जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के विशेष अभियान 'ऑपरेशन आग' के तहत जिला विशेष टीम (डीएसटी) जयपुर ईस्ट और सांगानेर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त जयपुर ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि संगठित अपराध, अवैध हथियार रखने वालों और गैंगवार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सांगानेर क्षेत्र में दो युवक अवैध हथियार लेकर घूम रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रोहन मलिक (28) निवासी रहीम नगर ग्रीन पार्क, खोह नागोरियान और गणेश मेघवाल (24) निवासी श्रीकृष्ण नगर, हाल होटल करणी कृपा, पुष्कर बाईपास, अजमेर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में सांगानेर थाने में बीएनएस की धारा 111(2)(ख) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ में हुआ खुलासा प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें ये हथियार उनके एक दोस्त ने दिए थे। वे इन हथियारों का इस्तेमाल अपने आपराधिक गतिविधियों में करने के उद्देश्य से जयपुर लेकर आए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति कौन है और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गणेश मेघवाल के खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले, जबकि रोहन मलिक के खिलाफ 3 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। अधिकांश प्रकरण आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े हैं। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वे किन वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में थे तथा उनके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
बिठूर विधानसभा से विधायक अभिजीत सिंह सांगा की मां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह और कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे उनके आवास पहुंचे। अभिजीत सिंह सांगा की मां डॉ. निर्मला सिंह बिठूर नगर पंचायत की अध्यक्ष थीं। 23 जून को बीमारी के चलते दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। बिठूर स्थित विधायक आवास पर लगातार जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह बिठूर स्थित ओम भवन पहुंचे। उन्होंने अभिजीत सिंह सांगा से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद स्व. डॉ. निर्मला सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। धनंजय सिंह ने करीब 30 मिनट तक अभिजीत सिंह सांगा से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी गुरुवार दोपहर 2 बजे के बाद बिठूर स्थित ओम भवन पहुंचे। यहां उन्होंने स्व. डॉ. निर्मला सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद करीब 25 मिनट तक विधायक निवास पर अभिजीत सिंह सांगा से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी और फिर रवाना हो गए। बिठूर की राजनीति का बड़ा चेहरा थीं डॉ. निर्मला डॉ. निर्मला सिंह बिठूर की राजनीति में तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहीं। वह पहली बार वर्ष 2002 में बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं। इसके बाद लगातार पांच बार इस पद पर निर्वाचित हुईं और वर्तमान में भी नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थीं। पति डॉ. धीरेंद्र सिंह के निधन के बाद उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को मजबूती से संभाला। राजनीति विज्ञान विषय में पीएचडी करने वाली डॉ. निर्मला सिंह ने जनसेवा को अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया। बिठूर को दिलाई पर्यटन मानचित्र पर पहचान डॉ. निर्मला सिंह के कार्यकाल में बिठूर के विकास को नई गति मिली। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले बिठूर में घाटों के सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित की गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके प्रयासों से बिठूर को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में नई पहचान मिली। घाटों के विकास और नगर की सुविधाओं में सुधार को उनकी बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
बस्ती में गौर थाना क्षेत्र के महुआडाबर में 1 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पहले एक पक्ष की तहरीर पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने भी फायरिंग और मारपीट का आरोप लगाते हुए गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया। महुआडाबर निवासी रामकेवल सिंह उर्फ कुट्टी ने अपनी तहरीर में बताया कि 1 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह अपने चाचा के घर के सामने बैठे थे। आरोप है कि प्रशांत सिंह, राजेश्वर सिंह उर्फ अमर सिंह, अमित सिंह तथा दो अन्य लोग दो मोटरसाइकिलों से वहां पहुंचे। पुरानी रंजिश को लेकर उन्होंने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान प्रशांत सिंह ने कट्टे से फायर किया, जिसकी गोली उनके सिर के ऊपर से निकल गई। शोर मचने पर ग्रामीणों ने प्रशांत सिंह को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना में नया मोड़ तब आया, जब सरनागी निवासी जयहरगोविंद सिंह ने भी गौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र प्रशांत सिंह पर रामकेवल उर्फ कुट्टी, मयंक श्रीवास्तव, अमूल सिंह राना समेत अन्य लोगों ने हमला किया। तहरीर में यह भी आरोप है कि मयंक श्रीवास्तव ने गोली चलाई तथा रामकेवल ने प्रशांत के हाथ में जबरन तमंचा पकड़ाकर उसका वीडियो बनवाया और धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा संख्या 112/2026 में कार्रवाई करते हुए सरनागी निवासी प्रशांत सिंह और गड़हा दलथम्मन निवासी राजेश्वर सिंह उर्फ अमर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। यह कार्रवाई थानाध्यक्ष अतुल अंजान के नेतृत्व में गठित टीम ने की। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीरों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, हुड़दंग करने और आम लोगों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार के पर्यवेक्षण में सभी पांच जोनों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 256 स्थानों पर चेकिंग की गई। अभियान के दौरान 6,974 लोगों की जांच की गई, जिनमें सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते मिले 1,316 लोगों के खिलाफ धारा-34 के तहत चालान की कार्रवाई की गई। देर रात तक चला अभियान, बाजारों से लेकर पार्क और बस स्टैंड तक रही पुलिस की निगरानी पुलिस के अनुसार यह विशेष अभियान 30 जून और 1 जुलाई की रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक चलाया गया। अभियान के दौरान बाजारों, पार्कों, बस स्टैंडों, चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, दुकानों के बाहर तथा अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस टीमों ने सघन चेकिंग की। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने, महिलाओं एवं राहगीरों को परेशान करने तथा अशोभनीय व्यवहार करने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई। मौके पर मिले लोगों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई। हर जोन में डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों ने संभाली कमान अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी जोनों के पुलिस उपायुक्तों के नेतृत्व में एसीपी और थाना प्रभारियों की टीमों को मैदान में उतारा गया। पुलिस टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार गश्त करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करते मिले लोगों के खिलाफ चालान किया गया और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी भी दी गई। पश्चिमी जोन में सबसे अधिक कार्रवाई, 400 लोगों के कटे चालान जोनवार आंकड़ों के अनुसार पश्चिमी जोन में सबसे अधिक 400 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दक्षिणी जोन में 332, पूर्वी जोन में 294, उत्तरी जोन में 156 तथा मध्य जोन में 134 लोगों के चालान किए गए। कुल मिलाकर 256 स्थानों पर 6,974 लोगों की जांच के बाद 1,316 लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस बोली- अभियान आगे भी रहेगा जारी पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सिंगर ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, हुड़दंग करने और आम नागरिकों को असुविधा पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन न करें और इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
भाभी के खाते से देवर ने निकाले 5 लाख रुएप:पति की मौत के बाद मिली थी मुआवजा राशि, DM से शिकायत
ललितपुर में एक विधवा महिला ने डीएम से शिकायत की है कि उसके देवर ने उसके बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाल लिए हैं। यह राशि महिला को पति की दुर्घटना में मृत्यु के बाद सरकारी मुआवजे के तौर पर मिली थी। जिलाधिकारी ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोतवाली तालबेहट के ग्राम बोलारी निवासी प्रियंका गुरुवार को ललितपुर पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति जसरथ की 7 अप्रैल 2025 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद सरकार द्वारा उन्हें 21 फरवरी 2026 को पांच लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई थी, जो सीधे सेंट्रल बैंक में भेजी गई थी। प्रियंका ने बताया कि उनके देवर ने उनके खाते में अपना मोबाइल नंबर डलवा लिया था। इसके बाद उसने खाते से जुड़े फोन पे और अन्य ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाकर यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग दिनों में पांच लाख रुपये अपने खाते में स्थानांतरित कर लिए। महिला की तीन नाबालिग पुत्रियां हैं। दो दिन पहले जब वह बैंक गईं, तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। जब उन्होंने देवर से इस बारे में पूछा, तो उसने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जिलाधिकारी ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तीसरी बार बढ़ा दी गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए जैसे पाठ्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तिथि अब 12 जुलाई तक निर्धारित की है। इससे पहले, आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई थी, जिसे बढ़ाकर 15 जून किया गया था। बाद में इसे दूसरी बार 30 जून तक बढ़ाया गया और अब यह 12 जुलाई तक मान्य है। इस विस्तार से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। उन्हें अब प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर के जनसंचार विभागाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने विद्यार्थियों से बढ़ी हुई समयावधि का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपना आवेदन करने का आग्रह किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संशोधित प्रवेश कार्यक्रम शीघ्र ही जारी किया जाएगा। इसमें मेरिट सूची, दस्तावेज सत्यापन, फीस जमा कराने तथा अन्य प्रवेश संबंधी गतिविधियों की नई तिथियों की घोषणा की जाएगी। डॉ. अमित भारद्वाज ने यह भी कहा कि आवेदन तिथि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को महाविद्यालयों में प्रवेश लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिसों को नियमित रूप से देखते रहें।
हरदा में करंट और जहर खाने से दो मौतें:कूलर छूने से मासूम की जान गई, युवक ने ससुराल में जहर खाया
हरदा जिले में गुरुवार को दो अलग-अलग घटनाओं में एक आठ वर्षीय बालक और एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना रहटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मगरधा में हुई। यहां आठ वर्षीय प्रिंस पिता जसवंत सूर्यवंशी गांव के एक निजी स्कूल में केजी वन में पढ़ता था। गुरुवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वह स्कूल जाने के लिए तैयार होने के बाद नहाया। शरीर सुखाने के लिए उसने घर में रखा कूलर चालू किया, तभी उसे करंट लग गया और वह अचेत हो गया। पड़ोसियों की मदद से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, उसकी दो बहनें भी हैं। उसके पिता एक निजी यात्री बस में कंडक्टर हैं, जो घटना के समय बस पर थे। सूचना मिलने पर वे बीच रास्ते से लौटकर अस्पताल पहुंचे। बिल्लोद में युवक ने जहर खायादूसरी घटना टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम बिल्लोद से संबंधित है। यहां के निवासी आनंद पिता रामगोपाल खरे (35) बुधवार सुबह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपनी ससुराल सोहागपुर आए थे। गुरुवार सुबह उन्होंने अज्ञात कारणों से जहरीली दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें पहले टिमरनी अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। आनंद मजदूरी करता था और उसके दो बेटे व एक बेटी हैं। पुलिस दोनों मामलों में परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
सहकारिता सप्ताह (29 जून से 6 जुलाई, 2026) के अंतर्गत गुरुवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में 'धरती माता बचाओ अभियान' एवं उर्वरक निगरानी समिति के संयुक्त तत्वावधान में जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह तथा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम देते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है और मिट्टी के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील की। कार्यशाला में इफको के विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के उपयोग, लाभ और वैज्ञानिक प्रयोग विधियों की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि नैनो यूरिया प्लस फसलों को आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, जबकि नैनो डीएपी जड़ों के विकास और फास्फोरस की उपलब्धता को बढ़ाता है। वहीं नैनो जिंक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर कर बेहतर फूल एवं फल बनने में मदद करता है और नैनो कॉपर फसलों को फफूंद, बैक्टीरिया एवं अन्य रोगों से बचाने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, जड़ उपचार और पर्णीय छिड़काव की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित मात्रा और सही समय पर नैनो उर्वरकों का उपयोग करने से पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है, उर्वरकों की खपत कम होती है और पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आती है। साथ ही विभिन्न फसलों के अनुसार इनके प्रयोग का समय, मात्रा और आवश्यक सावधानियों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षित कृषि पद्धतियों को अपनाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि सहकारिता विभाग किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध योजनाओं और सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यशाला के अंत में किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग संबंधी पुस्तिकाएं वितरित की गईं तथा कृषि विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, इफको राज्य विपणन प्रबंधक यतेंद्र कुमार, रीजनल मैनेजर राजेश कुमार, क्षेत्र प्रतिनिधि शुभम मिश्रा, कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी, इफको के प्रतिनिधि, सहकारी समितियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने का संकल्प दोहराया गया।
अनूपपुर में वीबी-जी रामजी मिशन शुरू:125 दिन रोजगार गारंटी, चार बातों पर रहेगा फोकस
अनूपपुर जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा में गुरुवार को 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी रामजी मिशन का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन भी सुनाया गया, जिसमें 125 दिन के रोजगार की गारंटी का वादा किया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह मिशन चार प्रमुख घटकों पर केंद्रित रहेगा: जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन। इन घटकों के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदलने की बात कही गई। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह ने कहा कि वीबी-जी रामजी मिशन केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण और समावेशी विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प ग्रामीण भारत के समग्र विकास से ही पूरा होगा। जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने बताया कि विकसित ग्राम पंचायतें ही विकसित भारत की आधारशिला हैं। इस मिशन के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। उन्होंने चार घटकों को विस्तार से बताते हुए कहा कि इनमें प्राकृतिक संसाधनों और जल का संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं का विकास, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से ग्रामीणों का बचाव करना शामिल है। इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ग्राम मुक्कावरिपल्ली से हुए लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन देखा और सुना। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों ने बदरा पंचायत परिसर में अशोक का पौधा भी लगाया।
मध्य प्रदेश अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्रसिंह यादव गुरुवार को खरगोन पहुंचे। उन्होंने यहां किसान सदस्यता कार्ड और विभिन्न हितग्राही योजनाओं का लाभ वितरित किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि सहकारिता के माध्यम से 10 लाख नए किसानों को जोड़ा जाएगा और किसानों को 3 लाख रुपये तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा, जिसे साल में एक बार चुकाया जा सकेगा। यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। सहकारिता से 10 लाख नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 7 लाख नए किसान जोड़े जा चुके हैं। छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कपास मंडी परिसर में प्रशासक यादव ने जिला सहकारी बैंक के सहकारिता सदस्यता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सहकारिता सदस्यों और हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, विधायक बालकृष्ण पाटीदार, खरगोन बैंक की सीईओ संध्या रोकड़े सहित कई सहकारी जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रशासक यादव ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए सहकारिता को खत्म करने के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करा रही है, जबकि पूर्व में यह ऋण 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलता था। अब किसानों को छह-छह माह में ऋण चुकाने के बजाय साल में एक बार ऋण अदायगी की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सहकारी संस्थाओं के चुनाव सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और समय के अनुसार ही संपन्न कराए जाएंगे।
फतेहगढ़ साहिब में रजवाहा ओवरफ्लो, फसल बर्बाद:लाखों के नुकसान का दावा, किसानों ने की मुआवजे की मांग
फतेहगढ़ साहिब के निकटवर्ती गांव डडहेड़ी में रजवाहा (सूआ) ओवरफ्लो होने से किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने धान और मूंग की फसल बर्बाद होने का दावा किया है, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।पीड़ित किसान सुखदेव सिंह और जमीन मालिक बलजिंदर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले रजवाहे में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। इससे पानी सीधे उनके खेतों में घुस गया और धान तथा मूंग की खड़ी फसलें जलमग्न होकर खराब हो गईं। किसानों के अनुसार, धान की फसल में करीब 10 हजार रुपये प्रति एकड़ और मूंग की फसल में 75 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का नुकसान हुआ है।किसानों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, बाद में सिंचाई विभाग के पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। पीड़ित किसानों का कहना है कि नहर में पहले डाली गई पाइपें सही तरीके से नहीं लगाई गई थीं, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हुई और ओवरफ्लो का सारा पानी खेतों में फैल गया। उनका मानना है कि यदि समय रहते निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। किसानों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि फसलों के नुकसान की जल्द गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, नहर की निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने यह भी बताया कि गांव डडहेड़ी आसपास के इलाके से करीब तीन फुट नीचा है। यदि नहर का पानी गांव में घुस गया तो घरों और अन्य संपत्ति को भी भारी नुकसान हो सकता है। इस मामले में सिंचाई विभाग के पटवारी विशाल कंबोज ने बताया कि किसानों की लिखित शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पटवारी ने किसानों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयास करने की बात कही।
IAS बनने पर एडीएम संजय सिंह का सम्मान:पचेंडा के ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और मिठाई से किया स्वागत
