पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी हुक्मनामे के बाद अब उनके इस्तीफे की मांग को लेकर सूबे में सियासी घमासान तेज हो गया है। आज वारिस पंजाब दे (अकाली दल) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लुधियाना सहित पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार रोष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका। DC दफ्तर के बाहर भारी हंगामा लुधियाना में भारी संख्या में इकट्ठा हुए वारिस पंजाब दे के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासनिक परिसर (DC दफ्तर) के बाहर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश की और वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुतला फूंकने में कामयाब रहे। सिख गुरुओं की कथित बेअदबी अक्षम्य प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा सिख गुरुओं की कथित तौर पर की गई बेअदबी की घटना बेहद शर्मनाक है। इसे सिख कौम बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च धार्मिक पीठ श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा हुक्मनामा जारी होने के बाद अब मुख्यमंत्री को अपने पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। राज्यपाल के नाम सौंपा मांग पत्र, दी ये चेतावनी प्रदर्शन के अंत में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन के जरिए पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। इस मांग पत्र में मांग की गई है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री ने जल्द ही अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और पूरे पंजाब में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।
मंडला पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उन्होंने कुल 116 अधिकारी एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। इनमें निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं, जिन्हें नई पदस्थापनाएं दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कई थानों के प्रभारियों को बदला गया है। इस बदलाव का उद्देश्य जिले की कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, पुलिसिंग में सुधार लाना और पुलिस बल की कार्यकुशलता में वृद्धि करना है। प्रमुख तबादलों में थाना प्रभारी मवई प्रताप मरकाम को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। पुलिस लाइन से प्रकाश चंद्र सेन को थाना घुघरी का नया प्रभारी बनाया गया, जबकि सत्येंद्र रघुवंशी को बम्हनी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी मिली। मंशाराम वगेन को पुलिस लाइन से नैनपुर थाना भेजा गया है, और ममता परस्ते को महिला थाना प्रभारी बनाया गया है। थाना प्रभारी घुघरी निरीक्षक पूजा बघेल को पुलिस लाइन मंडला भेजा गया है। महाराजपुर थाना प्रभारी क्रांति कुमार बम्हे को भी रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) मंडला भेजा गया है। धर्मेंद्र धुर्वे को पुलिस लाइन से निवास थाना प्रभारी बनाया गया है, और आरती तेकाम (पूर्व पदस्थापना महिला थाना) को मवई थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। थाना प्रभारी बम्हनी जय सिंह यादव को उनकी पूर्व पदस्थापना महाराजपुर थाना भेजा गया है। भानू प्रताप सिंह भवेदी को पुलिस लाइन से थाना खटिया में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल से कई थानों में नए प्रभारी पदस्थ हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि नई जिम्मेदारियों के साथ पुलिस बल की कार्यप्रणाली में गति आएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक प्रभावशीलता देखने को मिलेगी। जिले में एक साथ 116 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले को हाल के वर्षों के सबसे बड़े पुलिस प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।
पत्नी का इलाज कराने रीवा आ रहे एक व्यक्ति की रास्ते में हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक की पहचान रामपुर बघेलान क्षेत्र के खोखम गांव निवासी पुष्पेंद्र सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह बुधवार सुबह अपनी पत्नी को इलाज के लिए लेकर घर से निकले थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार पुष्पेंद्र सिंह अपनी पत्नी सीमा सिंह का इलाज कराने रीवा के संजय गांधी अस्पताल आ रहे थे। सीमा सिंह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं और उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। इसी कारण परिवार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा ले जाने का फैसला किया था। चोरहटा के पास अचानक बिगड़ी तबीयत बताया गया है कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे दोनों घर से रीवा के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में चोरहटा क्षेत्र के पास अचानक पुष्पेंद्र सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और कुछ ही देर में वे वाहन के भीतर ही बेहोश हो गए। घबराए परिजन सीधे अस्पताल पहुंचे अचानक तबीयत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और बिना समय गंवाए उन्हें सीधे संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक से मौत की आशंका अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा के अनुसार शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि प्रारंभिक रूप से पत्नी की खराब तबीयत को लेकर लगातार बनी चिंता और मानसिक तनाव को संभावित कारण माना जा रहा है। घर से निकले थे पूरी तरह सामान्य परिजनों ने बताया कि पुष्पेंद्र सिंह जब घर से निकले थे तब पूरी तरह सामान्य थे। उन्हें किसी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। वह केवल पत्नी का इलाज कराने की चिंता में उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि रीवा पहुंचकर सीमा सिंह का उपचार शुरू होगा, लेकिन रास्ते में ही यह घटना हो गई। जिसके बाद पत्नी सदमें में है और भर्ती है। अस्पताल में जैसे ही पुष्पेंद्र सिंह की मौत की जानकारी मिली, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस व्यक्ति ने पत्नी को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई थी, उसी की जान रास्ते में चली गई। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी भावुक हो गए। वहीं इस खबर से खोखम गांव में शोक की लहर फैल गई। अचानक हुई इस मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के गांधी नगर में हुए गोलीकांड के मामले में आरोपी कपिल (32) और टोनी (33) का शॉर्ट एनकाउंटर के बाद LNJP अस्पताल में इलाज चल रहा है। यहां उनकी टांगों का ऑपरेशन होना है। उसी के बाद उनकी गिरफ्तारी होगी। ये दोनों आरोपी भी गांधी नगर में रहते हैं। मामले में बारना गांव के युवक का नाम सामने आया। आशंका यही है कि उसी के कहने पर हमला हुआ। हालांकि पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए उनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। मंगलवार रात को CIA-1 को गांधी नगर गोलीकांड के आरोपी शाहाबाद के रतनगढ़ क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली थी। पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी टीम ने निर्माणाधीन जाट धर्मशाला के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन खुद को घिरा देखकर उनकी ओर से फायरिंग होने लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोलियां चलाईं। दोनों ओर से 6 से 7 राउंड गोलियां चलीं। दोनों की टांगों में लगीं गोलियां पुलिस ने दोनों को सरेंडर करने की चेतावनी भी दी, लेकिन वे लगातार फायरिंग करते रहे। जवाबी कार्रवाई में कपिल और टोनी के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को काबू कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान CIA-1 में तैनात ASI राहुल भी बाल-बाल बच गए। बदमाशों की एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। दो वेपेन और बाइक बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो वेपेन और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। कपिल और टोनी रविवार तड़के गांधी नगर में हुई फायरिंग में शामिल थे। इस हमले में अमन और प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को पहले कुरुक्षेत्र के LNJP और फिर प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। कपिल-टोनी सट्टेबाजी कारोबार से जुड़े CIA-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि कपिल और टोनी सट्टे के कारोबार से जुड़े हैं। दोनों के खिलाफ जुआ और सट्टेबाजी के कई केस दर्ज है। गांधी नगर में फायरिंग जुआ और सट्टेबाजी के कारोबार को लेकर हुई थी। कपिल और टोनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रविवार तड़के ही हमला किया था।
रेलवे ने बढ़ते यात्रीभार को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए दो प्रमुख ट्रेनों में डिब्बों की स्थायी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 1 जुलाई से लागू होगी, जिससे यात्रियों ट्रेनों में अधिक सीटें उपलब्ध होंगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार अजमेर-दिल्ली सराय-अजमेर शताब्दी रेलसेवा (12065/12066) में 1 जुलाई से एक अतिरिक्त एसी चेयर कार डिब्बा जोड़ा जाएगा। इसके बाद इस ट्रेन में 3 वातानुकूलित कुर्सीयान, 17 द्वितीय कुर्सीयान, 1 पावरकार एवं 1 गार्ड डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। इसी प्रकार जयपुर-दिल्ली सराय-जयपुर डबल डेकर ट्रेन (12985/12986) में भी 1 जुलाई से एक अतिरिक्त एग्जीक्यूटिव वातानुकूलित कुर्सीयान डिब्बा स्थायी रूप से जोड़ा जाएगा। इसके बाद इस ट्रेन में 2 एग्जीक्यूटिव वातानुकूलित कुर्सीयान, 13 वातानुकूलित कुर्सीयान तथा 2 पावरकार सहित कुल 17 डिब्बे संचालित होंगे। रेलवे के इस निर्णय से दोनों ट्रेनों में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी तथा सीटों की उपलब्धता बढ़ने से वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बुधवार को राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने लगभग 300 ट्रॉली अवैध रूप से भंडारित रेत का विनिष्टीकरण किया। नष्ट की गई रेत की अनुमानित कीमत 8 लाख रुपए बताई गई है। यह कार्रवाई तहसीलदार वीरपुर वीरेन्द्र वघेल के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम पांचो से दिमरछा तक सड़क के दोनों ओर विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से रेत का भंडारण किया गया था। सूचना मिलने पर संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी तथा अन्य संसाधनों की मदद से अवैध रूप से जमा की गई रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी वीरपुर निरीक्षक महाराज सिंह वघेल के साथ प्रधान आरक्षक अमित यादव, आरक्षक सुदीप पाण्डे, सोनू बारेला एवं विकास शर्मा सहित पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने बताया कि अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा, जिससे अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया। थाना प्रभारी महाराज सिंह वघेल ने पुष्टि की कि अवैध खनन और रेत भंडारण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सोनीपत के बहालगढ़ क्षेत्र में देर रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है, जहां एक के बाद एक कई घरों में चोरों ने सेंध लगाई है। पीड़ितों के अनुसार चोरों ने घरों से नकदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। मामले में एक पीड़ित ने आरोप लगाया है कि वारदात के समय उसका भाई घर के नीचे सो रहा था, लेकिन उसे इसकी भनक तक नहीं लगी। पीड़ित का कहना है कि चोरों ने संभवतः उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर वारदात को अंजाम दिया, जिसके चलते वह जाग नहीं पाया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और मोबाइल पर किया हाथ साफ प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चोर उनके घर से तीन जोड़ी चांदी की पाजेब, करीब दो ग्राम सोने का ओम, एक सोने की अंगूठी, एक घड़ी, वीवो कंपनी का मोबाइल फोन तथा नकदी चोरी करके ले गए। प्रवीण का कहना है कि उनको करीबन 3 लाख तक का नुकसान हो गया है। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, उसी के लिए रखा था सामान पीड़ित प्रवीण कुमार ने बताया कि उनके परिवार में उनकी मां की लड़की की 22 जून को शादी है। शादी की तैयारियों को लेकर उन्होंने घर में काफी सामान खरीदकर रखा हुआ था। इसके अलावा दो दिन पहले ही उन्होंने एटीएम से 19 हजार रुपये निकाले थे। इनमें से कुछ रुपये शादी के सामान की खरीदारी में खर्च हो गए थे, जबकि करीब 16 हजार रुपये नकद घर में रखे हुए थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले गए। बच्चे छत पर सो रहे थे, नीचे सो रहा भाई भी नहीं जागाप्रवीण कुमार ने बताया कि वह रात को ड्यूटी पर गए हुए थे। उनके बच्चे घर को ताला लगाकर छत पर सो रहे थे, जबकि नीचे उनका भाई सो रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरों ने संभवतः कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिसके कारण घर में मौजूद कोई भी व्यक्ति नहीं जाग पाया। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। एक ही गली में कई जगह हुई चोरी, लोगों में दहशत पीड़ित के अनुसार 15 जून की रात उनकी गली में अलग-अलग जगहों पर चोरी की वारदात हुई है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक नुकसान उनके घर में हुआ है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से इलाके के लोगों में भय और रोष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। सुबह तीन से चार बजे के बीच वारदात की आशंका प्रवीण कुमार का कहना है कि चोरी की यह वारदात सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच अंजाम दी गई। जब वह ड्यूटी से लौटे तब घटना का पता चला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू पीड़ित ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर बहालगढ़ थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
अबोहर के गांव सैदांवाली निवासी एक आईटीआई छात्र ने आज सुबह गांव के निकट रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मृतक पिछले कई महीनों से नौकरी न मिलने के कारण मानसिक रूप से परेशान था। युवक की पहचान मृतक की पहचान 22 साल के लीलाधर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी अबोहर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नर सेवा नारायण सेवा समिति की मदद से शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। समिति के सेवादार बिट्टू नरूला ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 9:30 बजे घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद साथी सोनू ग्रोवर के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां जीआरपी अधिकारी अजीत सिंह और उनकी टीम मौजूद थी। मृतक के परिजन और गांव के सरपंच भी मौके पर उपस्थित थे। कई परीक्षा देने के बाद भी नहीं मिली नौकरी गांव के सरपंच रमन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान 22 वर्षीय लीलाधर 12वीं पास था और आईटीआई करने के साथ-साथ रेलवे में नौकरी पाने के लिए तैयारी कर रहा था। वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। कई परीक्षाएं देने के बावजूद नौकरी न मिलने से लीलाधर हताश था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सरपंच ने यह भी बताया कि यह गांव में ऐसी पहली घटना नहीं है; कुछ साल पहले भी एक युवा ने नौकरी न मिलने से निराश होकर आत्महत्या कर ली थी।
कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े अस्पतालों के दिन अब पूरी तरह बदलने वाले हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज जल्द ही लखनऊ की अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनने जा रहा है। इस बड़े बदलाव के बाद कैंपस में न सिर्फ इलाज की सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी, बल्कि मेडिकल रिसर्च (शोध) को भी एक नई उड़ान मिलेगी। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने हाल ही में जीएसवीएम और इससे संबद्ध पीजीआई का बारीकी से निरीक्षण किया था। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इस ऐतिहासिक फैसले की पुष्टि की है। इस नए जुड़ाव से कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। डॉक्टरों और छात्रों पर बरसेगा पैसा,रिसर्च के लिए मिलेंगे लाखों रुपये अब तक मेडिकल कॉलेजों में बजट की कमी के कारण रिसर्च का काम थमा रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस नई व्यवस्था के तहत डॉक्टरों को शोध के लिए वित्तीय मदद मिलेगी। अगर कोई एक विभाग रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करता है, तो उसे 5 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, अगर तीन अलग-अलग विभागों के डॉक्टर मिलकर कोई बड़ा प्रोजेक्ट करते हैं, तो सीधे 15 लाख रुपये का बजट जारी होगा। सबसे अनोखी बात यह है,कि पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी रिसर्च की संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रति छात्र 35 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के लिए हर साल 1 लाख और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस के लिए डॉक्टरों को 5 लाख रुपये तक का बजट मिलेगा। 20 करोड़ से बनेगी हाईटेक स्किल लैब, छात्र सीखेंगे रोबोटिक सर्जरी जीएसवीएम कैंपस में करीब 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक 'स्किल लैब' तैयार की जाएगी। इस लैब के बनने के बाद हमारे भविष्य के डॉक्टर यानी एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं कंप्यूटर सिमुलेटर के जरिए लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) और रोबोटिक सर्जरी जैसी एडवांस तकनीक कॉलेज में ही सीख सकेंगे। इस लैब में सिर्फ कानपुर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के दूसरे सरकारी एलोपैथिक मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और हैलट सहित 5 बड़े अस्पतालों को मिलेगा यूनिवर्सिटी के संसाधनों का फायदाजीएसवीएम से कानपुर के पांच सबसे प्रमुख अस्पताल जुड़े हुए हैं, जिनमें हैलट अस्पताल, जच्चा-बच्चा अस्पताल, बाल रोग अस्पताल, मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल और संक्रामक रोग अस्पताल शामिल हैं। यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनने के बाद इन सभी अस्पतालों को सीधे तौर पर नेशनल लेवल का नेटवर्क और बड़े संसाधन मिलेंगे, जिससे यहां आने वाले गरीब मरीजों को बेहद आधुनिक और सस्ता इलाज मिल सकेगा।
जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक की इलाज के दौरान एम्स हॉस्पिटल में मौत हो गई। उसने थाने में जहर खा लिया था। महिला के गायब होने के मामले में पुलिस उसे मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। पुलिस का कहना है कि मृतक अपने साथ जहर की पुड़िया लेकर आया था। पूछताछ के दौरान उसने मौका पाकर जहर खा लिया। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर DCP कमल शेखावत भी थाने पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। वहीं थाने के CCTV भी सुरक्षित रखे गए हैं। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने मृतक के चाचा ओर पुलिस से बातचीत की। मृतक अमृत वैष्णव (30) के चाचा दलपत ने बताया कि वह सर गांव का रहने वाला था। उसकी शादी हो गई थी लेकिन गौना नहीं हुआ था। वह पिछले कुछ साल से से महिला से बात करता था। वह महिला 11-12 दिन पहले घर से गायब हो गई। उसके परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में 12 जून को अमृत को पूछताछ के लिए बासनी थाने बुलाया गया था। मैं भी उसके साथ बासनी थाने आया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद वापस भेज दिया। हेड कॉन्स्टेबल ने कहा-महिला नहीं मिली तो अंदर डाल दूंगा सोमवार शाम को थाने के हेड कॉन्स्टेबल सतपाल सिंह का कॉल आया, उसने बताया कि यदि मंगलवार को वह महिला नहीं मिली तो तुम्हें अंदर डाल दूंगा। इसके चलते उनका भतीजा टेंशन में आ गया था। वह रात भर सो नहीं पाया। 16 जून को सुबह जल्दी थाने से फोन आ गया। इस पर उसके भतीजे ने उन्हें दोपहर फोन कर बताया कि पुलिस उसे थाने बुला रही है, तब वह अपने भतीजे को लेकर थाने पहुंचा। महिलाओं ने गला पकड़ने की कोशिश की थाने में गायब महिला के पक्ष की 4-5 महिलाएं मौजूद थीं। अमृत थाने में अंदर गया तो महिलाओं ने उसका गला पकड़ने की कोशिश की। बाद में अमृत को पुलिस एक कमरे में पूछताछ के लिए लेकर चली गई। मैं 5 मिनट तक बाहर खड़ा रहा। बाद में उन महिलाओं ने विरोध कर मुझे थाने से बाहर निकलवा दिया। जब में स्वागत कक्ष में जाकर बैठा तो मुझे वहां से भी बाहर भेज दिया गया। पट्टे मारने पर सच बताएगा अमृत को ढाई घंटे तक वापस नहीं भेजा तो मैं थाने के अंदर गया और पुलिस वालों से कहा कि पूछताछ पूरी हो गई हो तो इसे भेज दीजिए। हमारा टिफिन सर्विस का काम है। टिफिन सप्लाई करने जाना है। इस पर पुलिस ने कहा कि आज इसे पट्टे मारेंगे तब सच बताएगा कि महिला को कहां गायब करवाया है, जबकि 12 जून को हुई पूछताछ में पुलिस को सबकुछ बता दिया था, कि महिला को गायब करने में इसका कोई रोल नहीं है। इस पर भी पुलिस ने अमृत को नहीं छोड़ा और मुझे थाने से भगा दिया। पुलिस ने मोबाइल देने से मना कर दिया था मैंने पुलिस से अमृत का मोबाइल मांगा था, लेकिन देने से मना कर दिया। मेरे वहां से रवाना होते समय अमृत ने मुझे अपना पर्स दिया था। मैं शाम करीब 4.30 बजे पाल शिल्पग्राम पहुंचा था तो अमृत के फोन से पुलिस ने मुझे फोन किया कि आप थाने आ जाओ इसने जहर खा लिया है। कहा कि सीथे एम्स आ जाओ इसे एम्स में एडमिट कराया है। महिला को 251 बार कॉल किए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि बासनी थाने में एक महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी, इस मामले में अमृतलाल संदिग्ध था, क्योंकि जब CDR खंगाली गई थी तो सबसे ज्यादा फोन अमृत के फोन से किए गए थे। उसके फोन से 251 कॉल किए गए थे, भागने के बाद का लास्ट कॉल भी अमृत के मोबाइल पर ही किया गया था। उन्होंने बताया कि अमृत ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 5 साल से उस महिला से बात करता है। थाने में जांच अधिकारी पूछताछ के बाद इधर-उधर हुए तो उसने जहर खा लिया, उसके बाद उसने पुलिस को बताया कि उसने जहर खा लिया है। उसके बाद उसे एम्स ले जाया गया। उन्होंने बताया कि एम्स लाने के बाद थाने के अंदर घटना होने के चलते जुडिशियल मजिस्ट्रेट को भी इन्फॉर्म किया गया था। वह भी एम्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उसके बयान रिकॉर्ड किए गए। उसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी देवड़ा ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जब उसने जहर खाया तो उसने पुलिस को बताया कि उस महिला ने उसे धोखा दे दिया था। इसके चलते उसे नहर चौराहे से जहर की पुड़िया खरीदी थी। जिस जगह घटना हुई थी, वहां पर कैमरे लगे हुए थे, जिसकी भी लापरवाही रही है वो रिकॉर्ड में आ जाएगी। इधर इस मामले को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने एम्स हॉस्पिटल में धरना दे रखा है। उन्होंने शव लेने से मना कर दिया है। परिजनों की मांग है कि एक आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए, वहीं थाने के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये खबर भी पढ़िए… बासनी थाने में युवक ने खाया जहर:महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था, हॉस्पिटल में हुई मौत जोधपुर में एक महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अमृत वैष्णव (30) ने थाने में जहर खा लिया। इसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। (पढ़िए पूरी खबर)
