उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है जिसने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है। आगामी यूपी चुनाव को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मात देने के लिए सपा सुप्रीमो ने एक बिल्कुल अलग और आक्रामक रणनीति अपनाई है। इस बार अखिलेश यादव ने सूबे की राजनीति में वही फॉर्मूला लागू करने का फैसला किया है, जिसने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को प्रचंड जीत दिलाई थी। बीजेपी के मजबूत संगठनात्मक ढांचे को ढहाने के लिए अखिलेश का यह 'बंगाल वाला खेल' उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बनाने जा रहा है।क्या है अखिलेश का वो 'बंगाल वाला फॉर्मूला'?पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने 'बाहरी बनाम स्थानीय' और क्षेत्रीय अस्मिता का कार्ड खेलकर बीजेपी के राष्ट्रवाद के नैरेटिव को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया था। ठीक इसी तर्ज पर अखिलेश यादव अब उत्तर प्रदेश में 'यूपी की जनता बनाम बाहरी ताकतें' और स्थानीय मुद्दों को हवा दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी इस बार दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व के दौरों और उनके एजेंडे के मुकाबले उत्तर प्रदेश की अपनी खास पहचान, स्थानीय रोजगार, और क्षेत्रीय मुद्दों को आगे रख रही है। अखिलेश यादव का यह दांव सीधे तौर पर स्थानीय मतदाताओं की भावनाओं को सहलाने और उन्हें क्षेत्रीय गौरव के नाम पर एकजुट करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।सोशल इंजीनियरिंग और आक्रामक जमीनी कैंपेनबंगाल के खेल का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा था जमीन पर मजबूत बूथ मैनेजमेंट और सोशल इंजीनियरिंग का सटीक समीकरण। अखिलेश यादव इस बार केवल पारंपरिक वोटबैंक के भरोसे नहीं हैं, बल्कि वे गैर-यादव ओबीसी और अति-पिछड़ी जातियों को अपने पाले में लाने के लिए आक्रामक माइक्रो-प्लानिंग कर रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकारों ने हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक विशेष टीम तैयार की है जो स्थानीय स्तर पर असंतोष को भुनाने का काम कर रही है। ठीक वैसे ही जैसे बंगाल में टीएमसी ने तृणमूल स्तर पर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क साधा था, सपा भी 'गावों की ओर' रुख कर जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।बीजेपी के अभेद्य किले को भेदने की तैयारीबीजेपी के पास उत्तर प्रदेश में एक बेहद मजबूत कैडर और पन्ना प्रमुखों की फौज है, जिसे हराना किसी भी विपक्षी दल के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। लेकिन अखिलेश यादव के इस नए तेवर और रणनीतिक बदलाव ने बीजेपी के थिंक टैंक को भी नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की जनता को यह समझाने में कामयाब रहे कि यह लड़ाई उनके अपने हक और पहचान की है, तो बीजेपी के लिए अपने इस गढ़ को बचाए रखना आसान नहीं होगा। यूपी के इस चुनावी दंगल में अखिलेश का यह गजब दांव कितना रंग लाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही देश भर के राम भक्तों में दान करने की होड़ मची है। लेकिन इसी आस्था का फायदा उठाकर कुछ शातिर अपराधियों ने ठगी का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है। पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है जो राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद बुक छपवाकर लोगों से मोटा चंदा वसूल रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि ये ठग केवल ऑनलाइन माध्यमों से ही नहीं, बल्कि बकायदा पर्ची काटकर ऑफलाइन तरीके से भी लोगों की जेबें खाली कर रहे थे। जो भी श्रद्धालु श्रद्धा भाव से दान देना चाहता था, उसे ये आरोपी फर्जी रसीद थमा देते थे।आस्था के नाम पर ऐसे बुना जालसाजों ने ताना-बानाजांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। इन जालसाजों ने बिल्कुल असली दिखने वाले ट्रस्ट के नाम और लोगो (Logo) का इस्तेमाल करके हूबहू वैसी ही रसीदें तैयार करवा ली थीं। वे सीधे आम लोगों, दुकानदारों और स्थानीय कॉलोनियों में जाकर राम मंदिर निर्माण और धार्मिक आयोजनों के नाम पर चंदा मांगते थे। जब कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार 100 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक का गुप्त दान देता, तो ये आरोपी तुरंत उसे एक 'पक्की पर्ची' काटकर थमा देते थे ताकि किसी को कोई शक न हो। इस फर्जीवाड़े की वजह से लाखों रुपये सीधे ट्रस्ट के खाते में जाने के बजाय इन अपराधियों की जेब में जा रहे थे।केवल चंदे की रकम ही नहीं, डेटा भी हो रहा था चोरीपुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। यह गिरोह सिर्फ चंदे के पैसों तक ही सीमित नहीं था; रसीद काटते समय ये श्रद्धालुओं के नाम, मोबाइल नंबर, पता और उनकी बैंकिंग डिटेल्स जैसी बेहद संवेदनशील जानकारियां भी नोट कर लेते थे। इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में बड़े साइबर फ्रॉड या बैंक खातों को हैक करने के लिए किए जाने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि अयोध्या प्रशासन और साइबर सेल ने देश भर के लोगों को अलर्ट जारी किया है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को राम मंदिर के नाम पर नकद या किसी अनधिकृत रसीद पर चंदा न दें।फर्जी चंदे और ठगी से कैसे बचाएं अपनी गाढ़ी कमाई?अगर आप भी प्रभु श्री राम के मंदिर के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं, तो हमेशा सतर्क रहें। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चंदा देने के लिए केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या बैंक खातों का ही उपयोग करें। किसी भी स्थानीय व्यक्ति या अनधिकृत संस्था को नकद भुगतान करने से बचें। यदि कोई आपके पास रसीद बुक लेकर आता है, तो सबसे पहले उस पर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) और रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कर लें। आपकी एक छोटी सी सावधानी न केवल आपकी गाढ़ी कमाई को लुटने से बचाएगी, बल्कि इस तरह के धार्मिक फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाएगी।
खेत में काम कर रहे किसान की बर्र (घोड़ा) मक्खियों के हमले से मौत हो गई। मामला डीडवाना- कुचामन जिले के केराप गांव का है। दरअसल, किसान सुभाष चंद्र (39) खेत में खेजड़ी की छगाई कर रहे थे। इसी दौरान उन पर मक्खियों ने हमला कर दिया। जिससे वह खेजड़ी के पेड़ से नीचे गिर गए। ज्यादा डंक मारने से सुभाष चंद्र गंभीर घायल हो गए। गंभीर हालात में उन्हें केराप पीएचसी हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद बांगड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। घटना बुधवार सुबह 9 बजे की है। मक्खियों के हमले से अचेत होकर गिर गए थे मृतक के भतीजे सोहन ने बताया- परिजनों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुभाष चंद्र पर भारी संख्या में मक्खियों ने एक साथ हमला कर दिया। जिससे वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। घटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत केराप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बांगड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में पत्नी सहित एक लड़का और एक लड़की है। सूचना पर डीडवाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों की रिपोर्ट के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई।
कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं हुई पैमाइश:किसान ने राजस्व अधिकारियों पर मिलीभगत का लगाया आरोप
धौलपुर के बसेड़ी उपखंड के हरजूपुरा गांव निवासी किसान भीकम सिंह ने आरोप लगाया है कि जिला कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद उनकी कृषि भूमि का सीमा ज्ञान नहीं कराया गया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी नहीं हुई। किसान का कहना है कि हल्का पटवारी बिना पैमाइश किए ही लौट गया और बाद में जिला स्तरीय माप की बात कहकर मामला टाल दिया गया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष पैमाइश और भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। कलेक्टर को ज्ञापन, आदेशों की अनदेखी का आरोप हरजूपुरा निवासी किसान भीकम सिंह ने बताया कि उन्होंने 2 जुलाई 2026 को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपनी कृषि भूमि का सीमा ज्ञान कराने और अवैध अतिक्रमण हटवाने की मांग की थी। उनका आरोप है कि कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने आदेशों का पालन नहीं किया। पटवारी पहुंचे, लेकिन बिना पैमाइश लौटने का आरोप किसान के अनुसार 6 जुलाई को हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे, लेकिन जमीन की पैमाइश किए बिना ही लौट गए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यह माप उनके स्तर पर संभव नहीं है और नई तकनीक से जिला स्तर पर पैमाइश करानी होगी। रिकॉर्ड में सीमाएं स्पष्ट, फिर भी विवाद भीकम सिंह का कहना है कि उनकी भूमि खाता संख्या 240 और खसरा संख्या 3289 से 3295 तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। नक्शे में कुएं सहित अन्य स्थायी चिन्हों के आधार पर सीमाएं स्पष्ट हैं। इसके बावजूद बिना मापन किए ही उनकी भूमि को दूसरे खाते की सीमा बताने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के सामने लौटे अधिकारी, मिलीभगत का आरोप किसान का दावा है कि मौके पर ग्रामीणों और पूर्व सरपंच सहित कई लोग मौजूद थे। इसके बावजूद पैमाइश नहीं की गई। उन्होंने हल्का पटवारी, नादनपुर तहसीलदार और अन्य लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। वैज्ञानिक पैमाइश और कब्जा दिलाने की मांग ज्ञापन में किसान ने जिला कलेक्टर से आधुनिक तकनीक के माध्यम से निष्पक्ष पैमाइश कराने, पड़ोसी खातेदारों की वास्तविक सीमाओं का निर्धारण करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और उन्हें उनकी भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। रिपोर्टर ने भी जाननी चाही हकीकत, प्रशासन ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब मामले की पुष्टि और प्रशासन का पक्ष जानने के लिए संवाददाता ने संबंधित राजस्व अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
मुरादाबाद में बारिश:रोडवेज परिसर समेत कई स्थानों पर भरा पानी, स्कूल और ऑफिस जाने में हुई परेशानी
मुरादाबाद में बुधवार सुबह हुई हल्की 7 बजे बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और कुछ देर की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। रोडवेज परिसर समेत कई स्थानों पर जलभराव होने से वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, जबकि पैदल राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले लोगों को सुबह के समय विशेष परेशानी हुई। बारिश के बाद भी आसमान में बादल बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में कुछ स्थानों पर फिर से हल्की बारिश हो सकती है। बारिश ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं जलभराव की समस्या ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1076) पर मिली शिकायत के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने खोडरी, अंजनी और खंता क्षेत्रों में अभियान चलाकर अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में अवैध रेत परिवहन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद खनिज विभाग की टीम ने अभियान चलाकर खोडरी, अंजनी और खंता क्षेत्र से एक-एक ट्रैक्टर को अवैध रेत परिवहन करते हुए पकड़ा और जब्त कर लिया। वाहन मालिकों पर केस दर्ज खनिज उड़नदस्ता दल ने जब्त वाहनों के मालिकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। विभाग ने बताया कि नियमानुसार अर्थदंड और समझौता राशि जमा होने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा। अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू और साहिब गनी की टीम शामिल रही। कलेक्टर के सख्त निर्देश कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मिलने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण किया जाए। साथ ही जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।
रोहतक में बच्ची को सड़क पर जोर से पटका:संजय कॉलोनी की घटना, सीसीटीवी में वारदात हुई कैद
रोहतक की संजय कॉलोनी में देर रात को एक व्यक्ति ने छोटी सी बच्ची को उठाकर सड़क पर पटक दिया। आरोपी ने पहले बच्ची को थप्पड़ भी मारे, जिसके बाद गुस्से में आकर बच्ची को उठाकर पटक दिया। सड़क पर मारने के कारण बच्ची घायल हो गई, जिसका निजी अस्पताल में ईलाज करवाया गया। संजय कॉलोनी में रात को घरेलू कलह के चलते आपस में कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान गुस्से में आए एक व्यक्ति से सड़क पर खड़ी बच्ची को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। दो-तीन थप्पड़ मारने के बाद बच्ची को उठाया और सड़क पर पटक दिया। इसके बाद बच्ची को एक महिला ने उठाया और उसे लेकर निजी अस्पताल गई, जहां बच्ची का इलाज करवाया गया। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात संजय कॉलोनी में सड़क पर बच्ची के साथ मारपीट करते हुए व सड़क पर उठाकर पटकने की वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे एक व्यक्ति बच्ची के साथ बेरहमी के साथ मारपीट कर रहा है। बच्ची से मारपीट की नहीं मिली शिकायत ओल्ड सब्जीमंडी थाना पुलिस ने बताया कि बच्ची के साथ मारपीट मामले में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी की तरफ से कोई शिकायत मिली तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ऐसा कोई मामला अभी तक थाने में नहीं आया है।
यूपी में शिक्षकों को 1 करोड़ रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। सीएम योगी ने काशी से बुधवार को इसका घोषणा की । कानपुर में भी बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा ने शिक्षकों को मिलने वाले योजना के लाभ से कार्ड वितरित किए। बुधवार सुबह 10 बजे शहर के मर्चेंट चेम्बर हाल में शुरू हुआ। लखनऊ में ऐलान के बाद कानपुर के शिक्षकों 11.45 बजे मंच पर यूपी सरकार में मंत्री राकेश सचान और सांसद रमेश अवस्थी के साथ विधायकों ने कैशलेस उपचार कार्ड दिए । 10 बसिक शिक्षा और 10 माध्यमित शिक्षा के शिक्षकों को कार्ड दिया गया। इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता (एमओयू) किया गया है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कैश लेश उपचार योजना का लाभ यूपी के शिक्षकों को मिल सकेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद है। प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना से लाभ में लाभ पाने वाले साथ ही परिवार को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में जो एक करोड से ज्यादा बच्चे पढ़ने वाले बच्चों के मिड्डे मिल की योजना उसकी राशि आज जारी की गई है। इसके अतिरिक्त योजना में एसबीआई के साथ एक एमओयू किया गया है कि एक्सीडेन्टल बीमा कवर्ड किया गया है। हादसा होने की दशा मे इस योजना के लाभ पाने वाले के परिवार को भी भविष्य में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। 3 पॉइंट में पढ़िए, किसे कितना एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा स्थायी शिक्षक या कर्मचारियों को 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, 1 करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। 10 हजार रुपए से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपए तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख रुपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख रुपए का इंश्योरेंस मिलेगा। कर्मचारी के साथ अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। 10 हजार रुपए से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से शिक्षा विभाग की दो महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) व्यवस्था शामिल है। इसी क्रम में कानपुर देहात के माती स्थित ईको पार्क के कम्युनिटी हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। कानपुर देहात के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत पाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने डीबीटी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि सीधे भेजी जाएगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों तक सहायता समयबद्ध तरीके से पहुंच सकेगी। राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं। सरकार इन दोनों क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के 12 लाख से अधिक शिक्षकों और पात्र लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। यह शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब सरकार ने पूरा किया है। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और डीबीटी व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगी, जो शिक्षकों और छात्रों दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर राजकीय शोक घोषित नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ की शान, पहचान और सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी प्रतीकों में थीं। उनके निधन पर राजकीय शोक घोषित किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तीजन बाई उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थीं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण तीनों राष्ट्रीय सम्मान मिले। उन्होंने अपने पूरे जीवन में छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। ऐसे व्यक्तित्व के निधन पर राजकीय शोक घोषित नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई केवल लोक कलाकार नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति की राजदूत थीं। उन्होंने पंडवानी जैसी लोक विधा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया और महाभारत जैसे महाकाव्य को छत्तीसगढ़ी भाषा में जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को उनके सम्मान में राजकीय शोक घोषित कर प्रदेश की इस महान विभूति को उचित सम्मान देना चाहिए था। ऐसा नहीं करना प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। 5 जुलाई को हुआ था तीजन बाई का निधन पंडवानी को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का 5 जुलाई को रायपुर एम्स में निधन हो गया था। वह 70 वर्ष की थीं और लंबे समय से बीमार चल रही थीं। परिजनों के अनुसार, उन्होंने रविवार तड़के करीब 3:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद कला, साहित्य और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
