गाजियाबाद के डीपीएसजी मेरठ रोड में चौथे डीपीएसजी कप 2026 का उद्घाटन किया गया। यह अंतर-विद्यालयी खेल प्रतियोगिता 21 अप्रैल से 2 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। इसमें दिल्ली-एनसीआर के लगभग 30 स्कूलों से करीब 750 छात्र-खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में क्रिकेट, शूटिंग, शतरंज, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल और लॉन टेनिस जैसे खेल शामिल हैं। प्रसिद्ध पैरा पिस्टल शूटर और ओलंपियन दीपेन्द्र सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। स्कूल की प्राचार्या प्रीति वासन ने मेहमानों और खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डीपीएसजी कप बच्चों के विकास, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उद्घाटन समारोह में ज़ुम्बा एरोबिक्स की प्रस्तुति दी गई। सभी खिलाड़ियों ने ईमानदारी और निष्पक्षता से खेलने की शपथ ली। इसके बाद रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़कर प्रतियोगिता की आधिकारिक शुरुआत की गई। मुख्य अतिथि दीपेन्द्र सिंह ने पहले क्रिकेट मैच के लिए टॉस किया। इस आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों को एक साथ लाना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
देवास में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक बाल विवाह रुकवाया है। कल (शुक्रवार) बारात जाने से ठीक 24 घंटे पहले गुरुवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। एक ही परिवार में दो चचेरे भाइयों का विवाह होना था, जिसमें से एक दूल्हा नाबालिग पाया गया। जानकारी के अनुसार, अब रोड स्थित एक कॉलोनी में विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। टीम को सूचना मिली कि दो चचेरे भाइयों की बारात शुक्रवार को जानी है। मौके पर पहुंचकर टीम ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें एक दूल्हे की उम्र करीब 19 साल निकली, जो कानूनी रूप से विवाह के लिए निर्धारित आयु से कम है। परिजनों ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि विवाह न रोका जाए क्योंकि सभी बुकिंग हो चुकी हैं और इससे भारी नुकसान होगा। हालांकि, दस्तावेजों में दूल्हे के नाबालिग होने के कारण टीम ने बाल विवाह रुकवाया। अधिकारियों ने परिवार से एक संकल्प पत्र भरवाया और चेतावनी दी कि यदि बारात निकाली गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने मौके से ही दुल्हन पक्ष को फोन कर सूचित करने को कहा कि बारात में केवल एक ही दूल्हा आएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी संदीप किरार ने बताया कि उन्हें जयशिव कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की। जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी ने पुष्टि की कि बाल विवाह रोकने की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि उन्हें एक पत्रिका (संभवतः शादी का निमंत्रण पत्र) के माध्यम से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम भेजी गई।
कानपुर में चमड़ा फैक्ट्री में भीषण आग:शॉर्ट सर्किट से हादसा, दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाहिदपुर स्थित एक चमड़ा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। आग लगने के बाद फैक्ट्री में मौजूद टेनरीकर्मियों ने तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात है।
राजधानी रायपुर के भारत माता स्कूल इलाके में 200 KVA के ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई। फिलहाल आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। तकनीकी टीम इसकी जांच कर रही है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, बिजली विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। टीम ने ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरणों की जांच शुरू कर दी है और बिजली सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल करने का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इलाके में बिजली आपूर्ति फिर से सामान्य कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग (ज्यादा बिजली लोड) को आग लगने की वजह माना जा रहा है। नॉर्थ ज़ोन के ईई रामकुमार साहू ने कहा कि गर्मियों में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस कारण ओवरहीटिंग की स्थिति बनती है और आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
घाटमपुर कस्बे में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पहले से दी गई चेतावनी और नोटिस के बावजूद कब्जा न हटाए जाने पर की गई, जिससे क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती का संदेश गया। जानकारी के अनुसार कस्बे के पश्चिमी छोर पर स्थित गाटा संख्या 384 राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों अमीरउल्ला और जफरउल्ला द्वारा इस जमीन पर पक्की दुकानों का निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। मामले की शिकायत मिलने पर पालिका प्रशासन ने राजस्व टीम से भूमि की पैमाइश कराई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कब्रिस्तान की जमीन पर ही किया गया है। पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर दोनों कब्जेदारों को पूर्व में नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया। मंगलवार शाम को अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार के नेतृत्व में पालिका टीम, लेखपाल और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से बनी पक्की दुकानों को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई। अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस देने के बावजूद कब्जा न हटाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मोगा के सिविल अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया जब एक मृतक के शव को नेपाल ले जाने को लेकर 2 निजी एंबुलेंस संचालक आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना के कारण मृतक के परिजनों को करीब एक घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, नेपाल निवासी दल बहादुर मेहता मोगा जिले की एक रबर कंपनी में कार्यरत थे। बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। उनका शव गांव सिंघा वाला स्थित शव गृह में रखा गया था। सोमवार दोपहर एक निजी एंबुलेंस संचालक शव को अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सिविल अस्पताल लाया था। बहस के बाद हुई हाथापाई इसी दौरान एक अन्य एंबुलेंस संचालक भी वहां पहुंच गया। उसने अपनी गाड़ी इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़ी कर शव को नेपाल ले जाने की जिम्मेदारी लेने की जिद की। दोनों पक्षों के बीच बहस तेजी से बढ़ी और जल्द ही हाथापाई में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इस विवाद के कारण मृतक के परिजनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे शव लेकर नेपाल के लिए रवाना हो सके। सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ गौरतलब है कि मोगा के मथुरा दास सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ आम बात है। ये संचालक अक्सर मरीजों को महंगे किराए पर निजी अस्पतालों में ले जाने का दबाव बनाते हैं। सरकारी एंबुलेंस की कमी और निजी एंबुलेंस की मनमानी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रीवा जिले में लावारिस वाहनों की नीलामी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिछिया थाना परिसर में मंगलवार को 23 वाहनों की नीलामी महज 1 लाख 13 हजार रुपए में होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, नीलामी में 21 दोपहिया और 2 चारपहिया वाहन शामिल थे, जिन्हें खुली बोली के माध्यम से बेचा गया। लेकिन इतनी कम कीमत पर वाहनों की बिक्री होने से पारदर्शिता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीलामी प्रक्रिया में “पेड लोगों” को बुलाया जाता है। उनका कहना है कि आम जनता को नीलामी की जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि पहले से तय कुछ लोगों को बुलाकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित रह जाती है। 39 बाइक को 85 हजार में नीलाम कर दिया उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सिविल लाइन थाना में 39 बाइक-जिनमें अपाचे, एक्टिवा और हीरो डीलक्स जैसी गाड़ियां शामिल थीं, को महज 85 हजार रुपए में नीलाम कर दिया गया था, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अधिवक्ता के मुताबिक, नीलामी का बेस प्राइज भी बेहद कम रखा जाता है, जिससे वाहनों की कीमत औने-पौने में तय हो जाती है और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि नीलामी पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से कराई गई है। हालांकि, लगातार लग रहे आरोपों के बीच अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने भी आरोपों से इंकार किया है और अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। पर आरोपों के बीच लगातार संशय की स्थिति बनी हुई है।
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ के एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 24 महिला कर्मचारियों ने अपने ही एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ छेड़छाड़, बदसलूकी और डराने-धमकाने की शिकायत दी है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत को दो महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अब तक जिसके खिलाफ शिकायत है उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और वह आज भी स्कूल में ड्यूटी कर रहा है। महिलाओं ने 12 फरवरी को स्कूल की इंटरनल कमेटी (ICC) को लिखित शिकायत दी थी। यह कमेटी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के मामलों की जांच के लिए बनाई जाती है। इसके बावजूद आरोपी को न तो ट्रांसफर किया गया और न ही छुट्टी पर भेजा गया। वह उसी जगह काम कर रहा है, जहां शिकायत करने वाली महिलाएं भी मौजूद हैं। महिला कर्मचारियों ने मांग की है कि मामले की तुरंत जांच हो और उन्हें सुरक्षित माहौल दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी कदम उठाएंगी। महिलाओं ने लगाए ये आरोपशिकायत में कहा गया है कि आरोपी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, गालियां देता है और धमकाता है। वह महिला स्टाफ के बहुत करीब आकर असहज करता है और अपमानजनक टिप्पणियां करता है। महिलाओं का कहना है कि यह सब एक-दो बार नहीं, बल्कि बार-बार हो रहा है, जिससे काम का माहौल खराब और डर वाला बन गया है। एक घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसमें आरोपी ने आक्रामक तरीके से व्यवहार किया और महिला स्टाफ के करीब आकर उन्हें परेशान किया, जिससे वे काफी घबरा गईं। अलग कमेटी बनने पर उठे सवालबताया जा रहा है कि स्कूल की ICC के अलावा शिक्षा विभाग ने अलग से एक और कमेटी बना दी है, जिसमें अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल और एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब स्कूल में पहले से कमेटी बनी हुई है, तो दूसरी कमेटी की क्या जरूरत है। नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों की जांच स्कूल की ICC ही करती है। जिला स्तर की कमेटी तभी बनती है जब स्कूल में ICC न हो या शिकायत स्कूल के मालिक/प्रबंधन के खिलाफ हो। फिलहाल, दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मामला जांच में ही है और जिस पर आरोप है वो बिना किसी कार्रवाई के स्कूल में काम कर रहा है।
शाजापुर के लाहोरी रोड इलाके में मंगलवार रात 7 से 8 बजे के बीच अचानक आग लग गई। आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में आग एक छोटी सी जगह पर लगी थी, लेकिन पास में ही सूखी झाड़ियां और कचरा होने की वजह से लपटें तेजी से फैल गईं। देखते ही देखते आग ने बड़ा रूप ले लिया, जिसे देखकर स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू खबर मिलते ही शाजापुर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीम ने काफी मेहनत के बाद आग को काफी हद तक बुझा दिया। हालांकि, रास्ता संकरा होने की वजह से गाड़ियां हर जगह नहीं पहुंच सकीं, जिससे कुछ हिस्सों में देर तक धुआं उठता रहा। शरारत की आशंका आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर वहां आग लगाई होगी, लेकिन अभी तक असली वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। बढ़ती गर्मी के कारण इस तरह की घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं, इसलिए प्रशासन ने सभी से सावधान रहने को कहा है।
रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र के खजूरी सोलंकी में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी ने रतलाम स्थित अपने घर में साफे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया। मौत के बाद पटवारी का 15 दिन पुराना एक लेटर सामने आया है। जिसमें लिखा है आलोट में पदस्थ महिला नायब तहसीलदार सविता राठौड़ पर काम का दबाव बनाने और अनावश्यक कार्य कराने के आरोप लगाए हैं। घर से भी एक लेटर मिला है। घटना से एक दिन पहले ही मृतक के छोटे भाई की शादी हुई थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक इस घटना से खुशियां गम में बदल गईं। मृतक रविशंकर खराड़ी की करीब दो साल पहले अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। उनके पिता भी पटवारी थे, जिनका दिसंबर 2023 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसके बाद परिवार के बड़े बेटे होने के नाते रविशंकर की अनुकंपा नियुक्ति की गई थी। रिसेप्शन में नहीं पहुंचा, रात में लौटा घर मृतक पटवारी के छोटे भाई सिद्धार्थ खराड़ी की 20 अप्रैल को शादी हुई थी। शादी के कार्यक्रम पिछले तीन दिनों से पैतृक गांव बड़ी सरवन में चल रहे थे। गांव से बारात राजस्थान के बांसवाड़ा के पास तारवाखाटी गई थी। शादी के बाद बारात गांव लौटने के बजाय सीधे रतलाम स्थित घर पहुंची। उसी शाम बरबड़ हनुमान मंदिर परिसर के जानकी मंडप में रिसेप्शन रखा गया था। सिद्धार्थ खराड़ी ने बताया कि उनका बड़ा भाई बारात रवाना होने से पहले ही रतलाम के लिए निकल गया था। जब वे घर पहुंचे तो उसका मोबाइल बंद मिला। परिवार ने सोचा कि वह कहीं गया होगा और वापस आ जाएगा। इसके बाद सभी लोग रिसेप्शन की तैयारियों में जुट गए। दरवाजा खोलते ही सामने आया दर्दनाक मंजर परिवार ने बताया कि लगातार कॉल करने पर भी मोबाइल बंद आता रहा और वह रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचा। देर रात करीब 2 बजे वह घर लौटा और तीसरी मंजिल पर बने कमरे में जाकर सो गया। उस समय भाभी और अन्य सदस्य नीचे सो रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सिद्धार्थ उसके कमरे में गए। उस समय वह बिस्तर पर लेटा था। चाय-नाश्ते के बारे में पूछने पर उसने कहा कि थोड़ी देर में नीचे आ जाएगा। इसके बाद सिद्धार्थ नीचे आ गए। दोपहर करीब 3 बजे दोबारा कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद भाभी रीना खराड़ी उसे उठाने के लिए कमरे में गईं। दरवाजा धक्का देकर खोला तो वह जोर से चिल्लाईं। परिवार के लोग ऊपर पहुंचे तो देखा कि रविशंकर खराड़ी पंखे से पगड़ी के सहारे फंदा लगाकर लटके हुए थे। घटना के बाद पूरे घर में मातम छा गया। पुलिस घर पहुंची तो मिला एक लेटर पुलिस जांच के लिए पटवारी के कस्तुरबा नगर से लगे एमबी नगर निवास पर पहुंची। कमरे में तलाश की तो एक लेटर मिला है। लेकिन लेटर के बारे में पुलिस ने अभी कुछ खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा पटवारी द्वारा लिखा गया एक अन्य लेटर भी सामने आया है। जो कि 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। फांसी लगाने के बाद यह लेटर आलोट क्षेत्र के पटवारियों के वाट्सअप ग्रुप पर वायरल हुआ है। पुलिस दोनों लेटर के बारे में कुछ नहीं बोल रही है। जो लेटर सामने आया है उसमें लिखा है… “मेरा नाम रविशंकर खराड़ी है। मैं पटवारी हल्का नंबर 34 में पटवारी पद पर पदस्थ हूं। मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौड़ द्वारा लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा है। मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बटांकन और फर्द में दबाव बनाकर बदलाव कराया गया है। नायब तहसीलदार के दबाव के कारण मैं अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान नहीं दे पाया। कई परिचित लोगों को पत्रिका देने तक का समय नहीं मिल सका। मुझे कई बार उनके क्वार्टर पर बुलाया गया और यह तक कहा गया कि मेरे भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देंगी। वे मुझे शादी में समय भी नहीं देने दे रही थीं। काम के दबाव और जिस पक्ष में मुझसे काम कराया गया, उसकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। रणजीत सिंह की छुट्टी के दिन मुझे क्वार्टर पर बुलाकर गलत काम कराने की बात भी रिकॉर्डिंग में है। इन सबके सामने आने पर मेरे खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। मैं इस तरह के दबाव में नौकरी नहीं कर सकता।” पुलिस ने कहा- जांच जारीइस नोट को लेकर फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा है। मामले की जांच जारी है। मां बोली मैडम करती थी परेशान मृतक पटवारी की मां केसर खराड़ी ने बताया कि बेटे ने कभी किसी प्रकार से परेशानी की बात नहीं बताई। लेकिन कभी-कभी कहता था कि मैडम परेशान करती है। मैडम का नाम नहीं मालूम है। छोटे बेटे की शादी का रिसेप्शन सोमवार को था। उसमें में बेटा नहीं आया। सोमवार दोपहर को दो लोग बजाज फाइनेंस के आए थे। बेटे के बारे में पूछ रहे थे। मां का कहना था कि बेटे ने पूर्व में 3 लाख का लोन भी लिया था। मां का यह भी कहना था कि बेटे ने बताया था कि मैडम जबरन अनावश्य काम कराती थी। किसी किसान का काम कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उससे रुपए लेने के लिए बेटे पर दबाव बनाया गया था। 4 साल की बेटी, पत्नी प्रेग्नेंट मृतक पटवारी की पत्नी का नाम रीना खराड़ी है। 4 साल की एक बेटी है। पत्नी प्रेग्नेंट है। घर में मां, छोटा भाई सिद्धार्थ व 16 साल की बहन साथ रहते थे। पटवारी के आलोट में पदस्थ होने के कारण वहां पर कमरा किराये से ले रखा था। आना-जाना लगा रहता था। लेटर मांगने पर एसआई को रोका घटना के बाद पुलिस को घर से लेटर मिला है। लेकिन परिजनों को इस बारे में जानकारी नहीं है। जब लेटर के सामने आने के बारे में पता चला तो छोटे भाई ने जांच कर रहे एसआई से लेटर मांगा। ताकि उनके पास सबूत रहे। लेकिन एसआई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हुए। मेडिकल कॉलेज से बाइक लेकर जाने लगे तो भाई ने दौड़ते हुए रोक लिया। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी। तब वहां मौजूद थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी आए। उन्होंने भाई को समझाया। जांच प्रक्रिया में होने की बात कही। हालांकि इस दौरान टीआई ने भाई को यह तक कह दिया कि मीडिया ट्रायल होता है क्या हर चीज का। बाद में भाई को समझाया जो भी जानकारी चाहिए थाने चलो। वहां मिल जाएगी। अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं पटवारी के सुसाइड की जानकारी मिलने पर कलेक्टर मिशा सिंह ने डिप्टी कले्क्टर राधा मंहत व अन्य अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज भेजा। लेकिन अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि मर्ग कायम किया है। लेटर के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। सारे तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
