भारत के टॉप 10 सबसे अमीर मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 के मुताबिक तिरुपति बालाजी मंदिर ₹3.38 लाख करोड़ की चल-अचल संपत्ति के साथ दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक का डेटा देखें तो तिरुपति मंदिर की कुल संपत्ति साइप्रस, आइसलैंड, एस्टोनिया जैसे 100 छोटे देशों की GDP से भी ज्यादा है। यहां सामान्य और खास दिनों में औसतन ₹1 से 5 करोड़ तक का चढ़ावा आता है। इस साल 17 मार्च को एक ही दिन ₹4.88 करोड़ का चढ़ावा आया। इसी तरह प्राचीन खजाने के मामले में केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर सबसे अमीर है। इसकी संपत्ति का 99% हिस्सा ‘प्राचीन खजाने’ के रूप में है, जिसमें सोने की मूर्तियां, सिक्के और हीरे शामिल हैं। इसका आज बाजार मूल्य ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा है। इसे सरकार और सुप्रीम कोर्ट का संरक्षण है। तिरुपति की संपत्ति 2 साल में 35% बढ़ी टॉप-3 धर्मस्थलों की कुल संपत्ति मार्च 2024 के बाद से अब तक काफी बढ़ी है। लेकिन इसकी बड़ी वजह सोना है। उस वक्त सोना ₹65 हजार प्रति 10 ग्राम के आसपास था। आज ₹1.50 लाख है। इस तरह तिरुपति मंदिर की संपत्ति इन दो साल में 35%, पद्मनाभस्वामी की 100% तो जगन्नाथ पुरी मंदिर की करीब 50% बढ़ चुकी है। जबकि इन मंदिरों के नकद दान में कुल 10 से 12% की ही बढ़ोतरी हुई है। मंदिर की आय का एक बड़ा हिस्सा उन 11 टन से अधिक सोने के भंडार पर मिलने वाले ब्याज से आता है, जो देश के विभिन्न बैंकों में जमा है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ जमीन डेटा के मुताबिक पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन है। ये जमीन ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में है। 6 राज्यों में भी मंदिर की 395 एकड़ जमीन है। मंदिर में मौजूद खजाना, जमीन और अन्य चल-अचल संपत्तियों का मूल्य ₹1.2 लाख करोड़ तक है। अयोध्या के राम मंदिर में रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान दो वर्षों में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्म भूमि मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है।
दैनिक भास्कर एप की ओर से करवाए गए सरपंच रेटिंग सर्वे के बाद उसका रिजल्ट जारी किया गया है। इस सर्वे के जरिए लोगों ने अपने गांव के सरपंच को उसके कामकाज के आधार पर रेटिंग दी। लोगों को सड़क, नाली, रोड लाइट, शौचालय और पानी जैसे पांच मुद्दों पर सवाल दिए गए थे। पूछा गया था कि इन सवालों पर वे अपने सरपंच को कितने (1 से 5 तक) नंबर देंगे। सर्वे में राजस्थान से आठ लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। पूरे प्रदेश में टॉप-5 में 121 सरपंचों को जगह मिली है। प्रदेश में पहली रैंक हनुमानगढ़ जिले की राजपुरा पंचायत समिति में रासलाना के सरपंच भीम सिंह को मिली है। उन्हें पांच में से पांच नंबर मिले। प्रदेश स्तर पर सबसे अधिक 56 लोगों को पांचवीं रैंक मिली है। दूसरी रैंक में 8 सरपंचप्रदेश स्तर पर दूसरी रैंक में आठ सरपंचों को जगह मिली है। इनमें चार महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को 4.9 नंबर मिले। तीसरी रैंक में 20 सरपंचराज्य में तीसरी रैंक में 20 सरपंच शामिल हुए हैं। इन सभी को 4.8 नंबर मिले। इनमें सबसे अधिक टोंक के तीन सरपंच शामिल हैं। चौथी रैंक में 36 सरपंचों के नामसरपंच सर्वे में राज्य स्तर पर चौथे स्थान पर 36 सरपंच रहे। इन सभी को 4.7 नंबर मिले हैं। पांचवी रैंक में 56 सरपंचों ने जगह बनाईदैनिक भास्कर सरपंच सर्वे में राज्य स्तर पर पांचवीं रैंक में सबसे अधिक 56 सरपंचों के नाम हैं। पूरे राजस्थान के सरपंच का रिजल्ट, एक क्लिक मेंदैनिक भास्कर एप में आप आसानी से अपने सरपंच का रिजल्ट भी देख सकेंगे। अगर आप पहले ही इस सर्वे में हिस्सा ले चुके हैं तो आपको अपनी पंचायत नहीं चुननी होगी। सीधे एक क्लिक पर अपनी पंचायत का परिणाम देखने को मिल जाएगा। अन्य पाठकों को एक बार अपना जिला और पंचायत को चुनना होगा। यहां क्लिक कर देखें रिजल्ट। दूसरे गांव के सरपंचों की रेटिंग भी देखेंअपने गांव के सरपंच का रिजल्ट देखने के बाद आप राज्य के किसी भी अन्य गांव के सरपंच की रेटिंग भी देख सकते हैं। जिस स्क्रीन पर आप अपने सरपंच की रेटिंग देखेंगे, उसी स्क्रीन पर आपको अन्य पंचायतों के सरपंचों की रेटिंग देखने का विकल्प भी मिल जाएगा। आपको सिर्फ जिले, पंचायत समिति और उस ग्राम पंचायत का चयन करना है, जहां के सरपंच की रेटिंग देखना चाहते हैं। सब्मिट बटन पर क्लिक करते ही आपको वहां के सरपंचों को जनता द्वारा दिए गए नंबर देख सकते हैं। दैनिक भास्कर एप पर अपने गांव के सरपंच का रिजल्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें। अपने जिले के टॉप-10 सरपंचों की लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें : अजमेर । अलवर । बालोतरा । बांसवाड़ा । बारां । बाड़मेर । ब्यावर । भरतपुर । भीलवाड़ा । बीकानेर । बूंदी । चित्तौड़गढ़ । चूरू । दौसा । डीग । धौलपुर । डीडवाना–कुचामन । डूंगरपुर । हनुमानगढ़ । जयपुर । जैसलमेर । जालोर । झालावाड़ । झुंझुनूं । जोधपुर । करौली । खैरथल–तिजारा । कोटा । कोटपूतली–बहरोड़ । नागौर । पाली । फलोदी । प्रतापगढ़ । राजसमंद । सवाई माधोपुर । सीकर । सिरोही । श्रीगंगानगर । सलूंबर । टोंक । उदयपुर ।
रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में इस साल मार्च का महीना मौसम के कई रंग दिखा रहा है। महीने की शुरुआत भीषण गर्मी के साथ हुई थी, जिससे लग रहा था कि इस बार लू समय से पहले पसीने छुड़ाएगी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। शनिवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही रही और देर रात हुई हल्की बूंदाबांदी ने फिजा में ठंडक घोल दी। 6 साल बाद रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिन पहले 16.6 MM हुई थी बारिश मौसम ने साल 2020 के बाद एक नया रिकॉर्ड बनाया है। मार्च महीने में अब तक 16.6 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। 2020 में 9.9 एमएम बारिश हुई थी। तापमान में गिरावट सूरज के तेवर फिलहाल ठंडे पड़ गए हैं। जिले का अधिकतम तापमान 32.2डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया है। आगामी दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, मार्च का अंत उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 21-22 मार्च को हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की प्रबल संभावना है। इससे एक बार फिर रबी की फसलों को नुकसान हो सकता है। 23 से 25 मार्च के बीच मौसम थोड़ा स्थिर हो सकता है, लेकिन 26 मार्च से एक और सक्रिय तंत्र के कारण मौसम फिर करवट लेगा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 के 182 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा आज रविवार को आयोजित की जा रही है। परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक होगी। इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 8 जिलों में कराया जा रहा। जिसमें अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में कुल 210 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पूरे प्रदेश में 93,420 अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। गोरखपुर में खास इंतजाम गोरखपुर जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 8,294 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। समय का रखें खास ध्यान परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों को समय को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं: इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें। जरूरी दस्तावेज साथ रखें प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील की है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अपडेट के लिए यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट (uppsc.up.nic.in) पर नजर बनाए रखें। यह परीक्षा राज्य में सहायक अभियोजन अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए आयोजित की जा रही है, जिनका चयन होने के बाद अभ्यर्थी न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
50 हजार ईवी और अलग से चार्जिंग कमेशन महज 35:घरेलू बिजली कनेक्शन से ईवी चार्ज करना कितना सही
इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स में हुए अग्निकांड ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। हादसा ईवी की चार्जिंग के दौरान हुआ या फिर इलेक्ट्रिक पोल की वजह से इसे लेकर विरोधाभास है। इन सब के बीच भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि शहर के 50 हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल में से 99 फीसदी की बैटरी असुरक्षित तरीके से चार्ज की जा रही है। जबकि, विद्युत वितरण कंपनी ईवी चार्ज करने के लिए अलग से कनेक्शन देती है। इसका टैरिफ भी कमर्शियल विद्युत कनेक्शन से कम है। आखिर लोग असुरक्षित तरीके से कैसे ईवी की बैटरी चार्ज कर रहे हैं? बिजली कंपनी जब अलग से कनेक्शन देती है, तो फिर कनेक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा? बैटरी चार्ज करने का तरीका क्या है? इन सभी सवालों का जवाब जानने भास्कर ने एक्सपर्ट और बिजली कंपनी के अफसरों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट ईवी चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन और टैरिफबिजली कंपनी के पास EV चार्जिंग के लिए एक समर्पित नीति मौजूद है। जिन घरों में इलेक्ट्रिक वाहन हैं, वे अलग से कनेक्शन ले सकते हैं। इसका टैरिफ भी घरेलू और कमर्शियल कनेक्शन से कम है। जहां घरेलू कनेक्शन पर 3.50 से 7 रुपये प्रति यूनिट (स्लैब के अनुसार) और कमर्शियल पर 8 रुपये प्रति यूनिट का चार्ज लगता है। वहीं EV चार्जिंग कनेक्शन के लिए यह दर मात्र 7.14 रुपये प्रति यूनिट है। इसका मतलब है कि अलग से कनेक्शन लेना न केवल सुरक्षित है, बल्कि कई मामलों में सस्ता भी पड़ सकता है। इस कनेक्शन के तहत अलग से वायरिंग, एक समर्पित मीटर और लोड ट्रांसफर की व्यवस्था होती है, जो घर के मुख्य इलेक्ट्रिकल सर्किट को ओवरलोड होने से बचाता है। ऐसे में आग लगने जैसे हादसों का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। इंदौर बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री दिलीप कुमार गाठे कहते हैं, हम EV चार्ज करने के लिए अलग से कनेक्शन देते हैं, लेकिन लोग आगे नहीं आते। कंपनी ने यह व्यवस्था कर रखी है कि एक ही घर में दूसरा कनेक्शन दे सकते हैं। अगर लोग चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन लें तो यह उनके लिए ही फायदेमंद और सुरक्षित होगा। इसका टैरिफ भी कम है। सामान्य वायरिंग से ईवी चार्ज करना खतरनाक-एक्सपर्टबिजली कंपनी के रिटायर्ड इंजीनियर जीके वैष्णव बताते हैं, लगभग पांच साल पहले जब EV आने शुरू हुए, तो इंदौर ने ही सबसे पहले छह इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर एक सकारात्मक संदेश दिया था। उसी समय यह पॉलिसी बनी थी कि EV को चार्ज करने के लिए 7 से 9 किलोवॉट का पावर चाहिए होता है। घरों की सामान्य वायरिंग और कनेक्शन इतना अतिरिक्त लोड उठाने के लिए नहीं बने होते। इसलिए अलग कनेक्शन की व्यवस्था की गई। लेकिन लोगों में यह भ्रम फैल गया कि इसमें ज्यादा पैसा लगेगा, और वे घरेलू कनेक्शन से ही वाहन चार्ज करने लगे, जिससे आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ गया। लोगों को घरों में वाहन चार्ज करने से बचना चाहिए और चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग करना चाहिए। 10 हजार बचाने के चक्कर में जान से खिलवाड़खतरे की एक और बड़ी वजह है सस्ते और गैर-प्रमाणित चार्जिंग उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल। चार पहिया वाहनों के साथ कंपनी जो ओरिजिनल चार्जर देती है, उसकी कीमत 35,000 रुपये से ज्यादा होती है। इसे कंपनी के विशेषज्ञ इंस्टॉल करते हैं और इसमें ऑटो-कटऑफ जैसे सेफ्टी फीचर्स होते हैं, जो ओवरलोडिंग होने पर चार्जर को बंद कर देते हैं। लेकिन जब यह चार्जर खराब हो जाता है, तो लोग 10-12 हजार रुपये बचाने के लिए बाजार से 25,000 रुपये वाला सस्ता चार्जर खरीद लेते हैं। यहीं से सुरक्षा के साथ सबसे बड़ा समझौता शुरू होता है। इससे भी बदतर स्थिति ई-रिक्शा और टू-व्हीलर सेगमेंट में है। इनके चार्जर बाजार में 3,000 से 8,000 रुपये में आसानी से मिल जाते हैं, जिनकी क्वालिटी और सुरक्षा मानकों का कोई भरोसा नहीं होता। 7 पॉइंट्स में समझिए चार्जिंग के समय बरती जाने वाली सावधानियां इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर और EV चार्जिंग व्यवस्था के विशेषज्ञ ईश्वर भारद्वाज कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। वायरिंग, अर्थिंग और प्रॉपर कनेक्शन जरूरी- एक्सपर्ट रिटायर्ड एई जीके वैष्णव हादसों की तकनीकी वजहों को और गहराई से समझाते हैं।
सेलिब्रिटी के बाद अब एमपी में कारोबारियों-व्यापारियों को लॉरेंस गैंग के गुर्गों की धमकियां मिल रही हैं। अशोकनगर से लेकर ब्यावरा, इंदौर, भोपाल के कारोबारी-व्यापारी इनकी लिस्ट में है। करीब एक महीने पहले अशोकनगर के एक बिल्डर व कारोबारी को धमकी दी थी। वहीं शनिवार को भोपाल के कारोबारी को भी धमकी दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है। लगातार मिल रही इन धमकियों से जहां कारोबारी व व्यापारियों में डर का माहौल है। वहीं पुलिस भी हैरत में पड़ गई है। इंदौर में जिस रियल एस्टेट कारोबारी को धमकी मिली वह भी घबराए हुए हैं। धमकी मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी घटनाओं का पैटर्न समझ रहीएडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर के जिस रियल एस्टेट कारोबारी को धमकी मिली है। उसमें क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। जिस नंबर से कारोबारी को कॉल आया था उसकी जानकारी निकाल रहे हैं। अगर VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) से आया तो इसका भी पता लगाया जाएगा कि कहां से ये आया है। वाइस की सैंप्लिंग कराई जाएगी। ये भी पता किया जाएगा कि सही में हरि बॉक्सर की आवाज है या नहीं। इसके साथ ही जिन-जिन जगह पर लोगों को धमकाया गया है वहां से भी जानकारी बुलवाई जा रही है, वहां किस तरह की मॉडस ऑपरेंडी रही है। इधर, देखा जाए तो कुछ जगह पर धमकाने का पैटर्न एक जैसा ही नजर आ रहा है। आपको बताते हैं कि कब किसे मिली धमकी... अशोकनगर: अंकित अग्रवाल से मांगे 10 करोड़ रुपए करीब एक महीने पहले अशोकनगर के बिल्डर व कारोबारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी मिली। अंकित से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। धमकाने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंग का सदस्य “हरि बॉक्सर” बताया। व्हाट्सऐप वॉयस नोट के जरिए उसने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर एक डिटेल मेरे पास है। कोई गलतफहमी मत पालना। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस और सायबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आए कॉलकारोबारी अंकित अग्रवाल के मुताबिक 11 फरवरी को उन्हें तीन अलग-अलग इंटरनेशनल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज मिले। फोन नहीं उठाने पर वॉयस नोट भेजे गए। कॉल करने वाला लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। कॉलर ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए अपना नाम ‘हरि बॉक्सर’ बताया। उसने कहा कि गूगल पर नाम सर्च कर लो, सब पता चल जाएगा। धमकी देने वाले ने सीधे 10 करोड़ रुपए देने की मांग रखी। उसने कहा कि यह रकम दो दिन के अंदर पहुंच जानी चाहिए। कारोबारी को 2 मिनट का वाइस नोट भेजकर धमकी दी थी। ब्यावरा: आपत्तिजनक बातें भी लिखीं ब्यावरा शहर में चार दिन पहले मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक धमकी भरी चिट्ठी मिली। यह चिट्ठी अहिंसा द्वार के पास स्थित बीड़ी नंबर-2 कारखाने के गेट पर मिली, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत कई बड़े अधिकारियों के लिए आपत्तिजनक बातें लिखी हुई थी। मंगलवार सुबह बीड़ी कारखाने के मैनेजर हेमराज मेहर काम पर पहुंचे, तो उन्हें दरवाजे के पास तीन पन्नों की एक फोल्ड की हुई चिट्ठी मिली। इसे खोलने पर इसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री मोहन यादव, कलेक्टर और एसपी के नाम के साथ भद्दे शब्द लिखे हुए थे। इसके अलावा 'लाडली बहना योजना' को लेकर भी गलत बातें लिखी गई थीं। दुकान संचालक और गैंग का नाम आने से दहशत चिट्ठी में कारखाने के साथ-साथ पास ही दुकान चलाने वाले बंटी पालीवाल का नाम भी लिखा था। गैंग का नाम और जान-पहचान वालों के नाम सामने आने से इलाके के लोगों में डर का माहौल बन गया था। इंदौर: कारोबारी संजय जैन को मिली धमकी इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को लॉरेंस के नाम से धमकी मिली। धमकी मिलने पर उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी, जिसके बाद तुकोगंज थाने में FIR दर्ज की गई। गुरुवार को संजय को धमकी भरा कॉल आया, जिसे उन्होंने तुरंत डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर वॉइस मैसेज आया, जिसमें मैसेज करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का साथी व हेरी बॉक्सर बताया और 15 करोड़ रुपए की मांग की। वॉइस मैसेज में कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी। इंटरनेशनल नंबर से वॉइस कॉल आया संजय ने पुलिस बताया कि 16 मार्च की सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुझे एक इंटरनेशनल नंबर से वॉइस कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा - क्या तू संजय जैन बोल रहा है, तू बिल्डर है ना? मैंने इससे इनकार किया तो उसने कहा - झूठ मत बोल, मुझे सब पता है। उसने अपना नाम हेरी बॉक्सर बताया और कहा कि वह लॉरेंस गैंग का मेंबर है, इंटरनेट पर उसकी जानकारी देख सकता हूं। इसके बाद मैंने फोन काट दिया और उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। कुछ मिनट बाद उसी नंबर से वॉइस मैसेज आया और वीडियो कॉल भी किया गया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। फिर एक दूसरे नंबर से कॉल आया, जिस पर बाबा महाकाल की डीपी लगी हुई थी। उस नंबर से भी वॉइस कॉल आया। पहले 10 करोड़, फिर 15 करोड़ मांगने लगा इसके बाद उसी नंबर से मुझे एक वॉइस मैसेज मिला, जिसमें कहा गया -“सुन संजय, फोन काटने, भागने या ब्लॉक करने से पीछा नहीं छूटेगा। पहले 10 करोड़ देने थे, अब 15 करोड़ देने होंगे। जितना लेट रिप्लाई करेगा, उतने ज्यादा पैसे देने होंगे। या तो पैसे देगा या जान देगा। तुझे जिसके पास जाना है चला जा, अब कोई नहीं बचा पाएगा।” इसके साथ ही कई ओर भी बातों का जिक्र इसमें था। खरगोन: कारोबारी दिलीप सिंह के घर हुई फायरिंग खरगोन जिले में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग हुई है। बाइक सवार 3 नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाईं। फायरिंग के बाद इंदौर की ओर भाग गए। वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के मुताबिक, फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। गैंग के मेंबर हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई ने सोशल मीडिया के माध्यम से फायरिंग की पुष्टि की। कारोबारी के बेटे सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी। वॉइस नोट के जरिए मांगी फिरौती सत्येंद्र राठौड़ की शिकायत के अनुसार, 16 मार्च को परिवार इंदौर गया हुआ था। उनके पिता को इंटरनेशनल नंबरों से कई कॉल आए। कुछ अज्ञात लोगों से व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस नोट के जरिए धमकियां मिलीं। आरोपियों ने 10 करोड़ की फिरौती की मांग की। सबूत के तौर पर घर के बाहर फायरिंग का वीडियो भी भेजा। आरोपियों ने फायरिंग के बाद 17 और 18 मार्च को विदेशी नंबरों से कई कॉल किए, जिन्हें उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद वॉइस नोट के जरिए आरोपियों ने धमकाया। पैसे नहीं देने पर परिवार समेत घर को बम से उड़ाने की धमकी दी। भोपाल: कारोबारी से 10 करोड़ की रंगदारी मांगी भोपाल के कोलार रोड इलाके में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया। उसने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। पुलिस के अनुसार पार्वती नगर में रहने वाले रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी गौरव जैन ने कोलार रोड थाने में लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए कहा कि वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है और गौरव जैन को 10 करोड़ रुपए तैयार रखने होंगे। साथ ही उसने उन्हें अपने परिचितों से मिल लेने और अपने बारे में इंटरनेट पर जानकारी जुटाने की बात भी कही। गौरव जैन ने पहले कॉल को फर्जी समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन 20 मार्च की सुबह करीब 10:56 बजे दूसरे नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार आरोपी ने सीधे पैसों की मांग दोहराई। इनकार करने पर उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसने धमकी दी कि रकम नहीं देने पर उसके गुर्गे कहीं भी हमला कर सकते हैं, और अंजाम गंभीर होगा।। पीड़ित के अनुसार, कॉल के बाद व्हाट्सऐप पर लगातार धमकी भरे ऑडियो मैसेज भी भेजे गए, जिनमें रैकी कराने और हथियार से हमला करवाने की बात कही गई। हाल की प्रमुख धमकियां (2025-2026 में) • सिंगर-रैपर बादशाह: मार्च 2026 में सबसे ताजा मामला। उनके हरियाणवी गाने “टटीरी” (Tateeree) में आपत्तिजनक बोलों के आरोप के बाद गैंग ने फेसबुक पोस्ट में धमकी दी। पोस्ट में पानीपत फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा गया कि “2024 में क्लब में ट्रेलर दिखाया था, अगली बार सीधे माथे में गोली मारेंगे”। • रनवीर सिंह: हाल ही में उनके मैनेजर को वॉइस नोट से 1-20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। मुंबई पुलिस ने गैंग के सदस्य हरि चंद्रा (हरि बॉक्सर) के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया। • सलमान खान: पुराना और लगातार चल रहा विवाद (1998 ब्लैकबक केस से जुड़ा)। हाल में उनके करीबी सहयोगी को ईमेल से धमकी मिली। पहले भी उनके घर के बाहर फायरिंग हुई थी, और Y+ सुरक्षा है।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर घमासान तेज हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पूर्व विधानसभा स्पीकर और कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने जहां इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की, वहीं असंध से पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने भी चुनावी प्रक्रिया और नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कुलदीप शर्मा ने कहा- जवाबदेही तय हो, नेतृत्व पर उठे सवालपूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर हरियाणा कांग्रेस के नेताओं से जवाब मांगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल विधायकों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि 37 में से 9 विधायक पार्टी लाइन से हट गए, यह स्थानीय नेतृत्व के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण संकेत है। राहुल गांधी के फैसले की सराहना, रिश्तेदारों की राजनीति पर तंजकुलदीप शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने दलित समाज से कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाकर सही फैसला लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कुछ नेताओं ने अपने रिश्तेदारों के नाम राज्यसभा के लिए भेजे थे, लेकिन राहुल गांधी ने अपनी समझदारी से ऐसे व्यक्ति को चुना, जिससे पार्टी को फायदा होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों को आगे बढ़ाने के लिए इस पूरे समीकरण को बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। विधायकों में असंतोष, नेतृत्व से दूरी का आरोपकुलदीप शर्मा ने कहा कि कई विधायकों के बयान सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे नेतृत्व से मिलने जाते हैं तो उनसे ठीक व्यवहार नहीं किया जाता और उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि विधायकों के बीच असंतोष की भावना है और उनकी समस्याओं को सुनना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों विधायक पार्टी लाइन से हटकर जा रहे हैं और नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। एक परिवार तक सीमित हो रही राजनीति, व्यापक भागीदारी की मांगउन्होंने कहा कि यह भी एक बड़ा सवाल है कि क्या हरियाणा कांग्रेस में केवल एक ही परिवार का वर्चस्व रहेगा। क्या अन्य नेताओं और परिवारों को मौका नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने हाईकमान से अपील की कि प्रदेश में नेतृत्व को लेकर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए और यह देखा जाए कि क्या सही तरीके से नेतृत्व दिया जा रहा है या नहीं। शेर के जरिए नेतृत्व पर साधा निशानाकुलदीप शर्मा ने अपने बयान के अंत में एक शेर के माध्यम से नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “न इधर उधर की बात करिये, बता कि काफिला क्यों लुटा, हमें राहजनी का नहीं मलाल, तेरी रहबरी का सवाल था।” उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व मजबूत होता है तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती, इसलिए केवल विधायकों को दोष देना सही नहीं है, बल्कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। शमशेर सिंह गोगी बोले- उम्मीदवार जीता, लेकिन कांग्रेस हारीअसंध से पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने भी राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार जीत गया, इसके लिए पार्टी को बधाई है, लेकिन 9 वोट खराब होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पांच वोट क्रॉस हुए और चार वोट रद्द कर दिए गए। नोटिस दिए गए विधायकों पर उठे सवाल, बयान से बढ़ा कंफ्यूजनशमशेर सिंह गोगी ने कहा कि जिन पांच विधायकों पर आरोप लगे हैं और उन्हें नोटिस दिया गया है, वे भी पार्टी के ही सदस्य हैं। अब उनके जो बयान सामने आ रहे हैं, उनसे स्थिति और ज्यादा भ्रमित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि उनके बयानों में कितनी सच्चाई है। प्रदेश प्रभारी की भूमिका पर सवाल, पांचवें नाम को लेकर चर्चाउन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी ने पहले दिन चार विधायकों के नाम लिए, लेकिन पांचवें का नाम नहीं लिया गया। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर उसे बचाने की कोशिश क्यों की गई। बाद में जब पांचवें विधायक को नोटिस दिया गया और उसका बयान सामने आया, तो उसकी बातों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कुमारी सैलजा के समर्थकों पर आरोपों को बताया गलतगोगी ने कहा कि शुरुआत से ही एक नैरेटिव बनाया गया कि कुमारी सैलजा के समर्थकों ने क्रॉस वोटिंग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी 9 विधायक कुमारी सैलजा के ही थे। उन्होंने कहा कि बिना ठोस आधार के इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है। हाईकमान से निष्पक्ष जांच की मांग, बड़े नेताओं पर भी सवालउन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में कर्मवीर बौद्ध चुनाव जीत गए, लेकिन कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम में हार गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के उम्मीदवार होने के बावजूद ऐसी स्थिति बनना गंभीर संकेत है। राहुल गांधी को चाहिए कि वे केवल बड़े नेताओं से ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के नेताओं से भी बातचीत करें और यह समझें कि समस्या कहां है। साजिश की आशंका जताई, निष्पक्ष जांच की मांगशमशेर सिंह गोगी ने यह भी कहा कि शीर्ष नेतृत्व को जानकारी देने वाले लोगों की भूमिका पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं ऐसा न हो कि राहुल गांधी के खिलाफ ही अंदरखाने कोई सांठगांठ चल रही हो। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
हरियाणा में हालिया बारिश के बाद दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के 21 मार्च के बुलेटिन के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने एक बार फिर हरियाणा में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 25 मार्च रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा में एक्टिव होगा जिसका असर 27 मार्च तक रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। अभी हाल ही में 19 और 20 मार्च को हरियाणा में करीब 200 एमएम तक बारिश दर्ज की गई थी। इसके कारण गेहूं की फसल में नुकसान देखने को मिला था। अब फिर बारिश और आंधी के कारण फसल को और नुकसान हो सकता है। एक्सपर्ट व्यू: 27 मार्च तक मौसम खराब रहेगाचौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार, 26 मार्च तक मौसम लगातार बदलता रहेगा। 22 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 23 से 25 मार्च के बीच आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की हवाएं चलेंगी। इसके बाद 25 मार्च की रात दूसरा पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिससे 26-27 मार्च को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। जानिए कैसा रहा दिन और रात का तापमान…
जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की मौत के 33 दिन बाद उनके गायब मोबाइल से मैसेज भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह मोबाइल उनके जीवित रहते ही गायब हो गया था। उन्होंने घर और बाहर काफी तलाश भी की, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इतना ही नहीं, जब वह वेंटिलेटर सपोर्ट से बाहर आईं, तब उन्होंने सबसे पहले अपने मोबाइल के बारे में ही पूछा था। मैसेज अंग्रेजी में भेजा गया था… माफ करें…मोबाइल कानूनी तौर पर मेरे पास है। डॉ. हेमलता के परिवार ने उन सभी को श्राप दिया है, जिन्होंने उन्हें अगवा किया, प्यास से तड़पाया। भूखा रखा, फिर वेंटिलेटर, पोस्टमार्टम और फिर मॉर्चरी में रखा। मानवता पर यह एक वास्तविक कलंक है। दरअसल, 16 फरवरी को इलाज के दौरान डॉ. हेमलता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति नगर निगम के अधीन चली गई। वहीं, पुलिस लापता मोबाइल की तलाश में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि उस मोबाइल में कई अहम राज छिपे हो सकते हैं। इसी बीच शनिवार (21 मार्च) की सुबह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जबलपुर की अध्यक्ष डॉ. रिचा शर्मा के व्हाट्सऐप पर उसी नंबर से एक मैसेज भेजा गया। प्रोफाइल में डॉ. हेमलता की ही फोटो (डीपी) लगी हुई है। सबसे पहले IMA ग्रुप में शेयर किया मैसेज मोबाइल पर मैसेज पढ़ने के बाद डॉ. रिचा शर्मा ने सबसे पहले इसे अपने आईएमए ग्रुप में साझा किया। