आजमगढ़ जिले के एसकेपी इंटर कॉलेज प्रांगण में आयोजित श्रीरामकथा के सातवें दिन एवं विश्राम दिवस की कथा अत्यंत मार्मिक, करुण और समर्पण भाव से परिपूर्ण रही। कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने “सोई सुत तोहि ऊऋण मैं नाहीं चौपाई के माध्यम से प्रभु श्रीराम के वनगमन और केवट प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आचार्य शांतनु जी महाराज ने बताया कि जब प्रभु श्रीराम वनगमन के क्रम में गंगा तट पर पहुँचे। तब केवट ने उन्हें अपनी नाव से पार उतारा। उतराई के रूप में उसने प्रभु से कुछ भी स्वीकार नहीं किया। तब प्रभु श्रीराम ने कहा सोई सुत तोहि ऊऋण मैं नाहीं। अर्थात आज मैं तुमसे ऋणी हो गया। महाराज श्री ने कहा कि यह प्रसंग निष्काम सेवा, समर्पण और आत्मिक प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है। जहाँ देने वाला कुछ नहीं लेता और भगवान स्वयं ऋणी हो जाते हैं। श्रीरामकथा में उमड़ रही भारी भीड़ आजमगढ़ के एसकेपी इंटर कॉलेज में चल रही श्री राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं। और श्री राम कथा का श्रवण कर रहे हैं। जिले में श्री राम कथा का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में लगातार श्री राम कथाओं का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी सहभागिता करते हैं। इस अवसर पर पड़ी संख्या में भक्त श्रीराम कथा का आनंद लेते नजर आए।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव के दौरान उपजे विवाद में वर्ष 2007 में हुई छात्र की गोली मारकर हत्या के मामले में करीब 19 साल बाद अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अलीगढ़ फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-02 की जज तारकेश्वरी सिंह की अदालत ने गुरुवार को अपना निर्णय दिया। इसमें आसिफ नवी खां, गीतम सिंह कुशवाहा और आविद अंसारी उर्फ चौधरी को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। रात 1:45 बजे हबीब हॉल के सामने बैठे थे छात्र अभियोजन के अनुसार घटना 8 अप्रैल 2007 की रात करीब 1:45 बजे की है। थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एएमयू परिसर स्थित हबीब हॉल के सामने एक ढाबे पर मुल्ला मोहम्मद साबिद अली, उसके साथी नवी हसन (वादी), निजामुद्दीन और मोहम्मद शाहनवाज चाय पी रहे थे। उस समय एएमयू में छात्रसंघ चुनाव का माहौल था। इसमें अध्यक्ष पद के लिए आजमगढ़ और बिहार गुट में वर्चस्व की जंग चल रही थी। चाय के ढाबे पर हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग इसी चुनावी रंजिश के चलते दो मोटरसाइकिलों पर चार से पांच युवक वहां पहुंचे और आते ही तमंचों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में मुल्ला मोहम्मद साबिद अली को बगल के नीचे गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय तोड़ा दम घटना के बाद वादी नवी हसन अपने साथियों के साथ घायल छात्र को जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक मूल रूप से उड़ीसा का रहने वाला था। यह मामला उस समय एएमयू परिसर से जुड़ा एक चर्चित प्रकरण बन गया था। निष्कासित छात्रों पर लगा हत्या का आरोप जांच में सामने आया कि हमलावरों में शामिल आविद अंसारी उर्फ चौधरी (बीकॉम) और इमरान निष्कासित छात्र थे। अभियोजन के अनुसार हमलावरों में इटावा निवासी आसिफ नवी, इमरान, शिकारपुर, बुलंदशहर निवासी आविद अंसारी उर्फ चौधरी और अलीगढ़ के छर्रा निवासी गीतम कुशवाहा शामिल थे। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शी की तहरीर पर नामजद एफआईआर मृतक के साथी नवी हसन की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में नामजद एफआईआर दर्ज की गई। विवेचना के बाद तीन अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान दूर-दूर से गवाह अदालत में पेश हुए। एक गवाह मोहम्मद शाहनवाज गवाही से पलट गया। हालांकि निजामुद्दीन और वादी नवी हसन ने अदालत में दिए अपने बयानों में कहा कि फायरिंग उनके सामने ही हुई थी। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी गवाही को विश्वसनीय और घटनाक्रम से मेल खाता पाया। आला-ए-कत्ल बरामद, आयुध अधिनियम में भी सजा विवेचना के दौरान अभियुक्तों की निशानदेही पर तमंचा (आला-ए-कत्ल) बरामद किया गया। अभियुक्त वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते उनके खिलाफ धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। अदालत ने आयुध अधिनियम के मामलों में भी तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। चुनावी रंजिश में जघन्य अपराध अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण मुरारी जौहरी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप तोमर ने बताया कि यह हत्या एएमयू छात्रसंघ चुनाव की रंजिश में की गई थी। निष्कासित छात्रों और पढ़ाई कर रहे छात्रों के बीच हुए इस विवाद में एक छात्र की जान चली गई। अदालत ने इसे गंभीर और जघन्य अपराध मानते हुए कठोर सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी अदालत ने आदेश दिया कि अभियुक्तों को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। फैसले की प्रति अभियुक्तों को निःशुल्क प्रदान कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
दिल्ली से पुणे आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2608 को गुरुवार शाम बम की धमकी मिली। पुणे एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की पूरी जांच की, लेकिन कोई विस्फोटक या बरामद नहीं हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाइट का निर्धारित समय शाम 8:40 बजे था, लेकिन विमान 9:24 बजे पुणे एयरपोर्ट पर उतरा। 9:27 बजे फ्लाइट को पार्क किया गया। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने बम की धमकी की सूचना एप्रन कंट्रोल को दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाइट के टॉयलेट में टिशू पेपर पर हाथ से लिखा नोट मिला, जिसमें फ्लाइट में बम होने बात लिखी थी। फ्लाइट को आइसोलेशन पार्किंग में शिफ्ट किया गया। एप्रन कंट्रोल ने सभी संबंधित एजेंसियों को जानकारी दी। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) ने विमान की पूरी जांच की। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। जांच के बाद फ्लाइट को उड़ान की अनुमति एक अधिकारी ने बताया कि सभी जरूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद विमान को फिर से सामान्य संचालन के लिए अनुमति दे दी गई। पूरी स्थिति को तय प्रक्रिया के तहत संभाला गया। इंडिगो ने भी प्रेस रिलीज जारी कर इसकी पुष्टि की। बम की धमकी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग की 3 बड़ी घटनाएं 18 जनवरी: दिल्ली से बागडोगरा जा रही फ्लाइट की लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग 18 जनवरी को दिल्ली ले बागडोगरा (पश्चिम बंगाल) जा रहे विमान की लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिग कराई गई थी। ATC के फ्लाइट में बम की सूचना मिली थी। विमान के बाथरूम के अंदर एक नैपकिन पर धमकी लिखी मिली थी। जिसमें लिखा था- 'प्लेन में बम है।' एक यात्री को यह नैपकिन दिखी तो उसने इसकी सूचना क्रू मेंबर को दी। बाद में विमान को तत्काल लखनऊ डायवर्ट किया गया। यहां बम निरोधक दस्ते, फायर ब्रिगेड, मेडिकल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को घेर लिया। पूरी खबर पढ़ें… 2 दिसंबर: कुवैत-हैदराबाद इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी कुवैत से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-1234 को बम की धमकी के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हैदराबाद एयरपोर्ट को एक ईमेल मिला था, जिसमें विमान में बम होने की बात लिखी थी। इसके बाद तुरंत सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। विमान को सुरक्षित तरीके से उतारकर एयरपोर्ट के अलग-थलग इलाके में ले जाया गया। जांच में किसी विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें… 12 नवंबर- मुंबई-वाराणसी फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी 12 नवंबर को मुंबई से वाराणसी आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। तत्काल फ्लाइट की वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। पूरी खबर पढ़ें.. 14 से 20 अक्टूबर तक 90+ विमानों को धमकी देश में लगातार विमानों को बम की धमकी मिल रही है। केंद्र सरकार के डेटा के मुताबिक, 14 से 20 अक्टूबर तक 90 से ज्यादा विमानों को बम की धमकी मिली थी। इससे 200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ था। बम की धमकी के बाद का प्रोटोकॉल समझें... विमान में बम होने की सूचना मिलने पर फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय नजदीकी हवाई अड्डे पर उतारा जाता है। इससे ईंधन की खपत तो ज्यादा होती ही है, विमान की दोबारा जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सब पर करीब 3 करोड़ रुपए तक खर्च हो जाते हैं। ----------- ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी:टॉयलेट में चिट्ठी रखी थी; साढ़े 8 घंटे उड़ने के बाद मुंबई लौटी, 322 पैसेंजर सवार थे मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-119 को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली। 8 घंटे 37 मिनट की उड़ान के बाद फ्लाइट को मुंबई डायवर्ट कर दिया गया। फ्लाइट में 19 क्रू मेंबर्स समेत 322 यात्री सवार थे। पूरी खबर पढ़ें…
रणजी ट्रॉफी.में पहले दिन विकेट को तरसे यूपी के गेंदबाज:शरनदीप का नाबाद शतक, झारखंड बड़े स्कोर की ओर
राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम की बैटिंग विकेट पर मेहमान टीम से सलामी बल्लेबाज शरनदीप सिंह ने एक छोर पर लंगर डालते हुए नाबाद 128 रन की शतकीय पारी खेली। दूसरे छोर पर आर्यमान सेन 64 रन पर नाबाद रहे। दिन का खेल खत्म होने तक झारखंड एक विकेट खोकर 279 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर अग्रसर हो चुका है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के कप्तान आर्यन जुयाल ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। झारखंड की सलामी जोड़ी शरनदीप सिंह और शिखर मोहन ने इस फैसले को गलत साबित करते हुए यूपी के गेंदबाजों को खूब छकाया। शिखर मोहन ने 82 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि शरनदीप सिंह ने 50 रन बनाने के लिए 120 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके जमाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़कर मजबूत आधारशिला रखी। शिखर ने 123 गेंदों में 10 चौके और दो छक्के जमाए पारी के 44वें ओवर में झारखंड को पहला झटका शिखर मोहन (78) के रूप में लगा। उन्हें विप्रज निगम ने पगबाधा आउट किया। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान शिखर ने 123 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के जमाए। तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे आर्यमान सेन ने शरनदीप के साथ पारी को संभाला और यूपी के गेंदबाजों को विकेट नहीं लेने दिया। इस बीच शरनदीप ने 223 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया, जबकि दूसरे छोर पर आर्यमान सिंह ने 94 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से अपना पचासा पूरा किया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए मिलकर नाबाद 132 रन की साझेदारी कर ली है। दिन का खेल खत्म होने के समय शरनदीप 269 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 128 रन बनाकर जमे हुए हैं। उनका साथ दे रहे आर्यमान सेन ने 126 गेंदों पर छह चौकों की मदद से नाबाद 64 रन बनाए। यूपी की ओर से लेग स्पिनर विप्रज निगम 97 रन देकर एकमात्र विकेट लेने में सफल रहे। टीम के बाकी गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से निराश किया। टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण करना पड़ा भारी रणजी ट्रॉफी में नॉकआउट राउंड में जगह बनाने को प्रयासरत यूपी के लिए झारखंड के खिलाफ मुकाबले का पहला दिन निराशाजनक रहा। पिच रिपोर्ट की माने तो मुकाबले के दूसरे दिन से गेंद के टर्न होने की संभावना जताई जा रही थी। ऐसे में पहले बल्लेबाजी का फैसला सही साबित होता, लेकिन यूपी के कप्तान आर्यन जुयाल ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करके सबको चौंका दिया। झारखंड के बल्लेबाजों ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और मनचाहे शॉट खेलकर महज एक ही विकेट गंवाया। नॉकआउट राउंड में पहुंचने के लिए यूपी को बड़ी जीत की दरकार थी, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में यूपी के रणजी ट्रॉफी से बाहर होने का संकट और भी गहरा गया है। यूपी को झटका, प्रशांतवीर हुए चोटिल मुकाबले का पहला दिन यूपी के लिए उस समय और भी बुरा हो गया, जब टीम के युवा बल्लेबाज प्रशांतवीर ने चोटिल होने के कारण मैच छोड़ दिया। क्षेत्ररक्षण करते समय उन्होंने डाइव लगाकर गेंद रोकने का प्रयास किया और अपना कंधा चोटिल कर बैठे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से 14.2 करोड़ में खरीदे गए प्रशांत के खेलने को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। अगर वे फिट नहीं होते हैं तो यूपी टीम प्रबंधन को तगड़ा झटका लगेगा।
लखनऊ–गोरखपुर रेल मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अहम सूचना है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में 23 और 24 जनवरी को मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। यह ब्लॉक बभनान–परसा तिवारी–स्वामी नारायण छपिया स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग के कार्य के चलते रहेगा। इसके कारण इस रूट की कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। डायवर्ट रूट से चलेंगी प्रमुख ट्रेनें सिगनलिंग कार्य के दौरान लखनऊ–गोरखपुर मुख्य मार्ग की बजाय कुछ ट्रेनों को गोरखपुर–बढ़नी–गोंडा रूट से चलाया जाएगा। इनमें 12565 दरभंगा–नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (23 जनवरी), 02563/02564 बरौनी–नई दिल्ली विशेष गाड़ी (23 जनवरी), 12557/12558 मुजफ्फरपुर–आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस, 13020 काठगोदाम–हावड़ा एक्सप्रेस और 14674 अमृतसर–जयनगर एक्सप्रेस शामिल हैं। ठहराव में बदलाव, कुछ स्टेशनों पर नहीं रुकेगी ट्रेनें मेगा ब्लॉक के चलते लखनऊ जंक्शन से चलने वाली और यहां रुकने वाली कई ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। 23 और 24 जनवरी को 15007/15008 वाराणसी सिटी–लखनऊ जं.–वाराणसी सिटी कृषक एक्सप्रेस और 15203/15204 बरौनी–लखनऊ जं.–बरौनी एक्सप्रेस का बभनान स्टेशन पर ठहराव नहीं होगा। इसके अलावा 15031/15032 गोरखपुर–लखनऊ जं.–गोरखपुर एक्सप्रेस भी बभनान स्टेशन पर नहीं रुकेगी। देरी से चलेंगी कुछ एक्सप्रेस यात्रियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि 15622 आनंद विहार–कामाख्या एक्सप्रेस और 15212 अमृतसर–दरभंगा एक्सप्रेस को लखनऊ मंडल में 60 से 90 मिनट तक रोककर चलाया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी का बयान लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि क्षमता बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेटिक सिगनलिंग का यह कार्य जरूरी है। यात्रियों से अपील है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
लखनऊ विश्वविद्यालय में अब अभ्यर्थी ढाई साल में भी पीएचडी पूरी कर सकेंगे। साथ ही अगले सत्र से साल में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। ढाई साल में पीएचडी पूरी करने की वरीयता उन्हीं रिसर्चर को मिलेगी, जिनके शोध पत्र अधिक प्रकाशित होंगे। विशेष परिस्थितियों में संकाय सदस्यों के अधीन पीएचडी सीटों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। कुलपति ने किया औचक निरीक्षण गुरुवार को कुलपति ने गणितीय खगोलशास्त्र विभाग का औचक निरीक्षण किया और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान 1946 में स्थापित विश्वविद्यालय के पहले प्लेनेटेरियम का भी निरीक्षण किया गया। कुलपति ने आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता को देखते हुए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक विभाग के पुस्तकालयों में ई-जर्नल्स, गणितीय डाटाबेस और संबंधित सॉफ्टवेयर तक पहुंच बढ़ाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। प्लेनेटेरियम के लिए नए खगोल उपकरणों का प्रस्ताव भी विभाग से मांगा गया है। गैर-जेआरएफ पीएचडी छात्रों को मिलेगी फेलोशिप विश्वविद्यालय में गैर-जेआरएफ पीएचडी छात्रों के लिए फेलोशिप सुविधा शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य शोधार्थियों को आर्थिक संबल देना है। ताकि वे पूरी तरह शोध पर ध्यान केंद्रित कर सकें। कुलपति के अनुसार इससे शोध की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। चार जिलों में बनेंगे शोध केंद्र लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध सीतापुर, हरदोई, रायबरेली और लखीमपुर जिलों के कॉलेजों में शोध केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को शोध के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय के शोध पर्यवेक्षण मॉडल को भी LU में लागू किया जाएगा। दो दिवसीय दीक्षांत समारोह की तैयारी अब विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह दो दिन तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गोल्डन प्राइड डिनर का भी आयोजन होगा। यह व्यवस्था अगले सत्र से लागू करने की तैयारी है
टीएंडसीपी को गलत जानकारी देकर लेआउट मंजूर कराकर प्लॉट धारकों से धोखाधड़ी करने के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW, इंदौर) दृष्टि देवकॉन प्रा. लि. के डायरेक्टर्स सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। EOW द्वारा ग्राम पिपल्या लोहार और खडराखेड़ा इंदौर में डेवलप की जा रही गिरीराज कॉलोनी के संबंध में गलत जानकारी देकर अवैध लेआउट अनुमोदन कराकर प्लॉट धारकों से धोखाधड़ी करने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।इनके खिलाफ हुआ है केस दर्जमामले में दृष्टि देवकान प्रालि. के डायरेक्टर शैलेष पिता श्री शिवनारायण माहेश्वरी, विनोद पिता रामस्वरूप माहेश्वरी, कुंवर सिंह पिता अमर सिंह और राजू पिता अमर सिंह पंवार और माया पति सालगराम राजपूत सभी निवासी पुखराज कार्पोरेशन, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर हैं। मामले में शिकायतकर्ता मे. सुन्दरम रियल इंफ्रा प्रा. लि. के डायरेक्टर पवन नारंग द्वारा आरोप लगाया गया कि दृष्टि देवकान प्रा.लि. के डायरेक्टर शैलेष माहेश्वरी और अन्य भूमि स्वामियों द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय को भ्रामक जानकारी देकर प्रस्तावित कॉलोनी के लेआउट में उत्तर दिशा में 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग दर्शाया गया, जबकि वास्तविक स्थल पर मात्र 8-10 फीट चौड़ा मार्ग ही उपलब्ध है।जांच में संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, इंदौर से प्राप्त जानकारी और स्थल निरीक्षण के आधार पर पाया गया कि अनुमोदित लेआउट के अनुरूप पहुंच मार्ग मौके पर मौजूद नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा सांठगांठ और षड्यंत्रपूर्वक गलत जानकारी प्रस्तुत कर आवासीय भूखंडीय विकास का अभिन्यास अनुमोदित कराया गया और आमजन व कॉलोनी के प्लॉट धारकों के साथ धोखाधड़ी की गई।प्रथम दृष्टया पाया गया कि आरोपियों ने नियमों के विरुद्ध अवैध लाभ अर्जित करने की नीयत से अवैध लेआउट की मंजूरी प्राप्त की। इस पर पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120-बी भादंवि के तहत केस दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट के करोड़ों के पेंशन घोटाले में आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र एवं न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की खंडपीठ नेरिटायर कर्मचारी श्यामलाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में कहा गया कि याची सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी है और पेंशन प्राप्त कर रहा है। उसने कोई गबन नहीं की है। विवादित राशि याची के बैंक खाते में जमा की गई थी। इस प्रकार याची किसी दस्तावेज़ की जालसाजी या प्रतिरूपण का दोषी नहीं है। अपर महाधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सरकारी खजाने से कुल 55 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है। विभिन्न लेनदेन हुए हैं, जिसके तहत प्रत्येक याची के बैंक खाते में विशिष्ट राशि स्थानांतरित की गई है। उन्हें एफआईआर में नामजद किया गया है या उनकी संलिप्तता जांच के दौरान सामने आई है। अपर महाधिवक्ता के अनुसार याची के बैंक खाते में किए गए इस जमा के लिए कोई कानूनी मंजूरी नहीं है।ऐसे में मामला एक सोचीसमझी धोखाधड़ी का मामला है जिसके तहत याचियों ने अपने बैंक खातों में किए गए अवैध हस्तांतरण/क्रेडिट से लाभ प्राप्त किया है।अपर महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है। ऐसे में आरोपों, अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए एफआईआर रद्द करने का आदेश नहीं किया जा सकता। साथ ही एक बार जब एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती तो याची की गिरफ्तारी के संबंध में कोई अंतरिम आदेश नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया इस तथ्य पर विचार करते हुए कि कुछ आरोपी वरिष्ठ नागरिक हैं। दूसरी बात यह कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी वाला दस्तावेज़ नहीं बनाया है बल्कि राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा की गई थी इसलिए इस घटना के पीछे कोई और व्यक्ति है जिसकी अपराध में संलिप्तता जांच के दौरान उजागर की जाएगी। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है।साथ ही एफआईआर से उत्पन्न सभी याचिकाओं को अब तक एकसाथ नहीं जोड़ा गया है इसलिए मामले की जांच निर्बाध रूप से चलती रहेगी। यह मामला 16 फरवरी को नई याचिकाओं की सूची के शीर्ष दस मामलों में संबंधित याचिकाओं के साथ पुनः आदेश के लिए सूचीबद्ध होगा।तब तक याची को संबंधित इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। याची जांच में सहयोग करेगा और इस आदेश का कोई लाभ उन आरोपियों को नहीं मिलेगा जो हिरासत में हैं। सभी याची आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होंगे।
लाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिवक्ता अमित कुमार सिंह सोनू (याची) की बी ग्रेड हिस्ट्रीशीट खोले जाने के मामले में एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स अमिताभ यश, नारायणी आश्रम पुलिस चौकी के पूर्व इंचार्ज चंद्रभान यादव व तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर मनीष त्रिपाठी को नोटिस जारी की है और राज्य सरकार सहित इन अधिकारियों से चार हफ्ते में याचिका पर जवाब मांगा है। याची ने इन पुलिस अधिकारियों पर विद्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने दिया है। बता दें कि अमित कुमार सिंह हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं। प्रकरण में अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को होगी। याची का आरोप है कि गलत तथ्यों और फर्जी केस के आधार पर उसकी बी ग्रेड हिस्ट्रीशीट खोली गई है। जिसे चुनौती दी गई है।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इंटरनेशनल सट्टा खिलाने वाले, शेयर ट्रेडिंग और हवाला कारोबार से जुड़े गैंग का खुलासा किया। पुलिस टीम ने कलक्टरगंज स्थित धनकुट्टी निवासी रमाकांत गुप्ता के मकान में छापेमारी कर मौके से करीब दो करोड़ रुपए नकद और 61.860 किलोग्राम चांदी बरामद की। इसके अलावा पैन ड्राइव, मॉडम और भारतीय व नेपाली करेंसी बरामद की। पुलिस ने मकान मालिक समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सूचना पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल मौके पर जांच पड़ताल करने पहुंचे। शहर में कई दिन से मिल रही थी शेयर ट्रेडिंग की शिकायत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि बीते कई दिनों से शहर में हवाला कारोबार, सट्टा कारोबार और अवैध रूप से शेयर ट्रेडिंग की शिकायत मिल रही थी, जिस पर गुरुवार रात को धनकुट्टी निवासी रमाकांत गुप्ता के घर में छापेमारी की गई। जहां से करीब दो करोड़ नकद, 61.860 किग्रा. चांदी, पैन ड्राइव, मॉडम, कम्प्यूटर, लैपटॉप आदि बरामद किए गए। साथ ही मकान मालिक समेत किदवई नगर निवासी राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, यशोदा नगर गंगागंज निवासी सचिन गुप्ता और वंशराज को पकड़ा गया है। जिनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपित क्रिकेट में सट्टा खिलाने, हवाला कारोबार और अवैध रूप से शेयर मार्केट में मार्केट ट्रेडिंग करते थे। आरोपियों का संबंध आगरा के हिस्ट्रीशीटर इंटरनेशनल क्रिकेट बुकी से मिल रहे है।
भोपाल देश की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। सतना जिले की उभरती खिलाड़ी उद्रेका सिंह ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। लेह-लद्दाख में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित इन खेलों में उद्रेका ने आइस स्केटिंग (वूमेन लॉन्ग ट्रैक 500 मीटर) स्पर्धा में 53.94 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ ही वे भारत की सबसे तेज महिला आइस स्केटर बन गई हैं। बर्फीले ट्रैक पर तेज़ रफ्तार, संतुलन और तकनीकी कौशल का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए उद्रेका ने कड़े मुकाबले में देश की अन्य शीर्ष खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ सतना, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस उपलब्धि पर उद्रेका सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उद्रेका ने यह मुकाम हासिल किया है और यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश की बेटियां हर खेल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं पर लगातार निवेश कर रही है, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि आरोप पत्र दाखिल होने के तीन साल बाद मजिस्ट्रेट उस पर संज्ञान नहीं ले सकते हैं। यह सीआरपीसी की धारा 468 से बाधित है जिसमें समय सीमा बीत जाने के बाद मामले पर संज्ञान लेने पर रोक है। कोर्ट ने इस आधार पर चोरी के एक मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने फिरोजाबाद के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के स्पष्टीकरण पर भी आपत्ति जताई और कहा कि सभी मजिस्ट्रेट अदालतों में प्रचलित सामान्य चलन के अनुसार संज्ञान लेने से पहले पुलिस रिपोर्ट पर कोई गहन जांच नहीं की जाती है।मामला मोटरसाइकिल चोरी से जुड़ा था, जिसकी प्राथमिकी जुलाई 2019 में आईपीसी की धारा 379 के तहत दर्ज की गई। पहली चार्जशीट पांच आरोपियों के खिलाफ दी गई। जिस पर 2019 में ही संज्ञान लिया गया था। याची अवनीश कुमार व आरोपी सूरज ठाकुर के खिलाफ जांच कोर्ट में लंबित रही। इन दोनों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट 26 जून 2021 को तैयार की गई। हालांकि यह तीन साल से अधिक समय तक सीओ सिटी फिरोजाबाद के पास पड़ी रही। आखिरकार इसे नवंबर 2024 में कोर्ट में पेश किया गया। तीन साल की समय सीमा की अनदेखी करते हुए संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने घटना के पांच साल से अधिक और चार्जशीट की तारीख के तीन साल बाद इसका संज्ञान लिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकारी वकील ने कहा कि कानून में निर्धारित अवधि (इस मामले में तीन साल) समाप्त होने के बाद संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट संज्ञान नहीं ले सकते थे। इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित सीजेएम से स्पष्टीकरण मांगा कि सीआरपीसी की धारा 468 और 469 के तहत प्रदान की गई समय सीमा के बाद संज्ञान क्यों लिया गया। अपने स्पष्टीकरण में संबंधित सीजेएम ने स्वीकार किया कि सद्भावनापूर्ण चूक के कारण समय सीमा का बिंदु उनके मस्तिष्क में नहीं आया। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि राज्य की सभी मजिस्ट्रेट अदालतों में और शायद अन्य राज्यों में भी प्रचलित सामान्य प्रथा के अनुसार अपराधों का संज्ञान लेने के उद्देश्य से पुलिस रिपोर्ट यानी चार्जशीट (या अंतिम रिपोर्ट) मिलने पर रिकॉर्ड की कोई गहन जांच या परीक्षण नहीं किया जाता। मजिस्ट्रेट केवल केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया राय बनाते हैं। कोर्ट ने इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी प्रथा उस कानून की जगह नहीं ले सकती, जिसका उल्लेख आपराधिक प्रक्रिया संहिता में नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे स्पष्टीकरण और विवादित आदेश के लिए यह माना जा सकता है कि अधिकारी अपनी न्यायिक सेवा को बहुत हल्के में ले रहे है।इसे न्याय देने के गंभीर दायित्व के रूप में नहीं मान रही है। कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी का व्यवहार और आचरण, जैसा कि उनके स्पष्टीकरण व संज्ञान आदेश से पता चलता है, प्रथम दृष्टया उनके पद के लिए अशोभनीय आचरण को दर्शाता है। कोर्ट ने उन्हें भविष्य में अधिक सतर्क रहने और कानून के अनुसार सख्ती से आदेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को भी लापरवाह पाया। साथ ही रजिस्ट्रार जनरल को भी निर्देश दिया कि यह आदेश न्यायिक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान लखनऊ को भेजें ताकि न्यायिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा सके कि संज्ञान एक आपराधिक मामले का आधार है इसलिए संज्ञान आदेश कानून के अनुसार किया जाना चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से हाईकोर्ट के रिटायर जजों के लिए बनाए गए प्रासंगिक सुरक्षा नियमों की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि इस संबंध में यदि कोई प्रासंगिक नियम हैं तो अगली सुनवाई पर हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने एसोसिएशन ऑफ रिटायर सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट जजेस व अन्य याचिका पर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार यादव एवं सहयोगी वशिष्ठ दूबे ने कहा कि रिटायर न्यायाधीशों की सुरक्षा गंभीर मुद्दा है और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश बिना किसी डर या पक्षपात, स्नेह या द्वेष के न्याय करने और संविधान एवं कानूनों को बनाए रखने की शपथ लेता है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए यह आवश्यक हो जाता है क्योंकि एक न्यायाधीश पद छोड़ने के आखिरी दिन भी अपने स्वतंत्र विवेक से निर्णय करता है। जब एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश सार्वजनिक रूप से बाहर निकलता है तो उसे न्यूनतम सुरक्षा मिलना आवश्यक है। एक संवैधानिक पद धारक कम से कम अपने पद छोड़ने के बाद अपने और परिवार के जीवन के लिए इतनी सुरक्षा का हकदार है। खंडपीठ ने कहा कि अपर महाधिवक्ता एम सी चतुर्वेदी उच्च न्यायालय के रिटायर न्यायाधीशों के लिए बनाए गए प्रासंगिक सुरक्षा नियम यदि कोई हों तो हलफनामे मे पेश करें। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तारीख तय की है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम मामले पर सुनवाई करते हुए पति की याचिका पर कहा कि कुटुम्ब न्यायालय का जो आदेश डीएनए के लिए दिया गया है, वह सही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पति ने यह जांच बच्ची को पाने या फिर भरण-पोषण से बचने के लिए नहीं बल्कि पत्नी के व्यभिचार के आधार पर तलाक के लिए किया है। कोर्ट ने पुलिस मे पदस्थ पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराने की भी अनुमति दी है। दरअसल यह पूरा मामला सेना में पदस्थ पति और पुलिस विभाग में जाॅब कर रही पत्नी से जुड़ा हुआ है। पति-पत्नी के बीच संदेह है। सेना में पदस्थ पति की दलील है कि अक्टूबर, 2015 में पत्नी ने उसे बुलाया था और चार दिन के भीतर ही पत्नी ने यह जानकारी दी कि वह गर्भवती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मेडिकल रूप से चार दिन के भीतर गर्भ ठहरने की जानकारी संभव नहीं है। पति ने यह भी दावा किया कि बच्ची का जन्म अक्टूबर, 2015 के लगभग आठ महीने के भीतर हो गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जिस समय गर्भधारण हुआ, उस समय पति का पत्नी से कोई संपर्क नहीं था। इन तथ्यों के आधार पर पति ने पत्नी के व्यभिचार का आरोप लगाया। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कुटुम्ब न्यायालय, जबलपुर के उस आदेश को उचित माना, जिसके जरिए पति की अर्जी पर नाबालिग बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति दी गई थी। पति ने यह डीएनए जांच पत्नी पर लगाए गए व्यभिचार के आरोपों को साबित करने के लिए मांगी थी। हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा दायर याचिका को निरस्त करते हुए कहा कि इस मामले में कुटुम्ब न्यायालय द्वारा डीएनए जांच का आदेश देना उचित है। रिकार्ड पर स्पष्ट रूप से कोई संपर्क न होने की दलील मौजूद है। लिहाजा, यह मामला डीएनए टेस्ट के लिए उपयुक्त है, और कुटुम्ब न्यायालय ने बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश देकर कोई गलती नहीं की है। सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी, कि डीएनए जांच से उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा और यह बच्ची की पहचान और बाल अधिकारों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन के भी प्रतिकूल है। हाई कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने साफ किया कि पति ने डीएनए जांच का अनुरोध बच्ची की वैधता को चुनौती देने या भरण-पोषण से बचने के लिए नहीं किया, बल्कि केवल व्यभिचार के आधार पर तलाक की याचिका को साबित करने के लिए किया।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जहां पर्याप्त दलीलें मौजूद हों, गर्भधारण के समय पति-पत्नी के बीच संपर्क न होने के ठोस आधार हों और बच्ची को अवैध घोषित करने की कोई मांग न की गई हो, वहां उपयुक्त मामलों में डीएनए टेस्ट का आदेश दिया जा सकता है। इस तरह हाइकोर्ट ने कुटुम्ब न्यायालय का आदेश बरकरार रखते हुए पत्नी की याचिका निरस्त कर दी।
देश की आजादी के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रसिद्ध मूर्तिकार पंकज भार्गव ने उन्हें एक अनोखी कलात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पंकज भार्गव की ओर नेताजी की एक क्ले (मिट्टी) की स्टेच्यू का निर्माण किया गया, जिसे जल्द ही मैटल में कास्ट किया जाएगा, ताकि यह प्रतिमा लंबे समय तक नेताजी के संघर्ष, त्याग और बलिदान की स्मृति को जीवित रख सके। मूर्तिकार पंकज भार्गव ने बताया कि यह स्टेच्यू उनकी आजादी के नायक सीरीज का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिस पर वह पिछले कुछ समय से लगातार काम कर रहे हैं। इस सीरीज के माध्यम से वे देश की आजादी में योगदान देने वाले व्यक्तित्व पर काम कर रहे हैं और उनकी मूर्ति बना रहे हैं। उनका प्रयास सिर्फ इतना है कि ऐसे व्यक्तित्व के नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को कला के जरिए आम जन तक पहुंचाना है। भार्गव ने बताया कि क्ले से निर्मित इस प्रतिमा में नेताजी का ओजस्वी व्यक्तित्व, दृढ़ नजर और संकल्प को बारीकी से उकेरा गया है। मूर्ति निर्माण के दौरान चेहरे की भाव-भंगिमा, वेशभूषा और शारीरिक मुद्रा पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि नेताजी के आत्मविश्वास और क्रांतिकारी विचारधारा को प्रभावी रूप से दर्शाया जा सके। मैटल में कास्ट होने के बाद इस प्रतिमा को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा। इस अवसर पर पंकज भार्गव ने कहा कि नेताजी ने हमें आजादी दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ आज भी हर भारतीय के दिल में जोश और देशभक्ति की भावना भर देता है। मेरी यह कला कृति उसी बलिदान और प्रेरणा को नमन है।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत 1 से 31 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 1 से 21 जनवरी के बीच सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई करते हुए 86 हजार से अधिक चालान किए हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, मोबाइल फोन के इस्तेमाल, ड्रंक एंड ड्राइव और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामलों में यह कार्रवाई तेजी से की जा रही है। 21 दिनों में हजारों चालान परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि 1 जनवरी से 21 जनवरी 2026 के बीच सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान हेलमेट न पहनने के 49,500, सीट बेल्ट न लगाने के 11,740, ओवरस्पीडिंग के 15,180, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के 4,164, ड्रंक एंड ड्राइव के 304 और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 5,546 चालान किए गए। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई मिशन मोड में की जा रही है। पहले हफ्ते में जागरूकता पर जोर अभियान के पहले सप्ताह यानी 1 से 7 जनवरी के बीच पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने चौराहों, बस स्टैंड और प्रमुख सड़कों पर लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचने की सलाह दी। मकसद यह था कि लोग चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। ‘नो हेलमेट–नो फ्यूल’ के साथ सख़्ती दूसरे सप्ताह (8 से 14 जनवरी 2026) में अभियान को और सख़्त किया गया। इस दौरान ‘नो हेलमेट–नो फ्यूल’ अभियान के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की विशेष जांच की गई। इस एक हफ्ते में हेलमेट के 34,200, सीट बेल्ट के 9,108 और मोबाइल फोन इस्तेमाल के 3,033 चालान हुए। आगरा जोन में सबसे ज्यादा 5,411 हेलमेट चालान किए गए, जबकि कानपुर जोन में सीट बेल्ट के 1,752 चालान सबसे अधिक रहे। तीसरे हफ्ते में स्कूल वाहन और पार्किंग निशाने पर तीसरे सप्ताह (15 से 21 जनवरी 2026) में अनफिट स्कूली वाहनों और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 18,379 स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 351 वाहन ओवरलोड पाए गए, जबकि 570 वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरे। नियमों का पालन न करने पर 75 स्कूली वाहनों की फिटनेस रद्द कर दी गई। इसके अलावा अवैध पार्किंग के खिलाफ प्रदेशभर में 2,617 चालान किए गए। चौथे हफ्ते में होल्डिंग एरिया पर काम परिवहन आयुक्त के मुताबिक चौथे सप्ताह में मुख्य सड़कों और हाईवे से हटाए गए वाहनों को खड़ा करने के लिए होल्डिंग एरिया चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 109 होल्डिंग एरिया तय किए जा चुके हैं। एक्सप्रेस-वे, नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे बेवजह खड़े वाहनों पर कार्रवाई जारी है, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके।
संभल में न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियां हुई हैं। दीपक कुमार जायसवाल को संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त किया गया है। वहीं, आदित्य सिंह को एक बार फिर सिविल सीनियर डिवीजन जज बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब दो दिन पहले ही पूर्व CJM विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया था। विभांशु सुधीर ने ASP अनूप चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। नए CJM दीपक कुमार जायसवाल कौशांबी से तबादला होकर संभल आए हैं।
भोपाल में कांग्रेस और AIMIM के नेताओं की प्रस्तावित बैठक को लेकर राजनीति गरमा गई है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने एक पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार किया। बीजेपी द्वारा साझा किए गए पत्र के अनुसार, मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस (शहर) भोपाल की ओर से पुलिस प्रशासन को एक सूचना पत्र दिया गया है, जिसमें कांग्रेस विधायक आतिफ अकील, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुफियान कुरैशी, पूर्व महापौर दीपचंद्र यादव और अन्य राजनीतिक व्यक्तियों के साथ बैठक की जानकारी दी गई है। पत्र में कार्यक्रम के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। BJP ने कहा ये सांठगांठ का सबूतआशीष अग्रवाल ने इस पत्र को कांग्रेस और AIMIM के बीच साठगांठ का “लिखित प्रमाण” बताते हुए कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक रूप से AIMIM से दूरी बनाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आशीष अग्रवाल ने लिखा- जब कांग्रेस के विधायक खुलेआम AIMIM नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं, तो फिर यह सवाल स्वाभाविक है कि असली मिलीभगत किसकी है। जनता सब देख रही है। बीजेपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि BJP और AIMIM एक-दूसरे से मिले हुए हैं, लेकिन अब सामने आए दस्तावेज़ ने कांग्रेस की कथनी और करनी के फर्क को उजागर कर दिया है। दिग्विजय सिंह के बयान पर दिया जवाब दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को बीना में कहा था कि “बीजेपी-आरएसएस हिंदुओं को डराती है और ओवैसी मुसलमानों को। BJP कहती है हिंदू खतरे में हैं और ओवैसी कहते हैं मुसलमानों को खतरा है। दोनों मिलकर राजनीति का खेल खेलते हैं। न हिंदुओं को खतरा है, न मुसलमानों को।” उन्होंने आगे कहा कि “सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना के दौर में देश का बंटवारा हुआ था, अब मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। शहरों में हिंदू और मुसलमान अलग-अलग मोहल्लों में सिमटते जा रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है।” दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में यह भी कहा कि “हम सब भारतीय हैं। सबका मालिक एक है और देश संविधान से चलता है।” ये खबर भी पढ़ें…दिग्विजय बोले,बीजेपी-आरएसएस हिंदुओं और ओवैसी मुलसमानों को डराते हैंपूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं, बल्कि हिंदुत्व के साथ खड़ी है। दिग्विजय सिंह ने कहा- हिंदुत्व कोई धर्म नहीं है, यह केवल एक पहचान है। भाजपा लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रही है। यहां पढ़ें पूरी खबर….
