धामी कैबिनेट का फैसला: ओवरटाइम कराया तो देनी होगी दोगुनी मजदूरी; पुरुष-महिला को एक समान वेतन
धामी सरकार ने नए श्रम कानूनों में श्रमिकों की बेहतरी के लिए कई बड़े उपाय करने का निर्णय लिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम जौनपुर के खिलाफ 25 हजार रूपये हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना उपभोक्ता को परेशान करने के लिए लगाया गया है। जौनपुर की ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर कंपनी ने अपने कमर्शियल बिजली कनेक्शन को लेकर बार-बार निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की शुरुआत तब हुई जब लोड बढ़ाने के बाद निगम ने दो साल बाद बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी, जबकि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी। जानिये क्या है मामला 6 मई 2026 को कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निगम गलती सुधार कर मांग तो कर सकता है, लेकिन बिजली काटने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं कर सकता। इसके बाद निगम ने एक के बाद एक अलग-अलग रकम के तीन नोटिस जारी किए पहले 2.93 लाख, फिर 54.14 लाख, और अंत में 5.44 लाख रुपये की मांग। हर बार कंपनी को कोर्ट जाना पड़ा और हर बार निगम ने नोटिस वापस ले लिया। कोर्ट ने इसे कोर्ट के आदेश की अवमाननापूर्ण अवहेलना बताते हुए कहा कि अधिकारी बिना किसी ठोस और नए कारण के बार-बार नोटिस जारी कर रहे थे। जब कोर्ट ने निगम के वकील से जवाब मांगा तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने अधिशासी अभियंता पर शुरू में 5 लाख रुपये हर्जाना तय किया, जिसे वरिष्ठ अधिवक्ता की अपील पर घटाकर 25,000 रुपये कर दिया। यह राशि दो सप्ताह में उपभोक्ता को देनी होगी, नहीं तो जिलाधिकारी जौनपुर इसे भू-राजस्व की तरह वसूलेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश गो-वध निवारण अधिनियम, 1955 के तहत गैर-कानूनी तरीके से ज़ब्त की गई गाड़ी का ज़ब्ती आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने पूरी तरह से इस धारणा के आधार पर कार्रवाई की कि मवेशियों को वध के लिए उत्तर प्रदेश से बाहर ले जाया जा रहा था। जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने पाया कि गाड़ी से न तो कोई बीफ़ और न ही वध किए गए मवेशियों के अवशेष मिले थे, और ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह पता चले कि जानवरों को बिहार या किसी बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। पूरी तरह से गैर-कानूनी कार्रवाई कोर्ट ने ज़ब्ती की कार्रवाई को पूरी तरह से गैर-कानूनी, बिना सोचे-समझे की गई कार्रवाई और कानूनी प्रावधानों की गलत व्याख्या करार दिया। ज़ब्ती आदेश रद्द करने के अलावा, कोर्ट ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता को गाड़ी ज़ब्त होने की तारीख (19 सितंबर, 2024) से लेकर उसकी वास्तविक रिहाई तक 20,000 प्रति माह की दर से मुआवज़ा दें। इसके अलावा, मानसिक पीड़ा, आर्थिक तंगी और अनावश्यक उत्पीड़न के लिए 25,000 का मुआवज़ा भी दिया गया। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, आदेश की तारीख (5 अगस्त, 2026) तक मुआवज़े की कुल राशि लगभग 4.75 लाख बनती है, और गाड़ी के रिहा होने तक इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। चंदौली में पकड़ा गया था मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने 19 सितंबर, 2024 को चंदौली ज़िले में याचिकाकर्ता विनोद कुमार सिंह की गाड़ी को रोका था। कथित तौर पर गाड़ी से 3 मवेशी (2 गाय और 1 बछड़ा) बरामद किए गए। आरोप था कि इन्हें 1955 के अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए वध के लिए बिहार राज्य ले जाया जा रहा था। 1955 के अधिनियम की धाराओं 3, 5-ए, 5-बी और 8 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद ज़ब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। याचिकाकर्ता ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि यूपी के अंदर ही सिर्फ़ 1 गाय और 1 बछड़े को ले जाया जा रहा था और जानवरों को बिहार ले जाने या उन्हें काटने का कोई इरादा नहीं था। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा मांगी गई अवैध रिश्वत देने से ड्राइवर के इनकार करने के बाद गाड़ी को झूठे मामले में फंसाया गया। हाईकोर्ट का रुख किया गया डीएम द्वारा गाड़ी ज़ब्त करने के आदेश और वाराणसी मंडल के कमिश्नर द्वारा अपील में उस फ़ैसले को बरकरार रखने के बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दोनों आदेशों को चुनौती दी। यह तर्क दिया गया कि गाड़ी की अवैध ज़ब्ती ने न केवल याचिकाकर्ता को उसकी आजीविका के मुख्य साधन से वंचित किया, बल्कि उसे भारी वित्तीय संकट, मानसिक पीड़ा और आर्थिक कठिनाई का भी सामना करना पड़ा है। इसलिए मुआवज़े की भी मांग की गई। कार्रवाई की धारणा ही फर्जी निकली हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड को देखने के बाद पाया कि ज़ब्त करने वाले अधिकारी का पूरा तर्क इस धारणा पर आधारित था कि चूंकि चंदौली की सीमा बिहार से लगती है, इसलिए जानवरों को काटने के लिए राज्य के बाहर ले जाने का इरादा रहा होगा। अधिकारियों के इस नज़रिए को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय या अंतर-राज्यीय सीमा का होना ही अपने आप में अवैध परिवहन का सबूत नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी गाड़ी की मंज़िल के बारे में कोई भी सबूत पेश करने में नाकाम रहे। यह साबित करने के लिए कि जानवरों को बिहार राज्य ले जाया जा रहा था, न तो ड्राइवर के किसी बयान, न ही किसी दस्तावेज़ी सबूत और न ही किसी स्वतंत्र गवाह पर भरोसा किया गया। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि गाड़ी से कोई बीफ़ या काटे गए मवेशियों के अवशेष बरामद नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि अधिकारियों ने जिस वेटेरिनरी रिपोर्ट पर भरोसा किया, उसी में यह दिखाया गया कि 1 गाय और 1 बछड़े की मेडिकल जांच की गई और दोनों स्वस्थ पाए गए। रिपोर्ट में यह दर्ज नहीं था कि जानवरों को कोई चोट लगी थी या उन्हें कानून के तहत क्रूरतापूर्ण तरीके से ले जाया जा रहा था। कानून का गलत इस्तेमाल हुआ इसके आधार पर कोर्ट ने माना कि राज्य का यह तर्क कि वेटेरिनरी ऑफिसर ने जानवरों को घायल पाया या उन्हें असुरक्षित स्थितियों में ले जाया जा रहा था, मेडिकल रिपोर्ट से ही पूरी तरह गलत साबित हो गया। कोर्ट ने यह भी माना कि ज़ब्त करने वाले अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश गो-वध निवारण अधिनियम की धारा 5-ए और 1964 के नियमों के नियम 16 को मूल रूप से गलत समझा था। जस्टिस जैन ने स्थापित कानूनी स्थिति को दोहराया कि परमिट की ज़रूरत तभी होती है जब गायों या उनकी संतानों को उत्तर प्रदेश के भीतर किसी जगह से राज्य के बाहर किसी जगह ले जाया जाता है। बेंच ने यह भी नोट किया कि 1955 का अधिनियम उत्तर प्रदेश के भीतर मवेशियों के परिवहन के लिए किसी परमिट की मांग नहीं करता। कोर्ट ने आगे माना कि अधिनियम की धारा 5-ए(10) के तहत कानूनी अनुमान का गलत इस्तेमाल किया गया। इसने समझाया कि ऐसा अनुमान केवल कानून के तहत विशेष रूप से बताई गई परिस्थितियों में ही पैदा होता है, खासकर तब जब बीफ़ या गाय के अवशेष बरामद हों और प्रयोगशाला जांच में प्रतिबंधित पदार्थ की पुष्टि हो। चूंकि इस मामले में न तो बीफ़ और न ही मारे गए मवेशियों के अवशेष बरामद हुए, इसलिए बेंच ने पाया कि वे बुनियादी तथ्य पूरी तरह से मौजूद नहीं थे और याचिकाकर्ता पर कोई बोझ नहीं आया। इस पृष्ठभूमि में ज़ब्ती के आदेशों को रद्द करते हुए कोर्ट ने यह भी नोट किया कि वाहन उसकी आजीविका का एकमात्र स्रोत था और इसे एक लोन के माध्यम से खरीदा गया, जिसकी मासिक किस्त 12,599 थी। हालांकि, उसने ज़ब्ती के बाद कई महीनों तक लोन चुकाना जारी रखा, लेकिन अंततः वह चूक गया क्योंकि लगातार ज़ब्ती के कारण उसकी आय बंद हो गई। हाईकोर्ट ने देखा कि संवैधानिक अदालतों को सार्वजनिक कानून के तहत मुआवज़ा देने का अधिकार है, जब राज्य की मनमानी कार्रवाई से मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, जिसमें अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका का अधिकार भी शामिल है। वाहन की प्रकृति, लोन की किस्तों के स्वीकृत भुगतान और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट वाहन की सामान्य कमाई क्षमता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मासिक आय के नुकसान का आकलन 20,000 किया। इसके अनुसार, कोर्ट ने 19 सितंबर, 2024 से लेकर गाड़ी की असल रिहाई तक उसी दर से मुआवज़ा देने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक परेशानी, आर्थिक तंगी और बेवजह परेशान किए जाने के लिए 25,000 का मुआवज़ा भी तय किया। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी इजाज़त दी कि वह विभागीय जांच करे और कानूनी अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने के लिए ज़िम्मेदार पाए गए अधिकारियों से कानून के मुताबिक मुआवज़े की रकम वसूल करे।
हाथरस जंक्शन की रम नगला पंचायत के गांव धौलाकुआं में होमगार्ड के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार को बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ा। टिनशेड न होने के कारण ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक तिरपाल लिए चिता को भीगने से बचाते रहे।
दिल्ली में जलभराव वाले स्थान 169 से घटकर हुए 65, मानसून में ट्रैफिक जाम से मिली राहत
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव वाले स्थानों की संख्या 169 से घटकर 65 हो गई है, जिससे बारिश में ट्रैफिक जाम की समस्या कम हुई है।
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में करोड़ों के उपकरण बेकार, हाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में करोड़ों के उपकरण बेकार पड़े होने पर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्टाफ व बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
O-Zone में कोई मकान नहीं टूटेगा, दिल्ली सरकार ने विधानसभा में दिया बड़ा आश्वासन
भाजपा सरकार ने दोहराया कि ओ जोन में बने किसी भी मकान को नहीं गिराया जाएगा और आम आदमी पार्टी पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी ने ओ जोन क्षेत्र में तोड़फोड़ का हवाला देते हुए अनधिकृत कॉलोनियों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग की।
जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 350 करोड़ रुपए की यूनिफॉर्म खरीदी प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। पाठ्यपुस्तक निगम ने इस खरीदी के लिए खुला टेंडर निकाला था। 3 संगठनों ने कोर्ट में दलील दीअल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग पावरलूम बुनकर संघ सहित 3 संगठनों ने कोर्ट में दलील दी कि पाठ्यपुस्तक निगम ने मप्न भंडार क्क्रय नियम-2023 का खुला उल्लंघन किया है। इससे प्रदेश के पावरलूम और स्पिनिंग मिलों से जुड़े 2 लाख बुनकर परिवारों की आजीविका पर खतरा मंडराने लगा है। उपक्रमों से सीधी खरीदी का नियमभंडार क्रय नियम 2023 के तहत राज्य उपक्रमों से सीधी खरीदी का नियम है। जिसमें हथकरघा बुनकरों, समितियों, महिला समूहों और स्थानीय सहकारी संस्थाओं से कपड़े व उससे बने उत्पादों की खरीदी अनिवार्य है।
सराय काले खां ISBT के पुनर्विकास पर ब्रेक, वैकल्पिक बस अड्डा नहीं मिलने से अटका प्रोजेक्ट
सराय काले खां आईएसबीटी का बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास वैकल्पिक स्थल न मिलने के कारण रुक गया है। परिवहन विभाग अब दिल्ली विकास प्राधिकरण से भूमि उपलब्ध कराने के लिए संपर्क कर रहा है।
दिल्ली सरकार खत्म करेगी 19 साल पुराना बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून, विधानसभा में रिपील बिल पेश
दिल्ली सरकार ने राजधानी में दो दशक पुराने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी&बी) कानून को रद करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह कदम मालवीय नगर में एक अवैध बी&बी में आग लगने की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी।
अतिक्रमण से सिमट रही यमुना, अवैध कॉलोनियों ने बढ़ाया बाढ़ और प्रदूषण का खतरा
यमुना के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण नदी का क्षेत्रफल और चौड़ाई काफी कम हो गई है। वोट बैंक की राजनीति, प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावी कानूनों की कमी इस अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रही है, जिससे बाढ़ और प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है।
रायपुर में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुक्रवार को विवाद गहरा गया। टिप्पणी करने वालों के खिलाफ बीजेपी ने शिकायत की और छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के घर का घेराव कर प्रदर्शन किया। बीजेपी और छत्तीसगढ़ बजरंग दल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अरुण पन्नालाल के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। अब पढ़े क्या है पूरा मामला रायपुर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को सोशल मीडिया पेज में हंसराज गोयल नाम के व्यक्ति ने भगवान शिव पर आपत्तिजनक पोस्ट किया था। क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी ने भी आपत्तिजनक कमेंट किया और इसके बाद विवाद बढ़ा। भाजपा और हिंदू संगठनों ने सोशल मीडिया में कमेंट करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोपियों ने करोड़ो श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया: बीजेपी भाजपा नेता अमित चिमनानी ने कहा कि सावन माह भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। ऐसे समय में भगवान शिव, शिवलिंग और सनातन धर्म के देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। विदेशी फंड के दम पर हिंदू आस्था का अपमान: बजरंग दल छत्तीसगढ़ बजरंग दल के जिलाध्यक्ष योगेश सैनी ने हिंदू देवी देवताओं पर कमेंट करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, कि विदेशी फंड के दम पर अरुण पन्नालाल हिंदू आस्था का अपमान कर रहे है। उन्होंने अपने घर में अवैध कब्जा किया है। आरोपी पर ठोस कार्रवाई हो।
दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस पर सरकार की सख्ती, विधानसभा में नया आदेश पेश
दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'रिमूवल ऑफ डिफिकल्टीज आदेश, 2026' पेश किया है। यह आदेश फीस विनियमन अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने और तीन वर्षीय फीस चक्र को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा।
दिल्ली में क्यों हुई इतनी मूसलधार बारिश? जिससे अगस्त के पहले सप्ताह में टूटा 15 साल का रिकॉर्ड
राजधानी दिल्ली में चार मौसम प्रणालियों के कारण रिकॉर्ड तोड़ वर्षा हुई, जिसने अगस्त के पहले सप्ताह में 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल अगस्त के शुरुआती सात दिनों में 127 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 2011 के बाद से सबसे अधिक है और औसत से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 8 और 9 अगस्त को वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में दो दिन तक पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा। जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधिक सेवा प्राधिकरणों के पदाधिकारी, न्यायिक अधिकारी और अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल होंगे। पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शिरकत करेंगे। वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस ‘Enhancing Access to Justice’ का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस सूर्यकांत करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं गोवा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पर्यवेक्षण न्यायाधीश जस्टिस मनमोहन, तथा सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीश शामिल होंगे। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस विवेक रूसिया, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंद पाठक तथा वेस्ट जोन राज्यों के हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी मौजूद रहेंगे। 8 अगस्त को ‘द टेपेस्ट्री ऑफ जस्टिस’ का उद्घाटन मध्यस्थता से सामुदायिक समाधान तक होगी चर्चा इसके बाद टेक्निकल सेशन-1 दोपहर 12 बजे से 1:15 बजे तक आयोजित होगा। सेशन का विषय है। ‘अदालतों से आगे मध्यस्थता : संवाद, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी की संस्कृति का निर्माण।’ सेशन की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनमोहन करेंगे, जबकि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू सह-अध्यक्ष रहेंगे। ये होंगे वक्ता इंदौर पहुंचे CJI सूर्यकांत, मेयर ने की अगवानी वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत शुक्रवार रात इंदौर पहुंचे। इंदौर आगमन पर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने उनकी अगवानी की। भार्गव ने कहा कि इंदौर की धरती पर मुख्य न्यायाधीश का स्वागत और उनका सान्निध्य शहर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी किया स्वागत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत के प्रथम इंदौर आगमन पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इंदौर, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मनीष यादव ने देवी अहिल्या विमानतल पहुंचकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अधिवक्ताओं की समस्याओं तथा जजों की नियुक्ति से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। दो दिन इंदौर में जुटेंगे न्यायिक क्षेत्र के दिग्गज 8 और 9 अगस्त को होने वाले इस आयोजन में देश के न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारी और विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे। सम्मेलन में विधिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने, मध्यस्थता को अदालतों से आगे समुदाय तक पहुंचाने तथा न्याय तक आम लोगों की पहुंच को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
दिल्ली-NCR में सावन की झड़ी, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; राजधानी में रेड अलर्ट