मुज़फ्फ़रनगर जनपद के एडीएम (प्रशासन) संजय सिंह के भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत होने के बाद उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे पचेंडा गांव के ग्रामीणों और समाजसेवियों ने उनके कार्यालय पहुंचकर फूल-मालाएं पहनाकर, बुके भेंट कर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस दौरान लोगों ने उनकी कार्यशैली की जमकर सराहना की और भविष्य में मुज़फ्फ़रनगर के जिलाधिकारी के रूप में उनकी तैनाती की इच्छा भी जताई। समाजसेवी अर्जुन पहलवान अपने साथियों के साथ एडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि संजय सिंह एक ईमानदार, सरल और जनहितैषी अधिकारी हैं, जो आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और उनका समाधान कराने का पूरा प्रयास करते हैं। यही कारण है कि जनता के बीच उनकी अलग पहचान बनी है। अर्जुन पहलवान ने कहा कि संजय सिंह जहां भी जिलाधिकारी बनकर तैनात होंगे, वहां उनसे मिलने जरूर जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि भविष्य में संजय सिंह की तैनाती मुज़फ्फ़रनगर के जिलाधिकारी के रूप में हो, ताकि जिले की जनता को उनके अनुभव, ईमानदारी और संवेदनशील कार्यशैली का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में ऐसे अधिकारी बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो बिना भेदभाव के सभी की बात सुनते हों। उन्होंने कहा कि संजय सिंह का व्यवहार हमेशा सहज और आत्मीय रहा है, जिसके कारण लोगों के मन में उनके प्रति विशेष सम्मान है। सम्मान समारोह के दौरान एडीएम संजय सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करते रहेंगे। इस अवसर पर जयवीर सिंह ठाकरान, बॉबी कस्सर, आंशु अंसारी, जितेंद्र कुमार सहित कई ग्रामीण और समाजसेवी मौजूद रहे।
महेंद्रगढ़ स्थित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 14 स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों पर एडमिशन के लिए हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में ओपन काउंसलिंग आयोजित करेगा। यह प्रक्रिया उन पाठ्यक्रमों के लिए शुरू की गई है, जिनमें सीयूईटी (पीजी)-2026 पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची समाप्त हो चुकी है। ओपन काउंसलिंग के अंतर्गत एमए संस्कृत, एमए समाजशास्त्र, एमटेक (एनर्जी सिस्टम्स), एमबीए (टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट), मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस, एमए हिंदी अनुवाद, एमएससी योग, एमएड, पीजीडीआरपी, एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार, एमए हिंदी, एमएससी सांख्यिकी, मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एमएचएमसीटी) तथा एडवांस डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग (एडीसीजीसी) में प्रवेश दिए जाएंगे। कल से शुरू होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि ओपन काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 3 जुलाई से प्रारंभ होगा, जिसकी अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। समग्र मेरिट सूची 12 जुलाई को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। अभ्यर्थियों को 13 जुलाई को संबंधित विभागों में हाइब्रिड मोड के माध्यम से रिपोर्ट करना होगा। इसके उपरांत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रवेश एवं शुल्क जमा करने की प्रक्रिया सम्पन्न होगी। अभ्यर्थियों को रिक्त सीट जांच की सलाह प्रो. सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि पूर्व की काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीकरण कर शुल्क जमा कर चुके अभ्यर्थियों को पुनः पंजीकरण शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, किंतु उन्हें ओपन काउंसलिंग के लिए नया पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पूर्व संबंधित पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों की उपलब्धता अवश्य जांचने की सलाह दी गई है। प्रवेश प्रक्रिया में प्रथम प्राथमिकता उन अभ्यर्थियों को दी जाएगी जिनके पास वैध सीयूईटी (पीजी)-2026 स्कोर है तथा जिन्होंने पूर्व में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की काउंसलिंग के लिए पंजीकरण कराया था। द्वितीय प्राथमिकता वैध सीयूईटी (पीजी)-2026 स्कोर वाले ऐसे अभ्यर्थियों को दी जाएगी जिन्होंने पूर्व में विश्वविद्यालय की काउंसलिंग के लिए पंजीकरण नहीं कराया था। इसके बाद न्यूनतम पात्रता शर्तें पूरी करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों पर विचार किया जाएगा जिनके पास वैध सीयूईटी (पीजी)-2026 स्कोर उपलब्ध नहीं है।
हाथरस में उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी:टैगिंग और ओवररेटिंग पर समिति ने की कार्रवाई
हाथरस में खरीफ सीजन के लिए धान और अन्य फसलों की बुआई शुरू हो चुकी है। किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने और बिक्री पर निगरानी रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी हाथरस द्वारा एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने आज गुरुवार को उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, मयंक फर्टिलाइजर कछपुरा, मां चंद्रावली सादाबाद, राजीव ट्रेडर्स सादाबाद, भूमिधर ट्रेडर्स सासनी और विनय फर्टिलाइजर दरियापुर को नोटिस जारी किए गए है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 22,332 मीट्रिक टन यूरिया और 6,700 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, जनपद में 674 मीट्रिक टन यूरिया और 2,100 मीट्रिक टन डीएपी पीसीएफ बफर गोदाम में प्री-पोजिशनिंग के तहत उपलब्ध है। उर्वरक संबंधी अनियमितताओं को लेकर किसानों से अपील की गई है कि यदि कोई विक्रेता टैगिंग या ओवररेटिंग करता है, तो वे जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम में संपर्क कर सूचित करें। किसानों को उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और फार्मर आईडी की छायाप्रति साथ ले जाने की सलाह दी गई है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टॉक बोर्ड पर स्टॉक और उर्वरक की दरें अनिवार्य रूप से अंकित करें। उन्हें दैनिक रूप से स्टॉक और बिक्री रजिस्टर पूरा करने और उर्वरक की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से करने को कहा गया है। विक्रेताओं को कृषक की जोत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए शासन द्वारा खरीफ में अधिकतम 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। साथ ही, कृषक की मांग के अनुसार ही नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जिंक, जाइम, सल्फर, माइक्रोन्यूट्रिएंट जैसे उत्पाद उपलब्ध कराएं। उर्वरक विक्रेताओं को दी चेतावनी... यूरिया और डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करने या निर्धारित दरों से अधिक बिक्री करने पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचें, किसान के मांगने पर ही अन्य उत्पाद दें, स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड और रजिस्टर व्यवस्थित रखें।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में गुरुवार सुबह स्कूल जा रही एक तीसरी कक्षा की छात्रा के अपहरण का प्रयास किया गया। अज्ञात बाइक सवार युवकों ने छात्रा को जबरन अपनी बाइक पर बैठाने की कोशिश की, लेकिन उसके शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रा ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय जा रही थी, तभी लाल रंग की बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसे रोका। उन्होंने छात्रा को जबरन बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। छात्रा के जोर-जोर से शोर मचाने पर, आसपास के लोगों के आने की आशंका से आरोपी उसे छोड़कर भाग निकले। घटना के बाद छात्रा घर पहुंची और अपनी मां को पूरी जानकारी दी। इसके बाद छात्रा की मां उसे लेकर पिपरी थाने पहुंचीं और बाइक सवार युवकों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
कन्नौज के छिबरामऊ में भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापारिक समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने अपने हितों की सुरक्षा की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि कृषि, डेयरी, पशु आहार और पोल्ट्री क्षेत्रों को बिना सुरक्षा उपायों के व्यापार समझौते में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा होने पर देश के छोटे, सीमांत किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और संसद के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए। इसके साथ ही, सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. रजनीश दुबे ने स्पष्ट किया कि किसानों की आजीविका, देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सरकार से भारतीय कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। संगठन ने मक्का की खरीद में आ रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकारी खरीद में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर ऋषि चौहान, आनंद तिवारी, अभिषेक राठौर, प्रवीण सिंह, गणेश दुबे, विक्रांत चतुर्वेदी, तरुण त्रिपाठी, नीरज यादव, शांतनु यादव, अनुपम शुक्ला, सचिन दीक्षित, आयुष दीक्षित, बंटी दीक्षित, दीवान सिंह, दिलीप कश्यप, अमन मिश्रा और जितेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजसमंद पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने तत्परता दिखाते हुए एक लापता बालक को तलाश कर उसके परिजनों को सुपुर्द किया। SP हेमंत कलाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) रजत बिश्नोई के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। 1 जुलाई को बिना बताए घर से चला गया था जानकारी के अनुसार 1 जुलाई की शाम कालिका पेट्रोलिंग यूनिट क्रमांक-05 पर नियुक्त महिला कांस्टेबल शारदा और महिला कांस्टेबल सुमित्रा गश्त पर थी। इसी दौरान बडारड़ा निवासी एक व्यक्ति ने अपने बेटे के दोपहर करीब 2 बजे घर से बिना बताए निकल जाने की सूचना दी। परिजनों को जानकारी मिली थी कि बालक एरिगेशन क्षेत्र में देखा गया है, लेकिन वहां तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। सीसीटीवी से मिला सुराग सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम और थाना कांकरोली को अवगत कराया गया। इसके बाद परिजनों के साथ एरिगेशन मार्ग और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में बालक के कांकरोली बस स्टैंड की ओर जाने की जानकारी मिलने पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट तुरंत वहां पहुंची और बालक को सुरक्षित तलाश लिया। बालक को सकुशल परिजनों को सुपुर्द किया पुलिस ने बालक को सकुशल उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राजसमंद पुलिस की तत्परता और मानवीय कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
झांसी में शादी के 3 साल बाद एक महिला की मौत हो गई। गुरुवार सुबह उसे उल्टी हुई। इसके 3 घंटे बाद दाेबारा तबीयत बिगड़ गई। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर इलाज के दौरान सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई। पति ने कहा- बीमारी से पत्नी की मौत हुई है। मजिस्ट्रेट ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए माेर्चरी भेज दिया। पुलिस घटना की जांच कर रही है। पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के बराटा गांव का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए बबीना के खजराहा खुर्द गांव निवासी सत्येंद्र राजपूत ने बताया- मेरी बहन रक्षा राजपूत (25) की शादी 9 फरवरी 2023 को मनजीत राजपूत से हुई थी। जीजा बड़ागांव के बराटा गांव के रहने वाले हैं और झांसी में एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। शादी के बाद सबकुछ ठीक चल रहा था। बहन को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। बहन के कोई बच्चा नहीं था। अभी डेढ़ महीने पहले ही वह मायके से आई थी। उल्टी होने के बाद तबीयत बिगड़ी मृतका के पति मनजीत ने बताया कि गुरुवार सुबह पत्नी रक्षा को अचानक उल्टी होने लगी। थोड़ी देर बाद वह बोली कि अब ठीक है और कमरे में जाकर सो गई। लगभग 3 घंटे बाद दोबारा तबीयत बिगड़ गई। तब बड़ागांव सीएचसी ले गए। वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पर इलाज के दौरान पत्नी की मौत हो गई। पत्नी को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी। पत्नी की मौत बीमारी की वजह से हुई है। वह पहले भी बीमार रहती थी। पारीछा चौकी इंचार्ज अनुज कुमार का कहना है कि परिजनों ने बीमारी की वजह से रक्षा की मौत होना बताया है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। इसके बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा।
हाथरस के बहुचर्चित सत्संग भगदड़ मामले में गुरुवार को न्यायालय में एक उपनिरीक्षक की गवाही दर्ज की गई। यह घटना 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ के फुलरई में 'भोले बाबा' के सत्संग के बाद हुई थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हुई और डेढ़ सौ से अधिक घायल हुए थे। सिकंद्राराऊ में तैनात उपनिरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने गवाह के तौर पर अपने बयान दर्ज कराए। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि अनिल कुमार ने अपने बयान में कहा कि उन्हें 2 जुलाई 2024 को भगदड़ में मृत लोगों के पंचायतनामा संबंधी कार्यवाही के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था। उन्होंने महिला कांस्टेबल सुमिता सिंह की मदद से चोटों का निरीक्षण कराया। उपनिरीक्षक ने सुदामा देवी, राजनश्री, मुन्नी देवी, ईश्वरी देवी, सुमन, गुड़िया और राजकुमारी सहित सात मृतकों के पंचायतनामों की कार्यवाही उनके मौजूद परिजनों व रिश्तेदारों को पंचान नियुक्त कर अलग-अलग समय पर पूरी की। कार्यवाही पूर्ण होने के पश्चात्, उन्होंने पोस्टमार्टम ड्यूटी में लगे कांस्टेबल वीकेश कुमार व महिला कांस्टेबल रिचा माथुर को निर्देश दिए कि मृतकों के शवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों के सुपुर्द किया जाए। मृतकों के शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कराया। शरीर पर नहीं थी कोई जाहिर चोट बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर द्वारा जिरह के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में गवाह ने स्पष्ट किया कि मृतकों के शव पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की मृत्यु का कारण भगदड़ में गिरना था, कोई मारपीट इत्यादि नहीं। 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई अदालत ने उपनिरीक्षक की गवाही दर्ज कर ली है। इस मामले में पुलिस देव प्रकाश मधुकर सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
संभल के ऐंचौड़ा कम्बोह गांव स्थित श्री कल्कि धाम में गुरुवार शाम आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने एक बयान दिया। यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुरादाबाद में 'बाबरी सोच' पर दिए गए बयान के बाद आया है। आचार्य कृष्णम् ने कहा कि 'बाबरी सोच' रखने वाले और खुद को बाबर का वंशज समझने वाले लोगों को तालिबान भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी व्यवस्था बनाने में जुटे हैं, जिससे इन लोगों से हिंदुस्तान को मुक्ति दिलाई जा सके। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने महिलाओं के सम्मान पर सवाल उठाते हुए जया प्रदा का उदाहरण दिया। आचार्य ने कहा कि जो जया प्रदा के साथ हुआ, वही अब रुचि वीरा के साथ करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रुचि वीरा को सलाह दी कि वे अपने सम्मान की रक्षा के लिए कोई बड़ा फैसला लें, क्योंकि उनके अनुसार सपा में उनका सम्मान, शुचिता और स्वाभिमान सुरक्षित नहीं रह पाएगा। आचार्य कृष्णम् ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने कभी राम मंदिर या श्री कल्कि धाम का समर्थन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने कल्कि धाम पर पाबंदी लगाने का प्रयास किया था। उन्होंने श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। आचार्य कृष्णम् ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेताओं को राम के नाम से चिढ़ है और वे राम मंदिर में कथित घोटाले का बहाना बनाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं तथा हिंदुओं को बांटना चाहते हैं। अंत में, आचार्य कृष्णम् ने अखिलेश यादव के स्वस्थ रहने, बैडमिंटन खेलने और आनंदित रहने की कामना की। उन्होंने अखिलेश यादव को श्री कल्कि धाम आकर माथा टेकने का निमंत्रण भी दिया।
बलिया के विकास भवन में गुरुवार को सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 101 एजेंडों की बिंदुवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और जनहित के मामलों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। सांसद राजभर ने जल जीवन मिशन की लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एनएच-31 से टुटवरी-बघौना मार्ग सहित अन्य जर्जर सड़कों के तत्काल निर्माण और मरम्मत पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, मालदह से मौनिया बाबा तक सड़क निर्माण और नहरों की पटरियों की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर, नगरा नगर पंचायत में तैयार 60 बेड के चिकित्सालय और सीएचसी सुखपुरा के 50 बेड अस्पताल को शीघ्र संचालित करने तथा डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद ने ग्राम उमरपुर दियरा, नौरंगा, रामपुर असड़िया और रसड़ा क्षेत्र की अधूरी विद्युतीकरण योजनाओं को जल्द पूरा कर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत एनएच-31 के बांध पर रहने वाले पात्र झोपड़ीवासियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह में सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया। बेल्थरारोड के काशीराम आवासों को भी शीघ्र हैंडओवर कराने को कहा गया। सिकंदरपुर मंडी की खराब सड़क की मरम्मत, सोनबरसा मंडी को शुरू कराने और किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दिलाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सिंचाई एवं बाढ़ विभाग को माल्देपुर के समीप एनएच-31 पर संभावित कटान रोकने के लिए ठोकर निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। अवैध मिट्टी खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए विकासखंड सोहांव समेत अन्य क्षेत्रों में जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और वाहनों को जब्त करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा उठान के लिए वर्ष 2010 में खरीदी गई 9 एकड़ भूमि में से साढ़े चार एकड़ भूमि शेष है, जिस पर कूड़ा उठान की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में सांसद बलिया सनातन पाण्डेय, विधायक सिकंदरपुर मो. जियाउद्दीन रिजवी, विधायक फेफना संग्राम सिंह, विधायक बैरिया जय प्रकाश अंचल, एमएलसी रविशंकर उर्फ पप्पू जी, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, एसपी ओमवीर सिंह, समस्त ब्लॉक प्रमुख, जनप्रतिनिधिगण एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके लिए हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही सरकार द्वारा रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा करके बंद, अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सही निर्णय और समन्वय से कम कर सकते हैं अल्प वर्षा का प्रभाव गुरुवार को मंत्रालय में इस वर्ष प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की अब तक की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरुक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। अफसर किसानों से जल्दबाजी में बोनी नहीं करने करेंगे अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए और नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। अगले दो वर्षों की तैयारी करेंगे अधिकारी प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जलप्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद, अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। जलाभिषेक 2.0 के तहत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, मनरेगा अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन दो वर्षों में किया जाएगा। भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जाएगी। हर जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान होगा तैयार कम जल मांग वाली फसलों और दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं MSP पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान/मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में DSR (सीधी बुवाई) एवं वैकल्पिक गीला-सूखा (AWD) पद्धति एवं हर जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे। पहले पेयजल, फिर सिंचाई और विद्युत उत्पादन का तय होगा प्रोटोकॉल बैठक में बताया गया कि जलविद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों (इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर) के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन करके जल उपयोग की प्राथमिकता दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है। राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे। हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी। आरबीसी 6(4) के अंतर्गत क्षति सर्वे हेतु राजस्व, कृषि एवं पंचायत अमले का संयुक्त प्रशिक्षण अभी से पूर्ण कराया जाएगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी आधारित क्षति आकलन प्रणाली का सत्यापन कराया जाएगा, ताकि सर्वे 15 दिवस में पूरा हो सके। फसल बीमा का कवरेज विस्तार एवं दावा तत्परता से हो, इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर में वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी देखभाल और सुरक्षा भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और मातृ सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना चाहिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन, क्षेत्राधिकारी लाइन/यातायात, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत जिले में विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना है।
