ट्रंप को पीएम मोदी का शुक्रिया- भारत-अमेरिका ट्रेड डील से ‘मेक इन इंडिया’ को नई ताकत
अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत कम हो जाएगा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खुला बड़ा बाजार, अमेरिकी उत्पादों को मिलेगा फायदा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति के तहत भारत का बड़ा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल रहा है
भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत- ट्रंप ने हटाया 25% टैरिफ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क हटा दिया है
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
क्रेमलिन का बयान: रूस और अमेरिका ने परमाणु संधि पर बातचीत शुरू करने की जरूरत पर दिया जोर
रूस और अमेरिका ने नई सामरिक हथियार कटौती संधि (न्यू स्टार्ट) पर जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। यह जानकारी शुक्रवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी
भारत-अमेरिका के बीच बड़ी ट्रेड डील, 25% अतिरिक्त टैरिफ खत्म, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
India US Trade Deal : भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। नई डील से द्विपक्षीय व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ...
आज से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के 40 खिलाड़ी अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते नजर आएंगे। वहीं भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसी एशिया की टॉप क्रिकेट खेलने वाली टीमों से जुड़े कुल 69 खिलाड़ी 11 अन्य देशों का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देंगे। स्टोरी में किस टीम में कितने एशियाई और भारतीय मूल के प्लेयर्स… कनाडा और USA की टीम में सबसे ज्यादा कनाडा और USA की टीमों में एशियाई मूल के खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा मौजूदगी है। नॉर्थ अमेरिका की इन टीमों में कुल मिलाकर 26 एशियाई और 19 भारतीय प्लेयर्स हैं। कनाडा की टीम में कुल 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें से 11 अकेले भारतीय मूल के हैं। खास बात यह है कि टीम की कप्तानी भी दिलप्रीत बाजवा संभाल रहे हैं। वहीं USA की टीम में भी 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के शामिल हैं। इसमें श्रीलंका के शेहान जयसूर्या के अलावा सौरभ नेत्रावलकर और हरमीत सिंह जैसे 9 भारतीय और 3 पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। UAE और ओमान की टीम में भारत-पाकिस्तान का दबदबा UAE और ओमान की टीमों में भारत-पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आता है। UAE की टीम में कुल 12 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें 7 भारतीय और 5 पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं ओमान की टीम में भारत और पाकिस्तान के कुल 14 खिलाड़ी हैं, जिनमें दोनों देशों के 7-7 खिलाड़ी शामिल हैं। ओमान के लिए जतिंद्र सिंह, आशीष ओडेदरा और करन सोनवाले जैसे खिलाड़ी खेल रहे हैं, जो मूल रूप से क्रमशः पंजाब, गुजरात और मुंबई के रहने वाले हैं। न्यूजीलैंड से इंग्लैंड तक भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी न्यूजीलैंड में रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी दोनों भारतीय मूल के हैं। ईश सोढ़ी का जन्म लुधियाना में हुआ था, जबकि रचिन रवींद्र के पिता बेंगलुरु से ताल्लुक रखते हैं। साउथ अफ्रीका टीम के स्टार स्पिनर केशव महाराज भी भारतीय मूल के हैं। उनके परदादा 1874 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरमिटिया मजदूर के रूप में डरबन पहुंचे थे। इंग्लैंड से रेहान अहमद, आदिल राशिद और साकिब महमूद तीनों पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं। रेहान अहमद के पिता 2001 में पाकिस्तान से इंग्लैंड शिफ्ट हुए थे और वहां टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे। नीदरलैंड टीम में आर्यन दत्त (भारतीय मूल) और साकिब जुल्फिकार (पाकिस्तानी मूल) शामिल हैं। इटली और स्कॉटलैंड में भी एशियाई पहचान इटली की टीम में कुल 6 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें जसप्रीत सिंह भारतीय मूल के हैं। इसके अलावा टीम में 3 खिलाड़ी पाकिस्तान और 2 खिलाड़ी श्रीलंका से ताल्लुक रखते हैं। वहीं स्कॉटलैंड की टीम में अफगानिस्तान मूल के जैनुल्लाह एहसान और पाकिस्तान मूल के सफयान शरीफ खेल रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम में भी पाकिस्तान में जन्मे सिकंदर रजा सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर मौजूद हैं, जो लंबे समय से टीम के अहम ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। एशियाई प्लेयर्स 6 प्लेइंग इलेवन बना सकते हैं अगर वर्ल्ड कप खेल रही भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान की मुख्य टीमों को अलग कर दें, तो बाकी देशों की ओर से खेल रहे इन 69 खिलाड़ियों से 6 अलग-अलग प्लेइंग इलेवन तैयार की जा सकती हैं। यानी 20 देशों के इस वर्ल्ड कप में हालात ऐसे हैं कि करीब 10 देशों की प्लेइंग इलेवन सिर्फ एशियाई मूल के खिलाड़ियों से ही बनाई जा सकती है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला: किसानों के लिए ‘मौत की घंटी’
पंजाब कांग्रेस नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजारों में आ जाएंगे
इंदौर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से स्वर्णिम फाउंडेशन इंदौर द्वारा Faces of Tomorrow America तथा ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के सहयोग से निःशुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप के तहत मरीजों की जांच और रजिस्ट्रेशन 8 फरवरी को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक धार रोड स्थित गुरुनानक टिम्बर मार्केट के पास वर्मा यूनियन हॉस्पिटल, इंदौर में किया जाएगा। कैंप में अमेरिका के सुप्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ. ब्रायन रुबिनस्टिन, कटे होंठ एवं तालू विशेषज्ञ डॉ. राहुल छाजलानी सहित अन्य अनुभवी चिकित्सकों द्वारा चयनित मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन 8 से 13 फरवरी तक किए जाएंगे। कैंप में कटे-फटे होंठ एवं तालू, नाक, कान, चेहरे और जबड़े की जन्मजात विकृतियों, क्लेफ्ट के कारण नाक की विकृति तथा तालू के ऑपरेशन के बाद स्पष्ट बोली न होने जैसी समस्याओं का उपचार किया जाएगा। कैंप में जले हुए घावों एवं सफेद दाग (विटिलिगो) से संबंधित उपचार नहीं किए जाएंगे। स्वर्णिम फाउंडेशन की संस्थापक रेखा जैन (वीरेन्द्र कुमार जैन) ने बताया कि यह कैंप पूर्णतः मानव सेवा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के लिए मरीज अपना नाम, पिता का नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर एवं फोटो मोबाइल 9329442524 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए वर्मा यूनियन हॉस्पिटल के मोबाइल नंबर 0731-2380609 पर संपर्क किया जा सकता है।
