PAX Silica Benefits: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद अब एक और समझौता हो गया है.भारत और अमेरिका के बीच Pax Silica डील हुई है. भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी राजूदत सर्गेई गोर ने इस समझौते का ऐलान किया.
ट्रंप ने ताइवान और ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री स्ट्रैटेजी बताने से किया इनकार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान या ईरान को लेकर किसी भी संभावित मिलिट्री स्ट्रैटेजी के बारे में बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तेहरान के लिए एक छोटी डेडलाइन तय की और ब्रिटेन के रॉयल फैमिली से जुड़े नए विवाद पर भी बात की
दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा- ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। अब तक चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कांग्रेस कार्यकर्ता भारत मंडपम में अंदर कैसे आए क्योंकि एंट्री के लिए पास या क्यूआर कोड अनिवार्य किया गया है। AI समिट में प्रदर्शन की 2 तस्वीरें… भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X कहा कि कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया है। यह INC नहीं, बल्कि एंटी-नेशनल कांग्रेस है। शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस राहुल गांधी के कहने पर विरोध कर रही है। यह बिना मुद्दे का, बिना सोच का और बिना भावना का प्रदर्शन है। यह भाजपा या प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन नहीं, यह भारत की उपलब्धियों के खिलाफ प्रदर्शन है। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। तीन 'सूत्रों' पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है - पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले। --------------------------- AI समिट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मोदी बोले- अगली पीढ़ी के लिए सही AI छोड़ना जरूरी: AI इम्पैक्ट समिट में गूगल CEO पिचाई ने कहा दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' का आज चौथा दिन है। आज के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए। इस पर किसी की मोनापॉली यानी एकाधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI में रफ्तार और पैमाना अकल्पनीय है। हमें इस क्षेत्र में बड़े सपने देखने होंगे, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। पूरी खबर पढ़ें… गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर: पहले चीनी रोबोट, फिर ड्रोन को अपना बताया; कांग्रेस बोली- सरकार ने देश की इमेज खराब की चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
America News: अमेरिका में एक 25 साल के भारतीय को गिरफ्तार किया गया है. इस युवक ने अपने ट्रक से तीन गाड़ियों को टक्कर मार दिया था जिसकी वजह से एक आदमी की मौत हो गई है.
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसपर साइन किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया- भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्द देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने यह भी साझा किया कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस '2-नैनोमीटर' चिप डिजाइन कर रहे हैं। सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री को 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। उन्होंने कहा, देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है। अमेरिका बोला- भारत का प्रवेश सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं समिट में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस गठबंधन में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, भारत के पास ऐसा टैलेंट है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है। मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात सर्जियो गोर ने भारत में हो रही इस समिट को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। भारत-अमेरिका की साझेदारी से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए 'पैक्स सिलिका' समझौते के दौरान गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि एआई (AI) का फायदा सबको मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गूगल अपने प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और खास बिजनेस सॉल्यूशंस के जरिए भारत में एआई की ग्रोथ को पूरा सपोर्ट कर रहा है। क्या है पैक्स सिलिका और इसमें कौन-कौन शामिल? इसे दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश: भारत के अलावा इस गठबंधन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, कतर, ग्रीस और ब्रिटेन शामिल हैं। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। 200 बिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा।
अमेरिका के इंडियाना में पुलिस ने पंजाबी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सुखदीप सिंह के नाम से हुई है। उसने अपने सेमी-ट्रक से एक सफेद पिकअप ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप ड्राइवर 64 वर्षीय टेरी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुखदीप ने रेड लाइट जंप की, जिससे कुल तीन वाहन इस हादसे की चपेट में आ गए। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हेंड्रिक्स काउंटी में हुई, जो इंडियानापोलिस के पश्चिम में स्थित है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सुखदीप सिंह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। अमेरिकी पुलिस के मुताबिक, वह न केवल लापरवाही से वाहन चला रहा था, बल्कि उसकी इमिग्रेशन स्थिति भी अवैध पाई गई। फिलहाल वह इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हिरासत में है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि सुखदीप सिंह किस जिले का रहने वाला हैं। सुखदीप 2018 में अवैध तरीके से पहुंचा अमेरिका मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुखदीप सिंह 2018 में अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा था, जहां उसे पुलिस ने पकड़ा लिया था। उस वक्त सुखदीप सिंह नाबालिग था। जिसकी वजह से 'फ्लोर्स कंसेंट डिक्री' के तहत छोड़ा गया था। यह नियम अनिवार्य करता है कि अवैध रूप से सीमा पार करने वाले बच्चों को हिरासत में रखने के बजाय उनके माता-पिता या वयस्क रिश्तेदारों को सौंप दिया जाए। वह पहले न्यूयॉर्क में रहता था और इस साल जनवरी से इंडियाना के न्यू पैलेस्टाइन में रह रहा था। सुखदीप को नॉन डॉमिशाइल कर्मशियल ड्राइविंग लाइसेंस 2025 में मिला था। ट्रक ड्राइवर सुखदीप सिंह को घटनास्थल से ही स्टेट पुलिस ने ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) के लिए हिरासत में ले लिया। स्थानीय मीडिया रिपोट्स व पुलिस के अनुसार सुखदीप इंडियाना में अवैध रूप से रह रहा है। ओवरस्पीडिंग के तीन बार चालान हो चुके सुखदीप सिंह पर ओवरस्पीडिंग के तीन बार चालान हो चुके हैं। उसपर 55 मील प्रति घंटे की सीमा वाले क्षेत्र में 76 और 74 की रफ्तार से गाड़ी चलाने। 70 की सीमा में 89 की रफ्तार से गाड़ी चलाने का आरोप है। इसके अलावा इसी साल 8 जनवरी (2026) को एक कार दुर्घटना के बाद उसका चालान कटा था, क्योंकि उसके पास बीमा नहीं था। उसके पास वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। ड्राइविंग रिकॉर्ड और CDL पर सवाल सुखदीप के इंडियाना ड्राइविंग की हिस्ट्री के मुताबिक 2022 से अब तक उसके नाम पर 5 चालान दर्ज हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि उसे इंडियाना में CDL (कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस) कैसे मिला। जानिए क्या है नॉन डोमिसाइलड CDL अमेरिका में गैर-निवासी वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस (Non-Domiciled Commercial Driver's License) उन लोगों को जारी किया जाता है, जो उस राज्य या देश के स्थायी निवासी नहीं हैं, लेकिन वहां कानूनी तौर पर काम करने के लिए अधिकृत हैं। आमतौर पर यह उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है। जिनके पास वर्क परमिट (EAD) होता है। अवैध तरीके से रहता, फिर भी बना गया CDL सुखदीप सिंह के मामले में विवाद यह है कि यदि वह अवैध रूप से वहां रह रहा था, तो उसे यह लाइसेंस कैसे जारी किया गया? अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया या सिस्टम की किसी खामी का फायदा उठाया। 15 दिन में दूसरा सड़क हादसा डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अनुसार, 15 दिन के अंतराल में यह दूसरी घटना है। इसमें किसी अवैध प्रवासी ट्रक ड्राइवर की वजह से निर्दोष लोगों की जान गई है। डीएचएस का कहना है कि यह बेहद खतरनाक है कि अवैध प्रवासी, जिन्हें अक्सर हमारे ट्रैफिक नियमों या अंग्रेजी की जानकारी नहीं होती, वे अमेरिका की सड़कों पर सेमी-ट्रक चला रहे हैं। ***************** ये खबर भी पढ़ें: अमेरिका में पंजाबी ड्राइवर की लापरवाही, VIDEO: ट्रक से टकराई वैन, महिला समेत 3 की मौत, गलत यू-टर्न लेने से हादसा पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर की अमेरिका के फ्लोरिडा टर्न पाइक में ड्राइविंग दौरान बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया है। फ्लोरिडा की सड़क पर गलत यू-टर्न लेने कारण एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया। सामने से आ रही मिनी वैन ट्रक से टकरा गई। वैन में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। ट्रक में सवार ड्राइवर और उसके साथी को किसी तरह की चोट नहीं आई। (पढ़ें पूरी खबर)
अमेरिका के कैलिफोर्निया में ट्रेसी सिटी के गुरुद्वारा परिसर से एक सिख व्यक्ति का अपहरण हो गया है। अवतार सिंह का अपहरण उस समय हुआ जब वो गुरुद्वारा परिसर में था। पुलिस को इस मामले में एक सीसीटीवी फुटेज मिली है जिसमें तीन अज्ञात लोग दिख रहे हैं और एक सफेद रंग की एक्सयूवी कार दिख रही है। अवतार सिंह मूलरूप से लुधियाना के रहने वाला है लेकिन कई वर्षों से उसका परिवार कैलिफोर्निया में ही है। अवतर सिंह की उम्र 57 साल बताई जा रही है और वो ट्रेसी स्थिति गुरुद्वारा साहिब में लंबे समय से रसोइए के रूप में कार्य कर रहे थे और गुरुद्वारा परिसर में ही रहते थे। परिवार ने अपहरण की शिकायत स्थानीय पुलिस सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस को दे दी है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस ने अवतार सिंह की फोटो व एक्सयूवी कार की फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करके लोगों से जानकारी मांगी है। पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को लगभग शाम 8:52 बजे उन्हें किसी व्यक्ति के लापता हाेने की सूचना मिली तो वो पेट्रोल डिप्टी ट्रेसी के डब्ल्यू ग्रांट लाइन रोड के 16000 ब्लॉक में पहुंचे। जांच के दौरान निगरानी फुटेज में एक सफेद एसयूवी और गहरे कपड़े पहने तीन अज्ञात व्यक्ति लगभग दोपहर 2:30 बजे पीड़ित के साथ दिखाई दिए। अवतार सिंह को जबरन एक्सयूबी में बैठाया स्थानीय पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिली है उससे पता चला है कि तीन अज्ञात लोगों ने अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया और उसके बाद वहां से चले गए। स्थानीय पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किडनेपरों की पहचान करने में जुटी है। अभी तक नहीं लगा सुराग स्थानीय पुलिस के मुताबिक अभी तक अवतार सिंह का कोई पता नहीं लगा है। पुलिस मिसिंग के साथ साथ किडनेपिंग के एंगल से जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनके सकुशल होने और मिलने के संबंध में कमेंट कर रहे हैं। तीन महीने पहले ही हुए थे उनके तीन बच्चे एक साथ पुलिस ने अवतार सिंह की जो पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली है उस पर बड़ी संख्या में लोग कमेंट कर रहे हैं। कमेंट में लोग उनकी तरफ से गुरुद्वारा साहिब में की जाने वाली सेवा की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग लिख रहे हैं कि इनके तीन महीने पहले तीन बच्चे एक साथ हुए थे।
Iran Nuclear Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कड़े परिणामों की चेतावनी दी है. इस बीच ईरान-रूस ने संयुक्त युद्धाभ्यास से तनाव को और बढ़ा दिया है.