पानीपत जिला पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट (AVT) सेल ने लग्जरी गाड़ियों के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर फर्जी नंबर प्लेट, फर्जी इंजन और चेसिस नंबर लगाकर चलाई जा रही काली स्कॉर्पियो गाड़ी सहित एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान समालखा के कुहाड़ पाना के प्रदीप के रूप में हुई है, जो पहले से ही हत्या के एक मामले में माननीय न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा पा चुका है और वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना, पुलिस ने नाकाबंदी कर दबोचा एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राकेश ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम मंगलवार शाम को रोजाना की तरह गश्त और अपराध रोकथाम के लिए थाना समालखा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पट्टीकल्याणा में मौजूद थी। इसी दौरान टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि गांव महावटी का रहने वाला प्रदीप एक काली स्कॉर्पियो-एन गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट और चेसिस नंबर लगाकर महावटी से पट्टीकल्याणा होते हुए समालखा की तरफ आ रहा है। मुखबिर ने यह भी बताया कि इस स्कॉर्पियो पर जो नंबर प्लेट लगी है, वह वास्तव में बिलासपुर गांव निवासी जयदीप के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी स्कॉर्पियो-एन गाड़ी कुछ समय पहले एक बड़े एक्सीडेंट में पूरी तरह क्षतिग्रस्त (टोटल लॉस) हो गई थी। सूचना को पुख्ता और गंभीर मानते हुए सब इंस्पेक्टर राकेश की टीम ने तुरंत पट्टीकल्याणा के पास रणनीतिक नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर बाद महावटी की तरफ से एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो-एन आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी से गाड़ी को रुकवाया और चालक को काबू कर पूछताछ की। चालक ने अपना नाम प्रदीप निवासी महावटी हाल कुहाड़ पाना, समालखा बताया। दिल्ली के मायापुरी से तैयार करवाई थी फर्जी गाड़ी, बेचने की थी फिराक जब पुलिस टीम ने गाड़ी के दस्तावेजों, नंबर प्लेट और चेसिस नंबर की गहनता से जांच की और कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी प्रदीप टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने बिलासपुर के जयदीप से उसकी एक्सीडेंटल टोटल लॉस स्कॉर्पियो-एन गाड़ी खरीदी थी। इसके बाद उसने दिल्ली के मायापुरी कबाड़ मार्केट में कुछ जालसाजों से संपर्क किया। प्रदीप ने उस टोटल लॉस गाड़ी को देकर और कुछ अतिरिक्त रुपये खर्च कर दिल्ली से हुबहू वैसी ही दूसरी स्कॉर्पियो-एन गाड़ी तैयार करवाई। पुलिस की आंखों में धूल झोंकने और जांच से बचने के लिए उसने टोटल लॉस गाड़ी का इंजन नंबर और चेसिस नंबर इस नई गाड़ी पर अंकित (गुदवा) करवा दिया और उसी की नंबर प्लेट भी लगा दी, ताकि आगे चलकर वह इस चोरी या अवैध गाड़ी को असली बताकर मोटे दामों में बेच सके। 3 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, हत्या समेत आधा दर्जन मामले हैं दर्ज इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि आरोपी के कब्जे से फर्जीवाड़े की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस इस बात का पता लगाएगी कि दिल्ली के मायापुरी में इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और यह गाड़ी कहां से चोरी की गई थी। बॉक्स: उम्रकैद का सजायाफ्ता है आरोपी सब इंस्पेक्टर राकेश ने बताया कि आरोपी प्रदीप का पुराना और बेहद गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ हत्या, चोरी, धोखाधड़ी तथा आर्म्स एक्ट के करीब आधा दर्जन संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि आरोपी प्रदीप को एक हत्या के मामले में माननीय अदालत द्वारा पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। वह इस मामले में जेल में बंद था और कुछ समय पहले ही बेल पर बाहर आया हुआ था, लेकिन बाहर आते ही उसने दोबारा से इस बड़े वाहन फर्जीवाड़े को अंजाम दे डाला।
प्रयागराज में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 'विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' योजना का राष्ट्र स्तरीय शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां वितरित कीं। साथ ही, श्रमिकों और महिला मेटों को उनके कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि पहले कई योजनाओं में धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं की शिकायतें मिलती थीं। एक ही कार्य को बार-बार दिखाकर सरकारी धन खर्च किया जाता था, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। उन्होंने जोर दिया कि अब हर विकास कार्य की कड़ी निगरानी की जाएगी। वित्तीय जांच के माध्यम से धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा और गांव में एक बार हो चुके कार्य को दोबारा नहीं कराया जाएगा। मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य गांवों का समग्र विकास और गरीबों का सशक्तिकरण है। मनरेगा में सुधार किए गए हैं ताकि श्रमिकों को रोजगार मिले और किसान अपनी खेती पर भी ध्यान दे सकें। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि गांवों में विकास कार्य लगातार चलते रहें और कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें जमीन का पट्टा देकर आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार हर पात्र परिवार तक शौचालय, बिजली कनेक्शन, नल से जल और आयुष्मान भारत योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबसे अधिक आवास उपलब्ध कराने वाला राज्य बन गया है।
सहारनपुर में इश्क का दर्दनाक अंत, प्रेमी-प्रेमिका की लाश मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत एसबीआई कॉलोनी में एक लैब टेक्नीशियन और युवा शिक्षिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। दोनों के शव बुधवार देर रात एक किराए के कमरे में मिले।
मिर्जापुर में घंटों की बिजली कटौती को लेकर नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बिजली विभाग के एक अधिकारी को मोबाइल फोन पर फटकार लगाई और खराब विद्युत आपूर्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। विधायक ने अधिकारी से कहा कि जिले में लगभग 12 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों के जीवन पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख किया। विधायक ने कहा, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और विधायक होने के नाते लोग मुझे गालियां दे रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने मिर्जापुर को 20 से 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन विभाग 12 घंटे भी नियमित आपूर्ति नहीं दे पा रहा है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री के आगामी जनपद दौरे के दौरान पूरे मामले की लिखित शिकायत करेंगे। उन्होंने अधिकारी से कहा कि मुख्यमंत्री चार दिन बाद आ रहे हैं और उन्हें इस स्थिति से अवगत कराया जाएगा। विधायक ने अधिकारी के कथित बयान मेरे मन का हो रहा है पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया, जनता को बिजली न मिले, यह मेरे मन का कैसे हो सकता है? परेशानी जनता झेल रही है और उसका जवाब मुझे देना पड़ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक हर कोई विधायक होने के नाते मुझे ही जिम्मेदार ठहरा रहा है। नगर विधायक की इस बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों में पहले से ही नाराजगी है, और अब जनप्रतिनिधि द्वारा अधिकारियों को फटकार लगाए जाने से बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
नरसिंहपुर में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा:9 जुआरी गिरफ्तार, 3 पिस्टल और 12 कारतूस बरामद
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में पुलिस ने गुरुवार को एक जुआ अड्डे पर छापा मारकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 72 हजार 70 रुपये नकद, 3 देशी पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और 11 वाहन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि गोटेगांव में सम्मान पटेल के घर पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां जुआ खेल रहे 9 लोगों को पकड़ लिया। स्कॉर्पियो की तलाशी में मिले हथियार कार्रवाई के दौरान मौके से 72 हजार 70 रुपये नकद मिले। वहीं एक स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर उसमें 3 देशी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो, अल्टो, अर्टिगा और किया समेत 7 चार पहिया वाहन और 4 मोटरसाइकिल भी जब्त कर लीं। कई जिलों के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी और बहोरीबंद के रहने वाले हैं। सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हथियारों के स्रोत की होगी जांच गोटेगांव एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 'ऑपरेशन ईगल क्लॉ' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि बरामद हथियार कहां से आए और जुए का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रदीप सराफ, उपनिरीक्षक विजय द्विवेदी और पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
नई दिल्ली। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा जगत, सरकार, उद्योग और थिंक टैंकों के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि साक्ष्य आधारित नीति-निर्माण, शोध आधारित नवाचार और संस्थागत सहयोग ही देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा की मजबूत नींव बनेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से समकालीन नीतिगत चुनौतियों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार कर सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। डॉ. लाहिड़ी दिल्ली में रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और एमएसएमई फॉर 2047 की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रशासन और सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में योगदान की सराहना कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल, आरआईएस के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो राम सिंह सहित कई वरिष्ठ अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने डॉ. लाहिड़ी के आर्थिक नीति, प्रशासन और सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव से देश की विकास रणनीतियों को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, तकनीकी नवाचार, नीतिगत सुधार और शिक्षा-उद्योग सहयोग को भी विकसित भारत की आधारशिला बताया गया। डॉ. लाहिड़ी ने कहा, शिक्षा जगत, उद्योग, थिंक टैंक और सरकार के बीच निरंतर संवाद व शोध आधारित नीति-निर्माण ही विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगा।
शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसौद में मकान विवाद को लेकर दो युवकों पर लाठियों से हमला किया गया। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में ग्राम सिरसौद निवासी 26 वर्षीय हेमंत लोधी ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे वह अपने साथी विकास लोधी के साथ सिरसौद चौराहे से अपने घर जा रहा था। रास्ते में सौरभ ठाकुर की दुकान के सामने प्रकाश लोधी ने पुराने मकान विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब हेमंत ने इसका विरोध किया, तो प्रकाश ने अपने भाई बीरेंद्र लोधी, हरीसिंह लोधी और अरविंद लोधी को मौके पर बुला लिया। लाठियों से मारपीट, एक का सिर फटाशिकायत के अनुसार, चारों आरोपी हाथों में लाठियां लेकर मौके पर पहुंचे और हेमंत के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि अरविंद लोधी ने हेमंत के सिर पर लाठी मारी, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। प्रकाश, बीरेंद्र और हरीसिंह ने भी लाठियों से हमला कर हेमंत की गर्दन, कंधों, दोनों हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंचाई। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने आए विकास लोधी पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। शिकायत में बताया गया है कि बीरेंद्र लोधी ने विकास के सिर पर लाठी मारी, जिससे उसे गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। अरविंद लोधी ने विकास के दाहिने घुटने पर भी लाठी से वार किया। घटना के समय रामकुमार लोधी और मलखान परिहार ने बीच-बचाव कर दोनों घायलों को आरोपियों से बचाया। अमोला थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की संगठनात्मक बैठक गुरुवार को मांगलिक भवन में आयोजित हुई। इस बैठक में आगामी नगरीय निकाय, पंचायती राज और विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने तथा चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और आभूषण चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम सिसौदिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा और जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर पंचायत के पास नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी प्रकरण के विरोध में किया गया। प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसौदिया ने इस दौरान कहा कि भाजपा सरकार में किसान, मजदूर, गरीब और व्यापारी वर्ग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने महंगाई, खाद-बीज की उपलब्धता और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सिसौदिया ने कार्यकर्ताओं से सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा ने अपने संबोधन में कहा कि जनता भाजपा सरकार के शासन से परेशान है और आगामी चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पंचायत, मंडलम और नगर स्तर पर संगठन को मजबूत कर चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की। जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर चौपाल और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से अभियान चलाएगी। वहीं, जिला कांग्रेस महासचिव तुलसीराम पाटीदार ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था और ई-टोकन प्रणाली को लेकर सरकार की आलोचना की। बैठक को जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष गणपत पंवार, पूर्व उपाध्यक्ष लियाकत मेव, रामचंद्र करुण, नागूलाल चौहान, युवक कांग्रेस प्रदेश महासचिव विनोद पटेल, किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बलवंत पाटीदार, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कोहिनूर मेव सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगर मालवा में भाजपा मंडल बड़ौद की मंडल स्तरीय बैठक गुरुवार दोपहर बीआरसी भवन में आयोजित की गई। यह बैठक पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिजिटल प्रशिक्षण अभियान के तहत हुई। इसमें डिजिटल माध्यमों से संगठन को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर बल दिया गया। भाजपा पदाधिकारियों ने बैठक में बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म संगठन की विचारधारा और सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर संगठनात्मक गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडल पदाधिकारियों, बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र प्रभारियों, संयोजकों और बूथ प्रवासी कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण अभियान के तहत उनकी जिम्मेदारियां समझाई गईं। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, महेश मित्तल, श्याम सिंह परिहार और मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अचलेश्वर मंदिर दान पेटी में मिला अनोखा संकल्प:युवक ने अमीर बनने तक सुंदर लड़के न देखने की कसम खाई
शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां गुरुवार को खोली गईं। इनमें नोट, सिक्के और चांदी के चढ़ावे के साथ कई मन्नतें लिखी पर्चियां भी मिलीं। इन पर्चियों में से कुछ अनोखी थीं, जिनमें एक युवक का अमीर बनने तक सुंदर लड़कों को न देखने का संकल्प भी शामिल था। मंदिर ट्रस्ट ने जून माह की दान राशि की गणना बैंक और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में कराई। इस दौरान दान पेटियों को विधिवत खोला गया और नोटों व सिक्कों की गिनती शुरू हुई। गिनती के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गई बड़ी संख्या में मन्नतों की पर्चियां भी निकलीं, जिन्हें सुरक्षित रखा गया। इन पर्चियों में एक छात्र की री-नीट परीक्षा से संबंधित मन्नत विशेष चर्चा में रही। छात्र ने भगवान अचलेश्वर महादेव से 21 जून को आयोजित री-नीट परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन और बेहतर परिणाम की प्रार्थना की थी। उसने मध्य प्रदेश के किसी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए भोलेनाथ का आशीर्वाद मांगा था। सबसे अधिक ध्यान एक युवक की पर्ची ने खींचा। युवक ने इसमें अमीर बनने के लिए एक अनोखा संकल्प लिया था। उसने लिखा था कि जब तक वह अमीर नहीं बन जाएगा, तब तक सुंदर लड़कों को नहीं देखेगा। यह पर्ची मंदिर में मिले अन्य चढ़ावों और मन्नतों के बीच एक विशिष्ट संदेश थी।
डूंगरपुर के सीमलवाड़ा कस्बे में धंबोला मार्ग पर बन रही पुलिया के नवीनीकरण और चौड़ीकरण कार्य पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठ गए हैं। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता से समझौता, पुलिया को संकरा बनाने और तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग से इसकी जांच कर नियमानुसार निर्माण की मांग की है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पास यह कार्य कराया जा रहा है। कस्बेवासियों का कहना है कि पुलिया निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे सीमेंट के बॉक्स की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर पुलिया को संकरा किया गया है। वहीं, सामने आवासीय मकानों के कारण पुलिया का स्तर ऊंचा कर दिया गया है। लोगों का आरोप है कि इससे बरसात में जल निकासी प्रभावित होगी और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि यह मार्ग घुमावदार है, लेकिन पुलिया का निर्माण सड़क की डिजाइन के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। संकरी पुलिया बनने से भविष्य में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। विनोद शर्मा, प्रकाश सोनी और स्थानीय ग्रामीण सुरेश भोई सहित कई नागरिकों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनहित को ध्यान में रखते हुए पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में एक महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर गोमतीनगर स्थित मैक्स हॉस्पिटल में वासुदेव फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजवादी नेता आनंद आज़ाद के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप यादव सहित सैकड़ों लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। शिविर में लोगों ने 250 से अधिक यूनिट रक्त दान किया आयोजक आनंद आजाद ने बताया कि रक्तदान शिविर में 250 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग लगातार रक्तदान कर रहे हैं, और यह आयोजन केवल रक्त एकत्र करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। आनंद आजाद ने इस बात पर जोर दिया कि रक्तदान किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी स्वस्थ लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। स्लम क्षेत्रों में शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयासरत उन्होंने आगे बताया कि रक्तदान करने से न केवल किसी का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि इससे समाज में सेवा और मानवता की भावना भी मजबूत होती है। वासुदेव फाउंडेशन स्वास्थ्य, पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था रक्तदान एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्लम क्षेत्रों में शिक्षा उपलब्ध कराने और निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए भी प्रयासरत है। इस अवसर पर शिविर में एनएसएस, एनसीसी के स्वयंसेवकों, अधिवक्ताओं, वासुदेव फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
गोंडा में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) का पहला दिन बृहस्पतिवार को देर शाम 5 बजे 18 केंद्रों पर संपन्न हुआ है। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कुल 16,030 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 12,837 उपस्थित रहे, जबकि 3,193 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 8,015 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें से 6,382 ने परीक्षा दी और 1,633 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी 8,015 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, जिसमें से 6,455 उपस्थित हुए और 1,560 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान गणित, अंग्रेजी और संस्कृत के कई प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाया, जिससे उन्हें जवाब देने में कठिनाई हुई। परीक्षा देकर निकले कुछ परीक्षार्थियों के चेहरे पर खुशी थी, जबकि कठिन प्रश्नों के कारण कुछ मायूस दिखे। भीषण गर्मी के बावजूद परीक्षार्थियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। गोंडा के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। पहले दिन 1,000 से अधिक कक्ष निरीक्षक, लगभग 500 पुलिसकर्मी, 18 सेक्टर और 18 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई। डॉ. रामचंद्र ने पुष्टि की कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर कोई नकलची या फर्जी परीक्षार्थी नहीं पकड़ा गया। शुक्रवार को भी दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें 16,030 परीक्षार्थियों को शामिल होना है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। रोडवेज बसों के माध्यम से भी काफी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए आ रहे हैं। काफी संख्या में परीक्षार्थी यहां पर अपने साधन से आ रहे हैं उन्हें जाम ना मिले इसके लिए यातायात पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया है।
