मिशन शक्ति 5.0 का दूसरा चरण शुरू:औरैया में महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए महत्वाकांक्षी योजना 'मिशन शक्ति 5.0' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया है। इसी क्रम में औरैया पुलिस ने जनपद में अभियान तेज कर दिया है। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश और अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन के कुशल मार्गदर्शन में, पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र के पर्यवेक्षण और पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है। जनपद के विभिन्न थानों पर गठित महिला सुरक्षा दल और महिला बीट पुलिसकर्मी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये टीमें थाना क्षेत्र के गांवों, पंचायत भवनों, प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंडों और मंदिरों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगातार भ्रमण कर रही हैं। इस दौरान बालिकाओं और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें महिला सुरक्षा, सम्मान, शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी जा रही है। औरैया पुलिस द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया जा रहा है। इनमें 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 1090 (वूमेन पावर हेल्पलाइन), 1930 (साइबर अपराध हेल्पलाइन), 102 (स्वास्थ्य सेवा), 108 (एम्बुलेंस सेवा), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 1078, 181, 112 जैसे महत्वपूर्ण नंबर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम) का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला संबंधी अपराधों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है, साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।
चंदौसी की श्रीबारहसैनी रामलीला एवं रामबाग ट्रस्ट के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें मौसम गुप्ता प्रधान, अमित वार्ष्णेय मंत्री और राकेश आर्य कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। जनपद संभल के चंदौसी कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला बूढ़ी माता में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूलमालाओं से स्वागत किया गया। यह चुनाव बीते रविवार को रामबाग धाम पर हुआ था। अध्यक्ष और महामंत्री सहित पांच पदों के लिए कुल 34 प्रत्याशी मैदान में थे। कुल 885 मतदाताओं में से 799 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रधान पद के लिए पवन कुमार भट्ठा और मौसम कुमार गुप्ता के बीच सीधा मुकाबला था। इसमें मौसम गुप्ता को 491 वोट मिले, जबकि पवन भट्ठा को 302 वोट प्राप्त हुए। मौसम गुप्ता ने 189 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। मंत्री पद पर अमित वार्ष्णेय ने 443 वोट प्राप्त कर विमल चौधरी (353 वोट) को 90 वोटों से हराया। कोषाध्यक्ष पद पर राकेश आर्य ने 412 वोट हासिल किए और राजकुमार राजू (376 वोट) को 36 वोटों से पराजित किया। उपमंत्री पद पर गौरव ने 544 वोट प्राप्त कर पवन पटिया (251 वोट) को 293 वोटों से हराया। आय-व्यय निरीक्षक पद पर गौरव ने 534 वोट पाकर आनंद वकील (261 वोट) पर 273 वोटों की जीत दर्ज की। कोठारी पद पर अंकित वार्ष्णेय ने 434 वोट प्राप्त किए, जबकि रतन मेडिकल को 359 वोट मिले। अंकित वार्ष्णेय ने 75 वोटों के अंतर से यह पद जीता। चुनाव में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रतीक वार्ष्णेय किटद्, गणेश चौधरी, कौशल वार्ष्णेय शीरा, मयंक वार्ष्णेय चिंकल, यश गुप्ता किराना, दीपांशु वार्ष्णेय, कौशल किशोर वंदेमातरम्, करन वार्ष्णेय, रजनीश कुमार, अभय वार्ष्णेय, मोहित वार्ष्णेय, प्रमोद गांधी, प्रदीप ठेकेदार, ऋतिक वार्ष्णेय, स्पर्श वार्ष्णेय, अजय जीएलसी, मनोज कुमार श्याम, मनोज कुमार शोभाराम और किंग वार्ष्णेय सहित कुल 20 सदस्य चुने गए हैं।
चतरा शहर में रोजगार सेवक राजेश कुमार शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। देर रात उनका शव पुराना पेट्रोल पंप स्थित फेमस मेडिकल के पास सड़क किनारे लहूलुहान हालत में मिला। हंटरगंज प्रखंड की डाहा पंचायत में कार्यरत राजेश शाम को एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन देर रात उनकी मौत की खबर ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल राजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव के सिर के पीछे गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं। हत्या की आशंका, मोबाइल भी मिला गायब मृतक के भाई रंजीत शर्मा ने इस घटना को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया है। उनका कहना है कि राजेश का मोबाइल फोन मौके से गायब है। वह स्विच ऑफ पाया गया है। परिजनों के अनुसार, यदि यह महज सड़क दुर्घटना होती, तो मोबाइल आसपास ही मिल जाता। घटना के बाद से परिवार वाले प्रशासन से एक करोड़ रुपए मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। CCTV के आधार पर पुलिस बता रही हादसा वहीं, चतरा सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इसे सड़क दुर्घटना करार दिया है। पुलिस के अनुसार, फुटेज में एक अनियंत्रित पिकअप वैन राजेश को टक्कर मारते हुए नजर आ रही है। जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि मोबाइल फोन के गायब होने की गुत्थी अब भी सुलझनी बाकी है। स्थानीय विधायक जनार्दन पासवान ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर मंगलवार को विरोध स्वरूप तिलक-कलावा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता कर्मचारियों को तिलक लगाकर कलावा बांधेंगे। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक सुबह 11:20 बजे न्यूइन रेस्टोरेंट के पास कार्यकर्ता एकत्र होंगे। इसके बाद शोरूम के बाहर पहुंचकर मंत्रोच्चार के साथ तिलक-कलावा कार्यक्रम किया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। ड्रेस कोड को लेकर भड़का विवाद विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोकने की बात कही गई, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। सोशल मीडिया पर उठा सवाल एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर इसका स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल से सवाल किया कि हिजाब की अनुमति है, लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कंपनी की ग्रूमिंग गाइड सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘ग्रूमिंग गाइड’ में दावा किया गया कि महिला कर्मचारियों को बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है, वहीं कलावा या रिस्ट बैंड पहनने से भी रोका गया है। दूसरी ओर, हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति देने का जिक्र है। पीयूष बंसल ने कहा कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और कर्मचारी अपने विश्वास के प्रतीकों को पहन सकते हैं।
कैथल में कार ड्राइवर ने पुलिसकर्मी को टक्कर मारी:कर्मचारी को गंभीर चोटें लगी, पार्क रोड की घटना
कैथल में पार्क रोड पर एक कार ड्राइवर ने मोटरसाइकिल पर जा रहे पुलिस कर्मचारी को टक्कर मार दी। इस हादसे में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अपने निजी कार्य से कैथल गया था। इस संबंध में पुलिसकर्मी ने शहर थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हरियाणा पुलिस सुनारिया जिला रोहतक में कार्यरत गांव बरटा निवासी नरेश कुमार ने शहर थाना में दी शिकायत में बताया कि वह इस समय शहर की बाल सेठ कॉलोनी में रहता है। वह थर्ड बटालियन IRB हरियाणा पुलिस सुनारिया जिला रोहतक में EHC के पद पर कार्यरत है। चार अप्रैल को वह कैथल के पिहोवा चौक पर अपने निजी कार्य से मोटरसाइकिल पर सवार होकर गया था। सामने से टक्कर मारी जब सुबह करीब सात बजे वह पार्क रोड कैथल पर पर पहुंचा तो कमेटी चौक की तरफ से सामने से आ रही सफेद रंग की स्विफ्ट कार के ड्राइवर ने अपनी कार को लापरवाही से चलाते हुए उसकी मोटरसाइकिल को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने के कारण वह सड़क पर गिर गया और उसे काफी गंभीर चोटें आई। गाड़ी का ड्राइवर मौके से अपनी गाड़ी लेकर भाग गया। उसी समय उनके गांव का लड़का बलजीत वहां आ गया, जिसने उसे इलाज के आनंद अस्पताल कुरुक्षेत्र में दाखिल करवाया। अब तक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर में पाइपलाइन और फिल्टर प्लांट के रखरखाव का कार्य किया जाएगा। इसके कारण आज (21 अप्रैल) और कल (22 अप्रैल) को पूरे शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। गर्मी के मौसम में जल संग्रहण और पाइपलाइनों की मरम्मत के चलते इन दिनों पानी की आपूर्ति नहीं हो सकेगी। प्रभावित क्षेत्र (कायलाना, चौपासनी व सूरपुरा फिल्टर हाउस से जुड़े सभी इलाके) 21 अप्रैल को होने वाली पानी की सप्लाई अब 22 अप्रैल को दी जाएगी। 22 अप्रैल को होने वाली सप्लाई अब 23 अप्रैल को दी जाएगी। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), जोधपुर के अधीक्षण अभियंता श्री राजेंद्र मेहता ने बताया कि झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास के इलाकों) में 21 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक की जलापूर्ति सामान्य रहेगी। इन क्षेत्रों में 22 अप्रैल की सप्लाई अब 23 अप्रैल को दी जाएगी।23 अप्रैल की सप्लाई अब 24 अप्रैल को दी जाएगी।
लुधियाना जिले के खन्ना पुलिस ने पायल अनाज मंडी में 14 अप्रैल को हुई फायरिंग के एक आरोपी शूटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान साहनेवाल निवासी उमेश कुमार के रूप में हुई है। बता दे कि गिरफ्तारी के दौरान उमेश ने छत से कूदने का प्रयास किया, जिससे उसकी टांग टूट गई। उसे सिविल अस्पताल खन्ना में भर्ती कराया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया की निगरानी में गठित टीम ने की। दरअसल घटना 14 अप्रैल की देर रात पायल अनाज मंडी में हुई थी, जहां दो अज्ञात बदमाशों ने एक आढ़ती की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग कर आरोपी हुए फरार दुकान के भीतर दो लोग मौजूद थे, लेकिन गोली लगने से कोई घायल नहीं हुआ। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस का कहना है कि एक अन्य शूटर अभी फरार है।पुलिस जांच में सामने आया है कि यह फायरिंग रंगदारी से जुड़ी थी। 1 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए धमकी भरा कॉल आया घटना से पहले 31 मार्च को आढ़ती को 1 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए धमकी भरा कॉल आया था। इस मामले में गैंगस्टर डोनी बल्ल का नाम सामने आया था, जिसने कथित तौर पर कारोबारी को धमकी दी थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस इस फिरौती मामले में सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह और उनके पिता सौदागर सिंह सराओ के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने सौदागर सिंह सराओ को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शगनप्रीत सिंह इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं और पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
266 वाहनों का चालान, एक वाहन सीज:मऊ में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई
मऊ में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर सोमवार देर शाम तक चले एक विशेष अभियान में 266 वाहनों का चालान किया गया और एक वाहन को सीज किया गया। यह कार्रवाई जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में की गई। इस व्यापक चेकिंग अभियान के लिए 43 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने जनपद के 48 अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की। इस दौरान लगभग 1500 वाहनों/व्यक्तियों की चेकिंग की गई। यातायात नियमों का पालन न करने वाले 266 वाहनों पर विभिन्न धाराओं में चालान किया गया, जबकि एक वाहन को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने अन्य लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी और जागरूकता बढ़ाने के लिए वाहन चालकों को प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक मऊ ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
गलुवापुर तिराहे पर अवैध पार्किंग से जाम:रूरा-डेरापुर का मुख्य मार्ग, न्यायालय-तहसील जाने में परेशानी
कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के गलुवापुर तिराहे पर सड़क किनारे हो रही अवैध पार्किंग के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तिराहे के दोनों ओर स्थित दुकानों के सामने वाहनों की कतारें लगने से आवागमन बाधित होता है। दुकानों के बाहर फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण ग्राहक अपने वाहन सीधे सड़क पर खड़े कर खरीदारी करते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है। यह स्थिति दिनभर बनी रहती है, लेकिन सुबह और शाम के समय वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम और भी गंभीर हो जाता है। यह मार्ग रूरा और डेरापुर की ओर से आने-जाने वाले लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से न्यायालय, तहसील, ब्लॉक और मुख्यालय तक आवागमन होता है। सड़क पर खड़े वाहनों के कारण लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। अव्यवस्थित पार्किंग से आए दिन विवाद और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इस मामले में जिला यातायात प्रभारी विवेक कुमार यादव ने बताया कि जिले में यातायात जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गलुवापुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाएगी।
सरकारी नौकरी न मिलने से निराश एक रेडियोग्राफर ढाई महीने तक लापता रहने के बाद मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया गया है। गोरखपुर और संतकबीरनगर पुलिस के संयुक्त प्रयासों तथा सर्विलांस की मदद से उसे मुंबई के नरीमन प्वाइंट से खोजा गया। 24 वर्षीय रजत पांडेय, जो धनघटा थाना क्षेत्र के गोपीपुर के निवासी हैं, दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में रेडियोग्राफर के रूप में कार्यरत थे। वह 7 फरवरी 2026 की रात दिल्ली से अपने घर के लिए बस से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों से फोन पर बात करने के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनसे संपर्क टूट गया। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद खलीलाबाद कोतवाली में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संदीप मीना ने सर्विलांस टीम को सक्रिय किया। युवक की तलाश सोशल मीडिया के माध्यम से भी की गई। सर्विलांस सेल ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रजत की लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद पुलिस टीम मुंबई के लिए रवाना हुई। इस टीम में एसआई अरविंद मौर्य, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार यादव और अरुण कुमार शामिल थे। पुलिस टीम को रजत मुंबई के नरीमन प्वाइंट पर समुद्र किनारे बैठे हुए मिले। कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि पूछताछ में रजत ने बताया कि वह कई वर्षों से पैरा मेडिकल क्षेत्र की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, सफलता न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे। उन्होंने जानबूझकर खलीलाबाद में बस से न उतरकर गोरखपुर के नौसढ़ तिराहे पर उतर गए और अपना मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद वह गोरखपुर से ट्रेन पकड़कर वाराणसी गए, जहां उन्होंने चार दिन बिताए। वाराणसी के बाद वह हरिद्वार और ऋषिकेश गए, जहां उन्होंने लगभग डेढ़ महीने बिताए। इस अवधि में, उन्होंने ऋषिकेश के एक हॉस्टल में प्रॉपर्टी मैनेजर के रूप में भी काम किया। 5 अप्रैल को वह गोवा चले गए और वहां से घूमते हुए मुंबई पहुंचे। नरीमन प्वाइंट पर समुद्र किनारे बैठे हुए उन्हें पुलिस टीम ने खोज लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पुलिस ने रजत को उनके परिजनों को सौंप दिया।
DDU में RET इंटरव्यू का बदला डेट:LLB सब्जेक्ट के लिए 4 से 7 मई तक होगा आयोजन, जानें पूरा डिटेल
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर में यूनिवर्सिटी में RET इंटरव्यू के शेड्यूल में बदलाव हुआ है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार के LLB सब्जेक्ट के लिए 21 से 24 अप्रैल तक इंटरव्यू होना था। जो किसी कारणवश 4 से 7 मई के बीच आयोजित की जाएगी। जानकारी देते हुए लॉ फैकल्टी के HOD और डीन प्रोफेसर चंद्रशेखर ने बताया कि पार्ट टाइम पीएच० डी० के सभी अभ्यर्थी और फुल टाइम पीएच० डी० के अभ्यार्थियों का रिपोर्टिंग समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अभ्यर्थी अपने रोल नंबर के हिसाब से निर्धारित तिथियों पर अपने एडमिट कार्ड साथ समय से और अनिवार्य रूप से लॉ फैकल्टी में उपस्थित हो। चेंज डेट और रोल नंबर 1. 04 मई 2026 रोल नं0 35261001 से 35261041 तक 2. 05 मई 2026 रोल नं0 35261042 से 35261078 तक 3. 06 मई 2026 रोल नं0 35261079 से 35261117 तक 4. 07 मई 2026 रोल नं0 35261118 से 35261147 तक एवं छूटे हुए अभ्यर्थी 5. 07 मई 2026 अंशकालिक पीएच० डी० के सभी अभ्यर्थी सुबह 10:30 रिपोर्टिग टाइम जानकारी देते हुए लॉ फैकल्टी के HOD और डीन प्रोफेसर चंद्र शेखर ने बताया कि पार्ट टाइम पीएच० डी० के सभी अभ्यर्थी और फुल टाइम पीएच० डी० के अभ्यार्थियों का रिपोर्टिंग समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अभ्यर्थी अपने रोल नंबर के हिसाब से निर्धारित तिथियों पर अपने एडमिट कार्ड साथ समय से और अनिवार्य रूप से लॉ फैकल्टी में उपस्थित हो। ये डॉक्यूमेंट जरुरी साथ ही इंटरव्यू में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल प्रमाण-पत्र, आरक्षण सम्बन्धित प्रमाण-पत्र तथा नेट, जे० आर० एफ०, के मूल प्रमाण-पत्र और एक सेट छायाप्रति लाना अनिवार्य है। फुल टाइम प्रोग्राम के सभी अभ्यर्थियों के लिए Synopsis के Power Point Presentation (Pen drive में) और Synopsis की Hard Copy (दो प्रतियां) के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 130C को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया है। यह प्रदर्शन अमाड पंचायत के आश्रित ग्रामों के निवासी जुगाड़ के पास कर रहे हैं। ग्रामीण पुल निर्माण कार्य रुकने और पुराने रपटे के टूटने से आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्कूली बच्चे शामिल हैं। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए उनका अस्थाई रपटा तोड़ दिया गया है, जिससे बरसात में 6 गांवों के सैकड़ों लोगों को मुख्यालय आने-जाने में भारी दिक्कत होगी। उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए मिली थी मंजूरी दरअसल नेशनल हाईवे से अमाड को जोड़ने वाले मार्ग पर पट्टाबहाल नाले पर एक उच्च स्तरीय पुल का निर्माण प्रस्तावित था। खासकर केंद्रीय सहायता मद से 1.49 करोड़ रुपए की मंजूरी 2024 में मिली थी। कार्य एजेंसी पीएमजीएसवाय विभाग ने एमएस नमन कंस्ट्रक्शन से अनुबंध कर फरवरी माह में काम शुरू किया था। NOC के अभाव में निर्माण कार्य रुका ठेका कंपनी ने पहले से मौजूद रपटे को तोड़कर नींव की खुदाई शुरू की थी। इसी दौरान उदंती अभयारण्य प्रशासन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न होने का हवाला देते हुए काम रोक दिया। प्रशासनिक तालमेल के अभाव में यह निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत ग्रामीणों ने 30 मार्च 2026 को कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराया था और मांग की थी कि बारिश से पहले उनके मार्ग को आवाजाही लायक बनाया जाए, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई पहल नहीं की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशासन पर आदिवासी अंचल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। बरसात से पहले रपटे की मरम्मत की मांग उनकी मांग है कि बरसात से पहले पुराने रपटे की मरम्मत की जाए, ताकि स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। काम बंद होने का खामियाजा ग्रामीणों को आगामी बरसात में भुगतना पड़ेगा।
एटा जिले के सकीट थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। कर्मपुरा गांव के पास अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों परिजन अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए परिजनों ने मृतक का शव अस्पताल के बाहर रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना पर भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। जाम के कारण मार्ग करीब दो घंटे तक बाधित रहा। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और जाम खोला गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मृतक की पहचान फिरोजाबाद जनपद के एका थाना क्षेत्र स्थित नगला गड़रिया निवासी बबलू पुत्र छोटेलाल (23) के रूप में हुई है। बबलू अपनी ससुराल सकीट जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि हादसा शाम करीब 6 बजे हुआ था और पुलिसकर्मी दो घंटे देरी से मौके पर पहुंचे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बबलू की बाइक को पुलिस के वाहन ने टक्कर मारी थी और उसे अस्पताल लाने में भी देरी की गई। इन्हीं आरोपों के चलते परिजनों ने सड़क जाम किया था। मौके पर पहुंची सीओ कृतिका सिंह ने बताया कि बबलू (पप्पू) पुत्र छोटेलाल अपनी ससुराल जा रहा था, तभी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह घायल हो गया। उसे एटा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि परिजनों के समझाने के बाद जाम खोला गया है और डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची थी। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
रजौरा खुर्द में शॉर्ट सर्किट से मकान में लगी आग:कमरों की छतें गिरी, लाखों का सामान जलकर खाक
धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड क्षेत्र के रजौरा खुर्द गांव में सोमवार रात एक मकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस घटना में मकान के कई कमरों की छतें गिर गईं और लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार मनीराम पुत्र रामदयाल (नई जाति) के मकान में देर रात अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। आग सबसे पहले कपड़ों में लगी और देखते ही देखते बेडरूम तथा अन्य कमरों में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबूमकान में रखे रसोई गैस सिलेंडर के फटने की आशंका के चलते गृहस्वामी और परिवार के सदस्य तुरंत बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कोई भी पास नहीं जा सका। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घरेलू सामान जलकर खाकइस आगजनी की घटना में घर के अंदर रखा अनाज, चारपाई, कपड़े और गहने सहित करीब 5 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। इसमें लगभग सवा लाख रुपए के गहने भी शामिल हैं।घटना के दौरान अग्निशमन वाहन के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि श्याम परमार ने बताया कि पीड़ित परिवार के पास अब केवल उनके शरीर पर पहने कपड़े ही बचे हैं।पटवारी और ग्राम सचिव ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे किया है। इसकी रिपोर्ट उपखंड प्रशासन को भेज दी गई है। यह घटना पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
सिरसा में हुक्का पीने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। झगड़े में चाचा व भतीजे का राड व ईंट मारकर सिर फोड़ दिया गया, जिससे गंभीर रूप से घायल हो गए। अभी दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, युवक ने पड़ोसी को शराबी बताकर हुक्का पिलाने से टोक दिया था। इसी बात पर पड़ोसी तैश में आ गया। कुछ देर बाद पड़ोसी अपने रिश्तेदारों के साथ हथियार लेकर पहुंचा और आते ही दोनों पर हमला कर दिया। भतीजे को बचाने आए चाचा पर भी राड से हमला कर दिया। दोनों को जमीन पर नीचे गिराकर लात-घुसों से भी पीटा, जिससे बेहोश हो गए। इसकी शिकायत पुलिस को दी है। इस मामले में पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ धारा 115(2), 3(5), 126(2), 351(2) BNS के तहत शहर थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानिएं पूरा मामला क्या है पुलिस को दी शिकायत में हीरालाल ने बताया कि उसके मकान के साथा चाचा कृष्ण का भी जेजे कॉलोनी में मकान है। बीतें दिन वह अपने मकान के सामने हुक्का भरकर बैठा हुआ था। उस समय उसका पड़ोसी गुरमेल उर्फ आसमान वहां आया और उसे कहा, मेरे को भी हुक्का पीना है। उसने कह दिया कि वह शराबी व्यक्ति को हुक्का नहीं पिलाऊंगा। यह हुक्का पितरों का है। कुछ देर बाद गुरमेल व उसके रिश्तेदार राजस्थान के तलवाड़ा झिल निवासी पिन्टू व बब्बू गली में घर के बाहर आ गए। उन्होंने उसका रास्ता रोक लिया और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। गली में उनके घर के दरवाजे पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। गुरमेल ने लोहे की राड से उस पर हमला कर दिया और उसके चाचा ने बीच-बचाव किया। गुरमेल ने उसके चाचा के सिर में राड मारी, जिससे वह बेहोश होकर नीचे गिर गया। ईंट छाती पर जा लगी शिकायत में आगे बताया, बब्बू ने ईंट से उस पर वार किया, जो उसकी छाती पर जा लगी। वह गली में नीचे गिर गया, जिससे उन्होंने लात-घुसों से पीटना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों को आता देखकर वे भाग गए और उसे जाते समय जान से मार देने की धमकी दी। फिर उसे व उसके चाचा को परिवार वालों ने सरकारी अस्पताल में भेज दिया और जहां पर उसका व उसके चाचा का इलाज करवाया। उसके चाचा की गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उनको रेफर कर दिया।
प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र स्थित साहबगंज बाजार में एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। लीलापुर थाने की पुलिस ने तत्काल स्थिति संभाली और युवती से टावर से नीचे उतरने की अपील कर रही है। युवती के टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस आशंका जता रही है कि यह मामला किसी पारिवारिक विवाद या व्यक्तिगत कारण से संबंधित हो सकता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद से युवती को सुरक्षित नीचे उतारने का अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जयपुर शहर में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरा छाया हुआ है तो कहीं सड़क और पानी की लाइन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंच पाई हैं। कचरे के ढेर और जाम सीवर से लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। इन समस्याओं को जब भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए उठाया गया, तो जिम्मेदार विभागों तक बात पहुंची और कई जगहों पर त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिली। इससे साफ है कि अब जनआवाज केवल शिकायत नहीं, बल्कि समाधान का माध्यम भी बन रही है। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। लक्ष्मी नारायण पुरी में स्ट्रीट लाइट नहीं राहुल कुमार ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई है, जिससे रात के समय काफी अंधेरा रहता है और लोगों को परेशानी होती है। निवारू रोड पर सड़क और पानी लाइन दोनों का अभावझोटवाड़ा के सत्यपाल सिंह ने बताया कि उनकी कॉलोनी में लंबे समय से सड़क नहीं बनी है और पानी की लाइन भी अभी तक नहीं डाली गई है, जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। त्रिपोलिया बाजार में कचरे का ढेरयोगेंद्र अग्रवाल ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से कचरा जमा है, लेकिन नियमित सफाई नहीं हो रही है। मालवीय नगर में जाम सीवर, ओवरफ्लो चैम्बरराम मंदिर गली से प्रदीप लालवानी ने पोस्ट किया कि क्षेत्र में सीवर लाइन कई दिनों से जाम है और चैम्बर ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे गंदगी फैल रही है। छोटी चौपड़ में गली की सफाई कराई गईमहेंद्र कुमार सैनी ने पोस्ट किया था कि कई दिनों से गली की सफाई नहीं हुई थी और कचरा जमा हो गया था। मामला सामने आने के बाद सफाई करवाई गई, जिससे लोगों को राहत मिली। सोडाला में 3 दिन से बंद स्ट्रीट लाइट हुई चालूजमुना नगर, सोडाला से मृत्युंजय प्रसाद ने पोस्ट किया था कि 3 दिनों से स्ट्रीट लाइट खराब थी। शिकायत के बाद इसे ठीक करवा दिया गया, जिससे क्षेत्र में रोशनी हुई। आज के पब्लिक के स्टार बने संदीप मीणा जमुना नगर, सोडाला में स्ट्रीट लाइट की समस्या के समाधान में संदीप मीणा (JEN लाइट) ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करवाई और 3 दिनों से बंद पड़ी लाइट को ठीक करवा दिया, जिससे क्षेत्र में रोशनी बहाल हुई। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में जलभराव, खुले सीवर से हादसे का खतरा:भास्कर समाधान पर शिकायतों का हुआ समाधान, संगीता बनीं आज की ‘पब्लिक के स्टार’ 2.जयपुर में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से जनता परेशान:पावर हाउस रोड का खतरनाक पोल ठीक; संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.जयपुर में सीवर समस्या से आम जनता परेशान:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद कई इलाकों में राहत; दशरथ सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान का असर, महीनों से खराब लाइट हुई ठीक:कई इलाकों में सड़क, सफाई और सुविधाओं पर शुरू हुआ सुधार; जनता को मिली राहत 5.जयपुर में कचरा-सीवर की समस्या बरकरार:भास्कर समाधान का असर, आमेर-चांदपोल में स्ट्रीट लाइट दुरुस्त; JEN संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान का असर, 7 दिन से बंद लाइट ऑन:शिकायतों के बाद कई इलाकों में शुरू हुआ सुधार; संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 7.भास्कर समाधान का असर: टूटी सड़क हुई ठीक:अधूरे कामों के बीच कई जगह शुरू हुआ सुधार; मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.जयपुर के सेक्टर-16 में बह रहा सीवर का पानी:तुलसी नगर में धंसा चैंबर बना खतरा, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर, शास्त्री नगर में रोड लाइट ठीक,:जलभराव और सीवरेज समस्याओं पर कार्रवाई; राहुल अग्रवाल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.भास्कर समाधान का असर, जयपुर में स्ट्रीट लाइटें हुई ठीक:शहर में सीवर और कचरे की समस्या बरकरार; रूपाराम बने ‘पब्लिक के स्टार’
नर्मदापुरम के बालागंज इलाके में रोटी मांगने के बहाने रेकी कर एक 15 वर्षीय किशोर द्वारा 7 लाख रुपए के जेवर चोरी करने का मामला सामने आया है। किशोर 18-19 अप्रैल की दरमियानी रात खिड़की के रास्ते घर में घुसा और अलमारी में रखे जेवर चुराकर अपनी मां को दे दिए। कोतवाली पुलिस ने चोरी के जेवर अपनी साड़ी के पल्लू में छिपाकर रखने वाली आरोपी की मां को गिरफ्तार कर नर्मदापुरम जेल भेज दिया है, वहीं बाल अपचारी को आज मंगलवार को बैतूल स्थित बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। मायके आई महिला के घर को बनाया निशाना जानकारी के अनुसार, माखननगर की रहने वाली फरियादी महिला जैनब खान बीते 13 अप्रैल से बालागंज स्थित अपने पिता के घर (मायके) आई हुई थीं। बाल अपचारी अपनी मां के साथ कॉलोनियों में रोटी और आटा मांगने का काम करता है। इसी की आड़ में उसने घर की रेकी की। इसके बाद 18-19 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 2 बजे वह चुपचाप अकेला आया। घर में सभी लोग सो रहे थे, तभी वह खिड़की के रास्ते अंदर घुसा और अलमारी में रखे 7 लाख रुपए कीमत के सोने के जेवर (एक जोड़ टॉप्स, झाले, दो कंगन, तीन अंगूठी और एक हार) चुरा ले गया। सुबह खाली अलमारी देख उड़े होश, CCTV से मिला सुराग 19 अप्रैल की सुबह जब महिला ने अलमारी में सोने के जेवर नहीं देखे, तो वह घबरा गई। उसने घर में शोर मचाया और इसके बाद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने एएसआई संजय रघुवंशी को इस चोरी को सुलझाने की जिम्मेदारी दी। जब पुलिस ने घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे देखे, तो फुटेज में एक 15 साल का संदिग्ध नाबालिग नजर आया। पड़ताल में सामने आया कि वह दो-तीन बार खाना मांगने के लिए मोहल्ले में आ चुका है। काले महादेव मंदिर के पास मिला किशोर, मां ने पल्लू में छिपाए थे जेवर सोमवार को पुलिस ने शहर में तलाश शुरू की, तो संदिग्ध किशोर सेठानी घाट स्थित काले महादेव मंदिर के नीचे टीन शेड में मिल गया। पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ करने पर किशोर ने चोरी करना कबूल किया और बताया कि उसने जेवर अपनी मां को दे दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग की 45 वर्षीय मां किरण बाई (पति यशवंत डोनटोडे, निवासी ग्राम पांजराकला) से पूछताछ की। उसने चोरी के जेवर अपनी साड़ी के पल्लू में बांधकर रखना बताया। पुलिस ने जेवर बरामद कर चोरी का माल रखने के आरोप में मां किरण बाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
भाजपा आज रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका के चेयरमैन उम्मीदवार घोषित कर सकती है। रेवाड़ी में तीन और धारूहेड़ा में दो नामों के बीच पेंच फंसा है। पार्टी संगठन और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पंसद में से उम्मीवार चुनने को लेकर असमजंस में है। इसी पर जिला मुख्यालय से चंडीगढ़ तक पार्टी की मैराथन बैठकों का दौर जारी है। भाजपा रेवाड़ी में पार्षद का चुनाव भी सिंबल पर लड़ने का मन बना चुकी है, हालांकि धारूहेड़ा पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब तक रेवाड़ी-धारूहेड़ा में चेयरमैन पद के लिए सामने आ रहे पांच पांच नामों से तीन राव इंद्रजीत सिंह और दो संगठन की पंसद के हैं। दो संगठन, एक राव की पंसद रेवाड़ी में चेयरमैन का पद एससी महिला के लिए आरक्षित है। चेयरमैन पद के लिए 25 और पार्षदों के लिए 150 से अधिक आवेदन मिले थे। सूत्रों की माने तो मंथन के बाद तीन नाम शॉर्ट हुए हैं। एक नाम केंद्रीय मंत्री और दो संगठन की पंसद है। शॉर्ट हुए तीन नामों में से किसी एक का ऐलान हो सकता है। जिनमें पूर्व चेयरपर्सन विनिता पीपल, डॉ. हर्षा निबंल और उषा कांटीवाल शामिल हैं। अंतिम समय में नए नामों की घोषणा कर भाजपा सभी को चौंका भी सकती है। हालांकि नामों को लेकर अभी पार्टी नेता खुलकर बोलने से बच रहे हैं। राव इंद्रजीत समर्थकों में मुकाबला धारूहेड़ा में चेयरमैन का पद ओपन है। इसके लिए पार्टी को 16 आवेदन और पार्षदों के लिए 65 आवेदन मिले थे। सूत्रों की माने तो पार्टी ने इनमें से चेयरमैन के लिए दो नाम शॉर्ट लिस्ट किए हैं। निवर्तमान चेयरमैन कंवर सिंह यादव और वाइस चेयरमैन सत्यनारायण उर्फ अजय जांगड़ा का नाम सबसे आगे है। दोनों ही दावेदार राव इंद्रजीत सिंह समर्थक माने जाते है। कंवर सिंह धारूहेड़ा पंचायत के सरपंच रहे हैं और निर्दलीय लड़कर पिछले चुनाव में जीत दर्ज की थी। ट्रांसपोर्टर अजय जांगड़ा ने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज करने के बाद वाइस चेयरमैन चुने गए थे। नए सिरे से हो सकता है विचार कांग्रेस ने रेवाड़ी और धारूहेड़ा में मजबूत उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे है। दोनों उम्मीदवारों के पारिवारिक प्रोफाइल को देखते हुए भाजपा अब उम्मीदवारों के चयन में नए सिर से भी विचार कर सकती है। रेवाड़ी से उम्मीदवार निहारिका चौधरी का परिवार पिछले करीब तीन दशक से शहर की राजनीति में सक्रिय है। सास और पति पार्षद रहे चुके हैं और ससुर समाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। कुमारी राज के ससुर अभय सिंह भी कंवर सिंह यादव की तरह धारूहेड़ा पंचायत के सरपंच और जिला पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा रेवाड़ी और धारूहेड़ा में अपनी सत्ता कायम रखने के लिए उम्मीदवारों की घोषणा से पहले फिर से विचार कर सकती है।
छतरपुर जिले में खजुराहो के मंदिर सिर्फ पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला का वो शिखर हैं, जिसे दुनिया आज भी हैरत से देखती है। 9वीं से 11वीं शताब्दी के बीच चंदेल वंश के राजाओं ने इन मंदिरों का निर्माण कराया। अक्सर लोग खजुराहो को केवल उसकी 'कामुक मूर्तियों' के लिए जानते हैं, लेकिन इतिहासकार और रिसर्चर अनुराग शुक्ला का शोध अलग ही कहानी बयां करता है। उनके अनुसार, यहां की हर मूर्ति के पीछे गहरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपा है। 85 मंदिरों का शहर, अब बचे सिर्फ 25 रिसर्चर अनुराग शुक्ला बताते हैं कि खजुराहो के वैभव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी समय यहां इस तरह के 85 मंदिर हुआ करते थे, जिनमें से वक्त की मार झेलते हुए अब केवल 25 ही सुरक्षित बचे हैं। मंदिरों का निर्माण 9वीं सदी में राजा यशोवर्मन के काल में शुरू हुआ। धंगदेव के समय अपने वैभव के साथ चरम पर था। कश्मीर से श्रीलंका तक था साम्राज्य अनुराग शुक्ला कहते हैं- लक्ष्मण और विश्वनाथ मंदिर के शिलालेखों से पता चलता है कि चंदेल राजाओं का साम्राज्य कितना विस्तृत था। इन अभिलेखों में जिक्र है कि उन्होंने कश्मीर, मिथिला (बिहार), मालवा, कौशल, श्रीलंका और आंध्र प्रदेश तक राज किया था। यह प्रमाण है कि खजुराहो उस समय का एक बहुत बड़ा राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र था, लेकिन दुर्भाग्य से भारतीय इतिहास की मुख्यधारा की किताबों में इन शक्तिशाली राजाओं को वह जगह नहीं मिली जिसके वे हकदार थे। खबर में आगे बढ़ने से पहले तस्वीरें देख लीजिए… प्रतिमाएं सनातन धर्म का मूल आधार खजुराहो की मूर्तियों को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग धारणाएं हैं। रिसर्चर अनुराग शुक्ला इसके पीछे 'आगम तंत्र' का तर्क देते हैं। सनातन धर्म के चार पुरुषार्थों- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में 'काम' को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस तरह एक घर स्त्रियों के श्रृंगार के बिना अधूरा है, उसी तरह मंदिर भी तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक उसमें जीवन के सभी रसों (श्रृंगार और काम) को स्थापित न किया जाए। मंदिर में छिपा है 'कुंडलिनी जागरण' का रहस्य इसका सबसे गहरा रहस्य 'कुंडलिनी जागरण' से जुड़ा है। कंदरिया महादेव मंदिर में एक प्रसिद्ध प्रतिमा है, जिसमें एक पुरुष शीर्षासन की मुद्रा में है और तीन स्त्रियां उसके साथ हैं। साधारण व्यक्ति इसे सहवास मानता है, लेकिन तंत्र विज्ञान में यह तीन स्त्रियां इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों का प्रतीक हैं। शीर्षासन में पुरुष अपने मूलाधार चक्र से ऊर्जा को सहस्रार चक्र की ओर ले जा रहा है। यह प्रक्रिया चक्र जागरण का एक यंत्र है। प्राचीन समय में खजुराहो शिक्षा का केंद्र था, जहां कामसूत्र के माध्यम से काम शिक्षा और अर्थशास्त्र के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई जाती थी। क्या शिलालेखों में दर्ज 'चन्द्रदत्तेय' ही चंद्रवर्मन हैं? खजुराहो की उत्पत्ति को लेकर 'परमालरासो' के अल्हखंड में एक रोचक कथा मिलती है। कहा जाता है कि बनारस के ज्योतिषी मनीराम की पुत्री हेमवती को देखकर चंद्रमा मोहित हो गए थे। चंद्रमा धरती पर आए और एक पूरे पाख (पक्ष) तक हेमवती के साथ रहे, जिससे चंद्रवर्मन का जन्म हुआ। मान्यता है कि चंद्रमा ने ही चंद्रवर्मन को पारसमणि दी और यहां यज्ञ कराकर मंदिरों का निर्माण शुरू कराया। हालांकि, अनुराग शुक्ला के शोध में एक नया मोड़ आता है। जब उन्होंने लक्ष्मण और विश्वनाथ मंदिर के प्राचीन शिलालेखों का अध्ययन किया, तो वहां 'चंद्रवर्मन' नाम का जिक्र नहीं मिलता। इसके बजाय वहां 'चन्द्रदत्तेय'नाम का उल्लेख है। यह नाम एक ऋषि गोत्र से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जो यह संकेत देता है कि शायद इतिहास को कहानियों के जरिए थोड़ा बदल दिया गया, जबकि वास्तविकता राजाओं के वंशानुगत गोत्र और उनकी ऋषि परंपरा से जुड़ी थी। खजुराहो के मंदिरों कभी नहीं हुआ हमला एक आम धारणा है कि खजुराहो के मंदिरों को विदेशी आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन ऐतिहासिक तथ्य कुछ और ही इशारा करते हैं। अनुराग शुक्ला का कहना है कि महमूद गजनी का आक्रमण कालिंजर तक तो हुआ, लेकिन खजुराहो के मंदिरों पर बड़े इस्लामिक आक्रमण के ठोस प्रमाण नहीं मिलते। प्रसिद्ध यात्रियों अलबरूनी और इब्नबतूता ने यहां का भ्रमण किया, लेकिन उन्होंने किसी बड़े हमले का जिक्र नहीं किया। मंदिरों के क्षतिग्रस्त होने के तीन मुख्य कारण
जौनपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव की अदालत ने मछलीशहर के तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी समेत 10 लोगों के खिलाफ एक वाद दर्ज किया है। यह कार्रवाई सुजानगंज निवासी शशि भूषण शुक्ला के प्रार्थना पत्र पर की गई है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की है। इसके साथ ही, थाना कोतवाली मछलीशहर से मामले की रिपोर्ट भी तलब की गई है। शशि भूषण शुक्ला ने अपने अधिवक्ता अश्वनी कुमार मिश्री के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी जबरदस्ती सीसी रोड का निर्माण करा रहे हैं और इस संबंध में गलत रिपोर्ट (आख्या) प्रस्तुत की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह गलत रिपोर्ट के संबंध में कई बार तहसील मछलीशहर गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 को जब वह तहसीलदार के कार्यालय गए, तो वहां अन्य आरोपी भी मौजूद थे।
सहारनपुर में नौकरी के नाम पर 5 लाख की ठगी:दो आरोपियों के खिलाफ FIR, पुलिस ने जांच शुरू की
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित अविनाश गौतम की शिकायत पर अंकित कुमार और देवेंद्र पंवार नामक दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोप है कि आरोपियों ने कई बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे हैं। पीड़ित अविनाश गौतम, जो मोहल्ला इकराम के निवासी हैं, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात अपने मित्र आर्यन कुमार के माध्यम से अंकित कुमार से हुई थी। अंकित ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए मां शाकंभरी यूनिवर्सिटी में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और इसके लिए पांच लाख रुपये की मांग की। अविनाश ने आरोपियों को अलग-अलग तारीखों में कुल 5,13,300 रुपये का भुगतान किया। इसमें 3,93,300 रुपये ऑनलाइन माध्यम से और 1,20,000 रुपये नकद दिए गए। अविनाश का आरोप है कि अंकित ने उनसे अन्य बेरोजगार युवाओं के दस्तावेज भी मंगवाए और उनसे भी पैसे वसूले। जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर अंकित कुमार ने तहसील रामपुर मनिहारान में एक नोटरी शपथ पत्र के माध्यम से 27 जून 2025 और 17 जुलाई 2025 को पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं किया गया। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपी ने उन्हें धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अविनाश ने बताया कि उन्होंने पहले भी थाना रामपुर मनिहारान, जिलाधिकारी और एसएसपी को शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर जिले में नकोदर विधानसभा क्षेत्र के गायक और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता केएस मक्खन ने गेहूं खरीद सीजन का जायजा लेने के लिए नूरमहल की नई व पुरानी अनाज मंडियों और बिलगा की अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ अकाली नेता और यूथ विंग के सदस्य भी मौजूद थे।मक्खन ने किसानों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि शिरोमणि अकाली दल (बादल) हर पल उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि गेहूं की तौल में किसी भी किसान भाई के साथ कोई लापरवाही की जाती है, तो उन्हें तुरंत सूचित करें। सरकार आने पर फसल के दाम बढ़ाए जाएंगे मक्खन ने जोर देकर कहा कि किसान साल भर की मेहनत से फसल उगाते हैं और उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार आने पर गेहूं की फसल के दाम बढ़ाए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का और अधिक फल मिल सके। मौके पर भारी संख्या में लोग रहे मौजूद इस अवसर पर अवतार सिंह (गांव उमरपुर), संदीप सिंह (गांव उमरपुर), रशपाल सिंह (गांव बाथ), गुरप्रीत सिंह (गांव राजोवाल), नज़र सिंह (गांव राजोवाल), नवजोत सिंह (गांव बाथ), रणजीत सिंह (गांव कडोला कला), पुरानी दाना मंडी से जसवंत सिंह (गांव डल्ला), वरिंदर सिंह (गांव डल्ला), सुरिंदर सिंह (शादीपुर), लाडी (कंडोला कलां) मौजूद रहे। वहीं इसके साथ ही कमल (कंडोला), नेका (कंडोला), ट्रक यूनियन के अध्यक्ष रणजीत सिंह, अजमेर सिंह (डल्ला), सुरिंदर सिंह (नूरमहल), आढ़ती विवेक मिट्टू, अवतार सिंह (उप्पल जागीर), गांव बिलगा से तीरथ सिंह, रेकू उप्पल भूपा, सोडी संगोवाल, बलवीर सिंह (लधर कलां), अमरीक सिंह (बिलगा), गुरकरण सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
