बदायूं में 10 दिन में तीन बड़ी लूट:कानून-व्यवस्था पर सवाल, लोगों में दहशत का माहौल
बदायूं में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। पिछले 10 दिनों में लूट की तीन बड़ी घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लुटेरे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक दो मामलों में कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। इन वारदातों का दायरा अब शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गया है। बिसौली और फैजगंज बेहटा जैसे इलाकों में हुई लूट ने जहां ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत फैलाई है, वहीं शहर के बीचों-बीच हुई हालिया घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। घटनाक्रम के अनुसार, 19 अप्रैल को फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में एक दंपति से लगभग 8.5 लाख रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली गई थी। इसके बाद 24 अप्रैल को बिसौली में भी लूट की एक घटना हुई, जिसका पुलिस ने खुलासा कर लिया है। हालांकि, स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मंगलवार रात शहर में दवा कारोबारी अंशुमान से करीब 2 लाख रुपये लूट लिए गए। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि अपराधियों में पुलिस का भय कम हो रहा है। लगातार हो रही इन वारदातों के कारण आम लोगों में भय का माहौल है। लोग अब नकदी या जेवरात लेकर घर से निकलने में भी असहज महसूस कर रहे हैं। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। इस संबंध में एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं और सर्विलांस सेल की मदद ली जा रही है। उन्होंने जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस के इन दावों के बावजूद लगातार हो रही वारदातें जमीनी स्तर पर कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती हैं। वर्तमान में बदायूं में अपराधियों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, और पुलिस पर उन्हें नियंत्रित करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
पंजाब में बढ़ती गैंगवार के बीच अमनदीप मुल्तानी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुल्तानी, जो कभी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के करीबी रहे हैं, ने याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग की है। याचिका में मुल्तानी ने दावा किया है कि उसे विरोधी गैंगस्टर लक्की पटियाल और डोनी बल के गुट से गंभीर खतरा है। उसने अदालत को बताया कि उसे लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसकी जान को जोखिम है। सभी मामलो में हो चुका बरी याचिका में अमनदीप मुल्तानी ने अपने पिछले जीवन और वर्तमान स्थिति का विस्तार से जिक्र किया है। उसने बताया कि छात्र जीवन के दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से हुआ था। उसी समय वह उनके संपर्क में आया, जिसके चलते उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए। हालांकि, मुल्तानी का कहना है कि बाद में अदालत में सुनवाई के दौरान वह सभी मामलों में बरी हो चुका है और वर्तमान में उसके खिलाफ कोई लंबित केस नहीं है। मुल्तानी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लंबे समय तक अमेरिका में रहा, जहां उसने अपने जीवन को सामान्य बनाने की कोशिश की। इस वर्ष वह भारत लौटा है और अब वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया है। वर्तमान में वह एनएसयूआइ से जुड़ा हुआ है और संगठन में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहा है। उसने अदालत को बताया कि वह अब पूरी तरह से वैध और सार्वजनिक जीवन जी रहा है, लेकिन उसके पुराने संबंधों और पंजाब में बढ़ रही गैंगवार की घटनाओं के कारण उसे लगातार खतरा महसूस हो रहा है। इसी आधार पर उसने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में बढ़ रही गैगवार का जिक्र याचिका में अमनदीप मुल्तानी ने पंजाब में लगातार बढ़ रही गैंगवार की घटनाओं को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। उसने अदालत को बताया कि हाल के समय में राज्य में गैंगस्टरों के बीच टकराव तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते कई सनसनीखेज हत्याएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है और आम लोगों के साथ-साथ पुराने आपराधिक संपर्क रखने वाले व्यक्तियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। मुल्तानी ने कहा कि उसका अतीत, जब वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के संपर्क में था, आज उसके लिए परेशानी का कारण बन गया है। भले ही अब वह उन गतिविधियों से पूरी तरह दूर हो चुका है और वैध जीवन जी रहा है, लेकिन विरोधी गैंग उसे अभी भी उसी नजर से देखते हैं। उसने अदालत को यह भी बताया कि मौजूदा हालात में गैंगस्टर आपसी रंजिश के चलते एक-दूसरे के करीबियों और पूर्व सहयोगियों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में उसके पुराने संबंध उसे सीधे खतरे में डालते हैं। मुल्तानी का कहना है कि उसे फोन पर धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि खतरा केवल आशंका नहीं बल्कि वास्तविक है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसने अदालत से गुहार लगाई कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि राज्य में बिगड़ते हालात और उसका पिछला जुड़ाव उसकी जान के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। 20 दिन में कार्रवाई के निर्देश मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए विस्तृत निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि अमनदीप मुल्तानी द्वारा जताए गए खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए पंजाब पुलिस के एडीजीपी (सिक्योरिटी) को इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी मुल्तानी की सुरक्षा मांग पर खतरे का विस्तृत और निष्पक्ष आकलन (थ्रेट असेसमेंट) करें। इस आकलन के दौरान उसके पुराने आपराधिक संबंध, वर्तमान गतिविधियां, हालिया धमकियां और पंजाब में चल रही गैंगवार की स्थिति जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। इसके लिए एडीजीपी (सिक्योरिटी) को 20 दिनों का समय दिया गया है, जिसके अंदर उन्हें पूरे मामले की जांच कर अंतिम फैसला लेना होगा। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मुल्तानी को वास्तविक और गंभीर खतरा है, तो उसे तुरंत उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। यह सुरक्षा उसकी जरूरत और खतरे के स्तर के अनुसार तय की जाएगी, ताकि उसकी जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में नेशनल हाईवे-11 पर बुधवार देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से एक स्कॉर्पियो गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में स्कॉर्पियो चालक घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे बेनीसर-लखासर के बीच यह हादसा हुआ। अज्ञात वाहन ने स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में गांव जेतासर निवासी 30 वर्षीय धीरज पुत्र गोपालदास स्वामी घायल हो गए। उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही आपणी गांव सेवा समिति की क्विक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल पहुंचाया। वहीं, टोल प्लाजा कर्मियों ने भी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क किनारे करवाते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू करवाई। फिलहाल अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच जारी है।
झुंझुनूं शहर में अनुशासनहीनता और वर्दी की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले एक पुलिसकर्मी पर गाज गिरी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) कावेंद्र सिंह सागर ने सरेराह हंगामा और हुड़दंग करने के आरोप में कांस्टेबल निर्मल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी कांस्टेबल वर्तमान में पुलिस लाइन में तैनात था। दरअसल, मंगलवार को रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य सड़क पर कांस्टेबल निर्मल की शर्मनाक हरकतें देखने को मिली थीं। कांस्टेबल ने न केवल यातायात को बाधित किया, बल्कि वहां से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों के सामने हाथ जोड़कर उनके पैर पकड़ने लगा। इस दौरान उसने काफी देर तक सड़क के बीचों-बीच हंगामा किया, जिससे लोग परेशान होते रहे। इस पूरे ड्रामे का वहां मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया था। इसके बाद बुधवार को दैनिक भास्कर डिजिटल पर खबर प्रकाशित हुई और वीडियो दिखाया गया। वीडियो में कांस्टेबल युवकों के साथ बहस करता और अजीब हरकतें करता साफ नजर आ रहा था। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर सार्वजनिक स्थान पर ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद बुधवार को कांस्टेबल निर्मल को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।
अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर के पूरक मंदिरों पर धर्म ध्वजा आरोहण का क्रम लगातार आगे बढ़ रहा है। शिव मंदिर में ध्वजारोहण के बाद अब छठे पूरक मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण की तिथि भी तय हो गई है। परकोटे के वायव्य कोण पर बने मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर 29 मई को साध्वी ऋतंभरा और उनके संगठन दुर्गा वाहिनी की महिला पदाधिकारी ध्वजा फहराएंगी। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण की तिथि तय होना बाकी परकोटे के बाहर और राम मंदिर के पीछे निर्मित शेषावतार मंदिर के शिखर पर भी जल्द ध्वजारोहण कराया जाएगा। यह कार्यक्रम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हाथों संपन्न होगा। हालांकि, अभी इसकी तिथि तय नहीं हो सकी है। ट्रस्ट जल्द ही इसका कार्यक्रम घोषित कर सकता है। 29 अप्रैल को शिव मंदिर पर सीएम न किया ध्वजारोहण इससे पहले परकोटे के ईशान कोण पर बने देवाधिदेव भगवान शंकर मंदिर के शिखर पर 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म ध्वजा फाहराया है। इस आयोजन को लेकर प्रशासन और ट्रस्ट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पंचायतन पद्धति से बने 7 पूरक मंदिर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य राम मंदिर के साथ पंचायतन पद्धति के अनुसार परकोटे में छह और उसके बाहर एक पूरक मंदिर का निर्माण कराया है। इन सभी मंदिरों पर चरणबद्ध तरीके से ध्वजारोहण किया जा रहा है, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक माहौल और भी प्रगाढ़ हो गया है। पहले भी हो चुके हैं कई ध्वजारोहण कार्यक्रम इससे पहले 29 अप्रैल को योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 दिसंबर को राम मंदिर की द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी पर मुख्य शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई थी। इसके बाद 26 मार्च को सूर्य मंदिर, 2 अप्रैल को हनुमान मंदिर और 11 अप्रैल को गणेश मंदिर पर भी ध्वजारोहण संपन्न हो चुका है। ट्रस्ट अब शेष बचे मंदिरों के कार्यक्रमों को भव्य बनाने की दिशा में जुटा है, जिससे अयोध्या में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला लगातार जारी रहे।
रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाइवे पर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई। एक्सीडेंट के बाद ड्राइवर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर शवगृह भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। मतृक की पहचान राजस्थान निवासी के रूप में हुई है। पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार राजस्थान मुंडावर के नांगल उदिया निवासी 58 वर्षीय मुकेश कुमार दिल्ली-जयपुर हाइवे से मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी काम से जा रहा था। जयपुर से दिल्ली की तरफ जाते समय जब निखरी फ्लाईओवर के पास पहुंची तो पीछे से ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक गिरने से मुकेश कुमार को ट्रक ने कुचल दिया और मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना एक्सीडेंट के बाद ड्राइवर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। राहगीरों व आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को देने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को अब सीसीटीवी का सहारा पुलिस की नजर अब घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी पर लगी हुई है। पुलिस सीसीटीवी को खंगालकर आरोपी ट्रक ड्राइवर और गाड़ी की पहचान करने का प्रयास करेगी।
शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने फिर बयान दिया है। अपना वीडियो जारी करके केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर गहरी आपत्ति की है।यति नरसिंहानंद ने कहा आजकल केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक बयान बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि आतंकवाद का ना को धर्म होता है। और ना ही कोई देश होता है। राजनाथ सिंह के बयान पर बोले यति यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा संघ और भाजपा से जुड़ा हर व्यक्ति पागलपन की पराकाष्ठा को पार करके उन्माद को प्राप्त हो चुका है क्योंकि कोई भी सामान्य ऐसी बात नहीं कर सकते, राजनाथ का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस भावना के अनुरूप है जिसके तहत हो भारतीय मुसलमानों का तृप्तिकरण करना चाहते हैं। इस्लाम की आधारभूत नियमावली कुरान और हदीस के अनुसार मुसलमानों का तृप्तिकरण तभी संभव है। जब वो सारी दुनिया के काफिरों, मुशरिको और अन्य दूसरे फिरके के मुसलमानों की हत्या करके उन सबकी महिलाओं को सामूहिक बलात्कार के बाद या तो मंडियों में बेच दें। उनके सभी मठ मंदिरों को तोड़ कर उन पर कब्जा कर ले और उनकी सभी धन सम्पत्ति को कब्जा ले। इससे पहले मुसलमानों का तृप्तिकरण संभव ही नहीं है। अब उसी गाइडलाइन का अनुसरण कर रहे हैं। सारी दुनिया आज समझ चुकी है यति नरसिंहानंद ने कहा राजनाथ सिंह का यह बयान भी उसी दिशा में एक और कदम है। आज सारी दुनिया अच्छी तरह से समझ चुकी है कि भारत के कायर और कमीने नेता जिसे आतंकवाद कहते हैं वो वास्तव में जिहाद है। यह जिहाद कुरान और हदीस के अनुसार इस्लाम का सबसे बड़ा पवित्र कार्य है जिसे किए बिना किसी मुस्लमान को अल्लाह की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। यह किसी भी मुसलमान का सबसे बड़ा कर्तव्य है और दुनिया का हर इस्लामिक देश इसे सर्वोपरि मानता है। केवल किसी कारण से दुनिया का हर इस्लामिक देश जिहाद का पूरी तरह से समर्थन करता है और जेहादियों को हर तरह का सहयोग देता है। आज हर सामान्य व्यक्ति समझ चुका है कि आतंकवाद का असली नाम जिहाद है जो इस्लाम के उसूलों पर आधारित है और सऊदी अरब, ईरान, इराक, कतर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से लेकर भारत तक का एक एक सच्चा मुसलमान इसका समर्थन और सहयोग करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हेट स्पीच से जुड़ी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अदालत संसद को कानून बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर कानून बनाना विधायिका का अधिकार है। अदालत केवल जरूरत की ओर ध्यान दिला सकती है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि नीति बनाना और कानून तैयार करना विधायिका के दायरे में आता है। अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। कोर्ट ने यह फैसला उन याचिकाओं पर दिया, जिनमें केंद्र सरकार को हेट स्पीच और अफवाह फैलाने से जुड़े कानूनों की समीक्षा कर नया कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट बोला- हेट स्पीच को लेकर कानून में कोई खालीपन नहीं बेंच ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा हेट स्पीच जैसे मामलों से निपटने के लिए सक्षम है। समस्या कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने में देरी या असमानता की है। कोर्ट के मुताबिक कई मामलों में कार्रवाई समय पर नहीं होती या एक जैसी नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि इस क्षेत्र में कोई कानूनी खालीपन है। कानून मौजूद हैं और उनमें ऐसे प्रावधान हैं, जो सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या समुदायों के बीच तनाव फैलाने वाले व्यवहार से निपट सकते हैं। दिक्कत कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने के तरीके में है। कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है या कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता। SC की 5 मुख्य बातें… ---------- ये खबर भी पढ़ें… 15 साल साथ रहे, बच्चा भी है, यौन उत्पीड़न कैसे:सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशन पर कहा-इसमें जोखिम, कोई कभी भी अलग हो सकता है सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि जब रिश्ता सहमति से था तो अपराध का सवाल कहां उठता है। महिला आरोपी के साथ 15 साल लिव इन रिलेशन में रही उससे उसे एक बच्चा भी है। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में महापौर निधि पर रोक को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश करते हुए इस रोक को पूरी तरह वैध बताया है। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 2 मार्च को जारी आदेश में केवल महापौर निधि पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए ग्वालियर की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि नगर निगम अधिनियम में महापौर निधि का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए इस पर रोक लगाना पूरी तरह कानूनी है। महापौर की ओर से दायर याचिका में इस आदेश को भेदभावपूर्ण और नियमों के विरुद्ध बताया गया है। इसमें सवाल उठाया गया है कि जब सभापति और पार्षद निधि जारी रखी गई हैं, तो केवल महापौर निधि पर ही रोक क्यों लगाई गई। महापौर ने 2 मार्च के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की है। अब 6 मई को होने वाली सुनवाई इस पूरे विवाद में अहम मानी जा रही है, जहां कोर्ट का रुख आगे की दिशा तय करेगा। याचिका में तीन मुख्य आपत्तियां रखी गई हैं
आगरा में इलाज के दौरान लापरवाही का बड़ा आरोप सामने आया है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। थाना सदर क्षेत्र के शहजादी मंडी स्थित बैजंती हॉस्पिटल में हुई इस घटना के करीब दो महीने बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। परिजनों का आरोप है कि गलत खून चढ़ाने से महिला की हालत बिगड़ी और उसकी जान चली गई। मृतका के पति सेवादास, निवासी भहाई मलपुरा के अनुसार 19 फरवरी 2026 को उनकी पत्नी ललिता को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद खून चढ़ाया गया, जिसके तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर योगेश ने गलत खून चढ़ा दिया, जिससे हालत गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल स्टाफ ने महिला को उपाध्याय हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब 2:30 बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से जांच रिपोर्ट मांगी थी। अब रिपोर्ट आने के बाद थाना सदर में बैजंती हॉस्पिटल के डॉक्टर योगेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 10वीं और 12वीं के बोर्ड रिजल्ट का ट्रेंड पिछले कुछ सालों में बदलता दिख रहा है। 2021 में दोनों क्लास का रिजल्ट बहुत अच्छा था, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आई। इसके बावजूद इस साल स्टूडेंट्स ने अच्छा परफॉर्म किया है। 10वीं में 4 स्टूडेंट्स ने टॉप-10 में जगह बनाई, जबकि 12वीं में 2 स्टूडेंट्स टॉप-10 में शामिल हुए हैं। 10वीं के रिजल्ट की बात करें तो 2021 में पासिंग परसेंटेज 100% था। इसके बाद 2022 में यह गिरकर 68.80% हो गया। 2023 में थोड़ा सुधार हुआ और 74.89% रहा, फिर 2024 में बढ़कर 76.86% तक पहुंच गया।2025 में दोबारा गिरकर 71.53% हो गया। इस साल 2026 में रिजल्ट और नीचे आकर 63.12% पर पहुंच गया। यानी 2021 के मुकाबले 10वीं का रिजल्ट करीब 36.88% कम हो गया है। अब 12वीं के रिजल्ट की बात करें तो 2021 में 98.73% स्टूडेंट्स पास हुए थे। 2022 में यह घटकर 78.46% हो गया। इसके बाद 2023 में थोड़ा सुधार हुआ और 81.91% रहा, फिर 2024 में बढ़कर 83.40% तक पहुंच गया। 2025 में हल्की गिरावट के साथ 82.96% रहा, जबकि 2026 में यह फिर कम होकर 77.91% पर आ गया। यानी 2021 के मुकाबले 12वीं का रिजल्ट करीब 20.82% घट गया है मैकेनिक की बेटी ने 12वीं में टॉप-5 में बनाई जगह साल 2024 में 10वीं की परीक्षा में 97.17% अंक लाकर टॉप-10 में 10वां स्थान पाने वाली रिया साहू ने इस साल 12वीं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 97.60% अंक हासिल कर टॉप-5 में जगह बनाई और प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया। रिया साहू पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, कुम्हारी की छात्रा हैं। पिता मैकेनिक हैं और मां गृहिणी हैं। रिया ने मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है। अब वह आगे JEE की तैयारी करना चाहती हैं। वहीं, 12वीं की परीक्षा में प्रदेश की टॉप-10 सूची में शासकीय स्कूल कैंप-1 के अंशु गुप्ता ने भी 10वां स्थान हासिल किया है। उन्हें 96.40% अंक मिले हैं। 10वीं में जिले से 4 स्टूडेंट टॉप-10 में शामिल 10वीं के रिजल्ट में दुर्ग जिले के 4 छात्रों ने प्रदेश के टॉप-10 में जगह बनाई है। साहिल बरेठ ने 98.50% अंक हासिल कर प्रदेश में चौथा स्थान पाया। इसके बाद तनुजा वर्मा ने 97.83% अंक के साथ 8वां रैंक हासिल किया। वहीं, शौर्य गहिने ने 97.67% अंक लेकर 9वां स्थान पाया। तुलसी साहू ने 97.50% अंक के साथ प्रदेश में 10वां स्थान हासिल किया। लड़कियों ने मारी बाजी 10वीं हो या 12वीं, इस साल भी लड़कियां आगे रहीं। 12वीं की बात करें तो कुल 13,585 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 13,498 परीक्षा में शामिल हुए और 13,480 का रिजल्ट जारी हुआ। कुल पास प्रतिशत 77.91% रहा। इसमें लड़कों का पास प्रतिशत 71.27% और लड़कियों का 82.43% रहा, यानी लड़कियां आगे रहीं। वहीं 10वीं में 16,517 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 16,467 का रिजल्ट जारी हुआ। कुल पास प्रतिशत 63.12% रहा। लड़कों का पास प्रतिशत 56.30% और लड़कियों का 68.52% रहा। यहां भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 10वीं: दुर्ग जिले के टॉप-10 स्टूडेंट्स दुर्ग जिले का 12वीं का रिजल्ट (इस साल) इस साल 12वीं में कुल 13,585 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया। इनमें 5,522 लड़के और 8,063 लड़कियां थीं। परीक्षा में 13,498 छात्र शामिल हुए, जबकि 87 छात्र अनुपस्थित रहे। 18 छात्रों का रिजल्ट निरस्त या रोक दिया गया। कुल 13,480 छात्रों का रिजल्ट जारी हुआ। रिजल्ट की बात करें तो 6,708 छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए। 3,657 छात्र सेकेंड डिवीजन और 137 छात्र थर्ड डिवीजन में पास हुए। वहीं 1,662 छात्र एक या दो विषय में फेल हुए, जबकि 1,315 छात्र पूरी तरह फेल रहे। कुल पास प्रतिशत 77.91% रहा। लड़कों का पास प्रतिशत 71.27% और लड़कियों का 82.43% रहा। यानी इस साल भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। दुर्ग जिले का 10वीं का रिजल्ट (इस साल) इस साल 10वीं में कुल 16,745 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया। इसमें 7,466 लड़के और 9,279 लड़कियां शामिल थीं। परीक्षा में 16,517 छात्र शामिल हुए, जबकि 228 छात्र अनुपस्थित रहे। 50 छात्रों का रिजल्ट निरस्त या रोक दिया गया। कुल 16,467 छात्रों का रिजल्ट जारी हुआ। रिजल्ट की बात करें तो 6,446 छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए। 3,752 छात्र सेकेंड डिवीजन और 196 छात्र थर्ड डिवीजन में पास हुए।वहीं 1,954 छात्र एक या दो विषय में फेल हुए, जबकि 4,119 छात्र पूरी तरह फेल रहे। कुल 10,394 छात्र पास हुए। कुल पास प्रतिशत 63.12% रहा। लड़कों का पास प्रतिशत 56.30% और लड़कियों का 68.52% रहा। यानी यहां भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 10वीं: पिछले 5 साल का रिजल्ट 12वीं: पिछले 5 साल का रिजल्ट