मुजफ्फरपुर में जमीन धोखाधड़ी और लगभग 20 लाख रुपए की ठगी के आरोप में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व जिला प्रवक्ता कुमारेश्वर सहाय को गिरफ्तार किया गया है। वैशाली पुलिस ने यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र में की। वैशाली जिले के भगवानपुर थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी नेता मुजफ्फरपुर के तिलक मैदान रोड इलाके में छिपा हुआ है। इस जानकारी पर भगवानपुर पुलिस ने मुजफ्फरपुर नगर थाना पुलिस से संपर्क किया और एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने तिलक मैदान रोड पर घेराबंदी कर कुमारेश्वर सहाय को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय नगर थाने में आवश्यक प्रपत्र और कोर्ट वारंट की प्रति सौंपी गई। इसके बाद कुमारेश्वर सहाय को वैशाली ले जाया गया। कुमारेश्वर सहाय के खिलाफ वैशाली में दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी कुमारेश्वर सहाय के खिलाफ वैशाली के भगवानपुर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ऐसी जमीन का सौदा किया जो उनकी नहीं थी। उन्होंने दूसरे की जमीन को अपनी बताकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उसकी बिक्री कर दी। इस सौदे के लिए उन्होंने पीड़ित से कुल 19.95 लाख रुपए लिए थे। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मुजफ्फरपुर नगर थाना के अपर थानेदार रविकांत दूबे ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ हाजीपुर एसीजेएम-छह (ACJM-VI) की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। भगवानपुर पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल, कुमारेश्वर सहाय को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर भू-माफियाओं और सफेदपोश नेताओं के गठजोड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्वालियर में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक से 2 लाख रुपए लेकर नोटरी के जरिए शादी करने वाली दुल्हन कुछ ही घंटों बाद अपने साथियों के साथ एक्टिवा पर फरार हो गई। यह घटना गुरुवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर दुल्हन और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बता दें कि मुरैना निवासी बंटी धाकड़ ने गुरुवार दोपहर पूनम गौर की शादी ग्वालियर के शिवपुरी रोड निवासी महेंद्र पाराशर के मानसिक रूप से कमजोर बेटे अश्मित पाराशर से नोटरी के जरिए कराई थी। इस शादी के लिए महेंद्र पाराशर से 2 लाख रुपए बंटी धाकड़ द्वारा लिए गए थे। शादी के कुछ घंटे बाद ही बंटी धाकड़ ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर महेंद्र पाराशर की कार को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद दुल्हन पूनम गौर, बंटी धाकड़ और उसके साथियों के साथ एक्टिवा पर सवार होकर भाग गई। यह घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूनम गौर अपने साथी बंटी धाकड़ और उसके दोस्तों के साथ एक्टिवा पर भागती हुई दिखाई दे रही है। पूनम गौर मूलता हजीरा थाना क्षेत्र के चौड़े हनुमान के पास की रहने वाली बताई जा रही है। पूनम के भाई हेमंत ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन दो साल पहले ही घर छोड़कर अलग रह रही थी और तब से उनका उससे कोई संपर्क नहीं था। घटना के बाद महेंद्र पाराशर की शिकायत पर पुलिस ने गुरुवार देर रात पूनम, बंटी धाकड़ और अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, महेंद्र पाराशर की पूनम गौर और बंटी धाकड़ से पहचान एक दिन पहले ही हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी गई है।
बरेली में यूपी दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से पहले प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। संभावित हवाई हमले या युद्ध जैसी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर में एक व्यापक ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की गई। संकेत मिलते ही कलेक्ट्रेट की बाहरी और भीतरी लाइटें एक साथ बुझा दी गईं। कुछ ही पलों में पूरा परिसर और आसपास का इलाका अंधेरे में डूब गया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, चैंबरों और रिहायशी क्षेत्रों में रोशनी बंद रखी गई। मॉकड्रिल के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी इमारत से रोशनी बाहर न जाए। खिड़कियों और दरवाजों को पर्दों व काले कागज से ढकने का अभ्यास किया गया। सायरन की आवाज और अचानक छाए अंधेरे ने माहौल को वास्तविक आपात स्थिति का अनुभव कराया। सिविल डिफेंस ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए। इसमें घरों में रहने, मोबाइल फ्लैश, टॉर्च, माचिस या सिगरेट का इस्तेमाल न करने और पूरी तरह शांत रहने को कहा गया। प्रशासन ने जोर दिया कि आपदा के समय नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल होती है। प्रशासन ने बताया कि मुख्य ब्लैकआउट मॉकड्रिल 23 जनवरी को शाम 6:00 बजे से 6:10 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान शहरभर की लाइटें बंद रहेंगी, सायरन बजेंगे और प्रमुख चौराहों पर यातायात रोका जाएगा। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि आपदा के समय जान बचाने का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित समय पर नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें।
प्रयागराज में सड़क सुरक्षा और चालकों की बेहतर दृष्टि सुनिश्चित करने के लिए ASG आई हॉस्पिटल ने 'ड्राइवर दृष्टि अभियान' शुरू किया है। इस अभियान के तहत देशभर के कमर्शियल चालकों को निःशुल्क नेत्र जांच और पात्र मरीजों को मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा मिलेगी। यह अभियान 11 जनवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक चलेगा। ASG आई हॉस्पिटल्स का उद्देश्य ऑटो, टैक्सी, बस और ट्रक चालकों की नियमित नेत्र जांच के माध्यम से सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देना और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है। इस अभियान में सभी वाणिज्यिक चालकों के लिए मुफ्त नेत्र जांच उपलब्ध है। शुरुआती चरण में, 385 योग्य कमर्शियल चालकों को निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा प्रदान की जाएगी। ये सर्जरी ASG के ऑर्गेनिक सेंटर्स में की जाएंगी। निःशुल्क सर्जरी पैकेज में बेसिक मोतियाबिंद सर्जरी (स्टैंडर्ड लेंस सहित), बायोमेट्री जांच, सर्जरी के बाद की दवाइयां और सुरक्षा चश्मा शामिल हैं। यह योजना विशेष रूप से कमर्शियल चालकों के लिए है; निजी ड्राइवर इसके पात्र नहीं होंगे। पात्रता के लिए वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस या OLA, Uber, Rapido अथवा किसी मान्यता प्राप्त कैब एजेंसी की आईडी अनिवार्य है। चालक ASG के 180 से अधिक केंद्रों पर अपॉइंटमेंट लेकर या सीधे वॉक-इन के माध्यम से अपनी जांच करा सकते हैं। केंद्र पर आधार कार्ड, कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी और प्रिस्क्रिप्शन फॉर्म जमा करना आवश्यक होगा। आवश्यकता पड़ने पर, अपग्रेडेड लेंस विकल्प भी निर्धारित छूट के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे। ASG आई हॉस्पिटल की ओर से डॉ. फरनाज कौसर, डॉ. प्रशांत कुमार और डॉ. मधुमिता प्रसाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान चालकों की आंखों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने बताया कि इस पहल से हजारों चालकों को बेहतर दृष्टि और सुरक्षित जीवन जीने में मदद मिलेगी।
रामगंगा किनारे मिले 18 गायों के शव:बरेली में हड़कंप, पुलिस ने जांच के आदेश दिए
बरेली के कैंट क्षेत्र में रामगंगा नदी के किनारे गुरुवार को 18 गायों के शव मिले, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। शव अत्यधिक खराब अवस्था में थे, जिसके कारण स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवक मौके पर पहुंचे और कैंट तथा सुभाष नगर थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने गौ सेवकों के साथ मिलकर सभी शवों को विधि-विधान से दफन कराया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वासन दिया कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। घटना स्थल पर राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रदेश महामंत्री सोनू ठाकुर, हिंदू युवा वाहिनी के वंश राजपूत, गौ रक्षक बरेली के तरुण कश्यप, गौ रक्षा दल के शंभू, शिवम कमांडो, विशाल राजपूत और मोहित कुमार सहित कई गौ रक्षक एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद थे। सभी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
कानपुर में लाठी-डंडों से पीटकर युवक की हत्या:गांव वाले बचाने दौड़े तो आरोपी भाग गए, सिर पर कई वार किए
कानपुर के घाटमपुर में नशेबाजी को लेकर हुए विवाद में 24 वर्षीय युवक की पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने युवक को उसके घर से महज 50 मीटर की दूरी पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के नौबस्ता पूर्वी निवासी राजबहादुर का 24 वर्षीय बेटा मोहित पाण्डेय ट्रक में क्लीनर का काम करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था, गुरुवार देर शाम वह मोहल्ले के दिलशाद उर्फ लोहा सिंह, ननका, सोनेलाल, गुड्डू आदि के साथ गया था। उसके बाद घर से लगभग 50 मीटर दूर स्थित रसूलिया तालाब के पास नशेबाजी में उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। परिजनो का आरोप है, कि युवकों के बीच नशेबाजी को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद बाकी साथियों ने मिलकर मोहित की लाठी डंडों से पीटकर हत्या कर दी। मारपीट होते देख जब मोहल्ले के लोग दौड़े तो आरोपी मौके से भाग निकले। घटनास्थल पर पड़े खून से लथपथ मोहित को परिजन घाटमपुर सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डाक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में सरेराह किशोरी का हाथ पकड़कर जबरन दोस्ती का दबाव बनाने के आरोपी को कोर्ट से राहत मिल गई है। शाहगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में अपर जिला जज-28, पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में नामजद आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। शाहगंज क्षेत्र की रहने वाली किशोरी ने 23 मार्च 2019 को शाम करीब सात बजे दुकान पर सामान लेने जाते समय अरुण नामक युवक पर सरेराह हाथ पकड़कर जबरन दोस्ती करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। किशोरी के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में छह गवाह पेश किए गए, लेकिन उनके बयानों से आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस चौहान और प्रीति गुप्ता ने तर्क दिए कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना से पहले आरोपी के भाई का किशोरी के परिजनों से विवाद हुआ था, उसी रंजिश के चलते यह मामला दर्ज कराया गया। साथ ही यह भी दलील दी गई कि कथित घटना के दिन आरोपी अपने मामा के घर गया हुआ था। इन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को क्लीन चिट दे दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों की हड़ताल का सख्त संज्ञान लेते हुए महाराजगंज के चकबंदी उप-संचालक को निर्देश दिया है कि यदि संबंधित पक्षों के अधिवक्ता हड़ताल या न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण उपस्थित नहीं हो रहे हैं, तब भी मामलों का निस्तारण किया जाए। वकीलों की हड़ताल पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने संबंधित मामले में वकीलों के पेश होने पर रोक लगा दी और टिप्पणी की कि महराजगंज में बार के सदस्य पिछले कई महीनों से अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं इसलिए उक्त पुनरीक्षण में पेश होने वाले वकीलों को अदालत में उपस्थित होने से प्रतिबंधित किया जाता है। साथ ही चकबंदी उप-संचालक को निर्देश दिया कि इन निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण का निर्णय 15 मार्च तक या उससे पहले करें। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने चिनकई की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। उसने याचिका में महराजगंज के चकबंदी उप-संचालक के समक्ष लंबित अपने मामले के शीघ्र निस्तारण की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि चकबंदी उप-संचालक के निर्देशों के अनुसार मामले में कई तारीखें तय की गई थीं लेकिन सभी तारीखों पर वकीलों के कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने कहा कि तथ्यों की इस पृष्ठभूमि में मामला तय न करने के लिए संबंधित अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। याची के अधिवक्ता ने कहा कि मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पक्षों के अधिकार शामिल हैं। साथ ही सुझाव दिया कि यदि वकील अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं या संबंधित बार एसोसिएशन का ऐसा कोई प्रस्ताव है, तो यह न्यायालय पक्षों को स्वयं उपस्थित होकर चकबंदी उप-संचालक के समक्ष अपनी बात रखने की अनुमति दे सकता है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक्स कैप्टन हरीश उप्पल बनाम भारत संघ के मामले में वकीलों की हड़ताल को अवैध घोषित करने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का संज्ञान लेते हुए चकबंदी उप-संचालक महराजगंज को निर्देश दिया कि संबंधित पुनरीक्षण के पक्षकारों को अगली निर्धारित तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और मेरिट के आधार पर अपना पक्ष रखने की अनुमति दें।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईटा वन, जीटा वन और डेल्टा थ्री के निवासियों को बड़ी सुविधा मिली है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित तीन कम्युनिटी सेंटरों का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया गया। दादरी विधायक तेजपाल नागर और भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने इनका शुभारंभ किया। इन सेंटरों के निर्माण पर लगभग 6.56 करोड़ रुपये की लागत आई है। विधायक तेजपाल नागर ने प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेक्टरवासियों को कम्युनिटी सेंटर की बहुत आवश्यकता थी, जिससे अब उन्हें शादी-समारोह जैसे आयोजनों के लिए परेशानी नहीं होगी। विधायक ने यह भी कहा कि सेक्टरवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, और प्राधिकरण इसके लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने भी प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा में नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण सतत प्रयासरत है। प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल पांच के वरिष्ठ प्रबंधक रतिक ने बताया कि तीनों कम्युनिटी सेंटरों में कॉमन हॉल, लाइब्रेरी, ऑफिस, महिला-पुरुष शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। कम्युनिटी सेंटरों के शुभारंभ के अवसर पर बृजपाल राठी, दीपक भाटी, आदेश भड़ाना, अंकित भाटी, डॉ. राजेश शर्मा, दिगपाल सिंह, तेज शर्मा, कंवर सिंह पवार, चौधरी योगेंद्र सहित कई अन्य निवासीगण मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, वर्क सर्किल-5 और विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की पूरी टीम भी उपस्थित थी।
भरतपुर के चिकसाना थाना इलाके में एक 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने बताया कि बच्चा घर में अकेला खेल रहा था। घर के सभी लोग बरामदे में बैठे थे। कुछ देर बाद जब वह कमरे में गए तो, बच्चा बेड़ पर बेहोश पड़ा हुआ था। जिसे लेकर तुरंत वह अस्पताल पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मोबाइल पर गेम खेल रहा था शिवा बच्चे के रिश्तेदार ने बताया कि घटना देर शाम की है। 10 साल का बच्चा घर के एक कमरे में अकेला खेल रहा था। बच्चे के पिता, मां, बड़ा भाई (11) बड़ी बहन (14) घर के बरामदे में बैठे थे। बच्चा मोबाइल पर गेम खेल रहा था। बाकी परिवार के लोग आपस में बात कर रहे थे। पिता पहुंचे तो, अचेत मिला शिवा कुछ देर बाद बच्चे के पिता करीब 30 मिनट के बाद कमरे में गए तो, बच्चा बेड़ पर अचेत हालत में पड़ा हुआ था। उसके गले में स्वाफी का फंदा लगा हुआ था। बच्चे के पिता ने उसे उठाने की कोशिश की लेकिन, बच्चा नहीं उठा तो, वह उसे लेकर तुरंत आरबीएम अस्पताल पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। देर ही हुआ शव का अंतिम संस्कार जिसके बाद बच्चे के परिजन शव को लेकर घर चले गए। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया। परिजनों को भी घटना का पता नहीं लग पाया की बच्चे की मौत कैसे हुई है। घटना के बाद से बच्चे के घर में मातम पसरा हुआ है।
भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान भूमि बोधगया में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव 2026 का शानदार आगाज हुआ। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी व बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बौद्ध धर्मगुरुओं ने बौद्ध परंपरा के अनुसार सूतपाठ किया। इस मौके पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हम हर बार महोत्सव में भगवान के बुद्ध के उपदेशों पर चलने की बात करते हैं, लेकिन मुझे दुख होता है कि हकीकत में ऐसा लोग नहीं करते हैं। यह गलत है। बुद्ध के उपदेशों का अनुसरण नहीं किया गया तो तीसरा विश्वयुद्ध तय है। इससे बचना है तो पूरी दुनिया को भगवान बुद्ध के उपदेशों पर चलना होगा। बुद्ध के उपदेशों से सीख लेनी चाहिए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में हमें भगवान बुद्ध के उपदेशों से सीख लेनी चाहिए। अभी स्थिति ऐसी है कि लगता है कि विश्व युद्ध हो जाएगा और पृथ्वी खत्म हो जाएगी। ऐसे में भगवान बुद्ध के संदेशों को अपना ही विश्व शांति लाई जा सकती है। ज़रूरत है प्रकृति के साथ पारिवारिक संबंध बनाये रखने की। जिस तरह से वातावरण प्रदूषित हो रहा है, सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है। अगर प्रकृति के साथ हम लोग अपनापन का संबंध नहीं रखेंगे, तो पूरा विश्व खतरे में पड़ जाएगा। ऐसे में भगवान बुद्ध के संदेशों को अपनाकर ही पृथ्वी की रक्षा की जा सकती है और पूरे विश्व में शांति का माहौल बनेगा उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से इस बौद्ध महोत्सव की शुरुआत की गई थी। आज यह बौद्ध महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यह हमारे लिए बड़े ही गौरव की बात है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गयाजी के फल्गु में सोन का पानी लाने के लिए मैं प्रयासरत हूं। हमें गयाजी जनता ने प्यार दिया है तो हम यह भी सपना पूरा करेंगे। इसी नहीं फल्गु नदी के दोनों किनारे मरीन ड्राइव भी बनेगा। इस मौके पर विधायक मनोरमा देवी, रोमित कुमार,जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, उपाध्यक्ष शीतल यादव बोधगया नगर परिषद अध्यक्ष ललिता कुमारी, बीटीएमसी सदस्य अरविंद सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के अवसर पर गुरुवार की शाम भिंड शहर में भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत इस पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मानपुरा गांव से प्रारंभ हुई यह यात्रा करीब 5 किलोमीटर का सफर तय करते हुए भिंड शहर तक पहुंची, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। चल समारोह की शुरुआत मानपुरा गांव स्थित हनुमान जी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिसके बाद श्रद्धालु जय-जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के साथ पदयात्रा पर निकले। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे मार्ग को भक्तिमय माहौल में बदल दिया। यात्रा अलग-अलग मार्गों से होती हुई देर रात करीब 8 से 9 बजे के बीच भिंड शहर में प्रवेश कर गई। पूरे रास्ते श्रद्धालु रामभक्ति में लीन नजर आए। गह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागतशहरवासियों ने जगह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया और प्रसाद व जलपान की व्यवस्था की। पदयात्रा का समापन भिंड में गौरी तालाब के पास स्थित कालेश्वर महादेव मंदिर पर किया गया। यहां भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने बताया कि 22 जनवरी को तीन वर्ष पूर्व अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ था। उसी की स्मृति में पिछले तीन वर्षों से लगातार यह शोभायात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। इस पदयात्रा में प्रमुख रूप से अमित बौहरे, महेंद्र भदौरिया, योगेंद्र भदौरिया, अवधेश शिवहरे, नींलेन्द्र तिवारी, दलवीर राठौर, लिटिल त्रिपाठी, देव विधोलिया, विनीत शर्मा, सचिन शर्मा, पूनम राजवत और अनुराग भदौरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मेरठ के सदर अरविंद पुरी निवासी राजेंद्र मित्तल सराफ हैं। हर रोज वह अपनी पत्नी शशि मित्तल के साथ काली पलटन मंदिर जाते हैं। गुरुवार शाम भी वह मंदिर से वापस घर लौट रहे थे। बालाजी मंदिर मोड़ से जैसे ही उन्होंने सड़क पार करने का प्रयास किया, तभी सदर शिव चौक की तरफ से आ रहे बाइक सवार युवक ने लापरवाही से बाइक दौड़ते हुए उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। पहले तीन तस्वीरें देखिए... टक्कर लगते ही घायल हुई दंपति टक्कर लगते ही राजेंद्र मित्तल और उनकी पत्नी शशि मित्तल सड़क पर जा गिरे और घायल हो गए। उनकी स्कूटी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा होते देख लोग उस तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने आरोपी युवक को पकड़ लिया और किसी तरह दंपति को संभालते हुए सड़क के एक तरफ बैठाया। महिला के चेहरे और सिर में आई चोट हादसे में दंपति को गंभीर चोट लगी थी। हालांकि शशि मित्तल के चेहरे और सिर से खून निकल रहा था। आसपास के लोगों ने दोनों को पानी लाकर पिलाया। परिवार के बारे में पूछा तो पता चला कि बेटा वृंदावन गया हुआ है। कुछ देर बाद ही राजेंद्र मित्तल के पड़ोसी वहां आ गए और दोनों को कार की मदद से ले जाकर उपचार दिलवाया। युवक को पुलिस ने लिया हिरासत में एक्सीडेंट करने वाले युवक की पहचान मेहताब निवासी अलतीशान के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि वह रक्षाबंधन के पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर लौट रहा था। कुछ ही देर में सदर बाजार पुलिस मौके पर आ गई और उन्होंने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों वाहन भी अपने कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिए। CO बोली- तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई CO कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि इस मामले में अभी दंपति पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर उनकी तरफ से तहरीर मिलती है तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल परिवार के लोग दंपति का उपचार करा रहे हैं। युवक को हिरासत में रखा गया है।
बिहार सरकार के पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन औरंगाबाद के संयुक्त देखरेख में भगवान सूर्य की नगरी देव में तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 25 से 27 जनवरी तक आयोजित होगा, जो भगवान सूर्य के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। आस्था, संस्कृति और संगीत के संगम के रूप में विख्यात विश्व प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर परिसर इस दौरान उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा। महोत्सव के दौरान भगवान सूर्य का विधिवत पूजन-अर्चन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इस वर्ष सूर्य महोत्सव को और अधिक आकर्षक एवं यादगार बनाने के लिए देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। महोत्सव के पहले दिन 25 जनवरी को इंडियन आइडल विजेता और प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह पवनदीप राजन की प्रस्तुति को लेकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन 26 जनवरी को सुप्रसिद्ध भोजपुरी लोकगायिका कल्पना पटवारी अपनी भावपूर्ण लोक गायन की प्रस्तुति देंगी। कल्पना पटवारी अपनी विशिष्ट गायकी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े गीतों के लिए जानी जाती हैं। महोत्सव के समापन दिवस 27 जनवरी को स्थानीय कलाकारों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है देव सूर्य मंदिर व आयोजन स्थल जिला प्रशासन द्वारा सूर्य महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल देव रानी तालाब क्षेत्र एवं ऐतिहासिक देव सूर्य मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रंग-बिरंगी लाइटिंग, भव्य सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय, चिकित्सा सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। डीएम ने किया देव सूर्य मंदिर व आयोजन स्थल का निरीक्षण गुरुवार को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सूर्य महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने देव रानी तालाब परिसर स्थित मुख्य आयोजन स्थल का मुआयना कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने आम नागरिकों के लिए सुलभ पेयजल, वाहन पार्किंग, अस्थायी शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश एसडीओ संतान सिंह को दिया। इसके बाद उन्होंने सूर्यकुंड तालाब परिसर का भी निरीक्षण किया और पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही तालाब परिसर के समीप प्रस्तावित मुख्यमंत्री प्रगति पथ की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ मदनपुर, सीओ दीपक कुमार, बीडीओ दीपक कुमार, देव नगर पंचायत अध्यक्ष पिंटू साहिल, उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता, देव सूर्य मंदिर न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, सदस्य योगेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। भव्य पंडाल का कराया जा रहा है निर्माण, 2500 लोगों के बैठने की व्यवस्था महोत्सव के लिए देव नगर पंचायत स्थित रानी तालाब मैदान में विशाल पंडाल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पंडाल निर्माण में पटना के अनुभवी कारीगरों की टीम दिन-रात जुटी हुई है। पंडाल का आकार लगभग 200 फीट लंबा और 100 फीट चौड़ा होगा, जिसमें करीब 2000 सामान्य कुर्सियों के साथ 420 वीआईपी कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। एक दर्जन से अधिक कारीगर मुख्य मंच और पंडाल को भव्य रूप देने में लगे हैं। जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सूर्य महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह है। क्विज, निबंध, पेंटिंग, रंगोली व मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान अमृतेश आर्यन ने बताया कि जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार जिला स्तरीय क्विज, पेंटिंग, रंगोली, निबंध, मेहंदी, स्लो साइकिल रेस, कबड्डी, खो-खो और फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता की स्क्रीनिंग 21 जनवरी को समाहरणालय स्थित योजना भवन में आयोजित की जा चुकी है, जिसके आधार पर फाइनल क्विज के प्रतिभागियों का चयन किया गया है। फाइनल क्विज 27 जनवरी को देव में रानी पोखर के निकट मुख्य मंच पर आयोजित होगा।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जुडमनिया गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे चालक सड़क पर गिर पड़ा। घायल को इलाज के लिए नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद परिजन उसे अपने साथ ले गए हैं। हादसा गुरुवार रात करीब 9:30 बजे जुडमनिया-मुरली मार्ग पर हुआ। जुडमनिया गांव के रहने वाले 45 वर्षीय रामसुख साकेत अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे। तभी अचानक गांव के पास ही उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार में सड़क पर फिसल गई। इस हादसे में रामसुख को काफी चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल रामसुख को संभाला। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
बैतूल के आमला में आज (गुरुवार) जीआरपी पुलिस ने जीटी एक्सप्रेस ट्रेन से अवैध मादक पदार्थ तस्करी का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8.600 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 29 हजार रुपए बताई गई है। जीआरपी पुलिस प्रभारी प्रमोद पाटिल के मुताबिक ट्रेन नंबर 12615 (नई दिल्ली-चेन्नई एक्सप्रेस) में सवार दो संदिग्ध युवकों को आमला रेलवे स्टेशन पर पकड़ा। जांच के दौरान दोनों के पास से बैग बरामद किए गए, जिनमें अलग-अलग पैकेटों में गांजा भरा मिला। पुलिस के अनुसार आरोपी ताजिम अनवर (27) निवासी हूल्ली, जिला श्रीरामपुर, पश्चिम बंगाल और सलीम कुमार नायक (33) निवासी कंजामाली, जिला गजपति, ओडिशा हैं। ताजिम के पास से 4.240 किलो गांजा जबकि सलीम नायक के पास से 4.360 किलो गांजा बरामद हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी यह गांजा ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र की ओर तस्करी कर रहे थे। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
दिल्ली: उपराज्यपाल ने विकासपुरी में पांचवें 'आरंभ' पुस्तकालय का शुभारंभ किया
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने विकासपुरी में पांचवें 'आरंभ' पुस्तकालय का उद्घाटन किया
संभल जिले के अल्लीपुर खुर्द गांव में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन ने आठ बीघा सरकारी जमीन पर बने 40 मकानों की पैमाइश की है। इनमें बंजर भूमि पर 22 और खलियान की भूमि पर 15 मकान शामिल हैं। इसके अलावा, खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की भूमि पर किए गए कब्जों को भी मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई हयातनगर थाना क्षेत्र के अल्लीपुर खुर्द गांव में हुई। गाटा संख्या 411 क की लगभग छह बीघा बंजर भूमि पर 22 मकानों का निर्माण पाया गया। इसी तरह, गाटा संख्या 415 की दो बीघा खलियान भूमि पर 15 मकान बने हुए मिले। प्रशासनिक टीम ने गाटा संख्या 237 (खेल का मैदान) और गाटा संख्या 238 (खाद के गड्ढे) पर किए गए कब्जों को भी हटाया। गुरुवार दोपहर 2 बजे कानूनगो उरमान सिंह और हल्का लेखपाल सरजीत कुमार के नेतृत्व में पांच लेखपालों की टीम, जिसमें ज्ञानेश कुमार और शहराज उस्मानी भी शामिल थे, मौके पर पहुंची। लेखपाल सरजीत कुमार ने बताया कि गांव के दो व्यक्तियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीम ने गांव में फीता डालकर पैमाइश की है। अब सरकारी जमीन पर बने मकानों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कजरैली थाना में एसएसपी ने लगाया जनता दरबार:लोगों की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश दिए
भागलपुर के कजरैली थाना परिसर में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। एसएसपी ने स्वयं उपस्थित होकर सभी शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक पढ़ने के बाद, एसएसपी यादव ने मामलों की प्रकृति के अनुसार मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिए। कई गंभीर मामलों में तत्काल कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए। इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि जनता दरबार पुलिस और आम नागरिकों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करता है, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है और जनता को अपनी बात सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। भूमि विवाद, घरेलू विवाद, मारपीट संबंधित शिकायतें सामने आईं जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, घरेलू विवाद, मारपीट, पारिवारिक कलह और अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित शिकायतें सामने आईं। कजरैली थाना प्रभारी और अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने सभी शिकायतों के शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया। इस दौरान थाना के पुलिस कर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के अंत में, कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं सुने जाने और त्वरित पहल के लिए पुलिस प्रशासन के प्रति संतोष व्यक्त किया। कजरैली थाना परिसर, भागलपुर में आयोजित जनता दरबार की यह खबर है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने की। जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान है। मौके पर एसएसपी द्वारा संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दिल्ली हाईकोर्ट में इंडिगो संकट पर सुनवाई, सरकार से कार्रवाई का हलफनामा दाखिल करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने और यात्रियों के संकट पर स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की
कन्नौज में एसपी आवास के पास एक परचून दुकानदार पर युवकों ने हमला कर दिया। दुकान में रखा सामान उठाकर फेंक दिया। मारपीट और उपद्रव से चौराहे पर अफरातफरी मच गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के गोलकुआं चौराहे का है। यहां गुरुवार शाम एक परचून दुकान पर तीन युवक पहुंचे और सिगरेट की डिब्बी मांगी। दुकानदार अमित तिवारी ने सिगरेट की डिब्बी दे दी, जिसे युवक ने अपनी जेब में डाल लिया और आपस मे बातचीत करने लगे, कुछ देर बाद दुकानदार ने पैसे मांगे तो युवक ने फिर सिगरेट की डिब्बी मांगी। दुकानदार ने बताया कि वह डिब्बी दे चुका है तो युवक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। दुकानदार ने जब उसका विरोध किया तो युवक ने फोन कर अपने 8 से 10 साथियों को बुला लिया। सभी ने एकजुट होकर दुकानदार पर हमला कर दिया और मारपीट करते हुए अमित तिवारी व उनके साथियों को घायल कर दिया। जब दुकानदार ने शटर बन्द करने का प्रयास किया तो वहां रखा सामान हमलावरों ने फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस को सूचना देने पर हमलावर पथराव करते हुए भाग गए। मारपीट और उपद्रव के दौरान चौराहे पर भगदड़ मच गई। ये घटना एसपी आवास से चंद कदम की दूरी पर है। मामले को लेकर पीड़ित दुकानदार अमित तिवारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह में बताया कि दुकान पर झगड़ा हुआ है। जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
झांसी में बच्ची से रेप के दोषी को उम्रकैद:तीन साल पहले सात साल की बच्ची से हुई थी दरिंदगी
झांसी न्यायालय स्थित विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर दो लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला साल 2022 में उल्दन थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से रेप के मामले में आया है। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 17 नवंबर 2022 को उल्दन थाने में पीड़िता की मां ने गांव के ही रहने वाले रविन्द्र अहिरवार के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में महिला ने बताया था कि वह खेती के काम से खेत पर गई हुई थीं और घर पर उनकी सात साल की बेटी अकेली थी। इसी दौरान आरोपी रविन्द्र अहिरवार घर पहुंचा और बच्ची को बहला-फुसलाकर पास ही स्थित एक खंडहर में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला खेत से वापस लौट रही थीं तो उन्होंने आरोपी को खंडहर से अस्त-व्यस्त कपड़े ठीक करते हुए भागते देखा। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बच्ची बेहद डरी हुई थी और उसके निजी अंगों में गंभीर चोटें थीं।पूछताछ करने पर बच्ची ने आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को अदालत ने रविन्द्र अहिरवार को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।
नालंदा के सदर अस्पताल में आज शाम सड़क हादसे में घायल एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और उनके साथ आए असामाजिक तत्वों ने जमकर बवाल काटा। आक्रोशित भीड़ ने इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे का शीशा तोड़ दिया और ड्यूटी पर तैनात डॉ. संजीव कुमार के साथ हाथापाई करते हुए उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। बाद में परिजन जबरदस्ती तीनों युवकों को लेकर अस्पताल से चले गए। दरअसल, सिलाव हाई स्कूल के पास एक बाइक पर सवार तीन युवक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। घायलों की पहचान लहेरी थाना क्षेत्र के गगनदीवान निवासी अमन (22), और कटरा पर निवासी कैफी (24) व जुनैद (21) के रूप में हुई है। सिलाव पीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया था। यहां इलाज के दौरान अमन की मौत हो गई, जबकि अन्य दो की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया था। डॉक्टर पर हमला और तोड़फोड़ अमन की मौत की खबर सुनते ही परिजन उग्र हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर मौके पर नहीं थे, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ. संजीव कुमार और उनकी टीम मरीजों का इलाज कर रही थी। इसी बीच कुछ उपद्रवियों ने डॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलते ही निजी सुरक्षाकर्मी और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उपद्रवी मरीज को लेकर फरार हो चुके थे। हेलमेट नहीं पहने थे, सिर में थी गंभीर चोट- डीएस सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (DS) डॉ. राजीव रंजन ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लड़कों ने हेलमेट नहीं पहना था और बाइकर गैंग की तरह गाड़ी चलाते हैं। एक्सीडेंट में उन्हें मेजर हेड इंजरी (सिर में गंभीर चोट) थी और वे अचेत अवस्था में लाए गए थे। हमारी पूरी टीम सिस्टमेटिक ढंग से इलाज कर रही थी। लेकिन उनके साथ आए लोग अनकंट्रोल्ड थे। उन्होंने मानवता को शर्मसार करते हुए डॉक्टर को मारने के लिए खींचने की कोशिश की, सिस्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पर हाथ उठाया और तोड़फोड़ की। यह पूरा तांडव सीसीटीवी में कैद है और अस्पताल प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा। सदर अस्पताल में तोड़फोड़ की सूचना पर लहेरी और बिहार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। बिहार थाना अध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि आरोपियों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जोनल कार्यालय के प्रवर्तन निदेशालय ने 20 जनवरी 2026 को मेसर्स रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के पूर्व प्रमोटर और निलंबित प्रबंध निदेशक संदीप गुप्ता को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया
भागलपुर के सुंदरवती महिला कॉलेज में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने भूकंप से बचाव का प्रशिक्षण दिया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और बिहार सरकार के निर्देश पर 15 से 28 जनवरी तक मनाए जा रहे 'सुरक्षा पखवाड़ा' के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और आम लोगों को जागरूक करना है। इस प्रशिक्षण में कॉलेज की 200 से अधिक छात्राओं, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मियों ने हिस्सा लिया। एसडीआरएफ टीम ने भूकंप के दौरान और उसके बाद अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस प्रशिक्षण का नेतृत्व एसडीआरएफ इंस्पेक्टर कुमार नीरू ने किया। इंस्पेक्टर कुमार नीरू ने बताया कि भूकम्प के समय घबराने के बजाय संयम और सतर्कता बरतना महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'ड्रॉप, कवर और होल्ड' तकनीक का विस्तार से प्रदर्शन किया। नीरू ने समझाया कि भूकम्प आने पर मजबूत टेबल या बेड के नीचे छिपकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखना चाहिए, तथा खुले स्थान की ओर भागने से बचना चाहिए। एसडीआरएफ टीम ने भूकंप के बाद की सावधानियों पर भी जोर दिया। इसमें बिजली और गैस कनेक्शन की जांच करना शामिल है, ताकि आग लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त, घायलों को प्राथमिक उपचार देने, सुरक्षित स्थानों की पहचान करने और प्रशासन को समय पर सूचना देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इंस्पेक्टर कुमार नीरू ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आम लोगों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और संकट की स्थिति में सही निर्णय लेने में सहायक होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समय पर बरती गई सावधानी और सही जानकारी से भूकम्प के दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।
यूपी में खुले नालों और असुरक्षित निर्माण कार्यों ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। नोएडा में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब बरेली के भोजीपुरा से विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां प्रशासन और ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही के कारण डेढ़ साल के मासूम प्रयाग को अपनी जान गंवानी पड़ी। घर के ठीक सामने बने गहरे नाले ने उस वक्त काल का रूप ले लिया जब बच्चा वहां खेल रहा था। वोट नहीं देने पर जानबूझकर बनाया नालाबरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो किसी का भी कलेजा चीर दे। एक लाचार पिता अपनी गोद में अपने डेढ़ वर्षीय मृत बच्चे प्रयाग को लिए बैठा है- यह मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक प्रधान को वोट नहीं देने का नतीजा है। मोहम्मदपुर ठाकुरान गांव में घर के पास बने एक अवैध नाले ने इस मासूम की जिंदगी छीन ली। परिवार का आरोप है कि जिस नाले को मौत का कारण बताया जा रहा है, वह न केवल अवैध है बल्कि उसे चुनावी रंजिश के चलते जानबूझकर खतरनाक स्थिति में छोड़ा गया था। देखे 3 तस्वीरें ..... खेलता हुआ बचपन नाले की गंदगी में समायाजानकारी के मुताबिक, जितेंद्र का डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रयाग गुरुवार दोपहर को घर के पास ही खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक पास ही बने गहरे नाले में जा गिरा। जब तक परिजनों की नजर पड़ी और उसे बाहर निकाला गया, मासूम की सांसें उखड़ चुकी थीं। बदहवास परिजन उसे लेकर तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिवार का इकलौता चिराग बुझ जाने से कोहराम मचा हुआ है। अनसुनी रही मुख्यमंत्री पोर्टल तक की गुहारमृतक मासूम के दादा रामदास ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि यह नाला सरकारी नक्शे में दर्ज ही नहीं है, बल्कि प्रधान पति रामकिशोर ने इसे अवैध तरीके से बनवाया था। परिवार ने इसे लेकर कई बार शिकायत की थी, यहाँ तक कि करीब एक माह पूर्व 'मुख्यमंत्री पोर्टल' (आईजीआरएस) पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर भोजीपुरा पुलिस गांव आई भी थी और निस्तारण के निर्देश दिए थे, लेकिन रसूख के आगे कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। न तो नाले को बंद कराया गया और न ही उसे ढका गया, जिसका नतीजा आज इस मासूम की मौत के रूप में सामने आया है। प्रधान पति पर मुकदमा दर्जहादसे से आक्रोशित परिजन बच्चे का शव लेकर सीधे भोजीपुरा थाने पहुंचे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर प्रधान पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गुटबाजी पर सख्त कांग्रेस: वेणुगोपाल का बड़ा बयान
कांग्रेस हाईकमान ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि अनुशासनहीनता और पार्टी के मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
श्रीरामलल्ला के पाटोत्सव महोत्सव–2026 के पावन अवसर पर गुरुवार, 22 जनवरी को मणिरामदास की छावनी, वासुदेव घाट में यह महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति भाव से हुआ। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम को सादगीपूर्वक आयोजित किया गया। महंत नृत्यगोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं शतायु होने की मंगलकामना का संकल्प इस अवसर पर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं शतायु होने की मंगलकामना का संकल्प भी लिया गया।विदित हो कि 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीरामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए थे। तभी से श्रीरामलल्ला अयोध्या जी सेवा समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्ष प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में श्रीराम यंत्र पर प्रभु श्रीरामलला की स्थापना कर विधिवत पूजन किया गया तथा भक्तों के मध्य उसका वितरण भी किया गया। 108 आचार्यों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया गयागुरुवार को सम्पन्न इस धार्मिक अनुष्ठान में मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास तथा ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य राजानंद शास्त्री (डॉ. हरीश शास्त्री) द्वारा वैदिक विधि से पूजन सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर 108 आचार्यों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकाण्ड का पाठ किया गया तथा श्रीराम रक्षा यंत्र का पूजन एवं श्रीराम रक्षा स्तोत्र का सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ।ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य राजानन्द शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीराम रक्षा यंत्र का निर्माण चाँदी पर किया गया है, जिसे ऑनलाइन माध्यम से श्रद्धालु भक्तों तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यंत्र से भक्तों को आध्यात्मिक, मानसिक एवं दैहिक लाभ की अनुभूति हो रही है।उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम अत्यंत भव्य रूप में आयोजित किया जाना प्रस्तावित था, किंतु ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज के अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम को सीमित स्वरूप में सम्पन्न किया गया। साथ ही ब्राह्मणों को विशेष संकल्प प्रदान किया गया कि वे श्री महाराज जी की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए पाठ एवं जप करें, जिससे श्री महाराज जी शतायु हों और पुनः स्वस्थ होकर अपने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते रहें।
वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक लेखपाल पर दबंगों ने हमला कर दिया। सरकारी आदेश का पालन कराने पहुंचे लेखपाल के साथ मारपीट की गई और उनके सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए। यह घटना डेगरुपुर गांव में हुई। खबर को पढ़िए विस्तार से... रौना कला के लेखपाल सतीश यादव गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे डेगरुपुर गांव पहुंचे थे। वे तहसीलदार न्यायिक सदर वाराणसी के आदेश पर और एक आईजीआरएस प्रार्थना पत्र की जांच के संबंध में विपक्षी रघुनाथ यादव को अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने गए थे। दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटा लेखपाल के अनुसार, जैसे ही वे मौके पर पहुंचे, आरोपी रघुनाथ यादव और उनके परिजनों ने उन्हें घेर लिया। दबंगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला किया। आरोपियों ने लेखपाल के हाथ से सरकारी फाइल, नजरी नक्शा और महत्वपूर्ण नोटिस छीनकर फाड़ दिए। 20 लेखपाल चौबेपुर थाने पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। लगभग 20 लेखपाल तुरंत चौबेपुर थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए तहरीर दी। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कार्य बहिष्कार जैसा कदम उठा सकते हैं। गांव के सुरेंद्र पाल ने बताया कि सरकारी जमीन खाली कराने का प्रार्थना पत्र उन्होंने ही दिया था। हालांकि, उन्होंने लेखपाल के सरकारी दस्तावेज फाड़ने जैसी घटना से इनकार किया। थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया ''तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं''
देवरिया जिले के बलटिकरा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। यहां भू-माफिया ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को काम रोकने से इनकार कर दिया और उन्हें चुनौती दी। इस घटना का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बलटिकरा निवासी एक व्यक्ति ने तहसीलदार से लिखित शिकायत की थी कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने नायब तहसीलदार को तत्काल मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए थे। जब नायब तहसीलदार अवैध निर्माण स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद भू-माफिया ने सरकारी आदेश मानने से इनकार कर दिया। दबंग व्यक्ति ने अधिकारी को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा, किसी के कहने पर काम नहीं रुकेगा, आपके कहने से भी नहीं रुकेगा। वीडियो में नायब तहसीलदार निर्माण रोकने की अपील करते दिख रहे हैं, जबकि भू-माफिया बेखौफ होकर काम जारी रखने की बात कह रहा है। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों में रोष है। बलटिकरा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण भू-माफियाओं के हौसले बढ़े हैं। अब जिला प्रशासन पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस मामले में क्या सख्त कार्रवाई की जाती है और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाता है या नहीं।
प्रयागराज के माघ मेले में स्थित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सवा लाख शिवलिंग पैक रखे गए हैं। जबकि यह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए यहां पर लाए गए थे। करीब 5 हजार शिवलिंग यहां सजाए जा चुके थे लेकिन इसी बीच मौनी अमावस्या के मौके पर यहां अविमुक्तेश्वरानंद महराज के साथ संगम पर प्रशासन के साथ विवाद हो गया था। तब से लगातार नाराज शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर ही बैठे हुए हैं। वह लगातार 6 दिनों से अपने शिविर में अंदर नहीं गए हैं। यही कारण है कि यह जो शिवलिंग छत्तीसगढ़ से लाए गए थे वह कार्टून में पैक ही रखे गए हैं। ऐसी स्थिति में यह खोला नहीं जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा, कि एक साथ सवा लाख शिवलिंग किसी ने देखा है क्या? हम यहां पर सवा लाख शिवलिंग लेकर आए थे लेकिन तब तक यह घटना घट गई। सवा लाख शिवलिंग के दर्शन से यहां आने वाले श्रद्धालु वंचित रह गए। यह किसका दोष है? छत्तीसगढ़ में बनना है सवा लाख शिवलिंग वाला मंदिरशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य विवेक शुक्ला एडवोकेट ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि छत्तीसगढ़ में रायपुर के बेमेतरा में सवा लाख शिवलिंग का मंदिर बनना है जो एशिया के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में जाना जाएगा। इसकी लागत करीब 65 करोड़ रुपये होगी। वहां पर जो शिवलिंग स्थापित होनी थी वह शिवलिंग माघ मेले में यहां लाई गई है। ताकि इस पवित्र त्रिवेणी संगम आने वाले श्रद्धालु भी इसका दर्शन कर सकते। इसके बाद इसे यहां से वह रायपुर ले जाने की तैयारी लेकिन बवाल के बाद से यह सब नहीं हो पाया। अब महराज जी अंदर नहीं आ रहे हैं। कुछ शिवलिंग ही लगे हैं बाकी सब पैक हैं। प्रशासन की जिद के आगे यह सब हो रहा है। जहां पर होता था प्रवचन, वहां छायी है खामोशीमाघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर है। यहां हर बार प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रम आयाजित होते थे। लेकिन इस मौनी अमावस्या के दिन हुए बवाल के बाद से सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। यहां शिविर के अंदर पूरी तरह से खामोशी छायी हुई है। मंच पर शंकराचार्य के आराध्य देव विराजमान हैं जहां एक वेदपाठी लगातार वहां बैठा हुआ है। बाकी गिने चुने उनके शिष्य ही यहां नजर आते हैं। शंकराचार्य से गुरु दीक्षा लेने व आशीर्वाद लेने के लिए आने वाले श्रद्धालु भी लौट जा रहे हैं। शिविर में बंद हैं सभी धार्मिक आयोजनपंडित अनुराग भार्गव कहते हैं कि पिछले 6 दिनों से महराज जी अंदर नहीं आए हैं। यहां चार बजे से सुबह 6 बजे तक धर्म सभा होती थी, जिसमें प्रयाग के संत समाज के लोग आते थे और गुरुजी के गो माता-राष्ट्र माता अभियान में समर्थन देते थे। इसके लिए हम लोगों ने “गौ माता से सरकार डरती है-पुलिस को आगे करती है” का नारा दिया है। महाराज जी ने मेला क्षेत्र में संतों के बीच में जाकर गौ माता-राष्ट्र माता के लिए शपथ दिला रहे हैं। सरकार को इस पर आपत्ति है। उन्होंने कहा, कि मौनी अमावस्या के बाद से शिविर के अंदर कोई धार्मिक कार्यक्रम, पूजा पाठ आदि नहीं हो पा रहा है। बड़ी संख्या में महराज जी के शिष्य आते लेकिन इस तरह की स्थिति होने के चलते वहा यहां नहीं आ पा रहे हैं।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शासकीय कार्यक्रमों के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पदाधिकारियों को मंच दिए जाने को लेकर एनएसयूआई (NSUI) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एनएसयूआई ने इसे विश्वविद्यालय की अकादमिक तटस्थता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को RSS का वैचारिक मंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल, 21 जनवरी 2026 को आयोजित “श्रीमंत शंकरदेव शोधपीठ लोकार्पण समारोह” में डॉ. कृष्ण गोपाल (माननीय सह-सरकार्यवाह, RSS) को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। इसके विरोध में आज NSUI ने जोरदार प्रदर्शन किया है। एनएसयूआई का कहना है कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की शासकीय मर्यादाओं, अकादमिक निष्पक्षता और संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के पूरी तरह विपरीत है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर कुलपति के नाम की पट्टिका लगाई। इस पर पदनाम लिखा था - कुलपति एवं RSS कार्यकर्ता। पाल ने कहा- RSS कोई शैक्षणिक संस्था नहीं बल्कि एक वैचारिक संगठन है। शासकीय विश्वविद्यालय किसी एक राजनीतिक या वैचारिक संगठन का मंच नहीं हो सकता। ऐसे में उनके पदाधिकारी को विश्वविद्यालय के मंच से मुख्य वक्ता बनाना विचारधारात्मक प्रचार की श्रेणी में आता है। एनएसयूआई के सवाल एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किए हैं कि— राजनीतिक एजेंडे का आरोप एनएसयूआई का आरोप है कि इस तरह के आयोजन संविधान की धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है। विश्वविद्यालय को एक विशेष राजनीतिक-वैचारिक एजेंडे का उपकरण बनाया जा रहा है। एनएसयूआई की मांग एनएसयूआई ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि RSS से जुड़े व्यक्ति को किस हैसियत और किस नियम के तहत आमंत्रित किया गया। भविष्य में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों को मुख्य वक्ता या मुख्य अतिथि बनाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। ये रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल के साथ मोनू तिवारी, गवेश साहू, अंकित बंजारे, सुजीत सुमेर, मनीष बंधे, शेख अरसलान, आलोक खारे, हर्ष शर्मा, यश देवांगन, भोला विश्वकर्मा सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।
सोनभद्र में गुरुवार को डायट परिसर, उरमौरा, रावटसगंज में सरस मेला एवं बाल पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जागृति अवस्थी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। बाल पुस्तक प्रदर्शनी में 160 विद्यालयों के कक्षा तीन से आठ तक के 1000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि बढ़ाना था, ताकि वे मोबाइल की दुनिया से निकलकर किताबों के माध्यम से अपना ज्ञान बढ़ा सकें। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की रुचिकर पुस्तकें रखी गई थीं, जिससे बच्चे कहानियों और गीतों के जरिए विषयों को आसानी से सीख सकें। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए और सीडीओ जागृति अवस्थी ने उनसे किताबों के विषयों पर चर्चा की। सरस मेले का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया गया था, जिसमें कुल 16 स्टॉल लगाए गए। 50 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने बनाए उत्पादों को बिक्री और प्रदर्शनी के लिए रखा। इस मेले में 700 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। मेले में मिलेट्स फूड, सोया मिल्क पनीर, सोया मिल्क दही, सोया मक्खन, रागी के लड्डू, बांस के सामान, मूंज के उत्पाद, आधुनिक कपड़े और जैविक सब्जियां जैसे विभिन्न उत्पाद उपलब्ध थे। जन समुदाय से सैकड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया, जिससे स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को पहचान मिली। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। उपयुक्त रोजगार अधिकारी ने बताया कि समूह द्वारा निर्मित सामग्रियां अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह और डीसी जीरामजी रविंद्र सिंह,जिला पंचायतीराज अधिकारी नमिता शरण , उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह , समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, योगेश पांडेय समस्त जिला समन्वयक ,सहित जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में मानसिक रूप से कमजोर पिता और मूक-बधिर मां की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि इस गंभीर मामले में रामपुरा थाना पुलिस शुरुआत में लीपापोती करने में जुटी रही। लेकिन जब प्रकरण उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। तब जाकर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण व न्यायालय में बयान के लिए जिला मुख्यालय भेजा। घटना के बाद पीड़ित परिवार बेहद असहाय स्थिति में है। नाबालिग के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। जबकि मां मूक-बधिर है। बताया गया कि करीब एक माह पूर्व 20 दिसंबर 2025 को 13 वर्षीय किशोरी टीहर गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र दीक्षित पुत्र विजय शंकर दीक्षित की दुकान पर घरेलू सामान लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना से आहत बच्ची ने किसी तरह अपने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद आरोप है कि थाना स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई न होने पर वे नाबालिग को लेकर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। इसके बावजूद पुलिस ने एक ग्राम प्रधान के कथित इशारे पर तहरीर बदलवाकर मामले को छेड़छाड़ तक सीमित करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, गंभीर अपराध को दबाने के लिए पीड़िता के पिता से चिकित्सकीय परीक्षण न कराने की बात भी कहलवाई गई। गुरुवार को पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया। परिजनों का कहना है कि बच्ची की शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर है। उसे लगातार चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है।