दिल्ली में शुक्रवार को सावन की झमाझम वर्षा हुई, जिसमें पुष्प विहार में सर्वाधिक 151 मिमी बारिश दर्ज की गई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने पहले येलो अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में रेड अलर्ट में बदला गया, और अगले कई दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
स्वतंत्रता पर्व के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा 9 अगस्त (रविवार) को आयोजित होने वाली तिरंगा यात्रा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था जारी कर दी है। यात्रा सुबह 9 बजे टीटी नगर स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः स्टेडियम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट रहेगा और यात्रा मार्ग पर भारी वाहनों, लोक परिवहन तथा अनुमति प्राप्त वाहनों के अलावा अन्य वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। यात्रा टीटी नगर स्टेडियम के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर महाराणा प्रताप मार्ग, एक्सिस बैंक तिराहा, टीटी क्रॉस, रोशनपुरा चौराहा तक पहुंचेगी। यहां से यू-टर्न लेकर यात्रा पुनः टीटी क्रॉस, थाना चौराहा, सेंट्रल पॉइंट, मटकू तिराहा होते हुए टीटी नगर स्टेडियम में समाप्त होगी। इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन तीन स्थानों पर बनाई गई पार्किंग ट्रैफिक पुलिस ने सहयोग की अपील की नगरीय यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि यातायात सुचारु बना रहे। किसी भी प्रकार की असुविधा या जानकारी के लिए यातायात पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340, 0755-2443850 तथा व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है।
अरवल से जहानाबाद जा रही महिला की गोली मारकर हत्या, पति को छोड़ प्रेमी संग लिवइन में रह रही थी
लिवइन पार्टनर के साथ अरवल से जहानाबाद जा रही एक महिला को बदमाशों ने ऑटो से उतारकर गोली मारकर हत्या कर दी। महिला का अपने पति से कोर्ट केस चल रहा था। वह अपने प्रेमी के साथ रह रही थी।
ग्रेनो मेट्रो को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मिला अप्रूवल
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) की सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक मेट्रो पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने मंजूरी दे दी है
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के मामले में दोषी ठहराए गए पति को बरी कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि पति-पत्नी के बीच केवल विवाद या अलगाव आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब यह स्पष्ट था कि आत्महत्या से करीब साढ़े पांच महीने पहले से दोनों के बीच कोई संपर्क या बातचीत नहीं थी। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने अंकुर टंडन की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। निचली अदालत ने अंकुर को दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। कोई साक्ष्य नहीं मिला उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दोषसिद्धि के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी ने आत्महत्या से ठीक पहले या उसके निकट समय में ऐसा कोई कार्य किया हो, जिससे पीड़िता आत्महत्या के लिए प्रेरित या विवश हुई हो। इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। न्यायालय ने दहेज मांगने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि छह लाख रुपये दहेज दिए जाने के संबंध में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान परस्पर विरोधी थे। जमीन बेचने की तारीख, उससे मिली राशि और कथित भुगतान का भी कोई विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन परिस्थितियों में अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। इन तथ्यों के आधार पर, हाईकोर्ट ने निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को निरस्त करते हुए पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या की आवासीय योजनाओं के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 के तहत अधिग्रहित भूमि के मालिकों को मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के मामले में वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून से कम लाभ नहीं दिया जा सकता। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने जनहित याचिका सहित कई याचिकाओं का निपटारा करते हुए 173 पृष्ठों का विस्तृत फैसला सुनाया। न्यायालय ने आवास एवं विकास परिषद अधिनियम की धारा 28, 31 और 32 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। हालांकि, धारा 55 की ऐसी व्याख्या की गई कि उसके तहत होने वाले सभी भूमि अधिग्रहण में भी भू-स्वामियों को 2013 के कानून के अनुरूप उचित मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के अधिकार मिलेंगे। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या की संबंधित आवासीय योजनाएं वर्ष 2020 से संचालित समेकित विकास परियोजना का हिस्सा हैं। इन योजनाओं के लिए भूमि खरीद, लैंड पूलिंग और अधिग्रहण के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। कई चरणों में अवार्ड पारित हो चुके हैं और अधिग्रहित भूमि का कुछ हिस्सा तीसरे पक्षों को आवंटित भी किया जा चुका है। ऐसे में इस स्तर पर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करना सार्वजनिक हित और विकास परियोजना, दोनों के प्रतिकूल होगा। हाईकोर्ट ने परिषद को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित भू-स्वामियों को 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के अनुरूप मुआवजा दिया जाए। आवश्यकता होने पर पहले से पारित अवार्डों की समीक्षा कर उनमें संशोधन किया जाए। इसके साथ ही, जिन परिवारों की पूरी भूमि या संपत्ति अधिग्रहित होने से वे पूरी तरह विस्थापित हो गए हैं, उनके लिए छह माह के भीतर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना तैयार कर उसे लागू किया जाए।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित गुरुद्वारा सचखंड साहिब में शुक्रवार को सिखों के आठवें गुरु हरकृष्ण साहिब का 370वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक विशेष रात्रि कीर्तन दीवान सजाया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत ने गुरु घर पहुंचकर मत्था टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम होते ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया और पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। सेवादारों ने संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। गुरु हरकृष्ण साहिब के संदेश के बारे में बताया धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ रहिरास साहिब के पाठ से हुआ। इसके उपरांत हजूरी रागी गुरप्रीत सिंह ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए शबद कीर्तन किया। ग्रंथियों ने गुरु हरकृष्ण साहिब के जीवन, उनकी शिक्षाओं और मानव सेवा के संदेश के बारे में बताया । दीवान के दौरान संगत ने श्रद्धापूर्वक कथा-कीर्तन का श्रवण किया। वक्ताओं ने गुरु हरकृष्ण साहिब के सेवा, विनम्रता और मानव कल्याण के संदेश को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। धार्मिक आयोजन का समापन अरदास और हुकमनामा के साथ हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने गुरु का लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
हनुमंत विहार में प्लाट पर कब्जा कर सात लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में यूट्यूबर समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वृद्धा ने आरोपियों पर विरोध करने पर मारपीट, अभद्रता और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में कार्रवाई के लिए डीसीपी साउथ से गुहार लगाई थी। डीसीपी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्लॉट पर निर्माण कराने के दौरान पहुंचे आरोपी अर्रा गांव निवासी वृद्धा ने पुलिस को बताया कि एटा निवासी उनके दामाद का खाड़ेपुर में करीब 60 वर्ग गज का प्लाट है। उसकी देखरेख की जिम्मेदारी उनके पास है। आरोप है कि 29 जून को क्षेत्र निवासी आयुष साहू, उसके पिता रविंद्र साहू, सरिता साहू, दीपक साहू, उपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बाबा ठाकुर, यूट्यूबर गौरव कुशवाहा समेत तीन-चार अन्य लोग प्लाट पर पहुंचे। आरोपियों ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से निर्माण शुरू करा दिया। जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं और प्लाट दामाद के नाम होने की बात कहते हुए निर्माण रुकवा दिया। आरोप है कि इस पर आरोपियों ने गाली–गलौज करते हुए सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बोले, वरना प्लाट भूल जाओ। वृद्धा के फाड़े कपड़े, डंडों से किया हमला उनके विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में उनके कपड़े भी फाड़ दिए। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। हनुमंत विहार थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि वृद्धा की तहरीर पर रंगदारी मांगने, लज्जा भंग करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिला सिपाही की कनपटी पर पिस्टल तानी, चेन ले उड़े बदमाश; मुजफ्फपुर में पुलिस को खुली चुनौती
मुजफ्फरपुर शहर में बीच सड़क बीएमपी की महिला सिपाही नेहा झा के गले से बदमाशों ने चेन खींच ली। जब सिपाही ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने पिस्टल निकालकर उनकी कनपटी पर तान दी। आरोपियों ने जाते-जाते हवा में फायरिंग कर दहशत भी फैलाई।
फतेहाबाद में नशे के एक मामले को दबाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार देर शाम करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने ढाई लाख रुपए लेते हुए एक बिचौलिये को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान बिचौलिये ने दावा किया कि यह रकम टोहाना शहर थाना प्रभारी तक पहुंचाई जानी थी। इसके बाद एसीबी टीम थाना प्रभारी कुलदीप सिंह को भी पूछताछ के लिए अपने साथ फतेहाबाद ले आई। देर रात तक दोनों से पूछताछ जारी रही और टीम पूरे मामले की जांच में जुटी रही। जानकारी के अनुसार, गांव कलरभैनी निवासी एक व्यक्ति को कुछ दिन पहले नशे के एक मामले में पकड़ा गया था। हालांकि, उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामला पूरी तरह रफा-दफा करने के बदले पहले पांच लाख रुपये की मांग की गई थी। बाद में सौदा ढाई लाख रुपये में तय हो गया। आरोप है कि शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना करनाल एसीबी टीम को दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार शिकायतकर्ता ने बिचौलिये को ढाई लाख रुपये सौंपे। जैसे ही उसने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से निगरानी कर रही टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूरी कार्रवाई एसीबी टीम की निगरानी में की गई। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान बिचौलिये ने बताया कि यह राशि टोहाना शहर थाना प्रभारी तक पहुंचाई जानी थी। इसके बाद एसीबी टीम संबंधित थाना प्रभारी को भी अपने साथ फतेहाबाद ले गई, जहां देर रात तक दोनों से पूछताछ होती रही। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित लेन-देन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई फिलहाल एसीबी टीम ने मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी अधिकारी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली जा रही वाराणसी की चरण-रज युक्त कलश वंदन यात्रा शुक्रवार रात 8 बजे कानपुर दक्षिण के ओमपुरवा मंडल स्थित अंबेडकर मंदिर पहुंची। भाजपा कानपुर दक्षिण के जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह के नेतृत्व में यात्रा का स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान मंदिर परिसर 'जय गुरु रविदास' के जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा। 'संत रविदास का संदेश आज भी प्रासंगिक' सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, समरसता, प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव मिटाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी की पावन चरण-रज से युक्त यह कलश यात्रा संत रविदास के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है। 'महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ा रही भाजपा' शिवराम सिंह ने कहा कि भाजपा महापुरुषों के विचारों और आदर्शों को समाज तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा का सम्मान करते हुए विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संत रविदास का संदेश सामाजिक भेदभाव खत्म कर सभी को समान अवसर देने और राष्ट्रहित में एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देता है। नागरिकों से किया आह्वान उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने की अपील करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाना जरूरी है। समाज की एकजुटता से ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार होगा। विधि-विधान से हुआ कलश वंदन अंबेडकर मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश का वंदन किया और संत रविदास को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, अर्जुन बेरिया, वीरेंद्र दिवाकर, राहुल विमल, नरेश कठेरिया, संजीव बेरिया बीजेपी दक्षिण ,पार्षद जे.के. चौरसिया, एल.बी. सिंह पटेल, मंडल अध्यक्ष सनी जायसवाल, नीरज भदौरिया, अशोक पाल समेत भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।
मेरी बेटी चाहेगी तो मैं...समधी के कारनामों पर MLA ज्ञान तिवारी का छलका दर्द, बेटी संग आए फेसबुक लाइव
25 महिलाओं से धोखाधड़ी के आरोपी में गिरफ्तार समधी के कारनामों पर भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी का दर्द छलका पड़ा। डॉक्टर बेटी के साथ फेसबुक लाइव आए विधायक ने समधी पर कई गंभीर आरोप लगाए।
मुजफ्फरनगर जिला महिला अस्पताल में कांवड़ यात्रा के दौरान जन्मे जुड़वा नवजातों को शुक्रवार को बेहतर उपचार के लिए मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सात माह में प्री-मैच्योर जन्म और एक नवजात में पीलिया के लक्षण मिलने के बाद चिकित्सकों ने शुक्रवार को दोनों बच्चों और उनकी मां को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया। कांवड़ यात्रा के दौरान हुआ था प्रसव दिल्ली के भलस्वा निवासी 20 वर्षीय नेहा हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर रही थीं। सावन के पहले सोमवार को मुजफ्फरनगर की सीमा में पहुंचते ही उन्हें प्रसव पीड़ा हुई। जिला महिला अस्पताल में उनका सामान्य प्रसव कराया गया, जिसमें उन्होंने जुड़वा बेटों को जन्म दिया। कांवड़ यात्रा के बीच हुए इस प्रसव की काफी चर्चा हुई थी। स्वास्थ्य जांच में सामने आए पीलिया के लक्षण जन्म के बाद से ही दोनों प्री-मैच्योर नवजातों को डॉक्टर की निगरानी में रखा गया था। बुधवार को जांच में एक बच्चे में पीलिया के गंभीर लक्षण मिले। अस्पताल के अनुसार, बच्चे ने मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) पीने के बाद उल्टी कर दी, जबकि दूसरा नवजात भी पूरी तरह स्वस्थ महसूस नहीं कर रहा था। एनआईसीयू सुविधा के लिए मेरठ किया गया रेफर बच्चों की स्थिति को देखते हुए जिला महिला अस्पताल के चिकित्सकों ने शुक्रवार दोपहर दोनों नवजातों और उनकी मां को मेरठ के लाला लाजपत राय स्मारक (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, समय से पहले जन्म लेने के कारण दोनों बच्चों को उन्नत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) की आवश्यकता है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर ने बताया कि दोनों नवजातों को बिना देरी किए मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहां वेंटिलेटर सहित उन्नत नवजात चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मेरठ के चिकित्सकों को दोनों बच्चों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि उपचार तत्काल शुरू किया जा सके।
लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अस्पताल में मरीज के इलाज संबंधी दस्तावेज लेकर भागने लगे। हंगामा रोकने का प्रयास अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों ने किया। इसी दौरान डॉक्टर-कर्मचारी व पीड़ित परिवारीजनों के बीच नोकझोंक हुई। संविदा कर्मचारी अनुज की परिवारीजनों ने पिटाई कर दी। करीब दो घंटे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस दौरान इमरजेंसी में मरीजों का इलाज प्रभावित रहा। ये था पूरा मामला सरोजनीनगर के पिपरसंड निवासी रंजना सिंह (45) को शुक्रवार सुबह पूजा के दौरान चक्कर आ गया। वह गश खाकर घर में गिर गईं। आनन-फानन परिवारीजनों ने एम्बुलेंस के लिए 108 सेवा को फोन किया। पति शिवमोहन का आरोप है कि करीब 25 मिनट बाद एम्बुलेंस आई। एम्बुलेंस से मरीज को सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने मरीज को देखा। मरीज को तुरंत लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने रंजना को भर्ती कर दिया। डॉक्टरों ने ईसीजी समेत दूसरी जरूरी जांचें कराईं। करीब दोपहर करीब ढाई बजे इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। जमकर हुआ हंगामा मरीज की मौत से नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इलाज संबंधी दस्तावेज परिवारीजनों ने फाड़ दिए। कुछ दस्तावेज लेकर भागने का प्रयास किया। जिसे डॉक्टर व कर्मचारियों ने रोकने का प्रयास किया। इस दौरान संविदा कर्मचारी अनुज को परिवारीजनों ने पिटाई कर दी। संविदा कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। डॉक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। परिवारीजन राजी नहीं हुए। इसी बात को लेकर मामला और गंभीर हो गया। पेशे से किसान रंजना का पति शिवमोहन का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में कोताही बरती। हमने बार-बार मरीज की तबीयत गंभीर होने का हवाला दिया। लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आए। आरोप हैं कि दरवाजा बंद कर डॉक्टर-कर्मचारियों ने लाठी डंडों से धमकाने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई हुई।
बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत पर FIR; पत्नी, बहन और बेटा भी नामजद, जानें क्या है मामला?
एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश पर कासगंज के सहावर थाने में फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत समेत 37 नामजद, 50 अज्ञात पुरुष और पांच अज्ञात महिलाओं के खिलाफ लूटपाट, मारपीट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला सांसद की बहन के ससुर द्वारा लगाए गए संपत्ति विवाद से जुड़े आरोपों का है।
भाजपा विधायक राकेश रंजन के मर्डर की प्लानिंग, टाइम बम भी मंगाया; जेल अधीक्षक पर FIR से हड़कंप
शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन ने भागलपुर जेल में उनकी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें जेल अधीक्षक और जेल में बंद तीन अपराधियों को नामजद किया है। राकेश, भाजपा के कद्दावर नेता रहे विश्वेश्वर ओझा के बेटे हैं, जिनकी 2016 में गोलियों से भूनकर हत्या हो गई थी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) प्रयागराज ने राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य (जीडीसी) भर्ती-2025 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम शुक्रवार देर शाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 4,755 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। यह परिणाम पहले चरण में पांच विषयों - रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, इतिहास और सैन्य विज्ञान (रक्षा अध्ययन) के लिए जारी किया गया है। इन विषयों की प्रारंभिक परीक्षा 31 मई 2026 को आयोजित की गई थी। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी के अनुसार, रसायन विज्ञान में 87 रिक्तियों के लिए 1,369 अभ्यर्थी, अर्थशास्त्र में 61 पदों के लिए 1,119 अभ्यर्थी, भूगोल में 46 पदों के लिए 1,130 अभ्यर्थी, इतिहास में 58 पदों के लिए 1,108 अभ्यर्थी और सैन्य विज्ञान (रक्षा अध्ययन) में 29 पदों के लिए 29 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया है। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन पांच विषयों में रसायन विज्ञान के लिए 5,403, अर्थशास्त्र के लिए 3,780, भूगोल के लिए 7,741, इतिहास के लिए 11,271 और सैन्य विज्ञान के लिए 262 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रारंभिक परीक्षा में क्रमशः 2,487, 2,198, 4,316, 5,915 और 171 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे। यूपीपीएससी ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक परीक्षा का यह परिणाम पूरी तरह औपबंधिक है। मुख्य परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम और सफल अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने संबंधी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और कटऑफ अंक अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद ही आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आयोग ने यह भी बताया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत इस संबंध में कोई भी प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
झांसी जेल से पहली बार पैरोल पर प्रयागराज जाएगा अली, तन्हाई बैरक में सजा काट रहा अतीक का बड़ा बेटा
छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए झांसी जेल में बंद बड़ा भाई अली प्रयागराज जाएगा। हाईकोर्ट ने आबान की पैरोल को अनुमति दे दी है। पिछले साल नैनी जेल से झांसी जेल में शिफ्ट होने के बाद पहली बार अली प्रयागराज जाएगा।
सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसे में घायल 50 वर्षीय मुस्ताक की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को सड़क हादसे में हुए थे घायल खैराबाद थाना क्षेत्र के रहीमाबाद निवासी 50 वर्षीय मुस्ताक पुत्र मुख्तार गुरुवार शाम ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बीसीएम अस्पताल के पास पीछे से आए एक पिकअप वाहन ने ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में उनके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान बिगड़ी हालत हादसे में मुस्ताक का पैर भी टूट गया था और जिला अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बेटे ने लगाया गलत इंजेक्शन का आरोप मृतक के बेटे जुनैद का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने उनके पिता को एक इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है। हंगामे के बीच पुलिस पहुंची अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। एएसपी बोले- पैनल से होगा पोस्टमार्टम एएसपी आलोक सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा के कटघोरा नगर पालिका परिसर में स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में हुई अनियमितता का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। युवा कांग्रेस ने CMO और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की युवा कांग्रेस का आरोप है कि प्रतिमा निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। संगठन का कहना है कि जांच में सिर्फ उप-अभियंता को निलंबित कर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। युवा कांग्रेस की मांग है कि जांच का दायरा बढ़ाकर सीएमओ और ठेकेदार सहित सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में भ्रष्टाचार मिटाना है समृद्धि का कटोरा बनाना है और निलंबित करो सीएमओ साहब जैसे बैनर थे। नारेबाजी के बीच युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप- जिम्मेदारों को बचाया जा रहा युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच प्रतिवेदन आने के बाद दो दिन में उप-अभियंता को निलंबित कर दिया गया, लेकिन सीएमओ और ठेकेदार के खिलाफ 8-9 दिन से कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। विकास सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा में भ्रष्टाचार हुआ और स्थानीय मंत्री-विधायक चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी है। युवा कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली, प्रतिमा निर्माण प्रकरण की उच्च स्तरीय समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। दूसरी, जांच में सीएमओ, ठेकेदार सहित अन्य दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। तीसरी, जांच पूर्ण होने तक प्रतिमा को हटाने या उसमें कोई परिवर्तन करने पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलन के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
उदयपुर में तीन गाड़ियों में सवार आरोपियों ने पहले कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद बाहर खड़ी गाड़ियों को पत्थर मारकर तोड़फोड़ की। इसके बाद घर से बाहर निकली एक महिला को स्कॉर्पियो से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित कपिल विहार कॉलोनी में यह वारदात शुक्रवार शाम करीब 5:43 बजे हुई। हादसे में गंभीर घायल उर्मिला कुंवर (50) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई। पहले से चल रहा था विवाद बताया जा रहा है कि उर्मिला कुंवर के बेटे का आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी एक काली स्कॉर्पियो और दो थार में सवार होकर कपिल विहार पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने पहले कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई। इसी दौरान उर्मिला कुंवर घर से बाहर आईं। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काली स्कॉर्पियो महिला की ओर बढ़ी और जोरदार टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलने पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश कारण हो सकता है।
दुर्ग जिले में बंद फैक्ट्री से लोहे की प्लेट चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों ने रात के समय फैक्ट्री की दीवार फांदकर करीब 40 हजार रुपए कीमत की लोहे की प्लेटें चोरी की थीं। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस को चोरी की जानकारी मिली। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। यह मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। जानिए पूरा मामला यह घटना भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बीएस कास्टिंग कंपनी, प्लॉट नंबर 34-बी की है। कंपनी में लोहे की कास्टिंग का काम होता है। 31 जुलाई को शाम 6 बजे काम खत्म होने के बाद कर्मचारी फैक्ट्री बंद कर घर चले गए थे। रात करीब 1 से 2 बजे के बीच आरोपी फैक्ट्री की दीवार फांदकर अंदर घुसे। उन्होंने शेड में रखी लोहे की फिस प्लेट और अन्य लोहे की प्लेटें चोरी की और मौके से फरार हो गए। अगले दिन, 1 अगस्त की सुबह लगभग 9:30 बजे, कंपनी के सहायक महाप्रबंधक जितेंद्र पांडे फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने नियमित जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे, जिसमें रात के समय कुछ लोग फैक्ट्री परिसर में संदिग्ध गतिविधियां करते हुए दिखाई दिए। इसके बाद जितेंद्र पांडे ने जामुल थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 549/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV से पकड़े गए फैक्ट्री चोर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में मिले हुलिए और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने रवि विश्वकर्मा उर्फ खेलू (21) और राहुल कुर्रे (21) को हिरासत में लिया। इसके अलावा एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई करीब 40 हजार रुपए कीमत की लोहे की प्लेटें बरामद कर ली हैं। पूछताछ में रवि विश्वकर्मा ने बताया कि उसने अपने साथी राहुल कुर्रे और एक नाबालिग के साथ मिलकर चोरी की थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की गई लोहे की प्लेट बरामद कर ली। दो गिरफ्तार, नाबालिग पर कार्रवाई पुलिस ने रवि विश्वकर्मा उर्फ खेलू (21) और राहुल कुर्रे (21) को गिरफ्तार कर 7 अगस्त को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। बंद फैक्ट्री देखकर करते थे चोरी पुलिस के अनुसार, आरोपी रात के समय बंद फैक्ट्रियों को निशाना बनाते थे। वे सुनसान समय में दीवार फांदकर फैक्ट्री के अंदर घुसते और लोहे की भारी सामग्री चोरी कर ले जाते थे। पुलिस ने करीब 40 हजार रुपए कीमत की चोरी की गई लोहे की प्लेट बरामद की है।
किसी भी राज्य की आर्थिक तरक्की में बैंकिंग सेक्टर की रीढ़ की हड्डी जैसी अहम भूमिका होती है। बदलते वक्त के साथ जहां डिजिटल बैंकिंग ने ग्राहकों की जिंदगी आसान की है, वहीं, साइबर फ्रॉड जैसी नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। इसी अहमियत को समझते हुए शुक्रवार को पटना के होटल पनाश में दैनिक भास्कर द फाइनेंशियल एज कॉन्क्लेव सीजन-2 का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और श्रम संसाधन, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप पर शामिल हुए। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें… आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया इस मंच पर देश और राज्य के वित्तीय जगत के दिग्गज जुटे, जिन्होंने बैंकिंग सेक्टर के नए बदलावों और आम आदमी की वित्तीय सुरक्षा पर गहराई से विचार-विमर्श किया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित रखना है। बैंकिंग-वित्तीय सुरक्षा पर मंथन, साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। उनके साथ बैंकिंग और बीमा जगत के कई दिग्गज चेहरे बतौर पैनलिस्ट ने अपने विचार रखें। इनमें एसबीआई पटना रीजन के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी, एलआईसी पूर्व मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक प्रेमेन्द्र हरि, इंडियन बैंक के जोनल हेड अमन कुमार झा और साइबर एक्सपर्ट सह डीआईजी सुशील कुमार प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग रहा। एसबीआई इस कार्यक्रम का को-स्पॉन्सर और एलआईसी इंश्योरेंस पार्टनर थे, इन एसोसिएशन विद नेशनल इंश्योरेंस। इसके अलावा, एलिट फाल्कन्स प्रा. लि. सिक्योरिटी पार्टनर थे और देश के कई बड़े बैंक जैसे इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया इसके बैंकिंग पार्टनर रहे। यमुना आवास, डेवलपर्स, ड्रीम इमर्जिंग रियल्टर्स प्रा. लि., दुर्गा होम कंस्ट्रक्शन और इंद्रा नेत्रालय इस आयोजन के सपोर्टर रहे।
मथुरा के महावन में शुक्रवार शाम सड़क हादसे में रिटायर्ड फौजी की मौत हो गई। वे बाइक से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान गिट्टियों के कारण बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। वे सड़क निर्माण में लगे डंपर के पिछले पहिए के नीचे आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव सराय दाऊद निवासी विक्रम सिंह (45) पुत्र रामगोपाल सिंह के रूप में हुई है। वे सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद औरंगाबाद पावर हाउस में काम कर रहे थे। डंपर को ओवरटेक करते समय फिसली बाइक जानकारी के अनुसार, विक्रम सिंह शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मोटरसाइकिल से मथुरा टाउनशिप स्थित कृष्णापुरम कॉलोनी अपने घर जा रहे थे। महावन-सादाबाद मार्ग पर इन दिनों सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क के दोनों तरफ खुदाई के साथ गिट्टियां बिछाई जा रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पैंठ के पास विक्रम सिंह निर्माण कार्य में लगे डंपर को ओवरटेक करने लगे। इसी दौरान सड़क पर बिखरी गिट्टियों पर बाइक फिसल गई। संतुलन बिगड़ने से वह डंपर के पिछले पहियों के नीचे आ गए। मौके पर जुटी भीड़, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर जमा हो गए। सूचना पर महावन थाना पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के कारण कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। ग्राम प्रधान योगेश गौतम ने बताया कि विक्रम सिंह मूल रूप से सराय दाऊद गांव के रहने वाले थे। वह परिवार के साथ मथुरा टाउनशिप की कृष्णापुरम कॉलोनी में रहते थे। महावन थाना प्रभारी चेतराम शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते शनिवार को कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 8 से 11 बजे तक यहां नहीं आएगी बिजली आदित्य द्वारकाधीश, श्याम बाग, मानपुरा नैनोमेक्स टॉउनशीप, दूध वालों की ढाणी, नैनो की ढाणी, उचियाड़ा गांव और 33/11 केवी उचियाडा सब-स्टेशन से सम्बन्धित सम्पूर्ण क्षेत्र। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित अवधि के दौरान आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें ताकि असुविधा से बचा जा सके।
झारखंड के छात्रों के नाम एक संदेश जारी करते हुए कॉकरोच पार्टी ने बताया कि उनसे हम यही कहना चाहते हैं कि संघर्ष जारी रखें, पूरा देश आपके साथ है। हालांकि फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि रांची पहुंचे सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य शामिल हैं।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर एक ही दिन में चलाए गए नाका टिकट चेकिंग अभियान के दौरान 342 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए। इन यात्रियों से 2.64 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त, रेल प्रशासन ने अप्रैल से जुलाई तक पिछले चार महीनों में बिना वैध कारण के ट्रेन रोकने के 667 मामलों में कार्रवाई की है। इन मामलों में दोषी पाए गए यात्रियों से कुल 3.20 लाख रुपये की पेनाल्टी वसूल की गई। गुरुवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यहां से गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों में यह विशेष नाका टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अभियान में वाणिज्य निरीक्षक, मुख्य टिकट निरीक्षक और टीटीई स्टाफ शामिल थे। 341 मामलों में 2.64 लाख का जुर्माना वसूला अभियान के दौरान बिलासपुर स्टेशन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की सघन जांच की गई। इस दौरान बिना टिकट यात्रा के 257 मामलों से 2 लाख 16 हजार 325 रुपए, अनियमित टिकट के 49 मामलों से 43 हजार 565 रुपए और बिना बुक किए गए लगेज के 35 मामलों से 4 हजार 290 रुपए जुर्माना वसूल किया गया। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उचित यात्रा टिकट अवश्य लें और स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए प्लेटफॉर्म टिकट खरीदें। साथ ही रेलगाड़ी और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही गंदगी फैलाने और धूम्रपान जैसी गतिविधियों से बचें, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्रवाई की जा सकती है। चेन पुलिंग रोकने कड़े कदम उठाए गए बिलासपुर रेलवे मंडल ने ट्रेनों में बेवजह अलार्म चेन खींचने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहा है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई तक अलार्म चेन के गलत इस्तेमाल के 667 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय के माध्यम से 3 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। बिना वजह चेन खींचने पर हो सकती है जेल रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना किसी उचित कारण के ट्रेन की अलार्म चेन खींचना अपराध है। ऐसा करने पर दोषी को एक साल तक की जेल, 1 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