चूरू के अभिषेक कुल्हरी ने RAS-2024 रिजल्ट में ब्लाइंड कैटेगरी में दूसरी रैंक हासिल की। एक एक्सीडेंट में उन्होंने अपनी दोनों आंखों की रोशनी खो दी थी। लोग कहते थे- अब तेरा कुछ नहीं हो पाएगा। अभिषेक ने बताया- इन्हीं तानों ने मुझे मोटिवेट किया। मेडिटेशन से पॉजिटिव एनर्जी आई। मैंने तय किया कि अब हाथों की लकीरें खुद बनानी होंगी। मैंने किस्मत पर भरोसा नहीं किया। राजगढ़ के रहने वाले कुल्हरी ने बताया कि यह मेरा RAS के लिए दूसरा प्रयास था। वर्ष 2023 में मैं तीन नंबर से चूक गया था। इस बार मैंने तैयारी जारी रखी और सफलता हासिल की। जनरल कैटेगरी में मेरी रैंक 2210 रही है। आंख में घुस गए थे ऑटो को कांच अभिषेक ने बताया- वर्ष 2018 में रॉन्ग साइड से आ रहे ऑटो ने मेरी बाइक को टक्कर मार दी थी। पास में बस खड़ी थी, इसलिए बचने का कोई मौका नहीं मिला। एक्सीडेंट के दौरान ऑटो की लाइट के कांच मेरी आंखों में लगे, जिससे आंखों की नसें डैमेज हो गईं। तब से मुझे आंखों से दिखना बंद हो गया। इलाज में देरी, सर्जरी के बाद भी रोशनी नहीं आई अभिषेक ने बताया- एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने पहले मेरी आंखों को नहीं देखा और ब्रेन सर्जरी कर दी। डॉक्टरों ने कहा- मेरे ब्रेन में हवा भर रही है और उन्होंने ब्रेन सर्जरी कर दी। उन्होंने मेरी आंखे देखी भी नहीं। जबकि मैं उस समय सब कुछ पहचान पा रहा था। रोशनी का अंदाजा भी लगा पा रहा था, लेकिन आंखों को प्राथमिकता नहीं दी गई। करीब 10 दिन तक मुझे ऑपरेशन के बाद आईसीयू में रखा, लेकिन उन्होंने आंखों की जांच तक नहीं की। अभिषेक ने बताया- बाद में डॉक्टरों ने कहा कि आंखों में ब्लड जमा हो रहा है, उसे हटाने से रोशनी आ सकती है। मुझे जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां बताया गया कि अब बहुत देर हो चुकी है। सर्जरी के बाद भी सिर्फ 1 प्रतिशत चांस है। वहां से मुझे दिल्ली एम्स रेफर किया गया। वहां सर्जरी हुई, लेकिन आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। इसके बाद से मुझे दिखना पूरी तरह बंद हो गया। एक्सीडेंट के बाद पूरी तरह बदल गई जिंदगी अभिषेक ने बताया- रोड एक्सीडेंट के बाद मेरी लाइफ पूरी तरह बदल गई। ऐसा लगा, जैसे जीवन में एकदम से भूचाल आ गया हो। मैं 100% परिवार पर डिपेंड हो गया था। शुरुआत में मुझे बहुत परेशानी होती थी। मुझे हाथ पकड़कर चलना पड़ता था और घर के अंदर भी ठीक से नहीं चल पाता था। हर समय डर लगा रहता था कि कहीं गिर न जाऊं या किसी से टकरा न जाऊं। अभिषेक ने बताया- धीरे-धीरे मुझे इसकी आदत होने लगी। मैंने एक मेडिटेशन संस्था जॉइन की और नियमित मेडिटेशन किया। इससे मुझे मानसिक शांति और रिलैक्सेशन मिला। इसके बाद मुझे हिम्मत मिली और मैंने चीजों को महसूस करना शुरू किया, जिससे धीरे-धीरे मैं खुद को संभाल पाया। तानों को बनाया ताकत, मेडिटेशन से मिली पॉजिटिव एनर्जी अभिषेक ने बताया- जब मुझे देखना बंद हो गया तो लोगों ने खूब ताने दिए। लोग कहते थे कि तू हीरो से जीरो हो गया। कई लोग कहते थे कि अब तेरा कुछ नहीं हो पाएगा। भगवान ने तेरी लाइफ में ऐसा ही लिखा है, किस्मत के भरोसे बैठ जा। अभिषेक ने बताया- तानों ने मुझे मोटिवेट किया। मेडिटेशन से मेरे अंदर पॉजिटिव एनर्जी आई। मैंने तय किया कि अब हाथों की लकीरें खुद बनानी होंगी। मैंने किस्मत पर भरोसा नहीं किया। मुझे यह समझ आ गया था कि इंसान के पास सोचने-समझने की क्षमता है, बस उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना होता है। पैरा एथलीट बनने से नेशनल तक का सफर, फिर इंजरी के बाद बदला रास्ता अभिषेक ने बताया- मैं राजगढ़ (चूरू) से आता हूं, वहां स्पोर्ट्स कल्चर है। एक्सीडेंट के बाद मैंने सोचा कि मुझे स्पोर्ट्स में ही जाना चाहिए। मैंने पैरा ओलंपिक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया के बारे में सुना, उन्होंने दो बार गोल्ड मेडल जीता है। इससे मेरे मन में आया कि मैं भी पैरा एथलीट बन सकता हूं। मैंने घर पर ही जिम का सामान मंगवाया और एक्सरसाइज शुरू की। अभिषेक ने बताया- मैंने सोचा कि मैं थ्रोअर बन सकता हूं, क्योंकि इसमें फील्ड में ज्यादा मूवमेंट नहीं करना पड़ता। मैंने शॉट पुट से शुरुआत की और 6 से 8 महीने तक रोज 10 से 12 घंटे प्रैक्टिस की। सुबह-शाम 5 से 6 घंटे प्रैक्टिस मेरा डेली रूटीन बन गया था। वर्ष 2019 में स्टेट पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शॉट पुट में गोल्ड और जैवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसके बाद अगले साल फिर वही पोजिशन रिपीट हुई और मैं नेशनल के लिए सिलेक्ट हो गया। अभिषेक ने बताया- वर्ष 2020 में कोरोना में बाहर जाकर प्रैक्टिस करना संभव नहीं था, इसलिए घर से ही एक्सरसाइज जारी रखी। इसी दौरान वेट लिफ्टिंग करते समय मेरे हाथ से रॉड फिसल गई और सीधे मेरे शोल्डर पर गिर गई। इससे मेरे कंधे में फ्रैक्चर हो गया और मसल्स डैमेज हो गई। डॉक्टर ने कहा- ब्रेन सर्जरी भी हो चुकी है और अब कंधे की वजह से कम से कम 2 से 3 साल आराम करना पड़ेगा। सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की अभिषेक ने बताया- 2 से 3 साल तक खाली बैठना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। ऐसे में मैंने सोचा कि दिनभर क्या करूंगा, तभी मेरे दिमाग में सिविल सर्विस की तैयारी का विचार आया। अभिषेक ने बताया- सबसे पहले मैंने नगर पालिका ईओ की तैयारी घर से शुरू की, जिसमें एक नंबर से रह गया। इस तैयारी से मेरा राजस्थान का सिलेबस पूरा हो गया था। इसी दौरान RAS-प्री का एग्जाम हुआ और मैंने 2023 में प्री-क्वालीफाई कर लिया। इसके बाद मेंस की तैयारी के लिए जयपुर में कोचिंग जॉइन की। 14-15 घंटे की पढ़ाई, दूसरों से नोट्स सुनकर की तैयारी अभिषेक ने बताया- मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज था कि मैं पढ़ाई कैसे करूं। मैंने इसके बारे में पहले नहीं सोचा था कि मुझे मेंस लिखना होगा। मैं कोचिंग के स्टूडियो में जाने लगा, जहां बच्चे मुझे नोट्स पढ़कर सुनाते थे और मैं उन्हें याद करता था। अभिषेक ने बताया- मैं ऑनलाइन क्लासेस के वीडियो 2X (तेज स्पीड) मोड पर सुनता था, ताकि समय मैनेज कर सकूं। रोज 14 से 15 घंटे पढ़ाई करता था, जिसमें 6 क्लासेस सुननी होती थीं। स्टूडियो में जो बच्चे नोट्स पढ़ते थे, उनसे मैं 2-3 बार रिपीट करवाता था, ताकि रिवीजन अच्छे से हो सके। 2023 में 3 नंबर से चूका, 2024 में हासिल की सफलता अभिषेक ने बताया- 2023 में मेंस के मेरे 183 नंबर आए थे, जबकि इंटरव्यू कॉल 186 पर था, मैं सिर्फ 3 नंबर से रह गया था। इसके बाद वर्ष 2024 की वैकेंसी आ गई और मैंने अपनी तैयारी जारी रखी। मैंने वही रूटीन रखा, ऑनलाइन क्लासेस सुनना और दूसरों से नोट्स सुनना जारी रखा। मकान मालिक भी मुझे सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक नोट्स पढ़कर सुनाते थे। जब भी टेस्ट सीरीज देखनी होती थी तो मैं कोचिंग जाकर स्टूडेंट्स के साथ प्रैक्टिस करता था और अपनी परेशानी वहीं क्लियर करता था। ब्लाइंड कैटेगरी में दूसरी रैंक कुल्हरी ने बताया- ब्लाइंड कैटेगरी में मेरी दूसरी रैंक आई है। वहीं जनरल कैटेगरी में मेरी रैंक 2210 रही। यह मेरा दूसरा प्रयास था। मेरे परिवार में मेरे मम्मी-पापा हैं। मेरी वाइफ सरकारी टीचर है और एक बेटा है। परिवार का सपोर्ट लगातार मिला, जिससे मुझे आगे बढ़ने में मदद मिली। अभिषेक ने बताया- जब से रिजल्ट आया है, रात 2-2 बजे तक कॉल आ रहे हैं। पहले कभी कॉल नहीं आते थे, लेकिन अब 2-3 दिन में ही इतने कॉल आ गए जितने पिछले 5-6 साल में नहीं आए थे। उन्होंने कहा- जो लोग पहले कहते थे कि मैं नहीं कर पाऊंगा, अब वही लोग कह रहे हैं कि उन्हें मुझ पर भरोसा था। पहले जो ताने देते थे, अब वही लोग साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात सर्राफा व्यवसायी समर कसौधन को गोली मारने की घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। यह घटना फूलपुर चौराहे से करीब 100 मीटर पहले हुई थी। मामले के खुलासे के लिए छपिया थाने सहित कुल पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने सिसईरानी स्थित सर्राफा व्यवसायी की दुकान से लेकर फूलपुर चौराहे तक लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। कुछ सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति आते-जाते दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस की सर्विलांस सेल भी सक्रिय है और घटना के समय क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। इस बीच, घायल सर्राफा व्यवसायी समर कसौधन को बेहतर इलाज और हाथ की सर्जरी के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज से लखनऊ केजीएमसी रेफर कर दिया गया है। उनका इलाज और सर्जरी लखनऊ में जारी है। यह घटना रविवार देर रात उस समय हुई जब अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने लूट के प्रयास में असफल होने पर समर कसौधन को गोली मार दी। गोली उनके बाएं हाथ में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद सर्राफा व्यवसायी के घर पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है और परिजनों पर भी नजर रखी जा रही है। छपिया थाना अध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि समर कसौधन की हालत स्थिर है और उनकी लखनऊ में हाथ की सर्जरी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध दिखे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि, पीड़ित के बयानों में विरोधाभास भी सामने आ रहा है।
जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात सामने आई है। बाड़े में खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने पुराने को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे नए चमचमाते ट्रैक्टर को स्टार्ट कर फरार हो गए। ग्राम टिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि 16 अप्रैल की शाम खेत से लौटकर उन्होंने अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े किए थे। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार कूलर की हवा में सो रहा था, तभी अज्ञात चोर बाड़े में घुसे और डेढ़ साल पहले करीब 4 लाख रुपए में खरीदा गया नया ट्रैक्टर स्टार्ट कर ले गए। पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रह गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरों ने दोनों ट्रैक्टरों को देखा, लेकिन उनकी नजर सीधे नए ट्रैक्टर पर ही जाकर रुकी। बिना किसी जल्दबाजी के उन्होंने बाड़े का गेट खोला और ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए। 100 से ज्यादा CCTV खंगाले, मंडला रूट पर दिखा ट्रैक्टर 17 अप्रैल की सुबह जब नरेंद्र साहू बाड़े में पहुंचे तो नया ट्रैक्टर गायब था। यह देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत गांव और आसपास तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर और फिर बरेला तक करीब 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया है। फिलहाल नरेंद्र अपने साथियों के साथ मंडला में ट्रेक्टर को तलाश करने में जुटा हुआ है। 20 हजार का इनाम घोषित, पुलिस ने शुरू की जांच 18 अप्रैल को किसान ने पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। साथ ही नरेंद्र साहू ने घोषणा की है कि जो भी ट्रैक्टर के बारे में पुख्ता जानकारी देगा, उसे 20 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और CCTV फुटेज के आधार पर चोरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है। थाना प्रभारी का कहना है कि मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद कर लिया जाएगा। तस्वीरों में देखिए, सीसीटीवी में कैद हुआ चोरी गया ट्रैक्टर
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने JEE मेन 2026 (सेशन-1 और सेशन-2) का संयुक्त रिजल्ट जारी कर दिया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) में गयाजी शुभम कुमार ने बिहार टॉप किया है। शुभम कुमार ने 100 पर्सेंटाइल के साथ पूरे देश में छठा स्थान हासिल किया है। इस बार देशभर में कुल 26 कैंडिडेट्स ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। जिसमें शुभम भी शामिल है। खास बात यह है कि पहले सेशन में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। अब फाइनल रिजल्ट में कमाल किया है। शुभम कुमार अब अगले लक्ष्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा(एडवांस्ड) की तैयारी में जुट गए हैं। गयाजी के ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल के छात्र रहे हैं। उनका सपना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में दाखिला लेना है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान के मार्गदर्शन को दिया। परिवार का बहुत सहयोग मिला शुभम ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद सबसे पहले यह खुशखबरी अपने माता-पिता को दी। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। परिवार का भरोसा और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने अपनी तैयारी को पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित बताया। नियमित टाइम-टेबल के अनुसार पढ़ाई करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे। तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन उनकी रणनीति रही। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। 24 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास जरूरी है। बीच-बीच में ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा रखते थे, ताकि पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। शुभम को कोचिंग संस्थान की ओर से 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप भी मिली थी। एनटीए स्कोर के आधार पर रिजल्ट एनटीए के अनुसार, पेपर-1 के लिए कुल 16,04,854 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 15,38,468 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। एनटीए ने जेईई मेन के फाइनल रिजल्ट के साथ ही जेईई एडवांस्ड-2026 के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ जारी कर दी है। दोनों सेशन में शामिल अभ्यर्थियों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया है। कट-ऑफ के मुताबिक सामान्य वर्ग के लिए 93.41 पर्सेंटाइल तय की गई है। इस आधार पर 96,873 अभ्यर्थी एडवांस्ड के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) में 82.41 पर्सेंटाइल पर 25,009, ओबीसी वर्ग में 80.92 पर्सेंटाइल पर 67,597 अभ्यर्थियों ने क्वालिफाई किया है। एससी वर्ग के लिए 63.91 पर्सेंटाइल पर 37,522 और एसटी वर्ग के लिए 52.01 पर्सेंटाइल पर 18,790 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। दिव्यांग श्रेणी में 0.0023 पर्सेंटाइल के साथ 4,391 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है। सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,50,182 अभ्यर्थी जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। एनटीए ने साफ किया है कि तय कट-ऑफ के भीतर आने वाले अभ्यर्थी ही एडवांस्ड परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। एडवांस्ड में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला मिलेगा।
यूपी की बड़ी खबरें:मेरठ में सीएनजी बस में लगी आग, 53 यात्री थे सवार; सभी ने कूदकर बचाई जान
मेरठ में सोमवार को एक सीएनजी बस में अचानक आग लग गई। हादसे के समय बस में करीब 53 यात्री सवार थे। अचानक इंजन के पास से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में लपटें दिखाई देने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, बस में सवार सभी यात्री, चालक और कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते बस से बाहर निकल गए। इससे बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना जानी थाना क्षेत्र के बागपत रोड स्थित कुराली धर्मशाला के पास की है। पढ़िए पूरी खबर… घोड़ी पर बैठा था दूल्हा, गर्लफ्रेंड ने बारात रोकी: आगरा में प्रेमिका बोली- मेरे से शादी का वादा किया, अब दूसरे से कर रहा आगरा में घोड़ी पर चढ़े दूल्हे के सामने उसकी प्रेमिका अपनी मां के साथ पहुंच गई। इसके बाद बारात में हंगामा किया। इसी दौरान प्रेमिका ने फोन कर पुलिस को भी बुला लिया। हंगामे की सूचना पर दुल्हन पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रेमिका का कहना था कि दूल्हे ने उससे शादी करने का वादा किया था, लेकिन अब वह दूसरी से शादी कर रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली और प्रेमिका, उसकी मां तथा दूल्हे को पूछताछ के लिए थाने ले गई। मामले में दोनों पक्षों से बातचीत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामला डौकी थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी खबर… नोएडा श्रमिक बवाल के बाद एक्शन, DCP-ACP हटाए गए; कमिश्नर बोलीं- लापरवाही बर्दाश्त नहीं नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा सेंट्रल के डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार को हटा दिया है। अब एसीपी दीक्षा सिंह को सेंट्रल नोएडा का नया एसीपी बनाया गया है। जबकि शैलेन्द्र सिंह को प्रभारी डीसीपी सेंट्रल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि श्रमिक आंदोलन के दौरान पुलिस की प्रतिक्रिया और नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिसमें कई स्तरों पर खामियां सामने आईं। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। कमिश्नर ने कहा कि लापरवाही या स्थिति को संभालने में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। दरअसल, 13 अप्रैल को नोएडा के कई इलाकों में श्रमिकों ने वेतन और अन्य मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया था। कई इलाकों में हिंसक भीड़ ने ईंट-पत्थरबाजी, आगजनी की। पुलिस अब तक 63 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पढ़ें पूरी खबर बरेली में मौलाना बोले- धीरेंद्र शास्त्री लोगों को भड़का रहे, कोर्ट तलब करे; ज्ञानवापी कलंक नहीं बागेश्वर धाम के संचालक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने काशी में ज्ञानवापी को कलंक कहा था। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी ऐतिहासिक मस्जिद है। यह किसी के लिए कलंक नहीं। यह किसी भी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई। पंडित जी, कयामत तक आप ज्ञानवापी मस्जिद पर भगवा झंडा नहीं लहरा सकते। यह कयामत तक मस्जिद रहेगी। मस्जिदियत से किसी के साथ समझौता हम नहीं कर सकते हैं। सोमवार को वीडियो जारी कर मौलाना ने कहा कि शरीयत किसी भी मुसलमान को इजाजत नहीं देती है कि वो किसी मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाएं। धीरेंद्र शास्त्री लोगों को भड़का रहे। कोर्ट के जज धीरेंद्र शास्त्री को तलब करें। पढ़ें पूरी खबर लखनऊ यूनिवर्सिटी में हंगामा, जबरदस्ती VC ऑफिस में घुसे छात्र, बोले- न पानी मिल रहा, न एसी चल रहा लखनऊ विश्वविद्यालय में बवाल हो गया है। फ्रीजर, वाटर कूलर, एसी खराब होने का आरोप लगाते हुए छात्र वीसी ऑफिस पहुंच गए। वे जबरदस्ती चैनल खोलते हुए अंदर घुस गए। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से उनकी नोकझोंक हुई। दोपहर 12 बजे के आसपास ABVP से जुड़े छात्रों ने प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने वीसी को जनरल डायर भी कहा। इसके बाद करीब 2 बजे सपा छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने भी प्रदर्शन कर दिया। वे भी पानी, एसी, फीस बढोत्तरी की समस्या को लेकर वीसी से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्हें मिलने नहीं दिया गया। पूरी खबर पढ़िए…
फतेहाबाद जिले में 9 मई को दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशों के तहत लगने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का समाधान करवाया जाएगा। यह लोक अदालत जिला मुख्यालय के न्यायिक परिसर के साथ-साथ उपमंडल स्तर पर रतिया और टोहाना के न्यायिक परिसरों में भी आयोजित होगी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. गायत्री ने बताया कि इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई की जाएगी। विशेष रूप से एनआई एक्ट की धारा 138, मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी), ट्रांसपोर्ट और अन्य सिविल व आपराधिक मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा एक ही दिन में हो सके। वैवाहिक से लेकर बिल विवाद तक के मामले शामिल डॉ.गायत्री के अनुसार, लोक अदालत में वैवाहिक विवाद, श्रम मामले, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली-पानी बिल, वन अधिनियम और आपदा मुआवजा से जुड़े मामलों की भी सुनवाई होगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विवादों का समाधान सरल तरीके से करवाएं। जानिए… लोक अदालत में मामला रखने के क्या हैं फायदे
बीकानेर शहर में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बीकानेर का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री ज्यादा है। वहीं बीती रात न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब शहर में हीटवेव का दौर शुरू हो सकता है। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही बना रहेगा। खासतौर पर 23 अप्रैल को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद हल्की गिरावट हो सकती है, लेकिन तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने के आसार नहीं हैं। गर्मी के बढ़ते असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह 10 बजे के बाद ही तेज धूप चुभने लगती है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। व्यापार मंडल ने उठाई मांग बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी और उनकी टीम ने जिला प्रशासन से मुलाकात कर रेलवे क्रॉसिंग पर छाया की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को तेज धूप से कुछ राहत मिल सके। आमतौर पर राहगीरों को रेलवे क्रासिंग पर पंद्रह से बीस मिनट तक धूप में खड़ा रहना पड़ता है।