मोगा में दहेज और विदेश भेजने के लिए पैसों की मांग से कथित तौर पर परेशान एक विवाहिता ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पति और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है। महिला के परिजनों ने लुधियाना के डीएमसी अस्पताल के बाहर ससुराल पक्ष के खिलाफ जमकर भड़ास भी निकाली पति और सास पर दहेज व विदेश भेजने के लिए करते थे प्रताड़ित मोगा सिटी पुलिस ने ससुराल पक्ष पर दहेज और विदेश भेजने के नाम पर प्रताड़ित करने के आरोप में उसके पति और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विवाहिता की जहरीला पदार्थ निगलने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उसे डीएमसी अस्पताल लाया गया था। लुधियाना जिले के गांव झांडे निवासी हरजिंदरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी नवदीप कौर का विवाह 8 सितंबर 2024 को मोगा के जगदेव सिंह गिल नगर निवासी गुरदेव सिंह उर्फ विक्की के साथ हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार शादी के बाद नवदीप कौर का पति गुरदेव सिंह और उसकी सास मलकीत कौर उसे विदेश भेजने के बहाने लगातार पैसों की मांग करते थे। आरोप है कि दोनों उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करते थे। परिजनों का आरोप है कि प्रताड़ना से तंग आकर नवदीप कौर ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर उसे लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच के बाद पुलिस ने मामला किया दर्ज मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना सिटी मोगा पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के उपरांत पुलिस ने पति गुरदेव सिंह उर्फ विक्की और सास मलकीत कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना जिले ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'ज्ञान भारतम' के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के प्राचीन मंदिरों और निजी संग्रहों से 64 हजार से अधिक हस्तलिखित पांडुलिपियां खोजी गई हैं। इन्हें सुरक्षित कर 'ज्ञान भारतम' ऐप पर सफलतापूर्वक अपलोड किया गया है। इस प्रदर्शन के साथ पन्ना जिला पूरे मध्य प्रदेश में छठवें और सागर संभाग के सभी छह जिलों में शीर्ष (प्रथम) स्थान पर आ गया है। 'ज्ञान भारतम' कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों को खोजना, उन्हें विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षित और संरक्षित करना है। इन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर शोधार्थियों और अध्ययनकर्ताओं को आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में जिले में इस अभियान की गति धीमी थी। इसे तेज करने के लिए कलेक्टर ऊषा परमार ने एक विशेष समिति का गठन किया। जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया। कलेक्टर और सीईओ के मार्गदर्शन में समिति के सदस्यों, आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय और धर्मार्थ शाखा प्रभारी मनोज पाण्डेय ने विशेष प्रयास किए। टीम ने पहले पन्ना और अजयगढ़ राजपरिवारों से संपर्क किया, हालांकि वहां से कोई पांडुलिपि नहीं मिली। लगातार प्रयासों के बाद टीम को जिले के विभिन्न प्राचीन मंदिरों और निजी संग्रहकर्ताओं से अमूल्य धरोहरों का खजाना मिला। श्री प्राणनाथ जी मंदिर से सबसे अधिक मात्रा में धार्मिक, आध्यात्मिक पांडुलिपियां, तत्कालीन शासकों के पत्र, जन्मकुण्डलियां और साहित्यिक ग्रन्थ प्राप्त हुए। ये कॉपियां हिंदी, संस्कृत, फारसी, गुजराती, सिंधी और पंजाबी भाषाओं में हैं। यहां से मिले ग्रंथ श्री रामजानकी मंदिर से भी पांडुलिपियां मिलीं, जिन्हें पन्ना राजपरिवार की राजमाता दिलहर कुमारी ने मंदिर के पुस्तकालय को दान किया था। इसके अतिरिक्त, दिगंबर जैन मंदिर (अजयगढ़), बड़ा जैन मंदिर (पन्ना), जैन मंदिर (बड़ा बाजार पन्ना) और जैन मंदिर (ककरहटी) से संस्कृत, प्राकृत और तत्कालीन हिंदी भाषा में लिखित जैन धार्मिक ग्रंथ बड़ी मात्रा में प्राप्त हुए। अजयगढ़ के श्रीराम पाठक, विनय द्विवेदी, बमरी के सवाई जयंत सिंह जूदेव, पन्ना के संदीप गुलशन श्रीवास्तव और देवेंद्र अवस्थी के निजी संग्रह से भी प्राचीन लिपियां प्राप्त हुईं। इन्होंने दिया योगदान इस पूरे महाअभियान को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों और जानकारों का बड़ा योगदान रहा, जिनमें अजयगढ़ से पीयूष शुक्ला, ब्रजेन्द्र तिवारी, कोमल चंद जैन, पार्श्वनाथ जैन और पन्ना से आशीष शर्मा, नीरज शर्मा, राजेश शर्मा, नीरज जैन, नरेंद्र जैन, कुंज बिहारी शर्मा, राजेश गौतम आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
फतेहपुर में साइबर क्राइम पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को जहरखुरानी कर लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य हर्षित कुमार जोशी (23) को ज्वालागंज बस स्टैंड से बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपी हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना का रहने वाला है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी हर्षित और उसका पिता रोडवेज बसों में अकेले लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे पहले यात्रियों से बातचीत कर विश्वास में लेते थे, फिर उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल फोन, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड चोरी कर लेते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने 29 अप्रैल को जमरावां निवासी कुलदीप कुमार के खाते से 98,500 रुपये और 5 जून को ताम्बेश्वर नगर निवासी विवेक कुमार के खाते से 1,44,000 रुपये एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाले थे। आरोपी फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और लखनऊ जाकर बैंक कस्टमर केयर से एटीएम पिन रीसेट करवाता था। ओटीपी के जरिए नया पिन बनाकर वह रकम निकाल लेता था। एटीएम की निकासी सीमा पूरी होने पर वह मॉल में खरीदारी कर यूपीआई से पैसे ट्रांसफर करता था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी कमर खान और क्राइम डिटेक्शन टीम प्रभारी प्रवीण यादव ने बुधवार रात आरोपी हर्षित को ज्वालागंज बस स्टैंड से पकड़ा। पूछताछ में हर्षित ने बताया कि उसका पिता उसे चोरी के मोबाइल और एटीएम कार्ड देता था, और वह काफी समय से अपने पिता के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी हर्षित कुमार जोशी को गुरुवार दोपहर 3 बजे जेल भेजने की कार्यवाही की गई। उसका पिता अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। 5 सदस्यों की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि जगन की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई। रिपोर्ट में मौत की प्रकृति हत्यात्मक (Homicidal) बताई गई है। वहीं मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने कहा- हत्या का तरीका किसी प्रशिक्षित या बेहद शातिर व्यक्ति की ओर इशारा करता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक- जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला है। यह निशान गर्दन के आगे से दोनों तरफ तक फैला हुआ है। इतना ही नहीं गर्दन के बाएं हिस्से पर मुख्य निशान से नीचे एक और अलग चोट भी दर्ज की गई है। मेडिकल बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने कहा- गर्दन पर मिले दोनों निशानों का पैटर्न सामान्य नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहले एक तरफ से गला दबाया गया। इसके बाद दूसरी तरफ से ज्यादा ताकत लगाकर गले को दबाया गया, ताकि मौत कन्फर्म हो सके। वहीं रिपोर्ट में जगन के शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले। अंदर भी चोट मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को बाहरी चोटों के साथ गर्दन के अंदर भी गंभीर चोटें मिली। त्वचा के नीचे खून जमा हुआ था। गर्दन की मांसपेशियों में रक्तस्राव मिला। थायरॉयड के आसपास की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त थीं और जीभ के निचले हिस्से तक खून जमा हुआ था। मेडिकल विशेषज्ञों ने कहा- ऐसी चोटें तभी आती हैं, जब गर्दन पर काफी देर तक लगातार दबाव बनाया जाए। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के लगभग सभी मेडिकल संकेत दर्ज किए गए हैं। आंखों की नसों में रक्तस्राव, शरीर के कई अंगों में सूक्ष्म रक्तस्राव, फेफड़ों-अन्य अंगों का काम बंद करना और नाखूनों का नीला पड़ना इसकी पुष्टि करते हैं कि मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। मेडिकल रिपोर्ट में जगन के पेट में खाना भी मिला पूरी वारदात केवल गला कसकर अंजाम दी गई। पोस्टमॉर्टम के दौरान पेट में करीब 300 ग्राम आधा पचा हुआ भोजन मिला है। इससे जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाना खाने के कितनी देर बाद हत्या हुई। वहीं फॉरेंसिक जांच के लिए पेट की सामग्री, छोटी आंत, लीवर और दोनों किडनी सहित अन्य नमूने सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। जगन की ओर से कोई संघर्ष नहीं किया गया रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। इससे जांच अधिकारी इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि वारदात अचानक हुई या फिर पहले जगन को किसी तरह काबू में कर लिया गया था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जांच में जुटी मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम राय में स्पष्ट लिखा है कि जगन गुर्जर की मौत जीवित अवस्था में गला घोंटने से हुई। दम घुटने के कारण जगन की जान गई। रिपोर्ट में सभी चोटों को मौत से पहले लगी हुई बताया गया है। अब यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच का सबसे अहम वैज्ञानिक साक्ष्य बन गई है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर इतनी सुनियोजित हत्या कैसे हुई। मेडिकल रिपोर्ट ने जहां हत्या की पुष्टि कर दी है। वहीं गर्दन पर मिले निशान और अंदरूनी चोटें, इस वारदात को सामान्य जेल हिंसा नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस अब इसी एंगल से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया डकैत जगन गुर्जर के परिजनों का धरना:पुलिस को चेतावनी- जब तक CBI जांच नहीं, शव नहीं लेंगे; हत्याकांड में जेलकर्मियों के बयान लिए पहला डाकू जिसकी संसद में उठी थी एनकाउंटर की मांग:दर्जनों मर्डर करने वाला 3 रुपए के लिए झगड़ पड़ा बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया 15 साल पुराने विवाद में हुई डकैत जगन की हत्या:भरतपुर की जेल से हत्याकांड का कनेक्शन, शव के पास आराम करता रहा विष्णु डकैत जगन के मर्डर से पहले आखिर क्या हुआ था?:सेल में 15 से ज्यादा कैदी थे, लेकिन किसी ने कोई आवाज नहीं सुनी अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था
शहडोल में दो दिन से झमाझम का दौर:बारिश से खेतों में नमी, खरीफ बुआई तेज हुई
शहडोल जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी जारी रही, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है, जिससे किसानों ने धान, मक्का, सोयाबीन और अरहर जैसी खरीफ फसलों की बुआई तेज कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई की शुरुआत में हुई इस बारिश से जिले में अब तक सामान्य से कम रही वर्षा की स्थिति में सुधार आया है। बुधवार को जिले में औसतन 12 से 15 मिमी और गुरुवार शाम तक 18 से 22 मिमी वर्षा दर्ज होने का अनुमान है। इन दो दिनों की बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले सप्ताह तक बारिश इसी तरह जारी रहती है, तो धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुआई समय पर पूरी हो जाएगी, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, तालाबों, कुओं और छोटे जलाशयों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल संकट से राहत मिलने की संभावना है। बारिश का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होने से उमस और गर्मी से राहत मिली है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक शहडोल संभाग में रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
गुरदासपुर थाना भैणी मियां खां के अंतर्गत आते गांव चकशरीफ के मुख्य बाजार में देर रात उस समय भारी तबाही मच गई, जब तीन दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकानों के अंदर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। पीड़ित दुकानदारों ने इस घटना के पीछे गहरी साजिश और निजी रंजिश की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए तफ्तीश शुरू कर दी है। दुकान मालिक गुरदयाल सिंह और परमजीत कौर ने बताया कि वे अपने पैतृक घर के निचले हिस्से में ही बर्तनों, गिफ्ट हाउस और हार्डवेयर की तीन अलग-अलग दुकानें चलाते हैं। बुधवार सुबह करीब चार बजे अचानक उनके ऊपर बने रिहायशी घर में काला धुआं भरने लगा। धुआं देखकर उनके बेटे जगजीत सिंह ने तुरंत परिवार को जगाया। जब सबने नीचे आकर देखा, तो तीनों दुकानें आग की लपटों से घिरी हुई थीं। ग्रामीणों ने पाया काबू, 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान आग की भयावहता को देखते हुए आस-पास के ग्रामीणों को इकट्ठा किया गया। गांव वालों ने भारी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद पानी डालकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पीड़ित दुकानदारों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि काउंटर, फर्नीचर और स्टॉक में रखा सारा सामान जल गया, जिससे उन्हें लगभग 10 से 15 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध व्यक्ति दुकान के मालिक गुरदयाल सिंह ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि दुर्भाग्यवश उनकी दुकान पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। लेकिन जब उन्होंने पड़ोस की एक अन्य दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो आग लगने से ठीक कुछ समय पहले एक संदिग्ध व्यक्ति उनकी दुकानों की सीढ़ियां चढ़ता हुआ दिखाई दिया। इस आधार पर परिवार ने आशंका जताई है कि किसी ने रंजिश के तहत जानबूझकर दुकानों को आग के हवाले किया है। पुलिस कर रही है हर कोण से जांच जांच अधिकारी जगदीश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया है। पीड़ित परिवार के बयानों और पड़ोस की दुकान से मिली सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। रंजिश सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच की जा रही है, और जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम के बालिग घोषित होने के बाद उसकी मुश्किल बढ़ती जा रही है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे कोर्ट ने पारस सोम की जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल पारस को किसी भी तरह की राहत मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। वादी पक्ष का कहना है कि जब भी याचिका दायर होगी, तब ही उसको अपोज किया जाएगा। सरधना के ग्राम कपसाड़ में 8 जनवरी को दलित महिला सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को गांव के ही ठाकुर समाज के पारस सोम ने अगवा कर लिया। गांव में तनाव फैल गया। इसके बाद गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। 48 घंटे में पीड़िता रूबी को सकुशल बरामद कर आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों कोर्ट में पेश हुए। रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा गया जबकि पारस सोम को कोर्ट ने जेल भेज दिया। हालांकि काउंसलिंग के बाद रूबी परिजनों के साथ लौट गई थी। नाबालिग बताकर याचिका दायर कीप्रतिवादी पक्ष ने पारस सोम को नाबालिग बताते हुए 14 जनवरी को एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की कि इस मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में हो। कोर्ट ने याचिका स्वीकार की और साक्ष्य तलब किए। 9 फरवरी को एससी-एसटी कोर्ट ने मामले को जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया। जेजे बोर्ड ने 7 मई को जेजे बोर्ड ने हत्या व अपहरण के आरोपी पारस सोम के ओसिफिकेशन टेस्ट के आदेश दिए। 12 मई को टेस्ट कराया गया और 8 जून को जेजे बोर्ड ने पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया। हालांकि उम्र को लेकर प्रतिवादी पक्ष ने क्रिमिनल अपील दायर की हुई है, जिसमें टीसीआर तलब किया गया है। सेशन कोर्ट में दायर की जमानत याचिकापारस सोम के बालिग होने के बाद वादी पक्ष ने जमानत के प्रयास शुरु कर दिए हैं। हाल ही में उनकी तरफ से एससी-एसटी कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख नीयत थी। गुरुवार को कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की और बिना देरी किए उसे खारिज कर दिया। 6 जुलाई को क्रिमिनल अपील पर सुनवाईपारस सोम की उम्र से जुड़ी याचिका पर भी 6 जुलाई को सुनवाई होनी है। एससी-एसटी कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए टीसीआर तलब किया है। जेजे बोर्ड की तरफ से 6 जुलाई को टीसीआर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रतिवादी बलराम सोम का कहना है कि वह मजबूती के साथ अपना पक्ष रखेंगे ताकि कोर्ट उस पर विचार करे। वादी पक्ष का यह है कहनाकपसाड़ कांड में वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र कुमार ने बताया कि जमानत याचिक पर सुनवाई के दौरान विपक्षी अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि कपसाड़ की घटना से पारस सोम का कोई लेना देना नहीं है लेकिन कोर्ट ने उसे अनसुना कर दिया। क्योंकि मामला बेहद गंभीर है, इसलिए वादी पक्ष को भी अपोज करने की जरूरत नहीं पड़ी और कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि जब भी याचिका दायर होगी, वह पुरजोर उसको अपोज करेंगे।
बाड़मेर में लाइट ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध होने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार लोगों से समझाइश कर रहे इस दौरान एक महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगा दिया। इसके बाद तहसीलदार ने आप साथ में थे क्या? सोच समझकर बोलो… फालतू बकवास मत करों। कहा आपका विरोध करने का अधिकार है लेकिन गलत बोलने का अधिकार नहीं है। मामला बाड़मेर शहर रामा चौक इलाके 12 बजे का हैं। डिस्कॉम की टीम ट्रांसफार्मर लगाने के लिए गई थी। करीब 15 दिन पहले भैरव साड़ी स्टोर के पास ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध हो चुका है। दरअसल, बाड़मेर डिस्कॉम की टीम गुरूवार को रामा चौक इलाके में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पोल और मशीन लेकर पहुंचे। लेकिन वहां पर महिलाओ और लोगों ने ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध शुरू कर दिया। महिलाएं कुर्सियां लेकर बैठ गई। जानकारी लगने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाल मनोज कुमार मौक़े पर पहुंचे। लोगों ने कहा जब हमारे यहां पर लाइट की कोई समस्या नहीं है तो यहां पर क्यूं लगा रहे हो। जहां पर पहले भैरव साड़ी स्टोर के पास लगाने वाले थे वहीं पर लगाओ। महिला ने तहसीलदार को कहा पैसे खाये, तहसीलदार बोले सोच समझ बोलों इस दौरान महिलाएं ने प्रशासन को भला बुरा कहने लग गई। महिला ने तहसीलदार को कहा उन्होंने पैसे दिए और इन्होंने खाए हैं इसलिए वहां पर नहीं लगा रहे है। अंदर ही अंदर पैसे खा लिए। तब तहसीलदार ने कहा आप साथ थे, सोच समझकर बोलों। गलत चीज बोलने की जरूरत नहीं है। आप साथ थे क्या, ऐसे कैसे बोल रहे हो। फालतू बकवास मत करों। महिला ने कहा- फालतू बकवास आप करते हो तहसीलदार - गलत कैसे बोल रहे पैसे खा लिए, आप महिला हो तरीके से बोलो। गलत बात करो अन्य लोग बोले- आप भी सोतेला व्यवहार मत करों। तहसीलदार- आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी को गलत बोलने का अधिकार नहीं है। स्थानीय महिला लीला देवी का कहना हैं की - हमारे घर के आगे डीपी नहीं लगाई जाए। 20 साल पहले यहां पर डीपी लगी थी. तब लोगों को करंट आया था। पहले डीपी करमु जी की गली में डीपी लग रही थी। लेकिन वहां पर लोगों ने विरोध किया तो अब इधर लगा रहे हैं। हम यहां पर नहीं लगने देंगें। कोतवाली CI मनोज कुमार ने बताया की लाइट की सुविधा सुचारु करने के लिए डिस्कॉम डीपी लगाना चाहता हैं। स्थानीय लोगों का विरोध हैं की यहां पर नहीं लगाई जाए। पुलिस और प्रशासन की ओर से समझाइश का प्रयास चल रहा हैं।इनका कहना हैं की हमारी इस गली में नहीं लगाया जाए। लाइट व्यवस्था को ठीक करने के लिए विरोध नहीं करना चाहिए।
