मेरठ में सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना का गुरुवार को एकाएक ट्रांसफर कर दिया गया। उन्हें किठौर सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। अभी तक किठौर सर्किल देख रहे रामप्रकाश अब ब्रह्मपुरी की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस अफसर जहां इस बदलाव को कांवड़ यात्रा से जुड़ा बदलाव बता रहे हैं, वहीं इसे दलित छात्रा की अपहरण के बाद हत्या मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उधर, पुलिस ने अपहरण व हत्या मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। मूलरूप से रोहटा के थिरोट गांव की रहने वाली दलित युवती शहर के एक कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही थी। काफी समय से वह गांव छोड़कर टीपीनगर थाना क्षेत्र में रह रही थी। 15 मई को वह युवती परीक्षा देने के लिए घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। शुरु से ही परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे थे। 17 मई को युवती का शव ग्राम उकसिया के ईख के खेत से बरामद हो गया। सीओ ब्रह्मपुरी को दी गई विवेचना इस मामले की विवेचना एसएसपी अविनाश पांडेय ने सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना को सौंप दी। इसके अलावा कई और टीमों को लगाया गया। जल्द ही पुलिस टीमों को एक सफलता भी हाथ लग गई। पुलिस ने गांव के ही अंकुश को गिरफ्तार कर लिया जो वारदात वाले दिन ललिता गौतम के साथ जाता दिखाई दिया था। पुलिस जांच पर उठाए गए सवाल सौम्या अस्थाना जांच मिलने के बाद कई बार ललिता गौतम के घर गई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिले। जांच के बाद पुलिस ने दावा किया था कि मामले में केवल अंकुश ही दोषी है लेकिन जिस तरह की जानकारी सामने आने लगी, उससे स्पष्ट हो गया कि अंकित चौधरी भी वारदात में शामिल था। साक्ष्य मिलने के बाद अंकित चौधरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे सौम्या अस्थाना की जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए। चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे इंस्पेक्टर गुरुवार को 60 दिन पूरे हो गए, जिसके चलते पुलिस ने इस मामले से जुड़ी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अंकुश व अंकित समेत तीन लोगों को जिम्मेदार माना गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरु होगी ताकि ट्रायल शुरु किया जा सके। सौम्या पर गिराई एसएसपी ने गाज सीओ सौम्या अस्थाना का चार्जशीट दाखिल होते ही गुरुवार को एसएसपी ने ट्रांसफर कर दिया। सौम्या को किठौर भेजा गया है और किठौर के सीओ रामप्रकाश को ब्रह्मपुरी सर्किल का चार्ज सौंपा गया है। सौम्या अस्थाना के ट्रांसफर को ललिता गौतम हत्याकांड की कमजोर विवेचना से भी जोड़कर देखा जा रहा है हालांकि उनकी जांच में पहले अंकित चौधरी निर्दोष था लेकिन बाद में उसका नाम भी अन्य टीम की विवेचना के आधार पर शामिल किया गया।
विश्व बैंक बर्रा में तीन मंजिला मकान में गुरुवार रात करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। आग से उठती लपटों ने तीन मंजिला मकान के दो फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। लपटों में खुद को घिरा देख अधिवक्ता, उनकी टीचर पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। चीख-पुकार सुन इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने पानी की बौछार कर करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। सीएफओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया चार्जिंग में लगी ई-स्कूटी में तेज धमाके के साथ आग लगने की जानकारी मिली है। खाना खाने के बाद तीसरी मंजिल में था परिवार विश्व बैंक बर्रा एच ब्लॉक निवासी धीरेंद्र सचान रियल स्टेट का काम करते है। उनके बेटे सुधांशु अधिवक्ता है। सुधांशु ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे पिता, मां सुनीता, टीचर पत्नी श्वेता खाना खाने के बाद तीन मंजिल में बने कमरों में सोने चले गए। इस बीच पार्किंग एरिया में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में सफारी गाड़ी, बुलेट व ई-स्कूटी आ गई, जिससे आग और ज्यादा विकराल हो गई। गाड़ियों के धधकने से कई फीट तक उठती लपटें दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। गनीमत रही कि चीख-पुकार की आवाज सुनने के अलावा मकान में धुंआ भरने पर आग लगने का एहसास हो गया। इधर, लपटों के बीच फंसे अधिवक्ता व परिवार के अन्य सदस्यों से किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। वहीं पीड़ित गृहस्वामी ने आग से लाखों की नुकसान होने की बात कही है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
राजधानी रायपुर के नवा रायपुर-मंदिर हसौद मार्ग पर मंत्रालय में पदस्थ एक शासकीय कर्मचारी से चाकू की नोक पर लूट का मामला सामने आया है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने कर्मचारी को जान से मारने की धमकी देकर उसका महंगा मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। पीड़ित का नाम मिथलेश कुमार बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला मंदिर हसौद पुलिस के अनुसार, पीड़ित मिथलेश कुमार (34) नवा रायपुर के सेक्टर-17 स्थित शासकीय आवास में रहते हैं और मंत्रालय में कार्यरत हैं। बुधवार, 15 जुलाई को वे अपने निजी काम से स्कूटी से मंदिर हसौद गए थे। शाम करीब 6.19 बजे वापस लौटते समय नहर किनारे सड़क पर लघुशंका के लिए रुके। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो आरोपियों ने अपने चेहरे स्कार्फ से ढंक रखे थे। तीनों बदमाशों ने कर्मचारी को घेर लिया और चाकू दिखाकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने उनसे करीब 28,999 रुपए कीमत का वीवो मोबाइल फोन और 1,700 रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से मंदिर हसौद की ओर फरार हो गए। कर्मचारी संघ की पहल पर शिकायत घटना के बाद पीड़ित काफी घबरा गए थे और तत्काल पुलिस के पास नहीं पहुंच सके। बाद में मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पांडे की पहल पर उन्होंने 16 जुलाई को मंदिर हसौद थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी सहायक उपनिरीक्षक विवेक कुमार बंजारे को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 11.21 लाख मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर के आराध्य गर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 110वीं रैंक हासिल की। जनरल कैटेगरी में उन्हें 85वीं रैंक मिली है। वे इंदौर के टॉपर भी बने हैं। मध्यप्रदेश से इस बार करीब 1.18 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इसके लिए राज्य के 30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। देशभर में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से टॉप किया। 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक और 138 ने 690 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए। NTA के अनुसार, टॉप स्कोरर्स में 93% से अधिक पहली बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी हैं, जबकि 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है। छात्र अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। आराध्य के पिता बोले- लगातारी तैयारी करता रहा आराध्य के पिता योगी गर्ग ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही मेहनती और अनुशासित रहा है। पिछले वर्ष परीक्षा रद्द होने और लंबे समय तक बनी अनिश्चितता के बावजूद उसने तैयारी जारी रखी। पिछले प्रयास में उसके 700 से अधिक अंक आए थे, जबकि इस बार कठिन प्रश्नपत्र के बावजूद उसने 690 अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि आराध्य सुबह 7:30 बजे से रात 10 बजे तक कोचिंग और पढ़ाई में व्यस्त रहता था। घर लौटने के बाद भी अगले दिन की रणनीति और तैयारी पर चर्चा करता था। अनुशासन और नियमित अभ्यास उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। आराध्य के पिता योगा एक्सपर्टआराध्य के पिता योगा एक्सपर्ट हैं। वे नियमित रूप से उसे मेडिटेशन कराते थे, जिससे पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिली। आराध्य कोचिंग के टॉप मेरिट बैच का हिस्सा था, जहां विशेष तैयारी कराई जाती थी। पेपर लीक के कारण दोबारा हुए थे एग्जाम पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 13 भाषाओं में दोबारा परीक्षा आयोजित की। अब MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।
छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जयंत वैष्णव को आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री सुरक्षा का पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में आदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने जारी किया है। जयंत वैष्णव वर्तमान में पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा), विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर के पद पर पदस्थ हैं। अब वे मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। अब तक आईपीएस राठौर संभाल रहे थे जिम्मेदारी दरअसल, मुख्यमंत्री सुरक्षा की जिम्मेदारी पहले आईपीएस हरीश राठौर के पास थी। 10 जुलाई 2026 को जारी आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश में उन्हें कोरिया जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। उनके स्थानांतरण के बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा का एसपी पद रिक्त हो गया था। अब पुलिस मुख्यालय ने जयंत वैष्णव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा राज्य की सबसे संवेदनशील जिम्मेदारियों में शामिल होती है। ऐसे में जयंत वैष्णव की नियुक्ति को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पढ़े आदेश की कॉपी
रामपुर में एक लाख रुपये नकद और 15 तोले सोने की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि वादी की पत्नी ने शेयर ट्रेडिंग में हुए लाखों रुपये के नुकसान को परिवार से छिपाने के लिए खुद ही लूट की कहानी रची थी। रामपुर पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को इस मामले में मुकदमा संख्या 137/26 दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया, उसने चाकू से महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया और एक लाख रुपये नकद तथा करीब 15 तोले सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने महिला से गहन पूछताछ की। जांच में पता चला कि उसने परिवार को बताए बिना शेयर ट्रेडिंग में बड़ी रकम निवेश की थी, जिसमें उसे लगातार भारी नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई के लिए उसने अलग-अलग समय पर अपने जेवर भी गिरवी रखकर ऋण लिया था। पुलिस के मुताबिक, जब महिला को परिवार के सामने सच्चाई उजागर होने का डर सताने लगा तो उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ दी। उसने अपने मोबाइल फोन से एक अज्ञात व्यक्ति को बुलाया और उसके साथ मिलकर अपने हाथ पर चाकू से हल्की चोट लगवाई, ताकि घटना वास्तविक लगे। इसके बाद घर से एक लाख रुपये नकद और करीब 15 तोले सोने के आभूषण लूटे जाने की झूठी सूचना पुलिस को दे दी। पूछताछ में महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने विभिन्न तिथियों में शौकत अली रोड स्थित केपीजी गोल्ड लोन शाखा से अपने आभूषण गिरवी रखकर लाखों रुपये का ऋण लिया था। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पांडेय के निर्देशन में निरीक्षक अपराध अजयवीर सिंह, उपनिरीक्षक ब्रह्मा कुमार, मुख्य आरक्षी कंवर सिंह, मुख्य आरक्षी गजेंद्र सिंह और मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार की टीम ने मामले की जांच कर कथित लूटकांड का खुलासा किया।
झज्जर-रेवाड़ी रोड स्थित सेक्टर-6 के समीप चेन स्नैचिंग की कोशिश नाकाम हो गई। कार सवार महिला ने राह चल रही महिला के गले से सोने की चेन झपटने का प्रयास किया, लेकिन पीड़िता ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए आरोपी महिला को कार से ही खींचकर नीचे गिरा दिया। मौके का फायदा उठाकर कार चालक फरार हो गया, जबकि आरोपी महिला को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब फरार आरोपी और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। सेक्टर-6 निवासी बबीता ने बताया कि वह दूध लेकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। तभी एक कार उनके पास आकर रुकी। कार में बैठी महिला ने अचानक उनके गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की। अचानक हुए हमले से वह घबरा गईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने आरोपी महिला का हाथ कसकर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बबीता ने आरोपी महिला को कार से बाहर खींच लिया। महिला के नीचे गिरते ही कार चला रहा उसका साथी वाहन को तेज रफ्तार से मौके से भगा ले गया। शोर सुनकर आसपास की महिलाएं और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी महिला को घेर लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर थाने ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी। वहीं फरार चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना के बाद पूरे सेक्टर-6 क्षेत्र में बबीता की बहादुरी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उन्होंने साहस नहीं दिखाया होता तो बदमाश वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते। महिलाओं ने भी उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए पुलिस से ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पकड़ी गई महिला से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
मेरठ में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा सकुशल संपन्न होने के कुछ घंटे बाद सदर बाजार क्षेत्र में तीन डीजे संचालकों को मनमानी भारी पड़ गई। एक डीजे से किसी का बिजली का तार टूट गया, जिन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। सूचना मिलने पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों डीजे को सीज कर कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के बाद देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर विरोध जताया और डीजे छोड़ने की मांग की, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि सीलिंग की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। गुरुवार को सदर क्षेत्र से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई थी। यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन मुस्तैद रहे। शाम करीब छह बजे यात्रा संपन्न होने के बाद झांकियां और डीजे अपने-अपने स्थानों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान रवींद्रपुरी मार्ग पर तीन डीजे आमने-सामने आ गए। तार टूटने के बाद हुआ बखेड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डीजे संचालकों के बीच तेज आवाज में साउंड बजाने को लेकर प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई। सड़क पर भीड़ जमा हो गई और यातायात प्रभावित होने लगा। बताया गया कि एक डीजे की वजह से किसी मकान या प्रतिष्ठान का बिजली का तार भी टूट गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। समझाने पर भी नहीं माने संचालकसदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और डीजे संचालकों तथा युवकों को समझाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि रथ यात्रा समाप्त हुए करीब दो घंटे से अधिक समय बीत चुका था, इसके बावजूद डीजे सड़क पर खड़े होकर हुड़दंग मचा रहे थे और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जब चेतावनी के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो पुलिस ने तीनों डीजे को जब्त कर सीज कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने पर हंगामा कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक रात में सदर बाजार थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए डीजे छोड़ने की मांग की। भाजपा नेता दीपक शर्मा ने भी थाने पहुंचकर अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान कई सिफारिशी फोन भी पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन तब तक डीजे सीज किए जा चुके थे। थाने में खड़े किए गए तीनों डीजेपुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुविधा को देखते हुए कार्रवाई की गई है। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए। फिलहाल तीनों डीजे पुलिस के कब्जे में हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। भाजपा नेता दीपक शर्मा का कहना है कि एक बार शुक्रवार सुबह अफसरों से आग्रह किया जाएगा।
राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शातिर नकबजन पवन मंडल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन विधि के साथ संघर्षरत बालक (नाबालिग) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7.71 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद की है। मास्टर माइंड का नाम पवन मंडल पुलिस द्वारा बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला न्यू राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार, अमलीडीह स्थित बी.एस.यू.पी. कॉलोनी निवासी बिस्वम्बर महानंद ने 23 जून को अपने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। वह घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। लौटने पर पीछे का दरवाजा टूटा मिला और अलमारी व लॉकर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थी। मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि आदतन चोर पवन मंडल घटना के समय कुछ किशोरों के साथ इलाके में देखा गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने तीन नाबालिग साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों से ये सामान बरामद पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 50 ग्राम गलाया हुआ सोना, चांदी के जेवर और नकदी बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद उन्होंने सोने के जेवर गलाकर नया सोना तैयार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, पवन मंडल इस गिरोह का मास्टरमाइंड है और उसके खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर विद्युत उपकेंद्र में हंगामा करने, कर्मचारियों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने चार नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य की तहरीर पर की गई। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 14 जुलाई 2026 की रात करीब 11:15 बजे अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य अपने स्टाफ के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान बिजली कटौती और आपूर्ति संबंधी शिकायतों को लेकर कई उपभोक्ता उपकेंद्र पहुंचे। आरोप है कि इसी भीड़ का लाभ उठाकर कुंवर पाल गुर्जर निवासी विष्णु विहार कॉलोनी अजीतपुर, लालू सक्सेना निवासी प्रेम पटवारी गली ज्वालानगर, अभिनव सागर और आशीष सागर अपने साथ 15 से 20 अज्ञात लोगों को लेकर जबरन उपकेंद्र परिसर में घुस आए। वहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार करते हुए बिजली व्यवस्था बंद कराने का दबाव बनाया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की तथा उपकेंद्र का माहौल खराब करते हुए अन्य लोगों को भी उकसाने का प्रयास किया। घटना के दौरान विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी पैदा हो गई थी। अवर अभियंता की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे कोहेफिजा थाने के टू-आईसी के. शुक्ला को डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। क्षेत्र में संचालित अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के आरोप में थाने के अन्य अधिकारियों सहित स्टाफ की जांच कराई जा रही है। भूमिका स्पष्ट होने पर और लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि शुक्ला के खिलाफ लंबे समय से अपराधियों से सांठगांठ, कार्यप्रणाली में अनियमितता और अन्य गंभीर शिकायतें पुलिस अधिकारियों को मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस महकमे ने उनके आचरण और कार्यशैली पर लगातार नजर रखी हुई थी। करीब एक माह पहले पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने उन्हें कोहेफिजा थाना प्रभारी के पद से हटाकर उसी थाने में टू-आईसी (सेकंड-इन-कमांड) के रूप में पदस्थ कर दिया था। इसे उनके खिलाफ प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई माना गया था। अब डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने उपलब्ध शिकायतों और विभागीय स्तर पर हुई समीक्षा के बाद केजी शुक्ला को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी, जिसमें प्राप्त शिकायतों और आरोपों की विस्तार से पड़ताल होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो चुके हैं। पात्रता की दोबारा जांच, मृत्यु, अन्य राज्यों में स्थानांतरण, आयु संबंधी बदलाव और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में 12,043 महिलाओं के कटे हैं। वहीं, बीजापुर ऐसा जिला रहा जहां नए पात्र हितग्राहियों के जुड़ने से लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सनी लियोनी का आवेदन सामने आने के बाद शुरु हुआ था सत्यापन योजना 2024 में उस समय भी चर्चा में आई थी, जब सनी लियोनी के नाम से फर्जी तरीके से राशि जारी होने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर योजना का लाभ लिया गया था। मामला उजागर होने के बाद सरकार ने सत्यापन अभियान तेज किया और कई अपात्र नाम सूची से हटाए गए। जशपुर में 6,473 नाम कटे प्रदेशभर में किए गए सत्यापन के दौरान सबसे अधिक नाम राजधानी रायपुर में हटे। इसके बाद बिलासपुर में 8,886, रायगढ़ में 8,870, महासमुंद में 8,605, दुर्ग में 8,124 और जांजगीर-चांपा में 7,570 महिलाओं के नाम सूची से बाहर किए गए। जशपुर में 6,473, कोरबा में 6,234, बलौदा बाजार में 6,773, बालोद में 5,532, राजनांदगांव में 5,358 और बलरामपुर में 5,244 नाम हटाए गए। इसके अलावा धमतरी में 5,088, सरगुजा में 5,084, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5,033, बस्तर में 4,974, कबीरधाम में 4,940, सूरजपुर में 4,719, मुंगेली में 4,456, सक्ती में 4,371, कांकेर में 4,340, गरियाबंद में 4,074, कोंडागांव में 3,384, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2,442, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 2,276, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2,263, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1,795, दंतेवाड़ा में 1,374, कोरिया में 1,144, नारायणपुर में 445 और सुकमा में 373 महिलाओं के नाम हटाए गए हैं। हितग्राहियों के सत्यापन में अपात्रों के कटे नाम सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है। इसलिए समय-समय पर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। बीजापुर में नए आवेदकों की संख्या बढ़ी वहीं, बीजापुर में नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार जिन महिलाओं के नाम गलती से हटे हैं या पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं। सरकार का दावा है कि लगातार हो रहे सत्यापन से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा। जिलावार नाम कटने वाले हितग्राहियों की संख्या
गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक बिल्डर द्वारा कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की ठगी कर फरार होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में नंदग्राम के थाना प्रभारी (कोतवाल) पर कार्रवाई की गई है और विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन किया गया है। यह कार्रवाई बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों की शिकायतों और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, पहले नंदग्राम थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद देर रात डीसीपी स्तर से नंदग्राम थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए पहले गठित एसआईटी में भी बदलाव किए गए हैं। जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एसआईटी के कुछ सदस्यों को हटाकर नए अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस अब इस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। ठगी के शिकार हुए बड़ी संख्या में खरीदारों को बुलाकर उनके दोबारा बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच टीम सभी संबंधित दस्तावेज, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि ठगी की पूरी रकम और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। बिल्डर पर आरोप है कि उसने कई खरीदारों से फ्लैट और प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं दिया और बाद में फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक:विवेचक को पूरी केस डायरी के साथ 22 जुलाई को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर के करौंदी कला थाने में दर्ज एक एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याची धीरज के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने विवेचक को पूरी केस डायरी के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को तय की गई है। सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने डायल 112 पर दी गई सूचना और घटना की वास्तविक शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी ने स्वयं वादी बनकर एफआईआर दर्ज की और सूचना देने वाले सहित दोनों पक्षों को आरोपी बना दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस ऐसी कार्रवाई कर वास्तविक पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को कमजोर कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट के पूर्व आदेश पर सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुईं। उन्होंने याचिका में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने याची को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। न्यायालय ने विवेचक को अगली सुनवाई पर संपूर्ण केस डायरी के साथ उपस्थित होने का निर्देश भी दिया। याचिका के अनुसार, घटना के बाद सबसे पहले डायल 112 पर सूचना दी गई थी और थाने में लिखित तहरीर भी सौंपी गई थी। पुलिस घायल धीरज को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करौंदी कला ले गई, लेकिन उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में संबंधित सब-इंस्पेक्टर ने स्वयं वादी बनकर एफआईआर दर्ज की और दोनों पक्षों को आरोपी बना दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
गाजियाबाद घंटाघर मंडी में ठेला लगाने पर विवाद-मारपीट:व्यापारियों और फल विक्रेताओं में झड़प
गाजियाबाद के घंटाघर सब्जी मंडी में गुरुवार को ठेला लगाकर फल बेचने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग फल विक्रेता शकील पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी मंडी में ठेले पर फल बेचते हैं। उनके बेटे समीर और आसिफ भी इस काम में उनका सहयोग करते हैं। आरोप है कि जब वे ठेला लगाने पहुंचे, तो कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प और मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे को धक्का देते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब दो महीने पहले भी इसी स्थान को लेकर विवाद हुआ था। उस समय मामले का समाधान कर फल विक्रेताओं को दोबारा ठेला लगाने की अनुमति मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद यह विवाद फिर से उत्पन्न हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष यानी व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर ठेला-पटरी लगने से अतिक्रमण होता है, जिससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। व्यापारियों की शिकायत पर नगर निगम ने पहले पुलिस की मौजूदगी में सड़क से अतिक्रमण हटवाया था। उनका आरोप है कि दोबारा उसी जगह ठेला लगाने की कोशिश की गई, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पीडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने कंपनी के एम-सील उत्पाद के कथित कम वजन के मामले में लीगल मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा वर्ष 2013 में की गई कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई से पहले कानून में तय अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। न्यायमूर्ति आलोक माथुर ने कंपनी की याचिका पर यह आदेश सुनाया। मामला झांसी के एक खुदरा विक्रेता की दुकान पर हुए निरीक्षण से जुड़ा है। विभागीय निरीक्षक ने 25 ग्राम के एम-सील पैक में रेज़िन का वजन शून्य होने का दावा करते हुए कंपनी को नोटिस जारी किया था। कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने न्यायालय को बताया कि निरीक्षण लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटी) नियम, 2011 के अनुरूप नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि नियम 21 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी नहीं हुआ। न्यायालय ने अपनी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि खुदरा विक्रेता के यहां जांच तभी की जा सकती है, जब पैकेट से छेड़छाड़, रिसाव, शिकायत या अनिवार्य घोषणाओं में कमी जैसी परिस्थितियां मौजूद हों। न्यायालय ने यह भी पाया कि निरीक्षक ने उत्पाद का वजन किस प्रक्रिया से किया, इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण के दौरान न तो कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद था और न ही दुकान मालिक का बयान दर्ज किया गया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने माना कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं थी, और इसलिए उसे निरस्त किया जाता है।
बहराइच में भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकली:हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बहराइच में गुरुवार शाम छह बजे प्राचीन सिद्धनाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकाली गई। महंत रवि गिरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यह शोभायात्रा शहर के छोटी बाजार, गुरू नानक चौक, डिगिहा तिराहा, अग्रसेन चौक और छावनी चौराहा होते हुए गुजरी। भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम लीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम करन टेकड़ीवाल, भारत विकास परिषद, रोटरी क्लब और अग्रवाल सभा जैसे सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह तोरण द्वार बनाकर यात्रा का स्वागत किया। जिला प्रशासन ने यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग की ड्रोन से भी लगातार निगरानी की जा रही थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।देर रात दस बजे शोभायात्रा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। मंदिर पहुंचने पर महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान अनुराग शर्मा, अंशुमन याज्ञसेनी, हरजीव अग्रवाल, हिमांशु गुप्ता, नितिन गुप्ता, वैभव जैन, अजय सोनी, कन्हैया सोनी सहित हजारों की संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए।
मथुरा की साड़ी फैक्ट्री में आग लगी:लाखों का सामान जला, 4 दमकल गाड़ियों ने 2 घंटे में काबू पाया
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित देवीपुरा में गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक साड़ी फैक्टरी में आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि फैक्टरी से ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्टरी में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, बाटी रोड स्थित देवीपुरा में अखिलेश अग्रवाल की 'राम रसिया' नाम से टेक्सटाइल फैक्टरी संचालित है। बुधवार शाम को काम खत्म होने के बाद सभी कर्मचारी घर चले गए थे। गुरुवार तड़के आसपास के लोगों ने फैक्टरी से धुआं और आग की तेज लपटें निकलती देखीं, जिसके बाद तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। फैक्टरी संचालक के मुताबिक, आग में तैयार साड़ियों का स्टॉक, बड़ी मात्रा में कपड़ा, मशीनों का कुछ हिस्सा और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अग्निशमन विभाग की प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। अग्निशमन अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है।
‘हाय अल्लाह, मुझे माफ कर दो... मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। दारोगा जी, अब कभी गोकशी नहीं करूंगा।’ पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद जमीन पर पड़े गौतस्करी के आरोपी अकीलउद्दीन उर्फ गट्टू के मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे। वह दर्द से कराहते हुए पुलिस से रहम की गुहार लगा रहा था। पुलिस का दावा है कि जिस अकीलउद्दीन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, वही गोली लगने के बाद अपनी जान बचाने की गुहार लगाने लगा। दरअसल, उसके घर से भारी मात्रा में गोमांस बरामद होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुरुवार रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जंगल में छिपा हुआ है। पुलिस टीम पर की फायरिंग थाना इज्जतनगर पुलिस ने जंगल में घेराबंदी की तो, पुलिस के मुताबिक, अकीलउद्दीन ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान एक गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना की शुरुआत 16 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब थाना इज्जतनगर पुलिस ने ग्राम महलऊ में अकीलउद्दीन उर्फ गट्टू के घर पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां से करीब 40 किलोग्राम गोमांस और पशु काटने के उपकरण बरामद किए गए। मौके से आरोपी के साले मोहम्मद खां को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी अकीलउद्दीन, उसका साथी आलम और पत्नी हसीना फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो टीमें गठित कीं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जंगल से बरामद हुआ सामान पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक देसी तमंचा बरामद हुआ। तमंचे की नाल में एक खोखा कारतूस फंसा मिला, जबकि एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से वध किए गए गोवंश के चार पैर भी बरामद किए हैं। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर इज्जतनगर बोले- इलाज करा रहे इंस्पेक्टर इज्जतनगर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया- मुठभेड़ के दौरान घायल हुए मुख्य आरोपी अकीलउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सहारनपुर में एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ने गुरुवार शाम 8 बजे दिल्ली रोड स्थित होटल ओएसिस में अपना 17वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल, महिलाओं को सिलाई मशीन और गरीब बच्चों को स्कूल किट वितरित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह और नगर विधायक राजीव गुम्बर ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्कूली बच्चों ने गणेश वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संस्था के सामाजिक कार्यों में सहयोग देने वाली विभिन्न हस्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी ने सेवा, शिक्षा और मानवता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए संस्था लगातार निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। नगर विधायक राजीव गुम्बर ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के वर्षों तक समाज सेवा करना आसान नहीं होता। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। संस्था की अध्यक्ष रश्मि टेरेन्स ने बताया कि लाभार्थियों का चयन आधार कार्ड, स्कूल पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके। उन्होंने संस्था का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में लगातार कार्य करना बताया। रश्मि टेरेन्स ने यह भी बताया कि एरोन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी शहर में निशुल्क पाठशालाएं चलाती है, जहां बच्चों को मुफ्त शिक्षा और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, संस्था दाना-पानी अभियान के तहत मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराती है। संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित वृक्षारोपण, चिकित्सा शिविर, खेल गतिविधियां और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम भी संचालित करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, संस्था के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और लाभार्थी परिवार उपस्थित रहे। इस आयोजन में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से परिलक्षित हुआ।
शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुड़ाना में गुरुवार शाम बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा अस्पताल परिसर अंधेरा छा गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार शाम बिजली गुल होने के कारण सीएचसी कुड़ाना में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। अस्पताल परिसर में चारों ओर अंधेरा छा गया, जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अस्पताल की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात की आपातकालीन सेवाओं के लिए डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ड्यूटी तय होने के बावजूद अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं थे। साथ ही, बिजली जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकित ने बताया कि अस्पताल का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। इसकी सूचना बिजली विभाग को दे दी गई है और ट्रांसफार्मर ठीक होते ही बिजली बहाल कर दी जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में जनरेटर या अन्य वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि बिजली बाधित होने पर भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष ने चौथी रैंक हासिल की है। पांशुल और आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी। राजस्थान के 2 स्टूडेंट भी टॉप-10 में शामिल है। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी रैंक और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। परीक्षा में सफल स्टूडेंटस में 58% से ज्यादा छात्राएं हैं, जबकि 55.1% छात्र हैं। बता दें कि 2 दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पॉन्स की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आंसर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है। NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
ललितपुर में जमीन विवाद में महिला ने खाया जहर:हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया
ललितपुर के ग्राम मेनबार में जमीनी विवाद के चलते एक महिला ने गुरुवार शाम 5 बजे विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने पूर्व प्रधान के पक्ष में जमीन की नाप की, जिससे क्षुब्ध होकर महिला ने यह कदम उठाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्राम मेनबार निवासी हरपाल सिंह पुत्र हिम्मत सिंह ने बताया कि गांव में उनकी जमीन पर पूर्व प्रधान और उसके परिजन कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई, गुरुवार को चकबंदी विभाग की टीम गांव पहुंची और पूर्व प्रधान को जमीन की नाप कर दी। उस समय घर पर कोई नहीं था, केवल उनकी मां मौजूद थीं, जिन्होंने घर में रखे विषाक्त का सेवन कर लिया। हरपाल सिंह ने इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, ललितपुर, राकेश कुमार ने बताया कि ग्राम मेनबार में ग्राम सभा की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा मकान बनाने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश पर टीम द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान ही एक महिला ने यह कदम उठा लिया। राकेश कुमार के अनुसार, जांच में पाया गया कि उक्त लोगों द्वारा ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से मकान का निर्माण कार्य किया जा रहा था।
राजस्थान में कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम भी शुरू हो गया है। इसमें टोंक जिले की पांच स्कूलें भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम में एडमिशन के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से सात कार्य दिवस में रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार का मानना है कि इससे कम नामांकन वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्कूलों का स्वरूप बदलने के बजाय अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुए आदेश राजस्थान सरकार के शिक्षा ग्रुप-1 विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है। ऐसे विद्यालयों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। विभाग ने इन विद्यालयों को हिंदी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक प्रस्ताव और टिप्पणी जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। रिपोर्ट में हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, वर्तमान नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अब भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। तबादलों के बीच फैसले का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश में शिक्षकों के बंपर तबादले हुए हैं। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ के पुनर्गठन पर भी असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। शिक्षक संघ ने उठाई अलग मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी निजी स्कूलों की फीस से राहत दिलाई है। उनका कहना है कि कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने या उनका स्वरूप बदलने की बजाय सरकार अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करे। इससे स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कैडर आधारित भर्ती के बाद भी नामांकन नहीं बढ़ता है, तभी कम नामांकन वाले विद्यालयों पर आगे निर्णय लिया जाए।
लखनऊ में 13 साल पुराने आतंकी साजिश मामले में लखनऊ की विशेष एनआईए कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (हूजी) के संदिग्ध सदस्य कुरबान अली को दोषी ठहराते हुए 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जेल में पहले से बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) उमाशंकर जिंदल की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कुरबान अली को आपराधिक साजिश, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश, युद्ध के लिए हथियार जुटाने, जालसाजी और आर्म्स एक्ट के मामलों में दोषी करार दिया। इन अपराधों में उसे 5 साल की कठोर कैद और 7 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े अपराधों में 3 साल की कठोर कैद और 500 रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं समवर्ती (Concurrent) रूप से चलेंगी। यानी आरोपी को अलग-अलग सजाएं क्रमवार नहीं काटनी होंगी। साथ ही न्यायिक हिरासत में पहले से बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया गया। लखनऊ जिला जेल भेजने का आदेश दोषसिद्धि के बाद कोर्ट ने सजायाफ्ता वारंट जारी करने के निर्देश दिए और जेल प्रशासन को आदेश दिया कि कुरबान अली को शेष सजा काटने के लिए लखनऊ जिला जेल में रखा जाए। इन धाराओं में ठहराया गया दोषी अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा। इसके बाद कुरबान अली को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B, 121A, 122, 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराया गया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 3, 5, 25, 30 और 35 के तहत भी उसे दोषी पाया गया। यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज हूजी से जुड़ी कथित आतंकी साजिश से संबंधित है।
बलिया के बहुचर्चित काम जी गोंड मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के बाद आरोपी ग्राम प्रधान का पक्ष सामने आया है। ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह के बड़े भाई अविनाश शंकर सिंह विक्की ने अपने भाई को निर्दोष बताया है। गुरुवार शाम मीडिया से बात करते हुए अविनाश शंकर सिंह विक्की ने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण उनके भाई को राजनीतिक विद्वेष के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताया और कहा कि गांव की राजनीति के कारण उनका नाम इसमें घसीटा गया है। विक्की ने दावा किया कि जिस दिन काम जी गोंड को उठाया गया था, उस दिन प्रधान आशुतोष शंकर सिंह गांव में मौजूद नहीं थे। उन्होंने 8 जुलाई से 11 जुलाई तक का सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए कहा कि उनके पास सभी साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें उनका भाई गांव के बाहर दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 8 जुलाई को प्रधान की किसी भी थाने के पदाधिकारी से कोई बात नहीं हुई थी। अविनाश ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनके भाई के दोनों मोबाइल नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकालकर जांच की जाए। उन्होंने मांग की कि यदि दोषी पाए जाएं तो कार्रवाई हो, अन्यथा निर्दोष होने पर उन्हें इस मामले में न घसीटा जाए। अविनाश शंकर सिंह विक्की ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी कामजी गोड़ की मौत के मामले में अपर जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कामजी गोड़ की मौत पुलिस की पिटाई से हुई थी। अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि यह जांच रेवती थाने में दर्ज मुकदमा से संबंधित है। ग्राम गायघाट निवासी विशाल गोड़ पुत्र रामजी गोड़ की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में आरोप है कि 07 जुलाई 2026 को सूरज कन्नौजिया की खेदन चौराहे स्थित मीट की दुकान पर विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद 8 जुलाई को वादी के पिता कामजी गोड़ को थाना रेवती के उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह द्वारा थाने ले जाकर कथित तौर पर मारपीट की गई। इस प्रकरण में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के लिए पुलिस अधीक्षक, बलिया ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया था। पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट, बलिया ने 14 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई साक्ष्य, दस्तावेज या बयान हो तो वह 24 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में प्रातः 10 बजे से सायं 05 बजे के बीच अपर जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। मंदिर की दान पेटियों की दो दिन तक चली गणना में 31 लाख 40 हजार 20 रुपए की नकद राशि मिली। इसके अलावा 8 ग्राम सोने के आइटम, 190 ग्राम चांदी के छोटे आभूषण और 7 देशों की विदेशी मुद्रा भी दान पेटियों से निकली। मंदिर प्रबंधन समिति ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दान राशि की गणना कराई। पहले दिन 15 जुलाई को 24 लाख 2 हजार 450 रुपए और दूसरे दिन 16 जुलाई को 7 लाख 37 हजार 570 रुपए मिले। दोनों दिनों की गणना के बाद कुल दान राशि 31 लाख 40 हजार 20 रुपए रही। दान पेटियों में 7 देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली दान पेटियों में भारत के अलावा कई देशों की मुद्रा भी मिली। इनमें मलेशिया के 20 और 5 सेंट के सिक्के, नेपाल के 2 रुपए के दो सिक्के तथा 100 और 5 मूल्य के नोट, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक सिक्का, थाईलैंड का 2 मूल्य का सिक्का, कजाकिस्तान का 1 मूल्य का सिक्का और ब्राजील का 2 मूल्य का एक नोट शामिल है। मंदिर समिति के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक चार चरणों में दान पेटियों की गणना हो चुकी है। इन चारों चरणों में कुल 1 करोड़ 3 लाख 60 हजार 40 रुपए की दान राशि प्राप्त हुई है। वर्ष 2026 में अब तक मिली दान राशि जनवरी: 25 लाख 43 हजार 350 रुपए मार्च: 24 लाख 27 हजार 670 रुपए मई: 22 लाख 31 हजार रुपए जुलाई: 31 लाख 40 हजार 20 रुपए मंदिर समिति का कहना है कि दान पेटियों में विदेशी मुद्रा मिलना इस बात का संकेत है कि भगवान पशुपतिनाथ के प्रति देश के साथ-साथ विदेशों के श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बिहार में बारिश से बढ़ा डेंगू का खतरा:स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 180 से कम मरीज, 318 फॉगिंग मशीनें तैनात
बिहार में मानसून की सक्रियता के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। हालांकि, इस वर्ष अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जुलाई तक बिहार में 180 से कम डेंगू मरीज सामने आए हैं। इनमें से लगभग 50 मामले अकेले पटना जिले से दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि समय पर की गई तैयारियों और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के कारण मरीजों की संख्या नियंत्रित रही है। विभाग ने जुलाई माह को 'एंटी-डेंगू माह' घोषित किया है। इस अवधि में स्कूलों, पंचायतों, नगर निकायों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को डेंगू से बचाव के तरीके, मच्छरों की रोकथाम और शुरुआती लक्षणों की पहचान के बारे में जानकारी दी जा रही है। राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं मच्छर नियंत्रण के लिए राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं। लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव भी नियमित रूप से किया जा रहा है। सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में एनएस-1 एलिसा और आईजीएम एलिसा जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यक दवाओं, प्लेटलेट्स प्रबंधन और अन्य चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। पीएमसीएच में 20 बेड का एक विशेष डेंगू वार्ड भी तैयार किया गया है। पटना में विशेष निगरानी, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार लार्वा सर्वे, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का काम कर रही हैं। जहां जलजमाव की शिकायत मिल रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनके अनुसार बारिश के बाद अगले दो महीने डेंगू नियंत्रण के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण हैं। डॉक्टरों की सलाह - बुखार को नजरअंदाज न करें पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे डेंगू मरीजों में रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और समय पर जांच कराना डेंगू के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार जुलाई से सितंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद घरों और आसपास जमा साफ पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनपता है। इसलिए सप्ताह में कम-से-कम एक दिन घर और आसपास जमा पानी पूरी तरह खाली करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और साफ-सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी डेंगू संक्रमण को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे में सरकारी तैयारियों के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता और सहभागिता ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे पीएमसीएच में 20 बेड का समर्पित डेंगू वार्ड तैयार संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (आरएसबी) में 20 बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में मच्छरदानियों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां 24 घंटे डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल अटेंडेंट की तैनाती रहेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को नए रेडियोलॉजी भवन की आधुनिक जांच सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा, जिससे जांच और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी।निजी अस्पतालों और लैब को भी दिए गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को कहा गया है कि डेंगू के संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं। इस व्यवस्था का उद्देश्य संक्रमित क्षेत्रों की जल्द पहचान कर वहां फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और अन्य रोकथाम उपायों को तुरंत लागू करना है। विभाग का मानना है कि समय पर सूचना मिलने से संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।
लखनऊ में 'घर-घर हरियाली' अभियान:16 अगस्त 2026 को गिनीज रिकॉर्ड प्रयास की तैयारियां तेज
लखनऊ में 'घर-घर हरियाली' अभियान के तहत 16 अगस्त 2026 को होने वाले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी संबंध में अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, के.डी सिंह बाबू स्टेडियम में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवी शिल्प ग्राम, लखनऊ की अध्यक्षा और कार्यक्रम की आयोजक पुनीता भटनागर ने की। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की, जिसमें 2100 महिलाओं की भागीदारी होगी। पुनीता भटनागर ने प्रतिभागियों के पंजीकरण, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, अनुशासन, तकनीकी प्रबंधन, मीडिया समन्वय और अतिथि स्वागत जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। पर्यावरण संरक्षण का संदेश पुनीता भटनागर ने बताया कि 'घर-घर हरियाली' अभियान का मुख्य उद्देश्य हर घर तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना और लोगों को अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इसे केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और जन-जागरूकता का एक बड़ा अभियान बताया। उन्होंने सभी समूह प्रभारियों और सहयोगियों से समयबद्ध और समन्वित तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की, ताकि लखनऊ इस ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बन सके। आयोजकों ने प्रदेशवासियों से भी 16 अगस्त को बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इस महाअभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया। बैठक में विनीता श्रीवास्तव, सोनी सिंह, नीतू बाली, सुधा सिंह, अजीत कुमार सहित कई पदाधिकारी और सहयोगी उपस्थित रहे।
लखनऊ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन:वैज्ञानिकों ने नई हरित क्रांति पर मंथन किया