हरदोई में दो पक्षों के विवाद में फायरिंग का आरोप:हवाई फायर में कार में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र के सहसोगा गांव में मंगलवार देर शाम दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान फायरिंग का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि हवाई फायर में एक कार में गोली लगी। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस को न तो कार मिली और न ही सीसीटीवी फुटेज में गोली चलने का कोई सुराग मिला है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामला लखनौर ग्राम प्रधान मुन्नी देवी के पुत्र मनोज और लखनौर निवासी सुमित शुक्ला से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सुमित शुक्ला आगामी पंचायत चुनाव में प्रधान पद के दावेदार हैं। सुमित के अनुसार, मंगलवार देर शाम वह सहसोगा गांव में महिपाल सिंह के घर पर थे, तभी मनोज वहां आ गए। दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। सुमित का आरोप है कि इसी दौरान मनोज ने हवाई फायर किया, जिसकी गोली वहां खड़ी एक कार में जा लगी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष शिवनारायण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिपाल सिंह के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं। थानाध्यक्ष के मुताबिक, पुलिस को मौके से वह कार नहीं मिली, जिसमें गोली लगने का दावा किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में भी गोली चलने से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला है। सुमित द्वारा बताई गई कार के नंबर से उसका विवरण निकाला गया, जिससे पता चला कि कार दिल्ली में पंजीकृत है। संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर वह स्विच ऑफ मिला। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित के सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ शावक मरा मिला:स्वाभाविक मौत की आशंका, वन विभाग ने किया अंतिम संस्कार
कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही वन इलाके में एक बाघ का नर शावक मरा मिला है। यह घटना 21 अप्रैल 2026 को बड़े अमाही नाला के पास बीट सरहीनकान में सामने आई। जैसे ही घटना की खबर मिली, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) और वन्यजीव विभाग के नियमों के मुताबिक तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। पूरे इलाके को सुरक्षित कर डॉग स्क्वॉड से बारीकी से जांच करवाई गई। इस दौरान खास बात यह रही कि मृत शावक के पास ही उसकी मां और बाकी शावक भी मौजूद रहे। डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम जबलपुर, मोतीनाला और बिछिया से आए पशु डॉक्टर की टीम ने मृत शावक का पोस्टमार्टम किया। शुरुआती जांच में शावक के शरीर के सभी अंदरूनी अंग सुरक्षित मिले हैं, जिससे अधिकारियों का मानना है कि उसकी मौत किसी बीमारी या कुदरती वजह से हुई है। नियमों के तहत अंतिम संस्कार तय नियमों (SOP) का पालन करते हुए शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर टाइगर रिजर्व के बड़े अधिकारियों के साथ स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
JEE Main 2026 में आकाश के छात्रों का जलवा:प्रियांशु सिटी टॉपर, 99.89 परसेंटाइल,
अयोध्या के आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के छात्रों ने JEE मेंस 2026 (सेशन-2) में शानदार प्रदर्शन किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणाम में प्रियांशु श्रीवास्तव ने 99.89 परसेंटाइल के साथ सिटी टॉपर का स्थान हासिल किया। अर्थव वेद त्रिपाठी (99.84) और विश्वास राय (99.52) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं राघव निगम (98.21), प्रज्वल तिवारी (97.79), वेदांशी त्रिपाठी (97.63) और सूर्यांश सिंह (97.45) ने भी बेहतरीन परसेंटाइल हासिल किए। AESL के रीजनल डायरेक्टर डीके मिश्रा ने इसे छात्रों की मेहनत और संस्थान के शैक्षणिक माहौल का परिणाम बताया। छात्रों ने सफलता का श्रेय अनुशासन, नियमित अभ्यास, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट को दिया। गौरतलब है कि JEE Main के जरिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIITs) में प्रवेश मिलता है, साथ ही JEE Advanced के लिए पात्रता भी तय होती है, जो IITs में दाखिले का मार्ग है।
बागपत के टटीरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा:पुलिस ने किशोर को पकड़ा, भारी मात्रा में पटाखे बरामद
बागपत के कस्बा टटीरी में पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली बागपत पुलिस ने एक मकान पर छापा मारा, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार और अधबने पटाखे बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से एक किशोर को भी पकड़ा। पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसके पिता लंबे समय से पटाखे बनाने का काम करते हैं और वह भी इसमें उनकी मदद करता था। पुलिस के अनुसार, मकान में बिना किसी सुरक्षा मानकों के पटाखा निर्माण किया जा रहा था, जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा था। बरामद पटाखों की मात्रा काफी अधिक है, जिससे बड़े स्तर पर अवैध कारोबार चलने का अंदेशा है। पुलिस ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस मामले में किशोर और उसके पिता के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने ऐसे अवैध कामों से क्षेत्र में हमेशा खतरे की बात कही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
सोने की आसमान छूती कीमतें अब रिश्तों की डोर तोड़ रही हैं। कुछ ऐसा ही हुआ गुजैनी के एक गेस्ट हाउस में, जहां दुल्हन के लिए ससुराली पक्ष सोने के जैसे नकली गहने ले आए। चढ़ावे में गहनों के डिब्बे खोलने पर हकीकत सामने आ गई। शादी में शामिल एक ज्वैलर्स ने जब गहने नकली होने की पुष्टि कर दी तो हंगामा मच गया। इसके बाद लड़की पक्ष ने धोखा देने का आरोप लगा शादी करने से इनकार कर दिया, सूचना पर पुलिस पहुंची। देर तक पंचायत चली, लेकिन नतीजा कुछ न निकला। आखिर में बिना दुल्हन के बारात वापस लौट गई। देर रात फेरे पड़ने के बाद शुरू हुआ हंगामा बर्रा गांव में नाश्ते का होटल चलाने वाली महिला ने अपनी बेटी की शादी पनकी के रतनपुर निवासी प्राइवेट कर्मी युवक से तय की थी। गोद भराई, बरीक्षा आदि की रस्में पहले ही हो चुकी थीं। सोमवार को गुजैनी के कामदगिरि स्थित गेस्ट हाउस में दोनों का विवाह होना था। बारात अपने समय से पहुंची, सभी बारातियों ने खाना खाया, देर रात फेरे भी पड़ गए। इसके बाद चढ़ाव की रस्म होने लगी। ससुराली पक्ष को दुल्हन के लिए दो चांदी और तीन सोने के गहने चढ़ाने थे, हालांकि इस दौरान पता चला कि सिर्फ मंगलसूत्र को छोड़कर बाकी हार व अन्य गहने नकली हैं। लंबी पंचायत के बाद हुआ समझौता इस पर वधु पक्ष ने हंगामा काट दिया। गुजैनी इंस्पेक्टर राजन शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबी पंचायत चली, हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के मुख्य बाजार में एक दुकान से लाखों रुपए की नकदी चोरी कर ली गई। यह वारदात मंगलवार सुबह करीब 4 बजे हुई, जब एक चोर ने गोल्डी गिफ्ट हाउस को निशाना बनाया। चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चोर दुकान के बगल वाली सीढ़ी से चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। चोर ने दुकान पर लगे शीशे की छोटी ईंटों को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। दुकान में घुसने के बाद चोर सीधे गल्ले के पास गया। उसने सारी नकदी अपने बैग में डाली और उसी रास्ते से बाहर निकल गया। चोर ने दुकान के अंदर करीब डेढ़ घंटा बिताया। पेमेंट के आए थे पांच लाख रुपएदुकान के मालिक मनदीप सिंह ने बताया कि चोरी नकदी में करीब 5 लाख रुपए थी। जो एक दोस्त की पेमेंट के रूप में आए थे। इसके अलावा, कुछ नए नोटों की गड्डियां और डॉलर भी चोर ले गया। चोर हिडेन कैमरे का मेमरी कार्ड निकाल ले गया। दुकान के मालिक मनदीप सिंह उर्फ लक्की ने बताया कि गले में एक हिडेन कैमरा चाबी के रूप में पड़ा था, जिसमें से चोर ने मेमोरी कार्ड निकाल लिया।
खन्ना पुलिस ने राजस्थान से पंजाब में भुक्की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक किसान और एक ट्रक ड्राइवर को 60 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक वर्ना कार भी बरामद की गई है। यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव बेर खुर्द निवासी किसान हरमनप्रीत सिंह धालीवाल और गांव लोपों निवासी ट्रक ड्राइवर नवजोत सिंह के रूप में हुई है। हरमनप्रीत सिंह कई सालों से नशे के इस कारोबार में लिप्त था। वह नवजोत सिंह के माध्यम से राजस्थान से सस्ते दाम पर भुक्की मंगवाकर इलाके में सप्लाई करता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने दबोचा पुलिस ने हरमनप्रीत सिंह को खेतों में बने घर से कार लेकर बाहर निकलते समय रोका। तलाशी के दौरान उसकी वर्ना कार से दो बैगों में 60 किलोग्राम भुक्की बरामद हुई। पूछताछ में नवजोत सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। जिस ट्रक के जरिए भुक्की लाई गई थी, उसकी बरामदगी अभी बाकी है। आरोपियों से साल 2020 में साढ़े 7 क्विंटल भुक्की मिली थी चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपी पहले भी नशे के एक बड़े मामले में शामिल रह चुके हैं। साल 2020 में उनके पास से लगभग साढ़े 7 क्विंटल भुक्की बरामद हुई थी। वे फिलहाल जमानत पर बाहर थे और जेल से बाहर आते ही उन्होंने दोबारा तस्करी का धंधा शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे। अब पुलिस उनके अन्य नेटवर्क और इस गिरोह से जुड़ी अन्य कड़ियों की भी गहनता से जांच कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक महिला को आत्महत्या के प्रयास से बचा लिया। यह घटना देर शाम मवाई रेलवे ट्रैक की है, जहां महिला ने तनाव के चलते अपनी जान देने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मिशन शक्ति टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित ट्रैक से हटाकर बचा लिया। महिला की पहचान सोना देवी पत्नी रामचंद्र पटेल, निवासी साहूमई, थाना मानिकपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। मौके पर मौजूद टीम ने महिला की काउंसलिंग की और उन्हें समझाकर शांत कराया। बाद में महिला को सकुशल उनके पति और बच्चों के सुपुर्द कर दिया गया। इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों ने पुलिस और मिशन शक्ति टीम की सराहना की है।
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र में एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 18 अप्रैल को हुई थी, जब आरोपी ने किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था। पुलिस तभी से आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार, 18 अप्रैल को बहसूमा क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म की सूचना मिली थी। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। पुलिस कई दिनों से संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरहान पुत्र शमशाद के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गांव अकबरपुर सादात का रहने वाला है और वर्तमान में बहसूमा थाना क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रह रहा था। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर बहसूमा पुलिस ने रामकटोरी मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी अरहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी भय के अपराधों की सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
भागलपुर के डाक अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार जीडीएस (ग्रामीण डाक सेवक) पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों और डाक विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ। हाथपाई का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों और से हाथपाई करते हुए नजर आ रहे हैं। हरियाणा के हिसार से आए अभ्यर्थी संसार और महेंद्रगढ़ के मनजीत समेत करीब 15 युवाओं ने आरोप लगाया कि दस्तावेज वेरिफिकेशन के नाम पर उनसे प्रति अभ्यर्थी 25 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके सभी प्रमाण पत्र सही होने के बावजूद जानबूझकर सत्यापन प्रक्रिया में देरी की जा रही थी, जिससे उन पर दबाव बनाया जा सके। सबसे पहले देखिए हंगामे की दो तस्वीरें.… अभ्यर्थी का आरोप- वीडियो बनाने के बाद कर्मचारियों ने हाथापाई शुरू की एक अभ्यर्थी मंजीत ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध मांग का विरोध किया और मोबाइल से वीडियो बनाकर साक्ष्य जुटाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। इससे स्थिति और बिगड़ गई। शिकायत करने वाले युवाओं ने ये भी कहा कि यदि विभाग उन्हें जॉइनिंग देने की स्थिति में नहीं है, तो कम से कम उन्हें लिखित रूप से रिजेक्शन लेटर दिया जाए, लेकिन विभाग इसके लिए भी तैयार नहीं दिखा। दस्तावेजों की जांच करने वाले अधिकारी ने आरोपों को खारिज किया वहीं, दूसरी ओर दस्तावेजों की जांच कर रहे अधिकारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सभी अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन नियमानुसार और क्रमवार किया जा रहा था। कुछ अभ्यर्थी जल्दबाजी में एक साथ कमरे में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद उत्पन्न हुआ। पूरे मामले पर डाक अधीक्षक संजीत कुमार भगत ने बताया कि विभाग की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ नियमों के तहत की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अनावश्यक दबाव बना रहे थे और लगाए गए रिश्वत के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। फिलहाल, मामले को लेकर स्थिति सामान्य कर दी गई है, लेकिन घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
जोधपुर जिले में तापमान में लगातार वृद्धि और आगामी दिनों में लू-हीटवेव की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन में एडवाइजरी जारी की है। इसमें आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही विशेष रूप से दोपहर के समय घर से बाहर ना निकलें और बाहर जाते समय पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन कर पानी साथ रखें। हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जिला प्रशासन ने बताया कि नागरिक पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढकें। आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे और त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0291-2511085 पर संपर्क किया जा सकता है। नियोक्ता व श्रमिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश कार्यस्थलों पर ठंडे पेयजल, छाया एवं प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिकों को सीधी धूप से बचाने, श्रमसाध्य कार्यों को सुबह या शाम के समय कराने तथा विश्राम की अवधि बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नए श्रमिकों को हल्के कार्य और कम समय के लिए लगाया जाए। ये सावधानियां भी बरते बंद वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें। ठंडे पानी से स्नान करें, पंखों और गीले कपड़ों का उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। पेड़ लगाकर, जल स्रोतों का संरक्षण कर एवं वर्षा जल संचयन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। नए निर्माण कार्यों में रखें विशेष ध्यान नया घर बनाते समय कैविटी तकनीक, चौड़ी दीवारें, जालीदार संरचना एवं प्राकृतिक सामग्री (चूना/मिट्टी) का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे घर का तापमान नियंत्रित रह सके। निर्माण से पूर्व विशेषज्ञ से सलाह लेना भी आवश्यक बताया गया है। पशुधन के लिए भी रखें विशेष ध्यान पशुओं को छाया में रखें और उन्हें स्वच्छ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उनसे कार्य न लें। शेड को ठंडा रखने के लिए पुआल या चूने का उपयोग करें और समय-समय पर पानी का छिड़काव करें। पशुओं को संतुलित आहार एवं खनिज मिश्रण उपलब्ध कराएं। क्या न करें प्रशासन ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलें और भारी कार्यों से बचें। नंगे पैर बाहर न जाएं तथा शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय से दूरी बनाए रखें। अधिक प्रोटीन युक्त भोजन और बासी भोजन से बचें। लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, सिर पर गीले कपड़े रखें और ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं। गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। एक सप्ताह में मौसम 40 डिग्री पार जोधपुर में गर्मी के तीखे तेवर जारी हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। आज अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है। वहीं, सोमवार अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मौसम विभाग में आने वाले समय में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