दिल्ली नगर निगम में शिक्षकों के तबादलों को लेकर मचे घमासान के बीच गुरुवार को सैकड़ों अनुबंधित शिक्षकों ने सिविक सेंटर स्थित महापौर कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। दरअसल, 1 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना या पारदर्शी नीति के करीब 500 अनुबंधित अध्यापकों का अंतर-क्षेत्रीय (इंटर-जोनल) ट्रांसफर कर दिया गया। इस आदेश के कारण शिक्षकों को उनके घर से 15 से 30 किलोमीटर दूर के विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षकों का आरोप है कि इस लिस्ट में भारी पक्षपात हुआ है, कुछ चहेते अध्यापकों को बिना एलोकेशन सीट के भी उनके पुराने स्कूलों में ही दोबारा रख लिया गया है, जबकि अन्य को प्रताड़ित करने के लिए दूर फेंक दिया गया। नियमित शिक्षकों का भी बिना मांगे ट्रांसफर, भारी आक्रोश नाराजगी सिर्फ अनुबंधित शिक्षकों में ही नहीं है। बुधवार को ही बड़ी संख्या में परमानेंट (नियमित) टीचर्स का भी उनकी मर्जी के बिना, नियमों की अनदेखी कर दूसरे क्षेत्रों में ट्रांसफर कर दिया गया। इससे पूरे शिक्षक वर्ग में बेचैनी और आक्रोश है। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से ही सुविधाओं की कमी, विभागों की अनदेखी और गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से त्रस्त हैं। ऐसे में यह नया आदेश उनके लिए मानसिक, आर्थिक और शारीरिक प्रताड़ना जैसा है। अधिकारियों की तानाशाही बर्दाश्त नहीं- शिक्षक संघ यह ट्रांसफर लिस्ट पूरी तरह से अधिकारियों की तानाशाही और मनमर्जी का नतीजा है। बिना किसी पूर्व सूचना के शिक्षकों को इतनी दूर भेजना उनके साथ अन्याय है। जब तक यह मनमाना आदेश वापस नहीं होता, हमारा विरोध जारी रहेगा।
राजकीय महिला महाविद्यालय, सोनीपत की छात्रा संगीता ठाकुर ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एशियन गेम्स-2026 के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है। बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा संगीता का चयन कुराश की 57 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में हुआ है। सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस उपलब्धि से महाविद्यालय में खुशी का माहौल है। कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे पूरे सोनीपत और हरियाणा के लिए गौरव का क्षण बताया है। संगीता की सफलता को उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। महाविद्यालय का कहना है कि यह उपलब्धि अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का हौसला देगी। एशियन गेम्स-2026 में भारत का करेंगी प्रतिनिधित्व राजकीय महिला महाविद्यालय, सोनीपत की बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा संगीता ठाकुर का चयन कुराश (57 किलोग्राम वर्ग) में एशियन गेम्स-2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर 2026 से जापान में किया जाएगा। संगीता इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगी, जिससे पूरे जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ा है। मेहनत, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन से हासिल किया मुकाम संगीता ठाकुर ने लगातार कठिन अभ्यास, अनुशासित जीवनशैली और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में स्थान बनाया है। उनके चयन को कॉलेज प्रशासन ने खेल प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण बताया। संगीता की सफलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राएं भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं। क्या है कुराश, जिसमें संगीता दिखाएंगी दम कुराश उज़्बेकिस्तान की पारंपरिक जैकेट कुश्ती है, जिसे दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है। इसमें एक खिलाड़ी हरी और दूसरा नीली जैकेट पहनता है। मुकाबले का उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को तकनीक के जरिए पीठ के बल जमीन पर गिराना होता है। ऐसा करने वाला खिलाड़ी विजेता घोषित किया जाता है। यह खेल अब एशियाई खेलों जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं का भी हिस्सा है। प्राचार्या डॉ. किरन सरोहा ने दी शुभकामनाएं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. किरन सरोहा ने संगीता ठाकुर को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि संगीता ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है तथा उनकी सफलता अन्य छात्राओं को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि संगीता एशियन गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और महाविद्यालय का नाम रोशन करेंगी। प्रवेश वत्स के मार्गदर्शन से खेलों में आई नई उड़ानमहाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रवेश वत्स ने संगीता की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जनवरी 2026 में विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यभार संभाला था। प्रवेश वत्स बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेता, अंतर-विश्वविद्यालय पदक विजेता और राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी रह चुके हैं। एथलेटिक्स के विशेषज्ञ वत्स के कॉलेज में आने के बाद खेल गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और छात्राएं लगातार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि उनके मार्गदर्शन में आने वाले समय में भी कई छात्राएं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
बिहार के अन्य जिलों की तरह पूर्णिया में भी राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने संगठन को नई ताकत देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के जिला संयोजक रहे राजेंद्र यादव को अब जिला इकाई का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। उनके नाम की घोषणा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक आलोक कुमार सिंह ने की है। जिलाध्यक्ष का चुनाव तकनीकी कारणों से नहीं हो सका था। इसके बाद चुनाव पर्यवेक्षक ने जिलाध्यक्ष चुनने की जिम्मेदारी प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी थी। इसी प्रक्रिया के तहत राजेंद्र यादव को यह अहम जिम्मेदारी दी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह का आभार जताया है। 'कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम करेंगे' राजेंद्र यादव ने आगे कहा कि गांव-गांव और पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा। पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नए लोगों को भी पार्टी से जोड़ा जाएगा। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर टीम भावना के साथ काम किया जाएगा, ताकि संगठन का तेजी से विस्तार हो सके। आने वाले दिनों में पूर्णिया जिला इकाई कोसी-सीमांचल में सबसे मजबूत जिला संगठन बनकर उभरे, इसके लिए लगातार काम किया जाएगा। कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर राजेंद्र यादव की नियुक्ति के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। कई नेताओं और समर्थकों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा।
पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एफआईआर का मामला गरमा गया है। मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की शिवपुरी जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अर्पित वर्मा को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और त्वरित जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कथित भूमाफियाओं और षड्यंत्रकारी तत्वों ने कूटरचित ऑडियो के आधार पर यह मामला दर्ज कराया है। ज्ञापन में बताया गया है कि एसडीएम जेपी गुप्ता ने 12 जून को पोहरी में पदभार ग्रहण किया था। एफआईआर में जिस रिकॉर्ड दुरुस्ती प्रकरण का जिक्र है, वह 15 जून को पहली बार उनके सामने आया था। इस मामले में आवेदक बाबू सिंह राजपूत को 6 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए बुलाया गया था। संघ का दावा है कि उस तारीख तक प्रकरण में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ था। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि एफआईआर के शिकायतकर्ता गोविंद शिवहरे का संबंधित प्रकरण से कोई सीधा या कानूनी संबंध नहीं है। वह न तो इस मामले का पक्षकार है और न ही उसका कोई कानूनी हित इससे जुड़ा है। ऐसे में उसकी शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एसडीएम जेपी गुप्ता द्वारा वर्तमान में शासकीय भूमि और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जमीनों पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन कार्रवाइयों से प्रभावित भूमाफियाओं और स्वार्थी तत्वों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से फर्जी शिकायत और कथित कूटरचित ऑडियो के माध्यम से उनके खिलाफ यह प्रकरण दर्ज कराया है। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने मांग की है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र, वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। संघ का कहना है कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, लेकिन बिना पर्याप्त और सत्यापित साक्ष्यों के किसी अधिकारी की प्रतिष्ठा और मनोबल को प्रभावित करना उचित नहीं है।
जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने गुरुवार को जिले में ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला कलेक्टर काना राम भी साथ रहे। दोनों अधिकारियों ने शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं के बारे में विभागीय कर्मचारियों से चर्चा की। साथ ही उन्होंने कई लाभार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों के विषय में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का किया निरीक्षण प्रभारी सचिव स्वर्णकार ने खिलचीपुर में पंचायत भवन व सिनोली में भारत निर्माण सेवा केन्द्र पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों और नगर परिषद परिसर में शहरी सेवा शिविर का दौरा किया। उन्होंने तीनों शिविरों में विभिन्न विभागों की स्टॉल्स पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के बारे में विस्तार से चर्चा की और रजिस्टर में दर्ज विवरणों पर जानकारी ली। उन्होंने लाभार्थियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर सहित पूरा विवरण का रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आवेदनों के शत प्रतिशत निस्तारण के निर्देश दिए जिला कलेक्टर काना राम ने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का उसी दिन शिविर समाप्ति तक शत-प्रतिशत निस्तारण करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं के प्रदाय में पूरी पारदर्शिता रखें तथा इसके लिए सभी लाभार्थियों के नाम, पते का विवरण आवश्यक रूप से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सुविधाजनक रूप से सेवाएं प्रदान करना है। सेवा शिविरों के माध्यम से सभी कार्मिक इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करें। सचिव स्वर्णकार और कलक्टर ने राजस्व विभाग, पंचायतीराज एवं नगर परिषद द्वारा जारी भू-खण्ड पट्टों, सहमति से बटवारे के स्वीकृति प्रमाण-पत्र सहित अन्य योजनाओं के लाभ पत्रक वितरित किए। कृषि विभाग की ओर से ग्रामीण सेवा शिविरों में बीज मिनीकिट और पशुपालन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा पॉलिसी पत्रों का वितरण किया गया। सचिव ने टी.बी. के मरीजों को हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से निक्षय किटों का भी वितरण किया। नगर परिषद के शहरी सेवा शिविर में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को ऋण राशि के चेक वितरित किए। ग्रामीण एवं सेवा शिविरों में वरिष्ठ अधिकारियों के अवलोकन के दौरान और एडीएम संजय शर्मा सहित कई विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रतापगढ़ के सुहागपुरा बस स्टैंड के पास बुधवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक को रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी। युवक सुहागपुरा में राशन का सामान लेने गया था। वहां से वापस लौटते समय हादसा हो गया। सूचना मिलने पर सुहागपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मोटा धामनिया निवासी बगदीराम (26) पुत्र कालूराम मीणा के रूप में हुई है। बगदीराम बाइक से सुहागपुरा से अपने गांव लौट रहा था, तभी प्रतापगढ़ की ओर से आ रही एक रोडवेज बस ने उसे चपेट में ले लिया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ये दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर हुई। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे मृतक के भाई शांतिलाल ने मॉर्च्युरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। सुहागपुरा थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक भंवरलाल ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर रोडवेज बस को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। बगदीराम विवाहित था और उसका एक 2 साल का बेटा है। वो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वो अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बगदीराम का पूरा परिवार, जिसमें उसके माता-पिता भी शामिल हैं, मजदूरी करता है। वह घटना के दिन राशन का सामान लेने निकला था और लौटते समय यह हादसा हो गया। बगदीराम एक दिन पहले ही जोधपुर से मजदूरी कर घर लौटा था।
टोकन के बावजूद किसानों को नहीं मिल रही खाद:डीएपी-यूरिया वितरण में शेयर राशि जमा करने का दबाव
उमरिया जिले में खरीफ सीजन की बुवाई शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानपुर विकासखंड की पनपथा स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पर किसानों ने आरोप लगाया है कि डीएपी और यूरिया वितरण से पहले उनसे शेयर राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि टोकन जारी होने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल रही है, जिससे बुवाई प्रभावित हो रही है। किसान योगेंद्र ने बताया कि उन्हें 35 बोरी डीएपी और 12 बोरी यूरिया का टोकन मिला है, लेकिन समिति प्रबंधन शेयर राशि जमा करने की शर्त पर खाद देने से मना कर रहा है। इसी तरह, किसान जवाहर कुशवाहा को भी टोकन होने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें बार-बार समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, समिति प्रबंधक नागेंद्र मिश्रा ने इस संबंध में कहा कि टोकन जारी करना एक अलग प्रक्रिया है। उनके अनुसार, किसानों को खाद वितरण से पहले शेयर राशि जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में खाद की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, इसकी भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर किसानों में नाराजगी है। उन्होंने मांग की है कि बिना किसी अतिरिक्त शर्त के उन्हें समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि सहकारिता विभाग के ए.आर. (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है और उनके द्वारा मामले की जांच कराई जाएगी।
बस्ती में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) गुरुवार को जिले के 20 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा दो पालियों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता के व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा में कुल 15,216 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 13,511 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,705 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 7,608 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,751 उपस्थित हुए और 857 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में भी 7,608 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,760 ने परीक्षा दी, जबकि 848 अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी मुस्तैदी बरती। जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, एपीएन डिग्री कॉलेज, महिला महाविद्यालय, बेगम खैर बालिका इंटर कॉलेज और श्रीकृष्ण पांडे इंटर कॉलेज सहित कई शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे। परीक्षा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था की कोई सूचना नहीं मिली। प्रशासन की सतर्कता और व्यापक तैयारियों के कारण परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई।
सहारनपुर में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार दोपहर 12 बजे महिला ने एसएसपी से शिकायत कर बताया कि उसके साथ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, तीन तलाक, हलाला का दबाव और अप्राकृतिक संबंध बनाए गए। 3 साल पहले शादी हुई, पति पहले से शादीशुदा बिहारीगढ़ थाना की रहने वाली नेहा की मां अफसाना ने एसएसपी अभिनंदन को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी नेहा परवीन का निकाह 14 फरवरी 2023 को वसीम पुत्र इसरार निवासी शेखपुरा, थाना बेहट से हुआ था। निकाह के बाद नेहा को पता चला कि वसीम पहले से शादीशुदा है। उसने अपनी पहली पत्नी मोमिना की जानकारी छिपाई थी। कुछ समय बाद वसीम, उसके पिता इसरार और मां बानो सहित अन्य परिजनों ने नेहा से दहेज में एक कार और दो लाख रुपये नकद की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर नेहा के साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके देवर मुकीम और देवरानी आयशा कई बार उसे बचाते थे और परिवार को समझाने का प्रयास भी करते थे। दो बेटी हुई, घर से निकालकर तलाक दियापीड़िता का आरोप है कि पति जबरन मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाता था। उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक संबंध बनाता था। विरोध करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। इस दौरान नेहा ने वर्ष 2024 और 2025 में दो बेटियों को जन्म दिया। आरोप है कि दूसरी बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक क्रूर हो गया। उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। 15 जून 2026 की रात नेहा के साथ गंभीर मारपीट की गई। पति ने कथित तौर पर तीन बार तलाक बोल दिया। अगले दिन उसे रामनगर कचहरी, रुड़की ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। इसके बाद 17 जून को उससे कहा गया कि यदि उसे उसी घर में रहना है तो पहले हलाला करना होगा। महिला ने हलाला के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है।के महिला की शिकायत सुनकर एसएसपी ने बेहट थाना की पुलिस को पूरे मामले की जांच करने और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने को कहा है।
सहरसा में एक महादलित परिवार ने प्रशासनिक उदासीनता और दबंगों की कथित प्रताड़ना से तंग आकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सौरबाजार प्रखंड के पीड़ित विष्णुदेव पासवान ने कलेक्ट्रेट के समीप स्टेडियम परिसर में यह अनशन शुरू किया है। उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है। विष्णुदेव पासवान के अनुसार, उन्हें बिहार सरकार द्वारा मौजा सौरबाजार (थाना नं. 104, खाता नं. 158, खेसरा नं. 1245) के अंतर्गत 04 डिसमिल जमीन का 'वासगीत पर्चा' प्राप्त है। इस भूमि का दाखिल-खारिज हो चुका है और वे नियमित रूप से सरकार को लगान भी दे रहे हैं। पीड़ित का वर्षों से इस जमीन पर ईंट-खपरैल का घर बना हुआ है, जहां वे अपने परिवार के साथ रहते हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि परशुराम यादव, प्रकाश यादव, इन्दल यादव, कलानंद यादव, रामा यादव, श्यामा यादव, पाना यादव और नवल किशोर यादव सहित कुछ अन्य अज्ञात दबंग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। ये लोग हथियार से लैस होकर आते हैं, घर खाली करने का दबाव बनाते हैं और विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट करते हैं। 2015 में आरोपियों ने उनके घर में आग लगा दी थीविष्णुदेव पासवान ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में इन्हीं आरोपियों ने उनके घर में आग लगा दी थी, जिसकी शिकायत उन्होंने अंचल अधिकारी (सीओ) से की थी। पीड़ित ने स्थानीय थाना और अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले 20 मई को भी पीड़ित आमरण अनशन पर बैठे थे। उस समय अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सहरसा ने अंचल अधिकारी सौरबाजार को आदेश दिया था कि पीड़ित को वासगीत पर्चा वाली जमीन पर कब्जा दिलवाकर बाउंड्रीवॉल (सीमांकन) करवा दी जाए। 2 जुलाई से अपना आमरण अनशन शुरू कर दियाहालांकि, इस आदेश पर अब तक अमल नहीं किया गया है। पीड़ित ने कहा है कि जब तक उन्हें अपनी जमीन पर पूर्ण कब्जा और सुरक्षा नहीं मिलती, उनका अनशन जारी रहेगा। पीड़ित का आरोप है कि जब वे दोबारा 23 जून को अनशन पर बैठे, तो रात के करीब 12 बजे अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी ने उन्हें जबरदस्ती धरना स्थल से उठाकर सहरसा स्टेडियम पहुंचा दिया और डरा-धमकाकर कार्रवाई का महज आश्वासन देकर छोड़ दिया। प्रशासनिक टालमटोल से हताश होकर पीड़ित विष्णुदेव पासवान ने पुनः 2 जुलाई से अपना आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि एक लाचार और बेबस महादलित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और जमीन की मापी कराकर उन्हें बाउंड्रीवॉल के साथ पूर्ण कब्जा दिलाया जाए।
