निर्मला सीतारमण और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और नए विकास अवसरों पर चर्चा की।
लेबनान से नहीं हटेंगे इजरायली सैनिक, अमेरिका-ईरान शांति समझौते से इजरायल को किस बात का डर
पश्चिम एशिया में शांति की बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गहरी चिंता में डाल दिया है। हाल ही में हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के बाद जहां दुनिया उम्मीद कर रही है कि तनाव कम होगा, वहीं इजरायल को लग रहा है कि यह समझौता लेबनान में ईरान और उसके सहयोगी हिजबुल्लाह को नई ताकत दे सकता है। इसी आशंका के चलते नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायली सेना तब तक दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी जब तक उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूदगी जरूरी महसूस होगी।क्या है विवाद की जड़?फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक नए कूटनीतिक मोड़ पर है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ताजा समझौता ज्ञापन (MoU) में युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हालांकि, इजरायल इसे एक खतरे के रूप में देख रहा है। इजरायली सरकार को शक है कि इस समझौते की आड़ में वाशिंगटन लेबनान में ईरान के प्रभाव को अनजाने में मजबूत कर रहा है, जो भविष्य में इजरायल की सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।इजरायल को सता रहा है इन तीन बड़े खतरों का डरइजरायली रणनीतिकारों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह समझौता इजरायल की सैन्य क्षमता को सीमित कर सकता है:सैन्य कार्रवाई पर लगाम: अब तक इजरायल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जब चाहे हमला करने को स्वतंत्र था। उन्हें डर है कि अब वाशिंगटन हर हमले पर आपत्ति दर्ज कराएगा और इजरायल की 'ऑपरेशनल फ्रीडम' खत्म हो जाएगी।सैनिकों की वापसी का दबाव: ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ट्रंप प्रशासन इजरायल पर दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने का दबाव बना सकता है, जिसे नेतन्याहू मानने को तैयार नहीं हैं।हिजबुल्लाह को संजीवनी: इजरायल का मानना है कि यह समझौता हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी संयुक्त प्रयासों को कमजोर कर रहा है, जिससे आतंकी संगठन को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है।'बीबी' की बढ़ती बेचैनीसूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू—जिन्हें इजरायल में प्यार से 'बीबी' कहा जाता है—इस समझौते को लेकर बेहद परेशान हैं। इजरायल का तर्क है कि इस अंतरिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से ज्यादा खतरनाक 'लेबनान वाला हिस्सा' है। इजरायली सरकार का मानना है कि अमेरिका और ईरान की यह नजदीकी न केवल सुरक्षा संतुलन को बिगाड़ रही है, बल्कि इससे इजरायल की भविष्य की सुरक्षा रणनीति भी दांव पर लग गई है। अब देखना यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इजरायल के इन संदेहों को दूर कर पाएगा या नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीतियों पर अडिग रहेंगे।
अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के 'अलेक्जेंडर हाई स्कूल' से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल की 25 वर्षीय बायोलॉजी शिक्षिका मारिस निकोल्स पर एक नाबालिग छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की नई रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें शिक्षिका के खिलाफ छात्रों की ब्लैकमेलिंग का एंगल भी सामने आया है।क्लोजेट और कार में बनाए शारीरिक संबंधपुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका मारिस निकोल्स पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के क्लासरूम के एक क्लोजेट (स्टोर रूम) में और बाद में अपनी गाड़ी के अंदर छात्र के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं। निकोल्स स्कूल की फुटबॉल टीम की ऑपरेशंस मैनेजर भी थीं, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने कथित तौर पर छात्र से नजदीकियां बढ़ाईं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि शिक्षिका ने छात्रों को कई आपत्तिजनक संदेश और वीडियो भेजे थे, जो बाद में पूरी तरह से अनियंत्रित हो गए।वीडियो लीक का डर और छात्रों की 'ब्लैकमेलिंग'मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब शिक्षिका का एक प्राइवेट वीडियो छात्रों के बीच वायरल हो गया। इसके बाद स्कूल के कुछ अन्य छात्रों ने निकोल्स को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। छात्रों ने शिक्षिका पर दबाव डाला कि यदि उन्हें परीक्षा में बेहतर ग्रेड (नंबर) नहीं दिए गए, तो वे उनके 'ओनलीफैंस' (OnlyFans) अकाउंट के आपत्तिजनक वीडियो लीक कर देंगे। इस ब्लैकमेलिंग के चलते मामला और भी गंभीर हो गया और अंततः पुलिस तक पहुंच गया।कानूनी कार्रवाई और अदालती रोकपुलिस ने इस मामले में अब तक 27 अलग-अलग वारंट जारी किए हैं। मारिस निकोल्स पर सबूतों से छेड़छाड़, बाल शोषण और एक स्कूल कर्मचारी द्वारा अनुचित शारीरिक संबंध बनाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल निकोल्स जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अदालत ने कड़ी शर्तें लागू की हैं। उन्हें अपनी बेटी के अलावा किसी भी अन्य नाबालिग से मिलने की अनुमति नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने उनके 17 वर्षीय भाई से मिलने की अपील की है, जिस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है, जिसने स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जींद जिले के जुलाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न मांगों को लेकर जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। तहसील कार्यालय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल उन्होंने तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। नरेंद्र ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी विरोध किया। उन्होंने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे देश के किसानों को नुकसान होगा। भाकियू ने सरकार से इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तुरंत वापस लेने और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। विभिन्न मांगो को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन धरने के दौरान किसान नेताओं ने रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने मांग की कि किसान नेता रवि आजाद का नार्को टेस्ट करवाया जाए और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करवाई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद, भाकियू का प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम होशियार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान मौजूद रहे।
अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार मुनाफा (Trade Surplus) 40% तक गिर चुका है। इस बीच वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अगले हफ्ते अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस ...
पश्चिम एशिया से एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के बाद दुनिया ने राहत की सांस जरूर ली थी कि शायद अब महायुद्ध का खतरा टल जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। गाजा पट्टी में बेकसूर लोगों और बच्चों की मौतों का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। 10 अक्टूबर 2025 को हुए आधिकारिक सीजफायर (युद्धविराम) के ऐलान के बाद भी गाजा में लगभग हर दिन रॉकेट और गोलियां बरस रही हैं। इजरायली सेना और हमास के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बावजूद, 9 जून 2026 तक सीजफायर उल्लंघन के 3,201 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क अल जजीरा की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने युद्धविराम के पिछले 243 दिनों में से 218 दिनों तक गाजा पर एक्टिव हमले किए हैं। पूरे आठ महीनों में सिर्फ 25 दिन ही ऐसे रहे, जब गाजा से खूनखराबे की खबर नहीं आई।गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सैनिकों ने तय 'येलो लाइन' को पार कर रिहायशी बस्तियों में 97 बार भीषण छापेमारी की है और इस दौरान 83 फिलिस्तीनियों को बंदी बना लिया। सीजफायर के दौरान ही गाजा पर कुल 1,109 बार हवाई बमबारी और तोपों से गोलाबारी की गई, जिसमें 273 से ज्यादा नागरिकों की निजी संपत्तियां मलबे में तब्दील हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने इजरायल पर मानवीय सहायता (भोजन-दवाई) को सीमा पर रोकने और जानबूझकर बुनियादी ढांचे को तबाह करने का गंभीर आरोप लगाया है।ईरान संकट के पीछे छिप गई मासूम बच्चों की मौत की चीखेंजब कुछ महीने पहले इजरायल-अमेरिका का ईरान के साथ सीधे युद्ध का संकट शुरू हुआ, तो पूरी दुनिया के मीडिया का ध्यान गाजा से हट गया। इसी का नतीजा रहा कि गाजा में इजरायली हमलों में मारे जा रहे फिलिस्तीनियों की खबरें अंतरराष्ट्रीय पटल पर कहीं दबकर रह गईं। डेटा के मुताबिक, 10 अक्टूबर से 9 जून के बीच जब दुनिया ईरान-अमेरिका तनाव देख रही थी, तब गाजा में चुपके से 981 लोग मार दिए गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। हाल ही में 20 जून को हुए एक ताजा हमले में भी 6 लोगों की जान चली गई, जिसमें 2 मासूम बच्चे शामिल थे।तकरीबन दो हफ्ते पहले वेस्ट बैंक के हेब्रोन इलाके के पास इजरायली सैनिकों की ओपन फायरिंग में सैम फहद अबू हैकल नाम के महज 7 महीने के एक नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा गाजा में बोर्ड परीक्षा देने जा रही 18 साल की एक फिलिस्तीनी छात्रा को भी इजरायली सैनिकों द्वारा गोली मारने का संगीन आरोप लगा है।गाजा के दो-तिहाई हिस्से पर इजरायली सेना का कब्जा, मंडराया भुखमरी का सायाईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की घोषणा के बाद माना जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता आएगी, लेकिन इजरायल और हमास की यह जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। गाजा मीडिया कार्यालय के ताजा और आधिकारिक दावे के मुताबिक, इजरायली सेना ने रणनीतिक तौर पर आगे बढ़ते हुए गाजा के लगभग 64 प्रतिशत हिस्से पर पूरी तरह से अपना सैन्य कब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से सेना को इस घेरे को और ज्यादा बढ़ाने के गुप्त निर्देश भी मिल चुके हैं।मार्च के महीने में जब पूरी दुनिया का फोकस ईरान पर था, तब इजरायली सेना ने फिलिस्तीनियों के लिए काम करने वाली ग्लोबल रिलीफ एजेंसियों को नए नक्शे सौंपे थे। इन नक्शों से साफ पता चलता है कि सेना तय 'येलो लाइन' से 11 फीसदी और आगे घुस चुकी है। इस कब्जे का सबसे भयावह पहलू यह है कि अब गाजा के आम नागरिक अपने ही देश के दो-तिहाई हिस्से में कदम भी नहीं रख सकते। गाजा की सबसे उपजाऊ और खेती योग्य जमीन अब इजरायल के कंट्रोल में है, जिसके कारण आने वाले दिनों में यहां अकाल और भुखमरी की स्थिति बेहद डरावनी होने वाली है।72 हजार से ज्यादा मौतें; आखिर ईरान-अमेरिका डील से फिलिस्तीन को क्या मिला?गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा और रूह कंपा देने वाले आंकड़ों के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से लेकर 10 जून 2026 तक इस युद्ध में कम से कम 72,991 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सबसे ज्यादा दुखद बात यह है कि इस कुल आंकड़े में 20,179 केवल छोटे बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 1,73,212 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल या अपंग हो चुके हैं। इस सर्वविनाश के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ईरान और अमेरिका की इस ग्लोबल डील से फिलिस्तीन के हाथ क्या आया? जवाब है— कुछ भी नहीं। सुपरपावर्स के समझौतों के बाद भी गाजा के लोगों को सिर्फ बारूद और मौतें ही मिल रही हैं।गाजा की राह पर बढ़ा दक्षिणी लेबनान, 12 लाख लोग बेघरइस पूरे विवाद का एक और खतरनाक मोर्चा दक्षिणी लेबनान में खुला हुआ है, जहां इजरायली सेना हमास की ही तरह हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भीषण हमले कर रही है। हालांकि ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते में लेबनान सुरक्षा की शर्त को भी शामिल कराया था, लेकिन इजरायल इस अंतरराष्ट्रीय समझौते को पूरी तरह खारिज कर रहा है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के लगभग पांचवें हिस्से को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है, जिसके चलते रातों-रात 12 लाख से अधिक लेबनानी नागरिक बेघर होकर शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। जमीनी हालात को देखकर वैश्विक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिणी लेबनान भी बहुत तेजी से दूसरे 'गाजा' बनने की ओर अग्रसर है।
अमेरिका ने वादा तो कर दिया, पर ईरान को 300 अरब डॉलर देगा कौन? खाड़ी जा रहे मार्को रुबियो देंगे जवाब!
