अमेरिका में एक और गोलीकांड; अब कैलिफोर्निया में हुई अंधाधुंध फायरिंग, 4 लोगों की मौत, 10 जख्मी
California shooting: व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी के बाद अमेरिका के कैलिफोर्निया में भयंकर गोलीबारी हुई है. जिसकी वजह से 4 लोगों की जान चली गई.
अमेरिका के कैलिफोर्निया में बर्थ डे पार्टी में चली गोलियां, 10 घायल
California Firing news : व्हाइट हाउस में गोलीबारी के बाद अमेरिका के कैलिफोर्निया में भी गोलीबारी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों की बर्थडे पार्टी में हुई गोलीबारी में 2 बच्चों समेत 10 लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस मामले की जांच कर रही ...
जींद जिले के सफीदों क्षेत्र के गांव खरकगागर की गलियों में मातम पसरा है और हर ग्रामीण की आंख नम थी। करीब ढाई महीने बाद गांव की मिट्टी ने अपने उस बेटे कमल को वापस देखा, जो कभी बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड गया था, लेकिन अब ताबूत में लिपटा हुआ लौटा। बड़े गमगीन माहौल में कमल का अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी तरफ सहानपुर गांव के 32 वर्षीय सुधीर राठी की अमेरिका में मौत हुई है। परिवार की आर्थिक हालत ऐसी नहीं कि शव को घर ला सके। 25 साल की उम्र में थम गई जिंदगी कमल, उम्र मात्र 25 वर्ष। सपनों से भरा एक नौजवान, जिसने अपने बूढ़े मां-बाप की उम्मीदों को सीने में लेकर इंग्लैंड की राह पकड़ी थी। गांव की तंग गलियों से निकलकर उसने सोचा था कि परदेस की चमक उसके घर की अंधेरी रातों को रोशन कर देगी। लेकिन किसे पता था कि वही परदेस उसकी आखिरी मंज़िल बन जाएगा। डंकी के रास्ते इंग्लैंड पहुंचा, 30 लाख रुपए का कर्ज लिया कमल ने इंग्लैंड पहुंचने के लिए डंकी का रास्ता चुना था—एक खतरनाक सफर, जिसमें हर कदम पर मौत का साया मंडराता है। रिश्तेदारों और दोस्तों से करीब 30 लाख रुपए उधार लेकर वह निकला था, उम्मीद थी कि वहां पहुंचकर सब चुका देगा और मां-बाप के चेहरे पर मुस्कान लौट आएगी। पर किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। बर्घिंगम में 16 सितंबर को हुई मौत 16 सितंबर की रात, इंग्लैंड के बर्घिंगम शहर में अचानक उसकी हृदय गति रुक गई। परदेस की ठंडी दीवारों के बीच उसका दिल थम गया, और उसके साथ थम गईं वो सारी उम्मीदें, जो उसने अपने गांव के लिए संजोई थीं। तीन लाख रुपए खर्च कर लाया गया शव परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। मां की चीखें गांव की गलियों में गूंज उठीं, पिता की आंखों से आंसू सूख गए। बेटे का शव वापस लाने के लिए उन्होंने हर दरवाज़ा खटखटाया। इंग्लैंड में रह रही वीना देशवाल और सज्जन देशवाल ने मदद का हाथ बढ़ाया। 3 लाख रुपए का खर्च, ढाई महीने की लंबी प्रक्रिया और आखिरकार, कमल अपने गांव लौटा। गांव में उमड़ा जनसैलाब, मातम में डूबा परिवार जब ताबूत गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका उमड़ पड़ा। हर आंख में आंसू थे, हर दिल में दर्द। ढोल-नगाड़ों की जगह सिसकियों की आवाजें थीं। कमल का अंतिम संस्कार गांव की मिट्टी में हुआ, उसी मिट्टी में जिसने उसे जन्म दिया था। अधूरी रह गई मां-बाप की उम्मीदें अब उस घर में सन्नाटा है, जहां कभी कमल की हंसी गूंजती थी। दीवारों पर टंगी उसकी तस्वीर अब हर दिन मां की आंखों से बात करती है। पिता की झुकी हुई कमर अब और झुक गई है। हजारों युवाओं की हकीकत बन गई कमल की कहानी कमल की कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की है जो सपनों की कीमत अपनी जान देकर चुकाते हैं। परदेस की चमक के पीछे छिपे अंधेरे को शायद अब भी बहुत से लोग नहीं देख पाते। और गांव खरकगागर की मिट्टी, आज भी उस बेटे की याद में भीगी हुई है, जो लौट तो आया—पर हमेशा के लिए खामोश होकर। अमेरिका में भी एक युवक की मौत, तीन बहनों के इकलौता भाई दूसरी तरफ जींद जिले के गांव सहानपुर (सफीदों) के युवक सुधीर राठी (32) की अमेरिका में 6 दिन पहले बीमारी से मौत हो गई। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि बेटे के शव को इंडिया ला सके। सुधीर के पार्थिव शरीर को गांव लाने के लिए ग्रामीणों ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। परिजनों ने बताया कि सुधीर करीब ढ़ाई साल पहले डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था। इसके लिए परिवार ने डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी। सुधीर करीब डेढ़ महीने वेंटिलेटर पर था। 23 नवंबर की रात को उनकी मौत हो गई।
क्या अमेरिकी संविधान में संशोधन कर तीसरे टर्म में भी वापसी करेंगे ट्रंप? फोटो से फिर चर्चा में आए
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर चर्चाओं में बने रहते हैं। फिर चाहे उनका बयान हो या फिर उनका सोशल मीडिया पोस्ट, अमेरिकी राष्ट्रपति सुर्खियों में आ जाते हैं
अमेरिका के हत्थे चढ़ा वेनेजुएला, अगर हमला हुआ तो कैसे मुकाबला करेगी मादुरो की सेना?