सतना जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोलगवां थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर उनके घर पर छापा मारकर 67 हजार रुपए से अधिक मूल्य की 73 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर घर में दी गई दबिश पुलिस के अनुसार उतैली निवासी संतोष उर्फ पंजू जायसवाल (56) और उनकी पत्नी सरोज जायसवाल (40) के खिलाफ लंबे समय से अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच के बाद मंगलवार को कोलगवां थाना पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद होने के बाद दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। 67 हजार से अधिक की शराब जब्त पुलिस कार्रवाई में कुल 73 लीटर अवैध शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 67 हजार 160 रुपए बताई गई है, जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए। एक महीने पहले भी आरोपी के घर मारा था छापापुलिस ने बताया कि करीब एक माह पहले भी संतोष जायसवाल के घर पर छापेमारी की गई थी। उस दौरान 63 लीटर अवैध शराब बरामद हुई थी, लेकिन संतोष पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। वह तभी से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल छापेमारी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
यूडायस कोड के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 जुलाई:प्रयागराज के बीएसए ने जारी किया निर्देश
प्रयागराज के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए यू-डायस (UDISE) पंजीकरण और डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी विद्यालयों के पास 11 अंकों का विशिष्ट यू-डायस कोड होना आवश्यक है। इसके लिए 14 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। बीएसए अनिल कुमार ने विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे अपना आवेदन फॉर्म पूर्ण रूप से भरकर जिला परियोजना कार्यालय मम्फोर्डगंज, प्रयागराज में 14 जुलाई की शाम पांच बजे तक अनिवार्य रूप से जमा कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा के भीतर आवेदन जमा न करने की स्थिति में संबंधित विद्यालय प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा। यू-डायस पोर्टल पर पंजीकरण न कराने वाले विद्यालयों पर प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई विद्यालय पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है या उसका डेटा अपडेट नहीं है, तो उसे सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा। साथ ही, विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी। जिला प्रशासन ने जनहित में अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश किसी भी ऐसे विद्यालय में न कराएं जिसे यू-डायस कोड आवंटित नहीं है। ऐसे विद्यालयों को सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं माना जाता है। यू-डायस (Unified District Information System for Education) भारत सरकार द्वारा संचालित एक एकीकृत शिक्षा सूचना प्रणाली है। यह प्रत्येक विद्यालय के लिए एक विशिष्ट पहचान पत्र की तरह कार्य करता है। यह प्रणाली स्कूल के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की संख्या, छात्रों के नामांकन और शैक्षणिक प्रदर्शन का एक सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार करती है। सरकारी योजनाओं, जैसे निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) और छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए विद्यालयों का इस पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। बोर्ड संबद्धता और विद्यालय की वैधता सुनिश्चित करने के लिए यू-डायस कोड एक अनिवार्य मानक है। इसके बिना विद्यालय का अस्तित्व रिकॉर्ड में नहीं माना जाता है।
अम्मा जी मंदिर परिसर पर कब्जे का आरोप:श्रद्धालुओं ने की प्रशासन से कार्रवाई की मांग
धौलपुर शहर के संतर रोड स्थित अम्मा जी मंदिर परिसर में सार्वजनिक स्थान पर कब्जे को लेकर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि मंदिर के सार्वजनिक उपयोग वाले हिस्से पर कब्जा कर उसे किराए पर दे दिया गया है, जिससे पूजा-अर्चना, परिक्रमा और सामाजिक कार्यक्रमों में बाधा आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर वर्षों से आमजन के लिए खुला था, जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवार धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते थे। अब परिसर का बड़ा हिस्सा किराए पर दिए जाने के कारण आम लोगों की पहुंच सीमित हो गई है। श्रद्धालुओं ने मंदिर के परिक्रमा मार्ग में गोदाम बनाए जाने का भी आरोप लगाया है, जिससे परिक्रमा करने में परेशानी हो रही है। श्रद्धालुओं का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में मंदिर के पुजारी से शिकायत की, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की शिकायत नगर पालिका में भी की है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी मांग है कि मंदिर परिसर को पुनः श्रद्धालुओं और आमजन के सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।
पीलीभीत में सड़क हादसे में घायल किशोर की मौत:पिता आईसीयू में भर्ती, तेज रफ्तार बाइक ने मारी थी टक्कर
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय किशोर की बरेली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में घायल किशोर के पिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं। अमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सरैंधा पट्टी निवासी मुशर्रफ अली अपने 17 वर्षीय बेटे गालिब के साथ 24 जून को मोटरसाइकिल से कहीं गए थे। घर लौटते समय बिलासपुर तिराहे के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस भिड़ंत में पिता और पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बरेली में चल रहा था दोनों का इलाज हादसे के बाद राहगीरों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उन्हें बरेली के एक हायर सेंटर रेफर कर दिया था। पिछले कई दिनों से दोनों का इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार सुबह करीब 7 बजे उपचार के दौरान 17 वर्षीय गालिब ने दम तोड़ दिया। गालिब के पिता मुशर्रफ अली की हालत अब भी अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं। परिजनों ने बताया कि गालिब अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार सदमे में है। एक तरफ जहां बेटे की मौत का दुख है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के मुखिया (पिता) के आईसीयू में भर्ती होने के कारण पूरा परिवार गहरे संकट का सामना कर रहा है।
नई बाइक खरीदने पर दो हेलमेट लेना जरूरी:आईएसआई प्रमाणित होगा हेलमेट, पीछे बैठने वाले को भी लगाना होगा
जौनपुर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है। एआरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र सिंह ने बुधवार को जानकारी दी कि सभी डीलरों को दुपहिया वाहन के खरीदारों को अनिवार्य रूप से आईएसआई प्रमाणित हेलमेट देने के लिए पत्र लिखा गया है। उन्होंने इसे सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक बताया। इसके तहत, अब दोपहिया वाहन खरीदते समय दो आईएसआई प्रमाणित हेलमेट लेना अनिवार्य होगा। इस नियम का मुख्य लक्ष्य चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश सड़क हादसों में सिर पर गंभीर चोटें लगने से जान चली जाती है।अक्सर यह देखा गया है कि चालक हेलमेट पहनता है, लेकिन पीछे बैठा व्यक्ति बिना हेलमेट के यात्रा करता है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने पर उसके गंभीर रूप से घायल होने या मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए बाइक विक्रेताओं को वाहन की बिक्री के समय दो हेलमेट उपलब्ध कराने होंगेइस पहल से लोगों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित होने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने नागरिकों से प्रत्येक यात्रा के दौरान दोनों हेलमेट का उपयोग करने की अपील की है। यदि चालक और पीछे बैठा व्यक्ति दोनों हेलमेट पहनते हैं,तो दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। वेंकटेश हुंडई के अधिष्ठाता मनोज अग्रहरी ने भी पुष्टि की कि वाहन खरीदते समय खरीदारों कोअनिवार्य रूप से हेलमेट दिए जा रहे हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये हेलमेट निःशुल्क नहीं दिए जाएंगे। खरीदारों को वाहन खरीदते समय अनिवार्य रूप से इनका भुगतान करना होगा। जौनपुर जिले में यातायात पुलिस द्वारा समय-समय परहेलमेट जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट या केवल चालक के हेलमेट पहनने की स्थिति में ही यात्रा करते हैं। अधिकारियों कामानना है कि यह नियम तभी प्रभावी होगा, जब लोग इसे केवल एक औपचारिकता न मानकर अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएंगे। यह नई व्यवस्था सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी लाने में सहायक सिद्ध होगी।
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का दौरा रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने किया।वहां चल रही अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। इस स्टेशन का पुनर्विकास लगभग ₹98.89 करोड़ की भारी-भरकम लागत से किया जा रहा है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अत्याधुनिक स्टेशन का डिजिटल या व्यक्तिगत रूप से उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर स्थानीय प्रशासन और भाजपा नेतृत्व तैयारियों में जुटा हुआ है। रेल राज्य मंत्री का भव्य स्वागत और तैयारियों का जायजा जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू खुद जमीन पर उतरे। स्टेशन पहुंचने पर रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय भाजपा नेताओं ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की और निर्माण कार्य की बारीकियों को समझा। दरअसल, कैंट स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण में है, जिसे दिन-रात काम करके पूरा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारतीय रेलवे इस बड़े उद्घाटन समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। उन्होंने गर्व से कहा कि इस भव्य स्टेशन का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। बिट्टू ने वैश्विक स्तर पर भारत और पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज दुनिया का हर बड़ा देश हमारे प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान और अवार्ड देकर सम्मानित कर रहा है। ऐसे में उनका पंजाब आना राज्य के लिए बेहद गर्व की बात है। 17 तारीख तक पूरी होंगी सभी तैयारियां पार्टी की आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा की केंद्रीय और राज्य स्तरीय लीडरशिप अगले कुछ दिनों तक यहीं (जालंधर और पंजाब में) डेरा डाले रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 17 तारीख तक पार्टी संगठन और स्थानीय प्रशासन मिलकर पंजाब दौरे की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लेगा। प्रधानमंत्री के इस संभावित पंजाब दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। 100 साल पुराने स्टेशनों का हो रहा है कायाकल्प जब रेल राज्य मंत्री से काम में होने वाली कुछ कमियों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, जब भी कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक काम किया जाता है, तो उसमें थोड़ी-बहुत कमियां रह जाना स्वाभाविक है। लेकिन हमारी पूरी कोशिश है कि समय रहते उन सभी कमियों और खामियों को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने आगे एक बड़ी योजना का खुलासा करते हुए बताया कि देश में 100 साल से भी अधिक पुराने लगभग 1500 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और उनके पुनर्निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को भी शामिल किया गया है, क्योंकि इस ऐतिहासिक स्टेशन को बने हुए भी 100 साल से अधिक का समय हो चुका है।
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के डूमचीर जेटकाटोला में बुधवार को एक 21 वर्षीय विवाहिता का शव उसके घर में मिला। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगड़ा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मृतका की पहचान मालुति मरांडी के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम परमय हेंब्रम है। महिला का शव घर में खून से सना पड़ा था। घर में मौजूद उसकी मां मरांगमाई हेंब्रम ने अपनी बेटी को इस हालत में देखकर शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग जमा हो गए। सिर से खून निकल रहा था मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि मालुति उसकी इकलौती बेटी थी और उसकी तीन शादियां हुई थीं। वर्तमान में वह अपनी मां के साथ ही रहती थी। मां के अनुसार, सुबह उन्होंने अपनी बेटी को बिस्तर पर खून से लथपथ देखा, जिसके सिर से खून निकल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सोनाजोड़ी सदर अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस मोबाइल डेटा के जरिए हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है। नुकीले हथियार से वार करने की आशंका स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला के सिर पर किसी नुकीले हथियार से वार कर उसकी हत्या की गई है। महिला की तीन शादियां होने की बात सामने आई है और पुलिस इन सभी पहलुओं पर गौर करते हुए हत्या के कारणों की गहनता से छानबीन कर रही है। थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगड़ा ने बताया कि शादीशुदा महिला का शव मिला है, जिसे कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के सही कारण का पता चलेगा। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।
अमरोहा में गजरौला थाने के पास मोबाइल दुकान में चोरी:चोर CCTV में कैद, लाखों के फोन और नकदी ले गया
अमरोहा के गजरौला कस्बे में बुधवार तड़के एक मोबाइल की दुकान में चोरी हो गई। चोर थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसा और लाखों रुपये के मोबाइल फोन व नकदी लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना बुधवार सुबह करीब चार बजे हुई। गजरौला क्षेत्र के सलेमपुर गोसाई निवासी अजीत सैनी की मोबाइल की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। दुकान मालिक अजीत सैनी ने बताया कि उन्होंने सोमवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद की थी। मंगलवार सुबह उनके भतीजे ने शटर टूटा होने की सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दुकान के अंदर सामान बिखरा मिला। चोर दुकान से दो आईफोन सहित कुल चार मोबाइल फोन और लगभग 12 हजार रुपये की नकदी ले गए। दुकान स्वामी के अनुसार, चोरी हुए मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये है। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक चोर चोरी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दुकान मालिक अजीत सैनी ने पुलिस को तहरीर देकर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है। थाने के इतनी करीब हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में मंगलवार देर रात मरवाही के झुंड से बिछड़ा एक हाथी गांव में घुस आया। हाथी ने तरई नार और पिपरहा गांव में कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। वन विभाग के अनुसार, हाथी मरवाही की दिशा से भटककर तरई नार और पिपरहा गांव पहुंचा। गांव में घुसते ही उसने कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। एक पक्के मकान की दीवार भी तोड़ दी, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घर छोड़कर भागे ग्रामीण हाथी की चिंघाड़ और मकान तोड़ने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। प्रभावित परिवारों ने पूरी रात भय के बीच जागकर बिताई। दो घंटे चला रेस्क्यू अभियान घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टॉर्च और अन्य उपकरणों की मदद से करीब दो घंटे तक अभियान चलाकर हाथी को गांव से बाहर निकालकर जंगल की ओर भेजा गया। वन अमले की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। बढ़ रही हाथियों की आवाजाही ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लोगों ने हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। नुकसान का आकलन शुरू वन विभाग ने प्रभावित मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार प्रभावित परिवारों को सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने, अकेले जंगल की ओर नहीं जाने तथा मशाल और पटाखे साथ रखने की सलाह दी गई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के करोड़ों वाहन मालिकों के हितों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल और पुरानी गाड़ियों (2023 से पहले बनी) पर इसके प्रभाव को लेकर लिखित स्पष्टीकरण और उपभोक्ता गारंटी की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में पत्र भेजे हैं। पहला पत्र उन 3 बड़ी कंपनियों को भेजा गया है जिनके प्रतिनिधियों ने हाल ही में सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था, जबकि दूसरा पत्र टाटा मोटर्स समेत अन्य 26 वाहन निर्माता कंपनियों को भेजा गया है। 3 प्रमुख कंपनियों (टोयोटा, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प) को पहला पत्र अरविंद केजरीवाल ने पहला पत्र मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को लिखा है। टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी को संबोधित पत्र में केजरीवाल ने 4 जुलाई 2026 को सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। केजरीवाल का कहना है कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि 2023 से पहले के वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग सुरक्षित है और इससे इंजन को नुकसान नहीं होगा, केवल माइलेज में मामूली कमी आएगी। लेकिन यह दावा कंपनियों के अपने ही 'ओनर्स मैनुअल' (Owner's Manual) के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साफ लिखा है कि इन गाड़ियों में केवल 10% एथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि यह कोई मामूली विसंगति नहीं है। करोड़ों उपभोक्ताओं को यह जानने का हक है कि वे गाड़ी खरीदते समय मिले आधिकारिक मैनुअल पर भरोसा करें या कंपनियों के मौजूदा बयानों पर। टाटा मोटर्स समेत 26 कंपनियों को दूसरा पत्र अरविंद केजरीवाल ने दूसरा पत्र टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा समेत बाकी 26 ऑटोमोबाइल कंपनियों को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने देश भर में प्री-2023 वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चल रहे भारी विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक स्पष्ट, सार्वजनिक और लिखित बयान जारी करने की मांग की है। ऑटो कंपनियों के सामने रखे दो कड़े सवाल अरविंद केजरीवाल ने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर सार्वजनिक तौर पर दो मुख्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने और लिखित गारंटी देने को कहा है:- माइलेज में कमी पर मुआवजा: यदि 2023 से पहले का कोई वाहन (जो E20 के अनुकूल नहीं है) E20 ईंधन का उपयोग करने के बाद 10% से अधिक माइलेज की गिरावट दर्ज करता है, तो क्या कंपनी प्रभावित मालिक को इस नुकसान का मुआवजा देगी? इंजन खराब होने पर मुआवजा: यदि E20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण गाड़ी या उसके इंजन के पार्ट्स को कोई नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां मरम्मत या पार्ट्स बदलने के खर्च का पूरा मुआवजा उपभोक्ता को देंगी?
