों को भावुक किया। दूसरी प्रस्तुति 'अपरिचित' आधुनिक विज्ञान, पारिवारिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं के बीच उठने वाले प्रश्नों पर आधारित थी। राधेश्याम सोनी के पुनर्लेखन ने इस कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाया। नाटक ने दर्शकों को यह सोचने पर विवश किया कि रिश्तों की वास्तविक पहचान रक्त संबंधों से होती है या प्रेम, विश्वास और संस्कारों से। समापन पर दर्शकों ने तालियों से गूंजा सभागार रूपाली चंद्रा, राजीव रंजन सिंह और राजीव त्रिपाठी ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। कलाकारों के संवाद, भाव-भंगिमाएं और मंच पर सहज प्रस्तुति ने पात्रों को जीवंत बना दिया। दोनों नाटकों के समापन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि गुणवत्तापूर्ण रंगमंच केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को विचार करने की नई दिशा भी प्रदान करता है।
लखनऊ में शनिवार को 'लखनऊ बायोस्कोप', 'सनतकदा' और 'नेमतखाना' ने मिलकर 'लुत्फ़-ए-लखनऊ' कार्यक्रम का आयोजन किया। कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में मुहर्रम से जुड़ी साहित्य, संगीत, धार्मिक परंपराओं और खान-पान की समृद्ध विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला और संस्कृति प्रेमियों ने भाग लिया। शाम का मुख्य आकर्षण 'सोज़ ख़्वानी का फ़न' रहा। कलाकार अस्करी नक़वी ने सोज़ ख़्वानी की परंपरा, उसके इतिहास और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोज़ ख़्वानी मुहर्रम के दौरान पढ़ी जाने वाली शोकपूर्ण काव्य पाठ की एक विशेष शैली है, जो श्रद्धा, संवेदना और आध्यात्मिक भावनाओं को व्यक्त करती है। सोज ख्वानी भारतीय शास्त्रीय रागों पर आधारित है नक़वी ने आगे बताया कि सोज़ ख़्वानी भारतीय शास्त्रीय रागों पर आधारित है और यह अवध की संगीत परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गायन नहीं, बल्कि एक विशेष शैली में किया जाने वाला पाठ है। उनके अनुसार, गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान है और इसकी प्रस्तुति में भजनों जैसी कई समानताएं भी देखी जा सकती हैं। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में 'अवधी होम कुक्ड फेस्टिवल' का आयोजन किया गया। होम शेफ़ शीबा इक़बाल की देखरेख में मुहर्रम की मजलिसों में बनने वाले पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। शहर के विभिन्न होम शेफ़्स ने इन व्यंजनों को अपने परिवारों में पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक रेसिपी के आधार पर तैयार किया था। फूड फेस्टिवल में पारंपरिक व्यंजन आकर्षण रहा फूड फेस्टिवल में खिचड़ा, शीरमाल के साथ सब्ज़ कबाब, खमीरी रोटी के साथ आलू का सालन, चावल के साथ खड़ी मसूर की दाल, मजलिसी कबाब और आलू गोश्त जैसे पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे। इस कार्यक्रम ने अवध की साझा सांस्कृतिक विरासत, गंगा-जमुनी तहज़ीब और पारंपरिक खान-पान को नई पीढ़ी के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
लखनऊ में प्रमुख सचिव और व्यापारी संवाद:चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने पर हुई विस्तृत चर्चा
लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में शनिवार को प्रमुख सचिव (राज्य कर) कामिनी रतन चौहान और व्यापारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री रोकने और जन जागरूकता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की। अमरनाथ मिश्र ने दावा किया कि शहर के व्यापारी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा नहीं बेच रहे हैं, बल्कि इसकी बिक्री मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के जरिए हो रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर प्रतिबंधित मांझे की चरखियां और धागे नष्ट किए थे। शनिवार को सभी व्यापारियों ने दोबारा शपथ ली कि वे जान-माल के लिए खतरा बनने वाले इस मांझे का कारोबार नहीं करेंगे। मांझे से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है मिश्र ने यह भी कहा कि शहर में बढ़ते फ्लाईओवर और ऊंचे पुलों के कारण मांझे से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। व्यापारियों ने आवश्यकता पड़ने पर फ्लाईओवरों पर सुरक्षा के लिए तार लगाने में भी सहयोग देने की बात कही। महामंत्री अनुराग मिश्रा ने व्यापारियों की विभिन्न समस्याएं प्रमुख सचिव के सामने रखीं। वहीं, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने सुझाव दिया कि जांच के दौरान संबंधित व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए, ताकि किसी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने जोर दिया कि यदि निर्माण स्तर पर ही प्रतिबंधित मांझे पर रोक लग जाए तो अवैध कारोबार स्वतः समाप्त हो जाएगा। व्यापारियों से जागरूकता अभियान चलाने की अपील प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने कहा कि चाइनीज मांझा केवल व्यापार का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, पर्यावरण और समाज से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी जांच के दौरान अनावश्यक उत्पीड़न न करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस, गृह और पर्यावरण विभाग मिलकर इसके निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों से जन-जागरूकता अभियान चलाने की अपील की, ताकि लोग सुरक्षित मांझे का ही उपयोग करें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अंत में, उन्होंने व्यापार मंडल और सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त किया।
रामानुजगंज नगर पालिका में शुक्रवार (10 जुलाई) को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त पांच नए एल्डरमैनों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही। एसडीएम ने नवनियुक्त एल्डरमैन मोहन गुप्ता, सुभाष केसरी, सीमा रवि, जयप्रकाश केसरी और अनूप कश्यप को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद कृषि मंत्री ने सभी को बधाई देते हुए जनहित और नगर विकास के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। नए ऑडिटोरियम और कन्या स्कूल भवन की घोषणा समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल की मांग पर रामानुजगंज में नए ऑडिटोरियम और कन्या स्कूल के नए भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नगर के लिए इंडोर स्टेडियम की स्वीकृति भी मिल चुकी है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विकास कार्यों का दिया भरोसा मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार नगर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, खेल और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया जा रहा है और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। अध्यक्ष ने जताया आभार नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम के सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि नगर की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी रामानुजगंज को नई विकास परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। विकास के संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न कार्यक्रम का समापन नवनियुक्त एल्डरमैनों के सम्मान और रामानुजगंज के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ।
जनपद में रविवार को होने वाले वृहद वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश शासन के नामित नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम ने शनिवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वृक्षारोपण स्थलों की जियो-टैगिंग समयबद्ध तरीके से हरितिमा ऐप पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि उनकी सुरक्षा, संरक्षण और नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। मंदिर, तालाब, नदियों के किनारे भी बड़े पैमाने पर लगेंगे पौधे बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में 500 से अधिक स्थलों पर 35 लाख 84 हजार 556 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सभी विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) न्यू ट्रांसपोर्ट नगर फेस-2 और ग्राम बिनगवां में तीन मियावाकी फॉरेस्ट विकसित कर रहा है। वहीं ग्राम मकसूदाबाद स्थित उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्मित स्टेडियम के पास भी सघन वन तैयार किया जाएगा। इन चारों स्थानों पर कुल 1 लाख 20 हजार 80 पौधों का रोपण होगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने बताया कि इस बार अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी है। अमृत सरोवरों, पौराणिक मंदिरों, धार्मिक स्थलों, नदियों और नहरों के किनारों के अलावा निजी संस्थानों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। नगर निगम गोआश्रय स्थलों पर लगाएगा पौधे नगर निगम भी इस अभियान में विशेष भूमिका निभाएगा। उद्यान अधिकारी दिवाकर ने बताया कि पनकी गोआश्रय स्थल में मियावाकी पद्धति से विशेष वन विकसित किया जाएगा, जिसके लिए निर्धारित क्षेत्र में सघन पौधरोपण की तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों को जोड़कर भारी पैमाने पर लगाए जाएंगे पौधे समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी ने किसानों को भी अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों की मेड़ों पर अधिकाधिक पौधे लगाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ गांवों की हरियाली भी बढ़े। जिला उद्यान अधिकारी उमेश कुमार उत्तम ने किसानों की सहभागिता बढ़ाने और विभागीय तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी आकांक्षा जैन, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह, डीपीआरओ मनोज कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मऊ में 3 घंटे रुक-रुककर हुई बारिश:गर्मी और उमस से लोगों को मिली राहत, तापमान में 4 डिग्री की गिरावट
मऊ में शनिवार को दिनभर भीषण गर्मी और उमस से बेहाल रहे लोगों को शाम होते-होते राहत मिल गई। करीब तीन घंटे तक रुक-रुककर हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए भी लाभदायक बताया। दिनभर तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर में गर्म हवाओं और बढ़ी नमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ भी कम रही। शाम करीब सात बजे अचानक मौसम ने करवट ली। घने बादलों के साथ तेज हवाएं चलीं और झमाझम बारिश शुरू हो गई। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई और वातावरण पूरी तरह ठंडा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव, बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं के बीच भाजपा ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के कार्यकाल पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में दीपक बैज अपनी पूरी प्रदेश कार्यकारिणी तक नहीं बना सके। उन्होंने इसे कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह का नतीजा बताया। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के समर्थन से प्रदेश अध्यक्ष बने दीपक बैज का कार्यकाल पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का संगठन भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के अलग-अलग खेमों में बंटा रहा, जिसके कारण बैज पूरे कार्यकाल में संगठन पर पकड़ नहीं बना सके। '10 उपाध्यक्ष, 23 महामंत्री और 252 सदस्य वाली कार्यकारिणी भी नहीं बना सके' भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अपने पूरे कार्यकाल में 10 उपाध्यक्ष, 23 महामंत्री और 252 सदस्यों वाली पूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी तक गठित नहीं कर पाए। बिना पूरी टीम बनाए कार्यकाल समाप्त होना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी ही बैज की सबसे बड़ी कमजोरी रही। बड़े नेताओं के अपने-अपने खेमे होने के कारण प्रदेश अध्यक्ष संगठन को एकजुट नहीं कर सके और पूरा कार्यकाल अंदरूनी खींचतान में निकल गया। 'बैज के कार्यकाल में कांग्रेस लगातार चुनाव हारती गई' उज्ज्वल दीपक ने कहा कि दीपक बैज के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने दावा किया कि कांग्रेस प्रदेश की सत्ता गंवा बैठी, बैज अपनी पारंपरिक चित्रकोट विधानसभा सीट नहीं बचा सके और लोकसभा चुनाव में पार्टी 11 में से सिर्फ एक सीट जीत सकी। उन्होंने कहा कि इसके बाद नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जिससे स्पष्ट हो गया कि पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। 'आज भी खत्म नहीं हुई गुटबाजी' भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आज भी गुटबाजी खत्म नहीं हुई है। उनके मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने-अपने खेमों में बंटे हुए हैं और संगठन को मजबूत करने के बजाय अंदरूनी राजनीति में उलझे हुए हैं।
जालौन के नदीगांव विकासखंड के ग्राम कैलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग लाभार्थियों से रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। वायरल वीडियो की दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में ग्राम कैलिया निवासी दृष्टिबाधित दिव्यांग लाभार्थी लखन पुत्र भूरे ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार ने आवास स्वीकृत कराने के लिए उससे 8 से 10 हजार रुपये लिए थे। लाभार्थी के अनुसार, पैसे देने के बाद ही उसके नाम आवास स्वीकृत किया गया। यह वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में दिव्यांग कोटे के आवासों के आवंटन में भी कथित तौर पर धन उगाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने जांच का जिम्मा परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी और नदीगांव विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (BDO) नरेश पाल को सौंपा है। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
संभल में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका परिषद संभल क्षेत्र के वार्ड संख्या 02 स्थित हातिम सराय के प्रजापति मोहल्ले में स्थिति विशेष रूप से खराब है। यहां मंदिर जाने और बच्चों को स्कूल आने-जाने के रास्ते पर गंदगी और पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग सड़क निर्माण की तत्काल मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासी हरीश ने बताया कि यह समस्या काफी समय से बनी हुई है। बारिश के कारण यहां पानी भर जाता है क्योंकि यह इलाका नीचा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए कई बार माप ली जा चुकी है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। अब यहां से निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, यहां तक कि वाहन चालक भी गिर जाते हैं। एक अन्य निवासी शकुंतला ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि जलभराव के कारण वे मंदिर तक नहीं जा पातीं और बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। उन्होंने बताया कि इस मोहल्ले में कुल 32 मकान हैं और सभी निवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। नगर पालिका ईओ आदित्य प्रकाश ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के दो मोहल्लों, हातिम सराय और देहली दरवाजा में जल निकासी की समस्या सामने आ रही है। बड़े नालों के निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है, लेकिन बारिश के मौसम के कारण फिलहाल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। ईओ प्रकाश ने बताया कि वर्तमान स्थिति में लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए दो पंप सेट लगाकर जल निकासी कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पालिका क्षेत्र में कुल 83 नाले हैं, जिनमें से 30 बड़े नाले हैं, जिनकी बरसात शुरू होने से पहले ही तली झाड़ सफाई करा दी गई थी।
