पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण थाना कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित मुस्लिम इंटर कॉलेज और गांधी बाल निकेतन कन्या इंटर कॉलेज में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को ब्रीफ किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग, यातायात प्रबंधन और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
प्रयागराज के शास्त्री पुल पर मरम्मत का काम शुरू हो गया है। पुल की प्रभावित लेन को बंद करके लगभग 2.2 किलोमीटर यानी 2200 मीटर लंबी सड़क की ऊपरी लेयर हटाकर फिर से बनाई जा रही है। पहले सड़क की सतह की छिलाई की जा रही है। उसके बाद जगह‑जगह किए गए पैचिंग को हैमर मशीन से हटाया जा रहा है और साफ-सफाई के बाद दुरुस्त किया जाएगा। मरम्मत के काम में करोड़ों रुपये का बजट लग रहा है और ठेका पीडब्ल्यूडी द्वारा चुनी गई प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। प्रभावित लेन में कुल 65 पीलर और 63 पैनल हैं जिन पर भी मरम्मत का काम किया जाएगा। यह कार्य कुल 43 दिन चलेगा। इस अवधि में पुल की एक लेन बंद रहने के कारण दोनों दिशा के वाहनों को दूसरी लेन से ही गुजरना पड़ रहा है। भारी वाहनों सहित दो और चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रभावित लेन से पूरी तरह प्रतिबंधित है। रूट डायवर्जन से शहर के अन्य पुलों पर भी दबाव शास्त्री पुल की मरम्मत के कारण झूंसी‑दारागंज मार्ग पर बैरिकेडिंग कर वन‑वे व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सुबह‑शाम वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। झूंसी पुलिस बूथ से लेकर पूरे शास्त्री पुल तक सुबह नौ बजे से ही जाम की स्थिति बन जाती है। रूट डायवर्जन के कारण फाफामऊ पुल पर भी दिन भर जाम बना रहता है। गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर और बनारस की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सहसों व फाफामऊ मार्ग से शहर में प्रवेश कराया जा रहा है, जिस कारण फाफामऊ से लेकर शांति‑पुरम तक लंबे जाम लगते रहते हैं। यातायात प्रबंधन और वैकल्पिक मार्ग जाम नियंत्रित करने के लिए 150 से अधिक यातायात पुलिस कर्मी अलग‑अलग स्थानों पर तैनात किए गए हैं। साथ ही भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। कौशांबी से वाराणसी जाने वाले वाहन कोखराज टोल प्लाजा और हंडिया बाइपास से भेजे जा रहे हैं। रीवा और मिर्जापुर की ओर से आने वाले वाहन अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किए जा रहे हैं। वाराणसी और जौनपुर से आने वाली रोडवेज व पर्यटक बसें सहसों व फाफामऊ मार्ग से शहर में प्रवेश कर रही हैं।
देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के लखनचक गांव निवासी उमेश यादव ने तहसीलदार और एक निजी कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में विभागीय जांच कराने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में उमेश यादव ने बताया कि वे एक भूमि विवाद से संबंधित मामले में कानूनी आपत्तिकर्ता हैं। उनका आरोप है कि तहसील के एक निजी कर्मचारी अभिलाष मिश्रा ने 24 मई को फोन कर तहसील बुलाया था। उमेश ने बताया- अगले दिन, जब हम तहसील पहुंचे, तो हमे तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह के आवास पर ले जाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां उनसे अपने अधिवक्ता को बदलने के लिए कहा गया और ऐसा करने पर मुकदमे का फैसला उनके पक्ष में कराने का आश्वासन दिया गया। उमेश यादव के अनुसार, जब उन्होंने अधिवक्ता बदलने से इनकार किया, तो उन्हें और उनके वकील को फर्जी मुकदमों में फंसाने, डिफॉल्टर घोषित कराने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया और कमरे का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया गया। उमेश यादव किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंचे और घटना की जानकारी अपने सहयोगियों को दी। उन्होंने जिलाधिकारी से तहसील परिसर और आवास क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाटपार रानी के तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वकालतनामा नहीं लगा था और वकील ने आरोप लगाया कि उन्होंने वकालतनामा लगाया था। इसके बाद से काउंसिल और संबंधित व्यक्ति फाइल गायब होने का आरोप लगा रहे हैं, जो गलत है।
उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में कार गिरने से जैसलमेर के एक ही परिवार के सदस्यों के साथ हुए दर्दनाक हादसे को 96 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन नदी के तेज बहाव और मटमैले पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को लगातार चौथे दिन एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें लापता मां और उसकी बेटियों की तलाश में जुटी रहीं, हालांकि खबर लिखे जाने तक चारों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच, हादसे में सुरक्षित बचे 12 वर्षीय आयुष्मान की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, जिसका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। अपनों की तलाश में उत्तराखंड पहुंचे परिजन, हर आंख नम हादसे की खबर मिलते ही जैसलमेर के गांधी कॉलोनी और दरियानाथ बावड़ी इलाके से पीड़ित परिवार के रिश्तेदार और समाज के लोग उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। हरिद्वार की धर्मशाला में ठहरे डॉ. दिनेश के बुजुर्ग पिता लूणाराम माली की स्थिति बेहद भावुक करने वाली है, जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है। जैसलमेर जिला प्रशासन भी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिला प्रशासन और स्थानीय रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि खोज अभियान में तेजी लाई जा सके। चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, डीप डाइविंग टीम तैनात हादसे वाली जगह (साकणीधार के पास) अलकनंदा नदी का बहाव काफी तेज है और पहाड़ों से आ रही गाद के कारण पानी बेहद मटमैला है। एसडीआरएफ के अधिकारियों के मुताबिक, व्यास, श्रीनगर और ढालवाला से बुलाई गई गोताखोरों की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों और डीप डाइविंग सूट के साथ नदी के तल और आसपास के पत्थरों के बीच सर्चिंग कर रही हैं। दुर्घटनाग्रस्त कार को पहले ही निकाला जा चुका है, लेकिन लापता तीनों के बहाव में आगे निकल जाने की आशंका के चलते सर्चिंग का दायरा देवप्रयाग से आगे ऋषिकेश की तरफ भी बढ़ाया गया है। अब तक का पूरा घटनाक्रम: एक नज़र में स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शनिवार को भी सर्च ऑपरेशन बिना रुके जारी है। नदी के डाउनस्ट्रीम (नीचे के बहाव) वाले इलाकों के पुलिस थानों और जल पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि कोई भी सुराग मिलते ही तुरंत रिकवरी की जा सके।
अमरोहा में आरक्षी भर्ती परीक्षा की तैयारी:एसपी-डीएम ने पुलिसकर्मियों को दिए निष्पक्षता के निर्देश
पुलिस अधीक्षक अमरोहा लखन सिंह यादव और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने प्रस्तावित आरक्षी भर्ती परीक्षा के मद्देनजर पुलिस लाइन अमरोहा में परीक्षा ड्यूटी पर तैनात किए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफ किया। ब्रीफिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर समय से उपस्थित होकर पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कर्तव्य निर्वहन करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के सत्यापन, संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर कड़ी निगरानी तथा परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखने, अभ्यर्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने को कहा। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया और अपर जिलाधिकारी गरिमा सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
जौनपुर के रामदायलगंज में शनिवार को स्कूटी में पेट्रोल डालते समय आग लगने से दो युवतियां गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना लाइन बाजार थाना क्षेत्र की है। घायलों की पहचान सरोखनपुर, बदलापुर निवासी फरीन (28 वर्ष) पुत्री वसीम और रामदायलगंज, लाइन बाजार निवासी सीता (25 वर्ष) पुत्री राजेश चौहान के रूप में हुई है। फरीन और सीता दोस्त हैं। फरीन मुंगरा बादशाहपुर के एक निजी अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हैं। पेट्रोल डालते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, फरीन शुक्रवार को छुट्टी बिताने के लिए सीता के घर आई थीं। शनिवार को जब वह मुंगरा बादशाहपुर स्थित अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए निकलीं, तो उनकी स्कूटी का पेट्रोल खत्म हो गया। घर में रखे पेट्रोल को स्कूटी में डालते समय अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से फरीन गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें बचाने के प्रयास में सीता भी झुलस गईं। घटना की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चुआ के महाजन टोला में खेलते समय एक वर्षीय मासूम 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। घर में निर्माण कार्य के लिए खोदे गए इस संकरे गड्ढे से पुलिस और ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, बाबू केवट का एक वर्षीय बेटा शिवेंद्र शनिवार सुबह खेलते-खेलते गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक उसमें जा गिरा। यह गड्ढा 10 फीट गहरा और महज 1 फीट चौड़ा था, जिससे बच्चे को सीधे बाहर निकालना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया और गड्ढे के बगल से समानांतर खुदाई कर मासूम की जान बचाई। पुलिस का बयान- सीधे बच्चे तक पहुंचना संभव नहीं थागोविंदगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह राठौर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा, “गड्ढा काफी संकरा होने के कारण सीधे बच्चे तक पहुंचना संभव नहीं था। इसलिए समानांतर खुदाई कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया है।” निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी से बढ़ा हादसों का खतरायह घटना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों में बरती जा रही गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। कई जगहों पर गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें बिना घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। इस तरह के खतरनाक स्थलों का कोई व्यवस्थित प्रशासनिक सर्वे या निगरानी नहीं होने से भविष्य में और भी जानलेवा हादसे होने की आशंका बनी हुई है।
डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 57 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। यह हादसा बिछीवाड़ा कस्बे के पास तब हुआ जब बुजुर्ग पैदल सड़क किनारे चल रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बिछीवाड़ा थाने के हैड कांस्टेबल संदीप ने बताया कि घडमाला निवासी रविराज सिंह ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, रविराज सिंह अपने चाचा राम सिंह चौहान (57) के साथ देवेन्द्रगढ़ पैलेस होटल से घर की ओर पैदल जा रहे थे। वे सड़क के किनारे चल रहे थे। इसी दौरान डूंगरपुर की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए राम सिंह चौहान को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम सिंह उछलकर सड़क पर गिर गए। उन्हें सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत उन्हें एक निजी वाहन से डूंगरपुर अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे रेफर कर दिया। हालांकि, दूसरे अस्पताल ले जाते समय राम सिंह ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के शव को डूंगरपुर अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
करैरा में डंपर की टक्कर से तीन की मौत:एक गंभीर घायल, पुलिस ने जब्त किया वाहन
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे करैरा-भितरवार मार्ग पर ग्राम हाजीनगर के पास हुआ। तेज रफ्तार डंपर ने चार लोगों को मारी टक्कर पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार करैरा की ओर से आ रहा डंपर क्रमांक MP 33 HA 3600 तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। इसी दौरान डंपर ने सामने मौजूद चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हाजीनगर निवासी ने दर्ज कराई शिकायत ग्राम हाजीनगर निवासी राघवेन्द्र गुर्जर पुत्र दशरथ गुर्जर (38) ने करैरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। उनके अनुसार डंपर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हादसे में ग्राम हाजीनगर निवासी लोटन सिंह गुर्जर पुत्र गजराज सिंह गुर्जर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा दतिया जिले के धीरपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम लेतरा निवासी रवि उर्फ रविन्द्र यादव पुत्र बलवाना यादव और केशव केवट पुत्र बनमाली केवट ने भी घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। तीनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में मातम छा गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। एक युवक गंभीर रूप से घायल हादसे में हाजीनगर निवासी पैरू गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी हालत को गंभीर बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाए। मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डंपर जब्त, चालक पर मामला दर्ज पुलिस ने दुर्घटना में शामिल डंपर क्रमांक MP 33 HA 3600 को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ केस करैरा पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 384/26 दर्ज किया है। चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125(ए), 281 और 106(1) के तहत मामला कायम किया गया है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में नजूल भूमि और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर कथित अतिक्रमण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगर निगम और जिला प्रशासन को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन अभी तक कोर्ट के आदेश का पालन होता नहीं दिखाई दे रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकारी भूमि या सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाए। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजित शुक्ला की खंडपीठ ने उषा देवी बनाम राज्य सरकार व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नाका हनुमानगढ़ी से गुलाब नगर स्थित 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के किनारे नजूल भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। यातायात प्रभावित होने का लगाया आरोप याचिका में यह भी कहा गया कि सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीमांकन कराने के भी दिए निर्देश खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अयोध्या नगर निगम और जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच कराएं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित भूमि का सीमांकन भी कराया जाए। यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दो महीने बाद फिर कोर्ट जाने की छूट हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दो महीने के भीतर प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है तो याचिकाकर्ता को दोबारा न्यायालय की शरण लेने की स्वतंत्रता रहेगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बद्रीनाथ हाइवे पर पलटा श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रैवलर:मेरठ की दो बहनें समेत 8 घायल, 16 लोग सवार थे
चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। हनुमान चट्टी और बिनाकुली के बीच मेरठ के श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे के समय वाहन में चालक समेत कुल 16 लोग सवार थे। दुर्घटना में 8 यात्रियों को चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं लगी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। ये यात्री हुए घायल पुलिस के अनुसार हादसे में दो बहनें दिशा (15) और वर्षा के अलावा इलालिता, ज्योति, पुष्पा गिरी, राजकुमार और बसु के साथ ड्राइवर जमील घायल हुए हैं। सभी घायल मेरठ जनपद के निवासी बताए गए हैं। बद्रीनाथ धाम जा रहा था वाहन टेंपो ट्रैवलर (UP 15 ET 1020) मेरठ से आए श्रद्धालुओं को लेकर बदरीनाथ धाम की ओर जा रहा था। हनुमान चट्टी और बिनाकुली के बीच अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क पर पलट गया। पुलिस और एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव दल ने वाहन में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। राहत एवं बचाव कार्य के चलते स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी जेपी कंपनी अस्पताल ले जाया गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए सभी घायलों को जोशीमठ मुख्य चिकित्सालय रेफर किया गया। प्रशासन ने घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। कुछ देर तक प्रभावित रहा यातायात हादसे के बाद बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली और मार्ग को जल्द ही सुचारु करा दिया, जिससे यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर यात्रा कर रहे वाहन चालकों और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत लगभग 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल छठे दिन भी जारी है। 'संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मप्र' ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का तत्काल निराकरण नहीं हुआ, तो 8 जून को प्रदेशभर के सभी 32 हजार कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। आंदोलन स्थल पर मौजूद संविदा कर्मचारी गौरव प्रजापति और टीना मेड़ा ने बताया कि वे पिछले 8 से 15 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एक वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 25 मई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। शुरुआत में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया और मंत्रियों व अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। मांगें पूरी न होने पर 2 जून से सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण और मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गलत वेतन निर्धारण को सुधार हो गौरव प्रजापति और टीना मेड़ा ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि गलत वेतन निर्धारण को सुधार कर वेतन विसंगति दूर की जाए। वे नियमित कर्मचारियों की भांति समान कार्य के लिए समान वेतन, एनपीएस (NPS), महंगाई भत्ता और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को पीबीआई (PBI) प्रदान करने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक समान वेतन लागू नहीं होता, तब तक सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था बंद की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
धौलपुर ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत अब तक 200 से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर ट्रैफिक इंचार्ज बलविंदर सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। शहर के विभिन्न स्थानों पर सघन वाहन जांच की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक प्रमुख पॉइंट चिन्हित कर विशेष चैकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना नंबर प्लेट, वाहनों पर काली फिल्म लगाने, मॉडिफाइड वाहन चलाने और नियमों के विपरीत वाहनों पर विशेष नाम या आपत्तिजनक शब्द लिखवाने वाले वाहन ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियम पालन अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना है। ट्रैफिक इंचार्ज बलविंदर सिंह ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वाहन ड्राइवरों से अपील की कि वे सभी यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित नंबर प्लेट लगाएं और वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन नही करवाएं ताकि सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
नूंह जिले में पुलिस ने वाहन चोरी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक कई पुराने चोरी के मामलों में वांछित था। थाना नगीना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा। आरोपी की पहचान हिमांशु निवासी नगीना, हाल निवासी सोहना के रूप में हुई। स्कूटी के दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच करने पर वह चोरी की पाई गई। कई मामलों में वांछित चल रहा था युवक पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु विभिन्न चोरी और वाहन चोरी के मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ गुरुग्राम जिले के अलग-अलग थानों में चोरी समेत अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। दूसरी कार्रवाई में पुलिस की एक अन्य टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान तौफीक पुत्र शेर मोहम्मद निवासी रूपड़ाका को बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया। वाहन पर संदेह होने पर पुलिस ने इंजन और चेसिस नंबर की जांच की। जांच में मोटरसाइकिल चोरी की निकली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह बाइक नूंह शहर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जिसकी प्राथमिकी (FIR) पहले से दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के वाहन बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