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली इलाके में जवाहर लाल नेहरू पॉलिटेक्निक महमूदाबाद के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान मंच पर कथित रूप से बीयर की बोतल लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दो दिवसीय (18 व 19 अप्रैल) कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व छात्रों की मस्ती के कुछ पल कैमरों में कैद हो गए, जिनमें वे फिल्मी गीतों पर हाथ में बोतल और ग्लास लेकर नाचते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। आरोप लगाए गए कि कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर की मर्यादा का उल्लंघन हुआ। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कॉलेज के प्रधानाचार्य सीपी त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो अधूरा है और उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह दृश्य पूर्व छात्रों की एक सांस्कृतिक प्रस्तुति का हिस्सा था, जिसमें नाटक के दौरान प्रतीकात्मक रूप से बोतल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इसका वास्तविक शराब से कोई संबंध नहीं है। बताया जाता है कि समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र जुटे थे, जिन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को सम्मानित किया गया और दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धांजलि भी दी गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। वहीं, प्रस्तुति में शामिल पूर्व छात्रों ने भी सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन था, न कि किसी प्रकार की अनुचित गतिविधि को बढ़ावा देना। वही प्रशासन ने भी इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया हैं।
देवरिया में जनगणना-2027 के प्रशिक्षण सत्र से 21 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। शहर के टाउन हॉल स्थित इंदिरा गांधी बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में सोमवार को प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ था। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। अधिशासी अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने बताया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण अनिवार्य है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना गया है।प्रशिक्षण के लिए 45-45 कर्मचारियों के बैच बनाए गए हैं। सोमवार को आयोजित सत्र में बैच संख्या 32211 से मोनिका सिंह, रंजना, रेनू देवी, रेनू त्रिपाठी, रुचि जायसवाल, संगीता सिंह, सरिता तिवारी, सविता देवी, सायदा खातून, सुषमा पांडेय और सादमा अनुपस्थित रहीं। वहीं, बैच संख्या 32359 से ममता चौरसिया, मनोरमा पांडे, संध्या तिवारी, आफरीन मलिक, अमिता श्रीवास्तव, अनिता देवी, अंजू देवी, विजेता वर्मा, चेतना धर द्विवेदी और ईसरावती प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुईं। अधिकारियों ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ये कर्मचारी 21 अप्रैल को भी प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहते हैं, तो महत्वपूर्ण शासकीय कार्य में लापरवाही मानते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे जनगणना कार्य को गंभीरता से लें और प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि आगामी जनगणना प्रक्रिया को सुचारु और सटीक तरीके से पूरा किया जा सके।
चंदौली में रात 11 बजे बाद शराब बिक्री:सरकारी दुकान से अधिक दाम पर बेची जा रही शराब, वीडियो आया सामने
चंदौली जिले के बबुरी थानाक्षेत्र के बनौली चट्टी पर स्थित एक सरकारी देशी शराब की दुकान से देर रात तक शराब बेचने का मामला सामने आया है। सोमवार रात को दुकान के शटर के नीचे से एक ग्राहक को अधिक दाम पर शराब बेचते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस घटना ने आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि आए दिन देर रात तक देशी शराब की दुकान से निर्धारित मूल्य से दस रुपये अधिक कीमत लेकर शराब बेची जाती है। नियमों के अनुसार, रात 11 बजे के बाद शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन बनौली चट्टी पर रात 11 बजे के बाद भी शटर खटखटाने पर देशी शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है। बताया जा रहा है कि यहां देर रात को एक टेट्रा पैक 90 रुपये में खुलेआम बेचा जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस अवैध बिक्री से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और युवाओं पर इसका गलत असर पड़ रहा है। गौरी गांव के ज्ञानचंद्र ने बताया कि वह वाराणसी से नौकरी करके देर रात लौटते हैं और बनौली चट्टी पर देर रात भी शराब बिकते देखकर हैरान रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाई जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे। इस मामले पर क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक कनिज फातिमा ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रकरण की जांच करके दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बाड़मेर जिले की सदर और डीएसटी टीम ने अवैध हथियारों पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए 1 पिस्तल 3 जिंदा कारतूस बरामद किए है। वहीं एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- पुलिस मुख्यालय और आईजी जोधपुर रेंज के निर्देशानुसार अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी रमेश कुमार के सुपरविजन में सदर थाना इंचार्ज ओमप्रकाश, डीएसटी इंचार्ज आदेश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम बनाई गई। डीएसटी टीम को सूचना मिलने इस पर टीमों ने गांव रावतसर डूडियों की ढाणी गांव में दबिश दी गई। वहां एक संदिग्ध युवक को पकड़कर पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक पिस्तल, 3 जिंदा कारतूस मिले। इस पर युवक को हथियार को लेकर पूछताछ की गई तो उसके पास कोई लीगल डॉक्यूमेंट नहीं मिले। इस पर पुलिस ने अवैध हथियार को जब्त किया। पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार पुत्र रामचंद्र निवासी वांभुओं की ढाणी, मोतियोगिणयों का तला के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं आरोपी को गिरफ्तार हथियार की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में एएसआई गोरधनराम, कांस्टेबल भरत कुमार, सुरेश कुमार, शंकरसिह, हरलाल और रामस्वरूप शामिल है।
मणिपुर में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 5.2 तीव्रता दर्ज
म्यांमार-भारत सीमा क्षेत्र में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए
मन्दसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां बसे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। नए माहौल में बेहतर तालमेल के संकेत एक साल के इस सफर में ‘प्रवास’ और ‘पावक’ ने नए वातावरण में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में स्वाभाविकता दिखाई दे रही है, जो इस परियोजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है। हाईटेक निगरानी में सुरक्षित हैं चीते वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की लगातार और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, जीपीएस कॉलर और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनके खान-पान, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो और वे प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सकें। जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को सशक्त करेगा, बल्कि भविष्य में अन्य वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा। भविष्य में बनेगा चीतों का स्थायी घर आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ‘प्रभास’ और ‘पावक’ न केवल यहां स्थायी रूप से बसेंगे, बल्कि गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों का यह एक वर्ष का सफल सफर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की एक नई कहानी लिख रहा है, जो आने वाले वर्षों में और भी बड़े परिणाम लेकर सामने आ सकता है।
बलिया में 22 अप्रैल को रोजगार मेला:ट्रेनी ऑपरेटर, हेल्पर और अप्रेंटिसशिप के लिए भर्ती
बलिया में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सेवायोजन कार्यालय 22 अप्रैल 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन कर रहा है। यह मेला सतनी सराय, तारा निवास गली, भृगु आश्रम स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस मेले में विजन इंडिया सुब्रोश प्राइवेट लिमिटेड ट्रेनी ऑपरेटर और हेल्पर के पदों पर भर्ती करेगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, आईटीआई और स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 14,000 से 25,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा, और आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, अल्ट्रावेल्ट ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु स्थित अपनी इकाई के लिए अप्रेंटिसशिप पदों पर भर्ती करेगी। इन पदों के लिए भी 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, आईटीआई और स्नातक योग्यता वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे। चयनित उम्मीदवारों को 22,600 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा, और आयु सीमा 18 से 28 वर्ष निर्धारित है। इन पदों के लिए महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। रोजगार मेले में अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता के आधार पर किया जाएगा। मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकृत अभ्यर्थियों की कैंपस चयन प्रक्रिया इसी पोर्टल के माध्यम से संपन्न होगी।
डीग एसपी कांबले ने खेला क्रिकेट:RAC बटालियन के खेल मैदान पर दिखाए आकर्षक शॉट्स
डीग जिले के SP शरण गोपीनाथ कांबले ने जवानों के साथ जमकर क्रिकेट खेला और मैदान पर आकर्षण शॉट लगाए। पहाड़ी उपखंड स्थित आरएसी (RAC) बटालियन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्रिकेट पिच पर बल्लेबाजी के हुनर दिखाए। निरीक्षण के बाद एसपी कांबले खेल मैदान में पहुंचे और उन्होंने बल्ला थामकर क्रिकेट खेला। उन्होंने कुछ शानदार शॉट भी लगाए। इसका वीडियो भी सामने आया है। एसपी के इस खेल प्रेम की लोग सराहना कर रहे है। एसपी कांबले का मानना है कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक होते हैं।डीग में पदभार संभालने के बाद एसपी कांबले ने अपराध मुक्त जिला और नशा मुक्ति को अपनी प्राथमिकता बताया था। उनकी इस तरह की गतिविधियां जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव को मजबूत कर रही हैं।एसपी शरण कांबले का यह वीडियो अधिकारियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है, जो पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।
नितिन गौड़ ने अमरोहा के नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस संवाददाताओं से बातचीत की और अपनी प्राथमिकताओं से अवगत कराया। नितिन गौड़ मूल रूप से दिल्ली के निवासी हैं और 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। इससे पहले वह हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, गाजियाबाद के नगर आयुक्त और मथुरा के मुख्य विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद आईएएस नितिन गौड़ ने अपनी प्रमुख प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और हर पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना भी उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। जिलाधिकारी ने गंगा एक्सप्रेसवे और इससे जुड़े सभी विकास कार्यों को तेज गति प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों के हित में किसान-केंद्रित योजनाओं और कृषि सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, जिसमें बाह्य रोगी और आंतरिक रोगी विभाग का बेहतर संचालन तथा दवाओं की निरंतर उपलब्धता शामिल है, भी उनकी प्राथमिकताओं में है। शिक्षा क्षेत्र में शिक्षा का अधिकार प्रावधानों का क्रियान्वयन, सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना भी उनके एजेंडे में है। इसके अतिरिक्त, अमरोहा शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुंदर बनाना भी उनका लक्ष्य रहेगा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गरिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) धीरेन्द्र प्रताप सिंह, समस्त उपजिलाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी अशोक राव गौतम सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
झाबुआ जिले के थांदला रोड रेलवे स्टेशन के पास सोमवार शाम एक युवती ने मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। युवती की पहचान मेघनगर तहसील के सजेली नानिया साथ निवासी विमला (23) पिता कालू हेलोत के रूप में हुई। घटना सोमवार शाम करीब 4:45 बजे हुई, जब मालगाड़ी अप ट्रैक से गुजर रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवती की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मेघनगर की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षत-विक्षत शव को कब्जे में लेकर पंचनामा बनाया। तलाशी में युवती के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ। लिखा- तुमको शादी की इतनी जल्दी हो रही सुसाइड नोट में युवती ने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा कि उसके पेपर अच्छे नहीं गए थे। घरवाले शादी की जल्दी में थे और वह अभी शादी नहीं करना चाहती थी। युवती ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना से गांव और मृतका के परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस घटना से गांव और मृतका के परिवार में शोक का माहौल है।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के करीब साढ़े 4 बजे पिकअप को बचाने के चक्कर में कार आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई। जिससे कार में सवार जयपुर के बिजनेसमैन परिवार के 6 जने घायल हो गए। घायलों में 10 साल के बालक ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद हम सब घायल अवस्था में तड़पते रहे। लेकिन टक्कर देने वाले मौके से फरार हो गए। जयपुर के दादी का फाटक निवासी बिजनेसमैन पुनीत अग्रवाल अपनी मां अल्का अग्रवाल, पत्नी बबीता अग्रवाल और पुत्र सौम्य व लक्ष्य के साथ हरिद्वार घूमने गए थे। परिवार मंगलवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे हरिद्वार से जयपुर लौट रहा था। एक्सप्रेस-वे पर अचानक एक पिकअप वाहन उनकी अर्टिगा कार के सामने आ गया। कार चला रहे जयपुर निवासी अमित चौधरी ने कार का खूब संतुलन बनाने की कोशिश की। लेकिन कार आगे चल रहे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लेकिन टक्कर के बार पिकअप व ट्रक वाले फरार हो गए। बिजनेसमैन पुनीत अग्रवाल के बेटे लक्ष्य ने बताया कि उनके पापा सबसे अधिक घायल हो गए थे। जो काफी देर तक रोड पर पड़पते रहे। लेकिन कार व पिकअप वाले मौके से भाग गए। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बाद में उनको अस्पताल लेकर आया गया। कुछ राहगीरों ने मदद की। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
गोंडा में भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को देर रात गोली मार दी गई थी उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती कराया गया है था। जहां आज मंगलवार सुबह उनका ऑपरेशन किया गया है डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन के दौरान भूपेंद्र सिंह के पेट से गोली के छर्रे निकाले हैं, लेकिन मुख्य गोली अभी भी पेट के अंदर फंसी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार गोली तुरंत निकालने पर शरीर के अंग को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए इसे अभी नहीं निकाला गया है। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह घटना परसपुर थाना क्षेत्र के डेहरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में देर रात करीब 10 बजे हुई। भूपेंद्र सिंह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। भूपेंद्र सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले जाया गया, जहां से उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पेट में गोली लगने के कारण बेहतर इलाज के लिए उन्हें KGMU लखनऊ भेजा गया था। परिजनों ने परसपुर थाने में बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया है। यह गोलीकांड 'चुनावी रंजिश' से जुड़े एक मामले को लेकर बताया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया कि देर रात परसपुर पुलिस को सूचना मिली कि डेहरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में बदमाशों ने भूपेंद्र सिंह को रास्ते में गोली मार दी है। तत्काल मौके पर पहुंच करके उच्च अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है।
जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों के लिए जिले में 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसके तहत भीषण लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है। पिलानी मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री रहा। इससे पहले रविवार को पारा 41.7 डिग्री तक जा पहुंचा था। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं और लोग छांव की तलाश में भटकते दिख रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह बढ़ती गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच धूप सबसे घातक होती है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। क्या करें (बचाव के उपाय) हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS) घोल, छाछ और नींबू पानी का अधिक सेवन करें। पहनावा: बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी या तौलिये से ढंक कर रखें। खान-पान: हल्का और ताजा भोजन करें जो आसानी से पच सके। क्या न करें (सावधानियां) खाली पेट तेज धूप में बाहर जाने की गलती न करें। शराब, चाय, कॉफी और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) पैदा करते हैं। बासी या अत्यधिक मसालेदार भोजन का त्याग करें। अस्पतालों की तैयारियों का जायजा गर्मी से बिगड़ने वाली स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भंवर लाल सर्वा ने सीएचसी बगड़ और एसडीएच चिड़ावा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पतालों में बनाए गए 'हीट वेव वार्डों' की व्यवस्थाएं देखीं। अस्पतालों को निर्देश दवाओं और आइस पैक का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश। एम्बुलेंस सेवाओं को 24x7 अलर्ट मोड पर रखने के आदेश। वार्डों में पंखों और कूलरों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना। मरीजों और परिजनों के लिए ठंडे पेयजल की उपलब्धता।
रेलवे ट्रैक पर युवक का कटा शव मिला:कोरबा पुलिस पहचान और मौत के कारण की जांच में जुटी
कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत टीपी नगर फाटक के पास मंगलवार सुबह रेलवे ट्रैक पर एक युवक का कटा हुआ शव मिला। शव देखकर फाटक पर तैनात कर्मचारी और सीएसईबी चौकी पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई शुरू की। यह घटना टीपी नगर फाटक के पास बालकों के रेलवे ट्रैक पर सामने आई है। फाटक के कर्मचारियों ने तत्काल अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। कोरबा रेलवे आरपीएफ की पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। गेटमैन ने दी जानकारी टीपी नगर फाटक पर तैनात गेटमैन महावीर ने बताया कि यह घटना तड़के सुबह सामने आई, जिसकी जानकारी उन्हें राहगीरों से मिली। मृतक ने पेंट और शर्ट पहन रखी थी। उसके पेट पर घर की चाबी भी मिली है। युवक की उम्र लगभग 30 से 35 साल बताई जा रही है। आत्महत्या की आशंका स्थानीय लोगों का मानना है कि युवक ने चलती मालगाड़ी के पहिए के नीचे कूदकर आत्महत्या की होगी, क्योंकि उसके सिर और हाथ कटे हुए मिले हैं। सीएसईबी चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान के प्रयास जारी सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान में जुट गई है। पुलिस व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर तथा आसपास के लोगों से पूछताछ कर पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
लुधियाना में मंगलवार तड़के सिविल अस्पताल के पास ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस दौरान एक युवक के पैर में गोली लगी है, जिसे गंभीर हालत में डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस डिवीजन-2 के अधिकारियों ने बताया कि घटना सुबह करीब 4:13 बजे की है। कोचर मार्केट के पास दो गुटों में मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। शुरुआती मारपीट में तीन लोग तेजधार हथियारों के हमले से घायल हो गए। जब घायल पक्ष इलाज के लिए सिविल अस्पताल की ओर जा रहा था तब दूसरे गुट ने उनका रास्ता रोक लिया। अस्पताल के पास फिर से टकराव हुआ जनकपुरी चौकी के इंचार्ज एएसआई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल के पास फिर से टकराव हुआ, जहां हमलावरों ने तीन राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली धर्मेंद्र नामक व्यक्ति के पैर में जा लगी।
संभल जिले में बिजली की नई लाइन खींचने के दौरान एक संविदा लाइनमैन की सीमेंटेड खंभा टूटने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब लाइनमैन खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था और खंभा बीच से टूट गया, जिससे वह सिर के बल जमीन पर गिर गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना सोमवार रात करीब 9 बजे जनपद संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव भारतल गढ़ी में हुई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मोतीराम पुत्र खूबचंद्र निवासी गांव हजरतनगर गढ़ी के रूप में हुई है। दो-तीन दिन पहले आए आंधी-तूफान के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी और कई खंभे व लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिनकी मरम्मत का काम चल रहा था। मोतीराम अन्य कर्मचारियों के साथ गांव में नई लाइन खींचने का काम कर रहे थे। ग्रामीणों की मदद से नए बिजली के खंभे खड़े किए गए थे। खंभे पर चढ़कर लाइन खींचते समय सीमेंटेड पोल अचानक बीच से टूट गया, जिससे मोतीराम संतुलन खोकर नीचे गिर गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भारतल गढ़ी पहुंचे और घायल मोतीराम को जिला संयुक्त चिकित्सालय ले गए। देर रात डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक मोतीराम अपने पीछे पत्नी कमलेश और तीन बेटों मुकेश (16 वर्षीय), राजेश (14 वर्षीय) और अरुण (12 वर्षीय) को छोड़ गए हैं। थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और एक दरोगा को अस्पताल भेजा गया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अभी तक परिजनों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