संभल में राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री व सांसद डीपी यादव ने गुन्नौर विधानसभा सीट से अपनी पार्टी के पहले उम्मीदवार की घोषणा की है। उन्होंने गगन यादव को प्रत्याशी बनाया है। यह घोषणा शनिवार शाम 7 बजे डीपी यादव के गांव धनारी स्थित फार्म हाउस पर आयोजित एक सभा में की गई। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के धनारी गांव स्थित फार्म हाउस पर 1000 लोगों की जनसभा बुलाई गई थी। कार्यक्रम शाम 4 बजे रागिनी के साथ शुरू हुआ, जिसमें डीपी यादव शाम 6 बजे पहुंचे। उन्होंने गगन यादव को एक मेहनती किसान-मजदूर और युवा बताया, जो युवाओं की बेरोजगारी दूर कर परिवार को खुशहाल बनाना चाहते हैं। डीपी यादव ने 100 प्रतिशत ईमानदारी से राजनीति करने का वादा किया और 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इस दौरान 'इन लुटेरों को भगाओ और गगन को जिताओ' का नारा भी दिया गया। उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने लोगों को परेशान किया, उन पर मुकदमे दर्ज कराए और उन्हें जेल भिजवाया। उन्होंने भाईचारा खत्म करने, जमीन और पैसे छीनने के साथ-साथ लोगों को जेल में बंद करने या पुलिस से पिटवाने का भी आरोप लगाया। डीपी यादव ने अपनी पार्टी के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि आसपास की विधानसभाओं से गरीबी दूर करना और गरीब व मजदूर वर्ग को सशक्त बनाना है। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने को अपनी जिम्मेदारी बताया। पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी बेईमानी की राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा ईमानदारी से काम किया और गरीबों का साथ दिया। उन्होंने गरीबों के आंसू पोंछने और उनके पसीने का सम्मान करने का दावा किया। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के संबंध में उनकी अन्य बड़ी पार्टियों से भी बातचीत चल रही है। संभल की असमोली सीट से अपनी दावेदारी के संबंध में डीपी यादव ने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ अन्य पार्टियों से बातचीत जारी है, जिसके बाद ही चुनाव लड़ने के स्थान पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। गंगा के पवित्र किनारे पर स्थित सारे क्षेत्र को बेहतर बनाने का आह्वान किया। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कासगंज, बदायूं, संभल और मुरादाबाद सहित पूरे क्षेत्र में अच्छे नौजवानों को उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही। डीपी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य दलों के साथ गठबंधन कर सकती है। दूसरी पार्टियों के साथ सामंजस्य स्थापित होने पर इसकी घोषणा की जाएगी और किस विचारधारा के साथ वे जुड़ेंगे, इसकी जानकारी भी दी जाएगी।
कबीरधाम जिले के तीन धान उपार्जन केंद्रों में 81 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद पुलिस ने समिति प्रबंधकों, फील्ड प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी के घर से 16 लाख रुपये नकद, बैंक पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू भी जब्त किए गए हैं। जिला सहकारी बैंक मर्यादित राजनांदगांव की सहसपुर लोहारा शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार गंधर्व ने 24 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जांच दल के निरीक्षण में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी और खाली बारदाने के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। शासन को 81.19 लाख का नुकसान जांच में सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में समिति प्रबंधकों, फील्ड प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की मिलीभगत से शासन को 81,19,502 रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई। तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। मुख्य आरोपी के घर से 16 लाख नकद बरामद जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी गंगादास मानिकपुरी के घर की तलाशी ली। आरोपी फरार मिला, लेकिन तलाशी में करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू जब्त किए गए। पूछताछ में परिवार के सदस्य नकदी के स्रोत के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय कर दिया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
कौशांबी में नीलगाय से बाइक टकराई:व्यवसाई की मौत, भगवतपुर के पास हुआ हादसा
कौशांबी में शनिवार को एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय कपड़ा व्यवसाई गुलाब जायसवाल की मौत हो गई। उनकी बाइक अचानक नीलगाय से टकरा गई थी। गुलाब जायसवाल, करारी कस्बे के अशोक नगर मोहल्ला निवासी मंगलदास के पुत्र थे। वह व्यापार के सिलसिले में बाइक से प्रयागराज जा रहे थे। प्रयागराज में उनकी बेटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती है, जिसके लिए उन्हें कुछ सामान भी पहुंचाना था। हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के भगवतपुर के पास रात करीब 8:30 बजे हुआ। अचानक एक नीलगाय उनकी बाइक के सामने आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गुलाब जायसवाल को एम्बुलेंस से नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र स्थित कुम्हार टोली में शनिवार को 55 वर्षीय हरकुंवर प्रजापति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि यह घटना तीन महीने पुराने प्रेम-प्रसंग से जुड़े विवाद के कारण हुई। गंभीर रूप से घायल महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला के के बेटे राजेंद्र प्रजापति ने बताया कि शनिवार को तेज बारिश के कारण उनकी मां हरकुंवर प्रजापति घर में भरा पानी बाहर निकालने गई थीं। इसी दौरान बद्री प्रजापति, सोनू, सचिन, कोमल प्रजापति, रोशनी प्रजापति, विमला, कल्लू और रोहणी सहित अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। पुलिस के सामने भी आरोपियों ने पीटा राजेंद्र का आरोप है कि घटना की सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन आरोपियों ने पुलिस के सामने भी मारपीट जारी रखी। जब राजेंद्र ने अपनी मां को बचाने का प्रयास किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। परिजनों के अनुसार, इस विवाद की जड़ करीब तीन महीने पुराना प्रेम प्रसंग है। मृतका का छोटा बेटा पवन प्रजापति और आरोपी कोमल प्रजापति की बेटी 25 अप्रैल को घर से चले गए थे। इसके बाद से लड़की पक्ष लगातार लड़के के परिवार पर दबाव बना रहा था। लड़के के परिजनों का कहना था कि उन्हें दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसी संदेह और रंजिश के चलते आरोपियों ने हरकुंवर प्रजापति को निशाना बनाया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए जिला अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका का पोस्टमार्टम रविवार को कराया जाएगा। पुलिस पर गंभीर आरोप: गंभीर हालत में भी एक घंटे थाने में बिठायाइस दुखद घटना में पुलिस की संवेदनहीनता भी सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि घायल हरकुंवर को पहले नौगांव सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उन्हें थाने बुला लिया। मृतका की हालत बेहद गंभीर थी, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें करीब एक घंटे तक थाने में बैठाए रखा। जब महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी, तब जाकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों में पुलिस की इस लेटलतीफी को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा आयोजित सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (पुरुष/महिला शाखा) की मुख्य परीक्षा- 2025 शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रयागराज और लखनऊ में आयोजित चार विषयों की इस परीक्षा में कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 88.5 प्रतिशत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आयोग और जिला प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया गया। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक थी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित की गई। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय ने बताया कि लखनऊ में हिंदी विषय की परीक्षा में 7,831 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 91 प्रतिशत उपस्थित रहे। इसी तरह, लखनऊ में शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा में पंजीकृत 3,724 अभ्यर्थियों में से 85 प्रतिशत ने भाग लिया। प्रयागराज में सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा 23 केंद्रों पर हुई, जिसमें 9,003 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से सर्वाधिक 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दूसरी पाली में प्रयागराज में ही संगीत विषय की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 373 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 86 प्रतिशत परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्वयं कमान संभाली। उन्होंने केपी इंटर कॉलेज और राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज सहित कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम, अभ्यर्थियों की गहन तलाशी और पहचान सत्यापन प्रक्रिया की बारीकी से जांच की गई। प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे, और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को लगातार भ्रमणशील रहकर परीक्षा की निगरानी करने के कड़े निर्देश दिए गए। परीक्षा समाप्त होने के बाद, पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ परीक्षा सामग्री को सील कर आयोग के कार्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मैहर में 'श्रीराम सेना' ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर 'जन जागरण संकल्प यात्रा' की शुरुआत की। शनिवार शाम को मां शारदा मंदिर में पूरी विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ इस यात्रा का आगाज हुआ, जो बागेश्वर धाम तक जाएगी। श्रीराम सेना के प्रांत मंत्री शिवम पांडेय के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह लोगों को गौ संरक्षण करने और भारतीय संस्कृति को बचाने का संदेश दिया। संगठन ने जनता से अपील की कि वे गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की इस मुहिम से जुड़ें और अपनी आवाज बुलंद करें। जनसमर्थन जुटाने की कोशिश, सरकारों को सौंपेंगे ज्ञापन संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीराम सेना लंबे समय से गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाती रही है। इसी सिलसिले में देश और प्रदेश के लोगों का समर्थन जुटाने के लिए इस भव्य जन जागरण संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया है। यात्रा के समापन के बाद, आने वाली 27 जुलाई को इस मांग को लेकर मैहर कलेक्टर के जरिए राज्य और केंद्र सरकार के नाम एक मजबूत ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। जयकारों से गूंजा मार्ग, ये पदाधिकारी रहे शामिल यात्रा के दौरान पूरे रास्ते जय श्रीराम और धार्मिक नारों के साथ माहौल भक्तिमय बना रहा। इस जन जागरण यात्रा में मुख्य रूप से श्रीराम सेना के प्रांत मंत्री शिवम (शिब्बू) पांडेय, जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता, वासु तिवारी, रजनीश मिश्रा, नारायण पांडे, आकाश विश्वकर्मा, अक्षय और सोनू पांडे समेत भारी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और रामभक्त शामिल हुए।
लखीमपुर खीरी में मायके जाने के विवाद में पति ने अपनी पत्नी की नाक काट दी। घटना की जानकारी मिलते ही मायके वाले बेटी के घर पहुंच गए। बेटी को खून से लथपथ देखकर मां ने अपने दांतो से दामाद की बहन की नाक को काट डाला। विवाद बढ़ता देख आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल लाया गया। इलाज के बाद दोनों को घर भेज दिया गया। घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे पढुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा गांव की है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। दोनों पक्षों की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी घटना… ढखेरवा गांव के रहने वाले राम लखन कश्यप तीन बेटे और एक बेटी के साथ रहते है। राम लखन के बड़े बेटे श्रवण की शादी 4 साल पहले चचरा पुरवा गांव के रहने वाले बनवारी लाल की बेटी प्रीति (30) से हुई थी। प्रीति के मायके में कुछ दिन बाद उसकी चचेरी बहन की शादी थी, जिसके शामिल होने के लिए उसे जाना था।शनिवार शाम को प्रीति मायके जाने की बात कर रही थी, जिस पर श्रवण उसे मना कर रहा था। मायके जाने की जिद पर अड़ी थी पत्नी प्रीति मायके जाने की जिद पर अड़ गई। इससे श्रवण काफी ज्यादा गुस्से में आ गया। दोनों में बहस शुरु हो गई। बहस में श्रवण ने अपने दांतो से पत्नी प्रीति की नाक काट दी। प्रीति घायल होकर चीखने-चिल्लाने लगी। उसने तत्काल अपने मायके फोन कर दिया। श्रवण की ससुराल उसके गांव से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रीति के पिता बनवारी और माता श्रीदेवी बेटी के ससुराल पहुंच गए। बदले में सांस ने दामाद की बहन की नाक काट दी दोनों पक्षों में विवाद शुरु हो गया। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि प्रीति का मां श्रीदेवी ने अपने दांतो से दामाद श्रवण की बहन मोनी की नाक काट डाला। घायल मोनी ने चीख-पुकार मचा दी। वहां मौजूद परिवार के लोग प्रीति और मोनी को रमियाबेहड़ स्थित सीएचसी लेकर पहुंचे। दोनों का डॉक्टरों ने उपचार किया। सीएचसी से लौटने के बाद दोनों पक्षों ने पढुआ थाने में आकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच कर रही पुलिस एसओ मोहित पुण्डीर ने बताया कि उन्हें दोनों पक्षों से शिकायतें मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पड़ताल के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे गोली लगने से एक सिपाही की मौत हो गई। सिपाही केनरा बैंक में गार्ड की ड्यूटी पर तैनात था। सूचना मिलते ही पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोली उनकी सरकारी राइफल से गर्दन में लगी थी। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। बताया जा रहा है कि सिपाही पारिवारिक कारणों से परेशान था। हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामला सदर बाजार क्षेत्र स्थित सिविल लाइन इलाका का है। 12 सालों से केनरा बैंक की सुरक्षा में तैनात थे मूल रूप से एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के गड़ुआ गांव निवासी अजीत (42) मथुरा सिविल लाइन इलाके स्थित केनरा बैंक में गार्ड के रूप में तैनात थे। शनिवार रात करीब 9 बजे सदर बाजार थाना पुलिस को सूचना मिली कि उन्हें गोली लग गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी त्रिपुरारी कौशिक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल अजीत को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजीव कुमार और सीओ सिटी आशना चौधरी भी जिला अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अजीत वर्तमान में हाईवे थाना क्षेत्र की बालाजी पुरम कॉलोनी में रहते थे और पिछले 12 सालों से केनरा बैंक की सुरक्षा में तैनात थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अजीत की गर्दन में उनकी सरकारी राइफल से गोली लगी थी। गर्दन में गोली लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अजीत पारिवारिक कारणों से परेशान थे एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। जानकारी मिली है कि अजीत पारिवारिक कारणों से परेशान थे। इसके अलावा आत्महत्या की और कोई वजह है इसकी जांच की जा रही है। उनका मोबाइल भी खंगाला जा रहा है। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।