जालौन के एट थाना क्षेत्र के पिरौना से जागेश्वर धाम जाने वाले मार्ग पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक युवक की ट्रॉली के नीचे दबकर मौत हो गई। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। जानकारी के अनुसार, पिरौना निवासी धर्मेंद्र यादव उर्फ गोलू (27) पुत्र भारत यादव शनिवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली से घर के लिए मिट्टी भरने गया था। मिट्टी लेकर वापस लौटते समय जैसे ही वह माइनर के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में उसने अचानक ब्रेक लगा दिए। इस दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और मिट्टी से भरी ट्रॉली सड़क किनारे खेत में पलट गई। हादसे में धर्मेंद्र ट्रॉली के नीचे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे राहगीरों ने परिजनों को सूचना दी। परिजन युवक को आनन-फानन में जिला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में दुख का माहौल छा गया। बताया जा रहा है कि मृतक धर्मेंद्र उर्फ गोलू अपने पिता भारत यादव का इकलौता पुत्र था। उसकी असमय मौत से गांव में भी गम का माहौल है। सूचना मिलने पर पिरौना चौकी प्रभारी ब्रजेश कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में हादसा होना प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिरौना से जागेश्वर धाम तक जाने वाली सड़क के किनारे उगी कंटीली झाड़ियों के कारण सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने सड़क किनारे की झाड़ियों को हटवाने की मांग की है।
दिल्ली के पुष्प विहार में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को किया गिरफ्तार
दक्षिणी दिल्ली के पुष्प विहार में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अयोध्या जिला प्रशासन ने वर्षों से लंबित राजस्व वादों के निस्तारण के लिए एक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, एक महीने के भीतर 490 राजस्व मामलों का निपटारा किया गया है। इनमें पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता दी गई, जिनकी निस्तारण दर लगभग 24 प्रतिशत रही। जनपद में कुल 939 मामले पांच वर्ष से अधिक समय से और 2018 मामले तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित थे। ये मामले अपर जिलाधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, अन्य मजिस्ट्रेट और तहसील स्तर पर विचाराधीन थे। प्रशासन ने इन लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए नियमित सुनवाई की। इस प्रयास के परिणामस्वरूप, पांच वर्ष से अधिक पुराने 939 मामलों में से 225 और तीन वर्ष से अधिक पुराने 2018 मामलों में से 265 का निस्तारण किया गया। इससे वादकारियों को राहत मिली है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने अधिकारियों को नियमित सुनवाई करने और अनावश्यक रूप से लंबित मामलों के कारणों का गहन परीक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने समयबद्ध समाधान, न्यायालयों में गुणवत्तापूर्ण आदेश पारित करने और न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। वादों के निस्तारण की स्थिति की हर माह समीक्षा की जाएगी ताकि लंबित मामलों की संख्या को न्यूनतम किया जा सके।
आगर शहर की पटमा गली में शनिवार सुबह एक पुराने मकान की दीवार गिरने से 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, भंवरलाल राठौर (70) पिता कन्हैयालाल राठौर अपने मकान के पास खड़े थे, तभी अचानक दीवार ढह गई और वे उसकी चपेट में आ गए। हादसे में उनके पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि यह मकान काफी पुराना और जर्जर अवस्था में था। शुक्रवार को क्षेत्र में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण मकान की स्थिति और कमजोर हो गई थी, जिसके बाद शनिवार सुबह यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल बुजुर्ग को जिला अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पूर्व पार्षद देवेंद्र वर्मा भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर के अन्य पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
शराब पार्टी करने पर चौकी प्रभारी और सिपाही निलंबित:मऊ में पुलिस चौकी के अंदर मिली थी शराब की बोतल
मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र की मादी सिपाह पुलिस चौकी में शराब पार्टी का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सख्त कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी रामलोचन सिंह और आरक्षी श्रवण कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले चौकी परिसर के भीतर कथित रूप से शराब पीते हुए एक वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। वीडियो में चौकी के अंदर शराब पार्टी होने के संकेत मिले, वहीं मौके से सिगरेट, शराब की बोतलें और माचिस मिलने की भी चर्चा रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और अनुशासनहीनता सामने आने पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो में चौकी के अंदर शराब सेवन की पुष्टि के संकेत मिले हैं और एक सिपाही नशे की हालत में भी पाया गया। साथ ही यह भी सामने आया कि चौकी प्रभारी ने मामले में न तो कोई कार्रवाई की और न ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल चौकी में नए प्रभारी की तैनाती कर दी गई है।
बागपत में खेल के दौरान युवकों पर हमला:पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से पीटा, एसपी से शिकायत
बागपत के खेकड़ा थाना क्षेत्र के सलावतपुर खेड़ी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक पर हमला किया गया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बागपत को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित विनय कुमार पुत्र संजीव कुमार ने बताया कि यह घटना 26 मई 2026 की रात करीब 7 बजे हुई। वह गांव में अपने साथियों के साथ खेल रहा था, तभी गांव के कुछ युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब विनय ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उस पर हमला कर दिया। हमले में विनय के सिर, चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पुलिस को दी गई, और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा मामले की जानकारी ली। घायल युवक का आरोप है कि उसने खेकड़ा थाना पुलिस को भी घटना की जानकारी दी थी, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने आशंका व्यक्त की है कि आरोपियों से उसे और उसके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है। अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बागपत को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण पुलिस की आगामी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
पठानकोट में सेवा केंद्र कर्मचारियों की हड़ताल पिछले 10 दिनों से जारी है। 6 जून को संगरूर में एक रैली में शामिल होने जा रहे तीन कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिससे कर्मचारियों में रोष फैल गया। इसको लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की बात कही है। किसान यूनियन भी कर्मचारियों के समर्थन आ गई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा किया जाए। सेवा केंद्र कर्मचारी कमलजीत ने बताया कि कर्मचारी 26 मई से अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर हैं। उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार को संगरूर में कर्मचारियों की एक रैली आयोजित की गई थी। इसमें जाने के लिए कर्मचारियों ने तैयारी की। कर्मचारियों को तुरंत रिहा करने की मांग कमलजीत के अनुसार, रैली में शामिल होने जा रहे उनके तीन साथी सुमित कुमार, आशुतोष और अमित को सुबह पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों की मांग है कि विभाग द्वारा नौकरी से निकाले गए आठ कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए और हिरासत में लिए गए तीनों कर्मचारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए। किसान नेताओं ने दी चेतावनी, कर्मचारियों पर दबाव न बनाए सरकार इस बीच, हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलवंत, विक्रमजीत और केवल कालिया पहुंचे। उन्होंने सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस ने सेवा केंद्र कर्मचारियों की संगरूर रैली के कारण उनके साथियों को हिरासत में लिया है। किसान नेताओं ने सरकार से अपील की कि वह कर्मचारियों पर दबाव बनाने या उन पर अत्याचार करने के बजाय जायज मांगों को स्वीकार करे। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों को स्थायी करने व उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वे सेवा केंद्र कर्मचारियों के संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं।
बिजली कनेक्शन कटा तो युवक ने सुसाइड किया:बागपत में बीमार मां के इलाज के लिए जेई से मांगी थी मोहलत
बागपत के असारा गांव में बिजली का कनेक्शन काटे जाने से आहत एक युवक ने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। असारा गांव निवासी अमजद गाड़ी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मां लंबे समय से बीमार थीं। घटना के दिन अमजद घर पर था, तभी विद्युत विभाग के जेई और लाइनमैन गांव पहुंचे। अमजद पर करीब 29,200 रुपये का बिजली बिल बकाया था। विद्युत कर्मचारियों ने बिल जमा करने को कहा। अमजद ने एक सप्ताह का समय मांगा और पूरा बिल जमा करने का आश्वासन दिया, लेकिन कर्मचारियों ने उसकी बात नहीं सुनी और घर की बिजली काट दी। अमजद और उसके भाई मोहसिन ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए भी एक सप्ताह का समय मांगा था। बिजली काटे जाने से आहत होकर अमजद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी शादी कुछ समय पहले ही हुई थी। अमजद के परिजनों का आरोप है कि विद्युत कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही अमजद की जान गई है। अमजद के भाई मोहसिन ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम प्रधान नदीम अहमद ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटना किसी के साथ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं किसी भी व्यक्ति की बिजली काटने से मना किया है, उसके बावजूद ऐसी कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उन्होंने विद्युत कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इस मामले में मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई गई है।
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक विधवा महिला के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। 2 जून को हथियारबंद बदमाशों ने महिला के ससुर और देवर को बेरहमी से पीटा। थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे परेशान होकर पीड़िता ने अब एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रश्मि यादव ने बताया कि एक माह पूर्व ही सड़क हादसे में उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। अब आरोपी उसके पति और देवर की पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा कर खेत जोतने का प्रयास कर रहे हैं। विवाद की शुरुआत 1 जून 2026 को हुई थी, जब आरोपी जबरन उनकी जमीन पर पहुंच गए थे। विरोध करने पर किया हमला, ससुर और देवर घायलअगले दिन 2 जून को सुबह करीब 11 बजे आरोपी अंकित यादव, अवनीश यादव और संतोष यादव लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और बंदूक लेकर परसा साठी क्षेत्र में आ गए। जब रश्मि और उसके परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए देवर झामसिंह और ससुर दयाल सिंह पर हमला कर दिया। मारपीट में झामसिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और ससुर को भी अंदरूनी व बाहरी चोटें लगी हैं। मारपीट का वीडियो मौजूद, फिर भी पुलिस मौनपीड़िता का आरोप है कि इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद गढ़ीमलहरा थाना पुलिस ने आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और वे खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। एसपी से की आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांगथाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने छतरपुर एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। रश्मि यादव ने एसपी से मांग की है कि आरोपी अंकित, अवनीश और संतोष यादव को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घटना के बाद डरे-सहमे परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए।
यातायात नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त:घाटोली में 34 वाहन सवारों पर कार्रवाई, 7 हजार का जुर्माना
झालावाड़ जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घाटोली थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-52 स्थित बस स्टैंड घाटोली पर विशेष नाकाबंदी कर 34 वाहन चालकों के चालान काटे और उनसे 7 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक माह के विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान 1 जून से 30 जून तक जारी रहेगा। घाटोली थानाधिकारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत नंबर प्लेट पर अनाधिकृत चिन्ह या नाम लिखवाने, नियमानुसार नंबर प्लेट नहीं लगाने, प्रेशर हॉर्न, फ्लैशलाइट का उपयोग करने और वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगाने जैसे उल्लंघनों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने सहित यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह अभियान पूरे जून माह तक लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ पहले भी समझाइश की जा रही थी, लेकिन बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए जिला एसपी कार्यालय झालावाड़ को अवगत कराया जा रहा है।
प्रयागराज में एक महिला को धोखे से घर से ले जाकर बंधक बनाकर गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेजा की महिला का आरोप है कि उसे कोरांव में बंधक बनाकर पहले दो लोगों ने गैंगरेप किया। फिर उसकी शादी तीसरे व्यक्ति से कराई और उसने भी उसके साथ दरिंदगी की। थाने और पुलिस अफसरों से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होने पर महिला कोर्ट पहुंची। अब कोर्ट ने इस मामले में 10 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। खुद को व्यापारी बताकर मेलजोल बढ़ायामहिला ने बताया, उसने मेजा के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ कोर्ट मैरिज की थी। पति ने उसे सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवर दिए। इसके बाद वह काम के सिलसिले में मुंबई चले गए। इसी दौरान गांव में आने-जाने वाले दो व्यक्तियों ने उससे संपर्क साधा। दरअसल दोनों खुद को पशु व्यापारी बताते थे। उसके पास भी दो गायें थीं, ऐसे में गाय खरीदने की बात कहकर ही दोनों ने उससे मेलजोल बढ़ाया। शादी बड़े घर में कराने का झांसा दियाइसके बाद वह अक्सर गांव आने लगे और इस दौरान उससे भी मिलते-जुलते थे। इसी दौरान उन्होंने उससे कहा कि वह उसकी शादी बड़े घर में करा देंगे। इस तरह से वह उनकी बातों में आ गई और फिर एक दिन सारे जेवर लेकर उनके साथ चली गई। डरा-धमकाकर जेवर-मोबाइल छीनेरास्ते में दोनों ने उसे डरा-धमकाकर जेवर छीन लिए। मोबाइल फोन भी लेकर स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद उसे कोरांव के एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। पांच दिन तक उससे गैंगरेप किया। फिजिकल ही नहीं मेंटली भी टॉर्चर कियाइसके बाद रुपये लेकर एक व्यक्ति से उसकी जबरन शादी करा दी। जिसने उसके साथ रेप किया। उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर भी किया। 19 मार्च को वह किसी तरह उस व्यक्ति के चंगुल से छूटकर अपने पहले पति के पास पहुंची और उसे पूरी घटना बताई। बताया कि वह धोखे का शिकार हुई, जिसके बाद पति उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अफसरों से शिकायत पर भी सुनवाई नहींउसने अधिकारियों को भी शिकायत भेजी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।इसके बाद उसने कोर्ट में गुहार लगाई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस से आख्या मांगी जिसमें पता चला कि इस संबंध में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है। इस पर कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। एसीपी बोलेइस मामले में मेजा एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल अभी आदेश की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महोबा में एक युवक की लाश पत्नी और बेटे की कब्र पर मिली। एक हाथ बेटे की कब्र पर और एक हाथ पत्नी की कब्र पर था। वह कब्रिस्तान फतिहा पढ़ने गए थे। परिजन के मुताबिक, बेटे–पत्नी की मौत के बाद से वो सदमे में थे। वो अक्सर दोनों के कब्र के पास बैठे रहते थे। 11 दिन में परिवार के 3 सदस्यों की मौत हो गई। अब घर में दो बेटियां और एक बेटा हैं। घटना महोबा के चरखारी की है। बेटे की मौत हीटवेव से हुई थी। बेटे की मौत के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। दोनों को एक जगह दफनाया गया था। अब इसी सदमे में पति की भी मौत हो गई। पढ़िए पूरा मामला… मध्य प्रदेश के हरपालपुर के रहने वाले 40 वर्षीय सुब्हान अहमद की शादी 18 साल पहले चरखारी की रजिया खातून (36) से हुई थी। दोनों की दो बेटियां और दो बेटे थे। सुब्हान के साले मोहम्मद सलीम ने बताया कि 25 मई को उनके भांजे हसनैन (6) की हीटवेव के कारण तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए छतरपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। हसैनन की मौत उसकी मां रजिया खातून की गोद में हुई, जिसके सदमे को वह सहन नहीं कर सकीं। घर आते–आते उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों को चरखारी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। तभी से सुब्हान अहमद गहरे सदमे में थे, क्योंकि उन्हें अपनी पत्नी और बेटे से बेहद मोहब्बत थी। मां–बेटे को एक ही जगह दफनाया गया चरखारी के कब्रिस्तान में दोनों को एक साथ दफनाया गया था। सुब्हान के दूसरे साले हलीम मुहम्मद ने बताया कि शुक्रवार सुबह 4 बजे वह अपनी पत्नी और बेटे की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए कब्रिस्तान गए थे। जब वह दो घंटे तक वापस नहीं लौटे तो परिजन उन्हें देखने के लिए वहां पहुंचे। परिजन उन्हें ढूंढते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां सुब्हान मृत अवस्था में पड़े मिले। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर था और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजन ने तुरंत सुब्हान को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हलील मुहम्मद के मुताबिक, सुब्हान अपने बच्चों से बहुत प्यार करते थे, खासकर छोटे बेटे से उनका विशेष लगाव था। पत्नी और बेटे की मौत से वो पूरी तरह से टूट गए थे। वह अक्सर दोनों की कब्र पर जाकर बैठ जाते थे। 11 दिनों के भीतर परिवार में तीन मौतों ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब उनके एक बेटे सैफ (17), बेटियां रोशनी (14) और आलिया (11) और दो बेटियों के पालन-पोषण की चिंता है। परिवार ने सरकार से अनाथ हुए बच्चों की मदद की मांग की है। कैंसर था, सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएमोहम्मद सलीम के मुताबिक, सुब्हान के पैर पर एक निशान मिला है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि कब्र पर लेटे हुए उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया होगा। हालांकि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया गया है कि उन्हें कैंसर था। आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कैंसर की वजह से उनका शरीर कमजोर हो गया था। ---------------ये खबर भी पढ़ें…पूर्व विधायक को करोड़ों का फायदा पहुंचाकर मेरठ CMO फंसे:श्रावस्ती में भी NHM घोटाले का आरोप; जांच शुरू मेरठ के CMO रहे डॉ. अशोक कटारिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके बाद उन्हें लखनऊ के स्वास्थ्य निदेशायल में अटैच कर दिया गया है। आरोप है कि डॉ. कटारिया ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) घोटाले में फंसे पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की कंपनियों को अवैध तरीके से करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाया है। पूरी खबर पढ़ें...
दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच आगरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक आगरा कॉलेज के सामने हाथ में पोस्टर लेकर खड़ा दिखाई दे रहा है। पोस्टर पर शिक्षा मंत्री रिजाइन दो लिखा है, जबकि सड़क के डिवाइडर पर लगे पोस्टरों में जागो आगरा, जागो आगरा और Stop Playing With The Life Studies जैसे संदेश नजर आ रहे हैं। साथ ही वीडियो में आगरा कॉलेज के 7 से 8 युवक भी एक साथ खड़े नजर आ रहे है। सोशल मीडिया पर दी जा रही जानकारी के अनुसार यह वीडियो 28 मई का बताया जा रहाा। वीडियो को आदित्य शर्मा नामक युवक द्वारा पोस्ट किया गया बताया जा रहा है और वीडियो में दिखाई देने वाला युवक भी आदित्य शर्मा ही बताया जा रहा है। जिस अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया गया है उसके फॉलोअर्स 22.2K हैं, वीडियो पर 5,549 व्यूज हैं। और करीब 300 लोगों ने इस लाइक किया है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कमेंट सेक्शन में कई यूजर CJP जिंदाबाद और छात्रों के समर्थन में नारे लिखते दिखाई दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की है। वीडियो ऐसे समय वायरल हुआ है जब दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया पर कई लोग आगरा के इस वीडियो को भी उसी बहस का हिस्सा मानकर साझा कर रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां ओपीडी ब्लॉक और वार्डो का दौरा वहां मरीजों की मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कुछ मरीजों और उनके परिजनों से भी बात कर उनसे हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर जानकारी ली। उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक से धंवतंरी ओपीडी में आ रहे मरीजों के लिए बैठने और छाया-पानी के लिए बाहर कुछ व्यवस्था करने साथ ही जिस विभाग में जो मरीज दिखाने आया है वहीं उसकी जांच के सैंपल लेने और दवाईयां उपलब्ध हो इसका भी सुझाव दिया। हॉस्पिटल में पहुंचते ही वे सबसे पहले हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे, जहां मरीजों की भीड़ मिली। वहां उन्होंने कुछ मरीजों से बात की और उनसे हॉस्पिटल में मिल रही सुविधाओं की हकीकत पूछी। इसके बाद वे न्यूरोलॉजी विंग की ओपीडी और फिर कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में भी गए, जहां व्यवस्थाएं देखने के बाद वापस लौट गए। इस दौरान उनके संग प्रमुख शासन सचिव हेल्थ डिपार्टमेंट गायत्री राठौड़, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और डॉक्टर्स मौजूद रहे। जांच, दवाईयां हर विभाग की ओपीडी में उपलब्ध हो मुख्यमंत्री विजीट के बाद निर्देश दिए कि कोई मरीज हड्डी, दिल या किसी और बीमारी का इलाज करवाने के लिए अलग-अलग विभाग में जाता है तो उसी विभाग की ओपीडी में उस मरीज को देखने के बाद दवाई और जांच के सैंपल की सुविधा भी मिल सके ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। मरीजों के फीडबैक से लगा, यहां अच्छा काम हो रहा है मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि- ये राजस्थान का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है यहां राजस्थान ही नहीं बल्कि आसपास के राज्य से भी मरीज आते है। हमारी कोशिश मरीजों को कई परेशानी न हो। इसके लिए हम पूरे हॉस्पिटल को सेंट्रल एसी की सुविधा विकसित करवा रहे है। मरीजों से बात की, उसमें उन्होंने समय पर जांच होने और दवाईयां मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि मरीजों के फिडबैक से पता चल रहा है कि हॉस्पिटल में अच्छा काम हो रहा है, लेकिन फिर भी यहां सुधार की बहुत गुंजाइश है और लगातार काम होते रहना चाहिए, ताकि कोई छोटी-मोटी परेशानी हो तो वह भी दूर हो जाए।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) आज नई दिल्ली के जंतर-मंतर में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होगी। पार्टी का दावा है कि वह देश की पहली मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है। जिसने CJP के आंदोलन का समर्थन करते हुए इसमें भाग लेने का फैसला किया है। JCC(J) ने कहा कि यह प्रदर्शन राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका समर्थन मुद्दा-आधारित है और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। राजनीति में टिके रहने कॉकरोच जैसी जिजीविषा भी चाहिए पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि, वे कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में पारंपरिक दलों के लिए अस्तित्व बनाए रखना चुनौती बन गया है। आज के भारत में, जहां पुराने राजनीतिक दल रातोंरात कमजोर हो रहे हैं, सिर्फ कांग्रेसी होना काफी नहीं है। राजनीति में टिके रहने के लिए कॉकरोच जैसी जिजीविषा भी चाहिए। अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ी संदर्भ देते हुए कहा कि, राज्य में कॉकरोच के लिए ‘झेंगुरा’ शब्द इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि, हम 6 जून को जंतर-मंतर में कॉकरोच बनकर नहीं, बल्कि गर्व के साथ झेंगुरा बनकर पहुंचेंगे। छात्रों के मुद्दे पर एकजुटता, भविष्य में साथ काम करने के संकेत JCC(J) ने कहा कि फिलहाल उसका CJP के साथ जुड़ाव परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों तक सीमित है। हालांकि पार्टी ने भविष्य में CJP और समान सोच वाले संगठनों के साथ सहयोग की संभावना भी जताई है। देश में तीसरे विकल्प की मांग बढ़ रही अमित जोगी ने कहा कि, युवाओं के बीच भाजपा और कांग्रेस से अलग एक मजबूत तीसरे राजनीतिक विकल्प की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीतिक दलों से गलतियां हुई हैं और ऐसे जन आंदोलनों से आत्ममंथन का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि, हमें लोगों की उस इच्छा को समझना और सम्मान देना चाहिए। आंदोलन राजनीतिक दलों को आईना दिखाते हैं। यह आईना असहज कर सकता है, लेकिन सुधार के लिए जरूरी है।
हिसार में गांव गंगवा और आर्यनगर के बीच कॉसमॉस स्कूल के पास शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी ने दो बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान आर्यनगर निवासी श्रवण कुमार और गंगवा निवासी सन्नी के रूप में हुई है। दोनों को तुरंत शहर के सपरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद आर्यनगर की तरफ गाड़ी मोड़कर भागे आरोपी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना जबरदस्त था कि टक्कर लगते ही दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। वारदात को अंजाम देने के बाद बोलेरो चालक गाड़ी को आर्यनगर की तरफ मोड़कर तेज रफ्तार में फरार हो गया। वहां मौजूद कुछ राहगीरों और लोगों ने अपने वाहनों से बोलेरो का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। हादसे की अलग-अलग तस्वीरें… पहले भी एक्सीडेंट करके भागा था स्थानीय लोगों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। यह बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी इलाके में आतंक का पर्याय बनी हुई है। इससे पहले भी इसी गाड़ी से एक्सीडेंट हो चुका है और तब भी चालक गाड़ी समेत मौके से भाग निकला था। रात को भी यही कार दूसरी जगह एक्सीडेंट करके भागी थी। जल्द से जल्द पकड़े जाएं आरोपी: मनोज टाक हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इधर, घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज टाक माही ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिना नंबर की इस बोलेरो गाड़ी का पता लगाकर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लग सके।
फिरोजाबाद में आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को बढ़ती बिजली दरों, अनियमित विद्युत आपूर्ति और वार्ड संख्या-62 की बिजली संबंधी समस्याओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने पैदल मार्च निकालकर सैलई की पुलिया पर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आप के जिलाध्यक्ष शीलेन्द्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगी बिजली का बोझ झेल रही है, जबकि उन्हें पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारी-भरकम बिजली बिल वसूल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर बिजली व्यवस्था बदहाल है। वर्मा ने बताया कि वार्ड संख्या-62 के कई क्षेत्रों में वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर तारों की स्थिति भी खराब है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने संबंधित विभाग पर समस्या के समाधान को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। आप के महानगर अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने कहा कि शहर के कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती आम बात हो गई है। गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष रघुनंदनदास गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी जनपद स्तर पर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने, नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और वार्ड-62 में बिजली के खंभे व अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। बाद में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार शिवम भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बस्ती में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर शनिवार को बस्ती पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और सड़क हादसे में घायल कार्यकर्ता का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। सबसे पहले राजभर शहर के पुराना डाकखाना क्षेत्र स्थित पार्टी कार्यकर्ता राजकुमार के आवास पहुंचे और उनके निधन पर परिजनों को ढांढस बंधाया। इसके बाद वह दुर्घटना में घायल कार्यकर्ता अर्जुन राजभर के घर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सर्किट हाउस में बैठक के बाद उन्होंने राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच पार्टी' के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “वह हवा की पार्टी है, हवा में ही खत्म हो जाएगी।” प्रदेश में बिजली व्यवस्था पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बिजली व्यवस्था में सुधार किया है और आज गांवों में भी 14 से 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण खपत बढ़ने से कुछ दिक्कतें आती हैं, लेकिन सरकार लगातार सुधार के प्रयास कर रही है। राजभर ने आगे कहा कि यदि पिछली सरकारों ने बिजली व्यवस्था में गंभीर सुधार किए होते तो आज स्थिति और बेहतर होती। उन्होंने कहा कि एक दिन में पूरी व्यवस्था बदलना संभव नहीं होता। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का आह्वान भी किया।
मधेपुरा शहर में एक निजी विद्यालय के पांचवीं कक्षा के छात्र गोलू कुमार (13 वर्ष) की नदी में डूबने से मौत हो गई। ग्वालपाड़ा प्रखंड के अरार सुखासन वार्ड नौ निवासी संतोष कुमार का इकलौता पुत्र गोलू पढ़ाई के लिए मधेपुरा में रह रहा था। यह घटना शुक्रवार दोपहर की है। गोलू अपने चार-पांच दोस्तों के साथ विद्यालय के पास बह रही नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास के बाद गोलू को नदी से बाहर निकाला। डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया घटना के तुरंत बाद गोलू को इलाज के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इकलौते पुत्र को खोने के बाद माता-पिता और परिजनों का बुरा हाल था। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना से गांव में भी शोक का माहौल है।
भोपाल के रायसेन रोड के चौड़ीकरण के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। यहां से 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाई गईं। प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन से कब्जा हटाया, उसका बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इधर, कांग्रेसियों ने लोगों के पुर्नवास की मांग की। कई कांग्रेसी मौके पर भी पहुंचे। एसडीएम भुवन गुप्ता, तहसीलदार सौरभ वर्मा की मौजूदगी में यह कार्रवाई हुई। एसडीएम गुप्ता ने बताया, पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती में ग्लोबल स्किल पार्क के सामने स्थित 70 दुकानें एवं 42 झुग्गीवासियों ने सड़क पर अवैध कब्जा कर रखा था। जिसे हटाने के लिए आज सुबह से कार्रवाई शुरू की गई। दोपहर तक प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अमले के साथ कार्रवाई कर दी। जमीन की इतनी कीमत प्रशासन के अनुसार, मौके पर 210 मीटर पीडब्लूडी सड़क के दोनों ओर करीब 4 हजार वर्ग मीटर यानी, 43 हजार वर्गफीट जमीन की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए है। इसी जमीन पर लंबे समय से कब्जा था। जिसे अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। यहां पर पीडब्ल्यूडी फोरलेन सड़क और ब्रिज का निर्माण कराएगा। कार्रवाई की 3 तस्वीरें… कांग्रेसियों ने कार्रवाई का विरोध जताया प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त सूचना दिए बिना उनके मकान और दुकानें तोड़ी गई हैं। कार्रवाई का विरोध करते हुए श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि विकास के नाम पर गरीब और मेहनतकश लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं को नजरअंदाज करते हुए बरसात के मौसम में लोगों को बेघर और बेरोजगार करने का काम किया है। पार्षद जीत राजपूत ने कहा, यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक था तो प्रभावित लोगों को पहले उचित नोटिस देकर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
दिल्ली में CJP का प्रदर्शन, अतुल कुलकर्णी, कुनिका सदानंद और ऋचा चड्ढा का फुल सपोर्ट
अभिनेता प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी, अभिनेत्री कुनिका सदानंद और ऋचा चड्ढा समेत कई लोग युवाओं के समर्थन में सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है और पहले कहा था कि यदि 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।
अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के पूरे परमेश्वरी, घाटमपुर गांव में दीवार गिरने से मां और बेटी की मौत तथा बेटे के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। यह घटना अमेठी के जामो क्षेत्र के पूरे परमेश्वरी, घाटमपुर गांव में हुई। यहां एक दीवार गिरने से एक मां और उसकी बेटी की मृत्यु हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला को तत्काल मौके पर भेजकर पीड़ित परिवार का हालचाल लेने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए, जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। स्मृति ईरानी ने दिवंगत मां-बेटी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने गंभीर रूप से घायल बालक के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करते हुए दोहराया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक मामले के विरोध की आग अब गोरखपुर तक पहुंच गई है। शहर के चटोरी गली के पास पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने पहुंचे युवाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और युवाओं के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए अपनी गाड़ी में भरकर कैंट थाने ले गई। जानिए पूरा मामला …जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में शनिवार की दोपहर में गोरखपुर के कई युवा चटोरी गली के पास इकट्ठा हुए थे। हाथों में तख्तियां और पुतला लेकर पहुंचे इन युवाओं ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। युवा लगातार 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' और 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो' के नारे लगा रहे थे। पुतला दहन से पहले पहुंची पुलिस युवा अभी केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल गरमा गया। जब युवाओं ने प्रदर्शन बंद करने से मना कर दिया, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को जबरन पकड़ना शुरू किया और उन्हें घसीटते हुए पुलिस वैन में डाल दिया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कैंट थाने ले जाए गए प्रदर्शनकारीपुलिस सभी हिरासत में लिए गए युवाओं को गाड़ी में भरकर सीधे कैंट थाने ले आई। पुलिस का कहना है कि शहर में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश के चलते यह कार्रवाई की गई है। वहीं, प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है और वे इसके खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की।
जमुई शहर के पंचमंदिर के पास भटक रहे चार मासूम बच्चों को स्थानीय लोगों की सतर्कता और डायल 112 पुलिस की तत्परता से सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। बच्चे अपना सही नाम और पता बताने में असमर्थ थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर निवासी चारों बच्चे घर से खेलने के दौरान बाहर निकल गए थे। खेलते-खेलते वे रास्ता भटक गए और शहर के पंचमंदिर के पास पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों की नजर बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने उनसे पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने डायल 112 को दी सूचना बच्चे स्पष्ट रूप से अपना नाम और पता नहीं बता पा रहे थे। वे कभी अलग-अलग नाम बताते तो कभी अलग-अलग स्थान का पता बताते, जिससे लोगों को आशंका हुई कि बच्चे रास्ता भटक गए हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों बच्चों को अपने संरक्षण में लेकर टाउन थाना लाई। थाना में बच्चों की पहचान और उनके परिजनों की तलाश शुरू की गई। परिजन भी बच्चों को लेकर थे परेशान इधर, बच्चों के अचानक लापता होने से परिजन भी परेशान होकर उनकी खोजबीन कर रहे थे। तलाश के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि बच्चे टाउन थाना में सुरक्षित हैं। इसके बाद परिजन थाना पहुंचे, जहां आवश्यक सत्यापन के बाद पुलिस ने चारों बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और स्थानीय लोगों तथा पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस ने अभिभावकों से छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखने और उन्हें अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की है।