अवैध खनिज परिवहन पर बागपत प्रशासन ने की कार्रवाई:10 वाहन सीज, 6.31 लाख का जुर्माना लगाया
बागपत में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश पर खनन विभाग की टीम ने बड़ौत थाना क्षेत्र में गिट्टी और सैंड स्टोन का अवैध परिवहन कर रहे 10 वाहनों को सीज किया है। खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में 10 वाहन अवैध रूप से खनिज परिवहन करते पाए गए। जांच में सामने आया कि इन वाहनों के पास आवश्यक आईएसटीपी (ISTP) या ट्रांजिट पास जैसे वैध दस्तावेज नहीं थे, जो खनन नियमों का उल्लंघन है। खनन विभाग ने सभी 10 वाहनों पर कुल 6.31 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहकर इस अभियान की निगरानी कर रहे थे। उनकी अगुवाई में टीम ने सघन जांच कर अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया। इससे पहले 20 जनवरी को भी खनन विभाग ने बिना ट्रांजिट पास खनिज परिवहन कर रहे 3 वाहनों पर कार्रवाई की थी और 1.64 लाख रुपए का जुर्माना वसूला था। इन लगातार कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन अवैध खनन और खनिज परिवहन के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वैध दस्तावेजों के बिना खनिज परिवहन से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। इसके अलावा, ओवरलोडिंग से सड़कों को क्षति, दुर्घटनाओं का खतरा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा होती हैं। इन्हीं कारणों से जिले के प्रमुख मार्गों, हाईवे, अंतरजनपदीय सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के वाहन सीज करने के साथ-साथ उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
समस्तीपुर सड़क हादसे में 2 भाइयों की मौत:20 फीट तक ऊपर उछल कर सड़क पर गिरे; रील बनाने जा रहे थे
समस्तीपुर के ताजपुर थाना क्षेत्र के ताजपुर बख्तियारपुर फोरलेन पर आज शाम सड़क पर लगे स्टॉप बैरियर से टकराकर दो युवकों की मौत हो गई। दोनों आपस में ममेरे व फुफेरे भाई थे। मृतक की पहचान ताजपुर थाना क्षेत्र के चकसिकंदर गांव निवासी सुभाष यादव के बेटे अंकुश यादव (17) और उसके ममेरे भाई वैशाली जिले के चिकनौटा थाना क्षेत्र के लक्ष्मण यादव के बेटे पीयूष कुमार (16) के रूप में की गई है। घटना की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर गुरुवार रात सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। दोनों ही युवक ताजपुर किसी काम से आए हुए थे। इसी दौरान वह फोरलेन पर रील बनाने के लिए चला गया। 20 फीट तक ऊपर उछलकर सड़क पर गिरे दोनों दोनों धूल उड़ाते हुए चकलालशाही की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ताजपुर से चकलालशाही करीब 100 मीटर आगे बढ़ने पर सड़क के ऊपर से गुजरी 32000 वोल्ट तार को ठीक करने के लिए सड़क निर्माण कंपनी की ओर से स्टॉप का बैरियर लगाया गया है। लेकिन दोनों की बाइक इतनी तेज थी कि बैरियर में जाकर तेज गति से ठोकर मार दी । हादसे में दोनों युवक करीब 20 फीट तक ऊपर उछलकर सड़क पर जा गिरे। जिससे मौके पर ही पीयूष की मौत हो गई। अंकुश कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से ताजपुर रेफरल अस्पताल लाया गया। जहां से उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग अंकुश को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी संजय पांडे ने बताया कि सड़क हादसे में दोनों युवक की मौत हुई है। दोनों की बाइक सड़क पर बनाए गए स्टॉप बैरियर से टकरा गई थी। शव को जब्त कर पोस्टमार्टम कराया गया है, घटना को लेकर एक मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने आम युवकों से आह्वान किया है कि यातायात के नियमों का पालन कर वहां चलावे तो हादसे से बचा जा सकता है।
दैनिक भास्कर ने मोतिहारी के एक होटल में 'सुरवीर सम्मान समारोह' का आयोजन किया। यह समारोह शहीदों के सम्मान और देश की सेवा में योगदान दे चुके सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। डीएम-एसपी ने कार्यक्रम को किया उद्घाटन इसमें मोतिहारी और बेतिया जिले के सेवानिवृत्त सेना के जवानों को सम्मानित किया गया। डीआईजी हर किशोर राय, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। डीआईजी बोले-ऐसे आयोजन से देशभक्ति को मिलता बल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी हर किशोर राय ने दैनिक भास्कर के इस आयोजन को एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि वीर जवानों को सम्मानित करने की परंपरा कम देखने को मिलती है, और ऐसे आयोजन समाज में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने इसे सैनिकों के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। समाज में सकारात्मक सोच-सम्मान का हो रहा विकास जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सोशल मीडिया के दौर में भी अखबार सबसे विश्वसनीय माध्यम हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर में प्रकाशित सामग्री को लोगों के लिए मार्गदर्शक बताया। जोरवाल ने शहीदों और पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित इस समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सभी संस्थानों को करने चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक सोच और सम्मान की संस्कृति विकसित हो सके। कर्तव्य पालन के दौरान शहादत देने वालों को करें शामिल-SP पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने दैनिक भास्कर को वीर जवानों और उनके योगदान को लगातार सामने लाने वाला अखबार बताया। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि भविष्य में इस सम्मान समारोह में उन पुलिस अधिकारियों, जवानों या चौकीदारों को भी शामिल किया जाए, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान शहादत दी है या असाधारण साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा बलों का मनोबल और मजबूत होगा। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह, सदर डीएसपी दिलीप सिंह और प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सम्मानित किए गए पूर्व सैनिकों ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें समाज में सम्मान और गर्व का अनुभव कराते हैं।
लखीमपुर में युवक को जिंदा जलाने की कोशिश:चौराहे पर पेट्रोल डालकर खोखा फूंका, एक घायल
लखीमपुर में भीरा थाना क्षेत्र के ईंट कुटी चौराहे पर गुरुवार रात एक युवक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। शराब के नशे में धुत एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक खोखे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस घटना में खोखा संचालक रवि गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी को मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार रात रवि गुप्ता अपने खोखे में सामान रख रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद सोबरन यादव से हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद सोबरन यादव तीन-चार अन्य लोगों के साथ मौके पर दोबारा पहुंचा। उसने खोखे में रखा पेट्रोल निकालकर पहले खोखे पर और फिर रवि गुप्ता पर डाला, जिसके बाद माचिस से आग लगा दी। आग की चपेट में आने से रवि गुप्ता बुरी तरह झुलस गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। इस घटना में खोखा पूरी तरह जलकर राख हो गया। घायल रवि गुप्ता को तुरंत बिजुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया गया। उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी को भी उपचार दिया गया, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही भीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम उस वक्त सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, जब चेकिंग के दौरान एक यात्री के बैग से कारतूस बरामद हुआ। जानकारी मिलने के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। दिल्ली होते हुए दम्माम जाने की थी तैयारीजानकारी के मुताबिक, बिहार के अकबरपुर, रोहतास का रहने वाला वसीम अकरम (31) पुत्र अकील अहमद खान एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-1049) से शाम करीब 4 बजे दिल्ली जाने वाला था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसे रात 8:30 बजे की कनेक्टिंग फ्लाइट से सऊदी अरब के दम्माम शहर के लिए उड़ान भरनी थी। यात्री ने बोर्डिंग पास ले लिया था। स्कैनर से जांच के दौरान मिला कारतूसमामले का खुलासा तब हुआ जब यात्री सीआईएसएफ (CISF) के सुरक्षा घेरे में पहुंचा। उसके द्वारा लिए जाए जा रहे सामानों की स्कैनिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों को बैग के भीतर कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। उसके बाद सघन तलाशी ली गई तो बैग से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। कारतूस मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने वसीम को घेरे में ले लिया और उसे हवाई यात्रा करने से रोक दिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी गई। वसीम नहीं दिखा पाया कोई वैध दस्तावेजशुरुआती पूछताछ में यात्री कारतूस के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। ऐसे में स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही सीआईएसएफ के जवानों द्वारा फूलपुर पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो और एलआईयू के बारे में इसकी सूचना दी गई। बाद में यात्री को बाबतपुर पुलिस चौकी पर पहुंचाया गया। फिलहाल, पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या यह कारतूस किसी लाइसेंसी हथियार का है, जिसे यात्री भूलवश साथ ले आया, या फिर इसके पीछे कोई साजिश या आपराधिक इरादा था। यात्री को पुलिस कस्टडी में ले लिया है। खबर लिखे जाने तक यात्री से पूछताछ चलती रही। यह भी बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इसी साल दो यात्रियों के बैग से कारतूस बरामद हो चुके हैं।
मेरठ में बसंत पंचमी की धूम:छतों पर पतंगबाजी की तैयारियां , पतंग बाजारों में उमड़ी भीड़
मेरठ में बसंत पंचमी पर उत्सव का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही लोगों में बसंत को लेकर खासा उत्साह नजर आया। परंपरा के अनुसार छतों पर पतंग उड़ाने की तैयारियां हुईं और बाजारों में पीली पतंगों की डिमांड बढ़ गई। शहर के पतंग बाजारों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ रही। दुकानदारों ने बताया कि इस बार बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही। साथ ही सादा मांझा और पर्यावरण सुरक्षित सामग्री की मांग बढ़ी है। बसंत पंचमी को लेकर घरों की छतों पर सफाई और सजावट की गई। बच्चों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। बाजारों में पीले फूलों, प्रसाद और वाद्ययंत्रों की दुकानों पर रौनक रही। ढोल, मंजीरा और संगीत ने माहौल को और उत्सवमय कर दिया। कई क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां की गईं और सोशल मीडिया पर भी बसंत पंचमी की तस्वीरें वायरल होती रहीं। पतंग उड़ाने के दौरान सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। प्रशासन ने चीनी मांझे से बचने की अपील की और लोगों ने पारंपरिक तरीके से पर्व मनाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर बसंत पंचमी ने पूरे शहर को रंग, उमंग और उल्लास से भर दिया।
कौशांबी में रुपए के लेनदेन में फायरिंग और बमबाजी:आरोपी फरार, युवक बाल-बाल बचा; जांच में जुटी पुलिस
कौशांबी में गुरुवार रात करीब 8 बजे रुपयों के लेनदेन को लेकर फायरिंग और बमबाजी की घटना सामने आई। एक युवक पर बम से हमला कर फायरिंग की गई, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र के भरवारी कस्बे में मदरसा के सामने हुई। मोहम्मद अरशद पर उनके रिश्ते के मामा के बेटे आलीशान पुत्र कल्लू ने हमला किया। आलीशान, जो गनसरी थाना संदीपन घाट का निवासी है, ने गली में घुसते ही अरशद पर बम फेंका। अरशद इस हमले में बच गया। बम फेंकने के बाद जब अरशद अपने घर की ओर भागा, तो आरोपी आलीशान ने उस पर फायरिंग भी की। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर कोखराज थाना की भरवारी चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भरवारी चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रुपयों के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
लखीमपुर में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित चौगुर्जी गांव, जो वर्षों से नदी और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण विकास से वंचित था, अब मुख्यधारा से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की योजनाओं और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल से गांव के 109 परिवारों को बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने कर्णाली और मोहना नदी पर बने पांटून पुल का लोकार्पण किया। इस पुल के निर्माण से गांव तक पहुंचने का समय दो घंटे से घटकर कुछ मिनट रह गया है। अब एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिली है। इससे वर्षों से आर्सेनिक युक्त पानी पीने की समस्या का समाधान हुआ है। इसके अतिरिक्त, गांव में 20 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे रात के समय रोशनी और सुरक्षा में सुधार हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। परिषदीय विद्यालयों में सोलर विद्युत व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और नया फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है। इससे सीमांत क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक वर्मा और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड सौंपे गए और किसानों को मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथले नलकूप योजना का लाभ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वर्षों बाद बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। चौगुर्जी गांव में हुए ये विकास कार्य जिले में चल रहे व्यापक विकास प्रयासों को दर्शाते हैं।
नर्मदापुरम में एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने काटने की चल रही दावा-आपत्ति के प्रक्रिया पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे के नेतृत्व में युवा कांग्रेस ने गुरुवार को मामले में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम राजीव रंजन पांडे को ज्ञापन सौंपकर एसआईआर की प्रक्रिया को निष्पक्ष करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी। कहा कि गड़बड़ी होती है तो हम हाईकोर्ट तक जाएंगे। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नर्मदापुरम में षड्यंत्र पूर्वक सत्तारूढ़ दल के BLA द्वारा BLO पर पात्र मतदाताओं का नाम काटने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा ने बताया नगर के विभिन्न वार्डों में अलोकतांत्रिक और तरीके से अनावश्यक व्यक्तियों द्वारा पात्र मतदाताओं के नाम काटने के लिए BLO को आपत्ति दर्ज कराई जा रही है, जो असंवैधानिक है। हमने ज्ञापन के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की इस प्रक्रिया के अंतर्गत पारदर्शी तरीके से और गड़बड़ी कर रहे BLO पर कार्रवाई की जाए। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएं और मतदाता सूची से विलोपित किए गए नामों को सार्वजनिक कर उपलब्ध कराया जाए। जिलाध्यक्ष बोले- शहर में ऐसे कई मामलेकांग्रेस के रिजवान खान ने बताया मैं बूथ नंबर 55 से कांग्रेस का बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) हूं। मेरे नाम से ही किसी ने इटारसी निवासी रोहित सूर्यवंशी ने नाम कटवाने के लिए आपत्ति लगाई। जबकि आपत्तिकर्ता से बात करने पर पता चला कि उसके द्वारा किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं लगाई गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे ने बताया ऐसे कई मामले शहर के अत्यधिक वार्डों में देखने को मिल रहे। जिसके लिए बिना दबाव में निष्पक्ष तरह से कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवकांत पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया, नगर अध्यक्ष कमलेश बाथरे, धर्मेंद्र तिवारी, फैज़ान उल हक़ , अजय सैनी, इरारसी नगर अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी, प्रताप ठाकुर, गुलाम हैदर, जिला प्रवक्ता अनिल रैकवार, सूरज तिवारी, कुलदीप राठौर , अमित खत्री, अजय दुबे, गुलरेज़ बेग, सिराज खान समेत अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।
शेखपुरा में 8 साइबर ठग अरेस्ट:फर्जी लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, आपत्तिजनक सामग्री बरामद
शेखपुरा साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कसार थाना क्षेत्र के बरसा गांव में छापेमारी कर 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते थे। पुलिस की तकनीकी टीम के सहयोग से यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, एक टैब, एक डायरी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। डायरी में देश के विभिन्न हिस्सों के मोबाइल धारकों के नंबर दर्ज हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। उनके मोबाइल पर कई व्हाट्सएप चैट और कॉल भी मिले हैं। साइबर थाना अध्यक्ष सह डीएसपी ज्योति कुमारी ने गुरुवार शाम को बताया कि गिरफ्तार किए गए ठगों में सोनू पासवान, धर्मेंद्र पासवान, हरीश पासवान उर्फ ओमप्रकाश पासवान और यशपाल पासवान शामिल हैं। इनके साथ 4 किशोर भी पकड़े गए हैं। ये सभी फर्जी फेसबुक पेज, ईमेल आईडी, व्हाट्सएप चैट और कॉल के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और अन्य लोन योजनाओं का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। डीएसपी ज्योति कुमारी ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से शिकायतें दर्ज थीं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार किए गए चार वयस्कों को शेखपुरा जेल भेज दिया गया है, जबकि चार किशोरों को बाल सुधार गृह भेजने की तैयारी की जा रही है।
जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय लोगों और जमीन लिखवाने आए फरियादियों ने दो शातिर पॉकेटमार को रंगे हाथ पकड़ लिया। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इन दिनों रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन के दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी भीड़ का फायदा उठाने के लिए दोनों पकेटमार परिसर में घूम रहे थे। एक व्यक्ति जब काउंटर के पास अपना काम करवा रहा था, तभी इन दोनों युवकों ने चालाकी से उसकी जेब से पैसे निकालने का प्रयास किया। पीड़ित को इसका आभास होते ही उसने शोर मचा दिया। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों ने घेराबंदी कर दोनों पाकेटमारों को पकड़ लिया। पॉकेटमार के पकड़े जाने के बाद रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। आक्रोशित लोगों ने बताया कि कार्यालय परिसर में आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपनी जमा पूंजी से हाथ धोना पड़ता है। डायल 112 की टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने कब्जे में लेकर सहायक थाना ले गई। पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और क्या उन्होंने पहले भी इस क्षेत्र में ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। रजिस्ट्री कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर हुई इस पॉकेटमारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने परिसर में सादे लिबास में पुलिस बल की तैनाती की मांग की है ताकि अपराधी तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।
अलीगंज पंचायत में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां लगभग 3 करोड़ रुपये की सरकारी राशि कागजों में योजनाएं पूरी दिखाकर निकाल ली गई, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) नीरज कुमार की जांच में यह खुलासा हुआ है। डीपीओ नीरज कुमार ने अलीगंज पंचायत के उरवा पहाड़ के नीचे जंगली इलाके में वर्ष 2023-24 के दौरान संचालित मनरेगा योजनाओं की स्थलीय जांच की। इस दौरान पंचायत में दर्ज 37 तालाब खुदाई योजनाओं और 10 बांध निर्माण कार्यों की फाइलों और कथित कार्यस्थलों का निरीक्षण किया गया। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 37 में से 30 तालाब योजनाएं धरातल पर मौजूद ही नहीं थीं। कई स्थानों पर न तो खुदाई के कोई निशान मिले और न ही बांध निर्माण के प्रमाण, जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया था। मानपुर गांव सहित अन्य स्थानों पर दिखाई गई योजनाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। डीपीओ नीरज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर स्थल निरीक्षण किया गया है। जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला के वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा में लापरवाही और गड़बड़ी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया जा रहा है कि तत्कालीन अधिकारियों, रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और बिचौलियों की मिलीभगत से बिना वास्तविक कार्य कराए ही करोड़ों रुपये की सरकारी राशि की अवैध निकासी कर ली गई। इस पूरे मामले की शिकायत अलीगंज पंचायत निवासी मनोज मेहता, अरुण उर्फ पप्पू मेहता, मुकेश यादव, अमरेश कुमार और परशुराम प्रसाद ने की थी। शिकायत के बाद आरटीआई के जरिए जब दस्तावेज सामने आए, तब इन अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
समस्तीपुर में भाजपा नेता रूपक कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी जयकुमार चौधरी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। जयकुमार चौधरी पंचायत समिति सदस्य के पति हैं और उनकी पत्नी रंजू कुमारी वर्तमान में पंचायत समिति सदस्य हैं। चौधरी ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से वे बिहार से बाहर चले गए थे। हालांकि, पुलिस की ओर से कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। आरोपी ने फंसाने का किया दावा जयकुमार चौधरी ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रूपक कुमार की हत्या के समय से ही वे पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और छिपकर रह रहे थे। पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर वे बिहार छोड़कर दूसरे राज्य में चले गए थे। सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी जयकुमार चौधरी को पुलिस पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। इस मामले में सोनू चौधरी और मोनू चौधरी सहित चार अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। भाजपा नेता रूपक कुमार की गोली मारकर हत्या 24 दिसंबर को की गई थी।
चंडीगढ़ के सेक्टर-40 में नामी स्कूल के सामने गुरुवार रात करीब 9 बजे युवक की हत्या कर दी गई। इस घटना को उसके दोस्त ने ही अंजाम दिया। शराब पीने के दौरान दोनों में विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने पत्थर उठाकर सिर पर मार दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान विवेक उर्फ शैंकी (36) के रूप में हुई है, जो मोहाली के बढ़माजरा का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार विवेक अपने दोस्त के साथ स्कूल के सामने बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। सिर पर लगातार पत्थर से हमलापुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद बढ़ने पर विवेक के साथी ने पास में पड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर पर कई बार मारा। गंभीर चोट लगने से विवेक वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। आरोपी उसे खून से लथपथ हालत में छोड़कर फरार हो गया। राहगीर ने पुलिस को दी सूचनाकुछ समय बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने उसे पड़ा देखा। उसके सिर से खून बह रहा था। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना-39 के प्रभारी इंस्पेक्टर रामदयाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल की वीडियोग्राफी करवाई गई। पुलिस ने मौके से जरूरी सबूत भी जुटाए। अस्पताल में इलाज के दौरान मौतपुलिस ने विवेक को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिसपुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि विवेक का तलाक हो चुका था।
बीजापुर के सांस्कृतिक मैदान में हिंदू समाज का एक दिवसीय सम्मेलन गुरुवार को संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सशक्त बनाना था। सम्मेलन के दौरान मंडली टीम द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। संत-महात्माओं की उपस्थिति में पूजा-पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। छोटे बच्चों ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर वक्ताओं ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, समरसता और सनातन मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से एकजुट रहने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के सदस्यों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और उसके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
घाटमपुर के ईटर्रा में ईंट लोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जाम लगाकर चालक को बुलाने की मांग पर हंगामा काटा। पुलिस ने परिजनो और ग्रामीणों को समझाकर अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के ईटर्रा गांव के मजरा कंठीपुर निवासी 55 वर्षीय कूड़हादीन संख्वार बाइक लेकर घर से बाजार करने गए थे, देर शाम वह घर वापस लौट रहे थे, तभी ईटर्रा गांव के पास पहुंचते ही ईंट लोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मारते हुए कुचल दिया। हादसे में अधेड़ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। राहगीरों ने घटना की सूचना फोनकर पुलिस को दी। घटना के बाद ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग निकला। जानकारी मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जाम लगाकर ट्रैक्टर चालक को मौके पर बुलाने की मांग शुरू कर दी। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने परिजनो और ग्रामीणों से वीडियो कॉल पर बात करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसपर ग्रामीण माने है। इसके बाद पुलिस ने अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि वह हाईकोर्ट गए हुए थे, घटना की सूचना पर वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनो और ग्रामीणों को समझाया है, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
भागलपुर में नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जिले में सक्रिय मुख्य ड्रग्स तस्करों की पहचान की जा रही है। इस नेटवर्क में शामिल सभी अपराधियों पर जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी यादव ने यह बात आज कजरैली थाना परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक कलह, आपसी झगड़े, सड़क दुर्घटनाएं, शराब तस्करी, अवैध बालू खनन, साइबर ठगी, घरेलू हिंसा, चोरी और मारपीट जैसी प्रमुख समस्याओं को उठाया। नागरिकों ने विशेष चिंता व्यक्त की कजरैली और मधुसूदनपुर क्षेत्र के बायपास इलाके को लेकर नागरिकों ने विशेष चिंता व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं अधिक होती हैं, जिससे शाम और रात में आवाजाही असुरक्षित महसूस होता है। स्कूल समय में मनचलों के जमावड़े की शिकायत भी की गई, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित थानाध्यक्षों व पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी डर के किसी भी आपराधिक गतिविधि या समस्या की जानकारी पुलिस को दें। एसएसपी ने जोर दिया कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने दोहराया कि युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगरा में चलती कार में लगी आग:जिंदा जल गया कार चालक, फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के मघटई में कार में आग लग गई। आग में कार चालक जिंदा जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस औ फायर ब्रिगेड पहुंच गई। आग पर काबू पाया। कार से शव को बाहर निकाला गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। खबर अपडेट की जा रही है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने लाइवलीहुड कौशल विकास मिशन में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। पार्टी ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। यह प्रदर्शन आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुआ। गोंगपा का आरोप है कि लाइवलीहुड कौशल विकास मिशन की योजनाओं में धांधली की गई है और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये का गबन किया गया है। पार्टी ने प्रशासन पर जिला रोजगार अधिकारी को संरक्षण देने और इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पार्टी का आरोप- प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक मिलीभगत उजागर पार्टी नेताओं ने बताया कि छात्र संघ ने इस मामले में कई बार आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। उनका कहना था कि कौशल विकास मिशन में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक मिलीभगत को दर्शाता है। गोंगपा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई या भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो आने वाले समय में पार्टी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस संबंध में प्रशासन ने बताया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा सौंपा गया ज्ञापन उचित कार्रवाई के लिए राज्यपाल महोदय को भेजा जाएगा।
गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया और जिला उद्योग महाप्रबंधक ने मानपुर पटवा टोली स्थित पावरलूम और हैंडलूम क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बुनकरों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उद्योग को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की। नगर आयुक्त ने कहा कि पटवा टोली गयाजी की पहचान है और यहां की व्यवस्था को सुदृढ़ करना निगम की प्राथमिकता है। साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त ने पटवा टोली क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। कई स्थानों पर नालों के ढक्कन टूटे पाए गए, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी टूटे ढक्कनों का शीघ्र निर्माण कर उन्हें दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। साथ ही, स्वच्छता पदाधिकारी को पूरे पटवा टोली क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम के विद्युत संबंधित पदाधिकारी गौरव सिन्हा को सभी खराब लाइटों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से सुरक्षा बढ़ेगी और आम लोगों को सुविधा मिलेगी। लक्ष्मी पार्क का भी निरीक्षण किया नगर आयुक्त ने पटवा टोली स्थित लक्ष्मी पार्क का भी निरीक्षण किया। पार्क की स्थिति का आकलन करते हुए उन्होंने पार्क के चारों ओर स्ट्रीट लाइट और तिरंगा लाइट लगाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य पार्क की सुंदरता बढ़ाना और शाम के समय लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके बाद, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने शहर के मिर्जा गालिब कॉलेज रोड और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मिर्जा गालिब कॉलेज के ठीक सामने और नाजरथ स्कूल के समीप वेंडिंग जोन विकसित करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ठेले पर व्यवसाय करने वाले सभी विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही अपना व्यवसाय करना होगा, ताकि सड़क पर अतिक्रमण न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी साथ ही मिर्जा गालिब गोलंबर से डेल्हा पुल तथा क्रेन स्कूल रोड में विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर नए पोल लगाने और स्ट्रीट लाइट के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी काम को पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि शहर के विकास एवं नागरिक सुविधाओं में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मौके पर नगर निगम के एई-जेई, लोक स्वच्छता सहायक पदाधिकारी, निगम के विधुत विभाग के पदाधिकारी गौरव सिन्हा सहित अन्य मौजूद थे।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है। शहीद हुए जवानों में हरियाणा के झज्जर जिले का आर्मी जवान मोहित भी शामिल। इसकी सूचना गांव में गुरुवार की देर शाम को परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद से ही मोहित के पैतृक गांव गिजाड़ोध में मातम छा गया। परिवार के मुताबिक, मोहित 5 साल पहले आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले ही मोहित की शादी हुई थी। सरपंच नरेश ने बताया कि मोहित की पार्थिव देह कल गांव पहुंचने की सूचना मिली है। सेना द्वारा जवान का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान मोहित को अंतिम विदाई देंगे। जम्मू कश्मीर में हुए हादसे के 2 PHOTOS... यहां जानिए कश्मीर में कैसे हुआ हादसा... 400 मीटर गहरी खाई में गिरी गाड़ी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयर लिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था। गाड़ी से ऊपरी पहाड़ी पर जा रहे थे जवानसेना के अधिकारी ने बताया कि गाड़ी में सवार 21 जवान डोडा से ऊपरी पोस्ट पर जा रहे थे। सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि जान गंवाने वाले और घायल जवान किन राज्यों से हैं। भद्रवाह-चंबा रोड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और घने जंगल हैं। सड़क बेहद संकरी है और कई जगह तीखे मोड़ (हेयरपिन बेंड) हैं। जहां हादसा हुआ, उस खन्नी टॉप इलाके की समुद्र तल से ऊंचाई 9 हजार फीट है। यहां मौसम तेजी से बदलता है। ठंड और कोहरा छाया रहता है। बर्फबारी के बाद यह रास्ता ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
हिसार जिले के पटेल नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा और पिकअप वाहन सवार लोगों के बीच हुए विवाद के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में एक युवक पर छुरी से हमला किया गया था। पुलिस ने आरोपी जतिन के कब्जे से हमले में इस्तेमाल की गई छुरी भी बरामद कर ली है। पीएलए चौकी प्रभारी एएसआई अनूप ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि फतेहाबाद जिले के कुलान के राजबीर सिंह को लड़ाई-झगड़े में चोटें आई हैं और उन्हें सिविल अस्पताल हिसार में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और घायल राजबीर सिंह के बयान दर्ज किए। गाड़ी मोड़ने को लेकर हुआ विवाद राजबीर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिकअप गाड़ी का ड्राइवर है। 21 जनवरी को वह पटेल नगर, हिसार में हार्डवेयर का सामान सप्लाई करने गए थे। सामान उतारते समय गाड़ी मोड़ने को लेकर उनका एक ई-रिक्शा चालक से विवाद हो गया।विवाद के दौरान ई-रिक्शा चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी। पिकअप गाड़ी के ड्राइवर पर हमला वहीं कुछ ही देर में 5 युवक मौके पर पहुंच गए और उन्होंने राजबीर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी जतिन ने उन पर छुरी से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस वाहन के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने केस किया था दर्ज शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन हिसार में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि ई-रिक्शा चालक सुरेश का ही पिकअप ड्राइवर राजबीर से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने अपने साथियों को बुलाया था। चार आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटेल नगर के रहने वाले सुरेश, सुभाष, जतिन और सचिन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी जतिन से वारदात में प्रयुक्त छुरी बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राजगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है। कांग्रेस समर्थकों, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने के लिए बीएलओ पर दबाव बनाकर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर भरवाए जा रहे फॉर्म-7 प्रियव्रत सिंह ने आरोप लगाया कि सारंगपुर ब्लॉक, ब्यावरा और सुठालिया में सरकारी बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने खानपुरा के प्रहलाद और कन्हैयालाल दांगी का उदाहरण देते हुए कहा कि इनके फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म-7 के जरिए नाम काट दिए गए, जिसके प्रमाण कांग्रेस के पास हैं। सिंह ने इसे लोकतंत्र और वोट के अधिकार पर सीधा हमला बताया। मंत्री के बेटे ने BLO को दिए 300 फॉर्म जिला अध्यक्ष ने भाजपा के इलेक्शन मैनेजमेंट मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सारंगपुर में एक मंत्री के बेटे ने पाड़लिया पोलिंग बूथ के सरकारी बीएलओ को करीब 300 फॉर्म देकर नाम काटने के निर्देश दिए। इसी तरह ब्यावरा में भी भाजपा नेताओं द्वारा निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2023 के चुनाव में भी अंतिम समय में लाखों नाम जोड़े और काटे गए थे, जिसका असर नतीजों पर पड़ा था। कलेक्टर से की शिकायत, आयोग जाने की चेतावनी इस मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि जमा हुए फॉर्म की सूची दी जाएगी और अत्यधिक संख्या में फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि यह फर्जीवाड़ा नहीं रुका, तो वे निर्वाचन आयोग में शिकायत करेंगे और दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करवाने की मांग करेंगे। देखिए तस्वीरें...