भदोही। संयुक्त किसान मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा भदोही ने भानुपुर मोढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय बजट-2026 की प्रतियां जलाई गईं और भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की गई। सीपीआईएम के पूर्व जिला सचिव जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट शक्ति और संसाधनों को कुछ हाथों में केंद्रित करने का एक उपकरण मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश की जनता गिरती आय, भयंकर बेरोजगारी और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, तब सरकार ने सार्वजनिक खर्च बढ़ाने या मांग पैदा करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया। मौर्य ने यह भी कहा कि बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्रों की उपेक्षा की गई है। किसानों और श्रमिकों के लिए कोई जगह नहीं दी गई, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब हो जाएंगे। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौते का संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा विरोध करने की बात दोहराई। श्री मौर्य ने बताया कि यह समझौता अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे गेहूं, मक्का और डेयरी उत्पादों को भारत में शुल्क-मुक्त प्रवेश की अनुमति देगा। इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा और उनका उत्पादन बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के दबाव में आकर भारतीय बाजारों को खोल दिया है और अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत आयात शुल्क की अनुमति दी है। मौर्य के अनुसार, यह समझौता दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह समझौता भारत को रियायती रूसी तेल खरीदने से रोकेगा और अमेरिका से अधिक तेल खरीदने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला सचिव ज्ञान प्रकाश प्रजापति ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी, किसान विरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में सीपीआईएम के जिला सचिव भानसिंह मौर्य, भुलाल पाल, प्रमिला देवी, वंशराज गौतम, जयदेवी, लालमनि, सुनील विश्वकर्मा, सुनीता देवी, पूजा देवी, पूनम व शीला सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पप्पू विश्वकर्मा ने की और संचालन फारवर्ड ब्लॉक के जिला महासचिव रामजीत यादव ने किया।
US Presidents: अमेरिका के लगभग सभी राष्ट्रपति दो खास तुरुप के इक्कों की वजह से खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता मानते हैं. खासकर 23 देशों वाले उत्तरी अमेरिका महाद्वीप और 12 देशों वाले दक्षिण अमेरिका पर तो उनकी खास नजर रहती है. ग्लोबल ग्लोब पर एशिया, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्टिका तक अमेरिकी राष्ट्रपति कैसे अपनी नजर रखते हैं, जानिए.
ऑलराउंडर हर्षित राणा टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो सकते हैं। 4 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच के दौरान उन्हें चोट लगी थी। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्री मैच कॉन्फ्रेंस में कहा- हर्षित अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं, लेकिन उनकी स्थिति अच्छी नहीं लग रही। टीम को शाम तक उनकी फिटनेस पर अंतिम जानकारी मिल जाएगी। भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। डिफेंडिंग चैंपियन इंडिया अपना पहला मुकाबला शनिवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में USA के खिलाफ खेलेगी। चोट से उबरने की संभावना कम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में लगी चोट के कारण शायद वे पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने कहा- फिजियो उनकी चोट की जांच कर रहे हैं। उनके उबरने की संभावना कम है। सिर्फ एक ओवर फेंका था 24 साल के दिल्ली के हर्षित राणा ने वॉर्म-अप मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ एक ओवर डाला था, जिसमें 16 रन दिए। इसके बाद वे मैदान से बाहर चले गए। बल्लेबाजी में भी उन्हें सिर्फ एक गेंद खेलने का मौका मिला। सिराज हो सकते हैं रिप्लेसमेंट अगर हर्षित टूर्नामेंट से बाहर होते हैं तो मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया जा सकता है। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और खलील अहमद पर भी चर्चा हो सकती है। 9 मैच में 9 विकेट ले चुके हर्षित अब तक भारत के लिए 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इन मैचों में उन्होंने 57 रन बनाए और 9 विकेट लिए। इस बीच, स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस को लेकर भी संदेह बना हुआ है, भारत की मुश्किलें बढ़ी हैं। साउथ अफ्रीका को 30 रन से हराया वॉर्म-अप मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 30 रन से हराया था। इस मैच में ईशान किशन ने 20 गेंदों में 53 रन की पारी खेली थी। DY पाटिल स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोकर 240 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 7 विकेट गंवाकर 210 रन ही बना सकी।
बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री ए. के. अब्दुल मोमेन ने 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव को “पाखंड” करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर विपक्षी दलों को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. मोमेन ने अमेरिका से अपील की है कि वह इस चुनाव को मान्यता न दे.