US Venezuela: वेनेजुएला के लिए उनके सैनिकों का भाग जाना भी चिंता का विषय है और अमेरिका के हमलों के दौरान वेनेजुएला के सैनिकों के भागने की घटना बढ़ सकती है. वेनेजुएला की सेना के पास हालिया अनुभव के नाम पर सिर्फ सड़कों पर निहत्थे प्रदर्शनकारियों से भिड़ने तक ही सीमित है.
क्या अब खत्म होगी रूस से जंग? जेलेंस्की से सिपहसालार अमेरिका रवाना; ट्रंप के पाले में आई गेंद
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच साल 2022 से ही जंग जारी है, जो आज भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. क्या अमेरिका की मदद से इस युद्ध का समाप्त किया जा सकेगा?
अमेरिका ने वीजा देने से किया इनकार, फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल ड्रॉ का बहिष्कार करेगा ईरान
ईरान की फुटबॉल फेडरेशन 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल ड्रॉ का बहिष्कार करेगी। यह ड्रॉ 5 दिसंबर को वॉशिंगटन डीसी में निर्धारित है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान प्रतिनिधिमंडल के कई प्रमुख सदस्यों को वीजा देने से इनकार कर दिया है
अमेरिका ने अफ़गानिस्तान के नागरिकों को वीज़ा जारी करने पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की
अमेरिका ने शुक्रवार को अफ़गानिस्तान के पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीज़ा जारी करने पर तुरंत रोक लगाने और सभी शरण के लिए आवेदन करने पर रोक लगाने की घोषणा की है
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि जो बाइडेन द्वारा ऑटोपेन से हस्ताक्षरित सभी दस्तावेज अब अमान्य हैं, जबकि विशेषज्ञों इसे कानूनी रूप से अव्यवहारिक बताया है. तो आइए जानते हैं कि आखिर ये ऑटोपेन क्या है और कब से अमेरिकी राष्ट्रपति इसे प्रयोग कर रहे है और क्या ये एक लीगल सिग्नेचर है या नहीं...
Donald Trump: वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास हुए एक आतंकी हमले से डोनाल्ड ट्रंप हैरान हैं. इस घटना के बाद उन्होंने थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज से माइग्रेशन को स्थायी तौर पर रोकने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि अब बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन चलाए जाएंगे और उन प्रवासियों की नैचुरलाइज़्ड सिटिजनशिप भी रद्द की जाएगी जो 'पश्चिमी सभ्यता के साथ अनुकूल नहीं हैं. आइए जानते हैं आखिर ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा...
7 जुलाई, 1993 की बात है, रात 2 बजे 27 साल की अमेरिकी सिंगर मिया जपाटा अपने दोस्त के फ्लैट से घर जा रही थीं। उन्होंने टैक्सी बुक की और दोस्त को बाय कहकर निकल गईं। लेकिन थोड़ी ही देर बाद उनकी लाश सड़क पर पड़ी मिली। सुबह होते ही मिया के दोस्त उन्हें सिंगिंग रिहर्सल के लिए लगातार कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि मिया अब इस दुनिया में नहीं रहीं। मेडिकल जांच में पता चला कि मिया के साथ पहले रेप हुआ, फिर उन्हें बेरहमी से पीटा गया और इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे अमेरिका में आक्रोश फैल गया और पुलिस पर केस को सुलझाने का दबाव लगातार बढ़ता रहा। जांच के दौरान मिया के शरीर से लार का नमूना मिला, लेकिन उस समय DNA तकनीक इतनी विकसित नहीं थी कि अपराधी की पहचान तुरंत की जा सके। ऐसे में यह केस पुलिस के ठंडे बस्ते में चला गया। 11 साल बाद जब DNA तकनीक में सुधार हुआ तो मिया के केस को दोबारा जांचा गया और अपराधी का पता चला, जिससे हर कोई हैरान रह गया। आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर 3 में पढ़िए अमेरिकी सिंगर मिया जपाटा की कहानी, जिनका रेप कर हत्या की गई थी... मिया जपाटा का जन्म 25 अगस्त 1965 को अमेरिका में हुआ था। वह तीन बच्चों में सबसे छोटी थीं। उनके भाई का नाम एरिक और बहन का नाम क्रिस्टन था। उनके माता-पिता डोना और रिचर्ड जपाटा टीवी इंडस्ट्री में काम करते थे। मिया को बचपन से ही गाने का बहुत शौक था। उन्होंने केवल 9 साल की उम्र में गिटार और पियानो बजाना सीख लिया था। मिया हमेशा अपनी आवाज को टेप रिकॉर्डर पर रिकॉर्ड करतीं और फिर उसे सुनकर अपने गानों के बोल बदलतीं और उसमें सुधार करतीं। मिया ने अपनी पढ़ाई एक कैथोलिक स्कूल से की थी, जहां के नियम बहुत सख्त थे। छात्रों को यूनिफॉर्म पहनना होता और समय का पालन करना होता था। लेकिन मिया इनमें से किसी भी नियम का पालन नहीं करती थीं। उनके टीचर्स उनके माता-पिता से शिकायत करते थे कि उन्हें संभालना मुश्किल है। लेकिन मिया उन लोगों के साथ समय बिताना पसंद करती थीं जिन्हें संगीत से प्यार था। वह महंगी पार्टियों में जाने की बजाय सस्ते कैफे में बैठकर गाना गाना पसंद करती थीं। 