पिछले साल का प्रयागराज महाकुंभ मेला, तो याद होगा ही। यहां हजारों अघोरियों के हठ योग का अलग-अलग तरीका था। कोई कड़ाके की ठंड में एक दिन पहले भरे गए 51 मटकों के पानी से स्नान कर रहा था, तो कोई प्राइवेट पार्ट में तलवार बांधकर खींच रहा था। हठयोग का ऐसा ही नजारा इन दिनों मध्यप्रदेश में देखने मिल रहा है। निरंजनी अखाड़े के संत धरमपुरी महाराज अधोमुखी नर्मदा परिक्रमा पर निकले हैं। उन्होंने 3500 किमी की यात्रा हाथों के सहारे चलते हुए यानी हैंड वॉकिंग का संकल्प लिया है। उनकी आस्था का ये रूप जितना अनोखा है, उतना ही कठिन भी है। आमतौर पर लोग नर्मदा परिक्रमा पैदल, दंडवत या वाहनों से करते हैं, लेकिन धरमपुरी महाराज ने इसे साधना और तपस्या का स्वरूप दिया है। उनका संकल्प विजयादशमी (2 अक्टूबर 2025) से नर्मदा के उद्गम स्थल अनूपपुर जिले के अमरकंटक से शुरू हुआ। यात्रा पूरी करने में 12 साल लगेंगे। यानी ये 2037 में पूरी होगी। इस दौरान वे करीब साढ़े तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यात्रा के 74 दिन पूरे हो चुके हैं। धरमपुरी महाराज अब तक 105 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। हाल में वे डिंडौरी से 12 किलोमीटर दूर छपरी गांव पहुंचे। घाटी वाले डिंडौरी–मंडला स्टेट हाईवे किनारे उन्होंने शिष्यों के साथ विश्राम के लिए पड़ाव डाला। जैसे ही, ये खबर लोगों तक पहुंची, ग्रामीण उनके दर्शन के लिए पहुंचने लगे। यहां जो भी आ रहा था, वो हांफ रहा था। वजह– धरमपुरी महाराज ने जो दूरी तय की है, वो चढ़ाई वाली और कठिन भी है। कुछ देर लोगों से मिलने के बाद वे अपने टेंट में चले गए। उनके साथ चल रहे लोगों ने सभी से सुबह आने कहा। सुबह करीब पौने सात बजे दैनिक भास्कर की टीम फिर से धरमपुरी महाराज के पड़ाव पहुंच गई। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के साथ घना कोहरा छाया है। टेंट के अंदर जल रही धूनी की आग बाहर से नजर आ रही है। मंत्रों और घंटी की आवाज से ऐसा लग रहा है, जैसे आरती हो रही है। हम टेंट के बाहर ही किसी के निकलने का इंतजार करने लगे। इसी बीच महाराज के शिष्य योगेश कटारे बाहर आए। बोले- गुरुजी बुला रहे हैं। महाराज बोले– नर्मदा मां ने ही किया लालन–पालन अंदर पहुंचते ही देखा कि कड़ाके की ठंड में भी धरमपुरी महाराज लंगोट बांधे हैं। वे अपने शरीर पर धूनी से निकली भस्म मल रहे हैं। मैं प्रणाम कर धूनी के पास ही बैठ गया। कुछ पूछने से पहले वे मुस्कुराते हुए कहते हैं- जो मैं कर रहा हूं ये अपने लिए नहीं बल्कि आप सब लोगों के लिए है। मैंने बाबा की उम्र के बारे में पूछा। चेहरे पर भभूत मलते हुए बाबा कहते हैं 24 का हो गया हूं। डिंडोरी के बजाग विकासखंड के रतना गांव का रहने वाला हूं। गांव के पास से ही नर्मदा का प्रवाह है। माता-पिता के बारे में तो कुछ पता नहीं, लेकिन नर्मदा किनारे का आश्रम याद है। वहीं रहा, बड़ा हुआ। स्कूल तो कभी गया नहीं, जो सीखा वो गुरु शंकरपुरी महराज और संतों से सीखा। ऐसा लगता है कि मेरा लालन-पालन तो मां नर्मदा ने ही किया है। ऐसा कोई पल नहीं, जब मां आंखों से ओझल हुई हों। सात साल का था, तब पहली बार संतों के साथ बस से भारत भ्रमण पर गया। 12 साल का हुआ, तो गुरु ने नर्मदा परिक्रमा की आज्ञा दी। फिर तो परिक्रमा में ऐसा मन रमा कि एक के बाद एक तीन परिक्रमा और कर लीं। अब कभी माता-पिता के बारे में सोचता हूं, तो लगता है, वे जहां भी होंगे, मुझे देखकर खुश जरूर होंगे कि मैं मानवता के कर्म में लगा हूं। मुझे तो कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं अपने हाथों से चल रहा हूं। जब परिक्रमा करता हूं, तो महसूस होता है, जैसे मां मेरी की उंगली पकड़कर अपने साथ लेकर जा रही हैं। आधी रात 3 बजे से शुरू होती है दिनचर्या धरमपुरी महाराज ने बताया कि मध्यरात्रि तीन बजे से दिनचर्या शुरू हो जाती है। स्नान के बाद भगवान के लिए प्रसाद तैयार करते हैं। फिर उनको पूजन के लिए जगाते हैं। सर्दी है, इसलिए सुबह 9-10 बजे के बीच परिक्रमा शुरू करते हैं। इससे पहले जो लोग आते हैं, उनसे मिलना होता है। एक दिन में दो-ढाई किलोमीटर परिक्रमा करते हैं। कहीं-कहीं एक-दो दिन विश्राम कर लेते हैं। मां का आशीर्वाद है कि न हाथों में छाले है और न शरीर में दर्द। साथी जहां टेंट लगा देते हैं, वहीं विश्राम कर लेते हैं। मैंने पूछा– ये आपकी नर्मदा की चौथी परिक्रमा है। इस बार ऐसा क्या हुआ कि आप पैरों की जगह हाथों के सहारे चल रहे हैं? धरमपुरी महाराज बिना कुछ सोचे कहते हैं- गुरुजी का आदेश हुआ कि मुझे अधोमुखी परिक्रमा करनी है। फिर क्या था, विजयादशमी पर अमरकंटक में मां नर्मदा के उद्गम स्थल माई की बगिया से शुरू कर दी परिक्रमा। महाराज कुछ और कहना चाहते थे, इतने में ही वहां मौजूद उनके गुरु शंकरपुरी महराज कहते हैं कि शिष्य तो भोलेनाथ की कृपा से मिला है। वे रामायण के अयोध्या कांड की चौपाई…सुनाते हैं… सिर भर जाउं उचित अस मोरा। सब तें सेवक धरमु कठोरा॥ देखि भरत गति सुनि मृदु बानी। सब सेवक गन गरहिं गलानी।। चौपाई का अर्थ समझाते हुए शंकरपुरी महाराज कहते हैं… भगवान राम के वनवास के दौरान भरत कहते हैं कि जिस मार्ग से भगवान राम, माता जानकी के साथ पैदल चले हों, उस मार्ग में जूते पहनकर नहीं जा सकता। मुझे तो सिर के बल जाना चाहिए। उनकी बात सुनकर वहां मौजूद लोग प्रशंसा करने लगे। इसी भाव के साथ मैंने शिष्य से पूछा, तो वह तैयार हो गया। मैं उसका साथ देने आ जाता हूं। परिक्रमा पूरी करने में 12 साल लगेंगे। गर्मी में थोड़ा सुबह जल्दी परिक्रमा शुरू होगी। बारिश में चातुर्मास काटना ही होता है। अमेरिका से आए साइंटिस्ट बोले– नर्मदा पर रिसर्च के लिए आया था वहां अन्य संत योगेश कटारे भी मौजूद थे। वे धरमपुरी महाराज के शिष्य के अलावा साइंटिस्ट भी हैं। सागर की हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से फार्मेसी के टॉपर रहे हैं। जेएनयू दिल्ली से पीएचडी की। अमरीका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से रिसर्च के लिए गए। कनाडा और टोरंटो में भी पढ़ाई की। भोपाल में बीएनएस काॅलेज में प्रोफेसर भी रहे। योगेश कहते हैं- मैं तो तीन महीने के लिए विदेश से मां नर्मदा पर शोध के लिए आया था। छह महीने होते-होते तीन साल हो गए। मैंने कैसे इन्हें अपना गुरु बनाया, ये मां नर्मदा की कृपा है, लेकिन ये तपस्या ऐसी है कि किसी युग में नहीं की गई। ये परिक्रमा नहीं, बल्कि शोध है। जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, इसे महसूस भी कर रहे हैं। हमें लगता है कि हमारे आगे मां चल रही हैं। वे ही रास्ता दिखा रही हैं। हमारा धर्म एक विज्ञान है। अगर इस धर्मरूपी विज्ञान की अनुभूति मां नर्मदा परिक्रमा में होती है। भोजन के नाम पर सिर्फ यात्रा पूरी होने के बाद गुरुजी एक रोटी, दाल और एक गिलास दूध पीते हैं। चार लोग हमेशा चलते हैं साथ जब से परिक्रमा शुरू हुई है, सुमन गिरि, हनुमान गिरि, तपस्या पुरी, प्रदीप पुरी साथ में हैं। यात्रा के दौरान प्रदीप पुरी के हाथों में कमंडल रहता है, जिसमें धूपबत्ती जलती रहती है। तपस्या पुरी हाथ में गद्दा लेकर चलते हैं, जहां रुकना हुआ, सड़क पर गद्दा लगा देते हैं। सुमन गिरि प्रसाद बांटते हुए चलते हैं। हनुमान गिरि के पास भोजन और टेंट की व्यवस्था का जिम्मा है। रास्ते में इंतजार करते हैं लोग धरमपुरी महाराज जिस रास्ते से परिक्रमा कर रहे हैं, वहां उत्सव का माहौल है। ग्रामीण अपने गांव के पास घंटों उनका इंतजार करते हैं। महिलाएं सड़क किनारे भजन गाती रहती हैं। जब महाराज विश्राम के लिए रुकते हैं। वैसे ही, आशीर्वाद लेने लोगों की भीड़ लग जाती है। डिंडोरी के संतोष रजक बताते हैं कि तीन महीने से जब से संत की परिक्रमा देखी है, मन प्रसन्न है। दुर्लभ संत होते हैं, जो नर्मदा परिक्रमा मानव कल्याण के लिए करते हैं। इनकी कठिन तपस्या देखने की जब इच्छा होती है, चले आते हैं देखने के लिए। हम धरमपुरी महाराज से बात करने सुबह करीब पौने सात बजे यहां पहुंचे थे। बात करते-करते साढ़े आठ बज गए। टेंट के बाहर अच्छी-खासी भीड़ जमा हो चुकी थी, तभी धर्मपुरी महाराज उठकर बाहर आ गए। लोग उनका आशीर्वाद लेने लगे। साढ़े नौ बजे तक वे लोगों से मिलते रहे। फिर कुछ देर के लिए टेंट में चले गए। ऐसे शुरू होती है यात्रा यात्रा पूरी होने से पहले लग जाता है टेंट टेंट और भोजन की व्यवस्था देख रहे हनुमान गिरि महाराज यात्रा शुरू होने के बाद सामान समेटना शुरू कर देते हैं। वे श्रद्धालुओं के साथ सामान लेकर अगले पड़ाव की ओर रवाना हो जाते हैं। सुविधाजनक जगह देखकर अपने साथियों के लिए तुरंत टेंट लगाकर भोजन और पूजन-पाठ की तैयारी करते हैं। जैसे ही, धरमपुरी महाराज यात्रा को विराम दे टेंट में पहुंचते हैं। सबसे पहले मां नर्मदा का ध्यान करते हैं। फिर लोगों से मिलते हैं। जाहान हूर लिंगर के नाम हैंड वॉकिंग का रिकॉर्ड जानकारी के अनुसार हैंड वॉकिंग का सबसे लंबा रिकॉर्ड सारा चैंप मैंन (UK) ने आठ घंटे में 5, हजार मीटर (3.1 मील) की दूरी वर्ष 2002, में की थी, जबकि जाहान हुरलिंगर (ऑस्ट्रिया) ने सन् 1900 में 1400 किलोमीटर (870 मील) की दूरी तय कर रिकॉर्ड बनाया था। नर्मदा परिक्रमा: हजारों वर्षों की परंपरा 'सौंदर्य की नदी नर्मदा' पुस्तक के लेखक अमृतलाल वेगड़ लिखते हैं कि पूर्णिमा के दिन अमरकंटक से निकली मां नर्मदा में महिलाएं दीप प्रज्वलित कर नदी में अर्पित कर रही थीं। यह देखकर अमृतलाल जी ने भी एक महिला से दीप मांग लिया। मां नर्मदा में प्रवाहित किया। उन्होंने बहते हुए दीप को देख मां नर्मदा से प्रार्थना की— “मैया, एक दीप मैं तुम्हारे लिए जला रहा हूं, एक दीप तुम मेरे भीतर जलाना, क्योंकि अंदर बहुत अंधेरा है। वहां का दीप जल नहीं पा रहा है। इस वजह से अंदर से प्रकाश नहीं आ पा रहा।” शायद, यही कारण रहा होगा कि ऋषि मार्कंडेय ने अपने भीतर के प्रकाश को प्रज्वलित करने के लिए मां नर्मदा की परिक्रमा की थी। स्कंद पुराण, शिव पुराण और अन्य हिंदू ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि नर्मदा परिक्रमा करने वाले प्रथम व्यक्ति ऋषि मार्कंडेय थे। उन्होंने नर्मदा के दोनों तटों पर स्थित करीब 999 सहायक नदियों को बिना पार किए, प्रत्येक नदी के स्रोत की परिक्रमा करते हुए यह यात्रा पूरी