बांदा रेलवे स्टेशन का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार होने जा रहा है। 4,329 करोड़ रुपये की झांसी-मानिकपुर एवं खैरार-भीमसेन रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण होगा। इसके साथ ही स्टेशन पर तीन नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, वर्तमान प्लेटफार्म संख्या-2 की लंबाई 400 मीटर से बढ़ाकर 600 मीटर की जाएगी। रेलवे ने इस कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। वर्तमान में बांदा रेलवे स्टेशन पर केवल दो प्लेटफार्म उपलब्ध हैं। इनमें प्लेटफार्म संख्या-1 की लंबाई 743 मीटर है, जबकि प्लेटफार्म संख्या-2 केवल 400 मीटर लंबा है। छोटे प्लेटफार्म के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों के सभी डिब्बे प्लेटफार्म पर नहीं आ पाते, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। सीमित प्लेटफार्मों के कारण ट्रेनों को अक्सर आउटर या लूप लाइन पर इंतजार करना पड़ता है। दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत 600 मीटर लंबे और 11 मीटर चौड़े तीन नए प्लेटफार्म का निर्माण किया जाएगा। इनमें से दो प्लेटफार्म वर्तमान प्लेटफार्म संख्या-2 के पास बस स्टैंड और सिविल लाइंस की ओर विकसित होंगे। तीसरा नया प्लेटफार्म पीलीकोठी (सिटी साइड) की ओर वर्तमान प्लेटफार्म संख्या-1 के समानांतर बनाया जाएगा। प्लेटफार्म संख्या-2 का भी विस्तार कर उसे 600 मीटर लंबा किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने के बाद स्टेशन पर प्लेटफार्मों की कुल संख्या दो से बढ़कर पांच हो जाएगी। बांदा रेलवे स्टेशन से वर्तमान में नियमित और साप्ताहिक मिलाकर कुल 34 ट्रेनें संचालित होती हैं। यहां प्रतिदिन लगभग पांच हजार जनरल टिकटों की बिक्री होती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और ट्रेनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए स्टेशन के विस्तार की मांग लंबे समय से की जा रही थी। परियोजना पूरी होने के बाद एक साथ कई ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग में लगने वाला समय कम होगा, जिससे रेल संचालन अधिक सुगम और समयबद्ध बनेगा। लंबे प्लेटफार्म होने से पूरी ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी हो सकेगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से चढ़ने-उतरने में आसानी होगी।
हाथरस में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन 10 परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है। यह परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें कुल 18,600 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा आज और कल दो पालियों में होगी, जबकि 4 जुलाई को एक पाली में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक पाली में 3720 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्हें कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों के आभूषण उतरवाए गए और उनके जूडे खुलवाकर तलाशी ली गई। पुरुष अभ्यर्थियों की भी सघन तलाशी ली गई, जिसमें उनके जूते भी उतरवाए गए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों को प्रपत्रों संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक महिला परीक्षार्थी स्नेह लता को प्रवेश के लिए करीब 15 मिनट तक गेट पर इंतजार करना पड़ा। उनके एडमिट कार्ड और आधार कार्ड में जानकारी मेल नहीं खा रही थी। काफी मशक्कत के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल सका। प्रशासन ने परीक्षा को नकल विहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं।
बदायूं में टीईटी परीक्षा शुरू:15 केंद्रों पर पहली पाली का एग्जाम जारी
बदायूं में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की पहली पाली गुरुवार सुबह जनपद के 15 केंद्रों पर शुरू हो गई। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी निगरानी और जांच प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश का समय सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक निर्धारित था। प्रवेश से पूर्व केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की गहन जांच की गई। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और काला डॉट पेन के साथ ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई। जिलाधिकारी अवनीश राय के निर्देशों पर सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। यह तीन दिवसीय टीईटी परीक्षा है, जिसमें 15 केंद्रों पर कुल 28,198 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
संभल में बारिश से मौसम बदला, 4 MM वर्षा दर्ज:तापमान 34 डिग्री, AQI 95; आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
संभल में गुरुवार को हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है। कुछ इलाकों में 15 मिनट तो कहीं आधे घंटे तक वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान आसमान में काले बादल छाए रहे और 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। सुबह का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 95 दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे संभल जनपद का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच आंधी और बारिश के दौरान यह 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वर्षा के वितरण में भिन्नता देखी गई। गंगा किनारे की गुन्नौर तहसील के कस्बा बबराला और आसपास के क्षेत्रों में आधा घंटा बारिश हुई, जबकि संभल शहर में 10 से 15 मिनट और चंदौसी शहर में 25 से 30 मिनट तक वर्षा हुई। इस बारिश से नौतपा का कोई खास असर नहीं दिखा। जून महीने में 20 दिन तक पड़ी भीषण गर्मी से लोगों को काफी परेशानी हुई थी, हालांकि जून और जुलाई दोनों की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वर्ष अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री, मई में 45 डिग्री और जून में 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था। बीते बुधवार को पूरे दिन में 14 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि गुरुवार को 4.3 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। किसान धान की बुवाई के लिए मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे थे, और इस वर्षा से उन्हें लाभ मिलना शुरू हो गया है। स्थानीय निवासी अमरदीप कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। इससे पहले तेज धूप और उमस भरी गर्मी पड़ रही थी।हालांकि, इस पहली बारिश ने संभल नगर पालिका परिषद द्वारा मानसून से पहले की गई व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। शहर के हातिम सराय, महमूद खां सराय, देहली दरवाजा, बाजार गंज और हौज भदेसराय जैसे इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई।
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के उचौली गांव में बीती 29 जून को बुजुर्ग महिला शिवरानी की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर रिश्ते में लगने वाले पोते मिहिलाल पुत्र रामस्वरूप उर्फ वग्गर निवासी उचौली मजरा अमटामऊ, थाना मिश्रिख को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हत्या के संबंध में मिश्रिख थाने पर मुकदमा संख्या 149/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। गौरतलब है कि 29 जून को उचौली गांव निवासी शिवरानी पत्नी बाबू रोज की तरह सुबह अपनी बकरी चराने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद शाम करीब छह बजे ग्रामीणों ने नहर किनारे महिपाल यादव के गन्ने के खेत में उनका शव पड़ा होने की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही मिश्रिख पुलिस, कल्ली चौकी पुलिस तथा क्षेत्राधिकारी ब्रजेश कुमार और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी। मृतका अपने पीछे तीन पुत्र अखिलेश कुमार, नंदकिशोर, मायाराम तथा एक विवाहित पुत्री को छोड़ गई हैं। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मिहिलाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
अमरोहा में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 की पहली पाली की परीक्षा शुरू हो गई है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया गया। बायोमेट्रिक जांच और गहन तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां आज से 4 जुलाई तक दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों पर कुल 28,440 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती शामिल है। साथ ही, पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। परीक्षा केंद्रों में एकेके इंटर कॉलेज, भगवत शरण इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, आईएम इंटर कॉलेज, जेएसएच इंटर कॉलेज, जेएस हिंदू पीजी कॉलेज ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी, कुंदन मॉडल इंटर कॉलेज, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज गजरौला, शिव इंटर कॉलेज गजरौला और सिख इंटर कॉलेज शामिल हैं।
महराजगंज में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। जिले भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और नकलविहीन माहौल में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। शासन के निर्देशों के अनुसार, परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जनपद में कुल 20 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पांच पालियों में कुल 37,814 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। अनियमितताओं और नकल की संभावना को रोकने के लिए सभी केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। परीक्षार्थियों की जांच के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली जा रही है। इसके बाद केंद्र के अंदर बायोमेट्रिक सत्यापन, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और पहचान पत्र के मिलान के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। फरेंदा स्थित अभिनव विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। बायोमेट्रिक जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और सघन सुरक्षा व्यवस्था के कारण परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो रही है। अभ्यर्थियों के अनुसार, ऐसी पारदर्शी व्यवस्था से योग्य उम्मीदवारों को अपनी मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशासन ने परीक्षार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
गुरुग्राम की सड़कों पर रील बनाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले स्टंटबाजों पर लगाम कसने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों से निपटने के लिए दो विशेष ट्रैफिक एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (STF) टीमों का गठन किया गया है। यह पूरी कार्रवाई डीसीपी ट्रैफिक की सीधी अगुवाई में अमल में लाई जाएगी। इस नवगठित एसटीएफ का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर होने वाली कानून व्यवस्था की समस्याओं और जानलेवा स्टंट्स पर पूरी तरह से रोक लगाना है। पुलिस के मुताबिक यह स्पेशल फोर्स सड़क पर होने वाली रोड रेज की घटनाओं, बेहद तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों, स्टंट ड्राइविंग और ओवर स्पीडिंग करने वालों पर पैनी नजर रखेगी। अक्सर देखा गया है कि युवा वर्ग चंद लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए व्यस्त सड़कों, हाईवे और चौराहों पर गाड़ियां दौड़ाते हैं और खतरनाक स्टंट करते हैं, जिससे आम जनता में दहशत का माहौल बना रहता है। अब ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। डिजिटल दुनिया पर भी रहेगी एसटीएफ की नजरयह टास्क फोर्स सिर्फ ऑन-ग्राउंड यानी सड़कों पर ही मुस्तैद नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी निगरानी रखेगी। एसटीएफ की एक विशेष विंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लगातार निगरानी रखेगी। इंटरनेट पर वायरल होने वाले ऐसे सभी वीडियो, रील्स और पोस्ट को खंगाला जाएगा। जिसमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन या खतरनाक स्टंट दिखाए गए हों। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचेगी। FIR से गिरफ्तारी तक की होगी सख्त कार्रवाईपुलिस ने साफ कर दिया है कि केवल चालान काटकर छोड़ देने की ढिलाई अब नहीं बरती जाएगी। सोशल मीडिया पर रील या वीडियो पोस्ट करने वाले हुड़दंगियों की पहचान कर उन्हें बाकायदा चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ न सिर्फ भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे एफआईआर दर्ज होगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार भी किया जाएगा और उनके वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। स्टंटबाजों के लिए अलर्ट, जानिए कैसे काम करेगी एसटीएफ……………. एआई और सीसीटीवी कमांड सेंटर का उपयोग: एसटीएफ इंट्रीग्रेटेड स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर से जुड़ी रहेगी। शहर के मुख्य चौराहों और एक्सप्रेसवे पर लगे हाई-डेफिनिशन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर की मदद से खतरनाक ड्राइविंग या स्टंट की पहचान तुरंत ऑटोमैटिक अलर्ट के जरिए की जाएगी। अंडरकवर वाहनों तैनाती: स्टंटबाजों के छिपे हुए ठिकानों, जैसे देर रात सुनसान हाईवे या नए बने सेक्टर्स की सड़कों पर, एसटीएफ के जवान बिना पुलिस लोगो वाली गाड़ियों (अंडरकवर वाहनों) में तैनात रहेंगे ताकि आरोपी पुलिस को देखकर भाग न सकें। पेरेंट्स की काउंसलिंग और बॉन्ड भरवाना: यदि स्टंट करने वाला आरोपी नाबालिग पाया जाता है, तो एसटीएफ न केवल वाहन मालिक का चालान करेगी, बल्कि उसके माता-पिता को तलब कर काउंसलिंग करेगी। इसके साथ ही उनसे भविष्य में ऐसा न होने देने का कानूनी बॉन्ड भी भरवाया जाएगा। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का डेटाबेस: यह टीम सिर्फ वीडियो पर नजर नहीं रखेगी, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वाले स्थानीय रील मेकर्स और इन्फ्लुएंसर्स की एक 'सस्पेक्ट लिस्ट' (डेटाबेस) तैयार करेगी। इनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर पुलिस 24 घंटे बैकएंड से नजर रखेगी। ट्रांसपोर्ट अथॉर्टी से परमानेंट ब्लैकलिस्टिंग: एसटीएफ सीधे परिवहन विभाग के साथ समन्वय करेगी। बार-बार स्टंट में शामिल पाए जाने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और आरोपियों का ड्राइविंग लाइसेंस न केवल सस्पेंड करवाया जाएगा, बल्कि उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश भी की जाएगी। ताकि वे भविष्य में कोई नया वाहन न खरीद सकें। हेल्पलाइन डेस्क पर शिकायत: आम जनता को इस टास्क फोर्स से जोड़ने के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है। इसके जरिए नागरिक सड़क पर हुड़दंग करने वालों का वीडियो बनाकर सीधे एसटीएफ को गुप्त रूप से भेज सकेंगे, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरिडीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत का कहना है कि शहर की सड़कें आम नागरिकों के सुरक्षित सफर के लिए हैं, न कि किसी के मनोरंजन या रील बनाने का अखाड़ा। इस कदम से न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि कानून का खौफ भी बढ़ेगा। आम जनता और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस तरह की जानलेवा रीलबाजी और स्टंटबाजी से दूर रखें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही न सिर्फ जेल पहुंचा सकती है, बल्कि किसी की जिंदगी भी खत्म कर सकती है। फोटो में देखिए गुरुग्राम में सड़कों पर होने वाली स्टंटबाजी के दृश्य………………1
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 गुरुवार से जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई है। यह परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें कुल 25,800 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहले दिन उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से आयोजित की गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले तक केंद्रों में प्रवेश दिया गया, जहां गेट पर उनकी सघन जांच और पहचान पत्रों का सत्यापन किया गया। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इन कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां से पूरी परीक्षा की निगरानी की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में कैमरों की निगरानी के साथ दो से तीन कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। एक घंटा पहले पहुंचने की अपील, गेट बंद होने का तय समय जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि पहली पाली के लिए परीक्षा केंद्र का गेट सुबह 8:45 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:45 बजे बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। जानें तीन दिन का पूरा परीक्षा कार्यक्रम परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 2 जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। 3 जुलाई को पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर और दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। 4 जुलाई को पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। कार्यरत शिक्षकों को मिलेगा परीक्षा के दिन विशेष अवकाश बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. पूनम मिश्रा ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार, इस वर्ष टीईटी में शामिल होने वाले कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को परीक्षा वाले दिन एक दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा। यह व्यवस्था पहले नहीं थी। प्रशासन ने दोहराया है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और कड़ी निगरानी में संपन्न कराया जाएगा।
मैहर और सतना जिले में ANMOL पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर 25 स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सतना और मैहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने त्रुटिपूर्ण डेटा प्रविष्टि को गंभीरता से लिया है। इनमें 24 एएनएम और एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) शामिल हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान सामने आया। मैहर और सतना जिले के स्वास्थ्यकर्मियों ने ANMOL पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी गलत या अधूरी दर्ज की थी। इस लापरवाही के कारण पात्र महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (JSY) और प्रसूति सहायता योजना (PSY) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं हो पाया। इससे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई और विभागीय कार्यप्रणाली भी प्रभावित हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने सभी संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर खंड चिकित्सा अधिकारी की टिप्पणी सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक वेतनवृद्धि रोकी जाएगी। नोटिस प्राप्त करने वालों में मैहर, अमरपाटन, मझगवां, नागौद, उचेहरा, रामपुर बघेलान, रामनगर, कोठी (सोहावल) और सतना शहर के विभिन्न उप स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ 24 एएनएम और एक सीएचओ शामिल हैं। इनमें चन्द्रावती सिंह (उप स्वास्थ्य केंद्र मुकुंदपुर, अमरपाटन), प्रीति सिंह (उप स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा न्यू, अमरपाटन), सरोज गौतम (उप स्वास्थ्य केंद्र ओइला, मैहर), पल्लवी शर्मा (उप स्वास्थ्य केंद्र रिगरा, मैहर), विमला शुक्ला (उप स्वास्थ्य केंद्र अजमाइन, मैहर), वर्षा सिंह (उप स्वास्थ्य केंद्र बिजौरा न्यू, रामनगर मैहर) और साक्षी सावनेर (CHO) प्रमुख हैं। डॉ. शुक्ला ने जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि ANMOL पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी पूरी सावधानी और शुद्धता के साथ दर्ज की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में अनावश्यक शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र की जय नगर कॉलोनी में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह वीरेंद्र उपाध्याय के मकान में किराए पर रहता था। मृतक की पहचान खरगोन निवासी लाल सिंह जमरे के रूप में हुई है, जो पीथमपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। मृतक तीन बच्चों के पिता थे, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। घटना के समय उनके बच्चे अपनी मां के साथ पैतृक गांव गए हुए थे, जिसके कारण घर में अकेले थे। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। प्राथमिक जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों, मकान मालिक वीरेंद्र उपाध्याय और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है।
IIT-BHU गैंगरेप केस की सुनवाई विवेचक और तत्कालीन लंका इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा की लगातार गैरहाजिरी के कारण अटक गई है। कोर्ट उन्हें गवाही और जिरह के लिए लगातार तलब कर रही है, लेकिन वे पेश नहीं हो रहे हैं। इससे नाराज अदालत ने पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर उन्हें हर हाल में पेश कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पीड़िता, उसके दोस्त, डॉक्टर और दूसरे विवेचक सहजानंद राय समेत सभी प्रमुख गवाहों की गवाही और जिरह पूरी हो चुकी है। अब केवल विवेचक शिवाकांत मिश्रा की गवाही शेष है। उनके बयान के बाद बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें पेश करेगा। दो तारीखों से गैरहाजिर, कोर्ट ने जताई नाराजगी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में विवेचक शिवाकांत मिश्रा लगातार दो तारीखों से पेश नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को ई-मेल के जरिए निर्देश भेजे कि विवेचक को अगली सुनवाई में हर हाल में उपस्थित कराकर उनका साक्ष्य दर्ज कराया जाए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा है। विवेचक का साक्ष्य 7 मई 2026 से शुरू हुआ था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण यह पूरा नहीं हो सका। कोर्ट ने भेजा सीपी को पत्र IIT-BHU की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई के दौरान विवेचक शिवाकांत मिश्रा के लगातार अदालत में अनुपस्थित रहने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि विवेचक शिवाकांत मिश्रा को अगली तारीख दो जुलाई पर हर हाल में उपस्थित कराकर साक्ष्य दर्ज कराया जाए। अदालत ने आदेश में कहा कि यह मामला आईआईटी- बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा है। विवेचक का साक्ष्य सात मई 2026 से शुरू हुआ था, लेकिन उनके समय पर उपस्थित नहीं होने और लगातार अनुपस्थित रहने के कारण साक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। सुनवाई के दौरान अभियुक्त अदालत में उपस्थित रहे, जबकि अभियोजन पक्ष के साक्षी और विवेचक शिवाकांत मिश्रा अनुपस्थित रहे। अदालत को बताया गया कि विवेचक की ड्यूटी दालमंडी क्षेत्र में लगी है, लेकिन उनकी ओर से अनुपस्थिति का कोई कारण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह अपने अधीनस्थ अधिकारी को समय से न्यायालय में उपस्थित होने और साक्ष्य दर्ज कराने के लिए आदेशित करें। साथ ही कार्रवाई से अदालत को अवगत कराएं। अदालत ने अपने आदेश की प्रति पुलिस आयुक्त को ई- मेल से भेजने का भी निर्देश दिया। 2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था IIT-BHU की छात्रा के साथ 31 अक्टूबर को 2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था। उसने पुलिस और कोर्ट में अपने बयान दिए थे, जिसमें अपने साथ एक दोस्त की मौजूदगी भी बताई थी। 22 अगस्त, 2024 को पहली बार कोर्ट में पीड़ित ने बयान दर्ज कराए, जिसमें पूरी वारदात में अपने दोस्त को चश्मदीद बताया। इसके बाद उसके दोस्त को कोर्ट ने तलब किया और कोर्ट पहुंचकर छात्रा की बात पर सहमति जताते हुए गवाही दी। अब तक इसमें आरोपित कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल के वकील की जिरह की कार्रवाई पूरी हो गई।अदालत ने अब तीसरे आरोपित आनंद चौहान के वकील द्वारा बचाव अभियोजन पक्ष के अहम गवाह व पीड़िता के दोस्त से जिरह की अनुमति मांगी थी। इससे पहले पीड़िता के दोस्त से जिरह की कार्रवाई पूरी न करने पर अदालत ने बीते साल नौ दिसंबर को आनंद चौहान के स्थगन प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान आनंद चौहान की ओर से पीड़िता के दोस्त से जिरह करने का अवसर देने की अपील की गई। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और आज की तारीख तय की। पीड़िता के साथी द्वारा पूर्व में दिए गए बयान के संबंध में आरोपित कुणाल पांडेय व सक्षम पटेल के वकीलों की जिरह की कार्यवाही पूरी होने के बाद तीसरे आरोपित आनंद चौहान की ओर से जिरह की कार्यवाही की जा रही थी। बता दें कि बीएचयू परिसर में 1 नवंबर 2023 की रात में आइआइटी की छात्रा के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म का पीड़िता ने लंका थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के समय पीड़िता का साथी मौके पर मौजूद था। सरकारी वकील बोले- आरोपियों को कड़ी सजा दिलाएंगे अभियोजन की ओर से अधिवक्ता (ADCG) मनोज कुमार गुप्ता कहते हैं- आज केस में अहम गवाही है, केस के विवेचक को कोर्ट में बुलाया जाएगा। वो चार्जशीट और केस डायरी पर सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद हमारी कोशिश होगी कि कोर्ट आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनाए जाने की पैरवी करेंगे। बताया कि पहले ही जज कुलदीप सिंह ने पिछली तारीख पर ही सुनवाई में केस के आरोपी की स्टे पिटिशन (स्थगन याचिका) को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि कार्रवाई में बाधक बनने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पहले आनंद, फिर कुणाल और सक्षम की रिहाई हो चुकी वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने परिजन की बीमारी समेत कई कारण बताए। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन कई शर्तें भी लगाईं। आनंद के जमानत स्वीकार होते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसकी भी जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन जमानतदारों के वैरिफिकेशन के चलते उसकी भी रिहाई 24 अगस्त को हो सकी। इसके बाद 4 जुलाई को तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की। उसे भी कोर्ट ने कुछ दिन बाद गैंगरेप में जमानत दे दी, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। इसके बाद गैंगस्टर के केस में सक्षम पटेल की याचिका हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 16 सितंबर, 2024 को खारिज कर दी। इसके बाद उसने डबल बेंच में अपील की, जहां कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने कोर्ट में कमजोर रिपोर्ट पेश की, जिस पर सक्षम पटेल को जमानत मिल गई। गैंगरेप के तीनों आरोपी भाजपा IT सेल से जुड़े थे। सरकार के मंत्री-विधायक समेत बड़े नेताओं के संपर्क में थे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने बुधवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ के लैलूंगा क्षेत्र से जुड़े भाजपा नेता रवि भगत ने पार्टी के मंडल अध्यक्ष रमेश होता को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा भेजा है। इस्तीफे में सिर्फ निजी कारणों का ज़िक्र किया गया है। इस्तीफे में निजी कारणों का ज़िक्र पत्र में उन्होंने लिखा है कि एक छोटे से गांव के कार्यकर्ता होने के बावजूद भाजपा ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया। जिसके लिए वे पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे में सिर्फ 'निजी कारणों' का जिक्र करते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने पत्र की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को भी भेजी है। रवि भगत का इस्तीफा सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी इस्तीफे की कॉपी तेजी से शेयर की जा रही है। इस संबंध में हमने उनसे फोन पर बातचीत करने की भी कोशिश की लेकिन उन्होने कोई जवाब नहीं दिया। पहले कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था यह पहला मौका नहीं है जब रवि भगत को लेकर संगठन ने सख्ती दिखाई हो। इससे पहले 26 जुलाई 2025 को भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में सोशल मीडिया पर पार्टी की रीति-नीति और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी जगदीश (रामू) रोहरा ने उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था और स्पष्ट किया था कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में उनके इस्तीफे को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। DMF फंड को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे भगत रवि भगत पिछले कुछ समय से डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड के इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कई बार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं और खर्च के तरीके पर सवाल खड़े किए। उनके इन बयानों को लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा होती रही। इसके बाद पार्टी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। अब उनके इस्तीफे के बाद डीएमएफ फंड को लेकर उठाए गए उनके सवालों की भी फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
