डिजिटल समाचार स्रोत

...

जहानाबाद में भाकपा माले का युद्ध विरोधी मार्च:अमेरिका के युद्ध और बढ़ती महंगाई पर जताया विरोध

जहानाबाद में भाकपा माले (CPI-ML) ने सोमवार को युद्ध के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर काकै मोड़ तक गया, जहां इसे एक सभा में बदल दिया गया। इस विरोध मार्च में पार्टी के कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान पार्टी के सदस्य रामाधार शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए अमेरिका द्वारा पेट्रोलियम संसाधनों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे युद्ध को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को कई देशों का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे वैश्विक स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है। ''युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा'' रामाधार शर्मा ने कहा कि युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडर के दाम में भी लगभग 60 रुपये प्रति टंकी की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना था कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रही तो पेट्रोल, डीजल सहित कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के खिलाफ कुछ भी बोलते नहीं दिख रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि उनका मौन समर्थन भी इस युद्ध के साथ है। ''अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा'' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा है, जैसे कि सैनिक अभ्यास से लौट रही टुकड़ी पर हमला, जिसमें कई सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सभी देश मिलकर अमेरिका को इस युद्ध के खिलाफ एकजुट करें और युद्ध को बंद कराया जाए। विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 9:14 pm

ईरान युद्ध की भारी कीमत : भारत के सालाना स्पेस बजट से भी ज्यादा अमेरिका का 1 दिन का खर्च, आंकड़े डराने वाले हैं

ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध में अमेरिका पानी की तरह पैसा बहा रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इस संघर्ष में हर दिन लगभग 891 मिलियन डॉलर (करीब 7,500 करोड़ रुपए) खर्च कर रहा है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल ...

वेब दुनिया 9 Mar 2026 6:48 pm

अखिलेश यादव ने कहा-अमेरिका भारत को डिक्टेट कर रहा:लखनऊ में इफ्तार पार्टी में खजूर खाया, सेल्फी ले रहे लोगों से बोले-फोटो अच्छी आई

लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को अपने विधायक शाहिद मंजूर की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। इफ्तारी कर रहे लोगों के साथ बैठकर खजूर खाए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों में अखिलेश के साथ सेल्फी खिंचवाने की होड़ लग गई। अखिलेश ने सेल्फी खींच रहे एक व्यक्ति से पूछा- फोटो अच्छी आ रही है? साथ ही कहा- अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में, अमेरिका भारत को डिक्टेट कर रहा है। इससे पहले विधायक शाहिद मंजूर ने गुलदस्ता देकर और शॉल पहनाकर अखिलेश यादव का स्वागत किया। अखिलेश के साथ इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी (मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे) भी शामिल हुए। अखिलेश ने कहा- समाजवादी पार्टी के नेता शाहिद मंजूर को होली मिलन और रोजा इफ्तार की दावत देने के लिए बधाई देता हूं। यही हमारी पहचान है। यही हमारी संस्कृति है। यही हमारी परंपरा रही है। हम लोग मिलजुल कर त्योहारों को मानते हैं। त्योहार हमें एक दूसरे की खुशियां बांटने का मौका देते हैं। 4 तस्वीरें देखिए… अखिलेश यादव की 6 बड़ी बातें… 1. भारतीयों को सुरक्षित देश में वापस लाएं: मिडिल ईस्ट-इजराइल में जो भारतीय हैं। वह सुरक्षित अपने घर पहुंचे। युद्ध ना हो और युद्ध के पक्ष में कोई नहीं है। इसके साथ ही सभी भारतीय लोगों सुरक्षित देश लेकर आया जाए। 2. अमेरिका हमें डिक्टेट कर रहा है: अभी सबसे बड़ा सवाल युद्ध का है। अमेरिका हमें डिक्टेट कर रहा है। वह हमारी विदेश नीति तय कर रहा है। कोई भी देश हमारी विदेश नीति को तय नहीं कर सकता। सरकार अपने फैसले खुद ले। 3. युद्ध को हम कितने समय तक देखेंगे: युद्ध के पक्ष में समाजवादी लोग नहीं है। हमारे मजदूर भाई बड़ी संख्या में विदेशों में काम करते हैं। लगभग एक करोड़ लोग हैं जो मिडिल ईस्ट में रहते हैं। बड़ी संख्या में अमेरिका में लोग रहते हैं। युद्ध ना हो इसके लिए रास्ता निकालना चाहिए। हमने देखा कि पीएम के साथ जो पत्रकार गए थे। वह पॉलिटिकल पत्रकार थे। मगर वहां फंस गए। वार जर्नलिस्ट बन गए। 4. हमारे नगर अध्यक्ष से हमारा वोट कटवा दिया: चीफ इलेक्शन कमीशन पे सिर्फ ममता बनर्जी ने जो आरोप लगाया है। वही नहीं है। बल्कि उत्तर प्रदेश में भी उनके ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं। हमने भी उनके ऊपर आरोप लगाया है। हमारे नगर अध्यक्ष से हमारा वोट कटवा दिया। 5. SIR के बहाने NCR लागू कर दिया जाए: इलेक्शन कमीशन की जिम्मेदारी बनती है कि किसी का वोट ना काटे। भाजपा की यह सूची समझी रणनीति थी कि एसआईआर के बहाने एनआरसी लागू कर दिया जाए। एसआईआर लागू करते-करते हिंदू भाइयों के भी कागज ढूंढने लगे। आज एक करोड़ संख्या है हिंदू भाइयों की जो अपने कागज ढूंढ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी किसी की सगी नहीं है। 6. भाजपा न्याय देने में भेदभाव करती है: गोरखपुर में अपहरण होते-होते बच गया। प्रयागराज में बच्चे का अपहरण हुआ। बाद में वह सकुशल वापस आया। यहां एक बच्चे की हत्या हुई। भाजपा न्याय देने में भेदभाव करती है। ........................... ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में कुल्हाड़ी से पत्नी को काट डाला : चेहरे-गले पर किए ताबड़तोड़ वार, शव चारपाई पर ढककर भागा निगोहां थाना क्षेत्र के शेखन खेड़ा गांव में रविवार देर रात घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक मजदूर ने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। (पूरी खबर पढ़िए)

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 6:09 pm

5th Fleet पर ईरान के हमले में 21 US सैनिकों की मौत, कितना ताकतवर है अमेरिका का पांचवां बेड़ा

Iran Bahrain Attack: मध्य पूर्व (Middle East) से एक दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान ने बहरीन के मनामा में जुफेयर डिस्ट्रिक्ट स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भीषण मिसाइल हमला किया है, जिसमें 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर है। इस हमले के बाद ...

वेब दुनिया 9 Mar 2026 3:12 pm

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भारतीय टीम को टी20 विश्व कप जीतने पर दी बधाई

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी है। सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, टी20 क्रिकेट विश्व कप में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई। अमेरिकी राजदूत विश्व कप में भारत और अमेरिका के बीच खेले गए मैच को देखने के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे थे। इस दौरान वह आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह से भी मिले थे। शाह और सर्जियो ने एक-दूसरे से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। भारत के खिलाफ अमेरिका का प्रदर्शन अच्छा रहा था। अमेरिका ने टीम इंडिया के 77 रनों पर 6 विकेट गिरा दिए थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे और यूएसए को 132 रन पर रोककर 29 रन से मैच जीता था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फाइनल मुकाबले की बात करें तो न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। संजू सैमसन के 89 रन, अभिषेक शर्मा के 52 रन, ईशान किशन के 54 रन और शिवम दुबे के नाबाद 26 रन की मदद से भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 255 रन बनाए थे। भारत के खिलाफ अमेरिका का प्रदर्शन अच्छा रहा था। अमेरिका ने टीम इंडिया के 77 रनों पर 6 विकेट गिरा दिए थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे और यूएसए को 132 रन पर रोककर 29 रन से मैच जीता था। Also Read: LIVE Cricket Score संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 9 Mar 2026 2:40 pm

ईरान ने चीन से खरीदे रबर के टैंक और विमान... अमेरिका के करोड़ों की मिसाइले बर्बाद करने का बजट फ्रेंडली तरीका

ईरान के नकली सैन्य उपकरणों ने अमेरिकी सेना के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। रबर के टैंकों और पेंट की गई विमान आकृतियों के जरिए ईरान ने करोड़ों की मिसाइलों को बेकार कर 'मिलिट्री डेकॉय' तकनीक का सफल प्रदर्शन किया। जानिए कैसे इन्फ्लेटेबल हथियारों और रणनीतिक छलावे से ईरान अपनी असली सैन्य शक्ति को दुश्मनों के हमलों से बचा रहा है।

प्रातःकाल 9 Mar 2026 1:35 pm

LIVE: यूएई अमेरिकी सैनिक की मौत, बहरीन में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम खराब

Latest News Today Live Updates in Hindi : मोजतबा खामेनेई के ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद तेज हुआ अमेरिका इजराइल और ईरान युद्ध। दोनों ओर से तेज हुए हमले। यूएई में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इस बीच बहरीन में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम में ...

वेब दुनिया 9 Mar 2026 10:47 am

डिंपल ने पूछा- ईरान-अमेरिका जंग में भारत कहां खड़ा?:अखिलेश बोले- सरकार ने विदेश नीति गिरवी रखी; BJP का जवाब- जो बोलना है, बोलते रहिए

संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग को लेकर सपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने हंगामा किया। जमकर नारेबाजी की। दरअसल, कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को साइन किया नोटिस सौंपा था। आरोप लगाया था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दे रहे हैं। इस पर संसद भवन परिसर में मीडिया से बता करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- अभी फ्लोर लीडर्स की बैठक होगी, जिसके बाद तय होगा कि आगे कैसे बढ़ें। उन्होंने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा- हमारी विदेश नीति को भाजपा सरकार ने गिरवी रख दिया है। महंगाई बढ़ती जा रही है। हमारे जो लोग विदेश में फंसे हुए हैं उनके लिए भारत सरकार क्या कर रही है? सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा- लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव तो आ रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच जो जंग छिड़ी है, उसमें भारत कहां खड़ा है, हमारी नीति क्या कहती है, हमारा विदेश मंत्रालय क्या कह रहा है। जिस तरह से वह अभी भी अमेरिका के दबाव में काम कर रहा है, ऐसे कई जरूरी मुद्दे इस सेशन में उठेंगे। वहीं, भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा- इस बार हमें उम्मीद थी कि कुछ अच्छा होगा। विपक्ष प्रस्ताव तो लेकर आया है, अब देखते हैं क्या होता है। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा- हमारा विश्वास, हमारी पार्टी का विश्वास, हमारे लोकसभा अध्यक्ष में है। विपक्ष को जो बोलना है, बोलता रहे। संसद में यूपी के सांसदों की पल-पल एक्टिविटी के अपडेट्स जानने के लिए स्क्रोल करिए-

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 10:33 am

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एच-1बी से जुड़ी घोषणा के खिलाफ एक एक डेमोक्रेटिक सांसद ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विधेयक पेश किया है

देशबन्धु 9 Mar 2026 9:29 am

मोजतबा बने ईरान के सुप्रीम लीडर, अमेरिका नाराज, इजराइल ने फिर धमकाया

ईरान ने सोमवार को सुप्रीम लीडर के पद पर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा के नाम का एलान कर दिया। मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने पर अमेरिका और इजराइल ने कड़ी नाराजगी जताई। ईजराइल से उन्हें जान से मारने की धमकी मिली हैं।

वेब दुनिया 9 Mar 2026 9:12 am

ईरान से संघर्ष के बीच अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरू मध्य की सुरक्षा का लिया संकल्प

संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के मुक्त प्रवाह को बनाए रखेगा क्योंकि ईरान के साथ संघर्ष तेज होता जा रहा है

देशबन्धु 9 Mar 2026 8:51 am

पश्चिम एशिया में युद्ध का नया मोड़, ईरान के भीषण हमले में अमेरिकी 'थाड' रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान

रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि जॉर्डन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित कुछ महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भी प्रभावित किया है।

देशबन्धु 9 Mar 2026 8:30 am

स्कूल स्ट्राइक का संबंध ईरान में आईआरजीसी ठिकाने पर हुए अमेरिकी हमले से, मीडिया ने नए वीडियो में किया दावा

ईरान के मिनाब शहर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है

देशबन्धु 9 Mar 2026 8:08 am

वैश्विक तेल बाजार स्थिर करने के लिए भारत से की तेल खरीद की बात: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने रविवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए भारत से उन रूसी तेल कार्गो को खरीदने को कहा, जो अभी चीन के रिफ़ाइनरियों पर अनलोड होने के लिए इंतजार कर रहे थे।

देशबन्धु 9 Mar 2026 8:06 am

अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला हमारा आत्मरक्षा का अधिकार: अराघची

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा के अधिकार का हिस्सा है

देशबन्धु 8 Mar 2026 10:15 pm

'ट्रंप को कीमत चुकानी पड़ेगी', ईरान के शीर्ष अधिकारी लारीजानी की अमेरिका को खुली चेतावनी

लारीजानी, जो ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी माने जाते हैं, ने कहा कि ईरान पर हुए हमलों को भुलाया नहीं जाएगा और देश अपनी रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, “हम अपने नेता और अपने लोगों के खून का बदला जरूर लेंगे। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

देशबन्धु 8 Mar 2026 4:26 pm

ईरान के परमाणु भंडार पर कब्जे की तैयारी?: अमेरिका-इस्राइल उतार सकता है विशेष बल, रिपोर्ट में दावा

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के परमाणु भंडार को सुरक्षित करने का यह संभावित मिशन मौजूदा युद्ध के अगले चरण में किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि अभी यह केवल एक रणनीतिक विकल्प के रूप में विचाराधीन है और इसे तभी लागू किया जाएगा जब युद्ध की परिस्थितियां उस दिशा में आगे बढ़ेंगी।

देशबन्धु 8 Mar 2026 2:26 pm

8 मार्च आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अमेरिका के संवेदनशील महिलाओं और पुरुषों के लिए मुक्त चिंतन.