नगर निगम कमिश्नर को भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त के कार्यालय से एक नोटिस जारी कर सात दिन में तथ्यों के साथ जवाब तलब का निर्देश दिया है। नोटिस का कारण मुरैना सदर बाजार के सौंदर्यीकरण के वर्ष 2025 में खुले टेंडर को कैंसिल कर पुनः नई टेंडर करने को लेकर हुई शिकायत के चलते दिया गया है। जिस फर्म का टेंडर विधिवत खुला था उसका बिना किसी कारण बताओ नोटिस के टेंडर ठीक एग्रीमेंट से पहले कैंसिल कर दिया। जब उक्त फर्म के द्वारा सूचना का अधिकार लगाकर टैंडर कैंसिल होने की वजह नगर निगम से पूछी गई तो तो फर्म को कोई जानकारी नहीं दी गई। इस सूचना के अधिकार की अपील भोपाल तक की गई। जवाब नहीं मिलने पर फर्म मालिक ने भोपाल नगरीय प्रशासन आयुक्त से लिखित शिकायत की तो उनके द्वारा मुरैना कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भोपाल से आया नोटिस संचालन नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के मुख्य अभियंता प्रदीप एस मिश्रा के द्वारा नगर निगम कमिश्नर को भेजे नोटिस में निविदा क्रमांक2024-UAD -389904-1 में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के संबंध में की गई शिकायत जिसमे शिकायत कर्ता द्वारा 24.65 न्यनतम L 1 होने के कारण भी एग्रीमेंट की कार्यवाही नहीं की गई। शिकायत कर्ता को कोई नोटिस नदी दिया गया। सूचना के अधिकार से जब जानकारी मांगी गई तो क्यों नहीं दी गई। इन सबकी तथ्यों के साथ जानकारी जुटा 7 दिवस के भीतर जानकारी स्पष्ट कराएं। यह है मामला नगर निगम में ठेकेदार फर्म जे एम कस्ट्रक्शन प्रोपराइटर अनिल गुर्जर के द्वारा सदर बाजार में सौंदर्यीकरण के टेंडर में भाग लेते हुए सबसे कम रेत 24.65 प्रतिशत ब्लो रेट डालकर टेंडर फर्म के नाम दिनक 4 फरवरी 2025 को किया। टेंडर खुलने के बाद निविदा समिति की बैठक में भी विधिवत दिनांक 13 फरवरी 2025 को पास हुआ। यह टेंडर कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये का था । निविदा में पास होने के बाद सीएफ फर्म और नगर निगम के बीच एग्रीमेंट होना था 4 से 5 महीने एग्रीमेंट को टाले रहे बाद में एग्रीमेंट नहीं किया गए। टेंडर बिना कारण बताए कैंसिल कर दिया गया। भोपाल तक शिकायत जे एम कंट्रक्शन के संचालक अनिक गुर्जर के अनुसार वह लंबे समय से नगर निगम में काम कर रहा है । अभी कुछ समय से भ्रष्टाचार बड़ा है। उसे जो सौंदर्यीकरण का टेंडर विधिवत प्राप्त हुआ। उसे अधिकारियों और स्थानीय नगर निगम के नेताओं ने सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दिया क्योंकि मैने उन्हें एग्रीमेंट से पहले पांच लाख रुपए नहीं दिए। कैंसिल होने के बाद मैने सूचना का अधिकार से जानकारी चाही वह भी नहीं दी तो मैने प्रथम अपील 12 सितम्बर 2025 को और द्वतीय अपील 5 जनवरी 2026 को भोपाल में नगरीय प्रशासन आयुक्त सांकित भोदेव को की।1मार्च 2026 को लोकायुक्त और ई ओ डब्ल्यू में भी शिकायत दर्ज कराई। सूचना के अधिकार की जानकारी ना मिलने पर 17 अप्रैल 2026 को कोर्ट की शरण में भी गया हूं। 5 अप्रैल 2026 को भोपाल में आयुक्त से मिलकर फिर से शिकायत की थी। जिसके जवाब में अब कार्यवाही हुई है वह भी मुरैना नगर निगम कमिश्नर से जवाब मांगा है। पूरी जानकारी मुझे नहीं नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे के अनुसार इस मामले में नोटिस आया है पर पूरी जानकारी फाइल देख बता पाऊंगा। यह टेंडर कैंसिल हुआ था । जो भी होगा तथ्य के साथ लिख कर जवाब भेज देंगे। मेरा काम नहीं कमिश्नर जाने महापौर शारदा सोलंकी के अनुसार टेंडर खोलना, एग्रीमेंट करना कराना यह सब कमिश्नर का काम है वही जाने मेरा या मेरे परिवार के किसी व्यक्ति का कोई काम नहीं है। यह सब जो होता है उसके जिम्मेदार कमिश्नर है।
हाथरस में देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह दुर्घटना हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में मथुरा रोड पर गांव हतीसा के पास हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के नगला मोहन निवासी 22 वर्षीय रामकुमार पुत्र रमेश चंद्र के रूप में हुई है। रामकुमार टेंट का काम करता था। वह कल रात अपने दो परिचितों को हाथरस छोड़ने आया था और उसके बाद मथुरा के राया स्थित अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। इसी दौरान मथुरा रोड पर हतीसा के निकट एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा सूचना मिलने पर सरकारी एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची और रामकुमार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। दुर्घटना के बाद चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
फतेहाबाद जिले के भूना शहर में लेबर और ड्राइवरों के बीच हुए झगड़े के मामले में पुलिस ने अनाज मंडी लेबर प्रधान सुरेंद्र व उनके साथियों पर केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में तीन ड्राइवरों को चोट लगी थी। जिनमें से दो को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। वहीं, एक का फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चला। बता दें कि, भूना में गेहूं उठान के दौरान बाइक हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद ड्राइवरों और लेबर के बीच काफी झड़प हुई। अब पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इस मामले में पंजाब के लुधियाना जिला निवासी हरसिमनरजीत सिंह व महकप्रीत सिंह और फतेहाबाद के गांव नखटिया निवासी अमरजीत सिंह घायल हुए थे। 28 अप्रैल की शाम को हुआ था झगड़ा पुलिस को दिए बयान में गांव नखटिया निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि वह ट्रक चलाता है। अभी वह और उसके साथी अनाज मंडी भूना में गेहूं को ट्रकों में लोड करके गोदामों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। 28 अप्रैल को सुबह उनके साथी मूनक निवासी रिंकू के साथ गांव डूल्ट के गोदाम में गेहूं उतारते समय वहां पर काम करने वाली लेबर की कहासुनी हो गई। इसके बाद झगड़ा हो गया। जिस पर विजय ठेकेदार के मुनीम महेंद्र ने लेबर के प्रधान सुरेंद्र को आपसी बातचीत के लिए उकलाना रोड भूना पर बाबा धर्मकांटा पर बुलाया था। जहां पर वह और उसका कंडक्टर सूरज कुमार व अन्य गाड़ियों के ड्राइवर हरसिमरनजीत सिंह, महकप्रीत सिंह आदि गेहूं लादकर तोलने के लिए खडे़ थे। गाड़ी में रखे रुपए निकालने का भी आरोप अमरजीत ने बताया कि जब दोनों पक्षों की बातचीत हो रही थी, उसी समय आपसी कहासुनी में हमारी लड़ाई हो गई। इसके बाद भूना अनाज मंडी के कैशियर सुरेंद्र प्रधान ने अपनी लेबर को मौके पर बुला लिया और लेबर के साथ मिलकर उसे व अन्य ड्राइवर साथियों को घेरकर चोटें मारी। इसी झगडे़ में उसकी गाड़ी में रखे 95 हजार रुपए में से केवल 8800 रुपए मिले, बाकी गायब थे। झगडे़ का शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे होने लगे तो प्रधान सुरेंद्र व उसके लेबर साथी मौके से चले गए। उसके बाद उसे व उसके साथियों को इलाज के लिए भूना सीएचसी में दाखिल करवाया गया। जहां से डॉक्टर ने सभी को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद उसको परिजन फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पताल में ले आए जबकि बाकी दोनों को अग्रोहा भेजा गया। मामले की जांच की जा रही-एसएचओ भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि अमरजीत सिंह की शिकायत पर सुरेंद्र प्रधान को नामजद करते हुए उस पर व उसके साथियों पर केस दर्ज किया गया है। मामले की आगामी जांच चल रही है।
सिरसा में एक दोस्त की दूसरे दोस्त ने सिर पर ईंट मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान देवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम का जायजा लिया। जांच के लिए फोरंसिक टीम को भी बुलाया गया है। अभी मामले में जांच जारी है। जानकारी के अनुसार, ये घटना जिले के रोड़ी में हुई है और बुधवार रात्रि करीब 10.30 बजे से 11 बजे की है। मृतक देवेंद्र मूलरूप से बिहार का रहने वाला था। वह अपने दोस्त जानकार रवि सिंह के साथ अपने कमरे पर था। उसी वक्त दोनों ने पहले साथ में शराब पी। शराब पीने के बाद दोनों का आपस में झगड़ा हो गया। रवि ने पास में पड़ी इंटरलॉक ईंट उठाकर देवेंद्र के सिर पर मार दी। जिससे देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। रवि घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। रोड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोजपुर में दूल्हे की गाड़ी ने मासूम को रौंद दिया। इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई। रोड क्रॉस करने के दौरान हादसा हुआ है। मृतका की पहचान पनवारी निवासी संतोष पासवान की बेटी रिया कुमारी(6) के तौर पर हुई है। घटना सिकरहटा थाना क्षेत्र की है। फूफा विक्की कुमार ने बताया कि मंगलवार को गांव में पीरो से बारात आई थी। सड़क किनारे दूल्हे की गाड़ी लगी थी। रिया अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलने के दौरान अचानक गाड़ी के सामने आ गई। टक्कर लगते ही सड़क पर गिर पड़ी। आनन-फानन में अस्पताल लेकर गए। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पटना भेज दिया। काफी कोशिश के बाद भी उसकी जान नहीं बची। घर में मचा कोहराम बच्ची के पंजरी, पैर और सिर में गंभीर चोटें आई थी। पांच बहनों में तीसरे स्थान पर थी। परिवार में मां सुभांति देवी, बहन खुशबू, सरिता, दिव्या और रिया है। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पंजाब में आज दोपहर 12 बजे के बाद पावर सप्लाई लाइन में कोई फॉल्ट आता है तो उसे ठीक होने में घंटों लग जाएंगे। PSPCL में पावर कंप्लेंट सॉल्व करने वाला स्टाफ दोपहर 12 बजे से हड़ताल शुरू कर देगा। जिससे सप्लाई सिस्टम में आए फॉल्ट को दूर करने में रेगुलर कर्मचारयों को काफी वक्त लग जाएगा। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने पावरकॉम (PSPCL) और ट्रांस्को ठेका कर्मचारी यूनियन के साथ आज होने वाली बैठक मुल्तवी कर दी। बैठक मुल्तवी होने से यूनियन में भारी रोष है और यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बलिहार सिंह ने 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले टेक्निकल स्टाफ पहले से ही “वर्क टू रूल” मोड में काम कर रहा है। ऐसे में बिजली लाइन में कोई फॉल्ट या खराबी आने पर मरम्मत में भारी देरी हो सकती है और उपभोक्ताओं को लंबे पावरकट का सामना करना पड़ सकता है। 16 दिन की हड़ताल के बाद दिया था मीटिंग का टाइम पावरकॉम एंड ट्रांस्को ठेका मुलाजिम यूनियन पंजाब के प्रदेश प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि यूनियन ने 16 दिनों तक लगातार हड़ताल की थी। उस समय सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि ठेका कर्मचारियों को विभाग में नियमित करने समेत उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसी सिलसिले में 30 अप्रैल को वित्त मंत्री के साथ बैठक तय थी, लेकिन आखिरी वक्त पर बैठक रद्द कर दी गई। बलिहार सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार बातचीत से मुकर रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष फैल गया है। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगों का जल्द समाधान नहीं निकला तो संघर्ष तेज किया जाएगा। पावरकॉम में 5500 के करीब ठेका मुलाजिमयूनियन के प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि पावरकॉम (PSPCL) में करीब 5500 ठेका कर्मी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारयों के पास सबसे हाई रिस्क का काम है। बिजली सप्लाई लाइन की मेंटेनेंस, कंप्लेंट को सोल्व करना जैसे काम कर्मचारियों के पास हैं। कई ठेका कर्मचारियों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। हड़ताल का पब्लिक पर सीधा असर ठेका मुलाजिमों की हड़ताल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली फॉल्ट आने पर बहाली में काफी देरी, खासकर ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक पावरकट, ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहने की आशंका, गर्मी के बढ़ते मौसम में हालात और बिगड़ने की संभावना है। दरअसल टेक्निकल स्टाफ पहले से ही सीमित क्षमता में काम कर रहा है, इसलिए मरम्मत कार्यों में भारी देरी तय है। एक मई को हरपाल चीमा के घर का घेराव यूनियन ने 1 मई को संगरूर में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बलिहार सिंह ने बताया कि एक मई को संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर का घेराव करेंगे। इसके बाद बिजली मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास का घेराव भी किया जाएगा। बलिहार सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपने परिवारों और बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
सतना के हार्डवेयर गोदाम में चोरी के 2 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने 65 हजार का सामान बरामद किया
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने हार्डवेयर गोदाम में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का 65 हजार रुपये का सामान भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, कंपनी बाग स्थित शीतल खेड़ा निवासी पुराना पावर हाउस के हार्डवेयर गोदाम में कुछ बदमाशों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोरों ने सामान चुराने के बाद वहां दूसरा ताला लगा दिया और चाबी अपने साथ ले गए थे। बीते 19 अप्रैल को चोरी का पता चलने पर पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिरों और साइबर सेल की मदद से सुराग जुटाए। जांच के दौरान, पुलिस ने पुरानी आबकारी निवासी अमर उर्फ मोटू (42 वर्ष) पुत्र बद्री प्रसाद वर्मा और आकाश (32 वर्ष) पुत्र गुलाबचंद्र वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया 65 हजार रुपये कीमत का सामान बरामद किया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मैहर जिले में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को गुरुवार सुबह बड़ी राहत मिली। सुबह करीब 8 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। आसमान में काले बादल छाने से दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से सुकून मिला। पिछले कई दिनों से जिले का तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ था। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। पंखे और कूलर भी गर्मी कम करने में बेअसर साबित हो रहे थे। सुबह हुई इस बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। नागरिकों ने भीषण गर्मी से मिली राहत बारिश के साथ बादलों की तेज गर्जना और बिजली की कड़कड़ाहट भी हुई। तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में हल्का प्रभाव देखा गया, लेकिन कुल मिलाकर इस मौसम परिवर्तन ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। अचानक बदले मौसम से किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं आम नागरिकों ने भीषण गर्मी से मिली इस राहत का स्वागत किया। मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव की संभावना है, जिससे गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है।
बालोतरा पुलिस ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे 4 डंपर को जब्त किया है। वहीं 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से बजरी माफिया को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी रमेश ने बताया- अवैध खनन के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई एवं संदिग्ध ठिकानों को ध्वस्त कर अवैध खनन पर रोकने के लिए स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह पचपदरा डीएसपी विकास कुमार के सुपरविजन में कल्याणपुर थानाधिकारी भंवरसिंह के नेतृत्व में डीएसटी टीम और कल्याणपुर पुलिस ने गांव पिंडारण में कार्रवाई की। टीम ने बजरी से भरे वाहनों को रुकवाकर रवन्ना और परमिट को चैक किया गया। चार डंपर ड्राइवरों के पास कोई लीगल डॉक्यूमेंट नहीं मिला। इस पर पुलिस टीम ने चार डंपरों को जब्त किया गया। टीम ने गफूर खान पुत्र भंवरे खान निवासी जवारहपुरा पचपदरा, मदनलाल पुत्र धुडाराम निवासी सरवड़ी, चुतराराम पुत्र रुपाराम निवासी कल्याणपुर, भंवराराम पुत्र भीयाराम निवासी थोरियों की ढाणी, नागाणा मंडली को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अवैध बजरी खनन एवं परिवहन किए जाने पर ड्राइवरों के खिलाफ मामला दज्र किया गया। इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में डीएसटी एएसआई आईदानराम, उदयसिंह, धर्मेद्र कुमार, मुकेश कुमार और पचपदरा थाने के एएसआई जामीन खान, कांस्टेबल हरिराम और अभिषेक शामिल रहे।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दंपत्ति की मौत हो गई, जबकि उनकी एक साल की मासूम बच्ची को खरोंच तक नहीं आई। हादसा तिलवारा पुल पर रात करीब 11 बजे हुआ, जहां तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने पीछा कर वाहन को जब्त कर लिया, पर वाहन चालक फरार हो गया। माढ़ोताल निवासी नारायण उर्फ बंटी केवट (32) पत्नी शालनी केवट (30) को ससुराल दलपतपुर से लेकर घर ग्राम ओरैया जा रहे थे। गोद में एक साल की बच्ची भी थी। तिलवारा के बड़े पुल पर पहुंचते ही सफेद पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर लगते ही नारायण कई फीट ऊपर उछलने के बाद जमीन पर गिर गए, जबकि पत्नी शालनी तिलवारा पुल से करीब 50 फीट नीचे नर्मदा नदी में गिर गईं। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया स्थानीय लोगों की सूचना पर तिलवारा थाना पुलिस और डायल 108 मौके पर पहुंची। नारायण को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पुल के नीचे नर्मदा नदी में गिरी महिला को जब तक बाहर निकाला, तब तक उसकी भी मौत हो चुकी थी। तिलवारा थाना पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पर्स में रखे दस्तावेजों के आधार पर देर रात परिजनों को सूचना दी गई। सड़क किनारे पड़ी थी बच्ची घटना के समय मां की गोद में बैठी एक साल की बच्ची भी सड़क किनारे पड़ी थी, जिसे कि खरोंच तक नहीं आई। मौके पर पहुंचे लोगों ने बच्ची को उठाया और गले से लगा लिया। आज होगा पोस्टमार्टम दुर्घटना में मृत पति-पत्नी का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिवार वालों को सौंप दिए जाएंगे। सड़क किनारे खड़ा मिला वाहन थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और फौरन पिकअप वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही दूर पर वाहन यूपी 70 एमटी 8621 सड़क किनारे खड़ा मिला, जिसका चालक गायब था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि नारायण प्राइवेट जॉब करता था, उसकी पत्नी शालनी कई दिनों से मायके दलपतपुर में थी। बुधवार दोपहर वह बाइक क्रमांक एमपी 20 एमडब्ल्यू से लेने गया था। रात को पत्नी और बच्ची को लेकर जब वह वापस घर ग्राम ओरैया जा रहा था, तभी हादसा हो गया।
संभल में तापमान 3 डिग्री गिरा, अधिकतम 33 डिग्री:AQI 171 पहुंचा, धूप निकली, शाम तक आंधी की संभावना
संभल में मौसम सुहावना हो गया है। जिले में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो कल की तुलना में 3 डिग्री सेल्सियस कम है। आज सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 171 दर्ज किया गया है। गुरुवार सुबह 9 बजे पूरे संभल जनपद का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल धूप निकलने के साथ मौसम सामान्य बना हुआ है। हालांकि, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। रात में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। बीते बुधवार को सुबह डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हुई थी, लेकिन दिनभर मौसम सामान्य रहा। शाम 4 बजे तेज धूप निकलने के बाद गर्मी का असर फिर बढ़ गया था, हालांकि रात में मौसम फिर ठंडा हो गया। अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और पिछले 15 दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी। आज का तापमान पिछले 15 दिनों के मुकाबले 13 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। फरवरी-मार्च में हुई ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों की गेहूं, मक्का और सरसों की फसलें खराब हो गई थीं। इस समय किसान मेंथा की फसल की बुवाई कर रहे हैं। वर्तमान में हो रही बारिश से पानी वाली फसलों को लाभ होगा, क्योंकि बिजली की कमी के कारण फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। स्थानीय निवासी कुलदीप अग्रवाल के अनुसार, अप्रैल महीने में मई-जून जैसी गर्मी का अनुभव हुआ। कल हुई बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है और तापमान में भी गिरावट आई है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में बाजारों में रौनक कम थी।
गोंडा में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर के बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और अनिवार्य जानकारी के अभाव के कारण की गई है। प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए 'उम्मीद' (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल, स्थापना का समय, और मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए थे। निर्धारित सूचनाएं और पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया। हालांकि, यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है। बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया है। जिन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द हुआ है, उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 'उम्मीद' पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। दोबारा पंजीकरण के लिए आधिकारिक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पते का प्रमाण, मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा। विभागीय सूत्रों और वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों और मस्जिदों की है। सूची में छोटे मोहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा, दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यावसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं। जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं, जिनमें से एक तिहाई से अधिक पर यह कार्रवाई हुई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है। अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हैं, ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके। गोंडा वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने इसकी पुष्टि की है कि 371 संपत्ति का पंजीकरण खामियों के चलते निरस्त किया गया है।