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के किसान नगर पकरी गांव में चोरों ने ग्राम प्रधान के घर को निशाना बनाते हुए नकदी और लाखों रुपये के जेवरात पार कर दिए। क्षेत्र में पिछले 25 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी चोरी की घटना है। सूचना पर पहुंची पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने मौके पर जांच की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य व प्रधान के घर को बनाया निशाना किसान नगर पकरी गांव निवासी प्रभा सिंह लगातार तीन बार से ग्राम प्रधान हैं। उनके बड़े बेटे धर्मेंद्र सिंह रतनलाल नगर और छोटे बेटे देवेंद्र सिंह पनकी में परिवार सहित रहते हैं, जबकि मंझले बेटे एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह अपनी पत्नी नीतू, बेटे आदित्य, बेटी दिव्यांशी और मां प्रभा सिंह के साथ गांव में रहते हैं। महेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे आदित्य के साथ चित्रकूट दर्शन के लिए गए थे और मां प्रभा सिंह को उनके मायके महोबा जनपद के खरेला में छोड़ आए थे। घर पर उनकी पत्नी नीतू और बेटी दिव्यांशी अकेली थीं। सुरक्षा के चलते दोनों पुराने मकान में ताला लगाकर नए बने मकान में सो रही थीं। बुधवार भोर में चोर पुराने मकान की बाहरी कुंडी निकालकर अंदर घुस गए और कमरे की कुंडी तोड़कर बक्से में रखी नकदी व लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर ले गए। हालांकि पास में रखी अलमारी को चोर नहीं तोड़ सके। सुबह नीतू जब पुराने मकान में पहुंचीं तो चोरी की जानकारी हुई। सूचना मिलने पर महेंद्र सिंह चित्रकूट से लौटे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना पर डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी, एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। खोजी कुत्ता बजरंग मंदिर तक पहुंचा, जहां मंदिर का दानपात्र भी टूटा मिला।पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में भोर के समय तीन बाइक सवार समेत चार संदिग्ध दिखाई दिए हैं। डीसीपी वेस्ट बोले-डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि फुटेज के आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे है।
कोटपूतली में नेशनल हाईवे पर आग का गोला बना ट्रक,VIDEO:सर्विस रोड पर खड़ा था, बड़ा हादसा टला
कोटपूतली में नेशनल हाईवे 48 पर पाथरेड़ी पुलिया के पास सर्विस रोड पर एक खड़े ट्रेलर में आग लग गई। घटना सुबह 11:50 बजे हुई। समय रहते आग पर काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया। खड़े ट्रेलर में लगी आग मौके पर मौजूद लोगों ने बताया- ट्रेलर सर्विस रोड किनारे खड़ा था। तभी उसमें धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने ट्रेलर के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। दमकलों ने आग पर पाया काबू सूचना के बाद कोटपूतली नगर परिषद और पावटा, प्रागपुरा नगरपालिका की दमकल गाड़ियों की सहायता से आग पर काबू पाया गया। प्रागपुरा थाना पुलिस और सरुंड थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। ट्रेलर मालिका का पता लगाने में जुटी पुलिस प्रागपुरा थाना पुलिस के एएसआई कंवर सिंह ने बताया-सुबह 11:50 बजे ट्रेलर में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और ट्रेलर के नंबरों से मालिक का पता लगाकर उसे सूचित किया। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। यातायात रहा बाधित घटना में ट्रेलर को आंशिक नुकसान पहुंचा है। आग लगने के दौरान कुछ समय के लिए सर्विस रोड पर यातायात प्रभावित रहा, लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोगों की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य कर दी गई। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे और सर्विस रोड पर खड़े भारी वाहनों की नियमित जांच तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
शहर के सुप्रसिद्ध जेके मंदिर में आज भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी सरकार का एक बेहद मनमोहक और अलौकिक रूप देखने को मिल रहा है। आज प्रभु का पूरा दरबार एक खास रंगत में डूबा हुआ है। मंदिर प्रशासन की ओर से आज ठाकुर जी का मुख्य श्रृंगार विशेष रूप से 'हरे और सुनहरे (गोल्डन)' रंग की थीम पर किया गया है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दिव्य श्रृंगार के बाद जब प्रभु की महाआरती हुई, तो पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। रेशमी पोशाक पर गोटा-पत्ती का काम, लहंगे में सजीं राधा रानी इस विशेष श्रृंगार की सबसे बड़ी खूबसूरती ठाकुर जी और राधा रानी की पोशाक है। दोनों विग्रहों को गहरे हरे रंग की बेहद कीमती और चमकीली रेशमी पोशाक पहनाई गई है। इस पर गोटा-पत्ती और सुनहरी गोट का बेहद बारीक व पारंपरिक काम किया गया है। राधा रानी जहां हरे रंग के लहंगे और बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं, वहीं ठाकुर जी ने पारंपरिक धोती और पटका धारण किया हुआ है, जो उनकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा है। शीश पर सोने का मुकुट, कानों में कुंडल और गले में नौलखा हार पोशाक के साथ ही भगवान के आभूषण भी बेहद अलौकिक हैं। दोनों विग्रहों के शीश पर भव्य सुनहरे रंग के नक्काशीदार मुकुट सुशोभित हैं। ठाकुर जी के मुकुट पर हमेशा की तरह मोरपंख भी सजाया गया है। कानों में बड़े-बड़े कुंडल और गले में मोतियों व कीमती रत्नों से जड़े कई लड़ों वाले भारी हार पहनाए गए हैं, जो देखने में बिल्कुल नौलखा हार जैसा भव्य लुक दे रहे हैं। त्रिभंगी मुद्रा में दिखे कन्हाई, गेंदे के फूलों से महका दरबार भगवान श्रीकृष्ण अपने चिर-परिचित अंदाज यानी त्रिभंगी मुद्रा में दर्शन दे रहे हैं। उनके हाथों में एक सुंदर सुनहरी बांसुरी सजी हुई है और उनके हाथ लाल रंग के अलता से रंगे नजर आ रहे हैं। इस हरी पोशाक के ऊपर पीले और नारंगी रंग के गेंदे के फूलों की लंबी मालाएं पहनाई गई हैं, जो इस गहरे रंग पर बहुत ज्यादा खिल रही हैं। पूरा दरबार और पीछे का बैकग्राउंड चांदी के नक्काशीदार भव्य सिंहासन से सजा है, जिसके ऊपर दो सुनहरे छत्र लटक रहे हैं। नीचे चांदी की छोटी गौमाता की आकृतियां और बाल स्वरूप लल्ला के दर्शन भी भक्तों का मन मोह रहे हैं।
भिवानी जिले के तोशाम एसडीएम संदीप कुमार ने कहा है कि खनन क्षेत्र में बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी निर्देशों के अनुसार खनन गतिविधियों को पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और नियमबद्ध तरीके से संचालित किया जाना चाहिए। बुधवार को एसडीएम संदीप कुमार ने खनन, एचएसआईआईडीसी और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ माइनिंग क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों और क्रशर जोन के संचालन में सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। ट्रकों में जीपीएस सिस्टम चालू रहना अनिवार्य : एसडीएम एसडीएम ने स्पष्ट किया कि खनन कंपनियों, क्रशर संचालकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर दिया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि खनन कार्य में लगे सभी डंपर और ट्रकों में जीपीएस सिस्टम चालू रहना अनिवार्य है, ताकि कंट्रोल रूम से उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जा सके। धूल नियंत्रण के लिए खनन क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए। श्रमिक सुरक्षा के मद्देनजर सभी मजदूरों के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट, हेलमेट और सेफ्टी शूज पहनना भी अनिवार्य किया गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इंदौर में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। द्वारकापुरी, खजराना और एक अन्य क्षेत्र में पीड़िताओं की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रेमी पर शादी का दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप द्वारकापुरी क्षेत्र में रहने वाली 20 साल की एक युवती ने अपने प्रेमी लक्की पंसोरिया के खिलाफ छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार युवती और आरोपी के बीच करीब एक साल से परिचय था। युवती ने शिकायत में बताया कि दोनों एक ही कार्यस्थल पर काम करते थे, जहां आरोपी ड्राइवर का काम करता था। पीड़िता का आरोप है कि शराब की लत के कारण उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी उस पर शादी के लिए दबाव बनाने लगा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा आत्महत्या कर उसे कानूनी मामले में फंसाने की धमकी दी। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसके आने-जाने के दौरान पीछा करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। विवाहिता ने भतीजे पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक विवाहिता ने अपने भतीजे राहुल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी उस पर गलत नजर रखता था। शिकायत के अनुसार कुछ दिन पहले आरोपी ने बाथरूम में झांकने का प्रयास किया था, जिस पर उसे फटकार लगाई गई थी। महिला का आरोप है कि मंगलवार रात आरोपी ने फिर आपत्तिजनक व्यवहार किया। इसके बाद उसने परिवार को जानकारी देकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग ने जीजा के खिलाफ दर्ज कराया मामला खजराना थाना क्षेत्र में ही 17 वर्षीय नाबालिग ने अपने जीजा सोहेल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने रास्ते में उसे रोककर जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। घटना के बाद नाबालिग ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस जांच जारी पुलिस ने तीनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश और शिकायतों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मुरादाबाद में सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत:बाइक पर सवार होकर जा रहे थे, कार ने मारी टक्कर
मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में प्रभात मार्केट ढलाव के पास बुधवार सुबह सड़क हादसे में बाइक सवार बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान मकबरा प्रथम के रहने वाले साबिर हुसैन (62) के रूप में हुई है। वह सुबह करीब 11:30 बजे करूला स्थित एक स्कूल की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि साबिर हुसैन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कटघर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साबिर हुसैन अपने पीछे तीन बेटे सलीम, वसीम और नदीम तथा तीन बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और घर पर शोक का माहौल बन गया।
कोरबा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजाओं की कार्यप्रणाली को लेकर युवा कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने NHAI अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से मुक्त करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान NSUI जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर, दीपक वर्मा समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने टोल प्लाजाओं की मनमानी, कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कड़ा विरोध जताया। स्थानीय वाहनों को टोल से छूट देने की मांग युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास ने कहा कि कोरबा आदिवासी और किसान बहुल जिला है। किसानों और ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दिन में कई बार आवागमन करना पड़ता है, लेकिन चोटिया, मदनपुर, बगदेवा और कोथारी टोल प्लाजा में हर बार शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वाहन खरीदते समय नागरिक पहले ही रोड टैक्स का भुगतान करते हैं, ऐसे में घरेलू और स्थानीय वाहनों से बार-बार टोल वसूली उचित नहीं है। टोल कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि टोल संचालक केवल शुल्क वसूली पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात के समय आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं टोल प्लाजा के आसपास अवैध पार्किंग और अतिरिक्त वसूली से भी सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है। ओवरलोड वाहनों में मिलीभगत की जांच की मांग ज्ञापन में ओवरलोड राखड़ वाहनों के अवैध परिवहन में टोल कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। युवा कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। दुर्घटनाओं के लिए FIR की मांग संगठन ने राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर टोल कंपनी और संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ज्ञापन में सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर टोल मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी शामिल है। मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन NSUI जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर और युवा नेता दीपक वर्मा ने कहा कि यदि CG-12 पासिंग वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल से छूट नहीं दी गई, कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और ओवरलोड वाहनों के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तथा दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर FIR दर्ज नहीं की गई तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
हरियाणा के लाखों भवन निर्माण श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। श्रम विभाग ने करीब एक वर्ष से बंद पड़ा श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल देर रात फिर से शुरू कर दिया है। अब रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण (रिन्यूअल) नए नियमों और कड़े सत्यापन मानकों के तहत ही किए जाएंगे। श्रम विभाग ने कार्य पर्चियों (वर्क स्लिप) की जांच के लिए पिछले वर्ष जून में पोर्टल बंद कर दिया था। पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने के कारण लाखों श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। श्रमिक संगठनों ने कई बार सरकार और श्रम मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। श्रमिकों के बच्चों को नहीं मिल सका योजना का लाभ पोर्टल बंद रहने का सबसे अधिक असर श्रमिक परिवारों के बच्चों पर पड़ा। उन्हें छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसके अलावा, कई पात्र मजदूर भी विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह गए। सूत्रों के अनुसार, वर्षभर चली जांच में बड़ी संख्या में अपात्र एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं। जांच के बाद केवल पात्र श्रमिकों को ही मान्य माना गया है और उन्हें विभाग की ओर से मैसेज भेजे गए हैं। प्रदेशभर में लाखों श्रमिकों के भवन निर्माण श्रमिक पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। अब केवल पात्र श्रमिक ही योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। हो चुका 1500 करोड़ का रुपए का घोटाला यह कार्रवाई श्रम विभाग में सामने आए करीब 1,500 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के बाद की गई है। आरोप था कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई थी। इसी के बाद विभाग ने व्यापक जांच शुरू की और पोर्टल को बंद कर दिया गया था। जांच लंबी चलने के कारण वास्तविक श्रमिकों को भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। श्रमिकों को मिलते हैं ये प्रमुख लाभ अब सरपंच और नियोक्ता फॉर्म जरूरी जारी नियमो में मनरेगा में पंजीकृत मजदूर इस योजना में शामिल नहीं हो सकते। जो पात्र मजदूर है या नया पंजीकरण करवाना चाहते हैं, वे सरपंच द्वारा जारी पत्र और नियोक्ता द्वारा जारी पंजीकरण के तहत करवा सकते है। क्या बोले अधिकारी श्रम विभाग हिसार के निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि विभागीय आदेशों के अनुपालन में प्रदेशभर में भवन निर्माण श्रमिकों का पोर्टल बंद किया गया था। अब पोर्टल पुनः शुरू कर दिया गया है और पात्र श्रमिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सदर तहसील के अंगूठी गांव में अमृत सरोवर तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और तहसील न्यायालय के आदेश पर तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। प्रशासन ने दावा किया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से किसी विरोध या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बुधवार सुबह प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गांव अंगूठी पहुंची। अधिकारियों की निगरानी में तालाब की भूमि पर बने धार्मिक ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मंदिर, मस्जिद और मजार को हटाकर तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहे। गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने लगातार गश्त की। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मौके पर एडीसीपी हिमांशु गौरव, एसीपी इमरान अहमद, एसीपी रामप्रवेश गुप्ता समेत पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई की निगरानी की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अमृत सरोवर तालाब की भूमि पर बने थे धार्मिक ढांचे जानकारी के अनुसार ब्लॉक बिचपुरी के गांव अंगूठी में अछनेरा-बिचपुरी मार्ग के किनारे करीब साढ़े 22 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है। इस तालाब को अमृत सरोवर का दर्जा भी प्राप्त है। तालाब परिसर में मंदिर, मस्जिद और मजार स्थित होने के कारण मामला संवेदनशील माना जा रहा था। ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि तालाब की जमीन पर कब्जों के कारण उसका मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा था। NGT की मुख्य पीठ में पहुंचा था मामला तहसील प्रशासन के अनुसार तालाब की भूमि पर अतिक्रमण का मामला राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की मुख्य पीठ, नई दिल्ली में विचाराधीन था। सुनवाई के बाद एनजीटी ने तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। एनजीटी के आदेश के अनुपालन में तहसीलदार न्यायालय ने 9 जून को बेदखली का आदेश पारित किया था। इसी आदेश के आधार पर बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तालाब की भूमि को कब्जामुक्त कराया। सुबह सात बजे से ही संभाल लिया था मोर्चा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुबह करीब सात बजे से ही गांव में मोर्चा संभाल लिया था। अधिकारियों ने पूरे इलाके की निगरानी की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सुबह करीब नौ बजे प्रशासन ने बुलडोजर और जेसीबी मशीनों के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की मौजूदगी में धार्मिक ढांचों को हटाया गया और तालाब की भूमि को खाली कराया गया। प्रशासन बोला- शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई कार्रवाई उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत ने बताया कि न्यायालय और एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा ग्रामीणों की नजरें लंबे समय से इस कार्रवाई पर टिकी थीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि तालाब की भूमि कब्जामुक्त होने के बाद जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का बेहतर विकास किया जा सकेगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि तालाब की भूमि को पूरी तरह सुरक्षित रखने और उसके संरक्षण के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में 9 साल के बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री घायल हो गए। बांसवाड़ा से सूरत जा रही बालाजी ट्रेवल्स की लग्जरी बस कोटंबी स्टेडियम के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद डूंगरपुर और बांसवाड़ा के कई परिवारों में मातम छा गया, वहीं बस में सफर कर रहे यात्रियों के परिजन अपनों की कुशलक्षेम जानने के लिए परेशान नजर आए। सुबह चार बजे हुआ हादसा, मची चीख-पुकार जानकारी के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 4 बजे हुई। ट्रक से टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर चीख-पुकार गूंज उठी। कई यात्री बस के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कटिंग मशीनों से निकाले गए यात्री एनडीआरएफ की छठी बटालियन के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 4:40 बजे नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर आधुनिक उपकरणों और कटिंग मशीनों की सहायता से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि पांच शव बरामद किए गए। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एक घायल की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए यात्रियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार एक घायल की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का भी इलाज चल रहा है। इन सात लोगों की हुई मौत हादसे में डूंगरपुर जिले के पाडवा निवासी पिंकी भाटिया (36) की मौत हो गई। इसके अलावा विनोद नरेश डामोर (30), मुकेश जीवाजी डिंडोर (34), प्रीत हितेश भाटिया (9), महेंद्र कुमार भोगीलाल पंड्या (68), हरजिंगभाई वलजीभाई कटारा (30) तथा एक अज्ञात व्यक्ति की जान चली गई। मृतकों और घायलों में डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा जिले के कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों में ये यात्री शामिल घायलों में पिंकी रावल, मनीषा रावल, रामचंद्र डोरिया, शिल्पा पाटीदार, महेंद्र कटारा, आशीष यादव, आशीष कटारा, बंसीलाल राणे, जीवराजभाई, गुंजनबेन, नाराचया, पिंटू चरपोट, विजय कटारा, भेरूलाल मीना, सीमा यादव, सागर कटारा, भगवती भाई, कल्पेश गौर, पैलबेन नाई, शील, सुरेशभाई डिंडोर, रमेशभाई, पंकजभाई चरपोट, कमलेशभाई कटारा, मायाबेन पाटीदार सहित अन्य यात्री शामिल हैं। हादसे के कारणों की जांच जारी फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में ट्रक और क्षतिग्रस्त बस को हटाकर बहाल कर दिया गया। परिजनों की बढ़ी चिंता हादसे की सूचना मिलते ही बस में सफर कर रहे यात्रियों के परिजनों में चिंता बढ़ गई। कई परिवार फोन और अन्य माध्यमों से अपने रिश्तेदारों की जानकारी जुटाने में लगे रहे। मृतकों के घरों में शोक का माहौल है, जबकि घायल यात्रियों के परिजन अस्पतालों की ओर रवाना हो गए।
बदायूं में सड़क हादसे में 5 की मौत:तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, 3 घायल
बदायूं में हुए एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हुए हैं। यह दुर्घटना तेज रफ्तार ट्रैक्टर द्वारा ई-रिक्शा को टक्कर मारने से हुई है। यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… गर्लफ्रेंड बोली थी- ताऊ को मार दो, तभी शादी होगी:प्रयागराज ट्रिपल मर्डर का आरोपी बोला- 3 दिन पहले प्रेमिका ने बुलाकर प्लान बनाया प्रयागराज ट्रिपल मर्डर में पुलिस ने बॉयफ्रेंड समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में बॉयफ्रेंड हिमांशु ने बताया- मैं अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने 13 जून को राजापुर गांव गया था। यहां हम दोनों मिले। गर्लफ्रेंड ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे बिना जी नहीं पाऊंगी। जब तक मेरा ताऊ श्यामलाल जिंदा है, हम दोनों का रिश्ता नहीं हो पाएगा। उसे रास्ते से हटा दो। पढ़ें पूरी खबर…
पूर्वी सिंहभूम स्थित चाकुलिया वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सुनसुनिया रेलवे फाटक के पास एक दर्दनाक घटना में हाथियों का वीडियो बना रहे रेलवे मजदूर की जान चली गई। झुंड से अलग हुए एक जंगली हाथी ने 53 वर्षीय मजदूर संजीव सिन्हा पर हमला कर दिया और सूंड से उठाकर पटकने के बाद सिर से भी वार किया। घटना का वीडियो अब जाकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नल लगाने का कार्य चल रहागंभीर रूप से घायल संजीव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन झाड़ग्राम अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सुनसुनिया रेलवे फाटक के पास रेलवे की ओर से ऑटोमेटिक सिग्नल लगाने का कार्य चल रहा है। पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले के कठुवा गांव निवासी संजीव सिन्हा अपने साथियों के साथ वहां कार्य कर रहे थे। इसी दौरान सुबह से ही सुनसुनिया जंगल में 10 से 12 हाथियों का झुंड मौजूद था। संजीव अपने कुछ साथियों के साथ हाथियों को देखने जंगल की ओर गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। अन्य मजदूरों ने भाग कर बचाई जानइस दौरान लोग काफी शोर भी मचा रहे थे। तभी अचानक झुंड से निकले एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद अन्य मजदूर किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हालांकि संजीव सिन्हा की जान चली गई। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगली हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, उन्हें उकसाने या उनके नजदीक जाने का प्रयास न करें। साथ ही, जंगल से सटे क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। हाथियों के गांवों और सड़क किनारे तक पहुंचने की घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की बढ़ती समस्या पर प्रभावी नियंत्रण और स्थायी समाधान की मांग की है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लोगों को लगातार जागरूक करने का काम किया जा रहा है। 10 दिनों में तीसरा हमला स्थानीय लोगों में घटना के बाद भारी आक्रोश और भय का माहौल है। बीते दस दिनों में हाथियों के हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है।6 जून : चंदुवा गांव के 40 वर्षीय निर्मल महतो की मौत।12 जून : बेनाशोली गांव के 60 वर्षीय काबूल मुंडा गंभीर घायल।15 जून : रेलवे मजदूर संजीव सिन्हा की इलाज के दौरान मौत।
सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) बृजेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपनी कॉन्स्टेबल पत्नी भारती उपाध्याय और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। रेंजर का आरोप है कि 16 जून 2026 की रात पत्नी दो अजनबियों के साथ उनके सरकारी आवास पर पहुंचीं और वहां से महिंद्रा XUV 3XO कार (MP13ZU6331), 2 लाख रुपए नकद और एक आईफोन लेकर फरार हो गईं। बरौंधा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रेंजर बृजेन्द्र पाण्डेय और उनकी पत्नी भारती उपाध्याय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों के तलाक का मामला साल 2025 से रीवा के फैमिली कोर्ट में लंबित है। इसी पारिवारिक विवाद के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। पुलिस अब चोरी की इस नई शिकायत के तथ्यों की पड़ताल कर रही है। पत्नी ने रीवा के होटल में प्रेमिका के साथ पकड़ा थाइस घटना से पहले रेंजर बृजेन्द्र पाण्डेय तब सुर्खियों में आए थे, जब उनकी पत्नी ने उन्हें रीवा के 'होटल रॉयल इन' में एक अन्य युवती के साथ पकड़ा था। पत्नी को सूचना मिली थी कि उनके पति होटल में रुके हुए हैं। वह सीधे कमरे तक पहुंचीं, जहां दरवाजा खुलने पर रेंजर ने किसी और के होने से इनकार किया, लेकिन अंदर जाने पर वहां एक युवती मौजूद मिली। डंपर में बैठकर भागे थे रेंजर, वीडियो हुआ था वायरलपत्नी ने युवती को कमरे से बाहर निकाला और दोनों के संबंधों को लेकर तीखी बहस की। इस दौरान होटल परिसर से लेकर सड़क तक भारी हंगामा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ता देख रेंजर और वह युवती एक डंपर में बैठकर वहां से निकल गए थे, जबकि पत्नी काफी देर तक हंगामा करती रहीं। रेंजर और महिला मित्र पर भी दर्ज है एफआईआरहोटल में हुए इस हंगामे के मामले में रीवा के चोरहटा थाने में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। पुलिस ने रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय और उनकी महिला मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एफआईआर की धाराओं और शिकायत के विस्तृत बिंदुओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
घर से 2 किलोमीटर पर युवक की बेरहमी से हत्या:सुबह काम पर जाने के लिए निकला था, दो घंटे बाद बॉडी मिली
आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित आगरा कैंट में झाड़ियों में एक युवक का शव मिला। युवक के सिर पर चोट के निशान हैं। हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक की शिनाख्त सुल्तानपुरा निवासी 24 साल के शोरू के रूप में हुई। वो सुबह 7 बजे से घर से काम पर जाने के लिए निकला था। बेटे की हत्या से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। तीन महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। पति की हत्या के बाद पत्नी भी सुसाइड करने जा रही थी। परिजनों ने उसे किसी तरह बचाया। सोहल्ला के पास झाड़ियों में सुबह करीब 9 बजे लोगों ने एक युवक का खून से लथपथ शव देखा। युवक के सिर पर चोट के निशान थे। लोगों ने युवक की शिनाख्त शोरू निवासी छोटी बस्ती के रूप में की। घटनास्थल से मृतक के घर की दूरी महज दो किलोमीटर है। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसी दौरान गांव के बाहर एक खेत में उसका शव पड़ा मिला। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था। चेहरे और सिर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से कई वार कर उसकी हत्या की। शव के आसपास खून के निशान भी मिले हैं, जिससे संभावना है कि हत्या घटनास्थल पर ही की गई। तीन महीने पहले हुई थी शादी मृतक शोरू की शादी करीब तीन महीने पहले ही हुई थी। शादी के बाद परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक हुई इस वारदात ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि माता-पिता और अन्य परिजन घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं। फोरेंसिक और सर्विलांस टीमों ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस, फोरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और हाल के संपर्कों की भी जांच की जा रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके।
फ़िरोज़ाबाद में नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 29 नगला पान सहाय में बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या के कारण बुधवार को एक ई-रिक्शा गहरे गड्ढे में पलट गया। इस हादसे में एक महिला घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र की महिलाओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने नगर निगम पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, नगला पान सहाय निवासी मिथलेश दवा लेने के लिए ई-रिक्शा से जा रही थीं। रास्ते में सड़क पर बने गहरे गड्ढे में पानी भरा होने के कारण ई-रिक्शा चालक गड्ढे का अनुमान नहीं लगा सका। इससे ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में मिथलेश के हाथ और पैर में चोटें आईं, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। इस घटना के दौरान क्षेत्र निवासी रश्मि सहित अन्य महिलाओं ने कीचड़ और पानी के बीच फंसी महिलाओं को बाहर निकालने में मदद की। हादसे से आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि क्षेत्र में सड़क की हालत पिछले कई वर्षों से खराब है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें बरसात और सीवर का पानी भर जाता है। इस कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से सड़क निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग कर रही हैं। इस संबंध में कई बार नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। वहीं, नगर निगम अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क में बने गड्ढों और जलभराव के कारण रोजाना दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते हैं
सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने हाईकोर्ट चतुर्थश्रेणी, ग्राम सेवक, अध्यापक, आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले। शिकायत के अनुसार रकम लेने के बाद न तो किसी की नौकरी लगवाई गई और न ही पैसे लौटाए गए। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने योगेश पारीक और उसकी पत्नी बिंदिया पारीक के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नयाबास निवासी महेशचंद शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार योगेश पारीक और बिंदिया पारीक ने वर्षों तक लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोप है कि दंपती खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताकर अभ्यर्थियों का विश्वास जीतता था। शिकायत में कहा गया है कि नौकरी के नाम पर लाखों रुपये लेने के बावजूद किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी के लिए प्रति व्यक्ति 2.50 लाख रुपये, ग्राम सेवक के लिए 4 लाख रुपये और अध्यापक भर्ती के लिए 3 लाख रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम सीधे अपने खातों में लेने के बजाय आरोपियों ने परिचित लोगों के बैंक खातों का उपयोग किया ताकि लेन-देन पर संदेह न हो। महेशचंद शर्मा ने बताया कि उसके खाते में रकम जमा कराने से उसने मना किया था, लेकिन इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों ने आरोपियों के कहने पर उसके खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में आरोपियों के निर्देश पर वही रकम उनके खातों में भेज दी गई। शिकायत के अनुसार उपेंद्र और हेमसिंह ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में नौकरी के नाम पर ढाई-ढाई लाख रुपये जमा कराए। जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम वेटिंग सूची में है। इसके बाद आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस में नौकरी दिलाने का नया झांसा देकर उनसे अतिरिक्त राशि भी ली गई। उपेंद्र से आयकर विभाग में नौकरी के नाम पर 3 लाख रुपये और हेमसिंह से दिल्ली पुलिस में नौकरी के नाम पर 1 लाख रुपये लिए गए। इसी तरह नवीन और मनदीप से ग्राम सेवक भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर चार-चार लाख रुपये लिए गए, जिनमें कुछ राशि नकद और कुछ ऑनलाइन ली गई। वहीं निक्की और पूजा से अध्यापक भर्ती में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर लाखों रुपये वसूले गए। शिकायतकर्ता के अनुसार अक्टूबर 2023 में भी आरोपियों ने ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच विभिन्न लोगों से प्राप्त राशि में से कुल 14 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों तक पहुंचाए गए। बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं। आरोप है कि रकम लेने के बाद अभ्यर्थियों को लगातार आश्वासन देकर टालते रहे, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही रुपये वापस किए गए। आरोपी योगेश पारीक खुद को एटीएम कैश मैनेजमेंट कंपनी का प्रतिनिधि बताता हैं,और पत्नी बिंदिया पारीक एक एनजीओं चलाती हैं,आरोपी हैं दंपत्ति युवाओं से ठगी करके BMW कार से घूम रहे हैं। इस मामले में योगेश पारीक का कहना हैं की मेरे किसी भी नौकरी से कोई लेना देना नहीं हैं,मेरे व मेरी पत्नी की तरफ से कोई नौकरी लगाने के नाम पर पैसा नहीं लिया गया।
हरदोई में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी ने संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने युवा अधिवक्ता नैमिष राज चौहान को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अधिवक्ता संघ का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। उनकी नियुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' की संस्तुति पर की गई है। नैमिष राज चौहान हरदोई जनपद के अहिरोरी ब्लॉक स्थित केशवन ग्राम के निवासी हैं। वे पिछले लगभग 10 सालों से अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं और हरदोई बार में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। विधिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नैमिष राज चौहान के नेतृत्व में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अधिवक्ता संघ को जिले में नई दिशा मिलेगी। संगठन का विस्तार करते हुए जल्द ही जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में अधिवक्ताओं को एक मजबूत मंच मिलेगा और संगठन की गतिविधियों को गति मिलेगी। अपनी नियुक्ति के बाद नैमिष राज चौहान ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे संगठन द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। चौहान ने बताया कि उनका मुख्य ध्यान अधिवक्ताओं को संगठन से जोड़ने, उनकी समस्याओं और हितों को प्रभावी ढंग से उठाने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर रहेगा। पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों ने भी नैमिष राज चौहान की नियुक्ति का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में अधिवक्ता संघ का संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और जिले में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की गतिविधियों तथा जनाधार को नई मजबूती मिलेगी।
बुरहानपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अड़गांव में एक बार फिर किसानों की केला फसल को नुकसान पहुँचाया गया है। अज्ञात बदमाशों ने तीन किसानों के खेतों में केले के लुंगरों को काटकर फेंक दिया, जिससे लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह तीन दिनों के भीतर दूसरी घटना है। ग्राम पंचायत अड़गांव के उप सरपंच काशीनाथ निंबाजी चौधरी, किसान संजय बिजलाल चौधरी और विजय प्रकाश चौधरी के खेतों में घुसकर बदमाशों ने केले के छोटे लुंगरों को दराती से काट दिया। इस घटना से तीनों किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। इसी गाँव में तीन दिन पहले किसान छोटू साहेबराव चौधरी के खेत में भी इसी तरह की वारदात हुई थी। तब भी अज्ञात आरोपियों ने केले के लुंगरों को काटकर लगभग 60 हजार रुपये का नुकसान पहुँचाया था। इस बार आरोपियों ने एक ही परिवार के तीन किसानों को निशाना बनाया है। घटना की सूचना मिलने पर बुधवार को शाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और पंचनामा बनाया। बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने इस मामले में कहा है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सिवानी के गांव खेड़ा स्थित नई अनाज मंडी में खादी रोजगार उत्सव में शिरकत करेंगे। इस दौरान वे खादी श्रमिकों और कारिगरों को विभिन्न प्रकार के टूलकिट और प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। यह कार्यक्रम खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी 17 जून को शाम 4 बजे भिवानी जिले के सिवानी में आयोजित इस उत्सव में शामिल होंगे। वे ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत प्रशिक्षित 972 कारीगरों को प्रमाण-पत्रों के साथ कुल 3645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट प्रदान करेंगे। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत देशभर की 22,259 नई परियोजनाओं के लिए लगभग 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का ऑनलाइन वितरण भी मुख्यमंत्री के हाथों किया जाएगा। कार्यक्रम में खादी श्रमिकों और कारीगरों को 700 बी-बॉक्स और बी-कॉलोनी, 220 विद्युत चालित चाक, 100 सिलाई मशीनें, 80 टर्नवुड टूलकिट, 59 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग टूलकिट, 128 परंपरागत चरखे और 8 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीनें वितरित की जाएंगी। केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि ये मशीनें और टूलकिट केवल उपकरण नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण भारत के कारीगरों, महिलाओं और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं।मुख्यमंत्री के आगमन पर सिवानी के स्थानीय निवासियों को कई घोषणाओं की उम्मीद है। इनमें सिवानी को भिवानी जिले में शामिल करने की मांग प्रमुख है।
छिंदवाड़ा जिले में बुधवार को मौसम विभाग के बारिश के अलर्ट के बावजूद तेज धूप निकली, जिससे लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। शहर में हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) का स्तर 65 से 75 प्रतिशत तक पहुंच गया। दिनभर पसीने और चिपचिपाहट की स्थिति बनी रही, हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में जिले के अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बीते दिनों तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जो अब घटकर 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। इसके बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने के कारण गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर निकलने वाले लोग तेज धूप और चिपचिपाहट से बेहाल नजर आए। तामिया में सबसे ज्यादा बारिश, हवा की रफ्तार 12 किमी/घंटाजिले के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे वहां मौसम में हल्की राहत है। अब तक सबसे अधिक बारिश तामिया क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की रफ्तार 8 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विपरीत, शहरी इलाकों में लगातार बढ़ती उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। 24 से 48 घंटे में फिर बदल सकता है मौसममौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने का सिलसिला जारी है। इसके प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। जिले में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मानसून की गतिविधियां भी धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में छिंदवाड़ा में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
मैनपुरी के एक गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने पड़ोसी परिवार पर घर में घुसकर मारपीट करने, तोड़फोड़ करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महिला थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। बुजुर्ग द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, पड़ोसी चंद्रभान और उसके परिवार पर लंबे समय से दबंगई करने का आरोप है। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने पहले उनकी शौचालय तोड़कर उस पर अवैध कब्जा कर लिया था। हाल ही में गांव में खड़ंजा निर्माण के बाद बारिश का पानी आरोपी पक्ष के घर के सामने बनी नाली से निकलता था। आरोप है कि इस नाली का रास्ता रोक दिया गया, जिसके कारण पानी बुजुर्ग के घर में भर गया। पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने नाली का पानी रोकने का कारण पूछा, तो आरोपी पक्ष ने उन्हें धमकाया। इसके बाद देर रात चंद्रभान, उसकी पत्नी सहित कई नामजद और कुछ अज्ञात व्यक्ति बुजुर्ग के घर में घुस गए। आरोप है कि सभी ने बुजुर्ग और उनकी नातिनों के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इस दौरान घर में रखा सामान भी तोड़ दिया गया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि घटना के दौरान घर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई और परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मंदसौर शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में कथित वृद्धि के विरोध में बुधवार को नागरिकों ने प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई। बड़ी संख्या में शहरवासी म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यालय का घेराव करने निकले थे। प्रदर्शनकारी सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर और कुछ लोगों ने लेटकर चक्का जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण आवागमन प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चौराहे पर पिछले आधे घंटे तक चक्का जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का बिल पहले 200 से 300 रुपये आता था, वह अब 2000 से 4000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि कुछ उपभोक्ताओं के बिल 20,000 रुपये तक भी आए हैं। गुर्जर ने यह भी कहा कि विद्युत विभाग ठेके पर नियुक्त कर्मचारियों के माध्यम से उपभोक्ताओं की सहमति के बिना पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहा है। उनका दावा है कि इन मीटरों को अनिवार्य किए जाने संबंधी कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उन्होंने बढ़ी हुई राशि वाले बिलों को वापस लेने और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की। शहरवासियों ने यह भी बताया कि कई उपभोक्ता मोबाइल फोन पर बिजली बिल देखने में असमर्थ हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की तरह कागजी बिजली बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था फिर से शुरू की जाए। बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
हरियाणा के हिसार में सदर थाना पुलिस ने गांव खरड़ क्षेत्र में महिला की हत्या के मामले खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए आरोपी की पहचान हरपाल पुत्र धर्मा निवासी प्रेम नगर हासी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि मृतका की अपने पड़ोसी हरपाल के साथ जान-पहचान थी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मृतका ने कुछ समय पूर्व अपना प्लॉट बेचकर प्राप्त राशि में से लगभग चार लाख रुपए उसे दिए थे। मृतका लगातार अपनी रकम वापस मांग रही थी, जिससे आरोपी परेशान था। आरोपी ने रुपए लौटाने से बचने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात आरोपी मृतका को ई-रिक्शा में बैठाकर अपने साथ ले गया। दोनों एक स्थान पर चाय पीने के बाद गांव खरड़ के खेतों की ओर गए, जहां आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। 15 जून को हत्या कर दी थी थाना सदर हिसार से सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार ने बताया कि 15 जून को गांव खरड़ के खेतों में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम एवं फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए। मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतका की पहचान पासो देवी निवासी प्रेम नगर, हांसी के रूप में हुई। पुलिस द्वारा घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों, टायरों के निशानों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले में महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद पुलिस ने आरोपी हरपाल को गिरफ्तार कर लिया है तथा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद कर ली है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा सके।
हरियाणा के हिसार में सदर थाना पुलिस ने गांव खरड़ क्षेत्र में महिला की हत्या के मामले खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान हरपाल पुत्र धर्मा निवासी प्रेम नगर हासीं के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि मृतका की अपने पड़ोसी हरपाल के साथ जान-पहचान थी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मृतका ने कुछ समय पूर्व अपना प्लॉट बेचकर प्राप्त राशि में से लगभग चार लाख रुपए उसे दिए थे। मृतका लगातार अपनी रकम वापस मांग रही थी, जिससे आरोपी परेशान था। आरोपी ने रुपये लौटाने से बचने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात आरोपी मृतका को ई-रिक्शा में बैठाकर अपने साथ ले गया। दोनों एक स्थान पर चाय पीने के बाद गांव खरड़ के खेतों की ओर गए, जहां आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। 15 जून को हत्या कर दी थी थाना सदर हिसार से सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार ने बताया कि 15 जून को गांव खरड़ के खेतों में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम एवं फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए। मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतका की पहचान पासो देवी निवासी प्रेम नगर, हांसी के रूप में हुई। पुलिस द्वारा घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों, टायरों के निशानों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले में महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। वारदात में प्रयोग ई-रिक्शा बरामद पुलिस ने आरोपी हरपाल को गिरफ्तार कर लिया है तथा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद कर ली है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा सके।
कैथल में कार की टक्कर से व्यक्ति की मौत:रोड पार कर रहा था बुजुर्ग, गलत साइड से आकर टक्कर मारी
कैथल में करनाल रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी में एक कार ड्राइवर ने करीब 71 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को टक्कर मार दी। इस हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई। बुजुर्ग रोड क्रॉस कर रहा था, जैसे ही वह डिवाइडर की ओर बढ़ने लगा तो गलत साइड से आ रहे एक कार ड्राइवर ने उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले महिपाल के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व परिजनों को दी। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। इस संबंध में पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया है। बेटे ने शिकायत दी महिपाल के बेटे शुभम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता घर पर ही रहते हैं। वे रोजाना की तरह दोपहर का खाना खाकर अपने दोस्तों से मिलने के लिए उनके पास जा रहे थे। जैसे ही वे करनाल रोड को क्रॉस करने लगे तो गलत साइड से आए एक तेज रफ्तार कार ड्राइवर ने उनको टक्कर मार दी। इस हादसे में उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। वे तुरंत उनको इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच कर रही सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर में महाराणा प्रताप जयंती:भव्य चल समारोह में गूंजे जयकारे, राजपूत समाज हुआ शामिल