नोएडा मज़दूर आंदोलन के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और तीन महीने से उनकी रिहाई न होने के विरोध में शनिवार को प्रयागराज में छात्रों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के बाहर 'कारवां' के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया था। इसमें दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवाज़ उठाई। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को 'संवैधानिक अधिकारों पर हमला' बताया। दिशा छात्र संगठन के प्रशांत ने आरोप लगाया कि नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट केस में पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि आठ कार्यकर्ताओं को तीन महीने से अधिक समय तक जेल में रखना और श्रमिकों को हिरासत में यातना देना प्रदेश में 'पुलिसिया तानाशाही' का प्रमाण है। छात्रों ने पुलिस द्वारा हाल ही में दाखिल की गई चार्जशीट को 'फर्जीवाड़े का दस्तावेज' करार देते हुए खारिज कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चार्जशीट में एक ही व्यक्ति की गिरफ्तारी की तारीखों में विरोधाभास है, जिससे पुलिस के दावों पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सत्यम वर्मा पर 'मार्क्सवादी होने' का आरोप लगाकर वैचारिक असहमति को अपराध की श्रेणी में ला रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एक ही घटनाक्रम में 11 एफआईआर दर्ज करना कार्यकर्ताओं को जेल में रखने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि पिछले तीन महीनों में यूपी पुलिस द्वारा सबूतों का निर्माण और मनमानी कार्रवाई ने प्रदेश में भय का माहौल पैदा किया है। दिशा छात्र संगठन के चंद्रप्रकाश ने सरकार को चेतावनी दी कि वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे, जब तक सभी कार्यकर्ताओं पर दर्ज 'फर्जी मुकदमे' वापस नहीं लिए जाते और उनकी तत्काल रिहाई सुनिश्चित नहीं की जाती। इस प्रदर्शन में चंचल, निधि, प्रियांशु, पूजा, अमन और जय सहित बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
मेरठ में ललिता हत्याकांड के बाद हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस अब पुलिस की जांच के दायरे में आ गई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे 80 से अधिक वीडियो, रील और पोस्ट पुलिस के रडार पर हैं। इनमें पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां, भड़काऊ बयान और भ्रामक दावे शामिल होने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के बाद पुलिस की सोशल मीडिया सेल ने अपनी डिजिटल निगरानी तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिन्हित किए गए सभी वीडियो और पोस्ट की तकनीकी जांच की जा रही है। इसमें कंटेंट का सत्यापन, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान और पोस्ट करने वालों की भूमिका की पड़ताल शामिल है। जांच में कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पूर्व बार एसोसिएशन के महामंत्री रामकुमार शर्मा ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी भाषा कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। ललिता हत्याकांड के बाद से सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस जारी है। एक पक्ष पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के कदमों का समर्थन कर रहा है। वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की बढ़ती संख्या के कारण पुलिस ने अपनी डिजिटल निगरानी और भी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है। हालांकि, भड़काऊ, भ्रामक या कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी सामग्री के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में आमेर थाना पुलिस ने बाइक चोरी के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने 48 घंटे में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया- 8 जुलाई को अशरफ खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अशरफ खान ने बताया था कि 7 जुलाई की दोपहर करीब 2:30 बजे बेटा वसीम घर से खाना खाने के बाद निकला था। इसी दौरान बाबुल, अकील, साहिल, अज्जू, इस्माइल, सक्का, अल्फा सहित अन्य लोगों ने उसे जबरन अपने साथ ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के लोगों को भी आरोपियों ने धमकाया। घायल वसीम को एसएमएस (SMS) अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता की रिपोर्ट के आधार पर आमेर थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीमें लगातार दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। बाइक चोरी के विवाद में की हत्या जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतक वसीम पर पहले एक मोटरसाइकिल चोरी का आरोप लगा था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने उसे पकड़कर मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल खान (22) पुत्र ताहिर खान, निवासी गणनाथ शाह की गली, रामचंद्रजी का चौक, थाना रामगंज और नासिर खान उर्फ बाबुल (24) पुत्र गफ्फार खान, निवासी छोटा दरवाजा के पीछे, ठाठर रोड, हींडनपुरा, थाना आमेर के रूप में हुई है। यह भी पढ़े: जयपुर में युवक की पीट-पीटकर हत्या:भाई बोला- 8-10 बदमाशों ने घर से ले जाकर खेत-फार्म हाउस पर लाठियों-सरियों से मारा
गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार को एक स्पा सेंटर पर छापेमारी कर देह व्यापार के आरोप में कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 23 महिलाओं को रेस्क्यू किया। उनकी उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच बताई गई है। वहीं, पांच ग्राहकों और एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों ने यह कार्रवाई की। मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है। थाना प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि अनैतिक देह व्यापार से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मसाज के नाम पर लोग आते पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार ग्राहकों ने बताया कि वे मसाज के नाम पर यहां आते थे। उनके अनुसार, इसके लिए 4 से 5 हजार रुपये तक लिए जाते थे। पुलिस को मौके से कुछ मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। रेस्क्यू की गई महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली और गाजियाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। उनके मुताबिक, शाम के बाद ग्राहक आते थे और मसाज के नाम पर करीब 2 हजार रुपये लिए जाते थे। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि सूचना मिली थी कि वैशाली सेक्टर-4 स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद महिला पुलिस और कौशांबी थाना पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 23 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। मौके से पांच ग्राहक और एक कर्मचारी पकड़ा गया। पुलिस ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। इसका संचालन कुलदीप, गौरव व विक्की कर रहे थे।
संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीना ने महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिले में आयोजित अर्दली रूम में लंबित मामलों की समीक्षा की, जिसके बाद दो उपनिरीक्षकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए, जबकि दो अन्य को कड़ी चेतावनी जारी की गई। यह समीक्षा बैठक शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित की गई थी। इसमें जिले के सभी थाना प्रभारियों, उपनिरीक्षकों, विवेचकों और हेड मुहर्रिरों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। एसपी ने महिला अपराधों की लंबित विवेचनाओं पर विशेष नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी विवेचकों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह की उपस्थिति में एसपी ने जोर देकर कहा कि जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण, विधिसम्मत कार्रवाई और अपराध नियंत्रण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा के उपरांत, कोतवाली खलीलाबाद में तैनात उपनिरीक्षक जयराम सिंह यादव और उपनिरीक्षक प्रमोद पाठक के कार्यों की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में शिथिलता पाए जाने पर बरदहिया चौकी प्रभारी अनिल यादव और दुधारा थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजेश सिंह को कड़ी चेतावनी जारी की गई। बैठक में एसपी ने विवेचकों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने यक्ष ऐप, ई-समन और एस-आईडी प्रणाली का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विवेचना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित हो सके।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने विदिशा शहर में रविवार, 12 जुलाई को तीन घंटे की बिजली कटौती की घोषणा की है। यह कटौती 33 केवी एटीसी फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक की जाएगी। कंपनी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रखरखाव के दौरान अरेरा हॉस्पिटल और अरिहंत विहार सब-स्टेशन से जुड़े सभी 11 केवी फीडर बंद रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप अरिहंत विहार-1, अरिहंत विहार-2 और अरिहंत हिल्स समेत आसपास के इलाकों में बिजली नहीं मिलेगी। इसके अतिरिक्त, रामलीला सब-स्टेशन से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों की आपूर्ति भी रोकी जाएगी। इससे राघवजी कॉलोनी, बेतवाली नगर और बेतवा सीवेज फीडर से संबंधित क्षेत्रों में भी बिजली गुल रहेगी। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद नियमानुसार विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, आवश्यकतानुसार शटडाउन की अवधि को कम या अधिक किया जा सकता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से इस अस्थायी असुविधा के लिए सहयोग की अपील की है।
ग्वालियर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शनिवार सुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम.एस. सागर के निर्देश पर माधोगंज स्थित प्रसूति गृह में कराए गए औचक निरीक्षण के दौरान प्रसव कराने के नाम पर प्रसूताओं से पैसे लेने का मामला सामने आया। जांच के दौरान भर्ती महिलाओं से बातचीत में यह खुलासा हुआ कि प्रसव के बाद न्यौछावर के नाम पर उनसे राशि ली गई थी। मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया गया है। महिलाओं ने 'न्यौछावर' के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार सुबह सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. दीपाली माथुर को बिना पूर्व सूचना माधोगंज प्रसूति गृह का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही डॉ. दीपाली माथुर, डीपीएचएनओ संविधा के साथ सुबह करीब 8:45 बजे ऑटो से प्रसूति गृह पहुंचीं, ताकि निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय रहे और वास्तविक स्थिति सामने आ सके। लम्बे समय से अस्पतालों में चल रहा है अवैध वसूली का खेल निरीक्षण के दौरान प्रसूति वार्ड में छह महिलाएं भर्ती मिलीं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एक-एक कर सभी प्रसूताओं से उनके स्वास्थ्य, अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं और प्रसव के दौरान किसी प्रकार की राशि लिए जाने के संबंध में जानकारी ली। पूछताछ के दौरान तीन महिलाओं से विशेष रूप से बातचीत की गई, जिनमें से दो ने धीमी आवाज में स्वीकार किया कि प्रसव के बाद उनसे न्यौछावर के नाम पर पैसे लिए गए। महिलाओं ने खुलकर बोलने में झिझक जरूर दिखाई, लेकिन उनके बयान से अवैध वसूली की आशंका को बल मिला। निरीक्षण करने पहुंचे सीएमएचओ को देख अस्पताल में मचा हड़कम डॉ. दीपाली माथुर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर को दी। सूचना मिलते ही सीएमएचओ ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए। साथ ही शनिवार रात ड्यूटी पर तैनात संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों या उनके परिजनों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी या स्वास्थ्यकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को सरकार की सभी स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराने का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। अधिकारियों को कई दिनों से मिल रही थी अवैध वसूली की शिकायत सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने कहा कि जिले के अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी समय-समय पर इसी तरह के औचक निरीक्षण कराए जाएंगे। निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनियमितताओं को पकड़ना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को बिना किसी दबाव या अवैध वसूली के बेहतर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों में भी हलचल देखी जा रही है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि मरीजों के अधिकारों से किसी भी तरह का खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बरेली में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइ-वज्र अभियान के तहत पुलिस को लगातार तीसरे दिन बड़ी सफलता मिली। साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर पहले से 11 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से दो आईफोन भी बरामद किए हैं। साइबर थाना पुलिस ने शनिवार रात 10 बजे मामले का खुलासा किया है। कर्नाटक और बिहार समेत कई राज्यों के लोगों को बनाया शिकार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कर्नाटक, बिहार समेत कई राज्यों के लोगों को झांसा देकर साइबर ठगी करते थे। ठगी से जुड़े करीब 6.44 लाख रुपए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हुए थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे और कमीशन लेकर रकम निकालकर आगे पहुंचाते थे। कार्रवाई के दौरान थाना कैंट में एक मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि थाना बहेड़ी में एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया। तीन आरोपी एक साथ कर रहे थे काम थाना कैंट पुलिस ने आनंद कुमार, विकास और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि इनके बैंक खातों में साइबर अपराध से जुड़े करीब 3.41 लाख रुपए का लेन-देन हुआ था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में थे। उनके कहने पर अपने खातों में ठगी की रकम मंगाते थे और बाद में निकालकर बांट देते थे। पुलिस ने इनके पास से दो आईफोन भी बरामद किए हैं। इन तीनों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर सात साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। बहेड़ी पुलिस ने मोहम्मद सवाद को गिरफ्तार किया। उसके बैंक खाते में साइबर अपराध से जुड़े करीब 3.03 लाख रुपए के लेन-देन की पुष्टि हुई है। पूछताछ में उसने भी अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों के साथ मिलकर बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने की बात कबूल की। उसके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर चार शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस बोली- अभियान आगे भी रहेगा जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन साइ-वज्र अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी रोक लगाना है। अभियान के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