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक वित्तीय बाजारों के गलियारों से इस वक्त एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वॉशिंगटन से लेकर मध्य पूर्व (Middle East) तक इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि क्या अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर (करीब 25 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम फंड सौंपने की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस की तरफ से इस सिलसिले में कुछ बड़े संकेत तो दिए गए हैं, लेकिन इस वक्त सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि आर्थिक मोर्चे पर खुद कई चुनौतियों से जूझ रहा अमेरिका आखिर इतनी बड़ी रकम लाएगा कहां से? इस बीच अमेरिकी विदेश नीति के अहम सिपहसालार मार्को रुबियो का अचानक खाड़ी देशों (Gulf Countries) का दौरा करना इस पूरी मिस्ट्री को और गहरा कर रहा है। माना जा रहा है कि इस महा-डील की असली चाबी रुबियो के इसी दौरे में छिपी हुई है।इस सीक्रेट महा-डील के पीछे का पूरा बैकग्राउंड क्या हैएक वरिष्ठ रणनीतिक रिपोर्टर की नजर से अगर इस पूरे घटनाक्रम को देखें, तो यह मामला ईरान पर लगे पुराने प्रतिबंधों, तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय फ्रीज किए गए एसेट्स (जब्त संपत्तियों) से जुड़ा हुआ है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने लंबे समय से ईरान के अरबों डॉलर विदेशी बैंकों में फ्रीज कर रखे हैं। अब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को साधने और खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने के नाम पर इस फंड को कुछ शर्तों के साथ रिलीज करने का एक खाका तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस वादे को जमीन पर उतारना इतना आसान नहीं है। अमेरिकी संसद (Congress) के भीतर ही इस बात को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है कि आतंकवाद को फंड करने के आरोपी देश को इतनी बड़ी वित्तीय राहत कैसे दी जा सकती है।मार्को रुबियो का खाड़ी दौरा और मध्य पूर्व का नया समीकरणइस पूरी गुत्थी को सुलझाने के लिए अमेरिकी सीनेटर और विदेश नीति के दिग्गज मार्को रुबियो इस समय खाड़ी देशों के बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरे पर हैं। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे अमीर देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ रुबियो की बंद कमरों में होने वाली बैठकों का मुख्य एजेंडा यही है कि ईरान से जुड़ी इस वित्तीय डील की गारंटी कौन लेगा। जानकारों का कहना है कि अमेरिका खुद अपनी जेब से यह पैसा देने के बजाय खाड़ी देशों के जरिए एक ऐसा त्रिकोणीय वित्तीय ढांचा (Triangular Financial Framework) तैयार करना चाहता है, जिससे ईरान को तेल सप्लाई और क्षेत्रीय सुरक्षा के बदले यह रकम किस्तों में मिल सके। मार्को रुबियो इस दौरे में खाड़ी के सुल्तानों को इस बात के लिए राजी करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।भारत समेत वैश्विक बाजारों पर इस फैसले का क्या होगा असरअगर यह 300 अरब डॉलर की डील किसी भी तरह से परवान चढ़ती है, तो इसका सीधा और गहरा असर वैश्विक तेल बाजार (Crude Oil Market) पर पड़ने वाला है। ईरान के पास तेल का विशाल भंडार है और वित्तीय पाबंदियां हटने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई तेजी से बढ़ेगी, जिससे तेल की कीमतें धड़ाम से गिर सकती हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत की खबर साबित हो सकती है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने और महंगाई से राहत मिलने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, जब तक मार्को रुबियो के इस दौरे का कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आता, तब तक अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस सबसे बड़े सस्पेंस पर सट्टेबाजी का दौर जारी रहेगा।
रोहतक में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुटने टेककर देश के हितों को दांव पर लगा दिया है। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। नरेंद्र मोदी देश के सबसे डरपोक व झुके हुए प्रधानमंत्री साबित हुए है। अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत पाने के लिए पूरे देश में सांसदों को खरीदने की मंडी लगा दी है। सरकार गिरने के डर से भाजपा लोकतांत्रित तरीके को छोड़कर तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। पैसे व फोर्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रामलला के घर से चोरी करके सांसदों को खरीदा जा रहा है। अनुराग ढांडा ने एक माह के लिए मांगी ईडी आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी व सीबीआई के बल पर भाजपा सांसदों को तोड़ने का काम कर रही है। एक माह के लिए आम आदमी पार्टी को ईडी दिलवा दो, भाजपा का पटका पहनने वाला भी कोई नहीं दिखेगा। 2014 में जैसे दिल्ली में भाजपा के विजय रथ को रोका था, वैसे ही अब पंजाब भी रोका जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ सेटिंग अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ लांग टर्म सेटिंग है। इसलिए भाजपा जनता पर कोई अन्याय करती रहे, भूपेंद्र हुड्डा अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निलकते। पूरे हरियाणा में एक ही चर्चा चल रही है कि जब तक भूप्पी, तब तक बीजेपी। जब तब भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के नेता व विपक्ष के नेता बने रहेंगे, तब तक हरियाणा में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा से मिलकर सरकार चला रहे भूपेंद्र हुड्डा अनुराग ढांडा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में हिस्सेदारी है। भूपेंद्र हुड्डा तो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस और सरकार चलाने में नायब सिंह सैनी विफल साबित हुए है। नायब सैनी 90 प्रतिशत समय हरियाणा से बाहर रहते हैं और विपक्ष उसे रोकने में नाकाम है। भाजपा पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ाने में लगी अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीटें दी, दूसरे दलों के सहारे सरकार बनाई। अब भाजपा जनता से वोट लेने की बताय पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ा रही है। दो तिहाई बहुमत करके संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसदों की खरीद फरोख्त करके संविधान बदलने का प्रयास कर रहे, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा राज में राम मंदिर में हुई चोरीअनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12 साल में राम मंदिर के अंदर चोरी हुई। इतने पेपर लीक करवा दिए, जितने कांग्रेस राज में भी नहीं हुए। राज्यों से पैसो इकट्ठा करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिससे सांसदों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह भाजपा की उवलब्धियां है।
अमेरिका जारी करेगा ईरान के 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड –तेल बिक्री पर भी बड़ी राहत
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दूसरे दिन; दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में अमेरिका ने ईरान के लगभग 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही ईरान […]
किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके जाएंगे। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा: पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।
कैथल में आज भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की ओर से शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों द्वारा भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा। जिलेभर के किसान करनाल रोड स्थित सर छोटूराम चौक पर सुबह 10 बजे से लेकर 11 बजे तक इकट्ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक जाएंगे। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कहा-ट्रेड डील किसानों के लिए खतरा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जिस प्रकार जानकारी सामने आ रही है यह समझौता देश के किसानों, पशुपालकों, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, उद्योग व भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इससे किसानों की खेती के खतरा आने वाला है और किसान बिलकुल खत्म हो जाएगा। जैसे पहले भी भारत में कम्पनियां आई थी और सब कुछ उनके उपर ही निर्भर था। एमएसपी को खत्म करने का आरोप उसी प्रकार से अब अगर ट्रेड डील लागू होगी तो अमेरिका की गेहूं, चावल, दाल, मक्का, दूध और सब्जियां अमेरिका से आएंगी। ऐसे में भारत के किसान जो छोटी जोत के किसान हैं, वे खुद खेती नहीं कर सकेंगे। ट्रेड डील लागू करके केंद्र सरकार MSP खत्म करना चाहती है। इससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। इस डील से आगे आने वाले समय में अमेरिका अपनी मनमर्जी से रेट निर्धारित करेगा और महंगे दामों में उत्पाद बेचेगा। इसलिए किसान संगठनों ने पहले ही ट्रेड डील का विरोध करने फैसला लिया हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रदर्शन में भाग लें।
नमस्कार, यूपी की राजधानी लखनऊ में एक इमारत में आग लग गई, जिससे 15 लोगों की मौत हो गई। उधर, अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटा दिया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे उद्धव के 6 सांसदों के शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की खबर बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें, इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स; बचने के लिए बाथरूम में छिपे यूपी की राजधानी लखनऊ में एक इमारत में आग लग गई। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर में कोचिंग सेंटर था। आग फैलते ही छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जान बचाने के लिए जयंत नाम का एक बच्चा पहले फ्लोर से कूद गया, वहीं 5 लोग तारों के सहारे लटककर नीचे उतरे। AC में ब्लास्ट से हादसा: यूपी सरकार के मंत्री एके शर्मा ने बताया कि बेसमेंट में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग लगी और धुआं फैल गया। फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार को तोड़ा, जिससे शव निकाले हैं। CM योगी अपना अलीगढ़ दौरा छोड़कर वापस लखनऊ लौट गए। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। कहा- इस घटना में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया, अगले 60 दिन भारत भी खरीद सकता है अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। यह छूट अगले 60 दिन यानी 21 अगस्त तक लागू रहेगी। अब भारत समेत कई देश फिर से ईरानी तेल खरीद सकेंगे। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। ईरान में फिर तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बिना रोक-टोक आवाजाही बनाए रखने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही ईरान UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है। पूरी खबर पढ़ें... 3. उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल, 4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में फिर बगावत हो गई। 9 में से 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बैठक की। इसके बाद पार्टी बदलने का ऐलान किया। अब लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 13 हो गई है, जबकि उद्धव गुट के पास सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 3 अहम बातें... पूरी खबर पढ़ें... 4. राम मंदिर का चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारी हटाए, CCTV कैमरे बढ़ाए गए अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारियों को सोमवार को हटा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को ड्यूटी में लगाया गया है। हटाए गए कर्मचारियों को दूसरी जगह ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा गणनास्थल पर तीन CCTV बढ़ाए गए हैं। अब CCTV की संख्या 4 हो गई है। धर्म सेना अध्यक्ष का मोदी को लेटर: धर्म सेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। वहीं चढ़ावा चोरी मामले में SIT अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट CM योगी को आज सौंप सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 5. पाकिस्तान की भारत को धमकी, रक्षामंत्री बोले- पानी रोका तो जंग शुरू कर देंगे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में भारत दखल दे रहा है और हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था: अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें... 6. छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, झारखंड में बिजली गिरने से 11 मरे छत्तीसगढ़ में मानसून ने दंतेवाड़ा के रास्ते दस्तक दे दी है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिली। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून से 5 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत 12 राज्यों में मानसून पहुंच सकता है। इधर, झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन महिलाएं और 10 साल की एक बच्ची शामिल है। जून सबसे सूखा महीना: 126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा है। 21 जून तक 57.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 42.2% कम है। इससे पहले 2009 में पूरे जून में कोटे से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में खेती पर बुरा असर पड़ा था। पूरी खबर पढ़ें... 7. कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका, 13 की मौत, इनमें कई भारतीय-पाकिस्तानी भी शामिल कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में विस्फोट हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। प्लांट 2 दिन पहले दोबारा शुरू हुआ था: अल-काबी ने कहा कि यह एक हादसा था। इसमें किसी साजिश या जानबूझकर की गई हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे के कारणों की शुरू कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... हमशक्ल की वजह से 17 साल जेल में काटे अमेरिका में रिचर्ड एंथनी जोन्स को अपने हमशक्ल की वजह से 17 साल जेल में काटने पड़े। गवाहों ने गलत पहचान के आधार पर उन्हें लूट का दोषी बताया था। बाद में पता चला कि उसी इलाके में उनका हमशक्ल भी रहता था। सजा रद्द होने के बाद उन्हें 11 लाख डॉलर यानी करीब 9 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। पूरी खबर पढ़ें... भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों के प्रॉपर्टी और सरकारी कामों में सफलता मिलने के योग हैं। मकर राशि वालों के लिए निवेश से लाभ की स्थिति बनेगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
स्विट्जरलैंड वार्ता के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, ईरानी तेल निर्यात को अगस्त तक मिली राहत
अमेरिका ने सोमवार को ईरानी तेल के निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में अगस्त तक के लिए ढील दे दी
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिका-ईरान वार्ता में निकले बड़े नतीजे, जानें क्या है 60 दिनों का 'पीस रोडमैप'
स्विट्जरलैंड के बर्न में आयोजित 'लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन' (Lake Lucerne Summit) के नतीजे सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त धमकियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वार्ता से वॉकआउट करने जैसे नाटकीय घटनाक्रमों के बावजूद, अंततः अमेरिका और ईरान ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते की नींव रख दी है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता ने दुनिया को राहत की सांस दी है।ट्रंप की सख्त चेतावनी और ईरानी टीम का वॉकआउटशांति वार्ता के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को चेतावनी दी। ट्रंप ने लेबनान में ईरान समर्थित गुटों द्वारा फैलाई जा रही अराजकता को रोकने की बात कही और धमकी दी कि यदि ईरान नहीं माना, तो अमेरिका पिछले हमलों से भी अधिक खतरनाक हमला करेगा। तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने ईरानी नेगोशिएटिंग टीम को लेकर कथित तौर पर कड़ी टिप्पणी की, जिसके जवाब में ईरानी टीम वार्ता स्थल छोड़कर बाहर चली गई थी। हालांकि, कतर और पाकिस्तान के राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से बातचीत को संभाला और सोमवार तड़के तक इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया।शांति समझौते के मुख्य बिंदु: किन मुद्दों पर बनी सहमति?इस वार्ता के जरिए दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है:60 दिनों का डेडलाइन: दोनों देशों ने अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। इसके लिए तकनीकी वार्ताएं तुरंत शुरू की जाएंगी।होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव को टालने के लिए दोनों देशों ने एक 'डायरेक्ट कम्युनिकेशन लाइन' स्थापित करने पर सहमति जताई है, ताकि वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।स्पेशल सेल का गठन: अमेरिका, ईरान और लेबनान के बीच एक स्पेशल सेल बनाया जाएगा, जिसका एकमात्र काम लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करना और युद्धविराम का सख्ती से पालन कराना होगा।निगरानी समिति: समझौते को लागू करने और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों से जुड़े मामलों पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय राजनीतिक समिति का गठन किया गया है।प्रतिबंधों में ढील और ईरान को मिली बड़ी राहतईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। समझौते के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया गया है, नाकाबंदी में ढील दी गई है और ईरान की कुछ जब्त संपत्तियों को जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही, ईरान के लिए एक बड़े पुनर्निर्माण और विकास योजना की भी घोषणा की गई है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।क्या यह शांति स्थायी है?यद्यपि दोनों पक्ष युद्धविराम और प्रतिबंधों में ढील पर सहमत हुए हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख अभी भी बना हुआ है। 'लेक ल्यूसर्न' शिखर सम्मेलन ने एक खिड़की तो खोली है, लेकिन इसकी असल परीक्षा लेबनान में शांति बनाए रखने और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर होने वाली भविष्य की तकनीकी वार्ताओं में होगी। कतर और पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे शांति मिशन में निर्णायक
वर्ल्ड कप 2026 में ईरान के साथ भेदभाव? अमेरिकी वीज़ा प्रतिबंधों पर उठे सवाल
FIFA World Cup 2026 में ईरान ने खुद को ‘सबसे ज़्यादा दबाई गई टीम’ बताया। वीज़ा प्रतिबंध, सुरक्षा जांच और खेल के राजनीतिकरण पर उठे गंभीर सवाल
अमेरिका ने भारत के लिए 482 मिलियन डॉलर के सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी
नई दिल्ली, अमेरिका ने भारत के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए लगभग 482.2 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपए) के रखरखाव और सपोर्ट पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भारत और अमेरिका के घरों के बीच एक ऐसा चौंकाने वाला अंतर बताया है जिसे सुनकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। महिला ने दोनों देशों में अपार्टमेंट कल्चर और रहने के तौर-तरीकों की तुलना करते हुए निर्माण सामग्री (Construction Material) और रोजमर्रा के आराम से जुड़े कुछ बेहद दिलचस्प और जमीनी अंतर साझा किए हैं।'भारत के अपार्टमेंट्स में मिलती है गजब की शांति और प्राइवेसी'वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी महिला ने बताया कि भारत में रहने के दौरान जो सबसे बड़ी और अच्छी चीज उसने महसूस की, वो थी वहां मिलने वाली शांति और प्राइवेसी। उसने कहा कि भारत में ज्यादातर अपार्टमेंट्स और हाईराइज बिल्डिंग्स मजबूत कंक्रीट से बनाई जाती हैं। यह कंक्रीट कई इंच मोटा होता है, जिसकी वजह से पड़ोसियों की आवाज एक घर से दूसरे घर में जाना लगभग नामुमकिन होता है। मोटी कंक्रीट की दीवारों और मजबूत फर्श के कारण घरों के बीच आने-जाने वाला शोर (Sound Pollution) पूरी तरह रुक जाता है। यही वजह है कि भारत के घनी आबादी वाले अपार्टमेंट्स में रहने के बावजूद लोग अंदर एक बेहद शांत और सुकून भरे माहौल का आनंद ले सकते हैं।अमेरिका वापस लौटते ही महिला को लगा तगड़ा झटकाअपने देश वापस लौटने के अनुभव को साझा करते हुए महिला ने कहा, मैं कुछ महीने पहले जब अमेरिका वापस आई, तो मैं यहां का सिस्टम भूल ही चुकी थी। अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने का अनुभव आवाज के मामले में बेहद डरावना और अलग है। अमेरिका में हम अपने अपार्टमेंट्स कंक्रीट के बजाय बेहद कमजोर और हल्के मटीरियल से बनाते हैं, जिसे देखकर मुझे एक बड़ा झटका लगा। महिला ने बताया कि अब हालत यह है कि वह सुबह-सुबह अपने पड़ोसियों की बातचीत और कदमों की आवाज से जाग जाती है।आखिर क्यों खोखले और कमजोर होते हैं अमेरिका के घर?समस्या सिर्फ पड़ोसियों की आवाज तक सीमित नहीं है, महिला के मुताबिक घर के अंदर रहने पर भी बाहर सड़क का शोर साफ सुनाई देता है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा तकनीकी कारण है। अमेरिका में ज्यादातर कम और मध्यम ऊंचाई वाले अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स कंक्रीट के बजाय लकड़ी के फ्रेम (Wood Framing) और बेहद हल्के मटीरियल से बनाए जाते हैं। निर्माण का यह तरीका बेहद तेज और सस्ता होता है, जिससे वहां के बिल्डर्स और डेवलपर्स घरों की मांग को कम लागत में आसानी से पूरा कर लेते हैं, लेकिन इसमें साउंड इंसुलेशन (Sound Insulation) और प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है।अमेरिका में घर लेने वालों को महिला ने दी ये खास सलाहवीडियो के अंत में महिला ने उन लोगों को एक बहुत ही काम की सलाह दी है जो आने वाले समय में अमेरिका में शिफ्ट होने या वहां अपार्टमेंट लेने की सोच रहे हैं। महिला ने कहा, अगर आप अमेरिका के किसी अपार्टमेंट में रहने का मन बना रहे हैं, तो कृपया पहले ही मानसिक रूप से तैयार रहें कि वहां आपको शांति की कमी खल सकती है। मैं बस आपको एक जरूरी जानकारी दे रही हूं। इस वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि घर का मतलब सिर्फ उसका बड़ा साइज या लग्जरी सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, सेहत और मानसिक शांति को तय करती है।
अमेरिका और ईरान समझौते के बीच घटीं आपूर्ति की चिंताएं
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।
60 दिनों में समझौते पर सहमत अमेरिका-ईरान
२१ जून; स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के पहले दिन सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। वार्ता के मध्यस्थ पाकिस्तान और क़तर ने बताया कि दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक साझा रोडमैप पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही […]
ट्रंप की धमकी से बिगड़ा माहौल, सिर्फ 80 मिनट ही चली अमेरिका-ईरान वार्ता
