सोशल मीडिया पर दावा: ‘अगले 24 घंटों में अमेरिका कर सकता है ईरान पर हमला’, वैश्विक मंच पर मची हलचल
सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि अमेरिका अगले 24 घंटों में ईरान पर हमला कर सकता है। हालांकि, इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, इस दावे ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जानिए पूरी रिपोर्ट, कानूनी पहलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया।
‘हमारा गुस्सा महंगाई की वजह से है, लेकिन ईरान में जो हो रहा है, वो आम लोगों का गुस्सा नहीं है। ये तो साजिश है। कुछ लोग प्रदर्शनकारियों में घुसते हैं और आग लगाने लगते हैं, फायरिंग करते हैं। रश्त शहर में तो पूरा बाजार जला दिया। हॉस्पिटल पर हमले हुए, एक नर्स को जिंदा जला दिया। गिरफ्तार लोगों के पास हैंड ग्रेनेड मिले हैं। इन सबके पीछे अमेरिका और इजराइल हैं।’ ईरान का हाल बता रहे अहमद अब्बास राजधानी तेहरान में रहते हैं। वे दावा करते हैं कि बढ़ती महंगाई से लोगों में बेचैनी थी। पेट्रोल की कीमत 15 से बढ़कर 25 रुपए हो गई। 10 रुपए की रोटी 15 रुपए में मिलने लगी। इसके विरोध में लोग पहली बार 28 दिसंबर 2025 को तेहरान की सड़कों पर उतरे। अहमद का दावा है कि अमेरिका और इजराइल के दखल से प्रोटेस्ट हिंसक हो गया। देश में बीते 17 दिन में 2500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। भारत के सीनियर जियो पॉलिटिक्स एक्सपर्ट कमर आगा इसके पीछे पाकिस्तान कनेक्शन देखते हैं। अहमद हिंसा के पीछे जिन ‘कुछ लोगों’ को जिम्मेदार बता रहे हैं, आगा के मुताबिक, उनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई है। वे कहते हैं कि ईरान में हिंसा का पैटर्न बिल्कुल बांग्लादेश जैसा है। ईरान में अभी इंटरनेट बंद है। इसलिए कम ही जानकारी बाहर आ रही है। दैनिक भास्कर ने ईरान के लोगों से बात की। उनसे दो सवाल पूछे-1. ईरान के शहरों में अभी क्या चल रहा है, कैसा माहौल है?2. क्या इन प्रदर्शनों से ईरान में सत्ता बदलने वाली है? ईरान के प्रोफेसर बोले- बहुत बुरे हालात थे, लेकिन अब सब ठीकईरान के कुम शहर में रहने वाले जमीर अब्बास जाफरी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। वैसे मुंबई के रहने वाले हैं, लेकिन बीते 15 साल से कुम में रह रहे हैं। ये शहर तेहरान से 150 किमी दूर है। जाफरी बताते हैं, 'ईरान में हालात बिगड़े जरूर थे, लेकिन अब काबू में हैं। प्रदर्शन करने वालों ने 25 मस्जिदों में आग लगा दी। शॉपिंग सेंटर्स और बैंकों पर हमले किए हैं। उनका मकसद सिर्फ हिंसा फैलाना है।’ खबरें आई थीं कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की। इस पर प्रोफेसर जाफरी कहते हैं, ‘ईरान सरकार पर बहुत दबाव है। प्रदर्शनकारियों के पास हथियार हैं। सरकार उनके खिलाफ सख्ती करती है, तो दूसरे देश इसे मानवाधिकारों का हनन बताएंगे। अगर नरमी बरती जाती है, तो कहा जाएगा कि सरकार का कंट्रोल नहीं रहा।’ प्रोफेसर जाफरी प्रोटेस्ट के बारे में चल रही खबरों को प्रोपेगैंडा मानते हैं। वे आरोप लगाते हैं कि विदेशी मीडिया भ्रम फैला रहा है कि सरकार गिरने वाली है। हकीकत इसके उलट है। भारत सरकार की एडवाइजरी- जैसे भी हो, ईरान से तुरंत निकलेंईरान के हालात देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उनसे तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की गई है। एडवाइजरी के मुताबिक, हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए इंतजार करना ठीक नहीं होगा। ईरान से जल्द बाहर निकलने की कोशिश करें। इस पर प्रो. जाफरी बताते हैं कि सभी उलेमा और स्टूडेंट सुरक्षित हैं। इंटरनेट न होने से कोई भी जानकारी शेयर नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं है। ‘छोटे दुकानदारों का प्रदर्शन अमेरिका-इजराइल ने हाईजैक किया’तेहरान में रह रहे भारतीय मूल के अहमद अब्बास बताते हैं कि अब हालात नॉर्मल हो रहे हैं। 13 जनवरी की शाम से इंटरनेट सर्विस भी शुरू हो गई है। प्रदर्शन के बारे में अहमद बताते हैं, ‘डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरानी रियाल की गिरती कीमत ने कारोबारियों और आम लोगों में बेचैनी पैदा की थी। शुरुआत में छोटे शहरों में प्रदर्शन हुए, जल्द ही ये बड़े हो गए।’ अब्बास मानते हैं कि प्रदर्शन हिंसक होने के पीछे साजिश है। वे कहते हैं- कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर आगजनी और फायरिंग करने लगे। पश्चिमी ईरान में तो भीड़ को मिसाइल साइट्स की ओर भेजने की कोशिश की गई। यह गुस्सा नहीं, बल्कि सिस्टम को अस्थिर करने की कोशिश थी। ‘महिलाओं का हिजाब उतारकर विरोध करना वेस्टर्न मीडिया का नैरेटिव’प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के हिजाब उतारकर विरोध जताने के वीडियो सामने आए थे। इस पर अहमद अब्बास कहते हैं, ‘जेंडर और हिजाब जैसे मुद्दों पर पश्चिमी मीडिया ने यह नैरेटिव गढ़ा कि नौजवान ईरान के सिस्टम के खिलाफ हैं। हकीकत में यह प्रोपेगैंडा था। यह कोई क्रांति नहीं, बल्कि ईरान की पॉलिसी बदलने के लिए विदेशी ताकतों का दखल था। ईरान के लोग सरकार के साथ हैं।’ अब्बास दावा करते हैं कि अमेरिका का मकसद ईरान में सरकार बदलना है। इसमें वह नाकाम हो गया। उसकी खुफिया एजेंसियों ने प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया था। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास हैंड ग्रेनेड जैसे घातक हथियार मिले। इनके तार इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका की CIA से जुड़े हैं। कुर्दिस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान जैसे सरहदी इलाकों में एक्टिव अलगाववादी गुटों का भी इस्तेमाल किया गया, जो 1979 की क्रांति से ही ईरान को बांटना चाहते हैं।’ भारत लौटे हाकिम रजा बोले- ईरान में विद्रोह जैसा कुछ नहीं, सभी भारतीय सेफ इंडो-ईरानी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट सैयद हाकिम रजा ईरान में 40 दिन बिताकर जनवरी में लौटे हैं। वे बेंगलुरु में रहते हैं। भारत सरकार की एडवाइजरी के बावजूद रजा मानते हैं कि ईरान में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। वे कहते हैं कि हमें ईरान में डर जैसा कुछ महसूस नहीं हुआ। हम शॉपिंग और जियारतें कर रहे थे। हम ईरान के तीन बड़े शहरों तेहरान, कुम और मशहद गए हैं। वहां बहुत ज्यादा प्रदर्शन नहीं दिखे। ऐसा कुछ भी नहीं था, जिसे तख्तापलट या बड़ा विद्रोह कहा जाए। 50-60 लोग जमा होकर नारेबाजी करते हैं और उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी जाती है। इजराइली, अमेरिकी और कुछ हद तक भारतीय मीडिया में जो दिखाया जा रहा है, वैसा जमीन पर कुछ नहीं है।’ प्रदर्शन में आम लोगों के शामिल होने पर रजा कहते हैं, ‘इसकी बड़ी वजह महंगाई है। एक साल पहले डॉलर का रेट 50-60 तोमान था। एक तोमान में 10 रियाल होते हैं। डॉलर का रेट बढ़कर 1400 तोमान तक पहुंच गया। इससे जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ी हैं। पेट्रोल के रेट 3 तोमान से बढ़कर 5 तोमान (लगभग 25 रुपए) हो गए हैं। रोटी की कीमत 2 तोमान से 3 तोमान यानी 15 रुपए हो गई। भारतीयों के लिए यह बहुत सस्ता है, लेकिन ईरान में कम कमाने वाले लोगों के लिए यह बड़ा बोझ है।’ (प्रदर्शन के दौरान रियाल की कीमत यूरो के मुकाबले जीरो हो गई है। अभी भारत के एक रुपए की कीमत 12 हजार रियाल से ज्यादा है) एक्सपर्ट बोले- ईरान में हिंसा के पीछे पाकिस्तानसीनियर जियो पॉलिटिक्स एक्सपर्ट कमर आगा ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कई वजहें मानते हैं। वे कहते हैं कि हिजाब विवाद, महंगाई, रोजगार की कमी से लोग नाखुश थे, लेकिन प्रदर्शनों में बाहरी ताकतों का भी हाथ है। आगा आगे कहते हैं, ‘ईरान में गरीबी भारत, पाकिस्तान या अफगानिस्तान जैसी नहीं है। वहां बेरोजगारी और ईरानी रियाल की घटती कीमत बड़ी समस्या बन गई है। ईरान की शहरी आबादी अच्छी जिंदगी जीने की आदी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने धीरे-धीरे हालात बिगाड़ दिए।’ ‘इसके अलावा ईरानी मिडिल क्लास और युवाओं को सरकार की सख्ती पसंद नहीं है। धर्म में हिजाब या नमाज के लिए जबरदस्ती का कोई प्रावधान नहीं है। यह पूरी तरह से निजी मसला है। लोग क्या पहनें या क्या खाएं, इसमें सरकार का दखल क्यों हो। ईरान के ऑफिसों में 70% तक महिलाएं काम करती हैं, लेकिन वे अच्छा माहौल और बदलाव चाहती हैं।’ ‘हिंसा में शामिल लोग पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आए’कमर आगा ईरान की हिंसा में पाकिस्तान का भी हाथ मानते हैं। वे कहते हैं, ‘ईरान की इंटरनल सिक्योरिटी में बड़ी सेंध लगी है। विरोध प्रदर्शनों में जिस तरह आगजनी हुई और 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मारे गए, वह बांग्लादेश की याद दिलाता है। ईरान में हिंसा का पैटर्न बांग्लादेश जैसा है। ईरान से पाकिस्तान का बॉर्डर भी मिलता है। इसीलिए सरहद से आतंकी और स्लीपर सेल ट्रेनिंग लेकर ईरान में घुसते हैं। इन्हीं लोगों ने प्रदर्शन को हिंसक बनाया है।’ ‘प्रदर्शनकारियों के बीच इराक में सद्दाम हुसैन के समय से एक्टिव रहे मुजाहिदीन-ए-खल्क जैसे संगठन और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से ट्रेंड होकर आए आतंकी एक्टिव हैं। उनके पास आधुनिक हथियार हैं। यह सिर्फ जनता का गुस्सा नहीं है, इसमें बाहरी ताकतों का भी हाथ है।’ ‘ईरान के लोग सुधार चाहते हैं, लेकिन वे पश्चिमी देशों के पिछलग्गू नहीं बनना चाहते। 12 जनवरी को सरकार के समर्थन में सड़कों पर निकले लोगों ने साबित कर दिया कि वे सरकार से असहमत हों, लेकिन अमेरिका-इजराइल के खिलाफ एकजुट हैं।’ ‘ईरान में सत्ता बदलना आसान नहीं है क्योंकि वहां की राष्ट्रवादी भावनाएं बहुत गहरी हैं। फिलहाल वहां कोई वैकल्पिक लीडरशिप मौजूद नहीं है। यह आंदोलन क्रांति नहीं है, बल्कि एक वर्ग का विद्रोह है। इसे बाहरी ताकतों ने हाईजैक करने की कोशिश की है।’ ईरान पर हमला हुआ, तो भारत के लिए भी खतराआगा चेतावनी देते हैं कि ईरान में अस्थिरता पूरी दुनिया खासकर भारत के लिए भी घातक साबित हो सकती है। अगर ईरान पर हमला होता है या हालात बेकाबू होते हैं, तो ईरान पूरे रीजन को युद्ध में झोंक देगा। ईरान ऑयल सप्लाई का रूट बंद कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया में मंदी आ जाएगी। भारत के लिए यह स्थिति डरावनी है क्योंकि खाड़ी देशों में 90 लाख भारतीय रहते हैं। वे देश में 4.06 लाख करोड़ रुपए भेजते हैं। हमारा उनके साथ 200 बिलियन डॉलर या करीब 18 लाख करोड़ रुपए का कारोबार है। ईरान के अस्थिर होने का मतलब है कि भारत के आर्थिक हितों पर सीधी चोट पहुंचेगी। ………………………………..स्टोरी में सहयोग: रऊफ डार, जम्मू-कश्मीर
टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर वीजा विवाद का मुद्दा तूल पकड़ता नजर आ रहा था. पाकिस्तानी मूल के प्लेयर अली खान यूएसए के लिए खेलते हैं जिन्होंने भारत का वीजा न मिलने का दावा ठोककर खलबली मचा दी थी. लेकिन अब इसके पीछे का सच सामने आ चुका है. संयुक्त राज्य अमेरिका के एक क्रिकेट अधिकारी ने उन दावों का खंडन कर प्लेयर्स की पोल खोल दी है.
ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है। फॉक्स न्यूज के अनुसार काउंसलर अधिकारियों को मौजूदा कानून के तहत वीजा देने से मना करने का निर्देश दिया गया है जबकि डिपार्टमेंट स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं का फिर से मूल्यांकन किया जा रहा है।
U19 विश्वकप के पहले मैच में भारत को अमेरिकी टीम में भिड़ना होगा सिर्फ भारतीय नामें से
INDvsUSA कई युवा सितारों से सजी भारतीय टीम अंडर 19 विश्व कप में छठा खिताब जीतने के लिए अमेरिका की अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करके गुरुवार को यहां अपने अभियान की शानदार शुरुआत करना चाहेगी।अब तक खेले गए 16 अंडर-19 विश्व कप में भारत पांच बार का विजेता रहा है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1988 में की गई थी और ऑस्ट्रेलिया ने पहला चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। उत्कर्ष श्रीवास्तव की अगुवाई वाली अमेरिका की टीम मजबूत भारतीय टीम के लिए किसी तरह का गंभीर खतरा पैदा करेगी इसकी संभावना बहुत कम लगती है।अमेरिका की पूरी टीम प्रवासी भारतीय नामों से पटी पड़ी है। कोई एक नाम भी ऐसा नहीं दिखता जो अमेरिकी मूल का हो। भारतीय टीम कागजों पर संतुलित और मजबूत दिखती है। पिछले 16 मैचों में 13 में जीत हासिल करके टीम ने साबित कर दिया है कि वह जीतना जानती है। इस बीच उसने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला जीती। इसका मतलब है की टीम विदेश की परिस्थितियों में भी जीत हासिल करना जानती है। भारतीय चुनौती का नेतृत्व प्रतिभाशाली वैभव सूर्यवंशी, कप्तान आयुष म्हात्रे, उप कप्तान विहान मल्होत्रा और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज आरोन जॉर्ज करेंगे। जॉर्ज अंडर-19 एशिया कप में 228 रन बनाकर भारत के शीर्ष स्कोरर रहे थे, जहां उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान ने फाइनल मुकाबले में उन्हें चौंका दिया था। हालांकि हाल के दिनों में म्हात्रे की फॉर्म थोड़ी चिंता का विषय रही है, लेकिन टीम में अभिज्ञान कुंडू भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल में बेहद अच्छा प्रदर्शन किया है।महज 14 साल की उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सूर्यवंशी पहले से ही दुनिया के सबसे चर्चित युवा क्रिकेटरों में से एक हैं। उन्होंने पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग के 2025 के सत्र में 35 गेंदों में शतक लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं। प्रतिभाशाली सूर्यवंशी का स्टार बनना तय लग रहा है, लेकिन इस भारतीय टीम में अन्य खिलाड़ी भी हैं जिन्हें भविष्य के सितारों के रूप में देखा जाता है और जो कोहली, रोहित और गिल जैसे खिलाड़ियों की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।टूर्नामेंट से पहले चोटिल होने के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला से बाहर रहने वाले म्हात्रे और मल्होत्रा ने टीम में वापसी की है जिससे भारत की बल्लेबाजी को मजबूती मिली है। जहां तक तेज गेंदबाजी का सवाल है तो तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन टीम के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं। उनका अनोखा एक्शन उनकी सफलता में अहम भूमिका निभा सकता है।आरएस अंबरीश भी अच्छी गति से गेंदबाजी करते हैं और बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। किशन सिंह और हेनिल पटेल टीम के अन्य दो तेज गेंदबाज हैं।भारत को इस टूर्नामेंट से पहले अभ्यास मैच में इंग्लैंड से 20 रन से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन वह इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देना चाहेगा। भारत को न्यूजीलैंड, अमेरिका और बांग्लादेश के साथ ग्रुप बी में रखा गया है। अमेरिका के खिलाफ मैच के बाद भारत 17 जनवरी को बांग्लादेश और 24 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेलेगा। जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से 16 टीमों के इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं, जिसमें तंजानिया और जापान जैसी टीमें भी शामिल हैं। तंजानिया पहली बार किसी वैश्विक टूर्नामेंट में खेलेगा जबकि जापान अपना दूसरा अंडर-19 विश्व कप खेलेगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी दीपेश, मोहम्मद एनान, आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान ए पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी। अमेरिका: उत्कर्ष श्रीवास्तव (कप्तान), अदनीत झांब, शिव शनि, नितीश सुदिनी, अद्वैत कृष्णा, साहिर भाटिया, अर्जुन महेश, अमरिंदर गिल, सबरीश प्रसाद, अदित कप्पा, साहिल गर्ग, अमोघ रेड्डी अरेपल्ली, ऋत्विक अप्पीदी, रेयान ताज, ऋषभ शिम्पी।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन के दावे से 7 साल पुरानी तस्वीर वायरल
बूम ने पाया कि यह तस्वीर मार्च 2018 की है जब वाशिंगटन डीसी में 'March For Our Lives' नाम का एक विरोध प्रदर्शन हुआ था.