20 वी सदी के शुरुआती दौर में अमेरिका की कामकाजी महिलाओं के अधिकारों और समान वेतन और मताधिकारो के लिए अमेरिकन महिलाओं के द्वारा किया गया आंदोलनो से जुडा इतिहास है. इसकी शुरुआत 1908 मे अमेरिकन आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर शहर न्यूयॉर्क से हुई है. जिसे 1911 मे आंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली […]

चौथी दुनिया 8 Mar 2026 12:49 pm

ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और ठिकानों की रूस दे रहा खुफिया जानकारी?: पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच बड़ा दावा

अमेरिकी खुफिया जानकारी से परिचित अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा साझा की गई जानकारी से ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों, सैन्य विमानों और अन्य रक्षा संसाधनों की गतिविधियों के बारे में अहम संकेत मिल सकते हैं।

देशबन्धु 8 Mar 2026 11:48 am

अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के असर से पेट्रोल-डीजल मांग बढ़ी:रायसेन में किसान और नागरिक स्टॉक कर रहे; प्रशासन ने कहा- अफवाहों से बचें

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण रायसेन जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत अचानक बढ़ गई है। युद्ध लंबा खिंचने की आशंका से लोग और किसान पेट्रोलियम पदार्थों का स्टॉक कर रहे हैं। जिले में प्रतिदिन 2 से 3 लाख लीटर की सामान्य खपत अब बढ़कर 4 से 5 लाख लीटर तक पहुंच गई है। किसान अपनी फसल कटाई के लिए डीजल की कमी से बचने के लिए ड्रमों में भरकर ले जा रहे हैं, जबकि आम नागरिक अपने वाहनों की टंकी फुल करवा रहे हैं। जिले में कुल 64 पेट्रोल पंप हैं, जहां वर्तमान में पेट्रोल 107.06 रुपए और डीजल 92.39 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इसी बीच, गैस सिलेंडर के दामों में भी 60 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसकी मांग में भी इजाफा देखा गया है। प्रशासन ने कहा- पर्याप्त स्टॉक उपलब्धजिला प्रशासन ने आम जनता से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऑयल कंपनियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीजल, पेट्रोल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इनकी नियमित आपूर्ति जारी है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि किसी भी तरह की कमी या आपात स्थिति नहीं है। अतः डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी उपयोगकर्ता ग्राहकों से अपील की जाती है कि अनावश्यक डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी का स्टॉक न रखे वर्तमान में जरूरत एवं खपत अनुसार ही क्रय करें। जिले में डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की सप्लाई निर्बाध जारी है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 10:45 am

'अमेरिका के दबाव में काम कर रही है भारत सरकार':पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह ने केंद्र सरकार को घेरा, रूस से तेल खरीद पर उठाए सवाल

आरा से पूर्व बीजेपी सांसद राजकुमार सिंह ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा… दुनिया में भारत के स्तर को नरेंद्र मोदी की सरकार ने इतना नीचे गिरा दिया है जितना मैंने अपने 50 साल की सेवा में कभी नहीं देखा। हम रूस से तेल खरीदते रहे हैं क्योंकि रूसी तेल सस्ता है और रूस हमारा मित्र है। रूस-यूक्रेन लड़ाई का बहाना बनाकर अमेरिका ने भारत पर दबाव डाला कि रूस से तेल खरीदना बंद करे और अमेरिका से तेल खरीदे। यूरोप लगातार रूस से तेल और गैस खरीदता रहा है और अमेरिका ने कभी उस पर दबाव नहीं डाला कि वह इसे बंद करे या कम करे। खुद अमेरिका भी रूस से कई तरह का सामान खरीदता रहा है और उसे रोकने की बात नहीं करता है। भारत ने इस पर कोई सवाल नहीं उठाया। यह कमजोरी क्यों? अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ लगा दिया। अंतरराष्ट्रीय प्रथा के अनुसार भारत को भी अमेरिकी सामग्री, जिसमें डिजिटल सामग्री भी शामिल है, पर उतना ही टैरिफ लगाना चाहिए था। लेकिन भारत ने अमेरिका के नाजायज कदम के खिलाफ न कुछ कहा और न ही कोई जवाबी टैरिफ लगाया। इस कमजोरी का क्या कारण है? भारत 140 करोड़ आबादी का एक महान देश है। उसे किससे सामग्री खरीदनी है, इसके लिए किसी से इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है। परंतु खाड़ी युद्ध के बाद भारत को रूस से खरीदे जा रहे तेल की मात्रा बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो वह अमेरिका के पास अनुमति मांगने गया। पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए राजकुमार सिंह ने यह भी कहा कि भारत 140 करोड़ आबादी वाला एक महान देश है। उसे किस देश से सामान खरीदना है, इसके लिए किसी की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेकिन खाड़ी युद्ध के बाद जब भारत ने रूस से तेल खरीदने की मात्रा बढ़ाने की बात की, तो उसे अमेरिका से अनुमति मांगनी पड़ी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या भारत अमेरिका के दबाव में काम कर रहा है। अगर इन आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो देश की गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 8:21 am

एमपी के किसान ड्रम-टंकियों में भरवा रहे डीजल:लाखों रुपए का तेल स्टॉक किया, ईरान-अमेरिका युद्ध से डरे, बोले- गेहूं की फसल का सवाल है

अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि सप्लाई बंद होने वाली है। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। ये कहते हुए नरसिंहपुर के रहने वाले शैलेंद्र गुर्जर ट्रैक्टर में रखी पानी की दो बड़ी टंकियों की तरफ इशारा करते हैं। दरअसल, वो एक पेट्रोल पंप के बाहर खड़े हैं और इन टंकियों में डीजल भरवाने के लिए आए हैं। केवल शैलेंद्र ही नहीं बल्कि उनके गांव के और भी किसान पानी की टंकियां लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे हैं। ये सबकुछ हुआ है सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह की वजह से। अफवाह ये है कि ईरान और इजराइल- अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल की किल्लत हो सकती है। इस अफवाह का असर एमपी के शहरी इलाकों में कम गांवों में ज्यादा दिख रहा है। कुछ जिलों में तो हालात इस कदर बेकाबू हुए कि खाद और राशन की तरह लाइन लगाकर डीजल बांटना पड़ा है। किसानों को डर है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा और सप्लाई बाधित हुई, तो उनकी गेहूं की फसल खेतों में ही बर्बाद हो जाएगी। हालांकि, सरकार और प्रशासन लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और यह संकट वास्तविक नहीं है। दैनिक भास्कर ने पेट्रोल पंपो पर पहुंच कर देखा कि क्या वाकई तेल की किल्लत है? या लोग डर के चलते पेट्रोल डीजल जरूरत से ज्यादा भरवा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में क्या अंतर आया है और आने वाले समय में क्या स्थिति रहने की उम्मीद है? पढ़िए रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार जानिए तीनों जिलों के हाल पिपरिया: किसानों का डर, खेती का काम ठप हो जाएगा नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में भारत पेट्रोल पंप पर किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच-पांच अतिरिक्त टंकियां लेकर पहुंच गए। भीड़ इतनी बढ़ गई कि पेट्रोल पंप संचालकों को व्यवस्था बनाने के लिए लोगों से लाइन लगवानी पड़ी। जैसे कभी खाद या सरकारी राशन की दुकानों पर बोरियां कतार में रखी जाती थीं, ठीक उसी तरह यहां लोगों ने अपनी टंकियां और ड्रम लाइन में लगा दिए। ताकि बारी-बारी से सबको ईंधन मिल सके। कई किसानों ने बताया कि उन्हें डर है कि अगर अचानक सप्लाई बंद हो गई तो खेती-किसानी का सारा काम ठप हो जाएगा। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का यही मुख्य समय है, जिसमें ट्रैक्टर और बाकी मशीनों के लिए डीजल ही एकमात्र सहारा है। इसी डर से वे पहले से ही डीजल का भंडारण कर रहे हैं। किसानों के साथ-साथ आम बाइक सवार भी अपनी टंकियां फुल करवाते नजर आए। सीहोर-इछावर: जहां एक दिन में बिक गया चार गुना ईंधन अफवाह की आग सीहोर और इछावर क्षेत्र में भी तेजी से फैली। यहां के पेट्रोल पंपों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कार और बाइक चालक अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के साथ-साथ अतिरिक्त केन में भी पेट्रोल भरवाते दिखे। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, जिन पंपों पर सामान्य दिनों में अधिकतम 8 से 9 हजार लीटर की खपत होती थी, वहां एक ही दिन में 38 से 39 हजार लीटर तक की बिक्री दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि आसपास के कुछ पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की खबर सोशल मीडिया पर फैल गई, जिसके बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई और वे पंपों की ओर दौड़ पड़े। किसान बोला- एक लाख का डीजल ले रहा हूं, फसल का सवाल है नरसिंहपुर के रहने वाले किसान शैलेंद्र गुर्जर की कहानी इस डर और मजबूरी को और भी साफ करती है। वह अपने ट्रैक्टर में दो बड़ी टंकियां लेकर डीजल भरवाने पहुंचे थे। शैलेंद्र ने बताया कि युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि कहीं सप्लाई बंद न हो जाए। अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, मेरे जैसे कई किसान हैं जो ड्रम और टंकियों में डीजल स्टॉक कर रहे हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।” शहर के लोग बोले- यह घबराहट बेवजह है हालांकि, भोपाल जैसे बड़े शहरों में हालात सामान्य बने हुए हैं। यहां के लोग इसे महज अफवाह मान रहे हैं। भोपाल में पेट्रोल भरवाने पहुंचे धनंजय सिंह ने कहा, 'डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर काफी अफवाहें आ रही हैं कि दाम बढ़ सकते हैं या सप्लाई रुक सकती है। लोग अपने मन से ही अतिरिक्त ईंधन भरवा रहे हैं। मेरे हिसाब से इस तरह से घबराना सही नहीं है। कोई ज्यादा से ज्यादा 10-20 लीटर ही स्टॉक कर सकता है, उसके बाद तो उसे वापस पंप पर आना ही पड़ेगा। प्रशासन बोला- पर्याप्त स्टॉक है, अफवाहों पर ध्यान न दें इन जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाह को देखते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन तुरंत ही हरकत में आए। पिपरिया में एसडीएम का आश्वासन: पिपरिया में स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलते ही एसडीएम आकिब खान ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया कि डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नरसिंहपुर में आपूर्ति विभाग की मुस्तैदी: नरसिंहपुर जिला आपूर्ति अधिकारी देवेंद्र खोबरिया ने भी कहा कि जिले में ईंधन की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने की समीक्षा: मंत्रालय में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। अपर मुख्य सचिव (खाद्य) रश्मि अरुण शमी ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ऑयल कंपनियों ने भी पुष्टि की कि वर्तमान खपत के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ और एसोसिएशन? पेट्रोल पंप एसोसिएशन: पेट्रोल पंप एसोसिएशन से जुड़े संचालक नकुल शर्मा के अनुसार, ‘डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। सप्लाई नियमित चल रही है और ऊपर से भी स्टॉक कम होने की कोई सूचना नहीं है। यह सिर्फ ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाह का नतीजा है।’ अर्थशास्त्री की राय:इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हॉयर एजुकेशन, भोपाल के प्रोफेसर डॉ. महिपाल सिंह यादव का कहना है, 'खाड़ी देशों में तनाव का असर तेल बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सप्लाई तुरंत बंद हो जाएगी। भारत के पास पर्याप्त आयात विकल्प और भंडारण क्षमता है। पैनिक बाइंग अक्सर कृत्रिम कमी पैदा कर देती है, जबकि वास्तविक संकट होता ही नहीं है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 7:00 am

भारत सरकार को ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध को रुकवाना चाहिए : सलमान खुर्शीद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने के लिए भारत सरकार को पहल करनी चाहिए

देशबन्धु 8 Mar 2026 4:20 am

महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाकर बदली किस्मत:देसी बाजरे के कुकीज को ब्रांड बनाया अब ब्रिटेन और अमेरिका तक डिमांड

जिले के आदर्श ढूंढा गांव की 10 महिलाओं ने जीजी बाई स्वयं सहायता समूह बनाकर न सिर्फ अपनी किस्मत बदली है, बल्कि थार के पारंपरिक अनाज (बाजरे) को सात समंदर पार पहुंचा दिया है। ग्रामीण महिलाएं आज बाजरे (मिलेट) के बिस्कुट बनाकर लाखों रुपए कमा रही हैं। इनके बनाए कुकीज आज लंदन के कैफे से लेकर अमेरिका और जापान के बाजारों तक महक बिखेर रहे हैं। महिला समूह को हाई-टेक क्यूआर कोड पैकेजिंग के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर मिल रहे हैं। केयर्न के प्रोजेक्ट में मिला प्रशिक्षण, फिर शुरू किया काम 16 मई 2024 को केयर्न ऑयल एंड गैस के बाड़मेर उन्नति प्रोजेक्ट के सहयोग से महिलाओं ने प्रशिक्षण शुरू किया। शुरूआत में चुनौतियां कम नहीं थीं। इन महिलाओं के पास न ओवन था, न मिक्सर और न ही मार्केटिंग का कोई ज्ञान। महिलाओं को तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई। इन्हें हाइजीन, बेकिंग, पैकेजिंग और क्यूआर कोड आधारित मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी गई। समूह की हेमलता, धुड़ी, पुष्पा, लक्ष्मी, मीरा, कमला, निरमा, संगीता, सुशीला, प्रिया की टीम ने घर के शुद्ध घी, गुड़, इलायची, जीरा और ड्राई फ्रूट्स के साथ बाजरे के ग्लूटेन-फ्री कुकीज तैयार किए। इनमें किसी भी तरह के आर्टिफिशियल कलर या प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता। एक साल से भी कम समय में 150 किलो से ज्यादा कुकीज की बिक्री हुई, इससे समूह को 3 लाख रुपए से अधिक की कमाई हुई।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 4:00 am

ट्रंप ने रक्षा मंत्री हेगसेथ को बताया शानदार, किया दावा- अमेरिकी सेना ने 42 ईरानी वॉरशिप डुबोए

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के हमलों से ईरान पस्त हो गया है और उसकी सेना को भारी नुकसान हुआ है

देशबन्धु 7 Mar 2026 10:35 pm

'अमेरिका की दादागिरी भारत में नहीं चलेगी, पीएम एक्शन लें':पटना में भाकपा माले ने निकाला शांति मार्च, कहा- ईरान के खिलाफ युद्ध पर रोक लगे

पटना में शनिवार को भाकपा-माले ने जीपीओ गोलंबर के पास शांति मार्च निकाला। ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोज लगाने की आवाज बुलंद की। CPIML MLC शशि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी अमेरिका के खिलाफ नारे लगा रहे थे। MLC शशि यादव ने कहा कि पूरे विश्व को जिस तरह से अमेरिका युद्ध में धकेल रहा है, उसी युद्ध के खिलाफ आज हम लोग शांति मार्च निकाल रहे हैं। दुनिया के लोग युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। कभी भी युद्ध से कोई भी मसला हल नहीं हुआ है। हम पीएम से मांग करते हैं कि वह अमेरिका के खिलाफ खड़े हो और उसे सबक सिखाएं। अमेरिका के शर्तों पर हमारे देश में चीजें लागू मत कीजिए। अमेरिका की दादागिरी भारत के अंदर नहीं चलेगी और हमारे प्रधानमंत्री इस दादागिरी के खिलाफ खड़े हो। ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है। आज ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे हैं उसी के खिलाफ हम लोग यह मार्च निकाल रहे हैं। हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं कहा कि हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं। हम यहां मार्च इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका के सामने हमारा देश भी घुटने टेक रहा है। अमेरिका रोज-रोज नया आदेश जारी कर रहा है। पीएम मोदी अमेरिका के सामने घुटने टेक रहे हैं। यह हमें कहीं से भी बर्दाश्त नहीं है। इस युद्ध से भारत में भी काफी प्रभाव पड़ रहा है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 8:14 pm

अमेरिकी दावे पर भारत का पलटवार, कहा- रूसी तेल खरीदने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं

India's counterattack on US claim : भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद भारत ने कड़ा पलटवार किया है। खबरों के अनुसार, अमेरिका के इस दावे पर भारत सरकार ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा, ...

