हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर ठगी और 'डंकी' (अवैध रास्ता) के जरिए युवाओं की जिंदगी दांव पर लगाने का एक और खौफनाक मामला सामने आया है। पानीपत के शिमला-मलाना की रहने वाली एक महिला ने करनाल के एक एजेंट पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी करवाने की नीयत से उनके पति को मौत के मुंह में धकेलने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। ग्रीन कार्ड और टीचर की नौकरी का दिया झांसा महिला मीना देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव गंगाटेहड़ी (करनाल) निवासी कुलदीप सिंह ने उन्हें और उनके पति सुनील कुमार को झांसा दिया था कि वह एक रजिस्टर्ड एजेंट है। उसने 76 लाख रुपए में दोनों को अमेरिका भेजने, वहां ग्रीन कार्ड और टीचर की नौकरी दिलवाने का सौदा तय किया। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि पूरा पैसा अमेरिका पहुंचने के बाद ही देना होगा। फ्लाइट का वादा कर 'डंकी' के रास्ते भेजा, छीने पासपोर्ट और पैसे शिकायत के अनुसार, कुलदीप सिंह ने चालाकी से सुनील कुमार को पहले भेजने की बात कही। उसने वादा किया था कि सुनील को फ्लाइट से मेक्सिको भेजा जाएगा। लेकिन हकीकत में उन्हें दुबई और अजरबैजान के रास्ते सर्बिया भेज दिया गया। सर्बिया पहुंचते ही एजेंट के गुर्गों ने सुनील से उनके 5000 यूरो और पासपोर्ट छीन लिए। 45 दिनों तक जंगलों में अमानवीय यातनाएं मीनार देवी ने बताया कि उसके पति सुनील कुमार को भेड़-बकरियों की तरह ट्रालों में भरकर जंगलों के रास्ते अवैध बॉर्डर पार कराया गया। पीड़िता ने बताया कि... एजेंट ने दी जान से मारने की धमकी मीना देवी का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो कुलदीप सिंह ने उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुका है। एसपी के आदेश पर FIR मीना देवी की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आदेश पर पुलिस ने थाना सेक्टर 13/17, पानीपत में मामला दर्ज किया गया है। इसमें IPC की धारा 406 (अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी) और 24 इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ गांव निवासी 24 साल के विपिन चौधरी की मौत को तीन दिन बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हो सका है। हालांकि, इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से शव लाने की तैयारी चल रही है। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ़ नार्थ अमेरिका (राना) न्यूयॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी से परिवार के लोगों ने मदद मांगी है। वे लगातार भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि शव को भारत लाने में तीन दिन और लग सकते हैं। मां-पिता से वीडियो कॉल कर सोया था विपिन दरअसल, 29 दिसंबर की रात विपिन चौधरी घर पर वीडियो कॉल पर मां-पिता से बात कर सोया था। अगले दिन 30 दिसंबर को नहीं उठा। दोस्त हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अब परिवार बेटे के शव आने का इंतजार कर रहा है। हालांकि, युवक की मौत को तीन दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन अभी पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। अब दूतावास के अधिकारियों से परिवार के लोगों ने बात की है। चचेरा भाई पहुंचा जार्जिया विपिन चौधरी का चचेरा भाई संदीप अमेरिका में ट्रक ड्राइवर है, जो जार्जिया में पहुंच गया। वहां जाने के बाद पता चला कि दो दिन छुट्टी है। अभी तक शव पुलिस स्टेशन में ही रखा हुआ है। अब सोमवार या मंगलवार को ही शव को भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। उसके बाद ही विपिन चौधरी का शव भारत लाया जाएगा। विपिन अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन बेचकर अमेरिका गया था। वह वहां शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। ---------- मामले से संबंधित ये खबर भी पढ़िए... राजस्थान के युवक की अमेरिका में मौत:वीडियो कॉल पर मां को कहा था- नींद आ रही, सोने जा रहा; इसके बाद नहीं उठा राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से मौत हो गई। युवक अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन बेचकर अमेरिका गया था। वह वहां शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात अपने घर पर वीडियो कॉल पर बात कर सोया था। अगले दिन 30 दिसंबर को नहीं उठा। दोस्त हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वह खैरथल-तिजारा जिले का रहने वाला था। अब परिवार बेटे के शव आने का इंतजार कर रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)
क्या है एंटी-कम्युनिज्म वीक बिल? अमेरिकी कांग्रेस ने किया पेश
USA: अमेरिकी कांग्रेस ने नवंबर के पहले सप्ताह (2-8 नवंबर) को एंटी-कम्युनिज्म वीक घोषित करने वाला बिल पेश किया है. सीनेटर रिक स्कॉट ने इसे पेश किया, जिसमें राष्ट्रपति से सालाना घोषणा और कम्युनिस्ट शासन के पीड़ितों को सम्मानित करने का आग्रह है.
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद को हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी है। जेएनयू के पूर्व छात्र पर UAPA कानून के तहत मामला चल रहा है। यह चिट्ठी ममदानी के 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आई है। लेटर में ममदानी ने उमर के लिए एकजुटता और समर्थन जताया। ममदानी ने लिखा, डियर उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें तुमने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी। तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हमें तुम्हारी चिंता है। खालिद के समर्थन में आए 8 अमेरिकी सांसद ममदानी के बाद अब 8 अमेरिकी सांसद खालिद के समर्थन में आ गए हैं। सांसदों ने भारतीय सरकार से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार खालिद के केस की सुनवाई करने की मांग करते हुए बुधवार को एक लेटर लिखा। हाउस रूल्स कमेटी के रैंकिंग सदस्य और टॉम लैंटोस ह्यूमन राइट कमिटी के को-प्रसिडेंट, डेमोक्रेट जिम मैकगवर्न ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में उन्होंने उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात की थी। मैकगवर्न ने आगे कहा कि खालिद को भारत में बिना मुकदमे के 5 साल से अधिक समय से जेल में रखा गया है। अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मैं यह आग्रह कर रही हूं कि उन्हें जमानत दी जाए और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार और समय पर सुनवाई हो। उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी से मुलाकात की थी खालिद के माता-पिता दिसंबर 2025 में अमेरिका गए थे। दरअसल, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी होने वाली थी और वहां रहने वाली उनकी बड़ी बेटी शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी, इसलिए वे उनसे मिलने गए थे। खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने बताया कि उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी के साथ काफी समय बिताया और उमर की जेल में बंदी की स्थिति पर चर्चा की। यह पत्र सामने आने के साथ ही मामदानी का उमर खालिद के लिए समर्थन भी चर्चा में आ गया है। 2023 में ममदानी ने खालिद का लेटर पढ़ा था जोहरान ममदानी जून 2023 में न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान खालिद के जेल से लिखे लेटर के अंश पढ़ चुके हैं। उस समय उन्होंने बताया था कि खालिद को बिना मुकदमे के लंबी अवधि तक हिरासत में रखा गया है, जो न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना है। खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत कई आरोप लगाए गए हैं। ममदानी का 2 साल पुराना वीडियो वायरल ममदानी का उमर खालिद की डायरी पढ़ने वाला वीडियो 2023 में हुए ‘हाउडी डेमोक्रेसी’ इवेंट का है। ममदानी मंच से कहते हैं, “मैं उमर खालिद का लिखी एक चिट्ठी पढ़ने जा रहा हूं। वे JNU के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट हैं, जिन्होंने भीड़ हिंसा और नफरत के खिलाफ कैंपेन चलाया था। वे अब तक 1000 दिनों से ज्यादा वक्त से जेल में हैं। उन पर UAPA कानून के तहत मामला चल रहा है, लेकिन अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ। उनकी जमानत कई बार खारिज की जा चुकी है और उन पर एक बार जानलेवा हमला भी हो चुका है।” 2020 से तिहाड़ जेल में बंद हैं खालिद खालिद के खिलाफ मुख्य मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि ये दंगे एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद और अन्य आरोपियों ने भड़काऊ भाषण देकर, व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए और गुप्त बैठकों में चक्का जाम और हिंसा की योजना बनाई, जिसका मकसद सरकार को अस्थिर करना था। खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे तिहाड़ जेल में हैं। इन आरोपों से खालिद ने लगातार इनकार किया है। न्यूयॉर्क के पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर हैं ममदानी भारतीय मूल के डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर बन गए हैं। ममदानी ने 4 नवंबर को न्यूयॉर्क शहर के मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया था। ममदानी पिछले 100 सालों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा, पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर हैं। ममदानी मानसून वेडिंग और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाली भारतीय मूल की मीरा नायर के बेटे हैं। चुनाव में जीत के बाद ममदानी ने ब्रुकलिन पैरामाउंट थिएटर में समर्थकों को संबोधित किया था। अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 15 अगस्त, 1947 की आधी रात को दिए गए 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' का जिक्र किया था। इस दौरान उनकी पत्नी रामा दुवाजी, पिता महमूद ममदानी और मां मीरा नायर भी मौजूद थे। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... भारतवंशी जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बने: कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली, न्यूयॉर्क के इतिहास में ऐसा पहली बार भारतीय मूल के जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं। उन्होंने गुरुवार को कुरान पर हाथ रखकर पद की शपथ ली। अब तक न्यूयॉर्क सिटी के अधिकतर मेयर बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ लेते रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें...