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह के मैसेज भेजना गलत है, वह भी ऐसे मोबाइल से, जिसके मालिक की मृत्यु हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉ. रिचा शर्मा ने साइबर पुलिस से शिकायत करते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द यह पता लगाया जाए कि डॉ. हेमलता का मोबाइल किसके पास है। उन्होंने कहा कि संभव है मोबाइल में महत्वपूर्ण जानकारी हो, जो पुलिस जांच के लिए जरूरी साबित हो सकती है। डॉ. रिचा शर्मा के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10:20 बजे डॉ. हेमलता के मोबाइल नंबर से दुर्भावनापूर्ण और बद्दुआओं से भरा एक मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज भेजने वाले ने खुद को मोबाइल का कानूनी धारक बताया है। जबकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस संबंध में आईएमए सदस्यों से चर्चा के बाद, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया तो मांगा मोबाइल डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि 2 फरवरी को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान जब डॉ. हेमलता की तबीयत में सुधार हुआ और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया गया, तो उन्होंने सबसे पहले अपना मोबाइल मांगा। उन्होंने आसपास काफी देर तक उसे तलाश भी किया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि उसी मोबाइल से एक बार उन्होंने अपने साथी डॉक्टर के जन्मदिन पर बातचीत भी कराई थी। इसके बाद डॉ. हेमलता मोबाइल ढूंढती रहीं, लेकिन यह नहीं बता पाईं कि वह किसके पास है। डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि डॉ. हेमलता की मौत से पहले ही उनका मोबाइल गायब हो गया था। ऐसे में पुलिस प्रशासन को सबसे पहले मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब तक उस नंबर पर डॉ. हेमलता की फोटो लगी हुई है। मैसेज की शिकायत करने के बाद मैंने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को इस मैसेज की जानकारी दी है। उनसे कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 27 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था आईएमए के सदस्यों ने 26 जनवरी को राइट टाउन स्थित उनके घर से उन्हें रेस्क्यू कर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वेंटिलेटर पर रखने के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार हुआ, तो 2 फरवरी को वेंटिलेटर हटा दिया गया और उन्होंने सभी से बातचीत की। इसके बाद 5 फरवरी की शाम को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 16 फरवरी को उनका निधन हो गया। यह खबर भी पढ़ें.. डॉ. हेमलता का निधन, 60 करोड़ की संपत्ति अब किसकी? जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके 60 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति पर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की पाई गई, कुछ हिस्सों को गिफ्ट और कुछ दान किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें... रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरन ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर करोड़पति डॉक्टर को भूख से मारने की साजिश बार-बार कहा कि भूख लगी है, खाना दो, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। हालत यह थी कि जब एक दिन सात चम्मच पानी मिला, तब एहसास हुआ कि मैं तीन से ज्यादा चम्मच पानी भी पी सकती हूं। जबलपुर की बुजुर्ग सीनियर डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के साथ हुई हैवानियत का खुलासा खुद उन्होंने रेस्क्यू के बाद किया है। डॉक्टर हेमलता ने बताया कि उन्हें पीने के लिए दिनभर में सिर्फ तीन चम्मच पानी दिया जाता था। खाना कभी नहीं दिया। पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर के 12 बड़े अस्पताल बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इनमें से 11 का खुलासा आरटीआई से हुआ है। चौंकाने वाला नाम सरकारी अस्पताल पीसी सेठी हॉस्पिटल का है। इस अस्पताल के पास भी एनओसी नहीं है। जबकि बुधवार को ही एक भीषण अग्निकांड में शहर के 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने 100 बेड से ज्यादा क्षमता वाले अस्पतालों की फायर एनओसी की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में पता चला है कि कुछ अस्पतालों ने तो फायर सेफ्टी सिस्टम ही पूरा नहीं किया है, जबकि कुछ ने सालों से एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है। महापौर बोले- स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी आरटीआई में हुए खुलासे को लेकर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ पर डाल दी। उनका कहना है कि अस्पतालों की निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। वहीं, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी का कहना है कि पीसी सेठी अस्पताल को तब तक फायर एनओसी नहीं मिलेगी, जब तक वहां का अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। सरकार अभी तक अतिक्रमण हटाने का मामला सुलझा नहीं पाई है। अतिक्रमण के कारण पीसी सेठी में वर्ष 2018 से फायर एनओसी की समस्या बनी हुई है। विभागीय स्तर पर इस संबंध में सभी जगह पत्राचार किया जा चुका है। वहीं, अन्य 11 अस्पतालों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर-CMHO को भी दे चुका जानकारी आरटीआई लगाने वाले एडवोकेट चर्चित शास्त्री का कहना है कि जिन अस्पतालों में सैकड़ों मरीज भर्ती रहते हैं, वहां फायर सेफ्टी के बेसिक इंतजाम तक नहीं हैं। यानी अगर आग लगती है, तो मरीजों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं होगा। चर्चित ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर और सीएमएचओ को जानकारी देते हुए शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग असुरक्षित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि इंदौर कलेक्टर द्वारा अगस्त 2024 में कमर्शियल बिल्डिंग संचालकों को एक महीने के भीतर फायर सेफ्टी के सभी इंतजाम पूरे करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि नियमों का पालन नहीं करने पर बिल्डिंग्स को सील किया जाएगा। इसके बावजूद आज तक न तो पूरी तरह जांच हुई और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया। हाल ही में सामने आई आरटीआई जानकारी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने दिए थे निर्देश दो साल पहले इंदौर में पदस्थ तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने सीएमएचओ और डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज को प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों में सुरक्षा की पुख्ता निगरानी के निर्देश दिए थे। निर्देश के मुताबिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों के पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और बिजली सुरक्षा प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। सभी नर्सिंग होम, अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। उस समय सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों को हर हाल में यह व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सिंह के इंदौर से जाते ही पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। MP के अस्पतालों में लगी आग की बड़ी घटनाएं ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर में EV ब्लास्ट, एक साथ 7 चिताएं जलीं इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… कारोबारी के बेटे का दावा- EV से नहीं लगी आग इंदौर में हुए EV हादसे ने एक खुशहाल परिवार को कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया। हादसे से बचकर निकले कारोबारी मनोज पुगलिया के बेटे सौमिल ने कहा- जब इलेक्ट्रिक कार में चार्जर ही कनेक्ट नहीं था, तो शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता है? हादसे के वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इलेक्ट्रिक पोल के ऊपर शॉर्ट सर्किट से चिंगारियां उठ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पूर्वांचल की सियासत जाति और दबाव की पॉलिटिक्स के बिना अधूरी कही जाती है। इस बार इसी सियासी चक्रव्यूह में भाजपा फंसी हुई दिख रही है। पूर्वांचल में 5 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को उसके दिग्गजों ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। चंदौली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे के बीच खुली रस्साकशी चल रही। देवरिया में 2 पूर्व प्रदेश अध्यक्षों (सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी) का अहम टकरा रहा। जबकि गोरखपुर-वाराणसी में सीएम योगी और पीएम मोदी की पसंद-नापसंद ने मामला पूरी तरह अटका रखा है। इसका असर पार्टी के काम-काज पर भी पड़ रहा है। आखिर इस खींचतान की वजह क्या है? विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम का वक्त है, ऐसे में 5 जिलाध्यक्षों की घोषणा कब तक होगी? पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट में… पहला जिला- चंदौली ब्राह्मण v/s ठाकुर में फंसी जिलाध्यक्ष की नियुक्तिचंदौली पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का गृह जनपद है। पार्टी सूत्र बताते हैं, पांडेय वर्तमान जिलाध्यक्ष काशी सिंह को हटाना चाहते हैं। उनकी इच्छा किसी ब्राह्मण चेहरे को अध्यक्ष बनाने की है। उनके खेमे का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में काशी सिंह ने सही ढंग से काम नहीं किया। क्षत्रिय जिलाध्यक्ष होने के बाद भी ठाकुरों ने सपा को वोट दिया। इससे दो बार के सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय चुनाव हार गए। काशी सिंह रक्षामंत्री के खेमे के हैं। अब राजनाथ सिंह और डॉ. महेंद्रनाथ खेमे की खींचतान में जिलाध्यक्ष की घोषणा अटक गई है। खास बात यह है कि पार्टी ने पांडेय को प्रदेश संगठन चुनाव का प्रभारी बनाया था। उनकी देख-रेख में हुए संगठनात्मक चुनाव में 93 जिलाध्यक्ष घोषित हो चुके हैं। लेकिन, उनके गृह जनपद में ही जिलाध्यक्ष की नियुक्ति अटकी है। दूसरा जिला- देवरिया रमापति बोले- जिसकी पैरवी करूंगा, वो अध्यक्ष होगादेवरिया में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के करीबी और सदर ब्लॉक प्रमुख पिंटू जायसवाल का जिलाध्यक्ष बनना लगभग तय था। त्रिपाठी ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी जायसवाल के नाम पर जारी कर लिया था। लेकिन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद शशांकमणि त्रिपाठी और 2 स्थानीय विधायकों ने पिंटू इसका विरोध किया। हालांकि, मामले में रमापति राम त्रिपाठी का कहना है- मैंने पिंटू जायसवाल को जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए किसी से नहीं कहा। जो ऐसा कह रहा, उससे पूछिए कि वो ऐसा क्यों कह रहा है? जहां तक पैरवी की बात है, तो अगर मैंने किसी की पैरवी की, तो वो अध्यक्ष बन ही जाएगा। पिंटू के विरोध में तर्क ये दिया गया कि वे 2021 में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें ब्लॉक प्रमुख बना दिया था। अब अगर जिलाध्यक्ष बनाया, तो कार्यकर्ताओं में गलत मैसेज जाएगा। यही बात लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गई और पिंटू जिलाध्यक्ष बनते-बनते रह गए। अब पार्टी ऐसा नाम खोज रही है, जिस पर सभी रजामंद हों। तीसरा जिला- अंबेडकरनगर प्रदेश अध्यक्ष को कुर्मी-ब्राह्मण चेहरे की तलाशभाजपा यहां जिला उपाध्यक्ष राणा रणधीर सिंह को प्रमोशन देकर अध्यक्ष बनना चाहती थी। लेकिन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का तर्क था कि फैजाबाद मंडल कुर्मी और ब्राह्मण बहुल इलाका है। यहां सपा के पास कुर्मी और ब्राह्मण नेता हैं। पार्टी ने सिर्फ फैजाबाद मंडल के बाराबंकी में कुर्मी जिलाध्यक्ष बनाया है। एक भी ब्राह्मण को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया। ऐसे में चौधरी ने राणा की जगह किसी कुर्मी या ब्राह्मण चेहरे को जिलाध्यक्ष बनाने का सुझाव दिया, जिससे वोटबैंक साधने में मदद मिले। यही वजह है कि अभी तक अंबेडकरनगर में भी जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। चौथा जिला- वाराणसी PM की पसंद से ही बनेगा जिलाध्यक्षप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हंसराज विश्वकर्मा जिलाध्यक्ष हैं। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य (MLC) भी बनाया है। 34 साल से राजनीति में सक्रिय हंसराज इलाके में पिछड़ों का अहम चेहरा हैं। ऐसे में उनकी जगह किसी मजबूत विकल्प की तलाश है। सूत्रों के मुताबिक, वाराणसी में जिलाध्यक्ष का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरी झंडी के बाद ही होगा। प्रधानमंत्री की मर्जी से ही हंसराज तीन बार से जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर बने हुए हैं। पांचवां जिला- गोरखपुर पिछले साल जून में हुआ जिलाध्यक्ष का निधनमार्च, 2025 में गोरखपुर में देवेश श्रीवास्तव को जिलाध्यक्ष घोषित किया था। लेकिन उनका जून, 2025 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। अब यहां जिलाध्यक्ष का पद खाली है। यहां सियासी उठापटक जैसा कुछ नहीं है। सीएम योगी की पसंद से ही गोरखपुर जिलाध्यक्ष बनेगा। इसलिए उनके इशारे का इंतजार किया जा रहा है। अब-तक 93 नामों पर लगी मुहरभाजपा ने यूपी को 98 संगठनात्मक जिलों में बांट रखा है। पार्टी ने 16 मार्च, 2025 को 70 जिलाध्यक्षों की पहली सूची जारी की थी। इसमें शामिल गोरखपुर के जिलाध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव का जून, 2025 में निधन हो गया था। वहीं, गोंडा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप को पार्टी कार्यालय में एक महिला कार्यकर्ता के साथ वीडियो वायरल होने पर हटा दिया गया था। इस तरह 68 जिलाध्यक्ष रह गए। इसके बाद 26 नवंबर को 14 और इस साल 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों के नाम सामने आए। इसमें गोंडा में इकबाल बहादुर तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन चंदौली, देवरिया, वाराणसी, अंबेडकरनगर और गोरखपुर में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति अब-तक नहीं हो पाई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सपा का नारा PDA, 70% मुस्लिम-यादव जिलाध्यक्ष, अखिलेश को संगठन में क्यों किसी और पर भरोसा नहीं सपा 2022 में यूपी की सत्ता की दौड़ में पिछड़ने के बाद से PDA (पिछड़ा-दलित-मुस्लिम) का नारा दे रही है। 2024 में उसे इस नारे के बलबूते यूपी की 80 लोकसभा सीटों में 37 पर सफलता मिली। उसके साथ गठबंधन में लड़ी कांग्रेस के भी 6 सदस्य जीतने में सफल रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूपी का 3 दिन का दौरा भक्ति से भरा रहा। पहले दिन उन्होंने जहां अयोध्या में रामलला के दर्शन किए, वहीं 2 दिन मथुरा में बिताए। इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। प्रेमानंदजी ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। परिवार के साथ गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की। थोड़ी दूर पैदल चलीं। फिर परिवार संग गोल्फ कार्ट में सवार होकर डेढ़ घंटे में परिक्रमा पूरी की। गिरिराज जी के दर्शन किए। सांसद हेमामालिनी भी राष्ट्रपित से मिलने पहुंचीं। VIDEO में देखिए राष्ट्रपति का यूपी दौरा…
एक नहीं 25 शादियां कर चुका है। फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठ लिए और बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर दी। हमलोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। हर दिन उसकी नई कहानी सामने आ रही है। ये कहना है गोरखपुर के रहने वाले फर्जी IAS के ससुर का। उनका आधा शरीर काम नहीं करता है। वह बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। पैरालाइज्ड हुए कुछ ही साल बीते थे, तभी एक और विपत्ति सिर पर आ गिरी, पूरा परिवार टूट सा गया। पिता का कहना है कि बेटी की जिंदगी बर्बाद करने वाले को किसी भी हाल में सजा दिलाकर दम लूंगा। पहचान छिपाने की शर्त पर दैनिक भास्कर से उन्होंने सबकुछ बताया। कैसे वह फर्जी आईएएस के जाल में फंसे, कैसे रिश्ता जुड़ा और हकीकत कैसे सामने आई? पढ़िए रिपोर्ट… दो बेटियों की शादी कर चुके, तीसरी में फर्जी IAS दामाद मिलाफर्जी IAS के ससुर ने बताया- मेरी 3 लड़कियां और एक लड़का है। 2 लड़कियों की शादी कर चुका हूं। इसी बीच मैं पैरालाइज हो गया। आधा शरीर काम ही नहीं करता है, इसलिए छोटी बेटी की शादी ढूंढना शुरू किया। छोटी बेटी ग्रेजुएशन कर चुकी है। समाज के ग्रुप में रिश्ता आया, फंसते चले गएउन्होंने बताया कि मेरी बड़ी बेटी दिल्ली में रहती है। उसने कहा कि हमलोगों के समाज का एक ग्रुप है, इसमें अपने समाज के बहुत लोग जुड़े हैं। एक आईएएस लड़के की प्रोफाइल आई है। लड़का रहने वाला इटावा के लुधियात मोहल्ले का है। नाम प्रीतम कुमार निषाद है। उसकी उम्र 32 साल है। वह मनिकपुर में एसडीएम पद पर तैनात है। प्रोफाइल पर यह सब लिखा है। उन लोगों को दहेज भी नहीं चाहिए। बस लड़की सुंदर होनी चाहिए। बेटी की बात सुन मुझे लगा कि रिश्ता अच्छा है, मैंने बात आगे बढ़ाने के लिए कह दिया। बड़ी बेटी ने प्रीतम से बात की, हम इटावा पता करने भी गएउन्होंने बताया कि बड़ी बेटी ने प्रीतम से शादी के लिए बात की। इसके बाद मोबाइल से मुझसे भी बात कराई। बातचीत के बाद वह दिसंबर 2025 में गोरखपुर आया। उससे बातचीत हुई। उसने भी बेटी को देखते ही पसंद कर लिया। बात आगे बढ़ने पर मेरे परिवार के लोग उसके बारे में पता करने के लिए इटावा गए। इटावा के लुधियात मोहल्ले में स्थित घर पर मेरे परिवार के लोग पहुंचे। टू बीएचके घर था। प्रीतम ने बताया कि यह मेरी बहन का घर है। हम लोगों की स्थिति बहुत खराब थी। अब इस मकान को बेचकर नया मकान लेने वाला हूं। बोला-गांव पिछड़ा है इसलिए कम जाते हैंप्रीतम से गांव के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि यहां से 35 किमी है। लेकिन एक नदी पार करके जाना पड़ता है। बहुत पिछड़ा गांव है, इसलिए वहां कम आते-जाते हैं। मैं गांव का पहला लड़का हूं, जो आईएएस बना है। इस तरह उसने मेरे परिवार को विश्वास में ले लिया। घर के लोग भी संतुष्ट हो गए। 11 मार्च 2026 को शादी का दिन तय किया गया। पहले तो प्रीतम ने बोला कि वह दहेज नहीं लेगा। लेकिन शादी तय होने के बाद उसने शादी खर्च के नाम पर पैसे की डिमांड कर दी। उसने बोला कि शादी और बहूभोज में बड़े-बड़े लोग आएंगे, काफी पैसे खर्च होंगे। उसके कहने पर ही शादी के एक महीने पहले ही 15 लाख रुपए उसे दे दिए। कार पर लिख रखा था भारत सरकारपिता ने बताया कि प्रीतम शादी के चार दिन पहले 7 मार्च को गोरखपुर आया था। जिस कार से आया, उसपर भारत सरकार लिखा था। उसके साथ एक असिस्टेंट भी था। जो उसके पीछे-पीछे चल रहा था। उसने घर पर आकर अपनी शादी का कार्ड दिया। इसपर मैंने सवाल किया कि शादी का कार्ड देने आने की क्या आवश्यकता थी। इसपर उसने जवाब दिया कि गोरखपुर में अपने समाज के कैबिनेट मंत्री और सांसद को शादी का कार्ड देना है। इसके अलावा पुलिस के अधिकारियों को भी कार्ड देना था। इसलिए गोरखपुर आया था। यह सब कहकर वह चला गया। शादी के दिन पता चला, विश्वास नहीं हुआपिता ने बताया कि 11 मार्च को कैंट क्षेत्र के एक मैरिज हाउस से शादी होनी थी। वहीं बारात के ठहरने के लिए एक होटल किया था। शादी वाले दिन दोपहर बाद बारात आई। होटल में दूल्हा और बाराती ठहरे थे। हमारे कुछ रिश्तेदार बाहर से आए थे। उनलोगों को जब पता चला कि लड़का आईएएस है तो मिलने होटल चले गए। वहां पर काफी देर तक बातचीत हुई। प्रीतम से उन्होंने पूछा कि कहां पर तैनात हैं। इसपर उसने मनिकपुर का नाम लिया। बताया कि इटावा से 500 किमी दूर यूपी दिल्ली बॉर्डर पर है। मेरे रिश्तेदारों ने प्रीतम के घर इटावा में भी उसके बारे में पता किया, लेकिन कोई कुछ नहीं बता पाया। इस पर रिश्तेदार बहुत संतुष्ट नहीं थे। इन सब के बीच रातभर शादी का कार्यक्रम चला। सुबह मेरे भतीजे और रिश्तेदार को शक होने पर उसके गांव में फिर कॉल कर जानकारी हासिल करनी चाही। प्रीतम के पट्टीदारों से बात हुई। उन्होंने बताया कि वह कोई आईएएस नहीं है। वह फर्जीवाड़ा करता है। इतना सुनते ही मेरे भतीजे ने विदाई रुकवा दी। प्रीतम ने सफाई में वीडियो दिखाएलड़की के पिता ने बताया कि अपनी सफाई में प्रीतम ने एक वीडियो मंगाकर दिया। उस वीडियो में प्रीतम का इंटरव्यू था। एक यू-टयूबर ने एसडीएम बनने के बाद इंटरव्यू किया था। जो उसके चैनल पर चार साल से चल रहा था। इसके बाद प्रीतम ने बताया कि मेरे पट्टीदार जलते हैं। वह नहीं चाहते कि मेरी शादी हो। विश्वास होने पर 12 मार्च 2026 को विदाई की रस्म पूरी की गई। गांव वालों ने कॉल कर बताई सच्चाईलड़की के पिता ने बताया कि थोड़ी ही देर बाद प्रीतम के गांव से फिर कई कॉल आई। उन्होंने प्रीतम के फर्जीवाड़ा का सबूत भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रीतम गांव से भागा हुआ है। उसने कई लोगों से फर्जीवाड़ा किया है। उसने 25 शादियां झूठ बोलकर की हैं। विदाई के दिन ही रात में पहुंचे ससुरालइसके बाद हमलोग बहुत डर गए। सबसे पहले बेटी को कॉल करके बताया गया कि वह रास्ते में से बार-बार लोकेशन भेजते रहे। इधर गोरखपुर से मेरा बेटा, भतीजा और बड़ी लड़की कार से विदाई के तीन घंटे बाद निकले। इटावा में प्रीतम अपने घर लुधियात मोहल्ले में रात करीब 9 बजे पहुंचा। उसके पीछे मेरे परिवार के लोग भी 11 बजे पहुंच गए। देखा कि प्रीतम के घर के सभी लोग शराब पी रखे थे। वह भी सड़क पर से आंख चढ़ाए पैदल ही आया। घर में नहीं था शौचालयपरिवार के लोगों ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। पहले तो इधर-उधर की बात करके घुमाता रहा। बाद में जब उसे गांव के लोगों के भेजे वीडियो दिखाए तब उसके होश उड़ गए। पोल खुलती देख उसने बताया कि वह आईएएस नहीं है। एक कंपनी में काम करता था। शादी के लिए एक महीने से छुट्टी ली है। तब उसके खिलाफ इटावा के एकदिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां पता चला कि उसके खिलाफ दो और लड़कियों ने पहले से मुकदमा करा रखा है। यह सब देखकर परिवार के लोग डर गए। उन्होंने बताया कि बेटी को लेकर वे गोरखपुर वापस आ गए। यहां आकर कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। बेटी ने भी बताया कि इटावा के जिस घर में वह विदा कराकर ले गया था, उसमें शौचालय तक नहीं था। पूछने पर कहा कि यहां के लोग खेत में जाते हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… फर्जी IAS अपनी दुल्हन को गोवा में बेचने वाला था:गोरखपुर में धूमधाम से शादी रचाई, लड़की के परिवार को देखते ही भागा गोरखपुर में इटावा के रहने वाले युवक ने फर्जी IAS बनकर शादी रचाई। वह अपनी दुल्हन को गोवा में बेचने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले परिवार को उसके फर्जी अफसर होने की भनक लग गई। लड़की वाले अपनी बेटी को बचाने के लिए जैसे इटावा पहुंचे। आरोपी उन्हें देखते ही अपने परिवार के साथ भाग निकला। दुल्हन के परिवार ने नंदानगर इलाके के एक लॉन से धूमधाम से शादी की थी। पढ़ें पूरी खबर
'हम लोगों का जो काम था, कर दिया है। अब आप लोगों का काम है कि स्कॉर्पियो लेकर आए हैं तो चुपचाप बेटी की लाश को लेकर चले जाइए।' पटना के डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम के ड्राइवर अनिल यादव से उनके दामाद ने ये बातें कही। दरअसल, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के रहने वाले अनिल यादव का आरोप है कि दामाद 24 साल के सोनू ने अपने परिवार के साथ मिलकर 19 मार्च की रात को उनकी 20 साल की बेटी अपर्णा की हत्या कर दी। आरोप लगाया कि दामाद का कहना है कि मेरी बेटी ने दुपट्टे से फांसी लगाई है, लेकिन बेटी के गले पर रस्सी के काले गहरे निशान थे। अपर्णा की शादी कब हुई थी? अपर्णा की हत्या की वजह क्या है? अपर्णा ने आखिरी बार अपनी मां से बातचीत में क्या कहा था? अपर्णा के माता-पिता ने दामाद पर क्या-क्या आरोप लगाए? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले ये 4 तस्वीरें देखिए अब जानिए अपर्णा की हत्या का मामला क्या है? बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के बाबूराही गांव के रहने वाले अनिल यादव पटना डीएम के निजी ड्राइवर हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि 23 नवंबर 2024 को अपनी बेटी अर्पणा को धूमधाम से लाल जोड़े में ससुराल के लिए विदा किया था। शादी में खूब पैसे खर्च किए, 200 बारातियों का स्वागत किया। अनिल यादव ने बताया कि दामाद ने कार के लिए मेरी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मेरी बेटी अर्पणा की लाश गुरुवार की रात भागलपुर के बहादुरपुर स्थित उसके ससुराल से बरामद की गई। शुक्रवार को बेटी की लाश का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शव को अंतिम संस्कार के लिए बेगूसराय लाए। शनिवार को बेगूसराय में गंगा किनारे अपर्णा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपर्णा की छोटी बहन 10 साल की दीपशिखा ने मुखाग्नि दी। उधर, पुलिस ने अनिल यादव की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर अर्पणा के पति सोनू कुमार, सास निर्मला देवी, जेठानी प्रियंका देवी और नीतू देवी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, दो आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने अर्पणा के ससुराल से घटना में प्रयोग किया गए रस्सी भी बरामद किया है। अब जानिए मृतका अपर्णा के पिता अनिल यादव ने क्या कहा मृतका के पिता अनिल यादव ने बताया कि मेरी 4 बेटियां और एक बेटा है। दूसरी बेटी अर्पणा की शादी के लिए दो साल पहले लड़के की तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद मोहाली शंकरपुर के रहने वाले घोलटन यादव के बेटे सोनू कुमार के संबंध में जानकारी मिली। सोनू कुमार भागलपुर के जीरोमाइल थाना क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर-3 शीतला स्थान में घर बनाकर रह रहा था। सोनू पेशे से प्राइवेट ड्राइवर था। शादी में लेन-देन की बात तय हुई। बेटी की शादी में खर्च के लिए मैंने अपनी 7 कट्ठा जमीन भी बेच दी। बेटी की शादी में16 लाख रुपए खर्च किए। 22 नवंबर 2024 को बारात आई थी तो बारातियों के स्वागत में तन मन धन समर्पित कर दिया था। 23 नवंबर को बेटी की विदाई हुई तो घर-परिवार के सभी लोग खुश थे। लगा था कि अब हमारी बेटी खुशी-खुशी ससुराल में रहेगी, लेकिन कुछ दिनों के बाद प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। ‘दामाद, उसके घर वाले बार-बार कार देने का दबाव डाल रहे थे अनिल यादव ने बताया कि दामाद सोनू और उसके घर वाले बार-बार मेरी बेटी पर मायके से कार खरीदवाने का दबाव बना रहे थे। मेरी बेटी जब विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। दो बार पंचायती भी हुई, जब-जब पंचायती होती थी तो मामला शांत हो जाता था। कार को लेकर अक्सर दामाद और बेटी के बीच झगड़ा होता था। हम लोगों को लगता था कि पति-पत्नी और ससुराल का मामला है, बार-बार दखल देना ठीक नहीं है। लेकिन दीमाग में ये कभी नहीं आया कि एक कार के लिए मेरी बेटी की हत्या कर दी जाएगी। 'दामाद ने हम लोगों के बजाए पड़ोसी को कॉल कर जानकारी दी' अपर्णा के पिता ने बताया कि 19 मार्च की देर रात सोनू ने हम लोगों को कॉल न कर मेरे पड़ोसी को फोन किया और कहा- अर्पणा मर गई है। उसके घर पर जाकर सूचना दे दीजिए। फिर रात में करीब 1 बजे हम लोगों को इसकी जानकारी मिली। मेरी पत्नी और बड़े दामाद उसी समय भागलपुर के लिए रवाना हो गए। जानकारी के बाद मैंने दामाद सोनू को फोन किया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया। मेरी बेटी के पास मोबाइल भी नहीं था, वो बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। रात में पटना से भागलपुर जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली तो मैं सुबह बेटी के ससुराल पहुंचा। घटनास्थल पर दामाद सोनू के साथ उसकी गाड़ी का मालिक गुलशन सिंह और दामाद का दोस्त करण भी मौजूद था। करण स्थानीय थाने में ड्राइवर है। गुलशन और करण ने भी हम लोगों से कहा कि जो कुछ करना है कर लो, सोनू का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। आपकी बेटी ने दुपट्टे के सहारे पंखे से झूलकर सुसाइड की है। बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी अनिल यादव ने बताया कि अपर्णा अक्सर प्रताड़ना के संबंध में बताती थी। बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी। बेटी और उसके ससुराल के लोग हरिद्वार गए थे, वहां से लौटने के दौरान ट्रेन पटना पहुंची तो बेटी ने मुझे कॉल करके बुलाया था। वहीं, मृतका की मां शर्मिला देवी ने बताया कि 26 फरवरी को हम भागलपुर गए थे। उस दिन अर्पणा ने ससुराल में रसोई घर में जूठन रख दिया था। इसको लेकर सास ने झगड़ा किया था। उस दिन से रोज झगड़ा होता था, 15 दिन तक सास-बहू में बात नहीं हुई। अपर्णा खाना बनाकर सास को देती थी तो वो खाना नहीं खाती थी। मैं बेटी के ससुराल पहुंची तो मेरे साथ भी गाली-गलौज की गई। मैंने बेटी को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन दामाद और उसके घरवालों ने उसे आने नहीं दिया। शर्मिला देवी ने बताया कि 18 मार्च को बेटी ने वीडियो कॉल पर बात की तो कहा कि सास अक्सर झगड़ा करती है। मेरे साथ मारपीट की जाती है। 19 की रात को जब मेरी बेटी की मौत की सूचना मिली तो बड़े दामाद के साथ घटनास्थल पर पहुंची। छोटे दामाद और उसके परिवार के सभी लोग घर पर ही थे। बेटी की पलंग पर लाश पड़ी थी। अर्पणा अक्सर अपने साथ मारपीट की शिकायत मुझसे करती थी। कहती थी कि सोनू जी और परिवार के लोग मुझसे कार मांगते हैं, महंगा मोबाइल मांगा जाता है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। आखिरी बातचीत में बेटी ने कहा था कि ससुराल वाले बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं, हम जिंदा नहीं बचेंगे। अब जानिए हत्या के आरोपी सोनू ने क्या बताया? मृतका के जीजा रिंकेश कुमार ने बताया कि 19 मार्च को देर शाम देवघर से अपने ससुराल पहुंचा था। देर रात पड़ोसी के मोबाइल पर अर्पणा की मौत की सूचना मिली। मैंने सोनू को कॉल किया तो उसने रिसीव नहीं किया। जब मैं नवगछिया के पास पहुंचा तब सोनू ने मेरा कॉल रिसीव किया। सोनू ने मुझसे बताया कि गुरुवार रात 11 बजे पति-पत्नी खाना खाकर सो गए थे। 11 बजकर 40 पर देखा कि अपर्णा दुपट्टे से लटकी है। अपर्णा के ससुराल पहुंचकर पुलिस को बुलाया गया, लेकिन पुलिस भी हम लोगों की बात नहीं सुन रही थी। जब हम लोगों ने दबाव बनाया तो FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया। रिंकेश ने कहा कि अर्पणा ने सुसाइड नहीं किया है, उसकी हत्या की गई है। हत्या में यूज किए गए रस्सी को FSL की टीम ने सोनू के घर से बरामद किया है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से जुड़ी है। वहीं, दूसरी खबर यूपी की महिला मंत्री के बयान को लेकर है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में हड्डी फेंकने पर दंगे हो जाएंगे। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... 1. सोनम वांगचुक जेल से रिहाई के बाद पहली बार लेह जाएंगे। वे 170 दिन जेल में रहे थे। 2. IPL फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का शाम 7 बजे चेपॉक स्टेडियम में रियूनियन होगा। इसमें पुराने खिलाड़ी भी शामिल होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर दूसरी बार हमला, रूस ने हमले की निंदा की अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 22 दिन हो गए हैं। इस बीच शनिवार सुबह अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हवाई हमला किया। इस हमले में किसी भी तरह का रेडियोएक्टिव (खतरनाक परमाणु) रिसाव नहीं हुआ है। पहली बार 2 मार्च को हमला हुआ था: इजराइल और अमेरिका ने इससे पहले 2 मार्च को भी इस प्लांट पर हमला किया था। यह ईरान का सबसे बड़ा न्यूक्लियर सेंटर है, यहां यूरेनियम इनरिचमेंट किया जाता है। इसकी एक खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी हमले से इसे बचाया जा सके। रूस ने हमले की निंदा की: रूस ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। ईरान ने इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी को भी दी है। पूरी खबर पढ़ें... 2. मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं, आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। गोवंश से लदे ट्रक का पीछा कर रहे थे बाबा: बाबा के साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। पुलिस बोली- बाबा चेकिंग कर रहे थे: पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर बाबा नगालैंड नंबर के ट्रक को रोककर चेकिंग कर रहे थे। सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। बाबा इसकी चपेट में आ गए। वहीं, राजस्थान के घायल ट्रक चालक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… 3. मंत्री बोलीं- मस्जिदों में हड्डी फेंको तो दंगे हो जाएंगे, ‘गंगा में मुर्गा खाकर टांग फेंकने की इजाजत किसने दी?’ झांसी में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- गंगा हमारी मां हैं। गंगा मां पर जाकर रोजा इफ्तार पार्टी करते, लेकिन मु़र्गे खा-खाकर टांगे फेंकने की इजाजत किसने दे दी? ‘अखिलेश को केवल वोटबैंक की चिंता’: क्या इनकी मस्जिदों में जाकर जानवरों की हड्डी फेंक सकते हैं? दंगे हो जाएंगे। अखिलेश को हिंदुओं की आस्था की चिंता नहीं है। वे गलत बोल रहे हैं। तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं। दरअसल, 2 दिन पहले अखिलेश यादव ने गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था- नाव पर इफ्तार पार्टी क्यों नहीं कर सकते? इसी को लेकर बेबी रानी मौर्य ने निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़ें… 4. ममता बोलीं- मोदी सबसे बड़े घुसपैठिए, बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगाया पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि आप (मोदी) नाम हटाने और लोगों को घुसपैठिया बताने की बात करते हैं। मैं कहूंगी, आप सबसे बड़े घुसपैठिए हैं। जब आप विदेश जाते हैं तो नेताओं से हाथ मिलाते हैं और दोस्ती की बात करते हैं। लेकिन जब आप भारत लौटते हैं तो अचानक हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव शुरू हो जाता है ममता बोलीं- बंगाल बांटने वाले जहन्नुम में जाएंगे: ममता ने आगे कहा कि आपने हमारी सरकार पर कब्जा कर लिया है और अनऑफिशियल प्रेसिडेंट रूल लगा दिया है। लेकिन हम डरेंगे नहीं। जो लोग बंगाल को निशाना बना रहे हैं और लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जहन्नुम में जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में दो फेज में चुनाव: चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। पूरी खबर पढ़ें... 5. पंजाब में अफसर ने मंत्री पर आरोप लगाकर जहर खाया, मौत; AAP मंत्री का इस्तीफा पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर सरकारी एजेंसी, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर में तैनात डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा ने सुसाइड कर लिया। रंधावा ने जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 12 सेकेंड का वीडियो जारी किया। मंत्री बोले- आरोप झूठे, इस्तीफा दिया: इस घटना का पता चलते ही CM भगवंत मान ने मंत्री भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी गई है। वहीं, मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि आरोप झूठे हैं। जांच प्रभावित न हो, इसलिए मैंने पद छोड़ा है। आरोप- मंत्री के पिता को टेंडर नहीं मिला: मंत्री पर आरोप है कि जब पॉलिसी के हिसाब से मंत्री के पिता को टेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर बुलाकर DM गगनदीप सिंह रंधावा से मारपीट की। नंगा करके उसकी वीडियो बनाई। पत्नी-बच्चों को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी। पूरी खबर पढ़ें... 6. LPG संकट- राज्यों को 23 मार्च से 20% ज्यादा गैस मिलेगी, केंद्र बोला- ढाबे-होटलों को प्राथमिकता केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। ढाबों-होटलों को प्राथमिकता मिले: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। क्या है 'प्री-क्राइसिस लेवल': 'प्री-क्राइसिस लेवल' का मतलब उस समय से है जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था। फिलहाल राज्यों को बहुत कम सप्लाई मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर पुरानी डिमांड का आधा (50%) किया गया है। पूरी खबर पढ़ें... 7. एक हफ्ते में चांदी ₹28 हजार गिरकर ₹2.32 लाख पर पहुंची, सोना ₹11 हजार सस्ता इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही। सोना हफ्तेभर में 11 हजार रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 13 मार्च को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.60 लाख किलो से गिरकर 2.32 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 28 हजार रुपए कम हुई। सोना-चांदी के दाम क्यों गिरे: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से निवेशक अपनी 'गोल्ड होल्डिंग्स' बेचकर कैश (डॉलर) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि बाजार की अस्थिरता से निपट सकें। इससे डॉलर डिमांड बढ़ रही है और सोने-चांदी के दाम गिर रहे हैं। ऑलटाइम हाई से 1.53 लाख रुपए गिरी चांदी: चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 50 दिन में चांदी 1.53 लाख रुपए सस्ती हो गई है। पूरी खबर पढ़ें... 8. आसिम मुनीर की शिया धर्मगुरुओं को धमकी: बोले- ईरान से मोहब्बत तो वहीं चले जाओ पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं से कहा कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं। उनके इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुनीर ने रावलपिंडी में शिया समुदाय की एक इफ्तार पार्टी में यह बात कही। शिया समुदाय बोला- यह देशभक्ति पर सवाल: इस बयान के बाद शिया समुदाय का कहना है कि यह उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने जैसा है। उनका मानना है कि यह बयान उनकी धार्मिक भावनाओं और पहचान को गलत तरीके से पेश करता है। पाकिस्तान में 15% शिया समुदाय की आबादी: पाकिस्तान में ईरान के बाद सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है, जो कुल जनसंख्या का करीब 15 फीसदी (3.77 करोड़) मानी जाती है। यह विवाद उस समय सामने आया है जब मार्च में खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव: पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं, आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला; ट्रक ड्राइवर की भी मौत (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: भारत बिना आमने-सामने की जंग की तैयारी कर रहा: अनंत शस्त्र समेत 6 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, सरकार इन पर 2.19 लाख करोड़ खर्च करेगी (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: राहुल बोले- तेल की कीमतें बढ़ना महंगाई का संकेत: कहा- सरकार भले ही इसे नॉर्मल बताए, लेकिन रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 4. बिजनेस: एयरलाइंस बढ़ा सकती हैं हवाई किराया: बोलीं- मजबूरन लेना पड़ेगा फैसला, एक्स्ट्रा-चार्ज ना लेने के सरकार के निर्देश का विरोध कर रहीं (पढ़ें पूरी खबर) 5. बिजनेस: अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट: ग्लोबल मार्केट में 14 करोड़ बैरल तेल आएगा; भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 6. बिजनेस: लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस (पढ़ें पूरी खबर) 7. क्रिकेट: आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए: KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था (पढ़ें पूरी खबर) 8. एंटरटेनमेंट: दावा- सलमान की फिल्म मातृभूमि की रिलीज डेट टली: स्क्रिप्ट में बदलाव और एक्टर प्रशांत तमांग के निधन से हो रही है देरी (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पैसे लेकर दुख सुन रहा है शख्स मुंबई के एक बीच पर एक युवक लोगों का दुख सुनने के लिए पैसे ले रहा है। इसका वीडियो वायरल है, जिसमें वह एक बोर्ड पकड़े है, जिस पर लिखा है, 'किसी को अपना दुख सुनाना है तो मैं सुन सकता हूं।' छोटी समस्याओं के लिए 250 रुपये, गंभीर मुद्दों के लिए 500 रुपये और साथ बैठकर रोने के लिए 1000 रुपये देने होंगे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- हर जंग में महंगा हुआ सोना, ईरान जंग में ₹12,000 क्यों गिर गया; क्या 1 लाख के नीचे जाएगा, खरीदें या इंतजार करें 2. ग्राउंड रिपोर्ट- CM हिमंता के बयान बदले, सियासत वही: कभी कहा गुजरात के पाइप में मुस्लिमों का खून, अब मियां मुस्लिमों पर असम की बर्बादी का ठीकरा 3. ग्राउंड रिपोर्ट- तरुण मर्डर केस-खून की होली की धमकी,शांति से मनी ईद: प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा, चाचा बोले-हमारा बेटा गया, किसी और का न जाए 4. जरूरत की खबर- व्रत के फू़ड में होती ज्यादा कैलोरीज: बढ़ सकता है वजन, डाइटीशियन से जानें व्रत की थाली को कैसे बनाएं हेल्दी? 5. आपका पैसा- क्या बैंक ले रहा है ज्यादा स्प्रेड रेट: कैसे कराएं कम, जानें कैसे तय होता इंटरेस्ट रेट, कम ब्याज पर कैसे मिलेगा लोन ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों के लिए कामकाज में सुधार के संकेत हैं। वृष राशि वालों को कारोबार में नया ऑर्डर मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