1984 में मिया जपाटा ने एंटिओक कॉलेज में लिबरल आर्ट्स की पढ़ाई शुरू की। वहां मिया की मुलाकात मैट ड्रेसनर, एंडी केसलर और स्टीव मोरियार्टी से हुई। चारों जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए और सितंबर 1986 में उन्होंने एक रॉक बैंड बनाया, जिसका नाम द गिट्स रखा। 1989 में वे सभी अमेरिका के सिएटल शहर में चले गए। मिया ने वहां एक बार में नौकरी की और चारों दोस्त एक साथ एक घर में रहने लगे, जिसे उन्होंने दे रेट हाउस नाम दिया। धीरे-धीरे बैंड अपनी पहचान बनाने लगा और इसकी मेन सिंगर मिया ही थीं। 1990-91 के बीच द गिट्स ने कुछ गाने रिकॉर्ड किए और उन्हें छोटे, स्थानीय रिकॉर्ड कंपनियों के जरिए रिलीज किया। मिया की आवाज में एक जादू था और इस बैंड की असली पहचान भी मिया के नाम से ही होती थी। जैसे-जैसे बैंड फेमस होने लगा तो उनके कॉन्सर्ट की डिमांड भी बढ़ने लगी। 1992 में बैंड ने अपना पहला एल्बम फ्रेंचिंग द बुली रिलीज किया। इस गाने के जरिए मिया को पूरे अमेरिका में पहचान मिल गई। लोग उन्हें पसंद करने लगे। अब बैंड अमेरिका और यूरोप में टूर करने का प्लान बना रहे थे। इसके अलावा भी कॉन्सर्ट थे। मिया के साथ ही पूरी टीम काफी खुश थी कि उनकी मेहनत रंग लाने लगी। इतना ही नहीं बैंड ने अपना दूसरा एल्बम एंटर: द कॉन्करिंग चिकन तैयार किया, जिसे रिलीज करने ही वाले थे। लेकिन इसके रिलीज से पहले कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। 6 जुलाई, 1993 की रात मिया ने अपने एक दोस्त के साथ गाने की रिहर्सल की और फिर 7 जुलाई को वो अपने दोस्त के घर कॉमेट टैवर्न कैपिटल हिल में रुकीं। वहां उन्होंने अपने दोस्तों के साथ पार्टी की। उस पार्टी में कई ऐसे लोग भी थे जो मिया को बहुत अच्छे से जानते थे। आधी रात के समय मिया ने कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड के पास जा रही हैं। लेकिन इसके बजाय वह कॉमेट टैवर्न बिल्डिंग में ही अपने एक दोस्त के अपार्टमेंट में गईं और लगभग एक घंटे तक वहीं रहीं। फिर करीब 2 बजे मिया वापस घर जाने लगीं। उन्होंने टैक्सी बुलाई। लेकिन बिल्डिंग से मिया निकलीं या नहीं किसी को नहीं पता था। सिर्फ यही नहीं किसी टैक्सी कंपनी के पास उनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। उस समय इलाके में लगे कोई कैमरे भी काम नहीं कर रहा था। इसी दौरान रात के करीब 3:20 बजे एक महिला ने बिल्डिंग के पास किसी व्यक्ति की लाश पड़ी देखी तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अस्पताल ले जाकर पहचान की तो पता चला कि वह कोई और नहीं, बल्कि अमेरिकी सिंगर मिया जपाटा ही थीं। मेडिकल जांच में पता चला कि मिया की हत्या से पहले उनका रेप किया गया, पीटा गया और उनका गला दबाकर हत्या कर दी गई। लेकिन जांच के दौरान मिया के शरीर से जो लार के नमून मिले उसे पुलिस टीम ने संभालकर रख दिया था, क्योंकि 1993 में DNA तकनीक इतनी विकसित नहीं थी कि लार या अन्य सबूतों से अपराधियों की पहचान तुरंत की जा सके। उधर, मिया के सभी दोस्त उनका सिंगिंग रिहर्सल के लिए इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कई बार कॉल किए, लेकिन किसी को कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान उन्हें पता चला कि मिया अब इस दुनिया में नहीं रहीं और उनकी हत्या कर दी गई थी। मिया की मौत की खबर ने सभी को हैरान कर दिया। देखते ही देखते यह खबर एक ही दिन में पूरे अमेरिका में फैल गई। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया कि जब मिया का शरीर मिला, तो उसका आकार ऐसा था जैसे उन्होंने बाहें फैला रखी हों। कुछ लोगों ने इसे महज संयोग बताया, जबकि कुछ ने कहा कि इसके पीछे जरूर हत्या की कोई कहानी छुपी होगी। हालांकि, आधिकारिक फाइलों ने इसे कभी पुष्टि नहीं की। अब मिया के ग्रुप के सदस्यों के मन में कई सवाल उठने लगे कि आखिर इसके पीछे कौन हो सकता है। पुलिस के पास कोई सबूत नहीं थे, कोई गवाह नहीं था और कोई टैक्सी रिकॉर्ड भी नहीं मिला। सबूत के नाम पर केवल वही लार के नमूने थे, जिनका उस समय कोई खास महत्व नहीं था। इसके अलावा कई सवाल थे कि आखिर उन 80 मिनटों में क्या हुआ। मिया किस दरवाजे से बाहर निकली और उसके बाद उसका कोई निशान क्यों नहीं मिला? और फिर ऐसा क्या हुआ कि मिया का रेप भी हुआ, पिटाई भी हुई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई। मिया