सतना में आर्मी ऑफिसर के घर पर गोली चलाने वाले मास्टरमाइंड और 10 हजार रुपये के इनामी अमित सोनी उर्फ बंटा (25 वर्ष) को 20 दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन की रिमांड मंजूर कराई गई है। अमित सोनी बाल्मीक मोहल्ला, सिंधी कैंप का निवासी है। आर्मी ऑफिसर के बेटे पर घर के बाहर की थी फायरिंगयह घटना 5 जून को कोलगवां थाना क्षेत्र के घूरडांग में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर बंटा ने अपने साथियों अमर सिंह, अभिज्ञान त्रिपाठी, अंकित सिंह और युवराज उर्फ राजाबाबू के साथ मिलकर एयरफोर्स अधिकारी रामदास सिंह के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस दौरान उनके बेटे हर्ष प्रताप सिंह (22 वर्ष) की हत्या का प्रयास किया गया था। इस मामले में वारदात के अगले ही दिन अंकित और युवराज को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में अमर और राजाबाबू को मुंबई पुलिस की मदद से पकड़ा गया। फरारी में मदद करने वाले एक अन्य आरोपी को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मास्टरमाइंड बंटा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस को दी थी धमकी- अब खाकी पर फायर होगापुलिस को सूचना मिली थी कि अमित सोनी चोरी-छिपे सतना लौट रहा है। इसके बाद बाइपास रोड पर एक ढाबे के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहे की बरामदगी और फरारी में मदद करने वालों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए 27 जून तक की रिमांड हासिल की है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वारदात के बाद फरारी के दौरान अमित सोनी उर्फ बंटा ने अपने साथियों के साथ एक चलते वाहन में वीडियो बनाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा था, जिसमें बंटा ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि अब खाकी की बारी है।इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... पुलिस ट्रैक करके दिखाए, अब खाकी पर फायर होगा सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में एयरफोर्स अधिकारी के घर फायरिंग और उनके बेटे पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी अमित सोनी उर्फ बंटा अब भी फरार है। गिरफ्तारी से बचता फिर रहा आरोपी अब सोशल मीडिया पर खुलेआम पुलिस को चुनौती देता नजर आया है। पूरी खबर पढे़ं…
बांदा जिले के पैलानी तहसील के विकासखंड जसपुरा के ग्राम पंचायत रामपुर यह 20 जून को लगी भीषण आग में झुलसी कुसमा कुशवाहा (45 वर्ष) का लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया है। कई दिनों तक चले इलाज के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। इस घटना से पूरे गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है। देखिए 2 तस्वीरें… अब जानिए मामला… जसपुरा ग्राम पंचायत के नाथू कुशवाहा की पत्नी कुसमा कुशवाहा आग लगने से गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस से जसपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बांदा, फिर कानपुर के हैलेट अस्पताल और अंत में लखनऊ रेफर किया गया था। नाथू कुशवाहा के छोटे बेटे चुन्नू कुशवाहा और मोहल्ला निवासी पंकज द्विवेदी ने बताया कि आग से उनका पूरा घर बर्बाद हो गया। घर में रखा 30 क्विंटल गेहूं, 40-50 क्विंटल भूसा, 10 क्विंटल सरसों, 3 क्विंटल चना जलकर राख हो गया। घर बनवाने के लिए रखे 50,000 रुपये नकद भी जल गए। इसके अलावा, दो रिश्तेदारों के एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी चार्जिंग के दौरान जलकर खराब हो गए। आर्थिक स्थिति बेहद खराब मोहल्ला निवासी वरदानी कुशवाहा ने बताया कि नाथू कुशवाहा के दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटे राजू कुशवाहा (28 वर्ष) और चुन्नू कुशवाहा (26 वर्ष) अविवाहित हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और घर में खाना बनाने वाला कोई नहीं बचा है। बड़ा बेटा राजू बाहर मजदूरी करता है। हर संभव मदद का आश्वासन ग्राम वासियों ने बताया कि आग में लाखों रुपये का सामान जल गया था और कुसमा कुशवाहा के इलाज में भी लाखों रुपये खर्च हुए। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में लेखपाल अनिल कुमार ने आश्वासन दिया है कि परिवार को हर संभव मदद और मुआवजा दिलाया जाएगा।
उदयपुर में सरस दूध की कीमतें बढ़ाई:नई दरें लागू हुई, जानें-प्रति लीटर दूध की कितनी हुई कीमतें
उदयपुर में अब सरस दूध महंगा मिलेगा। उदयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (उदयपुर डेयरी) ने सरस दूध के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। डेयरी ने प्रति लीटर 2 रुपए रेट बढ़ाई है। नई दरें 25 जून से प्रभावी हो गई है। उदयपुर डेयरी ने अपने विपणन कार्य क्षेत्र (उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिला) में सरस दूध के विभिन्न पैक साइज की नई विक्रय दरें जारी कर दी हैं। संघ ने फुल क्रीम दूध (गोल्ड) के 6 लीटर पैक, टोंड दूध (ताजा) के 1 लीटर और 6 लीटर पैक, तथा डबल टोंड दूध (स्मार्ट) के 500 मिलीलीटर और 6 लीटर पैक में 2-2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। डेयरी अधिकारियों के अनुसार हाल ही में अमूल द्वारा दूध के दाम बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट की लागत में हो रही वृद्धि के कारण यह फैसला लिया गया है। उदयपुर में सरस डेयरी में दूध के दाम
आजमगढ़ में शुक्रवार को आसमान में बादल छा गए और तापमान में गिरावट भी हुई। तापमान में गिरावट के कारण जिले का तापमान 38 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया है। लगातार भीषण गर्मी और उमस से आम जनता परेशान थी। ऐसे में शुक्रवार को जिस तरह से सुबह से ही आसमान में बादल छा गए हैं। आम जनता को काफी राहत महसूस हो रही है। मौसम विभाग में आने वाले 48 घंटे के भीतर मानसून के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 32 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही 38 जिलों में हीट वेव के अलर्ट भी जारी किए गए हैं। निश्चित रूप से मौसम में हो रही इस परिवर्तन से जनता को राहत मिलती नजर आ रही है। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने एक माह दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
फर्रुखाबाद बिजली विभाग में 181 आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी और 80 कर्मचारियों के स्थानांतरण-पोस्टिंग में अनियमितता के मामले में कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार और अधिशासी अभियंता कायमगंज शिव शंकर के खिलाफ प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इस मामले में एक अधीक्षण अभियंता को चार माह पहले ही निलंबित किया जा चुका है। बिजली विभाग के अधिकारियों पर मानकों को दरकिनार कर 181 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, बिना किसी स्पष्ट नीति के 80 अवर अभियंता और लिपिकों का मनमाने ढंग से स्थानांतरण और पोस्टिंग की गई थी। सांसद मुकेश राजपूत ने जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने एक समीक्षा बैठक में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थानांतरण और समायोजन में नियमों के उल्लंघन की शिकायत की। इसके बाद, जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति ने पत्रावलियों की जांच की और स्थानांतरण, प्रतिस्थापन तथा समायोजन में नियमों का उल्लंघन पाया। अधिकारियों ने जांच के दौरान पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी, जिसके आधार पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने इसकी पुष्टि की। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार को 11 फरवरी को ही निलंबित किया जा चुका है। उन पर करीबियों को टेंडर देने और बिरादरीवाद के आरोप लगे थे। जांच में यह भी पाया गया कि सवर्ण कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र में और सजातीय को शहर में तैनात किया गया था। आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी में पक्षपात के आरोप भी जांच में सही पाए गए थे।
पाप का घड़ा जब भर जाता है तब फूट जाता है। भगवान राम के मंदिर से चोरी करना अपराध है। चोरी करने वालों को न इस लोक में जगह मिलेगी न परलोक में। जिन लोगों के खिलाफ एफआइआर हुई, इसके लिए मैं सीएम योगी का आभार प्रकट करना चाहता हूं। इन लोगों को जिन भी लोगों को संरक्षण प्राप्त है वह कितना भी बड़ा हो बख्शा नहीं जाना चाहिए। चोर कितना भी शातिर हो, एक दिन पकड़ा जाएगा। ये बातें गुरुवार को श्री कल्कि धाम के पाठीश्वसर आचार्य प्रमोद कृष्ण्म ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। वह रात में गाजियाबाद में पहुंचे थे। सवाल: चंदा चोरी में एफआईआर हो चुकी है। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: भगवान राम के मंदिर से चोरी करना। यह करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला अपराध है। इसमें अभी जांच चल रही है। कानून अपना काम कर रहा है। सवाल: पदाधिकारियों ने इस्तीफा नहीं दिया? जवाब: कानून अपना काम कर रहा है। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एसआईटी गठित हुई है, जांच की जा रही है। एसआईटी ने रिपोर्ट दे दी है। चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, जरूर पकड़ा जाएगा। लेकिन चोरों को संरक्षण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। जब तक जांच चल रही है जांच पूरी नहीं होती है, तब तक ट्रस्ट के पदाधिकारियों को अपने पद से हट जाना चाहिए। क्योंकि पद छोटा है और धर्म बड़ा है। अपने नैतिक दायित्वों को निवर्हन करते हुए अपने पदों से हट जाना चाहिए। सवाल: कितना चंदा चोरी हुआ है? जवाब: यह हजारों करोड़ का मामला है। दो- चार या पांच दस करोड़ का मसला नहीं है। भगवान राम के मंदिर से एक भी पैसा चोरी होना गुनाह है। यह हजार करोड़ से भी ज्यादा बड़ा मामला है। यह बहुत बड़ा विषय है। लगातार निरंतर यह धोखा भगवान राम और भगवान राम के भक्तों को दिया गया है। इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सवाल: कब से यह चोरी हो रही थी? जवाब: यह तो रिकार्ड बताएगा कि कब से चोरी हो रही थी। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हम अनुमान क्यों लगाएं? फैक्ट पर बात करें। एसआईटी बताए यह चोरी कौन कौन कर रहे थे, उन्हें कौन कौन ताकत दे रहे थे उन्हें संरक्षण कौन दे रहे थे। कितना धन लूटा गया इसका दूध का दूध और पानी का पानी चाहिए चाहिए। सवाल: करीबियों ने जमीन भी खरीदीं? मुझे मालूम नहीं है, लेकिन इतना जानता हूं। भगवान राम के मंदिर से चोरी करने वाला बचना नहीं चाहिए। यह करोड़ों लोगों की आस्था है। यह बहुत बड़ा विश्वासघात है। इसका परिणाम कानून की दृष्टि से कुछ भी हो, लेकिन आस्था और श्रद्धा, विश्वास की दृष्टि से और सारे देश के नहीं बल्कि पूरी दुनिया में रहने वाले हिंदू यह चाहते हैं कि इन चोरों का पर्दाफाश होना चाहिए।
बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में सीमेंट फैक्ट्री के पास ट्रक की चपेट में आने एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक राजू कुमार(28) सारण (छपरा) जिला के पहलेजा गांव का रहने वाला था। मृतक के परिजन ने बताया कि बुधवार को ट्रक पर सीमेंट लोड कर रघुनाथपुर-सिकरिया मार्ग स्थित सीमेंट फैक्ट्री में अनलोड करने गया था। ट्रक के पीछे खड़ा होकर बैक करवा रहा था। इस दौरान गाड़ी उसपर चढ़ गई। जिससे उसे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम आरा सदर हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया। मृतक पांच भाई-बहन में सबसे छोटा था। परिवार में मां सुकिया देवी, पत्नी संजू देवी और एक पुत्री साक्षी है। घटना के बाद में घर में कोहराम मच गया है। मां, पत्नी और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रेवाड़ी के बूढपुर गांव में शुक्रवार को प्रदेश के दूसरे बायोडायबर्सिटी पार्क का शिलान्यास होगा। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह कार्यक्रम के मुख्यातिथि होंगे। राव मोहर सिंह के नाम पर 35 एकड़ में इसका निर्माण किया जा रहा है। अपने दौरे के दौरान मंत्री गांव के बाबा धूनीदास प्राचीन मंदिर में बाबा धर्मदास की प्रतिमा का अनावरण और शिव भोले परिवार की मूर्ति स्थापना भी करेंगे। प्रदेश का पहला बायोडायबसिटी पार्क गुरुग्राम देवीलाल के नाम से बना है। बूढ़पुर गांव राव नरबीर सिंह का पैतृक गांव है। शिलान्यास कार्यक्रम में राव नरबीर सिंह ग्रामीणों को संबोधित भी करेंगे। सुरक्षा के लिए लगेगी तारों की फैनसिंग पार्क की सुरक्षा के लिए चारों तरफ तारों की 8 से 10 फीट ऊंची फैंनसिंग की जाएगी। इससे पहले पत्थरों से तीन फीट ऊंची मजबूत दीवार बनाई जाएगी। लोगों के घूमने के लिए पार्क में 1800 मीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा। वन विभाग द्वारा पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है। विभाग का पहला बायोडायबसिटी पार्क गुरुग्राम में है। पक्षियों के लिए होगी विशेष व्यवस्था वन विभाग के इस पार्क में स्वदेशी पेड़ और जल स्त्रोतों का समावेश दिखाई देगा। जिससे आने वाली पीढ़ियों को इनके बारे में जागरूक किया जा सके। पार्क में हर प्रकार की प्रजातियों के पक्षियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पार्क को इस प्रकार से विकसित किया जाएगा, जिससे रेवाड़ी के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग इसे देखने के लिए आएं। अधिकारी कर चुके निरीक्षण वन विभाग के अधिकारी 26 जून को होने वाले शिलान्यास से पहले अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में लगे हुए हैं। 23 जून को वन संरक्षक सुभाष यादव व वन मंडल अधिकारी दीपक नंदा ने पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑपरेशन मदमारुत के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। एएनटीएफ ने राज्य के टॉपमोस्ट ड्रग माफियाओं की सूची में शामिल और पिछले 3 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर समीर खां को ब्यावर से गिरफ्तार कर लिया है। एएनटीएफ महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने बताया आरोपी समीर खान पुत्र जारद खान पठान मूल रूप से मध्य प्रदेश के रतलाम का रहने वाला है। आरोपी केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह पहले मजदूरी करता था, लेकिन अपने एक रिश्तेदार को तस्करी के जरिए मोटा पैसा कमाते देख उसके मन में भी ऐशो-आराम की लालसा जागी। उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से राजस्थान में मादक पदार्थों (स्मैक) की खेप सप्लाई करना शुरू कर दिया। एजेंट स्मैक के साथ पकड़ा था समीर ने राजस्थान के फलोदी जिले में अपने एजेंट तैयार किए थे। 2024 में फलोदी के बाप थाना क्षेत्र में इसका एक एजेंट स्मैक के साथ पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में समीर के नाम का खुलासा किया। नाम सामने आने के बाद समीर राजस्थान से फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए दोबारा छिपकर मजदूरी व ड्राइविंग करने लगा। स्लेट-पेंसिल फैक्ट्री में काम करता शातिर अपराधी को दबोचने के लिए एएनटीएफ की टीम मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंची। वहां पता चला कि समीर मुल्तानपुरा की किसी स्लेट पेंसिल फैक्ट्री में काम करता है और पिकअप चलाता है। इस पर पुलिस टीम व्यापारी का रूप धारण कर मुल्तानपुरा के फैक्ट्री एरिया में घुस गई। टीम बड़ी मात्रा में माल खरीदने और उसे जयपुर सप्लाई करने के बहाने फैक्ट्रियों में सुराग तलाशने लगी। ब्यावर की अनाज मंडी गया था एक फैक्ट्री में जब टीम ने मालिक से जयपुर माल भेजने के लिए गाड़ी का इंतजाम करने को कहा, तो मालिक ने बताया कि उनके पास समीर नाम का ड्राइवर है जो पिकअप चलाता है। मालिक ने आगे बताया कि समीर आज माल लेकर राजस्थान के ब्यावर की अनाज मंडी गया हुआ है। समीर के ब्यावर में होने की पुख्ता जानकारी मिलते ही मंदसौर में मौजूद टीम ने तुरंत ब्यावर में तैनात एएनटीएफ की दूसरी टीम से संपर्क किया। सूचना मिलते ही ब्यावर टीम अनाज मंडी पहुंची और वाहनों के नंबर खंगालने शुरू किए। मंडी के पीछे बारदाना गोदाम के पास मध्य प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक पिकअप खड़ी दिखाई दी, जिसके पास दो युवक बैठे थे। टीम ने पहचान की पुष्टि करते हुए घेराबंदी की और इनामी तस्कर समीर को दबोच लिया। आमजन से अपील आईजी विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को मादक पदार्थों की तस्करी या अपराधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत एएनटीएफ कंट्रोल रूम के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ी की कंपनी मैसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) (पुराना नाम- मैसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसते हुए 55.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों कुर्क कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दुबई की जिन कंपनियों के नाम मोबाइल भेजने के बिल काटे हैं वो कंपनियां भी उनकी ही थी। पूरी खबर पढ़ें…
जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर जनपद में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, होटलों और विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में दो कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण समाप्त पाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संस्थानों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं, वैधानिक अभिलेखों और आवश्यक सुविधाओं का परीक्षण कर विद्यार्थियों तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीवीआई) ने जनपद के सात कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पंजीकरण की स्थिति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। निरीक्षण में दो कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अवधि समाप्त पाई गई। संबंधित संचालकों को तत्काल पंजीकरण नवीनीकरण और वैधता के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य सभी कोचिंग संस्थानों में व्यवस्थाएं संतोषजनक और नियमानुसार पाई गईं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत संचालित कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भीषण गर्मी से अयोध्या बेहाल पारा 40.5°C पहुंचा:रात तक राहत नहीं; शनिवार देर रात से बदल सकता है मौसम
मानसून की दस्तक से पहले अयोध्या भीषण गर्मी और उमस की चपेट में है। शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आईं और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल रही। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, हालांकि शनिवार देर रात से मौसम करवट ले सकता है और रविवार तक मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। दिनभर गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। सुबह के समय 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवा चली, जबकि मौसम केंद्र के अनुसार औसतन हवा की गति करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शनिवार देर रात से बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश के आसार बेहद कम हैं। तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि शनिवार देर रात से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है और रविवार तक मानसून के पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की उम्मीद है। नमी बढ़ने से उमस भी बढ़ी दिन में अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 76 प्रतिशत और न्यूनतम 44 प्रतिशत दर्ज की गई। बढ़ती नमी के कारण गर्मी के साथ उमस ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
दतिया में दो बाइकों की भिड़ंत, दो लोगों की मौत:आमने-सामने से टकराईं, महिला-बच्चे समेत तीन घायल
दतिया के भगुवापुरा थाना क्षेत्र में खन्जापुरा-सेवढ़ा रोड पर गुरुवार शाम एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक महिला, सात वर्षीय बच्चा और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शाम करीब 6 बजे हुआ, जब दो बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। सूचना मिलने पर भगुवापुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल सेवढ़ा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राम सिंह वंशकार (35) पुत्र रामचरण वंशकार निवासी समथर (उत्तर प्रदेश) और सुरेश त्यागी (60) पुत्र फूल सिंह त्यागी निवासी असवार, जिला भिंड को मृत घोषित कर दिया। घायलों को ग्वालियर रेफर कियाहादसे में घायल अनीता वंशकार (40) पत्नी राम सिंह वंशकार निवासी आंसूली, थाना थरेट और आशीष वंशकार (7) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल राहुल परिहार निवासी शिवपुरी की हालत नाजुक होने के कारण उसे ग्वालियर रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
बिहार सरकार ने गुरुवार को राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यभर के 90 अंचल अधिकारियों (CO), प्रभारी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों का तबादला कर दिया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी अधिकारियों को नए पदस्थापन पर भेजा गया है। विभाग के अपर सचिव अजीव वत्सराज के जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि इस तबादले का उद्देश्य राजस्व एवं भूमि संबंधी कार्यों में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। आदेश की प्रति मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। बिना ट्रांजिट लीव के तुरंत ज्वाइन करने का निर्देश अधिसूचना में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि स्थानांतरित अधिकारियों को किसी भी प्रकार की ट्रांजिट लीव का लाभ नहीं मिलेगा। सभी अधिकारियों को तुरंत अपने नए पदस्थापन वाले स्थान पर योगदान देना होगा। वहीं संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकारियों को बिना देरी के कार्यमुक्त (रिलीव) करें और एक सप्ताह के भीतर इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजें। कई अहम अंचलों में बदले गए CO इस तबादले में राज्य के कई महत्वपूर्ण अंचलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी सदर में सुनील कुमार को नया अंचल अधिकारी बनाया गया है। वहीं कल्याणपुर, चकिया, छौड़ादानो, चिरैया और मधुबन जैसे अंचलों में भी नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नालंदा जिले में बिहारशरीफ, हिलसा और चंडी अंचल में नए CO की नियुक्ति की गई है। गया जिले के टिकारी, सारण के छपरा सदर और एकमा, भोजपुर के संदेश और जगदीशपुर, पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज और चनपटिया सहित कई प्रमुख अंचलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। राजस्व अधिकारियों को भी मिली अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी तबादला सूची में कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जो अब तक राजस्व अधिकारी (RO) या कानूनगो के पद पर कार्यरत थे। विभाग ने उन्हें अंचल अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी है। इससे प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। 90 अधिकारियों का एक साथ तबादला इस आदेश के तहत अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली, पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों के कुल 90 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इससे राज्य के राजस्व प्रशासन में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर योगदान सुनिश्चित करने और जिलाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। अब आने वाले दिनों में सभी स्थानांतरित अधिकारी अपने-अपने नए पदस्थापन वाले अंचलों में कार्यभार संभालेंगे।
छत्तीसगढ़ के भिलाई में NEET, JEE और बाकी कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी के लिए हर साल राज्य के अलग-अलग जिलों से हजारों स्टूडेंट्स आते हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर कोचिंग सेंटर्स की लापरवाही सामने आई है। लखनऊ में हुई घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद भिलाई के कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। इस जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जो किसी भी पेरेंट्स की चिंता बढ़ा सकते हैं। छोटे-छोटे कमरों में सैकड़ों स्टूडेंट्स को बैठाया जा रहा है। तीन मंजिला इमारत में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है, वो भी मात्र 1 से 2 फीट चौड़ा। कोचिंग सेंटर्स की खिड़कियों पर ग्रिल लगे मिले और सामने की ओर बड़े-बड़े फ्लैक्स और बैनर। यानी अगर आगजनी या कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो स्टूडेंट्स को कोचिंग से कूदने का भी मौका नहीं मिलेगा। इसके अलावा सभी कोचिंग सेंटर्स के छत के गेट पर भी ताले लगे मिले। वहीं, प्रशासन की टीम ने अब तक 8 कोचिंग सेंटर्स सील कर दिया है। अफसरों का कहना है कि जल्द ही आगे नियमों का पालन करवाने के लिए कड़ाई करेंगे। देखिए पहले ये तस्वीरें- 70 से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स को नोटिस जिला प्रशासन, निगम प्रशासन और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने भिलाई के 70 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि ज्यादातर संस्थानों में सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं हैं। इसके बाद प्रशासन ने 70 से अधिक कोचिंग सेंटर्स को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आया कि कई कोचिंग सेंटर छोटे-छोटे कमरों में 100 से 200 स्टूडेंट्स को बैठाकर पढ़ा रहे हैं। पिछले साल भी दिया था नोटिस, किसी ने नहीं सुधारी व्यवस्था भिलाई में 150 से ज्यादा कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, लेकिन जांच में एक भी संस्थान ऐसा नहीं मिला जहां सुरक्षा के सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। एसडीआरएफ ने पिछले साल भी भिलाई की कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर व्यवस्था सुधारने के लिए निर्देश दिए थे। लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी न्यू सिविक सेंटर स्थित एक भी कोचिंग संचालकों ने व्यवस्था नहीं सुधारी। इस बार भी नोटिस जारी किया गया है। हालांकि इस बार कोचिंग सील करने की कार्रवाई की वजह से कुछ सुधार की गुंजाइश नजर आ रही है। और भी कोचिंग संस्थानों पर लग सकता है ताला जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी कर जल्द व्यवस्था सुधारने के लिए कहा गया है। हालांकि ज्यादातर कोचिंग सेंटर्स में मूलभूत नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अब तक 8 कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया गया है। आने वाले एक-दो दिन में और भी कोचिंग सेंटर्स को सील किया जाएगा। हम रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं और जल्द ही आगे नियमों का पालन करवाने के लिए कड़ाई करेंगे।