लखनऊ सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गुरुवार को समापन हो गया। यह आयोजन 'पादप विकास एवं तनाव अनुक्रियाओं के नियमन में हार्मोनल क्रॉस-टॉक' विषय पर हुई। इस संगोष्ठी में देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने पौधों से जुड़े नवीनतम शोध और भविष्य की कृषि चुनौतियों पर मंथन किया। संगोष्ठी में पादप हार्मोन सिग्नलिंग, जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, तनाव जीवविज्ञान और सतत कृषि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। दो दिनों तक चले सत्रों में वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकों और कृषि को बेहतर बनाने के नए उपायों पर विस्तार से चर्चा की। नई हरित क्रांति का रास्ता जीन तकनीक से समापन समारोह के मुख्य अतिथि ब्रिक-नेशनल एग्री-फूड एंड बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट (NABI), मोहाली के कार्यकारी निदेशक डॉ. अश्विनी पारिक ने कहा कि देश को नई हरित क्रांति की जरूरत है, जिसका आधार जीनोम विज्ञान और जीन प्रौद्योगिकी होगी। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित जैव-अर्थव्यवस्था भविष्य की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार की बायो-ई3 (BioE3) नीति और एनएबीआई के नवाचारों की भी जानकारी दी। एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने कहा कि युवा वैज्ञानिक अपने शोध को समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाएं। गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान ही भविष्य की वैज्ञानिक और कृषि संबंधी चुनौतियों का प्रभावी समाधान दे सकता है। जीनोमिक्स और तनाव जीवविज्ञान पर हुए व्याख्यान दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में सीएसआईआर-सीमैप, आईसीजीईबी, हैदराबाद विश्वविद्यालय, आईआईएसईआर भोपाल, एनआईपीजीआर, आईआईएसईआर कोलकाता और आईआईएसईआर मोहाली के वैज्ञानिकों ने पौधों की वृद्धि, जीन नियमन, ब्लू-लाइट सिग्नलिंग, फसल सुधार, पोषक तत्वों की कमी, तापमान आधारित वृद्धि और आयरन समस्थिति जैसे विषयों पर अपने शोध साझा किए। शोधार्थियों ने भी विशेषज्ञों से सवाल पूछकर चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक सहित विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। महिलाएं पिछले 14 दिनों से प्रतीकात्मक रूप से चिताओं पर लेटकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर का आमरण अनशन गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा नहीं मिल रही है। अमित भटनागर ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और किसानों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की गई है। ग्राम सभा की प्रक्रिया, आपत्तियों के निराकरण और अवार्ड की प्रतियां भी प्रभावितों को उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं में पात्र परिवारों की जगह अपात्र लोगों को ज्यादा मुआवजा दिया गया। जबकि जिन लोगों की जमीन, घर और आजीविका प्रभावित हुई, वे अब भी उचित मुआवजे से वंचित हैं। मुआवजे की मांग कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि केन-बेतवा लिंक, नैगुवा सिंचाई परियोजना, एनटीपीसी, मझगांव और रूंज डैम जैसी परियोजनाओं से प्रभावित हजारों परिवारों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि पूर्ण पुनर्वास और मुआवजा दिए बिना ही कई परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। इसके कारण बारिश के मौसम में कई लोग बेघर होकर रहने को मजबूर हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। जिला अध्यक्ष कपूर सिंह यादव, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रानी रैकवार, प्रदेश महासचिव विनोद पटेल, जिला उपाध्यक्ष महेंद्र यादव समेत अन्य पदाधिकारी आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावितों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन और सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। तस्वीरों में देखें प्रदर्शन
मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के न्याय पंचायत धौरहा के रैकरी ग्राम सभा में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे एक युवक की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी घायल हो गया। मृतक की पहचान रैकरी निवासी विजय बिंद (27 वर्ष), पुत्र झब्बू लाल बिंद के रूप में हुई है। साइड लेते समय अनियंत्रित होकर टकराई बाइक जानकारी के मुताबिक, विजय बिंद अपने खेत में बादाम बोने के बाद साथी संजय बिंद (पुत्र सियाराम) के साथ बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान चीखुड़ियां की ओर से भस्सी (खनिज) लादकर आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के बगल से गुजरते समय उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौका पाकर ट्रैक्टर चालक वाहन समेत फरार हो गया। 25 दिन पहले ही सिर पर सजा था सेहरा इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। विजय बिंद की शादी पिछले महीने ही 21 जून को सक्तेशगढ़ क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। अभी शादी की रस्में और हाथों की मेहंदी भी ठीक से नहीं छूटी थी कि 25 दिनों के भीतर ही पत्नी शिला का सुहाग उजड़ गया। अचानक हुए इस वज्रपात से नवविवाहिता पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजगढ़ थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने बताया- ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रैक्टर चालक व वाहन की तलाश की जा रही है।
बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) आईपीएस किरण गंगाराम चव्हाण ने जिला पुलिस कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान एसपी योगेश कुमार पटेल ने उन्हें कार्यभार सौंपा। पदभार संभालने के बाद उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों की जानकारी ली। किरण गंगाराम चव्हाण साल 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के रहने वाले हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। बिलासपुर से सुकमा तक संभाली अहम जिम्मेदारियां उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में बिलासपुर से की। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) जगदलपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) सुकमा और बाद में सुकमा के एसपी के रूप में सेवाएं दीं। सुकमा में उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान, कानून-व्यवस्था मजबूत करने, लोगों से बेहतर जुड़ाव और नशे के खिलाफ कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। बेहतर पुलिसिंग के लिए मिला FICCI अवार्ड उत्कृष्ट पुलिसिंग और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें साल 2024 में FICCI बेस्ट परफॉर्मिंग ऑफिसर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति से बालोद में पुलिस व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के साथ की परिचयात्मक बैठक पदभार ग्रहण करने के बाद नए एसपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों, पुलिस कार्यालय के शाखा प्रभारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों की समीक्षा की गई। पदभार ग्रहण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद बोनिफास एक्का, एसडीओपी गुंडरदेही राजेश बागड़े, एसडीओपी गुरूर माया शर्मा, डीएसपी मुख्यालय श्रुति सिंह, सीएसपी राजहरा विकास पाटले, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की स्थिति और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन ने दावा किया कि उपचुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। 3.79 लाख से अधिक मतदाता करेंगे वोट प्रशासन के अनुसार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 79 हजार 616 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 2 लाख 60 पुरुष मतदाता, 1 लाख 79 हजार 533 महिला मतदाता तथा 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहा है। 422 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 247 मतदान केंद्र सरकारी भवनों में तथा 175 मतदान केंद्र निजी भवनों में स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए 29 चलंत (मोबाइल) मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नामांकन के बाद 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डीएम ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 40 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 26 नामांकन वैध पाए गए। इसके बाद एक उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया, जिसके चलते अब 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वेबकास्टिंग से होगी निगरानी, मोबाइल रखने की भी व्यवस्था मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों को भी मान्य किया है। आचार संहिता के दौरान बड़ी कार्रवाई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक की कार्रवाई में— 2 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। 16 कारतूस जब्त किए गए हैं। 2.785 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। 2652 लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा अन्य प्रतिबंधित सामग्री भी जब्त की गई है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना पटना के एएन कॉलेज स्थित कला भवन में कराई जाएगी। मतगणना स्थल पर भी सुरक्षा और पारदर्शिता के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी तैयारी डीएम और एसएसपी ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की निगरानी, वेबकास्टिंग, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर और आदर्श आचार संहिता के सख्ती से पालन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने रोह प्रखंड के मडरा पंचायत अंतर्गत रतोई गांव में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत संचालित सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, विद्युत उत्पादन, संचालन व्यवस्था, अनुरक्षण एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में बताया गया कि यह सोलर पावर प्लांट 7.50 एकड़ भूमि पर स्थापित है। इसकी क्षमता 1.47 मेगावाट है और यहां से नियमित रूप से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। यह परियोजना स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहित कर रही है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था रिस्पांस रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड द्वारा प्लांट के संचालन एवं रखरखाव की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्लांट का संचालन निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने नियमित अनुरक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और निर्बाध विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के दौरान गोपनीय शाखा प्रभारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत), संबंधित विभाग के पदाधिकारी, रिस्पांस रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। परीक्षा में 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। टॉप स्कोरर्स में 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार परीक्षा दी थी। 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं और 55.1% छात्र हैं। स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी। NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ में होम्योपैथिक डॉक्टरों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) ने नए नियम लागू किए हैं। बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर होम्योपैथी ने सभी राज्यों के होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रारों को निर्देश जारी किए हैं कि अब मेडिकल क्वालिफिकेशन रिकग्निशन लिस्ट (एमक्यूआरएल) का सत्यापन किए बिना किसी भी अभ्यर्थी का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। फर्जीवाड़े रोकने पर जोर उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड ने भी नए नियमों के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड के रजिस्ट्रार विनय कुमार तिवारी ने बताया कि नए नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना खत्म की जा सके। अब दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता की गहन जांच के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा। यूपी में 40 हजार होम्योपैथिक डॉक्टर उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 40 हजार होम्योपैथिक डॉक्टर पंजीकृत हैं। नए नियमों के अनुसार पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएचएमएस की डिग्री, एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरी होने का प्रमाण और एमक्यूआरएल में नाम दर्ज होना जरूरी है। इन सभी शर्तों के पूरा होने के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पंजीकरण के कोई भी होम्योपैथिक डॉक्टर चिकित्सा अभ्यास नहीं कर सकेगा। नए नियमों से फर्जी डिग्री के आधार पर पंजीकरण कराने की संभावना पर रोक लगेगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह ऑटो से आए युवकों ने सरेराह छात्रा का अपरहण कर लिया। छात्रा अपने मामा की बेटी के साथ स्कूल जा रही थी। उसका अपहरण यूपी कॉलेज गेट के पास से हुआ और बदमाश उसे लेकर फरार हो गए। ऑटों में बैठाकर ले जाने के दौरान उसके और युवकों के बीच हाथापाई भी हुई और बाद में उसे अंदर खींचकर दबोच लिया। दूसरी छात्रा ने परिजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी पर आए परिजनों ने पूरा मामला जाना। जानकारी पर पता चला कि छात्रा का अपहरण करने वाले युवक उसी शिवपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने सुबह सूचना के बाद छात्रा की तलाश की लेकिन शाम तक उसका पता नहीं चला। 12 घंटे बाद तहरीर लेकर केस दर्ज किया। हालांकि देर रात तक छात्रा का कोई सुराग नहीं लगा था। अब पढ़िए पूरा मामलाशिवपुर के चुपेपुर निवासी लखी सोनकर ने बताया मेरी बेटी शर्मिष्ठा सोनकर (17) अपने मामा की लड़की तनु सोनकर के साथ रानी मुरारका इंटर कालेज की स्टूडेंट हैं। इससे पहले उसने हाईस्कूल में टॉप किया था और बेहतर नंबर आने की वजह से हम उसे प्रोत्त्साहित करते थे। दोनों इस बार इंटर में गई हैं और साथ ही स्कूल जाती हैं। रोज की तरह गुरुवार सुबह भी दोनों स्कूल के लिए घर से निकली और कुछ देर बाद यूपी कॉलेज पहुंच गई। उनका स्कूल यूपी कॉलेज कैंपस के अंदर ही है। उसी दौरान यूपी कालेज गेट के पास ऑटो से आए अनिकेत सोनकर अपने दो साथियों के साथ आया। जबरन खींचकर आटो में ले गएउसने छात्रा को रोका और फिर जबरन खींचकर आटो में ले जाने लगा। दोनों के बीच रस्साकशी हुई लेकिन बाद में दो अन्य युवक नीचे उतरे और मेरी बेटी शर्मिष्ठा को धक्का देकर अंदर डालकर लेकर कहीं चले गए। पिता ने बताया कि ममेरी बहन तनु स्कूल पहुंची और क्लास टीचर के मोबाइल से हमें सूचना दी। हम लोग चौकी और फिर हमें वहां से थाने भेज दिया गया। पहले जो तहरीर दी थी उसे भी पुलिस ने बदलवा दिया और अपहरण के बजाए बहला फुसलाकर ले जाना लिखवाया। पुलिस पूरे मामले को 12 घंटे तक छिपाती रहीबता दें कि शिवपुर पुलिस पूरे मामले को 12 घंटे तक छिपाती रही। जानकारों ने बताया कि सुबह 7 बजे अपहरण और शाम 7 बजे के बाद रिपोर्ट के लिए तहरीर ली गई जबकि पुलिस ने उसमें भी शब्दों का परिवर्तन कराया। हालांकि देर रात 11 बजे तक अपहृत का पता नहीं चल सका है।
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़-बैरसिया मार्ग स्थित पार्वती नदी में डूबे दोनों युवकों के शव गुरुवार को बरामद कर लिए गए। बुधवार शाम से चल रहे रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ की टीम ने करीब 27 घंटे तक बोट से तलाश की। गुरुवार सुबह एक युवक का शव मिला, जबकि दूसरे का शव शाम करीब 7:15 बजे नदी से निकाला गया। जानकारी के अनुसार, भोपाल जिले के नजीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मेगरा नवीन निवासी सोनू अहिरवार (26) और गोलू अहिरवार (23) बुधवार शाम करीब 4:30 बजे पार्वती नदी में नहाने गए थे। काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। पुल पर बाइक खड़ी मिलीं तलाशी के दौरान नदी पर बने अस्थायी पुल पर दोनों की बाइक खड़ी मिली। पुल के किनारे उनके कपड़े और मोबाइल भी रखे थे। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नदी में डूबने की आशंका जताते हुए एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया। बुधवार देर रात तक रेस्क्यू अभियान चला, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ ने बोट से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुबह सोनू का शव बरामद हुआ। इसके बाद पूरे दिन तलाश जारी रही। शाम करीब 7:15 बजे गोलू का शव भी नदी से निकाल लिया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बैरसिया अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर के सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने छह साल के एक बच्चे की आहार नली (फूड पाइप) में फंसा सिक्का सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचा ली। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है। कोटा तहसील के सरगोंड गांव निवासी बैगा जनजाति के छह वर्षीय नरेंद्र ने गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गलती से एक सिक्का निगल लिया। इसके बाद उसे खाना निगलने में काफी दिक्कत होने लगी। पेंड्रा से सिम्स किया गया रेफर परिजन पहले बच्चे को पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। एक्स-रे में पता चला कहां फंसा है सिक्का शाम करीब 6:30 बजे सिम्स पहुंचने पर ईएनटी विभाग ने तुरंत जांच और एक्स-रे कराया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने एक्स-रे में सिक्के की सही स्थिति का पता लगाया। जांच में सामने आया कि सिक्का श्वासनली के मुहाने के पीछे आहार नली के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ था। ऑपरेशन कर सुरक्षित निकाला सिक्का स्थिति गंभीर होने पर एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने बच्चे को बेहोश किया। इसके बाद प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय और सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में ईएनटी टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक से सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया। डॉक्टरों की टीम की सराहना सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने डॉक्टरों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि अलग-अलग विभागों के बेहतर तालमेल और आधुनिक तकनीक की मदद से अस्पताल में जटिल मामलों का भी समय पर सफल इलाज किया जा रहा है। सिक्का निगलने पर तुरंत अस्पताल जाएं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यदि कोई बच्चा सिक्का, बटन बैटरी, चुंबक या दूसरी छोटी चीज निगल ले, तो घरेलू उपाय करने की बजाय तुरंत अस्पताल लेकर जाएं। समय पर इलाज से गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। बच्चों से छोटी चीजें रखें दूर ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की कि सिक्के, बैटरी, छोटे खिलौनों के हिस्से और अन्य छोटी वस्तुएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें। यदि बच्चे को निगलने में दिक्कत, लगातार लार आना, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र स्थित हुरावली में बड़े भाई की तेरहवीं में शामिल होने गांव गए एक बीएसएफ जवान के सूने मकान को चोरों ने निशाना बना लिया। बदमाश मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे, अंदर की कुंडी काटी और नकदी व सोने-चांदी के जेवर सहित करीब 5 लाख रुपए का सामान चोरी कर फरार हो गए। वारदात का खुलासा तब हुआ, जब पड़ोसियों ने घर का टूटा ताला देखकर जवान को सूचना दी। पीड़ित 55 वर्षीय नरेन्द्र सिंह बीएसएफ में पदस्थ हैं और मूल रूप से डबरा के ग्राम मेहगांव के निवासी हैं। वर्तमान में वह परिवार के साथ हुरावली में रहते हैं। उनके बड़े भाई प्रहलाद सिंह का 2 जुलाई को निधन हो गया था। तेरहवीं कार्यक्रम के लिए नरेन्द्र सिंह पहले ही गांव चले गए थे, जबकि 13 जुलाई की शाम उनका बेटा पंकज घर में ताला लगाकर गांव पहुंचा था। 15 जुलाई को पड़ोसियों ने फोन कर घर का ताला टूटा होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर घर का सामान बिखरा मिला। पीड़ित के अनुसार चोर 1.80 लाख रुपए नकद, डेढ़ तोला सोने की चेन, सोने की अंगूठी, सोने का फूल, तीन जोड़ी चांदी की बिछिया और एक जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। सूचना पर सिरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। थाना प्रभारी गोविंद बंगोली ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