जदयू से लंबे समय तक जुड़े रहे केसी त्यागी आज रविवार को रालोद जॉइन कर सकते हैं। दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित किसान समृद्धि गोष्ठी में वह शामिल होंगे। इसके मुख्य अतिथि रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राजयमंत्री जयंत चौधरी होंगे। केसी त्यागी और जयंत चौधरी दोनों एक साथ मंच पर होंगे। 11 जनवरी 2026 के बाद ये दूसरा अवसर होगा, जब दोनों नेता एक साथ एक मंच पर आ रहे हैं। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व सांसद मलूक नागर सहित पश्चिम यूपी के अन्य रालोद नेता भी शामिल होंगे। पश्चिम यूपी की राजनीति को लेकर ये गोष्ठी अहम बदलाव की ओर इशारा करती दिख रही है। गोष्ठी के निमंत्रण पत्र पर चौधरी परिवार की 3 पीढ़ियों की तस्वीरेंकिसान समृद्धि गोष्ठी के जो निमंत्रण पत्र तैयार कर बांटे गए हैं, वो भी इस नए राजनीतिक फेरबदल को संकेत दे रहे हैं। निमंत्रण पत्रों पर केसी त्यागी के साथ जयंत चौधरी की फोटो अगल-बगल लगी है। वहीं एक ओर भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की तस्वीर है। ऊपर जयंत चौधरी के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजीत सिंह की भी फोटो लगी है। इस तरह चौधरी परिवार की तीन पीढ़ियों का समागम इस निमंत्रण पत्र में किया गया है। अब त्यागी के रालोद में जाने के 3 बड़े संकेत पढ़िए- 1.) जदयू (JDU) में मेंबरशिप रिन्यूअल नहीं करायाकेसी त्यागी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे हैं। केसी त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। एक सितंबर, 2024 को वह जदयू के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिए गए थे। पार्टी में हाशिए पर चल रहे त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखा था। इसके बाद जदयू ने उनसे किनारा कर लिया था। 2.) त्यागी ने जयंत चौधरी से किताब का विमोचन कराया 11 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में केसी त्यागी की लिखी किताब ‘संकट में खेती’ का विमोचन भारत मंडपम के पुस्तक मेले में हुआ था। किताब का विमोचन रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने किया था। इसके बाद से माना जा रहा था कि त्यागी रालोद का रुख कर सकते हैं। ये किताब चौधरी चरण सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती को समर्पित है, जो किसानों के संघर्ष पर प्रकाश डालती है। 3.) जयंत ने कहा था- हर दल में एक केसी त्यागी जरूरीजयंत ने केसी त्यागी द्वारा चौधरी चरण सिंह पर लिखी किताब का विमोचन करते हुए न सिर्फ उन्हें चौधरी साहब का सच्चा शिष्य बताया, बल्कि यह भी कहा कि मैं त्यागीजी को मनाने आया हूं। हर दल में एक केसी त्यागी होना चाहिए। केसी त्यागी का वेस्ट यूपी में जनाधार जानिए… चौधरी चरण सिंह की छत्रछाया में बढ़े केसी त्यागी राजनीतिक जानकार कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह केसी त्यागी को अपना विचारपुत्र मानते थे, इस बात को वे कहते भी थे। उन्होंने अजित सिंह के सामने भी इस बात को कई बार कहा कि चौधरी साहब के जैविक पुत्र आप हैं, लेकिन मैं वैचारिक पुत्र हूं। अगर रालोद केसी त्यागी को अपने साथ जोड़ती है तो इसके जरिए एक बड़ा मैसेज वेस्ट यूपी में की त्यागी बिरादरी को जाएगा। इसका इंपैक्ट 2027 के चुनाव में भी देखने को मिलेगा। गाजियाबाद में किसान परिवार में जन्मे त्यागीकेसी त्यागी का जन्म यूपी के गाजियाबाद जिले के मुरादनगर स्थित मोरटा गांव में हुआ था। वह साधारण किसान परिवार से थे। उनके पिता जगराम सिंह त्यागी और माता रोहताश त्यागी थीं। उन्होंने मुरादनगर में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद त्यागी ने मेरठ विश्वविद्यालय से B.Sc. की डिग्री ली थी। गाजियाबाद और मेरठ से सांसद का चुनाव लड़ाकेसी त्यागी 1989 में गाजियाबाद से सांसद का चुनाव जनता दल के टिकट पर लड़कर जीते। तब उन्होंने कांग्रेस के प्रेममोहन, जो मोहन मिकिंस कंपनी के मालिक थे और कांग्रेस के सिटिंग एमपी थे, उनको हराया। हालांकि, 1991 के चुनाव में रामलहर में त्यागी भाजपा के रमेशचंद तोमर से हार गए। इसके बाद जनता दल टूट गया। तब मुलायम सिंह ने अपनी खुद की पार्टी सपा बनाई। केसी त्यागी सपा में गए, लेकिन वहां उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं मिली। वो आखिरी में समता पार्टी में नीतीश कुमार के साथ चले गए। फिर 2004 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जदयू को मेरठ सीट लड़ने के लिए दी। तब केसी त्यागी ने जदयू से मेरठ सीट से सांसदी का चुनाव लड़ा। लेकिन, इस बार बसपा से मेयर रहे शाहिद अखलाक चुनाव जीत गए। पांच बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले त्यागी बिहार से 2013 से 2016 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। मुख्य रूप से त्यागी जदयू अध्यक्ष शरद यादव के साथ रहे। मगर बाद में नीतीश के साथ आगे बढ़ते रहे। नीतिश ने ही उन्हें प्रधान महासचिव बनाया। भाजपा में बेटे को तवज्जो नहीं, त्यागी नाराजवेस्ट यूपी में त्यागी बिरादरी से जुड़े भाजपा के एक बड़े नेता ने केसी त्यागी के रालोद जॉइनिंग के पीछे की वजह बताई। इसमें कहा- केसी त्यागी बेटे अमरीश को राजनीति की मुख्यधारा में लाना चाह रहे। यूपी के 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अमरीश ने भाजपा जॉइन की थी। अमरीश त्यागी भाजपा में पहले दिन से साइडलाइन और उपेक्षा का शिकार रहे। माना जा रहा है कि केसी त्यागी खुद रालोद के नीतिगत और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम करेंगे। बेटे को वेस्ट यूपी से 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कराएंगे। किठौर या गाजियाबाद से टिकट मांग सकते हैंसीनियर जर्नलिस्ट अनिल बंसल कहते हैं, मेरठ की किठौर सीट पर भाजपा से सतवीर त्यागी 2017 में विधायक रह चुके हैं। गाजियाबाद का मुरादनगर भी त्यागियों की जीती सीट है। भाजपा से अजीत पाल त्यागी यहां मौजूदा विधायक हैं। 2017, 2022 का चुनाव जीते हैं। इससे पहले उनके पिता स्व. राजपाल त्यागी इस सीट से 7 बार चुनाव जीते और केंद्र में मंत्री रहे। ऐसे में केसी त्यागी रालोद के जरिए NDA में इन सीटों से बेटे अमरीश के लिए टिकट का दावा करेंगे। केसी त्यागी और रालोद को क्या फायदा मिलेगा? रालोद नेताओं ने क्या कहा, पढ़िए…
‘धुरंधरः द रिवेंज’ फिल्म में 7-8 मिनट अतीफ अहमद नाम का कैरेक्टर दिखता है। रील का अतीफ अहमद, रियल लाइफ में यूपी के प्रयागराज का माफिया अतीक अहमद से मिलता है। फिल्म में अतीफ अहमद का मर्डर ठीक वैसे ही दिखाया गया है, जैसे प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ का हुआ था। फिल्म में ऐसा दिखाया कि ये सब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजय सान्याल की प्लानिंग से हुआ। जबकि, यूपी में माना जाता है कि सीएम योगी के सख्त रवैए की वजह से माफिया का आतंक खत्म होता चला गया। फिल्म में अतीफ अहमद का कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से दिखाया गया है। हथियारों का बड़ा सप्लायर, नकली नोट खपाने वाला, यूपी में किसकी सरकार बनेगी, इसमें हस्तक्षेप रखने वाला। शायद यही वजह है कि इस फिल्म को कांग्रेस और सपा के नेता प्रोपेगेंडा बता रहे हैं। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन कहते हैं- अतीक अहमद के मामले में अब तक किसी भारतीय जांच एजेंसी ने ऐसा कोई खुलासा नहीं किया। विवाद खड़ा कर सिर्फ फिल्म चलाने की कोशिश की जा रही है। सियासी बयानों के बीच नया विवाद पैदा हो गया है। हकीकत क्या है? क्या अतीक का ISI से कनेक्शन था? क्या वो नेपाल के रास्ते नकली नोट यूपी में खपा रहा था? फिल्म में क्या दिखाया, हकीकत में क्या था? आज संडे बिग स्टोरी में समझते हैं… फैक्ट 1. पाकिस्तान की AK-47 इंडिया में सप्लाई करने वाला अतीफ फिल्म: इसमें शुरुआत में दिखाया गया है कि जसकीरत सिंह रांगी बदला लेने के लिए अपने दोस्त के साथ अतीफ अहमद के पास AK-47 खरीदने आता है। अतीफ के पास ये हथियार पाकिस्तान की एजेंसी ISI के इशारे पर बलूच माफिया सप्लाई करते हुए दिखाए गए हैं। हकीकत: हथियारों की तस्करी के मामले में माफिया अतीक की कहानी थोड़ा अलग नजर आती है। अतीक की हत्या 15 अप्रैल, 2023 को हुई थी। इसके ठीक 15 दिन पहले उमेश पाल हत्याकांड में प्रयागराज पुलिस ने चार्जशीट लगाई थी। उसमें अतीक और उसके भाई अशरफ को हथियारों की तस्करी का आरोपी बनाया गया था। चार्जशीट के मुताबिक, अतीक ने अपने बयान में कहा था कि उसके पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। इसमें यह भी जिक्र है कि पाकिस्तान की ISI और लश्कर-ए-तैयबा से उसके कनेक्शन हैं। ISI के एजेंट से फोन पर बात होती थी। पाकिस्तान से हथियार ड्रोन के जरिए पंजाब में गिराए जाते थे। फिर वहां से लोकल एजेंट के जरिए हथियार अतीक गैंग के पास आते थे। जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकियों को भी इसी खेप से हथियार मिलते थे। वहां के दशरथगढ़ से भी हथियार मिलते थे। अतीक ने जांच एजेंसी से यह भी कहा था कि अगर उन्हें इन जगहों पर लेकर चला जाए तो वह हथियार, गोला-बारूद बरामद करवाने में मदद कर सकता है। पुलिस ने इसी बयान के आधार उसके ISI से लिंक होने को लेकर एक FIR लिखी थी। इसमें लिखा गया था कि ISI ने अतीक अहमद को AK-47 हथियार, .45 बोर की पिस्टल, स्टेनगन और RDX सप्लाई किया था। उमेश पाल की हत्या में .45 पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। अतीक के पास से 58 कारतूस मिले थे। ये सभी पाकिस्तान मेड 9 एमएम के कारतूस थे। फैक्ट 2. जेल से चलता था अतीक का साम्राज्य फिल्म: इसमें दिखाया गया है कि अतीफ जेल के बरामदे में खाना खा रहा है। एक कॉन्स्टेबल उसको खाना परोस रहा। इस बीच ISI चीफ की कॉल उसके मोबाइल पर आती है। वह नेपाल के रास्ते हथियार और चरस सप्लाई की बात करता है। अतीफ कहता है कि आज उसका मेडिकल है, डॉक्टर से सेटिंग हो गई है। ऐसा दिखाया गया कि पूरे नेटवर्क की हैंडलिंग अतीफ जेल के अंदर से कर रहा था। हकीकत: ये फैक्ट सही लगता है। 2007 में राजू पाल की हत्या के बाद 2023 तक उसका ज्यादातर वक्त प्रयागराज की नैनी जेल, देवरिया, बांदा और चित्रकूट जेल में ही बीता। अतीक अहमद 3 अप्रैल, 2013 को देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया था। अतीक के गुर्गे लखनऊ के आलमबाग के रियल स्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण करके उसके पास देवरिया जेल पहुंचे थे। यहां अतीक ने मोहित को बहुत पीटा था। इसमें मोहित के दाएं हाथ की उंगलियों की हड्डियां टूट गई थीं। उनकी एमजे इंफ्रा के नाम से जो पांच कंपनियां थीं, उसे फारुख और जकी के नाम करवा दिया था। यह मामला इतना हाईलाइट हुआ था कि 4 दिन बाद 30 दिसंबर, 2018 को अतीक अहमद को बरेली जेल भेज दिया गया था। 2019 में कोर्ट ने अतीक को गुजरात की साबरमती जेल में भेज दिया था। फैक्ट 3. पाकिस्तान के नकली नोट नेपाल के रास्ते यूपी में खपा रहाफिल्म: दिखाया है कि दाऊद इब्राहिम 60 हजार करोड़ रुपए के नकली नोट भारत में खपाने की तैयारी करता है। यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजय सान्याल को मिल जाती है। इसके बाद 8 नवंबर, 2016 की रात 8 बजे पीएम नरेंद्र मोदी 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान करते हैं। इसको ISI चीफ पाकिस्तान में टीवी पर देखता है। यूपी में अतीफ अहमद से टेलीफोन पर बात होती है। अतीफ कहता है- भट्ठा बैठा दिया इन हरा*** ने। दाऊद भाई से बोल दीजिए कि अब इनको रोकना नामुमकिन है। अगर रोकना है तो बहुत बड़ा करना पड़ेगा। चाय वाला घुस के फट गया है हमारे अंदर। हकीकत: माफिया अतीक अहमद पर पाकिस्तान से फर्जी नोटों को यूपी लाकर चलाने का कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। अतीक अहमद पर हवाला कारोबार के जरिए करोड़ों लेन-देन के मुकदमें जरूर दर्ज हुए थे। लोगों से वसूली करना और फिर उन पैसों को शेल कंपनियों में लगाकर विदेश भेजना। फिर दूसरे रास्ते से वापस लाने के काम में अतीक अहमद की मिलीभगत रही है। फैक्ट 4. यूपी की सरकार में दखलअंदाजी रखता था अतीकफिल्म: 500 और 1000 के नोट बंद होने के सीन के बाद ISI चीफ और माफिया की बातचीत होती है। अतीफ कहता है- यूपी गया हमारे हाथ से, हार जाएंगे इलेक्शन। अब अल्लाह ही मालिक है…। इसको देखकर लगता है कि यूपी में कौन मुख्यमंत्री होगा? इसमें अतीक का हस्तक्षेप था। हकीकत: अतीक 1989 में पहली बार इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधायक बना था। विधायक के तौर पर उसका दबदबा था। 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 के चुनाव भी उसने जीते थे। 2004 में वो सपा के टिकट पर फूलपुर सीट से सांसद बना। राजू पाल हत्याकांड में जेल जाने के बाद भी उसने राजनीति जारी रखी थी। लेकिन फिल्म से जुड़े 2 तरह के फैक्ट कभी भी सामने नहीं आए। पहला- उसके सियासी करियर के पीछे नकली नोटों का कारोबार था। दूसरा- यूपी की सत्ता में बड़े चेहरों को अतीक अहमद ही सेट करता था। फिल्म को प्रोपगेंडा क्यों बताया जा रहा… पूर्व IPS बोले- जो हिंसक, वह तस्कर भी हो सकता हैहमने इस फिल्म और अतीक के जीवन को लेकर पूर्व IPS लालजी शुक्ला से बात की। प्रयागराज में पोस्टिंग के दौरान लालजी ने अतीक से जुड़े कई मामलों की जांच की थी। नकली नोट की तस्करी को लेकर लालजी कहते हैं- इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान से नकली नोट भारत में आते हैं। इसके लिए बांग्लादेश और नेपाल सबसे आसान रास्ते हैं। जब मेरी तैनाती बहराइच में थी, हमने नेपाल के रास्ते आ रही नकली नोटों की कई बार खेप पकड़ी थी। हालांकि, कभी भी डायरेक्ट अतीक अहमद का नाम नहीं आया। हथियारों को लेकर लालजी कहते हैं- अतीक इसका बहुत शौकीन था। हथियार से ही तो वह अपनी ताकत स्थापित करता था। उसके पास से कई बार हथियार पकड़े गए थे। हमने एक बार उसके पास से .30 पिस्टल पकड़ी थी। यह प्रतापगढ़ के किसी व्यक्ति के नाम लाइसेंस पर थी। जहां तक फिल्म की बात है, वह वास्तविकता से प्रेरित होती है, लेकिन वास्तविक नहीं होती। बाकी जो हिंसा कर सकता है। लोगों की जमीनों पर कब्जा कर सकता है। धर्म के खिलाफ काम कर सकता है। वह हथियार और नकली नोट की तस्करी भी कर सकता है, क्योंकि कर तो यह सब पैसे के लिए ही रहा है। अतीक का पाकिस्तान कनेक्शन सामने क्यों नहीं आया?फिल्म के तमाम फैक्ट पर सीनियर जर्नलिस्ट और राइटर मनोज राजन त्रिपाठी कहते हैं- फिल्म जब शुरू होती है, तभी डिस्क्लेमर आता है कि फिल्म का किसी जीवित-मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। अगर ऐसा होता है, तो यह एक संयोग है। ठीक इसी तरह से धुरंधर फिल्म में जो कुछ दिखाया गया है, वह पूरी तरह से सही नहीं है। मनोज कहते हैं- अतीक अहमद सांसद और विधायक रहा। पौने दो सौ से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन कोई एक भी मुकदमा पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी से जुड़ा नहीं रहा। जांच एजेंसियां तो काफी वक्त तक अतीक के पीछे लगी रहीं, कहीं न कहीं से ऐसा पता चलता है। वह आगे कहते हैं- फिर इस फिल्म में जो दिखाया गया, वह 2016 के आसपास का दिखाया गया है। इसके बाद 7 साल तक अतीक जिंदा रहा। मरने से कुछ वक्त पहले पुलिस अपनी चार्जशीट में अतीक के पाकिस्तान से हथियार लाने की बात लिखती है। इस फिल्म में अतीक के कई अपराधों की चर्चा नहीं है। उसमें मदरसा कांड था, जहां बच्चियों के साथ रेप हुआ। राजू पाल, उमेश पाल हत्याकांड की भी कोई चर्चा नहीं हुई। इसलिए इसे फिल्म की ही तरह समझा जाए। ------------------------- यग खबर भी पढ़िए- धुरंधर-2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस, नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। उम्मीदें जितनी ऊंची थीं, फिल्म कई जगह उन्हें पूरा करती है, तो कुछ जगह थोड़ा चूक भी जाती है। पढ़ें पूरी खबर
मैं बिहार हूं… मेरी पहचान सिर्फ एक राज्य नहीं, एक सभ्यता है। मैंने महात्मा बुद्ध को ज्ञान दिया, चाणक्य को राजनीति सिखाई, आर्यभट्ट को आकाश मापने की समझ दी। मेरी मिट्टी में कभी नालंदा जलती थी- ज्ञान के दीपक की तरह और फिर एक दौर आया जब मेरे गांव जलने लगे नरसंहारों में। मैंने साम्राज्य देखे, गुलामी झेली, आजादी पाई… और फिर अपने ही लोगों के बीच टूट गया। मेरे नाम पर ‘जंगलराज’ भी लिखा गया और फिर ‘डेवलपमेंट मॉडल’ भी।1912 में जन्मा…2026 तक एक लंबा सफर तय कर चुका हूं। दर्द, राजनीति, संघर्ष और बदलाव का सफर। यह कहानी है- मेरी, जहां हर दशक एक नया चेहरा लेकर आया। 114 वर्षों में बिहार कितना बदला, क्या-क्या सहा, कैसे-कैसे दाग झेले और फिर विकास की राह भी पकड़ी। पढ़िए, बिहार दिवस पर स्पेशल रिपोर्ट..। 1912-1920: जन्म तो हुआ, लेकिन पहचान अंग्रेजों के हाथ में थी मैं 22 मार्च 1912 को बना…। ब्रिटिश हुकूमत ने मुझे बंगाल से अलग कर दिया। नाम मिला-बिहार। लेकिन आत्मा अभी भी बंधी हुई थी। मेरी मिट्टी वही थी जहां कभी महात्मा बुद्ध ने शांति का संदेश दिया था, जहां चाणक्य ने राजनीति की रणनीति लिखी थी, जहां से ज्ञान की रोशनी पूरी दुनिया में गई थी। लेकिन अब… मेरे किसान नील की खेती करने को मजबूर थे। मेरे मजदूर शोषण झेल रहे थे। मेरे फैसले लंदन में लिखे जाते थे। गांवों में गरीबी थी, लेकिन अंदर एक बेचैनी भी थी। लोग पूछने लगे थे, ‘क्या हम सिर्फ हुक्म मानने के लिए बने हैं?’ मेरे शहरों में पढ़े-लिखे लोग उभर रहे थे, जो अंग्रेजी समझते थे… और अन्याय भी। यही वो दौर था जब, मेरी आत्मा ने पहली बार करवट ली। राजनीति अभी जनता तक नहीं पहुंची थी, लेकिन उसके बीज बोए जा चुके थे। मैं शांत था… लेकिन तूफान आने वाला था। 1920-1930: जब गांधी आए और मैंने अपनी आवाज पहचान ली अप्रैल 1917, मेरे जीवन का पहला बड़ा मोड़। चंपारण की मिट्टी पर एक आदमी आया, जिसे दुनिया बाद में महात्मा गांधी के नाम से जानती है। मेरे किसान टूट चुके थे। नील की खेती ने उन्हें गुलाम बना दिया था। गांधी ने कहा- ‘सत्य और अहिंसा से लड़ो।’ और पहली बार, मेरे गांवों ने डर को हराया। चंपारण सत्याग्रह सिर्फ आंदोलन नहीं था। यह मेरी आत्मा का पुनर्जन्म था। मेरे किसानों ने अंग्रेजों को चुनौती दी, मेरे युवाओं ने जेल जाना स्वीकार किया। अब राजनीति सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं थी, यह गांव-गांव पहुंच चुकी थी। हर चौपाल पर चर्चा थी, आजादी, अधिकार और सम्मान की। मैंने महसूस किया, यही मेरी आवाज है… और वह ताकतवर है। मैं अब सिर्फ एक प्रांत नहीं था। मैं एक आंदोलन बन चुका था। 1930-1940: क्रांति, जेल और आजादी की कीमत अब मैं जाग चुका था। 1930 का दशक मेरे लिए संघर्ष का दशक था। नमक सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा आंदोलन, ब्रिटिश कानूनों का विरोध… अब मेरे लोग हर मोर्चे पर थे। मेरे गांवों में पुलिस आती थी, लोगों को पकड़ती थी, लेकिन डर खत्म हो चुका था। राजनीति अब बलिदान मांग रही थी। मेरे हजारों बेटे जेल गए, कई शहीद भी हुए। लेकिन मैं टूट नहीं रहा था, मैं मजबूत हो रहा था। मेरी पहचान अब साफ थी- मैं आजादी चाहता हूं। 1940-1950: आजादी मिली, लेकिन जिम्मेदारियों का बोझ भी 1947… देश आजाद हुआ। मैं भी आजाद हुआ। लेकिन आजादी के साथ मेरे सामने नई चुनौतियां भी आईं। मेरे पास युवाओं को नौकरी, रोजगार देने के लिए उद्योग नहीं थे, मेरे पास मजबूत अर्थव्यवस्था भी नहीं थी। मेरे लोग गरीब थे, भुखमरी का शिकार हो रहे थे। बहुत बड़ी आबादी ऐसी थी, जिसे दो टाइम भी खाना नसीब नहीं हो रहा था। और बड़ी बात ये कि सरकार भी नई थी। राजनीति, सत्ता अब अंग्रेजों के खिलाफ नहीं, बल्कि खुद को संभालने की थी। मैंने सीखा, आजादी सिर्फ जीत नहीं, जिम्मेदारी भी है। राज्य को संभालने की अपने लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएं करने की और जीने की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की। 1950-1960: विकास की शुरुआत, लेकिन रफ्तार धीमी आजादी के बाद अब मैं खुद को बनाने की कोशिश कर रहा था। सरकार ने योजनाएं शुरू की, सिंचाई, स्कूल, स्वास्थ्य इन पर बातचीत और चिंतन तो शुरू हुआ, लेकिन सच यह था कि मैं अभी भी बहुत पिछड़ा था। राजनीति शुरू हो चुकी थी, लेकिन विकास धीमा था। भुखमरी और बेरोजगारी का असर ये हुआ कि मेरे लोग काम के लिए बाहर जाने लगे। पलायन शुरू हो चुका था। इसका दर्द मैं आज ही नहीं वर्षों पहले से झेल रहा हूं। हमने दिल्ली-मुंबई जैसे शहर अपने खून-पशीने से बनाए। 1960-1970: राजनीति बढ़ी, विकास पीछे रह गया अब राजनीति मजबूत हो रही थी। नेतृत्व बदल रहा था, लेकिन जमीन पर बदलाव कम था। मेरे गांव आज भी गरीब थे, मेरे शहर छोटे। मैं एक ऐसे मोड़ पर था, जहां दिशा साफ नहीं थी। छोटी-छोटी योजनाओं में भ्रष्टाचार शुरू हो चुका था। जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर और विकास योजनाओं के नाम पर नेताओं ने लड़ाई शुरू कर दी थी। भ्रष्टाचार ऐसे बढ़ रहा था मानो वो सभी को पीछे छोड़ देगा। मैं इस विषय पर देशभर में सबसे ज्यादा बदनाम होने लगा था। 1970-1980: जब मेरी सड़कों पर क्रांति उतरी और नए नेताओं का जन्म हुआ 1970 का दशक मेरे लिए उबाल का दशक था। मेरे भीतर गुस्सा जमा हो चुका था, भ्रष्टाचार के खिलाफ, बेरोजगारी के खिलाफ, उस व्यवस्था के खिलाफ जो आम आदमी को सिर्फ भीड़ समझती थी। फिर एक दिन मेरी सड़कों पर आवाज गूंजी ‘संपूर्ण क्रांति।’ यह आवाज थी जयप्रकाश नारायण की और मैं हिल गया। पटना से लेकर छोटे कस्बों तक छात्र, युवा, किसान… सब सड़कों पर थे। यह सिर्फ आंदोलन नहीं था। यह मेरे भीतर का विस्फोट था। इसी आंदोलन ने मुझे एक नई राजनीति दी। मेरी मिट्टी से कुछ नए राजनीतिक चेहरे उभरे। लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, राम विलास पासवान व इनके जैसे कई और युवा, क्रांतिकारी नेता। ये सिर्फ नेता नहीं थे। ये मेरे समाज की नई आकांक्षाओं के प्रतीक थे। पहली बार, मेरे गांवों के गरीब, पिछड़े, दलित लोग राजनीति में अपनी जगह देख रहे थे। लेकिन इस जागरण के साथ एक और चीज जन्म ले रही थी, पहचान की राजनीति। जाति अब सिर्फ सामाजिक व्यवस्था नहीं रही। वह राजनीतिक हथियार बन रही थी। मेरे समाज में छोटे-छोटे समूह बनने लगे। हर कोई अपनी पहचान के लिए लड़ रहा था। मैं गर्व और चिंता दोनों महसूस कर रहा था। एक तरफ मेरे लोग जाग रहे थे। दूसरी तरफ मैं धीरे-धीरे जातियों में, क्षेत्र में बंट रहा था। मुझे तब अंदाजा नहीं था, यही बीज आगे चलकर, एक बड़े टकराव में बदलेंगे। 1980-1990: जब जाति, सत्ता और अपराध ने मेरे भविष्य को घेर लिया 1980 का दशक मेरे लिए एक अंधेरी सुरंग जैसा था। जेपी आंदोलन की ऊर्जा अब राजनीति में बदल चुकी थी, लेकिन दिशा भटक गई थी। मेरी राजनीति अब विकास की नहीं, जाति की गणित की हो गई। नेताओं ने समाज को जोड़ने के बजाय, टुकड़ों में बांटना शुरू किया। मेरे गांवों में तनाव बढ़ने लगा। जातीय टकराव अब खुले संघर्ष में बदलने लगा। और इसी के साथ, अपराध ने मेरे भीतर अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दीं। अपहरण अब खबर नहीं, एक ‘इंडस्ट्री’ बन चुका था। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर हर कोई डर में जी रहा था। मेरे शहरों में एक अजीब सन्नाटा था, जो डर से पैदा हुआ था। राजनीति और अपराध का रिश्ता गहरा होता गया। गैंग लीडर चुनाव लड़ने लगे और नेता गैंग को संरक्षण देने लगे। बाहुबलियों का दौर शुरू हो चुका था। मैं खुद को पहचान नहीं पा रहा था। जिस मिट्टी ने कभी बुद्ध को जन्म दिया, वहां अब बंदूकें, तलवारें और हथियार बोल रहे थे। यह वो समय था जब मेरी छवि देश में बदलने लगी। लोग कहते थे, ‘बिहार मतलब खतरा।’ और मैं…चुपचाप यह सब देख रहा था। 1990-2000: लालू का दौर, जब मेरी जमीन खून से रंग गई 1990 में मेरे इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ आया। लालू प्रसाद यादव सत्ता में आए। पिछड़ों को आवाज दी, लेकिन नफरत के आधार पर समाज बांट दिया। उन्होंने कहा, ‘भूरा बाल साफ करो’ और ‘सत्ता अब गरीब की है।’ यहां भूरा बाल का मतलब सवर्ण समाज की चार जातियों से था। लालू ने मेरे समाज के उस हिस्से को आवाज दी जो सदियों से दबा हुआ था। दलित, पिछड़े और वंचित तबका। इन्होंने पहली बार महसूस किया कि सत्ता उनकी भी हो सकती है। यह मेरे लिए गर्व का पल था। लेकिन, लालू राज में मेरी जमीन खून से रंग गई। 1996 में बथानी टोला, 1997 में लक्ष्मणपुर बाथे और 1999 में सेनारी जैसे कई नरसंहार हुए। गांवों में रात के अंधेरे में गोलियां चलती थीं। बच्चे, महिलाएं… कोई सुरक्षित नहीं। जातीय सेनाएं बन चुकी थीं। रणवीर सेना, नक्सली संगठन। जैसे हर कोई एक-दूसरे के खून का प्यासा हो। मैं युद्धभूमि बन गया था। कानून व्यवस्था जैसी कोई चीज जमीन पर दिख नहीं रही थी। पुलिस कमजोर और अपराधी मजबूत बन गए थे। अपहरण, लूट और हत्या जैसे जघन्य वारदात आम हो गए थे। गांव हो या शहर अंधेरा होने के बाद लोग घर से निकलने से डरते थे। बेटा-बेटी के घर से निकलने के बाद लौटने तक मां-बाप का कलेजा कांपता रहता था। एक डर उनके जेहन में बनी रहता था कि सुरक्षित लौटेंगे न। यह दौर था जब देश ने मुझे एक नाम दिया- जंगलराज। मैं विरोधाभास बन चुका था। एक ओर सामाजिक न्याय की बात होती दूसरी ओर सामाजिक अराजकता हर कदम पर दिखाई देती। मैं टूट रहा था। 2000-2010: जब मैंने खुद को संभाला, कानून ने वापसी की2000 में मैं बंट गया। झारखंड अलग हो गया। मेरी खनिज संपदा चली गई। तब लोगों ने कहा- ‘अब बिहार खत्म।’ लेकिन…, यहीं से मैंने खुद को फिर से बनाना शुरू किया। नीतीश कुमार सत्ता में आए। कहा, ‘अब कानून का राज होगा।’ और पहली बार मैंने कानून को वापस आते देखा। नीतीश के राज में पुलिस के हाथ बंधे नहीं थे। तेज एक्शन लेने की छूट थी। असर जमीन पर दिखा। सीना तानकर दनदनाते फिरने वाले बदमाश जान बचाने को छिपने लगे। अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें उनके किए की सजा दिलाई गई। माफियाओं पर शिकंजा कसा। पुलिस ने उन खूंखार अपराधियों को जेल में डाला जो चंद माह पहले अपने इलाके में खुद की सरकार चला रहे थे। सबसे बड़ा नाम था मोहम्मद शहाबुद्दीन। वह नाम, जिसे सुनकर लोग कांपते थे। वह जेल में बंद हुआ। जेल में ही उसका अंत हो गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं थी। एक संदेश था। नीतीश राज में बदलाव हुए। शहरों से लेकर गांव तक सड़कें बनीं। स्कूल खुले। विकास के काम हुए। मैं धीरे-धीरे डर के माहौल से बाहर निकल रहा था। 2010-2020: जब मैंने स्थिरता पाई, लेकिन सपने बड़े हो गए नीतीश के 5 साल के राज में मैं खड़ा हुआ। राजनीतिक स्थिरता पाई। अब लोगों के दिलों में डर नहीं, भविष्य की उम्मीदें थीं। उनके सपने बड़े हो गए थे। अब मुझे दौड़ना था। तभी बिहार की सियासत हिचकोले खाने लगी। कुर्सी के लिए पलटासन शुरू हो गया। सुशासन के प्रतीक बने नीतीश बाबू कभी लालू के साथ तो कभी वापस भाजपा के साथ सरकार चलाने लगे। इसका असर हुआ कि विकास की रफ्तार कुछ कम हुई और कुर्सी का खेल अधिक हुआ। नेता साल दर साल कुर्सी का जतन करते दिखे। हालांकि, मेरे गांवों में सड़क थी, घरों में बिजली। लड़कियां साइकिल से स्कूल जा रही थीं। यह नया बिहार था। अब मेरे बेटे-बेटी स्कूल-कॉलेज जा रहे थे। पढ़-लिख रहे थे। सवाल कर रहे थे, ‘नौकरी कहां है?’ 2020-2026: जब मैं डर से निकलकर विकास की कहानी लिख रहा हूं अब मैं बदल चुका हूं। मेरी पहचान अब अपराध नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर है। एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्री, डिजिटल नेटवर्क, दिल्ली अब 10-12 घंटे दूर है। अब मेरे युवा बाहर जाने के बजाय, यहीं अवसर खोज रहे हैं। मैंने क्रांति, अराजकता, सुधार और विकास तक का लंबा सफर तय किया है। अब मैं एक नए मोड़ पर हूं। जहां मेरी कहानी डर की नहीं, संभावना की है। उम्मीदों की है। बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की है। मैं बिहार हूं। मैंने अपने अंधेरे देखे हैं। इसलिए अब मेरी रोशनी और भी तेज होगी।
सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को जदयू पॉलिटिकल ट्रेनिंग दे रही है। मंत्री अशोक चौधरी के घर पर उन्हें एक सधे हुए राजनेता की तरह चलना, बोलना, दिखना और व्यवहार करना सिखाया जा रहा है। जदयू की ओर से निशांत सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट किए जा रहे हैं। उन्हें ट्रेंड करने में कई बड़े नेता जुटे हैं। बॉडी लैंग्वेज से लेकर ड्रेस सेंस तक, हर बात बारीकी से सिखाई जा रही है। किस तरह चल रही निशांत की पॉलिटिकल ट्रेनिंग? बोलने, पहनावे और प्रेजेंटेशन पर खास फोकस। हर पहलू पर हो रही बारीक तैयारी। पढ़िए पूरी इनसाइड रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, क्यों पड़ी निशांत को ट्रेनिंग की जरूरत निशांत कुमार 8 मार्च को जदयू में शामिल हुए। इसके बाद उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। कपड़ों से लेकर चलने, सबके सामने खड़े होने और बात करने तक पर प्रतिक्रिया आई। कई लोगों ने तो यहां तक कहा कि ये ढीले ढाले व्यक्ति दिख रहे हैं। टीम निशांत में शामिल युवा विधायक ने बताया कि निशांत की प्रभावशाली नेता वाली छवि बनाने के लिए खास ट्रेनिंग दी जा रही है। जिससे वो पब्लिक से बेहतर बातचीत कर सकें। नीतीश की तरह उनकी इमेज दिखाई दे। इसके लिए निशांत मंत्री अशोक चौधरी के घर जा रहे हैं। कई मंत्री और विधायक इस काम में लगे हैं। निशांत की ट्रेनिंग की 5 प्रमुख बातें 1. बॉडी लैंग्वेज: मंच पर खड़ा होना, नेताओं से मिलना निशांत को सिखाया जा रहा है कि आम लोगों के सामने रहने, जनता से मिलने और मंच पर मौजूद होने के दौरान किस तरह की बॉडी लैंग्वेज होनी चाहिए। लोगों के सामने किस तरह खुद को प्रजेंट करना है। इसके लिए निशांत को सेल्फ-प्रेजेंटेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह सिर्फ कपड़े या स्टाइल तक सीमित नहीं है। बल्कि, उनकी पूरी छवि, व्यवहार, हाव-भाव और लोगों से जुड़ने के तरीके पर काम हो रहा है। 2- बोलने की कला...क्या और कैसे बोलें राजनीति में भाषा सबसे बड़ा हथियार होती है। नेता से लोग तभी जुड़ेंगे जब उसकी बात उनके दिलों तक पहुंचे। ट्रेनिंग में निशांत को बोलने की वह खास कला सिखाई जा रही है। बताया जा रहा है कि कब, क्या और कैसे बोलना है। निशांत को सिखाया जा रहा है कि सरल, साफ और जनता से जुड़ी भाषा में कैसे बात करनी है। लंबे और जटिल भाषणों की बजाय छोटे, असरदार वाक्यों का इस्तेमाल कैसे किया जाए। मीडिया के सवालों का किस तरह जवाब देना है। कैसे विवादित सवालों से बचना है। कैसे जवाब को अपने पक्ष में मोड़ना है। कैसे बिना आक्रामक हुए अपनी बात मजबूती से रखनी है। 3- ड्रेसिंग सेंस: फिट कुर्ते सलाह निशांत को ड्रेस सेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। बताया जा रहा है कि ढीले-ढाले कपड़े एक नेता की छवि के लिए ठीक नहीं। उन्हें शरीर पर ठीक से फिट आने वाले और नेता की छवि को सूट करने वाले कपड़े चुनने चाहिए। निशांत को सादगी के साथ ही खुद को अच्छा दिखाने वाले कपड़े चुनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। नीतीश का ड्रेस सेंस शालीन और पारंपरिक है। वे ज्यादातर समय सफेद या हल्के रंग के सूती कुर्ते-पायजामे में नजर आते हैं। इससे उनकी सादगी और जमीनी जुड़ाव की झलक मिलती है। निशांत को भी अपने लिए ऐसा पहनावा चुनना सिखाया जा रहा है, जिसमें वह एक अनुभवी राजनेता जैसा दिखें। 4- विभागीय कामकाज और प्रशासनिक पकड़ की ट्रेनिंग अशोक चौधरी को मंत्री पद पर रहने का लंबा अनुभव है। वह इसके आधार पर निशांत को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। समझा रहे हैं कि किसी विभाग का काम कैसे चलता है। फाइल कैसे आगे बढ़ती है। फैसले कैसे लिए जाते हैं और अधिकारियों से काम कैसे लिया जाता है। खास फोकस इस बात पर है कि अगर भविष्य में उन्हें कोई विभाग या बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो वे सिस्टम को समझकर प्रभावी तरीके से काम कर सकें। अधिकारियों के साथ संतुलित व्यवहार, मीटिंग में निर्णय लेने की क्षमता और ग्राउंड पर योजनाओं को लागू कराने की प्रक्रिया भी उन्हें सिखाई जा रही है। 5- सीनियर नेताओं का सम्मान, सरल व्यवहार निशांत कुमार को इस बात की ट्रेनिंग भी दी जा रही है कि सीनियर नेताओं के साथ किस तरह का व्यवहार करना चाहिए। गठबंधन के किसी साथी दल के सीनियर नेता से मिलते वक्त उन्हें क्या करना चाहिए। इसकी झलक गुरुवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की इफ्तार पार्टी में दिखी। इसमें निशांत मुख्यमंत्री की सिक्यूरिटी में पहुंचे। मुख्यमंत्री के लिए रखे सोफे पर बैठे दिखाई दिए। थोड़ी देर बाद डिप्टी CM सम्राट चौधरी कार्यक्रम में पहुंचे। सम्राट को देखते ही निशांत ने सोफा खाली कर दिया। CM के लिए रखे सोफे पर सम्राट बैठ गए। निशांत पास में रखे सोफे पर शिफ्ट हो गए। इससे पहले नीतीश कुमार भी इफ्तार पार्टी में पहुंचे थे। थोड़ी देर रुकने के बाद वे निकल गए। कौन दे रहे निशांत को ट्रेनिंग? निशांत को ट्रेनिंग देने में सिर्फ मंत्री अशोक चौधरी ही नहीं, बल्कि जेडीयू के कई अनुभवी नेता, रणनीतिकार और उनके उम्र के विधायक शामिल हैं। पार्टी के भीतर ‘टीम निशांत’ नाम से एक टीम सक्रिय है। इसमें 14 से 20 विधायक शामिल हैं। 8 मार्च को इस्लामपुर से विधायक रोहेल रंजन के आवास पर हुई बैठक में निशांत को भविष्य के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। बता दें कि रोहेल रंजन निशांत के दोस्त हैं। दोनों ने इंजीनियरिंग साथ में की है। इस टीम का काम सिर्फ सलाह देना नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक दौरे, मुद्दों की प्राथमिकता और जनसंपर्क की रणनीति तय करना भी है। यानी यह पूरी प्रक्रिया एक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से चलाई जा रही है। निशांत को ट्रेनिंग देने से कितना फायदा होगा? जानकारों के अनुसार ट्रेनिंग का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि निशांत इसे जमीन पर कितनी तेजी से लागू कर पाते हैं। अगर वे एक शांत, पढ़े-लिखे और संतुलित नेता की छवि बनाने में सफल होते हैं तो उन्हें शहरी और युवा वर्ग में जल्दी स्वीकार्यता मिल सकती है। हालांकि चुनौती भी बड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें अपने पिता नीतीश कुमार की मजबूत राजनीतिक विरासत और अपेक्षाओं के दबाव के साथ खुद को साबित करना होगा। अगर ‘टीम निशांत’ की रणनीति सही तरीके से लागू होती है तो वे जेडीयू के लिए भविष्य का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। वहीं, अगर जमीनी कनेक्शन कमजोर रहा तो यह पूरी कवायद सिर्फ इमेज बिल्डिंग तक सीमित रह सकती है। JDU ज्वाइन करने के बाद से एक्टिव हैं निशांत निशांत ने 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद से अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। सदस्यता के दिन कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया, जबकि ललन सिंह ने गमछा पहनाकर स्वागत किया था। इस दौरान नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। निशांत ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। सदस्यता लेने के बाद निशांत ने कहा था, ‘मैं पार्टी के लिए मेहनत से काम करूंगा। मेरे पिताजी ने 20 साल में जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाऊंगा। बिहार की जनता और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें।’ लगातार बढ़ रही निशांत की सक्रियता 10 मार्च को निशांत जेडीयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलने पहुंचे। 11 मार्च को वे अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचे। जहां मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। महिला कार्यकर्ताओं ने उनकी आरती उतारी थी। 13 मार्च को निशांत अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा गए, जहां पूरे रास्ते लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि लोगों का स्नेह और भरोसा उन्हें और मजबूत बना रहा है और वे हर व्यक्ति तक पार्टी को पहुंचाने के अभियान में जुटेंगे। बैठकों और रणनीति पर फोकस पिछले कई दिनों से निशांत लगातार विधायकों और नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इन बैठकों में उनके राजनीतिक दौरे, मुद्दों और संगठन विस्तार की रणनीति पर चर्चा हो रही है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि उनकी भूमिका अब धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। इफ्तार में दिखी नई भूमिका इस बार इफ्तार पार्टियों में भी निशांत की सक्रियता खास रही। कई जगहों पर वे नीतीश कुमार की जगह प्रमुख भूमिका में नजर आए। हज भवन की इफ्तार पार्टी में उनका अलग अंदाज देखने को मिला। लोगों ने उन्हें टोपी पहनाई और नारे लगे। बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो। सीएम हाउस में भी वे रोजेदारों के साथ आगे बैठे, जबकि नीतीश कुमार पीछे नजर आए।
बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 2 दिनों से अधिकतर जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। कुछ जिलों में ओले भी गिरे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी रविवार को प्रदेश के 6 जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ साथ तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ जिलों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। शनिवार को करीब सभी जिलों में रुक-रुककर बारिश होती रही। पटना बांका, गोपालगंज, मोतिहारी, बगहा, बेतिया, सीतामढ़ी और खगड़िया में तेज बारिश हुई। वहीं, पटना के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। आंधी-बारिश की वजह से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों के खेत में लगे गेहूं और मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, आंधी और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी हैं। मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें… 2 दिन में आंधी-बिजली से 7 की मौत, 10 घायल खराब मौसम में खुली जगह में नहीं जाएं मौसम विज्ञान केंद्र ने खराब मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तेज हवा और बारिश के समय खुली जगहों में नहीं जाएं। खासकर खेतों में काम करने वाले किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, मार्च में बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी है। ये दोनों सिस्टम मिलकर वातावरण में अस्थिरता ला रहे हैं। इसके चलते बादल बन रहे हैं और कई जिलों में बारिश हो रही है। हवा की दिशा में बदलाव और नमी बढ़ने से आकाशीय बिजली की स्थिति भी बन रही है। पटना में भी बादल छाए रहेंगे पटना में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि रात में हल्की ठंड महसूस की जाएगी। बादल छाए रहने की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
लेजर और यूवी लाइट्स के बीच तेज म्यूजिक के साथ दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में रेव पार्टियां होती हैं। इनमें नशा करने वाले फिल्मी सितारों से लेकर हाई प्रोफाइल लोग शामिल होते हैं। खासकर अमीर घरों के लड़के-लड़कियां। ऐसी पार्टियों में नशे के लिए थाईलैंड का गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) इस्तेमाल होता है। पिछले 3 साल में इसकी डिमांड काफी बढ़ी है। तस्करों का इंटरनेशनल गैंग थाईलैंड से इसकी तस्करी करता है। वे दिल्ली, मुंबई, गोवा, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों तक इसे बिहार के रास्ते पहुंचा रहे हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, तस्कर किस तरह बिहार के रास्ते थाईलैंड के गांजा की तस्करी कर रहे हैं? थाईलैंड गांजा की मांग क्यों अधिक है? पकड़े जाने से बचने के लिए तस्कर क्या तरीका अपना रहे हैं? सबसे पहले समझिए, गांजा स्मगलिंग रूट 14 जनवरी 2026 को OTT प्लेटफॉर्म NETFLIX पर एक्टर इमरान हाशमी की वेब सीरीज 'तस्करी: द स्मगलर वेब' रिलीज हुई। इसमें दिखाया गया कि भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों का गैंग कैसे मुंबई जैसे महानगर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जगह, छोटे शहरों के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करता है। अलग-अलग लोगों के जरिए विदेशों से सोना और नशे के सामान लाकर ट्रेनों के जरिए ठिकाने तक पहुंचाता है। ठीक इसी तरह का मामला थाईलैंड के गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) की तस्करी के केस में सामने आया है। थाईलैंड से गांजा विमान में रखकर बिहार के गया एयरपोर्ट तक लाया जाता है। गया में इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहां, दिल्ली या मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सख्त जांच का अभाव है, जिसके चलते तस्करों को चोरी-छिपे गांजा लाने में मदद मिलती है। गया में थाईलैंड से बड़े पैमाने पर गांजा मंगाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि पिछले तीन महीनों में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के इनपुट पर गयाजी एयरपोर्ट पर कस्टम डिपार्टमेंट की टीम की ओर से की गई कार्रवाई से हुई है। एयरपोर्ट से अब तक दो बार में 35 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की गई है। इसकी कीमत 35 करोड़ से अधिक है। तस्करी के बाद भारत में थाईलैंड के इस प्रीमियम क्वालिटी वाले गांजा की कीमत 80 लाख रुपए से शुरू होकर 1.2 करोड़ रुपए प्रति किलो है। गया से ट्रेनों के जरिए, महानगरों तक होती है गांजा की सप्लाई गया एयरपोर्ट पर जब्त किए गए थाई गांजा की खेप को ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाना था। थाईलैंड से गया तक इसे अलग-अलग लोग लेकर आए थे। यहां से दूसरे लोग ट्रेन से मुंबई लेकर जाने वाले थे। तस्करों के काम करने के तरीके तो दो मामलों से समझें… केस 1 : 25 kg गांजा के साथ 5 लोग गिरफ्तार 26 जनवरी को थाईलैंड से आई एयर एशिया की फ्लाइट FD-122 ने गयाजी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। DRI की पुख्ता इनपुट थी। इस पर कस्टम की टीम ने चौकसी बढ़ा दी थी। फ्लाइट से उतरने वाले 5 पैसेंजर्स को रोका। इनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं थीं। जांच एजेंसी को चकमा देने के लिए ये सभी अलग-अलग टिकट पर सफर कर रहे थे। हर किसी के पास 5-5 किलो थाई गांजा था। कुल 25 किलो गांजा बरामद किया गया। इसे छोटे-छोटे पैकेट में खिलौनों के अंदर पैक करके लाया गया था। पकड़े गए लोगों में यूपी का रहने वाला अश्विनी कुमार द्विवेदी, गौरव विधुरी, गुलशन मीना, पंजाब की रहने वाली मनप्रीत कौर और दिलप्रीत कौर शामिल थीं। जांच आगे बढ़ी तो ये सभी एक ही गैंग के सदस्य मिले। इनके कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। अश्विनी गैंग का सरगना निकला। इंटरनेशनल तस्करों के गैंग से इसका पुराना कनेक्शन होने की आशंका जांच एजेंसी को है। फिलहाल ये सभी जेल में हैं। जब्त गांजा की कीमत करीब 25 करोड़ रुपए है। केस 2 : 10 kg गांजा बरामद केस 2 : 4 मार्च 2026 को थाई एयरवेज से तस्करों के आने की सूचना मिलने पर कस्टम की टीम अलर्ट पर थी। गांजा लेकर थाईलैंड से आ रहे लोगों ने देखा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई है, सख्त जांच की जा रही है तो उसे लावारिस हालत में छोड़ दी और भाग निकले। पैकेट की जांच की गई तो उसमें से 10 किलो थाई गांजा मिला। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है। DRI से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसे लेकर दो लोग फ्लाइट से आए थे। इसमें एक महिला थी। ये कौन लोग थे। इनकी पहचान के लिए जांच चल रही है। हर खेप में नए लोगों का इस्तेमाल थाईलैंड से गांजा का हर खेप नए लोग लेकर आते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इसके पीछे तस्करों के इंटरनेशनल सिंडिकेट का शातिर दिमाग है। दरअसल, उनका सामान सही सलामत क्लाइंट के ठिकाने पर पहुंच जाए, इसके लिए सबसे पहले वैसे लोगों की तलाश की जाती है, जिनकी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं हो। जिसने बहुत अधिक विदेश की यात्रा नहीं की हो। इससे जांच एजेंसियों को चकमा देने में आसानी होती है। ऐसे लोगों को उनका कंसाइनमेंट पहुंचाने के लिए मोटी रकम दी जाती है। ज्यादा सजा से बचने के लिए छोटे खेप में लाते हैं गांजा जनवरी महीने में जिस तरह से गयाजी एयरपोर्ट पर 5 लोग पकड़े गए और सभी के पास से 5-5 किलो थाई गांजा की खेप मिली तो आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि आखिर मात्रा कम क्यों थी? इस कीमती गांजा की मात्रा को प्रति पैसेंजर बढ़ाकर भी लाया जा सकता था। असल में इसके पीछे की वजह कानून और उसके तहत दी जाने वाली सजा से बचना है। पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रभात भारद्वाज ने बताया, ‘भारत में NDPS एक्ट के तहत किसी शख्स के पास से 20 किलो या इससे अधिक गांजा पाए जाने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। इससे बचने के लिए तस्कर छोटे-छोटे खेप में गांजा लाते हैं। ऐसे में पकड़े जाने पर एक-दो महीने या बहुत कम समय में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल जाती है। यही वजह है कि एक गैंग के लोग होने के बाद भी फ्लाइट में अलग-अलग टिकटों पर सफर करते हैं। बिहार में नॉर्थ ईस्ट से आने वाले गांजा की डिमांड गांजा तस्करी का अनुभव रखने वाले एक शख्स के अनुसार गयाजी एयरपोर्ट से जब्त थाईलैंड वाले गांजा का इस्तेमाल बिहार में नहीं होता है। यहां त्रिपुरा समेत नॉर्थ ईस्ट के इलाकों से आने वाले देसी गांजा का इस्तेमाल होता है। देसी गांजा में 'मंदाकिनी' की डिमांड सबसे अधिक है। इसकी कीमत 50 से 60 लाख रुपए किलो तक है। बिहार में भी चोरी–छिपे गांजा की खेती होती है। इसकी कीमत 8 से 10 हजार रुपए किलो है। जहां तक बात थाईलैंड वाले गांजा की है तो वह प्रीमियम क्वालिटी की होती है। इसकी सबसे अधिक खपत हाई प्रोफाइल लोगों के बीच है। एक महिला टीवी आर्टिस्ट के पास यही गांजा मिला था। मुंबई, गोवा, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के साथ पंजाब में इसकी बहुत डिमांड है। रेव पार्टियों के साथ ही क्लबों में आने वाले हाई प्रोफाइल लोग इसके यूजर हैं। देसी गांजे में नशीले तत्व की मात्रा 3 से 4% होती है। थाईलैंड के हाइड्रोपोनिक गांजे में इसकी मात्रा करीब 30% तक होती है। इसी वजह से यह अमीरों का 'स्टेटस सिंबल' बन गया है। ट्रेन और रूट बदलकर जाते हैं तस्कर गयाजी से मुंबई के लिए हफ्ते में मात्र तीन ट्रेन है। इसमें हावड़ा से मुंबई जाने वाली सुपरफास्ट ही डेली चलती है। गयाजी से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के लिए हफ्ते में सिर्फ एक दिन (बुधवार को) सीधी ट्रेन चलती है। तीसरी ट्रेन रांची से लोकमान्य तिलक की है। गयाजी में ये गुरुवार के दिन आती है। वहीं, गयाजी से दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस के साथ ही कई सुपरफास्ट और स्पेशल ट्रेनों को मिलाकर करीब 34 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें कई ट्रेनें सप्ताह में एक, दो और तीन दिन चलती हैं। सूत्रों की मानें तो गांजा और सोना की खेप लेकर तस्कर ट्रेन और रूट बदलकर भी जाते हैं। 2022 के बाद बढ़ी तस्करी जांच एजेंसी से जुड़े एक सूत्र के अनुसार बिहार में शराबबंदी के बाद से गांजा, चरस और ब्राउन शुगर की खपत बढ़ी है। इसमें थाईलैंड से आने वाला गांजा शामिल नहीं है। फ्लाइट से तस्करी का ट्रेंड जरूर बढ़ा है। गयाजी एयरपोर्ट की तरह ही DRI की पुख्ता सूचना पर लखनऊ और जयपुर में भी इंटरनेशनल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहां भी थाईलैंड से लाए गए गांजा की खेप को जब्त किया गया है। दरअसल, थाईलैंड में 2022 में गांजा को कानूनी वैद्यता मिल गई। इसके बाद वहां ये आसानी से उपलब्ध होने लगा। इसका पूरा फायदा तस्कर उठाने लगे। भारत में ऊंची कीमत पर गांजा के प्रीमियम क्वालिटी की तस्करी करने लगे। थाईलैंड के गांजा की क्वालिटी और तस्करी के बाद उसकी कीमत गांजा तस्करी पर कितनी सजा हो सकती है? जब किसी मादक पदार्थ की बरामदगी होती है तो सबसे पहले उसकी मात्रा और उसे कैसे लाया गया है? इसे देखा जाता है। एडवोकेट प्रभात भारद्वाज ने बताया कि अगर कोई विदेशी नागरिक लेकर आ रहा है तो उसके लिए NDPS एक्ट के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। अगर कोई भारतीय नागरिक तस्करी कर ला रहा है तो सजा का अलग प्रावधान है।
इंदौर में हुए भीषड़ अग्निकांड को लेकर अब कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में अब बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से हाईकमेटी गठित कर जांच की मांग की है। दरअसल, बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि घर में आग लगने की शुरुआत ईवी कार के चार्जिंग में शॉर्ट सर्किट से हुई है। वहीं परिवार का दावा है कि उन्होंने उस रात कार को चार्जिंग पर ही नहीं लगाया था। ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि बिजली कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ईवी कार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के पीछे बिजली व्यवस्था की खामियां एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रही हैं। क्षेत्र में बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से फैले इलेक्ट्रिक केबल के जाल, लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन और अत्यधिक वोल्टेज के कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति सीधे-सीधे बिजली विभाग की लापरवाही को दर्शाती है। हमने प्रदेश सरकार और इंदौर कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं कलेक्टर को तत्काल ही इस मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनियों के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए। कांग्रेस ने फायर ब्रिगेड पर भी उठाए सवालकांग्रेस ने बिजली कंपनी के साथ ही फायर ब्रिगेड की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि घटना के दौरान फायर ब्रिगेड का समय पर न पहुंचना और मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ी का खराब हो जाना अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की लापरवाही न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय रहवासियों में बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू होता तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। यह है बिजली कंपनी का दावाइंदौर में हुए ईवी हादसे को लेकर बिजली कंपनी ने दावा किया है कि आग की शुरुआत घर में लगे ईवी चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जांच में सामने आया है कि ओवरचार्जिंग के कारण इलेक्ट्रिक कार की बैटरी बम की तरह फट गई। घटना के समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी, जिसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से हुई है। कंपनी ने पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकालकर यह रिपोर्ट तैयार की है। कंपनी का दावा है कि अधिकारियों के मुताबिक, कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्जिंग पर रहती थी। हादसे वाली रात भी यही क्रम रहा। बताया गया कि तड़के चार्जिंग के दौरान कार में पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फिर से चार्जिंग शुरू हो गई। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया। परिवार के 8 लोगों की गई जानदरअसल, इंदौर में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए थे।
इंडियन ओपन: 45.26 सेकंड का पर्सनल बेस्ट, 400 मीटर दौड़ में राजेश रमेश का गोल्ड
तमिलनाडु के 27 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय क्वार्टर-माइलर राजेश रमेश ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित सीजन के पहले मुकाबले में अपना दबदबा बनाया
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानी निषाद पार्टी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए रविवार से चुनाव प्रचार का आगाज करने जा रही है। गोरखपुर में इस पार्टी की नींव रखी गई, इसलिए यहीं से शंख्ननाद भी होने जा रहा है। प्रदेश के 4 बड़े शहरों में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं। इसलिए 5 अप्रैल तक होने वाली इन 4 रैलियों के जरिए इन सीटों को साधने का प्रयास किया जाएगा। मंच पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अपना दल के आशीष पटेल उपस्थित रहेंगे। देश के कोने-कोने से निषाद नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही गठबंधन दलों की एकता का संदेश भी निषाद पार्टी के मंच से दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सहित प्रदेश मंत्रिमंडल के कई साथियों को भी डा. संजय निषाद ने आमंत्रित किया। हालांकि कुछ व्यस्तताओं के कारण मुख्यमंत्री का आना मुश्किल है। जानिए गोरखपुर से क्यों शुरू हो रही रैलीडा. संजय निषाद कहते हैं कि गोरखपुर में हमारी जड़ें हैं। 2007 में यहां रामगढ़ताल का पानी और प्रयागराज में निषादराज के किले की मिट्टी लेकर मैंने यात्रा शुरू की थी। उस यात्रा को 19 साल पूरे हो गए हैं और निषाद पार्टी को 10 साल। वह मिट्टी व पानी प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ 20 राज्यों तक पहुंच चुकी है। सबसे पहली जीत भी यहीं मिली थी। प्रवीण निषाद ने 2018 लोकसभा उपचुनाव जीता था। गोरखपुर में भाजपा को यह बड़ी चुनौती थी। इसके बाद प्रयागराज के श्रृगवेरपुर में रैली होग। यहां निषादराज की भव्य प्रतिमा लगी है और उनके नाम पर बड़ा पार्क भी बना है। यहीं निषादराज का किला भी है। तीसरी रैली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होगी। वहां से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है। यह रैली सफल हुई तो मैसेज सीधा प्रधानमंत्री तक जाएगा। इसके साथ ही मेरठ व आसपास के क्षेत्र कश्यप बहुतायत में हैं। उन्हें साधने के लिए मेरठ में रैली होने जा रही है। 4 मंडलों के बूथ अध्यक्ष शामिल होंगेड. संजय निषाद ने भारी भीड़ की भूमिका तैयार की है। उनक कहना है कि उनकी पार्टी के 8 जोनल अध्यक्ष, 18 मंडल अध्यक्ष, 40 सेक्टर अध्यक्ष, प्रदेश के 88 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी एवं गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती व अजमगढ़, 4 मंडलों के बूथ अध्यक्ष भी इस रैली में शामिल होंगे। डा. संजय का दावा है कि 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी के आरक्षण के मुद्दे को उठाया है। निषाद पार्टी ने निषाद समाज के लोगों को उनका खोया सम्मान दिलाया है। आज हर राजनीतिक दलों में उन्हें सम्मान मिल रहा है। 3000 बाइकों की रैली निकालेंगे निषाद पार्टी की इस रैली में शामिल होने के लिए संजय निषाद 3000 बाइकों की रैली निकालेंगे। पादरी बाजार स्थित निषाद पार्टी के कार्यालय से यह बाइक रैली सुबह 11 बजे शुरू होगी। उसके बाद पादरी बाजार पुलिस चौकी, जेल तिराहा, असुरन चौक, गोलघर काली मंदिर, शास्त्री चौक होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेगी। यहां से यात्रा पैडलेगंज होते हुए महंत दिग्विजयनाथ पार्क पहुंचेगी। जानिए क्या हैं प्रमुख मांगें मझवार/तुरैहा को अनुसूचित जाति में परिभाषित करनाकेवट, मल्लाह, बिंद, मांझी, कहार, धीवर, बाथम और कश्यप जैसी जातियों को पूर्व से अंकित मझवार और तुरैहा श्रेणी के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने की मांग उठाई जाएगी। पार्टी का तर्क है कि ये सभी समुदाय सामाजिक, आर्थिक और पारंपरिक रूप से एक ही वर्ग से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समान संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। खनन, बालू और पुश्तैनी घाटों पर अधिकार बहालीमछुआ समाज को पहले नदी, बालू खनन और पुश्तैनी घाटों पर आसामी दर्ज के साथ अधिकार प्राप्त थे। किन्तु पूर्व की सरकारों द्वारा इन पारंपरिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया, जिससे समाज की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। पार्टी इन अधिकारों की पुनः बहाली की मांग कर रही है। वर्ग-3 की भूमि को मछुआ समाज के लिए पुनः आरक्षित करनाउत्तर प्रदेश में वर्ग-3 की भूमि मछुआ समाज के लिए आरक्षित थी और उन्हें आसामी दर्ज प्राप्त था, क्योंकि समाज का 80% से अधिक हिस्सा भूमिहीन है। इसके बावजूद पूर्व सरकारों ने यह अधिकार समाप्त कर दिया। निषाद पार्टी की मांग है कि इस भूमि को पुनः समाज के लिए आरक्षित किया जाए, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका मिल सके। विमुक्त जाति/जनजाति के अधिकारों की बहालीभारत सरकार के आदेशानुसार मछुआ समाज की कई उपजातियों को, क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के पीड़ित होने के कारण, विमुक्त जाति एवं जनजाति के अधिकार प्राप्त थे। किन्तु वर्ष 2013 में समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा इन लाभों को समाप्त कर दिया गया। पार्टी की मांग है कि इन अधिकारों को पुनः लागू किया जाए, जिससे समाज को न्याय मिल सके। ओबीसी से 9 प्रतिशत काटकर एससी में आरक्षण देने की मांग करेंगेडा. संजय निषाद का कहना है कि दूसरे नाम से निषाद समाज को एससी का आरक्षण् मिलता है। चाहे जिस दल में हों, निषाद नेताओं से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट हों। ओबीसी से 9 प्रतिशत काटकर एससी में जोड़ा जाए। जातीय जनगणना में अपनी जाति मझवार के रूप में एससी में दर्ज कराएं। जानिए यूपी में कितने प्रभावी हैं निषाद- उत्तर प्रदेश में निषाद समाज का वोट लगभग 4.5 प्रतिशत है। 80 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां उनकी संख्या 1 ला्ख के करीब है।- प्रदेश की लगभग 160 सीटों पर वे प्रभावी भूमिका में हैं।- निषाद समाज की सभी उपजातियों केा जोड़ दें तो उनकी संख्या लगभग 9 प्रतिशत हो जाएगी।-गोरखपुर, वारा्सी, आजमढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, फतेहपुर आदि जिलों में निषद बड़ी संख्या में हैं।- 2022 विधानसभा चुनावों पर गौर करें तो एनडीए में निषाद पार्टी को 15 सीटें मिली थीं। इनमें से 9 पर जीत मिली थी। 6 निषाद पार्टी के सिंबल पर थे, बाकी भाजपा।
प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा शनिवार को भोपाल पहुंचे। लखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। लक्खा ने अपने एक सिख परिवार से होने के बावजूद हिन्दू भजन सम्राट बनने के सफर के बारे में भी बताया। लक्खा से भास्कर ने पूछा कि क्या भारत को हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए? इससे आप कितने सहमत हैं? लखबीर सिंह ने कहा - नहीं, नहीं… बनना चाहिए। हिन्दू राष्ट्र तो है ही भारत। आज से थोड़ी है। हिन्दू राष्ट्र अगर आप बनाएंगे तो और जो लोग यहां बस रहे हैं उनके दिमाग में भी आएगा। आगे तो कोई खालिस्तान मांगेगा कोई फिर पाकिस्तान मांगेगा। ऐसे तो फिर टुकडे़-टुकडे़ हो जाएगा। ये जैसा धर्म निरपेक्ष देश है, इसको वैसा ही रहना चाहिए। हम लोग सारे मिलकर रहें। एक दूसरे से प्रेम बनाएं सबसे सहानुभूति रखें। तभी हमारा देश तरक्की करेगा। अब लखबीर सिंह से हुई पूरी बातचीत को पढ़िए.. भास्कर: एक सिख परिवार में जन्म लेकर देश का प्रसिद्ध भजन गायक बनने का सफर कैसा रहा? भास्कर: आपका मशहूर करने वाला पहला भजन कौन सा है? मैंने महादेव जी के बहुत भजन गाए। शिव शंकर डमरू वाले, जयति, जयति जय काशी वाले। ये सब फेमस हैं। प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ऐसे माता के भजन तो पूरी दुनिया में मशहूर हुए। अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो, लोगों ने बड़ा प्रेम स्नेह और आशीर्वाद दिया तो मन बढ़ता गया आगे बढ़ते रहे और आज सब आपके सामने है। भास्कर: आपका नाम लक्खा कैसे पड़ा? भास्कर: आपको सिख समाज के कार्यक्रमों में भी उतना ही रिस्पांस मिलता है? लोगों को अच्छा लगता है कि हम सिख समाज से आकर सनातन का प्रचार कर रहे हैं। एक्चुअली धर्म तो सनातन ही था। सिख तो हिन्दू से ही आए। बस विचारधारा में थोड़ा सा फर्क है। सिख समाज में एक अकालपुरख को माना जाता है कि एक अकालपुरख है जो आदमी को पालता भी है मारता भी है। बस विचारधारा थोड़ी सी अलग है बाकी कोई बात नहीं हैं। भास्कर: भारत को हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए? आप कितने सहमत हैं? लखबीर सिंह: नहीं, नहीं बनना चाहिए। हिन्दू राष्ट्र तो है ही भारत। आज से थोड़ी है। हिन्दू राष्ट्र अगर आप बनाएंगे तो और जो लोग यहां बस रहे हैं उनके दिमाग में भी आएगा। आगे तो कोई खालिस्तान मांगेगा कोई फिर पाकिस्तान मांगेगा। ऐसे तो फिर टुकडे़-टुकडे़ हो जाएगा। ये जैसा धर्म निरपेक्ष देश है इसको वैसा ही रहना चाहिए। हम लोग सारे मिलकर रहें। एक दूसरे से प्रेम बनाएं सबसे सहानुभूति रखें। तभी हमारा देश तरक्की करेगा। भास्कर: किसी नेता ने कहा तो होगा? भास्कर: आजकल रील का जमाना है लोग वायरल होने के लिए कुछ भी कंटेंट बनाते हैं। यंग जनरेशन को लेकर क्या कहेंगे? भास्कर: आपको अपने जीवन का सबसे चुनौती पूर्ण समय कब लगा? ऑर्केस्ट्रा के कार्यक्रम किए, फिल्मी गाने भी बहुत गाए। 1980 के बाद मेरा रुझान भजनों की तरफ ज्यादा बढ़ गया। फिर 1995 में गुलशन कुमार जी ने जमशेदपुर से बुलाया और दिल्ली में मैया का चोला है रंगला रिकॉर्ड किया। जिसे लोगों ने पसंद किया। 1997 में उनके निधन से पहले प्यारा सजा हैतेरा द्वार भवानी भजन गया, लेकिन वे दुर्भाग्य से उसे नहीं सुन सके। उसके बाद माता रानी, श्याम बाबा, हनुमान जी महाराज, भोले बाबा और गुरु महाराज की बहुत कृपा रही। जीवन में बड़ा आनंद ही रहा। बस चुनौती वही रही जब पिता जी अचानक चले गए। मेरी शादी 8-9 अप्रैल को हुई। हम लोग पंजाब से 17 अप्रैल को वापस आए और पिता जी 28 अप्रैल को चल दिए। जीवन में अंधकार हो गया। फिर ईश्वर को याद करके कदम बढ़ाए। भास्कर: आपको कभी वॉलीवुड़ की तरफ से ऑफर नहीं आया? भास्कर: सब अपने शिष्य चेले बनाते हैं, क्या लखबीर सिंह किसी को तैयार कर रहे हैं कि आपके बाद कौन आपकी इस परंपरा को आगे बढ़ाएगा? देखिए गाना एक अलग चीज है एक कलाकारी कैसी होनी चाहिए, कलाकार को कैसा होना चाहिए। उस पर चीजें बहुत निर्भर करती हैं। आदमी जैसा गायक है वैसी उसकी वेशभूषा रहन सहन बोली वैसी हो उसके काम भी अच्छे होने चाहिए। लोग ये सब देखते हैं। लोग मुझे बहुत सम्मान देते हैं कुछ न कुछ अच्छा तो होगा। ऐसा ही मैं अपने बच्चों को सिखाना चाहता हूं मुझे पूरी उम्मीद है कि बड़ा बेटा इ परंपरा को आगे लेकर जाएगा।
मध्य प्रदेश में पिछले 98 घंटे यानी, 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। यह सिस्टम अब आगे बढ़ गया है। ऐसे में बारिश की बजाय तेज गर्मी का अलर्ट है। अगले 4 दिन कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। आखिरी सप्ताह में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मौसम फिर से बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस वजह से उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में बूंदाबांदी या बादल छा सकते हैं। इससे पहले शनिवार को कुछ जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल में बादल छाए रहे। इस वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम पचमढ़ी में 25.6 डिग्री रहा। रीवा-दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव-सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़-सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह-उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री, मंडला और खजुराहो में पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 29.4 डिग्री, जबलपुर में 29.5 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 28.4 डिग्री और उज्जैन में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में फसलों को नुकसानतेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। इन जिलों में बारिश का दौरमौसम विभाग के अनुसार, पिछले 4 दिन में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला समेत 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, मंडला जिलों में ओले गिरे हैं। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बारइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। जिसका असर चार दिन तक बना रहेगा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंडप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है। वहीं, दूसरे पखवाड़े में ओले-बारिश का दौर रहा। अब आखिरी दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिशभोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इस बार भी बारिश का दौर रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पाराइंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। इस बार बारिश भी हो चुकी है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंडमार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडीजबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में शनिवार को मौसम बदल गया। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया। वहीं दिल्ली में सुबह कोहरा छाया रहा और ठंडी हवाएं चलती रहीं। राजस्थान के तीन जिलों में पिछले 24 घंटों में कई जगह बारिश हुई। झुंझुनू जिले के मंडावा में सबसे ज्यादा 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में तापमान सामान्य से 2 से 8 डिग्री तक कम रहा। मौसम विभाग ने रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर से हल्की बारिश और गरज की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी मौसम ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से लगभग 8 डिग्री कम है। कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बिहार के सभी जिलों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पटना में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। आंधी-बारिश और बिजली से 7 लोगों की मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार पांचवें दिन बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि शनिवार को कई जगह धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। मध्य प्रदेश में बारिश और बादल की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को राज्य के ज्यादातर जिलों में पारा 35 डिग्री से नीचे ही रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 25.6 डिग्री रहा। उत्तराखंड के आठ जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ समेत चारों धाम बर्फ से ढके हुए हैं। वहीं, DGRE ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा भी जताया है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा करवाई जा रही 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की परीक्षाओं में अब तक 291 नकलची पकड़े जा चुके हैं। वहीं ड्यूटी में कोताही बरतने पर 61 कर्मचारी कार्यभार मुक्त किए जा चुके हैं। हालांकि शिक्षा बोर्ड द्वारा नकल रोकने के लिए 320 उड़नदस्तों (फ्लाइंग) का गठन किया गया था। बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से आरंभ हुई थी। 25 फरवरी को पहली परीक्षा 12वीं कक्षा की थी और 26 फरवरी को पहली परीक्षा 10वीं कक्षा की हुई थी। दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 20 मार्च को समाप्त हो चुकी हैं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 1 अप्रैल को समाप्त होंगी। 24 को 2.29 लाख परीक्षार्थी देंगे पेपरहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा 24 मार्च को 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। मंगलवार को प्रदेशभर में संचालित होने वाली सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) हिन्दी विषय की परीक्षा में 1163 सेंटरों पर होगी। जिसमें 2 लाख 29 हजार 206 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ये हुए पेपर और पकड़े नकलची25 फरवरी : 12वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में नकल के 17 मामले पकड़े गए हैं तथा 2 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।26 फरवरी : 10वीं की गणित विषय की परीक्षा में अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। जिला चरखी दादरी के रानीला परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ। जिसे करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।27 फरवरी : 12वीं एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 36 मामले दर्ज किए गए तथा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 4 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।28 फरवरी : 10वीं हिंदी एवं डीएलएड प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 14 अनुचित साधन के केस दर्ज किए गए तथा 4 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया।2 मार्च : 12वीं भौतिक विज्ञान व अर्थशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में नकल के कुल 28 मामले दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण 1 केंद्र अधीक्षक, 2 पर्यवेक्षकों व 2 लिपिकों को कार्यभार मुक्त किया। 3 मार्च : 12वीं शारीरिक शिक्षा विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 11 मामले दर्ज हुए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल है। इसके अतिरिक्त 1 केंद्र अधीक्षक, 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षक परीक्षा डयूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किए गए।5 मार्च : 10वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 25 केस दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया।6 मार्च : 12वीं तथा डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 30 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण 7 पर्यवेक्षक कार्यभार मुक्त किए गए।7 मार्च : 10वीं ऐच्छिक एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षाएं में अनुचित साधन प्रयोग के कुल 2 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल हैं। वहीं 1 केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने पर कार्यभार मुक्त किया गया।9 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) रसायन विज्ञान, लेखांकन व लोक प्रशासन विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में नकल के 16 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को रिलीव किया गया। 11 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कंप्यूटर विज्ञान व आईटी एवं आईटीईएस विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 2 मामले दर्ज हुए। अध्यक्ष विशेष आरएएफ उड़नदस्ता द्वारा जिला चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाढड़ा-03 पर छापेमारी के दौरान मोबाइल मिलने व केंद्र पर अनियमितताएं पाए जाने पर 1 पर्यवेक्षक, 1 लिपिक एवं 1 सेवादार को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया। 12 मार्च : प्रदेशभर में सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विज्ञान व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कृषि व दर्शनशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षाएं में उड़नदस्तों ने निरीक्षण के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन के कुल 16 मामले दर्ज किए। जिसमें 1 केस प्रतिरूपण के शामिल हैं। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 8 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया। 13 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हुई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की समाजशास्त्र व उद्यमिता एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के कुछ केंद्रों पर कुल 13 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया गया। 16 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में संचालित हुई सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) सामाजिक विज्ञान एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 36 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी से 7 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया। 17 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) गणित विषय तथा डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा के दौरान प्रदेशभर में गठित उड़नदस्तों द्वारा कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल के कुल 13 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 3 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया। 18 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित सेकेंडरी (शैक्षिक) की पंजाबी, आईटी/आईटीईएस एवं संस्कृत व्याकरण एवं सीनियर सेंकेडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की संस्कृत/उर्दू/जैव प्रौद्योगिकी एवं डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में कुल 14 अनुचित साधन के मामले दर्ज हुए। 3 पर्यवेक्षक ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किए गए।19 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हुई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) गृह विज्ञान एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में प्रदेशभर में कुछ परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन प्रयोग के 8 मामले दर्ज किए गए। वहीं 1 पर्यवेक्षक व 1 लिपिक को ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया। 20 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित सेकेंडरी की राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क एवं सीनियर सेकेंडरी की सैनिक विज्ञान/नृत्य/मनोविज्ञान, संस्कृत व्याकरण भाग-1 (आर्ष पद्धति गुरूकुल/परंपरागत संस्कृत विद्यापीठ) एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषयों की परीक्षा हुई। सेकेंडरी की परीक्षा में अनुचित साधन का केवल 1 मामला दर्ज किया गया। वहीं परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही के चलते 2 लिपिक व 1 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया गया।