DNA: किसी भी सूरत में अमेरिकी शर्तों झुकने को तैयार नहीं है ईरान, अब ट्रंप करेंगे हमले का फैसला
अगर ईरान डील न करने का फैसला करता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स के लिए डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड में मौजूद एयरफील्ड का इस्तेमाल करना ज़रूरी हो सकता है, ताकि एक बहुत अस्थिर और खतरनाक सरकार के संभावित हमले को खत्म किया जा सके - एक ऐसा हमला जो संभावित रूप से यूनाइटेड किंगडम के साथ-साथ दूसरे दोस्त देशों पर भी किया जा सकता है.
Air Force one :एयरफोर्स वन अब ट्रंप के पसंदीदा रंग का हो जाएगा. जिस रंग की टाई में ट्रंप अक्सर नजर आते हैं, वही रंग अब ट्रंप के प्लेन में भी दिखाई देगा. जो सुनहरा रंग ट्रंप के होटल में दशकों से मौजूद है और अब व्हाइट हाउस में भी इस्तेमाल हो रहा है, वो अब एयरफोर्स वन का भी हिस्सा बनने जा रहा है.
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा आज पटना पहुंचे थे। कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार का नारा जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ था वह अब लुढ़ककर ‘अमेरिका निर्भर भारत’ हो गया है। अमेरिका से डील करके यह मजबूत सरकार एक मजबूर सरकार बन गई है। इस डील के माध्यम से किसी को सबसे ज्यादा नुकसान किसका हो रहा है और बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। वहीं उन्होंने गलगोटिया विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह सरकार के लिए एक सांकेतिक बात है कि सरकार अपनी दिशा को लेकर सोचे। सरकार ने भारत के किसानों के हितों की बलि दे डाली उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में मोदी सरकार ने भारत के किसानों व खेत-खलिहान के हितों की बलि दे डाली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया। भारत की डिजिटल स्वायत्ता व हमारी डेटा प्राईवेसी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भारतीय हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने की बजाय, एक मजबूर सरकार ने भारत की संप्रभुता व आत्मनिर्भरता से समझौता कर लिया। मोदी सरकार द्वारा भारतीय हितों की तिलांजलि देने के विभिन्न पहलुओं को परखें गए हैं। अमेरिका ने पड़ोसी देश बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया व्यापार समझौते का बड़ा प्रभाव ‘‘कपास’’ पैदा करने वाले किसान पर पड़ेगा। 9 फरवरी, 2026 को अमेरिका ने पड़ोसी देश, बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया, जिसमें स्पष्ट तौर से कहा गया कि बांग्लादेश अमेरिकी कपास व धागा आयात कर जो कपड़ा व वस्त्र अमेरिका को निर्यात करेगा, उस पर अमेरिका में जीरो शुल्क लगेगा। इसके विपरीत, भारत जो कपड़ा व वस्त्र का बड़ा निर्यातक है, हमारे निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे तिरुपुर, सूरत, पानीपत, लुधियाना व पूरे देश के वस्त्र उद्योग पर भी विपरीत असर पड़ेगा। कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद 12 फरवरी, 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सार्वजनिक तौर से देश को बताया कि भारत भी अमेरिका से कपास आयात कर जो कपड़ा वा वस्त्र निर्यात करेगा, उसे भी बांग्लादेश के बराबर राहत मिलेगी। यानी अब अमेरिकी कपास के भारत में निःशुल्क आयात का दरवाजा भी मोदी सरकार ने खोल दिया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश भारत से 50 प्रतिशत कपास का आयात करता है। अब कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद हो जाएगा। यह किसान पर डबल मार है।
केंद्र सरकार के 'विकसित भारत' अभियान के बीच पाटी जनपद के आदिवासी किसानों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खेती, बिजली और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि वर्तमान नीतियां अन्नदाता को सशक्त करने के बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही हैं। बिजली निजीकरण और सब्सिडी खत्म होने का डर संगठन के हरसिंग जमरे ने बिजली संशोधन बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर गरीबों और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म करना चाहती है। किसानों को आशंका है कि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निजी कंपनियों को सौंपने से मुनाफा कंपनियों की जेब में जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में बिजली और महंगी व दुर्लभ हो जाएगी। फिलहाल गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, ऐसे में निजीकरण से स्थिति और बिगड़ने का डर है। मजदूरी और बीज नीति पर नाराजगी किसानों ने 'विकसित भारत ग्राम जी' कानून को मजदूर विरोधी बताया है। उनका कहना है कि मोबाइल हाजिरी और आधार-केवाईसी जैसे तकनीकी पेचों के कारण मजदूरों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है। वहीं, नए बीज बिल 2026 को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। इसमें विदेशी कंपनियों को बिना सख्त जांच के बीज बेचने की छूट दी गई है, जिससे किसानों के साथ ठगी की आशंका बढ़ गई है। अगर नकली बीज से फसल खराब होती है, तो किसानों के लिए न्याय की प्रक्रिया को भी कमजोर कर दिया गया है। विदेशी समझौतों से किसानों को घाटा नासरी बाई निंगवाल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों को छूट देने से घरेलू बाजार में कपास, सोयाबीन और मक्का के दाम गिर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि लागत का डेढ़ गुना भाव देने का वादा आज भी अधूरा है। पलायन और भगोरिया हाट की सुरक्षा का मुद्दा आर्थिक तंगी के कारण आदिवासी परिवारों को गुजरात और महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी व शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। संगठन ने प्रशासन को पत्र सौंपकर आगामी भगोरिया हाट के दौरान शराब, जुआ-सट्टा और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासियों की साल भर की कमाई को बर्बादी से बचाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के मध्य जंग की आहट के बीच गनबोट डिप्लोमेसी क्या है?
क्या अमेरिका इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकता है? कहा जा रहा है कि युद्ध की तैयारी कर ली गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुमति का इंतजार किया जा रहा है.
Gold-Silver Price: ईरान और अमेरिका के बीच जंग के हालात चरम पर है. अमेरिकी मिसाइलें और जंगी जहाजें ईरान के पास तैनात क्या हुई सोने-चांदी की कीमतें रॉकेट बन गई.