गौतमबुद्धनगर: मानकों के उल्लंघन पर आठ स्विमिंग पूल और जिम बंद, जांच अभियान जारी
स्विमिंग पूल (तरणताल) और जिमों के संचालन को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए जनपद में प्रशासन द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 30 जिम और तरणतालों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें कई स्थानों पर गंभीर खामियां सामने आई हैं।
बरनाला में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने केंद्र और पंजाब सरकार पर 'धक्केशाही' और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने अमृतपाल सिंह की रिहाई और पंथक एकता को मजबूत करने के लिए 'वारिस पंजाब दे' और 'शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत)' के बीच गठबंधन की घोषणा की। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर संविधान का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरी बार एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की अवधि समाप्त होने के बावजूद, सरकारें पुराने मामले उठाकर अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को डिब्रूगढ़ जेल में बंद रख रही हैं। तरसेम सिंह ने इसे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को संसद जाने से रोकने का सरासर अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अमृतपाल सिंह को उनके नशा विरोधी अभियान के कारण भारी बहुमत से जिताया है, लेकिन सरकार उनकी लोकप्रियता से डरकर उन्हें कैद में रख रही है। उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार पंथक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं है और न ही भविष्य में उनके साथ कोई समझौता होगा। ढींडसा ने जोर दिया कि खडूर साहिब की जनता ने अमृतपाल सिंह को सबसे अधिक वोटों से जिताकर अपना प्रतिनिधि चुना है, फिर भी उन्हें जेल में रखना भारतीय संविधान के विरुद्ध है। सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील आगामी चुनावों के संदर्भ में ढींडसा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे लहरागागा निर्वाचन क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। दोनों नेताओं ने पंजाब की सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील की ताकि अमृतपाल सिंह को न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने सिमरनजीत सिंह मान के सहयोग का भी स्वागत किया। गठबंधन को लेकर बनी कमेटी अब यह तय करेगी कि भविष्य में किन अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों को इस मोर्चे के साथ जोड़ा जाना है।
पेड़ से टकराने पर कार में लगी थी आग:संभल में ड्राइवर जिंदा जला, बाइक सवार की भी मौत; जांच जारी
संभल में आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में कार ड्राइवर की जलकर मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार की भी जान चली गई। इस हादसे में कार सवार तीन युवक गंभीर रूप से झुलस गए। मृतक ड्राइवर की पहचान घटना के करीब 18 घंटे बाद हो सकी। हादसा सोमवार शाम करीब 5:30 बजे चंदौसी तहसील के बनियाठेर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव आटा के पास हुआ। बताया गया कि तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद कार में भीषण आग लग गई और वह आग का गोला बन गई। कार में सवार लोग संभल पाते, उससे पहले ही आग ने उन्हें चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चालक की जलकर मौत हो चुकी थी। मंगलवार को मृतक चालक की पहचान अरुण शर्मा (20) पुत्र स्वर्गीय भवनेश शर्मा, निवासी गोलागंज, कस्बा बहजोई के रूप में हुई। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उल्लेखनीय है कि उसके पिता की भी करीब 18 वर्ष पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। हादसे में बाइक सवार अवधेश कुमार (45) पुत्र ओमकार, निवासी गांव लहरशीश, थाना हयातनगर की भी मौत हो गई। वहीं कार में सवार ललतेश (20), हिमांशु (22) और रितिक शर्मा (28), निवासी जिला बदायूं, गंभीर रूप से झुलस गए हैं। पुलिस के अनुसार, कार आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी अल्हेपुर, थाना इस्लामनगर (बदायूं) के नाम पर पंजीकृत है। सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चालक अरुण शर्मा की मौत जलने से होना पुष्टि हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिर्जापुर में प्रॉपर्टी डीलर मीना सिंह हत्याकांड के दो दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा की अदालत ने दिलीप सिंह पटेल और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खां को 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। यह मामला 16 मार्च 2016 का है, जब शहर कोतवाली क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर डॉ. मीना सिंह की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। उनकी बहन जया सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में प्रभावी पैरवी करते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। न्यायाधीश शबीह जेहरा ने दोनों आरोपियों दिलीप सिंह पटेल और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खां को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 (हत्या) और 380 (चोरी) के तहत दोषी पाया। उन्हें आजीवन कारावास और प्रत्येक को 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में अभियोजन अधिकारी श्रीधर पाल, विवेचक निरीक्षक डी.पी. शुक्ला, कोर्ट मुहर्रिर आरक्षी आशुतोष कुमार चंद्र और पैरोकार आरक्षी सोनू राव व गणेश प्रसाद ने प्रभावी पैरवी की।
मिर्जापुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विंध्याचल धाम आने और कथा सुनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह बात काशी प्रवास के दौरान विंध्याचल धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगत्स्य कुमार द्विवेदी से मुलाकात के बाद कही। आचार्य अगत्स्य कुमार द्विवेदी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पंडित शास्त्री को मां विंध्यवासिनी देवी का पवित्र चित्र, प्रसाद स्वरूप चुनरी और धाम का आशीर्वाद भेंट किया। साथ ही, उन्होंने पंडित शास्त्री को विंध्याचल धाम पधारकर मां के दर्शन करने का औपचारिक आमंत्रण दिया। आमंत्रण स्वीकार करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी देवी की महिमा अद्भुत है। उन्होंने शीघ्र ही विंध्याचल धाम आकर मां के दर्शन करने और वहां कथा सुनाने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान दोनों आचार्यों ने सनातन परंपरा, भक्ति और तीर्थों की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने धर्म, आध्यात्मिकता और समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में संत समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। दोनों ने आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी बल दिया। धार्मिक जानकारों का मानना है कि यह भेंट न केवल दो प्रमुख धार्मिक हस्तियों के बीच सौहार्द का प्रतीक है, बल्कि यह विभिन्न तीर्थ स्थलों के बीच समन्वय और एकता को भी सुदृढ़ करने का संदेश देती है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के संभावित आगमन को लेकर विंध्याचल धाम के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यदि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विंध्याचल आगमन और कथा कार्यक्रम तय होता है, तो यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक बड़ा धार्मिक उत्सव साबित हो सकता है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
बलिया के मनियर थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव में एक ईंट भट्ठे के लिए पुराने तालाब की खुदाई के दौरान 51 एमएम का एक संदिग्ध मोर्टार गोला मिला है। इस मोर्टार पर चांद-तारा का चिन्ह अंकित है, जिसके कारण इसे पाकिस्तान से जोड़कर देखा जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे की है। ईंट भट्ठे के लिए तालाब का पानी निकालकर उसे समतल करने का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ बच्चे मछली पकड़ने के लिए तालाब में उतरे, जहां उन्हें यह पुराना मोर्टार गोला मिला। बच्चे इसे कबाड़ समझकर काटने की कोशिश कर रहे थे, तभी कुछ बड़े लड़कों ने उन्हें रोका। मोर्टार पर 'ODR 11.06', 'सर्कल में 204A' और '51 MM M ILLG' स्पष्ट रूप से अंकित था। इस पर चांद-सितारे का चिन्ह भी बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यह तालाब काफी पुराना है और इसमें हमेशा पानी रहता था। ऐसे में यह मोर्टार यहां कैसे पहुंचा, यह एक रहस्य बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे किसी पुराने युद्ध का अवशेष या किसी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल मनियर थाना प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी को इसकी सूचना दी। थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर मोर्टार गोले का मुआयना किया और उच्चाधिकारियों को सूचित किया। फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। मोर्टार को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इलाके में सतर्कता बरती जा रही है।
अंबिकापुर पुलिस ने बाइक चोरी की जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की 7 बाइकें बरामद की गई हैं। पकड़े गए आरोपी शातिर बदमाश हैं। जब्त बाइकों की कीमत 4 लाख रुपये बताई गई है। मामला मणिपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, 10 अप्रैल को भगवानपुर निवासी शिवम रवानी की अपाचे बाइक क्रमांक CG 15 DJ 9236 जिला अस्पताल अंबिकापुर के सामने से चोरी हो गई थी। वे इलाज कराने हॉस्पिटल गये थे। बाहर आये तो बाइक गायब थी। मामले की रिपोर्ट शिवम रवानी ने मणिपुर थाने में दर्ज कराई थी। शातिर चोर को पकड़ा तो खुलासा सीएसपी राहुल बंसल ने पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों से पूछताछ के निर्देश दिए। पुलिस ने पूर्व में बाइक चोरी के मामलों में शामिल बदमाश दीपक प्रजापति (23 वर्ष) निवासी बरगीडीह थाना लुण्ड्रा को हिरासत मे लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसने फरवरी माह में लखनपुर के चांदो बाजार से एक स्पलेंडर बाईक की चोरी की थी। वहीं मार्च माह में मिशन अस्पताल अंबिकापुर के सामने से एक स्प्लेंडर प्लस और महामाया चौक खाना खजाना होटल के पास भी एक बाइक की चोरी की थी। आरोपी ने मार्च व अप्रैल में हॉस्पिटल के सामने से दो बाइक की चोरी करना स्वीकार किया। 7 बाइक जब्त, साथी भी धराया पुलिस टीम ने आरोपी द्वारा छिपाकर रखे गए 06 बाइक को जब्त किया गया। चोरी की अपाचे बाइक उसने अपने साथी जावेद खान निवासी बरगीडीह को देना बताया है। पुलिस टीम ने जावेद खान (28 वर्ष) के कब्जे से अपाचे बाइक बरामद की है। मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्वूू में भी चोरी के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।
यूपी के बरेली में दिनदहाड़े एक महिला की घर में घुसकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या की वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब महिला घर पर अकेली थी। महिला के दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे और उसकी भांजी बच्चों को स्कूल से लेने गई हुई थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या की जानकारी होते ही परिवार में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सूने घर में दिया वारदात को अंजाम, भांजी के पहुंचते ही खुला राजसुभाषनगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक महिला की गला घोंटकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के समय महिला घर में अकेली थी। बच्चे स्कूल गए हुए थे, जबकि पति ड्यूटी पर थे। वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब मृतका की भांजी शीतल यादव घर पहुंची। शीतल दोपहर में अपनी मौसी गीता के घर पहुंची और कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने गेट खोलकर अंदर प्रवेश किया, जहां गीता का शव जमीन पर पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर वह चीख पड़ी और तुरंत अपने भाइयों व परिजनों को सूचना दी। सीसीटीवी में नजर आया संदिग्ध, हाथ में छाता और बैग लिए था कातिलसूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के दौरान घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति घर में प्रवेश करता हुआ दिखाई दे रहा है। वह पहचान छिपाने के लिए हाथ में छाता लिए हुए है और उसके पास एक बैग भी नजर आ रहा है। पुलिस हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है। पंजाब में तैनात है पति, मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हालमृतका गीता के पति भारत सिंह फौज में हैं और वर्तमान में पंजाब के फिरोजपुर में तैनात हैं। गीता अपने दो बेटों, 14 वर्षीय दृश्य और 12 वर्षीय हर्ष के साथ यहां रह रही थी। जिस वक्त हत्या हुई, दोनों बच्चे स्कूल में थे। मां की मौत की खबर मिलते ही बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस लूटपाट और रंजिश समेत तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है ताकि हत्या की असली वजह साफ हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस की कई टीमें जांच में जुटींपुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही है। सीओ सेकेंड अंजनी कुमार तिवारी ने बताया कि महिला की गला घोंटकर हत्या की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और कारणों की पुष्टि होगी। पुलिस की टीमें संदिग्ध की पहचान करने के लिए सर्विलांस और मुखबिरों का सहारा ले रही हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांसवाड़ा में परिवार की एक दुकान में युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। परिजन घर पहुंचे तो युवक वहां नहीं मिला। दुकान पर पहुंचने पर उन्हें युवक फंदे से लटका मिला, जिसे उतारकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के भोजियाकला गांव में मंगलवार की दोपहर करीब 4 बजे हुई। थानाधिकारी निर्भय सिंह ने बताया कि भोजियाकला निवासी लीलाराम पुत्र मानेंग ने दोपहर करीब 4 बजे अपनी दुकान में फंदा लगा लिया। उस समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। लौटने पर परिजनों को घटना का पता चला। इसके बाद युवक को फंदे से उतारकर महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर थानाधिकारी जाप्ते के साथ हॉस्पिटल पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उन्हें इस मामले में किसी पर संदेह नहीं है और वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराना चाहते है। बिना पोस्टमॉर्टम सौंपा शवथानाधिकारी ने बताया कि परिजनों की लिखित रिपोर्ट और उनकी सहमति के आधार पर शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया गया। पुलिस ने देर शाम बिना पोस्टमॉर्टम के ही शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। फिलहाल सुसाइड के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ के कबूलपुर गांव में 15 अप्रैल से लापता 45 वर्षीय महिला के शव को दो लावारिस कुत्तों ने ढूंढ निकाला। खास बात यह है कि ये वही कुत्ते थे जिन्हें अनिता देवी नाम की महिला रोजाना अपने हाथों से रोटी खिलाती थी। कुत्तों की सूझबूझ के कारण ही महिला के शव का पता चल सका और हत्या के मामले का खुलासा हो पाया। जानकारी के अनुसार, कबूलपुर कॉलोनी की रहने वाली अनिता देवी 15 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। अनिता देवी रोजाना इलाके के दो लावारिस कुत्तों शेरू और रॉकी को खाना खिलाती थी, जिस कारण दोनों कुत्ते अक्सर उसके घर के आसपास ही रहते थे। अचानक झाड़ियों की तरफ दौडे़ शेरू और रॉकी 18 अप्रैल को परिवार के लोग गांव मोहला के पास अनिता देवी की तलाश कर रहे थे। इस दौरान शेरू और रॉकी अचानक झाड़ियों की ओर दौड़ पड़े। जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो कुत्तों ने अनिता देवी की साड़ी ढूंढ निकाली। पास ही एक नाला था जो जलकुंभी से पूरी तरह ढका हुआ था। इसी दौरान शेरू नामक कुत्ता नाले में कूद गया और जैसे ही जलकुंभी हटने लगी तो पानी के अंदर अनिता देवी के पैर दिखाई देने लगे। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकाला गया और पुलिस को सूचना दी गई। रोजाना खिलाती थी रोटी स्थानीय लोगों ने बताया कि अनिता देवी रोजाना अपने हाथों से इन लावारिस कुत्तों को रोटी खिलाती थी। यही वजह थी कि दोनों कुत्ते उसके घर के आसपास ही रहते थे और घर की पहरेदारी भी करते थे। किसी भी अजनबी को घर के पास आने नहीं देते थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कबूलपुर निवासी जगमिंदर डागर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस हत्या का मुख्य आरोपी उसका बेटा परमजीत है, जो फिलहाल फरार है। हत्या के कारणों का पता लगा रही पुलिस जांच में सामने आया है कि 15 अप्रैल को परमजीत मोटरसाइकिल पर अनिता देवी के घर गैस सिलेंडर देने गया था। इसके बाद वह अनिता देवी को बिजली बिल भरवाने के बहाने अपने साथ ले गया। लौटते समय उसने कथित तौर पर अनिता देवी की हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के अनुसार आरोपी जगमिंदर डागर को दो दिन की रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी परमजीत की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही है, जिसके बाद हत्या के कारणों का पता चल सकेगा। मामले की जांच जारी है। यहां देखें फोटो…