अरवल में महिला की गोली मारकर हत्या:बाइक सवार अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया, NH-139 पर हुई घटना
अरवल जिले के करपी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर बाजितपुर मोड़ के समीप बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने महिला पर चार गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही करपी थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार संजय भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, अरवल भेज दिया है। मृतका की पहचान जहानाबाद जिले के एनी बीघा गांव निवासी 28 वर्षीय शोभा देवी के रूप में हुई है। उनके पति का नाम पप्पू कुमार है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शोभा देवी की यह दूसरी शादी थी। एसडीपीओ कुमार संजय ने बताया कि पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हत्या के पीछे आपसी रंजिश, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य कारण की भी पड़ताल की जा रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं और अपराधियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद में चलाया चेकिंग ऑपरेशन, 4,712 गाड़ियों की जांच की
अहमदाबाद सिटी पुलिस ने 4,700 से ज्यादा गाड़ियों की जांच की। शुक्रवार तड़के शहर भर में रात भर चले चेकिंग ऑपरेशन के दौरान उन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाने, शराबबंदी से जुड़े अपराधों और नशीले पदार्थों के मामलों में कार्रवाई की।
गोंडा जेल में बंद प्रेमी से मिलने पहुंची नाबालिग प्रेमिका को शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जेल गेट पर चेकिंग के दौरान हिरासत में लिया गया। उसके बैग से पिस्टल के 10 कारतूस और फर्जी आधार कार्ड मिला। जेल प्रशासन ने लड़की को नगर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेल गेट पर चेकिंग में हुआ खुलासा शुक्रवार दोपहर जेल के मेन गेट पर तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने लड़की के बैग की जांच की। तलाशी में पिस्टल के 10 कारतूस और एक आधार कार्ड मिला। जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर उन्होंने लड़की से पूछताछ की और बाद में उसे नगर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। पॉक्सो मामले में बंद है प्रेमी प्राथमिक जांच में सामने आया कि किशोरी का प्रेमी हर्षु कश्यप नगर कोतवाली क्षेत्र के छेदीपुरवा का रहने वाला है और उसी किशोरी से जुड़े पॉक्सो एक्ट के मामले में गोंडा मंडलीय कारागार में निरुद्ध है। किशोरी उसी से मुलाकात करने जेल पहुंची थी। जेल प्रशासन के अनुसार, बरामद आधार कार्ड पर किशोरी का नाम 'वैष्णवी' दर्ज था, जबकि पूछताछ में उसका वास्तविक नाम अलग पाया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। पिता बोले- लाइसेंसी पिस्टल के कारतूस चोरी किए थे पूछताछ के दौरान जेल अधीक्षक ने लड़की के पिता को बुलाया। उन्होंने बताया कि बरामद कारतूस उनकी लाइसेंसी पिस्टल के हैं, जिन्हें उनकी बेटी घर से चोरी कर ले गई थी। पिता ने यह भी कहा कि वह बेटी के व्यवहार से काफी परेशान हैं। पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय ने बताया कि चेकिंग के दौरान किशोरी को कारागार गेट पर पकड़ा गया था। उसके पास मिले कारतूस और फर्जी आधार कार्ड के संबंध में नगर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने कहा कि किशोरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद कारतूस, फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र भवानीपुर में परिसर में खड़ी एक बैटरी संचालित स्कूटी में अचानक आग लग गई। इस घटना से उपकेंद्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कर्मचारियों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। विभाग में कार्यरत कर्मचारी अतुल जायसवाल अपनी बैटरी स्कूटी उपकेंद्र परिसर में खड़ी कर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी से अचानक धुआं निकलने लगा, और कुछ ही क्षणों में उसमें आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर उपकेंद्र में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अवर अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने तत्काल पीछे के दरवाजे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए और समय रहते उस पर काबू पा लिया गया। इससे विद्युत उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण सुरक्षित बच गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बैटरी में तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के बाद कुछ देर तक उपकेंद्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कर्मचारियों ने बताया कि यदि आग आसपास के विद्युत उपकरणों तक पहुंच जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लेने से बड़ी क्षति टल गई।
बिजनौर में 14 साल पुराने घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/एफटीसी कोर्ट-2 ने आरोपी गुज्जू कुरैशी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही आदेश दिया है कि जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि घायल पक्ष को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार के अनुसार, यह मामला 5 सितंबर 2011 का है। नजीबाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला पठानपुरा निवासी मोहम्मद नासिर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पड़ोसी गुज्जू कुरैशी, अकबर, अकरम और फैजान ने उसके घर में घुसकर उसके छोटे भाई कासिम पर जानलेवा हमला किया। एफआईआर के मुताबिक, कासिम ने आरोपियों के घर में गाय काटे जाने की जानकारी बाहर बताई थी। इससे नाराज होकर आरोपी उसके पीछे-पीछे घर में घुस गए और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद अकबर ने छुरी, गुज्जू ने चापड़ और अन्य आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला कर कासिम को गंभीर रूप से घायल कर दिया। फरार होने पर अलग हुई थी पत्रावली घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान आरोपी गुज्जू कुरैशी फरार हो गया था, जिसके कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। अन्य सह-आरोपी अकबर, अकरम और फैजान को इस मामले में पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं एफटीसी कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली ने गुज्जू कुरैशी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की 90 प्रतिशत राशि घायल कासिम को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाए।
चंदौली पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी किशन यादव को मध्य प्रदेश के पिपरिया रेलवे स्टेशन से गुरुवार रात 8 बजे पकड़ा गया। पुलिस ने अपहृत लड़की को भी सकुशल बरामद कर लिया है। यह मामला चंदौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र का है। यहां एक गांव की नाबालिग लड़की को स्कूल जाते समय एक युवक ने बहला -फुसलाकर भगा ले गया था। लड़की के परिजनों की तहरीर के आधार पर सकलडीहा थाने में मु0अ0स0 160/2026 धारा 87, 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष सकलडीहा भूपेन्द्र कुमार निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार अपहृता की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत, सकलडीहा पुलिस टीम ने आरोपी को पिपरिया रेलवे स्टेशन, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी टीम में अभिमन्यू राय, आनंद कुमार यादव और बंदना सिंह शामिल थे। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पीलीभीत के धन्वंतरि अस्पताल में उपचार के दौरान महिला पूनम अवस्थी की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मृतका के बेटे अमन अवस्थी ने अपने घर के बाहर एक चेतावनी वाला फ्लेक्स लगा दिया है, जिसमें 10 अगस्त तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई है। फ्लेक्स लगने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। अमन अवस्थी का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण उनकी मां की मौत हुई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि तय समय सीमा तक न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। घर के बाहर लगा फ्लेक्स बना चर्चा का विषय अमन अवस्थी द्वारा घर के बाहर लगाया गया चेतावनी वाला फ्लेक्स पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, इसलिए इस तरह का कदम उठाना पड़ा। आत्मदाह की चेतावनी की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमरनाथ वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन के बावजूद मांगों पर अड़े परिजन हालांकि, परिजनों ने पुलिस के आश्वासन से संतुष्ट होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
जालौन में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की तैयारियों की पोल खोल दी। शुक्रवार दोपहर उरई क्षेत्र के मलंगा नाले में अचानक आए तेज उफान से रगौली गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पीपों का पुल बह गया। तेज बहाव में पुल से जुड़ा करीब 10 मीटर लंबा अप्रोच मार्ग भी कटकर नाले में समा गया। इसके चलते रगौली गांव का उरई मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया और दोनों ओर राहगीर बीच रास्ते में फंस गए। इस घटना से करीब 2 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, रगौली गांव के पास स्थित जर्जर पुल को करीब डेढ़ माह पहले ध्वस्त कर दिया गया था। उसकी जगह लगभग दो करोड़ रुपए की लागत से नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान आवागमन बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी और कार्यदायी संस्था ने नाले पर अस्थायी पीपों का पुल और वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया था। लेकिन लगातार बारिश के कारण शुक्रवार को मलंगा नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ा और तेज बहाव अस्थायी पुल को बहा ले गया। टला बड़ा हादसा, दोनों ओर लगी लोगों की कतार गनीमत रही कि घटना के समय लगातार बारिश होने के कारण पुल पर कोई मजदूर या ग्रामीण मौजूद नहीं था। यदि उस समय आवागमन हो रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुल बहने के बाद दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। छात्र, किसान और मरीज सबसे ज्यादा परेशान इस मार्ग से प्रतिदिन करीब दो हजार ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, किसान और कर्मचारी आवागमन करते हैं। पुल टूटने के बाद अब लोगों को रेवा गांव के रास्ते करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। लगातार बारिश के चलते यह वैकल्पिक मार्ग भी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, जल्द बहाली का दावा घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर नाले के दोनों ओर बांस-बल्ली से बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजरने का प्रयास न करे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि पुल बहने की सूचना मिलते ही विभाग ने स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। जल्द से जल्द आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग की तत्काल व्यवस्था कर गांव का मुख्यालय से संपर्क शीघ्र बहाल कराने की मांग की है।
पीलीभीत के बीसलपुर में आवारा सांड के हमले में एचडीएफसी (HDFC) बैंक के कर्मचारी अर्पित की मौत हो गई। हादसा बीसलपुर ब्लॉक के पास हुआ, जहां किसी काम से जा रहे अर्पित पर एक सांड ने अचानक हमला कर दिया। जोरदार टक्कर लगने से वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके बाद बैंक के सहकर्मियों और स्थानीय लोगों ने अर्पित को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बीसलपुर थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिल गई है। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवारा पशुओं की समस्या पर फिर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने और इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
बालोतरा में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर एबीवीपी ने एमबीआर कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक धरना देने के बावजूद कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो स्टूडेंट्स उग्र हो गए। उन्होंने कॉलेज गेट के बाहर टायर जलाकर सड़क जाम करने का प्रयास किया। इस दौरान जसोल थाना पुलिस कुछ छात्राओं और छात्रों को पुलिस गाड़ी में बैठाने लगी। इस दौरान पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। एबीवीपी कार्यकर्ता और पदाधिकारी पुलिस गाड़ी को रोकने लगे। इसी दौरान एक छात्रा सड़क पर गिरने से घायल हो गई। वहीं एक कॉन्स्टेबल भी पुलिस गाड़ी के नीचे आते-आते बचा। इससे नाराज छात्राएं पुलिस गाड़ी के बोनट पर चढ़ गईं और पुलिस गाड़ी को वहीं रोक दिया। बाद में तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद छात्राओं को नीचे उतारा। दरअसल, प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एबीवीपी ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। बालोतरा में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स ने एमबीआर कॉलेज का गेट बंद कर धरना दिया। करीब 2-3 घंटे तक प्रदर्शन के दौरान कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी मांग सुनने नहीं पहुंचा। इसके बाद स्टूडेंट्स ने बालोतरा-जसोल रोड पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम करने लगे। सूचना पर जसोल थाना पुलिस और आरएसी के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स को पुलिस जीप में बैठाकर ले जाने लगी। इसका छात्रों और पदाधिकारियों ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान एक युवती सड़क पर गिर गई। इससे नाराज एबीवीपी की विभाग छात्रा सह-प्रमुख फूल कंवर पुलिस गाड़ी के बोनट पर चढ़ गईं। इसके बाद एक-एक कर तीन छात्राएं गाड़ी पर चढ़ गईं। बाद में बालोतरा डीएसपी बाबूलाल मुरारिया, तहसीलदार विशन सिंह और जसोल थानाधिकारी सरोज मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से समझाइश की, जिसके बाद वे गाड़ी से नीचे उतर गईं। विभाग छात्रा सह-प्रमुख फूल कंवर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का देकर उन्हें नीचे गिरा दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पन्ना में 102 बोरी यूरिया जब्त:दो वाहनों को पवई थाने में खड़ा कराया, बिल, परमिट की जांच कर रही टीम