अमेरिका में सस्ती दवाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च, ट्रंप बोले- ये है 'वेरी बिग डील'; लोगों का बचेगा पैसा
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सस्ती दवाओं के लिए TrumpRx.gov नाम की नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की है. ट्रंप का दावा है कि इससे प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में ऐतिहासिक कमी आएगी और लोग पैसा बचाकर स्वस्थ रहेंगे. योजना के तहत कूपन के जरिए दवाएं वैश्विक न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध होंगी.
ये खबर सुनकर आपको भी हंसी और हैरानी दोनों होगी. पोलैंड में संसद के निचले सदन (सीज्म) के स्पीकर व्लोडजिमिएर्ज चार्जास्टी(Wodzimierz Czarzasty) ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को खुलकर लताड़ लगाई है. ऐसी बात कही है, जिसके बाद पूरी दुनिया में अपना दबदबा बना रहे ट्रंप की सरकार भड़क गई है. जानें पूरी बात.
अमेरिका में बड़ा रेल हादसा, पटरी से उतरी मालगाड़ी, पानी में गिरे प्रोपेन से भरे डिब्बे
US Train Accident: अमेरिका में एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां के कनेक्टिकट राज्य के मैन्सफील्ड शहर में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इस ट्रेन में दो इंजन और 41 डिब्बे थे.
ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का हाई अलर्ट जारी किया है. इसी दौरान मस्कट में अमेरिका–ईरान परमाणु बातचीत होने वाली है. आधिकारिक तौर पर हमले की घोषणा नहीं हुई, लेकिन जानकार मानते हैं कि बातचीत विफल रही तो सैन्य विकल्पों पर विचार तेज हो सकता है.
अमेरिका में सस्ती दवाओं की नई राह: ट्रंप ने लॉन्च की वेबसाइट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंपआरएक्सडॉटजीओवी नाम की एक नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दर्जनों प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर भारी छूट देने का विश्वास दिलाती है
अमेरिका में बड़ा रेल हादसा: प्रोपेन से भरे डिब्बे पानी में गिरे
अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के मैन्सफील्ड शहर में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। न्यू इंग्लैंड सेंट्रल रेलरोड (एनईसीआर) की इस ट्रेन में दो इंजन और 41 डिब्बे थे, जिनमें से कई पटरी से उतर गए
ओमान की बैठक हुई फेल तो जल उठेगा मिडिल ईस्ट! आर-पार की तैयारी में अमेरिका और ईरान
वार्ता से पहले ही दोनों देशों के रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्य चुनौती बातचीत की विषय-वस्तु को लेकर ही होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि यदि बातचीत सार्थक होनी है तो उसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों जैसे मुद्दों को शामिल करना होगा।
Iran-America Conflict: ईरान और अमेरिका इन दिनों जंग की कगार पर खड़े हैं. भले ही दोनों देश वार्ता के लिए मान चुके हैं, लेकिन जंग को लेकर अभी भी संभावना जताई जा रही है.
अमेरिका की डिफेंस इनोवेशन यूनिट और डीआरडीओ एक साथ कर सकते हैं काम
नई दिल्ली में भारत-अमेरिका संयुक्त तकनीकी समूह की 24वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मकसद रक्षा विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाना था।
इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक अनोखी शादी हुई है। जहां अमेरिकी दुल्हन भारतीय बहू बनकर आई है। पेंड्रा के रहने वाले अंकित साहू सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, वे अमेरिकी में जॉब करते थे जहां उनकी मुलाकात कायला से हुई थी। दोस्ती के बाद दोनों ने छत्तीसगढ़ में शादी की प्लानिंग की। 5 फरवरी यह शादी भारतीय रीति रिवाज से अमरकंटक के नर्मदे आनंदम रिसॉर्ट में हुई। इस दौरान कई मेहमान अमेरिका से पहुंचे थे। शहर में इस शादी की काफी चर्चा है। काम के दौरान हुई थी मुलाकात बता दें कि पेंड्रा निवासी रमेश साहू होटल व्यसायी है, अंकित साहू उनके पुत्र है। वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका के मिलवोकी गए थे। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद उन्होंने वहीं एक कंपनी में नौकरी शुरू की। इसी दौरान उनका परिचय मिस कायला से हुआ, जो अमेरिका की एक कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर पार्ट्स डिजाइन का काम करती हैं। अंकित और कायला ने आपसी सहमति से विवाह का निर्णय लिया। उनका विवाह 5 फरवरी को पूर्णतः भारतीय पारंपरिक तौर-तरीकों से संपन्न हुआ। अमेरिका से पहुंचे थे लड़की वाले विवाह समारोह में वधू पक्ष से लगभग डेढ़ दर्जन लोग अमेरिका से पहुंचे थे, जबकि वर पक्ष से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। यह विवाह समारोह अत्यंत हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। भारतीय मूल के युवक और अमेरिकी युवती के इस विवाह की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है और लोग इसकी सराहना कर रहे हैं। शादी के दौरान विदेशी मेहमानों और नवविवाहित जोड़े के साथ तस्वीरें लेने के लिए लोगों में उत्साह देखा गया।
अमेरिका से ट्रेड डील पर साइन नहीं,पीएम मोदी ने ट्रंप को क्यों दिया धन्वाद: यशवंत सिन्हा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संसद से लेकर सड़क तक सियासी घमासान मचा हुआ है। ट्रेड डील को जहां सरकार अपनी एक उपलब्धि के तौर पेश कर रही हैं, वहीं विपक्ष और किसान संगठन अमेरिका के दबाव में ट्रेड डील के आरोप के साथ इससे भारतीय किसानों के हितों को सीधे ...