किशनगंज थाना क्षेत्र के मेडिकैप्स चौराहे पर शनिवार दोपहर एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बाइक सवार डंपर की चपेट में आ गया। टक्कर के बाद बाइक डंपर के नीचे फंस गई और कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। चालक की सूझबूझ से बची जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा अचानक हुआ, लेकिन बाइक सवार ने समय रहते खुद को डंपर से अलग कर लिया। इसी वजह से उसकी जान बच गई और उसे गंभीर चोट नहीं आई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर की मदद घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बाइक सवार को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता दी। यातायात कुछ समय के लिए बाधित हादसे में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद चौराहे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
गुरुग्राम जिले के एसजीटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड स्टैंडर्ड्स (NRCeS) और सी-डैक, पुणे के सहयोग से एक तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 3 से 5 जून तक हेल्थ इंफॉर्मेशन एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज इन हेल्थकेयर विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रॉ-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अतुल नासा ने किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल परिवर्तन के दौर में शिक्षकों और स्वास्थ्य पेशेवरों का आधुनिक तकनीकों से दक्ष होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने डिजिटल तकनीकों को स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण बताया। इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड की जानकारी दी गई स्कूल ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. सुनील कुमार दुलार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मेडिकल, नर्सिंग, डेंटल, फिजियोथेरेपी, एलाइड हेल्थ साइंसेज, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी तथा एसजीटी अस्पताल के संकाय सदस्यों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की। एफडीपी के दौरान NRCeS एवं सी-डैक, पुणे के विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, सुश्री सयाली सटोकर, चिन्मय भुताड एवं सुश्री प्रीतम तांबे ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR), डिजिटल हेल्थ स्टैंडर्ड्स, SNOMED CT, ICD-10, नर्सिंग डॉक्यूमेंटेशन स्टैंडर्ड्स, डेटा एनालिटिक्स, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, LOINC, FHIR, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX), DICOM स्टैंडर्ड्स तथा स्वास्थ्य डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा शामिल थे। हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों के व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी शामिल था। इससे प्रतिभागियों को डिजिटल हेल्थ तकनीकों एवं इंटरऑपरेबिलिटी मानकों की व्यवहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की उपयोगिता और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन की सराहना की। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग, क्षमता निर्माण और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
गुना शहर के वंदना कॉन्वेंट स्कूल के पास गुरुवार को हुए जानलेवा हमले के मामले में शनिवार को पीड़ित परिवार समाज के लोगों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचा। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि खुलेआम घूम रहे आरोपी लगातार उनका पीछा कर रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपियों के साथ उनका जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। बमोरी में नरेश चौकसे के नाम पर एक प्लॉट की रजिस्ट्री है, जिस पर आरोपी अवैध कब्जा करना चाहते थे।पूर्व में कलेक्टर को शिकायत करने के बाद प्रशासन ने दखल देकर इस प्लॉट को अतिक्रमण मुक्त करा दिया था। इसी बात की रंजिश रखते हुए आरोपियों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। गुरुवार को दर्शन कर लौट रहे युवक को हथियारों से घेराविंध्याचल कॉलोनी निवासी नरेश चौकसे गुरुवार को मंदिर से दर्शन कर अपने स्कूटर से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह वंदना कॉन्वेंट स्कूल की घाटी के पास पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे संतोष किरार, उसके बेटे सूरज और करीब आधा दर्जन अन्य बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने नरेश के स्कूटर पर लाठी मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया और लाठी-डंडों व लोहे के पाइपों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जब नरेश ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया, तो संतोष किरार ने अपनी कमर से कट्टा निकालकर उन पर तान दिया। इस मारपीट का वीडियो भी सामने आया था। हूटर की आवाज सुनकर भागे बदमाश, मूकदर्शक बने रहे लोगहमले के दौरान मुख्य मार्ग से गुजर रहे किसी वाहन के हूटर की आवाज आई। इसे पुलिस की गाड़ी समझकर आरोपी नरेश को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। हैरानी की बात यह रही कि दिनदहाड़े बीच सड़क पर हुए इस खौफनाक मंजर को वहां मौजूद करीब 100 लोग मूकदर्शक बनकर देखते रहे। भीड़ में से किसी भी राहगीर ने आगे आकर बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई। अब पीड़ित परिवार खौफ के साए में है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहा है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में तीन साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी अपराधी नरेंद्र उर्फ चीकू को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई छोटीसादड़ी पुलिस थाना की टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेंद्र उर्फ चीकू (29) पुत्र नारायणराम जाट के रूप में हुई है, जो हीरा की ढाणी (सियोलो की ढाणी), पुलिस थाना गिड़ा, जिला बालोतरा का निवासी है। नरेंद्र मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में वांछित था और घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। यह मामला 25 मार्च 2023 का है। तत्कालीन छोटीसादड़ी एसएचओ ने अपनी टीम के साथ कारूंडा चौराहा पर नाकाबंदी की थी। नाकाबंदी के दौरान दो स्कॉर्पियो गाड़ियां पुलिस को चकमा देकर निंबाहेड़ा रोड की तरफ भागने लगीं। पुलिस ने पीछा कर रुद्राक्ष होटल के पास दोनों गाड़ियों को रोकने में सफलता प्राप्त की। गाड़ियों की तलाशी लेने पर दोनों स्कॉर्पियो से कुल 803 किलोग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा और 20 किलोग्राम अवैध अफीम जब्त की गई। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। जांच में ये सामने आया कि जब्त की गई सफेद रंग की स्कॉर्पियो, जिसमें डोडाचूरा और अफीम भरी थी, उसे नरेंद्र उर्फ चीकू ही छोड़कर भागा था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश की जा रही थी। महानिरीक्षक ने इस प्रकरण में शामिल 20 अभियुक्तों पर 20,000 रुपए का इनाम घोषित किया था, जिनमें नरेंद्र उर्फ चीकू भी शामिल था। पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्त नरेंद्र उर्फ चीकू से जब्त अफीम और डोडाचूरा के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
भदोही में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए इंप्रूवमेंट एवं कंपार्टमेंट परीक्षा के आवेदन 6 जून से शुरू हो गए हैं। यह जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक विद्यार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए संबंधित पोर्टल पर फॉर्म उपलब्ध हैं। आवेदन के लिए छात्रों को कोषागार में निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। हाईस्कूल के लिए 256.50 रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 306 रुपये शुल्क तय किया गया है। डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि हाईस्कूल के छात्र इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं, जबकि इंटरमीडिएट के छात्र केवल एक विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए ही आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इच्छुक छात्र अपने संबंधित विद्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। परीक्षा से संबंधित डिग्रियां माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित तिथि पर जारी की जाएंगी।
पटियाला जिले में ग्राम पंचायत निधियों के कथित दुरुपयोग और श्मशान घाट परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक धन के गबन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भुगतान निकालने जैसे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। इसी आधार पर एक ठेकेदार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। पंजाब के पटियाला जिले में ग्राम पंचायत निधियों में कथित करोड़ों रुपये के गबन से जुड़े चर्चित मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक ठेकेदार को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में फर्जी बिल तैयार कर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ अत्यंत आवश्यक है। यह आदेश जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने दिनेश कुमार बंसल की याचिका पर सुनाया। दिनेश कुमार बंसल ने विजिलेंस ब्यूरो थाना, पटियाला में दर्ज एफआईआर संख्या 37 दिनांक 23 जुलाई 2025 में गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग की थी। मामले की शुरुआत विजिलेंस जांच से हुई मामले की शुरुआत विजिलेंस ब्यूरो की जांच रिपोर्ट से हुई। जांच में सामने आया कि गांव नलास खुर्द के तत्कालीन सरपंच मुंशी राम और पंचायत सदस्यों के कार्यकाल के दौरान पंचायत खातों में लगभग 58.43 करोड़ रुपये उपलब्ध थे। इसके अतिरिक्त वर्ष 2019 से 2022 के बीच विभिन्न अनुदानों, ब्याज और अन्य स्रोतों से करीब 7.50 करोड़ रुपये और प्राप्त हुए। विजिलेंस जांच में आरोप लगा कि पंचायत ने विभिन्न विकास कार्यों पर 32.20 करोड़ रुपये खर्च दिखाए, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान कई खर्चों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच एजेंसियों ने पाया कि स्टेडियम निर्माण कार्य में ही करीब 3.61 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। जांच का सबसे गंभीर हिस्सा गांव के श्मशान घाट में इलेक्ट्रिक फर्नेस और शेड लगाने की परियोजना से जुड़ा है। विजिलेंस के अनुसार पंचायत ने इलेक्ट्रिक फर्नेस की खरीद और स्थापना के लिए कई फर्मों को भुगतान किया, जिनमें दिनेश कुमार बंसल की फर्म भी शामिल थी। हालांकि मौके पर निरीक्षण के दौरान कोई फर्नेस स्थापित नहीं मिला। जांच एजेंसी का आरोप है कि बिना फर्नेस लगाए ही भुगतान निकाल लिया गया, जिससे सार्वजनिक निधि को 43.32 लाख रुपये का नुकसान हुआ। ठेकेदार को साजिश का हिस्सा बताया याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह केवल एक ठेकेदार है और उसने अपने हिस्से का कार्य पूरी तरह निष्पादित किया था। हीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी केवल ठेकेदार नहीं बल्कि कथित साजिश का सक्रिय हिस्सा था। आरोप है कि उसने सरपंच और अन्य पंचायत अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी बिल तैयार किए और सरकारी धन की हेराफेरी में भूमिका निभाई। राज्य ने अदालत को बताया कि यदि सामग्री वास्तव में खरीदी गई थी तो आरोपी को यह बताना होगा कि वह सामग्री कहां से खरीदी गई, किसे भुगतान किया गया और उसके दस्तावेज क्या हैं। स्थिति को देखते हुए याचिका खारिज हुई हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि फर्नेस अथवा संबंधित सामग्री वास्तव में किसी आपूर्तिकर्ता से खरीदी गई थी। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत एक असाधारण राहत है, जिसे सामान्य मामलों में नहीं दिया जा सकता। विशेषकर जब आरोप सार्वजनिक धन के गबन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार से जुड़े हों।
किशनगंज में झमाझम बारिश से मौसम बदला:उमस भरी गर्मी से लोगों को मिली राहत, सड़कों पर आवाजाही हुई कम
किशनगंज में पिछले एक सप्ताह से जारी उमस भरी गर्मी और तेज धूप से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। बीती रात हुई झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया। शनिवार सुबह भी मूसलाधार बारिश जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले सात दिनों से जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया था। दिन के समय तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। बुजुर्गों, बच्चों और कामकाजी लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी से बचने के लिए बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ने से खपत में भी वृद्धि हुई थी। बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही कम शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। शनिवार सुबह भी बारिश जारी रहने के कारण सड़कों पर सामान्य से कम आवाजाही दर्ज की गई। कई लोग छाता और रेनकोट का उपयोग करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों को भी लाभ हुआ है। किसानों के अनुसार, इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जो खरीफ फसलों की तैयारी के लिए सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, पेड़-पौधों और जल स्रोतों को भी इस वर्षा से फायदा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी के कारण रात में भी चैन नहीं मिल पा रहा था। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है और वे राहत महसूस कर रहे हैं। बादल छाए रहने की संभावना मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है।
सीतामढ़ी में बुजुर्ग की जमीन पर कब्जे की कोशिश:40 साल से रह रहे परिवार ने SP से मांगी मदद
सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बनगांव में जमीन विवाद का एक मामला सामने आया है। यहां 40 वर्षों से अपने खरीदे हुए घर और जमीन पर रह रहे एक व्यक्ति ने दबंगई के बल पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित अफदारुल हक ने मामले को लेकर सीतामढ़ी पुलिस अधीक्षक अमित रंजन से न्याय की गुहार लगाई है। अफदारुल हक के अनुसार, उन्होंने करीब 40 साल पहले यह जमीन और मकान विधिवत खरीदा था। खरीदारी के बाद से ही वे अपने परिवार के साथ वहां रह रहे हैं। उनके नाम पर जमीन का दाखिल-खारिज समेत सभी आवश्यक कागजात मौजूद हैं और वर्षों से इस पर कोई विवाद नहीं था। उक्त जमीन में डेढ़ डिसमिल जमीन पीड़ित की पीड़ित का आरोप है कि हाल के दिनों में मोहम्मद आशिक नामक व्यक्ति ने अचानक जमीन पर अपना दावा ठोक दिया। आशिक का कहना है कि उक्त भूमि में डेढ़ डिसमिल जमीन उसकी है। इसी दावे के आधार पर उसने घर और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी। अफदारुल हक ने बताया कि इस मामले की शिकायत बाजपट्टी थाना में की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन वह करीब 12 घंटे बाद जमानत पर छूट गया। दोबारा मौके पर पहुंचकर जमीन पर कब्जा जमाया आरोप है कि जेल से छूटने के बाद मोहम्मद आशिक ने दोबारा मौके पर पहुंचकर जमीन पर कब्जा जमा लिया। पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी द्वारा घर के सामने बांस का ढांचा लगाकर निर्माण जैसी गतिविधियां भी शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कथित कब्जे की कोशिश और निर्माण कार्य दिखाई दे रहा है। घटना के बाद अफदारुल हक ने सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन से दोबारा मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उनके परिवार के सामने रहने का संकट उत्पन्न हो जाएगा। इस मामले पर सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने कहा कि मामले की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र में कुशवाहा नगर निवासी राधेश्याम ने पड़ोसियों की दबंगई और पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज होकर शनिवार को थाना परिसर में धरना दे दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। राधेश्याम पुत्र इमर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग गली में बाहरी लोगों को बुलाकर शराब पीते और जुआ खेलते हैं। विरोध करने पर आरोपी तमंचा और चाकू दिखाकर धमकाते हैं और मोहल्ला छोड़ने का दबाव बनाते हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के डर से एक परिवार पहले ही अपना मकान बेचकर क्षेत्र छोड़ चुका है। उन्होंने बताया कि 4 जून की सुबह से ही आरोपित उन्हें और उनकी पत्नी को गालियां दे रहे थे। शिकायत के अनुसार, रात करीब 9 बजे जब वह घर लौट रहे थे, तो रास्ते में उन्हें रोककर लोहे की रॉड से हमला किया गया। किसी तरह वह जान बचाकर भाग निकले। शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, तभी एक आरोपी ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। राधेश्याम ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना डायल-112 पर दी थी, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। कार्रवाई न होने से नाराज होकर उन्होंने थाना परिसर में धरना दिया और चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। धरने के बाद थाना परिसर में काफी देर तक गहमागहमी रही। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