गोरखपुर से चलेगी भारत गौरव ट्रेन:महाकाल से सोमनाथ तक दर्शन का मौका, EMI पर भी बुकिंग होगी
गोरखपुर में सावन के दौरान धार्मिक यात्रा की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। IRCTC ने बुधवार 12:00 बजे सूचना जारी कर बताया कि गोरखपुर जंक्शन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन चलाने जा रहा है। इस स्पेशल टूर पैकेज के जरिए यात्री एक ही सफर में देश के चार प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के साथ द्वारकाधीश मंदिर, भेंट द्वारिका और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी देख सकेंगे। पहली ट्रेन 31 जुलाई और दूसरी 17 अगस्त को रवाना होगी। दोनों यात्राओं के लिए बुकिंग शुरू कर दी गई है। 17 से 26 अगस्तक तक टूर का आयोजन 17 अगस्त को शुरू होने वाला यह टूर 26 अगस्त तक चलेगा। 9 रात और 10 दिन की यात्रा के दौरान श्रद्धालु उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात के नागेश्वर और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। इसके अलावा द्वारकाधीश मंदिर, भेंट द्वारिका, सिग्नेचर ब्रिज और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण भी पैकेज में शामिल है। ऐसे में यात्रियों को धार्मिक यात्रा के साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों को देखने का भी मौका मिलेगा। हर बजट के लिए तीन पैकेज, EMI का भी विकल्प IRCTC के एजीएम वायु नंदन शुक्ला ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन कैटेगरी में पैकेज तैयार किया गया है। इकोनॉमी (स्लीपर) का किराया 18,380 रुपये, स्टैंडर्ड (एसी-3) का 29,570 रुपये और कम्फर्ट (एसी-2) का 38,870 रुपये रखा गया है। खास बात यह है कि इच्छुक यात्री बैंक की EMI सुविधा के जरिए भी इस टूर पैकेज की बुकिंग करा सकते हैं। पूर्वांचल के यात्रियों को मिलेगी सीधी सुविधा इस ट्रेन में सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि मनकापुर, अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन, प्रयागराज संगम, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और ललितपुर स्टेशन से भी बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी। इससे पूर्वांचल और आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं को अपने नजदीकी स्टेशन से यात्रा शुरू करने का विकल्प मिलेगा। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन बुकिंग भी शुरूटूर पैकेज की बुकिंग IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन की जा सकती है। वहीं गोरखपुर समेत रूट के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यात्रा से जुड़ी जानकारी और बुकिंग के लिए यात्री IRCTC के हेल्पलाइन नंबर 9236391923, 9236391908, 8287930908, 9236391925, 8303555714, 8287930926 और 9415042930 पर संपर्क कर सकते हैं।
बद्रीनाथ दान प्रकरण: मंदिर समिति की शिकायत पर पुलिस ने निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर दर्ज किया मुकदमा
बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित रूप से हेरफेर के मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बीकेटीसी चेयरमैन के कार्यालय में तैनात निजी सचिव प्रमोद नौटियाल पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है।
कानपुर में ट्रक चालक की पिटाई:सच्चेण्डी ढाबे पर मामूली बात पर मारपीट का वीडियो सामने आया
कानपुर के सच्चेण्डी थाना क्षेत्र स्थित तिवारी ढाबे पर बुधवार को मामूली सुबह करीब दस बजे बात को लेकर कुछ दबंगों ने एक ट्रक चालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के दौरान ढाबे पर मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। ट्रक चालक ने थाने में दी तहरीर जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक किसी काम से तिवारी ढाबे पर रुका हुआ था। इसी दौरान किसी मामूली बात को लेकर उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने ट्रक चालक को घेरकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ तमाशबीन बनी रही, जबकि कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मारपीट में घायल ट्रक चालक ने किसी तरह खुद को बचाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सच्चेण्डी थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पीड़ित को अपने साथ थाने ले गया। पुलिस ने घायल चालक से घटना की जानकारी लेने के बाद उसकी तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या बोले थाना प्रभारी सच्चेण्डी थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
झांसी में खुद के घर में 6 करोड़ की चोरी का मामला सामने आया है। बेटे ने अपने ही घर में मां के करोड़ों रुपए के पुश्तैनी सोने-चांदी के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने इस दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी किए गए सभी 34 नग आभूषण बरामद कर लिए हैं। यह पूरा मामला झांसी के बबीना थाना इलाके के सिमरावारी का है। यहां रहने वाली एक बेबस मां, श्रीमती शशि गुप्ता ने भारी मन से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी तहरीर में आरोप लगाया था कि उनके सगे बेटे ने ही घर की अलमारी का ताला तोड़कर खानदानी और पुश्तैनी आभूषण चोरी कर लिए हैं। मां की इस शिकायत पर बबीना थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मुकदमा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। हाईवे के पास से दबोचा गया आरोपी झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों पर चोरों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी कि तभी 7 जुलाई 2026 को मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली। बबीना पुलिस ने घेराबंदी करके झांसी-ललितपुर हाईवे से जुड़े एक कच्चे रास्ते (अंबेडकर नगर सिमरावारी, बीएचईएल चौकी क्षेत्र) से आरोपी बेटे को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी का नाम शिवम गुप्ता (उम्र 27 वर्ष) है, जो सिमरावारी गांव का ही रहने वाला है। बरामद हुए करोड़ों के पुश्तैनी आभूषण जब पुलिस ने आरोपी शिवम गुप्ता की कड़ाई से तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद हुए। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 34 नग पीली धातु (सोने) के गहने बरामद किए हैं। बरामद किए गए गहनों में 7 जोड़ी कंगन और 1 भारी कड़ा, अलग-अलग डिजाइन की 13 अंगूठियां, 1 छोटा हार, 2 सोने की जंजीर और 1 लंबी जंजीर (पेंडल के साथ), 1 जोड़ी कीमती इयर रिंग मिली हैं। इन पुश्तैनी गहनों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, जिन्हें आरोपी ठिकाने लगाने की फिराक में था। चोरी के इस बड़े मामले का भंडाफोड़ करने के बाद पुलिस ने आरोपी शिवम गुप्ता के खिलाफ सभी जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे अदालत (न्यायालय) में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। इस शानदार कामयाबी और करोड़ों की रिकवरी करने वाली पुलिस टीम में बबीना थाने के निरीक्षक फूल सिंह, बीएचईएल चौकी प्रभारी व उपनिरीक्षक राहुल सिंह, हेड कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल अरुण कुमार और कांस्टेबल देवराज शामिल रहे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की इलाके में काफी चर्चा हो रही है।
बारां शहर में बिजली के खंभे पर काम करते समय करंट लगने से एक संविदा कर्मचारी की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम को कोतवाली थाना क्षेत्र के समसपुर निवासी कमल प्रजापति (28) के साथ हुई। वह बिजली निगम की एफआरटी टीम में संविदा कार्मिक के तौर पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, कमल प्रजापति मंगलवार शाम को श्योपुरियान की मस्जिद के पास एक बिजली के खंभे पर लाइन दुरुस्त कर रहा था। इसी दौरान उसे अचानक करंट का झटका लगा और वह बेकाबू होकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और अन्य कर्मचारियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा और मृतक आश्रित को संविदा पर नौकरी दिलवाने की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की। अधिकारियों ने उन्हें उचित मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। काफी समझाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजन शव लेने को राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और उनकी रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी खरीद में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जयपुर में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 280 से अधिक उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, वित्तीय सहायता और कारोबार बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के नेशनल एससी-एसटी हब और डिक्की राजस्थान चैप्टर की ओर से झालाना स्थित डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी में किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों ने हिस्सा लेकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। सरकारी योजनाओं और खरीद प्रक्रिया की दी जानकारी कार्यक्रम का उद्घाटन एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ ने किया। इस दौरान एनएसआईसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस.एस. आचार्य, डिक्की के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य रोलिंग स्टॉक इंजीनियर शशि किरण, नेशनल एससी-एसटी हब के महाप्रबंधक उमेश दीक्षित और राजस्थान-गुजरात प्रभारी कुलदीप सिंह राजपूत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिक्की राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष देवकीनंदन गोधा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से SC/ST उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, बड़े उद्योगों और सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं, महिला उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। पंजीकरण से लेकर बैंक ऋण तक मिली जानकारी तकनीकी सत्रों में उद्योग विभाग, सरकारी ऑनलाइन खरीद पोर्टल (GeM), भारतीय रेलवे, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय खाद्य निगम, राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड, सिपेट, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक के विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद नीति, विक्रेता पंजीकरण, ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, बैंक ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी दी। उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए गए। मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा कार्यक्रम स्थल पर उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्यम पंजीकरण, सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण, विक्रेता पंजीकरण और ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के लिए सहायता केंद्र भी बनाया गया। यहां विशेषज्ञों ने मौके पर ही पंजीकरण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई। कार्यक्रम में जयपुर और आसपास के जिलों से 280 से अधिक SC/ST उद्यमियों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें कारोबार बढ़ाने और सरकारी खरीद में अधिक भागीदारी का मौका मिल सके।
रीवा की गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों का दल आबादी वाले गांवों तक पहुंच गया है। लगातार हो रही आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है। मंगलवार को हाथियों ने धुअर गांव में एक मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान परिवार के लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हाथियों के झुंड ने धुअर गांव में ग्रामीण राजू सिंह के मकान को नुकसान पहुंचाया। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मकान टूटने से परिवार को भारी नुकसान हुआ है। कई गांवों में है मूवमेंटगुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह ने बताया कि करियाझर, दुआरी, बधवार, टीकर सहित कई गांवों में हाथियों का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीणों में दहशत फैल जाती है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। किसान भी खेतों में काम करने और मवेशी चराने जाने से घबरा रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग को पहले से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने प्रभावित परिवार को तत्काल मुआवजा देने और हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए स्थायी योजना बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों का दल लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। इससे फसलों और मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने, समय-समय पर मुनादी कराने और हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तुरंत देने की मांग की है। वन विभाग ने कहा- निगरानी जारी है वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के दल पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में वन अमला तैनात है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, धुअर गांव में मकान को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। नियमानुसार प्रभावित परिवार को सहायता देने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि हाथियों के पास न जाएं, उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और हाथियों की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
मध्य प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक से पहले निवाड़ी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ओरछा नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर जमुना भिड़े, एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया, सीईओ रोहन सक्सेना, नगर परिषद सीएमओ और पर्यटन व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने पुलिस टीम के साथ ओरछा का दौरा किया। इस दौरान हरदौल बैठका, फूलबाग और मुख्य बाजार सहित कई प्रमुख मार्गों पर कार्रवाई की गई। करीब 12 फुटकर दुकानदारों को हटाया अभियान के तहत सड़क किनारे व्यवसाय कर रहे दो दर्जन से अधिक फुटकर दुकानदारों को हटाया गया। प्रशासन का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, जाम की स्थिति से बचना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। यह कार्रवाई आज और कल ओरछा में आयोजित होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के आगमन को देखते हुए की गई है। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तथा मंत्रियों के गुजरने वाले मार्गों को व्यवस्थित किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल की पहली कार्यसमिति बैठक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल की यह पहली कार्यसमिति बैठक होगी, जिसका आयोजन ओरछा के राजमहल होटल में किया जाएगा। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणनीति पर भी मंथन होगा। सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व सहित कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसी को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र का एक परिवार अपने बेटे की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। परिजनों ने बेटे के दोस्त पर योजनाबद्ध तरीके से घर से बुलाकर हत्या करने और उसे दुर्घटना का रूप देने का आरोप लगाया है। यह मामला झिंझाना कस्बे का है। पीड़ित परिवार के अनुसार, 12 जून को उनके बेटे समीर को उसके दोस्त अजीम पुत्र याकूब ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज करके घर से बुलाया था। ये कॉल और मैसेज समीर के फोन में सुरक्षित हैं। इसके बाद समीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने इसे दुर्घटना मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अब परिवार ने एसपी कार्यालय में शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि अजीम ने ही योजना बनाकर समीर को बुलाया और उसकी हत्या कर दी, जिसे बाद में दुर्घटना दिखाया गया। उंगली और पैर की हड्डी टूटी पीड़ितों ने बताया कि समीर के हाथ की उंगली और पैर की हड्डी भी टूटी हुई थी। उनका मानना है कि अगर पुलिस अजीम से पूछताछ करती है, तो वह पूरे मामले का खुलासा कर देगा। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने सीओ कैराना को जांच सौंप दी है और उचित वैधानिक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रेवाड़ी में बुधवार सुबह फार्मेसी के छात्र की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। झज्जर रोड पर दुपहिया वाहन फिसलकर अनियंत्रित होते हुए डिवाइडर पर लगे खंभें से जा टकराया और मंयक की मौके पर ही मौत हो गई। जिससे शहर में मातम छा गया। 19 वर्षीय छात्र मयंक सोनी के पिता नवनीत सोनी शहर के बड़े बिजनेसमैन और श्री श्याम दीवाना मंडल के संरक्षक हैं। सूचना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन विलाप करते नजर आए। शहर में लोगों का हुजुम जमा हो गया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। खंभे से टकराया दुपहिया वाहन जानकारी के अनुसार भजन का बाग मोहल्ला निवासी नवनीत सोनी के बड़े बेटे मयंक सोनी गुरुग्राम के एसजीटी विश्वविद्यालय फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे थे। बुधवार सुबह दुपहिया वाहन पर सवार होकर झज्जर रोड स्थित टेंट के गोदाम पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक कीचड़ में फिसलकर बाइक अनियंत्रित होकर जोरधार धमाके साथ डिवाडर पर खड़े खंभे से जा टकराई। शहर में तेजी से फैली सूचना आसपास के लोगों ने घायल अवस्था में मयंक को अस्पताल पहुंचाया और घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दी। अस्पताल में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। कारोबारी के बेटे की मौत जैसे-जैसे शहर में फैलनी शुरू हुई, लोगों ने अस्पताल पहुंचना शुरू कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
अयोध्या में युवती लापता:पिता बोले- 20 दिन हो गए, पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
अयोध्या जिले के इनायत नगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। युवती के पिता ने 8 जुलाई 2026 बुधवार को बताया कि 14 जून 2026 की रात करीब दो बजे अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने पूरी रात और अगले दिन तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 15 जून की सुबह युवती के पिता को पता चला कि पड़ोसी गांव का एक युवक उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पिता तत्काल थाना कोतवाली इनायत नगर पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने और बेटी की बरामदगी की मांग की। हालांकि, शिकायत दिए हुए 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अब तक न तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और न ही युवती की बरामदगी के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की है। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब भी वे थाने पहुंचकर जानकारी लेते हैं, तो पुलिसकर्मी कभी विवेचक के बाहर होने की बात कहकर तो कभी उनके थाने पर मौजूद न होने का बहाना बनाकर टाल देते हैं। परिवार लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे वे चिंता और मानसिक तनाव में हैं। इस संबंध में थाना कोतवाली इनायत नगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि संभवतः गुमशुदगी दर्ज की गई होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, तो मामले को तत्काल दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
टोंक के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में बॉर्डर एरिया बूंदी के एक गांव के पूर्व सरपंच पर चोरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वह रायपुरिया गांव में एक मकान से बाइक चुराने की कोशिश कर रहा था। गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई की, कपड़े उतरवाकर कैंची से उसके बाल काट दिए और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच पर पहले भी कई चोरी की वारदातों में शामिल रहने के आरोप लग चुका हैं और वह कई बार पकड़ा जा चुका है। फिलहाल नगरफोर्ट पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना रायपुरिया गांव में 5 जुलाई को हुई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पढ़ें… पूरा घटनाक्रम 1. बाइक चोरी करते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा जानकारी के अनुसार, नगरफोर्ट थाना (टोंक) क्षेत्र के रायपुरिया गांव में बूंदी के बामनगांव (नैनवां सर्किल क्षेत्र) के पूर्व सरपंच अनिल बाल्मिक (30) को एक मकान से बाइक चुराते समय ग्रामीणों ने पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई की, कपड़े उतरवाकर कैंची से उसके सिर के बाल काट दिए और बाद में उसे नगरफोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। 2. सरपंची खत्म होने के बाद चोरी के आरोप अनिल बाल्मिक वर्ष 2015 से 2020 तक बामनगांव ग्राम पंचायत का सरपंच रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, पद से हटने के बाद वह लगातार चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। उनका कहना है कि वह शराब का आदी है और सरपंची का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चोरी करने लगा। 3. पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है करीब एक साल पहले चोरी के मामले में ग्रामीणों ने पीछा कर आरोपी पूर्व सरपंच को टोंक से पकड़ा था। मोबाइल बरामद कर नैनवां पुलिस को सौंप दिया था। तलाशी में उसके पास से बटनदार चाकू भी मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर चोरी करने लगा। कुछ दिन पहले बूंदी जिले के नैनवां क्षेत्र के कोलाहेड़ा गांव में भी उसे चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जहां ग्रामीणों ने उसे रस्सियों से बांधकर पीटा गया था।