हरियाणा के हिसार में सब्जी मंडी पुल पर CIA इंचार्ज पवन कुमार से हुए विवाद के मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने हिसार एसपी को एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। दुष्यंत चौटाला ने 23 अप्रैल को याचिका दायर की थी। इसमें हिसार पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने समेत कई आरोप लगाए। दुष्यंत का कहना है कि वह एसपी को चार बार कॉल कर चुके हैं, लेकिन उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। उनका यह भी आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में डीएसपी खुद दोषी हैं, फिर भी जांच उन्हीं को सौंपी गई है। वहीं इस मामले में दो और पिटीशन हाईकोर्ट में लगाई गई हैं। अब यहां पढ़िए पूर्व डिप्टी CM की पिटीशन में क्या... 1. जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग हाईकोर्ट में दायर याचिका में याची दुष्यंत ने मामले में आरोपियों के खिलाफ ना केवल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, बल्कि जांच को हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे, सीबीआई, चंडीगढ़ या पंजाब पुलिस को सौंपने का अनुरोध भी किया है। हिसार के पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने के चलते दुष्यंत चौटाला हाई कोर्ट पहुंचे हैं।2. जान से मारने की धमकी देने का आरोप दुष्यंत चौटाला की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 17 अप्रैल को हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया। इसमें सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में मौजूद पुलिस अधिकारी, जिनमें- इंस्पेक्टर पवन कुमार प्रमुख रूप से शामिल है, ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया। याची दुष्यंत ने कोर्ट को बताया कि वे वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी के तहत संरक्षित हैं। बावजूद इसके ऐसी घटना होना बेहद गंभीर है। याचिका के अनुसार उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि करते हुए अलग-अलग शिकायतें दी हैं, जिनमें जान से मारने की धमकी तक का जिक्र है। 3. झूठे मुकदमे दर्ज करने की साजिश याचिका के अनुसार हरियाणा पुलिस ने इस घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय याची के परिजनों और समर्थकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की। विशेषकर 7 अप्रैल की एक घटना को आधार बनाकर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है। दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट के समक्ष यह भी दलील दी कि घटना के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही एफआईआर दर्ज की गई है।4. साक्ष्य प्रभावित करने की आशंका याचिका के अनुसार मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई है। साथ ही कोर्ट से सीसीटीवी फुटेज समेत सभी संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। यहां पढ़िए पूरा विवाद... 1. विवाद की जड़ (GJU घटनाक्रम): 15 अप्रैल 2026 को जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में छात्र संगठन यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम करना चाहते थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर हंगामा हुआ। यूनिवर्सिटी प्रशासन का आरोप है कि छात्रों ने VC ऑफिस के गेट को तोड़ने का प्रयास किया और तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।2. जेजेपी के आरोप (पुलिस कार्रवाई पर सवाल): पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बदले की भावना से कार्रवाई की और उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। जेजेपी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में घरों में घुसकर छापेमारी की और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया।दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि CIA इंचार्ज ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की और बंदूक तानी।
जहानाबाद में तेज आंधी और बारिश के कारण एक मकान का छज्जा गिरने से चार लोग घायल हो गए। यह घटना काको थाना क्षेत्र के हाटी गांव में हुई। घटना के समय घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा था और बारात जाने की तैयारी की जा रही थी। राकेश कुमार ने बताया कि मकान के ऊपर टेंट लगा हुआ था। आंधी और पानी आने से टेंट उड़ने लगा, जिससे रेलिंग टूटकर गिर गई। इसमें चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे है। शादी समारोहों में बारिश ने डाला बाधा देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने कई अन्य शादी समारोहों में भी बाधा डाली। कई जगहों पर पंडाल उड़ गए, जबकि कुछ स्थानों पर पंडालों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बेमौसम बारिश के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में अभी तक नहीं आई बिजली आंधी के कारण बिजली आपूर्ति भी कई घंटों तक बाधित रही। बाद में बिजली विभाग ने आपूर्ति सामान्य की, हालांकि कुछ ग्रामीण इलाकों में अभी भी बिजली बहाल नहीं हो पाई है। विभाग बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटा है। आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे शादी-विवाह के इस मौसम में लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह जब टीम सिकंदरपुर गांव के पास संदिग्धों की तलाश में जुटी थी, तभी मुख्य आरोपी जीतू सैनी से आमना-सामना हो गया। खुद को घिरता देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें जीतू सैनी घायल हो गया।
अमेठी में तेज हवा के साथ बारिश:ओले गिरने के बाद से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली निजात
अमेठी में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। जिले में अचानक हल्की बारिश शुरू हो गई है। बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ हल्की हवाएं भी चल रही हैं। पिछले 24 घंटों से अमेठी का मौसम खराब बना हुआ है। बुधवार दोपहर को अचानक मौसम बदला था, जिसके बाद पूरे जिले में जोरदार बारिश के साथ ओले गिरे थे। तेज हवाओं के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ था। आज सुबह मौसम साफ था और धूप भी खिली हुई थी। हालांकि, सुबह करीब 8:30 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज गड़गड़ाहट के साथ हल्की बारिश फिर से शुरू हो गई, जो लगातार जारी है। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं, ठंडी बूंदों ने मौसम में हल्की ठंडक घोल दी है।बादलों की गड़गड़ाहट लगातार जारी हैं और अनुमान जताया जा रहा है कि अभी और बारिश होगी।
समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम तेज आंधी और बारिश से बिजली के पोल के साथ एक पेड़ घर पर गिर गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घटना पांड पंचायत स्थित वार्ड संख्या-2 के दास टोला की है। ग्रामीण प्रमोद कुशवाहा नेबताया कि आंधी-बारिश के दौरान सभी लोग घर के अंदर थे। इसी दौरान एक बड़ा पेड़ बिजली के पोल पर गिर गया, जिससे पोल तार सहित सीधे घर पर आ गिरा। हादसे में घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। लगातार हो रही बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग को तत्काल आपूर्ति बंद करने की सूचना दी गई है। जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जलजमाव से लोग परेशान तेज हवा और मूसलाधार बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया, निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टीन और फुस के छप्पर उड़ गया। कई इलाकों में आंधी के चलते बिजली गुल है।
उदयपुर का जगदीश मंदिर अपना 374वां पाटोत्सव मना रहा है। आज से दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। इस मंदिर का इतिहास का भी बड़ा रोचक है। लोक मान्यता है कि महाराणा जगत सिंह प्रथम को जगन्नाथ स्वामी ने स्वप्न में दर्शन दिए थे। उन्होंने उदयपुर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का संकेत दिया था। इसके बाद मेवाड़ के शासक महाराणा जगत सिंह प्रथम ने साल 1651 ईस्वी में मंदिर का निर्माण करवाया था। वैशाख पूर्णिमा पर इस मंदिर में भगवान की मूर्ति स्थापित की गई थी। 50 से ज्यादा स्तंभों पर खड़े इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर बारीक नक्काशी की गई है, जिसमें हाथी, घोड़े, नृत्य और विभिन्न पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे गए हैं। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। इस मंदिर के बारे का इतिहास के रोचक किस्से को पढ़िए- 1- मूर्ति प्रतिष्ठा के समय हुआ था चमत्कार जगदीश मंदिर के अंदर की सीढ़ियों पर पुजारी परिषद की ओर से इतिहास की जानकारी दी गई है। एक बार नियम भंग होने पर जगन्नाथ पुरी मंदिर के कपाट बंद हो गए थे, जिससे व्यथित होकर महाराणा ने अन्न-जल त्याग दिया था। तब भगवान ने उन्हें स्वप्न में आदेश दिया कि वे मेवाड़ में ही मंदिर बनवाएं। इसके बाद डूंगरपुर के शरण पर्वत से भगवान की प्रतिमा लाई गई थी। प्रतिष्ठा के समय चमत्कार हुआ था। भगवान को पहले चढ़ाए गए चार सोने के कड़े नई मूर्ति में स्वतः धारण हो गए। इसे भगवान के मेवाड़ आगमन का संकेत माना गया और महाराणा की श्रद्धा और भी दृढ़ हो गई। 2- जगन्नाथपुरी मंदिर में पहनाए कड़े प्रतिमा को करवाए थे धारण पुजारी परिषद के अनुसार- जब मूर्ति प्रतिष्ठा का समय नजदीक आया तो महाराणा जगत सिंह के मन में शंका उत्पन्न हुई कि प्रभु का पदार्पण इस प्रतिमा में होगा या नहीं। इसी विचार में सोये महाराणा को भगवान ने स्वप्न दिया कि जगन्नाथपुरी मंदिर में तुमने मुझे जो चार सोने के कड़े पहनाये थे, वो ही कड़े मूर्ति प्रतिष्ठा के समय इस नव प्रतिमा के हाथों में अपने आप धारण हो जाएंगे तो समझ लेना कि मैं मेवाड़ में आ गया हूं। वास्तव में ऐसा ही हुआ। तब महाराणा को विश्वास हो गया कि भगवान का मेवाड़ में पदार्पण हो गया है। इसके बाद महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने करीब 9 लाख रुपए की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और इसकी भव्यता को पुनः स्थापित किया। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली इस भव्य मंदिर का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा जगत सिंह प्रथम ने साल 1651 ईस्वी में करवाया था। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। 50 से ज्यादा स्तंभों पर खड़े इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर बारीक नक्काशी की गई है, जिसमें हाथी, घोड़े, नृत्य और विभिन्न पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे गए हैं। उदयपुर के राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के अनुसार- मंदिर ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है और सड़क स्तर से इसकी ऊंचाई लगभग 79 फीट है। पुजारी परिषद तलहटी से इसे 125 फीट ऊंचा बताते है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 32 सीढ़ियां बनाई गई हैं। गर्भगृह में काले पत्थर से बनी भगवान विष्णु (जगदीश) की चतुर्भुज प्रतिमा स्थापित है, जो अत्यंत आकर्षक और मनमोहक है। तीन मंजिल ऊंचा मंदिर है। यहां पर छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए डॉ. चंद्रशेखर शर्मा बताते है कि मंदिर परिसर में सूर्य, देवी, शिव और गणेश के छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए हैं, जो इसकी पंचायतन शैली को दर्शाते हैं। मंदिर में स्थापित विशाल प्रशस्ति शिलालेख मेवाड़ के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। मंदिर के वास्तुकारों-भाणा और मुकुंद थे और उनको उत्कृष्ट निर्माण के लिए महाराणा की ओर से जागीर देकर सम्मानित किया गया था। नरू बारहठ अपने 21 साथियों सहित हुए थे बलिदान कालांतर में देखें तो इस मंदिर ने संघर्ष भी देखा है। मुगल शासक औरंगजेब के काल में मंदिर पर आक्रमण हुआ था, जिसमें इसकी रक्षा करते हुए नरू बारहठ ने अपने साथियों के साथ बलिदान दिया था। महाराणा राजसिंह के समय औरंगजेब ने यहां पर आक्रमण किया था। तब जगदीश मंदिर की रक्षा के लिए नरू बारहठ अपने 21 साथियों सहित यहां पर बलिदान हो गए थे। इस ऐतिहासिक स्थल के बारे में तीन महीने पहले ही महत्वपूर्ण जानकारी युक्त शिलालेख यहां स्थापित किया गया था। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को यहां विशेष पाटोत्सव होता पुजारी परिषद के अनुसार- वि.स. 1708 दितीय वैशाखी पूर्णिमा को इसका प्रतिष्ठा समारोह हुआ था। धार्मिक परंपराओं के तहत प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को यहां विशेष पाटोत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार, अभिषेक, 56 भोग और ध्वजारोहण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
धौलपुर पुलिस जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए ऑपरेशन गरिमा अभियान चला रही है। एसपी विकास सांगवान के निर्देशन और एएसपी वैभव शर्मा के सुपरविजन में यह अभियान पूरे जिले में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को पुराना शहर टाउन चौकी इंचार्ज एएसआई लोकेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने निजी स्कूल की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को नए कानूनों के प्रावधान, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, राजकॉप सिटीजन ऐप सहित महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों, हॉस्टलों, सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानीएसपी सांगवान ने बताया कि ऑपरेशन गरिमा का उद्देश्य आमजन, युवाओं, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और उनी सजा के बारे में जागरूक करना है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के तहत जिलेभर के बालिका स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, गर्ल्स हॉस्टलों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन सहित ट्रेन, बस, जीप और ऑटो जैसे विभिन्न परिवहन साधनों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। पुलिस द्वारा महिला हेल्पलाइन 1090 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राएं जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़े किसानों के अपमान और राजद्रोह के बहुचर्चित मामले में आज स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) में अहम सुनवाई होगी। इससे पहले 3 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी और कोर्ट ने 16 अप्रैल को निर्णय के लिए तिथि नियत की थी। लेकिन उस दिन किसी कारण सुनवाई नहीं हो सकी और फैसला टल गया। इसके बाद अदालत ने 30 अप्रैल 2026 की नई तिथि तय की। अब इस पूरे मामले में आज की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां प्रार्थना पत्र और मुख्य प्रकरण दोनों पर कार्यवाही होगी। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत के विरुद्ध किसानों के अपमान एवं राजद्रोह से जुड़े मामले में आज न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2026 को मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी और इसके बाद कोर्ट ने 16 अप्रैल को निर्णय के लिए तिथि निर्धारित की थी, लेकिन उस दिन निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद कोर्ट ने 30 अप्रैल 2026 की तिथि नियत की, जिस पर आज सुनवाई होनी है। इसी बीच 21 अप्रैल 2026 को कंगना रनौत की अधिवक्ता द्वारा आगरा पहुंचकर कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इस प्रार्थना पत्र में कहा गया कि माननीय न्यायालय द्वारा वह वादी पक्ष को इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट पर बहस करने तथा पत्रावली में दस्तावेज अंकित करने का अतिरिक्त अवसर दिया गया, जिससे वादी पक्ष को महत्वपूर्ण लाभ मिला है। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष के इस प्रार्थना पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए 30 अप्रैल 2026 की तिथि इस पर सुनवाई के लिए नियत की थी। आज कोर्ट में इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के साथ-साथ मुख्य मामले में भी कार्यवाही की जाएगी, जिस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
वन स्टॉप सेंटर से लापता तीन नाबालिगों का सुराग नहीं:जबलपुर के बाद वाराणसी भेजी गई पुलिस टीम
सतना के जवाहर नगर स्थित वन स्टॉप सेंटर से पांच दिन पहले खिड़की की ग्रिल निकालकर भागीं तीन नाबालिग लड़कियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। इस मामले में पुलिस की चार टीमें साइबर सेल के साथ मिलकर सभी संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। परिजनों, परिचितों और जान-पहचान के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण भी किया जा रहा है। सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि पुलिस की एक टीम को जबलपुर और दूसरे दस्ते को वाराणसी भेजा गया है। हालांकि, इन स्थानों से भी अब तक कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। लड़कियों के गायब होने के मामले में एक युवक का नाम सामने आया था, लेकिन जब पुलिस टीम उसके घर पहुंची तो पता चला कि वह पिछले 5-6 सालों से वहां नहीं आया है और घर पर ताला लगा है। नाबालिगों की तलाश के लिए आरपीएफ, जीआरपी और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की पुलिस से संपर्क किया गया है। महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश की पुलिस को भी अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया है कि गायब हुई लड़कियों में से एक नाबालिग गर्भवती भी है।
डीग सीएमएचओ डॉ. विजय सिंघल ने जिला अस्पताल में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगवाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन को इस टीके के महत्व के प्रति जागरूक भी किया। डॉ. सिंघल ने बताया कि यह टीका पहले केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध था, जिसकी लागत 4 से 5 हजार रुपए प्रति खुराक थी। अब सरकार ने इसे पूरी तरह फ्री कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। 9 से 14 साल की बेटी को जरूर लगवाएं टीकासीएमएचओ ने अपनी बेटी के साथ स्वयं टीका लगवाकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी 9 से 14 साल की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आयु वर्ग में टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी होता है। सर्वाइकल कैंसर से रोकथाम के लिए है HPV वैक्सीनडॉ. सिंघल ने यह भी बताया कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। भारत सहित विश्वभर में हर साल लाखों महिलाएं इस बीमारी से अपनी जान गंवाती हैं, जिसे समय पर टीकाकरण से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सभी पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रहा है। मरीजों को बेहतर सुविधाएं देन के उद्देश्य से अस्पताल को हाईटेक बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मई के दूसरे सप्ताह से PMCH के नए भवन परिसर में वाई-फाई सुविधा शुरू की जाएगी। आगे अस्पताल की पूरे सिस्टम को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। BSNL बिछा रही लीज लाइन, 40 लाख लागत अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा लीज लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है। इसमें करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कनेक्टिविटी की समस्या से मिलेगा छुटकारा PMCH के नए भवन परिसर में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों सभी को कनेक्टिविटी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वाई-फाई सुविधा शुरू होने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। हर फ्लोर पर मिलेगा फास्ट इंटरनेट वाई-फाई सुविधा के बाद अस्पताल के हर फ्लोर पर फास्ट इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध होगा। इससे मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों और स्टाफ के लिए भी कार्य प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी। ऑनलाइन रिपोर्ट देखने, मरीजों का डेटा अपडेट करने और अन्य डिजिटल सेवाओं का उपयोग अब बिना किसी रुकावट के संभव होगा। पेपरलेस सिस्टम की ओर बढ़ेगा अस्पताल अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ वाई-फाई सुविधा देना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को डिजिटल बनाना है। आने वाले समय में सभी विभागों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। मरीजों की फाइलें, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण और इलाज से जुड़ी सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इस पहल के बाद कागजी कार्यवाही पर निर्भरता कम होगी और PMCH पूरी तरह पेपरलेस सिस्टम की ओर अग्रसर होगा, जिससे इलाज की प्रक्रिया और भी सुगम होने की उम्मीद है। मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को मिलेगा। अभी अस्पताल में लंबी लाइनें लगती हैं और कागजी प्रक्रिया के कारण काफी समय बर्बाद होता है। लेकिन पेपरलेस सिस्टम लागू होने के बाद रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज तक की प्रक्रिया डिजीटल और तेज हो जाएगी। मरीजों को बार-बार अलग-अलग काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे भीड़भाड़ कम होगी और मरीजों को जल्दी इलाज मिल सकेगा। डॉक्टरों के लिए भी काम होगा आसान डिजिटल सिस्टम लागू होने से डॉक्टरों को भी काफी राहत मिलेगी। अभी मरीजों की फाइल ढूंढने और रिकॉर्ड देखने में समय लगता है, लेकिन डिजिटल डेटा उपलब्ध होने पर डॉक्टर तुरंत मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे। इससे सही और तेज इलाज संभव होगा। साथ ही इमरजेंसी की स्थिति में भी मरीजों का डेटा तुरंत उपलब्ध रहेगा, जिससे जान बचाने में मदद मिलेगी। पारदर्शिता और निगरानी में होगा सुधार पेपरलेस और डिजिटल सिस्टम लागू होने से अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। हर प्रक्रिया रिकॉर्ड में होगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी। इसके अलावा प्रशासन के लिए भी अस्पताल की निगरानी करना आसान होगा। कौन-सा विभाग कैसे काम कर रहा है, कितने मरीज आ रहे हैं, कितनी दवाएं इस्तेमाल हो रही हैं। इन सभी जानकारियों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। डिजिटल सेवाओं को विस्तार देने की योजना अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में मरीजों के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाएं भी शुरू की जा सकती हैं। इसके अलावा टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं को भी बढ़ावा देने की योजना है, जिससे दूर-दराज के मरीज भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे। बिहार के स्वास्थ्य सिस्टम में बड़ा बदलाव पीएमसीएच का यह कदम बिहार के स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इसे लागू किया जा सकता है। डिजिटल हेल्थ सिस्टम से न केवल मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का हाईटेक और पेपरलेस बनने की दिशा में उठाया गया यह कदम मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। अगर योजना समय पर और सही तरीके से लागू होती है, तो पीएमसीएच देश के सबसे आधुनिक सरकारी अस्पतालों में शामिल हो सकता है।