की। इसमें उन्हें 45 साल लगे थे। एक मात्र नदी, जिसकी परिक्रमा होती है दुनिया में नर्मदा एकमात्र ऐसी नदी है, जिसकी परिक्रमा की जाती है। मां नर्मदा की यात्रा अमरकंटक से उसके संगम स्थल खंभात की खाड़ी तक पैदल की जाती है। देव उठनी एकादशी के बाद यदि साधक परिक्रमा शुरू करता है, तो पैदल यात्रा में तीन साल, तीन महीने और 13 दिन लगते हैं। श्रद्धालु इस यात्रा में नर्मदा को दाहिनी ओर रखते चलते हैं। परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले आश्रमों, मंदिरों और गांवों में रुकते हैं। अमरकंटक से अरब सागर तक नर्मदा को ‘रेवा’ भी कहते हैं, मध्य भारत की प्रमुख जीवनदायिनी नदी है। इसका उद्गम स्थल अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक है, जो समुद्र तल से 1,057 मीटर की ऊंचाई पर है। अमरकंटक को ‘तीर्थों का मुकुटमणि’ भी कहते हैं, क्योंकि यहां से नर्मदा के अलावा सोन और जोहिला नदियां भी निकलती हैं। पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है नर्मदा की कुल लंबाई करीब 1,312 किलोमीटर है। यह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर बहती हुई गुजरात के भरूच जिले के पास खंभात की खाड़ी में अरब सागर में मिलती है। यह भारत की एकमात्र प्रमुख नदी है, जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर जबलपुर, होशंगाबाद, ओंकारेश्वर, महेश्वर और भरूच जैसे महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरती है। लोग क्यों करते हैं परिक्रमा नर्मदा परिक्रमा सिर्फ आस्था और श्रद्धा के लिए नहीं की जाती, बल्कि यह यात्रा आध्यात्मिक साधना को जगाने के लिए भी की जाती है। मान्यताओं के अनुसार नर्मदा शिव के पसीने से उत्पन्न हुई हैं, इसलिए इन्हें गंगा से भी अधिक पवित्र माना गया है। इतिहास के मुताबिक सतपुड़ा और विंध्याचल गंगोत्री से भी पहले अस्तित्व में आए थे, जिसके अनुसार मां नर्मदा का जन्म गंगा से पहले हुआ। शास्त्रों के अनुसार, यह तपस्या का स्वरूप है, जिसमें परिक्रमार्थी सांसारिक मोह से दूर रहकर केवल मां नर्मदा की शरण में होते हैं। भूमि पर विश्राम, भिक्षा पर निर्वाह और पैदल यात्रा इसमें अनिवार्य मानी जाती है। स्कंद और शिव पुराण में नर्मदा को मोक्षदायिनी कहा गया है। मत्स्य पुराण में वर्णन है कि नर्मदा के दर्शन और जल स्पर्श मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि मानसिक और आत्मिक शुद्धि का मार्ग भी है।
Khamenei: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला ईरान के खिलाफ पूरी तरह से जंग के बराबर होगा. राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को ईरान की आर्थिक समस्या और जनता की मुश्किलों के लिए जिम्मेदार भी ठहराया.
EU Tariffs On US: यूरोपीय यूनियन (EU) अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक EU अमेरिका पर करीब 93 अरब यूरो का टैरिफ लगा सकता है. इसके अलावा अमेरिकी कंपनियों की यूरोप के बाजार में एंट्री पर भी लिमिटेशन्स लगा सकता है. बताते हैं कि ऐसा क्यों है.
अमेरिकी बयान से भड़का ईरान: खामेनेई पर हमले को बताया पूर्ण युद्ध
ईरान–अमेरिका तनाव तेज़: ट्रम्प के बयान के बाद राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की चेतावनी—खामेनेई पर हमला मतलब युद्ध। ट्रम्प के नेतृत्व बदलने वाले बयान के बाद तेहरान का सख़्त रुख।
डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? क्या यह सब उनकी सनक है या अमेरिका की गिरती इकोनॉमी और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में ताकत बचाने की एक सोची-समझी रणनीति? मंडे मेगा स्टोरी में ट्रम्प के फैसलों की पूरी डिकोडिंग... ***** ग्राफिक्स: अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ------ ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... ट्रम्प के पास अब सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व, क्या बेचेंगे वेनेजुएला का तेल; भारत में कब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि अब वेनेजुएला की सत्ता अमेरिका चलाएगा और उसके तेल भंडार में निवेश करेगा। ट्रम्प ने ये बात वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के बाद कही। ट्रम्प का दावा है कि उसका कब्जा अब दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर है, जिसकी कीमत करीब 1557 लाख करोड़ रुपए है। पूरी खबर पढ़िए...
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रीय चिन्तन शिविर लगाया। किसान, मजदूर, नौजवानों के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत जमकर गरजे। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत सरकार पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाएद्ध भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं।ऐसे में भारत सरकार को किसानों के हितों की रक्षा के लिए संरक्षणवादी कृषि नीति अपनानी चाहिए। कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौते में देश के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐलान किया कि 16 फरवरी को उत्तर प्रदेश के सीतापुर, 17 फरवरी को बाराबंकी, 18 फरवरी को बहराइच, 19 फरवरी को फतेहपुर, 20 फरवरी को मथुरा में किसान पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। 21 फरवरी को अमरोहा, बिजनौर और मुरादाबाद तीनों जनपदों की एक संयुक्त विशाल किसान पंचायत आयोजित होगी। इसके बाद 22 फरवरी को मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और मेरठ जनपदों की संयुक्त किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे। किसान यूनियन ने पीएम को भेजा अधिकार पत्र 15,16,17,18 जनवरी 2026 को माघ मेले में आयोजित राष्ट्रीय चिन्तन शिविर में देशभर से पहुंचे किसानों, मजदूरो, नौजवानो, आदिवासियों, बेरोजगार व महिलाओं की ओर से किसान यूनियन ने पीएम मोदी के नाम एक अधिकार भेजने का ऐलान किया। अधिकार पत्र में ये हैं मांगे 1. सभी फसलों के लिए एमएसपी प्रतिशत के साथ गारंटीड खरीद हेतु संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में तुरंत कानून पारित करें। 3. बिजली बिल 2025 तुरंत वापस लिया जाए। 4. हाल में अधिसूचित 4 श्रम संहिताएं तुरंत वापस ली जाएं। 5. मनरेगा या उससे परिवर्तित योजना में बजट बढ़ाकर 200 दिन का काम तथा 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित की जाए। 6. भारत पर 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क को देश की संप्रभुता पर हमला मानते हुए सख्त प्रतिकारी कार्रवाई की जाए तथा भारतीय गणराज्य की गरिमा की रक्षा की जाए। 7. 84000 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी बहाल की जाए, डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा काला बाज़ारी बंद की जाए। 8. सभी भीषण बाढ़ और भूस्खलनों को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। 9. जनता पर बुलडोज़र राज समाप्त किया जाए। पुनर्वास और पुनर्स्थापन के बिना भूमिहीनों और गरीबों का विस्थापन रोका जाए। 10. राज्यों के संघीय अधिकारों की रक्षा की जाए।
EU's reaction to Trump's Greenland plan: ग्रीनलैंड पर कब्जे की ट्रंप के सनक के खिलाफ यूरोप के सारे देश एकजुट हो रहे हैं. अब स्पेनिश पीएम सांचेज ने कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे से NATO को लगेगा झटका. अगर ऐसा हुआ तो पुतिन दुनिया के सबसे खुश इंसान होंगे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार एडवाइजर पीटर नवारों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. नवारों ने कहा कि भारत में एआई को बढ़ाने के लिए अमेरिकी पैसे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है. इससे पहले भी उन्होंने भारत को लेकर कई बार विवादित बयान दिया है.
गाजा पर इजरायल-अमेरिका में मतभेद, अमेरिकी समर्थित बोर्ड पर नेतन्याहू सरकार का कड़ा एतराज
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका द्वारा गठित गाजा कार्यकारी बोर्ड की संरचना पर इजरायल को गंभीर आपत्ति है। हालांकि बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बोर्ड का कौन-सा पहलू इजरायल की नीति से सीधे टकराता है, लेकिन राजनीतिक और कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह तुर्किए की भागीदारी है।
US Air Strike: अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अल-कायदा से जुड़े एक आतंकी बिलाल हसन अल-जसीम को मार गिराया. यह जवाबी कार्रवाई 13 दिसंबर के पल्मायरा हमले के बाद हुई जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक सिविलियन मारे गए थे.
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियां अस्वीकार्य, यूरोप देगा एकजुट होकर जवाब: इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है
‘अपराधी हैं अमेरिकी राष्ट्रपति’, खामेनेई का ट्रंप पर बड़ा हमला: बिना सज़ा के छोड़ेंगे नहीं
ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर बड़ा खुलासा—खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया ज़िम्मेदार, जानलेवा हिंसा और विदेशी साज़िश का आरोप...
यूरोपीय संप्रभुता बनाम अमेरिकी हुंकार: ट्रम्प की धमकियों पर राष्ट्रपति मैक्रों का दोटूक जवाब
डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियों पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दिया करारा जवाब! मैक्रों ने कहा—फ्रांस किसी के दबाव में काम नहीं करेगा। जानिए क्यों बढ़ रहा है अमेरिका और फ्रांस के बीच कूटनीतिक तनाव और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और नाटो पर क्या असर पड़ेगा। वैश्विक राजनीति की इस बड़ी खींचतान पर विशेष रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
Anti-Coercion Instrument: यूरोपीय संसद के अध्यक्ष बर्न्ड लांगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ग्रीनलैंड विवाद में धमकियों के जवाब में यूरोपीय आयोग से एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट (ACI) लागू करने का आग्रह किया. आइए जानते है कि एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट क्या है जिसके दम EU ट्रंप से भिड़ने की तैयारी में है.