शाजापुर में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बुधवार को राजपूत समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। यह समारोह दोपहर करीब 12 बजे शहर की आदर्श कॉलोनी स्थित राजपूत छात्रावास से शुरू हुआ। चल समारोह धोबी चौराहे पर पहुंचा, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इसमें धोबी चौराहा, महूपुरा चौराहा, नदी रपट, धान मंडी तिराहा, किला रोड, छोटा चौक, बड़ा चौक, नई सड़क और पुराना अस्पताल फव्वारा चौक शामिल थे। समारोह का समापन गांधी हॉल में हुआ। इस चल समारोह में राजपूत समाज के पुरुष, युवा और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। घोड़ों पर सवार युवा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। महाराणा प्रताप के शौर्य और पराक्रम से जुड़े गीतों पर युवाओं ने उत्साहपूर्वक जयकारे लगाए। अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जबकि मोटरसाइकिल सवार युवाओं ने भी विभिन्न कलाबाजियां दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे आयोजन के दौरान शहर महाराणा प्रताप के जयघोष से गूंजता रहा, और मार्ग में जगह-जगह लोगों ने चल समारोह का गर्मजोशी से स्वागत किया।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC)ने संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बुधवार को जारी आदेश में विभिन्न जिलों के लिए 100 से अधिक ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की। कांग्रेस की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इन नियुक्तियों को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले सुझावों के आधार पर अंतिम रूप दिया गया है। नियुक्तियों से पहले हरियाणा मामलों के एआईसीसी प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद से भी चर्चा की गई। यहां देखिए लिस्ट... 17 जिलों में नियुक्ति आदेश जारी कांग्रेस ने अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर समेत कई जिलों में ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। करनाल जिले में सबसे अधिक 10 ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जबकि महेंद्रगढ़ में 8 और कुरुक्षेत्र में 8 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की गई है। इन जिलों में प्रमुख नियुक्तियां गुरुग्राम: पटौदी में रविंद्र सिंह, सोहना में शैलाश खटाना और गुरुग्राम एमसी-1 में अमित कोचर को जिम्मेदारी मिली।करनाल: नीलोखेड़ी में अमित बराना, इंद्री में शिवराम कम्बोज और घरौंडा अर्बन में रॉबिन मिचेल को अध्यक्ष बनाया गया।महेंद्रगढ़: कनीना में रामकिशन यादव, नारनौल में मनपाल यादव और नांगल चौधरी में विक्रम सिंह को जिम्मेदारी दी गई।पंचकूला: पंचकूला ब्लॉक में अनिल मेहता और कालका में सुनील को अध्यक्ष नियुक्त किया गया।रोहतक: रोहतक एमसी-1 में सुनील कुमार गोयल और एमसी-2 में कपिल खन्ना को जिम्मेदारी सौंपी गई। विधानसभा चुनावों से पहले संगठन पर फोकस राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस की यह नियुक्तियां भविष्य के चुनावी कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर की गई हैं। पार्टी लंबे समय से जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने की तैयारी में जुटी हुई थी। नए ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर पार्टी गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
पूर्णिया शहर के लाइन बाजार स्थित GMCH गेट पर वाहन जांच के दौरान पुलिस और बाइक सवार युवकों के बीच जमकर बहस हो गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दरअसल, जीएमसीएच मुख्य गेट के पास फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की पुलिस वाहन जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक बिना हेलमेट लगाए और रॉन्ग साइड से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकवाया। जिसका युवक विरोध करने लगे। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। युवकों ने पुलिस पर 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। घटना अस्पताल के मुख्य गेट के सामने होने के कारण वहां बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन, राहगीर और स्थानीय लोग जमा हो गए। इस दौरान कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया। कार्रवाई से बचने के लिए ड्रामा कियावीडियो में युवक पुलिसकर्मियों से ऊंची आवाज में बहस करते नजर आ रहे हैं, वहीं पुलिसकर्मी उन्हें शांत कराने और यातायात नियमों की जानकारी देते दिखाई दे रहे हैं। मामले को लेकर एसआई एके झा ने बताया कि टीओपी प्रभारी के निर्देश पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में बिना हेलमेट और रॉन्ग साइड से आ रहे बाइक सवारों को रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई से बचने के लिए युवकों ने अभद्र व्यवहार किया और पुलिस पर झूठे आरोप लगाने लगे। फिलहाल,वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नूंह के वार्ड नंबर-2 में बुधवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान में 45 वर्षीय व्यक्ति का शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। थाना शहर नूंह पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान वार्ड नंबर-2, नूंह निवासी सहाबु पुत्र नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सहाबु बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे नमाज पढ़ने के लिए घर से निकला था। जब वह काफी समय तक घर नहीं लौटा, तो परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान सहाबु का शव वार्ड में ही स्थित एक निर्माणाधीन मकान की खिड़की से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। दो दिन पहले तब्लीगी जमात से घर वापस लौटा था जानकारी के अनुसार, मृतक दो दिन पहले ही 160 दिन की तब्लीगी जमात से घर लौटा था। वह पेशे से राजमिस्त्री था। उसके परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जो सभी शादीशुदा बताए जा रहे हैं। मृतक के बेटे राजमिस्त्री, ड्राइवर और मजदूरी का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना की सूचना पर थाना शहर नूंह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया थाना शहर नूंह प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को एक व्यक्ति के फंदे से लटके होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
मुरैना जिले के दिमनी थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को खाना परोसने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने मंगलवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर आरोपी की तलाश शुरू की थी और बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी की हत्या के आरोपी पति को किया गिरफ्तार दिमनी थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी धर्मेंद्र जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी निशा जाटव की हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी सोमवार रात से अपने ही गांव सहरियान का पुरा के पास हार क्षेत्र में छिपा हुआ था। वह लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था और भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। खाना परोसने को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार सहरियान का पुरा गांव में सोमवार को पति-पत्नी के बीच खाना परोसने की बात को लेकर विवाद हो गया था। मामूली कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी धर्मेंद्र जाटव ने अपनी पत्नी निशा जाटव के साथ मारपीट शुरू कर दी। पहले की मारपीट, फिर शिकायत करने निकली महिला बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी ने पहले पत्नी के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। मारपीट से परेशान होकर निशा जाटव दिमनी थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए घर से निकल गई। इसी दौरान आरोपी पति उसका पीछा करते हुए पीछे-पीछे पहुंच गया। सरिया से किए दो वार, मौके पर हुई मौत पुलिस के मुताबिक रास्ते में आरोपी ने पत्नी को रोक लिया और उसके सिर पर लोहे के सरिए से लगातार दो वार किए। गंभीर चोट लगने से निशा जाटव की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। गांव के हार में छिपा था आरोपी हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अपने ही गांव के पास हार क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल सरिया भी बरामद डीएसपी मुख्यालय विजय भदौरिया ने बताया कि पत्नी की हत्या के आरोपी धर्मेंद्र जाटव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया सरिया भी बरामद कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना से गांव में फैली सनसनी पति द्वारा पत्नी की इस तरह हत्या किए जाने की घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 18 लाख रुपए कीमत के 42 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस अधीक्षक उमा यादव के निर्देश पर चोरी, नकबजनी और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। दरगाह थाना प्रभारी दिनेश कुमार जीवनानी के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि 16 जून को दरगाह क्षेत्र में मोबाइल चोरी की वारदातों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से सात आरोपियों को चिन्हित किया गया। पुलिस ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 42 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। ये आरोपी हुए गिरफ्तार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में करते वारदात पुलिस के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक आयोजनों और बाजारों में लोगों की जेब और बैग से मोबाइल चोरी कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे गैंग के अन्य सदस्यों तथा चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को और मोबाइल बरामद होने की भी संभावना है। कई मामलों में पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दरगाह, क्लॉक टावर सहित अन्य थानों में चोरी, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। कुछ आरोपियों को पूर्व में सजा भी हो चुकी है।
उदयपुर के बावलवाड़ा थाना क्षेत्र में खेरवाड़ा से बावलवाड़ा रोड पर निजी विद्या निकेतन स्कूल बस की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई। जबकि दो युवक गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तीन युवक बाइक खड़ी करके सड़क किनारे बात कर रहे थे। तभी बावलवाड़ा की ओर से आती स्कूल बस ने तीनों युवकों को चपेट में ले लिया। बस की स्पीड इतनी तेज थी कि पहले युवकों को टक्कर मारी। फिर आगे बिजली के खंभे को उडाते हुए सड़क किनारे खेत में उतर गई। टक्कर से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो गंभीर घायल हो गए। घायलों को डूंगरपुर हॉस्पिटल ले जाया गया है। जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर बावलवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। शव को लेकर रोड पर बैठे लोग, प्रदर्शन जारीइधर, हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव के हालात बन गए। गुस्साए ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया और शव को वहीं रखकर प्रदर्शन कर कर रहे हैं। माहौल गर्माता देख मौके पर खेरवाड़ा, बावलवाड़ा, पहाड़ा थानों का जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है। खेरवाड़ा एसडीएम जयसिंह, डीएसपी राजीव राहर और तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास जारी है लेकिन ग्रामीण और मृतक के परिजन बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। प्रताप जयंती कार्यक्रम में उदयपुर आ रहे थे ग्रामीणबताया जा रहा है कि बस में बैठे लोग उदयपुर शहर में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। तभी ये हादसा हो गया। मृतक की पहचान नीलेश(19) पुत्र नानालाल पटेल निवासी पटेलवाड़ा के रूप में हुई है। वहीं, प्रेमल(30) पुत्र सोमराज गरासिया और गिरधर(29) पुत्र दिनेश गरासिया गंभीर घायल हैं। सूचना पर मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। जहां महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। इनपुट: हितेष जोशी, खेरवाड़ा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पांचना बांध से नहरों में तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने सीएम को लिखी चिट्ठी में कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के लोगों से बातचीत कर समाधान निकालने का आग्रह किया। डॉ किरोड़ी ने चिट्ठी में लोगों की मांग पर मजबूरन कुछ कदम उठाने की चेतावनी दी है। किरोड़ी ने चिट्ठी में लिखा है- पांचना बांध के कमांड एरिया में पानी छोड़ने के हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की मांग को लेकर सवाईमाधोपुर के खंडीप गांव में धरना चल रहा है। लोग बार बार मुझसे हस्तक्षेप के लिए कह रहे हैं, जिससे मुझे मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ेगा। कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के लोगों से तत्काल बात कर नहरों से पानी छुड़वाया जाए। 20 साल से 35 गांवों को नहीं मिल रहा पानी,किसानों को 4000 करोड़ के नुकसान का दावा डॉ किरोड़ी ने चिट्ठी में लिखा है- करौली जिले का पांचना बांध वर्ष 1977 से 2004 के बीच करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से साल 2006 से पांचना बांध का पानी कमांड एरिया के लोगों को नहीं दिया जा रहा जिसकी वजह से सिंचाई तो दूर पीने तक के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उन्होंने लिखा- कमांड एरिया के 35 गांवों की 40 हजार बीघा जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिलने से 1.25 लाख नागरिकों को हर साल 200 करोड़ का नुकसान हो रहा है। जब से पानी रोका गया है तब से कमांड एरिया के किसानों को 4000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि पानी नहीं मिलने से किसान आर्थिक रूप से कमजोर हुए हैं, बेरोजगारी बढ़ी है और पलायन की स्थिति पैदा हो गई है। हाईकोर्ट तीन बार पांचना से नहरों में पानी छोड़ने के आदेश दे चुका, लेकिन पालना नहीं किरोड़ी ने लिखा- कमांड एरिया के किसान पांचना का पानी खुलवाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। हाईकोर्ट तीन बार नहरों में पानी छोड़ने का आदेश दे चुका है, लेकिन अब तक पालन नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022 को साफ आदेश दिया था कि पांचना बांध के बने सिंचाई सिस्टम से नहरों में पानी खोला जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कानून व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर उचित कार्रवाई करने को कहा था। किरोड़ी ने लिखा- हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 8 जुलाई 2022 तक भी पांचना से पानी नहीं छोड़ा गया, तो ग्रामोत्थान संस्थान पीलोदा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। 23 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों के चार साल बीतने के बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया, अब तत्काल पानी छोड़ा जाए। हाईकोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर विभाग के सचिव और चीफ इंजीनियर को तलब करने की चेतावनी भी दी थी। हाईकोर्ट के 8 जुलाई 2022, 23 अप्रैल 2006 और 1 मई 2006 के आदेशों के बावजूद नहरों में पानी नहीं खोला जा रहा है। पिछले 20 साल से नहरों में पानी नहीं खोले जाने से कमांड एरिया के किसान बेहद परेशान हैं। पांचना बांध के आसपास के गांव ऊंचाई पर, वहां लिफ्ट से पानी पहुंचाने का प्रोजेक्ट चल रहा किरोड़ी ने लिखा- वर्तमान में पांचना डैम पर वहां के आसपास के लोगों ने धरना दे रखा है। उनकी मांग है कि पहले उनके 39 गांवों को पानी उपलब्ध कराया जाए, उसके बाद ही कमांड एरिया की नहरों में पानी खुलने देंगे। डैम के आसपास के गांवों की जमीन ऊंचाई पर होने के कारण वहां ग्रेविटी फ्लो से पानी पहुंचाना संभव नहीं है। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों की मांग पर सरकार ने 13 गांवों की 1973 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हेतु 200 एमसीएफटी क्षमता की लिफ्ट योजना तैयार की है। इसके अलावा पांचना बांध और नहरों के पुनर्वास कार्य के लिए 11.46 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। सरकार ने पांचना बांध के आसपास के गांवों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बजट में 50 करोड़ का प्रावधान किया है। --- इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर आए किसान:डेढ़ घंटे तक फाटक को बंद नहीं होने दिया, पुलिस-प्रशासनिक अफसर पहुंचे दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर अचानक बड़ी संख्या में किसान आ गए। मंगलवार दोपहर में करीब डेढ़ घंटे तक रेलवे फाटक को बंद नहीं होने दिया और ट्रैक पर डटे रहे। सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। (पूरी खबर पढ़ें)
हरदोई में गैंगस्टर आरोपी की 33.96 लाख की संपत्ति कुर्क:पुलिस ने प्लॉट और टोयोटा इनोवा कार जब्त की
हरदोई में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की लगभग 33.96 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कोतवाली देहात पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए आरोपी के नाम दर्ज एक प्लॉट और टोयोटा इनोवा कार को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्त किया। पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर अपराधियों और गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्तों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, 17 जून 2026 को कोतवाली देहात पुलिस ने कोतवाली शहर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में नामजद आरोपी कुलदीप अग्रवाल उर्फ गुड्डू कुमार अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कुलदीप अग्रवाल उर्फ गुड्डू कुमार अग्रवाल, निवासी विश्राम भवन, रेलवेगंज, कोतवाली शहर, हरदोई ने आपराधिक गतिविधियों से अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की थी। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसकी संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया। कुर्क की गई संपत्तियों में कोतवाली देहात क्षेत्र के बेहटी चौराहा स्थित लगभग 1800 वर्ग फीट के चार प्लॉट शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 13 लाख 96 हजार 350 रुपये है। इसके अतिरिक्त, आरोपी की टोयोटा इनोवा कार (संख्या यूपी-32-एनएक्स-8111) भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। दोनों संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 33 लाख 96 हजार 350 रुपये है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कोतवाली शहर थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। कुर्की की यह कार्रवाई नायब तहसीलदार हरदोई सदर देवेंद्र नाथ, लेखपाल अजय कुमार श्रीवास्तव और कोतवाली देहात पुलिस टीम की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
जैसलमेर में साल भर हवाई सेवा संचालित करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन और स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों द्वारा किया गया एक अनूठा प्रयोग आखिरकार ऑफ सीजन की भेंट चढ़ गया। भीषण गर्मी और पर्यटकों की भारी कमी के चलते गत 3 मई से शुरू की गई जयपुर-जैसलमेर फ्लाइट को महज सवा महीने में ही बंद करना पड़ा है। इस हवाई सेवा के दौरान एयरलाइन कंपनी को केवल 12 फेरों में ही लाखों रुपए का भारी-भरकम घाटा उठाना पड़ा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस पूरे नुकसान की भरपाई स्थानीय व्यापारियों को अपनी जेब से करनी होगी? दरअसल, ऑफ सीजन में कंपनी को घाटे के डर से उबारने के लिए कारोबारियों ने प्रशासन के साथ मिलकर शत-प्रतिशत 'लॉस गारंटी' का लिखित आश्वासन दिया था, जो अब उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। महज 11 यात्री रहा औसत, हर उड़ान पर हुआ लाखों का घाटा अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, 3 मई से 14 जून के बीच इस फ्लाइट ने हफ्ते में दो दिन (गुरुवार और रविवार) के हिसाब से कुल 12 फेरे लगाए। इन सभी फेरों को मिलाकर जयपुर से जैसलमेर केवल 147 यात्री आए, जबकि जैसलमेर से जयपुर के लिए 126 यात्रियों ने उड़ान भरी। यदि प्रति फेरा यात्रियों का औसत देखा जाए तो यह महज 11 यात्री बैठता है। 46 सीटों वाले इस विमान में इतने कम यात्री मिलने के कारण एयरलाइन को हर उड़ान पर भारी नुकसान झेलना पड़ा। 14 जून (रविवार) को इस फ्लाइट ने अपना आखिरी फेरा पूरा किया और इसके बाद सेवाएं रोक दी गईं। लागत से कम था किराया, फुल बुकिंग पर भी तय था नुकसान विमानन कंपनी के अनुसार, इस रूट पर फ्लाइट संचालन की प्रति घंटे की लागत करीब 2.75 लाख रुपए है, जिससे एक तरफ का कुल खर्च लगभग 4 लाख रुपए बैठता है। कंपनी ने शुरुआती टिकट किराया 7,200 रुपए रखा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यदि 46 सीटर विमान की सभी सीटें फुल भी रहतीं, तो भी वन-साइड का कुल राजस्व 3 लाख 31 हजार रुपए ही होता। यानी शत-प्रतिशत बुकिंग के बावजूद कंपनी को हर एकतरफा उड़ान पर 90 हजार रुपए का नुकसान उठाना तय था। कुल 12 फेरों का घाटा करीब 90 लाख रुपए तक पहुंचा जैसलमेर के सूने पड़े एयरपोर्ट को पर्यटन सीजन खत्म होने के बाद भी गुलजार रखने के लिए स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने भारी उत्साह दिखाया था। उन्होंने लिखित वादा किया था कि सीटों की बुकिंग कम रहने पर होने वाले नुकसान की शत-प्रतिशत भरपाई वे खुद करेंगे। लेकिन तपती गर्मियों में सैलानियों के न आने से यह भरोसा उन्हीं पर भारी पड़ गया। कंपनी द्वारा शुरुआती दो सप्ताह (3 से 14 मई) के नुकसान का जो ब्योरा दिया है, उसमें 8 फेरों का कुल खर्च 33.68 लाख रुपए दर्शाया गया है, जबकि इसके मुकाबले राजस्व महज 3.13 लाख रुपए ही प्राप्त हुआ। कंपनी ने पहले पखवाड़े के लिए ही 30 लाख 55 हजार 250 रुपए के नुकसान की भरपाई की मांग की है। इसी गणित के हिसाब से अब तक हुए कुल 12 फेरों का घाटा करीब 90 लाख रुपए तक पहुंच गया है।
फिरोजाबाद में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने बुधवार को शिकोहाबाद के निबंधन कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कलमबंद बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के तहत प्रस्तावित निबंधन मित्र प्रणाली भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगी और इससे किसानों व आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने इस नई व्यवस्था को काला कानून करार देते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदप्रकाश यादव एडवोकेट ने कहा कि जब तक ई-रजिस्ट्री व्यवस्था वापस नहीं ली जाएगी, तब तक अधिवक्ताओं का कलमबंद बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिवक्ता वर्ग न्यायिक और राजस्व व्यवस्था में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, लेकिन नई प्रणाली से उनकी भूमिका प्रभावित होगी और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। महासचिव योगेंद्र सिंह यादव उर्फ बंटी एडवोकेट ने बताया कि अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और टाइपिस्ट इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। योगेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार यादव, कोषाध्यक्ष अजय कुमार शाक्य, कनिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव अनिल शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और टाइपिस्ट मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री कार्य भी काफी देर तक प्रभावित रहा।
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के यासीनगंज इलाके में बुधवार सुबह एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। यासीनगंज स्थित बड़ी शाही मस्जिद के निकट रहने वाले 31 वर्षीय विनीश यादव सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। परिजनों के मुताबिक, वह घर लौटने के बाद सीधे ऊपर स्थित कमरे में चले गए। कुछ देर बाद जब परिवार के लोगों ने उन्हें देखा तो वह फंदे से लटके मिले। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। डायल-112 के माध्यम से सूचना मिलने पर सआदतगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवक सुबह सामान्य रूप से मॉर्निंग वॉक पर गया था और वापस आने के बाद उसने यह कदम उठा लिया। फिलहाल परिवार की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में पॉलिटिकल चंदे को लेकर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि ईडी पार्टी व्यापारियों को चंदा देने के लिए डरा रही है और व्यापारियों से चंदे के नाम पर वसूली हो रही है। वहीं, केजरीवाल के बचान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि व्यापारियों ने मौजूदा सरकार को चंदा न देकर साफ कर दिया कि वो AAP सरकार से खुश नहीं हैं और अब उनकी विदाई तय है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले X पर पोस्ट डाली और लिखा कि ईडी पार्टी को पंजाब में 60 करोड़ का चंदा मिला है जबकि आम आदमी पार्टी को 70 लाख रुपए मिले हैं। इस पर केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईडी पार्टी पंजाब के व्यापारियों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल ने चंदे को लेकर कही ये अहम बातें... केजरीवाल के बयान पर भाजपा ने कही ये अहम बातें..