जबलपुर में मोहर्रम की नौवीं तारीख पर मुस्लिम बहुल इलाकों में अकीदत और इबादत का माहौल रहा। इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए अकीदतमंदों ने विशेष इबादत की। बंद कुआं मैदान में 'फिदा जाने शहीदाने लंगर कमेटी' ने रोजेदारों के लिए इफ्तार का आयोजन किया, जहां अमन-चैन और मुल्क की खुशहाली के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं। इस अवसर पर इंसानियत और सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। गर्मी में राहगीरों और जायरीनों के लिए जगह-जगह सबीलें लगाई गईं, जहां ठंडा पानी और रूहअफजा शरबत बांटा गया। विभिन्न स्थानों पर 'लंगर-ए-हुसैनी' का भी आयोजन हुआ, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। शहर में इस बार भी बेहद खूबसूरत और आकर्षक ताजिए सजाए गए हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से अकीदतमंद पहुंच रहे हैं। त्योहार के मद्देनजर ओमती मस्जिद और ऐतिहासिक 'मशीन वाले बाबा सरकार दरगाह' को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। ये धार्मिक स्थल पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं और लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मोहर्रम की नौवीं तारीख पर आस्था, सेवा और समर्पण का यह नजारा जबलपुर की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को दर्शाता है। मजहब की दीवारों से ऊपर उठकर इंसानियत की सेवा में जुटे स्थानीय लोगों का यह जज्बा शहर की कौमी एकता और सामाजिक ताने-बाने को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
देहरादून में पंजाब से आए निहंग सिखों ने बैरिकेडिंग हटाकर शहर में प्रवेश किया। गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर देर रात तक हंगामा हुआ। पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन की वार्ता के बाद निहंग रात 2:30 बजे लौट गए।
रतलाम के हतनारा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराने से बड़ा हादसा हो गया। दो लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 15 लोग झुलस गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ी की कंपनी मैसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) (पुराना नाम- मैसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसते हुए 55.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों कुर्क कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दुबई की जिन कंपनियों के नाम मोबाइल भेजने के बिल काटे हैं वो कंपनियां भी उनकी ही थी। मामले के मुख्य आरोपी और कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) व मंत्री संजीव अरोड़ा को ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी अभी इस मामले में और कार्रवाई करने वाली है। इन शहरों की संपत्तियां हुईं कुर्क ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, कमर्शियल स्पेस और आलीशान आवासीय अपार्टमेंट शामिल हैं। ये संपत्तियां लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में स्थित हैं, जो कंपनी, संजीव अरोड़ा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं। कैसे खुला फर्जीवाड़े का यह खेल, जानिए.. गुरुग्राम में दर्ज FIR से शुरू हुई जांच: यह मामला सबसे पहले गुरुग्राम (हरियाणा) के उद्योग विहार थाने में दर्ज एक FIR के बाद सामने आया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं (जो पहले IPC की धारा 420, 467, 471 और 120-B थीं) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। चूंकि ये मामले PMLA एक्ट के तहत आते हैं, इसलिए ED ने इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। कागजों पर बेच डाले ₹157 करोड़ के मोबाइल: ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रियल एस्टेट सेक्टर की इस कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान करीब 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई थी। इसमें से करीब 102.50 करोड़ रुपये का मोबाइल एक्सपोर्ट दुबई (UAE) की दो कंपनियों मैसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO और मैसर्स ड्रैगन ग्लोबल FZCO को करना दिखाया गया था। शेल कंपनियों का नेटवर्क: एक ही नंबर और ईमेल से खुलीं फर्में: जब ED ने गहराई से जांच की तो पता चला कि जिन स्थानीय सप्लायर्स से मोबाइल खरीदना दिखाया गया था, वे असल में केवल कागजी (शेल) कंपनियां थीं। कई फर्में एक ही मोबाइल नंबर और एक ही ईमेल आईडी पर चल रही थीं। इनका काम सिर्फ फर्जी बिल बनाना और बिना किसी सामान की डिलीवरी के केवल कागजी एंट्री (Accommodation Entries) घुमाना था। दुबई कनेक्शन भी खुद का ही: ED के मुताबिक, दुबई जिन कंपनियों को मोबाइल का निर्यात दिखाया गया, वे असल में कोई बाहरी कंपनियां नहीं थीं, बल्कि उनका रिमोट कंट्रोल भी इसी आरोपी ग्रुप के हाथों में था। यानी बिना किसी मोबाइल की आवाजाही के सिर्फ कागजों पर करोड़ों का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट चल रहा था। ₹102.99 करोड़ की 'अपराध की कमाई' ED ने अब तक की जांच में इस पूरे घोटाले से हुईअपराध की कमाई की कुल रकम करीब 102.99 करोड़ रुपये आंकी है। एजेंसी ने बीते 9 मई 2026 को इस मामले में धारा 17 के तहत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद मुख्य आरोपी संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। ED का कहना है कि मोबाइल एक्सपोर्ट के नाम पर की गई मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खोली जा चुकी हैं, जबकि इस मामले में लोकल सेल (स्थानीय बिक्री) को लेकर जांच अभी भी जारी है, जिससे कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
छिंदवाड़ा शहर के कर्बला चौक से मोहर्रम के अवसर पर देर रात सवारी और ताजिया जुलूस निकाला गया। आयोजन में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर एसडीएम सुधीर जैन, तहसीलदार और कोतवाली थाना पुलिस पूरे समय निगरानी करती रही। एसडीएम के साथ पुलिस बल रहा मौजूद देर रात शुरू हुए कार्यक्रम के दौरान मजलिस और प्रवचन का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्वानों ने कर्बला के शहीदों के बलिदान और इमाम हुसैन की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि मोहर्रम खुशी का नहीं, बल्कि शोक, त्याग और चिंतन का प्रतीक है। देर रात तक मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी जुलूस मार्ग पर जगह-जगह सबील लगाकर लोगों को शरबत और पानी वितरित किया गया। समुदाय के लोगों ने काले वस्त्र पहनकर इमाम हुसैन के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ताजिया जुलूस के माध्यम से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा तथा शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
मोहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशुरा पर शुक्रवार को इंदौर में मातमी जुलूस निकलेगा। इमामबाड़े से सरकारी ताजिया उठाए जाने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले ताजिए और अखाड़े इसमें शामिल होंगे। अकीदतमंद हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए मातम करेंगे। शुक्रवार दोपहर विभिन्न क्षेत्रों के ताजिए और अखाड़े इमामबाड़ा पहुंचना शुरू हो जाएंगे। दोपहर 2:30 बजे शहर काजी डॉ. इशरत अली की सदारत में सरकारी ताजिया उठाया जाएगा। जुलूस राजबाड़ा क्षेत्र का चक्कर लगाते हुए हरसिद्धि, मोती तबेला, कलेक्टोरेट होते हुए कर्बला पहुंचेगा। इस अवसर पर ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्शन प्लान जारी किया है। जुलूस दोपहर 2 बजे इमामबाड़ा से शुरू कर्बला मैदान पहुंचेगा। इस दौरान ट्रैफिक जाम से बचने पुलिस ने आमजन से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। ट्रक व अन्य भारी वाहन ट्रांसपोर्ट नगर से चोइथराम मंडी चौराहा, राजेंद्र नगर ब्रिज और नर्मदा नगर चौराहा होते हुए रिंग रोड का उपयोग कर सकेंगे। जुलूस मार्ग पर नहीं चलेंगी सिटी बसें राजबाड़ा और जवाहर मार्ग पर सुबह 11 बजे बाद सिटी बसों की एंट्री बंद कर दी जाएगी। जवाहर मार्ग की बसों को मृगनयनी और सुभाष मार्ग से निकाला जाएगा। वहीं, कलेक्टोरेट से महूनाका तरफ कोई भी बस नहीं जा सकेंगी। यह रहेगा नया ट्रैफिक रूट रात को निकला सरकारी ताजिया इसके पूर्व गुरुवार को मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बड़ी संख्या मैं अकीदतमंद इमामबाड़ा पहुंचे और सरकारी ताजिए की जियारत की। दिनभर चादर और फूल का चढ़ावा पेश किया। रात में सरकारी ताजिया इमामबाड़े से जुलूस के रूप में निकला और विभिन्न मार्गों से होते हुए देर रात वापस इमामबाड़े आया। सरकारी ताजिए के साथ शहर के अन्य ताजिये भी थे।
सोनभद्र में दो डिजिटल लाइब्रेरी सील:अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन ने की कार्रवाई
सोनभद्र के घोरावल में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर प्रशासन ने दो डिजिटल लाइब्रेरी को सील कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार की देर शाम को की गई। नायब तहसीलदार घोरावल, थाना घोरावल पुलिस और फायर सर्विस टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान घोरावल क्षेत्र में संचालित विभिन्न कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन संसाधनों और अन्य निर्धारित मानकों की जांच की गई। जांच में 'सक्सेस डिजिटल लाइब्रेरी एंड बुक स्टेशनरी' (वार्ड नंबर-02, कस्बा घोरावल) और 'कान्हा डिजिटल लाइब्रेरी' (कस्बा घोरावल) निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन संस्थानों में सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाई गईं। कमियां पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों डिजिटल लाइब्रेरी को सील कर दिया। अग्निशमन अधिकारी करन यादव ने बताया कि घोरावल नगर में गुरुवार की शाम को पांच लाइब्रेरी और कोचिंग की जांच की गई। दो को सील किया गया और तीन को नोटिस जारी की गई है। करन यादव ने कहा कि अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
बुलंदशहर में पुलिस-स्वाट टीम की बदमाशों से मुठभेड़:एक घायल, दो गिरफ्तार; अवैध हथियार और बाइक बरामद
बुलंदशहर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना अरनिया पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम देहात की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के बाद दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मुठभेड़ शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे क्यौली किनुआ अंडरपास पर हुई। अरनिया पुलिस और स्वाट टीम देहात वहां संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक स्प्लेंडर बाइक पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे रुके नहीं और बाइक मोड़कर चंडौस की तरफ भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया। बम्बे की पटरी के पास कच्चे रास्ते पर बदमाशों की बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उसके साथी के साथ पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान तालिब पुत्र रशीद और जबरशेर पुत्र फकीर मोहम्मद के रूप में हुई है। ये दोनों शेरपुर बांगर, थाना अनूपशहर, बुलंदशहर के रहने वाले हैं। मुठभेड़ में तालिब घायल हुआ है। सीओ शोभित कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और क्षेत्र में चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। घायल बदमाश तालिब के खिलाफ बुलंदशहर और अलीगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और चोरी सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके साथी जबरशेर के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट और चोरी सहित 10 मामले दर्ज हैं। बदमाशों के पास से अवैध हथियार, चोरी का कॉपर तार और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है।
छिंदवाड़ा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुण्डीपुरा पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए 7 पेटी अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, रामगढ़ी रोड स्थित एक वेयरहाउस के पास कुछ युवकों के अवैध शराब बेचने की फिराक में खड़े होने की सूचना मुखबिर से मिली थी। सूचना मिलते ही कुण्डीपुरा थाना प्रभारी महेंद्र भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर एक युवक भाग निकला, जबकि दो आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुंदर डेहरिया (20) और आयुष मालवी (19) निवासी लालबाग के रूप में हुई है। वहीं, फरार आरोपी का नाम लक्की मालवी बताया गया है, जिसकी तलाश जारी है। 61 लीटर से ज्यादा शराब जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 पेटियों में रखे 180 एमएल के 342 पाव अवैध शराब जब्त की है। कुल 61.560 लीटर शराब बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 49 हजार 794 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा एक होंडा स्कूटी भी जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आयुष मालवी के खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी, पॉक्सो एक्ट, सड़क दुर्घटना और आबकारी एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। वहीं, सुंदर डेहरिया के खिलाफ भी आबकारी एक्ट के तहत पहले से प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी महेंद्र भगत सहित पुलिस स्टाफ और साइबर सेल की विशेष भूमिका रही। देर रात तक खुल रही शराब दुकानें कुण्डीपुरा क्षेत्र में संचालित शराब दुकानों के तय समय के बाद भी खुले रहने की बात पिछले दिनों सामने आई थी। धरमटेकरी चौकी से चंद कदम की दूरी पर संचालित शनिदेव लिंकर शराब दुकान देर रात तक खुली रही, जिसका वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में दुकान संचालक एक शटर खोलकर ग्राहकों को देर रात तक शराब उपलब्ध कराते हुए दिखाई दिया। इससे क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। मामले को लेकर आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नोएडा के अल्फा मार्केट में फोटो खिंचवाने को लेकर हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी और दो युवकों के बीच हुआ विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस विवाद के बाद अब दोनों पक्ष आमने-सामने बैठे और एक-दूसरे से माफी मांगकर पूरे मामले को खत्म कर दिया। दोनों युवकों ने डिंपल चौधरी के घर पहुंचकर बातचीत की, जबकि डिंपल चौधरी ने भी माना कि उस दिन उनसे गलती हुई थी। वहीं युवकों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि उनकी टोन या व्यवहार से डांसर को बुरा लगा तो उसके लिए वह माफी मांगते हैं। दोनों पक्षों ने अब भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ कोई वीडियो या बयान जारी नहीं करने की बात कही है। अब पढ़िए.. वीडियों में डांसर और दोनों युवकों ने क्या कहा… वीडियो जारी कर खत्म किया विवाद: हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी और दोनों युवकों ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें तीनों एक साथ बैठकर पूरे विवाद पर बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों पक्षों ने साफ कहा कि अब उनके बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है और आपसी सहमति से पूरे मामले का समझौता हो गया है। आर्यन दुजाना ने बताई अपनी बात: वीडियो में आर्यन दुजाना कहते हैं कि भाइयों, पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर डिंपल मैडम के साथ हमारी वीडियो वायरल हो रही है। उसमें आप सभी ने देखा कि मैडम गालियां दे रही थीं और मैं तथा गौरव वहां खड़े हुए नजर आ रहे थे। उसी विषय को लेकर आज हम मैडम के पास आए हैं ताकि पूरे मामले को खत्म किया जा सके। डिंपल चौधरी ने बताई फोटो से मना करने की वजह: वीडियो में डिंपल चौधरी कहती हैं कि सबसे पहले यह बात है कि आप लोग फोटो खिंचवाने आए थे और मैंने फोटो देने से मना किया था। लेकिन मैंने इसलिए मना नहीं किया था कि मैं आपको फोटो नहीं देना चाहती थी। उन्होंने कहा कि 3 तारीख को जो घटना मेरे साथ हुई थी, उसके कारण मैं आज तक डिप्रेशन में हूं और उसी वजह से उस समय मैंने फोटो खिंचवाने से मना कर दिया था। मुझे लगा था आप मुझे अपशब्द कह रही हैं: डिंपल चौधरी ने आर्यन से पूछा कि उस समय मैंने क्या कहा था, क्या आपने सुना था? इस पर आर्यन ने कहा कि हमें उस समय आपकी पूरी बात सुनाई नहीं दी। हमें ऐसा लगा कि आप हमें अपशब्द कह रही हैं। बाद में गौरव ने भी यही बात बताई और इसी गलतफहमी के कारण दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने मांगी एक-दूसरे से माफी: आर्यन दुजाना ने कहा कि अगर उस समय हमारी टोन आपको अच्छी नहीं लगी तो उसके लिए हम सॉरी फील करते हैं। उन्होंने कहा कि गांव की हमारी बोलचाल की टोन कई बार लोगों को गलत लग जाती है। वहीं डिंपल चौधरी ने कहा कि उन्हें यह नहीं पता था कि दोनों युवक भी आर्टिस्ट हैं और यह बात उन्हें बाद में पता चली। डांसर ने गाली-गलौच के पीछे क्या सफाई दी… परिवार के साथ होने की वजह से हुई नाराजगी: डिंपल चौधरी ने कहा कि उस समय जिस तरह फोटो देने की बात कही गई, वह उन्हें अच्छी नहीं लगी। दूसरी बात यह थी कि वह अपने परिवार के साथ बाजार में थीं। अगर वह अकेली होतीं तो शायद फोटो भी खिंचवा देतीं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दोनों युवकों के बारे में जानकारी मिली है और अब वह उनकी सोच को समझ पाई हैं। डिंपल चौधरी बोलीं- मैं गलत थी:वीडियो में डिंपल चौधरी ने स्वीकार किया कि कहीं न कहीं वह भी पूरी तरह गलत थीं। उन्होंने कहा कि उस समय जो गालियां निकलीं, वह नहीं निकलनी चाहिए थीं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि किसी की बहन और किसी की मां में कोई फर्क नहीं होता। वहीं आर्यन ने कहा कि उन्होंने डिंपल चौधरी को कोई गाली नहीं दी थी, जिस पर डिंपल चौधरी ने भी सहमति जताई।ट्रोलिंग के बाद हुआ गलती का एहसास: डिंपल चौधरी ने कहा कि जब उनकी ट्रोलिंग वाली वीडियो सोशल मीडिया पर आई तो उन्हें महसूस हुआ कि जो हुआ वह गलत हुआ और उन्हें इस तरह नहीं बोलना चाहिए था। उन्होंने एक बार फिर कहा कि 3 तारीख की घटना का असर अभी भी उनके मानसिक स्वास्थ्य पर है और उसी कारण उस दिन उनका व्यवहार सामान्य नहीं था। अब एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो नहीं बनाएंगे आर्यन दुजाना ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच अब समझौता हो चुका है। भविष्य में वह डिंपल चौधरी के बारे में कोई वीडियो नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की वीडियो से विवाद और बढ़ता है। अगर आगे कोई अन्य व्यक्ति डिंपल चौधरी को लेकर वीडियो बनाता है और उनका नाम जोड़ता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं होगा। अब दोस्त बने, सपोर्ट करने का भी किया वादा डिंपल चौधरी ने कहा कि उन्होंने भी दोनों युवकों के बारे में काफी जानकारी जुटाई है। उन्होंने कहा कि लोगों का काम ट्रोल करना है, लेकिन अब उन्हें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जो अच्छा बोलते हैं और जो गलत बोलते हैं, दोनों का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि इंसान से छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं, लेकिन उनका बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने दोनों युवकों को अपना भाई बताते हुए कहा कि अब वे दोस्त हैं और जहां तक संभव होगा वह उनका सपोर्ट भी करेंगी। जानिए क्या था पूरा विवाद…16 जून को हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी अपनी बहन के साथ नोएडा के अल्फा मार्केट में खरीदारी करने गई थीं। इसी दौरान दो युवक उनके साथ सेल्फी लेने पहुंचे। डिंपल चौधरी ने फोटो खिंचवाने से मना कर दिया, जिसके बाद दोनों युवकों ने मोबाइल कैमरा ऑन कर लिया। इस बात पर डिंपल चौधरी नाराज हो गईं और दोनों युवकों को धक्का देते हुए गालियां देने लगीं। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। डिंपल चौधरी उस समय कह रही थीं, पीटकर जाएगा या वैसे ही चला जाएगा। इसके जवाब में युवक पागल लड़की है कहते हुए वहां से चले गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद डिंपल चौधरी को लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पूरे विवाद को समाप्त कर दिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर जिले की ग्राम पंचायत गोडू में कथित भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए है और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। यह कार्रवाई अर्जुनराम द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर की गई है। कर्मचारी कर रहे पैसों का गबन याचिकाकर्ता अर्जुनराम की ओर से अधिवक्ता श्याम पालीवाल ने कोर्ट को बताया कि ग्राम पंचायत गोडु के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी और अन्य कर्मचारी मिलकर पैसों का गबन कर रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर बिना किसी वास्तविक निर्माण या कार्य के ही धनराशि निकाली जा रही है। पंचायत क्षेत्र में ही नहीं रहतीं सरपंच अधिवक्ता पालीवाल ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत गोडु की वर्तमान सरपंच पंचायत क्षेत्र में निवास नहीं करती हैं। पंचायत का संपूर्ण संचालन उनके भाई और पिता द्वारा अवैध तरीकों से किया जा रहा है। याचिका में पंचायत अधिकारियों द्वारा कई कार्यवाहियों में भारी अनियमितता, लापरवाही और असंवैधानिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। प्रतिवादी को नोटिस स्वीकार करने के निर्देश न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और डॉ. नुपुर भाटी की खंडपीठ ने उपस्थित प्रतिवादी को नोटिस स्वीकार करने के निर्देश दिए, जबकि शेष प्रतिवादियों को चार सप्ताह में वापसी योग्य नोटिस जारी किए हैं।
लखनऊ में आज निकलेगा आशूरा का जुलूस:ड्रोन कैमरों से निगरानी, ASP अनुज चौधरी को निलंबित करने की मांग
लखनऊ में सड़कों पर ताजिए अलम और या हुसैन की सदा के साथ यौमे आशूरा यानी मोहर्रम की दस तारीख मनाई जा रही है। आज ही के दिन कर्बला में पैगंबर मोहम्मद साहब के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन यजीदी फौज से जंग करते हुए अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए थे। आशूरा का जुलूस विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित नाजिम साहब के इमामबाड़े से निकाला जाएगा। जुलूस से पहले होने वाली मजलिस को मौलाना फरीदुल हसन खिताब करेंगे, जिसके बाद जुलूस निकलेगा। जुलूस में शहर की 2 दर्जन से अधिक मातमी अंजुमनें अपने अलम के साथ नौहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए शामिल होगी। इमामबाड़े से निकल कर कर्बला तालकटोरा जायेगा। जुलूस में शामिल सभी लोग काले लिबास में नंगे पांव रहेंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जुलूस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं । 5 जोन और 18 सेक्टर में पूरी व्यवस्था को विभाजित किया गया । 18 एडिशनल एसपी, 54 डिप्टी एसपी ,1000 सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर , 3000 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तैनात। 15 कंपनी पीएसी , दो कंपनी आरएएफ तैनात है। जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं साथ ही ड्रोन कैमरे से भी निगरानी हो रही है। ASP को निलंबित करने की मांग फिरोजाबाद में मोहर्रम के अवसर पर ताजियों की लंबाई और ऊंचाई की प्रशासनिक जांच पर मौलाना ने जताई नाराजगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एसीपी अनुज चौधरी द्वारा पुलिस बल के साथ फीते से ताजियों की नाप-जोख किए जाने की वीडियो सामने आई। जिसपर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि ताजियों की इस प्रकार नाप-जोख किए जाने से समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से ताजियों का अपमान है। मौलाना यासूब अब्बास ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किया संबंधित पुलिस अधिकारी ACP अनुज चौधरी को तत्काल निलंबित किया जाए।
बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। वीडियो सामने आने के बाद डायल 112 पर तैनात हेड कांस्टेबल मोहम्मद शमी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह घटना 23 जून को बरेली-मथुरा हाईवे पर घटपुरी के पास हुई थी। पीतल नगरी डिपो की एक रोडवेज बस और टाटा मैजिक लोडर की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। इस हादसे में हरियाणा के यमुनानगर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी रनदीप सिंह और हरिपाल घायल हो गए थे। दोनों लोडर में फंस गए थे, जिन्हें मौके पर मौजूद लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर काफी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में डायल 112 पर तैनात हेड कांस्टेबल मोहम्मद शमी एक युवक को थप्पड़ मारते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठने लगे थे। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद देर रात हेड कांस्टेबल मोहम्मद शमी को लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू करा दी है। घायल दोनों युवकों का इलाज जारी है, जबकि पुलिस रोडवेज बस चालक की तलाश कर रही है। सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना में फिरोजपुर रोड स्थित चौकीमान टोल प्लाजा पर शुक्रवार तड़के कार सवार कुछ युवकों ने एक टोल कर्मी की जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि युवक टोल पर बिना शुल्क दिए निकलने की जिद कर रहे थे, जबकि टोल कर्मी ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर टोल कर्मी और कार सवारों के बीच बहस हो गई। इसके बाद कार सवार वाहन से बाहर निकले और उन्होंने टोल कर्मी की सड़क पर पिटाई कर दी। टोल कर्मी मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी उसे पीटते रहे। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। 3 पॉइंट्स में जानिए क्या हुआ:- पुलिस को दी आरोपियों के खिलाफ शिकायत घटना के बाद हरजीत सिंह ने तुरंत टोल प्लाजा प्रबंधन को सूचना दी। उन्होंने बताया कि वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। पूरी घटना टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर सकती है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच शुरू करेगी।
कानपुर में मां-बेटी पर ईंट-पत्थर से हमला:अवैध कब्जे के विरोध पर सिर फटा, 5 आरोपियों पर FIR
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित संजीव नगर में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अवैध कब्जे का विरोध करने पर एक परिवार पर हमला कर दिया गया। पड़ोसी परिवार ने मां-बेटी पर ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें मां के सिर में गंभीर चोट आई और आंख के पास भी चोट लगी। गुरुवार रात 8 बजे पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता चांदनी द्विवेदी ने बताया कि उनके पिता रामशंकर द्विवेदी एक सेवानिवृत्त फौजी हैं। उनके घर के सामने सार्वजनिक रास्ते पर पड़ोसी ने पेड़ लगाकर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया था। इस कब्जे के कारण रास्ता संकरा हो गया था, जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही थी। कई बार विरोध और शिकायत के बावजूद यह कब्जा नहीं हटाया गया। चांदनी के अनुसार, उन्होंने पहले 112 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद कब्जा हटवा दिया गया। हालांकि, कुछ समय बाद रास्ते पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम में भी शिकायत की, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि सत्येंद्र पाल, उनके बेटे अमन पाल और परिवार की अन्य महिलाएं पीड़िता के घर पहुंच गईं। उन्होंने पहले गाली-गलौज की और धमकी दी। विवाद बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलने लगे। आरोप है कि अमन पाल ने धमकी देते हुए कहा कि वह उनका 'इंतजाम' कर देगा। इसके बाद आरोपी घर की छत पर चढ़ गए और ऊपर से ईंट-पत्थर फेंकने लगे। इस हमले में शोभा द्विवेदी, चांदनी की मां, के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे उनका सिर फट गया। उनके चेहरे और आंख के पास भी चोटें आईं। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। चकेरी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्येंद्र पाल, उनके बेटे अमन पाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजा भैया के पिता दूसरे दिन भी नजरबंद:मोहर्रम पर कुंडा में हाई अलर्ट, 150 पुलिसकर्मी और पीएसी तैनात