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने वार्ता के दौरान ट्रंप की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी धमकियों का तेहरान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही हाई-प्रोफाइल शांति वार्ता (US-Iran Peace Talks) एक बार फिर कूटनीतिक भंवर में फंसती नजर आ रही है। वैश्विक मंच पर जब भी ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध का तनाव अब खत्म हो जाएगा, तभी कोई नया विवाद खड़ा हो जाता है। कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आक्रामक बयान ईरान को भड़का देता है, तो कभी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेहरान को नागवार गुजरती है।इस बीच, ईरान के साथ चल रही इस नाजुक डील को लीड कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के एक हालिया बयान पर भारत में सियासत और सोशल मीडिया का पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद और फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने जेडी वेंस की टिप्पणी पर तीखा और करारा तंज कसा है।प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला: जेडी वेंस बने हुए हैं 'नालायक जमाई बाबू'दरअसल, स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में जेडी वेंस ने मजाक में कहा था कि उनकी जिंदगी में दो लोगों का बहुत अहम रोल है— एक हिंदुस्तानी (उनकी पत्नी उषा वेंस) और दूसरे पाकिस्तानी (फील्ड मार्शल आसिम मुनीर)।वेंस के इसी बयान पर चुटकी लेते हुए शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर उन्हें 'नालायक जमाई बाबू' कह डाला। प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए लिखा कि जेडी वेंस अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर 'नालायक जमाई बाबू' की तरह बर्ताव कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगे यह भी जोड़ा, हम लोग पूरे विश्व की भलाई और शांति के लिए यही चाहते हैं कि वेंस अपने इस शांति मिशन में कामयाब हों, जो कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बेहद मुश्किल लग रहा है। प्रियंका ने कहा कि इस डील को कराने के चक्कर में खुद अमेरिका को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदगी (फजीहत) का सामना करना पड़ रहा है।आखिर 'जमाई बाबू' शब्द का क्या है कनेक्शन और क्यों जुड़ा 'नालायक'?उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार) से लेकर पश्चिम बंगाल की संस्कृति में 'जमाई बाबू' शब्द का इस्तेमाल बेटी के पति (दामाद) के लिए किया जाता है। इस संबोधन में बेहद गहरा प्यार, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव झलकता है। चूंकि जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हैं, इसलिए भारतीय संदर्भ में वेंस को 'भारत का दामाद' या 'जमाई बाबू' कहा जा रहा है।लेकिन प्रियंका चतुर्वेदी ने वेंस द्वारा एक ही सांस में अपनी भारतीय पत्नी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तुलना करने और मुनीर को अपने जीवन का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बताने पर आपत्ति जताते हुए 'जमाई बाबू' के आगे 'नालायक' विशेषण जोड़ दिया।जेडी वेंस की पत्नी उषा का भारत से क्या है गहरा नाता?अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस (Usha Vance) की जड़ें पूरी तरह से भारत से जुड़ी हुई हैं। उषा के माता-पिता मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गोदावरी जिले के रहने वाले थे, जो बाद में जाकर अमेरिका में बस गए थे। जेडी वेंस के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान के दौरान उषा वेंस ने अपनी भारतीय विरासत, समृद्ध संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों का खुलकर जिक्र किया था, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वेंस और उषा की शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों और फेरों के साथ संपन्न हुई थी।स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक ड्रामा: फोटो सेशन का बायकॉट, कतर के मंत्री ने नहीं मिलाया हाथस्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही यह वार्ता अब पटरी से उतरती दिख रही है। उम्मीद थी कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में दोनों देश 60 दिनों के शांति रोडमैप पर मुहर लगा देंगे, लेकिन ऐन वक्त पर स्थितियां बिगड़ गईं:ट्रंप का भड़काऊ बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे डाली, जिससे गुस्साए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने आधिकारिक फोटो सेशन का पूरी तरह बायकॉट (बहिष्कार) कर दिया।ईरान की दोटूक चेतावनी: ईरानी डेलिगेशन ने अमेरिका को साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि वे इजरायल को सैन्य और वैचारिक समर्थन देना बंद कर दें, तो ईरान महज एक दिन के भीतर इजरायल को घुटनों पर ला देगा।शहबाज-मुनीर की उड़ी हवाइयां: सेट पर कूटनीतिक तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब कतर के मंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हाथ मिलाने तक से इनकार कर दिया और ईरानी प्रतिनिधिमंडल बिना बातचीत के आगे बढ़ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से वहां मौजूद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के चेहरे का रंग उड़ गया, क्योंकि पाकिस्तान इस पूरी डील में एक 'असफल बिचौलिया' साबित होता दिख रहा है।हालांकि, कूटनीतिज्ञों को अब भी उम्मीद है कि 60 दिनों के इस अंतरिम रोडमैप के भीतर कोई न कोई बीच का रास्ता जरूर निकाल लिया जाएगा।
US Iran News in Hindi : स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता मात्र 80 मिनट में खत्म हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े हमले की धमकी दी। इस पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य को धमकाने से कोई ...
अमेरिका का बदला रुख: ईरान को कुछ मिसाइल रखने की मिल सकती है अनुमति
ट्रंप प्रशासन ने रविवार को संकेत दिया कि भविष्य में होने वाले किसी समझौते के तहत ईरान को सीमित संख्या में मिसाइलें रखने की अनुमति दी जा सकती है
ईरान को बैंकिंग छूट – अमेरिकी राजनीति में मचा घमासान
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बन रहे नए कूटनीतिक समझौते के तहत ईरान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेच सकेगा
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका इस हफ्ते मंत्रियों के स्तर पर व्यापार वार्ता करेंगे। दोनों देश अगले महीने टैरिफ से जुड़ी एक अहम समय-सीमा से पहले प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंचे स्विट्ज़रलैंड
जिनेवा/बुर्गेनस्टॉक। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक चिंताओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित उच्चस्तरीय वार्ता का दौर आखिरकार स्विट्ज़रलैंड में शुरू हो गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वार्ता में भाग लेने के लिए स्विट्ज़रलैंड पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में आयोजित इस बैठक को हाल के वर्षों […]
इतिहास फिर से खुल गया है: ईरान–अमेरिका–इज़राइल युद्ध, इस्लामाबाद एमओयू और अमेरिकी प्रभुत्व की दरारें
ईरान–अमेरिका–इज़राइल युद्ध और इस्लामाबाद एमओयू ने अमेरिकी प्रभुत्व, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और इतिहास की वापसी पर नई बहस छेड़ दी है
6 अरब डॉलर के बदले अमेरिका ने ईरान के सामने रखी 'परमाणु' शर्त! जानें डील की पूरी इनसाइड स्टोरी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव और युद्ध के हालातों के बीच अब शांति की एक नई उम्मीद जागी है। दोनों देशों के बीच हुए शुरुआती समझौते के बाद अब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ऐतिहासिक आमने-सामने की वार्ता शुरू होने जा रही है। इस अहम बैठक के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी टीम के साथ स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी वहां डेरा डाल दिया है। इस कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। आइए समझते हैं कि आखिर अमेरिका इस वार्ता में ईरान से क्या चाहता है और इस डील के मायने क्या हैं।6 अरब डॉलर का फंड और परमाणु ठिकानों की शर्तकूटनीतिक जानकारों के अनुसार, लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक के कारण यह शांति वार्ता पहले टल गई थी, लेकिन अब पहले चरण की बातचीत में अमेरिका अपना सबसे बड़ा दांव चलने जा रहा है। अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान उसे अपने उन संवेदनशील परमाणु स्थलों (Nuclear Sites) का निरीक्षण करने की अनुमति दे, जहां पूर्व में अमेरिकी बमबारी हुई थी। अगर ईरान इस शर्त को मानकर अमेरिकी प्रतिनिधियों को वहां जाने का रास्ता देता है, तो इसके बदले में अमेरिका ईरान का फ्रीज किया हुआ 6 अरब डॉलर का भारी-भरकम फंड तुरंत रिलीज कर सकता है। लगभग चार महीने से जारी छद्म युद्ध को रोकने के लिए इस डील के तकनीकी पहलुओं पर बर्गेनस्टॉक में फाइनल मुहर लगनी है।इजरायल की धमकी और 60 दिनों का अल्टीमेटमअमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए 60 दिनों का बेहद अहम समय तय किया गया है। हालांकि, इस शांति वार्ता पर इजरायल के कड़े रुख का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इजरायल ने साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका-ईरान के बीच हो रही इस डील को मान्यता नहीं देता है। इजरायल का कहना है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान और उसके समर्थित गुटों पर स्वतंत्र रूप से सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह आजाद है।ईरान की 'पावरफुल' टीम में कौन-कौन है शामिल?अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सैन्य झड़पें कम करने की कोशिशों के बाद ईरान ने भी अपनी कूटनीतिक ताकत झोंक दी है। स्विट्जरलैंड पहुंची ईरानी टीम का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ कर रहे हैं। इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद हैं, जो आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और फंड बहाली पर मोलभाव करेंगे।'होर्मुज' की चेतावनी के बावजूद नहीं रुकी बातचीतइस बहुप्रतीक्षित वार्ता से ठीक एक दिन पहले तनाव तब और बढ़ गया था, जब ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया था। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने आरोप लगाया था कि लेबनान में इजरायल के लगातार हमले और अमेरिका की 'बदनीयती' युद्ध रोकने के वादों का खुला उल्लंघन है। ईरानी स्टेट टीवी ने चेतावनी दी थी कि अगर आक्रामकता जारी रही तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, इस भारी कड़वाहट और बयानबाजी के बावजूद दोनों देश वार्ता की मेज पर आ गए हैं, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक सीजफायर समझौते के महज तीन दिन बाद ही शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को सभी प्रकार के कमर्शियल जहाजों के लिए फिर से बंद करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ईरान ने इसके पीछे लेबनान पर इजरायल की जारी सैन्य कार्रवाई और अमेरिका द्वारा वादों को पूरा न करने का हवाला दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होने वाली थी।समझौते के तीन दिन बाद ही पलटा ईरान, अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोपईरान और अमेरिका के बीच बीते 18 जून को ही तीन महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सहमति जताई थी, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल की गई थी।हालांकि, ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय' ने एक आपातकालीन बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और इजरायल ने युद्धविराम समझौते की पहली और सबसे मुख्य शर्त का स्पष्ट उल्लंघन किया है। ईरान का आरोप है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले लगातार जारी हैं और अमेरिका इस वैचारिक व सैन्य हिंसा को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है। तेहरान ने साफ किया कि वादों को न निभाने की वजह से अमेरिका पर से उनका भरोसा उठ गया है और इसी के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा ब्लॉक किया जा रही है।ट्रंप की दोटूक धमकी: 'अगर डील नहीं हुई, तो होर्मुज में वसूलेंगे अमेरिकी टोल टैक्स'दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के इस कदम और समुद्री मार्ग पर उसके एकाधिकार के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना और सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की अपनी समुद्री नाकेबंदी को पहले ही पूरी तरह समाप्त कर दिया था और वे किसी भी जहाज को नहीं रोक रहे हैं।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सख्त अंदाज में ईरान को सीधी चेतावनी दे डाली है। ट्रंप ने कहा है कि यदि तेहरान के साथ तकनीकी पहलुओं पर अंतिम समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका इस वैश्विक शिपिंग लेन (होर्मुज स्ट्रेट) से गुजरने वाले जहाजों पर अपना खुद का 'अमेरिकी टोल टैक्स' लागू कर देगा। ट्रंप की इस नई धमकी के बाद खाड़ी देशों और वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल परिवहन का सबसे बड़ा लाइफलाइन मार्ग है।