अमेरिका दौरे पर गए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का विभिन्न गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंधकों और संगतों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचा है। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कैलिफोर्निया के लैथरॉप स्थित दल बाबा बिधीचंद जी संप्रदा के पड़ाव, दमदमी टकसाल के प्रबंधन वाले गुरुद्वारा गुरमति प्रकाश मंटीका तथा फ्रेस्नो स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश सहित कई धार्मिक स्थलों पर माथा टेका और संगतों के साथ विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय प्रबंधकों ने एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विरक, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, सदस्य भाई राजिंदर सिंह महिता, ओएसडी सतबीर सिंह और सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को विशेष रूप से सम्मानित किया। फ्रेस्नो के गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश में संगत को संबोधित करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि विदेशों में बसे सिख समुदाय ने अपनी मेहनत, समर्पण और गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा से पूरी दुनिया में सिख पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि एसजीपीसी सिख धर्म के प्रचार-प्रसार, गुरमत सिद्धांतों के प्रसार और युवाओं को अपने विरसे से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लैथरॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट धामी ने बाबा अवतार सिंह सुरसिंह वालों की अगुवाई में दल बाबा बिधीचंद संप्रदा द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने यूबा सिटी में स्थापित किए जा रहे प्रेस और धर्म प्रचार केंद्र के लिए स्थानीय सिख संगठनों और संगतों से सहयोग की अपील भी की। स्थानीय सिख नेताओं ने एसजीपीसी द्वारा धार्मिक, पंथक और शैक्षणिक क्षेत्रों में की जा रही सेवाओं की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। अयोध्या में बुधवार सुबह सीबीआई टीम ने पवन कुमार मालवीय के आवास पर छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने करीब ढाई घंटे तक दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। सीबीआई अधिकारियों ने मकान से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस को भी आवश्यक सहयोग के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया था। टीम सुबह 5:30 बजे देवकाली पुलिस चौकी पास स्थित पवन कुमार मालवीय के आवास पर पहुंची थी। सुबह करीब 8 बजे टीम कार्रवाई पूरी कर वहां से रवाना हो गई। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब जानिए पूरा मामला… हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रही है जांच अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में 7 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है। जांच की निगरानी डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में की जा रही है। इसके लिए 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी सीबीआई की एक टीम अमेठी में कैंप कर रही है, जबकि अन्य टीमें लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में संदिग्धों व मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय के घर भी जांच की गई, जहां बैंक खातों और धन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आईं थी वित्तीय गड़बड़ियां मामले की शुरुआती जांच में आरोप सामने आए थे कि बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं करते हुए सरकारी धनराशि को विभिन्न शिक्षकों के खातों में स्थानांतरित किया था। मामला उजागर होने के बाद लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब सीबीआई दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर पूरे वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों में एक साथ की गई छापेमारी का उद्देश्य जांच को आगे बढ़ाना और कथित घोटाले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। सीबीआई वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के भानीपुर गांव में मंगलवार को देर रात चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाकर पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी। चोरों ने एक घर में लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया, जबकि दो अन्य घरों में ग्रामीणों के जाग जाने से उनकी कोशिश नाकाम हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार भानीपुर निवासी जगदीश गुप्ता पुत्र नेकराम गुप्ता के परिवार के लोग रात में घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर खिड़की के रास्ते घर में घुस गए। चोरों ने कमरे का ताला तोड़कर अलमारी में रखे करीब 40 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के लाखों रुपयों के आभूषण तथा गृहस्थी का अन्य सामान चोरी कर लिया। सुबह जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। चोरी की जानकारी होते ही परिवार में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि जगदीश गुप्ता के घर वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने गांव के ही कृष्णपाल और श्रीकृष्ण के घरों में भी घुसने का प्रयास किया था। हालांकि, संदिग्ध आहट सुनकर दोनों परिवारों के सदस्य जाग गए, जिससे चोर वहां से भाग निकले और अपनी योजना में सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस और तंबौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश राय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संदिग्धों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरह ही यूपी में समाजवादी पार्टी में टूट होने वाली है। ये दावा यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को किया। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा- महाराष्ट्र की तरफ ध्यान मत रखिए, अब यूपी का नंबर है। रामगोपाल ने अमित शाह जी को चिट्ठी दे दी है और कह दिया है कि इन लोगों को बुलाकर अपने पास ले लीजिए। हम लोगों का जान बचाए रखिए। अन्यथा रामगोपाल जी खुलासा करें, उस चिट्ठी में क्या लिखा है। राजभर ने आगे कहा- खनन प्रकरण में CBI ने अखिलेश जी का भी नाम रखा है। वो अभी बाहर हैं, उसी मामले में गायत्री प्रजापति जेल में हैं। गोमती रिवरफ्रंट मामले में कोई जेल गया क्या? प्रधानमंत्री जी ने सदन में कहा था कि कभी-कभी अखिलेश जी भी मदद कर देते हैं, तो अखिलेश जी मदद रामगोपाल से कराते हैं। वही चिट्ठी दी है कि इतने सांसदों को अपने पास बुला लीजिए, ये सब आपके साथ चले जाएंगे। महाराष्ट्र में उद्धव गुट में दोबारा टूट का दावा दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये 6 सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। इस पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली ले जाया गया है। राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए। 4 साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून, 2022 को शिवसेना के 55 में से 40 विधायक शिंदे के साथ चले गए थे। उस समय उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। बगावत के बाद राज्यपाल ने सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया। उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाई। इसके बाद उद्धव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 30 जून, 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। इसके बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। कोर्ट ने इस मामले पर फैसला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी, 2024 को स्पीकर राहुल नार्वेकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बगावत के समय शिंदे गुट के पास 37 विधायक थे, इसलिए वही शिवसेना का वास्तविक राजनीतिक दल माना जाएगा। नार्वेकर ने दोनों पक्षों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर दीं और किसी भी विधायक की सदस्यता रद्द नहीं की। इससे पहले चुनाव आयोग भी शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण और पार्टी का नाम शिंदे गुट को दे चुका था।
आगरा जिले के सैंया थाना क्षेत्र में आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में धौलपुर निवासी कार ड्राइवर रिंकू (33) समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 7:30 बजे कुणाल कॉलेज के पास हुआ, जब एक कार का टायर फटने से वह अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में चली गई और सामने से आ रही कार से टकरा गई। परीक्षा देने जा रहे छात्रों की कार बनी हादसे का शिकार पुलिस के अनुसार धौलपुर से आगरा के कुबेरपुर क्षेत्र में बीएससी की परीक्षा देने जा रहे छात्रों की कार में सुमित, साहब, मनमोहन, राहुल, जितेंद्र, रोहित, अभिषेक और ड्राइवर रिंकू सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ड्राइवर रिंकू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार अन्य सभी लोग घायल हो गए। दूसरी कार में सवार दो यात्रियों की भी गई जान दूसरी कार में दतिया निवासी उर्मिला, राखी, शिव, मनीष, राघव, मीना, सुमित और विवेक तिवारी सवार थे। हादसे में विवेक तिवारी और मीना की भी मौत हो गई। कार में मौजूद अन्य यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया राहत अभियान हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सैंया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों में मचा कोहराम, जांच में जुटी पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के चलते कुछ समय के लिए आगरा-ग्वालियर हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य कराया।
नालंदा में शख्स ने ससुराल में की आत्महत्या:कमरे में फंदे से लटकी मिली लाश, घर वाले छत पर सो रहे थे
नालंदा एक शख्स ने सुसाइड किया है। फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी है। मृतक पटना के खुसरूपुर थाना के बल्लू पर गांव के रहने वाले राम बली बिंद के बेटे बल्लू बिंद (42) थे। मृतक के साले रोहित ने कहा कि बल्लू बिंद अपनी पत्नी के साथ सूरत में रहकर एक कंपनी में मजदूरी करते थे। 14 जून को वो सूरत से लौटे थे। उनकी बेटी के यहां हाल में ही किसी की मौत हुई थी। इसी कारण पूरा परिवार सूरत से आ रहा था। रास्ते में बब्लू बिंद फतुहा में ट्रेन से उतर गए। परिवार के बाकी सदस्य चले गए। फतुहा में गंगा स्नान और कुछ धार्मिक अनुष्ठान के बाद शाम को वे नगरनौसा के खपुरा स्थित ससुराल पहुंचे। ससुराल पहुंचने के बाद बब्लू बिंद काफी गुमसुम थे और उन्होंने रात का खाना भी नहीं खाया। गर्मी के कारण रात में परिवार के सभी सदस्य मकान की छत पर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे जब परिजनों की नींद टूटी, तो बब्लू बिंद को बिस्तर पर न पाकर उनकी खोजबीन शुरू हुई। जब लोग नीचे उतरे तो देखा कि बब्लू बिंद ने फंदे से लटके थे। घरेलू विवाद से थे परेशान घटना के पीछे पारिवारिक और मानसिक तनाव की बात सामने आ रही है। परिजनों के मुताबिक, बब्लू बिंद की बेटी ने कुछ समय पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर सूरत में ही साथ काम करने वाले एक युवक से भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। दिलचस्प बात यह है कि जिस युवक से उनकी बेटी ने शादी की, उसी युवक से बब्लू बिंद के ही खानदान (गोतिया) की एक दूसरी लड़की (चचेरी बहन) की शादी तय हो रही थी। बेटी के इस कदम के बाद से बब्लू बिंद काफी सामाजिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। आशंका है कि इसी अवसाद में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी नगरनौसा थानाध्यक्ष शशि मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों ने आवेदन नहीं दिया है। पुलिस मामले के सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। अर्धनग्न होकर बैलगाड़ी पर सवार होकर सपा कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित जिला कार्यालय से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा , लोहिया वाहिनी , यूथ ब्रिगेड और छात्र संघ के कार्यकर्ता , पदाधिकारी शामिल हुए। हाथों में सपा का झंडा लेकर लाल टोपी पहनकर और बुशर्ट उतार कर भीषण गर्मी में सपा कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए । प्रदर्शन में शामिल सपा नेता अनीस राजा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पेट्रोल और डीजल इतना ज्यादा महंगा कर दिया है कि हम लोग गाड़ियों में नहीं डलवा सकते। इसलिए आज बैलगाड़ी पर सवार होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सरकार ने हमें गाड़ी छोड़कर बैलगाड़ी पर चलने पर मजबूर कर दिया। हम लोग यह सरकार के साथ आम जनता को भी बताना चाहते हैं कि विकास के नाम पर विनाश की ओर जा रहे हैं।
हरदोई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने संगठनात्मक विस्तार के तहत बावन ब्लॉक के बरखेरा निवासी प्रियांशु सिंह को हरदोई का जिला संयोजक नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है। प्रियांशु सिंह लंबे समय से विद्यार्थी परिषद की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने, संगठनात्मक कार्यक्रमों के सफल संचालन और युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठन नेतृत्व ने उनकी कार्यशैली, समर्पण और निष्ठा को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है। नियुक्ति के बाद प्रियांशु सिंह ने एबीवीपी के वरिष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे संगठन के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। प्रियांशु सिंह ने विद्यार्थी परिषद को राष्ट्र पुनर्निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान, संगठन के विस्तार और युवाओं में सकारात्मक नेतृत्व विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर हरदोई स्थित एबीवीपी कार्यालय में उनका स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंशुमान मिश्रा ने, जो पूर्व में एबीवीपी के जिला संगठन मंत्री रहे हैं, प्रियांशु सिंह का माला पहनाकर स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रियांशु सिंह के नेतृत्व में संगठन जिले में और अधिक मजबूत होगा तथा छात्र हितों के मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाए जाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी प्रियांशु सिंह का अभिनंदन किया और उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस दौरान संगठन के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
नूंह के पुन्हाना में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश से पहुंची अधिकारियों की टीम ने दूसरे दिन भी पैमाइश और सीमांकन का अभियान जारी रखा। इस कार्रवाई से सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों में हड़कंप का माहौल है। सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने निरीक्षण भवन के आसपास स्थित भूमि का सीमांकन किया। विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर लगभग पांच एकड़ भूमि की पैमाइश की गई और जमीन पर निशान लगाए गए। अधिकारियों ने नहर विभाग की अन्य जमीनों का भी निरीक्षण किया। अवैध कब्जे मिलने पर होगी कार्रवाई स्थानीय लोगों के बीच इस बात की सबसे बड़ी चर्चा है कि यदि पैमाइश में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे सामने आते हैं, तो आगे बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के लिए चर्चित योगी सरकार के विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी ने भी इस चर्चा को और तेज कर दिया है। सिंचाई विभाग के रीडर कैनाल मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने बताया कि पैमाइश पूरी होने के बाद विभाग के पास उपलब्ध वास्तविक भूमि और कब्जे वाली भूमि का पूरा ब्यौरा सामने आ जाएगा। इसके बाद कब्जाधारियों की पहचान कर कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाने वालों के खिलाफ प्रशासनिक सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग की जमीन पर बनाया रास्ता पुन्हाना हल्का पटवारी मोहम्मद हुसैन के अनुसार, वर्षों से कुछ लोगों ने सिंचाई विभाग की जमीन पर खोखे लगा रखे हैं और रास्ता भी बना लिया है। इसी की जांच के लिए यह सीमांकन कराया जा रहा है। अब सबकी निगाहें पैमाइश रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होती है, तो नूंह में भी अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
अशोकनगर रक्षा समिति सदस्य ने जहर खाकर दी जान:घर पर खाया था सल्फास, इलाज के दौरान तौड़ा दम
अशोकनगर की तुलसी कॉलोनी में एक 20 वर्षीय युवक मोहन जोगी ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार को हुई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर शाम उसकी मौत हो गई।मोहन ने अपने घर पर सल्फास का सेवन किया था। कुछ समय बाद उसे उल्टी होने लगी, जिससे परिजनों को घटना का पता चला। तत्काल उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक मोहन जोगी नगर रक्षा समिति का सदस्य था। वह धार्मिक आयोजनों सहित कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था और अन्य सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता था। युवक ने सल्फास क्यों खाया, इसका कारण परिजनों को भी ज्ञात नहीं है। उनका कहना है कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर ही उन्हें घटना की जानकारी मिली। बुधवार सुबह जिला अस्पताल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
राजस्व रिकार्ड में कूट रचना और फर्जीवाड़ा करने के आरोपी जूता कारोबारी एफआईआर दर्ज होने के बाद भी खुलेआम घूम रहा है। आरोप है कि सिविल लाइन पुलिस उसे इस केस में जेल जाने से बचने के लिए जमानत लेने की छूट दी है। आरोपी व्यावसायी ने 15 साल पहले पटवारी से मिलकर राजस्व रिकॉर्ड में ओवर राइटिंग कर कस्तूरबा नगर में पॉश लोकेशन की जमीन को 3 से 6 डिसमिल बनाया। फिर उसे 2011 में दो अलग-अलग लोगों को मोटी कीमत पर बेच भी दी। सिंधी कॉलोनी निवासी किशोर दयालानी पिता डूलाराम दयालानी जूता व्यावसायी है। गोलबाजार और पुराना बस स्टैंड स्थित राजीव प्लाजा में किशोर बूट हाउस और फूट वियर के नाम पर उसकी दुकान है। उन्होंने 16 जनवरी 2009 को कस्तूरबा नगर जरहाभाठा खसरा नं. 54/25 में लोईस हीराधर और श्वेता हीराधर से एक खुली भूमि खरीदी थी। रजिस्ट्री और तत्कालीन बी-1 वर्ष 2002 से 2006 के रिकॉर्ड के अनुसार जमीन का कुल रकबा 0.012 हेक्टेयर यानी 3 डिसमिल 1295 वर्गफुट था। पटवारी से मिलीभगत कर कूटरचना कर बढ़ाया रकबाआरोप है कि किशोर दयालानी ने तत्कालीन हल्का पटवारी धीरेंद्र सिंह और अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर पूरा षड्यंत्र रचा। वर्ष 2006-07 से 2010-11 के मूल खसरा फॉर्म पी-2 में बकायदा ओवरराइटिंग की गई। सरकारी दस्तावेज पर पेन चलाकर 0.012 हेक्टेयर को 0.024 हेक्टेयर लिख दिया गया। दो लोगों को बेच दी बेसकीमती जमीनजमीन कागजों पर दोगुनी होते ही किशोर दयालानी ने इसके 3-3 डिसमिल के दो हिस्से किए। 14 मार्च 2011 को उसने एक हिस्सा अनिल मोटवानी को और दूसरा हिस्सा रेशमा मोटवानी को मोटी कीमत पर रजिस्ट्री कर बेच दी। यानी जितनी जमीन खरीदी नहीं, उससे दोगुनी जमीन बेचकर लाखों का खेल कर दिया। खरीदारों का आरोप- जमानत का लाभ देने पुलिस ने दी छूट इस मामले की जांच सिविल लाइन पुलिस ने की। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में कूटरचना और धोखाधड़ी करना पाया। मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने बिना देरी किए धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और अपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। अब खरीदारों का आरोप है कि केस दर्ज होने व साक्ष्य जुटाने के बाद भी पुलिस आरोपी व्यावसायी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। उसे जमानत का लाभ देने के लिए मौका दे रही है। जबकि, आरोपी खुलेआम अपनी दुकान में बैठ रहा है।