प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कुंडा विधायक राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को दूसरे दिन भी नजरबंद रखा गया है। प्रशासन के आदेशानुसार, उन्हें गुरुवार सुबह 5 बजे से शुक्रवार रात 9 बजे तक पुलिस निगरानी में रखा गया है। कुंडा कोतवाली क्षेत्र में कुल 46 सुरक्षा प्वाइंट बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 150 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, एक सीओ, छह इंस्पेक्टर, 30 उपनिरीक्षक, 40 हेड कांस्टेबल, 80 कांस्टेबल, 30 महिला आरक्षी और तीन फायर टेंडर भी लगाए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। शेखपुर आशिक गांव पिछले कई वर्षों से मोहर्रम के दौरान संवेदनशील माना जाता है। वर्ष 2012 में सड़क किनारे एक बंदर की मौत के बाद वहां हनुमान मंदिर का निर्माण हुआ था। राजा उदय प्रताप सिंह की ओर से हर साल मोहर्रम के दिन ही इस मंदिर पर हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन कराया जाता है। वर्ष 2015 में हनुमान मंदिर पर भंडारे और झंडा लगाए जाने को लेकर मुस्लिम समुदाय ने विरोध जताया था, जिसके बाद उन्होंने ताजिया नहीं उठाया। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। तब प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अगले दिन ताजिया दफन कराया गया था। इसके बाद 2016 में भी प्रशासन ने भंडारे की अनुमति नहीं दी थी। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन न्यायालय ने अंतिम निर्णय जिला प्रशासन के विवेक पर छोड़ दिया। तब से हर वर्ष मोहर्रम के दौरान एहतियातन राजा उदय प्रताप सिंह को नजरबंद किया जाता है और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मोहर्रम का जुलूस संपन्न कराया जाता है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि नजरबंद किए गए सभी लोगों के घरों पर पुलिस बल तैनात है और पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
लुधियाना के सिविल अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यहां शराबी दामाद अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर आई सास से भिड़ गया। दोनों के बीच अस्पताल परिसर में बहसबाजी और हाथापाई हुई। वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को थप्पड़ भी मारे। दशमेश नगर (गली नंबर 8) की रहने वाली महिला मीरा ने बताया कि उसकी बेटी की शादी करीब 2 साल पहले रणजीत नाम के युवक से हुई थी। रणजीत शराब पीने का बेहद आदी है और आए दिन उसकी बेटी के साथ मारपीट करता रहता है। गुरुवार रात भी रणजीत ने अपनी गर्भवती पत्नी के साथ झगड़ा किया और उसे जोर से धक्का मार दिया। सास से मोबाइल छीनने लगा आरोपी, लोगों को देख भागा बेटी की हालत को देखते हुए मां मीरा उसे तुरंत चेकअप और डिलीवरी करवाने के लिए सिविल अस्पताल लेकर आई थी। मीरा के अनुसार, जब वह अस्पताल में बेटी के पास थी, तभी रणजीत वहां शराब के नशे में धुत होकर पहुंच गया। मीरा ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि बेटी की डिलीवरी होने वाली है, तुमने शराब पी रखी है, इसलिए तुम यहां से चले जाओ। सास पर हाथ उठाया, लोगों को देख भागा यह सुनते ही रणजीत गुस्से से लाल हो गया और अपनी सास से मोबाइल छीनने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच झड़प हो गई और रणजीत ने सास पर हाथ उठा दिया। अस्पताल में हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग तुरंत बीच-बचाव के लिए आगे आए। लोगों को इकट्ठा होता देख आरोपी रणजीत मौके से दुम दबाकर भाग निकला। फिलहाल परिवार ने अभी तक पुलिस में शिकयत नहीं दी है।
चित्रकूट में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ देर रात एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम अजय कुमार यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में बिना वैध कागजात के खनिज परिवहन करते हुए चार ट्रकों को जब्त किया गया। एसडीएम अजय कुमार यादव ने बताया कि जांच के दौरान चार ट्रक संदिग्ध पाए गए, जिनके पास खनिज परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। सभी ट्रकों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई है। इनमें से दो ट्रकों को पहाड़ी थाना और दो को रैपुरा थाना पुलिस को सौंपा गया है। अभियान के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को भी पकड़ा गया। ये लोग एक चार पहिया वाहन से ट्रकों को लोकेशन उपलब्ध करा रहे थे। अधिकारियों को संदेह है कि ये अवैध खनिज परिवहन में शामिल वाहनों को प्रशासनिक कार्रवाई से बचाने के लिए सूचनाएं दे रहे थे। पकड़े गए दोनों संदिग्धों और उनके चार पहिया वाहन को आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए पहाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन और बिना अनुमति खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के जमीन अगया गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो महिलाएं और एक युवक घायल हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 25 जून की है जिसका वीडियो आज वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष की शशिकला चौबे पत्नी धर्मेंद्र चौबे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर रामप्रसाद चौबे, उनके पुत्र चंदन, रोशन और अंकिल लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी व अन्य हथियारों के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने घर का ताला तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर महिलाओं के साथ मारपीट की गई। घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची संतरा देवी पत्नी सुरेंद्र प्रसाद भी हमले में घायल हो गईं। परिजनों का आरोप है कि उनके सिर पर वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। साथ ही उनके गले का मंगलसूत्र और पैर की पायल छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित पक्ष के इंद्रजीत चौबे का कहना है कि विवादित मकान की रजिस्ट्री वर्ष 2024 में उनके पक्ष में हुई थी और वे लंबे समय से उस पर काबिज हैं। उनका आरोप है कि विपक्षियों ने बाद में कथित रूप से फर्जी तरीके से दूसरी रजिस्ट्री कराकर मकान पर कब्जे का प्रयास किया। घटना के समय घर के पुरुष सदस्य बाहर थे। जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। ताला तोड़ने का वीडियो वायरलघटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग घर का ताला तोड़ते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। अतरौलिया थाने के प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए एक्शन मोड में आ गया है। शहरभर में मानकों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दो दिनों के भीतर 126 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 161 भवन मालिकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए गए। एलडीए का कहना है कि यह कार्रवाई अगले तीन सप्ताह तक जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। 2 दिन की कार्रवाई में 126 प्रतिष्ठानों सील किया गया बुधवार को शुरू हुए अभियान में 71 प्रतिष्ठान सील किए गए और 83 को नोटिस जारी किए गए। वहीं गुरुवार को भी कार्रवाई जारी रखते हुए 55 प्रतिष्ठानों को सील किया गया तथा 78 भवन मालिकों एवं प्रबंधकों को नोटिस दिए गए। कार्रवाई की जद में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, होटल, नर्सिंग होम, ब्लड बैंक, प्ले ग्रुप स्कूल और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स समेत अनेक प्रतिष्ठान आए। गोमती नगर क्षेत्र में एलन, आकाश इंस्टीट्यूट, नारायण, अग्रवाल क्लासेस, आईक्यू हब, टाइम्स इंस्टीट्यूट, एजुकेयर, भूमि आईएएस और पत्रकारपुरम स्थित आरोही कॉम्पलेक्स समेत कई संस्थानों पर कार्रवाई की गई। कानपुर रोड योजना और कृष्णानगर क्षेत्र में फिजिक्स वाला, महिंद्रा कोचिंग, दिशा कंप्यूटर, कौटिल्य एकेडमी, कान्हा व सागर लाइब्रेरी सहित कई प्रतिष्ठान सील किए गए। हजरतगंज में एलन, आकाश, मोशन, ग्रैविटी, कंचन आईएएस लाइब्रेरी और एक्मे एकेडमी के खिलाफ कार्रवाई हुई। अलीगंज में ध्येय आईएएस, आकार लाइब्रेरी, टॉप रैंकर ज्ञान भवन, शुभ रंजन कॉम्पलेक्स और अन्य संस्थानों को सील किया गया। ठाकुरगंज, बालागंज और दुबग्गा क्षेत्र में लक्ष्य एकेडमी, अमेरिकन इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, देवयोग लाइब्रेरी, रेवांता हॉस्पिटल और हनुमंत लाइब्रेरी समेत कई प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई। सीलिंग, नोटिस और अन्य वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहर में अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग, नोटिस और अन्य वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे 163 पर 11 जून को हुए सड़क हादसे के बाद मेटाडोर ड्राइवर ताम्रध्वज साहू उर्फ सोनू (25) ने फांसी लगा ली थी। फांसी लगाने से पहले ड्राइवर ने इंस्टाग्राम पर कुल 8 वीडियो पोस्ट किए थे। वीडियो में उसने मर्सिडीज वालों पर मारपीट और परिवार को जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए थे। गीदम थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया था। ताम्रध्वज का मोबाइल बरामद कर जांच की जा रही है। वहीं परिजनों ने दावा किया है कि इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए 8 में से 2 वीडियो डिलीट हो गए हैं। कुछ पोस्ट भी हटाई गई है। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। मां ने कहा कि सुसाइड से पहले उसके साथ क्या हुआ था, यह बातें सामने आनी चाहिए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ड्राइवर संगठनों ने भी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला दरअसल, 11 जून को ताम्रध्वज साहू मेटाडोर में सामान लोड कर जगदलपुर से गीदम की ओर जा रहा था। इसी दौरान गीदम थाना क्षेत्र के बंजारी घाट में सामने से आ रही एक मर्सिडीज कार से उसकी टक्कर हो गई। कार बीजापुर जिले के एक व्यक्ति की बताई जा रही है। हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में ताम्रध्वज ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद मर्सिडीज सवारों ने उसके साथ मारपीट की। उसने कहा कि कुछ और लोगों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने उसकी पिटाई की, परिवार को बर्बाद करने और उसे जान से मारने की धमकी दी। वीडियो में युवक ने दावा किया कि ट्रक न्यूट्रल में चल रहा था और उसने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन एक तरफ का ब्रेक ही काम कर पाया, जिससे वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और हादसा हो गया। हादसे के कुछ समय बाद ड्राइवर ताम्रध्वज साहू उर्फ सोनू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 8 वीडियो बनाकर छोड़ा आखिरी संदेश ताम्रध्वज ने सुसाइड से उसने 8 वीडियो रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए थे। उसने अपनी मां से माफी मांगी और कहा कि वह परिवार की जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर पाया। वहीं अपने ट्रक मालिक लक्ष्मण नाम के व्यक्ति के लिए भी संदेश छोड़ा और कहा कि दुर्घटना में उसकी कोई गलती नहीं थी। वीडियो में उसने यह भी बताया कि वह मुख्य सड़क से करीब 30 से 40 मीटर अंदर एक पेड़ के पास फांसी लगाने जा रहा है। इसके बाद उसने रस्सी का फंदा बनाया और फांसी लगा ली थी। 2 वीडियो डिलीट करने का आरोप मृतक के चाचा पवन कुमार साहू ने सोशल मीडिया से वीडियो हटाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, सोनू ने आत्महत्या से पहले उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 162 पोस्ट थीं, लेकिन अब सिर्फ 160 पोस्ट दिखाई दे रही हैं। उन 8 में से केवल 6 वीडियो मौजूद हैं। 2 वीडियो गायब हैं। साथी को सुरक्षित निकल जाने कहकर खुद रुका घटना के दौरान ड्राइवर के साथ मौजूद हेमसिंग ठाकुर का कहना है कि हादसे के समय वाहन अनियंत्रित हुआ था। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद मौके पर माहौल बिगड़ता देख सोनू ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा था। हेमसिंग के मुताबिक, सोनू को आशंका थी कि कहीं उनके साथ कोई विवाद या गलत व्यवहार न हो जाए, इसलिए वह उन्हें सुरक्षित निकल जाने की सलाह देकर खुद वहीं रुका था। मां बोली- बेटा ही परिवार का सहारा था, न्याय चाहिए गीदम पुलिस सुसाइड मामले की जांच कर रही है। इस मामले में मर्ग कायम कर परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मृतक की मां को भी गुरुवार को थाने बुलाया गया था। मां हिरोंदी बाई साहू ने पुलिस से न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। ड्राइवर संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी ड्राइवर एकता संगठन के प्रदेश संयोजक जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि यह मामला केवल एक ड्राइवर की मौत का नहीं बल्कि पूरे ड्राइवर समाज से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, पुलिस को तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उचित कार्रवाई नहीं होती है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं दंतेवाड़ा ड्राइवर संगठन के अध्यक्ष मनीष पांडेय ने कहा कि संगठन मृतक ड्राइवर के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, हम सभी ड्राइवर साथी ताम्रध्वज साहू के परिवार के साथ हैं। मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। जरूरत पड़ी तो हम सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे। पुलिस बोली- जांच जारी, परिजनों के बयान लिए जा रहे गीदम SDOP गोविंद सिंह दीवान ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा, एक्सीडेंट के मामले में फिलहाल कोई अपराध दर्ज नहीं हुआ है। दोनों वाहनों के दस्तावेज वैध पाए गए थे। हादसे के बाद मर्सिडीज और मेटाडोर के मालिक अपने-अपने वाहन ले गए थे। किसी पक्ष ने दुर्घटना को लेकर शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। ………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुसाइड से पहले ट्रक-ड्राइवर का VIDEO, मां से माफी मांगी:रोते हुए बोला- मर्सिडीजवाले ने पीटा, मारने की धमकी दी, फांसी लगा रहा हूं मां मुझे माफ कर देना…मैं अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभा पाया। लक्ष्मण भैया, मेरी कोई गलती नहीं थी। मैंने ब्रेक लगाया था, लेकिन गाड़ी कंट्रोल नहीं हो पाई। मर्सिडीज वालों ने मुझे बहुत मारा, मेरे परिवार को बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी दी। इसलिए मैं खुद ही अपनी जान दे रहा हूं...। पढ़ें पूरी खबर…
मिर्जापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय, बरौधा कचार में गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 6 जुलाई तक मनाए जाने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पक्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ का संस्थापक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारत की अखंडता के प्रतीक थे। इस वर्ष उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर 6 जुलाई तक विभिन्न संस्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भी याद किया गया। जिलाध्यक्ष ने इसे भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ था। सरोज ने यह भी बताया कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में भी याद किया जाता है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। इसके अतिरिक्त, बैठक में लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई अग्निकांड की घटना में दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम (ऑनलाइन कार्यकर्ता प्रशिक्षण) पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री स्वामीनाथ सिंह ने किया, जबकि अभियान के संयोजक जिला उपाध्यक्ष रविंद्र नारायण सिंह थे। बैठक में जिला उपाध्यक्ष हेमंत त्रिपाठी, गौरव ऊमर, इंद्र कुमार सिंह, बैजनाथ प्रजापति, उदयभान तिवारी, जिला महामंत्री रविशंकर पांडेय, डॉ. सी.एल. बिंद, संध्या पटेल, वीरेंद्र प्रताप यादव, रोहित त्रिपाठी, पूनम चौरसिया, पं. भावेश शर्मा, विजय शक्ति दुबे, रतन कुमार सिंह, शुभम जायसवाल सहित कई मंडल प्रभारी, अभियान के संयोजक और सह-संयोजक उपस्थित थे।
हाथरस के तालाब ओवरब्रिज पर आज शुक्रवार की सुबह एक ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ट्रैक्टर का एक्सल टूटने से वह ओवरब्रिज की बाउंड्री से जा टकराया। इस हादसे में ट्रॉली में बैठा एक युवक घायल हो गया। घायल युवक की पहचान लाला का नगला, थाना कोतवाली सदर निवासी आकाश के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित इस ओवरब्रिज पर दुर्घटना के कारण जाम लग गया। सूचना मिलने पर यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से हटवाया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बाजरे की बोरियां लदी थीं और वह मंडी समिति जा रहा था। वहां से ट्रैक्टर ट्राली को हटवा कर यातायात व्यवस्था सुचारू कराई गई। गनीमत रही कि ट्रैक्टर बाउंड्री तोड़कर नीचे नहीं गिरा, वरना शहर में बड़ा हादसा हो सकता था।
कन्नौज के छिबरामऊ में ऑटो पार्ट्स शोरूम में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। जिसमें शोरूम का सारा सामान जलकर राख हो गया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और शोरूम के अंदर खड़ी कार समेत लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की सिर्फ एक गाड़ी पहुंची, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। दमकल विभाग की सुस्ती से स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते पर्याप्त इंतजाम होते, तो नुकसान कम हो सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और उच्चाधिकारियों से वार्ता कर अतिरिक्त दमकल गाड़ियां और पानी के टैंकर भिजवाए। दमकल कर्मियों ने शटर और दीवारें तोड़कर पानी की बौछारें कीं, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए - देर रात शोरूम से उठने लगीं आग की लपटें लोगों ने बताया कि रात करीब 11 बजे अचानक शोरूम के भीतर से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि दूर-दूर तक उसकी भयावह लपटें और लाल रोशनी साफ देखी जा सकती थीं। आस-पास के दुकानदारों और निवासियों में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। दमकल विभाग की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण और स्थानीय लोग आग लगने की सूचना के तुरंत बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की महज एक गाड़ी पहुंची, जो आग की लपटों के सामने नाकाफी साबित हुई। आग को लगातार धधकते देख और प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि यदि दमकल विभाग मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते पर्याप्त इंतजाम करता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा, बुलाईं अतिरिक्त गाड़ियां घटना की जानकारी मिलते ही छिबरामऊ विधायिका अर्चना पांडेय तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन उच्चाधिकारियों से फोन पर बात की और जिले से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवाईं। वहीं, नगर पालिका चेयरमैन मनोज दुबे ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के लिए पानी के टैंकरों की व्यवस्था करवाई। शटर और दीवार तोड़कर बुझाई गई आग आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शोरूम के शटर और दीवारों को तोड़कर अंदर पानी की बौछारें डाली गईं, तब जाकर आग पर बमुश्किल काबू पाया जा सका। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और मामले की पूरी जांच की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मऊ जिले के घोसी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक विजय राजभर को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद मऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखा गया। गुरुवार देर शाम कार्यकर्ताओं ने मऊ स्थित पार्टी कार्यालय, उनके आवास और अन्य स्थानों पर माल्यार्पण कर तथा मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। विजय राजभर मऊ शहर के सहादतपुरा मोहल्ले के निवासी हैं। वे एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं; उनके पिता फुटपाथ पर सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने डीसीएसके कॉलेज से वर्ष 2015 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद सक्रिय रूप से भाजपा की राजनीति में शामिल हो गए। राजभर के राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 2012 में सहादतपुरा वार्ड से निर्दलीय सभासद का चुनाव जीतने के साथ हुई थी। इसके बाद वे भाजपा से जुड़े और संगठन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे। तत्कालीन जिलाध्यक्ष दुर्ग विजय राय ने उन्हें जिला इकाई का महामंत्री भी नियुक्त किया था। बाद में उन्होंने घोसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनकर अपनी पहचान बनाई। प्रदेश मंत्री बनाए जाने पर विजय राजभर ने कहा कि पार्टी संगठन ने उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह पूरी निष्ठा और मेहनत से इसका निर्वहन करेंगे। राजभर ने यह भी कहा कि संगठन और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 साल की किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि गैर समुदाय के एक युवक ने बृहस्पतिवार देर रात चाकू की नोक पर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे हुई। आरोपी चुपके से पीड़ित परिवार के घर की छत पर चढ़ गया। वहां उसने नाबालिग बच्ची को पकड़ लिया और चाकू दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची को जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक पिछले कुछ दिनों से नाबालिग बच्ची के साथ आते-जाते समय छेड़छाड़ कर रहा था। बच्ची ने इस बारे में अपने परिजनों को भी बताया था। परिजनों द्वारा कोई कदम उठाने से पहले ही आरोपी ने इस घटना को अंजाम दे दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जहांगीराबाद थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संबंधित धाराओं, जिनमें पॉक्सो एक्ट भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद से फरार है। पुलिस प्रशासन ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है।
पूर्णिया में शादी के महज दो महीने बाद एक शादीशुदा युवती पति को छोड़कर अपने बॉयफ्रेंड के घर पहुंच गई। घर के चौखट पर पहुंचकर उसके साथ रहने की जिद पर अड़ गई। देखते ही देखते मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गई और घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। घटना कस्बा थाना क्षेत्र के फुलबड़िया मोहल्ले की है। मोहनी पंचायत की रहने वाली सान्या का फुलबड़िया निवासी करण कुमार के साथ पिछले आठ साल से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार की मर्जी के आगे उनकी प्रेम कहानी अधूरी रह गई। परिजनों ने करीब दो महीने पहले युवती की शादी कटिहार जिले के एक युवक से करा दी। विवाहिता का कहना है कि शादी के बाद भी उसकी बातचीत प्रेमी करण कुमार से होती रही। इसी बीच 14 जून को वो पति का घर छोड़कर बेंगलुरु पहुंच गई, जहां करण काम करता था। दोनों कई दिनों तक साथ रहे और फिर गुरुवार को कस्बा लौट आए। प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब युवती अपने प्रेमी के साथ उसके घर पहुंची। आरोप है कि प्रेमी के परिजनों ने उसे घर में रखने से साफ इनकार कर दिया। इसी दौरान प्रेमी करण कुमार भी अचानक वहां से गायब हो गया। विवाहिता का आरोप है कि करण के परिजनों ने ही उसे कहीं छिपा दिया है। प्रेमी के गायब होने के बाद भी युवती उसके घर के बाहर डटी रही और बार-बार यही कहती रही कि वह अब अपने प्रेमी के साथ ही रहेगी। युवती ने साफ कहा कि अगर प्रेमी का परिवार उसे स्वीकार नहीं करता है तो वह कानून का रास्ता अपनाएगी। दूसरी ओर प्रेमी के परिजन किसी भी हाल में उसे परिवार का हिस्सा बनाने को तैयार नहीं दिखे। कुछ ही देर में फुलबड़िया मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई इस प्रेम कहानी के नए मोड़ को लेकर चर्चा करता नजर आया। घंटों तक मौके पर गहमागहमी का माहौल बना रहा, हालांकि किसी तरह की मारपीट या अप्रिय घटना नहीं हुई। ‘आवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी’ इस मामले में कस्बा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि पुलिस को अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। आवेदन मिलने पर पूरे मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा जिले में मोहर्रम की नौवीं तारीख पर देर रात पारंपरिक अकीदत और गमगीन माहौल में जुलूस निकाला गया। पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में पूरा क्षेत्र 'या हुसैन' और 'लब्बैक या हुसैन' के नारों से गूंज उठा है। अकीदतमंदों ने नम आंखों से कर्बला के ऐतिहासिक बलिदान को याद किया और मातम मनाकर अपनी अकीदत पेश की। यह जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए आगे बढ़ा, जिसमें भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के पुरुष, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह सबीले लगाकर जायरीनों को ठंडा पानी और शरबत उपलब्ध कराया गया। संवेदनशील माहौल और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन के लिए व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मुख्य मार्गों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस की पैनी नजर थी। संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पल-पल की निगरानी की गई। पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सहित जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों के साथ रूट मार्च करते दिखे है। जुलूस में शामिल प्रत्येक व्यक्ति पर पुलिस प्रशासन की सीधी नजर थी। शांति व्यवस्था भंग करने वाले शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी खुफिया विभाग और पुलिसकर्मी भीड़ के बीच तैनात रहे है। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहर्रम का नौवां जुलूस सकुशल संपन्न हो गया है कहीं किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक की इंतजाम किए गए थे।