बालाघाट: ग्रामीणों ने शराब से भरा वाहन पकड़ा:महाराष्ट्र नंबर का वाहन जब्त, चालक-साथी फरार
बालाघाट जिले के बहेला थाना क्षेत्र के मिरिया टेकेपार गांव में ग्रामीणों ने शराब से भरा एक वाहन पकड़ा है। यह वाहन गांव में शराब की आपूर्ति के लिए लाया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। वाहन में करीब 12 से 14 पेटी देशी सादा, मसाला और अंग्रेजी शराब बताई जा रही है। वाहन का नंबर महाराष्ट्र का है। ग्रामीणों द्वारा वाहन पकड़े जाने के बाद उसका चालक और एक साथी मौके से फरार हो गए। बरामद वाहन में एक रजिस्टर भी मिला है, जिसमें शराब बेचने वालों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच किसी बात को लेकर बहस होने की बात भी सामने आई है, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इस संबंध में बहेला थाना प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिला पंचायत सदस्य ज्योति उमरे ने बताया कि ग्रामीणों ने सुबह शराब ला रहे वाहन को पकड़ा था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। उमरे ने आरोप लगाया कि शराब माफिया और उनके गुंडे अब क्षेत्र के जागरूक युवाओं और ग्रामीणों पर हाथ उठाने तथा गुंडागर्दी करने की हिम्मत कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लांजी क्षेत्र में किसी भी माफिया या उनके गुंडों की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने अपराधियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने भारी हंगामे के बीच वाहन और शराब को जब्त कर लिया है। यह शराब जिले के शराब कारोबारी के माध्यम से लाई जा रही थी या अन्य जगह से, यह अभी साफ नहीं है। इस मामले में पुलिस से विस्तृत जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
चंडीगढ़ में ड्रंकन ड्राइव के नाके पर रविवार रात फारच्यूनर सवार तीन युवकों ने जमकर हंगामा किया थीा। इस दौरान वह नशे में टली थी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर अदालत में पेश किया था। जिसमें कोर्ट के बाद कोर्ट ने आरोपी युवको का दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया, तीन महीने के लाइसेंस सस्पेंड और चार दिन तक रोजाना दो घंटे चौहरों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक संभालने के ाअदेश दिए थे। आज युवक सेक्टर सेक्टर-16 मटका चौक पर पहुंचे थे । इनहेंने हााथ में बैनर लिए हुए थे। जिस पर लिखा हुआ था डोंट ड्रिक एंड डाइव । हालांकि वह इस दौरान जींस और शर्ट पहनकर पहुंचे थे। जैसे मीडियो को पता चला तो काफी लोग वहां पर पहुंच गए। हमने ड्रिंक की थी, यह तो फारमेल्टी है युवक ने बताया, “हमने ड्रिंक की हुई थी। हमें नाके पर रोका गया था। वहीं यह सब हुआ। बाकी आपको पता ही है कि कानूनी औपचारिकताएं होती हैं।” जब उससे पूछा गया कि अदालत ने उसे सजा भी सुनाई है और उसके हाथ में जो तख्ती है, उस पर डॉट ड्रिंक एंड ड्राइव लिखा है, इस पर वह क्या कहना चाहेगा? इस पर युवक ने कहा, मैं यही कहना चाहूंगा कि ड्रिंक करके ड्राइव नहीं करनी चाहिए। इससे सिर्फ दूसरों का ही नहीं, अपना भी नुकसान हो सकता है। हम भी लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं । युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए अन्य लोगों को संदेश दिया है कि शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए क्योंकि इससे दूसरों का और खुद का भी नुकसान होता है। उन्होंने इस घटना को केवल एक औपचारिकता (फॉर्मेलिटी) है। ड्रंकन ड्राइव नाके पर रोकी फॉर्च्यूनर बीते रविवार आधी रात सेक्टर-34/35 की डिवाइडिंग रोड पर लगे ड्रंकन ड्राइव नाके पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर को जांच के लिए रोका। गाड़ी में तीन युवक सवार थे। इनमें से दो युवक शराब के नशे में थे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। कभी चालान काटने, कभी गाड़ी इम्पाउंड करने और कभी वीडियो बनाने को लेकर वे पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे। मौके पर मौजूद महिला मार्शल सुखजीत कौर समेत अन्य पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम के आने के बाद भी दोनों युवक नहीं माने और पुलिस की गाड़ी में बैठने को लेकर भी बहस करने लगे। पुलिस ने दोनों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। आरोपियों की पहचान समराला (लुधियाना) निवासी गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह गौसल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार लवजोत गाड़ी चला रहा था और उसके शरीर में शराब की मात्रा 238 एमजी पाई गई। तीसरा युवक नशे में नहीं था और उसने पुलिस से सामान्य तरीके से बात की। जज ने वीडियो देख जताई नाराजगी दोनों आरोपी अपनी इम्पाउंड गाड़ी छुड़वाने के लिए सीजेएम कोर्ट पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस की महिला मार्शल सुखजीत कौर भी कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक हुई पूरी घटना की वीडियो अदालत में दिखाई। वीडियो देखने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने के आदेश दिए।
चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात 20 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा के स्मार्ट कार्ड के प्रतीक भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ियों के हितों के लिए कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू की है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आगामी दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू होने के बाद शिक्षक समाज के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, क्योंकि अब उनके स्वास्थ्य की चिंता प्रदेश सरकार कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान परिवेश में बेसिक के अलावा माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में काफी बदलाव देखने को मिला है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली और संसाधन अब आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का परिणाम बताया। एक सवाल के जवाब में मंत्री जायसवाल ने राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी जामा मस्जिद और चर्च की चर्चा नहीं करते, क्योंकि वह 'लूंगी और टोपी वालों' को खुश रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के दौरान कब्रिस्तान की बाउंड्री करा रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, सैयदराजा विधायक प्रतिनिधि सुशील सिंह जनौली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भारी बारिश होने की वजह से महाराष्ट्र के कई जिलों में स्थिति काफी गंभीर हो गई है। खड़कवासला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कैचमेंट क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
औरंगाबाद में नाले में मिला मजदूर का शव:घर के पीछे पड़ी थी लाश, परिजन को पैर फिसलने से हादसे की आशंका
औरंगाबाद बुधवार को मजदूर की लाश उसके घर के पीछे नाले से बरामद हुई है। मृतक काहू भुईंया के बेटे जितन भुईंया (41) के रूप में हुई है। परिजन का कहना है कि मंगलवार देर शाम मजदूरी कर घर लौटने के दौरान उनका पैर फिसल गया होगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा। परिजन का कहना है कि जितन भुईंया घर नहीं लौटे तो हमलोग उनकी खोजबीन करने लगे थे। रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह गांव के कुछ लोग शौच के लिए घर के पीछे स्थित नाले की ओर गए तो जलकुंभी के बीच एक पैर दिखाई दिया। मामला ओबरा प्रखंड की रतनपुर पंचायत अंतर्गत कंचन बिगहा-अतरौली गांव का है। घर की पूरी जिम्मेदारी थी जितन भुईंया मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वह अपने पीछे पत्नी मेतरी देवी, माता झकसी देवी, 2 बेटे और 2 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। एक बेटे और एक बेटी की शादी कर चुके। घर की पूरी जिम्मेदारी जितन के कंधों पर थी। उनकी असामयिक मौत के बाद पत्नी, मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। पुलिस को पोस्टमॉर्टम का इंतजार ओबरा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार एवं अपर थाना अध्यक्ष कुणाल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। घटनास्थल पर पंचायत समिति सदस्य ओमप्रकाश यादव, सरपंच प्रतिनिधि संतोष कुमार शर्मा, मोहम्मद मुश्ताक, अरविंद भुईंया, पंजाबी भुईंया, सुनील पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मधेपुरा में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। लगातार आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। बुधवार की सुबह भी आसमान बादलों से घिरा रहा। बारिश के कारण जिले के अधिकतम तापमान में करीब 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि दोपहर बाद यह 50 से 60 प्रतिशत के बीच रह सकती है। 20 km प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा इस दौरान पूर्वी दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चलने की संभावना है। आगामी दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना बनी हुई है। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, अगवानपुर के मौसम वैज्ञानिक देवन कुमार चौधरी ने बताया कि 8 से 12 जुलाई के बीच अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और आंधी के साथ हल्की वर्षा होने के आसार हैं। उन्होंने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी। 10 फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह मौसम विभाग ने कद्दू की फसल में फल मक्खी के प्रकोप से बचाव के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 8 से 10 फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह दी है। इससे कीट नियंत्रण में मदद मिलेगी और फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम और तेज हवा को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे नहीं बांधें, क्योंकि टहनियां टूटकर गिरने का खतरा रहता है। पशुओं को हरा एवं सूखा चारा पर्याप्त मात्रा में दें तथा दिन में तीन से चार बार स्वच्छ और ताजा पानी अवश्य पिलाएं। साथ ही उन्हें साफ-सुथरे और सुरक्षित स्थान पर रखें। मछली पालकों को सलाह दी गई है कि जिन तालाबों में रोहू सहित अन्य मछलियां एक वर्ष की हो चुकी हैं, वे इस महीने तालाब का जल स्तर कम कर अथवा जाल की सहायता से मछलियों को निकालकर बेच दें। मछलियों को तालाब से निकालने का कार्य सुबह के समय करना अधिक उपयुक्त रहेगा, जिससे उनकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है।
सीतापुर में पेड़ से टकराकर खाई में पलटी कार:एयरबैग खुलने से डॉक्टर और उनकी मां सुरक्षित
सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के बाद खाई में पलट गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन समय पर एयरबैग खुल जाने से कार सवार डॉक्टर और उनकी मां की जान बच गई। दोनों को मामूली चोटें आईं है। जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 1:30 बजे बेनीरामा पुल के पास स्थित मोड़ पर हुई। डॉ. अशोक यादव निवासी दंडपुरवा मजरा शेखनापुर, थाना लहरपुर अपनी मां का इलाज कराने के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल गए थे। इलाज के बाद वह अपनी मां के साथ ग्रांड विटारा कार (UP34 CD 9647) से वापस सीतापुर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रात अधिक होने और लगातार सफर करने के कारण बेनीरामा पुल के पास मोड़ पर चालक डॉ. अशोक यादव को अचानक नींद की झपकी आ गई। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दौरान कार में लगे सभी एयरबैग तुरंत खुल गए। एयरबैग ने चालक और उनकी मां को गंभीर चोट लगने से बचा लिया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जानकारी ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कार में एयरबैग न होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सड़क हादसे के बाद थाने में जब्त नई कार को छुड़वाने के लिए कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर 20 हजार रुपए मांगने वाले आरक्षक सोलोमन राजू को सस्पेंड कर दिया गया है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने शिकायत मिलने के बाद यह आदेश जारी किया है। निलंबित आरक्षक क्रंमाक 814 सोलोमन राजू कुम्हारी थाने में पदस्थ था। अब उसे सस्पेंड कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसएसपी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बेमेतरा जिले के देवकर निवासी विमलेश कुमार द्विवेदी ने शिकायत की थी कि उनके खिलाफ दर्ज सड़क हादसे के मामले का चालान कोर्ट में पेश करने के लिए आरक्षक सोलोमन राजू ने 20 हजार रुपए की मांग की और पैसे भी ले लिए। शुरुआती जांच में आरक्षक का आचरण संदेह के दायरे में पाया गया। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। दिसंबर 2025 से थाने में खड़ी थी नई गाड़ीशिकायतकर्ता विमलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूरा मामला 27 दिसंबर 2025 को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। उनके मुताबिक कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे सामने से आ रही टीवीएस सुपर एक्सल उनकी कार से टकरा गई थी। हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कही। उन्होंने घायल को रायपुर के महोबा बाजार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का पूरा खर्च भी उठाया। विमलेश का कहना है कि उस समय दूसरी तरफ के लोगों ने कहा था कि वे कोई रिपोर्ट नहीं कराना चाहते। लेकिन करीब एक सप्ताह बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। इसके बाद पुलिस लगातार फोन कर थाने बुलाती रही। कभी रात में तो कभी सुबह आने के लिए कहा जाता था। उन्होंने कई बार नोटिस भेजने की बात कही, लेकिन थाने पहुंचने पर हर बार नए-नए दस्तावेज मांगकर वापस भेज दिया जाता था। खर्चा-पानी के नाम पर लगातार लेते रहे पैसेशिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान खर्चा-पानी के नाम पर कई बार पैसे मांगे गए और उन्होंने कई बार रकम भी दी। उनकी नई किया सोनेट कार पुलिस ने जब्त कर ली थी। 7 जुलाई 2025 को कोर्ट से गाड़ी छुड़ाने की प्रक्रिया चल रही थी। उनका आरोप है कि पहले 1500 रुपए लिए गए, फिर फोटोकॉपी के नाम पर पैसे मांगे गए और बाद में 20 हजार रुपए की मांग की गई। जमानत न मिले इसलिए सेकंड हाफ में पेश किए दस्तावेजशिकायतकर्ता विमलेश ने यह भी आरोप लगाया कि जमानत प्रक्रिया में भी देरी की गई। उनके अनुसार कोर्ट में दस्तावेज दोपहर करीब पौने तीन बजे पेश किए गए, जबकि ऐसे मामलों में कागजात पहले हाफ में लगाए जाते हैं। देर से पेश होने के कारण उनके भाई की जमानत तो हो गई, लेकिन कार रिलीज नहीं हो सकी। अब गाड़ी छोड़ने के लिए उन्हें एक सप्ताह बाद की तारीख मिल गई है। कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर किया परेशानविमलेश का कहना है कि अपराध पंजीबद्ध होने के बाद से ही कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर उन्हें परेशान किया। उन्होंने पुलिस से नई गाड़ी होने का हवाला देकर जल्द रिलीज करने की गुजारिश की थी, लेकिन पैसे की मांग की जाती रही। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत दुर्ग एसएसपी से की, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित गांधीग्राम में बुधवार सुबह एक मौरंग लदा ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। त्रिमूर्ति मंदिर के पास हुई इस घटना में एक स्टार्ट वैन ट्राले की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वैन चालक के कुछ सेकंड पहले चाय पीने उतर जाने से उसकी जान बच गई। यह घटना सुबह करीब नौ बजे हुई, जब ट्राला मौरंग उतार रहा था। अचानक ब्रेक प्रेशर फेल होने के कारण ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। गांधीग्राम निवासी वैन चालक राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को वैन का इंजन बनवाया था, बुधवार की सुबह अपनी वैन सड़क किनारे स्टार्ट खड़ी की थी और पास की दुकान पर चाय पीने चले गए थे। इसी दौरान ट्राला पलट गया और उनकी वैन को अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने बताया कि कुछ सेकेंड पहले ही वह वैन से उतरे थे, अगर वह वाहन के अंदर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राला पलटते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना के बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे के कारण रामादेवी से टाटमील जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद यातायात सामान्य करवाया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की लापरवाही के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश ने बताया कि फरार ट्राला चालक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में आगामी मानसून की दस्तक और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है, जो बुधवार दोपहर 12 बजे तक प्रति घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा था। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। कुछ दिन पहले ही प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जिले का दौरा कर बाढ़ परियोजनाओं और तैयारियों का जायजा लिया था। उनके दिशा-निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) निरंकार सिंह ने बताया कि जनपद की तीन तहसीलें रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट मुख्य रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आती हैं। एडीएम ने आगे बताया कि इन सभी तहसीलों में बाढ़ चौकियां और कार्यालय स्थापित कर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। राहत सामग्री के टेंडर भी समय पर पूरे कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है और पाई गई कमियों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम ने जानकारी दी कि बाढ़ के दौरान फैलने वाली बीमारियों और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। आवश्यकता वाले इलाकों में समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बाढ़ के दौरान सर्पदंश और पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए ब्लीचिंग पाउडर, टैबलेट और आवश्यक दवाओं की एक विशेष मेडिकल किट तैयार कराई गई है। साथ ही, वर्तमान में चल रहे 'दस्तक अभियान' के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर नागरिक तक सही समय पर चिकित्सीय लाभ पहुंचाया जा सके।
उत्तर प्रदेश: इटावा में ट्रक से टकराई बस, ड्राइवर और कंडक्टर की मौके पर मौत, 20 से अधिक यात्री घायल
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक प्राइवेट बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इस घटना में बस ड्राइवर और कंडक्टर की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओवरटेक विवाद में इको चालक से मारपीट:वैगनआर सवार ने परिजनों संग पीटा, यातायात बाधित हुआ
आगरा के रामबाग-टेड़ी बगिया मार्ग पर मंगलवार रात एक बजे ओवरटेक विवाद में इको वाहन चालक से मारपीट की गई। वैगनआर कार सवार और उसके परिजनों ने चालक को बीच सड़क पर पीटा, जिससे यातायात बाधित हुआ। यह घटना रात करीब 10 बजे हुई। पीड़ित इको चालक का आरोप है कि वैगनआर कार सवार ने पहले ओवरटेक किया और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब चालक ने इसका विरोध किया, तो कार सवार ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसे घेर लिया। महिलाओं और पुरुषों सहित कई लोगों ने मिलकर इको चालक के साथ मारपीट की। इस घटना के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। किसी तरह भीड़ से बचकर चालक पास की फाउंड्री नगर पुलिस चौकी पहुंचा और घटना की जानकारी दी। मारपीट के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग इको चालक के साथ हाथापाई करते दिख रहे हैं। यह घटना पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई। मामले में एत्माद्दौला प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि इको चालक और कार सवार के बीच आपसी विवाद हुआ था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामे की बात चल रही है, और यदि कोई पक्ष तहरीर देता है तो आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