उमरिया में जगन्नाथ रथयात्रा निकली:एसडीएम ने भगवान के आगे लगाई झाड़ू, भक्तों ने खींचा रथ
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह यात्रा शाम 5 बजे मां बिरासिनी मंदिर परिसर से पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की मूर्तियों को एक सुंदर रथ पर सजाकर नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त 'जय जगन्नाथ' के जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे। यह रथयात्रा मां बिरासिनी मंदिर से शुरू होकर प्रकाश चौक, मुख्य बाजार, बस स्टैंड तिराहा, मुख्य सड़क और थाना रोड से होते हुए समाजसेवी प्रकाश पालीवाल के घर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और लोगों ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया। भक्तों के लिए कई जगहों पर ठंडे पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल पूरी यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, शंख की आवाज और ढोल-नगाड़ों से पूरा शहर भक्ति के रंग में डूब गया। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं, तो युवा हाथों में धर्म ध्वजा थामे बेहद उत्साहित नजर आए। सभी ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। तीन दिनों तक चलेगा भंडारा रथयात्रा खत्म होने के बाद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियों को प्रकाश पालीवाल के घर पर ही विराजित किया गया। यहां अगले तीन दिनों तक विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें आसपास के इलाकों से भी भारी संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है। एसडीएम ने लगाई झाड़ू बिरसिंहपुर में यह रथयात्रा सालों से आपसी भाईचारे और आस्था का प्रतीक रही है। इस बार की यात्रा के दौरान एक खास नजारा देखने को मिला, जहां पाली की एसडीएम मीनाक्षी इंगले भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे झाड़ू लगाती नजर आईं। उनकी यह तस्वीर लोगों के बीच काफी चर्चा में बनी हुई है।
पूर्णिया जिले के रानीपतरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चांदी कटुआ गांव में एक महिला पर चाकू से हमला किया गया है। यह घटना जमीन ब्रोकरों द्वारा स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाने के प्रयास के दौरान हुई, जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसे चाकू मारकर घायल कर दिया गया। घायल महिला की पहचान चांदी कटुआ गांव निवासी राम प्रसाद राय की पत्नी सीता देवी के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। सीता देवी ने बताया कि गुरुवार दोपहर उनके पड़ोस में रहने वाले जमीन ब्रोकर छोटू राय कुछ अज्ञात लोगों के साथ उनके घर में घुस आए। उन्होंने चाकू दिखाकर स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया। जब सीता देवी ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया, तो उन लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग गए। सीता देवी को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया। घायल महिला के बेटे गौरव कुमार ने बताया कि यह घटना जमीनी विवाद से जुड़ी है। जमीन ब्रोकरों ने दोपहर के समय घर में घुसकर उनकी मां पर स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनकी मां पर धारदार चाकू से हमला किया गया। गौरव कुमार ने अस्पताल में इलाज के बाद स्थानीय थाने में आवेदन देकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने बताया कि घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने और थाना में आवेदन प्राप्त होने के बाद निश्चित तौर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर एक आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के गंभीर मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने थाना सिटी कोतवाली भिंड को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 336(2), 336(3), 340(1) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया थायह आदेश गौरव शर्मा द्वारा दायर एक अपंजीकृत परिवाद पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 75(3) के तहत सुनवाई करते हुए दिया गया। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से विमल यादव का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया, ताकि उसे एक अन्य मामले में कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सके। कोर्ट ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उनमें तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, विमल यादव पुत्र निहाल यादव निवासी यादवन का पुरा, आशुतोष सिंह यादव पुत्र यजवेंद्र सिंह यादव निवासी ग्राम रेंजा, तहसील उमरी, सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर यादव, पटवारी संजीव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन निवासी यादवन का पुरा बिलाव और राजकुमार दुबे निवासी ग्राम बिलाव शामिल हैं। हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज कीपरिवाद के अनुसार, जन्म तिथि से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज की गई और उसके आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसलिए मामले की पुलिस जांच जरूरी है। कोर्ट ने थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को आदेश का तत्काल पालन करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इसकी जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद राजस्व और पंचायत विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अब पुलिस एफआईआर दर्ज कर दस्तावेजों की जांच, संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करेगी। इस मामले में एसआई देवीदीन अनुरागी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया गया है।
मुरैना के पोरसा कस्बे में गुरुवार शाम 17 वर्षीय किशोरी ने आसान क्वारी नदी के पुल से छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने लड़की को कूदते देख पुलिस को सूचना दी। पोरसा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में किशोरी की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। देर रात तक किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। अब शुक्रवार सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। रोते हुए लगाई छलांग प्रत्यक्षदर्शी भारत सिंह भदौरिया के अनुसार किशोरी पुल की रेलिंग पर नदी की ओर पैर लटकाकर बैठी रो रही थी। कुछ देर बाद उसने अचानक नदी में छलांग लगा दी। घटना देखते ही लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सगाई से नाखुश थी ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार किशोरी की करीब एक माह पहले परिजनों ने सगाई तय कर दी थी, जिससे वह खुश नहीं थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर वह अपने गांव से ई-रिक्शा के जरिए निकली, फिर बस से पोरसा पहुंची। इसके बाद वह आसान क्वारी नदी के पुल पर पहुंची और नदी में छलांग लगा दी। शुक्रवार सुबह से फिर शुरू होगा रेस्क्यू पोरसा थाना प्रभारी दिनेश कुशवाहा के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। फिलहाल किशोरी का कोई पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), जबलपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता को एक राष्ट्रीय तकनीकी समिति में सदस्य नामित किया गया है। नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (NCIIPC) और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा गठित यह समिति देश के विद्युत क्षेत्र की साइबर सुरक्षा से संबंधित है। गुप्ता देश भर के सभी भार प्रेषण केंद्रों और राज्य स्तरीय विद्युत संस्थाओं में से चुने गए एकमात्र विशेषज्ञ अधिकारी हैं। यह प्रतिष्ठित तकनीकी समिति देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (CII) की सुरक्षा और मूल्यांकन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'कॉनफॉर्मिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क' (CAF) तैयार करेगी। इसका उद्देश्य पावर सेक्टर को बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल हमलों से बचाना है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस चयन को मध्य प्रदेश की तकनीकी दक्षता और विद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की राष्ट्रीय पहचान बताया। राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में जबलपुर स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र (एसएलडीसी) में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार मजबूत किया गया है, जो देश के अग्रणी मॉडलों में से एक है। इसके अतिरिक्त, वह विद्युत मंत्रालय के उस राष्ट्रीय कार्य समूह के भी सदस्य हैं, जो देश के लोड डिस्पैच केंद्रों के लिए आईटी-ओटी (IT-OT) अभिसरण आर्किटेक्चर का खाका तैयार कर रहा है। इस उच्चस्तरीय राष्ट्रीय समिति में आईआईटी मद्रास, डीआरडीओ और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) जैसे देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री ने राजेश गुप्ता को इस उपलब्धि पर बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि उनका अनुभव तथा विशेषज्ञता देश की महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचनाओं को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बिलासपुर में 495 पदों पर रोजगार मेला:फील्ड, कलेक्शन ऑफिसर, टेक्नीशियन समेत अलग-अलग पदों पर भर्ती
बिलासपुर में 22 जुलाई को जिला रोजगार और स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में एक रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें चार निजी नियोजकों की ओर से कुल 495 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इस रोजगार मेले में लाईफ मित्र, फील्ड ऑफिसर, कलेक्शन ऑफिसर और इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन जैसे पदों पर नियुक्तियां होंगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं और स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, तथा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति और छायाप्रति लानी होगी। मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को ई-रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से अपना पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, उन्हें रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र भी लाना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल, छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप या जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी, बिलासपुर से संपर्क कर सकते हैं।
उप प्रमुख अनु कुमारी ने लवर संग की दूसरी शादी:ससुर बोले-बहू घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी ले गई
सीतामढ़ी के सोनबरसा प्रखंड की वर्तमान उप प्रमुख अनु कुमारी ने अपने प्रेमी विमल कुमार के साथ विवाह कर लिया है। यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। 2019 में हुई थी पहली शादी अनु कुमारी विशनपुर आधार गांव की निवासी हैं। उनके पहले पति इंद्रजीत महतो की वर्ष 2019 में अररिया बाजार के पास अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इंद्रजीत महतो कुख्यात इंदल महतो का भाई था, जिसकी पूर्व में हत्या हो चुकी है। पति की मृत्यु के बाद अनु कुमारी राजनीति में सक्रिय हुईं और वर्तमान में सोनबरसा प्रखंड की उप प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं। इस शादी के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। अनु कुमारी के ससुर और इंद्रजीत महतो के पिता महेश महतो ने कन्हौली थाना में एक आवेदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहू घर से सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर चली गई है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग महेश महतो ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। कन्हौली थाना पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रही है।
उदयपुर में परिवहन विभाग ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शहर के रेती स्टैंड और प्रताप नगर चौराहे पर कार्रवाई की। विभाग ने गुरुवार को 3 लग्जरी स्लीपर बसें सीज कीं। 6 बसों पर 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। आगे भी अवैध रूप से संचालित और मॉडिफॉइड स्लीपर-लग्जरी बसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ये कार्रवाई जिला और सेशन न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देशन में हुई। मोटर वाहन अधिनियम-1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन करने पर अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ये कदम उठाया गया। 15 बसों की जांच, 6 के खिलाफ चालान काटे निरीक्षण के दौरान कुल 15 बसों की जांच की गई। इनमें अवैध रूप से संचालित 6 बसों के चालान काटे गए। ज्यादातर बस संचालकों ने बसों को अपने हिसाब से मॉडिफाइड कराया हुआ था, जिन्हें सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र, अजय पुरोहित, सुनील चौधरी मौजूद थे। अनधिकृत बदलाव से खतरा जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया- लग्जरी और स्लीपर बसों में अनधिकृत रूप से किए जाने वाले बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे कई बार भीषण हादसे होते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा, ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।
बलौदाबाजार जिले के पलारी नगर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष यशवर्धन मोनू वर्मा और उनकी धर्मपत्नी ने पूजा-अर्चना कर रथयात्रा की शुरुआत की। पंडित अशोक महाराज ने श्रद्धालुओं को गजा-मूंग का प्रसाद वितरित किया। रथयात्रा बाजार चौक से शुरू होकर गांधी चौक, ठाकुर देव चौक, महामाया चौक, आजाद चौक, शांति नगर, बस स्टैंड, रायपुर रोड, बलौदा बाजार रोड, बघेल कॉलोनी और बाल समुद्र रोड से होते हुए वापस बाजार चौक पहुंची। पूरे रास्ते रामधुन, डीजे और जय जगन्नाथ के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं का उत्साह रथयात्रा के दौरान हल्की बारिश होती रही, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। महिलाएं, पुरुष और बच्चे घरों से बाहर निकलकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन करते रहे। नीम की लकड़ी से बनी हैं भगवान की प्रतिमाएं इस रथयात्रा की खास बात यह है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं पत्थर या धातु की नहीं, बल्कि नीम की लकड़ी से बनी होती हैं। इन्हें अधूरा स्वरूप माना जाता है, जो इस परंपरा की विशेष पहचान है। पुलिस ने संभाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए पलारी थाना पुलिस तैनात रही। सब-इंस्पेक्टर रागनी राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी संभाली। बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु रथयात्रा में यशवर्धन मोनू वर्मा, तुका राम वर्मा, देवेंद्र वर्मा, नरसिंह वर्मा, नेतरंजन निर्मलकर, भूषण ठेठवार, हरिशंकर, उमेश वर्मा, सुरेश, कुलेश्वर, रमेश सवारा, अनिल, रवि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया। क्या है रथयात्रा का महत्व? भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारत के सबसे प्राचीन और प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर जाते हैं। पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तरह पलारी में भी यह आयोजन हर साल श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
स्कूली वाहनों पर यातायात पुलिस का शिकंजा:40 वैन चालकों पर कार्रवाई, 70 हजार का जुर्माना वसूला
शहर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 व 2, सेंट अलायसिस और सेंट जोसेफ सहित प्रमुख स्कूलों के बाहर बसों और वैनों की सघन जांच की गई। जांच में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइंस और मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों का बारीकी से पालन सुनिश्चित किया गया। कई स्कूल वैन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई गईं, जिसके बाद उन्हें जब्त कर सिविल लाइन थाने में खड़ा कराया गया। नियमों की अनदेखी करने वाले लगभग 40 स्कूल वैन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। मौके पर ही उनसे 70 हजार रुपये का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। यातायात पुलिस ने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी। उन्हें बच्चों को स्कूल परिसर के अंदर ही चढ़ाने और उतारने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके। अभियान के तहत अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को ई-रिक्शा या ऑटो से स्कूल न भेजें, क्योंकि ये वाहन स्कूली परिवहन के लिए वैध श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके अतिरिक्त, लोक परिवहन से जुड़े ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त रखने और यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
जबलपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार और चरमराती नागरिक व्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के नेतृत्व में यह प्रदर्शन 'कांग्रेस का शंखनाद' के रूप में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक लखन घनघोरिया ने शहर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह ध्वस्त बताया। उन्होंने कहा कि गर्मी में जनता पीने के पानी को तरसती है, जबकि बारिश में पूरा शहर जलभराव की चपेट में आ जाता है। उन्होंने जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने के बावजूद सरकार पर स्वच्छता के अवार्ड बटोरने का आरोप लगाया। घनघोरिया ने यह भी कहा कि चार साल बाद भी मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) का पूर्ण गठन नहीं हो सका है और नियमानुसार 10 के बजाय केवल 5 सदस्यों के भरोसे परिषद चलाई जा रही है। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट ने आरोप लगाया कि जनता से भारी मात्रा में टैक्स वसूलने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। उन्होंने दावा किया कि निगम में बिना रिश्वत दिए आम जनता का कोई काम नहीं होता। भनोट ने निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का उदाहरण देते हुए कहा कि जनवरी में बनी सड़क बारिश तक जर्जर हो जाती है और साल के अंत में त्योहारों के समय उसे दोबारा मरम्मत करनी पड़ती है, यानी एक ही सड़क साल में तीन बार बनाई जा रही है। भनोट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतर चुकी है और यह प्रदर्शन निगम के सुस्त अधिकारियों के लिए अंतिम चेतावनी है।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हरदी में नवविवाहिता का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतका की पहचान आरती साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। रिश्तेदारों के अनुसार, आरती साहू ने करीब दो साल पहले गांव के ही विश्वजीत बघेल से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों बाहर रहकर जीवन-यापन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वे दो दिन पहले ही अपने गांव हरदी लौटे थे। जमीन विवाद को लेकर प्रताड़ना का आरोप आरती के पिता ओमप्रकाश साहू का आरोप है कि उनकी बेटी को मायके की जमीन के बंटवारे को लेकर पति लगातार परेशान करता था। उनका कहना है कि इसी विवाद में आरती की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया। थाने में शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग रिश्तेदारों ने नवागढ़ थाना में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, रिश्तेदारों के हत्या के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