राजस्थान में लंबे समय से अटके निकाय चुनावों को लेकर स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री खर्रा ने कहा- राज्य सरकार और मेरे विभाग के स्तर पर जो भी तैयारियां की जानी थीं, वो मार्च 2026 में ही पूरी की जा चुकी हैं। चुनाव में हो रही देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की। मंत्री ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 2 स्पष्ट निर्णय हैं, जिनके अनुसार जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी (OBC) वर्ग की जनसंख्या के सटीक आंकड़े राज्य सरकार को नहीं सौंप देता, तब तक सरकार उन्हें राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकती। मंत्री खर्रा शनिवार देर शाम को कोटा में चंबल गार्डन के पुनर्विकास कार्यों का लोकार्पण करने पहुंचे थे। शुरुआती आंकड़ों में थीं खामियां, दोबारा रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश मंत्री खर्रा ने माना कि शुरुआती दौर में प्रशासन द्वारा जुटाए गए आंकड़ों में कई खामियां थीं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में स्थानीय प्रशासन को डेटा जुटाने का काम सौंपा गया था। जब हमने इस पर काम शुरू किया, तब ज्यादा मैनपावर एसआईआर (SIR) में लगी हुई थी। ऐसे में जब पिछड़ा वर्ग आयोग ने स्थानीय स्तर पर इसकी जांच की, तो रिपोर्ट में कई विसंगतियां (गलतियां) पाई गईं। इसके बाद हमने स्थानीय प्रशासन को दोबारा से सही रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने उम्मीद जताई है कि चूंकि अभी जनगणना के काम में मैनपावर लगी हुई है, फिर भी अगले एक महीने में स्थानीय प्रशासन आंकड़े इकट्ठा करके दे देगा। जैसे-जैसे आंकड़े आएंगे, पिछड़ा वर्ग आयोग स्थानीय स्तर पर उनकी दोबारा जांच करेगा। कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल चुनावों में देरी को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए यूडीएच मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। खर्रा ने कहा- साल 2022 में ही सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आ चुका था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के पास डेढ़ साल का लंबा समय था, वे चाहते तो इस दिशा में कदम बढ़ा सकते थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस फाइल को दबाकर रखा। हमारी सरकार आते ही हमने तुरंत आयोग का गठन किया। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- विधानसभा में जब यह सवाल उठा था, तब भी उन्होंने कहा था कि अगर विपक्ष बिना पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण दिए ही चुनाव करवाना चाहता है, तो वे हमें लिखित में मांग सौंपें। राज्य सरकार उस विकल्प पर भी विचार करने को तैयार है, लेकिन आज तक विपक्ष की ओर से ऐसी कोई लिखित मांग नहीं आई है। रेलवे के आरोपों पर मंत्री का बयान कोटा में रेलवे की जमीन पर बीजेपी ऑफिस के निर्माण मामले में मंत्री खर्रा ने कहा कि पहले ही जमीन की पैमाइश हो चुकी है। लेकिन आज फिर केडीए (KDA) के अधिकारियों को कहा है कि रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिखकर उनके पास जो दस्तावेज हैं, उनकी प्रति मंगवा ली जाए। इसके बाद रेलवे, केडीए और राजस्व की टीम मिलकर अपने-अपने दस्तावेजों के आधार पर फिर से पैमाइश कर लेंगी। सेवा शिविर की बढ़ सकती है समय सीमा मंत्री खर्रा ने बताया कि प्रदेश में चल रहे शहरी-ग्रामीण सेवा शिविर को लेकर विचार किया जा रहा है। जिस प्रकार का रुझान लोगों में इन शिविरों को लेकर है, हमें लग रहा है कि इसकी अवधि पंद्रह दिनों के लिए और बढ़ानी चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री से बात कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
नकली, री-लेबलिंग और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए हैं। ताजा कार्रवाई में दो मेडिकल फर्मों को सील किया गया है, जबकि दो अन्य फर्मों की दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल सीलएफएसडीए के अनुसार हालिया कार्रवाई में मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल को पूरी तरह सील कर दिया गया। वहीं नीलकंठ और मनु फार्मा की दवा बिक्री पर रोक लगाई गई है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। 58 थोक दवा लाइसेंस पर कार्रवाईविभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं। इससे पहले वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस 30 जनवरी 2026 और हर्षित ट्रेडर्स का लाइसेंस 16 जून 2026 को निरस्त किया गया था। फर्जी बिलों के जरिए बाजार में पहुंच रहीं थीं दवाएंजांच में सामने आया है कि Chymoral Forte, Shelcal और Aciloc समेत कई ब्रांडेड दवाओं की बिक्री फर्जी खरीद बिलों के जरिए की जा रही थी। आरोप है कि सरकारी और ईएसआई सप्लाई के लिए निर्धारित दवाओं को भी अवैध रूप से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच के दौरान साक्ष्य मिटाने और रिकॉर्ड छिपाने के प्रयास भी सामने आए हैं। इंसुलिन की कोल्ड-चेन में मिली अनियमिततायुग फार्मा पर की गई छापेमारी में जीवनरक्षक इंसुलिन को निर्धारित कोल्ड-चेन व्यवस्था के बिना रखा गया पाया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि अस्पतालों और सरकारी आपूर्ति की दवाओं के पुराने लेबल हटाकर उन पर नए एमआरपी लेबल लगाए जा रहे थे, ताकि उन्हें बाजार में बेचा जा सके। सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्धएफएसडीए की जांच के दौरान शारदा फार्मा के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नबील खान और सोनू बघेल दवाओं के कार्टन ले जाते हुए दिखाई दिए। इन साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ गाजियाबाद ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन नई एफआईआर दर्जमामले में दर्ज तीन नई एफआईआर में कई दवा कारोबारियों और फर्मों को नामजद किया गया है। विभाग का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। 3.63 करोड़ से अधिक की दवाएं जब्तकार्रवाई के दौरान करीब 3.63 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं। इनमें इंसुलिन, वैक्सीन, डिफेंस और ईएसआई सप्लाई की दवाएं, फिजिशियन सैंपल तथा संदिग्ध नकली दवाएं शामिल हैं। ‘नेटवर्क पर लगातार रखी जा रही निगरानी’एफएसडीए आयुक्त रोशन जेकब ने कहा कि नकली दवाओं और री-लेबलिंग के अंतरजनपदीय नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दवा व्यापार की आड़ में फर्जी बिलिंग, नकली दवाओं की बिक्री और री-लेबलिंग जैसे अवैध कार्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को शाम 5.30 कानपुर के लखनऊ फाटक स्थित एक लॉन में 'जनसंख्या असंतुलन और भारत का भविष्य' विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कानपुर नगर सांसद रमेश अवस्थी शामिल हुए। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश अवस्थी ने किया। सांसद ने कहा कि जनसंख्या को नियंत्रित करना, विकास के लिए जरूरी। देश के विकास के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राष्ट्र की सुरक्षा और विकास से जुड़ा है मुद्दा : रमेश अवस्थी मुख्य अतिथि सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन केवल सामाजिक विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संतुलन से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विकसित भारत के लिए जागरूकता जरूरी : अनिल दीक्षित भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनसंख्या के प्रति जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनजागरण के माध्यम से समाज को इस विषय पर संवेदनशील बनाना होगा। संगोष्ठी में जनसंख्या असंतुलन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और राष्ट्रहित में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में एमएलसी सलिल विश्नोई, सुरेश अवस्थी, हरिश्याम गुप्ता, अभिनव दीक्षित, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, मंडल अध्यक्ष योगेश पांडे, रमाशंकर अग्रहरी, दीपक शुक्ला, विनोद गुप्ता, उपेंद्र शुक्ला, पार्षद हेमू, विकास जायसवाल, आदर्श गुप्ता, सुभाष गौड़, मोनू गुप्ता, आशीष तिवारी सहित कार्यकर्ता अक्षय त्रिवेदी में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
जयपुर में अपार्टमेंट के पोर्च में मिली युवती के शव के मामले में परिजन शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठे परिजनों से बातचीत की। परिवार से 10 दिन का समय मांगते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में मदन राठौड़ ने कहा- कई लोग ऐसे मामलों में प्रचार-प्रसार (पब्लिसिटी) पर भी ध्यान देते हैं और मीडिया को भी ऐसे मामलों में जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह केवल न्याय पाने की कोशिश नहीं, बल्कि मीडिया में प्रचारित होने की भी कोशिश है। जिसकी बेटी गई है, वह मीडिया में प्रचारित क्यों होना चाहता है, यह समझ में नहीं आता। मुझे लगता है कि इन्हें किसी ने प्रेरित करके यहां भेजा है और मैं इसकी निंदा करता हूं। दरअसल, जयपुर में एक अपार्टमेंट के पोर्च में 6 जून को युवती का शव मिला था। युवती घर से साइकिलिंग करने निकली थी। काफी समय बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो परिजन उसे ढूंढने निकले थे, जिसके बाद उसका शव बरामद हुआ था। युवती के परिवार ने कही ये बड़ी बातें… 1. लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन, भाजपा नेताओं को सौंपा ज्ञापन परिजनों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक सरकार की ओर से सीबीआई (CBI) जांच को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि केवल मौखिक भरोसे से उन्हें संतुष्टि नहीं है। भाजपा पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जांच कराने और किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराने की मांग रखी है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार हैं। 2. प्रभावशाली लोगों और पुलिस पर लगाया दबाव बनाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग मृतका के माता-पिता ने आरोप लगाया कि मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। हम पर लगातार दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है, मीडिया के सामने अपनी बात रखने से रोका जा रहा है और धरना समाप्त नहीं करने पर जबरन हटाने की धमकियां दी जा रही हैं मदन राठौड़ ने परिजनों से की बातचीत, डीजीपी को लगाया फोन और मांगा 10 दिन का समय धरने की सूचना मिलने के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने परिजनों से बातचीत की। उन्होंने तुरंत पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा से फोन पर संवाद किया और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी आदित्य पूनिया की डीजीपी से बात करवाकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया। राठौड़ ने कहा कि सरकार और भाजपा संगठन पूरी तरह से निष्पक्ष जांच के पक्षधर हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से 10 दिन का समय मांगते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। ‘सीएम को लिखकर भेज दूंगा, लेकिन लिखित गारंटी नहीं दे सकता’ सीबीआई जांच की मांग पर मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं सीबीआई जांच का आदेश नहीं दे सकते। वे मांग कर सकते हैं, मैं उनकी मांग मुख्यमंत्री को लिखकर भेज दूंगा कि परिवार सीबीआई जांच चाहता है। लेकिन मैं उन्हें यह लिखकर नहीं दे सकता कि जांच सीबीआई से ही होगी। उन्हें भी यह समझना चाहिए कि जांच की प्रक्रिया कैसे तय होती है। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अशोक नगर थाना पुलिस मौके पर तैनात रही। फिलहाल परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि भाजपा संगठन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए परिवार से 10 दिन का समय मांगा है। -------- यह खबर भी पढ़िए.. जयपुर में अपार्टमेंट के पोर्च में नाबालिग-छात्रा का शव मिला:घर से साइकिलिंग करने निकली थी; परिवार बोला- किडनैप करके मारा जयपुर में अपार्टमेंट के पोर्च में शनिवार सुबह एक नाबालिग छात्रा का शव मिला है। 16 साल की छात्रा 12वीं क्लास में पढ़ती थी। शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे वह साइकिलिंग करने निकली थी। काफी समय बाद भी घर नहीं लौटने पर परिजन छात्रा को ढूंढने निकले। पढ़ें पूरी खबर
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटिहार जंक्शन के व्यापक विकास की दिशा में रेल प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए विस्तृत मास्टर प्लान को स्वीकृति मिलने के बाद कटिहार स्टेशन जल्द ही आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक स्वरूप के साथ नई पहचान बनाएगा। इसी क्रम में कटिहार रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) किरेंद्र नरह ने शनिवार को वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ कटिहार स्टेशन, रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया, ट्रैक क्षेत्र और मनिहारी टर्मिनल स्टेशन का गहन औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, डीआरएम ने मनिहारी टर्मिनल स्टेशन के सभी लंबित कार्यों को छठ महापर्व से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। डीआरएम किरेंद्र नरह ने प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। रेल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटिहार जंक्शन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
जिले के मनासा थाना क्षेत्र के ग्राम आंतरी माताजी में शनिवार को जमीन की मेढ़ और करीब 30 साल पुराने रास्ते के इस्तेमाल को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। हमले में एक ही परिवार की मां और उनके दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जमीन की मेढ़ को लेकर लंबे समय से पुराना विवाद चल रहा था। शनिवार को एक पक्ष के लोगों ने रास्ते के बीच में अपना ट्रैक्टर खड़ा कर दिया और दूसरे पक्ष का रास्ता रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया। इस मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। मां और दो बेटे लहूलुहान, एक की हालत नाजुक इस जानलेवा हमले में इंदिरा बाई और उनके दो बेटे विशाल सूर्यवंशी व जीतू सूर्यवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को तुरंत मनासा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल बेटों में से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। समय पर नहीं पहुंची पुलिस, लहूलुहान पड़ा रहा युवक घायलों के परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि वारदात के तुरंत बाद उन्होंने डायल 112 पुलिस को फोन कर सूचना दी थी, लेकिन पुलिस की गाड़ी समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इसके चलते गंभीर रूप से घायल युवक काफी देर तक मौके पर ही तड़पता और लहूलुहान हालत में पड़ा रहा। बाद में आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों ने खुद ही व्यवस्था कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पहले भी की थी शिकायत, कार्रवाई न होने से बढ़े हौसले अस्पताल में भर्ती घायल विशाल सूर्यवंशी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी पक्ष खेत की मेढ़ और रास्ते को लेकर उन पर पहले भी कई बार जानलेवा हमले की कोशिश कर चुका है। इसकी लिखित शिकायत पहले भी थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पुलिस की इसी ढिलाई की वजह से आरोपियों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। मनासा थाना पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद परस्पर शिकायत (क्रॉस केस) दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की पूरी गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