के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग मौजूद थे। हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन न्याय की चाह हर किसी के दिल में थी। ऐसे में उस वक्त सिएटल का माहौल बदल गया। जहां लोग पहले बेफिक्र होकर घूमते थे, वहीं अब डर और संशय लोगों को सताने लगा। पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी। मिया के बॉयफ्रेंड, बैंड मेट्स और कैपिटल हिल के दोस्तों हर किसी से पूछताछ की गई। लेकिन कोई भी शक के दायरे में नहीं आया। मिया की मौत एक अनसुलझी पहेली बनती जा रही थी। पुलिस भी यह समझ नहीं पा रही थी कि जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए। मिया की मौत के कुछ महीनों बाद कुछ महिलाएं सामने आईं, जिन्होंने दावा किया कि कॉमेट टैवर्न बिल्डिंग के पास एक आदमी उनका पीछा किया करता था। एक महिला ने उस शख्स की गाड़ी का नंबर भी नोट कर लिया। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पता चला कि यह लाइसेंस प्लेट जीसस मेजिया के नाम पर रजिस्टर्ड थी। लेकिन 1993 में पुलिस के पास जीसस मेजिया को शक के घेरे में लेने के लिए कोई ठोस आरोप नहीं थे। इसके बाद 10 साल तक इस केस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई सालों तक मिया के केस की फाइल पुलिस विभाग के ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। पुलिस के पास बस एक ही उम्मीद थी मिया के शरीर से लिया गया लार का नमूना। सालों-साल यह नमूना अलमारी में सुरक्षित रखा गया। फिर 2002 के अंत में वॉशिंगटन स्टेट की कोल्ड केस यूनिट ने पुराने DNA नमूनों को नए CODIS डेटाबेस से मिलाना शुरू किया। यह डेटाबेस उन लोगों के DNA थे जिन्हें पहले किसी अपराध में पकड़ा गया था। मिया का नमूना भी दोबारा कंप्यूटर में डाला गया। फिर कुछ ऐसा हुआ कि अचानक मिया का केस, जो सालों तक ठंडे बस्ते में पड़ा था, उसमें कोई सुराग मिला। पुलिस के हाथ अब वह सबूत था, जिसने मिया के अपराधी की पहचान करवा दी और वह कोई और नहीं बल्कि जीसस मेजिया ही था। यह वही शख्स था, जिसके खिलाफ महिलाओं ने पीछा करने की शिकायत की थी। उसके ऊपर पहले से ही कई केस दर्ज थे। 1990 के शुरुआती सालों में वह कुछ समय के लिए सिएटल में भी रहा था। जनवरी 2003 में जीसस मेजिया को मियामी से गिरफ्तार कर सिएटल लाया गया। गिरफ्तारी के बाद से ही जीसस ने मिया की हत्या से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, DNA ने यह साबित कर दिया था कि मिया का रेप जीसस ने ही किया था। लेकिन उसके लगातार इनकार के कारण हत्या से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे रह गए। फिर मार्च 2004 में लगभग 11 साल बाद ज्यूरी ने जीसस को मिया की हत्या का दोषी ठहराया। उसे 37 साल की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने कहा कि हमें न गवाहों की जरूरत थी, न उंगलियों के निशान की और न कैमरे की। हमारे लिए सिर्फ DNA-सबूत पर्याप्त था, जिसने साबित किया कि जीसस ने न सिर्फ मिया का रेप किया था, बल्कि उनकी हत्या भी की थी। इसके बाद जीसस 2021 तक जेल में रहा, जहां उसकी मौत हो गई।
हाल ही में दक्षिण अफ्रीका ने जी20 समिट की मेजबनी की है, लेकिन इसमें डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं हुए. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने वजह बताई है.
अमेरिका के साथ 7,995 करोड़ रुपए का समझौता, नौसेना के हेलीकॉप्टर को मिलेगी शक्ति
भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ है। 7,995 करोड़ रुपए का यह रक्षा समझौता भारतीय नौसेना के एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए है
अमेरिका ने रूस के साथ पीस प्लान किया शेयर, क्रेमलिन ने की पुष्टि
क्रेमलिन ने पुष्टि की कि अमेरिका ने हाल ही में जिनेवा में हुए अमेरिका-यूक्रेन वार्ताओं के बाद रूस को शांति योजना के महत्वपूर्ण विवरण सौंपे हैं
बायजू रवींद्रन नए सबूतों के साथ अमेरिकी कोर्ट को देंगे चुनौती! जानिए क्या है प्लान?
कोर्ट ने कहा था कि उन्होंने $533 मिलियन का पता लगाने की कोशिशों में रुकावट डाली, जिसके बारे में एडटेक के लेंडर्स का आरोप है कि उन्होंने इसे एक अमेरिकन सब्सिडियरी से डायवर्ट किया था.
सोने की ताकत किसी से छिपी नहीं है. कहते हैं कि जिस देश के पास जितना सोना, वो देश उतना ही ताकतवर. अमेरिका को ही देख लें, उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व हैं. आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के पास लगभग 261.5 मिलियन औंस सोना है, जिसकी कीमत करीब 100 अरब डॉलर से ज्यादा है.