मथुरा में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पुलिस महकमे में फेरबदल किया है। जारी इस प्रशासनिक बदलाव के तहत कई निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक कमलेश सिंह को थाना छाता से स्थानांतरित कर थाना कोसीकलां का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक उमेश चन्द्र त्रिपाठी को थाना जैत से हटाकर छाता थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षक जगदम्बा सिंह को मॉनीटरिंग सेल से स्थानांतरित कर थाना नौहझील का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अरविन्द निर्वाल को पुलिस लाइन से मॉनीटरिंग सेल का प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक सोनू सिंह को नौहझील से स्थानांतरित कर जैत थाने का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में निरीक्षक प्रमोद कुमार को थाना जैत से हटाकर वृन्दावन थाना में अतिरिक्त निरीक्षक अपराध द्वितीय के पद पर तैनात किया गया है। निरीक्षक विवेक कुमार को जैत से नौहझील में अतिरिक्त निरीक्षक अपराध के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, उपनिरीक्षक संजीव कुमार को थाना जैत से स्थानांतरित कर कोतवाली के कृष्णानगर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपनिरीक्षक विपिन तोमर को कृष्णानगर चौकी से हटाकर जैत थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। एसएसपी श्लोक कुमार द्वारा किए गए इस फेरबदल को जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन नई तैनातियों से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और अपराध नियंत्रण में प्रभावी मदद मिलेगी।
आज के कॉम्पिटिशन के दौर में जहां कई युवा करियर को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं, वहीं 24 साल की मेहंदी तोषनीवाल ने कम उम्र में सीएस बनकर और फिर एजुकेशन फील्ड चुनकर अलग रास्ता बनाया। 21 साल में सीएस बनने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जॉब छोड़ी और अब प्राइवेट इंस्टीट्यूशन के प्लेटफार्म पर GEN Z गुरु और GEN Z एजुकेटर के रूप में हजारों स्टूडेंट्स को पढ़ा रही हैं। उनका पढ़ाने का तरीका आसान और समझने लायक है, जिससे स्टूडेंट जल्दी सीख पाते हैं। वे स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। मेहंदी कहती है कि मैं फ्यूचर में यह देखना चाहती हूं कि जितने भी बच्चे अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, उन्हें एजुकेशन प्रोवाइड कर सकूं और उनकी जिंदगी में चेंज ला सकूं। जब वे सोचें कि उन्हें सीएस बनना है, तो उनके दिमाग में मेरा चेहरा आए कि हां, इनकी तरह सीएस बनना है, ऑल इंडिया रैंक अचीव करनी है और कम एज में सीएस बनकर सबको प्राउड फील करवाना है। सक्सेस का रास्ता आसान नहीं होता मेहंदी तोषनीवाल ने बताया- 21 साल की उम्र में कंपनी सेक्रेटरी की डिग्री पूरी की। यह सफलता पहली कोशिश में हासिल की और सीएस एग्जीक्यूटिव लेवल पर ऑल इंडिया रैंक 21 लाई। सीएस की तैयारी के दौरान सफर आसान नहीं था। रोजाना 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की और कई बार खुद को एक कमरे तक सीमित रखना पड़ा। इस दौरान सोशल लाइफ लगभग खत्म हो गई, जिससे मेंटल प्रेशर बढ़ा और सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हुआ। कई बार वे डिमोटिवेट भी हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सक्सेस का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन लगातार एफर्ट से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। लॉ सब्जेक्ट बना स्ट्रॉन्ग प्वाइंट मेहंदी ने कहा- शुरू से लॉ (कानून) सब्जेक्ट में रुचि थी। सीएस की पढ़ाई में कंपनी लॉ और अन्य लीगल सब्जेक्ट उन्हें समझने में आसान लगे। जहां कई स्टूडेंट्स इसे रटने वाला सब्जेक्ट मानते हैं, वहीं इसे समझकर पढ़ा और प्रैक्टिकल तरीके से अप्लाई करने पर जोर दिया, इसी वजह से उन्होंने इस सब्जेक्ट को स्ट्रांग प्वाइंट बनाया और बाद में इसे पढ़ाने का फैसला लिया। कॉर्पोरेट जॉब छोड़ चुना टीचिंग सीएस बनने के बाद उन्होंने अहमदाबाद में करीब एक साल कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। जॉब सुरक्षित थी, लेकिन उन्हें अपने काम में संतुष्टि नहीं मिली। उन्हें महसूस हुआ कि उनका असली जुनून कुछ और है। बचपन से पढ़ाने का शौक होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर एजुकेशन और मेंटरशिप को चुना। कम उम्र में टीचिंग, शुरुआत में चुनौतियां टीचिंग के क्षेत्र में कदम रखने के बाद मेहंदी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कम उम्र होने के कारण कई लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते थे और उन्हें कई बार स्टूडेंट समझ लिया जाता था। लेकिन उन्होंने अपने पढ़ाने के तरीके से धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। आज वे सीएस एग्जीक्यूटिव के SBIL सब्जेक्ट को आसान तरीके से समझाने के लिए जानी जाती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी पहुंच मेहंदी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहती हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए वे स्टूडेंट्स को पढ़ाती है। उनके कंटेंट से स्टूडेंट्स को पढ़ाई और करियर दोनों में मदद मिलती है। उनके वीडियो और पोस्ट्स स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ मोटिवेट भी करते हैं और समझाने की कोशिश करती हैं कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि यह लगातार कोशिशों का परिणाम होती है। हजारों स्टूडेंट्स के लिए रोल मॉडल आज मेहंदी हजारों स्टूडेंट्स के लिए मोटिवेशन बन चुकी हैं। खासकर जो कम उम्र में सीएस बनना चाहते हैं, उनके लिए वे एक रोल मॉडल हैं। वे स्टूडेंट्स को मेंटल स्ट्रॉन्ग बनने और फेलियर से सीखने की सलाह देती हैं। सीएस से मिलती है इंडिपेंडेंस मेहंदी का कहना है कि सीएस केवल डिग्री नहीं, बल्कि इंडिपेंडेंस और फ्रीडम देता है। इससे व्यक्ति अपने फैसले खुद ले सकता है और अपने सपनों को पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैं फ्यूचर में यह देखना चाहती हूं कि जो बच्चे अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, उन्हें एजुकेशन मिले। उनकी जिंदगी में चेंज लाना चाहती हूं। परिवार का मिला सपोर्ट मेहंदी की शुरुआती पढ़ाई बिरला शिक्षा केंद्र से हुई। उन्होंने मुंबई से ऑनलाइन क्लास लेकर सीएस की तैयारी की। उनके पिता गोविंद लाल तोषनीवाल कांकरोली में एसबीआई बैंक में मुख्य प्रबंधक हैं और मां साधना हाउस वाइफ हैं। उनका छोटा भाई 22 साल की उम्र में पहली कोशिश में CA एग्जाम क्लियर कर चुका है।
सतना में भीषण गर्मी के बीच बुधवार रात से मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। गुरुवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 28.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, बुधवार को दिन भर तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी से खास राहत नहीं मिली थी। उमस और तपिश ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से स्थिति में सुधार हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश-हरियाणा में बने ऊपरी चक्रवात के कारण एक ट्रफ लाइन मणिपुर से मध्य प्रदेश तक बनी हुई है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाओं के साथ होने की संभावना है।
सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़े डंपरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर की चपेट में आने से 45 वर्षीय किसान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा रही थी। लेकिन परिजन बिना कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए। मामला थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भूसा भरकर उत्तराखंड के हसनावाला से सहारनपुर के रसूलपुर गांव की ओर जा रही थी। ट्रॉली में कई लोग सवार थे। जैसे ही वाहन अमानतगढ़ स्थित नानकसर ढाबे के पास सर्विस रोड पर पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात डंपर ने ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रैक्टर को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ट्रैक्टर के बोनट पर बैठे रसूलपुर निवासी इरशाद उर्फ भूरा (45) सड़क पर गिर पड़े। गिरते ही वो डंपर के पहियों के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों से शव का पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया, लेकिन परिजनों के इनकार के बाद पंचनामा भरकर शव उन्हें सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़े डंपर बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। खास बात ये है कि स्कूल आने-जाने के समय भी ये वाहन बेखौफ चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। खनन के डंपर लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। कुछ महीने पहले भी एक परिवार के 5 लोगों की हादसे में मौत हुई थी। उनकी गाड़ी के ऊपर खनिज का डंपर गिर गया था। लेकिन आज तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शाहजहांपुर में देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक कप्तान सिंह (33) की मौत हो गई। कप्तान सिंह मजीदपुर ग्राम प्रधान मंगू के भाई थे। यह घटना भटपुरा चंदू ओवरब्रिज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। परिजनों के अनुसार, कप्तान सिंह किसी काम से कस्बे में गए थे और रात करीब 11 बजे अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। थाना पुवायां क्षेत्र के भटपुरा चंदू ओवरब्रिज के पास पहुंचते ही उनकी बाइक को एक बोलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कप्तान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के परिवार को जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने फरार बोलेरो चालक की तलाश भी शुरू कर दी है। कप्तान सिंह खेतीबाड़ी करके पत्नी नीलेश, पांच साल के बेटे सार्थक और एक साल की बेटी बिट्टू का पालन पोषण करते थे। मृतक कप्तान के बड़े भाई मंगू ग्राम प्रधान हैं। रात करीब 11 बजे कप्तान कस्बे में किसी काम से आए थे। वापस लौटते समय बोलेरो ने पीछे से टक्कर मारी। जिसके बाद बोलेरो डिवाइडर पर चढ़ गई और चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। टक्कर लगने से बाइक सवार कप्तान सिंह की मौके पर मौत हो गई।
छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया में बुधवार को एक तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सलैया निवासी 13 वर्षीय प्रिंस अहिरवार (पिता राधाचरण अहिरवार) और 13 वर्षीय अभी अहिरवार (पिता हल्ले भाई अहिरवार) बुधवार को घर से तालाब में नहाने गए थे। बताया गया है कि दोनों बच्चे बिना किसी वयस्क की निगरानी के तालाब में उतरे थे। गहराई में जाने के कारण वे डूब गए और बाहर नहीं निकल पाए। जब बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तालाब के पास पहुंचने पर ग्रामीणों की सहायता से दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार दुर्गेश तिवारी के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनोज गोयल ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो मासूमों की एक साथ मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
भरतपुर मोती महल पर झंडा विवाद के दौरान मनुदेव सिनसिनी ने मोती महल का गेट तोड़ा था। इस मामले में पुलिस ने 28 अप्रैल को मनुदेव सिनसिनी को नदबई से गिरफ्तार किया था। कल कोर्ट में उन्हें पेश किया गया। पुलिस ने उन्हें 1 दिन की रिमांड पर लिया। आज उनकी रिमांड पूरी हो जाएगी। आज फिर से उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब देखने बात है कि पुलिस फिर से उनकी रिमांड मांगती है। कोर्ट उन्हें बेल देती है या फिर उन्हें जेल जाना पड़ेगा। समाज के लोगों ने झंडा लगाने का किया था एलान मोती महल पर युद्ध ध्वज और रियासतकालीन ध्वज को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान 19 सितंबर 2025 को समाज की तरफ से एक पंचायत करने का एलान करते हुए मोती महल पर झंडा रियासतकालीन झंडा लगाने का एलान किया गया था। 21 सितंबर 2025 को मोती महल के चारों तरफ, शहर में जगह-जगह और बॉर्डर इलाकों में पुलिसबल तैनात किया गया था। 21 सितंबर को तोड़ा था मोती महल का गेट 21 सितंबर की देर रात मनुदेव सिनसिनी ने अपनी कार से मोती महल के पीछे का गेट तोड़ा। साथ ही उन्होंने यह पूरी घटना अपने सोशल मीडिया पेज से लाइव भी की थी। इस घटना के बाद 22 सितंबर को मथुरा गेट थाने में एक FIR दर्ज करवाई गई। जिसमें 8 लोगों के नाम थे। 7 महीने के बाद मनुदेव को किया गया गिरफ्तार पुलिस ने 7 महीने के बाद मनुदेव सिनसिनी को नदबई से गिरफ्तार कर लिया है। कल उन्हने कोर्ट में पेश किया था। पुलिस ने कोर्ट से 3 दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन, कोर्ट ने सिर्फ 1 दिन की रिमांड दी। रिमांड के दौरान पुलिस ने कहा था कि जिस मोबाइल से वीडियो बनाया गया था उसे बरामद नहीं किया गया है। आज फिर से कोर्ट में मनुदेव की होगी पेशी मनुदेव को यह घटना करने के लिए किसने उकसाया उन लोगों के नाम पता करने हैं। 1 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद आज फिर से मनुदेव सिनसिनी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज फिर से पुलिस रिमांड मांग सकती है। वहीं पुलिस मनुदेव की रिमांड बढ़ा सकती है। उन्हें बेल भी दे सकती है या फिर मनुदेव को जेल जाना पड़ेगा।
लुधियाना में AAP की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद उर्फ लक्की अब कानूनी शिकंजे में घिर गए हैं। लेडी प्रिंसिपल के साथ अश्लील चैट करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस इस मामले की डबल इंक्वायरी कर रही है। एक तरफ साइबर सेल चैटिंग और कॉल रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूरे प्रकरण की जांच एसीपी नॉर्थ को सौंपी गई है। पुलिस लेडी प्रिंसिपल का मोबाइल कब्जे में लेगी और उसके जरिए आईपी एड्रेस, कॉल डिटेल्स और वॉइस सैंपल लेकर आरोपी की आवाज की पुष्टि करेगी। लेउी प्रिंसिपल साइबर सेल के पास पेश हो गई है और उनके बयान ले लिए गए हैं। साइबर सेल ने उनसे मोबाइल मांगा है। हालांकि उन्होंने अभी पुलिस को मोबाइल नहीं दिया है। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि इस बारे में अपने वकील से बात करेगी और फिर मोबाइल जांच के लिए देगी। (पढ़ें पूरी खबर) जालंधर में इंडियन ऑयल डिपो के पास दो टैंकरों में आग लगी जालंधर के सुंची पिंड स्थित इंडियन ऑयल डिपो के पास पार्किंग में खड़े दो तेल टैंकरों में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दूर-दूर तक धुआं दिखाई दिया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोनों टैंकर जलकर खाक हो गए। गुरदासपुर निवासी टैंकर ड्राइवर राजू ने बताया कि उसने अपना टैंकर इंडियन ऑयल डिपो के पास पार्किंग में खड़ा किया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पार्किंग में खड़े एक टैंकर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, और तेज हवा के चलते आग ने राजू के टैंकर को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे पार्किंग में मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। (पढ़ें पूरी खबर)
आजमगढ़ में युवक की हत्या करने वाला गिरफ्तार:कूलर को लेकर झगड़ा हुआ था, चाकू से हमला किया
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व शादी समारोह में जयमाल के समय कूलर की हवा को लेकर हुए विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी नीरज निषाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है। एक दिन पूर्व शादी समारोह में कूलर की हवा को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद चाकूबाजी की गई थी इस चाकू बाजी में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिनमें एक की मौत हो गई। जबकि तीन का इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले के बड़ी संख्या में अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को घटना के खुलासे के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में नीरज निषाद सहित 9 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। कंट्रोल फायरिंग में हुई गिरफ्तारी जीयनपुर थाने के नए प्रभारी विनय कुमार सिंह रात्रि में अपनी टीम के साथ मुबारकपुर तिराहे के पास चैकिंग कर रहे थे इसी दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का इशारा किया पर वह भागने लगे। और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में एक अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगी है जबकि दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फरार और आरोपी की पहचान आशीष निषाद और सोनू निषाद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर बारात में विवाद में शामिल था। जिसमें चाकू लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। आरोपी के कब्जे से तमंचा कारतूस भी बरामद किया गया है।
उत्तर प्रदेश चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन और सीतापुर शिक्षा संस्थान द्वारा 22 से 29 अप्रैल 2026 तक एक राज्य स्तरीय चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फ़िडे (FIDE) द्वारा मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में रायबरेली के भाई-बहन आभास कुमार श्रीवास्तव और आभ्या श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रायबरेली निवासी आभास कुमार श्रीवास्तव ने अंडर-19 श्रेणी में अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने इसी प्रतियोगिता की अंडर-17 श्रेणी में भी अपनी प्रतिभा दिखाते हुए चौथा स्थान हासिल किया। इसी प्रतियोगिता में, आभास की बहन सुश्री आभ्या श्रीवास्तव ने अंडर-9 बालिकाओं की श्रेणी में चौथा स्थान प्राप्त किया। दोनों भाई-बहनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उनकी माँ डॉ. भावना श्रीवास्तव जनपद में वरिष्ठ कोषाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के एक सुरक्षित ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक लाख रुपए के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सागेन दस्ते का सक्रिय सदस्य था। लंबे समय से पुलिस की सूची में वांछित था। मुठभेड़ के बाद इलाके में चलाए गए सर्च अभियान में हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है। इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। 45 मिनट तक चली गोलीबारी, भागे अन्य नक्सली पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात गोइलकेरा के दुगुनिया गांव में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के आरोप में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया उर्फ चांबरा की हत्या कर दी थी। घटना के बाद सागेन अंगरिया के नेतृत्व में नक्सली दस्ते के सदस्य कोल्हान के जंगलों में छिप गए थे। इसकी खुफिया सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने गोइलकेरा और टोंटो क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान बुधवार तड़के रूटुगुटू जंगल में नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक फायरिंग हुई, जिसमें इसराइल पूर्ति मारा गया। सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ता देख अन्य नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। सुरक्षित रास्ते दिखाने में था एक्सपर्ट इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सदस्य माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में संलिप्तता के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। उसकी मौत को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कोल्हान में सक्रिय 20-30 नक्सलियों का दस्ता एसपी अमित रेणु ने बताया कि कोल्हान के जंगलों में 20 से 30 हथियारबंद नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सैकड़ों जवान इलाके में तैनात कर घेराबंदी की गई है। जानकारी के मुताबिक, नक्सली सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान के जंगलों में डेरा जमाए हुए हैं। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलियों के बढ़ते मूवमेंट पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
यह हादसा रात करीब 1 बजे लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/300 के निकट हुआ। कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह जल गया।
मैरिज सिंडिकेट का इनामी बदमाश गिरफ्तार:शादी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को दबोचा
डीग जिले में पुलिस ने शादी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले 'मैरिज सिंडिकेट' को बड़ा झटका दिया है। डीग की डीएसटी और कैथवाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपये के इनामी बदमाश याहया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपी याहया फर्जी मैरिज ब्यूरो के मास्टरमाइंड सैकुल का भाई है। ये दोनों भाई नीमला गांव से ठगी का यह गिरोह चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी याहया के खिलाफ अकेले कैथवाड़ा थाने में 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। चारों तरफ से घेरकर दबोचाएसपी शरण कांबले ने बताया कि 28 अप्रैल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। एएसआई जोगेंद्र सिंह और डीएसटी प्रभारी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में टीम ने नीमला चौराहे पर घेराबंदी की। इनामी बदमाश याहया ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। यह बदमाश लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार था और उस पर 5,000 रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने याहया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी से इलाके के उन लोगों ने राहत की सांस ली है जो इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए थे।
महिलाओं ने निर्धन परिवारों को दिया गृहस्थी का सामान:तीन बेटियों के विवाह में की आर्थिक सहायता