कानपुर देहात के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विधान जायसवाल ने गुरुवार को डेरापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मुर्रा में मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर श्रमिकों की उपस्थिति, कार्य की गुणवत्ता और मजदूरी भुगतान प्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बंबा से रामबाबू के खेत तक नाली की खुदाई और सफाई का कार्य प्रगति पर था। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1.84 लाख रुपये है, जिसमें लगभग 1.40 किलोमीटर लंबी नाली का निर्माण और सफाई कार्य प्रस्तावित है। सीडीओ ने पाया कि कार्यस्थल पर 17 श्रमिकों का मास्टर रोल जनरेट किया गया था, लेकिन मौके पर केवल 13 श्रमिक ही काम करते मिले। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनरेटेड मास्टर रोल के अनुसार श्रमिकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और इस पर विशेष निगरानी रखी जाए। जायसवाल ने श्रमिकों और रोजगार सेवक से मजदूरी भुगतान के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बढ़ी हुई नई दैनिक मजदूरी दर के अनुसार श्रमिकों के बैंक खातों में समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर सीडीओ ने श्रमिकों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के बारे में भी बताया। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मोहित दुबे, भूमि विकास बैंक अध्यक्ष अरविंद दुबे, उपायुक्त मनरेगा अशोक कुमार, खंड विकास अधिकारी संजू सिंह, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय हित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए चार विषय वस्तु विशेषज्ञों के स्थानांतरण और संबद्धता समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार दोपहर एक बजे यह जानकारी दी और बताया कि ये स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान) एवं सह प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार सिंह, जिनका मूल पद कृषि विज्ञान केंद्र गाजीपुर था और वे कृषि महाविद्यालय, कोटवा (आजमगढ़) से संबद्ध थे, उनकी संबद्धता समाप्त कर कृषि ज्ञान केंद्र देवरिया में रिक्त विषय वस्तु विशेषज्ञ (शस्य) के पद पर स्थानांतरित किया गया है। इसी प्रकार, विषय वस्तु विशेषज्ञ (प्लांट पैथोलॉजी) एवं प्राध्यापक डॉ. प्रदीप कुमार, जो मूल रूप से कृषि विज्ञान केंद्र गाजीपुर में थे और मसाला योजना, सब्जी विज्ञान विभाग, उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय से संबद्ध थे, उनकी संबद्धता समाप्त कर उन्हें कृषि ज्ञान केंद्र देवरिया में रिक्त विषय वस्तु विशेषज्ञ (कृषि अभियंत्रण) के पद के विरुद्ध तैनात किया गया है। वहीं, विषय वस्तु विशेषज्ञ (कीट विज्ञान) एवं प्राध्यापक डॉ. उमेश चन्द्र, जिनका मूल पद कृषि विज्ञान केंद्र देवरिया था और वे कृषि महाविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग से संबद्ध थे, उन्हें वहां से मुक्त करते हुए कृषि महाविद्यालय गोंडा से संबद्ध किया गया है। इसके अतिरिक्त, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान) एवं प्राध्यापक डॉ. भानु प्रताप, जो मूल रूप से कृषि ज्ञान केंद्र देवरिया में कार्यरत थे और फल विज्ञान विभाग, उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय से संबद्ध थे, उनकी संबद्धता समाप्त कर उन्हें भी कृषि महाविद्यालय गोंडा से संबद्ध किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इन स्थानांतरणों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कृषि ज्ञान केंद्रों और महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे शैक्षणिक और विस्तार गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सभी संबंधित अधिकारियों और वैज्ञानिकों को इन आदेशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले दिल्ली नगर निगम ने जलभराव और सफाई व्यवस्था को लेकर मैदानी स्तर पर निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने सिविल लाइन जोन के आदर्श नगर वार्ड का दौरा कर नालों की डिसिल्टिंग, कचरा प्रबंधन और जलनिकासी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी, एमसीडी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त की नजर आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास जमा कचरे और नालों की स्थिति पर पड़ी। उन्होंने मुख्य सड़क पर बिखरे कचरे पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को अतिरिक्त डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि डस्टबिन ऐसी जगह लगाए जाएं, जिससे यातायात प्रभावित न हो। आयुक्त ने यह भी कहा कि मुख्य मार्गों पर कहीं भी कचरा दिखाई नहीं देना चाहिए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। मुर्गा मंडी में अवैध लाइसेंस पर संचालित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश इस दौरान आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के पास लगने वाली मुर्गा मंडी में अवैध लाइसेंस पर संचालित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा लहसुन और प्याज की छंटाई के बाद उनके छिलकों को नालों में फेंके जाने पर कड़ी नाराजगी जताई गई। अधिकारियों को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और नालों से जमा जैविक कचरा तत्काल हटाने को कहा गया। जी ब्लाॅक के नालों का किया निरीक्षण इसके बाद आयुक्त ने जहांगीरपुरी एच-ब्लॉक स्थित पीडब्ल्यूडी पंपिंग स्टेशन, शाह आलम बंध मार्ग, मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन और जी-ब्लॉक के नालों का निरीक्षण किया। उन्होंने डिसिल्टिंग कार्य समय पर पूरा करने और निकाली गई सिल्ट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के साथ आदर्श नगर क्षेत्र में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की गई, ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।
एटा में युवक के हथियारों के साथ का VIDEO:शराब पार्टी से लेकर हाईवे पर फायरिंग, हूटर लगी कार में घूमा
उत्तर प्रदेश के एटा से एक युवक के चार वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह अवैध हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है। इन वीडियो में युवक तमंचे और पिस्टल के साथ शराब पार्टी करता, हाईवे किनारे फायरिंग करता और हूटर लगी गाड़ी में अपने साथियों के साथ घूमता नजर आ रहा है। वायरल वीडियो में से एक में दो युवक एक तमंचे और 10 कारतूस के साथ शराब पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। दूसरे वीडियो में एक युवक दोनों हाथों में तमंचे लेकर वीडियो बनाता नजर आ रहा है। तीसरे वीडियो में चार से पांच युवक हाईवे किनारे खड़े होकर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। चौथे वीडियो में आरोपी अपने चार साथियों के साथ हूटर लगी गाड़ी में घूमता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद युवक की पहचान कोतवाली देहात क्षेत्र के असरौली गांव निवासी अंकित यादव के रूप में हुई है। हालांकि, पुलिस को अभी तक इन वीडियो के बनाए जाने की सटीक तारीख की जानकारी नहीं मिल सकी है। कोतवाली देहात चौकी प्रभारी अभिषेक वत्सल ने बताया कि अंकित यादव के खिलाफ पहले से कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। उन्होंने बताया कि करीब दो माह पहले भी हथियारों से जुड़े एक वीडियो के वायरल होने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:कमरे की छत में गमछे से लटका मिला शव, दो बच्चों के पिता थे
हरदोई में लोनार कोतवाली क्षेत्र के निजामपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। 40 वर्षीय युवक ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी । घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। घटना की वजह पर परिजन चुप्पी साधे रहे। शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद हुआ। मृतक की पहचान निजामपुर निवासी राजू (40) के रूप में हुई है। वह गांव के पुत्तन नामक व्यक्ति के कारखाने में मजदूरी करते थे। मृतक के पुत्र मुबारक ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे तक उनके पिता सामान्य थे। इसके बाद राजू अचानक घर के भीतर एक कमरे में चले गए। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आए, तो परिजनों ने 8:30 बजे कमरे में जाकर देखा। वहां राजू का शव छत से गमछे के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही लोनार कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फंदे को कटवाकर शव को नीचे उतारा। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए लखनऊ रोड स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया। मृतक राजू के परिवार में उनकी पत्नी राबिया खातून, दो बेटे मुबारक और अली, तथा पुत्री राशिदा खातून हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे राजू के इस आत्मघाती कदम उठाने का कारण समझ नहीं पा रहे हैं। कोतवाल सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले एक युवक को पटना से गिरफ्तार किया है। आरोपी विवेक सिंह सकरा थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से वीडियो में दिख रही दोनाली बंदूक और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 1 जुलाई का है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में युवक अवैध हथियार लहराते हुए 'सोना बेचकर लोहा खरीदने' जैसी बातें कह रहा था। वह जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर आम लोगों में भय और दहशत फैलाने का प्रयास कर रहा था। समाज में दहशत फैलाने की कोशिश का आरोप वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो सकरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने इसे समाज में भय और आतंक का माहौल बनाने का प्रयास मानते हुए सकरा थाना में मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-2) के नेतृत्व में गठित इस टीम ने लगातार छापेमारी की। मिली सूचना के आधार पर आरोपी विवेक सिंह को पटना से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से वीडियो में प्रदर्शित दोनाली बंदूक और वीडियो बनाने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि साइबर सेल और सोशल मीडिया सेल विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रील या वीडियो बनाने के दौरान कानून का उल्लंघन न करें, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने गुरुवार को परीक्षा केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण साढ़े तीन बजे किया। जिले में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने फतेहगढ़ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और राजकीय बालक इंटर कॉलेज का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और सजगता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से परीक्षा कक्षों, सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम का गहन निरीक्षण किया। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही, सीसीटीवी कैमरे भी सुचारू रूप से कार्य करते मिले। जनपद प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सभी परीक्षाओं को सकुशल, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिसमें आगामी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2025 भी शामिल है।
भदेवना में 'विकसित भारत–जी राम जी अभियान' शुरू:जल संरक्षण, रोजगार और तकनीक पर रहेगा विशेष ध्यान
हरदोई के विकास खंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत भदेवना में गुरुवार को 'विकसित भारत–जी राम जी अभियान 2025' के तहत एक जन सम्मेलन और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। जो 2 बजे तक चलता रहा। सम्मेलन के दौरान, उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को अभियान के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया। बताया गया कि यह अभियान मुख्य रूप से चार कार्य क्षेत्रों पर केंद्रित है: जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका संवर्धन, तथा जलवायु परिवर्तन एवं आपदा अनुकूलन। इस योजना के तहत ग्रामीणों को समयबद्ध मजदूरी भुगतान का आश्वासन दिया गया है। साथ ही, यह भी बताया गया कि यदि भुगतान में कोई विलंब होता है, तो उसके लिए 'डिले कम्पन्सेशन' (Delay Compensation) का विशेष प्रावधान किया गया है। वक्ताओं ने बताया कि इस अभियान में ग्राम पंचायतों को सशक्त अधिकार दिए गए हैं। अब ग्राम पंचायतें अपनी 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' (VGPP) के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार कर सकेंगी। कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस (GIS), रियल-टाइम मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और मोबाइल निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी सबसे बड़ी शक्ति है। आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों के निर्माण के लिए सभी को जागरूक होकर इन योजनाओं से जुड़ना होगा।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में गुरुवार (2 जुलाई ) को गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस ने बड़े स्तर पर सत्यापन और सर्च अभियान चलाया। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीमों ने बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों और संदिग्ध लोगों की जांच की। अभियान के दौरान कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए सिटी कोतवाली बुलाया गया। अभियान के तहत मनेंद्रगढ़ शहर के मौहारपारा समेत कई मोहल्लों में पुलिस ने किरायेदारों और मकान मालिकों से पूछताछ की। बाहर से आकर रह रहे लोगों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान मिली संदिग्ध जानकारियों के आधार पर कुछ लोगों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस ने कोतवाली बुलाया। वारंटियों की तलाश में भी चली कार्रवाई एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक ने बताया कि अभियान का उद्देश्य जिले में रह रहे बाहरी लोगों का सत्यापन कर कानून-व्यवस्था मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्थायी वारंटियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए भी विशेष कार्रवाई की गई। यह अभियान चिरमिरी, जनकपुर और मनेंद्रगढ़ सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। 'समाधान ऐप' की दी जानकारी अभियान में वार्ड पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस का सहयोग किया। पुलिस ने मकान मालिकों और किरायेदारों को 'समाधान ऐप' डाउनलोड करने और उसके उपयोग की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के जरिए नागरिक किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में चले इस अभियान में एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक, सिटी कोतवाली प्रभारी विवेक पाटले, झगराखांड थाना प्रभारी वासुदेव परगनिया सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
औरैया में खेत में मिला युवक का शव:परिजनों ने हत्या कर फेंके जाने की आशंका जताई, पुलिस जांच में जुटी
एरवा कटरा थानाक्षेत्र के उमरैन कस्बे में गुरुवार सुबह एक खेत में युवक का शव मिला। रमपुरा रोड के समीप बृजेश शाक्य के खाली पड़े खेत में जानवर चराने गए किसानों ने शव देखा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त उमरैन निवासी 36 वर्षीय शिवरतन उर्फ करिया बाथम पुत्र स्व. कृपाल बाथम के रूप में की। मृतक की मां ज्ञानवती ने रोते हुए अपने बेटे की हत्या कर शव को खेत में फेंके जाने की आशंका जताई। मृतक के सबसे छोटे भाई शीलू बाथम ने मृत्यु का सही कारण पता लगाने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि शिवरतन बिधूना से दिल्ली जाने वाली स्लीपर बस में हेल्पर का काम करता था। वह करीब पांच दिन पहले 28 जून को घर वापस आया था। दोपहर में नहाने के बाद वह गांव में चला गया और देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने सोचा था कि शायद वह शाम को दिल्ली जाने वाली बस में ड्यूटी पर चला गया होगा। शव बुरी तरह फूला हुआ था और उससे तेज बदबू आ रही थी, जिसके कारण लोग शव के पास जाने से कतरा रहे थे। शव की स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शिवरतन की मृत्यु करीब चार-पांच दिन पहले हुई होगी। प्रभारी थाना इंचार्ज उपनिरीक्षक विमल सिंह ने बताया कि मृत्यु का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेटलावद के गांधी चौक स्थित एक क्लीनिक को गुरुवार को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र भायल और उनकी टीम ने की। बुधवार शाम को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया था। जानकारी के अनुसार, मोई वागेली निवासी जैसू पिता दल्ला वसुनिया हाथ-पैर में दर्द की शिकायत लेकर स्थानीय बंगाली डॉक्टर के पास इलाज कराने पहुंचा था। मृतक के भाई रामा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद जैसू क्लीनिक से बाहर निकलते ही अचेत होकर गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजन बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने शव प्राप्त किया और अंतिम संस्कार संपन्न किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमएचओ के निर्देश पर डॉ. देवेंद्र भायल ने क्लीनिक पर दबिश दी। हालांकि, जांच के दौरान संबंधित डॉक्टर वहां नहीं मिला, जिसके बाद टीम ने क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान डॉ. अंतिम सोलंकी के साथ राजस्व एवं पुलिस की टीम भी मौजूद रही। डॉ. भायल ने स्पष्ट किया है कि जिले भर में बिना डिग्री वाले झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
पूर्णिया शहर में बाइक सवार बदमाशों ने एक आंगनबाड़ी सेविका से पर्स छीन लिया। इस दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए। घायल महिला का इलाज राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया में जारी है, वहीं पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। यह घटना गुरुवार दोपहर पूर्णिया शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बेलोरी में अंचित साह हाई स्कूल के समीप हुई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिमलगाछी निवासी आंगनबाड़ी सेविका सुनीता देवनाथ अपने पति रत्नदेव नाथ के साथ बाइक से बेलोरी होते हुए खुश्कीबाग जा रही थीं। रास्ते में पीछे से एक बाइक पर सवार दो बदमाश आए और सुनीता देवनाथ के हाथ से पर्स छीनने का प्रयास किया। अचानक हुए इस झटके से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गईं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बदमाश पर्स छीनने के बाद मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, पर्स में एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, नकद रुपये और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और महिला के पति ने उन्हें GMCH पूर्णिया पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायल सेविका के पति ने मुफस्सिल थाना पुलिस को घटना की सूचना दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बताया कि पुलिस बदमाशों के आवागमन के मार्ग और उनकी पहचान स्थापित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
भोपाल-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सफर कर रही 14 वर्षीय एक बालिका को टीटीई की सतर्कता ने सुरक्षित घर पहुंचा दिया। घर में विवाद के बाद बालिका बिना किसी को बताए निकल गई थी और अकेले ट्रेन में यात्रा कर रही थी। टीटीई को उस पर संदेह हुआ तो पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया। जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 18235 भोपाल–बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भोपाल से बीना के बीच ड्यूटी के दौरान टीटीई विजय श्रीवास की नजर स्लीपर कोच एस-2 में अकेली बैठी एक किशोरी पर पड़ी। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्होंने उससे बातचीत की। पूछताछ में बालिका ने बताया कि घर में हुए विवाद के कारण वह घर छोड़कर चली आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीटीई ने तत्काल रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। कंट्रोल के निर्देश पर बालिका को विदिशा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले किया गया। आरपीएफ ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया और बालिका को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया। पश्चिम मध्य रेल के अधिकारियों ने टीटीई विजय श्रीवास की सतर्कता और संवेदनशीलता की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि रेलकर्मी केवल टिकट जांच और संचालन संबंधी जिम्मेदारियां ही नहीं निभाते, बल्कि यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार सजग रहते हैं। समय रहते की गई कार्रवाई से एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
सहारनपुर में छात्र से मारपीट और लूट:जातिसूचक टिप्पणी का आरोप, परिवार ने SSP से मदद मांगी
