अमेरिकी राष्ट्रपति की गद्दी पर बैठने वाले डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका फर्स्ट की नीतियों का हवाला देकर मनमर्जी के फैसले करते आ रहे हैं. उन्होंने टैरिफ का फैसला भी इसी के तहत दिया कि इससे अमेरिकियों की कमाई बढ़ेगी.
अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते में टैरिफ घटाया गया, कपड़ा उद्योग को बड़ी राहत
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह समझौता अप्रैल 2025 से चल रही करीब नौ महीने की बातचीत का परिणाम है। युनूस के अनुसार, अमेरिका ने ऐसी व्यवस्था पर सहमति दी है जिसके तहत अमेरिकी कपास और सिंथेटिक फाइबर से बने बांग्लादेशी परिधानों पर कोई जवाबी टैरिफ नहीं लगाया जाएगा।
Cuba Fuel Shortage:ट्रंप द्वारा क्यूबा की तेल आपूर्ति पर सख्ती के बाद देश में ईंधन संकट गहरा गया है. विमानन ईंधन की कमी के चलते एयर कनाडा ने क्यूबा के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं.
अमेरिका में गणतंत्र दिवस पर राजस्थान की कालबेलिया कला का प्रदर्शन करने वाली फेमस लोक कलाकार सेनू सपेरा को सोमवार को जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अपने चैंबर में सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस पर जोधपुर-फलोदी दोनों जिलों में सेनू के नाम को लेकर कॉल किया गया था, लेकिन अमेरिकी टूर की वजह से उन्हें ये सम्मान बाद में मिला। सेनू की कर्मभूमि जोधपुर और जन्मभूमि फलोदी (पहले ओसियां का पली गांव) दोनों जगह प्रशासन ने उनका सम्मान किया। फलोदी में विधायक पब्बा राम बिश्नोई की सिफारिश पर कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सम्मान दिया, जो सुमन कालबेलिया ने लिया। जोधपुर में राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत की सिफारिश पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाना था, लेकिन अमेरिका में होने के कारण उन्हें अब कलेक्टर ने सम्मान दिया। इस दौरान ADM सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित और सामान्य प्रशासन विभाग के चंद्र प्रकाश गुर्जर भी मौजूद रहे। दुनिया भर में कालबेलिया का डंका पारंपरिक नृत्य में माहिर सेनू देश-विदेश घूमकर राजस्थान की संस्कृति फैला रही हैं। उन्होंने अमेरिका के ग्वाटेमाला में गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुति दी। इस दौरान अमेरिका इवेंट में अलसी सपेरा, पिंटू कालबेलिया, दिलीप नाथ, ओमनाथ, गोविंद सोलंकी, कासिम खान, साबिर, अलाउद्दीन और अयूब खान भी थे। इस मौके सेनू ने कहा कि जिले के इतिहास में पहली बार किसी कलाकार को दो जिलों से एक साथ सम्मान मिलना गर्व की बात है। उसके लिए जिला प्रशासन ओर जनप्रतिनिधियों का आभार।
अमेरिका-बांग्लादेश नई ट्रेड डील: टैरिफ में कटौती, टेक्सटाइल और कृषि निर्यात को बड़ा बूस्ट
US Bangladesh Trade Deal : भारत के बाद अमेरिका ने सोमवार को बांग्लादेश के साथ भी ट्रेड डील कर ली। अमेरिका ने अमेरिकी बाजार में बांग्लादेशी निर्यात पर लगे टैरिफ को भी 20 से घटाकर 19 कर दिया है। इसके बदले बांग्लादेश अमेरिका से आने वाले सामानों पर ...
Donald Trump threatened canada: डोनाल्ड ट्रंप ने गॉर्डी हाउ ब्रिज परियोजना में अमेरिका को आधी हिस्सेदारी और मुआवजा न मिलने पर उसके उद्घाटन को रोकने की चेतावनी दी है. उन्होंने कनाडा की डेयरी नीति और चीन से रिश्तों पर भी आपत्ति जताते हुए 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने तक की बात कही है.
क्रिकेट की दुनिया का पुराना स्ट्रक्चर बदल रहा है। अब वो दौर गया जब बड़ी टीमें एसोसिएट देशों को नेट प्रैक्टिस समझकर मैदान पर उतरती थीं। टी-20 वर्ल्ड कप के शुरुआती 3 दिनों ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के 'एलीट क्लब' में अब खौफ का माहौल है। नेपाल ने इंग्लैंड के पसीने छुड़ा दिए, नीदरलैंड ने पाकिस्तान की धड़कनें बढ़ा दीं और अमेरिका ने तो टीम इंडिया तक को चुनौती दे डाली। आज एक बार फिर अमेरिका का सामना पाकिस्तान से है, और यकीन मानिए, दबाव पाकिस्तान पर ज्यादा होगा। 1. नेपाल ने इंग्लैंड को डराया फीस कम, हौसले बुलंद जब नेपाल की टीम 2022 की वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड के सामने उतरी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि मुकाबला आखिरी ओवर तक जाएगा। दुनिया की सबसे महंगी लीग खेलने वाले इंग्लिश खिलाड़ियों के सामने नेपाल के वे खिलाड़ी थे, जिनकी मैच फीस इंग्लैंड के खिलाड़ियों के एक दिन के नाश्ते के बराबर भी नहीं है। नेपाली प्लेयर्स को एक टी-20 मैच के महज 3500 रुपए मिलते हैं, वहीं इंग्लिश प्लेयर्स एक टी-20 खेलकर 4.50 लाख रुपए कमाते हैं। इतना ही नहीं, नेपाल में एनुअल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल टॉप प्लेयर को एक साल के 7.50 लाख रुपए ही मिलते हैं। इससे ज्यादा तो इंग्लिश प्लेयर्स 2 टी-20 खेलकर कमा लेते हैं। 2. पाकिस्तान को हराने के करीब पहुंचा नीदरलैंड: अब ये 'उलटफेर' नहीं नीदरलैंड को अब 'छोटा' कहना बंद करना होगा। यह वही टीम है जिसने 2022 के वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और 2009 में इंग्लैंड को हराया था। पाकिस्तान के खिलाफ मौजूदा वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच में भी टीम ऐसे ही कारनामे के करीब पहुंच गई थी। कोलंबो में पहले बैटिंग करते हुए नीदरलैंड ने 147 रन बनाए। पाकिस्तान ने एक समय 98 रन पर 2 ही विकेट गंवाए थे, लेकिन नीदरलैंड ने कमबैक किया और स्कोर 100/5 कर दिया। आखिरी ओवरों में टीम से फहीम अशरफ का कैच छूट गया, जिन्होंने 3 छक्के लगाकर 20वें ओवर में पाकिस्तान को 3 विकेट से करीबी जीत दिला दी। 3. अमेरिका ने 'होम टीम' इंडिया को चौंकाया: पाकिस्तान को हरा चुके अमेरिका (USA) इस समय वर्ल्ड क्रिकेट का नया 'जायंट किलर' बनकर उभर रहा है। टीम ने 2024 में पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराकर उन्हें ग्रुप स्टेज से ही बाहर कर दिया था। फिर सुपर-8 में एंट्री की और 2026 के ICC टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया। भारत के खिलाफ ओपनिंग मुकाबले में टीम ने बेहतरीन फील्ड प्लेसमेंट और स्ट्रैटजी अपनाकर पावरप्ले में ही 4 विकेट गिरा दिए। मीडियम पेसर शैडली वान शाल्कविक ने 4 विकेट लिए और भारतीय बैटिंग को तेजी से रन नहीं बनाने दिए। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फिफ्टी लगाकर भारत को किसी तरह 160 के पार पहुंचाया। जिस कारण टीम 29 रन से मुकाबला जीत सकी। एसोसिएट देश इतना अच्छा कैसे खेल रहे हैं? अच्छा खेल रहे, लेकिन जीत क्यों नहीं पा रहे? नेपाल, नीदरलैंड और अमेरिका ने खेल तो दिल जीतने वाला दिखाया, लेकिन फिनिशिंग लाइन पार करने में चूक गए। इसके पीछे 'प्रेशर हैंडलिंग' मुख्य वजह है। आज साख बचाने उतरेगा पाकिस्तान वर्ल्ड कप में आज शाम 7 बजे से पाकिस्तान और अमेरिका के बीच ग्रुप-ए का मैच खेला जाएगा। पाकिस्तान ने जहां नीदरलैंड के खिलाफ करीबी मैच जीता, वहीं अमेरिका को भारत के खिलाफ 29 रन की हार मिली। अमेरिका ने पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराया था, अगर टीम इस बार भी उन्हें हराती है तो पाकिस्तान के सुपर-8 में पहुंचने के चांस कम हो जाएंगे।
'मॉल जाओ तो लगता है पाकिस्तान घूम रहे' अमेरिका में बदल गई 'डेमोग्राफी'? ट्रंप के सांसद ने उठाया सवाल
ट्रंप के करीबी और अमेरिकी सांसद ब्रैंडम गिल के एक बयान ने अमेरिका में तूफान मचा दिया है. अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ब्रैंडम का कहना है कि अमेरिका के शहरों में घूमते हुए ऐसा लगता है, जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं.