राजस्थान में हाल ही में कोटा, बीकानेर में प्रसूताओं की मौत और जोधपुर में तबीयत बिगड़ने के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सवालों के घेरे में है। विपक्ष ने इसे चिकित्सा व्यवस्था की कमी बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। वहीं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि ये सभी मामले अलग-अलग प्रकृति के हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। चिकित्सा विभाग सबसे ज्यादा चैलेंजिंग है। दो साल के अंदर कायापलट कर दूंगा। इन घटनाओं के बाद चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से खास बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : कोटा, बीकानेर में एक के बाद एक प्रसूता की मौत के मामले सामने आए, विपक्ष आपके विभाग पर सवाल उठा रहा है, कहां लापरवाही बरती गई? जवाब : ये सभी अलग-अलग नेचर के केस हैं। मैं आपको एक ही बात कहना चाहूंगा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी तरह का मरीज आए, चाहे वह कितनी भी गंभीर स्थिति में हो, विभाग हमेशा उसके इलाज के लिए तैयार रहता है। हमारे पास बहुत ज्यादा रेफरल केस आते हैं, कई बार बेहद खराब स्थिति में मरीज पहुंचते हैं। राजस्थान के अभी के आंकड़ों के अनुसार- करीब एक लाख डिलीवरी पर सिर्फ 48 डेथ हैं। इसमें सिजेरियन और नॉर्मल, दोनों तरह की डिलीवरी शामिल हैं। आप खुद समझ सकते हैं कि इतने बड़े स्तर पर काम हो रहा है। हमारे डॉक्टर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। खराब स्थिति में जो मरीज आते हैं, उन्हें भी संभालने का पूरा प्रयास किया जाता है। इतने बड़े स्केल पर, जहां प्रदेश में करीब 23 हजार अस्पतालों के माध्यम से इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, वहां हमारा विभाग कभी भी पीछे नहीं हटता। मुख्यमंत्री जी ने चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 37 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कितनी गंभीर है। हमें सकारात्मक दिशा में देखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। सवाल : कोटा मामले में कमी कहां रही और उसे किस तरह सुधारा जाएगा? जवाब : कोटा में जो इश्यूज थे, उन्हें हमने प्रेस के सामने भी हाईलाइट किया है। कुछ छोटे-मोटे एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) से जुड़े मामले थे, जिनमें सुधार की जरूरत थी। उन सभी को दुरुस्त किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें सही कर लिया जाएगा। सवाल : विपक्ष का आरोप है कि रेफरल व्यवस्था कमजोर है। उनका कहना है कि अगर कोटा वाला मामला बाकी मामलों से अलग है तो फिर वहां की असल स्थिति और कमी को स्पष्ट किया जाना चाहिए? जवाब : अगर आप कांग्रेस के कार्यकाल के आंकड़े देखेंगे तो चौंक जाएंगे। चिकित्सा विभाग की स्थिति उस समय बेहद कमजोर थी। मरीजों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी कई कमियां थीं। हमारी सरकार आने के बाद ढाई साल के अंदर चिकित्सा विभाग में बड़े स्तर पर काम हुआ है। हमने सभी पदों को भरने की दिशा में काम किया है, जिसमें नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियां शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री जी लगातार नए अस्पताल खोल रहे हैं। सवाल : पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हाल ही में कहा कि गजेंद्र सिंह खींवसर पिछले कार्यकाल में अच्छे मंत्री रहे हैं, लेकिन इस बार शायद आपके ग्रह-नक्षत्र खराब हैं। जवाब : देखिए, ग्रह-नक्षत्र की बात नहीं है। मेरे पास पहले ऊर्जा और इंडस्ट्री विभाग था, लेकिन चिकित्सा विभाग एक बहुत ही अलग और चुनौतीपूर्ण विभाग है। इसमें सीधे तौर पर जीवन और मृत्यु का मामला जुड़ा होता है। मैं कहता हूं कि सभी विभागों में अगर सबसे ज्यादा चैलेंजिंग कोई विभाग है तो वह चिकित्सा विभाग है। यह बहुत संवेदनशील विभाग है और इसमें हर समय जिम्मेदारी रहती है। मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं कि अगले डेढ़ से दो साल के अंदर इस विभाग को पूरी तरह बदलकर एक अच्छी लाइन पर लेकर आ सकूं। सवाल : लगातार यह सवाल उठ रहे हैं कि जब SMS अस्पताल में आग लगी थी तो आप बहुत लेट पहुंचे। इसी तरह कोटा मामले में भी आपके पहुंचने में देरी हुई? जवाब : SMS अस्पताल के मामले में मैं तुरंत पहुंच गया था। वहीं कोटा हादसे के समय मैं खुद अस्पताल में भर्ती था। मेरा प्रोस्टेट का छोटा सा ऑपरेशन हुआ था और मैं तब दिल्ली के अस्पताल में भर्ती था। जैसे ही मेरी तबीयत ठीक हुई, मैं तुरंत रवाना हुआ। उस समय मैं खुद एक मरीज की स्थिति में था और माइनर सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहा था, इसलिए तुरंत पहुंच पाना संभव नहीं था। इसी वजह से दो-तीन दिन का विलंब हुआ। इसके बाद मैं वहां पहुंचा और स्थिति को संभाला। … यह खबर भी पढ़ें… मंत्री बोले-1 लाख प्रसूताओं में 48 की मौत,ये बेहतर आंकड़े:खींवसर ने कहा- ये मेरी सरप्राइज विजिट, जिला हॉस्पिटल में सबको दौरे की जानकारी थी चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। (पूरी खबर पढ़ें)
ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक छात्रा से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 साल की छात्रा करीब दो साल पहले अपने मामा के घर खेरबाया क्षेत्र में रहने आई थी। इसी दौरान उसकी पहचान पड़ोस में रहने वाले पवन मौर्य से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का वादा कर युवती को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। रेस्टोरेंट ले जाकर पहली बार किया दुष्कर्म पीड़िता का आरोप है कि 27 नवंबर 2025 को आरोपी उसे कंपू स्थित एक रेस्टोरेंट में ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 27 दिसंबर को भी वह उसे उसी रेस्टोरेंट में ले गया और फिर शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि इसके बाद आरोपी उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। दूसरी युवती से कर ली सगाई पीड़िता के मुताबिक करीब तीन महीने पहले आरोपी ने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि शादी उसी से करेगा। इसी बहाने वह उसे ग्वालियर किले पर ले गया, जहां भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शादी का दबाव बनाया तो दी वायरल करने की धमकी पीड़िता ने बताया कि 2 मई को उसने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया। इस पर पवन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने युवती को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी। खुद को ठगा और प्रताड़ित महसूस करने के बाद छात्रा गुरुवार शाम कंपू थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया मामला शिकायत के आधार पर पुलिस ने देर रात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उतर भारत की सबसे बड़ी जाटों की संस्था जाट एजुकेशन सोसायटी के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना व महासचिव नवदीप कुमार की आजीवन सदस्यता को जिला फर्म एंड सोसायटी रजिस्ट्रार की तरफ से रद्द कर दिया है। दोनों संस्था में कुप्रबंधन एवं नियमों का उल्लंघन के दोषी पाए गए। जाट एजुकेशन सोसायटी के कॉलेजियम सदस्य नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुधीर व अन्य कॉलेजियम सदस्यों द्वारा संस्था में व्याप्त कुप्रबंधन, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं तथा संस्था के बाई-लॉज एवं हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसायटीज एक्ट 2012 (HRRS Act, 2012) के उल्लंघन संबंधी शिकायत डीसी को दी गई थी। डीसी ने मामले में आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला रजिस्ट्रार (फर्म एवं सोसायटीज) को निर्देश दिए। जिला रजिस्ट्रार ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूर्ण अवसर दिया और जांच के बाद दोनों की सदस्यता को रद्द कर दिया। उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाया गया। संस्था को चलाने के लिए उपप्रधान को मिला चार्ज जाट शिक्षण संस्था का कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए उपप्रधान व महम खेड़ी के पूर्व सरपंच धर्मराज को चार्ज दिया गया है। संस्था में आगामी निर्णय लेने का अधिकार धर्मराज के पास रहेगा, ताकि विकास का कोई काम न रूके और शिक्षकों का वेतन भी समय पर जारी किया जा सके। प्रशासनिक व वित्तीय कार्यों में की अनदेखीसंस्था के आजीवन सदस्य नरेश कुमार ने बताया कि प्रधान एवं महासचिव द्वारा कोषाध्यक्ष के वैधानिक अधिकारों का निरंतर हनन किया गया। संस्था के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में नियमों की अनदेखी की गई। जिला रजिस्ट्रार का निर्णय सिद्ध करता है कि संस्था के नियमों और कानूनों से ऊपर कोई व्यक्ति नहीं है। दोनों के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग नरेश कुमार ने संस्था के प्रधान व महासचिव द्वारा दो वर्षों के दौरान लिए गए सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच की मांग की। साथ ही इसके लिए सरकार एवं संबंधित एजेंसियों से विजिलेंस जांच की मांग उठाई, ताकि संस्था की संपत्तियों, संसाधनों तथा वित्तीय लेन-देन से संबंधित सभी तथ्यों की पारदर्शी जांच हो सके। स्टेट रजिस्ट्रार के पास करेंगे अपील जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह ने कहा कि कुछ लोग संस्था के विकास में रोड़ा अटका रहे है। संस्था को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। उनकी सदस्यता को लेकर जिला फर्म एंड सोसायटी रजिस्ट्रार ने निर्णय लिया है, जिसे स्टेट फर्म एंड सोसायटी रजिस्ट्रार पास चैलेंज किया जाएगा।
बलिया में शुक्रवार की सुबह में युवक का शव मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। यह पूरा मामला बैरिया थाना क्षेत्र का है। कोटवां गांव के पूरब-उत्तर दिशा स्थित काली मंदिर के पास श्री राम सिंह के खेत में शव मिला है। ग्रामीण शैलेश सिंह ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे युवक घायल अवस्था में खेत के पास पड़ा मिला था। उस समय वह जीवित था और ग्रामीणों ने उसे पानी भी पिलाया था। गांव के अन्य दो-तीन लोगों ने भी सुबह 5:30 से 6 बजे के बीच उसे जीवित देखा था। हालांकि, कुछ ही देर बाद करीब 6 बजे उसी स्थान पर उसका शव मिला। मृतक की उम्र लगभग 22 से 25 वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना सुबह करीब 7 बजे डायल-112 और बैरिया थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी। वहीं, प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रयागराज में मोहर्रम की नौवीं तारीख की देर रात हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम शहजादे हजरत अली असगर की याद में ऐतिहासिक चांदी का झूला निकाला गया। यह झूला चक रौजा से निकला। फूलों से सजे इस मुकद्दस झूले में सोने का पंजा स्थापित था, जिसकी कारीगरी गौस माली ने की थी। इसकी जियारत के लिए शिया, सुन्नी, हिंदू और मुस्लिम समाज के लाखों अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे ही चांदी का झूला चक रौजा से बाहर निकला, या अली, या हुसैन के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जुलूस के आगे-आगे अंजुमनों के सदस्य नोहाख्वानी और सीना-ज़नी करते हुए चल रहे थे। लाउडस्पीकर पर झूला झुलाए किसे हम झूला झुलाए नोहा गूंजते ही माहौल गमगीन हो गया। महिलाओं की आंखें नम हो गईं और कई अकीदतमंद भावुक होकर मातम करने लगे। यह ऐतिहासिक जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग चक रौजा, बहादुरगंज, जी.टी. रोड, बताशा मंडी, गुड़ मंडी, लोकनाथ, कोतवाली, बजाजा पट्टी, घंटाघर और सब्जी मंडी से होते हुए गढ़ी सराय स्थित इमामबाड़े पर जाकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जबकि जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया। अकीदतमंदों को बालूशाही, शीरमाल, बिरयानी, शरबत और ठंडा पानी वितरित किया गया। वहीं, झूले को कंधा देने वाले जायरीनों पर गुलाब जल और केवड़े का छिड़काव कर उनका इस्तकबाल किया गया। जुलूस के दौरान प्रयागराज की गंगा-जमुनी तहजीब और कौमी एकता की मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर व्यवस्था में सहयोग किया और श्रद्धालुओं की सेवा की। इस अवसर पर सदर विधायक, कई पार्षद, समाजसेवी, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक तथा झूले के संयोजक गुलाब नबी, गुलाम मोहम्मद, चांद मियां, इसरार नियाजी, मोहन जी टंडन, गुल्लू पहलवान, अजीम पहलवान, मोहम्मद आमिर, महबूब डाबर और अकरम शगुन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला।
एटा जिले में स्टेडियम रोड पर बुधवार शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की भीषण टक्कर में दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे, और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस को जानकारी दी, जहां पर 16 वर्षीय किशोर अंतरिक्ष गुप्ता की मौत हो गई। वही दुसरे युवक का इलाज जारी है। देखिएं घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें… कोतवाली नगर क्षेत्र के शिवगंज निवासी प्रमोद गुप्ता का 16 वर्षीय पुत्र अंतरिक्ष गुप्ता बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी बाइक से किसी काम से जा रहा था। जैसे ही वह स्टेडियम रोड पर पहुंचा, सामने से आ रही एक दूसरी तेज रफ्तार बाइक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी बाइक सवार की हालत भी नाजुक इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार नगला भजा (थाना कोतवाली नगर) निवासी संदीप (पुत्र मुरारी लाल) को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मंडी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार गोस्वामी और कांस्टेबल रामअवतार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भिजवाया। डॉक्टरों ने अंतरिक्ष को किया मृत घोषित रेफर होने के बाद आगरा में तोड़ा दम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया। अंतरिक्ष के परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए आनन-फानन में आगरा के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर गुरूवार देर रात इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे घायल संदीप का इलाज जारी है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
चित्रकूट जिले के कर्वी, सीतापुर और चितरा गोकुलपुर क्षेत्रों में शनिवार को मुहर्रम का पर्व अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला में शहीद हुए उनके 72 साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे दिन धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए इमाम हुसैन के बलिदान को याद किया गया। मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। यह पर्व पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में हुई शहादत की याद में मनाया जाता है। इस्लाम में मुहर्रम को शोक और आत्मचिंतन का अवसर माना जाता है, न कि खुशी का। कर्बला की घटना को अन्याय के खिलाफ संघर्ष, सत्य की रक्षा और मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक माना जाता है। कर्वी, सीतापुर और चितरा गोकुलपुर में श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक रस्में निभाईं। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। विभिन्न स्थानों पर शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी दिया गया। इन धार्मिक आयोजनों के दौरान अनुशासन और सौहार्द का माहौल बना रहा। मुहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने कर्बला के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संदेश केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता को अन्याय के सामने न झुकने और सत्य के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। इमाम हुसैन का बलिदान आज भी इंसाफ, ईमानदारी और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए एक मिसाल माना जाता है। पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारियों ने लगातार निगरानी की। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से मुहर्रम के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। पूरे जिले में अकीदत और आपसी सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।
मुरैना की नूराबाद थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी ने महिला को पाइप से पीटा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। पीड़िता अपनी बेटी के गायब होने की शिकायत लेकर नूराबाद थाने गई थी। इसी सिलसिले में पुलिस उसे बुलाने गांव गई थी जहां बहस के दौरान हेड कांस्टेबल विक्रम राठौर ने महिला को पाइप से पीटा। मारपीट की घटना के बाद महिला एसपी कार्यालय पहुंची। बेटी के लापता होने की शिकायत लेकर गई थी महिला नूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला की बेटी कुछ दिनों से लापता है। महिला का आरोप है कि बेटी को ले जाने के मामले में जिन लोगों पर उसे शक है, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वह कई दिनों से नूराबाद थाने के चक्कर लगा रही थी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला के अनुसार, 24 जून को नूराबाद थाने के चार पुलिसकर्मी सरकारी वाहन से उसके घर पहुंचे और उसे थाने चलने के लिए कहा। महिला ने थाने जाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद हेड कांस्टेबल ने पाइप और डंडे से उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। महिला का आरोप है कि मारपीट में हेड कॉन्स्टेबल विक्रम राठौर, एएसआई राजेश जाटव और दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। गांव के युवक पर नाबालिग को ले जाने का आरोप महिला का आरोप है कि पास के गांव का युवक नाबालिग बेटी को ले गया है। इसी मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए वह लगातार नूराबाद थाने के चक्कर लगा रही थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित महिला एसपी धर्मराज मीणा से मिलने उनके कार्यालय पहुंची। हालांकि गांव से आने में देर होने के कारण वह एसपी से कार्यालय के बाहर उनकी गाड़ी के पास जाकर मिली। एसपी ने हेड कॉन्स्टेबल को किया सस्पेंड एसपी धर्मराज मीणा ने वीडियो सामने आने के बाद मारपीट के आरोपी हेड कॉन्स्टेबल विक्रम राठौर को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही दोनों पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में भैंस चोरी के कथित प्रयास के दौरान एक युवक को गोली मारने का मामला सामने आया है। घायल पक्ष का आरोप है कि गांव के चार लोग उसके घर से भैंस ले जाने की कोशिश कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी, जिससे उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही दोनों पक्षों के बीच पहले से चली आ रही रंजिश को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। जानकारी के अनुसार पारसेन गांव निवासी गिर्राज गुर्जर (40) बुधवार देर रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अपने घर पर था। उसका आरोप है कि गांव के ही कल्लू, हेवन (हेवरन), शंभू और अमित उसके घर से भैंस ले जाने का प्रयास कर रहे थे। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर गोली चला दी। गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली लगने के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बिजौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुरानी रंजिश का एंगल भी सामने आया जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ दिन पहले ही जिन लोगों पर फायरिंग का आरोप लगाया गया है, उन्होंने गिर्राज के बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और गोलीबारी का मामला दर्ज कराया था। इसी वजह से पुलिस दोनों पक्षों के बीच चल रहे पुराने विवाद और रंजिश की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच एसडीओपी मनीष यादव ने बताया कि एक व्यक्ति के गोली लगने से घायल होने की सूचना मिली थी। घायल ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उसकी भैंस ले जा रहे थे और विरोध करने पर उस पर फायरिंग की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भैंस चोरी के आरोप, गोलीबारी की घटना और दोनों पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र में बहुभोज कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब के नशे में गांव के कुछ दबंग पहुंचे थे। वे महिलाओं से अभद्रता कर रहे थे। घरवालों ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहुभोज के दौरान हुआ विवाद सिधारी थाने में दी गई तहरीर में पीड़ित पंकज यादव ने बताया कि 23 जून को उनके घर बहुभोज का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान गांव के बादल यादव, अतुल यादव, कुणाल यादव, कुलदीप यादव, अवनीश यादव, सरबजीत यादव, रामकुमार और मंजू यादव कथित तौर पर शराब के नशे में वहां पहुंचे। महिलाओं से अभद्रता का विरोध करने पर हमला आरोप है कि कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। जब इसका विरोध किया गया तो आरोपियों ने अरुण यादव समेत अन्य लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीच-बचाव करने वालों को भी पीटा पीड़ित का आरोप है कि विवाद के दौरान जो लोग बीच-बचाव करने पहुंचे, आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। जाते समय आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज पीड़ित की शिकायत के आधार पर सिधारी थाना पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चंदौली जनपद में मोहर्रम के अवसर पर प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे से अधिक समय के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 2 बजे तक प्रभावी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस रूट डायवर्जन का उद्देश्य मोहर्रम पर्व के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) आकाश पटेल ने बताया कि डायवर्जन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी पिकेट प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। डायवर्जन योजना के तहत, 26 जून की शाम से वाराणसी की ओर जाने वाले सभी मालवाहक और भारी वाहनों को गंजी प्रसाद तिराहे से डायवर्ट कर गोधना चौराहा होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के रास्ते वाराणसी भेजा जाएगा। चंदासी की कोयला मंडी में जाने वाले सभी भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, कटेसर नो एंट्री पॉइंट से शनिवार रात 2 बजे तक कोई भी ट्रक या भारी वाहन पड़ाव चौराहे की ओर नहीं जा सकेगा। सारनाथ और एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले वाहनों को पचफेड़वा रिंग रोड से भेजा जाएगा। वहीं, गोधना चौराहे से कोई भी मालवाहक या भारी वाहन चकिया तिराहे की तरफ नहीं जा सकेगा; इन वाहनों को हाईवे के रास्ते भेजा जाएगा। एसपी आकाश पटेल ने जनपद के लोगों से अपील की है कि वे मोहर्रम के कारण लागू यातायात डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें। उन्होंने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि पर्व को सुरक्षित और समयबद्ध रूप से संपन्न कराया जा सके तथा यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
लोकबंधु अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में लगी आग:कर्मचारियों ने खुद बुझाया, 1 घंटे बाद पहुंची दमकल
लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल परिसर के वन स्टॉप सेंटर में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद सेंटर में मौजूद कर्मचारियों ने खुद ही आग बुझाया। जबकि दमकल की गाड़ी करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। गनीमत रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। सेंटर प्रभारी का कहना है कि गुरुवार शाम से बिजली बार-बार ट्रिप होने की शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। आग लगने के बाद भी जेई समेत कई कर्मचारियों को फोन किए गए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। 3 तस्वीरें देखिए… सुबह साढ़े पांच बजे लगी आग जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे वन स्टॉप सेंटर में आग लग गई। उस समय सेंटर के शेल्टर होम में एक महिला, दो लड़कियां और चार कर्मचारी मौजूद थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। लोकबंधु अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और दमकल के पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। रात से ट्रिप हो रही थी बिजली, नहीं उठा बिजली विभाग का फोन वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम से ही सेंटर की बिजली बार-बार ट्रिप हो रही थी। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। शुक्रवार सुबह आग लगने के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कराने के लिए संबंधित जेई और अन्य कर्मचारियों को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया। पुलिस तुरंत पहुंची, दमकल को लग गया एक घंटा आग लगने की सूचना मिलते ही कृष्णा नगर पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। वहीं, दमकल विभाग की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। जबकि उस समय सड़कें लगभग खाली थीं। तब तक अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पाया जा चुका था। अलीगंज हादसे के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी और आपातकालीन सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वन स्टॉप सेंटर में आग की घटना ने एक बार फिर आपातकालीन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों का फोन न उठना और दमकल के पहुंचने में हुई देरी ने जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली
कन्नौज के छिबरामऊ में गुरुवार रात 10 बजे आग लग गई। यहां 50 फीट ऊंची लपटें दिखाई दी। सूचना पर पहुंची एक फायर ब्रिगेड का कुछ ही देर में पानी खत्म हो गया। काफी देर तक दूसरी फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची तो कन्नौज मुख्यालय और मैनपुरी जिले से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। उसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर अखिलेश गुप्ता की आटो पार्ट्स की दुकान है। यहां रात 10 बजे आग लग गई। धुआं और लपटें देखकर पड़ोसियों ने अखिलेश गुप्ता को मामले की सूचना दी। कुछ ही देर में वह वहां पहुंच गए और पुलिस व फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। हालांकि 30 मिनट बाद वहां फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड का पानी खत्म हो गया। जिसके बाद गाड़ी वापस चली गई। एक घंटे बाद पहुंची दूसरी गाड़ियां 1 घण्टे तक इंतजार करने के बाद भी जब घटनास्थल पर कोई दूसरी फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची तो छिबरामऊ की भाजपा विधायक अर्चना पांडेय ने फोन पर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को मामले से अवगत कराया। जिसके बाद 2 फायर ब्रिगेड कन्नौज से और एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मैनपुरी जिले से बुलाई गई। रात 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका। दो लग्जरी गाड़ियां भी जलीं दुकान मालिक अखिलेश गुप्ता ने बताया कि दुकान में उनकी दो लग्जरी गाड़ियां खड़ी थीं, वो भी पूरी तरह से जल गईं। दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। जिसकी जांच की जा रही है। अखिलेश गुप्ता ने बताया कि आग से आटो पार्ट्स जल गए, जिससे करीब 1 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