हाथरस में श्री बाबा गोपेश्वर नाथ जी के 155वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर नगर में आज शाम भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने अपनी टीम के साथ पालकी का स्वागत किया। उन्होंने बाबा की पालकी के समक्ष पूजन-अर्चन कर आरती उतारी। इस अवसर पर 'हर हर महादेव' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। पालकी शोभायात्रा का शुभारंभ बागला कॉलेज रोड स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यह सासनी गेट, कमला बाजार, गुड़ीहाई बाजार, मोती बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, मेंडू गेट और सर्कुलर रोड होते हुए पुनः मंदिर पर समाप्त हुई। इस दौरान उमाशंकर जैन, आशीष सेंगर और जिनेंद्र जैन ने आयोजक कमेटी के पदाधिकारियों का पटका पहनाकर स्वागत किया। मंदिर में आचार्य पंडित प्रदीप भारद्वाज ने श्री गणेश पूजन और श्री रामचरित मानस का पाठ किया। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद श्री गोपेश्वर नाथ सेवा समिति के प्रमोद कौशिक, बृजेश चंद्र मिश्र, पवन अग्रवाल, कृष्ण गोपाल सारड़ा, कुलदीप शर्मा, अमित अग्रवाल, सुमित पचौरी, नितिन बागला, चिंटू कैटर्स, रवि वर्मा, गोपाल गर्ग, आशीष रस्तोगी, अंकित अग्रवाल, लखन वार्ष्णेय, डॉ. रघुकुल तिलक दुबे और अनमोल गुप्ता सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तिभाव से बाबा के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े प्रबंध किए गए थे।
बस्ती जिले के बनकटी बाजार में मंगलवार सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने युवक के मानसिक तनाव में होने और विषाक्त पदार्थ का सेवन करने की आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार, बनकटी बाजार निवासी 45 वर्षीय उमेश पाल पुत्र इंद्रजीत पाल की तबीयत सुबह करीब नौ बजे अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें तत्काल निजी वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले गए। वहां स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल बस्ती रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उमेश को कैली अस्पताल बस्ती ले गए, जहां इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उमेश पाल पिछले लगभग एक माह से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। उनकी पत्नी मायके चली गई थी, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। परिजनों को आशंका है कि इसी दौरान उन्होंने किसी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया होगा। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। मृतक उमेश पाल अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई भोलू पाल और नितेश पाल अविवाहित हैं। परिवार के मुखिया की अचानक मौत से माता-पिता सहित पूरे परिवार में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में लालगंज थाना प्रभारी विनय कुमार पाठक ने बताया कि मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में 4 घंटे बिजली कटौती:भटवलिया उपकेंद्र के वाटर वर्क्स फीडर पर 22 अप्रैल को आपूर्ति बाधित
देवरिया शहर के भटवलिया स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को 22 अप्रैल को चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग द्वारा लाइन मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। इस कटौती से भटवलिया उपकेंद्र से जुड़े शहर के कई मोहल्ले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित होंगे। विशेष रूप से वाटर वर्क्स फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को परेशानी होगी, जिससे पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना है। अधिशासी अभियंता चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि 11 केवी लाइन पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाना है। इस कार्य का उद्देश्य भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसे तकनीकी रूप से आवश्यक शटडाउन बताया, जिसे समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले पानी भरने सहित अपने सभी आवश्यक कार्य निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी। गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग के बीच चार घंटे की यह कटौती उपभोक्ताओं के लिए कुछ परेशानी का कारण बन सकती है। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह कार्य दीर्घकालिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे भविष्य में आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुचारु हो सकेगी।
चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से यह दर्दनाक हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान रौली कल्याणपुर निवासी लक्ष्मी प्रसाद (पुत्र रघुनंदन) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी प्रसाद मंगलवार रात करीब 8 बजे मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। भरतकूप थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव का पंचनामा भरकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित मार्गों पर लगे CCTV कैमरों की जांच भी की जा रही है, ताकि वाहन का पता लगाया जा सके। परिजनों में मातम, कार्रवाई की मांग थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हुई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी वाहन चालक को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुज़फ़्फ़रनगर के छपार थाना क्षेत्र में एक 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोप के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब कस्बा छपार निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। उसने बताया कि उसकी 6 वर्षीय बेटी घर के पास दुकान पर सामान लेने गई थी। आरोप है कि कस्बे के ही पप्पू नामक व्यक्ति उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ आपराधिक कृत्य किया। परिजनों की शिकायत के आधार पर छपार पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5m और 6 शामिल हैं। पुलिस ने बिना किसी देरी के आरोपी पप्पू को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित बच्ची को उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले की जानकारी देते हुए सीओ सदर डॉ. रविशंकर मिश्रा ने ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है और तत्काल कार्रवाई की गई है। आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है। पुलिस का ध्यान पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
हरदोई में सड़क हादसे में युवक की मौत:तिलक समारोह जाते समय बोलेरो ने मारी टक्कर, दो दोस्त घायल
हरदोई के हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना हरपालपुर-बड़ागांव मार्ग पर खड़गपुर तिराहे के पास हुई। मृतक की पहचान अरवल थाना क्षेत्र के गुरसहायपुरवा मजरा चाँदा महमदपुर गांव निवासी 19 वर्षीय नितिन के रूप में हुई है। नितिन अपने दोस्त प्रभात (21) और सचिन (20) के साथ बाइक से हरपालपुर जा रहे थे। वे प्रभात के मामा रामबाबू के पुत्र सूरज के तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। खड़गपुर तिराहे के पास एक बोलेरो ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर ले जाया गया। गंभीर हालत के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। देर रात 12 बजकर 45 मिनट पर चिकित्सक ने नितिन को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो घायल युवकों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। मृतक नितिन अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसा दूसरी कोतवाली क्षेत्र में हुआ है।
ट्रेलर ड्राइवर गिरफ्तार, शासकीय स्टॉपर चोरी का आरोप:बलरामपुर में नेशनल हाईवे से चुराए थे दो स्टॉपर
बलरामपुर पुलिस ने नेशनल हाईवे से शासकीय स्टॉपर चोरी करने के आरोप में एक ट्रेलर ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया है। यह घटना बलरामपुर थाना क्षेत्र के बड़कीमहरी तिराहा के पास 20अप्रैल को हुई थी। पुलिस के अनुसार, ट्रेलर क्रमांक सीजी 07 बी 2389 का चालक गिरीश नारायण यादव (28) किसी अन्य वाहन की लापरवाही से हुए मामूली नुकसान की भरपाई के लिए यह चोरी कर रहा था। उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर गति नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस द्वारा लगाए गए दो शासकीय स्टॉपर चुराए और उन्हें अपने ट्रेलर में लोड कर ले जा रहा था। पुलिस ने जब्त किये चोरी किए गए स्टॉपर मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यातायात पुलिस ने डुमरखी ढाबा के पास ट्रेलर ड्राइवर को वाहन सहित पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए दो स्टॉपर बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 30,000 रुपये है। घटना में प्रयुक्त ट्रेलर वाहन भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी गिरीश नारायण यादव, जो उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ग्राम जमुई का निवासी है, के खिलाफ थाना बलरामपुर में अपराध क्रमांक 65/2026 धारा 305(e) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया है।
औरैया को नया जिलाधिकारी मिल गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव रहे बृजेश कुमार ने मंगलवार शाम ट्रेजरी कार्यालय में विधिवत कार्यभार संभाला। उन्होंने डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी का स्थान लिया है, जिनका मैनपुरी स्थानांतरण हो गया है। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में बैठकर आम जनता की शिकायतें सुनें। इसके बाद ही वे फील्ड के कार्यों के लिए बाहर जाएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। नवागत जिलाधिकारी ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे आजमगढ़ और बुलंदशहर सहित कई जनपदों में अपर जिलाधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में कार्य करते हुए उन्होंने प्रशासनिक चुनौतियों को करीब से समझा है और उन्हीं अनुभवों के आधार पर औरैया में बेहतर कार्य करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की बात कही। शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि टीमवर्क और पारदर्शिता के साथ औरैया को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
बिजनौर में आरा मशीन पर चला बुलडोजर:सरकारी रास्ता कराया गया कब्जामुक्त, राजस्व विभाग ने कार्रवाई की
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर रोड पर मंगलवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तालिब बंधुओं की आरा मशीन पर किए गए कब्जे को बुलडोजर से हटवा दिया। इस दौरान जेसीबी की मदद से सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया गया। यह कार्रवाई चकबंदी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच के बाद की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर तैनात रहे, जिससे पूरे समय कानून-व्यवस्था बनी रही। तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि चांदपुर रोड स्थित गाटा संख्या 3264/1 (0.0480 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 3209 (0.1140 हेक्टेयर) भूमि चकबंदी अभिलेखों में ‘रास्ता’ दर्ज है। विभागीय पैमाइश में इसकी पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि खालिद पुत्र ताहिर हुसैन, जिनके नाम गाटा संख्या 3263 दर्ज है, ने अपनी बाउंड्री बनाते समय करीब 304 वर्ग मीटर सरकारी रास्ते की जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। इसके अलावा गाटा संख्या 3207 और 3208 से जुड़े लगभग 154 मीटर रास्ते पर भी अवैध बाउंड्री बनाकर अतिक्रमण किया गया था। गाटा संख्या 3209 पर भी 154 मीटर क्षेत्र में कब्जा पाया गया। एसडीएम सदर रितु रानी ने बताया कि चकबंदी अभिलेखों में यह जमीन सरकारी रास्ते के रूप में दर्ज है, जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया गया। गौरतलब है कि पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर हुए हमले के बाद तालिब और खालिद के खिलाफ विभिन्न विभागों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
शिवहर में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्ता श्री मेधावी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की सभी 20 गैस एजेंसियों को संबंधित तेल कंपनियों द्वारा मांग के अनुसार नियमित आपूर्ति की जा रही है। प्रशासन ने गैस की कमी को लेकर फैल रही किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न देने की अपील की है। 45 दिनों बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमतिवितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहरी उपभोक्ताओं को अंतिम डिलीवरी के 25 दिनों बाद और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिनों बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति है। इन नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बुकिंग के बाद 4-5 दिनों के भीतर गैस की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है, इसलिए उपभोक्ताओं से एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाने का आग्रह किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अप्रैल 2026 में 20 अप्रैल तक कुल 40,279 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा चुकी है। कैटरर्स को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगाआगामी वैवाहिक सीजन को देखते हुए, वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति के लिए कैटरर्स को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जिन परिवारों में शादी है, उन्हें आवश्यक सिलेंडरों की मांग के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु एक जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 9 बजे तक कार्यरत रहेगा। उपभोक्ता अपनी शिकायतें 06222-257060 और 06222-257001 पर दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने बताया कि सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है और बाजारों में होटलों व गैस प्रतिष्ठानों की नियमित जांच भी जारी है।
नाबालिग लड़की के साथ बार-बार रेप करने के मामले में श्रीगंगानगर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, एक महिला व अन्य एक आरोपी को मामले में बरी कर दिया गया। पुलिस को दी शिकायत में लड़की के पिता ने बताया था कि 25 सितंबर 2025 उसकी नाबालिग लड़की सुबह 7 बजे अपने स्कूल जा रही थी। स्कूल पहुंचने के बाद उसने स्कूल के किसी टीचर के मोबाइल से अनजान नंबर पर कॉल किया। इसके तुरंत बाद लड़की कहीं गायब हो गई। लड़की के पिता ने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन 26 सितंबर को लड़की के पिता ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामला दर्ज कराया। जांच में सामने आया कि आरोपी स्कूल से नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ कई बार रेप किया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 के जज ने सभी सबूतों, गवाहों और जांच रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जिसका भुगतान न करने पर अतिरिक्त 6 माह की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। वहीं, दो अन्य आरोपियों को मामले में बरी कर दिया गया।
छतरपुर शहर के एसपी कार्यालय के सामने उस समय हंगामा हो गया जब एक महिला ने दिल्ली से आई बस के क्लीनर को पकड़कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। महिला का आरोप है कि वह दो दिन पहले इसी बस से दिल्ली से छतरपुर आई थी। यात्रा के दौरान उसका एक बैग गायब हो गया, जिसमें लगभग 50 हजार रुपये की साड़ियां और अन्य सामान था। महिला ने दावा किया कि बैग चोरी होने में बस क्लीनर का हाथ है, जो घटना के बाद से अपना मोबाइल बंद कर गायब हो गया था। तीन तस्वीरों में देखिए मारपीट… दोबारा छतरपुर पहुंची थी महिला महिला के अनुसार, जब उसे पता चला कि वही बस दोबारा छतरपुर पहुंची है, तो उसने एसपी कार्यालय के सामने बस को रुकवाया। महिला ने क्लीनर को पहचानकर उसका कॉलर पकड़ा और उसे सीधे एसपी कार्यालय के अंदर ले गई। इस दौरान महिला ने क्लीनर के साथ मारपीट भी की। घटना के कारण वहां भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। महिला ने बताया कि उसने दिल्ली के चांदनी चौक से महंगी साड़ियां खरीदी थीं, जो उसके गायब हुए बैग में थीं। उसने आरोप लगाया कि बस क्लीनर ने ही उसका बैग गायब किया है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्लीनर को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है।
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने इस संबंध में एक नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। नेहरू नगर निवासी अधिवक्ता सुभाषचंद्र राव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में आराजी संख्या 467/3 की भूमि पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदी थी और उस पर उनका कब्जा है। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे बिजापुर झगटौर, थाना खुखुंदू निवासी अखिलेश मिश्र उर्फ राजन मिश्र अपने साथ 10 अज्ञात लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी मशीन से जमीन पर बने चार सीमेंट कंक्रीट के पिलरों को तोड़ना शुरू कर दिया। लात-घूंसों से वकील को पीटा सूचना मिलने पर सुभाषचंद्र राव अपने बेटे के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और इसका विरोध किया। आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा गया। इस दौरान मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया। इस घटना में चारों पिलर तोड़ दिए गए, जिससे करीब एक लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जमीन को लेकर कोर्ट में चल रहा केसपीड़ित ने यह भी बताया कि उक्त भूमि को लेकर न्यायालय में पहले से ही एक वाद लंबित है। न्यायालय ने इसमें यथास्थिति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद आरोपियों ने जबरन तोड़फोड़ की। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सुपौल में टैंकर ने बाइक सवार को रौंदा, मौत:बाजार से घर जाते समय हुआ एक्सीडेंट, सिर फटने से गई जान