मूडिक में शादी में सिलेंडर लीकेज होने से लगी आग:6 महिलाएं झुलसीं, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर
धौलपुर के बसेड़ी उपखंड के मूडिक गांव में सोमवार दोपहर एक शादी समारोह के दौरान गैस सिलेंडर में लीकेज से आग लग गई। इस हादसे में छह महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसा रामराज और देशराज के घर हुआ। उस समय घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा था और कई महिलाएं खाना बनाने में व्यस्त थीं। गैस सिलेंडर से लीकेज होने के कारण अचानक आग भड़क उठी, जिसने रसोई क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सभी घायलों का इलाज जारीगंभीर रूप से झुलसी महिलाओं की पहचान शारदा (60), मीना (52), विद्या देवी (62), मीरा (55), रामबेटी (65) और विनीता (50) के रूप में हुई है।हादसे की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस टीमें मौके पर पहुंचीं। नादनपुर से डीके कुशवाहा और पायलट रामसाय मीना और बसेड़ी से गजेंद्र गुर्जर और पायलट हेमंत शर्मा की टीमों ने घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसेड़ी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से झुलसी 6 महिलाओं को जिला अस्पताल धौलपुर रेफर किया गया। उन्हें 108 एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अन्य झुलसी महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शाहजहांपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों आरोपी 20 अप्रैल को एक युवक से मोबाइल छीनकर फरार हुए थे। यह घटना 20 अप्रैल को मोहम्मदी रोड पर हुई थी, जहां आशीष नामक युवक का मोबाइल छीना गया था। मोबाइल छीनने वाले बाइक सवार तीनों आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस ने फुटेज के आधार पर उनकी पहचान की और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की थीं। सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुवायां क्षेत्र से सिसोरा होते हुए लखीमपुर के मोहम्मदी की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। जब बाइक सवार तीनों आरोपियों को रोकने का प्रयास किया गया, तो वे भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया, जिसके दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी सौरभ मिश्रा के पैर में लगी। वह घायल होकर वहीं गिर गया, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान पुवायां थाना क्षेत्र के हरदयाल कूचा निवासी सौरभ मिश्रा के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में पुवायां के बड़ागांव निवासी अर्पित सक्सेना और लखीमपुर जिले के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के सिसोरा गांव का रहने वाला मौसम दीक्षित शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन तीनों आरोपियों पर कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं। सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि मोबाइल छीनने की घटना के बाद आरोपी सीसीटीवी में दिखाई दिए थे। चेकिंग के दौरान भागते हुए आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंदसौर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पिपलियामंडी पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 20.720 किलोग्राम अवैध डोड़ाचुरा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 42 हजार रुपये है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने के नेतृत्व में सोमवार को पुलिस टीम खात्याखेड़ी रोड स्थित बालाजी मंदिर के पास गश्त कर रही थी। इस दौरान एक युवक पीठ पर बैग और हाथ में झोला लिए संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखा। पुलिस ने उसे तुरंत रोककर पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान कृष्ण उर्फ किशन पंवार (22) पुत्र रामस्वरूप, निवासी छईया, थाना पदमपुर, जिला गंगानगर (राजस्थान) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से 20.720 किलोग्राम डोड़ाचुरा और एक नोकिया कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी कृष्ण ने बताया कि वह यह मादक पदार्थ जीतू गरासिया निवासी ग्राम पोखरदां, थाना मनासा, जिला नीमच (मध्य प्रदेश) से लाया था। पुलिस ने फरार आरोपी जीतू गरासिया की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि पुलिस ने आरोपी कृष्ण उर्फ किशन पंवार के खिलाफ अपराध क्रमांक 97/2026 के तहत धारा 8/15, 29 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है और आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है।
अलीगढ़ में आदेश के बाद भी अवैध कब्जेधारियों पर कार्रवाई न होने पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने संपत्ति लिपिक का वेतन रोकने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा नाला बंद किए जाने पर हो रहे जलभराव पर नाराजगी जाहिर की। नगर आयुक्त ने एएमयू प्रशासन को नाला खोलने के लिए कहा। जुलाई 2025 में दिए थे अवैध कब्जा हटाने के आदेश वार्ड 85 स्थित गाटा संख्या 189 पर लगभग 30-40 अवैध कब्जों का मामला सामने आया। नगर आयुक्त ने बताया कि जुलाई 2025 में ही इन कब्जों को हटाने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता ने आदेशों की अवहेलना कर कोई कार्रवाई नहीं की। निरीक्षण के दौरान मामल सामने आने पर लिपिक का वेतन रोकने के साथ ही नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि निगम की जमीन पर इस तरह के कितने कब्जे हैं, इसकी भी जांच कराई जाएगी। हबीब हॉल के पास जलभराव से मिलेगी मुक्ति एएमयू के हबीब हॉल के पास वार्ड 79 के लोग लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान थे। मोहल्ले के लोगों ने कई बार नगर निगम में इस मामले की शिकायत भी की थी। इस शिकायत की जांच कराने पर एएमयू के हेल्थ विभाग ने नाला बंद कर दिया है। इससे मोहल्ले में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा था। नगर आयुक्त ने समस्या का समाधान कराने के लिए अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव और सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। अब टीम एएमयू प्रशासन से समन्वय कर नाले को खुलवाने और सफाई करवाएगी। जमालपुर नाला रोड को जाम से मिलेगी मुक्ति जमालपुर से धौरा की ओर जाने वाले मार्ग को मॉडल रोड की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि सिंचाई विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम नाले की पटरी की पैमाइश करेगी। इसके बाद नाले के किनारे से बिजली के पोल हटाने के साथ ही पक्का निर्माण कराया जाएगा। सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाकर इसे चौड़ा किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को जाम से निजात मिल सके। अवैध कब्जों पर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की सुविधा के लिए जल निकासी और सड़क चौड़ीकरण हमारी प्राथमिकता है। जो अधिकारी काम में कोताही बरतेंगे, उन पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
पीलीभीत के बेसिक शिक्षा विभाग में नियमों का उल्लंघन कर ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कर रहे हैं। यह स्थिति माध्यमिक शिक्षा विभाग के 'इल्हाम घोटाले' से मिलती-जुलती है। अपर मुख्य सचिव के सख्त आदेश के छह महीने बाद भी इन कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस नहीं भेजा गया है। जिले के आठ बीआरसी पर तैनात ये चपरासी शिक्षकों के वेतन बिल बनाने, टोकन जनरेट करने और डेटा फीडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहे हैं। नियमानुसार यह कार्य लिपिकों या अधिकृत कंप्यूटर ऑपरेटरों का है। इन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पास शिक्षकों की गोपनीय लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध हैं, जबकि वेतन लिपिक केवल कागजों पर हस्ताक्षर करते हैं। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 21 अक्टूबर 2025 को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना शासन की अनुमति के संबद्ध किए गए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का संबंद्धीकरण तत्काल निरस्त कर उन्हें मूल विद्यालय भेजा जाए। पीलीभीत में कुल 22 ऐसे चपरासी हैं जो विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं, लेकिन वर्तमान में बीआरसी पर कार्यरत हैं। बीआरसी मरौरी में शशिकांत (अनुचर) शिक्षामित्रों और शिक्षकों का कार्य देख रहे हैं। मोहित कुमार मिड डे मील और यावर इस्लाम जनगणना व सीसीएल जैसे कार्य संभाल रहे हैं। शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा इन कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस न भेजना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले 5 दिनों के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिनों तक कुछ जगहों पर गर्म रात (वॉर्म नाइट) की स्थिति भी रहेगी, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलेगी। बिहार से मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जो झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इसके असर से प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन इसके बावजूद गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले तीन दिनों में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल राज्य में सबसे अधिक तापमान 43.8C बिलासपुर में और न्यूनतम 23.3C जगदलपुर में दर्ज किया गया है। अगले दो दिन सूखा मौसम, गर्मी जारी आने वाले दो दिनों में प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान भी कुछ स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। रायपुर में गर्म दिन और गर्म रात राजधानी में आज हीट वेव और वॉर्म नाइट की स्थिति रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
डीडवाना-कुचामन में पेयजल व्यवस्थाओं की होगी पड़ताल:PHED के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आज दौरे पर
डीडवाना जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद्र राड़ आज जिले के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा जिले में संचालित विभिन्न जल योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त मुख्य अभियंता परबतसर क्षेत्र के रघुनाथपुरा पहुंचकर जल योजनाओं का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के साथ ही स्थानीय नागरिकों से संवाद कर पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को भी समझेंगे। समीक्षा बैठक में होगी विस्तृत चर्चानिरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि गर्मी के मौसम में जलसंकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और आमजन को राहत मिल सके। इसके बाद डीडवाना स्थित वृत्त कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान जिले की विभिन्न जल योजनाओं के संचालन, वर्तमान स्थिति, समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कुचामन के सहायक अभियंता मुकेश चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च अधिकारियों के इस दौरे से व्यवस्थाओं में सुधार होगा और आमजन को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर के 60 से अधिक विषयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन 25 अप्रैल से समर्थ पोर्टल पर लिए जाएंगे। विश्वविद्यालय परिसर में विज्ञान, अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान, विधि, अभियांत्रिकी, फार्मेसी और व्यवसाय प्रबंधन जैसे विभिन्न संकायों में 60 से अधिक विषयों की पढ़ाई होती है। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं।इन विषयों में बैचलर स्तर पर 28 विषय, बीटेक में नौ, एमबीए में छह, बीएससी में छह और बीए में तीन विषय उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर 60 से अधिक विषयों में छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए विषयों की संख्या, सीटों की उपलब्धता और दाखिले की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। नए छात्रों को सभी आवश्यक सूचनाएं वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी। विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि प्रवेश के लिए कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि समर्थ पोर्टल को 25 अप्रैल तक पूरी तरह सक्रिय करने की तैयारी है। वर्तमान में पोर्टल पर भुगतान संबंधी कुछ तकनीकी समस्या आ रही है, जिसमें पेमेंट के बाद भी स्थिति 'पेंडिंग' दिख रही है। इस कमी को दूर करने के लिए दिल्ली में टेस्टिंग चल रही है, जिसे जल्द ही सुधार कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।विश्वविद्यालय छात्रों के लिए उच्च स्तरीय प्रयोगशालाएं, एक केंद्रीय पुस्तकालय, वाई-फाई युक्त परिसर, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम और छात्रावास जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है।
इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में 4 साल का मासूम लापता होने से हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने महज 12 घंटे में बच्चे को सकुशल परिजनों से मिलवा दिया। टीआई सुरेंद्र रघुवंशी के मुताबिक 20 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच पीडब्ल्यूडी कॉलोनी क्षेत्र से 4 वर्षीय तृष्णु उर्फ हर्षल अपने दादा प्रभुदयाल यादव के साथ अचानक गायब हो गया। परिजन जब बारात से लौटे तो दोनों घर पर नहीं मिले। आसपास काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। अपहरण की आशंका, पुलिस ने बनाई 8 टीमें परिजनों ने दादा की कमजोर मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए आशंका जताई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उन्हें बहला-फुसलाकर ले गया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 8 टीमें बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मंदिर, धर्मशाला और बगीचों में तलाश की गई। साथ ही आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए और बच्चे की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गई। लगातार सर्च के दौरान देर रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि आजाद नगर क्षेत्र में एक पानी के प्याऊ के पास बच्चा और उसका दादा बैठे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित कब्जे में लिया। सिहोर से शादी में आया था परिवार जानकारी के मुताबिक परिवार सीहोर से इंदौर शादी में शामिल होने आया था। दोपहर में दादा बच्चे को चॉकलेट दिलाने के लिए बाहर लेकर गए थे, जिसके बाद दोनों लापता हो गए। पुलिस ने दोनों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस की तत्परता की सराहना की।
अफीम सप्लायर चढ़ा भीलवाड़ा पुलिस के हत्थे:2 मामलों में वांटेड, गिरफ्तारी पर घोषित था 15 हजार का इनाम
भीलवाड़ा की पुर थाना पुलिस और डीएसटी ने मादक पदार्थ तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में फरार वांटेड अपराधी को गिरफ्तार किया है। इसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 15 हजार का इनाम भी घोषित किया था। यह था मामला पुर थाना प्रभारी कन्हैयालाल ने बताया कि 25 मार्च 2026 को गुलाबपुरा सर्विस रोड पर बस के इंतजार में खड़े एक व्यक्ति मुकेश ढोली से अफीम जब्त की थी, इस मामले में अफीम सप्लायर शिवराज जाट पिता बक्षू जाट निवासी साडास चित्तौड़गढ़ वांटेड था। दूसरे मामले में भी शामिल इसी तरह 14 अप्रैल को एक दूसरे मामले में आईपीएस प्रोफेशनर आयुष क्षोत्रिय ने भीलवाड़ा गंगरार रोड पर थार ट्रेवल्स की एक बस को रुकवा कर तलाशी ली।बस में सवार एक व्यक्ति के पास से 2 किलो अवैध अफीम जब्त की आरोपी से पूछताछ की तो उसने शिवराज पिता बक्षू जाट चित्तौड़गढ़ से लाना बताया इस पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर शिवराज की तलाश शुरू की। गिरफ्तारी पर घोषित था 15 हजार का इनाम दोनों मामलों में सप्लायर शिवराज की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने 15 हजार का इनाम घोषित किया था । इसकी गिरफ्तारी के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया,इस टीम ने इनफॉरमेशन कलेक्ट, टेक्निकल डेटा और परंपरागत पुलिसिंग को अपनाते हुए शिवराज को गिरफ्तार किया इससे डिटेल इन्वेस्टिगेशन जारी है। ये थे टीम में शामिल आरोपी को पकड़ने गई टीम में पुर थाना प्रभारी कन्हैया लाल, कांस्टेबल राकेश,विक्रम ,राजवीर और जगदीश शामिल रहे।
राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को पटवारी प्रशिक्षण केंद्र में सरपंचों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने पंचायतों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की मजबूत कड़ी बताया। कलेक्टर ने सरपंचों को मूलभूत सुविधाओं जैसे नाली निर्माण, पेयजल और स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक परिसर और सामुदायिक भवनों के निर्माण का सुझाव दिया, जिससे नियमित किराया प्राप्त हो सके। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत गांवों को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए गर्मी में धान के बजाय कम पानी वाली दलहन-तिलहन फसलों को बढ़ावा देने को कहा गया। इन फसलों की खरीदी 'पीएम आशा योजना' के तहत समर्थन मूल्य पर की जा रही है। टसर परिवर्तन केंद्र का भी निरीक्षण इसके अलावा कलेक्टर जितेंद्र यादव ने ग्राम गठुला में स्थित 10 हेक्टेयर में फैले 'टसर परिवर्तन केंद्र' का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रेशम उत्पादन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तत्काल तार फेंसिंग का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। यह केंद्र दुर्ग संभाग का एकमात्र 'ककून बैंक' संचालित करता है, जहां वैज्ञानिक तरीके से कोसा का संग्रहण और ग्रेडिंग की जाती है। यह कृषि महाविद्यालयों के छात्रों के लिए शोध और प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बन गया है। कलेक्टर ने कहा कि रेशम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक बेहतरीन जरिया है। उन्होंने अधिकारियों को समूहों को तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह ने 'मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना' के तहत राजनांदगांव विकासखंड के कई गांवों के लिए 15 लाख 60 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत कार्यों का विवरण ग्राम काकेतरा: सीसी रोड निर्माण के लिए 2.60 लाख रुपए स्वीकृत। ग्राम तिलई: सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपए स्वीकृत। ग्राम बासुला: सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपए स्वीकृत। निर्माण कार्यों को लेकर निर्देश सीईओ ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।
