मेरठ में देशी शराब पीने के बाद जितेंद्र कश्यप, बाबूराम प्रजापति और अंकित की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का गांव में डेरा है। शनिवार सुबह तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया। तीन मौतों के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर पूरी वारदात पर दौराला के सांईपुरी गली नंबर 2 में बाबूराम प्रजापति भराला वालों का रिया स्पेलर व आटा चक्की है। शुक्रवार शाम इसी क्षेत्र का रहने वाला अंकित देशी शराब का टेट्रा पैक लेकर यहां पहुंचा। दुकान पर बाबूराम के अलावा उनका कर्मचारी जितेंद्र कश्यप भी मौजूद था। बताया जाता है कि तीनों ने उस शराब को पिया, जिसके कुछ मिनट बाद ही उनकी तबियत खराब होने लगी। परिवार के लोग तीनों को उठाकर अस्पताल ले आये, जहां तीनों की मौत हो गई। परिजनों का अस्पताल में हंगामा तीन मौतों से गांव में कोहराम मच गया। आक्रोशित भीड़ अस्पताल पहुंच गई और शराब की दुकान पर मिलावटी शराब बेचने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर डीएम डा. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार अपनी टीमों के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को संभाला। रात में ही तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिये गये। पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया। सुबह गांव पहुंचे तीनों के शवशनिवार तड़के चिकित्सकों के पैनल ने बारी बारी तीनों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। एंबुलेंस की मदद से शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। तीनों के घरों के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिवार में जहां कोहराम मचा था, वहीं इलाके में सन्नाटे की स्थिति थी। पुलिस बल गांव में किया तैनात मामला संवेदनशील है। प्रशासन चाहे जो कहे लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दुकान से ली गई शराब पीने के बाद ही तीनों की मौत हुई है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल भी तैनात किया गया है जिनके माध्यम से अफसर पल पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस व प्रशासन का पहला प्रयास तीनों के शवों का शांतिपूर्ण अंतिम संस्कार कराना है। सात साल से नौकरी कर रहा था जितेंद्र बाबूराम प्रजापति के स्पेलर पर जितेंद्र पिछले सात साल से काम कर रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी एक साथ उन्हें शराब पीते नहीं देखा। हालांकि कुछ लोग दबी जुबान में इस बात को नकार भी रहे हैं। जितेंद्र अपने पीछे चार बच्चों दिनेश, शिवम्, प्रियांशु, टीनू को छोड़कर गया है। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। आबकारी व अन्य टीमों की जांच जारी शराब से तीन मौतों के शोर के बाद प्रशासन में खलबली मची है। डीएम डा. वीके सिंह खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की चार टीमों के अलावा आबकारी की टीमें भी जांच में जुटी हैं। सुबह दिन निकलने के बाद यह टीमें दोबारा गांव में पहुंच गईं। फिलहाल उनके द्वारा जांच कराई जा रही है। आज ही शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। बिसरा भी जांच को भेजा जाएगा।
रामपुर के मसवासी निवासी शावेद (22) की रूस में गोली लगने से मौत हो गई है। शावेद का शव शनिवार तड़के दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। इस खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार सदमे में है। बेहतर कमाई की उम्मीद में शावेद करीब नौ महीने पहले रूस गया था। उसने अपने परिवार को बताया था कि वह वहां स्टील फर्नीचर का काम करेगा। शुरुआती दो महीने तक उसने यही काम किया भी, लेकिन बाद में परिस्थितियों के चलते वह रूस की सेना में शामिल हो गया। परिजनों के अनुसार, गुरुवार को ड्यूटी के दौरान शावेद को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शावेद अपने परिवार का सबसे बड़ा सहारा था। उसके छोटे भाई नावेद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कारण घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। पिता दुल्हे हसन दूध का छोटा कारोबार कर परिवार का गुजारा करते हैं। बेटे के विदेश जाने के बाद उन्हें घर की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद थी, जो अब अधूरी रह गई है। जानकारी के मुताबिक, शावेद का शव शनिवार सुबह करीब 3:20 बजे रूस से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। परिवार के सदस्य शुक्रवार रात ही शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए थे। गांव के लोगों ने बताया कि शावेद बेहद मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था, लेकिन नियति ने उसे बीच रास्ते में ही छीन लिया। अब उसके घर में केवल मातम और उसकी यादें शेष हैं।
सिवनी जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार सुबह से हल्की रिमझिम बारिश जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत इस मौसमी गतिविधि के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बरघाट क्षेत्र के मंडी गांव में छह वर्षीय प्रांशू मरकाम की घर के बाहर खेलते समय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना डूंडासिवनी क्षेत्र के उड़ेपानी और बंजारी गांव के पास हुई, जहां रमजान खान खेत से लौटते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए और उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तेज आंधी से पेड़-पोल गिरे, कई गांवों में बिजली गुल शुक्रवार शाम को बरघाट क्षेत्र में तेज आंधी चली, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली पोल गिर गए। सिवनी-बालाघाट मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। धारना, आष्टा, बोरी, जेवनारा और खारी सहित कई गांवों में बिजली के तार टूटने और पोल गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तेज हवाओं से कई दुकानों और मकानों के शेड भी उड़ गए। धूमा थाना क्षेत्र के धनककड़ी गांव में चने के आकार के ओले गिरने की सूचना मिली है। ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों में चिंता है। हालांकि, फसलों के वास्तविक नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी मौसम विभाग ने जिले में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। शुक्रवार रात भर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होती रही। शनिवार सुबह से जारी हल्की बारिश ने मौसम को ठंडा और सुहावना बनाया है, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे मौसम को देखते हुए कलेक्टर शीतला पटले ने लोगो से कहा है कि सावधानी बरतें। बारिश के समय जो किसान खेत मे काम कर रहे हैं वह सुरक्षित स्थान में चले जाएं, क्योकि आसमानी बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।
कोडरमा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने कोडरमा थाना क्षेत्र के पथलडीहा गांव के पास जमकर उत्पात मचाया। हाथी गांव के समीप स्थित एक होटल में घुस गया, जहां उसने पहले जमकर तोड़फोड़ की। फिर वहां आराम कर रहे एक कर्मचारी पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं, जिससे लोगों की चिंता और भय दोनों बढ़ गए हैं। हमले में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हाथी के हमले में होटल का कर्मचारी उपेंद्र साव (35), निवासी मरकच्चो, गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि देर रात अचानक हुए इस हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया। घायल अवस्था में उसने किसी तरह आसपास के लोगों को आवाज लगाकर मदद मांगी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल उपेंद्र को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल कोडरमा पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। मुर्गी फार्म में भी मचाया कहर, लाखों का नुकसान घटना के बाद शनिवार सुबह पथलडीहा गांव के हुसैन आरिफ ने बताया कि उनके होटल के पीछे स्थित मुर्गी फार्म में भी हाथी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। फार्म से करीब 180 मुर्गे-मुर्गियां गायब मिले। साथ ही वहां रखे बर्तन और अन्य सामान पूरी तरह तहस-नस कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि रात में हाथी के डर से वे फार्म नहीं जा सके थे। सुबह जब वहां पहुंचे तो नुकसान का मंजर देखकर सन्न रह गए। इस घटना से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष भी हाथियों ने इसी तरह नुकसान पहुंचाया था, जिसका अब तक मुआवजा नहीं मिला है। लगातार घटनाओं से लोगों में आक्रोश बीते दो हफ्तों से जिले के विभिन्न इलाकों में हाथियों की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। हाल ही में हाथियों के हमले में तीन लोगों सहित कई मवेशियों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने में विफल साबित हो रहा है। इधर जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड में काम करने का दावा किया है। उपायुक्त के निर्देश पर विशेष दल गठित किए गए हैं और 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से सतर्क रहने और सूचना देने की अपील की गई है।
नकली नोट चलाने वाले को 10 साल की सजा:15 साल पुराने मामले में अमरोहा कोर्ट ने दोषी ठहराया
अमरोहा की एक अदालत ने नकली नोट चलाने की कोशिश करने वाले रामपुर निवासी मशरूर को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनाया। करीब 15 साल पुराने इस मामले में दोषी मशरूर अब तक जमानत पर था। फैसला सुनाए जाने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। अभियोजन के अनुसार, यह घटना 13 जून 2011 की है। तत्कालीन दरोगा वीआर विक्रम अपनी मोबाइल ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल योगेंद्र सिंह और रामनिवास शर्मा के साथ बिजलीघर चौराहे पर मौजूद थे। उसी दौरान एक मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति मीट की दुकान पर नकली नोट चलाने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक हजार रुपये के तीन नोट बरामद हुए, जिनमें से दो प्रथम दृष्टया संदिग्ध लगे। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मशरूर निवासी सेंडोवाला, थाना टांडा, जिला रामपुर बताया। बाद में बरामद नोटों को स्टेट बैंक में जांच के लिए भेजा गया, जहां बैंक कर्मियों ने भी उन्हें जाली बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी मशरूर को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
झज्जर जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जाट नेता यशपाल मलिक ने करीब 9 साल बाद बड़ा बयान दिया है। एक निजी सोशल मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने आंदोलन से जुड़े कई अहम खुलासे किए और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गंभीर आरोप लगाए। दिल्ली कूच को लेकर बड़ा खुलासा मलिक ने कहा कि दिल्ली कूच के दौरान कुछ राजनीतिक लोग अपने फायदे के लिए सक्रिय थे। उनके मुताबिक, उस समय ऐसी चर्चा थी कि अगर जाट बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचते हैं तो हालात हिंसक हो सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता और सत्ता समीकरण भी बदल सकते थे। समाज को मरवाने के लिए नहीं कर रहे थे आंदोलन’ उन्होंने कहा कि उन पर आंदोलन बेचने के आरोप लगे, लेकिन उन्होंने समाज के हित में फैसला लिया। “मैं अपनी जाट कौम को मरवाने के लिए आंदोलन नहीं कर रहा था, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लिया,” उन्होंने स्पष्ट किया। मीटिंग को लेकर बड़ा खुलासा यशपाल मलिक ने बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय, भारत सरकार से मीटिंग के लिए फोन आया था। इसके बाद उन्होंने अपने प्रमुख साथियों को इसकी सूचना दी। उन्होंने कहा कि जब मीटिंग के स्थान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चौधरी वीरेंद्र सिंह के यहां बैठक कराने का सुझाव दिया। हरियाणा का मसला था और वीरेंद्र सिंह भी हरियाणा के है। मलिक के मुताबिक, उन्होंने यह स्थान इसलिए चुना क्योंकि “चौधरी वीरेंद्र सिंह की एक बात मशहूर है कि वे कभी झूठ नहीं बोलते।” इसके बाद उनके वहां मीटिंग तय हुई, जिसमें चौधरी वीरेंद्र सिंह के अलावा उस समय के मुख्यमंत्री मनोहरलाल, हरियाणा बीजेपी प्रभारी अनिल जैन और आंदोलन से जुड़े अन्य साथी भी मौजूद रहे। राजनीतिक एजेंडे पर साधा निशाना मलिक ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक ताकतें अपने-अपने एजेंडे के अनुसार काम कर रही थीं। उनका कहना है कि किसी भी आंदोलन को अगर राजनीतिक मकसद से चलाया जाए तो वह अपने मूल उद्देश्य से भटक जाता है। पश्चिमी यूपी और हरियाणा की तुलना उन्होंने बागपत के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जाटों की भागीदारी काफी सीमित रही। “रेल रोको आंदोलन हुआ, लेकिन 5 प्रतिशत जाट भी इकट्ठा नहीं हुए, क्योंकि वहां चौधरी अजीत सिंह बड़ा चेहरा थे और लोग उनके बिना आगे नहीं बढ़ते थे।” वहीं हरियाणा में उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ा जाट चेहरा बताते हुए कहा कि उनकी सहमति के बिना कुछ भी होना मुश्किल था। पुराने साथियों पर भी सवाल मलिक ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान कई साथी उनका साथ छोड़ गए। उन्होंने कहा कि 2007 से वे सक्रिय थे, लेकिन बाद में कई लोग अलग हो गए और आंदोलन कमजोर पड़ा। यशपाल मलिक के इन बयानों ने एक बार फिर जाट आंदोलन की राजनीति और पृष्ठभूमि को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनके खुलासों से यह सवाल उठ रहा है कि आंदोलन के पीछे सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक समीकरण कितने हावी थे।
आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही सेना की अग्निवीर भर्ती रैली में शुक्रवार को आगरा को छोड़कर अन्य 11 जिलों के 900 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें से 700 ने दौड़ और शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर ली है। इन सभी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बुलाया गया है। शनिवार को झांसी और ललितपुर के अभ्यर्थी दौड़ में शामिल होंगे। रात में 12:00 बजे से स्टेडियम में प्रवेश दिया गया। इसके बाद शारीरिक दक्षता की जांच हुई। इसके बाद दौड़ लगाई जा रही है। फर्जी अभ्यर्थियों पर नजर रखने के लिए सैन्य और पुलिस की तरफ से अलग-अलग टीम बनाई गई है। सेना भर्ती कार्यालय आगरा की ओर से 1 अप्रैल से एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल श्रेणी के लिए अलीगढ़, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, जालौन, झांसी, कासगंज, ललितपुर, मथुरा एवं मैनपुरी के अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पास हुए अभ्यर्थियों को शनिवार को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बुलाया गया है। 4 अप्रैल को अग्निवीर क्लर्क (आगरा) और अग्निवीर जनरल ड्यूटी (झांसी एवं ललितपुर) के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।अग्निवीर भर्ती रैली 19 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, इटावा, हाथरस, मैनपुरी, कासगंज, एटा, झांसी, ललितपुर और जालौन के लगभग 19 हजार युवा भाग लेंगे।
प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र में एक मजदूर युवक ने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान आंबेडकर नगर जनपद के हैदराबाद निवासी सुरजीत कुमार (40) के रूप में हुई है। वह अपने भाई संजीव कुमार के साथ शेखपुर अठंगवा गांव में अमितेश सिंह के यहां मजदूरी करता था। सुरजीत खेती-बाड़ी का काम संभालता था, जबकि संजीव पोल्ट्री फार्म देखता था। वह अपनी पत्नी मंजू देवी और दो बेटियों के साथ रहता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरजीत का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद उसने अपने भाई संजीव को फोन कर अपनी परेशानी बताई और आत्महत्या करने की इच्छा जताई। उसने संजीव से यह भी कहा था कि उसकी मौत के बाद शव को घर ले जाया जाए। शुक्रवार को सुरजीत खेत जाने की बात कहकर घर से निकला था। दोपहर करीब एक बजे गांव के बाहर एक आम के बाग में उसका शव पेड़ से फंदे के सहारे लटका मिला। खेत में घास काटने गए कुछ लोगों ने शव देखा और शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पट्टी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
मेरठ में साले ने जीजा पर पेट्रोल छिड़का:पति-पत्नी विवाद में आग लगाई, युवक गंभीर झुलसा
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के विवाद के चलते एक व्यक्ति को उसके साले और अन्य साथियों ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। शुक्रवार देर रात हुई इस घटना में जीजा गंभीर रूप से झुलस गया। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। न्यू इस्लामनगर गली नंबर 31 निवासी शहजाद (पुत्र मुन्ना) की शादी करीब छह साल पहले नरहड़ा गांव की आबिदा (पुत्री यूसुफ) से हुई थी। दंपति का चार वर्षीय बेटा अरहम है। परिजनों के अनुसार, पिछले कई महीनों से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था, जिसे सुलझाने के लिए कई बार पंचायतें भी हुई थीं। बताया जा रहा है कि आबिदा नौ माह की गर्भवती भी है। शहजाद और उसकी मां सलमा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ससुराल पक्ष के लोग उनके घर आए थे और कुछ देर बाद लौट गए। इसके बाद शाम को साला आदिल अपने साथियों के साथ फिर से घर पहुंचा। इस दौरान आदिल की शहजाद से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान साले आदिल, लालू और पत्नी आबिदा ने अपने साथियों के साथ मिलकर शहजाद पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। शहजाद की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसे युवक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। लोहियानगर थाना प्रभारी सुमित तोमर ने बताया कि युवक के बयान के आधार पर जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
भाई-बहन व भांजे की मौत:कार ने खड़ी बाइक को टक्कर दी, करीब 150 मीटर तक घसीटता ले गया
भरतपुर के गोपालगढ़ के निकट तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े बाइक सवार भाई-बहिन व भांजे को टक्कर मार दी। कार वाला बाइक को करीब 150 मीटर तक घसीटता ले गया। तीनों की मौत हो गई। मां-बेटे ने मौके पर दम तोड़ दिया। भाई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल अलवर लेकर आए। जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह घटना शुक्रवार रात करीब 8 बजे के आसपास की है। मृतक युवक नजाकत अली पुत्र हुसैन के जीजा इरफान ने बताया कि , हरियाणा के नूंह जिले के रेहना गांव निवासी 28 वर्षीय नजाकत अली अपनी बहन 38 वर्षीय मुस्सी को उसके पीहर गोपालगढ़ के जोतरी गांव में छोड़ने जा रहा था। उनके साथ नजाकत का 10 साल का भांजा मोनिस भी था। तीनों एक बाइक पर सवार थे। अंधवाड़ी गांव के पास बाइक को रोड किनारे खड़ कर उतरने वाले थे। तभी तेज रफ्तार क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। कार बाइक को घसीटते हुए करीब 150 मीटर दूर तक ले गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि मुस्सी और मोनिस की मौके पर ही मौत हो गई। नजाकत को गंभीर हालत में अलवर जिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन वह भी नहीं बच पाया। तीनों की मौत से दो परिवारों में मातम छा गया। मृतक नजाकत के तीन बच्चे हैं। घटना के बाद आरोपी चालक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बांदा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बांदा-डिंगवाही रेलवे खंड से की गई। आरोपी ने पूछताछ में नशे की हालत में ट्रेन पर पत्थर मारने की बात स्वीकार की है। रेलवे सुरक्षा बल थाने की प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि लोहिया पुल के पास रेलवे लाइन किनारे एक व्यक्ति घूम रहा है और पत्थर फेंक रहा है। इस सूचना के आधार पर टीम किमी नंबर 1320/5-7 पर पहुंची। मौके पर आरोपी रेलवे ट्रैक किनारे बैठा मिला। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संजय वर्मा (23) निवासी भूरागढ़, थाना मटौंध के रूप में बताई। संजय वर्मा ने बताया कि वह नशे का आदी है और कबाड़ बीनने का काम करता है। उसने स्वीकार किया कि लगभग चार-पांच दिन पहले शाम के समय उसने नशे की हालत में बांदा स्टेशन की ओर से आ रही लाल रंग की नई ट्रेन (वंदे भारत एक्सप्रेस) पर पत्थर फेंका था। आरोपी के अनुसार, उसे लगा था कि ट्रेन उस पर चढ़ जाएगी, जिसके गुस्से में उसने यह कृत्य किया। संजय वर्मा के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरा के सिंगही क्षेत्र से पुलिस ने अफरोज हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम कुमार को गिरफ्तार किया है। बड़हरा के केशोपुर गांव का रहने वाला है। फिलहाल शहर के तरी मोहल्ला में रह रहा था। टाउन थाना क्षेत्र के पश्चिम टोला बाइक मैकेनिक मो. अफरोज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सदर एएसपी राजकुमार साह ने बताया कि हत्या के पीछे आपसी विवाद और गाली-गलौज की मुख्य वजह रही। घटना की रात सीके रोड स्थित एक चाय दुकान पर आरोपी शिवम सिंह, उसके पिता सरोज सिंह और मृतक अफरोज के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई थी। सोनू ने हथियार उपलब्ध कराई थी पूछताछ में शिवम ने स्वीकार किया कि उसके पिता को गाली दिए जाने से वह आक्रोशित हो गया और इसी गुस्से में उसने अफरोज को गोली मार दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल देसी पिस्टल भी बरामद कर ली है। हथियार के स्रोत के बारे में पूछे जाने पर आरोपी ने बताया कि यह पिस्टल उसे बामपाली इलाके के उसके एक साथी सोनू ने उपलब्ध कराई थी। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में सहयोग करने के आरोप में सत्यम कुमार को भी गिरफ्तार किया था, जो आरोपी का ममेरा भाई बताया जा रहा है। इंस्पेक्टर देवराज राय ने बताया कि वारदात के दौरान आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं और सीसीटीवी फुटेज में उसका हुलिया भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। आरोपी के पिता सरोज सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अब जानिए क्या है पूरा मामला एक अप्रैल की रात करीब 9:20 बजे सीके रोड पर चाय दुकान के पास आरोपियों ने अफरोज के साथ गाली-गलौज की थी। सूचना मिलने पर जब उनके भाई मौके पर पहुंचे, तब सरोज सिंह के उकसावे पर शिवम ने पिस्टल से अफरोज के सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद जान बचाने के लिए पश्चिम टोला की ओर भागा। सीसीटीवी में दिख रहा है कि सत्यम कुमार ने उनका पीछा कर पूर्व वार्ड पार्षद के घर के पास उनके हाथ में दूसरी गोली मार दी, जिससे मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद गंभीर हालत में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद हुआ है।