वेब दुनिया 7 Mar 2026 5:45 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 2372 अंक टूटा, निवेशकों के लाखों करोड़ डूबे

Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। चार कारोबारी दिनों वाले इस हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 3 दिन नकारात्मक रहा। सेंसेक्स में 2372 अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 728 अंक गिर गया। इससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 80,238 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 313 अंक गिरकर 24,865 पर बंद हुआ। मंगलवार को होली की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स 1,127 अंक की भारी गिरावट के साथ 79,116 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 385 से ज्यादा अंक फिसलकर 24,481 पर बंद हुआ। सेंसेक्स गुरुवार को 900 अंक बढ़कर 80,016 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 285 अंक की बढ़त के साथ 24,766 पर बंद हुआ। सेंसेक्स शुक्रवार को 1,097 अंक टूटकर 78,919 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी 315 अंक टूटकर 24,450 पर बंद हुआ। ईरान स्टॉक एक्सचेंज बंद अमेरिका और इजराइल के हमले से ईरान को भारी नुकसान हुआ। भारी तबाही के बाद सरकार ने ईरान स्टॉक एक्सचेंज को अनिश्चिकाल के लिए बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही शेयर बाजार में काम शुरू हो पाएगा। इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्‍याय ने बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की वजह से इस हफ्ते शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। विदेशी निवेशकों ने इस दौरान जमकर बिकवाली की। अमेरिकी शेयर बाजारों से कमजोर संकेत और एशियाई बाजारों में सुस्ती ने भी निवेशकों का भरोसा कम किया। क्रूड ऑइल की कीमतें बढ़ने के बाद निवेशकों ने निवेश के बजाए नकदी को प्राथमिकता दी। युद्ध काल में निवेशकों की दिलचस्पी सेफ हैवन माने जाने वाले सोने में भी कम ही दिखाई दी। कैसा रहेगा अगला हफ्ता उपाध्याय के अनुसार, आने वाले हफ्ते में भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहने की संभावना है। अगर बाजार 24350 का लेवल तोड़ता है तो इसमें नई गिरावट आ सकती है। ऊपर में 24900 का बेस मजबूत दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल नकारात्मक धारणा बनी हुई है। फिलहाल तो यु्द्ध के जल्द खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। युद्ध खत्म होने के बाद भी बाजार में एक बार मुनाफा वसूली की स्थिति बन सकती है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

वेब दुनिया 7 Mar 2026 3:58 pm

अमेरिका ईरान जंग में क्या पाकिस्तान भी होगा शामिल, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से क्या बोले आसिम मुनीर?

रियाद। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में 8वें दिन भी भीषण युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान में भारी तबाही मचाई वहीं ईरान ने कई देशों में अमेरिकी एयरबेस तबाह कर दिए। इस बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन ...

वेब दुनिया 7 Mar 2026 3:10 pm

पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा ईरान, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका की ‘सरेंडर’ मांग ठुकराई

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में लगातार मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच ईरान का यह बयान हालात को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

देशबन्धु 7 Mar 2026 1:54 pm

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया:देवास में ट्रंप का मुखौटा पहनकर मानव श्रृंखला बनाई

देवास शहर के इंदिरा गांधी प्रतिमा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुखौटा पहनकर अपना विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय फैसलों में अमेरिका पर अत्यधिक भरोसा कर रही है, जो देश के लिए उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि किसी भी डील से पहले देश के किसानों, व्यापारियों और आम जनता के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भारत देश के फैसले अमेरिका से लिए जा रहे हैं हमारे प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति की कठपुतली बन गए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 12:57 pm

भोपाल में जलसा-ए-शहादत में अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे:मौलाना ने ट्रंप पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, पोस्टरों को पैरों से कुचला

भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी स्थित मस्जिद गरीब नवाज में ईरान के सुप्रीम लीडर रहबर-ए-मोअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। सभा के दौरान इजराइल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। बता दें कि ऐशबाग स्थित गरीब नवाज मस्जिद में यह कार्यक्रम शुक्रवार देर रात आयोजित किया गया था। मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने कहा, “आज दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मजलूमों और मासूमों के खून से रंगे हुए हैं। अल्लाह उन्हें गैरत दे।” भाषण के दौरान उन्होंने ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने नारेबाजी करते हुए इजराइल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाए। “भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे” मौलाना हैदरी ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि हम भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे। इसी तालीम की वजह से आज दुनिया की सियासत और टेक्नोलॉजी में उनका असर दिखाई देता है।” उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भी तालीम के मैदान में आगे बढ़ना होगा, क्योंकि किसी भी कौम की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “1979 में जब ईरान में इंकलाब कामयाब हुआ तो वहां इल्म और तालीम पर जोर दिया गया। आज उसी तालीम की वजह से बड़े-बड़े सुपर पावर भी उससे खौफजदा नजर आते हैं।” उन्होंने नौजवानों से तालीम हासिल करने और समाज को मजबूत बनाने की अपील की। “मुसलमानों को टारगेट किए जाने की वजह हमारी बेइत्तहादी” सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “आज दुनिया में जिस मुल्क में भी मुसलमान हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है। इसकी एक वजह यह है कि हम मुतहिद नहीं हैं। अकीदे मुख्तलिफ हो सकते हैं, लेकिन इस्लाम सबका एक ही है।” उन्होंने कहा, “कोई नमाज हाथ बांधकर पढ़ता है, कोई हाथ खोलकर पढ़ता है और कोई अलग तरीके से पढ़ता है, लेकिन कुरान सबका एक है और रसूल भी सबके एक हैं। हमें आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए।” “जालिम के मुकाबले में खड़े होने वाले के साथ अल्लाह होता है” रिजवी ने कहा, “सैयद अली खामनेई वो मर्द-ए-मुजाहिद थे जो बड़ी-बड़ी सुपर पावर ताकतों के सामने खड़े रहे। उन्हें मालूम था कि जालिम के मुकाबले में जो खड़ा होता है, उसके साथ अल्लाह होता है। दुनिया किसी को कत्ल तो कर सकती है, लेकिन उसके मकसद को खत्म नहीं कर सकती।” “खामनेई ने उम्मत को एकता का पैगाम दिया” एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा, “यह पूरे आलम के लिए गहरे गम और सदमे की बात है कि एक ऐसा काइद हमसे रुखसत हो गया, जिसने पूरी उम्मत को इत्तेहाद और इत्तेफाक का पैगाम दिया।” उन्होंने कहा, “सैयद अली खामनेई ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने हमेशा जालिम ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई और मजलूमों का साथ दिया। उनकी जिंदगी और उनका पैगाम आने वाली नस्लों के लिए भी मिसाल रहेगा।” कार्यक्रम के अंत में लोगों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में लगे अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया समुदाय में भी शोक की लहर है। भोपाल के करोंद स्थित शिया मस्जिद में रविवार को जोहर की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 9:59 am

जौनपुर में आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत पर कैंडल मार्च:महिलाओं-पुरुषों ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ की नारेबाजी

जौनपुर में शुक्रवार रात ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कैंडल मार्च सदर इमामबाड़ा से शुरू होकर ईदगाह परिसर में संपन्न हुआ। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई को पूरी दुनिया के मजलूमों का रहनुमा बताया गया। वक्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की और शहीद रहबर के विचारों व संघर्ष को याद किया। मौलाना जैदी ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। मौलाना जैदी ने लोगों से संविधान के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराने और संबंधित देशों के उत्पादों का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट करने की अपील की। मार्च के समापन पर ईरान में शहीद हुए लोगों के लिए दुआ की गई।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 9:15 am

ईरान के खिलाफ कार्रवाई अपने लक्ष्य की ओर, भविष्य के नेतृत्व पर नजर : अमेरिका

व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश में हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं

देशबन्धु 7 Mar 2026 9:00 am

ईरानी तेल नेटवर्क पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, 15 मिलियन डॉलर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू

अमेरिका ने एक बड़े कदम के तहत लगभग 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) से अधिक की रकम जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है

देशबन्धु 7 Mar 2026 8:37 am

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने ईरान के सशस्त्र बलों को बहुत कमजोर कर दिया है और उसके सैन्य ढांचे को लगभग तबाह कर दिया है।

देशबन्धु 7 Mar 2026 8:33 am

7 मार्च की बड़ी खबरें: ईरान-अमेरिका युद्ध का 8वां दिन, ट्रंप का बड़ा दावा, भारत में LPG सिलेंडर महंगा

7 March Top News : ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का आज 8वां दिन है। अमेरिका ने ईरान की तीनों सेनाओं को खत्म करने का दावा किया। इस बीच एक अमेरिकी अखबार ने आरोप लगाया कि रूस ईरान को अमेरिकी युद्धपोनों की जानकारी दे रहा है। युद्ध की वजह से भारत में रसोई ...

वेब दुनिया 7 Mar 2026 8:18 am

अमेरिका रूस पर तेल प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार

स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि मध्य-पूर्व संघर्ष के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए वॉशिंगटन रूस के तेल आपूर्ति पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दे सकता है

देशबन्धु 7 Mar 2026 8:06 am

सांसद बर्क बोले- इजरायल-अमेरिका का हमला नाकाबिल-ए-बर्दाश्त:खामेनेई समेत मासूम 160 बच्चों की हत्या जघन्य अपराध, दुनिया इनकी मनमानी पर लगाम लगाएं

संभल के समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और मानवता के खिलाफ बताया। सांसद ने दुनिया भर के देशों से इजरायल और अमेरिका की मनमानी पर लगाम लगाने की अपील की है। सांसद बर्क ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास 'बर्क मंजिल' पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका की तरफ से की जा रही ऐसी घटनाएं बेहद अफसोसजनक और असहनीय हैं। बर्क ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की अनुमति के बिना किसी दूसरे देश की संप्रभुता पर हमला करना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने ईरान और लेबनान में हुई घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें कई मासूमों की जान गई है। सांसद के अनुसार, किसी भी देश के सुप्रीम लीडर, निर्दोष नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना एक जघन्य अपराध है। सांसद बर्क ने बताया कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि वे अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं और इस जुल्म की पुरजोर निंदा करते हैं। बर्क ने दुनिया भर के मुल्कों से एकजुट होने और इजरायल व अमेरिका की मनमानी पर अंकुश लगाने की अपील की। उन्होंने मांग की कि ऐसे हमले करने वालों पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी देश की अखंडता और शांति को खतरा न हो। सांसद बर्क ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का बयान पहले आना चाहिए था, लेकिन अब जाकर उन्होंने अपना अफसोस जाहिर किया है। बर्क ने सवाल किया कि किसी भी देश पर हमला करके उसके राष्ट्रपति या सुप्रीम लीडर की हत्या करने का अधिकार किसने दिया है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 5:59 pm

जुमा की नमाज के बाद इजराइल-अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन:कानपुर में डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की तस्वीर पर पैर रखकर मस्जिद पहुंचे नमाजी

कानपुर में जुमा की नमाज के नमाजियों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते हुए लोगों ने वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई को लेकर गम और गुस्सा जाहिर किया। नमाजियों ने इजराइल और अमेरिका के राष्ट्रपति के पोस्टर और दोनों देशों के झंडे मस्जिद की सीढ़ियों पर रख दिए और उनके ऊपर से गुजरते हुए अपना विरोध जताया। इस दौरान मस्जिद के बाहर पुलिस भी मौजूद रही। नमाज के बाद मुस्लिमों ने एकजुट होकर किया विरोध ग्वालटोली स्थित शिया जामा मस्जिद मकबरा में जुम्मे की नमाज से पहले मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में अमेरिका और इजरायल के झंडों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें लगा दीं। मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले और लौटने वाले नमाजियों ने इन तस्वीरों पर पैर रखकर गुजरते हुए अपना विरोध जताया, वहीं कई लोगों ने इन पर जूते-चप्पल चलाकर भी गुस्सा जाहिर किया। नमाज के बाद मस्जिदों में युद्ध के खात्मे और अमन-शांति के लिए खास दुआ की गई। इसके बाद लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की और हमलों को इंसानियत के खिलाफ बताया। प्रदर्शन में शिया मुस्लिमों के साथ हिंदू समाज के कुछ लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया को युद्ध की ओर धकेल रहा है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 5:45 pm

खामेनेई की मौत के बाद अमेठी में विरोध प्रदर्शन:शिया मुसलमानों ने अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए

ईरान के सर्वोच्च नेता और शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में विरोध प्रदर्शन हुआ। शिया बाहुल्य गांव भनौली में बड़ी संख्या में शिया मुसलमानों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ख़ामेनेई की तस्वीरें ले रखी थीं। यह विरोध प्रदर्शन ख़ामेनेई की मौत के बाद शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी। अमेठी के मुसाफिरखाना स्थित भनौली गांव में शिया समुदाय के लोगों ने इस घटना पर अपना दुख व्यक्त किया और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए। गांव की मस्जिद के बाहर सैकड़ों की संख्या में शिया समुदाय के लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने ख़ामेनेई की तस्वीर लेकर पूरे गांव में घूमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कहा, कितने ख़ामेनेई मारोगे, हर घर से ख़ामेनेई निकलेगा। इस विरोध प्रदर्शन में मोहम्मद आका, सिब्ते मोहम्मद, जोहर अब्बास, सलमान हैदर, मौलाना खादिम सहित कई लोग शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 2:13 pm

ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु के समर्थन में सीवान में जुलूस:सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ प्रदर्शन, अमेरिका और इजरायल के विरोध में की नारेबाजी

सीवान शहर में ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई से जुड़े मुद्दे पर एक जुलूस निकाला गया। प्रशासन से सशर्त अनुमति मिलने के बाद यह जुलूस पुरानी किला मैदान से शुरू होकर मखदूम सराय मोड़ होते हुए गोपालगंज मोड़ तक पहुंचा। इसमें मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर के साथ शामिल हुए।जुलूस के दौरान पूरे मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पुलिस पदाधिकारी व दंडाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। प्रशासन ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण, अशोभनीय नारेबाजी या किसी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए।प्रशासन की कड़ी निगरानी में जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा और संपन्न हुआ। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे, ताकि शहर में किसी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। अमेरिका और इजरायल के विरोध में की नारेबाजीहालांकि, जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति की तस्वीर को सड़कों पर घसीटा गया और अमेरिका व इजरायल के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।मौजूद कुछ लोगों और आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। दरअसल, जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से जो अनुमति ली गई थी, उसमें यह स्पष्ट शर्त थी कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और किसी प्रकार की नारेबाजी या भड़काऊ गतिविधि नहीं होगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच यह जुलूस अंततः शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 2:00 pm

अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध- अबूधाबी में फंसी राजस्थान की बिजनेस-फैमिली:बोले-फ्लाइट टिकट की रेट 2.5 लाख तक पहुंची, होटल में रुकने के पैसे नहीं बचे