टीकमगढ़ में निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए दो महिला संगठन आगे आए हैं। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन ने एक बेटी के विवाह में आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान भेंट किया, जबकि राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन ने दो अन्य बेटियों के विवाह के लिए गृहस्थी का सामान प्रदान किया। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन की सदस्य नीतू द्विवेदी ने बताया कि एक आर्थिक रूप से कमजोर बेटी की मां ने विवाह के लिए मदद मांगी थी। संगठन की महिलाओं ने इस पर चर्चा की और बुधवार रात बेटी के विवाह में पहुंचकर आर्थिक मदद के साथ गृहस्थी और सुहाग का सामान भेंट किया। वहीं, राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन की ओर से शिवानी खेवरिया ने जानकारी दी कि दो बेटियों के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण संगठन की महिलाओं ने उनकी मदद का बीड़ा उठाया। संगठन ने मिलकर दोनों बेटियों को विवाह के लिए आवश्यक सामान भेंट किया। इस अवसर पर सभी महिलाएं अपनी ओर से भी उपहार लेकर पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन की सदस्य शिवानी खेवरिया, रजनी रावत, कल्पना शर्मा, ऊषा दीक्षित, गीता मिश्रा, शशि शुक्ला, रामकुमारी द्विवेदी, नीरज द्विवेदी और रेखा शर्मा मौजूद रहीं। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन की ओर से नीरज द्विवेदी, मधु मिश्रा, प्रीति उपाध्याय, रिचा शर्मा, हेमा रानी द्विवेदी, मालती तिवारी, सौरभ शर्मा, राघवेंद्र तिवारी, बंटी तिवारी और रुद्र पुरोहित शामिल रहे।
जींद और करनाल जिले की सीमा पर जम्मू-कटरा नेशनल हाईवे किनारे तेली खेड़ा गांव के पास एक कार में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये की यह कार जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कार में कोई मौजूद नहीं था। मामले में जांच अब असंध पुलिस पुलिस को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, कार मोहम्मद खेड़ा गांव के रास्ते पर खड़ी थी। अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी कार को घेरे में ले लिया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कार मोहम्मद खेड़ा गांव के एक युवक की थी। युवक ने इसे सितंबर 2024 में फाइनेंस पर खरीदा था और इसकी कई किस्तें अभी भी बकाया थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए अलेवा थाना पुलिस ने जांच शुरू की थी। हालांकि, भौगोलिक सीमा असंध क्षेत्र में आने के कारण अब यह मामला असंध थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। अलेवा थाना प्रभारी आत्मा राम ने बताया कि तेली खेड़ा के पास कार में आग लगने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि कार फाइनेंस पर थी और उसकी कई किस्तें बकाया थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह पोपड़ा गांव की जमीन है, जो असंध थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
लखनऊ से बुढ़वल जा रही ट्रेन में यात्रियों के बैग गलती से बदल गए। दोनों बैगों में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य कीमती सामान था, जिसकी कुल कीमत करीब 5.56 लाख रुपए बताई गई। सूचना मिलते ही GRP और RPF क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कुछ घंटों में बैग ट्रेस कर दोनों यात्रियों को उनका सामान सुरक्षित लौटा दिया। घटना ट्रेन संख्या 15203 की है। गोमतीनगर निवासी सुप्रिया शबनम अपने परिवार के साथ S-3 कोच की सीट नंबर 19 पर यात्रा कर रही थीं। उनके पास लाल रंग का बैग था, जिसमें जेवरात, नकदी और कपड़े रखे थे। उसी कोच में सीट नंबर 17, 18 और 20 पर अन्य यात्री भी सफर कर रहे थे, जो बुढ़वल स्टेशन पर उतर गए। बैग बदलने की सूचना GRP को दी उतरते समय वे गलती से सुप्रिया का बैग अपने साथ ले गए और अपना बैग वहीं छोड़ गए। बैग बदलने की जानकारी होने पर सुप्रिया ने तुरंत GRP को सूचना दी। इसके बाद अपराध आसूचना शाखा लखनऊ और RPF पोस्ट बुढ़वल की टीम हरकत में आई। अधिकारियों ने सर्विलांस, मोबाइल डेटा और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से बैग लेकर उतरे यात्री की पहचान की। जांच के दौरान टीम सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा क्षेत्र स्थित गोंडा देवरिया गांव पहुंची, जहां ओमकार नामक यात्री के पास महिला का बैग बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि दोनों यात्रियों के बैग गलती से आपस में बदल गए थे। 5.56 लाख रुपए का सामान वापस मिला जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार एक बैग में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य सामान समेत करीब 5.36 लाख रुपए का माल था, जबकि दूसरे बैग में लगभग 25 हजार रुपए कीमत के जेवर व कपड़े थे। दोनों बैगों की कुल कीमत 5.56 लाख रुपए आंकी गई। इसके बाद दोनों पक्षों को RPF पोस्ट बुढ़वल बुलाकर सत्यापन कराया गया और उनका सामान सही-सलामत वापस सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी सर्विलांस और ग्राउंड इंटेलिजेंस के चलते लाखों रुपए का सामान सुरक्षित बरामद कर लिया गया। वहीं, सुरक्षित सामान वापस मिलने पर यात्री ने खुशी जाहिर की है।
सुनील नरवार निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए:धौलपुर सफाई कर्मचारी यूनियन ने किया चुनाव
धौलपुर नगर परिषद सभागार में सफाई कर्मचारियों की एक बैठक हुई। इस बैठक में सुनील नरवार को सफाई कर्मचारी यूनियन का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि यूनियन का एक अध्यक्ष चुना जाना आवश्यक है, ताकि उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके बाद सभी कर्मचारियों के पूर्ण समर्थन से सुनील नरवार को सफाई कर्मचारी यूनियन का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। यह चुनाव कर्मचारियों की एकजुटता को दर्शाता है।नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करवाना रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ उनके हित में कार्य करेंगे। अध्यक्ष चुने जाने के बाद सभागार में मौजूद कर्मचारियों ने सुनील नरवार का जोरदार स्वागत किया और जयघोष के नारे लगाए। बैठक का समापन कर्मचारियों की एकजुटता और संगठन को और अधिक मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
राजधानी जयपुर के अलग-अलग इलाकों से एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। मुरलीपुरा, विद्याधर नगर, गणपति नगर और झोटवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो, टूटी सड़कें, सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी और सड़कों पर अतिक्रमण जैसी समस्याओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कहीं सड़कों पर बहता सीवर लोगों की आवाजाही में बाधा बन रहा है, तो कहीं जाम और बदबू से हालात बिगड़ रहे हैं। हालांकि, भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए जब लोगों ने अपनी समस्याएं उठाईं, तो कुछ मामलों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर राहत भी दी। खासतौर पर लक्ष्मी नारायण पुरी इलाके में बंद पड़ी रोड लाइट्स को ठीक करवाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली नगर निगम की XEN निधि जैन आज की ‘पब्लिक के स्टार’ बनीं। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। श्री निवास नगर की सड़कों पर बह रहा सीवर का पानी मुरलीपुरा के श्री निवास नगर से नीरज ने बताया कि रोड नंबर-6 स्थित सब्जी मंडी के पास पिछले 4 से 5 दिनों से सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण आसपास का माहौल खराब हो गया है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। टूटी सड़क पर बह रहा सीवर का पानी विद्याधर नगर के नींदड़ गांव से अनीता ने खराब सड़क और सीवर की दोहरी समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि गांव की सड़क लंबे समय से टूटी हुई है और उसकी मरम्मत नहीं हुई है। ऊपर से सीवर का पानी भी सड़क पर बह रहा है, जिससे हालात और खराब हो गए हैं। लोगों को रोजाना आने-जाने में दिक्कत हो रही है और बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कचरे से भरा गणपति नगर का पब्लिक टॉयलेट गणपति नगर के जैकोब मार्ग से सुरेश कुमार शर्मा ने सार्वजनिक शौचालय की बदहाली की शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि जगदीश महाराज मंदिर के सामने बने सुलभ शौचालय में पिछले 6 महीनों से कचरे और गंदगी का ढेर लगा हुआ है। इससे न तो शौचालय उपयोग के लायक बचा है और न ही आसपास का वातावरण स्वच्छ रह पाया है। क्षेत्र में लगातार बदबू फैल रही है और लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ठेले वालों के कारण हो रही जाम की समस्या झोटवाड़ा की गुलाब बड़ी कॉलोनी से आशीष ने सड़क पर ठेले वालों के अतिक्रमण की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल सेंटर से बोरिंग चौराहा तक सड़क पर ठेले वालों का कब्जा है। स्थिति ऐसी है कि गाड़ी तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खासतौर पर शाम के समय यहां जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। सीवर की समस्या का हुआ समाधान वहीं कुछ इलाकों में ‘भास्कर समाधान’ के जरिए राहत भी मिली। शास्त्री नगर की ललिता कॉलोनी से शंकर जांगिड़ ने एक साल से भरे पड़े सीवर चैंबर की समस्या उठाई थी। उन्होंने बताया था कि सीवर चैंबर भरा होने से आसपास गंदगी फैल रही थी। शिकायत प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीवर की सफाई करवाई और समस्या का समाधान किया। इससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। लक्ष्मी नारायण पुरी इलाके से राजेंद्र खींची ने बताया कि पिछले दो दिनों से पूरी गली की रोड लाइट्स बंद थीं, जिससे रात के समय हर तरफ अंधेरा रहता था। लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता थी और चोरी-दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी। समस्या सामने आने के बाद नगर निगम की XEN निधि जैन ने तुरंत संज्ञान लिया और लाइट्स को ठीक करवाया। आज की 'पब्लिक के स्टार' बनीं निधि जैन निधि जैन की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण इलाके में रोशनी लौट आई और लोगों को राहत मिली। इसी वजह से उन्हें आज की ‘पब्लिक के स्टार’ के रूप में सराहा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी अधिकारी इसी तरह तेजी से कार्रवाई करें, तो शहर की कई समस्याएं जल्द हल हो सकती हैं। ‘भास्कर समाधान’ लगातार आमजन और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी बनता जा रहा है। जहां लोग अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख रहे हैं, वहीं जिम्मेदार विभाग भी समाधान की दिशा में सक्रिय हो रहे हैं। यही पहल शहर को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर की कई कॉलोनियों की जनता परेशान:गंदा पानी, गलियों में अंधेरा, टूटी सड़कें; जानिए JEN राहुल अग्रवाल कैसे बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.जयपुर में मूलभूत सुविधाओं की कमी से जनता परेशान:कचरे से भरे नाले, बंद लाइट और जाम नालियां, AEN बालूराम गुर्जर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान का असर:अंधेरा, गंदगी और हादसों के खतरे के बीच कई इलाकों को मिली राहत; AEN बालूराम गुर्जर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान का असर,समस्याएं आने पर जिम्मेदार ले रहे एक्शन:कई इलाकों में हरकत में आया प्रशासन, JEN संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 5.जयपुर में 3 साल से अंधेरे में नारायण वाटिका:आगरा रोड पर उफनती सीवर लाइन; शिकायतों के बाद जागा प्रशासन 6.जयपुर में लापरवाह सिस्टम दे रहा हादसों को न्योता:कहीं खुला सीवर, तो कहीं झूलते बिजली तार, एक्शन में आईं XEN निधि जैन 7.भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद जनता को मिली राहत:स्ट्रीट लाइट और पार्क की समस्याओं का हुआ समाधान, JEN संगीता बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 8.जयपुर में भास्कर समाधान का बड़ा असर:जनता को मूलभूत समस्याओं से मिली राहत, मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 9.जयपुर में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता परेशान:अंधेरा, गंदगी और जाम सीवर के बीच कई इलाकों में हुआ समाधान, संदीप मीणा बने आज के पब्लिक के स्टार 10.जयपुर में जलभराव, खुले सीवर से हादसे का खतरा:भास्कर समाधान पर शिकायतों का हुआ समाधान, संगीता बनीं आज की ‘पब्लिक के स्टार’
हिंदी फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर राजस्थान में चर्चा में बना हुआ है। ट्रेलर में दिखाई गई बाइक (लूना), आस्था और चमत्कार वाली कहानी सीधे ओम बन्ना धाम (बुलेट बाबा) से मेल खाती नजर आ रही है। राजस्थान की लोक आस्था के बड़े प्रतीक पर बनी इस फिल्म को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। कोई इसे अंधविश्वास पर तंज कह रहा है तो कोई हास्य व्यंग्य की कहानी मान रहा है। फिल्म के लेखक-निर्देशक ऋत्विक पारीक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इन्हीं सवालों के खुलकर जवाब दिए… सवाल : ट्रेलर रिलीज के बाद राजस्थान के दर्शकों से क्या रिएक्शन मिला है? जवाब : ट्रेलर से हमें अच्छा ही रेस्पॉन्स मिला है। हालांकि लोगों के मन में थोड़े सवाल भी हैं कि क्या आप सही चीज तो दिखा रहे हो न? अब ये तो आप जब फिल्म देखोगे तो अपने आप समझ में आ जाएगा कि सब कुछ सही है। इसमें हमने ऐसा कुछ दिखाया नहीं है जो सही नहीं हो। सवाल : डुग डुग फिल्म से बतौर लेखक और डायरेक्टर आप क्या कहना चाहते हैं? जवाब : लोगों को ट्रेलर देखकर लग रहा है कि ये अंधविश्वास पर है या धर्म पर सवाल कर रही है। पर यह फिल्म पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि आपके विचार ही आपकी वास्तविकता को आकार देते हैं। ये ठीक उसी तरह है कि जब आप किसी चीज में बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं तो वो मैनिफेस्ट हो जाती है। ऐसे में इस बिलीफ और मैनिफेस्टेशन का जरिया कुछ भी हो सकता है- ये एक बाइक भी हो सकती है, एक मूर्ति भी हो सकती है और बिना किसी माध्यम के भी हो सकता है। आपकी सोच ही आपका यूनिवर्स बनाती है, हम इस फिल्म में यही एक्सप्लेन करना चाहते हैं। सवाल : इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते समय आपने ओम बन्ना धाम की घटना को कितना फॉलो किया और कितना फिक्शन बनाया? जवाब : ये मिक्स है। हमने डायरेक्ट उन पर नहीं रखा है। हमें सरकार ने भी कहा था कि आप ये बताओ कि आपने नाम, कास्ट और कुछ भी ऐसा मेंशन नहीं किया है। इसीलिए हमने बाइक बदल दी और बाकी सब चीजें भी बदली हैं। हालांकि ये थोड़ा उनसे सिमिलर ही है, जितना हम कर सकते थे। बाकी कुछ फिक्शन भी हैं, जैसे नाट्य रूपांतरण। हमने ये भी सुनिश्चित किया है कि किसी को कुछ बुरा न लगे। ऐसा कुछ इस फिल्म में रखा ही नहीं है तो सेंसर भी ये देखकर हैरान था कि अब इसमें कट कहां लगाएं। हमने फिल्म में रंग भी लिए तो इसका भी पूरा ध्यान रखा कि ये ऐसे हों कि अलग दिखें। क्योंकि हमारे यहां लाल रंग दुर्गा माता का हो गया, शिव जी के लिए कुछ लोग काला रंग मानते हैं और हरा रंग इस्लाम का हो गया। ऐसे में हमारे सामने ये भी चैलेंज था कि इनके लिए रंग क्या काम में लें। तो बाद में ये आइडिया आया कि इनकी गाड़ी का ही रंग काम में लेंगे। सीट का रंग गुलाबी और बॉडी नीली है तो मुख्य किरदार ठाकुर साहब के जाने के बाद लोगों ने यही कलर उठा लिए और वो कलर ही उनकी आइडेंटिटी बन जाते हैं। सवाल : ओम बन्ना (बुलेट बाबा) की सच्ची घटना आपको पहली बार कब और कैसे पता चली? जवाब : मेरी दादी मां ने इसके बारे में मुझे बताया था। मैं खुद जयपुर से हूं तो पूरा बचपन यहीं मालवीय नगर के आस-पास ही बीता है। दादी मां मुझे खाटू श्याम जी, सालासर और कई मंदिरों में ले जाती थीं तो ये सब देखा हुआ ही है। अब ये याद नहीं है कि वहां पहली बार कब गया था। आप जयपुर में हैं तो गोविंददेव जी कैसे पता हैं? बस यही मामला है। शायद मैं नौवीं क्लास में था जब हम जोधपुर गए थे, तब की बात होगी। तब लगा था कि कमाल है भाई, ये क्या चीज है! बाद में इसी इंस्पिरेशन को लेकर फिल्म बनाई है। सवाल : फिल्म में मुख्य किरदार की मौत के बाद बाइक (लूना) का ‘चमत्कार’ दिखाया गया है? क्या आपने असली ओम बन्ना घटना के गवाहों या स्थानीय लोगों से बात की थी? जवाब : हां, उनकी कहानी तो हमने सुनी हुई है। मैं सीधा जोधपुर और पाली के अपने रिश्तेदारों को फोन लगाता था और वो बताते थे। इसके अलावा न्यूज पर भी काफी मटेरियल था। फिल्म में एक सीन है कि जब रिपोर्टर आता है तो वो भी एंड तक बुलेट पर ही दिखता है। ये आइडिया हमें एक न्यूज से ही मिला था। स्टोरी की रिसर्च तो ऐसी है कि सब देखा हुआ है, पर जो मेन रिसर्च थी वो आर्ट और डिजाइनिंग में थी। इसके लिए हमने पेंटिंग्स का सहारा लिया था। हमने पिक्चर में काफी चीजें लोगों को पेंटिंग्स के जरिए भी समझाने का प्रयास किया है। ये लोकल हैंड पेंटर ने किया और इसमें काफी मेहनत लगी है। सवाल: फिल्म में कॉमेडी-सटायर के रूप में क्यों चुना गया? जवाब : मैं इस फिल्म से दोनों पॉइंट ऑफ व्यू बताना चाह रहा था। लोग देखें तो उन्हें लगे कि ये क्या है? इसीलिए हमने जब इसे ग्लोबली दिखाया तो फिल्म के बीच में इंटरवल के समय डिस्क्लेमर डाला कि ये रियल घटना पर बनाई गई फिल्म है। अगर हम ये स्टार्टिंग में डाल देते तो उन्हें लगता कि ऐसे ही लिख रखा है। अब ज्यादा मैं आपको बता नहीं सकता, लेकिन फिल्म के अंत में आप मानेंगे कि सटायर तो है, पर इसके साथ ही वो पहलू भी समझेंगे कि कुछ ऊपरी ताकतें हैं, जिन्हें डिस्क्राइब नहीं किया जा सकता, पर वो हैं। इंसान का काम ही यही है कि ऐसी चीजों के लिए सवाल करो। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म रिलीज के बाद कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस मान सकते हैं? आप ऐसे विवाद को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब : अब जब कोई फिल्म देखेगा तो उसे पता चल जाएगा कि कुछ पावर तो है। बाकी जिसने नहीं देखी है, उसे तो क्या ही कह पाऊंगा। आप फिल्म देखेंगे तो समझ ही जाएंगे कि मैंने अपना काम सही से कर दिया है। बाकी मैं इस बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं। मेरा क्लियर फंडा है, जिसे मैंने अपने कमरे की दीवार पर भी लिख रखा है कि अगर आप निडर हैं तो ज्यादा सोचते नहीं हैं और जो सच्ची सोच है वो निडरता से ही आती है। मेरा तो काम ही सोचना और लिखना है। ये बिल्कुल ईमानदारी वाली बात है। अब जो होगा, वो देखा जाएगा। एंटी-सिपेट (पूर्वानुमान) नहीं करना है। आज आप कुछ भी सच्चाई दिखाओगे तो ये तो होगा ही। अगर ज्यादा सोचेंगे तो फिर सच्ची घटनाओं को आप लिख ही नहीं पाओगे। सवाल: मुख्य किरदार को 40 साल का शराबी ठाकुर बनाया गया है और बाकी भी शराब का काफी कनेक्शन है, यह क्या है? जवाब : ये सब फिल्म में मैंने बता रखा है और फिल्म देखने पर ज्यादा क्लियर भी हो ही जाएगा। ये भी उसी थॉट शेपिंग रियलिटी का ही असर है कि आप कुछ भी प्रसाद चढ़ा रहे हो। पुराने जमाने में बलि देकर उसे चढ़ाया जाता था। आपके अंदर आपने जो बिलीफ बैठा लिया है तो वो काम करता है। ये तो मैं भी मानता हूं और शायद यूनिवर्स का नियम है। सवाल : क्या आपने ओम बन्ना परिवार से अनुमति लेने के लिए प्रयास किया…उनसे कोई बात हुई थी? जवाब : जब फिल्म का आइडिया आया और मैंने इसे बनाने का काम शुरू किया था तो मैं बच्चा ही था। मतलब 27 साल का था और जोश-जोश में ही ये फिल्म बना दी थी। वहां मंदिर भी गया था और पूछताछ की, पंडित जी से भी बात हुई थी। लेकिन वो ही था कि आप इंस्पिरेशन तो ले ही सकते हो। अब फिल्म डायरेक्टली बनाओ तो ही पूछोगे। सवाल: अगर ओम बन्ना परिवार या स्थानीय लोग फिल्म देखने आएं तो आप उनसे क्या कहना चाहेंगे? क्या उन्हें फिल्म देखने बुलाया है? जवाब : अभी ये मैंने सोचा नहीं है। वो भी फिल्म देखने के बाद समझ जाएंगे और उन्हें फिल्म देखने के लिए बुलाने के बारे में तो प्रोड्यूसर ही कुछ बता सकते हैं। मैं तो बस फिल्म कंप्लीट करने में लगा हुआ हूं। बाकी इसके बारे में देखते हैं। सवाल: आपने राजस्थान के कितने मंदिरों (बुलेट बाबा सहित) का दौरा किया? इसमें सबसे हैरान करने वाली बात क्या थी? जवाब : मेहंदीपुर बालाजी, करणी माता मंदिर आदि कई मंदिर गया। मेहंदीपुर बालाजी हमेशा से मेरे लिए कुछ खास रहा है। वहां हमेशा लगता है कि बाप रे इधर मत जाओ, उधर मत जाओ, ये मत खाओ। लेकिन अब अगली फिल्म कोई हॉरर सटायर तो नहीं आ रही है, बल्कि कॉस्मिक हॉरर है। दूसरी बिल्कुल जयपुर की ही स्टोरी है। हालांकि अभी इन दोनों के बारे में ज्यादा नहीं बता सकता। दुनिया में इधर-उधर देखते हैं तो कई फनी एलिमेंट्स सामने आते हैं लेकिन अब धार्मिक और आस्था के टॉपिक को शायद ही दोबारा फिल्म में रखूं। जो कहना था वो इसी फिल्म से कह दिया है। सवाल : राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति, बोली और लोक-परंपराओं को फिल्म में कितनी जगह दी गई है? जवाब : ये पूरी फिल्म ही करीब-करीब राजस्थानी भाषा में ही है। क्योंकि सब कुछ जयपुर के आस-पास में ही फिल्माया गया है तो इसमें जयपुर की ही लोकल लैंग्वेज है। आर्टिस्ट भी यहीं के हैं। एक आर्टिस्ट जो भरतपुर से ट्रांसफर होकर आता है वो अपने भरतपुरी स्टाइल में बोलता है। बाकी कुछ-कुछ हिंदी भी है। सवाल : TIFF (टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ) 2021 में प्रीमियर के बाद 5 साल इंतजार और अब 8 मई 2026 को फिल्म रिलीज हो रही है, इतना गैप क्यों रहा? जवाब : पहले दिन से यही था कि हमें ये थिएटर में ही रिलीज करनी है। ये फिल्म भी इसी तरह से थिएटर के अंदाज में ही डिजाइन की गई है। टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसका पहला प्रीमियर IMAX में हुआ था, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्क्रीन्स में से एक है। इसके बाद हमें कॉन्फिडेंस आया और बाद में इसे थिएटर में लाने के लिए ही इतना समय लगा। सवाल: पहली फिल्म होने के नाते अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, विक्रमादित्य मोटवानी और वासन बाला जैसे नामों को एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के रूप में पाना कैसा लगा? जवाब : एक और नाम है रंजन सिंह, जो बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बैक एंड पर सब कुछ देख रहे थे। इनके अलावा भी जो बाकी लोग फिल्म से जुड़े हैं, उनसे फिल्म को बहुत सपोर्ट मिलता है। ये सब बहुत बड़े नाम हैं। जाहिर सी बात है कि उन्हें इसमें कुछ अच्छा लगा होगा। इन सभी का जुड़ना बहुत ही अच्छी बात है और मैं तो बेहद ग्रेटफुल फील कर रहा हूं। मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि इस फिल्म से इतने सारे लोग जुड़ेंगे। सब कहते हैं कि धैर्य का फल मीठा होता है तो हमें इन सबके साथ थोड़ा ज्यादा ही मीठा फल मिल गया है। अब देखते हैं आगे क्या होता है। जयपुर के रहने वाले हैं फिल्ममेकर जयपुर में जन्मे और पले-बढ़े ऋत्विक पारीक एक फिल्ममेकर, लेखक और इलस्ट्रेटर हैं, जो वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एक विज्ञापन एजेंसी में आर्ट डायरेक्टर के रूप में की थी। वहां उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले विज्ञापन अभियानों पर काम किया। एक साल बाद उन्होंने ये एजेंसी छोड़ दी और फिल्म मेकिंग में करियर बना लिया। ‘डुग डुग’ एक सटायर और कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म को ऋत्विक पारीक ने ही लिखा है। इस फिल्म को अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, विक्रमादित्य मोटवानी और वसन बाला जैसे फिल्ममेकर बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सपोर्ट कर रहे हैं। क्या है ओम बन्ना की कहानीओम बन्ना का पूरा नाम ओम सिंह राठौड़ था। वे राजस्थान के पाली जिले के चोटिला गांव के ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के पुत्र थे। 1988 में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद पुलिस ने बाइक को रोहट थाने में रख दिया। दावा किया जाता है कि इसके अगले दिन वो बाइक थाने से गायब होकर दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने फिर बाइक ले जाकर तेल खाली किया, चेन से बांधा और सुरक्षा बढ़ाई। फिर भी बाइक बार-बार थाने से भागकर उसी जगह पर लौट आती। इसी चमत्कार के दावे के चलते बाद में उन्हें बुलेट बाबा कहा जाने लगा। धीरे-धीरे वहां ओम बन्ना धाम बन गया, जहां बाइक को फूल-माला चढ़ाकर पूजा जाता है।