Green Card:अमेरिका में वॉशिंगटन डीसी में हुई फायरिंग की घटना के बाद हड़कंप मच गया है. इस घटना में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड की सदस्य सारा बेकस्ट्रोम की मौत हो गई. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान समेत कई देशों के ग्रीन कार्ड होल्डर्स की कड़ी जांच का आदेश दिया है.
हाल ही में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद अमेरिका दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की। ट्रंप से मुलाकात के पहले क्राउन प्रिंस को ईरान की एक चिट्ठी मिली थी। इस चिट्ठी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस चिट्ठी में अमेरिका के लिए एक मैसेज था। हालांकि, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने इन सभी दावों को मनगढ़ंत बताया है
US Migration Restrictions : अमेरिका में हिंसा के बाद ट्रंप भड़के; इमिग्रेशन पर सख्ती के संकेत!
US Migration Restrictions : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया देशों से अमेरिका आने वाले प्रवास को स्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि इस कदम से अमेरिकी सिस्टम को पूरी तरह से रीसेट किया जाएगा और गैर-योग्य विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जाएगा।
Iran Khamenei reject rumors For Saudi-mediated US:सऊदी क्राउन प्रिंस के अमेरिका दौरे से पहले ईरान ने उन्हें चिट्ठी दी थी.कुछ मीडिया ने दावा किया कि ये चिट्ठी अमेरिका के लिए मैसेज थी. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने इन खबरों को लेकर सफाई दी है.
अमेरिका में हमले के बाद एक्शन में ट्रंप, 19 देशों से आने वाले लोगों के ग्रीन कार्ड पर संकट
Donald Trump news in hindi : वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड पर हुए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक्शन में नजर आ रहे है। उन्होंने 19 देशों से आने वाले सभी लोगों के ग्रीन कार्ड की दोबारा गहन जांच का एलान किया है।
नेशनल गार्ड पर अफगानी युवक के हमले के बाद ट्रंप सरकार का बहुत एक्शन सामने आया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज से सभी इमिग्रेशन को हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया. आइए जानते हैं क्या हैथर्ड वर्ल्ड कंट्री. इसमें कौन-कौन हैं देश शामिल.
अमेरिका के अलास्का में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.0, जानिए कितना हुआ नुकसान
Earthquake in Anchorage: अमेरिका का अलास्का राज्य एक बार फिर भूकंप के तेज झटके से दहल गया है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.
'यूक्रेन से जंग तभी खत्म होगी...', अमेरिका के पीस प्लान पर ये क्या बोले पुतिन?
रूस और यूक्रेन के बीच काफी वक्त से जंग जारी है. जिसको खत्म करने के लिए अमेरिका ने प्रपोजल भी दिया है. आइए जानते हैं इसको लेकर व्लादिमीर पुतिन का क्या कहना है.
अमेरिका के 26/11 अटैक का DNA टेस्ट, मुंबई आतंकी हमले की दिलाई याद
26 नवंबर 2025 को अमेरिका पर एक आतंकी हमला हो गया. दरअसल वॉशिंगटन डीसी में स्थित अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस के करीब गनमैन ने फायरिंग कर दी.
लुधियाना जिले के हलवारा इलाके में नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बोपाराय कलां निवासी गगनदीप सिंह उर्फ गगन के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गगन के दो दोस्तों ने उसे नशे का इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। गगन के भाई जसदीप सिंह जस्सा और स्थानीय कारोबारी गैरी सहौली ने कहा कि जब तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अमेरिका में रहते हैं मृतक के माता-पिता मृतक युवक गगनदीप सिंह उर्फ गगन के माता-पिता अमेरिका में रहते हैं। उन्हें मामले की जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद वह भारत लौट रहे हैं। गगन का शव फिलहाल बोपाराय कलां के मुर्दाघर में रखा गया है। शिकायत के अनुसार, मंगलवार की शाम गगन अपने गांव के दो दोस्तों के साथ बाइक पर गया था। देर शाम दोनों दोस्त उसे घर के मुख्य गेट पर गंभीर हालत में छोड़कर भाग गए। गगन लगातार उल्टियां कर रहा था। गगन ने अपने परिजनों को बताया था कि उसके दोस्तों ने उसे नशे का अधिक मात्रा का इंजेक्शन लगाया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ समय बाद जाना था अमेरिका गगन विवाहित था और कुछ ही समय में अपने माता-पिता के पास अमेरिका जाने वाला था। अमेरिका जाने की प्रक्रिया के कारण दंपती ने शादी के पांच साल बाद भी बच्चा प्लान नहीं किया था। गगन का परिवार खेल प्रोत्साहन, उच्च नस्ल के कुत्तों और ब्रांडेड रेडीमेड कपड़ों के कारोबार के लिए जाना जाता है। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चलेगा मौत का असल कारण- SHO गुरदीप सिंह थाना सुधार के SHO गुरदीप सिंह ने बताया कि मृतक को उल्टियां आने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। मृतक के भाई ने पुलिस को दो लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