पन्ना के पवई में खरीफ सीजन में यूरिया खाद की बढ़ती मांग के बीच प्रशासन ने अवैध परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की है। शुक्रवार की रात छत्रसाल स्टेडियम के पास घेराबंदी कर दो वाहनों को रोका गया, जिनसे कुल 102 बोरी यूरिया जब्त की गई। प्रशासनिक टीम ने वाहनों की जांच के दौरान वाहन ( MP 21 ZB 1813) से 52 बोरी यूरिया जब्त की, जिसे चालक वीरेंद्र राय चला रहा था। वहीं, वाहन ( MP 35 GA 1295) से 50 बोरी यूरिया जब्त की गई, जिसका चालक धर्मेंद्र कुशवाहा था। टीम कर रही जांच जब्त किए गए दोनों वाहनों को वैधानिक कार्रवाई और आगे की जांच पूरी होने तक पवई थाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। प्रशासन अब यूरिया के इस परिवहन से जुड़े बिल, परमिट और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
चंदौली में मजदूर की अज्ञात वाहन से मौत:दवा लेकर लौटते समय हादसा, परिवार में कोहराम
चंदौली में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में 45 वर्षीय मजदूर चंद्रशेखर राजभर की मौत हो गई। वह जिला अस्पताल से दवा लेकर घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के पास हुई, जहां उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विशुनपुरा गांव निवासी चंद्रशेखर राजभर सुबह अपनी साइकिल से सकलडीहा सधन तिराहा पहुंचे थे। वहां से वह टेम्पो पकड़कर जिला अस्पताल दवा लेने गए थे। दवा लेकर घर लौटते समय यह हादसा हुआ। अज्ञात वाहन टक्कर मारकर फरार हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एम्बुलेंस की मदद से चंद्रशेखर को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर सकलडीहा कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। चंद्रशेखर की असामयिक मौत से उनकी पत्नी हसीना और तीन बच्चों गौरव, काजल व आरो का रो-रोकर बुरा हाल है। तहसील के वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। कोतवाल भूपेंद्र निषाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्जन लागू:फर्रुखाबाद में आज शाम 8 बजे से 11 अगस्त तक ट्रैफिक में बदलाव
फर्रुखाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर शुक्रवार रात 8 बजे से रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था 11 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। जिले में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार शाम 7 बजे जारी की। कन्नौज और मैनपुरी की ओर से आने वाले वाहनों का बदला रूट पुलिस की जारी डायवर्जन योजना के अनुसार, कन्नौज से कानपुर रोड होते हुए फतेहगढ़ आने वाले ट्रक, टैंकर, डीसीएम और डंपर जैसे मालवाहक वाहनों को गुरसहायगंज से छिबरामऊ की ओर मोड़ दिया जाएगा। वहीं, छिबरामऊ से जहानगंज होकर फतेहगढ़ आने वाले मालवाहक वाहनों को कन्नौज से बेवर (मैनपुरी) की ओर डायवर्ट किया जाएगा। एटा, हरदोई और शाहजहांपुर सीमा पर भी रोक बेवर (मैनपुरी) की ओर से आने वाले मालवाहक वाहनों को बेवर में ही रोक दिया जाएगा। एटा की ओर से फतेहगढ़ आने वाले भारी वाहनों को जनपद सीमा पर ही रोकने के निर्देश दिए गए हैं। शाहजहांपुर और बरेली की ओर से आने वाले मालवाहकों को थाना अल्लाहगंज व हुल्लापुर मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा, जबकि ढाई घाट और शमशाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को जरियानपुर में ही रोका जाएगा। हरदोई की दिशा से आने वाले भारी वाहनों को रूपापुर (थाना सवायजपुर) में रोकने की व्यवस्था की गई है। छोटे वाहनों के लिए बनाए गए पार्किंग स्थल कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं मार्ग से पांचाल घाट आने वाले वाहन वन चेतना परिसर में पार्क किए जाएंगे। इटावा और छिबरामऊ मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए राधा रानी अस्पताल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, नवाबगंज, शमशाबाद, लाल गेट तिराहा, कादरी गेट चौराहा और लकूला रोड से आने वाले छोटे वाहनों को मालती गार्डन में पार्क कराया जाएगा। मिलिट्री चौराहे से आर्मी कैंट मार्ग होकर पांचाल घाट पहुंचने वाले वाहनों के लिए सोनू टोल प्लाजा पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने जारी की एडवाइजरी पुलिस प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान जारी रूट डायवर्जन का पालन करें और यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने आवश्यक होने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की भी सलाह दी है।
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी (21.05 करोड़) के मामले में ग्वालियर राज्य साइबर जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने रतलाम से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले पुलिस ने उज्जैन के शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में बैंक खाता धारक और APK फाइल के जरिए OTP ऑटो-फॉरवर्ड करने वाला गिरोह का मुख्य हैंडलर शामिल है। ऐसे दिया MP की ठगी को अंजाम फरियादी सीनियर चार्टर्ट अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि व्हाट्सऐप के जरिए उनसे 'Tradecboeus' नाम के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में भारी रकम निवेश कराई गई। जांच में सामने आया कि गिरोह ने निवेशकों को फंसाने के लिए 'Tradecboeus' नाम से एक पूरी तरह फर्जी वेब पोर्टल तैयार किया था। इस फेक वेब पेज पर ट्रेडिंग का ग्राफ जानबूझकर घटता-बढ़ता दिखाया जाता था, जिससे निवेशकों को असली मुनाफा होने का झांसा मिलता रहे और वे अधिक से अधिक पैसा निवेश करते जाएं। यह पूरा वेब पेज विदेशी आईपी से कंट्रोल किया जा रहा था। जालसाजों के झांसे में आकर अशोक विजयवर्गीय ने 21 करोड़ 05 लाख 92 हजार रुपए लगा दिए थे, लेकिन जब उन्होंने कैश निकालना चाहा तो उनसे इनकम टैक्स 10 करोड़ रुपए मांगे गए थे। जिसके बाद उनको ठगी का अहसास हो गया था। यह मामला ग्वालियर राज्य साइबर जोन के पास आया था। इस मामले में दो आरोपी पुलिस ने पकड़े हैं। दो दिन पहले मतलब बुधवार को पुलिस ने शाजापुर से जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ जगदीश फौजी को पकड़ा था। क्योंकि जगदीश के अकाउंट में ठगी के 50 लाख रुपए आए थे। जगदीश को पकड़ने के बाद खुलासा हुआ था कि उसने अपना अकाउंट रतलाम के अंकित वर्मा को कमीशन पर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने अंकित वर्मा को भी शुक्रवार रात को गिरफ्तार कर लिया है। APK फाइल से चुराते थे OTP, 6 राज्यों में फैला नेटवर्क आरोपियों से पूछताछ में ठगी के बेहद चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि वह किस तरह ठगी करने वाले गैंग के साथियों की मदद करते थे। APK फाइल से ऑटो-फॉरवर्ड होता था OTP: आरोपी बिहार और मध्यप्रदेश में जाकर मोबाइल में APK फाइल एक्टिवेट करते थे। इसके बाद बैंकों से आने वाले सभी OTP अपने आप ऑटो-फॉरवर्ड होकर मुख्य हैंडलर के पास पहुंच जाते थे। खाता धारक को 2% कमीशन: गिरोह ने फरियादी के पैसे को अलग-अलग राज्यों के दर्जनों बैंक खातों में ट्रांसफर किया। आरोपी जगदीश का खाता देश के 6 अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी करने में इस्तेमाल पाया गया है, जिसके बदले उसे हर ट्रांजेक्शन पर 2% कमीशन मिलता था। सागर से पकड़ाया मुख्य हैंडलर, ये आरोपी हुए गिरफ्तार साइबर पुलिस महानिरीक्षक शियाज ए. एवं पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी के मार्गदर्शन में निरीक्षक मुकेश नारोलिया की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों जगदीश मालवीय (41 वर्ष): निवासी ग्राम सिमरोल, शाजापुर, अंकित वर्मा (31 वर्ष): निवासी इंद्रानगर, रतलाम को पकड़ा। जगदीश के बंधन बैंक के खाते में 50 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। यह पूरी रकम सीए से ठगी गई रकम थी। जबकि अंकिम मैकेनिकल इंजीनियर है और यह फर्जी बैंक खाते, सिम कलेक्शन और APK फाइल हैंडलिंग का काम संभालता था। गिरोह से जुड़े अन्य अंतरराज्यीय सदस्यों के बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
भिंड के नगर परिषद गोरमी के वार्ड क्रमांक-15 स्थित कल्याणपुरा रोड पर बदहाल सड़क और जलभराव से परेशान लोगों ने शुक्रवार को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा की गाड़ी रोककर विरोध जताया। कलेक्टर हरिचा से गोरमी आ रहे थे। इस दौरान लोग पानी से भरे गड्ढों में खड़े हो गए और उन्हें सड़क की स्थिति दिखाई। लोगों ने बताया कि बारिश में पूरी सड़क तालाब बन जाती है। स्कूली बच्चों और राहगीरों को पानी और गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे आए दिन हादसे होते हैं। रहवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क का स्थायी निर्माण कराने और बंद पड़े नाले को खुलवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि कल्याणपुरा रोड करीब 20 साल पहले बनी थी। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को उनकी गहराई का पता नहीं चलता और दुर्घटनाएं होती हैं। देखें तस्वीरें… बंद नाले से बढ़ी परेशानी रहवासियों ने बताया कि सड़क किनारे बना नाला लंबे समय से बंद है। पानी की निकासी नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर भर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। लोगों ने नाले की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग की। कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुआ पेचवर्क लोगों की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क के गड्ढे भरने के लिए मौके पर गिट्टी मंगवाई गई और पेचवर्क का काम शुरू कराया गया। हालांकि, रहवासियों ने अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग दोहराई।
सड़क पर गिरे बिजली के तार से चिपक तड़पने लगी 3 साल की बच्ची, बचाने आई मां की भी दर्दनाक मौत
नवादा जिले के परनाडाबर में शुक्रवार को सड़क पर टूटकर गिरे हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। पहले 3 साल की मासूम बेटी करंट लगने से तड़पने लगी, फिर उसे बचाने आई मां भी झुलस गई। दोनों की वहीं पर मौत हो गई।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रोहित मिश्रा प्रतापगढ़ पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे मीडिया से बात की। उन्होंने प्रतापगढ़ को अपनी जन्मभूमि बताते हुए कहा, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जिस उत्साह के साथ उनका स्वागत किया, उससे वह अभिभूत हैं। राहुल गांधी के छात्र संवाद पर कही यह बात रोहित मिश्रा ने प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम पर कहा, छात्रों से संवाद करना सकारात्मक पहल है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दौरान देश में लगाए गए आपातकाल और उस दौर की परिस्थितियों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं को देश के राजनीतिक इतिहास और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी मिलनी चाहिए। परिवार के इतिहास से जुड़े स्थलों पर जाने की दी सलाह भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को अपने परिवार के इतिहास से जुड़े स्थलों पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों से संवाद के दौरान नीति और नीयत दोनों स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए। पीडीए फॉर्मूले पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर पूछे गए सवाल के जवाब में रोहित मिश्रा ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां वेद, पुराण और भारतीय संस्कृति का सम्मान होता है, वहां ब्राह्मण समाज उसे सर्वोच्च मानता है। 'Gen Z' को लेकर भी रखी राय 'जेन Z' (Gen Z) से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उतना बड़ा मुद्दा नहीं है, जितना इसे प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि 'Gen Z' को केवल जंतर-मंतर तक सीमित माना जाए, तो उससे कहीं बड़ा 'Gen Z' प्रतापगढ़ की सड़कों पर भी सक्रिय है। सपा पर लगाया दोहरे चरित्र का आरोप रोहित मिश्रा ने समाजवादी पार्टी पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सपा के एक प्रवक्ता के खिलाफ कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले सपा के एक मंत्री के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग जरूरी भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश को नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात की ओर ले जाने वाली बातें उचित नहीं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और उनकी भूमिका का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी और मजबूत हो सके।
मानसा के कस्बा बरेटा में वारिस पंजाब संगठन में सैकड़ों परिवार शामिल हुए। ये परिवार विभिन्न राजनीतिक दलों को छोड़कर संगठन से जुड़े हैं। इस अवसर पर वारिस पंजाब संगठन के नेता कुलविंदर सिंह कोट धर्मू ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरवाद, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और लूटपाट जैसी घटनाओं से लोग पारंपरिक राजनीतिक दलों से निराश हैं। इसी वजह से वे वारिस पंजाब संगठन से जुड़ रहे हैं। कोट धर्मू ने संगठन के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन का लक्ष्य पंजाब में अमन-शांति कायम करना, हर व्यक्ति को सम्मान देना, जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करना और पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब गुरुओं और पीरों की धरती है, जहां लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मिल-जुलकर रहें। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग वारिस पंजाब संगठन से जुड़ रहे हैं। आने वाले समय में संगठन पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा और बहुमत हासिल कर सरकार बनाएगा। कोट धर्मू ने यह भी घोषणा की कि संगठन की सरकार बनने पर उपमुख्यमंत्री हिंदू समुदाय से होगा और सभी धर्मों का समान सम्मान किया जाएगा।
कटिहार जिले के मनसाही थाना क्षेत्र के मलकाईन घाट से एक व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नवगछिया, भागलपुर निवासी 42 वर्षीय उमेश शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने उमेश की पत्नी अनीता देवी और उसके कथित प्रेमी पंकज शर्मा पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। मृतक के पिता ने 5 अगस्त को नवगछिया रेलवे स्टेशन से उमेश शर्मा के अपहरण की शिकायत नवगछिया थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में पंकज शर्मा समेत तीन से चार अन्य लोगों को नामजद किया गया था। मामले की जांच के दौरान नवगछिया और खरीफ पुलिस की कार्रवाई में मोहम्मद इरफान और मोहम्मद सोहेल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उमेश की हत्या कर शव को मनसाही थाना क्षेत्र के मलकाईन घाट में फेंकने की बात बताई। ड्रोन कैमरे की मदद से हुई शव की तलाश आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम मलकाईन घाट पहुंची। शुक्रवार दोपहर सेमापुर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आरोपी द्वारा बताए गए स्थान पर खोजबीन शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद शव को मलकाईन घाट में पुल से करीब 300 मीटर दूर बहते पानी के घेघवा से बरामद किया गया। शव की तलाश के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरे की भी मदद ली। परिजनों का आरोप है कि उमेश शर्मा की पत्नी अनीता देवी ने अपने कथित प्रेमी पंकज शर्मा, निवासी खगड़िया पसरा, और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। परिजनों के अनुसार, हत्या के तीन दिन बाद शव बरामद हुआ। उमेश शर्मा अपने पीछे दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र करीब 10 वर्ष और 7 वर्ष है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में हत्या के कारणों, अन्य आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है।