‘डियर उमर…’, ज़ोहरान ममदानी और 8 अमेरिकी सांसदों ने उमर ख़ालिद को लिखी चिट्ठी
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के नाम चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा, “‘प्रिय उमर, मैं अक्सर आपकी उन बातों को याद करता हूं, जिनमें आपने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने और हालात को बड़े नजरिए से देखने की बात कही थी. आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई. हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं”
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, जिसकी वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी खटास आई है. ऐसे में अब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने कहा है ट्रंप ने रिश्ते को बिगाड़ दिया है.
ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को पूरी तरह बिगाड़ा: कांग्रेसमैन सुब्रमण्यम का आरोप
व्यक्तिगत मतभेदों से कमजोर हुए रिश्ते, आर्थिक और रणनीतिक हितों पर असर टैरिफ और नीतिगत फैसलों से भारत-अमेरिका साझेदारी को नुकसान: सुब्रमण्यम चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत को स्वाभाविक सहयोगी बताया अमेरिकी सांसद ने वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनके अनुसार, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच रिश्तों में आई यह कमजोरी दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा रही है। सुहास सुब्रमण्यम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को पूरी तरह से खराब कर दिया है। यह एक ऐसा प्रशासन था, जिसमें अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप ने वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों को मजबूत किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रिश्तों में आई गिरावट की वजह व्यक्तिगत और नीतिगत मतभेद हैं। सुब्रमण्यम के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री मोदी को लेकर व्यक्तिगत कारणों के चलते ट्रंप उन मजबूत आर्थिक संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो कई वर्षों से बने हुए थे। इसका असर दोनों देशों पर पड़ रहा है। सांसद ने चेतावनी दी, हमारे और भारत के बीच संबंधों को खत्म करने या नुकसान पहुंचाने का कोई मतलब नहीं है। अगर अमेरिका के पास भारत के साथ संबंधों को मजबूत करके एक बड़ा अवसर है, तो हम वास्तव में अपनी आर्थिक शक्ति और आर्थिक प्रभाव को मजबूत कर सकते हैं। जब हम देखते हैं कि चीन के साथ क्या हो रहा है, तो भारत कई मायनों में हमारे लिए एक स्वाभाविक सहयोगी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी और बढ़ाई जा सकती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव को उन्होंने एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने विनिर्माण और औद्योगिक सहयोग का हवाला देते हुए कहा, अगर कंपनियां चीन से निवेश निकालना चाहती हैं, तो भारत उस प्रयास में एक स्वाभाविक भागीदार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) इस संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी ने भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा, दोनों तरफ ऐसे कई लोग हैं जो आपसी मजबूत संबंधों के पक्ष में हैं। लेकिन जब आप मौजूदा ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के एक्शन देखते हैं, तो यह बहुत-बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध खत्म करने और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। उल्टा हालात और खराब हो गए। उनके अनुसार, टैरिफ और सहयोगी देशों से रिश्तों में आई दरार के कारण अमेरिका पर भरोसा कम हुआ है। कई देश अब अमेरिका पर पहले जैसा भरोसा नहीं कर रहे हैं। आगे की राह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीते एक साल में खराब हुए रिश्तों को सुधारने की जरूरत है, जिनमें भारत के साथ संबंध भी शामिल हैं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो झुके, अमेरिका से बातचीत को तैयार; ड्रोन हमले पर साध ली चुप्पी
Venezuela US Relation: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से ड्रग तस्करी के खिलाफ समझौते पर बात करना चाहता है तो वेनेजुएला इसके लिए पूरी तरह तैयार है.
DNA: नए साल पर ट्रंप की पहली हार का विश्लेषण, छोटे से देश ने क्यों लगाया अमेरिका पर बैन?
DNA: नया साल शुरु होते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा है और ये हार किसी जंग के मैदान पर नहीं हुई है. बल्कि अमेरिका के अंदर ही ट्रंप को शिकस्त का सामना करना पड़ा है. ट्रंप को झकझोर देने वाले इस एक्शन को समझने के लिए आपको अमेरिका से आई एक बड़ी खबर बेहद ध्यान से समझना चाहिए.
संभल के चंदौसी में रोटरी चन्दौसी रीजन टीम कर्मा और रोटरी क्लब चन्दौसी पूर्वांचल ने गुरुवार को एक विदाई समारोह आयोजित किया। यह समारोह वर्ष 2026-27 की डिस्ट्रिक्ट 3100 की गवर्नर रो पायल गौर की अमेरिका यात्रा के लिए था, जहाँ वे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। समारोह का संचालन डिस्ट्रिक्ट पब्लिक इमेज चेयर रो अनुराग मित्तल ने किया। इस अवसर पर वर्ष 2027-28 के गवर्नर रो काव्य रस्तोगी भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में चंदौसी के विभिन्न रोटरी क्लबों के सदस्य शामिल हुए। इनमें रोटरी क्लब चंदौसी, रोटरी क्लब चंदौसी पूर्वांचल, रोटरी क्लब चंदौसी सिटी स्टार, रोटरी क्लब चंदौसी अमन, रोटरी क्लब चंदौसी लक्ष्य, रोटरी क्लब बहजोई और रोटरी क्लब बबराला गंगा के सदस्य उपस्थित थे। असिस्टेंट गवर्नर रो अंकित जैन और संजय गुप्ता ने पायल गौर को उनकी आगामी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। चीफ कोऑर्डिनेटर रो विजय कुमार और रीजनल कोऑर्डिनेटर भुवनेश वार्ष्णेय ने गवर्नर पायल की अमेरिका यात्रा को महत्वपूर्ण बताया। अन्य क्लबों के सदस्यों ने भी गवर्नर पायल गौर और सागर शर्मा को सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। वर्ष 2027-28 के गवर्नर रो काव्य रस्तोगी ने डबल इंजन की सरकार की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दो गवर्नर एक साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट 3100 को नई दिशा प्रदान करेंगे। गवर्नर पायल गौर ने सभी सदस्यों से एकजुटता बनाए रखने और वर्ष 2026-27 में नए प्रोजेक्ट्स तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने रोटरी की सार्वजनिक छवि को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर विशाल सर्राफ, अश्विनी सक्सेना, मनोज सर्राफ, अमित सर्राफ, डॉ. अमोल कंचन, नीरज चौधरी, राजीव कृष्णा, पवन वार्ष्णेय, संगीता भार्गव, वीनेश वार्ष्णेय, विवेक कागज़ी, डॉ. सुधा चौधरी, लेफ्टिनेंट गवर्नर संजय रुस्तगी, यश वार्ष्णेय, लव मोहन, विधुत सिंह, अतुल गुड्डू सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
वेनेजुएला की चार तेल कंपनियों पर पाबंदी, अमेरिका ने तेल टैंकरों पर भी लगाया बैन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों पर नई पाबंदी लगाई है. अमेरिका के वित्त विभाग ने वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री से जुड़ी चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है.