हरियाणा एसटीएफ द्वारा अरेस्ट किए गए गैंगस्टर रमन और उसके साथियों ने पुलिस रिमांड के दौरा कई खुलासे किए हैं। बुलेटप्रूफ एसयूवी लेने के बारे में उन्होंने बताया कि अमेरिका से लौटने के बाद वे दिल्ली में छिप गए। आरोपियों ने बुलेटप्रूफ एसयूवी इसलिए तैयार करवाई। ताकि अगर उनके दुश्मन नंबर एक गोल्डी बराड़ के शूटर हमला करें तो जान बच सकें। रमन ने एक महीने पहले ही दिसंबर 2025 में दिल्ली से अपनी गाड़ी बुलेटप्रूफ बनवाई थी। पुलिस अब उस शख्स की तलाश कर रही है। फिलहाल आरोपी एसटीएफ के पास सात दिन के रिमांड पर हैं। एसटीएफ की टीम आरोपियों से यह पूछताछ कर रही है कि भारत में उनके और कौन-कौन से मददगार हैं और वे यहां किस वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। रमन को मिला अमेरिका का ग्रीन कार्डएसटीएफ की पूछताछ में मुख्य साजिशकर्ता रमन ने बताया कि वह साल 2017 में अमेरिका खुद अपने पासपोर्ट पर गया था। नियमों में गड़बड़ी करने पर अमेरिका में नौ महीने तक जेल में रहने के बाद रमन को ग्रीन कार्ड भी मिला था। तभी अमेरिका में वीरेंद्र सांभी ने रमन को गैंगस्टर काला राणा से मिलवाया और उसके बाद काला राणा ने गैंगस्टर नोनी राणा से रमन को मिलवाया। नोनी राणा ने ही लॉरेंस गैंग के कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा से मिलवाया था। रोहित गोदारा के साथ मिलकर रमन वहां पर अमेरिका से बैठकर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के व्यापारियों और आम जनता को डराने-धमकाने का काम करता था। फिरौती न देने पर ये लोग घरों और दफ्तरों पर फायरिंग करवाकर दहशत फैलाने का काम करते थे। दो करोड़ में हैरी को मारने की साजिशरमन ने पुलिस को बताया कि गैंगस्टर रोहित गोदारा ने गोल्डी बराड के खास शूटर हैरी बॉक्सर की हत्या करने के लिए दो करोड़ रुपए का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया था। उसने रोहित गोदारा से 30 हजार डॉलर एडवांस के तौर पर भी लिए थे।18 अक्टूबर को अमेरिका में कैलिफोर्निया के शहर फ्रेजनो में ताबड़तोड़ फायरिंग करवाई। इस दौरान रमन ने न केवल साजिश रची, बल्कि अमेरिकी शूटर को मॉडर्न हथियार भी मुहैया करवाए थे। हालांकि हैरी बॉक्सर बच गया, जबकि उसका साथी मारा गया था। आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही पुलिसएसटीएफ के आईडी सतीश बालन का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है रमन व उसके साथियों ने रोहित गोदारा के नाम का इस्तेमाल कर कारोबारियों से फिरौती भी मांगी थी। इस मामले में जांच की जा रही है। जहां से बुलेटप्रूफ गाड़ी बनवाई थी, उस शख्स को तलाश किया जा रहा है।
खीचन (फलाेदी) के 43 साल के सेवाराम। जैसा नाम, वैसा काम। पेशे से मजदूर सेवाराम 27 साल से पक्षियों की सेवा में जुटे हैं। इस दौरान 3 हजार कुरजा का रेस्क्यू किया। इनके प्रयासों से पक्षियों की राह में आने वाले बिजली के तार भी अंडरग्राउंड हो गए। सेवाराम ने अपना घर भी हर साल साइबेरिया से आने वाली 'डेमोइसेल क्रेन' (कुरजां भी कहते हैं) के लिए समर्पित कर दिया है। उनका यह घर टूरिस्ट स्पॉट बन गया है। सेवाराम की सेवा के किस्से रूस, मंगोलिया, ब्रिटेन, अमेरिका तक पहुंच चुके हैं। इन देशों में उन पर कई आर्टिकल छप चुके हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… साइबेरिया में सर्दियों में पारा माइनस 50 से 60 डिग्री तक गिर जाता है। ऐसे में वहां से पक्षी डेमोइसेल क्रेन साइबेरिया के टाइवा क्षेत्र से उड़ कर 3676 किलोमीटर की दूरी तय कर फलोदी जिले के खीचन में आ जाती हैं। ये क्रेन अगस्त–सितम्बर से लेकर मार्च तक यहीं रहती हैं। फिर मार्च में क्रेन फिर से साइबेरिया पहुंच जाती हैं। हजारों की संख्या में क्रेन 1970 से यहां आ रही हैं। यहां दाना चुगती हैं। तालाब के किनारे पानी पीकर धूप सेंकती हैं। करीब 6 महीने खीचन इनका निवास स्थान बन जाता है। 27 साल से कर रहे हैं रेस्क्यूसेवाराम माली ने बताया- स्कूल के दिनों की बात है। उन्होंने देखा कि एक कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) बिजली के तार से करंट की चपेट में आकर घायल हो गई। वे उसे पांच किलोमीटर दूर रेस्क्यू सेंटर ले गए। तभी से उनका इन कुरजां से रिश्ता बन गया। 27 साल में सेवाराम माली ने 3 हजार कुरजां को रेस्क्यू किया। सभी रेस्क्यू पक्षियों का रिकॉर्ड भी रजिस्टर में मेंटेन किया है। सेवाराम माली का कहना है कि बिजली के तार से कुरजां के टकराकर घायल होने व जान गंवाने के मामले को उन्होंने उठाया। समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाया। इसके बाद कोर्ट ने संज्ञान लेकर क्षेत्र में बिजली के तारों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने का आदेश दिया। घर को बनाया टूरिस्ट पॉइंटसेवाराम का घर अब टूरिस्ट पॉइंट का रूप ले चुका है। सेवाराम के घर के पास का क्षेत्र कुरजां का चुग्गा घर है। सुबह 20 से 25 हजार कुरजां यहां आकर दाना चुगती हैं और एक साथ उड़ान भरती हैं। सुबह-सुबह का यह नजारा देखने देसी–विदेशी टूरिस्ट सेवाराम के घर पहुंचते हैं। छत से डेमोइसेल क्रेन की अठखेलियां देखते हैं। कैमरे में कैद करते हैं। सेवाराम हर दिन कुरजां कितने बजे आती हैं? कितने बजे दाना चुगती हैं? कितनी बजे उड़ कर तालाब की तरफ जाती हैं…यह सब डिटेल रजिस्टर में मेंशन करते हैं। यही नहीं कितनी कुरजां आईं, उनकी संख्या भी लिखते हैं। चुग्गा घर में आने वाली कुरजां के पैरों में टैग लगे होते हैं, जिसकी जानकारी भी सेवाराम रखते हैं। यूरेशिया से मिला सम्मानवीई फ्लिंट क्रेन वर्किंग ग्रुप ऑफ यूरेशिया…इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर एसएससी क्रेन स्पेशलिस्ट ग्रुप का एक हिस्सा है। यह संस्था यूरेशियाई क्रेन की आबादी, आवासों के रिसर्च व कंजरर्वेशन पर वर्क करती है। ईयरली न्यूज लेटर भी पब्लिश करती है। इस संस्थान ने सेवाराम माली के डेमोइसेल कंजर्वेशन पर आर्टिकल पब्लिश किया। फलोदी आकर फरवरी 2025 में सेवाराम माली को अवॉर्ड देकर सम्मानित भी किया। इसके साथ ही सेवाराम को लोकल, स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन अवॉर्ड मिले हैं। बर्ड फ्लू में बचाई पक्षियों की जानसेवाराम के बेटे चिराग और पीयूष भी पिता के साथ क्रेन की सेवा में जुट गए हैं। चिराग ने बताया कि बर्ड फ्लू के समय उसने देखा कि कुरजां दाना चुगते समय अचानक नीचे गिर रही थीं। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। उसने वहां पहुंच कर कुरजां को उठाया और फलोदी एनिमल हॉस्पिटल ले गया। पहले तो फूड पॉइजन ही बताया जा रहा था, फिर जब बाहर से टीम आई तो पता चला कि बर्ड फ्लू हुआ है। उस समय मुझे भी कई दिनों तक क्वारेंटाइन रखा गया। चिराग ने बताया कि वह अपने पिता के साथ कुरजां कंजर्वेशन में सहयोग करता है। चिराग सातवीं क्लास में पढ़ रहा है। मंगोलिया से बर्ड रिसर्चर कुरजां के पैर पर जो टैग लगाते हैं, उनको पहचान कर टैग की फोटो लेता है। यहां पक्षी विशेषज्ञ उस पर रिसर्च करते हैं। इस कार्य के लिए चिराग व पीयूष को भी कई पर्यावरण संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं। 1800 बीघा जमीन कुरजा रिजर्वआवारा कुत्तों का शिकार होती कुरजां को बचाने के लिए सेवाराम ने कई प्रयास किए। इस समस्या को सबके सामने लाए। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर देश का पहला कुरजां कंजर्वेशन रिजर्व बनाया गया। वर्तमान में खीचन में 1800 बीघा जमीन कुरजां के लिए रिजर्व है। इसके अलावा चुग्गाघर की 2 बीघा 2 बिस्वा जमीन का पट्टा भी कुरजां पक्षियों के नाम है। 1989 में ग्राम पंचायत खीचन व फलोदी ने निशुल्क यह जमीन कुरजां व कबूतर चुग्गा (दाना) स्थल के रूप में दे दी। यहां लाखों रुपए का चुग्गा (दाना) डाला जाता है, जिसकी व्यवस्था गांव का जैन समाज व ग्रामीण मिलकर करते हैं। बर्ड एंबुलेंस मिली गिफ्टसेवाराम को 2001 में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसबिलिटी फंड से एंबुलेंस गिफ्ट मिली हैं। घायल पक्षियों को सेवाराम इस एंबुलेंस में फलोदी एनिमल हॉस्पिटल ले जाते हैं। सेवाराम इस एंबुलेंस का रखरखाव व डीजल की व्यवस्था अपने स्तर पर करते हैं। खीचन में ही बर्ड रेस्क्यू सेंटर बने, इसकी मांग लंबे समय से हो रही है। सेवाराम ने बताया कि इसके लिए जमीन मिल चुकी है। बजट मिला, लेकिन लैप्स हो गया। तालाब के चारों ओर लगी जाली को हटा कर दीवार बनाने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि पक्षियों की जान बच सके। फॉरेस्ट गार्ड गिरधारी लाल माली ने बताया कि जोधपुर रेंज के अधीन यह क्षेत्र आता है। यहां रातड़ी नाड़ी, विजयसागर तालाब सहित 7 स्थानों पर कुरजां सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक रहती हैं। इनकी सुरक्षा के लिए तीन से चार फॉरेस्ट रेंजर तैनात रहते हैं।
अमेरिकी टैरिफ के जवाब में भारत ने दालों पर 30% शुल्क लगाया, अमेरिकी सांसदों की ट्रंप से अपील
जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत ने अमेरिका से आयात होने वाली दालों और फलियों पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। यह शुल्क पिछले वर्ष 30 अक्टूबर से प्रभावी है, हालांकि भारत सरकार ने इसे सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रचारित नहीं किया, ताकि कूटनीतिक तनाव को अनावश्यक रूप से न बढ़ाया जाए।
भारत के कड़े रुख से बैकफुट पर अमेरिका ; जाने कैसे 'दाल' बनी व्यापार युद्ध की वजह?
भारत ने अमेरिका से आयातित दालों पर 30% टैरिफ लगाया है, जिससे अमेरिकी किसानों को नुकसान होने लगा है। मोंटाना और नॉर्थ डकोटा के दो सीनेटरों ने ट्रंप को पत्र लिखकर टैरिफ हटाने की अपील की है। वहीं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी अंतिम चरण में है, लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।
खामेनेई का ट्रंप पर आरोप; “ईरान में तबाही के जिम्मेदार हैं अमेरिकी राष्ट्रपति”
खामेनेई के बयान ने ईरान-यूएस संबंधों में फिर से तनाव बढ़ाने का संकेत दिया है। देश में जारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा की पृष्ठभूमि में यह आरोप अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं। इस बीच, ईरान के भीतर जारी संकट और बाहरी दावों के बीच स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है।
Iran US Tension News: ट्रंप की धमकियों से भी ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई नहीं डरे. वे शनिवार को कई दिनों बाद पब्लिकली दिखाई दिए और अमेरिका पर जमकर दहाड़े. ऐसा में सवाल उठ रहा है कि क्या अब अमेरिकी ताकत बेअसर हो गई है.