सहारनपुर के देवबंद में एक दलित छात्र के साथ मारपीट, लूट और जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र के पिता ने गुरुवार दोपहर एसएसपी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने समय रहते न तो आरोपियों पर कार्रवाई की और न ही घायल छात्र का तत्काल मेडिकल कराया। गांधी कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका पुत्र शिवा गुरु राम राय इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए शाम के समय बैटरी रिक्शा चलाता है। आरोप है कि 30 जून की रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच शिवा रेलवे स्टेशन पर सवारी छोड़कर लौट रहा था, तभी स्टेशन के पास कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। गाली-गलौज कर लात-घूंसों से पीटा शिकायत के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पास युवकों ने छात्र के साथ गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्द कहे और लात-घूंसों से मारपीट की। हमलावरों पर शिवा की जेब में रखे स्कूल का कोर्स खरीदने के लिए रखे 3 हजार रुपये और दिनभर की रिक्शा चलाकर कमाई गई नकदी छीनने का भी आरोप है। शोर सुनकर मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह छात्र को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित परिवार का कहना है कि सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता की। पुलिस को सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस के सामने भी आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और खुलेआम धमकी दी। शिकायत में दावा किया गया है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। पीड़ित की मां पूजा ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ मेहनत-मजदूरी कर अपनी फीस और किताबों का खर्च जुटाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेशन के पास कुछ लोग गुंडागर्दी और नशे के कारोबार में लिप्त हैं। कई जगह शिकायत करने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिला एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी, रेलवे स्टेशन के पास अवैध खोखों को हटाने, नशे के कारोबार पर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हरियाणा के गुरुग्राम पुलिस की कस्टडी से धोखाधड़ी के आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए हैं। पुलिस की एक टीम दोनों को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में लेकर गई थी। लौटते वक्त गरोठ एरिया में पुलिस टीम गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी थी। इसी दौरान दोनों पुलिस की कस्टडी से भाग गए। पुलिस की गाड़ी भी साथ ले गए। मंदसौर पुलिस की नाकेबांदी की वजह से जंगल में गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम पुलिस थाने में दर्ज धोखाधड़ी (420) के एक मामले में पुलिस ने धार जिले के पीथमपुर से एक युवक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को सड़क मार्ग से वापस गुरुग्राम लेकर जा रही थी। पुलिस गाड़ी में आरोपी के साथ उसका पिता भी बैठा हुआ था। वारदात से जुड़ी PHOTOS देखिए… पेट्रोल भरवाने के दौरान मिला भागने का मौका बुधवार को पुलिस की गाड़ी मंदसौर जिले के गरोठ चौकड़ी स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर रुकी। यहां पुलिसकर्मी गाड़ी में ईंधन भरवाने और प्रसाधन (वॉशरूम) जाने के लिए वाहन से नीचे उतर गए। इसी दौरान पीछे बैठे आरोपी ने मौका देखकर तेजी से ड्राइविंग सीट संभाल ली। उसका पिता भी वाहन में मौजूद थे। दोनों ने कुछ ही सेकंड में पुलिस की गाड़ी स्टार्ट की और वहां से फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने किया पीछा, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने रोका आरोपियों के अचानक पुलिस वाहन लेकर भागने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उनका पीछा करने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने पीछे से आ रही एक कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में पेट्रोल पंप का भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने उन्हें पहले रोक लिया। इसके बाद में पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान बताई और तत्काल आरोपियों के पीछे रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी आरोपियों को रोकने और उनका पीछा करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। गरोठ पुलिस ने तुरंत की नाकेबंदी घटना की सूचना मिलते ही गरोठ थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने चारों ओर तत्काल नाकेबंदी कर दी। संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी। पुलिस की घेराबंदी और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए आरोपी ज्यादा दूर तक नहीं जा सके। बारहमासी के पास वाहन छोड़ जंगल की ओर भागे पुलिस से घिरता देख आरोपी बारहमासी फेंटे (चौराहे) के पास खड़ावदा रोड पर पुलिस का वाहन लावारिस हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने वाहन को सुरक्षित बरामद कर लिया। हालांकि, आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। कई रास्तों का उठाया फायदा, तलाश जारी गरोठ थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव ने बताया कि जिस क्षेत्र में आरोपी वाहन छोड़कर भागे, वहां से बाहर निकलने के लिए सड़क और जलीय मार्ग सहित कई रास्ते मौजूद हैं। आरोपियों ने इन्हीं मार्गों का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा दिया। फिलहाल हरियाणा पुलिस और गरोठ पुलिस की संयुक्त टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार सर्च अभियान चला रही है।
कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने गुरुवार को उदयन सभागार में जल निगम, नलकूप और सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (टीपीआई) एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जल-जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, गृह संयोजन और पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत के कार्यों की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता और फर्मों जेएमसी व बाबा जीए इन्फ्रा को श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने को कहा। डॉ. अमित पाल ने धीमी प्रगति वाली फर्मों के खिलाफ जुर्माना लगाने सहित अन्य कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता से यह भी कहा कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो गई है, वहां सड़क मरम्मत का कार्य शत-प्रतिशत शीघ्र पूरा किया जाए और पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों को मोटरेबल बनाया जाए। सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता से संचालित पंपों की जानकारी ली और रोस्टर के अनुसार नहरों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को भी रोस्टर के अनुसार संचालित नहरों का सत्यापन कराने को कहा। नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता को यांत्रिक या विद्युत दोष के कारण बंद पड़े नलकूपों को शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद में कुल 275 पेयजल परियोजनाओं में से 211 का कार्य पूरा हो चुका है।
बदायूं के इस्लामनगर डकैती कांड के 50 हजार के इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू की कहानी अपराध की उस दुनिया से जुड़ी रही, जहां उसके पिता ओमवीर का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र अपने पिता की सरपरस्ती में ही अपराध की दुनिया में उतरा। इस्लामनगर डकैती में पिता-पुत्र दोनों शामिल थे। घटना के बाद पुलिस ने ओमवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि फरार चल रहे जितेंद्र को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। एनकाउंटर के बाद गुरुवार को शव लेने पहुंची उसकी सौतेली मां इंद्रवती ने बेटे की आपराधिक गतिविधियों से अनभिज्ञता जताई। परिजनों ने नहीं जताया विरोध उन्होंने कहा, वह हमारे साथ नहीं रहता था। कभी-कभार ही घर आता था। कहता था कि मजदूरी करता हूं। बाहर क्या करता था, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी। एनकाउंटर पर उन्होंने किसी तरह का आरोप लगाने या विरोध करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। मूलरूप से हापुड़ का रहने वाला था जितेंद्र मूल रूप से हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के बछेड़ा गांव का रहने वाला था। करीब दस साल पहले वह संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के जनेटा गांव में रहने लगा था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया और कई वारदातों में शामिल रहा। पोस्टमॉर्टम में दो गोली लगने की पुष्टि पोस्टमार्टम में सामने आया कि जितेंद्र को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली सीने के बाईं ओर से आर-पार हुई, जबकि दूसरी गोली दाहिने पैर को चीरते हुए निकल गई। पोस्टमार्टम से पहले जिला अस्पताल में एक्स-रे भी कराया गया, ताकि शरीर में कोई गोली फंसी होने की पुष्टि की जा सके। पिस्टल और लूट के जेवरात बरामद इसके बाद में परिजन शव लेकर संभल रवाना हो गए। डीआईजी बरेली रेंज एके साहनी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद जितेंद्र के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .315 बोर का तमंचा, कारतूस और डकैती में लूटे गए कुछ जेवर भी बरामद किए गए हैं।
मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र में एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर भाइयों के साथ मारपीट, फायरिंग और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि थाना स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद वह पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। भोगांव थाना क्षेत्र की गिहार कॉलोनी निवासी पूजा पत्नी अमरदीप ने बताया कि 16 जून 2026 की रात करीब आठ बजे उनके भाई एलिश और प्रशांत लस्सी पीने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान मोहल्ले के अभिमन्यु, विशाल, गौरव, राजेंद्र, अरुण, समीम और करण अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें बाइकों से घेर लिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और फिर वहां से चले गए। पूजा ने बताया कि अगली सुबह आरोपियों ने फिर उनके भाइयों के साथ मारपीट की और फायरिंग भी की। इस घटना के बाद वह भोगांव कोतवाली पहुंचीं और पुलिस को उस स्थान पर भी ले गईं, जहां फायरिंग होने का आरोप है। हालांकि, इस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का आरोप है कि 27 जून 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपी दोबारा उनके घर पहुंचे। वे घर के अंदर घुस गए और उनके भाइयों के साथ मारपीट की। पूजा का कहना है कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे उनका पूरा परिवार दहशत में जी रहा है। पूजा ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत भोगांव थाने में की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह एसपी कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
सिरोही के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र स्थित बनास बांध में गुरुवार को एक युवक का शव तैरता हुआ मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। पहचान नहीं होने पर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद मृतक की पहचान पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के झांकर गांव निवासी भंवरलाल पुत्र मोहनलाल मेघवाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि युवक बनास बांध तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। बनास बांध में मिला शव, जुटी भीड़ बनास बांध में गुरुवार को एक युवक का शव तैरता दिखाई देने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर स्वरूपगंज थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को बांध से बाहर निकलवाया। सोशल मीडिया से हुई पहचान मौके पर मौजूद लोग शव की पहचान नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जानकारी साझा कर मृतक की पहचान का प्रयास किया। जांच के दौरान शव की पहचान पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के झांकर गांव निवासी भंवरलाल पुत्र मोहनलाल मेघवाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। शव को स्वरूपगंज सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां परिजनों की रिपोर्ट पर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। मौत की वजह की जांच जारी पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि भंवरलाल झांकर गांव से बनास बांध तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
राजधानी जयपुर की सेंट्रल जेल में एक बार फिर बाहर से आया सामान मिला। जेल परिसर के वार्ड-13 के पीछे बने बाथरूम में बुधवार शाम को एक बड़ा पार्सल मिलने से हड़कंप मच गया। पार्सल की तलाशी लेने पर उसमें तीन मोबाइल फोन, तीन डाटा केबल और बीड़ी के कई बंडल बरामद हुए। जानकारी के अनुसार- जेल प्रशासन को शौचालय में पार्सल होने की सूचना मिली। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसकी जांच की। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन और अन्य सामान मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक आशंका है कि यह पार्सल किसी बंदी तक पहुंचाने की कोशिश की गई थी। पुलिस को दी जानकारी, मामला दर्ज घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले की जानकारी बुधवार को पुलिस को दी। इस संबंध में लालकोठी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पार्सल जेल में कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पहले भी कई बार मिल चुके सामान गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सेंट्रल जेल में लगातार अवैध गतिविधियों के मामले सामने आ रहे हैं। प्रतिबंधित सामान की लगातार बरामदगी से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ऐसे मामलों में शामिल लोगों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की खेलकूद व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हुआ है। इंग्लिश डिपार्टमेंट के प्रोफेसर आमोद कुमार राय को स्पोर्ट्स काउंसिल का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने तीन साल से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे प्रो. विमलेश मिश्र की जगह ली है। गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे कुलसचिव की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, प्रो. आमोद कुमार राय को अगले आदेश तक यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे बुद्ध पीजी कॉलेज में भी स्पोर्ट्स काउंसिल के हेड रह चुके हैं। प्रो. आमोद कुमार राय का खेल से पुराना और गहरा नाता रहा है। छात्र जीवन से ही खेलों में बेहद रुचि रखने वाले प्रो. राय ने जगमोहन डालमिया की अध्यक्षता के दौरान बंगाल में देवधर ट्रॉफी के लिए क्रिकेट की खास ट्रेनिंग ली थी। क्रिकेटर रहे हैं प्रो. आमोद, शॉटपुट में भी बनाया है रिकॉर्डइसके अलावा कॉलेज के दिनों में वे लगातार तीन साल तक 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' रहे हैं। शॉटपुट (गोला फेंक) खेल में भी उनका शानदार रिकॉर्ड रहा है। अपनी इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कुलपति प्रो. पूनम टंडन का आभार जताते हुए कहा कि युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करना और यूनिवर्सिटी को स्पोर्ट्स के नक्शे पर आगे ले जाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। सीनियर प्रोफेसर्स ने शुभकामनाएं दीउनकी इस नियुक्ति पर यूनिवर्सिटी के कई सीनियर प्रोफेसर्स ने खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दी। बधाई देने वालों में प्रो. राजवंत राव, प्रो. अजय शुक्ल, प्रो. विनोद सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रो. विमलेश मिश्र, प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. सत्यपाल सिंह, प्रो. अजय सिंह, प्रो. रामवंत गुप्ता, प्रो. प्रत्यूष दुबे और प्रो. दिव्या रानी सिंह समेत कई शिक्षक शामिल रहे। खेलों से दूर करेंगे छात्रों का तनाव- कुलपतिइस मौके पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उम्मीद जताई कि प्रो. आमोद के आने से कैंपस में खेलकूद का एक शानदार और एक्टिव माहौल तैयार होगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खेलों के जरिए छात्रों के मानसिक तनाव को आसानी से दूर किया जा सकता है। कुलपति ने यह भी साफ किया कि डीडीयू को भारत सरकार की 'खेलो इंडिया' योजना से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सहित प्रदेश के सभी जिलों के डीसी, एसपी की मीटिंग लेकर उन्हें सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। इसी के साथ रोडवेज विभाग को भी निर्देश दिए है। यह बात हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कही। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन शंकर धूपड़ ने कहा कि अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 383 सेंटर बनाए गए है। इनमें 2 लाख 33 हजार 894 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इन परीक्षाओं में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अढ़ाई गुणा संख्या में परीक्षाएं देंगी। 4-5 जुलाई को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए एक लाख 66 हजार 137 महिला परीक्षार्थी, 67 हजार 157 पुरूष परीक्षार्थी परीक्षाएं देंगे। 2 घंटे 10 मिनट पहले सेंटर पर पहुंचे परीक्षार्थी5 जुलाई को ही हरियाणा प्रदेश की एडीए परीक्षा होने के चलते पंचकूला जिले के परीक्षार्थी पानीपत, कुरूक्षेत्र के परीक्षार्थी यमुनानगर, करनाल के परीक्षार्थी पानीपत जिले में परीक्षाएं देंगे। इसके अलावा अन्य जिले के परीक्षार्थी अपने-अपने जिले में परीक्षाएं देंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को कोई असुविधा ना हो, इसके लिए वे दो घंटे 10 मिनट पहले पहुंचे। लेवल-2 के लिए पहुंचने का समय सुबह 7 बजकर 50 मिनट है। लेवल-1 तथा 3 के लिए पहुंचने का समय दोपहर 12 बजकर 50 मिनट है। बाहरी हस्तक्षेप रोकने का प्रयासशिक्षा बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि परीक्षाएं बगैर किसी बाहरी हस्तक्षेप के संचालित हो, इसके लिए परीक्षार्थियों को कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर ले जाने पर बाध्यता रहेगी। परीक्षा केंद्र में पहुंचने के दौरान परीक्षार्थियों को बायोमैट्रिक, फ्रिशकिंग, सीसीटीवी कैमरों तथा जैमर से होकर गुजरना होगा। पूरी परीक्षा के दौरान एचटेट परीक्षा पर नजर रखने के लिए शिक्षा बोर्ड ने सीसीटीवी कैमरों व आधुनिक तकनीकों से लैस बोर्ड कंट्रोल रूम तैयार किया है। प्रश्न पत्रों को संदूकों में डबल तालों में बंद करके परीक्षा केंद्रों में भेजा जाएगा। इन तालों की चाबी प्रशासन व शिक्षा बोर्ड के पास अलग-अलग रहेगी। ऐसे में परीक्षा होने के बाद भी रैपिड एक्शन फोर्स के साथ उत्तपुस्तिकाओं को बोर्ड में जमा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को 50 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष परिस्थितियों में यदि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में पहुंचने पर दिक्कत हो तो वह 112 पर फोन कर सहायता ले सकता है, इस प्रकार के आदेश सरकार द्वारा दिए गए है।
मुजफ्फरपुर में चोरी का विरोध करना एक महिला को भारी पड़ गया। घर में चोरी की नीयत से घुसे बदमाश ने महिला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर ने महिला के प्राइवेट पार्ट में हंसुआ(हथियार) घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। तत्काल इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करके शरीर में फंसा हंसुआ बाहर निकाला। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना गायघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीबाद ओपी इलाके की है। आहट सुनकर जागी तो कर दिया हमला जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब तीन बजे एक बदमाश चोरी की नीयत से घर में घुसा था। आहट होने पर महिला की नींद खुल गई। जब विरोध किया तो बदमाश ने धारदार हंसुआ से उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। परिजन ने गंभीर हालत में एसकेएमसीएच पहुंचाया। बयान के बाद होगी कार्रवाई मेडिकल थाना प्रभारी पिंटू कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को मिल चुकी है। पीड़िता की हालत में सुधार होने के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा। बयान और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की तलाश में छापेमारी पुलिस ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
सोनीपत जिले के गोहाना स्थित लघु सचिवालय में गुरुवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान एसडीएम अंकित कुमार ने आमजन से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। शिविर में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। समाधान शिविर में कई तरह की शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें भैंसवाल कलां की सरपंच सुमित्रा द्वारा खाद व बीज न मिलने, सिंचाई के लिए समय पर पानी न मिलने, फैमिली आईडी ठीक करवाने, इंतकाल दर्ज करवाने, बिजली कनेक्शन लगवाने और जमीन से अवैध कब्जा हटवाने जैसी समस्याएं शामिल थीं। कुछ समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि अन्य को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। एसडीएम अंकित कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने जोर दिया कि छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान होने से लोगों का समाधान शिविर पर विश्वास मजबूत होता है। शिविर के दौरान कई मामलों में विभागीय अधिकारियों से शिकायतों के लंबित रहने के कारणों के बारे में पूछताछ की गई। आवश्यक कार्यवाही के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई। एसडीएम ने कहा कि समाधान शिविर का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। जिन मामलों में फील्ड निरीक्षण की आवश्यकता है, जैसे कि माइनरों पर गश्त बढ़ाना, उनमें लोगों को समय पर राहत प्रदान की जाए। इस अवसर पर तहसीलदार शिखा, नायब तहसीलदार खानपुर अंजू, बीडीपीओ परमजीत, पीडब्ल्यूडी विभाग से एसडीओ अशोक कुमार, बिजली विभाग से एसडीओ कपिल यादव, जन स्वास्थ्य विभाग से एसडीओ सुनील कुमार सैनी, बीईओ गोहाना बलजीत गहलावत, बीईओ कथुरा लवल किशोर और एएफएसओ राजेश हुड्डा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