उज्जैन के तराना में गुरुवार शाम दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। कुछ उपद्रवियों ने बस स्टैंड पर खड़ी 11 बसों में तोड़-फोड़ कर दी। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब एक पक्ष के लोगों ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक प्रचारक और उसके एक साथी के साथ मारपीट कर दी। घटना में दोनों घायल हो गए। उन्हें पहले तराना अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उज्जैन रेफर कर दिया गया। देखिए घटना की तस्वीरें तराना थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कियामारपीट की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और तराना थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और इलाके में गश्त बढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे कुछ लोगों ने बस स्टैंड पर खड़ी बसों पर पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे 11 बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हिंदूवादी कार्यकर्ता प्रणव मित्तल ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर और रजत ठाकुर के साथ मारपीट की घटना के बाद ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि घायलों की हालत खतरे से बाहर है। तराना में हालात काबू में हैं। मामले में कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
शेखपुरा में वृद्ध से मारपीट में पिता-पुत्र अरेस्ट:तीन साल से था फरार , कोर्ट ने जारी किया था वारंट
शेखपुरा नगर थाना पुलिस ने वृद्ध पिता से मारपीट के मामले में तीन साल से फरार चल रहे पिता और पुत्र को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शहर के कमिश्नरी बाजार मोहल्ले से हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमिश्नरी बाजार मोहल्ला निवासी हिरा रजक और उसके पुत्र अमित रजक के रूप में हुई है। छापामारी का नेतृत्व नगर थाना के एएसआई पंकज कुमार सिंह ने किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर शेखपुरा जेल भेज दिया है। नगर थाना अध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कमिश्नरी बाजार मोहल्ला निवासी मथुरा रजक ने तीन साल पहले अपने पुत्र हिरा रजक, बहू और पौत्र सहित पांच लोगों के खिलाफ स्थानीय कोर्ट में मारपीट से संबंधित एक परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, इस मामले में हिरा रजक और अमित रजक घटना के बाद से गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे थे। अभियुक्तों के लगातार फरार रहने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था। कोर्ट के निर्देशों के आलोक में पुलिस ने कमिश्नरी बाजार मोहल्ले में छापामारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पिता और पुत्र को न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है।
धमतरी में गौ-तस्करी करते 6 आरोपी गिरफ्तार:16 गौवंश मुक्त कराए गए, ओडिशा ले जाने की तैयारी थी
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध गौ-तस्करी करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सिहावा पुलिस ने 16 गौवंश को मुक्त कराया है, जिन्हें क्रूरतापूर्वक ओडिशा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। धमतरी जिले के सिहावा थाना पुलिस को गौवंश की अवैध तस्करी कर उन्हें ओडिशा ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां 6 व्यक्ति 10 गाय, 4 बछड़े और 2 बछिया को रस्सियों से बांधकर, बिना दाना-पानी के, डंडों से मारते हुए जबरन हांककर ले जा रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर आरोपियों से पूछताछ की गई। आरोपियों ने गौवंश खरीदी-बिक्री के लिए दस्तावेज नहीं दिखाए पूछताछ में आरोपियों ने गौवंश की खरीदी-बिक्री या परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने स्वीकार किया कि इन पशुओं को रायघर (ओडिशा) के पशु बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। आरोपी सुकनाथ सतनामी द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (हीरो स्प्लेंडर क्रमांक OD-24-L-3202) भी जब्त की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शैलेंद्र पांडे ने बताया कि आरोपियों द्वारा पालतू गौवंश का अवैध और क्रूरतापूर्वक परिवहन कर विक्रय किया जा रहा था, जो एक दंडनीय अपराध है। इस कृत्य पर सिहावा थाना में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उष्तम मधुमंखी (23 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), सुकनाथ चतुर्वेदी (30 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), सूरज बघेल (20 वर्ष, ढोरापारा रायघर, नवरंगपुर, ओडिशा), लोकेश्वर सोनबेर (23 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़), विजय सेवई (30 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़) और कृष्णा सेवई (54 वर्ष, छिपलीपारा, नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की के अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए उसे धमकाया और कई बार रेप किया। पुलिस को दी शिकायत में 18 साल की युवती ने बताया- जब वह 17 साल की थी तो आरोपी ने उससे बातचीत करके नजदीकियां बढ़ाई। आरोपी ने नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। आरोपी ने दबाव बनाकर शादी करने के बहाने नाबालिग को भगाया। वीडियो वायरल करने की धमकी दीइसी दौरान आरोपी युवक ने अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद कई बार होटल में नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। जब नाबालिग ने विरोध किया तो अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। 5 लोगों पर मामला दर्ज किया आरोपी युवक के घर वालों ने भी इस अपराध में उसका सहयोग किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक और उसके पिता सहित कुल 5 परिजनों पर पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जीरकपुर के पटियाला रोड पर पीआरपी कंपनी के पास एक ऑफिस में बैठे पिता-पुत्र पर कुछ लोगों ने तलवारों और कृपाणों से हमला कर दिया। इस हमले में 22 वर्षीय साहिब सिंह राणा गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके पिता जरनैल सिंह को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, साहिब सिंह राणा अपने पिता जरनैल सिंह के साथ अपने ऑफिस में मौजूद थे। तभी आरोपी जीवन अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में साहिब सिंह राणा को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तुरंत चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जरनैल सिंह को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमले के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पानीपत जिले में इसराना पुलिस ने डाहर गांव में मनी ट्रांसफर दुकान में लूट के प्रयास के आरोपी अंकुश को बुधवार शाम गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान डाहर गांव के रहने वाले अंकुश के रूप में हुई है। थाना इसराना प्रभारी सब इंस्पेक्टर महिपाल ने बताया कि पूछताछ में अंकुश ने अपने साथी प्रिंस के कहने पर नारायणा गांव के ही वंश के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी ने बताया कि एक महीने पहले दुकानदार अशोक से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। प्रिंस इसी बात का बदला लेना चाहता था और उसने वंश के साथ मिलकर अंकुश को लूट के लिए भेजा था। आरोपी को कोर्ट में किया पेश पुलिस ने गुरुवार को आरोपी अंकुश को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। दो आरोपी जेल में हैं पुलिस ने यह भी बताया कि प्रिंस और वंश को पहले थाना समालखा में मिठाई की दुकान पर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल पानीपत जेल में बंद हैं और सीआईए-3 पुलिस ने उन्हें कुछ दिन पहले हथियारों सहित गिरफ्तार किया था। मनी ट्रांसफर की दुकान पर लूट का प्रयास बता दे कि डाहर गांव के अशोक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी गांव में अड्डे पर गुप्ता फैक्ट्री के पास कनफेक्शनरी और मनी ट्रांसफर की दुकान है। 31 दिसंबर की दोपहर बाइक सवार दो नकाबपोश युवक दुकान में घुसे और लूटने की नीयत से पिस्तौल दिखाई। अशोक के शोर मचाने पर दोनों युवक बाइक छोड़कर फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना इसराना में अशोक के बयान पर मामला दर्ज किया गया था।
नीमच जिले के चीताखेड़ा में बुधवार को हुई जिस लूट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, पुलिस ने उसका खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि लूट की कोई वारदात हुई ही नहीं थी, बल्कि महिला ने घर में हुई गहनों की कमी को छिपाने के लिए यह झूठी कहानी रची थी। महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि दो युवक और एक बुजुर्ग महिला मोटरसाइकिल से मरीज बनकर उसके घर में घुसे और फिर रिवॉल्वर की नोक पर सोने-चांदी के जेवर और नकदी लूटकर भाग गए। दिनदहाड़े लूट की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जीरन थाना प्रभारी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, जब पुलिस ने महिला से बारीकी से पूछताछ की, तो उसके बयान बार-बार बदलने लगे, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। पति के डर से गढ़ी साजिश सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि पिछले दो-तीन सालों के दौरान उसने घर के पुराने जेवर गांव के ही एक सुनार को बेच दिए थे। अब जब घर में गहने नहीं होने की बात सामने आने लगी, तो पति की डांट और गुस्से से बचने के लिए उसने लूट का नाटक रचा। पति ने बताया कि उसकी पत्नी की 2020 से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने मीडिया और प्रशासन को गुमराह करने के लिए यह काल्पनिक कहानी गढ़ी थी। अब पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जनगणना 2027 से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें जनगणना में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट है, जिसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। इससे पहले सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा। दूसरा फेज फरवरी 2027 से आबादी की गिनती से शुरू होगा। पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे। सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। …………………… ये खबर भी पढ़ें... देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, बिहार चुनाव से पहले केंद्र का फैसला देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने जाति जनगणना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। देश में इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं। पूरी खबर पढ़ें...
सीकर में 22 महिलाओं, 2 बच्चों को रेस्क्यू किया:पिपराली गांव में चल रहा था अवैध महिला आश्रम
सीकर जिले के पिपराली गांव में स्थित अवैध महिला आश्रम पर कार्रवाई हुई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला अधिकारिता, सामाजिक न्याय-अधिकारिता और जिला बाल संरक्षण इकाई ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 22 महिलाओं और 2 बच्चों को रेस्क्यू किया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पिपराली में संचालित बिना मान्यता के नीडी ब्रिज महिला अनाथ आश्रम में रेस्क्यू कर 22 महिलाओं व 02 बच्चों को मुक्त करवाया और सभी को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में शिफ्ट कर दिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर सचिव शालिनी गोयल ने गुरूवार को पिपराली में बिना किसी मान्यता, डाक्यूमेंट्स के बिना चल रहे निडी ब्रिज महिला अनाथ आश्रम संचालन की सूचना मिलने पर उक्त केन्द्र की जांच की। निरीक्षण के दौरान सचिव शालिनी गोयल के निर्देशन में महिला अधिकारिता विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र चौधरी, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की डिप्टी डायरेक्टर प्रियंका पारीक, जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल अधिकारिता विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर गार्गी शर्मा और बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अंकुर बहड़ आदि शामिल रहे। संयुक्त कार्यवाही के दौरान वहां पर 22 महिलाएं और 2 छोटे बच्चे पाए गए, जिनमें कुछ महिलाएं मानसिक विमंदित श्रेणी की मिलीं। पूछताछ में आश्रम संचालक ने बताया कि इन महिलाओं और बच्चों को पुलिस विभाग ने सुपुर्द किया और रेस्क्यू कर लाया गया है। जिला विधिक प्राधिकरण सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि सभी महिलाओं को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में शिफ्ट करके मेडिकल जांच करवाने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज से शातिर वाहन चोर गिरफ्तार:चोरी की स्कूटी बरामद, आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले
ओमती पुलिस ने दुपहिया वाहन चोरी के एक मामले में एक शातिर चोर को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई स्कूटी भी बरामद की है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल ने बताया कि यह मामला 22 जनवरी 2026 को थाना ओमती में दर्ज किया गया। नेपियर टाउन, लक्ष्मी बाग निवासी गगनप्रीत सिंह सलूजा (34) ने शिकायत कराई थी कि 18 जनवरी की शाम वे मढ़ाताल गुरुद्वारे गए थे। उन्होंने अपनी एक्सिस स्कूटी (क्रमांक एमपी 20 एसएन 7688) गुरुद्वारे के सामने सड़क किनारे खड़ी की थी। शाम करीब 7:30 बजे बाहर आने पर गगनप्रीत सिंह सलूजा को अपनी स्कूटी मौके से गायब मिली, जिसे अज्ञात चोर द्वारा चुरा लिया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी श्यामुद्दीन अंसारी (35) की पहचान की, जो अंसार नगर, गोहलपुर का निवासी है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई स्कूटी बरामद कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, श्यामुद्दीन अंसारी एक शातिर वाहन चोर है, जिसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रोहतक में जिला प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत गांव भैयापुर और मकड़ौली खुर्द में कार्रवाई की गई। प्रशासन की टीम ने लगभग 13.5 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।। इस अभियान के तहत 3 निर्माणाधीन संरचनाओं, सीवरेज सिस्टम, 10 बाउंड्री वाल, पक्के सड़क नेटवर्क और डब्ल्यूबीएम सड़क नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि जिला में अवैध निर्माण या अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस बल भी रहा तैनात भैयापुर और मकड़ौली खुर्द में चलाए गए इस तोड़फोड़ अभियान के दौरान जिला नगर योजनाकार कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तोड़फोड़ दल के साथ तैनात था। अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें लोग जिला नगर योजनाकार सुमनदीप ने भी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी पूंजी को अवैध निर्माणों या डीलरों/भू-मालिकों द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें। उन्होंने सलाह दी कि निवेश करने से पहले नागरिक सेक्टर-1 स्थित उनके कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर आकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अधिकारी बोले-अभियान जारी रहेगा गुप्ता ने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जीवन भर की कमाई को अवैध निर्माण या कॉलोनी में निवेश न करें, क्योंकि प्रशासन नियमित अंतराल पर ऐसी अवैध संरचनाओं को गिराने का अभियान चलाता है।
कपूरथला जिले में एसएसपी गौरव तूरा ने 14 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकताओं और अधिकारियों की कार्य-निष्ठा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस दौरान पुलिस लाइन में तैनात कई अधिकारियों को थानों में भेजा गया है, वहीं कई थानों के एसएचओ भी बदले गए हैं। एसएसपी की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, थाना सदर फगवाड़ा में तैनात सब इंस्पेक्टर किरपाल सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है। उनके स्थान पर इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर को नया एसएचओ नियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर इससे पहले भी जिले के कई थानों में एसएचओ के रूप में कार्य कर चुकी हैं। सुलतानपुर लोधी के इंस्पेक्टर बदले थाना सुल्तानपुर लोधी में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह को एसएचओ बनाया गया है। वहीं, इंस्पेक्टर हरदीप सिंह को थाना कोतवाली कपूरथला का एसएचओ नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि इंस्पेक्टर हरदीप सिंह को मात्र दो दिन पहले ही थाना सुल्तानपुर लोधी में एसएचओ के पद पर तैनात किया गया था, जिसके बाद यह उनका दूसरा तबादला है। एसएसपी कपूरथला द्वारा किए गए इन तबादलों को जिला पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां देखें एसएसपी की ओर से जारी किए गए लेटर की कॉपी...
सीहोर जिले के बुधनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत भीमकोठी के जंगल में गुरुवार को एक बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाइगर रिजर्व के डॉक्टरों की एक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। रेंजर, एसडीओ, डीएफओ सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। डॉक्टरों की टीम द्वारा बाघ के शव का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, बाघ की मौत संदिग्ध मानी जा रही है और जांच जारी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी राजित द्विवेदी ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सकों की मौजूदगी में बाघ का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा, जिसके बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बीजापुर में बुलडोजर कार्रवाई के बाद अवैध अतिक्रमणकारियों के नाम सार्वजनिक करने को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। चट्टानपारा में 118 मकानों को तोड़े जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने पहले भाजपा नेता और ठेकेदार संजय लुंकड़ पर अवैध जमीन कब्जे का आरोप लगाया था। इसके जवाब में भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे और पुरुषोत्तम सल्लूर पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आज गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा जिलाध्यक्ष पर भी जमीनों के अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया। विधायक बीजापुर ने कहा कि जब जवान नक्सलियों के खिलाफ जंग लड़ रहे थे, तब अधिकारी उनके घरों को तोड़कर परिवारों को बेघर कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेघर हुए लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। नीना रावतिया ने निष्पक्ष जांच की मांग की विधायक निवास में हुई प्रेस वार्ता में नीना रावतिया उद्दे ने भाजपा जिलाध्यक्ष और संजय लुंकड़ पर अवैध अतिक्रमण का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों की सरकार है और वह निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन भाजपा के कई नेताओं के अवैध कब्जों की भी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने 25 कांग्रेसियों के अवैध अतिक्रमण का दावा किया इससे पहले, भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, सांसद प्रतिनिधि जिलाराम राणा और महामंत्री संजय लुंकड़ ने एक प्रेस वार्ता में नीना रावतिया उद्दे और पुरुषोत्तम सल्लूर के साथ-साथ 25 अन्य कांग्रेसियों के अवैध अतिक्रमण की सूची होने का दावा किया था। इस पर विधायक विक्रम मंडावी ने पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं से उन 25 कांग्रेसियों के नाम सार्वजनिक करने की चुनौती दी। बीजापुर में बुलडोजर कार्रवाई अब पूरी तरह से सियासी वार-पलटवार में बदल गई है, जहां दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
मोहाली में दो नशा तस्कर गिरफ्तार:नाकाबंदी तोड़ कर की भागने की कोशिश, कार से अवैध शराब बरामद
मोहाली जिले के डेराबस्सी में पंजाब एक्साइज विभाग की नाकाबंदी के दौरान एक आई20 कार से 60 बोतल अवैध शराब बरामद की गई है। चेकिंग से बचने के लिए कार चालक ने सरकारी वाहन को टक्कर मारकर भागने का प्रयास किया था। पुलिस ने कार में सवार दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ पंजाब एक्साइज एक्ट के साथ-साथ सरकारी काम में बाधा डालने और चेकिंग वाहन को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बरवाला रोड पर बस अड्डा सैदपुरा के पास हुई, जहां एक्साइज इंस्पेक्टर कुलविंदर राय ने पुलिस स्टाफ के साथ नाका लगाया था। दो आरोपी गिरफ्तार बता दे कि नाकाबंदी के दौरान, सफेद रंग की आई20 कार को रुकने का इशारा किया गया। इस दौरान ड्राइवर ने रुकने की बजाय तेजी से भागने की कोशिश की और कार सरकारी बोलेरो वाहन से टकरा गई। पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार अनुज कुमार और संजय दोनों रहने वाले हल्लोमाजरा, चंडीगढ़ को पकड़ लिया। 60 बोतलें व्हिस्की मिलीं कार की तलाशी लेने पर 999 ब्रांड की 60 बोतलें व्हिस्की मिलीं, जिन पर केवल चंडीगढ़ में बिक्री के लिए अंकित था। एक्साइज इंस्पेक्टर कुलविंदर राय द्वारा तैयार रुक्का के आधार पर थाना डेराबस्सी में एफआईआर नंबर 34 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ पंजाब आबकारी अधिनियम की धारा 61 व 78 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324(4), 221, 132, 34 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