संभल में बनियाठेर थाना क्षेत्र के एनडीपीएस एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने तीन दोषियों को सजा सुनाई है। शुक्रवार को चंदौसी स्थित विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत ने पहले मामले में 3 दोषियों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, दूसरे मामले में प्रत्येक को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। तीनों अभियुक्तों को दो मामलों में मिली सजा दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में अल्लीपुर बुजुर्ग उर्फ बड़ागांव निवासी विपिन कुमार पुत्र जुगेन्द्र सिंह, खेड़ाखास निवासी दिवाकर पुत्र रुपाल और शाहपुर मुश्किल, सिरौली (बरेली) निवासी राजू पुत्र मदन सिंह शामिल हैं। अदालत ने पहले एनडीपीएस एक्ट के मामले में तीनों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। दूसरे मुकदमे में भी दोषी करार इन्हीं तीनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मुकदमे में भी दोषी पाया गया। इस मामले में अदालत ने प्रत्येक को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रभावी पैरवी से मिली सजा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रेम प्रकाश मौर्य ने प्रभावी पैरवी की। इस दौरान कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल अंकित कुमार और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल अक्षय कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा एडीजीसी प्रेम प्रकाश मौर्य ने बताया कि न्यायालय ने आदेश दिया है कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहारनपुर में गौकशी और संगठित अपराध करने वाले गैंग पर सहारनपुर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। कुतुबशेर थाना क्षेत्र के गैंग लीडर कौशर उर्फ इस्लाम समेत 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए गौकशी करता था। विरोध करने पर पुलिस और लोगों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना कौशर पुत्र सुलेमान उर्फ इस्लाम है। उसके साथ नासिर, सोबान, नईम उर्फ चांडी, जाकिर, उस्मान, रहमान, शाकिब, अय्यूब, इमरान उर्फ मान, मानी उर्फ इमरान और शौकीन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी जनपद में संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियां कर रहे थे। गैंग के सदस्य अवैध हथियार रखते थे। गौकशी के दौरान विरोध होने पर फायरिंग कर लोगों में दहशत फैलाते थे। इसके चलते लोग पुलिस को सूचना देने से भी डरते थे। गौकशी के मुकदमे में उपकरण और बाइक बरामद कुतुबशेर थाने में दर्ज एक मुकदमे में कौशर, नासिर, सोबान, नईम और जाकिर के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से गौकशी के उपकरण, 6 हजार रुपए, बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर बाइक, दाव, पांच चाकू, दो रस्सियां, लकड़ी का गुटका और प्लास्टिक का कट्टा बरामद हुआ था। पुलिस टीम पर फायरिंग का भी आरोप मुकदमा संख्या 68/2026 में कौशर, नासिर और सोबान के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने, अवैध हथियार रखने समेत कई गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस के मुताबिक, इनके कब्जे से .315 और .32 बोर के तमंचे, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए थे। मिर्जापुर में भी गौकशी का मुकदमा थाना मिर्जापुर के मुकदमा संख्या 74/2024 में उस्मान, रहमान, शाकिब, अय्यूब, इमरान उर्फ मान, कौशर, मानी उर्फ इमरान और शौकीन के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में कुल्हाड़ी, चाकू, रस्सी, गाय का कटा सिर और खाल बरामद होने का उल्लेख है। डीएम की मंजूरी के बाद दर्ज हुआ गैंगस्टर का केस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तैयार गैंगचार्ट को सीओ नगर प्रथम, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध, एसपी सिटी और एसएसपी की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के सामने पेश किया था। डीएम ने 29 जुलाई 2026 को गैंगचार्ट को अनुमोदित किया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार त्यागी की तहरीर पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि गैंग की आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
बरेली। 108वें उर्स-ए-रज़वी के अवसर पर शुक्रवार को दरगाह आला हज़रत पर कांग्रेस की ओर से अकीदत और अमन का संदेश पहुंचाया गया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की ओर से भेजी गई चादर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह पर पेश की। इस दौरान देश में अमन-चचैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय महासचिव महमूद अली, कोऑर्डिनेटर सरदार इंद्रजीत सिंह, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी रूबी खान और रईस फारूखी शामिल थे। बरेली पहुंचने पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव चौधरी असलम मियां समेत स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह पहुंचकर सज्जादानशीन हजरत अहसन रज़ा खान से मुलाकात की। इस दौरान अजय राय और इमरान प्रतापगढ़ी की ओर से भेजा गया संदेश और पत्र उन्हें सौंपा गया। अनुमति मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह आला हज़रत पर चादरपोशी की। चादरपोशी के दौरान देश की तरक्की, सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सभी देशवासियों की सलामती के लिए दुआ की गई। उर्स में देश-विदेश से पहुंच रहे जायरीन के बीच कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की यह मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। दरगाह आला हज़रत पर चादरपोशी के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मथुरापुर स्थित मदरसा जामियतुर्रज़ा पहुंचा। यहां काज़ी-ए-हिन्दुस्तान हजरत असजद रज़ा खान और हजरत सलमान मियां से मुलाकात की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेताओं की ओर से भेजा गया संदेश और पत्र उन्हें भी सौंपा। इस अवसर पर चौधरी असलम मियां ने कहा कि दरगाह आला हज़रत बरेली की गंगा-जमुनी तहज़ीब, इंसानियत और आपसी सौहार्द की पहचान है। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक सद्भाव और सभी धर्मों के सम्मान का संदेश समाज को जोड़ने का काम करता है। इस मौके पर प्रेम प्रकाश अग्रवाल, हसनैन अंसारी, डॉ. मेहंदी हसन, शहजाद अली, अवनीश बख्शी 'टोनू', मोहसिन रज़ा खान, मोहम्मद हसन अंसारी और आफताब आलम समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूर्व मध्य रेल का 71वां विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (VRSP)-2026 के तहत समस्तीपुर रेलवे मंडल को इंजीनियरिंग समेत 13 अगल-अलग विभागों के लिए दक्षता शील्ड मिला है। इनमें से कई शील्ड समस्तीपुर मंडल को एकल विजेता के रूप में प्राप्त हुआ है, जबकि कुछ शील्ड अन्य मंडलों/इकाइयों के साथ संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। हाजीपुर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने सभी शील्ड प्राप्त किया है। समस्तीपुर रेलवे मंडल को एक ल रूप में बेस्ट स्क्रैप डिस्पोजल शील्ड, राजभाषा अंतर मंडलीय दक्षता शील्ड, बेस्ट टीआरडी (TRD) शील्ड, बेस्ट गति शक्ति यूनिट शील्ड प्रदान किया गया है। संयुक्त रूप से लेवल क्रॉसिंग एवं आरओबी/आरयूबी सेफ्टी वर्क्स शील्ड , इंजीनियरिंग एफिशिएंसी शील्ड , मेडिकल एफिशिएंसी शील्ड, रेल मदद (सार्वजनिक शिकायत निवारण) शील्ड प्रदान किया गया है। समस्तीपुर मंडल की इकाइयों की उपलब्धियां समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाली इकाइयों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार में अपनी पहचान बनाई है। इसके अंतर्गत क्लीनलीनेस शील्ड - (मध्यम श्रेणी स्टेशन) नरकटियागंज स्टेशन को तथा बेस्ट रनिंग रूम शील्ड (संयुक्त विजेता)- जयनगर स्टेशन के रनिंग रुम को प्रदान की गई, जो स्टेशन साफ सफाई तथा रनिंग स्टाफ को उपलब्ध कराई जा रही उत्कृष्ट सुविधाओं एवं रख-रखाव के लिए दिया गया है। उधर, शील्ड ले कर लौटे डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे मंडल के सामूहिक समर्पण, टीमवर्क एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी समस्तीपुर मंडल इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्व मध्य रेल एवं भारतीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
काकादेव के नवीननगर में पर्व कुंज अपार्टमेंट में शुक्रवार को भी कानपुर मेट्रो की ओर से मरम्मत कार्य जारी रहा। मेट्रो की टीम ने बेसमेंट के आगे धंसे फर्श पर दोबारा कंक्रीट और सीमेंट की नई परत डाली,ताकि धंसे हुए हिस्से को मजबूती मिल सके। इसके अलावा पार्किंग एरिया में बाहरी दीवारों में आई दरारों की मरम्मत की। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के मकानों में भी दरारें आई हैं, जिन्हें भी ठीक कराया जाना चाहिए। साथ ही पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मेट्रो पर लगाए मकानों में दरारें आने का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन इमारतों में नुकसान हुआ है, उनके नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो टनल गुजर रही है। उनका कहना है कि मेट्रो निर्माण कार्य की वजह से जमीन कमजोर हुई है, जबकि यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) इससे इनकार कर रहा है। जबकि पर्व कुंज अपार्टमेंट के अलावा आसपास के कई मकानों में भी दरारें आ गई हैं। उनका आरोप है कि अगर मरम्मत की जा रही है तो उन मकानों की भी मरम्मत कराई जानी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और इलाके में मकानों में आईं दरारों की जांच कराने की मांग की है। कंक्रीट बिछाकर मरम्मत का काम जारी दरअसल, बुधवार को हुई तेज बारिश के दौरान पर्व कुंज अपार्टमेंट का पार्किंग एरिया धंस गया था। इसके साथ ही आसपास के मकानों में भी दरारें पड़ गई थीं। इसके अलावा करीब 20 मीटर दूर स्थित हार्मोनी अपार्टमेंट की दूसरी बाउंड्री की दीवार भी धंस गई थी, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि कानपुर मेट्रो ने इन घटनाओं के लिए अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है, लेकिन प्रभावित दोनों अपार्टमेंट और मकानों में मरम्मत कार्य शुरू कराया है। शुक्रवार को भी टीम ने बची हुई गहरी दरारों को भरने और फर्श को मजबूत करने का काम जारी रखा।
फर्रुखाबाद में हुए फरीदाबाद निवासी अरुण हुड्डा हत्याकांड में पुलिस ने शुक्रवार को 25 हजार रुपये के इनामी साजिशकर्ता रंजीत को गिरफ्तार कर लिया। कादरीगेट थाना क्षेत्र में 26 जुलाई को अरुण की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने जमीन विवाद के चलते हत्या की साजिश रचे जाने की बात कबूल की है। मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी समेत तीन लोग अब भी फरार हैं। 26 जुलाई को हाईवे किनारे हुई थी हत्या अरुण हुड्डा अपनी पत्नी और बेटे के साथ बनारस से लौट रहे थे। 26 जुलाई को इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर पांचाल घाट चौराहे से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान के पास बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। घटना के बाद एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक बाल अपचारी, हत्या में प्रयुक्त कार का मालिक और अब 25 हजार रुपये का इनामी साजिशकर्ता रंजीत शामिल है। वहीं, हत्या करने वाला साहिल, मुख्य आरोपी रोहित और एक अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। डीआईजी ने किया था निरीक्षण, पांच टीमें बनी थीं घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने मौके का निरीक्षण किया था। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थीं। विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए, जिसके आधार पर पुलिस ने रंजीत को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसका लोहिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। जमीन विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश पुलिस पूछताछ में रंजीत ने बताया कि मुख्य आरोपी रोहित उसका करीबी दोस्त है, जबकि अमित उसका चचेरा भाई है। करीब एक वर्ष पहले जमीन की बिक्री को लेकर रोहित और अरुण के बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते अरुण की हत्या की साजिश रची गई। आरोपी ने बताया कि अरुण की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और फर्रुखाबाद पहुंचने पर मौका मिलते ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पहले भी जा चुका है जेल पूछताछ में रंजीत ने बताया कि वह पहले भी एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। जेल के दौरान ही उसकी मुलाकात हत्या में प्रयुक्त कार के मालिक सोनू से हुई थी। कादरीगेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले के अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
सैलाब पर भारी पड़ा निकाह का जोश, ट्रैक्टर से निकली बारात, बाढ़ चीरकर दुल्हन लेकर आ गया दूल्हा
यूपी के फर्रुखाबाद जिले के गांव में आई बाढ़ निकाह के जोश को रोकने में पीछे रह गई। सड़कों पर पानी बहने के बाद भी दूल्हा बारात लेकर निकल गया। इतना ही नहीं दूल्हा दुल्हन को भी बाढ़ के पानी को चीरते हुए अपने घर ले आया।
धर्मशाला में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान एक ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेना की खुफिया इकाई से मिली जानकारी के आधार पर धर्मशाला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के तार पटियाला में सामने आए फर्जीवाड़े से जुड़े बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी धर्मशाला में भर्ती प्रक्रिया के दौरान खुलेआम युवाओं को अपने विजिटिंग कार्ड बांट रहे थे। 9 कोर मुख्यालय की आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट ने इस संदिग्ध गतिविधि को भांपते हुए धर्मशाला पुलिस के साथ इनपुट साझा किया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया। करनाल के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमन निवासी गांव पिछोलिया, डाकघर जुंडला, तहसील व जिला करनाल (हरियाणा) और शुभम निवासी गांव अपराणा, डाकघर मुनक, तहसील व जिला करनाल (हरियाणा) के रूप में हुई है। गौरतलब है कि पटियाला के सिविल लाइंस थाना पुलिस ने भी एएसआई दीपक शर्मा की अगुवाई में चेकिंग के दौरान ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। पटियाला में आरोपी हरियाणा नंबर की हुंडई क्रेटा कार व अन्य गाड़ियों में आकर अभ्यर्थियों को झांसा देते थे। वे विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को निशाना बनाते थे जो भर्ती प्रक्रिया में असफल हो जाते थे। पटियाला मे भी पकड़े जा चुके दो लोग पटियाला पुलिस ने तब संजीव कुमार और विशाल कुमार दोनों निवासी गांव बुड्ढाणपुर, करनाल तथा उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4) व 61(2) के तहत FIR दर्ज की थी। यह गिरोह भर्ती प्रक्रिया के दौरान फिजिकल टेस्ट में फेल होने वाले या मेडिकल टेस्ट में अनफिट/रिजेक्ट होने वाले सीधे-साधे युवाओं को अपना निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य अपनी ऊंची पहुंच का दावा कर अनफिट युवाओं को पास करवाने का झांसा देते थे और इसके बदले उनसे मोटी रकम ऐंठकर ठगी को अंजाम देते थे। वहीं पुलिस का कहना है कि, सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, स्वचालित और योग्यता पर आधारित है। किसी भी फर्जी एजेंट, बिचौलिए या कार्ड बांटने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई आपसे पैसे लेकर भर्ती कराने का दावा करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या भर्ती अधिकारियों को सूचित करें।
इंदौर में तिब्बती व्यापारी ने किया सुसाइड:कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, देहरादून से आए थे