जंग के साए में डिप्लोमेसी; Oman में आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान
Middle East में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु मुद्दे पर अहम बातचीत करेंगे। ईरान ने मिसाइल और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा से इनकार किया है, जबकि अमेरिका ने कड़े रुख के संकेत दिए हैं। दुनिया की नजर इस निर्णायक बैठक पर टिकी है।
भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते से राजस्थान में खुलेंगे असीमित अवसर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में 18% कटौती से प्रदेश के वस्त्र, हस्तशिल्प और रत्न-आभूषण उद्योगों को वैश्विक बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील में पीयूष गोयल की बड़ी भूमिका, जयशंकर ने खोले बातचीत के अंदरूनी पहलू
Jaishankar on India US Trade Deal : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत अमेरिका ट्रेड डील के पीछे वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल है। दरअसल, बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर बातचीत के बाद ...
न्यू स्टार्ट समझौता खत्म, रूस‑अमेरिका अब आज़ाद रास्तों पर
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अब रूस और अमेरिका के बीच हुए न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी यानी न्यू स्टार्ट समझौते से जुड़ी कोई बाध्यता दोनों देशों पर नहीं रह गई है
LIVE: जयशंकर ने बताया, भारत अमेरिका ट्रेड डील के पीछे कौन?
Latest News Today Live Updates in Hindi : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत अमेरिका ट्रेड डील के पीछे वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल है। पल पल की जानकारी...
गोपेश को अमेरिका की मानद डॉक्टरेट
उदयपुर | वृक्षम् अमृतम् संस्थान के अध्यक्ष गोपेश शर्मा को पर्यावरण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट दी गई। यह उपाधि अमेरिकन मेरिट काउंसिल, यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका ने जारी की। काउंसिल हेड डॉ. मूसा ओटिना ओबिट और रजिस्ट्रार डॉ शेरोन कैंपबेल फिलिप्स ने प्रमाण पत्र भेजा। बुधवार को उदयपुर में राज्य स्तरीय विशेष मूल्यांकन समिति के चेयरमैन राहुल भटनागर ने उपाधि प्रदान की। शर्मा पिछले 5 वर्षों से वृक्षारोपण, गौ सेवा, रक्तदान, परिंडा वितरण, तुलसी वितरण, नारी शक्ति सम्मान और निशुल्क भोजन कार्यक्रम चला रहे हैं।
मुलाकात से जुड़े भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, डोभाल ने रूबियो से कहा था कि भारत राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक इंतजार करने को तैयार है। लेकिन भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक रूप से निंदा न करें ताकि रिश्तों को पटरी पर लाया जा सके।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत, बढ़ा निवेशकों का भरोसा
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के बाद भारतीय रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हो गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 90.29 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा
अमेरिका की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने क्रिटिकल मिनरल्स ब्लॉक का समर्थन किया
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम कम करने के लिए संरचित अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करता है
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर किसान महासभा का विरोध: मनोज दुबे ने जताया आक्रोश
किसान महासभा के अध्यक्ष मनोज दुबे ने अमेरिका के साथ कृषि व्यापार समझौते को भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
कसरावद विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा गया है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष यादव ने बुधवार दोपहर कसरावद में कहा कि देश के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलना, किसानों के लिए प्रतिकूल साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय किसानों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि वे विदेशी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। यादव ने तर्क दिया कि भारतीय किसान पहले से ही लागत, मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। विदेशी कृषि उत्पादों को बढ़ावा देना किसानों की आय बढ़ाने के सरकार के दावों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि ट्रेड डील में किसानों के हितों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसपी, फसल की उचित कीमत और घरेलू कृषि बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस समझौते में किसानों के हितों की अनदेखी की, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क से संसद तक इसका विरोध करेगी।
India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील चर्चा का विषय बना हुआ है. भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को अनाचक अपने सोशल मीडिया पेज ट्रूथ पर पोस्ट के जरिए ट्रेड डील के लिए हामी भर दी.
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से अमेरिका से संभावित डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे सनातन धर्म की परंपराओं और व्रत-उपवास की शुद्धता से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने SIR को लेकर एक बार फिर चुनावा आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- चुनाव आयोग को अपनी बिल्डिंग पर BJP का झंडा लगा लेना चाहिए। जो SIR चल रहा है, इसमें भाजपा के लोग शामिल है, वो जिसका वोट कटवाना चाहते हैं, वो कटवाते हैं। जिसका जुड़वाना चाहते हैं, जुड़वाते हैं। उन्होंने कहा- अगर हम कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उसको नजरअंदाज कर रहा है। चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उनकी जिम्मेदारी है कि वोट ज्यादा से ज्यादा बनें। चुनाव आयोग के लोगों का जिस तरह का व्यवहार है, उससे ऐसा लगता है कि वो भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका से हुई डील पर भी सपा प्रमुख ने तंज कसा। उन्होंने कहा-यह जो डील हुई है, यह डील नहीं ढील है। हमारा पूरा बाजार उनके हाथ में दे दिया। अखिलेश ने कहा- डॉ. राम राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नांडिस और नेताजी सहित तमाम समाजवादी नेताओं ने हमेशा कहा कि सबसे ज्यादा खतरा हमें किसी से है तो चीन से है। रेजांग ला मेमोरियल भी जहां बना था उसको हटाकर कई किलोमीटर दूर बनाया गया। सपा के सांसद राम गोपाल यादव ने सत्र न चलने पर कहा- मैं 1952 से लेकर 2014 तक कई प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल देख चुका हूं। लेकिन इस तरह से सस्पेंड नहीं किया गया। वहीं, मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- उनके व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है। इस तरह का व्यवहार अगर एक सांसद करें तो बहुत शर्मनाक है। संसद के बजट सत्र में यूपी के सांसदों ने क्या-क्या किया, नीचे पढ़िए...