चूरू जिले में जन्मजात टेढ़े पैर (क्लबफुट) से पीड़ित बच्चों के लिए राहतभरी खबर है। अब यहां बिना सर्जरी के आधुनिक पोनसेटी तकनीक से इलाज शुरू किया जा सकेगा। क्योर इंडिया के माध्यम से अमेरिका के ब्रूस स्मिथ और यूके के हेनरी वुड चूरू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीयू) मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार के नेतृत्व में शिशु रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञों के साथ बैठक की और इस प्रभावी पद्धति का प्रशिक्षण दिया। पोनसेटी तकनीक पूरी तरह गैर-सर्जिकलब्रूस स्मिथ ने बताया कि पोनसेटी तकनीक पूरी तरह गैर-सर्जिकल है। इसमें क्रमिक कास्टिंग, प्लास्टर और ब्रेसिज के उपयोग से धीरे-धीरे पैर को सही स्थिति में लाया जाता है। समय पर इलाज शुरू होने पर 4 से 6 सप्ताह में स्पष्ट सुधार दिखाई देता है। इस तकनीक की सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विशेषज्ञ ब्रूस स्मिथ ने अब तक 7 हजार से अधिक बच्चों का बिना सर्जरी सफल इलाज किया है। भारत में भी करीब सवा लाख बच्चों को इस तकनीक से लाभ मिल चुका है। डीबी अस्पताल में शुरू होगी क्लबफुट ओपीडीमेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने बताया कि उनकी कोशिश है कि चूरू के डीबी अस्पताल में क्लबफुट ओपीडी शुरू हो। इससे जिले के जरूरतमंद बच्चों को बिना ऑपरेशन समय पर और निशुल्क इलाज मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ऑपरेशन करने से विकृति बढ़ने की आशंका रहती है, जबकि गैर-सर्जिकल पद्धति अधिक सुरक्षित और प्रभावी साबित हुई है। डॉ. पुकार ने बताया कि नए 400 बेड के सरकारी अस्पताल के शुरू होते ही विशेष ओपीडी प्रारंभ करने की योजना है। इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को भी लाभ मिल सकेगा।
US-Iran War Impact on China: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते अब खत्म हो गए हैं. अमेरिका ने युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है. CNN और CBS की रिपोर्ट की माने तो US मिलिट्री इस वीकेंड तक ईरान पर हमला कर सकते हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव से लगातार दूसरे दिन भी सोना-चांदी में उछाल, MCX ने हटाया अतिरिक्त मार्जिन
Gold Silver Price Today : अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और घरेलू मांग बढ़ने की वजह से गुरुवार को भी सोने चांदी की कीमतों में बढ़त दिखाई दी। अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति बनती तो एक बार फिर सोने चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। इस बीच एमसीएक्स ने ...
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित अमेरिकी कार्रवाई जून में इजरायल द्वारा किए गए 12-दिवसीय हमले से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। यह ऑपरेशन ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को निशाना बना सकता है। बताया जा रहा है कि पेंटागन संभावित ईरानी जवाबी हमले को देखते हुए क्षेत्र में अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है।
'ट्रंप फिर खोज रहे हैं भारत पर टैरिफ लगाने के बहाने...', ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सांसद का बड़ा दावा
India Tariffs: US कांग्रेसी ब्रैड शेरमन भारत पर प्रस्तावित टैरिफ को लेकर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि टैरिफ के जरिए हमारे दोस्त को परेशान किया जा रहा है.
हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा अचानक वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को चेताया है कि इस रणनीतिक द्वीप को लंबी लीज पर देना खतरनाक होगा.माना जा रहा है कि ईरान से टकराव की स्थिति में यही बेस अमेरिका की असली ताकत बन सकता है. जानते हैं आखिर क्या हैडिएगो गार्सिया, इसकी पूरी कहानी.
जर्मनी में बदली अमेरिका की छवि: ट्रंप की नीतियों से टूटा भरोसा, ‘शांति के लिए खतरा’ करार
नए सर्वे के मुताबिक जर्मनी के दो-तिहाई लोग अब अमेरिका को रूस और चीन के साथ विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा मानते हैं। Donald Trump की नीतियों, नाटो पर बयानों और आक्रामक टैरिफ फैसलों ने जर्मन जनता के बीच अमेरिका की साख को गहरा नुकसान पहुंचाया है।
ईरान में बरसने वाले हैं मिसाइल-बम? इजरायल ने खोला पावरबैंक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भेजे '53 दानव'
America To Attack Iran: ईरान और अमेरिका समय बीतने के सात अब जंग के करीब नजर आ रहे हैं. इसको लेकर इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के कुछ बयान देखने को मिले हैं.
क्यूबा का वो नेता, जिसे नहीं डिगा पाई अमेरिका की हनक, गुरिल्ला युद्ध में था माहिर
Fidel Castro Legacy: फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के क्रांतिकारी नेताओं में आते हैं, जिनका क्यूबा की स्थिति को सुधारने में बड़ा हाथ है. उन्होंने क्यूबा को शिक्षा, स्वास्थ्य और अमेरिका के खिलाफ कड़े प्रतिरोध से एक वैश्विक पहचान दिलाई.
अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के बयान से बवाल: ‘कुत्तों और मुसलमानों’ वाली टिप्पणी पर देशव्यापी विवाद
किसवानी और उनके समर्थकों ने रैंडी फाइन पर मुसलमानों और फिलिस्तीनियों को अमानवीय रूप में पेश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल समाज में नफरत और ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है।
भारत का 'वीरू' कौन? रूस, फ्रांस, अमेरिका या इजरायल, किसने निभाया संकट में ज्यादा साथ?
India Global Superpower: आज के समय में जहां दोस्त गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वहीं जियो पॉलिटिक्स (Geopolitics 2026) में देशों की एक-दूसरे से दोस्ती और दुश्मनी को समझना मुश्किल हो जाता है. लेकिन भारत के साथ ऐसा नहीं है, भारत के कुछ ऐसे दोस्त हैं, जो उनके साथ चट्टान की तरह सालों से खड़े रहे हैं (India International Relations).
डिजिटल इमरजेंसी : अमेरिका में youtube outages; 'अंतिम अपडेट' में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
youtube outages ने अमेरिका और भारत सहित दुनिया भर में लाखों यूजर्स को प्रभावित किया। गूगल के अनुसार, अनुशंसा प्रणाली (Recommendation System) में खराबी के कारण होम पेज और ऐप्स पर वीडियो लोड नहीं हो रहे थे। जानिए इस डिजिटल संकट की पूरी कहानी और कैसे घंटों बाद बहाल हुई सेवा।
china secret underground nuclear test: अमेरिका ने आरोप लगाया है कि चीन ने वर्ष दो हजार बीस में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था और इसे छिपाने की कोशिश की गई. हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका की बात पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था ने साफ पुष्टि नहीं की है और चीन ने सभी आरोपों को गलत बताया है.
न्यूक्लियर वार्ता फेल: अमेरिका–ईरान टकराव बढ़ा, मिडिल ईस्ट में जंगी तैनाती से तनाव चरम पर
जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की न्यूक्लियर वार्ता बेनतीजा रही। इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 50 फाइटर प्लेन भेजे। इससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि तेहरान राष्ट्रपति ट्रंप ...
अमेरिका और जापान के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ है जिसके तहत जापान अमेरिकी ऊर्जा और खनिज परियोजनाओं में 36 अरब डॉलर का निवेश करेगा। ओहायो, टेक्सास और जॉर्जिया में बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे।
H-1B से शुरू हुई बहस, ‘Indian Hate’ तक पहुंची, अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ 115% बढ़ी नफरत
America News: अमेरिका के H-1B वीजा प्रोग्राम को लेकर भारतीय काफी ज्यादा परेशान थे. इसकी वजह से यहां रहने वाले भारतीयों के खिलाफ नफरत तेजी से बढ़ रही है.
US 50 jet deployment to Middle East: मिडिल ईस्ट में अचानक सैन्य हलचल तेज हो गई है. अमेरिका ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर F-22, F-35 और F-16 समेत 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच यह कदम बड़ा संदेश माना जा रहा है. अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे डील होगी या टकराव.
टी-20 वर्ल्ड कप का 35वां मैच आज पाकिस्तान और नामीबिया के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में दोपहर 3 बजे से शुरु होगा। टॅास शाम 2.30 बजे होगा। पाकिस्तान के लिए यह करो या मरो का मुकाबला है। अगर नामीबिया जीत गया तो पाकिस्तान बाहर हो जाएगा और अमेरिका की टीम सुपर-8 में एंट्री कर लेगी। वहीं पाकिस्तान जीत तो सुपर-8 में पहुंच जाएगी। टीमों का मौजूदा फॉर्मटी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 2 जीत और 1 हार मिली है। टीम ने नीदरलैंड और USA को हराया, लेकिन उन्हें भारत के खिलाफ हार मिली। दूसरी ओर नामीबिया तीनों मैच नीदरलैंड ,भारत और USA से हार चुकी है। साहिबजादा फरहान पाकिस्तान के टॅाप रन स्कोरर पाकिस्तान के लिए साहिबजादा फरहान ने वर्ल्ड कप में 120 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट 73 रन हैं। गेंदबाजी में सईम अयूब 5 विकेट लेकर टॅाप बॅालर हैं। लॉरेन स्टीनकैंप नामीबिया के टॅाप रन स्कोरर 2026 के वर्ल्ड कप में लॉरेन स्टीनकैंप ने नामीबिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। वे 3 मुकाबलों में 93 रन बना चुके हैं। तेज गेंदबाज जेरार्ड इरास्मस 6 विकेट लेकर टॅाप बॅालर हैं। स्पिनर्स के लिए मददगार होगी कोलंबो की पिच SSC कोलंबो की पिच स्पिन के लिए मददगार है। यहां बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल है। पहली पारी में 150 से ज्यादा रन बनाना विनिंग टोटल होता है। वेदर कंडीशन कोलंबो में बुधवार को मौसम थोड़ा बादल और बारिश वाला रहेगा। टेम्परेचर 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI पाकिस्तान: सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, सलमान आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद। नामीबिया: जेरार्ड इरास्मस (कप्तान), जॉन फ्राइलिनक,लॉरेन स्टीनकैंप, निकोल लोफ्टी-ईटन, जेजे स्मिट, जेन ग्रीन (विकेटकीपर), रूबेन ट्रम्पेलमैन, बर्नार्ड शोल्ट्ज, मैक्स हेंगो, डायलन लीचर और विलेम मायबर्ग।
ना तेल बचा, ना कैश और ना ही खाना...अमेरिका ने दबाई क्यूबा की नस, जनता के भूखे मरने की आ गई नौबत
Cuba in Crisis: क्यूबा वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंधों और तेली की नाकेबंदी के कारण सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है. देश तेल की कमी, बिजली कटौती और पार्यप्त भोजन न मिलने की समस्या झेल रहा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंम ने क्यूबा को 'फेल्ड नेशन' बताया है.