भिंड में मौसम साफ, 3 दिन बाद खिली तेज धूप:किसानों को मिली राहत, 31 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
भिंड जिले में पिछले तीन दिनों से छाए बादल और रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी के बाद शनिवार सुबह मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। मौसम सुहावना होने और धूप खिलने से पककर तैयार गेहूं की फसल को नुकसान से बचाने की चिंता कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, वहीं आगामी 2-3 दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। खेतों में रखी कटी फसल के सूखने की उम्मीद बढ़ी बीते बुधवार से जिले में मौसम लगातार बदल रहा था। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई किसानों ने इसे काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए रखा हुआ है। लगातार बादल छाने और बूंदाबांदी से इस कटी हुई फसल के खराब होने और सड़ने का खतरा मंडरा रहा था। शनिवार को आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने से गीली फसल के सूखने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे अब किसान थ्रेसिंग का काम आसानी से कर सकेंगे। 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी व मंद हवाएं चलीं, जबकि वातावरण में नमी का स्तर भी बना रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों तक दिन और रात के तापमान में हल्का बढ़ाव हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम सामान्य बना रहने की संभावना है।
कासगंज के सोरों सहावर रोड पर स्थित एक निजी गेस्ट हाउस में दावत के कार्यक्रम के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौके पर मौत हो गई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय दीपक पुत्र प्रेमपाल के रूप में हुई है, जो सोरों कोतवाली क्षेत्र के हिमायुपुर गांव का निवासी था। दीपक गेस्ट हाउस में वेटर का काम कर रहा था। तभी संदिग्ध परिस्थितियों में उसे करंट लग गया और वह झुलस गया। उसे तत्काल कासगंज के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दीपक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां शव देखकर उनकी चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दीपक के परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं। उसके पिता गांव में मजदूरी करते हैं।
श्रावस्ती के सोनवा थाना क्षेत्र में अवैध संबंधों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। इस दौरान गुस्से में आकर पति ने ईंट से हमला करके पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता ने नासिरगंज पुलिस चौकी में शिकायत दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पत्नी ने बताया कि उसके पति का पिछले करीब 8 वर्षों से एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है। बीती रात करीब 1 बजे उसने अपने पति को घर के पीछे बाग में उस महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ लिया था। इसी बात को लेकर सुबह फिर से दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। सुबह हुए विवाद के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी पति ने आपा खो दिया और ईंट से पत्नी के सिर पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसका सिर फट गया। घायल महिला ने नासिरगंज चौकी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बांसवाड़ा के दानपुर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर राहगीरों को परेशान करने और पुलिस से हाथापाई करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटना पेट्रोल पंप के सामने जोहार किंग ट्रेवल्स ऑफिस के पास हुई, जहां सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। आरोपियों ने पुलिस से अभद्रता की और धमकी दी। कार्रवाई के बाद कुछ लोगों ने थाने में विरोध भी जताया। थानाधिकारी लक्ष्मीचंद वर्मा ने बताया कि इनमें से एक आरोपी पहले भी पुलिस पर हमले की कोशिश कर चुका है और खुद को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बताकर इलाके में रौब झाड़ता था। ट्रावेल्स ऑफिस के पास मचा रहे थे उत्पात दानपुर कस्बे में पेट्रोल पंप के सामने ट्रेवल्स ऑफिस के पास कुछ लोग शराब पीकर यात्रियों को परेशान कर रहे थे। सूचना मिलने पर थानाधिकारी लक्ष्मीचंद वर्मा के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर दो युवक भाग गए, जबकि दो को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पुलिस से की हाथापाई, दी धमकी पुलिस के अनुसार जब पुलिस ने पकड़े गए युवकों से नाम-पता पूछा, तो वे उलझने लगे। आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की और शोर मचाते हुए कहा कि-पुलिस को सूचना किसने दी, उसे जान से मार देंगे। काफी समझाइश के बाद भी जब वे शांत नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें बीएनएस की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने संतोष पिता रकमचन्द खड़िया निवासी हरनाथपुरा, दानपुर व राजू पिता नाथु निनामा निवासी हमीरपुरा पठार, प्रतापगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी वर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी संतोष शातिर प्रवृत्ति का है। इसी साल 15 जनवरी को नाकाबंदी के दौरान भी वह शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़ा गया था और तब भी उसने पुलिसकर्मियों अभद्र व्यवहार किया था। बीएपी ने लगाए पुलिस पर मनमानी कार्यवाही के आरोप वहीं बीएपी के समर्थकों व युवकों के परिजनों ने पुलिस पर मनमानी कार्यवाही का आरोप लगाकर थाने में विरोध जताया था। उनका कहना था कि दोनों युवक टिकिट बुकिंग का कार्य करते हैं, उन्हें बिना किसी आरोप के पुलिस ने पकड़ा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान और राजस्व अर्जन में कई कीर्तिमान स्थापित करने का दावा किया है। जोन के जीएम तरुण प्रकाश ने बताया कि इस अवधि में 261.25 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जिससे 32 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिला। जीएम ने बताया दी कि माल लदान में पिछले साल की तुलना में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो संभवतः भारतीय रेलवे में सर्वाधिक है। इस उपलब्धि के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेल में माल लदान में दूसरे स्थान पर रहा। विशेष रूप से कोयला परिवहन में जोन ने 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है। 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य प्रगति पर जीएम ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 18 प्रतिशत अधिक यात्री ट्रेनें चलाई गईं, जिनके माध्यम से कुल 8.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग सहित 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है। पहले चरण के 47 स्टेशनों में से 17 का काम पूरा हो चुका है, और दिसंबर तक सभी फेज-1 के निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 125 किलोमीटर नई लाइन का काम पूरा बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी जोन ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इस साल 125 किलोमीटर नई लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा किया गया। इसके अलावा 18 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और 27 रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण किया गया, जबकि 34 लेवल क्रॉसिंग गेट बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। सुरक्षा सुधार और आधुनिक तकनीक का उपयोग तरुण प्रकाश ने दावा किया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वर्ष 2025-26 में हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में रेलवे सुरक्षा को लेकर आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। इसमें वैगनों की निगरानी, लोको पायलट्स के प्रदर्शन पर नजर रखना और फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यात्री सेवाओं में उत्कृष्ट वृद्धि रेल हादसों में कमी नई रेल परियोजनाएं
यूपी के बेसिक स्कूलों का कैलेंडर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी कर दिया है। इस बार कैलेंडर को और ज्यादा व्यावहारिक बनाया गया है। हर महीने पाठ्यक्रम पूरा करने का प्रतिशत तय किया गया है। इसी तरह ICT संसाधनों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। इस बार ‘खान एकेडमी’ के डिजिटल संसाधनों के माध्यम से बच्चों को डिजिटल शिक्षा दी जाएगी। स्कूल चलो अभियान के पहले चरण में 1 से 15 अप्रैल तक कक्षा 1 से 8 के बच्चों को स्कूल लाने पर जोर रहेगा। प्रार्थना के दौरान बताएंगे मोबाइल फोन का नुकसान उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि अप्रैल से परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में यह कैलेंडर सख्ती से लागू किया जाए। प्रार्थना सभा में ‘आज का सुविचार’, समाचार पत्र पढ़ना, लैंगिक समानता, नैतिक शिक्षा और मोबाइल के नुकसान पर जागरूकता अनिवार्य किया गया है। हर स्कूल में यह कैलेंडर दीवार पर लगा हो : सचिव सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा, “यह कैलेंडर बच्चों के समग्र विकास का रोडमैप है। ICT, खान एकेडमी, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करेंगे। सभी BSA सुनिश्चित करें कि हर स्कूल में यह कैलेंडर दीवार पर लगा हो और हर शिक्षक-विद्यार्थी इसे फॉलो करे।” प्रदेश के 1.5 करोड़ बच्चों को मिलेगा लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 1.5 करोड़ से ज्यादा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक छात्र-छात्राएं इस कैलेंडर से सीधे लाभान्वित होंगे। अभिभावक अब पहले से ही जान सकेंगे कि उनका बच्चा कब क्या पढ़ेगा, कब परीक्षा होगी और कब अवकाश रहेगा। महीना-दर-महीना क्या होगा? खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियां और राष्ट्रीय दिवस हर महीने राष्ट्रीय दिवसों पर विशेष कार्यक्रम। अम्बेडकर जयंती, विश्व पर्यावरण दिवस, योग दिवस, गांधी जयंती, शिक्षक दिवस, बाल दिवस आदि पर स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चलेंगे। खेलकूद समिति का गठन, जिला-जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं और वार्षिक खेल महोत्सव अनिवार्य किए गए हैं। गर्मी में 25 दिन तो ठंड में 15 बंद रहेंगे स्कूल स्कूलों की टाइमिंग अध्यापकों-माता-पिता के लिए खास निर्देश
बरेली में आयोजित 54वीं राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप का शानदार समापन हो गया। फ्यूचर यूनिवर्सिटी के मैदान पर खेले गए इस महामुकाबले में देशभर की प्रतिभाएं जुटी थीं, लेकिन फाइनल की जंग बेहद रोमांचक रही। पांच दिनों तक चले इस खेल उत्सव में खिलाड़ियों के कौशल और अनुशासन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। देखे खेल से जुड़ी फोटोज …. फाइनल में हिमाचल का दबदबा, यूपी को मिली उपविजेता की ट्रॉफीप्रतियोगिता का निर्णायक मुकाबला उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के बीच खेला गया। दोनों ही टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरी थीं, जिससे मैच की शुरुआत से ही कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि, हिमाचल प्रदेश की टीम ने अपनी बेहतरीन रणनीति और सामंजस्य के दम पर 19-11 के स्कोर से उत्तर प्रदेश को शिकस्त देकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मेजबान उत्तर प्रदेश की टीम ने भी कड़ा मुकाबला किया और उपविजेता के स्थान पर रही। खेलों से बढ़ता है अनुशासन और नेतृत्व: डॉ. अरुण कुमारसमापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने विजेता टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बरेली में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होना गौरव की बात है। खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व और टीम भावना के संस्कार भी भरता है। विशिष्ट अतिथि श्रुति गंगवार ने भी महिला खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें समाज की प्रेरणा बताया। बरेली बनेगा खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र: डॉ. आशीष गुप्ताजिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने सफल आयोजन पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बरेली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करना है। आयोजन में हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों समेत शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया, जिससे खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे।
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अकौरी में देखी प्राकृतिक खेती:उनके बोए बीज अब बने सफल प्रयोग का उदाहरण
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने सीधी जिले के अकौरी गांव में अपने खेत पर प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। शनिवार सुबह उन्होंने जैविक गेहूं की फसल का बारीकी से अवलोकन किया और पारंपरिक व प्राकृतिक खेती की विधियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सांसद ने खेत में खड़ी फसल पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह वही खेत है, जहां बुवाई के समय उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर बीज बोए थे। अब यह फसल एक सफल प्रयोग का उदाहरण बन चुकी है। सांसद डॉ. मिश्रा ने प्राकृतिक खेती के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि यह भूमि की उर्वरता बनाए रखने, किसानों की लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण में सहायक है। उन्होंने जोर दिया कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और शुद्ध उत्पादन से बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा, प्राकृतिक खेती सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाले समय की आवश्यकता है। जब किसान अपनी मिट्टी की ताकत को पहचानकर बिना रासायनिक खाद के खेती करेंगे, तब न केवल उनकी लागत घटेगी, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक अन्न भी समाज को मिलेगा। अकौरी का यह खेत इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि इच्छाशक्ति और सही पद्धति से खेती में बड़ा बदलाव संभव है। सांसद ने खुशी व्यक्त की कि क्षेत्र के कई किसान अब पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।
नासिक में भीषण सड़क हादसा: कार कुएं में गिरने से 9 लोगों की मौत, 6 बच्चे शामिल
हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग इंदोरे गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों में सुनील दरगुडे, उनकी पत्नी और उनकी बेटी भी शामिल हैं। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इस हादसे में 6 मासूम बच्चों की भी जान चली गई, जिनमें एक 7 साल की बच्ची भी थी।
रीवा से मुंबई जाने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब तक सप्ताह में चलने वाली रीवा–सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन को नियमित श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। रेलवे के इस फैसले के बाद अब ट्रेन के संचालन के लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी और इसके समय में भी स्थिरता आने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, रेलवे प्रशासन ने इस स्पेशल ट्रेन को स्थायी रूप से चलाने का निर्णय लिया है। इससे पहले स्पेशल दर्जा होने के कारण ट्रेन की टाइमिंग और संचालन को लेकर यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। अब नियमित ट्रेन बनने से यात्रियों को समय पर सेवा मिलने की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस फैसले को बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस ट्रेन को नियमित करने की मांग की जा रही थी, जिससे रीवा से मुंबई जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिल सके। किराए में भी मिलेगी राहत स्पेशल ट्रेन होने के कारण अब तक यात्रियों को सामान्य ट्रेनों की तुलना में 10 से 25 प्रतिशत अधिक किराया देना पड़ता था। अब इसे नियमित किए जाने के बाद किराया भी सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के बराबर हो जाएगा, जिससे यात्रियों की जेब पर भार कम पड़ेगा। रीवा से बीकानेर के लिए नई ट्रेन की तैयारी वहीं, रीवा से बीकानेर के बीच नई ट्रेन चलाने की कवायद भी तेज हो गई है। रेलवे को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है और प्रक्रिया जारी है। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो जल्द ही रीवा, सतना, चित्रकूट, बांदा, आगरा, मथुरा, जयपुर और अजमेर जाने वाले यात्रियों को सीधी ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और स्वीकृति मिलते ही नई ट्रेन के संचालन की घोषणा की जाएगी। इससे क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में और अधिक सुविधा मिल सकेगी।
रोहतक में महिला ने किया सुसाइड:पानी की डिग्गी में तैरता मिला शव, शिनाख्त करवाने में जुटी पुलिस
रोहतक के झज्जर रोड स्थित जलघर में डिग्गी के अंदर एक महिला का शव तैरता हुआ मिला। डिग्गी में सैर करने के लिए आए लोगों ने शव को खींचकर बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पानी की डिग्गी में मिले महिला के शव की पहचान नहीं हो सकी। हालांकि सैर करने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने महिला को डिग्गी पर अक्सर देखा है, लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं है। महिला आसपास के क्षेत्र की ही रहने वाली है। महिला ने देर रात को पानी की डिग्गी में छलांग लगाई है, जिसके कारण शव सुबह पानी में तैरता हुआ मिला। एफएसएल ने मौके पर की जांच शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने शव की जांच के लिए एफएसएल एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया को मौके पर बुलाया। डॉ. सरोज दहिया ने शव का निरीक्षण किया। अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की उम्र 35 साल से अधिक है। साथ ही महिला के हाथों में चूड़ी, पैरों में पायल भी मिली हैं। साथ ही महिला बाल बच्चों वाली है। घरेलू विवाद हो सकता है सुसाइड का कारण महिला आसपास की कॉलोनी में रहने वाली है, जिसने देर रात को पानी की डिग्गी में कूदकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड के पीछे का कारण घरेलू विवाद माना जा रहा है, जिसके कारण महिला ने यह कदम उठाया। हालांकि अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हुई है। शव की शिनाख्त करवाने में जुटी पुलिस शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने बताया कि सुबह करीब साढे 7 बजे सूचना मिली कि एक महिला का शव पानी की डिग्गी में तैरता हुआ मिला है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। महिला की शिनाख्त करवाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने शव को डेड हाउस में रखवा दिया।
एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हो गई है। निधौली कलां थाने में तैनात 52 वर्षीय हेड कांस्टेबल रविंद कुमार की गुरुवार देर शाम तबियत अचानक बिगड़ी। सहयोगी उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन हालात गंभीर देख उन्हें एम्बुलेंस से एटा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिसकर्मियों का आरोप है कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी और अस्पताल में भर्ती कराते समय डॉक्टरों को स्थिति बताई गई थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मी को जरूरी ऑक्सीजन नहीं दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। नोक-झोंक का वीडियो वायरल इमरजेंसी वार्ड में पुलिसकर्मियों और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के बीच तीखी नोक-झोंक का वीडियो सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मी डॉक्टरों पर यह आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं कि गम्भीर हालत में मरीज को तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन डॉक्टर इसे अनदेखा करते रहे और जानकारी नहीं होने का हवाला दिया। पोस्टमार्टम और अंतिम विदाई हेड कांस्टेबल रविंद कुमार का पोस्टमार्टम एटा में किया गया। उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन में लाकर वरिष्ठ अधिकारियों और सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम शोक सलामी दी गई। एसएसपी एटा इलामारान जी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। हेड कांस्टेबल का जीवन परिचय रविंद कुमार, पुत्र लाल सिंह, मूल निवासी नगला दुजू थाना बकेबर, इटावा थे। वे वर्ष 1995 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। निधौली कोतवाली में तैनात रहने के दौरान अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और एटा मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया। अंतिम सलामी में एसएसपी एटा इलामारान जी, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे, अपर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी सकीट नीतीश गर्ग, क्षेत्राधिकारी सदर संकल्प दीप कुशवाहा सहित तमाम पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