सुपौल जिले के करजाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत करजाइन बाजार में मंगलवार शाम करीब 5 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार टैंक लोरी ने बाइक सवार को कुचल दिया, जिससे हादसा इतना भयावह हो गया कि मृतक का सिर फटकर चिथड़े हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही करजाइन थानाध्यक्ष मनीष कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटना में शामिल टैंक लोरी को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। बाजार से अपने घर के लिए निकले थे मृतक की पहचान करजाइन वार्ड संख्या 9 निवासी 45 वर्षीय भोला साह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे बाजार से अपने घर के लिए निकले थे, तभी यह हादसा हो गया। उनके परिवार में दो पुत्र हैं। 13 वर्षीय पितम और 12 वर्षीय गौरव। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय और प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही - करजाइन थानाध्यक्ष करजाइन थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोग प्रशासन से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड क्षेत्र में मेघाला स्थित परशुराम कुंड व बोकराज कुंड के पास पहाड़ी पर मंगलवार को भीषण आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे करीब 100 हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो गई। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में वन विभाग की टीम और वनकर्मी पेड़ों की डालियों व पत्तों की मदद से आग बुझाने में जुटे हुए हैं। हालांकि, सूखी झाड़ियों और तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सहायक वनपाल सुशीला के नेतृत्व में मुंडावर वन नाका की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ततारपुर वन नाका से सहायक वनपाल संदीप तक्षक, दीपिका और वनरक्षक ज्ञानेश भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। घटना की सूचना पर मुंडावर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और आग प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि इन दिनों क्षेत्र में पहाड़ियों पर आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही में टेहड़का पहाड़ में भी आग लगी थी, जिसे काफी मशक्कत के बाद बुझाया गया था।
रायपुर के लेंसकार्ट शोरूम में घुसकर एक कथित धार्मिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को जबरन टीका लगा दिया। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ता स्टाफ के नाम पूछते रहे और फिर उन्हें तिलक लगाकर बैठने की सलाह दी। इस दौरान कर्मचारियों से कहा गया कि वे तिलक लगाकर काम करें और लोगों को बताएं कि वे हिंदू हैं। फिर महिला ने अपना चश्मा दिखाते हुए कहा कि वह भी इसी कंपनी का चश्मा पहनती हैं, लेकिन अब इसे तोड़कर फेंक देंगी। नारेबाजी और चेतावनी जानकारी के मुताबिक, धर्म जागरण समिति से जुड़े कार्यकर्ता लेंसकार्ट शोरूम पहुंचे और “जय श्री राम” के नारे लगाए। कर्मचारियों के नाम पूछने के बाद उन्हें टीका लगाया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर कोई कंपनी हिंदू विरोधी गतिविधि करेगी, तो उसका विरोध किया जाएगा। वीडियो का हवाला देकर जताया विरोध संगठन की सह संयोजिका भारती वैष्णव ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कंपनी में कर्मचारियों को तिलक, कलावा या जनेऊ पहनने से रोका जाता है, जबकि मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाती है। इसी बात को लेकर उन्होंने विरोध जताया। कंपनी दे चुकी है सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि उसने लोगों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लिया है और अब अपने इन-स्टोर स्टाइल गाइड को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया है। कंपनी के मुताबिक, नई गाइडलाइंस में सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे तिलक, बिंदी, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को मान्यता दी गई है। खेद भी जताया कंपनी ने कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे इसका खेद है। साथ ही भरोसा दिलाया कि आगे की नीतियां समानता और सम्मान के आधार पर बनाई जाएंगी। विवाद की वजह, वायरल हुआ पुराना डॉक्युमेंट यह पूरा विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब लेंसकार्ट की 'एम्प्लॉई ग्रूमिंग पॉलिसी' का एक डॉक्युमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें कर्मचारियों को बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोका गया था। इसके बाद इंटरनेट पर कंपनी के बहिष्कार की मांग उठने लगी थी। फाउंडर पीयूष बंसल ने दी सफाई विवाद बढ़ता देख कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल ने दखल देते हुए स्पष्ट किया कि वायरल हुआ डॉक्युमेंट एक पुराना था और यह कंपनी के वर्तमान रुख को नहीं दर्शाता। बंसल ने कहा कि हमारी पॉलिसी में धार्मिक अभिव्यक्ति के किसी भी रूप पर कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने इस भ्रम की स्थिति के लिए माफी भी मांगी है। लेंसकार्ट बोला- हम भारतीयों के लिए बने हैं कंपनी ने अपने नए बयान में कहा कि लेंसकार्ट भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बना है। 2,400 से ज्यादा स्टोर्स ऐसे लोगों द्वारा चलाए जाते हैं जो अपनी परंपराओं को साथ लेकर आते हैं। कंपनी ने वादा किया है कि भविष्य की हर ट्रेनिंग और पॉलिसी में सभी की वैल्यूज का ध्यान रखा जाएगा। क्या होती है ग्रूमिंग पॉलिसी? कॉर्पोरेट जगत में कंपनियां अपने कर्मचारियों के ड्रेस कोड और व्यवहार के लिए कुछ नियम बनाती हैं, जिसे ग्रूमिंग पॉलिसी कहा जाता है। इसका उद्देश्य ब्रांड की एक समान पहचान बनाना होता है, लेकिन भारत जैसे विविधता वाले देश में इसमें धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य माना जाता है।
गोपालगंज जिले के जादोपुर थाना क्षेत्र के बरईपट्टी गांव में थ्रेसर मशीन की चपेट में आने से 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मैनेजर भगत की पत्नी ललिता देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ललिता देवी अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रही थीं। इसी दौरान वह थ्रेसर मशीन की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों की मदद से तत्काल मॉडल अस्पताल ले जाया गयाघायल अवस्था में उन्हें स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल मॉडल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। हालांकि, गोरखपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन उन्हें वापस मॉडल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव अपने घर ले गए।
कोरबा में भीषण गर्मी के बीच एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। शहर के टीपी नगर मुख्य मार्ग पर कुछ महिलाएं कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ी के अंदर बैठकर यात्रा करती दिखीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं गाड़ी के कचरा डालने वाले हिस्से में बैठी नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय तेज धूप और लू के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। गर्मी से राहत और छाया पाने के लिए उन्होंने कचरा गाड़ी के अंदर बैठने का सहारा लिया। इसी दौरान किसी राहगीर ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद से यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे महिलाओं की मजबूरी बता रहे हैं, जबकि कई नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, तब कर्मचारियों और आम लोगों के लिए कोई उचित ठंडक या छाया की व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक सुविधाएं क्यों नहीं:यूजर्स यूजर्स ने टिप्पणी की है कि यदि सफाई कर्मचारियों के लिए सहीं ट्रांस्पोर्टेशन या आराम की सुविधा होती, तो उन्हें इस तरह यात्रा नहीं करनी पड़ती। लोग पूछ रहे हैं कि गर्मी के इस मौसम में सफाई कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक सुविधाएं क्यों नहीं उपलब्ध कराई गईं।
राजगढ़ जिले में हत्या और लूट के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोपियों को लूट के मामले में 7 वर्ष और साक्ष्य मिटाने के लिए 3 वर्ष का कारावास दिया गया। वहीं ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा सुनाई गई। सभी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 2022 में खंती में मिला था महिला का शव यह मामला 25 फरवरी 2022 का है, जब भोजपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा–माचलपुर मार्ग पर एक खंती में शैतानबाई उर्फ शांतिबाई का शव मिला था। मृतका के पैर कटे थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मृतका के पुत्र ने पहचान की और बताया कि उसकी मां के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इससे लूट की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून सनी मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पिकअप वाहन से चांदी का कड़ा, धारदार छुरा और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसने केस को मजबूत आधार दिया। डीएनए रिपोर्ट और ‘लास्ट सीन’ बने अहम कड़ी मृतका के शरीर से मिले बालों का डीएनए आरोपियों से मैच हुआ। साथ ही मृतका को आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने की कड़ी ने मामले को और मजबूत किया। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला पेश की। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट बोली- साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह साबित अदालत ने माना कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और कोई कड़ी टूटी नहीं है। इसी आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। जिले में इस तरह के जघन्य अपराध में यह पहली बार है जब आरोपियों को इतनी सख्त सजा मिली है। फैसले को न्याय व्यवस्था की मजबूत मिसाल माना जा रहा है।
मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में 30 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू बनकर तैयार है। तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह मंगलवार को अस्पताल में 'रोगी कल्याण समिति' की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इन बोर्ड पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम और उनके समय डिटेल दिखेगी। इसके अलावा, मरीजों से सीधा फीडबैक लेने के लिए कैंपस में आधुनिक कियोस्क स्थापित करने की भी बात कही। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मरीजों का विश्वास जीतना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में आयुक्त ने लंबित शिकायतों के निपटारे को लेकर कहा कि इसे हर हाल में 15 दिन में निपटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल के कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रखने और तीन शिफ्ट में कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0621-2231202 का प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। वहीं, दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए 'विश्राम सदन' के बेहतर संचालन के लिए इसे जीविका समूहों या किसी सक्षम बाहरी एजेंसी को सौंपने का सुझाव दिया। मॉर्डन आईसीयू के संचालन के लिए स्टाफ की मांग आयुक्त ने 30 बेड के मॉर्डन आईसीयू के संचालने के लिए जरुरी पैरामेडिकल स्टाफ की मांग संबंधित विभाग से करने का निर्देश दिया। साथ ही, भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हाई क्वालिटी के आधुनिक उपकरणों को BMSICL के माध्यम से तत्काल स्थापित करने को कहा, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। बैठक से पहले आयुक्त ने खुद इमरजेंसी और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म कोड का पालन करने का निर्देश दिया ताकि अस्पताल की गरिमा बनी रहे और मरीजों को डॉक्टरों की पहचान करने में आसानी हो। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य गेट से अतिक्रमण हटाने, पार्क के सौंदर्यीकरण और मरीजों के लिए शेड निर्माण के भी निर्देश दिए गए। मीडिया से बात करते हुए आयुक्त ने बताया कि केवल एसकेएमसीएच ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक का विशेष अभियान चलाकर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि डॉक्टरों की उपस्थिति और सरकारी सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
बठिंडा जिले के थर्मल थाना पुलिस पर एक युवक को अगवा कर बेरहमी से पीटने और झूठे नशा तस्करी के केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घायल युवक फिलहाल बठिंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती है। इन आरोपों के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित युवक ने दावा किया है कि उसके दोस्त का एक्सीडेंट होने के बाद पुलिस ने जबरन राजीनामा करवाया और दूसरी पार्टी से रिश्वत ली। युवक का आरोप है कि जब उसने पुलिसकर्मियों की कथित तौर पर पैसे लेते हुए वीडियो बनाई, तो पुलिस ने उसे बोलेरो में उठाकर थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। युवक के अनुसार, उसे 10 ग्राम चिट्टा डालकर झूठा केस बनाने की धमकी दी गई और खाली कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। युवक के नाक और कान पर मुक्के मारे पीड़ित की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे के नाक और कान पर मुक्के मारे, जिससे खून बहने लगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके बेटे को नशेड़ी कहा, जबकि वह बिजली का काम करता है और रात में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी करता है। मां ने यह भी बताया कि उनके बेटे को दौरे की बीमारी है और वह नियमित रूप से दवा लेता है। उनका आरोप है कि मारपीट के बाद धोखे से राजीनामे पर हस्ताक्षर करवाकर उसे छोड़ा गया। मामले की जांच कर रही पुलिस डीएसपी सिटी-2 ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जांच के लिए एक अधिकारी को अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो, रिश्वत लेने, मारपीट करने और झूठे केस की धमकी जैसे सभी आरोपों की गहनता से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेतिया में ट्रेन से कटकर युवक की मौत:नहीं हुई बॉडी की पहचान, मौके पर पहुंची रेल पुलिस
बेतिया-नरकटियागंज रेल खंड पर प्रजापति हाल्ट के पास एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। रेल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, युवक अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह हादसा कैसे हुआ। पुलिस इसे प्रारंभिक तौर पर एक दुर्घटना मान रही है, हालांकि अन्य संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस के सामने मृतक की शिनाख्त एक बड़ी चुनौती बनी हुई मृतक की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस के सामने उसकी शिनाख्त एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पहचान न होने से परिजनों को सूचना देने में भी देरी हो रही है। स्थानीय लोग भी युवक को पहचानने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मृतक के बारे में तुरंत जानकारी देने की अपील रेल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि युवक किन परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आया। पुलिस मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को मृतक के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जा सके।
करनाल में नशीला पदार्थ तस्करी के बड़े मामले में करनाल की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतू की कोर्ट ने दो दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया भी गया है। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। बता दें कि, 10 दिसंबर 2018 को पुलिस को सूचना मिली थी कि करनाल में एक गिरोह मध्य प्रदेश से चूरा पोस्त लाकर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करता है। सूचना के अनुसार नशीला पदार्थ गुरुद्वारा गोविंदपुरा के पास खेत में पराली के नीचे छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने तुरंत टीम बनाकर मौके पर छापेमारी की। वहां पराली के ढेर के पास खड़े तीन लोग पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें काबू कर लिया। तलाशी के दौरान 24 सफेद प्लास्टिक के कट्टों में भरा 360 किलो चूरा पोस्त बरामद हुआ। तीन आरोपी मौके से गिरफ्तार पूछताछ में आरोपियों की पहचान कल्वेहड़ी निवासी बलराज सिंह, नहर कॉलोनी चीका जिला कैथल निवासी सिंगारा सिंह और खरका निवासी दिलबाग सिंह के रूप में हुई थी। 11 दिसंबर 2018 को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 17 दिसंबर 2018 तक रिमांड पर लिया गया। इस दौरान पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी। जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह में डेरा गोविंदपुरा निवासी विक्रम सिंह, सिंगारा सिंह, गुरदयाल सिंह उर्फ हरदयाल सिंह, सुखा सिंह, दिलबाग सिंह और बलराज सिंह शामिल थे। ये सभी मिलकर मध्य प्रदेश से चूरा पोस्त लाकर सप्लाई करते थे। सिंगारा सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके चलते उसे 12 दिसंबर 2018 को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। फरार आरोपियों पर भी कार्रवाई मामले में गुरदयाल सिंह उर्फ हरदयाल सिंह को जांच के दौरान निर्दोष पाया गया। वहीं मुख्य आरोपी विक्रम सिंह लंबे समय तक फरार रहा और 21 अगस्त 2019 को उसे भगोड़ा घोषित किया गया। इसके बाद 12 जून 2020 को उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान अदालत में पेश किया गया। बाद में 4 मार्च 2022 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय में पेश कर जिला जेल करनाल भेज दिया गया। सुखा सिंह ने 9 जनवरी 2019 को निचली अदालत से जमानत की कोशिश की, जो खारिज हो गई। इसके बाद 12 फरवरी 2019 को चंडीगढ़ हाई कोर्ट से उसे अंतरिम जमानत मिली। जांच में शामिल होने के बाद 22 मई 2019 को उसके खिलाफ पूरक चालान पेश किया गया। अदालत में मजबूत साक्ष्य पेशमामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। अदालत ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिलबाग सिंह और बलराज सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नशा तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है। इसी को देखते हुए दोषियों को 10 साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर दोनों को 6 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