ग्रीनलैंड पर सपोर्ट न मिला तो नाटो से निकल जाएंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति की नई धमकी
Greenland row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए कहा कि अगर उनकी बात सुनी नहीं गई तो अमेरिका को नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन से बाहर निकलने में देर नहीं लगेगी.
अमेरिका-PAK के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर भड़की कांग्रेस, जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को अमेरिकी और पाकिस्तानी सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास किए जाने के बाद केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास ने भारत की विदेश नीति की विफलता को उजागर किया है।
मियामी में फिर आमने-सामने होंगे यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल
यूक्रेन और अमेरिका की टीमें शनिवार को मियामी में एक बार फिर बातचीत करने जा रही हैं
कनाडा और चीन के बीच ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते ने दुनिया को चौंकाया! अमेरिका से अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में कनाडा का यह अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक कदम। जानें इस समझौते के मायने, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में हुए बड़े फैसले और कैसे यह डील बदल देगी वैश्विक भू-राजनीति का स्वरूप। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में मची हलचल! जानें अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं, रूस-चीन का रुख और इस सैन्य कार्रवाई के पीछे का कानूनी विवाद। क्या यह हमला वैश्विक शांति के लिए खतरा है? पढ़ें वाशिंगटन और कराकस के बीच बढ़ते तनाव पर हमारी विशेष रिपोर्ट।
15 जनवरी को लगने लगा कि ट्रम्प अब कुछ ही घंटे में ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। नेतन्याहू का विमान इजराइली एयर स्पेस से बाहर कहीं 'सेफ जगह' पर चला गया। कतर के अमेरिकी एयरबेस से सैनिक हटाए जाने लगे। पेंटागन के आसपास पिज्जा के ऑर्डर्स बढ़ गए। ऐसा तभी होता है, जब अमेरिका कोई बड़ा एक्शन लेने वाला होता है। फिर अचानक ईरान को लेकर ट्रम्प के तेवर नरम पड़ गए। आखिर ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटे ट्रम्प, नेतन्याहू ने किस मजबूरी में ट्रम्प से हमला टालने को कहा, क्या अब सुप्रीम लीडर खामेनेई की सत्ता बनी रहेगी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: ईरान पर हमले का आदेश देने से पीछे क्यों हटे ट्रम्प?जवाब: 13 जनवरी को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों से कहा, 'प्रोटेस्ट करते रहिए। मदद रास्ते में है।' कई अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ईरान पर हमले का मन बना चुके थे, लेकिन अचानक उनके पीछे हटने की 4 बड़ी वजहें हैं... 1. नेतन्याहू ने ट्रम्प को हमला करने से मना किया 2. सऊदी अरब, कतर जैसे देशों ने विरोध किया 3. अमेरिका अभी हमले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं 4. ईरान में प्रदर्शन कमजोर हुए, फांसी टाली गईं सवाल-2: सऊदी अरब, इजराइल ने ट्रम्प को हमला करने से क्यों रोका?जवाब: NYT की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत, कतर, सऊदी अरब जैसे देशों ने अमेरिकी ऑफिसर्स से कहा कि ईरान पर हमला हुआ, तो इलाके में एक बड़ा संघर्ष छिड़ जाएगा। ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेसेज को टारगेट कर सकता है। इससे पहले 22 जून 2025 को जब अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर विमानों से ईरान की 3 न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे, तब ईरान ने अगले ही दिन कतर में अमेरिकी एयरबेस 'अल-उदैद' पर एयरस्ट्राइक कर दी थी। जबकि कतर, इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर के लिए मध्यस्थता कर रहा था। दरअसल, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 19 मिलिट्री बेस हैं। इनमें से 8 अरब देशों में अमेरिका ने स्थायी अड्डे बनाए हैं। इनमें बहरीन, इजिप्ट, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देश हैं। ये सभी देश अमेरिका के आर्थिक और डिफेंस मामलों में सहयोगी हैं। तेल व्यापार और डिफेंस पार्टनरशिप के बदले अमेरिका इन देशों को सुरक्षा की गारंटी देता है। वहीं ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को समर्थन देने के बावजूद इजराइल नहीं चाहता कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर हमला करे। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में स्ट्रैटजिक स्टडीज प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर विवेक मिश्र के मुताबिक, इसके पीछे 2 वजहें हैं… सवाल-3: क्या ईरान में सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट रुकने वाले हैं?जवाब: ईरान में प्रोटेस्ट धीमा पड़ता हुआ दिख रहा है, हालांकि इसके पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं हैं। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के सख्त रुख के चलते हालात अस्थायी रूप से शांत होते नजर आ रहे हैं। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों के लोगों ने कहा है कि कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधे टकराव हो रहे थे, लेकिन अब शांति है। सड़कों पर पहले जैसी भीड़, गोलीबारी और आगजनी नहीं दिख रही। ईरान प्रशासन की तरफ से भी अब प्रदर्शनकारियों के लिए नरम भाषा में संदेश जारी किए जा रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि सरकार देश में स्थिति सुधारने, भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है। सवाल-4: क्या वाकई प्रदर्शनकारियों की फांसी पर रोक लगा दी गई है?जवाब: ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर तेज ट्रायल और जल्दी से फांसी देने का ऐलान किया था। हालांकि, अब फांसी पर रोक लगा दी गई है। NYT के मुताबिक, दो इजराइली ऑफिसर्स ने कहा कि ईरान में सरकार की सख्त कार्रवाई और इंटरनेट सर्विसेज ठप होने के चलते प्रोटेस्ट कमजोर हुए हैं और प्रदर्शनकारियों की हत्याओं में कमी आई है। यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रोकी हैं। इरफान को फांसी दिए जाने की चर्चा के बाद ट्रम्प ने कहा था , 'अगर वे फांसी देते हैं, तो आप कुछ भयानक देखेंगे।' ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि ईरान में करीब 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। हालांकि अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने बताया कि अब तक करीब 2,550 हत्याएं हुई हैं। चीन के बाद ईरान दुनिया का दूसरा देश है, जहां सजा के तौर पर सबसे ज्यादा लोगों को फांसी दी जाती है। इसके बाद दूसरे स्थान पर चीन है। 2025 में ईरान ने करीब 1,500 लोगों को फांसी दी थी। सवाल-5: क्या ईरान में खामेनेई की इस्लामिक सत्ता बनी रहेगी?जवाब: ईरान में जब विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, उस समय ट्रम्प ने वेनेजुएला से राष्ट्रपति मादुरो को उठवा लिया था। इसके बाद जब ट्रम्प ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया, तो कहा जाने लगा कि अमेरिका खामेनेई का तख्तापलट करवा सकता है। विवेक मिश्र कहते हैं कि जब तक ईरान में सेना पर खामेनेई का कंट्रोल है, उन्हें हटाना या उनका तख्तापलट करना मुश्किल है। कमरतोड़ महंगाई के बावजूद ईरान में वेनेजुएला जैसे राजनीतिक हालात नहीं हैं। वहां कोई विपक्ष नहीं है और न ही विरोध प्रदर्शनों का कोई एक लीडर है। ईरान के आखिरी राजशाही शासक रहे मोहम्मद शाह के बेटे रजा पहलवी अमेरिका में रह रहे हैं। हालांकि ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान में सत्ता संभालने के लिए अभी तैयार नहीं हैं। रजा पहलवी ट्रम्प से मिलना भी चाहते थे, लेकिन ट्रम्प नहीं मिले। ईरान को उसके सहयोगी देशों से भी मदद मिल रही है। दरअसल, ईरान में इंटरनेट पर बैन के बाद मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने ईरान में फ्री इंटरनेट देना शुरू कर दिया था। कई शहरों में ईरान ने इस सर्विस को भी बंद कर दिया। विवेक मिश्रा कहते हैं कि स्टारलिंक को ठप करने की तकनीकी क्षमता ईरान में नहीं है। उसे चीन जैसे देश ये तकनीकी मदद दे रहे हैं। सवाल-6: क्या अमेरिका वाकई ईरान पर हमला करने वाला था?जवाब: 14-15 जनवरी के घटनाक्रम से ईरान पर अमेरिका के बड़े हमले के कयास लगाए जा रहे थे... सवाल-7: क्या ट्रम्प आगे ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं?जवाब: हां, आने वाले कुछ दिनों में ईरान पर अमेरिकी हमले की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता। इसके पीछे 2 बड़े तर्क हैं…1. ट्रम्प के इरादे पर भरोसा नहीं किया जा सकता 2. अमेरिका सैन्य तैयारी का समय ले रहा विवेक मिश्र कहते हैं कि टैक्टिकली अभी अमेरिका के लिए ईरान पर हमले का सबसे बढ़िया मौका है। ईरान इस समय सबसे ज्यादा कमजोर है। इस पूरे तनाव की जड़ ईरान के न्यूक्लियर बम बनाने की कोशिश है। ऐसे सबूत नहीं हैं कि ईरान ने अपना वो प्रोग्राम रोक दिया है। इसलिए अमेरिका अपने मुताबिक सत्ता लाकर ईरानी तेल पर कब्जा और न्यूक्लियर खतरे को जड़ से खत्म करना चाहता है। ----- रिसर्च सहयोग- ऐश्वर्य राज ----- ये खबर भी पढ़िए... आज का एक्सप्लेनर: नेतन्याहू ने इजराइल छोड़ा, पेंटागन में पिज्जा खपत बढ़ी, युद्धपोत मुड़े; 7 संकेत बता रहे ईरान पर जल्द हमला करेगा अमेरिका इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के देश से बाहर जाने की खबरें हैं, अमेरिकी युद्धपोत मिडिल ईस्ट की तरफ मुड़ चुके हैं, ईरान के एयरस्पेस से विमान गायब हैं और पेंटागन में पिज्जा की डिमांड बढ़ गई है। ये सभी बातें इशारा कर रही हैं कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है… शायद आज रात ही। पूरी खबर पढ़ें...
NATO का अचूक प्लान, अमेरिका ने दिया धोखा: वैश्विक राजनीति में महाविनाशकारी मोड़
NATO के गुप्त और अचूक रक्षा प्लान पर अमेरिका के 'धोखे' ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सुनामी ला दी है। इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे वाशिंगटन के एक औचक फैसले ने यूरोपीय देशों की सुरक्षा और NATO के भविष्य को संकट में डाल दिया है। क्या यह सैन्य गठबंधन के अंत की शुरुआत है? पूरी कहानी विस्तार से पढ़ें।
Chabahar port : चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों की काली छाया, जानिए क्या कूटनीति अपनाएगा भारत
चाबहार बंदरगाह (Chabahar port) को लेकर भारत की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ईरान पर अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच, भारत इस परियोजना में अपनी मौजूदगी सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने तेहरान के साथ व्यापार करने ...
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के खिलाफ केप टाउन में जोरदार प्रदर्शन
वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की विधायी राजधानी केप टाउन में प्रदर्शन किया गया
DNA: अचानक ट्रंप ने क्यों टाल दिया ईरान पर हमला? सब काम छोड़ अमेरिका पहुंचे मोसाद चीफ
DNA: डोनाल्ड ट्रंप ने ना सिर्फ अयातुल्ला खामेनेई जैसा रवैया अपना लिया है बल्कि उन्होंने खामेनेई के देश ईरान पर हमला करने का प्लान भी फिलहाल के लिए टाल दिया है. ट्रंप के इस फैसले से पूरी दुनिया हैरान है. आज हम, खामेनेई और ट्रंप में वॉर कैंसल की इनसाइड स्टोरी बताएंगे. ये डॉनल्ड ट्रंप ही थे जिन्होंने कुछ हफ्तों पहले वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करा लिया था. आखिर वही ट्रंप हमला करने के फैसले से पीछे क्यों हटे.