ट्रंप की धमकी के बावजूद क्यों ईरान पर हमला नहीं कर सकता अमेरिका? इस वजह ने बनाया लाचार
Trump Attack On Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की चेतावनी दी है, हालांकि अमेरिका के लिए ऐसा करना मुश्किल साबित हो सकता है. इसके कई कारण हैं.
ईरान ने दी अमेरिकी बेस पर हमले की धमकी, MEA ने कहा- भारतीय तुरंत छोड़ें देश
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कदम पर विचार कर रहे हैं, लेकिन ऐसे किसी भी कदम के वॉशिंगटन के लिए उलटे परिणाम भी हो सकते हैं। ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले की धमकी दी है।
क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड? अमेरिका ने घोषित किया आतंकवादी संगठन; UAE खुश, तुर्की के लिए बड़ा झटका
US Declares Muslim Brotherhood Terrorist: अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित किया, ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने मंगलवार को मुस्लिम ब्रदरहुड की लेबनानी, जॉर्डन और मिस्र की शाखाओं के खिलाफ कदम उठाने की घोषणा की है.
बीते छह कारोबारी दिनों से शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी थी, लेकिन अमेरिका से ट्रेड डील पर आई खबर ने बाजार को फिर से हरे रंग से रंग दिया है. भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में सपाट खुला.
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अटकी बात को लेकर हर दिन नए अपडेट आ रहे हैं. एक और 50 फीसदी टैरिफ का बंधन है तो वहीं दूसरी ट्रेड डील को कभी हां कभी ना वाली स्थिति बनती दिख रही है.
ट्रंप के ईरानी प्रदर्शनकारियों को उकसाने से रूस नाराज, अमेरिका को दी चेतावनी
US Iran Tension : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी प्रदर्शनकारियों को कब्जे के लिए उकसाने से रूस भड़क उठा। उसने रूस को चेतावनी दी। ऐसा माना जा रहा है कि वेनेजुएला के बाद ट्रंप ईरान पर हमला कर सकते हैं। रूस की इस प्रतिक्रिया से ...
दुश्मन को घर में घुसकर मारेगा भारत, पिनाक सिस्टम पर अमेरिका में छपी रिपोर्ट; जानें कितना घातक
रिपोर्ट के मुताबिक, पिनाक एक स्थिर प्रणाली नहीं है। भविष्य में इसकी रेंज बढ़ाने की योजना है और 200 से 300 किलोमीटर तक की क्षमता वाले संस्करणों पर भी चर्चा चल रही है। इससे चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली चुनौतियों के बीच भारत की सैन्य तैयारियां और मजबूत होंगी।
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर भड़का ईरान, अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा
Iran US Tension: हिंसा की हर कोने में फैलती चिंगारी के कारण ईरान मुश्किल के दौर से गुजर रहा है. इसी बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष अबुकर दाहिर उस्मान को एक पत्र लिखा है. जिसमें अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए गए.
ट्रंप का दावा- वेनेज़ुएला से तेल आयात ने घटाए अमेरिका में ईंधन के दाम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीति पर बात करते हुए वेनेज़ुएला का ज़िक्र किया
US Iran Tension : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रदर्शनकारियों को उकसाने वाले बयान पर ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान के लोगों का ...
ईरान में मौतों को लेकर अमेरिका सख्त, ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘हम सही आंकड़ा निकालेंगे’
Trump warning Iran: ईरान में पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान लोगों की मौत और कथित फांसी की खबरें सामने आई हैं. इसी बीच अमेरिका की ओर से कड़ा बयान सामने आया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अब ठीक तरह से पेश आना होगा और वहां के लोगों के साथ इंसानियत दिखानी होगी.
अमेरिका के इंडियाना के ग्रीनवुड में रिहायशी इलाके में जन्मदिन पार्टी के दौरान 2 पक्षों में हुई फायरिंग की घटना में करनाल के वीरेंद्र सांभी की मौत हुई, जबकि दूसरा युवक कुलदीप पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है। अमेरिकन मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी समय के अनुसार 10 जनवरी की रात को करीब साढ़े 11 बजे फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद के बाद हथियार निकाले गए और गोलियां चलीं। घर में चल रही थी बड़ी पार्टी, विवाद के बाद चली गोलियांपुलिस के अनुसार, 10 जनवरी की रात को बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में एक घर में बड़ी जन्मदिन पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर 2 युवकों के बीच बहस हो गई। बहस बढ़ते ही दोनों ने गन निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 4 लोग गोली लगने से घायल मिले। इनमें से एक 37 वर्षीय व्यक्ति को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। ग्रीनवुड निवासी वीरेंद्र सिंह की अस्पताल में मौतघायलों में ग्रीनवुड के रहने वाले 38 वर्षीय वीरेंद्र सिंह को मेथोडिस्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीसरे घायल युवक को एसकेनाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस को सेंट फ्रांसिस अस्पताल से भी सूचना मिली कि वहां एक युवक गोली लगने के बाद पहुंचा है। पुलिस ने अस्पताल में 23 वर्षीय युवक से बात की, जिसने बताया कि उसे भी बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में गोली लगी थी और उसका दोस्त उसे अस्पताल लेकर आया। पड़ोसियों ने कहा, इलाका हमेशा शांत रहता हैघटना स्थल से कुछ घर दूर रहने वाले स्थानीय निवासी जिम बुशर ने मीडिया को बताया कि यह इलाका आमतौर पर बहुत शांत रहता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी वहां रहने वाले लोगों को देखा है और उनके पास एक कुत्ता भी है, लेकिन कभी शोर-शराबा नहीं हुआ। एक अन्य पड़ोसी सरबगिद सिंह ने भी बताया कि उनके इलाके में आमतौर पर ऐसी घटनाएं नहीं होतीं और माहौल हमेशा शांत रहता है। रिटायर्ड थानेदार का बेटा था वीरेंद्र सांभी, परिवार का इकलौता बेटाइस गैंगवार में मारे गए युवक की पहचान करनाल (हरियाणा) के रहने वाले वीरेंद्र सांभी के रूप में भी सामने आई है। वह रिटायर्ड थानेदार मुलतान सिंह का बेटा था और परिवार का इकलौता बेटा बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह करीब 5 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था। 2 साल पहले उसकी पत्नी और बेटा भी डंकी रूट से अमेरिका पहुंच गए थे। घटना वाली रात वह ग्रीनवुड में आयोजित जन्मदिन पार्टी में बुलाया गया था, जहां फायरिंग हुई। पंजाब निवासी कुलदीप की भी गई जान, एक अन्य घायलसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जिसकी पहचान पंजाब के रहने वाले कुलदीप के रूप में हुई है। फायरिंग में कुलदीप को भी गोली लगी और उसकी भी मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ाव की बात आई सामनेजानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सांभी का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। इसी गैंग से जुड़ाव को लेकर इस हमले को गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। हमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी दी गई और आगे और हमलों की धमकी भी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहींघटना के बाद अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान साझा नहीं किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था नेटवर्क, बाद में अलग होकर बनाया गिरोहरोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े जा चुके सदस्यपिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के 2 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, संजय पर दस और नरेश पर 4 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।
दावोस 2026: वैश्विक अर्थव्यवस्था का महाकुंभ या 'अमेरिका फर्स्ट' बनाम शेष विश्व का अखाड़ा?
हिंदी: दावोस में शुरू होने जा रहे विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की बैठक पर 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का साया मंडरा रहा है। ट्रंप के व्यापारिक प्रतिबंधों और 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा के बीच वैश्विक नेताओं में 'नियम-आधारित व्यवस्था' को लेकर बहस तेज हो गई है। क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था एक नए संकट की ओर बढ़ रही है? दावोस सम्मेलन के मुख्य एजेंडे और चुनौतियों पर आधारित विशेष रिपोर्ट।
अमेरिका या ईरानचुनना होगा एक- ईरान से व्यापार पर लगेगा 25% अतिरिक्त टैक्स
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को 25% अतिरिक्त टैरिफ की सख्त चेतावनी दी है। इस फैसले से वैश्विक व्यापारिक समीकरण बदल सकते हैं। जानें कैसे ट्रंप का यह 'आर्थिक अल्टीमेटम' भारत सहित दुनिया भर के बाजारों को प्रभावित करेगा और इसके पीछे के कूटनीतिक कारण क्या हैं।
हिंदी: अमेरिकी विश्वविद्यालयों में सुरक्षा की स्थिति पर आई नवीनतम रिपोर्ट ने हेट क्राइम और चोरी की बढ़ती घटनाओं का पर्दाफाश किया है। इस लेख में जानें कि कैसे कैंपस अपराध के बदलते पैटर्न छात्रों की सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं और प्रशासन इन खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते इन गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों पर एक विशेष विश्लेषण।
ऑस्ट्रेलिया के NSW का एक किशोर अमेरिका के स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर फर्जी आपातकालीन कॉल कर दहशत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार। ‘स्वैटिंग’ नामक इस साइबर अपराध ने स्कूल सुरक्षा, डिजिटल खतरे और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी तानाशाही को चुनौती: वेनेज़ुएला मुद्दे पर इंदौर में गूंजा प्रतिरोध
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के विरोध में इंदौर में वामपंथी व लोकतांत्रिक संगठनों का प्रदर्शन, ट्रम्प की दादागिरी के ख़िलाफ़ भारत से मुखर भूमिका की माँग।
Henley Passport Index: पाकिस्तान की रैंकिंग की बात करें तो Henley Passport Index के अनुसार, यह बांग्लादेश से भी पीछे है. बांग्लादेश की रैंकिंग 95 है. वहीं, पाकिस्तान की रैंकिंग 98वीं है. रैंकिंग में पाकिस्तान के नीचे केवल तीन देशों के नाम हैं, ये देश हैं - इराक, सीरिया और अफगानिस्तान.