बाराबंकी में दो सगे भाइयों के घरों में चोरी:नगदी-जेवरात लेकर चोर फरार, पुलिस जांच में जुटी
बाराबंकी जिले के कोतवाली बदोसराय क्षेत्र के खजुरिहा गांव में देर रात चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने दो सगे भाइयों के घरों को निशाना बनाते हुए नगदी और जेवरात चोरी कर लिए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बताया गया है कि चोर रात के अंधेरे में घरों में घुसे और हजारों रुपये की नकदी तथा कीमती जेवरात लेकर फरार हो गए। चोरी का पता सुबह परिवार के सदस्यों को चला, जिसके बाद घर में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवारों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली बदोसराय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस चोरी की वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में डिलीवरी बॉय से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पार्सल देने गया था डिलीवरी बॉय राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि गुरुवार को दीन नगर क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय पार्सल देने गया था। इसी दौरान वह मोबाइल पर बात कर रहा था। तभी दो बदमाश उसके पास पहुंचे और हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए आरोपी शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने मोबाइल लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया। मोबाइल बरामद, पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने आरोपियों गणेश और निखिल गौतम को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटा गया मोबाइल जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों अन्य किसी अपराध में शामिल तो नहीं रहे हैं। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बडोले ने बताया कि मोबाइल लूट की वारदात में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से मोबाइल बरामद हुआ है। दोनों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा के वाहन को टक्कर मारने वाले दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस घटना में प्रयुक्त बोलेरो कैम्पर वाहन भी जब्त कर लिया है। यह घटना 4 जून की रात को हुई थी। विधायक रेवंतराम डांगा जयपुर से नागौर की ओर जा रहे थे। रात करीब 10:20 बजे गोविन्दी से नांवा के बीच एक बिना नंबर की बोलेरो कैम्पर ने तेज गति और लापरवाही से ओवरटेक करते हुए उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसे में विधायक का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान स्वयं रात में नांवा पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा, वृताधिकारी मुकेश चौधरी और थानाधिकारी नंदलाल कर रहे थे। गठित टीमों ने जिले और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस ने गोविन्दी, नांवा, राजास, गोविन्दी टोल प्लाजा और खाखड़की रोड सहित विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना संकलन के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष और सूरज निवासी खाखड़की, थाना नांवाशहर, जिला डीडवाना-कुचामन के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बोलेरो कैम्पर वाहन भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से फरार आरोपियों को कम समय में गिरफ्तार कर कानून के प्रति सख्त संदेश दिया गया है।
बहराइच की मोतीपुर पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा पर चेकिंग के दौरान एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से लाखों रुपये कीमत की स्मैक बरामद हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मोतीपुर थाना प्रभारी आनंद चौरसिया, उप निरीक्षक अनिल यादव, आरक्षी जय प्रकाश और रोहित सिंह के साथ भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगली इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को देखकर एक संदिग्ध युवक भागने लगा। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान युवक के पास से कपड़े में छुपाकर रखी गई करीब 10 लाख रुपये कीमत की स्मैक बरामद हुई। थाना प्रभारी आनंद चौरसिया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नेपाल के बांके जिले निवासी मनीराम थापा के रूप में हुई है। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जिसके बाद उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
संभल के युवक की दीवार के मलबे में दबकर मौत:नोएडा में ओला कैब चलाता था, तीन साल पहले शादी हुई थी
संभल के एक युवक की नोएडा में आंधी के दौरान दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई। 25 वर्षीय उमेश कुमार नोएडा में ओला कैब चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उमेश कुमार संभल जिले की गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के पूरन पट्टी गांव का निवासी था। वह नोएडा के कुलसेरा में किराए के मकान में रहता था। गुरुवार दोपहर तेज आंधी के दौरान वह अपने मकान की दूसरी मंजिल पर बने टीन शेड के नीचे आराम कर रहा था। इसी दौरान पड़ोसी बदन सिंह के मकान की दीवार का एक हिस्सा तेज हवा के झोंकों से टूटकर टीन शेड पर गिर गया। उमेश मलबे में दब गया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उसे मलबे से बाहर निकाला। उमेश को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उमेश की शादी तीन साल पहले हुई थी और वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उमेश के चाचा राजपाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही परिजन नोएडा पहुंचे। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद उमेश के शव को उसके पैतृक गांव पूरन पट्टी लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रोहतक जिले में कलानौर पुलिस ने दुकानदार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे मामले की गहनता से जांच की जा सके। पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि 15 अप्रैल 2026 को कलानौर निवासी मुकेश की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुकेश की विश्वकर्मा धर्मशाला के पास मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। 10 मई 2026 को शाम 6 बजे दो लड़के मोबाइल रिपेयर करवाने मुकेश की दुकान पर आए। मुकेश ने युवकों को मोबाइल ठीक करने से मना कर दिया। इसके बाद मुकेश के पास अजित का फोन आया, जिसने मोबाइल ठीक करने को कहा। पानी की डिग्गी पर बुलाकर चलाई गोली मुकेश के मना करने पर अजित ने फोन पर उसे गालियां दीं और पानी की डिग्गी के पास बुलाया। जब मुकेश वहां पहुंचा, तो अजित अपने साथ तीन अन्य लड़कों और एक बाइक के साथ खड़ा था। युवकों ने मुकेश को पकड़ लिया और अजित ने अपने हाथ में लिए हथियार से उस पर गोली चला दी। घायल अवस्था में मुकेश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच सहायक उप-निरीक्षक दीनबंधु द्वारा की गई। जांच के दौरान, 4 जून 2026 को बौंदकलां, दादरी निवासी आरोपी नीतीश को गिरफ्तार किया गया।
झांसी में आज 37 डिग्री टेम्परेचर:शुक्रवार को फेल हुआ बारिश-आंधी का अनुमान, 39 डिग्री जाएगा तापमान
झांसी में मौसम विभाग का आंधी और बारिश का अनुमान सही साबित नहीं हुआ। शुक्रवार को जिले में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश नहीं हुई। इसके बाद शनिवार सुबह से ही तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा।शनिवार सुबह 11 बजे तक झांसी का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर निकलने वाले लोगों को गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर में तापमान के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को झांसी का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि पूर्वानुमान में बारिश और आंधी की संभावना भी जताई गई थी, लेकिन शुक्रवार को मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला।लगातार तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। सुबह से ही धूप के तेवर तीखे रहे, जिससे खुले में काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने फिलहाल तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है।
रोहतक में बाग वाली गली को बंद करने के मामले में पार्षद प्रवीण कौशिक ने सीएम नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। पार्षद ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने बिना पैमाइश और नगर निगम की अनुमति के ईंट-रेत डालकर गली बंद कर दी, जिससे सैकड़ों घरों का रास्ता बंद हो गया है। बाग वाली गली के बीचों बीच बुधवार को दीवार बनानी शुरू हुई, तो लोगों ने इसका विरोध कर दिया। जबकि सुनारिया निवासी ओमबीर पुत्र दाने राम व दिलबाग पुत्र सिल्कराम ने कहा कि कोर्ट से केस जीतने के बाद गली के बीच दीवार खींच रहे है। यह जमीन उनकी है और कोर्ट ने भी इसे माना है। कोर्ट के आदेश पर दीवार खींचकर कब्जा ले रहे है। 13000 गज जमीन पर कब्जे का षड्यंत्र पार्षद प्रवीण कौशिक ने पत्र में कहा कि यह जमीन पहले पंचायत और फिर नगर निगम की मलकियत थी। नगर निगम की कानूनी शाखा की मिलीभगत से करीब 13 हजार गज जमीन दूसरे पक्ष ने खेती दिखाकर कोर्ट में झूठे तथ्य पेश कर अपने पक्ष में करवा ली। जबकि नगर निगम के नक्शे में इसे गली दिखाया गया है। गली में पानी की पाइपलाइन, नाले, बिजली के पोल और सीसी सड़क जैसी जनसुविधाएं भी हैं। डीसी के आदेश के बाद भी नहीं खुली गली पार्षद प्रवीण कौशिक ने बताया कि वह वार्ड के लोगों के साथ डीसी सचिन गुप्ता से भी मिले थे। डीसी ने तुरंत गली खुलवाने का आदेश दिया, लेकिन धरातल पर विपक्षी पक्ष ने और तेज गति से गली बंद करने का काम शुरू कर दिया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का रास्ता बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। 50 करोड़ की जमीन केस, FIR की मांग पार्षद प्रवीण कौशिक ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों की साजिश से अदालत में गली पर खेती दिखाई गई, जबकि यहां 50 साल से कभी खेती नहीं हुई। नगर निगम की करीब 50 करोड़ की बेसकीमती जमीन को जनहित से हटाकर दूसरे पक्ष को दिलाने में कर्मचारियों ने भूमिका निभाई। पार्षद ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर FIR दर्ज करने और नए सिरे से केस की पैरवी कराने की मांग की। कॉलोनी में दंगे जैसे बने हालात पार्षद प्रवीण कौशिक ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि गली बंद होने से कॉलोनी का माहौल खराब हो गया है और दंगे जैसे हालात बन गए हैं। रोजाना लोग अपना विरोध प्रकट कर रहे है। पार्षद ने सीएम से उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और आपदा की स्थिति को देखते हुए कानूनी रास्ता निकालकर गली तुरंत खुलवाने की मांग की।
टीकमगढ़ में बिजली विभाग के दफ्तर में मारपीट के मामले में पुलिस ने शनिवार को नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपी रतनगुवां गांव के निवासी बताए गए हैं। यह कार्रवाई विद्युत कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी के बाद की गई। 2 जून की घटना को लेकर दर्ज हुआ मामला यह घटना 2 जून को जतारा सब-डिवीजन कार्यालय में हुई थी। आरोप है कि उस दिन रतनगुवां गांव के कुछ लोगों ने बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद से ही मामला चर्चा में था, लेकिन शुरुआती दिनों में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। देर से कार्रवाई पर बढ़ा था विरोध एफआईआर दर्ज न होने से नाराज बिजली कर्मचारियों ने शुक्रवार को टीकमगढ़ में रैली निकाली थी। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज दबाव के बाद जतारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें सुनील अहिरवार, महेश अहिरवार, जानकी अहिरवार, जितेंद्र अहिरवार, रामचरण अहिरवार, देवेंद्र अहिरवार, जय राम अहिरवार, रविंद्र अहिरवार और सुनुवा वंशकार शामिल हैं। पुलिस ने इन पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उन्नाव के सरैयां रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के लिए गर्डर स्थापित करने का कार्य तीसरे दिन भी तेज गति से जारी रहा। रेलवे और सेतु निगम के संयुक्त प्रयासों से शनिवार को ब्लॉक लेकर दो और गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित किए गए। इस दौरान पूरी प्रक्रिया रेलवे अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संपन्न हुई। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह 9:50 बजे से 11:50 बजे तक ब्लॉक लिया गया था। इस दौरान भारी क्रेन की मदद से दो विशाल गर्डरों को उनके निर्धारित स्थान पर रखा गया। तकनीकी रूप से जटिल इस कार्य को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले से ही ट्रेनों के संचालन में आवश्यक बदलाव किए थे। निर्माण कार्य के चलते दूसरे दिन भी कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वंदे भारत एक्सप्रेस, आगरा इंटरसिटी, प्रयागराज इंटरसिटी और झांसी इंटरसिटी सहित कई ट्रेनों को कानपुर पुल बायां किनारा रेलवे स्टेशन पर कुछ समय के लिए रोका गया, जिसके बाद उन्हें आगे रवाना किया गया। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि रेलवे ने इसे आवश्यक निर्माण कार्य बताते हुए सहयोग की अपील की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सरैयां रेलवे क्रासिंग पर बन रहा यह ओवरब्रिज क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके बनने से रेलवे फाटक पर लगने वाला लंबा जाम काफी हद तक समाप्त हो जाएगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम हो सकेगा। निर्माण स्थल पर रेलवे, सेतु निगम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि शेष गर्डरों को भी निर्धारित योजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा।
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में करंट लगने से 26 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचे तीन अन्य ग्रामीण भी झुलस गए। परिजनों ने खेत में जानबूझकर बिजली का करंट छोड़ने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना ग्राम कोकदा खानापारा की है। मृतक की पहचान अवनीश (26) पुत्र सुरेश चंद्र के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अवनीश सुबह शौच के लिए खेतों की ओर जा रहा था। आरोप है कि गांव निवासी कश्मीर सिंह पुत्र सियाराम के खेत की मेड़ के पास झटका मशीन से जुड़ा एक खुला बिजली का तार पड़ा था, जिसमें करंट दौड़ रहा था। अवनीश उसी तार की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। अवनीश की चीख सुनकर गांव के 28 वर्षीय प्रवेश पुत्र बदन सिंह, 27 वर्षीय विशेष कुमार पुत्र सर्वेश और 48 वर्षीय कल्याण सिंह पुत्र अनोखे लाल उसे बचाने दौड़े। बचाव के प्रयास में ये तीनों भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। आसपास के ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर सभी को करंट से अलग किया। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से चारों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली ले जाया गया। चिकित्सकों ने अवनीश को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। मृतक के चचेरे भाई दीपू ने आरोप लगाया है कि खेत पर लगाए गए झटका वाले तार में जानबूझकर करंट छोड़ा गया था और खुला तार पड़ा होने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने इस घटना के लिए कश्मीर सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अवनीश की शादी लगभग छह साल पहले हुई थी। उसके परिवार में मां, पत्नी रुचि, पांच वर्षीय बेटा और एक मानसिक रूप से कमजोर बड़ा भाई हैं। अवनीश खेती और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विद्यामठ में 24 अप्रैल को हुई चोरी का पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया। पुलिस ने चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से चोरी का सामान भी बरामद हुआ है। आरोपियों के कब्जे से पीतल का लोटा, चांदी की टूटी हुई गदा का ऊपरी भाग, चांदी के 3 मुकुट, चांदी की 1 चैन और एक टुकड़ा और 1,500 की नकद बरामद हुआ। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 की रात श्रीविद्या मठ शंकराचार्य घाट स्थित श्री हनुमान मंदिर में हुई चोरी के मुख्य आरोपी राजू खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे चोरी का माल खरीदने वाले दो सुनारों सहित कुल तीन अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है। वारदात के बाद से ही टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बहुत पहले ट्रेस कर लिया था, लेकिन शातिर चोर अपना मोबाइल फोन बंद कर किसी के संपर्क में नहीं था। अस्सी चौकी प्रभारी नवीन कुमार चतुर्वेदी के साथ और सर्विलांस सेल ने सबसे पहले मुख्य आरोपी राजू खान को रत्नाकर पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। राजू खान थाना लंका क्षेत्र के साकेत नगर (नारिया) का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी राजू खान ने बताया कि उसने मंदिर से चुराए गए चांदी के आभूषण भेलूपुर क्षेत्र के दो सर्राफा व्यापारियों को बेचे थे। खरीदारी करने वाले दो दुकानदारों को भी गिरफ्तार कर लिया। सुनारों में ध्रुव कुमार वर्मा (निवासी रानीपुर, महमूरगंज) और संतोष वर्मा (निवासी सराय नंदन, दशमी, भेलूपुर) शामिल हैं। इनके पास से भगवान के गले का चांदी का हार, पीतल का लोटा, आचमनी पात्र और अन्य कीमती आभूषण बरामद किए हैं।
इस मामले में पुलिस पहले ही खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर सुरक्षा गार्ड प्रदीप और तालेश्वर से पूछताछ की गई थी।