स्विट्जरलैंड पहुंचे मध्यस्थ और प्रतिनिधिमंडल, पाकिस्तान के पीएम और सेना प्रमुख भी शामिलतनाव के इस माहौल के बीच, तकनीकी स्तर की इस महत्वपूर्ण वार्ता को मुकाम तक पहुंचाने के लिए स्विट्जरलैंड में हलचल तेज हो गई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान का एक हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है, जिसकी अगुवाई संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ कर रहे हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि वे वहां पहले से तय समझौते को लागू करने की प्रक्रिया पर काम करने गए हैं, न कि किसी नए दौर की बातचीत के लिए।स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरानी डेलीगेशन का स्वागत करते हुए उनके 'बर्गेनस्टॉक' के लिए रवाना होने की पुष्टि की है। इस महावार्ता में मध्यस्थता और क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी देर रात स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं, जो अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस तकनीकी बातचीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।क्या था 18 जून का ऐतिहासिक समझौता और ईरान के नए नियम?18 जून को हुए इस डिजिटल समझौते के तहत दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के बल प्रयोग या सैन्य धमकी से बचने की कसम खाई थी। इसके तहत रणनीतिक समुद्री मार्ग पर कमर्शियल शिपिंग को सुरक्षित ढंग से बहाल करने के लिए 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' का गठन भी किया गया था।ईरान ने इसके तहत जहाजों के लिए कड़े नियम बनाए थे, जिसमें पहले से रजिस्ट्रेशन कराना, विशेष अनुमति पत्र लेना और अनिवार्य बीमा औपचारिकताएं शामिल थीं। लेकिन अब सीजफायर टूटने के आरोपों और होर्मुज की नई नाकेबंदी के बाद इस पूरे क्षेत्र में एक बार फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस स्विट्जरलैंड के लिए हुए रवाना, ईरान के साथ अगले चरण की होगी वार्ता
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के दौरे पर रवाना हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली बैठक से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा आगे बढ़ सकेगी
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिका और इजरायल पर एमओयू का उल्लंघन का आरोप
ईरान ने शनिवार को एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने की घोषणा की
फाजिल्का जिले के गांव लाधुका निवासी एक युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 42 लाख 60 हजार रुपये की कथित ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने वैध वीजा पर अमेरिका भेजने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में युवक को अवैध तरीके से सीमा पार करवाई गई, जहां उसे अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। सजा पूरी करने के बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। सदर थाना फाजिल्का के एसएचओ हरदेव सिंह बेदी ने बताया कि नरेश सिंह पुत्र काला सिंह निवासी लाधुका की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता काला सिंह ने उसे अमेरिका भेजने के लिए गुरजंट सिंह और मंगत सिंह को 42 लाख 60 हजार रुपये दिए थे। आरोपियों ने तीन महीने के भीतर अमेरिका भेजने का वादा किया था। नरेश सिंह के अनुसार, आरोपियों ने उसे वैध तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में उसे विभिन्न देशों के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाया गया। उसने आरोप लगाया कि गुरजंट सिंह का भाई अमेरिका में रहता है और उसी के माध्यम से उसे विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। अमेरिका के जेल में रहा पीड़ित शिकायत में कहा गया है कि एजेंटों और तथाकथित “डंकरों” की मदद से उसे जंगलों और अन्य देशों के रास्तों से होते हुए मैक्सिको के पिएद्रास नेग्रास क्षेत्र से अमेरिका के ईगल पास, टेक्सास में नदी पार कर अवैध रूप से दाखिल करवाया गया। अमेरिका पहुंचने के तुरंत बाद उसे वहां की बॉर्डर पेट्रोल एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे जेल भेजा गया और टेक्सास की अदालत में पेश किया गया, जहां गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में 14 दिन की सजा सुनाई गई। सजा पूरी होने के बाद उसे इमिग्रेशन कैंप में रखा गया और करीब पांच महीने बाद भारत वापस डिपोर्ट कर दिया गया। नरेश सिंह का आरोप है कि भारत लौटने के बाद उसने और उसके परिवार ने आरोपियों से रकम वापस मांगने का प्रयास किया। इस संबंध में पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने गुरजंट सिंह और मंगत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। जब भी किसी प्रोडक्ट, फ्लाइट टिकट या किसी खबर की जानकारी चाहिए होती है, हमें गूगल पर जाकर सर्च करना पड़ता है। कई बार लोग किसी सेल का इंतजार करते हैं, स्टॉक में वापस आने वाले प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट रिफ्रेश करते रहते हैं या किसी खास विषय पर लगातार अपडेट देखते रहते हैं। अब गूगल इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है। कंपनी ने सर्च एजेंट्स नाम का नया एआई फीचर पेश किया। यह ऐसा डिजिटल एजेंट है, जो आपके लिए 24 घंटे इंटरनेट पर नजर रखता है। यूजर्स के लिए चार फायदे 1. कोई प्रोडक्ट स्टॉक में आते ही अपडेट देता है मान लीजिए आप किसी लिमिटेड एडिशन किताब या नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं। एआई को सिर्फ ये प्रॉम्प्ट दीजिए कि यह प्रोडक्ट भारत में उपलब्ध होते ही आपको अपडेट करे। जैसे ही वह स्टॉक में आएगा, गूगल आपको अलर्ट भेज देगा। 2. फ्लाइट सस्ती होते ही मिलेगा नोटिफिकेशन अगर आप किसी शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एआई को बता सकते हैं कि टिकट का किराया कम होने पर जानकारी दे। एआई लगातार अलग-अलग वेबसाइट्स पर कीमतें देखता रहेगा। 3. खबर पर लगातार अपडेट करेगा परीक्षा से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो इंटरनेट पर नई जानकारी के आधार पर इससे जुड़े अपडेट देता रहेगा। 4. प्रॉपर्टी या रेंट पर घर लेने में भी मदद करेगा अभी हर प्रॉपर्टी वेबसाइट पर जाकर बजट, लोकेशन और दूसरे फिल्टर दोबारा भरने पड़ते हैं। सर्च एजेंट में अपनी जरूरत एक बार बताने के बाद एआई वेबसाइट्स पर उसी आधार पर नए विकल्प मिलने पर सूचना देगा। ऐसे काम करेगा सर्च एजेंट अभी तक गूगल पर कोई सवाल पूछने पर यूजर्स को सर्च रिजल्ट, वेबसाइट्स के लिंक और एआई ओवरव्यू दिखाई देता है। अगर विस्तार से जानकारी चाहिए तो एआई मोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। सर्च एजेंट्स के साथ यह तरीका बदल जाएगा। यूजर एआई मोड में जाकर सिर्फ एक बार अपनी जरूरत बताएगा। इसके बाद एआई बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट स्कैन करता रहेगा। जैसे ही उससे जुड़ी कोई नई जानकारी मिलेगी, वह खुद नोटिफिकेशन भेज देगा। इस्तेमाल कैसे करेंगे? एआई मोड खोलिए व अपनी जरूरत लिखिए। उदाहरण के लिए... मुझे दिल्ली से टोक्यो जाना है। इसकी फ्लाइट जैसी ही सस्ती हो, तो मुझे अपडेट कीजिए... यानी जितना स्पष्ट निर्देश देंगे, उतने बेहतर परिणाम देगा। जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा - शुरुआत में अमेरिका में उपलब्ध है। - इसका इस्तेमाल केवल गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर कर सकते हैं। - जल्द ही इसे एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। सिएटल स्टेडियम में ग्रुप-डी के मैच में स्टार फॉरवर्ड क्रिश्चियन पुलिसिक की गैरमौजूदगी में उतरी अमेरिकी टीम ने इस एडिशन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पुलिसिक पिंडली की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल सके। लेकिन, टीम को उनकी कमी नहीं खली। अमेरिका ने इससे पहले अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। टीम ग्रुप-डी में 6 अंक के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है। तुर्किए और पराग्वे एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौके नंबर पर हैं। बर्गेस का आत्मघाती गोल, अमेरिका को बढ़त मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली, जब फोलारिन बालोगुन के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने आत्मघाती गोल कर दिया। फ्रीमैन ने हेडर से गोल दागा पहले हाफ के 43वें मिनट में अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। सिर्जिनो डेस्ट के डिफ्लेक्टेड प्रयास को एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर से गोल में बदल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद गोल को मंजूरी मिली। यह 21 साल फ्रीमैन का विश्व कप में पहला गोल था। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी। ---------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको फुटबॉल वर्ल्डकप के नॉकआउट में पहुंचने वाली पहली टीम को-होस्ट मैक्सिको फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में पहुंच गई है। वह टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में पहुंचने वाली इस एडिशन की पहली टीम बन गई। उसने शुक्रवार के आखिरी मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
दोनों पक्षों को लगना चाहिए कि वे जीत गए, तभी अमेरिका-ईरान समझौता टिक पाएगा : शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के टिके रहने के लिए दोनों पक्षों को यह महसूस होना चाहिए कि वे जीत गए हैं
अमेरिका के वर्जीनिया में 19 वर्षीय पंजाबी छात्र ने अपने ही परिवार को गोलियां से भून दिया। युवक ने पहले माता-पिता को शूट किया और फिर नानी पर फायर कर दिया। जबकि बड़ा भाई बाल-बाल बच गया। वारदात के बाद आरोपी की पिस्टल जाम हो गई। युवक तुरंत गाड़ी लेकर भागा और तभी उसका एक्सिडेंट हो गया। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, युवक का परिवार पंजाब के नवाशहर का है। जहां मातम छाया है। पुलिस के अनुसार, उसके भाई की शिकायत के बाद ही उन्होंने आरोपी को घेरकर पकड़ा। हालांकि, आरोपी ने फायरिंग क्यों की, इसका पता लगाया जा रहा है। जांच में अभी तक आरोपी ने कुछ नहीं बताया। अब जानिए पूरा मामला… यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास का छात्र का आरोपी पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, वारदात 17 जून की रात अमेरिका के वर्जीनिया स्थित स्कैनोन विलेज में हुई। आरोपी गौरव चोपड़ा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास रियो ग्रांडे वैली का छात्र है। उसने अचानक अपने ही घर में परिवार के सदस्यों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। मा-बाप और नानी के सिर में गोली मारी आरोपी गौरव ने अपनी मां कमलेश रानी (46), पिता सीता राम (56) और नानी महेंद्र कौर (73) के सिर में गोलियां मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उसने अपने बड़े भाई सजन (21) को भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन वह किस्मत से बच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गौरव मौके से फरार हो गया। कार का एक्सीडेंट होने के बाद पकड़ा गया आरोपी वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय काउंटी शेरिफ ऑफिस की पुलिस ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू की। भागने की कोशिश में गौरव की कार का एक्सीडेंट हो गया और पुलिस के मुताबिक उसकी पिस्टल भी जाम हो गई। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। गौरव पर 'कैपिटल मर्डर' के चार गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उसे बिना जमानत जेल में रखा गया है। 5 महीने पहले पंजाब आए थे पंजाब के नवाशहर के गांव लखपुर में परिवार का पैतृक घर है। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गयाहै। मृतक सीता राम का 'पाम व्यू' इलाके में बिजनेस था। गांव में रहने वाले मृतक के चचेरे भाई मक्खन सिंह ने बताया कि पूरा परिवार लगभग 20-30 साल से अमेरिका में रह रहा था। अभी करीब 5 महीने पहले ही सीता राम, उनकी पत्नी और दोनों बेटे के साथ गांव घूमने आए थे। अभी तक हत्या की वजह सामने नहीं आई मक्खन सिंह के अनुसार, उन्हें विदेश से किसी परिचित का फोन आया था जिसके बाद उन्हें इस सामूहिक हत्याकांड का पता चला। हालांकि, अभी तक परिवार को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर गौरव ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के बाद हत्या के कारण का पता चल पाएगा।