अमेरिका के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने गुरुवार सुबह न्यूयॉर्क शहर के 112वें मेयर के तौर पर शपथ ले ली है। ममदानी ने नवंबर 2025 में न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर के तौर पर जीत हासिल की। अब नए साल के मौके पर उन्होंने अपने पद की शपथ ली है
राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से मौत हो गई। युवक अपनी करीब डेढ़ बीघा जमीन बेचकर अमेरिका गया था। वह वहां शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात अपने घर पर वीडियो कॉल पर बात कर सोया था। अगले दिन 30 दिसंबर को नहीं उठा। दोस्त हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वह खैरथल-तिजारा जिले का रहने वाला था। अब परिवार बेटे के शव आने का इंतजार कर रहा है। 2024 में अमेरिका गया थाजाट बहरोड़ गांव का रहने वाला विपिन चौधरी (24) पुत्र हवा सिंह जून 2024 में जॉर्जिया गया था। इससे पहले वह पंजाब के किसी युवक के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने अपनी करीब डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। 30 से 40 लाख रुपए खर्च कर वह अमेरिका गया था। उसके बाद वह गांव कभी नहीं आया। उसकी प्लानिंग थी कि दो-तीन साल लगातार रहकर काम किया जाए ताकि ज्यादा-से-ज्यादा पैसा कमाया जा सके। उसके बाद ही घर लौटने की योजना थी। 29 दिसंबर को वीडियो कॉल किया थाविपिन चौधरी के परिवार के सदस्य मनीष चौधरी ने बताया कि 29 दिसंबर की रात को विपिन पूरी तरह स्वस्थ था। उसे कोई बीमारी नहीं थी। वीडियो कॉल पर उसने बात करते हुए कहा था कि अब कल बात करूंगा। नींद आ रही है। सोने जा रहा हूं। 30 दिसंबर को साथी का फोन आया30 दिसंबर को विपिन के साथ रहने वाले युवक का फोन आया। उसने कहा कि विपिन ने सुबह कमरे का गेट नहीं खोला। तब दूसरी चाबी लेकर गेट खोला तो वह बिस्तर में सोया मिला। उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिवार को शव आने का इंतजारअब विपिन (मृतक) के माता-पिता शव का इंतजार कर रहे हैं। अभी शव लाने का कोई इंतजाम नहीं हो सका है। परिवार वालों ने इंडियन नॉर्थ अमेरिका एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी से बातचीत की है। उनको पूरी जानकारी भेजी है। वे विपिन के शव को भारत भिजवाने की व्यवस्था में लगे हैं। 30 दिसंबर को 14 साल की स्टूडेंट की नहाते हुए हार्टअटैक से हुई थी मौत 30 दिसंबर को बूंदी में 14 साल की स्टूडेंट की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। नहाते समय छात्रा को साइलेंट अटैक आया था। इसके बाद वो अंदर ही बेसुध होकर गिर गई थी। हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए हार्टअटैक की संभावना जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर... ---- राजस्थान में हार्ट अटैक से मौत की यह खबर भी पढ़िए... पदयात्रा पर पूर्व पार्षद के पति को आया हार्ट अटैक:थकान हुई तो आराम करने रुके थे; 1 घंटे पहले भाई से शूज मंगवाए थे पदयात्रा पर निकले पूर्व पार्षद पति को हार्ट अटैक आ गया। वे बस स्टैंड पर आराम करने रुके थे और बैठे-बैठे गिर पड़े। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से करीब 1 घंटे पहले उनका छोटा भाई उन्हें नए शूज भी देकर गया था। पढ़ें पूरी खबर...
कड़े वीजा नियमों का असर: अमेरिका में श्रम संकट, अस्पतालों से लेकर खेल मैदान तक कामगारों का टोटा
लुइसियाना की निर्माण कंपनियां इन दिनों बढ़ई और कुशल मजदूर ढूंढने के लिए जूझ रही हैं। परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रहीं और लागत बढ़ती जा रही है।
अमेरिका का कड़ा रुख, ईरान-वेनेजुएला हथियार व्यापार को लेकर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की
अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला के बीच कथित तौर पर हो रहे हथियारों के व्यापार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों देशों की 10 संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिका का आरोप है कि तेहरान, वेनेजुएला को पारंपरिक हथियारों की आपूर्ति कर रहा है, जिससे अमेरिकी सुरक्षा हितों को खतरा पैदा हो गया है
यमन संकट पर अमेरिका सक्रिय, रुबियो ने सऊदी-यूएई से की बातचीत
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यमन में बिगड़ती स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग फोन पर बात की
मध्य प्रदेश से अमेरिका जाने वाले लोगों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। अमेरिकी सरकार ने गैर-अप्रवासी वीजा शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 जनवरी से लागू हो जाएगी। बिजनेस और टूरिस्ट वीजा कैटेगरी (B-1/B-2) का शुल्क 185 डॉलर से बढ़कर सीधा 472 डॉलर कर दिया है। इसके अलावा अमेरिका ने अपनी सभी कैटेगरी में वीजा फीस महंगी कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर इंदौर और भोपाल के यात्रियों पर पड़ेगा। इंदौर से हर महीने लगभग 1 हजार से ज्यादा आवेदन बी 1 और बी 2 वीजा के लिए होते हैं। ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि अमेरिका के वीजा के लिए अलग-अलग केटेगरी है। एमपी के इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर से हर महीने लगभग 2 हजार लोग अमेरिका जाने के लिए B-1 और B-2 वीजा मांगते हैं। इनमें इंदौर के यात्रियों की संख्या एक हजार तक होती है। आवेदन शुल्क बढ़ने के कारण पारिवारिक और बिजनेस डेलीगेशन का यात्रा शुल्क बढ़ जाएगा। 22 हजार रुपए तक महंगी होगी वीजा फीस अभी तक स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका जाने वाले छात्र को 18 से 19 हजार रुपए शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब स्टूडेंट को 39 से 40 हजार रुपए चुकाने होंगे। एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अमेरिका ने वीजा पर 250 डॉलर तक की 'वीजा इंटीग्रिटी फीस' को जोड़ा गया है। इस कारण अब हर आवेदन के साथ खर्च का बोझ पहले से कई गुना बढ़ गया है। इंदौर से बड़ी संख्या में जाने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव सीधा असर छोड़ने वाला है। स्टूडेंट पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर वीजा शुल्क में वृद्धि का सबसे अधिक असर स्टूडेंट और टूरिस्ट पर पड़ेगा। हर माह इंदौर से 400 से 500 और भोपाल से 200 से 300 स्टूडेंट और टूरिस्ट यूएस वीजा के लिए आवेदन करते हैं। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक एमपी के 5 हजार से ज्यादा लोगों का यूएसए का वीजा 1 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। बीते कुछ सालों से यूएस आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या इतनी हो गई है कि सबसे ज्यादा बी 1 और बी 2 वीजा के लिए परेशानी बढ़ गई है। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वीजा महंगा होने का अमेरिका में रह रहे लोगों पर फिलहाल कोई असर नहीं वीजा शुल्क अधिक होने का अमेरिका में रह रहे भारतीय लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अमेरिका के टेक्सॉस शहर में रह रहे इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकुश वर्मा ने बताया कि वह कोरोना के पहले अमेरिका गए थे। अंकुश ने बताया कि अमेरिका में रहने या वीजा को लेकर फिलहाल तो कोई समस्या नहीं है। मुझे कुछ दिनों पहले ही यह जानकारी मिली है कि अमेरिका ने अब वीजा शुल्क महंगा कर दिया है। हालांकि अभी तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन जिनका वीजा खत्म हो जाएगा और उन्हें रिन्यू कराना पड़ेगा उन्हें अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
30-40 की उम्र में तेजी से बढ़ रही है ये घातक बीमारी, जिसके कारण से हुई अमेरिका की मशहूर हस्ती की मौत
Acute myeloid leukemia: अमेरिका की जानी-मानी कैनेडी परिवार की टाटियाना श्लॉसबर्ग के निधन ने AML जैसी खतरनाक ब्लड कैंसर बीमारी की गंभीरता को सामने लाया है, जो अब भारत में 30-40 वर्ष के युवाओं में तेजी से बढ़ रही है. आज हम इस बीमारी के कारण, लक्षण और ईलाज के बारे में जानेंगे.