हनुमानगढ़ की संगरिया पुलिस ने हत्या के एक मामले में पिछले 10 माह से फरार चल रहे 15 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। संगरिया थाना प्रभारी अमर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी आसूचना के आधार पर पंजाब निवासी जगसीर सिंह उर्फ जग्गी को पकड़ा। उसकी गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। यह मामला 14 अगस्त 2025 को रणजीतगढ़ निवासी जितेंद्र सिंह द्वारा संगरिया थाने में दर्ज कराया गया था। जितेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि उसका बहनोई रवि सिंह, जो डबवाली का रहने वाला था, अपने परिचित भालविंद्र सिंह और जगसीर सिंह के साथ संगरिया क्षेत्र के खेतों में मजदूरी कर रहा था। आरोप है कि रतनपुरा रोही स्थित खेत में काम करते समय आपसी रंजिश के चलते भालविंद्र सिंह और जगसीर सिंह ने रवि सिंह की गर्दन पर कस्सी से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। इस संबंध में संगरिया थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही सह-आरोपी भालविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि, जगसीर सिंह लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जींद जिले में सफीदों पुलिस ने फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड से लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिलाखेड़ी निवासी विनोद के रूप में हुई है। थाना शहर सफीदों के प्रभारी ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रवीन निवासी सफीदों ने पुलिस को बताया था कि विनोद ने फेडबैंक फाइनेंस कंपनी में कम ब्याज दर पर गोल्ड लोन ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। उसने कंपनी से लगभग 2.99 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। ऋण राशि उसके बैंक खाते में स्थानांतरित होने के बाद, विनोद को अपने गिरवी रखे सोने के आभूषण पुरानी वित्तीय संस्था से छुड़वाकर फेडबैंक में जमा कराने थे। हालांकि, उसने न तो आभूषण जमा कराए और न ही प्राप्त ऋण राशि अदा की। आरोपी ने नहीं लौटाए जेवर और रुपए विनोद लगातार कंपनी और बैंक अधिकारियों को गुमराह करता रहा और राशि व आभूषणों के संबंध में कोई सहयोग नहीं किया। प्रवीन की शिकायत पर थाना शहर सफीदों में 30 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 318(2) के तहत मुकदमा नंबर 36 दर्ज किया गया। जांच उप निरीक्षक दीपक कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान, आरोपी को नोटिस जारी कर शामिल होने को कहा गया, लेकिन वह नहीं आया। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने 5 जून 2026 को आरोपी विनोद को सिलाखेड़ी से गिरफ्तार कर लिया। उसे माननीय अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
कानपुर देहात में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने अपनी विधानसभा क्षेत्र की मैथा तहसील में जन समस्याओं की सुनवाई की। इस जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। मंत्री ने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मैथा तहसील में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने एक-एक कर सभी फरियादियों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों से मौके पर ही आवश्यक जानकारी ली। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान जमीन संबंधी विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने, सड़क, बिजली और अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़े कई मामले सामने आए। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर गरीब, किसान, महिला और जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय मिले। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मंत्री ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और तय समय सीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य जनता और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करना है।जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि उनकी समस्याओं का समाधान कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से हो पाता है।
पीलीभीत में गन्ना भुगतान न होने और बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में हजारों किसानों ने एकजुट होकर गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने सरकार और चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि बरखेड़ा चीनी मिल सहित जिले की अन्य मिलों द्वारा गन्ने का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भुगतान न मिलने के कारण किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या भी खड़ी हो गई है। किसानों ने लंबे समय से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को फिर से चालू करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने मौके से ही गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से फोन पर बातचीत की और किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर वार्ता कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। फिलहाल किसान मंत्री के आवास पर डटे हुए हैं और ठोस आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने कहा कि अन्नदाता अपने ही हक के पैसे के लिए भटकने को मजबूर हैं, यदि भुगतान और मिल संचालन को लेकर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सफाई कर्मी की सड़क हादसे में मौत:तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मारी, दो बच्चे घायल
बिजनौर के किरतपुर थाना क्षेत्र में देर रात एक तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार कुलदीप सिंह (40 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। यह घटना शुक्रवार देर रात उस समय हुई जब मोजीपुर थाना बिजनौर निवासी कुलदीप सिंह बच्चों तुषार (5 वर्ष) और कृष्ण कुमार (8 वर्ष) के साथ बाइक पर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मुंढाला पुल के पास पहुंचने पर एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक कुलदीप सिंह नगर पालिका में संविदा सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत थे। उनकी शादी को 20 वर्ष हो चुके थे और उनके तीन बेटियां और एक बेटा है। कुलदीप अपनी ससुराल कसोर गांव से बच्चों को लेकर बिजनौर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हादसे की खबर मिलते ही नगर पालिका के कई कर्मचारी और परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है और मामले की जांच जारी है।
पंजाब में हाल ही में संपन्न हुए 8 नगर निगमों के आम चुनावों के बाद अब मेयरों की चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्थानीय निकाय विभाग, पंजाब के ने जालंधर, फिरोजपुर, पटियाला, रूपनगर और फरीदकोट के डिवीजनल कमिश्नरों को एक आधिकारिक पत्र जारी कर मेयर पदों के आरक्षण की स्थिति साफ कर दी है। मोगा में मेयर पद को बीसी के लिए आरक्षित रखा गया है जबकि अन्य 7 नगर निगमों में मेयर पदों पर किसी तरह का आरक्षण नहीं होगा। जल्दी ही इन निगमों में मेयर का चुनाव कर दिया जाएगा। खास बात है कि इस बार सरकार ने किसी भी निगम में महिलाओं के लिए मेयर पद आरक्षित नहीं रखा है। पंजाब सरकार के 'द पंजाब रिजर्वेशन फॉर द ऑफिसेज ऑफ मेयर्स ऑफ म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन रूल्स, 2017' के तहत निर्धारित रोस्टर पॉइंट के मुताबिक नगर निगम मोगा के मेयर का पद पिछड़े वर्ग के सदस्यों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा बाकी बचे 7 नगर निगमों अबोहर, बटाला, बरनाला, बठिंडा, कपूरथला, पठानकोट और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के मेयर पद सामान्य श्रेणी के होंगे। जल्द बुलाई जाएगी बैठक, नए सदस्य लेंगे शपथ सरकार ने डिवीजनल कमिश्नरों को हिदायत दी गई है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली नगर निगमों के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के चुनाव के लिए नियमों के मुताबिक बैठक आयोजित करें। सरकार ने ने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले चुनाव जीतकर आए नए सदस्यों (पार्षदों) को पद की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण के बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पंजाब के 8 नगर निगमों की पार्टी वाइज स्थिति जानिए… 1. आम आदमी पार्टी (AAP) को इन 5 निगमों में पूर्ण बहुमत मिला: आम आदमी पार्टी ने बरनाला में 36 सीटें, बठिंडा में 35 सीटें, बटाला में 30 सीटें, मोगा में 30 सीटें और मोहाली में 27 सीटें जीती और इन पांचों नगर निगमों में बहुमत हासिल किया। आप इन पांचों निगमों में अपना मेयर बनाएगी। 2. भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस 1 निगम में पूर्ण बहुमत मिला भारतीय जनता पार्टी को अबोहर (फाजिल्का) नगर निगम में 50 में से 28 सीटें मिली। भाजपा अब यहां अपना मेयर बनाएगी। वहीं पठानकोट में पार्टी को सबसे ज्यादा 22 सीटें मिली जो कि बहुमत से 4 सीटें कम है। 3. कांग्रेस (INC) को इस 1 निगम में पूर्ण बहुमत मिला कांग्रेस को कपूरथला नगर निगम चुनाव में 50 में से 31 सीटें मिली। कांग्रेस यहां अपना मेयर चुनेगी। विधायक राणा गुरजीत कपूरथला में कांग्रेस की लाज बचाने में कामयाब हो सके।
नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में शनिवार को कई जंगली भैंसे गन्ने के खेतों में घुस आए। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जंगली भैंसों को खेतों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों के करीब भी घूमते देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वन अमले ने जंगली भैंसों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए गांव में डेरा डाल दिया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, भैंसों के पास न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि भैंसों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, वन विभाग की टीम गांव में तैनात है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गांव की अन्य तस्वीरें…
रायपुर में शनिवार सुबह 9 बजे बॉम्बे मार्केट इलाके में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) के जोनल ऑफिस में भीषण आग लग गई। बंद पड़े ऑफिस से अचानक धुआं उठता देखकर राहगीरों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की सूचना पर मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। दस्तावेज जले, नुकसान के आकलन में जुटा प्रबंधन आग बैंक के जोनल ऑफिस में लगी है, ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेजों और दफ्तर में रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि घटना के समय ऑफिस बंद था, जिससे किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुट गए हैं। आग लगने वाला इलाका सील- तारकेश्वर पटेल इस मामले में एडीसीपी मध्य तारकेश्वर पटेल ने कहा कि, सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम रेस्क्यू में जुटी है। सुरक्षा की दृष्टि से आग लगने वाले इलाके को सील कर दिया गया था।
नालंदा जिले के अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर कमियां देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां सदर अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के बेहतर और आधुनिक इंतजाम हैं, वहीं कई अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है। हालात यह है कि बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अग्नि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जिले में सैकड़ों छोटे-बड़े अस्पताल धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। सदर अस्पताल: अलार्म और ऑटोमैटिक सिस्टम से लैस सदर अस्पताल में आग से बचाव की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। अग्निशमन विभाग की ओर से बीते 20 मई को ही यहां के उपकरणों का ऑडिट किया गया है। अस्पताल की संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि अगलगी की घटना होने पर अलार्म बजने लगेगा। हर मंजिल पर पानी के पाइप बिछाए गए हैं। पानी की टंकी खाली होने पर मोटर अपने आप चालू हो जाता है और बिजली कटने की स्थिति में जेनरेटर से पानी भरने की बैकअप व्यवस्था है। अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक इमरान ने बताया कि परिसर में करीब दो से ढाई सौ स्थानों पर अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दो विशेष इमरजेंसी गेट बनाए गए हैं, जबकि कुल पांच दरवाजों से निकासी संभव है। अन्य सरकारी अस्पतालों में ऑडिट का अभाव सदर अस्पताल को छोड़ दें तो जिले के कई अन्य सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। रहुई सामुदायिक अस्पताल के प्रबंधक राशिद खलील का कहना है कि वहां पिछले एक साल से अग्निशमन यंत्रों की जांच नहीं कराई गई है। इसी तरह, हरनौत रेफरल अस्पताल के प्रबंधक मिथिलेश चौधरी के अनुसार वहां आखिरी बार अप्रैल 2025 में उपकरणों का ऑडिट हुआ था, जिसके बाद से अब तक कोई जांच नहीं हुई है। बिना एनओसी चल रहे सैकड़ों निजी अस्पताल निजी अस्पतालों की स्थिति और भी भयावह है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नालंदा जिले में केवल 156 अस्पताल ही निबंधित हैं, जबकि हकीकत में शहरी और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर 500 से अधिक छोटे-बड़े अस्पताल बिना निबंधन के संचालित हो रहे हैं। बिहारशरीफ अनुमंडल के सात प्रखंडों में इस साल मई तक महज 45 निजी अस्पतालों ने ही अग्निशमन विभाग से ऑडिट कराकर एनओसी प्राप्त किया है। शेष सभी अस्पताल नियमों की अनदेखी कर अपनी मनमर्जी चला रहे हैं। कई अस्पतालों में अगर अग्निशमन यंत्र लगे भी हैं, तो वे एक्सपायर हो चुके हैं और उनकी रिफिलिंग कराने की जहमत संचालकों ने नहीं उठाई है। संकीर्ण गलियों में मंडराता बड़ा खतरा जिला मुख्यालय होने के कारण नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। रामचन्द्रपुर, खंदकपर और सोहसराय जैसे मोहल्लों की संकीर्ण गलियों में अनगिनत अस्पताल खुल गए हैं। जर्जर और झूलते बिजली के तारों के कारण यहां शॉर्ट सर्किट की संभावना हमेशा बनी रहती है। इन तंग गलियों में आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों का पहुंचना भी लगभग नामुमकिन है, जिससे भीषण तबाही और जान-माल के बड़े नुकसान का अंदेशा बना रहता है। क्या है नियम और अनिवार्य सुरक्षा मानक? जिला मुख्यालय होने के कारण नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। रामचन्द्रपुर, खंदकपर और सोहसराय जैसे मोहल्लों की संकीर्ण गलियों में अनगिनत अस्पताल खुल गए हैं। जर्जर और झूलते बिजली के तारों के कारण यहां शॉर्ट सर्किट की संभावना हमेशा बनी रहती है। इन तंग गलियों में आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों का पहुंचना भी लगभग नामुमकिन है, जिससे भीषण तबाही और जान-माल के बड़े नुकसान का अंदेशा बना रहता है।
बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने हादसों के पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए एक नई पहल की है। इस नवाचार के तहत, दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला कंट्रोल रूम स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना में घायल या मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर मदद मिल सके। यह व्यवस्था सड़क दुर्घटना, ट्रेन हादसा, ऊंचाई से गिरने, करंट लगने, रसायन छिड़काव से मौत और डूबने जैसी किसी भी दुर्घटना पर लागू होगी। सूचना प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया या फोन के माध्यम से प्राप्त होने पर कंट्रोल रूम सक्रिय हो जाएगा। कलेक्टर ने कंट्रोल रूम को निर्देश दिए हैं कि किसी भी माध्यम से सूचना मिलते ही उसे तुरंत दर्ज किया जाए। इसके बाद, संबंधित अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए तत्काल सूचित किया जाएगा। अधिकारी आवश्यक नियमों के तहत तुरंत राहत कार्य शुरू करेंगे। पीड़ितों को बिना देरी मुआवजा मिल सके, इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों को ऑनलाइन क्लेम फॉर्म अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी भी तरह की दुर्घटना की जानकारी जिला कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 0747-2442305 पर दर्ज कराई जा सकती है।
कोटपूतली में एटीम में लूट का आरोपी गिरफ्तार:ढाई साल से चल रहा था फरार, 4 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
कोटपूतली थाना पुलिस ने कस्बे से एटीएम उखाड़कर ले जाने वाली गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ढाई साल से फरार चल रहा था। थानाधिकारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया - गिरफ्तार आरोपी की पहचान जाबिर (24) पुत्र खालिद, निवासी शाहपुर, थाना गंगोह, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। घटना 10 दिसंबर 2023 की रात को हुई थी, जब पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम कृष्णा टॉकीज कोटपूतली से उखाड़कर ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। इस गैंग के चार अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें तासीम उर्फ काला उर्फ पहलवान (34), नाजिम (28), शमशुद्दीन उर्फ शंभु (35) और इंतजार (42) शामिल हैं। ये सभी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जाबिर से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।