Afghanistan Toyota Demand: अफगान तालिबान अमेरिकी रेंजर गाड़ियों को हटाकर नई गाड़ियां खरीदना चाहते हैं. उन्होंने इसके लिए जापानी कंपनी टोयोटा से संपर्क किया है. हालांकि कंपनी ने उन्हें गाड़ियां देने से इनकार कर दिया है. तालिबान के टोयोटा पसंद करने के कई कारण हैं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
उज्जैन की बेटी आयशा सना कुरैशी ने पोलैंड में मिस इंडिया पोलैंड-2025 का खिताब जीतकर मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। आयशा बीते कई वर्षों से पोलैंड में एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। जीत के बाद पूरे उज्जैन में खुशी की लहर है। प्रतियोगिता 23 नवंबर को पोलैंड में आयोजित हुई, जिसमें आयशा ने शानदार प्रदर्शन किया। मंच पर उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक्ट, रेम्प वॉक और सभी श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। अब आयशा न्यूयॉर्क (USA) में होने वाली मिस इंडिया वर्ल्डवाइड-2026 प्रतियोगिता में पोलैंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। उज्जैन से पोलैंड तक का सफर आयशा सना कुरैशी उज्जैन के आदर्श नगर नागझिरी की रहने वाली हैं। यहां के सेंट पॉल स्कूल से सेकंडरी तक शिक्षा प्राप्त की है। एमआईटी कॉलेज से इंजीनियरिंग करने के बाद आयशा का 2015 में अमेरिका की आईटी कंपनी में चयन हुआ था। उन्होंने 2019 में पोलैंड ज्वॉइन किया, वर्तमान में बड़ी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पिता बोले-बेटी ने उज्जैन और देश का नाम रोशन किया आयशा के पिता मुक्तदिर खालिद कुरैशी और मां जरका ने कहा — आयशा शुरू से पढ़ाई में अच्छी थी। एक्टिंग और मॉडलिंग का भी शौक था। हमने कभी रोका नहीं। बचपन से ही उसे मिस इंडिया बनने का सपना था और आज उसने पोलैंड के मंच पर भारत का नाम चमकाया है।
ये दो बड़े 'मुर्गे' कटने वाले थे, अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति ने कैसे बचा लिया? फिर होटल में ठहराया गया
टर्की पक्षी या दो बड़े मुर्गे कह लीजिए. अमेरिका में इन्हें माफी दे दी गई. वजह भी दिलचस्प है. माफी देते समय ट्रंप की घोषणा पर जैसे इस मुर्गे ने जवाब दिया वो देखकर हंसी छूट जाएगी. समझिए पूरा मामला.
अमेरिका से भाई के दोस्त ने मांगी 10 लाख की रंगदारी
भास्कर न्यूज | जींद अमेरिका में रह रहे सफाखेड़ी निवासी हरिज्ञान के भाई हरिओम से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। रंगदारी मांगने के आरोप भाई के ही दोस्त दीपक अरड़ाना पर लगे हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद उचाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सफा खेड़ी निवासी हरिओम ने बताया कि फिलहाल वह उचाना मंडी में रहता है। पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई हरिज्ञान वर्ष 2022 में अमेरिका चला गया था। वहां पर उसका साथी दीपक निवासी अरडाना भी कुछ समय साथ रहा, बाद में दोनों अलग हो गए। हरिओम के अनुसार दीपक को पूरे परिवार की जानकारी थी। हरिओम के मोबाइल पर 19 नवंबर 2025 को वॉट्सएप कॉल आई। कॉल अमेरिकी नंबर से थी, जिसमें फोन करने वाले ने 10 लाख रुपए की मांग की और पैसे नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी है। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी जानकारी अमेरिका में रह रहे भाई को दी। हरिज्ञान ने नंबर जांचने के बाद बताया कि यह कॉल उसके पुराने साथी दीपक से जुड़ा हुआ है। एएसआई विनय कुमार ने बताया कि उचाना पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ धारा 308(2) व 351(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी दीपक के पिता ने माना नंबर उनके बेटे का है हरिओम ने बताया कि जब वह इसका कारण जानने अरडाना गांव गया तो दीपक के पिता संजय ने माना कि नंबर उनके बेटे का है। उसने बेटे से बात कर भविष्य में कॉल न करने की बात कही। लेकिन अगले ही दिन 20 नवंबर को हरिओम के वॉट्सएप पर एक अन्य विदेशी नंबर से फिर मैसेज आया, जिसमें फिर 10 लाख रुपए की मांग की और कहा कि नहीं दिए तो उसको पता है कि उसके बच्चे कहां पर पढ़ते हैं। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान हरिओम ने पुलिस में शिकायत दी।
अमेरिका के रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर कम्पैशनेट इकोनॉमिक्स (RICI) के शोधकर्ता नाथन फ्रांज की नई स्टडी सामने आई है। इसमें खुलासा हुआ है कि भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्रामीण इलाकों में निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों की मौत का खतरा सरकारी अस्पतालों की तुलना में 60% अधिक है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 और नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के 77 हजार डिलिवरी केसेस का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि निजी अस्पतालों में नवजात मृत्यु दर प्रति 1000 में से 51 है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह सिर्फ आंकड़ा प्रति 1000 पर 32 का है। निजी अस्पताल चुनने वाली माताएं