अमेरिका में रखे हैं एलियंस के शव, US दुनिया से क्यों छिपा रहा है यह अहम जानकारी
Alien bodies in US: अमेरिका के पश्चिमी राज्य यूटा में स्थित सेना के जीव विज्ञान परीक्षण केंद्र (Biologocal Test Center) के भारी भरकम इस्पाती दरवाजों के पीछे, एक बड़े से भूमिगत हॉल में, सिलिंडर नुमा कैप्सूलों में कई परग्रही (एलियन) शव रखे हुए हैं। ...
अमेरिकी थिंक टैंक का दावा; 2026 में भारत-पाक तनाव बदल सकता है युद्ध में
अमेरिकी थिंक टैंक CFR की रिपोर्ट ने चेताया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच फिर युद्ध की आशंका बन सकती है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों, सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय तनाव को रिपोर्ट ने वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
अमेरिका ने वॉशिंगटन से इज़राइल द्वारा सोमालिलैंड को मान्यता देने और कूटनीतिक संबंध स्थापित करने के फैसले का समर्थन किया। इस कदम को क्षेत्रीय कूटनीति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अहम माना जा रहा है, जिससे पश्चिम एशिया और हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
पानीपत जिले के उपमंडल इसराना के गांव कारद की छात्रा प्रिया को अमेरिका की प्रतिष्ठित रटगर्स यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क से 4 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति मिली है। यह छात्रवृत्ति उन्हें फिजिक्स साइंस में शोध करने के लिए प्रदान की गई है। इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। प्रिया के पिता राममेहर ढोचक ने बताया कि प्रिया शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने गांव के हर्ष आदर्श स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री पूरी बता दें कि प्रिया ने पानीपत से नॉन-मेडिकल स्ट्रीम में 12वीं की परीक्षा पास की और फिजिक्स साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की। मास्टर डिग्री में उत्कृष्ट अंकों के बाद, प्रिया को अमेरिका की पांच विभिन्न यूनिवर्सिटीज से ऑफर मिले थे। उन्होंने इनमें से रटगर्स यूनिवर्सिटी को चुना। मास्टर डिग्री के बाद, प्रिया ने बीएड की ओर भी रुख किया, लेकिन अमेरिका की यूनिवर्सिटी में पीएचडी की तैयारी भी करती रही। प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक किए प्राप्त उन्होंने प्रवेश परीक्षा दी और अच्छे अंक प्राप्त किए, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति मिली। अपनी इस उपलब्धि पर प्रिया ने कहा कि उनके पिता का सपना था कि वह वैज्ञानिक बनें। उन्होंने कड़ी मेहनत से वैज्ञानिक बनकर अपने पिता का सपना पूरा किया है। प्रिया ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी छात्र को हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में प्रॉपर्टी डीलर बाप-बेटे ने युवक को अमेरिका की जगह युवक को दुबई भेज दिया। इस एवज आरोपी बाप-बेटे ने उसके परिवार से साढ़े 6 लाख ठग लिए। आरोपियों ने युवक को 4 महीने तक दुबई में रखा, जहां उसे काफी टॉर्चर किया। लाडवा के ध्यांगला गांव के रहने वाले शौकत अली ने बताया कि उसका बेटा अनीश पढ़ाई के बाद अमेरिका जाना चाहता था। इसी बीच उसके जानकार आरोपी खुर्शीद और सलमान निवासी रादौर ने उसके बेटे अनीश को अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया। एडवांस साढ़े 6 लाख लिए इस एवज में आरोपी ने उससे 40 लाख रुपए मांगे, जिसमें आधी रकम पहले देना तय हुआ था। आरोपी बाप-बेटे ने उससे 2 लाख रुपए कैश और करीब साढ़े 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। 2-3 महीने के बाद आरोपियों ने अनीश को जून 2024 को दुबई भेजा दिया। यहां करीब 5 महीने तक अनीश को परेशान करते रहे। अमेरिका भेजने का देते रहे आश्वासन आरोपी लगातार उसके बेटे को दुबई से अमेरिका भेजने का आश्वासन देते रहे। बाद में उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पैसे देने और बेटे को अमेरिका भेजने से साफ इनकार कर दिया। उसके बेटे को भी दुबई से वापस आना पड़ा, जिसकी शिकायत उसने पुलिस को दी। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उस पर समझौता करने का दबाव डालने लगी। उधर, आरोपी उसे बार-बार धमकियां देते रहे। अब पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
फर्जी फैक्ट्री में नींद की नकली दवा बनाते थे, गुजरात के रास्ते अमेरिका तक सप्लाई
भिवाड़ी | भिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को गुजरात एटीएस, जयपुर एसओजी और भिवाड़ी पुलिस ने छापेमारी कर नींद की नकली दवा बनाने की फर्जी फैक्ट्री का खुलासा किया। टीम ने छापेमारी में करीब 22 किलो नींद की दवा में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, टैबलेट व मशीनें जब्त की हैं। इसकी कीमत 32.56 करोड़ रु. बताई गई है। ये नकली दवाएं गुजरात के रास्ते कई राज्यों और अमेरिका-कनाडा तक सप्लाई होती थीं। टीम ने यूपी के 3 केमिकल इंजीनियरों को गिरफ्तार किया है। गुजरात पुलिस को इनपुट मिला था कि कहरानी औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर एच/ 13-डी में एपीएल फार्माकेम नाम की कंपनी में नशीली और नकली नींद की दवा बन रही है। प्लांट से करीब 4.8 किग्रा. अल्प्राजोलम और 17 किग्रा. टेमाजैपाम, पैराजैपाम, सनसेट यैलो मिश्रण सीज किया है। फैक्ट्री के लिए बंद पड़ी एक कंपनी के परिसर को एक महीने पहले ही किराए पर लिया था।
भागलपुर में घर की छत पर लगे पानी के टंकी में डूबकर एक शख्स की मौत का मामला सामने आया है। घटना का पता तब चला जब मृतक की मां ने अमेरिका में रह रहे छोटे बेटे को फोन कर छोटे के रातभर घर न लौटने की जानकारी दी। इसके बाद अमेरिका में रह रहे मृतक के छोटे भाई ने पड़ोसी को इसकी जानकारी दी, फिर जब पड़ोसी छत पर पहुंचा तो देखा कि टंकी में लाश पड़ी हुई है। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव को परिजन को सौंप दिया। घटना जोगसर थाना क्षेत्र के खरमनचक इलाके की है। मृतक की पहचान 44 साल के नीरज कुमार के रूप में हुई है। मां बोली- श्राद्ध का भोज खाकर देर शाम लौटा था नीरज मृतक नीरज की मां ने बताया कि नीरज शनिवार को एक श्राद्ध में भोज खाने गया था। देर शाम लौटने के बाद नीचे सो रही मां से कहा कि मैं ऊपर नहाने जा रहा हूं। नहाकर आता हूं। नीरज की मां काफी दिनों से बीमार हैं और अधिकतर टाइम बेड पर ही रहती हैं। नीरज की मां के मुताबिक, देर रात तक जब नीरज नीचे नहीं आया तो उन्होंने अपने छोटे बेटे को कॉल कर कहा कि नीरज ऊपर नहाने गया है, लेकिन देर रात हो गई, वापस नहीं आया। नीरज के छोटे भाई ने तत्काल एक पड़ोसी को कॉल किया। हालांकि, देर रात होने की वजह से पड़ोसी ने कॉल नहीं रिसीव किया। जब रविवार को सुबह करीब 6 बजे सोकर उठा तो वापस उसने नीरज के भाई को कॉल किया। फिर घटना की जानकारी के बाद उसने नीरज को बूढ़ानाथ ढूंढने गया, नीरज अक्सर बूढ़ानाथ में बैठता था, लेकिन वहां कुछ पता नहीं चला तो घर आया और छत पर गया तो देखा की पानी की टंकी में नीरज की लाश है। तीन साल पहले पिता की ब्रेन हेमरेज से मौत हुई थी तीन साल पहले नीरज के पिता अर्जुन प्रसाद दास की माैत ब्रेन हेमरेज की वजह से हुई थी। नीरज अविवाहित था और होमियोपैथी की प्रैक्टिस भी करता था। नीरज का छोटा भाई पंकज अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। घटना की सूचना के बाद वो अमेरिका के लिए निकल चुका है। सोमवार को पंकज के आने के बाद नीरज का अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटनास्थल पर पानी की दो टंकी, रोज रात को नहाता था नीरज घटनास्थल पर पानी की दो टंकी है, जिसमें एक टंकी की ऊंचाई कम है। आमतौर पर नीरज रात में ही नहाता था। इसके बाद ही वह अपनी मां के पास जाता था। नहाने के लिए उसने अपना कपड़ा उतारकर पानी की टंकी पर रख दिया था। आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान पैर फिसलने या किसी और वजह से नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। परिजन के मुताबिक, अगर नीरज को आत्महत्या करना होता तो वो पानी की टंकी पर कपड़ा खोलकर क्यों रखेगा? आशंका ये भी जताई जा रही है कि ठंड लगने से ब्रेन हेमरेज या बीपी बढ़ा हाेगा, चक्कर खाकर नीरज पानी की टंकी में गिर गया होगा। जिसने लाश देखी, उसने क्या बताया? नीरज की लाश देखने वाले पड़ोसी मनीष उर्फ सत्या ने बताया कि कल शाम करीब 7 बजे नीरज भोज खाने निकला था। देर रात लौटा तो ऊपर चला गया। फिर वापस नहीं आया। फिर नीरज की मां ने अपने छोटे बेटे को कॉल कर इसकी जानकारी दी। पंकज ने मुझे रात करीब 3 बजकर 34 मिनट पर कॉल किया। लेकिन मैं सोया था। सुबह उठा तो मैंने पंकज को कॉल किया। पंकज ने मुझे पूरी घटना बताई। फिर मैं बूढ़ानाथ मंदिर गया, लेकिन वहां नीरज नहीं मिला। मनीष ने बताया कि मैं वापस आया और ये सोचकर छत पर गया कि शायद रात को ऊपर ही सो गया होगा। जब ऊपर गया तो देखा कि नीरज की लाश पानी के टंकी में पड़ी थी। फिर मैंने वीडियो कॉल कर पंकज को सारी जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग स्टार नीरज गोयत का दुबई में आयोजित मिस फिट्स बॉक्सिंग 23 इवेंट में जीत के बाद आज उनका यमुनानगर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। हरियाणा के बेगमपुर गांव से निकलकर ग्लोबल स्टेज पर भारत का नाम रोशन करने वाले नीरज गोयत जैसे ही शहर पहुंचे, शहरवासियों ने उनका हीरो की तरह स्वागत किया। नीरज गोयत रेंज रोवर गाड़ी में सवार होकर ओपन रोड शो में शामिल हुए। उनके काफिले के पीछे 50 से ज्यादा गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा था, जिसमें भारी संख्या में युवा और प्रशंसक शामिल थे। रोड शो के दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। फूलों की वर्षा, नारे और ढोल-नगाड़ों के साथ नीरज का स्वागत किया गया। उत्साह इतना ज्यादा था कि मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई और ट्रैफिक काफी देर तक प्रभावित रहा। युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील यह स्वागत नीरज की 20 दिसंबर को दुबई में हुई उस शानदार जीत का जश्न था, जहां उन्होंने अमेरिकी बॉक्सर एंथनी टेलर को हराकर भारतीय तिरंगा ग्लोबल स्टेज पर लहराया। तिरंगे के रंगों में रिंग में उतरने वाले नीरज ने पूरे मुकाबले में आक्रामक और तकनीकी बॉक्सिंग से प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। शहरवासियों ने नीरज को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह जीत हरियाणा और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। युवाओं के लिए नीरज एक प्रेरणा बन चुके हैं। नीरज गोयत ने प्रशंसकों का अभिवादन करते हुए कहा कि यह प्यार और समर्थन ही उनकी असली ताकत है। नीरज ने युवाओं काे नशे से दूर रहकर खेलों के प्रति ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इंडियन बास्टर्ड बोलने पर एंथनी की कर दी तसल्ली नीरज गोयत ने दुबई में फाइट के बाद अमेरिकी बॉक्सर एंथनी टेलर द्वारा उनके ऊपर बोतल फेंकने को लेकर हुए विवाद पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि फाइट के बाद जब उनका मेडिकल रूम में डॉप टेस्ट हो रहा था तो एंथनी उन्हें बाहर से गाली देते हुए आ रहा था। एंथनी उन्हें इंडियन बास्टर्ड कह रहा था और अंदर आते ही फिर कान्ग्रेचुलेशन बोलने लगा। इतने में उन्होंने भी दो गाली दी, जिस पर एंथनी ने उसके ऊपर पानी की बोतल देकर मारी। इसके बाद उसने एंथनी की तसल्ली कर दी। नशा करना है तो खेलों का करो यमुनानगर में युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए नीरज ने नशे से दूर रहने की अपील की। नीरज ने कहा कि वह जो कुछ भी कर रहे हैं देश के और अपने शहर के युवाओं के लिए कर रहे हैं, जिससे की वे प्रेरित हों। अगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा हूं तो आज की जनरेशन उनसे कुछ अच्छा ही सीखेगी। नीरज ने कहा कि वह 34 साल के हो गए हैं और अब भी खेल रहे हैं। ऐसे में वह युवाओं काे यही कहना चाहते हैं कि यदि नशा करना है तो खेलों का करो, जिससे शहर और देश का नाम रोशन होगा।
मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम में रविवार को संक्षिप्त रुकावट से यूजर्स परेशान हुए। उपयोगकर्ताओं ने मुख्य रूप से लॉगिन करने और ऐप एक्सेस करने में समस्याओं की शिकायत की, जो ज्यादातर अमेरिका में रिपोर्ट की गईं