20 लाख का गांजा, स्मैक के साथ चार आरोपी गिरफ्तार:5 किलो गांजा, 69.35 ग्राम स्मैक और स्कॉर्पियो जब्त
उनियारा थाना पुलिस ने शनिवार को स्कॉर्पियो सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 20 लाख रुपए का गांजा और स्मैक जब्त किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 किलो 60 ग्राम गांजा, 69.35 ग्राम स्मैक, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, चार स्मार्टफोन और 4,780 रुपए भी जब्त किए हैं। उनियारा थाने के एएसआई रतनलाल मीणा ने बताया कि थाना प्रभारी कप्तान सिंह मय टीम शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कामधेनु सर्किल, उनियारा के आगे नैनवां रोड पर मुखबिर की सूचना के आधार पर काले रंग की एक स्कॉर्पियो गाड़ी की जांच की। कार में सवार चारों युवकों के कब्जे से 5 किलो 60 ग्राम गांजा और 69.35 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने गांजा, स्मैक और स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर लिया। पुलिस ने सलमान (34) पुत्र रशीद खान निवासी हसनपुर कॉलोनी, वार्ड नं. 16, बड़ौदा मार्ग, बंजारा डैम, पुलिस थाना कोतवाली, श्योपुर, जिला श्योपुर (मध्यप्रदेश), अमन सिंह (26) पुत्र रविंद्र सिंह भदौरिया निवासी हीरापुर, पुलिस थाना मानपुर, जिला श्योपुर (मध्यप्रदेश), राकेश (32) पुत्र प्रकाश सिंह भदौरिया निवासी गिरधरपुर, पुलिस थाना मानपुर, जिला श्योपुर (मध्यप्रदेश) तथा सुरेश (30) पुत्र मीठालाल निवासी बंसल पेट्रोल पंप के पीछे, वार्ड नं. 18, शिव सज्जन कॉलोनी, उनियारा, पुलिस थाना उनियारा, जिला टोंक (राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया।
जिले के बहेला थाना क्षेत्र के मिरिया (टेकेपार) में ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़े गए अवैध शराब के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। सप्लाई करने वाले शराब दुकान के मैनेजर धनंजयसिंह और सप्लायर मनोज फुलमारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी और शराब ठेकेदार देवा शर्मा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह पूरा मामला बीते बुधवार का है, जब टेकेपार गांव में अवैध रूप से शराब खपाने के लिए एक गाड़ी (क्रमांक CG 07 CN 3226) पहुंची थी। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने एकजुट होकर वाहन को चारों तरफ से घेर लिया और तुरंत बहेला थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन को अपने कब्जे में लिया और उसमें से 11 पेटी अवैध शराब जब्त की। रिसेवाड़ा शराब दुकान से हो रही थी अवैध सप्लाई बहेला थाना प्रभारी शैलेन्द्र सक्सेना ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि जब्त की गई शराब रिसेवाड़ा स्थित शराब दुकान से ग्रामीण इलाकों में अवैध बिक्री के लिए लाई गई थी। घटना वाले दिन गाड़ी को खुद मैनेजर धनंजयसिंह चला रहा था और सप्लायर मनोज फुलमारे उसके साथ गांव में शराब की अवैध डिलीवरी देने आया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट के माध्यम से जेल भेज दिया है। इस मामले में दुकान के ठेकेदार देवा शर्मा को भी नामजद आरोपी बनाया गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों के हाथ लगा 'सीक्रेट रजिस्टर', खुलेगा बड़ा राज! सूत्रों के मुताबिक, वाहन को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों के हाथ एक महत्वपूर्ण डायरी या रजिस्टर लगा था। इस रजिस्टर में उन सभी स्थानीय लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जो गांवों में अवैध रूप से शराब बेचने के धंधे से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस सीक्रेट रजिस्टर को लेकर बहेला पुलिस ने अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस फिलहाल मुख्य आरोपी ठेकेदार की तलाश में जुटी है।
बागपत पुलिस ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया। करीब तीन घंटे चले इस अभियान में 20 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए। इनमें दो वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे, जिन पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के काठा गांव के पास टोल प्लाजा पर चलाया गया। इस दौरान दिल्ली से देहरादून की ओर जा रहे वाहनों की सघन तलाशी ली गई। सीओ सुकन्या शर्मा और ट्रैफिक इंस्पेक्टर नोवेंद्र सिरोही ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस चेकिंग अभियान का नेतृत्व किया। अभियान के दौरान शराब पीकर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे दो चालकों के चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर प्लेट, काली फिल्म वाले शीशे, ओवरस्पीडिंग और बिना सीट बेल्ट ड्राइव जैसे विभिन्न ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 18 अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई। यह चेकिंग अभियान शनिवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ और रात 9 बजे तक चला। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और सख्त हिदायत दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल ने शनिवार शाम करीब 5 बजे बागपत के खेकड़ा स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में रह रही गायों की देखभाल, चारे-पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई और गौवंश के स्वास्थ्य संबंधी इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, गोयल ने अपने हाथों से गायों को गुड़ और बूंदी खिलाई। उन्होंने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा बताते हुए समाज से गौवंश के संरक्षण और सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। गोयल ने गौशाला प्रबंधन को निर्देश दिए कि गायों के लिए स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक चारा, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य गौवंश को बेहतर देखभाल प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि किसी भी गौशाला में गौवंश से संबंधित कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करना चाहिए और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत पूरा किया जाए। गोयल ने स्पष्ट किया कि गौवंश की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करते रहेंगे। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार त्रिपाठी, संबंधित अधिकारी, गौशाला संचालक और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सुल्तानपुर की नहर से मिला मानव कंकाल:18 जून से लापता लखनऊ के युवक के रूप में हुई पहचान
सुल्तानपुर के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पतीपुर नहर पुल के पास शनिवार शाम मानव कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने कंकाल की पहचान लखनऊ निवासी युवक दीपक सिंह के रूप में की है, जो 18 जून से लापता था। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, दीपक सिंह लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के सिठौली कला गांव के रहने वाले थे। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गोसाईंगंज पुलिस की टीम उनकी तलाश में शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पतीपुर गांव के पास नहर में छानबीन कर रही थी। इसी दौरान नहर से एक मानव कंकाल बरामद हुआ। सूचना पर शिवगढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंची। शिवगढ़ थाना प्रभारी परशुराम ओझा ने बताया कि शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और केवल कंकाल ही बचा था। परिजनों ने उसकी पहचान दीपक सिंह के रूप में की है। परिजनों का आरोप है कि दीपक की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया था। फिलहाल पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अन्य विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में बजरंग दल के सेवा सप्ताह के समापन पर शनिवार को पौधरोपण अभियान चलाया गया। यह अभियान लालबाग स्थित दयानिधान पार्क में आयोजित किया गया। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल, लखनऊ पश्चिम के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पौधे लगाए और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की। बजरंग दल के जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख ने बताया कि सेवा सप्ताह 5 जुलाई को शुरू हुआ था। इसका समापन 12 जुलाई को सभी प्रखंडों में विभिन्न सेवा गतिविधियों के साथ किया जाएगा। लखनऊ पश्चिम क्षेत्र में सेवा सप्ताह के दौरान लगभग 5 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण कों प्रमुख विषय बनाया गणेशशंकर पवार ने जानकारी दी इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण को अभियान का प्रमुख विषय बनाया गया है। कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के बीच पौधरोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पेड़ों से पर्यावरण शुद्ध रहता है और वे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ तथा सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी आवश्यक है। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख गणेश शंकर पवार, शिवाजी नगर के उपाध्यक्ष दुर्गेश कश्यप, मंत्री प्रेम यादव और धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्याम सिंह सहित विश्व हिन्दू परिषद तथा बजरंग दल के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में 12 जुलाई को वृक्षारोपण महायज्ञ:97.61 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, तैयारियां पूरी
मिर्जापुर में प्रदेश सरकार के निर्देश पर 12 जुलाई को 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' मनाया जाएगा। इस महाअभियान के तहत जनपद में 97 लाख 61 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का मुख्य कार्यक्रम विकास खंड पहाड़ी के ग्राम सागर सेमर में आयोजित होगा। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भाग लेंगे। वन विभाग के अनुसार, कुल लक्ष्य में से 48 लाख 36 हजार पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे, जबकि विभिन्न विभागों द्वारा 49 लाख 25 हजार 600 पौधे रोपित किए जाएंगे। यह वृक्षारोपण अभियान जिले के सभी विकास खंडों, ग्राम पंचायतों, वन क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी परिसरों में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इस दौरान फलदार, छायादार और स्थानीय जलवायु के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जनपदवासियों से 'वृक्षारोपण महायज्ञ' में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की भावना के अनुरूप अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। वन विभाग ने स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, विभिन्न विभागों और आम नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाकर सफल बनाने का आग्रह किया है।
कानपुर देहात में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस गोष्ठी में एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने जिले की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। एसपी ने डकैती, लूट, चोरी, महिला अपराध, साइबर अपराध और बच्चों से संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूरा करने, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में तेजी लाने तथा 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाने पर भी जोर दिया। महिला सुरक्षा के संबंध में 'मिशन शक्ति फेज-5' के तहत एंटी रोमियो टीमों को स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियानों को तेज करने का भी निर्देश दिया गया। गोष्ठी में यातायात व्यवस्था, आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, चरित्र सत्यापन और पासपोर्ट संबंधी लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक एवं भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। एसपी ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थानों में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और अपराधियों के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधिकारियों को नियमित गश्त, भूमि विवादों में समय रहते कार्रवाई करने और जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय में NCC शिविर का समापन:कैडेटों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में दी शानदार प्रस्तुतियां
लखनऊ विश्वविद्यालय में 64 यूपी बटालियन एनसीसी का संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शनिवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर कैडेटों ने देशभक्ति और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक संध्या की मुख्य अतिथि डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. अमिता कनौजिया थीं। विशिष्ट अतिथियों में मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी और महमूदाबाद हॉल के प्रोवोस्ट प्रो.ओ.पी शुक्ला शामिल रहे। देशभक्ति नाटक जैसी विभिन्न प्रस्तुतियां दी कार्यक्रम में समूह नृत्य, एकल गायन, देशभक्ति नाटक जैसी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रत्येक प्रस्तुति में कैडेटों का आत्मविश्वास और टीम भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अधिकारियों और शिविर स्टाफ ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ अपनी प्रतिभा को लगातार निखारने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान लेफ्टिनेंट कर्नल अनिमेष राय ने कैडेटों से अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी केवल अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कैडेटों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। अंत में, एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट रजनीश कुमार यादव ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का समन्वय जीसीआई सिवनी ने किया। इस दौरान सूबेदार मेजर आशीष सिंह चौहान, जेसीओ जसबीर सिंह, अन्य जेसीओ, पीआई स्टाफ और बड़ी संख्या में कैडेट मौजूद रहे।
मुंबई से पकड़ाया ड्रग सप्लायर:मऊगंज में नशीले पदार्थ बनाने और बेचने वाले अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार
मऊगंज जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच करते हुए राज्यों के बीच फैले मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया। इस अंतरराज्यीय रैकेट में पुलिस अब तक 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक, पिछले दिनों पकड़े गए आरोपी चंदन सिंह से जब कड़ी पूछताछ की गई और तकनीकी सबूत (कॉल डिटेल व अन्य डेटा) खंगाले गए, तो एक बड़े नेटवर्क का पता चला। इसी आधार पर पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के मुंबई से सुनील यादव (35, पिता कपिलदेव यादव) को गिरफ्तार किया और शनिवार को उसे मऊगंज लेकर आई। दो साल से चल रहा था नशीले पदार्थों का यह खेल पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मऊगंज के चंदन सिंह और मुंबई के सुनील यादव के बीच करीब दो साल पहले संपर्क हुआ था। देखते ही देखते दोनों मिलकर नशीले पदार्थों की सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी के इस अवैध धंधे को बड़े पैमाने पर चलाने लगे। जांच के मुताबिक, चंदन सिंह जो माल तैयार करता था, उसे सुनील यादव तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद सुनील अपने दूसरे गुर्गों और साथियों की मदद से उसे अलग-अलग शहरों में ऊंचे दामों पर बिकवाता था। नेटवर्क के बाकी मददगारों की तलाश जारी मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरेआम ने शनिवार शाम को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पूरे रैकेट में नशीले पदार्थों को मंगाने, भेजने, बेचने और पैसों के लेन-देन (वित्तीय ट्रांजैक्शन) से जुड़े कुल 5 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पकड़े गए सभी तस्करों के खिलाफ पुख्ता सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य तस्करों का पता लगा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