शहर के कोतवाली इलाके में लूट का मामला सामने आया है। धनिया व्यापारी के लिए काम करने वाले युवक से कलेक्शन का पैसा लूटकर तीन बदमाश फरार हो गए। उन्होंने युवक की आंखों में मिर्ची झोंकी और 15 लाख से भरा बैग लेकर भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के बीकानेर जिले के रहने वाले वासुदेव शर्मा वर्तमान में शहर की बड़ा जैन मंदिर गली में रहते हैं। वह कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के लिए काम करते हैं। मंगलवार शाम वह पचोर से कलेक्शन कर अपने घर आ गए थे। बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे वह अपने घर से कुंभराज जाने के लिए निकले थे। बैग में 15 से 17 लाख रुपए नगदी थे। जैसे ही वह पायगा मोहल्ले के पास शीतला माता मंदिर के सामने पहुंचे, तभी सामने से तीन बदमाश बाइक पर आए और उनकी आंखों में मिर्ची झोंक दी और रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी CSP आनंद राय भी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। लूट की वारदात को अंजाम देते बदमाश CCTV में भी कैद हो गए। प्रभारी CSP ने बताया कि फरियादी पेमेंट को कुंभराज देने जाने के लिए निकला था। शीतला माता मंदिर के पास यह घटना हुई है। अभी तीन आरोपी दुख रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीएम मोहन यादव आज पीथमपुर में:लियुगोंग इंडिया, किसान इरिगेशन के नए प्लांट्स का भूमिपूजन करेंगे
मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर में आज औद्योगिक विस्तार और निवेश का नया अध्याय जुड़ेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री दो प्रमुख कंपनियों— 'लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और 'किसान इरिगेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' के नवीन विनिर्माण संयंत्रों का भूमिपूजन करेंगे। प्रशासन और उद्योग जगत ने इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर पहुंचेंगे। कंपनी यहां अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई इकाई स्थापित कर रही है। इस आयोजन में लियुगोंग द्वारा निर्मित भारी मशीनों का उपयोग करने वाले देशभर के 300 से अधिक बड़े खरीदार और प्रतिष्ठित उद्यमी शामिल होने के लिए पीथमपुर पहुंच रहे हैं। इस नए प्लांट के शुरू होने से बुनियादी ढांचा और निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली आधुनिक भारी मशीनों का उत्पादन मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो सकेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री सागौर रोड पर 'किसान इरिगेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' की पांचवीं अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखेंगे। सन 1982 में दूरदर्शी उद्यमी श्री रमेश अग्रवाल द्वारा स्थापित यह कंपनी पिछले चार दशकों से भारत के जल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कंपनी द्वारा कुल 80 करोड़ रुपये का निवेश नियोजित किया गया है, जिसके प्रथम चरण में 45 करोड़ रुपये का निवेश सफलतापूर्वक किया जा चुका है। यह नया प्लांट मुख्य रूप से डबल वॉल कोरुगेटेड (DWC) पाइप्स और ओरिएंटेड पीवीसी पाइप्स जैसे उन्नत तकनीकी उत्पादों का निर्माण करेगा, जिससे क्षेत्र के 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। पीथमपुर में पहले से ही तीन सफल इकाइयां चला रही किसान इरिगेशन के प्रबंधन का कहना है कि राज्य की 'Ease of Doing Business' नीति और मुख्यमंत्री के प्रगतिशील नेतृत्व के कारण ही उन्होंने पांचवें प्लांट के लिए दोबारा पीथमपुर को चुना है। आज होने वाले भूमिपूजन समारोह के बाद मुख्यमंत्री अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी करेंगे, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पीथमपुर के बुनियादी ढांचे और सीवरेज सिस्टम के लिए सरकार आज किसी बड़े विकास पैकेज की घोषणा कर सकती है।
महिला ने युवक पर छेड़छाड़, मारपीट का आरोप लगाया:पुलिस पर शिकायत न लिखने का आरोप, SP ऑफिस पहुंची
डिंडौरी में समनापुर विकासखंड के ग्राम रहंगी की एक महिला ने गांव के युवक पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि अमरपुर पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। इसके बाद वह बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए पुलिस चौकी को शिकायत भेजी है। महिला ने अपने आवेदन में बताया कि 4 जुलाई को वह मजदूरी का काम खत्म कर घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के युवक राकेश पिता प्रेम सिंह ने उसे रास्ते में रोक लिया। महिला का आरोप है कि राकेश ने उसके साथ गाली-गलौज की, हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की और उसे जमीन पर गिराने का प्रयास किया। महिला के शोर मचाने पर उसका पति मौके पर पहुंचा, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। महिला के अनुसार, घटना के बाद वह और उसका पति पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, आरोपी पक्ष के परिजनों ने गांव में ही समझौता करने का आश्वासन देकर उन्हें रोक लिया। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पक्ष ने पहले ही पुलिस में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि 6 जुलाई को वह अपने पति के साथ अमरपुर चौकी पहुंची, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उन्हें चौकी से भगा दिया गया। इसके बाद न्याय की उम्मीद में वह 8 जुलाई को डिंडौरी स्थित एसपी कार्यालय पहुंची। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने बताया कि जब उन्होंने पीड़िता की शिकायत देखकर चौकी प्रभारी संतोष यादव को फोन किया, तो चौकी प्रभारी ने उनसे कहा कि कार्यवाही तो हो चुकी है, जहां लगे आपको शिकायत करें। परस्ते ने चौकी प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया। वहीं, चौकी प्रभारी संतोष यादव ने बताया कि एक दिन पहले ही महिला और उसके पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज की गई थी। उन्होंने पीड़िता को शिकायत देने और जांच करवाने के लिए कहा था, लेकिन वह सीधे एफआईआर दर्ज करवाने की मांग पर अड़ी थी। चौकी प्रभारी के अनुसार, शिकायत पत्र पर जांच की जाएगी।
सोशल मीडिया और एक पॉडकास्ट के दौरान इस्लाम व पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने को लेकर मुस्लिम समाज ने विरोध जताया है। समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत दी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है समाज के लोगों ने आरोप लगाया गया कि नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया पर ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे पैगम्बर मोहम्मद की शान में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इन कथित बयानों से सामाजिक सौहार्द्र प्रभावित होने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलने की आशंका है। धार्मिक भावनाएं आहत हुई ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नाजिया इलाही खान ने स्वयं को सनातनी बताते हुए ऐसे बयान दिए, जिनसे दो समुदायों के बीच शत्रुता और तनाव का वातावरण उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने कथित रूप से अजमेर स्थित दरगाह के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कठोर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नाजिया इलाही खान के विरुद्ध कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे। पढें ये खबर भी… सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया खान को पानीपत कोर्ट से नोटिस:27 जुलाई को होना होगा पेश; पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का आरोप
आजमगढ़ में बोले सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान:शिक्षा के क्षेत्र में नित नए काम कर रही है सरकार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी में 12 लाख शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आशिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 प्रति विद्यार्थी का अंतरण इसके साथ ही 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा हेतु स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ समझौता किया। इसके तहत यूपी में शिक्षकों को एक करोड रुपए तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलेगा। इस कार्यक्रम का आजमगढ़ में भी सजीव प्रसारण किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान उपस्थित रहे। जिले के डीएम रविंद्र कुमार और सीडीओ परीक्षित खटाना ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिक्षा के क्षेत्र में नया काम कर रही है सरकार प्रदेश सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैशलेस इलाज के लिए चर्चा की है इसके साथ ही 12 लाख शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू की है निश्चित रूप से बड़ी संख्या में शिक्षक इससे लाभान्वित होंगे। कैशलेस इलाज के लिए 4:30 सौ करोड रुपए सालाना खर्च होंगे जिसका भुगतान प्रदेश की सरकार करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से गुरुजनों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों से गुरु दक्षिणा के रूप में यही मांगते हैं कि आप बच्चों पर ध्यान दें। स्कूल का वातावरण स्कूल जैसा होना चाहिए। निश्चित रूप से पूरे प्रदेश के शिक्षकों शिक्षामित्र की तरफ से इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का मैं धन्यवाद ज्ञापित कर रहा हूं। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए काम हो रहे हैं। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में इसके परिणाम सभी को देखने को मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। मोबाइल फोन नहीं होने के बावजूद एक रिक्शा चालक ने अपने बेसुध दोस्त को ठेलेनुमा रिक्शे में लादकर जिला अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे हुई इस घटना को देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। जानकारी के अनुसार, आमापारा निवासी संतोष सोनवानी मेडिकल सामान पहुंचाने का काम करते हैं। मंगलवार को वे रत्नाबांधा शराब दुकान के पास थे। इसी दौरान उनकी नजर अपने दोस्त विक्की पर पड़ी, जो बेसुध हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ था। अनहोनी की आशंका को देखते हुए संतोष ने बिना देर किए उसे अपने ठेलेनुमा रिक्शे में लिटाया। एंबुलेंस नहीं बुला सके, खुद अस्पताल ले गए संतोष ने बताया कि उनके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए वे 108 एंबुलेंस को कॉल नहीं कर सके। ऐसे में उन्होंने इंतजार करने के बजाय खुद ही विक्की को रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। अस्पताल में शुरू हुआ इलाज जिला अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने विक्की को स्ट्रेचर पर आपातकालीन कक्ष में भर्ती कर इलाज शुरू किया। संतोष ने बताया कि विक्की की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने सिर्फ इतना सुना था कि उसे मिर्गी की समस्या है, इसलिए पूरी जांच के लिए अस्पताल लाना जरूरी समझा।
नूंह जिले के पुन्हाना शहर में बुधवार को पेयजल संकट को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। वार्ड नंबर 8, 9 और 10 के सैकड़ों लोगों ने जुरेहड़ा रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी हुई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनके वार्डों में वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या है। क्षेत्र में बिछाई गई पुरानी पाइपलाइन कई स्थानों से टूटी हुई है, जिस कारण घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। निवासियों का आरोप है कि दूषित पानी की आपूर्ति से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाई हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग से कई बार कर चुके शिकायत वार्डवासियों ने बताया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का आरोप है कि उन्हें हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मांग है कि जब तक नई पाइपलाइन बिछाने और नियमित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र के मठ पिपरीपुरा गांव में भीषण आग से प्रभावित चार परिवारों को सहायता मिलनी शुरू हो गई है। जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इन परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं। बाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित आशा देवी को ₹21 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच वेद प्रकाश कुशवाहा ने भी जनसहयोग से ₹41 हजार की सहायता राशि जुटाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए लगभग 30 मन अनाज भी एकत्रित कराया। पूर्व विधायक मलिंगा ने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि आग की चपेट में आने से आशा देवी सहित चार परिवारों के घर और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया है। मलिंगा ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी बातचीत कर प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। गांव में राहत कार्य जारी है, और स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद में लगे हुए हैं।
श्योपुर के युवक की जहर खाने से मौत:शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम
श्योपुर जिले के विजयपुर तहसील के मगरधा गांव में गृह क्लेश से परेशान एक 35 वर्षीय युवक की जहर खाने से मौत हो गई। युवक ने मंगलवार शाम जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अशोक धाकड़ (35) पुत्र सरवन धाकड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम घरेलू विवाद और गृह क्लेश के चलते अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। आत्महत्या के कारण का पता लगा रही पुलिसजहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गृह क्लेश को युवक के जहर खाने का कारण माना जा रहा है।
हाथरस में आज बुधवार को दोपहर 11:30 बजे के लगभग राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आरएएम) पार्टी ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें भाजपा के एक कार्यक्रम में भगवान हनुमान के स्वरूप के राजनीतिक उपयोग पर आपत्ति जताई गई है। यह ज्ञापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम से संबंधित है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में भगवान श्री हनुमान जी के स्वरूप को भाजपा का झंडा लेकर नृत्य कराया गया, जिससे सनातन धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी व्यक्तियों और आयोजकों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है। मोर्चा ने भविष्य में देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सभी राजनीतिक दलों को धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करने हेतु आवश्यक परामर्श और निर्देश दिए जाने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया है। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद.... यह ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी के निर्देशन पर जिला महासचिव/प्रभारी निशांत उपाध्याय के नेतृत्व में दिया गया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल शर्मा उर्फ दीनू पंडित, सौरभ पराशर, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, अतुल पंडित, अभिषेक पाठक, हर्षवर्धन द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष भोला पंडित, जिला कार्यकारिणी सदस्य जय नारायण शर्मा आदि पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
बांसवाड़ा शहर के तीन मंजिला इमारत का बीच का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में सीढ़ियों समेत पूरा स्लैब और सीढ़ियों वाले हिस्से की छत गिर गई, हालांकि आसपास की दुकानों को नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के समय बाजार बंद होने से कोई जनहानि नहीं हुई। सुबह सूचना मिलते ही मौके पर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। हादसा दाहोद रोड स्थित चेतक कॉम्प्लेक्स के महावीर प्लाजा में रात करीब 1 बजे हुआ। लगातार बारिश को माना जा रहा वजह स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण इमारत का ढांचा कमजोर हो गया था। चेतक व्यापार मंडल के सदस्य कन्हैयालाल जैन ने बताया कि परिसर और आसपास कई दुकानें संचालित होती हैं। यदि यह हादसा दिन में होता, तो यहां सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती और बड़ा नुकसान हो सकता था। एक महीने पहले भी लगी थी आग व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। करीब एक महीने पहले भी इसी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 5 से 6 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गई थीं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। व्यापारियों ने मांगी सख्त कार्रवाई नगर परिषद बोर्ड नहीं होने के कारण चेतक व्यापार मंडल ने नगर परिषद आयुक्त और जिला प्रशासन से तुरंत दखल देने की मांग की है। व्यापारियों ने कहा है कि कॉम्प्लेक्स के मालिक को नोटिस देकर पूरी इमारत की जांच और मरम्मत करवाई जाए, ताकि लोगों और दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
दरभंगा में 8.34 लाख रुपए की शराब बरामद हुई। जिसकी मात्रा 417 लीटर है। तस्करों को पुलिस के आने की जानकारी पहले लग चुकी थी, इस कारण वे फरार हो गए। मामले में दोनों दो तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छोमारी की जा रही है। मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सखवार गांव में टुनटुन झा के घर के बगल स्थित गाछी में चोरी-छिपे विदेशी शराब की बड़ी खेप उतारी जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की। मामला नेटवर्क का पता लगा रही पुलिस पुलिस को देखते ही थाना क्षेत्र के फुलवन गांव निवासी मनोज यादव और सखवार गांव निवासी लड्डू मंडल मौके से फरार हो गए। तलाशी के दौरान गाछी से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई।थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में मनीगाछी थाना कांड संख्या 178/26 दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
डूंगरपुर जिले में मानसून की देरी से हुई बारिश के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने इस बार जिले में कुल 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है, जिसमें मक्का और सोयाबीन प्रमुख फसलें हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह ने बताया कि जिले की सबसे प्रमुख फसल मक्का की बुवाई 55,000 हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य है। इसके बाद सोयाबीन की बुवाई 45,000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाएगी। इस बार देरी से शुरू हुई बुवाईजिले के जलभराव और सिंचित क्षेत्रों को देखते हुए 16,000 हेक्टेयर में धान की फसल का लक्ष्य है, जबकि दलहन के अंतर्गत उड़द की बुवाई का लक्ष्य 8,000 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। सिंह ने बताया कि मानसून की बारिश देरी से आने के कारण इस बार बुवाई देर से शुरू हुई है। खाद का पर्याप्त भंडारणकिसानों को बुवाई के दौरान खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए विभाग ने पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है।संयुक्त निदेशक दलीप सिंह के अनुसार डूंगरपुर जिले में यूरिया खाद की 5 हजार मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले 3500 मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं डीएपी की 500 मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले 390 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