DNA: ईरान के हाथ लगी अमेरिका की ये एक्सक्लूसिव हथियार टेक्निक, हमला करने से पहले थरथराएंगे ट्रंप
Iran-America Conflict: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि तेहरान के पास अमेरिका की एक्सक्लूसिव हथियार तकनीक हाथ लग गई है. इससे ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने के फैसले पर हस्ताक्षर के बाद भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम ट्रेड डील हुई है। इस समझौते से देशभर में सकारात्मक माहौल बना है, खासकर टेक्सटाइल और आर्टिजन उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसका सीधा लाभ बिहार के भागलपुर सिल्क उद्योग को मिलने की उम्मीद है, जहां हजारों बुनकर और कारीगर सिल्क उत्पादन से जुड़े हैं। टैरिफ हटाने से भागलपुरी सिल्क को मिलेगा बढ़ावा ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ को हटाने का यह निर्णय भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इस डील से विशेष रूप से भागलपुरी सिल्क जैसे पारंपरिक भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे। भागलपुर के बुनकर से एक्सपोर्टर बने जियाउर्रहमान ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल का सकारात्मक परिणाम बताया। रहमान ने कहा कि अमेरिकी बाजार में भागलपुरी सिल्क और टेक्सटाइल उत्पादों की अपनी एक अलग पहचान है। वहां के ग्राहक भागलपुर के कारीगरों द्वारा तैयार की गई बारीक कारीगरी और पारंपरिक हुनर को पसंद करते हैं। जियाउर्रहमान के अनुसार, भागलपुर की सिल्क इंडस्ट्री केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कला और परंपरा का प्रतीक है। यहां तैयार होने वाले सिल्क उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और फिनिशिंग विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। अमेरिकी बाजार में भागलपुरी सिल्क की बढ़ेगी मांग, बुनकरों को होगा फायदा उनका दावा है कि ऐसी बारीकी और पारंपरिक कला दुनिया के किसी अन्य हिस्से में आसानी से देखने को नहीं मिलती, यही वजह है कि विदेशी बाजारों में भागलपुरी सिल्क की मांग लगातार बनी रहती है। टैरिफ हटने और अंतरिम ट्रेड डील के प्रभाव से अमेरिकी बाजार में भारतीय सिल्क उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी। इससे निर्यात कारोबार को गति मिलेगी, जिससे भागलपुर के सिल्क उद्योग को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और निर्यात से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और उद्योग जगत मिलकर इस अवसर का सही उपयोग करते हैं, तो आने वाले समय में भागलपुर सिल्क को वैश्विक बाजार में और व्यापक पहचान मिल सकती है। इससे न केवल भागलपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि बिहार के पारंपरिक उद्योगों को भी नई दिशा मिलेगी।
India US Trade: भारत-अमेरिका ट्रेड डील नियार्तकों के लिए खोलेगी 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी मार्केट
भारत-यूएस द्विपक्षीय समझौता वैश्विक व्यापार में देश के लिए एक अहम उपलब्धि है. इससे 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों को प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मिलेगी.
अखिल भारतीय किसान महासभा ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश की खेती और किसानों के लिए नुकसानदेह बताते हुए इसे “तबाही का दस्तावेज” करार दिया है। सोमवार को शहर के अंबेडकर पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन में संगठन के नेताओं ने संयुक्त रूप से इस समझौते का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा की केंद्रीय कमेटी सदस्य एवं सीवान जिला अध्यक्ष जयनाथ यादव, राज्य उपाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बिहार में चार कृषि रोडमैप बनाए गएउन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में चार कृषि रोडमैप बनाए गए, परंतु उनका लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर नहरों का निर्माण होने के बावजूद उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और सरकारी नलकूप भी बंद पड़े हैं, जिसके कारण किसानों को महंगे डीजल और निजी बोरिंग के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन प्रभावित किसानों को अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। किसान आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे उन्होंने आरोप लगाया कि धान और गेहूं की सरकारी खरीद भी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है, जिससे लगभग 80 प्रतिशत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिचौलिये कम कीमत पर धान खरीदकर पैक्स के माध्यम से बेच रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं। फसलों के आयात का रास्ता खुल सकताकिसान नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समझौते के तहत जीएम बीज और जीएम फसलों के आयात का रास्ता खुल सकता है, जिसका देश की कृषि व्यवस्था और जन-जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारतीय उत्पाद अमेरिका भेजे जाएंगे तो उन पर अधिक टैक्स लगेगा, जबकि अमेरिकी उत्पादों के भारत में आयात पर कर में छूट दी जा रही है, जो देश के किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है।
24 का बदला 26 में लेने उतरेगा पाक, अमेरिका की नजर प्रदर्शन दोहराने पर
PAKvsUSA पाकिस्तान मंगलवार को यहां टी20 विश्व कप में जब अमेरिका से भिड़ेगा तो 20 महीने पहले इस टीम के खिलाफ मिली शर्मनाक हार का बदला लेने की कोशिश करेगा।वर्ष 2024 में विश्व कप में पदार्पण करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान पर यादगार जीत के साथ बड़े मंच ...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 12 फरवरी को जिला मुख्यालय के गांधी पार्क में किसान महापंचायत और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में विकासखंड पूरा बाजार से सैकड़ों किसान शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा एडवोकेट ने विकासखंड परिसर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह व्यापारिक समझौता भारत के किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार अपने किसानों को भारत की तुलना में 267 गुना अधिक सब्सिडी देती है, जिससे उनकी लागत कम हो जाती है। वर्मा ने आगे कहा कि भारत में जीरो टैरिफ होने के कारण अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर बिकेंगे। इसके विपरीत, भारतीय उत्पादों की लागत अधिक होने के बावजूद वे महंगे दामों पर नहीं बिक पाएंगे, जिससे देश का किसान कंगाल हो जाएगा। घनश्याम वर्मा ने मांग की कि भारत सरकार को सबसे पहले भारतीय किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य और अमेरिका के बराबर सब्सिडी व सुविधाएं देकर उन्हें अमेरिका से मुकाबला करने के लिए तैयार करना चाहिए, उसके बाद ही कोई समझौता करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार भारतीय कृषि को घाटे का सौदा बनाकर किसानों को कृषि भूमि बेचने पर मजबूर करना चाहती है, ताकि पूंजीपतियों को कृषि भूमि और सस्ता श्रम उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे होने नहीं दिया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गांव कमेटियों को सशक्त करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से आंदोलन करना आवश्यक है। उन्होंने 12 फरवरी को गांधी पार्क (निकट रोडवेज) में होने वाली पंचायत और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। इस पंचायत को जिला उपाध्यक्ष भागीरथी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पूरा रामवचन भारती, ब्लॉक अध्यक्ष माया जगदीश यादव, विवेक पटेल, पंकज सिंह, राम सिधार यादव, राजाराम यादव, बनवारी लाल, सरोज वर्मा, संगीता देवी और शीला देवी सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
भारत में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी क्रिकेट टीम का उत्साह बढ़ाया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पूरा देश टीम USA का समर्थन कर रहा है। उन्होंने लिखा,'मुझे अभी पता चला कि भारत में क्रिकेट वर्ल्ड कप चल रहा है! मैं टीम USA को शुभकामनाएं देता हूं। हमारी टीम बहुत मजबूत है और पूरा अमेरिका आपके साथ है।' भारत में अमेरिकी राजदूत ने जताया आभारट्रम्प के इस संदेश पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राष्ट्रपति को धन्यवाद देते हुए लिखा,'काइंड वर्ड्स के लिए धन्यवाद मिस्टर प्रेसिडेंट।' ट्रम्प के इस बयान को अमेरिका में क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अमेरिका में क्रिकेट अभी भी अपनी पहचान बना रहा है, लेकिन ग्लोबल स्टेज पर टीम के प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा है। वानखेड़े में भारत ने USA को हराया, सूर्या ने खेली 84 रनों की पारीमैदान की बात करें तो, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने अमेरिका को 29 रनों से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 161/9 का स्कोर बनाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली। ईशान किशन और तिलक वर्मा ने भी उपयोगी योगदान दिया। अमेरिका की ओर से शैडली वान शल्कविक (4/29) और हरमीत सिंह (2/26) ने बेहतरीन गेंदबाजी की। लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई अमेरिकी टीम, सिराज ने झटके 3 विकेट162 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए अमेरिका की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 132 रन ही बना सकी। मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। भारत की ओर से मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए अमेरिका को लक्ष्य से दूर रखा। अब 10 फरवरी को पाकिस्तान से महामुकाबलाभारत से हारने के बाद अब अमेरिकी टीम श्रीलंका रवाना होगी। वहां 10 फरवरी को उनका मुकाबला पाकिस्तान से होगा। यह मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है क्योंकि 2024 के वर्ल्ड कप में अमेरिका ने पाकिस्तान को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। क्रिकेट फैंस की नजरें इस री-मैच पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका दोबारा वह इतिहास दोहरा पाएगा। _______________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप 2026 होस्ट टीम एक बार भी नहीं जीत सकी:श्रीलंका फाइनल खेलने वाला इकलौता देश; 8 टीमें सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंचीं टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू हो चुका है। टूर्नामेंट के शुरुआती 2 दिन बड़े उलटफेर तो नहीं हुए, लेकिन नीदरलैंड, नेपाल और अमेरिका जैसी एसोसिएट टीमों ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। अमेरिका ने तो होस्ट नेशन भारत की धड़कनें बढ़ा दी थीं। पूरी खबर
Iran refuses to give up on uranium enrichment:ईरान ने अमेरिका के दबाव और सैन्य धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा.विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि किसी भी देश को ईरान की नीति तय करने का अधिकार नहीं है.ओमान में चल रही वार्ता पर भी उन्होंने अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाए.