शुक्रवार सुबह शहर में तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह के समय आसमान मुख्य रूप से साफ रहा, हालांकि दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 40C और न्यूनतम तापमान 27C रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन में मुख्य रूप से साफ आसमान रहने की संभावना जताई है, जबकि शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाने के साथ एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। ऐसे में आज दोपहर के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। अगले कुछ दिनों में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आगरा में मौसम में बदलाव का दौर जारी रहेगा। 27 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। इसके बाद 28 से 30 जून तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 से 40C और न्यूनतम तापमान 27 से 29C के बीच बना रह सकता है। हालांकि वातावरण में नमी बनी रहने से उमस का असर जारी रहेगा और दोपहर के समय तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है।है। पिछले सात दिनों में ऐसा रहा मौसमपिछले एक सप्ताह में आगरा में मौसम का मिजाज बदलता रहा। शुरुआती दिनों में तेज धूप और गर्मी का असर बना रहा, जबकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही भी देखने को मिली। 25 जून को अधिकतम तापमान 41.9C और न्यूनतम तापमान 26.9C दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्ष आर्द्रता 68 प्रतिशत रही, जिससे उमस भी महसूस हुई।
चंडीगढ़ के युवाओं को रोजगार के नए अवसर और इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल्स देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत शहर के दो सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 120 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। चंडीगढ़ प्रशासन ने उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) भी जारी कर दिया गया है। इसमें दो सरकारी ITI गवर्नमेंट आईटीआई, सेक्टर-28 सी और गवर्नमेंट आईटीआई फॉर वूमेन, सेक्टर-11 सी शामिल है। दोनों संस्थानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाओं और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था से लैस किया जाएगा। आधुनिक मशीनों और डिजिटल क्लासरूम से लैस होंगे संस्थान परियोजना के तहत आईटीआई में आधुनिक क्लासरूम, लैब और वर्कशॉप तैयार किए जाएंगे। छात्रों को वही मशीनें व उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका उपयोग वर्तमान में उद्योगों और फैक्ट्रियों में किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल लर्निंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा और शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे नई तकनीकों के अनुसार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकें। पढ़ाई के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण और उद्योग के बीच मौजूद अंतर को कम करना है। उद्योगों की सीधी भागीदारी से छात्रों को अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी पाने में आसानी होगी। SPV कंपनी संभालेगी पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी इस आईटीआई क्लस्टर के संचालन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा, जिसे सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। इसमें एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की 24.5-24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। चुनी गई कंपनी को अगले पांच वर्षों के लिए रणनीतिक निवेश योजना तैयार करनी होगी और परियोजना के संचालन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सतना जिला अस्पताल में बुधवार देर रात एक दुर्लभ प्रसव का मामला सामने आया। यहां 7 माह की गर्भवती महिला ने एक साथ तीन बच्चियों को जन्म दिया। खास बात यह है कि तीनों शिशुओं का जन्म नॉर्मल डिलीवरी से हुआ। समय से पहले जन्म और कम वजन होने के कारण तीनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। रामवन क्षेत्र के ग्राम सतरी निवासी प्रियंका साकेत (पति दिवाकर साकेत) को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकीय जांच में पहले ही स्पष्ट हो गया था कि महिला के गर्भ में तीन शिशु पल रहे हैं। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाक्षी सिंह की देखरेख में यह सफल प्रसव कराया गया। डेढ़ घंटे के अंदर हुआ तीनों बच्चियों का जन्मअस्पताल सूत्रों के अनुसार, पहली बच्ची का जन्म 24 जून की रात 10:25 बजे हुआ। इसके बाद दूसरी बच्ची का जन्म रात 11:45 बजे और तीसरी बच्ची का जन्म रात 11:56 बजे हुआ। तीनों बच्चियों का जन्म करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में हुआ। प्रत्येक नवजात का वजन लगभग एक किलोग्राम बताया गया है। चूंकि प्रसव गर्भावस्था के सातवें माह में हुआ है, इसलिए तीनों बच्चियों को तत्काल एसएनसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार, समय से पहले जन्म और कम वजन के बावजूद तीनों नवजातों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रसूता प्रियंका साकेत की हालत भी सामान्य बताई जा रही है। जिला अस्पताल में एक साथ तीन बच्चियों के जन्म की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि ट्रिपलेट (एक साथ तीन शिशुओं) की गर्भावस्था और उसका सफल नॉर्मल प्रसव अपेक्षाकृत दुर्लभ मामलों में गिना जाता है। पहले भी कराई जा चुकी है डिलीवरी जिला अस्पताल में ट्रिपलेट डिलीवरी का 8 माह के अंदर यह तीसरा मामला है। इससे पहले 22 नवंबर 2025 को मैहर जिले की एक प्रसूता ने सतना जिला अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में तीन बच्चों को जन्म दिया था। जबकि 27 अप्रैल को पन्ना जिले की एक प्रसूता की जिला अस्पताल सतना में नॉर्मल डिलीवरी कराई गई थी, जिसमें तीन स्वस्थ शिशुओं का जन्म हुआ था।
लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फायर सेफ्टी सिस्टम की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि केवल टेंडर दिखाने से काम नहीं चलेगा। जमीन पर काम होना चाहिए। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने उन सभी टेंडरों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जो फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों और उपकरणों की खरीद के लिए जारी किए गए हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला इमारतों की जांच के लिए कमेटियां गठित की हैं। शहर स्तर पर बनी कमेटी की अध्यक्षता एसडीएम करेंगे, जबकि हर अनुविभाग में एसडीएम की अगुवाई में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इन कमेटियों को 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, साल 2020 में फायर स्टेशन निर्माण की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन ढाई साल बाद भी जिला प्रशासन उपयुक्त जमीन की पहचान नहीं कर सका। हाल ही में मोपका स्थित विद्युत वितरण कंपनी के सब स्टेशन और दुकानों में आग लगने की घटना के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आया। मीडिया में खबरें आने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने राज्य शासन से शपथपत्र के साथ जवाब भी मांगा है। 72.70 करोड़ के फायर उपकरणों की होगी खरीदी इस मामले में राज्य शासन की तरफ से जवाब में बताया गया कि राज्य में 72.70 करोड़ के फायर उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया जारी है। 16 जगहों पर नए फायर स्टेशन बनाने की योजना है। इसके लिए कई जिलों में अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। उपकरणों की खरीदी के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट बोला- केवल टेंडर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए काम हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान फायर सेफ्टी व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि केवल टेंडर दिखाने से काम नहीं चलेगा। जमीन पर काम होना चाहिए। वर्क आर्डर भी दिखना जरूरी है। डिवीजन बेंच ने फायर ब्रिगेड वाहनों और उपकरणों की खरीदी पर शासन को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को होगी। 11 जिलों में जमीन आवंटन की प्रक्रिया नहीं हो पाई शुरू गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, सक्ती और सूरजपुर में जमीन मिल चुकी है और निर्माण के लिए फंड भी जारी कर दिया गया है। मुंगेली, जीपीएम, बीजापुर, सारंगढ़, सुकमा, नारायणपुर समेत 11 जिलों में अभी भी जमीन का आवंटन होना बाकी है। प्रशासन ने भी बनाई जांच कमेटियां लखनऊ अग्निकांड के चौथे दिन जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों की जांच के लिए कमेटियां बनाई है। शहर में जांच के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम बनाए गए हैं। वहीं, हर अनुविभाग में एसडीएम की अगुवाई में कमेटी बनाई गई है। 6 संस्थानों की जांच में मिली खामियां नगर निगम ने 6 कोचिंग संस्थानों में जांच की थी। एंट्री-एक्जिट के लिए एक ही गेट होने के कारण उड़ान कोचिंग को सील किया था। वहीं, पांच कोचिंग संस्थानों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इधर, गुरुवार को प्रशासन ने बड़ा फैसाल लिया। प्रशासन ने जिले के सभी कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों की व्यापक सुरक्षा जांच के आदेश दिए है। इसके लिए कमेटियां बनाई है। राजस्व, पुलिस अफसर और निगम की टीम करेगी जांच जिला स्तरीय कमेटी में बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि निगम के अपर आयुक्त, कोतवाली-सिविल लाइन सीएसपी, जिला सेनानी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक को सदस्य बनाया गया है। हर अनुविभाग में एसडीएम की अध्यक्षता में जांच दल बनाए गए हैं, जिनमें एसडीओपी, सीएमओ, थाना प्रभारी और लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सदस्य होंगे। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कोचिंग संस्थान या व्यावसायिक भवन में गंभीर अनियमितता मिलती है तो पहले उसे सुधारने कहा गया जाएगा और नहीं मानने पर कार्रवाई होगी। संस्थानों का रिकॉर्ड नहीं, फायर ऑडिट बनेगा जांच का आधार जिला प्रशासन, नगर निगम या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग किसी भी विभाग के पास कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों की पूरी संख्या का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जबकि यह रिकॉर्ड संबंधित विभागों के पास होना चाहिए। इसी स्थिति में अब जांच कमेटियों ने फायर ऑडिट को आधार बनाने का निर्णय लिया है। यानी अब जांच का मुख्य आधार अग्निशमन विभाग का रिकॉर्ड होगा। फायर विभाग के पास शहर और जिले के कई संस्थानों के फायर ऑडिट से जुड़ा डेटा मौजूद है, जिसके आधार पर इन संस्थानों की जांच की जाएगी। जिन संस्थानों ने फायर एनओसी नहीं ली है, वहां जांच कमेटियां मौके पर जाकर कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि जांच के दौरान आपातकालीन निकासी व्यवस्था और लाइसेंस की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन लखनऊ अग्निकांड के बाद अब मुख्य जोर इस बात पर रहेगा कि आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं।
मेरठ में शुक्रवार की सुबह धूप निकलते ही उमस ने लोगों के जलजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह हुई रिमझिम बारिश से मौसम का मिजाज कुछ देर के लिए बदला और लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिली। हालांकि बारिश थमने के बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई, जिससे दोपहर तक लोगों को फिर से गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ा। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बारिश ने राहत की उम्मीद जगाई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर के समय गर्म हवाओं और नमी के कारण बाहर निकलना मुश्किल रहा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि, उमस भरी गर्मी से अभी राहत मिलने के आसार कम हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 185 रहा, जो मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया। आज भी अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि गर्मी से ज्यादा उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जोधपुर में कहीं दो महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है, तो कहीं किसी को एक साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका है। पूरे जोधपुर में विभिन्न वार्डों में खुदी सड़कें लोगों का सिरदर्द बढ़ा रही हैं। जोधपुर से ऐसी ही समस्याएं लोग दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो-वीडियो के साथ पोस्ट कर रहे हैं। पोस्ट से जिम्मेदारों तक विकास की जमीनी हकीकत भी पहुंच रही है। कई मामलों में अधिकारियों ने पहल करते हुए समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर एक नजर… 2 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब जोधपुर के कबीर नगर से नवदीप शर्मा ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या भेजी है। उन्होंने संक्षिप्त में बताया कि दो महीने से उनके क्षेत्र बुद्धि भील बस्ती, श्री मोहनदास मार्ग पर बिजली पोल की लाइट खराब है जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है। 1 साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं जोधपुर से 'भास्कर समाधान' पर पंडितान नगर, नांदड़ी से पृथ्वी सिंह ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे एक साल से ऊपर हो गया है। डिमांड राशि भी भर चुका हूं लेकिन कनेक्शन नहीं किया जा रहा है। 15 दिन से नहीं हुई टैक्सी स्टैंड पर सफाई 'भास्कर समाधान' पर प्रताप नगर से राजा कुरैशी ने बताया कि उनके एरिया में बीते 15 दिनों से सफाई नहीं हो रही है। पोस्ट में राजा ने लिख ने कि बिस्मिल्लाह डेयरी के पास बने टैक्सी स्टैंड पर बहुत गंदगी है। सफाई प्रभारी और हैल्थ इंस्पेक्टर को कई बार कह चुके लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आकाशवाणी केन्द्र के पास डस्टबिन गायब महामंदिर एरिया की रेडियो कॉलोनी से कमलेश ने कचरा नियमित न उठने और कचरा पात्र न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पावटा–सी में आकशवाणी केन्द्र के पास गली में रखा बड़ा डस्टबिन गायब है। लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। रोज सफाई न होने से गंदगी भी फैल रही है। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट से मिला हल, उठ गया कचरा विजय चौक के चतुर्भुज गहलोत मार्ग से राजवीर सिंह ने कचरा न उठाने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि पांच दिन से कचरा सड़क किनारे पड़ा सड़ रहा है। इस पर वार्ड जमादार सलाउद्दीन भाटी ने साफ–सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। अब लोगों को काफी सुविधा है। पोस्ट के बाद हो गई साफ–सफाई सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड के सफाई प्रभारी ने समस्या का निपटारा करते हुए सफाई करवा दी और लोगों को भी खुले में कचरा न डालने की अपील की। राजकुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर की श्रीराम कॉलोनी, पुरानी भाखरी का बास, सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड संख्या 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार ने समाधान करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
पर्यटन नगरी अजमेर में पेयजल, सफाई और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। कहीं चार दिन से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो कहीं 15 दिन से सड़क किनारे पड़ा मलबा नहीं उठाया गया, तो कहीं तीन साल से नाले की सफाई नहीं हुई। इन समस्याओं से परेशान नागरिक अब दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ के जरिए अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। फोटो और वीडियो के साथ की गई यूजर्स की पोस्ट पर कई मामलों में विभागों ने कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है। अजमेर के अलग-अलग इलाकों से सामने आईं पोस्ट और उन पर हुई समाधान की पहल… 4 दिन से आ रहा पीने का गंदा पानी दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर कायड़ की अम्बिका कॉलोनी से देवांशु सिंह राजावत ने गंदे पानी की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बीते चार दिन से कॉलोनी में पीने का पानी नहीं आ रहा है। चार दिन बाद सप्लाई आई भी तो गंदा बदबूदार पानी जिसे पीया ही नहीं जा सकता। जलदाय विभाग इसका समाधान करवाए। 15 दिन से नाली का मलबा नहीं उठा अजमेर पुलिस लाइंस के मीठा कुंआ की अनुपम नगर रोड से लक्ष्य पंवार ने मलबा न उठाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि 10 जून को सफाईकर्मियों ने नालियों की सफाई कर मलबा–कचरा निकाला था। लेकिन 15 दिन बाद भी गली से मलबा नहीं उठाया गया है। आने–जाने वालों को बदबू से असुविधा हो रही है। घर तक जाने वाली पुलिया हुई जर्जर पंचशील कॉलोनी के ब्लॉक बी से प्रसून कपूर ने जर्जर पुलिया की हालत पोस्ट में बयां की है। उन्होंने बताया कि उनके एरिया के महर्षि दधीचि मार्ग पर उनकी कॉलोनी तक जाने वाली एकमात्र पुलिया जर्जर हालत में है। यह पुलिया जगह–जगह से टूट चुकी है। बीते 11 महीनों में हम अजमेर प्राधिकरण को कई बार लिख चुके हैं। 3 साल से नहीं हुई नाले की सफाई अजमेर के आदर्श नगर से कमल ने 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया है कि उनकी न्यू केसरी कॉलोनी में बने इरिगेशन विभाग के बरसाती नाले की बीते तीन–चार सालों से सफाई नहीं हुई है। नाले में पेड़–पौधे, कचरा और कीचड़ हाने से निकासी भी बंद पड़ी है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। इस नाले की सफाई करवाई जाए। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… समस्या पोस्ट हुई और मिल गया हल अजमेर के तानाजी नगर, भजनगंज से महिपाल शर्मा ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने लिखा था कि गली नंबर 10 के शिव मंदिर चौराहे की लाइट करीब 15 दिनों से बंद पड़ी है। इस पर एक्शन लेते हुए विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक करवाकर समस्या का समाधान कर दिया है। रात–दिन जल रही लाइट हुई ठीक किराणीपुरा से सलामुद्दीन खान ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि वार्ड 54 में नहर का कुंआ के पास लगी स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इस पर नगर निगम ने समस्या का समाधन करवा दिया है। जेईएन दीपिका दाधीच बनीं 'स्टार ऑफिसर' अजमेर के बालाजी नगर से एक शिकायतकर्ता ने दो महीने से दिनरात जल रही स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्हाेंने बताया कि यह स्ट्रीट लाइट हमेशा जलती रहती है। इसके साथ ही खंभों के तार भी टूटे हुए हैं। इसे प्राथमिकता से लेते हुए निगम की जेईएन दीपिका दाधीच ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 3.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 4.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रेल प्रशासन ने गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया-धनबाद-सोगरिया साप्ताहिक विशेष एक्सप्रेस की संचालन अवधि नवम्बर 2026 तक बढ़ा दी है।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09821 सोगरिया–धनबाद विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन पहले 16 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 26 नवम्बर 2026 तक हर गुरुवार को संचालित की जाएगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09822 धनबाद–सोगरिया विशेष एक्सप्रेस, जिसका संचालन 18 जुलाई 2026 तक निर्धारित था, अब 28 नवम्बर 2026 तक हर शनिवार को चलेगी। रेल प्रशासन के अनुसार दोनों गाड़ियों के 20-20 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान और झारखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन के मार्ग, ठहराव और समय-सारिणी में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। यह विशेष ट्रेन कोटा मंडल के सोगरिया, बारां, सालपुरा और छबड़ा गुगोर स्टेशनों से होकर पूर्ववत संचालित होती रहेगी। जेडआरयूसीसी की बैठक में कोरोना काल में बंद ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठा पश्चिम-मध्य रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) की 22वीं बैठक गुरुवार को जबलपुर मुख्यालय में महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कोटा मंडल सहित पूरे जोन के 28 सदस्यों तथा सांसदों के चार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान यात्रियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। कोटा के वरिष्ठ सदस्य आशीष मेहता ने कोरोना काल में बंद हुई मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस, कोटा-जबलपुर ट्रेन की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों के बंद होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में उदयपुर-आगरा वंदे भारत ट्रेन को बंद किए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए। मेहता ने कहा कि ट्रेन को लगभग 80 प्रतिशत यात्री भार मिल रहा था, तो इसे बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने कम किराए के साथ इस ट्रेन को पुनः शुरू करने की मांग की। इसके अलावा कोटा-दिल्ली के बीच ओवरनाइट ट्रेन, कोटा से मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी रखी गई। नई ट्रेनों और विस्तार की मांग बैठक में दौसा-गंगापुर सिटी के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, मथुरा-गंगापुर सिटी ट्रेन को पुनः शुरू करने, कोटा-देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस को झालावाड़ सिटी या राजगढ़ सिटी तक विस्तारित करने की मांग की गई।इसके अलावा मथुरा-सवाई माधोपुर पैसेंजर को झालावाड़ सिटी तक बढ़ाने, कोटा-सिरसा एक्सप्रेस को इंदौर तक विस्तारित करने, उज्जैन-झालावाड़ सिटी के बीच मेमू सेवा और कोटा-नागदा-रतलाम के बीच नई इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने के सुझाव भी दिए गए। साथ ही रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन को प्रस्तावित कोटा-नीमच रेल लाइन से जोड़ने, जुल्मी स्टेशन पर मेगा कोचिंग एवं कंटेनर डिपो विकसित करने, वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों को रेल किराए में रियायत बहाल करने तथा स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ स्थापित करने की मांग भी दोहराई गई।
सलूंबर जिले के परसाद क्षेत्र स्थित खेरकी गांव में एक विवाह समारोह के मंडप भोज के बाद 8 लोगों को फूड पॉइजनिंग हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद सभी को सीएचसी परसाद में भर्ती कराया गया, जहां से 2 को उदयपुर रेफर किया गया है। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में 46 लोगों की जांच भी की। 24 जून को हुआ था मंडप भोज जानकारी के अनुसार खेरकी के भमात फला निवासी गोविंद मीणा के पुत्र संदीप मीणा के विवाह में 24 जून को मंडप भोज का आयोजन था। खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें आने लगीं। इसके बाद 8 लोगों को तुरंत सीएचसी परसाद ले जाया गया। सीएचसी परसाद में भर्ती 8 मरीजों में से 6 की हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। किशन मीणा (18) और पुष्पा मीणा (45) की स्थिति को देखते हुए एहतियातन उदयपुर रेफर किया गया। 46 लोगों का घर-घर सर्वे इसके बाद चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र डामोर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विवाह स्थल पर पहुंची। टीम ने गांव में घर-घर सर्वे कर 46 लोगों की स्वास्थ्य जांच की और दवाइयां वितरित कीं। CMHO बोले- स्थिति नियंत्रण में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बताया - फूड पॉइजनिंग की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। शुक्रवार को भी चिकित्सा दल गांव में मौजूद रहेगा। भोजन के कारणों की जांच की जा रही है।