नीमच जिले की जावद तहसील के कानका गांव में बुधवार को जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक शख्स ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर अपने सगे भाई की हत्या कर दी। हमले में मृतक की पत्नी और बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। आरोपी की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप पुलिस के अनुसार, कानका गांव में दो सगे भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार सुबह विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि रामनिवास ने अपने भाई पूरणमल पिता बद्रीलाल तेली पर हमला करने के लिए बाहरी लोगों को बुलाया था। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, हमलावर हथियारों से लेकर पहुंचे थे। मिर्च पाउडर फेंककर किया हमला आरोप है कि हमलावरों ने पहले पूरणमल और उनके परिवार के सदस्यों की आंखों में सूखी लाल मिर्च का पाउडर फेंका। इसके बाद धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में पूरणमल को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में पूरणमल की पत्नी संपत बाई भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें उदयपुर रेफर किया गया है। वहीं, बेटे जीवन का श्रीराम अस्पताल में इलाज जारी है। परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप घटना के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे पारिवारिक विवाद मानकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। परिजनों का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो यह घटना टाली जा सकती थी। गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की शवगृह में रखवाया। हालांकि परिजनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसके मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पाली में बुधवार को वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती उनके ननिहाल में मनाई गई। यह कार्यक्रम प्रताप के जन्म स्थान जून कचहरी में हुआ। इस दौरान शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना की ओर से शहर में डीजे पर रैली निकाली गई। रैली में हैरतअंगेज करतब दिखाएं गए। प्रतिमा पर माला पहनाकर किए श्रद्धासुमन अर्पित शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए रैली जूनी कचहरी महाराणा प्रताप जन्म स्थली पहुंची। जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माला पहनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महाराणा प्रताप जन्म स्थली समिति की ओर से यहां कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। डीजे पर निकाली भगवा रैली शिवसेना शिंदे पार्टी और शिवसेना की ओर से अलग-अलग भगवा रैली निकाली गई। जो शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल से रवाना हुई। सूरजपोल होते हुए यह रैली जूनी कचहरी पहुंची। पूरे रास्ते डीजे पर महाराणा प्रताप के गाने बजते रहे। सिर पर साफा और हाथ में तलवार लिए युवतियों ने शौर्य का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए रैली जूनी कचहरी स्थित महाराणा प्रताप की जन्म स्थली पहुंची। वहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
जालौन-औरैया हाईवे पर चलती कार में आग:कार सवार लोगों ने कूदकर बचाई अपनी जान, वाहन जलकर खाक
जालौन-औरैया हाईवे पर मंगलवार देर रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। जालौन कोतवाली क्षेत्र के हीरापुर गांव के पास हुई इस घटना में कार सवार लोगों ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि, कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, कार अपने गंतव्य की ओर जा रही थी तभी उसमें से धुआं निकलने लगा। जब तक कार सवार कुछ समझ पाते, इंजन वाले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वाहन को सड़क किनारे खड़ा किया और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही कार धू-धू कर जलती दिखाई दे रही थी। सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वाहन काफी हद तक जल चुका था। प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना के कारण हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
गुरुग्राम में स्टैंडअप कॉमेडी शो के दौरान '370 बिरयानी' नाम से वायरल कंटेंट को लेकर स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डवलपर हिमांश जांगड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिलाओं पर की गई अभद्र और लैंगिक रूप से टिप्पणियों को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा डीजीपी को लिखी चिट्ठी पर संज्ञान लेते हुए गुरुग्राम पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की हैं, उनमें कई गंभीर और गैर जमानती धाराएं लगाई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन दोनों को नोटिस जारी करते हुए जांच में शामिल होने को कहा है। कई धाराएं गैर-जमानती होने के कारण दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए कभी भी हिरासत में ले सकती है। इससे बचने के लिए इन्हें अब कोर्ट से जमानत लेनी होगी। वहीं साइबर सिटी के द लाफ स्टोर के एक मैनेजर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया है और वे अंडरग्राउंड बने हुए हैं। पुलिस ने सभी डिजिटल प्लेटफार्म और सोशल मीडिया प्लेटफार्म से इससे संबंधित कंटेंट हटाने के लिए चिट्ठी भेजी है। कॉर्पोरेट में महिलाओं की सुरक्षा पर असर राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी को लिखी चिट्ठी में कहा है कि आयोग इस शर्मनाक हरकत की कड़ी निंदा करता है। यौन दबाव, हक जताने की भावना और महिला की सहमति का उल्लंघन करने को मज़ाक बताना महिलाओं की गरिमा पर गंभीर हमला है। लेन-देन वाली सहमति (transactional consent) को आम बात मानना और शोषणकारी व्यवहार स्वीकार करने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत करना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। इससे एक ऐसा खराब सार्वजनिक माहौल बनता है जो कमर्शियल और सामाजिक जगहों पर महिलाओं को सक्रिय रूप से खतरे में डालता है। अपमान की सार्वजनिक प्रकृति और गुरुग्राम जैसे अर्बन कॉर्पोरेट केंद्रों में महिलाओं की सुरक्षा पर इस तरह के सामान्यीकरण के गंभीर प्रभाव को देखते हुए, इस मामले को अत्यंत तत्परता के साथ निपटाया जाना चाहिए। कार्यक्रम स्थलों की निगरानी की जाए आयोग की तरफ से ये भी कहा गया है कि कमर्शियल कार्यक्रम स्थल प्रबंधकों और आयोजकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी दिया जाए। क्योंकि वे अपने परिसर में महिला की गरिमा को सार्वजनिक रूप से ठेस पहुंचाने से रोकने में विफल रहे। गुरुग्राम पुलिस द्वारा इन कमर्शियल मनोरंजन प्लेटफॉर्म की निगरानी के लिए किए जा रहे उपाय भी बताएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये जगह महिलाओं के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न या लेन-देन वाली वस्तुकरण को बढ़ावा देने वाले प्लेटफॉर्म न बनें। गुरुग्राम के साइबर सिटी स्थित द लाफ स्टोर में 12 अप्रैल को इस विवादित कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। अब जानिए हिमांशु जांगड़ा ने क्या बोला… 370 वसूल करूंगा: तो हमने चिकन बिरयानी खाई, वो आई होगी 360-370 की। फिर वो कहती घर छोड़ आओ। मैंने कहा यार 370 रुपए लगे हैं, वसूल तो करूंगा। फिर मैंने उसे अपने कमरे पर चलने को कहा, लेकिन जब उसने मना किया, तो मैं उसे एक 'अंधेरे' पार्क में ले गया। पीक गुरुग्राम कंटेंट: जब हिमांशु ने यह बात बोलीं, तो मंच पर खड़े कॉमेडियन प्रणित मोरे ने इस पर हंसते हुए इसे पीक गुरुग्राम कंटेंट करार दिया। वीडियो वायरल होने के बाद, पैसे खर्च करने के बदले लड़की से 'वसूली' की मानसिकता और सहमति का मजाक उड़ाने को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश पैदा हो गया। हिमांशु की जा चुकी नौकरी: मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिमांशु की कंपनी के मालिक ने उसे नौकरी से निकाल दिया। साथ ही उसने लाइव आकर कहा कि हिमांशु की किसी महिला ने कभी कोई शिकायत नहीं की, लेकिन इसे फायर करना जरूरी है। हालांकि मोरे और हिमांशु दोनों ही घटना को लेकर माफी मांग चुके हैं। पुलिस जांच कर रही इस बारे में डीएलएफ फेस दो थाना प्रभारी कृष्ण कांत का कहना है कि इस बारे में ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की जा सकती। ये इंवेस्टिगेशन का पार्ट है और पुलिस गंभीरता के साथ इस मामले को हैंडल कर रही है। इसलिए अभी जांच पूरी होने तक मामले के सभी पहलुओं पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी नहीं की जा सकती। वायरल वीडियो, डिजिटल सामग्री और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
गाजीपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वांछित हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया है। गहमर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में आरोपी उपेंद्र राय के पास से 240 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 65 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को 16 जून 2026 को उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह चंदेल और उनकी टीम के क्षेत्र में गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि वांछित तस्कर गहमर सायर नहर पुलिया के पास मौजूद है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से आरोपी उपेंद्र राय को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 240 ग्राम हेरोइन मिली। गिरफ्तार आरोपी उपेंद्र राय बिहार के भोजपुर जिले के बोहरमपुर गांव का निवासी है और उसकी उम्र 34 वर्ष है। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के संबंध में गहमर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21, 27A और 29 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और इस तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जौनपुर में पिछले सप्ताह आंधी-बारिश से मिली राहत के बाद अब फिर से गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही तेज धूप के कारण लोगों के चेहरे झुलसने लगे और घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। व्यस्त रहने वाले बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने वाले लोग सिर और मुंह ढककर निकले। मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी करते हुए एडवाइजरी जारी की है। तापमान में वृद्धि का यह सिलसिला बीते कुछ दिनों से जारी है। 11 जून को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस था, जो 12 जून को आंधी-बारिश के कारण घटकर 34 डिग्री सेल्सियस हो गया था। इसके बाद से लगातार चार दिनों तक तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। 13 जून को 38 डिग्री, 14 जून को 39 डिग्री और 15 जून को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक भीषण गर्मी जारी रहेगी और तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर हीट वेव वार्ड बनाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. गंगाराम गौतम ने बताया कि जिला अस्पताल और सीएचसी पर बेड स्थापित कर दिए गए हैं। इन वार्डों में कूलर और पंखे लगाए गए हैं, साथ ही दवाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव ने कहा कि इस समय लू से बचने का प्रयास करना चाहिए। तेज धूप में बाहर निकलें तो सिर ढक लें, न निकलें, भरपूर पानी का सेवन करें, घर में ठंडक बनाए रखें। यदि चक्कर आए, उल्टी होने लगे, तेज बुखार आना शुरू हो जाए तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
सीकर में 30 साल के युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। युवक का शव रेस्टोरेंट के एक कमरे में मिला। आज परिजनों की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। हालांकि आज 1 घंटे तक परिजन मोर्च्यूरी के बाहर धरने पर भी बैठे रहे। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। शव मिलने की सूचना पर परिजन रेस्टोरेंट पहुंचे तो मृतक की नाक पर चोट के निशान मिले। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। परिजनों ने कहा कि जिस रेस्टोरेंट पर विजय का शव मिला है। उसके जरिए ही 27 मई को विजय ने एक प्लॉट करीब 30-35 लाख रुपए में बेचा था। SHO गोकुलपुरा प्रीति बेनीवाल ने बताया कि मंगलवार शाम दासा की ढाणी फाटक के पास स्थित शेखावाटी रेस्टोरेंट से सूचना मिली कि एक युवक मृत अवस्था में मिला है। ऐसे में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आज मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। मृतक विजय जांगिड़ (30) पुत्र बनवारीलाल जांगिड़ निवासी,राधाकिशनपुरा का रहने वाला था। और फर्नीचर ठेकेदारी का काम करता था। वह सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। विजय मंगलवार सुबह 11:30 बजे अपने घर से निकला था।
उन्नाव के बीघापुर थाना क्षेत्र के दादामऊ गांव में मंगलवार रात एक दुखद घटना सामने आई। घरेलू विवाद के बाद एक महिला ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी की मौत की खबर मिलने के बाद कोलकाता में तैनात उसके फौजी पति ने भी आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, दादामऊ गांव निवासी शैलेंद्र पुत्र राजेंद्र कुमार की शादी करीब 10 साल पहले कानपुर नगर के चकेरी निवासी अशोक कुमार की पुत्री साधना पांडेय से हुई थी। मंगलवार रात साधना ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई अनुज मिश्रा पुत्र अशोक कुमार (निवासी चकेरी, कानपुर नगर) ने पुलिस की 112 सेवा पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही बीघापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा सहित अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की। साधना की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके पति शैलेंद्र, जो सेना में तैनात थे और वर्तमान में कोलकाता में ड्यूटी कर रहे थे, ने भी आत्महत्या कर ली। पति-पत्नी की एक के बाद एक मौत की खबर से दोनों परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है। साधना की मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उन्होंने पुलिस से मामले की गहन जांच की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है। इस घटना से साधना और शैलेंद्र के दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनके पुत्र यथार्थ की उम्र लगभग 5 वर्ष और पुत्री सांवी की उम्र 8 वर्ष है। माता-पिता दोनों को खोने से बच्चों के सिर से साया उठ गया है। घटना के बाद परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार शैलेन्द्र सेना में नौकरी करते थे और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अचानक हुई इस घटना से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच-बीघापुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर महिला के शव को कब्जे में लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पति की आत्महत्या की सूचना भी पुलिस को मिली है। दोनों घटनाओं को जोड़कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने दोनों परिवारों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले पर नजर बनाए हुए है।
मुंडावर थाना क्षेत्र के बासनी गांव में कूड़ा डालने और धांसे के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मंगलवार रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने एक किसान को घेरकर बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजन और ग्रामीण बुधवार को मुंडावर थाने पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कुछ समय के लिए थाने के सामने मुख्य मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर जाम भी लगा दिया। विवाद को लेकर सूचना 12 जून को पुलिस को दी थी मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने 12 जून को ही संभावित विवाद और हमले की आशंका को लेकर पुलिस व प्रशासन को लिखित सूचना दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों नेका कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का न तो अंतिम संस्कार किया जाएगा और न ही अन्य अंतिम प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। पुलिस ने समझाइश कर जाम खुलवाया सूचना मिलने पर किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव मुंडावर थाने पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस ने समझाइश कर जाम खुलवाया। बाइक से गिराया, फिर घेरकर की मारपीट पुलिस के अनुसार बासनी निवासी 60 वर्षीय किसान बृजकिशोर योगी और गांव के ही राकेश उर्फ टिंकू के बीच एक स्थान पर धांसे और कूड़ा डालने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मंगलवार शाम राकेश अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और पहले बृजकिशोर को बाइक से गिरा दिया। इसके बाद उसे घेरकर लात-घूंसों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें मुंडावर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी राकेश उर्फ टिंकू और उसके साथी फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं-थाना प्रभारी थाना प्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बताया कि मृतक के शरीर पर प्रथम दृष्टया गंभीर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पूर्णिया में सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक घर से पत्नी और बच्चों से मिलने के लिए ससुराल जा रहा था। इसी दौरान दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद युवक को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां से पूर्णिया जीएमसीएच रेफर किया गया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रुपौली थाना क्षेत्र के आझकोपा गांव निवासी दीपक पासवान (28) के रूप में हुई है। घटना रूपौली थाना क्षेत्र के बिरौली मिल चौक की है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिसमृतक के पिता तारिणी पासवान ने बताया कि दीपक पासवान अपने घर से ससुराल सोनडीह गांव जा रहा था। इसी दौरान बिरौली मिल चौक के पास उनकी बाइक की किसी अन्य बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीपक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। बताया जा रहा है कि मृतक दीपक पासवान अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
फरीदाबाद में मंगलवार देर शाम नशे की हालत में कार चला रहे एक युवक की कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। जिसके बाद कार पलट गई और क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में युवक को हल्की चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार, सोतई गांव निवासी जितेंद्र अपनी मारुति कार से घर की तरफ जा रहा था। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था। अधिक नशा होने के कारण वह कार पर नियंत्रण नहीं रख सका। लोगों ने युवक को कार से बाहर निकाला कार सड़क से उतरकर कच्चे रास्ते पर चली गई और एक पेड़ से जा टकराई। कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिस कारण टक्कर के बाद कार पलट गई। हादसे में कार के आगे और पीछे के शीशे पूरी तरह टूट गए और वाहन को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि गनीमत यह रही कि कार ड्राइवर जितेंद्र को गंभीर चोट नहीं लगी। उसके हाथ और पैर में हल्की चोटें आईं। हादसा होते ही आसपास से गुजर रहे लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने अन्य लोगों की मदद से पलटी हुई कार को सीधा किया और जितेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दी। अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सदर थाने में एक सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। पूछताछ में सामने आया कि कार ड्राइवर नशे की हालत में वाहन चला रहा था और इसी दौरान उसकी कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई है। युवक को ज्यादा चोट नहीं आई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
बांदा जनपद के तिंदवारा गांव में ग्रामीण पिछले 105 घंटे से बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। गांव में करीब चार महीने पहले सड़क किनारे लगे 25 बिजली के खंभे टूट गए थे, जिनकी मरम्मत या बदलाव अब तक नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग चार महीने पहले एक ट्रक की टक्कर से ये 25 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए थे। इसके बाद से गांव की बिजली आपूर्ति बाधित है और पिछले 105 घंटों से तो यह पूरी तरह ठप है। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और एक्सईएन सहित उच्च अधिकारियों को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी थी। हालांकि, उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए भी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लाइनमैन और कुछ अधिकारी बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते। ट्रांसफार्मर की खराबी या अन्य तकनीकी फॉल्ट ठीक करने के नाम पर भी ग्रामीणों से पैसों की मांग की जाती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी समस्या का समाधान न होने से नाराज होकर ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई और टूटे हुए खंभों को नहीं बदला गया, तो वे सड़क जाम और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से ग्रामीणों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए ग्रामीण अभी भी ठोस कार्रवाई होने का इंतजार कर रहे हैं।