टीकमगढ़ में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। मृतक की पहचान चकरा तिगैला निवासी 35 वर्षीय राहुल रजक के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के समय डिवाइडर पर लगी नुकीली लोहे की पत्तियां राहुल की गर्दन और सीने में घुस गईं। इससे उसकी गर्दन आधी कट गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डिवाइडर पर ये नुकीली लोहे की पत्तियां नहीं होतीं, तो शायद युवक की जान बच सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसी खतरनाक संरचनाओं को तुरंत हटाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। लोगों का आरोप है कि सिविल लाइन रोड पर रात के समय युवक तेज गति से वाहन चलाते हैं। उनका यह भी कहना है कि रात में चौराहों से पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं, जिससे रफ्तार पर लगाम कसने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
फतेहपुर में आकाशीय बिजली गिरी:युवक की मौत, चचेरे भाई के साथ धान की बेड़ में खाद डालने खेत गया था
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक 17 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार सुबह 8 बजे हथगाम थाना क्षेत्र के मकदूमपुर खुर्द गांव में हुई। युवक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मकदूमपुर खुर्द निवासी अजीत कुमार (17) पुत्र स्वर्गीय हरिप्रसाद के रूप में हुई है। अजीत इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था और अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे वह अपने चाचा के बेटे के साथ धान की बेड़ में खाद डालने खेत गया था। उस समय क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। बारिश से बचने के लिए अजीत खेत के पास स्थित महुए के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। तभी अचानक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से अजीत गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अजीत के बड़े भाई सुजीत ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ खेती-किसानी के काम में भी परिवार का हाथ बंटाता था। हथगाम थाना प्रभारी अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर या सूचना नहीं दी गई है। जिला अस्पताल से सूचना मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।
छतरपुर में महिला का 7 लाख का हार गायब:CCTV में दिखीं दो नकाबपोश महिलाएं, दुकान पर खरीदारी करने गई थी
छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला के पर्स से करीब 7 लाख रुपये कीमत का सोने का हार गायब होने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने दो नकाबपोश महिलाओं पर चोरी का शक जताया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चरखारी निवासी माधुरी सोनी बुधवार शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच रामगली बजरिया स्थित दादा मातेले की जनरल स्टोर पर खरीदारी करने पहुंची थीं। इसी दौरान दो नकाबपोश महिलाएं उनके पास आकर खड़ी हो गईं। पर्स देखा तो हार गायब मिला माधुरी सोनी ने बताया कि वह जनरल स्टोर आने से पहले एक आभूषण की दुकान से 4 से 5 तोला वजन का सोने का हार खरीदकर उसे अपने पर्स में रख चुकी थीं। खरीदारी के बाद जब उन्होंने पर्स देखा तो हार गायब था। हार गायब होने के बाद माधुरी सोनी वापस दुकान पहुंचीं। दुकानदार के साथ सीसीटीवी फुटेज देखे गए। फुटेज में दो नकाबपोश महिलाएं उनके पीछे खड़ी दिखाई दे रही हैं। इसी आधार पर उन पर चोरी का संदेह जताया गया है। हालांकि, फुटेज में चोरी की घटना साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रही है। पुलिस सीसीटीवी जब्त कर संदिग्धों को ढूंढ रही सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध महिलाओं की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हार की चोरी जनरल स्टोर पर हुई या किसी अन्य स्थान पर। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मुज़फ्फ़रनगर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 आज से जनपद में शुरू हो गई है। परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने परीक्षा से पहले कई दौर की समीक्षा बैठकें कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, वहीं सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। जनपद में कुल 13 परीक्षा केंद्रों पर 2, 3 और 4 जुलाई को दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस दौरान करीब 11 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया था। परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अभ्यर्थियों को पहले दस्तावेजों की जांच, फिर शारीरिक तलाशी और उसके बाद AI कैमरों एवं बायोमेट्रिक सत्यापन से गुजरना पड़ रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ता टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, फर्जी अभ्यर्थी या नकल कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अभ्यर्थियों से भी समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपको बता दें कि UPTET प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जा सके।
बीनारायण गेट वाला रोड़ 40 फुट होगा चौड़ा:नगर निगम ने तोड़े अतिक्रमण, 2 महीने पहले ही दिए थे नोटिस
भरतपुर नगर निगम की टीम ने आज बीनारायण पर अतिक्रमण क्षेत्र में आ रहे दुकानों और मकानों को तोड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन, नगर निगम की टीम की समझाइश के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मौके पर पुलिसबल भी तैनात किया गया। कार्रवाई के दौरान बीनारायण गेट जाने वाले रोड़ को बेरिकेट्स लगाकर बंद कर दिया गया। 2 महीने से चल रही अतिक्रमण पर कार्रवाई नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बीनारायण गेट से लेकर सीरकी वाले हनुमान मंदिर तक अतिक्रमण हटाया जा रहा है। 2 महीने से यह कार्रवाई चल रही है। नगर निगम की टीम द्बारा पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे दिए गए थे। साथ ही अतिक्रमण वाले स्थान पर लाल निशान भी लगा दिए गए थे। कुछ लोगों ने खुद से अतिक्रमण को तोड़ना शुरू कर दिया था। अब 40 फुट चौड़ा होगा रोड़ जिन लोगों ने अतिक्रमण को नहीं तोड़ा था। आज उन्हें नगर निगम की टीम बुलडोजर की से तोड़ रही है। यह रोड़ कहीं 20 फुट तो कहीं 15 चौड़ा था। जिससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी आती थी। रोड़ पर जाम की स्थिति भी बनी रहती थी। अतिक्रमण तोड़ने के बाद अब यह रोड़ 40 फुट चौड़ा होगा।
करणीसर गुरुद्वारा में 55 हजार रुपए चोरी:एक सप्ताह में दूसरी घटना, पुलिस जांच में जुटी
हनुमानगढ़ जिले के करणीसर गांव स्थित गुरुद्वारा में चोरों ने गोलक तोड़कर लगभग 55 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ली। इस संबंध में सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एक सप्ताह के भीतर गुरुद्वारे में चोरी की यह दूसरी घटना है, जिससे ग्रामीणों और संगत में नाराजगी है। पुलिस नेचोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करणीसर निवासी कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि अज्ञात ने गुरुद्वारा का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर गए। उन्होंने गोलक तोड़कर उसमें रखी लगभग 55 हजार रुपए की चढ़ावे की राशि चुरा ली। चोरी की इस घटना का पता सुबह गुरुद्वारा खुलने पर चला, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। ढालिया गांव में गुरुद्वारा में भी हुई थी चोरीसूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गांव ढालिया के एक गुरुद्वारा में भी चोरी की वारदात हुई थी, जिसमें लगभग डेढ़ लाख रुपए चुराए गए थे। चोरियों का खुलासा करने की मांगग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूर्व की चोरी की घटना का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे चोरों के हौसले बढ़े हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोनों वारदातों का जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। ग्रामीणों ने धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की।हाल के दिनों में जिले में धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। एक महीने पहले गांव चंदूरवाली में हनुमान मंदिर के दानपात्र से भी लगभग 45 हजार रुपए चोरी हुए थे। इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 2 और 3 जुलाई को कई विशेष अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। लखनऊ मंडल की ओर से आठ परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर-लखनऊ के बीच भी एक विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। लखनऊ से दिल्ली और प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेनें 2 जुलाई को ट्रेन संख्या 04201 लखनऊ-नई दिल्ली परीक्षा स्पेशल शाम 5:45 बजे लखनऊ से रवाना होगी। यह ट्रेन बालामऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा, गजरौला, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इसी दिन ट्रेन संख्या 04202 लखनऊ-प्रयागराज संगम स्पेशल शाम 6:10 बजे लखनऊ से चलेगी। यह बछरावां, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और फाफामऊ होते हुए प्रयागराज संगम पहुंचेगी। वाराणसी, जौनपुर और गया के लिए भी विशेष ट्रेनें वाराणसी से जौनपुर के लिए ट्रेन संख्या 04205 दोपहर 1:30 बजे तथा 04221 शाम 6:45 बजे रवाना होगी। दोनों ट्रेनें बाबतपुर, जलालगंज और जफराबाद स्टेशनों पर ठहरेंगी। इसके अलावा वाराणसी से गया के लिए ट्रेन संख्या 04208 शाम 6:30 बजे चलेगी। यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम और डेहरी ऑन सोन होते हुए गया पहुंचेगी। जौनपुर से वाराणसी के लिए ट्रेन संख्या 04218 दोनों दिन सुबह 5 बजे चलेगी। वहीं 04207 शाम 6 बजे प्रयागराज संगम और 04220 शाम 6:15 बजे वाराणसी के लिए रवाना होगी। गोरखपुर-लखनऊ के बीच भी चलेगी परीक्षा स्पेशल पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ट्रेन संख्या 05031 परीक्षा स्पेशल 2 जुलाई को शाम 6:30 बजे गोरखपुर से रवाना होगी। यह खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, मनकापुर, गोंडा, करनैलगंज और बाराबंकी होते हुए रात 12:04 बजे बादशाहनगर तथा रात 12:35 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 05032 लखनऊ जंक्शन से रात 1:30 बजे चलेगी और बादशाहनगर होते हुए सुबह 7:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।
उन्नाव। जनपद में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने गुरुवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। एसएसपी द्वारा जारी आदेश के तहत एक निरीक्षक सहित 20 उपनिरीक्षकों यानी कुल 21 पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, पुलिस लाइन में तैनात कई उपनिरीक्षकों को थानों और चौकियों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कई चौकी प्रभारियों को हटाकर अन्य स्थानों पर भेजा गया है। इस बदलाव को आगामी समय में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। तबादला सूची के अनुसार, निरीक्षक माबूद रजा को पुलिस लाइन से थाना गंगाघाट में निरीक्षक अपराध की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपनिरीक्षक अनिल कुमार को पुलिस लाइन से कोतवाली सदर की सिविल लाइन चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसी क्रम में, चौकी प्रभारी नेवरना थाना अचलगंज पर तैनात उपनिरीक्षक ऋषि कपूर को थाना बांगरमऊ भेजा गया है, जबकि उपनिरीक्षक बलवीर सिंह को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी नेवरना की जिम्मेदारी मिली है। चौकी प्रभारी भगवंतनगर थाना बिहार रहे उपनिरीक्षक देवेंद्र अवस्थी को पुलिस लाइन भेजा गया है और उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को चौकी भगवंतनगर का प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक मृत्युंजय बहादुर को चौकी कालूखेड़ा थाना असोहा से थाना अचलगंज भेजा गया है। पुलिस लाइन में तैनात उपनिरीक्षक लालचंद्र कनौजिया को चौकी कालूखेड़ा का नया प्रभारी बनाया गया है। चौकी उगू थाना फतेहपुर चौरासी में तैनात उपनिरीक्षक प्रेम प्रकाश दीक्षित को पुलिस लाइन भेजा गया है, जबकि उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार को चौकी उगू की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, चौकी राजेपुर थाना फतेहपुर चौरासी के प्रभारी रहे उपनिरीक्षक दृगपाल सिंह को थाना फतेहपुर चौरासी भेजा गया है। पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक दिनेश सिंह को चौकी राजेपुर का प्रभारी बनाया गया है। चौकी कुरसठ थाना आसीवन के प्रभारी राजीव भदौरिया को थाना बांगरमऊ भेजा गया है। पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह को चौकी कुरसठ का नया प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक राम मिलन यादव को पुलिस लाइन से वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं वर्तमान वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली रहे उपनिरीक्षक नजर इमाम को थाना मौरावां भेजा गया है। पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक इम्तियाज खां को सीसी टीम थाना सफीपुर और उपनिरीक्षक शोभलाल को सीसी टीम थाना बिहार भेजा गया है। इसके अलावा उपनिरीक्षक मुकेश कुमार को सीसी टीम थाना मौरावां, उपनिरीक्षक गुलरेज अख्तर को थाना फतेहपुर चौरासी तथा उपनिरीक्षक जय प्रकाश पांडेय को थाना बिहार में तैनाती दी गई है। एसएसपी द्वारा जारी आदेश में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बिना विलंब किए अपनी नई तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें और शासन की मंशा के अनुरूप अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई तथा बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करें। पुलिस विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल से जिले के कई थानों और चौकियों की कमान नए अधिकारियों के हाथों में आ गई है।
गोंडा जिले में आज बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) शुरू हो गई है। जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। तीन दिनों में कुल पांच पालियों में 39,702 परीक्षार्थी शामिल होंगे।आज प्रथम पाली की परीक्षा के लिए पहुंचे परीक्षार्थियों को त्रिस्तरीय सघन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। पुरुष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से की, जबकि महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों द्वारा की गई है। प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, कुछ रुपए और पेन के अलावा कोई अन्य वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी परीक्षार्थी के धर्म से संबंधित कोई वस्तु नहीं उतरवाई गई, ताकि उन्हें असुविधा न हो। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए गोंडा जिले में 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 18 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षक और 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। 3 तस्वीरें देखिए- गोंडा के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं मजिस्ट्रेट के माध्यम से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरा प्रशासन तैयार है। भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एटा में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत:उपचार के दौरान दम तोड़ा, पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम
एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र के अजीमपुर गांव के रहने वाले 34 वर्षीय व्यक्ति की आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह पिछले एक महीने से आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। जानकारी के अनुसार, शेरसिंह पुत्र रामसनेही (34) को बीती 28 मई को माहेश्वरी धर्मकांटा के समीप एक अज्ञात बाइक ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आगरा रेफर कर दिया था, जहां एसएन मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार चल रहा था। लंबे उपचार के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजन शव को वापस एटा ले आए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। मृतक के भाई अनिल कुमार ने बताया कि शेरसिंह उनका छोटा भाई था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टक्कर मारने वाली बाइक का नंबर उनके पास मौजूद है।
सीतापुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन गुरुवार सुबह से कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई है। परीक्षा के पहले दिन जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में कुल 9,936 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र, प्रवेश पत्र और निर्धारित दिशा-निर्देशों का गहनता से पालन कराया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ केंद्र व्यवस्थापकों और सेक्टर अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। पहली और दूसरी पाली में 4,968-4,968 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले ही अभ्यर्थियों की भीड़ पहुंचने लगी। प्रशासन की ओर से समय से पूर्व केंद्र पर पहुंचने की अपील की गई थी, ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में जिले में कुल 24,840 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा कक्षों के बाहर सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इस बार जिले में कार्यरत लगभग 4,000 शिक्षकों ने भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन किया है। ऐसे में परीक्षा को लेकर शिक्षकों और अन्य अभ्यर्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा अवधि के दौरान लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लखीमपुर खीरी में शिक्षक पात्रता परीक्षा शुरू:तीन दिवसीय परीक्षा में 35 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल
लखीमपुर खीरी जिले में तीन दिवसीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) गुरुवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। यह परीक्षा जिले के 15 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 35,086 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के पहले दिन सुबह 9 बजे पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में प्रारंभ हुई। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पहले और दूसरे दिन चार पालियों में कुल 24,764 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इन दोनों दिनों में प्रति पाली 6,191 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं, तीसरे दिन 4 जुलाई को दो पालियों में 10,322 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिसमें प्रति पाली 5,161 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस प्रकार, छह पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल 35,086 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए जिले के जीआईसी, जीजीआईसी, धर्म सभा इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज और अब्दुल कलाम इंटर कॉलेज सहित कुल 15 शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों की लगातार निगरानी भी बनी हुई है।
वृंदावन में 13 साल की एक लड़की की पहली मंजिल से गिरकर मौत हो गई। वह घर की खिड़की से बंदरों को खाना खिला रही थी। इसी दौरान एक बंदर ने झपट्टा मार दिया। इससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 15 फीट नीचे सड़क पर गिर गई। हादसे के समय घर में लड़की का छोटा भाई ही मौजूद था, जबकि माता-पिता काम पर गए थे। आसपास के लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान संत कॉलोनी निवासी पूर्वा (13) पुत्री अनिल पांडे के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे बांके बिहारी पुलिस चौकी क्षेत्र की है। गुरुवार को घटना का CCTV भी सामने आया है, जिसमें लड़की पहली मंजिल से नीचे गिरती दिखाई दे रही है। अब CCTV में जो दिख रहा, वो पढ़िए… CCTV में तीन मंजिला मकान दिखाई देता है। पहली मंजिल की खिड़की पर लोहे की ग्रिल लगी है, जहां लड़की बंदरों को खाना खिला रही थी। नीचे गली में एक सफेद कार खड़ी है और घर के बाहर एक युवक बैठा हुआ नजर आता है। अचानक लड़की पहली मंजिल से सीधे सड़क पर गिर जाती है। आवाज सुनते ही युवक उठकर बाहर दौड़ता है। कुछ ही सेकेंड में आसपास के लोगों की मौके पर भीड़ जमा हो जाती है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… संत कॉलोनी में अनिल पांडे पत्नी, बेटे और बेटी पूर्वा के साथ किराए के मकान की पहली मंजिल पर रहते हैं। अनिल और उनकी पत्नी परिक्रमा मार्ग पर खाने का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पूर्वा को उन्होंने गोद लिया था। परिवार मूल रूप से अयोध्या का रहने वाला है। घर के आसपास अक्सर बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। बुधवार सुबह अनिल और उनकी पत्नी काम पर चले गए थे। घर पर पूर्वा और उसका छोटा भाई थे। दोपहर में पूर्वा स्टूल पर खड़ी होकर खिड़की से बंदरों को खाना खिला रही थी। तभी एक बंदर ने अचानक झपट्टा मार दिया। इससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहली मंजिल से नीचे सड़क पर गिर गई। गिरने से पूर्वा के सिर में गंभीर चोट आई। सड़क पर खून फैल गया। आसपास के लोगों ने तुरंत उसके माता-पिता को सूचना दी और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। बांके बिहारी चौकी प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया- बिल्डिंग की पहली मंजिल से गिरने से लड़की की मौत हुई है। लड़की मानसिक रूप से बीमार थी। परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। --------------------- यह खबर भी पढ़ें- राम मंदिर चोरी-यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को पुलिस ने दर्शन कराए:20 घंटे नजरबंद करके रखा था; CO ने जेल में आरोपियों से पूछताछ की अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई। करीब 20 घंटे नजरबंद रखने के बाद मंगलवार रात 9 बजे पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कराए। यहां पढ़ें पूरी खबर
हमीरपुर में डंपर हाई टेंशन लाइन की चपेट में आया:खलासी की जलकर मौत; आग बुझने तक डंपर भी खाक
हमीरपुर जिले के चिकासी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक डंपर हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। इस हादसे में डंपर के खलासी की जलकर मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक डंपर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना चिकासी थाना क्षेत्र के इच्छौरा बेंदा मार्ग पर शाम लगभग 6 बजे हुई। जालौन जनपद के कालपी निवासी डंपर चालक जितेंद्र का डंपर खराब हो गया था, जिसकी वह एक मिस्त्री के साथ मरम्मत करा रहा था। इसी दौरान, जालौन के कदौरा निवासी 20 वर्षीय खलासी आशीष डंपर के ऊपर चढ़कर मोबाइल पर बात करने लगा। बात करते समय वह ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे डंपर में तुरंत आग लग गई और आशीष की मौके पर ही मौत हो गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। चिकासी थाना प्रभारी मयंक सिंह चंदेल ने बताया कि खराब हुए खाली डंपर की मरम्मत की जा रही थी। खलासी ने डंपर पर चढ़ते समय हाई टेंशन लाइन पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने खलासी के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर चोरी के आरोप में एक युवक की यात्रियों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मामले में रेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित जीआरपी उपनिरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार घटना 29 जून की शाम करीब 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-2 की है। एक महिला यात्री ने आरोप लगाया कि एक युवक ने उसके कान से सोने की बाली खींचने की कोशिश की। महिला के शोर मचाने पर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। बचने के लिए बच्ची को गोद में उठा लिया मारपीट के दौरान युवक ने खुद को बचाने के लिए अपने साथ मौजूद एक बच्ची को गोद में उठा लिया, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसकी पिटाई जारी रही। इस दौरान किसी यात्री ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने युवक को पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया था। आरोप है कि जीआरपी ने युवक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की और उसे छोड़ दिया। इसी को लेकर रेलवे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। रेल पुलिस मुख्यालय ने दिए जांच के आदेश वीडियो वायरल होने के बाद रेल पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर जीआरपी उपनिरीक्षक चेतन कोरोलिया को लाइन अटैच कर दिया गया है। अब पूरे मामले की विभागीय जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। रेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर युवक की पिटाई करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद मारपीट करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर में मानसून की दस्तक से जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। हर साल बहादुरगढ़, झज्जर और बेरी में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। पिछले साल भी जिले में कई इलाकों में जलभराव से काफी नुकसान हुआ था। सड़कों पर पानी भरने, यातायात बाधित होने और लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुसने जैसी स्थिति देखने को मिली थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीसी ने खुद संभाला मोर्चा, जल निकासी व्यवस्था का लिया जायजा डीसी वर्षा खांगवाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ रेवाड़ी रोड स्थित ड्रेन, कोसली रोड के एसटीपी प्लांट तथा कलोई के पास ड्रेन नंबर-8 का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जल निकासी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। नालों की सफाई और पंपसेट 24 घंटे रहेंगे तैयार निरीक्षण के दौरान डीसी ने नालों की सफाई, सीवरेज व्यवस्था, पंपसेट और अन्य मशीनरी की कार्यक्षमता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नालों और ड्रेनों की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान पानी की निर्बाध निकासी हो सके। साथ ही सभी पंपसेट पूरी तरह कार्यशील रहें और मानसून के दौरान पंप ऑपरेटरों की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। बिजली और आपात व्यवस्था पर भी जोर डीसी ने बिजली विभाग को संवेदनशील स्थानों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डीजी सेट तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पहले से पूरी तैयारी रखें। जलभराव से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव से राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य करें, ताकि पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम रवि मीणा, सिंचाई विभाग के एसई सतीश जनावा, एक्सईएन प्रतिभा मुदगिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बीमा कंपनी की लापरवाही पर कोर्ट का बड़ा फैसला:जैसलमेर उपभोक्ता आयोग ने किसान को क्लेम देने का आदेश