अधिक संपन्न, शिक्षित और बेहतर पोषण वाली होती हैं। इसके बावजूद उनके बच्चों का जोखिम अधिक है। इसका मूल कारण है निजी अस्पतालों का अधिक कमाई के उद्देश्य से किए जाने वाले अनावश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप। बिहार: प्राइवेट अस्पताल में 8% प्रसव बढ़ने पर मौत में प्रति एक हजार पर 11 का इजाफा UP: जिन गांवों में प्राइवेट अस्पताल में प्रसव ज्यादा होते हैं वहां मौतें भी ज्यादा सुझाव: अस्पताल बदलने से ही 1.1 लाख नवजातों की जान बच सकती हैग्रामीण भारत में निजी अस्पतालों में प्रसव नवजातों के लिए खतरनाक है क्योंकि वे माताओं का स्वास्थ्य नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों के ज्यादा सेवाएं ज्यादा कमाई मॉडल पर आधारित है। तमाम कमियों के बावजूद सार्वजनिक अस्पताल में प्रसव को अधिक प्राकृतिक और सुरक्षित रखा जाता है। न बच्चे को तुरंत अलग किया जाता है और न ही अनावश्यक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर निजी अस्पताल सरकारी अस्पतालों की तरह काम करने लगें, तो यूपी-बिहार में हर साल 37,000 से ज्यादा नवजातों की जान बच सकती है। सिर्फ अस्पताल बदल देने से यूपी-बिहार में हर साल 1.1 लाख से ज्यादा नवजातों की जान बच सकती है। सबसे आसान सुधार यह है- निजी अस्पतालों में अनावश्यक हस्तक्षेप रोकें और कमाई मॉडल खत्म करें।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ से संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए विकास कुमार निमार को गिरफ्तार किया है। विकास कुमार की तलाश काफी दिनों से सीबीआई को थी। सीबीआई ने छापा मारकर उसके लखनऊ स्थित आवास से 14 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और कई आपराधिक दस्तावेज बरामद किए हैं। तलाशी के दौरान सीबीआई ने लखनऊ में संचालित अवैध कॉल सेंटर का पता लगाया, जो अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था। इस कॉल सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया और वहां से 52 लैपटॉप बरामद किए गए, जिनमें अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत मौजूद हैं।चार राज्यों में पहले भी हो चुकी है छापेमारीसीबीआई ने 24 सितंबर 2024 को मामला दर्ज किया था। इसके बाद सितंबर 2024 में ही सीबीआई ने पुणे, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में छापेमारी कर चार अवैध कॉल सेंटरों को ध्वस्त किया था। इनमें से पुणे और विशाखापत्तनम स्थित कॉल सेंटर ‘वीसी इन्फॉर्मेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से चल रहे थे, जिनकी स्थापना और संचालन में विकास कुमार निमार की मुख्य भूमिका थी। केस दर्ज होने के बाद से ही वह फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए सीबीआई ने पुणे के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट से वारंट लिया था। सीबीआई को इनपुट मिला कि निमार लखनऊ में रह रहा है, सीबीआई की दिल्ली टीम ने 20 नवंबर को छापा मार कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को सीबीआई ने इसका खुलासा किया है।
रा.वन, मुल्क, आर्टिकल-15 और थप्पड़ जैसी दर्जनों फिल्मों के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा इन दिनों एक खास यात्रा पर निकल पड़े हैं। उन्होंने इस सफर का नाम दिया है “चल पिक्चर चलें”। अपनी इस यात्रा में अनुभव अलग-अलग शहरों और कस्बों में जाकर लोगों से फिल्मों को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इस सफर के दौरान रायपुर पहुंचे अनुभव सिन्हा ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने, जेंडर डिस्पैरिटी, नेपोटिज्म, छोटे-बड़े शहरों की सोच में फर्क और अपनी यात्रा को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्में समाज का आइना तो बनती हैं, पर बदलाव के लिए लंबे समय तक गंभीर चर्चा और विमर्श की जरूरत होती है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल- यात्रा इंसान को बहुत कुछ सिखाती है। 14 शहरों की यात्रा में आपका अब तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब – इस यात्रा में बहुत कुछ हो रहा है। मैं नए लोगों से मिल रहा हूं, नए शहरों में जा रहा हूं। एक अजीब-सी समानता है और एक अलग-सी डाइवर्सिटी भी। मुझे कुल 40 शहरों में जाना है। जब यह पूरा कर लूंगा, उसके बाद आप भी देखेंगे और मैं भी समझूंगा कि मेरे सिनेमा में क्या बदलाव आया है। सवाल- जब लोगों से मुलाकात होती है, वह अनुभव कैसा होता है? जवाब – हिंदुस्तान में मेहमान का स्वागत करने का तरीका हर प्रदेश में एक जैसा है। अतिथि को देखते ही लोग अच्छे से स्वागत करते हैं। खिलाने से लेकर हर चीज में बहुत अपनापन है। हालांकि, अलग-अलग शहरों की जियो-पॉलिटिकल सिचुएशन अलग है, लेकिन कई चीजें एक जैसी ही हैं। यही वजह है कि इतनी डाइवर्सिटी होने के बावजूद इतना बड़ा देश एक बना हुआ है। सवाल -आपने ‘आर्टिकल 15’ में समाज में मौजूद भेदभाव दिखाया, लेकिन लोग सिनेमा हॉल से निकलते ही सब भूल जाते हैं और जातिवाद जैसी चीजें वैसी ही बनी रहती हैं? जवाब – सिर्फ एक फिल्म देखकर लोग नहीं बदल सकते। मैंने ‘थप्पड़’ बनाई