संसद में बोले पीयूष गोयल, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों और MSME को होगा लाभ
वाणिज्य मंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इस समझौते में भी उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया गया।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: टैरिफ घटने से राजस्थान के उद्योगों को मिलेगा लाभ
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विधायक अनीता भदेल ने अमेरिका द्वारा टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने को भारतीय अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ी जीत बताया।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में भारत ने अभी तक अमेरिकी मानकों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, जबकि अमेरिका का मानना है कि उसके उत्पाद सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं। इस दिशा में एक मान्यता प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके तहत भारत को अपनी घरेलू राजनीतिक और नियामकीय प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका से मुठभेड़ से पहले उसके ड्रोन ने पूरा निगरानी डेटा कंट्रोल सेंटर तक भेज दिया था. हालांकि बाद में ड्रोन से संपर्क टूट गया. वहीं अमेरिका ने ईरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है. अरब सागर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव तेज हो गया है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि इस ट्रेड डील से भारतीय किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने भी ट्रेड डील के विऱोध में फिर आंदोलन शुरु करने का एलान किया है। मोर्चा ...
राहुल गांधी पर भड़के पीयूष गोयल,कहा-अमेरिका से व्यापार समझौते पर देश में फैला रहे भ्रम
मीडिया से बातचीत में पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेता देश के सामने भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें भारत के विकास और आर्थिक प्रगति से कोई लेना-देना नहीं है।”
तनातनी के बीच अमेरिका-ईरान इस दिन करेंगे परमाणु वार्ता, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
इस्तांबुल में होने वाली बैठक में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे। इस वार्ता का मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद को सुलझाना और पश्चिम एशिया में संभावित क्षेत्रीय संघर्ष के खतरे को टालना है।
राहुल गांधी बोले, ट्रेड डील अमेरिका के आगे समर्पण, पीएम ने किसानों की खून-पसीने की कमाई को बेचा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े एक मामले और तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ के खुलासों के कारण प्रधानमंत्री दबाव में हैं। राहुल गांधी ने कहा, “जो मैं जानता हूं और जो प्रधानमंत्री भी जानते हैं, उसी वजह से यह डील साइन हुई है।” हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
तिरुपुर निटवियर को बड़ी राहत, अमेरिका ने घटाया इंपोर्ट टैरिफ
तिरुपुर में निटवियर एक्सपोर्टर्स ने अमेरिका के इंपोर्ट टैरिफ कम करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक्सपोर्ट पर निर्भर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी राहत और दोबारा ग्रोथ की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलेगा : बांसुरी स्वराज
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दावा किया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा
अमेरिका के आगे झुके मोदी, किसानों और जनता पर महंगाई थोपने की ट्रेड डील; देश का स्वाभिमान गिरवी रखा
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए काला दिन है
US government shutdown ends: अमेरिका में चार दिन से चल रहा आंशिक सरकारी शटडाउन खत्म हो गया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खर्च से जुड़े विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. अब सांसदों के सामने दो हफ्ते में डीएचएस के पूरे साल के फंड और इमिग्रेशन नीति पर सहमति बनाने की बड़ी चुनौती है.
'माउंट अकोंकागुआ (Mount Aconcagua) दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में एंडीज पर्वतमाला में स्थित सबसे ऊंची चोटी है। यहां हवा बहुत तेज होती है। 16 किलो वजन का सूट पहनने के बाद भी 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवा मुझे उडाकर ले गयी। मेरी आंखों के सामने अंधेरा छ गया था। मै कुछ नीचे आकर गिरी और चोट भी लगी पर अब सुकून है कि मैंने 6961 मीटर की एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर लिया।' ये कहना है वाराणसी की पर्वातारोही गुंजन अग्रवाल का; जो 49 साल की उम्र में पहाड़ों को छोटा कर उनपर आसानी से ट्रेकिंग कर रही हैं। हमने पूछा- घर में आपको पहाड़ पर चढ़ने से कोई रोकता तो नहीं? आप 49 साल की हैं। गुंजन ने कहा - बस मेरे पति हर बार पूछ लेते हैं कि अब टास्क पूरा हो गया न। आगे कोई और टास्क तो नहीं? मगर फिर मैं प्रैक्टिस में लग जाती हूं, जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह का योगदान रहता है। यह बातचीत उस बेकरी पर हो रही थी, जो गुंजन चलाती हैं। इसके अलावा उनकी फ्लॉवर शॉप भी है। वह कस्टमर