री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के तीन दिन पहले (21 जून) राजस्थान के भीलवाड़ा से पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले स्टूडेंट को पकड़ा है। आरोपी स्टूडेंट बैन टेलीग्राम एप के जरिए डील करता था। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है। दिल्ली से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने आरोपी 19 साल के आकाश चौधरी को गुरुवार (18 जून) देर रात 1 बजे शहर के पटेल नगर से उसके घर से गिरफ्तार किया है। जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश चौधरी जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है। उसके टेलीग्राम चैनल पर 52 मेंबर हैं। दावा है कि वो री-नीट के फर्जी पेपर चार-चार हजार रुपए में बेच रहा था। पैसे क्यू आर कोड भेजकर अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जबकि उसके नेटवर्क, बैंक लेन-देन और ठगी के शिकार लोगों की जांच जारी है। एस-मेक पोर्टल से मिली सूचना प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया - भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहा है। इसके साथ ही डीएसटी को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर स्थित एक मकान में रह रहा युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहा है। अमेरिकी नेटवर्क का इस्तेमाल ताड़ा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां रहने वाले 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल बना रखा था। वह USA के वीपीएन नंबर और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए टेलीग्राम संचालित कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए। नीट की किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर तैयार करता था और उन्हें असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों को भेजता था। परिवार चूरू का, 25 साल से भीलवाड़ा में रह रहा आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार करीब 25 साल पहले रोजगार के लिए भीलवाड़ा आया था और पटेल नगर विस्तार में बस गया। आकाश ने भीलवाड़ा में पढ़ाई करने के बाद 12वीं पास की और वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था। मोबाइल जब्त, नेटवर्क और लेन-देन की जांच जारी थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और बैंक खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई, खातों में कितना पैसा ट्रांसफर हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है। पेपर लीक के कारण 3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। नीट परीक्षा को लेकर टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है। …. NEET पेपरलीक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. नीट पेपरलीक का आरोपी पूर्व बीजेपी पदाधिकारी निकला:कांग्रेसी बोले- भाजपा और माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा-हमारा कार्यकर्ता नहीं नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) से पकड़े गए दो भाइयों में एक भाजपा युवा मोर्चा का पदाधिकारी रह चुका है। बीजेपी से संबंध होने पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूरी खबर पढ़िए 2. NEET पेपर लीक- 'गेस पेपर' बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था। माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे 'गेस पेपर' का नाम दिया। पूरी खबर पढ़िए
नमस्कार, अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म हो गया है। दोनों देशों के बीच डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं। उधर, वैभव सूर्यवंशी मामले में BCCI दखल नहीं देगा। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि MP-UP और राजस्थान में मानसून कब पहुंचेगा... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका-ईरान जंग खत्म, दोनों प्रेसिडेंट ने दस्तखत किए, ट्रम्प चिल्लाकर बोले- डील साइन अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। फ्रांस के वर्साय पैलेस में ट्रम्प ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने डिजिटल साइन किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। डील पर दस्तखत करने के बाद ट्रम्प वर्साय पैलेस से बाहर आए। इस दौरान किसी रिपोर्टर ने उनसे पीस डील को लेकर पूछा, तो उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, ‘डील साइन हो गई है।’ पाकिस्तानी ने इस्लामाबाद समझौता बताया: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस समझौते पर मध्यस्थ के तौर पर दस्तखत किए। उन्होंने X पर पोस्ट कर इसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ बताया। ईरान अब कभी परमाणु हथियार बनाएगा: 14 पॉइंट्स के समझौते के तहत ईरान और लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकी जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म होगी। अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का फंड बनाएंगे। वहीं, ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया, 1000 से ज्यादा ड्रोन, क्रूज मिसाइलें भी दागीं यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के मुताबिक, करीब 1,000 ड्रोन और 4 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। हमले में रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो तबाह हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई। मॉस्को की एक ऑयल रिफाइनरी भी निशाने पर रही। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई। जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे कीव पर रूसी हमलों का जवाब बताया। उन्होंने कहा, 'हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।' 2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े: 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे। अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. सीएम योगी आज राम मंदिर जाएंगे, प्रशासन ने चंपत राय को आने से मना किया राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी आज शुक्रवार को अयोध्या पहुंचेंगे। वह राम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। लेकिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय दूर रहेंगे। उन्हें कार्यक्रम में आने से मना किया गया है। चंपत राय से कहा गया- अपना प्रतिनिधि भेजें: सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने सीएम का जो प्रोटोकॉल लेटर जारी किया है, उसमें इस बात का जिक्र है। लेटर में पॉइंट नंबर 29 में चंपत राय से अनुरोध किया गया है कि योगी के राम मंदिर कार्यक्रम के लिए वह किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें। इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दें। नृपेंद्र मिश्र बोले- बेईमानों को 7 वंश तक श्राप लगेगा: श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बेईमानों को 7 वंश तक श्राप लगेगा। उन्होंने ये बात एक मीडिया हाउस से इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा कि ये मामला तो जमीन खरीद विवाद से भी गंभीर और चुनौतीपूर्ण है। पूरी खबर पढ़ें… 4. यूपी में धमाके की साजिश रच रहे 2 संदिग्ध आतंकी अरेस्ट, आर्मी-एयरफोर्स की रेकी का टारगेट मिला यूपी एटीएस ने गुरुवार को 2 संदिग्ध आतंकी पकड़े हैं। इनमें एक मोहम्मद उमर और दूसरा फैजान है। दोनों बुलंदशहर के रहने वाले हैं। एटीएस का दावा है कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तान के गैंगस्टरों से जुड़े आतंकी नेटवर्क के संपर्क में थे। रेकी के लिए मिला 10 हजार का ऑफर: दोनों को लखनऊ आर्मी कैंट और प्रयागराज में बमरौली एयरफोर्स स्टेशन की रेकी करने का टारगेट दिया गया था। इसके बदले 10 हजार रुपए देने की बात कही गई थी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि मामले में अब तक कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पाकिस्तानी डॉन के पोस्टर भी लगाने थे: उमर और फैजान वॉट्सऐप-इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट्ट, हम्माद बरकाती और राणा हुनैन के संपर्क में आए। उनके कहने पर दोनों देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इन्हें पाकिस्तानी डॉन आबिद जट्ट के पोस्टर बुलंदशहर में लगाने और उनके वीडियो बनाकर भेजने का काम मिला था। पूरी खबर पढे़ं… 5. वैभव सूर्यवंशी मामले में दखल नहीं देगा BCCI, बोर्ड सेक्रेटरी बोले- फैसला लेने का हक मैच रेफरी के पास BCCI ने वैभव सूर्यवंशी के श्रीलंका ए के खिलाड़ी को धक्का देने के मामले में एक्शन लेने से मना किया। सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि फैसला लेने का हक मैच रेफरी के पास है। BCCI इसमें कोई दखल नहीं देगा। उन्होंने कहा;- ऐसी घटनाएं खेल में होती रहती हैं। इसके लिए पहले से सिस्टम है। वही सिस्टम फॉलो किया जाएगा। इसमें हमारा कोई रोल नहीं है। अब पूरा मामला पढ़िए: 15 जून को दांबुला में श्रीलंका-ए ने भारत ए को ट्राई सीरीज के मैच में हराया था। मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ था। सुपर ओवर के बाद वैभव की श्रीलंका के खिलाड़ियों से बहस हो गई थी। इस पर वैभव ने श्रीलंका के विशेन हलामबागे को धक्का दे दिया था। पूरी खबर पढ़ें... 6. राज्यसभा चुनाव- 12 राज्यों की 26 सीटों में से 19 NDA को, झारखंड में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस उम्मीदवार की हार 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई। NDA ने 19, इंडिया ब्लॉक ने 6 और ZPM ने 1 सीट जीती। झारखंड में क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा समर्थित उद्योगपति परिमल नाथवानी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया। JMM के बैद्यनाथ राम भी जीत गए। मिजोरम में ZPM के के. लल्टलुआंगकिमा राज्यसभा पहुंचने वाले पार्टी के पहले सांसद बने। 26 में से 23 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीते: 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। पूरी खबर पढ़ें... 7. राजस्थान, MP-UP में 22 जून तक नहीं पहुंचेगा मानसून, 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंचा मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। इसके 22 जून से पहले राजस्थान, यूपी और एमपी पहुंचने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, आमतौर पर मानसून 15-16 जून तक एमपी, 18-20 जून तक यूपी और और 20 जून तक राजस्थान पहुंच जाता है। इस बार तीनों राज्यों में इसकी एंट्री देर से होगी। 4 जून को केरलम पहुंचने के बाद मानसून 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। 8 राज्यों में तापमान 40C पार: मानसून ने लगातार तीसरे साल जून में लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में शुरुआती ब्रेक के बावजूद पूरे सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इस साल 4 जून से 18 जून के बीच देश में सामान्य से 42% कम बारिश हुई है। वहीं, प्री-मानसून ऐक्टिव होने के बावजूद महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिसा समेत 8 राज्यों में तापमान 40C के पार है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... प्रेमी के ऊपर कूदी 136 किलो की प्रेमिका अमेरिका में झगड़े के दौरान 136 किलो वजनी महिला अपने 54 किलो वजनी प्रेमी के ऊपर कूद गई। जिसकी वजह से युवक की मौत हो गई। मामले में कोर्ट ने महिला को दोषी मानते हुए 36 साल की जेल की सजा सुनाई। पूरी खबर पढ़ें ... भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को संपर्कों से फायदेमंद कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। तुला राशि वालों का रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
रांची में मानव तस्करी और अवैध नेटवर्क पर मंथन, अमेरिका-भारत ने सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