चीन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए अमेरिका ने फिलीपींस में और सैन्य ताकत तैनात करने का फैसला लिया है. माना जा रहा है कि इससे चीन और यूएस के बीच तनाव बढ़ सकता है.
ICE Detains Indian National over Physical Assault: अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों (ICE) की ओर से हाल ही में एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.
हरदोई में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
भारतीय किसान यूनियन अम्बावता (अ) गुट के किसानों ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील समझौते के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने इस समझौते को अन्नदाताओं के हितों के खिलाफ बताया। विरोध जताते हुए किसान डीएम कोर्ट की सामने धरने पर बैठ गए, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अरुणिमा श्रीवास्तव के समझने की बाद ही किसानों ने धरना समाप्त कर ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि यह समझौता गेहूं, धान, मक्का और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। धरने के दौरान किसानों ने राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तत्काल रद्द किया जाए या इस पर पुनः विचार किया जाए। जिला अध्यक्ष प्रेमसागर यादव और महिला जिलाध्यक्ष अर्चना ने इस अवसर पर कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
संभल जिले के पलथा गांव में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) असली ने एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर अमेरिकी सरकार के साथ हुई ट्रेड डील के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। पंचायत को संबोधित करते हुए संगठन के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव ऋषिपाल सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अमेरिकी सरकार के साथ की गई ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों की कमर टूट जाएगी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। यादव ने स्पष्ट किया कि किसान किसी भी सूरत में अपने अधिकारों और आजीविका पर आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पंचायत में मौजूद किसानों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले का विरोध करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि खेती-किसानी पहले से ही महंगी लागत, कम समर्थन मूल्य और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रही है। ऐसे में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय समझौते किसानों की मुश्किलें और बढ़ा देंगे। पंचायत में यह भी घोषणा की गई कि 18 फरवरी 2026 को मुरादाबाद स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक किसानों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव, जयवीर सिंह यादव, दिलशाद भाई, राहिद भाई, हाजी महबूब, बारिश भाई, विरेश यादव, मोहम्मद उमर, राशिद खां, वसीम खां, हाजी यूसुफ सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे। पंचायत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन किसानों में सरकार की नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।
Gold Rate Crash 2026: दो हफ्ते पहले तक सोने की कीमत जिस रॉकेट की रफ्तार से भाग रही थी अब उसने यूटर्न ले लिया है. सोने की कीमत गिरने लगी है. अगर ऑल टाइम हाई रेट से तुलना करें तो सोना अब तक 40000 रुपये तक गिर चुका है. 29 जनवरी 2026 को सोने की रिकॉर्ड कीमत 1.92 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी.
अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर आज, ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच आज जिनेवा में दूसरे राउंड की बैठक होने वाली है। आज का दिन दोनों देशों के लिए बेहद खास है
अमेरिका के रोड आइलैंड हॉकी एरिना में गोलीबारी में तीन की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल
अमेरिका के पावकेट स्थित एक आइस एरीना में हुई फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतकों में हमलावर भी शामिल है
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जैसे ही 'विकसित एमपी' का रोडमैप पढ़ना शुरू किया, विपक्ष ने शोर मचाकर इंदौर दूषित जलकांड, छिंदवाड़ा कफ सिरप से हुई मौतों के मामले पर हंगामा किया। वहीं, सदन के बाहर मोहन सरकार के मंत्री और कांग्रेस विधायक आमने-सामने आ गए। एक तरफ 'विकास' की बात हुई, तो दूसरी तरफ सीधा हमला 'देश की नाक' और 'प्रधानमंत्री की रील' तक पहुंच गया। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा। वहीं, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने पटलवार करते हुए कहा काश्यप साहब अमेरिका की तरफ देख तो लो, आपके प्रधानमंत्री ने नाक कहां से कटाई है। आज जो रील बनाकर अमेरिकन्स भेज रहे हैं, प्रधानमंत्री जी डांस कर रहे हैं। मंत्री बोले- पहली बार किसी IAS को किया सस्पेंड मंत्री चैतन्य काश्यप ने कांग्रेस के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि डॉ. मोहन यादव सरकार की कार्य करने की गति से कांग्रेस घबरा गई है। इंदौर मामले में मुख्यमंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी आईएएस अधिकारी को सस्पेंड किया है। छिंदवाड़ा में भी त्वरित कार्रवाई की गई है। सरकार इन सभी मुद्दों पर सदन में रिपोर्ट पेश करने वाली है। कांग्रेस को अगर सवाल पूछना है तो चर्चा के लिए आए, संबंधित मंत्री और खुद मुख्यमंत्री जवाब देंगे।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, ‘विजय शाह ने कोर्ट में 4 बार माफी मांगी है या नहीं, इन सब बातों के लिए सदन में चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस का नेतृत्व दिल्ली से लेकर भोपाल तक दिग्भ्रमित है। उन्हें संसदीय मर्यादाओं का पालन करना चाहिए, लेकिन वे केवल हंगामा करना जानते हैं क्योंकि उन्हें विकास का रोडमैप पच नहीं रहा है।’ बरैया ने पीएम पर की टिप्पणी मंत्री चेतन्य काश्यप के बयान पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने पटलवार करते हुए कहा कि काश्यप साहब को इतिहास का ज्ञान नहीं है। पहले गोरों के आदेश लंदन से चलते हैं आज गोरों के आदेश अमेरिका से चल रहे हैं। कांग्रेस के न होने के कारण ही तो ये हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने के बाद विधायक फूल सिंह बरैया ने मंत्री के बयान पर जवाब देते हुए कहा- काश्यप साहब अमेरिका की तरफ देख तो लो, आपके प्रधानमंत्री जी ने नाक कहां से कटाई है आज जो रील बनाकर अमेरिकन्स भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री जी डांस कर रहे हैं। चेतन्य काश्यप जी, अपनी दिल्ली सरकार से कहो कि अमेरिका से कम से कम बैन तो लगवाओ, हमारे देश का प्रधानमंत्री को आप उसको डांस करवा रहे हो। ये कांग्रेस न होने के कारण ही हो रहा है।
आइस हॉकी मैच में 'खूनी खेल'! स्टैंड से अचानक चली गोलियां, हमलावर समेत 3 की मौत से दहल उठा अमेरिका
Ice hockey match shooting: अमेरिका के रोड आइलैंड में एक आइस हॉकी मैच के दौरान हुई गोलीबारी में हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस के अनुसार, यह हिंसक घटना किसी पुराने पारिवारिक विवाद का परिणाम हो सकती है, जिसकी जांच जारी है.
भारत ने रोका ईरान का ‘तेल खेल’! समुद्र में पकड़े गए 3 संदिग्ध टैंकर, वजह अमेरिका है या कुछ और?
Iran Oil Tankers Seized: भारत ने 6 फरवरी को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में ईरान से जुड़े तीन अमेरिकी-प्रतिबंधित टैंकर जब्त किए. जानकारी के अनुसार, जहाज ईरानी ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा थे. इसी बीच अमेरिकी बलों ने राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर हिंद महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक प्रतिबंधित टैंकर पर भी कार्रवाई की है.
India US Relations: US एंबेसडर सर्जियो गोर और US इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल इंडियन आर्मी के वेस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर का दौरा किया और स्ट्रेटेजिक सिक्योरिटी डायनामिक्स पर चर्चा की. जानिए ये कमांड क्यों इतना अहम है.