डील करने के लिए कुछ देर के लिए बातचीत को रोक देती हैं। फ्री होने के बाद वह हमारे साथ बैठीं। उन्होंने पर्वतारोही बनने की कहानी दैनिक भास्कर से साझा की... सवाल : माउंट एल्ब्रुस के बाद माउंट अकोंकागुआ को क्यों चुना ? जवाब : कोरोना काल के समय मुझे कोविद हुआ तो मैंने अपनी फिटनेस और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए दौड़ना शुरू किया। जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह ने मुझे हमेशा सलाह दी और हर चीजें सिखाई। उन्ही के कहने और सिखाने पर मैंने पर्वतारोही बनने की शुरुआत की। पहले किताबों से जानकारी ली। इसके बाद शुरू किया और जिस एल्ब्रुस पर्वत को हिटलर भी क्रास नहीं कर सका था। उसे क्रास किया। फिर एक साल की मेहनत और लगन के बाद इसी 21 जनवरी को दुनिया के पश्चिमी गोलार्ध के सबसे ऊंचे बिंदु माउंट अकोंकागुआ को फतह कर लिया। सवाल : कब शुरू की अकोंकागुआ पर चढ़ाई और कितना समय लगा? जवाब : हमने जब शुरू किया और कैंप नंबर तीन पर पहुंचे तो वहां से फिर हमें कोई कैंप नहीं मिलना था। वहां से सीधे टॉप पर जाना था बिना रुके। ऐसे में 11 जनवरी से शुरू हुआ सफर कैंप नंबर तीन पर आकर रुक गया। यहां हमने कुछ घंटे बिताए और 8 घंटे में लगातार बिना रुके 21 जनवरी को 6961 मीटर को फतह कर उसपर भारत का झंडा लहरा दिया। यह फतह बाबा विश्वनाथ को समर्पित है। सवाल : अकोंकागुआ को फतह करने में क्या दिक्कतें आईं ? जवाब : पर्वतारोहण करने में हमेशा से दिक्कतें आती हैं। दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतमाला में मृत ज्वालामुखी पर्वत है अकोंकागुआ; यह अपनी तेज हवाओं और खड़ी चढ़ाई के लिए मशहूर है। अकोंकागुआ को चढ़ते समय एक वक्त ऐसा भी आया की मुझे हवा उड़ाकर ले गयी। मै गिरी और मेरे पैरों में चोट लगी पर मेरे ट्रैकर ने मुझे उठाया। हमने थोड़ी देर आराम किया और उसके बाद फिर चढ़ाई शुरू कर दी। पुरुषों के ट्रेकिंग टूर में मै अकेली महिला थी। बाथरूम की भी दिक्कत थी पर फिर जो हुआ वो सबको पता है। सवाल : क्या अब एवरेस्ट फतह करने के लिए एलिजिबल हो गई हैं ? जवाब : दुनिया में यदि आप 7000 मीटर की ऊंचाई को फतह कर लेते हैं। तो आप माउंट एवरेस्ट पर ट्रेकिंग करने के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। दक्षिण अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ; जो की 6,961 मीटर है। इसे फतह करने के बाद आप दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को ट्रेक करने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। मै भी हो गयी हूं लेकिन अभी माउंट एवरेस्ट का इरादा नहीं है। क्योंकि खर्च बहुत ज्यादा है। साथ ही साथ अब परिवार और अपने पुराने इवेंट मैराथन पर ध्यान देना है। सवाल : आप बिजनेस करती आ रही हैं, पर्वतारोही कैसे बन गईं? जवाब : कोरोना काल में मुझे कोविड हुआ। उसके बाद डॉक्टर की सलाह पर मैं वर्क आउट और योगा करना शुरू किया। इसके लिए BLW के मैदान पर जाती थी। इस दौरान वहां के फुटबाल के असिस्टेंट कोच और फिटनेस कोच हीरा सिंह सर से मुलाकात हुई। उन्होंने मेरा वर्कआउट देखा तो मुझे पर्वतारोहण की तरफ जाने की सलाह दी। सवाल : कौन-कौन से पहाड़ पर आप गईं हैं? जवाब : सबसे पहले कश्मीर में सोनमर्ग, फिर लद्दाख में कांग्यांसेन-2 पर 6250 मीटर तक चढ़ाई की। इसके बाद मैंने माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ने की तैयारी शुरू की। 24 अगस्त 2024 को रूस पहुंची थी। यहां माउंट एल्ब्रुस के पास पहुंचकर वहां के सर्द वातावरण में रही। हमने 30 अगस्त 2024 की रात 12 बजे चढ़ाई शुरू की। सुबह 6.30 बजे माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचे। वहां भारत का तिरंगा लहरा दिया। इसके बाद 11 जनवरी को हम दक्षिणी अमेरिका के अर्जेंटीना पहुंचे और 21 जनवरी की सुबह में माउंट अकोंकागुआ फतह कर लिया। हम 10 मिनट रुके और फिर नीचे की तरफ उतर गए। सवाल : आगे क्या लक्ष्य है ? क्या एवरेस्ट फतह करेंगी ? जवाब : अभी कुछ दिन ब्रेक करना है। अकोंकागुआ को फतह करने के बाद अब हम माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए एलिजिबल हो गए हैं। पर अभी हमें कुछ दिन रुकना है। एज फैक्टर भी है। आप जितनी ऊपर जाओगे सांस लेने में उतनी दिक्कत होती है। ऐसे में अभी मुझे मैराथन की तरफ फोकस करना है। अब मैराथन के इवेंट्स में हिस्सा लूंगी अपने कोच हीरा सिंह के निर्देश में। गुंजन के फिटनेस कोच से भी हमने बात की... हीरा सिंह बोले - 49 की उम्र में वह बहुत एक्टिव हैंBLW में असिस्टेंट फुटबाल और फिटनेस कोच हीरा सिंह ने कहा- गुंजन को जब मैंने पहली बार देखा तब उनके अंदर गजब का जुनून था। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप पर्वतारोही बनेगी, तब उन्होंने कई दिनों तक मुझसे इसकी बारीकियों को समझा। फिर हां कर दी। वह रोजाना सुबह 5 बजे ग्राउंड पर पहुंच जाती हैं। अपनी प्रैक्टिस जरूर करती हैं। उसके बाद उन्हें घर के काम और शाप भी देखनी होती है। 49 की एज में वो काफी एक्टिव और जोश से भरी हुई हैं। हीरा बताते हैं - वो रोजाना अपना ट्रैकिंग किट लेकर प्रैक्टिस करती हैं। क्योंकि यह 16 किलो वजन का होता। इसमें अकेले शूज ही साढ़े 4 किलो के होते हैं।
अमेरिका ने अरब सागर में गिराया ईरान का ड्रोन, क्या हो गई जंग की शुरुआत?