होशियारपुर जिले के मियानी गांव में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता बलविंदर सिंह की हत्या गोली मारकर कर दी गई है।बता दे कि इस हत्या की जिम्मेदारी अमेरिका की जेल में बंद गुरदेव जस्सल और गुरलाल रुदयाना ने ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह दावा किया है। गुरदेव जस्सल और गुरलाल रुदयाना ने ली जिम्मेदारी गुरदेव जस्सल और गुरलाल रुदयाना पोस्ट में दावा किया गया है कि बलविंदर सिंह (जिन्हें वे 'जसल चंबल' कहते हैं) ने उनके 'भाइयों' को नुकसान पहुंचाया था। जिम्मेदारी लेने वालों ने यह भी आरोप लगाया कि 'जसल चंबल' ने गुरलाल रुडियाना की हत्या की थी और उन लोगों को पुलिस के हवाले करता था जो उनके 'जनविरोधी' लोगों के साथ बुरा बर्ताव करते थे। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी दी कि ऐसे अन्य लोगों का भी यही अंजाम होगा।
सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों ने सबसे बेहाल कर दिया है. सोने के दाम लगातार चढ़ रहे हैं. चांदी ने तो बीते 4 दिनों में 40000 रुपये की बढ़त हासिल कर ली है. सोना-चांदी दोनों ही अपने ऑल टाइम हाई रेट को छू रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में बड़ी राहत, इस तरह रुका ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्ध
Iran US tensions: अमेरिका की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट एक ऐसे ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ा था, जो किसी भी क्षण फट सकता था। अमेरिका और ईरान के बीच की तल्खी के चलते पूरी दुनिया की सांसें थम गई थीं। लेकिन, ईरान के तीन पड़ोसी देशों की बदौलत संभावित युद्ध ...
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हमारे यहां किसान भाइयों की वजह से अमेरिका का बढ़ा हुआ टैरिफ कुछ नहीं कर पाया। उसके बाद से तो देश के विकास की रफ्तार बढ़ गई है। SIR पर उठ रहे सवालों पर कहा- राहुल गांधी को एक यह बीमारी है कि कभी स्याही खराब है, कभी वोट चोरी हो रही है जैसी बातें करते रहते हैं। SIR में वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण हो रहा है। जिन पार्टियों के पास कार्यकर्ता हैं, वे शुद्धीकरण में लगी हुई हैं। भाजपा के पास कार्यकर्ता हैं तो वे SIR में काम करवा रहे हैं। सपा के पास गुंडे हैं तो वे कहां से SIR का काम करवा पाएंगे? देश का इतिहास स्वर्णिम था, वर्तमान स्वर्णिम है, भविष्य भी स्वर्णिम है। यही देखकर विरोधी बौखलाए हुए हैं। जनता के बीच जाते नहीं, चुनाव हारते हैं तो आरोप लगाते हैं केशव मौर्य ने SIR पर उठ रहे सवालों पर काफी देर तक जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी को एक बीमारी है कहने के बाद यह भी कहा कि वह कभी जनता के बीच जाते नहीं हैं। बाद में जब चुनाव हारते हैं तो आयोग पर, सिस्टम पर, भाजपा पर आरोप लगाते हैं। सिस्टम पर आरोप लगाकर चुनाव नहीं जीते जाएंगे। जनता के काम करके, जनता के बीच जाकर ही चुनाव जीते जाते हैं। जब सच सामने आएगा तो बहुत लोगों को दर्द होगा जब सच सामने आएगा तो बहुतों की छाती पर दर्द होगा। सोमनाथ मंदिर को कई बार लूटा गया। शिवलिंग को सीढ़ियों के नीचे दबाकर अपराध किया गया। हमको ये इतिहास जानना होगा। जानेंगे तभी जागरूक रहेंगे। सच छिपाना नहीं चाहिए। यह सबके सामने रहना चाहिए, इतिहास और विरासत को याद रखना चाहिए। इससे हम भविष्य के लिए सावधान होते हैं। किसी से ऑपरेशन सिंदूर का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए ऑपरेशन सिंदूर के सवाल पर कहा- हमारी सेना देश के अंदर किसी भी आतंकी घटना का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। सेना आतंकियों को ठोक डालेगी, फाड़ डालेगी। देश का दुश्मन देश में छिपा हो, चाहे दूसरे देश में छिपा हो, सेना उन्हें ढूंढकर मारेगी। इंडिया फूड एक्सपो-2026 का उद्घाटन किया केशव प्रसाद मौर्य ने गोमतीनगर में इंडिया फूड एक्सपो-2026 का शुक्रवार को उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि अगर आज कोई उद्योग के क्षेत्र में हाथ बढ़ाता है तो सरकार उससे तेजी से हाथ बढ़ाती है। यूपी में आज संपूर्ण संभावना है। विश्व की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था में से यूपी भी एक है। अभी हम जो कर रहे हैं यह हमारे घरेलू बाजार के लिए है। आज तकनीक बेहतर हुई है। इसलिए हमें तेजी से और बेहतर काम करने की जरूरत है। हम यूपी को खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाएंगे पीएम ने विजन रखा है कि जब हम आजादी के 100 वर्ष पूरे करेंगे तो विकसित भारत होगा। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी आ जाएं। समस्या बताएं, समस्याओं को खत्म कर हम यूपी को खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाएंगे। आज व्यापारी को सुरक्षा मिल रही है। पहले ऐसा नहीं था। आज भारत दुनिया में पीछे नहीं है। भारत दुनिया का शक्तिशाली देश बनने की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिका ने टैरिफ लगाया तो क्या देश का विकास रुक गया। अब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। डिप्टी सीएम बोले कि महाराष्ट्र के बीएमसी में भाजपा की सरकार बनने वाली है। आप को यहां बता दे रहे हैं। आप सभी लोगों से अपील है कि यूपी सरकार ने जो अवसर दिया है उसका लाभ उठाएं। इससे यूपी समृद्धशाली बनेगा तो देश नंबर एक बनेगा। हमारे पास काम करने वाले लोग हैं कि हम कई क्षेत्रों में नंबर एक हैं। क्वालिटी को अच्छा रखें।
U19 विश्वकप में भारत ने अमेरिकी टीम के भारतीय नामों पर पाई एकतरफा जीत
INDvsUSA हेनिल पटेल (पांच विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन और अभिज्ञान कुंडू की नाबाद 42 रन की शानदार पारी की बदौलत की बदौलत भारत ने गुरुवार को अंडर-19 विश्व कप के पहले मुकाबले में अमेरिका को डीएलएस पद्धति के तहत छह विकेट से हराकर विजयी शुरुआत की। अमेरिका को 35.2 ओवरों में 107 रनों के स्कोर पर समेटने के बाद भारत ने बारिश के कारण 37 ओवर में 96 रन के संशोधित लक्ष्य को शुरूआती झटकों से उबरते हुए 17.2 ओवर में चार विकेट पर 99 रन बनाकर हासिल कर लिया। अभिज्ञान कुंडू ने 41 गेंदों पर नाबाद 42 रन में पांच चौके और एक छक्का लगाया। कनिष्क चौहान 10 रन पर नाबाद रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही।। फॉर्म में चल रहे वैभव सूर्यवंशी मात्र दो रन बनाकर अप्पिडी की गेंद पर आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बोल्ड हो गए। अप्पिडी ने वेदांत त्रिवेदी को दो रन पर आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे 19 गेंदों में 19 रन बनाकर ऋषभ शिम्पी का शिकार बने। भारत ने अपना तीसरा विकेट 25 के स्कोर पर गंवाया। अभिज्ञान कुंडू और विहान मल्होत्रा ने चौथे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की लेकिन विहान टीम के 70 के स्कोर पर उत्कर्ष श्रीवास्तव का शिकार बन गए। विहान ने 17 गेंदों में 18 रन बनाये। लेकिन अभिज्ञान ने कनिष्क के साथ भारत को जीत की मंजिल पर पहुंचकर दम लिया। हेनिल पटेल को उनकी घातक गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। इससे पहले भारत की अंडर-19 टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी अमेरिका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने दूसरे ही ओवर में अमरिंदर गिल (एक) का विकेट गंवा दिया। उन्हें हेनिल पटेल ने आउट किया। इसके बाद अर्जुन महेश और साहिल गर्ग ने पारी को संभालने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के आगे उसके बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक सके। अर्जुन महेश और साहिल गर्ग (16-16) रन बनाकर आउट हुये। अदनित झांब (18) रन बनाकर आउट हुये। शेष सात बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। 36वां ओवर कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने दूसरी गेंद पर नीतीश सुदिनी को आउटकर अमेरिका की पारी का 107 के स्कोर पर अंत कर दिया। नीतीश सुदिनी ने टीम के लिए सर्वाधिक 36 रनों की पारी खेली। भारत की ओर से हेनिल पटेल ने सात ओवर में 16 रन देकर पांच विकेट लिये। दीपेश देवेंद्रन, अमब्रिश, खिलन पटेल और वैभव सूर्यवंशी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने सैन्य दखल की चेतावनी दी है। संभावित टकराव की स्थिति में अमेरिका टॉमहॉक और JASSM मिसाइल, ड्रोन हमले और साइबर अटैक जैसे विकल्पों पर विचार कर सकता है। बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
गुरुग्राम में एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का खुलासा हुआ है, जो अमेरिका से सस्ते आई फोन लाने का झासा देकर विदेशियों को ठगने का काम करता है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 ने इंटरनेशनल ठगी गिरोह से जुड़े युवक को अरेस्ट किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद ग़ालिब रजा गांव पोखरेरा जिला सीतामढ़ी बिहार के रूप में हुई है। वह दिल्ली के नबी करीम पहाड़गंज इलाके में किराए पर रहता है। नेपाल में जाकर दिया झासा 29 दिसंबर 2025 को नेपाली नागरिक भारत शाही द्वारा थाना सुशांत लोक में एक शिकायत दी गई थी। उसने बताया कि भारत के रहने वाले दो अनजान लड़कों ने उनसे नेपाल में मुलाकात की थी और अमेरिका से आई फोन मंगवाकर सस्ते दामों में देने का झांसा दिया था। आई फोन देने के लिए गुरुग्राम बुलायाहाल ही में आरोपियों ने भारत शाही को इंडिया आकर फोन ले जाने को कहा। जिस पर वह दो लाख रुपए बैग में लेकर नेपाल से भारत आई फोन खरीदने आया। आरोपियों द्वारा पीड़ित को आई फ़ोन देने के लिए सुशांत लोक में पहले से बुक होटल में बुला लिया। बाथरूम करने गया तो रुपए लेकर भागे वहां पर पहुंचने के बाद जब शिकायतकर्ता बाथरूम करने के लिए गया तो आरोपी मौका देखकर पीड़ित के दो लाख रुपए और एक मोबाइल चोरी करके होटल के रूम को लॉक करके फरार हो गए I क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा जिस पर थाना सुशांत लोक में केस दर्ज किया गया I इस मामले की जांच सेक्टर 43 क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ASI देवेन्द्र, ASI विक्रम, HC मंजीत, HC अशोक, सिपाही प्रदीप, सिपाही प्रियंक,सिपाही अजित की टीम ने इस पर काम शुरू किया। आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी इंचार्ज नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सिपाही अजीत ने इसमें बेहतरीन काम करते हुए आरोपी को दिल्ली से पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगीI लालच में आने से बचें उन्होंने कहा कि जनता से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या भारी डिस्काउंट के लालच में ना आए और किसी भी लेन देन के लिये हमेशा भरोसेमंद और सुरक्षित जगह का ही चुनाव करें I
U 19 World Cup: हेनिल के पंजे में फंसी अमेरिकी टीम, भारत ने पहले मुकाबले में 6 विकेट से दर्ज की जीत
भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और तेज गेंदबाज हेनिल की घातक गेंदबाजी के दम पर अमेरिका को 35.2 ओवर में महज 107 रन पर समेट दिया। इसके बाद डकवर्थ-लुईस नियम के तहत संशोधित लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने संयम और समझदारी से खेलते हुए जीत अपने नाम की।
कौन हैं महमूद खलील जिनकी रिहाई को अमेरिकी अदालत ने किया रद्द? हमास के लिए ट्रंप से ले चुके हैं पंगा
Donald Trump: अमेरिका की संघीय अपील अदालत ने फिलिस्तीन समर्थक महमूद खलील की रिहाई के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है जिसे ट्रम्प प्रशासन ने बड़ी जीत बताया. इससे खलील की दोबारा गिरफ्तारी और निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, हालांकि आदेश तत्काल लागू नहीं होगा.