राजनांदगांव जिले में कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग के एक अधिकारी को निलंबित किया गया, वहीं अवैध ईंट भट्टे पर भी बड़ा एक्शन लिया गया। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने शासकीय कार्यों में उदासीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में राजस्व निरीक्षक मंडल खैरझिटी के अवधराम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कलेक्टर ने की जिले भर में अलग-अलग कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की जांच में सामने आया कि ठाकुर ने सीमांकन के कई प्रकरणों को लंबे समय से बिना किसी प्रगति के रोके रखा था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत निलंबित किए गए अवधराम ठाकुर का मुख्यालय भू-अभिलेख शाखा राजनांदगांव नियत किया गया है। दूसरी कार्रवाई इसी क्रम में, ग्राम माहुलझोपड़ी में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित एक ईंट भट्टे पर छापा मारा। यह भट्टा दुर्गा बाई की भूमि पर दाऊ लाल द्वारा बिना अनुमति के चलाया जा रहा था। मौके से 3.20 लाख पक्की ईंटें, 1.60 लाख कच्ची ईंटें, 70 ट्रॉली मिट्टी और 6 ट्रॉली लकड़ी जब्त की गई। जब्त की गई लकड़ी को वन विभाग को सौंपा गया है, जबकि अन्य सामग्री को अग्रिम कार्रवाई तक ग्राम पंचायत गिरगांव की सुपुर्दगी में रखा गया है। इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार चिराग रामटेके और रेंज ऑफिसर आकाश ठाकुर मौजूद थे। तीसरी कार्रवाई इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डोंगरगांव विकासखंड की अर्जुनी से मेढ़ा सड़क (2.50 किमी) के मेंटेनेंस में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। रूटीन मेंटेनेंस कार्य न करने के कारण ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट कर दिया गया है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि ठेकेदार की राशि राजसात की जाएगी। 'डिफेक्ट लाईबिलिटी' के तहत जल्द ही पुर्ननिविदा निकालकर सड़क के नवीनीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा।
किशनगंज में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या:आरोपी पति गिरफ्तार, जुर्म कबूला, घरेलू विवाद बनी वजह
किशनगंज जिले में एक पति ने अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पोठिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति कुंदन मरांडी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना पोठिया थाना क्षेत्र के हाई स्कूल के पास घटित हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 43 वर्षीय कुंदन मरांडी उर्फ कनदन मरांडी के रूप में हुई है, जो पोठिया हाई स्कूल निवासी जोलहा मरांडी का पुत्र है। पुलिस ने यह कार्रवाई पोठिया थाना कांड संख्या 155/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत दर्ज मामले में की है। निवास स्थान के समीप से गिरफ्तार कर लियामामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर कुंदन मरांडी को उसके निवास स्थान के समीप से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार शाम को आरोपी पति के मेडिकल जांच उपरांत उसे जेल भेज दिया गया है। पोठिया थानाध्यक्ष अंजय अमन ने बताया कि सोमवार को यह हत्या हुई थी। मृतका के परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी ललिता सोरेन की पीट-पीटकर हत्या की है। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आपसी विवाद सामने आया है। माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थेमृतका के बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनके माता-पिता के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ की गई है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
कैथल जिले के पाई गांव में कबड्डी खिलाड़ी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। खिलाड़ी मंगलवार को अपने घर पर कमरे में बैठा था। अचानक उसे हार्ट अटैक आ गया। उसकी मां उसे काफी देर तक आवाज देती रही लेकिन वह नहीं बोला। इसके बाद उसकी मां कमरे में पहुंची और बेटे को बेहोशी की हालत में पाया। उसने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए जहां पर जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। 23 वर्षीय खिलाड़ी सागर ढुल के पिता की 5 साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा उसकी एक बहन भी है। गोल्ड मेडल जीत चुका था सागर कबड्डी कोच शमशेर सिंह ने बताया कि पाई के कबड्डी खिलाड़ी सागर ढुल ने करीब 10 साल पहले साल पहले कबड्डी खेलना शुरू किया था। इसके बाद पहली बार नेशनल स्तर पर साल 2018 में पहली बार अंडर-19 आयु वर्ग में दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर हुई हरियाणा स्टाइल ओपन कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद गोवा की टीम में खेलते हुए 2023 में गोवा में ही हुई अंडर-23 सर्कल कबड्डी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब यह खिलाड़ी इंटरनेशन कबड्डी मैच खेलने की तैयारी कर रहा था। खिलाड़ी की मौत के बाद गांव में गमगीन माहौल है। बताया जा रहा है कि सागर ढुल की शादी के बारे में बातचीत चल रही थी। परिवार वाले उसके लिए रिश्ता ढूंढ रहे थे। इससे पहले ही सागर की मौत हो गई।
चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक में जलीय जीवन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की गई है। विश्व मछली प्रवास दिवस के मौके पर झील में 10 हजार से अधिक मछलियों के बीज छोड़े गए, जिससे आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में मछलियां विकसित होंगी। पशु पालन और मछली पालन विभाग की ओर से मंगलवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मृगल, रोहू और कतला जैसी देशी प्रजातियों के मछली बीज झील में डाले गए। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य झील में जलीय जैव विविधता को बढ़ाना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है। शहर की ‘लाइफलाइन’ मानी जाती सुखना लेक को ‘लाइफलाइन’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह न सिर्फ लोगों के घूमने-फिरने की जगह है, बल्कि कई तरह के जलीय जीवों का घर भी है। सर्दियों में यहां दूर-दूर से प्रवासी पक्षी आते हैं और उनका भोजन काफी हद तक छोटी मछलियों और उनके बच्चों पर निर्भर करता है, इसलिए झील में मछलियों का होना बहुत जरूरी है। पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर प्रयास विशेषज्ञों के मुताबिक, जब झील में मछलियों की संख्या बढ़ती है तो पूरी प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला मजबूत होती है, जिससे पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों बेहतर रहते हैं। इसके अलावा झील के पास बने सरकारी मत्स्य बीज फार्म में अच्छी क्वालिटी के मछली बीज तैयार किए जाते हैं, जिन्हें समय-समय पर झील में डाला जाता है। इससे मछलियां प्राकृतिक रूप से बढ़ती हैं और झील का संतुलन बना रहता है।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर पहली बार छतरपुर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, लेकिन इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। मातगुवां में प्रदेशाध्यक्ष के काफिले के पहुंचने पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। इस जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई। श्याम टेलर ने एम्बुलेंस को पहले रास्ता देने का निर्देश दिया। एम्बुलेंस के सुरक्षित निकलने के बाद ही वे स्वागत कार्यक्रम में आगे बढ़े। युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों ने प्रदेशाध्यक्ष के दौरे के मद्देनजर शहर में बड़े पैमाने पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए। प्रमुख चौराहों, सड़कों और बाजारों में ये पोस्टर देखे गए। दौरे के दौरान श्याम टेलर ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने को अपना मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की घोषणा जल्द की जाएगी। इस दौरे से जहां कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, वहीं शहर में पोस्टरबाजी और यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं रहीं। ्र
फाजिल्का के स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल पुलिस ने एक नाबालिग लड़के से हैंड ग्रेनेड बरामद किया है। बताया जा रहा है कि फिरोजपुर में गश्त के दौरान पुलिस ने बाइक सवार लड़के को रोककर चेक किया तो उससे हैंड ग्रेनेड मिला जो पाकिस्तान से आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नाबालिग सोशल मीडिया के जरिए गलत रास्ते पर चला गया। फिलहाल इस मामले पर आगे की कार्यवाई की जा रही है। हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल कहां होना था, कैसे मंगवाया गया, पुलिस इसकी जांच कर रही है। शक होने पर रोककर ली गई तलाशी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम सदर फिरोजपुर इलाके में गश्त कर रही थी कि गांव हंसता कलां के नजदीक गश्त दौरान एक नाबालिग लड़का बाइक पर आता दिखाई दिया। जिसे शक होने पर रोककर चेक किया गया तो उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड मिला। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि लड़के से मिला हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान से आया है। अब जांच की जा रही है कि इसका कहां इस्तेमाल किया जाना था। उन्होंने कहा कि इस मामले में फाजिल्का के स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल थाने में केस दर्ज किया गया है। मामले में तफ्तीश जारी है। पुलिस कर रही मामले में जांच-पड़ताल उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से किस शख्स ने ये हैंड ग्रेनेड भेजा है, कहां से आया है इस पर जांच की जा रही है। पता चला है कि आरोपी लड़के ने इंस्टाग्राम से नंबर लेकर सप्लायर से संपर्क किया था। आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसे रिमांड नहीं लिया गया। लड़का अभी 12वीं क्लास में पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से प्रभावित होकर लड़का गलत रास्ते पर गया। उन्होंने कहा कि बरामद हुआ हैंड ग्रेनेड हाई एक्सप्लोसिव चाइना मेड है। जिसके धमाके से काफी नुकसान हो सकता था। फिलहाल जांच जारी है।
एम्स दिल्ली में नौकरी का अवसर, सीनियर ऑफिस असिस्टेंट सहित कई पदों पर आवेदन जारी
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स-दिल्ली) ने सीनियर ऑफिस असिस्टेंट (वरिष्ठ कार्यालय सहायक) और ऑप्टोमेट्रिस्ट के 1-1 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है।
गयाजी में राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कार्यरत लोडिंग-अनलोडिंग कर्मियों ने मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल की। वे न्यूनतम मजदूरी लागू करने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह आंदोलन फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन (इंटक) गया इकाई के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष अजय सिंह ने किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें तय दर से कम मजदूरी मिल रही है, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। मजदूरों ने सरकार, संबंधित विभाग से बकाया राशि की तत्काल भुगतान की मांग की मजदूरों ने सरकार और संबंधित विभाग से बकाया अंतर राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए, ताकि अनियमितता या कटौती की संभावना समाप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी श्रमिक हितों से जुड़ी योजनाओं को तुरंत लागू करने की भी मांग की गई। हड़ताल के तहत मजदूरों ने राजेंद्र नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय से समाहरणालय तक एक विशाल जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने अपने हक में जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। समाहरणालय पहुंचकर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। यूनियन के जिला अध्यक्ष, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष हड़ताल में हुए शामिल इस आंदोलन में यूनियन के जिला अध्यक्ष रामप्यारे, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष भाई ओंकार सहित कई अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोडिंग-अनलोडिंग कर्मी शामिल हुए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बांका में 3 क्रिमिनल गिरफ्तार:बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, हथियार बरामद
बांका जिले में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना होने से पहले ही विफल कर दी गई। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर बेलहर एसडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद के नेतृत्व एवं कटोरिया इंस्पेक्टर रंजीत कुमार की निगरानी में विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। मंगलवार की संध्या पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि तेलौधा गांव निवासी संदिग्ध मुन्ना धौर अपने साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेलहर के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर छापेमारी शुरू की गई। मुन्ना धौर को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर लिया पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए मुन्ना धौर को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर बौंसी थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से दो अन्य आरोपियों को भी दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में कुश्माहा निवासी प्रकाश यादव और देवकल निवासी अंकित कुमार शामिल हैं। इनके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा गोली बरामद की गई। कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई पुलिस के अनुसार, समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई। मामले में संबंधित थानों में विधि अनुसार कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। इस पूरे अभियान में बेलहर एसडीपीओ,कटोरिया अंचल पुलिस निरीक्षक, बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा, जमदाहा थानाध्यक्ष रंतेज भारती, डीआईयू टीम एवं सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लखनऊ में जनगणना ट्रेनिंग से गायब 46 कर्मियों पर सख्ती:प्रशासन ने नाम किए जारी, FIR की चेतावनी
लखनऊ में जनगणना प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने FIR की चेतावनी दी है। नगर निगम जोन-3 के अलीगंज स्थित गवर्नमेंट आईटीआई कॉलेज में चल रहे तीन दिन के प्रशिक्षण के पहले दिन 46 सुपरवाइजर और प्रगणक नहीं आए। चार्ज अधिकारी जनगणना मनोज यादव ने साफ कहा है कि जनगणना जैसे अहम काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो कर्मचारी ट्रेनिंग में नहीं आएंगे या काम से बचेंगे, उनके खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है। प्रशासन के मुताबिक, पहले अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण में भोजन समेत सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं, इसलिए गैरहाजिरी का कोई ठोस कारण स्वीकार नहीं होगा। चरणबद्ध तरीके से होगी कार्रवाई अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा नियमों के तहत निलंबन किया जाएगा। लगातार अनुपस्थित रहने या कार्य से बचने पर धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने 21 अप्रैल 2026 को प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहे सुपरवाइजर और प्रगणकों की सूची जारी की है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। अनुपस्थित सुपरवाइजर कुरैशिया अब्बासी (सीनियर असिस्टेंट, डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल), अकरम (डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल), अतुल जायसवाल (डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल), सचिदानन्द (डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल), अभिषेक कुमार (जूनियर इंजीनियर, यूपी एसबीसीएलबीसीयू-1), सुशील कुमार गुप्ता (असिस्टेंट इंजीनियर, यूपी एसबीसीएलबीसीयू) एवं कविता राज (सीनियर असिस्टेंट, डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल)। अनुपस्थित प्रगणक सरिता पटेल (असिस्टेंट टीचर, जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय बॉयज), रितांशी शुक्ला (एआरओ, सीएमओ अर्बन), रंजीत सिंह (एडिशनल सीटीओ, डेस्टो ऑफिस), प्रशांत वर्मा (अकाउंटेंट, लखनऊ जोन-3), अरुण कुमार (सब इंजीनियर, यूपी आरएनएन लिमिटेड), वंदना पाण्डेय, आशा सक्सेना (बाल विकास पुष्टाहार), विनोद कुमार रावत (वर्क्स सुपरवाइजर, मैकेनिकल डिवीजन), विजाल कुमार कश्यप (वर्क एजेंट, मैकेनिकल डिवीजन), राहुल कुमार कश्यप, पुलकित सिंह, कुलदीप तिवारी, अंकित सोनवानी, रविन्द्र सिंह (सभी सीनियर असिस्टेंट, मैकेनिकल डिवीजन), सौरभ वर्मा (जूनियर असिस्टेंट), संचित कुमार सिंह, सुभाष झा, विकास शर्मा, दीपांकर पटेल, अरुण कुमार सिंह, अभिषेक कुमार गुप्ता (सभी जूनियर इंजीनियर, मैकेनिकल डिवीजन), राघवेन्द्र कुमार यादव (असिस्टेंट इंजीनियर), सैय्यद हसन अकील (हेड असिस्टेंट, पीडब्ल्यूडी), नितीश वर्मा, नरेन्द्र बहादुर सिंह (जेई, पीडब्ल्यूडी), नवल कुमार भार्गव (जेई, कंस्ट्रक्शन डिवीजन), विनय कुमार वर्मा (जेई, ब्रिज डिजाइन), अल्पना (सीनियर असिस्टेंट, ब्रिज डिजाइन डिवीजन), नीरज कुमार गुप्ता (जूनियर असिस्टेंट), सुमन यादव (जेई, प्लानिंग यूनिट-3), अपर्णा गुप्ता, बुशरा प्रवीन, विमलेश शुक्ला (बाल विकास पुष्टाहार), अमितेश अमर (जूनियर इंजीनियर), आशीष कुशवाहा (जूनियर असिस्टेंट), अमित कुमार वर्मा (हेड असिस्टेंट), सुरजीत कुमार (सीनियर असिस्टेंट, सिंचाई विभाग), बृजेश कुमार शुक्ला एवं प्रीति देवी।