पलवल के राजीव नगर में नशीले पदार्थ को लेकर पुलिस की छापेमारी की कार्रवाई के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ युवक उन्हें नशीला पदार्थ बेचने का दबाव बना रहे थे और उन्हीं आरोपियों ने पुलिस से यह छापेमारी करवाई थी। मृतका की पहचान मंजा देवी के रूप में हुई है, जो अपने घर के बाहर दुकान पर बैठी थीं, तभी उनकी अचानक मृत्यु हो गई। उनके पति बंशीलाल की शिकायत पर कैंप थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति ने लगाया प्रताड़ित करने का आरोप बंशीलाल ने अपनी शिकायत में नरेंद्र, प्रताप, हर्ष और 4-5 अन्य लोगों पर लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि 23 और 24 जून को आरोपियों ने उनके घर आकर लाठी-डंडों से डराया-धमकाया। आरोपी नरेंद्र उन पर गांजा बेचने का धंधा शुरू करने और इसके लिए पांच लाख रुपए एडवांस लेने का दबाव बना रहा था। बंशीलाल के मना करने पर नरेंद्र ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और अपमानित किया। शिकायत के अनुसार, नरेंद्र ने धमकी दी थी कि पुलिस से उसके अच्छे संबंध हैं और अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह बार-बार उनके घर पर छापेमारी करवाएगा। देर शाम घर पर भिजवाई एंटी नारकोटिक्स सेल शिकायत में यह भी बताया गया है कि 30 जून को आरोपी नरेंद्र ने बंशीलाल को कैंप थाना अंतर्गत किठवाड़ी चौकी में बुलवाया था, लेकिन पूछताछ में उनके खिलाफ कोई गलत काम नहीं पाया गया। इसके बाद, 1 जुलाई की शाम को नरेंद्र और उसके साथियों ने बंशीलाल के घर एंटी नारकोटिक्स सेल से पुलिस टीम भिजवाई। जब पुलिस उनके घर पर कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान दुकान में बैठी बंशीलाल की पत्नी मंजा देवी की अचानक मृत्यु हो गई। पीड़ित परिवार ने महिला की मौत का सीधा जिम्मेदार नरेंद्र लांबा और उसके साथियों को ठहराया है। कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ एससीएसटी में केस दर्ज कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर एससीएक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला की मौत कैसे उसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। मामले की जांच डीएसपी नरेंद्र खटाना को सौंपी गई है।
जोबट में पहली बारिश से जलभराव:वार्ड पांच और छह में नदी जैसा नजारा, सड़कों पर पानी ही पानी
आलीराजपुर जिले के जोबट नगर में मानसून की पहली बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की कमी को उजागर कर दिया है। वार्ड क्रमांक 05 और 06 में भारी जलभराव के कारण सड़कें नदी और तालाब जैसी दिखाई देने लगीं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। स्थानीय लोगों को घुटनों तक भरे पानी के बीच से आवागमन करना पड़ा। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहा। इससे दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दुर्घटना की आशंका भी बनी रही। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसी ही स्थिति बनती है। उनका आरोप है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। पहली ही बारिश में सामने आए इन हालात ने नगर परिषद की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र स्थित भुइंहरी गांव में गुरुवार सुबह भैंस को पीटने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद दो पक्ष आपस में भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक महिला और एक किशोरी सहित कुल चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों ने कर्वी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। घायल पक्ष की महिला कंती ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने उनकी भैंस बंधी हुई थी। आरोप है कि पड़ोसी सुरेश ने भैंस को पीट दिया। जब कंती के बेटे बुद्धराज ने इसका विरोध किया, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। कंती के अनुसार, झगड़े की आवाज सुनकर वह बीच-बचाव करने पहुंचीं। इसी दौरान आरोपी पक्ष से सुरेश के साथ गुज्जी, आरती, रैमतिया और प्रेमचंद भी मौके पर आ गए। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर बुद्धराज और कंती के साथ मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर कंती की बेटियां विनिता और रजवा भी वहां पहुंचीं। आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे कंती, बुद्धराज, विनिता और रजवा घायल हो गए। इस मारपीट के बाद गांव में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया था। घायल परिजन सीधे कर्वी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को मामले की लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायलों को तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज किया गया। कर्वी कोतवाली पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फतेहाबाद की बस अड्डा चौकी पुलिस ने एमएम कॉलेज रोड पर एफसीआई गोदाम के पास तीन युवकों से पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की वारदात के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान फतेहाबाद शहर की अग्रसेन कॉलोनी निवासी जामदली उर्फ रिहान खान के रूप में हुई है। आरोपी पर पहले से पांच केस दर्ज है। सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि 1 जुलाई बुधवार को दोपहर करीब 3 बजे अग्रवाल कॉलोनी निवासी प्रिंस अपने दो साथियों सौरभ व भप्पी के साथ बाइक पर रतिया चुंगी की ओर जा रहा था। एफसीआई गोदाम के पास पीछे से आई एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद कार में सवार कई युवकों ने डंडों एवं लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज व अन्य तथ्यों के आधार पर पकड़ा आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जामदली उर्फ रिहान खान को पकड़ लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में नामजद एवं अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ सिटी थाना फतेहाबाद में पहले से भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जानिए… आरोपी के खिलाफ कौन-कौन से केस दर्ज आरोपी जामदली उर्फ रिहान खान पर सिटी थाना फतेहाबाद में 14 अक्टूबर 2023 को धारा 25 आर्म्स एक्ट तथा धारा 309 व 402 आईपीसी, सिटी थाना फतेहाबाद में ही 13 अप्रैल 2024 को आर्म्स एक्ट की धारा 25, इसी थाने में 5 मई 2024 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 61 एवं 85 केस दर्ज हुआ था। इसके अतिरिक्त सिटी थाने में ही 17 जून 2024 को धारा 25, 54 एवं 59 आर्म्स एक्ट, 17 अगस्त 2024 को बीएनएस की धारा 109(1), 115(2), 118(1), 126(2), 190, 191(3), 351(2) एवं 103 के तहत केस दर्ज है।
हरदोई में सर्राफा लूट के दो इनामी गिरफ्तार:25-25 हजार के इनामी दबोचे, सोना-चांदी व हथियार बरामद
हरदोई पुलिस ने कासिमपुर थाना क्षेत्र में 17 जून को सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार रात 2 बजे एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और थाना कासिमपुर की संयुक्त टीम ने 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 20.52 ग्राम सोने के आभूषण, 436.14 ग्राम चांदी के आभूषण, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट व चेसिस प्लेट का टुकड़ा, दो अवैध तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना 17 जून की शाम को हुई थी। हसनापुर निवासी मो. नसीम, जिनकी घुघेरा चौराहे पर सोना-चांदी की दुकान है, दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। ग्राम रसलूपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उनसे सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन से भरा बैग छीन लिया था। घटना के तुरंत बाद हरदोई पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। इस संबंध में थाना कासिमपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था और विवेचना के दौरान बीएनएस की अन्य धाराएं भी बढ़ाई गईं। पुलिस अधीक्षक ने वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बुधवार रात करलावा-गोसाईपुर के बीच नहर पटरी के पास घेराबंदी कर आमीन (पुत्र अजीम, निवासी अटियानगर किशोरगंज, थाना सहादतगंज, लखनऊ) और दानिश (पुत्र रफीक, निवासी लक्कड़मंडी, थाना सहादतगंज, लखनऊ) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया और बताया कि उनका मकसद आभूषण बेचना था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 23 जून को भी पांच अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके पास से सोने-चांदी के अधजले आभूषण, घटना में प्रयुक्त कार, मोटरसाइकिल, नकदी और अवैध हथियार बरामद हुए थे। कार्रवाई के बाद इस चर्चित लूटकांड में अब तक कुल सात अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। बरामद अवैध तमंचों के संबंध में दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
किशनगंज में बंद घर से लाखों की चोरी:नेपाल में इलाज के दौरान, जेवर और नकदी लेकर चोर फरार; FIR दर्ज
किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के मोतीबाग इलाके में एक बंद घर से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी हो गई। गृहस्वामिनी अपने पति के इलाज के लिए नेपाल गई हुई थीं, तभी चोरों ने घर को निशाना बनाया। घटना का पता 28 जून को चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पीड़िता ने सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में बताया कि वह अपने पति अमरेश कुमार के आंख के ऑपरेशन के लिए नेपाल के काठमांडू गई थीं। घर की देखरेख की जिम्मेदारी उनकी मां शालिनी चौधरी को सौंपी गई थी। 23 जून से घर बंद था कुछ दिनों तक उनकी मां घर में रहीं, लेकिन एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए पूर्णिया जाने के कारण 23 जून 2026 से घर बंद था। आवेदन के अनुसार, 28 जून को पीड़िता की बेटी अपने मामा के साथ मोतीबाग स्थित घर पहुंची। उन्होंने देखा कि मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर प्रवेश करने पर सामान बिखरा पड़ा था, जिससे चोरी की घटना का पता चला। परिजनों ने तत्काल वार्ड पार्षद अरविंद मंडल को घटना की सूचना दी। पार्षद ने मौके पर पहुंचकर डायल 112 पुलिस को जानकारी दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और आवश्यक जानकारी जुटाई। 45 हजार रुपये नकद लेकर फरार पीड़िता 30 जून को किशनगंज लौटने के बाद घर पहुंची और चोरी हुए सामान का आकलन किया। उनके आवेदन के अनुसार, चोर दो सोने की अंगूठी, एक सोने का हार, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी सोने के कान के आभूषण, चांदी की पायल, चांदी के अन्य आभूषण और 45 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी गए जेवरों का वजन कई सौ ग्राम बताया गया है। पीड़िता ने पुलिस से आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और मामले का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है। इस मामले को लेकर सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और कुंदरकी से भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की मुलाकात ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बंद कमरे में दो दिन पहले गुरुवार दोपहर एक बजे दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक अकेले बैठक हुई। इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति को कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी। बैठक के बाद भाजपा के विभिन्न खेमों में इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। लंबे समय से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चा होती रही है। ऐसे में इस मुलाकात को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने मुलाकात को सामान्य बताते हुए कहा कि भूपेंद्र चौधरी उनके नेता हैं। उन्होंने कहा, भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद के भाजपाइयों के सरपरस्त हैं और उन पर किसी एक नेता का एकाधिकार नहीं है। रामवीर ने बताया कि बैठक बेहद आत्मीय माहौल में हुई और इसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं के रिश्तों पर रही है चर्चा भूपेंद्र चौधरी और ठाकुर रामवीर सिंह दोनों भाजपा के पुराने नेताओं में गिने जाते हैं। मुरादाबाद की राजनीति में दोनों के बीच मतभेद और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा किसी से छिपी नहीं रही। समय-समय पर यह खींचतान सार्वजनिक रूप से भी सामने आती रही है। भूपेंद्र चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष और बाद में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद भी रामवीर सिंह को कभी उनके राजनीतिक खेमे के करीब नहीं देखा गया। ऐसे में दोनों नेताओं की यह लंबी मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, भूपेंद्र चौधरी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अब उनकी मुरादाबाद की स्थानीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है और न ही वे उसमें हस्तक्षेप करते हैं। इसके बावजूद इस मुलाकात को लेकर भाजपा के अंदर चर्चाओं का दौर जारी है।
अयोध्या की खिरौनी (सुचित्तागंज) नगर पंचायत में तैनात लिपिक कुलदीप नारायण पाण्डेय के खिलाफ सभासद खुलकर सामने आ गए हैं। कई सभासदों ने गुरुवार को सोहावल की एसडीएम सविता राजपूत को ज्ञापन सौंपकर लिपिक को तत्काल हटाने की मांग की। उनका आरोप है कि लिपिक के हस्तक्षेप से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नगर पंचायत का कामकाज बाधित हो रहा है। सभासदों का आरोप है कि 30 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक का गोपनीय एजेंडा पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई। उनका कहना है कि यह बोर्ड की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन है। पहले भी हो चुकी शिकायत, कार्रवाई नहीं सभासदों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि पिछली बोर्ड बैठक में लिपिक को हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था, जिस पर अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और 15 सभासदों के हस्ताक्षर हैं। कार्रवाई तक बोर्ड बैठकों का बहिष्कार सभासदों ने चेतावनी दी है कि जब तक संबंधित लिपिक को नगर पंचायत से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे बोर्ड बैठकों का बहिष्कार जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। SDM बोलीं- कराई जाएगी जांच सोहावल की एसडीएम सविता राजपूत ने बताया कि सभासदों का ज्ञापन मिल गया है। मामले की जांच के लिए अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है। यदि उनके स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं हुई तो प्रशासन स्वयं जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेगा।
हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र में सड़क किनारे हज़ारों की संख्या में ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक की एक्सपायर बोतलें फेंके जाने का मामला सामने आया है। मुस्करा-चरखारी मार्ग पर 24 घंटे से अधिक समय तक बोतलें खुले में पड़ी रहने से स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि कोई बच्चा इन्हें पी लेता तो उसकी सेहत पर गंभीर खतरा हो सकता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार शाम सड़क किनारे बड़ी संख्या में बोतलें दिखाई दीं। बताया गया कि देर रात एक ट्रक से इन्हें लाकर यहां फेंका गया था। हालांकि किसी ने बोतलों को उठाया नहीं, लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासन से इन्हें तत्काल हटाने और सुरक्षित तरीके से नष्ट कराने की मांग की। देखें, 3 तस्वीरें… जांच में पता चला कि एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक की ये बोतलें डीलर आकाश गुप्ता द्वारा नष्ट कराने के लिए यहां डलवाई गई थीं। आकाश गुप्ता ने बताया कि यह करीब एक साल पुराना स्टॉक था, जिसकी एक्सपायरी हो चुकी थी। उनका कहना है कि बोतलों को नष्ट करने के लिए उन पर ट्रैक्टर चलवाया गया था, लेकिन वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त नहीं हो सकीं। इसके बाद मजदूर बुलाकर बोतलों को खोलकर पूरी तरह नष्ट कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक्सपायर होने के कारण यह कोल्ड ड्रिंक किसी भी स्थिति में पीने योग्य नहीं है। सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के डिप्टी कमिश्नर गौरीशंकर मौके पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में बोतलों पर दोबारा ट्रैक्टर चलवाकर उन्हें क्षतिग्रस्त कराया गया। उन्होंने कहा कि एजेंसी संचालक ने एक्सपायर पेय पदार्थों का निस्तारण नियमों के विपरीत सड़क किनारे कराकर गंभीर लापरवाही की है। फिलहाल सभी बोतलों को डंप कराया जा रहा है और संबंधित एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
नवादा जिले में पीएम श्री योजना के तहत राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की छात्राओं को गांधी इंटर विद्यालय में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का अभिभावकों ने विरोध किया है। उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा है और अपनी बेटियों को मिश्रित स्कूल भेजने से इनकार कर दिया है। पीएम श्री योजना के अंतर्गत जिले में 21 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है, जिसमें नवादा नगर का गांधी इंटर विद्यालय भी शामिल है। इस योजना के तहत राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की लगभग 6 छात्राओं, जिनकी आयु 8 से 12 वर्ष के बीच है, को स्थानांतरित किया जाना है। विद्यालय प्रशासन सरकारी निर्देशों का पालन कर रहा है, लेकिन अभिभावक इस स्थानांतरण का विरोध कर रहे हैं। लड़के और लड़कियां साथ पढ़ते हैंअभिभावकों का कहना है कि राजकीय कन्या मध्य विद्यालय केवल लड़कियों का स्कूल है, जहां महिला शिक्षिकाएं छात्राओं की व्यक्तिगत देखभाल करती हैं। उनका तर्क है कि गांधी इंटर विद्यालय में लड़के और लड़कियां साथ पढ़ते हैं। क्षेत्र में छोटी बच्चियों के साथ हो रही घटनाओं को देखते हुए वे अपनी बेटियों को मिश्रित विद्यालय में सुरक्षित महसूस नहीं करते। एक अभिभावक ने कहा, आजकल छोटी-छोटी बच्चियों के साथ क्या-क्या हो रहा है, हम जानते हैं। एक जगह लड़का-लड़की साथ नहीं पढ़ा सकते। डीएम से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आवेदन दियाअभिभावकों ने डीएम से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आवेदन दिया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि नगर में अन्य विद्यालय उपलब्ध हैं जहां छात्राओं को स्थानांतरित किया जा सकता है, लेकिन गांधी इंटर विद्यालय उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अपनी बच्चियों को वर्तमान कन्या विद्यालय में ही रहने देने का आश्वासन मांगा है। डीएम ने अभिभावकों की चिंताओं को सुना और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना बिहार में शिक्षा और बालिकाओं की सुरक्षा के बीच के एक महत्वपूर्ण मुद्दे को दर्शाती है। कई परिवार बढ़ती घटनाओं के कारण लड़कियों को स्कूल भेजने में संकोच करते हैं, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में कन्या-विशेष विद्यालयों पर उनका अधिक भरोसा है।
सुल्तानपुर में आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट:किसानों को राहत; 24 घंटों में हुई 17.3 मिलीमीटर बारिश
सुल्तानपुर में मानसून के दूसरे दिन गुरुवार शाम 4 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। जिला प्रशासन ने गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इस बारिश से किसानों और आम लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को 0.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि हवा की रफ्तार 14 किलोमीटर प्रति घंटा रही। विभाग ने अगले 24 घंटों में जिले में 17.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की है। रात में भी कम बारिश की संभावना है, जिसमें 1.2 मिलीमीटर तक वर्षा और 7-11 किलोमीटर प्रति घंटा की हवा की गति का अनुमान है। कूरेभार क्षेत्र में गुरुवार शाम करीब 4 बजे हुई 30 मिनट की मूसलाधार बारिश से किसानों को राहत मिली। किसानों का मानना है कि यह बारिश खेती-किसानी को गति देगी। धनपतगंज और लंभुआ में भी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पहली ही बारिश ने शहर की साफ-सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ देखने को मिला, वहीं कई वार्डों में नाले ओवरफ्लो होने से गलियां तालाब बन गईं। गौरतलब है कि बुधवार को हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो वृद्धों की मौत हो गई थी और बच्चों सहित आठ लोग झुलस गए थे।
जमुई जिले में तैनात मत्स्य प्रसार पदाधिकारी प्रीति पूजा गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह हादसा जमुई-लखीसराय मुख्य सड़क पर नवीनगर के समीप हुआ, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 5 फीट गहरी नहर में जा गिरी। जानकारी के अनुसार, प्रीति पूजा का हाल ही में तबादला हुआ था। गुरुवार को उन्होंने जमुई स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय में अपना योगदान दिया। योगदान देने के बाद वह स्वयं कार चलाकर अपने घर लखीसराय लौट रही थीं। इसी दौरान नवीनगर के पास उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन नहर में जा गिरा। निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया हादसे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद प्रीति पूजा को कार से सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद तत्काल इलाज के लिए जमुई के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और अन्य राहगीर भी घटनास्थल पर पहुंच गए। दुर्घटनाग्रस्त कार को भी नहर से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी फिलहाल दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर कार के अनियंत्रित होने से हादसा होने की बात सामने आ रही है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