ट्रेड डील अमेरिका के हित में, इससे भारत को बड़ा नुकसान : प्रणव झा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने कहा कि आज देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। देश में जो हो रहा है, वह रहस्यमय तरीके से हो रहा है। आम लोगों को इसका कुछ पता नहीं चल रहा। केंद्र सरकार द्वारा हाल में किए गए यूएस ट्रेड डील पर सचिव ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेंस कांफ्रेंस में झा ने कहा कि यह डील अमेरिकी हित में है। इससे भारत को नुकसान है। एपस्टिन फाइल में सरकार के मंत्री का नाम आने और अमेरिका में भारत के एक उद्योगपति पर कसते शिकंजे के दबाव में यह डील संभव हो सकी। झा ने कहा कि 2025 में अमेरिका को हमारा निर्यात 86 बिलियन डॉलर और आयात 46 बिलियन डॉलर था। 40 बिलियन ट्रेड सरप्लस था। अब अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सामान खरीदना है। सरप्लस ट्रेड डेफिसिट ट्रेड में बदल जाएगा। चीन के साथ पहले ही 116 बिलियन का व्यापार घाटा है। कृषि क्षेत्र को भी अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है। अमेरिकी किसानों को 64 लाख रुपए सब्सिडी प्रतिवर्ष मिलती है। जबकि भारतीय किसानों को मुश्किल से 12000 रु प्रतिवर्ष।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
गुरदासपुर के गोहत पोखर गांव निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ जेपी (33) का अमेरिका में निधन हो गया। 7 फरवरी को एक सड़क हादसे के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें दूसरा दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह लगभग आठ साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गए थे। वहां उन्होंने अपनी मेहनत से अपना व्यवसाय स्थापित किया था और उबर ड्राइवर के रूप में भी काम कर रहे थे। मृतक के पिता गुरबख्श सिंह, जीजा शरणजीत सिंह सनी, दादा कुलदीप सिंह और मामा संतोख सिंह ने बताया कि 7 फरवरी को गुरप्रीत सिंह सवारियों को उनकी मंजिल पर पहुंचाने जा रहे थे। ड्राइव के दौरान पड़ा दिल का दौरा इसी दौरान कार चलाते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी कार सड़क पर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में गुरप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह एक-दो दिन में घर लौट आएंगे। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान ही उन्हें दूसरा दिल का दौरा पड़ा, जो जानलेवा साबित हुआ। गुरप्रीत की पत्नी और दो छोटे बच्चे भी उनके साथ अमेरिका में ही रहते हैं। उनकी बहन और ससुराल वाले भी वहीं मौजूद हैं। गुरप्रीत के जीजा शरणजीत सिंह ने बताया कि गुरप्रीत एक प्रतिभाशाली और विनम्र नौजवान थे, जिन्होंने अपनी मेहनत से एक अच्छा व्यवसाय खड़ा किया था। उनके निधन से गांव गोहत पोखर में शोक का माहौल है।
Israel-America Meeting On Iran Conflict: हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका ने इजरायल को ईरान पर हमले को लेकर आश्वासन दिया था.
उत्तराखंड के चमोली में स्थित औली अब यूरोप और अमेरिका के स्की-रिसार्ट्स को टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश के इतिहास में पहली बार औली में नाइट स्कीइंग का आयोजन कराया गया। औली में कड़ाके की ठंड और ऊंचाइयों पर जमी बर्फ के बीच फ्लड लाइट्स जलाई गईं। जब ढलानों पर फ्लडलाइट्स जलाई गईं, तो बर्फीली चोटियां दूधिया रोशनी में नहा उठीं। तेज रफ्तार से ढलानों पर उतरते स्कीइंग खिलाड़ियों का प्रदर्शन देख दर्शक रोमांचित हो उठे। विंटर कार्निवल और नेशनल विंटर गेम्स में इस बार हिमाचल की टीम 17 पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनी। अल्पाइन स्कीइंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए आंचल ठाकुर ने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए और बेस्ट एथलीट चैंपियन का खिताब हासिल किया। चार दिनों तक चले इस आयोजन में देशभर से आए खिलाड़ियों ने स्कीइंग सहित विभिन्न शीतकालीन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल प्रतिस्पर्धाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। 17 राज्यों की टीमों ने लिया हिस्साशून्य से नीचे के तापमान और चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर देशभर से आए खिलाड़ियों ने तकनीक और खेल भावना का अद्वितीय प्रदर्शन किया। गढ़वाल मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक लक्ष्मीराज चौहान ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से 12 से 16 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विंटर टूरिज्म को नई ऊंचाइयां देना है। इस वर्ष नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप में 17 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें करीब 250 प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हिमाचल ने जीते सबसे अधिक पदकविंटर कॉर्निवाल और नेशनल स्क्रीनिंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश का दबदबा रहा। हिमाचल ने 17 पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं आर्मी की टीम 12 पदक जीतकर दूसरे स्थान पर रही। जम्मू कश्मीर की टीम ने 4 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रही। 3 प्वाइंट्स में समझिए क्यों खास है यह आयोजन… ऐतिहासिक क्षण- औली में अब तक केवल दिन की रोशनी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती थीं। एसोसिएशन के सचिव राकेश रंजन भिलंगवाल ने बताया कि यह भारत का पहला ऐसा प्रयोग है, जो सफल रहा। विदेशी तर्ज पर विकास- एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास के अनुसार, विदेशों में नाइट स्कीइंग बहुत लोकप्रिय है। भारत में इसकी शुरुआत का उद्देश्य औली को केवल मौसमी पर्यटन स्थल न रखकर एक 'पूर्णकालिक एडवेंचर हब' बनाना है। आर्थिक लाभ- नाइट इवेंट्स होने से पर्यटकों के रुकने की अवधि बढ़ेगी। इससे स्थानीय गाइडों, होमस्टे संचालकों और पर्यटन व्यवसाय को सीधा फायदा पहुंचेगा। नाइट स्नो स्कीइंग इवेंट्स का आयोजन रहा सफलराष्ट्रीय स्कीइंग कोच अजय भट्ट ने बताया- इस तरह की नाइट स्नो स्कीइंग विदेशों में देखने को मिलती थी। इस बार विंटर कार्निवाल और नेशनल विंटर गेम्स को यादगार बनाने के लिए 'नाइट स्नो स्कीइंग इवेंट्स' का आयोजन किया गया है, जो पूरी तरह सफल रहा है। दुनिया भर के लिए एक नई पहचान बनेगा औलीविंटर गेम एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने बताया कि हमारा लक्ष्य औली को केवल सीजनल डेस्टिनेशन न रखकर, उसे एक पूर्णकालिक साहसिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। भारत के किसी भी स्कीइंग सेंटर पर पहली बार नाइट इवेंट आयोजित हुआ। अब दुनिया भर के लिए एक नई पहचान बनेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. इन सब के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास का नाम 'Smart Control of the Strait of Hormuz' रखा गया था.
संभल में किसानों ने अपने हितों को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से कृषि और दुग्ध उत्पादों को बाहर रखने की मांग की है। सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (रजि.) के बैनर तले जनपद संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई पर किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका व्यापार डील के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि अनाज, दालें, सब्जियां, फल और दूध जैसे कृषि उत्पादों को यदि अंतरराष्ट्रीय व्यापार डील में शामिल किया गया, तो देश के छोटे और सीमांत किसानों पर गंभीर आर्थिक संकट आ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारिक संबंध बनाए जाएं, लेकिन किसानों के उत्पादों को इस समझौते से अलग रखा जाए। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की गई है कि वे किसानों के हितों को प्राथमिकता दें और कृषि व दुग्ध उत्पादों को व्यापार समझौते से बाहर रखें। किसान नेताओं ने जोर दिया कि देश के करोड़ों किसान और पशुपालक अपनी आजीविका के लिए इन्हीं उत्पादों पर निर्भर हैं। जिलाध्यक्ष कुलदीप चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ अन्याय हुआ और उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो किसान एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पहले की तरह दिल्ली कूच कर घेराव भी किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। उनकी मुख्य मांग है कि किसान के उत्पाद को किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार डील से बाहर रखा जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहनलाल, मनोज, भूरा सिंह पाल, प्रदीप कुमार, अंकित चौधरी, राजवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अशक अली, अतुल कुमार, अभिनव शर्मा, प्रमोद यादव, इंद्रपाल सिंह, रविंद्र सिंह, नेम सिंह, गजेंद्र सिंह, अरविंद पाल, छोटे सिंह सहित कई अन्य किसान शामिल थे।
हिसार के लघु सचिवालय गेट पर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अमेरिका-भारत के बीच हुई एक डील के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि सरकार द्वारा की गई यह डील देश के किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौतों में पारदर्शिता नहीं बरत रही है और जनता को विश्वास में लिए बिना फैसले ले रही है। बोले- संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए कांग्रेस नेताओं ने जोर दिया कि किसी भी बड़े समझौते से पहले संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि डील की शर्तों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश की जनता को इसकी वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में डील की समीक्षा करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो इस आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
लखनऊ में सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध उत्पादों को शामिल किए जाने की आशंका को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञान चंद गुप्ता के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कृषि हितों की रक्षा की मांग की। कृषि और दुग्ध उत्पाद शामिल हुए तो नुकसान होगासंगठन के प्रदेश अध्यक्ष (पूर्वी उत्तर प्रदेश) प्रताप बहादुर ने कहा कि यदि व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर को शामिल किया गया तो इसका सीधा असर देश के छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 87 प्रतिशत किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। उनकी आजीविका खेती व पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में विदेशी उत्पादों की एंट्री से उनकी आय प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी बयानों से बढ़ी आशंका ज्ञापन में कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की कृषि सचिव ब्रुक रोलिंस के हालिया बयानों से यह संकेत मिलता है कि प्रस्तावित समझौते से अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंच सकता है। संगठन ने आशंका जताई कि यदि अमेरिकी दुग्ध उत्पाद या मिल्क पाउडर भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर आया तो स्थानीय डेयरी व्यवसाय संकट में पड़ सकता है। दूध के दाम पहले ही कम, बढ़ सकता है आर्थिक दबाव किसान नेताओं ने कहा कि देश के कई हिस्सों में दूध पहले से ही कम कीमत पर बिक रहा है। ऐसे में विदेशी उत्पादों की आमद से बाजार दर और गिर सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। कृषि हितों की अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी संगठन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि प्रस्तावित इंडो-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को शामिल न किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो देशभर में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पंचकूला में बुजुर्गों की काटी जा रही पेंशन, गरीबों के राशन कार्ड काटने व किसान विरोधी ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस कमेटी की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता पंचकूला में डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सांकेतिक धरना भी दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष चौहान ने बताया कि भाजपा सरकार ने एक लाख से अधिक लोगों की पेंशन काट दी, जबकि सरकार झूठ बोल रही है कि किसी की पेंशन नहीं काटी गई। पेंशन कटने के कारण बुजुर्ग सरकारी कार्यालयों के धक्के खा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। ट्रेड डील से किसानों को नुकसान जिलाध्यक्ष संजय चौहान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील की है, जिसका असर भारतीय किसानों पर देखने को मिलेगा। भारत ने अमेरिका के लिए कृषि उत्पादों पर ट्रैरिफ कम करके बाजार खोल दिया है, जिससे सोयाबीन व ऑयल सीड किसानों पर दबाव बढ़ेगा। प्रदर्शन में विधायक नहीं शामिल प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस प्रधान सुधा भारद्वाज, पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल सहित कई पदाधिकारी मौजूद हैं, लेकिन पंचकूला शहर विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए हैं। यह दूसरी बार है, जब कांग्रेस प्रदर्शन में विधायक नहीं हैं।
ओबामा का ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला, वर्तमान दौर की अमेरिकी राजनीति को बताया जोकरों का शो
ओबामा ने वर्तमान राजनीतिक विमर्श को इंटरनेट मीडिया और टेलीविजन पर चल रहे “सर्कस” से तुलना करते हुए कहा कि राजनीति में गंभीरता और गरिमा का स्तर गिरा है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने पूछे पांच सवाल, किसानों के हितों पर जताई गंभीर चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि क्या यह समझौता भारत के कृषि उद्योग पर किसी अन्य देश की दीर्घकालिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में कदम तो नहीं है।
हिंद महासागर में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक अन्य तेल टैंकर को रोका और उस पर सवार हो गई
US magazine report on pakistan proxy war: अमेरिकी पत्रिका की रिपोर्ट में कहा गया कि यूएन के ध्यान ना देने के कारण पाकिस्तान पर कड़ा दबाव नहीं बन पाया और वह पड़ोसी देशों के खिलाफ प्रॉक्सी युद्ध की नीति अपनाता रहा है. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि इंडिया को आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के सच्चाई को दुनिया के सामने लगातार लाना चाहिए और अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना चाहिए.