भारतीय या अमेरिकी फाउंडर्स में कौन है सबसे ज्यादा खड़ूस? इंटरनेट पर इस शख्स के खुलासे से मची हलचल
Difference Between Indian And American Founders: शुभ अग्रवाल नाम के एक इंटरनेट यूजर ने सोशल मीडिया पर भारतीय और अमेरिकी फाउंडर्स की अलग-अलग मेंटरशिप स्टाइल को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
रेवाड़ी के गांव नेहरूगढ़ निवासी पर्वतारोही नरेंद्र यादव एक बार फिर एक रिकार्ड अपने नाम दर्ज करने का तैयार है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर वह दूसरी बार दक्षिणी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी माउंट एकांकागुआ (6,962 मीटर) को फतेह करेंगे। इससे पहले 12 साल में नरेंद्र यादव 23 रिकार्ड अपने नाम दर्ज कर चुके हैं। अन्तर्राष्ट्रीय दल का करेंगे नेतृत्व सेवन समिट्स विजेता नरेंद्र यादव इस अभियान के दौरान पर्वतारोही के अन्तर्राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करेंगे। 14 जनवरी 2026 को भारत से अर्जेंटीना के लिए प्रस्थान करेंगे। यह अभियान विश्व के विभिन्न देशों के अनुभवी पर्वतारोहियों की सहभागिता से संपन्न होगा। 26 जनवरी 2026 को एकांकागुआ शिखर पर तिरंगा फहराने का उनका संकल्प भारत की राष्ट्रीय भावना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करेगा। विश्व की सर्वोच्च चोटियां कर चुके फतेहनरेंद्र यादव सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों पर सफल आरोहण करने वाले भारत के पहले युवा पर्वतारोही हैं। उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर दो सफल चढाई की हैं, जिनमें एक चढ़ाई उन्होंने बिना किसी पूर्व अनुकूलन के मात्र छह दिनों में पूरी कर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय को चौंका दिया। दिसंबर 2024 में उन्होंने 30 वर्ष और 10 दिन की आयु में सेवन समिट्स पूर्ण कर भारत के सबसे कम उम्र के पुरुष सेवन समिट्स पर्वतारोही बनकर इतिहास रच दिया।रन फॉर राम और अल्ट्रा मैराथन अभियान चलायानरेंद्र यादव आरएसएस स्वयंस्वेक और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने “रन फॉर राम” नामक एक अनूठा अल्ट्रा मैराथन अभियान शुरू कर राष्ट्र के प्रति अपना समर्पण दिखाया। इसमें अब तक रामेश्वरम, सोमनाथ और बूढ़ा अमरनाथ से अयोध्या तक कुल 6,211 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुके हैं। अभियान में प्रतिदिन औसतन 51 किलोमीटर दौड़ते हैं। जिसे अंतिम चरण की दौड़ परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) से अयोध्या तक वर्ष 2026 में प्रस्तावित है। एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूर्ण करना लक्ष्य नरेंद्र यादव का लक्ष्य एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूर्ण करना है। जिसमें सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। वह सातों महाद्वीपों के प्रमुख ज्वालामुखी पर्वतों पर आरोहण कर भारत का परचम वैश्विक मंच पर और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। गणतंत्र दिवस 2026 पर उनका यह अभियान निश्चय ही भारत के गौरव को विश्व की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
कोर्ट के निर्देश की अनदेखी पड़ी भारी! निर्वासित भारतीय को वापस बुलाने पर अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला
Indian deportation case USA: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने अपने तरह का एक अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे एक भारतीय नागरिक को फिर से अमेरिका वापस लाने की व्यवस्था करें, जिसे अदालत के साफ आदेश के बावजूद भारत भेज दिया गया था. जज ने फैसला सुनाया कि डिपोर्टेशन गैर-कानूनी था और न्यायिक अधिकार का उल्लंघन था.
Trade Deal Delay Reason: भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में उठा पटक वाली स्थिति बनी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को दोस्त बोलकर उसपर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया. भारत पल रूसी तेलों की खरीद पर प्रतिबंध लगे. वहीं भारत के साथ ट्रेड डील को बीच में ही रोक दिया गया.
ये खबर सुनकर सच में दिमाग हिल जाएगा. अमेरिका की एक बड़ी यूनिवर्सिटी में बस एक प्लेट पालक पनीर गर्म करने से इतना बड़ा ड्रामा हो गया कि दो भारतीय छात्रों को 2 लाख डॉलर (करीब 1.8 करोड़ रुपये) का सेटलमेंट मिल गया. मामला सुनकर लगता है, क्या ये रेसिज्म है या सिर्फ खुशबू का झगड़ा? लेकिन हकीकत में ये छोटी सी घटना ने सिस्टमिक भेदभाव की पूरी पोल खोल दी है. जानें पूरी बात.
अमेरिकी अदालत ने ड्रग्स तस्करी के दोषी संदीप सिंह की याचिका को खारिज किया
अमेरिका की एक अदालत ने ड्रग्स तस्करी के दोषी संदीप सिंह की देश से निकाले जाने के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया है
छोटे मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत: अमेरिकी सांसद
अमेरिकी कांग्रेसमैन्स ने माना है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर कुछ समय से मतभेद बने हुए हैं
US lawmakers call China main adversary:अमेरिकी कांग्रेस के सांसदों अमी बेरा और रिच मैकॉर्मिक ने CSIS फोरम में चीन को अमेरिका का मुख्य रणनीतिक दुश्मन करार दिया है. उन्होंने भारत को लोकतंत्र का मजबूत काउंटरवेट बताया है. इसके साथ ही पीएम मोदी की लीडरशिप की जमकर तारीफ करते हुए गांधी के बाद आधुनिक युग में सबसे बड़ा नेता बताया है.
Trump Tariff: दुनिया के बॉस बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से सत्ता संभाली है, ग्लोबल इकोनॉमी हिली हुई है. दुनियाभर में अस्थिरता का माहौल है. युद्ध और वैश्विक अस्थिरता चरम पर है. टैरिफ बम फोड़कर अपने शासनकाल की शुरुआत करने वाले ट्रंप ने अब ईरान पर प्रतिबंध लगाया है.
सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में औपचारिक रूप से अमेरिका के नए राजदूत का कार्यभार संभाल लिया है। यह कूटनीतिक बदलाव भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे रणनीतिक सहयोग, व्यापारिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं।
श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी से होगा, जिसमें ख्यातिप्राप्त गायकों सहित देश-विदेश के विद्वान अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर भारत और विदेशों से आए अनेक विद्वान शिव तत्त्व, शिवोपासना, ज्योतिर्लिंग परंपरा और श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े विविध विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वीर भारत न्यास और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में 14 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले श्री महाकाल महोत्सव के अंतर्गत शिव तत्त्व और श्री महाकाल के इतिहास, साहित्य एवं संस्कृति पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15 जनवरी, गुरुवार को किया जाएगा। यह संगोष्ठी त्रिवेणी कला व पुरातत्व संग्रहालय, जयसिंहपुरा, महाकाल लोक में प्रातः 11 बजे से सायं 4:30 बजे तक आयोजित होगी। संगोष्ठी में शिवोपासना, पुराख्यान, पुरातत्व, इतिहास, शैव दर्शन, साहित्य, वास्तु, मुद्राशास्त्र, शिल्प एवं चित्रकला जैसे विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। 10 से ज्यादा देशों के विद्वान आएंगे इस संगोष्ठी में 10 से अधिक देशों और भारत के 12 से अधिक राज्यों के विद्वान अपने-अपने विषयों पर प्रकाश डालेंगे। इनमें मॉरीशस, नीदरलैंड, फिजी, अमेरिका (यूएसए), यूनाइटेड किंगडम (यूके), आयरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल जैसे देश शामिल हैं। वहीं, भारत के उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के विशेषज्ञ विद्वान संगोष्ठी में सहभागिता करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का अल्टीमेटम जारी कर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है। जानिए इस फैसले के कानूनी, आर्थिक और कूटनीतिक पहलू।
अमेरिका के इंडियाना राज्य में गैंगवार की घटना सामने आई है। इस वारदात में एक हरियाणा के करनाल के गांव सांभी निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि एक अन्य युवक घायल बताया जा रहा है। मामला दो आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। मृतक की पहचान हरियाणा निवासी के रूप में हुईगैंगवार में मारे गए युवक की पहचान वीरेंद्र सांभी के रूप में हुई है, जो हरियाणा के करनाल का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार वह वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारीहमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी भी दी गई और आगे और हमलों की धमकी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से अब तक कोई बयान नहींघटना के बाद से अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था, बाद में अलग होकर बनाया गैंगरोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। उगाही, टारगेट किलिंग और हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्कसूत्रों के अनुसार रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े गए थे गैंग के सदस्यपिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार संजय पर दस और नरेश पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।
अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर काफी समय से चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में दोनों देशों के बीच डील पर बात बन सकती है. हालांकि, इससे पहले भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ा बयान दिया है.