मुंगेर में शनिवार सुबह तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह कीचड़ और जलजमाव हो गया। सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन बाधित हुआ। जिले के जमालपुर रेल कारखाना परिसर के विभिन्न शॉप में भी भारी बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति बन गई। कारखाना परिसर में पानी भरने से रेलकर्मियों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें कारखाना के अंदर काम करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कारखाना के अंदर जमा हुआ पानी रेल कारखाना के अंदर बारिश का पानी जमा होने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कारखाना परिसर के विभिन्न शॉप में पानी भरा हुआ दिख रहा है। इस कारण रेलकर्मियों को पानी के बीच काम करने में परेशानी हो रही है। यहां बिजली से लोहा काटने, इंजन मरम्मत और बोगी रिपेयरिंग जैसे कई कार्य किए जाते हैं। जलजमाव के कारण रेलकर्मी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कारखाना के अधिकारियों द्वारा पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि रेलकर्मियों को काम करने में कोई परेशानी न हो। बारिश के कारण मुंगेर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर कीचड़ और पानी जमा है।
सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया:कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की थी तैयारी
फिरोजाबाद में शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें प्रशासन को ज्ञापन देने जाने से पहले ही उनके घरों पर रोक दिया। नेताओं का कहना है कि जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर वे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। सपा नेता संजय यादव और नीरज यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके आवासों पर ही रोक दिया गया और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। नेताओं के अनुसार, इस कारण वे अपनी बात प्रशासनिक अधिकारियों तक नहीं पहुंचा सके। सपा नेताओं ने जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले और सिरसागंज क्षेत्र में हुई लूट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया। सपा नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका दायित्व है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और भविष्य में इसका राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बूंदी जिले में पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी ऐसे समय हो रही है जब योजना के टेंडर पांच महीने से बंद हैं। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने इस मामले का संज्ञान लिया है। ठग खुद को सरकारी नुमाइंदा बताकर किसानों को 80-90% सब्सिडी पर 35 हजार रुपए में सोलर पंप लगाने का झांसा दे रहे हैं। ठग किसानों को फोन कॉल के जरिए और गांवों में सीधे संपर्क करके अपने जाल में फंसा रहे हैं। केपाटन के मेहराणा गांव निवासी राजाराम प्रजापत ने बताया कि उनके गांव में 4-5 किसानों से एक-एक हजार रुपए और उनकी आईडी ली गई। राजाराम ने कहा, मुझे भी 35 हजार रुपए में पंप सेट का ऑफर मिला था, लेकिन जब मैंने उद्यान विभाग में पता किया तो जानकारी मिली कि योजना बंद है। उद्यान उपनिदेशक ने इस संबंध में एक अलर्ट जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम कुसुम कंपोनेंट-बी के टेंडर पिछले पांच महीने से बंद हैं। वर्ष 2026-27 के लिए न तो कोई दिशा-निर्देश जारी हुए हैं, न दरें तय की गई हैं और न ही कोई फर्म अनुबंधित है। विभाग ने यह भी बताया कि सरकारी प्रक्रिया में किसान की राशि केवल प्रशासनिक स्वीकृति के बाद सरकारी खाते में जमा होती है, किसी व्यक्ति के पास नहीं। कृषि उद्यान अधिकारी सीताराम मीणा ने किसानों को आगाह किया है। उन्होंने कहा, 90% अनुदान की बात पूरी तरह झूठ है। किसान किसी भी अज्ञात व्यक्ति को नकद या ऑनलाइन भुगतान न करें। मीणा ने चेतावनी दी कि ऐसा करने पर होने वाले नुकसान के लिए किसान स्वयं जिम्मेदार होंगे। बूंदी जिले को ठगों द्वारा निशाना बनाने का एक प्रमुख कारण है कि यह धान का एक बड़ा गढ़ है। जिले में 5000 से अधिक सोलर पंप सफलतापूर्वक चल रहे हैं और 500 से अधिक किसानों के आवेदन लंबित हैं। खरीफ की बुवाई से पहले खेतों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, और ठग किसानों की इसी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। क्या करें किसान1. किसी भी कॉल या व्यक्ति को आईडी-पैसे न दें।2. योजना की स्थिति के लिए सहायक कृषि अधिकारी या कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क करें।3. ठगी की सूचना तुरंत पुलिस और उद्यान विभाग को दें।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर स्थित संजय नगर में शनिवार सुबह रेलवे की टीम ने अतिक्रमण हटाया। भुसावल से खंडवा तक प्रस्तावित 131 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के दायरे में संजय नगर के लगभग 60 मकान आ रहे थे। रेलवे ने इन मकानों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। रेलवे ने मकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर 6 जून से पहले अतिक्रमण हटाने को कहा था। इसका असर यह हुआ कि दो दिन पहले से ही लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए थे। शनिवार को शेष बचे अतिक्रमण को हटाने के लिए रेलवे की टीम जेसीबी और अमले के साथ संजय नगर पहुंची। इस दौरान किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ, क्योंकि अधिकांश लोगों ने पहले ही अपने मकान तोड़ लिए थे। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि रेलवे द्वारा संजय नगर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है और इसके लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। एएसपी एएस कनेश, तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले सहित पुलिस बल और अलग अलग थानों के टीआई, रेल्वे की टीम मौजूद थी। प्रभावित परिवारों को नगर पालिका की ओर से दूसरे स्थान पर विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन परिवारों को भातखेड़ा सेक्टर के चूना भट्टा क्षेत्र में बसाया जाएगा। नजूल की जमीन नगर पालिका को आवंटित कर दी गई है। नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने बताया कि भातखेड़ा सेक्टर के चूना भट्टा क्षेत्र में गजानन मंदिर के समीप और आरोग्य मंदिर के पड़ोस में 0.9500 हेक्टेयर जमीन जिला प्रशासन द्वारा आवंटित की गई है। सीएमओ के माध्यम से नजूल भूमि हस्तांतरण के लिए आवेदन किया गया था, जिसकी स्वीकृति कलेक्टर द्वारा 5 जून को ही दे दी गई थी। संजय नगर के रहवासियों को यह जमीन दिखा दी गई है। नगर पालिका यहां उन्हें व्यवस्थित ढंग से बसाने की तैयारी कर रही है। दोपहर में जेसीबी के माध्यम से जमीन समतल कराई जाएगी। विधायक के प्रयास से मिली जमीन संजय नगर के रहवासियों को जमीन आवंटन में नेपानगर विधायक मंजू दादू का खास रोल रहा है। पिछले दिनों वह नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में पहुंची थी और जमीन आवंटन का प्रस्ताव रखवाया था। इससे पहले भी वह संजय नगर में लोगों से मिलने पहुंची थीं और अफसरों से चर्चा की थी। यही वजह है कि दूसरी जगह जमीन मिलने पर संजय नगर में किसी तरह का विरोध नहीं हुआ, बल्कि लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान तोड़े।
HPCL कांड, सुधीर गुप्ता के परिजन SSP से मिले:जांच की स्थिति जानी, फास्ट ट्रैक कोर्ट का आश्वासन मिला
बदायूं HPCL कांड में मारे गए डीजीएम सुधीर गुप्ता के परिजनों ने आज एसएसपी अंकिता शर्मा से मुलाकात की। परिजनों ने मामले में अब तक की जांच की स्थिति जानी। यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली, जिसके बाद परिवार को सुरक्षा घेरे में वहां से रवाना किया गया। सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एसएसपी आवास पहुंची थीं। इस दौरान एसएसपी ने सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को भी बुलाया। दोनों अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को उन सभी पहलुओं पर जानकारी दी, जिन पर पुलिस अब तक जांच कर चुकी है। मुलाकात के बाद रश्मि गुप्ता ने बताया कि उन्हें चार्जशीट दाखिल होने का इंतजार था। एसएसपी अंकिता शर्मा ने उन्हें सूचित किया कि मामले की तहकीकात पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। एसएसपी ने परिवार को आश्वासन दिया कि इस मामले को जल्द से जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा और सभी आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाई जाएगी। रश्मि गुप्ता ने यह भी बताया कि परिवार मुख्य रूप से यह जानने आया था कि उनके पति डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के पीछे का वास्तविक कारण क्या था। उन्होंने कहा कि सुबह उठते बैठते हम यही सोच में रहते हैं कि ऐसा क्या कारण हो गया की गोली से किसी ने मार दिया हम किसी चींटी को भी खिलते हैं मरते नहीं है तो ऐसे में इतना गुस्सा किस बात को लेकर रहा। गोली से दो अधिकारियों की हत्या करना इतनी सुरक्षित जगह में जो की कॉन्फ्रेंस रूम में वह भी एचपीसीएल प्लांट के अंदर। उन्होंने कहा कि मीटिंग में कई लोग बैठे थे लेकिन दो अधिकारियों की हत्या करना हमें अभी तक समझ में नहीं आ रहा है गले से उतर नहीं रहा है हुआ कैसे। हर रोज ऑफिस में भी जाती हूं करोड़ों लोग जाते हैं। यही सोच कर अच्छे से काम करेंगे। कोई यह नहीं सोचता कि कांफ्रेंस में बैठे हैं तो कोई उसके मार देगा। इस चीज का हमें विश्वास नहीं हो रहा है। पुलिस पर हमें भरोसा है, जिन लोगों ने हत्या की है उन्हें सजा दिलवाई जाएगी। इसके पीछे कुछ और भी लोग हो सकते हैं। अकेले जाकर ऐसे ही कोई हत्या नहीं कर सकता। किस तरह से क्या हुआ इस बात की जांच हो रही है ताकि आगे किसी भी नागरिक के साथ ऐसा ना हो और यूपी में सभी सुरक्षित महसूस करें और अपने काम को शांति से सुरक्षा के साथ करें। सरकार हमको न्याय देगी पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद वह सपोर्ट कर रही है। इसके बाद परिवार वाले यहां से चला गया।
जौनपुर में SDM मुंशी पर हमला:तीन नकाबपोश बदमाशों ने बाइक रोकी, लाठी-डंडों से पिटाई की
जौनपुर में एसडीएम सदर कार्यालय के मुंशी रमाशंकर विश्वकर्मा पर शनिवार सुबह अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के पतहना गांव के पास हुई इस घटना में बदमाशों ने उन्हें बीच सड़क पर रोककर लाठी-डंडों और हेलमेट से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय रमाशंकर विश्वकर्मा अपने 18 वर्षीय पोते नितिन के साथ सुबह लगभग 8:30 बजे कलेक्ट्रेट कचहरी स्थित एसडीएम कार्यालय जा रहे थे। घर से करीब 100 मीटर दूर पहुंचते ही तीन नकाबपोश बदमाशों ने उनकी बाइक रोकी और उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने मुंशी रमाशंकर को लात-घूंसों, लाठी-डंडों और हेलमेट से बुरी तरह पीटा। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा किया, जिसके बाद हमलावर अपनी बाइक से फरार हो गए। हमले में रमाशंकर विश्वकर्मा के सिर से गंभीर चोट आई और काफी खून बह रहा था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को करंजाकला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जौनपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पीड़ित रमाशंकर विश्वकर्मा ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी टिफनी ट्रंप की मेजबानी कर चुके होटल सूर्यगढ़ के स्टाफ ने होटल परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में रोहिड़ा, नीम, खेजड़ी सहित 60 मरुस्थली पौधे रोपे। पानी की बचत के लिए इन्हें ड्रिप सिस्टम से जोड़ा गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए बेजुबान पक्षियों के लिए जगह-जगह बर्ड फीडर और परिंडे बांधकर दाना-पानी का इंतजाम भी किया गया। होटल के गिरिराज शर्मा ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने बताया- राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी के निर्देश पर विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष पर मशहूर होटल सूर्यगढ़ में विशेष अभियान चलाया गया। बूंद-बूंद सिस्टम से सींचे जाएंगे 60 पौधे होटल के स्टाफ ने मिलकर परिसर में 60 देशी पौधे लगाए। इनमें रोहिड़ा, नीम, खेजड़ी, जाल और सिरस जैसी प्रजातियां शामिल हैं, जो रेगिस्तान के मौसम के अनुकूल होती हैं। खास बात यह है कि पानी की बचत के लिए इन पौधों को ड्रिप सिस्टम (बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति) से जोड़ा गया है ताकि इस भीषण गर्मी में भी पौधे सूखने न पाएं। पक्षियों के लिए बांधे परिंडे जैसलमेर की तेज गर्मी को देखते हुए होटल की अलग-अलग जगहों पर बर्ड फीडर और पानी के बर्तन लगाए गए। कार्यक्रम में धनेश्वर टेलर ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोजमर्रा की जिंदगी में पर्यावरण को बचाने वाली आदतें अपनाने और पौधों की लगातार देखभाल करने की शपथ दिलाई। लोगों को प्रेरित करना हमारा मकसद-गिरिराज शर्मा होटल के गिरिराज शर्मा ने बताया, हम लगातार इस तरह के काम करके लोगों को मोटिवेट करते हैं। हमारा मकसद सिर्फ बिजनेस करना नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा के लिए समाज को साथ जोड़ना भी है। गौरतलब है कि यह वही नामचीन होटल है जहां कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति के साथ छुट्टियां मनाने आई थीं। पर्यावरण को बचाने के लिए होटल की इस पहल की काफी तारीफ हो रही है।
केंद्र में जाट समाज को आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में 21 जून को हुंकार रैली का आयोजन किया जा रहा है। हुंकार रैली में सांसद हनुमान बेनीवाल भी पहुंचेगे। रैली में आरक्षण की मांग को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। हुंकार रैली में पहुंचने के लिए आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक ने समाज के लोगों को पीले चावल बांटे। दूसरी तरफ भरतपुर बीजेपी के कार्यकर्ता हनुमान बेनीवाल के भरतपुर आने पर उनका विरोध करने की बात कह रहे हैं। बीजेपी ने केंद्र से ख़त्म किया आरक्षण भरतपुर धौलपुर डीग जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि 3 जिले के युवाओं के केंद्र में आरक्षण की मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है। सरकार से जाट समाज को फुटबॉल बना दिया है। समाज के लोग साल 2000 से आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साल 2013 में जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिया गया लेकिन बीजेपी सरकार ने 10 अगस्त 2015 में सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर केंद्र और राज्य का आरक्षण ख़त्म कर दिया गया। सीएम भजन लाल शर्मा ने दिया आश्वाशन लंबे आंदोलन के बाद 23 अगस्त 2017 को वसुंधरा सरकार ने जाट समाज को स्टेट में आरक्षण दे दिया। उसके बाद भी केंद्र की लड़ाई जारी रही। केंद्र में आरक्षण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत ने चिट्ठी लिखी साथ ही सीएम भजन लाल शर्मा ने भी आश्वासन दिया था कि लोकसभा चुनाव के बाद आरक्षण दे दिया जाएगा। पूरे राजस्थान के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण है लेकिन तीन जिले के समाज को केंद्र में आरक्षण नहीं है। आरक्षण मिला तो, हुंकार रैली को धन्यवाद में बदला जाएगा केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर 21 जून को नुमाइश मैदान में हुंकार रैली का आयोजन किया जाएगा। आज तीनों जिले का जाट समाज मीटिंग के लिए इकट्ठा हुआ है। मीटिंग में आगे की रणनीति तय की जाएगी। हुंकार रैली में सभी जाट समाज के नेताओं को इकट्ठा किया जाएगा। अगर हमें केंद्र में आरक्षण मिलता है तो, हम हुंकार रैली को धन्यवाद सभा में बदल देंगे। हुंकार रैली में सांसद हनुमान बेनीवाल आएंगे। अगर सरकार ने हमारी बात को गंभीर नहीं लिया तो, इसके परिणाम गंभीर होंगे। बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं कर सकते बेनीवाल का विरोध वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का कार्यकर्ता कह रहे हैं कि हनुमान बेनीवाल भरतपुर आएंगे तो, उनका विरोध किया जाएगा। इस पर नेम सिंह फौजदार ने कहा कि जो लोग हनुमान बेनीवाल का विरोध करने की बात कह रहे हैं वह अपने गिरेबान में झांके, उनकी हैसियत शायद उनके घर में भी नहीं होगी। सभी लोगों की जन्म कुंडली हमारे पास है। अगर हम पत्ते खोलने लगे तो, जवाब देना भारी पड़ जाएगा।
अलवर में एक चोर घर में घुसकर रिटायर्ड फौजी और पूर्व टीसी अमरीक सिंह के दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) और मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। इसके बाद डॉक्यूमेंट और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर खाते से साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए। घटना शहर के शिवाजी पार्क थाना इलाके में गणपति विहार की है। यहां 29 मई की रात करीब 3 बजे चोर घर में घुसा था। पीड़ित अमरीक सिंह के अनुसार, घटना की रात घर में सो रहा था। इसी दौरान चोर घर के अंदर घुस आया। आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सैनिक कैंटीन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद बिस्तर के सिरहाने रखा मोबाइल फोन उठाकर ले जाने लगा तो मेरी नींद खुल गई। चोर का हाथ पकड़ लिया, लेकिन आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग निकला। मोहल्ले तक दौड़ा, लेकिन चोर भाग निकला अमरीक सिंह ने बताया- चोर के पीछे मोहल्ले तक दौड़ा और चिल्लाया भी, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया- घटना के बाद 3 जून को मैंने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखकर पता चला कि 31 मई से 3 जून के बीच अलवर, किशनगढ़बास और तिजारा में अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए गए थे। पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी इसके बाद 5 जून को शिवाजी पार्क थाने में मामला दर्ज किया। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित के घर में चोरी की पूरी घटना बताने के बावजूद पुलिस ने चोरी की धारा नहीं जोड़ी। रिपोर्ट में केवल इतना उल्लेख किया गया कि पीड़ित के दस्तावेज और मोबाइल गुम हो गए थे। पीड़ित अमरीक सिंह का आरोप है कि पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि चोर घर में घुसा था, उसे पकड़ने की कोशिश भी की थी। वह चोरी कर भाग गया था। इसके बावजूद मेरी शिकायत को दस्तावेज गुम होने के रूप में दर्ज कर लिया गया। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी।