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण कोटा का परिवार दुबई में फंसा हुआ है। फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण वे लौट नहीं पा रहे हैं। कोटा में उनके परिजन चिंतित हैं। कोटा के बसंत विहार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश पतिरा, उनके भाई और बारां में ऑटोमोबाइल व्यापारी चित्रक पतिरा परिवार के साथ दुबई घूमने गए थे। दोनों परिवार 24 फरवरी को दुबई पहुंचे थे। भारत वापसी की फ्लाइट 1 मार्च को थी। इस बीच मिडिल ईस्ट में बने तनावपूर्ण हालात के कारण उनकी फ्लाइट अचानक कैंसिल हो गई। इससे राजेश का परिवार अबू धाबी में फंस गया। वहीं, दुबई में फंसे चित्रक पतिरा परिवार समेत गुरुवार देर रात अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। होटल में रुकने के पैसे भी नहीं बचे राजेश पतिरा फिलहाल परिवार के साथ अबू धाबी के एक होटल में ठहरे हुए हैं। उन्होंने कोटा में अपने परिजनों को एक वीडियो भेजा है। इसमें उन्होंने बताया कि मेरे साथ पत्नी रीना, बेटा हर्षित, बहू साक्षी, पोता साकशत मौजूद हैं। मुझे बीपी-शुगर की बीमारी है। लगातार होटल में रुकने के कारण अब रुपए भी नहीं बचे हैं। काफी दिक्कत आ रही है। राजेश पतिरा ने बताया- दुबई से भारत आने का सामान्य किराया पहले 22 से 35 हजार रुपए तक होता था। मौजूदा हालात में केवल बिजनेस क्लास के टिकट ही उपलब्ध हो रहे हैं। उसका किराया दो से ढाई लाख रुपए तक पहुंच गया है। इसके बावजूद इसकी कोई गारंटी नहीं है कि बुक की गई फ्लाइट जाएगी या आखिरी समय में कैंसिल हो जाएगी। वे वीडियो कॉल के जरिए परिजनों के संपर्क में हैं। लगातार फ्लाइट्स रद्द होने से उनकी भारत वापसी नहीं हो पा रही है। परिवार ने मदद की गुहार लगाई परिजनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी इस मामले की जानकारी दी गई है, ताकि फंसे हुए लोगों की जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। परिजनों को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे। सभी लोग सुरक्षित घर लौट पाएंगे। … ये खबर भी पढ़ें… जयपुर एयरपोर्ट से खाड़ी देशों की 5 उड़ानें रद्द:मस्कट, अबू धाबी, शारजाह और दुबई जाने वाले पैसेंजर्स 7 दिन से परेशान; मिडिल ईस्ट युद्ध का असर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाले पैसेंजर्स को एक सप्ताह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मस्कट, अबू धाबी, शारजाह, दुबई जाने वाली 5 फ्लाइट शुक्रवार को भी कैंसिल हो गई। (पूरी खबर पढ़ें) अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध में फंसे जोधपुर के 120-लोग लौटे:दुबई में कथा सुनने गए थे; बोले- ब्लास्ट के बाद होटलवालों ने किराया बढ़ाया अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण दुबई में फंसे जोधपुर के 120 लोग लौट आए हैं। उन्होंने कहा- 28 फरवरी को ब्लास्ट के बाद डर गए थे। वापस आने दुबई एयरपोर्ट गए तो होटल जाने को बोला गया। हमारे पास पैसे भी खत्म हो रहे थे। वहीं होटल वालों ने भी किराया बढ़ा दिया था। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 11:31 am

अमेरिका ने दी रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट, कांग्रेस ने साधा निशाना; जयराम रमेश बोले- कब तक चलेगा ये ब्लैकमेल

अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, जिस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे अमेरिकी ब्लैकमेल बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति बाहरी दबाव में तय नहीं होनी चाहिए।

देशबन्धु 6 Mar 2026 10:58 am

दुनिया भर में अमेरिकी तख्ता पलट की कोशिशों का दागदार इतिहास

कई अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशों में अलोकप्रिय शासकों को हटाने के लिए पहले भी सैन्य बल भेज चुके हैं. ट्रैक रिकॉर्ड मिला जुला रहा है. ईरान युद्ध के शुरु में ट्रंप ने दावा किया था कि उनका एक लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन था. ईरान के साथ मौजूदा युद्ध की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने उद्देश्यों को लेकर साफ थे. तेहरान को न तो परमाणु और न ही पारंपरिक सैन्य खतरा पैदा करने की हालत में होना चाहिए, और कमजोर हुए मुल्ला शासन सत्ता को सत्ता से हटा दिया जाना चाहिए. उसके बाद से, ट्रंप और दूसरे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर हवाई हमलों के लिए अलग-अलग कारण बताए हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को यहां तक कहा कि वर्तमान संघर्ष कथित सत्ता-परिवर्तन का युद्ध नहीं है.” लेकिन अमेरिकी इतिहास को देखते हुए, हैरानी नहीं होगी अगर ट्रंप का मूल तर्क ही मौजूदा सैन्य हस्तक्षेप के प्रेरक कारकों में से एक हो. आखिरकार, अमेरिका का तथाकथित तख्ता पलट” अभियानों को लेकर किसी भी अन्य देश से ज्यादा अनुभव है. 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, केवल शीत युद्ध (1947–1989) के दौरान ही, अमेरिका ने विदेशों में सत्ता संतुलन अपने पक्ष में बदलने के लिए 72 प्रयास किए थे. इनमें से 64 मामले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के जासूसी अभियान थे, जिनकी सफलता दर लगभग 40 प्रतिशत रही थी. उदाहरण के लिए, 1953 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ब्रिटिश एमआई6 के साथ मिलकर ईरान के प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसादेग को सत्ता से हटा दिया था. इसके कारण ईरान के नए शासक शाह मोहम्मद रजा पहलवी को अमेरिका की कठपुतली” के रूप में देखा जाने लगा और 1979 की इस्लामी क्रांति में उनको सत्ता से बेदखल कर गया. उस समय स्थापित हुई धार्मिक और अधिक दमनकारी सत्ता आज हवाई हमलों के केंद्र में है. एक सफल दिखने वाला सत्ता-परिवर्तन अभियान भी लंबे समय में नई समस्याएं पैदा कर सकता है. अमेरिका से जुड़े कुछ खुफिया और कुछ खुलेआम हुए सत्ता परिवर्तन अभियानों पर एक नजर. लीबिया (2011) 2011 में जब अरब वसंत के दौरान उत्तरी अफ्रीका में बदलाव की उम्मीदें जगी थी, तब लीबिया में लंबे समय से शासन कर रहे मुअम्मर अल-गद्दाफी के खिलाफ भी प्रतिरोध बढ़ा था. अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में अमेरिका ने तुरंत विरोधी पक्ष के नेशनल ट्रांजिशनल काउंसिल का साथ दिया था. अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने जल्द ही नाटो के ऑपरेशन यूनिफाइड प्रोटेक्टर के तहत हवाई हमले शुरू कर दिए थे. उसी साल अक्टूबर में, एक अमेरिकी ड्रोन और फ्रांसीसी लड़ाकू विमान ने गद्दाफी के काफिले पर हमला बोल दिया था, जिसके बाद नेशनल ट्रांजिशनल काउंसिल के लड़ाकों ने उन्हें मार दिया था. लगभग 15 साल बाद लीबिया आज भी राजनीतिक रूप से विभाजित और अस्थिर है. इराक (2003) 1 मई 2003 को तानाशाह सद्दाम हुसैन के पतन के कुछ ही हफ्ते बाद, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने इराक युद्ध के अंत की घोषणा की थी. अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लगे बैनर पर लिखा था मिशन पूरा हुआ.” बुश ने कहा था, तानाशाही से लोकतंत्र में बदलाव आने में समय तो लगेगा, लेकिन यह एक जरूरी प्रयास है. हमारा गठबंधन तब तक बना रहेगा जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता. उसके बाद हम वापस लौट जाएंगे और अपने पीछे एक स्वतंत्र इराक को छोड़कर जाएंगे.” हालांकि, इसके बाद के कब्जे वाले दौर में भी न तो शांति आई और न ही स्थिरता. सरकारी संस्थाएं कमजोर रहीं, और पड़ोसी ईरान ने स्थानीय शिया मिलिशिया का समर्थन किया, जो सुन्नी गुटों के साथ हिंसक झड़पों में उलझे रहे. सत्ता के शून्य के बीच तथाकथित इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन बना और एक शक्तिशाली खिलाड़ी के रूप में उभरा, जिसने इराक, सीरिया और पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया. अमेरिकी इतिहासकार जोसेफ स्टीब के अनुसार, अमेरिकी लोग इस गलतफहमी में थे कि ऐसे माहौल में उदार लोकतंत्र अपने आप फल-फूल जाएगा. स्टीब ने कहा, उनका मानना था कि इराक जैसे शासन को गिराने के बाद उन्हें बदलना अपेक्षाकृत आसान होगा.” अफगानिस्तान (2001) इराक पर हमला जॉर्ज डब्ल्यू बुश का इकलौता सत्ता-परिवर्तन” युद्ध नहीं था. 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के चार हफ्ते बाद, अमेरिका ने ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम” शुरू किया था. तालिबान शासन को जल्द ही बेदखल करने के बाद भी अमेरिका समर्थित सरकार लंबे समय तक टिक नहीं पाई. 2014 में जर्मनी सहित अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के अपने सैनिकों की संख्या घटाने के बाद, तालिबान ने धीरे-धीरे खोई जमीन वापस पाना शुरू कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में तालिबान से बचे हुए अमेरिकी सैनिकों की वापसी का समझौता किया और बदले में उन पर हमला न करने का वादा किया. लेकिन 2021 में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासन के दौरान अंतिम सैनिकों की वापसी के तुरंत बाद तालिबान ने पूरे देश पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया और अमेरिकी हमले से पहले की राजनीतिक व्यवस्था को बहाल कर दिया. पनामा (1989) 1980 के दशक में पनामा में तानाशाह मानुएल नोरिएगा का शासन था. सालों तक सीआईए से पैसा लेते रहने के बाद, नोरिएगा अमेरिकी सरकार के लिए बोझ बन गया था. उसके शासन में पनामा ड्रग्स की तस्करी का अड्डा था, और अमेरिका को डर था कि पनामा नहर के विस्तार में उसे दरकिनार कर दिया जाएगा. 1980 के दशक में अमेरिका के साथ नोरिएगा के रिश्ते बिगड़ते गए. मई 1989 में विपक्षी नेता गिल्येर्मो एंदारा ने चुनाव जीता, लेकिन नोरिएगा ने चुनावी नतीजों को मानने से इनकार कर दिया. आखिरकार दिसंबर में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश ने नोरिएगा को सत्ता से हटाने के लिए ऑपरेशन जस्ट कॉज” का आदेश दे दिया. पनामा पर हमले के बाद नोरिएगा को पकड़ लिया गया और अमेरिका ले जाया गया और मुकदमा चलाया गया. बाद में उन्होंने अमेरिका, फ्रांस और पनामा में अलग-अलग जेलों में सजा काटी और 2017 में उनकी मौत हो गई. इस अमेरिकी सैन्य अभियान की कीमत 33.1 करोड़ डॉलर बताई गई. ग्रेनेडा (1983) 1979 से कैरेबियाई देश ग्रेनेडा ने अपनी राजनीति सोवियत संघ के साथ तेजी के साथ जोड़ दिया. जब प्रधानमंत्री मॉरिस बिशप ने अमेरिका को खुश करने की कोशिश की, तो उन्हें सैनिक गुटों ने गद्दी से हटा दिया और उनकी हत्या कर दी. इस पृष्ठभूमि में, अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने कई कैरेबियाई देशों के समर्थन से ग्रेनेडा पर आक्रमण कर दिया था. हालांकि, ब्रिटेन ने इसका कड़ा विरोध किया था. वह कॉमनवेल्थ सदस्य ग्रेनेडा को अपने प्रभावक्षेत्र में मानता था. अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, एक ब्रिटिश गवर्नर ने 1984 में वहां सत्ता परिवर्तन और चुनावों की देखरेख की थी. डोमिनिकन रिपब्लिक (1965) कई तख्तापलटों के बाद, 1965 में डोमिनिकन रिपब्लिक गृहयुद्ध की कगार पर था. राष्ट्रपति लिंडन बी जॉनसन ने अमेरिकी देशों के संगठन (OAS) के वोट के बाद, सैन्य आक्रमण कर दिया था. इसका आधिकारिक उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा था. लेकिन, अनौपचारिक तौर पर इसका लक्ष्य शीत युद्ध के दरम्यान अमेरिका के पड़ोस में स्थित डोमिनिकन रिपब्लिक को एक समाजवादी राज्य यानि की दूसरा क्यूबा बनने से रोकना था. वहां तैनात 44,000 सैनिकों की मदद से अमेरिका ने ये सुनिश्चित किया कि उसके पसंदीदा सरकार प्रमुख ने सत्ता संभाली. वेनेजुएला (2026) सबसे हालिया संभावित सत्ता परिवर्तन” का ऑपरेशन इतना नया है कि इसका अंतिम मूल्यांकन अभी मुमकिन नहीं है. जनवरी 2026 की शुरुआत में, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सैनिक ऑपरेशन के जरिए वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो के अपहरण को अंजाम दिया. मादुरो पर न्यूयॉर्क में ड्रग टेररिज्म” का मुकदमा चलाया जाएगा. वेनेजुएला में उनकी सहयोगी उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अब सत्ता के शीर्ष पर बैठी हैं. मादुरो की सत्ता का हिस्सा होने के बावजूद ट्रंप ने घोषणा की है कि वह रोड्रिगेज के साथ सहयोग करेंगे. बदले में अमेरिका को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों तक पहुंच मिलेगी. हालांकि, 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और ट्रंप समर्थक मारिया कोरीना मचाडो ने वेनेजुएला लौटने और लोकतंत्र की राह पर उसका नेतृत्व करने की इच्छा जताई है. अमेरिका के सैन्य हमले के दो महीने बाद भी वेनेजुएला का भविष्य अनिश्चित है. यह लेख मूल रूप से जर्मन में प्रकाशित हुआ था.