अमेरिका के कैलिफोर्निया में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले करनाल जिला के कोयर गांव के विशाल का 7 महीने बाद अमेरिका में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार करवाया गया। डीएनए मैच प्रक्रिया में इतना ज्यादा समय लगा। डीएनए मैच होने के बाद शव मिला और अब उसका दाह संस्कार किया गया। क्या था मामला...अमेरिका के कैलिफोर्निया में 23 जून 2025 की रात को सड़क हादसे में हरियाणा के दो दोस्तों की मौत हो गई थी। जिसमें काेयर गांव का विशाल और कैथल के सिरसल गांव का अरूण जांगड़ा उर्फ रोमी शामिल थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब दोनों युवक अपनी जगुआर कार से घूमने जा रहे थे। कार की रफ्तार तेज थी, जो बेकाबू होकर पलट गई। फिर पलटी खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। ट्रक से टक्कर लगते ही कार में आग लग गई, जिसमें दोनों युवक जिंदा जल गए। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद दोनों को निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अमेरिका में 7 फरवरी को हुआ अंतिम संस्कार, डीएनए में लगा टाइमअमेरिका के हिसाब से 7 फरवरी और इंडिया के हिसाब से 8 फरवरी को 7 महीने बाद अमेरिका में ही विशाल का अंतिम संस्कार हुआ। अमेरिका में समाजसेवी डा. जसबीर लोहान यूएसए ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आखिर इतना समय क्यों लगा? उन्होंने शोकसभा के दौरान दुख जताया और परमात्मा से विशाल की आत्मका की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने शोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि विशाल का शरीर 90 प्रतिशत जला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पहचान न होने की वजह से बॉडी नहीं मिल पा रही थी। मुझे भी करीब 6 महीने बाद पता चला कि बॉडी नहीं मिली है और न ही संस्कार हुआ है। इसके बाद मैने संबंधित डिपार्टमेंट से बात की और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी इसमें शामिल हुआ। उन्होंने यही बात कही कि विशाल की पहचान नहीं हुई है तो बॉडी कैसे दे? इसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद लीगल तरीके से इंडिया से विशाल के परिजन का सैंपल मंगवाया गया और उसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया हुई। डीएनए मैच होने के बाद बॉडी हमें मिली है अौर अब उसका दाह संस्कार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि सड़कों पर किसी भी तरह की लापरवाही न बरते, क्योंकि आप विदेश में है और हादसो के दौरान किस तरह की दिक्कतें आती है वे सबके सामने है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए हादसा कैसे हुआ...स्टडी वीजा पर कनाडा गया युवक, फिर अमेरिका पहुंचा: जानकारी के मुताबिक कैथल के पुंडरी क्षेत्र के गांव सिरसल का अरुण जांगड़ा उर्फ रोमी (24) 2 साल पहले टूरिस्ट वीजा पर कनाडा गया था। हालांकि बाद में वह कनाडा से अमेरिका शिफ्ट हो गया। जहां वह ट्रक चलाने लगा। वहां उसकी दोस्ती करनाल के कोयर गांव के रहने वाले विशाल (22) से हुई। विशाल की एक बहन भी है। कार से घूमने निकले थे दोनों युवक युवक के परिजनों के मुताबिक 23 जून की रात को दोनों कार से घूमने निकले थे। उनकी कार की स्पीड तेज थी। इस वजह से रास्ते में उनकी कार बेकाबू हो गई। वह सड़क पर ही पलट गई और पलटियां खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। दोनों युवक अंदर ही फंस गए। पुलिस-फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक मौत हुई कार में आग लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड भी आ गई। उन्होंने तुरंत कार में लगी आग बुझाई और दोनों युवकों का अंदर से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पहचान होने पर दोनों युवकों के परिवारों को जानकारी दी गई। यहां जानिए दोनों युवकों के बारे मेंएक एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था रोमीरोमी गरीब परिवार से था। उसके पिता चिनाई का काम करते हैं। परिवार में मां और एक छोटा भाई भी है। रोमी अभी अविवाहित था। परिवार के मुताबिक, रोमी ने कनाडा जाने के लिए एक एकड़ जमीन बेची थी। इसके बाद वह टूरिस्ट वीजा पर कनाडा चला गया। वहां कुछ दिन काम किया। थोड़ा सा पैसा इकट्ठा होने के बाद उसने कनाडा में ही रहने वाले अपने जानकार लोगों से कुछ और उधार लिया, जिसके बाद वह अमेरिका चला गया। रोमी अमेरिका में ट्रक चलाता था, जिससे होने वाली कमाई से पैसे घर भेजता था। एक किला जमीन बेच डंकी रास्ते से अमेरिका गया विशालहादसे के बाद कोयर गांव निवासी सुमित ने बताया था कि उसके चाचा का लड़का विशाल 2022 में डंकी रास्ते अमेरिका गया था। पिता कर्म सिंह पहले खेती का काम करते थे, लेकिन अब काफी समय से बीमार चल रहे है। इस कारण चार किले जमीन को ठेके पर दिया हुआ था। विशाल को अमेरिका भेजने के लिए चाचा ने एक किला जमीन बेची थी। इसके अलावा करीब 14 से 15 लाख रुपए रिश्तेदारों से कर्ज उठाया था। विशाल के बहन और मामा विदेश में रहते हैविशाल जब छोटा था तो उसकी मां का निधन हो गया था। पिता और बड़ी बहन ने ही उसे पाला। उसकी बहन की शादी करनाल में हुई है, जो अब अपने पति के साथ पुर्तगाल में रहती है। विशाल के मामा के पास भी यूके की सिटीजनशिप है। परिवार के मुताबिक, विशाल भी ट्रक ही चलाता था। एक साथ रहते थे दोनों, काम से घर लौट रहे थेसुमित ने बताया कि विशाल और उसका दोस्त रोमी ट्रक छोड़कर अपनी जगुआर कार से फ्रिजनों में घर आ रहे थे। इसी दौरान ट्रक से उनकी कार की टक्कर हो गई। इसमें कार में सवार विशाल और रोमी जिंदा जल गए।रोमी के पिता के मुताबिक, परिवार ने यह सोचकर उसे विदेश भेजा था कि यहां खेती-बाड़ी के सहारे केवल गुजर बसर हो सकती है, वहां जाकर बेटा परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन हुआ इसके विपरीत। परिवार को नहीं पता था कि हादसे से उनके अरमानों पर पानी फिर जाएगा।
अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने न सिर्फ टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% किया है, बल्कि रूस से तेल इम्पोर्ट के कारण पेनल्टी के रूप में लगाए गए 25% टैरिफ को वापस करने का भी फैसला लिया है। इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद है। वाइट हाउस से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 27 अगस्त 2025 से लेकर 6 फरवरी 2026 के बीच अमेरिका द्वारा किए गए जिन इम्पोर्ट पर यह पेनल्टी लगी थी, उनका रिफंड दिया जाएगा। यह रिफंड अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत जारी किया जाएगा। भारतीय निर्यातकों को कितना रिफंड मिलेगा, ये अभी तय नहीं है। क्योंकि रिफंड की राशि अमेरिकी इम्पोर्टर को दी जाएगी, फिर वे भारतीय एक्सपोर्टर के साथ बातचीत करके इस राशि का बंटवारा करेंगे। ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीदसवाल: अमेरिका से कितना रिफंड वापस मिल सकता है? जवाब: US ट्रेजरी के अनुसार अमेरिका ने विदेश से आयातित वस्तुओं पर 2024 में 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका के आयात में भारत की हिस्सेदारी 3.5% है। भारत से अमेरिकी निर्यात का 60% हिस्सा टैरिफ दायरे में। इस हिसाब से देखें तो अब तक अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाकर करीब 4 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) अतिरिक्त वसूले हैं। यही राशि रिफंड होगी, जिसमें भारतीय कारोबारियों को भी हिस्सा मिलेगा। भारत पर नजर के लिए टास्क फोर्स गठित ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते के ढांचे के अनुसार भारत रूस से तेल का आयात दोबारा शुरू न करे, इस पर निगरानी रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन मंत्रियों की एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। इस समिति को लगता है कि भारत ने रूस से तेल का इम्पोर्ट दोबारा शुरू कर दिया है, तो वह राष्ट्रपति ट्रम्प को दोबारा 25% पेनल्टी लगाने और अन्य कार्रवाई करने के लिए सिफारिश कर सकती है। कृषि मंत्री ने बताया, कहां-कहां एंट्री नहीं दी? ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी उत्पाद ट्रेड डील में शामिल नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि अमेरिका को किन चीजों पर टैरिफ छूट नहीं दी है और किन चीजों को भारत में एंट्री नहीं दी गई है। बिना छिलके वाले अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, संतरा, अंगूर, नीबू और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां भारत में प्रवेश नहीं करेंगी। पीयूष गोयल बोले- ट्रेड डील से किसानों की आय बढ़ेगी अमेरिका से ट्रेड डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि यह लेन-देन का मामला है। अगर मैं कुछ भी नहीं दूंगा, तो अपने किसानों के लिए अमेरिका में बाजार कैसे खोलूंगा? अमेरिकी बाजार खुलने से हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। अगर कोई कहता है कि दो पन्नों के संयुक्त बयान में सुरक्षा नहीं है, तो वो गुमराह कर रहा है। अभी कई बातों पर स्पष्टता बाकी है। अब भारत उन देशों में शामिल, जिन पर सबसे कम टैरिफ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने NDTV से बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- कुछ तकनीकी कागजों पर अगले कुछ दिनों में दस्तखत होंगे, लेकिन डील लगभग तय है। गोर ने कहा- यह टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच कई सालों से चली आ रही मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम है। पहले भारत पर काफी ज्यादा टैरिफ लगता था, लेकिन अब भारत उन देशों में आ गया है जिन पर कम टैरिफ है। राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी की दोस्ती इस डील को पूरा करने में सबसे बड़ी वजह बनी। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों का अगला दौर शुरू होगा। इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि अमेरिका, भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया वह एक्स्ट्रा टैरिफ हटा देगा, जो रूस से तेल खरीदने के बदले सजा के तौर पर लगाया गया था। रूस बोला- भारत ने तेल खरीद रोकने पर कुछ नहीं कहा रूस ने मंगलवार को कहा कि भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसमें यह कहा गया हो कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करने जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के प्रवक्ता रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस, भारत को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों का विश्लेषण कर रहा है। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का फैसला कर लिया है, तो उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी: ट्रम्प बोले- भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा ट्रम्प ने 1 फरवरी को ही भारत को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रम्प ने दावा किया था कि भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीदने का सौदा कर लिया है। यह बयान ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी से एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 2 फरवरी को कहा था, “हमने पहले ही एक डील कर ली है। भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, ईरान से नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ इस सौदे का कांसेप्ट तय हो चुका है। ट्रम्प के मुताबिक, चीन भी अगर चाहे तो वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… यह खबर भी पढ़ें… भारत पर अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ खत्म: पीयूष गोयल बोले- अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, किसानों-मछुआरों को बड़ा फायदा होगा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की तारीफ की थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
अमेरिका में भी वोटों की चोरी, ट्रंप ने चुनाव सुधारों के लिए बुलंद की आवाज, लगे हाथ ये मांग भी कर दी
US Elections: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में चुनाव सुधारों की मांग की और कहा कि चुनावों में जमकर धांधली हुई, वोटों की चोरी हुई. इसलिए पूरी दुनिया में अमेरिका की जगहंसाई हुई.
अमेरिकी तेल खरीद पर Trump की शर्त;Piyush Goyal का साफ संदेश
अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बीच रूसी तेल पर ट्रंप की शर्त को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका से कच्चा तेल, LNG और LPG खरीदना भारत के रणनीतिक हित में है और ट्रेड डील का उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना है, न कि खरीद तय करना।
देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा... भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल
India-America Trade Deal News : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में किसानों के लिए सुरक्षा का भरोसा दिलाया। गोयल ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि भारत ने इस समझौते ...
अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किस-किसको फायदा, कैसे बढ़ेगी भारत के किसानों की आमदनी
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बारे में जानकारी दी है. अमेरिका के साथ ट्रेड डील के भारत को क्या फायदा होगा, सरकार के मंत्री इस बारे में जानकारी दे रहे हैं. इल डील में कृषि और डेयरी सेक्टर को अलग रखा गया है.
India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो अब तक अमेरिका पर टैरिफ का बम फोड़ रहे थे, वो अब भारत के साथ ट्रेड डील कर रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने वाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ऊपर लगे 50 फीसदी टैरिफ को हटाने के साथ-साथ ट्रेड डील का ऐलान किया.
रोहतक में कर्मचारियों व सभी संगठनों के मुद्दों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए किसान सभा ने कमर कस ली है। अखिल भारतीय किसान सभा ने राज्य स्तरीय मीटिंग करके आंदोलन की रूपरेखा को तैयार किया और हर वर्ग से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत अमेरिकी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ, जिससे किसानों की फसल को नहीं खरीदा जाएगा। अमेरिका के लोगों को भारत में कृषि व्यापार करने की छुट दी गई है। साथ ही अमेरिका ने कहा है कि रूस से भारत तेल नहीं खरीदेगा, इसके लिए निगरानी कमेटी बनाई जाएगी। कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट का तेल के व्यापार से क्या लेना देना है। अगर रूस से तेल भारत खरीदेगा तो अमेरिका अपना टैरिफ फिर बढ़ा देगा। इससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा देखने को मिल रहा है। इंद्रजीत सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के कई जिलों में किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज व गिरफ्तारियों की निंदा की । अमेरिका अपनी शर्तों पर कर रहा समझौताकिसान सभा के प्रदेश महासचिव सुमित दलाल ने भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौतों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी शर्तो पर भारत के साथ समझौते कर रहा है। मोदी सरकार ट्रंप और अमरीकी हितों के आगे समर्पण करते हुए भारत के किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और देश के कृषि मंत्री भारत के किसानों ओर आम जनता को झूठ बोल कर गुमराह कर रहे है। वाणिज्य मंत्री झूठ का कर रहे प्रचारसुमित दलाल ने कहा कि डेयरी उत्पाद पहले ही यूके, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों का हिस्सा हैं और ताजा खुलासों ने यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया कि वाणिज्य मंत्री जानबूझकर झूठ का प्रचार कर रहे हैं और किसानों व पूरे देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत शुल्क लेना और भारत द्वारा शून्य शुल्क कर देना मुक्त व्यापार नहीं है। पशु आहार बाजार पर अमेरिकी कंपनियों का होगा कब्जासुमित दलाल ने कहा कि पशु आहार बाज़ार पर अमेरिकी कंपनियों का पूर्ण एकाधिकार स्थापित हो जाएगा। अमेरिका पहले से ही मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें भारत को निर्यात कर रहा है। अमेरिकी गेहूं 18.50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से निर्यात किया जा रहा है। यदि इसे भारतीय बाजारों में खुलकर आने दिया तो यह भारतीय किसानों को तबाह कर देगा। 24 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होगी राष्ट्रीय बैठक सुमित दलाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक 24 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होने जा रही है, जिसमें तमाम मुद्दों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही सरकार के खिलाफ देशभर में बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई जाएगी, जिससे कृषि पर आए संकट को रोका जा सके।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के एक युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक करीब 7 साल पहले अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका के कैलिफोर्निया गया था। वहां वो ट्रक ड्राइवर का काम करता था। बीते शुक्रवार जैसे ही वो ट्रक लेकर टेक्सास पहुंचा, उसका ट्रक पंचर होने के बाद बेकाबू होकर खड़ी ट्रेन से टकरा गया। घटना के वक्त वो ट्रक में अकेला ही था। एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल होने के बाद वो काफी देर बीच सड़क तड़पता रहा। बाद में किसी ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी। लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुका था। अब अमेरिकी पुलिस घटना की जांच कर रही है। युवक का करीब 6 महीने का बेटा भी है, जो अपनी मां के साथ कैलिफोर्निया में रह रहा है। परिवार अमेरिका में ही उनका अंतिम संस्कार करेगा। इधर, बेटे की मौत की खबर से पूरे गांव कुम्हार माजरा में मातम पसरा हुआ है। अब जानिए पूरा मामला… बहन और बहनोई भी अमेरिका में संदीप की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में डूबा है। परिवार को 6 फरवरी को बेटे की मौत की सूचना मिली। संदीप की बहन और बहनोई भी अमेरिका में रहते हैं। संदीप की पत्नी और बेटा भी अमेरिका में रहते हैं। इसलिए परिवार का कहना है कि संदीप का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। बेटे-पोते की आवाज सुनने के लिए उठाया फोन संदीप की मां अमरजीत कौर ने बताया कि उन्होंने बेटे और पोते की आवाज सुनने की उम्मीद में फोन उठाया था, लेकिन सामने यह खबर आ गई। मैं तो दोनों की आवाज सुनने को भी तरस गई। गांव कुम्हार माजरा में जैसे ही संदीप की मौत की खबर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।
ओमान वार्ता के बाद बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर लगाए 25% अतिरिक्त टैरिफ
ओमान वार्ता के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए एक नया टैरिफ आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है।
सिरसा लोकसभा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि, यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएं बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं रोजगार क्षेत्र सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो।
बीजिंग विंटर ओलिंपिक का आखिरी दिन... प्रकृति और शरीर, दोनों मेरे खिलाफ थे। माइनस 21 डिग्री पारा और बर्फीले तूफान के बीच 30 किमी की रेस थी। रेस से 30 घंटे पहले फूड पॉइजनिंग से निढाल थी, न खाना पच रहा था, न ही जॉगिंग कर पा रही थीं। फिर भी मैं मैदान में उतरी...।’ अमेरिका की सबसे सफल क्रॉस-कंट्री स्कीयर जेसी डिगिंस कहती हैं- रेस के दौरान गिरने और शरीर में ऐंठन के बावजूद वे डटी रहीं। अंतत: रेस पूरी कर सिल्वर मेडल जीता और इतिहास रच दिया। तीन वर्ल्ड कप, तीन ओलिंपिक मेडल और सात वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत चुकी डिगिंस 2026 में इटली में होने जा रहे विंटर ओलिंपिक में पूरे दमखम के साथ उतर रही हैं, जानिए उनके शीर्ष तक पहुंचने का सफर... ‘बात 2022 विंटर ओलिंपिक की है। रेस से पहले हुई फूड पॉइजनिंग से शरीर में पानी और ऊर्जा की भारी कमी हो गई। सुबह 10 मिनट की हल्की दौड़ भी पूरी नहीं कर पाई। बिस्तर पर गिरकर फूट-फूट कर रोने लगी। मम्मी-पापा को फोन किया और बस इतना कह सकी,‘सब कुछ वैसा नहीं हो रहा, जैसा होना चाहिए था।’ शाम को शरीर थोड़ा संभला। स्पिन बाइक पर हल्की एक्सरसाइज की। अगली सुबह बस में बैठी तो मां का ई-मेल देखा, जिसने मेरी बेचैनी शांत कर दी। उन्होंने लिखा, ‘तुम्हें यह रेस किसी के लिए नहीं करनी है। तुम पर किसी का उधार नहीं है। आज तुम स्कीइंग करती हो तो सिर्फ इसलिए करना क्योंकि तुम्हें इस खेल से प्यार है।’ बस, उसी पल दिमाग से दबाव और मन से बोझ हट गया। बर्फीली हवाएं बदन को चाकू की तरह चीर रही थीं। पर असली चुनौती बाहर का मौसम नहीं, बल्कि अंदर चल रहा तूफान था। जेसी कहती हैं- शरीर टूट चुका था, पर दिल हार मानने को तैयार नहीं था। आधा किलोमीटर के भीतर दूसरी स्कीयर ने कट दिया, मैं गिर पड़ी। आगाज बुरा था, पर मैं उठी। खुद से कहा,‘अब खोने को कुछ नहीं, बस दौड़ो।’ पर जैसे ही पहाड़ों पर चढ़ाई शुरू हुई, हिम्मत टूटने लगी...। फीड जोन में ड्रिंक लेते समय छोटी सी चूक हुई और नॉर्वे की योहॉग काफी आगे निकल गईं। तेज हवा में अकेले स्की करना खतरनाक था। कोच चिल्लाते रहे- अकेली मत रहो! पर मेरे पास कोई विकल्प था ही नहीं। मेरे घुटनों से शुरू हुई ऐंठन शरीर में फैल गई। आखिरी लैप तक सबकुछ धुंधलाने लगा और आवाजें सुनाई देना बंद हो गईं। शायद पानी की कमी और गिरता शुगर लेवल मेरा रास्ता रोक रहे थे। 1 घंटा 26 मिनट और 37 सेकेंड में फिनिश लाइन पार की, तो मैं बर्फ पर ऐसे गिरी जैसे किसी ने कठपुतली के धागे काट दिए हों। आंखों के लेंस पुतलियों पर जम चुके थे। मैं बस बुरी तरह हांफ रही थी। उस वक्त मुझे अस्पताल जाना चाहिए था, पर मैं पोडियम तक गई और सिल्वर मेडल लिया। जेसी कहती हैं- लोग अक्सर पूछते हैं कि मैं इतना दर्द कैसे सह लेती हूं? मेरा जवाब है- संघर्षों ने मुझे निखारा है। बरसों पहले मैंने ईटिंग डिसऑर्डर से जंग लड़ी थी। उस दौर की मानसिक पीड़ा के आगे रेस का दर्द कुछ भी नहीं। कम से कम रेस की एक फिनिश लाइन तो होती है, पर उस बीमारी का कोई अंत नहीं दिखता था। दर्द से जूझना मेरी ताकत है, पर खुद को सजा देना मेरी कमजोरी। लोग सोचते हैं कि मैं दर्द इसलिए सहती हूं क्योंकि मेरे अंदर कोई अंधेरा है। ऐसा नहीं है। मैं इसलिए सहती हूं क्योंकि मैं आजाद हूं, खुश हूं। जब आप पहले से दर्द में हों, तब और दर्द नहीं सह सकते, लेकिन जब संतुलन में हों, तब आप सब कुछ झेल सकते हैं। इटली विंटर गेम्स मेरी आखिरी ओलिंपिक रेस हैं। मैं आंखों में चमक और दिल में वही पुराना जुनून लेकर उतरने जा रही हूं। फेफड़े जलेंगे, मांसपेशियां आग की तरह दहकेंगी, पर मुझे पछतावा नहीं होगा क्योंकि मैं जानती हूं कि मैंने अपना सब कुछ इस बर्फ को दिया है। मन खुश तो गहरा दर्द भी सह सकते हैं जेसी कहती हैं- शरीर का दर्द तो पलभर का है जो फिनिश लाइन पर थम जाएगा, पर मानसिक हार का मलाल उम्रभर रहता है। मैं कमजोरी को नहीं, खुशी को ताकत बनाती हूं; क्योंकि मन खुश हो, तभी इंसान सबसे गहरा दर्द सह सकता है। शरीर को निचोड़ लेती है रेस मिशिगन यूनिवर्सिटी की फिजियोलॉजिस्ट लॉरा रिचर्ड्सन कहती हैं,‘क्रॉस-कंट्री स्कीइंग शरीर की सहनशक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा है। कड़ाके की ठंड में हाथ-पैर और दिल एक साथ चरम पर काम करते हैं। यह खेल शरीर को इस कदर निचोड़ देता है कि खिलाड़ी अक्सर दृष्टि खोने और बेहोशी की कगार पर पहुंच जाते हैं। रेस शरीर को उस सीमा तक ले जाती है कि मांसपेशियों के ऊतक तक फट जाते हैं और शुगर की भारी कमी हो जाती है। इस स्थिति से उबरने में हफ्तों लग सकते हैं।’
पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ ने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने साफ किया है कि इसमें देश और पंजाब के किसानों का पूरा ख्याल रखा गया है। वहीं, इस बहाने उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की तरफ से कल से इस संबंध में अच्छा या बुरा कोई बयान नहीं आया है। सीएम अपने वीजा के चक्कर में लगे हैं। वह वीजा कैंसिल होने से सदमे में हैं। जबकि कांग्रेस में मुख्यमंत्री कुर्सी की रेस में जो थोड़े पीछे समझे जा रहे हैं, उन्होंने एक-दो बयान जरूर दिए हैं। वहीं, उन्होंने दो आईएएस अधिकारियों के सस्पेंड होने पर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में गृहमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आयरन फ्रेम फॉर डेमोक्रेसी है। मैं पहले हिंदुस्तानी फिर किसान बीजेपी प्रधान ने कहा कि इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील में पंजाब के किसान, मजदूर व इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत सरकार को बधाई देना बनता है। हमारे लिए कई तरह के संशय थे, लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह मसले को हल किया, विपक्ष के नेताओं को तारीफ करनी चाहिए थी। बहुत सारे खतरे दूर हुए हैं। जाखड़ ने कहा, “मैं पहले हिंदुस्तानी, फिर पंजाबी हूं और उसके बाद किसान हूं।” अमेरिका जिस तरह की सब्सिडी किसानों को देता है, उस वजह से हमारे किसानों में डर था, लेकिन हर चीज पर सरकार ने पहरा दिया। इसके बावजूद विपक्ष का कोई बयान नहीं आया। सीएम का भी कोई बयान नहीं आया। शायद वह अपने वीजा के चक्कर में हैं। कांग्रेस की सारी लीडरशिप चुप है। एक-आधा आवाज उठाता है, वह भी वही हैं जो ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस में खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। उनके एक-दो बयान आए हैं, जबकि सीएम या आम आदमी पार्टी का कोई बयान नहीं आया है। सीएम कल से वीजा रद्द होने से सदमें में है। IAS को सस्पेंड करने का केंद्र संज्ञान ले जाखड़ ने सवाल उठाया कि कल रात दो आईएएस अफसरों को सस्पेंड किया गया है। किस काम के लिए उन्हें सस्पेंड किया गया है? क्या इसलिए कि वे सरकार की मनमानी लेनदेन में एग्री नहीं थे? ब्यूरोक्रेसी आयरन फ्रेम ऑफ डेमोक्रेसी है। टेलीफोन तो आंगनवाड़ी वर्करों को ले रहे थे, लेकिन लेनदेन की सौदेबाजी पर हामी न भरने से यह सब कुछ हुआ। केंद्र सरकार को इस मामले में स्टैंड लेना चाहिए। यह चीज बहुत ही दुखद है। इस आयरन फ्रेम को आम आदमी पार्टी की करप्शन वाली जंग नहीं लगनी चाहिए। वे लोग, जो डेढ़-डेढ़ या दो साल की सजा काटकर यहां आए हैं, वे तय करेंगे हमारे इस स्टील फ्रेम का फ्यूचर—यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं गृहमंत्री से मांग करता हूं कि इन अफसरों की एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल फाइल मंगवाई जाए। चीफ सेक्रेटरी और चीफ मिनिस्टर को जिम्मेदार ठहराया जाए। वहीं, उन्होंने कहा कि सरकार तो बाहर वाले चला रहे हैं, सीएम तो बस चेहरा हैं। संसद में क्यों नहीं उठाएं सवाल जाखड़ ने कहा कि पंजाब के सांसदों पर भी सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर उन्होंने पंजाब का कोई मुद्दा नहीं उठाया। संसद की बैठकों में सिर्फ बैठे रहे। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि गैंगस्टरों ने ऑपरेशन प्रहार के बाद पुलिस अधिकारियों के बाहर बैठे बच्चों को धमकियां दीं, इसके बाद अधिकारियों ने डीजीपी से मीटिंग की- इस पर जाखड़ ने कहा कि उनके ध्यान में इस तरह का मामला आया है। अगर यह सच है, तो फिर पंजाब में क्या हालात हैं? क्या फिर केजरीवाल के पास अधिकार है कि इस तरह पंजाब की सरकार चलाए?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बाद विपक्ष वेंटिलेटर पर चला गया है। विपक्ष को आशंका थी कि डील के बाद शोर शराबा करने का मौका मिलेगा, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते वे वेंटिलेटर पर हैं। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हुए यह ट्रेड डील की गई है। डिप्लोमेसी मतलब राष्ट्र प्रथम, डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में भारतीय कदम बढ़ाने लिए ट्रेड डील बड़ा आधार है। भारतीय कृषि और किसान की सारी चिंताओं का समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह डील हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है। चौहान ने मीडिया से कहा कि हमारे किसानों की मूल ताकत कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है। भारतीय कृषि और किसान को सर्वोपरि रखा गया है। शिवराज ने कहा कि यूपीए के सरकार में भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी और अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। भारतीय किसानों को नुकसान हो, ऐसा कोई उत्पाद संबंध नहीं किया गया है। सभी ऐसी वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। इन उत्पादों को नहीं होगा कोई नुकसान केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग जैसे उत्पादों पर टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई। हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहना चाहिए, वह सब के सब सुरक्षित रहेंगे, इस चिंता का ध्यान रखा गया है। अमेरिका के लिए नहीं खोला गया है। अनाज, आटा, चावल, बाजारा इत्यादि आलू, प्याज, मटर, मशरूम, दलहन, स्ट्रॉबेरी जैसे अमेरिकी कृषि उत्पादन भारत नहीं आएंगे। इसके अलावा डब्बा बंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगे। बटर, ऑयल, पनीर, चीज इनको भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। कृषि और डेयरी उत्पादों के अलावा इस लिस्ट में कई मसाले भी सम्मिलित हैं। भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादन को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कृषि क्षेत्र में कई उत्पादों पर 50% से घटकर शून्य किया है। अमेरिका में हमारे कई मसालों का बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। चाय, काफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति, एवोकाडो केला, अमरूद, आम, पपीता, अनानास, मशरूम जैसे कुछ अनाज भी सम्मिलित हैं। भारतीय कृषि बाजार में अगर ऐसा कोई उत्पाद आता है तो उनको टैरिफ में जाना पड़ेगा। समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष कर युवाओं के सपनों को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। 18% टेक्सटाइल के निर्यात को एक नई गति और दिशा मिलेगी और टेक्सटाइल के निर्यात का मतलब है किसानों को भी फायदा। विशेष कर कपास उत्पादक किसान टेक्सटाइल, गेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंटस इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई को ढेर सारे बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।
नर्मदापुरम संयुक्त किसान (गैर-राजनीतिक) मोर्चा कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा निकाल रहा है। यह यात्रा 24 फरवरी को नर्मदापुरम जिले में पहुंचेगी। किसान नेताओं के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य किसानों के मुद्दों को देशभर में उजागर करना है और उनकी आवाज को सरकार तक पहुँचाना है। यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी यात्रा 7 फरवरी को कन्याकुमारी से एक विशाल जनसभा के साथ शुरू हुई। इसे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रवाना किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के किसान नेता मौजूद रहे, जिनमें जगजीत सिंह डल्लेवाल (पंजाब), क्क्रुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक), पी. आर. पांड्यंन और पी. अय्यकन्नू (तमिलनाडु), अभिमन्यु कोहाड़ (हरियाणा), और इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान) शामिल थे। अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते पर चिंता यात्रा के दौरान किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया।जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर नॉन-टैरिफ प्रतिबंध हटने से भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल जाएगा और इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। शांताकुमार ने अमेरिका में किसानों को मिलने वाली भारी सब्सिडी और भारत में कम सहायता का मुद्दा उठाया। किसानों की प्रमुख मांग: MSP गारंटी कानून पी. अय्यकन्नू ने बताया कि एमएसपी गारंटी कानून किसानों की प्रमुख मांग है और इसे लागू करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही किसान नेता बाजारों में उचित मूल्य और फसलों की सुरक्षा की बात भी उठाते रहे। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के जिला प्रवक्ता केशव साहू ने बताया कि यात्रा 18 फरवरी 2026 को नर्मदापुरम जिले में प्रवेश करेगी। सुखतवा से आने के बाद जिलेभर में यात्रा के कार्यक्रम होंगे और किसानों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
Explainer: सोयाबीन तेल, दाल...अमेरिका को क्यों मिली छूट? जानिए भारत ने क्यों दी राहत?