उज्जैन शहर के करीब 138 वर्ष पुराने कोठी पैलेस की भव्यता अब वीर भारत संग्रहालय का आकार लेगी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपए खर्च कर कोठी पैलेस की प्राचीन इमारत का कायाकल्प कर प्राचीन हैरिटेज भवन को संरक्षित रखते हुए यहां देश का एक मात्र ऐसा संग्रहालय बनाया जा रहा है जिसमें राजा विक्रमादित्य से लेकर स्वाधीनता संग्राम तक के नायकों का वर्णन मिलेगा। करीब पौने दो एकड़ में बनी सिंधिया रियासत के वर्षों पुराने कोठी पैलेस को वीर भारत संग्रहालय में बदला जा रहा है। कोठी पैलेस के भव्य भवन में सौ से अधिक कमरे बड़े हाल, खुली जगह है जहां पर अब तक कलेक्टर कार्यालय लगता था। नए कलेक्टर भवन बनने के बाद से ये प्राचीन इमारत खाली पड़ी थी। इससे पहले महाकाल मंदिर के पास महाराजबाड़ा स्कूल की पुरानी इमारत को हेरिटेज होटल में बदला गया है। कोठी पैलेस के कायाकल्प का काम शुरू हो चुका है। अब एक साल में संग्रहालय बनकर तैयार हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि ये संग्रहालय देश का एक मात्र संग्रहालय होगा जहा पर लोग महान वीर, तेजस्वी नायक, ऋषि, संत मनीषियों, धर्म गुरुओं के साथ ही स्वाधीनता संग्राम के नायकों के बारे में एक साथ जान सकेंगे। वीर सेनानी, संतों की गाथा देखने को मिलेगीवीर भारत न्यास के अधीन बनने वाले संग्रहालय में हिंदुस्तान को बनाने वाले महान वीर, तेजस्वी नायक, ऋषि, संत मनीषियों, धर्म गुरुओं के साथ ही स्वाधीनता संग्राम के नायकों के चित्र, मूर्ति शिल्प के साथ उनके योगदान का वर्णन भी मिलेगा। वैदिक काल, रामायण काल, महाभारत काल, सम्राट विक्रमादित्य काल से लेकर स्वाधीनता संग्राम में भागीदारी करने वाले महापुरुष चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह, रानी अवंति बाई, दुर्गा बाई, महात्मा गांधी, गुरु गोविंद सिंह, गुरु तेगबहादुर सिंह, महाकवि कालिदास, वराहमिहिर, तानसेन बेजूबावरा, शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद जैसे अनेकों अनेक महान पुरुषों का वर्णन मिलेगा। यहां वीर भारत न्यास के माध्यम से पूर्व वैदिक, वैदिक, उत्तर वैदिक काल, रामायण कालिन, महाभारत कालिन युग से विक्रमादित्य काल और स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी करने वाले वीर नायकों के चित्र, मूर्ति शिल्प और जानकारी देश-विदेश से आने वाले लोगों को मिलेगी। दैनिक भास्कर ऐप पर तस्वीरों में देखिए ऐसा बनेगा कोठी पैलेस… अब देखिए ऐसे हो रहा कोठी पैलेस में निर्माण…
पंजाब में शनिवार (21 मार्च) को अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप रंधावा जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले वीडियो बनाकर उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया। जिसके बाद भुल्लर की मंत्री की कुर्सी छिन गई। यह पूरा विवाद तरनतारन में पंजाब स्टेट वेयरहाउस के टेंडर से जुड़ा है। इसका विवाद 2 फर्मों पंजाब की AAP सरकार से इस्तीफा देने वाले ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और मैसर्ज बाबा नागा एग्रोटेक लिमिटेड के बीच है। दोनों में 17 एकड़ में बनने वाले वेयरहाउस का टेंडर लेने की होड़ थी लेकिन गवर्नमेंट मार्केटप्लेस आईडी GEM/2025/B/6542564 पर बिड मैसर्ज बाबा नागा एग्रोटेक लिमिटेड के नाम खुली। इस पर सुखदेव सिंह भुल्लर ने पंजाब स्टेट वेयरहाउस को लेटर लिख इस टेंडर में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए और टेंडर को रद्द करने की मांग की। पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने पिछले 2025 में भिखीविंड (पट्टी) में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम बनाने के लिए टेंडर (आईडी: GEM/2025/B/6542564) निकाला था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पट्टी रेलवे स्टेशन के पास अनाज स्टोर करना था ताकि वहां से अनाज आसानी से ट्रेनों में लोड होकर दूसरे राज्यों में जा सके। इस टेंडर को लेकर इतना विवाद क्यों, गोदाम से कितना फायदा होना था, टेंडर में किन नियमों दरकिनार किया गया… ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जानें क्या है टेंडर को लेकर पूरा विवाद… 2025 में भिखीविंड पट्टी में गोदाम बनाने का टेंडर निकलापंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 2025 में भिखीविंड (पट्टी) में 50 हजार टन स्टोरेज लिमिट का गोदाम बनाने के लिए टेंडर निकाला। इस टेंडर के लिए कई कारोबारियों ने हिस्सा लिया। टेंडर की रेस में आप नेता और मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले लालजीत भुल्लर के आढ़ती पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और मैसर्ज बाबा नागा एग्रो टेक लिमिटेड रह गए। टेंडर की फाइनेंशियल बिड मार्च 2026 में मैसर्ज बाबा नागा एग्रो टेक लिमिटेड के नाम खुली, जिस पर सुखदेव सिंह भुल्लर ने आपत्ति जताई। पट्टी के लिए था टेंडर, जमीन तरनतारन की दिखाईविवाद तब शुरू हुआ जब मार्च 2026 में विभाग ने मैसर्ज बाबा नागा एग्रो टेक लिमिटेड की फाइनेंशियल बिड (पैसों वाली बोली) खोल दी। सुखदेव सिंह भुल्लर ने इस पर ऐतराज जताते हुए विभाग को लेटर लिखा। इसमें आरोप लगाया कि गोदाम बनाने के लिए की प्रस्तावित जमीन गांव उसमा में है जो तरनतारन से सटा है। नियम के मुताबिक टेंडर पट्टी इलाके के लिए था, लेकिन जमीन तरनतारन की दिखाई गई। आरोप है कि टेंडर की शर्त के उलट पट्टी से करीब 20-25 किमी दूर दिखाई जमीन के लिए बिड खोल दी गई। जबकि दूरी 8 किलोमीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। भुल्लर ने डिपार्टमेंट को लिखे लेटर में कहा कि अगर गोदाम पट्टी के बजाय तरनतारन (उसमा) में बनता है, तो ढुलाई पट्टी से वापस तरनतारन की तरफ होगी। इसे तकनीकी भाषा में बैकवर्ड मूवमेंट बताया गया। इससे ट्रकों के चक्कर बढ़ेंगे और सरकार को करोड़ों रुपए का बोझ पड़ेगा। लोकेशन रेलहेड से भी दूरमंत्री भुल्लर के पिता ने आगे कहा- गोदाम बनाने की शर्त है कि ये रोड या रेल लाइन के पास होना चाहिए ताकि ढुलाई की दिक्कत न हो। इस शर्त को लेकर भी सुखदेव सिंह भुल्लर ने आब्जेक्शन जताया। सुखदेव सिंह भुल्लर ने कहा कि बाबा नागा एग्रो टेक लिमिटेड ने जिस जमीन की लोकेशन बताई है वो रेल हेड से करीब 20 किलोमीटर दूर है जबकि पट्टी वाली उनकी जमीन टेंडर की शर्त के अनुसार 8 किलोमीटर के अंदर है। इस नियम की भी टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोलते हुए अनदेखी की गई है, इसलिए फाइनेंशियल बिड को रद्द किया जाए। टेंडर में वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर की क्या भूमिकावेयर हाउस का डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) इस पूरी टेंडर प्रक्रिया में विभाग की ग्राउंड रिपोर्ट देता है। उसी की रिपोर्ट पर टेंडर निकलता है। हालांकि इसमें कम बोली की भी भूमिका रहती है। DM की जिम्मेदारी वेयरहाउस बनाने के लिए प्रस्तावित जमीन की मौके पर जाकर वेरिफिकेशन करना रहती है। वही इसके लिए सर्टिफिकेट जारी करता है। इस विवाद में DM की भूमिका इसलिए सवालों के घेरे में है क्योंकि उन्होंने ही उसमा वाली जमीन का निरीक्षण किया था। सुखदेव सिंह भुल्लर का आरोप है कि DM और उनकी टीम ने टेंडर की लोकेशन संबंधी शर्तों के नियमों की अनदेखी की है। गोदाम बनाने वाले को होता करोड़ों का फायदाप्राइवेट एंटरप्रेन्योरशिप गारंटी (PEG) स्कीम के तहत 50 हजार टन कैपेसिटी का गोदाम सरकार ने 10 साल की रेंटल गारंटी पर लेना था। इस स्कीम के तहत शर्त है कि अगर आपका गोदाम एक बार रेंट पर ले लिया तो उसको सरकार यूज करने या न करें लेकिन किराया 10 साल के लिए भरना ही होगा। इसके बाद गोदाम पूरी तरह आपका हो जाएगा। सरकार आमतौर पर 4 रुपए 50 पैसे से 6 रुपए 50 पैसे प्रति क्विंटल प्रति माह का किराया देती है। इस तरह से लगभग 10 साल में 35 करोड़ का किराया मिलता। जानें क्या है PEG स्कीम और इसका फायदाप्राइवेट एंटरप्रेन्योरशिप गारंटी (PEG) स्कीम केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत सरकार खुद गोदाम बनाने के बजाय कारोबारियों को गोदाम बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। सरकार गोदाम के लिए किराया भरती है। जमीन खरीदने के झंझट और मेंटिनेंस से बचने के लिए सरकार ने ये स्कीम चलाई है। कारोबारी अपनी जमीन खरीदकर गोदाम बनाता है और सरकार उसे 10 साल तक किराया देने की गारंटी देती है। भले ही गोदाम खाली रहे, सरकार किराया चुकाती है। इसीलिए इसे जीरो रिस्क बिजनेस माना जाता है। ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब-अफसर ने वीडियो में मंत्री का नाम लेकर सुसाइड किया, मंत्री भुल्लर का इस्तीफा, नंगा करके पीटने का आरोप पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर एक अधिकारी ने आत्महत्या की है। अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार सुबह जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 12 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया। (पढ़ें पूरी खबर) लाल किला हिंसा में भी दिखे थे भुल्लर:मंत्री बनते ही स्टंट, जातिवादी टिप्पणी की, हर बार बचते रहे; अफसर के सुसाइड से कुर्सी छिनी अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड से कुर्सी गंवाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पहली बार विवादों में नहीं फंसे, इससे पहले भी वह लाल किला हिंसा, जातिवादी टिप्पणी से लेकर मंत्री बनते ही स्टंटबाजी को लेकर वह सुर्खियों में रह चुके हैं। हालांकि हर बार उन्हें पार्टी और सरकार का साथ मिलता रहा। कभी सफाई देकर तो कभी माफी मांगकर वह हमेशा बचते रहे। हालांकि इस बार वह सीधे अफसर के सुसाइड केस में फंस गए। पंजाब में एक साल बाद चुनाव है, ऐसी सूरत में AAP सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। इसी वजह से मामला मीडिया में आते ही CM भगवंत मान ने तुरंत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगा सुसाइड करने वाले वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा को मरते दम तक बच्चों की चिंता थी। जहर निगलने के बाद अस्पताल ले जाते हुए गगनदीप कुछ समय तक जिंदा रहे। उनको अस्पताल ले जाने वाले करीबी दोस्त गुरपाल सिंह ने भास्कर को बताया- आखिरी वक्त में गगनदीप एक ही बात कह रहे थे कि अगर मैं बच गया तो भुल्लर मेरे बच्चों को कुछ कर देगा। मुझे जिंदा नहीं रहना। मुझे गैंगस्टरों की धमकी दी गई। गगनदीप को याद करते हुए परिजन कह रहे हैं कि हमने सोचा था कि बच्चों को विदेश नहीं भेजना, उन्हें यही रखना है। मगर, अब सब कुछ खत्म हो गया। पंजाब में कोई उम्मीद नहीं बची। गगनदीप की मौत के आखिरी पलों में क्या हुआ, दोस्त की जुबानी जानिए… रंधावा की 2 बेटियां, पिता का निधन हो चुकासुसाइड करने वाले डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा के परिजन अभी इसको लेकर ज्यादा बात नहीं कर रहे हैं। वेयरहाउस में रंधावा के अंडर काम करने वाले इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह ने बताया कि उनकी 2 बेटियां और एक बेटा हैं। इनमें बड़ी बेटी 12वीं क्लास में पढ़ती है। दूसरी बेटी उससे करीब 3 साल छोटी है। सबसे छोटा बेटा 6वीं क्लास में पढ़ता है। रंधावा के पिता का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। घर में पत्नी के अलावा बुजुर्ग माता भी है। गगनदीप का मोबाइल पत्नी के पास है लेकिन अभी वह बात करने की स्थिति में नहीं हैं। यूनियन बोली- सीधी FIR हो वर्ना पूरे स्टेट में प्रोटेस्ट करेंगेवेयरहाउस के इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने वीडियो में मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का नाम लिया। साफ कहा कि भुल्लर की वजह से सुसाइड कर रहे हैं। उन पर काफी प्रेशर बनाया गया था। उन्होंने डीसी को चिट्ठियां भी लिखीं और अन्य जगह भी लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी और मेरे बच्चों की रक्षा की जाए। हमें यह नहीं पता है कि सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच उन्होंने यह कदम उठाया। -------- ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब-अफसर ने वीडियो में मंत्री का नाम लेकर सुसाइड किया, मंत्री भुल्लर का इस्तीफा, नंगा करके पीटने का आरोप पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर एक अधिकारी ने आत्महत्या की है। अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार सुबह जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 12 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया। (पढ़ें पूरी खबर) लाल किला हिंसा में भी दिखे थे भुल्लर:मंत्री बनते ही स्टंट, जातिवादी टिप्पणी की, हर बार बचते रहे; अफसर के सुसाइड से कुर्सी छिनी अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड से कुर्सी गंवाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पहली बार विवादों में नहीं फंसे, इससे पहले भी वह लाल किला हिंसा, जातिवादी टिप्पणी से लेकर मंत्री बनते ही स्टंटबाजी को लेकर वह सुर्खियों में रह चुके हैं। हालांकि हर बार उन्हें पार्टी और सरकार का साथ मिलता रहा। कभी सफाई देकर तो कभी माफी मांगकर वह हमेशा बचते रहे। हालांकि इस बार वह सीधे अफसर के सुसाइड केस में फंस गए। पंजाब में एक साल बाद चुनाव है, ऐसी सूरत में AAP सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। इसी वजह से मामला मीडिया में आते ही CM भगवंत मान ने तुरंत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगा वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड का मामला गर्मा गया है। शनिवार (21 मार्च) को सुसाइड का पता चलते ही AAP सरकार ने मंत्री से तुरंत इस्तीफा लेकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की लेकिन अभी मामला संभला नहीं है। एक तरफ परिवार भुल्लर और उनके पिता पर FIR की मांग पर अड़ा है तो दूसरी तरफ विरोधी दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने संयुक्त रूप से आज (22 मार्च) को चंडीगढ़ में CM के घेराव का ऐलान कर दिया है। इसमें सुसाइड करने वाले अफसर का परिवार भी उनके साथ होगा। वहीं एडवोकेट्स का कहना है कि डाइंग डिक्लेरेशन यानी मरने से पहले का अफसर का वीडियो मंत्री पर केस दर्ज करने के लिए काफी है। मगर, अमृतसर पुलिस अभी जांच की बात कह रही है। मंत्री और अफसर के बीच विवाद क्या था… अफसर के सुसाइड और उसके बाद क्या हुआ 21 मार्च तड़के जहर निगला, वीडियो बनायाइसके बाद गगनदीप रंधावा ने अपने पत्नी को मायके भेज दिया। वह घर पर अकेले थे। शनिवार, 21 मार्च तड़के करीब पांच बजे रंधावा सल्फास निगला और उसके बाद 12 सेकेंड का वीडियो बनाया। जिसमें कहा कि मिनिस्टर लालजीत भुल्लर की वजह से वह सुसाइड कर रहे। वीडियो दोस्तों को भेजा। डीएम गगनदीप रंधावा के दोस्त गुरपाल सिंह का कहना है कि जब उसने वीडियो देखा तो वो तुरंत उसके घर गए और कुछ लोगों के साथ उसे लेकर अस्पताल गए। अस्पताल जाने तक वह होश में था और बात कर रहा था। गुरपाल सिंह का कहना है कि वो आखिर तक यही कह रहा था कि अगर बच गया तो मंत्री भुल्लर उसके बच्चों को मरवा देगा। गुरपाल सिंह ने बताया कि करीब सात बजे उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि मंत्री ने जो उसे तंग किया था उसके बारे में कुछ दोस्तों व परिवार को पता था। इसके अलावा उसने अफसरों को भी पत्र लिख दिए थे। सीएम ने मंत्री को किया बर्खास्तडीएम के सुसाइड केस में जैसे ही ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर लालजीत भुल्लर का नाम आया तो मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत इस्तीफा मांग लिया। भुल्लर ने उतनी ही तेजी से इस्तीफा दिया और फिर सरकार ने यह जानकारी मीडिया में रिलीज करवा दी। सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में मंत्री से इस्तीफा लेने की बात कही उसके तुरंत बाद लालजीत भुल्लर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस्तीफा देने की बात लिख दी। मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच पूरी होने तक वो मंत्री नहीं रहेंगे। लालजीत भुल्लर की पोस्ट… एडवोकेट बोले- FIR होनी चाहिएपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट कमलदीप सिंह सिद्धू ने इस मामले में कहा- सुसाइड करने वाले का डाइंग डिक्लेरेशन हो तो ऐसे मामले में आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा इस केस की बात करें तो इस वीडियो के आधार पर करप्शन व सरकारी कामकाज में बाधा डालने का मामला भी बनता है। मामले में आगे क्या… परिवार FIR पर अड़ा, विरोधी दलों का चंडीगढ़ में प्रदर्शनसुसाइड करने वाले अफसर रंधावा के परिजनों ने लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर व उनके साथियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी। परिवार ने साफ कर दिया कि जब तक एफआईआर नहीं होती तब तक वो पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। इसके अलावा परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग रख दी। वहीं शनिवार को डीएम गगनदीप सिंह की मौत के बाद विपक्ष के नेता देर रात तक अमृतसर में जुटे रहे। अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल, पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया, कांग्रेस से नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, भाजपा के पंजाब प्रधान सुनील जाखड़ और सीनियर भाजपा नेता तरूण चुग समेत सभी दलों के नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आज(22 मार्च) को चंडीगढ़ में CM के घेराव का ऐलान कर दिया है। डीएम गगनदीप सिंह ने लिखे लेटर… ---------- ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब-अफसर ने वीडियो में मंत्री का नाम लेकर सुसाइड किया, मंत्री भुल्लर का इस्तीफा, नंगा करके पीटने का आरोप पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर एक अधिकारी ने आत्महत्या की है। अमृतसर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार सुबह जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 12 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया। (पढ़ें पूरी खबर) लाल किला हिंसा में भी दिखे थे भुल्लर:मंत्री बनते ही स्टंट, जातिवादी टिप्पणी की, हर बार बचते रहे; अफसर के सुसाइड से कुर्सी छिनी अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड से कुर्सी गंवाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पहली बार विवादों में नहीं फंसे, इससे पहले भी वह लाल किला हिंसा, जातिवादी टिप्पणी से लेकर मंत्री बनते ही स्टंटबाजी को लेकर वह सुर्खियों में रह चुके हैं। हालांकि हर बार उन्हें पार्टी और सरकार का साथ मिलता रहा। कभी सफाई देकर तो कभी माफी मांगकर वह हमेशा बचते रहे। हालांकि इस बार वह सीधे अफसर के सुसाइड केस में फंस गए। पंजाब में एक साल बाद चुनाव है, ऐसी सूरत में AAP सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। इसी वजह से मामला मीडिया में आते ही CM भगवंत मान ने तुरंत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध के कारण आई दिक्कत का असर हरियाणा सहित हर जगह पड़ रहा है। पंचकूला माता मनसा देवी मंदिर भंडारा में कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से रोटी मिलना बंद हो गई थी। लेकिन मेला शुरू होने के चलते कमेटी ने 3 ट्रक लकड़ी मंगवाई हैं। अब रोटी-पूड़ी का प्रसाद मिलता रहेगा। पंचकूला माता मनसा देवी सेवक दल ट्रस्ट साल 1978 से मंदिर परिसर में भंडारा चला रहा है। ट्रस्ट 8 मोबाइल वैन की सहायता से शहर के तीन अस्पतालों में मरीजों के अलावा अलग-अलग एरिया में निर्धारित स्थान पर लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रहा है। करीब 20 हजार लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था हर रोज होती है। कमर्शियल सिलेंडर बंद हुए तो यहां दो-तीन दिन के लिए रोटी भंडारे की प्रसाद से बंद हो गई थी। 2 डीजल भट्ठी भी मंगवाईमंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध करवाने के लिए वैकल्पिक तौर पर 2 डीजल भट्ठी भी यहां पर मंगवाई गई हैं। वहीं पूड़ी बेलने के लिए महिला लेबर को लगाया गया है। रोटियां मशीन के द्वारा तैयार होने के कारण यहां पर कोई ज्यादा लेबर की जरूरत नहीं होती थी। लेकिन अब लेबर की जरूरत बढ़ गई है। प्रसाद में हलवा-चावल और कढ़ी-दाल माता मनसा देवी आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद में हलवा और चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं कढ़ी-दाल सब्जी के तौर पर मिलती है। वहीं जिन श्रद्धालुओं का उपवास होता है, उनके लिए अलग से सामक का प्रसाद और फ्रूट चाट भी यहां पर उपलब्ध है। कमेटी सदस्य बोले : घरेलू सिलेंडर उपलब्ध करवाए प्रशासन पंचकूला माता मनसा देवी सेवक दल ट्रस्ट सदस्य पंडित औमप्रकाश ने बताया कि हर रोज 6 कमर्शियल सिलेंडर की खपत है। कमर्शियल सिलेंडर बंद हो गए हैं तो प्रशासन उन्हें घरेलू सिलेंडर उपलब्ध करवा दे क्योंकि वे तो लोगों को खाना उपलब्ध करवाने का ही काम कर रहे हैं। उन्हें हर रोज 10 घरेलू सिलेंडर की आवश्यकता है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की चर्चा के बीच अब कई विधायक खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे पार्टी में बगावत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक, क्रॉस वोटिंग का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे, लेकिन अब जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, वे खुलकर पार्टी हाईकमान के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। इससे साफ है कि अंदरखाने असंतोष गहराता जा रहा है और पार्टी अनुशासन कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब रहे, लेकिन इस जीत ने पार्टी के भीतर की दरारों को उजागर कर दिया। खास बात यह है कि चार वोट रद्द होने और एक वोट तकनीकी कारणों से खारिज होने के बावजूद पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसे और विश्वसनीयता को दोबारा स्थापित करने की है। यह इसलिए भी जरूरी है कि यदि यह बगावत बढ़ी तो राज्यसभा में 2028 में खाली हो रही हरियाणा की दो सीटों पर अपना उम्मीदवार जीतना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस को इस घमासान को जल्द शांत करना होगा। 2028 में राज्यसभा की ये दो सीटें होंगी खाली… कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल 1 अगस्त 2028 को पूरा होगा हरियाणा से राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल 1 अगस्त 2028 को पूरा होगा। उन्होंने भाजपा-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 2 अगस्त 2022 को पदभार ग्रहण किया था। राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। इसी तरह हरियाणा से निर्विरोध चुनी गईं भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा का कार्यकाल भी 1 अगस्त 2028 में पूरा होगा। उन्होंने 13 दिसंबर 2024 को आधिकारिक रूप से राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यभार संभाला था। यह उपचुनाव कृष्ण लाल पंवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर हुआ था। कांग्रेस में घमासान का असर, राजनीतिक विश्लेषक के 5 पॉइंट्स.. कार्रवाई हुई तो 2028 में दो सीटों का गणित बिगड़ सकता है पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. भारत कहते है कि अगर कांग्रेस हाईकमान क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों पर सख्त कार्रवाई करता है, जैसे निलंबन या निष्कासन, तो पार्टी की संख्या विधानसभा में घट सकती है। ऐसी स्थिति में 2028 के राज्यसभा चुनाव में दो सीटें जीतना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकता है। कम संख्या के कारण पार्टी को दूसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना पड़ेगा या समझौते की राजनीति करनी पड़ सकती है। बगावत बढ़ी तो संगठन में खुली टूट की आशंका जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, वे अब खुलकर बयान दे रहे हैं और कैंसिल वोट करने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह टकराव और बढ़ा तो पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ सकती है। बगावत की स्थिति में कांग्रेस को संगठनात्मक नुकसान के साथ-साथ राजनीतिक छवि का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। हाईकमान के सामने ‘अनुशासन बनाम संख्या’ की दुविधा कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह अनुशासन बनाए रखने के लिए कार्रवाई करे या फिर 2028 के चुनावी गणित को देखते हुए नरम रुख अपनाए। ज्यादा सख्ती करने से संख्या घट सकती है, जबकि नरमी दिखाने से पार्टी में अनुशासन कमजोर होने का संदेश जाएगा। यही दुविधा आने वाले फैसलों को प्रभावित कर सकती है। कैंसिल वोट वालों के नाम आए तो विवाद और गहराएगा यदि जांच में कैंसिल वोट करने वाले विधायकों के नाम भी सामने आते हैं, तो विवाद और बड़ा हो सकता है। इससे कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा और पार्टी के भीतर असंतोष और फैल सकता है। ऐसे हालात में कांग्रेस को एक साथ कई मोर्चों पर राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। 2028 में गठबंधन या बाहरी समर्थन की मजबूरी बन सकती है अगर मौजूदा विवाद के कारण कांग्रेस की संख्या कमजोर होती है या कुछ विधायक अलग रास्ता चुनते हैं, तो 2028 के राज्यसभा चुनाव में पार्टी को दूसरी सीट जीतने के लिए गठबंधन या निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। यानी मौजूदा संकट भविष्य में राजनीतिक सौदेबाजी की मजबूरी पैदा कर सकता है। जिन्हें नोटिस मिला वह विधायक क्या कह रहे... कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी किया गया नोटिस… अब 3 पॉइंट में पढ़ें… नोटिस में क्या लिखा पार्टी प्रत्याशी की जगह दूसरे को वोट दियाः नोटिस में पार्टी लीडरशिप के संज्ञान में लाया गया है कि 16 मार्च को राज्यसभा के चुनाव में आपने अपना वोट कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को नहीं दिया। जिनका नाम बैलेट पर सीरियल नंबर-1 पर था। आपने दूसरे प्रत्याशी की फेवर में वोट दिया। जानबूझकर प्रत्याशी को हराने की कोशिशः इससे ऐसा लगता है कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने के लिए जानबूझकर ऐसा किया और पार्टी के अनुशासन को तोड़ा है। ऐसा करना पार्टी विरोधी गतिविधि है। ये पार्टी निष्ठा व आदर्शों के खिलाफ है। जवाब के लिए अतिरिक्त समय नहीं मिलेगाः 7 दिन में जवाब दें कि क्यों ने आपके खिलाफ इस अनुचित आचरण के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं है तो और अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों को नया नोटिस:अब क्रॉस वोटिंग शब्द जोड़ा; पार्टी विरोधी गतिविधि में सख्त कार्रवाई के संकेत हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने कुछ घंटे में ही अपने 5 विधायकों को नया नोटिस जारी कर दिया है। इस बार इस नोटिस में क्रॉस वोटिंग करने का जिक्र है। इससे पहले जो नोटिस था, उसमें कैंसिलेशन/इनवेलिडिटी लिखा गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के कैथल में पत्नी शालू की हत्या करने वाले अरुण के बारे में कई खुलासे हुए है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अरुण ने शालू की हत्या की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। इस बात का खुलासा शालू की मां सुनीता देवी की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में भी हुआ है। सुनीता के मुताबिक, कुछ दिन पहले शालू मायके आई हुई थी। अरुण ने फोन करके उसे घर बुलाया कि नवरात्रों में कुलदेवी पर पूजा पाठ के लिए जाना है। इसी के चलते शालू ससुराल आ गई थी। मगर, उसे क्या पता था कि मायके से ससुराल तक का यह सफर उसका आखिरी साबित होगा। सुनीता ने बताया कि अरुण ने शुक्रवार की रात में ही उनकी बेटी को मार दिया था। सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें फोन करके कहा कि आपकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही। मैंने ही मारी है। जब मैंने कहा कि झूठ बोले रहे हो, तो बोला- फोटो भेजू क्या। इसके बाद मायके वाले कैथल पहुंचे तो बेटी की लाश उन्हें बेड पर पड़ी मिली। इसके अलावा भी सुनीता ने कई चौंकाने वाली बातें पुलिस को बताईं हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपी अरुण की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन देर रात तक उसका पता नहीं चल सका था। साथ ही पुलिस सुनीता के आरोपों की भी पड़ताल कर रही है। शालू की मां पुलिस को बताईं कई बड़ी बातें… अब यहां जानिए कैसे हुई शालू की हत्या… ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में गला घोंटकर पत्नी का मर्डर:हत्या कर पति बोला- भाभी जी, पत्नी मार दी, अब आप संभाल लो; बठिंडा की रहने वाली थी हरियाणा के कैथल में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वो हांफते-हांफते अपनी भाभी के पास पहुंचा और बोला- भाभी जी, मैंने पत्नी मार दी, अब आप संभाल लेना। इतना कहते ही वो घर से फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के नारनौल की बहू एक्ट्रेस भाषा सुंबली इन दिनों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग से छाई हुई हैं। मूवी में उन्होंने रणवीर सिंह के कैरेकटर जसकीरत की एडवोकेट वीना का रोल निभाया है। कोर्ट रूम में उनके सीन की दर्शक भी जमकर सराहना कर रहे हैं। सुंबली मूल रूप से जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं। करीब छह साल पहले उनकी शादी नारनौल के रहने वाले एक्टर सुनील सोनी के साथ हुई थी। दोनों की मुलाकात NSD (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों ने साथ में कई स्टेज परफॉर्मेंस की। इसके बाद धीरे धीरे दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों ने 2016 में शादी की। भाषा सुंबली के बारे में जानिए… कई फिल्मों में किया अभिनय भाषा सुंबली ने अपने अभिनय करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है। उन्हें सबसे अधिक पहचान वर्ष 2022 में आई फिल्म द कश्मीर फाइल्स में ‘शारदा पंडित’ की भूमिका से मिली। इसके अलावा उन्होंने छपाक (2020) में दीपिका पादुकोण के साथ काम किया, जबकि बारामूला (2025) में उन्होंने गुलनार सैयद का प्रमुख किरदार निभाया। बारामूला फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। थियेटर से जुड़ाव फिल्मों के साथ-साथ भाषा सुंबली थिएटर से भी जुड़ी रही हैं और टेलीविजन के कुछ प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं। उन्होंने मुंबई में कई बच्चों के शो किए। पति भी कई फिल्म, टीवी सीरियल में काम कर चुके भाषा के पति सुनील सोनी भी उनके साथ मुंबई शिफ्ट हो चुके हैं। वो मुंबई में एक्टिंग, डायरेक्शन का काम करते हैं। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में पति ने क्या बताया… रिपोर्टर- क्या मुंबई जाने बाद कभी नारनौल आना हुआ? रिपोर्टर- घर में और कौन-कौन है? रिपोर्टर - आपने एक्टर के तौर पर कहां-कहां काम किया? रिपोर्टर - क्या किसी टीवी शो में भी काम किया? रिपोर्टर - भाषा सुंबली को 'धुरंधर द रिवेंज' फिल्म कैसे मिली? फिल्म की कास्टिंग टैलेंट बेस्ड है। उन्होंने पहले भी दिपिका पादुकोण के साथ छपाक, द कश्मीर फाइल्स, बारामूला में काम किया है। सुंबली के परिवार के बारे में जानिए…
सुपौल में शनिवार रात एक महिला कॉन्सटेबल ने सुसाइड कर लिया। उसका शव बाथरूम में फंदे से लटकता मिला है। बाथरूम इस्तेमाल में नहीं था, उसमें चुनाव से संबंधित सामान रखा हुआ था। मौके पर FSL की टीम, कोसी रेंज के DIG आशीष समेत जिले के अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचकर जांच की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जांच की जा रही है। मामला किशनपुर ब्लॉक परिसर के सभा भवन की है। मृतका कॉन्सटेबल की पहचान आरा जिले के पटखौली गांव की रितु कुमारी के रूप में हुई है। वह मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात थीं और फिलहाल सुपौल के भीमनगर में ट्रेनिंग कर रही थीं। किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, जल्द ही घटना के पीछे के कारणों का खुलासा किया जाएगा। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… मौके से सुसाइड नोट मिले हैंसुपौल में रितु की तैनाती रामनवमी-ईद पर भी की गई थी। मौके से कुछ लिखित नोट्स भी बरामद किए गए हैं, जिस पर खुलासा होना अभी बाकी है। रितु का मोबाइल फोन उनकी जेब से बरामद हुआ है। मानसिक तनाव से गुजर रही थीं कॉन्सटेबलस्थानीय सूत्रों के अनुसार, रितु कुमारी पहले से ही मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। यह भी चर्चा सामने आ रही है कि भीमनगर बीएमपी में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दो बार आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन उनके साथियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर दोनों बार उन्हें बचा लिया। हालांकि, इन सभी बातों की अब तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दिल्ली के लाल किला में किया गया था कोर्ट मार्शल