देशबन्धु 6 Mar 2026 9:56 am

ईरान के खिलाफ बढ़ेंगे अमेरिका-इजरायल के हमले, पेंटागन ने दिया संकेत

अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' आने वाले समय में आगे बढ़ सकता है। अमेरिकी और इजरायली सेना तेहरान की सेना और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के मकसद से हमले तेज करने की तैयारी कर रही है।

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:45 am

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध, पेट्रोल-डीजल पम्पों पर लगी भीड़:डीजल-पेट्रोल का स्टॉक करने ड्रम लेकर पहुंच रहे लोग, अधिकारी बोलीं- अफवाहों पर ध्यान न दें

नर्मदापुरम। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की अफवाह के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से जिले में किसान और आम लोग चिंतित नजर आए। इसी डर के चलते पिपरिया और बनखेड़ी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर दोपहर से लेकर देर रात तक भारी भीड़ लगी रही। किसान और नागरिक पेट्रोल-डीजल का स्टॉक करने बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर ईंधन भरवाते दिखाई दिए। लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे पहले से भंडारण करने में जुट गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारेंमंगलवारा बाजार स्थित आइल एंड जनरल स्टोर, बनखेड़ी रोड पर स्थित पालीवाल पेट्रोल पंप समेत अन्य पंपों पर भीड़ बढ़ गई। मंगलवारा बाजार में वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। पुराने बस स्टैंड के पेट्रोल पंप से मंगलवारा चौराहे तक वाहन फंस गए, वहीं दूसरी ओर ओवरब्रिज तक जाम लग गया। स्थिति संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। तहसीलदार वैभव बैरागी टीम के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि जिले में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कमी की कोई सूचना नहीं है, इसलिए अफवाहों से बचें। नियमों के खिलाफ ड्रमों में दिया जा रहा ईंधनपेट्रोल पंपों पर बड़े ड्रमों में पेट्रोल-डीजल देना नियमों के विरुद्ध है। आम तौर पर किसान सिंचाई कार्य के लिए सीमित मात्रा में ही डीजल ले जा सकते हैं। इसके बावजूद कई जगह पंप संचालक बड़े-बड़े ड्रम और केनों में पेट्रोल-डीजल देते नजर आए। इससे अफरातफरी का माहौल बनने की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन ने कहा—अफवाहों पर ध्यान न देंजिला आपूर्ति अधिकारी रश्मि साहू ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। ईंधन की आपूर्ति लगातार और नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जिले की जरूरत के अनुसार एलपीजी गैस का भी पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोलियम पदार्थ खरीदें, अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण न करें।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 8:36 am

ईरान-चीन के दुष्प्रचार का मुकाबला करने को कूटनीति व संदेशों का इस्तेमाल कर रहा अमेरिका

अमेरिका के विदेश उप सचिव सारा रोजर्स ने एक संसदीय सुनवाई के दौरान सांसदों को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान और चीन जैसे देशों के दुष्प्रचार और प्रभाव अभियानों का मुकाबला करने के लिए अपने सार्वजनिक कूटनीति प्रयासों को मजबूत कर रहा है

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:29 am

ट्रंप ने दिए क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में बदलाव के संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ प्रगति हो रही है और विदेश नीति से जुड़े मौजूदा मुद्दों से निपटने के बाद क्यूबा को लेकर नई पहल की जा सकती है।

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:25 am

अमृतसर के तरणजीत संधू बने दिल्ली के नए उप-राज्यपाल:अमेरिका-श्रीलंका में भारत के राजदूत रहे, लोकसभा चुनाव भी लड़ा; दादा बड़े सिख नेता थे

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित राज्यों का राज्यपाल और एलजी बदले। इसमें अमृतसर के रहने वाले तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल बनाया गया। वो एलजी विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे, जिन्हें अब लद्दाख का उप-राज्यपाल बनाया गया है। संधू भारत के वरिष्ठ राजनयिक रह चुके हैं। तरणजीत सिंह संधू का जन्म एक प्रतिष्ठित सिख परिवार में हुआ और उनके दादा तेजा सिंह समुंदरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। पढ़ाई की बात करें तो संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से मास्टर डिग्री हासिल की। संधू ने पोलिटिक्स में भी कदम रखा था। आइए जानते हैं तरणजीत सिंह संधू के बारे में… 2024 में राजनीति में कदम रखा डिप्लोमैटिक करियर से रिटायर होने के बाद संधू ने राजनीति में कदम रखा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से अमृतसर सीट से चुनाव भी लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिल सकी। दिल्ली के उप-राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी अब दिल्ली के उप-राज्यपाल के रूप में तरणजीत सिंह संधू के सामने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन, विकास और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां होगी।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 7:48 am

अमेरिका-ईरान युद्ध:दुबई से आना हुआ महंगा, मुंबई तक की फ्लाइट में किराया 1.21 लाख रुपए तक

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच यूएई में पहले फ्लाइट बंद होने व अब सीमित संख्या में फ्लाइट संचालन के कारण कई लोग अब भी वहां फंसे हुए हैं। सीमित रूट पर फ्लाइट शुरू होने से इनके किराए में 8-10 गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। दुबई से मुंबई का किराया 60 हजार रुपए से लेकर 1.21 लाख रुपए तक पहुंच गया है, जबकि आम दिनों में यह किराया 15-18 हजार रुपए रहता है। दुबई में फंसे इंदौर के आठ लोगों के ग्रुप ने दुबई से 160 किमी दूर फुजैरा से मुंबई तक फ्लाइट बुक की है। प्रति व्यक्ति किराया करीब 85 हजार रुपए रहा। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के अनुसार अभी सीमित संख्या में फ्लाइट संचालन से यह स्थिति बन रही है। आने वाले दिनों में सभी फ्लाइटों के संचालन के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। 85 हजार रुपए में करवाई बुकिंग इंदौर से दुबई गए आठ लोगों का ग्रुप दुबई में चार दिन तक फंसा रहा। ग्रुप से जुड़े लोग 2 मार्च को आने वाले थे, हालांकि फ्लाइट निरस्त होने से वहीं रह गए। दो दिन पहले वाया कोच्चि होते हुए फ्लाइट करवाई थी, हालांकि आखिरी मौके पर वह फ्लाइट भी निरस्त हो गई। ग्रुप से जुड़े संजय गोयल ने कहा अब फुजैरा से मुंबई तक की फ्लाइट बुक करवाई और रात को इससे मुंबई पहुंचे। उन्होंने कहा प्रति व्यक्ति 85 हजार रुपए फेयर आया है। फ्लाइट के लगातार निरस्त होने के कारण मुंबई से इंदौर तक के टिकट नहीं करवाए थे। गोयल ने कहा कि दुबई में सभी लोग सुरक्षित थे, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। होटलें भी काफी सस्ती हैं। यूएई सरकार भी यात्रियों की काफी मदद कर रही है। दुबई से मुंबई सीधी फ्लाइट का फेयर6 मार्च: 78 हजार से लेकर 1.21 लाख रुपए तक। 7 मार्च: 61 हजार से लेकर 1.18 लाख रुपए तक।8 मार्च: 54 हजार से लेकर 1.09 लाख रुपए तक।9 मार्च: 27 हजार से लेकर 82 हजार रुपए तक। 10 मार्च: 18 हजार से लेकर 1.09 लाख रुपए तक। लगातार निरस्त हो रहे टूर इधर, जिन लोगों ने पहले दुबई की आगे की बुकिंग थी, उन्होंने भी स्थिति को देखते हुए बुकिंग निरस्त कर दी है। एक ट्रेवल कंपनी के प्रमुख ने कहा कि उनकी मार्च के पहले सप्ताह में तीन बुकिंग थी, तीनों निरस्त कर दी गई हैं। जिनकी मार्च के आखिरी सप्ताह या अप्रैल की बुकिंग है, वे भी असमंजस में हैं। सबकुछ सामान्य, दुबई में रह रहे लोग मदद के लिए आगे आए मिडिल ईस्ट दुबई के चेयरमैन चंद्रशेखर भाटिया ने कहा दुबई में सबकुछ नार्मल है। ऑफिस खुले हुए हैं। लोग आराम से घूम रहे हैं। यूएई सरकार भी लोगों को काफी सपोर्ट कर रही है। वहीं, दुबई के लोग भी फ्लाइट निरस्त होने से फंसे हुए लोगों की मदद कर रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। विभिन्न संगठनों के लोगों द्वारा भी लगातार मदद की जा रही है। कई लोगों ने अपनी बिल्डिंग भी लोगों के लिए खोल दी है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 4:38 am

रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी छूट; कांग्रेस बोली- 'यह अमेरिकी ब्लैकमेल कब तक चलेगा?'

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को घेर लिया, जब अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों...

आउटलुक हिंदी 6 Mar 2026 12:00 am

मलेर कोटला में मुस्लिम महिलाओं ने निकाला रोष मार्च:अयातुल्ला अली खामेनेई को दी श्रद्धांजलि, इजराइल-अमेरिका के खिलाफ की नारेबाजी

ईरान पर इजराइल और अमेरिका के कथित हमलों के खिलाफ पंजाब के मलेरकोटला शहर में मुस्लिम महिलाओं ने रोष मार्च निकालकर विरोध जताया। इस दौरान महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर इजराइल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। रोष मार्च में शामिल महिलाओं ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और क्षेत्र में शांति की कामना की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान पर किए जा रहे हमले मानवता के खिलाफ हैं और इससे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और हिंसा को रोकने की मांग की। रोष मार्च के दौरान महिलाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर मार्च निकाला और ईरान के प्रति एकजुटता व्यक्त की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल हुईं। इससे पहले भी मलेरकोटला में ईरान के समर्थन में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। हाल ही में शहर के अनेक लोग सड़कों पर उतर आए थे और ईरान के पक्ष में प्रदर्शन करते हुए इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की थी। मलेरकोटला में लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से साफ है कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय में गहरा रोष है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अन्याय और युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 9:00 pm

पंजाब स्टूडेंट यूनियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका:फाजिल्का में प्रदर्शन, ईरान पर हमले की निंदा, इंडो-यूएस डील रद्द करने की मांग

फाजिल्का में पंजाब स्टूडेंट यूनियन (पीएसयू) के छात्र-छात्राओं ने बार्डर रोड पर स्थित सरकारी एमआर कॉलेज के बाहर अमेरिका द्वारा किए जा रहे हमले और भारत के साथ हुई व्यापारिक समझौते का विराध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका और अमेरिका पर विभिन्न देशों पर हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत सरकार से अमेरिका के साथ किए गए व्यापारिक समझौतों को रद्द करने की मांग की। पीएसयू के जिला प्रमुख आदित्य ने कहा कि अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, फलस्तीन, वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों पर हमले कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉर्पोरेट घरानों का विकास कर रहे हैं, जिसके तहत अमेरिका के साथ डेयरी, कृषि और मेडिकल उत्पादों के व्यापार का समझौता किया गया है। अमेरिका खाद्यान्न का विरोध, हमलों की निंदा आदित्य ने कहा कि अगर अमेरिका से अनाज भारत आएगा तो भारतीय किसानों का क्या होगा। उन्होंने अमेरिका द्वारा अपनी ताकत दिखाने के लिए किए जा रहे हमलों की निंदा की और युद्ध को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थी सिर्फ छात्रवृत्ति या कॉलेज के मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आ रहे हैं। हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई प्रदर्शनकारियों ने ईरान में अमेरिकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत सरकार से अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौतों को रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 3:53 pm

सीहोर में महादेव की होली:पंडित मिश्रा बोले- नबाव ने बंद कराई, हमने शुरू की; अमेरिका-इजराइल, ईरान युद्ध पर बोले- अब शांति हो

सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से इसकी शुरूआत की है। उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होलीइस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। महादेव की होली की 3 तस्वीरें देखिए… पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होलीमहादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेशपंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वानपंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 10:56 am

ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच कहां करें निवेश? यूबीएस ने दी बड़ी सलाह

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण पिछले कुछ दिनों से वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:13 am

भूपेश बोले- ट्रम्प ने एपस्टीन फाइल से भटकाने तनाव बढ़ाया:भिलाई में कहा- बच नहीं पाएंगे और न ही हमारा वाला, अमेरिका सबसे डरपोक

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है, उसे सबसे ज्यादा चिंता डॉलर की है। इसी कारण वह दुनिया के ऑयल पर कब्जा करना चाहता है। जहां-जहां तेल है, वहां किसी न किसी तरह दखल दे रहा है। दुनिया में अमेरिका जहां भी लड़ाई लड़ रहा है, चाहे वह वेनेजुएला हो, ईरान हो या भारत को धमकाने की बात हो। यह सब डॉलर को बचाने के लिए हो रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए विश्व में तनाव बढ़ाया जा रहा है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को बचाने के लिए दुनिया में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं पाएंगे और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा वाला भी बिल्कुल नहीं बच पाएगा। होली मिलन कार्यक्रम से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ? दरअसल, मंगलवार को भिलाई के अजंता पैलेस में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इजराइल-इरान जंग को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी टिप्पणी की। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग 56 इंच सीना और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, उनके मुंह से आज एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे कुछ तो बोलें, लेकिन अभी पूरी तरह मौन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मौनमोहन सिंह कहा जाता था, लेकिन जब वे बोलते थे तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती थी। अभी प्रधानमंत्री की आवाज ही नहीं सुनाई दे रही है। भूपेश बघेल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग शुरू होने की आशंका है। जब-जब पीएम मिडिल ईस्ट गए तब-तब गड़बड़ी हुई भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जाते हैं, तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। पिछली बार जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात गए थे और फाइटर जेट का स्वागत कर रहे थे, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी। पूर्व सीएम ने हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे के दौरान गले मिलने की तस्वीरें आईं और इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को ‘फादरलैंड’ और भारत को ‘मदर‍लैंड’ बताया गया। जिस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता है। घर-घर सिंदूर भिजवाने के बाद से बिगड़ा अलाइमेंट भूपेश बघेल ने नरेंद्र मोदी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए कथित ऑपरेशन सिंदूर के तहत घर-घर सिंदूर भेजे जाने की चर्चा हुई थी। सिंदूर आमतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में बेटियों या महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है, लेकिन इसे सभी घरों में भेजे जाने पर विरोध हुआ और बाद में यह पहल बंद करनी पड़ी। उसी समय से उनका ‘अलाइनमेंट’ गड़बड़ा गया और वह गड़बड़ी आज तक जारी है। ताम्रध्वज साहू की ली चुटकी, असहज हो गए पूर्व गृहमंत्री भूपेश बघेल ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डीजल-पेट्रोल संकट पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता बंद कर दिया और जहाजों की आवाजाही रुक गई, तो देश में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास 4-5 पेट्रोल पंप हैं, उन्होंने अभी से 2-3 पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इसके बाद ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए। एपस्टीन फाइल क्या है दरअसल उन दस्तावेजों, फोटो और रिकॉर्ड का संग्रह है जो अमेरिकी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़े हैं। एपस्टीन पर बच्चों के साथ यौन शोषण और अवैध गतिविधियों का आरोप था। ये फाइलें उसके खिलाफ चल रही जांच, कोर्ट के दस्तावेज और गवाहों के बयान रखती हैं। इस विवाद का कारण यह है कि इन फाइलों में कई बड़े और प्रसिद्ध लोगों के नाम भी आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि फाइलों को पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अभी भी बंद हैं। इसके चलते मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस और अफ़वाहें फैल रही हैं। सच यह है कि फाइलों में किसी का नाम होना सीधे तौर पर अपराध साबित नहीं करता। लेकिन इन दस्तावेज़ों के होने से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत संवेदनशील बन गया है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर '#MeToo' लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की।…………………….. भूपेश बघेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… विधानसभा में भूपेश ने चूहे-धान पर गाया फाग,VIDEO: कहा- मुसवा बिन घोटाला न होए विष्णु, दे-दे बुलउवा, बीजेपी बोली- पकड़ागे-धरागे मुसवा मन रे होली को 5 दिन बचे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गाते हुए सरकार पर चुटकी ली। उन्होंने गीत में कवर्धा की उस चर्चित घटना का जिक्र किया, जिसमें चूहों द्वारा 7 करोड़ का धान खराब किए जाने की बात सामने आई थी। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 8:35 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने डुबोया; टी-20 वर्ल्डकप- न्यूजीलैंड फाइनल में; होली पर मुखौटा पहनकर पत्नी का गला रेता

नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका के हमले की है। जिसमें 80 से ज्यादा सैनिक मारे गए। दूसरी खबर बिहार से है, जहां नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. नेपाल में आम चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 2025 में GEN-Z प्रदर्शन के बाद यह पहला चुनाव है। 2. टी-20 वर्ल्डकप में दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। कल की बड़ी खबरें... 1. भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला, श्रीलंका के पास डुबो दिया अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के पांच दिन हो गए हैं। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 80 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया। फरवरी में भारत आया था ईरानी जहाज: जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स... अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,045 हो गई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए बुधवार रात होने वाला समारोह टाल दिया गया है। ईरान के खिलाफ युद्ध से इजराइल को हर हफ्ते 2.9 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। ईरानी मंत्री बोले- ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी परमाणु बातचीत के बीच हमला करके डिप्लोमेसी के साथ धोखा किया है। पूरी खबर पढ़ें... 2. नीतीश CM पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार शाम इसे लेकर सीएम आवास पर अहम बैठक हुई। इसमें संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। पार्टी नेता नहीं चाहते कि नीतीश जाएं: बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों पर रिएक्शन चिराग पासवान ने कहा, 'ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है। पप्पू यादव बोले- जब जनादेश नीतीश जी को CM बनाए रखने के लिए आया था तो 3 महीने में BJP उसका हरण क्यों कर रही है। पूरी खबर पढ़ें... 3. भारत में CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, कतर में गैस उत्पादन बंद मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट में प्रोडक्शन रोक चुका है। भारत में 40% सप्लाई घटी: भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। पूरी खबर पढ़ें... 4. इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया, जेद्दा से 200 यात्री आए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। जंग के चलते एयरस्पेस पूरी तरह बंद: युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर ​दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 5. UP में होली खेलने के बहाने पत्नी की हत्या की, मुखौटा पहनकर घर में घुसा, प्रेमी पर तेजाब फेंका शाहजहांपुर में होली के दिन पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसके प्रेमी पर तेजाब फेंक दिया। उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। उसने चेहरे पर मुखौटा पहना हुआ था। वारदात के दौरान मारपीट में पति खुद भी अधमरा हो गया। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति से दो साल से तलाक का केस चल रहा था। तब से वह पति से अलग रह रही थी। बीते 6 महीने से अपने प्रेमी के साथ अलग किराए के मकान में लिव-इन में रह रही थी। बुधवार सुबह 6 बजे पति होली खेलने के बहाने महिला के घर पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें… 6. न्यूजीलैंड दूसरी बार टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में, फिन एलन ने सबसे तेज शतक लगाया न्यूजीलैंड ने दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में एंट्री कर ली है। टीम ने बुधवार को पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया। टीम पहली बार 2021 के फाइनल में पहुंची थी। मैच के हाईलाइट्स: कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कीवियों के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 169 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने 170 रन का टारगेट 12.5 ओवर में एक विकेट पर चेज कर लिया। एलन का सबसे तेज शतक: फिन एलन ने 33 बॉल पर 100 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बैटर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा। गेल ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 47 बॉल पर शतक लगाया था। पूरी खबर पढ़ें... 7. सोना ₹4923 सस्ता, ₹1.62 लाख पर आया; चांदी एक दिन में 18 हजार रुपए सस्ती हुई 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923 रुपए घटकर ₹1.62 लाख पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 18,501 रुपए गिरकर ₹2.71 लाख पर आ गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 2.89 लाख रुपए प्रति किलो थी। 34 दिन में 13 हजार गिरा: इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2026 को सोने की दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 13,573 रुपए सस्ता हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मथुरा की 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली मथुरा में 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली खेली गई। इस अनूठी होली में बड़े-बुजुर्ग अपने से छोटों को जूता या चप्पल मारकर आशीर्वाद देते हैं। इसे अपमान नहीं, बल्कि स्नेह, शुभकामना और संस्कारों का प्रतीक माना जाता है। ये परंपरा अंग्रेजों के अत्याचारों के विरोध में शुरू हुई थी। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- भारत के पास 45 दिन का तेल रिजर्व मौजूद, ईरान जंग इससे ज्यादा चली तो क्या होगा; क्या कोई बैक-अप ऑप्शन है 2. भास्कर एक्सप्लेनर- तुर्किये से आई ‘गुजिया’ होली का हिस्सा कैसे बनी:भांग, रंग और पिचकारी की भी अनोखी कहानी; ब्रिटिशर्स कैसे मनाते थे होली 3. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स- नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां: US में नौकरों जैसा सलूक किया, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली 4. नेपाल से भास्कर- चुनाव में फेक वीडियो, PM मोदी-अमिताभ बच्चन मांग रहे वोट: इस बार बालेन सरकार के आसार, बहुमत लायक सीटें किसी को नहीं 5. रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड को होली खेलना पसंद नहीं: मुझे रंगों से बहुत प्यार है, क्या करूं, अपना मन मार लूं या पति से झगड़ा करूं? करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 5:41 am

विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी समाचार चैनल के दावों का किया खंडन, कहा- पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं

भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी समाचार चैनल वन अमेरिका न्यूज (ओएएन) के उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि भारतीय बंदरगाहों का उपयोग अमेरिकी नौसेना कर रही है

देशबन्धु 4 Mar 2026 11:14 pm

पानीपत में अमेरिका से आई जान से मारने की धमकी:सगे भतीजे ने रंजिश में रची चाचा की हत्या की साजिश, कॉल पर कहा- रणदीप मारेगा गोली

विदेश में बैठकर अपनों के खिलाफ साजिश रचने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पानीपत के मतलौडा निवासी एक व्यक्ति को उसके सगे भतीजे ने अमेरिका से फोन कर जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित का आरोप है कि उसका भतीजा पुरानी रंजिश के चलते उसकी और उसके परिवार की हत्या करवाना चाहता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमेरिका में रह रहे दो युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश में रची गई साजिश गांव रोर कलां निवासी विक्रम सिंह, जो पिछले 16 वर्षों से मतलौडा में रह रहे हैं, ने पुलिस को बताया कि उनका सगा भतीजा अनिल कुमार फिलहाल अमेरिका (USA) में रह रहा है। अनिल उनके साथ पुरानी रंजिश रखता है। मंगलवार, 3 मार्च की दोपहर करीब 2:53 बजे विक्रम के पास एक विदेशी नंबर से कॉल आई। शूटर से हत्या करवाने की धमकी विक्रम का आरोप है कि कॉल पर अनिल ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। अनिल ने फोन पर कहा कि वह रणदीप मलिक नाम के व्यक्ति से उनकी गोली मारकर हत्या करवा देगा। पीड़ित के अनुसार, रणदीप मलिक भी इस समय अमेरिका में ही मौजूद है और अनिल ही इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार है। पुलिस को सौंपी कॉल रिकॉर्डिंग पीड़ित विक्रम सिंह ने डर के साये में पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने साक्ष्य के तौर पर धमकी भरी कॉल की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंप दी है। विक्रम ने बताया कि वह रणदीप के बारे में ज्यादा नहीं जानते, लेकिन उन्हें अंदेशा है कि अनिल किसी भी समय उन पर हमला करवा सकता है। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज मतलौडा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी भतीजे अनिल और रणदीप मलिक के खिलाफ BNS 2023 की धारा 351(3) (जान से मारने की धमकी), 351(4) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 9:46 am

संभल में ईरानी राष्ट्रपति की मौत पर शियाओं का प्रदर्शन:महिलाओं और बच्चों ने कैंडल मार्च निकाल अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी

संभल में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन सहित अन्य नेताओं की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया। मुस्लिम महिलाओं और बच्चों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार रात 9 बजे तहसील संभल के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कैंडल मार्च निकाला और देर रात तक मजलिस का आयोजन किया। शिया समुदाय की मुस्लिम महिलाएं और बच्चे हाथों में दिवंगत ईरानी नेताओं की तस्वीरें लिए हुए थे। उन्होंने एक हुसैनी मारोगे तो हर घर से हुसैनी निकलेगा जैसे नारे लगाए और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। कस्बा सिरसी के मोहल्ला सादक स्थित इमाम बारगाह माकूफा से कैंडल मार्च शुरू हुआ। यह मोहल्ला चौधरियान, स्टेशन रोड और मोहल्ला शर्की सादात से होते हुए बाजार पहुंचा और वापस माकूफा आकर समाप्त हुआ। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं शामिल थीं। ईरानी नेताओं की मौत के बाद शिया समुदाय में पनप रहे आक्रोश को देखते हुए थाना हजरतनगर गढ़ी पुलिस सहित पूरे जनपद की पुलिस अलर्ट पर है। संभल जनपद में शिया समुदाय की आबादी लगभग 50,000 है, जिसमें से 15,000 लोग नगर पंचायत सिरसी कस्बे में रहते हैं। सिरसी कस्बे के लगभग 200 लोग ईरान में रहते हैं, जिनमें से 50 से 60 छात्र इस्लामिक और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 9:40 am

भूपेश बोले-अमेरिका सबसे ज्यादा डरा हुआ देश:भिलाई में कहा-एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने तनाव बढ़ाया,ट्रम्प भी बच नहीं पाएंगे और न ही हमारा वाला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है, उसे सबसे ज्यादा चिंता डॉलर की है। इसी कारण वह दुनिया के ऑयल पर कब्जा करना चाहता है। जहां-जहां तेल है, वहां किसी न किसी तरह दखल दे रहा है। दुनिया में अमेरिका जहां भी लड़ाई लड़ रहा है, चाहे वह वेनेजुएला हो, ईरान हो या भारत को धमकाने की बात हो। यह सब डॉलर को बचाने के लिए हो रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए विश्व में तनाव बढ़ाया जा रहा है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को बचाने के लिए दुनिया में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉनल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं पाएंगे और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा वाला भी बिल्कुल नहीं बच पाएगा। होली मिलन कार्यक्रम से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ? दरअसल, मंगलवार को भिलाई के अजंता पैलेस में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इजराइल-इरान जंग को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी टिप्पणी की। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग 56 इंच सीना और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, उनके मुंह से आज एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे कुछ तो बोलें, लेकिन अभी पूरी तरह मौन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मौनमोहन सिंह कहा जाता था, लेकिन जब वे बोलते थे तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती थी। अभी प्रधानमंत्री की आवाज ही नहीं सुनाई दे रही है। भूपेश बघेल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग शुरू होने की आशंका है। जब-जब पीएम मीडिल ईस्ट गए तब-तब गड़बड़ी हुई भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जाते हैं, तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। पिछली बार जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात गए थे और फाइटर जेट का स्वागत कर रहे थे, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी। पूर्व सीएम ने हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे के दौरान गले मिलने की तस्वीरें आईं और इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को ‘फादरलैंड’ और भारत को ‘मदर‍लैंड’ बताया गया। जिस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता है। घर-घर सिंदूर भिजवाने के बाद से बिगड़ा अलाइमेंट भूपेश बघेल ने नरेंद्र मोदी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए कथित ऑपरेशन सिंदूर के तहत घर-घर सिंदूर भेजे जाने की चर्चा हुई थी। सिंदूर आमतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में बेटियों या महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है, लेकिन इसे सभी घरों में भेजे जाने पर विरोध हुआ और बाद में यह पहल बंद करनी पड़ी। उसी समय से उनका ‘अलाइनमेंट’ गड़बड़ा गया और वह गड़बड़ी आज तक जारी है। ताम्रध्वज साहू की ली चुटकी, असहज हो गए पूर्व गृहमंत्री भूपेश बघेल ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डीजल-पेट्रोल संकट पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता बंद कर दिया और जहाजों की आवाजाही रुक गई, तो देश में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास 4-5 पेट्रोल पंप हैं, उन्होंने अभी से 2-3 पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इसके बाद ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए। …………………….. भूपेश बघेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… विधानसभा में भूपेश ने चूहे-धान पर गाया फाग,VIDEO: कहा- मुसवा बिन घोटाला न होए विष्णु, दे-दे बुलउवा, बीजेपी बोली- पकड़ागे-धरागे मुसवा मन रे होली को 5 दिन बचे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गाते हुए सरकार पर चुटकी ली। उन्होंने गीत में कवर्धा की उस चर्चित घटना का जिक्र किया, जिसमें चूहों द्वारा 7 करोड़ का धान खराब किए जाने की बात सामने आई थी। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 8:16 am

लखनऊ में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ आधी रात को प्रदर्शन:ट्रंप कि तस्वीर जलाकर सुलगाई सिगरेट, खामेनेई की मौत पर भड़के

छोटा इमामबाड़ा पर आधी रात को ईरान पर किए गए हमले के विरोध में नितिन याहू और ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन से पहले शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में मजलिस पढ़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू और ट्रंप की तस्वीर जलाकर सिगरेट सुलगाई। अमेरिका, इजरायल और सऊदी अरब का पुतला फूंका। युद्ध में इजराइल का साथ देने वाले सभी देशों का खुलकर विरोध किया। नारा लगाया 'एक से बढ़कर एक जलील अमेरिका और इजरायल'। अयातुल्ला अली खामेनेई जिंदाबाद। देखिए 3 तस्वीरें… 'ईरान पर हमला मानवता के खिलाफ' मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे रहबर अयातुल्ला अली खामेनेई को रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने हमेशा जालिम के खिलाफ आवाज उठाई। गाजा में बेगुनाहों का जब खून बहाया जा रहा था उनके समर्थन में उतरे। मासूम बच्चों और औरतों का खून बहाने वाले आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। अमेरिका और इजरायल ने जिस तरह से सुप्रीम लीडर की हत्या किया या बेहद निंदनीय है। जहां एक तरफ वार्ता हो रही थी वही दूसरी ओर ईरान पर हमला कर दिया गया यह मानवता के खिलाफ है। ट्रंप पूरी दुनिया पर अपनी दादागिरी करना चाहता है। ‘ईरान को अमेरिका की दादागिरि कबूल नहीं’ नेतन्याहू और ट्रंप की तस्वीर से सिगरेट सुलगाने वाले प्रदर्शनकारी काविश ने कहा कि अमेरिका और इजराइल का जितना विरोध किया जाए कम है। इन लोगों ने मिलकर हमारे सुप्रीम लीडर की हत्या किया। हम लोग अपने रहबर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए जान देने को तैयार हैं। मगर हमारे रहबर को धोखे से मारा गया। हम लोग हमेशा कहेंगे कि नेतन्याहू और ट्रंप हत्यारे हैं। ट्रंप कि सनक ने कई देशों को बर्बाद कर दिया। ये सभी को अपने सामने झुकाना चाहता है। अपनी शर्तों पर व्यापार करना चाह रहा बात। मगर ईरान इसकी एक भी शर्त स्वीकार नहीं किया।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 2:35 am

लखनऊ में अमेरिका इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन:ट्रंप कि तस्वीर जलाकर जलाई सिगरेट , अमेरिका, इजराइल और सऊदी अरब का पुतला फूंका , खामेनेई की मौत पर भड़के