भिंड जिले में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 42.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से शहर सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा। भिंड शहर में मंगलवार दोपहर से शुरू हुई बारिश रातभर रुक-रुककर जारी रही और बुधवार सुबह करीब आठ बजे तक फुहारें पड़ती रहीं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। भिंड शहर में पिछले 24 घंटे में 25 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते शहर की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर सड़कें और नालियां एक साथ पानी से लबालब नजर आईं। लोगों को सुबह घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर पालिका द्वारा समय पर नालों की सफाई नहीं कराने से पहली ही अच्छी बारिश में शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। 16 लाख का टेंडर, फिर भी नालों में नहीं उतरी जेसीबीशहर में नालों की सफाई के लिए करीब 16 लाख रुपए का टेंडर दो महीने पहले जारी किया गया था। इसके बावजूद अधिकांश बड़े नालों की सफाई शुरू नहीं हो सकी। कई नालों में अब तक जेसीबी तक नहीं उतरी। नतीजा यह रहा कि मानसून की पहली प्रभावी बारिश में ही पानी सड़कों पर भर गया और लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि हर साल सफाई के नाम पर टेंडर तो निकलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता। जलभराव की तस्वींरें देखिए इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा रही परेशानीबारिश के बाद डॉक्टर लाइन, शास्त्री कॉलोनी, राजपूत नगर, पंडित कॉलोनी, कुशवाह कॉलोनी, अटेर रोड, गीता भवन गली, राजहोली, जिला अस्पताल क्षेत्र और समतापुरा सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। राजपूत नगर निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि उनके घर के सामने सड़क पर सुबह करीब दो फीट तक पानी भर गया था। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। उनका कहना है कि दो समानांतर नाले होने के बावजूद जल निकासी नहीं हो पाई। वहीं राजहोली निवासी मयंक दीक्षित ने बताया कि उनके घर की दहलीज सड़क से करीब दो फीट ऊंची है, फिर भी पानी घर तक पहुंच जाता है। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण वे अपना चार पहिया वाहन घर के बाहर खड़ा नहीं कर पाते और रिश्तेदार के यहां खड़ा करना पड़ता है। मानसून रहेगा सक्रियमौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अगले कुछ दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन शहर में जल निकासी व्यवस्था की कमजोर तैयारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहां कितनी हुई बारिश (मिमी में)
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में शिक्षा, जनकल्याण, शिकायत निवारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में कोई भी स्कूल एकल शिक्षक वाला नहीं होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में वर्तमान में 11 ऐसे विद्यालय हैं, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूलों में स्मार्ट टीवी और शैक्षणिक संसाधनों पर जोर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सभी शालाओं में स्मार्ट टीवी और अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित मामलों का जल्द केवाईसी पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। हितग्राहियों को बैंक ले जाकर कराएं केवाईसी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं हितग्राहियों को बैंक ले जाकर उनकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। सीएम हेल्पलाइन: आवेदक से चर्चा कर करें शिकायतों का समाधान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि किसी भी आवेदन का औपचारिक या एकतरफा निराकरण न किया जाए। आवेदक से चर्चा कर उसकी समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेल्पलाइन पोर्टल का प्रतिदिन सुबह और शाम निरीक्षण करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जिले में इस वर्ष 10 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे कलेक्टर ने बताया कि जिले में इस साल 10 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। 18 जुलाई को जिला स्तरीय विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। वन विभाग ने 8.17 लाख और उद्यानिकी विभाग ने 2.31 लाख पौधे तैयार रखे हैं। पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण कलेक्टर ने बड़े आकार के पौधों के रोपण, शहर से लगे क्षेत्रों और छोटे झाड़ वाले जंगलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण सुनिश्चित करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान पुल-पुलियों और नदी-नालों पर रखें कड़ी निगरानी मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पुल-पुलियों और नदी-नालों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उफनते नदी-नालों के ऊपर से किसी भी स्थिति में आवागमन न होने दिया जाए और विद्यार्थियों को भी ऐसे मार्गों से गुजरने से रोका जाए। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को गौठानों में भेजने के निर्देश सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की समस्या पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने उन्हें गौठानों और आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
एटा में जन अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड शो के दौरान हनुमान जी की वेशभूषा में प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा। यह घटना लखनऊ में 5 मई को भाजपा कार्यालय पर आयोजित नितिन नवीन के रोड शो के दौरान हुई थी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग हनुमान जी की वेशभूषा में नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। जन अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि इस प्रदर्शन से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया गया है। इसी के विरोध में पार्टी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन अपर जिला मजिस्ट्रेट संगमलाल को सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर अध्यक्ष अमन सक्सेना, अरुण उपाध्याय, राजीव उपाध्याय, सूर्यकांत पाठक, रवि गुप्ता, विशाल पंडित, नितिन वशिष्ठ और रामकृष्ण द्विवेदी शामिल थे।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित आर्मी कैंट (एमएच चौराहा) में रहने वाली सेना के एक कर्नल की पत्नी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं। दिल्ली और आगरा टूर के लिए इंटरनेट पर होटल सर्च करते समय उन्होंने फर्जी वेबसाइट पर बुकिंग कर दी। खुद को होटल मैनेजर बताने वाले ठग ने एडवांस बुकिंग के नाम पर उनसे 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। पैसे मिलते ही आरोपी ने नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना 4 जुलाई की है। शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जूही पाण्डेय अपने परिवार के साथ दिल्ली और आगरा यात्रा की तैयारी कर रही थीं। इंटरनेट पर होटल सर्च करते समय उन्हें 'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' जैसी दिखने वाली एक फर्जी वेबसाइट मिली। वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने खुद को होटल का मैनेजर हरीश अग्रवाल बताया। तीन किस्तों में ट्रांसफर कराए 50 हजार रुपए आरोपी ने पांच दिन के ठहरने का खर्च करीब 50 हजार रुपए बताते हुए एडवांस भुगतान की मांग की। उसकी बातों पर भरोसा कर जूही पाण्डेय ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर तीन किस्तों में 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रुपए मिलने के बाद जब उन्होंने बुकिंग की रसीद मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। कुछ देर बाद उसने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और मोबाइल बंद कर लिया। होटल से बात की तो पता चला संदेह होने पर जूही पाण्डेय ने होटल की आधिकारिक वेबसाइट से नंबर निकालकर संपर्क किया। होटल प्रबंधन ने बताया कि उनकी ओर से कोई बुकिंग नहीं हुई है और जिस वेबसाइट के जरिए भुगतान किया गया, वह फर्जी है। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत इसके बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल बैंक खाते, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभियान तेज:कानपुर देहात में नियम तोड़ने पर तीन स्कूल वाहन सीज
कानपुर देहात में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने 'मिशन सेफ फ्यूचर' के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 8 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रोहित राजपूत के नेतृत्व में मंगलवार को रूरा और मंगलपुर थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान मंगलपुर थाना क्षेत्र से नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तीन स्कूली वाहनों को सीज किया गया। रूरा थाना क्षेत्र में ओवरलोड ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर रूरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराना है। विभाग उन स्कूली वाहनों पर विशेष ध्यान दे रहा है जिनके पास फिटनेस, वैध परमिट, नंबर प्लेट नहीं हैं, या जो अनफिट हैं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते। इस लगातार हो रही कार्रवाई से स्कूल वाहन चालकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान 15 जुलाई तक पूरे जनपद में जारी रहेगा। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें। बिना नंबर प्लेट और अनफिट वाहनों के खिलाफ सीज की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
खैरथल-तिजारा जिले में 30 MM बारिश दर्ज:तापमान में 8 डिग्री गिरावट, रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी
खैरथल-तिजारा जिले में बुधवार सुबह झमाझम बारिश से दो दिन से उमस और तेज गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह करीब 9 बजे बारिश शुरू हुई। इस दौरान जिले में औसतन 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बुधवार तड़के से ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया था, लेकिन सुबह होते-होते बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। खैरथल, किशनगढ़बास, मुंडावर, तिजारा, कोटकासिम, ततारपुर, बीबीरानी, हरसोली, मातोर, इस्माईलपुर और सोडावास सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इस पारा 36 डिग्री से लुढ़ककर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंडी हवाओं और लगातार हो रही बारिश से मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश ने खोली नगर निकायों के दावों की पोल एक ओर बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर नगर निकायों की सफाई व्यवस्था की हकीकत भी सामने आ गई। खैरथल नगर परिषद, किशनगढ़बास नगर पालिका सहित कई कस्बों की कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। नालियां उफान पर आ गईं और उनमें जमा गंदगी सड़कों पर बह निकली। कई कॉलोनियों के रास्ते पानी में डूब गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। कृषि जानकारों के अनुसार यह वर्षा खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें बाजरा, ज्वार और तिल के लिए बेहद लाभकारी है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से बुवाई और फसलों की शुरुआती बढ़वार को मजबूती मिलेगी, वहीं किसानों का सिंचाई खर्च भी कम होगा।
मधुबनी जिला प्रशासन ने नगर निगम क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बुधवार को दिन के 11:30 बजे समाहरणालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों, मुख्य सड़कों और नालों में कचरा फेंकने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस गंदगी से शहर की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था भी बाधित होती है, जिससे बरसात में जलजमाव की समस्या पैदा होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे लोगों के खिलाफ निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, नालों को अवरुद्ध करने और स्वच्छता में बाधा डालने वालों की पहचान कर उन पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई होगी। नगर निगम और संबंधित विभागों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। डीएम आनंद शर्मा ने नगर निगम के अधिकारियों को नियमित स्वच्छता अभियान चलाने, नालों की सफाई सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इसके लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने नगर निगम क्षेत्र के सभी नागरिकों, दुकानदारों और व्यवसायियों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और सड़कों व नालों में किसी भी प्रकार का अपशिष्ट न फेंकें। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छ और सुंदर शहर का निर्माण प्रशासन और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही संभव है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था से मधुबनी नगर निगम क्षेत्र को साफ-सुथरा और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे जलजमाव और गंदगी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
महराजगंज जिला अस्पताल में बढ़े मरीज:बदलते मौसम से सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त के मामले बढ़े
महराजगंज जिले में बदलते मौसम के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर दिखना शुरू हो गया है। उमस, गर्मी और रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में तेजी आई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इन दिनों ओपीडी में रोजाना लगभग 1200 से 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। मौसम में अचानक आए बदलाव से बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को जांच के बाद दवाएं देकर घर भेजा जा रहा है। चिकित्सकों की टीम मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. ए.के. द्विवेदी ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। डॉ. द्विवेदी ने सलाह दी कि बासी भोजन का सेवन न करें, स्वच्छ और उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। शरीर में पानी की कमी होने पर ओआरएस का घोल अवश्य लें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बुखार, लगातार उल्टी, दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। स्वास्थ्य विभाग ने भी साफ-सफाई और खानपान में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
धौलपुर में चलती बाइक में लगी भीषण आग:युवक ने कूदकर बचाई जान, गाड़ी जलकर खाक
धौलपुर जिले के आंगई थाना क्षेत्र में बुधवार को एक चलती बाइक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में बाइक सवार ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह हादसा अस्पताल के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग के निकट हुआ। मिली जानकारी के अनुसार सोनू पंडित नामक व्यक्ति अपनी बाइक से गांव से पार्वती बांध की ओर जा रहे थे। अस्पताल के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास उनकी बाइक से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते बाइक में आग लग गई।सोनू पंडित ने तुरंत बाइक रोक दी और उससे दूर हट गए। कुछ ही देर में आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारणघटना की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बाइक में आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
दरभंगा में शराब बरामदगी से जुड़ा एक साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी पुराने या भ्रामक वीडियो को बिना सत्यापन पोस्ट या शेयर न करें। चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण एसपी ने अनुमंडल पुलिस कार्यालय बेनीपुर से जारी बयान में बताया कि 7 जुलाई को सूचना मिली कि 'पूजा शर्मा' नामक फेसबुक आईडी से सकतपुर थाना क्षेत्र में शराब बरामदगी से जुड़ा एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। इस वीडियो को कई लोगों ने शेयर किया। इससे भ्रम और अफवाह का माहौल बन गया है। कार्रवाई के समय किसी ने वीडियो बनाया था पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो किसी नई घटना का नहीं, बल्कि 21 जुलाई 2025 को सकतपुर थाना पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का है। उस दिन वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उजान धर्मपुर (डुभौल) के पास वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था।इसी दौरान काले शीशे लगी एक मैरून रंग की कार पुलिस को देखकर भागने लगी। पुलिस ने वाहन का पीछा किया, लेकिन उजान लोहना रेलवे गुमटी बंद होने के कारण कार आगे नहीं बढ़ सकी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान कार सवार एक व्यक्ति ने सफेद बोरे में रखा सामान झाड़ियों में फेंक दिया। तलाशी लेने पर बोरे से विदेशी शराब बरामद हुई। बाद में कार की जांच में भी शराब की बोतलें मिलीं।पुलिस ने बताया कि वाहन चालक अखिलेश कुमार मिश्रा ने जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की थी। शराब और वाहन को जब्त कर पुलिस थाना लौट रही थी, उसी समय किसी ने यह वीडियो बनाया था, जिसे अब भ्रामक तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।
3 लाख बच्चों को डीबीटी से मिले 1200 रुपये:20 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा मिली
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गोंडा जिले में शिक्षकों,कर्मचारियों और छात्रों के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। आज बुधवार को सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 20 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ मिला, जबकि लगभग 3 लाख बच्चों को डीबीटी के माध्यम से ₹1200 उनके अभिभावकों के खातों में भेजे गए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ बेसिक शिक्षा विभाग के 19,101 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,000 शिक्षकों व कर्मचारियों को मिला है। इन सभी 20,000 लाभार्थियों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे वे और उनके परिवार ₹5 लाख तक का इलाज करवा सकेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान गोंडा जिले के लगभग तीन लाख बच्चों को डीबीटी योजना के तहत यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में ₹1200 ऑनलाइन भेजे गए। यह राशि बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में बेहतर ढंग से पढ़ने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद करेगी। यह कार्यक्रम गोंडा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्चुअल संबोधन के साथ आयोजित किया गया था। इस अवसर पर यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, गोंडा सांसद प्रतिनिधि रमाशंकर, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष इकबाल बहादुर तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के 25 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 9 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए गए।यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने अध्यापकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा यह एक बड़ी सहायता है। उन्होंने बताया कि इस योजना से शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य कैशलेस चिकित्सा के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। पहले जो परिषदीय विद्यालय में बच्चे पढ़ते थे 2017 से पहले उन्हें ठीक से यूनिफॉर्म नहीं मिल पाता था कुछ नहीं हो पता था। अब सीधा उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है अब वह खरीद करके खुद विद्यालय पढ़ने आ सकते हैं ₹1 का कहीं भी इधर-उधर इस सरकार में नहीं हो रहा है। अपना खुद का भी करवा सकते हैं इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी सरकार की बहुत ही अच्छी पहल है। पहले जो परिषदीय विद्यालय में बच्चे पढ़ते थे 2017 से पहले उन्हें ठीक से यूनिफॉर्म नहीं मिल पाता था कुछ नहीं हो पता था अब सीधा उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है। अब वह खरीद करके खुद विद्यालय पढ़ने आ सकते हैं ₹1 का कहीं भी इधर-उधर इस सरकार में नहीं हो रहा है सीधा खाते में जा रहा है।
सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक पर आई युवती से लूट:चेहरे पर रूमाल बांधकर आया बदमाश चेन तोड़कर भागा
जयपुर के सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक करती युवती के गले से सोने की चेन लूटने का मामला सामने आया है। नकाबपोश बदमाश ने अचानक युवती के गले पर झपट्टा मारा और चेन तोड़कर भाग गया। चेन की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए थी। अशोक नगर थाना पुलिस सेंट्रल पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। मुंह पर रूमाल बांधकर आया था बदमाश पुलिस के अनुसार- विद्याधर नगर के गणेश पार्क निवासी 25 साल की नंदिनी अग्रवाल आज सुबह करीब 10:30 बजे अपनी सहेली के साथ सेंट्रल पार्क गई थी। दोनों वॉक कर रही थी। इस बीच गेट नंबर-1 से करीब 100 मीटर आगे काली टी-शर्ट, काला पायजामा, सिर पर कैप और चेहरे पर रूमाल बांधकर एक युवक आया। वह युवक को रास्ता देने के लिए जैसे ही साइड हुई, आरोपी ने अचानक उसके गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन तोड़ ली और तेजी से दूसरी दिशा में भाग गया। गले पर आए चोट के निशान चेन छीनने के दौरान युवती के गले पर भी चोट के निशान आए है। उन्होंने बताया कि चेन की कीमत करीब 1.5 लाख रुपए है। वारदात के बाद उन्होंने बदमाश का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह भाग गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर मामला दर्ज करवाया। सेंट्रल पार्क की सुरक्षा पर उठे सवाल सेंट्रल पार्क में हर दिन बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए आईएएस, आईपीएस, आरएएस अधिकारियों सहित कई लोग आते हैं। इस तरह की वारदात ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद नियमित रूप से पार्क आने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल है।