ट्रंप की चेतावनी से कांपा तेहरान! 800 फांसियों पर लगाई रोक, अमेरिकी दबाव के आगे झुका ईरान?
Iran Executions Halted: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है. व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है. यह बता ऐसे समय पर सामने आई है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान हजारों लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं.
मानवता की जीत या कूटनीतिक दबाव? अमेरिका के हस्तक्षेप से ईरान में 800 कैदियों की फांसी पर लगी रोक
ईरान में 800 कैदियों की फांसी की सजा पर अमेरिका के कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद रोक लगा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वाशिंगटन के भारी दबाव के बीच तेहरान ने यह बड़ा फैसला लिया। क्या यह मानवीय जीत है या कूटनीतिक समझौता? इस ऐतिहासिक घटनाक्रम और इसके पीछे की पूरी सच्चाई जानने के लिए पढ़ें हमारी विशेष रिपोर्ट।
भारतीय छात्रों ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी के खिलाफ ऐतिहासिक कानूनी जंग जीतकर करोड़ों का मुआवजा हासिल किया है। शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी और भ्रामक वादों के खिलाफ मिली इस बड़ी जीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक जवाबदेही की नई मिसाल पेश की है। जानें इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे के सभी कानूनी पहलुओं और छात्रों के संघर्ष की पूरी कहानी।
अमेरिका ने सुरक्षा और प्रशासनिक समीक्षा के तहत कई देशों के लिए वीज़ा प्रक्रिया अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय छात्र, कामगार और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। क्या पाकिस्तान और पड़ोसी देश भी इससे प्रभावित होंगे? जानिए इस रिपोर्ट में पूरी जानकारी।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर, मध्य पूर्व में मंडराया नए युद्ध का खतरा। अमेरिकी सैन्य तैनाती और तेहरान की कड़ी चेतावनियों के बीच दुनिया भर में सुरक्षा अलर्ट जारी। तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजार पर संकट। पढ़ें इस बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष का विस्तृत विश्लेषण और इसके संभावित परिणाम।
America Attack On Iran: ईरान पर हमले को लेकर हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बैठक की. इसमें उन्होंने खामेनेई शासन को मजबूत झटका देने की बात कही है.
रूस ने कहा है कि यूक्रेन के मसले पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना जरूरी है. मॉस्को की ओर से बयान ऐसे समय पर आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों कहा था कि रूस किसी समझौते के लिए तैयार हैं, जबकि यूक्रेन उतना तैयार नजर नहीं आता.
US Army Not Ready For War With Iran: ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने ऐसे एक्शन प्लान की डिमांड रखी है, जिसमें एक ही स्ट्राइक में ईरान के मामले का समाधान हो सके.
मौलाना रजवी का आरोप: ईरान को कमजोर कर रहे अमेरिका-इजराइल:वैश्विक राजनीति की गहरी साजिश काम कर रही है
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने ईरान में जारी उथल-पुथल को लेकर अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के मौजूदा हालात केवल आंतरिक असंतोष का परिणाम नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे वैश्विक राजनीति की गहरी साजिश काम कर रही है। मौलाना रजवी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल लंबे समय से ईरान को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया और अब हिंसक प्रदर्शनों के माध्यम से अस्थिरता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य ईरान की वर्तमान सत्ता को हटाकर अपने समर्थक नेतृत्व को स्थापित करना है। मौलाना रजवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता में लाने की कोशिशों को 'हवा में महल' करार दिया। रजवी ने तर्क दिया कि जो व्यक्ति वर्षों से अमेरिका में रह रहा हो, उसे ईरान की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। मौलाना रजवी ने लोकतंत्र और विरोध के अधिकार पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपने हक के लिए आवाज उठाना लोकतंत्र का आधार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ किसी भी धर्म या समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। अंत में, उन्होंने कहा कि भारत और भारत के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, चैन और इंसानियत के पक्षधर हैं। उन्होंने वैश्विक स्तर पर दादागिरी और तानाशाही की राजनीति के अंत तथा दुनिया में शांति स्थापित होने की दुआ की।
Men Pregnant News in Hindi: क्या पुरुष भी महिला की तरह प्रेग्नेंट हो सकते हैं? अमेरिकी सीनेट में भारतीय मूल की एक डॉक्टर से यह अजब सवाल पूछा गया. लेकिन उनका जवाब और भी कूटनीतिक था. जिससे सभी सीनेटर्स चुप रह गए.
अंडर-19 वर्ल्ड कप, IND vs USA:अमेरिका ने 40 रन के अंदर 5 विकेट गंवाए, हेनिल पटेल ने 3 विकेट लिए
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत गुरुवार से हुई। टूर्नामेंट का पहला मैच भारत और USA के बीच खेला जा रहा है। बुलवायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में इंडिया अंडर-19 ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। USA ने 20 ओवर के बाद 5 विकेट के नुकसान पर 51 रन बना लिए हैं। भारत की ओर से अब तक हेनिल पटेल ने 3 विकेट झटके। दीपेश देवेंद्रन और खिलान पटेल को 1-1 विकेट मिला। अमेरिका ने 39 रन पर ही 5 विकेट गंवा दिए थे। अमरिंदर गिल 1, साहिल गर्ग 16, उत्कर्ष श्रीवास्तव 0, अर्जुन महेश 16 और अमोघ अरेपल्ली 3 रन बनाकर आउट हुए। वार्म-अप मैच में इंग्लैंड ने भारत को हराया थाभारत और अमेरिका के अलावा ग्रुप बी में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड भी हैं। आयुष म्हात्रे की अगुआई वाली टीम में वैभव सूर्यवंशी और विहान मल्होत्रा जैसे उभरते खिलाड़ी हैं। भारतीय टीम अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने साउथ अफ्रीका का 3-0 से क्लीन स्वीप करके पहुंची है। हालांकि, उसे इंग्लैंड से वॉर्मअप मैच में हार का सामना करना पड़ा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश पंगालिया, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन, खिलन पटेल। अमेरिका: उत्कर्ष श्रीवास्तव (कप्तान), अमरिंदर गिल, साहिल गर्ग, अर्जुन महेश (विकेटकीपर), ऋत्विक अप्पीदी, अदनीत झाम्ब, अमोघ अरेपल्ली, नितीश सुदिनी, सबरीश प्रसाद, शिव शनि, अदित कप्पा, ऋषभ शिम्पी। Toss India U19 have won the toss and elected to field. A look at their Playing XI in the tournament opener Updates ▶️ https://t.co/HWYypvuDhs #U19WorldCup pic.twitter.com/fk8vLkuU2B— BCCI (@BCCI) January 15, 2026 भारत के नाम 5 U-19 वर्ल्ड कप खिताबभारत अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे सफल टीम रही है। टीम अब तक पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018 और 2022) यह खिताब जीत चुकी है, जबकि 2006, 2016, 2020 और 2024 में टीम उपविजेता भी रही। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया है, जिसने 2024 के फाइनल में भारत को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। ऑस्ट्रेलिया अब तक कुल चार बार चैंपियन बन चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान ने दो बार, जबकि वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और इंग्लैंड एक-एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुके हैं।
अंडर-19 विश्व कप: भारतीय गेंदबाजों का धमाल, अमेरिका ने 39 रन पर गंवाए 5 विकेट
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 में गुरुवार को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के बीच मैच खेला जा रहा है। इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने अमेरिकी बैटिंग लाइनअप की कमर तोड़ कर रख दी है। अमेरिका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 39 रन पर 5 विकेट खो दिए। भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की और पहले 10 ओवरों में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को ज्यादा रन बनाने के मौके नहीं दिए। खबर लिखे जाने तक 16 ओवर में अमेरिका ने 5 विकेट खोकर 39 रन बना लिए हैं। अब तक के मैच के हाल पर नजर डालें तो अमेरिकी टीम को पहला झटका दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर लगा, जब अमरिंदर गिल 7 गेंदों में महज 1 रन बनाकर आउट हो गए। सलामी बल्लेबाज साहिल गर्ग ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। तब टीम का स्कोर 29 रन था। यूएसए को कप्तान उत्कर्ष श्रीवास्तव से टीम को काफी उम्मीद थी, लेकिन वे बिना खाता खोले आउट हो गए अभी टीम का स्कोर 34 रन ही था। चौथा विकेट अर्जुन महेश के रूप में गिरा, जो 29 गेंदों में 16 रन बनाकर आउट हुए। भारत के लिए हेनिल पटेल ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने 6 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं, दीपेश देवेंद्रन ने 5 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट लिया। भारतीय गेंदबाजों का जलवा जारी है, और अमेरिका की टीम शुरुआती झटकों से उबरने में संघर्ष कर रही है। भारत के लिए हेनिल पटेल ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने 6 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं, दीपेश देवेंद्रन ने 5 ओवर में 19 रन देकर 1 विकेट लिया। Also Read: LIVE Cricket Score भारत की प्लेइंग-11: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह पंगालिया, आरएस अम्ब्रिश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन। Article Source: IANS
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कपल को अमेरिका और न्यूजीलैंड भेजने का वादा कर एजेंट ने 20 लाख रुपए हड़प लिए। शिकायतकर्ता ने अपनी बेटी और दामाद को भेजने के लिए आरोपी एजेंट से बातचीत की थी। आरोपी ने उनको अमेरिका या न्यूजीलैंड नहीं भेजा। ऊपर से फर्जी दस्तावेज और टिकट देकर धोखा दिया। हरि सिंह निवासी ढेरु माजरा ने शिकायत में बताया कि सेक्टर-10 के इमिग्रेशन ऑनर सर्वजीत सिंह ने उन्हें कपिल शर्मा से मिलवाया था। कपिल शर्मा निवासी कैथल ने उसकी बेटी गुरसिमरन कौर और हर्षदीप को अमेरिका का वीजा लगवाने का वादा किया। पहला ही एग्रीमेंट तोड़ा इसके लिए आरोपी ने उनके साथ 1 जुलाई 2023 को एग्रीमेंट किया। एग्रीमेंट में शर्त थी कि अगर वीजा नहीं लगा तो हरि सिंह का कोई खर्चा नहीं होगा, लेकिन कपिल शर्मा ने वादा नहीं निभाया। फिर फरवरी में एक नया एग्रीमेंट हुआ। इस बार उनको न्यूजीलैंड भेजने की बात हुई। 35 लाख रुपए मांगे इस एवज में आरोपी ने 35 लाख रुपए मांगे, जिसमें आधी रकम पहले देना तय हुआ। विश्वास करके उन्होंने अलग-अलग टाइम पर पूरी पेमेंट 35 लाख रुपए ही आरोपी एजेंट को दिए। आरोपी ने वादा किया था कि अगर उसने बेटी और दामाद को न्यूजीलैंड नहीं भेजा तो ब्याज समेत पैसा लौटा देगा। फर्जी दस्तावेज देकर धोखा पैसे लेकर आरोपी ने बेटी-दामाद को वीजा, ऑफर लेटर, मेडिकल और इंश्योरेंस के कागज दिए। साथ ही 2 एयर टिकट भी दीं, लेकिन ऑनलाइन चेक किया तो सब फर्जी निकले। उन्होंने आरोपी एजेंट से पैसे मांगे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। 15 लाख लौटाए, 20 लाख बाकी शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पंचायत में आरोपी कपिल शर्मा ने 15 लाख रुपए लौटा दिए, लेकिन 20 लाख अब तक नहीं दिए। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सिटी थाना थानेसर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग रोक दिया है. जिसकी वजह से कई देश चिंतित हैं. जबकि राष्ट्रपति के इस फैसले का इंडियन अमेरिकन लीडर ने स्वागत किया है.