लखनऊ में देर रात छोटा इमामबाड़ा पर विरोध प्रदर्शन। ईरान पर किए गए हमले के विरोध में नितिन याहू और ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन से पहले शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में मजलिस पढ़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए। ‘ईरान से जंग करने वालों का पुतला फूंका’ प्रदर्शन में नेतन्याहू और ट्रंप की तस्वीर जलाकर सिगरेट जलते हुए नजर आए । साथ ही अमेरिका , इजरायल और सऊदी अरब का पुतला फूंका इस युद्ध में इजराइल का साथ देने वाले सभी देशों का खुलकर विरोध किया । प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया 'एक से बढ़कर एक जलील अमेरिका और इजरायल'। अयातुल्ला अली खामेनेई जिंदाबाद के भी नारे लगे। पुतला फूंकते हुए शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हो रहे हमले का जमकर विरोध किया। 'ईरान पर हमला मानवता के खिलाफ' मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे रहबर अयातुल्ला अली खामेनेई को रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने हमेशा जालिम के खिलाफ आवाज उठाई। गाजा में बेगुनाहों का जब खून बहाया जा रहा था उनके समर्थन में उतरे। मासूम बच्चों और औरतों का खून बहाने वाले आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। अमेरिका और इजरायल ने जिस तरह से सुप्रीम लीडर की हत्या किया या बेहद निंदनीय है। जहां एक तरफ वार्ता हो रही थी वही दूसरी ओर ईरान पर हमला कर दिया गया यह मानवता के खिलाफ है। ट्रंप पूरी दुनिया पर अपनी दादागिरी करना चाहता है। ट्रंप के रास्ते में इजराइल और अयातुल्ला अली खामेनेई थे जिन्हें हटाने की कोशिश कर रहा। ‘ईरान को अमेरिका की दादागिरि कुबूल नही’ नेतन्याहू और ट्रंप की तस्वीर से सिगरेट जलाने वाले प्रदर्शनकारी काविश ने कहा कि अमेरिका और इजराइल का जितना विरोध किया जाए कम है। इन लोगों ने मिलकर हमारे सुप्रीम लीडर की हत्या किया। हम लोग अपने रहबर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए जान देने को तैयार है। मगर हमारे रहबर को धोखे से मारा गया। हम लोग हमेशा कहेंगे कि नेतन्याहू आउट ट्रंप हत्यारे है। ट्रंप कि सनक ने कई देशों को बर्बाद कर दिया। ये सभी को अपने सामने झुकाना चाहता है।अपनी शर्तों पर व्यापार करना चाह रहा बात। मगर ईरान इसकी एक भी शर्त स्वीकार नहीं किया।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 2:35 am

जहानाबाद में नमाज के बाद सड़कों पर उतरे लोग:ईरान मुद्दे पर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन, काले झंडों के साथ नारेबाजी की

जहानाबाद जिले के अली नगर पाली में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ईरान पर कथित हमले और सैयद अली खमनाई की मौत के विरोध में आयोजित किया गया था। जुमा की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और एक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और काले झंडे थे, जिन पर 'अमेरिका मुर्दाबाद', 'इजरायल मुर्दाबाद', 'ईरान जिंदाबाद' और 'खामनाई जिंदाबाद' जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर शुरू किए गए कथित युद्ध में सैयद अली खमनाई की मौत का विरोध किया। उनका कहना था कि इस घटना के बाद से शिया और सुन्नी समुदाय के लोग जगह-जगह अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। शहादत को कयामत तक याद रखने की बात कहीइस अवसर पर हाफिज जुबेर अहमद ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने 86 वर्षीय सैयद अली खमनाई की हत्या की है, लेकिन उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैयद अली खमनाई बेबस, लाचार और जुल्म के खिलाफ हमेशा लड़ते रहे। अमेरिका चाहता था कि खमनाई झुक जाएं, लेकिन कर्बला के अनुयायी होने के नाते उन्होंने कभी बातिल के सामने सर नहीं झुकाया और मरना पसंद किया। शिया जामा मस्जिद के इमाम सैयद कल्बे हुसैन जाफरी ने भी इमाम खमनाई की शहादत को कयामत तक याद रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि खमनाई ने इस उम्र में भी जिस ताकत का प्रदर्शन किया, वह हमारे युवाओं में जोश भरने का काम करता है। शहादत पूरी दुनिया में एक इंकलाब पैदा कर रहीजुलूस में शामिल सैयद मुबारक हसन उर्फ छोटन ने कहा कि सैयद अली खमनाई की शहादत पूरी दुनिया में एक इंकलाब पैदा कर रही है और लोग उन्हें कयामत तक याद रखेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में संजर इमाम, अरमान, साबिर कुरेशी, मोहम्मद मिस्टर, शाहनवाज हैदर, सज्जू हैदर, अली इमाम अकील काजमी, मो. राशिद, मो. आरिफ, मो. अरशद सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 10:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

ईरान–इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव:पैरेंट्स ने कहा- दुबई में रहने वाले बेटे को हर एक घंटे में वीडियो कॉल करते हैं

ईरान–इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध का असर अब जमशेदपुर तक महसूस किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते संघर्ष के बीच शहर के उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिनके अपने लोग खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं। जमशेदपुर के कई परिवारों के सदस्य दुबई, कतर, सऊदी अरब जैसे देशों में रोजगार के सिलसिले में वर्षों से रह रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के रहने वाले दिलीप दास का परिवार भी गहरी चिंता में है। उनके बेटे प्रतीक दास पिछले पांच वर्षों से दुबई में कार्यरत हैं। घर के सभी सदस्य डरे और सहमे हुए हैं दिलीप दास ने बताया कि जैसे ही ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं, परिवार की चिंता और भी गहरा गई। दिलीप दास ने बताया कि लगातार समाचार देखने और सोशल मीडिया पर आ रही सूचनाओं से घर के सभी सदस्य डरे और सहमे हुए हैं। वे प्रतिदिन हर एक घंटे पर अपने बेटे से संपर्क कर उसकी कुशलक्षेम जान रहे हैं। हालांकि दुबई में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, फिर भी क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बेटा एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है: दिलीप दासदिलीप दास ने बताया कि बेटा दुबई में वहां रहता है, जहां तीन दिनों पूर्व ब्लास्ट हुआ था। बेटा एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है और पांच साल से वहीं रह रहा है। हम लोगों को तो काफी डर लग रहा है। बच्चे की हमेशा चिंता लगी रहती है। उन्होंने कहा- प्रतीक यहां आने के लिए फ्लाइट भी बुक कर चुका था पर सभी कैंसिल हो गई। जब माहौल सामान्य हो जाएगा तो वो फिर वापस आएगा। वीडियो कॉल पर हर एक घंटे में बात हो रही है। दिन भर टीवी पर हमलोगों वहां की स्थितियों को देखते हैं। दिलीप दास कहते हैं इंडिया गवर्नमेंट से मांग करता हूं कि इंडिया के जितने लोग भी वहां फंसे हैं, सबको सकुशल वापस लाएं। वहीं, प्रतिक दास की मां प्रीति दास कहती हैं कि चिंता थोड़ा ज्यादा ही है। एक अच्छी बात है कि वहां इंटरनेट बंद नहीं हुआ। इससे बेटे से हर 1 घंटे में वीडियो कॉल पर बात हो जा रही है। फिलहाल बेटे के आने का इंतजार है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 12:55 pm

अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर पंजाबी मूल के दो युवक गिरफ्तार:कमर्शियल ट्रक में ले जा रहे थे 111.40 किलोग्राम कोकीन, CBSA ने आरोपी RCMP को सौंपे

यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका से ब्लू वॉटर ब्रिज पोर्ट ऑफ एंट्री पर कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने एक कमर्शियल ट्रक से भारी मात्रा में कोकीन बरामद की। सीबीएसए ने जांच के बाद पंजाबी मूल के दो युवाओं को नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। सीबीएसए ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों सरकरनवीर सिंह व चमकौर सिंह को पूछताछ के बाद रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को सौंप दिया है। सीबीएसए ने कमर्शियल ट्रक से 111.40 किलोग्राम कोकीन बरामद की थी। कनाडा बॉर्डर सिक्योरिटी एजेंसी ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी की है और बताया है कि 19 फरवरी को अमेरिका कनाडा बॉर्डर पर एक कमर्शियल ट्रक को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान ट्रक में से 111.40 किलोग्राम कोकीन पकड़ी गई थी। गत्ते के बॉक्सों में भरी थी कोकीन सीबीएसए के अधिकारियों के मुताबिक कमर्शियल ट्रक में सामान के साथ कोकीन को गत्ते के बॉक्सों में पैक करके रखा था। कोकीन से भरे बॉक्सों को अन्य सामान के बीच में रखा था ताकि पकड़े न जाएं। पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो उसमें कोकीन से भरे बॉक्स बरादम हुए। आरोपी व कोकीन आरसीएमपी को सौंपी सीबीएसए ने मामले की जांच के बाद डार्टमाउथ नोवा स्कोटिया में रहने वाले वाले 29 वर्षीय सरकरनवीर सिंह और ओंटारियो के बेलविले में रहने वाले 25 वर्षीय चमकौर सिंह को गिरफ्तार किया है। सीबीएसए ने जांच पूरी करने के बाद दोनो आरोपियों व पकड़े गए नशीले पदार्थ को आरसीएमपी को सौंप दिया है। केस अदालत में भेजा प्रेस रिलीज में बताया गया कि आरोपियों को दो मार्च को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ केस ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस में केस दायर कर दिया है। वहां पर इस केस की सुनवाई चल रही है। दोनों आरोपियों पर कंट्रोल्ड ड्रग्स एंड सब्सटेंसेज एक्ट के तहत कोकीन के आयात और तस्करी के उद्देश्य से कोकीन रखने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका से कनाडा में नशा तस्करी CBSA के साउदर्न ओंटारियो रीजन के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका से कनाडा में नशा तस्करी के लिए कमर्शियल ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि बॉर्डर पर सख्ती से जांच की जा रही हे। 1 जनवरी 2025 से अब तक इसी क्षेत्र में CBSA ने 1,743 किग्रा कोकीन बरामद की है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 9:57 am

ईरान-इजराइल जंग में फंसे हरियाणा के 2 भाई:कतर में समंदर से ऑयल निकालने का काम, मिसाइलें उड़तीं देखीं; बोले- सामने ही अमेरिकी बेस, डर लग रहा

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चार दिन से चल रही जंग में हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले दो भाई अमित मलिक और अनिल मलिक भी फंस गए है। दोनों भाई कतर में समंदर के बीच ऑयल रिंग पर काम करते है। ऑयल रिग से समंदर के 18 हजार फीट नीचे से गैस और ऑयल निकाला जाता है। अमित के मुताबिक, वे 27 फरवरी को इंडिया से कतर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के तुरंत बाद ही युद्ध जैसे हालात शुरू हो गए। पहले जहाज पर थे तो ज्यादा डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही बमबारी शुरू हुई, उसे हेलीकॉप्टर से कतर की सनईया सिटी में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि उनके भाई अनिल को दुबई भेजा गया। मगर, जिस होटल में वे ठहरे हैं, उसके ऊपर से मिसाइलें गुजरती दिखीं। एक मिसाइल को उनके होटल के ऊपर ही डिफेंस सिस्टम ने हवा में नष्ट किया। उनके सामने की दिशा में ही अमेरिका का बेस कैंप है और वहीं पर मिसाइलें गिराने की कोशिश की जा रही थी। यह आंखों देखा दृश्य उनके लिए बेहद डरावना था। उधर, जब दोनों भाइयों ने सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में अपने गांव बिधल में परिवार को इसकी जानकारी दी तो उनकी चिंता बढ़ गई। परिवार ने दोनों से कहा कि किसी भी तरह देश लौट आओ। परिवार ने सरकार से भी अपील की है कि जंग में फंसे भारतीयों की जल्द से जल्द वतन वापसी के प्रयास करें। कैसे है जंग के हालात, दोनों भाइयों ने बताई तीन बातें… दोनों भाइयों के ऑयल रिग तक पहुंचने का सफर… परिवार खेतीबाड़ी से जुड़ा, नेवी में जाने की चाहत थी अनिल ने उनका परिवार ढाई एकड़ जमीन का मालिक है, लेकिन खेती-बाड़ी से ज्यादा बचत नहीं हो पाती थी। इसी कारण बेहतर रोजगार की तलाश में मैने और छोटे भाई अमित ने विदेश जाने का फैसला किया। अमित ने 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में जाने का फैसला किया। वर्ष 2014 में उसने हिसार की एक अकादमी से डिप्लोमा किया और ट्रेनिंग मुंबई में हुई। ठगी हुई तो विदेश जाने का फैसला किया अनिल बताते है कि मुंबई से ट्रेनिंग लेकर लौटे तो हिसार का संस्थान बंद मिला। पता चला कि नेवी में भेजने के नाम पर उनके साथ 6 से 8 लाख रुपये की ठगी हो गई। इसके बावजूद अमित ने हार नहीं मानी और मेहनत के दम 10 साल पहले विदेश में काम शुरू किया। पहले दुबई में नौकरी की और पिछले 6 साल से कतर में ऑयल रिग पर कार्यरत हैं। बाद में अमित ने मुझे भी इसी क्षेत्र में लगवा दिया। 20 दिन काम के मिलते है 1.60 लाख रुपए अमित को 20 दिन काम के लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये मिलते हैं। बेहतर कमाई के लिए उन्होंने जोखिम भरा काम चुना, लेकिन आज हालात इतने भयावह हैं कि चिंता बढ़ गई है। गांव में पिता और पत्नी हर पल फोन का इंतजार करते हैं। अमित ने बताया कि रविवार रात लगातार गोलाबारी होती रही। जहाज के आसपास भी धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। हालांकि अब दोनों भाई सुरक्षित स्थान पर हैं और लगातार परिवार को हालात की जानकारी दे रहे हैं।दोनों भाइयों की हो चुकी शादी, बच्चे भी बड़े भाई अनिल मलिक लगभग 35 वर्ष के हैं। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। चार साल पहले उनकी शादी हुई। उनके दो बच्चे है, एक 7 साल की बेटी और 5 साल का बेटा। अनिल का परिवार सोनीपत शहर में रहता है। जबकि, अमित मलिक 28 वर्ष के हैं। दो साल पहले उनकी शादी हुई और उनका दो साल का बेटा है। उनकी पत्नी और पिता गांव में रहते हैं। उनकी मां का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। अनिल की पत्नी बोलीं- बस सकुशल लौट आए दोनोंअनिल की पत्नी किरण ने बताया कि दो दिन पहले ही उनकी पति और देवर से बात हुर्ह थी। दोनों ने वहां के जो हालात बताए थे, उसने हमारी चिंता बढ़ा दी है। बस हमारी हुई कामना है कि वे जहां भी रहे, सुरक्षित रहे। दोनों को जल्दी से जल्दी घर लौट आने को कहा गया है। मगर, अभी सभी फ्लाइट्स बंद है, ऐसे में सरकार को वहां फंसे लोगों को जल्दी ही देश वापस लाने के प्रयास करने चाहिए। -------------------ये खबर भी पढ़ें… दोहा कतर में देर रात ईरान का मिसाइल अटैक:एयरपोर्ट और गैस प्लांट को बनाया निशाना, 60-70 भारतीयों का समुंद्र से रेस्क्यू रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने दोहा कतर से मंगलवार सुबह दैनिक भास्कर एप से वीडियो शेयर करते हुए बताया कि ईरान ने देर रात करीब 2 बजे कतर में अमेरिकन एयरबेस पर मिसाइल अटैक किया। हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों के मरने की पुष्टि कतर न्यूज ने भी की है। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 9:46 am