बैतूल जिले के चिचोली थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई गैंगरेप और हत्या की घटना में गुरुवार को जिला कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया। करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद प्रधान जिला एवं सत्र जज दिनेश चंद्र थपलियाल ने दोनों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप, बार-बार दुष्कर्म और सबूत छिपाने के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई। दोनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। घर से ले जाकर पहले गैंगरेप किया फिर हत्या कर दीमामले के अनुसार, घटना वाली रात शादीशुदा महिला अपने पति के साथ घर में सो रही थी। अगली सुबह पति की नींद खुली तो पत्नी घर में नहीं मिली। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के पास मंगलू के खेत के नाले में महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पति ने शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की। उसके गले में साड़ी का फंदा था और शरीर पर चोट के निशान थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टी हुईपोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या, गैंगरेप और सबूत मिटाने के मामले में जांच शुरू की। जांच के दौरान एफएसएल की वैज्ञानिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। इन्हीं सबूतों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा गैंगरेप के मामले में 20-20 साल का सश्रम कारावास, बार-बार दुष्कर्म के मामले में 10-10 साल का सश्रम कारावास और सबूत छिपाने के मामले में 5-5 साल का सश्रम कारावास दिया। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में सरकार की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पक्ष रखा। एफएसएल रिपोर्ट, अन्य सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
जोधपुर की शास्त्री नगर थाना पुलिस ने बुलेट चोरी की वारदात का 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने फार्मा गोदाम का ताला तोड़कर अंदर खड़ी रॉयल एनफील्ड बुलेट चुराने वाले शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी की बुलेट भी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार- पटेल बस्ती खेमे का कुआ पाल रोड के रहने वाले लक्ष्मीनारायण ने 15 जुलाई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी सनरल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड नाम से फार्मा कंपनी का गोदाम है। 14 जुलाई की रात को वे गोदाम का ताला लगाकर घर गए थे। अगले दिन सुबह जब वे वापस आए तो गोदाम का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर परिसर में खड़ी बुलेट गायब थी। रूट मैप ट्रैक किया वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने गोदाम के आसपास और आरोपी के भागने वाले रास्तों के करीब 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। पुलिस ने आरोपी अणदाराम (29) पुत्र दौलाराम निवासी जाखड़ों की ढाणी नारवा सूरसागर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बुलेट जब्त कर ली। मामले के खुलासे में शास्त्री नगर थानाधिकारी दिनेश लखावत, एसआई शैतान चौधरी, एएसआई ओमप्रकाश के साथ-साथ एएसआई थानाराम और कॉन्स्टेबल फरसाराम शामिल रहे। कॉन्स्टेबल फरसाराम की मामले के खुलासे में विशेष भूमिका रही।
औरंगाबाद में ठनका गिरने से महिला की मौत:खेत में काम करने गई थी, बारिश के समय हादसा
औरंगाबाद के माली थाना क्षेत्र अंतर्गत बरियावा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 50 साल की महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान बरियावा गांव निवासी अजय शिकारी की पत्नी संगीता देवी के रूप में हुई है। मूंग तोड़ने गई थी महिला, अचानक वज्रपात की चपेट में आई ग्रामीणों के अनुसार संगीता देवी गुरुवार की संध्या अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत में मूंग तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से संगीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं और खेत में ही गिर पड़ीं। आसपास मौजूद किसानों और मजदूरों ने घटना देख तुरंत शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलने पर माली थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है। खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि मेघगर्जन और बिजली चमकने के दौरान खेतों, खुले मैदानों, जलजमाव वाले स्थानों और बड़े पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
कोंडागांव के फरसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बानगांव में गुरुवार शाम खेत में काम कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। हादसे के समय किसान अपने बेटे के साथ धान की बोआई कर रहा था। जानकारी के अनुसार, बानगांव निवासी मनसूराम नेताम अपने बेटे अमित नेताम के साथ खेत में धान की बोआई कर रहा था। शाम करीब 5 बजे मौसम अचानक बदला और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान खेत में आकाशीय बिजली गिर गई। जिसकी चपेट में पिता और बेटा दोनों आ गए। बिजली गिरने के बाद दोनों खेत में गिर पड़े। कुछ देर बाद अमित नेताम को होश आया। उसने तुरंत गांव के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एम्बुलेंस की मदद से मनसूराम नेताम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव पहुंचाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फरसगांव पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा इन दिनों जिले में लगातार गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। ऐसे मौसम में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वालों के लिए आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील कर रहा है। परिवार को मुआवजा देने की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने शासन से मृतक किसान के परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-5 स्थित अशोगी गांव में गुरुवार को एक युवक की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अशोगी निवासी नथुनी सिंह के पुत्र मुन्ना कुमार पटेल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, मुन्ना कुमार धान की रोपनी का काम खत्म कर घर लौट रहे थे। रास्ते में पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में उनका पैर फिसल गया, जिससे वे उसमें डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें गड्ढे से बाहर निकाला और तत्काल बैरगनिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर बैरगनिया पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से अशोगी गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को पानी से भरे ऐसे गड्ढों को जल्द से जल्द भरवाना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
धार जिले के नालछा थाना क्षेत्र के ग्राम बगड़ी फाटा स्थित नागदा-गुजरी मार्ग पर गुरुवार को एक नवजात बालक सड़क किनारे मिला। नवजात कपड़े में लिपटा हुआ था। उसके शरीर पर चींटियां चढ़ गई थीं, जिससे वह रोने लगा। रोने की आवाज सुनकर लोगों ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, पास की वेल्डिंग दुकान पर काम कर रहे मदन गिरवाल ने नवजात के रोने की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने बच्चे को सड़क किनारे पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने अली गांव के सरपंच राहुल राणा को सूचना दी। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करायाराहुल राणा ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने डायल-112 और नालछा पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। राहुल राणा नवजात को डायल-112 की मदद से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। करीब 3:50 बजे बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। राहुल राणा के अनुसार, नवजात पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहा था। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि उसका जन्म एक-दो घंटे पहले ही हुआ था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे कपड़े में लपेटकर सड़क किनारे छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि यदि समय पर बच्चे के रोने की आवाज नहीं सुनाई देती, तो उसकी जान को खतरा हो सकता था। घटना की सूचना के बाद नालछा थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को सड़क किनारे कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या कारण थे। फिलहाल नवजात जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। 2 घंटे पहले हुआ जन्मजिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मुकुंद बर्मन ने बताया कि बच्चे को भर्ती कर 72 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे का जन्म करीब दो घंटे पहले ही हुआ था, क्योंकि उसकी नाल भी नहीं कटी थी। नवजात का वजन 1 किलो 740 ग्राम है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है और उसे बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कोरबा में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। रथ यात्रा शहर के सीतामढ़ी स्थित प्राचीन राम-जानकी मंदिर से शुरू हुई। वहीं दादर बस्ती में भी 125 साल पुरानी परंपरा के तहत रथ यात्रा निकाली गई। सीतामढ़ी के राम-जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ का रथ मंदिर परिसर से बाहर लाया गया। रथ चलते ही श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए। रथ यात्रा में महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। पूरे रास्ते भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह हुई आरती और भंडारे यात्रा मार्ग में कई जगह श्रद्धालुओं ने रथ रोककर भगवान की आरती उतारी और फूल-माला अर्पित की। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। करमा और मदार की थाप पर झूमे श्रद्धालु रथ यात्रा के दौरान करमा और मदार की थाप पर युवा और महिलाएं नाचते-गाते चले। कई जगह जस गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दादर बस्ती में निभाई गई 125 साल पुरानी परंपरा शहर से लगे दादर बस्ती में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 125 वर्षों की परंपरा के अनुसार निकाली गई। कोरबा शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। बुजुर्गों ने बताया कि यह यात्रा वर्षों से आस्था और आपसी भाईचारे का प्रतीक रही है। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम रथ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। सीतामढ़ी और दादर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगाई गई। आस्था और संस्कृति का संगम भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कोरबा की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। भक्ति, संगीत और सामुदायिक एकता के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।
भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी पर अपनी ही संगठन की छात्रा से दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोपों के विरोध में गुरुवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर एनएसयूआई का पुतला फूंका और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कीएबीवीपी के विभाग संयोजक हेमंत रावत ने कहा कि किसी भी छात्रा के साथ हुई ऐसी घटना के आरोपों की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी ने अपनी ही संगठन की 23 वर्षीय जनजातीय छात्रा कार्यकर्ता को बैठक के बहाने फ्लैट पर बुलाया। वहां उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया। संगठन का यह भी आरोप है कि जब पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पहुंची तो उसे संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धमकाने और रोकने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत पर केस दर्जपीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सुभाष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने दावा किया कि यह एनएसयूआई से जुड़ा पहला मामला नहीं है। संगठन ने पहले सामने आए कुछ मामलों का भी उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत बताई। एबीवीपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर समाज में मजबूत संदेश जाए। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और महिला सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन में मंदसौर के जिला और नगर पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
नीमच जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। खून चढ़ने के बाद बिगड़ी थी तबीयत रामपुर निवासी ग्यारसी बाई (60) को चार दिन पहले खून की कमी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार चार दिनों में महिला को तीन बोतल खून चढ़ाया जा चुका था। गुरुवार को आखिरी बोतल चढ़ने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें तेज ठंड लगने लगी। घबराए परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को बुलाने के लिए करीब 10 बार गुहार लगाई, लेकिन कोई भी मरीज को देखने नहीं पहुंचा। स्टाफ ने यह कहकर टाल दिया कि साहब आएंगे तब देखेंगे। पोती बाेली- बेड से नीचे गिरीं, फिर भी नहीं पसीजा स्टाफ आरोप है कि जब मरीज को टॉयलेट ले जाने के दौरान वह बेसुध होकर बेड से नीचे गिर पड़ीं। मृतक महिला की पोती दिव्या योगी ने आरोप लगाया कि जब वे दोनों भाई-बहन मिलकर अपनी बुजुर्ग दादी को जमीन से उठा रहे थे, तब वार्ड में मौजूद स्टाफ मूकदर्शक बनकर तमाशा देखता रहा। किसी ने भी मदद करने या आपातकालीन इंजेक्शन देने की जहमत नहीं उठाई। मौत के 3 घंटे बाद तक लगी रही कैनुला बुजुर्ग महिला ने गुरुवार शाम 5 बजे दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि मौत के तीन घंटे बाद यानी रात 8 बजे तक भी किसी डॉक्टर या नर्स ने मृतका के हाथ में लगी खून चढ़ाने वाली सुई (कैनुला) तक नहीं निकाली। जब परिजन इसकी शिकायत करने गए, तो स्टाफ पर्ची और कागजात पूछकर बात टालने लगा। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा को अंतरिम राहत देते हुए राज्यपाल सचिवालय के 3 जुलाई 2026 के आदेश में की उस टिप्पणी के प्रभाव पर रोक लगा दी है। इसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाए गए हैं। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने मामले में राज्यपाल सचिवालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही स्थगन आवेदन पर भी नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट रमित मेहता और तरुण दूदिया ने कोर्ट को बताया कि कुलपति ने कर्मचारी की पुनर्बहाली संबंधी आदेश को चुनौती नहीं दी है। उनकी आपत्ति केवल उन टिप्पणियों पर है, जिनमें कहा गया कि उन्होंने अध्यादेश 327 (5) का दुरुपयोग किया, उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच में सही पाए गए। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय का दिया हवाला कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जांच समिति ने केवल मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को सही माना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कुलपति के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच नहीं की, क्योंकि नियोक्ता के खिलाफ ऐसी जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी। प्रथमदृष्टया दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक टिप्पणी के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त महानिदेशक (जेल) अरुण दुगड़ के निधन पर पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- अरुण दुगड़ एक बेहद कुशल, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान राजस्थान पुलिस को सशक्त बनाने और जनसेवा की भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य किया। पुलिस विभाग और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजल डीजीपी ने स्वर्गीय दुगड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसके साथ ही, संपूर्ण राजस्थान पुलिस परिवार ने भी पूर्व डीजी अरुण दुगड़ के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कटिहार नगर निगम क्षेत्र के बरमसिया जगन्नाथ पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर से इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई। यह 74 वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के बीच भाग लिया। रथ पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की आकर्षक प्रतिमाएं विराजमान थीं। पूरे रास्ते 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। देखें, मौके से आई तस्वीरें… यह रथयात्रा बरमसिया जगन्नाथ पुरी मंदिर से शुरू होकर जेपी चौक, शहीद चौक, सदर अस्पताल रोड और कालीबाड़ी रोड होते हुए यज्ञशाला मैदान पहुंची। वहां यज्ञशाला मंदिर के विद्वान पुजारी ने भगवान जगन्नाथ की विशेष महाआरती की। इसके बाद रथयात्रा शिव मंदिर चौक, दौलतराम चौक, पानी टंकी चौक और हरदयाल चौक से होते हुए सार्वजनिक दुर्गा स्थान मंदिर परिसर पहुंची। यहां भी विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने रथ का स्वागत किया। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर भगवान का अभिनंदन किया और प्रसाद वितरण किया। प्रशासन द्वारा रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आयोजन समिति के सचिव अरविंद यादव ने बताया कि 74 वर्षों से लगातार निकल रही यह रथयात्रा कटिहार की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन चुकी है।