भारत और अमेरिका की ट्रेड डील पर अमेरिकी राजदूत ने दी बड़ी खबर, 13 जनवरी को अहम मीटिंग
भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं और अगली बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है. यह बयान नई दिल्ली में हाल ही में नियुक्त हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से सोमवार को दिया गया.
उत्तर प्रदेश अब केवल निवेश का ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश डिजिटलाइजेशन, एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ...
14 लाख के बराबर एक! अमेरिका का डॉलर 40 साल बाद कैसे लाया ईरान में भूचाल? अब खामेनेई की खैर नहीं
ईरान की करेंसी रियाल के गिरने से वहां की सरकार के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. खामेनेई की सुप्रीम लीडरशिप में रियाल की हालत दम तोड़ने के कगार पर पहुंच गई है.
ईरान-अमेरिका के बीच छिड़ी 'जुबानी जंग'; क्या भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बड़ा प्रहार?
ईरान में भीषण सरकार विरोधी प्रदर्शन और अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं। क्या चाबहार बंदरगाह और INSTC कॉरिडोर पर पड़ेगा असर? जानें कैसे ईरान का आंतरिक संकट भारतीय व्यापार, 1.68 बिलियन डॉलर के कारोबार और रणनीतिक निवेश को प्रभावित कर सकता है। भारत की मध्य एशिया तक पहुंच पर खतरे की विस्तृत रिपोर्ट।
क्या मिडिल ईस्ट में मचेगा तांडव? ईरान और अमेरिका के बीच दिखे आर-पार की लड़ाई के संकेत
ईरान-अमेरिका तनाव 2026: डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य हस्तक्षेप की धमकी पर अयातुल्ला खामेनेई का कड़ा पलटवार। तेहरान ने कहा- 'हम युद्ध नहीं चाहते लेकिन जवाब देने को तैयार हैं'। ईरान में 84 घंटों से इंटरनेट बंद और प्रदर्शनों के बीच विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने निष्पक्ष वार्ता की रखी शर्त। जानें क्या मिडिल ईस्ट महायुद्ध की ओर बढ़ रहा है।
टीम इंडिया के पूर्व ओपनर शिखर धवन ने सोमवार गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ सगाई की घोषणा की। धवन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। दोनों पिछले कुछ समय से रिलेशनशिप में थे और मई 2025 में अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। पिछले साल धवन और सोफी को दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी मैच के दौरान साथ देखा गया था। इसके अलावा दोनों एक मीडिया कॉन्क्लेव में भी नजर आए थे, जहां धवन ने इशारों में दोबारा प्यार मिलने की बात कही थी। IPL में शिखर के पंजाब किंग्स के लिए खेलने के दौरान भी सोफी टीम को सपोर्ट करती नजर आई थीं। धवन ने इंस्टाग्राम पर लिखा- मुस्कान से लेकर सपनों तक, सब कुछ साझा करते हुए। हमारी सगाई के लिए मिले प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं। हम हमेशा के लिए एक-दूसरे का साथ चुन रहे हैं। कौन हैं सोफी शाइन?सोफी शाइन आयरलैंड की रहने वाली हैं और इस समय UAE में रहती हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह अमेरिका की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नॉर्दर्न ट्रस्ट कॉरपोरेशन में सेकंड वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट कंसल्टेंट) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आयरलैंड के लिमरिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मार्केटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कैसलरॉय कॉलेज से पूरी की। सोफी, धवन के इंस्टाग्राम पर आने वाले कई मजेदार वीडियो में भी नजर आती रहती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों की मुलाकात यूएई में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिखर धवन और सोफी शाइन फरवरी में शादी कर सकते हैं। तलाक के बाद मुश्किल दौर से गुजरे थे धवनफरवरी 2025 में शिखर धवन ने अपने तलाक के बाद के मुश्किल दौर को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह लंबे समय से अपने बेटे जोरावर से नहीं मिल पाए हैं और संपर्क भी टूट गया है। धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। दोनों की शादी 2011 में हुई थी और यह रिश्ता करीब 11 साल चला। आयशा की पहले की शादी से दो बेटियां हैं। तलाक के फैसले के दौरान दिल्ली की अदालत ने कहा था कि धवन को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उन्हें कई सालों तक अपने इकलौते बेटे से दूर रखा गया। हालांकि कोर्ट ने धवन को स्थायी कस्टडी नहीं दी थी, बल्कि मिलने और वीडियो कॉल की सीमित अनुमति दी थी। धवन का कहना है कि बाद में उन्हें बेटे से वर्चुअल बातचीत से भी रोक दिया गया। ----------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें मोहम्मद रिजवान बिग बैश लीग में रिटायर्ड आउट हुए पाकिस्तान वनडे टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान को बिग बैश लीग में रिटायर्ड आउट कर दिया गया। सोमवार को मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 23 गेंद पर 26 रन बनाए थे। तभी टीम के कप्तान विल सदरलैंड ने उन्हें मैदान से वापस बुला लिया और खुद बैटिंग के लिए चल दिए। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिकी सेना की वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के संबंध में सामने आ रही जानकारी बेहद चौंकाने और डराने वाली हैं। न्यूयार्क पोस्ट के मुताबिक निकोलस मादुरो को पकड़ने पहुंची अमेरिका सेना ने एक शक्तिशाली रहस्यमय हथियार का इस्तेमाल किया था, जिससे वेनेजुएला ...
कैथल जिले के गांव शेरगढ़ के रहने वाले 27 वर्षीय टिंकू की अमेरिका में मौत होने के बाद सोमवार को 16 दिन बाद युवक का शव गांव में पहुंचा। शाम को युवक का अंतिम संस्कार किया गया। टिंकू के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में गांव के लोगों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल हुए। बता दें कि 27 वर्षीय टिंकू की 28 दिसंबर को सड़क हादसे में कैलिफोर्निया अमेरिका में मौत हो चुकी है। मृतक टिंकू के चाचा ओमप्रकाश ने बताया कि करीब दो साल पहले ही अमेरिका गया था। ओम प्रकाश ने बताया कि परिवार ने जैसे तैसे करीब 40 लाख रुपए लगाकर इस उम्मीद से उसे अमेरिका भेजा था। उम्मीद थी कि उसकी कमाई से परिवार की स्थिति सुधरेगी, लेकिन उसकी मौत के बाद और ज्यादा आघात पहुंचा है। अब शव को लाने के लिए भी करीब इतनी ही राशि खर्च करनी पड़ी। अमेरिका में चलाता था ट्रक चाचा ओमप्रकाश ने बताया कि टिंकू अमेरिका में ट्रक चलाने का काम करता था। 28 दिसंबर को ट्रक की किसी अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई थी, जिसमें युवक की मौत हो गई थी। युवक डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था। वह घर में अकेला ही कमाने वाला था। युवक अविवाहित था और वे दो भाई हैं। दूसरा भाई गांव में ही रहता है। हादसे को लेकर परिवार में गमगीन माहौल है। माता पिता की पहले मौत हो चुकी है। गांव में पसरा मातम युवक के शव को भारत लाने के लिए लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भी अपील की गई। अमेरिका की एक संस्था से भी सहयोग लिया गया है। युवक के संस्कार के दौरान गांव में मातम का माहौल रहा। गांव के लोगों ने युवक को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
Modern warfare technology: क्या अमेरिका और चीन के पास 'सोनिक' (Sonic weapons) हथियार हैं? ये चर्चा इसलिए क्योंकिएक ऑनलाइन पोस्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल चीन ने पांच साल पहले गलवान घाटी (Galwan clash) में भारत से झड़प के दौरान किया था.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का दावा, ट्रंप और मोदी की दोस्ती सच्ची
Modi Trump News : भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सच्ची दोस्ती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ट्रंप भारत का दौरा जरूर करेंगे।
अमेरिकी टैरिफ का 'डंक', फिर भी देश के सी-फूड एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी : केंद्र
मौजूदा समय में भारत 130 देशों को 350 से अधिक प्रकार के समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात करता है, जिसमें मत्स्य पालन का योगदान निर्यात मूल्य का 62 प्रतिशत है. भारत अब उच्च मूल्य और प्रसंस्कृत समुद्री खाद्य उत्पादों का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है.