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जैसलमेर ने एक पीड़ित किसान के हक में बड़ा फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी की लापरवाही को गंभीर सेवा दोष माना है। आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड़ की पीठ ने एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह रामगढ़ क्षेत्र के किसान भूर सिंह को वर्ष 2020 की रबी सीजन में चने की खराब हुई फसल के बीमा क्लेम के रूप में रुपए 1,62,885 का तुरंत भुगतान करे। इसके साथ ही आयोग ने परिवाद दर्ज कराने की तारीख 28 मार्च 2022 से पूरी रकम पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने और किसान को हुई मानसिक व आर्थिक परेशानी के बदले रुपए 10,000 का हर्जाना और कोर्ट खर्च के रुपए 5,000 अलग से देने का सख्त आदेश दिया है। प्रीमियम कटने के बाद भी काट दिया क्लेम यह पूरा मामला जैसलमेर के उपनिवेशन तहसील रामगढ़ का है। यहाँ के किसान भूर सिंह की कृषि भूमि मुरब्बा नंबर 21 में स्थित है। किसान ने एक स्थानीय बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिए लोन लिया हुआ था। नियमों के मुताबिक, साल 2020 में रबी सीजन के दौरान बैंक ने उनके खाते से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रुपए 3,257 की प्रीमियम राशि काटकर बीमा कंपनी के खाते में जमा कर दी थी। यानी किसान की तरफ से बीमा की सभी शर्तें पूरी की जा चुकी थीं। फसल बर्बाद हुई तो खुला कंपनी का खेल साल 2020-21 में मौसम खराब होने और अकाल जैसी स्थिति के कारण पूरे रामगढ़ इलाके में चने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। जब सरकार की योजना के अनुसार इलाके के अन्य सभी पात्र किसानों के बीमा क्लेम पास हो गए और उनके खातों में पैसे आ गए, तब पीड़ित किसान भूर सिंह को अपने क्लेम की रकम नहीं मिली। जब किसान ने बीमा कंपनी से संपर्क किया, तब कंपनी की इस बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ। प्रीमियम मिलने के बावजूद कंपनी ने गलत जानकारी और गलत आधार का हवाला देकर किसान का दावा खारिज कर दिया था। आयोग ने दी 45 दिन की मोहलत, लापरवाही पर जताया गुस्सा परेशान किसान ने कंपनी के चक्कर काटे, लेकिन जब कोई सही जवाब नहीं मिला तो उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसान के लिए खेती ही आजीविका का एकमात्र साधन है। फसल बर्बाद होने और क्लेम न मिलने से पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। कोर्ट ने बीमा कंपनी के इस रवैये को गैर-जिम्मेदाराना माना। आयोग ने सख्त लहजे में आदेश दिया है कि कंपनी 45 दिनों के भीतर पूरी राशि का भुगतान करे। यदि तय समय में पैसे नहीं दिए गए, तो कंपनी को 6 प्रतिशत की जगह 9 प्रतिशत की सालाना दर से भारी ब्याज चुकाना होगा। कोर्ट के इस फैसले से क्षेत्र के बाकी किसानों में भी न्याय की उम्मीद जागी है।
बिजनौर में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी सेना के जवान को कश्मीर से हिरासत में ले लिया है। तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मंगलवार देर रात मृतका का अंतिम संस्कार गंगा बैराज घाट पर कर दिया गया। पुलिस टीम मुख्य आरोपी सेना के जवान को लेकर बिजनौर के लिए रवाना हो चुकी है। पीड़िता की मां की तहरीर पर सेना के जवान सौरभ और उसके भाई सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर रात दिल्ली से शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम दर्शन कराए गए। इसके बाद गंगा बैराज स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पीड़िता के छोटे भाई कृष्ण ने मुखाग्नि दी। युवती की मौत सोमवार को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार रात करीब दस बजे शव एंबुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। गांव से लेकर गंगा बैराज स्थित श्मशान घाट तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल तैनात रहा। अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। गांव में शांति बनी हुई है। गौरतलब है कि 21 जून की रात युवती ने शहर कोतवाली परिसर में कथित रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसी युवती को पहले जिला अस्पताल, फिर मेरठ और बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि मुख्य आरोपी व उसके भाई को गिरफ्तार करने पुलिस की दो टीमें जम्मू कश्मीर के पुंछ गई हुई है। मामले में पुलिस अब तक आरोपी की मां मनोज, चाचा कलवा व पीड़िता की रिश्ते की चाची निकिता उर्फ निक्की को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि कश्मीर गई पुलिस टीम को भी सफलता हाथ लगी है, आरोपी सौरभ को सेना के अधिकारियों ने पुलिस को सौंप दिया है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (आरवीयूएन) ने वर्दीधारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 180 रुपये प्रतिमाह धुलाई भत्ता (वॉशिंग अलाउंस) देने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह भत्ता उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्हें यूनिफॉर्म खरीदने का भत्ता मिलता है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ (बीएमएस) की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। इस मांग की अनुशंसा जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल (JMC) ने भी की थी, जिसके बाद निगम प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं। जल्द ही प्रदेश की अन्य बिजली कंपनियों में भी इसी संबंध में आदेश जारी होने की संभावना है, जिससे 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।इन कर्मचारियों को मिलेगा धुलाई भत्तानिगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार ड्राइवर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पुरुष एवं महिला) और टेक्निकल हेल्पर, जिन्हें यूनिफॉर्म खरीदने का भत्ता मिलता है, अब 180 रुपये प्रतिमाह धुलाई भत्ता भी प्राप्त करेंगे। इसके लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग के 3 अगस्त 2023 के आदेश को अपनाया गया है।50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा लाभकार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और इसे जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल (JMC) ने भी उचित मानते हुए अपनी अनुशंसा दी थी। अब आरवीयूएन में आदेश जारी होने के बाद जल्द ही प्रदेश की अन्य बिजली कंपनियों में भी इसी तरह के आदेश जारी होने की उम्मीद है। इससे 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में चल रही 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के दूसरे और अंतिम दिन गुरुवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर मंथन होगा। सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एआई के जरिए पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के मॉडल साझा करेंगे। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग तथा कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समापन समारोह में ई-गवर्नेंस 2026 राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण भी किया जाएगा। एआई इन पुलिसिंग रहेगा मुख्य आकर्षण कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 'एआई इन पुलिसिंग' सेशन सबसे प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें विशेषज्ञ बताएंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपराधों की रोकथाम, जांच, निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को किस तरह अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही पुलिसिंग में डेटा एनालिटिक्स, प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सर्विलांस के उपयोग पर भी चर्चा होगी। डिजिटल गवर्नेंस के नए मॉडल पर होगी चर्चा सम्मेलन में डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं में तकनीक के उपयोग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार जैसे विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। ई-गवर्नेंस पुरस्कारों का होगा वितरण दूसरे दिन ई-गवर्नेंस 2026 राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। विभिन्न राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों को डिजिटल नवाचार, नागरिक सेवाओं में सुधार और तकनीक आधारित सुशासन के लिए सम्मानित किया जाएगा। देशभर से जुटे प्रतिनिधि दो दिवसीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी प्रदर्शनों और अनुभव साझा करने के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस के सफल मॉडलों पर भी चर्चा की जा रही है।
कानपुर में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) पहली पाली के लिए अभ्यर्थियों को गुरुवार सुबह 08.45 बजे तक कड़ी तलाशी के बाद प्रवेश मिला। शहर के रामलला इंटर कालेज रावतपुर गांव में अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए माइक से एनाउंसमेंट किया गया। अभ्यर्थियों की जेब से रुमाल निकालकर मेटर डिटेक्टर से पूरे शरीर की तलाशी ली गई। तीन दिन (शनिवार तक) तक शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 70317 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। कई स्तर पर हुई चेकिंग परीक्षा केंद्रों पर सबसे पहले पुलिसकर्मियों द्वारा प्रवेश पत्र व आधार कार्ड से अभ्यर्थी का मिलान किया गया। उसके बाद मेटल डिटेक्टर से सुरक्षा कर्मियों ने चेकिंग की। कई स्तर की चेकिंग से गुजरते हुए अंत में अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक हुई, उसके बाद कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों से बेल्ट उतरवाई गई, इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों के बाल भी खुलवाकर तलाशी हुई। दो पालियों में होगी परीक्षा दो और तीन जुलाई को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से पांच बजे तक की पाली में होगी। जबकि चार जुलाई को सिर्फ एक पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। केंद्रों पर स्टेटिक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मचारियों को मुस्तैदी बरतने के लिए कहा गया है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण करते रहे।
बुरहानपुर में चलती ट्रेन से गिरा युवक:युपी के प्रयागराज का है रहने वाला, जिला अस्पताल में भर्ती
बुरहानपुर मांडवा-नेपानगर के बीच चलती ट्रेन से गिरने से एक युवक घायल हो गया। घटना गुरुवार रात करीब 2 बजे मांडवा स्टेशन के पास हुई। घायल को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल युवक की पहचान प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) निवासी सुशील कुमार तिवारी के रूप में हुई है। रेलवे स्टेशन से उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। इस रूट पर पहले भी हो चुके हैं हादसे मांडवा और चांदनी रोड स्टेशन के बीच पहले भी ट्रेन से गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। चांदनी के पास ट्रैक पर एक घुमावदार मोड़ है, जहां ऐसे हादसे अक्सर सामने आते हैं। जानकारी के अनुसार, लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कुछ यात्री ट्रेन के गेट पर बैठकर सफर करते हैं। कई बार नींद आने या संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन से गिर जाते हैं। जीआरपी जवान यात्रियों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, लेकिन कई यात्री इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
समस्तीपुर के 5 प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्यावय शुरू हो रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर छात्रों को लाभ मिलेगा। अब विद्यार्थी घर के करीब ही ग्रेजुएशन कर सकेंगे। खास कर ऐसी छात्राओं को लाभ मिलेगा जो दूरी की वजह से उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकी। पहले चरण में जिले के खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विभूतिपुर और विद्यापतिनगर प्रखंडों में नए राजकीय महाविद्याल खोला जा रहा है। इन कॉलेजों में इसी सत्र से एडमिशन किया जाना है। कॉलेज शुरू होने से पहले कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए वहां कौन-कौन सी व्यवस्था है। इस पर खुद डीएम रोशन कुशवाहा मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। कल्याणपुर-खानपुर के प्रस्तावित कॉलेज के स्थल का डीएम ने लिया जायजा डीएम रोशन कुशवाहा ने जिले के खानपुर और कल्याणपुर में प्रस्तावित कॉलेज स्थल पर बुधवार शाम निरीक्षण किया। डीएम ने स्थल निरीक्षण कर संचालन संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने महाविद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत संरचना, भवन की स्थिति, फर्नीचर और अन्य आवश्यक उपस्करों की उपलब्धता, क्रय और आपूर्ति की प्रगति, शिक्षकों की पदस्थापना-प्रतिनियुक्ति, पेयजल, विद्युत, शौचालय और पठन-पाठन शुरू करने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अपर समाहर्ता, समस्तीपुर सह नोडल पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम शंकर झा और संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों से तैयारियों की बिंदुवार जानकारी ली। अधुरू कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देशडीएम ने सरकार की मंशा के अनुरूप सभी शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण करते हुए महाविद्यालयों का नियमित संचालन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही व अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करें।
धौलपुर जिले के प्रसिद्ध राजरामेश्वर भोला महादेव मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं ने व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उन्होंने सैपऊ एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मंदिर परिसर में स्थायी रेलिंग और बैरिकेडिंग लगाने का आग्रह किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि उचित व्यवस्थाओं के अभाव में दर्शन के दौरान धक्का-मुक्की, विवाद और चोरी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि लक्खी मेले, सावन माह के प्रत्येक सोमवार और फाल्गुन मास के विशेष अवसरों पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। अत्यधिक भीड़ के कारण मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैल जाती है, जिससे विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। भीड़ में होती है चोरियांश्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि अव्यवस्थित भीड़ के कारण अक्सर आपसी कहासुनी और झगड़े होते हैं। असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के सोने के आभूषण चोरी कर लेते हैं। पूर्व में भी सोने की चेन चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता है। मंदिर के महंत श्री लोकेन्द्र पुरी और मंदिर से जुड़े अन्य लोगों ने इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि रेलिंग और बैरिकेडिंग से श्रद्धालु कतारबद्ध होकर सुरक्षित और सुगमता से दर्शन कर पाएंगे। इससे धक्का-मुक्की, विवाद और चोरी जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगेगी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से आगामी सावन माह से पहले स्थायी रेलिंग और बैरिकेडिंग लगवाने की मांग की है। उनका उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिल सके। ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई, ताकि आगामी धार्मिक आयोजन सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सकें।
अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी क्षेत्र के नीलकंठ होटल में बुधवार देर रात ई–रिक्शा चालक ने महिला से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी महिला को सस्ता कमरा दिलवाने के बहाने नीलकंठ होटल लेकर पहुंचा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान थाना क्वारसी के नगला पटवारी सुभान के रूप में की। देर रात दबिश के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की दी। मुठभेड़ के दौरान आरोपी घायल हो गया, जबकि उसका एक साथ फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को घायल अवस्था में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। सस्ता होटल दिलाने के बहाने वारदात पीड़ित महिला देर रात रुकने के लिए शहर में होटल की तलाश कर रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसे एक ई-रिक्शा चालक मिला, जिससे महिला ने किसी सस्ते और सुरक्षित होटल के बारे में पूछताछ की। ई-रिक्शा चालक ने महिला को झांसे में लिया और कम पैसों में अच्छा कमरा दिलाने का वादा कर उसे नीलकंठ होटल ले गया। होटल पहुंचने के बाद आरोपी ने महिला को एक कमरा दिलवाया। जब वह कमरे में सामान रखकर महिला से ई-रिक्शा का भाड़ा ले रहा था, तभी उसकी नीयत खराब हो गई। आरोपी जबरन कमरे के अंदर घुस गया और अंदर से कुंडी लगा दी। महिला के विरोध करने के बावजूद उसने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गया। सीसीटीवी और सर्विलांस से हुई पहचान पीड़िता ने किसी तरह बन्नादेवी थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मामले की जानकारी पर एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बन्नादेवी थाना प्रभारी राजीव और सिटी एसओजी प्रभारी विनय के नेतृत्व में टीमों का गठन किया। एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई। इसके जरिए आरोपी की पहचान सुभान निवासी नगला पटवारी, थाना क्वारसी के रूप में हुई। पुलिस टीमें लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थीं। पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली पुलिस टीम ने आरोपी सुभान की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस पार्टी पर अपने अवैध हथियार से फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से आरोपी घायल होकर वहीं गिर पड़ा। वहीं, उसका एक अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। आरोपी का मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने घटना स्थल से एक मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किए हैं। घायल बदमाश सुभान को तत्काल इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वारदात और मुठभेड़ स्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की फील्ड यूनिट को बुलाया गया है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में लोहा चोरी के मामले को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी से पिछले 40 सालों से लगातार लोहा चोरी हो रही थी और इस चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल भाजपा के नेताओं को चुनाव में हराने के लिए किया जाता था। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी है। साथ ही मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। बीएसपी के मेन गेट के सामने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने एक वीडियो बनाया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्लांट का मामला नहीं, बल्कि देश की संपत्ति से जुड़ा मुद्दा है। इसी प्लांट में दिन-रात कर्मचारी मेहनत करते हैं और यहां बनने वाली रेल पटरियों पर पूरा देश चलता है। ऐसे में अगर यहां वर्षों से लोहा चोरी हो रही है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। मुख्य आरोपी अब तक पहुंच से बाहर विधायक ने कहा कि, अभी तक जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वे केवल छोटे आरोपी हैं। असली लोगों तक जांच अभी पहुंचनी बाकी है। उनका दावा है कि बीएसपी के कुछ अधिकारियों के मुताबिक पिछले 40 सालों में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लोहा चोरी हुआ है। विधायक ने यह भी कहा कि, उन्होंने विधानसभा में नियम 117 के तहत अशासकीय संकल्प लाने की सूचना दी है। इसके जरिए केंद्र सरकार से बीएसपी में पिछले कई वर्षों के दौरान हुई कथित लोहा चोरी, वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों की विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया जाएगा। केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने की मांग रिकेश सेन ने कहा कि, वह इस मामले की शिकायत केंद्रीय गृह मंत्रालय, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी करेंगे। उनका कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में लिखा है कि अब तक 13 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे संगठित गिरोह और अंदरूनी मिलीभगत की आशंका मजबूत होती है। उन्होंने सरकार को करोड़ों रुपए के नुकसान का हवाला देते हुए पूरे मामले की सीबीआई से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। 15-20 दिनों में करेंगे नामजद शिकायत रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि, चोरी के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ भिलाई ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में भाजपा को चुनाव हराने के लिए किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, सीआईएसएफ के अधिकारी और बीएसपी के कुछ बड़े अफसर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। विधायक ने कहा कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर वह इस मामले में नामजद शिकायत दर्ज कराएंगे और जिन लोगों के खिलाफ उनके पास जानकारी है, उनके नाम भी सामने रखेंगे। उनका कहना है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक इस कथित लोहा चोरी के असली जिम्मेदार लोगों का खुलासा नहीं हो जाता। जानिए क्या है बीएसपी में लोहा चोरी का मामला 26 मई को ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स और हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने बीएसपी से चोरी हुआ लोहा जब्त किया था। इसमें जांच के दौरान कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किया गया लोहे का स्क्रैप लोड मिला। मौके पर बड़ी मात्रा में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप रखा हुआ था। पुलिस को यह भी पता चला कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी किए गए लोहे को बाहर निकालकर बेचा जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप जब्त किया था। इसकी कीमत करीब 90 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और मशीनें भी जब्त की गई थीं। अब तक इस मामले में करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने संगठित तरीके से बीएसपी से स्क्रैप चोरी कर उसका अवैध परिवहन और बिक्री की थी। मामले में अब तक 13 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
डीग जिले की सीकरी थाना पुलिस ने ग्राम बूडली में पुलिस जाब्ते के साथ मारपीट, राजकार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में 6 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के निर्देशन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, ग्राम बूडली में हुई घटना के संबंध में सीकरी थाने में विभिन्न धाराओं और पीडीपीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच जालूकी थाना प्रभारी निरीक्षक मनीराम शर्मा द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने फरार चल रहे 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में जुम्मे खां (70), भुट्टू (32), वसीम (26), मोइन खान (20), विक्रम खान उर्फ विक्की (19) और पप्पू खान (18) शामिल हैं।सभी आरोपी ग्राम बूडली निवासी हैं। पूछताछ और अनुसंधान के बाद सभी को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया।
अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत, उपराज्यपाल ने जम्मू से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। इसके साथ ही, इस सालाना यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई।