करनाल के फुसगढ़ गांव में एनआरआइ के घर पर हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला 53 हजार अमेरिकी डॉलर के लेनदेन को लेकर किया गया। मामले में एक आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी करेगी और रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। रात को घर और नीचे बने ब्यूटी पार्लर पर की गई फायरिंगपुलिस के अनुसार 3 फरवरी की रात फुसगढ़ गांव में यह वारदात हुई। उस समय घर की पहली मंजिल पर एनआरआइ बलकार की मां और उसकी पत्नी सो रही थीं। मकान के नीचे किराये पर एक ब्यूटी पार्लर चल रहा है। रात के अंधेरे में आए बदमाशों ने मकान और ब्यूटी पार्लर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ तीन से चार गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया और वारदात के बाद से आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया। अमेरिका में शुरू हुआ विवाद, करनाल तक पहुंची वारदातजांच में सामने आया कि बलकार लाठर अमेरिका में रहता है और उसका साला संदीप भी वहीं रह रहा है। संदीप को सौंटा, जिला अंबाला निवासी गुरदास के करीब 53 हजार अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 47.99 लाख रुपये देने थे। गुरदास भी अमेरिका में ही रहता है। रुपयों को लेकर दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई और पंचायतें भी बुलाई गईं, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया। इस मामले को लेकर पुलिस को भी शिकायत दी गई थी, इसके बावजूद रकम नहीं मिली। रुपये नहीं मिलने पर रची गई फायरिंग की साजिशपुलिस के मुताबिक रुपयों का लेनदेन न सुलझने पर गुरदास के भाई गुरशेर ने बदले की नीयत से यह कदम उठाया। उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर 3 फरवरी की रात बलकार के फुसगढ़ स्थित घर पर फायरिंग की। वारदात से पहले गुरशेर ने इलाके की रेकी की थी और फिर योजना के तहत हमला किया गया। 14 फरवरी को गिरफ्तारी, बाइक बरामदपुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 फरवरी को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीआइए-वन प्रभारी संदीप ने बताया कि आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक बरामद कर ली गई है। आरोपी गुरशेर सिंह को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि आरोपी जसबीर सिंह को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हथियार की तलाश जारी, रिमांड के बाद होगी कोर्ट में पेशीपुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान फायरिंग में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आज आरोपी जसबीर सिंह को भी अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, ताकि किसी भी तरह की जानकारी छूट न जाए और वारदात में शामिल हर तथ्य सामने आ सके।
अमेरिका में भारतीय प्रवासी इंजीनियर व उनकी टीम ने एक ऐसा एप तैयार किया है, जो डॉक्टर को दैनिक कामों में सहयोग करेगा। इसे मोबाइल से आसानी से चला सकेंगे। यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वॉइस असिस्टेंट है, जिसे खासतौर पर डॉक्टर्स की सुविधा के लिए डिजाइन किया है। डॉक्टर केवल आवाज से आदेश देंगे और यह असिस्टेंट रोगी का इतिहास, लक्षण और प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दे देगा। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टर्स का समय बचाना, थकान और ऊर्जा की खपत को कम करना, रोगियों के लिए और भी सटीक और तेज निदान उपलब्ध कराने के साथ उपचार प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाना है। इस तकनीक का लक्ष्य डॉक्टर्स का सहायक बनाना है, ना कि उनकी जगह लेना। टीम ने इसे AI BONORx : Bhart Online Nidan Oshadhi Prescription यानी वॉइस ड्रिवन एआई असिस्टेंट नाम दिया है। इंजीनियर राकेश कुमार के निर्देशन में नौ सदस्यीय टीम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रोफेसर डॉ. योगेश यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कविता, टोंक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. लोकेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार, इंजीनियर डॉ. जितेंद्र, डॉ. धनराज, डॉ. गौरव, छात्र आदित्य सिंह का सहयोग रहा। इंजीनियर राकेश कुमार बताते हैं कि तेज रफ्तार मेडिकल दुनिया में यह डॉक्टर्स का सहयोगी बनेगा। नोट्स लिखेगा, मेडिकल रिपोर्ट पढ़ने में मदद देगा इलाज में मदद मिलेगी आगे क्या... भविष्य की दिशा तय करेगायह तकनीक टेलीमेडिसिन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बड़े अस्पतालों में एक अभिन्न हिस्सा बन सकती है। यह केवल बड़े कॉरपोरेट हॉस्पिटल तक सीमित नहीं रहे बल्कि हर डॉक्टर का डिजिटल सहयोगी बन सके। विशेषता - यह बहुभाषी और मरीजों की अत्याधिक संख्या को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। हिंदी, अंग्रेजी, क्षेत्रीय भाषाओं को समझने की क्षमता, डॉक्टर मरीज से बात करते‑करते वॉइस के माध्यम से ही हिस्ट्री, नोट्स और प्रिस्क्रिप्शन जेनरेट कर सकते हैं। हाथ से लिखने या टाइप करने की आवश्यकता को न्यूनतम कर डॉक्यूमेंटेशन बोझ को घटाता है।
हरियाणा के हांसी में भारतीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने अमेरिका-भारत प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। रविवार को हांसी क्षेत्र के गांव देपल में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और समझौते से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि यह प्रस्तावित व्यापार समझौता भारतीय कृषि व्यवस्था और किसानों के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समझौतों से विदेशी कंपनियों को लाभ होगा, जबकि देश के छोटे और मध्यम किसान आर्थिक संकट में घिर सकते हैं। किसान बोले- सरकार समझौते पर फिर से विचार करे किसानों ने सरकार से इस समझौते पर पुनर्विचार करने और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान सिसाय गांव की किसान कमेटी ने आंदोलन को सक्रिय समर्थन दिया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला प्रधान कर्मबीर, भारतीय किसान संघर्ष समिति के राजेश शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप ने किया। प्रदर्शन में किसान नेता छत्तरपाल, सुन्दर प्रधान, संजय, रामकिशन, धर्मपाल, बेदु फौजी, कृष्णा, धर्मेंद्र, सीताराम, मांगेराम और जग्गी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। पवन खेड़ा ने कहा- अमेरिका से ट्रेड डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डरकर की, और जब राजा डरता है तो नुकसान प्रजा का होता है। खेड़ा ने कहा- साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते थे कि डॉलर और मनमोहन सिंह की उम्र में मुकाबला चल रहा है, लेकिन आज डॉलर की कीमत मोदी की उम्र से ज्यादा हो गई है। खेड़ा रविवार को अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में पहुंचे और जियारत की। खेड़ा ने मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों- व्यापारियों को नुकसानराष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील हुई है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डरकर की है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा किसानों और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। खेड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि जब राजा डर जाता है तो नुकसान प्रजा को होता है। खेड़ा ने कहा- धर्म को राजनीति का जरिया नहीं बनाना चाहिए। कांग्रेस हमेशा इसके खिलाफ रही है। राजनीति हमेशा मुद्दों की होनी चाहिए। धर्म का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हरदीप पुरी व मोदी दोनों ही कोई सवाल के जवाब नहीं दे रहें। ये रिश्ता क्या था, क्यों था, जवाब देने चाहिए। राजस्थान की जनता तैयार बैठी है और जनता चुनाव का इंतजार कर रही है। ये पर्ची की सरकार है और कीमत राजस्थान की जनता अदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत-पाक मैच में हिन्दुस्तान जीतेगा। (फोटो-वीडियो सहयोग-नजीर कादरी)