गाजा शांति योजना का दूसरा चरण अमेरिका ने किया शुरू
अमेरिका ने बुधवार को गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की
‘हमारा गुस्सा महंगाई की वजह से है, लेकिन ईरान में जो हो रहा है, वो आम लोगों का गुस्सा नहीं है। ये तो साजिश है। कुछ लोग प्रदर्शनकारियों में घुसते हैं और आग लगाने लगते हैं, फायरिंग करते हैं। रश्त शहर में तो पूरा बाजार जला दिया। हॉस्पिटल पर हमले हुए, एक नर्स को जिंदा जला दिया। गिरफ्तार लोगों के पास हैंड ग्रेनेड मिले हैं। इन सबके पीछे अमेरिका और इजराइल हैं।’ ईरान का हाल बता रहे अहमद अब्बास राजधानी तेहरान में रहते हैं। वे दावा करते हैं कि बढ़ती महंगाई से लोगों में बेचैनी थी। पेट्रोल की कीमत 15 से बढ़कर 25 रुपए हो गई। 10 रुपए की रोटी 15 रुपए में मिलने लगी। इसके विरोध में लोग पहली बार 28 दिसंबर 2025 को तेहरान की सड़कों पर उतरे। अहमद का दावा है कि अमेरिका और इजराइल के दखल से प्रोटेस्ट हिंसक हो गया। देश में बीते 17 दिन में 2500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। भारत के सीनियर जियो पॉलिटिक्स एक्सपर्ट कमर आगा इसके पीछे पाकिस्तान कनेक्शन देखते हैं। अहमद हिंसा के पीछे जिन ‘कुछ लोगों’ को जिम्मेदार बता रहे हैं, आगा के मुताबिक, उनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई है। वे कहते हैं कि ईरान में हिंसा का पैटर्न बिल्कुल बांग्लादेश जैसा है। ईरान में अभी इंटरनेट बंद है। इसलिए कम ही जानकारी बाहर आ रही है। दैनिक भास्कर ने ईरान के लोगों से बात की। उनसे दो सवाल पूछे-1. ईरान के शहरों में अभी क्या चल रहा है, कैसा माहौल है?2. क्या इन प्रदर्शनों से ईरान में सत्ता बदलने वाली है? ईरान के प्रोफेसर बोले- बहुत बुरे हालात थे, लेकिन अब सब ठीकईरान के कुम शहर में रहने वाले जमीर अब्बास जाफरी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। वैसे मुंबई के रहने वाले हैं, लेकिन बीते 15 साल से कुम में रह रहे हैं। ये शहर तेहरान से 150 किमी दूर है। जाफरी बताते हैं, 'ईरान में हालात बिगड़े जरूर थे, लेकिन अब काबू में हैं। प्रदर्शन करने वालों ने 25 मस्जिदों में आग लगा दी। शॉपिंग सेंटर्स और बैंकों पर हमले किए हैं। उनका मकसद सिर्फ हिंसा फैलाना है।’ खबरें आई थीं कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की। इस पर प्रोफेसर जाफरी कहते हैं, ‘ईरान सरकार पर बहुत दबाव है। प्रदर्शनकारियों के पास हथियार हैं। सरकार उनके खिलाफ सख्ती करती है, तो दूसरे देश इसे मानवाधिकारों का हनन बताएंगे। अगर नरमी बरती जाती है, तो कहा जाएगा कि सरकार का कंट्रोल नहीं रहा।’ प्रोफेसर जाफरी प्रोटेस्ट के बारे में चल रही खबरों को प्रोपेगैंडा मानते हैं। वे आरोप लगाते हैं कि विदेशी मीडिया भ्रम फैला रहा है कि सरकार गिरने वाली है। हकीकत इसके उलट है। भारत सरकार की एडवाइजरी- जैसे भी हो, ईरान से तुरंत निकलेंईरान के हालात देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उनसे तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की गई है। एडवाइजरी के मुताबिक, हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए इंतजार करना ठीक नहीं होगा। ईरान से जल्द बाहर निकलने की कोशिश करें। इस पर प्रो. जाफरी बताते हैं कि सभी उलेमा और स्टूडेंट सुरक्षित हैं। इंटरनेट न होने से कोई भी जानकारी शेयर नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं है। ‘छोटे दुकानदारों का प्रदर्शन अमेरिका-इजराइल ने हाईजैक किया’तेहरान में रह रहे भारतीय मूल के अहमद अब्बास बताते हैं कि अब हालात नॉर्मल हो रहे हैं। 13 जनवरी की शाम से इंटरनेट सर्विस भी शुरू हो गई है। प्रदर्शन के बारे में अहमद बताते हैं, ‘डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरानी रियाल की गिरती कीमत ने कारोबारियों और आम लोगों में बेचैनी पैदा की थी। शुरुआत में छोटे शहरों में प्रदर्शन हुए, जल्द ही ये बड़े हो गए।’ अब्बास मानते हैं कि प्रदर्शन हिंसक होने के पीछे साजिश है। वे कहते हैं- कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर आगजनी और फायरिंग करने लगे। पश्चिमी ईरान में तो भीड़ को मिसाइल साइट्स की ओर भेजने की कोशिश की गई। यह गुस्सा नहीं, बल्कि सिस्टम को अस्थिर करने की कोशिश थी। ‘महिलाओं का हिजाब उतारकर विरोध करना वेस्टर्न मीडिया का नैरेटिव’प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के हिजाब उतारकर विरोध जताने के वीडियो सामने आए थे। इस पर अहमद अब्बास कहते हैं, ‘जेंडर और हिजाब जैसे मुद्दों पर पश्चिमी मीडिया ने यह नैरेटिव गढ़ा कि नौजवान ईरान के सिस्टम के खिलाफ हैं। हकीकत में यह प्रोपेगैंडा था। यह कोई क्रांति नहीं, बल्कि ईरान की पॉलिसी बदलने के लिए विदेशी ताकतों का दखल था। ईरान के लोग सरकार के साथ हैं।’ अब्बास दावा करते हैं कि अमेरिका का मकसद ईरान में सरकार बदलना है। इसमें वह नाकाम हो गया। उसकी खुफिया एजेंसियों ने प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया था। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास हैंड ग्रेनेड जैसे घातक हथियार मिले। इनके तार इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका की CIA से जुड़े हैं। कुर्दिस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान जैसे सरहदी इलाकों में एक्टिव अलगाववादी गुटों का भी इस्तेमाल किया गया, जो 1979 की क्रांति से ही ईरान को बांटना चाहते हैं।’ भारत लौटे हाकिम रजा बोले- ईरान में विद्रोह जैसा कुछ नहीं, सभी भारतीय सेफ इंडो-ईरानी चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट सैयद हाकिम रजा ईरान में 40 दिन बिताकर जनवरी में लौटे हैं। वे बेंगलुरु में रहते हैं। भारत सरकार की एडवाइजरी के बावजूद रजा मानते हैं कि ईरान में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। वे कहते हैं कि हमें ईरान में डर जैसा कुछ महसूस नहीं हुआ। हम शॉपिंग और जियारतें कर रहे थे। हम ईरान के तीन बड़े शहरों तेहरान, कुम और मशहद गए हैं। वहां बहुत ज्यादा प्रदर्शन नहीं दिखे। ऐसा कुछ भी नहीं था, जिसे तख्तापलट या बड़ा विद्रोह कहा जाए। 50-60 लोग जमा होकर नारेबाजी करते हैं और उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी जाती है। इजराइली, अमेरिकी और कुछ हद तक भारतीय मीडिया में जो दिखाया जा रहा है, वैसा जमीन पर कुछ नहीं है।’ प्रदर्शन में आम लोगों के शामिल होने पर रजा कहते हैं, ‘इसकी बड़ी वजह महंगाई है। एक साल पहले डॉलर का रेट 50-60 तोमान था। एक तोमान में 10 रियाल होते हैं। डॉलर का रेट बढ़कर 1400 तोमान तक पहुंच गया। इससे जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ी हैं। पेट्रोल के रेट 3 तोमान से बढ़कर 5 तोमान (लगभग 25 रुपए) हो गए हैं। रोटी की कीमत 2 तोमान से 3 तोमान यानी 15 रुपए हो गई। भारतीयों के लिए यह बहुत सस्ता है, लेकिन ईरान में कम कमाने वाले लोगों के लिए यह बड़ा बोझ है।’ (प्रदर्शन के दौरान रियाल की कीमत यूरो के मुकाबले जीरो हो गई है। अभी भारत के एक रुपए की कीमत 12 हजार रियाल से ज्यादा है) एक्सपर्ट बोले- ईरान में हिंसा के पीछे पाकिस्तानसीनियर जियो पॉलिटिक्स एक्सपर्ट कमर आगा ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कई वजहें मानते हैं। वे कहते हैं कि हिजाब विवाद, महंगाई, रोजगार की कमी से लोग नाखुश थे, लेकिन प्रदर्शनों में बाहरी ताकतों का भी हाथ है। आगा आगे कहते हैं, ‘ईरान में गरीबी भारत, पाकिस्तान या अफगानिस्तान जैसी नहीं है। वहां बेरोजगारी और ईरानी रियाल की घटती कीमत बड़ी समस्या बन गई है। ईरान की शहरी आबादी अच्छी जिंदगी जीने की आदी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने धीरे-धीरे हालात बिगाड़ दिए।’ ‘इसके अलावा ईरानी मिडिल क्लास और युवाओं को सरकार की सख्ती पसंद नहीं है। धर्म में हिजाब या नमाज के लिए जबरदस्ती का कोई प्रावधान नहीं है। यह पूरी तरह से निजी मसला है। लोग क्या पहनें या क्या खाएं, इसमें सरकार का दखल क्यों हो। ईरान के ऑफिसों में 70% तक महिलाएं काम करती हैं, लेकिन वे अच्छा माहौल और बदलाव चाहती हैं।’ ‘हिंसा में शामिल लोग पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आए’कमर आगा ईरान की हिंसा में पाकिस्तान का भी हाथ मानते हैं। वे कहते हैं, ‘ईरान की इंटरनल सिक्योरिटी में बड़ी सेंध लगी है। विरोध प्रदर्शनों में जिस तरह आगजनी हुई और 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मारे गए, वह बांग्लादेश की याद दिलाता है। ईरान में हिंसा का पैटर्न बांग्लादेश जैसा है। ईरान से पाकिस्तान का बॉर्डर भी मिलता है। इसीलिए सरहद से आतंकी और स्लीपर सेल ट्रेनिंग लेकर ईरान में घुसते हैं। इन्हीं लोगों ने प्रदर्शन को हिंसक बनाया है।’ ‘प्रदर्शनकारियों के बीच इराक में सद्दाम हुसैन के समय से एक्टिव रहे मुजाहिदीन-ए-खल्क जैसे संगठन और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से ट्रेंड होकर आए आतंकी एक्टिव हैं। उनके पास आधुनिक हथियार हैं। यह सिर्फ जनता का गुस्सा नहीं है, इसमें बाहरी ताकतों का भी हाथ है।’ ‘ईरान के लोग सुधार चाहते हैं, लेकिन वे पश्चिमी देशों के पिछलग्गू नहीं बनना चाहते। 12 जनवरी को सरकार के समर्थन में सड़कों पर निकले लोगों ने साबित कर दिया कि वे सरकार से असहमत हों, लेकिन अमेरिका-इजराइल के खिलाफ एकजुट हैं।’ ‘ईरान में सत्ता बदलना आसान नहीं है क्योंकि वहां की राष्ट्रवादी भावनाएं बहुत गहरी हैं। फिलहाल वहां कोई वैकल्पिक लीडरशिप मौजूद नहीं है। यह आंदोलन क्रांति नहीं है, बल्कि एक वर्ग का विद्रोह है। इसे बाहरी ताकतों ने हाईजैक करने की कोशिश की है।’ ईरान पर हमला हुआ, तो भारत के लिए भी खतराआगा चेतावनी देते हैं कि ईरान में अस्थिरता पूरी दुनिया खासकर भारत के लिए भी घातक साबित हो सकती है। अगर ईरान पर हमला होता है या हालात बेकाबू होते हैं, तो ईरान पूरे रीजन को युद्ध में झोंक देगा। ईरान ऑयल सप्लाई का रूट बंद कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया में मंदी आ जाएगी। भारत के लिए यह स्थिति डरावनी है क्योंकि खाड़ी देशों में 90 लाख भारतीय रहते हैं। वे देश में 4.06 लाख करोड़ रुपए भेजते हैं। हमारा उनके साथ 200 बिलियन डॉलर या करीब 18 लाख करोड़ रुपए का कारोबार है। ईरान के अस्थिर होने का मतलब है कि भारत के आर्थिक हितों पर सीधी चोट पहुंचेगी। ………………………………..स्टोरी में सहयोग: रऊफ डार, जम्मू-कश्मीर
कनाडा में एक पंजाबी बिजनेसमैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक बिजनेसमैन कनाडा में स्टूडियो-12 चलाता था। इसके अलावा उसका क्लब भी था। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। कत्ल का पता चलते की कनाडा की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को कत्ल से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज मिला है। जिसके आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कत्ल की इस वारदात से इलाके में रहने वाले पंजाबी समुदाय में दहशत का माहौल है। उन्होंने बिजनेसमैन का कत्ल करने वालों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। तरनतारन के रहने वाले, परिवार समेत सरे शिफ्ट हुएजानकारी के मुताबिक बिंदर गरचा (48) मूल रूप से तरनतारन के गांव मूलो बेदियां का रहने वाले थे। वह अपने परिवार के साथ कई साल पहला कनाडा के सरे शहर में शिफ्ट हो गए थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और 2 बेटियों और एक बेटा है। कनाडा में वह स्टूडियो, इमिग्रेशन सर्विस और क्लब चलाते थे। इसके अलावा वह लिमोजिन कंपनी के भी मालिक थे। CCTV में फायरिंग करते दिखे हमलावरकनाडा पुलिस के सोर्सेज के मुताबिक बुधवार को बिंदर गरचा को 176 स्ट्रीट, 35 एवेन्यू के पास गोली मारी गई। उनका घर तो सरे सिटी में है लेकिन गोली फार्म हाउस के पास मारी गई। जिस रोड पर उन्हें गोली मारी, वह आगे जाकर अमेरिकी सीमा से जुड़ती है। गोली मारने की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। कनाडा की पुलिस ने फुटेज निकलवा ली है। जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या की वजह और उसके पीछे कौन हैं, इसके बारे में पता नहीं चल पाया है।