मेरठ में छोटा हाथी-टेम्पो भिड़ंत, महिला की मौत:सात लोग घायल, रोहटा पुल के पास हुआ हादसा
मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र में रोहटा पुल के पास शनिवार शाम करीब सात बजे एक छोटा हाथी और टेम्पो की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में 60 वर्षीय शहरोज, पत्नी तुलसीदास, की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके अतिरिक्त, टेम्पो में सवार सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर रेलवे रोड थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय टेम्पो मेरठ से रोहटा की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे छोटा हाथी से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में घायल होने वालों में उसमान, संतोष शर्मा पत्नी प्रमोद (निवासी घसोली), मोनिका पत्नी दीपक, विक्की और अन्य यात्री शामिल हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद छोटा हाथी का चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। फरार चालक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन के कोतवाली थाना क्षेत्र में मोटर चोरी के संदेह में एक युवक को खेत में खंभे से बांधकर कथित रूप से मारपीट और बिजली का झटका देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी मामले का संज्ञान लिया है। जानकारी के अनुसार, घटना पिपलई डेम के पास की बताई जा रही है। पीड़ित युवक धनियाखेड़ी गांव का रहने वाला है और बैरागी समाज से जुड़ा है। आरोप है कि मोटर चोरी के संदेह में उसे खेत पर ले जाकर खंभे से बांध दिया गया। इसके बाद उससे कथित तौर पर चोरी में शामिल अन्य लोगों के नाम पूछने के लिए मारपीट की गई और बिजली के झटके दिए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और वायरल फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी। मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान वायरल वीडियो पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत में कानून का शासन है और किसी को भी अपने स्तर पर सजा देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले में आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पुलिस बोली- शिकायत नहीं मिली, जांच जारी कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गंगनहर में डूबे मासूम का 24 घंटे बाद मिला शव:ग्रेटर नोएडा की प्यावली नहर में नहाते समय हुआ था हादसा
ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र स्थित प्यावली नहर में शुक्रवार शाम को नहाते समय डूबे 10 वर्षीय मासूम तनिष का शव 24 घंटे बाद आज शनिवार शाम को बरामद कर लिया गया है। पुलिस और गोताखोरों की टीम शुक्रवार शाम से ही बच्चे की तलाश में जुटी थी। जानकारी के अनुसार, 10 वर्षीय तनिष पुत्र सुखवीर अपने ननिहाल प्यावली गांव आया हुआ था। शुक्रवार शाम करीब चार बजे वह अपने दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था। नहाते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में डूब गया। साथ मौजूद बच्चों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह पानी में लापता हो गया। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चे अपने साथी को बचाने का प्रयास करते दिख रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पाते। घटना की सूचना मिलते ही जारचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों, पीएसी और एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया। इन सभी टीमों ने संयुक्त रूप से नहर में बच्चे की तलाश की। लगातार तलाश के बाद आखिरकार शनिवार शाम को तनिष का शव नहर से बरामद हो गया। बच्चे का शव मिलने के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है और परिवार में मातम छाया हुआ है।
कटिहार में आदित्य कुमार की अनुकम्पा नियुक्ति:समाहरणालय में निम्न वर्गीय लिपिक पद पर मिली पोस्टिंग
कटिहार समाहरणालय में अनुकम्पा के आधार पर आदित्य कुमार को निम्न वर्गीय लिपिक (एलडीसी) के पद पर नियुक्ति दी गई है। य ह नियुक्ति उनके पिता स्वर्गीय सतीश कुमार रजक के सेवाकाल के दौरान निधन के बाद राज्य सरकार के प्रावधानों के तहत की गई है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई। सेवाकाल में पिता के निधन के बाद किया था आवेदन प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आदित्य कुमार, डहेरिया चौक स्थित पुराना जूट मिल क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय सतीश कुमार रजक अंचल कार्यालय, कटिहार में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। 5 फरवरी 2022 को सेवाकाल के दौरान उनके निधन के बाद आदित्य कुमार ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। सभी आवश्यक दस्तावेजों की हुई जांच आवेदन के साथ आदित्य कुमार ने शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक सूची, चरित्र प्रमाण-पत्र, निवास, जाति, आय, मृत्यु एवं अनियोजन प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा किए। उन्होंने आश्रित परिवार के अनापत्ति शपथ-पत्र और परिवार के भरण-पोषण से संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत किए। आदित्य कुमार का जन्म 16 फरवरी 2006 को हुआ है और उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिला अनुकम्पा समिति ने दी मंजूरी 13 जून 2026 को आयोजित जिला अनुकम्पा समिति की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रावधानों के तहत उनके आवेदन की समीक्षा की गई। सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी पाए जाने पर समिति ने कटिहार समाहरणालय में उन्हें वेतन स्तर-02 (₹19,900–63,200) पर निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर औपबंधिक नियुक्ति देने का निर्णय लिया। नियुक्ति के साथ सरकार द्वारा स्वीकृत अन्य भत्ते भी देय होंगे। 13 जुलाई तक योगदान देना होगा नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आदित्य कुमार को अपने स्वर्गीय पिता के सभी आश्रित परिवारजनों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभानी होगी और इसके लिए शपथ-पत्र भी देना होगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में उनके किसी शैक्षणिक या अन्य प्रमाण-पत्र को फर्जी पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें 13 जुलाई 2026 तक जिला स्थापना शाखा, कटिहार में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
बाड़मेर बस स्टैंड पर सेकेंड ग्रेड परीक्षार्थी और कंडक्टर के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। कंडक्टर के कॉलर पकड़ने पर परीक्षार्थी ने भी उसकी कॉलर पकड़ ली। इसके बाद कंडक्टर युवक का गला दबाकर उसे रोडवेज ऑफिस में ले गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच हाथापाई होते दिखाई दे रही हैं। घटना बाड़मेर शहर के वृद्धिचंद केंद्रीय बस स्टैंड आज दोपहर करीब 3 बजे हुई। रोडवेज प्रबंधक ओमप्रकाश पूनिया का कहना है- लाइन के बीच में आ जाने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। स्टाफ और पुलिस ने मामला शांत करवाकर परीक्षार्थी को बस में बैठाकर जोधपुर रवाना कर दिया है। जबकि पीड़ित छात्र सोहनलाल(26) ने बताया कि मैंने पुलिस के 112 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाई हैं। परीक्षार्थी का कॉलर पकड़ा, गला दबाते हुए साइड ले गया कंडक्टरजानकारी के अनुसार, प्रदेशभर में कल(12 जुलाई) से ग्रेड सेकेंड टीचर भर्ती परीक्षा की शुरुआत होगी। ऐसे में परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष बसें चलाई जा रही हैं। परीक्षार्थी बसों में चढ़ने के लिए लाइनों में लगे हैं। इसी दौरान जोधपुर परीक्षा केंद्र जाने वाला परीक्षार्थी भी बाड़मेर शहर के वृद्धिचंद केंद्रीय बस स्टैंड पर पहुंचा था। इस दौरान परीक्षार्थी और कंडक्टर के बीच बहस हो गई। आवेश में आए कंडक्टर फिरोज खान ने परीक्षार्थी का कॉलर पकड़ लिया और उसका गला दबाते हुए उसे रोडवेज की टिकट खिड़की की तरफ ले गया। रोडवेज के अफसर बोले- मामला शांत करवा दिया थारोडवेज प्रबंधक ओमप्रकाश पूनिया ने बताया- परीक्षार्थियों की लाइन के बीच में यह अभ्यर्थी आ गया था, इसी कारण दोनों में कहासुनी हो गई थी। पुलिस और स्टाफ ने समझाइश कर मामला शांत करवा दिया था। इसके बाद परीक्षार्थी को बस में बैठाकर उसके परीक्षा केंद्र जोधपुर के लिए रवाना कर दिया था। हालांकि कोतवाली थाने के एसआई गोविंदराम ने बताया- सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत करवाया। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दी गई है। बता दें कि आरपीएससी (RPSC) सेकंड ग्रेड (सीनियर टीचर) परीक्षा 2026 का आयोजन 12 से 18 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है, इसके लिए परीक्षार्थी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे थे। परीक्षार्थी ने कहा- मैंने पुलिस के 112 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई हैंसोहनलाल(26) ने बताया- मैं मेरी बहन के पास जा रहा था। उनको कह रहा था कि इस बस में नहीं चलकर पीछे वाली बस में चलेंगे। लेकिन कंडक्टर ने हमें बीच में ही रोक दिया। फिरोज खान, मनीराम समेत तीन जनों ने मेरे साथ मारपीट की। मैंने पुलिस के 112 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाई हैं। मैं साढ़े 3 बजे वाली बस जोधपुर एग्जाम देने के लिए रवाना हो गया। 37 सेकंड का वीडियो आया सामनेदोनों के बीच हुई बहस और हाथापाई का 37 सेकंड का एक वीडियो सामने आया है। इसमें कंडक्टर परीक्षार्थी के पास पहुंचकर उसका कॉलर पकड़ता है, जिसके जवाब में परीक्षार्थी भी कंडक्टर का कॉलर पकड़ लेता है। दोनों के बीच कुछ सेकंड तक खींचतान होती है, फिर कंडक्टर परीक्षार्थी की गर्दन दबाकर उसे टिकट खिड़की वाले ऑफिस की तरफ ले जाता है।
लखीसराय के टाउन थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार में शनिवार को अवैध देह व्यापार का मामला सामने आया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक किराए के मकान से एक महिला और दो युवतियों को हिरासत में लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की जांच कर रही है। मकान में रहने वाली महिला से शिकायत की स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित किराए के मकान में पिछले दो वर्षों से अधिक समय से कथित रूप से देह व्यापार का धंधा चल रहा था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार मकान में रहने वाली महिला से मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन गतिविधियों पर रोक नहीं लगी। ग्राहक गलती से पड़ोसी के घर में घुसा यह विवाद शनिवार को तब बढ़ गया, जब एक ग्राहक गलती से पड़ोसी के घर में घुस गया। घर में मौजूद महिला ने उसे झाड़ू से खदेड़ दिया। इसके बाद आसपास के बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और अवैध गतिविधि के विरोध में जमकर हंगामा किया। जानकारी के अनुसार, जिस घर में वह व्यक्ति घुसा था, वह विदेश में कार्यरत मकान मालिक का है। घर की देखभाल के लिए वहां एक परिवार केयरटेकर के रूप में रह रहा है। लोगों ने पुलिस को सूचना दी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची टाउन थाना पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और किराए के मकान से तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से यह भी सवाल किया कि यदि लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियां चल रही थीं, तो इसकी लिखित शिकायत पहले क्यों नहीं की गई। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि कहीं इस तरह की गतिविधियों में किसी स्थानीय स्तर पर सहयोग तो नहीं मिला। इधर, संबंधित मकान के मालिक ने मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
हिसार पुलिस ने जानलेवा हमले के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस हमले को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था। फिलहाल, कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन (IPS) के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना उकलाना पुलिस को यह कामयाबी मिली है। सहायक उप निरीक्षक कुलदीप ने बताया कि इस संबंध में थाना उकलाना में 1 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा नंबर 167 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। रिमांड के दौरान मोनू से गंडासी और रघबीर से डंडा बरामद मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक राजबीर के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत से पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद जब आरोपियों से गहनता से पूछताछ की गई, तो उनकी निशानदेही पर हथियार बरामद हुए। इसमें आरोपी मोनू पुत्र रघबीर, निवासी गांव लितानी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त गंडासी बरामद की गई। आरोपी रघबीर पुत्र छत्तर सिंह, निवासी गांव लितानी की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों हथियारों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में ले लिया है। पुरानी रंजिश के कारण हुआ हमला, आरोपी न्यायिक हिरासत में पुलिस जांच के अनुसार, यह जानलेवा हमला आपसी पुरानी रंजिश का नतीजा था। मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल, हिसार भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि हिसार पुलिस जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को मेरठ पहुंचकर दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पीड़ित परिवार की सभी मांगें तत्काल पूरी करे और मृतक छात्रा को न्याय दिलाए।
लापता व्यापारी का शव चौथे दिन नहर में उतराता मिला:हरदोई में शारदा नहर से बरामद, पुलिस जांच में जुटी
हरदोई शहर के एक कपड़ा व्यापारी बृजेश द्विवेदी का शव चौथे बाद संदिग्ध परिस्थितियों में शारदा नहर में उतराता मिला। यह घटना सांडी थाना क्षेत्र के खुटेहना गांव के पास शनिवार शाम 4:15 बजे सामने आई, जब ग्रामीणों ने नहर में एक शव उतराता देखा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। कोतवाली शहर के हरदेव गंज मोहल्ले के निवासी बृजेश द्विवेदी (पुत्र स्वर्गीय अनंत राम द्विवेदी) कपड़े के थोक व्यापारी थे। कपड़े और वसूली के संबंध में वह अक्सर जनपद के अलग-अलग क्षेत्र में बाइक से जाया करते थे। बुधवार, 8 जुलाई की शाम को अपनी बाइक से वसूली के लिए बावन गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन गुरुवार को लोनार पुलिस ने परिजनों को सहोरा पुल के पास एक लावारिस बाइक और चप्पलें मिलने की सूचना दी। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान बृजेश की चीजों के रूप में की। इसके बाद पत्नी बबिता द्विवेदी ने थाने में पति की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। शनिवार शाम को सांडी थाना क्षेत्र के खुटेहना गांव के पास शारदा नहर में एक शव देखा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त लापता व्यापारी बृजेश द्विवेदी के रूप में हुई। थानाध्यक्ष समर बहादुर सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।