मुंगेर में एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक पति पर उसकी पत्नी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। यह घटना पूरबसराय थाना क्षेत्र के शाहजुवे रोड पर हुई, जहां मोहम्मद फैसल खान नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित फैसल खान ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद उसकी पत्नी अपनी चार माह की बेटी और घर में रखे लाखों रुपये के जेवरात लेकर मायके चली गई। इस मामले में पूरबसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुट गई है। कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, शाहजुवे रोड निवासी मोहम्मद फैसल खान की शादी 13 अप्रैल 2025 को भागलपुर जिले के कबीरपुर निवासी इशरत हसन उर्फ सानिया से हुई थी। फैसल ने बताया कि शादी के शुरुआती दिन सामान्य थे, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। फैसल खान ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी का किसी अन्य युवक से संबंध था और वह अक्सर उससे फोन पर बात करती थी। इसी बात को लेकर उनके घर में लगातार तनाव बना रहता था। घर के बरामदे में सो रहा था पीड़ित के अनुसार, उसकी पत्नी अलग रहने की जिद करती थी और उसकी मां के साथ भी अक्सर झगड़े होते थे। घटना से एक दिन पहले भी फैसल की मां और पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। फैसल ने बताया कि वह देर रात काम से लौटकर घर के बरामदे में सो रहा था। इसी दौरान उसकी पत्नी वहां पहुंची और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पत्नी ने धारदार हथियार से फैसल के संवेदनशील अंग पर हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। परिजनों ने उसे तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कई टांके लगाए। चार माह की बेटी को लेकर मायके चली गई फैसल का आरोप है कि घटना के बाद उसकी पत्नी घर में रखे लाखों रुपए के जेवरात और उनकी चार माह की बेटी को लेकर मायके चली गई। उसने कहा कि उसने कई बार रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते गए। अब उसे अपनी मासूम बेटी की चिंता सता रही है। इधर, पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
श्रीगंगानगर के किसान शनिवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद का कोटा और डेट बढ़ाने की मांग को लेकर इस प्रदर्शन में किसान, मजदूर और भी शामिल हैं। इस दौरान महाराजा गंगा सिंह चौक पर किसान बैरिकेड्स तोड़कर कलेक्ट्रेट की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे इसी दौरान ट्रेनी आईपीएस ज्ञानेंद्र भारती ट्रैक्टर के आगे आकर खड़े हो गए इसके बाद किसान रुक गए। इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चे के बैनर तले हो रहे इस प्रदर्शन में सुबह 11 बजे से जिलेभर से आए प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा सिंहसभा में इकट्ठे हुए थे। किसान नेता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने बताया- इस बार जिले में गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है, लेकिन सरकार की ओर से मात्र 6 लाख मीट्रिक टन से भी कम गेहूं खरीदा गया है। खुले बाजार में गेहूं औसतन 2400 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि MSP 2735 रुपए प्रति क्विंटल है। जिले में करीब 40 प्रतिशत किसान अब भी सरकार को अपना गेहूं बेचने से वंचित हैं। यदि सरकार MSP पर खरीद लक्ष्य और अवधि नहीं बढ़ाती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। अब अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा। देखें मौके की तस्वीरें… बता दें कि गेहूं खरीद को लेकर पहले भी किसान अनेक बार प्रदर्शन कर चुके हैं। इससे पहले किसानों ने कई बार जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया और कलेक्ट्रेट के बाहर गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां खाली कर दी थीं। इसी तरह सादुलशहर व श्रीविजयनगर के एसडीएम कार्यालय पर भी ट्रैक्टर ट्रॉलियों से गेहूं खाली करके विरोध दर्ज कराया गया था। किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार को तुरंत खरीद लक्ष्य बढ़ाना चाहिए, ताकि किसान MSP पर अपना पूरा गेहूं बेच सकें।
बरेली में बारात घर में दहेज को लेकर मारपीट हो गई। आरोप है कि दूल्हे पक्ष के लोगों ने लड़की के पिता के साथ मारपीट की। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित ने शनिवार को पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। पूरा मामला आंवला थाना क्षेत्र का है। फुंदन नगर गांव के रहने वाले नन्हें ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। नन्हें ने बताया कि 3 जून को मेरी बेटी की शादी थी। मैंने अपनी क्षमतानुसार दान-दहेज दिया, जिसमें एक मोटरसाइकिल भी शामिल थी। बारात पहुंचने के बाद दूल्हे पक्ष के लोगों ने मोटरसाइकिल को लेकर नाराजगी जताई और बुलेट मोटरसाइकिल के साथ दो लाख रुपए नकद की मांग करने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर बारात बिना दुल्हन के वापस चली जाएगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद दूल्हे पक्ष के कुछ लोग, जो नशे में थे, अपनी गाड़ियों से डंडे और लोहे की रॉड निकाल लाए और हमला कर दिया। मारपीट में लड़की के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में चोट आई और उन्हें सुनने में भी दिक्कत होने लगी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि हंगामे के दौरान महिलाओं और युवतियों के साथ अभद्रता की गई तथा परिवार के अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की गई। साथ ही विरोध करने पर जान से मारने और लड़की का तलाक कराने की धमकी दी गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले के केरपानी गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक टेंट हाउस पर नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। यह घटना करीब रात 2 बजे की है और पूरी वारदात दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वाहन और सामान को बनाया निशाना ग्राम केरपानी निवासी आशीष रजक के टेंट हाउस के बाहर खड़े मालवाहक वाहन और एक मोटरसाइकिल पर बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला किया। इस दौरान वाहन के शीशे और कई हिस्से टूट गए। इसके बाद दुकान के बाहर रखे टेंट हाउस के बर्तनों और अन्य सामान में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद मौके से फरार हुए आरोपी हमले के बाद दोनों नकाबपोश आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी के आधार पर जांच शुरू सुआतला थाना पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि कुछ दिन पहले पीड़ित का एक ग्रामीण से विवाद हुआ था, जो इस हमले का कारण हो सकता है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को लिया हिरासत में पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखने की बात कही है।
अजमेर के मित्तल हॉस्पिटल की गायनिक डॉक्टर व सर्जरी करने वाली टीम पर इलाज में लापरवाही व सर्जिकल इंजरी कर जान को जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता के पति की ओर से पेश किए गए कोर्ट इस्तगासे के आधार पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया-बालूपुरा रोड आदर्श नगर अजमेर निवासी आरती भटनागर के पति प्रियदर्शी भटनागर की रिपोर्ट पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति सिंह राव, घिसी बाई मेमोरियल मितल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर के स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच एएसआई जगमाल को सौंपी गई है। वहीं इस मामले में डॉ. अदिती राव का कहना है कि इलाज में लापरवाही के आरोप निराधार हैं। रोगी को सामान्य चिकित्सीय स्थिति में छुट्टी दी गई। 7 दिन बाद व 21 दिन बाद रिव्यू के लिए मरीज ओपीडी में आई और कभी कोई ऐसी शिकायत नहीं बताई गई। इसके बाद भी रोगी या परिजन कभी कोई शिकायत लेकर नहीं आया। ये लगाए आरोप शिकायतकर्ता प्रियदर्शी भटनागर ने कोर्ट में पेश इस्तगासे में बताया कि उसकी पत्नी को गायनिक समस्या के उपचार के लिए घिसीबाई मेमोरियल मित्तल हास्पीटल एण्ड रिसर्च सेन्टर अजमेर ले जाया गया। जहां डॉ. अदिति सिंह राव के पास भेजा गया। डॉक्टर राव ने बताया कि पीडिता की बच्चेदानी गर्भाशय में गांठें है तथा उसका एकमात्र उपचार दूरबीन विधि लेप्रोस्कोपिक शल्य चिकित्सा द्वारा यूट्रेस रिमूवल सर्जरी से गर्भाशय हटाने से ही संभव है। इन पर विश्वास कर मित्तल हास्पीटल अजमेर में ईलाज के लिए भर्ती किया गया तथा 19 जनवरी 2026 को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अदिति सिंह राव व टीम की ओर से ऑपरेशन किया गया। आरोपी डॉक्टर ने घोर आपराधिक लापरवाही असावधानी एवं अपेक्षित चिकित्सीय कौशल के अभाव से कार्य करते हुए पीड़िता के गंभीर सर्जिकल इंजरी कर दी। जिसकी जानकारी होने के बावजूद परिजन से छुपाई। आरोपियों ने सामूहिक रूप से गुमराह करके पीड़िता को अस्थिर और असामान्य स्थिति में ही डिस्चार्ज कर दिया। आरोपी डॉक्टर के द्वारा पीड़िता की सर्जरी में की गई लापरवाही को जानकार और पहचान होने के बावजूद भी छिपाते हुए आपराधिक मानसिकता से केवल औपचारिक दवाईया लिख टालमटोल किया। पीड़िता को राहत देने के लिए कोई आपात उपचार नही दिया गया।पीड़िता की जान को संकट में डाल उसे तत्काल इलाज से वंचित रखा। बाद में पीडिता लगातार तबीयत बिगड़ी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर में कई विशेषज्ञ डॉक्टर्स को उपचार के लिए दिखाया गया तथा जांच कराई। जयपुर में डॉक्टर्स को दिखाया और जांचो से यह स्पष्ट रूप से पता चला कि पूर्व सर्जरी शल्य चिकित्सा के दौरान गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। जो चिकित्सा विज्ञान के अनुसार स्वतः उत्पन्न नहीं होती, बल्कि केवल उसी स्थिति में उत्पन्न होती है, जब सर्जरी शल्य चिकित्सा के दौरान प्रत्यक्ष क्षति पहुंचाई जाती है। इसके बाद जटिल शल्य चिकित्सा सर्जरी करानी पड़ी। अजमेर में की गई गंभीर जानलेवा लापरवाही व सामूहिक आपराधिक षड्यंत्र को सिद्ध करता है। अत: मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। ………. पढें ये खबर भी… CBSE- 12वीं स्टूडेंट्स को राहत, अंतिम तिथि कल तक बढ़ाई:मार्क्स वेरिफिकेशन-पुनर्मूल्यांकन करा सकेंगे; पोर्टल पर साइबर हमला की दी शिकायत केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं परीक्षा 2026 के स्टूडेंट्स को राहत देते हुए आंसर बुक के वेरिफिकेशन और सवालों के पुनर्मूल्यांकन आवेदन की अंतिम तिथि अब 6 जून के बजाय 7 जून मध्य रात्रि तक बढ़ा दी है। पूरी खबर पढें
रोहतक से दिल्ली जा रहे सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों को शनिवार को सांपला में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये सभी नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर भी शामिल थे। पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। सांपला और रोहतक पुलिस ने हिरासत में लिया जानकारी के अनुसार, दिल्ली की ओर बढ़ रहे समर्थकों को सांपला क्षेत्र में सांपला और रोहतक थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रोका। इस दौरान जयदेव डागर सहित कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया। जयदेव डागर ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डागर ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका, रिहा किया वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर यह आवश्यक कार्रवाई की गई थी। बाद में हिरासत में लिए गए सभी समर्थकों को रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों को सजा देने की अपनी मांग दोहराई।
जयपुर में पुलिस अधिकारी बनकर दो ई-मित्र संचालकों से रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम लिस्ट में नाम दिखाकर दोनों संचालकों को रुपए देने के लिए डराया गया। डिमांड पूरी नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी दी। कालवाड़ थाने में पीड़ित ई-मित्र संचालकों की ओर से FIR दर्ज करवाई गई है। ASI फुलाराम ने बताया- दौसा के बसवा निवासी राहुल योगी (22) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह कालवाड़ में ई-मित्र राजस्थान ग्रामीण कियोस्क चलाता है। कुछ ही दूरी पर उसके परिचित राकेश की भी ई-मित्र कियोस्क है। 22 मई से प्रवीण नाम के व्यक्ति का ई-मित्र पर आना-जाना है। वह खुद को साइबर क्राइम ब्रांच जयपुर का अधिकारी होना बताता है। विश्वास दिलाने के लिए उसने साइबर क्राइम ब्रांच जयपुर की पुलिस आईडी भी दिखाई। ई-मित्र पर आने-जाने के कारण राहुल व राकेश से उसकी बातचीत होने लगी। नाम हटाने के बदले मांगे रुपए बुधवार शाम करीब 5:30 बजे कथित पुलिस अधिकारी प्रवीण ई-मित्र पर आया। उसने परिचित राकेश को भी बुलाने की कहा। बुलाने पर राकेश भी राहुल की ई-मित्र पर आ गया। जिसके बाद आरोपी पुलिस अधिकारी ने दोनों को साइबर रिपोर्ट की लिस्ट दिखाई। लिस्ट दिखाकर कहा- साइबर क्राइम लिस्ट में आप दोनों का भी नाम है। लिस्ट से अगर अपना नाम हटवाना चाहते हो तो रुपए देने होंगे। जेल भेजने की धमकी देकर राहुल से 18 हजार और राकेश से 60 हजार रुपए की डिमांड की। धमकाया- रुपए नहीं दिए तो जेल भेज दूंगा। पीड़िता के जानकारी करने पर उसके फेक पुलिस अधिकारी होने का पता चला। कालवाड़ थाने में पीड़ित राहुल ने अपने परिचित राकेश के साथ जाकर शुक्रवार को मामला दर्ज करवाया।
पंजाब में भीषण सड़क हादसा: अंतिम संस्कार में जा रहे एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत
पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार को एक पिकअप गाड़ी और एक भारी ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
खरगोन में बारिश के बाद उमस और गर्मी बढ़ी:सुबह 50 किमी/घंटा के रफ्तार से चली हवा, दोपहर में हुई धूप
खरगोन में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तेज गर्मी के बाद हुई आंधी और बारिश से मिली ठंडक अब गायब हो गई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, लेकिन दिन चढ़ते ही 11 बजे के बाद तीखी धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। पिछले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 4.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जो 38 से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसी अवधि में न्यूनतम तापमान भी 2 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 24.2 से 26.7 डिग्री सेल्सियस हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक बादल छाए रहने, उमस बढ़ने और कुछ क्षेत्रों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे उमस में इजाफा हुआ है। इसी वजह से वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। प्रदेश सहित खरगोन जिले में भी प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जिसके चलते आंधी, गरज-चमक के साथ जिले के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
बेगूसराय में बैंक मैनेजर से ठगी का मामला सामने आया है। ऐप डाउनलोड कराकर साइबर ठगों ने खाते से 6 लाख रुपए उड़ा लिए। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित को उनकी डूबी हुई रकम का एक हिस्सा वापस मिल गया है। पीड़ित संतोष कुमार बांका जिले के अमरपुर मोदी टोला के रहने वाले हैं। वर्तमान में बरौनी में 'क्रेडिट एक्सिस ग्रामीण लिमिटेड' में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया 12 अप्रैल 2025 को एक अज्ञात नंबर (8002720307) से कॉल आया। केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के बहाने आभा (ABHA) नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया गया। ऐप में अपना मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और अन्य डिटेल्स डालने के बाद साइबर ठगों ने उनके इंडसइंड बैंक खाते (IndusInd Bank) में सेंध लगा दी।ठगों ने कुल चार ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से देखते ही देखते छह लाख रुपए गायब कर दिए। चार बार में उड़ाए पैसे संतोष कुमार ने साइबर थाने दी गई शिकायत में बताया कि ठगों ने पहली बार में 2 लाख, दूसरी बार में 2 लाख, तीसरी बार में 1.5 लाख और चौथी बार में 50 हजार की अवैध निकासी की। फोन पर आने वाले सभी मैसेज को ठगों द्वारा रीड किया जा रहा था। शक होने पर वापस कॉल किया तो आरोपियों ने खुद को इंडसइंड बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर गुमराह किया। जिसके बाद इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई। फिर बेगूसराय साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया था। बैंक अकाउंट को होल्ड कर दिया गया है साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों को ट्रैक किया और उसमें मौजूद राशि को फ्रीज (होल्ड) करवा दिया। इस मुस्तैदी के कारण होल्ड किया गया 1,77,889 रुपए (एक लाख सतहत्तर हजार आठ सौ नवासी) सफलतापूर्वक रिकवर कर वादी संतोष कुमार के खाते में वापस भिजवा दिया गया है। साइबर पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें 1. किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई भी ऐप (जैसे Anydesk, TeamViewer, या कोई अज्ञात KYC ऐप) डाउनलोड नहीं करें। 2. बैंक कभी भी फोन पर पैन, आईडी या ओटीपी (OTP) जैसी निजी जानकारियां नहीं मांगता है। यह सब देने से बचें। 3. किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जिससे समय रहते पैसा होल्ड किया जा सके।