पूर्णिया में बुधवार रात फारबिसगंज मोड़ चौक और पंचमुखी मंदिर के पास पुलिस ने वाहनों की जांच की। वहां एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने खुद भी थे। बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को रोककर चालान काटे गए। कई वाहन चालकों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया और साफ चेतावनी दी गई कि अगली बार किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। वहीं, चार पहिया वाहनों में अवैध रूप से लगाए गए काले फिल्म को मौके पर ही हटवाया गया और संबंधित वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने तेज रफ्तार में बाइक चलाने, सड़क पर स्टंट करने और रील बनाने वाले युवकों की भी जांच की। ऐसे वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई कि सार्वजनिक सड़कों पर जानलेवा करतब और हुड़दंग अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। वाहन जांच की कुछ तस्वीरें… वाहन जांच अभियान अभी लगातार चलेगा एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि दूसरे लोगों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ करते हैं। इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से हेलमेट पहनने, सुरक्षित गति से वाहन चलाने और नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा। देर रात भी वाहनों की जांच होगी और सड़क पर स्टंटबाजी, रील बनाने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजाम के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) का आगाज हुआ। चार साल बाद होने जा रही परीक्षा में नकल रोकने के लिए ट्रिपल लेयर निगरानी और स्पेशल इंतजाम किए गए हैं। रिटायर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को निगरानी में लगाया गया है। परीक्षा के लिए जिले में 68 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें तीन दिनों में 160379 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। गुरुवार और शुक्रवार को दो पालियों में परीक्षा होगी वहीं शनिवार को महज एक पाली में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। चयन आयोग के कुछ सदस्य भी पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन होने वाली परीक्षा में 2 जुलाई को प्रत्येक पाली में 33139, तीन जुलाई को 33140 और चार जुलाई को 27821 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकृत हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अनुभवी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में लगाया है। परीक्षा के लिए 68 केंद्रों पर इन्हें तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में उत्तर पत्रक में भरी गई सूचनाओं को व्हाइटनर, ब्लेड या रबर आदि से मिटाना प्रतिबंधित है। यदि उत्तर पत्रक में गोलों को सही से काला नहीं किया जाता है या कोई भी सूचना गलत भरी जाती है, तो कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने साथ अपनी कॉपी की प्रति और प्रश्न पत्र ले जा सकेंगे। परीक्षा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को अंतिम आधे घंटे में परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थी काले बॉल प्वाइंट पेन के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार की स्याही का प्रयोग न करें। किसी तरह का मोबाइल फोन, टैबलेट, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डेटा कार्ड, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, किसी भी तरह की हाथ की घड़ी, एटीएम कार्ड, धातु से बनी कोई भी विद्युत सामग्री आदि लेकर परीक्षा केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षार्थियों की संख्या और क्षेत्रीय आवश्यकता को देखते हुए केंद्रों का निर्धारण किया गया है। वाराणसी में 68 केंद्रों पर जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, सोनभद्र, देवरिया, मऊ समेत अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। ऐसा है तीन दिवसीय परीक्षा का शेड्यूल 2 जुलाई: दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) की परीक्षा। 3 जुलाई: पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर और दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) की परीक्षा। 4 जुलाई: केवल पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा। प्रथम पाली: सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक द्वितीय पाली: दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक
झालावाड़ जिले में खाली उचित मूल्य दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) जितेंद्र कुमार ने बताया कि झालावाड़ नगर परिषद, झालरापाटन नगर पालिका और खानपुर नगर पालिका के वार्डों के पुनर्सीमांकन के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है। पुनर्सीमांकन के कारण नवीन वार्डों के अनुसार उचित मूल्य दुकानों का पुनर्गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिन वार्डों में पूर्व में तीन या उससे कम आवेदन प्राप्त हुए थे, उन दुकानों के लिए पहले के सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं और नए सिरे से आवेदन मांगे गए हैं।संशोधित सूचना के अनुसार, झालरापाटन शहर के वार्ड संख्या 17 के लिए महिला आरक्षित श्रेणी में, जबकि झालावाड़ शहर के वार्ड संख्या 6 और खानपुर शहर के वार्ड संख्या 3 के लिए अनारक्षित श्रेणी में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला रसद अधिकारी कार्यालय में जमा कराने होंगे आवेदनआवेदन पत्र 2 जुलाई से 10 जुलाई तक कार्यालय समय में जिला रसद अधिकारी, झालावाड़ के कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए 100 रुपए का भारतीय पोस्टल ऑर्डर जमा करना होगा। भरे हुए आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ 20 जुलाई को शाम 6 बजे तक जिला रसद अधिकारी कार्यालय में जमा कराए जा सकेंगे। आवेदन के लिए प्रमुख पात्रताएं निर्धारित की गई हैं। आवेदक को संबंधित शहरी वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि तक आवेदक की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (ग्रेजुएट) निर्धारित की गई है, हालांकि उच्च माध्यमिक (12वीं उत्तीर्ण) को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, आरएससीआईटी (आरकेसीएल) या किसी समकक्ष संस्था से तीन माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। आवेदक के 1 जनवरी 2015 के बाद दो से अधिक संतान नहीं होनी चाहिए। संबंधित तहसीलदार द्वारा जारी न्यूनतम एक लाख रुपये की वित्तीय हैसियत का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना भी आवश्यक है, जो छह माह से अधिक पुराना न हो। महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए न्यूनतम वित्तीय हैसियत 25 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
आपस में जोड़े जाएंगे नया सवेरा के दोनों फेज:साइकिलिंग की होगी अनुमति; आकर्षित होंगे पर्यटक
रामगढ़ताल के किनारे बने नया सवेरा फेज 1 एवं फेज 2 को आपस में मिलाया जाएगा। अब लगभग 3 किलोमीटर लंबाई वाले ताल फ्रंट पर पर्यटक घूमने का लुत्फ उठा सकेंगे। 15 जुलाई तक इसे बीच में लगी बैरिकेडिंग को हटाकर जोड़ने की तैयारी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) इसके रख-रखाव का भी इंतजाम करेगा। यहां लजीज व्यंजन मिल सकें, इसके लिए फूड ट्रक जैसी सुविधां भी दी जाएंगी। पर्यटक यहां साइकिलिंग कर सकेंगे। हालांकि बाइक या चारपहिया वाहन नहीं ले जा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया सवेरा फेज 2 का लोकार्पण किया था। लेकिन लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी इसके दोनों भाग को आपस में जोड़ा नहीं गया। अब इसे जोड़ने की तैयारी है।पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास परियोजना के तहत 35.43 करोड़ रुपये की लागत से 1700 मीटर लंबे नया सवेरा फेज-2 का विकास कराया गया है। इसका निर्माण जून 2025 में पूरा हो गया और जुलाई में मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण भी किया, लेकिन फेज-1 और फेज-2 के बीच बनी अस्थायी दीवार के कारण दोनों हिस्से अलग-अलग संचालित हो रहे थे। अब इस दीवार को हटाकर दोनों फेज को एकीकृत किया जाएगा। मंगलवार शाम जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने नौकायन जेटी से लेकर चिड़ियाघर की ओर विकसित नया सवेरा फेज-2 तक पैदल निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पखवारे भर के भीतर दोनों फेज को जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया जाए। साथ ही फेज-2 में वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए दोनों सिरों पर बुलार्ड लगाए जाएंगे, ताकि पूरा क्षेत्र केवल पैदल भ्रमण के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रहे। दोनों फेज के जुड़ने के बाद पर्यटक नौका विहार के प्रवेश द्वार से चलते हुए रामगढ़ताल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए सीधे चिड़ियाघर तक पहुंच सकेंगे। वहीं चिड़ियाघर आने वाले पर्यटक भी ताल किनारे बने आकर्षक वाक-वे, बैठने की व्यवस्था, हरियाली और मनोरम दृश्य का आनंद लेते हुए नौकायन क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। इससे रामगढ़ताल, नौकायन और चिड़ियाघर तीनों पर्यटन स्थलों का बेहतर समन्वय स्थापित होगा। जीडीए ने फेज-2 के रखरखाव, साफ-सफाई और संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी को सीमित संख्या में फूड ट्रक संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इससे पर्यटकों को खान-पान की बेहतर सुविधा मिलेगी और उसी आय से पूरे परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों के रखरखाव तथा अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी वहन किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2.7 किमी लंबा यह एकीकृत ताल फ्रंट न केवल मार्निंग वाक, साइकिलिंग और फैमिली आउटिंग के लिए बेहतर विकल्प बनेगा, बल्कि शहर में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। स्थानीय दुकानदारों, फूड कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। रामगढ़ताल की सुंदरता अब पहले से अधिक विस्तृत रूप में सामने आएगी और यह पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान को और मजबूत करेगा। जल्द ही मिलाए जाएंगे दोनों फेज GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि जल्द ही दोनों फेज आपस में मिलाए जाएंगे। इसको आपस में मिलाने से पर्यटकों को निर्बाध वाकिंग ट्रैक, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। निजी एजेंसी के माध्यम से रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। जिससे यह परिसर हमेशा स्वच्छ, आकर्षक और जीवंत बना रहे।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, गर्मी को मिली मात
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे उमस और गर्मी से काफी राहत मिली।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा को इमोशनल ब्लैकमेल कर उसके घर से 21 लाख रुपए के जेवर और नकदी हड़पने वाले फरार आरोपी आदित्य भदौरिया को लेकर नए खुलासे हुए हैं। ऑनलाइन सट्टे का आदी आरोपी अब पीड़ित छात्रा और उसके परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहा है और उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। मोबाइल लोकेशन दिल्ली में मिलने के बाद महाराजपुरा थाना पुलिस की विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना हो गई है। 16 आपराधिक मामले दर्ज पुलिस जांच में सामने आया कि आदित्य भदौरिया आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से लूट, अवैध वसूली (अड़ीबाजी), जानलेवा हमला और सट्टेबाजी समेत कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। केस दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा है। एक्सीडेंट का झूठ बोलकर खाली कराया लॉकर पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी की दोस्ती पड़ोस में रहने वाले आदित्य से थी। 4 मई 2026 को आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दावा किया कि उसका गंभीर एक्सीडेंट हो गया है और इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है। दोस्त की जान बचाने की बात पर भरोसा कर छात्रा ने घर की अलमारी का लॉकर खोलकर 1 लाख रुपए नकद और करीब 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर निकालकर आरोपी को दे दिए। आरोपी ने दो दिन में सब लौटाने का वादा किया था। 15 दिन बाद खुला पूरा मामला करीब 15 दिन बाद जब छात्रा की मां ने लॉकर खोला तो वह खाली मिला। पूछताछ में छात्रा ने पूरी घटना बता दी। जब परिवार ने आरोपी से जेवर वापस मांगे तो उसने स्वीकार किया कि उसका कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ था। उसने बताया कि वह ऑनलाइन सट्टे में पैसे और जेवर हार चुका है तथा जेवर बेच या गिरवी रख चुका है। आरोपी ने 2 जून तक सामान लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में फोन बंद कर फरार हो गया। अब दे रहा जान से मारने की धमकी पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान भी आरोपी पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को लगातार धमका रहा है। वह केस वापस लेने और राजीनामा करने का दबाव बना रहा है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं। वह लगातार पीड़ित पक्ष को धमका रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है और पुलिस टीम दिल्ली भेजी गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जेल से छूटने के महज तीन दिन बाद एक बदमाश ने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने आधी रात घर लौट रहे एक युवक का रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट की और जेब में रखे 15,200 रुपए लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और पहचान परेड के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आधी रात घर लौटते समय बनाया निशाना पुलिस के मुताबिक ढिमरापुर निवासी त्रिनाथ सामल (31) जगन्नाथ हरिशचंद्र ज्वेलर्स में सेल्समैन है। वह दुकान के काम से रायपुर गया था और सोमवार रात राजहंस बस से रायगढ़ लौटा। चावला फर्नीचर के पास उतरकर उसने मालिक के घर सामान छोड़ा और रात करीब 12:30 बजे अपने कमरे की ओर जा रहा था। इसी दौरान ढिमरापुर रोड स्थित आदित्य बाइक दुकान के पास दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। दोनों ने रुपए की मांग की और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद जेब में रखा पर्स छीनकर उसमें मौजूद 15,200 रुपए लेकर फरार हो गए। मारपीट में त्रिनाथ के दोनों हाथों में चोट आई। CCTV से मिली आरोपियों की पहचान पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर दो संदिग्ध युवक नजर आए। उनकी पहचान बापूनगर और रामभाठा क्षेत्र के रहने वाले नीरज टोप्पो (19) और शैलेष मिंज (22) के रूप में हुई। पहचान परेड के बाद गिरफ्तारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को रामभाठा मुक्तिधाम के पास से हिरासत में लिया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई पहचान परेड में पीड़ित ने दोनों की पहचान की। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात कबूल कर ली। लूट के रुपए लेकर ओडिशा घूमने चले गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद वे झारसुगुड़ा (ओडिशा) घूमने चले गए थे और लूट की अधिकांश रकम खर्च कर चुके हैं। पुलिस उनके कब्जे से केवल 700 रुपए ही बरामद कर सकी। पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। नीरज टोप्पो के खिलाफ कोतवाली थाने में दो चोरी और एक लूट का मामला पहले से दर्ज है। वहीं शैलेष मिंज पर चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार नीरज घटना से सिर्फ तीन दिन पहले ही जेल से छूटा था और बाहर आते ही फिर से अपराध कर बैठा। SSP बोले- अपराधियों पर सख्ती जारी एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि लूट, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
डेढ़ दशक का लंबा इंतजार, दो बार शिलान्यास, दो बार उद्घाटन की तारीखें और जमीन के खेल से लेकर अपनों की बगावत तक... राजस्थान के रेगिस्तान में देश की पहली BS-6 मानक वाली हाईटेक 'HPPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (HRRL) बनकर तैयार है। आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि बालोतरा के पचपदरा में बनी इस रिफाइनरी की वजह से पूरे राजस्थान की तस्वीर बदल जाएगी। 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता वाली यह रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। आइए जानते हैं 2012 से 2026 तक के इस सफर की पूरी कहानी… आग लगने के कारण टल गया था PM का दौरा देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के लिए राजस्थान की सियासत में 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' हुआ था। 2012 से 2026 तक का सफर इतना आसान नहीं था। इस प्रोजेक्ट ने न केवल दो बार शिलान्यास देखा, बल्कि जमीन के फेर में अपनों को अपनों के खिलाफ लड़ते भी देखा। संयोग से दो बार उद्घाटन की तारीख की घोषणा भी हुई। 21 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले 20 अप्रैल को सीडीयू-वीडीयू यूनिट में लीकेज होने से आग लग गई। इससे पीएम का उद्घाटन दौरा स्थगित हो गया था। लीलाना से पचपदरा कैसे पहुंची रिफाइनरी शुरुआत में रिफाइनरी बालोतरा (पूर्व में बाड़मेर) के बायतु के लीलाना गांव में लगनी तय थी। जैसे ही घोषणा हुई, राजनीतिक रसूख वाले लोगों और भूमाफिया ने वहां हजारों बीघा जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली। जब सरकार जमीन अवाप्त (कब्जा लेने) करने पहुंची, तो किसानों ने हाथ खींच लिए। कुछ ने 1 बीघा जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए की मांग रख दी। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने पचपदरा का रुख किया, जहां सरकारी जमीन उपलब्ध थी। रिफाइनरी शिफ्ट होते ही लीलाना में करोड़ों के ख्वाब देख रहे भूमाफिया और नेता अर्श से फर्श पर आ गए। कर्नल सोनाराम का विद्रोह बाड़मेर के राजनीतिक मामलों के जानकार शिव प्रकाश सोनी बताते हैं- रिफाइनरी शिफ्ट होने पर राजनीति में भूचाल आ गया था। बायतु के तत्कालीन विधायक कर्नल सोनाराम चौधरी (स्वर्गीय) ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अशोक गहलोत काकाणी में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स लगाकर अपने गृह जिले जोधपुर को फायदा देना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था- जान दे दूंगा, लेकिन रिफाइनरी को यहां से जाने नहीं दूंगा। उस समय राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी इस्तीफा तक दे दिया था। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी यह रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और ₹42,229 करोड़ की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण देते हुए इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के तकनीशिय ने पचपदरा की तपती धूप में पसीना बहाया है। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी दिमाग काम कर रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी। ---- ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग, कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। पढ़ें पूरी खबर... 2- राजस्थान की रिफाइनरी से देश बनेगा एनर्जी सुपरपावर; एक्सपर्ट बोले- जामनगर और भटिंडा की तरह बनेगा नया पेट्रोकेमिकल हब राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना अब अंतिम चरण में है। दैनिक भास्कर ने करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से बनी रिफाइनरी की स्टेट्स रिपोर्ट को खंगाला। पढ़ें पूरी खबर...
बरेली में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन आज गुरुवार 2 जुलाई से शुरू हो रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर कुल 37,613 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। परीक्षा का समय और पाली परीक्षा के विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, पहले और दूसरे दिन परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9.30 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 से शाम 5 बजे तक होगी। अंतिम दिन यानी चार जुलाई को केवल एक पाली में ही परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। परीक्षार्थियों को समय से केंद्र पर पहुंचने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। पालीवार परीक्षार्थियों की संख्या परीक्षा के पहले दिन दो जुलाई की पहली पाली में 7,549 और दूसरी पाली में 7,550 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं, तीन जुलाई को दोनों पालियों में समान रूप से 7,551-7,551 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। अंतिम दिन चार जुलाई को एक पाली में आयोजित होने वाली परीक्षा में 7,412 परीक्षार्थी भाग लेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके साथ ही केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। प्रशासन का पूरा जोर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। ये हैं परीक्षा केंद्र परीक्षा के लिए निर्धारित 17 केंद्रों में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, साहू गोपीनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज और एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज के ब्लॉक ए व बी शामिल हैं। इसके अलावा एसवी इंटर कॉलेज, श्री पीसी आजाद इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विष्णु इंटर कॉलेज, श्री गुलाब राय इंटर कॉलेज, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज, बिशप मंडल इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और केपीआरसी कला केंद्र गर्ल्स इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को गुमराह करने वाले डार्क पैटर्न (डिजिटल धोखाधड़ी) का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लोकलसर्किल्स के सर्वे के मुताबिक, 10 में से 8 यानी 80% भारतीय यूजर्स ने माना कि वे ओटीटी एप्स पर ऐसी भ्रामक रणनीतियों का शिकार हुए हैं। सर्वे में देश के 324 जिलों से 1.18 लाख से अधिक लोगों की प्रतिक्रियाएं शामिल की गईं। इनमें 61% पुरुष और 39% महिलाएं थीं। बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार से ओटीटी कंपनियों पर सख्ती और डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक प्रथाओं पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। अमेजन प्राइम वीडियो पर ऑस्ट्रेलिया में मुकदमा ऑस्ट्रेलिया में अमेजन के खिलाफ प्राइम वीडियो में विज्ञापन शुरू करने और अतिरिक्त फीस लेने पर मुकदमा दर्ज हुआ है। नियामक का आरोप है कि अमेजन ने प्राइम सब्सक्रिप्शन की शर्तों में मनमाने बदलाव किए। 2024 में विज्ञापन शुरू होने पर पहले ही सालाना फीस दे चुके 8.5 लाख से अधिक ग्राहकों को विज्ञापन-मुक्त सेवा के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़े। ऐसा न करने वाले ग्राहकों को कंपनी ने कम सुविधाओं वाली सर्विस दी। भारत में क्या हैं नियम भारत में 30 नवंबर 2023 से डार्क पैटर्न रोकथाम एवं विनियमन दिशानिर्देश लागू हैं। नियम ई-कॉमर्स, एप, ओटीटी, ट्रैवल, फूड डिलीवरी समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू होते हैं। दिशानिर्देशों में 13 तरह के डार्क पैटर्न पर रोक लगाई गई है। इनमें फॉल्स अर्जेंसी, सब्सक्रिप्शन ट्रैप, ड्रिप प्राइसिंग, डिस्गाइज्ड एड, कन्फर्म शेमिंग और बैट एंड स्विच शामिल हैं। यूजर्स खुद को कैसे बचाएं सब्सक्रिप्शन लेने से पहले और बाद में ऑटो-रिन्यूअल बंद करें, भुगतान अलर्ट रखें, ट्रायल की शर्तें पढ़ें और कैंसिलेशन का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। डार्क पैटर्न का मकसद यूजर को उसकी मर्जी से नहीं, बल्कि डिजाइन और मनोवैज्ञानिक तरीकों से ऐसा फैसला लेने के लिए प्रेरित करना होता है, जिससे कंपनी को अधिक लाभ हो। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… दावा- सरकार ने वॉट्सएप से यूजरनेम फीचर रोकने को कहा:मेटा को नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा; कहा- टेलीग्राम की तरह गलत इस्तेमाल की आशंका केंद्र सरकार ने भारत में वॉट्सएप का यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं करने को कहा है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के मुताबिक बताया, सरकार ने मेटा को निर्देश दिया है कि जब तक इस फीचर पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे भारत में शुरू न किया जाए। पूरी खबर पढ़ें…
अयोध्या में तेज रफ्तार ट्रक और स्कार्पियों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी बुरी तरह पिचक गई। उसके पहिए निकल कर बाहर आ गए। घटना के समय उसमें 7 लोग सवार थे। जिसमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 4 घायल हो गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। लोगों ने देखा तो फौरन पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। उसके बाद शीशा तोड़कर स्कार्पियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर घायलों को भर्ती कराया गया है। उनका इलाज चल रहा है। घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे रौनाही थाना क्षेत्र के मुबारकगंज के अयोध्या- लखनऊ नेशनल हाइवे की है। बताया जा रहा है कि स्कार्पियों लखनऊ की तरफ से अयोध्या की ओर जा रही थी। उसी दौरान ये हादसा हुआ। हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम हादसे के बाद सड़क पर गाड़ी के शीशे और पार्ट्स टूटकर बिखर गए। सड़क पर खून पसरा था। इससे हाईवे पर जाम लग गया। सूचना मिलने के थोड़ी देर बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल भिजवाने के बाद क्रेन बुलवाकर दोनों गाड़ियों को रास्ते से हटवाया। उसके बाद गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो पाई। मृतकों की नहीं हो पाई पहचान थाना प्रभारी रतन शर्मा ने बताया- हादसे में ट्रक और स्कार्पियों में टक्कर होने से तीन लोगों की मौत हुई है। तीनों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इस घटना में चार लोग घायलों हैं। उनका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इसकी छानबीन की जा रही है। ये खबर अभी अपडेट हो रही है. .. यह खबर भी पढ़ें- राम मंदिर चोरी-यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को पुलिस ने दर्शन कराए:20 घंटे नजरबंद करके रखा था; CO ने जेल में आरोपियों से पूछताछ की अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई। करीब 20 घंटे नजरबंद रखने के बाद मंगलवार रात 9 बजे पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कराए। यहां पढ़ें पूरी खबर