दरभंगा में कैंडल मार्च, ईरान पर हमले का विरोध:अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लगे नारे; शिया-सुन्नी एकता का दिया संदेश

दरभंगा के पतौर थाना क्षेत्र में चंदनपट्टी पंचायत स्थित सिया इमामबाड़ा से सोमवार देर शाम कैंडल मार्च निकाला। अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जमकर नारेबाजी की। कैंडल मार्च सिया इमामबाड़ा से निकलकर लहेरियासराय-बहेड़ी रोड तक पहुंची। जहां लोगों ने अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद और शिया-सुन्नी एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। जुलूस में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी एक सुर में एकता, शांति और इंसानियत का संदेश दिया। इमाम-ए-जुमा, मस्जिद चंदनपट्टी के मौलाना ताहिर अब्बास ने कहा कि दुनिया में अमन और इंसानियत की सबसे अधिक आवश्यकता है। निर्दोष लोगों पर अत्याचार किसी भी धर्म में स्वीकार्य नहीं है। सभी समुदायों को मिलकर शांति और भाईचारे का संदेश फैलाना चाहिए। देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआ मौलाना नुसरत जाफरी ने कहा कि यह मोमबत्ती रैली अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से नफरत छोड़कर इंसानियत और एकता का मार्ग अपनाने की अपील की। कस्मिया मस्जिद चंदन पट्टी के मौलाना इब्राहिम जाफरी ने कहा कि शिया और सुन्नी हमेशा से एक उम्मत रहे हैं। एकता ही इस्लाम की असली ताकत है। उन्होंने समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया। स्थानीय लोगों ने इस पहल को संवेदना, एकजुटता और शांति का संदेश देने वाला बताया। रैली के समापन पर सभी ने देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआ की।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 8:20 am

ईरान-अमेरिका युद्ध से यूपी के 25 लाख लोग फंसे:होली में भी घर नहीं आ पाएंगे, जानिए क्यों खाड़ी देश जाते हैं युवा

गोंडा के 27 साल के दिनेश वर्मा इन दिनों दुबई में फंसे हैं। 1 मार्च को उनका मुंबई आने का टिकट था, लेकिन क्षेत्र में जारी बमबारी के कारण एयरपोर्ट बंद हो गया। वे भारत नहीं लौट पाए। दुबई में कुक का काम करने वाले दिनेश को वापस उनके कमरे पर भेज दिया गया। वे होली और अपने भांजे विनोद वर्मा की 11 मार्च को बस्ती में होने वाली शादी में शामिल नहीं हो सकेंगे। दिनेश का कहना है कि वे करीब 150 लोगों के साथ एक ही कमरे में रह रहे हैं। हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। उन्होंने प्रशासन और भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। दिनेश की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की परेशानी नहीं है। यह उन 25 लाख प्रवासी कामगारों की हकीकत है, जो रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। ऐसे में बड़े सवाल खड़े होते हैं कि आखिर यूपी के कितने लोग खाड़ी देशों में रहते हैं? इजराइल में यूपी के कितने नागरिक काम कर रहे? खाड़ी देश यूपी के युवाओं को क्यों आकर्षित करते हैं? सबसे ज्यादा नौकरियां किन देशों में हैं? लोग किन क्षेत्रों में काम करते हैं? औसत सैलरी कितनी मिलती है? भास्कर एक्सप्लेनर में सारे सवालों के जवाब जानिए… यूपी के कितने लोग खाड़ी देशों में रहते हैं? खाड़ी देशों में काम करने वाले यूपी के लोगों की संख्या को लेकर अक्सर दो अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं। एक आधिकारिक और दूसरा अनुमानित। 2019 की एक रिपोर्ट विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट सिस्टम के मुताबिक, साल 2018 में प्रदेश से 86,273 लोग खाड़ी देशों में काम करने गए थे। यह संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने ‘Emigration Check Required (ECR)’ श्रेणी के तहत विदेश जाने की अनुमति ली। इसमें मुख्य रूप से ब्लू-कॉलर और श्रमिक वर्ग शामिल होता है। एक अनुमान के मुताबिक, यूपी के 20 से 25 लाख लोग खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। इजराइल में यूपी के कितने नागरिक काम कर रहे? यूपी सरकार ने 1 मार्च, 2026 को बताया कि इजराइल में काम कर रहे प्रदेश के सभी निर्माण श्रमिक फिलहाल अपने-अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षित हैं। नियमित रूप से काम कर रहे हैं। इजराइल-ईरान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए है। सरकार के अनुसार, इस समय प्रदेश के कुल 6,004 निर्माण श्रमिक इजराइल में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इन श्रमिकों का चयन साल-2024 के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और इजराइल की सरकारी एजेंसी पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी (PIBA) के जरिए किया गया था। खाड़ी देश यूपी के युवाओं को क्यों आकर्षित करते हैं? डीडीयू गोरखपुर के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और HOD अनुराग द्विवेदी के अनुसार, पूर्वांचल के हजारों युवा हर साल रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों का रुख करते हैं। बेहतर वेतन, तेजी से मिलने वाला रोजगार और सीमित शैक्षिक योग्यता में भी काम के अवसर जैसे कुछ प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से खाड़ी देश यूपी के युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। अनुराग बताते हैं- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत और ओमान जैसे देशों में निर्माण, तेल-गैस, सुरक्षा, ड्राइविंग, होटल और घरेलू कामकाज के क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिकों की मांग रहती है। प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमी जिलों से बड़ी संख्या में युवा इन सेक्टरों में काम करने जाते हैं। भारत में समान काम के मुकाबले खाड़ी देशों में मजदूरी कई गुना अधिक मिलती है। साथ ही, टैक्स व्यवस्था अपेक्षाकृत सरल होने से बचत की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि कई परिवारों के लिए विदेश जाना आर्थिक स्थिति सुधारने का बड़ा साधन बन गया है। खाड़ी देशों में कई ऐसे कार्य क्षेत्र हैं, जिनमें उच्च शैक्षिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती। सीमित पढ़ाई वाले युवाओं को भी रोजगार मिल जाता है। यह उन्हें घरेलू बेरोजगारी से बाहर निकलने का रास्ता देता है। सबसे ज्यादा नौकरियां किन देशों में हैं? खाड़ी देशों में काम करने वालों की औसत सैलरी कितनी? डीडीयू गोरखपुर के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप दीक्षित के अनुसार, मानव विकास के मामले में भारत की स्थिति बेहतर है। लेकिन, हेल्थ, आईटी और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में खाड़ी देश तेजी से आगे बढ़े हैं। यही वजह है कि इन सेक्टरों में भारतीयों, खासकर यूपी के युवाओं की मांग लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में बढ़ई, ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य सेमी-स्किल्ड कामगारों के लिए अच्छे अवसर हैं। वहां इनकम टैक्स नहीं होने और तुलनात्मक रूप से अधिक वेतन मिलने से बचत की संभावना बढ़ जाती है। स्किल्ड और अनस्किल्ड, दोनों तरह के कामगारों की मांग बनी रहती है। प्रो. दीक्षित के अनुसार (सैलरी के औसत अनुमानित आंकड़े): पहले कब आया था इस तरह का संकट? कितने भारतीय गल्फ में काम करते हैं? गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है। ये देश भारत के लिए रोजगार, एयर कनेक्टिविटी और फॉरेन करेंसी के लिहाज से बेहद अहम हैं। आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सबसे ज्यादा 43. 26 लाख भारतीय रहते हैं। इसके बाद सऊदी अरब में 27.47 लाख, कुवैत में 10.36 लाख, कतर में 8.30 लाख, ओमान में 6.76 लाख और बहरीन में 3.17 लाख भारतीय रहते हैं। इस तरह GCC देशों में कुल मिलाकर लगभग 9934024 यानी करीब 1 करोड़ भारतीय रहते हैं। खाड़ी देशों की बात करें तो सऊदी अरब भारतीयों की आबादी के मामले में दूसरे स्थान पर है। सऊदी की करीब 3.5 करोड़ जनसंख्या है। वहां भारतीयों की जनसंख्या 28 से 30 लाख के बीच है । ई-एमिग्रेट पोर्टल के जरिए जारी इमीग्रेशन क्लीयरेंस के आंकड़े बताते हैं कि 2023 में GCC देशों के लिए कुल 39,8,316 इमीग्रेशन क्लीयरेंस जारी किए गए। यह औसतन करीब 1091 लोगों प्रतिदिन के बराबर है, जो मुख्य रूप से ब्लू-कॉलर वर्कर्स होते हैं। 2023 में सऊदी अरब के लिए 2,00,713, UAE के लिए 71,687, कुवैत के लिए 48,212, कतर के लिए 30,683, ओमान के लिए 21,336 और बहरीन के लिए 7,376 क्लीयरेंस जारी किए गए। इमिग्रेशन के मामले में नंबर वन पर भारत UNFPA 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की जनसंख्या करीब 1.4286 बिलियन है। इसके साथ ही भारत इमिग्रेशन के मामले में भी नंबर एक पर है। बहुत बड़ी तादाद में भारतीय समुदाय के लोग दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। UN वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2024 के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल माइग्रेंटस का केंद्र भारत ही है। यह संख्या करीब 18 मिलियन है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, मई 2024 तक, विदेशों में रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 35.42 मिलियन थी। इनमें करीब 15.85 मिलियन NRI और 19.57 मिलियन PIOs (भारतीय मूल के व्यक्ति) हैं। बात अगर देशों के अनुसार (मई 2024 तक) करें तो अमेरिका में सबसे ज्यादा भारतीय लोग रहते हैं। यह आंकड़ा करीब 5.4 मिलियन है, जो अमेरिका की जनसंख्या (345 मिलियन) का 1.6% है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… EX मुस्लिम यूट्यूबर को चाकू मारने वाला एनकाउंटर में ढेर, इंस्पेक्टर बाल-बाल बचे, 2 पुलिसवालों को लगी गोली गाजियाबाद में रविवार रात यूट्यूबर सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारने वाला बदमाश एनकाउंटर में ढेर हो गया। लोनी थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए, उनके बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी है। जबकि अन्य 2 पुलिसवालों को भी गोली लगी है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 5:42 am

अमेरिका-ईरान युद्ध:दुबई में फंसे इंदौर के यात्री बोले- हम सभी सुरक्षित, कोई परेशानी नहीं, फ्लाइट शुरू होने का इंतजार

अमेरिका-ईरान के बीच जंग छिड़ने के बाद दुबई से सभी फ्लाइट्स बंद हो गई हैं। इंदौर-शारजाह फ्लाइट बंद होने से इंदौर के यात्री भी दुबई में फंस गए हैं। यात्रियों ने कहा हमें किसी तरह की चिंता नहीं है। यहां किसी तरह की परेशानी नहीं है। लोग आराम से घूम भी रहे हैं। होटलें, मार्केट, बाजार सभी खुले हैं। जैसे ही फ्लाइट शुरू होंगी, इंदौर आ जाएंगे। इधर, दुबई में रह रहे भारतीय भी वहां लोगों की मदद में जुटे हैं। वे फूड पैकेट से लेकर अन्य मदद कर रहे हैं। सभी ने कहा इस कठिन घड़ी में हम सभी साथ हैं। इंदौर से दुबई गए आठ लोगों की 2 मार्च की वापसी की फ्लाइट थी। फ्लाइट निरस्त होने से सभी यात्री वहीं रुके हुए हैं। ग्रुप से जुड़े संजय गोयल ने कहा हम सुरक्षित हैं। होटल स्टे को कुछ दिन के लिए और बढ़ा दिया है। सोमवार को हम सभी मॉल गए। लोकल दुबई भी घूमा, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आ रही है। यहां सारी व्यवस्थाएं ठीक हैं। इधर, मिडिल ईस्ट दुबई के चेयरमैन चंद्रशेखर भाटिया और उनकी टीम से जुड़े लोग इंदौर सहित प्रदेश के लोगों से दुबई में होटलों में मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा किसी को कोई जरूरत हो तो बताएं, हम सभी आपके साथ हैं। आईपीएफ की टीम आगे आई, हेल्पलाइन नंबर जारी किए यूएई में इंडियन पीपुल्स फोरम (आईपीएफ) की टीम भी इस कठिन घड़ी में लोगों की मदद के लिए आगे आई है। फोरम के प्रमुख जितेंद्र वैद्य ने कहा हमने लोगों के लिए चौबीस घंटे मदद शुरू कर दी है। यूएई के अबूधाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, रास-अल-खैमाह, फुजैराह, उम्म अल-कुवैन में हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। यूएई में किसी को मदद की जरूरत हो तो आईपीएफ के प्रतिनिधि-पदाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इधर, आईपीएफ मध्यप्रदेश काउंसिल से जुड़ी प्रिया अग्रवाल ने कहा फोरम के प्रमुख जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में हमने फूड पैकेट के लिए भी पहल की है। रोजाना 100 से ज्यादा फूड पैकेट अलग-अलग लोगों तक पहुंचाए जाएंगे। किसी भी व्यक्ति को अन्य मदद की जरूरत हो तो, वह भी बताए।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 4:00 am

किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे

भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:41 am

अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!

युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:38 am

ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें

विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी

देशबन्धु 26 Feb 2026 2:49 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : क्या 'श्वेेत क्रांति' की आड़ में 'जीएम फसलों' का पिछला दरवाजा खुल रहा है?

कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए

देशबन्धु 25 Feb 2026 4:40 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी

मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।

देशबन्धु 17 Feb 2026 3:30 am

भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता

व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।

देशबन्धु 14 Feb 2026 3:20 am

विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे

महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था

देशबन्धु 12 Feb 2026 3:20 am

क्या सोशल मीडिया बच्चों को बना रहा है ‘आदी’? अमेरिका में इंस्टाग्राम और यूट्यूब के खिलाफ मुकदमा

अमेरिका के लॉस एंजेलिस में इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ एक बहुचर्चित मुकदमा चल रहा है, जिसमें आरोप है कि इन प्लेटफार्मों के एल्गोरिदम और फीचर बच्चों में लत जैसी प्रवृत्ति पैदा करते हैं।

देशबन्धु 11 Feb 2026 10:36 am

अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!

अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।

देशबन्धु 9 Feb 2026 2:10 am

मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू

मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए

देशबन्धु 7 Feb 2026 8:09 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति

- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है। 

देशबन्धु 5 Feb 2026 3:20 am

अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है

देशबन्धु 2 Feb 2026 3:20 am

ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?

दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे

देशबन्धु 26 Jan 2026 2:45 am

बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती

राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं

देशबन्धु 15 Jan 2026 8:07 am

अमेरिका की निगाह ईरान पर

ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है

देशबन्धु 13 Jan 2026 4:13 am

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा

वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है

देशबन्धु 8 Jan 2026 7:48 am

वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more

अजमेरनामा 5 Jan 2026 2:36 pm

अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी

यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना

देशबन्धु 5 Jan 2026 3:55 am

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़

अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।

देशबन्धु 12 Dec 2025 2:20 am

अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.

बूमलाइव 4 Dec 2025 3:13 pm

भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं

देशबन्धु 10 Nov 2025 6:48 am

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am