है, जिसमें जेंडर डिस्पैरिटी दिखाई गई, लेकिन क्या मेरे अंदर यह खत्म हो गई? मैं खुद भी इन चीजों से जूझता हूं। यह ऐसे विषय हैं जिन पर लंबे समय तक बात करने की जरूरत है। सिर्फ सिनेमा ही नहीं, संगीत, साहित्य और हर कला में इन बातों पर चर्चा होनी चाहिए। हमारे समाज में कई मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर गंभीर और लंबी चर्चा जरूरी है। सवाल- आपकी यात्रा में छोटे शहर और बड़े शहर के लोगों में क्या अंतर दिखा? जवाब – छोटे शहर के लोग कई चीजों में ज्यादा अवेयर है। साहित्य, राजनीति, इतिहास, भूगोल… हर विषय पर बात करते हैं। हम बड़े शहरों में इतने उलझे रहते हैं कि इतिहास, भूगोल और फूड पर बात करना भी मुश्किल हो जाता है। मेरे घर से दफ्तर तक पहुंचने में 11 मिनट लगते थे, अब 3 साल में बढ़कर 27 मिनट हो गए हैं। जिंदगी इतनी व्यस्त हो गई है कि हम इन बातों पर चर्चा ही नहीं कर पाते। सवाल- क्या बॉलीवुड में जेंडर डिस्पैरिटी है? जवाब – यह पूरी दुनिया जेंडर डिस्पैरिटी से भरी है हमारा देश और समाज भी। लेकिन लोग इसे सिर्फ बॉलीवुड में क्यों देखते हैं? बॉलीवुड में हमेशा महिलाओं ने अपनी आवाज उठाई है। अगर आपको लगता है कि भारत पीछे है, तो पहले अमेरिका में किसी महिला को राष्ट्रपति बनाकर दिखा दीजिए। वहां भी इसे होने में कई साल लग जाएंगे। सवाल- आपकी फिल्मों में असहज सच दिखता है। क्या इस तरह की फिल्म बनाने का कोई दबाव रहता है? जवाब – मैं फिल्मों को इस सोच से नहीं चुनता कि यह असहज सच है इसलिए इसे बनाना चाहिए। जिन बातों से मैं खुद असहज होता हूं, जिनका कारण मैं समझ नहीं पाता। वही विषय मुझे ज्यादा आकर्षित करते हैं। जैसे लोग कह रहे हैं कि छोटे शहरों में लोग फिल्में नहीं देख रहे। तो इसे समझने के लिए मुझे यात्रा करनी पड़ेगी, 40 शहरों में जाना पड़ेगा। उसी समझ की तलाश में मैं इस यात्रा पर निकला हूं। कहानियों की ओर भी मैं ऐसे ही आकर्षित होता हूं। सवाल- AI सिनेमा के लिए कोई चुनौती नहीं है? जवाब – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिनेमा के लिए कोई चुनौती नहीं है। यह सिर्फ ट्रेडिंग क्वेश्चंस हैं। AI ने सिनेमा के लिए आज तक क्या किया है, यह बताइए… फिर मैं बताऊंगा कि यह चुनौती है या नहीं। सवाल- नेपोटिज्म को लेकर आपका क्या कहना है? जवाब – नेपोटिज्म का मतलब है रिश्ते के कारण कोई अनडिजर्विंग फायदा लेना। लोग इसे सिर्फ बॉलीवुड में देखते हैं, लेकिन आज कौन-सा क्षेत्र इससे अछूता है? ऑयल इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक हर फील्ड में यह मौजूद है। सवाल- नए फिल्ममेकर्स को आप क्या मैसेज देना चाहेंगे? जवाब – बस काम करते रहिए, फिल्में बनाते रहिए। इस काम का कोई हाईवे नहीं है। आदमी पगडंडियों से ही पहुंचता है और अपनी पगडंडियां खुद बनानी चाहिए। मैंने जब तय किया कि मुझे फिल्में बनानी हैं, तो मैंने बोरिया-बिस्तर उठाया और मुंबई चला गया। तब से लेकर आज तक मैं जूझ ही रहा हूं और तैरना सीख रहा हूं।
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
अमेरिका द्वारा बाहर की गई प्रतिभाओं को आकर्षित करने में लगा है चीन
भारत में उच्च विज्ञान संस्थानों की एक श्रृंखला मौजूद है। भारत के पास वर्तमान में उच्च विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तपोषित करने हेतु पर्याप्त धन है
सच साबित हो रहा है पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का अमेरिकी दबाव का आरोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती हसीना (शेख) वाजेद द्वारा अपने देशवासियों को दी गई गंभीर चेतावनी पर बहुत कम लोगों ने विश्वास किया।
अमेरिका की तरफ झुकाव से भारत को नुकसान
यह कहना-सुनना असामान्य नहीं है विदेश नीति नैतिक सिद्धांतों के बारे में नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों के बारे में होती है
सतही बयानबाज़ी, गहराई में साझेदारी: भारत-अमेरिका रिश्तों का नया संतुलन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की कुछ नीतिगत पसंदों पर असहमति जताते हुए हाल में भारत को लेकर तीखे बयान दिए—यहां तक कि कहा कि 'अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथ खो दिया है
एससीओ सम्मेलन:चीन ने अमेरिका को दिखाई ताकत
चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 25वें शिखर सम्मेलन के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित 20 से अधिक विश्व नेताओं को आमंत्रित कर बंदरगाह शहर तियानजिन में शानदार प्रदर्शन किया
'भारत-अमेरिका कृषि व्यापार : अवसर, जोखिम और संतुलन की चुनौती
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार व्यापक होने की संभावनाओं के बीच कृषि क्षेत्र इस साझेदारी का सबसे संवेदनशील और विवादास्पद हिस्सा बना हुआ है
ट्रम्प का अमेरिका भरोसेमंद नहीं, शी जिनपिंग का चीन हो सकता है और भी बुरा
अमेरिका के साथ भारत के मौजूदा व्यापार शुल्क विवाद के बावजूद, भारत को चीन से आयात को और बढ़ाने में सावधानी बरतनी चाहिए
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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