नकटी गांव में 80 मकानों पर हुई कार्रवाई के बाद विस्थापित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित EWS आवासों में शिफ्ट किया गया है। दैनिक भास्कर की टीम सेक्टर-30 पहुंची। इस दौरान कई परिवार अब भी खुले में पड़े सामान के बीच अपनी नई जिंदगी व्यवस्थित करने की कोशिश करते मिले। कई घरों का सामान अभी तक शिफ्ट नहीं हो पाया है, क्योंकि करीब 350 वर्गफीट के छोटे फ्लैट में पूरे परिवार का सामान समेटना मुश्किल हो रहा है। एक छोटे हॉल, उससे जुड़े किचन, एक बेडरूम और बाथरूम वाले इन मकानों में बड़े परिवारों के लिए जगह कम पड़ रही है। अधिकांश विस्थापितों को तीसरी मंजिल पर आवास आवंटित किए गए हैं, जबकि कई परिवारों में बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर बीमार लोग भी हैं। एक परिवार ने बताया कि उनके मवेशी नहीं मिल रहे हैं। विस्थापित परिवारों के सामने अब सिर्फ घर बदलने का नहीं, बल्कि नई जगह पर बुनियादी सुविधाओं के साथ जीवन शुरू करने की भी चुनौती है। वहीं एक महिला ने बताया कि भूपेश बघेल और कांग्रेस के नेता गांव आए थे। उन्होंने हमें गांव में ही तंबू लगाकर रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर ही वो हमारी लड़ाई लड़ पाएंगे और कोर्ट जाएंगे। लेकिन बरसात के समय में छोटे-छोटे बच्चों के साथ तंबू में कैसे रहेंगे। कुछ समझ नहीं आ रहा है। पढ़िए नया रायपुर के सेक्टर-30 से ग्राउंड रिपोर्ट… पहले देखिए ये तस्वीरें- फ्लैट के बाहर आधा सामान बिखरा पड़ा जब दैनिक भास्कर की टीम EWS आवास की तीसरी मंजिल पर पहुंची तो एक छोटे से फ्लैट के बाहर आधा सामान अब भी बिखरा पड़ा था। कमरे के अंदर भी गृहस्थी का सामान इधर-उधर फैला हुआ था। इसी बीच एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनकी दिव्यांग बेटी मिलीं। दोनों नए घर में सामान समेटने की कोशिश कर रही थीं, और घरों को साफ कर रही थी। लेकिन उम्र, बीमारी और सीमित जगह उनकी मुश्किलें बढ़ा रही थीं। बातचीत के दौरान बुजुर्ग भूरी पाल तीसरी मंजिल तक चढ़ने की मजबूरी, दिव्यांग बेटी की परेशानी और राशन कार्ड जैसी रोजमर्रा की दिक्कतों का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उम्र 70 साल, पैरों में दर्द…तीसरी मंजिल पर रहने की मजबूरी भूरी पाल ने कहा कि नकटी गांव वहीं मेरा घर था, जहां मेरा पूरा परिवार बसता था। हमारे घर में एक बड़ा हॉल, दो कमरे, किचन और रहने के लिए पर्याप्त जगह थी। आज सब कुछ टूट गया। अब समझ ही नहीं आ रहा कि हमें कहां लाकर छोड़ दिया गया है। अब हमें तीसरी मंजिल पर मकान दिया गया है। मेरी उम्र 70 साल है और पैरों में तकलीफ रहती है। जिस दिन से यहां आई हूं, एक बार भी नीचे नहीं उतर पाई हूं। सीढ़ियां चढ़ना-उतरना मेरे बस की बात नहीं है। मेरी बेटी भी दिव्यांग है। उसे भी रोज सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में भारी परेशानी होती है। राशन कार्ड गांव का है, राशन लाने का कोई साधन नहीं भूरी पाल ने बताया हमारा राशन कार्ड अभी भी गांव के पते पर बना हुआ है। यहां आने के बाद सबसे बड़ी चिंता राशन की है। मेरे बच्चों के पास कोई गाड़ी नहीं है, ऐसे में गांव जाकर राशन लाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा, 'हमारा राशन कार्ड यहीं ट्रांसफर कर दिया जाए, ताकि हमें राशन लेने के लिए इतनी दूर न जाना पड़े। भूरी पाल ने कहा कि इस उम्र में तीसरी मंजिल से बार-बार नीचे उतरना भी उनके लिए आसान नहीं है। ऐसे में रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी बड़ी परेशानी बन गए हैं। भूरी पाल के घर से कुछ दूरी पर दूसरे ब्लॉक में भी हालात कुछ ऐसे ही मिले। वहां पहुंचने के लिए हमें फिर तीसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। यहां सुनीता बंजारे अपने परिवार के साथ नए फ्लैट में सामान जमाने की कोशिश कर रही थीं। हमसे बात करके हुए उन्होंने बताया क नकटी गांव में ही वहां कांग्रेस के नेता पहुंचे थे। वही से आ रहे हैं। ‘अस्पताल में आ गई हूं ऐसा लग रहा’ सुनीता बंजारे ने बताया कि उन्हें एक दिन पहले ही यहां शिफ्ट किया गया है। अभी तक पूरा सामान नहीं आ पाया है। जो सामान आया है, उसे रखने की भी जगह नहीं है। मुझे यहां आकर ऐसा लग रहा है कि मैं किसी अस्पताल में आ गई हूं। सब बंद-बंद लग रहा है। सुनीता ने कहा कि पुराने घर में काफी जगह थी। माता-पिता, भाई और पूरा परिवार साथ रहता था। अब एक छोटे से फ्लैट में सभी को रहना पड़ रहा है। परिवार में एक दिव्यांग सदस्य भी हैं, जो बैटरी वाली गाड़ी से चलते हैं। लेकिन तीसरी मंजिल पर लिफ्ट नहीं होने से उन्हें रोज सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दिक्कत होती है। पति को फेफड़े की बीमारी इसी घर में रहने वाले सुनीता बंजारे के पति आशोक बंजारे ने बताया कि उनके फेफड़े की बीमारी है। सांस लेने में तकलीफ रहती है। ऐसे में तीसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ना उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले हम खुले और बड़े घर में रहते थे। अब छोटे से फ्लैट में रहने की मजबूरी है। सुनीता ने यह भी बताया कि शिफ्टिंग के दौरान सबसे पहले उनका सामान ले जाया गया था, लेकिन अब तक उन्हें सामान की पूरी सूची और आवास आवंटन की पर्ची नहीं मिली है। इसलिए उन्हें चिंता है कि कहीं इस घर से भी बाहर ना निकाल दिया जाए। EWS फ्लैट के नीचे चूल्हे, लकड़ियां और बिखरा गृहस्थी का सामान…इन्हीं के बीच पूजा यादव मिलीं। उनके परिवार का काफी सामान अब भी खुले में पड़ा था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद उनका पूरा परिवार बिखर गया है और अब तक सामान्य जीवन शुरू नहीं हो सका है। घर की बिल्ली, कुत्ता और 3 गायें नहीं मिली पूजा यादव ने बताया, अभी तक हमने ठीक से खाना भी नहीं खाया है। न नहा पाए हैं और न ही समझ आ रहा है कि आगे क्या करें। जब घर पहुंचे तो देखा कि हमारा सामान बिना किसी व्यवस्था के बाहर निकालकर फेंक दिया गया था। हम अपना घर भी ठीक से नहीं देख पाए।' उन्होंने बताया कि घर का आधे से ज्यादा सामान बिखर गया। उनके घर में बिल्ली, कुत्ता और तीन गायें थीं। इनमें एक गाय गर्भवती थी, लेकिन कार्रवाई के बाद वह भी नहीं मिल रही है। हमारी गायें कहां चली गईं, हमें कुछ पता नहीं है। पूजा ने कहा कि कांग्रेस के नेता गांव आए थे, हमें बरसात के मौसम में हमें तंबू लगाकर वही रहने की बात कही जा रही है। वे कह रहे हैं ऐसा करने पर ही वो हमारी लड़ाई लड़ पाएंगे, कोर्ट जाएंगे। वे कह रहे हैं कि सरकार घर दे रही है, उसे मत लो, वहीं जाकर रहो। छोटे-छोटे बच्चों के साथ तंबू में कैसे रहेंगे? बारिश होगी तो सब भीग जाएगा। समझ नहीं आ रहा कि अब जिंदगी कैसे चलेगी। प्रधानमंत्री आवास टूटा, अब छोटे मकान में आ गए इसी बीच अपने बिखरे सामान के पास खड़े हीरा लाल मिले। उनके चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद उनका परिवार पूरी तरह बेघर हो गया है। हीरा लाल ने कहा हमारा सारा सामान यहां-वहां बिखरा पड़ा है। न रहने की कोई व्यवस्था है और न ही खाने-पीने का कोई ठिकाना। समझ नहीं आ रहा कि अब क्या करें। हीरा लाल ने बताया कि मैंने कई साल की मेहनत से अपना घर बनाया था। मेरे पिता का मकान जो प्रधानमंत्री आवास स्वीकार हुआ था, उसे भी तोड़ दिया गया। घर में रखे जरूरी दस्तावेज मलबे में दब गए। अभी तक वे हमें नहीं मिले हैं। प्रशासन का खाना खा रहे हैं, लेकिन पेट नहीं भरता EWS आवास में मिले राजू ने बताया कि यहां खाने की व्यवस्था प्रशासन कर रहा है। लेकिन होटल के खाने से पेट नहीं भरता। राजू ने कहा, हम कैसा खाना खाते हैं, यह हम ही जानते हैं। नाश्ते और खाने में थोड़ा-सा चावल, दाल, सब्जी और सलाद मिलता है। मात्रा इतनी कम होती है कि पेट नहीं भरता। जब से यहां आया हूं, एक दिन भी भरपेट खाना नहीं खा पाया हूं। उन्होंने बताया कि विस्थापन के बाद उनका काम भी छूट गया है। रोजी-रोटी का संकट अलग है और रोज नकटी गांव से नवा रायपुर आने-जाने में करीब 100 रुपए का पेट्रोल भी खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि घर टूटने के बाद अब परिवार चलाने की चिंता सबसे बड़ी हो गई है। ये तस्वीरें भी देखिए… ………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… नकटी गांव के ग्रामीणों ने घेरा कलेक्ट्रेट: EWS मकानों की सुविधाओं पर उठाए सवाल; कांग्रेस MLA बोलीं- गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में सोमवार को 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। अब इसके विरोध में बुधवार को प्रभावितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। उनका कहना है कि प्रशासन ने घर दिए हैं, जिनमें किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। घर इतने छोटे हैं कि उसमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना) न्यूयॉर्क, जयपुर फुट यूएसए और ब्रुहद न्यूयॉर्क सीनियर्स ने विश्वविख्यात इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा को माउंट सीनाई, न्यूयॉर्क में चीफ ऑफ क्लिनिकल कार्डियोलॉजी नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई दी हैं। राना न्यूयॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि डॉ. शर्मा की यह नियुक्ति केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और अमेरिका के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा- डॉ. समीन शर्मा राजस्थान की ही नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका की भी शान हैं। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, रोगी सेवा, चिकित्सा नवाचार तथा मेडिकल नेतृत्व के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय से उनके असाधारण योगदान को पूरी दुनिया सम्मान की दृष्टि से देखती है। यह प्रतिष्ठित नियुक्ति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण का उचित सम्मान है। न्यूयॉर्क में अगले साल राना पांचवां अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन होगा प्रेम भंडारी ने बताया कि डॉ. समीन शर्मा राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना), न्यूयॉर्क के संरक्षक सदस्य (Patron Member) हैं। राना विश्वभर में बसे राजस्थानियों का एक प्रतिष्ठित वैश्विक संगठन है, जिसने अब तक न्यूयॉर्क में चार अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किए हैं। इनमें दो बार राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने मंत्रिमंडल के साथ और एक बार पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे अपने मंत्रिमंडल के साथ शामिल हुई थीं। भंडारी ने बताया कि अगले साल न्यूयॉर्क में राना का पांचवां अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। भंडारी ने डॉ. समीन के कोविड के दौरान किए काम को किया याद प्रेम भंडारी ने कहा कि डॉ. समीन शर्मा राना की स्थापना से ही उसके सबसे बड़े समर्थकों में रहे हैं। वे न केवल राना, बल्कि जयपुर फुट यूएसए की मानवीय सेवा गतिविधियों के भी प्रमुख सहयोगी रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. शर्मा के योगदान को याद करते हुए कहा कि माउंट सीनाई अस्पताल के माध्यम से तथा जयपुर फुट यूएसए के सहयोग से उन्होंने भारत को आधुनिक वेंटिलेटरों की लाखों अमेरिकी डॉलर मूल्य की खेप भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पहल पर कई अवसरों पर जीवनरक्षक दवाइयां भी भारत भिजवाईं, जिससे महामारी के कठिन दौर में अनेक लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। भंडारी ने यह भी स्मरण कराया कि लगभग दो दशक पूर्व डॉ. सामिन शर्मा ने जयपुर में अत्याधुनिक ईएचसीसी (EHCC) हॉस्पिटल की स्थापना की थी। आज यह संस्थान न केवल राजस्थान, बल्कि पड़ोसी राज्यों एवं पड़ोसी देशों से आने वाले मरीजों को भी विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। राना न्यूयॉर्क, जयपुर फुट यूएसए तथा ब्रुहद न्यूयॉर्क सीनियर्स की ओर से प्रेम भंडारी ने घोषणा की कि डॉ. सामिन शर्मा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में उनकी सुविधानुसार एक विशेष सम्मान समारोह एवं लंच आयोजित किया जाएगा।
राजस्थान की पहली पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण की तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को करीब दोपहर 12 बजे रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। करीब दो घंटे कार्यक्रम में रहने के बाद दोपहर 2 बजे जोधपुर के लिए रवाना होंगे। हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम और आधिकारिक घोषणा जारी नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं और कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल से लेकर आसपास के पूरे इलाके की सुरक्षा की माइक्रो प्लानिंग की गई है। पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटे हैं। रिफाइनरी के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होर्डिंग और कटआउट भी लगाए जाने शुरू हो गए हैं। आज प्रदेशाध्यक्ष, कल सीएम करेंगे समीक्षा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गुरुवार को पचपदरा पहुंचेंगे। वे तैयारियों की समीक्षा करने के साथ कार्यकर्ताओं की बैठक भी लेंगे। इसके बाद 3 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पचपदरा पहुंचकर तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे। इससे पहले 28 जून को भी मुख्यमंत्री अधिकारियों से तैयारियों का फीडबैक ले चुके हैं। साइकिल रैली से देंगे पर्यावरण बचाने का संदेश लोकार्पण समारोह के साथ प्रदेश सरकार ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी। योजना के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी पचपदरा से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी तक साइकिल रैली में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर ई-वाहनों और साइकिलों के लिए अलग ग्रीन पार्किंग भी बनाई जाएगी। जिले में लगाए जाएंगे 2.51 लाख पौधे प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को पर्यावरण अभियान से जोड़ते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 2 लाख 51 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। हर ग्राम पंचायत में 500 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा नगर निकाय क्षेत्रों, स्कूलों, सरकारी ऑफिसों, सार्वजनिक जगहों, पंचायत परिसरों और चारागाह जमीन पर भी पौधारोपण किया जाएगा। हर पौधे की जियो टैगिंग की जाएगी, ताकि उसकी निगरानी और देखभाल की जा सके। करीब 5 हजार लोग होंगे शामिल रिफाइनरी परिसर में इन दिनों अधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं। समारोह में अब सिर्फ दो दिन का समय बचा है। सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हैं। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम में सीमित लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर करीब 5 हजार लोगों के मौजूद रहने की संभावना है। जो लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकेंगे, उनके लिए जिला मुख्यालय सहित जिले के गांवों और शहरों में एलईडी स्क्रीन पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मौके को देख सकें।
घर में फंदे पर मिला व्यापारी का शव:चप्पल की दुकान चलाता था मृतक; परिजनों के लौटने पर हुआ खुलासा
बड़वानी थाना क्षेत्र की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बुधवार रात एक व्यापारी ने घर में आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, मृतक राकेश (45) पिता मदनलाल चौहान ने रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय वह घर में अकेले थे। परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात जब वे घर लौटे तो व्यापारी फंदे से लटके हुए मिले। परिवार के सदस्यों ने तत्काल उन्हें नीचे उतारा और उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद राकेश चौहान को मृत घोषित कर दिया। चप्पल की दुकान चलाता था मृतक मृतक शहर में 'मारवाड़ी' नाम से चप्पल की दुकान चलाते थे। परिजनों ने बताया कि राकेश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे और कम बातचीत करते थे। हालांकि, आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। व्यापारी अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। आसपास के लोग भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने पर शहर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
हिमाचल में मानसून का कहर, छह लोगों की मौत, 35 सड़कें बंद, 127 ट्रांसफार्मर ठप
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ते ही जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन, सड़क अवरोध, बिजली बाधित होने और हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
एक भाजपा नेता और वकिल पर बुधवार की देर शाम को कुछ अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोट आई। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सिरोही रेफर किया गया। घटना के विरोध में सियाणा क्षेत्रपाल व्यापार संघ और राजपुरोहित समाज के लोगों ने सियाणा पुलिस चौकी के बाहर रात 11 बजे तक धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। दरअसल, वह कचहरी से अपना काम निप्टाकर शाम को अपनी कार से सियाणा गांव जा रहे थे। इसी दौरान गांव के आसपास सामने से आ रही गाड़ी में अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। यह घटना जालोर जिले के बागरा थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में बुधवार शाम की है। आकोली और सियाणा के बीच कार रुकवाकर किया हमला बिशनगढ़ थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया कि सियाणा निवासी भाजपा युवा मोर्चा के जिला प्रवक्ता और वकील नटवर सिंह राजपुरोहित (37) बुधवार को जालोर कचहरी से काम खत्म कर अपनी कार से सियाणा लौट रहे थे। शाम करीब 6 बजे आकोली और सियाणा के बीच आडवाडा गांव के पास सामने से आई एक गाड़ी में सवार अज्ञात लोगों ने उनकी कार रुकवाई और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के दौरान आसपास अन्य लोगों को आता देख हमलावर मौके से फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से घायल नटवर सिंह राजपुरोहित को सियाणा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सिरोही रेफर कर दिया गया। जहां उनका इलाज जारी है। सिर में गहरा घाव, हाथ में फ्रैक्चर हमले में नटवर सिंह राजपुरोहित के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया। हमले से उनके सिर में गहरा और लंबा चीरा लग गया, जिससे काफी खून बहा। घाव इतना गंभीर था कि सिर पर कई टांके लगाने पड़े। इसके अलावा उनके एक हाथ में भी फ्रैक्चर हुआ है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी। गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात 11 बजे तक धरना घटना की सूचना मिलते ही सियाणा क्षेत्रपाल व्यापार संघ और राजपुरोहित समाज के लोग सियाणा पुलिस चौकी के सामने जमा हो गए। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। धरना रात करीब 11 बजे तक चला। बाद में बागरा थाना प्रभारी मोहनलाल गर्ग के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर गुरुवार शाम 5 बजे तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। पुलिस कर रही मामले की जांच बिशनगढ़ थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया कि रात में हुई मारपीट के मामले में जांच की जा रही और टीमें बनाकर आरोपियों के पकड़ने का प्रयास किया जा रहा हैं।
रायबरेली में छात्र की संदिग्ध मौत:छत पर मिला शव, गले पर फंदे के निशान, पुलिस जांच में जुटी
रायबरेली के बछरावां कोतवाली क्षेत्र स्थित मदारखेड़ा गांव में बुधवार देर शाम 10 बजे एक कक्षा आठ के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 13 वर्षीय किशोर का शव घर की छत पर मिला, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान मदारखेड़ा निवासी राजकुमार सिंह के पुत्र धीरेंद्र के रूप में हुई है। धीरेंद्र बुधवार शाम अपने घर की छत पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला था। खेत से लौटने के बाद परिजनों ने उसे देखा और तत्काल छोटकवा खेड़ा के एक निजी नर्सिंग होम ले गए। वहां इलाज से मना करने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां ले जाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. अभय चतुर्वेदी ने धीरेंद्र का परीक्षण किया और उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार, किशोर के गले पर फंदे के निशान मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया फंदे पर लटकने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उसके दोनों पैरों के पंजों पर भी गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। कोतवाल श्याम कुमार पाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्टीकरण होगा। पुलिस को तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में बुधवार रात 10 बजे एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लेबर कैंप में आग लग गई।हादसे में मजदूरों के दो टीन शेड जलकर राख हो गए। सभी मजदूर समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इनमें से तीन गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग के दौरान कई छोटे गैस सिलेंडर भी फट गए, जिससे लपटें तेजी से फैल गईं। 60 मजदूरों के लिए बना था लेबर कैंप जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब 10:50 बजे कचहेड़ा कादलपुर स्थित झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने करीब 60 मजदूरों के रहने के लिए टीन शेड बनाए थे। मजदूर इन्हीं शेडों में छोटे गैस सिलेंडरों पर खाना बनाते थे। गैस रिसाव से लगी आग प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक झोपड़ी में छोटे सिलेंडर से गैस रिसाव हुआ, जिससे आग लगी। देखते ही देखते आग पूरे टीन शेड में फैल गई और दो शेड पूरी तरह जल गए। मजदूरों का सामान जलकर राख दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आग में मजदूरों का घरेलू सामान और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गया। दमकल विभाग ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग पर अब बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 23 जून को भूखंड स्वामी को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि अवैध निर्माण क्यों कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक भवन स्वामी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में 6 जुलाई को नोटिस की अवधि पूरी होते ही 7 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। LDA अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण को गिराने में आने वाला पूरा खर्च भी भूखंड स्वामी से ही वसूला जाएगा। इसके लिए ध्वस्तीकरण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मदद भी ली जाएगी। SIT रिपोर्ट में बिजली विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में दूसरी ओर, अग्निकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार जांच में सिर्फ LDA के इंजीनियरों की लापरवाही ही सामने नहीं आई, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच में कहा गया है कि नियमों की अनदेखी कर भवन को बिजली कनेक्शन दिया गया। इतना ही नहीं, बिजली का लोड बढ़ने के बाद भी विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रही। निलंबित इंजीनियरों के भी दर्ज हुए बयान SIT ने जांच के दौरान LDA के उन तत्कालीन इंजीनियरों के भी बयान दर्ज किए हैं, जिन्हें अग्निकांड के बाद निलंबित किया गया था। अब शासन स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और विभागों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।
सवाई माधोपुर जिला परिवहन विभाग ने वित्तीय साल 2026-27 की पहली तिमाही में 1904 चालान कर 18.15 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है। विभाग को पहले क्वार्टर में 18.87 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था। इस दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ओवरलोड वाहनों और बसों पर भी सख्ती की गई। पहले क्वार्टर में 18.15 करोड़ रुपए का राजस्व जिला परिवहन विभाग को वित्तीय साल के पहले क्वार्टर में 18.87 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला था। इसके मुकाबले विभाग ने 18.15 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया। पिछले तीन महीनों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के कुल 1904 चालान किए गए। ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह ने बताया कि 1 अप्रैल से अब तक ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 386 चालान किए गए। इस दौरान परिवहन निरीक्षक हनुमान मीणा और पिंकी रानी मीणा ने कार्रवाई करते हुए 50 ओवरलोड वाहनों को भी जब्त किया। बसों से हटाए गए करियर और सीढ़ियां अधिकारी ने बताया कि जिले में 220 बसों पर करियर लगे हुए थे, जिन्हें हटा दिया गया है। अब सवाई माधोपुर जिले की किसी भी बस पर करियर और सीढ़ी नहीं लगी है। अप्रैल, मई और जून में इतने चालान परिवहन विभाग ने अप्रैल में 590, मई में 523 और जून में 791 चालान किए। जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह ने बताया कि आगे भी सड़क सुरक्षा अभियान के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों को सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
दौसा में आज बारिश का अलर्ट:तापमान में आई गिरावट, सिकंदरा चौराहे पर सड़क पर भरा पानी
दौसा जिले में बुधवार शाम से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सिकराय और महवा उपखंड में झमाझम बारिश हुई, जबकि दौसा, बांदीकुई और लालसोट में भी मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया और कुछ जगहों पर लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। वहीं तापमान गिरने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। सिकराय और महवा में झमाझम बारिश जिले में सबसे ज्यादा बारिश सिकराय और महवा उपखंड क्षेत्र में हुई। वहीं दौसा, बांदीकुई और लालसोट में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया। फिलहाल जिले में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हाईवे पर जलभराव से धीमा हुआ ट्रैफिक जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर सिकंदरा चौराहे के पास डाबर ढाणी में सड़क पर पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई जगह सड़क पर पानी जमा होने से ट्रैफिक धीमी रफ्तार से चलता रहा। तापमान में आई गिरावट मौसम विभाग के अनुसार बारिश के बाद जिले का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अगले कई दिन बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक जिले के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से मौसम की अपडेट पर नजर रखने और पानी भरे इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज कर दिया है। हिंद इंस्टीट्यूट में अवध क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने 82 विधानसभा क्षेत्रों के 377 मंडल अध्यक्षों के साथ चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवादी विचारधारा का ध्वज वाहक बताया। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन की वास्तविक शक्ति बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं में निहित है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मंडल में शक्ति केंद्र और बूथ अध्यक्षों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए। इसके साथ ही, संगठन की योजनाओं की समीक्षा की जाए और प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया जाए। धर्मपाल सिंह ने मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को दो प्रमुख मंत्र दिए: पहला, नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ना; और दूसरा, जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने की। बैठक की शुरुआत संस्थापक महापुरुषों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् गीत के साथ हुई। राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन किया गया। इस अवसर पर खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर, प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, अभिजात मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह रावत, अर्चना मिश्रा, विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा, एमएलसी अवनीश सिंह पटेल, अंगद सिंह और विधायक दिनेश रावत सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
अयोध्या राम मंदिर घोटाला: SIT करेगी 5 साल का महा-ऑडिट, ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों पर गिरेगी गाज?