यमुनानगर में पत्नी की हत्या के चर्चित मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुखदा प्रीतम की अदालत ने रुल्लाखेड़ी निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में चार महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा जांच और सुनवाई के दौरान जेल में बिताया गया समय सजा में समायोजित किया जाएगा। फैसला सुनाए जाने के बाद उसे जिला जेल यमुनानगर भेज दिया गया। रिश्तों में तनाव बना हत्या की वजह यह मामला अगस्त 2023 का है, थाना सदर जगाधरी में अंबाला के गांव खतौली निवासी प्रवीण ने पुलिस को बताया था कि उसकी बहन नरेश देवी की शादी 2004 में राजेश कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दांपत्य जीवन में तनाव बना रहा और आरोपी अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। जांच में सामने आया कि दोनों अंसल टाउन में अलग-अलग किराये के कमरों में रह रहे थे। राजेश सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था और वह पत्नी से अलग होना चाहता था, लेकिन नरेश देवी तलाक के लिए तैयार नहीं थी। चाकू के साथ बेरहमी से की हत्या 7 अगस्त 2023 को दोनों के बीच तलाक को लेकर कहासुनी हुई थी। अगले दिन आरोपी दोबारा पत्नी के पास पहुंचा और गुस्से में आकर चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गर्दन पर किए गए कई वारों के चलते महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया। बाद में जांच पूरी कर मामला अदालत में पेश किया गया। जिला न्यायविद धर्मचंद के अनुसार, अदालत में पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयानों ने आरोपी के खिलाफ केस को मजबूत किया। इन्हीं आधारों पर अदालत ने उसे दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सफलता पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर मिली। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान संतोष कुमार झा उर्फ प्रकाश झा (पिता लक्ष्मण झा) और अनूप आनंद (पिता संतोष कुमार झा उर्फ प्रकाश झा) के रूप में हुई है। दोनों मधुबनी जिले के भेजा थाना अंतर्गत रहुआ संग्राम गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम बताया कि साइबर थाना अध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि संतोष कुमार झा उर्फ प्रकाश झा, अनूप आनंद और आलोक कुमार (जो अभी फरार है) विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ रहुआ संग्राम गांव पहुंचे। वहां से संतोष कुमार झा और अनूप आनंद को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि वे साइबर अपराध के लिए विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करते थे। अभियुक्तों को विधिवत गिरफ्तार कर थाना लाया गया इसके बाद दोनों अभियुक्तों को विधिवत गिरफ्तार कर थाना लाया गया। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 19/26, धारा 303(2)/318(4)/319(2)/112(2)/3(5) BNS और 66(सी), 66(डी) IT Act 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों की संलिप्तता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से संगठित वित्तीय साइबर ठगी में पाई गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में “विश्व रचनात्मक एवं नवाचार दिवस” के अवसर पर वनस्पति विज्ञान विभाग, प्लांट कंजर्वेशन सोसायटी और इनोवेशन काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में अतिथि व्याख्यान एवं अंतर विश्वविद्यालय स्तर की पोस्टर व वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। कन्वीनर डॉ. अमिता शर्मा ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक ने छात्राओं को जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में नवीन ऊर्जा स्रोतों पर शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया, साथ ही औषधीय पौधों पर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि डॉ. अलका मित्तल ने रसोई में उपलब्ध मसालों के औषधीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही जानकारी के साथ इन्हें अपनाकर स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है। मुख्य वक्ता डॉ. ए.एम. बेन्द्रे ने “भोजन का औषधीय रूप” विषय पर व्याख्यान देते हुए काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, जीरा, हींग, अदरक और लहसुन जैसे मसालों के गुणों को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में नवीन ऊर्जा स्रोत” थीम पर पोस्टर और वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें शोभित यूनिवर्सिटी, एन ए एस कॉलेज, आईआईएमटी कॉलेज, सरदार वल्लभभाई यूनिवर्सिटी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और मां शाकंभरी यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में डीएन कॉलेज की अंशु यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर शोभित यूनिवर्सिटी की सृष्टि प्रियांशु एवं अंश तथा सरदार वल्लभभाई यूनिवर्सिटी की पलक अहलावत रहीं। तृतीय स्थान पर आरजीपीजी कॉलेज की अर्पिता-सिमरन और सदफ-इकरा की टीम रही। सांत्वना पुरस्कार भी कई प्रतिभागियों को दिए गए। वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता में आरजीपीजी कॉलेज की उर्वशी और सुंदुस की टीम विजेता रही। सभी विजेताओं को ट्रॉफी व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए गए। कार्यक्रम में प्रो. सोनिका चौधरी, डॉ. ईश्वर सिंह और डॉ. प्रियंका बालियान ने निर्णायक की भूमिका निभाई। आयोजन में डॉ. मधु मलिक, डॉ. गरिमा मलिक सहित विभाग की शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा।
औरंगाबाद में मंगलवार को सड़क हादसे में बाइक सवार एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के अंबा नवीनगर रोड स्थित राहत क्लिनिक के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान कुटुंबा थाना क्षेत्र के हेमजा गांव निवासी बालमुकुंद शर्मा उर्फ मुकुंद शर्मा के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, बालमुकुंद शर्मा अपने घर से बाइक पर सवार होकर अपनी बहन के घर जा रहे थे, जहां उन्हें एक रिश्तेदार के शादी समारोह में शामिल होना था। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर बताया जाता है कि जैसे ही वह अंबा नवीनगर रोड पर राहत क्लिनिक के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा (डंपर) ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, उनकी हालत गंभीर बनी रही, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा परिजन उन्हें तुरंत सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार का माहौल हो गया और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध नजर आया। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के बघरा गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पानी भरे गड्ढे में मिला है। युवक सोमवार शाम से लापता था। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान बघरा गांव निवासी योगेंद्र सदा के पुत्र जवाहर कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, जवाहर कुमार सोमवार शाम से अचानक लापता हो गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने रात भर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह गांव के बहियार क्षेत्र में स्थित एक पानी से भरे गड्ढे में ग्रामीणों ने एक शव तैरता हुआ देखा। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर परिजन भी वहां पहुंचे और शव की पहचान जवाहर कुमार के रूप में की। खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला थाग्रामीणों की मदद से शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना तत्काल बेलदौर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक के पिता योगेंद्र सदा ने बताया कि उनका बेटा सोमवार शाम से लापता था और रात भर की खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला था। मामला डूबने का प्रतीत हो रहामंगलवार सुबह जब ग्रामीणों ने पानी में शव देखा और सूचना दी, तब जाकर उन्हें पता चला कि वह उनका ही बेटा है। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर युवक वहां कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला डूबने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे बघरा गांव में शोक की लहर है और लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
शेखपुरा में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) समरेंद्र कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 5270 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। बीते दिन 495 लोगों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई थी। इस बीच, पेट्रोलियम कंपनियों से जिले को 3229 नए गैस सिलेंडर प्राप्त हुए हैं। DSO ने स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है। 67 वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए 170 एलपीजी सिलेंडर दिए गए शादी-विवाह के आयोजनों के लिए भी आकलन के अनुसार रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 67 वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए 170 एलपीजी सिलेंडर दिए गए हैं। शादी के लिए गैस सिलेंडर प्राप्त करने हेतु लोगों को अपने शादी कार्ड के साथ अनुमंडल कार्यालय में आवेदन देना होता है। किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की DSO समरेंद्र कुमार ने लोगों से रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। जिला प्रशासन पेट्रोलियम कंपनियों के साथ लगातार आंकड़े साझा कर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। जिले के सभी सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, स्कूलों और जीविका की रसोई में भी गैस की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। गैस एजेंसियां होम डिलीवरी के माध्यम से आपूर्ति कर रही हैं। DSO ने लोगों से गैस सिलेंडर के बजाय पाइप गैस (PNG) कनेक्शन लेने की भी अपील की, जो नगर क्षेत्र में उपलब्ध है।
मोहाली के सेक्टर 125 स्थित सन्नी एन्क्लेव के रीगल होम्स में एक रिहायशी फ्लैट में भीषण आग लग गई। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे एयर कंडीशनर (एसी) से निकली चिंगारी के कारण लगी इस आग में एक पालतू कुत्ते की मौत हो गई और लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह घटना रीगल होम्स के फ्लैट नंबर 2579-सी में हुई। फ्लैट मालिक बंत राज शर्मा ने बताया कि आग लगने के समय वह अपनी पत्नी के साथ घर में मौजूद थे। एसी से चिंगारी निकलने के बाद आग तेजी से फैली, जिसके बाद दंपति ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कीमती सामान जला हालांकि, इस हादसे में उनका ढाई साल का पालतू गोल्डन डॉग आग की चपेट में आने से मर गया। आगजनी में घर का लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया, जिसमें एलसीडी, फ्रिज, करीब ढाई लाख रुपए नकद और लगभग 15 तोले सोना शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम में ड्राइवर सरबजीत सिंह और फायरमैन जगदीप सिंह व नवतेज सिंह शामिल थे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इसे आसपास के फ्लैट्स तक फैलने से रोका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस और अग्निशमन विभाग इस घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नजीराबाद इलाके में मंगलवार को पति-पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ। सड़क पर हुई इस झड़प का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच बहस और मारपीट देखी जा सकती है। पीड़िता अमरीन खान नागपुर से करीब 700 किलोमीटर का सफर तय कर अपने पति आदिल खान को ढूंढते हुए सतना पहुंची। महिला ने पति और सास-ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि उसका पति पिछले चार महीनों से उसे छोड़कर सतना में एक अन्य महिला के साथ रह रहा है। साथ ही परिवार वाले उस पर जबरन तलाक देने का दबाव बना रहे हैं, ताकि दूसरी शादी कराई जा सके। मुलाकात होते ही विवाद बढ़ा, मारपीट में बदलामंगलवार दोपहर जब अमरीन अपने पति के ठिकाने पर पहुंची, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस दौरान महिला को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से डिप्टी कमांडेंट एग्जाम में शामिल कैंडिडेट्स को डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए बुलाया, लेकिन 75 कैंडिडेट्स ही आए। ऐसे में कैंडिडेट्स को अब एक और मौका दिया गया है। सभी 180 कैंडिडेट्स को 24 अप्रैल को बुलाया गया है। डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर निकली भर्ती में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। सेना के कैप्टन स्तर के रिटायर्ड, त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी या इमरजेंसी और शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त-विमुक्त कैंडिडेट्स ही इस भर्ती के लिए योग्य थे। इस भर्ती में बड़ी संख्या में बिना योग्यता के कैंडिडेट्स ने फाॅर्म भर दिए थे। बाद में योग्यता नहीं होने पर भी एग्जाम में शामिल हुए। ऐसे में जो योग्य नहीं हैं, उनकी छंटनी पहले करने के लिए आयोग ने डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन का निर्णय लिया। इस परीक्षा में 255 कैंडिडेट शामिल हुए थे। इन्हें 15 से 20 अप्रैल के बीच बुलाया गया था, लेकिन 75 कैंडिडेट्स ही आए। अभ्यर्थियों को ये लाने थे डॉक्यूमेंट्स RPSC के सचिव (IAS) रामनिवास मेहता के अनुसार- लिखित परीक्षा में उपस्थित सभी कैंडिडेट्स को आयोग की वेबसाइट www.rpsc.rajasthan.gov.in से काउंसलिंग पत्र और आवेदन पत्र डाउनलोड करना था। आवेदन पत्र (दो प्रतियों) में सभी प्रविष्टियां पूरी कर 50 रुपए फॉर्म ऑनलाइन शुल्क भुगतान की रसीद, संबंधित शैक्षणिक दस्तावेज के साथ, कैप्टन के पद से रिटायर्ड, सेवात्याग, NOC प्रमाण पत्र, PPO, जाति, मूल-निवास और अन्य दस्तावेज की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और मूल दस्तावेज सहित आयोग कार्यालय में उपस्थिति देनी थी। मार्च 2025 में निकाली थी वैकेंसी RPSC ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किए, लेकिन विड्रॉ करने के बाद 4 हजार 221 कैंडिडेट्स रह गए। इसकी लिखित परीक्षा 11 जनवरी 2026 को हुई। इसमें 255 कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। वैकेंसी में आवेदन करने के लिए केवल सेना के कैप्टन स्तर के रिटायर्ड, त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी या इमरजेंसी और शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त और विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे। बिना योग्यता कई अभ्यर्थियों ने भरे थे फॉर्म इस भर्ती में बिना योग्यता बहुत से अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिए थे। आवेदन की जांच में कई अभ्यर्थी अयोग्य पाए गए। इन्हें फॉर्म वापस लेने का मौका भी दिया गया। आयोग ने फॉर्म विड्रॉ नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इसके बाद करीब 6 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म विड्रॉ कर लिए थे। … ये 3 खबरें भी पढ़ें… 1…RPSC पहली बार रिजल्ट से पहले जांचेगी अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स:डिप्टी कमांडेंट भर्ती में बिना योग्यता भरे थे फॉर्म, सभी 255 कैंडिडेट्स को बुलाया राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पहली बार भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने और इंटरव्यू से पहले कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन करेगा। डिप्टी कमाडेंट भर्ती-2025 में ऐसा किया जा रहा है। परीक्षा में शामिल सभी 255 कैंडिडेट्स को 15 से 20 अप्रैल के बीच आयोग कार्यालय बुलाया गया था। इसके बाद लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी कर इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें 2…RPSC की डिप्टी कमांडेंट भर्ती पर संकट के बादल:जिस कैटेगरी में वैकेंसी ही नहीं, भरे फॉर्म और दिया एग्जाम; पद खाली रहने के आसार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) की भर्ती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आयोग ने 4 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसमें ओबीसी और एसटी के 1-1 और एससी के दो पद थे। इस भर्ती के लिए आर्मी का एक्स कैप्टन होना जरूरी था। इसके बावजूद बिना योग्यता फॉर्म भर दिए गए। (पूरी खबर पढ़ें) 3…..255 कैंडिडेट्स के एग्जाम के लिए 511 अफसर-कर्मचारी लगाए:RPSC को खर्च करने पड़े 20 लाख से ज्यादा रुपए, चेतावनी के बाद 6 हजार फॉर्म विड्रॉ राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 11 जनवरी को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट पदों के लिए भर्ती परीक्षा कराई थी। यह परीक्षा पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई। परीक्षा में कुल 255 उम्मीदवार शामिल हुए। (पूरी खबर पढे़ं)
मोगा में चलते ट्रक में लगी आग:गेहूं की फसल उतार कर लौट रहा था, शॉर्ट सर्किट से हादसा