उद्योग मंत्री के मुताबिक, इस ट्रेड समझौते में डेयरी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, जीएम उत्पाद, अनाज, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, पोल्ट्री, मूंग दाल और अन्य कई संवेदनशील सामानों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने ये भी बताया कि अमेरिका अब भारत से बड़ी मात्रा में केले का आयात करेगा.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी नए नक्शे से PoK और अक्साई चीन पर मचाई हलचल
शनिवार को जब भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की, तो ट्रंप प्रशासन द्वारा साझा किए गए भारत के एक नक्शे ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच लिया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय द्वारा जारी इस नक्शे में पूरे ...
मिसाइल बेअसर और रडार फेल...मिडिल ईस्ट के आसमान में दिखा UFO, अमेरिकी सेना के ड्रोन का वीडियो लीक
UFO leaked Video: अमेरिकी वायु सेना के ड्रोन से लीक हुए वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है. Middle East के आसमान में एक UFO देखी गई है जिस पर मिसाइल के हमले का भी कोई असर नहीं हुआ. ये चीजें ने केवल रडार को चकमा दे रही हैं बल्कि आम विमानों के रास्तों में घूमकर सुरक्षा के लिए बड़ खतरा पैदा कर रही हैं.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भाजपा का जवाब, किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया
US Iran tension update: बातचीत के बहाने अमेरिका, ईरान पर जंग की तैयारी कर रहा है. उसने ईरान से 700 किमी दूर अरब सागर में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर खड़ा कर रखा है, जिससे वह कभी भी हमला कर सकता है.
नमस्कार, कल की बड़ी खबर अमेरिका की तरफ से जारी भारत के मैप से जुड़ी रही। इसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया गया है। दूसरी बड़ी खबर RSS के प्रोग्राम में सलमान खान के पहुंचने की रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया भारत-US डील के बाद ट्रम्प प्रशासन ने भारत का नक्शा जारी किया है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और चीन के कब्जे वाला इलाका अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इससे पहले अमेरिका कई नक्शों में PoK को अलग रंग या डॉटेड लाइन्स से दिखाता था। अब PoK और अक्साई चिन का इतिहास पढ़िए जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) भारत का अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने इसे भारत में विलय किया था। पाकिस्तान का इस पर अवैध कब्जा है और भारत इसे वापस लेने की बात करता है। अक्साई चिन लद्दाख के पूर्वोत्तर में स्थित लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का ऊंचा और बंजर क्षेत्र है। 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत-शिनजियांग सड़क बनाई, जिसका भारत ने विरोध किया। यह विवाद 1962 के युद्ध का मुख्य कारण बना और तब से अक्साई चिन चीन के कब्जे में है। पढ़ें पूरी खबर... 3. एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की चैट सामने आई, सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की 2017-19 की चैट सामने आई है। इसमें बिजनेस के साथ महिलाओं पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को एक लंबी, गोरी स्वीडिश लड़की का ऑफर दिया। इस पर अनिल ने कहा कि इसका इंतजाम कीजिए। रिकॉर्ड दिखाते हैं कि दोनों पेरिस और न्यूयॉर्क में मिले थे। एपस्टीन ने अंबानी से पूछा- आपकी फेवरेट हीरोइन कौन: एपस्टीन ने अनिल अंबानी से पूछा कि आपकी फेवरेट हीरोइन कौन हैं। इस पर अंबानी ने हॉलीवुड अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन का जिक्र किया। मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क गए थे, तब एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया था। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी और उनका यौन शोषण करता था। वह पार्टियां करता था, जिनमें बड़े नेता और सेलिब्रिटी शामिल होते थे और लड़कियों का शोषण होता था। इन मामलों में ट्रम्प और बिल गेट्स जैसे नाम भी सामने आए। 2019 में एपस्टीन जेल में मौत हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा, बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. T-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत से शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया; कप्तान सूर्या की फिफ्टी भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने अमेरिका को 29 रन से हराया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने टॉस हारकर बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 162 रन बनाए। लेकिन अमेरिकी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। मैच के हाईलाइट्स: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 बॉल पर नाबाद 84 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तानी करते हुए 8वां अर्धशतक लगाया है। इतना ही नहीं, सूर्या ने बतौर कप्तान टी-20 इंटरनेशनल में एक हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। अमेरिका की ओर से शुभम रंजने और संजय कृष्णमूर्ति ने 37-37 रन बनाए। जबकि मिलिंद कुमार ने 34 रन स्कोर किए। भारत से मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर... 5. मायावती बोलीं- कमर कस लीजिए, पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सभी को SIR और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक्टिव रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- अब समय कम बचा है, ऐसे में सभी को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। आपको पता होगा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे, भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए प्रोग्राम में सलमान खान पहुंचे। वे फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे और RSS चीफ मोहन भागवत का भाषण सुना। इस दौरान भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला हर कोई हिंदू है। हिंदू एक विशिष्ट समुदाय का नाम नहीं है। हिंदू संज्ञा नहीं, बल्कि एक विशेषण है और यह शब्द बाहर से आया है। पहले के जमाने में विदेशी भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को हिंदू कहते थे। भागवत के स्पीच की 2 बड़ी बातें... RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई RSS के प्रधानमंत्री हैं। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है, वह संघ की नहीं है। हालांकि, संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स को ₹20 की रिश्वत के लिए 4 साल की सजा, निर्दोष साबित होते ही उसकी मौत गुजरात के बाबूभाई प्रजापति को 20 रुपए की रिश्वत लेने के झूठे केस में 4 साल की सजा मिली। वे इसके खिलाफ 30 साल तक गुजरात हाईकोर्ट के चक्कर लगाते रहे। वहीं, 4 फरवरी को जैसे ही हाईकोर्ट ने उन्हें बेगुनाह साबित किया, अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को काम में मेहनत का फायदा मिलेगा। तुला राशि वालों की कमाई में सुधार का संकेत है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
29 रनों से अमेरिका को हराकर भारत ने ली चैन की सांस
INDvsUSA कप्तान सूर्यकुमार यादव (नाबाद 84) की अर्धशतकीय पारियों के बाद मोहम्मद सिराज 3 विकेट , अर्शदीप सिंह और अक्षर पेटल (दो-दो विकेट) के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को टी-20 विश्वकप 2026 के तीसरे मुकाबले में अमेरिका को 29 रनों से ...
सूर्या के तूफान में बाबर आजम का बड़ा रिकॉर्ड स्वाहा... अमेरिका की पिटाई कर तोड़ा पाकिस्तान का घमंड
Suryakumar Yadav:अमेरिका के गेंदबाजों की पिटाई करते हुए सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान को भी 440 वोल्ट का झटका दिया. 84 रन की शानदार पारी खेलकर भारतीय कप्तान ने बाबर आजम के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. सूर्यकुमार यादव बतौर कप्तान अपने डेब्यू टी20 वर्ल्ड कप मैच में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
India vs USA: करोड़ों भारतीय फैंस ये उम्मीद लगाए बैठे थे कि अमेरिका के खिलाफ मैच में अभिषेक शर्मा बल्ले से धमाका करेंगे और अपने टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले को यादगार बनाएंगे. हालांकि, उनकी शुरुआत बेहद खराब हुई. पहली गेंद पर ही वो अमेरिकी गेंदबाज अली खान के जाल में फंस गए और शून्य पर आउट हो गए.
अमेरिकी टैरिफ के उतार-चढ़ाव को लेकर छिड़ी वैश्विक बहस के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. महेंद्र सिंह ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी कामयाबी बताया है। शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब डॉ. सिंह ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक दबाव से लेकर घरेलू सियासी घमासान तक हर मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि जो टैरिफ अमेरिका ने बेतहाशा बढ़ाया था, उसे मोदी सरकार ने बातचीत के दम पर नीचे लाकर देश को बड़ी राहत दी है। टैरिफ 50 हुआ, अब 18 पर सिमटाअमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए डॉ. महेंद्र सिंह ने स्पष्ट आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। यह भारतीय व्यापार के लिए बड़ा संकट था, लेकिन केंद्र सरकार के कड़े रुख और कूटनीति का असर है कि अब यह घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया। यूजीसी के सवाल पर बचते नजर आए नेताजीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब यूजीसी के नए नियमों में हुए बदलावों और उस पर बढ़ते विवाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो डॉ. महेंद्र सिंह रक्षात्मक नजर आए। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधा जवाब देने के बजाय दूरी बनाना ही बेहतर समझा। उन्होंने बस इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। कोर्ट का हवाला देकर उन्होंने यूजीसी के बदलावों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। अखिलेश पर पलटवार: दंगों के दौर वाले अब विकास पर बोल रहेसपा मुखिया अखिलेश यादव के हमलों पर तीखा तंज कसते हुए डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि अखिलेश के राज में उत्तर प्रदेश कंगाल हो गया था और 125 से ज्यादा दंगे हुए थे। आज जब प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो विपक्ष को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में केवल 'जंगलराज' था, जबकि भाजपा ने कानून का राज स्थापित किया है। सर्किट हाउस में जुटा भाजपा का कुनबाइस प्रेस वार्ता में डॉ. महेंद्र सिंह के साथ बरेली भाजपा की पूरी फौज खड़ी नजर आई। मंच पर सांसद छत्रपाल गंगवार, मंत्री डॉ. अरुण कुमार, मेयर डॉ. उमेश गौतम और विधायक संजीव अग्रवाल समेत जिले के तमाम बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस समझौते की रूपरेखा पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह कदम भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। उनके मुताबिक, यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के विशाल बाजार के द्वार खोलता है।
जिसका डर था वही हुआ! योगेंद्र यादव ने खोली भारत-अमेरिका ट्रेड डील की पोल
yogendra yadav decodes india us trade deal: सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडो-यूएस ट्रेड डील के संयुक्त बयान ने साफ कर दिया है कि पहली बार भारतीय कृषि को अंतरराष्ट्रीय ...
ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद यूएसटीआर ने एक सूचना-ग्राफिक जारी किया। इस ग्राफिक में भारत का राजनीतिक नक्शा दिखाया गया था, जिसके जरिए यह बताया गया कि अमेरिकी उत्पादों की पहुंच अब भारत के नए और बड़े बाजार तक बनेगी।
14 साल पहले हमला, अब हुई पहली गिरफ्तारी, अमेरिका लाया गया बेनगाजी हमले का संदिग्ध
Benghazi Attack: लीबिया के बेनगाजी में 14 साल पहले US मिशन पर हमला कर दिया गया था. जिसमें अब जाकर पहली गिरफ्तारी की गई है. संदिग्ध को पकड़कर अमेरिका लाया गया है.
भारत टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत शनिवार यानी आज से करेगा. ग्रुप ए के इस मुकाबले में आज उसका सामना अमेरिका से होगा. यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. मजबूत बल्लेबाजी, अच्छे ऑलराउंडर और अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में चल रहे स्पिन गेंदबाजों के दम पर भारत के पास तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने का पूरा मौका है.
अमेरिकी ट्रेड ऑफिस का नया नक्शा वायरल — PoK समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा दिखाया
India US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद पाकिस्तान को उस समय बड़ा झटका लगा जब अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत का नक्शा जारी किया है जिसमें पूरे जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। ...
ट्रंप को पीएम मोदी का शुक्रिया- भारत-अमेरिका ट्रेड डील से ‘मेक इन इंडिया’ को नई ताकत
अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत कम हो जाएगा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खुला बड़ा बाजार, अमेरिकी उत्पादों को मिलेगा फायदा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति के तहत भारत का बड़ा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल रहा है
भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत- ट्रंप ने हटाया 25% टैरिफ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क हटा दिया है
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
क्रेमलिन का बयान: रूस और अमेरिका ने परमाणु संधि पर बातचीत शुरू करने की जरूरत पर दिया जोर
रूस और अमेरिका ने नई सामरिक हथियार कटौती संधि (न्यू स्टार्ट) पर जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। यह जानकारी शुक्रवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी
भारत-अमेरिका के बीच बड़ी ट्रेड डील, 25% अतिरिक्त टैरिफ खत्म, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
India US Trade Deal : भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। नई डील से द्विपक्षीय व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ...
आज से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के 40 खिलाड़ी अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते नजर आएंगे। वहीं भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसी एशिया की टॉप क्रिकेट खेलने वाली टीमों से जुड़े कुल 69 खिलाड़ी 11 अन्य देशों का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देंगे। स्टोरी में किस टीम में कितने एशियाई और भारतीय मूल के प्लेयर्स… कनाडा और USA की टीम में सबसे ज्यादा कनाडा और USA की टीमों में एशियाई मूल के खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा मौजूदगी है। नॉर्थ अमेरिका की इन टीमों में कुल मिलाकर 26 एशियाई और 19 भारतीय प्लेयर्स हैं। कनाडा की टीम में कुल 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें से 11 अकेले भारतीय मूल के हैं। खास बात यह है कि टीम की कप्तानी भी दिलप्रीत बाजवा संभाल रहे हैं। वहीं USA की टीम में भी 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के शामिल हैं। इसमें श्रीलंका के शेहान जयसूर्या के अलावा सौरभ नेत्रावलकर और हरमीत सिंह जैसे 9 भारतीय और 3 पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। UAE और ओमान की टीम में भारत-पाकिस्तान का दबदबा UAE और ओमान की टीमों में भारत-पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आता है। UAE की टीम में कुल 12 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें 7 भारतीय और 5 पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं ओमान की टीम में भारत और पाकिस्तान के कुल 14 खिलाड़ी हैं, जिनमें दोनों देशों के 7-7 खिलाड़ी शामिल हैं। ओमान के लिए जतिंद्र सिंह, आशीष ओडेदरा और करन सोनवाले जैसे खिलाड़ी खेल रहे हैं, जो मूल रूप से क्रमशः पंजाब, गुजरात और मुंबई के रहने वाले हैं। न्यूजीलैंड से इंग्लैंड तक भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी न्यूजीलैंड में रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी दोनों भारतीय मूल के हैं। ईश सोढ़ी का जन्म लुधियाना में हुआ था, जबकि रचिन रवींद्र के पिता बेंगलुरु से ताल्लुक रखते हैं। साउथ अफ्रीका टीम के स्टार स्पिनर केशव महाराज भी भारतीय मूल के हैं। उनके परदादा 1874 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरमिटिया मजदूर के रूप में डरबन पहुंचे थे। इंग्लैंड से रेहान अहमद, आदिल राशिद और साकिब महमूद तीनों पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं। रेहान अहमद के पिता 2001 में पाकिस्तान से इंग्लैंड शिफ्ट हुए थे और वहां टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे। नीदरलैंड टीम में आर्यन दत्त (भारतीय मूल) और साकिब जुल्फिकार (पाकिस्तानी मूल) शामिल हैं। इटली और स्कॉटलैंड में भी एशियाई पहचान इटली की टीम में कुल 6 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें जसप्रीत सिंह भारतीय मूल के हैं। इसके अलावा टीम में 3 खिलाड़ी पाकिस्तान और 2 खिलाड़ी श्रीलंका से ताल्लुक रखते हैं। वहीं स्कॉटलैंड की टीम में अफगानिस्तान मूल के जैनुल्लाह एहसान और पाकिस्तान मूल के सफयान शरीफ खेल रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम में भी पाकिस्तान में जन्मे सिकंदर रजा सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर मौजूद हैं, जो लंबे समय से टीम के अहम ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। एशियाई प्लेयर्स 6 प्लेइंग इलेवन बना सकते हैं अगर वर्ल्ड कप खेल रही भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान की मुख्य टीमों को अलग कर दें, तो बाकी देशों की ओर से खेल रहे इन 69 खिलाड़ियों से 6 अलग-अलग प्लेइंग इलेवन तैयार की जा सकती हैं। यानी 20 देशों के इस वर्ल्ड कप में हालात ऐसे हैं कि करीब 10 देशों की प्लेइंग इलेवन सिर्फ एशियाई मूल के खिलाड़ियों से ही बनाई जा सकती है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला: किसानों के लिए ‘मौत की घंटी’
पंजाब कांग्रेस नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजारों में आ जाएंगे
इंदौर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से स्वर्णिम फाउंडेशन इंदौर द्वारा Faces of Tomorrow America तथा ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के सहयोग से निःशुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप के तहत मरीजों की जांच और रजिस्ट्रेशन 8 फरवरी को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक धार रोड स्थित गुरुनानक टिम्बर मार्केट के पास वर्मा यूनियन हॉस्पिटल, इंदौर में किया जाएगा। कैंप में अमेरिका के सुप्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ. ब्रायन रुबिनस्टिन, कटे होंठ एवं तालू विशेषज्ञ डॉ. राहुल छाजलानी सहित अन्य अनुभवी चिकित्सकों द्वारा चयनित मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन 8 से 13 फरवरी तक किए जाएंगे। कैंप में कटे-फटे होंठ एवं तालू, नाक, कान, चेहरे और जबड़े की जन्मजात विकृतियों, क्लेफ्ट के कारण नाक की विकृति तथा तालू के ऑपरेशन के बाद स्पष्ट बोली न होने जैसी समस्याओं का उपचार किया जाएगा। कैंप में जले हुए घावों एवं सफेद दाग (विटिलिगो) से संबंधित उपचार नहीं किए जाएंगे। स्वर्णिम फाउंडेशन की संस्थापक रेखा जैन (वीरेन्द्र कुमार जैन) ने बताया कि यह कैंप पूर्णतः मानव सेवा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के लिए मरीज अपना नाम, पिता का नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर एवं फोटो मोबाइल 9329442524 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए वर्मा यूनियन हॉस्पिटल के मोबाइल नंबर 0731-2380609 पर संपर्क किया जा सकता है।
भदोही। संयुक्त किसान मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा भदोही ने भानुपुर मोढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय बजट-2026 की प्रतियां जलाई गईं और भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की गई। सीपीआईएम के पूर्व जिला सचिव जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट शक्ति और संसाधनों को कुछ हाथों में केंद्रित करने का एक उपकरण मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश की जनता गिरती आय, भयंकर बेरोजगारी और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, तब सरकार ने सार्वजनिक खर्च बढ़ाने या मांग पैदा करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया। मौर्य ने यह भी कहा कि बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्रों की उपेक्षा की गई है। किसानों और श्रमिकों के लिए कोई जगह नहीं दी गई, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब हो जाएंगे। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौते का संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा विरोध करने की बात दोहराई। श्री मौर्य ने बताया कि यह समझौता अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे गेहूं, मक्का और डेयरी उत्पादों को भारत में शुल्क-मुक्त प्रवेश की अनुमति देगा। इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा और उनका उत्पादन बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के दबाव में आकर भारतीय बाजारों को खोल दिया है और अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत आयात शुल्क की अनुमति दी है। मौर्य के अनुसार, यह समझौता दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह समझौता भारत को रियायती रूसी तेल खरीदने से रोकेगा और अमेरिका से अधिक तेल खरीदने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला सचिव ज्ञान प्रकाश प्रजापति ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी, किसान विरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में सीपीआईएम के जिला सचिव भानसिंह मौर्य, भुलाल पाल, प्रमिला देवी, वंशराज गौतम, जयदेवी, लालमनि, सुनील विश्वकर्मा, सुनीता देवी, पूजा देवी, पूनम व शीला सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पप्पू विश्वकर्मा ने की और संचालन फारवर्ड ब्लॉक के जिला महासचिव रामजीत यादव ने किया।
US Presidents: अमेरिका के लगभग सभी राष्ट्रपति दो खास तुरुप के इक्कों की वजह से खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता मानते हैं. खासकर 23 देशों वाले उत्तरी अमेरिका महाद्वीप और 12 देशों वाले दक्षिण अमेरिका पर तो उनकी खास नजर रहती है. ग्लोबल ग्लोब पर एशिया, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्टिका तक अमेरिकी राष्ट्रपति कैसे अपनी नजर रखते हैं, जानिए.