रांची | अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, कोलकाता की पहल पर रांची में “यूएस–इंडिया कोऑपरेशन टू काउंटर ट्रैफिकिंग थ्रेट्स” विषयक प्रवर्तन सहयोग सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों, नागरिक समाज और शिक्षाविदों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्कों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। कार्यक्रम का उद्घाटन अमेरिकी महावाणिज्य दूत कैथी गाइल्स-डियाज ने किया। उन्होंने कहा कि तस्करी नेटवर्क समुदायों को नुकसान पहुंचाते हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं और कमजोर लोगों का शोषण करते हैं। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका और भारत के बीच साझा प्रयासों और समन्वित कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने उन्नत जांच मॉडल, डेटा-आधारित सीमा निगरानी तकनीकों और बहु-एजेंसी समन्वय तंत्र पर अपने अनुभव साझा किए। साथ ही सूचना साझाकरण को बेहतर बनाने और तस्करी की पहचान व रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया।
बिजनौर में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPM) के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की गई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार 'नाकाबंदी' का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज पर हमले जारी रखने की धमकी दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी प्रशासन की इन कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त आवाजाही के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक 'अपराधी' की तरह व्यवहार कर रहा है, जो पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश कर रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की 'जूनियर पार्टनर' बनने और अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ईरान और पश्चिम एशिया पर अमेरिकी हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ऊर्जा की लागत बढ़ी है और उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हुई है। कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के एक महत्वपूर्ण देश के रूप में भारत को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ खड़े होने के लिए ग्लोबल साउथ की आवाजों का नेतृत्व करना चाहिए। केंद्र सरकार से यह भी मांग की गई कि मारे गए नाविकों के परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन में फरीद अहमद, शफाफत मोहम्मद, इसरार, तुलाराम, इंदु कुमार शर्मा, अखलाक मोहम्मद, सुहैल सलीम, राम अवतार सिंह, जयपाल सिंह, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
कीमती धातुओं पर अमेरिकी फेड के फैसले का असर, सिल्वर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार) पेरिस पहुंचे। वे रात 12 बजे फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित दो दिवसीय G7 समिट में शामिल होने के बाद रवाना हुए थे। पेरिस में होटल के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया और बच्चों को दुलारा भी। पीएम गुरुवार शाम Vivatech 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। एक दिन पहले मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी और ट्रम्प गर्मजोशी से मिले। ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। अब मोदी-ट्रम्प मुलाकात की तस्वीर यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है Vivatech Vivatech यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है, जहां दुनियाभर की नई इंडस्ट्रीज, टेक्निक कंपनियां, इंवेस्टर और एक्सपर्ट नई टेक्निक और इनोवेशन का डिस्प्ले करते हैं। मुख्य तौर पर आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप और उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, भविष्य की उभरती तकनीकों पर उन पर चर्चा करते हैं। यहां भारत का राष्ट्रीय मंडप (इंडिया पैवेलियन) भी स्थापित किया गया है, जहां देश के स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का आज अंतिम दिन है। मोदी 13-14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में थे। इसके बाद 14 से 16 तक स्लोवाकिया में रहे। वहां से लौटकर एवियन में G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। मोदी ने दोनों दिन भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। G7 समिट में कई वर्ल्ड लीडर्स से पीएम की मुलाकात और चर्चा G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। 14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा - वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। इससे पहले मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई थी। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया था। भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पूरी खबर पढ़ें… 13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए थे। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली थी। पूरी खबर पढ़ें… भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की 'मॉडर्न इकोनॉमी' वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। …………. यह खबरें भी पढ़ें… फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
अमेरिकी हमले में मारे गए देवरिया के शिवानंद चौरसिया (38) का शव बुधवार शाम 6 बजे उनके गांव सुरौली लाया गया। पत्नी और बहन बेहोश हो गईं। मां-बाप और भाई का का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बॉडी को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया। परिजन सीएम से बात करने पर अड़े हैं। परिजनों की 2 मांगे हैं। पहली- एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए। दूसरी- पत्नी को एक सरकारी नौकरी दी जाए। इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शिवानंद की पत्नी और भाई राम प्रवेश से फोन पर बात की। कहा- हम आपकी मांगों को सरकार को बताएंगे। अपनी तरफ से सरकार पर दबाव डालेंगे। आर्थिक मदद के बारे में भी चिट्ठी लिखूंगा। सपा और कांग्रेस के नेता शिवानंद के घर पर मौजूद हैं। भाजपा से रामपुर करथाना के विधायक सुरेंद्र चौरसिया भी मौके पर पहुंचे हैं। शिवानंद की 10 जून को होर्मूज स्ट्रेट के पास अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। वह सिंगापुर के जहाज 'MT सेत्तेबेल्लो' पर थे। शिवानंद जहाज पर इंजन फिटर थे और करीब 9 महीने पहले विदेश गए थे। 3 तस्वीरें देखिए… पढ़िए राहुल और शिवानंद के भाई के बीच की बातचीत… शिवानंद का भाई (रामप्रवेश)- नमस्कार सर राहुल गांधी- क्या हुआ था एक्जैक्टली वहां पर? रामप्रवेश- मेरा भाई जिस जहाज पर काम करता था, वहां मिसाइल गिरी और वहीं पर उनकी मौत हो गई। राहुल गांधी- अच्छा… और बॉडी? बॉडी रिकवरी नहीं हुई है अभी तक? रामप्रवेश: बॉडी आ गई है। राहुल गांधी- अच्छा, ठीक है। मैं आपको अपना प्यार और सपोर्ट देना चाहता था। परिवार को मेरी तरफ से बहुत-बहुत प्यार और अगर हमारे लायक कोई काम हो तो आप बता दीजिए। रामप्रवेश- ठीक है। उनकी (शिवानंद) की पत्नी को एक नौकरी मिल जाए। बच्चे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद मिल जाए। यही डिमांड है। राहुल गांधी- हां, ये मांग सरकार को बता देंगे। अपनी तरफ से दबाव डालेंगे सरकार पर। आर्थिक मदद के बारे में मैं चिट्ठी लिखूंगा। रामप्रवेश- ठीक है। राहुल गांधी- यूपी में हमारी सरकार नहीं है, तो हम दबाव ही डाल सकते हैं। रामप्रवेश- ठीक है सर। 20 लोगों का प्रतिनिधि मंडल शिवानंद के गांव पहुंचाकांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल, पूर्व जिलाध्यक्ष रामजी गिरी बुधवार को 20 लोगों के प्रतिनिधि मंडल के साथ शिवानंद के पैतृक गांव सुरौली पहुंचे। यहां शिवानंद के परिजनों से मुलाकात की। शिवानंद के छोटे भाई रामप्रवेश से राहुल गांधी की फोन पर बात कराई। अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- प्रदेश के उपमुख्यमंत्री निजी कार्यक्रमों में तो शामिल होते हैं, लेकिन इस पीड़ित परिवार का हाल जानने का समय नहीं निकाल सके। लल्लू ने आरोप लगाया कि जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अब तक परिवार की अपेक्षित सहायता नहीं की है। शिवानंद के लिए शहीद के दर्जे की मांग कीलल्लू ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद परिवार को लंबे समय तक पार्थिव शरीर का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए। उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। साथ ही रोजगार के लिए शिवानंद ने जो कर्ज लिया था] उसे भी सरकार चुकाए। परिवार के इकलौते कमाने वाले थे शिवानंददेवरिया जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर गांव सुरौली है। यहां गांव के बीच में रामजी चौरसिया का घर है। उनके दो बेटे शिवानंद (38) और राम प्रवेश व एक बेटी सोनी है। सोनी की शादी हो चुकी है। शिवानंद की 2017 में सुशीला के साथ शादी हुई थी। उनका पांच साल का बेटा राजवीर और दो साल की बेटी वानिका हैं। परिवार में पिता रामजी चौरसिया खेती और पशुपालन का काम करते हैं। मां कलावती देवी गृहिणीं हैं। 2012 में शिवानंद ने छोड़ दिया थापिता रामजी चौरसिया ने बताया- शिवानंद ने 2006 में मझगांवा के गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और 2008 में इंटरमीडिएट किया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवानंद ने 2012 में रोजगार की तलाश में घर छोड़ दिया। उन्होंने दुबई, मुंबई, लखनऊ, पुणे और सोलापुर सहित कई शहरों में काम किया। इसी दौरान उन्होंने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया। समुद्री जहाज पर नौकरी के लिए जरूरी सीडीसी (Continuous Discharge Certificate) प्रमाणपत्र भी लिया। इसके लिए गांव और रिश्तेदारों से उधार लेकर लगभग छह लाख रुपये खर्च किए गए थे। सितंबर 2025 में शिवानंद मुंबई से सिंगापुर पहुंचे और एक शिपिंग कंपनी के जहाज पर काम शुरू किया। पिता ने कहा- मेरे बेटे शिवानंद की मर्चेंट नेवी में 9 महीने पहले जॉब लगी थी। 6 लाख रुपये कर्ज लेकर उसका सीडीसी सर्टीफिकेट यानी समुद्री पासपोर्ट बनवाया था। उसकी सिंगापुर में जॉइनिंग हुई थी। वहां से पहली बार ही वो ऑयल शिप पर सवार हुआ था। लेकिन पहली यात्रा ही उसकी आखिरी यात्रा बन जाएगी, ऐसा कभी सपने में भी नहीं सोचा था। वह मेरे घर का इकलौता कमाऊ पूत था, जो अब नहीं रहा। हम लोगों का क्या होगा, अब भगवान ही जाने…।’ राहुल पहले दिन से हमलावर X पर लिखा था- हमारे कंप्रोमाइज्ड पीएम चुप हैं राहुल गांधी पहले दिन से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। अमेरिकी हमले पर उन्होंने 12 जून को X पर लिखा- अंतरराष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाजों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मौत हो गई। और हमारे कंप्रोमाइज्ड पीएम एक शब्द तक नहीं बोले। जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं। अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे। मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा। कंप्रोमाइज्ड पीएम भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत। 