मोगा जिले में अजीतवाल पुलिस स्टेशन के पास एक चलते ट्रक में आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगते ही मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। अपनी सुरक्षा के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही अजीतवाल थाना प्रभारी राज सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल आग पर काबू पाने के प्रयास किए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने पाया काबू पुलिस और स्थानीय निवासियों के संयुक्त प्रयासों से पास की पानी की टंकी से पानी लाकर आग पर काबू पाया गया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा नुकसान टल गया। बताया जा रहा है कि ट्रक में गेहूं उतारने के बाद वापस लौट रहा था। घटना की जांच कर रही पुलिस मौके पर मौजूद जांच अधिकारी ने लोगों से अपील की कि ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए हर गांव में पानी की टंकी का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसी घटनाओं के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत यूनिवर्सिटी में मंगलवार को दिनभर हंगामा और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा। प्रस्तावित सीनेट बैठक से पहले ही कर्मचारियों ने यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर धरना देकर जोरदार विरोध जताया, जिसके कारण बैठक को अंततः स्थगित करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई जब एक पेंशनधारी ने आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने किसी तरह स्थिति को संभालते हुए बड़ी घटना टाल दी। कर्मचारियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की ओर से वेतन और पेंशन का भुगतान रोका जा रहा है, जबकि संस्थान के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध है। सीनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे बेनीपुर से जदयू विधायक विनय कुमार चौधरी, पूर्व एमएलसी दिलीप चौधरी सहित कई सदस्य मुख्य गेट पर ही रोक दिए गए। इसके बाद सभी सदस्य कर्मचारियों के साथ धरने में शामिल हो गए। इस दौरान कुलपति लक्ष्मी निवास पांडेय से तीखे सवाल-जवाब भी हुए। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति पर भ्रष्टाचार, जातिवाद के आरोप लगाए प्रदर्शनकारियों ने कुलपति पर भ्रष्टाचार और जातिवाद के गंभीर आरोप लगाए। कई बार हालात उग्र हुए, जिससे सीनेट की कार्यवाही बाधित रही और आखिर में बैठक को टालना पड़ा। गौरतलब है कि बुधवार को बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीनेट बैठक में शामिल होने दरभंगा पहुंचने वाले हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी कैंपस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
पाली में एक ही रात में दो मकानों के ताले टूट गए। दिनों मामलों में पीड़ित परिवार शादी समारोह में गए हुए थे। पीछे से सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरों ने 22 तोला सोने की ज्वेलरी, 30 तोला चांदी, दो लाख कैश और कीमती सामान चुरा लिया। दोनों वारदातें ट्रांसपोर्ट नगर थाना इलाके में नया गांव मारुतिनंदन नगर में सोमवार रात हुई। टीपी नगर थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया ने मौका मुआयना कर जांच शुरू की है। चोरी हुए गहनों की कीमत करीब 31 लाख रुपए बताई जा रही है। पहला केस: बेटियों के लिए रखे थे गहने पाली के निकट गिरादड़ा गांव हाल पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र के मारूति नंदन नगर में रहने किरण सिंह पुत्र पूनमसिंह राजपुरोहित ने बताया- सोमवार को हम परिवार सहित गिरादड़ा गांव में शादी समारोह में गए थे। मंगलवार सुबह पड़ोसी का कॉल आया कि मकान का ताला टूटा हुआ है। हम तुरंत घर पहुंचे। देखा तो मकान के मुख्य गेट, कमरे और अलमारी का लॉक टूटा हुअ था। चोरी करीब 22 तोला सोने के, आधा किलो चांदी के गहने और 2 लाख रुपए कैश चोरी कर ले गए। किरणसिंह ने बताया कि गिरादड़ा गांव में उनक मकान बन रहा है। दो दिन बाद छत भराई करवानी थी। इसलिए कारीगर को देने के लिए रुपए घर पर रखे थे। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां है। जिनकी अगले एक साल में शादी करने का विचार है। बेटियों की शादी में देने के लिए गहने बनवाकर रखे थे जो चोर ले गए। दूसरा केस: सरकारी टीचर के घर का भी चोरों ने तोड़ा ताला नया गांव मारूति नंदन नगर में रहने वाले सरकारी स्कूल के टीचर प्रकाश कुमार सीरवी पुत्र अमराराम सीरवी के मकान का भी सोमवार रात को चोरों ने ताला तोड़ा। प्रकाश कुमार ने बताया कि वे 16 अप्रwल को परिवार सहित शादी समारोह में गए थे। किस्मत अच्छी थी कि परिवार में शादी होने के चलते पत्नी सारे गहने साथ लेकर आई थी। जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि चोर 4 ग्राम सोने, 100 ग्राम चांदी के गहने चोरी कर ले गए। गैंग सक्रिय, सावधान रहें शादियों की सीजन में चोर रैकी कर बंद मकान को देखते हैं और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। इसके साथ ही ऐसी गैंग भी शादियों की सीजन में सक्रिय रहती है जो बसों में यात्रा करने वाले लोगों पर नजर रखती है। विशेषकर शादी समारोह में जाने आने वाले के बैग, सामान पर उनकी नजर रहती है। उन्हें पता होता है कि शादी समारोह में गए हैं तो गहने तो साथ ले जाएंगे। इसलिए बसों में यात्रा करते समय भी अपने लगेज की विशेष सावधानी रखें। शादी समारोह में जाने के दौरान घर में कीमत सामान न रखें।
प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.387 किलोग्राम प्रतिबंधित 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपिओफेनोन केमिकल पाउडर और 5 ग्राम एमडी जब्त की है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में नौंगावा, अरनोद निवासी आबिद खान को गिरफ्तार किया गया है। कुएं पर केमिकल छिपाने और एमडी बनाने का इनपुट मिला था एसपी बी.आदित्य ने बताया-अरनोद पुलिस और डीएसटी टीम ने 21 अप्रैल को कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी आबिद खान अपने खेत के कुएं पर एमडी बनाता है और उसने प्रतिबंधित केमिकल कुएं पर छिपा रखा है। पानी के टैंक से मिला केमिकल पाउडर अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में टीम ने नौंगावा स्थित आबिद खान के कुएं पर दबिश दी। तलाशी के दौरान, कुएं के पास बने पानी के हॉज (टैंक) से एक प्लास्टिक का कट्टा मिला। इसमें 7 किलो 387 ग्राम सफेद रंग का 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपिओफेनोन केमिकल पाउडर था, जिसका उपयोग एमडी बनाने में होता है। 5 ग्राम एमडी बरामद की हॉज के पास आगे की तलाशी में एक प्लास्टिक की थैली में 5 ग्राम एमडी भी बरामद हुई। पुलिस ने प्रतिबंधित केमिकल पाउडर और एमडी को जब्त कर आरोपी आबिद खान को गिरफ्तार कर लिया। अरनोद थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि भारत सरकार ने 11 मार्च 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपिओफेनोन को एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थ की श्रेणी में शामिल किया था। इस अधिसूचना के बाद प्रतापगढ़ जिले में इस प्रतिबंधित केमिकल पाउडर की यह पहली कार्रवाई है।
देवास में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर विद्युत कंपनी सिटी डिविजन के कर्मचारियों ने रैली निकाली। कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण का मुद्दा उठाया और सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें उचित वेतन दिया जाए। साथ ही श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराने की बात कही गई। बिचौलिया प्रथा खत्म करने की मांग कर्मचारियों ने 8 घंटे से अधिक काम पर नियमानुसार अतिरिक्त भुगतान देने और वेतन सीधे विभाग से दिलाने की मांग की, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके। संघ ने बिना ठोस कारण और जांच के कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की प्रथा पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए। जिला अध्यक्ष कुलदीपसिंह राजपूत ने बताया कि कर्मचारियों ने दुर्घटना बीमा की राशि 20 लाख रुपए करने सहित अन्य मांगें भी उठाईं। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कोटपूतली के गोरधनपुरा गांव में 'सरस लाडो मायरा योजना' के तहत एक दुग्ध उत्पादक किसान की बेटी का मायरा भरा गया। यह आयोजन जयपुर संघ द्वारा संचालित योजना का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादक परिवारों को सहयोग प्रदान करना है। ढाणी शिवचंद स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से जुड़ी किसान लीला देवी पत्नी सुमेर सिंह यादव की पुत्री उमा यादव के विवाह पर यह मायरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जयपुर संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश पूनिया द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत दुग्ध उत्पादक परिवार की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान बच्ची के पिता को साफा पहनाकर और माता को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। जयपुर डेयरी की ओर से ₹21,000 का चेक प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, उपस्थित सभी सचिवों ने मिलकर ₹7,500 कन्यादान स्वरूप दिए। इस अवसर पर जयपुर डेयरी संचालक मंडल सदस्य कालूराम दादरवाल (कोटपूतली), जोन प्रभारी संदीप, शिंभू, ब्रिजेश, समिति सचिव कालूराम यादव और भैरु राम सहित कई समिति सदस्य उपस्थित रहे।
बक्सर में स्टडी किट स्कीम शुरू:कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को फ्री बेनेफिट्स
बक्सर जिले के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के तहत जिला नियोजनालय, बक्सर द्वारा स्टडी किट योजना शुरू की गई है। यह योजना पूरी तरह निःशुल्क है और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्रदान करना है। प्रभारी जिला नियोजन पदाधिकारी श्री प्रणव प्रतीक ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थी का जिला नियोजनालय में कम से कम छह माह का निबंधन होना अनिवार्य है। साथ ही, सरकारी नौकरी के लिए किसी रिक्ति के विरुद्ध आवेदन का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा। वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। अभ्यर्थी की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसकी शैक्षणिक योग्यता संबंधित परीक्षा के अनुरूप होनी आवश्यक है। यह योजना विशेष रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए है। योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सामग्री जैसे पुस्तकें, नोट्स, डायरी, मानचित्र और कलम आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। चयन प्रक्रिया में दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला नियोजनालय में जाकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हालांकि, जिन अभ्यर्थियों को पहले से स्टडी किट या टूल किट मिल चुकी है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इच्छुक छात्र-छात्राएं सरकारी आईटीआई, चरित्रवन (बक्सर) स्थित जिला नियोजनालय में जाकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के दो सप्ताह के भीतर पात्र उम्मीदवारों को स्टडी किट उपलब्ध करा दी जाएगी। इस योजना से जिले के सैकड़ों युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी।
बठिंडा: शहर के एक निजी कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष के एक स्टूडेंट को नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़ा गया है। कॉलेज प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना मंगलवार सुबह कॉलेज में नियमित चेकिंग के दौरान सामने आई। कॉलेज प्रशासन द्वारा की गई तलाशी में छात्र के पास से 'सिग्नेचर' ब्रांड के नशीले कैप्सूलों के लगभग 13 पत्ते बरामद हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन की टीम मौके पर पहुंची और छात्र को कैप्सूलों सहित हिरासत में ले लिया। थाना सिविल लाइन के एसएचओ रविंदर सिंह ने घटना की पुष्टि की। ड्रग सप्लाई से जुड़े पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार छात्र की पहचान दीपू पुत्र बबलू, निवासी परिंदा रोड के रूप में हुई है, जो बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि छात्र ये कैप्सूल कहां से लाया था और उसका उद्देश्य क्या था। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और ड्रग सप्लाई से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
सलूंबर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:कुल्फी-आइस लॉली के नमूने लिए, एक्सपायरी एसेंस नष्ट किया
गर्मी के मौसम में आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को सलूंबर शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान दो फर्मों से कुल्फी और आइस लॉली के नमूने लिए गए, साथ ही एक्सपायरी फ्लेवर एसेंस जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया-सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। सीएमएचओ डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी, प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीणा और सहायक शूरवीर सिंह मौजूद रहे।
बांका जिले के धोरैया थाना क्षेत्र में वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने 5.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार भी किया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर चलाया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने मंगलवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धोरैया थाना क्षेत्र की मुख्य सड़कों और हाट-बाजारों में नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में धोरैया-नवादा जगदीशपुर मार्ग पर मन्नीहाट चौक के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोका गया। चार पैकेट में कुल 5 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद तलाशी लेने पर उनके पास से चार पैकेट में कुल 5 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। धोरैया थाना में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोराडीह थाना क्षेत्र के सालपुर निवासी भवेश मंडल, सबौर थाना क्षेत्र के समरौ निवासी कांग्रेस मंडल और धोरैया थाना क्षेत्र के बरकोप डेरु निवासी शंकर पोद्दार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शंकर पोद्दार का आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने मौके से एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इस छापेमारी दल का नेतृत्व थानाध्यक्ष अमित कुमार ने किया। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र के धोबी मोड़ पर मंगलवार शाम दो नाबालिगों पर चापड़ से हमला किया गया। दोनों घायल नाबालिगों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना उस समय हुई, जब दो अलग-अलग बाइकों पर सवार किशोरों के बीच अचानक विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। एक बाइक पर सवार युवकों ने दूसरी बाइक पर जा रहे दो नाबालिगों पर चापड़ से हमला कर दिया। हमले के दौरान घबराकर दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हमलावरों ने जान बचाने के लिए भाग रहे किशोरों का पीछा किया और कुछ दूरी पर घेरकर उन पर कई वार किए। इस हमले में एक किशोर की पीठ पर गंभीर चोट आई है, जबकि दूसरे के कान के पास गहरी चोट लगी है। बीच सड़क पर हुई इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस घायलों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद को घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज में “AI in Healthcare: Code to Cure” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और छात्र निर्मित कोड स्क्रिएट क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सेमिनार में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के भविष्य और करियर संभावनाओं पर सरल और व्यावहारिक चर्चा हुई। मुख्य वक्ता डॉ. अनुज कुमार त्यागी ने कहा कि भविष्य में एआई की मदद से हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हफ्तों या महीनों पहले मिल सकेगा। जिससे समय रहते इलाज संभव होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि छात्रों द्वारा स्वयं क्लब बनाकर ऐसे आयोजन करना विश्वविद्यालय के प्रगतिशील माहौल का संकेत है। वहीं विशेष वक्ता अश्वनी उपाध्याय ने छात्रों को सलाह दी कि वे ऑनलाइन कंटेंट की भीड़ में उलझने के बजाय अपनी रुचि के अनुसार सही टेक्नोलॉजी और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज चुनें। करीब एक घंटे चले प्रश्नोत्तरी सत्र में छात्रों ने करियर, टेक्नोलॉजी और स्किल से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल जवाब देकर समाधान किया। प्रो. नीरज सिंघल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम संयोजक इंजी प्रवीण पंवार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्वाति सिंह, यश चौधरी, प्रिंस गुप्ता और छात्रा रमशा बेग ने किया। इस दौरान संस्थान के कई शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।
लुधियाना के थाना टिब्बा क्षेत्र की शंकर कॉलोनी में देर रात एक घर के बाहर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना सामने आई है। यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दो युवक एक बाइक पर सवार होकर घर के बाहर पहुंचे। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और अपने साथ लाई बोतल से घर के दरवाजे पर पेट्रोल छिड़का। पेट्रोल छिड़कने के बाद युवक ने आग लगा दी और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ ही सेकेंड में दरवाजे के बाहर आग तेजी से फैल गई। पुरानी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम शंकर कालोनी निवासी सुखा ने बताया कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है। उनके अनुसार, कुछ दिन पहले मामूली बात पर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपियों ने बदला लेने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। थाना टिब्बा के एएसआई गुरदियाल सिंह ने बताया कि पुलिस को कंट्रोल रूम से आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं और आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन में अनियंत्रित ट्रैक्टर खदान में गिरा:मुरैल कला में दो युवक तैरकर बाहर निकले, बाल-बाल बची जान
रायसेन थाना कोतवाली के अंतर्गत आने वाले मुरैल कला क्षेत्र में मंगलवार को एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पानी से भरी खदान में जा गिरा। इस हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दो युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, मलखान सिंह और उनके एक साथी ट्रैक्टर लेकर खदान क्षेत्र से गुजर रहे थे। तभी अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरी खदान के पानी में गिर गया। हादसे के तुरंत बाद दोनों युवक ट्रैक्टर से बाहर निकले और तैरकर किनारे तक पहुंचे। दोनों युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। दोनों घायल युवकों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत खतरे से बाहर है। बाद में हाइड्रोलिक क्रेन की सहायता से ट्रैक्टर को खदान के पानी से बाहर निकाला गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण ऐसे हादसों का जोखिम बना रहता है।