बलजोत ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा, 'सत श्री अकाल वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह,आज इंडियाना में विरेंदर सेंभी की जो हत्या हुई है उसकी जिम्मेदारी मैं बलजोत और जस्सा लेते हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भोपाल में आयोजित हिंदू सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हो गया। कैंपियन ग्राउंड के समीप हो रहे इस आयोजन की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से की गई, जिसमें एक विशेष नाटक का मंचन हुआ। नाटक के माध्यम से यह दर्शाया गया कि अमेजन, उबर, पिज्जा हट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते उपयोग से देश विदेशी उत्पादों और सेवाओं पर लगातार निर्भर होता जा रहा है। प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि स्वदेशी विकल्पों की उपेक्षा करने से देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंचन में पाकिस्तान को चीन का करीबी सहयोगी बताया गया, जबकि अमेरिका को भारत के हितों के विरुद्ध खड़ा दर्शाया गया। नाटक के जरिए यह समझाने की कोशिश की गई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ शक्तियां भारत के बढ़ते प्रभाव से असहज हैं और परोक्ष रूप से देश के खिलाफ गतिविधियों में संलग्न हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी के महत्व को रेखांकित करते हुए रोजमर्रा के जीवन में देशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। ‘प्रिया’ नामक नाटक के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को प्रस्तुत करते हुए विदेशी वस्तुओं के बजाय स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया गया। संघ शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित इस हिंदू सम्मेलन में आगे भी विभिन्न सत्र, संबोधन और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें धर्म, संस्कृति, राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
अगर मैं प्रेसिडेंट नहीं होता तो NATO नहीं होता: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा!
Donald Trump on NATO : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति नहीं होते तो NATO का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ...
गार्ड के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने बिना किसी नुकसान के सैकड़ों लड़ाकों को निष्क्रिय कर दिया। उसने कहा कि उसने इस तरह की सैन्य तकनीक न तो पहले कभी देखी थी और न ही इसके बारे में सुना था।
India Vs USA :भारत ने बिना किसी शोर-शराबे के अमेरिका को 4.5 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम झटका दे दिया है. अगर यूं कहें कि भारत ने बिना हंगामा किए टैरिफ का बदला लेना शुरू कर दिया है. भारत की बदली रणनीति डॉलर को कमजोर कर देगी. भारत बिना किसी युद्ध लड़े ट्रंप को परास्त कर देगा तो ये गलत नहीं होगा.
‘एक झटके में छीन सकता हूं अमेरिकियों की नागरिकता...' ट्रंप के विवादित बयान से मचा बवाल
Trump:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर उन्हें किसी अमेरिकी नागरिक की देशभक्ति पर शक होगा या वे देश के लिए खतरा हैं, तो वह उसकी नागरिकता तुरंत रद्द कर सकते हैं. उन्होंने नेचुरलाइज्ड नागरिकों को भी इससे अलग नहीं बताया और कहा कि ऐसा करना उनका अधिकार है.
ग्रीनलैंड में 58 साल पहले क्रैश हुए अमेरिकी B-52 परमाणु बॉम्बर से जुड़ा रहस्य आज भी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लापता परमाणु हथियार के संभावित पर्यावरणीय और वैश्विक सुरक्षा खतरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क कर रखा है, और यह मामला अब भी कई अनसुलझे सवाल छोड़ता है।
ट्रंप का ऐलान – “किसी भी हालत में ग्रीनलैंड होगा अमेरिका का”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने अधिकार में लेगा। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता है तो रूस या चीन इस रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर सकते हैं
145 किमी दूर जिस क्यूबा को ट्रंप ने धमकाया, वहां की तस्वीरों से ही तब सहम गया था अमेरिका
वेनेजुएला के बाद ट्रंप जिस द्वीपीय देश क्यूबा को धमका रहे हैं, वे दोनों पिछले कई दशकों से दोस्त हैं. वजह समाजवादी विचारधारा होने के साथ-साथ तेल भी है. 1960 के दशक से ये दोनों देश एक दूसरे पर निर्भर हैं. अब डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि क्यूबा का पतन होने वाला है.
ट्रंप की 'बहुत मजबूत एक्शन' वाली धमकी सुनते ही ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई ने बातचीत का ऑफर दे दिया है. ये तब हुआ है जब विरोध प्रदर्शनों में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. उधर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से अपील की है कि ईरान को आजाद करवाओ, फिर महान बनाओ'. जिसके बाद अब नेगोशिएशन की उम्मीद जगी है. लेकिन हालात अभी भी आग की तरह भड़क रहे हैं. जानें पूरी खबर.
क्या अमेरिका में डॉक्टर भी अब सुरक्षित नहीं? ‘डिजिटल अरेस्ट’ ने दंपती को घर में ही बना दिया कैदी!
अमेरिका में एक डॉक्टर दंपती को साइबर अपराधियों ने “डिजिटल अरेस्ट” के जरिए मानसिक बंधक बना लिया। फर्जी अधिकारियों की वीडियो कॉल, गिरफ्तारी की धमकी और नकली जांच के नाम पर उन्हें घंटों तक डराया गया। यह घटना डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीर चेतावनी है।
Trump inclined to keep ExxonMobil:वेनेजुएला इन दिनों पूरी दुनिया की सुर्खियों में है. अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सैन्य कार्रवाई के जरिए हटाकरअब इस देश के विशाल तेल भंडारों को अमेरिकी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी में जुटे हैं.लेकिन मामला इतना आसान नहीं है.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपने बेटे निकोलस मादुरो गुएरा के लिए दर्द छलक उठा है। अमेरिकी प्रतिबंधों और जेल की चर्चाओं के बीच मादुरो ने एक भावुक संदेश जारी कर अंतरराष्ट्रीय दबाव के खिलाफ अपने परिवार की अटूट प्रतिबद्धता जाहिर की है। जानिए कैसे सत्ता के संघर्ष में एक पिता की बेबसी और कूटनीतिक लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भाकपा ने जुलूस निकाला
सिटी रिपोर्टर| बेगूसराय भाकपा बेगूसराय अंचल परिषद की ओर से कमली महतो स्मारक भवन रजौड़ा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जुलूस निकाला गया। इसको लेकर विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस रजौड़ा चौक पर पहुंचकर नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई। इसकी अध्यक्षता पूर्व मुखिया चंद्रशेखर भगत ने की है। नुक्कड़ सभा में अंचल प्रभारी अनिल कुमार अंजान ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद का असली चेहरा अब साफ-साफ दिखाई देने लगा है। विश्व शांति के नाम पर नोबेल पुरस्कार पाने की बात करने वाला आज सबसे बड़ा खलनायक साबित हो चुका है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति का पत्नी सहित अपहरण कर अंतरराष्ट्रीय कानून को अंगूठा दिखाने का काम किया गया है। सोवियत संघ में जब कम्युनिस्ट पार्टी का राज था, तो अमेरिका को अपने हद में रहना पड़ता था। उस समय भारत भी गुटनिरपेक्ष मुल्क का नेता था। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य इंद्रदेव कुमार, पंचायत समिति सदस्य सुनील कुमार, पूर्व सरपंच शंभू राय, विवेकानंद राय, रविंद्र पासवान, रामबालक भगत, तरुवर कुमार, सुधांशु आदि थे।
ईरान में महंगाई के खिलाफ उग्र आंदोलन: 100 से अधिक शहरों में हिंसा, 538 मौतें; अमेरिका-यूरोप की नजर
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी इमारतों, बैंकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कड़ी कार्रवाई की, जिसके चलते हालात लगातार बेकाबू होते चले गए।
हड्डियां नहीं, पूरा शरीर मिला...अमेरिका के 'ममी जोन' में जाग उठा 6 करोड़ साल पुराना डायनासोर
Dinosaur Fossil: अमेरिका के व्येमिंग इलाके में डायनासोर की ममी मिली हैं. यह फॉसिल इतने अच्छे से सुरक्षित है कि इनसे पता चलता है कि लाखों साल पहले ये जीव असल में कैसे दिखते थे. इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली रही है कि वे कैसे रहते थे और उनके शरीर की बनावट कैसी थी.
क्या है अमेरिका का मिस्ट्री बम जिससे ट्रंप ने मादुरो को बनाया अपना गुलाम
Nicolas Maduro: वेनेजुएला में राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को किडनैप करने के अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने एक मिस्ट्री वेपन का इस्तेमाल किया था. मादुरो की सुरक्षा में तैनात सैकड़ों सैनिक इस तकनीक के सामने बेबस हो गए जबकि अमेरिकी सैनिकों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
अमेरिकी सेना का बड़ा एक्शन सीरिया में आईएसआईएस ठिकानों पर स्ट्राइक
अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर स्ट्राइक की है। सैनिकों पर दिसंबर में हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई है
ईरान में हालात बिगड़े ट्रंप बोले अमेरिका हर मदद के लिए तैयार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उनमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है
OP Hawkeye: अब सीरिया में कहर बनकर टूटा अमेरिका! 35 से ज्यादा ISIS ठिकाने तबाह
operation hawkeye strike in syria: अमेरिका ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक चलाया है. यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में की गई है और आईएसआईएस को पूरी तरह कमजोर करने के मकसद से आगे भी जारी रहेगी.