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में एक बिल्डिंग में किराए से रहने वाले तिब्बती व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वे देहरादून से इंदौर आए थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अन्नपूर्णा क्षेत्र की सिल्वर पैलेस कॉलोनी स्थित साईं सुदर्शन बिल्डिंग के एक फ्लैट में किराए से रहने वाले सोनम (40) पिता गोप्पो जोरनी का शव शुक्रवार रात घर में मिला। उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। कुछ माह पहले ही आए थे किराए से रहनेपुलिस के मुताबिक, सोनम मूल रूप से देहरादून के रहने वाले थे। वह कुछ माह पहले ही इंदौर में किराए से रहने आए थे। बताया जाता है कि वह दशहरा मैदान में लगने वाले तिब्बती बाजार से जुड़े हुए थे। सोनम यहां अपनी संस्था भी संचालित करते थे। वह कपड़ों के व्यापार से जुड़े थे। शुक्रवार को उनकी पत्नी लगातार उन्हें कॉल कर रही थीं, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पत्नी ने पड़ोसियों को कॉल किया। पड़ोसी करीब आधे घंटे तक दरवाजा खटखटाते रहे। दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। बताया जाता है कि सोनम हर साल ठंड के मौसम से पहले तिब्बती मार्केट की अनुमति लेने इंदौर आ जाते थे। उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जो देहरादून में रहती हैं। फिलहाल पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। संस्था से जुड़े फिरोज, करीम और जेयू ने उनका शव फंदे से उतारा। बीमारी से परेशान युवक ने की आत्महत्याविजयनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले गजानंद (35) पुत्र हरीकृष्ण खरवाते, निवासी राजा कॉलोनी, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पेशे से पुताई का काम करते थे। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार के मुताबिक, गुरुवार रात उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। गजानंद की शादी हो चुकी थी। उनकी पत्नी काफी समय पहले उन्हें छोड़कर चली गई थी।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरी कोठार में शुक्रवार दोपहर दो तेज रफ्तार बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में जारी है। हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे खजुरी कोठार के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बेला और गोविंदगढ़ की ओर से आ रही दोनों बाइकें तेज गति में थीं, जिसके कारण उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। दोनों बाइक पर कुल चार लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही मुकुंदपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मुकुंदपुर निवासी 55 वर्षीय रज्जन चिकवा ने दम तोड़ दिया। वहीं, मुकुंदपुर निवासी नंदू चिकवा, खजूरी निवासी रवि केवट और खजूरी सुखनंदन निवासी बंदू कोल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तीनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
मधुबन जलाशय परियोजना पर जन सुनवाई आयोजित:विस्थापितों को सुविधाएं, न्यायसंगत मुआवजा देने का आश्वासन
नवादा के समाहरणालय सभाकक्ष में मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना के सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआईए) के प्रारूप प्रतिवेदन पर जन सुनवाई आयोजित की गई। यह सुनवाई जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में हुई। ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना ने यह प्रतिवेदन तैयार किया है। यह परियोजना गंगाजल आपूर्ति योजना फेज-02 (पार्ट-01) का हिस्सा है, जिसके तहत 27 एमसीएम क्षमता का जलाशय प्रस्तावित है। इसका मुख्य उद्देश्य नवादा शहर के शेष वार्डों और बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में गिरते भू-जल स्तर में सुधार लाना तथा शुद्ध पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। परियोजना के लिए 14.297 एकड़ आवासीय भूमि सहित अन्य भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जन सुनवाई के दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने पुनर्वास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, बिजली, पेयजल, पशु शेड और न्यायसंगत मुआवजे की मांग उठाई। विस्थापित परिवारों की ओर से मनोज यादव ने सम्मानजनक पुनर्वास की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। जिला पदाधिकारी ने परियोजना को भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं और जल संकट के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की नीति के अनुरूप विस्थापित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाएगा। बैठक में नारदीगंज के अंचल अधिकारी को मधुबन और मोतनाजे गांव के प्रभावित परिवारों से संबंधित भूमि एवं राजस्व अभिलेखों को शीघ्र अद्यतन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मूल्यांकन में यदि कोई प्रभावित परिवार छूट गया हो, तो उसका पुनर्मूल्यांकन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इस कार्यक्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने हिस्सा लिया। बैठक में पश्चिमी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अंतरराज्यीय अपराधों पर नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत बनाने की रणनीति पर मंथन किया। बैठक में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार सहित विभिन्न राज्यों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी ऑफलाइन एवं ऑनलाइन शामिल हुए। राजस्थान पुलिस का प्रतिनिधिमंडल राजस्थान की ओर से डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के.बी. वंदना और चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया और विभिन्न विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए। इन मुद्दों पर हुआ मंथन बैठक में कई समसामयिक और चुनौतीपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें शामिल रहे- राजस्थान पुलिस ने साझा किए अपने नवाचार डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, अपराध नियंत्रण तथा अंतरराज्यीय समन्वय के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा- नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान, समन्वित रणनीति और आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग से भविष्य की चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा। अंतरराज्यीय सहयोग पर बनी सहमति बैठक में संगठित अपराध, साइबर अपराध, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर चर्चा हुई। साथ ही विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू करने पर सहमति बनी। भविष्य की साझा कार्ययोजना पर विचार समापन सत्र में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच पुलिस सहयोग को और मजबूत बनाने, साझा कार्ययोजना तैयार करने तथा समन्वय बैठक के आयोजन से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में फिजिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह ढाका की बर्खास्तगी पर मिले स्टे के मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रोफेसर ढाका के पक्ष में दिए गए स्टे आदेश पर रोक लगा दी है। ओबीसी प्रमाणपत्र विवाद में यूनिवर्सिटी ने 23 दिसंबर 2025 को ढाका की सेवाएं समाप्त की थी। इस पर करीब 2 महीने पहले ढाका को बर्खास्तगी पर स्टे मिला था। अब उसी आदेश पर फिर से इस आदेश में ढाका की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला साल 2010 में यूनिवर्सिटी में हुई भर्तियों से जुड़ा हुआ है। नियुक्ति को लेकर फर्जीवाड़े और नियमों के उल्लंघन की मिली थी शिकायतें प्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका की नियुक्ति को लेकर फर्जीवाड़े और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद कुलाधिपति ने साल 2022 में मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। मई 2023 में आई जांच रिपोर्ट में सामने आया कि प्रोफेसर ढाका की नियुक्ति ओबीसी आरक्षित पद पर बिना वैध प्रमाणपत्र और यूजीसी नियमों को दरकिनार करके की गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर उदयपुर के प्रताप नगर थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। यूनिवर्सिटी ने 23 दिसंबर 2025 को उन्हें पद से हटा दिया। सेवा से हटाए जाने के बाद प्रोफेसर ढाका ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, लेकिन वहां से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुरानी याचिका में बदलाव किए बिना दूसरी याचिका दाखिल कर दी। यूनिवर्सिटी की ओर से हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं ने दलील दी कि पहली याचिका वापस लेकर चालाकी से दूसरी याचिका में 27 मई 2026 को स्टे हासिल कर लिया, जिससे 6 महीने बाद प्रोफेसर ढाका को फिर से नौकरी पर बहाल कर दिया गया। कुलाधिपति की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई थी बर्खास्तगी की कार्रवाई यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना था कि बर्खास्तगी की यह पूरी कार्रवाई कुलाधिपति की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और विधिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन को देखते हुए प्रोफेसर ढाका की बहाली वाले स्टे आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। वैध OBC प्रमाण नहीं होने के चलते हटाया था प्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका की नियुक्ति साल 2012 में ओबीसी (OBC) कैटेगरी के तहत एसोसिएट प्रोफेसर पद पर हुई थी। साल 2015 में उन्हें करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन भी मिला। विवाद तब शुरू हुआ, जब 2022 में राज्यपाल (कुलाधिपति) ने वर्ष 2010 की भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा था कि ढाका की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन हुआ। उनके पास वैध ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं था। इसी रिपोर्ट के आधार पर यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और उन्हें नौकरी से हटाने का फैसला लिया। 23 दिसंबर 2025 को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने उन्हें पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए।
घर में स्लॉटर हाउस चलाने वाले बाप-बेटे पर बड़ा ऐक्शन, 2.37 करोड़ की संपत्ति कुर्क
मुरादाबाद के भोजपुर में घर के अंदर अवैध स्लॉटर हाउस चलाकर भैंसवंशीय पशुओं का कटान करने और मांस बेचकर अर्जित धन से बनाई गई 2.37 करोड़ रुपये की संपत्ति पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कुर्क कर दी। मामले में तौकीर, उसके बेटे तोहीद और पोते तफशीर समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कांवड़ रूट पर कमिश्नर-DIG का निरीक्षण:बरेली में कांवड़ियों को बांटे फल-प्रसाद
बरेली में सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को कमिश्नर बरेली शंभू कुमार और डीआईजी अजय साहनी ने कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान कांवड़ियों को फल और प्रसाद बांटकर उनका उत्साह बढ़ाया। अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग पर पार्किंग स्थल, रूट डायवर्जन, कंट्रोल रूम और यातायात व्यवस्था देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर डीआईजी ने भमोरा थाने के साथ बदायूं के विनावर थाने में बने मिशन शक्ति केंद्रों का भी निरीक्षण किया। महिला सहायता, परामर्श और हेल्पलाइन की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि महिला श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मिलनी चाहिए। गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल भी निर्धारित मानकों के अनुसार ही होगा। अतिक्रमण और अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई अधिकारियों ने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का अतिक्रमण, अव्यवस्था या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर बदायूं अभिषेक कुमार सिंह, सीओ नगर बदायूं राहुल पाण्डेय समेत पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और निगमित किए जाने संबंधी प्रारूप विधेयक को मंजूरी दे दी गई। अब इसे विचार और पारित करने के लिए दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, कानून लागू होने के बाद दिल्ली में विश्वस्तरीय निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो सकेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर उच्च शिक्षा के विकल्प उपलब्ध कराने के साथ रिसर्च, इनोवेशन, उद्यमिता और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है। सरकार का दावा है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप दिल्ली को ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। दिल्ली के छात्रों को 25% सीटेंप्रस्तावित कानून में विद्यार्थियों के हितों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में दिल्ली के छात्रों के लिए लागू आरक्षण नीति के अनुसार 25% सीटें आरक्षित रहेंगी। विश्वविद्यालयों को पारदर्शी और भेदभावरहित प्रवेश प्रक्रिया अपनानी होगी। प्रवेश, परीक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े मानकों में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। सीमित जमीन में बनेंगे आधुनिक कैंपसदिल्ली में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए बड़े भू-भाग वाले पारंपरिक परिसरों की अनिवार्यता नहीं होगी। आधुनिक, बहुमंजिला और शहरी कैंपस विकसित किए जा सकेंगे। हालांकि, संस्थानों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा, छात्र सुविधाएं, रिसर्च क्षमता और बेहतर प्रशासन जैसे मानक पूरे करना जरूरी होगा। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और उनके ऑफ-कैंपस केंद्रों के लिए भी दिल्ली में काम करने का रास्ता खुल सकता है। नियामक प्राधिकरण करेगा निगरानीनिजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित की जाएगी। यह प्रवेश, परीक्षा, शिक्षण, रिसर्च, छात्र रिकॉर्ड और संस्थागत प्रदर्शन की निगरानी करेगी। विश्वविद्यालय के प्रस्तावों की जांच वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, यूजीसी प्रतिनिधियों और वित्त विशेषज्ञों की समिति करेगी। निजी विश्वविद्यालय स्व-वित्तपोषित होंगे और उन्हें सरकार से नियमित वित्तीय अनुदान नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से दिल्ली के युवाओं को अपने शहर में विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर मिलेंगे। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसे दिल्ली को भारत की ‘नॉलेज कैपिटल’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रायपुर में भगवान शिव पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के घर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए घेराव किया। पुलिस ने मामले में अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले को देखते हुए पुलिस ने अरुण पन्नालाल के घर के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया था। बताया जा रहा है कि अरुण पन्नालाल की सोशल मीडिया आईडी से भगवान शिव को लेकर टिप्पणी की गई थी। कार्यकर्ताओं ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी के घर के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। वहीं भाजपा ने भी सोशल मीडिया पर भगवान शिव और अन्य देवी-देवताओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सावन जैसे पवित्र महीने में ऐसी टिप्पणियों से शिव भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेता अमित चिमनानी ने कहा कि सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर भगवान शिव और शिवलिंग को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से शिव भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हंसराज गोयल नाम के व्यक्ति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भगवान शिव के साथ-साथ सनातन धर्म के अन्य देवी-देवताओं को लेकर भी आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अरुण पन्नालाल ने भी इस पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी की है। भाजपा नेता चिमनानी ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति दोबारा ऐसी हरकत करने से पहले सोचे। उन्होंने भाजपा की ओर से हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