एटा में चाय दुकान के बाहर से दूध चोरी:CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस कर रही जांच
एटा जिले के कचहरी रोड पर एक चाय की दुकान के बाहर से दूध की क्रेट चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार देर रात करीब 3:30 बजे हुई, जो दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता यश गुप्ता, पुत्र बालकिशन, निवासी कचहरी रोड ने बताया कि सुबह के समय दूध से भरी क्रेट उनकी दुकान के बाहर रखी थी। वह कुछ काम से घर गए थे। जब वापस लौटे तो दूध के पैकेट गायब मिले। गुप्ता ने दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक नकाबपोश व्यक्ति दूध की क्रेट चुराते हुए दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी। इस संबंध में कोतवाली नगर के थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार से बात की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में प्रभार संभाला है और फिलहाल यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। उन्होंने प्रकरण की जानकारी करने की बात कही है।
जमीनी विवाद में महिला पर ट्रैक्टर चढ़ाया, मौत:मैहर में पति गंभीर घायल, वाहन समेत आरोपी मौके से भागा
मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत खारा में शनिवार सुबह जमीनी विवाद के चलते एक महिला की ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो गई। इस घटना में महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे सुदर्शन साकेत अपनी पत्नी अठमनिया साकेत (47 वर्ष) के साथ खेत में थे। इसी दौरान उनका पड़ोसी महिपाल साकेत, उसकी पत्नी सुभद्रा साकेत और उसके दो बेटों से जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। यह कहासुनी जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों और हंसिया से मारपीट हुई। आरोप है कि मारपीट के दौरान महिपाल साकेत के एक बेटे ने ट्रैक्टर चलाकर अठमनिया साकेत को कुचल दिया। गंभीर चोटों के कारण महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना में मृतका के पति सुदर्शन साकेत भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही रामनगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। महिला के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रैक्टर सहित मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इस घटना का कारण जमीन को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद बताया जा रहा है।
धमतरी में भाजपा पार्षद ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया। पार्षद ने अपने वार्ड के तालाब में अवैध मुरुम खनन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तालाब की सफाई और मिट्टी निकालने के बजाय उसके किनारे से अवैध रूप से मुरुम निकाला जा रहा है। इस प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना धमतरी जिले के भखारा ब्लॉक की है। वार्ड पार्षद तालाब किनारे रैंप बनाकर हाइवा जाने वाले मार्ग पर अर्धनग्न होकर बैठ गए और अपनी मांगों पर अड़े रहे। पार्षद ने आरोप लगाया कि जिस काम के लिए उन्होंने आवेदन दिया था, वह नहीं किया गया, जिससे वे भड़क उठे। 50 साल पुराना है तालाब भाजपा पार्षद भूपेंद्र यादव ने बताया कि भखारा का गंदा पानी पहले पिपराही तालाब में जाता था, जिसे पार्षद बनने के बाद उन्होंने डायवर्ट करवाया। यह तालाब करीब 50 साल से अधिक पुराना है। इसमें पहले रोजगार गारंटी योजना के तहत हल्का-फुल्का काम हुआ था, लेकिन सफाई और गहराईकरण के लिए नगर पंचायत में प्रस्ताव बनाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय भेजा गया था। कई बार की जा चुकी है शिकायत यादव के अनुसार, कलेक्ट्रेट से अनुमति नगर पंचायत को मिल गई थी, लेकिन तालाब की मिट्टी नहीं हटाई गई। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय, तालाब के किनारे से मुरुम की खुदाई की गई और मिट्टी को डंप करना शुरू कर दिया गया। शिकायतें मिलने पर नगर पंचायत सीईओ ने भी काम बंद कर पहले मिट्टी हटाने को कहा था, लेकिन खुदाई जारी रही। 1 महीने से चल रहा है अवैध खोदाई का काम पार्षद ने आरोप लगाया कि यह अवैध खुदाई लगभग एक महीने से चल रही है। उन्होंने सफाई और गहराईकरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन तालाब का चौड़ीकरण और दोहन किया जा रहा है। भूपेंद्र यादव ने मांग की है कि जब तक मिट्टी नहीं हटाई जाती, तब तक काम बंद रहना चाहिए और इस पूरे मामले की प्रशासनिक जांच होनी चाहिए।
गाजियाबाद में 9 जुलाई की रात एमआर दामाद ने अपने 65 साल के ससुर अनार सिंह की हत्या कर दी थी। शनिवार को भी गाजियाबाद पुलिस ने आरेापी दामाद संदीप चौधरी की तलाश में गाजियाबाद, मोदीनगर, हापुड़ और बुलंदशहर में दबिश दी। पुलिस की जांच में आया है कि घटना के बाद आरोपी ने मोदीनगर में ही मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया था। जिसकी तलाश में बुलंदशहर में भी दबिश दी गई है। अब पुलिस 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी कर ही है। हत्या करने के लिए पैदल ही गया मोदीनगर के फफराना रोड के रहने वाले अनार सिंह (65) मोदी रबर फैक्ट्री के रिटायर्ड कर्मचारी थे। उनकी 3 बेटियां और एक बेटा है। संदीप चौधरी मूल रूप से बुलंदशहर के शिकारपुर का रहने वाला है। अभी वह मोदीनगर के ब्रह्मपुरी इलाके में रह रहा है। संदीप ने मोनिका उर्फ मोनू ने संदीप से लव मैरिज की थी। आद दिन संदीप चौधरी अपनी पत्नी को बंधक बनाकर पीटता था। जिसके चलते पत्नी मोनिका अपने मायके चली गई। पत्नी की हत्या के इरादे से ही संदीप ससुराल पहुंचा था, जहां उसने अपने ससुर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मोनिका के भाई दीपांशु चौधरी ने अपने बहनोई संदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी का कहना है कि आरोपी की गिरफतारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लौर पुलिस ने बाइक चोर को किया गिरफ्तार:रीवा से चोरी हुई 50 हजार की HF डीलक्स मऊगंज में मिली
मऊगंज जिले की लौर पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए शनिवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी हुई बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम व एसडीओपी सचि पाठक के मार्गदर्शन में लौर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को रीवा जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के धोबिया टंकी, वार्ड क्रमांक 40 निवासी रघुवीर कुमार प्रजापति ने अपनी हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक MP 17 NA 3079) चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर लौर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी की गई बाइक लौर थाना क्षेत्र के कनकेशरा गांव में मौजूद है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कनकेशरा गांव में दबिश दी। वहां से कनकेशरा निवासी संतोष कुमार पटेल (42) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी के पास से चोरी की गई हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल, उप निरीक्षक राजेश पाण्डेय, आरक्षक शत्रुध्न सिंह, वीरेंद्र शुक्ला, अजय मौर्य, रामकरण यादव और धर्मेंद्र सिंह चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लखनऊ के विकासनगर पुलिस ने बंद पड़े मकानों में चोरी करने वाले गिरोह के दो शातिर चोरों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर और घरेलू सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बंद मकानों की रेकी करते थे और रात में ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। थाना प्रभारी विकासनगर आलोक सिंह ने बताया टीम शनिवार को क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि विकासनगर के सेक्टर-11 स्थित मिनी स्टेडियम के पास एक ईको कार में बैठे दो युवक चोरी की फिराक में अपने साथियों का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ठाकुरगंज के फरीदीपुर निवासी रविंद्र राठौर (39) और हरदोई के अतरौली क्षेत्र के मूल निवासी, वर्तमान में फरीदीपुर निवासी रवेंद्र कुमार गौतम उर्फ छोटू (27) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 1 और 2 जुलाई की बीच रात सेंट्रल एकेडमी और शहनाई गेस्ट हाउस के पास बंद पड़े तीन मकानों के ताले तोड़कर चोरी की थी। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। इसके बाद ईको कार और बाइक से रात में सुनसान मकानों तक पहुंचकर ताले तोड़ते और घरों से सोने-चांदी के जेवर व अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। चोरी का माल आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस गिरोह के फरार दो अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। दोनों आरोपियों पर अलग-अलग थानों में 21 मुकदमे दर्ज हैं।
बस्ती में भाजपा जिलाध्यक्ष पर फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी:युवक पर मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
बस्ती में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। भाजपा जिला महामंत्री अमृत कुमार वर्मा की तहरीर पर शनिवार शाम करीब 7:10 बजे एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान गोंडा के ग्राम नेवारी, पोस्ट दर्जी कुआं निवासी भरत सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरैया दौरे के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र के लेटर पैड पर मंच पर बैठने वाले नेताओं की सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसी पोस्ट के कमेंट बॉक्स में आरोपी ने जिलाध्यक्ष के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी फैल गई। भाजपा जिला महामंत्री अमृत कुमार वर्मा ने मामले में कोतवाली थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोतीचंद ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
खंडवा शहर के कई क्षेत्रों में रविवार को करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली वितरण कंपनी द्वारा 11 केवी खंडेलवाल फीडर पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किए जाने के कारण सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली बंद रखी जाएगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (मेंटेनेंस) महेश कुमार सोलंकी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के दौरान प्रिशा इंजीनियरिंग, चमारवाड़ी, करबला, सिंगाजी कुआं, मुंशीराम एंड संस, गोयल उद्योग, महिंद्रा वर्कशॉप, जेके फर्नीचर, एंटीक स्टोर क्षेत्र, पार्श्वनाथ इंटरप्राइजेज, दादाजी वेयरहाउस, सपना स्टील, विजय दाल मिल (कोरगला रोड), छवि इंटरप्राइजेज, कश्मीर आइस, ज्योति इंडस्ट्रीज, शाह वेयरहाउस, विनय एग्रो, अजय एग्रो, निर्बान पॉलिमर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेंटेनेंस कार्य की प्रगति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर शटडाउन का समय घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि, नियमित मेंटेनेंस से फीडर की तकनीकी खराबियों को दूर कर बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने में मदद मिलेगी।
फलोदी में बजरंग दल का निशुल्क चिकित्सा शिविर:सेवा सप्ताह में 170 मरीजों का चेकअप, दवाईयां बांटी
विश्व हिंदू परिषद के तत्वाधान में बजरंग दल ने सेवा सप्ताह के अंतर्गत एक निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। यह शिविर सामुदायिक सभा भवन, सांसी बस्ती में लगाया गया। शिविर में कुल 170 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। इस शिविर में नर्सिंग अधिकारी कंवर लाल डॉयल, एकता मंच सीएचओ संघ के जिलाध्यक्ष सुनील पालीवाल, सीएचओ गजेंद्र पालीवाल और फार्मा सहायक हिरेंद्र सिंह ने अपनी सेवाएं दीं। इन्होंने किया सहयोग बजरंग दल के कार्यकर्ता भवानी सिंह, चंद्रशेखर जोशी, प्रकाश कुमावत सहित विश्व हिंदू परिषद के जिला सह मंत्री हीरा लाल पालीवाल, जिला उपाध्यक्ष बृज मोहन, ओंकार सोनी, भंवर लाल व्यास टीलू, अशोक शर्मा भाणा, नरेश सुथार, नारायण माली और अशोक व्यास ने मरीजों के पंजीकरण में सहयोग किया। भवानी सिंह ने यह भी बताया कि सेवा सप्ताह के तहत 51 पौधों का रोपण भी किया गया।
अनूपपुर जिले के पसला गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ है। यह पूरी घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद शनिवार को कोतवाली पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पसला गांव के रहने वाले 55 वर्षीय भारत लाल राठौर ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। फरियादी भारत लाल के मुताबिक, पिछले साल उन्होंने खसरा नंबर 9008/2/2 की 27 डिसमिल जमीन हीरालाल राठौर नाम के व्यक्ति से बदली (एक्सचेंज) की थी और उस पर अपनी धान की फसल बोई थी। विरोध करने पर डंडे और फावड़े से बोल दिया हमला भारत लाल ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव का ही पोषण राठौर उनके इसी खेत में बैल-हल लेकर पहुंच गया और जुताई करने लगा। जब भारत लाल ने उसे रोकने की कोशिश की, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि इसके बाद पोषण राठौर, राधा राठौर, सूर्यबली राठौर, भागवती राठौर, ललन राठौर और दिलीप राठौर ने मिलकर गाली-गलौज की और लाठी-डंडों व फावड़े से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए परिवार के लोग भी घायल इस हमले में मुख्य फरियादी भारत लाल राठौर के सिर, हाथ, पीठ और होंठ पर गंभीर चोटें आई हैं। जब उन्हें बचाने के लिए उनका बेटा कैलाश, बालगोपाल और पत्नी सुभद्रा राठौर आगे आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की जिससे वे भी घायल हो गए। बाद में कमला राठौर ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया। पीड़ितों का आरोप है कि भागते समय आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी भी देकर गए हैं। कोतवाली पुलिस ने भारत लाल की शिकायत पर नामजद छह आरोपियों (पोषण, राधा, सूर्यबली, भागवती, ललन और दिलीप) के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
खगड़िया में जिला कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय लोक संगीत कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। इस कार्यशाला में 40 नवोदित कलाकारों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिन्होंने समापन समारोह में समूह लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवा कलाकारों को लोक संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को निखारना था। पांच दिनों के प्रशिक्षण के दौरान, अनुभवी कलाकारों और प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को लोक संगीत की विभिन्न विधाओं, शैली, प्रस्तुति, सुर-ताल और मंच संचालन की बारीकियों से अवगत कराया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी घनश्याम कुमार ने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में लोक संगीत को सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर बताया और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कुमार ने यह भी कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करता रहेगा ताकि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला निखारने का अवसर मिल सके। समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न भगत और जदयू जिला अध्यक्ष अनुराधा कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। दोनों अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर मनीष कुमार, खुशबू कुमारी, प्रसिद्ध लोकगायक राजकुमार पोद्दार, विद्यानंद, तबला वादक बिपिन कुमार और कवि शंकरानंद सहित कई कलाकार एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।