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आजाद हिंद फौज से जुड़कर भारत से सिंगापुर तक अंग्रेजी हुकूमत के छक्के छुड़ाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी एक मात्र सिविलियन थे जिनका दिल्ली के लाल किले में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा कोर्ट मार्शल किया गया था। महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी का जन्म पटना जिला के बख्तियारपुर में किसान परिवार में 22 मार्च 1906 को हुआ था। उनके पिता शिवटहल याजी किसान थे। महात्मा गांधी के आह्वान पर वे छात्र जीवन में ही देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े थे। 1922 के असहयोग आंदोलन में शामिल हुए आैर 1928 में भगत सिंह की नौजवान सभा से जुड़े। वहीं स्वामी सहजानंद के किसान आंदोलन में भी भाग लिया। 1937 में हुए चुनाव में बिहार धारा सभा के लिए निर्वाचित हुए। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंडित शीलभद्र याजी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के संपर्क में आए और आजाद हिंद फौज से जुड़ गए। आजादी की लड़ाई में कई बार शीलभद्र याजी जेल गए इस दौरान कई बार पकड़े गए। पटना कैम्प जेल, हजारीबाग जेल, मुंबई के आर्थर रोड जेल आैर पुणे के यरवदा जेल आदि में रखे गए। आजादी के बाद पंडित शीलभद्र याजी फार्वर्ड ब्लाक के अध्यक्ष रहे, वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू के अनुरोध पर कांग्रेस से जुड़े और 13 वर्ष तक राज्यसभा सदस्य रहे। वे राजनीति के साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े रहे। हिंदी और अंग्रेजी में लगभग दर्जन भर किताबें लिखी। वे आजीवन आमजनों के लिए सड़क से सदन तक आवाज उठाते रहे। देश के इस महान सपूत ने 28 जनवरी 1996 में अंतिम सांस ली। राजनीति में भ्रष्टाचार का पहला मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया राजनीति में भ्रष्टाचार को लेकर पहली बार आवाज उठाने वाले पंडित शीलभद्र याजी ही थे जब वे 1967 में राज्यसभा चुनाव में विधायकों के क्रास वोटिंग के मामले को कोर्ट तक पहुंचाया था जब पार्टी के खिलाफ छह विधायकों ने उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे राजेन्द्र प्रसाद जैन के पक्ष में मतदान किया और जैन चुनाव जीत गए। पंडित शीलभद्र इस चुनाव में हुई धांधली को कोर्ट तक पहुंचाया और सुप्रीम कोर्ट ने राजेंद्र प्रसाद जैन के चुनाव को अयोग्य घोषित किया था।
जिलों-मेडिकल कॉलेज में आया फंड खर्च नहीं, विभाग ने लौटाया
कॉम्प्रेहेंसिव अबॉर्शन केयर (सीएसी): बजट का एक रुपया भी नहीं हुआ खर्च, विभाग ने वापस मंगाई राशि पटना: कॉम्प्रेहेंसिव अबॉर्शन केयर (सीएसी) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट का एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया। जिलों की इस उदासीनता के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य समितियों और मेडिकल कॉलेजों के खातों से आवंटित पूरी राशि वापस ले ली है। यह स्थिति केवल एक जिले की नहीं, बल्कि पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर सहित राज्य के सभी जिलों और मेडिकल कॉलेजों की है। स्वास्थ्य विभाग की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (मातृ स्वास्थ्य), डॉ. आकांक्षा सुमन ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, जनवरी 2026 तक इस मद में कोई खर्च नहीं दर्शाया गया, जिसके कारण आवंटन रद्द कर राशि वापस ली गई है। प्रभारी जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी ने बताया कि मातृ स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील योजना में बजट का उपयोग न होना गंभीर चिंता का विषय है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के करीब है, फिर भी जिलों ने इस दिशा में कोई तत्परता नहीं दिखाई। क्या है सीएसी योजना और क्यों है जरूरी? कॉम्प्रेहेंसिव अबॉर्शन केयर (सीएसी) योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, कानूनी और गुणवत्तापूर्ण गर्भसमापन सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर, आवश्यक दवाएं और आधुनिक उपकरण सुनिश्चित किए जाते हैं, ताकि असुरक्षित गर्भपात के कारण होने वाली मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम किया जा सके। जिलों को आवंटित राशि का विवरण (लाख में) लापरवाही का क्या होगा असर? बजट वापस होने का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। सीएसी योजना के तहत दवाओं और उपकरणों की खरीद ठप हो जाएगी, जिससे सुरक्षित गर्भसमापन सेवाएं बाधित होंगी। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली महिलाओं को भुगतना पड़ सकता है।
गांधी मैदान : 25 हजार लोगों ने नमाज अदा की
ठंडी हवा और हल्की बारिश के बीच शनिवार को गांधी मैदान, वेटनरी ईदगाह, शनिचरा ईदगाह, खानकाह मुजीबिया, पटना जंक्शन जामा मस्जिद से सहित सभी मस्जिदों आैर खानकाहों में ईद की नमाज अदा की गई। गांधी मैदान में मदरसा शम्सुल होदा के प्राचार्य मौलाना सैयद शाह मशहूद अहमद कादरी नदवी ने ईद की नमाज पढ़ाई। ईदैन कमेटी के महासचिव डॉ. जफर नियाजी ने बताया कि गांधी मैदान में एक साथ करीब 25 हजार लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद खुतबा हुआ। देश-दुनिया में अमन चैन की दुआ मांगी गई। सुबह 6:15 से 10 बजे तक लोगों ने नमाज पढ़ी। इस दौरान अल्लाह हो अक्बर की तकबीर से मस्जिदें, ईदगाह आैर खानकाहें गूंज उठीं। नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान गए और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए फातेहा पढ़ी। इसके बाद एक-दूसरे से िमलकर लोगों ने मुबारकबाद दी। इससे पहले, लोग मस्जिद पहुंचे आैर नमाज अदा की। ईद को लेकर बच्चों में खासा उत्साह था। उपासना व अल्लाह की खुशी का दिन है ईद गांधी मैदान में नमाज से पहले तकरीर करते हुए मौलाना सैयद शाह मशहूद अहमद कादरी नदवी ने कहा कि ईद का दिन सामूहिक उपासना, आनंद और अल्लाह की खुशी का दिन है। सच्ची ईद वही है, जिसमें दिल पाक हो, इरादे नेक हों, कर्म सही हों और चरित्र बेहतर हो। ईद हमें सिखाती है कि समाज के दुख को साझा करना चाहिए। रोजा रखने का मतलब अपनी इच्छाओं पर काबू पाना है। हमें ईद के दिन अल्लाह के रसूल के कथन को याद रखना चाहिए। अल्लाह के रसूल ने सबसे पहले सहाबियों को रोजा कुबूल होने पर बधाई दी। उन्होंने उन्हें भाईचारा, प्रेम, नैतिकता और अच्छे चरित्र से परिपूर्ण रहने का आदेश दिया। हमारा धर्म हमें देश प्रेम, कानून का पालन आैर शांति का समर्थक बनना सिखाता है। समाज के शोषित और पिछड़े लोगों का उत्थान करना और उन्हें उनका हक दिलाना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए। गांधी मैदान पहुंचे निशांत कुमार, सभी को ईद की मुबारकबाद दी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार शनिवार को खूब सक्रिय रहे। वे केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ से मिले, प्रवक्ताओं के साथ मीटिंग की, तो घूम-घूम कर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। सफेद कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी पहने निशांत गांधी मैदान पहुंचे। नमाजियों को गले लगाकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से मैं सभी लोगों को ईद की मुबारकबाद देता हूं। खुदा हम सब पर अपनी बरकत बनाए रखें। मुख्यमंत्री, गांधी मैदान नहीं आए। गांधी मैदान से लौटने के बाद निशांत जदयू कार्यालय में युवा ब्रिगेड के साथ अनौपचारिक बैठक की। इस दौरान मंत्री अशोक चौधरी भी थे। दोपहर बाद निशांत, विभिन्न खानकाह और सूफी दरगाह गए। शाम में उन्होंने सीएम आवास में पार्टी प्रवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में संगठन और सरकार के स्वरूप पर हुई चर्चा। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आए। यहां रही भीड़ गांधी मैदान के अलावा कोतवाली मस्जिद, हाईकोर्ट मस्जिद, दरियापुर मस्जिद, न्यू मस्जिद सब्जीबाग, मुरादपुर मस्जिद, फकीर बाड़ा मस्जिद, करबिगहिया जामा मस्जिद, अलीनगर मस्जिद, फुलवारीशरीफ में छोटी खानकाह, नया टोला जामा मस्जिद, हारूननगर सेक्टर-1 व 2, दानापुर के कैंट ईदगाह सहित पटना सिटी के मित्तन घाट ईदगाह, मंगल तालाब ईदगाह, शाही ईदगाह, गुलजारबाग, सुल्तानगंज में भी नमाज अदा की गई।
घर-घर रोजगार पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत : दिलीप जायसवाल
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार के अंदर घर-घर रोजगार पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। कहा कि राज्य में उद्यमिता को प्रोत्साहन, निवेश के विस्तार आैर स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता है। इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वे शनिवार को ज्ञान भवन में 13वें बिहार उद्यमिता सम्मेलन 2026 के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। उद्योग मंत्री ने बताया कि बिहार उद्यमी संघ के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में राज्य के 534 प्रखंडों के नए स्टार्टअप और उद्यमी भाग लिए हैं। इसमें नाबार्ड, उद्योग विभाग और कृषि विभाग के लोग हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य है कि कैसे युवाओं के अंदर रोजगार और इससे उनको सेल्फ डिफेंस बिजनेस की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया जा सके, ताकि वह अपने बिजनेस की शुरुआत कर सकें और खुद प्रोडक्शन कर सकें। वहीं कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है। इससे युवाओं और नए उद्यमियों को लाभ मिलेगा। राज्य की कृषि और नवाचार क्षमता की नाबार्ड के सीजीएम गौतम कुमार सिंह ने प्रशंसा की। एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईएआई) के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन जमीनी स्तर के विचारों और औद्योगिक निष्पादन के बीच की खाई को पाटने के लिए बनाया गया एक मंच है। बीईए अध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वास्तविक अवसर के रूप में लेने की जरूरत है। इस अवसर पर उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, गुजरात के पूर्व डीजीपी अरुण कुमार शर्मा, बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह, महासचिव अभिषेक कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
नहाय-खाय के साथ महापर्व चैती छठ आज से
नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय चैती छठ रविवार से शुरू हो जाएगा। इसको लेकर राजधानी में जगह-जगह छठ गीत सुनाई देने लगे हैं। व्रती रविवार को गंगा समेत अन्य नदियों आैर जलाशयों में स्नान कर पूजा करेंगी। फिर प्रसाद के रूप में अरवा चावल, सेंधा नमक से निर्मित चना की दाल, लौकी की सब्जी, आंवला की चटनी आदि ग्रहण कर चार दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लेंगी। सोमवार को व्रती पूरे दिन निराहार रहकर संध्या में खरना का पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगी। खरना के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र व प्रीति योग में शाम का अर्घ्य और मृगशिरा नक्षत्र व आयुष्मान योग में बुधवार को सुबह का अर्घ्य देंगी। ज्योतिषाचार्य आचार्य राजनाथ झा ने कहा कि धर्मशास्त्र, वेद और पुराणों में चैती छठ का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों में चैत्र मास को सृष्टि का आरंभ माना गया है। ऐसे पावन समय में सूर्योपासना एवं षष्ठी व्रत जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। व्रत का उद्देश्य केवल भौतिक इच्छाओं की पूर्ति नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संयम है। छठ व्रत के माध्यम से साधक शरीर, मन और इंद्रियों का संयम करते हुए प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
किराए के 200 खातों में आए ठगी के 20 करोड़, बैंककर्मी रडार पर
कमीशन के लिए अपराधियों का साथ देना भी अपराध: बैंककर्मी रडार पर साइबर ठगी का एक बेहद खतरनाक पैटर्न सामने आया है। महज 15-20 प्रतिशत कमीशन के लालच में लोग अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को किराये पर दे रहे हैं। पुलिस जांच में ऐसे 200 संदिग्ध खातों (म्यूल अकाउंट्स) को चिह्नित किया गया है, जिनमें पिछले कुछ महीनों के भीतर 20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन (ट्रांजेक्शन) हुआ है। फर्जी कंपनियां और एनजीओ बने ठगी का जरिया जांच में खुलासा हुआ है कि ये खाते व्यक्तिगत नाम के अलावा फर्जी कंपनियों, ट्रस्ट और एनजीओ के नाम पर 'करंट' या 'बिजनेस' अकाउंट के रूप में खुलवाए गए थे। साइबर अपराधी इन खातों का इस्तेमाल देशभर में की गई ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए कर रहे हैं। इन खातों पर देश के कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। अब तक की कार्रवाई: 7 केस, 13 गिरफ्तारियां पटना साइबर थाने ने ऐसे गिरोहों के खिलाफ अब तक 7 केस दर्ज किए हैं और पिछले कुछ महीनों में 13 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब उन मूल खाताधारकों और पतों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रही है, जिनके जरिए करोड़ों का यह खेल हुआ। प्रमुख बिंदु कुल संदिग्ध खाते: 200 अब तक ट्रांजेक्शन: 20 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन का लालच: 15 से 20% फर्जी एनजीओ/ट्रस्ट: 30 खाते संदिग्ध संस्थाओं के नाम पर कार्रवाई: अब तक 13 लोग गिरफ्तार बैंककर्मियों पर गहराया शक सत्यापन में विफलता: 50 से अधिक खातों के नाम-पते फर्जी पाए गए हैं। सवाल यह है कि बैंकों ने बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के ये खाते कैसे खोल दिए? संदेहास्पद लेनदेन: कई खाते खुलते ही उनमें लाखों का ट्रांजेक्शन शुरू हो गया, लेकिन बैंक की ओर से कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। बनेगी लिस्ट: साइबर थाना पुलिस अब उन बैंककर्मियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने इन फर्जी खातों को खोलने में मदद की। उन्हें जल्द ही नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। सावधान: खाते में संदिग्ध पैसा आए तो 1930 पर कॉल करें म्यूल अकाउंट खोलना या खुलवाना अपराध है और यह मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है। यदि आप अपना खाता किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए देते हैं, तो आप अपराधियों के सहयोगी माने जाएंगे और आपको जेल हो सकती है। सोशल मीडिया पर 'अकाउंट दो, कमीशन लो' जैसे प्रलोभनों से बचें। अपना एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन, ओटीपी या पासबुक कभी किसी को न दें। यदि आपके खाते में किसी अजनबी की ओर से पैसा आता है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और संबंधित बैंक व नजदीकी थाने को लिखित जानकारी दें।
तीन माह में तीन बैंकों में खुले 300 से अधिक खाते, जांच के दायरे में मैनेजर
सालिमपुर थाना इलाके के सैदपुर, मोरादपुर और सुंदरपुर गांव की महिलाओं के नाम पर खाता खुलवाकर साइबर अपराधियों को बेचने के आरोपी बैंककर्मी धीरेंद्र कुमार, विवाह भवन संचालक कुंदन कुमार और मोरादपुर के अवध राय को शनिवार को जेल भेज दिया गया। इस मामले की जांच साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट और सालिमपुर थाने की पुलिस कर रही है। साइबर अपराधियों ने बैंककर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से 2025 के अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में गांवों में कैंप लगाए और 300 से अधिक महिलाओं के खाते खुलवाए। उनका पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। खाता खुलते ही उनमें साइबर ठगी के पैसे आने लगे। उनमें 3.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। ठगी के पैसे नालंदा, बेगूसराय, बिहारशरीफ और पटना सहित अन्य जिलों की एटीएम से निकाले गए। तीन महीने में अचानक तीन बैंकों बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में 300 से अधिक खाते खुल गए लेकिन प्रबंधन को शक नहीं हुआ। इन बैंकों के प्रबंधक शक के दायरे में हैं। इनकी भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस ने 100 महिलाओं को चिह्नित किया है, जिनके नाम पर खाता खोले गए हैं। पुलिस मान रही है कि संख्या बढ़ सकती है। खाता खोलने वाले फॉर्म में भी पुलिस ने पकड़ी लापरवाही खाता खोलने के लिए भरे हुए फॉर्म को देखने से ही बैंककर्मियों की संलिप्तता सामने आ रही है। एक ही फॉर्म में अलग-अलग लिखावट है। कई फॉर्म में आवेदक ने जो मोबाइल नंबर लिखे हैं, उन्हें काटकर बदल दिया गया। मोबाइल नंबर अलग-अलग कलम से लिखा गया है। इतनी विसंगतियों के बाद भी खाते कैसे खुल गए, इसी का जवाब पुलिस तीनों बैंक मैनेजर से मांग रही है। जांच आगे बढ़ी तो कई बैंककर्मियों और कुछ बिचौलिये ग्रामीणों की भी गिरफ्तारी होगी। तीन महिलाओं की तलाश गांव में पहुंची एनजीआे की तीन महिलाओं सीता कुमारी, कुमारी देवी और विभा देवी ने कुछ ग्रामीणों को अपने साथ मिलाया, उन्हें पैसे का प्रलोभन दिया और ग्रामीण महिलाओं को झांसा देकर खाता खुलवाया। गांव की महिलाओं से कहा कि आपको शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपए दिलवाएंगे। 3 हजार हमलोग रख लेंगे और शेष 9 हजार आपके खाते में छोड़ देंगे। अब पुलिस सीता, देवी और विभा को तलाश रही है। तीनों फरार हैं। पीड़ितों ने बताया कि नरौली गांव में जगदंबा स्थान के पास स्थित कुंदन कुमार के विवाह भवन में कैंप लगा था। भोज भी दिया गया। वहां महिलाओं को कहा गया कि शौचालय निर्माण आैर अन्य योजनाओं का पैसा इसी खाते में आएगा। नरौली और उसके आसपास के कई गांवों की महिलाओं का खाता खुलवाया गया। पीड़ितों ने कहा कि मोरादपुर के अवध राय ने हमलोगों को बरगलाया।
आईआईटी पटना कैंपस से स्कूल बंद करने का आदेश
आईआईटी पटना परिसर में संचालित निजी स्कूल फाउंडेशन एकेडमी को बंद करने का निर्णय लिया गया है। संस्थान प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूल का संचालन 30 मार्च से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एकेडमी को परिसर में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। संस्थान ने एकेडमी को तय तिथि तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। साथ ही अभिभावकों और छात्रों को आगाह करते हुए कहा गया है कि यदि स्कूल प्रबंधन या उससे जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा संचालन जारी रखने की कोई जानकारी दी जाती है, तो वह पूरी तरह भ्रामक और गैरकानूनी मानी जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। छात्रों और अभिभावकों की बढ़ेगी परेशानी : गौरतलब है कि इस स्कूल में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती थी, जहां आईआईटी पटना के कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ-साथ एयर फोर्स और एनडीआरएफ केंद्र के बच्चे भी पढ़ते हैं। सूत्रों के अनुसार, परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय में सीटों और शिक्षकों की कमी के कारण बड़ी संख्या में छात्र फाउंडेशन एकेडमी पर निर्भर थे। ऐसे में स्कूल बंद होने से अभिभावकों और छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बच्चों को कमरे में बंद कर पति ने पत्नी को चाकू से गोद डाला
ई-रिक्शा चालक पति मो सोनू दो बच्चों को कमरे में बंद कर 24 वर्षीय प|ी जेबा खातून की चाकू से गोद कर हत्या कर फरार हो गया। घटना ईद की देर शाम शनिवार को आलमगंज थाना क्षेत्र के पीरवैश मार्केट मोड़ की है। पुलिस घटना की वजह प्रथमदृष्टया पति-प|ी के बीच पारिवारिक विवाद बता रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार पति-प|ी के बीच झगड़ा शनिवार की सुबह से ही चल रहा था। देर शाम पति मो सोनू घर आया। प|ी से किसी बात को लेकर फिर झगड़ा शुरू हो गया। इसी बीच पति सोनू ने प|ी के पेट में ताबड़तोड़ दो बार चाकू गोद दिया। ख्ून से लथपथ होकर प|ी वहीं गिर गई। इसके बाद पति चाकू फेंक कर फरार हो गया। मृतक के भाई मो साकिर ने बताया कि बहनोई मो सोनू ने बहन जेबा खातून की हत्या से पहले दो बच्चों पांच साल के बेटे और दो साल की बेटी को कमरे में बंद कर दिया। कुछ देर के बाद जब बच्चे बाहर निकले तब पड़ोस में रहने वाली मौसी को घटना की जानकारी दी। मृतक जेबा चार बहनों में दूसरे नंबर पर थी। मौसी के परिवार के लोग उसे लेकर अस्पताल जाने लगे। लेकिन शरीर से खून अधिक निकल जाने से उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर आलमगंज थाने की पुलिस पहुंची और पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डीएसपी ने कहा-पारिवारिक विवाद में घटना घटी, आरोपी पति फरार डीएसपी राजकिशोर सिंह ने बताया कि पति ने ही प|ी को चाकू मार कर फरार हुआ है। प्रथमदृष्टया घटना का कारण पारिवारिक विवाद प्रतीत होता है। पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। एफएसएल की टीम भी बुलाई गई।
नीट छात्रा केस : मामा से दो घंटे पूछताछ, कहा-सीबीआई हमसे ही साक्ष्य मांग रही
पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है, लेकिन परिजनों ने जांच की दिशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को सीबीआई दफ्तर में मृतका के मामा से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय एजेंसी पर लापरवाही और खानापूर्ति करने का आरोप लगाया। छात्रा के मामा ने पूछताछ के बाद मीडिया से कहा-नई आईओ विभा कुमारी वही पुराने सवाल दोहरा रही हैं, जो हम पटना पुलिस, एसआईटी और सीबीआई को 10 बार बता चुके हैं। सीबीआई हमसे ही घटना के साक्ष्य मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के नाबालिग होने के बावजूद सीबीआई ने पॉक्सो की धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया था। तब पवन श्रीवास्तव केस के आईओ थे। साथ ही, पिछले आईओ ने कोर्ट में हॉस्टल संचालक की जमानत का विरोध भी नहीं किया था। अगर सीबीआई ने सही से जांच नहीं की, तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। हमारी बच्ची के साथ दरिंदगी हुई है। उसे न्याय मिलना चाहिए। केस की पृष्ठभूमि 6 जनवरी : छात्रा हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। 11 जनवरी : इलाज के दौरान अस्पताल में मौत। पोस्टमार्टम : पीएमसीएच की रिपोर्ट में छात्रा से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अगली सुनवाई : 23 मार्च को पॉक्सो अदालत में होगी। डॉक्टर सतीश से सामना करने से इनकार सीबीआई ने प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉ. सतीश को भी बुलाया था। हालांकि, छात्रा के मामा उनके साथ आमने-सामने बैठकर पूछताछ में शामिल नहीं हुए। कहा-डॉ. सतीश ने ही आरोप लगाया था कि छात्रा की हत्या परिवार वालों ने की है, हम उनके सामने नहीं बैठ सकते। आत्महत्या साबित करने की कोशिश : वकील परिजनों के अधिवक्ता एसके पांडे ने कहा कि सीबीआई परिजनों पर दबाव बना रही है कि वे आत्महत्या मान लें। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक हॉस्टल संचालक मनीष रंजन को रिमांड पर लेकर पूछताछ क्यों नहीं की गई और न ही उसके मोबाइल की सीडीआर खंगाली गई। सीबीआई ने एक करीबी का फोटो दिखा कर पूछा सीबीआई ने छात्रा के मामा को एक फोटो दिखाया। यह फोटो परिजनों के एक करीबी का था। उसकी स्नैपचैट भी सीबीआई को मिली है। इस लड़के के बारे में पटना पुलिस की एसआईटी भी पूछताछ कर चुकी है। करीबी लड़के का सैंपल भी एसआईटी ले चुकी है, लेकिन छात्रा के कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से मैच नहीं किया। एसआईटी ने करीब 25 संदिग्धों का सैंपल लिया था, लेकिन किसी का डीएनए मैच नहीं किया। इन संदिग्धों की लिस्ट भी सीबीआई ने बनाई है। वहीं छात्रा के मोबाइल की सीडीआर भी नए सिरे से देखी जा रही है।
राज्यपाल ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी ली
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से बिहार में शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में चल रहीं योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षा विभाग से उच्च शिक्षा को अलग कर उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है। उन्होंने बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति, समर्थ पोर्टल, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय, उच्च शिक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया। सरकारी स्कूलों, शिक्षकों एवं नामांकित बच्चों की संख्या, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं अन्य डीबीटी योजनाओं, स्कूली शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल पहल, प्रधानमंत्री पोषण योजना आदि के बारे में राज्यपाल को अवगत कराया। मुख्य सचिव ने उन्हें बाल हृदय योजना, बाल श्रवण योजना, भव्या एप्लीकेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य स्वास्थ्य समिति, मेडिकल शिक्षा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आदि के विषय में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग में ‘दीदी की रसोई’ के क्रियान्वयन पर राज्यपाल ने खुशी जाहिर की।
लीची का रकबा बढ़ा, पर उत्पादन दोगुना तक घटा
पटना बिहार में लीची का उत्पादन लगभग दोगुना कम हो गया है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में साल 2023 में 3.20 लाख टन लीची का उत्पादन हुआ था, जो साल 2024-25 में घटकर 1.36 लाख टन रह गया है। जबकि मुजफ्फरपुर, वैशाली, पश्चिमी चंपारण से हटकर अब नए इलाकों में लीची की खेती होने लगी है। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. विकास कुमार के अनुसार शहरीकरण के कारण मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण और वैशाली में लीची का क्षेत्र घट रहा है। पिछले तीन साल में सीवान, गोपालगंज और छपरा में लीची के नए बागान लगाए गए हैं। साल 2019-20 में बिहार में 36 हजार हेक्टेयर में लीची की खेती हो रही थी। वर्ष 2024-25 में 39 हजार हेक्टेयर में इसके बागान लगाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पुराने बगीचों में कम उत्पादन होने के डर से किसान लीची न लगाकर आम के पौधे लगा रहे हैं। सबसे अधिक मार शाही लीची पर पड़ी है। दूसरा कारण यह भी है कि यहां के किसानों को एक किलो लीची पर मात्र 20 रुपए मिलते हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में 60 रुपए तक मिलते हैं। आमदनी घटने से किसान पुराने बगीचे में लीची के पेड़ के बजाय दूसरे फल के पौधे लगा रहे हैं। अब नए इलाकों में लीची के पौधे लग रहे हैं। आने वाले तीन से चार साल में लीची का उत्पादन फिर बढ़ेगा। तापमान का भी असर जलवायु परिवर्तन का असर बिहार में लीची उत्पादन पर पड़ने लगा है। नवंबर-दिसंबर में लीची के पौधों को न अधिक ठंड और न अधिक तापमान की जरूरत होती है। सामान्य से 5-6 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने से पौधे में नए पत्ते आ जाते हैं। उस पर फूल नहीं के बराबर लगते हैं। इसका असर इस बार लीची के मंजर पर दिखा है। इस साल भी लीची में नए पत्ते आ गए हैं। सबसे अधिक नए पत्ते शाही लीची में आए हैं। इससे उत्पादन घटने का अधिक आशंका है।
बिजली आपूर्ति, शिकायत निवारण में बेहतर प्रदर्शन पर एनबीपीडीसीएल को ‘ए’ रेटिंग
पटना विद्युत मंत्रालय द्वारा आरईसी लिमिटेड के सहयोग से किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन में बिहार की बिजली कंपनियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लि. (एनबीपीडीसीएल) को उपभोक्ता सेवा रेटिंग डिस्कॉम (सीएसआरडी) में ‘ए’ रेटिंग मिली है। कंपनी ने आपूर्ति, बिलिंग दक्षता और शिकायत निवारण जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है। वितरण उपयोगिता रैंकिंग (डीयूआर) में एनबीपीडीसीएल को देश की शीर्ष 5 सरकारी स्वामित्व वाली बिजली कंपनियों में स्थान मिला है। वहीं, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) ने इस श्रेणी में 13वां स्थान पाया है। राज्य के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की उपभोक्ता-केंद्रित बिजली व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने भरोसा जताया कि तकनीक के बेहतर उपयोग से सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यह सफलता सुधारात्मक कदमों और प्रभावी कार्यान्वयन का परिणाम है। एनबीपीडीसीएल के एमडी राहुल कुमार ने कहा कि बिलिंग एवं कलेक्शन दक्षता में सुधार, स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की तेजी से प्रगति तथा तकनीकी निगरानी ने कंपनी के समग्र प्रदर्शन को सुदृढ़ किया है। उन्होंने विश्वसनीय एवं उपभोक्ता-हितैषी सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। एसबीपीडीसीएल के एमडी महेंद्र कुमार ने कहा कि प्रणाली सुदृढ़ीकरण, उपभोक्ता सेवाओं में सुधार तथा आधुनिक टेक्नोलॉजी को अपनाने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने से आने वाले वर्षों में प्रदर्शन और बेहतर होगा। सीएसआरडी के तहत देशभर की 66 बिजली वितरण कंपनियों का मूल्यांकन उपभोक्ता सेवाओं के विभिन्न पहलुओं पर होता है। डीयूआर में वित्तीय, परिचालन और बुनियादी ढांचे की क्षमता का आकलन किया जाता है। हाल के वर्षों में बिहार के डिस्कॉम ने बिलिंग और कलेक्शन में सुधार, लाइन लॉस में कमी, स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग के विस्तार और सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
गैर-मान्यता प्राप्त डिग्री पर 1346 शिक्षक बने... अब जाएगी नौकरी
नियोजित शिक्षक बहाली में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा: गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्री पर नियुक्त हुए 1346 शिक्षक नियोजित शिक्षक बहाली में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। अब तक की जांच में फर्जी प्रमाणपत्र और अंकपत्र के मामले सामने आते रहे थे, लेकिन अब गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्री पर नौकरी पाने का मामला प्रकाश में आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच से पता चला है कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, चेन्नई और उत्तराखंड के 10 कॉलेजों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों की मान्यता बिहार सरकार ने 2008 में ही समाप्त कर दी थी। इसके बावजूद, इन संस्थानों की डिग्रियां लेकर 1346 लोग शिक्षक बन गए। इनमें सबसे अधिक 159 शिक्षक वैशाली जिले के हैं। समस्तीपुर 136 शिक्षकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि पटना में ऐसे 64 शिक्षक पाए गए हैं। अब इन सभी पर कार्रवाई की तैयारी है; इनकी सेवा समाप्त की जाएगी और इनसे वेतन की वसूली भी होगी। निगरानी ब्यूरो ने इन 10 संस्थानों और जिलावार 1346 शिक्षकों की सूची दो माह पहले ही शिक्षा विभाग को भेजी थी, किंतु विभाग की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। गौरतलब है कि 2006 से 2015 के बीच बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों की बहाली हुई थी, जिसके बाद प्रमाणपत्रों की जांच में ये गड़बड़ियाँ सामने आईं। 6.67 लाख प्रमाणपत्रों की जांच, 2953 पर केस दर्ज निगरानी ब्यूरो अब तक 6,67,144 प्रमाणपत्रों की जांच कर चुका है। ये प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए 56 बोर्डों और विश्वविद्यालयों को भेजे गए थे। जांच के उपरांत अब तक 1748 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और 2953 शिक्षकों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है। रैकेट का खुलासा: जांच में फर्जी डिग्री बनाने वाले एक गिरोह का भी पता चला है। यह गिरोह विभिन्न विश्वविद्यालयों के नाम पर जाली प्रमाणपत्र तैयार करता था। अब कई बोर्ड और विश्वविद्यालय भी निगरानी के रडार पर हैं। गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान और बहाल शिक्षकों की संख्या: हिंदी विद्यापीठ, देवघर: 702 मंदार विद्यापीठ, मंदार: 10 काशी विद्यापीठ, वाराणसी: 176 हिंदी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद: 162 दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास: 122 प्रयाग महिला विद्यापीठ, इलाहाबाद: 119 गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार: 46 बंबई हिंदी विद्यापीठ, बंबई: 01 राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा: 01 हिंदी विश्वविद्यालय, इलाहाबाद: 07 जेल होगी और वेतन की वसूली भी (टॉप-5 जिले): वैशाली: 159 सीतामढ़ी: 136 दरभंगा: 81 पश्चिम चंपारण: 81 कटिहार: 77 निगरानी के डीजी जेएस गंगवार ने कहा: 1346 शिक्षकों की डिग्रियां उन संस्थानों की हैं जिनकी मान्यता 2008 में खत्म हो चुकी थी। शिक्षा विभाग से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जवाब का इंतजार है। हाईकोर्ट के आदेश पर चल रही जांच निगरानी ब्यूरो की जांच में हुए इस बड़े खुलासे के बाद फर्जी डिग्री पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है और अब तक प्राप्त वेतन एवं भत्तों की वसूली की जाएगी। इस वर्ष फरवरी तक 31 केस दर्ज किए जा चुके हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पिछले 11 वर्षों से इस मामले की निरंतर जांच कर रहा है।
उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार की थीम पर थिरकेगा राज्य
बिहार के गौरव और 114 साल के इतिहास का उत्सव ‘बिहार दिवस 2026’ खास अंदाज में शुरू हुआ। 22 मार्च से शुरू यह तीन दिवसीय समारोह 24 मार्च तक चलेगा। इसमें संगीत, नृत्य और कला का संगम दिखेगा। इस बार की थीम ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ है। इसका उद्देश्य राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करना है। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। सरकार के अनुसार, बिहार दिवस राज्य की संस्कृति, इतिहास और विकास का उत्सव है। लोगों, छात्रों, कलाकारों और मीडिया से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। हर मंडप में राज्य की विविधता दिखेगी बिहार दिवस आज से... 3 दिवसीय समारोह में दिखेगी समृद्ध संस्कृति की झलक सवाल: मंडप और प्रदर्शनियां कैसे बनीं?{गांधी मैदान में सुबह दस से शाम पांच बजे तक अलग-अलग थीम के मंडप लगाए गए हैं। हर मंडप में राज्य की विविधता को दिखाया है।सवाल: शिक्षा मंडप में क्या खास है?{शिक्षा मंडप में छात्र अपने बनाए विज्ञान मॉडल और प्रयोग प्रस्तुत कर रहे हैं। यह वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।सवाल: इकोटूरिज्म पवेलियन की विशेषता? बिहार के पहाड़, जंगल और झरनों के मॉडल दिखाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी। सवाल: मुख्य कार्यक्रम कहां आयोजित हो रहे हैं? मुख्य कार्यक्रम गांधी मैदान में हो रहे हैं। अन्य आयोजन श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन व राज्य के अलग-अलग हिस्से में होंगे। सवाल: आयोजन में क्या-क्या खास आकर्षण?{यहां व्यंजन मेला, पुस्तक मेला, शिक्षा पवेलियन और विकास प्रदर्शनी लगाई गई है। लेजर लाइट शो भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। सवाल: मंडप और प्रदर्शनियां कैसे बनीं?{गांधी मैदान में सुबह दस से शाम पांच बजे तक अलग-अलग थीम के मंडप लगाए गए हैं। हर मंडप में राज्य की विविधता को दिखाया है।सवाल: शिक्षा मंडप में क्या खास है?{शिक्षा मंडप में छात्र अपने बनाए विज्ञान मॉडल और प्रयोग प्रस्तुत कर रहे हैं। यह वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।सवाल: इकोटूरिज्म पवेलियन की विशेषता?