सीकर। शहर की नागरिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और जनता को राहत दिलाने में दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' लगातार अपनी सार्थकता साबित कर रहा है। हाल ही में शहर के कई कोनों से गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिनमें नवलगढ़ रोड पर बीच सड़क पर खड़ा ट्रांसफॉर्मर और गंदी नालियां, तापड़िया बगीची सर्किल पर डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए खुले में फेंका जा रहा खतरनाक मेडिकल वेस्ट, और पिपराली रोड पर मिलन मैरिज गार्डन के सामने मासूम बच्चों के लिए साक्षात मौत का कुआं बना खुला सीवर चैंबर शामिल हैं। इसके अलावा, राधाकिशनपुरा में आरटीओ ऑफिस के पास विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ब्लॉक होने से लोग इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इन तमाम विकट परिस्थितियों के बीच राहत की खबरें भी आईं, जहां जयपुर रोड पर बालाजी धर्मकांटा के पास ओवरफ्लो हो रहे सीवर चैंबर को शिकायत के बाद विभाग ने तुरंत दुरुस्त कर दिया। वहीं, तिलक नगर (रानी सती सर्किल) में महीनों से कचरे से चोक पड़ी नाली की समस्या को जब चंद्र प्रकाश सोनी ने उठाया, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नगर परिषद के सजग एईएन (AEN) अमित स्वामी ने तत्परता दिखाते हुए ऑन-स्पॉट सफाई टीम भेजी और नाली को पूरी तरह साफ करवाकर जनता को भयंकर बदबू और बीमारियों के खतरे से राहत दिलाई। अपनी इसी बेहतरीन कार्यप्रणाली और एक्शन के बदौलत अमित स्वामी आज के 'स्टार ऑफिसर' बने हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) तिलक नगर में कचरे से अटी नाली साफतिलक नगर (रानी सती सर्किल) के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी की शिकायत पर दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। चंद्र प्रकाश ने कुछ दिनों पहले मोहल्ले की बदहाली को उजागर करते हुए पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र की नाली पूरी तरह कचरे और गंदगी से अटी पड़ी है, जिससे गंदा पानी आगे नहीं निकल पा रहा था। लंबे समय से किसी भी सफाईकर्मी के न आने के कारण स्थानीय लोगों को भयंकर बदबू और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर परिषद के AEN ने मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सफाई कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा। विभाग ने नाली में जमा सारे कचरे को निकालकर उसे पूरी तरह साफ करवा दिया है, जिससे अब गंदे पानी की निकासी सुचारू हो गई है। इस समाधान से तिलक नगर के निवासियों को बड़ी राहत मिली है, जिसके लिए उन्होंने 'भास्कर समाधान' की इस मुहिम और प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए धन्यवाद किया है। अमित स्वामी बने आज 'स्टार ऑफिसर'तिलक नगर के रहने वाले चंद्र प्रकाश सोनी के जरिए दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर उठाई गई गंदी नाली की समस्या का समाधान हो गया है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए नगर परिषद के AEN अमित स्वामी ने बेहतरीन कार्यप्रणाली का परिचय दिया और मौके पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाकर जनता को बड़ी राहत दिलाई। उनके इस एक्शन और शानदार कार्य के चलते अमित स्वामी आज 'स्टार ऑफिसर' बने हैं। नाली पूरी तरह साफ होने और गंदे पानी की निकासी सुचारू होने पर क्षेत्रवासियों ने 'भास्कर समाधान' की इस मुहिम और 'स्टार ऑफिसर' अमित स्वामी के इस सराहनीय प्रयास की जमकर प्रशंसा की है। जयपुर रोड पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूरसीकर शहर के जयपुर रोड स्थित खिच्चड़ों का बास के निवासी आलम की सजगता और दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' की मुहिम रंग लाई है। दरअसल, आलम ने कुछ दिनों पहले क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि बालाजी धर्मकांटा के पास मुख्य सीवर का चैंबर बुरी तरह ब्लॉक हो चुका है, जिसके चलते सीवर का गंदा पानी और गंदगी सड़क पर बह रही थी। इस वजह से राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया था। समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के महज कुछ ही दिनों के अंदर संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लिया। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ ब्लॉक पड़े सीवर चैंबर को पूरी तरह साफ कर दुरुस्त किया, बल्कि सड़क पर फैली गंदगी से भी जनता को निजात दिलाया। समस्या का तुरंत समाधान होने पर सजग नागरिक आलम और क्षेत्र के बाकी लोगों ने दैनिक भास्कर की इस प्रभावी पहल और प्रशासन की कार्रवाई का आभार जताया है। अभी भी कुछ इलाकों में कार्रवाई की जरूरत.. गंदी नालियों की सफाई और ट्रांसफॉर्मर की समस्यासीकर के नवलगढ़ रोड स्थित जनता कॉलोनी के निवासी इन दिनों नागरिक समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी पी.के. महाला ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर कॉलोनी की बदहाली को उजागर करते हुए बताया कि यहां की मुख्य सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच एक बड़ा सा बिजली का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। बीच सड़क पर खड़ा यह ट्रांसफॉर्मर न सिर्फ हर वक्त हादसों को न्यौता दे रहा है, बल्कि इसके कारण कॉलोनी में भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। बड़े वाहनों को यहां से निकालने में काफी परेशानी आती है। पी.के. महाला ने कॉलोनी की गंदी नालियों की सफाई न होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से नालियां साफ न होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे उठती भयंकर बदबू ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और इलाके में महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। तापड़िया बगीची के पास मेडिकल वेस्ट का अंबारसुभाष चौक की रहने वालीं रूपल ने सजग नागरिक का फर्ज निभाते हुए 'भास्कर समाधान' पर अपने क्षेत्र की एक बेहद गंभीर और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या को साझा किया है। रूपल का कहना है कि स्टेशन रोड स्थित तापड़िया बगीची सर्किल के पास संचालित एक डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खतरनाक मेडिकल वेस्ट (बायोमेडिकल कचरा) को खुले में फेंका जा रहा है। उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए बताया कि इस तरह खुले में पड़े सिरिंज, पट्टियां और बाकी संक्रमित मेडिकल कचरे के कारण इलाके में गंभीर और जानलेवा बीमारियां फैलने का खतरा हर वक्त बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह घोर लापरवाही न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सेहत के साथ भी सरेआम खिलवाड़ है। RTO ऑफिस के पास सरकारी पाइपलाइन ब्लॉकसीकर के राधाकिशनपुरा क्षेत्र के रहने वाले गिरधारी लाल ठक्कर ने प्रशासनिक अनदेखी के कारण जनता को हो रही पानी की भारी किल्लत को उजागर किया है। गिरधारी लाल ने बताया कि आरटीओ ऑफिस के पास स्थित कॉलोनी में सरकारी पेयजल लाइन के कनेक्शन तो हैं, लेकिन मुख्य लाइन में ब्लॉकेज (रूकावट) होने के कारण एक निश्चित पॉइंट के आगे पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। इस तकनीकी कमी की वजह से क्षेत्र के कई घरों में लंबे समय से नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों के लिए जब दूसरी लाइनें डाली जा रही थीं, तब इस मुख्य पेयजल लाइन को भारी नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद से यह विकट समस्या खड़ी हुई है। इस रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के मौसम में पानी न आना स्थानीय निवासियों के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं है। पानी के लिए तरस रहे लोगों ने जलदाय विभाग से इस ब्लॉकेज को तुरंत दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारू करने की गुहार लगाई है। खुला सीवर चैंबर दे रहा हादसों को न्यौतासीकर के जाट कॉलोनी (पिपराली रोड) के रहने वाले इश्तियाक अहमद ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के जरिए प्रशासन का ध्यान एक बेहद संवेदनशील और जानलेवा समस्या की ओर आकर्षित किया है। इश्तियाक अहमद ने बताया कि पिपराली रोड पर स्थित मिलन मैरिज गार्डन के ठीक सामने सीवर का एक बड़ा ढक्कन खुला पड़ा है। व्यस्त सड़क के किनारे इस तरह खुले पड़े चैंबर के कारण यहां हर वक्त कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। रात के अंधेरे में या किसी राहगीर की मामूली सी लापरवाही यहां किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने लिखा कि यह खुला चैंबर खासकर आसपास खेलने वाले और वहां से गुजरने वाले मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि किसी मासूम के साथ अनहोनी होने से पहले इस खुले सीवर चैंबर को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त कर ढका जाए। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.JEN हरिराम बने आज 'स्टार ऑफिसर':एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 2.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.रोशनगंज मोहल्ले में जर्जर मकान से खतरा:वैष्णव कॉलोनी में गंदी पड़ी नालियां; न्यू इंदिरा कॉलोनी में हुआ समाधान 4.बारिश से पहले नालियों की सफाई की मांग तेज:टूटी सड़कें, गड्ढे और खराब स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, सीकर शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से उठी समस्याएं 5.सीकर में भास्कर समाधान का असर, शिकायतों पर लिया एक्शन:उठीं सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं; अमित शर्मा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6.भास्कर समाधान: बिजली की समस्या का हुआ समाधान:सड़क, सीवरेज और जलभराव की समस्याओं से लोग परेशान, कई समाधानों का अब भी इंतजार 7.भास्कर समाधान, सड़क की समस्या से मिली राहत:सीकर में जलापूर्ति, टूटी सड़क, पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से लोग परेशान 8.फतेहपुर रोड पर पानी की समस्या का हुआ समाधान:महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढा और पाइपलाइन लीकेज से बढ़ी परेशानी 9.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:'भास्कर समाधान' पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 10.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर'
उदयपुर। आम जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनका सटीक निवारण कराने के संकल्प के साथ दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' लगातार शहरवासियों की मजबूत आवाज बना हुआ है। इस मुहिम के तहत जहां एक ओर शहर के जागरूक नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भी इन शिकायतों पर त्वरित एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इस बार 'भास्कर समाधान' पर उदयपुर के अलग-अलग कोनों से जनहित के गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। हिरण मगरी के व्यस्त चौराहे पर खाली प्लॉट में फैले कचरे के ढेर और विश्वप्रसिद्ध पिछोला झील और दूधतलाई क्षेत्र में मानसून से पहले जमा गंदगी ने स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़े किए हैं, तो वहीं रेलवे स्टेशन मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहगीर बेहाल हैं। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभागों ने तत्परता दिखाई है। बाड़ी रोड (देवाली) में पिछले कई दिनों से बंद पड़ी रोड लाइटों को शिकायत के बाद तुरंत दुरुस्त कर दिया गया है। वहीं, सेक्टर 9 (सी-ब्लॉक) में पिछले 11 दिनों से पसरे अंधेरे को नगर निगम की टीम ने दूर कर जनता को बड़ी राहत दी है। इस त्वरित समाधान में निगम के लाइनमैन जालम सिंह ने अहम भूमिका निभाई है। जिसके चलते उन्हें आज 'पब्लिक का स्टार' चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) 'भास्कर समाधान' का बड़ा असरउदयपुर के सेक्टर 9 स्थित सी-ब्लॉक से एक बार फिर 'भास्कर समाधान' की मुहिम का बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। यहां के स्थानीय निवासी कुशल चौबीसा ने पिछले 11 दिनों से इलाके की रोड लाइटें खराब होने और गलियों में अंधेरा पसरे रहने की गंभीर समस्या को दैनिक भास्कर ऐप के 'भास्कर समाधान' प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से पोस्ट किया था। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम के लाइनमैन और तकनीकी टीम ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर तकनीकी खराबी को दूर किया और बंद पड़ी लाइटों को पूरी तरह दुरुस्त करवा दिया। पिछले 11 दिनों से अंधेरे और असुरक्षा का सामना कर रहे वार्ड वासियों ने अब राहत की सांस ली है। समस्या का त्वरित निवारण होने पर जागरूक नागरिक कुशल चौबीसा और सी-ब्लॉक के अन्य निवासियों ने नगर निगम की टीम और त्वरित कार्रवाई के लिए 'भास्कर समाधान' का आभार व्यक्त किया है। जालम सिंह बने आज 'पब्लिक के स्टार'दैनिक भास्कर ऐप के 'भास्कर समाधान' पर जनता के जरिए उठाई गई समस्याओं पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जालम सिंह आज 'पब्लिक के स्टार' बनकर उभरे हैं। आम नागरिकों ने जब अपने क्षेत्र की खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट की तो जालम सिंह ने बिना किसी देरी के मामले को संज्ञान में लिया और मौके पर काम को पूरा करवाया। उनकी इस त्वरित कार्यशैली के कारण क्षेत्रवासियों को लंबे समय से हो रही परेशानी से तुरंत राहत मिल गई। स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानउदयपुर शहर के बाड़ी रोड स्थित देवाली क्षेत्र से स्थानीय निवासी संजय ने इलाके में पिछले कई दिनों से रोड लाइटें बंद होने की गंभीर समस्या को 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था। इस शिकायत में बताया गया था कि कई दिनों से लगातार लाइटें बंद होने के कारण पूरी सड़क पर रात को अंधेरा छा जाता था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का डर सता रहा था। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग ने मुस्तैदी दिखाई और कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को पूरी तरह ठीक करवा दिया है। अब क्षेत्र में रात के समय अंधेरे की समस्या दूर हो गई है। समस्या का त्वरित और स्थाई समाधान होने पर संजय और देवाली क्षेत्र के अन्य निवासियों ने 'भास्कर समाधान' और संबंधित विभाग के इस त्वरित एक्शन का आभार व्यक्त किया है। कुछ समस्या के समाधान की अभी भी आस… खाली प्लॉट बना कचरे का 'डंपिंग ग्राउंड'उदयपुर शहर के व्यस्त इलाकों में से एक, हिरण मगरी क्षेत्र के मेन चौराहे से स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने 'भास्कर समाधान' के जरिए एक गंभीर समस्या उठाई है। उन्होंने बताया कि इस मुख्य चौराहे के पास एक खाली प्लॉट में लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा और गंदगी फैली हुई है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना हुआ है। 'डंपिंग ग्राउंड' बन चुके इस प्लॉट के कारण मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आस-पास के रहवासियों और राहगीरों में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस ‘डंपिंग यार्ड’ के ठीक आस-पास खाने-पीने के कई ठेले और थड़ियां लगती हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। इस अत्यधिक गंदगी और बदबू के चलते न केवल इन छोटे दुकानदारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि यहां आने वाले ग्राहकों के स्वास्थ्य पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। समय रहते सफाई न हुई तो दूषित होगा झील का पानीउदयपुर शहर की विश्वप्रसिद्ध और लाइफलाइन मानी जाने वाली पिछोला झील के आस-पास इन दिनों कचरे और गंदगी की एक बेहद चिंताजनक समस्या सामने आई है। स्थानीय निवासी विकास ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए बताया कि पिछोला के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दूधतलाई और झील के किनारों पर लगातार भारी मात्रा में कचरा जमा हो रहा है। सबसे बड़ा संकट यह है कि मानसून बिल्कुल नजदीक है। ऐसे में अगर इस जमा कचरे को तुरंत नहीं हटाया गया, तो तेज बारिश के पानी के साथ यह सारा प्लास्टिक, सॉलिड वेस्ट और गंदगी बहकर सीधे पिछोला झील के मुख्य जलस्रोत में मिल जाएगी। इससे न केवल झील का पानी दूषित होगा, बल्कि पानी के जीवों पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगेगा। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होने के कारण यहां रोजाना भारी फुटफॉल रहता है, लेकिन इस गंदगी से शहर की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम, यूआईटी और झील संरक्षण विभाग से मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर इस पूरे इलाके की सघन सफाई करवाई जाए, ताकि धरोहर को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। वृंदावन नगर में रोड लाइटें बंद होने से पसरा अंधेराउदयपुर शहर के गणेशपुरा स्थित वृंदावन नगर क्षेत्र से महेश व्यास ने 'भास्कर समाधान' पर कॉलोनी की एक प्रमुख समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे क्षेत्र की गलियों में लंबे समय से रोड लाइट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम ढलते ही चारों तरफ घना अंधेरा पसर जाता है। स्ट्रीट लाइटें न होने की वजह से स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता और दुर्घटनाओं का अंदेशा भी लगातार बना रहता है। रेलवे स्टेशन के पास लग रहा है जामशहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, रेलवे स्टेशन रोड पर इन दिनों आम जनता को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अख्तर खान ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए बताया कि स्टेशन के पास लगने वाला यह जाम अब एक स्थाई मुसीबत बन चुका है, जिसके चलते यहां से गुजरने वाले राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों का समय बर्बाद हो रहा हैं। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि कई बार ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की ट्रेन छूटने का अंदेशा बना रहता है और पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस गंभीर और रोज-रोज की समस्या पर ट्रैफिक पुलिस या संबंधित प्रशासन के जरिए लंबे समय से कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण के कारण लगातार बिगड़ते इन हालातों को देखते हुए नागरिकों ने मांग की है कि यहां तुरंत ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की स्थाई तैनाती की जाए और जाम के कारणों का स्थाई समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से निजात मिल सके। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ 2.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल:पानी, सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं बनीं बड़ी चुनौती, एक क्लिक पर हो रहा समाधान 3.उदयपुर में प्रशासन से गुहार भी बेअसर:एयरपोर्ट रोड इलाके में सालों से अटका सड़क का काम, ड्रेनेज सिस्टम न होने से जनता परेशान 4.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:कचरे और रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान, तो कहीं हाई-टेंशन तारों का खतरा अभी भी बरकरार 5.सुलझीं स्ट्रीट लाइट की गंभीर समस्याएं:उदयपुर में कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी, खंडर क्वार्टर्स और खुले तारों से मंडराया बड़ा खतरा 6.उदयपुर में टूटी सड़कें, गंदे पानी की समस्या:पांच साल से अंधेरे में डूबी गली; वार्ड 44 के सुपरवाइजर कमल मूलचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.उदयपुर में गंदगी और जलभराव से जनता परेशान:फतेहसागर झील के पास कचरा, रेलवे पुलिया के नीचे भरा पानी; हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें सुधरी 8.भास्कर समाधान: पांच दिन से बंद रोड लाइट हुई ठीक:खुले बिजली तार, कचरा और सड़क सुरक्षा की समस्याओं से लोग परेशान; गिरीश मारीवाला बने ‘स्टार ऑफिसर’ 9.भास्कर समाधान का असर, लाइट की समस्या का हुआ समाधान:खुले ट्रांसफार्मर, बंद स्ट्रीट लाइट और नाले में अतिक्रमण से लोग परेशान 10.सेक्टर 11 में 33 KV लाइन का गड्ढा रिपेयर:कचरा साफ करवाकर मोहम्मद यासीन बने 'पब्लिक के स्टार', 'भास्कर समाधान' जनता ने उठाई आवाज
जयपुर की जनता की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समाधान करवाने में दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' लगातार सबसे बड़ा सहारा साबित हो रहा है। हाल ही में शहर के अलग-अलग इलाकों से जन-समस्याएं सामने आईं, जिनमें जयसिंहपुरा खोर में कचरे के ढेरों के बीच सड़क पर बहता सीवर का पानी और गांधी नगर के गौतम नगर रोड पर पाइपलाइन डालने के बाद 1 साल से लावारिस छोड़ी गई बदहाल सड़क शामिल है। वहीं, जवाहर नगर सेक्टर-7 में ऑर्किड स्कूल के सामने पिछले 10 सालों से जमा बरसाती पानी अब जानलेवा दलदल और बीमारियों का केंद्र बन चुका है, तो दूसरी तरफ लाल डूंगरी मंदिर के पास श्मशान घाट का जर्जर टीन शेड जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता बयां कर रहा है। इन विकट जन-समस्याओं के बीच 'भास्कर समाधान' के असर से राहत की सुखद तस्वीरें भी आईं। सीताबारी के सूर्या नगर में मुख्य पाइपलाइन का लीकेज दुरुस्त होने से सड़कों पर व्यर्थ बहता हजारों लीटर पानी और जनता की परेशानी रुक गई। इसी कड़ी में, ढेहर के बालाजी क्षेत्र से उठाई गई बंद स्ट्रीट लाइटों की शिकायत पर विभाग तुरंत एक्शन में आया। बिजली विभाग के एक्सईएन (XEN) रूपाराम ने ऑन-स्पॉट तकनीकी टीम भेजी और समाधान करवा दिया है। अपनी इसी शानदार कार्यप्रणाली के बदौलत XEN रूपाराम को आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कचरे का ढेर और बहता सीवरजयपुर के जयसिंहपुरा खोर इलाके के रहने वाले सुनील शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के माध्यम से प्रशासन की घोर लापरवाही और इलाके की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोला है। सुनील शर्मा ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है। पूरे इलाके में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। साथ ही क्षेत्र की सीवर लाइन भी पूरी तरह चोक और बदहाल हो चुकी है, जिसके कारण सीवर का बदबूदार और दूषित पानी उफनकर मुख्य सड़कों पर बह रहा है। इस गंदगी और कचरे की वजह से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का पैदल निकलना तक दूभर हो गया है, साथ ही वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और बीमारी के बीच रह रहे क्षेत्रवासीजवाहर नगर (सेक्टर-7) के निवासी अमित माथुर ने 'भास्कर समाधान' पर सिस्टम की पोल खोल दी है। अमित माथुर ने लिखा है कि क्षेत्र के ऑर्किड स्कूल के ठीक सामने पिछले 10 सालों से बरसाती पानी के भराव की विकट समस्या बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया। एक दशक से जमा हो रहे इस पानी के कारण पूरी सड़क अब गहरे दलदल और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने बदतर हैं कि स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों सहित अन्य वाहन चालक आए दिन इस कीचड़ में फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि लंबे समय से जमा इस सड़े हुए पानी में खतरनाक कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में जानलेवा बीमारियों और संक्रमण का खतरा हर वक्त सिर पर मंडरा रहा है। क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए पूछा है कि प्रशासन आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत दुरुस्त कर इस 10 साल पुराने नरक से निजात दिलाने की मांग की है। लाल डूंगरी मंदिर के पास श्मशान घाट बदहालजयपुर शहर के बीच में स्थित प्रसिद्ध लाल डूंगरी मंदिर के पास रहने वाले जागरूक नागरिक गुलशन ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के माध्यम से व्यवस्था को झकझोरने वाली एक गंभीर समस्या उजागर की है। गुलशन ने बताया कि इलाके के श्मशान घाट की स्थिति इस वक्त बेहद दयनीय और जर्जर हो चुकी है। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के अंदर जो टीन शेड बने हुए हैं, वे पूरी तरह टूट चुके हैं और कभी भी भरभराकर गिरने की हालत में हैं, जिससे वहां आने वाले लोगों पर हर वक्त जान का खतरा मंडराता रहता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि स्थानीय विधायक से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों तक को इस बदहाली से कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सभी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस श्मशान घाट को ठीक कराया जाए और जर्जर टीन शेड को तुरंत बदला जाए। पाइपलाइन के नाम पर 1 साल पहले खोदी सड़कगांधी नगर स्थित गौतम नगर रोड के रहने वाले जसपाल तंवर ने विकास के नाम पर किए जा रहे प्रशासनिक खिलवाड़ को उजागर किया है। जसपाल ने बताया कि करीब 1 साल पहले इलाके में पाइपलाइन डालने के उद्देश्य से मुख्य सड़कों को तोड़ दिया गया था, लेकिन पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली गई और इसे इसके हाल पर ही छोड़ दिया गया। पिछले एक साल से यह सड़क पूरी तरह मलबे और गड्ढों में तबदील हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों का घरों से निकलना दूभर हो गया है और आए दिन वाहन चालक इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल के गुबार और बदहाली से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने आक्रोश जताते हुए मांग की है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग की इस लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाए और सड़क की मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू करवाया जाए। सूर्या नगर में पाइपलाइन का लीकेज दुरुस्तजयपुर के सीताबारी स्थित सूर्या नगर के बाल कृष्ण शर्मा की सतर्कता और दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' की मुहिम एक बार फिर रंग लाई है। दरअसल, बाल कृष्ण शर्मा ने क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि मुख्य पेयजल पाइपलाइन में बड़ा लीकेज होने के कारण रोजाना हजारों लीटर साफ पानी सड़कों पर बहकर व्यर्थ हो रहा था, जिससे न सिर्फ सड़क खराब हो रही थी बल्कि कॉलोनी में पानी का प्रेशर भी कम हो गया था। इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम को मौके पर भेजा। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए न सिर्फ पाइपलाइन के लीकेज को पूरी तरह दुरुस्त किया, बल्कि पानी की बर्बादी को भी रोक दिया। समस्या का सफल समाधान होने के बाद खुद बाल कृष्ण शर्मा ने दोबारा पोस्ट के माध्यम से समाधान होने की पुष्टि की और इस कार्रवाई के लिए 'भास्कर समाधान' और जलदाय विभाग का आभार जताया है। ढेहर के बालाजी इलाके में चालू हुईं बंद स्ट्रीट लाइटेंजयपुर के ढेहर के बालाजी क्षेत्र की रहने वालीं अनीता की शिकायत पर दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' का बड़ा असर देखने को मिला है। अनीता ने अपने इलाके की समस्या को पोस्ट करते हुए बताया था कि उनकी गली की रोड लाइटें (स्ट्रीट लाइट्स) लंबे समय से खराब पड़ी हैं और काम नहीं कर रही हैं। लाइटें बंद होने की वजह से पूरी गली रात के वक्त घने अंधेरे में डूब जाती थी, जिससे स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था और असामाजिक तत्वों का डर भी बना हुआ था। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद बिजली विभाग के एक्सईएन (XEN) ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर गली की सभी बंद पड़ी रोड लाइटों को तुरंत दुरुस्त करवाया। रूपाराम बने आज 'स्टार ऑफिसर'ढेहर के बालाजी क्षेत्र में रहने वालीं अनीता ने बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद समस्या का त्वरित निस्तारण हो गया है। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए बिजली विभाग के XEN रूपाराम ने तत्परता दिखाई। उन्होंने मौके पर तकनीकी टीम को भेजकर गली की सभी बंद लाइटों को तुरंत ठीक करवाया है। जनता को अंधेरे की समस्या से निजात दिलाने वाले XEN रूपाराम को आज का 'स्टार ऑफिसर' बनायाा गया हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जनसमस्याओं की सुनवाई से समाधान तक:जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, मनोज मुदगल को मिला ‘पब्लिक का स्टार’ का सम्मान 2.जयपुर में माविका चौराहे पर चमकी सड़कें:खातीपुरा में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, सांगानेर की कॉलोनी में मुख्य रोड ऊंची और गलियां नीची होने से जलभराव 3.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 4.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 5.जयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 6.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 7.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 8.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 9.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 10. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान
भागलपुर में लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार सुबह शहर में तेज हवा के साथ करीब 20 से 25 मिनट तक झमाझम बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) के पूर्वानुमान के अनुसार, भागलपुर में मानसून के 17 जून के आसपास पहुंचने की संभावना थी। हालांकि, मानसूनी गतिविधियां जून के अंतिम सप्ताह में प्रभावी हुईं। बारिश के बाद शहर का तापमान गिर गया, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली। यह बारिश किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। धान की रोपाई शुरू होने के साथ खेतों में नमी बढ़ने से खेती-किसानी को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिले में सामान्य से कम बारिश पिछले वर्ष जून में भी बारिश ने निराश किया था। जून 2025 में भागलपुर जिले में केवल 44.4 मिमी. वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि जिले की सामान्य जून वर्षा 187.4 मिमी. है। यह सामान्य से लगभग 76 प्रतिशत कम बारिश थी, जिससे कृषि और जलस्रोत दोनों प्रभावित हुए थे। इस वर्ष भी 26 जून तक जिले में वर्षा सामान्य से कम बनी हुई थी। हालांकि, जून के अंतिम सप्ताह में मानसून सक्रिय होने के बाद अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान में नगरीय विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। नई नगरपालिकाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद भी सृजित किए गए हैं। पिछले तीन सालों में विभाग में पहली बार भर्ती की मंजूरी मिली है, जबकि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन पिछले 15 सालों में पहली बार हुआ है। राज्य सरकार का यह फैसला बीजेपी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में स्थानीय निकायों के विस्तार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे कस्बों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने से नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। नई नगरपालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 निकाय जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाए गए हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। वहीं बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने इनके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इसी उद्देश्य से स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से नई नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन के बाद प्रदेश में नगरीय निकायों की कुल संख्या 385 हो गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। प्रदेश में गठित 76 नई नगर पालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 नगर पालिकाएं जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाई गई हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, खेजरोली, कालाडेरा और कानोता, जबकि झुंझुनूं जिले में सिंघाना, डूंडलोद, जाखल, सुलताना, बुहाना, मलसीसर और मण्ड्रेला को नगर पालिका का दर्जा मिला है। दौसा जिले में रामगढ़-पचवारा, बसवा, लवाण और भाण्डारेज, अलवर में मुण्डावर, कठूमर, मालाखेड़ा और नौगांव, टोंक में दूनी, लाम्बाहरिसिंह, डिग्गी और पीपलू और बाड़मेर में जसोल, चौहटन, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना नई नगर पालिकाएं बनाई गई हैं। वहीं झालावाड़ में मनोहर थाना, डग और खानपुर, जोधपुर में मथानिया, तिवरी और बाप, अजमेर में सावर, टांटोटी और पीसांगन और भीलवाड़ा में बनेड़ा, बीगोद और बिजौलिया को नगर पालिका बनाया गया है। इसके अलावा कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नारायणपुर और मांढण, सीकर में पलसाना और धोद, सवाई माधोपुर में वजीरपुर और खण्डार, बूंदी में देई और हिण्डोली, ब्यावर में रायपुर और मसूदा, जालौर में आहोर और सायला, नागौर में मेडतारोड़ और रियाबड़ी, बीकानेर में लूणकरनसर और नापासर, बालोतरा में सिणधरी और समदड़ी, धौलपुर में मनिया और सेपऊ और करौली में सूरीठ और मण्डरायल को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। वहीं डीग में पहाड़ी, उदयपुर में वल्लभनगर, हनुमानगढ़ में गोलूवाला, राजसमंद में भीम, श्रीगंगानगर में घड़साना, डीडवाना-कुचामन में खाटू खुर्द, कोटा में सुकेत, बारां में सीसवाली, पाली में सोजत रोड, चूरू में साहवा, प्रतापगढ़ में अरनोद और सिरोही में मण्डार को नई नगर पालिका घोषित किया गया है। 76 नगर पालिकाओं के लिए 684 पद सृजित सरकार ने प्रदेश की 76 नवगठित नगर पालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज शुरू करने के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दे दी है। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद सृजित किए गए हैं। इस प्रकार सभी 76 नगर पालिकाओं के लिए कुल 684 पद स्वीकृत हुए हैं। सरकार ने इसके साथ ही पहले से गठित 6 नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पूर्व स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।
लखनऊ अग्निकांड की गाज मेरठ तक:प्रमुख सचिव ने मेडा के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार को किया निलंबित
लखनऊ में अवैध कोचिंग भवन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद मेडा प्रशासन ने अनिल कुमार से उनके सभी विभागों का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। अनिल कुमार दो वर्ष पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। जांच में सामने आया कि जिस भवन में आग लगी, वह उनके कार्यकाल से पहले बना था और उसे अवैध घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद प्रवर्तन दल की ओर से भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई। प्राथमिक जांच में इस मामले में अनिल कुमार की लापरवाही सामने आने पर शासन ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए। शासन से निलंबन की प्रति मेरठ विकास प्राधिकरण पहुंचते ही प्रशासन ने अनिल कुमार को उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया। उनके पास संपत्ति विभाग सहित चार महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी, जिन्हें अब अन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एलडीए के 18 अन्य अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं अग्निकांड मामले में भवन मालिक और कोचिंग संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल चार अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आरा में गुरुवार रात हथियारबंद बदमाशों ने एक मजदूर को गोली मार दी। काफी करीब से दाहिने साइड पेट में गोली मारी गई है। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान श्री टोला वार्ड नंबर-36 निवासी चंदन यादव(28) के तौर पर हुई है। घटना टाउन थाना क्षेत्र के धरहरा पुल की है। पिता विजय यादव ने बताया कि चंदन घर से पैसा लेकर धरहपा-मुसहर टोली गया था। वहां धीरज ने मेरे बेटे से खाने-पीने के लिए 2 हजार रुपए मांगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसने गोली मार दी। चंदन ने 2 शादी की थी वहीं, दूसरी पत्नी सीमा देवी ने बताया कि पति काम करने के लिए शीतल टोला आते थे। इसी बीच दोनों में मुलाकात हुई। कुछ दिन तक फोन पर बात करने के बाद चंदन ने मुझसे शादी कर ली। धीरे-धीरे दोनों के परिवारों के लोगों को जानकारी हुई। उसके बाद भी मेरे पति अपने घर लेकर नहीं गए। उसने पहली पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। पहली शादी में भी लव मैरिज की थी। हालांकि उसकी हत्या किसने और क्यों कि है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। किसी से दुश्मनी थी या नहीं, इस बारे में भी कुछ पता नहीं है। घर में मचा कोहराम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक किसी लड़की से मिलने के लिए गया था। इसके कारण उसकी हत्या करने की बात सामने आ रही है। पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है। तीन भाई-बहन में सबसे छोटा था। परिवार में पहली पत्नी गीता देवी, दो पुत्र सूरज, दीपक और एक पुत्री चांदनी है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुरैना के पोरसा क्षेत्र में हुसैनपुरा से माधोपुरा तक पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क बनाई जा रही है। लेकिन निर्माण के दौरान ही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनते ही उखड़ने लगी है। उनका कहना है कि सड़क हाथ और पैर से ही उखड़ रही है। इसका वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने अधिकारियों को भेजा है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अब जिम्मेदार अधिकारी कमियों को ठीक कराने की बात कह रहे हैं। देखें तस्वीरें… 3 करोड़ की लागत से बन रही सड़क पोरसा क्षेत्र में ग्राम हुसैनपुरा से ग्राम माधोपुरा तक करीब 4 किलोमीटर लंबी डामर सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग करा रहा है। विभाग ने इसका ठेका नागाइच कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने सड़क की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। सड़क बनते ही हाथ और पैर से उखड़ने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि डामर के नीचे गिट्टी की जगह केवल मिट्टी दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में पहले मिट्टी हटाकर गिट्टी बिछानी थी, उसे समतल कर रोलर चलाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसी वजह से सड़क आसानी से उखड़ रही है। ठेकेदार बोले- कमी होगी तो सुधार देंगे पीडब्ल्यूडी की हुसैनपुरा-माधोपुरा सड़क का निर्माण कर रही नागाइच कंट्रक्शन के प्रोपराइटर ठेकेदार रामनिवास शर्मा के अनुसार सड़क ठीक है अगर कोई कमी है तो आप बता दीजिए हम सही करवा देंगे। वैसे भी अब कम्पटीशन में ज्यादा बचत नहीं होती। एसडीओ बोले- सब इंजीनियर से बात करें सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जब पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एल.एन. गुप्ता से इस बारे में पूछा तो उन्होंने पूरा मामला सब इंजीनियर ब्रजेश शर्मा के पाले में डाल दिया और कहा कि अगर कुछ गलत या अच्छा हुआ है तो वहां के जिम्मेदार वही हैं। सब इंजीनियर बोले- गलत काम का बिल नहीं पास किया जाएगा पीडब्ल्यूडी पोरसा के सब इंजीनियर ब्रजेश शर्मा ने कहा कि अभी सड़क तो ठीक है कोई कमी है तो हम देख कर उसे ठीक करवाएंगे। गलत बिल पास नहीं करेंगे।
आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार ने मृत्युभोज में 'घी के मालपुए' नहीं बनवाए। सादा खाना खिलाया। इससे समाज के लोग इतने नाराज हुए कि इनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। इस गरीब परिवार का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों पर भी यही तुगलकी फरमान लागू किया गया। अब परिवारों को न दुकानदार राशन दे रहा है, न ही कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा है। यहां तक कि रिश्तेदारी में आने-जाने पर भी रोक है। पंचों के फरमान की अनदेखी करने पर 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जिम) का दंड देना होगा। यह पूरा मामला सिरोही के बरलूट थाना इलाके के मंडवारिया गांव का है। पीड़ित परिवारों ने अब जिला कलेक्टर से शिकायत की है। अब सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला... सादा भोजन नागवार गुजरा, पंचों ने समाज से बाहर किया पीड़ित परिवारों ने बताया कि गांव में 5 जून को सदाराम पुत्र बलवाजी का निधन हो गया था। 17 जून को हुए मृत्युभोज में परिवार की माली हालत ठीक न होने के कारण घी के मालपुआ नहीं बनाए जा सके। बेहद सादा भोजन कराया गया। इस बात से समाज के एक दर्जन से अधिक पंच इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने अगले ही दिन 18 जून को फरमान सुनाकर इस परिवार सहित कुल 43 समर्थक परिवारों को समाज से बाहर कर दिया। जीना हुआ दूभर, बच्चे भूखे सोने को मजबूर बहिष्कार की मार झेल रहे परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। गांव के दुकानदार उन्हें राशन का सामान नहीं दे रहे हैं। खेत मालिक उन्हें मजदूरी पर नहीं रख रहे हैं। हद तो यह है कि इन परिवारों को गांव के सार्वजनिक कुएं से पानी तक भरने नहीं दिया जा रहा है। राशन न मिलने के कारण घरों में बच्चे भूखे सो रहे हैं। शादी-ब्याह और रिश्तों पर भी पहरा पंचों की बंदिशें यहीं नहीं रुकीं। पीड़ित परिवारों के घरों में मेहमानों के आने और उनके किसी रिश्तेदारी में जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पीड़ित गोपाल बताते हैं- मेरी बुआ की लड़की की 20 जून को शादी थी। पंचों के डर से मैं शादी में नहीं गया। फरमान है कि यदि कोई जाएगा तो उसे 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जिम) का दंड देना होगा। अन्य पीड़ित भोगीलाल ने बताया- मेरे भाई दिनेश की 24 जून को शादी थी। ननिहाल वालों ने दंड और मालपुए की मांग के डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। इसके चलते शादी में कोई शामिल नहीं हुआ। पीड़ितों की जुबानी तेजाराम- पंचों ने कहा कि हमने सादा भोजन खिलाकर समाज की नाक कटा दी। अब गांव में हमसे कोई बात नहीं करता। कुएं से पानी नहीं लेने दे रहे। गोपाल- पंचों के फरमान का ऐसा डर है कि मैं बुआ की लड़की की शादी तक में नहीं गया। भोगीलाल- मेरे भाई की शादी में कोई रिश्तेदार नहीं आया। ननिहाल वालों ने डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। कमला देवी- हमारी बहू-बेटियों से गांव में कोई बोलता तक नहीं। घी के मालपुआ नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? ये कैसा इंसाफ है? थाने में सुनवाई नहीं, अब कलेक्टर से गुहार पीड़ितों ने 20 जून को बरलूट थाने में नामजद रिपोर्ट दी थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर गुरुवार को सभी 43 परिवारों के लोग सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।उधर, बरलूट थाने के जांच अधिकारी रमेश कुमार ने कहा- परिवाद हमारे पास आया है। जांच चल रही है। यह मामला कोई पुरानी रंजिश का लग रहा है। क्या कहता है कानून? राजस्थान सामाजिक बहिष्कार निषेध अधिनियम 2019 के तहत किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक, आर्थिक या व्यावसायिक बहिष्कार करना गैर-कानूनी और गंभीर अपराध है। जाति, धर्म या रीति-रिवाज के नाम पर हुक्का-पानी बंद करना, सार्वजनिक स्थानों या कुओं से पानी रोकने पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। दरगाह के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने जवाब पेश करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा है। अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश जस्टिस बलजिंदरसिंह संधू ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की है। पीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिस का जवाब देने की स्वतंत्रता भी प्रदान की है। याचिका में कहा-200 साल पुरानी दरगाह याचिका में बताया गया है कि यह दरगाह करीब 200 साल पुरानी है और लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रही है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर साल आयोजित होने वाले उर्स कार्यक्रम को भी स्थानीय प्रशासन अनुमति देता रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी जानकारी दी कि दरगाह के पास स्थित कब्रिस्तान को देखते हुए ग्राम पंचायत ने 2021 में तीन बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था, जो अब तक पेंडिंग है। सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा दरगाह समिति का आरोप है कि जून 2026 में सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के बाद जारी किया गया। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा संरचनाओं के ध्वस्तीकरण संबंधी निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा।
नरसिंहपुर में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। गुरुवार देर शाम तक चले अभियान में 258 घनमीटर अवैध रेत जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग साढ़े तीन लाख रुपए है। इस दौरान अवैध परिवहन में शामिल कई वाहन भी पकड़े गए। नरसिंहपुर तहसील के ग्राम पिठेहरा में राजस्व विभाग के हल्का पटवारी और सहायक खनि अधिकारी दीपा बारेवार ने संयुक्त जांच की। सरकारी जमीन पर दो अलग-अलग स्थानों से 81 घनमीटर अवैध रेत लावारिस हालत में मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। तेंदूखेड़ा तहसील में एक हाईवा को जब्त किया प्रभारी खनि निरीक्षक नीरज कुमार रामटेके ने रात्रि भ्रमण के दौरान तेंदूखेड़ा तहसील क्षेत्र में एक हाईवा को पकड़ा। यह हाईवा ई-टीपी में दर्ज मात्रा से अधिक गिट्टी का परिवहन कर रहा था। वाहन को जब्त कर तेंदूखेड़ा पुलिस थाना की अभिरक्षा में सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, ग्राम रेहली स्थित बारूरेवा नदी में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करते पाए जाने पर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गईं। इन्हें कोतवाली नरसिंहपुर पुलिस को सौंपा गया है। चामचौन और खापा में 177 घनमीटर अवैध रेत जब्त तहसील सांईखेड़ा में तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, खनि निरीक्षक अनुपमा सिंह बघेल, राजस्व अमले और पलोहाबड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम चामचौन में शासकीय भूमि पर कार्रवाई की। आंगनवाड़ी भवन के पीछे दो ढेरों में रखी 141 घनमीटर रेत राजा गुर्जर उर्फ जितेंद्र से जब्त की गई। जब्त रेत को ग्राम कोटवार कैलाश भाईजी पटेल की सुपुर्दगी में दिया गया। इसी प्रकार, ग्राम खापा में निजी भूमि पर 36 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाए जाने पर दीपक भार्गव के खिलाफ कार्रवाई की गई। जब्त रेत को संबंधित व्यक्ति और ग्राम कोटवार आशाराम मेहरा की सुपुर्दगी में सौंपा गया। खनिज विभाग ने बताया कि बिना अनुमति रेत का भंडारण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अवैध भंडारण के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभाग ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
बाराबंकी जनपद के टिकैतगंज कस्बे के दर्जी मोहल्ले में मुहर्रम के अवसर पर पिछले लगभग 50 वर्षों से ताजिया रखने की परंपरा निभाई जा रही है। यह परंपरा क्षेत्र की सामाजिक और धार्मिक एकता का प्रतीक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दर्जी मोहल्ले में ताजिया स्थापित करने की तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। ताजिया निर्माण से लेकर उसकी सजावट तक में मोहल्ले के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इस अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहता है, जो आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देता है। ताजिया व्यवस्था और आयोजन में शाहिद हैदरी, इसरार अहमद, सर्फुद्दीन, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद आमीन, लाइक अहमद, मोहम्मद मुनीर, मुन्ना, सलाहुद्दीन, मोहम्मद कलीम, मोहम्मद महताब, हनीफ, मुनीर अहमद तथा हरिओम कश्यप सहित कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का भी उदाहरण है। वर्षों से लोग मिलजुलकर इस परंपरा को आगे बढ़ाते आ रहे हैं। मुहर्रम के दौरान क्षेत्र में विशेष चहल-पहल रहती है और दूर-दूर से लोग ताजिया देखने के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि बदलते समय के बावजूद यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
यूपी के शामली में शुक्रवार तड़के 5 बजे 50 हजार का इनामी बदमाश मेहताब एनकाउंटर में मारा गया। बदमाश किसान से मोबाइल लूटकर भाग रहा था। पुलिस ने 12 किमी तक पीछा कर उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख उसने कार्बाइन से फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश मारा गया। मुठभेड़ दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कांधला थाना क्षेत्र में हुई। आरोपी मेहताब उर्फ बेचैन मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था। उस पर 34 मुकदमे थे। 1 मार्च को उसने शामली में ही महिला सिपाही से तमंचे के बल पर कुंडल और चेन लूट ली थी। इसके अलावा, एक शुगर मिल के अफसर के साथ भी लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। एनकाउंटर से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए- पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 3 बजे बाबरी थाना क्षेत्र के हाथी करौदा गांव के रहने वाले नरेंद्र और उनके भाई नरेशपाल खेतों में पानी लगाने जा रहे थे। जलालपुर कट के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उनका मोबाइल फोन, बाइक की चाबी और 180 रुपए लूट लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने फायरिंग की और फरार हो गए। किसानों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चेकिंग शुरू की। पुलिस टीम ने बदमाशों को ट्रेस कर लिया। पता चला कि बदमाश जलालपुर कट के आसपास ही हैं। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाशों को पुलिस के आने की भनक लग गई। दोनों बदमाश भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। करीब 12 किमी तक पीछा करने के बाद खंद्रावली पुलिया के पास दोनों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे दो गोलियां लग गईं। वह जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
शुक्रवार भस्म आरती दर्शन:बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन और जलाभिषेक कर भांग, चंदन, मेवे से श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया। इसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा लेकर सभा मंडप के रजत (चांदी) पट खोले गए। गर्भगृह के पट खोलने के बाद पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर पंचामृत पूजन किया तथा कर्पूर आरती उतारी। वहीं, नंदी मंडप में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को भांग, चंदन, ड्राय फ्रूट और भस्म अर्पित की गई। साथ ही रजत शेषनाग, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं धारण कराई गईं। इसके पश्चात फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
बांसवाड़ा में मोहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात 9वीं के मौके पर शहर में पारंपरिक जुल्फिकार का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। नमाज-ए-इशा के बाद पृथ्वीगंज मस्जिद में सिंधीवाड़ा पंच की ओर से जुल्फिकार बांधने की रस्म अदा की गई। रस्म पूरी होने के बाद अकीदतमंदों ने मन्नतें पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी से बने विभिन्न प्रतीक चढ़ाए। जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जबकि ढोल-ताशों की गूंज के बीच मातम करते हुए अकीदतमंद शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। जुल्फिकार पर चढ़ाए चांदी के ताजिए जुल्फिकार बांधने की रस्म गोरी परिवार और सिंधीवाड़ा पंच के सदस्यों की ओर से कराई गई। इसके बाद जुल्फिकार पर चांदी के ताजिए, नींबू, हाथ, जुबान, आंखें और गुलाब के फूलों के सेहरे चढ़ाए गए। सबसे पहले पृथ्वीगंज मस्जिद स्थित मुकामी ताजिए को सलामी दी गई, जिसके बाद अकीदतमंदों ने उसकी परिक्रमा की। शहर के प्रमुख मार्गों से निकला जुलूस जुल्फिकार का जुलूस पृथ्वीगंज मस्जिद से तेलीवाड़ा, कस्टम चौराहा, पुराना बस स्टैंड, गांधी मूर्ति और पीपली चौक होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा, जहां मुकामी ताजिए को सलामी दी गई। इसके बाद कंधारवाड़ी, मकरानीवाड़ा और गोरख इमली पहुंचकर भी मुकामी ताजियों को सलामी अर्पित की गई। देर रात पृथ्वीगंज, गोरख इमली, कंधारवाड़ी और मकरानीवाड़ा के मुकामी एवं मन्नती ताजियों का मुकाम उठाया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे। युवाओं ने दिखाए करतब, मस्जिदों में हुई इबादत जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। वहीं शहर में कई स्थानों पर सबीलें लगाकर शर्बत और पानी का वितरण किया गया। रात में मस्जिदों में कलाम-ए-पाक की तिलावत, नमाज और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर तकरीर हुई। गुरुवार को समाज के लोगों ने 9वीं का रोजा रखा और शाम को मगरिब की अजान के साथ रोजा इफ्तार किया। मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं चांदी के प्रतीक सिंधीवाड़ा पंच के रईस भाई ने बताया कि अकीदतमंद हर वर्ष मन्नत पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी के नींबू, हाथ, पैर, ताजिए, मकान, गाड़ी, लड़का, लड़की और बच्चों के झूले जैसे प्रतीक चढ़ाते हैं। दसवीं के दिन इन चांदी के प्रतीकों को उतार लिया जाता है और अगले वर्ष कम हदिए में संबंधित श्रद्धालुओं को वापस दे दिया जाता है। हुसैनी चौक निवासी सादिक खान ने मन्नत पूरी होने पर चांदी से बना लड़का चढ़ाया, जबकि राजतालाब निवासी इकबाल खान ने चांदी से बनी आंखें अर्पित कीं। खास बात यह है कि वर्षों से हिंदू समाज के लोग भी अपनी मन्नत पूरी होने पर चांदी के नींबू सहित अन्य प्रतीक चढ़ाते आ रहे हैं, जो शहर में सर्वधर्म समभाव की मिसाल माना जाता है।
प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी में प्रयागराज की वरिष्ठ भाजपा नेत्री और चिकित्सक डॉ. कीर्तिका अग्रवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहीं डॉ. अग्रवाल ने इसे शीर्ष नेतृत्व का विश्वास बताते हुए कहा कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाने के लिए पूरी क्षमता से काम करेंगी। प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद बातचीत में डॉ. कीर्तिका अग्रवाल ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी ने मेरे ऊपर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी। 2027 के चुनाव को लेकर संगठन जो भी रणनीति तय करेगा, उसके अनुसार कार्य करते हुए भाजपा की सरकार बनाने में अपना अधिकतम योगदान दूंगी।’ मातृशक्ति भाजपा की सबसे बड़ी ताकतसंगठन को मजबूत करने की रणनीति पर डॉ. अग्रवाल ने महिलाओं की भूमिका को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस बार प्रदेश टीम में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है और मातृशक्ति हमेशा से पार्टी की रीढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी और समर्थन भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। पार्टी का पूरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन और जनसंपर्क अभियानों से जोड़ा जाए।विपक्ष के आरोपों को किया खारिज भाजपा पर महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व देने के विपक्ष के आरोपों पर डॉ. अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नई प्रदेश टीम खुद इस बात का जवाब है कि भाजपा महिलाओं को नेतृत्व में कितना महत्व देती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम आरोप लगाना है, लेकिन भाजपा में महिलाओं को वास्तविक जिम्मेदारियां दी जाती हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के परिश्रम को पहचानती है और सही समय पर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी देती है। महिला मोर्चा का अनुभव आएगा काम डॉ. कीर्तिका अग्रवाल करीब आठ वर्षों तक भाजपा महिला मोर्चा में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। वह प्रदेश मंत्री और बाद में प्रदेश महामंत्री के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा में काम करते हुए उन्हें प्रदेश भर की महिला कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक ढांचे को करीब से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी निभाने में काफी मददगार साबित होगा। राजनीति में आने वाली महिलाओं को दिया संदेश राजनीति में आने की इच्छुक महिलाओं के लिए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ता के रूप में काम करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल पद प्राप्त करने की सोच के साथ नहीं बल्कि राष्ट्रहित और संगठन के लिए काम करने की भावना से आना चाहिए। पार्टी नेतृत्व लगातार कार्यकर्ताओं के काम पर नजर रखता है और योग्य लोगों को समय आने पर आगे बढ़ने का मौका देता है। डॉक्टर और राजनेता, दोनों जिम्मेदारियां निभाना चुनौतीपूर्ण एक चिकित्सक और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में दोहरी जिम्मेदारियों को लेकर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दोनों क्षेत्र पूरी प्रतिबद्धता और समय की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन वर्षों से दोनों जिम्मेदारियों को संतुलित तरीके से निभाया जा रहा है और आगे भी जरूरत के अनुसार दोनों क्षेत्रों में काम जारी रहेगा। प्रदेश की राजनीति और 2027 के चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करने वाली पार्टी है और जनता इस बात को भलीभांति समझती है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भाजपा के सामने कोई ऐसी चुनौती नहीं दिखती जो पार्टी को कमजोर कर सके। यदि भविष्य में कोई चुनौती आती भी है तो पार्टी उसका मजबूती से सामना करेगी। कौन हैं डॉ. कीर्तिका अग्रवाल?