ईरान को घेरने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी फौज का बहुत बड़ा स्टेक मिडिल ईस्ट में तैनात कर रखा है. बीते पिछले एक हफ्ते से लाल सागर से लेकर अरब सागर तक अजीब सी खामोशी छाई थी.
कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को भारतीय कालीन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण और समय पर कदम बताया है। इस समझौते से वैश्विक बाजार में लंबे समय से चुनौतियों का सामना कर रहे इस क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय हाथ से बने कालीन उद्योग उन क्षेत्रों में से एक था जो उच्च टैरिफ प्रणाली से सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। भारत के हाथ से बने कालीनों के निर्यात का लगभग 60 प्रतिशत अमेरिका को जाता है, जिससे यह इस सेक्टर के लिए सबसे बड़ा एकल बाजार बन गया है। यूरोपियन यूनियन के साथ, अमेरिका भारतीय हाथ से बने कालीनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण गंतव्यों में से एक है। सीईपीसी के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोंबर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भारत-ईयू और भारत-यूके एफटीए ने उद्योग को पहले ही कुछ राहत दी थी, लेकिन भारत-अमेरिका एफटीए ने अभूतपूर्व खुशी लाई है। 18 प्रतिशत करने का उल्लेख उन्होंने विशेष रूप से टैरिफ को पहले के 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का उल्लेख किया। इस सुधार से भारतीय हाथ से बने कालीनों को उनके सबसे महत्वपूर्ण निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता वापस मिल गई है और निर्यातकों तथा खरीदारों का भरोसा फिर से जगा है। सीईपीसी के वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने बताया कि उद्योग मौजूदा वित्तीय वर्ष को सकारात्मक रूप से समाप्त कर रहा है और नए वित्तीय वर्ष में महत्वपूर्ण नीतिगत लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि इन व्यापार समझौतों से भारत के 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के हाथ से बने कालीन उद्योग पर मजबूत सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इससे देशभर में इस शिल्प से जुड़े लगभग 2.5 मिलियन कारीगरों को सीधा फायदा होगा। सीईपीसी की कार्यकारी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी ने जानकारी दी कि काउंसिल निर्यातकों और हितधारकों को इंडिया-यूके और इंडिया-ईयू एफटीए के अवसरों, अनुपालन आवश्यकताओं और प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं से परिचित कराने के लिए संरचित आउटरीच और जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी। कारीगरों की आय में वृद्धि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन समझौतों का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। सीईपीसी ने निर्यात वृद्धि, कारीगरों की आय में वृद्धि और हाथ से बने कालीन सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व को बनाए रखने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यूरोप के साथ FTA का दबाव या फिर ट्रेड की मजबूरी... भारत के साथ अमेरिकी डील पर क्या बोले विशेषज्ञ
Free Trade Agreement: यूरोपीय संघ के साथ भारत के एफटीए के बाद अमेरिका पर भारत के साथ व्यापार समझौता तेज करने का दबाव बढ़ा. विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच शीर्ष स्तर की बातचीत से यह डील संभव हुई. इससे भारतीय निर्यातकों को एशियाई देशों पर बढ़त मिलेगी और रणनीतिक सहयोग का रास्ता खुलेगा.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से झूमा शेयर बाजार, 4,205.27 अंकों के साथ सेंसेक्स 85,871.73 अंक पहुंचा
मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की खबर से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 3,656.74 अंक उछलकर 85,323.20 अंक पर खुला और देखते ही देखते 4,205.27 अंक चढ़कर 85,871.73 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 2,227.60 अंक (2.73 प्रतिशत) ऊपर 83,894.06 अंक पर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी 1,219.65 अंक की तेजी के साथ 26,308.05 अंक पर खुला। यह 1,252.80 अंक तक चढ़कर 26,341.20 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 677.70 अंक यानी 2.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,766.10 अंक पर था। बाजार में सभी सेक्टरों के सूचकांकों में बड़ी तेजी देखी गयी। सेंसेक्स में आईटीसी को छोड़कर सभी कंपनियों के शेयर फिलहाल हरे निशान में हैं। सूचकांक की तेजी में सबसे अधिक योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा का रहा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से रुपये में 121 पैसे की तेजी हुई
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा से मंगलवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपये में 121 पैसे की जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
‘तबाही’ की धमकियों के बीच कूटनीतिक चाल, बातचीत की मेज पर आए ईरान-अमेरिका; क्या 6 फरवरी बदलेगी खेल?
Iran US Talks in Turkey: ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों में नर्मी आ सकती है. कहा जा रहा है कि जल्द ही दोनों देश तुर्की में एक अहम मीटिंग करने जा रहे हैं.
अमेरिका ने अप्रैल में भारत पर 25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाया था। यह कदम अमेरिकी नीति ‘जैसे को तैसा’ के तहत उठाया गया था। इसके बाद अगस्त में रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ की घोषणा की गई। इस तरह कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया था।
India-US Deal पर अमेरिकी अखबारों ने क्या कहा? कुछ दे रहे वॉर्निंग तो कुछ ने बताया अनसुलझा
India Us Trade Deal: भारत अमेरिका डील को लेकर वैसे तो अमेरिकी मीडिया ने बड़ा कदम बताया, हालांकि साथ में इस डील पर कई तरह के सवाल भी खड़े किए हैं. कुछ मीडिया संस्थानों ने अभी इसे अनसुलझा बताया है.