पानीपत में पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अर्जुन नगर में पैसों के लेनदेन और पुरानी रंजिश को लेकर सरेराह गुंडागर्दी का एक मामला सामने आया है। पंजाब में दर्ज एक मुकदमे की जमानत में लगे पैसे वापस मांगने गए युवकों पर आरोपियों ने करीब 15-20 लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान न केवल युवकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, बल्कि उनकी दो गाड़ियों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोपी गाड़ी के डैशबोर्ड से 18 हजार रुपए की नकदी भी निकाल ले गए। नशीले पदार्थ के केस की जमानत से जुड़ा विवाद पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, विवाद की जड़ करीब दो महीने पुरानी है। आरोप है कि अर्जुन नगर निवासी कोकी शिकायतकर्ता के दोस्त को कोई नशीला पदार्थ पिलाकर उसकी गाड़ी समेत पंजाब ले गया था। वहां कोकी ने नशीला पदार्थ खरीदकर गाड़ी में रख दिया था, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने दोनों को गाड़ी समेत गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में पीड़ित युवक के परिवार ने भारी-भरकम पैसे खर्च कर अपनी गाड़ी छुड़वाई और आरोपी कोकी की भी जमानत करवाई थी। लाठी-डंडों से घेरकर किया हमला 12 जून को पीड़ित युवक अपने दोस्तों के साथ अपनी दो गाड़ियों (जिसमें एक ऑल्टो शामिल थी) में सवार होकर जमानत में लगे पैसे वापस मांगने के लिए आरोपी कोकी के घर अर्जुन नगर पहुंचे। कोकी अपने घर के बाहर ही बैठा था। जब युवकों ने उससे अपने पैसे मांगे, तो वह भड़क गया और मां-बहन की गालियां देने लगा। उसने धमकी दी कि दोबारा पैसे मांगे तो अंजाम बुरा होगा। जब युवक गाड़ी से नीचे उतरे, तो कोकी ने आवाज लगाकर अपने परिवार और आस-पड़ोस के 15-20 लोगों को इकट्ठा कर लिया और खुद अंदर से डंडा उठा लाया। युवकों ने जब भीड़ को आते देखा, तो अपनी जान बचाकर भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनका रास्ता रोक लिया। गाड़ियां तोड़ी और डैशबोर्ड से कैश निकाला भीड़ ने लाठी-डंडों से युवकों पर हमला कर दिया और उनकी दोनों गाड़ियों को बेरहमी से तोड़ डाला। इस अफरा-तफरी के बीच आरोपी कोकी ने गाड़ी के डैशबोर्ड में रखे ₹18,000 की नकदी भी निकाल ली। युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर गाड़ियों को मौके पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए। पीड़ितों ने हमला करने वालों में से कई आरोपियों की पहचान की है, जिनमें कोकी, संजय, सदर, कोकी का भाई बाबू, सुमित, मोनू, साहिल, राहुल, गौतम और विरेन निवासी हरी नगर व अन्य अज्ञात शामिल हैं। ये खबर भी पढ़ें… घर के बाहर बैठे 2 युवकों पर लाठी-डंडों से हमला:गंभीर रूप से घायल; पानीपत में दो गाड़ियों में आए 10 हमलावर पानीपत के अर्जुन नगर क्षेत्र में सरेआम गुंडागर्दी और जानलेवा हमले का एक मामला सामने आया है। यहां दो गाड़ियों में सवार होकर आए करीब 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने घर के बाहर बैठे मकान मालिक और उसके किराएदार पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। फिर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
जोधपुर में उमस ने किया परेशान, बारिश का इंतजार:तापमान में बढ़ोतरी, अगले 5 दिन बादल छाए रहेंगे
जोधपुर शहर में बादल छाए रहने से तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। उमस बढ़ने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक- आज दिन के समय का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार होने की संभावना है। इस सप्ताह बादल छाए रहने की वजह से उमस भी बढ़ेगी। हालांकि राहत भरी बात ये है कि इस सप्ताह 23 जून तक मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। शहर में मानसून सीजन की बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि हवा चलने की वजह से मामूली राहत मिल सकती है।
अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला समेत तीन सांसदों ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से आज मुलाकात की। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और श्री फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह भी मौजूद रहे। सांसदों ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का लंबा राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। उन्होंने विश्वास जताया कि खड़गे के नेतृत्व में पार्टी और अधिक मजबूत होगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी। जनहित और लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता: औजला सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है। कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी आम जनता की आवाज बनकर देश की उम्मीदों और आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से सामने रख रही है। खड़गे की अगुवाई में सिद्धांतों को और मजबूती मिलेगी वहीं, सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और डॉ. अमर सिंह ने भी खड़गे को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और संतुलित नेतृत्व पार्टी को नई दिशा प्रदान करेगा। कांग्रेस हमेशा संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती आई है। खड़गे की अगुवाई में इन सिद्धांतों को और मजबूती मिलेगी। संगठन सशक्त बनाने पर जोर बैठक के दौरान देश और पंजाब से जुड़े विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा जनता के मुद्दों को संसद सहित विभिन्न मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
महाराणा प्रताप जयंती पर (अवकाश के दिन) खुलने के कारण अंजुमन इस्लामिया स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। भाजपा ने स्कूल प्रबंधन को मुस्लिम तुष्टिकरण और जिहादी मानसिकता का बताते हुए कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्कूल खुलने की जानकारी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों को लगी, तो वे स्कूल पहुंच गए और छुट्टी के दिन स्कूल खोलने पर नाराजगी जाहिर की। विवाद बढ़ने लगा तो आनन-फानन में प्रबंधन ने अभिभावकों को बुलाकर बच्चों की छुट्टी कर दी। जबलपुर के मालवीय चौक स्थित अंजुमन इस्लामिया स्कूल को वक्फ बोर्ड कमेटी संचालित करती है, जिसके अध्यक्ष अनवर बाबू हैं। आरोप है कि बीते तीन सालों से ऐसा हो रहा है कि जब कभी भी हिंदू त्योहार या फिर जयंती पड़ती है तो स्कूल में छुट्टी ना करते हुए क्लास लगाई जाती है, जबकि जिले के सभी शासकीय और प्राइवेट स्कूल बंद रहते हैं। अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री मुजम्मिल अली का कहना है कि इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। स्कूल के चेयरमैन का कहना है कि हमने प्रिंसिपल को छुट्टी का आदेश दिया था पर उन्होंने फिर भी बच्चों को बुला लिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि स्कूल के चेयरमैन और प्रिंसिपल मिले हुए हैं। वे एक-दूसरे पर गलती बताते हैं। चेयरमैन की सोच जिहादी है। स्कूल की टीचर ईरम का कहना था कि हमें बुलाया गया था, इसलिए हम आ गए हैं। आज महाराणा जयंती है, इसकी जानकारी भी थी पर प्रबंधन का आदेश था। छात्र फैजान का कहना था कि मोबाइल पर मैसेज आया था कि कल स्कूल लगेगा, इसलिए सभी लोग आ गए, छुट्टी थी जिसकी जानकारी बिल्कुल भी नहीं थी। बहरहाल भाजपा नेता के हंगामे के बीच छुट्टी कर दी गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले में कलेक्टर से शिकायत करने की बात कही है।
पंजाब आर्म्ड रेजिमेंट के नायक सरबजीत सिंह लद्दाख के लेह में शहीद हो गए। वह अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनात थे, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पैतृक गांव बिंद रख सहित पूरे इलाके में शोक का माहौल है। इसी साल 25 जनवरी को हुआ था विवाह जानकारी के अनुसार, नायक सरबजीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह गांव बिंद रख के रहने वाले थे। वह लेह के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान सोमवार सुबह ऑक्सीजन का स्तर कम होने से उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। नायक सरबजीत का विवाह इसी साल 25 जनवरी को हुआ था। आज पैतृक गांव बिंद रख पहुंचेगा पार्थिव शरीर शहीद के ताया सुखविंदर सिंह बिंद रख ने बताया कि नायक सरबजीत सिंह का पार्थिव शरीर आज पैतृक गांव बिंद रख पहुंचेगा। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र की विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने उनकी शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
कैमूर में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव बंद कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के हाटा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 10 की है। मृतका की पहचान प्रदीप कुमार की पत्नी अनिता कुमारी(28) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बुधवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। हाटा मुख्य पार्षद रमेश जायसवाल ने बताया कि मृतका के पति प्रदीप कुमार पाल भभुआ में एक होलसेल दुकान में काम करते हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे जब प्रदीप काम से घर लौटे, तो कमरा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया शव इसके बाद प्रदीप ने खिड़की से झांककर देखा, तो उनकी पत्नी अनिता का शव फंदे से लटक रहा था। रमेश जायसवाल के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर मामूली अनबन हुई थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस इस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
बैतूल में 18 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दौरे की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बुधवार को मिलानपुर हेलीपैड से लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम (कार्यक्रम स्थल) तक ट्रायल लैंडिंग और कारकेड रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और एसपीजी ने वीवीआईपी रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ट्रायल लैंडिंग के बाद रिहर्सल कारकेड मिलानपुर हेलीपैड से रवाना होकर लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचा। यह काफिला भारत भारती, सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर, चक्कर रोड, कोतवाली चौक, गणेश मंदिर, कॉलेज चौक, पुलिस कंट्रोल रूम और पुलिस पेट्रोल पंप मार्ग से गुजरा। सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे मार्ग को सैनिटाइज कर आम यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया। स्टेडियम में प्रवेश के लिए 4 गेट निर्धारितएसपीजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम स्थल की पार्किंग, सुरक्षा जांच प्रणाली और आपातकालीन प्रबंधन की समीक्षा की है। सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्टेडियम में प्रवेश के लिए चार गेट तय किए गए हैं। गेट नंबर जी-1 राष्ट्रपति और वीवीआईपी काफिले के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं, विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों और मीडिया प्रतिनिधियों को जी-2 से प्रवेश मिलेगा। पंजीकृत प्रतिभागियों और आमंत्रित सदस्यों की एंट्री जी-3 और जी-4 से सुरक्षा जांच के बाद ही होगी। आम जनता के लिए विशेष यातायात एडवाइजरीराष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर वीवीआईपी रूट पर विशेष सुरक्षा लागू कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। शहर में प्रवेश और आवागमन के लिए ये वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं… निर्धारित मार्गों के उपयोग की अपीलप्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और केवल निर्धारित यातायात मार्गों का ही उपयोग करें। इसके अलावा, कार्यक्रम स्थल पर भी सिर्फ निर्धारित पार्किंग और तय प्रवेश द्वारों का ही इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
अजमेर के एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और वर्तमान में सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पार्ट टाइम ऑनलाइन जॉब और ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगों ने उन्हें फंसाया। ठगों ने पहले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर छोटे-छोटे टास्क पूरे करवाए। इसके बाद कुछ रकम उनके खाते में भेजकर भरोसा जीता। इसके बाद कॉइनबेस ट्रेडिंग, क्रेडिट स्कोर, टैक्स, जीएसटी और अकाउंट अपग्रेड के नाम पर लगातार रकम जमा करवाते रहे। ठगों ने ऑनलाइन जॉब का ऑफर दिया था पीड़ित ब्यावर रोड निवासी कपिल कुमार पंजवानी ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि 5 जून को एक अज्ञात नंबर से उन्हें ‘SFA8’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में खुद को सन टेक वेब सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का एचआर बताने वाले व्यक्ति ने पार्ट टाइम/फुल टाइम ऑनलाइन जॉब का ऑफर दिया और प्रतिदिन 3 हजार से 8 हजार रुपए कमाने का दावा किया। टास्क पूरे करने पर रुपए देकर भरोसा जीता शुरुआत में अमेजन वेबसाइट के स्क्रीनशॉट भेजने जैसे छोटे टास्क दिए गए। टास्क पूरे करने पर 100 और 160 रुपए खाते में भेजे गए, जिससे पीड़ित को विश्वास हो गया। इसके बाद टेलीग्राम चैनलों में जोड़कर कॉइनबेस पर ट्रेडिंग के नाम पर 1004 रुपए, 2510 रुपए और 9380 रुपए जैसे छोटे निवेश करवाए गए और उन पर कमीशन देकर रकम वापस भेजी गई। इसके बाद ठगों ने ज्वॉइंट डेटा टास्क, क्रेडिट स्कोर, ट्रेड अकाउंट फ्रीज, टैक्स, जीएसटी, लेवल-2 अपग्रेड और रिफंड के नाम पर लगातार बड़ी रकम जमा करवाई। 73 लाख रुपए करीब ट्रांसफर हुए पीड़ित ने अपने, परिजनों और दोस्तों के खातों से 6 जून से 11 जून के बीच अलग-अलग खातों व यूपीआई आईडी में कुल 73 लाख 36 हजार 477 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने उनके ट्रेड खाते में 80.43 लाख रुपए बैलेंस दिखाया और निकासी के लिए बार-बार नए शुल्क व टैक्स जमा करने की मांग की। दोबारा टैक्स मांगे जाने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने भुगतान रोक दिया। साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद 8 लाख रुपए होल्ड पीड़ित ने 13 जून को राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया। बाद में 14 जून को साइबर थाने पहुंचकर 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ शमशेर खां ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद करीब साढ़े आठ लाख रुपए होल्ड करवा दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़ित की रकम दो दर्जन से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है, जो विभिन्न राज्यों के हैं। मामले में विस्तृत अनुसंधान जारी है।
पंचकूला जिले के पिंजौर में एक युवक के अपहरण और लूटपाट के मामले में बुधवार सुबह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। बरवाला इंडस्ट्रियल एरिया के पास हुई इस मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। उन्हें उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल आरोपियों की पहचान चरखी दादरी निवासी दीपेश और भिवानी निवासी योगेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल भी बरामद की है। सूत्रों के अनुसार, एक आरोपी का संबंध रोहित गोधारा गैंग से भी बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चाकू के बल पर स्काॅर्पियो में बैठाया था युवक यह मामला 15 जून की शाम का है, जब पिंजौर निवासी मनजिंदर सिंह का एचएमटी क्षेत्र से चार युवकों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने चाकू के बल पर मनजिंदर को स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया। हाईवे पर घुमाते हुए उन्होंने पीड़ित से 12 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन और ऑनलाइन भुगतान के जरिए पैसे हड़प लिए। आरोपियों ने उसके मोबाइल से पेट्रोल भी डलवाया और नकदी भी प्राप्त की। बाद में उसे बरवाला अनाज मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए थे। दो आरोपी पहले ही किए जा चुके अरेस्ट मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम कर रही थी। पुलिस ने मंगलवार देर रात दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अन्य आरोपियों की तलाश में बुधवार सुबह पुलिस टीम गुप्त सूचना के आधार पर बरवाला पहुंची, जहां आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों द्वारा जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किए जाने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद : SIT ने चंपत राय और गोपाल राव से की पूछताछ, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त
एसआईटी ने न केवल नकदी की गणना करने वाले कर्मचारियों से जानकारी ली, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से भी अलग-अलग सवाल किए। जांच दल ने दान की रकम, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और धनराशि के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई।
मोहाली के डेराबस्सी में सूरजमुखी की फसल काटते समय 11 हजार वोल्ट की ओवरहेड बिजली लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बलजिंदर सिंह के पुत्र राजवीर (17) के रूप में हुई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है। मामला गांव शेखपुरा कलां का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजवीर खेत में सूरजमुखी की फसल काटने वाली मशीन पर सवार था। मशीन आगे बढ़ते हुए ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली लाइन के बेहद करीब पहुंच गई। इसी दौरान राजवीर करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत डेराबस्सी सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। क्या कहती है पुलिस जांच अधिकारी एएसआई गुलाब सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि युवक 11 हजार वोल्ट की ओवरहेड बिजली लाइन की चपेट में आया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है, जबकि परिजनों के विस्तृत बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि खेतों के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली लाइनें लंबे समय से हादसों का कारण बन रही हैं। उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से सुरक्षा उपाय करने की मांग की थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग से ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग फिर से उठाई है।
पीएम नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान आ सकते हैं। पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करने के साथ जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, दौरे की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राज्य सरकार ने तैयारियों शुरू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए हैं। बीते दिनों केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संकेत दिए थे कि 4 जुलाई को नए टर्मिनल के उद्घाटन का प्रोग्राम बन सकता है। आग लगने से रुका था उद्घाटन रिफाइनरी का उद्घाटन पहले 21 अप्रैल को होना था, लेकिन एक दिन पहले सीडीयू यूनिट में आग लगने से प्रोग्राम स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद फिर से यूनिट को ठीक करने का काम शुरू किया गया। एलएडंटी कंपनी की ओर से दिन-रात, इंजीनियरों की टीमों ने यूनिट को शुरू करने के कगार पर पहुंच चुकी है। सीएम के आने संभावना पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सीएम भजनलाल शर्मा पचपदरा रिफाइनरी आएंगे। एचपीसीएल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग कर पूरे प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार करेंगे। हालांकि सीएम के आने का आधिकारिक प्रोग्राम अभी तक नहीं आया है। इस माह पेट्रोल-डीजल उत्पादन की प्लानिंग रिफाइनरी प्रबंधन और राज्य सरकार लोकार्पण से पहले ही रिफाइनरी में उत्पादन शुरू कराने की तैयारी में जुटे हैं। 18 जून से डीजल और 22 जून से पेट्रोल उत्पादन शुरू करने की प्लानिंग है। इसके साथ ही गैस उत्पादन भी प्रारंभ किए जाने की तैयारी चल रही है।
भगालपुर में मंगलवार रात मंदिर के सामने कार पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। मौके पर पुलिस पहुंची तो स्थानीय लोगों की पुलिस से कहासुनी और धक्कामुक्की हो गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा कि कंपनीबाग निवासी छोटू नामक युवक रोज मोहल्ले के दुर्गा मंदिर के पास अपनी कार खड़ी करता है। मंदिर के प्रवेश मार्ग पर वाहन खड़ा होने से श्रद्धालुओं के आने-जाने और परिसर की साफ-सफाई में परेशानी होती थी। मंदिर के पुजारी नवल मंडल ने कई बार युवक को वहां वाहन नहीं लगाने की सलाह दी थी। देर रात करीब एक बजे युवक कार लेकर मंदिर के सामने पहुंचा और वाहन खड़ा करने लगा। इसका पुजारी ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर कार चालक ने विश्वविद्यालय थाना पुलिस को सूचना दी। मामला विश्वविद्यालय कंपनीबाग मोहल्ले की है। पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी विरोध कर रहे लोगों को पकड़कर थाना ले जाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर मोहल्लेवासियों ने विरोध जताया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस हुई। कुछ लोगों ने धक्कामुक्की की भी बात कही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि कार चालक खुद को पुलिस का करीबी बताकर लोगों पर रौब झाड़ता है और विरोध करने वालों को थाना का डर दिखाता है। लोगों का कहना है कि वह जिस वाहन का उपयोग करता है, उसे थाना से जुड़ा बताकर दबाव बनाने की कोशिश करता है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है वहीं, विश्वविद्यालय थाना प्रभारी एसआई अविनाश राउत ने पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की या पुलिस को खदेड़े जाने की किसी भी घटना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत मिली है।