अमेरिका के इंडियाना के ग्रीनवुड में रिहायशी इलाके में जन्मदिन पार्टी के दौरान 2 पक्षों में हुई फायरिंग की घटना में करनाल के वीरेंद्र सांभी की मौत हुई, जबकि दूसरा युवक कुलदीप पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है। अमेरिकन मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अमेरिकी समय के अनुसार 10 जनवरी की रात को करीब साढ़े 11 बजे फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद के बाद हथियार निकाले गए और गोलियां चलीं। घर में चल रही थी बड़ी पार्टी, विवाद के बाद चली गोलियांपुलिस के अनुसार, 10 जनवरी की रात को बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में एक घर में बड़ी जन्मदिन पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर 2 युवकों के बीच बहस हो गई। बहस बढ़ते ही दोनों ने गन निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 4 लोग गोली लगने से घायल मिले। इनमें से एक 37 वर्षीय व्यक्ति को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। अन्य घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। ग्रीनवुड निवासी वीरेंद्र सिंह की अस्पताल में मौतघायलों में ग्रीनवुड के रहने वाले 38 वर्षीय वीरेंद्र सिंह को मेथोडिस्ट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीसरे घायल युवक को एसकेनाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस को सेंट फ्रांसिस अस्पताल से भी सूचना मिली कि वहां एक युवक गोली लगने के बाद पहुंचा है। पुलिस ने अस्पताल में 23 वर्षीय युवक से बात की, जिसने बताया कि उसे भी बेंट ब्रांच सर्कल के 900 ब्लॉक में गोली लगी थी और उसका दोस्त उसे अस्पताल लेकर आया। पड़ोसियों ने कहा, इलाका हमेशा शांत रहता हैघटना स्थल से कुछ घर दूर रहने वाले स्थानीय निवासी जिम बुशर ने मीडिया को बताया कि यह इलाका आमतौर पर बहुत शांत रहता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी वहां रहने वाले लोगों को देखा है और उनके पास एक कुत्ता भी है, लेकिन कभी शोर-शराबा नहीं हुआ। एक अन्य पड़ोसी सरबगिद सिंह ने भी बताया कि उनके इलाके में आमतौर पर ऐसी घटनाएं नहीं होतीं और माहौल हमेशा शांत रहता है। रिटायर्ड थानेदार का बेटा था वीरेंद्र सांभी, परिवार का इकलौता बेटाइस गैंगवार में मारे गए युवक की पहचान करनाल (हरियाणा) के रहने वाले वीरेंद्र सांभी के रूप में भी सामने आई है। वह रिटायर्ड थानेदार मुलतान सिंह का बेटा था और परिवार का इकलौता बेटा बताया गया है। जानकारी के अनुसार, वह करीब 5 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था। 2 साल पहले उसकी पत्नी और बेटा भी डंकी रूट से अमेरिका पहुंच गए थे। घटना वाली रात वह ग्रीनवुड में आयोजित जन्मदिन पार्टी में बुलाया गया था, जहां फायरिंग हुई। पंजाब निवासी कुलदीप की भी गई जान, एक अन्य घायलसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जिसकी पहचान पंजाब के रहने वाले कुलदीप के रूप में हुई है। फायरिंग में कुलदीप को भी गोली लगी और उसकी भी मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ाव की बात आई सामनेजानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सांभी का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। इसी गैंग से जुड़ाव को लेकर इस हमले को गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। हमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी दी गई और आगे और हमलों की धमकी भी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहींघटना के बाद अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान साझा नहीं किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था नेटवर्क, बाद में अलग होकर बनाया गिरोहरोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े जा चुके सदस्यपिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के 2 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, संजय पर दस और नरेश पर 4 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
रेवाड़ी के गांव नेहरूगढ़ निवासी पर्वतारोही नरेंद्र यादव एक बार फिर एक रिकार्ड अपने नाम दर्ज करने का तैयार है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर वह दूसरी बार दक्षिणी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी माउंट एकांकागुआ (6,962 मीटर) को फतेह करेंगे। इससे पहले 12 साल में नरेंद्र यादव 23 रिकार्ड अपने नाम दर्ज कर चुके हैं। अन्तर्राष्ट्रीय दल का करेंगे नेतृत्व सेवन समिट्स विजेता नरेंद्र यादव इस अभियान के दौरान पर्वतारोही के अन्तर्राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करेंगे। 14 जनवरी 2026 को भारत से अर्जेंटीना के लिए प्रस्थान करेंगे। यह अभियान विश्व के विभिन्न देशों के अनुभवी पर्वतारोहियों की सहभागिता से संपन्न होगा। 26 जनवरी 2026 को एकांकागुआ शिखर पर तिरंगा फहराने का उनका संकल्प भारत की राष्ट्रीय भावना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करेगा। विश्व की सर्वोच्च चोटियां कर चुके फतेहनरेंद्र यादव सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों पर सफल आरोहण करने वाले भारत के पहले युवा पर्वतारोही हैं। उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर दो सफल चढाई की हैं, जिनमें एक चढ़ाई उन्होंने बिना किसी पूर्व अनुकूलन के मात्र छह दिनों में पूरी कर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय को चौंका दिया। दिसंबर 2024 में उन्होंने 30 वर्ष और 10 दिन की आयु में सेवन समिट्स पूर्ण कर भारत के सबसे कम उम्र के पुरुष सेवन समिट्स पर्वतारोही बनकर इतिहास रच दिया।रन फॉर राम और अल्ट्रा मैराथन अभियान चलायानरेंद्र यादव आरएसएस स्वयंस्वेक और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने “रन फॉर राम” नामक एक अनूठा अल्ट्रा मैराथन अभियान शुरू कर राष्ट्र के प्रति अपना समर्पण दिखाया। इसमें अब तक रामेश्वरम, सोमनाथ और बूढ़ा अमरनाथ से अयोध्या तक कुल 6,211 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुके हैं। अभियान में प्रतिदिन औसतन 51 किलोमीटर दौड़ते हैं। जिसे अंतिम चरण की दौड़ परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) से अयोध्या तक वर्ष 2026 में प्रस्तावित है। एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूर्ण करना लक्ष्य नरेंद्र यादव का लक्ष्य एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूर्ण करना है। जिसमें सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। वह सातों महाद्वीपों के प्रमुख ज्वालामुखी पर्वतों पर आरोहण कर भारत का परचम वैश्विक मंच पर और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। गणतंत्र दिवस 2026 पर उनका यह अभियान निश्चय ही भारत के गौरव को विश्व की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी से होगा, जिसमें ख्यातिप्राप्त गायकों सहित देश-विदेश के विद्वान अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर भारत और विदेशों से आए अनेक विद्वान शिव तत्त्व, शिवोपासना, ज्योतिर्लिंग परंपरा और श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़े विविध विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वीर भारत न्यास और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में 14 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले श्री महाकाल महोत्सव के अंतर्गत शिव तत्त्व और श्री महाकाल के इतिहास, साहित्य एवं संस्कृति पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15 जनवरी, गुरुवार को किया जाएगा। यह संगोष्ठी त्रिवेणी कला व पुरातत्व संग्रहालय, जयसिंहपुरा, महाकाल लोक में प्रातः 11 बजे से सायं 4:30 बजे तक आयोजित होगी। संगोष्ठी में शिवोपासना, पुराख्यान, पुरातत्व, इतिहास, शैव दर्शन, साहित्य, वास्तु, मुद्राशास्त्र, शिल्प एवं चित्रकला जैसे विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। 10 से ज्यादा देशों के विद्वान आएंगे इस संगोष्ठी में 10 से अधिक देशों और भारत के 12 से अधिक राज्यों के विद्वान अपने-अपने विषयों पर प्रकाश डालेंगे। इनमें मॉरीशस, नीदरलैंड, फिजी, अमेरिका (यूएसए), यूनाइटेड किंगडम (यूके), आयरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल जैसे देश शामिल हैं। वहीं, भारत के उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के विशेषज्ञ विद्वान संगोष्ठी में सहभागिता करेंगे।
अमेरिका के इंडियाना राज्य में गैंगवार की घटना सामने आई है। इस वारदात में एक हरियाणा के करनाल के गांव सांभी निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि एक अन्य युवक घायल बताया जा रहा है। मामला दो आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। मृतक की पहचान हरियाणा निवासी के रूप में हुईगैंगवार में मारे गए युवक की पहचान वीरेंद्र सांभी के रूप में हुई है, जो हरियाणा के करनाल का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार वह वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारीहमले की जिम्मेदारी प्रतिद्वंद्वी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में बालजोत सिंह ने दावा किया कि इस वारदात को उसने और जस्सा ने अंजाम दिया है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई को निशाना बनाते हुए चेतावनी भी दी गई और आगे और हमलों की धमकी दी गई। अमेरिकी प्रशासन की ओर से अब तक कोई बयान नहींघटना के बाद से अमेरिका के संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभागों की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और हमलावरों की पहचान व लोकेशन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पहले साथ था, बाद में अलग होकर बनाया गैंगरोहित गोदारा राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अलग होकर अपना गिरोह बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार उसका नेटवर्क कनाडा और अजरबैजान जैसे देशों में भी सक्रिय बताया जाता है। उगाही, टारगेट किलिंग और हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्कसूत्रों के अनुसार रोहित गोदारा गैंग पर उगाही, चुनकर की जाने वाली हत्याएं और हथियारों की तस्करी जैसे मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। इसी नेटवर्क के जरिए विदेशों से भी गतिविधियां संचालित की जाती रही हैं। हरियाणा में पहले भी पकड़े गए थे गैंग के सदस्यपिछले साल नवंबर में हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम से इस गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान नारनौल जिले के सैदपुर गांव के नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव के रूप में हुई थी। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार संजय पर दस और नरेश पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल थे।
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
सच साबित हो रहा है पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का अमेरिकी दबाव का आरोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती हसीना (शेख) वाजेद द्वारा अपने देशवासियों को दी गई गंभीर चेतावनी पर बहुत कम लोगों ने विश्वास किया।
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