दीघा में बनेगी 3 गुना बड़ी रोटरी, जाम खत्म होगा; सफर भी आसान
पटना और सोनपुर के बीच बन रहे जेपी सेतु के लिए दीघा में बड़ी तैयारी हो रही है। एप्रोच रोड के सिरे पर मौजूद दीघा रोटरी (गोलंबर) का दायरा 3 गुना बढ़ाया जाएगा। जेपी सेतु का निर्माण केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय कर रहा है। यहां पाटली पथ, अटल पथ, जेपी गंगा पथ और जेपी सेतु का ट्रैफिक एक साथ मिलता है। इसी वजह से टकराव और जाम की समस्या बढ़ती है। अब मंत्रालय ने यहां एक बड़ी और खूबसूरत रोटरी बनाने का प्लान तैयार किया है। इससे मौजूदा 2 लेन दीघा पुल और नए 6 लेन पुल का ट्रैफिक आसानी से चलेगा। आने वाले समय में दीघा-शेरपुर गंगा पथ एक्सटेंशन भी यहीं से जुड़ेगा। इससे इस जंक्शन का महत्व और बढ़ जाएगा। नए 6 लेन जेपी सेतु से ट्रक और बस जैसे भारी वाहन गुजरेंगे। इसे देखते हुए रोटरी के चारों तरफ 4 नई घुमावदार सड़कें बनाई जाएंगी। मरीन ड्राइव गोलंबर का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसके तीन तरफ नई सड़कें बनेंगी। पूरे इलाके को आकर्षक तरीके से विकसित किया जाएगा। लक्ष्य है कि आने वाले सालों में यहां घूमने आने वालों की संख्या 10 गुना बढ़े। रोटरी का दायरा बढ़ाने की जरूरत क्यों सवाल: दायरा बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी? कई सड़कों का ट्रैफिक एक साथ मिलता, जाम और टकराव की समस्या बढ़ती है। सवाल: जेपी सेतु से क्या असर पड़ेगा? छह लेन पुल से भारी वाहन बढ़ेंगे, ट्रैफिक दबाव अचानक कई गुना ज्यादा होगा। सवाल: सोनपुर प्रोजेक्ट का क्या असर है? एयरपोर्ट और सेटेलाइट सिटी बनने से इस रूट पर ट्रैफिक तेजी से बढ़ेगा। सवाल: आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा? जाम कम होगा, सफर तेज होगा और मरीन ड्राइव पर पहुंचना आसान बनेगा। सवाल: शहर पर क्या असर? ट्रैफिक हब बनेगा, साथ ही बड़ा एंजॉयमेंट और टूरिस्ट जोन बनेगा। पटना आने वाला सोनपुर जाने वाला बनने वाला रोटरी बनने वाला रोटरी दीघा-शेरपुर गंगा पथ निर्माणाधीन जेपी सेतु राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए केंद्र से आग्रह किया है। बिहार दौरे पर आए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा से इस पर चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि यह पाटली पथ, अटल पथ, जेपी गंगा पथ, जेपी सेतु और दीघा-शेरपुर गंगा पथ का संगम है। इसलिए यहां बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट जरूरी है। नए जेपी सेतु के लिए अप्रोच के सिरे पर दीघा रोटरी का दायरा बढ़ेगा, जेपी सेतु से भारी वाहन आसानी से निकलेंगे
छत्तीसगढ़ में सुपारी देकर हत्या की कोशिश: गुजरात पुलिस ने पांच साल बाद आरोपी को पकड़ा
छत्तीसगढ़ में 2021 में हुए एक हत्या और लूट के मामले के लगभग पांच साल तक अनसुलझा रहने के बाद, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अब मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है
साइबर ठगी के ‘मनी-ट्रेल’ पर प्रहार...1216 म्यूल अकाउंट से 72 करोड़ का फ्रॉड
बिहार पुलिस ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट के निर्देश पर पूरे राज्य में अभियान चलाया गया। इसमें 1,216 म्यूल अकाउंट्स की पहचान की गई है। इन खातों के जरिए कम समय में 72 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। मामले में अब तक 201 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में साइबर ठग, खाताधारक, बैंक मैनेजर, बैंककर्मी और चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं। जांच में सामने आया कि बैंकिंग सिस्टम में सेंध सफेदपोशों की मदद से लगाई गई। बैंक की गोपनीय जानकारी भी लीक की गई। कार्रवाई की शुरुआत एनसीआरपी पोर्टल पर मिली 1,272 शिकायतों से हुई। शिकायतों के विश्लेषण के बाद खातों को ट्रैक किया गया। अब तक 103 केस अलग-अलग साइबर थानों में दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार गोपालगंज में 33, मोतिहारी में 30, भागलपुर में 14, पटना में 13 और सारण में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सीसीएसयू ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि अपराधी लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। पासबुक, सिम कार्ड और एटीएम अपने पास रख लेते थे। इन खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी। यह भी सामने आया कि म्यूल अकाउंट खोलने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर कोलकाता और बिहार के बाहर के शहरों के थे। 15 हजार छोटे ट्रांजेक्शन वाले खाते भी जांच में सीसीएसयू के अनुसार 1,216 म्यूल अकाउंट में 10 लाख या उससे अधिक की ठगी हुई है। ज्यादातर खाते करंट या बिजनेस अकाउंट हैं। अगर एक लाख से कम ट्रांजेक्शन वाले खातों को जोड़ें तो संख्या और बढ़ जाती है। पूरे बिहार में ऐसे करीब 15 हजार खाते चिह्नित हैं। इनमें अधिकतर सेविंग अकाउंट हैं। सीसीएसयू की टीम इन खातों का सत्यापन कर रही है। साइबर पुलिस आगे और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने पर कट रहा पैसा, नहीं आ रहा मैसेज
पटना में रसोई गैस का संकट: तकनीकी खामियों और किल्लत ने बिगाड़ा रसोई का बजट, लोग परेशान पटना | पटना में रसोई गैस की किल्लत और तकनीकी खामियों ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून, दोनों बिगाड़ दिया है। एक तरफ ऑनलाइन बुकिंग में पैसे कटने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो दूसरी तरफ हजारों लोग खाली सिलेंडर लेकर देर रात से ही गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। केस 1: 90 मिनट लाइन में रहने के बाद भी नहीं मिला DAC नंबर कुर्जी बालू पर के निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग न होने पर वे मगध गैस एजेंसी गए। वहां ऑफलाइन बुकिंग तो हुई, लेकिन डीएसी (DAC) नंबर जेनरेट नहीं हुआ। उन्हें शाम 5 बजे केवाईसी (KYC) के लिए बुलाया गया। 90 मिनट तक लाइन में खड़े रहने के बाद केवाईसी की प्रक्रिया तो पूरी हुई, पर डीएसी नंबर फिर भी नहीं मिला। अब उन्हें तीन दिन बाद बुलाया गया है। प्रमोद ने बताया, मेरा गैस सिलेंडर पांच दिन पहले खत्म हो चुका है, फिलहाल इंडक्शन पर खाना बना रहे हैं। केस 2: पैसे कटे, बुकिंग फेल और एजेंसी का टका-सा जवाब राजीवनगर निवासी इंद्र कुमार ने आईओसीएल (IOCL) सिलेंडर के लिए फोन-पे के जरिए चार बार बुकिंग की। हर बार ट्रांजेक्शन फेल दिखा, लेकिन देर शाम उनके खाते से 4,044 रुपये (1,011 रुपये प्रति सिलेंडर) कट गए। जब वे आशियाना-दीघा रोड स्थित सिमोली गैस एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें राहत देने के बजाय '25 दिन के नियम' का हवाला देकर टाल दिया गया। रिफंड कब और कैसे मिलेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उपभोक्ताओं को केवल आईओसीएल के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी जा रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। आंकड़ों में समझें संकट की गहराई प्रतीक्षा सूची: जिले में 1,79,936 उपभोक्ता सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आपूर्ति की स्थिति: शनिवार को जिले में 44,822 सिलेंडर आए, जिनमें से 38,819 का वितरण किया गया। एजेंसियों का हाल: पटना जिले की 136 एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आधी रात से लग रही कतारें गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग रात 12 बजे से ही दीघा और आशियाना समेत अन्य गोदामों पर पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता शंकर ने बताया कि रात भर जागने के बाद भी एजेंसी कर्मियों ने उन्हें रविवार को आने की बात कहकर लौटा दिया। विडंबना यह है कि कंपनियों का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के निपटारे के लिए मौके पर मौजूद नहीं है। पिछले 5 दिनों का बुकिंग ट्रेंड
परंपरागत खेती छोड़ मछली पालन अपनाएं किसान
भास्कर न्यूज| जालंधर मछली पालन विभाग, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने शनिवार को जालंधर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव जैतोवाली (जंडू सिंघा) में अहनीर कौर के मछली तालाब का निरीक्षण किया और वहां चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। दौरे के दौरान कपूरथला, होशियारपुर और एसबीएस नगर जिलों के प्रगतिशील मछली पालक भी मौजूद रहे। सचिव ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और मछली पालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। डॉ. लिखी ने पंजाब में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन को सहायक व्यवसाय के रूप में अपनाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मछली पालन विभाग पंजाब के डायरेक्टर एवं वार्डन करमजीत सिंह ने बताया कि राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 767 किसानों को 35.34 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि जैतोवाली की लाभार्थी को महिला श्रेणी के तहत 60 प्रतिशत यानी 3.14 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली है। यहां सौर ऊर्जा प्रणाली और बतख पालन जैसी गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। सचिव ने जालंधर के जतिंदर कुमार से भी बातचीत की, जिन्हें योजना के तहत इंसुलेटेड वाहन खरीदने के लिए 7.71 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सास की बदसलूकी और पति की पिटाई के बाद शुरू हुआ विवाद
भास्कर न्यूज| जालंधर भार्गव कैंप इलाके में महिला से पुलिस मारपीट के मामले में जहां विभाग ने कार्रवाई करते हुए 3 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है, वहीं अब पीड़ित परिवार की बहू प्रिया मीडिया के सामने आई है। प्रिया ने अपनी सास और पति रोहित पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी घटना की अलग कहानी बताई है। उसका कहना है कि विवाद की शुरूआत सास की बदसलूकी और पति द्वारा की गई मारपीट से हुई थी। प्रिया के मुताबिक, उसने अपनी जान और अपनी छोटी बच्ची की सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी थी। प्रिया ने बताया कि उसकी और रोहित की लव मैरिज करीब 5 साल पहले हुई थी, लेकिन पिछले कुछ समय से रिश्ते में तनाव चल रहा था। 5 मार्च को उसके पिता की सालगिरह थी और वह 2-4 दिन के लिए मायके रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर पति ने उसके साथ मारपीट की और उसे व उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी। प्रिया का आरोप है कि जब भी वह मायके जाने की बात करती थी, पति विवाद शुरू कर देता था। 6 मार्च को रोहित उसके मायके पहुंचा और जबरदस्ती उसे वापस ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने गाली-गलौज और मारपीट की, जिसके बाद आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। तब से प्रिया अपने मायके में रह रही है। प्रिया ने आरोप लगाया कि मामला तब और बिगड़ गया जब उसके पति, देवर और ससुर ने मिलकर उसके मायके पर हमला कर दिया और उसकी छोटी बच्ची को जबरन अपने साथ ले गए। बच्ची को ले जाने के बाद उसे उससे बात तक नहीं करने दी जा रही थी और फोन पर धमकियां दी जा रही हैं। बच्ची की सुरक्षा को लेकर डरी प्रिया ने पुलिस से मदद मांगी और एएसआई प्रवीण से बच्ची को वापस दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रिया ने कहा कि उसकी सास ने ही पहले पुलिस के साथ बदसलूकी और हाथापाई की थी। उसके अनुसार, पुलिस केवल उसे और उसकी बच्ची को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही थी। प्रिया ने सास द्वारा लगाए गए चरित्र संबंधी आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी बच्ची को जल्द से जल्द उसे सौंपा जाए और परिवार को सुरक्षा दी जाए। पुलिस जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
हादसे में बाइक सवार की मौत, एक घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा शव
भास्कर न्यूज| जालंधर जालंधर-लुधियाना नेशनल हाईवे पर चहेड़ू बेई पुल के पास एक कार और बाइक की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान जालंधर निवासी विशपाल (32) के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत था। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए फगवाड़ा के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। वहीं, घटना के बाद कार चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी अमनदीप सिंह ने बताया कि वे ब्यास की तरफ से आ रहे थे, तभी उन्होंने एक युवक को सड़क पर गिरा हुआ देखा। उन्होंने कहा कि उस समय कोई भी घायल की मदद के लिए आगे नहीं आया, करीब एक घंटे तक शव सड़क पर पड़ा, जिसके बाद उन्होंने अपनी गाड़ी रोककर मदद शुरू की और तुरंत सड़क सुरक्षा फोर्स को हादसे की सूचना दी। पुलिस अधिकारी के अनुसार शुरुआती जांच में आशंका है कि कार चालक ने बाइक को टक्कर मारने के बाद वाहन को युवक के ऊपर से निकाल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच भी की जा रही है।
दुकान के बेसमेंट में छिपाई शराब बरामद
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर एक्साइज विभाग की तरफ से एक बार फिर से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। डिप्टी कमिश्नर एक्साइज एसके गर्ग की अगुआई और नवजीत सिंह सहायक आबकारी आयुक्त जालंधर रेंज-2 के निर्देशों पर जसप्रीत सिंह एक्साइज अधिकारी वेस्ट-बी की टीम ने शनिवार को अलग-अलग जगहों पर रेड की। मनजीत सिंह ढींढसा आबकारी इंस्पेक्टर एक्साइज सर्कल बस्तियां ने एक्साइज पुलिस के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर कपूरथला रोड स्थित बस्ती बावा खेल के राजनगर में जूस कॉर्नर के पीछे स्थित एक दुकान के बेसमेंट में जांच की। जांच के दौरान पंजाब किंग ब्रांड की 176 निप्स और 48 पिंट (कुल 49,680 मिलीलीटर) अवैध शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब पर लगे ट्रैक-एंड-ट्रेस क्यूआर कोड और बैच नंबर खुरचे हुए पाए गए। इस रेड के दौरान बलदीप सिंह निवासी मकान नंबर 140, मोहल्ला राज नगर, बस्ती बावा खेल को मौके से गिरफ्तार कर थाना बस्ती बावा खेल में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
टेट खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना बहाली की उठाई आवाज
भास्कर न्यूज | जालंधर शिक्षा विभाग संघर्ष समिति पंजाब के नेतृत्व में देशभगत यादगारी हॉल में हजारों की संख्या में एकत्रित अध्यापकों और कर्मचारियों ने एक कन्वेंशन आयोजित किया। इसके बाद उन्होंने कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत के घर की ओर रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। इस मौके राज्य के नेताओं हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, बलजिंदर सिंह ढालीवाल, गुरप्रीत सिंह खटड़ा और धर्मजीत सिंह ढिल्लों की संयुक्त अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने जबरन लागू किए गए टेट को खत्म करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, 16 प्रतिशत डीए की किश्तें जारी करने, बंद किए गए ग्रामीण व अन्य भत्ते बहाल करने, छठे वेतन आयोग की त्रुटियां दूर करने, 200 रुपये जंजुआ टैक्स खत्म करने, सातवां वेतन आयोग लागू करने, एसीपी लागू कर अगली ग्रेड देने, पंजाब स्केल लागू करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, बीपीईओ दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने, 245 कॉमर्स लेक्चरर की रिवर्जन रोकने, क्लर्क टाइप टेस्ट में छूट देने, गैर-शैक्षणिक व ऑनलाइन कार्य तथा बीएलओ ड्यूटी बंद करने और विभागीय टेस्ट खत्म करने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार संघर्ष को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और चेतावनी दी कि अगर डराने-धमकाने का रवैया बंद नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री ने उनकी मांगों को लेकर बड़े वादे किए थे, लेकिन अब उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा। मौके पर पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार ने शिक्षा मंत्री से बातचीत कर 30 मार्च को सचिवालय में बैठक तय करवाई और इसका लिखित पत्र भी दिया।
प्राचीन शिव मंदिर में नवरात्र पर किया श्री दुर्गा स्तुति पाठ
जालंधर | नवरात्र के पावन अवसर पर प्राचीन शिव मंदिर, दोमोरिया पुल (पुरानी रेलवे रोड) में भक्तों द्वारा श्री दुर्गा स्तुति पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर धार्मिक वातावरण के बीच मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्वानों ने बताया कि इस दिन गणगौर और मत्स्य जयंती का शुभ संयोग भी बना। इसी उपलक्ष्य में भगवान विष्णु के प्रथम अवतार मत्स्य जयंती पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी किया गया। मंदिर में सिद्ध शक्तिपीठ विश्वमुखी मां त्रिपुरमालिनी दरबार और मां बगलामुखी दरबार पहले से ही स्थापित हैं, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान मां त्रिपुरमालिनी परिवार के सदस्यों ने संगीतमय श्री दुर्गा स्तुति का पाठ किया। वहीं सीमा महेन्द्रू और ज्योति झांजी ने भेंटें गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और माता रानी के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में माता रानी की अरदास के बाद भव्य मंगल आरती की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर कमेटी प्रधान यादव खोसला, दीपक झांजी, जगमोहन सिंह खोसला, गुरुचरण बजाज, रमेश सहदेव, गोविंद खोसला, कुनाल शर्मा, मनीष रेहान, विनय नैय्यर, सोहन लाल, नरेंद्र जैन, मानव बजाज, ज्योति मरवाहा, प्रवीण मल्होत्रा, अश्वनी शर्मा, राजेश वासल, प्रदीप शर्मा सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सप्लायर्स की जांच के लिए वेंडर रेटिंग सिस्टम बनेगा
जालंधर | यूनाइटेड फोरम ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड की बैठक में उद्योगों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अहम चर्चा हुई। फोरम ने पंजाब के एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के विशेष सचिव एवं कमिश्नर जतिंदर जोरवाल को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर दरवीर राज मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लवली ग्रुप के रमेश मित्तल और आईसीएआई जालंधर के चेयरमैन विवेक पार्थी समेत कई उद्योगपति और प्रोफेशनल्स शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से जीएसटी रिफंड में हो रही अत्यधिक देरी का मुद्दा उठाया, जिससे एमएसएमई इकाइयों की कार्यशील पूंजी और दैनिक संचालन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा ये समस्याएं भी सामने रखी गईं जिनमें 7 दिनों में 90% प्रोविजनल रिफंड न मिलना, इनपुट टैक्स क्रेडिट में रुकावट, जीएसटी रजिस्ट्रेशन का पुराने समय से रद्द होना, धारा 67 के तहत अनावश्यक जांच और छोटी तकनीकी गलतियों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट खारिज करना शामिल था। कमिश्नर जोरवाल ने भरोसा दिलाया कि सप्लायर्स की जांच के लिए वेंडर रेटिंग सिस्टम बनाया जाएगा, चैटबॉट और कस्टमर केयर सिस्टम को और आसान बनाया जाएगा ।
जालंधर| पिम्स में ब्रोंकियल अस्थमा विषय पर कंटिन्यू मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। पीएसीएस के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों को नई चिकित्सा तकनीकों और उपचार पद्धतियों से अपडेट करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन पिम्स के डायरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. राजीव अरोड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सीएमई गतिविधियां युवा डॉक्टरों के शैक्षणिक विकास और मरीजों को बेहतर उपचार देने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। कार्यक्रम में दिल्ली और मुंबई से आए विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. दीपक तलवार ने नई गाइडलाइंस और आधुनिक उपचार तकनीकों पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. दीपक प्रजापत, डॉ. कनिष्का कुमार सिंह और डॉ. प्रतिभा सिंगल ने अस्थमा के लक्षण, जांच और इलाज के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। सीएमई के दौरान इंटरेक्टिव सत्र, केस प्रेजेंटेशन और प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी हुए, जिसमें डॉक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम में मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर विभागों के डॉक्टरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अंत में डॉ. नरेश कुमार बठला ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर डॉ. एच.के. चीमा, डॉ. एन.एस. नेकी, डॉ. गोमती महाजन सहित वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
प्रथम पुरस्कार एलकेसी की नेहा और सीटी के पुनीत को मिला
भास्कर न्यूज |जालंधर रोटरी क्लब जालंधर ने अंतर-कॉलेज लोक गीत प्रतियोगिता के माध्यम से पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया। अध्यक्ष धन्या नायर के गतिशील नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित अंतर-कॉलेज लोक गीत प्रतियोगिता में पंजाब की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। इसमें कुल 12 कॉलेजों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संगीत द्वारा पंजाब की संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध विरासत को सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया। प्रथम पुरस्कार संयुक्त रूप से लायलपुर खालसा कॉलेज की नेहा और सीटी इंस्टीट्यूट शाहपुर कैंपस के पुनीत को, द्वितीय पुरस्कार केएमवी की जैसमीन और डीएवी यूनिवर्सिटी की प्रेरणा को, तृतीय पुरस्कार डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इंदरवीर और डीएवी कॉलेज जालंधर की खुशनूर को मिला। प्रशंसा पुरस्कार ट्रिनिटी कॉलेज के सुमित, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कैंपस लद्देवाली के राजवीर बाजवा और सेंट सोल्जर को-एजुकेशन कॉलेज के चरणजीत को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिए गए। कार्यक्रम की ट्रॉफियां पीडीजी एसवी हंस द्वारा प्रायोजित की गईं।प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक मंडल में शामिल पीडीजी मोहन सिंह सचदेवा, रविंदर बेदी और पुलिस डीएवी स्कूल के डॉ. कुलजीत सिंह द्वारा किया गया । कार्यक्रम परियोजना निदेशक डॉ. गुरजोत कौर के मार्गदर्शन में अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सचिव इकबाल इंदर अरोड़ा, प्रेसिडेंट-इलेक्ट महेश गुप्ता, पीडीजी पवन गुप्ता, पीडीजी बृजेश सिंघल, सुभाष सूद, जतिंदर जायसवाल, सुखविंदर, डॉ. सुकांत वर्मा, बृज गुप्ता, एसके गुप्ता, केसी गुप्ता, मेजर जनरल जेडीएस बेदी, सुनील गुप्ता, राजन गुप्ता, एसके मल्होत्रा, हरिंदर सिंह सहित रोटरी परिवार के सदस्य शामिल थे।
ट्रेड कमीशन ने सुनी मुश्किलें, बाजार में पार्किंग, सफाई का मुद्दा भी उठाया
जालंधर | किशनपुरा चौक मार्किट में व्यापारी कमीशन की ओर से बैठक की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं को समझना और बाजार के बेहतर संचालन के लिए ठोस कदम उठाना था। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं कमीशन के सामने रखीं। इस दौरान बाजार में पार्किंग की कमी, सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक जाम जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए गए। व्यापारी कमीशन के सदस्यों और उपस्थित अधिकारियों ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इनका समाधान करने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर जल्द कार्रवाई की जाएगी। चेयरमैन इंद्रवंश चड्ढा ने कहा कि पंजाब सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा और उन्हें बेहतर कारोबारी माहौल देने के लिए प्रयास कर रही है। बैठक में अमित ढल्ल पार्षद, सुखविंदर सिंह चेयरमैन, नॉर्थ ट्रेड कमीशन सहित प्रशासन, जीएसटी, पीएसपीसीएल, नगर निगम के अधिकारी और ट्रेड कमीशन नॉर्थ के सदस्य सूरज, कुनाल खन्ना, वरिंदर कुमार, दीपक सेठ और आकाश दीप मौजूद रहे।
सिविल जज परीक्षा का नया रिजल्ट जल्द, उत्तर पुस्तिका की दोबारा होगी समीक्षा होगी
जेपीएससी की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा का नया परिणाम जल्द जारी किया जाएगा। आयोग ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया है कि उत्तर पुस्तिका की दोबारा समीक्षा की प्रक्रिया चल रही है, जिसके आधार पर संशोधित रिजल्ट प्रकाशित होगा। इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए उसे निष्पादित कर दिया। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोग की एसएलपी खारिज किए जाने के बाद अब पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसके आधार पर नया परिणाम तैयार किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं संगीता कुमारी, जुली परवीन और लक्ष्मी कुमारी को ईबीसी-I और बीसी-II श्रेणी के तहत विचार किया जाएगा। यदि वे संबंधित श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करती हैं, तो उन्हें सफल घोषित किया जाएगा। दरअसल, इन अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि 24 जून 2025 के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। पहले जेपीएससी ने उन्हें सामान्य श्रेणी में रखते हुए अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने याचिका दायर की थी। अब नए परिणाम पर अंतिम निर्णय एक लंबित सिविल रिव्यू के निष्कर्ष पर भी निर्भर करेगा।
मां कुष्मांडा की आराधना से बढ़ती है आयु, यश और स्वास्थ्य
भास्कर न्यूज | जालंधर नवरात्र के पावन पर्व के चौथे दिन रविवार को मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कुष्मांडा को सृष्टि की आदिशक्ति माना जाता है। मान्यता है कि अपनी हल्की मुस्कान से उन्होंने ब्रह्मांड की रचना की, इसलिए इन्हें कुष्मांडा देवी कहा जाता है। उनका तेज सूर्य के समान माना जाता है और उनका निवास सूर्यलोक में बताया गया है। सिल्वर रेजिडेंसी के आचार्य विजय शास्त्री के अनुसार मां कुष्मांडा के हाथ में अमृत कलश होता है, जिससे वे भक्तों को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद देती हैं। उनके सात हाथों में कमंडल, धनुष-बाण, कमल, कलश, चक्र और गदा होते हैं, जबकि आठवें हाथ में जपमाला होती है। मां सिंह पर सवार रहती हैं, जो धर्म का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने और मंत्र जाप करने से मां शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। उनकी अष्ट भुजाएं कर्म करने का संदेश देती हैं, जबकि उनकी मुस्कान जीवन में सकारात्मक रहने की प्रेरणा देती है। मान्यता है कि मां कूष्मांडा की पूजा से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है तथा सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। पूजा विधि : सुबह स्नान के बाद मां का स्मरण करें और धूप, गंध, अक्षत, लाल पुष्प, सफेद कुम्हड़ा, फल व सूखे मेवे अर्पित करें। मां को हलवा और दही का भोग लगाकर अंत में आरती करें।
सामान्य स्नातक नियुक्ति... 40 का हुआ चयन, कई का परिणाम अभी भी होल्ड
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के तहत रिक्त पदों के विरुद्ध परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें अलग-अलग पदों पर 40 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। जारी परिणाम के मुताबिक सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 7 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। वहीं कनीय सचिवालय सहायक पद के लिए 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इसी प्रकार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पद के लिए 7 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। जबकि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के 1 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। वहीं अंचल निरीक्षक सह कानूनगो पद के लिए 1 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अभी तक अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं, उनका परिणाम फिलहाल लंबित रखा गया है। दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद ही ऐसे मामलों पर विचार करते हुए संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा। जेएसएससी ने संकेत दिया है कि शेष बचे पदों के लिए भी रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा।
राधा कृष्ण मंदिर से प्रभातफेरी 23 को
जालंधर | श्री राम नवमी उत्सव कमेटी की ओर से 26 मार्च को निकाली जाने वाली शोभायात्रा के उपलक्ष्य में शहर में प्रभातफेरियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 23 मार्च, सोमवार को सुबह 6:30 बजे अम्बिका कॉलोनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर से भव्य प्रभातफेरी निकाली जाएगी। प्रभातफेरी अम्बिका कॉलोनी, न्यू संतोखपुरा, विकास पुरी और न्यू विकास पुरी की गलियों से होती हुई 119 अम्बिका कॉलोनी में रछपाल काटल के निवास स्थान पर समाप्त होगी। रास्ते में विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुष्प वर्षा और प्रसाद वितरण के साथ स्वागत किया जाएगा। इस संबंध में मन्दिर माता वैष्णो देवी के प्रांगण में बैठक हुई, जिसमें आयोजक सुमित कालिया ने इलाका निवासियों से प्रभातफेरी में भाग लेने और स्वागत करने की अपील की। प्रभातफेरी का स्वागत मन्दिर माता वैष्णो देवी स्त्री सत्संग सभा, विकास पुरी वेलफेयर सोसायटी, अम्बिका वेलफेयर सोसायटी, गुड मॉर्निंग क्लब, बाला जी सेवा समिति और गुरु रामदास नगर वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जाएगा। बैठक में पंडित विष्णु दत्त जोशी, अनिल शर्मा, संदीप मेहता, रमन छुरा, गुरप्रीत सिंह विक्की, भानु शर्मा सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कंपनी बाग चौक में अकाली दल ने किया प्रदर्शन
जालंधर| शनिवार को अकाली दल की तरफ से लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा प्रताड़ित पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ कंपनी बाग चौक में प्रदर्शन किया। इकबाल सिंह ढींढसा अध्यक्ष शहरी ने इस मामले की निंदा करते हुए मांग की कि लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और परिवार को न्याय दिलाया जाए। इस अवसर पर इकबाल सिंह ढींढसा के साथ मनिंदरपाल सिंह गुंबर, सुरजीत सिंह नीलामहल, अमृतबीर सिंह लूथरा, रविंदर सिंह स्वीटी, विनोद कौल, गुरप्रीत सिंह रंधावा, सुखमिंदर सिंह राजपाल, राजदीप सिंह शंटी, मनबीर सिंह अकाली, गगनदीप सिंह नागी, दलविंदर सिंह बड़िंग, जसबीर सिंह वालिया, जसबीर सिंह लाडी, परमिंदर सिंह लाडोवाली, मनदीप अरोड़ा, जगदेव सिंह जंगी उपस्थित थे।
खास हैं ये बच्चे : हुनर, हौसले और मुस्कान से जीते दिल, दिखाई प्रतिभा