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के दादर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह नोच दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद लोगों में नाराजगी है। मृतक की पहचान 5 साल के प्रकाश पटेल के रूप में हुई है। वह किशोर पटेल का बेटा था और पहली कक्षा में पढ़ता था। परिवार मूल रूप से जांजगीर जिले का रहने वाला है और दादर में मजदूरी कर जीवन-यापन करता है। पिता ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 4 बजे वह एक घर में मजदूरी कर रहे थे। प्रकाश उनसे मिलने आया था। कुछ देर बाद वह अकेले घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में 5 से 6 आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। चीख सुनकर मौके पर पहुंचे पिता पिता ने बताया कि बेटे की चीख सुनते ही वह दौड़कर पहुंचे। तब तक कुत्ते प्रकाश को घसीट-घसीटकर नोच रहे थे। बच्चे के सिर, गले और गुप्तांग के पास गंभीर चोटें आई थीं। किसी तरह कुत्तों को भगाकर वह बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर मानिकपुर चौकी पुलिस पहुंची। अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आवारा कुत्तों से लोग परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि दादर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर कई बार कुत्तों के झुंड हमला कर चुके हैं। शिकायतों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की घटना के बाद रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए जल्द विशेष अभियान चलाया जाए।
सीएम योगी कल 17 जुलाई को गाजियाबाद में पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा पर सुरक्षा व्यवस्था की मीटिंग भी करेंगे। मुरादनगर स्थित डिग्री कॉलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक सीएम के दौरे को लेकर तैयारियां चलती रहीं। बिजली की पोल पर करंट न उतरे इसके लिए पॉलिथिन ढककर कवर किए गए हैं, बिजली के ट्रांसफार्मर पुराने से नए रखे गए। कार्यक्रम स्थल पर पेड़ों पर भी रंगाई पुताई की गई। जहां अलग अलग स्थानों पर साफ सफाई भी चलती रही। भाजपा नेता अंकुर गोयल ने कहा कि पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी ने मीट प्लांट बंद कराकर इस क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा काम किया। गाजियाबाद की मुरादनगर विधानसभा से 6 बार विधायक रहे और सरकार में मंत्री भी बने। इस समय उनके बेटे अजीतपाल त्यागी इसी मुरादनगर सीट से दूसरी बार विधायक हैं। कार्यक्रम के लिए 1200 जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। यह कार्यक्रम तेजपाल सिंह त्यागी कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज मुरादनगर में है,कॉलेज पूर्व मंत्री के भाइयों के नाम पर है। जानिए कौन हैं पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी राजपाल त्यागी का जन्म 10 जनवरी 1947 को बागपत जिले के मुकारी गांव में हुआ। एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद वह गाजियाबाद में अधिवक्ता रहे और गाजियाबाद बार एसोसिएशन के सचिव और अध्यक्ष भी चुने गए। वह मुरादनगर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक चुने गए। और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 18 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी का निधन हुआ। वह 1989 में पहली बार विधायक बने थे। पिता से बहुत कुद सीखने को मिला पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी के दो बेटे हैं गिरीश त्यागी और अजीतपाल त्यागी। अजीतपाल त्यागी इस समय मुरादनगर सीट से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता ने इस क्षेत्र में जनता की हमेशा बहुत ही सादगी से सेवा की। हर मिलने वाले की वह पूरी बात सुनकर मिलते थे। मुरादनगर विधानसभा ने उन्होंने पहला डिग्री कॉलेज दिया। हमेशा ईमानदारी, सादगी में रहकर गरीबों की सेवा की। मुझे राजनीति में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। यह क्षेत्र उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। क्षेत्र में बहुत ही योगदान रहा आरएलडी के नेता दीपक चौधरी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी बहुत ही लोकप्रिय रहे। उनके योगदान को आज भी लोग याद करते थे। पूर्व में सड़कें नहीं थी, कॉलेज नहीं थे। उन्होंने हमेशा विकास के लिए इस क्षेत्र को बहुत ऊंचाईयों पर पहुंचाया। हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे भाजपा के मुरादनगर शहर मंडल अध्यक्ष राहुल गोयल ने कहा कि राजपाल त्यागी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलते थे। एक ही विधानसभा से 6 बार विधायक बनना बहुत ही गर्व की बात रही। हर कार्यकर्ता की वह पूरी बात सुनते थे। जो भी एक बार मिलता था उसे भूलते नहीं थे। उनके द्वारा जिस कॉलेज की नींव रखी गई अब उनकी प्रतिमा का अनावरण करने खुद सीएम आ रहे हैं।
मोतिहारी के पिपरा क्षेत्र में एक अवैध निजी अस्पताल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया एसडीएम शिवानी शुभम के निर्देश पर चकिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने यूबी हॉस्पिटल में छापेमारी की। इस दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद तीन कमरों को सील कर दिया गया। बिना लाइसेंस संचालित हो रहा था अस्पताल डॉ. चंदन कुमार ने बताया कि एसडीएम को इस अस्पताल के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में कहा गया था कि अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहा है और यहां जनरल सर्जरी तथा स्त्री रोग से संबंधित अवैध ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। इन गंभीर शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। छापेमारी की सूचना मिलते ही अस्पताल संचालक डॉ. पप्पू कुमार मौके से फरार हो गए। अस्पताल में मौजूद एक स्टाफ ने टीम को बताया कि अस्पताल का संचालन डॉ. पप्पू कुमार ही करते हैं। जांच के दौरान टीम को एक दवा दुकान, डॉक्टर का ओपीडी कक्ष और सर्जिकल उपकरणों से भरा एक कमरा मिला। इन संदिग्ध गतिविधियों के कारण इन तीनों कमरों को सील कर दिया गया। महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान जब्त अस्पताल में जांच के दौरान कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे अस्पताल का अवैध संचालन स्पष्ट हो गया। टीम ने मौके से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान भी जब्त किया है, जिनकी आगे जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से पिपरा क्षेत्र में संचालित अन्य अवैध निजी अस्पतालों के संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस और नियमों के विरुद्ध चल रहे अस्पतालों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल मान्यता प्राप्त और पंजीकृत अस्पतालों का ही चयन करें, ताकि किसी भी जोखिम से बचा जा सके।
दतिया में नाबालिग से गैंगरेप:आरोपियों के परिजनों ने गर्भपात कराया, दो चचेरे भाइयों समेत छह पर केस
दतिया में चिरूला थाना क्षेत्र में 17 साल की किशोरी से गैंगरेप के बाद गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। गुरुवार को पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो चचेरे भाइयों समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार किशोरी ने रिपोर्ट में बताया कि, मई माह में वह खेत पर बने कमरे में मूंगफली भरने गई थी। इसी दौरान उसके दो चचेरे भाई कमरे में घुस आए। आरोप है कि दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने घटना की जानकारी परिवार को नहीं दी। अस्पताल में चोरी छिपे कराया गर्भपातकुछ समय बाद मासिक धर्म (पीरियड) नहीं आने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे जिला अस्पताल लेकर गई। जहां जांच में प्रेग्नेंट होने की पुष्टि हुई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ड्राइवर और आरोपियों के परिजन उसे झांसी के अस्पताल ले गए। पीड़िता ने बताया की मेरी जानकारी और सहमति के बिना गर्भपात करा दिया गया। घर लौटने के बाद उसने पूरी घटना अपने पिता को बताई। पिता के आरोपियों से विवाद के बाद गुरुवार को दोनों थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दीपू कुशवाहा, अभिराज कुशवाहा सहित छह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, गर्भपात कराने और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।
शेखपुरा के सिरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सुल्तानपुर गांव से एक 11 वर्षीय बालक लापता हो गया है। बालक की मां रूपम देवी ने स्थानीय थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई है। बालक के गायब होने के बाद से परिवार में मायूसी छाई हुई है। लापता बालक चौथी कक्षा का छात्र है और बगल के वर्मा गांव स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ता है। वह सुल्तानपुर गांव निवासी पुरुषोत्तम कुमार का इकलौता पुत्र है। पुरुषोत्तम कुमार महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और फिलहाल वहीं हैं। गगरी पंचायत के पूर्व मुखिया प्रभात सिंह ने बताया कि बालक अपनी छोटी बहन और मां के साथ घर में रहता था। बीते बुधवार को वह दोपहर में अपने घर से खेलने के लिए बाहर निकला था। देर शाम तक उसके घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी बालक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद आज देर शाम अज्ञात के विरुद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सिरारी थानाध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि अपहरण की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस बालक की बरामदगी के लिए तत्परता से तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि निकटवर्ती लखीसराय रेलवे जंक्शन और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बालक के बरामद न होने से परिवार के लोग चिंतित हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के नारी निकेतन, बालिका गृह, बाल गृह और फोस्टर होम की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा- हमारे समक्ष पेश किए गए हलफनामे वास्तविक जानकारी देने के बजाय एक जैसे तैयार किए गए (कॉपी-पेस्ट) दस्तावेज हैं, जिन पर अधिकारियों ने केवल हस्ताक्षर कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने जयपुर और जोधपुर से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बता दें कि यह मामला अलवर बालिका गृह में रह रही बालिकाओं की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें संस्था को अनुदान नहीं मिलने और अन्य बुनियादी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों के नारी निकेतन, बालिका गृह, ऑब्जर्वेशन होम और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अधिकारी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा- पूर्व आदेश के अनुसार सभी संस्थानों की वास्तविक जरूरतों, उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की स्थिति और कमियों का अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खंडपीठ ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के अधिकारी अपने-अपने संस्थान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। इसके साथ ही भवन, आवासीय व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की नवीनतम तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) भी रिकॉर्ड पर पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिक रिपोर्टों से संतोष नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब 20 जुलाई को होगी।
सुकमा में 10.7 किलो गांजा जब्त:तेलंगाना के 2 तस्कर गिरफ्तार; वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी
सुकमा जिले में पुलिस के विशेष अभियान आगाज के तहत कोंटा पुलिस ने 10.700 किलो गांजा के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा के मलकानगिरी से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ के रास्ते तेलंगाना ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10.700 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 5.35 लाख रुपए है, जब्त किया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 6.73 लाख रुपए बताई गई है। वाहन जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी एसपी मयंक गुर्जर के निर्देश पर 16 जुलाई को कृष्णा मंदिर चौक-ढोढरा मार्ग पर वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक्टिवा पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर एक बोरी में 10.700 किलो गांजा मिला। मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना ले जा रहे थे गांजा पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमीन बसीर शाह (39) और वी. नरेश (22), दोनों निवासी रंगा रेड्डी (तेलंगाना), के रूप में बताई। उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से खरीदकर तेलंगाना में बेचने के लिए ले जा रहे थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोंटा थाना में अपराध क्रमांक 20/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(2)(ख) के तहत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। एसपी की अपील एसपी मयंक गुर्जर ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए आगाज़ अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार अवैध अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी करवड़ गांव में एक्शन लिया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं सस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कल जोधपुर आएंगे। इसके बाद वे यहां से जैसलमेर के लिए रवाना होंगे। इधर, शहर में गुरुवार को टीम की ओर से सीएनजी पंपों का निरीक्षण किया गया। शहर की खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…
हरदोई में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। ओडिशा की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 'महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी सेवा समिति' और 'ओमर वैश्य समाज, हरदोई' के तत्वावधान में यह यात्रा शाम 6 से 7 बजे के बीच रामदत्त चौराहे से वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शुरू हुई। रथयात्रा रामदत्त चौराहा, बड़ा चौराहा, सिनेमा चौराहा और गांधी तिराहा होते हुए रेलवेगंज स्थित हनुमान मंदिर चौराहे पर पहुंची। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई और पूरा शहर 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। देखें, 3 तस्वीरें… यात्रा का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके, भाजपा नेता भानु प्रताप सिंह और विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता ने विधिवत पूजन-अर्चन कर किया। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथ का स्वागत किया। कई स्थानों पर प्रसाद, पेयजल, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। शहर के व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान छोड़कर महाप्रभु के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। रथयात्रा में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। बजरंग दल के पदाधिकारियों सहित सीए दिवाकर गुप्ता, सुनील ओमर, अनिल ओमर, ज्ञानचंद ओमर, राज कपूर ओमर, राम ओमर, दिनेश ओमर, अलका ओमर और शालिनी ओमर समेत समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस बल मार्ग पर तैनात रहा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखी। आयोजन समिति ने इसे सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और जनआस्था का उत्सव बताया। समिति ने सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग:फायर एक्सटिंग्विशर से समय रहते बुझ गई, कोई जनहानि नहीं
लखनऊ के कानपुर रोड स्थित कृष्णानगर के बारावीरवा इलाके में गुरुवार शाम 8 बजे एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते दुकान धुएं से भर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया। सूचना मिलने के बाद दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। जानकारी के अनुसार, बारावीरवा स्थित बेसमेंट समेत तीन मंजिला व्यावसायिक भवन सुभाष अग्रवाल का है। भवन में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य प्रतिष्ठान संचालित हैं। इनमें कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को एलडीए पहले ही सील कर चुका है। इसी भवन के बेसमेंट और प्रथम तल पर हिंद नगर एलडीए कॉलोनी सेक्टर-सी निवासी परमजीत सिंह की विंकल ऑटो पार्ट्स (हुंडई) की दुकान है। गुरुवार शाम को दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। कुछ ही देर में पूरा परिसर धुएं से भर गया। आसपास के दुकानदारों और कर्मचारियों ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग बुझा दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और न ही कोई बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
नगर निगम में गुरुवार को नगर आयुक्त ने प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कई जोनल अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार विकास सिंह को जोन-7 का नया जोनल अफसर बनाया गया है। वह अब तक जोन-8 की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी क्रम में जोन-7 के टैक्स सुपरिंटेंडेंट अजीत राय को पदोन्नति देते हुए जोन-3 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। वहीं जोन -3 में तैनात मनोज यादव को अब जोन -2 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक फेरबदल में कर निर्धारण अधिकारी नंदकिशोर को नगर स्वास्थ्य अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आशीष सिंह को जोन-8 का जोनल अफसर नियुक्त किया गया है। न नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह फेरबदल कार्यों में तेजी लाने और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से किया गया है।
जोधपुर में कई कमर्शियल बिल्डिंगें बिना फायर एनओसी (NOC) के संचालित हो रही हैं। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने होटल, कोचिंग, लाइब्रेरी और शोरूम को सीज किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी बिना फायर एनओसी के ही चल रही थीं। इसके साथ ही जांच के दौरान यहाँ कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया- फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को चीफ फायर ऑफिसर जलज घासिया के नेतृत्व में टीम ने चार कमर्शियल बिल्डिंगों को सीज किया। टीम को बासनी स्थित कोहिनूर आर्ट एंड क्राफ्ट, रेजिडेंसी रोड स्थित बाटा शोरूम, सरदारपुरा चौथी बी रोड स्थित सेलिब्रेशन तथा शास्त्री नगर ई-सेक्टर स्थित एक्सल कॉमर्स एकेडमी में फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं मिले। इसके बाद इन सभी को सीज करने की कार्रवाई की गई। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS… शहर में लगातार चल रहा है अभियान, पहले भी दिए जा चुके हैं नोटिस आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से पिछले कई महीनों से होटल, शोरूम, कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सहित विभिन्न कमर्शियल बिल्डिंगों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी (NOC), अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) सहित आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां सामने आई थीं। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। उन्होंने बताया कि दोनों सीएफओ (CFO) की ओर से इन सभी को पहले नोटिस भी जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए। आखिरकार लापरवाही बरतने पर इन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, आयुक्त ने शहर में उन सभी संवेदनशील स्थानों पर मॉक ड्रिल करवाने के भी निर्देश दिए हैं, जहां आग लगने की आशंका सबसे अधिक रहती है।