बरेली के क्योलड़िया थाना क्षेत्र में नाबालिग युवती से दुष्कर्म के दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग युवती के साथ 28 अप्रैल को दुष्कर्म की घटना हुई थी, पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को धर दबोचा। जिसमें साकिब और मुनीश पर युवती को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। केस दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। पीड़िता को धमकाने की भी मिली थी शिकायतपुलिस को 29 अप्रैल को सूचना मिली कि दोनों आरोपी पीड़िता के परिवार पर दबाव बना रहे हैं। आरोप था कि साकिब और मुनीश तमंचा दिखाकर पीड़िता को केस वापस लेने की धमकी दे रहे थे। इस इनपुट के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई तेज कर दी और दोनों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर मंदिर के पास घेराबंदीरात करीब 11 बजे पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि दोनों आरोपी मधुनगला मंदिर के पास बाइक और हथियारों के साथ खड़े हैं और किसी वारदात की फिराक में हैं। उपनिरीक्षक देशराज सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम करीब पहुंची, दोनों आरोपी बाइक से भागने लगे। कच्चे रास्ते पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसी दौरान साकिब ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ साकिबजवाबी फायरिंग में साकिब के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। घायल आरोपी को तुरंत नवाबगंज सीएचसी भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दूसरा आरोपी चाकू के साथ गिरफ्तारघटना के दौरान ही पुलिस ने दूसरे आरोपी मुनीश को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।
भगत सिंह सेना के सुप्रीमो और देवली-उनियारा क्षेत्र से उप चुनाव लड़ चुके नरेश मीणा बुधवार देर रात घाड़ थाने के पास सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचाने पर थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वे शादी से लौटते समय थाने से 40-50 मीटर दूर लहूलुहान हालत में पड़े बाइक सवार को देखकर रुके। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने एसपी को जानकारी दी, जिसके बाद करीब दस मिनट में कार की व्यवस्था कर घायल को दूनी हॉस्पिटल भेजा गया। शादी से लौटते समय दिखा घायल नरेश मीणा ने बताया कि वह दूनी क्षेत्र के मुगलाना गांव में धाकड़ समाज की शादी में शामिल होकर रात करीब 9 बजे नगरफोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान घाड़ थाने से करीब 40-50 मीटर दूर सड़क हादसे में एक बाइक सवार गंभीर हालत में पड़ा मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि दूनी निवासी भागचंद मिस्त्री रोड पर सांड आने से हादसे का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप ग्रामीणों ने बताया कि सूचना के बाद भी पुलिस ने घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि थाने में मौजूद लक्ष्मण सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि उनके पास कोई जीप नहीं है और कोई सहायता नहीं की गई। घायल के सिर पर बांधी साफा घायल के सिर से लगातार खून बहता देख नरेश मीणा ने अपनी साफा उसके सिर पर बांधी और प्राथमिक मदद दी। इसके बाद वे थाने पहुंचे, जहां उन्हें कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। थाने में बैठकर किया विरोध पुलिसकर्मियों के रवैये से नाराज होकर नरेश मीणा थाने में ही धरने पर बैठ गए और एसपी को पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान सोशल मीडिया पर सूचना फैलने पर उनके समर्थक और आसपास के लोग भी थाने पहुंचने लगे। एसपी के निर्देश पर हॉस्पिटल भेजा गया घायल एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिसकर्मियों को घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के निर्देश दिए। करीब दस मिनट में कार की व्यवस्था कर घायल को लहूलुहान हालत में दूनी हॉस्पिटल भिजवाया गया। धरने के बाद समारोह के लिए रवाना घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के बाद नरेश मीणा धरने से उठे और अपने कुछ साथियों के साथ नगरफोर्ट की ओर शादी समारोह में चले गए।
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी से रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि किशोरी के प्रेमी ने घर के पीछे मिलने के लिए बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार को हुई घटना की जानकारी बुधवार को परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। किशोरी की मां ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। 15 वर्षीय किशोरी की पिछले डेढ़ वर्ष से घर के पास के ही एक युवक से दोस्ती हो गई थी। दोनों के बीच होने वाली बातचीत की जानकारी परिजनों को होने पर भाई ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बातचीत बंद हो गई थी। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच फिर से बातचीत होने लगी थी। मंगलवार की देर रात किशोरी, प्रेमी के बुलाने पर उससे मिलने चली गई। किशोरी ने अपनी मां से की शिकायत आरोप है कि युवक किशोरी को अपने मामा के खाली घर में लेकर चला गया और उसके साथ जबरन रेप किया। इसके बाद किशोरी चुपचाप घर चली गई। बुधवार को किशोरी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों के साथ किशोरी थाने पहुंची। वहीं किशोरी के भाई ने पहले सामूहिक दुष्कर्म की सूचना दे दी थी। पुलिस ने पूछताछ की तो मामला प्रेम संबंध का निकला। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि किशोरी से रेप की घटना में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध शराब बेचने वाले युवक को पकड़ कर ला रही रेलवे रोड पुलिस पर हमले किए जाने का मामला सामने है। आप है कि भीड़ ने पुलिस कर्मियों से धक्कामुक्की और हाथापाई करते हुए आरोपी को छुड़ा लिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। अवैध शराब बिक्री की मिली थी सूचना घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध तरीके से शराब बेच रहा है। रेलवे रोड थाने की पुलिस एक्शन में आ गई। दरोगा कुंवर आकाश के साथ दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक को दबोच लिया। यह युवक स्कूटी की डिग्गी में शराब भरकर बैठा था और उन्हें बेच रहा था। भीड़ ने पुलिस के साथ की धक्कामुक्की दरोगा कुंवर आकाश ने युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजू सोनकर बताया। इसके बाद पुलिस युवक को पकड़ कर लाने लगी। आरोप है कि राजू सोनकर के परिवार के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की शुरू कर दी। आरोपी लाठी डंडे भी ले आए। आरोपी युवक को पुलिस से छुड़ाया देखते देखते मामला बिगड़ गया। राजू के परिवार के लोग आक्रामक हो गए और उन्होंने पुलिस के चंगुल से राजू सोनकर को छुड़ा लिया। परिवार में शामिल बेटे समर व एकलव्य, पत्नी सुमन सोनकर के अलावा 10-12 लोगों ने राजू सोनकर को पुलिस से छुड़ा लिया। इस दौरान धक्का मुक्की में दरोगा की वर्दी फट गई। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचीहंगामे की सूचना पुलिसकर्मियों ने वायरलेस सेट पर फ्लैश की। कुछ देर बाद ही दो थानों की पुलिस वहां आ गई। पुलिस कर्मियों ने आरोपी राजू सोनकर के घर पर दबिश डाली लेकिन आरोपी ताला लगाकर वहां से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस की तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ बोलीं- गिरफ्तारी के प्रयास जारी सीओ कैंट नवीन शुक्ला ने बताया कि दरोगा कुंवर आकाश की तहरीर पर आरोपी व उसके परिवारजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।
भदोही में जूस विक्रेता पर हमला:जातिसूचक गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने वाले दो गिरफ्तार
भदोही के गोपीगंज थाना क्षेत्र में गन्ना जूस विक्रेता और उसके परिवार पर धारदार हथियार से हमला करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर जातिसूचक गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना गोपीगंज के शिवपुरी कॉलोनी निवासी रमन सोनकर की शिकायत पर सामने आई। रमन ने बताया कि उनकी गन्ना जूस की दुकान पर उनका बेटा नीरज सोनकर और दामाद प्रिंस सोनकर जूस निकाल रहे थे। तभी अबरार, बाबा, आर्यन, सकलैन, हसनैन, टीपू और हैदर उर्फ पालू नामक व्यक्ति वहां आए और ठेला हटाने को कहा। मना करने पर उन्होंने रमन का हाथ तोड़ दिया और जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से रॉड, डंडे और धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में नीरज सोनकर, प्रिंस सोनकर, रमन सोनकर और धीरज सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए। नीरज सोनकर की नाक की हड्डी टूट गई। रमन सोनकर की तहरीर के आधार पर गोपीगंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद में अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गोपीगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हैदर अली उर्फ हैदर (46 वर्ष) पुत्र अबरार अली और मोहम्मद सकलैन अली (31 वर्ष) पुत्र अबरार अली के रूप में हुई है। दोनों चुड़िहारी मोहल्ला, गोपीगंज, भदोही के निवासी हैं। उन्हें झीरिया पुल जीटी रोड से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
अमेठी एसपी सरवणन टी ने रात में सुरक्षा जांची:गौरीगंज और जायस में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की हकीकत परखी
अमेठी एसपी सरवणन टी ने देर रात जिले की सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गौरीगंज और जायस कस्बों में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की हकीकत परखी और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी व वाहनों की चेकिंग की। एसपी के अचानक पहुंचने से दोनों थाना क्षेत्रों के पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अमेठी एसपी के निर्देश पर पूरे जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। यह अभियान रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चलता है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस अब तक कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अपराध की योजना बना रहे कई अन्य अपराधी भी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। इसी ऑपरेशन की जमीनी हकीकत जानने के लिए एसपी सरवणन टी देर रात अचानक गौरीगंज पहुंचे। वहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद एसपी का काफिला बिना किसी पूर्व सूचना के जायस कस्बा पहुंचा। जायस में उन्होंने चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उन्हें अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने तथा अपराधियों को पकड़ने के संबंध में निर्देश दिए। इस दौरान एसपी ने खुद सड़कों पर आ-जा रही गाड़ियों को रुकवाकर उनकी सघन चेकिंग की। चेकिंग के दौरान गाड़ी चालकों ने बताया कि वे किसी शादी समारोह से लौटकर अपने घर जा रहे थे। एसपी करीब दो घंटे तक दोनों थाना क्षेत्रों में मौजूद रहे। उनकी अचानक मौजूदगी की खबर से दोनों थाना क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में आंतरिक, प्रायोगिक और मौखिक परीक्षाओं का संचालन तथा अंकों को अपलोड करने की प्रक्रिया शामिल है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को 15 मई तक परीक्षाएं संपन्न कर त्रुटिरहित अंक अपलोड करने का निर्देश दिया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के नाम के सामने सभी अंक सही ढंग से अंकित किए जाएं। अंकों को अपलोड करने से पहले उनकी भली-भांति जांच करना अनिवार्य होगा। किसी भी परिस्थिति में बाद में अंकों में संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, सम सेमेस्टर 2026 की प्रायोगिक परीक्षाएं विषम सेमेस्टर 2025-26 में नामित परीक्षकों द्वारा ही कराई जाएंगी। इन परीक्षकों की सूची महाविद्यालयों के लॉगिन पर पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। स्नातक और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के सेशनल व आंतरिक अंक समर्थ पोर्टल के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि अन्य सभी प्रकार के आंतरिक व प्रायोगिक अंक विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रायोगिक व मौखिक परीक्षाओं की फोटो और वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है। इसे महाविद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखने और यूट्यूब चैनल पर अपलोड करना होगा। इसके अतिरिक्त, संबंधित परीक्षकों, आंतरिक परीक्षकों और महाविद्यालय के प्राचार्य के हस्ताक्षर सहित पूर्ण विवरण के साथ अंक पत्र की एक प्रति विश्वविद्यालय में जमा करना अनिवार्य किया गया है।
फतेहपुर में खखरेरू पुलिस ने गुरुवार रात एक मुठभेड़ के दौरान 25,000 रुपये के इनामी और हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त गुड्डू उर्फ सोहेल कुरैशी को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने नहर पटरी के पास घेराबंदी की यह मुठभेड़ खखरेरू थाना क्षेत्र के भीमपुर नहर पुलिया तिराहे से सड़वापार जाने वाली नहर पटरी पर करीब 50 मीटर दूर ग्राम भीमपुर में हुई। अभियुक्त गुड्डू उर्फ सोहेल कुरैशी, पुत्र मो. नवाब, निवासी बहलोलपुर ऐलई, थाना खागा, जनपद फतेहपुर, लगभग 25 वर्ष का है। वह मु0अ0सं0 77/2026 और मु0अ0सं0 61/2026 में वांछित था। 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं आरोपी पर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त खागा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस 315 बोर, एक खोखा कारतूस 315 बोर, तमंचे की नाल में फंसा एक जिंदा कारतूस, दो बकरियां और 2,010 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। दो बकरी चोरी के मामलों में वांछित खखरेरू थाना प्रभारी विद्या प्रकाश ने बताया कि अभियुक्त दो बकरी चोरी के मामलों में वांछित था। पहला मामला बलेन्द्र कुमार पुत्र शिवभजन, निवासी मुबारकपुर गेरिया का है, जिनकी 16 अप्रैल 2026 की रात घर के बाहर से दो बकरियां चोरी हो गई थीं। खखरेरू पुलिस बोली- कार्रवाई जारी दूसरा मामला उग्रसेन लोधी पुत्र शिवबालक, निवासी हरदासपुर थोन का है। उन्होंने 27 मार्च 2026 को शाम करीब 6 बजे अपनी बकरियों को जंगल से चराकर लाते समय तालाब के पास एक चार पहिया वाहन से एक बकरा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। खखरेरू पुलिस द्वारा इस संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
चित्रकूट में गेहूं खरीद का निरीक्षण:नोडल अधिकारी ने किसानों को सुविधा के दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव ग्रामीण विकास एवं चित्रकूट के नोडल अधिकारी जयनाथ यादव ने जिले के विभिन्न गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने राजापुर, पहाड़ी उत्तरी और कर्वी मंडी स्थित खाद्य विभाग, पीसीएफ तथा भारतीय खाद्य निगम के केंद्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में गेहूं खरीद का कुल लक्ष्य 17 हजार मीट्रिक टन निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 1,224 किसानों से 5,715 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। कुल 3,615 किसानों ने पंजीकरण कराया है। किसानों को अब तक 14.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिले में कुल 35 क्रय केंद्र संचालित हैं और खरीद का प्रतिशत 33 फीसदी तक पहुंच गया है। शासन द्वारा गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों से भारतीय खाद्य निगम तक गेहूं की डिलीवरी में तेजी लाई जाए। चकबंदी गांवों के किसानों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए टोकन व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और खरीद प्रक्रिया को सुचारु किया जाए। साथ ही, केंद्रों पर सुरक्षित भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर, एसडीएम सदर अजय यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा, मंडी सचिव और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बिजनौर के फरीदपुर भोगी गांव में एक महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के दो दिन बाद महिला के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें एक युवक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पति की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरीदपुर भोगी निवासी रणवीर सिंह की पत्नी मोनिका देवी ने दो दिन पहले घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। घटना के बाद परिजनों ने मायके पक्ष को सूचना देकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बुधवार को परिजनों ने कमरे की तलाशी ली तो सुसाइड नोट मिला। नोट में मोनिका ने अपने पति और परिवार से माफी मांगते हुए लिखा कि एक युवक उसे लगातार परेशान कर रहा था। वह किसी को यह बात बता नहीं पा रही थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। नोट में दो बार उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। मायके में वीडियो कॉल कर रोई थी महिला आत्महत्या से पहले महिला ने अपने मायके में वीडियो कॉल भी की थी। उस दौरान वह रो रही थी, लेकिन परिजनों ने इसे सामान्य पति-पत्नी का विवाद समझकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। बाद में महिला ने फंदा लगा लिया, जबकि उसकी दो बेटियां पास में चारपाई पर सो रही थीं। ‘डिजिटल अरेस्ट’ और पैसे की मांग की चर्चा गांव में यह भी चर्चा है कि महिला को किसी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर रखा था और उसे धमकाकर पैसों की मांग की जा रही थी। साथ ही गांव के ही एक युवक द्वारा परेशान किए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिससे महिला मानसिक तनाव में थी। पति ने दी तहरीर, पुलिस को दिए तीन नंबर महिला के पति रणवीर ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को तीन मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए हैं, जिनसे महिला के फोन पर लगातार कॉल आती थीं। बताया गया कि अंतिम संस्कार के दौरान भी एक युवक ने वीडियो कॉल की थी। एसपी बोले- साइबर एंगल की भी जांच एसपी अभिषेक झा ने बताया कि 28 अप्रैल की सुबह महिला की आत्महत्या की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में सुसाइड नोट मिलने की जानकारी हुई, जिसमें एक युवक द्वारा परेशान किए जाने का जिक्र है। परिजनों ने साइबर अपराध की आशंका भी जताई है। फिलहाल तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
गाजियाबाद के नन्दग्राम थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक नई कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में चालक भी घायल हो गया। जिसके बाद नंदग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को सड़क से हटवाया। पुलिस ने बताया कि चालक नशे की हालत में था, जो सही नहीं बता पा रहा था। शराब पीकर चल रहा था कार पुलिस ने बताया कि श्मशान घाट के सामने मोहननगर से गाजियाबाद जाने वाले रोड पर एक नई वेगनआर कार ने ट्रक को ओवरटेक करते समय नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार 2 बार पलट गई। हादसे में कार सवार युवक मामूली रूप से घायल हुआ है। कार चला रहा युवक नशे में धुत बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। नंदग्राम SHO का कहना है कि इस मामल ेमें कोई तहरीर नहीं आई है।
मावली क्षेत्र के पलाना कलां और भानसोल ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) पर आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य के कारण गुरुवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, यह कटौती सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कुल 4 घंटे के लिए की जाएगी। जेईएन रितु यादव ने बताया कि इस मरम्मत कार्य के चलते संबंधित जीएसएस से जुड़े 10 गांवों की विद्युत सप्लाई प्रभावित होगी। यह कार्य सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में पलाना कलां, पलाना खुर्द, सिंधु, महूड़ा, प्रकाशपुरा, मण्डप, झरना, कमलेश पोलिकेम, भानसोल रेड शेड और भानसोल गडवाड़ा शामिल हैं। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य सुबह 8 बजे से पहले ही निपटा लें। विभाग ने इस दौरान उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि मरम्मत कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