खगड़िया में मां के सामने मीशो कर्मचारी की उसके चचेरे भाई ने 3 गोली मारकर हत्या कर दी। घटना परबत्ता प्रखंड के छोटी लगार गांव की है। मृतक की पहचान पप्पू यादव के बेटे बृजेश कुमार यादव(26) के रूप में हुई है। वहीं आरोपी भाई की पहचान के. के. यादव के बेटे ऋतिक कुमार यादव के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे बृजेश कुमार यादव अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर खड़े होकर मोबाइल पर वीडियो कॉल कर रहा था। इसी बीच वहां आरोपी ऋतिक कुमार यादव पहुंचा और बिना किसी बातचीत के सीधे गोली चला दी। बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रही मां पहली गोली बृजेश की बांह में लगी। घायल बृजेश जान बचाने के लिए भागे, लेकिन कुछ दूरी पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके सिर में दो और गोलियां मारीं। कुल तीन गोलियां लगने से बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई। बृजेश की मां अपने बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही हत्या कर दी गई। बहन की शादी के लिए चाचा से लिया था पैसा मृतक के जीजा प्रियदर्शन कुमार सुधांशु ने बताया कि बृजेश ने अपनी बहन की शादी के लिए अपने चाचा से कर्ज लिया था। उन्होंने यह पैसा चुका दिया था। हाल ही में करीब एक लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था, जिसका प्रमाण उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद पैसों को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। करीब दो महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी। जीजा का आरोप है कि उसी समय आरोपी ने बृजेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जो अब सच साबित हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बृजेश का छोटा भाई बाहर रहता है और बृजेश इन दिनों छुट्टी में घर आया हुआ था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि घर वापसी उसके लिए मौत बन जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद, खासकर पैसों के लेन-देन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ लेने का दावा किया गया है।
लुधियाना में बदमाशों ने बीती रात हैबोवाल थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले मल्ली फार्म के पास का है जहां लूट का विरोध करने पर दो नकाबपोश बदमाशों ने एक जोमैटो डिलीवरी बॉय पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। पीड़ित साहिल जो सिविल लाइंस की थापर कॉलोनी (लक्ष्मी नगर) का रहने वाला है और जोमैटो में काम करता है ने बताया कि वह अपनी छुट्टी वाले दिन पेट दर्द की दवाई लेने के लिए मल्ली फार्म की ओर गया था। फोन छीनने की कोशिश की रास्ते में साहिल ने देखा कि दो युवक किसी अन्य व्यक्ति से लूटपाट की कोशिश कर रहे थे। जब साहिल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और अपनी बाइक रोकी तो बदमाशों ने उसे ही निशाना बना लिया। साहिल के मुताबिक बदमाशों ने उसे घेर लिया और उसका फोन छीनने की कोशिश की। साहिल ने बताया उन्होंने मुझसे फोन मांगा लेकिन जब मैंने फोन नहीं दिया और उनसे हाथापाई करने लगा तो एक बदमाश ने पीछे से चाकू से वार कर दिया। उनके पास चाकू और हथियार भी था। 500-600 रुपए छीनकर हुए फरार बदमाश साहिल का फोन तो नहीं छीन पाए, लेकिन उसकी जेब में रखे करीब 500 से 600 रुपए लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में साहिल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित ने बताया कि वह हमलावरों को चेहरे से पहचानता है और वे कंदनपुरी इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि साहिल ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी उन लड़कों के साथ कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। पुलिस को अभी नहीं दी सूचना पीड़ित ने अभी तक पुलिस को इसकी आधिकारिक शिकायत नहीं दी है। मामला हैबोवाल थाने का है। फिलहाल घायल युवक का उपचार चल रहा है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से काफी रोष और डर का माहौल है।
'कई बार आवेदन देने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं रुकी और मेरा घर गिराया जाने लगा तो मैंने मजबूर होकर एसडीएम के पैर पकड़ लिए। मैंने कहा- साहब! मेरा घर मत गिराइए। यही मेरा सब कुछ है, लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरे सामने ही मेरा घर मलबे में तब्दील हो गया। जहां कभी बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सिर्फ धूल और सन्नाटा है।' यह दर्द 70 वर्षीय लक्ष्मीकांत द्विवेदी का है, जो पट्टे की जमीन पर बने अपने मकान में वर्षों से रह रहे थे। सीधी शहर में प्रस्तावित डीजे प्लाजा प्रोजेक्ट के लिए इलाके में कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि तीन महीने पहले उनके भाई की दुकान तोड़ी गई। इससके सदमे में कुछ ही दिनों बाद उनकी मौत हो गई थी। अब 2017 में बने प्रधानमंत्री आवास भी कार्रवाई की जद में हैं। विरोध के बाद मकानों को सीधे तोड़ने के बजाय चारों ओर खुदाई कर उन्हें असुरक्षित कर दिया गया है, जिससे कई घरों में दरारें आ गई हैं और गिरने का खतरा बना हुआ है। दशकों से रह रहे परिवार अब बेघर होने के डर में जी रहे हैं। पूरे मामले की पड़ताल के लिए भास्कर टीम सीधी पहुंची। यहां टीम ने यह जानने की कोशिश की कि पट्टे की जमीन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों पर कार्रवाई क्यों की जा रही है। मौके पर पीड़ित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई और दर्द बयां करते हुए रो पड़े। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… PM आवास पर कार्रवाई: 2017 में बने घर, अब खतरे में सीधी शहर के सम्राट चौक क्षेत्र में वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 5 मकान और एक पुश्तैनी पट्टे पर बना मकान कार्रवाई की जद में हैं। पीड़ितों का कहना है कि सभी परिवारों के पास जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज हैं। इसके बावजूद एक मकान गिराया जा चुका है। विरोध के बाद बाकी मकानों को सीधे तोड़ने के बजाय चारों ओर खुदाई कर अलग-थलग कर दिया गया है। इससे कई मकानों में दरारें आ गई हैं। नींव कमजोर होने से उनके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। परिवारों ने धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है और खुद को असुरक्षित बताया है। यहां कई परिवार 50 साल से अधिक समय से रह रहे हैं। किनके नाम हैं आवास प्रधानमंत्री आवास योजना (2017) लाभार्थी पट्टे की जमीन पर बनाए मकान पति, बेटे और देवर की मौत, अब घर गिरा रहे कुसुम विश्वकर्मा ने बताया- 2010 में मेरे पति सौखीलाल विश्वकर्मा बीमारी से चल बसे। उस समय लगा, जैसे-तैसे बेटे के सहारे जिंदगी कट जाएगी, लेकिन 2013 में इकलौता बेटा अंकित भी एक्सीडेंट में मुझसे छिन गया। कुछ सालों बाद देवर की भी मौत हो गई। घर में कोई पुरुष कमाने वाला नहीं बचा। जैसे-तैसे एक छोटी सी चाय की दुकान से गुजारा कर रही थी, लेकिन वह भी मुझसे छीन लिया गया। अब मेरे सिर से छत भी छीनने की बात हो रही है। निजी लोगों के लिए डीजे प्लाजा बनाने के लिए हमें सड़क पर ला रहे हैं। अब भला हम कहां रहेंगे और क्या करेंगे? मलबे में दबाने की धमकी दी पूजा विश्वकर्मा ने कहा- जब मेरा बेटा 8 महीने का था, तब पति की मौत हो गई। मैंने अकेले बच्चों की परवरिश की और परिवार की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन अब हालात और मुश्किल हो गए हैं। पहले ही मेरे घर के चारों तरफ खुदाई कर दी गई है, जिससे मकान असुरक्षित हो गया है। मुझे लगातार धमकियां दी जा रही हैं। कहा जा रहा है कि रात में घर गिराकर हमें मलबे में दबा देंगे। पूरा परिवार दहशत में है। मैं सिर्फ बच्चों के लिए खड़ी हूं। हमें इंसाफ, सुरक्षा और जीने का हक चाहिए। बिना पुनर्वास कार्रवाई की जा रही गीता केवट ने कहा- वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिला। अब उसे गिराने की तैयारी है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। बिना पुनर्वास के इस तरह की कार्रवाई से मेरा परिवार आसमान के नीचे आने को मजबूर हो जाएगा। निजी प्रोजेक्ट के लिए गरीबों के मकानों को निशाना बनाया जा रहा है। बिना उचित नोटिस के सीधे तोड़फोड़ की जा रही है। बुलडोजर के डर से रातभर नींद नहीं आती गीता विश्वकर्मा ने बताया- घर टूटने के डर से रात भर नींद नहीं आती। बुलडोजर का डर बना रहता है। बच्चों के भविष्य की चिंता हो रही है। घर खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। रात में अज्ञात लोग आसपास घूमते रहते हैं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है। परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका में रात भर जागते हैं। बिजली, पानी काट दिया, दीवारों में दरारें डाल दी अनुपमा चौरसिया ने बताया- घर खाली नहीं करने पर बिजली लाइन काट दी गई और पानी का नल तोड़ दिया गया। मकान की दीवारों में दरारें डालकर उसे जानबूझकर कमजोर किया गया है। चारों ओर खुदाई कर दी गई है, जिससे मकान कभी भी गिर सकता है। दिनेश चौरसिया ने बताया कि मेरी उम्र 70 साल हो चुकी है और इस उम्र में नया घर बनाना संभव नहीं है। कई अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली। बुजुर्ग अवस्था में बेघर होने का डर परेशान कर रहा है। खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। क्या है डीजे प्लाजा, जिसके लिए तोड़े जा रहे प्रधानमंत्री आवास? सीधी जिले के सम्राट चौक क्षेत्र में प्रस्तावित डीजे प्लाजा एक व्यावसायिक प्रोजेक्ट है। इसे करीब 2 एकड़ जमीन पर 99 साल की लीज पर विकसित किया जाना है। आरोप है कि प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए आसपास की जमीनों को भी शामिल करने की कोशिश की जा रही है। इसी के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रोजेक्ट में करीब 600 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे इसे बड़े कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जिन आवासों को सरकार ने गरीबों के लिए बनाया था, अब उन्हीं को तोड़ा जा रहा है। CM ने कलेक्टर को हटाया, फिर भी नहीं रुकी कार्रवाई डीजे प्लाजा निर्माण को लेकर प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या रखी थी। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को भी हटाया जा चुका है। इसके बावजूद कार्रवाई जारी है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अधिकारियों पर मुख्यमंत्री के निर्देशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। पीड़ित बादल विश्वकर्मा के अनुसार, स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और प्रभावित परिवार न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन: एसडीएम एसडीएम राकेश शुक्ला ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए प्रशासन इस पर सीधे कोई निर्णय नहीं ले सकता। आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार ही की जाएगी। फिलहाल सभी को फैसले का इंतजार करना होगा। प्रशासन कानून के दायरे में रहकर काम कर रहा है। सभी पक्षों को अपनी बात न्यायालय में रखने का अवसर है।
लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र के नौरंगाबाद गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिनदहाड़े महिलाओं को लाठी-डंडों से पीटते हुए देखा जा सकता है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने से नाराज ग्रामीणों और महिलाओं ने शुक्रवार को थाने का घेराव किया। गांव निवासी बुजुर्ग महिला राम देई ने बताया कि उनके पति शिव रत्न की मृत्यु हो चुकी है। बीते बुधवार को गांव के कुछ लोग उनकी आबादी की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विपक्षियों ने उन्हें और उनके घर की अन्य महिलाओं को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा। इस घटना का वीडियो भी उपलब्ध है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि पुलिस ने विपक्षी की शिकायत पर उनकी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दो महिलाओं को जेल भेज दिया। पुलिस की इस कथित एकतरफा कार्रवाई को लेकर गांव में तनाव का माहौल है। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और महिलाएं थाने का घेराव करने पहुंचीं। राम देई ने पुलिस को तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनकी गर्भवती नातिन शर्मा कुमारी, जो मेहमान बनकर आई थी, उसे भी विपक्षियों ने लाठी-डंडों से पीटा। बचाने आई पड़ोसी महिला शर्मा देवी को भी गंभीर रूप से चोटें आईं। इस मारपीट में राम देई सहित कुल पांच महिलाएं घायल हुई हैं। वहीं, इस मामले में विपक्षी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बीते बुधवार को राम देई की बेटी सहित एक दर्जन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि महिलाओं और कुछ अन्य लोगों ने उनके भतीजे पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था। जब उन्होंने और उनके बेटे ने बचाने का प्रयास किया, तो उन्हें भी पीटा गया। सर्वेश कुमार मिश्रा के अनुसार, विवादित जमीन उन्होंने खरीदी थी। उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बुजुर्ग महिला की तहरीर पर वीडियो में मारपीट करते दिख रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में थाना प्रभारी सिंगाही दिलीप कुमार चौबे से जब उनकी प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र में आशीष चौहान हत्याकांड के आरोपी अधिवक्ता बाबूराम चौहान को पुलिस द्वारा हथकड़ी में कोर्ट में पेश करने पर अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने तत्काल पुलिस अधीक्षक से बात की। पुलिस अधीक्षक ने हथकड़ी लगाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, जलालपुर थानाध्यक्ष को विवेचना से हटाकर उनके विरुद्ध जांच कराने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने अधिवक्ता की जब्त मोबाइल और वाहन वापस करने के लिए सीओ को भी निर्देश दिए, जिसके बाद मामला शांत हुआ। बार के पदाधिकारियों ने बाद में पुलिस अधीक्षक से मिलकर विस्तृत वार्ता भी की। यह मामला आशीष हत्याकांड से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर 2024 को जलालपुर के संघईपुर गांव में अधिवक्ता बाबूराम चौहान के बेटे रोहित चौहान की आशीष उर्फ चिथरू चौहान ने चाकू से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। रोहित उस समय मोबाइल पर गेम खेल रहा था। इसी मामले में आरोपी आशीष 28 अगस्त 2025 को जेल से बाहर आया था। चर्चा थी कि जेल से निकलने के बाद आशीष ने रोहित के घर के पास जाकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे रोहित के परिजनों में प्रतिशोध की भावना भड़क गई थी। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते 25 मार्च को जलालपुर के सिरकोनी में बदमाशों ने आशीष का दिनदहाड़े पीछा कर बेरहमी से चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या के बाद बदमाश आशीष के शव को लगभग 1 किलोमीटर दूर सड़क के किनारे फेंककर फरार हो गए। इसी आशीष हत्याकांड में अधिवक्ता बाबूराम चौहान को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद यह विरोध प्रदर्शन हुआ।
देवरिया स्टेशन पर दिव्यांग युवक की पिटाई:वीडियो सामने आया, जीआरपी पुलिसकर्मी पर भी आरोप
देवरिया रेलवे स्टेशन पर एक दिव्यांग युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। यह घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। वीडियो में कुछ लोग युवक को बेरहमी से पीटते और घसीटते दिख रहे हैं। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, दिव्यांग युवक प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बैठा था। इसी दौरान उसकी वहां मौजूद एक दुकानदार से किसी बात पर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दुकानदार ने प्लास्टिक के पाइप से उस पर हमला कर दिया। दिव्यांग होने के कारण युवक न तो ठीक से बोल पाया और न ही वहां से भाग सका। वीडियो में दिख रहा है कि युवक खुद को बचाने के लिए जमीन पर इधर-उधर लुढ़कता रहा, लेकिन हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। कुछ ही देर में लगभग आधा दर्जन और लोग मौके पर आ गए और सभी ने मिलकर युवक की पिटाई शुरू कर दी। युवक खुद को बचाने के लिए हमलावरों के हाथ-पैर पकड़ने की कोशिश करता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान एक जीआरपी पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचा। उसने युवक को बचाने के बजाय उसे पकड़कर प्लेटफॉर्म से बाहर ले जाने में मदद की। इसके बाद भी मारपीट जारी रही और एक युवक ने दिव्यांग को जमीन पर घसीटते हुए पीटा। वीडियो वायरल होने के बाद देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, रेलवे पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है। दोषियों पर कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं।
सिलेंडर ब्लास्ट का CCTV फुटेज आया सामने:अमेठी की चाय दुकान में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
अमेठी के जायस कस्बे में एक चाय की दुकान में लगी आग और सिलेंडर ब्लास्ट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह घटना शुक्रवार सुबह हुई थी, जिसमें दुकान में रखा सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। गनीमत रही कि इस दौरान आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जायस थाना क्षेत्र के टांडा-बांदा राजमार्ग किनारे बन्ने खान की चाय की दुकान में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। देखते ही देखते आग फैल गई और उसने विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद दुकानदार और आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान दुकान के अंदर रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। फुटेज में धमाके की तीव्रता साफ दिख रही है। विस्फोट से ठीक पहले मौके पर मौजूद लोग वहां से हट चुके थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है, जो धमाके की भयावहता को दर्शाता है और यह भी दिखाता है कि यदि कोई व्यक्ति मौके पर होता तो उसे गंभीर नुकसान हो सकता था।
मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्रांतर्गत मखदूमपुर गंगा घाट पर शुक्रवार को डूबे चारों युवकों को लेकर सर्च अभियान शनिवार सुबह 6 बजे फिर शुरु हो गया। खराब मौसम के चलते रात 11 बजे अभियान को रोकना पड़ा था। NDRF,SDRF के अलावा 44वीं वाहिनी PAC के गोताखोर सर्च अभियान चला रहे हैं। करीब डेढ़ किलोमीटर तक घाट को खंगाला जा चुका है। एक नजर पूरे मामले परइंचौली थानाक्षेत्र के लावड़ चौकी अंतर्गत गांव जलालपुर में शुक्रवार को 102 वर्षीय महिला भगवती देवी की मृत्यु हो गई थी। अंतिम संस्कार मखदुमपुर गंगा घाट पर किया गया था। अंतिम संस्कार के बाद भगवती देवी के भांजे के बच्चे अभिषेक और हिमांशु अपने चचेरे भाइयों दीपांशु, प्रियांशु और प्रदीप के साथ गंगा में स्नान करने उतरे थे। बचानक बहाव तेज होने व गहराई बढ़ने के कारण पांचों डूबने लगे। प्रदीप को तो पास ही मौजूद राहुल नाम के युवक ने बचा लिया लेकिन शेष चारों गहरे पानी में डूबते चले गए। दोस्तों के शोर मचाने पर भीड़ जुटी जिस समय पांचों स्नान कर रहे थे, वहां काफी लोग मौजूद थे। चार युवकों के डूबने पर वहां अफरा तफरी मच गई। एसडीएम संतोष सिंह, तहसीलदार निरंकार सिंह और नायब तहसीलदार नितेश सैनी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सीओ ने शुरु कराया सर्च अभियान सीओ मवाना पंकज लवानिया घाट पर पहुंच गए। पहले दमकल की टीम को भी बुला लिया गया, जिन्होंने तत्काल सर्च अभियान शुरु करा दिया। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की मोटर बोट से सर्च अभियान चलाया गया लेकिन कोई सफलता मिलती दिखाई नहीं दी। रात में ही पहुंची NDRF/SDRFमौसम खराब होने के साथ ही अंधेरा होने लगा था। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने तत्काल NDRF, SDRF के साथ ही PAC के गोताखोरों को बुलाने का निर्णय लिया। रात में ही टीमें मखदूमपुर घाट पर पहुंच गईं और सर्च अभियान शुरु करा दिया। बारिश के कारण कई बार अभियान रोका गया। करीब 11 बजे तेज बारिश के कारण सुबह नये सिरे से अभियान शुरु कराने का निर्णय लिया गया। हालांकि कई जगह रात में ही जाल लगा दिए गए। सुबह 6 बजे सर्च अभियान शुरु NDRF, SDRF और PAC दल सुबह दिन निकलते ही दोबारा मखदूमपुर घाट पहुंच गए और सर्च अभियान शुरु करा दिया। सीओ मवाना पंकज लवानिया की मानें तो रात से लेकर सुबह तक टीमों ने घाट का करीब डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा खंगाल दिया है। जगह जगह जाल लगाए गए हैं। सुबह 6 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरु किया गया है। समय बीतने के साथ टूट रही आस चारों युवकों को डूबे 15 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। जैसे जैसे समय आगे बढ़ रहा है, वैसे वैसे उनकी कुशलता की आस टूट रही है। परिवार भी रात से ही गांव में डटे हैं। उन्हें पुलिस और प्रशासन ने घर भेजने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया। इन टीमों के साथ ही कुछ लोकल लोग भी चारों लापता युवकों की तलाश कर रहे हैं। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
फिरोजाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त किया और सपा के सत्ता में लौटने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और असदुद्दीन ओवैसी के 'मियां गेम चेंजर' वाले बयान पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह उनका विषय नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश ने, चाहे वह राज्यों के चुनाव हों या संसदीय चुनाव, भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने हरियाणा, दिल्ली और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा की जीत का उल्लेख किया और कहा कि इस बार भी इन राज्यों में भाजपा बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। जब उनसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के 2027 में चुनाव जीतने और वाराणसी से भी भाजपा को हराने के दावे के बारे में पूछा गया, तो पर्यटन मंत्री ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी उनके रिश्तेदारों की सरकार बनने की बात कही जा रही थी, लेकिन उसका अता-पता नहीं चला। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सपा नेताओं को अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग 20 साल बाद भी लालू यादव या राजद के 'जंगल राज' को नहीं भूले हैं, इसलिए उन्हें आशीर्वाद नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि जब बिहार के लोग 20 साल में 'जंगल राज' नहीं भूले, तो उत्तर प्रदेश के लोग 2012 से 2017 के बीच सपा की 'गुंडई और अराजकता' को कैसे भूल सकते हैं। मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लोगों की याददाश्त बिहार वालों से भी ज्यादा है, इसलिए सपा कम से कम 25 साल तक सत्ता में नहीं आ पाएगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) और आसपास के सामाजिक वानिकी क्षेत्रों में जंगली हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। पिछले तीन महीनों से माला और महौफ रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे दो जंगली हाथी अब रिहाइशी इलाकों और कृषि क्षेत्रों में देखे जा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, इन हाथियों को पिछले तीन दिनों से ग्राम महुआ और सिरसा सरदहा के निजी कृषि खेतों में देखा गया है। इससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, वन विभाग ने शुक्रवार देर रात कर्नाटक से आए हाथी मॉनिटरिंग विशेषज्ञ डॉ. रुद्रादित्य को मौके पर बुलाया। डॉ. रुद्रादित्य ने पीलीभीत रेंज के वन कर्मियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान, विशेषज्ञ ने ग्रामीणों और वन स्टाफ को हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के वैज्ञानिक उपाय समझाए। उन्होंने हाथियों के व्यवहार को समझने और उनके मार्ग में बाधा उत्पन्न किए बिना उन्हें दिशा देने के तरीकों पर जोर दिया। डॉ. रुद्रादित्य के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने कृषि भूमि पर मौजूद हाथियों को बिना किसी नुकसान के वापस भेजने की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। सामाजिक वानिकी की पीलीभीत रेंज के मरौरी सेक्शन के अंतर्गत आने वाले इन गांवों में अब निरंतर निगरानी रखी जा रही है। सामाजिक वानिकी के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) भरत कुमार ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 90 दिनों से दो जंगली हाथी माला और महौफ रेंज के आसपास सक्रिय हैं। डीएफओ ने पुष्टि की कि हाल ही में इन हाथियों के महुआ और सिरसा सरदहा के खेतों में घुसने की खबर मिली थी। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता जन-हानि और फसल के नुकसान को रोकना है। कर्नाटक के विशेषज्ञ की मदद से हम 'एलिफेंट प्रूफिंग' और मॉनिटरिंग को और मजबूत कर रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन विभाग ने ग्रामीणों को आगाह किया है कि वे हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने की कोशिश न करें। रात के समय खेतों की रखवाली करते समय समूहों में रहें और तेज रोशनी व शोर का सीमित प्रयोग करें। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि हाथियों की लोकेशन को ट्रैक कर उन्हें सुरक्षित रूप से गहरे जंगल में वापस भेजा जा सके।
दुर्ग में 1 घंटे बंद रहेगी बिजली सप्लाई:मेंटेनेंस के कारण शटडाउन, पानी सप्लाई पर पड़ेगा असर
दुर्ग शहर में 4 अप्रैल को बिजली विभाग की ओर से मेंटेनेंस कार्य के कारण एक घंटे का शटडाउन रहा। यह शटडाउन सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक रहेगा, जिससे शहर की पानी आपूर्ति प्रभावित होगी। सीएसईबी विभाग के अनुसार, 33 केवी शिवनाथ इंटकवेल फीडर में तकनीकी खराबी पाई गई है। यहां एबी स्विच के 'रेड हॉट' होने की स्थिति सामने आई है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से यह मेंटेनेंस कार्य आवश्यक हो गया है। बिजली बंद रहने से जल उत्पादन प्रक्रिया सीधे तौर पर प्रभावित होगी। नगर निगम ने बताया कि 11 एमएलडी, 42 एमएलडी और 24 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र आंशिक रूप से प्रभावित होंगे। पानी सप्लाई पर असर इस एक घंटे के शटडाउन के कारण दोपहर और शाम की पानी सप्लाई पर असर पड़ सकता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि दूसरी पाली में होने वाली जल आपूर्ति में देरी या आंशिक परिवर्तन संभव है। कई इलाकों में पानी देर से पहुंचेगा या कम दबाव में मिल सकता है। हालांकि शटडाउन की अवधि कम है, लेकिन जल उत्पादन रुकने से इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। बढ़ाई जा सकती है शटडाउन की अवधि निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और आवश्यकतानुसार पहले से पानी स्टोर कर लें। निगम ने नागरिकों को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि मेंटेनेंस कार्य में अधिक समय लगता है या परिस्थितियां बदलती हैं, तो शटडाउन की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। ऐसी स्थिति में नागरिकों को समय-समय पर जानकारी दी जाएगी।
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। परिवार ने एक युवक पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। नाबालिग लड़की कपड़े सिलवाने के लिए गई थी जो वापस नहीं लौटी। फिलहाल पुलिस नाबालिग लड़की की तलाश कर रही है। 17 साल की नाबालिग लड़की के भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे उसकी छोटी बहन घर पर यह कहकर निकली थी कि वह कपड़े सिलाई करने के लिए गांव में ही एक महिला के पास जा रही है। लेकिन कई देर बाद भी नाबालिग लड़की घर पर नहीं लौटी। जब परिवार उस महिला के पास गया तो पता चला कि नाबालिग लड़की कपड़े देने के बाद तुरंत ही वहां से चली गई। इसके बाद परिवार ने गांव और रिश्तेदारी में भी नाबालिग लड़की की काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। परिवार ने दूसरे जिले के एक लड़के पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। परिवार ने बताया कि युवक उनके रिश्तेदार का लड़का है जिन पर शक है क्योंकि करीब एक महीने पहले पता चला था कि युवक 17 साल की नाबालिग लड़की के कांटेक्ट में था और दोनों एक-दूसरे से फोन पर बात भी करते थे। जब परिवार को इस बारे में पता चला तो उन्होंने टोका भी था। जब परिवार ने उस युवक के मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो नंबर स्विच ऑफ था। इसके बाद युवक के पिता को कॉल किया तो उन्होंने बताया कि युवक भी 2 अप्रैल की सुबह से युवक भी गायब है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आरा में जहर खाने से युवक की मौत:पत्नी ने नशा करने से मना किया था, झगड़ा करने के बाद बधार चला गया
भोजपुर के पसौर गांव में पत्नी से झगड़े के बाद पति ने जहर खा लिया। इलाज के दौरान सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान भूखन मुसहर के पुत्र गोलू राम(25) के तौर पर हुई है। घटना चरपोखरी थाना क्षेत्र की है। पत्नी मोती देवी ने बताया कि मेरा पति बहुत ज्यादा नशा करता था। शुक्रवार शाम को पति से कहा कि ज्यादा नशा मत करो। इसी बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ। उसके बाद लकड़ी लाने के लिए बाहर चली। पति बधार की ओर चले गए, जहां गुस्से में आकर उसने जहर खा लिया। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन जान नहीं बची। घर में मचा कोहराम मृतक अपने तीन भाई और एक बहन में दूसरे स्थान पर था। परिवार में मां मनोरमा देवी, पत्नी मोती देवी है। इस घटना के बाद मृतक की मां मनोरमा देवी, पत्नी मोती और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जैसलमेर के चूंधी गांव में गुरुवार को एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। 23 वर्षीया समिता का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था, जिसके बाद पुलिस ने शव को जवाहिर हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। सूचना मिलने पर भणियाणा से पहुंचे पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समिता के शरीर पर चोट के निशान और सूजन है, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया है। फिलहाल, मृतका के परिवारजन और ग्रामीण मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। कोतवाली पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन गतिरोध अब भी बरकरार है। परिजनों ने मोर्चरी के बाहर किया हंगामा चूंधी गांव में एक 23 वर्षीया विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका समिता (पुत्री ओमाराम) का शव ससुराल में फंदे से लटका मिला, जिसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं और उसकी शादी 2018 में तरुण राम के साथ हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही भणियाणा क्षेत्र से मृतका के पीहर पक्ष के लोग जिला अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार को जवाहिर चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर भारी भीड़ जमा रही। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शरीर पर चोट के निशानों से गहराया शक पीहर पक्ष का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने बताया कि समिता के चेहरे पर सूजन थी और हाथों व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के गहरे निशान दिखाई दे रहे थे। उन्हें समिता के देवर ने फोन कर मौत की सूचना दी थी, लेकिन मौके के हालात सुसाइड जैसे नहीं थे। पुलिस का पक्ष- पोस्टमार्टम के बाद कारणों का होगा खुलासा थानाधिकारी कोतवाली, सुरजाराम जाखड़ ने बताया- मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक की घटनाओं और एसआई भर्ती में हुए फर्जीवाड़े को देखते हुए 5 व 6 अप्रैल को होने वाली एएसआई और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) इस बार सुपर एक्टिव मोड में है। इस बार परीक्षार्थियों के साथ ही ड्यूटी स्टाफ को ड्यूटी से पहले सिक्योरटी चेक से गुजरना होगा। वीक्षकों और ऑब्जर्वर का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा रहा इस बार जिले के 25 केंद्रों पर तैनात होने वाले 795 वीक्षकों और 35 ऑब्जर्वर का भी पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। पुलिस विभाग हर वीक्षक के बैकग्राउंड और आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रहा है। यदि कोई भी वीक्षक या स्टाफ संदेह के घेरे में आता है, तो उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाएगा। 25 सेंटर पर 15 हजार 327 केंडिडेट एग्जाम देंगे एसपी धर्मेद्र सिंह ने बताया की परीक्षा में 15 हजार 327 अभ्यर्थी एग्जाम देंगे, जिनके लिए जिले में कुल 25 सेंटर बनाए गए हैं।सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के लिए वीक्षकों का भी पुलिस वेरिफिकेशन किया जा रहा है।निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए ये वेरिफिकेशन जरुरी है। इसमें पता लगाया जाता है कि किसी के खिलाफ पहले परीक्षा में नकल करवाने, कोई आपराधिक प्रकरण आदि तो दर्ज नहीं है। ये रहेगा एग्जाम का शेड्यूल परीक्षा दो पारियों में संपन्न होगी। पहली पारी: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक। दूसरी पारी: दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक। परीक्षा शुरू होने से 1 घंटा पहले (सुबह 10 बजे और दोपहर 2 बजे) प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। मूल फोटो युक्त आईडी, एक रंगीन फोटो और एडमिट कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। सेंटर पर चेकिंग के लिए परीक्षा समय से 2 घंटे पहले पहुंचना होगा। ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
रीवा राजघराने से जुड़े वरिष्ठ नेता महाराजा रीवा शुक्रवार को अल्प प्रवास पर उमरिया पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिले के पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके समुचित विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। एयर स्ट्रिप विस्तार से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा महाराजा रीवा ने विशेष रूप से उमरिया एयर स्ट्रिप के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि इसकी लंबाई 150 से 200 मीटर तक बढ़ा दी जाए, तो यहां छोटे विमान आसानी से उतर सकते हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा और वे सीधे उमरिया पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से दिल्ली-उमरिया-वाराणसी-अमरकंटक-रीवा-दुबरी को जोड़ते हुए एक नया धार्मिक एवं पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज होंगी, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बौद्ध अवशेषों के संरक्षण से मिल सकती नई पहचान पत्रकार वार्ता में महाराजा रीवा ने क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लगभग दो से तीन वर्ष पहले एएसआई द्वारा कराए गए सर्वे में दूसरी शताब्दी के बौद्ध अवशेष और गुफाओं के प्रमाण मिले थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में प्राचीन समय में बौद्ध धर्म का प्रभाव रहा है और यहां बौद्ध व्यापारी एवं प्रचारक सक्रिय रहे होंगे। उन्होंने कहा कि यदि इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन से जोड़ा जाए, तो उमरिया जिले को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।
संभल में रात भर हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है। तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 131 दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। शनिवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले 6-7 दिनों की तुलना में 8 डिग्री सेल्सियस कम है। रात 11:30 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई थी, जो मध्यरात्रि 1 बजे से 3:30 बजे तक तेज बारिश में बदल गई। सुबह 6 बजे हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलीं, जिससे मौसम में ठंडक आई। दोपहर 12 बजे तक हल्की बूंदाबांदी जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद शाम 6 बजे तक मौसम सामान्य रहेगा और आसमान में बादल छाए रहेंगे। शाम के बाद एक बार फिर बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसम में और बदलाव आएगा। बीती 20 मार्च को हुई बेमौसम बारिश के कारण संभल-चंदौसी तहसील क्षेत्र में 60 प्रतिशत
बघौली में 179.69 करोड़ से टू-लेन आरओबी:मुरादाबाद-लखनऊ मार्ग पर तीन जिलों को जाम से मिलेगी राहत
हरदोई जनपद के बघौली कस्बे में मुरादाबाद-लखनऊ मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग संख्या-263 बी पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने यहां 179.69 करोड़ रुपये की लागत से टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में शामिल की गई है। परियोजना की पहली किस्त के रूप में तीन करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग को जारी शासनादेश में निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस परियोजना में रेलवे हिस्से पर लगभग 36.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यूटिलिटी शिफ्टिंग पर 4.30 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण पर लगभग 2.60 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। पुल के पहुंच मार्ग और अन्य कार्यों पर 36.64 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह आरओबी कन्नौज-सीतापुर हाईवे को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर निर्मित होगा। इससे हरदोई, कन्नौज और सीतापुर के राहगीरों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से नैमिषारण्य, कंपिल, नीम करौरी धाम जैसे धार्मिक स्थलों पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मुक्ति मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे अपने हिस्से का कार्य करेगा, जबकि शेष निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा कराया जाएगा। परियोजना में भविष्य में सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखते हुए यूटिलिटी शिफ्टिंग के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में बहुप्रतीक्षित कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट (CMSAEU) का संचालन सोमवार से शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस महत्वपूर्ण सुविधा को शुरू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस यूनिट के चालू होने से सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। अभी तक, गंभीर चोटों वाले मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में न केवल मरीजों की जान को खतरा रहता था, बल्कि उनके परिजनों को भी इलाज पर अधिक आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। नई इमरजेंसी यूनिट इन चुनौतियों का समाधान करेगी और मरीजों को समय पर जीवन रक्षक देखभाल प्रदान करेगी। इस यूनिट के संचालन की मांग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों के साथ गहन चर्चा के बाद इसके संचालन पर अपनी सहमति व्यक्त की, जिससे यह सुविधा अब हकीकत बन पाई है। यह कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट वास्तव में वर्ष 2022 में ही बनकर तैयार हो गई थी। हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया था। जिला अस्पताल की कुल क्षमता 200 बिस्तरों की है और यहां पहले से ही गहन चिकित्सा इकाई (ICU) की सुविधा उपलब्ध है। शुरुआत में, इस ट्रामा सेंटर को पांच बिस्तरों के साथ संचालित किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। यह पहल जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम होगा और गंभीर मामलों में समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित होगा, जिससे मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।
कृष्णानगर में तीन बहनों से छेड़छाड़:शिकायत पर भाई पर ईंट से हमला, आरोपी हिरासत में
कृष्णानगर इलाके में तीन बहनों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। शिकायत लेकर पहुंचे उनके भाई पर आरोपी ने ईंट से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि एक युवती ने आरोप लगाया है कि बृहस्पतिवार को वह अपनी दो बहनों के साथ किसी काम से जा रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले अश्वनी ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कनौसी रेलवे फाटक के पास अश्वनी ने उनका रास्ता रोका और छेड़छाड़ करने लगा। जब बहनों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। घर पहुंचकर बहनों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनका भाई आरोपी अश्वनी के घर शिकायत लेकर पहुंचा। शिकायत करने पर अश्वनी ने भाई पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में चोट आई। इंस्पेक्टर के मुताबिक, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अश्वनी को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में शुक्रवार शाम एक बाइक सेना के वाहन से टकरा गई। इस हादसे में बाइक पर सवार एक युवक की घटनास्थल पर मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद त्रिपुरा राइफल्स के जवान मौके से भाग गए। घटना दीपका थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक अंकित शर्मा (24) और मोनू यादव बाइक (CG 12 BU 6303) पर थे। कुसमुंडा बाइपास मार्ग पर गंगानगर के पास उनकी बाइक सामने से आ रहे त्रिपुरा राइफल्स के 407 वाहन (CG 12 BK 7876) से टकरा गई। घायल का कोरबा में इलाज जारी टक्कर इतनी भीषण थी कि अंकित के सिर में गंभीर चोट आई और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद त्रिपुरा राइफल्स के जवान मौके से भाग निकले, जबकि घायल मोनू को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे कोरबा अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस बोली- 407 वाहन ने बाइक को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक की गति तेज थी और वह अनियंत्रित होकर 407 वाहन से टकरा गई। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि इस मामले में धारा 106(2) BNS के तहत मर्ग क्रमांक 29/26, धारा 194 BNSS के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी 407 वाहन ने अंकित की बाइक को टक्कर मारी, जिससे उसकी जान चली गई।
चंडीगढ़ प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और अलग-अलग राज्यों की बस सेवाओं के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब हरियाणा समेत 5 राज्यों के 9 प्रमुख रूटों पर जॉइंट टाइम टेबल लागू कर दिया गया है। इससे बसों का संचालन पूरी तरह व्यवस्थित होगा और यात्रियों को समय पर बसें मिल सकेंगी। ट्रांसपोर्ट विभाग चंडीगढ़ ने आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 से चलने वाली स्टेज कैरिज बसों की समय सारिणी को अंतिम रूप दे दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बाकी रूटों के टाइम टेबल पर भी तेजी से काम चल रहा है और जल्द ही उन्हें भी लागू किया जाएगा। इन राज्यों की सहमति से बना शेड्यूल यह संयुक्त टाइम टेबल सीटीयू, पंजाब रोडवेज, हरियाणा रोडवेज, पीईपीएसयू, राजस्थान रोडवेज, एचआरटीसी, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश रोडवेज की सहमति से तैयार किया गया है। अब सभी बसों को तय समय सारिणी के अनुसार ही चलने की अनुमति होगी। इस फैसले से अब बस सेवाएं अधिक भरोसेमंद और नियमित होंगी। यात्रियों को समय पर बसें मिलेंगी और अलग-अलग राज्यों के बस ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवाद और कन्फ्यूजन पूरी तरह खत्म होंगे। जानिए क्या होगा फायदा इस फैसले के लागू होने से बस सेवाएं अब पूरी तरह तय समय के अनुसार नियमित रूप से संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को इंतजार की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही अलग-अलग राज्यों के बस ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवाद और किसी भी तरह का भ्रम भी समाप्त हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप आम यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक आरामदायक, सुगम और भरोसेमंद यात्रा सुविधा मिल सकेगी। इन 9 रूटों पर लागू हुआ टाइम टेबल आईएसबीटी-17 से: यमुनानगर, सहारनपुर, हरिद्वार, कोटद्वार, ऋषिकेश, टनकपुर, हल्द्वानी (120 ट्रिप प्रतिदिन) कैथल, जींद, हांसी, भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, सालासर धाम, खाटू श्याम (134 ट्रिप)। 152-डी एक्सप्रेसवे रूट (24 ट्रिप): मुल्लांपुर, ब्लॉक माजरा, खिजराबाद, कुराली (68 ट्रिप) अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, कुरुक्षेत्र (डेराबस्सी व लालरू होते हुए) – 127 ट्रिप, करनाल, सफीदों, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, भिवानी, रेवाड़ी, नारनौल, सीकर – 152 ट्रिप। आईएसबीटी-43 से: चुन्नी, सरहिंद, खन्ना (43 ट्रिप), मोरिंडा, बेला, माछीवाड़ा, चमकौर साहिब, पिंजौर, कालका, परवाणु, बद्दी, नालागढ़ (92 ट्रिप प्रतिदिन)।