पलवल में पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सरकारी कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार दिनेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान राहिल खान ने की, जबकि संचालन कोषाध्यक्ष हरकेश सौरोत ने किया। इस दौरान यूनियन के राज्य प्रधान ईश्वर सिंह शर्मा और राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने कहा कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मचारियों की जायज मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। इससे कर्मचारी वर्ग में भारी निराशा और आक्रोश है, और वे लगातार आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ब्लॉक 2020-23 की बकाया एलटीसी के लिए तुरंत रिलैक्सेशन जारी करना, नई नीति 2028 की जगह पुरानी एलटीसी नीति 2008 को दोबारा लागू करना, और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दी जाने वाली वार्षिक राशि पर लग रहे जीएसटी को तुरंत समाप्त करना शामिल है। अन्य मांगों में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए लगाई गई न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम 52 वर्ष की शर्त को हटाना, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर मृतक कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देना। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे सभी कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना और हटाए गए कर्मियों को बहाल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मैकेनिकल भवन एवं मार्ग विभाग में ब्लैक स्मिथ पद को तृतीय श्रेणी का दर्जा देने की भी मांग की गई है। पूरे प्रदेश में आंदोलन करने की चेतावनी राज्य प्रधान ईश्वर सिंह शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम के आश्वासन के बाद भी मार्च-2026 से एलटीसी रिलैक्सेशन की फाइल अटकी हुई है। यदि अगले 15 दिनों में इन 14 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। प्रदर्शन को राज्य उप प्रधान रमेश डागर, नूंह जिला प्रधान खुर्शीद, जाकिर हुसैन, टेकचंद गहलौत, मनीराम तेवतिया, बालकिशन शर्मा, टेकचंद शर्मा व राजेश शर्मा आदि ने संबोधित किया।
झालावाड़ के भवानी क्लब पार्क में स्थापित 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज पोल से तिरंगा पिछले कई दिनों से गायब है। नगर परिषद द्वारा स्थापित यह ध्वज, जो शहर के गौरव का प्रतीक है, वह अभी अपने स्थान पर नहीं दिख रहा है। शहरवासियों ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर हमेशा शान से तिरंगा लहराता था, वहां अब केवल खाली पोल खड़ा है। नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रीय ध्वज का इतने लंबे समय तक अनुपस्थित रहना उचित नहीं है। शहरवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल नया राष्ट्रीय ध्वज लगवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ध्वज क्षतिग्रस्त होने या किसी अन्य कारण से हटाया गया है, तो उसे तुरंत बदला जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक पुनः अपनी गरिमा के साथ लहरा सके। इस संबंध में, नगर परिषद के एक्शन संदीप कश्वनी ने बताया कि नए ध्वज मंगवा लिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय ध्वज को जल्द ही अपने स्थान पर पुनः स्थापित कर दिया जाएगा।
गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान एक विवाहिता की मौत हो गई। मृतका की पहचान सदर प्रखंड के सरेया वार्ड नंबर 5 निवासी अशोक कुमार शर्मा की पत्नी शिल्पी कुमारी(30) के रूप में हुई है। मौत के बाद मृतका के पिता ने अस्पताल में हंगामा किया और अपने सौतेले नाती को धक्का देकर बाहर निकाल दिया। सीवान जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के टिकरी गांव निवासी विजय कुमार शर्मा ने छह साल पहले अपनी बेटी शिल्पी कुमारी की शादी सरेया वार्ड नंबर 5 निवासी अशोक कुमार शर्मा से की थी। अशोक ने अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद शिल्पी से दूसरी शादी की थी। अशोक के पहली पत्नी से पांच बच्चे हैं। 4 महीने पहले सड़क दुर्घटना में हुई थी घायल मृतका के पिता विजय कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि लगभग चार महीने पहले शिल्पी एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उस समय न तो उसके पति अशोक शर्मा और न ही ससुराल के किसी अन्य सदस्य ने उसकी देखभाल की। विजय कुमार शर्मा ने बताया कि जानकारी मिलने पर वे स्वयं अपनी बेटी के ससुराल पहुंचे और उसे पटना ले जाकर इलाज कराया। उन्होंने अपनी जेब से 60,000 रुपए खर्च किए। इलाज के बाद भी ससुराल पक्ष से कोई उसे देखने या वापस ले जाने नहीं आया। कल देर शाम शिल्पी का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अचानक बढ़ गया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद, इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दामाद के बेरुखी से आक्रोशित हुए पिता शिल्पी की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान जब मृतका का सौतेला बेटा वहां आया, तो मृतका के पिता विजय कुमार शर्मा अपने दामाद और उसके परिवार की कथित बेरुखी से आक्रोशित हो गए। उन्होंने सौतेले नाती को धक्का देकर अस्पताल से बाहर कर दिया। इस घटना के कारण अस्पताल में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
कालिंदी विहार में घरों-दुकानों में घुसा नाले का पानी:सीएम ग्रिड योजना क्षेत्र में जलभराव, सड़क धंसी
आगरा में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने सुबह तक नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी। यमुनापार के कालिंदी विहार क्षेत्र में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से नाले का गंदा पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया। सुबह से ही स्थानीय लोग बाल्टियों और मोटरों की मदद से घरों में भरे पानी को बाहर निकालने में जुटे रहे। बारिश के बाद कालिंदी विहार से लेकर टेडी बगिया मार्ग तक कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी बारिश में भीगकर कीचड़ में बदल गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। कई जगह वाहन चालकों को सावधानी से निकलना पड़ा, जबकि राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पिछले कई महीनों से क्षेत्रवासी धूल, जाम और खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं। बारिश ने अब स्थिति को और खराब कर दिया है। आम दिनों में इस मार्ग पर भारी और हल्के वाहनों का लगातार आवागमन रहता है, लेकिन कीचड़ और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर सड़क भी धंस गई है, जिससे हादसों का खतरा और अधिक हो गया है। मंगलवार शाम जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में सीएम ग्रिड योजना की समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य में हो रही देरी पर संबंधित फर्मों के ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, देर रात की बारिश ने निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाला और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हर बारिश के साथ लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हनुमानगढ़ में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर टाउन थाना पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव नामक आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। टाउन निवासी जयभगवान सोनी ने कोर्ट में एक परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्होंने सोशल मीडिया पर मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी का विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में विदेश भेजने के लिए वर्क परमिट वीजा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी आकाश ने जयभगवान को लक्जमबर्ग में 3 साल का वर्क परमिट दिलाने और प्रति माह 3160 यूरो वेतन मिलने का भरोसा दिया। इसके लिए कुल 4 लाख रुपए का खर्च बताया गया था। 1 लाख कैश, 1 लाख यूपीआई के जरिए लिएपरिवादी के अनुसार बातचीत के बाद आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव लगातार उनके संपर्क में रहे। उन्होंने जयभगवान को दस्तावेजों के साथ मोहाली बुलाया, जहां पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा करवाए गए। वीजा प्रक्रिया शुरू करने का हवाला देकर आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपए नकद लिए। बाद में 50 हजार रुपए हनुमानगढ़ आकर लिए गए। इसके बाद वीजा स्वीकृति के नाम पर 1 लाख रुपए अलग-अलग तारीखों में यूपीआई के माध्यम से जमा करवाए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 2 लाख रुपए प्राप्त कर लिए। जयभगवान का कहना है कि आरोपियों ने 3 महीने में वीजा जारी करने का आश्वासन दिया था। हालांकि 8 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो वीजा मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। कई बार संपर्क करने पर केवल आश्वासन मिलता रहा, और बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। जब परिवादी दोबारा मोहाली पहुंचे और रुपए वापस मांगे, तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अलवर शहर में 15 साल के स्कूल स्टूडेंट का दिनदहाड़े किडनैप कर मारपीट की गई। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने स्टूडेंट को जबरन गाड़ी में डाला। इसके बाद लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट कर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के बाद नाले में धक्का देकर फरार हो गए। मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र में मंगलवार का है। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार- स्टूडेंट ने रिपोर्ट में बताया कि वह 7 जुलाई की सुबह स्कूल गया था। छुट्टी के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे एक पार्क के सामने अपने साथी को उतार रहा था। इस दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार 3 नामजद आरोपी पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में डाल लिया। जान से मारने की धमकी देकर नाले में फेंका पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले उसे भूगोर क्षेत्र में ले गए। इसके बाद बाइक से रूपबास पुलिया के पास पहुंचे। वहां एक ग्रे रंग की कार भी आई, जिसमें से एक युवक लाठी-डंडे लेकर उतरा। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जाते समय आरोपी उसे नाले में धक्का देकर फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पहले भी उसके साथ दो बार मारपीट कर चुके हैं। थाने में पहुंचे पीड़ित का पुलिस ने मेडिकल निरीक्षण कराया, जिसमें उसके हाथ, पैर, घुटने और कान के पास चोट के निशान मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू कर दी हैं।
कोरबा पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान चलाया। दो दिनों तक चले इस विशेष अभियान में 67 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अभियान चलाया गया। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन में हुई। जिले के तीनों अनुभागों के एसडीओपी और सभी थाना-चौकी प्रभारियों को वारंट तामील करने के विशेष निर्देश दिए गए थे। 6 और 7 जुलाई 2026 को जिलेभर में एक साथ चलाए गए अभियान के दौरान कुल 11 स्थायी वारंटी और 56 गिरफ्तारी वारंटी को गिरफ्तार किया गया। 06 जुलाई 2026: 6 स्थायी वारंटी और 32 गिरफ्तारी वारंटी गिरफ्तार। 07 जुलाई 2026: 5 स्थायी वारंटी और 24 गिरफ्तारी वारंटी गिरफ्तार। पतासाजी और दबिश से मिली सफलता पुलिस टीमों ने पतासाजी, मुखबिर तंत्र और योजनाबद्ध दबिश के जरिए लंबे समय से फरार आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया। सभी आरोपी न्यायालय से जारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे थे। मारपीट, चोरी और धोखाधड़ी के आरोपी शामिल गिरफ्तार वारंटियों में मारपीट, चोरी, धोखाधड़ी समेत विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोपी शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अभियान का उद्देश्य पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना, अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत फरार आरोपियों, वारंटियों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फरार आरोपी की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें। बालको ने साइबर धोखाधड़ी को लेकर जारी की चेतावनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने नागरिकों, कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों सहित सभी हितधारकों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि बालको के नाम, ब्रांड या सेवाओं से मिलते-जुलते फर्जी डोमेन, वेबसाइट और ई-मेल आईडी का उपयोग कर लोगों को गुमराह किया जा सकता है। बालको प्रबंधन के अनुसार, साइबर अपराधी ऐसे डोमेन और ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कंपनी के आधिकारिक माध्यमों जैसे दिखाई देते हैं। इनका उद्देश्य लोगों से गोपनीय, व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी हासिल करना, मैलवेयर फैलाना या अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी करना हो सकता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी अनधिकृत माध्यम का बालको से कोई संबंध नहीं है। यही हैं बालको के आधिकारिक माध्यम कंपनी ने बताया कि उसकी एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट www.balcoindia.com है। वहीं, बालको के सभी अधिकृत ई-मेल केवल @vedanta.co.in डोमेन से ही जारी किए जाते हैं। नागरिकों से किसी भी वेबसाइट, ई-मेल या ऑनलाइन संचार पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की गई है। ऐसे करें फर्जी वेबसाइट और ई-मेल की पहचान बालको ने कहा है कि यदि किसी ई-मेल का डोमेन @vedanta.co.in से अलग हो या कोई वेबसाइट www.balcoindia.com के अलावा किसी अन्य पते से संचालित हो, तो उसे संदिग्ध माना जाए। हितधारकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले संबंधित माध्यम की पुष्टि अवश्य करें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। संदिग्ध लिंक या ई-मेल की तुरंत दें सूचना यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वेबसाइट, डोमेन या ई-मेल प्राप्त होता है, तो इसकी जानकारी तत्काल बालको की सुरक्षा टीम को देने की अपील की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी फर्जी या अनधिकृत माध्यम के साथ संपर्क या लेन-देन से होने वाली किसी भी प्रकार की हानि के लिए बालको उत्तरदायी नहीं होगी।
फिल्म अभिनेता अनुपम खेर मंगलवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। नई फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन कर भगवान राम और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों से मंदिर की गरिमा और आस्था पर कोई असर नहीं पड़ता। नई फिल्म की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से अनुपम खेर ने कहा कि उनकी नई फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग अयोध्या में शुरू हो रही है और यह करीब 10 से 12 दिनों तक चलेगी। उन्होंने कहा, “किसी भी नए काम की शुरुआत रामलला और हनुमान जी के आशीर्वाद के बिना कैसे हो सकती है। मैं सभी लोगों की सेहत, शांति और खुशहाली की प्रार्थना करने आया हूं।” ‘चोर हर जगह होते हैं, मंदिर की प्रतिष्ठा पर असर नहीं’ राम मंदिर से जुड़े हालिया चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में अनुपम खेर ने कहा कि चोर हर जगह होते हैं, लेकिन इससे मंदिर की मान-प्रतिष्ठा कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर की स्थापना के लिए 500 वर्षों का संघर्ष हुआ, उसकी मर्यादा कुछ लोगों की गलत हरकतों से प्रभावित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “घर में चोरी होती है तो लोग चोर को दोष देते हैं, घर को नहीं। उसी तरह मंदिर में किसी की गलत हरकत से भगवान राम, मंदिर या सनातन धर्म की प्रतिष्ठा पर कोई फर्क नहीं पड़ता।” श्रद्धा का दान, किसी लाभ का सौदा नहीं सनातन और आस्था पर अपनी बात रखते हुए अनुपम खेर ने कहा कि दान हमेशा श्रद्धा और विश्वास से किया जाता है, किसी अपेक्षा या लाभ के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि गलत काम की आलोचना जरूर होनी चाहिए, लेकिन उसे भगवान, मंदिर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ना उचित नहीं है।
सम्भल में जलभराव से बच्चे परेशान:गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर, प्रशासन से लगाई गुहार
सम्भल नगर पालिका क्षेत्र के भूरे शाह रोड से देहली दरवाजा होते हुए सिलवेंजा हॉस्पिटल मार्ग तक जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क पर जमा गंदा पानी और अधूरी निकासी व्यवस्था के कारण यह मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी रोज कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले की उचित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है। कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त और अधूरी होने से पानी जमा हो जाता है, जिससे आवागमन लगभग बाधित हो जाता है। इस रास्ते से गुजरने वाले रिक्शे अक्सर पलट जाते हैं, जबकि बाइक सवार फिसलकर घायल हो जाते हैं। चारपहिया वाहनों का आना-जाना लगभग बंद हो चुका है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस समस्या के कारण कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। कीचड़ और गंदे पानी में फंसकर लोग चोटिल हो जाते हैं, वहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिमभरा बन गया है। इसके बावजूद नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर अब स्कूली बच्चों ने भी प्रशासन से गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सेंट जिलानी पब्लिक स्कूल की कक्षा-1 की छात्रा मरियम फातिमा और अल नूर पब्लिक स्कूल की नर्सरी छात्रा कशिश फातिमा ने जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल से अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्हें रोज गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क और नाले का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या खत्म हो सके। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाएगा।
जहां एक ओर परमट स्थित प्राइमरी स्कूल के जीर्णोंद्धार के लिए नेताओं में होड़ लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर शहर के अन्य सरकारी विद्यालयों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बर्रा–2 नई बस्ती स्थित कंपोजिट विद्यालय के जर्जर भवन में 172 बच्चों का भविष्य खतरे में संवर रहा है। स्कूल की मरम्मत के लिए इलाकाई लोग पिछले दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक किसी अफसर व नेता ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई है। भूख हड़ताल के समर्थन में बैठे सपा नेता ने कहा कि सांसद जी 50 बच्चों वाले परमट स्कूल के साथ-साथ 172 बच्चों के स्कूल पर भी ध्यान दें। लोग बोले-डर की वजह से 25 से 30 बच्चे आते है स्कूल बर्रा दो नई बस्ती स्थित कंपोजित स्कूल के जीर्णोंद्धार के लिए इलाकाई विजय सिंह परिहार व विकास मिश्रा सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। विजय सिंह परिहार ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय की छतें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, अक्सर क्लास में पढ़ाई के दौरान छतों से प्लास्टर टूट कर गिरता रहता है। स्कूल में 172 बच्चे हैं, लेकिन जर्जर भवन के डर से बमुश्किल 25 से 30 बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल आते है। छुट्टी होने के बाद परिसर में अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। देर रात तक परिसर में नशेबाजी होती है, बच्चे स्कूल पहुंचते है तो वहां शराब की बोतलें पड़ी हुई मिलती है। विजय सिंह ने बताया कि उनके भी चार बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते है, कई बार स्कूल की मरम्मत के लिए अधिकारियों से मिलने गए, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। वहीं भूख हड़ताल में शामिल विकास मिश्रा ने बताया स्कूल परिसर पूरी तरह से गंदगी से पटा हुआ है, जगह–जगह पर शराब की बोतलें पड़ी हुई है। बरसात में विद्यालय परिसर के पास फैली गंदगी से बच्चों पर हैजा, डेंगू, बुखार जैसी बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल के सारे शौचालय गंदगी से पटे पड़े हैं, छात्र–छात्रा को मजबूरन शौचक्रिया के लिए बाहर जाना पड़ता है। वहीं भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के समर्थन में कई इकालाई लोग भी पहुंच रहे है। समर्थन में बैठे सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह बाली ने कहा कि इलाके का प्राइमरी स्कूल की स्थिति बद से बदतर है। सभी क्लासों की छतों से पानी टपकता है, बच्चे जान हथेली में लेकर पढ़ने को मजबूर है। उन्होंने कहा- 40–50 बच्चों वाले परमट प्राइमरी स्कूल में सांसद एक भवन का निर्माण करा रहे हैं, जबकि शहर के कई स्कूल ऐसे है जहां की इमारतें जर्जर अवस्था में पड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सांसद को 172 बच्चों वाले इस स्कूल के जीर्णोंद्धार के बारे में भी सोचना चाहिए।