उन्नाव के नवाबगंज स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश (CUUP) ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन किया। इस समिट के तहत भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित किया गया। यह आयोजन भारत को वैश्विक एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह समिट भारत सरकार द्वारा 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाली इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 के आधिकारिक प्री-रनअप आयोजनों में से एक था। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के साथ-साथ अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम से एआई विशेषज्ञ, नीति निर्माता और उद्योग जगत के नेता शामिल हुए। समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और उसके नागरिकों के लिए मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की गई। शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप, वेंचर कैपिटलिस्ट, निवेशकों और शिक्षाविदों ने भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश को 'हेल्थ एंड एआई' की राष्ट्रीय थीम सौंपी है। इसी क्रम में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन आयोजित किया, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एआई-आधारित समाधान खोजना था। इस हैकाथॉन में देशभर से 1,500 टीमों के 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हैकाथॉन के दौरान, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से संबंधित 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर एआई-आधारित समाधान विकसित किए जा रहे हैं। ये प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स सरकार और उद्योग जगत द्वारा प्रस्तुत किए गए थे। समिट में अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी, भारत और यूके से 70 से अधिक एआई विशेषज्ञ, हेल्थकेयर विशेषज्ञ, स्टार्ट-अप लीडर्स, सीईओ, फाउंडर्स, अकादमिक विशेषज्ञ, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि और इनोवेटर्स शामिल हुए। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इंडिया एआई और डिजिटल इंडिया की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को मजबूत संस्थागत समर्थन प्रदान किया। समिट के प्रमुख वक्ताओं में निवेदन राठी (फाउंडर, फ्यूचर एंड एआई), प्रसाद मेनन (सीईओ एवं प्रेसिडेंट, सीआईबीए), डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल (सीईओ, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब), जेबीवी रेड्डी (मिशन डायरेक्टर, नेशनल क्वांटम मिशन), हिमांशु जोशी (डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन) और संजीव सिंह (जॉइंट सेक्रेटरी, डीपीआईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल रहे। समिट का प्रमुख आकर्षण शेपिंग इंडिया'ज़ एआई एंड क्वांटम फ्यूचर: फ्रॉम पॉलिसी टू प्लेटफॉर्म्स विषय पर केंद्रित था। इस चर्चा में गवर्नेंस, डिफेंस, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में भारत की एआई और क्वांटम रणनीतियों के क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार किया गया। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश को भारत की एआई और क्वांटम यात्रा में एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन पार्टनर के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय पहल “क्वांटम फॉर भारत” का शुभारंभ किया। इस मिशन का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग में नेक्स्ट-जेन टैलेंट को तैयार करना और युवाओं में रिसर्च व एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है। उन्होंने “एआई फॉर ऑल” मिशन की भी शुरुआत की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एआई लिटरेसी बढ़ाने के विज़न को आगे बढ़ाता है। सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी राज्य को वैश्विक मंच पर अग्रणी बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी। समिट के दौरान “एआई-ऑगमेंटेड हेल्थकेयर”, “रिस्पांसिबल एंड इनक्लूसिव एआई”, “एआई में विमेन लीडरशिप” और “फ्रॉम लैब टू लॉन्च” जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने इसे भारत को एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
फतेहाबाद में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के निर्देश पर आर्थिक अपराध शाखा ने विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में कुरुक्षेत्र जिले के पेहवा तहसील के गांव हेलुआ निवासी गुरमेल सिंह उर्फ गैला को गिरफ्तार किया है। बेटे को अमेरिका भेजने का झांसाआर्थिक अपराध शाखा प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि गांव समैन निवासी सुखविंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी सतीश सिंह, गुरमेल सिंह और मजेन्द्र सिंह ने उनके बेटे अंकुश को अमेरिका भेजने का झांसा दिया था। इस दौरान आरोपियों ने लाखों रुपये की ठगी की और 7 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करवाए। अलग-अलग देशों में भेजकर की प्रताड़नाशिकायत के अनुसार, आरोपियों ने अंकुश को अलग-अलग देशों में भेजकर कई सप्ताह तक प्रताड़ित किया। उन्होंने अंकुश का पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में रखकर उसे धमकाया। 24 अक्टूबर को दर्ज हुआ मामला, अन्य आरोपी फरारप्राथमिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने 24 अक्टूबर को थाना सदर में धारा 316(2)/318(4)/61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाईनिरीक्षक संदीप ने कहा कि पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट या व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कपूरथला के गांव लक्खन कलां में किसान के घर हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस वारदात की जिम्मेदारी अमेरिका में बैठे गांव के ही एक युवक सिमरन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर सिमरन सिंह और उसके भाई सहित 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी सबडिवीजन शीतल सिंह ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांव लक्खन कलां निवासी पूर्व अकाली नेता कश्मीर सिंह के 42 वर्षीय भतीजे दलजीत सिंह ने थाना सदर पुलिस को बयान दिया। उन्होंने बताया कि उनका घर गांव के बाहर है। गुरुवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अचानक गोलियों की आवाज सुनी। दलजीत सिंह जब कमरे से बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी थी, जिसकी हेडलाइट जल रही थी। गाड़ी में सवार युवक लगातार उनके घर पर फायरिंग कर रहे थे। पीड़ित बोला-घर के गेट पर जोर-जोर से धमकी दी पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने उनके घर के गेट पर पहुंचकर जोर-जोर से धमकियां दीं। उन्होंने कहा कि दलजीत सिंह ब्लॉक समिति चुनाव में ज्यादा प्रधानगी करता था और अब बाहर निकले। हमलावर यह भी चिल्ला रहे थे कि पवित्र सिंह को हराकर उनके परिवार ने बड़ी गलती की है, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके बाद हमलावर गाड़ी में सवार होकर गांव की ओर फरार हो गए। दलजीत सिंह ने बताया कि फायरिंग की घटना से एक दिन पहले उनके स्पेन में रह रहे भतीजे मेहर सिंह को गांव के सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा ने व्हॉट्एप कॉल पर धमकी दी थी। सिमरन इस समय अमेरिका में रह रहा है। कॉल में चुनाव जीतने का स्टेटस लगाने और जश्न मनाने को लेकर नाराजगी जताते हुए टाइम फिक्स करने की बात कही गई थी। बाद में सिमरन ने दलजीत सिंह को भी फोन कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसी बीच, सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली। उसने लिखा कि पहले इन लोगों ने उसे गांव से निकाला था, अब उनकी बारी है। इस पोस्ट के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। पुरानी रंजिश में हमला पीड़ित दलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि यह फायरिंग की घटना में पवित्र सिंह, उसके अमेरिका में रह रहे भाई सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा, गुरदीप सिंह, अरविंदर सिंह उर्फ बाऊ, मोंटी, करण, राम आसरा, हनी और दीपू सभी वासी गांव लक्खन कलां, की साजिश है। उसका कहना है कि यह हमला पुरानी चुनावी रंजिश के चलते किया गया, क्योंकि ब्लॉक समिति चुनाव में उसने अपने भतीजे जतिंदरपाल सिंह का समर्थन किया था, जबकि दूसरी ओर से पवित्र सिंह चुनाव लड़ रहा था और हार गया था। थाना सदर की पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है।
राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से मौत के 12 दिन बाद शनिवार को शव गांव पहुंचा। यहां शव देख मां, बहन, दादी बिलख पड़ीं। जो संक्रमण के डल से शव को छू भी नहीं पाई। दरअसल, खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ निवासी विपिन चौधरी (24) डेढ़ साल पहले पुश्तैनी जमीन बेचकर और कर्जा लेकर 45 लाख खर्च कर नौकरी करने अमेरिका गया था। एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 30 दिसंबर को को अटैक के कारण उसकी मौत हो गई थी। परिवार के सदस्य नरेश चौधरी ने बताया- शव गांव पहुंचने पर परिवार के लोगों को मास्क लगाने पड़े। शव पुराना होने से संक्रमण का डर था। दोनों बहनें बिलखते हुए भाई की तरफ बढ़ी। लेकिन उनको दूर से ही दर्शन करने दिए गए। वे अपने भाई को छू भी नहीं सकी। दिव्यांग मां पहले से बेसुध है। दादी ने भी दूर से पौते के देखती रही। एक दिन पहले ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर आए पिता ने मुखाग्नि दी। जो बेटे की मौत के बाद तीन दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहे थे। परिवार पर 20 लाख रुपए से ज्यादा का कर्जा गांव के मनोज कुमार ने बताया- विपिन जून 2024 में अमेरिका गया था। माता-पिता ने डेढ़ बीघा जमीन बेची थी। करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अमेरिका भेजा था। अमेरिका में अचानक मौत हो गई। अब परिवार पर 20 लाख रुपए से अधिक कर्ज है। पिता को भी बेटे की मौत के बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इंडियन एंबेसी ने वहां सहयोग किया। अमेरिका में रह रहे राजस्थान के प्रेम भंडारी ने पूरा सहयोग किया। अब इस परिवार के पास केवल आधा बीघा जमीन बची है। अब परिवार को सहयोग करने की जरूरत है। सरकार को भी आर्थिक मदद करनी चाहिए। गांव के नवदीप ने बताया- पिता ने बेटे के लिए जमीन भी बेच दी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा अमेरिका में रहकर अच्छा पैसा कमा लेगा। लेकिन बेटे की मौत के बाद परिवार टूट गया है। सबके सपने चकनाचूर हो गए। विपिन की मां भी मानसिक रूप से कमजोर है। पिता तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहे थे। शॉपिंग मॉल में काम करता था विपिन वहां एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात उसने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। विपिन पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा था। अगली सुबह 30 दिसंबर को जब वह नहीं उठा तो साथ रहने वाले दोस्त ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लाने के लिए 7 लाख रुपए होंगे खर्च परिजन के अनुसार विपिन का शव भारत लाने में इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (भारत सरकार) की ओर से करीब साढ़े 7 लाख रुपए का खर्च वहन किया गया है। इस प्रक्रिया में राजस्थान एसोसिएशन ऑफ़ नार्थ अमेरिका ( राना ) न्यू यॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी की अहम भूमिका रही। इनके सहयोग से शव को भारत भेजने की व्यवस्था संभव हो सकी। इनपुट: सुनील कुमार, नीमराणा ये भी पढ़ें... राजस्थान के युवक की अमेरिका में मौत:वीडियो कॉल पर मां को कहा था- नींद आ रही, सोने जा रहा; इसके बाद नहीं उठा राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से मौत हो गई। युवक अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन बेचकर अमेरिका गया था। वह वहां शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। (पूरी खबर पढ़ें)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ वॉर से जयपुर के करीब 100 ज्वैलर्स के 100 करोड़ डूबने की आशंका है। इन ज्वैलर्स ने अमेरिका के एरिजोना में होने वाले ट्यूसन शो में हिस्सा लेने के लिए स्टॉल बुक किए हैं। इसके लिए प्रति बूथ करीब एक करोड़ रुपए खर्च होगा। ऐसे में अगर ट्रम्प द्वारा भारत पर टैरिफ मौजूदा 50% से बढ़ाकर 500% तक किया जाता है, तो हर बूथ पर ज्वैलर्स को 60-70% तक नुकसान हो सकता है। बता दें कि यह शो 15 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा। इसमें नए कलेक्शन व डिजाइन पेश किए जाते हैं। पिछले शो में जयपुर के जौहरियों को लगभग एक हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले थे। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के मुताबिक, इस शो में देश से लगभग 225 ज्वैलर हर साल हिस्सा लेते हैं। इनमें अधिकांश जयपुर के होते हैं। कई ज्वैलर चार-पांच बूथ तक भी बुक कराते हैं। उधर, ज्वैलर्स का कहना है कि अतिरिक्त टैरिफ की धमकी से स्टॉल बुक करा चुके ज्वैलर असमंजस में हैं। अगर टैरिफ 70% या इससे अधिक हो जाता है, तो अमेरिका को रत्नाभूषण निर्यात मुश्किल हो जाएगा। एक बूथ की बुकिंग 20 से 25 लाख रुपए में होती है। इसकी सजावट पर करीब 8 लाख रुपए खर्च हो जाते हैं। अन्य खर्च मिलाकर इसकी लागत एक करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है। राजस्थान के 7000 करोड़ के रत्नाभूषण निर्यात पर भी असर पिछले वित्त वर्ष में राजस्थान से 97,171 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हुआ था। इनमें इंजीनियरिंग सामान, जवाहरात, आभूषण, कपड़ा व रेडीमेड गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट और इमारती पत्थर का योगदान 65 से 70% रहा। प्रदेश के कुल निर्यात का करीब 20% अमेरिका को होता है। ऐसे में प्रदेश के 18-20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात पर असर की आशंका है। टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के 7000 करोड़ रुपए के रत्नाभूषण निर्यात पर पड़ेगा। टैरिफ बढ़ा तो अमेरिकी हमसे आभूषण नहीं खरीदेंगे अमेरिका में 50 फीसदी टैरिफ के कारण पहले से ही हमारे रत्न व आभूषण महंगे हो चुके हैं। आगे टैरिफ बढ़ता है तो हमारे उत्पाद और महंगे होंगे और अमेरिकी खरीदार हमसे खरीद नहीं करेंगे। -नीरज लूणावत, महासचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर पिछले साल हुए शो में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर हमें मिले थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह घटकर 30-40 फीसदी ही रहने की आशंका है। यही हाल रहा तो बूथ की लागत वसूलना कठिन हो जाएगा। नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ेगा। -गोविंद गुप्ता, रत्न निर्यातक टैरिफ के कारण राजस्थान का 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात संकट में है। रत्नाभूषण के अलावा क्वार्ट्ज पत्थर, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग गुड्स और रेडीमेड गारमेंट समेत कई उत्पादों का निर्यात प्रभावित होगा। अभी प्रदेश के निर्यात में अमेरिका की 20 फीसदी हिस्सेदारी है। -सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
खैरथल-तिजारा जिले के विपिन चौधरी (24) का शव अमेरिका के जॉर्जिया से रवाना हो गया है। विपिन की साइलेंट हार्ट अटैक से 30 दिसंबर को मौत हो गई थी। खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ गांव निवासी विपिन के पोस्टमॉर्टम के बाद शव जॉर्जिया से भारत के लिए शुक्रवार को रवाना कर दिया गया। मृतक का शव अमेरिका से अलवर 12 दिन बाद आ रहा है। शव शुक्रवार रात दिल्ली पहुंचेगा, जहां से एम्बुलेंस के जरिए उसे पैतृक गांव लाया जाएगा। गांव में विपिन का शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। डेढ़ साल पहले नौकरी के लिए गया था अमेरिकाविपिन चौधरी पुत्र हवा सिंह जून 2024 में नौकरी के लिए अमेरिका गया था। विपिन वहां एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात उसने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। विपिन पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा था। अगली सुबह 30 दिसंबर को जब वह नहीं उठा तो साथ रहने वाले दोस्त ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लाने के लिए 7 लाख रुपए होंगे खर्चपरिजन के अनुसार विपिन का शव भारत लाने में इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (भारत सरकार) की ओर से करीब साढ़े 7 लाख रुपए का खर्च वहन किया गया है। इस प्रक्रिया में राजस्थान एसोसिएशन ऑफ़ नार्थ अमेरिका ( राना ) न्यू यॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी की अहम भूमिका रही। इनके सहयोग से शव को भारत भेजने की व्यवस्था संभव हो सकी। अमेरिका जाने के लिए बेची थी पुश्तैनी जमीनविपिन ने अमेरिका जाने के लिए अपनी करीब डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। 30 से 40 लाख रुपए खर्च किए थे। उसकी योजना थी कि दो-तीन साल कड़ी मेहनत कर ज्यादा पैसा कमाकर घर लौटेगा, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। शव के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही जाट बहरोड़ सहित आसपास क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक के माता-पिता और परिजन विपिन के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान के युवक की अमेरिका में मौत:वीडियो कॉल पर मां को कहा था- नींद आ रही, सोने जा रहा; इसके बाद नहीं उठा राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से मौत हो गई। युवक अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन बेचकर अमेरिका गया था। वह वहां शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात अपने घर पर वीडियो कॉल पर बात कर सोया था। अगले दिन 30 दिसंबर को नहीं उठा। (पूरी खबर पढ़ें) 98 साल की दादी ने लगाई भारत सरकार से गुहार:बोली- पोते का शव लेकर आ जाओ, मदद करो ; 30 दिसंबर को अमेरिका में हार्ट अटैक से हुई थी विपिन की मौत अमेरिका में 30 दिसंबर को 24 साल के पोते की हार्ट अटैक से मौत के बाद शव भारत नहीं आने पर 98 साल की दादी ने सरकार से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है। दादी बोली कि उसके पोते का शव लेकर आ जाओ सरकार। मदद करो सरकार। (पूरी खबर पढ़ें)
ट्रंप के रूख से भारत-अमेरिका व्यापार सौदे पर संशय, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
अमेरिकी वाणिज्य सचिव के दावे के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। सचिव ने कहा कि मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए भारत व्यापार समझौता करने से चूक गया।
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
अमेरिका द्वारा बाहर की गई प्रतिभाओं को आकर्षित करने में लगा है चीन
भारत में उच्च विज्ञान संस्थानों की एक श्रृंखला मौजूद है। भारत के पास वर्तमान में उच्च विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तपोषित करने हेतु पर्याप्त धन है
सच साबित हो रहा है पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का अमेरिकी दबाव का आरोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती हसीना (शेख) वाजेद द्वारा अपने देशवासियों को दी गई गंभीर चेतावनी पर बहुत कम लोगों ने विश्वास किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लुभाने के लिए ब्रिटिश शाही तामझाम
ब्रिटेन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत और उन्हें लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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