फरीदाबाद शहर के डबुआ इलाके में 27 फिट रोड़ पर एक दुकान में रात को आग लग गई। दुकान के अदंर प्लास्टिक का सामान रखा हुआ था। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और शटर तोड़कर आग पर काबू पा लिया। हांलाकि हादसे में किसी प्रकार की कोई जन हानि नही हुई है। शाट सर्किट बताया जा रहा कारण फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के मुताबिक पहली नजर में शार्ट सर्किट से आग लगने का कारण माना जा रहा है। डबुआ कालोनी के रहने वाले लोकेश ने बताया कि दुकान के अंदर उन्होंने प्लास्टिक के कट्टे रखे हुए थे। दुकान को वो कबाड़ के गोदाम की तरह इस्तेमाल करते थे। दुकान को केवल सामान निकालने और रखने के लिए ही खोला जाता था। दुकानदारों ने की शटर खोलने की कोशिश लोकेश ने बताया कि उनको कॉल से माध्यम से सूचना मिली कि दुकान में आग लग गई है। जब वह मौके पर पहुंचे, तो दुकान का शटर बंद था, लेकिन दुकान के अंदर सामान जल रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने दुकान का शटर खोलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन शटर नही खुल सका। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची दुकान में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने बिना देरी किए कड़ी मशक्कत से आग को बुझाना शुरू कर दिया। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
रामपुर में नए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने सात स्पा सेंटरों को सील कर दिया। इस दौरान हंगामा करने वाले दो स्पा संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए एक संयुक्त टीम गठित की गई थी, जिसका नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट ने किया। टीम में पुलिस, नगर पालिका, फायर विभाग और महिला सुरक्षा दल के अधिकारी शामिल थे। यह अभियान थाना सिविल लाइन क्षेत्र में चलाया गया। अभियान के दौरान कई स्पा सेंटरों की गहन जांच की गई। जांच में पाया गया कि सात स्पा सेंटर बिना फायर विभाग और अन्य आवश्यक विभागों की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के संचालित हो रहे थे। नियमों के इस उल्लंघन पर इन सभी सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।कार्रवाई के दौरान दो स्पा सेंटर संचालकों ने मौके पर हंगामा किया और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर ओंकार सिंह और उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया। बाद में उनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति और एनओसी के संचालित होने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा।इस कार्रवाई के बाद अन्य स्पा सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया जा सकता है।
अमृतसर में आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। यह धरना शहर के हॉल गेट के बाहर सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य हाल ही में सामने आए कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाना है। इनमें डीएम गगनदीप सिंह रंधावा से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख है। इसके अलावा, होशियारपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई बेअदबी की घटना ने भी राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। साथ ही, चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय पर हुए हमले के विरोध में भी यह धरना आयोजित किया जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता होंगे शामिल कार्यक्रम में भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और सरकार इन मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही है। भाजपा इस प्रदर्शन के माध्यम से जनता के बीच अपनी बात रखने की कोशिश करेगी। पार्टी का दावा है कि वह जनता के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
अलीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की जिला और महानगर कार्यसमिति की घोषणा होते ही पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह भी सामने आने लगी है। जिले की टीम में जहां सांसद गुट का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। वहीं महानगर की टीम में महानगर अध्यक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के करीबियों को जगह दी गई है। सूची जारी होने के कुछ ही घंटों के भीतर जिस तरह से मंडल अध्यक्षों के नाम बदले गए, उसने पार्टी के भीतर की खींचतान को जगजाहिर कर दिया है। जिले की टीम में 'वर्चस्व' की जंग, बदल गए नाम जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला द्वारा घोषित टीम को लेकर अतरौली और गभाना जैसे क्षेत्रों में भारी हलचल है। जैसे ही गुरुवार रात सूची जारी हुई, जिले के दो कद्दावर नेताओं के खेमे सक्रिय हो गए। लखनऊ मुख्यालय तक फोन खड़काने शुरू कर दिए। इसका असर यह हुआ कि अतरौली क्षेत्र के दो मंडल अध्यक्षों के नाम बदल दिए गए। गभाना और इगलास में नाम तय नहीं पहले जारी सूची में बिजौली से राहुल चौधरी और पनहेरा से राजू यादव के नाम शामिल थे, जिन्हें भारी दबाव के बाद बदलकर सोनू चौधरी और यशपाल यादव कर दिया गया है। वहीं, गभाना और इगलास मंडल में दो अलग-अलग गुटों के बीच वर्चस्व की ऐसी लड़ाई छिड़ी है कि वहां अभी तक नाम तय नहीं हो पाए हैं। जिले की नई टीम के प्रमुख चेहरे संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। इसमें गौरव शर्मा, हरेंद्र सिंह 'कालू', हरीशंकर गौड़, भरत सिंह राजपूत, अमिका सिंह, अवध बघेल, संजय शर्मा और कमल अग्रवाल को जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। जिला महामंत्री के महत्वपूर्ण पद पर शिव नारायण शर्मा, शल्यराज सिंह और मुकेश लोधी को नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला मंत्रियों की सूची में विनय कुमार अत्री, राकेश सिंह, राजकुमारी नायक, शीला राजपूत, महेश कुमार, धमंडी सिंह यादव, हरवीर सोलंकी और आशीष गौड़ को स्थान मिला है। कोष की जिम्मेदारी सुशील गर्ग और हरेंद्र गुप्ता को सौंपी गई है, जबकि मीडिया का मोर्चा जितेंद्र गोयल और उनकी टीम संभालेगी। कोल का कब्जा और अपनों को रेवड़ी महानगर अध्यक्ष इंजीनियर राजीव शर्मा की नई टीम में भी असंतोष के सुर मुखर हैं। पुराने कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस टीम में कोल विधानसभा क्षेत्र का दबदबा ज्यादा है, जबकि शहर के अन्य हिस्सों की अनदेखी की गई है। साथ ही चर्चा तेज है कि दो खास परिवारों के दो-दो सदस्यों को पद बांटे गए हैं, जबकि सालों से दरी बिछाने वाले कर्मठ कार्यकर्ता केवल सदस्य बनकर रह गए हैं। यह नाम हैं शामिल महानगर में भारत भारती दिवाकर, डौली पाराशर, पल्लवी गुप्ता नवमान, राधेश्याम सिंह, भारती सिसौदिया, हिम्मत सिंह लोधी, गुनीत मित्तल और विजय विक्रम सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। महामंत्री और मंत्रियों की सूची में सुरेश शर्मा, निखिल माहेश्वरी, यतिन दीक्षित और सोनू जाटव जैसे नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा कार्यकारिणी घोषित होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर तंज और तकरार का दौर शुरू हो गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर कार्यकर्ता लिख रहे हैं कि जो लोग कभी जमीन पर संघर्ष करते नहीं दिखे, वे आज सूची में सबसे आगे हैं। एक कार्यकर्ता ने यहां तक लिखा कि माननीयों ने अपनों को ही पद दिला लाए हैं, जबकि आम कार्यकर्ता के हाथ केवल खाली रहे। अरे! सदस्य ही बना देते, जैसे जुमले भाजपा के ग्रुप्स में खूब वायरल हो रहे हैं। नई कमेटी का स्वागत विवादों के बीच जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह का कहना है कि यह बदलाव प्रदेश स्तर से हुआ है और उन्होंने केवल नाम भेजे थे। दूसरी ओर महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने किसी भी तरह के विरोध से इनकार करते हुए कहा है कि नई टीम में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और नई कमेटी का स्वागत और शपथ कार्यक्रम भी हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ है।
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बाकी इलाकों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बने रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। खासतौर पर आज यानी 4 अप्रैल को ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) की भी संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो अगले 2 दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान दुर्ग में 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, ओरछा में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सबसे अधिक रही। आज का मौसम (4 अप्रैल) प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। अगले 2 दिनों का आउटलुक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी बना रहेगा। रायपुर का लोकल फोरकास्ट राजधानी में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 25C के आसपास रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बीती शाम को बड़ी कार्रवाई की है। सदर पुलिस थाना की टीम ने सौलीखड्ड स्थित एक होटल में दबिश दी। इस दौरान पंजाब के पटियाला में नाभा तहसील के गांव मटोरड़ा के हाकम सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने हाकम सिंह से 22 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंडी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तलाशी ली। इस दौरान आरोपी के पास चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश करेगी पुलिस आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा, ताकि आरोपी से पूछताछ करके यह पता लगाया जा सके कि कहां से चिट्टा लाया था और किसे सप्लाई किया जाना था। इसके जरिए पुलिस चिट्टा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास करेगी। तस्करों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई: SP पुलिस अधीक्षक (SP) मंडी विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, कौशांबी की मंझनपुर विधानसभा सीट पर सपा विधायक इंद्रजीत सरोज को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या फिर यहां से तैयारी कर रहे शिव मोहन चौधरी और राम करन निर्मल में से कौन पसंद है? अरुण चौधरी अगर आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। भाजपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहते हैं- वीरेन्द्र कुमार सरोज उर्फ फौजी, लाल बहादुर, जीतेन्द्र सोनकर BSP से कौन है आपकी पसंद- मोती लाल अम्बेडकर, शैलेन्द्र कुमार, अवधेश सरोज यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
पाली में ANTF ने तस्करों का पीछा किया। उनकी लग्जरी गाड़ी के टायर स्टॉप-स्टिक लगाकर पंचर किए लेकिन उसके बाद भी वे पुलिस से बचने के लिए गाड़ी दौड़ाते रहे। आखिर पकड़े जाने के डर से बीच रास्ते कार छोड़कर भाग गए। तलाशी में कार में 192.800 डोडा-पोस्त और 12 फर्जी नंबर प्लेट मिली। जिन्हें जब्त कर फरार तस्करों की तलाश शुरू की गई। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफ़ेद कलर की लग्जरी कार में अवैध मादक पदार्थ लेकर दिवेर नाल राजसमंद से होते हुए पाली आ रहे हैं। ऐसे में गुरुवार रात को दिवेर नाल के पास सम्भारिया, कोट सोलंकियान के पास नाकाबंदी के दौरान स्टॉप-स्टिक लगाकर कार का टायर बस्ट कर दिया। लेकिन उसके बाद भी बदमाश कार को दौड़ाते रहे। टीम ने पीछा किया तो बीच रास्ते कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। तलाशी में कार में 192.800 डोडा चूरा मिला। ऐसे कार ओर डोडा-पोस्त जब्त किया गया। तस्करों ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कार में 12 नंबर प्लेट रखी हुई थीं। जिससे पुलिस की टीम को चकमा दे सके। कार और डोडा-पोस्त खिंवाड़ा थाना पुलिस को सौपा गया। कार्रवाई के दौरान पाली एएनटीएफ चौकी प्रभारी सूरजभान के सुपरविजन में हेड कांस्टेबल वागाराम, अजित सिंह, किशन सिंह, मनोज और रमेश टीम में शामिल रहे।
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को राठौड़ का गुड़ा स्थित नदी में एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ मिला। शाम करीब 6:30 बजे जब स्थानीय लोगों ने नदी में लाश देखी, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तुरंत अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) दीपेंद्र सिंह राठौड़ को दी गई। एडीएम ने राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग (सिविल डिफेंस) की टीम को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। करीब एक से डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद देर शाम को शव को बाहर निकाल दिया गया। नागरिक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक गोविंद जग्रवाल के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू टीम तुरंत राठौड़ का गुड़ा नदी पहुंची। टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन शुरू किया और पानी के बीच फंसे शव को बाहर निकालकर किनारे पर लाया। इस टीम में विजय नकवाल, प्रकाश राठौड़, हिमांशु डांगी, रवि शर्मा, विष्णु राठौड़ और सचिन कंडारा शामिल रहे। शव को बाहर निकालने के बाद सिविल डिफेंस की टीम ने उसे सुखेर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए मोर्च्यूरी में रखवाया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के इलाकों में हाल ही में लापता हुए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि व्यक्ति की मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई और कारण है।
जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से कार जा घुसी। इस हादसे में राजस्थान पुलिस के सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 2 कॉन्स्टेबल सहित तीन लोग घायल हैं। सभी घायलों को दौसा के जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। हादसा शनिवार सुबह करीब 5 बजे जयपुर ग्रामीण के आंधी थाना क्षेत्र में नांगल बेला गांव के पास (चैनल नंबर 39) हुआ। पुलिस ने आशंका जताई कि कार ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ होगा। हादसे के बाद की PHOTOS… सुबह 5 बजे हादसाघायल रामनरेश मीणा ने बताया- कार सवार एसआई हनुमान मीणा (55) करौली के सपोटरा थाने में तैनात थे। हनुमान सवाईमाधोपुर के चकेरी कुंडेरा के रहने वाले थे। कार में हनुमान के साथ कजोड़ जाट, रामराज बैरवा और रामनरेश मीणा भी सवार थे। ये तीनों लोग घायल हुए हैं। कार ड्राइवर सुरक्षित है। कजोड़ जाट और रामराज बैरवा कॉन्स्टेबल हैं। इनकी भी तैनाती सपोटरा थाने में ही है। नींद में थे कार सवाररामनरेश मीणा के अनुसार, केस के सिलसिले में मेरठ गए थे। दिल्ली होते हुए लौट रहे थे। रात करीब 2 बजे दिल्ली के आसपास हम सबने खाना खाया था। मैं, कजोड़ जाट और रामराज बैरवा पीछे बैठे थे। थोड़ी ही देर बाद हमलोगों को नींद आ गई थी। एसआई हनुमान मीणा आगे ड्राइवर के बगल में बैठे थे। आंधी थाना इंचार्ज गोपाल सिंह ने बताया- कार में सपोटरा (करौली) थाने के पुलिसकर्मी सवार थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज स्पीड कार आगे चल रहे ट्रेलर में घुस गई। आशंका जताई जा रही है कि कार ड्राइवर को झपकी आ गई होगी। इसकी वजह से हादसा हुआ है। यह भी हो सकता है कि आगे चल रहे ट्रेलर के अचानक ब्रेक लगाने से कार टकरा गई होगी।
मिश्रिख से सांसद अशोक रावत ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा संडीला में स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी का संडीला से ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए। सांसद रावत ने बताया कि वर्ष 1945 में जब अटल बिहारी वाजपेयी कानपुर के डीएवी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, तब उन्होंने संडीला में लगभग दो महीने तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तारक और प्रचारक के रूप में कार्य किया था। इस अवधि के दौरान, उन्होंने क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक चेतना जागृत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अशोक रावत ने इस बात पर जोर दिया कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक युगद्रष्टा, प्रखर वक्ता और संवेदनशील कवि भी थे। उनके विचार और कार्य आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा संडीला में स्थापित होने से नई पीढ़ी को उनके जीवन और आदर्शों से सीखने का अवसर मिलेगा। सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार से संडीला के किसी प्रमुख चौराहे या सार्वजनिक स्थल पर अटल जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को सम्मान देने का आग्रह किया। स्थानीय लोगों ने भी सांसद की इस मांग का समर्थन किया है और इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण पहल बताया है।
बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में शुक्रवार रात दो अलग-अलग हादसों में तीन लोग घायल हो गए। बिजली का तार टूटने से रात 9 बजे से क्षेत्र में बिजली गुल थी। इन घटनाओं में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें गोंदिया अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं अन्य दो घायलों का इलाज सिविल अस्पताल लांजी में जारी है। घर के बाहर टहलते समय बुजुर्ग को मारी टक्कर पहली घटना लांजी थाना क्षेत्र के निमटोला में हुई। यहां बाबूलाल आस्तने (72) रात का खाना खाने के बाद घर के सामने टहल रहे थे। इसी दौरान रेवेश पिता रमेश नामक बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद खड़े चौपहिया वाहन से भी टकरा गया। हादसे में बुजुर्ग और बाइक चालक रेवेश दोनों घायल हो गए। उन्हें तुरंत एक निजी वाहन से सिविल अस्पताल लांजी ले जाया गया। बुजुर्ग को गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें गोंदिया रेफर किया गया है, जबकि रेवेश का इलाज लांजी में चल रहा है। नाचते समय नाली में गिरा युवक दूसरी घटना सहेकी गांव में हुई। यहां एक बारात में नाचते समय महेंद्र उईके नामक युवक असंतुलित होकर नाली में गिर गया। इस घटना में उसे भी चोटें आईं, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल लांजी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद दुपहिया वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
फिशर वन दरगाह पर फैसला करीब:अप्रैल के मध्य तक आएगा आदेश, ध्वस्तीकरण की संभावना बढ़ी
इटावा शहर के फिशर वन क्षेत्र में स्थित सैंकड़ों वर्ष पुरानी बीहड़ वाले सैय्यद बाबा दरगाह को लेकर स्थिति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। वन विभाग की कार्रवाई और कोर्ट में चली लंबी सुनवाई के बाद 15 अप्रैल तक फैसला आने की उम्मीद है। 28 मार्च की अंतिम सुनवाई में दरगाह पक्ष ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका, जिससे ध्वस्तीकरण के आदेश की संभावना काफी बढ़ गई है। यह मामला अब प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बेहद संवेदनशील बन गया है। वन विभाग को मिली शिकायत के बाद जब टीम ने मौके पर जांच की, तो दरगाह का कोई भी रिकॉर्ड विभागीय दस्तावेजों में नहीं मिला। यह दरगाह करीब 0.0281 हेक्टेयर वन भूमि पर बनी पाई गई। विभाग ने इसे स्पष्ट रूप से अवैध कब्जा मानते हुए नोटिस जारी किया और आगे की कार्रवाई शुरू की। इस रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। 800 साल पुरानी होने का दावा, लेकिन सबूत कमजोर डीएफओ कोर्ट में जब मामला पहुंचा, तो दरगाह पक्ष ने इसे करीब 800 साल पुरानी मजार बताया। उन्होंने अपने दावे को मजबूत करने के लिए समय भी मांगा। कोर्ट ने उन्हें पूरा मौका दिया, लेकिन सुनवाई के दौरान कोई भी ऐसा दस्तावेज सामने नहीं आ सका, जो इस दावे को पुख्ता साबित कर सके। अंतिम सुनवाई में भी नहीं बदली स्थिति 28 मार्च को हुई अंतिम सुनवाई इस मामले का अहम पड़ाव साबित हुई। दरगाह पक्ष ने एक किताब का पन्ना पेश किया, जिसमें दरगाह का जिक्र होने की बात कही गई। हालांकि वन विभाग ने इसे पर्याप्त साक्ष्य मानने से इनकार कर दिया। विभाग का कहना है कि वक्फ और राजस्व रिकॉर्ड में भी इस दरगाह का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे इसकी वैधता पर सवाल और गहरे हो गए हैं। फैसले के बाद सिर्फ अपील का रास्ता अब सभी की नजरें 15 अप्रैल पर टिकी हैं। अगर कोर्ट ध्वस्तीकरण का आदेश देता है, तो दरगाह पक्ष के पास केवल शासन स्तर पर अपील करने का विकल्प बचेगा। ऐसे में यह फैसला न सिर्फ एक संरचना के भविष्य का निर्धारण करेगा, बल्कि वन भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन के रुख को भी साफ करेगा।
अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन करने वाले जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी जननायक टंट्या भील की आज (4 अप्रैल) जयंती है। इस अवसर पर उनकी जन्मस्थली खंडवा के ग्राम बड़ौदा अहीर में समारोह आयोजित किया जा रहा है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सुबह 10.15 बजे बड़ौदा अहीर पहुंचकर गांव में स्थापित स्मारक पर पूजन करेंगे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी शामिल होंगे। विद्यार्थियों के साथ संवाद कर करेंगे मध्यान्ह भोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल पटेल सुबह 9 बजे भोपाल से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे। सुबह 11 बजे वे जननायक के स्मारक पर पूजन करेंगे। इसके बाद 11.30 बजे आयोजित जयंती कार्यक्रम में हितग्राहियों को सिकल सेल कार्ड और आयुष्मान कार्ड वितरित करेंगे। दोपहर 12.30 बजे राज्यपाल स्थानीय विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनके साथ मध्यान्ह भोजन करेंगे। इसके बाद दोपहर 1.15 बजे वे हेलीपैड से खरगोन के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रभारी मंत्री लेंगे समीक्षा बैठक, करेंगे अस्पताल का निरीक्षण जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह 10 बजे बड़ौदा अहीर पहुंचेंगे। जयंती कार्यक्रम के बाद मंत्री लोधी दोपहर 3.30 बजे कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इसके पश्चात वे शाम 5 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और फिर सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