विवाद न बढ़े, इसलिए पुरुषों को कमरे में बंद किया। अमर सिंह बेटे के साथ तलवार और चाकू लेकर आया। बाहर खड़ी क्षमा को चाकू मारा, जिससे महिलांए चीखीं। चीखें सुनकर कमरे में बंद पुरुष खिड़की तोड़कर बाहर निकले। अमर और लोकेश के सामने जो आया, उन्होंने उन पर वार किया। यह कहना है, दूल्हे की बुआ शारदा बाई कीर का। नर्मदापुरम जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र (ग्राम नाहरकोला) में रविवार रात शादी समारोह में बाप-बेटे ने चाकूबाजी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, आरक्षक समेत 6 लोग घायल हुए। आरोपियों ने आरक्षक पर 9 बार चाकू से वार किया। खाना खाने की बात पर विवाद, चाकू-तलवार से हमला पुलिस के मुताबिक, सोमवार को सीताराम के 21 साल के बेटे भगवान कीर की बारात जानी थी। रविवार रात घर पर मंडप का खाना चल रहा था। गांव के ही रहने वाले रिश्तेदार अमर सिंह कीर को भी परिवार ने खाना खाने को कहा। उसे यह बात इतनी बुरी लगी कि अपने बेटे लोकेश के साथ चाकू और तलवार से हमला कर दिया। हमले में घायल जय नारायण और हरि नारायण कीर की हालत नाजुक है। उनका नर्मदापुरम के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरक्षक को नर्मदापुरम से भोपाल रेफर किया गया है। आरोपी अमर सिंह कीर को हिरासत में ले लिया गया। बेटा लोकेश अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। पीड़ित और आरोपी परिवार का घर आना-जाना बंद था शादी में आए गोविंद कीर ने बताया कि अमर सिंह कीर पीड़ित परिवार राम नारायण कीर का रिश्तेदार है। 5 साल पहले एक विवाद के बाद दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना बंद हो गया था। मंडप का कार्यक्रम होने के कारण मैं, दौलत, जय नारायण और हरिनारायण के साथ बाहर बैठे हुए थे, तभी अमर सिंह बेटे लोकेश को खोजते हुए वहां आ गया। पहले उसने बेटे लोकेश के बारे में पूछा। हमने कहा- यहां तो नहीं आया है। इस पर वह पास में रखी एक खाली कुर्सी में बैठ गया। उसने बहुत ज्यादा पी रखी थी। वजनदारी दिखाते बोला- मेरी थाने में पहचान है। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वह जबरन उकसाने वाली बातें कर रहा था। हरिनारायण ने उसे रोकते हुए कहा- काका आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हो, लेकिन वो चुप नहीं हुआ। जय नारायण ने बात को बदलने की कोशिश करते हुए कहा- “तुम ठीक तरह से यहां खड़े रहो और खाना खा लो'। यह सुनते ही अमर सिंह भड़क गया। बोला- 'मैं क्या खाने का भूखा हूं'। इस दौरान अमर सिंह विवाद करने लगा। इस पर जैसे-तैसे परिवार के लोगों ने उसे शांत किया और घर भेज दिया। सब शादी की तैयारी में जुट गए। इसी बीच अमर सिंह, बेटे लोकेश के साथ हथियार लेकर फिर से आ गया। वह काफी गुस्से में था और आते ही गालियां देने लगा। बुआ बोली- विवाद टालने की बहुत कोशिश की बुआ शारदा बाई कीर का कहना है कि हमने विवाद टालने की बहुत कोशिश की। अमर सिंह ने खूब शराब पी रखी थी, उसके सिर पर खून सवार था। शादी वाला घर होने से मेहमान बहुत सारे थे। झगड़ा, विवाद होता तो अशांति होती। विवाद न हो, इसलिए हमने घर के पुरुषों को एक कमरे में भेज दिया। बाहर से दरवाजा लगा दिया। यह देखकर अमर सिंह भी वहां से चला गया। कुछ देर बाद बेटे के साथ आया, उनके दोनों हाथों में चाकू, तलवार थी। उन्होंने परिवार की महिला क्षमा को चाकू मारा। यह देख सभी महिलाएं डर गईं, सभी चीखने, चिल्लाने लगीं। यह सुनकर कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होने से पुरुषों एक एक करके खिड़की तोड़कर बाहर आएं। आरोपी लोकेश, उसका बाप अमर दोनों हाथों में रखे हथियार से जो सामने आया, उस पर हमला करते रहे। खिड़की तोड़कर बाहर आते ही अमर और उसके बेटे ने राम नारायण, जय नारायण, हरि नारायण, रोहित और दौलत पर एक-एक कर हमला किया। बाप-बेटे फिल्मी स्टाइल में चाकू, तलवार मारते रहे। शादी में आएं गोविंद कीर (आरोपी के मामा) उसे समझाने गया तो लोकेश ने अपने मामा के ऊपर भी हमला किया, हालांकि मामा को मार नहीं पाया। सबसे पहले मुझ पर चाकू से वार किया, मेरे भाई को मार डाला घायल क्षमा ने बताया कि शादी वाला घर होने से डीजे बज रहा था। हमारे घरवाले आगे आए तो हमने कहा- तुम लोग यहां से जाओ, हम उन्हें शांत करवाते हैं। हमने कहा-चाचाजी आप गाली क्यों दे रहे हो। ऐसा मत करो। जैसे-तैसे हमने उन्हें वहां से भेज दिया। अमर अपने बेटे लोकेश को लेकर आ गया। मैं अकेले बाहर खड़ी थी। लोकेश रिश्ते में मेरा देवर लगता है। मैंने कहा- लोकेश भैया शांत रहो। भाई-भाई हैं, सब बैठकर समझा दो। उसने सीधे मुझ पर चाकू से हमला कर दिया। चीखें सुनकर एक-एक कर पूरा परिवार बाहर आ गया। पहला चाकू मुझे मारा। दूसरा मेरे देवर हरि नारायण, तीसरा मेरे पति जय नारायण, चौथा मेरे भाई दौलत सिंह और पांचवां रोहित को मारा। दूल्हे के मामा की मौत, चाचा-चाची घायल परिवार के अनुसार- आरोपी लोकेश और अमर सिंह ने जिन्हें घायल किया और हत्या की, वे सभी शादी में शामिल होने आए थे। मृतक दौलतराम कीर जय नारायण कीर का साला था। रिश्ते में वह दूल्हे भगवान का मामा था। वहीं, राम नारायण, जय नारायण, हरिनारायण कीर, रोहित कीर, क्षमा बाई, रिश्ते में दूल्हे भगवान के चाचा-चाची लगते हैं। आरोपी ने बचने के लिए आरक्षक पर चाकू से 9 वार किए जिस पुलिसकर्मी ओम प्रकाश जाट पर हमला हुआ, वह थाने में डीएसपी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल ब्रांच (जिला विशेष शाखा) का आरक्षक है। डीएसबी में सिविल ड्रेस में ही ड्यूटी पर आरक्षक रहता है। रात 12 बजे ग्राम नाहरकोला से झगड़े की सूचना पर शिवपुर थाना प्रभारी केएन रजक, प्रधान आरक्षक सुनील, आरक्षक दीपक, ओमप्रकाश जाट पहुंचे थे। उन्होंने चाकू से घायल जयनारायण कीर, हरिनारायण कीर, दौलतराम कीर, रोहित कीर और क्षमा बाई को सिवनी मालवा के सरकारी अस्पताल भेजा। जानकारी मिली कि लोकेश टप्पर मोहल्ला में है, जिसकी तलाश में थाना प्रभारी समेत चारों टप्पर मोहल्ला पहुंचे। पुलिस को आता देख लोकेश कीर भागने लगा, जिसका पीछा करते हुए एक गली में प्रधान आरक्षक सुनील, दूसरी गली से आरक्षक दीपक, एक और गली में आरक्षक ओम प्रकाश जाट लोकेश के पीछे भागे। बाप-बेटे ने आरक्षक को 9 चाकू मारे आरक्षक ओम प्रकाश करीब 1.40 बजे नाहरकोला में राकेश तवर की आटा चक्की के सामने लोकेश को पकड़ने नजदीक पहुंचे, तभी उसने हमला किया। उसने एक के बाद एक 9 वार किए। चाकू ओम प्रकाश के पेट, सीने, गर्दन, हाथ और पैर में लगे। ओमप्रकाश के जमीन पर गिरते ही लोकेश वहां से भाग निकला। प्रधान आरक्षक सुनील और आरक्षक दीपक ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। आरक्षक ओम प्रकाश जाट को तत्काल सरकारी अस्पताल सिवनी मालवा पहुंचाया। आरोपी लोकेश पर पहले से तीन केस दर्ज चाकूबाजी कर एक की हत्या और पुलिसकर्मी समेत 6 लोगों को घायल करने वाला आरोपी लोकेश कीर आपराधिक प्रवृत्ति का है, उसके खिलाफ शिवपुर थाने में नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने के तीन अपराध दर्ज हैं। आरोपी को पकड़ने की पूर्व थाना प्रभारियों को लगाया एएसपी अभिषेक राजन ने बताया- चाकूबाजी में एक हत्या और आरक्ष समेत 6 लोग घायल हुए हैं। एक आरोपी अमर सिंह कीर को हिरासत में ले लिया है। मुख्य आरोपी लोकेश कीर फरार है। उसे पकड़ने के लिए शिवपुर में थाना प्रभारी रहे दो एसआई विवेक यादव और संजीव पवार समेत तीन टीम लगाई हैं। एक टीम इंदौर भी रवाना हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। मामले में दो अपराध दर्ज किए गए हैं, जिसमें एक हत्या और दूसरा आरक्षक पर हमला करने, शासकीय कार्य में बाधा और जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर बनी डॉक्यू वेब सीरीज “लॉरेंस ऑफ पंजाब” पर विवाद शुरू हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस आगे आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने फिल्म के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर करने की बात कही है। यह जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा है कि यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें - 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यू सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीतिलॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारीलॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।
मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में शातिर बदमाश घायल:पुलिस से छीनी गई पिस्टल के साथ हुआ गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में सोमवार रात 9 बजे पुलिस और एसओजी टीम ने मुठभेड़ के बाद शातिर बदमाश मनजीत उर्फ काला (22) को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से उपनिरीक्षक से छीनी गई सरकारी पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद उसने पेट दर्द का बहाना बनाकर इलाज के लिए सीएचसी बुढ़ाना ले जाने की मांग की। जिसके बाद आरोपी ने शौच का बहाना बनाया। जैसे ही उसे पुलिस वाहन से नीचे उतारा गया, उसने उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चौधरी को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली और अंधेरे का फायदा उठाकर गेहूं के खेत में फरार हो गया। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें… घटना की सूचना मिलते ही थाना रतनपुरी पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आरोपी के पास से पिस्टल बरामद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने उसे मंडावली बागर क्षेत्र के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से छीनी गई .32 बोर की पिस्टल, मैगजीन और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, मनजीत उर्फ काला को 20 अप्रैल 2026 को एक मामले (मु0अ0सं0-59/2026) में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस मामले में कर रही विधिक कार्रवाई यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी गजेंद्र पाल सिंह और प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
टीकमगढ़ में आज मंगलवार सुबह बड़ागांव रोड पर एक यात्री बस पलट गई, जिसमें 10 से 15 लोग घायल हो गए। हादसा जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर के पास क्रॉसिंग के दौरान हुआ। बस सर्विस कंपनी की थी और इंदौर से टीकमगढ़ आ रही थी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने मौके पर पहुंचकर बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ यात्रियों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अधिकांश को मामूली चोटें लगी हैं। देखिए घटनाक्रम की तस्वीरें… पुलिस फिलहाल घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को उचित इलाज कराना है।
सलूंबर में आपदा की मॉक ड्रिल:सायरन बजते ही 10 मिनट ब्लैकआउट, प्रशासन ने परखी तैयारी
सलूंबर में सोमवार रात नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देश पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का एक बड़ा अभ्यास किया। इस मॉक ड्रिल के तहत सायरन बजते ही पूरे जिले में 10 मिनट के लिए बिजली काट दी गई, जिससे ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। बिजली कटौती की, गाड़ियां रुकीनिर्धारित समय पर सायरन की गूंज के साथ ही शहर की बिजली आपूर्ति रोक दी गई। सड़कों पर दौड़ते वाहनों के पहिए थम गए और घरों की रोशनी बुझ गई। ये अभ्यास जिले में किसी भी संभावित आपदा या युद्ध जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया गया था। कलेक्टर बोले- तैयारी ही बचावइस सफल अभ्यास पर जिला कलेक्टर ने कहा, तैयारी ही बचाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अभ्यास का उद्देश्य जनता को डराना नहीं, बल्कि प्रशासन और आम जनता को किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार करना है। कलेक्टर ने सलूंबर की जनता द्वारा अनुशासन के साथ लाइटें बंद कर सहयोग देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये दर्शाता है कि जिला किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मानसिक और प्रशासनिक रूप से तैयार है। आग लगी, बचाव दल पहुंचा और रेस्क्यू कियामॉक ड्रिल के दौरान आरटीओ चौराहे पर आग लगने और जनहानि की कृत्रिम स्थिति निर्मित की गई। प्रशासन की तत्परता दिखाते हुए कुछ ही मिनटों में बचाव दल मौके पर पहुंच गया। आग में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों (डमी) को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, जिसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम पहले से अलर्ट मोड पर थी और उन्होंने घायलों को तुरंत उपचार प्रदान किया। ब्लैकआउट के 10 मिनटों के दौरान वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी कर हेडलाइट्स बंद कर दीं। शहर में जनरेटर और सोलर लाइटें भी बंद रहीं। हालांकि, मानवीय आधार पर अस्पताल, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस ड्रिल से छूट दी गई थी ताकि वास्तविक मरीजों को असुविधा न हो। इस अभ्यास की निगरानी के लिए एडीएम डॉ. दिनेश राय सापेला, एएसपी रतन चावला, एसडीएम जगदीश चंद्र बामनिया, सीओ दिनेश चंद्र पाटीदार और डिप्टी हेरम्भ जोशी सहित जिला चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा विभाग की पूरी टीम तथा भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। अधिकारियों ने विभिन्न चौराहों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी। प्रशासन के अनुसार, यह ब्लैकआउट अभ्यास भविष्य की रणनीतियों का हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि संकट के समय संचार और राहत कार्य बिना किसी बाधा के कैसे संचालित किए जाएं।
मंदसौर शहर के खानपुरा स्थित नीलगर मोहल्ले में एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ है। इस घटना में युवक के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल युवक की पहचान समीर पिता शाकीर कुरेशी (21 वर्ष), निवासी खरंज्जा मोहल्ला, खानपुरा के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। समीर ने बताया कि वह खानपुरा बांध पर अपने एक दोस्त से मिलने गया था। इसी दौरान शकील कुरेशी अपनी कार में दो महिलाओं के साथ वहां से गुजरा। कुछ देर बाद शकील ने समीर को फोन कर उस पर पीछा करने का आरोप लगाया। समीर ने इस आरोप से इनकार करते हुए बताया कि वह अपने दोस्त से मिलने आया था। इसके बाद शकील का भतीजा वाजीद पिता नूरा कुरेशी मौके पर पहुंचा। उसने समीर के साथ गाली-गलौज की और बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में समीर के कंधे और पीठ पर चोटें आईं। समीर किसी तरह वहां से बचकर जमातखाने के पास स्थित चौक पर पहुंचा। हालांकि, आरोपी उसका पीछा करते हुए वहां भी आ गए। आरोप है कि वाजीद ने समीर के हाथ पकड़े, शाहनवाज पिता असलम कुरेशी ने उसे सामने से दबोच लिया और मोती पिता कुतुब कुरेशी ने लाठी से उसके सिर पर वार किया। इस हमले में समीर के सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गया। शोर सुनकर उसके रिश्तेदार अमान पिता अनवर कुरेशी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिन्होंने बीच-बचाव कर समीर को बचाया। पीड़ित ने बताया कि जाते समय आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने शकील के खिलाफ कुछ भी कहा तो उसे जान से मार दिया जाएगा। हमले में समीर के सिर, हाथ, पैर और कमर में चोटें आई हैं। उसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296बी, 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कानपुर में 11 साल की जुड़वां बेटियों की गर्दन रेतकर नृशंस हत्या करने वाला पिता जेल में हैं। मां रेशमा रोते हुए अपनी बेटियों को दफन किया। अब इस मामले में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड ने दावा किया कि आरोपी पिता शशिरंजन मिश्रा अपनी दोनों बेटियों से बहुत प्यार करता था। उसने सोंचा होगा कि अगर वह मर गया, तो बेटियों का क्या होगा। यही सनक उस पर सवार हो गई होगी। इसके बाद उसने दोनों बेटियों का मार डाला। उन्होंने कहा- शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच काफी विवाद होते थे। हालांकि, पिछले 2 साल से खुलकर झगड़े नहीं हो रहे थे। लेकिन दोनों के रिश्तों में दूरियां बनी हुई थीं। आरोपी शशिरंजन अपनी पत्नी से इतनी नफरत करता था कि दोनों के बीच बातचीत तक बंद थी। इस मामले में पुलिस ने अपार्टमेंट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। हालांकि, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। आखिर पिता ने अपनी जान से प्यारी बेटियों की गर्दन रेतकर क्यों मार डाला? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए भास्कर ने अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड प्रेम नारायण दीक्षित से बातचीत की। अब पढ़िए पूरी बातचीत… 8 साल से त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रहता थासिक्योरिटी गार्ड प्रेम नारायण दीक्षित ने बताया- शशिरंजन मूलरूप से बिहार के गया का रहने वाला है, जबकि उसकी पत्नी रेशमा पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी की रहने वाली है। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) का काम करता था। साल 2014 में दोनों ने लव मैरिज की थी। करीब 8 साल तक दोनों इसी अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रहे। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। कई बार झगड़ा इतना बढ़ जाता था कि मामला फ्लैट से बाहर तक पहुंच जाता था। सोसायटी के लोगों को बीच-बचाव करना पड़ता था। एक-दो नहीं, बल्कि कई बार दोनों को समझाने के लिए पुलिस तक बुलानी पड़ी। 3 साल पहले पत्नी रेशमा मायके चली गई थीकरीब तीन साल पहले दोनों के बीच बड़ा विवाद हुआ। इसके बाद पत्नी रेशमा अपने मायके पश्चिम बंगाल चली गई थी। उस दौरान शशिरंजन काफी परेशान रहता था। करीब नौ महीने बाद रेशमा वापस आई और दोनों फिर साथ रहने लगे। इसके बाद खुलकर झगड़े नहीं हुए, लेकिन दोनों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। वह अपनी पत्नी से कहता था कि तुम अपनी बेटी को लेकर चली जाओ, मैं अपनी बेटियों को खुद पाल लूंगा। वह बेटियों से बहुत प्यार करता था और उन्हें अपने साथ ही रखता था। सनक में दोनों बेटियों की हत्या कर दीप्रेम नारायण दीक्षित ने बताया- एक दिन मैंने उसे फोन पर किसी से बात करते सुना था। वह कह रहा था कि उसे बिजनेस में घाटा हुआ है और वह इससे काफी परेशान है। शायद इसी वजह से वह सुसाइड करने के बारे में सोच रहा होगा। लेकिन वह अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था, इसलिए उसे लगता होगा कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा, उनकी देखभाल कौन करेगा। इसी सोच ने उसके ऊपर सनक सवार कर दी होगी। उसने सोचा होगा कि पहले बेटियों की हत्या कर दूं, फिर खुद भी मर जाऊंगा। अब पूरा मामला जानिए खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, चापड़ से गर्दन रेतीआरोपी शशि रंजन मिश्रा पुलिस पूछताछ में बताया- मैं बेटियों को बहुत प्यार करता था। मुझे लगता था कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा? वो कैसे सर्वाइव करेंगी? इसी बात को लेकर मैं परेशान था। 18 अप्रैल को मैंने बेटियों की हत्या करके खुद सुसाइड करने का प्लान बनाया। मैंने उनके खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। जब दोनों अचेत हो गईं तो गला घोंटा, फिर चापड़ से गर्दन रेत दी। खुद सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। 72 घंटे बाद भी ससुराल और मायके से कोई नहीं पहुंचामर्डर केस की जानकारी मिलने के बाद ससुराल पक्ष ने साफ कह दिया कि वे कानपुर नहीं आएंगे। उनका कहना है कि शशिरंजन और रेशमा से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, रेशमा के मायके के लोग पश्चिम बंगाल से कानपुर के लिए रवाना हो चुके हैं, लेकिन देर शाम तक उनके पहुंचने की सूचना नहीं मिल सकी थी। रेशमा की मां, पिता और भाई वहां से कानपुर आने के लिए निकल चुके हैं। वहीं, रेशमा ने बताया- मैं अब इस फ्लैट का 20 हजार रुपए किराए देने में सक्षम नहीं हूं। इसके साथ ही इस फ्लैट में दोनों बेटियों से इतनी यादें जुड़ी हैं कि मैं कभी चैन से सो नहीं पाएगी। हर पल उसे दोनों बेटियों की याद आ रही है। अब कानपुर में रहना है या नहीं। मायके वालों के आने के बाद ही इस पर फैसला होगा। किचन-बेडरूम तक लगवा रखे थे CCTVरेशमा ने बताया कि वह कानपुर के एक मेंस पार्लर में काम करती थीं, जहां उनकी मुलाकात शशि रंजन से हुई। साल 2014 में प्रेम विवाह किया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद उनके पति शराब के नशे में रोज मारपीट करने लगे। वे नींद की गोलियां भी लेते थे। रेशमा ने बताया कि पति शक करता था, इसलिए घर के एंट्री गेट से लेकर किचन और बेडरूम तक हर जगह CCTV कैमरे लगवा दिए थे। उन्हें अपने ही कमरे में जाने नहीं दिया जाता था, जबकि दोनों बेटियों को पति अपने साथ रखते थे। वह अक्सर कहते थे कि तुम बेटे को लेकर कहीं भी चली जाओ, मैं बेटियों की परवरिश कर लूंगा। जब पति घर से बाहर जाते थे, तभी मैं बेटे के साथ उनके कमरे में जा पाती थी। ---------- ये भी पढ़ें- मुरादाबाद में प्रॉपर्टी विवाद में दंपति की चाकू घोंपकर हत्या: 8 साल की बेटी मदद के लिए गिड़गिड़ाई, हमलावरों के डर से नहीं पहुंचे पड़ोसी मुरादाबाद में प्रॉपर्टी विवाद में पड़ोसी ने दंपति की चाकू से घोंपकर हत्या कर दी गई। उसके बाद फरार हो गया। पड़ोसियों ने डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपति को अस्पताल लेकर गई। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही एसएसपी सतपाल अंतिल और डीआईजी मुनिराज जी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक दंपति की 8 साल की बेटी और पड़ोसियों से बात कर घटना की जानकारी ली। बेटी ने बताया- चार से 5 लोग रात में मेरे घर में घुस आये थे। उन्हें देखते ही पापा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। लेकिन हमलावरों ने दरवाजा खोल लिया। पापा को चाकू मारने लगे। मम्मी-बचाने आई तो उन्हें भी चाकू मार दिया। घर में रखा फ्रिज और अन्य सामान गिरा दिया। उसके बाद भाग गए। वह मदद के लिए पड़ोसियों के आगे गिड़गिड़ाई लेकिन उसके मम्मी -पापा को बचाने कोई नहीं आया। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सोमवार रात सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। पढ़िए पूरी खबर…
दमोह में सोमवार रात भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें भगवान परशुराम की 15 फीट ऊंची प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आयोजकों के अनुसार, यह पहली बार था जब शोभायात्रा में इतनी विशाल प्रतिमा शामिल की गई। शोभायात्रा में छोटे बच्चे आकर्षक वेशभूषा में शामिल हुए। हजारों की संख्या में लोगों ने भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए इस यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। हवन के बाद शिव पार्वती मंदिर से शोभायात्रा शुरू शोभायात्रा से पहले, सुबह परशुराम टेकरी पर हवन पूजन का आयोजन किया गया। इसमें विप्र समाज के बड़ी संख्या में सदस्यों ने पहुंचकर भगवान का पूजन किया और हवन में आहुतियां अर्पित कीं। रात में शोभायात्रा की शुरुआत सिविल वार्ड स्थित शिव पार्वती मंदिर से हुई। घंटाघर पर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जहां विप्र समाज के सदस्यों ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके उपरांत, शोभायात्रा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों से गुजरी। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात इन मार्गों पर जगह-जगह स्वागत गेट लगाए गए थे और स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर उसका स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी तैनात थे।