गुरुग्राम में एक कंपनी से अमेरिका के डॉक्टरों और मरीजों का पर्सनल डेटा चोरी होने का मामला सामने आया है। कंपनी के निदेशक नवीन चंद्रा कोठारी ने इस घटना की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई है। नवीन ने अपनी पूर्व कंपनी पर शक जताते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी डॉक्टरों और अस्पतालों के मेडिकल डेटा को क्लाउड सर्वर से अनधिकृत तरीके से डाउनलोड किया गया। जिसमें मरीजों की निजी जानकारी शामिल है। अमेरिका की कंपनी से पार्टनरशिप नवीन चंद्रा ने बताया कि वह जैसहेल्थ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। कंपनी का कार्यालय पालम विहार स्थित अंसल कॉर्पोरेट प्लाजा में है। उनकी कंपनी अमेरिका स्थित कंपनी के साथ साझेदारी में काम करती है। उनकी कंपनी जैस सिस्टम अमेरिकी डॉक्टरों और अस्पतालों का कार्य आउटसोर्स करता है, जिसे जैसहेल्थ की भारतीय टीम संभालती है। इसके लिए दोनों कंपनियां अमेरिका की प्रोग्रेसिव शेयर फाइल क्लाउड सर्विस का उपयोग करती हैं। सर्वर से चोरी किया गया मेडिकल रिकॉर्ड्स अमेरिकी डॉक्टर और अस्पताल मरीजों की व्यक्तिगत जानकारी और मेडिकल रिकॉर्ड्स इस सर्वर पर अपलोड करते हैं, जिन पर जैसहेल्थ की टीम इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग का काम करती है। 2 सितंबर 2025 को प्रोग्रेसिव शेयर फाइल से एक ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि एक सितंबर 2025 को अज्ञात IP एड्रेस से बड़ी मात्रा में डेटा डाउनलोड किया गया। पुरानी कंपनी पर लगाया आरोप यह डाउनलोड billing@zassystems.com यूजर आईडी से किया गया, जो केवल जैसहेल्थ कंपनी में अधिकृत थी। जांच में पता चला कि यह IP एड्रेस एयरटेल ब्रॉडबैंड से जुड़ा है और गुरुग्राम की ही एक कंपनी से लिंक है। कोठारी ने बताया कि वे पहले इसी कंपनी में कार्यरत थे और 31 जुलाई 2025 को इस्तीफा दे चुके हैं। आरोपी कंपनी भी मेडिकल बिलिंग में है जिस कंपनी पर आरोप है वह भी मेडिकल बिलिंग क्षेत्र में सक्रिय है। कोठारी ने 10 सितंबर 2025 को इस घटना की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई। उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं ताकि कंपनी के हितों की रक्षा हो सके और जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो। डेटा का दुरुपयोग होने की संभावना उनका कहना है कि जो डेटा चोरी हुआ है, उसके दुरुपयोग की संभावना है। इससे वित्तीय नुकसान, क्लाइंट्स से पीठ पीछे संपर्क करना और चोरी गए डेटा का अमेरिकी मरीजों के नुकसान के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।
गुना के सिटी कोतवाली क्षेत्र में अमेरिका से अपनी बहन की शादी में आए एक युवक के साथ 6 से 8 बदमाशों ने मारपीट और लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना रात करीब 9 बजे दुर्गा कॉलोनी के पास हुई। बदमाशों ने युवक को सुनसान जगह ले जाकर चांदी की चेन और नकदी लूट ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अमेरिका में नौकरी, दोस्त से मिलने निकले थे शहर के टेकरी रोड निवासी तरुण राठौर वर्तमान में अमेरिका की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वे इन दिनों अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने के लिए गुना आए हुए हैं। शनिवार रात करीब 9 बजे तरुण अपने घर से सिसौदिया कॉलोनी स्थित एक दोस्त से मिलने जा रहे थे। तभी दुर्गा कॉलोनी के पास 6 से 8 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। खेत में ले जाकर पीटा, ऑनलाइन पैसे भी मांगे बदमाश जबरदस्ती तरुण को शांति पब्लिक स्कूल के पास एक सुनसान खेत में ले गए और वहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। तरुण का दावा है कि मारपीट के दौरान बदमाशों ने उनसे दो चांदी की चेन और 5000 रुपए नकद लूट लिए। बदमाशों ने तरुण को डरा-धमकाकर यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए और भी पैसों की मांग की। गनीमत रही कि राहगीरों को आता देख आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस और परिजनों के बयानों में विरोधाभास वारदात के बाद पुलिस और परिजनों के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा है। सिटी कोतवाली टीआई का कहना है कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और फिलहाल कोई भी आरोपी पकड़ में नहीं आया है। वहीं, पीड़ित के परिजनों का दावा है कि कुछ लड़कों को पुलिस ने पकड़ लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसकी वजह देश का डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम ग्लोबल हब के तौर पर उभरना है
बड़वानी जिले के तलवाड़ा डेब गांव में 5 साल का मासूम मोहम्मद बिलाल एक ऐसी दुर्लभ से जूझ रहा है। बीमारी का नाम 'गौचर डिजीज' है। ये लाखों बच्चों में से किसी एक को होती है। इस बीमारी का इलाज 'एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी' से ही संभव है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस थेरेपी की दवा भारत में उपलब्ध नहीं है। बिलाल को लगने वाला इंजेक्शन अमेरिका से मंगवाना पड़ता है। पहले जानिए, क्या है बीमारी और इसका असर? एमडी डॉ. मदनसिंह सोलंकी के अनुसार, गौचर डिसीज दुर्लभ और आनुवंशिक बीमारी है। शरीर में एक खास तरह की वसा (चर्बी) को तोड़ने वाला एंजाइम होता है। जब इसकी कमी हो जाती है, तो शरीर में वह वसा जमा होने लगती है। इससे बच्चे के लिवर, तिल्ली, हड्डियों, फेफड़ों और दिल का आकार बढ़ने लगता है। इससे पेट फूल जाता है। सही समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है। मरीज को हर समय दर्द, थकान और सूजन रहती है। शरीर पर जल्दी चोट के निशान दिखने लगते हैं। इसके तीन प्रकार (टाइप-1, 2 और 3) होते हैं। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने बिलाल के इलाज पर 20 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च बताया है। वहीं, हर महीने लगने वाले जरूरी इंजेक्शन को अमेरिका से मंगवाने में ही लगभग 7.50 लाख से 8 लाख रुपए का खर्च आता है, जो इस गरीब परिवार की पहुंच से बिल्कुल बाहर है। बिलाल के पिता शरीफ मंसूरी रजाई-गद्दे भरने का काम करते हैं और दिन में मुश्किल से 300 से 400 रुपए कमा पाते हैं। उनकी मां नूरजहां मंसूरी हाउसवाइफ हैं। इतने कम संसाधनों में इस खर्चीली बीमारी का इलाज कराना परिवार के लिए नामुमकिन साबित हो रहा है। साल 2021 में बिलाल के इलाज के लिए उसकी मां, पिता और दादी ने तत्कालीन कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान चाइल्ड लाइन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मदद की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सरकारी समाधान नहीं निकल सका। कुछ समय तक समाजसेवियों और संस्थाओं (NGO) की मदद से इलाज चला, लेकिन अब वह सहारा भी धीरे-धीरे बंद हो रहा है, जिससे परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। बेटी की मौत के बाद मिला PMO से मदद का पत्र बिलाल की मां नूरजहां मंसूरी ने बताया कि यह बीमारी उनके परिवार के लिए नई नहीं है। इसी बीमारी के कारण जनवरी 2021 