हरदोई में उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने शनिवार शाम 7 बजे अपने आवास पर पत्रकारों से बात की। उन्होंने कानून व्यवस्था, राम मंदिर से जुड़े आरोपों और जिले के विकास कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में बेहतर कानून व्यवस्था शामिल है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं को संरक्षण दिया, उन्हें कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार माफियाओं के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला रही है, तब समाजवादी पार्टी को सबसे अधिक पीड़ा हो रही है। राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर नितिन अग्रवाल ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेता मनीष ग्रोवर का बयान उनका व्यक्तिगत मत था। सरकार ने तत्काल एसआईटी गठित कर जांच कराई, जिसके आधार पर कार्रवाई हुई और दोषियों को जेल भेजा गया। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने हरदोई में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।उन्होंने बताया कि बिजली विभाग की ₹26.58 करोड़ की नई योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन योजनाओं के तहत ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जर्जर बिजली लाइनें बदली जाएंगी, नए पोल लगाए जाएंगे और 33 केवी तथा 11 केवी उपकेंद्रों को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी की सड़क परियोजनाओं, नगर पालिका के विकास कार्यों, खेतोई से पिहानी चुंगी तक फोरलेन निर्माण और सीतापुर रोड पर नए बस अड्डे के प्रस्ताव पर भी तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव हथछोया में कथित तांत्रिक गतिविधियों को लेकर एक परिवार दहशत में है। गांव निवासी पंडित राजपाल शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा पर चिंता जताई है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान खींचा है, जिसके बाद पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं। राजपाल शर्मा ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पुत्र वैभव शर्मा के साथ पिछले कई दिनों से रहस्यमयी घटनाएं हो रही हैं। उनके अनुसार, जहां भी वैभव बैठता या उठता है, वहां से लौंग, इलायची, सुई, धूपबत्ती और अन्य सामग्री से संबंधित पुड़ियां मिल रही हैं। परिवार ने आशंका व्यक्त की है कि उनके बेटे पर किसी प्रकार की तांत्रिक क्रिया की जा रही है, जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता है। राजपाल शर्मा ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस कर रही मामले की जांच इस प्रकरण को गांव के मूल निवासी और जीएसटी विभाग में डिप्टी कमिश्नर सुनील सत्यम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में हथछोया के इतिहास का जिक्र करते हुए दावा किया कि अतीत में भी गांव में तंत्र विद्या और उससे जुड़े गंभीर घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। सत्यम ने वर्तमान मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। मामले का संज्ञान लेते हुए, संबंधित अधिकारियों ने प्रभारी निरीक्षक, थाना झिंझाना को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने अभी तक शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और यदि उनके पास कोई तथ्य या साक्ष्य हों तो उन्हें जांच में उपलब्ध कराने की अपील की है।
मन्दसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने शनिवार को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया है। पुलिस ने पहले पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सप्लायर को भी हिरासत में ले लिया। इस तरह मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम और धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन तथा नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में हरप्रीत सिंह (22) निवासी नथाणा, जिला बठिंडा (पंजाब), जगदीश सिंह (47) निवासी चोटिया, जिला बठिंडा (पंजाब), साधु सिंह (55) निवासी मसिता, जिला सिरसा (हरियाणा) तथा कुलविंदर सिंह (34) निवासी दिनगढ़, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) शामिल हैं। सभी के खिलाफ मामला दर्ज तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से पान मसाला के चार बैगों में रखा कुल 65 किलोग्राम डोडाचूरा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 128/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 एवं 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह डोडाचूरा ग्राम मुंदड़ी निवासी केसर सिंह पिता सज्जन सिंह सौंधिया राजपूत ने उपलब्ध कराया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने केसर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डोडाचूरा की खेप किस स्थान पर पहुंचाई जाना थी। साथ ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के कातलवाही गांव में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस संचालित 'किसानमित्र स्वास्तिक ऑर्गेनिक प्रा. लि.' की जैविक खाद निर्माण यूनिट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 2485 बोरी अवैध खाद और अन्य सामग्री जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया। जिला कार्यालय से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सहायक संचालक कृषि बीरेन्द्र कुमार अनंत की मौजूदगी में कृषि विभाग की टीम ने यूनिट का औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल बिना वैध प्रमाण पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) और आवश्यक दस्तावेजों के खाद निर्माण का कारोबार संचालित कर रहे थे। जांच में मिली कई अनियमितताएं निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि यूनिट में उत्पाद निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। वहीं खाद की बोरियों पर बैच नंबर, निर्माण तिथि, एमआरपी और अन्य अनिवार्य जानकारियां भी दर्ज नहीं थीं। विभाग के अनुसार यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन है। 2485 बोरी खाद और कच्चा माल जब्त कार्रवाई के दौरान विभाग ने प्रोम, बायोचार, प्रिज्म चैंपियन, पीवीसीएसजी-5, सुपर ग्रेड एफ-ह्यूमेट, ह्यूमिक एसिड, कम्पोस्ट पाउडर, रॉक फास्फेट, व्हाइट क्ले बेन्टोनाइट और कुबेर बायो प्रोम सहित कुल 2485 बोरी खाद और अन्य सामग्री जब्त की। परिसर सील, जांच के लिए लिए सैंपल कृषि विभाग ने पंचनामा तैयार कर यूनिट को सील कर दिया। जांच के लिए खाद के दो नमूने भी लिए गए हैं। आगे की कार्रवाई पूरी होने तक जब्त सामग्री प्रोपराइटर जीवन लाल जंघेल की सुपुर्दगी में रखी गई है। किसानों से ठगी रोकने के लिए अभियान जारी विभाग ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पंच के रूप में गौरव और हिमांशु मौजूद रहे। कृषि अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए अवैध और अमानक खाद के निर्माण व बिक्री के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
मंदिर ध्वस्तीकरण में मजदूर की हुई थी मौत:एसडीएम ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई है। शनिवार शाम को एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम को इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह घटना पीडीडीयू नगर के प्राचीन काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान हुई। सड़क चौड़ीकरण के कारण मंदिर को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा रहा था। शुक्रवार देर रात भारी मशीनों से पुराने मंदिर को ध्वस्त करने का काम चल रहा था। इसी दौरान, एक भारी-भरकम गुंबद अचानक नीचे गिर गया। गुंबद का हिस्सा गिरते समय बुलडोजर के बकेट से टकराया और पास खड़े मजदूर झुमरी उर्फ बलदेव (58) को कुचलते हुए सड़क पर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल बलदेव को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मृतक के परिजनों को जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लापरवाह व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झुंझुनूं नगर परिषद को मिला नया आयुक्त:राकेश कुमार को सौंपी जिम्मेदारी; कई निकायों में बदले EO
स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने नगर निकायों में बड़े स्तर पर तबादला सूची जारी की है। इस फेरबदल में झुंझुनूं जिले की कई नगर पालिकाओं और नगर परिषद में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नियुक्ति झुंझुनूं नगर परिषद आयुक्त की है। जहां राकेश कुमार को नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि राकेश कुमार स्थानीय प्रशासनिक ढांचे से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वे पूर्व में नवलगढ़ और बिसाऊ नगर पालिकाओं में अधिशासी अधिकारी (EO) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। श्रीगंगानगर नगर परिषद में सचिव के पद पर कार्यरत रहे राकेश कुमार अब झुंझुनूं नगर परिषद की कमान संभालेंगे। जिले के अन्य निकायों में भी व्यापक बदलाव किए चिड़ावा: गौतम शर्मा को चिड़ावा नगर पालिका का नया अधिशासी अधिकारी (EO) नियुक्त किया गया है। पिलानी (विद्या विहार): दिनेश नूनिया, जो अब तक चिड़ावा नगर पालिका में कार्यरत थे, उन्हें पिलानी (विद्या विहार) नगर पालिका में EO पद पर स्थानांतरित किया गया है। पिलानी: वर्षा चौधरी को पिलानी नगर पालिका का EO नियुक्त किया गया है। मुकुंदगढ़: पूनम चंद सेन को मुकुंदगढ़ नगर पालिका का नया अधिशासी अधिकारी (EO) बनाया गया है। दो अधिकारी किए गए APO प्रशासनिक फेरबदल के दौरान विभाग ने दो अधिकारियों को एपीओ (APO - Awaiting Posting Orders) भी किया है। इनमें नगर परिषद झुंझुनूं के राजस्व अधिकारी-द्वितीय अंगीश कुमावत और मुकुंदगढ़ के EO रविंद्र धनखड़ शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के तहत 3.53 लाख रसोइयों की भर्ती होगी। अगले 15 दिनों में सभी जिलों में रसोइयों का चयन पूरा करना होगा। प्रति रसोइया 1000 रुपए का मानदेय मिलेगा। हर स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर रसोइयों की संख्या निर्धारित की गई है। प्रति स्कूल न्यूनतम 1 और अधिकतम 7 रसोइया ही रखे जा सकेंगे। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह की ओर से राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों रसोइया चयन को लेकर एक गाइडलाइन जारी किया है। चयन के लिए 4 मापदंड जरूरी तैयार होगी वेटिंग लिस्ट, लापरवाही पर हटाने का अधिकार स्कूलों में मुख्य रसोइयों के साथ-साथ दोगुनी संख्या में रसोइयों का एक पैनल भी तैयार रखा जाएगा। यदि कोई रसोइया बीमार या अनुपस्थित होता है, तो वेटिंग लिस्ट वाले सदस्य को काम पर रखा जाएगा। इसके अलावा, भोजन पकाने में साफ-सफाई की कमी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट के आधार पर रसोइया को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया भी जा सकेगा।
हांसी जिले के आर्य नगर में घरेलू विवाद के दौरान जीजा पर गोली चलाने के मामले में शहर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी कमल चैची को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया था, जिसके दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई आई-20 कार भी बरामद कर ली गई। सहायक उप निरीक्षक रामपाल ने बताया कि 30 जून 2026 को आर्य नगर निवासी गुरदीप कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, घरेलू विवाद के चलते गुरदीप का साला कमल चैची पुत्र रतन सिंह, निवासी वार्ड नंबर-5, श्याम लाल ढाणी, हिसार उसके घर पहुंचा था। जान से मारने की नीयत से किया हमला दोनों के बीच कहासुनी बढ़ने पर आरोपी कमल चैची ने जान से मारने की नीयत से पिस्तौल से फायर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीन ऑफ क्राइम टीम की सहायता से घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कराया। पुलिस ने मौके से एक खोखा (खाली कारतूस) तथा अन्य भौतिक साक्ष्य बरामद कर कब्जे में लिए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी कमल चैची को गिरफ्तार कर न्यायालय से दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। पुलिस कर रही पूछताछ रिमांड के दौरान गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त आई-20 कार को सालासर क्षेत्र से बरामद कर लिया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वारदात में प्रयुक्त हथियार सहित अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
रायसेन के की बेगमगंज तहसील के तुलसीपार गांव में शनिवार शाम पुरानी रंजिश के चलते तलवार से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में तीन लोग घायल हो गए। इनमें एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि दो अन्य का उपचार बेगमगंज सिविल अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे की है। आरोपी अभिषेक अठ्या (22) गांव में नारायण यादव की दुकान पर पहुंचा और पिछले महीने दर्ज कराई गई रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाने लगा। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। घर से तलवार लाकर किया हमला आरोप है कि विवाद के बाद अभिषेक अठ्या घर से तलवार लेकर वापस आया और दुकान पर मौजूद सचिन यादव (28) पर हमला कर दिया। हमले के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सचिन को बचाने पहुंचे अभिषेक गौर और छोटू कुशवाहा भी तलवार की चपेट में आ गए। हमले में सचिन के चेहरे और नाक पर गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं, अभिषेक गौर के पैर और छोटू कुशवाहा की पीठ पर चोटें आई हैं। दोनों का उपचार सिविल अस्पताल में जारी है। आरोपी की तलाश में पुलिस थाना प्रभारी राजीव उइके ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार में 11 जुलाई 2026, शनिवार को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु एक जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में इस एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य चयनित ग्रामों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत उन ग्रामों का चयन किया गया है जहाँ अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है या कम से कम 500 अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं। कटिहार जिले के कुल 12 प्रखंडों के 25 ग्रामों को इस योजना के लिए चुना गया है। इन प्रखंडों में कदवा, फलका, कुर्सेला, प्राणपुर, मनसाही, बरारी, कोढ़ा, हसनगंज, डंडखोरा, आजमनगर, बलरामपुर और बारसोई शामिल हैं। चयनित 25 ग्रामों में बिशनपुर, कुचैली, अमोल, सिमरिया रामी, सहसराम, छोटी चातर, बल्थी, दतरंगा, मनसाही, निसहरा मिलिक, नवाबगंज, खुदना, गोरगाँव, ढ़ेरुआ, सोती, बुधोलमणी, पासोल, मटियन, राजोल, शिवानन्दपुर, दौला, गोलन्धा, खरुआ, जहीरपुर एवं अनुपनगर शामिल हैं। इन ग्रामों के सर्वांगीण विकास के लिए 20 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। कार्यशाला में संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को आधारभूत आंकड़ों के संग्रहण और मंत्रालय द्वारा विकसित 'AJAY ऐप' के माध्यम से ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। योजना के तहत पेयजल, शौचालय, विद्यालयों और आँगनवाड़ियों में शौचालय तथा नालियों के निर्माण जैसे 50 मॉनीटरेबल इंडीकेटर्स 10 डोमेन में निर्धारित किए गए हैं। इस कार्य के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी, कटिहार की अध्यक्षता में योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति और ग्राम स्तर पर भी ऐसी ही समितियों का गठन किया गया है। चयनित ग्रामों में सर्वेक्षण दल भी गठित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामों में किया जाए। कार्यशाला में जिलास्तरीय और प्रखंड स्तरीय सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