INLD महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला भिवानी पहुंची और उन्होंने भिवानी की जाट धर्मशाला में आयोजित एक शादी समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने इनेलो पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत की। इस दौरा इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणीमाहु सहित अन्य लोग मौजू रहे। इस दौरान उन्होंने मंडियों में चल रही फसल खरीद को लेकर कहा कि किसान, कमेरा व व्यापारी ये तीनों एक दूसरे के पूरक है। जो बायोमैट्रिक लेकर आए हैं, उससे सभी परेशान है। अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री से मिलकर इसका समाधान करने का प्रयास किया, लेकिन वहां से कोई आश्वासन नहीं मिला तो मंडियों में गए। आज किसानों की जमीन महिलाओं के नाम है या जो विदेश गए हैं उनके नाम है। विदेश गए लोगों को यहां लाकर बायोमैट्रिक करवाना बहुत बड़ी समस्या है। जब सरकार से पूछा गया तो कहा गया कि धान घोटाले से सबक लेकर यह बायोमैट्रिक शुरू किया गया। इस पर सुनैना चौटाला ने कहा कि धान घोटाला करने वाले किसान नहीं थे, धान घोटाला करने वाले भाजपा के एजेंट व नुमाएंदे थे। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि किसान को पीसा जा रहा है। महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस-भाजपा में चल रही बयान बाजी पर सुनैना चौटाला ने कहा कि यह नुरा कुश्ती है। दरअसल भाजपा व कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है। आज भाजपा को मेहनत करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनके हिस्से कि मेहनत कांग्रेस हर पायदान पर करते हुए नजर आएगी। राज्यसभा चुनाव में बहुत बड़ी चीज देखी कि खरीद-फिरोख्त हुई, लेकिन बिका कौन, कांग्रेस। कांग्रेस बिकाऊ हो चुकी है। भाजपा इसका फायदा उठा रही है। 70 साल तक महिलाओं को छलने का काम कांग्रेस ने किया। 15 साल महिलाओं को छलने का काम भाजपा ने किया। हमें कहा गया 2029 में यह बिल लागू हो जाएगा, लेकिन अब यह ढुलमुल रवैया इन्होंने दिखाया, उसका हरियाणा की महिलाएं विरोध करेंगी और आगामी चुनाव में इन्हें सबक सिखाने का काम करेगी। हिसार घटना पर कहा कानून व्यवस्था का जनाजा निकलाहिसार में जेजेपी नेताओं के साथ हुई घटना को लेकर सुनैना चौटाला ने कहा कि कानून व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है। कानून व्यवस्था आज कहीं पर भी नहीं है, जंगल राज है। जो काम पुलिस का है अपराधियों को पकड़ना। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रहे नफे सिंह राठी के कातिल आज तक भी हरियाणा पुलिस से नहीं पकड़े गए हैं। वह पुलिस पर सवालिया निशान है। इसके अलावा भिवानी के मनीषा हत्याकांड गुमनामी में चला गया। हिमांशी नरवाल का कांड, यह फेल है। हरियाणा में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर सुनैना चौटाला ने कहा कि पार्टी का निर्णय है कि वह अपने चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेगी। लड़ना हमारी प्रवृति है और लड़कर हम जीतेंगे।
उन्नाव में गंगा की धारा प्रवाह बदली, फसलें बर्बाद:गर्मी के साथ सब्जी किसानो का नुकसान
उन्नाव जनपद में भीषण गर्मी और गंगा नदी की धारा में आए बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्लागंज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने और धारा के मुड़ने से नदी किनारे रेत में उगाई जाने वाली सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ककड़ी, खीरा, तरबूज और लौकी जैसी मौसमी फसलें पानी भरने और तेज धूप के दोहरे असर से बर्बाद हो रही हैं। स्थानीय किसान मोहताज, हलीम और नाजिर ने बताया कि गंगा की धारा अचानक बदलने से खेतों में पानी भर गया, जिससे रेत में तैयार फसलें सड़ने लगीं। इसके साथ ही, लगातार पड़ रही तेज धूप ने बची-खुची फसल को भी झुलसा दिया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने इस बार बड़ी मेहनत और लागत से फसल तैयार की थी, लेकिन नदी के बदलते रुख और मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शुक्लागंज के कई किसानों के अनुसार, गंगा किनारे की रेत में उगाई जाने वाली सब्जियां उनकी आजीविका का प्रमुख साधन हैं। वे हर साल इन फसलों से अच्छी आमदनी करते थे, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत है। खेतों में खड़ी फसलें या तो पानी में डूब गई हैं या तेज गर्मी से सूखकर खराब हो रही हैं, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी सहायता आवश्यक है। उन्होंने भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और स्थायी समाधान की भी मांग उठाई है। शुक्लागंज के तटवर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में किसान रेत में मौसमी सब्जियां उगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। हर साल इन फसलों से अच्छी आमदनी होती थी, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह विपरीत हैं। खेतों में खड़ी फसल या तो जलमग्न हो गई है या सूखकर खराब हो रही है।
8 साल के बच्चे की गंगा नदी में डूबकर मौत:प्रतापगढ़ में दूसरे दिन 8 किमी दूर मिला शव, परिजनों को सौंपा
प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे आठ वर्षीय बालक का शव दूसरे दिन लगभग आठ किलोमीटर दूर बरामद हुआ। पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया, जिससे क्षेत्र में दुख का माहौल है। मानिकपुर नगर पंचायत के ज्वालादेवी पूरे अली नकी गांव निवासी इरशाद अहमद का बेटा सूफियान रविवार दोपहर अपने दोस्तों के साथ शाहाबाद गंगाघाट पर नहाने गया था। नहाते समय वह गंगा की तेज धारा में बह गया। साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बालक गहरे पानी में समा चुका था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से बालक की तलाश शुरू की। देर शाम तक चले तलाशी अभियान में कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन, घटना स्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर कौशाम्बी के कड़ा धाम गंगाघाट के पास पानी में शव उतराता हुआ मिला। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मुज़फ़्फ़रनगर में जौली रोड स्थित रामेश्वरी पेपर मिल एक बार फिर चर्चा में है। मिल की चिमनी से काला और घना धुआं निकलने के दो वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ये वीडियो रविवार सुबह और सोमवार देर शाम के बताए जा रहे हैं। इनमें मिल की चिमनी से अत्यधिक काला और घना धुआं निकलता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में प्रदूषण को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की अन्य पेपर मिलों की तुलना में रामेश्वरी पेपर मिल पर पहले भी अत्यधिक प्रदूषित धुआं छोड़ने के आरोप लगते रहे हैं। लगातार दो दिनों में दो वीडियो सामने आने से यह मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति पहले से ही प्रदूषण से जूझ रहे क्षेत्र के लिए एक नई चुनौती है। आरोप है कि पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा स्थानीय आबादी को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि यह केवल प्रदूषण नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। इन वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया है। पूर्व में भी इसी मिल से धुएं के कई वीडियो सामने आ चुके हैं। हालांकि, बार-बार शिकायतों और वीडियो के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सक्रिय हो गया है। क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने कहा है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एक टीम को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण और जांच के निर्देश दिए हैं। चंद्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सीमा से लगे अनूपपुर जिले में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। पिछले 113 दिनों से तीन हाथियों का एक समूह जिले में विचरण कर रहा है, जबकि एक अकेला हाथी 16 दिनों से सक्रिय है। सोमवार सुबह मरवाही-अनूपपुर सीमा पर एक और दंतैल हाथी के पहुंचने से क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है। हाथी दिनभर जंगलों में रहते हैं और शाम होते ही रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ते हैं। जैतहरी और अनूपपुर वन परिक्षेत्र के दर्जनों गांवों में हाथियों ने कई मकानों को क्षतिग्रस्त किया है। उन्होंने बाड़ियों में लगी धान, केला, कटहल और महुआ की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। घर के आंगन में हाथी के घुसने से परिवार डरे खांडा बांध के पास एक रात मोहन सिंह के घर के आंगन में हाथी घुस गया और धान खाने लगा। घर के अंदर मौजूद महिला और बच्चे दहशत में आ गए। गश्त कर रही वन विभाग की टीम और विजय सोनवानी ने ग्रामीणों की मदद से पटाखे फोड़कर हाथी को भगाया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। वन परिक्षेत्राधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ने बताया कि तीन हाथियों का समूह 113 दिनों से जिले में है और वर्तमान में धनगवां के जंगल में सक्रिय है। इन हाथियों ने कुकुरगोड़ा और पड़रिया पंचायत के कई घरों को निशाना बनाया है। उन्होंने चोलना बीट में वन विभाग के 40 से अधिक आरसीसी पोल और 100 मीटर फेंसिंग तार को भी क्षतिग्रस्त किया है। देखिए तस्वीरें… 16 दिन से जंगल में एक हाथी का डेरा जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांडा के जंगलों में एक अकेला हाथी पिछले 16 दिनों से डेरा डाले हुए है। इसी बीच, सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के कटघोड़ा वन मंडल से होता हुआ एक नया दंतैल हाथी मरवाही के माडाकोट पहाड़ पर पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में यह हाथी भी अनूपपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर सकता है। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को रात में घरों से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है। गश्ती दल लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है।
कोरबा में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के तत्वावधान में टीपी नगर चौक पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महिलाओं के सम्मान को लेकर विरोध जताया और पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने बहनों के सम्मान में, बजरंग दल मैदान में जैसे नारे लगाए। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रहित, मातृशक्ति का सम्मान और समाज की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। राष्ट्र विरोधी या समाज विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि नारी शक्ति का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा और संगठन इसके लिए सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराता रहेगा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
मऊ में एसपी ने कानून व्यवस्था पर की बैठक:चौकी प्रभारियों को अराजक तत्वों पर नजर रखने के निर्देश
मऊ में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सोमवार देर शाम पुलिस लाइन सभागार में सभी चौकी प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अपराध नियंत्रण, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, गश्त व्यवस्था को प्रभावी बनाने और अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सतर्क रहें। उन्होंने आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने पर जोर दिया। एसपी ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में आई-गॉट पोर्टल (I-Got Portal) पर पंजीकरण और निर्धारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, यह भी निर्देश दिए गए कि विभिन्न पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, YAKSH App के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। एसपी ने निर्देशित किया कि इस ऐप के माध्यम से अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने घर-घर जाकर जांच की प्रक्रिया को तेज करने का भी आदेश दिया। बैठक के दौरान ई-साक्ष्य, वारंट की गिरफ्तारी, एसआईडी और विवेचना से संबंधित बिंदुओं पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सहित समस्त क्षेत्राधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
चित्रकूट बरौंधा थाना क्षेत्र के लालापुर (पाथरकछार) गांव में सोमवार देर रात एक 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान कविता यादव (20) पुत्री सिपाहीलाल यादव निवासी इटवा, थाना कलिंजर के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ समय से चित्रकूट क्षेत्र के लालापुर गांव में अपने नाना-नानी के घर रह रही थी। परिजनों के अनुसार, सोमवार देर रात जब कविता के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला, तो उन्हें संदेह हुआ। दरवाजा तोड़ने पर युवती फंदे से लटकी हुई मिली। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों ने बताया कि युवती के व्यवहार में हाल के दिनों में कोई विशेष बदलाव नहीं दिखा था। गांव में इस घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर करते हुए जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। बरौंधा थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि इस मामले में फिलहाल कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। यदि परिजनों की ओर से कोई शिकायत दी जाती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल 'नेपा लिमिटेड' में 469 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण के बाद सोमवार शाम से कागज का उत्पादन शुरू हो गया है। अक्षय तृतीया के अवसर पर मिल की मशीन नंबर 1 को चालू कर दिया गया है। मिल प्रबंधन के पास कागज उत्पादन के लिए पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध है और मशीन नंबर 2 को भी जल्द चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड की इस मशीन का एक महीने पहले सफल ट्रायल किया गया था। इस ट्रायल में लगभग 30 से 40 टन कागज का उत्पादन हुआ था। सफल ट्रायल के बाद पिछले महीने ही केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेणुका मिश्रा और स्वतंत्र निदेशक सीए मिलिंद कनाडे ने नेपा लिमिटेड का दौरा किया था। मिल को पूरी तरह से संचालित करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। 15 अप्रैल से शुरू करने की थी योजना, अक्षय तृतीया पर हुई शुरुआत शुरुआत में इस मशीन को 15 अप्रैल से चालू करने की रणनीति थी, लेकिन इसे अब अक्षय तृतीया के अवसर पर शुरू किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मिल के पास फिलहाल कागज उत्पादन के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल मौजूद है। नेपा लिमिटेड एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी और पुरानी सरकारी कागज मिलों में से एक है। 1947 में हुई थी शुरुआत, 1956 में देश को की गई थी समर्पित लगभग 75 वर्ष के गौरवशाली इतिहास वाली नेपा लिमिटेड एशिया की पहली और भारत की सबसे पुरानी अखबारी कागज मिल है। 1947 में निजी क्षेत्र में शुरू हुई यह मिल अब एक सार्वजनिक उपक्रम है। 26 अप्रैल 1956 को तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इस मिल को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। हाल ही में 469 करोड़ रुपये की लागत से इसका आधुनिकीकरण किया गया है। 1995 में बनाया था गुलाबी कागज, रिसाइकल्ड सामग्री से होता है उत्पादन वर्ष 1995 में गुलाबी समाचार पत्र कागज (पिंक न्यूजप्रिंट) प्रस्तुत करने का श्रेय भी इसी मिल को प्राप्त है। इस मिल में मुख्य रूप से न्यूजप्रिंट और राइटिंग प्रिंटिंग पेपर का उत्पादन किया जाता है। कागज बनाने की इस प्रक्रिया में अपशिष्ट कागज से तैयार लुगदी, पुराने ऑफिस पेपर और अन्य रिसाइकल्ड सामग्री का ही उपयोग किया जाता है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टाइगर आरबीटी-2407 और टाइग्रेस आरबीटी-2510 एक साथ घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों का मूवमेंट झूमर बावड़ी क्षेत्र के आसपास बना हुआ है और सोमवार को फतेह कैफे के पीछे भी दोनों साथ नजर आए। वन विभाग की ओर से रेडियो कॉलर लगे बाघ की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और दोनों के साथ रहने से आगे मैटिंग की संभावना जताई जा रही है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह गतिविधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों लगातार साथ नजर आ रहे हैं। बीते दिन फतेह कैफे पीछे दिखे बाघ और बाघिन सोमवार को दोनों बाघ फतेह कैफे के पीछे बैठे हुए दिखाई दिए थे। इससे पहले भी कई बार इनका साथ में मूवमेंट रिकॉर्ड किया गया है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टाइगर आरबीटी-2407 और टाइग्रेस आरबीटी-2510 एक साथ घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों का मूवमेंट झूमर बावड़ी क्षेत्र के आसपास बना हुआ है और सोमवार को फतेह कैफे के पीछे भी दोनों साथ नजर आए। वन विभाग की ओर से रेडियो कॉलर लगे बाघ की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी बीच अब टाइगर के साथ टाइग्रेस के घूमने की खबरें सामने आई है, जिसके चलते बाघिन आरबीटी-2510 के आगामी समय में मां बनने की संभावनाओं को बल मिला है। टाइगर आरबीटी-2407 रणथंभौर का युवा बाघ है। उसकी उम्र करीब चार साल है और यह टी-93 का बेटा है। वहीं टाइग्रेस आरबीटी-2510 की उम्र करीब 3 साल है और यह सुल्ताना टी-107 की बेटी है।
गुरुग्राम शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार सुशांत लोक-1 में गलेरिया रोड पर बीच सड़क खोदे गए एक बड़े गड्ढे में महिला प्रोफेसर की कार गिर गई। राहगीरों ने गड्ढे के अंदर कार में फंसी महिला प्रोफेसर को बाहर निकाला। संयोग से कार चला रही महिला प्रोफेसर बाल-बाल बच गईं, लेकिन उनकी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। महिला प्रोफसर सुशांत लोक-1 की रिजवुड एस्टेट सोसाइटी में रहती हैं और सेक्टर-55 स्थित सुशांत यूनिवर्सिटी में विभागाध्यक्ष (HOD) के पद पर कार्यरत हैं। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह शाम को यूनिवर्सिटी से ड्यूटी खत्म कर अपने घर लौट रही थी। न बेरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड जब वह गैलेरिया रोड पर पहुंची, तो वहां सड़क के बीचों-बीच खोदा गड्ढा उन्हें दिखाई नहीं दिया। इस गड्ढे के चारों ओर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। अंधेरा होने के कारण प्रोफेसर गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा पाईं और उनकी कार सीधे उसमें समा गई। प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला को कार से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह गड्ढा पिछले कई महीनों से इसी हाल में है, लेकिन निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा। पॉश इलाका होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर इस तरह की लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी। पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी पीड़िता महिला प्रोफेसर ने घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे से उन्हें गहरा मानसिक सदमा पहुंचा है और उनकी कार को भी काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वह इस लापरवाही के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस, जीएमडीए और नगर निगम प्रशासन को लिखित शिकायत देंगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
हमीरपुर में सोमवार देर रात यमुना पुल पर दो कारों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद दोनों कार सवारों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद एक कार सवार पुल से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी आदित्य जैन के रूप में हुई है। यह घटना सदर कोतवाली और कानपुर के सजेती थाने की सीमा पर स्थित यमुना पुल पर हुई। जानकारी के अनुसार, आदित्य जैन की तेज रफ्तार किया कार की टक्कर सामने से आ रही ब्रेजा कार से हुई थी। टक्कर के बाद आदित्य जैन और ब्रेजा कार सवारों के बीच बहस हुई, जिसके बाद आदित्य यमुना पुल से नीचे गिर गए। जिस स्थान पर युवक नदी में गिरा, वहां पानी नहीं था। नीचे पथरीले हिस्से पर गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस के साथ कानपुर के सजेती थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। चूंकि हादसे का स्थान सजेती थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए सजेती पुलिस ने युवक को रेस्क्यू कर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को कार से मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। इस हादसे के बाद नेशनल हाईवे-34 पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सुचारू कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, और परिजनों के आने के इंतजार में है।
धौलपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सागर पाड़ा स्थित अंबेडकर पार्क से एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसे राजाखेड़ा विधायक रोहित बौहरा और बसेड़ी विधायक संजय जाटव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अंबेडकर को दी गई श्रद्धांजलियह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिरौली फाटक स्थित अंबेडकर पार्क पर समाप्त हुई। मार्ग में विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कोतवाली थाने पर हुआ शोभायात्रा का स्वागत शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों का संदेश दिया। मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए, जहां पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। पेयजल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन में युवाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। कोतवाली थाने पर भी शोभायात्रा का स्वागत किया गया। विचार गोष्ठियों का हुआ आयोजनजयंती के अवसर पर सागर पाड़ा अंबेडकर पार्क में विचार गोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों को अपनाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया।पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद फ्लैट खरीदारों को राहत और प्लॉट लेने वालों पर हल्का बोझ—दोनों साथ लेकर चलने की तैयारी में है। 23 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में ऐसा प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें फ्लैट की कीमतों में 15% तक छूट और प्लॉट के दाम 5% तक बढ़ाने की मंजूरी मांगी जाएगी। खाली फ्लैट बेचने के लिए बड़ा दांव परिषद के पास लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा में बड़ी संख्या में फ्लैट लंबे समय से खाली पड़े हैं। पिछले साल सीमित योजनाओं में कीमत घटाने का प्रयोग सफल रहा था, जिसके बाद अच्छी बिक्री हुई। अब इसी फॉर्मूले को सभी प्रमुख योजनाओं में लागू करने की तैयारी है। प्रस्ताव पास होने के करीब एक महीने के भीतर छूट लागू हो सकती है। जहां जमीन नहीं, वहां बढ़ोतरी नहीं परिषद ने साफ किया है कि जिन योजनाओं में फिलहाल जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां प्लॉट की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। यानी बढ़ोतरी सिर्फ उन्हीं इलाकों में होगी जहां नए प्लॉट आवंटन की गुंजाइश है। चक्रवृद्धि ब्याज और पेनल्टी में राहत नई योजना में बकायेदारों को भी राहत देने का प्रावधान है। समय पर किस्त न जमा करने पर लगे दंड और चक्रवृद्धि ब्याज में छूट मिलेगी। यह लाभ आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, स्कूल, चैरिटेबल संस्थाओं और सहकारी समितियों को आवंटित संपत्तियों पर भी लागू होगा। राजस्व संतुलन के लिए प्लॉट महंगे परिषद लखनऊ की अवध विहार और वृंदावन योजना समेत उन इलाकों में प्लॉट के दाम बढ़ाने जा रहा है, जहां मांग बनी हुई है और जमीन उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि इससे राजस्व संतुलन बना रहेगा। जहां छूट नहीं, वहां बिक्री ठप अधिकारियों के मुताबिक जिन परियोजनाओं में पहले कीमतें नहीं घटाई गई थीं, वहां फ्लैटों की बिक्री लगभग रुक गई थी। इसी अनुभव के आधार पर अब सभी योजनाओं को छूट के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि रुकी बिक्री को रफ्तार मिल सके।