में साढ़े तीन साल की बेटी मिस्बाह की भी मौत हो चुकी है। सबसे दु:खद बात यह रही कि मिस्बाह के इलाज के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आर्थिक मदद की मंजूरी का पत्र तब मिला, जब उसकी मौत हुए दो महीने बीत चुके थे। इसके बाद उसका जवाब नहीं दिया। अब परिवार को डर है कि बेटे को भी नहीं खो दें। बिलाल की स्थिति और परिवार की मुश्किलें बिलाल का जन्म 8 फरवरी 2021 को हुआ था। जब वह सिर्फ 5 महीने का था, तब उसके पेट में पानी की गांठ और हर्निया की समस्या हुई। इंदौर के चोइथराम अस्पताल में ऑपरेशन हुआ, तभी जांच के दौरान इस दुर्लभ बीमारी का पता चला। बीमारी के कारण बिलाल के लिवर में सूजन है, पेट फूला रहता है और तिल्ली बढ़ गई है। उसकी हड्डियां कमजोर हो गई हैं और हाथ-पांव पतले पड़ गए हैं। बच्चा इतना कमजोर है कि वह अपना खुद का वजन भी नहीं संभाल पाता। बीमारी से बच्चे को स्कूल भी नहीं भेज रहे नूरजहां मंसूरी ने बताया कि बिलाल का 24 घंटे ख्याल रखना पड़ता है, इसलिए उसे स्कूल भी नहीं भेज पाते। इलाज के लिए उधार लेकर पैसा जुटाना पड़ता है। महीने में दो बार उसे भोपाल एम्स ले जाना पड़ता है, जहां एक बार में 5 हजार से ज्यादा खर्च होते हैं। अधिकारियों और नेताओं से कई बार मदद मांगी, पर ठोस सहायता नहीं मिली। जिले में इस बीमारी के सिर्फ 2 केस मध्य प्रदेश में इस बीमारी के 20 से ज्यादा मामले बताए जाते हैं। बड़वानी जिले में ऐसे दो मरीज सामने आए और ये दोनों एक ही परिवार के बच्चे (मिस्बाह और बिलाल) हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि यह एक खानदानी बीमारी है। डॉक्टर्स के मुताबिक, इसमें बच्चे का खून 7 से 8 पॉइंट से ऊपर नहीं बढ़ता। इस वजह से जिला अस्पताल में हर चौथे-पांचवें महीने उसे बाहर से खून चढ़ाना पड़ता है। अगर समय पर दवा न मिली, तो जान का खतरा बना रहता है। CMHO ने मामले पर बात नहीं की मामले को लेकर जब जिले की मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुरेखा जमरे से बात करने की कोशिश की गई, तो वे कुछ भी बताने या बात करने को तैयार नहीं हुईं
गूगल ने अपने कुछ कर्मचारियों को अमेरिकी वीजा पर होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने से मना किया है। इसकी वजह अमेरिकी एम्बेसी और कॉन्सुलेट में वीजा स्टैंपिंग के लिए अपॉइंटमेंट में भारी देरी है। एक इंटरनल मेमो में कहा गया है कि कुछ जगहों पर यह डिले 12 महीने तक पहुंच गया है। अगर कर्मचारी बाहर जाते हैं तो अमेरिका वापस आने में लंबा समय लग सकता है। यह सलाह खासतौर पर H-1B वीजा होल्डर्स के लिए है, जो टेक इंडस्ट्री में बहुत इस्तेमाल होता है। मेमो में क्या कहा गया कंपनी के बाहर के इमिग्रेशन लॉ फर्म BAL इमिग्रेशन लॉ ने 18 दिसंबर को यह मेमो भेजा। इसमें लिखा है कि कई US एम्बेसी और कॉन्सुलेट में वीजा स्टैंपिंग अपॉइंटमेंट की वेटिंग 12 महीने तक हो गई है। अगर वीजा स्टैंप की जरूरत है तो देश छोड़कर जाना रिस्की हो सकता है। क्योंकि बाहर लंबे समय तक फंसने का खतरा है। यह प्रभाव H-1B, H-4, F, J और M वीजा पर पड़ रहा है। गूगल ने इस पर अभी कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं किया है। देरी की मुख्य वजह क्या है ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने इस महीने H-1B वीजा एप्लीकेंट्स की वेटिंग बढ़ा दी है। इसमें सोशल मीडिया अकाउंट्स की स्क्रीनिंग भी शामिल है। स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि अब हर केस की अच्छी तरह जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। नई पॉलिसी के तहत ऑनलाइन प्रेजेंस रिव्यू हो रहा है, जिससे अपॉइंटमेंट्स कैंसिल हो रहे हैं और नए डेट मार्च 2026 तक मिल रहे हैं। भारत, आयरलैंड और वियतनाम जैसे देशों में यह समस्या ज्यादा है। पहले भी दी थी ऐसी सलाह सितंबर में भी गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने कर्मचारियों को विदेश यात्रा से बचने को कहा था। तब H-1B वीजा होल्डर्स को अमेरिका में ही रहने की सलाह दी गई थी। अब फिर से यही स्थिति बन गई है। इस साल ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने नए H-1B एप्लीकेशन पर 1 लाख डॉलर की फीस भी लगा दी है, जिससे प्रोग्राम पर और प्रेशर पड़ा है। H-1B वीजा क्या होता है और क्यों जरूरी H-1B वीजा हाई स्किल्ड वर्कर्स के लिए है, जो टेक कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट इस्तेमाल करती हैं। ज्यादातर कर्मचारी भारत और चीन से आते हैं। यह वीजा 3 साल का होता है और एक्सटेंड किया जा सकता है। लेकिन बाहर जाने पर नया स्टैंप लगवाना पड़ता है, जो अब मुश्किल हो गया है। टेक सेक्टर में हजारों कर्मचारी इससे प्रभावित हैं। आगे क्या हो सकता है देरी और बढ़ सकती है क्योंकि नई वेटिंग पॉलिसी पूरी तरह लागू हो रही है। कई अपॉइंटमेंट्स पहले से कैंसिल हो चुके हैं। कर्मचारियों को सलाह है कि अगर जरूरी न हो तो ट्रैवल प्लान कैंसिल करें। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि आने वाले महीनों में स्थिति और टाइट हो सकती है।
पॉपुलर शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक ने अमेरिका में अपना कारोबार बेचने के लिए डील साइन की है। टिकटॉक की मूल कंपनी, चीन की बाइटडांस ने यह फैसला अमेरिका में एप पर संभावित बैन से बचने के लिए लिया है। इस डील के तहत टिकटॉक का अमेरिकी यूनिट अब अमेरिकी निवेशकों के नेतृत्व वाले एक वेंचर (ग्रुप) के पास होगा। बता दें कि भारत सरकार ने 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद टिकटॉक सहित 59 चाइनीज एप को बेन कर दिया था। बैन होने से बचने के लिए डील साइन की अमेरिकी सरकार लंबे समय से टिकटॉक को सुरक्षा के लिहाज से खतरा बता रही थी। बाइडन प्रशासन ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत बाइटडांस को जनवरी 2025 के मध्य तक अपना अमेरिकी कारोबार किसी गैर-चीनी कंपनी को बेचने का निर्देश दिया गया था। ऐसा न करने पर अमेरिका में टिकटॉक को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाता। इस डील के बाद अब अमेरिका में टिकटॉक के करीब 17 करोड़ यूजर्स को राहत मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी निवेशकों का ग्रुप खरीदेगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, टिकटॉक को खरीदने वाले ग्रुप में अमेरिका के कई बड़े निवेशक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इस डील की शर्तों के तहत, ऐप का डेटा मैनेजमेंट और एल्गोरिदम पर नियंत्रण अब अमेरिका स्थित यूनिट के पास ही रहेगा। इससे पहले अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई थी कि चीनी सरकार टिकटॉक के जरिए अमेरिकी नागरिकों के डेटा तक पहुंच बना सकती है और प्रोपेगेंडा फैला सकती है। जो बाइडन ने बिक्री से जुड़े कानून पर साइन किया था टिकटॉक पर बैन का मुद्दा अमेरिका में राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में रहा है। जहां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बिक्री से जुड़े कानून पर हस्ताक्षर किए। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में अपने रुख में बदलाव करते हुए कहा था कि टिकटॉक पर बैन लगाने से फेसबुक को फायदा होगा, जिसे वह 'जनता का दुश्मन' मानते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का दबाव बाइटडांस पर लगातार बना हुआ था। बाइटडांस के पास अभी भी चुनौतियां भले ही टिकटॉक ने बिक्री के समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं, लेकिन इस डील को अभी भी अमेरिकी और संभवतः चीनी नियामकों (Regulators) की मंजूरी मिलना बाकी है। चीन ने पहले कहा था कि वह अपने एल्गोरिदम के जबरन निर्यात का विरोध करेगा। ऐसे में यह देखना होगा कि क्या चीन की सरकार इस डील को अंतिम रूप देने की अनुमति देती है या नहीं। भारत में 500 से ज्यादा चाइनीज एप पर बैन भारत ने 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद टिकटॉक, वीचैट और हेलो जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित 59 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाया था। बैन से कुछ महीने पहले, भारत ने चाइनीज कंपनियों के निवेश पर भी प्रतिबंध लगाया था। भारत सरकार का कहना था कि ये एप यूजर्स का डेटा चीनी सरकार के साथ शेयर कर सकते हैं, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के मद्देनजर खतरा हैं। भारत में अब तक 500 से ज्यादा चाइनीज एप पर प्रतिबंध लग चुका है। ये 59 चाइनीज एप भारत में बैन टिकटॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप चाइनीज कंपनी के वीडियो एप टिकटॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप थे। इसके अलावा उस पर भारतीयों का डेटा चोरी करने के आरोप का भी सामना करना पड़ा था। सबसे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर बैन लगाया था। हाईकोर्ट से बैन होने के बाद बाइटडांस ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उसने भी मद्रास हाईकोर्ट का ऑर्डर बहाल रखा था। पेरेंट कंपनी को रोजाना 3.50 करोड़ रुपए का नुकसान भारत में बैन की वजह से इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस को रोज 5 लाख डॉलर (3.50 करोड़ रुपए) का नुकसान हो रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाई जाए, इससे पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिल रहा है। इसके बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एपल को गूगल को अपने ऑनलाइन स्टोर से टिकटॉक हटाने के लिए कहा था। दोनों कंपनियों ने एप हटा दिया। उस वक्त देश में टिकटॉक के 24 करोड़ यूजर थे। टिकटॉक ने क्या कहा था बैन के वक्त टिकटॉक इंडिया के CEO निखिल गांधी ने कहा था- हम भारतीय कानून का पालन कर रहे हैं। हम भारतीय कानून के तहत डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के नियमों का पालन कर रहे हैं। हमने चीन समेत किसी भी विदेशी सरकार के साथ भारतीय यूजर्स की जानकारी शेयर नहीं की है। अगर भविष्य में भी हमसे अनुरोध किया जाता है तो हम ऐसा नहीं करेंगे। हम यूजर की निजता की अहमियत समझते हैं। ये भी पढ़ें... टिकटॉक वेबसाइट भारत में 5 साल बाद अनब्लॉक: होमपेज तक एक्सेस, शॉपिंग साइट अलीएक्सप्रेस और शीन भी शुरू; इन पर 2020 से बैन था चाइनीज शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) की वेबसाइट शुक्रवार शाम से भारत में 5 साल बाद अनब्लॉक हुई है। साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग साइट अलीएक्सप्रेस (Aliexpress) और शीन (Shein) का वेब पेज भी ओपन हो रहा है। साल 2020 में भारत-चीन के बीच रिश्तों में तनाव के चलते इन पर बैन लगा था। यूजर्स मोबाइल और लैपटॉप पर अभी इन प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट का सिर्फ होम पेज एक्सेस कर पा रहे हैं। वहीं, टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस का एप अभी भी गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर अवेलेबल नहीं है। यानी एप अभी भी ब्लॉक्ड हैं। वहीं, शीन का एप इन्सटॉल किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें...
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका द्वारा बाहर की गई प्रतिभाओं को आकर्षित करने में लगा है चीन
भारत में उच्च विज्ञान संस्थानों की एक श्रृंखला मौजूद है। भारत के पास वर्तमान में उच्च विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तपोषित करने हेतु पर्याप्त धन है
सच साबित हो रहा है पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का अमेरिकी दबाव का आरोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती हसीना (शेख) वाजेद द्वारा अपने देशवासियों को दी गई गंभीर चेतावनी पर बहुत कम लोगों ने विश्वास किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लुभाने के लिए ब्रिटिश शाही तामझाम
ब्रिटेन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत और उन्हें लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है
अमेरिका की तरफ झुकाव से भारत को नुकसान
यह कहना-सुनना असामान्य नहीं है विदेश नीति नैतिक सिद्धांतों के बारे में नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों के बारे में होती है
सतही बयानबाज़ी, गहराई में साझेदारी: भारत-अमेरिका रिश्तों का नया संतुलन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की कुछ नीतिगत पसंदों पर असहमति जताते हुए हाल में भारत को लेकर तीखे बयान दिए—यहां तक कि कहा कि 'अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथ खो दिया है
एससीओ सम्मेलन:चीन ने अमेरिका को दिखाई ताकत
चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25वें शिखर सम्मेलन के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित 20 से अधिक विश्व नेताओं को आमंत्रित कर बंदरगाह शहर तियानजिन में शानदार प्रदर्शन किया
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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