जालंधर के सुच्ची पिंड स्थित इंडियन ऑयल डिपो के पास पार्किंग में खड़े दो तेल टैंकरों में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दूर-दूर तक धुआं दिखाई दिया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दोनों टैंकर जलकर राख हो गए। गुरदासपुर निवासी ड्राइवर राजू ने बताया कि उसने अपना टैंकर इंडियन ऑयल डिपो के पास पार्किंग में खड़ा किया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पार्किंग में खड़े एक टैंकर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और तेज हवा के चलते आग ने राजू के टैंकर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लग रहा- फायर ब्रिगेड अधिकारी फायर ब्रिगेड के अधिकारी लक्की ने जानकारी दी कि उन्हें कंट्रोल रूम से इंडियन ऑयल डिपो के पास टैंकरों में आग लगने की सूचना मिली थी। उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 5 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाई। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। अधिकारी ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में एक किसान पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग ने बुधवार को रायपुर खुर्द गांव के जंगल में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने रायपुर खुर्द के जंगल में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान भी कई खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान पाए गए। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसानों को अकेले या बच्चों के साथ खेतों में न जाने की सलाह दी है। तेंदुए की मौजूदगी से रायपुर खुर्द सहित डुडैला, महमूदपुर भगवानदास, पहाड़मऊ, मिलक, दुम्हैला खालसा, मुख्त्यारपुर नवादा, सिरसा, ठाट और खतापुर जैसे कई गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यह घटना मंगलवार सुबह की है, जब रायपुर खुर्द निवासी किसान कपिल देव सिंह अपने खेत में गन्ने का बीज काट रहे थे। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने खेत को घेर लिया था, लेकिन तेंदुआ भाग निकला। मौके पर तेंदुए के तीन शावक मिले थे, जिन्हें वन विभाग के अधिकारियों ने खेत में ही सुरक्षित रखवाया था। कांठ के डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रायपुर खुर्द गांव में तेंदुए की तलाश जारी है और उसके पंजों के निशान मिले हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि खेत में मिले तीनों शावकों को मादा तेंदुआ कहीं और ले गई है। विभाग ने पिंजरा लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है और अनुमति मिलने पर इसे स्थापित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने और तेंदुआ या उसके शावक दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी 1 मई को नालंदा आ रहे हैं। सीएम के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रमेरा प्रखंड के प्रणावां गांव आएंगे। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों को 'टेम्पररी रेड जोन' यानी नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में यह बताया गया है कि मुख्यमंत्री के भ्रमण के दौरान प्रणावां स्थित हेलीपैड, बाबा महतो साहब मंदिर और मेला क्षेत्र सहित पूरे परिसर में किसी भी प्रकार के गैर-पारंपरिक उड़ने वाली वस्तुओं (नॉन-कन्वेंशनल फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स) के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम इस अवधि में ड्रोन, हॉट एयर बैलून, पैरा मोटर्स, पैरा ग्लाइडर्स और पावर्ड हैंड ग्लाइडर को उड़ाना अवैध माना जाएगा। सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ताकि आसमान से किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा उल्लंघन की गुंजाइश न रहे। इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) को सौंपी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे प्रणावां क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है और स्थानीय पुलिस लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रही है।
भागलपुर में एग्जिक्यूटिव अफसर की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सुल्तानगंज इलाके में रामधनी का आतंक इतना था कि उसके खिलाफ कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। साल 2000 में एक कारोबारी की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर थाने पहुंच गया था। पत्नी नीलम देवी फिलहाल सुल्तानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन है। एनकाउंटर के बाद इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक रामधनी पहले भी नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू के घर पर जाकर गाली-गलौज करता था। गिरफ्तारी के बाद और एनकाउंटर से पहले रामधनी ने पुलिस को बताया था कि गुड्डू ने लाइसेंसी रिवॉल्वर लिया था। कमर में लटका कर चलता था। मैं इस बात से काफी चिढ़ता था। जब से गुड्डू रिवॉल्वर लिया था। उसी समय से उसकी हत्या करने की सोच रखा था। हालांकि उसने खुद को बचाने का भी प्रयास किया। बोला कि मैं मौके पर गया था, लेकिन गोली दीपक और पीकू ने चलाया था। वहीं, इस बात की चर्चा है कि हत्या से पहले रामधनी अपने दोनों सहयोगियों के साथ खगड़िया के दियारा इलाके से हथियार लेकर लौटा था। बुलेट पर तीनों आरोपी का एक सीसीटीवी सामने आया था। एनकाउंटर के बाद की 2 तस्वीरें… चार टीम कर रही थी छापेमारी वारदात के बाद मंगलवार शाम से पुलिस की चार टीम छापेमारी कर रही थी। अलग-अलग टीम सुल्तानगंज, बांका, खगड़िया और तीनटंगा में छापेमारी कर रही थी। यह सभी ठिकाने रामधनी के रिश्तेदार का इलाका था। लेकिन जानकारी के अनुसार सुल्तानगंज थाना की टीम ने रामधनी का एनकाउंटर किया। टीम में 12 से 14 पुलिस अधिकारी और पदाधिकारी के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस टीम में डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार के साथ सुल्तानगंज थानेदार और अन्य सदस्य शामिल थे। घटना के बाद से आईजी विवेक कुमार के साथ एसएसपी लगातार सुल्तानगंज में कैंप कर रहे थे। रात करीब एक बजे तक आईजी सुल्तानगंज में थे। जानकारी के अनुसार मुख्यालय से डीजीपी के साथ अन्य वरीय अधिकारी के साथ राजनीतिक दल के आला नेता भी मामले पर नजर बनाए हुए थे। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… वारदात के बाद तारापुर गया था पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बात की आशंका है कि रामधनी के पीछे भी कोई था। जिसके कहने पर रामधनी ने खुद अपने करीबी के साथ दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुस गया। सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी के बाद भी हत्या करने का दुस्साहस किया। खगड़िया और मुंगेर के कुछ जनप्रतिनिधि की भूमिका भी संदिग्ध है। कॉल डिटेल और टेक्निकल जांच के जरिए पुलिस तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। ऐसी भी जानकारी है कि घटना के अंजाम देने के बाद रामधनी पहले तारापुर गया था। पुलिस और परिजनों के दबाब में वहां से लौट कर सरेंडर करने पहुंचा था। सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी रामधनी यादव शुरुआत में घर-घर जाकर दूध बेचता था। साल 2000 में रामधनी यादव ने एक कारोबारी की हत्या की थी। सिर काटने के बाद आरोपी रामधनी खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद रामधनी सुल्तानगंज में अपराध की दुनिया में पकड़ बनाने लगा। 2002-03 तक आते-आते रामधनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज हो गए। 2003 में ही पुलिस रामधनी को फिर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। लेकिन राजनीतिक पकड़ और धनबल में लगातार मजबूत होता गया रामधनी ने अपने रसूख के बल पर फिर से जमानत ले ली। जब रामधनी शुरुआत में अपराध की दुनिया में घुस रहा था, उस वक्त उसकी पत्नी सुल्तानगंज के ही एक प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती थी। उस वक्त रामधनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।परिवार का भरण-पोषण प त्नी नीलम देवी की आय पर ही टिका था। पूरा परिवार छोटी सी झोपड़ी में रहता था। 2011-2012 तक रामधनी पॉलिटिकल पकड़ के जरिए अपना राजनीतिक वर्चस्व मजबूत कर चुका था। जमीनों पर कब्जा, बस स्टैंड, पार्किंग, शहर की साफ-सफाई जैसे ठेके वो खुद लेने लगा था। नगर परिषद से ठेकेदारी की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसने स्थानीय नेताओं से साठगांठ कर अपनी पत्नी को 2017 में सुलतानगंज नगर परिषद के वार्ड 11 से पार्षद का चुनाव लड़वाया। नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया और पहली बार वार्ड पार्षद बन गई। आज की तारीख में रामधनी यादव 5 करोड़ से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति का मालिक था। एक बेटा चिराग की पार्टी से जुड़ा है रामधनी यादव और नीलम यादव चार बेटों के माता-पिता हैं। रामधनी यादव और नीलम देवी का सबसे बड़ा बेटा सन्नी यादव एमएलसी प्रतिनिधि है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा मनीष कुमार यादव लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भागलपुर युवा जिला अध्यक्ष है। वहीं, दो छोटे बेटे अमित और अंकित यादव फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं।
छिंदवाड़ा: जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होने जा रही है। इस चरण में मकानों की गणना और हाउस लिस्टिंग का काम 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके लिए जिले में 2925 प्रगणक और 498 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर निर्धारित 34 प्रश्नों के आधार पर जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना (Self Enumeration) का काम चला, जिसमें अब तक जिले के करीब 22 हजार नागरिक अपनी जानकारी दर्ज करा चुके हैं। इस प्रदर्शन के साथ छिंदवाड़ा जिला प्रदेश के टॉप-5 में शामिल हो गया है। कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी हरेंद्र नारायण ने कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में सभी एसडीएम, चार्ज अधिकारी और जनगणना से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। फील्ड के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला और चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय किए जाएं और प्रगणकों को सभी जरूरी संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जाएं। प्रगणकों को दी गई विशेष किट जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को किट वितरित की जा रही है, जिसमें कैप, पानी की बोतल और अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। गर्मी को देखते हुए फर्स्ट एड किट और इलेक्ट्रॉल साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कंट्रोल रूम के पास एम्बुलेंस तैनात रखने को भी कहा गया है। फ्रॉड से सावधान रहने की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना के नाम पर किसी भी तरह के फ्रॉड से सतर्क रहें। जनगणना के दौरान न तो ओटीपी मांगा जाएगा और न ही कोई दस्तावेज। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति जानकारी मांगता है तो उसकी पहचान जरूर जांचें। सभी अधिकृत प्रगणकों के पास क्यूआर कोड युक्त वैध आईडी होगी, जिसे स्कैन कर सत्यापन किया जा सकता है। लोगों से सहयोग की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक घर पहुंचे तो उन्हें सहयोग करें और पूछे गए सभी 34 सवालों के सही जवाब दें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा हो सके।
एटा में किशोरी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसके परिजनों को लाठी-डंडों से पीटा गया। इस घटना में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ितों के अनुसार, बुधवार शाम पंद्रह साल की किशोरी खेतों की ओर शौच के लिए जा रही थी, तभी गांव के कुछ लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और फब्तियां कसीं। किशोरी ने घर लौटकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई। घटना रिजोर थाना क्षेत्र की है। परिजनों ने इसकी शिकायत रिजोर थाना पुलिस से की। जब परिजन शिकायत कर गांव लौटे ही थे, तभी लाठी-डंडों से लैस आरोपी पक्ष के करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हुए। मारपीट में घायल हुए लोगों में फरीदपुर (पुत्र रत्ना, 21 वर्ष), रहीस (पुत्र फत्ते खान, 35 वर्ष), जाहिद (पुत्र रहीश, 18 वर्ष), चंदो (पत्नी रत्ना, 40 वर्ष), साहिल (पुत्र टेनी, 17 वर्ष) और रोहित (पुत्र टेनी, 18 वर्ष) शामिल हैं। गांव के चुलैया, कलामुद्दीन, इंसाफ, आसीन और ज़शान मुहम्मद पर किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप है। घायलों ने साजुद्दीन (पुत्र मुखिया), शफी मुहम्मद, जैनुद्दीन और आस मुहम्मद सहित पंद्रह लोगों पर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष के मदनमोहन (काल्पनिक नाम) ने बताया, मेरी बेटी खेत में शौच के लिए गई थी, तभी गांव के लड़कों ने छेड़छाड़ कर दी। हम लोग थाने शिकायत करने गए थे और वापस लौट रहे थे। तभी बीस से पच्चीस लोगों ने लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हम पांच-छह लोग ही थे और सभी को चोटें आई हैं। मामले पर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। घायलों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह दबंग लाठी-डंडों से लोगों को पीट-पीटकर अधमरा कर रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है।
मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के नदना गांव निवासी 21 वर्षीय शीतला प्रसाद पर मध्य प्रदेश के खमारडीह गांव में एक बारात के दौरान हमला किया गया। यह घटना बुधवार रात डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। हमले में युवक का सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे मिर्जापुर ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। बारातियों ने सिर पर चूल्हे से मारा जानकारी के मुताबिक, शीतला प्रसाद बारात में शामिल होने के लिए खमारडीह, मध्य प्रदेश गए थे। डीजे पर गाना बजाने को लेकर बारातियों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि बारातियों ने शीतला प्रसाद को डीजे ऑपरेटर समझ लिया और उनके सिर पर चूल्हे से वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को मिर्जापुर हायर सेंटर भेजा घायल युवक को उसके परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मिर्जापुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक के सिर में गहरी चोट लगी है और उसका उपचार जारी है। लालगंज के सीओ अमर बहादुर ने बताया कि पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव आज होने जा रहा है। सवा साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद निगम आयुक्त ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी किया था। चुनावी प्रक्रिया सुबह 11 बजे हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुरू होगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर राजरानी मल्होत्रा करेगी। चुनाव में नगर निगम के 36 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 'राव बनाम राव' की रोचक जंग हालांकि भाजपा के पास 36 में से 24 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, लेकिन असली मुकाबला पार्टी के भीतर दो दिग्गज गुटों के बीच माना जा रहा है। एक ओर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा है, तो दूसरी ओर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थक हैं। दोनों ही नेता अपने-अपने चहेते पार्षदों को इन महत्वपूर्ण पदों पर काबिज देखना चाहते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण यह चुनाव अटका हुआ विकास: इन पदों के खाली होने से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (FCC) जैसी महत्वपूर्ण समितियां सही से काम नहीं कर पा रही हैं जिससे शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट्स लटके हुए थे। राजनीतिक दबदबा: यह चुनाव दक्षिण हरियाणा की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि सर्वसम्मति नहीं बनी, तो गुप्त मतदान (बैलेट पेपर) के जरिए विजेता का फैसला होगा। आज दोपहर बाद तक साफ हो जाएगा कि गुरुग्राम के इन दो अहम पदों का ताज किसके सिर सजेगा।
भीलवाड़ा शहर में इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस वर्क के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में 2 से साढ़े चार घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। एवीएनएल के सहायक अभियंता के अनुसार 11 केवी के विभिन्न फीडरों पर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक अलग-अलग समय पर पावर कट रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है ताकि काम प्रभावित न हो। इन क्षेत्रों में सुबह 8 से 9:30 बजे तक कट 11 केवी टेलीफोन एक्सचेंज फीडर से जुड़े पुलिस लाइन एरिया, संतोषी माता मंदिर, संतोष कॉलोनी और तिवारी भवन के आसपास बिजली बंद रहेगी। इसी समय 11 केवी इंडस्ट्री फीडर से जुड़े लेबर कॉलोनी, जवाहर नगर, पार्सल चौराहा, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, शनि देव मंदिर और चारभुजा मंदिर क्षेत्र भी प्रभावित रहेंगे। सुबह 8 से 12 बजे तक इन इलाकों में असर 11 केवी सिटी फर्स्ट फीडर से जुड़े आजादनगर ए, बी और सी सेक्टर, एलआईसी कार्यालय, एमएलवी कॉलेज और स्टाफ कॉलोनी, पांसल चौराहा, एकता कॉलोनी और कुम्भा सर्किल में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक कट आरसी व्यास क्षेत्र में 11 केवी कम्युनिटी हॉल फीडर से जुड़े इलाकों में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विभाग ने दी पहले से तैयारी की सलाह विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम पावर कट से पहले निपटा लें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी को अगले महीने में अपना नया स्थाई कुलपति मिल सकता है। राजभवन में इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केवल नाम की घोषणा बाकी है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सर्च कमेटी की ओर से तय किए गए पांच नामों का इंटरव्यू लिया है। इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत का नाम सामने आ रहा है। यूनिवर्सिटी के गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत फिलहाल इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। उनके पास प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों का लंबा अनुभव है, जो उनके पक्ष में जा सकता है। उनके अलावा प्रोफेसर अल्पना कटेजा और प्रोफेसर कैलाश डांगा के नामों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रोफेसर अल्पना फिलहाल राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर की कुलपति हैं, वहीं प्रोफेसर डांगा जोधपुर के जेएनवीयू में रसायन विभाग के सीनियर प्रोफेसर रह चुके हैं। बाहरी पैनल को प्राथमिकता का चलन खास बात यह है कि सर्च कमेटी की लिस्ट में शामिल दो नाम प्रोफेसर सीमा मलिक और डॉक्टर आनंद पालीवाल स्थानीय हैं। सीमा मलिक सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग की पूर्व अध्यक्ष और रिटायर्ड प्रोफेसर हैं, जबकि आनंद पालीवाल यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज में वर्तमान में डीन के पद पर कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि स्थानीय होने के कारण इनकी संभावना थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि अक्सर बाहरी पैनल को प्राथमिकता देने का चलन रहा है। 6 महीने से कार्यकारी कुलपति के भरोसे चल रहा काम सुखाड़िया यूनिवर्सिटी पिछले करीब 6 महीने से स्थाई कुलपति के बिना है। वर्तमान में कोटा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत के पास यहां का अतिरिक्त प्रभार है। वे कोटा में व्यस्त रहने के कारण यहां पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं, जिससे यूनिवर्सिटी के कई जरूरी काम अटके हुए हैं। ऐसे में नए कुलपति की नियुक्ति छात्र हित और यूनिवर्सिटी के विकास के लिए काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि यूनिवर्सिटी के वीसी के रूप में बी.पी. सारस्वत के नाम की भी चर्चा है। सर्च कमेटी ने 500 आवेदनों में से चुने थे ये नाम राजभवन की ओर से बनाई गई 4 सदस्यीय सर्च कमेटी ने करीब 500 आवेदन मिलने के बाद काफी मंथन किया था। इस कमेटी में कोटा यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोडाणी, डॉ. बीओयू अहमदाबाद के कुलपति प्रोफेसर अम्मी उपाध्याय, जेएनवीयू के कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा और वेटरनरी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर त्रिभुवन शर्मा शामिल थे। इस कमेटी ने ही 12 अप्रैल को राज्यपाल को पांच नामों का पैनल सौंपा था, जिनके इंटरव्यू अब जयपुर स्थित लोकभवन में पूरे हो चुके हैं। राज्यपाल ने सर्च कमेटी की लिस्ट के अलावा भी कुछ संभावित नामों पर चर्चा की है, जिससे यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की एक तबादला सूची जारी की गई है। में बदलाव किया गया है। इसे लेकर रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने एक आदेश जारी किया गया है। यह वनकर्मी हुए इधर से उधर डीएफओ सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार सहायक वनपाल मुकेश कुमार गुर्जर को लकड़दा नाका (रेंज कुण्डेरा) से ट्रांसफर कर नाका गुढ़ा के अधीन मानसरोवर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) लगाया गया है। इसी तरह सहायक वनपाल प्रकाश चंद जाट को नाका बोदल (रेंज फलौदी) से नाका कालीभाट (रेंज फलौदी) में ट्रांसफर किया गया है। वहीं वनरक्षक अमित चौधरी को मानसरोवर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) से नाका बोदल (रेंज फलौदी) भेजा गया है। वनरक्षक काली मीना को अमरेश्वर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) से सिंहद्वार चौकी (बीट रण संख्या-4) में लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में रणथंभौर टाइगर चैकिंग के लिए भी एक टीम का गठन किया गया था। इसे लेकर वन विभाग ने आदेश जारी किया है।
बिहार में शिक्षा विभाग के अंदर फर्जीवाड़े की जड़ें कितनी गहरी है, इसका अंदाजा विजिलेंस जांच की ताजा रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने राज्य भर के उन 1,346 नियोजित शिक्षकों की सूची जारी की है, जिन्होंने 2006 से 2015 के बीच फर्जी या इनवैलिड इंस्टीट्यूट के प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है। इस मामले में विजिलेंस के महानिदेशक ने कड़ा रुख अपनाते हुए नालंदा के नौ और शेखपुरा के पांच शिक्षकों समेत सभी संदिग्धों का पूरा ब्योरा जिला शिक्षा पदाधिकारियों से तलब किया है। निगरानी विभाग की जांच में देशभर के 10 ऐसे संस्थानों को चिन्हित किया गया है जिनकी डिग्रियां अमान्य हैं, लेकिन उनके आधार पर बिहार में एक बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से वेतन उठा रहे हैं। नालंदा जिले में मंदार विद्यापीठ के प्रमाणपत्रों पर सात और प्रयाग महिला विद्यापीठ के प्रमाणपत्रों पर दो शिक्षक कार्यरत पाए गए हैं। इसी तरह शेखपुरा में मंदार विद्यापीठ से तीन, प्रयाग महिला विद्यापीठ से एक और हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद से एक फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए बहाली का मामला सामने आया है। डीईओ से सैलरी और सेवामुक्त करने की जानकारी मांगी गई है विजिलेंस ने सभी डीईओ को भेजे पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा है कि इन शिक्षकों के खिलाफ अब तक नियोजन इकाइयों ने क्या कार्रवाई की है। महानिदेशक ने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि ये शिक्षक अभी भी विद्यालय में तैनात हैं या उन्हें सेवामुक्त कर दिया गया है। साथ ही उनके वेतन भुगतान की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी गई है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हिंदी विद्यापीठ देवघर के प्रमाणपत्रों पर हुआ है, जहां से 702 शिक्षकों ने डिग्रियां ली थीं। इसके अलावा दक्षिण भारती हिंदी प्रचार सभा मद्रास, काशी विद्यापीठ वाराणसी और हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद जैसे संस्थानों के नाम पर भी सैकड़ों शिक्षकों ने अमान्य सर्टिफिकेट पेश किए हैं। रिपोर्ट विजिलेंस को भेजा जाएगा नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने पुष्टि की है कि विजिलेंस की टीम ने जिले के नौ शिक्षकों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि ये शिक्षक अमान्य संस्थानों के दस्तावेजों पर बहाल हुए थे, अब विभाग उन पर की गई अब तक की कार्रवाई और उनके वर्तमान स्टेटस की रिपोर्ट तैयार कर विजिलेंस को भेजने की तैयारी में है। इस खुलासे के बाद से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में इन शिक्षकों पर प्राथमिकी के साथ-साथ वेतन रिकवरी की तलवार भी लटक रही है।