जालंधर के थाना बस्ती बावा खेल स्थित मछी मार्केट में ऑटो ड्राइवर से साढ़े 8 हजार रुपए की लूट हो गई। ऑटो ड्राइवर के कैश बॉक्स से ठेकेदार और उसके साथियों ने जबरन पैसे निकाल लिए। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीसीआर से सूचना मिलने पर हेड कांस्टेबल भगवंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को पीसीआर के जरिए एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें एक ऑटो ड्राइवर के साथ लूटपाट की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल भगवंत सिंह पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़ित और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर शुरुआती कार्रवाई पूरी की। अब विस्तार से जानिए क्या है मामला:- ठेकेदार और उसके साथियों पर लूट का आरोप: पीड़ित ऑटो ड्राइवर की पहचान बिट्टू के रूप में हुई है। बिट्टू ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि गुरुवार को लल्लन कुमार नामक ठेकेदार और उसके साथ आए कुछ अन्य लोगों ने उसे घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने जबरन उसके ऑटो के कैश बॉक्स से ₹8,500 कैश निकाल लिए और मौके से फरार हो गए। बिहार के रहने वाले हैं आरोपी, मछली मार्केट में करते हैं काम: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वर्तमान में ये सभी मछली मार्केट में मछली कारोबार से जुड़े हुए हैं और वहीं काम करते हैं। पुलिस आरोपियों के ठिकानों और उनके कार्यस्थलों पर नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि इनका कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं है। सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत: हेड कांस्टेबल भगवंत सिंह ने बताया कि वारदात स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर पूरी घटना साफ तौर पर दिखाई दी है। पुलिस इस फुटेज को एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख रही है, जिससे आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई मजबूत होने की उम्मीद है। ऑटो का नंबर नोट कर कानूनी कार्रवाई शुरू पुलिस के अनुसार, पीड़ित ऑटो ड्राइवर बिट्टू की लिखित शिकायत दर्ज कर ली गई है। वारदात के समय इस्तेमाल की गई गाड़ी और पीड़ित के ऑटो का नंबर भी पुलिस रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिंड जिले की रौन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को उसके गांव में जुलूस निकाला। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक किसान की कृषि भूमि अपने और अपने परिजनों के नाम कराने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी फरियादी को लगातार धमका रहा था। रौन थाना पुलिस के अनुसार, इंदुर्खी गांव निवासी मुन्ना खां ने बिरौना गांव के रहने वाले महादेव सिंह के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि महादेव सिंह ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर कृषि भूमि की रजिस्ट्री अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम करा ली। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश पर रौन पुलिस ने महादेव सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस ने आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। गांव के लोगों को डराता था इसलिए निकाला जुलूस पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का क्षेत्र में प्रभाव था और उसके खिलाफ ग्रामीण खुलकर बोलने से कतराते थे। इसी कारण गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का बिरौना और इंदुर्खी गांव में जुलूस निकाला, ताकि लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़े और अपराधियों में पुलिस का डर बना रहे। जुलूस निकालने के बाद पुलिस आरोपी को रौन थाने लेकर पहुंची, जहां जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की भी जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खेती में पानी का संकट बढ़ा तो शुरू की नर्सरी:सालाना 20 लाख रुपए की कमाई, ताऊ से काम सीखकर बनाई पहचान
सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। करीब 10 साल पहले दो बीघा जमीन से शुरू की गई नर्सरी आज 30 से ज्यादा वैरायटी के पौधों तक पहुंच गई है। अब सालभर में एक लाख से ज्यादा पौधे बेचकर नर्सरी और गार्डन डेवलपमेंट के काम से 20 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। खुद ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन बेटे को एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। किसान का मानना है कि आने वाला समय खेती और इससे जुड़े व्यवसायों का है, जिसमें युवाओं के लिए बेहतर अवसर हैं। म्हारे देस की खेती में आज बात नागौर के किसान की… नागौर के रियांबड़ी के किसान घनश्याम माली (45) ने परंपरागत खेती से अलग रास्ता चुनकर अपनी पहचान बनाई है। घनश्याम 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन खेती और पौधों के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव उन्हें सफल उद्यमी बना चुका है। उनके पिता रतनालाल (70) किसान हैं। घनश्याम का एक भाई है। घनश्याम के एक बेटा और चार बेटियां हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटे लक्की ने एग्रीकल्चर सब्जेक्ट से 12वीं पास की है और अब एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा है। घनश्याम का मानना है कि आने वाला समय कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों का है, इसलिए वे अपने बच्चों को भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। अजमेर में ताऊ से सीखा बागवानी का काम घनश्याम माली के ताऊ सत्यनारायण अजमेर नगर परिषद में बागवान के पद पर कार्यरत थे। बचपन से ही पेड़-पौधों के बीच पले-बढ़े घनश्याम कुछ नया करना चाहते थे। इलाके में पानी की कमी के कारण खेती लगातार मुश्किल होती जा रही थी। ऐसे में वे साल 2006 में अजमेर चले गए और ताऊ के साथ रहकर बागवानी का काम सीखना शुरू किया। वहां सात साल तक उन्होंने घास लगाने, पौधों की देखभाल, गार्डन डिजाइनिंग, पेड़ों की कटिंग-छंटाई और रखरखाव जैसे काम सीखे। गार्डन डेवलप करने से शुरुआत, फिर शुरू की अपनी नर्सरी घनश्याम ने विभिन्न शहरों में गार्डन डेवलपमेंट का काम किया। इसका उन्हें 20 साल का अनुभव है। अनुभव बढ़ने के बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने अपनी नर्सरी शुरू की। आज उनकी दो बीघा में फैली नर्सरी में 30 से ज्यादा किस्मों के फलदार, फूलदार, सजावटी और छायादार पौधे तैयार किए जाते हैं। वे कई पौधे खुद बीज और ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार करते हैं, जबकि कुछ विशेष किस्मों के पौधे उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पुणे (महाराष्ट्र) से मंगवाते हैं। सालभर में 1 लाख से ज्यादा पौधे बेचते हैं घनश्याम माली के अनुसार, नर्सरी से हर साल एक लाख से ज्यादा पौधे बिकते हैं। वे केवल पौधे ही नहीं बेचते, बल्कि घर, फार्म हाउस, होटल, स्कूल और सरकारी परिसरों के लिए गार्डन डेवलपमेंट का काम भी करते हैं। इसके लिए क्षेत्रफल और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग कमाई होती है। नागौर के अलावा अजमेर, पाली, सीकर, कुचामन, बीकानेर और आसपास के कई जिलों में वे गार्डन तैयार कर चुके हैं। छोटा पौधा, बड़ी कमाई का फॉर्मूला घनश्याम बताते हैं कि नर्सरी का व्यवसाय कम जमीन में अधिक आय देने वाला काम है। उदाहरण के तौर पर पांच फीट का पौधा करीब 50 रुपए में बिक जाता है। यदि एक साथ 1000 पौधे भी बिक जाएं तो अच्छी आय हो जाती है। उनके अनुसार, फसलों की खेती में मौसम, कीट और रोगों का जोखिम बना रहता है, जबकि नर्सरी व्यवसाय में सही देखभाल के साथ नुकसान की आशंका कम रहती है। नौकरी से बेहतर है हुनर को कारोबार बनाना घनश्याम का मानना है कि जिस काम की जानकारी हो, उसे नौकरी की बजाय व्यवसाय के रूप में किया जाए तो ज्यादा सफलता मिल सकती है। वे कहते हैं कि शुरुआत से खेती और पौधों के बीच रहने के कारण यह काम उन्हें सहज लगा। इसी अनुभव को उन्होंने रोजगार में बदला और आज सालाना करीब 20 लाख रुपए तक की आय कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवा यदि आधुनिक खेती, नर्सरी और बागवानी को अपनाएं तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनपुट सहयोग : विशनाराम सैनी, रियांबड़ी, नागौर --- खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... जीएसटी अधिकारी कर रहे ऑर्गेनिक खेती, 10 लाख की कमाई:घर की छत पर उगाई सब्जियां; डार्क जोन में बनवाया 70 लाख लीटर क्षमता का तालाब बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सब्जियां केमिकल खाद से उगाई जा रही हैं। ऐसे में आपकी थाली में शुद्ध खाना अब जरूरत भी है और चुनौती भी। पूरी खबर पढ़िए
चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली से आए निहंग वापस लौट गए हैं। देर रात तक डीएम देहरादून आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के साथ हुई बातचीत सफल रही। डीएम ने बताया कि निहंग पांवटा साहिब लौट गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है। पांवटा साहिब में मौजूद 150 निहंगों से भी बातचीत की गई, जो सकारात्मक रही। वहीं, निहंगों की तरफ से इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल देहरादून-हिमाचल बॉर्डर पर शांति है। इससे पहले देर रात 8 निहंग हिमाचल बॉर्डर पर पहुंचे और उत्तराखंड के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान उनकी सुरक्षा बलों से बहस हो गई, जिसके बाद उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़कर देहरादून में प्रवेश कर लिया। इसके बाद ये निहंग आगे बढ़ गए। मौके पर तैनात पुलिस और आईटीबीपी के जवानों के सामने ही वे तलवारें लहराते हुए देहरादून-पांवटा हाईवे की ओर बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से खड़े किए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ की। इसके बाद रात करीब एक बजे 10 से 15 निहंग देहरादून के रेसकोर्स गुरुद्वारे पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। इसके बाद रात दो से ढाई बजे तक बातचीत चली, जो सफल रही। इसके बाद निहंगों ने वापस लौटने का फैसला लिया। लेकिन अभी भी कई निहंगों के उत्तराखंड में होने की सूचना है। तस्वीरें देखिए- पूरी नहीं की गई निहंगों की मांग कूच करने से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिखों ने एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कर्णप्रयाग में हुई घटना में गिरफ्तार उनके साथियों को रिहा किया जाए और मामले में दर्ज एफआईआर रद्द की जाए। साथ ही, घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, निहंगों की ये मांग अभी पूरी नहीं हुई है और उनके साथी अब भी पुलिस की हिरासत में हैं। क्या था पूरा मामला ? पूरा विवाद 16 जून की घटना से जुड़ा है। जब कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए मामूली विवाद में कथित तौर पर तलवार से किए गए हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना में एक निहंग सिख भी घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर चार निहंग सिखों को अरेस्ट किया था। इस घटना के बाद 20 जून की दोपहर निहंग सिख एक सिख श्रद्धालु को बंधक बनाकर रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। ये गतिरोध 23 जून को खत्म हो गया था और छत पर चढ़े निहंग भी नीचे उतर आए थे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। निहंगों का एक जत्था गुरुवार को मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदान से उत्तराखंड की ओर कूच कर गए। 16 जून से अब तक की पूरी टाइमलाइन 1. 16 जून कर्णप्रयाग बाजार में हिंसक झड़प- हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक जत्थे की बाइक कर्णप्रयाग बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई, जिसके बाद दोनों पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवारों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। एक गंभीर घायल होटल व्यवसायी को एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया।स्थानीय व्यापारियों ने बद्रीनाथ हाईवे पर 5 घंटे चक्काजाम किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 आरोपी निहंगों को गिरफ्तार कर लिया। 2. 20 जून- दूसरे पक्ष पर भी काउंटर FIR दर्ज- सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद एक घायल श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर कर्णप्रयाग कोतवाली में स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी काउंटर FIR दर्ज की गई। 3. 20 जून (शाम)- नगरासू गुरुद्वारे में नया विवाद और बंधक संकट- कर्णप्रयाग की घटना से नाराज निहंगों का जत्था रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में ठहर गया। शनिवार शाम विवाद इतना बढ़ा कि आरोप के मुताबिक निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की और एक व्यक्ति को बंधक बना लिया। इसके बाद वे हथियारों के साथ ऊपरी मंजिल पर चले गए और खुद को बंद कर लिया। 4. 21 जून- भारी पुलिस बल की घेराबंदी और इंटरनेट बंद- मौके पर पुलिस, PAC और ITBP के जवानों ने पूरे गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया। डीएम विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में निहंगों ने इनकार कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। 5. 22 जून- बातचीत के बाद बंधक मुक्त, आपसी सहमति- प्रशासन, सिख प्रतिनिधियों और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद निहंगों ने बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित मुक्त कर दिया। निहंगों ने वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन के सहयोग की बात कही। 6. 23 जून- निष्पक्ष जांच के लिए केस हरिद्वार ट्रांसफर- आईजी गढ़वाल की रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने कर्णप्रयाग में दर्ज दोनों FIR की जांच चमोली से हरिद्वार ट्रांसफर कर दी, जिसकी निगरानी एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपी गई। बिना दस्तार (पगड़ी) के कोर्ट में पेश करने के आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह चौहान को सौंपी गई, जिन्हें 2 हफ्ते में रिपोर्ट देनी है। 7. 24-25 जून- पंजाब लौटे निहंग और संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू- नगरासू गुरुद्वारे में डटे निहंग, पंजाब से आए दूसरे जत्थे से मुलाकात के बाद मंगलवार को वापस पंजाब लौट गए और गुरुद्वारे की व्यवस्था बाबा बेअंत सिंह को सौंप दी गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील क्षेत्रों में BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई, जो 27 जून तक प्रभावी है। 8. 25 जून- एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर दोबारा कूच और उत्तराखंड बॉर्डर पर तनातनी- पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से करीब 150 से 200 निहंगों का जत्था कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार 4 निहंगों की एफआईआर रद्द करने और उनकी रिहाई की मांग को लेकर दोबारा उत्तराखंड (देहरादून) के लिए कूच कर गया। हिमाचल के रास्ते आए निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने उत्तराखंड के कुल्हाड़ चेकपोस्ट (बॉर्डर) पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका। इस दौरान निहंगों ने तलवारें और लाठी-डंडे लहराते हुए पुलिस के बैरियर तोड़ दिए और रोकने के लिए खड़े किए गए दो डंपरों में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद वे देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर बढ़ गए, जिससे भारी तनाव फैल गया। पूरे बॉर्डर पर ITBP और PAC तैनात कर दी गई। 9. 25 जून (देर रात)- मैराथन बैठक सफल, निहंग वापस लौटे, स्थिति नियंत्रण में- देहरादून के प्रेमनगर और रेसकोर्स क्षेत्र तक पहुंचे निहंगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। देर रात देहरादून के डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने निहंगों के नेतृत्वकर्ताओं और संगत के साथ मैराथन सकारात्मक बातचीत की। पुलिस-प्रशासन के साथ हुई इस लंबी और सफल वार्ता के बाद निहंगों का जत्था वापस हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब लौट गया है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और देहरादून-हिमाचल बॉर्डर पर अब शांति है। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में पंजाब के निहंग हिरासत में:बॉर्डर पर झड़प के बाद पथराव और डंडे फेंके, पुलिस तलाश में जुटी चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली से निहंग सिखों का जत्था उत्तराखंड में घुस चुका है, जिससे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पांवटा साहिब गुरुद्वारा (हिमाचल) से आगे बढ़कर वे उत्तराखंड-हिमाचल सीमा स्थित कुल्हाल बॉर्डर पहुंचे, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। (पढ़ें पूरी खबर)
कैथल में पुलिस ने अल सुबह करीब 4:00 बजे मुठभेड़ में दो भाइयों का एनकाउंटर कर दिया। दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है। वे चीका में करोड़ों रुपए चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। पुलिस के पास जैसे ही सूचना पहुंची कि दोनों बदमाश आज कैथल में हैं तो टीम उनके पीछे लग गई। आरोपियों ने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चला दी, जो दोनों बदमाशों के पैरों में लगी और उन्हें दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी सोहन सिंह और धर्मबीर, निवासी मौड़ मंडी, जिला बठिंडा (पंजाब), दोनों 5-5 हजार का इनामी बदमाश हैं। किसी वारदाता की फिराक में थे दोनों स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों की टीम अपराधियों की तलाश एवं गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि 9 जून को कस्बा चीका में हुई लाखों रुपए की चोरी में शामिल 2 शातिर अपराधी होंडा WR-V कार में पुंडरी क्षेत्र में घूम रहे हैं तथा किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया। आरोपी वाहन को तेज गति से भगाकर भागने लगे। पीछा करने पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस पर अवैध पिस्तौलों से जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। अवैध पिस्तौल और वाहन बरामद पुलिस टीम ने पहले आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी तथा हवाई फायर किए। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा लगातार पुलिस पर फायरिंग जारी रखने पर जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें धर्मबीर के बाएं पैर तथा सोहन सिंह के दाएं पैर में गोली लगी। दोनों आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया गया। घायलों को सरकारी अस्पताल भेजा गया। मौके से दो अवैध 32 बोर देसी पिस्तौल और इस्तेमाल किया गया वाहन बरामद किया है। चोरी की वारदात में शामिल थे आरोपी प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी 9 जून को कस्बा चीका के हुड्डा सेक्टर में हुई बड़ी चोरी की वारदात में भी शामिल थे। इस संबंध में आगे की जांच जारी है। पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप तहत थाना पूंडरी में केस दर्ज किया गया। मामले की गहन जांच जारी है तथा आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
यूपी के कौशांबी में शुक्रवार सुबह 7 बजे LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। इसके बाद तेज धमाका हुआ। फिर आग लग गई। हादसे में 5 टोल कर्मचारी झुलस गए। टैंकर के ड्राइवर और कंडक्टर ने कूदकर जान बचाई। 2 किमी दूर से धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। झुलसे हुए कर्मचारी सड़क पर तड़पते दिखाई दिए। आग की लपटें देखकर टोल के दोनों तरफ बस और कारों की लंबी लाइन लग गई। अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आग इतनी विकराल थी कि कोई उसके पास जाने कही हिम्मत नहीं जुटा पाया। फिलहाल, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने की कोशिश में जुटी हुई है। हादसा जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुआ। हादसे की तस्वीरें देखिए- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और 2 कारें जलीं टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया- हादसे से 10 मिनट हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। पता नहीं अचानक क्या हुआ कि पूरी गाड़ी एकदम धड़ाम से गिर गई। उसके बाद गैस लीक होने लगी। अचानक आग भड़क गई। आग प्लाजा सटे यार्ड और टॉयलेट तक फैल गई। यार्ड में खड़ी 16 से ज्यादा बाइकें और 2 कारें जलकर राख हो गईं। यार्ड में टोल कर्मचारी अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं। इस दौरान पास में बने टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर आलोक पांडे भी बुरी तरह झुलस गए हैं। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया- कोखराज टोल प्लाजा के पास आग की सूचना मिलते ही तुरंत जिले की सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और सिविल पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक रुकवाया गया। उसके बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। ट्रैफिक को अब धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए-यूपी में 48 घंटे में आएगा मानसून:32 शहरों में बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में हीटवेव चलेगी, पारा 44C पार यूपी में मानसून अगले 24 से 48 घंटों के अंदर एंट्री कर सकता है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि प्रदेश में मानसून के लिए अनुकूल मौसमी सिस्टम तैयार हो गया है। मानसून 1-2 दिनों में यानी 28 जून तक बिहार बॉर्डर से गोरखपुर-महराजगंज के रास्ते प्रदेश में एंट्री कर सकता है। 29 जून तक लखनऊ पहुंच सकता है। 1-2 जुलाई तक पूरे यूपी में छा सकता है। पूरी खबर पढ़िए
गुना में ग्रामीण आजीविका मिशन में 3.74 करोड़ की गड़बड़ी के मामले में FIR दर्ज की गई है। मामले में अकाउंटेंट, सहायक वित्त प्रबंधक और तत्कालीन जिला परियोजना प्रबंधक को आरोपी बनाया गया है। दैनिक भास्कर ने 14 जून को प्रकाशित खबर में बताया था कि गड़बड़ी 3 करोड़ से ज्यादा की है। बता दें कि मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में गठित स्व-सहायता समूहों और उनके सामुदायिक संगठनों के वित्तीय लेन-देन की जानकारी भारत सरकार द्वारा बनाए गए लोकोस (LOKOS) पोर्टल पर दर्ज की जाती है। किस समूह को कितना पैसा गया और कब-कब भुगतान हुआ, इसकी जानकारी इसी पोर्टल पर रहती है। पोर्टल पर दिखाई राशि लेकिन बैंक रिकॉर्ड में नहींइसी दौरान मई महीने में कार्रवाई के तहत मिशन के वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (FDM) पोर्टल और लोकोस पोर्टल के आंकड़ों का मिलान किया गया। इसमें प्रतिज्ञा सीएलएफ, विकासखंड गुना से जुड़ी 90.25 लाख रुपये की राशि में गड़बड़ी सामने आई। FDM पोर्टल पर यह राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन बैंक रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट की जांच में यह राशि वास्तव में नहीं मिली। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विभाग में हड़कंप मच गया। जिला पंचायत CEO ने तीन सदस्यों की टीम बनाकर जांच के आदेश दिए। साथ ही राज्य स्तर पर भी इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद राज्य की टीम भी जांच कर रही है। मामले में वित्तीय रिकॉर्ड, पोर्टल पर दर्ज जानकारी और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरी गड़बड़ी वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान हुई। उस समय विष्णु पंवार DPM के पद पर पदस्थ थे। वहीं मनोज जैन अकाउंटेंट और अमित अग्रवाल सहायक वित्त प्रबंधक थे। जांच के दौरान वर्ष 2019 से 2025 तक के खातों की पड़ताल की गई। इसमें गड़बड़ी बढ़कर 3.74 करोड़ रुपये की निकली। निजी व्यक्तियों और संस्थाओं को भेजा गया पैसा जांच में सामने आया कि जिन हितग्राहियों को पैसा मिलना था, उनकी जगह निजी व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों में राशि भेजी गई। हालांकि, जिला परियोजना प्रबंधक विष्णु पंवार 11 फरवरी 2019 को राजगढ़ जिले में पदस्थ हो गए थे। इसके बाद भी उनके हस्ताक्षरों का इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन में होता रहा। राज्य स्तरीय समिति ने की थी FIR की सिफारिश राज्य स्तरीय जांच समिति ने मामले को केवल विभागीय लापरवाही नहीं माना। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती जांच में मामला सरकारी धन की अफरा-तफरी, गंभीर वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी से जुड़ा प्रतीत होता है। इसी आधार पर कलेक्टर गुना के माध्यम से FIR दर्ज कर विस्तृत आपराधिक जांच कराने की सिफारिश की गई थी। पत्र में यह भी कहा गया था कि पंजाब नेशनल बैंक के संबंधित खाते में पहुंची राशि किन खातों से आई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और किसकी मंजूरी से भुगतान किए गए, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जाए। साथ ही खाते से निकाली गई पूरी राशि का विवरण भी मांगा गया था। कैंट थाने में FIR दर्ज गुरुवार को ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपी कमठान ने कैंट थाने में जिला परियोजना समन्वयक की ओर से आवेदन दिया। इसके आधार पर कैंट पुलिस ने अमित अग्रवाल, मनोज जैन और विष्णु पंवार के खिलाफ FIR दर्ज की है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गुना आजीविका मिशन में गबन गुना जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 90 लाख रुपए से ज्यादा की वित्तीय गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। स्व-सहायता समूहों (SHG) को दी जाने वाली यह राशि हितग्राहियों के वास्तविक खातों में पहुंची ही नहीं। मई महीने में दो सरकारी पोर्टलों के आंकड़ों के मिलान के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने 3 सदस्यीय टीम गठित कर दी है और राज्य स्तर की टीम भी जांच में जुट गई है। पूरी खबर पढ़ें…
खैरथल काॅलेज में बी.ए. फर्स्ट ईयर के पहले सेमेस्टर में एडमिशन के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट और वेटिंग लिस्ट जारी कर दी गई है। इन सूचियों में शामिल, जिन छात्रों ने अभी तक डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शुल्क जमा नहीं करवाया है, उन्हें 29 जून तक अपने दस्तावेज जमा करवाकर ई-मित्र पर शुल्क जमा करवाना होगा। शुल्क जमा करवा चुके विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की दूसरी लिस्ट 30 जून को जारी की जाएगी। कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट से 14 दिनों तक रिमांड मांगेगी। दरअसल, गुरुवार शाम चढ़ावा चोरी मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। केस श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज हुआ। इसमें टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया। इनमें अधिकांश चढ़ावा गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। हालांकि, FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। यूपी सरकार ने 13 जून को ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT बनाई थी। SIT ने 23 जून को यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। संजय प्रसाद ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं। इास बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह 11 बजे रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वह गुरुवार शाम अयोध्या पहुंच गए थे। उन्होंने कहा था- इन लोगों ने भगवान के पवित्र घर में सिर्फ चोरी ही नहीं की, बल्कि सरेआम डाका डाला है, जिससे मेरा मन बेहद व्यथित है। जिन 8 आरोपियों पर FIR, उन्हें जानिए FIR में चंपत राय का नाम तय माना जा रहा था इससे पहले सूत्रों से जानकारी सामने आई थी कि SIT ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा था। SIT को जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां टिन्नू के पास मिलीं थी। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया। राम मंदिर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