लुधियाना के हम्बरा रोड पर स्थित एक निजी न्यूज़ चैनल के ऑफिस को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। चोरों ने बड़ी ही बेखौफ तरीके से वारदात को अंजाम दिया और ऑफिस से कीमती कैमरे माइक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान समेट कर फरार हो गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। दीवार फांदकर घुसे चोर चैनल के प्रतिनिधि राहुल शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह वारदात 3 अप्रैल की रात को हुई। सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि चोर एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर आए थे। रात करीब 1:30 बजे 2 युवक कार से उतरे और ऑफिस की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। चोरों ने बेहद फुर्ती दिखाई और करीब 2:15 बजे चोरी का सामान समेट कर वहां से रफूचक्कर हो गए। क्या-क्या ले गए चोर चोरों ने ऑफिस के अंदर घुसकर मुख्य रूप से रिपोर्टिंग और पावर बैकअप के सामान को निशाना बनाया। रिपोर्टिंग में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कैमरा। इंटरव्यू और न्यूज़ कवरेज के लिए यूज होने वाले कीमती माइक। ऑफिस के जनरेटरों में लगी 2 बड़ी बैटरियां। चोरों ने मेज पर पड़ा एक डमी लैपटॉप भी असली समझकर उठा लिया। ऑफिस स्टाफ जब सुबह काम पर पहुंचा तब बिखरे हुए सामान और टूटे शीशे देखकर चोरी का पता चला। पुलिस को सौंपी गई फुटेज में चोरों की हरकतें और उनके चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर स्विफ्ट कार के नंबर और आरोपियों के रूट को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र के भरजुना में 1 अप्रैल की रात जवारे विसर्जित कर लौट रहे देवी भक्तों का रास्ता रोककर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी शहजाद खान (32) और मो. कलीम (30) को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। घटना में मुख्य आरोपी समीर उर्फ शम्मी सहित 12 अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। 1 अप्रैल की रात करीब 11 बजे टिकुरिया टोला के दुर्गा मंदिर से 50 से अधिक लोग ऑटो, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और जीप से चैत्र नवरात्रि के जवारे विसर्जित कर लौट रहे थे। साइडिंग शराब दुकान के पास पूर्व सरपंच समीर खान उर्फ शम्मी, अलीम खान और 15-20 अन्य लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने युवतियों और महिलाओं से अश्लील हरकतें कीं और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला, 9 लोग हुए घायल जब भक्तों ने पैसों की मांग का विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिससे एक कार क्षतिग्रस्त हो गई और नौ लोग घायल हो गए। इस दौरान कुछ लोगों को बंधक बनाने का भी आरोप है। थाने के सामने किया था प्रदर्शन, BNS की धाराओं में FIR घटना के बाद पीड़ितों ने देर रात कोलगवां थाने के सामने धरना देकर यातायात बाधित कर दिया था। पीड़ितों की शिकायत पर 2 अप्रैल की सुबह समीर उर्फ शम्मी और अलीम समेत 10-12 अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 119(1), 296(ए), 115(2), 191(2), 324(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को साइडिंग बाबूपुर निवासी शहजाद और कलीम को गिरफ्तार किया है।
जयपुर शहर में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कहीं स्ट्रीट लाइट खराब होने से गलियां अंधेरे में डूबी हैं, तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन में भीड़ और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याएं लोगों के लिए नई चुनौती बन रही हैं। हालांकि, ‘भास्कर समाधान’ के जरिए उठाई गई कुछ समस्याओं पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अब भी समाधान का इंतजार बना हुआ है।आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। देव नगर में रोड लाइट की समस्या जयपुर शहर के सांगानेर क्षेत्र के देव नगर से मनीष कुमार अग्रवाल ने लिखा कि, रामपुरा रोड पर एक पानी की टंकी है। जिसके पास में लगी स्ट्रीट लाइट खराब है। जिसके कारण गली में अंधेरा रहता है और लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। पाइप लाइन के लिए खोदी रोड झोटवाड़ा के सदगुरु मार्ग से जतिन खंडेलवाल ने बताया कि, पिछले साल किसी लाइन को जमीन में डालने के लिए रोड को खोदा गया था। जिसके बाद काम करने वाली टीम रोड को बिना ठीक करे चली गई। तब से लेकर आज तक ये रोड ऐसी ही पड़ी हुई है। यहां से आने-जाने में वाहन चालकों और लोगों को काफी परेशानी होती है। JCTCL की बसों में भीड़ की समस्या दादी का फाटक क्षेत्र में जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTCL) की बसों में अत्यधिक भीड़ की शिकायत सामने आई है। यात्रियों का कहना है कि बसों की संख्या कम होने के कारण लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है और रोजाना आवागमन मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में हर तरफ सीवर का बदबू सांगानेर क्षेत्र के कीरो की ढाणी से राज ने बताया कि, सड़क पर सीवर का पानी बह रहा है। इलाके में सीवर ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर गंदगी और बदबू हो रही है। इसी के साथ लोगो को बीमारियों का भी डर बना हुआ है। सीवर की समस्या का हुआ समाधान सोडाला से महेश रावत ने भास्कर समाधान पर पोस्ट कर बताया कि, जमना नगर में सीवर लाइन ओवरफ्लो होकर रोड पर बह रही है। जिसके बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर समस्या का समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी आराम मिला है। जयपुर के रामगढ़ मोड़ इलाके से पंकज उपाध्याय ने 'भास्कर समाधान' पर इलाके में रोड पर हो रहे गड्ढे के बारे में पोस्ट किया था। पंकज ने बताया था कि, 1 महीने से नाले की कवर टूटा हुआ है। जिसके कारण गड्ढा बन गया है। जो की कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। समस्या पोस्ट होने के बाद इसके समाधान के चलते पट्टियां रखवा दी गई है। आज के 'पब्लिक के स्टार' बने लोकेश कुमावतरामगढ़ मोड़ इलाके से पंकज उपाध्याय ने रोड पर हो रहे गड्ढे के बारे में पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने 1 महीने से नाले का कवर टूटा होने की समस्या बताई थी। जिसके बाद नगर निगम के XEN, हवामहल जोन ने तुरंत एक्शन लिया। और फेरो कवर को ठीक करवा दिया है। जिससे इलाके के लोगों को काफी राहत मिली है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान से कनकपुरा में स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:जयपुर में खुले सीवर-चैम्बर की समस्याएं उजागर; हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.जयपुर में सड़क, कचरा और पब्लिक टॉयलेट के हालात खराब:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई; लोकेश कुमावत बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में सीवर, जलभराव और गंदगी से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर मिल रही शिकायतें, नाले की टूटी पट्टियां हटाई, हरेंद्र सिंह बने पब्लिक के स्टार 4.जयपुर में सीवर-नाली और सफाई की समस्याएं उजागर:भास्कर समाधान पर की शिकायतों पर एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.जयपुर में पार्क से सड़क तक समस्याओं का अंबार:शहर में हादसे का खतरा, कहीं टूटी सड़क; ‘भास्कर समाधान’ से मिली राहत 6.जयपुर के सूरजपोल बाजार की टूटी सड़क ठीक हुई:पाइपलाइन, नाली और लाइट की समस्याओं पर लिया एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार' 7.दुर्गापुरा में 5 दिन से रोड लाइट बंद:बालाजी मंदिर का रास्ता कीचड़ से ब्लॉक, JEN ओ.पी. मिश्रा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 8.जयपुर में उठीं सीवर, सफाई और सड़क की समस्याएं:शिकायतों पर पार्क सफाई और स्ट्रीट लाइट हुई चालू, राहुल अग्रवाल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 9.जयपुर में बंद स्ट्रीट लाइट, जाम सीवर से जनता परेशान:भास्कर समाधान में उठीं शहर की समस्याएं, पप्पू गोयर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.जयपुर में कचरा, सीवर और जलभराव की उठीं समस्याएं:भास्कर समाधान से मिली जनता को राहत, नवल किशोर बने ‘पब्लिक के स्टार’
नर्मदापुरम में बादलों के साथ हुई बूंदाबांदी:फिर निकली धूप, तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट
नर्मदापुरम जिले के मौसम में पांच दिन से उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। तेज धूप, छांव की स्थिति बन रही है। शनिवार को भी सुबह से बादल छाएं रहे। 7 बजे से 5 मिनट बूंदाबांदी हुई। इसके बाद मौसम साफ होते ही चिलचिलाती धूप निकल आई। मौसम विभाग ने जिले में अगले दो दिन तक बादल छाए रहने, हल्की बारिश, बूंदाबांदी की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती हवाओं के घेरों से हवा की चाल बदली है। मौसम में बदलाव बना रहेगा। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। अफगानिस्तान, पाकिस्तान के ऊपर मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बना है। हरियाणा, पंजाब के आसमान में चक्रवाती हवाओं का घेरा सक्रिय है। ऊंचाई पर 250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी असर डाल रही हैं। इसके प्रभाव से उत्तर भारत से मध्य प्रदेश, विदर्भ तक बादलों की आवाजाही, अस्थिरता दिख सकती है। 7 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभफिर सक्रिय होगा। आने वाले दिनों में मौसम में फिर बड़ा बदलाव हो सकता है। दिन का तापमान लुढ़का नर्मदापुरम में शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। एक दिन पहले गुरुवार को तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। पचमढ़ी में दिन का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
सतना जिले की उचेहरा पुलिस ने शुक्रवार दोपहर पोंड़ी स्थित घर में दबिश देकर नशा तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के भाई प्रदीप जायसवाल उर्फ पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी किचन के नीचे बने गुप्त तहखाने में छिपा था और वहीं से सीसीटीवी कैमरों के जरिए बाहर नजर रख रहा था। आरोपी पिंटू जनवरी में पकड़े गए कुल 68 लाख रुपए के नशीली कफ सिरप और गांजा तस्करी मामले में फरार था। पुलिस ने मौके से मॉनिटरिंग उपकरण और 3 वाहन जब्त कर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी जस्सा की तलाश जारी है। बच्चों ने मचाया शोर तो अंदर से बंद किया दरवाजा पुलिस को सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी जस्सा पोंड़ी स्थित घर पर भंडारा कराने आया है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस टीम दो वाहनों से मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर बाहर मौजूद बच्चों ने 'पुलिस-पुलिस' चिल्लाना शुरू कर दिया। भनक लगते ही अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया, लेकिन वहां कोई नजर नहीं आया। किचन के पास कबाड़ में मिला रास्ता, टीवी-डीवीआर जब्त मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घर की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान किचन के पास कबाड़ के बीच एक रास्ता मिला, जो नीचे गुप्त तहखाने की ओर जा रहा था। मोबाइल की रोशनी के सहारे पुलिस टीम तहखाने में उतरी और वहां छिपे पिंटू को हिरासत में ले लिया। पुलिस को तहखाने में एक टीवी सेट, सीसीटीवी स्क्रीन, डीवीआर और हार्ड डिस्क मिली है। आरोपी यहीं बैठकर बाहर लगे हाईटेक कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखता था। पुलिस ने तस्करी में उपयोग होने की आशंका में मौके से एक कार, एक जीप और एक ट्रैक्टर भी जब्त किया है। 28 लाख की सिरप और 40 लाख के गांजा केस में था फरार पुलिस ने 15 जनवरी को परसमनिया जंगल के मढफ़ई गांव में एक महिला के घर से 28 लाख रुपए की नशीली कफ सिरप (120 पेटी) और 17 जनवरी को सखौंहा क्षेत्र से 40 लाख रुपए का 4 क्विंटल गांजा जब्त किया था। इन दोनों मामलों में जस्सा और पिंटू फरार थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े एक महिला समेत 5 गुर्गों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जस्सा की फरारी के दौरान पिंटू ही नशे की खेप छिपाने और सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
कोटा के नान्ता थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दो कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। पहली कार्रवाई में अवैध बजरी और पत्थर परिवहन के खिलाफ पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर नान्ता थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में वैध रवन्ना (खान से पत्थर सप्लाई का डॉक्यूमेंट) परिवहन करते वाहनों को पकड़ा। मौके पर 2 डंपर, 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 2 बिना नंबर के महिंद्रा ट्रैक्टर को डिटेन किया गया। नान्ता थानाधिकारी महेश कुमार गुर्जर ने बताया की शुक्रवार के दिन बड़ी मात्रा में अवैध मैसेनरी स्टोन जब्त किया गया और खनिज विभाग ने 6 लाख 56 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। वहीं दूसरी कार्रवाई नान्ता थाना पुलिस ने एनएच-27 नान्ता कट पर गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रेलर को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान ट्रेलर के केबिन से 925 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों भंवरलाल और विकास को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इन कार्रवाइयों से अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना को अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भी जारी रखने का फैसला लिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त यातायात की सुविधा दी जाती है। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए निशुल्क विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना चलाई है। वहीं शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश के अनुसार निशुल्क विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत खर्च की गई राशि की रिपोर्ट 15 अप्रैल तक जमा करें। परिवहन योजना की राशि और ब्याज जमा न करने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। स्टूडेंट की डिमांड पर शुरू होगी सेवा पहले यह योजना प्रदेश के 22 जिलों के 22 ब्लॉकों तक सीमित थी, लेकिन अब जहां से भी मांग आएगी, वहां विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के परिवहन खर्च को खुद वहन करेगी। कक्षा पहली से 12वीं तक के उन विद्यार्थियों के लिए यह योजना लागू की गई थी जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिए निर्धारित दूरी से अधिक सफर तय करना पड़ता है। इस योजना का संचालन संबंधित स्कूलों की प्रबंधक समितियों की ओर से किया जा रहा है। प्राचार्य के खाते में आती है राशि योजना के संचालन के लिए स्कूल प्राचार्य के माध्यम से विशेष बैंक खातों में राशि भेजी जाती है।अब शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित ब्लॉक स्तर पर खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र और खाते में जमा ब्याज की राशि की रसीद जमा करवाए। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं कि प्रक्रिया की रिपोर्ट परीक्षा शाखा की ईमेल आईडी पर भेजी जाए। यदि तय समय सीमा तक यह कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। पूर्व सीएम खट्टर ने शुरू की योजना पूर्व सीएम मनोहर लाल ने 16 जनवरी 2024 को विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी। यह योजना हर जिले के एक खंड में लागू की गई थी। बाद में इसे पूरे जिले में लागू कर दी गई। इसके तहत कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों को परिवहन व्यवस्था दी जानी है। 50 से अधिक छात्र होने पर दूरदराज के स्कूलों में जाने वाले छात्रों को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन गांवों में विद्यार्थियों की संख्या पांच से दस है, वहां शिक्षा विभाग की ओर से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।
सहारनपुर में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने जिला जज की फोटो का दुरुपयोग कर व्हाट्सएप पर लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। आरोपी वकीलों को मैसेज भेज रहे हैं। थाना साइबर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नजारत अनुभाग, जिला जज में उपनाजिर के पद पर तैनात आशीष कुमार ने प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम को दी तहरीर में बताया कि जिला जज सतेंद्र कुमार की फोटो, जो हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है, उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप नंबर की डीपी पर लगा लिया है। इतना ही नहीं, आरोपी ने जज का नाम लिखकर खुद को उन्हीं के रूप में प्रस्तुत करना शुरू कर दिया। तहरीर के अनुसार, इस फर्जी प्रोफाइल से अधिवक्ता अंकुर सहगल और अधिवक्ता उदय समेत कई लोगों को मैसेज भेजे गए हैं। आरोपी जज की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहा है। इस संबंध में चैट के स्क्रीनशॉट भी शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं। आशीष कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप नंबर का जिला जज से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस नंबर को ब्लॉक कराया जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि कहीं जज की फोटो और नाम का अन्य जगहों पर भी दुरुपयोग तो नहीं हो रहा। शिकायत 3 अप्रैल 2026 को दी गई है, जिस पर प्रार्थी ने अपने हस्ताक्षर भी किए हैं। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है और साइबर टीम फर्जी नंबर के पीछे छिपे आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र के गोपामऊ कस्बे के पास सर्राफा कारोबारी सर्वेश रस्तोगी और उनके बेटे गौरव रस्तोगी से सरेराह लूट की वारदात हुई। दो बाइकों पर सवार चार हथियारबंद बदमाशों ने पिता-पुत्र का पीछा किया और उन्हें रोक लिया। एक बदमाश ने गौरव की कनपटी पर तमंचा तान दिया, जबकि अन्य ने सर्वेश रस्तोगी के सिर पर तमंचे की बट से हमला किया। बदमाशों ने बाइक की डिग्गी में रखा लगभग 450 ग्राम सोना, डेढ़ लाख रुपये नकद और कुछ चांदी के आभूषण झपट लिए। इसके बाद वे फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गौरव रस्तोगी ने बताया कि लूटी गई ज्वेलरी में कुछ उनके घर की, कुछ दुकान की और कुछ अन्य दुकानदारों से प्राप्त की हुई थी। पिता-पुत्र ने ज्वेलरी बचाने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों की संख्या और आक्रामकता के सामने वे असहाय रहे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। एसपी के निर्देश पर एडिशनल एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह, सीओ सिटी अंकित मिश्रा और सीओ हरियावां अजीत चौहान की देखरेख में 6 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें बदमाशों की तलाश में पूरे जिले में दबिश दे रही हैं। घटना के बाद इलाके में खौफ का माहौल फैल गया और सर्राफा कारोबारियों में गहरा आक्रोश देखा गया। पुलिस ने गौरव की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। इस लूट ने इलाके की कानून-व्यवस्था और सर्राफा कारोबारियों की सुरक्षा पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलिया में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ:आचार्य मोहित पाठक ने पाश्चात्य संस्कृति त्यागने का आह्वान किया
बलिया के हुकुम छपरा गंगा घाट पर महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम के तत्वावधान में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान हनुमान जन्मोत्सव ऐतिहासिक रूप से मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य मोहित पाठक ने वैदिक संस्कृति और प्रकृति की रक्षा का आह्वान किया। श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और भव्य गंगा महाआरती के दिव्य संयोग ने हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार आचार्य मोहित पाठक ने इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम की देखरेख में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति वेदमंत्रों के सस्वर पाठ से हुई। आचार्य मोहित पाठक ने बताया कि गुरुकुल का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक विरासत को संजोना है। इसी कड़ी में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी में साहस और संस्कार का संचार करना था। आचार्य मोहित पाठक ने आधुनिकता की दौड़ में खोते जा रहे युवाओं को दिशा दिखाते हुए पाश्चात्य संस्कृति त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपने जन्मदिन पर होटलों में पिज्जा-बर्गर की पार्टियों में हजारों रुपये व्यर्थ करता है। देखें 4 तस्वीरें… आचार्य ने युवाओं से अपनी जड़ों की ओर लौटने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि विशेष दिनों पर गंगा तट पर आकर शिवार्चन करें और गंगा महाआरती संपन्न कराकर पुण्य के भागी बनें। गुरुकुलम के मंच से आचार्य ने माँ गंगा की निर्मलता, अखंडता और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की जीवनरेखा है। उन्होंने सभी उपस्थित भक्तों को संकल्प दिलाया कि वे न तो स्वयं गंगा को प्रदूषित करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे। आचार्य ने भृगु काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए समाज के हर वर्ग के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के दौरान पूरा घाट 'जय श्री राम' और 'वीर हनुमान' के जयकारों से गूँज उठा। आचार्य ने बजरंगबली से सद्बुद्धि और अपार ऊर्जा प्रदान करने की प्रार्थना की, ताकि गुरुकुल के माध्यम से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यज्ञ अविरल चलता रहे।
जोधपुर के महामंदिर थाने में एक व्यक्ति ने करोड़ों की ठगी के मामले को लेकर रिपोर्ट दी है। पीड़ित रमेश पुरी ने समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी प्रपोज कोऑपरेटिव सोसाइटी और फूड्स इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर्स व अधिकारियों पर 5-6 करोड़ की ठगी का आरोप लगाते हुए अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-3 में परिवाद दायर किया है। परिवादी ने बताया कि विनोद डांगी ने आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच देकर कई लोगों से पैसे इकट्ठा किए, लेकिन समय पूरा होने पर न तो मूल रकम लौटाई और न ही मुनाफा। उन्होंने बताया कि विनोद डांगी ने पावटा सन सिटी अस्पताल के पास जोधपुर ऑफिस से संपर्क कर पुरी व अन्य (कुशालाराम सोलंकी, हनुमानाराम, सुनंदा बोराणा आदि) को पुणे मुख्यालय ले जाकर मीटिंग कराई। जहां कंपनी के डायरेक्टर महेश किशन मोतेवार, वैशाली मोतेवार, राजेश पंडुरंग भंडारे व अन्य ने बकरी-भैंस पालन, कृषि, होटल जैसे कारोबार का लाभ दिखाया। उनकी बातों पर विश्वास में आकर निवेशकों ने एजेंट बनकर स्थानीय स्तर पर 5-6 करोड़ जमा करा दिए। आरोपियों ने झांसे में लेने के लिए अजमेर के कैकड़ी में 700-800 बीघा जमीन भी दिखाई। बताया कि यहां पर कृषि संबंधी कार्य किया जाता है, लेकिन नियत समय पूरा होने पर निवेश के रुपए नहीं लौटाए।