भारतीय किसान यूनियन (गैर राजनीतिक) ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में पानीपत जिले के इसराना किसान भवन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने समझौते के करार की प्रति जलाई। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के देशव्यापी आह्वान पर 15 फरवरी को किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है। मोर्चे ने देश के गांव-गांव में किसानों से एकजुट होकर प्रदर्शन करने की अपील की थी, जिसके तहत इसराना में भी विरोध दर्ज कराया गया। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान ने कहा कि भारत सरकार ने किसानों को अमेरिका के हाथों बेच दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका का बाजार भारत में खुल जाता है, तो भारतीय किसान पूरी तरह से प्रभावित होंगे। जागलान बोले- किसान मोर्चा समझौते का करता है विरोध मनोज जागलान ने आगे कहा कि किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) इस समझौते का पुरजोर विरोध करता है और पूरे देश में गांव-गांव में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत का किसान इस समझौते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। किसान मोर्चे द्वारा इसके विरोध में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 'किसान यात्रा' भी निकाली जा रही है, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। मनोज ने यह भी बताया कि किसान महापंचायत में इस समझौते को वापस न लेने पर देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया जाएगा। इस प्रदर्शन में किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान, जिला अध्यक्ष शमशेर पूनिया, जोगिंदर जग्गी, बलराज मलिक कारद, अशोक कुंडू, दीपक जौन्धन कलां, देवेंद्र जागलान, रणधीर दांगी, हरिश्चंद्र मलिक कारद, राजवीर मलिक और अजय जाखड़ सहित कई किसान नेता शामिल रहे।
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए कृषि उत्पादों व अन्य वस्तुओं के व्यापार समझौते को लेकर किसानों में भारी रोष है। रविवार को नारनौंद के हांसी रोड पर बड़ी संख्या में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि यह समझौता वापस नहीं लिया गया, तो पहले हुए किसान आंदोलन से भी बड़ा संघर्ष छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन में शामिल किसान नेताओं बलवान लोहान, शीलू लोहान, बजे सिंह जंगी लोहान, सुनील, बलवान बैरागी, विजयपाल, दिलबाग माजरा, बाली, भूपेंद्र, अनिल, ओम, राजवीर, इंद्र, काजल, राजेंद्र, सुंदर टेका और बिंद्र सहित अनेक किसानों ने इस समझौते को किसान विरोधी बताया। उनका कहना है कि यह समझौता कृषि उत्पादन, डेयरी, पोल्ट्री, दूध तथा खेती से संबंधित अन्य वस्तुओं को प्रभावित करेगा। किसानों का आरोप है कि इस समझौते से देश का किसान आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएगा। किसानों ने कहा-अमेरिका के उत्पाद बाजार में आएंगे उन्होंने बताया कि भारत ने अमेरिका में उत्पादित कृषि फसलों पर शून्य टैरिफ कर दिया है, जबकि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 3 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिया है। किसानों का आरोप है कि यह समझौता एकतरफा है और इससे भारतीय किसानों को प्रतिस्पर्धा में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने आशंका जताई कि विदेशी कृषि उत्पाद सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे स्थानीय किसानों की उपज के दाम गिरेंगे और उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। डेयरी सेक्टर पर असर पड़ेगा डेयरी क्षेत्र को लेकर भी किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि अमेरिका का दूध भारतीय मानकों के अनुरूप नहीं है, क्योंकि वहां पशुओं को मांसाहारी आहार दिया जाता है, जिससे दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं। किसानों ने यह भी कहा कि इतनी लंबी दूरी तय कर दूध का भारत तक पहुंचना व्यावहारिक नहीं है। यदि यह पहुंचता भी है, तो उसमें रसायन या संरक्षक तत्व हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होंगे।
कैथल में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की कार्यकारिणी ने दीन बंधु सर छोटूराम सामुदायिक केंद्र तितरम मोड़ पर बैठक की। बैठक के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ फसल खरीद को लेकर किए गए समझौते का विरोध किया। भारी संख्या में किसान सामुदायिक केंद्र में पहुंचे और बाद में सरकार के आदेशों की प्रतियां भी जलाई। बोले-भारत में किसानों के पास कम जमीन किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह तितरम व होशियार गिरल प्योदा ने कहा कि सरकार विदेशों से फसल उत्पाद खरीदने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में ज्यादा जमीन वाले किसान हैं। उनको किसानों को 60 लाख रुपए से लेकर एक करोड़ रुपए तक फसल बिक्री पर सब्सिडी मिलती है। भारत में किसानों के पास जमीन कम हैं। ऐसे में उनको 13 हजार रुपए के आसपास सब्सिडी दी जाती है। क्वालिटी पर भी विश्वास नहीं अगर ऐसे में बाहर से फसल की खरीद होगी तो देश के किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। मक्का और गेहूं जैसी फसलों का किसानों को कोई उचित दाम नहीं मिलेगा। बाहर से खरीद किए जाने वाले उत्पादों की क्वालिटी पर भी विश्वास नहीं किया जा सकता। इनके खाने से फसल और नस्ल दोनों को नुकसान होगा। किसानों ने मांग की कि इस डील का वापस लिया जाए। उन्होंने डील की प्रतियां जलाते हुए कहा कि 19 मार्च को दिल्ली में इसके विरोध में प्रदर्शन कयिा जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इसमें भाग लें।
हिसार के उकलाना में अंडरपास की मांग को लेकर 16 जनवरी से जारी अनिश्चितकालीन धरने को सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने समर्थन दिया। इस दौरान सांसद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाने का काम कर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार विपक्ष को बोलने का अवसर तक नहीं दे रही। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सांसदों के सवालों का सामना करने से बच रहे हैं। यदि प्रधानमंत्री महिला सांसदों से ही डरेंगे तो देश के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य कैसे कर पाएंगे,” उन्होंने सवाल उठाया। शैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा तोड़फोड़ की राजनीति की है और अन्य दलों के नेताओं को विभिन्न माध्यमों से अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है। सैलजा बोलीं-अंडरपास की मांग जायज अंडर पास को लेकर कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मांग क्षेत्र की वर्षों पुरानी और जनहित से जुड़ी मांग है, जिसे सरकार को गंभीरता से लेते हुए तुरंत स्वीकृति देनी चाहिए। सैलजा ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही प्रदेश सरकार और रेलवे विभाग के अधिकारियों से बातचीत करेंगी, ताकि उकलाना में अंडरपास निर्माण का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने उकलाना में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के धीमे कार्य पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सुस्त रफ्तार के कारण शहर का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नौकरी देने का झांसा देकर बैंकॉक भेजा, वहां से म्यांमार ले जाकर अमेरिकी लोगों से साइबर ठगी कराई, केस