संत रामपाल महाराज के जेल से छूटने के बाद सोनीपत के धनाना स्थित सतलोक आश्रम में राजनीतिक नेताओं का आना-जाना लगातार जारी है। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता, पूर्व सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि आश्रम में पहुंचकर आशीर्वाद ले रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों और अपने जनाधार को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसी बीच सोनीपत के खरखौदा से भाजपा विधायक पवन खरखौदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह संत रामपाल महाराज के समक्ष हाथ जोड़कर आशीर्वाद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। डेरे में नतमस्तक हुए विधायक पवन खरखौदा और रामपाल महाराज के बीच हुई बातें पढ़िएआपके आशीर्वाद से खरखौदा में पहली बार कमल खिला: 15 जून को रामपाल महाराज के धनाना गांव में बने डेरे में पहुंचे सोनीपत के खरखौदा के विधायक पवन खरखौदा संत रामपाल महाराज से कहते हुए नजर आ रहे हैं, आपके आशीर्वाद से खरखौदा में पहली बार कमल खिला है। इसके बाद वह कहते हैं, कभी नहीं जीते थे, जब आपने आशीर्वाद दिया और यहां डेरे में वीरेंद्र से भी मिलता रहता था। इस पर संत रामपाल महाराज जवाब देते हुए कहते हैं, “मुझे सब पता है।” हरियाणा में सबसे पहले खरखौदा में जीते थे: इसके बाद पवन खरखौदा आगे कहते हैं, आपके आशीर्वाद से हरियाणा में सबसे पहले खरखौदा में जीते थे। उसी दिन से मैंने प्रण कर लिया था कि मेरे लिए सबसे बड़ा तीर्थ कोई है तो वह यह धाम है। विधायक का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हमारे पास सबकी चाबी है: विधायक की बात सुनने के बाद संत रामपाल महाराज जवाब देते हुए कहते हैं, हमारे पास सबकी चाबी है। कोई विधायक बनवाना है, कहीं खेतों से पानी निकलवाना हो। इसके बाद पवन खरखौदा दोबारा कहते हैं, “मेरे लिए विश्वास का सबसे बड़ा विद्यालय कोई है तो वह आपका धाम है।” सारा मेरे से ही चलता है: वीडियो में आगे संत रामपाल महाराज कहते हैं, कोई बात नहीं, हमने कह दिया था कि यह काम करना है। इसके बाद वह यह भी कहते हैं, सारा मेरे से ही चलता है। यह बयान भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। संघर्ष की कहानी भी सुनाई: इसके बाद पवन खरखौदा ने संत रामपाल महाराज को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा, शिष्य के रूप में मुझे आशीर्वाद देना। उन्होंने आगे कहा, “बहुत संघर्ष के बाद यहां तक पहुंचा हूं।” तीन चुनाव लड़े, दो बार हारने के बाद दर्ज की जीत:विधायक पवन खरखौदा ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, तीन चुनाव लड़े। 2014 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और 3100 वोट से हार गया था। 2019 में 600 वोट से हार गया। और फिर आपकी शरण में आने से सबसे पहले जीत दर्ज की। इस पर संत रामपाल महाराज ने जवाब देते हुए कहा, कोई बात नहीं, आगे भी हम साथ हैं। अभी तक कौन-कौन से नेता हो चुके हैं नतमस्तक… • 16 जून को दिग्विजय चौटाला दूसरी बार रामपाल महाराज के डेरे में पहुंचे और आशीर्वाद लिया था। इससे पहले वह 1 मार्च 2026 को भी डेरे में पहुंच चुके हैं।• 15 जून को सोनीपत के खरखौदा विधायक पवन खरखौदा रामपाल महाराज के डेरे में पहुंचे थे और आशीर्वाद लिया था। • 15 जून को विधायक रणधीर पनिहार दूसरी बार रामपाल महाराज के डेरे में पहुंचे और आशीर्वाद लिया था। इससे करीब एक माह पहले भी वह डेरे में पहुंचे थे। • 14 जून को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अश्वनी रामपाल महाराज के दरबार में पहुंचे थे और आशीर्वाद लिया था। • 7 जून 2026 को फाजिल्का जिले की बल्लूआना विधायक अमनदीप सिंह डेरे में पहुंचे थे और आशीर्वाद लिया था। • करीब एक महीने पहले पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल अपने पति पूर्व डीआईजी राजेश के साथ डेरे में पहुंची थीं।इससे पहले 17 फरवरी 2026 को पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल भी रामपाल महाराज के डेरे में पहुंची थीं और आशीर्वाद लिया था। • 21 अप्रैल को पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली डेरे पहुंचे थे और आशीर्वाद लिया था।•19 मई 2026 को, नवजोत कौर सिद्धू भी दरबार में पहुंची थीं और अर्जी लगाकर आशीर्वाद लिया था। • इससे पहले डॉक्टर अजय सिंह चौटाला भी रामपाल महाराज के डेरे में पहुंचकर आशीर्वाद ले चुके हैं। अब पढ़िए महाराज के सामने किसने क्या कहा… दिग्विजय चौटाला को संत रामपाल की नसीहत, बोले- राजनीति के साथ भक्ति में भी लगो: 16 जून को डेरे में मुलाकात के दौरान जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के धनाना आश्रम पहुंचने पर संत रामपाल महाराज ने उन्हें राजनीति के साथ-साथ भक्ति का मार्ग अपनाने की सलाह दी। मुलाकात के दौरान दिग्विजय ने खुद को संत रामपाल का “बच्चा” बताते हुए उनकी तपस्या को नमन किया और किसानों-मजदूरों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। वहीं संत रामपाल ने कहा कि वे भी एक सेवक हैं और समाज के ऐसे कार्य कर रहे हैं जो कई बार सरकार की पहुंच से बाहर रह जाते हैं। उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए उनके हितों के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। नवजोत कौर सिद्धू बोलीं- भगवान ने सुन ली प्रार्थना:19 मई को पूर्व क्रिकेटर एवं राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू सतलोक आश्रम पहुंचीं और संत रामपाल महाराज से मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह पटियाला से विशेष रूप से उनसे मिलने आई हैं और यदि वे बाहर नहीं आते तो उन्हें जेल जाकर मुलाकात करनी पड़ती, लेकिन भगवान ने उनकी सुन ली और उन्हें बाहर बुला लिया। इस पर रामपाल ने मुस्कराते हुए कहा कि लोगों की दुआएं ही उन्हें बाहर ले आई हैं। डॉ. सिद्धू ने बताया कि वह रामपाल से भक्ति की दीक्षा लेने आई हैं, जिस पर रामपाल ने कहा कि भक्ति और सेवा जीवन का सबसे बड़ा धर्म है तथा मानव सेवा ही सच्ची और सर्वोच्च सेवा मानी जाती है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष् ने डेरे में पहुंच की सराहना: 21अप्रैल, 2026 में हरियाणा के बीजेपी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने सतलोक आश्रम (धनाना धाम) जाकर संत रामपाल महाराज से मुलाकात की थी और उनका आशीर्वाद लिया था।इस दौरान, उन्होंने संत रामपाल द्वारा नशा मुक्ति, दहेज मुक्त समाज और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों के माध्यम से किए जा रहे समाज सुधार कार्यों की प्रशंसा की थी।
करौली जिले की नादौती SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और UDC प्रवीण कुमार धाकड़ 60 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए थे। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 16 अप्रैल को की थी। UDC प्रवीण कुमार धाकड़ का झूठ उसके पिता के बयानों से पकड़ा गया। ACB ने जब काजल मीणा ट्रैप का जाल बिछाया था तो सीन में UDC प्रवीण कुमार का नाम तक नहीं था। ट्रैप के दौरान प्रवीण कुमार का फंसना, उसके बैग से रिश्वत के 60 हजार के बजाय 4 लाख रुपए बरामद होना, झूठ बोलना और फिर झूठ का पकड़े जाने का किस्सा भी काफी रोचक है। अब ACB ने काजल मीणा ट्रैप के 2 महीने बाद एक FIR और दर्ज कर ली है। ACB के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, ये 4 लाख रुपए भी रिश्वत के ही थे। अब पूछताछ में पता चल जाएगा कि SDM ऑफिस की ओर से जरूरतमंदों का काम करने के बदले किस-किस से कितनी-कितनी वसूली की गई थी। काजल के ट्रैप के दौरान खुद जाल में फंसा था प्रवीण कुमार ACB ने 16 अप्रैल को करौली जिले की नादौती SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और UDC प्रवीण कुमार धाकड़ को पकड़ा था। रेलवे से रिटायर्ड 63 वर्षीय शिकायतकर्ता ने 15 अप्रैल को ACB को बताया था कि पिता के निधन के बाद 6.38 हेक्टेयर जमीन का 5 भाइयों के बीच बंटवारा (तकासमा) होना है। तकासमे जैसे जायज काम के लिए SDM काजल के नाम पर उनका रीडर दिनेश सैनी ने पहले 1 लाख की रिश्वत मांगी थी, फिर 60 हजार रुपए में मान गया। रुपए देने के लिए (अगले दिन) 16 अप्रैल को बुलाया गया। ACB ने SDM काजल मीणा और उसके रीडर दिनेश सैनी को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप करने के लिए जाल बिछाया। इस ट्रैप में UDC प्रवीण कुमार कहीं सीन में नहीं था और न ही उस पर ACB की नजरें थीं। रीडर दिनेश के जरिए ACB टीम UDC प्रवीण तक पहुंची थी। शिकायतकर्ता जब रिश्वत देकर बाहर निकला तो ACB टीम को इशारा कर दिया कि रीडर ने रिश्वत के पैसे ले लिए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि रीडर दिनेश पैसे लेकर SDM ऑफिस से सटे तहसील कार्यालय की तरफ गया है। तहसील कार्यालय पहुंचकर ACB टीम ने रीडर दिनेश सैनी को पकड़ लिया। रीडर दिनेश ने पूछताछ में बताया कि उसने 60 हजार रुपए सहकर्मी UDC प्रवीण कुमार धाकड़ को दे दिए। ये राशि SDM काजल मैडम के लिए ली है। ACB ने रीडर दिनेश से UDC प्रवीण कुमार से रिश्वत के रुपए मंगवाने को कहा। रीडर दिनेश सैनी ने UDC प्रवीण कुमार को स्पीकर पर रखकर कॉल किया... दिनेश ने कहा, 'जो मैंने अभी थोड़ी देर पहले पेमेंट दिया था, उसे SDM मैडम के चैंबर में लेकर आ जा।' प्रवीण ने कहा, 'ठीक है, मैं आ रहा हूं।' ऐसे प्रवीण का नाम और चेहरा ACB के सामने आया। बैग में 60 हजार की जगह 4 लाख रुपए प्रवीण भी रुपए वाले बैग लेकर SDM ऑफिस पहुंच गया। ACB ने SDM काजल मीणा के सामने UDC प्रवीण कुमार से पूछताछ की। रीडर दिनेश ने साफ कहा कि उसने UDC प्रवीण को 60 हजार रुपए दिए थे, लेकिन इन 4 लाख के बारे में कुछ नहीं पता। उस दौरान एसीबी और यूडीसी के बीच हुई बातचीत… इसके बाद एसीबी ने चेक किया तो बैग में 500 रुपए की 9 गड्डियां मिलीं, जबकि रिश्वत की रकम 60 हजार रुपए थी। ACB ने रीडर दिनेश सैनी से इन 4 लाख रुपए के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद UDC प्रवीण से ACB ने बैग में मिले 4 लाख के बारे में जानकारी लेना शुरू कर दिया। 4 लाख के झूठे हिसाब की पोल पिता के बयानों ने खोली ACB टीम की पूछताछ में UDC प्रवीण कुमार 4 लाख का हिसाब नहीं दे पा रहा था और लगातार झूठ बोलता रहा। प्रवीण ने ACB टीम से कहा कि 500 की एक गड्डी दिनेश ने दी। बाकी 500 की 8 गड्डियां (4 लाख रुपए) मेरे खेत में सरसों बेचने से मिले हैं। उसने कहा कि उसके पिताजी ने सरसों बेचकर गेहूं खरीदने के लिए पैसे दिए थे। प्रवीण के बयान को वेरिफाई करने के लिए ACB ने उसके पिताजी से पूछताछ की। प्रवीण के पिता को पता नहीं नहीं था कि उसके बेटे ने किसी तरह का झूठ बोला है। पिता से ACB को पता चला कि प्रवीण को उसके पिता ने कोई राशि नहीं दी। पिता ने सरसों बेचकर उस राशि को बैंक में जमा करवा दिया था। अब 4 लाख के मामले में UDC प्रवीण कुमार के खिलाफ नई FIR हो गई है। 4 लाख की राशि के मामले में अब अलग से जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार ACB को काजल मीणा रिश्वत मामले की प्राथमिक जांच में यह साफ हो गया है कि प्रवीण के पास मिली राशि वसूली की है। अब प्रवीण कुमार को बताना होगा कि यह वसूली किससे और कितनी-कितनी की गई। SDM सहित दिनेश और प्रवीण चल रहे हैं सस्पेंड नादौती की SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और UDC प्रवीण कुमार धाकड़ को सरकार ने 16 अप्रैल से ही सस्पेंड किया हुआ है। ACB जांच के अनुसार शिकायत कर्ता की फाइल रिश्वत राशि लेने के बाद काजल मीणा के पास पहुंच गई थी। काजल ने ACB को कहा है कि फाइल उसके पास ही लम्बित है। हालांकि फाइल पर कोई निर्णय नहीं किया था। ------ यह खबर भी पढ़िए…. तीसरी कोशिश में ट्रैप हुई रिश्वतखोर SDM काजल:वॉट्सएप कॉल सबूत, रीडर ने कहा-पैसे आ गए; एसडीएम बोली- ओके, पढ़िए ट्रैप की पूरी कहानी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 16 अप्रैल को करौली जिले की नादौती SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और UDC प्रवीण कुमार धाकड़ को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। रिश्वत खातेदारी जमीन के मालिकों के बीच बंटवारे को लेकर फैसला देने (तकासमा) के एवज में मांगी थी…(पढ़ें पूरी खबर)
मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने पीजी सकेंड सेमेस्टर, जून 2026 परीक्षा का कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। यह परीक्षा 4 से 13 जुलाई तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। मधेपुरा के परीक्षार्थियों के लिए बीएनएमवी कॉलेज साहुगढ़ को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां टीपी कॉलेज मधेपुरा, बीएनएमयू के सभी पीजी विभाग और पीएस कॉलेज मधेपुरा के विद्यार्थी परीक्षा देंगे। सुपौल जिले के लिए एसएनएस महिला कॉलेज में बीएसएस कॉलेज सुपौल के परीक्षार्थी शामिल होंगे। B.S कॉलेज में SNSRKS के परीक्षार्थी देंगे एग्जाम सहरसा के एसएनएसआरकेएस कॉलेज को पीजी सेंटर सहरसा, एमएलटी कॉलेज सहरसा, रमेश झा महिला कॉलेज सहरसा और आरएम कॉलेज सहरसा का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं, बीएस कॉलेज सहरसा में एसएनएसआरकेएस कॉलेज सहरसा के परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी। सभी विषयों को दो ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें ग्रुप ए की परीक्षा पहली पाली में और ग्रुप बी की परीक्षा दूसरी पाली में आयोजित की जाएगी। 4 जुलाई से दोनों ग्रुप का एग्जाम शुरू परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरुण कुमार झा ने बताया कि 4 जुलाई को दोनों ग्रुप के पेपर-5, 6 जुलाई को पेपर-6, 7 जुलाई को पेपर-7, 8 जुलाई को पेपर-8 और 9 जुलाई को पेपर-9 की परीक्षा होगी। इसके बाद 10 जुलाई को वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के एईसी-1, 11 जुलाई को मानविकी एवं विज्ञान संकाय के एईसी-1 तथा 13 जुलाई को सामाजिक विज्ञान संकाय के एईसी-1 की परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा नियंत्रक ने सभी पीजी विभागाध्यक्षों, संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और परीक्षा केंद्राधीक्षकों को परीक्षा के सफल संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय ने परीक्षार्थियों से निर्धारित तिथि और समय के अनुसार परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने तथा प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की है।
जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार से बाइक चोरी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बनवारी यादव और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। यह घटना ग्राम बनाहिल के साप्ताहिक बाजार में 14 जून को हुई थी। ग्राम पकरिया निवासी समीर मेहर अपने भाई के साथ सब्जी खरीदने बाजार गए थे। उन्होंने अपनी काले रंग की बाइक (CG 11BM 9757) को बाजार परिसर में हैंडल लॉक करके खड़ा किया था। सब्जी खरीदने के बाद जब दोनों भाई वापस लौटे, तो उन्हें अपनी बाइक वहां नहीं मिली। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। समीर मेहर की शिकायत पर मुलमुला पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेही बनवारी यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान बनवारी यादव ने स्वीकार किया कि उसने एक नाबालिग बालक के साथ मिलकर बाजार से बाइक चोरी की थी। पुलिस ने बनवारी यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। राइस मिल से धान चोरी, 8 आरोपी गिरफ्तार जांजगीर-चांपा पुलिस ने पामगढ़ थाना क्षेत्र के सिद्धि विनायक राइस मिल में हुई धान चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का धान, वाहन और नकदी बरामद की है। घटना 14 जून की रात चंडीपारा स्थित सिद्धि विनायक राइस मिल में हुई थी। बताया गया है कि जब चौकीदार खाना खाने के लिए मुख्य गेट की ओर गया, तभी बदमाशों ने पीछे की फेंसिंग काटकर मिल परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने धान की बोरियां बाहर निकाल लीं। कुछ देर बाद चौकीदार ने फेंसिंग के पास खेत में धान की बोरियां और बिखरा हुआ धान देखा। इसके बाद उसने तत्काल राइस मिल प्रबंधन को सूचना दी। 50 कट्टी धान गायब पाया गयाअगले दिन की जांच में मिल से लगभग 50 कट्टी धान गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए बताई गई है। मिल संचालक ऋषि सिंह की शिकायत पर पामगढ़ थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।पुलिल टीम ने मुखबिरों की सूचना पर अकलतरा और चंडीपारा क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। 65 कट्टी धान बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अकलतरा स्थित एक राइस मिल से 65 कट्टी धान बरामद किया है। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किया गया एक पिकअप वाहन, एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल और 21 हजार रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजा लहरे, रामकुमार भार्गव, कन्हैया सिन्हा उर्फ लाला, बीर सिंह बंजारे, अजय पाटले, लक्ष्मी कुमार सिन्हा, शैलेष राय और राकेश कुमार साहू शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष जगेंद्र सिंह तंवर (जयसिंह मंडोली) का कोटपूतली-बहरोड़ जिलाध्यक्ष संजय सिंह नारेहड़ा के नेतृत्व में स्वागत किया गया। यह स्वागत समारोह ग्राम सरूंड स्थित प्रसिद्ध सारंग माता मंदिर में आयोजित किया गया। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष जगेंद्र सिंह तंवर ने इस अवसर पर कहा- वे कुल देवी सारंग माता का आशीर्वाद लेकर एक ऐतिहासिक मुहिम की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि राजस्थान के सभी छोटे-बड़े क्षत्रिय संगठनों को एक साथ मिलाकर एक विशाल प्रदेश स्तरीय संगठन का निर्माण किया जाएगा। इस नए संगठन का अपना अलग संविधान होगा- तंवर तंवर ने बताया कि इस नए संगठन का अपना अलग संविधान होगा। प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के चुनाव संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत करवाए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल से पूरे राजस्थान का क्षत्रिय समाज एक झंडे के नीचे आकर अपनी बात को मजबूती से रख सकेगा। जिलाध्यक्ष संजय सिंह नारेहड़ा ने संगठन की आगामी रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के निर्देशानुसार जिले में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। नारेहड़ा ने समाज के हितों की बात करते हुए कहा कि आने वाले समय में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के नियमों को और अधिक सरल व व्यावहारिक बनाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इसी दौरान संगठन का विस्तार भी किया गया। राकेश सिंह शेखावत को विराटनगर तहसील का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम से पूर्व सारंग माता मंदिर कमेटी के सदस्यों और समाज के गणमान्य लोगों ने मुख्य अतिथियों का माला व साफा पहनाकर स्वागत किया। मंदिर कमेटी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में कुल देवी सारंग माता का चित्र भी भेंट किया। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री दिनेश सिंह तंवर, सेवानिवृत्त डीवाईएसपी वी.पी. सिंह, हनुमान सिंह, हनुमान सिंह (द्वितीय), महावीर सिंह, सूबेसिंह, सुरेश सिंह, राजेंद्र सिंह, पवन सिंह, बलवंत सिंह, पवन सिंह तंवर, विकास सिंह सहित क्षत्रिय समाज के अनेक प्रबुद्ध व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टाटा जू) की 16 वर्षीय अफ्रीकी शेरनी जोया का निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बढ़ती उम्र और बीमारी के कारण अस्वस्थ चल रही थी। जोया की मौत से वन्यजीव प्रेमियों और टाटा जू प्रबंधन में शोक का माहौल है। जोया का टाटा जू और जमशेदपुर से खास जुड़ाव रहा। उसे दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया से महज छह माह की उम्र में भारत लाया गया था। उसके साथ जम्बो और एड नाम के दो अन्य अफ्रीकी शेर भी लाए गए थे। शांत और चंचल स्वभाव के कारण जोया जल्द ही पर्यटकों की पसंदीदा वन्यजीव बन गई थी। जू कर्मियों के अनुसार, इतने वर्षों में वह सिर्फ एक शेरनी नहीं, बल्कि टाटा जू परिवार का अहम हिस्सा बन चुकी थी। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हुआ पोस्टमॉर्टमजोया के निधन के बाद जू प्रबंधन ने इसकी सूचना जमशेदपुर वन प्रमंडल की डीएफओ शबा आलम अंसारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. समरजीत मंडल को दी। सोमवार को वन्यजीव विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम की निगरानी में उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनिवार्य वीडियोग्राफी के साथ संपन्न हुई, ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी रहे। बिसरा बरेली भेजा जाएगामौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद टाटा जू परिसर में ही पूरे सम्मान के साथ जोया का अंतिम संस्कार किया गया। जोया के निधन से शहर ने अपने सबसे पुराने और प्रिय वन्यजीव साथियों में से एक को खो दिया है। जोया काफी बूढ़ी हो चुकी थी और पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। - डॉ. नईम अख्तर, निदेशक, टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क