झुंझुनूं में एक सड़क हादसे में तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार युवक और उसकी ममेरी बहन की मौत हो गई, जबकि 4 साल की मासूम बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। यह हादसा सोमवार शाम करीब 5 बजे सदर थाना क्षेत्र में बीड़ चेकपोस्ट से लगभग 500 मीटर दूर हुआ। पुलिस के अनुसार, पवन काजला अपनी बहन पूजा और उसकी बेटी के साथ इलाज के लिए झुंझुनूं आया था और लौटते समय हादसा हुआ। घायलों को बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां पवन को मृत घोषित किया गया और बाद में पूजा की रास्ते में मौत हो गई। इलाज से लौटते समय हुआ हादसा सदर थानाधिकारी मांगीलाल ने बताया कि जीणी पंचायत के हरिपुरा निवासी पवन काजला (23) अपनी ममेरी बहन पूजा (30) निवासी स्वामीसेही का इलाज कराने झुंझुनूं आया था। उनके साथ पूजा की 4 साल की बेटी गर्वी भी थी। वापस गांव लौटते समय बीड़ क्षेत्र में सामने से आई तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। पवन की मौत बीडीके हॉस्पिटल में हो गई थी, जबकि पूजा की जयपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। दोनों के पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। टक्कर में उछलकर कार के शीशे पर गिरे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि पूजा और उसकी बेटी उछलकर पीछे आ रही एक कार के शीशे पर जा गिरीं, जिससे कार का शीशा टूट गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। टक्कर के बाद बाइक क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। राहगीरों की मदद से घायलों को बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित किया, जबकि पूजा और गर्वी को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया। रास्ते में महिला की मौत, बच्ची का इलाज जारी जयपुर ले जाते समय पूजा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घायल बच्ची गर्वी का चौमूं के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। राहगीरों ने तुरंत पहुंचाया हॉस्पिटल हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे चिड़ावा के पूर्व उप प्रधान विपिन नूनिया और राजेश गोदारा ने एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया और बच्ची को अपने वाहन से हॉस्पिटल पहुंचाया। सफर के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ने पर विपिन नूनिया ने उसे लगातार सीपीआर दी, जिससे उसकी सांसें चलती रहीं और समय पर इलाज मिल सका। बचपन से बुआ-फूफा के पास रहती थी पूजा परिजनों के अनुसार पूजा बचपन से हरिपुरा में अपने बुआ-फूफा के पास रह रही थी। उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया और बाद में उसकी शादी कराई। पूजा का ससुराल सेही कलां गांव है। वह कई दिनों से सांस की तकलीफ से परेशान थी और इलाज के लिए झुंझुनूं आई थी। पवन गुजरात में करता था मजदूरी मृतक पवन काजला गुजरात में एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह 3-4 दिन पहले ही गांव आया था। परिजनों के अनुसार उसकी चचेरी बहन के घर बेटे के जन्म पर 23 अप्रैल को छूछक कार्यक्रम तय था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पवन 5 दिन पहले ही गांव आया था।
उदयपुर की पॉक्सो कोर्ट-2 ने नाबालिग से रेप के मामले में पुलिस जांच में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी रहे डीएसपी शिप्रा राजावत और डीएसपी तपेंद्र मीणा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के आदेश जारी किए हैं। प्रकरण के अनुसार, 27 मार्च 2023 को सूरजपोल थाने में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 मार्च की रात उसकी 17 साल की बेटी के साथ नाथूलाल नामक व्यक्ति ने रेप किया। मामले की शुरुआती जांच डिप्टी तपेंद्र मीणा और बाद में डिप्टी शिप्रा राजावत ने की। पुलिस ने लास्ट में केस को झूठा बताते हुए कोर्ट में अंतिम प्रतिवेदन (एफआई) पेश कर दिया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने उन्हें न्याय दिलाने के बजाय टॉर्चर किया। आरोप लगाया कि थाने में महिला अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की, बल्कि बेटी को रोककर धमकाया और उसके बयान बदलवा दिए। मां ने कहा कि 4 साल तक पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन्होंने बेटी की शादी कर दी। अब वे कार्रवाई नहीं चाहतीं। कोर्ट की टिप्पणी-पॉक्सो एक्ट की उड़ी धज्जियां पॉक्सो कोर्ट-2 के न्यायाधीश संजय कुमार भटनागर ने मामले के तथ्यों की जांच करते हुए पुलिस कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारियों ने आरोपी को न तो गिरफ्तार किया और न ही उसका मेडिकल कराया। मौका नक्शा बनाने और बयान दर्ज करने में जानबूझकर देरी की गई। आरोपी के खून के नमूने की जांच तक नहीं कराई गई। पॉक्सो एक्ट के विरुद्ध जाकर नाबालिग पीड़िता को बिना कोर्ट की अनुमति के बार-बार थाने बुलाकर प्रताड़ित किया गया। अदालत ने माना कि पुलिस की इसी प्रताड़ना और देरी के कारण मां को मजबूरी में कार्रवाई से पीछे हटना पड़ा। कोर्ट ने पीड़िता की इच्छा पर एफआर तो स्वीकार कर ली, लेकिन दोनों पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एमबीएस अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार देर रात मरीज के परिजनों ने ईसीजी स्टाफ को पीट दिया, जिसके बाद माहौल गर्मा गया। रात करीब 11 बजे हुई इस घटना के बाद इमरजेंसी के सभी नर्सिंगकर्मी, डॉक्टर अन्य स्टाफ बाहर आ गए और कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं। नयापुरा थाने से पुलिस जाब्ता और अस्पताल अधीक्षक डॉ धर्मराज मीणा भी मौके पर पहुंचे और समझाइश करके फिर से काम शुरू करवाया। स्टाफ को बेरहमी से पीटते हुए बाहर तक ले गए मरीज के परिजन हुआ यूं कि करीब 60 वर्षीय महिला रोगी नूरजा बेगम की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने ईसीजी लिखी थी। ईसीजी स्टाफ विष्णु प्रकाश ने बताया, जैसे ही महिला को लाया गया तो मैंने एंट्री की और पूछा कि कोई महिला अटेंडेंट हैं साथ में या नहीं? उनके साथ महिला अटेंडेंट थी तो उनको अंदर ले लिया और कपड़ों को लेकर जरूरी निर्देश दिए तो साथ मौजूद महिला अटेंडेंट ने निर्देश के अनुसार कपड़े कर दिए। मैंने ईसीजी करके रिपोर्ट दे दी, इसी बीच उनके परिजन बाहर आ गए और गलत हरकत का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। मुझे बेरहमी से पीटते हुए अस्पताल के बाहर तक ले आए और फिर पीटते हुए ही फिर से इमरजेंसी ड्यूटी डॉक्टरों तक लेकर गए। वहां मौजूद डॉक्टरों से भी इन लोगों ने हाथापाई की। बाद में जब पुलिस आई तो उनको पकड़ा और मामला शांत कराया। इमरजेंसी सेवाएं करीब आधा घंटे तक ठप रही 30 मिनट तक इमरजेंसी सेवाएं ठप रही, इस दौरान अन्य मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए स्टाफ और डॉक्टरों से अनुरोध करते रहे। उधर, नयापुरा थाने में मौजूद मरीज के परिजनों ने स्टाफ पर गलत हरकत का आरोप लगाया। ईसीजी स्टाफ विष्णु प्रकाश ने बताया की मरीज के साथ महिला अटेंडेंट थीं। मैंने पेशेंट के चेस्ट तक कपड़े ऊपर करने को कहा। उन्होंने ऊपर कर दिए, उसके बाद मैंने जांच की। इसके बाद उन्होंने मुझ पर छेड़खानी का इल्जाम लगाया। महिला मरीज की उम्र करीब 60 वर्ष थी। उनके साथ कई सारे लोग थे, मेरे साथ मारपीट की। मैं इमरजेंसी में डॉक्टरों के पास जाने लगा तो वहां गेट से ही मारते-पीटते बाहर तक ले आए। पुलिस चौकी तक ले आए, फिर चौकी से मारते हुए वापस गेट तक ले गए। परिजनों ने लगाया छेड़खानी का आरोप अधीक्षक डॉ धर्मराज मीणा ने बताया की मुझे सीएमओ ड्यूटी डॉक्टर का फोन आया कि किसी अटेंडेंट ने ईसीजी करने के दौरान ईसीजी वाले की भयंकर पिटाई कर दी । उसको पीटते हुए बाहर भी ले गए और अंदर भी लेकर गए। इसके बाद डॉक्टर्स के साथ भी छीनाझपटी करने वहां पहुंच गए। इस तरह की घटना होती हैं तो हमारा काम करना तो मुश्किल हो जाएगा। इसकी रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। मैं दूसरे पक्ष से थाने जाकर मिला हूं। उनका आरोप है। है कि स्टाफ नशे में था। मैंने अस्पताल आकर देखा तो स्टाफ ने कोई ड्रिंक नहीं की हुई थी, मरीज के परिजन साफ झूठ बोल रहे हैं। मैंने पुलिस को कहा है कि स्टाफ का भी मेडिकल करा लें। मामले में ईसीजी स्टाफ ने रात को ही नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। ---- ये खबर भी पढ़ें सरकारी हॉस्पिटल में दर्द से तड़पते मरीज को जमकर पीटा:कमरे में बंद किया, आरोप- इंजेक्शन लगाने के लिए कहा तो भड़का स्टाफ दौसा के सरकारी हॉस्पिटल में स्टाफ ने मरीज को बुरी तरह पीट दिया। आरोप है कि मरीज ने दर्द का इंजेक्शन जल्दी लगाने की गुहार लगाई थी। इसी बात पर स्टाफ भड़क गया। घटना गुरुवार सुबह 8.30 बजे रामकरण जोशी जिला हॉस्पिटल की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में से किसी ने मामला दर्ज नहीं कराया है। (पूरी खबर पढ़ें)
गयाजी में गर्मी से हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। दोपहर के समय में लोगों का घर से निकला मुश्किल है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिले में पांचवीं तक की कक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। डीएम शशांक शुभंकर ने धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। अब 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र के साथ 5वीं तक की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे तक ही चलेगी। यह सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर सामान्य रूप से लागू है। आदेश का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी डॉक्टरों के मुताबिक इस समय हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन और चक्कर आने की शिकायत ज्यादा देखी जा रही है। पिछले तीन दिनों में सरकारी अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। सहयोग की अपील जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि बच्चे बिना जरूरत दोपहर में घर से बाहर न निकलें। हल्के कपड़े पहनाएं, ज्यादा पानी पिलाएं और धूप से बचाव करें। यह आदेश बच्चों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम है।
नरसिंहपुर जिले के करेली में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम के दौरान मंत्री का का बयान अब विवादों में आ गया है। कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने वर-वधुओं को संबोधित करते हुए कहा- 2-4 शादी रहती हैं तो भीड़ का संकट रहता है… 200 शादियां हैं, पहचान का भी संकट होगा… विदाई के समय अपने साथी के साथ ही जाएं, जोड़े को छोड़कर अगल-बगल के साथ मत चले जाना। मंत्री की टिप्पणी को मंचीय गरिमा के विपरीत बताया दरअसल, रविवार को कृषि उपज मंडी परिसर में हुए इस कार्यक्रम में लगभग 200 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था, जिसमें मंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। मंत्री का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई लोग इस टिप्पणी को मंचीय गरिमा के विपरीत और आपत्तिजनक बता रहे हैं। देखिए 2 तस्वीर… बयान के बाद राजनीतिक हलचल वीडियो सोमवार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस पूरे मामले को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है और मंत्री के बयान पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
धमतरी में पहली बार युवा उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। जिले के युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह इंटर कॉलेज प्रतियोगिता 24 और 25 अप्रैल को आयोजित होगी। कलेक्टर ने इसकी जानकारी दी। कार्यक्रम में कोई भी भाग ले सकता है। इस उत्सव में 20 से अधिक विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें वाद-विवाद, फोटोग्राफी, एकल-समूह नृत्य, एकल-समूह गायन, म्यूजिकल बैंड, क्विज प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, रैम्प वॉक (पारंपरिक वेशभूषा), आर्ट-क्राफ्ट प्रदर्शनी, फूड फेस्ट और कई खेल प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए AI प्रतियोगिता, साइंस एवं कृषि तकनीकी प्रदर्शनी, रोबोटिक्स वर्कशॉप और स्टार्टअप गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इससे युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम बनेंगे मुख्य आकर्षण युवा उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ी संगीतमय शाम में आरु साहू, “द गोल्डन स्टार नाइट ऑर्केस्ट्रा” राजिम और रायपुर का प्रसिद्ध “आवाज क्रांति बैंड” अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 25 अप्रैल को प्रेरक सत्र और बैंड प्रस्तुति वहीं, 25 अप्रैल को वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी का प्रेरक सत्र युवाओं को मार्गदर्शन देगा। इसके बाद बस्तर का लोकप्रिय “डायरा बैंड” अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति देगा। महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए E-Cell के अंतर्गत फोटो एडिटिंग, यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन, मेंटल हेल्थ और AI वर्कशॉप भी आयोजित किए जाएंगे। पीजी कॉलेज ग्राउंड में होगा इंटर कॉलेज युवा फेस्ट खेल प्रतियोगिताओं में खो-खो, कबड्डी, दौड़, शतरंज और रस्साकशी शामिल हैं। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि यह युवा फेस्ट इंटर कॉलेज प्रतियोगिता धमतरी के पीजी कॉलेज ग्राउंड में होगी। इसमें धमतरी के सभी कॉलेज के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के किसी भी कॉलेज के विद्यार्थी इसमें शामिल हो सकते हैं। तीन कैटेगरी में होगा आयोजन, चयनित प्रतिभागियों को मिलेगा मौका कलेक्टर ने बताया कि तीन कैटेगरी में कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कार्यक्रम को विधार्थी आयोजन कर रहे हैं, जिसके लिए अलग-अलग टीम बनाया गया है,पीजी कॉलेज,नगरी कॉलेज सभी कॉलेज के बेस्ट विद्यार्थियों का टीम बनाया गया है, जो इवेंट मैनेजमेंट में सबसे बेस्ट करेंगे, जिसमें से 20 बच्चों को आने वाले में मई के महीने में हिमाचल युवा फेस्ट कार्यक्रम में भेजा जाएगा।
मेरठ में अप्रैल के दूसरे हफ्ते से ही जून जैसी भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सूरज की तेज तपिश, दिनभर चल रही गर्म हवाएं और बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। हालात ऐसे हैं कि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और पिछले चार दिनों से लगातार गर्मी में इजाफा हो रहा है। सुबह होते ही तेज धूप का असर दिखने लगता है और दोपहर तक हालात लू जैसे बन जाते हैं। गर्म हवा के थपेड़ों ने सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम कर दी है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर और मुंह ढककर तथा पानी की बोतल साथ लेकर ही बाहर निकल रहे हैं। गर्मी के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी और प्रदूषण का यह मेल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बचाव के लिए जरूरी सावधानियांदिनभर में अधिक से अधिक पानी पिएं, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन करेंदोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचेंहल्के और ढीले कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय सिर ढकेंखीरा, तरबूज, खरबूजा और दही जैसी ठंडी चीजों का सेवन करेंतला-भुना और भारी भोजन कम करेंघर के अंदर पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करेंचक्कर, सिरदर्द या उल्टी महसूस होने पर तुरंत आराम करें और पानी पिएंखाली पेट बाहर न निकलें, कुछ हल्का खाकर ही घर से बाहर जाएं
बभनी थाना क्षेत्र के नधीरा गांव में मंगलवार तड़के ऑटो और बाइक की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। बीजपुर थाना क्षेत्र के डोडहर निवासी बाइक सवार धरम (35), लोकमन (33), अजय (34) और आरके कुमार (35) हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं ऑटो में सवार चंपा देवी (30) निवासी नधीरा भी बुरी तरह जख्मी हो गईं। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर में भर्ती कराया गया। देखें 2 तस्वीरें… गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया सीएचसी में तैनात डॉ. पल्लवी सिन्हा ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर बाइक सवार चारों युवकों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान ही धरम की मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, चारों युवक परनी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान नधीरा गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे ऑटो से उनकी टक्कर हो गई। वहीं घायल चंपा देवी जरहा से अपने घर लौट रही थीं। बताया गया कि ऑटो में सवार अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मेमो के माध्यम से पुलिस को सूचना दे दी है। परिजनों के अनुसार, मृतक बीजपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए राहत भरी खबर है। तकनीकी कारणों और नियमित मेंटेनेंस के चलते बीते कई दिनों से बंद पड़ा राजगीर का आधुनिक आठ सीटर आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। रोपवे प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच और जरूरी सुधार कार्यों के पूरा होने के बाद आज से(21 अप्रैल 2026) इसका परिचालन नियमित समय के अनुसार फिर से शुरू कर दिया जाएगा। रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 8 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक रोपवे की सेवाओं को स्थगित रखा गया था। इस 13 दिनों की अवधि के दौरान विशेषज्ञों की देखरेख में रोपवे के तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की गई। आवश्यक मेंटेनेंस कार्य संपन्न किए गए। परिचालन शुरू करने से पहले दो अलग-अलग चरणों में भार क्षमता का सफलता पूर्वक ट्रायल भी किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। अगले महीने मलमास मेला राजगीर में लगने वाला है, जिसके चलते यह मेंटेनेंस काफी खास था। पर्यटकों को मिली राहत रत्नागिरी पर्वत की चोटी पर स्थित विश्व शांति स्तूप तक पहुंचने के लिए यह रोपवे पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र है। हवा में सैर करते हुए पहाड़ियों के सौंदर्य को निहारने की सुविधा देने वाला यह साधन बंद होने के कारण पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले पर्यटकों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। उन्हें पैदल ही चढ़ाई तय करनी पड़ रही थी।
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर खाक हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। समय रहते बचीं आसपास की दुकानें मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने में 5 फायर ब्रिगेड वाहनों का पानी इस्तेमाल करना पड़ा। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों और मकानों को सुरक्षित बचा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना में दुकान मालिक को लाखों रुपए का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
जोधपुर पुलिस जिला पश्चिम की राजीव गांधी नगर थाना टीम ने चौखा क्षेत्र में स्थित एक आवासीय कॉम्पलेक्स में किराए के एक फ्लैट में चल रहे अवैध हुक्का बार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अरिहंत आंगन में दबिश देकर भारी मात्रा में हुक्के और अलग-अलग तरह के तंबाकू फ्लेवर बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि पकड़ में आया आरोपी न केवल उस फ्लैट में आने वाले लोगों को हुक्का पिलाता था, बल्कि ऑर्डर मिलने पर पूरे शहर में इसकी होम डिलीवरी भी करता था। डीसीपी (पश्चिम) कमल शेखावत ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि चौखा इलाके में स्थित अरिहंत आंगन आवासीय परिसर के एक फ्लैट में अवैध रूप से हुक्का बार संचालित किया जा रहा है। पुख्ता सूचना के आधार पर एसीपी (पश्चिम) रविन्द्र बोथरा के सुपरविजन और राजीव गांधी नगर थानाधिकारी रविन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। एएसआई पुंजराज सिंह के साथ अन्य की टीम ने अरिहंत आंगन स्थित उस फ्लैट पर दबिश दी, जहां अवैध रूप से हुक्के की महफिल सजी हुई थी। 20 हुक्के और 29 फ्लेवर जब्त पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में हुक्का बार की सामग्री जब्त की है। इनमें कुल 9 बड़े हुक्के और 11 छोटे हुक्कों सहित 20 हुक्के बरामद किए। इसके साथ ही अलग-अलग प्रकार के 29 तंबाकू फ्लेवर और हुक्का बार में प्रयुक्त होने वाला अन्य साजो-सामान भी जब्त किया गया। पुलिस ने इन सभी सामग्रियों को कब्जे में लेकर एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली का शातिर जोधपुर में चला रहा अवैध बार मौके से पुलिस ने हुक्का बार संचालित करने वाले मुख्य आरोपी को पकड़कर पूछताछ की तो पता चला कि यह पश्चिम दिल्ली के सुदर्शन पार्क रमेश नगर निवासी मोहम्मद जैद (20) पुत्र मोहम्मद नसीम है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर गहनता से छानबीन की, तो उसने बताया कि वह इस फ्लैट में आने वाले ग्राहकों को हुक्का पिलाने का काम करता था। इसके अलावा, वह फोन पर ऑर्डर लेकर जोधपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में फ्लेवर्ड तंबाकू हुक्के की होम डिलीवरी भी करता था। इस पूरी कार्रवाई में राजीव गांधी नगर थानाधिकारी व एएसआई सिंह के साथ हेड कांस्टेबल सवाई सिंह, कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह, महिपाल, महिला कांस्टेबल सरोज बाला और कांस्टेबल दिनेश सोढा भी शामिल रहे। इनमें कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह की विशेष भूमिका रही।