असाधारण प्रतिभा और साहस दिखाने वाले बच्चों के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। अब पात्र बच्चे 15 अगस्त 2026 तक इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। पठानकोट की जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) ऊषा ने आज यह अहम जानकारी साझा की। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊषा ने बताया कि इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य बच्चों की अद्वितीय प्रतिभा, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी को पहचान देना है, ताकि वे भविष्य में देश और समाज के लिए और बेहतर करने के लिए प्रेरित हो सकें। इन क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बच्चों को मिलेगा सम्मान जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊषा ने बताया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 18 वर्ष तक की आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने कम उम्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह पुरस्कार मुख्य रूप से विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है। इस आधार पर मिलता है पुरस्कार 15 अगस्त तक ऐसे करें आवेदन भारत में रहने वाला कोई भी बच्चा, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे कम है, इस पुरस्कार के लिए सीधे तौर पर आवेदन कर सकता है। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी awards.gov.in पर जाकर 15 अगस्त, 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। पठानकोट जिला प्रशासन की अपील और सहायता केंद्र जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने पठानकोट जिले के सभी योग्य बच्चों, उनके अभिभावकों और स्कूल शिक्षकों से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। यदि आवेदन करने में किसी भी तरह की समस्या आ रही है या पुरस्कार से जुड़ी कोई अन्य जानकारी चाहिए, तो आवेदक सीधे जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क: डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, कमरा नंबर 219, पहली मंजिल, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स (DAC), मलिकपुर, पठानकोट।
गोपालगंज के सिधवलिया रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में एक युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान सिधवलिया थाना क्षेत्र के जलालपुर कला गांव निवासी बली राय के 36 वर्षीय पुत्र राजेश यादव के रूप में हुई है। राजेश असम में कपड़े की फेरी का काम करता था और अपनी मां की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर गांव लौट रहा था। जानकारी के अनुसार, राजेश यादव ट्रेन संख्या 19046 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस से थावे की ओर से आ रहा था। सिधवलिया स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं था, इसके बावजूद राजेश ने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया। इसी दौरान वह प्लेटफॉर्म पर गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है।
कैमूर में बाइक से गिरकर महिला की मौत:नउवां से कुदरा जाते समय हादसा, परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल
कैमूर में बाइक से गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जैतून निशा (पति - इद्रीश अंसारी) के रूप में हुई है, जो नउवां गांव की निवासी थीं। यह घटना ससना के पास हुई। मृतका के भसुर नबीजुल अंसारी ने बताया कि जैतून निशा अपने गांव नउवां से कुदरा अपनी बहन की लड़की से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान ससना के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद जैतून निशा को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बलरामपुर के चर्चित सपा नेता फिरोज पप्पू हत्याकांड में दोषमुक्त होने के बाद पूर्व सांसद रिजवान जहीर शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे गोंडा पहुंचे। यहां उन्होंने आईटीआई चौराहा स्थित चांद एडवोकेट के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और चार वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई में सहयोग के लिए आभार जताया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में रिजवान जहीर की बेटी जेबा रिजवान ने कहा कि चार साल की लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार सच की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को शुरू से न्यायपालिका और कानून पर पूरा भरोसा था, इसलिए उन्होंने पूरे मामले में धैर्य और संयम बनाए रखा। 'फर्जी मुकदमे झेले, लेकिन भरोसा नहीं टूटा' जेबा रिजवान ने कहा कि इस दौरान उनके परिवार के साथ-साथ समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन उन्होंने कभी न्याय व्यवस्था से भरोसा नहीं खोया। उन्होंने कहा कि चार साल पहले भी उन्होंने अपने परिवार को निर्दोष बताया था और अब अदालत के फैसले ने उनकी बात को सही साबित कर दिया। 'हमें ऐसा आरोपी बना दिया गया, जिसकी कभी कल्पना नहीं की थी' जेबा ने कहा कि उनका परिवार एक बड़ी त्रासदी से गुजरा है। उन्हें ऐसे मामले में आरोपी बनाया गया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया। साथ ही यह भी कहा कि जो लोग उनके परिवार के साथ खड़े थे, उन्हें भी विभिन्न तरीकों से परेशान किया गया। सहयोग के लिए अधिवक्ता का जताया आभार पूर्व सांसद रिजवान जहीर ने गोंडा में चांद एडवोकेट से मुलाकात कर कानूनी लड़ाई में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में मिले सहयोग को वह हमेशा याद रखेंगे। गोंडा में मुलाकात के बाद रिजवान जहीर अपने परिवार के साथ बलरामपुर के लिए रवाना हो गए।
श्रीगंगानगर जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त करीब 169 करोड़ रुपए के मादक पदार्थों को शुक्रवार को सीमेंट फैक्टरी में जलाकर पूरी नष्ट कर दिया गया। एसपी हरी शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज उन मादक पदार्थों को जलाया गया है, जिनका कोर्ट द्वारा धारा 52ए (2) एनडीपीएस एक्ट के तहत भौतिक सत्यापन पहले ही पूरा करवाया जा चुका था। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 101 प्रकरणों में जब्त 84 किलो 208 ग्राम हेरोइन, 672 किलो 642 ग्राम पोस्त, 3 किलो 92 ग्राम गांजा तथा 1690 नशीली गोलियों को सीमेंट फैक्टरी में जलाकर नष्ट किया गया। इन मादक पदार्थों की कीमत लगभग 169 करोड़ 50 लाख 80 हजार 230 रुपए आंकी गई है। यह नष्टीकरण बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में किया गया। साथ ही जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता श्रीगंगानगर एसपी हरी शंकर ने की। एसपी ने कहा- जिला पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान कार्रवाई कर रही है। उसी का नतीजा है कि आज करोड़ों का नशा जलाया गया है।
फर्जी नियुक्ति के नाम पर सरकारी खजाने के लूट की छूट नहीं दी जा सकती; हाईकोर्ट की टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बागपत के शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज में कथित रूप से फर्जी तरीके से हुई सहायक शिक्षक की नियुक्ति के मामले में सुभाष चंद्र त्यागी की विशेष अपील खारिज कर दी।
लखनऊ के गुरुद्वारा सदर में शुक्रवार को सिखों के आठवें गुरु हर किशन साहिब का 370वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में संगत ने गुरु घर में मत्था टेका, अरदास की और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग और अरदास से हुई। इसके बाद संगत ने कीर्तन, कथा और अरदास में भाग लेकर गुरु हर किशन साहिब के जीवन और उनकी शिक्षाओं कों याद किया। अल्पायु में सेवा, करुणा और परोपकार का संदेश दिया हेड ग्रंथी ज्ञानी हरविंदर सिंह ने गुरु हर किशन साहिब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अल्पायु में ही सेवा, करुणा, विनम्रता और परोपकार का ऐसा संदेश दिया, जो आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि गुरु साहिब ने निस्वार्थ सेवा को जीवन का सबसे बड़ा धर्म माना। इसके बाद गुरविंदर सिंह और रागी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया। कीर्तन के दौरान पूरा दीवान आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा और संगत ने श्रद्धाभाव से गुरु वाणी का सुना । ग्रंथी ज्ञानी ने बताया कि गुरु हर किशन साहिब का जन्म 7 जुलाई 1656 को किरतपुर साहिब में हुआ था। मात्र पांच वर्ष की आयु में उन्हें गुरुगद्दी मिली। कम उम्र में ही उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान, सेवा और विनम्रता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
कानपुर में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत बगिया क्रॉसिंग, कल्याणपुर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों में कई खामियां सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। नगर आयुक्त ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बरसात में लापरवाही पर नगर आयुक्त सख्त निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने देखा कि सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इस पर उन्होंने ठेकेदार को मौके पर बुलाकर निर्देश दिया कि पूरी मिट्टी हटाई जाए। वहीं सड़क किनारे एक मैनहोल खुला देखकर नगर आयुक्त ने तत्काल बैरिकेडिंग कराने और मैनहोल को ढकवाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल मोटर पंप लगाकर पानी निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़क पर बने गहरे गड्ढों में जीएसबी डालकर समतलीकरण कराने को कहा, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। गंदगी देखकर कार्रवाई के दिए निर्देश इसके बाद नगर आयुक्त ने केशवपुरम डबल रोड के किनारे स्थित कच्ची नाली का निरीक्षण किया, जहां भारी मात्रा में गंदगी और कूड़ा जमा मिला। उन्होंने संबंधित जोनल स्वच्छता अधिकारी को नाली की सफाई कराने को कहा। ग्रीन बेल्ट के किनारे भी कई स्थानों पर कूड़ा मिलने पर उन्होंने सफाई कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बालोद जिले में नशे और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान जारी है। गुरुवार को पुलिस ने जिलेभर में कार्रवाई करते हुए मोटरयान अधिनियम के तहत 144 वाहनों का चालान किया और 44,300 रुपये का समन शुल्क वसूला। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और तंबाकू नियमों का उल्लंघन करने के 20 मामले भी दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, सनौद, संजारी, बालोद और गुंडरदेही थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते पाए गए पांच व्यक्तियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, पान ठेलों, किराना दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू उत्पादों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 लोगों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 3 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। यातायात जांच के दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, बिना लाइसेंस, बिना वैध दस्तावेज और ओवरलोडिंग जैसे विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। शराब पीकर वाहन चलाने के दो मामलों में आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में 'मिशन नवचेतना' के तहत नशे के अवैध कारोबार और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आम जनता से भी नशे और अन्य अवैध गतिविधियों से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई है।
लखनऊ में जनपदीय बैडमिंटन प्रतियोगिता शुरू:अंडर-19 बालिका वर्ग का खिताब जनता गर्ल्स ने जीता
लखनऊ में शुक्रवार को जनपदीय माध्यमिक विद्यालयीय बैडमिंटन प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी आगे चलकर जनपद, मंडल और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन जिला विद्यालय निरीक्षक, लखनऊ द्वारा किया गया है। बालक वर्ग के मुकाबले लखनऊ क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में आयोजित हो रहे हैं, जबकि बालिका वर्ग की प्रतियोगिताओं का संयोजन नारी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज कर रहा है। प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-19 बालिका वर्ग का खिताबी मुकाबला खेला गया। इसमें जनता गर्ल्स इंटर कॉलेज ने खिताब अपने नाम किया। आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, बादशाह नगर उपविजेता रहा। फाइनल भी शनिवार, 8 अगस्त को खेला जाएगा अंडर-17 बालिका वर्ग में माध्यमिक विद्यालय आर.ए. बाजार और जूनियर हाई स्कूल की टीमों ने फाइनल में जगह बनाई है। इनका खिताबी मुकाबला शनिवार, 8 अगस्त को होगा। इसी तरह, अंडर-14 बालक वर्ग में माध्यमिक विद्यालय आर.ए. बाजार और रेनबो मॉडल स्कूल की टीमें फाइनल में पहुंची हैं, जिनका फाइनल भी शनिवार, 8 अगस्त को खेला जाएगा। इन टीमों ने हिस्सा लिया प्रतियोगिता में अंडर-14 बालक वर्ग की 10, अंडर-17 बालक की 12, अंडर-19 बालक की 5, अंडर-14 बालिका की 4, अंडर-17 बालिका की 5 और अंडर-19 बालिका की 2 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस अवसर पर मंडलीय क्रीड़ा सचिव विश्वजीत पाण्डे, संयोजक प्रधानाचार्य पुनीत रैडक्लिफ, संयोजक प्रधानाचार्या अनीता अग्रवाल सहित शारीरिक शिक्षा शिक्षक-शिक्षिकाएं और लखनऊ क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के शिक्षक उपस्थित रहे।
सात दिनों तक चले 'केवी शाला 2.0' के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में कवि सम्मेलन के साथ समापन हुआ। देशभर से चयनित युवा रचनाकारों ने मंच से अपनी कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के मन में भय है और पहले की तुलना में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि जो अच्छा है उसकी तारीफ करनी चाहिए, और अगर मैं एसा न करुं तो मैं अपराधी हूं। लेकिन कवि किसी सरकार का प्रवक्ता नहीं होता। सरकार गलत करेगी तो उसका विरोध भी उतनी ही मजबूती से करेंगे। सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में देशभर से चयनित 21 युवा रचनाकारों को कविता लेखन, मंच संचालन, भाषा, उच्चारण, रचना संपादन और मंचीय प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में इनमें से 10 युवा कवि-कवयित्रियों ने मंच से काव्य पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। मीडिया से बातचीत में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि उन्होंने हाथरस जैसी घटनाओं पर सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई और कविता भी लिखी। यदि सड़कें खराब हों तो उस पर भी बोलेंगे और विकास के अच्छे कार्य होंगे तो उनकी सराहना भी करेंगे। उन्होंने कहा कि कवि का दायित्व सत्ता का समर्थन करना नहीं, बल्कि समाज के हित में सच कहना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण शिविर जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि केवी शाला नई साहित्यिक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का काम कर रही है। कार्यशाला के लिए देशभर से हजारों वीडियो प्रविष्टियां आई थीं, जिनमें से चयन समिति ने 21 प्रतिभागियों का चयन किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. कुमार विश्वास के मार्गदर्शन में सुरेंद्र शर्मा, विनीत चौहान, सरिता शर्मा, रमेश मुस्कान, कुलदीप अंगार, सुदीप भोला और अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्र लिए। आयोजन के समापन पर आयोजकों ने इसे हिंदी कविता की नई पीढ़ी को तैयार करने की महत्वपूर्ण पहल बताया।