2 दिन बाद राहुल ने X पर फिर लिखा- अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीएम चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा- क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं। कल मोदी ने होर्मुज में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया मोदी की स्पीच 5 पॉइंट्स में… होर्मूज स्ट्रेट में 108 दिनों में 46 जहाजों पर हमलासमिट के पहले दिन मंगलवार को मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया था। आउटरीच सेशन में उन्होंने कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें राममंदिर कर्मचारी टिन्नू की पत्नी बोली- बदनाम किया जा रहा:SIT तीसरे दिन जांच के लिए पहुंची, BJP नेता बोले- बिना आग धुआं नहीं उठता अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बाद उनकी पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने कहा- 50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। हमें बदनाम किया जा रहा है। यह पति को फंसाने की साजिश है। अगर कोई सबूत है तो दिखाएं। पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत हो गई। युवक अमेरिा के सैक्रामेंटो शहर में एक स्टोर पर जॉब करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर रूप पर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया। नाइट शिफ्ट शुरु होने से पहले उसके दोस्त उसे लेने पहुंचे तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर युवक को बेसुध हालत में पड़ा देख उनके होश उड़ गए। दोस्तों ने तुरंत उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोस्तों ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक, युवक दो साल पहले दो एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह अमेरिका चला गया था। मौत से दो दिन पहले परिवार की उससे बात हुई थी। युवक ने कहा था- चिंता ना करों, सारे कर्ज उतार दूंगा। बेटे की मौत से परिजन सदमे में है। उन्होंने परिवार ने सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से बेटे के शव को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि बेटे को देश की मिट्टी नसीब हो सके। युवक के भारत से अमेरिका तक सफर की पूरी कहानी… युवक सुपनदीप के परिवार ने बताईं ये बातें… 5 महीने में करनाल के 6 लोगों की विदेश में मौत करनाल से कई बच्चे विदेश पढ़ने या परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाते हैं। कोई कनाडा तो कोई अमेरिका जाता है। मगर, बीते 6 महीनों में ही विदेशों में सात युवकों की मौत से राज्य और परिवारों को बड़ा झटका लगा है। ताजा मामला युवक सुपनदीप का है। इससे पहले छह युवकों की भी बीमारी, हादसों में मौत हो चुकी है। 14 दिन पहले ही अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के शिव कॉलोनी निवासी प्रवीन (40) की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो महीने पहले बसंत विहार निवासी युवक की रूस में मौत हो गई। युवक टूरिस्ट वीजा पर 16 मार्च को विदेश गया था। परिवार को उसकी मौत की सूचना वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से मिली। बताया जा रहा है कि युवक की गिरने से मौत हुई। इसी तरह टेक्सास शहर में फूड स्टोर में लगी आग में जिंदा जलकर करनाल के ही गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह (22) की मौत हो गई थी। दो महीने पहले ही घोघगड़ीपुर गांव के एक 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। वहीं, कैमला गांव के युवक मुकेश कुमार की स्पेन में 5 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई। इन्द्री के गांव समौरा के चेतक शर्मा की भी अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। --------------------------------- यह भी पढ़ें- करनाल के युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:मौत से 3 घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल की, ₹60 लाख खर्च कर गया था करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। घटना के बाद वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका दौरे पर गए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का विभिन्न गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंधकों और संगतों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचा है। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कैलिफोर्निया के लैथरॉप स्थित दल बाबा बिधीचंद जी संप्रदा के पड़ाव, दमदमी टकसाल के प्रबंधन वाले गुरुद्वारा गुरमति प्रकाश मंटीका तथा फ्रेस्नो स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश सहित कई धार्मिक स्थलों पर माथा टेका और संगतों के साथ विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय प्रबंधकों ने एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विरक, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, सदस्य भाई राजिंदर सिंह महिता, ओएसडी सतबीर सिंह और सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को विशेष रूप से सम्मानित किया। फ्रेस्नो के गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश में संगत को संबोधित करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि विदेशों में बसे सिख समुदाय ने अपनी मेहनत, समर्पण और गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा से पूरी दुनिया में सिख पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि एसजीपीसी सिख धर्म के प्रचार-प्रसार, गुरमत सिद्धांतों के प्रसार और युवाओं को अपने विरसे से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लैथरॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट धामी ने बाबा अवतार सिंह सुरसिंह वालों की अगुवाई में दल बाबा बिधीचंद संप्रदा द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने यूबा सिटी में स्थापित किए जा रहे प्रेस और धर्म प्रचार केंद्र के लिए स्थानीय सिख संगठनों और संगतों से सहयोग की अपील भी की। स्थानीय सिख नेताओं ने एसजीपीसी द्वारा धार्मिक, पंथक और शैक्षणिक क्षेत्रों में की जा रही सेवाओं की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
चंडीगढ़ में विधानसभा (पंजाब और हरियाणा विधानसभा), एमएलए हॉस्टल और अन्य सरकारी संस्थानों से हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में बिक्री होने का मामला और गहरा गया है। इस मामले में अब पंजाब विधानसभा ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए जहां हाउस कमेटी को अधिकार दिए गए हैं। विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि नीलाम हुआ फर्नीचर किसकी कस्टडी में था। चंडीगढ़ प्रशासन से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। क्योंकि 2002 तक हास्टल की देखरेख यूटी के पास था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था। विधानसभा स्पीकर ने इस बारे में क्या बताया, तीन प्वाइंटों में जानें 1. कमेटी को दिए जांच के अधिकार : विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि हाउस की कमेटी को अधिकार दिया गया है कि इसकी जांच की जाए। 2. 2002 में पंजाब को मिले राइट : एक हाई लेवल मीटिंग में मैंने खुद चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि पिछले दिनों जो फर्नीचर अमेरिका में नीलाम हुआ है, वह किसकी कस्टडी में था। क्योंकि 2002 तक एमएलए हॉस्टल व एमएलए फ्लैट के सारे इंतजाम यूटी प्रशासन देखता रहा है। 2002 के बाद यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पंजाब को मिली थी। वहां पर अब कोई भी विरासती फर्नीचर नहीं है। 3. फर्नीचर बाहर जाने की गुजाइंश नहीं : हालांकि विरासती फर्नीचर चंडीगढ़ के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों, यहां तक कि थानों में भी पड़ा है। उसकी इन्वेंटरी बनाई गई है। ऐसे में अब फर्नीचर बाहर जाने की गुंजाइश नहीं है। यह 2002 से पहले ही बाहर गया है। इसलिए पत्र लिखा गया है। कानून मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। 59 लाख से अधिक में बिका फर्नीचर जून 2026 में, अमेरिका के शिकागो में स्थित एक नीलामी घर में पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की गई। नीलामी में हेरिटेज कुर्सियों का एक जोड़ा और चार लो-स्टूल (कम ऊंचाई वाले स्टूल) बेचे गए। फर्नीचर की कीमत करीब 72,720 अमेरिकी डॉलर (यानी 59 लाख रुपये से अधिक) थी। नीलाम कुर्सियों पर बकायदा इन्वेंट्री मार्किंग “MLA (H) PB/1/B-11” लिखी हुई थी। इससे पहले सितंबर 2025 में फ्रांस के पेरिस में एक ऑक्शन हाउस द्वारा पियरे जेनरेट द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की 16 वस्तुओं की नीलामी की गई थी। यह पूरा फर्नीचर करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये में बिका था। पुलिस की कहानी पड़ी, आरोपी हुए बरीहेरिटेज फर्नीचर विदेशों में बिकने के मामले काफी समय से आते रहे हैं। साल 2022 में चंडीगढ़ जिला अदालत में हेरिटेज फर्नीचर चोरी से जुड़ा मामला चल रहा था, लेकिन पुलिस की कमजोर पैरवी और सबूतों की कमी के कारण 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। पुलिस कोर्ट में चोरी की कड़ियों और रिकवरी को पूरी तरह साबित करने में विफल रही थी। हालांकि जांच के दौरान कई बार आरोपियों के तार मुंबई के कबाड़ तस्करों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़े पाए गए, जो चंडीगढ़ के सुरक्षाकर्मियों या कर्मचारियों की मिलीभगत से सामान चुराकर विदेशों में शिप कर देते थे। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद चोरी का सिलसिला पूरी तरह नहीं थम सका है।
गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में अनूठे शांतिदूत 'पीस डॉग' आलोका से मिलने के लिए बड़ी संख्या में पशु प्रेमी, एक्टिविस्ट और प्रशंसक पहुंचे। यहां वॉक फॉर पीस द्वारा एक विशेष 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। होटल के हॉल में मौजूद प्रशंसक आलोका की असीम शांति को देखकर दंग रह गए। कार्यक्रम में आए लोगों ने उसे सहलाया, उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और भिक्षुओं से उसकी जीवन यात्रा के अनुभव सुने। दो दिन पहले दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी उनसे मुलाकात की थी। आलोका ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इंस्टाग्राम पर 4.82 लाख फॉलोअर आलोका कोई साधारण कुत्ता नहीं है, बल्कि भारतीय नस्ल (परिया) का एक ऐसा डॉग है, जिसकी कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। लगभग चार वर्ष के आलोका के माथे पर कुदरती तौर पर दिल के आकार का एक सफेद निशान है, जो उसकी पहचान और शांत स्वभाव को और खास बनाता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आलोका के 4.82 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उसकी हर शांति यात्रा को लाइव मैप के जरिए ट्रैक करते हैं। कोलकत्ता से बौद्ध भिक्षुओं के साथ शुरू हुआ सफर मूल रूप से कोलकत्ता की सड़कों पर लावारिस घूमने वाले इस बेघर डॉग का जीवन साल 2022 में पूरी तरह बदल गया। तब भारत और बोधगया की शांति यात्रा पर आए बौद्ध भिक्षुओं के एक दल के पीछे यह कुत्ता खुद-ब-खुद चलने लगा था। भिक्षुओं के अनुसार अपनी भारत यात्रा के दौरान इस बेनाम कुत्ते ने बिना किसी स्वार्थ या लालच के लगातार 100 से अधिक दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और शहरों की खाक छानी। एक्सीडेंट में घायल हुआ, लेकिन साथ नहीं छोड़ा यात्रा के दौरान वह एक कार दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही वह फिर से भिक्षुओं के शांत काफिले में शामिल हो गया। उसकी इसी अटूट निष्ठा और शांतिपूर्ण व्यवहार को देखकर वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु वेनरेबल भिक्खु पन्नाकारा ने उसे गोद ले लिया और उसे पालि भाषा का नाम 'आलोका' दिया, जिसका अर्थ होता है 'प्रकाश' या 'रोशनी'। अमेरिका में 3,700 किमी की ऐतिहासिक पदयात्रा भारत के बाद भिक्षु आलोका को अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां वह आधिकारिक तौर पर 'वॉक फॉर पीस' अभियान का मुख्य चेहरा बन गया। अक्टूबर 2025 में टेक्सास से शुरू हुई इस वैश्विक शांति यात्रा के तहत आलोका ने भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। गुरुग्राम में उमड़े लोग हाल ही में भारत लौटने पर नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी से मुलाकात करने के बाद आलोका गुरुग्राम पहुंचा। गुरुग्राम में आयोजित 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम पूरी तरह से शांति और मौन ऊर्जा से भरा रहा। भिक्षु पन्नाकारा के मुताबिक इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल आलोका की प्रसिद्धि का जश्न मनाना नहीं, बल्कि समाज में बेसहारा और स्थानीय जानवरों के प्रति दयाभाव जगाना है। भिक्षुओं ने मंच से संदेश दिया कि शांति की शुरुआत हमारे दिलों से और समाज के सबसे कमजोर जीवों की रक्षा से होती है। आलोका बिना बोले ही दुनिया को यह सिखा रहा है कि अगर सही प्यार और गरिमा मिले, तो सड़कों पर रहने वाला एक मामूली जीव भी दुनिया को मानवता और सह-अस्तित्व का सबसे बड़ा पाठ पढ़ा सकता है। भिक्षु पन्नाकारा के बिना, अलोका का जीवन बहुत अलग होता। उनकी सच्ची करुणा ने उन सीढ़ियों का काम किया जिन्होंने उसके पूरे अस्तित्व को ऊपर उठाया।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