अलीगढ़ में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। 3 मई को होने वाली इस परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए दिशा–निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा के लिए 20 केंद्र बनाए गए हैं, इनपर 9819 परीक्षार्थी उपस्थित होंगे। एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने अधीनस्थों को चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। दोपहर 2 से 5 बजे तक परीक्षा, 11 बजे से एंट्री नीट की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा जांच के लिए केंद्रों के गेट सुबह 11:00 बजे खोल दिए जाएंगे। एडीएम सिटी ले बताया कि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी कीमत पर केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। जैमर और CCTV की निगरानी परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस के साथ ही तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए होने वाली नकल रोकने के लिए केंद्रों पर हाई-टेक जैमर एक्टिव रहेंगे। सभी 20 केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, जो परीक्षा शुरू होने से लेकर पेपर सील होने तक मौके पर मौजूद रहेंगे। केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। कोचिंग संचालकों और संदिग्ध तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। एडमिट कार्ड के साथ 2 फोटो लाना जरूरी परीक्षार्थियों लिए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। परीक्षार्थियों को बिना प्रवेश पत्र के लिए एंट्री नहीं दी जाएगी। वहीं, एडमिट कार्ड के साथ दो पासपोट साइज फोटो और एक पोस्टकार्ड साइज का फोटो भी लाना अनिवार्य होगा। एंबुलेंस और मेडिकल टीमें रहेंगी अलर्ट एडीएम सिटी ने बताया कि सभी केंद्रों पर निर्बाध बिजली और ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम से निपटने के भी इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस और मेडिकल टीमें अलर्ट मोड पर रहंगी। यह बनाए गए हैं परीक्षा केंद्र डीएवी इंटर कॉलेज, नौरंगाबाद, श्री महेश्वर इंटर कॉलेज सासनीगेट, रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज खिरनीगेट, गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज, चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज, हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज अचलताल, धर्म समाज इंटर कॉलेज और महाविद्यालय (ब्लॉक A व B), श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय (ब्लॉक A व B), पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय देवसैनी, जनता इंटर कॉलेज छेरत और टीकाराम कन्या महाविद्यालय/इंटर कॉलेज।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज गुरुवार को पाली जिले रोहट क्षेत्र के नया चेण्डा गांव के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रमानुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से सुबह 11.05 बजे उदयपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर सुबह करीब 11.50 बजेनया चेण्डा रोहट हेलीपेड पहुंचेंगे। वे हेलीपेड से रवाना होकर 12 बजे श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता धाम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा दोपहर 12 बजे से एक बजे तक नवनिर्मित कन्या कॉलेज भवन का लोकार्पण एवं कन्या गुरुकुल का 10वां स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। दोपहर 01.10 बजे हेलीकॉप्टर से नया चेण्डा हेलीपेड से उदयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉक्टर रविन्द्र गोस्वामी ने एक आदेश जारी किया। जिसके तहत कार्यक्रम स्थल के आस-पास के क्षेत्र में 10 किलोमीटर के एरिया में ड्रोन उड़ाने पर 01 मई तक पाबंदी रहेगी। सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
भोपाल के रवीन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागृह में आज कृषि कर्मयोगी उन्नमुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। सीएम आज मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैश बोर्ड, CM किसान हेल्प लाईन और पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान का शुभारंभ करेंगे । मुख्यमंत्री के साथ किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री नारायण सिंह पवार व संबंधित विभागों के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। अलग-अलग सत्रों को ये वक्ता संबोधित करेंगे
छतरपुर में शादी के नाम पर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार को कथित “लुटेरी दुल्हन” ने बड़ा झटका दिया। शादी के महज दो दिन बाद ही दुल्हन गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो गई, जबकि शादी तय कराने वाला बिचौलिया भी गायब है। 24 अप्रैल को हुई थी शादी, जटाशंकर धाम में रचाया गया विवाह पीड़ित मनोज अहिरवार (मूल निवासी ग्राम सैला) की शादी 24 अप्रैल 2026 को जटाशंकर धाम में आकांक्षा नाम की युवती से हुई थी। यह रिश्ता पड़ोस में रहने वाले विक्की सेन नाम के बिचौलिये ने करीब 1.5 लाख रुपए लेकर तय कराया था। शादी के बाद परिवार खुशी-खुशी गांव सैला पहुंचा, जहां परंपरागत रस्में निभाई जा रही थीं। साड़ी खरीदने के बहाने बाजार गई और हो गई फरार 26 अप्रैल को दुल्हन ने साड़ी खरीदने की बात कही। इसके बाद मनोज, बिचौलिया विक्की सेन और एक अन्य युवक आकाश प्रजापति उसे महाराजपुर बाजार लेकर गए। बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर दुल्हन गहने और कीमती सामान समेटकर वहां से फरार हो गई। हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही देर में बिचौलिया विक्की और उसका साथी आकाश भी गायब हो गए। फोन पर धमकी, लौटाने से किया इनकार घटना के बाद जब मनोज ने बिचौलिये को फोन किया, तो उसने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि विक्की सेन ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है। घर गिरवी रखकर की थी शादी मनोज के पिता अच्छेलाल अहिरवार ने बताया कि उन्होंने बेटे की शादी के लिए घर गिरवी रखकर पैसे जुटाए थे। “हमें क्या पता था कि हमारे साथ इतना बड़ा धोखा हो जाएगा। अब न पैसा बचा है और न ही बहू,” उन्होंने कहा। पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने सिविल लाइन थाने में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लूटे गए जेवरात और पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पदभार संभालने के बाद पहली बार गुरुवार को राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और एसपी के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य फोकस बिहार में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करना, पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाना है। वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को देंगे दिशा निर्देश आज वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री राज्य के हर जिले की स्थिति की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों को खास तौर पर अपराध नियंत्रण, फौरन कार्रवाई, जनता के साथ पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर चर्चा होगी। पुलिसिंग में AI के इस्तेमाल पर होगी चर्चा कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी पावर प्रेजेंटेशन देंगे जिसमें बेहतर पुलिसिंग के नए मॉडल, तकनीक के उपयोग और प्रशासनिक सुधारों पर जोर रहेगा। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के उपयोग के जरिए अपराध नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही ज्ञान भारतम और एग्री भारत जैसे पहलुओं के विस्तार से प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति भी साझा की जाएगी। इस कार्यशाला में सभी जोन के DIG और IG स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। वहीं, पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित वरीय पुलिस अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। सम्राट चौधरी देंगे अधिकारियों को देंगे गुरुमंत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस दौरान अधिकारियों को यह स्पष्ट करेंगे कि राज्य में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्राथमिकता होगी। साथ ही जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यशाला आने वाले दिनों के किए होगा अहम यह बैठक राज्य की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में बिहार में बेहतर कानून-व्यवस्था और स्मार्ट पुलिसिंग का मॉडल विकसित करने की उम्मीद जताई जा रही है।
300 बार फर्जी कॉल करके डॉयल-112 को किया परेशान:बाराबंकी पुलिस ने युवक पर दूसरी बार केस दर्ज किया
बाराबंकी में पीआरवी (112) पर बार-बार झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को परेशान करने के मामले में एक युवक के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी ने इस बार हद पार करते हुए करीब 300 फर्जी कॉल कर डाले। पुलिस ने जांच के बाद उसके खिलाफ फिर से कार्रवाई शुरू की है। दरियाबाद थाने में तैनात दारोगा अतर सिंह की तहरीर पर तारापुर निवासी ललित मोहन पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि नवंबर माह में आरोपी ने महज पांच दिनों के भीतर 13 बार पीआरवी को फोन किया। हर बार टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी न तो मौके पर मिला और न ही फोन उठाया। 112 मुख्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 300 से अधिक बार फर्जी कॉल कर चुका है। इसके बाद उसके खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले जुलाई माह में भी दारोगा सुधीर तिवारी ने ललित मोहन पांडेय के खिलाफ झूठी सूचना देने का केस दर्ज कराया था। उस मामले में पुलिस चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी पीआरवी के साथ-साथ सीयूजी नंबर पर भी बार-बार कॉल कर पुलिस को परेशान करता था। फिलहाल नए मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
खगड़िया में गुरुवार को गिट्टी लदा ट्रक अनियंत्रित होकर ऑटो के ऊपर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार CISF जवान समेत 3 लोगों की दबने से मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से करीब ढाई घंटे बाद दबे हुए तीनों लोगों के शव को बाहर निकाला। घटना महेशखुट थाना क्षेत्र अंतर्गत गौछारी स्थित NH-31 पर हुई। मृतक की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के मालिया गांव निवासी बिपिन चौरसिया, उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया और ऑटो ड्राइवर टांकेश मुनि के रूप में हुई है। ड्यूटी पर लौटने के दौरान हादसा CISF जवान छुट्टी पर अपनी पत्नी के साथ घर आए हुए थे। वापस ड्यूटी पर लौटने के लिए वो आज सुबह 5 के करीब स्टेशन जाने के लिए घर से निकले। इसी दौरान रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। मौके से आई कुछ तस्वीरें… ढाई घंटे बाद क्रेन से निकाला गया शव मुखिया शंभू कुमार चौरसिया ने बताया कि आज सुबह 5:40 बजे मलिया से ऑटो में सवार होकर CISF जवान बिपीन चौरसिया अपनी पत्नी के साथ स्टेशन जा रहे थे। इस दौरान गौछारी ढाला के पास गिट्टी से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर ऑटो के ऊपर पलट गया। जिससे ऑटो में सवार जवान, उनकी पत्नी और ड्राइवर तीनों ट्रक के नीचे दब गए। घटना के समय मैं पेट्रोल पंप पर था। जानकारी मिली तो मैं एक JCB लेकर मौके पर पहुंचा। एक शव मिला लेकिन वो उसमें दवा रह गया, हम उसे निकाल नहीं पाए। हादसे में कोई भी बच नहीं पाया। 6:15 तक हमलोगों ने बॉडी निकालने का प्रयास किया। इससे पहले मैंने थाना प्रभारी को फोन भी किया था। लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद मैंने डायल 112 को कॉल किया। इसके बाद SI इंद्रजित चौरसिया मौके पर आए। 8 बजे के करीब क्रेन से बॉडी निकाला गया। मैं सरकार से मांग करता हूं कि तीनों के परिजन को 50-50 लाख सहायता राशि दी जाए। वहीं हादसे पर काबू पाने के लिए इस रास्ते में ब्रेकर की व्यवस्था की जाए। ड्राइवर की बेटी की होनी थी शादी ड्राइवर के पिता दिनामनी ने बताया कि हमको पता नहीं सुबह-सुबह गाड़ी लेकर वो कहां जा रहा था। 10 साल से ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। टांकेश चार भाईयों में दूसरे नंबर पर था। 25 साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसके 4 बच्चे है, 2 बेटा-2 बेटी। एक बेटी की शादी होने वाली थी।
छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के नतीजों में लड़कियों ने बाजी मारी है। 12वीं बोर्ड में कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। 10वीं में 77.15% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। 42 स्टूडेंट्स मेरिट में आए हैं, इनमें 26 लड़कियां शामिल हैं। टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 99% के साथ टॉप किया है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलौदा की परीरानी प्रधान शामिल है। तीसरे नंबर पर मुंगेली के अंशुल शर्मा है, इन्होंने भी 99% लाया है। साय सरकार ने टॉपर्स को 1.5 लाख देने का ऐलान किया है। टॉपर जिज्ञासु वर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि आगे इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। 8वीं रैंक लाने वाली हिमशिखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल के अलावा यूट्यूब और चैट जीपीटी से पढ़ाई की है। 12वीं में ओमनी को 98.20% मार्क्स मिले 12वीं बोर्ड में बेमेतरा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल की छात्रा ओमनी वर्मा ने 98.20% अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले के गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल छाल के छात्र कृष महंत रहे, जिन्होंने 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 10वीं की टॉपर संध्या डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती हैं 10वीं बोर्ड की टॉपर संध्या किसान परिवार से आती हैं, रिजल्ट जारी होने के बाद उन्होंने भविष्य में डिप्टी कलेक्टर बनने की बात कही। अंशुल के पिता इंश्योरेंस एडवाइजर, उन्होंने 11th में मैथ्स लेकर JE की तैयारी करने की बात कही। परीरानी प्रधान ने डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने की इच्छा जताई। लड़कियों का दबदबा कायम 12वीं परीक्षा में लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.04 प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया, जबकि लड़कों का परिणाम 78.86 प्रतिशत रहा। करीब 2.44 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से लगभग 2.02 लाख छात्र-छात्राएं पास हुए। 10वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 3 लाख 21 हजार स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था, इनमें 77.15% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। 42 स्टूडेंट्स मेरिट में आए हैं, इनमें 26 लड़कियां शामिल हैं। राज्य सरकार ने टॉपर्स को डेढ़ लाख देने का ऐलान किया है। …………………….. 10वीं 12वीं रिजल्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ बोर्ड 12th रिजल्ट, लड़कियों ने फिर मारी बाजी: जिज्ञासु ने किया टॉप, पिता की किराना दुकान, टॉपर बोली- पढ़ाई में AI की ली मदद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे जारी हो गए हैं। कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पढ़ें पूरी खबर छत्तीसगढ़ 10th बोर्ड रिजल्ट, टॉप 10 में 26 लड़कियां:टॉपर्स को मिलेंगे डेढ़ लाख, महासमुंद की संध्या-परीरानी, मुंगेली के अंशुल शर्मा को 99% मिले छत्तीसगढ़ 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 99% के साथ टॉप किया है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलौदा की परीरानी प्रधान शामिल है। तीसरे नंबर पर मुंगेली के अंशुल शर्मा है, इन्होंने भी 99% लाया है। पढ़ें पूरी खबर
प्रतापगढ़ में सड़क हादसा, राजमिस्त्री की मौत:ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मारी, चालक फरार
प्रतापगढ़ में एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय राजमिस्त्री की मौत हो गई। यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के रामनगर बाजार के पास बुधवार देर शाम हुई, जब एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान रायबरेली जिले के माधोपुर सुल्तानपुर गांव निवासी राजाराम प्रजापति के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी अनीता देवी के साथ कुंडा तहसील के कंदई गांव में एक रिश्तेदारी में आयोजित बधाई कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8 बजे रामनगर बाजार के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर को चालक ने अचानक पीछे किया। इसी दौरान राजाराम की बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में राजाराम प्रजापति को सीने और सिर में गंभीर चोटें आईं। उनकी पत्नी अनीता देवी इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल राजाराम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कालाकांकर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी अनीता देवी ने बताया कि हादसे के वक्त उनके पति ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें जानलेवा चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश जारी है।
बदायूं में बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर कछला गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। गंगास्नान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं का आगमन आज रात से ही शुरू होने की उम्मीद है। परंपरा के अनुसार, भक्त रात्रि में गंगा तट पर पूजा-अर्चना करेंगे और प्रातःकाल स्नान, कथा-श्रवण तथा दान-पुण्य करेंगे। घाट क्षेत्र में भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा। पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश कुमार राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने कछला गंगा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ एएसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, घाट पर निरंतर निगरानी, भीड़ नियंत्रण और स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने पर जोर दिया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर भी निर्देश दिए। घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, उचित प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहेगी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से गंगास्नान कर सकें। निरीक्षण के दौरान, एडीएम (ई) अरुण कुमार, एसडीएम सदर मोहित कुमार, क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह और थाना प्रभारी उझानी प्रवीण कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर जनपद के बेहड़ा अस्सा गांव के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने गांव को सीधी बस सेवा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए बेहड़ा अस्सा से मां शाकुंभरी धाम तक रोडवेज बस संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब बस सेवा शुरू होने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस नई बस सेवा के मई माह के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अभी किराया निर्धारण और स्टॉपेज को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में लखनऊ मुख्यालय से इस संबंध में अंतिम स्वीकृति मिल सकती है, जिसके बाद बस संचालन की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। प्रस्तावित रूट के अनुसार, बस सुबह बेहड़ा अस्सा गांव से रवाना होगी और पहला स्टॉप सिखेड़ा गांव में रहेगा। इसके बाद बस पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए मुजफ्फरनगर रोडवेज बस स्टैंड पहुंचेगी। वहां से आगे बढ़ते हुए यह बस देवबंद और सहारनपुर होते हुए मां शाकुंभरी धाम तक जाएगी। वापसी में भी बस इसी रूट का पालन करेगी। यह बस सेवा रोजाना संचालित होगी, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सहूलियत मिलेगी। खासतौर पर धार्मिक यात्रियों और दैनिक सफर करने वाले लोगों के लिए यह सेवा काफी लाभदायक साबित होगी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस रूट पर बस सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है। बस के संचालन से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
गयाजी में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार देर शाम राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परिवहन सेवाओं को सुरक्षित, सुलभ और जनोपयोगी बनाने के लिए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक से पूहले पुरानी बस स्टैंड स्थित इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। लगभग 5 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक चार्जिंग प्वाइंट आगामी इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे तकनीकी उन्नति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम प्रयास बताया। गयाजी से 50 बसों का संचालन अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि राज्य में जल्द ही 400 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें से 150 बसें पटना और 50 बसें गयाजी को मिलेंगी। इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकेंगी। प्रारंभिक चरण में इनका संचालन मगध प्रमंडल में किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को किफायती व आरामदायक यात्रा मिलेगी। यात्रियों को मिलेगी विशेष सुविधा इसके अतिरिक्त, गयाजी से अलग-अलग राज्यों के लिए 22 नई बसों के परिचालन की भी योजना है। इनमें 11 एसी और 11 नॉन-एसी बसें शामिल होंगी। इन नई सेवाओं से गया को देश के प्रमुख शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान और सुविधाजनक होगी। औरंगाबाद में दी जा रही है ट्रेनिंग महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिले में 8 'पिंक बसों' का संचालन शुरू किया गया है। ये सीएनजी आधारित बसें विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला चालकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके लिए औरंगाबाद स्थित IDTR में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है, जहां महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी बैठक में परिवहन निगम की ओर से अलग-अलग मार्गों पर बस संचालन की जानकारी भी दी गई। 22 बसों के संचालन के लिए रूट निर्धारित किए गए हैं, जिससे यातायात सुविधा मजबूत होगी। डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित, सस्ती और आधुनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