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिंडरा के खंतार यादव बस्ती से 9 वर्षीय नितिन यादव लापता हो गया है। वह बुधवार शाम करीब 5 बजे घर के बाहर हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने बताया कि नितिन यादव, पिता लल्लू यादव, स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर ग्रामीणों के साथ खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग जंगलों में कर रहा तलाशगुरुवार सुबह से वन विभाग के कर्मचारियों के साथ घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने साइबर सेल, डॉग स्क्वायड, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और क्यूआरएफ (त्वरित प्रतिक्रिया बल) की टीमों को भी लगाया है। जंगल, खेत, जलस्रोत और आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चे का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नामांकन रद्द होने के बाद उम्मीदवार वीणा मानवी ने पटना में पीसी कर प्रशासन और बीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सुनियोजित राजनीतिक साजिश के तहत चुनाव लड़ने से रोका गया। नामांकन प्रक्रिया के दिन की गई प्रशासनिक कार्रवाई पहले से नियोजित थी। वीणा मानवी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया है। वीणा मानवी ने कहा, जिस दिन नामांकन दाखिल करना था, उसी दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि पहले से तय योजना का हिस्सा थी। ताकि वे चुनावी मैदान में नहीं उतर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जिस गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया गया, वह लगभग पांच महीने पुराना था। वारंट अगर प्रभावी था तो पहले क्यों नहीं की कार्रवाई आगे उन्होंने कहा कि अगर वारंट वास्तव में प्रभावी था, तो पिछले कई महीनों के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि वह लगातार चुनाव प्रचार, सामाजिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय थीं। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान वह कई बार गांधी मैदान थाना भी गईं, लेकिन तब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। मेरे चुनाव लड़ने से घबरा गए थे कुछ दल उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव लड़ने के उनके निर्णय से कुछ राजनीतिक दल घबरा गए थे और इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। वीणा मानवी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवारी से राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो रहे थे, इसलिए उन्हें चुनाव से बाहर करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनकी मौजूदगी से भाजपा को चुनाव में नुकसान होने की आशंका थी। मेरे चुनाव लड़ने के फैसले से भाजपा परेशान थी और इसी वजह से मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को घेरा वीणा मानवी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम लेते हुए भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है और उनकी उम्मीदवारी से पार्टी दबाव में थी। वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से बाहर करने के लिए राजनीतिक स्तर पर साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि एक महिला प्रत्याशी को रोकने के लिए जिस तरह की कार्रवाई की गई, उससे उन्हें शर्म महसूस होती है। वीणा मानवी ने कहा कि अगर पूर्व की तरह शासन में संवेदनशीलता और निष्पक्षता होती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले की तरह सक्रिय भूमिका में होते तो उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के सजेती थाना इलाके में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके सगे मामा और उसके ड्राइवर ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। गुरुवार 16 जुलाई को पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यह घटना 15 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे हुई। उनकी बेटी चौराहे पर सामान लेने गई थी, जहां उसका सगा मामा अपने ट्रक चालक के साथ मौजूद था। आरोप है कि मामा और चालक ने लड़की को बहला-फुसलाकर ट्रक में बिठा लिया। अरोपियों ने बच्ची को बेरहमी से पीटा ट्रक के भीतर ही दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा गया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को उसी ट्रक से घाटमपुर की तरफ ले जा रहे थे। रात करीब 3 बजे, जब ट्रक अलियापुर टोल प्लाजा से गुजर रहा था, तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सड़क पर गिरने से उसे चोटें आईं। उसने तुरंत अपने पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता उसे लेकर सजेती थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उन्होंने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया- पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदापुरम में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर गुरुवार को नर्मदापुरम में भगवान श्री जगन्नाथ की दो भव्य रथयात्राएं श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गईं। पहली रथयात्रा डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली, जबकि दूसरी शाम 6:30 बजे शहर के प्राचीन श्री जगदीश मंदिर से प्रारंभ हुई। दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचा और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। धर्मध्वजा और घोड़ों की अगुवाई में निकली रथयात्राश्री जगदीश मंदिर से निकली रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान रहे। सबसे आगे श्रद्धालु धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे, जबकि छह सजे-धजे घोड़े आकर्षण का केंद्र बने। भजन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह से रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा जगदीश मंदिर से सेंट्रल बैंक, सराफा बाजार, मोरछली चौक और इंदिरा चौक होते हुए जनकपुरी पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारकर भगवान के दर्शन किए। 15 दिन बाद नगर भ्रमण पर निकले भगवानपरंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ 15 दिनों तक अनासर काल में विश्राम और औषधीय उपचार के बाद पहली बार भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले। बड़ी संख्या में नगरवासी प्रभु के दर्शन के लिए मार्ग पर उमड़े रहे। रथयात्रा के पहले दिन भगवान का रथ जनकपुरी में विश्राम के लिए रुका। शुक्रवार को रथयात्रा ग्वालटोली स्थित काली मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान दो दिन तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रथ जयस्तंभ चौक पहुंचेगा। डोंगरवाड़ा से भी निकली भव्य रथयात्राइधर, डोंगरवाड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भी भगवान की रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में रथ को अपने हाथों से खींचकर भगवान के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की।
जयपुर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय महाठग गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ा। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कुख्यात आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू (27) पुत्र मंपा सांसी निवासी बड़सी जिला भिवानी (हरियाणा) और सुरेंद्र सांसी (42) पुत्र गज्जे सिंह निवासी थुराना जिला हांसी (हरियाणा) को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने करीब 250 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों को दबोचा। दोनों आरोपी साल 2019 से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने करीब 500 वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक एटीएम-डेबिट कार्ड, वारदात में शामिल मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की है। एटीएम कार्ड बदलकर उड़ाए जाते थे रुपए डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- 8 जून को परिवादी मदन सिंह मीणा बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम (दादी का फाटक अंडरपास बैनाड़ रोड) से रुपए निकालने गए थे। इसी दौरान दो युवक एटीएम बूथ में आए और बातचीत में उलझाकर उनका एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड बदल लिया। बाद में उसी कार्ड से खाते से रुपए निकाल लिए गए। इस संबंध में झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। 900 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। पुराने एटीएम ठगों का डेटा खंगाला गया। तकनीकी विश्लेषण किया गया और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। लगातार निगरानी के बाद 15 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन कुमार ने बताया- गैंग का संचालन मैं करता था। गैंग का नाम SS सांसी हांसी हिसार रखा था। इसमें S से सचिन और S से सुरेंद्र का नाम शामिल है। आरोपी पहले तय करते थे कि किसी शहर में जाकर कम से कम चार से पांच वारदातें करनी हैं। वे एटीएम बूथों के आसपास रेकी करते और आसान शिकार की तलाश करते थे। वारदात के बाद ऐसे बचते थे पुलिस से आरोपी वारदात के बाद मुख्य सड़कों से बचते हुए गलियों के रास्ते निकलते थे। मोटरसाइकिल को बस स्टैंड या सिटी कैंप की पार्किंग में खड़ा कर सरकारी बस से अपने गांव लौट जाते थे। इससे पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सके। पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 500 एटीएम ठगी की वारदातें की हैं। कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से इस गैंग की तलाश कर रही थी।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में फ्लैट बिक्री और राजस्व के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। डीडीए ने अप्रैल से जून के बीच 1,284 फ्लैट बेचकर 1,020 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 462 करोड़ रुपए की तुलना में 120 प्रतिशत अधिक है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में उप-नगरों के विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए कार्यों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। डीडीए का कहना है कि उसकी आवासीय योजनाओं में जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और सभी आय वर्गों के लोगों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। 31 जुलाई तक बढ़ाई योजनाएं इस तिमाही में नरेला सबसे बड़ा आवासीय हॉटस्पॉट बनकर उभरा। यहां 1,153 फ्लैट बिके, जो कुल बिक्री का करीब 90 प्रतिशत है। अधिकारियों के अनुसार, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) और प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के कारण नरेला की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। डीडीए की वर्तमान योजनाओं- कर्मयोगी आवास योजना, नागरिक आवास योजना और टावरिंग हाइट्स (कड़कड़डूमा) के तहत फ्लैटों की बिक्री की जा रही है। ये योजनाएं 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। सभी फ्लैट ‘रेडी-टू-मूव’ और फ्रीहोल्ड हैं तथा खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े कुल बेचे गए फ्लैट: 1,284 कुल राजस्व: 1,020 करोड़ रुपए पिछले वर्ष की पहली तिमाही का राजस्व: 462 करोड़ रुपए राजस्व में वृद्धि: 120% नरेला में बिके फ्लैट: 1,153 (करीब 90%) किस श्रेणी में कितने फ्लैट बिके एमआईजी (मिडिल इनकम ग्रुप): 435 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): 336 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप): 322 एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप): 191 सफलता के पीछे ये कारण नरेला में बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर ऑनलाइन बिक्री। आसान होम लोन विकल्प और डिजिटल हेल्पडेस्क। वॉट्सएप चैटबॉट और सैंपल फ्लैट जैसी सुविधाएं। वित्त वर्ष 2025-26 में भी डीडीए ने 11,764 फ्लैट बेचकर रिकॉर्ड बनाया था।
बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, पंचायतों का बढ़ेगा राजस्व:परिसीमन को मंजूरी, मुखिया संघ ने जताया आभार
बिहार कैबिनेट ने हाल ही में पंचायतों के परिसीमन और उनके स्वयं के राजस्व स्रोतों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, मुखिया संघ ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया और एक कार्यक्रम आयोजित कर खुशी मनाई। इस कार्यक्रम में दर्जनों मुखिया शामिल हुए। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और केक काटा। प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी-मुखिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया शाद अहमद बबलू ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पंचायतों के परिसीमन से जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी। शाद अहमद बबलू ने आगे कहा कि स्वयं के राजस्व स्रोत बढ़ाने का निर्णय ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से ऐसे निर्णय की मांग कर रहे थे। पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी इस निर्णय से अब विकास योजनाओं के संचालन और स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने में सुविधा मिलेगी, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आएगी और पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। मुखिया संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंचायत प्रतिनिधियों के हितों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। कार्यक्रम में मौजूद सभी मुखियाओं ने राज्य सरकार के इस फैसले को 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अधिक अधिकार और आर्थिक मजबूती मिलने से गांवों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पंचायतों के सशक्तीकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी लिया।
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने कार्रवाई की है। कस्बा मांट स्थित एक निजी क्लीनिक को गुरुवार शाम करीब 6 बजे सील कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक की तहरीर पर अपंजीकृत चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जाबरा के मजरा नया नगला निवासी रामगोपाल अपने पांच वर्षीय पुत्र निखिल को बुधवार को बुखार आने पर इलाज के लिए मांट कस्बे में निरंजन कुमार विश्वास के क्लीनिक पर ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद बालक की हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन निखिल को तत्काल दूसरे चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुरुवार को सीएचसी मांट के अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लीनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया। इसके बाद डॉ. तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जीतेश तिवारी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमर नाथ यादव ने बताया कि मृतक बालक के परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीकर में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।
हरदोई में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। कलेक्ट्रेट स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित इस बैठक में 15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से संबंधित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान प्रगति, प्राप्त धनराशि और उसके सापेक्ष कराए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने 15वें वित्त एवं राज्य वित्त आयोग के तहत स्वीकृत सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और शासनादेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। केंद्रीय वित्त से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखना चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) तथा स्वच्छता संबंधी परिसंपत्तियों के रख-रखाव की समीक्षा की। उन्होंने गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के गठन, समूहों को मिलने वाली वित्तीय सहायता और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में सचेत किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अशोक कुमार मौर्य, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) कमलेश कुमार, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय, डीसी नरेगा सहित जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सहारनपुर में उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री (डिजिटल किसान डेटाबेस) योजना को लेकर प्रशासन ने गति बढ़ा दी है। डीएम अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 6 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री शासन के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। आंकड़ों के अनुसार, सहारनपुर में कुल 3 लाख 44 हजार 19 किसानों का पंजीकरण किया जाना है। इनमें से अब तक 2 लाख 84 हजार 189 किसानों की डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। जनपद ने 82.61 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जबकि 59 हजार 830 किसानों का पंजीकरण अभी भी लंबित है। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसीलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित किसानों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि सहारनपुर का प्रदर्शन राज्य के औसत से बेहतर होना चाहिए। इसके लिए गांव स्तर तक अभियान चलाकर पात्र किसानों को डिजिटल किसान आईडी से जोड़ा जाए। डीएम ने बहु-विभागीय टीमों को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त मैनपावर का उपयोग किया जाए। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने को कहा गया, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष पंजीकरण पूरे किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर उसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष बहादुर सिंह, पीडी डीआरडीए प्रणय कृष्ण, उप कृषि निदेशक संदीप पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