दरभंगा में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बहेड़ा थाना क्षेत्र के अधलुआम गांव के पास शुक्रवार देर शाम हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अलीनगर क्षेत्र में भी दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो युवकों की जान चली गई, जिससे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अधलुआम में अज्ञात गाड़ी की टक्कर से मौत जानकारी के अनुसार, नवादा निवासी 26 वर्षीय रामकिशोर झा महथौड़ चौक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अधलुआम गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। बहेड़ा थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी रौशन कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। अलीनगर में दो और युवकों की असमय मौत अलीनगर क्षेत्र में भी सड़क हादसों का कहर जारी है। बीते दिन दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में जौघट्टा निवासी 17 वर्षीय विकास कुमार और दाथ नेऊरी टोल निवासी 20 वर्षीय मुकेश सहनी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपने-अपने परिवार के मुख्य सहारा थे, जिनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इन हृदयविदारक घटनाओं के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के इलाकों में मातम पसरा हुआ है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासन और लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सूचना का अधिकार (RTI) व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'सूचना के साथ समाधान' की नीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य सूचना आयोग अब केवल जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान को भी प्राथमिकता दे रहा है। राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स ने बताया कि आयोग की इस कार्यप्रणाली से लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है। अब नागरिक केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ भी आरटीआई आवेदन कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में आरटीआई आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वत्स ने हाल ही में वाराणसी, जौनपुर और सुल्तानपुर जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। जौनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आयोग विभिन्न सरकारी विभागों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित कर रहा है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सूचना के साथ-साथ संबंधित समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान निकले। इस पहल से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है और कई मामलों में विभागों ने स्वयं संज्ञान लेकर समस्याओं का समाधान किया है। वत्स ने जोर देकर कहा कि सूचना का अधिकार केवल एक कानूनी अधिकार नहीं, बल्कि सुशासन को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 'सूचना के साथ समाधान' की यह पहल जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सशक्त बन रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नई व्यवस्था भविष्य में अधिक लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी तथा उत्तरदायी बनाएगी।
मुजफ्फरपुर के खबड़ा में करजा थाने का वांटेड शराब माफिया गुलशन कुमार को पत्नी ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। पत्नी की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरोपी समेत दो महिलाओं और एक युवती को हिरासत में लेकर थाने लाई। पत्नी की सूचना पर पुलिस पहुंची पत्नी ने बताया कि पति गुलशन कुमार खबड़ा इलाके में अपने ही ससुराल में रह रहे था। शुक्रवार दोपहर वह खाना लेकर वहां पहुंची। देखा कि घर के बाहर एक फोर व्हीलर खड़ी है। कुछ देर इंतजार करने के बाद उन्होंने देखा कि एक ऑटो से एक युवती और दो महिलाएं उतरकर घर के अंदर चली गई। शक गहराने चुपके से अंदर गई, जहां उन्होंने अपने पति को उक्त महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में पाया। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने गुलशन कुमार समेत सभी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने हंगामा भी किया, लेकिन पुलिस स्थिति को संभालते हुए सभी को थाने ले गई। शराब से जुड़े मामले में पुलिस तलाश कर रही थी सदर थाना में पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं की पहचान मिठनपुरा थाना क्षेत्र के शिवशंकर लेन और रामबाग इलाके की निवासी के रूप में हुई, जबकि युवती मझौलिया इलाके की बताई गई। आरोपी गुलशन कुमार को पूछताछ के बाद करजा पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां यह पहले से शराब कारोबार से जुड़े मामलों में वांछित बताया जा रहा है। शादी के बाद से प्रताड़ित किया जा रहा था पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुलशन पहले भी शराब के मामले में जेल जा चुका है। पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी शादी करीब 10 वर्ष पहले भटौली गांव में हुई थी। शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। हालात बिगड़ने पर वह पिछले एक वर्ष से मायके में रह रही थी। देह व्यापार से जुड़े होने की आशंका पुलिस ने जब तीनों के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें कई संदिग्ध चैट, वीडियो कॉल और अश्लील सामग्री मिली। एक महिला के मैसेंजर में कई युवकों के साथ वीडियो चैट के प्रमाण भी मिले, जिससे देह व्यापार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि तलाशी के दौरान कमरे से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने युवती और दोनों महिलाओं के परिजनों को थाने बुलाया और कानूनी प्रक्रिया के तहत पीआर बॉन्ड पर उन्हें छोड़ दिया।
फिरोजाबाद में पुलिस ने शादी में झगड़ा शांत कराया:गरीब बेटी की विदाई कराई, दूल्हा भी घायल हुआ था
फिरोजाबाद के सत्य नगर में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद को थाना उत्तर पुलिस ने सूझबूझ से सुलझाया। पुलिस की मध्यस्थता से न केवल माहौल शांत हुआ, बल्कि गरीब परिवार की बेटी की शादी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और उसकी विदाई भी कराई गई। यह घटना चुन्नीलाल पुत्र धीरजलाल के घर पर हुई, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी 22 वर्षीय बेटी ज्योति की शादी अजमेर (राजस्थान) से आए दूल्हा वीरू से हो रही थी। शादी समारोह के दौरान बारातियों और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसमें दूल्हा वीरू भी घायल हो गया था। इस झगड़े से माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल थाना उत्तर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और उनके बीच सहमति बनाने में मदद की। पुलिस की मध्यस्थता के बाद, सभी विधि-विधान से शादी की रस्में शांतिपूर्वक पूरी की गईं। पुलिस की मौजूदगी में बेटी ज्योति की विदाई भी सकुशल संपन्न हुई। परिवारजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर पुलिस हस्तक्षेप न होता तो शादी में बड़ा विवाद हो सकता था। स्थानीय लोगों ने भी थाना उत्तर पुलिस की इस पहल की सराहना की। इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति और सौहार्द कायम रखना भी है। पुलिस के मुताबिक शराब पीकर मारपीट हुई थी।
आगरा में देर रात ओले गिरे, सुबह मौसम में ठंडक:आंधी में 5 घर गिरे, 8 घायल, आज भी बारिश का अलर्ट
शुक्रवार रात को आए तूफान और बारिश के बाद शनिवार सुबह से मौसम खुल गया है। हल्की हवा चलने के साथ ही धूप निकली हुई है। मगर, दोपहर बाद आज भी मौसम बदलेगा। शाम को फिर से आंधी और बारिश की संभावना है। इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट किया है। बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। शनिवार सुबह का तापमान लगभग 20C रहा। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.7C और न्यूनतम तापमान 24.1C रहा था। देखें पिछले दिनों के तापमान की स्थिति… रात को तूफान के साथ गिरे थे ओले शुक्रवार रात लगभग पौने नौ बजे अचानक आए तूफान और इसके बाद शुरू हुई बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी थी। जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। कई जगह पेड़ टूट कर गिर गए। सड़क किनारे लगे अधिकांश होर्डिंग तो उड़ ही गए थे। आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टी की 4 तस्वीरें… आंधी-तूफान में आगरा के फतेहपुर सीकरी स्थित मई बुजुर्ग गांव में 5 मकान गिर गए। इसमें दबकर 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई क्षेत्रों में ओलों की चादर बिछ गई थी।शनिवार का मौसम शनिवार सुबह से मौसम खुला हुआ है। हल्की हवा के साथ ही धूप निकल रही है। इस सीजन में सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान तापमान 29 मार्च को रहा था। इस डेट को अधिकतम तापमान 39C पहुंच गया था। पिछले 15 दिनों से आगरा का मौसम हर दो दिन बाद बदल रहा है। दिन में तेज धूप और शाम को बादल छा रहे हैं। बीच-बीच में कुछ दिन बारिश और बूंदाबांदी भी हो गई। पूर्वानुमान शनिवार दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम तक बादल छाने के साथ ही आंधी और बारिश की संभावना है। इस बीच रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस बीच तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। 6 अप्रैल से मौसम खुलेगा। इसके बाद दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी की संभावना है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति
25 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार:मऊ पुलिस ने गाजीपुर निवासी आरोपी को पकड़ा
मऊ जिले की मुहम्मदाबाद पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित 25,000 रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गाजीपुर निवासी आदर्श सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार और क्षेत्राधिकारी शीतला प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में मुहम्मदाबाद पुलिस को यह सफलता मिली। 3 अप्रैल 2026 को क्षेत्र की देखरेख और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर क्यामुद्दीनपुर मोड़ के पास से उसे पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्त आदर्श सिंह पुत्र संजय सिंह, निवासी नखतपुर, थाना मरदह, जनपद गाजीपुर, उम्र लगभग 20 वर्ष है। वह मु0अ0सं0 51/2026 धारा 2b(i) व 3(1) उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के तहत फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि मऊ जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
PBKS और SRH के बीच 11 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह PCA स्टेडियम में IPL का मुकाबला होने वाला है। इसकी ऑनलाइन टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है। यह टिकट ऑनलाइन डिस्ट्रिक्ट ऐप पर मिल रही हैं। सोमवार, 6 अप्रैल से ऑफलाइन न्यू चंडीगढ़ स्थित स्टेडियम के बाहर की खिड़की पर भी टिकट उपलब्ध रहेंगी। 2500 से टिकट शुरू ऑनलाइन ऐप पर न्यूनतम ₹2500 की टिकट मिल रही है। इसमें पांच कैटेगरी की अलग-अलग टिकटें हैं। 2500 के बाद ₹3500 और ₹6500 की भी टिकटें हैं। इससे ऊपर 20,000 और ₹25,000 की टिकटें भी उपलब्ध हैं। सुबह 11:30 बजे खुलेंगे गेट PBKS और SRH के बीच होने वाला यह मैच दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। इसके लिए आने वाले दर्शकों के लिए सुबह 11:30 बजे से गेट खोल दिए जाएंगे, ताकि आसपास भीड़ जमा न हो और दूर-दूर से आने वाले दर्शक आसानी से ग्राउंड के अंदर जा सकें। वहीं ग्राउंड के आसपास पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। आठ जगहों पर पार्किंग व्यवस्था है, इसके लिए भी टिकट के साथ पार्किंग की टिकट भी खरीद सकते हैं।
टोंक के नगरफोर्ट क्षेत्र के मांडकला में अखिल भारतीय रैगर महासभा के तत्वावधान में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार की रूपरेखा बनाई गई। कार्यक्रम में भामाशाहों ने लाखों रुपए सहयोग की घोषणा की। समारोह में समाज के लोगों ने भाग लिया और वक्ताओं ने शिक्षा व सामाजिक सुधार पर जोर दिया। कार्यक्रम में टोंक सहित बूंदी और सवाई माधोपुर के लोग शामिल हुए। मांडकला स्थित समाज की धर्मशाला के जीर्णोद्धार के लिए भामाशाह गोपाल लाल दबकिया नासिरदा और कार्यवाहक विकास अधिकारी सावर चिरंजी लाल वर्मा ने एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की। पलाई गांव के समाज ने एक लाख रुपए और बालापुरा गांव के समाज ने 51 हजार रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा अन्य भामाशाहों ने भी आर्थिक सहयोग दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निवाई विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की बात कही। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएल नवल ने अंधविश्वास से दूर रहने और उच्च शिक्षा पर जोर दिया। सामाजिक एकता पर चर्चा जिलाध्यक्ष शंकर लाल हाथीवाल ने समाज में कुरीतियां खत्म करने और सामाजिक व राजनीतिक एकता मजबूत करने की बात कही। समारोह में मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, राष्ट्रीय महासचिव बद्री नारायण झिंगोनिया, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष तारा बेनिवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबू लाल खमोकरिया, पूर्व प्रधान देवली शंकुतला वर्मा, चिरोंज प्रशासक कमलेश वर्मा, प्रो. डॉ. राजेन्द्र वर्मा, डॉ. भूषण सालोदिया, रामभज वर्मा, भामाशाह अर्जुन लाल थलेटिया, शंकर लाल फूलेता आदि ने संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में धर्मेंद्र सालोदिया, महासभा के कोषाध्यक्ष महेन्द्र मंडरावलिया, महामंत्री रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल,मीडिया प्रभारी चेतन वर्मा, युवा अध्यक्ष अमित थलहेटिया सहित जिले के साथ ही बूंदी व सवाई माधोपुर जिले के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धवलपुरिया ने किया। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, बद्री नारायण झिंगोनिया, तारा बेनिवाल, बाबूलाल खमोकरिया, शंकुतला वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। साथ ही धर्मेंद्र सालोदिया, महेंद्र मंडरावलिया, रामभज वर्मा, राजेश देवतवाल, चेतन वर्मा और अमित थलहेटिया सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
लखनऊ में सुबह से धूप निकली हुई है। इस बीच बादलों की आवाजाही भी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। दिन में एक से दो बार बारिश के आसार भी हैं। इस दौरान 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है। शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इसके चलते वार्म नाइट जैसी स्थिति बनी रही। अधिकतम आर्द्रता 68 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 31 फीसदी दर्ज की गई। सुबह से यलो जोन में AQI लखनऊ में सुबह से 6 मॉनिटरिंग स्टेशनों का औसत उपाय गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम श्रेणी के साथ यलो जोन में दर्ज किया गया है। सबसे खराब स्थिति तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की है। यहां पर AQI का लेवल 188 रहा। अलीगंज 144, लालबाग 140, गोमतीनगर 128, अंबेडकर यूनिवर्सिटी 108 और कुकरैल का AQI 101 के साथ में मध्यम श्रेणी यलो जोन में रहा। वहीं, शुक्रवार शाम 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ का AQI 96 के साथ में संतोष जनक श्रेणी में रहा। आंधी-बारिश से बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया है। अगले कुछ दिनों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। आज पूरे प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कहीं-कहीं 70 किमी तक पहुंच सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री की और गिरावट आएगी। 5 अप्रैल से मौसम में सुधार होना शुरू होगा। 06 अप्रैल को मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा और धूप निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद 7 से 09 अप्रैल के बीच एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे पारे में 3 से 5 डिग्री तक की भारी गिरावट आ सकती है।
लुधियाना में अवैध गैस रिफिलिंग को कारोबार करने वाले 1 व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दैनिक भास्कर ऐप के खुलासे के बाद हरकत में आई थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस ने गणेश नगर रोड रात करीब साढ़े 10 बजे छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली की एक किराए की दुकान में घरेलू गैस सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे और बिना मार्का वाले सिलेंडरों में भरी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रेड की भनक लगते ही कुछ लोग मौके से फरार हो गए, लेकिन एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दैनिक भास्कर ऐप के रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर कैमरे पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि एक तरफ जहां लोगों को 5-6 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं ब्लैक में 970 रुपए का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1800 रुपए में बेचा जा रहा है। फिर छोटे सिलेंडर भरने वाले इसे आगे 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे थे। एजेंट से बातचीत में यह भी सामने आया कि इस धंधे में गैस एजेंसियों के कुछ कारिंदे शामिल हैं, जो फर्जी बुकिंग के जरिए सिलेंडर निकालकर ब्लैक में बेच रहे हैं। इलाके में 3-4 जगहों पर खुलेआम छोटे सिलेंडर भरे जा रहे हैं। एजेंट ने यह भी कहा था कि पुलिस वाले भी पैसे ले जाते हैं। जानिए पुलिस ने कैसे पकड़ा कैसे चल रहा था LPG की कालाबाजारी का खेल… फर्जी बुकिंग करवाते हैं कारिंदे: एजेंसियों के कारिंदों के पास हर ग्राहक का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में उसे पता होता है कि कौन ग्राहक कितनी देर बाद सिलेंडर भरवाता है। कारिंदे बीच-बीच में से ऐसे ग्राहकों को ढूंढते हैं और उनके नाम से सिलेंडर बुक करवा देते हैं।ग्राहकों को आ रहे डिलीवरी के मैसेज: कारिंदे जब किसी और के नाम से सिलेंडर बुक करते हैं तो वो एजेंसी से ही उनके सिलेंडर ले लेते हैं और सिस्टम में उनकी डिलीवरी शो कर देते हैं। ऐसा करते ही ग्राहक के पास डिलीवरी का मैसेजे चले जाता है।कारिंदे इन सिलेंडरों को डबल रेट में बेच रहे: एजेंसियों के कारिंदे फिर यही सिलेंडर उन लोगों को डबल रेट पर बेच रहे हैं जो कि छोटे सिलेंडरों को रिफिल करवाते हैं। उसके बाद वो मनमाने रेट पर ग्राहकों से गैसे के पैसे वसूल रहे हैं। 970 के सिलेंडर में 3750 रुपए में बेच रहे: कारिंदे 970 रुपए का सिलेंडर डबल रेट करके 1800 रुपए में बेच रहे हैं। वहीं छोटे सिलेंडर रिफिल करने वाले इसे फिर डबल से ज्यादा करके 3750 रुपए में बेच रहे हैं। एक सिलेंडर में 15 किलो से ज्यादा गैस होती है और वो उसे 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे हैं। ***************** ये खबर भी पढ़ें: ₹970 का गैस सिलेंडर, ₹1800 में बिक रहा: एक किलो ₹250 की, एजेंट बोला- पुलिसवाले ₹200-₹300 की रिश्वत ले जाते हैं अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के कारण देशभर में एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित होने से शॉर्टेज की स्थिति बनी हुई है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। लुधियाना के गणेश नगर इलाके में दैनिक भास्कर ऐप के रिपोर्टर को इस अवैध कारोबार की सूचना मिली। इसके बाद भास्कर रिपोर्टर ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचा और कैमरे पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। (पढ़ें पूरी खबर)
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार में आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक-सांस्कृतिक महोत्सव ‘अक्षरम्-2026’ के पहले दिन मशहूर संगीतकार अनु मलिक ने अपने संबोधन से युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा ही देश का असली भविष्य हैं और उनसे देश को बहुत उम्मीदें हैं। अनु मलिक ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र है, खुद पर भरोसा और निरंतर मेहनत। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे दूसरों की राय की चिंता किए बिना अपनी प्रतिभा पर ध्यान दें और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अपनी कला को दुनिया के सामने रखें। आज समारोह का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा शिरकत करेंगे। मोहब्बत पर गीत सुनाया तो झूमे विद्यार्थी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए विद्यार्थियों द्वारा दिए गए तीन शब्द-आग, चाय और मोहब्बत पर तुरंत एक गीत तैयार कर सुनाया, जिससे पूरा सभागार झूम उठा।अनु मलिक ने कहा कि संगीत और साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं की सोच को नई दिशा देने की ताकत रखते हैं। ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच देते हैं और उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीजेयू में हरियाली को सराहा उन्होंने जीजेयू कैंपस की हरियाली और सकारात्मक माहौल की सराहना करते हुए इसे कला और शिक्षा का बेहतरीन संगम बताया। विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर गाने का मौका देने से कार्यक्रम में उत्साह और भी बढ़ गया। ‘अक्षरम्-2026’ के पहले दिन अनु मलिक का संबोधन और प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिसने युवाओं को रचनात्मकता और आत्मविश्वास की नई प्रेरणा दी।