शहर के एक युवक को नौकरी देने के बहाने म्यांमार ले जाकर साइबर ठगी कराने का मामला सामने आया है। युवक ने एक बदमाश के खिलाफ होटल में नौकरी देने के बहाने बैंकॉक भेजने और वहां से म्यांमार भेज कर अमेरिकी लोगों के साथ साइबर ठगी करवाने का मामला दर्ज कराया है। वहां दो माह तक उन्हें बंधक बनाकर ठगी करवाई गई। फिर थाईलैंड आर्मी ने उन्हें छुड़वाया। पुलिस के अनुसार देवाली हाल मीरा नगर निवासी विशाल ब्यावट ने रिपोर्ट दी। बताया कि उन्हें नौकरी की जरूरत थी। इंस्टाग्राम पर उन्होंने नौकरी का एक विज्ञापन देखा। उसे खोलने पर अमन बॉक्स 0043 नाम से मैसेज आए। अमन ने उनसे पेशे के बारे में पूछा तो उन्होंने होटल लाइन में काम करना बताया। फिर बैंकॉक में होटल में नौकरी देने का झांसा देकर इंस्टाग्राम पर ही इंटरव्यू लिया। एक से डेढ़ लाख रुपए मासिक वेतन देना तय किया। पिछले साल 20 अगस्त को टेलीग्राम पर चाइनीज युवती ने उनका इंटरव्यू लिया और नौकरी पक्की बताई। दूसरे दिन अमन ने टेलीग्राम पर फोन कर बताया कि उन्हें 25 अगस्त को बैंकॉक के लिए रवाना होना है। उसने टेलीग्राम पर फ्लाइट की टिकट भेजी। वह अहमदाबाद से बैंकॉक रवाना हुए। बैंकॉक एयरपोर्ट के बाहर एक थाई व्यक्ति मिला। उसने उनकी फोटो ली और सोनी मेंशन होटल में छोड़कर आराम करने को कहा। दूसरे दिन थाई व्यक्ति उन्हें टॉक रिसोर्ट में ले गया। वहां से तीसरे दिन जंगल के रास्ते और नदी पार करवा कर म्यांमार बॉर्डर पर ले गया। वहां आर्मी के सैनिक उन्हें केके पार्क ले गए, जहां सिर्फ चाइनीज लोग थे। वहां सउन नाम के व्यक्ति ने उनका फोन ले लिया और एक बिल्डिंग में ले गया। फिर बताया कि इंडिया के एजेंट ने उन्हें बेच दिया है। फिर एक कमरे में ले जाया गया, जहां 6 लोग बंधक बना रखे थे। वहां से एक ऑफिस में ले गए, जहां 500 लोग पहले से काम कर रहे थे। इनमें से 300 म्यांमार के और 200 लोग दूसरे देशों के थे। चाइनीज व्यक्ति ने अमेरिका के लोगों के साथ लव स्कैम करने का काम दिया। 5 से ज्यादा अमेरिकन लड़कियों के खाता नंबर दिए। अमेरिकन से लव स्कैम में फंसा कर क्रिप्टो करेंसी निवेश करवाना था। काम नहीं करने पर खाना नहीं दिया जाता। पिछले साल अक्टूबर में थाईलैंड आर्मी ने वहां रेड डालकर उन्हें छुड़वाया। फिर वापस दिल्ली भेजा गया। जहां से जयपुर पुलिस उन्हें लेकर आई और छोड़ दिया। साइबर एक्सपर्ट : विज्ञापनों और अनजान एजेंटों के भरोसे विदेश नहीं जाएं, पहले पड़ताल करें साइबर एक्सपर्ट कांस्टेबल राजकमल ने बताया कि सोशल मीडिया पर मिले विज्ञापनों में नौकरी के लालच में बिना जांच-पड़ताल के विदेश जाना बेहद खतरनाक है। सोशल मीडिया पर आने वाले जॉब ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। असली कंपनियां पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट, लिंक्डइन या प्रमाणित ईमेल से संपर्क करती हैं। कंपनी का रजिस्ट्रेशन, ऑफिस पता और आधिकारिक वेबसाइट चेक करें। विदेश में नौकरी है तो उस देश की एम्बेसी या सरकारी पोर्टल पर वेरिफिकेशन करें। अगर कोई एजेंट टिकट भेज रहा या पैसे मांग रहा है, तो पहले उसकी वैधता जांचें। अनजान एजेंट के कहने पर विदेश यात्रा न करें। शंका होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
‘एपस्टीन फाइल्स’ से गरमाई राजनीति, अखिलेश ने उठाए अमेरिका और बाजार पर सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी एपस्टीन फाइल्स पर चर्चा नहीं...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर राहुल गांधी का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है
कांग्रेस नेता और जालंधर कैंट से मौजूदा विधायक परगट सिंह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह डील किसानों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है, तब मुख्यमंत्री की चुप्पी उनकी भाजपा के साथ 'गुप्त मिलीभगत' की ओर इशारा करती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परगट सिंह ने हाल ही में पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौता देश और खासकर पंजाब के किसानों के लिए एक अत्यंत गंभीर विषय बन चुका है। परगट सिंह ने मान सरकार पर हमला बोला इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की खामोशी को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने हैरानी जताई कि जो मुख्यमंत्री छोटे-मोटे मुद्दों पर भी तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया देने के लिए जाने जाते हैं, वे इतने बड़े राष्ट्रीय और किसान हित से जुड़े मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? किसानों की चिंता और सरकार की चुप्पीपरगट सिंह के अनुसार, पंजाब का किसान वर्ग इस समझौते के संभावित परिणामों को लेकर गहरे तनाव और चिंता में है। ऐसे समय में राज्य के मुखिया का चुप रहना कई तरह के संदेह और सवाल पैदा करता है। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मान की यह चुप्पी असल में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच के तालमेल को उजागर करती है। परगट सिंह ने दावा किया कि आप सरकार पंजाब में भाजपा के एजेंडे को ही आगे बढ़ा रही है। कथित मिलीभगत का दावाकांग्रेस नेता ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ एक 'गुप्त मिलीभगत' करार दिया। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और किसानों के हक में आवाज उठानी चाहिए, न कि पर्दे के पीछे रहकर केंद्र की नीतियों का समर्थन करना चाहिए।
मोहाली के समगोली से हरदीप सिंह (28 साल) जुलाई 2024 में अमेरिका डॉलर कमाने का सपना देखकर डंकी रूट से घर से निकला था। लेकिन करीब 38 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी वह अमेरिका नहीं पहुंच पाया। मैक्सिको में भूखे-प्यासे ही उसने दम तोड़ दिया। लेकिन एजेंटों के फर्जीवाड़े की वजह से उसका शव भी चार महीने तक मैक्सिको की मोर्चरी में पड़ा रहा।क्योंकि डंकी के जरिए उसे अमेरिका भेजते समय एजेंटों ने उसके दस्तावेज नेपाल के बना दिए गए थे। इस वजह परिवार ने शव को भारत लाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। साथ ही यह साबित किया कि मृतक नेपाल का नहीं बल्कि भारत के पंजाब का रहने वाला है। बाकायदा उसके फिंगरप्रिंट मैच करवाकर भारत से भेजे गए। तब जाकर मृतक बेटे का शव भारत पहुंच पाया। इस दौरान जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे गांव में गम का माहौल था। गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। मैक्सिको में भूखे प्यासे रखा, जिससे मौत हुई मृतक के भाई मलकीत सिंह के मुताबिक, उसका भाई हरदीप सिंह जुलाई 2024 में समगोली से अमेरिका के लिए निकला था। एजेंटों ने डंकी रूट के माध्यम से उसे अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था। इसके लिए परिवार से पहले 33 लाख रुपये लिए थे। लेकिन मैक्सिको पहुंचने के बाद वह मुश्किल में आ गया था। इस दौरान एजेंटों ने उसे एक कमरे में भूखा और प्यासा रखा। जबकि यहां से एजेंटों ने उसके भाई को कोई पैसा नहीं भेजा। हमें कहा गया था कि उसकी पूरी मदद की जाए। इसलिए परिवार को चार लाख रुपये और भेजने पड़े। वह एक साल तक मैक्सिको में फंसा रहा, जहां हरदीप सिंह जिंदगी की जंग हार गया। नेपाल के डॉक्यूमेंट बनाए हुए थे परिवार का आरोप था कि हरदीप के नेपाल के जाली दस्तावेज बनवाकर उसे मैक्सिको भेजा गया था। लेकिन जब उसकी मौत हो गई तो उसके सारे दस्तावेज नेपाल के थे। ऐसे में उसका शव भारत लाना बहुत मुश्किल था। क्योंकि वहां की सरकार यह मानने को तैयार नहीं थी कि वह भारत का निवासी था। पुलिस इंस्पेक्टर सुमित मोर ने बताया कि मृतक के नेपाल के दस्तावेज होने के कारण शव भारत नहीं आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने एंबेसी से तालमेल किया। भारत से उसके फिंगरप्रिंट भेजकर वेरिफाई करवाए गए। फिर नेपाल से उसके दस्तावेजों की जांच करवाई गई, जहां पता चला कि वह नेपाल का निवासी नहीं था। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी होने पर हरदीप का शव भारत लाने का रास्ता साफ हो गया। जिसके बाद आज यह शव भारत पहुंचा है। सीएम से मदद की लगाई थी गुहार हरदीप सिंह जुलाई 2024 में घर से निकला था। मरने से पहले हरदीप ने एक वीडियो भी भेजा था, जिसमें उसने रोते हुए सीएम भगवंत मान, विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और जिला पुलिस प्रमुख मोहाली से मदद तथा उक्त आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की थी। वीडियो के कुछ दिन बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई। एक ट्रैवल एजेंट अरेस्ट इस मामले में डेराबस्सी पुलिस ने साढ़े चार महीने पहले दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें से एक आरोपी को हाल ही में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
क्या सोशल मीडिया बच्चों को बना रहा है ‘आदी’? अमेरिका में इंस्टाग्राम और यूट्यूब के खिलाफ मुकदमा
अमेरिका के लॉस एंजेलिस में इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ एक बहुचर्चित मुकदमा चल रहा है, जिसमें आरोप है कि इन प्लेटफार्मों के एल्गोरिदम और फीचर बच्चों में लत जैसी प्रवृत्ति पैदा करते हैं।
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
लुइसियाना से ग्रीनलैंड तक: जानें कैसे 13 राज्यों का अमेरिका बना 50 राज्यों का सुपरपावर
पिछले लगभग दो सौ वर्षों में अमेरिका ने कभी खरीद के जरिए, कभी युद्ध के माध्यम से और कभी राजनीतिक दबाव बनाकर अपने क्षेत्रफल का लगातार विस्तार किया। आज का 50 राज्यों वाला संयुक्त राज्य अमेरिका कभी केवल 13 उपनिवेशों तक सीमित था।
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