भास्कर न्यूज | जालंधर वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे के मौके पर चानण एसोसिएशन ने एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। इसका मकसद समाज में विशेष बच्चों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बराबरी का सम्मान दिलाना था। कार्यक्रम चानण वोकेशनल एंड स्किल ट्रेनिंग सेंटर में हुआ, जहां जालंधर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की टीम ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान डॉ. अनुराधा बंसल, डॉ. नुपुर सूद और डॉ. रचिता चोपड़ा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचे और डांस प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। बच्चों ने केक काटा और म्यूजिकल चेयर जैसे खेलों का भी आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआत में चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन और हौसले से बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। चानण एसोसिएशन की शुरुआत अमरजीत आनंद ने की थी। उनकी पत्नी ओपिंदर कौर बताती हैं कि पहले जानकारी की कमी थी, इसलिए उन्होंने इस संस्था को शुरू किया। आज यहां 350 से ज्यादा बच्चे स्किल्स सीख चुके हैं। 39 वर्षीय जसजीत कौर आनंद अपनी मां के साथ कार्यक्रम में आई थीं। 27 वर्षीय इशविंदर सिंह अब कपूरथला सेशन कोर्ट में नौकरी कर रहे हैं। उनकी मां सुखम बताती हैं कि बेटे के जन्म के समय ही डाउन सिंड्रोम का पता चल गया था। शुरुआती दिनों में कई परेशानियां आईं, लेकिन उन्होंने खुद बेटे को पढ़ाया और स्पीच थेरेपी करवाई। आज इशविंदर साफ बोलते हैं और आत्मनिर्भर हैं। 23 वर्षीय भवनीश की कहानी भी प्रेरणादायक है। पिता मनीष अग्रवाल बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में बेटे को ट्रेनिंग दिलाई। भवनीश को डांस में रुचि मिली और आज वह शानदार प्रदर्शन करता है। उसकी प्रतिभा को हेमा मालिनी ने भी सराहा है। अब वह योग भी सिखाता है। 39 वर्षीय इती अपने पिता तेजपाल सिंह के साथ कार्यक्रम में पहुंची थीं। उनके पिता बताते हैं कि जब इती डेढ़ साल की थी, तब जाकर उन्हें पता चला कि वह डाउन सिंड्रोम से ग्रसित है। भले ही साफ बोल नहीं पातीं, लेकिन उन्होंने अपने रोजमर्रा के काम सीख लिए हैं और एसोसिएशन में आकर एक्टिविटी में भाग लेती हैं।
रणजीत सागर बांध परियोजना और शाहपुरकंडी बैराज बांध के आसपास 400 एकड़ एरिया में ईको टूरिज्म का प्रोजेक्ट पंजाब टूरिज्म विभाग चलाएगा। पंजाब सरकार द्वारा मिला प्रिंसिपल अप्रूवल रणजीतगढ़ टाउनशिप डेवलपमेंट अथॉरिटी की डीएमओ अब पीआईडीबी से टूरिज्म विभाग को ट्रांसफर होगा, जिसकी सरकार ने मंजूरी दे दी है। डेढ़ साल पहले शाहपुरकंडी से लेकर रणजीत सागर बांध तक 20 किमी एरिया की खूबसूरत जगह को रणजीतगढ़ ईको साइट्स का प्रपोजल बनाया गया था। यह प्लान पीआईडीबी को सौंपा गया था, पर अप्रूवल न मिलने से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा। रणजीत सागर झील स्थित कुलारा और मुशरबा टापुओं पर ईको टूरिज्म विकसित करने का प्रपोजल 2013 से विचाराधीन था, जिसकी फॉरेस्ट एनओसी भी वन विभाग को मिल चुकी है। ग्लोबल टेंडर भी कराए गए, पर कोई नामी टूरिज्म कंपनी आगे नहीं आई। अब प्रोजेक्ट को पीआईडीबी से पर्यटन विभाग को शिफ्ट करने का सरकार ने आदेश दिया है। देश के 50 राज्यों में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूरिस्ट स्थल विकसित करने के लिए केंद्र इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने को ग्रांट मुहैया कराएगा और फिर पीपीपी मोड पर होटल और रिजार्ट ग्रुपों को दिया जाएगा। रणजीतगढ़ प्रोजेक्ट के तहत जुगियाल कॉलोनी की 100 एकड़ जमीन, रावी सदन की 6 एकड़, सलारी खड्ड की 14 एकड़, थड़ा-उपरला कॉलोनी की 109 एकड़, कुलारा टापू की 18 एकड़, पलंगी की 50 एकड़ और सारटी-फंगोता की 100 एकड़ एरिया शामिल होगी। जुगियाल में ओल्डएज होम, रावी सदन में इंटरप्रेटेशन सेंटर और हट्स, सलाड़ी खड्ड में ईको हट्स और बोटिंग, थड़ा उपरला में झील किनारे 5-स्टार 500 कमरों का होटल और कुलारा टापू पर रिजार्ट्स बनाने का प्रस्ताव है। पलंगी-फंगोता वैली की झील में वाटर स्पोर्ट्स होगा, जिसमें क्रूज सफारी शुरू होगी। झील में गंगा से लाकर डॉल्फिन डाली जाएंगी। रणजीतगढ़ को रोड के जरिए माधोपुर में जल्द जालंधर-जम्मू हाईवे से जोड़ा जाएगा।
सूर्यदेव, प्रकृति की देवी, ग्राम देवता की आराधना कर राज्य में खुशहाली व अच्छे मानसून की कामना
रांची | महापर्व सरहुल शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। सरहुल का उद्गम स्थल मोरहाबादी स्थित हातमा सरना स्थल समेत सहित शहर के सभी सरना स्थलों में परंपरागत रीति-रिवाज से सरहुल की पारंपरिक पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल ने उपवास रखकर सुबह 10 बजे विधि-विधान के साथ सरहुल पूजा कराई। मुख्य पाहन जगलाल ने सरई फूल, अक्षत, अरवा चावल, हडिया, लाल साग, धुवन पूजन सामग्री से पूजा की। फिर सरना स्थल में रखे दो घड़ों में पानी को देखकर बारिश की भविष्यवाणी की। कहा कि घड़ों में पानी का स्तर सामान्य है, इसलिए इस बार सामान्य यानि की अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस बार खेती भी अच्छी होगी। खेतों में धान लहलाएंगे। फिर लोगों ने पाहन को स्नान कराया और उनके पैर धोए। मुख्य सरना स्थल सरना टोली हातमा में पूजा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन व केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष बबलू मुंडा के साथ अन्य लोग शामिल हुए। पूजा के दौरान सृष्टिकर्ता, ग्राम देवता, पूर्वजों, धरती मां, सूर्य, जल, वायु, आकाश, पेड़-पौधों और पहाड़-पर्वतों का स्मरण किया गया। सभी जीव-जंतुओं और मानव जाति के लिए सुख-शांति, पर्याप्त जल-अनाज और सृष्टि के कल्याण की प्रार्थना की गई। दोपहर 2 बजे से हातमा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।जल-जंगल व जमीन को बचाएं : जगलाल मुख्य पाहन जगलाल ने कहा कि सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत लगभग 1967 में स्व. कार्तिक उरांव के नेतृत्व में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की धर्म-संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के सामने लाना और आपसी एकता को दर्शाना है। सरहुल पर्व प्रकृति की पूजा है। कहा कि जल, जंगल व जमीन का बचाव करें।
मां बगलामुखी धाम में नवरात्रि पर हवन
जालंधर | मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में भक्तों की ओर से मां चंद्रघंटा जी एवं श्री शनिदेव महाराज जी के निमित सामूहिक दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। सर्व प्रथम ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान राकेश प्रभाकर से विधिवत वैदिक रीति अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन, नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मां के चरणों से जोड़ते हुए नवरात्रि के तीसरे दिन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मां चंद्रघंटा सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दसों हाथों में विभिन्न दिव्य अस्त्र-शस्त्र सुशोभित होते हैं। उनका यह स्वरूप हमें जीवन में शक्ति और शांति के संतुलन का संदेश देता है। यहां श्वेता भारद्वाज, पूनम प्रभाकर, सरोज बाला, समीर कपूर,मोनिका कपूर, विक्की अग्रवाल, जानू थापर, दिनेश चौधरी, नरेश, कोमल, ऋषभ कालिया, अजीत कुमार, नरिंदर, रोहित भाटिया मौजूद थे।
सीटें बढ़ी तो रिम्स में 250 व 3 मेडिकल कॉलेजों में 150-150 सीटों पर दाखिला
मंजूरी पर टिकी नजर: रिम्स में 250 और तीन मेडिकल कॉलेजों में 150-150 सीटों पर दाखिले का प्रस्ताव झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति के ठीक अगले दिन, सरकार ने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में यूजी (UG) और पीजी (PG) सीटों में बढ़ोतरी के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को प्रस्ताव भेजा है। इसका लक्ष्य आगामी शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करना है। रिम्स में 250 सीटों पर दाखिले की तैयारी यदि अगले सत्र से सीटों में बढ़ोतरी होती है, तो रिम्स में यूजी और पीजी दोनों पाठ्यक्रमों में 250-250 सीटों पर दाखिला लिया जा सकेगा। हालांकि, रिम्स में यूजी सीटों को 180 से बढ़ाकर 250 करने की योजना पुरानी है। वर्ष 2019 में एनएमसी ने एकेडमिक बिल्डिंग और फैकल्टी की कमी के कारण इसकी अनुमति नहीं दी थी। अब कुछ कमियों को दूर कर सरकार ने पुनः प्रस्ताव भेजा है। यदि इस बार मंजूरी मिलती है, तो यह राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान की क्षमता में बड़ी वृद्धि होगी। पीजी सीटों में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट (PG) सीटों के विस्तार पर भी जोर दिया है। जमशेदपुर में पीजी सीटें 45 से बढ़कर 51 हो चुकी हैं। वहीं, धनबाद में सीटों की संख्या 9 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है और इसे 25 तक ले जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा दुमका, हजारीबाग और पलामू के नए मेडिकल कॉलेजों में भी पीजी कोर्स शुरू करने की तैयारी है। तकनीकी मानकों और कमियों के कारण यह मामला लंबे समय से लंबित था, जिसे अब गति दी जा रही है। दुमका, हजारीबाग और धनबाद में सीटें बढ़ेंगी जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इस साल यूजी सीटें 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई हैं। इसी तर्ज पर दुमका, हजारीबाग और धनबाद मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अनुसार, सीटों में बढ़ोतरी से राज्य की चिकित्सा शिक्षा मजबूत होगी। इससे न केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा, जिससे मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
गाखला पुल में भक्तों ने किया हवन
जालंधर | मां कामाख्या मां राज राजेश्वरी कामाख्या देवी मंदिर कोट सदीक नजदीक गाखला पुल में भक्तों की ओर से नवरात्र पर हवन यज्ञ किया गया, जिसमें पंडित अविनाश गौतम, पंडित राजेश कौशिक व अन्य विद्वानों ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाई। विद्वानों ने हवन के माध्यम से भक्तों को कहा कि जब व्यक्ति अपनों से विद्वान, गुणवान और अच्छे गुणों के संपर्क में आता है, तो उस व्यक्ति में अच्छे गुणों का विकास हो जाता है। उसके पास के सभी दुर्गुण दूर हो जाते हैं।
रहमत और बरकत का दिन : कुरान की रोशनी में ईद का जश्न
भास्कर न्यूज | जालंधर शनिवार सुबह से ही शहर की फिजाओं में ईद की खुशी घुली नजर आई। जालंधर की मस्जिदों सहित विभिन्न इलाकों की छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज के लिए सुबह से ही भीड़ जुटने लगी। सफेद लिबास और सिर पर नमाजी टोपी पहने बच्चे, युवा और बुजुर्ग गले मिलकर एक-दूसरे को ईद मुबारक कहते नजर आए। बच्चों ने ईदी मांगी। शहर की सबसे बड़ी ईदगाह में सभी धर्मों के लोगों ने एक लाइन में खड़े होकर आपसी एकता सामाजिक सांझ का संदेश दिया। सुबह 9.30 बजे नमाज अदा की गई। यहां पर बतौर मुख्य मेहमान पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व विधायक सुशील रिंकू, राजिंदर बेरी, चौधरी जगजीत पहुंचे। इसके अलावा मस्जिदों में सुबह 7 से 8:30 बजे के बीच नमाज अदा की गई। रमजान के पाक महीने में पूरे 30 रोजे रखने के बाद खुदा की इबादत में झुके हजारों सिरों ने अमन, चैन और भाईचारे की दुआ मांगी। शहर की मुख्य मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली। जालंधर की ईदगाह में नमाज का मुख्य मंजर देखने को मिला। यहां हजारों की संख्या में नमाजी पहुंचे। नमाज के इमाम ने इस्लाम की शिक्षाओं, मानवता की सेवा और आपसी सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया। इमामों ने दुआ में जालंधर, पंजाब खास कर देश में शांति, तरक्की और आपसी मोहब्बत को मजबूत करने की विशेष दुआ मांगी। इस मौके पर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के पंजाब सह प्रभारी रविंदर डालवी, पूर्व विधायक सुशील रिंकू, राजिंदर बेरी, चौधरी जगजीत सिंह, अकाली दल शहरी प्रधान इकबाल ढींढसा, ईदगाह के प्रधान नासिर सलमानी, ईदगाह मस्जिद प्रधान नईम खान, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के स्टेट जनरल सेक्रेटरी जब्बार खान, अकाली दल सीनियर उप-प्रधान आबिद सलमानी, बब्बू नीलकंठ, मनिंदर पाल सिंह गुंबर, राजबीर सिंह शंटी, अमृतबीर सिंह, सैय्यद अली, मोहम्मद चांद, खुशवंत व अन्य बड़ी संख्या में सभी धर्मों के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने एक लाइन में खड़े होकर भाईचारे का संदेश दिया।
सूचना आयुक्त और लोकायुक्त चयन के लिए 25 को बैठक
राज्य में मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के चयन के लिए 25 मार्च को बैठक होगी। सूचना आयुक्तों के लिए कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में बुधवार शाम पांच बजे यह बैठक होगी। लोकायुक्त के चयन के लिए अलग से बैठक होगी। कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने चयन समिति के सभी सदस्यों तक बैठक की जानकारी भेज दी है। सूचना आयुक्त के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय चयन समिति की बैठक होगी। इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मंत्री हफीजुल हसन शामिल रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दो मार्च को चयन समिति की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। पूर्व में भी घोषित बैठकें स्थगित होती रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 25 मार्च को यह बैठक होगी या फिर कोई अपरिहार्य कारण इस बैठक का रास्ता रोकेगा।
रांची में भूजल स्तर प्रतिवर्ष 20 फीट नीचे खिसक रहा, कई क्षेत्र हो चुके हैं ड्राई जोन
रांची में गहराता जल संकट: 1000 फीट नीचे पहुँचा भूजल स्तर, कई इलाके 'ड्राय जोन' घोषित राजधानी रांची में भूजल स्तर (ग्राउंड वाटर लेवल) लगातार गिर रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि शहर के कई इलाकों में 1000 फीट तक बोरिंग कराने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा। विशेषकर कांके, डोरंडा, कोकर, तुपुदाना, हिनू, एयरपोर्ट, सुकुरहुटू और पुनदाग जैसे क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। बोरिंग करने वाली एजेंसियों के अनुसार, पानी के लिए अब अलग-अलग क्षेत्रों में गहराई काफी बढ़ गई है: रातू रोड जोन: 1200 फीट कांके जोन: 900 फीट हरमू जोन: 800 फीट बरियातू, धुर्वा और तुपुदाना: 700 फीट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। 'जल तनाव' की श्रेणी में झारखंड 16वें वित्त आयोग के समक्ष झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में भूजल भंडार घटकर 5.76 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गया है। यहाँ प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता मात्र 1341 क्यूबिक मीटर है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ‘जल तनाव’ (Water Stress) की श्रेणी में आता है। आयोग के मुताबिक, रांची में भूजल स्तर प्रतिवर्ष 20 फीट नीचे खिसक रहा है, जिसके कारण कई क्षेत्रों को 'ड्राय जोन' घोषित किया जा चुका है। मजबूत ग्राउंड वाटर पॉलिसी की दरकार पर्यावरणविद नीतिश प्रियदर्शी के अनुसार, रांची में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नगण्य है। बड़े भवनों में पानी का दोहन सबसे अधिक हो रहा है, लेकिन वाटर रिचार्ज के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा, पहले तालाब, कुएं और नदियां जल संचयन का प्राकृतिक स्रोत थे, लेकिन आज तालाबों को भरकर निर्माण कार्य हो रहे हैं और नदियों की जमीन बेची जा रही है। ऐसे में जल पुनर्भरण (Recharge) कैसे होगा? सरकार को अविलंब एक प्रभावी ग्राउंड वाटर पॉलिसी बनानी होगी। भूजल निकासी में रांची राज्य में तीसरे स्थान पर झारखंड में सबसे अधिक भूजल का दोहन करने वाले जिलों में रांची तीसरे स्थान पर है: धनबाद: 74.34% कोडरमा: 66.44% रांची: 46.94%
सीख : संगत बिगड़ी तो राम को मिला वनवास, सत्संग में श्रद्धालुओं ने समझा संगति का मोल
भास्कर न्यूज | जालंधर साईं दास स्कूल ग्राउंड में नवरात्र के पावन दिनों में आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्रीराम शरणम द्वारा आयोजित वार्षिक रामायण ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन अयोध्या कांड के प्रसंगों का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु भावुक हो उठे। श्री रामायण का संगीतमय पाठ प्रारंभ हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कृष्ण विज और रेखा विज ने अमृतवाणी संकीर्तन व प्रवचनों के माध्यम से ऐसी तान छेड़ी कि श्रद्धालु झूमने लगे। अयोध्या कांड की कथा में उस समय का चित्रण किया गया जब महाराजा दशरथ ने श्रीराम के राज्यभिषेक की घोषणा की थी। इसी बीच, दासी मंथरा द्वारा रानी कैकेयी के कान भरने और उन्हें राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगने के लिए प्रेरित करने वाले प्रसंग ने श्रोताओं को जीवन में कुसंगति के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। कथावाचक ने कहा कि उस क्षण का वर्णन किया जब रानी कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत के लिए राज्य और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। राजा दशरथ की विवशता और श्रीराम की पितृ-भक्ति का वर्णन सुनकर उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गई। श्रीराम का शांत चित्त से वनवास को स्वीकार करना और लक्ष्मण व माता सीता का उनके साथ जाने का संकल्प, त्याग और कर्तव्य परायणता की पराकाष्ठा के रूप में प्रस्तुत किया गया। सत्संग का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
गैस संकट... पांच जोन में बंटा शहर, मजिस्ट्रेट के सामने उपभोक्ताओं को मिलेगा सिलेंडर
गैस सिलेंडर लेने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। इसके लिए राजधानी को 5 जोन में बांट दिया गया है। प्रत्येक जोन में एक-एक दंडाधिकारी के साथ एक दारोगा और 4-4 जवान मुस्तैद रहेंगे। ग्राहकों को अब दंडाधिकारी और दारोगा की मौजूदगी में ही लोगों को गैस सिलेंडर दिया जाएगा। इसके साथ ही 5 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी बनाई गई हैं, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालेंगी। क्यूआरटी में तैनात दंडाधिकारी और दारोगा को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर वे तत्काल अपने वरीय अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा करें। गैस मिलने में देरी से लोग हो रहे आक्रोशित हाल के दिनों में गैस वितरण के दौरान एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो रही थी। गैस मिलने में देरी के कारण कई बार ग्राहक आक्रोशित हो रहे थे, जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी रहती थी।प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि वितरण के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। किस जोन में कौन-कौन इलाकें और वहां के कौन दंडाधिकारी-दारोगा जोन थाना क्षेत्र दंडाधिकारी दारोगा 1. कोतवाली, सुखदेवनगर, हिंदपीढ़ी, डेली मार्केट और पंडरा प्रशांत मेलगांडी सहाबीर उरांव 2. लालपुर, चुटिया, लोअर बाजार, नामकुम और गोंदा दिलीपी राज राजकुमार गुप्ता 3. बरियातू, सदर आैर खेलगांव डॉ. ललन कु. वैद्य भानु कुमार 4. डोरंडा, अरगोड़ा, जगन्नाथपुर, पुंदाग, एयरपोर्ट, तुपुदाना, विधानसभा डॉ. शिवानंद काशी नितेश टोपनो 5. कांके, धुर्वा, रातू, नगड़ी और दलादली मुकेश अग्रवाल विनित कुमार
श्री गीता मंदिर में मां के भजनों पर झूमे भक्त
भास्कर न्यूज | जालंधर अर्बन स्टेट फेस-1 स्थित श्री गीता मंदिर में नवरात्र महोत्सव 26 मार्च तक श्रद्धा और धूमधाम मनाया जाएगा। शनिवार को कार्यक्रम की शुरूआत विद्वानों ने विधिवत पूजन से की। पूजन के बाद भक्तों ने दरबार में माथा टेककर परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में मास्टर नूर एंड पार्टी द्वारा मां की पावन ज्योति के समक्ष भजन संध्या प्रस्तुत की गई। उन्होंने होरां दीयां मनियां बथेरियां मेरी वीं मां इक मन लै, माता रानी नूं सबदा ख्याल ए असीं ऐवें डोल जाने हां, माए नी तेरा मंदिर सोहना आदि भजनों की मधुर प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। मंदिर के प्रधान राजेश अग्रवाल ने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रतिदिन होने वाली भजन संध्या में परिवार सहित शामिल होकर 12 शक्तिपीठों से आई मां की पवित्र ज्योति का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें। यहां अनुराग अग्रवाल, अमृतलाल धवन, नरगिस बत्रा, विजय गुप्ता, महेंद्र प्रताप, ओपी रहेजा, अनूप त्रेहन, पवन त्रेहन, योगेश, अंशुमान पुरी, किरण शर्मा, सुदेश मनकोटिया, राजेश अरोड़ा व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
रांची में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश, आज 5 डिग्री तक गिरेगा तापमान
सरहुल के दिन शनिवार को झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिन भर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम होते-होते कई जिलों में गर्जन के साथ हल्के और मध्यम दर्जे की बारिश हुई। सबसे अधिक 50.6 मिमी बारिश पाकुड़ के पकुरिया में दर्ज की गई। बारिश व तेज हवा से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रात में हवा चलने से सिहरन महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय गर्मी के कारण मौसम में यह बदलाव हो रहा है। अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। इधर, रांची में भी सरहुल की शोभायात्रा के दौरान ही झमाझम बारिश हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश होने लगी। शहर में शाम तक 4.60 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं दुमका के डिगवाडीह गांव में ठनका की चपेट में आने 35 वर्षीय कन्हैया राय की मौत हो गई, जबकि उसके पिता झुलस गए। अलबर्ट एक्का चौक पर बना मंच गिरा, सरहुल शोभायात्रा में बड़ा हादसा टला राजधानी में शनिवार शाम सरहुल शोभायात्रा के दौरान बड़ा हादसा टल गया। अलबर्ट एक्का चौक पर स्वागत के लिए बनाया गया मंच अचानक गिर गया। उस समय मंच पर दर्जनों लोग मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5 बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंच पर चढ़ गए। क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने के कारण मंच दबाव नहीं झेल सका और गिर गया।
हिमाचल जन कल्याण सभा का समारोह आज
जालंधर | हिमाचल जन कल्याण सभा के सदस्यों की ओर से रेलवे क्लब नजदीक संत नगर रेलवे फाटक में 22 मार्च को 33वां वार्षिक अधिवेशन समारोह करवाया जा रहा है। सभा के प्रधान दविंदर मिंटू ने बताया कि सुबह 9 बजे विधिवत पूजन करके शांति हवन किया जाएगा। इसके उपरांत समारोह का उद्घाटन सुबह 10 बजे होगा। समारोह में काकू राम एंड पार्टी की तरफ से लोकगीतों गाकर आनंदमय माहौल बनाया जाएगा।
श्री हरि मंदिर में महिलाओं ने किया पाठ
जालंधर | श्री हरि मंदिर लाडोवाली रोड में महिलाओं की ओर से नवरात्र पर दुर्गा स्तुति का पाठ श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मंदिर के विद्वानों ने विधिवत पूजन और ज्योति प्रज्जवलित कर की। पूजन के बाद भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में महिलाओं ने दुर्गा स्तुति का पाठ कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। यहां भूपेंद्र सिंह, प्रधान हरीश साही, सुरिन्द्र सिंह, निर्मल, प्रज्वल शर्मा, रूही शर्मा, शशी, नीरू भारद्वाज, पं. शुभांशु मौजूद थे।
राजस्व विभाग में ज्यादा भ्रष्टाचार, 30-35 की उम्र वाले अफसर सबसे अधिक घूसखोर
झारखंड में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी: नई पीढ़ी से लेकर अनुभवी अफसर तक एसीबी के जाल में झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जरूर तेज हुई है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चिंताजनक है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर साल औसतन 30 से 35 सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जा रहे हैं। इसके बावजूद निचले स्तर पर घूसखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष 2025 में करीब 30 मामलों में गिरफ्तारियां हुईं, जबकि 2026 में महज ढाई महीने के भीतर ही 8 'ट्रैप' हो चुके हैं। यह संकेत देता है कि सिस्टम के भीतर ‘रूटीन भ्रष्टाचार’ ने गहराई तक जड़ें जमा ली हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रिश्वतखोरी अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। 31 वर्ष तक के युवा कर्मचारी भी घूस लेते पकड़े जा रहे हैं, वहीं आरोपियों की अधिकतम उम्र 56 वर्ष तक पहुंच रही है। यानी नई पीढ़ी से लेकर अनुभवी अफसर तक, सिस्टम के हर स्तर पर भ्रष्टाचार का असर साफ दिख रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम भले ही 2 हजार से 60 हजार रुपए के बीच हो, लेकिन इसके पीछे की मानसिकता एक जैसी है— छोटे से छोटे काम के बदले भी ‘रिश्वत तय’। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू और भी अधिक निराशाजनक है। आंकड़े बताते हैं कि इन मामलों में 5 प्रतिशत आरोपियों को भी सजा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कार्रवाइयों के बावजूद भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है? केस स्टडी: हालिया गिरफ्तारियां नाम: मनीष भारती (32 वर्ष), पद: निम्न वर्गीय लिपिक घटना: 1 मई 2025 को एसीबी धनबाद ने खोरी महुआ अनुमंडल कार्यालय के नाजिर मनीष कुमार भारती को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसने एक अपील वाद में उचित आदेश पारित कराने के एवज में यह रकम मांगी थी। नाम: दिलीप कुमार (34 वर्ष), पद: कंप्यूटर ऑपरेटर घटना: 26 मार्च 2025 को एसीबी रांची ने जिला निबंधन कार्यालय लोहरदगा के कंप्यूटर ऑपरेटर दिलीप कुमार को 5,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उसने जमीन का पट्टा निर्गत करने के बदले रिश्वत मांगी थी। नाम: नंदन कुमार (31 वर्ष), पद: ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) घटना: 19 मार्च 2026 को एसीबी दुमका की टीम ने साहिबगंज के बड़हरवा ब्लॉक में तैनात बीएसओ नंदन कुमार को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। उन पर डीलरों से अवैध वसूली (कलेक्शन) करने का आरोप था। पिछले साल से अब तक की गिरफ्तारियां (विभागवार) 2 हजार से 60 हजार तक का सौदा: वर्ष 2025 के मामलों पर नजर डालें तो न्यूनतम 2,000 रुपए जैसी मामूली रकम लेते हुए भी कर्मचारी पकड़े गए हैं, वहीं अधिकतम 60,000 रुपए तक की घूस लेते अधिकारी भी गिरफ्त में आए हैं। जहां जिला खनन कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे लोग छोटी रकम पर सौदा कर रहे थे, वहीं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता जैसे अधिकारी बड़े भुगतान के बदले मोटी रिश्वत लेते पकड़े गए। 30 से 48 साल के बीच सबसे अधिक मामले: वर्ष 2026 के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि रिश्वत लेने वालों में 31 से 52 वर्ष तक के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले 40 से 48 वर्ष के आयु वर्ग के हैं। वहीं 2025 में यह दायरा 32 से 56 वर्ष के बीच था, जिसमें 35-50 वर्ष के अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक रही। राजस्व विभाग सबसे आगे: आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार राजस्व और अंचल विभाग में है। वर्ष 2025 में इस विभाग के 7 कर्मी गिरफ्तार हुए। पंचायती राज (5 मामले) और ग्रामीण विकास (4 मामले) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन विभागों में मनरेगा, बिल भुगतान और निर्माण कार्यों में सबसे ज्यादा घूसखोरी देखी गई। पुलिस विभाग में भी 3 कर्मियों को केस मैनेजमेंट और जब्ती के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया।
जय मां चिंतपूर्णी मंदिर में हुई भव्य आरती
जालंधर | जय मां चिंतपूर्णी मंदिर न्यू आदर्श नगर में महिलाओं ने शनिवार को दुर्गा स्तुति का पाठ श्रद्धापूर्वक किया, जिसमें अध्यक्षता मंदिर के सेवादार मनीष मोनू भगत ने की। कार्यक्रम की शुरूआत मंदिर के विद्वानों ने विधिवत पूजन करके ज्योति प्रज्जवलित की। पूजन के बाद भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में महिलाओं ने दुर्गा स्तुति का पाठ कर भक्तिमय माहौल बनाया गया। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने देवी-देवताओं की भव्य आरती के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया।
सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में अब नियमावली से होगी शिक्षक भर्ती
दो माह में नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी में शिक्षा विभाग रांची: अब राज्य के गैर-सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली के आधार पर ही हो सकेगी। शिक्षा विभाग इसके लिए नई नियमावली तैयार कर रहा है और अगले दो महीनों के भीतर इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत सरकार नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी करेगी ताकि नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जिलों से प्राप्त फर्जी नियुक्तियों और भाई-भतीजावाद की शिकायतों के बाद पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग यह कदम उठा रहा है। अब प्रबंध समितियां मनमानी नियुक्तियां नहीं कर सकेंगी। नियुक्ति के सभी पहलुओं से संतुष्ट होने के बाद ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक चयन पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे। बदलाव का कारण: विधानसभा में उठा था मामला झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोनगाड़ी ने इस विषय को उठाया था। राजेश कच्छप ने आशंका जताई थी कि नई नियमावली के माध्यम से सरकार अल्पसंख्यक स्कूलों पर अंकुश लगाना चाहती है। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में यह नियमावली बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति का अनुमोदन अभी लंबित है, उनके प्रति सरकार का रवैया सकारात्मक है। वर्तमान व्यवस्था: प्रबंध समिति करती है नियुक्ति, वेतन देती है सरकार वर्तमान में सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में नियुक्तियां प्रबंध समिति द्वारा की जाती हैं, जबकि उनके वेतन और भत्तों का भुगतान सरकार करती है। अभी तक आंतरिक चयन प्रक्रिया में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। कुछ समितियां साक्षात्कार तो कुछ परीक्षाएं आयोजित करती हैं, जिसके लिए विज्ञापन प्रकाशन अनिवार्य होता है। अब विभाग इसी प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने की तैयारी में है। आगे क्या... इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगी नजर शिक्षक नियुक्ति को पारदर्शी बनाने के लिए आगामी नियमावली में निम्नलिखित पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा: योग्यता और आयु सीमा: क्या निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का पूर्णतः पालन किया गया है? विज्ञापन: क्या प्रबंध समिति ने नियुक्ति हेतु सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया था? समान अवसर: क्या सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिला या किसी स्तर पर भेदभाव हुआ? (पारदर्शिता हेतु ऑनलाइन आवेदन का निर्देश भी दिया जा सकता है)। विभागीय अनुमति: क्या नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से आवश्यक अनुमति ली गई? चयन का आधार: चयन का आधार केवल साक्षात्कार था या लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई? आरक्षण और मेरिट: मेरिट लिस्ट तैयार करने में आरक्षण रोस्टर और नियमों का पालन हुआ या नहीं? जानिए... क्या है शिक्षकों के लिए निर्धारित योग्यता पदनाम: हाईस्कूल और प्लस-टू स्कूलों के शिक्षकों के लिए मानक अब एक समान होंगे। शैक्षणिक योग्यता: संबंधित विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर (PG) और बीएड (B.Ed) अनिवार्य। चयन प्रक्रिया: परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होंगे। पेपर-1 (सामान्य ज्ञान) और पेपर-2 (विषय आधारित, 300 अंक)। आयु सीमा: 21 से 40 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)।