बैतूल में महिला को सांप ने डसा:जिला अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत, घर में बर्तन धो रही थी
बैतूल जिले में सर्पदंश से एक महिला की मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 45 वर्षीय श्यामू ढोटे, पति बापजी ढोटे, अपने घर के पीछे बर्तन धो रही थी, तभी एक काले नाग ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें एक निजी वाहन से तत्काल जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका श्यामू ढोटे अपने पीछे चार बेटों का परिवार छोड़ गई हैं। जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। बारिश में बढ़ रहे मामलेबारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जलभराव और नमी के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर घरों, खेतों और आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में खेतों में काम करते समय मजबूत जूते पहनने, झाड़ियों और घास वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। साथ ही, घर के अंधेरे कमरों या स्टोर में जाने से पहले टॉर्च का उपयोग करना चाहिए। सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं।
नोएडा में स्कूली बच्चों को कार ने मारी टक्कर:3 बच्चे और एक महिला घायल, चालक मौके से फरार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित पंचशील ग्रीन-2 सोसायटी के बाहर बुधवार सुबह स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों को एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन स्कूली बच्चे और एक महिला घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार चला रही महिला सोसायटी से बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए निकल रही थी। गेट से बाहर आते समय कार का संतुलन बिगड़ गया और ब्रेक की जगह एक्सीलरेटर दबने से कार अनियंत्रित होकर स्कूटी से टकरा गई। इसके बाद स्कूटी बच्चों पर जा गिरी। हादसे के बाद महिला मौके से फरार हो गई। स्कूटी से टकराने के बाद बच्चों पर गिरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सोसायटी के गेट से निकलते ही अनियंत्रित हो गई। कार सड़क किनारे खड़ी स्कूटी से टकराई, जिससे स्कूटी उछलकर स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों पर जा गिरी। हादसे में तीन बच्चे और एक महिला घायल हो गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया। हादसे के बाद बच्चों के अभिभावकों और सोसायटी के निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सुबह के समय बड़ी संख्या में बच्चे यहां स्कूल बस का इंतजार करते हैं, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप सोसायटी के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान कार चला रही महिला का ध्यान मोबाइल फोन पर था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं की है। बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल समय के दौरान सोसायटी के बाहर ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गोरखपुर स्थित गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल की माता दर्शन देवी का बुधवार सुबह 5 बजे निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन की खबर से गोरखपुर के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ गीता प्रेस परिवार में भी शोक का माहौल है। दर्शन देवी की अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 9:30 बजे उनके निजी आवास से पूरे रीति-रिवाज के साथ निकली। परिजन और करीबी लोग पार्थिव शरीर को लेकर वाराणसी (बनारस) के लिए रवाना हो चुके हैं। उनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया जाएगा, जहां परिवार और सगे-संबंधी उन्हें अंतिम विदाई देंगे। शुभचिंतकों और रिश्तेदारों ने जताया दुखइस दुखद घड़ी में देवी दयाल अग्रवाल के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। शहर के कई नागरिकों, रिश्तेदारों, व्यापारियों और गीता प्रेस के कर्मचारियों ने उनके निवास पर पहुंचकर और सोशल मीडिया के जरिए परिवार को ढांढस बंधाया। सभी ने दर्शन देवी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
पलवल में कैंप थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से तीन माह पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। दो नशा तस्कर दोस्तों ने पैसों के लेनदेन को लेकर दिल्ली में हत्या कर शव को कैंप थाना क्षेत्र में फेंका था। कैंप थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि 7 अप्रैल को कैंप थाना अंतर्गत पन्ना विहार कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में एक युवक का लहूलुहान शव मिला था। व्यक्ति के सिर, शरीर और पैरों पर तेजधार हथियार के गहरे जख्म थे। कॉलोनी निवासी हिमांशु की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में हुआ खुलासा दिल्ली सीआईए रोहिणी टीम ने 11 जून को हथियारों की तस्करी के आरोप में दिल्ली के शाहबाद डेरी निवासी सुजीत उर्फ साधु और राजा बाबू उर्फ करण को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने जब आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने साथी की हत्या कर शव को पलवल में फेंकने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली के नजफगढ़ के प्रेम नगर निवासी रूप सिंह की हत्या की थी। रुपए हड़पने पर किया था मर्डर पुलिस पूछताछ में सुजीत और राजा बाबू ने बताया कि वे गांजा बेचने का धंधा करते हैं। मृतक रूप सिंह उनके लिए ओडिशा से गांजा लाने का काम करता था। मार्च 2026 में आरोपी सुजीत ने रूप सिंह को गांजा लाने के लिए 60 हजार रुपए दिए थे, जिसे रूप सिंह ने हड़प लिया था। इसी रंजिश के चलते 6 अप्रैल को आरोपियों ने रूप सिंह को तुगलकाबाद पुराने किले के पास एक पार्क में बुलाया। वहां पैसों को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने बीयर की बोतल और चाकू से हमला कर रूप सिंह को लहूलुहान कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हेलमेट लगा स्कूटी पर पलवल लाए थे शव आरोपियों ने कबूला कि वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से साजिस रची और बेहोशी की हालत में लहुलुहान रुप सिंह को उसी की स्कूटी पर रात के अंधेरे में बीच में हेलमेट लगाकर बिठाया और पलवल तक मृत अवस्था में ले आए। पलवल के अगवानपुर गांव केपास गंदे नाले पर स्थित पन्ना कॉलोनी में खाली प्लाट में शव को फेंककर फरार हो गए। आरोपी मृतक की जेब से उसके मोबाइल फोन व 700 रुपये भी निकाल कर अपने साथ ले गए।
औरैया में पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को 11 बजे जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान आवास विकास कॉलोनी की मूलभूत सुविधाओं और अव्यवस्थाओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। बैठक में जिलाधिकारी के साथ आवास विकास परिषद और नगर पालिका के अधिकारी भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को बताया कि आवास विकास क्षेत्र में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे स्थानीय निवासियों को दैनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह ने अधिकारियों से इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आग्रह किया। लाखन सिंह ने जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। इस बैठक में आवास विकास जनकल्याण समिति के संरक्षक दिनेश मिश्रा, अध्यक्ष डॉ. एस.एस.एस. परिहार, अधिवक्ता देवेंद्र त्रिपाठी, व्यापारी नेता अनुराग अग्रवाल, भारत विकास परिषद के सचिव देवमुनि पोरवाल और भाजपा नेता अवधेश शुक्ला सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और डीबीटी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी) में हुआ, जिसमें जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत कई जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुआ और लगभग एक घंटे तक चला। जिला स्तर पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जबकि तहसील मुख्यालयों पर भी विशेष आयोजन हुए। इन आयोजनों के माध्यम से लाभार्थियों को योजना की जानकारी दी गई और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। 3 तस्वीरें देखिए- अमेठी जिले में इस योजना से कुल 10,203 कार्मिक लाभान्वित हुए हैं। इनमें 4,360 शिक्षक, 1,530 शिक्षामित्र, 267 अनुदेशक, 106 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिक, 40 स्पेशल एजुकेटर और 3,900 मध्याह्न भोजन रसोइया शामिल हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम गौरीगंज के जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित किया गया था। इसके साथ ही सभी तहसीलों में भी ऐसे कार्यक्रम हुए। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधि, जनपद स्तरीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को कैशलेस कार्ड और डीबीटी के माध्यम से विभिन्न लाभ वितरित किए गए।
हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने कहा है कि यदि भर्ती विज्ञापन में किसी खास दिव्यांगता को अयोग्य नहीं माना गया है, तो चयन प्रक्रिया पूरी होने और सेवा में आने के बाद सरकार किसी प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देकर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती। कोर्ट ने शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीटीआई) के पद पर तैनात दो दृष्टिबाधित शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार के रवैये को मनमाना बताया है। साथ ही बर्खास्तगी आदेश और नोटिस को निरस्त कर दिया है। दरअसल, संचालनालय लोक शिक्षण, रायपुर ने 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें दिव्यांगों के लिए कानून के तहत आरक्षण का प्रावधान था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि किस कैटेगरी के दिव्यांग अपात्र होंगे। 40% दृष्टिबाधित शिव शंकर साहू और नील कुमारी ने शिक्षक (शारीरिक शिक्षा) पद के लिए आवेदन किया और पूरी चयन प्रक्रिया व दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 24 अगस्त 2021 को उनकी नियुक्ति हो गई। वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। डेढ़ साल बाद जॉइन डॉयरेक्टर ने जारी किया नोटिसनियुक्ति के करीब डेढ़ साल बाद19 जनवरी 2023 को संयुक्त संचालक (शिक्षा) बिलासपुर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया कि विभाग की एक प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई शिक्षक के लिए केवल एक हाथ से प्रभावित और कम सुनने वाले दिव्यांग ही योग्य हैं। इस आधार पर शिव शंकर साहू को सेवा समाप्ति का नोटिस मिला, जबकि नील कुमारी की सेवाएं 6 फरवरी 2023 को समाप्त कर दी गईं। दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। संविधान दिव्यांग और सामान्य नागरिक में भेद नहीं करताहाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का हवाला देते हुए कहा कि- हमारा संविधान नागरिकों के बीच कोई वर्ग या भेद नहीं करता। यह दिव्यांगों और सामान्य नागरिकों को समान अवसर प्रदान करने की वकालत करता है। किसी प्रशासनिक समिति की सिफारिश, जिसके पास कोई वैधानिक शक्ति नहीं है, संसद द्वारा बनाए गए कानून और नागरिकों के अधिकारों को नहीं छीन सकती। दिव्यांगों के अवसर बढ़ा सकते हैं, कम नहींइसके अलावा कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के 2014 के सर्कुलर के अनुसार, विभाग दिव्यांगों के अवसरों को बढ़ा तो सकते हैं, लेकिन पहले से तय पदों को कम नहीं कर सकते। याचिकाकर्ताओं ने कोई जानकारी नहीं छुपाई थी, इसलिए विभाग अपनी ही गलती का ठीकरा कर्मचारियों पर नहीं फोड़ सकता। हाई कोर्ट ने शिव शंकर साहू की सेवा समाप्ति के लिए जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया है। चूंकि वे वर्तमान में सेवा में हैं, इसलिए वे पद पर बने रहेंगे। वहीं, नील कुमारी की बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया है। पूरा वेतन व सीनियारिटी का लाभ मिलेगाहाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर उन्हें नौकरी पर वापस लिया जाए और बर्खास्तगी की तारीख से लेकर बहाली तक का पूरा पिछला वेतन व सीनियरिटी के लाभ दिए जाएं।
पानीपत के एक निजी अस्पताल के खिलाफ झूठी गवाही, वीडियो और दस्तावेज तैयार करवाने के षड्यंत्र के तहत 73 साल की एक बुजुर्ग महिला का उसकी मर्जी के खिलाफ अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने स्वास्थ्य जांच और अल्ट्रासाउंड का झांसा देकर बुजुर्ग महिला को पहले हरिद्वार और फिर दिल्ली बंधक बनाकर रखा। इस पूरी साजिश का खुलासा तब हुआ] जब डरी-सहमी बुजुर्ग महिला ने रेवाड़ी जाकर अपने बेटे को पूरी आपबीती सुनाई। सेक्टर-29 थाना पुलिस ने पीड़ित बेटे की शिकायत पर नामजद महिला एजेंट शिल्पा और उसके साथी रविन्द्र गुलिया के खिलाफ अपहरण व जबरन डराने-धमकाने का केस दर्ज कर लिया है। इलाज के बहाने घर से ले गए थे आरोपी थाना सेक्टर-29 पानीपत पुलिस को दी गई शिकायत में गांव बिहोली के रामफल ने बताया कि उनकी 73 वर्षीय माता छन्नो देवी सेना की ECHS योजना की लाभार्थी हैं। गत 11 जून को आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा उनकी मां को घर से पानीपत के आयुष्मान भव अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर लेकर आए थे। 13 जून को रामफल अपनी मां से मिलने अस्पताल के कमरा नंबर 10 में गया, जहां वे दाखिल थी। अल्ट्रासाउंड की बात कहकर किया गायब शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह 15 जून को दोबारा अस्पताल पहुंचा, तो उसे बताया गया कि उसकी मां को अल्ट्रासाउंड के लिए दूसरे अस्पताल ले जाया गया है। जब 2-3 घंटे तक वे वापस नहीं लौटीं, तो रामफल को शक हुआ। अस्पताल में दोबारा कड़ाई से पूछने पर पता चला कि बुजुर्ग महिला वहां दाखिल ही नहीं थीं। घबराए बेटे ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर कॉल की। पुलिस की दखल के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शिल्पा और रविंद्र गुलिया बुजुर्ग महिला को अपने साथ हरिद्वार ले गए हैं। जब फोन पर संपर्क किया गया, तो आरोपियों ने कहा कि वे कल सुबह तक उन्हें वापस ले आएंगे। इसके बाद 16 जून की रात को आरोपी बुजुर्ग महिला को थाने लेकर पहुंचे, जहां से बेटा उन्हें घर ले आया। डरा-धमकाकर हरिद्वार और दिल्ली में रखा घर आने के बाद बुजुर्ग महिला इतनी डरी और सहमी हुई थी कि उसने कुछ नहीं बताया। उसका मन बहलाने के लिए उसकी बेटी उषा देवी उसे अपनी ससुराल रेवाड़ी ले गई। जब 4 जुलाई को रामफल अपनी मां से मिलने रेवाड़ी गया, तो बुजुर्ग मां ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। कोरे कागजों पर लगवाया अंगूठा बुजुर्ग महिला ने बताया कि रविंद्र गुलिया और शिल्पा उसे उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन हरिद्वार और दिल्ली लेकर गए थे, जहां उन्हें डराया-धमकाया गया था। महिला ने खुलासा किया कि इस अपहरण की वारदात से करीब 8-10 दिन पहले भी आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनसे कुछ कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया था और एक वीडियो भी बनाई थी। आरोपियों ने अपनी मर्जी के अनुसार बुजुर्ग महिला से एक अस्पताल के खिलाफ जबरन झूठे बयान दिलवाए थे। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस यही नहीं, आरोपियों ने बाद में पीड़ित के गांव आकर भी बुजुर्ग महिला को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित बेटे रामफल की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दरभंगा में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने केवटी थाना अध्यक्ष सदन राम का तबादला कर सदर थाना में पदस्थापित किया है। वहीं, सदर थाना में पदस्थापित एसआई राहुल कुमार को केवटी थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।पुलिस मुख्यालय की ओर से तबादले का कारण केवल कार्यहित बताया गया है, लेकिन केवटी क्षेत्र में इस फैसले को हाल के चर्चित घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि हाल के दिनों में केवटी थाना मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा। पहला मामला एक अखबार के संवाददाता विजय कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी से जुड़ा है। आरोप है कि प्रखंड प्रमुख और तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में समाचार प्रकाशित होने के बाद पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। विजय कुमार गुप्ता करीब 20 दिनों से जेल में हैं। जानकारी के अनुसार, उस समय दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जिले से बाहर थे। उनके संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। इसके बाद मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) को भी बदल दिया गया। बीडीओ का ट्रांसफरइसी बीच, केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान का भी स्थानांतरण कर दिया गया। उन्हें केवटी से हटाए जाने के बाद फिलहाल किसी अन्य प्रखंड का प्रभार नहीं सौंपा गया है। इसे भी स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। आयुक्त ने केवटी प्रखंड प्रमुख को पद से हटाने की रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को भेज दी है। इसके अलावा 18 जून को केवटी के विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा भी एक मामले को लेकर केवटी थाना पहुंचे थे। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए उन्होंने थाना परिसर में धरना दिया था। बाद में सिटी एसपी और एसडीपीओ के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया था।
खरीफ सीजन में रासायनिक खाद के साथ-साथ हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ढैंचा और मूंग के बीज उपलब्ध करा रहा है। जिले में इस साल 1,000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों के बीच बीजों का वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी समितियों और अधिकृत निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य के 59 प्रतिशत उर्वरकों का भंडारण और करीब 44 प्रतिशत का वितरण किया जा चुका है।उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने की कोशिश यूरिया की उपलब्धता भी पर्याप्त बताई गई है। विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से अब तक निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत यूरिया भंडारित किया जा चुका है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं से यूरिया सहित अन्य उर्वरक खरीद सकते हैं। उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने निजी उर्वरक दुकानों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जाए या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
समाज कल्याण मंत्री सह शिवहर विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता ने मंगलवार को जिले के विभिन्न पंचायतों में आयोजित 'सहयोग शिविर' का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि शिविरों में 95 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन किया जा रहा है। मीडिया से बातचीत में मंत्री डॉ. गुप्ता ने बताया कि शिवहर में सहयोग शिविरों का संचालन बेहद प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से हो रहा है। उन्होंने इन शिविरों को सरकार की जनकल्याणकारी सोच का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, जहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान विभिन्न विभागों के समन्वय से एक ही स्थान पर किया जा रहा है। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। कर्मियों के प्रयासों की प्रशंसा की मंत्री ने कहा कि शिवहर जिला प्रशासन इस अभियान को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सफल बनाने में जुटा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस प्रकार पारदर्शिता, गुणवत्ता और तत्परता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, वह सराहनीय है। डॉ. श्वेता गुप्ता ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी आम जनता को इसी तरह त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होगा।