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय हेरफेर के मामले में एक बेहद सनसनीखेज मोड़ आ गया है. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत मिलने के बाद, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब राम मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच सालों के फंड और हर एक वित्तीय लेनदेन (Financial Transaction) का गहन ऑडिट करने जा रही है. इस जांच की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने SIT की समयसीमा को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है, जिसके बाद अब टीम 15 जुलाई को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी. इस कदम से ट्रस्ट के कई रसूखदार अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है.बंद कमरों से निकला क्रिमिनल एंगल, रडार पर आए चंपत राय और अनिल मिश्रासूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, SIT ने अपनी शुरुआती पड़ताल में मामले के क्रिमिनल पहलू को डिकोड कर लिया है, जिसके आधार पर FIR भी दर्ज की जा चुकी है. जांच टीम सिर्फ पैसों की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती के प्रोसेस में हुई गंभीर लापरवाहियों को भी खंगाल रही है. अब तक मिले सुरागों के बाद अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय जैसे बड़े नाम जांच के घेरे में आ चुके हैं. मामले की कमान खुद लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, IG रेंज किरण एस और स्पेशल फाइनेंस सेक्रेटरी नील रतन ने संभाल रखी है, जो जल्द ही अयोध्या में डेरा डालकर इस महा-ऑडिट की शुरुआत करेंगे.बिना ऑडिट के रखी थी करोड़ों की ज्वेलरी, कंस्ट्रक्शन में भी कमीशनखोरी का शकट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी मुसीबत दान में मिले सोने-चांदी और गहनों का हिसाब देना बन गया है, क्योंकि आरोप है कि लंबे समय से इसका कोई पुख्ता ऑडिट ही नहीं कराया गया. इसके अलावा, मंदिर के कंस्ट्रक्शन वर्क में भी भारी कमीशनखोरी के इनपुट्स मिले हैं, जिसने जांच अधिकारियों के कान खड़े कर दिए हैं. जांच का दायरा बढ़ने के बाद जब ट्रस्ट के अधिकारी अनिल मिश्रा से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सारा ठीकरा टीनू यादव नाम के शख्स पर फोड़ दिया. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उनके रहते हुए करोड़ों रुपये कैसे साफ हो गए, तो वह लापरवाही की बात कबूलते हुए कई तीखे सवालों के जवाब नहीं दे पाए.पुश्तैनी घरों पर आधी रात का छापा: कैश, गहने और प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्तमामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे के कुबूलनामे के बाद पुलिस ने उनके पुश्तैनी घरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. अयोध्या के रुदौली और खंडासा इलाकों में हुई इस तीन घंटे की रेड में पुलिस के हाथ बड़ा खजाना लगा है. सूत्रों का दावा है कि आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में कैश, कीमती ज्वेलरी और बेनामी संपत्ति के कागजात बरामद हुए हैं. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और पूछताछ के लिए आरोपियों के माता-पिता को भी अपने साथ ले गई है. आने वाले दिनों में गोपाल राव समेत कई अन्य चेहरों से होने वाली पूछताछ में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी उम्मीद है.
जौनपुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) गुरुवार से 23 केंद्रों पर शुरू हो गई है। यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 56,882 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के पहले दिन की पहली पाली में 10,461 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रशासन ने परीक्षा को शुचितापूर्ण और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत योजना पहले ही तैयार कर ली थी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश देने से पहले कड़ी जांच की गई। इसमें उनके जूते, मोजे, शर्ट की बाहें और कॉलर खुलवाकर चेकिंग की गई। पानी की बोतलें ले जाने से पहले उन पर लगे रैपर भी हटाकर जांचे गए। यह परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। 4 जुलाई को परीक्षा केवल एक पाली में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक पाली में लगभग 10,000 से 11,000 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जिलाधिकारी ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। परीक्षा के सुचारु एवं निष्पक्ष संचालन के लिए 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 5 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी ने केंद्र अधीक्षकों के दायित्वों और जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना शामिल है। परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के साथ-साथ अभ्यर्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्र अधीक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है। अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं, न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता पिता को बड़ी राहत है जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उनको स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगापंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और फ्यूचर की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। 150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक आर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे यूएसए के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, इसलिए उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।
सीहोर जिले में मानसून सक्रिय है और बारिश का दौर जारी है। जिला भू-अभिलेख शाखा के अनुसार, 2 जुलाई को जिले में औसतन 0.26 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही 1 जून से अब तक जिले में कुल औसतन 7.83 इंच वर्षा हो चुकी है। गुरुवार को हुई बारिश में इछावर में सबसे अधिक 0.83 इंच वर्षा दर्ज की गई। सीहोर मुख्यालय पर 0.47 इंच और भैरूंदा में 0.43 इंच बारिश हुई। बुधनी में 0.16 इंच, रेहटी में 0.17 इंच और आष्टा में 0.04 इंच बारिश दर्ज की गई। श्यामपुर और जावर केंद्रों पर आज बारिश नहीं हुई। आष्टा में सबसे ज्यादा बारिश 1 जून से अब तक के आंकड़ों के अनुसार, आष्टा में सबसे अधिक 11.50 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके बाद भैरूंदा में 10.71 इंच और इछावर में 9.76 इंच वर्षा हुई है। जावर में 6.98 इंच, सीहोर में 6.96 इंच, बुधनी में 6.81 इंच और रेहटी में 6.39 इंच बारिश दर्ज की गई है। श्यामपुर में अब तक सबसे कम 3.54 इंच वर्षा हुई है। आगे भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में पिछले 10 दिनों से थमा मानसून अब पूरी तरह एक्टिव हो गया है। 30 जून तक मानसून पूरे प्रदेश में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक राज्य के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं आज (2 जुलाई) दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 100 मिमी (10 सेमी) बारिश छोटेडोंगर में रिकॉर्ड की गई। हालांकि अब तक प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से काफी कम रही है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से करीब 60% कम बारिश हुई है। 30 जून तक प्रदेश में सामान्य तौर पर 188 मिमी (7.4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी (2.5 इंच) ही दर्ज हुई है। यानी सामान्य से 121.8 मिमी (4.7 इंच) कम बारिश हुई है। राहत की बात यह है कि मानसून के पूरे प्रदेश में सक्रिय होने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। बारिश का रिकॉर्ड पिछले 24 घंटे में छोटेडोंगर के अलावा कुटरू में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। पटना, चिरमिरी, बीजापुर, भैरमगढ़ और बैकुंठपुर में 70-70 मिमी बारिश हुई। वहीं मनेन्द्रगढ़, नया बाराद्वार, रामचंद्रपुर, बड़े बचेली, ओरछा, ओडगी और भोपालपटनम में 60-60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रायपुर का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (गुरुवार) दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिर सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। क्यों बढ़ेगी बारिश? मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में साइक्लोन सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में 3 जुलाई के आसपास लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इसके असर से प्रदेश में बारिश की एक्टिविटी तेज होंगी। तस्वीरें देखिए…
लुधियाना में दिनदहाड़े एक्टिवा सवार व्यक्ति से लूट की वारदात सामने आई है। जालंधर बाईपास के पास दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों ने व्यक्ति को घेर लिया और तेजधार हथियार दिखाकर उसकी एक्टिवा व मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। थाना दरेसी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना दरेसी पुलिस ने लूटपाट के आरोप में दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तेजधार हथियार दिखाकर एक्टिवा और मोबाइल लूटा शिकायतकर्ता रुपेश कुमार साहनी, निवासी प्रीतम कॉलोनी, गांव लोहारा, लुधियाना ने पुलिस को बताया कि 12 जून 2026 को वह अपनी एक्टिवा (नंबर PB10KD-3283) पर सब्जी मंडी, जालंधर बाइपास सब्जी लेने जा रहा था। जब वह जोधेवाल बस्ती चौक पुल के ऊपर पहुंचा तो पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक आए। आरोपियों ने उसे घेर लिया और तेजधार हथियार दिखाकर डराया-धमकाया। बदमाशों ने उससे एक्टिवा की चाबी मांगी। उसने जब विरोध किया तो लुटेरों ने धारदार हथियार से उसकी बाजू और कमर पर वार किया। धारदार हथियार से किए वार जब वह जमीन पर गिर गया तो लुटेरे उसकी एक्टिवा और ओप्पो K12x मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। थाना दरेसी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 304 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
हज-2026 पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने सभी इच्छुक आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने हज यात्रियों को सोशल मीडिया या अन्य अनाधिकृत माध्यमों से प्रसारित भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि केवल अधिकृत एवं आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने बताया कि हज सत्र शुरू होने से लेकर उसके समापन तक सभी अधिकृत सूचनाओं का प्रचार-प्रसार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के अधिकृत सदस्यों के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज से जुड़ी सही और प्रमाणिक जानकारी समय पर सभी आवेदकों तक पहुंच सके। अनाधिकृत लोगों द्वारा जारी की जा रही हैं सूचनाएं आशुतोष पांडेय ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ हज प्रशिक्षक एवं अन्य अनाधिकृत व्यक्ति विभाग की अनुमति के बिना अपने स्तर से हज संबंधी सूचनाएं प्रकाशित और प्रसारित कर रहे हैं। ऐसे लोगों को विभाग की ओर से किसी प्रकार की अधिकृत जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से हज आवेदकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसलिए सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील है कि वे केवल विभाग और हज समिति की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। 20 जुलाई तक होंगे ऑनलाइन आवेदन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि हज-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून 2026 से शुरू हो चुकी है, जो 20 जुलाई 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट तथा 'हज सुविधा' मोबाइल एप के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का समय विस्तार या विशेष छूट नहीं दी जाएगी। इसलिए आवेदक अंतिम समय की प्रतीक्षा न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगा डिजिटल कुर्रा उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में डिजिटल रैंडम चयन (कुर्रा) कराया जाएगा। चयनित प्रोविजनल हज यात्रियों को 10 अगस्त 2026 तक 1,52,300 रुपये की अग्रिम धनराशि जमा करनी होगी। आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को मशीन पठनीय अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट, जिसकी वैधता कम से कम 31 दिसंबर 2027 तक हो, नवीन पासपोर्ट आकार का फोटो, बैंक पासबुक अथवा निरस्त चेक तथा पते के प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। बिना आवश्यक दस्तावेजों के आवेदन प्रक्रिया पूर्ण नहीं मानी जाएगी। समय रहते आवेदन करने की अपील उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के सदस्य जावेद कमर खां ने भी हज-2026 के इच्छुक आवेदकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें। उन्होंने कहा कि समय रहते ऑनलाइन आवेदन पूरा करने से तकनीकी समस्याओं और अंतिम समय की भीड़ से बचा जा सकता है।
उन्नाव पुलिस ने उत्तर प्रदेश शासन की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जून-2026 की मासिक रैंकिंग में जनपद उन्नाव को पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जय प्रकाश सिंह के कुशल निर्देशन का परिणाम है। आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से आम जनता द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता, समयबद्धता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर किया जाता है। शासन स्तर से जारी इस रैंकिंग में उन्नाव पुलिस ने जून माह में सभी जनपदों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। एसएसपी जय प्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद पुलिस ने शिकायतों को गंभीरता से लिया और उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित कराया। थाना स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायतों की लगातार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इसी क्रम में, जिले के 20 थानों ने भी प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनमें महिला थाना, सफीपुर, बेहटा मुजावर, दही, बांगरमऊ, पुरवा, अचलगंज, बारासगवर, माखी, औरास, आसीवन, हसनगंज, बिहार, मौरावां, असोहा, बीघापुर, कोतवाली सदर, सोहरामऊ, गंगाघाट और अजगैन थाने शामिल हैं। इन सभी थानों ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुलिस विभाग के अनुसार, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण पर विशेष निगरानी रखी जाती है। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। निस्तारित शिकायतों की गुणवत्ता की भी समीक्षा की जाती है, ताकि फरियादियों को वास्तविक राहत मिल सके। एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने इस उपलब्धि पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी यह मानक बनाए रखा जाएगा।
सोनभद्र पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक गुमशुदा महिला और उसके दो मासूम बच्चों को उडीसा से सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलाया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में और प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में थाना शक्तिनगर पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। शक्तिनगर थाने में कोहरौलिया निवासी एक व्यक्ति ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था बताया था कि उसकी पत्नी अमृत देवी (लगभग 35 वर्ष) अपने दो पुत्रों प्रतीक (लगभग 6 वर्ष) और कार्तिक (लगभग 4 वर्ष) के साथ लापता हो गई । गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी। विवेचना के दौरान तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों का उपयोग किया गया। इसके आधार पर थाना करोदरा, जनपद सूरत ग्रामीण (गुजरात) पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप महिला और बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद महिला और दोनों बच्चों को सोनभद्र लाया गया। यहां उनकी विधिवत पहचान कराई गई और आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना या आपराधिक तथ्य सामने नहीं आए हैं। इस सफल बरामदगी में प्रभारी निरीक्षक शक्तिनगर सत्येन्द्र कुमार राय, उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव (प्रभारी चौकी बीना) और कांस्टेबल अरुण कुमार की टीम शामिल थी। परिजनों ने सोनभद्र पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है, जबकि क्षेत्रीय नागरिकों ने भी पुलिस टीम की त्वरित और सराहनीय कार्यवाही की प्रशंसा की है।
फतेहाबाद जिले में बारिश और बादलवाही ने गर्मी से कुछ राहत प्रदान की है। मगर भूना शहर में मानसून की पहली बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। शहर में पाइप लाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई और उसके बाद सड़क की ठीक तरीके से मरम्मत नहीं होने के कारण गुरुवार को कई वाहन कीचड़ और धंसी हुई मिट्टी में फंस गए। कई ट्राले सड़क पर धंस गए, जबकि सीमेंट से भरा एक ट्राला पलट गया। ट्राला ड्राइवर को मामूली चोटें आई है। इसके चलते सिरसा-चंडीगढ़ मेन रोड पर जाम जैसे हालात बन गए। बाद में क्रेन मंगवा कर पलटे ट्राले को उठाया गया। जिससे रास्ता खुल पाया। वहीं, मेन रोड पर पानी भी भर गया है। जानकारी के अनुसार, शहर में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को कई स्थानों पर खोदा गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क को अस्थायी रूप से मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। मानसून की पहली बारिश होते ही सड़क की मिट्टी धंस गई और रास्ता दलदल में तब्दील हो गया। भारी वाहनों के गुजरते ही सड़क बैठने लगी, जिससे एक-एक कर कई ट्राले उसमें फंस गए। डीसी लगातार दौरे कर रहे, फिर भी ऐसे हालात नगरपालिका भूना के वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी ने कहा कि डीसी डॉ.विवेक भारती ने 15 जून तक का समय दिया था। मगर अधिकारियों की लापरवाही है। अधिकारियों से काम पूरा नहीं हुआ। न नगरपालिका और न ही पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। शहर को बचाने वाली पाइप लाइन तो अभी तक डाली ही नहीं है। बागड़ी ने आरोप लगाया कि अधिकारी डीसी को भी गुमराह कर रहे हैं। पब्लिक हेल्थ का सारा सिस्टम फेल है। पाइप लाइन इस समय की बजाय पहले ही डालनी चाहिए थी। नगरपालिका के तो सारे अधिकारी सस्पेंड किए जाने चाहिए। भूना के लगातार दौरे कर रहे डीसी बागड़ी ने कहा कि डीसी डॉ.विवेक भारती लगातार भूना के दौरे कर रहे हैं। एक दिन पहले ही डीसी भूना पहुंचे थे। उनसे पहले एडीसी अनुराग ढालिया भी आए थे। मगर लोकल अधिकारी उनको मिसगाइड कर रहे हैं। अधिकारियों को पता है कि दो बार भूना में भारी जलभराव हो चुका है। मगर समय रहते कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।
बलिया में ओ-लेवल, सीसीसी प्रशिक्षण के लिए आवेदन शुरू:इच्छुक अभ्यर्थी 10 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
बलिया में शैक्षिक एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने रोजगारपरक कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के न्यूनतम इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी (CCC) कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण भारत सरकार की संस्था नीलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जाएगा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिनके माता-पिता अथवा अभिभावकों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। यह पात्रता मानदंड योजना के लिए आवश्यक है। प्रशिक्षण प्रदान करने की इच्छुक संस्थाएं 20 मई 2026 से 03 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थी 16 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता, समय-सारणी और आवेदन प्रक्रिया विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन के बाद, प्रशिक्षणदायी संस्थाओं को अपने आवेदन-पत्र की हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी आवश्यक अभिलेखों सहित 3 जून 2026 को शाम 5 बजे तक जमा करनी होगी। अभ्यर्थियों को भी आवेदन-पत्र की हार्ड कॉपी आवश्यक संलग्नकों सहित 10 जुलाई 2026 तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, कक्ष संख्या-7, प्रथम तल, विकास भवन, बलिया में जमा करना अनिवार्य होगा।
बिजनौर में परिवहन विभाग ने 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान शुरू किया है। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर बुधवार से शुरू हुए इस अभियान के तहत स्कूली वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पहले दिन 95 स्कूली वाहनों की जांच की गई, जिनमें सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर 27 वाहनों को नोटिस जारी किए गए। एआरटीओ प्रशासन महेश कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान के लिए दो प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं। एक टीम का नेतृत्व एआरटीओ प्रशासन स्वयं कर रहे हैं, जबकि दूसरी टीम का नेतृत्व पीटीओ मुन्ना लाल कर रहे हैं। ये टीमें स्कूल परिसरों और सड़कों पर संचालित स्कूल बसों, वैन तथा अन्य वाहनों की जांच कर रही हैं। 5 तस्वीरें देखिए- अभियान के पहले सप्ताह में उन वाहनों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी फिटनेस या परमिट समाप्त हो चुके हैं। उन्हें कमियां दूर करने का अवसर दिया जा रहा है। वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों की भी सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच की जा रही है। यह विशेष अभियान 15 जुलाई तक जारी रहेगा और परिवहन विभाग सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं करेगा। जांच के दौरान कई वाहनों में फायर एक्सटिंग्विशर का न होना या खाली होना, सीसीटीवी कैमरा न लगा होना, फर्स्ट एड बॉक्स का अभाव और सेफ्टी रॉड न लगी होना जैसी कमियां पाई गईं। इन 27 वाहनों के संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। एआरटीओ प्रशासन महेश कुमार शर्मा ने बताया कि निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने के बाद वाहनों को दोबारा जांच के लिए प्रस्तुत करना होगा। यदि चेतावनी के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संबंधित स्कूलों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को मान्यता संबंधी कार्रवाई की संस्तुति भी भेजी जाएगी।
सलूंबर पुलिस ने पशुओं से भरा ट्रक पकड़ा:दो मंजिला ट्रक में ले जाए जा रहे थे 50 पशु, 5 आरोपी गिरफ्तार
सलूंबर पुलिस ने पशु तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक ट्रक से 50 पशुओं को मुक्त करवाया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत की गई है। पुलिस अधीक्षक विश्नाराम विश्नोई के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला और वृत्ताधिकारी के सुपरविजन में डीएसटी टीम और सलूम्बर थाना पुलिस बुधवार देर रात गणेश घाटी क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान उन्हें जयपुर की ओर जा रहे एक ट्रक में बड़ी संख्या में भैंसों को अमानवीय तरीके से ले जाने की सूचना मिली। ट्रक में थे 50 पशु सूचना के आधार पर ट्रक को रोका और उसकी जांच की। ट्रक के अंदर लकड़ी के पट्टों और पार्टिशन का उपयोग करके दो मंजिला ढांचा बनाया गया था। इसमें कुल 33 भैंसें और 17 छोटे बछड़े, यानी 50 पशुओं को ठूंसकर भरा गया था। पशुओं को खड़े होने, बैठने या हिलने-डुलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, जो प्रथम दृष्टया पशु क्रूरता का मामला था। पुलिस ने सभी पशुओं को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और इडाणा माता गौशाला भेजा, जहां उनके लिए चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था की गई। पुलिस ने की कार्रवाई पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और उसमें सवार मुकेश, लोकेश, जीतू (सलूम्बर निवासी) तथा शोएब और जमशेद (पलवल, हरियाणा निवासी) के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
उन्नाव एक्सप्रेसवे पर हादसे में 5 की मौत का मामला:चौकी इंचार्ज ने बस चालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई
उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के देवखरी गांव के पास किलोमीटर संख्या 230.700 पर हुई। एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए सामने से आ रही कार से टकरा गई। देवखरी चौकी इंचार्ज तफुज अहमद ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, चौकी प्रभारी तफूज अहमद ने बताया कि 1 जुलाई को तड़के करीब 4:15 बजे आगरा से लखनऊ की ओर जा रही डबल डेकर सिंह बस सर्विस (संख्या BR06PF1024) झज्जर, हरियाणा से बिहार जा रही थी। आरोप है कि बस चालक मोहित पुत्र रामनिवास निवासी ग्राम कसीसौ, थाना खैर, जनपद अलीगढ़ बस को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। इसी दौरान किलोमीटर संख्या 230.700 के पास बस अनियंत्रित हो गई और बीच के डिवाइडर को तोड़ते हुए लखनऊ से आगरा की ओर जा रही अर्टिगा कार (संख्या UP58AK3461) से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, बस भी सड़क किनारे डिवाइडर तोड़ते हुए खंदक में जाकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने कार चालक विनोद कुमार (पुत्र बदलू प्रसाद, निवासी तेनुहारी सोयम गांधी ग्राम, जनपद संत कबीरनगर, उम्र करीब 46 वर्ष), धुनमुन (उम्र करीब 60 वर्ष), अंजू (उम्र करीब 40 वर्ष), अमृता (उम्र करीब 5 वर्ष) और दिव्या (उम्र करीब 12 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल प्रिया, आर्यन, अपराजिता (उम्र करीब 14 वर्ष) और रिध्यांश को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। बस में सवार करीब पांच से छह यात्रियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मौके पर मौजूद बस यात्रियों ने बताया कि बस चालक नशे की हालत में लग रहा था। यात्रियों ने आरोप लगाया कि रास्ते में बस कई बार अनियंत्रित होकर लहराई और कई बार दुर्घटना होने से बची। हादसे के बाद पुलिस ने बस चालक मोहित के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना में मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बस में कंडक्टर के रूप में रामकुमार पुत्र रामौतार निवासी ग्राम बरई थाना तालग्राम जनपद कन्नौज भी मौजूद था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर सामान्य कराया।
सतना जिले की जनपद पंचायत नागौद के ग्राम पंचायत गिंजारा अंतर्गत छुलहा गांव में ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं। गांव तक पहुंचने के लिए करीब 900 मीटर का कच्चा रास्ता है। बरसात में यह रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से मरीजों, विद्यार्थियों और किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बारिश के दौरान रास्ता खराब होने से गांव का संपर्क भी प्रभावित हो जाता है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार उठाई मांग फिर भी समाधान नहीं ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने भी यह मुद्दा कई बार उठाया गया। कलेक्टर ने भी सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार पटेल ने गांव की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में कच्चे और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण ग्रामीणों को हो रही परेशानियां दिखाई गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से छुलहा गांव की इस लंबे समय से लंबित समस्या का स्थायी समाधान करने और 900 मीटर सड़क का जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
उदयपुर। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में नागरिक आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अनदेखी से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्थानीय निवासियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। पहाड़ा क्षेत्र की मनीष विहार कॉलोनी यूडीए द्वारा कनवर्टेड घोषित होने के बावजूद आज भी सड़क, नाली और पानी के कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, तो वहीं बेदला क्षेत्र के पीपली चौक के पास बेदला एनिकट कचरे के ढेर के कारण 'डंपिंग ग्राउंड' में तब्दील हो रहा है। इसके अलावा, फतेहपुरा की खारोल कॉलोनी में जाम नालियों के कारण मामूली बारिश में ही जलभराव की स्थिति बन गई है और दागली की मगरी में पिछले एक हफ्ते से स्ट्रीट लाइटें बंद होने से अंधेरा पसरा हुआ है। प्रशासनिक सुस्ती के बीच 'भास्कर समाधान' मंच जनता के लिए बड़ी राहत भी बनकर उभरा है। इस मंच पर समस्याएं पोस्ट होने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रताप नगर की साकेत कॉलोनी में लंबे समय से खाली प्लॉटों में पड़े कचरे को विभाग ने टीम भेजकर साफ करवाया। वहीं, मल्ला तलाई क्षेत्र में मस्तान बाबा दरगाह के पास बंद पड़ी रोड लाइटों को नगर निगम के लाइनमैन रमेश गमेती ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत ठीक कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कागजों में नियमित, मगर जमीनी हकीकत में बदहालउदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र की मनीष विहार कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी कमल पालीवाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी शिकायत पोस्ट करते हुए बताया कि यूडीए (UDA) की इस कॉलोनी को कनवर्टेड (रूपांतरित) घोषित किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद दयनीय है। कॉलोनी में न तो पक्की सड़कें हैं, न ही जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण किया गया है, और न ही अब तक घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। सरकारी कागजों में नियमित होने के बाद भी बुनियादी ढांचे का विकास न होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है और वे आए दिन होने वाली असुविधाओं के कारण बेहद परेशान हैं। एनिकट बना 'डंपिंग ग्राउंड'उदयपुर के बेदला क्षेत्र के पीपली चौक के रहने वाले गौरव जोशी ने 'भास्कर समाधान' पर पर्यावरण के संबंधित समस्या पोस्ट की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि बेदला एनिकट (नदी क्षेत्र) में स्थानीय लोगों और राहगीरों के जरिए बड़े पैमाने पर कचरा और गंदगी फेंकी जा रही है, जिसके कारण पानी दूषित हो रहा है और क्षेत्र में प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। एनिकट के पानी में प्लास्टिक, घरेलू अपशिष्ट और अन्य गंदगी जमा होने से जलीय पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नदी के आस-पास जल्द से जल्द लोहे की जाली लगाई जाए, ताकि लोग इसमें कचरा न फेंक सकें और इस जलस्रोत को बचाया जा सके। बंद रोड लाइट से राहगीर और वाहन चालक परेशानउदयपुर के डांगरी की मगरी क्षेत्र के निवासी हेमेंद्र सालवी ने इलाके की रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले करीब 7-8 दिनों से स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। मुख्य और आंतरिक गलियों की बत्तियां गुल होने के कारण शाम ढलते ही पूरा इलाका घना अंधेरा हो जाता है। एक हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम या संबंधित विद्युत विभाग के जरिए इन बंद पड़ी रोड लाइटों को ठीक करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण घरों से निकलना हुआ दूभरउदयपुर के फतेहपुरा स्थित खारोल कॉलोनी (गली नंबर 4) की निवासी नासिफा कागजी ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि उनकी गली की सभी नालियां पूरी तरह से जाम और मलबे से अटी पड़ी हैं। इसके चलते मानसून की शुरुआती या मामूली बारिश होने पर ही पूरी गली में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे न केवल राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही है, बल्कि स्थानीय निवासियों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन की इस लापरवाही से पूरी कॉलोनी के लोग खासे परेशान हैं। कचरे की समस्या का समाधानउदयपुर के प्रताप नगर की साकेत कॉलोनी के निवासी महेश मलकानी ने कुछ दिनों पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के जरिए अपने क्षेत्र में फैली गंदगी की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में समस्या लिखी थी कि उनके घर के ठीक सामने स्थित दो खाली प्लॉट लंबे समय से कचरा डिपो बने हुए थे, जहां भारी मात्रा में गंदगी जमा था। कॉलोनी में नियमित सफाई न होने और किसी भी सफाईकर्मी के न आने से स्थानीय लोग बदबू और बीमारियों के खतरे से बेहद परेशान थे। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। विभाग के जरिए मौके पर टीम भेजकर दोनों खाली प्लॉटों से सारा कचरा हटवा दिया गया है और पूरे क्षेत्र को साफ कर दिया गया है, जिससे अब स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। मल्ला तलाई में रोड लाइट की समस्या खत्मउदयपुर के मल्ला तलाई क्षेत्र के मखदूम नगर से महबूब खान ने कुछ दिनों पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर हजरत मस्तान शाह बाबा दरगाह के पास बंद पड़ी रोड लाइटों की गंभीर समस्या के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि रोड लाइट बंद रहने से पूरी कॉलोनी और दरगाह क्षेत्र में घना अंधेरा हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही थी और क्षेत्र में चोरी और असामाजिक तत्वों का डर लगातार बना हुआ था। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर यह समस्या पोस्ट होते ही नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। संबंधित विभाग के लाइनमैन ने कार्रवाई करते हुए लाइट को सुधारा और बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को दोबारा चालू कर दिया है, जिससे अब पूरे इलाके में रोशनी लौट आई है और स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली है। रमेश गमेती बने आज 'पब्लिक के स्टार'मल्ला तलाई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से मस्तान बाबा कॉलोनी और इसके आसपास के रास्तों पर शाम होते ही सन्नाटा और अंधेरा पसर जाता था। इस वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का रात के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। स्थानीय निवासियों को हमेशा इस बात की चिंता सताती थी कि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई असामाजिक तत्व चोरी या झपटमारी जैसी वारदात को अंजाम न दे दे, हालांकि, विभाग के लाइनमैन रमेश गमेती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी देरी के कार्रवाई की और तकनीकी खराबी को ठीक कर बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को दोबारा चालू करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 2.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार 3.उदयपुर के अशोक नगर में सुधरी सीवर व्यवस्था:बेदला में 15 दिनों से ठप सफाई व्यवस्था बहाल, सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर' 4.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन 5.उदयपुर में अधिकारियों की लापरवाही:मनवाखेड़ा में सुधारे बिना काट दी पाइपलाइन, तो नाकोड़ा नगर में खाली प्लॉट बने ‘डंपिंग यार्ड’ 6.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; 11 दिन का अंधेरा दूर, कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार 7.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 8.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान 9.उदयपुर में प्रशासन से गुहार भी बेअसर:एयरपोर्ट रोड इलाके में सालों से अटका सड़क का काम, ड्रेनेज सिस्टम न होने से जनता परेशान 10.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:कचरे और रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान, तो कहीं हाई-टेंशन तारों का खतरा अभी भी बरकरार
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के जंगलरामनगर गांव के रणवीर नगर में मंगलवार रात लापता हुई 19 वर्षीय काजल की हत्या कर दी गई। उसका शव बुधवार सुबह घर से करीब 200 मीटर दूर खेत में मिला। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पैनल पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि होने के बाद परिजनों की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतका के पिता अमरजीत सिंह ने बताया कि काजल मंगलवार रात घर के बाहर बने बाथरूम में जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की। बुधवार सुबह गुमशुदगी दर्ज कराने की तैयारी चल रही थी, तभी खेत में शव मिलने की सूचना मिली। पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बड़ी बेटी के ससुराल का एक युवक लंबे समय से काजल को परेशान कर रहा था और उसी ने उसकी हत्या की है। काजल की बहन ने भी युवक पर पहले जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना की सूचना पर एसपी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जिसमें शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली, लेकिन दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले के खुलासे के लिए स्वाट, एसओजी, स्थानीय पुलिस और इन्हौना थाने समेत दस टीमें लगाई गई हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
अयोध्या जिले में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) गुरुवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच शुरू हो रही है। चार जुलाई तक चलने वाली यह परीक्षा जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर पांच पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में कुल 37,920 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा रही है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच होगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्र की जांच के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इस बार परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में विशेष उत्साह और गंभीरता देखी जा रही है। इसकी प्रमुख वजह हाल ही में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। फैसले के अनुसार जिन सेवारत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक का समय शेष है, उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। ऐसे में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र साथ लाने तथा परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के 46 केंद्रों में यूपी-TET:3 दिन 2 पाली में होगी परीक्षा, सघन तलाशी के बाद मिलेगा प्रवेश
लखनऊ समेत प्रदेश के 60 जिलों में यूपी-TET आज गुरुवार से शुरू हो रही है। यह अगले तीन दिन यानी 4 जुलाई तक चलेगी। लखनऊ के 46 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन तीन दिनों में परीक्षा देने के लिए 96454 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्वक और सकुशल परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए 92 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। परीक्ष केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। गुरुवार और शुक्रवार को दोनों पालियों में परीक्षा आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी। जबकि, दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। हर पाली में 19734 अभ्यर्थियों के नाम हैं। लखनऊ में 4 जुलाई को केवल पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा होगी। इसमें 17518 अभ्यर्थी शामिल होंगे। लखनऊ में 46 केंद्रों के लिए 46 सेक्टर मजिस्ट्रेट और इतने ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और आलमबाग बस स्टेशन पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था रहेगी। नगर निगम को अभ्यर्थियों के लिए अस्थायी रैन बसेरा बनाने के निर्देश हैं।
जयपुर। जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनका त्वरित समाधान करवाने के मंच 'दैनिक भास्कर' के 'भास्कर समाधान' पर आज फिर शहर के कई कोनों से बुनियादी अव्यवस्थाओं के मामले सामने आए। एक तरफ जहां गोनेर रोड के लूनियावास में जर्जर सड़कों और सीवर के अभाव और आमेर रोड की अटल सेवा केंद्र कॉलोनी में बिना पानी सप्लाई के आ रहे भारी-भरकम बिलों ने जलदाय विभाग की लापरवाही को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर मालवीय नगर सेक्टर-9 में अवैध पार्किंग और जगतपुरा के जगदीश विहार में बंद पड़ी रोड लाइटों ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर रखा है। लेकिन, इस निराशा के बीच 'भास्कर समाधान' की ताकत का बड़ा असर भी देखने को मिला है। बनी पार्क की इंद्रा कॉलोनी में राजस्थान पुलिस अकादमी के पास लंबे समय से क्षतिग्रस्त मोड़ को खबर लगते ही विभाग ने दुरुस्त कर दिया। वहीं, करणी विहार के वर्धमान नगर-ए में पिछले 1 महीने से 200 फीट बाईपास पर पसरे अंधेरे को दूर करने के लिए निवर्तमान पार्षद पीयूष किराडू ने तुरंत मोर्चा संभाला। उनके इस एक्शन और तत्परता से बंद लाइटें फिर से जगमगा उठीं है। भास्कर समाधान आगे भी जनता की आवाज बनकर प्रशासन को जगाने का काम जारी रखेगा। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) असुविधाओं और जलभराव का संकटगोनेर रोड के लूनियावास क्षेत्र से बिलाल फारूकी ने 'दैनिक भास्कर' के 'भास्कर समाधान' पर मुख्य सड़कों की स्थिति के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि सड़क अत्यंत जर्जर हो चुकी है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार और मूलभूत नागरिक सुविधाओं जैसे व्यवस्थित नाली और सीवर लाइन का न होना यहाँ की स्थायी समस्या बन गया है। इस शिकायत के माध्यम से स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुध लेने और इन समस्याओं का स्थाई समाधान करने की मांग की है। विद्यार्थियों और कामकाजी वर्ग की बढ़ी मुश्किलेंजगतपुरा के नंदपुरी कॉलोनी स्थित जगदीश विहार के निवासी शुभम बैरवा ने क्षेत्र की एक गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। शुभम ने लिखा कि तारा मॉर्डन स्कूल के पास मुख्य मार्ग की रोड लाइटें पिछले 4 दिनों से लगातार बंद पड़ी हैं। इस तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण पूरी कॉलोनी और स्कूल के आस-पास के मुख्य रास्ते पर अंधेरा रहता है। स्थानीय निवासियों के जरिए कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अवैध पार्किंग की समस्या पर प्रशासनिक कार्रवाई की मांगमालवीय नगर के सेक्टर 9 के रहने वाले रवि ने अपने घर के बाहर होने वाली अवैध पार्किंग की समस्या को पोस्ट कर बताया है। जिसके कारण उनके घर का मुख्य रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है और उन्हें अपने स्वयं के वाहन बाहर निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिना सोचे-समझे दूसरों के गेट के सामने गाड़ियां खड़ी करने की इस मनमानी से न केवल रोजमर्रा के कामों में परेशानी आ रही है, बल्कि किसी आपातकालीन स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी के समय गाड़ी निकालना भी नामुमकिन हो जाता है, जो स्थानीय निवासियों के लिए भारी मानसिक तनाव और आए दिन होने वाले आपसी विवाद का कारण बन रहा है। पानी के संकट से बेहाल जनजीवनआमेर रोड की अटल सेवा केंद्र कॉलोनी के निवासी अनिल शर्मा ने 'भास्कर समाधान' के माध्यम से क्षेत्र में गहराते जल संकट के बारे में समस्या पोस्ट की है। अनिल शर्मा के अनुसार, पूरी कॉलोनी पिछले काफी समय से पानी की सुचारू सप्लाई न होने के कारण बूंद-बूंद पानी को तरस रही है और स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जलदाय विभाग जनता को पानी की आपूर्ति करवाने में तो पूरी तरह नाकाम रहा है, लेकिन बिना पानी दिए भी उपभोक्ताओं को हर महीने समय पर पानी के मोटे बिल जरूर भेजे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में विभाग की इस तानाशाही और लापरवाही के खिलाफ भारी आक्रोश है। लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क का समाधानबनी पार्क की इंद्रा कॉलोनी के निवासी राहुल ने क्षेत्र की एक लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। राहुल के अनुसार, कॉलोनी की मुख्य सड़क और विशेषकर गली के मोड़ (टर्न) पर रोड पूरी तरह से जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इस मार्ग के पास ही राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) स्थित होने के कारण यहां पुलिस अधिकारियों, प्रशिक्षणार्थियों और आम जनता का चौबीसों घंटे भारी आवागमन लगा रहता है, जिससे इस खराब मोड़ के कारण राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या के पोस्ट होते ही संबंधित विभाग ने मामले की गंभीरता को समझा और त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क का सुदृढ़ीकरण और पैचवर्क करवाकर इस समस्या का स्थाई समाधान करवा दिया है। 1 महीने से बंद पड़ी रोड लाइट हुई ठीककरणी विहार के वर्धमान नगर ए (मेन रोड) के निवासी देवराज गुर्जर ने 'दैनिक भास्कर' के 'भास्कर समाधान' पर रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। 200 फीट बाईपास के पास मुख्य मार्ग की रोड लाइटें पिछले करीब 1 महीने से लगातार बंद पड़ी थीं, जिसके कारण पूरी सड़क और आस-पास का इलाका रात के समय घने अंधेरे में डूबा रहता था। इस अंधेरे की वजह से स्थानीय निवासियों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा था। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या के पोस्ट होते ही निवर्तमान पार्षद ने तुरंत एक्शन लेकर बंद पड़ी रोड लाइटों को ठीक करवाकर इस समस्या का स्थाई समाधान करवा दिया है। पीयूष किराडू बने आज 'पब्लिक के स्टार'करणी विहार के वर्धमान नगर ए (मेन रोड) के रहने वाले देवराज गुर्जर ने रोड लाइट की समस्या को उजागर किया था। देवराज ने बताया था कि 200 फीट बाईपास के पास मुख्य मार्ग की रोड लाइटें पिछले करीब 1 महीने से लगातार बंद पड़ी थीं, जिसके कारण पूरी सड़क और आस-पास में अंधेरा हो रहा था। समस्या पोस्ट होने के बाद निवर्तमान पार्षद पीयूष किराडू ने तुरंत संज्ञान लिया और अपने स्तर पर तत्परता दिखाते हुए बंद पड़ी रोड लाइटों को दुरुस्त करवाकर इस समस्या का स्थाई समाधान करवा दिया है। जिसके बाद पीयूष किराडू आज जनता के बीच 'पब्लिक के स्टार' बनकर उभरे हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:निगम की एक्सईएन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’, पार्क, सड़कें बदहाल, बेसहारा पशु और नियमित सफाई बड़ी समस्या 2.भास्कर समाधान: पेड़ की समस्या का हुआ समाधान:सीवर, बदहाल सड़कें और आवारा पशुओं से लोग परेशान, शिकायतों के बाद भी कई इलाकों में इंतजार 3.जयपुर में निगम उपायुक्त बनीं 'स्टार ऑफिसर':वैशाली नगर में जानलेवा टूटा ढक्कन बदला, एक महीने से खुला सीवर चैंबर दुरुस्त 4. दादी का फाटक अंडरपास बना तालाब:कनक विहार में अंधेरे का संकट; पार्षद ने दूर की वार्ड की दिक्कतें 5.जयपुर में जनता की आवाज बनीं सुर्खियां:उपायुक्त सुनील बैरवा ने कराया गड्ढे का समाधान, आदर्श नगर में 1 महीने से अटका काम हुआ पूरा 6.जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में उफनता सीवर:जवाहर नगर में सालों से कीचड़, लाल डूंगरी के पास जर्जर श्मशान घाट और गांधी नगर में सड़क टूटी 7.जनसमस्याओं की सुनवाई से समाधान तक:जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, मनोज मुदगल को मिला ‘पब्लिक का स्टार’ का सम्मान 8.जयपुर में माविका चौराहे पर चमकी सड़कें:खातीपुरा में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, सांगानेर की कॉलोनी में मुख्य रोड ऊंची और गलियां नीची होने से जलभराव 9.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 10.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान
छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के IAS आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन किया है। 44 साल की उम्र में रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने महज 6 महीने में अपना लुक बदल लिया। अब सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं। कोरोना की कमजोरी, मेजर सर्जरी और बिगड़ते हेल्थ पैरामीटर्स से जूझने के बाद अफसर ने नए साल में खुद को बदलने की ठानी। सुबह 5 बजे उठने का कड़ा अनुशासन, शक्कर से दूरी और पर्सनल ट्रेनर की गाइडेंस के दम पर उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में आईएएस अवनीश शरण ने अपने इस दिलचस्प सफर के कई राज खोले हैं। कैसे उन्होंने ई-ऑफिस सिस्टम की मदद से काम को मैनेज किया, शाकाहारी डाइट में प्रोटीन का बैलेंस कैसे बनाया और क्यों वे इंजरी के बाद भी दवा खाकर जिम जाते रहे। पढ़िए यह रिपोर्ट सवाल: सबसे पहले आप अपने सिविल सर्विस जर्नी के बारे में बताइए? जवाब: मैं 2009 बैच का आईएएस ऑफिसर हूं। मैं स्कूल में एक एवरेज स्टूडेंट रहा हूं। मेरे 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बहुत अच्छे अंक नहीं आए थे। कॉलेज में भी मैं सामान्य विद्यार्थी रहा लेकिन माता-पिता ने हमेशा मोटिवेट किया। इसके बाद मैंने सिविल सर्विस की तैयारी की और दूसरे प्रयास में चयनित हुआ। सवाल: आप अपने पूरे कार्यकाल से कितने संतुष्ट रहे हैं? जवाब: मैं अपने कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। करीब 17 साल से मैं छत्तीसगढ़ शासन में सेवा दे रहा हूं। इस दौरान मेरी पोस्टिंग शहरी क्षेत्रों के अलावा अर्बन इलाकों में भी हुई। मैंने बिलासपुर में असिस्टेंट कलेक्टर से शुरुआत की। जशपुर में एसडीएम रहा। रायपुर में जिला पंचायत सीईओ, निगम कमिश्नर के तौर पर काम किया। फिर बलरामपुर में तैनाती हुई। मैं बलरामपुर कवर्धा और बिलासपुर में कलेक्टर के पद पर रहा। अभी वर्तमान में रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में कमिश्नर के तौर पर कार्यरत हूं। ओवरऑल सरकार ने मुझे अच्छे मौके दिए जिससे हर जगह अनुभव मिल सका। सवाल: आपने 2020 से बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत की 2026 में आश्चर्यजनक रिजल्ट के साथ हैं, यह कैसे संभव हुआ? इसके पीछे की क्या कहानी है? जवाब: इसकी शुरुआत कोरोना महामारी के बाद हुई। फील्ड में काम करते हुए मुझे कोरोना हो गया था। इस दौरान मैं वीक हो गया था। इस एपिडेमिक में पूरे वर्ल्ड का मेंटल लेवल डिस्टर्ब था। कोरोना से रिकवर होने के बाद मैंने खुद पर ध्यान देना शुरू किया। जिम और बॉडी बनाने का मुझे कोई अनुभव नहीं था। शुरुआत में मुझे हफ्ते-10 दिन में कई इंजरी भी हुई। 2024 में मेरी मेजर सर्जरी हुई। जिससे करीब 1 साल तक में वर्कआउट से दूर रहा। मेरे लिए अब टर्निंग पॉइंट 2025 बना जब मैं अपना ब्लड टेस्ट कराया तो उसमें कई पैरामीटर में स्थिति खराब थी। मुझे चिंता हो गई लेकिन घर वालों ने साथ दिया मेरी वाइफ ने भी सपोर्ट किया। जून 2025 से मैंने अपनी फिटनेस जर्नी की फिर शुरुआत की। 1 जनवरी 2026 को नए साल में मैंने संकल्प लिया जैसे आमतौर पर लोग लेते हैं। खुद के लिए एक टारगेट सेट किया कि जून 2026 तक बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन वाला फिजिक्स बनाऊंगा। फिर इसके लिए काम करना चालू कर दिया। सवाल: ज्यादातर लोग वर्क लाइफ-बैलेंस की बात करते हैं, आपने इसे कैसे मैनेज किया? जवाब: पहले मैं सुबह 7 बजे उठता था जिसे मैं 5-5:30 बजे किया। सुबह मुझे डेढ़ घंटे अतिरिक्त मिले जिससे मैं फिटनेस के लिए दिया। सुबह उठकर जिम जाना शुरू किया। जिस दिन भर एनर्जी भी रहती थी। जिम के अलावा डाइट पर भी फोकस किया। सवाल: आप अपने डाइट शेड्यूल के बारे में बताइए? वेज ओर नॉनवेज को लेकर भी लोगों का अक्सर सवाल होता है। जवाब: दुनिया में शायद एक भी व्यक्ति नहीं है जो फिट नहीं होना चाहता होगा। कई बार हम अपनी डाइट में सुधार भी करते हैं लेकिन 4-5 दिनों बाद फिर वापस जंक फूड खाने लग जाते हैं। हम लोगों की एक आदत होती है। जितनी हमारी बॉडी की रिक्वायरमेंट है उसे हम ज्यादा खाते हैं, जबकि रिक्वायरमेंट से हमें कम खाना चाहिए। इसे समझने की आवश्यकता है। डाइट को लेकर दूसरा पॉइंट है कि हम खुद को बाहर से देखते हैं, लेकिन हमें अंदर से देखना है। आप अपना ब्लड टेस्ट बॉडी चेकअप करवाएंगे तो आपको कमियों का पता चलेगा। आप देखते हैं कि जिम में भी बहुत सारी हार्ट अटैक जैसी घटनाएं घटती है। इन सभी के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। फिटनेस की जर्नी केवल फिजिकल नहीं होती बल्कि मेंटल लेवल पर भी होती हैं। अगर बात वेज और नॉनवेज की बात करें तो उससे ज्यादा जरूरी है कि आप कोई भी खाने में कितना कैलोरी ले रहे हैं। उसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कितनी है। वेजीटेरियन लोगों के लिए शुद्ध पनीर सोयाबीन बड़ी एक अच्छा विकल्प है। वहीं यदि जिम में प्रोटीन पाउडर लेते हैं तो पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। सप्लीमेंट की बॉडी को कितनी जरूरत है यह आपको पता होना चाहिए। सवाल: आपने फिटनेस जर्नी के साथ ऑफिस के काम को कैसे मैनेज किया? जवाब: हर शासकीय सेवकों के लिए थोड़ा मुश्किल होता है, उन्हें समय पर कार्यालय पहुंचना होता है। इस वजह से मैंने जिम के लिए सुबह का समय चुना था। सुबह जिम कर 10 बजे तक कार्यालय पहुंचने में आसानी हुई। रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत को रूटीन में लाया। इसके अलावा ई-ऑफिस सिस्टम की वजह से फाइल को निपटानें का भी तनाव नहीं रहा। इससे फिजिकल फाइल वाला टेंशन कम हो गया। मुझे लगता है आप 8 से 9 घंटे प्लानिंग से काम कर ले तो इससे ज्यादा जरूरत नहीं है। सवाल: आपने जो ट्रांसफॉर्म किया उसके लिए पर्सनल ट्रेनर से गाइडेंस लिए? जवाब: जी मैंने शुरू से पर्सनल ट्रेनर लिया। इसके पीछे मकसद यह था कि एक्सरसाइज करते समय किसी प्रकार की इंजरी ना हो। पर्सनल ट्रेनर होने से इसके चांसेस काम हो जाते हैं वह आपको गाइड कर देते हैं। कई लोगों की बॉडी ट्रांसफॉर्म करने के पीछे कहानी होती है, यह कोई ऐसा इंसिडेंट होता है जिसके बाद व्यक्ति खुद को बदल लेते हैं आपके साथ ऐसी कोई बात रही क्या? जैसा मैंने बताया था कोरोना के समय व्यक्ति फिजिकली मेंटली बहुत प्रभावित रहा। मेरे घर पर भी मुझे मेरी पत्नी बच्चों और माता-पिता को कोरोना हुआ था। इस बीच फिट इंडिया मूवमेंट भी प्रधानमंत्री ने चालू किया। इससे घर के लोग जागरूक हुए वह भी योगा करने लगे। इस दौरान मैंने भी खुद को फिट करने का सोचा और रिजल्ट आप देख सकते हैं। सवाल: आजकल के यंगस्टर्स का कहना है कि अभी हमारे खाने पीने की उम्र है और वह खुद को रोक नहीं पाते। ऐसी स्थिति में उनको क्या करना चाहिए? जवाब: देखा जाए तो जंक फूड बेकार फूड ही है। लेकिन वह टेस्टी रहता है इस वजह से लोग खा रहे हैं। जंक फूड से कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम खाएं इसके अंतराल को आप धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा कोशिश करें कि वह चीज घर पर बनाई जा सके। हम लोग अक्सर घर के सामान्य खाने को डाइट बोल देते हैं। लेकिन वही तो मुख्य भोजन है। सवाल: आपने जिम जाने से पहले कोई ऐसी चीज त्याग दी हो जैसे शक्कर खाना बंद कर देना। जवाब: यह बात सही है एक्सरसाइज की जर्नी में मैंने शक्कर खाना लगभग बंद कर दिया है। लेकिन घर पर कुछ पार्टी होती है तो ऐसी स्थिति में थोड़ा बहुत खा लेता हूं। यदि कोई चीज बिल्कुल नहीं खाएंगे तो क्रेविंग और बढ़ती है। जब मौका मिलता है तो व्यक्ति बहुत ज्यादा खा लेता है जो सही नहीं है। सवाल: जिम जाने के दौरान क्या आपको आलस लगता था, आज जिम नहीं जाता ऐसी कंडीशन पर आप क्या करते थे। जवाब: अगर सच बताऊं तो मुझे जिम जाना बहुत पसंद है, शायद ही कोई दिन मिस किया होगा, यदि मुझे मेजर इंजरी है, तो मैं दवा खाकर जिम जाता था। कई बार मन में आता था लेकिन ट्रेनर का फोन आ जाता था। सवाल: यूथ के लिए दो-तीन टिप्स जो उनके बॉडी ट्रांसफॉरमेशन और एजुकेशन दोनों के लिए जरूरी होंगे। जवाब: किसी भी चीज को पाने के लिए सबसे पहले डिसिप्लिन बनाए। इसे सख्ती से पालन कीजिए। इसी तरह डेली का शेड्यूल बनाकर उस पर चलना चाहिए। दूसरी बड़ी बात निरंतरता की है। मेरे टिप्स यूथ के अलावा 40 प्लस के लोगों के लिए भी है। हमें भी हार नहीं माननी चाहिए और अपने लिए ध्यान देना चाहिए।
भास्कर समाधान में इस बार शहर की कई अहम नागरिक समस्याएं सामने आई हैं। कहीं स्ट्रीट लाइट नहीं होने से लोग अंधेरे में आने-जाने को मजबूर हैं, तो कहीं दिनभर जलती रोड लाइटों से बिजली की बर्बादी हो रही है। बंदरों के आतंक और झाड़ियों से हादसे का खतरा भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। वहीं, दो शिकायतों पर संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कचरा डिपो और बंद नाले की समस्या का समाधान कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई। इस कार्य में नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी आज के स्टार ऑफिसर रहे। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरे में गुजरने को मजबूर लोग अभियंता नगर स्थित गौरी नगर निवासी गोविंद गंगवानी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके घर के सामने स्थित झाड़ियों वाले खाली भूखंड के पास स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात के समय पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे आवारा पशुओं और असामाजिक तत्वों का खतरा बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। उन्होंने जल्द रोशनी की व्यवस्था कराने की मांग की है। दिनभर जलती रहती हैं रोड लाइटें सज्जन सिंह ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सेशन कोर्ट से जेल तिराहा तक लगी रोड लाइटें दिन के समय भी लगातार जलती रहती हैं। इससे बिजली की अनावश्यक बर्बादी हो रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने समय पर लाइटें बंद कराने और बिजली की बचत सुनिश्चित करने की मांग की है। बंदरों के आतंक से घरों में कैद होने को मजबूर लोग इंदिरा कालोनी,अजमेर निवासी बृजलाल गोधा ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर कई लोगों और बच्चों को काट चुके हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और मजदूरी व दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने वन विभाग और नगर निगम से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है। झाड़ियों और मलबे से लोगों में हादसे का डर अरावली विहार कॉलोनी से सुनील के.बत्रा ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया कि वैशाली नगर के खाली भूखंड में लंबे समय से झाड़ियां उगी हुई हैं और मलबा पड़ा है। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों ने झाड़ियां हटाकर सफाई कराने की मांग की है। कचरा डिपो की समस्या का हुआ समाधान आदर्श नगर से सुधीर शर्मा ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया था कि वार्ड-38 स्थित आदर्श नगर हाउसिंग सोसायटी में पोस्ट ऑफिस के पास पुराना कचरा डिपो हटाने के बाद नया डिपो नहीं बनाया गया था। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने नया कचरा डिपो स्थापित कर समस्या का समाधान कर दिया। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। बंद नाले की समस्या का हुआ समाधान शिव कॉलोनी, पहाड़गंज से पिंकी पालिया ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके घर के पीछे लंबे समय से नाला बंद पड़ा था और उसमें कचरा जमा होने से गंदगी फैल रही थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने नाले की सफाई कर कचरा हटाया, जिससे जल निकासी सुचारु हो गई और लोगों को राहत मिली। आज के स्टार ऑफिसर: रमेश चौधरी भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमेश चौधरी रहे। शिव कॉलोनी, पहाड़गंज से पिंकी पालिया ने घर के पीछे बंद नाले और जमा कचरे की समस्या पोस्ट की थी। समस्या सामने आने के बाद रमेश चौधरी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करवाई। नगर निगम की टीम ने नाले की सफाई कर कचरा हटाया, जिससे जल निकासी बहाल हुई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर:बिजली का खम्भा झुका, तीन साल से नहीं बनाई सड़क, स्ट्रीट लाइट और बेसहारा पशुओं से लोग परेशान 2.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 3.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 4.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 5.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
सीकर शहर के अलग-अलग इलाकों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। कहीं पेयजल पाइप लाइन टूटने से पानी सड़कों पर बह रहा है तो कहीं नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। कई स्थानों पर टूटी सड़कें, खुले में फैला कचरा और बंद स्ट्रीट लाइट लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। नागरिकों ने भास्कर समाधान ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। नियमित निगरानी, सफाई, मरम्मत और रखरखाव होने से लोगों को राहत मिलेगी और ऐसी समस्याएं दोबारा नहीं होंगी। नागरिकों ने संबंधित विभागों से सभी लंबित शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… फैला कचरा हटाया, लोगों को मिली राहतश्री कल्याण जी मंदिर चौराहे के पास रहने वाले सुनील कुमार ने भास्कर समाधान ऐप के माध्यम से समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से कचरा एकत्र हो गया था। कचरे के ढेर से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही थी और राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गंदगी के कारण मच्छरों और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया था।समस्या के बाद नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र से कचरा हटाकर सफाई करवाई। सफाई होने के बाद इलाके में फैली गंदगी और दुर्गंध से लोगों को राहत मिली। गोकुलपुरा में खुले में फैला कचरा हटाया गया परमा चौधरी ने गोकुलपुरा गांव स्थित शेखावाटी पार्क के पास खुले में फैले कचरे की समस्या पोस्ट की थी। समस्या के बाद नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और कचरा हटाकर पूरे क्षेत्र की सफाई करवाई। इससे आसपास रहने वाले लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिली। अमित स्वामी बने आज के स्टार ऑफिसर आज के हमारे स्टार ऑफिसर एईएन अमित स्वामी हैं, जिनकी तत्पर कार्रवाई से श्री कल्याण जी मंदिर चौराहे की एक बड़ी सफाई समस्या का समाधान हुआ। क्षेत्र के सुनील कुमार ने भास्कर समाधान ऐप पर शिकायत पोस्ट की थी कि उनके इलाके में लंबे समय से कचरे का ढेर जमा था। कचरे के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही थी, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही गंदगी के कारण मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था। शिकायत मिलने के बाद स्टार ऑफिसर अमित स्वामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करवाई। नगर परिषद की सफाई टीम ने मौके पर पहुंचकर कचरा हटाया और पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई करवाई। पाइप लाइन टूटने से रोज बह रहा पेयजल वार्ड-28 के दूधीया नगर निवासी जयप्रकाश सैनी ने बताया कि इलाके में कई जगह पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण रोजाना बड़ी मात्रा में पानी सड़क और नालियों में बह रहा है। सड़क पर कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। साथ ही पेयजल की लगातार बर्बादी भी हो रही है। वार्ड-60 में गंदी नालियों से बढ़ा मच्छरों का खतरा वार्ड-60 स्थित मौलाना आजाद स्कूल के पास रहने वाले मंसूर खोखर ने बताया कि यहां लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। नालियों में गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। टूटी नाली और जर्जर सड़क से दो साल से परेशानी नाथी देवी सिकरिया कॉलोनी से अमित कुमार मीणा ने शिकायत में बताया कि उनके क्षेत्र में नाली टूटने के कारण गंदा पानी लगातार बह रहा है। वहीं सड़क भी पिछले दो साल से टूटी हुई है। बरसात के समय सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना और वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। हाउसिंग बोर्ड में महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट हाउसिंग बोर्ड शिवसिंहपुरा सेक्टर-10 निवासी राजेश पारीक ने बताया कि गली नंबर-214 की स्ट्रीट लाइट काफी समय से बंद है। रात के समय पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को डर के माहौल में निकलना पड़ता है। लोगों ने जल्द स्ट्रीट लाइट ठीक कराने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.‘भास्कर समाधान’ से एक क्लिक पर मिलता हल:कहीं 7 साल में 30 दिन ही जली लाइट, तो कहीं सड़क के बीच जानलेवा गड्ढे से हादसे का खतरा 2.'भास्कर समाधान' का बड़ा असर:कहीं बरसों पुराना जानलेवा गड्ढा हुआ दुरुस्त, तो कहीं दूर हुई लो-वोल्टेज की समस्या 3.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:AEN नीरज कुमारी ने दूर की पानी की किल्लत, सीवर और कचरे से जूझ रहे शहर को मिली राहत 4.सीकर में खुली समस्याओं की पोल:एक तरफ ट्रांसफॉर्मर का खौफ, तो दूसरी तरफ लाइट चालू और सड़क निर्माण के साथ एक्शन में आया प्रशासन 5.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:सीवर लाइन दुरुस्त होने से राहत, कचरे से अटी नाली साफ, नगर परिषद AEN अमित स्वामी बने ‘स्टार ऑफिसर’ 6.JEN हरिराम बने आज 'स्टार ऑफिसर':एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 7.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 8.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 9.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 10.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’
कोटा में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समाधान करवाने के लिए 'भास्कर समाधान' आमजन की सशक्त आवाज बन गया है। शहर के अलग–अलग वार्ड की समस्याओं का विभाग ने समाधान भी करवाया है। इनमें नालियों की महीने से सफाई न होना और लो प्रेशर की समस्या का समाधान शामिल है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में अब भी बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। अनंतपुरा में कॉलोनी में जलभराव की समस्या है तो कुनरी में सड़क के गड्ढे से लोग चोटिल हो रहे हैं। ऐसे ही नया नोहरा में खराब स्ट्रीट लाइट और गणेश नगर में पार्क की बदहाल स्थिति से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोगों ने इन समस्याओं पर भी तुरंत एक्शन लेने की मांग की है। पहले उन समस्याओं के समाधान पर एक नजर जिसने स्थानीय लोगों को राहत दी… पोस्ट के बाद साफ हुई नालियां कोटा के रंगबाड़ी की कृष्णा नगर कॉलोनी से मुरली पंकज ने नाली की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि बहुत दिनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिससे मच्छरजनित रोगों के फैलने का डर बना हुआ है। ‘भास्कर समाधान’ पर इस समस्या के पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने सफाई करवा समाधान कर दिया है। पूरी गली की जाम नालियों की सफाई विष्णु नागर ने स्वामी विवेकानंद नगर से शिकायत पोस्ट की थी कि उनकी पूरी गली में नालियां चोक हैं और सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। न तो समय से सफाई होती है न ही कचरा नियमित रूप से उठ रहा है। जमादार भी सुनवाई नहीं करता। 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार ने टीम भेजकर पूरी गली की नालियों की सफाई करवा कचरा–मलबा भी उठवा दिया। चोक नाली से बैठा मकान, नालियां हुईं साफ नंदन गुप्ता ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, महावीर नगर से शिकायत की थी कि नालियां समय पर साफ न होने से उनका मकान का एक हिस्सा बैठ गया था। कई बार शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। 'भास्कर समाधान' पर उनकी समस्या पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेन्द्र ने सफाई करवाकर उनकी समस्या का समाधान करवा दिया है। पानी के लो प्रेशर का हुआ समाधान लाडपुरा के चंद्रेसल से गिरीराज नागर ने पानी की सप्लाई के समय लो प्रेशर की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि प्रेशर कम होने से पानी छत पर रखी टंकियों तक नहीं चढ़ता। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद पीएचईडी के अधिकारियों ने एक्शन लिया और कम प्रेशर की समस्या का समाधान करवा दिया है। नितेश मीणा बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ कोटा के वार्ड 10 में लो प्रेशर से पानी की सप्लाई आ रही थी। एक शिकायतकर्ता ने कई बार संबंधित विभाग के कर्मचारियों को जानकारी देकर इसे दुरुस्त करवाने की अपील की लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उसने अपनी समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट की। उनकी समस्या के पोस्ट होने के बाद जेईएन नितेश मीना (PHED) ने एक्शन लिया और कम प्रेशर की समस्या का समाधान करवा दिया है। अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… सड़क पर बना गड्ढा, हादसे का डर कोटा के कुनरी के दुर्गा नगर से बोधराज सिंह ने सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे की समस्या दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कुन्हाड़ी कैनाल रोड, दुर्गा नगर गली नंबर 4 में सड़क पर कई सालों से गड्ढा बना हुआ है। बरसात में इसमें पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कुछ समय पहले ही यहां सीसी रोड बनाई गई है बावजूद इसके इस गड्ढे को ठीक नहीं किया गया है। कॉलोनी में भरा पानी, बच्चा डूबने से बचा क्रिकेट अकादमी, तालाब गांव, अनंतपुरा से जीशान खान ने कॉलोनी में जलभराव की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में नाला नहीं होने से घरों से निकलने वाली नालियों का सारा पानी यहां बने एक खाली प्लॉट में इकट्ठा हो रहा है। कुछ समय पहले साइकिल चलाते समय एक बच्चा भी इस पानी में गिर चुका है जिसे लोगों की सजगता से बचा लिया गया था। प्लॉट में लगातार पानी आने से यहां बने घरों के गिरने का डर भी बना हुआ है। इसका समाधान करवाया जाए। केडीए बोला बजट नहीं, अंधेरे में लोग नया नोहरा की बेंचमार्क टाउनशिप से सौरभ ने महालक्ष्मीपुरम फ्लैट्स के पीछे लगी बहुत सी रोड लाइट्स के खराब होने की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अभी उनके पास बजट नहीं है। पार्क बदहाल, खेल नहीं पाते बच्चे अमित कुमार शर्मा ने घाटारक्षक हनुमान मंदिर वाले पार्क में मिट्टी की कमी और पानी भरने की समस्या शेयर की है। उन्होंने बताया कि यह समस्या बीते कई सालों से बनी हुई है और कई ठेकेदार बदल जाने के बाद भी इसका समाधान नहीं हो सका है। न तो आज तक मिट्टी डालकर इसकी लेवलिंग ही ठीक की गई है न ही रखरखाव ही अच्छे से किया जाता है। इसका समाधान करवाया जाए। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
भिवानी के एक व्यक्ति को झांसे में लेकर 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पैसे कई गुना करने के नाम पर गहने व कैस ठग लिए। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। चिड़ियाघर रोड पंचायत पोकेट के बलवान सिंह ने एसपी को शिकायत दी। जिसमें बताया कि बिहार के रहने वाले शत्रुघन से बिजनेस के सिलिसले से जून 2025 में मिला। इसके बाद उस व्यक्ति का उसके घर पर आना-जाना शुरू हुआ। बलवान सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद सितंबर 2025 में शत्रुघन ने राजस्थान के ध्यान योग केंद्र के आनंद स्वामी के बारे में बताया और कहा कि वह बाबा अपनी शक्ति से रुपयों को कई गुना कर देता है। इसके बाद उससे मिलकर किस्मत अजमाने की सलाह दी। इसके बाद मिलने की हामी भर दी और शत्रुघन ने उसे एक व्यक्ति से मिलवाया, जो बाबा से मिलवाएगा। 30 सितंबर 2025 को देहरादून में बताए गए पते पर गया और मुलाकात करीब पांच दिन बात हुई। इस मुलाकात के बाद उक्त बाबा ने कहा कि सात साल पहले मेरे पास आना था, इसके बाद अपने झांसे में लेने के लिए वीडिया व दस्तावेज दिखाए। विदेश से मंगवानी पड़ेगी सामग्री उसने दावा किया कि बड़े अफसर व मंत्री उनकी मदद लेते हैं। इसके बाद उसे हिपनोटाइज करके उसे उक्त बाबा ने अपने हाथों से 500-500 रुपए के नोट निकालकर दिखाए, जो करीब 2 लाख के आसपास थे। उनमें से एक नोट उठाने के लिए बोला। आरोपी ने अपने झांसे में लेकर कहा कि एक हवन करवाना पड़ेगा। जिस पर लगभग पांच करोड़ खर्च आएगा, क्योंकि हवन सामग्री विदेश से मंगवानी है। हवन होने के बाद शक्ति द्वारा करीब 4700 करोड़ आएंगे। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस इसके बाद आरोपी बाबा ने हिपनोटाइज किया। इसके कारण हवन के लिए 1 करोड़ 49 लाख रुपए, 2 किलो सोने के आभूषण व 15 किलो चांदी के आभूषण उस बाबा को दिए। इसके बाद 12 लाख रुपए 19 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन ट्रासंफर किए। 22 दिसंबर 2025 को 6 लाख रुपए ऑनलाइन डाले। वहीं 25 लाख रुपए नकद व एक किलो सोने के गहने भिवानी घर आने के बाद दिए। वहीं असामाजिक तत्वों ने धर्म परिवर्तन की धमकी भी दी। आरोपियों ने उसको हिपनोटाइज करके 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। 23 अप्रैल को को आरोपियों से फोन पर अंतिम बार हुई। इधर, मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
कोटपूतली में गुरुवार सुबह हुई बारिश:17 मिलीमीटर बारिश दर्ज, बाजरे की फसल को होगा फायदा
कोटपूतली क्षेत्र में मानसून ने दस्तक दे दी है। गुरुवार सुबह क्षेत्र में बारिश का दौर जारी हुआ। इस बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को खरीफ की फसलों में फायदे की उम्मीद है। गुरुवार 2सुबह कोटपूतली में 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, विराटनगर में 11 मिलीमीटर, बानसूर में 22 मिलीमीटर, नीमराना में 14 मिलीमीटर और बहरोड़ में 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और भीषण गर्मी पड़ रही थी, जिससे जनजीवन प्रभावित था। किसान भी खरीफ की फसलों को लेकर चिंतित थे, खासकर अगैती बाजरे की फसल को पानी की आवश्यकता थी। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 3 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में मानसून के प्रवेश की संभावना है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है।