चित्रकूट में स्थित प्राचीन पालेश्वर नाथ मंदिर का पर्यटन विभाग द्वारा कायाकल्प किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने और मंदिर परिसर के सुंदरीकरण के लिए 1 करोड़ 81 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। धर्म नगरी चित्रकूट को प्रभु श्रीराम की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है, जहां आज भी कई मठ-मंदिर मौजूद हैं। इनमें से एक पहाड़ी पर स्थित पालेश्वर नाथ मंदिर है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर बड़ी संख्या में पर्यटकों और भक्तों को आकर्षित करता है। हालांकि, लंबे समय से यहां सुविधाओं की कमी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी। दूर-दराज से आने वाले भक्तों को बैठने की उचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने मंदिर के कायाकल्प का निर्णय लिया है। पर्यटन अधिकारी आरके रावत ने दैनिक भास्कर को बताया कि शासन से इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और कार्य भी शुरू कर दिया गया है। परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल हॉल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, सोलर लाइटिंग, बैठने के लिए बेंच, सुगम आवागमन के लिए पाथवे और आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण भी कराया जा रहा है। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए आधुनिक शौचालय और इंटरलॉकिंग कार्य भी करवाया जा रहा है। रावत ने आगे बताया कि मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को संरक्षित रखने के लिए इसकी दीवारों पर मंदिर का इतिहास भी अंकित किया जाएगा। इससे यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु इस स्थान की प्राचीनता और गौरवशाली परंपरा से परिचित हो सकेंगे। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए संबंधित संस्था को 18 महीने का समय दिया गया है।
काचीगुड़ा-श्रीगंगानगर नंबर का ट्रेन बदला:अब स्पेशल की बजाय स्थाई चलेगी,थोड़ा किराया भी कम होगा
रेलवे ने लोगों को राहत दी है। रेलवे के द्वारा सीकर स्टेशन के रास्ते होकर चलने वाली काचीगुड़ा-श्रीगंगानगर स्पेशल ट्रेन को अब स्थाई कर दिया है। इतना ही नहीं ट्रेन के नंबर भी बदले गए हैं। अब किराया भी थोड़ा कम होगा। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार स्पेशल के रूप में संचालित होने वाली गाड़ी संख्या 07053/07054 काचीगुड़ा-श्रीगंगानगर ट्रेन को अब स्थाई नंबर 17601/17602 से संचालित किया जाएगा। बता दें कि ट्रेन का सीकर स्टेशन पर भी 5 मिनट के लिए ठहराव होता है। सीकर के अलावा यह ट्रेन भोपाल, उज्जैन, जयपुर और बीकानेर जैसे बड़े स्टेशन पर भी 5 से 10 मिनट का ठहराव लेती है। यह ट्रेन काचीगुड़ा से शनिवार और श्रीगंगानगर से मंगलवार को संचालित होती है। इस ट्रेन के स्पेशल से स्थाई होने पर अब थोड़ा किराया कम होगा। इसके अलावा स्पेशल सिटिजन जैसे लोगों को कंसेशन भी मिलता है। इसके अतिरिक्त लेडीज, लोअर बर्थ के लिए रिजर्व कोटा उपलब्ध होता है।
बिहार के एक युवक की भोपाल जंक्शन पर ट्रेन पकडने की जल्दबाजी में जान चली गई। हादसे का 14 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें युवक प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चलती ट्रेन को दौड़कर पकड़ने की कोशिश करता है। इसी दौरान वह गेट से टकराकर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस जाता है। महज 5 सेकंड के भीतर वह 4-5 बार घूमता है और फिर ट्रेन के नीचे की ओर घिसटाता हुआ नजरों से ओझल हो जाता है। ये घटना 31 मार्च की है। इधर, आरा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक कारोबारी कर्ज से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। हालांकि, ट्रेन तब तक रुकती, इंजन में फंसकर करीब दो मीटर तक युवक घसीटता चला गया। इसका CCTV फुटेज भी सामने आया है। युवक को हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पहले भोपाल स्टेशन पर हुए हादसे की 3 तस्वीरें… भोपाल- ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में पटरी-प्लेटफॉर्म के बीच, इलाज के दौरान मौत GRP के मुताबिक, भोपाल रेलवे स्टेशन पर 31 मार्च की रात करीब 11:31 बजे युवक भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस (19304) पर दौड़कर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। उस समय ट्रेन की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा थी। इसी दौरान वह गेट से टकराकर पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। आस-पास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन महज 5 सेकंड के भीतर वह 4 से 5 बार घिसटता हुआ ट्रेन के नीचे चला गया। गंभीर रूप से घायल उस युवक को तुरंत बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उसे हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार शाम करीब 5 बजे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सिकंदर (25 से 28 साल) के रूप में हुई है। चश्मदीद बोला- हाथ टूटा, सिर में गहरी चोट एक चश्मदीद ने बताया हादसे के बाद प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई थी। GRP के कहने पर वह घायल युवक के साथ अस्पताल तक गया। उसका एक हाथ टूट चुका था और सिर में गहरी चोट थी। इसके बावजूद उसकी सांसें चल रही थी। लोधी रात 4 बजे तक अस्पताल में रुके रहे। युवक ने खुद को बिहार का बताया था। GRP SP राहुल लोढ़ा के मुताबिक, CCTV फुटेज और प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक साजिश सामने नहीं आई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरा- कर्ज से परेशान शख्स ट्रेन के आगे कूदा, इनकम टैक्स से 1.80 करोड़ का नोटिस मिला था आरा रेलवे स्टेशन पर कर्ज से परेशान एक व्यक्ति ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर कोटा–पटना एक्सप्रेस के आगे लेटकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन को समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई लोग तमाशबीन बने रहे। बाद में RPF जवानों और अन्य लोगों की मदद से घायल को इंजन के नीचे से बाहर निकाला गया। घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजनों ने उसे शहर के महावीर टोला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। घायल की पहचान भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र अंतर्गत पीरो गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता (54) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से कर्ज के बोझ से परेशान थे। करीब 20 साल पहले उनकी विदेशी शराब की दुकान थी, लेकिन बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद उनका कारोबार बंद हो गया। इसके बाद विजय झारखंड के डाल्टेनगंज में पार्टनरशिप में काम कर रहे थे। अब आरा स्टेशन पर हुए हादसे की 2 तस्वीरें… इनकम टैक्स नोटिस के बाद बढ़ी परेशानी घायल के साले विद्या भूषण कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले इनकम टैक्स विभाग की ओर से 1 करोड़ 80 लाख रुपए का नोटिस मिला था। इसके बाद से ही उनके बहनोई काफी तनाव में रहने लगे थे। शराबबंदी के बाद विजय कुमार गुप्ता डाल्टेनगंज में अन्य लोगों के साथ पार्टनरशिप में काम करने लगे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति से मुर्गी फार्म खोलने के लिए 5 लाख रुपए का कर्ज लिया था, लेकिन काम सफल नहीं हुआ और कुछ महीनों में ही बंद करना पड़ा। कर्ज देने वाला व्यक्ति लगातार पैसे के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद विजय ने अपने पार्टनर से 5 लाख रुपए उधार लेकर पहले कर्जदार को चुका दिया। विद्या भूषण के मुताबिक, कर्ज चुकाने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती चली गई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे फिर कर्ज में डूबते चले गए। उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले भी पैसे नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इसके बाद से ही वह काफी परेशान रहने लगे थे। शुक्रवार की सुबह वह घर से किसी बहाने से निकले थे। बाद में अस्पताल से फोन आने पर घटना की जानकारी मिली। किसी यात्री ने बचाने की कोशिश नहीं की वहीं, घायल को बचाने वाले युवक साहिल ने बताया कि ट्रेन के आगे कूदने वाले व्यक्ति को बचाने के लिए मौके पर मौजूद किसी भी यात्री ने पहल नहीं की। उन्होंने कहा, “हम लोग लावारिस शवों को उठाने का काम करते हैं। जैसे ही नजर पड़ी, हम दौड़कर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।”
CM योगी ने किया बाबा विश्वनाथ-काल भैरव का दर्शन:चौखट छूकर किया काल भैरव को प्रणाम, उतारी आरती
वाराणसी दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बाबा काल भैरव और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे। बाबा विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधिवत बाबा का दूध और जल से अभिषेक किया। वहीं, बाबा काल भैरव की आरती उतारी। शनिवार सुबह CM सबसे पहले काल भैरव मंदिर पहुंचे, वहां भैरव दरबार की चौखट को हाथ से छूकर प्रणाम किया। फिर मंदिर के अंदर प्रवेश करते श्रद्धालुओं और पुजारियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मंदिर के अंदर गर्भगृह में उन्होंने बाबा काल भैरव की मूर्ति के सामने घंटी बजाकर आरती उतारी और अर्चना की। इस दौरान बाबा को माला-फूल भी चढ़ाया। 5 मिनट की पूजन के बाद वो बाबा विश्वनाथ मंदिर की ओर निकल गए। CM योगी आदित्यनाथ श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां पर बाबा का विधिवत षोडशोपचार विधि से पूजन किया। बाबा की आरती भी उतारी। 3 तस्वीरें देखिए… सीएम योगी ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया सीएम योगी शिवपुर के परिषदीय स्कूल पहुंचे। यहां बच्चों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी देखी। बच्चों ने प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। इस दौरान बच्चों का चॉकलेट भी दिए। इसके बाद स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया। 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' आज काशी विश्वनाथ धाम में लगाई जाएगी दौरे के पहले दिन शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विश्व प्रसिद्ध 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भेंट की। अब जानिए इसमें क्या खास है इसमें दिन को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है। यह घड़ी पूरी तरह से भारतीय परंपरा और विज्ञान पर आधारित विश्व की पहली वैदिक घड़ी है। इस घड़ी की खास बात यह है कि ये भारतीय काल गणना की प्राचीन समय से चलती आ रही परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ती है। यह वैदिक घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के मुताबिक समय की गणना करती है। सामान्य घड़ियों में 24 घंटों होते हैं। वहीं इसमें GMT के 24 घंटों को 30 मुहूर्त में बांटा गया है। इस घड़ी में आपको घंटे, मिनट, सेकेंड की सुई के अलावा पंचांग, मौसम, मुहूर्त और दूसरी तरह की धार्मिक जानकारी भी दिखेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की विशेषताएं समय का वैज्ञानिक और सटीक विभाजन,एक दिन = 30 मुहूर्त, दो सूर्योदय के बीच,30 मुहूर्त (घंटे),30 काल (मिनट),30 काष्ठा (सेकंड) -विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में वैदिक समय विभाजन तालिका (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) ----------------------ये खबर भी पढ़ें…काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में 'डकैत' दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने नौ हॉकी खिलाड़ियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने 24 मार्च के अंतरिम आदेश में अहम संशोधन किया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने 1 अप्रैल को दिए आदेश में हॉकी इंडिया को आधिकारिक पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम प्रदर्शित करने के पूर्व निर्देश को वापस (withdraw) ले लिया है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता खिलाड़ियों को निर्धारित पात्रता पूरी करने पर राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति रहेगी। 2009 में ही रद्द हो चुकी थी मान्यता हॉकी इंडिया (प्रतिवादी नंबर 3) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि 24 मार्च का आदेश एक अहम तथ्य की अनदेखी में पारित हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन 19 जून 2009 को ही राजस्थान हॉकी एसोसिएशन को डी-रिकग्नाइज और डी-एफिलिएट कर चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई को जयपुर पीठ में चुनौती दी गई थी। जयपुर पीठ ने 2010 में हटा लिया था स्टे हॉकी इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट के संज्ञान में लाया कि जयपुर पीठ ने शुरुआत में 22 जनवरी 2010 को इस डी-रिकग्निशन पर अंतरिम रोक लगाई थी। लेकिन बाद में, सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात 2 अप्रैल 2010 को एक विस्तृत आदेश पारित कर उस अंतरिम रोक को हटा दिया गया था। इसके साथ ही ऑर्डर के अनुसार, प्रतिवादी क्रमांक 6 और 7 के रूप में अरुण सारस्वत और मित्रानंद पूनिया 'हॉकी राजस्थान (अन-रजिस्टर्ड)' का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो एक अलग इकाई है। 'दावा' करने वाले खिलाड़ियों के खेलने पर आपत्ति नहीं वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि यदि मेधावी होने का दावा करने वाले ये याचिकाकर्ता खिलाड़ी हॉकी इंडिया के टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके लिए उन्हें आयु और सर्टिफिकेशन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। उन्होंने केवल पोर्टल पर नाम दर्शाने के निर्देश को संशोधित करने की मांग की। दूसरी तरफ, याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव रांका ने सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन जयपुर पीठ के 2010 के आदेश को देखते हुए कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया। कोर्ट: 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस इन तथ्यों के आधार पर जस्टिस माथुर ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए आधिकारिक प्लेयर रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 'राजस्थान हॉकी एसोसिएशन' का नाम दर्शाने का निर्देश वापस ले लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता लक्ष्मी और 8 अन्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के हॉकी टूर्नामेंट्स में भाग लेने की छूट बरकरार रखी है। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय आयु, मेडिकल परीक्षण और अन्य सभी आवश्यक पात्रता मापदंडों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
एक अफसर ने अपने रिटायरमेंट के आखिरी दिन और सप्ताह में 50 ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। अपने अधीनस्थ टीचर और हॉस्टल अधीक्षकों को इधर से उधर कर दिया। अधिकार क्षेत्र से बाहर अफसर ने ना प्रभारी मंत्री का अनुमोदन कराया, ना ही मामले को कलेक्टर के संज्ञान में आने दिया। अब चार दिन पहले रिटायर हो चुके अफसर के खिलाफ विभागीय जांच की मांग उठ गई है। ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले उन पर रूपए के लेनदेन के आरोप भी लगे है। मामला खंडवा के जनजातीय कार्य विभाग का है। यह विभाग मंत्री विजय शाह के अधीन हैं। खास बात यह है कि उक्त जिला मंत्री विजय शाह का गृह जिला हैं। 31 मार्च को रिटायर हुए सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश जारी किए थे। शुक्ला के द्वारा जारी आदेश 26 मार्च से लेकर 31 मार्च तक के है। इस मामले में सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला ने ना केवल प्रभारी मंत्री बल्कि विभागीय मंत्री विजय शाह को भी हाशिए पर रख दिया। मामले में जय आदिवासी युवा संगठन ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर जांच की मांग की है। - टीचर, हॉस्टल अधीक्षक और भृत्यों के ट्रांसफर किए संतोष शुक्ला ने रिटायरमेंट से पहले जिलेभर में संचालित जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावास और आश्रम में पदस्थ हॉस्टल अधीक्षक सहित शिक्षकों और भृत्यों के ट्रांसफर किए हैं। कई लोगों को प्रमोशन तक दे दिए, जो कि उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं हैं। जयस ने शिकायत में इन बिंदुओं का जिक्र किया रिटायर्ट अफसर बोले- मेरी तबीयत खराब है मामले में रिटायर सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला का कहना है कि, उनकी तबीयत खराब चल रही है। रिटायरमेंट वाले दिन वह दफ्तर नहीं गए थे। बाकी नियम के मुताबिक ही ट्रांसफर और पोस्टिंग आदेश जारी किए गए है। - लोकायुक्त का छापा पड़ चुका, हाईकोर्ट से फटकार संतोष शुक्ला का सर्विस रिकॉर्ड देखा जाए तो वह पूर्व से विवादित रहे हैं। रीवा जिले के रहने वाले शुक्ला को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का रिश्तेदार बताया जाता हैं। 7 साल पहले मंडला जिले में पदस्थी के दौरान संतोष शुक्ला पर लोकायुक्त का छापा पड़ा था। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त ने कार्रवाई की थी। शुक्ला की रीवा और जबलपुर में बेनामी संपत्ति पाई गई थी। इधर, डिंडोरी जिले में पदस्थी के दौरान यूनतम वेतन देने वाले मामले में सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला को 6 नवंबर 2023 को मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने फटकार लगाई थी। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल के समक्ष सहायक आयुक्त ने शपथ-पत्र पेश कर बिना शर्त माफी मांगते हुए उन्होंने माना कि उन्होंने गलत बयान दिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला के जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए प्रमुख सचिव, आदिवासी विकास विभाग मप्र शासन को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए थे।
पश्चिम मध्य रेलवे के खंडवा जंक्शन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिकट जांच अभियान के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक (TTE) धर्मेंद्र मीणा ने अकेले 16,500 बिना टिकट यात्रियों से 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। इस वसूली के साथ वे खंडवा रेलवे के इतिहास में एक साल में एक करोड़ से अधिक का राजस्व वसूलने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में खंडवा स्टेशन के सभी जांच कर्मचारियों ने मिलकर कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए और भुसावल मंडल ने 81 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। रेलवे प्रशासन बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रखे हुए है। खंडवा के इतिहास में पहली बार 1 करोड़ के पार वसूली उप मुख्य टिकट निरीक्षक धर्मेंद्र मीणा ने पूरे साल में करीब 16,500 बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे एक वित्तीय साल में 1 करोड़ 2 लाख 75 हजार रुपए की वसूली करने वाले पहले टीटीई बन गए हैं। रेलवे प्रशासन ने उनकी इस सफलता को अनुशासन और सख्ती का प्रभावी उदाहरण माना है। कर्मचारियों के लगातार अभियान से रेलवे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खंडवा स्टेशन की कुल वसूली 10.35 करोड़ खंडवा स्टेशन पर तैनात सभी टिकट जांच कर्मचारियों ने मिलकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 करोड़ 35 लाख रुपए की वसूली की। पिछले सालों की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है। अन्य टीटीई द्वारा की गई वसूली इस प्रकार है: 81 करोड़ वसूलकर भुसावल मंडल मध्य रेल में प्रथम खंडवा स्टेशन जिस भुसावल मंडल के अंतर्गत आता है, उसने भी वित्तीय साल 2025-26 में बिना टिकट यात्रियों से कुल 81 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र किया है। यह वसूली मध्य रेल के सभी मंडलों में सर्वाधिक है। इसी के साथ भुसावल मंडल बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूलने के मामले में प्रथम स्थान पर रहा है। डीआरएम बोले- आगे भी तेज किए जाएंगे अभियान भुसावल रेल मंडल के डीआरएम पुनीत अग्रवाल ने कहा कि, नियमित चेकिंग अभियान, स्टाफ की सक्रियता और यात्रियों में जागरूकता के कारण यह संभव हो पाया है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
सिरसा के जिला सिविल अस्पताल में जच्चा-बच्चा के तीमारदारों से बधाई मांगने के मामले में 20 से ज्यादा स्टाफ शामिल हैं। जिसमें गायनी वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ व अन्य लेडीज स्टाफ शामिल है। तीमारदारों की शिकायत पर इन सभी स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। सभी ने बधाई के पैसों के लेने पर गोलमाल जवाब दिया और पैसे लेने की बात को नकारा दिया। ये रिपोर्ट कार्यकारी पीएमओ ने उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने गायनी वार्ड व अस्पताल परिसर में घूमने वाले 10 से ज्यादा कुत्तों को नगर परिषद की टीम के सहयोग से पकड़वाकर करीब 20 किलोमीटर दूरी पर छुड़वा दिया है। वार्ड में सफाई व्यवस्था पर भी एक्शन लिया है और समय-समय पर सफाई कर्मचारियों द्वारा दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। अब गायनी वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करवाया जाएगा। उसी में पता चलेगा कि तीमारदारों से बधाई की आड़ में किस-किस से पैसे लिए गए हैं। बधाई को लेकर स्टाफ और तीमारदारों की बीच हुई बहस की भी असलियत सामने आएगी। अभी तक उन कैमरों को चेक करवाया नहीं गया है। 20 से ज्यादा स्टाफ के लिए बयान : पीएमओ कार्यकारी पीएमओ डॉ. आरके दहिया ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, इस मामले में करीब 20 से ज्यादा गायनी का स्टाफ शामिल है, जिनके बयान दर्ज कर लिए हैं। इसकी रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेज दी गई है। गायनी वार्ड में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवा दिया गया है। न्याय के लिए कार्रवाई की उम्मीद : शिकायतकर्ता मामले में शिकायतकर्ता ऐलनाबाद निवासी युवक ने बताया, शिकायत पर अस्पताल प्रशासन ने संज्ञान लिया है और सभी स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया था और उनके बयान ले लिए हैं। अधिकारियों से हमें न्याय की उम्मीद है, जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया था। यह था पूरा मामला जानकारी के अनुसार, यह मामला 10 दिन पहले बीतें सोमवार रात्रि का है। रात्रि को प्रसूति वार्ड में 2 महिलाओं ने लड़के को जन्म दिया। इस पर वार्ड के स्टाफ ने परिवार वालों पर 2100 रुपए बधाई मांगी, जिस पर परिजनों ने ऐतराज जताया। स्टाफ ने बिना पैसे दिए बच्चा न देने को कह दिया और किसी ने वीडियो बना ली। गायनी वार्ड की ये वीडियो आज दिनभर से वॉट्सप ग्रुप में वायरल है और काफी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। इसका पता चलने के बाद आज मंगलवार को मरीजों ने शिकायत दी है और गायनी वार्ड के स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है। वीडियो में परिजन और स्टाफ नर्स आपस में बहस करते दिख रहे हैं।