US launches project vault: अमेरिका ने पहली बार क्रिटिकल मिनरल्स का नागरिक भंडार प्रोजेक्ट वॉल्ट लॉन्च किया है ताकि उद्योग को आपूर्ति संकट से बचाया जा सके. ये योजना आर्थिक सुरक्षा और अमेरिकी उद्योग की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने का काम करेगी.
कांग्रेस ने सोमवार देर रात अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- ऐसा लग रहा है कि PM मोदी ने अंततः हार मान ली है। जयराम रमेश ने दो पोस्ट किए। पहले में उन्होंने लिखा- भारत को अपनी ही सरकार की कार्रवाइयों की जानकारी ट्रम्प या उनके नियुक्त प्रतिनिधियों से मिलती है। अब यह जैसे एक रूटीन बनता जा रहा है। कांग्रेस महासचिव ने दूसरे पोस्ट में लिखा- वॉशिंगटन में साफ तौर मोगैम्बो खुश है। दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25% रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैरिफ को 7% घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा। जयराम रमेश के दोनों पोस्ट पढ़िए… ट्रम्प बोले- भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के साथ फोन पर बातचीत और भारत के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने सहमति जताई कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेंगे और अमेरिका से कहीं ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे। PM मोदी ने भी ट्रम्प को शुक्रिया कहा ट्रम्प के पोस्ट के बाद PM मोदी ने भी X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए मैं भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद करता हूं। --------------------------------- भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया: ट्रम्प बोले- ट्रेड डील पर भी सहमति बनी, मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करेंगे अमेरिका और चीन के बीच फंसा भारत: अब कम ताकतवर देशों से बढ़ा रहा दोस्ती, ट्रम्प के टैरिफ से बदली भारत की विदेश और व्यापार नीति
डीग के गिरसै गांव निवासी कुलदीप सिंह गिरसै का भारतीय अमेरिकन फुटबॉल टीम में चयन हुआ है। वह 12 से 15 फरवरी तक थाईलैंड के पट्टाया में आयोजित होने वाले फ्लैग फुटबॉल विश्व खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में विश्वभर से 40 से अधिक टीमें भाग लेंगी। भारतीय टीम 'ग्रिडिरॉन इंडिया' नाम से प्रतिस्पर्धा करेगी। 15 सदस्यीय भारतीय टीम में भरतपुर-डीग क्षेत्र से कुलदीप सिंह एकमात्र खिलाड़ी हैं। कुलदीप सिंह ने इससे पहले भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर अपने क्षेत्र और गांव का नाम रोशन किया है। उन्हें जून 2025 में होने वाले विश्व खेलों के लिए भी भारतीय टीम में चुना गया है।अपनी इस सफलता का श्रेय कुलदीप सिंह अपने पिता और दोनों भाइयों के सहयोग को देते हैं। डीग के हाई स्कूल में कुलदीप सिंह के चयन पर केएस क्रिकेट एकेडमी डीग और महाराजा सूरजमल यूथ ब्रिगेड के सदस्यों द्वारा उनका सम्मान किया। इस अवसर पर केएस क्रिकेट एकेडमी के कोच सुरजीत सिंह, कमल फौजदार, मोनू शर्मा, पंकज पीटीआई, चंद्रवीर, बिट्टू, लोकेश और बॉबी सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने उन्हें थाईलैंड में होने वाले टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं दीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
पंजाब के लुधियाना में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने खुफिया सूचना के आधार पर एक कूरियर ऑफिस पर छापा मारकर नशे की बड़ी खेप पकड़ी है। जांच के दौरान अमेरिका और कनाडा भेजे जा रहे 7 पार्सलों से 12.118 किलोग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60.59 लाख रुपये आंकी गई है। बर्तन और एडल्ट डायपर पैड में छिपाया था नशाDRI लुधियाना जोनल यूनिट के अधिकारियों ने पार्सलों को स्कैन किया तो उनमें संदिग्ध सामग्री पाई गई। खोलने पर सामने आया कि अफीम को बर्तनों और एडल्ट डायपर पैड के अंदर छिपाया गया था, ताकि घरेलू सामान की आड़ में तस्करी की जा सके। 30 पैकेट किए बरामद कुल 30 पैकेट बरामद किए गए हैं। इन्हें 31 जनवरी 2026 को NDPS एक्ट, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। DRI टीम के हाथ कुछ सुराग भी लगे आरोपियों का पिछला रिकार्ड खंगाला जा रहा है। वहीं कूरियर आफिस का भी रिकार्ड चैक किया जा रहा है। नशीला पदार्थ कितने समय से पार्सल के जरिए सप्लाई हो रहा था इसे लेकर भी अधिकारी लगातार पूछ पड़ताल में जुट गए है।
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
लुइसियाना से ग्रीनलैंड तक: जानें कैसे 13 राज्यों का अमेरिका बना 50 राज्यों का सुपरपावर
पिछले लगभग दो सौ वर्षों में अमेरिका ने कभी खरीद के जरिए, कभी युद्ध के माध्यम से और कभी राजनीतिक दबाव बनाकर अपने क्षेत्रफल का लगातार विस्तार किया। आज का 50 राज्यों वाला संयुक्त राज्य अमेरिका कभी केवल 13 उपनिवेशों तक सीमित था।
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