ऑलराउंडर हर्षित राणा टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो सकते हैं। 4 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच के दौरान उन्हें चोट लगी थी। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्री मैच कॉन्फ्रेंस में कहा- हर्षित अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं, लेकिन उनकी स्थिति अच्छी नहीं लग रही। टीम को शाम तक उनकी फिटनेस पर अंतिम जानकारी मिल जाएगी। भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। डिफेंडिंग चैंपियन इंडिया अपना पहला मुकाबला शनिवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में USA के खिलाफ खेलेगी। चोट से उबरने की संभावना कम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में लगी चोट के कारण शायद वे पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने कहा- फिजियो उनकी चोट की जांच कर रहे हैं। उनके उबरने की संभावना कम है। सिर्फ एक ओवर फेंका था 24 साल के दिल्ली के हर्षित राणा ने वॉर्म-अप मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ एक ओवर डाला था, जिसमें 16 रन दिए। इसके बाद वे मैदान से बाहर चले गए। बल्लेबाजी में भी उन्हें सिर्फ एक गेंद खेलने का मौका मिला। सिराज हो सकते हैं रिप्लेसमेंट अगर हर्षित टूर्नामेंट से बाहर होते हैं तो मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया जा सकता है। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और खलील अहमद पर भी चर्चा हो सकती है। 9 मैच में 9 विकेट ले चुके हर्षित अब तक भारत के लिए 9 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इन मैचों में उन्होंने 57 रन बनाए और 9 विकेट लिए। इस बीच, स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस को लेकर भी संदेह बना हुआ है, भारत की मुश्किलें बढ़ी हैं। साउथ अफ्रीका को 30 रन से हराया वॉर्म-अप मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 30 रन से हराया था। इस मैच में ईशान किशन ने 20 गेंदों में 53 रन की पारी खेली थी। DY पाटिल स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोकर 240 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 7 विकेट गंवाकर 210 रन ही बना सकी।
बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री ए. के. अब्दुल मोमेन ने 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव को “पाखंड” करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर विपक्षी दलों को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. मोमेन ने अमेरिका से अपील की है कि वह इस चुनाव को मान्यता न दे.
अमेरिका में सस्ती दवाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च, ट्रंप बोले- ये है 'वेरी बिग डील'; लोगों का बचेगा पैसा
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सस्ती दवाओं के लिए TrumpRx.gov नाम की नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की है. ट्रंप का दावा है कि इससे प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में ऐतिहासिक कमी आएगी और लोग पैसा बचाकर स्वस्थ रहेंगे. योजना के तहत कूपन के जरिए दवाएं वैश्विक न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध होंगी.
ये खबर सुनकर आपको भी हंसी और हैरानी दोनों होगी. पोलैंड में संसद के निचले सदन (सीज्म) के स्पीकर व्लोडजिमिएर्ज चार्जास्टी(Wodzimierz Czarzasty) ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को खुलकर लताड़ लगाई है. ऐसी बात कही है, जिसके बाद पूरी दुनिया में अपना दबदबा बना रहे ट्रंप की सरकार भड़क गई है. जानें पूरी बात.
अमेरिका में बड़ा रेल हादसा, पटरी से उतरी मालगाड़ी, पानी में गिरे प्रोपेन से भरे डिब्बे
US Train Accident: अमेरिका में एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां के कनेक्टिकट राज्य के मैन्सफील्ड शहर में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इस ट्रेन में दो इंजन और 41 डिब्बे थे.
ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का हाई अलर्ट जारी किया है. इसी दौरान मस्कट में अमेरिका–ईरान परमाणु बातचीत होने वाली है. आधिकारिक तौर पर हमले की घोषणा नहीं हुई, लेकिन जानकार मानते हैं कि बातचीत विफल रही तो सैन्य विकल्पों पर विचार तेज हो सकता है.
अमेरिका में सस्ती दवाओं की नई राह: ट्रंप ने लॉन्च की वेबसाइट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंपआरएक्सडॉटजीओवी नाम की एक नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दर्जनों प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर भारी छूट देने का विश्वास दिलाती है
अमेरिका में बड़ा रेल हादसा: प्रोपेन से भरे डिब्बे पानी में गिरे
अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के मैन्सफील्ड शहर में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। न्यू इंग्लैंड सेंट्रल रेलरोड (एनईसीआर) की इस ट्रेन में दो इंजन और 41 डिब्बे थे, जिनमें से कई पटरी से उतर गए
ओमान की बैठक हुई फेल तो जल उठेगा मिडिल ईस्ट! आर-पार की तैयारी में अमेरिका और ईरान
वार्ता से पहले ही दोनों देशों के रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्य चुनौती बातचीत की विषय-वस्तु को लेकर ही होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि यदि बातचीत सार्थक होनी है तो उसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों जैसे मुद्दों को शामिल करना होगा।
इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक अनोखी शादी हुई है। जहां अमेरिकी दुल्हन भारतीय बहू बनकर आई है। पेंड्रा के रहने वाले अंकित साहू सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, वे अमेरिकी में जॉब करते थे जहां उनकी मुलाकात कायला से हुई थी। दोस्ती के बाद दोनों ने छत्तीसगढ़ में शादी की प्लानिंग की। 5 फरवरी यह शादी भारतीय रीति रिवाज से अमरकंटक के नर्मदे आनंदम रिसॉर्ट में हुई। इस दौरान कई मेहमान अमेरिका से पहुंचे थे। शहर में इस शादी की काफी चर्चा है। काम के दौरान हुई थी मुलाकात बता दें कि पेंड्रा निवासी रमेश साहू होटल व्यसायी है, अंकित साहू उनके पुत्र है। वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका के मिलवोकी गए थे। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद उन्होंने वहीं एक कंपनी में नौकरी शुरू की। इसी दौरान उनका परिचय मिस कायला से हुआ, जो अमेरिका की एक कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर पार्ट्स डिजाइन का काम करती हैं। अंकित और कायला ने आपसी सहमति से विवाह का निर्णय लिया। उनका विवाह 5 फरवरी को पूर्णतः भारतीय पारंपरिक तौर-तरीकों से संपन्न हुआ। अमेरिका से पहुंचे थे लड़की वाले विवाह समारोह में वधू पक्ष से लगभग डेढ़ दर्जन लोग अमेरिका से पहुंचे थे, जबकि वर पक्ष से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। यह विवाह समारोह अत्यंत हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। भारतीय मूल के युवक और अमेरिकी युवती के इस विवाह की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है और लोग इसकी सराहना कर रहे हैं। शादी के दौरान विदेशी मेहमानों और नवविवाहित जोड़े के साथ तस्वीरें लेने के लिए लोगों में उत्साह देखा गया।
गोपेश को अमेरिका की मानद डॉक्टरेट
उदयपुर | वृक्षम् अमृतम् संस्थान के अध्यक्ष गोपेश शर्मा को पर्यावरण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट दी गई। यह उपाधि अमेरिकन मेरिट काउंसिल, यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका ने जारी की। काउंसिल हेड डॉ. मूसा ओटिना ओबिट और रजिस्ट्रार डॉ शेरोन कैंपबेल फिलिप्स ने प्रमाण पत्र भेजा। बुधवार को उदयपुर में राज्य स्तरीय विशेष मूल्यांकन समिति के चेयरमैन राहुल भटनागर ने उपाधि प्रदान की। शर्मा पिछले 5 वर्षों से वृक्षारोपण, गौ सेवा, रक्तदान, परिंडा वितरण, तुलसी वितरण, नारी शक्ति सम्मान और निशुल्क भोजन कार्यक्रम चला रहे हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत, बढ़ा निवेशकों का भरोसा
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के बाद भारतीय रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हो गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 90.29 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा
कसरावद विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा गया है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष यादव ने बुधवार दोपहर कसरावद में कहा कि देश के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलना, किसानों के लिए प्रतिकूल साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय किसानों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि वे विदेशी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। यादव ने तर्क दिया कि भारतीय किसान पहले से ही लागत, मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। विदेशी कृषि उत्पादों को बढ़ावा देना किसानों की आय बढ़ाने के सरकार के दावों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि ट्रेड डील में किसानों के हितों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसपी, फसल की उचित कीमत और घरेलू कृषि बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस समझौते में किसानों के हितों की अनदेखी की, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क से संसद तक इसका विरोध करेगी।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भारत- अमेरिका की ट्रेड डील पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब और हरियाणा के किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं। भाजपा की एमएसपी और किसानों की आय दोगुना करने की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेड डील में पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा जरूरी है। ट्रेड डील को लेकर आ रही सूचना चिंताजनक हैं। कृषि क्षेत्र खोला तो तबाह हो जाएंगे किसान यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि यदि बिना पर्याप्त सुरक्षा के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए खोला गया तो इसका सीधा असर किसानों और खेती पर पड़ेगा। विशेषकर यह हरियाणा और पंजाब के किसानों के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते की घोषणा एकतरफा बयानबाजी के रूप में सामने आई है और अमेरिकी पक्ष संकेत दे रहा है कि भारत टैरिफ तथा नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य करने पर सहमत हो रहा है। जो राष्ट्रीय हितों के लिए बड़ा खतरा है। लघु उद्योगों और व्यापारों पर बढ़ेगा खतरा कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि भारतीय बाजार व्यापक रूप से खोला जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव देश के उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यमों, व्यापारियों तथा किसानों पर पड़ेगा। अमेरिका पर निर्भता बढ़ाना गलत उन्होंने कहा कि तेल खरीद में रूस से दूरी और अमेरिका व वेनेजुएला पर निर्भरता बढ़ने की बात भी सामने आई हैं। यदि यह किसी व्यापारिक समझौते का हिस्सा है, तो इससे देश की ऊर्जा नीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसी किसी भी शर्त पर निर्णय लेते समय राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए। यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर आयात बढ़ाया जाता है, तो ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता के संकल्प पर भी प्रश्नचिन्ह लगेंगे। संसद और देश को जानने का अधिकार कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि ट्रेड डील के हर पहलू पर पारदर्शिता अनिवार्य है। देश और संसद को यह जानने का पूरा अधिकार है कि किन शर्तों पर क्या सहमति बनी है। सरकार को बिना देरी किए इस विषय पर श्वेत पत्र जारी कर सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधि और नागरिक इस पर सूचित चर्चा कर सकें। राष्ट्रीय हित, किसानों की सुरक्षा, उद्योग-व्यापार की स्थिरता और ऊर्जा रणनीति, इन सबको ध्यान में रखकर ही कोई भी अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से अमेरिका से संभावित डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे सनातन धर्म की परंपराओं और व्रत-उपवास की शुद्धता से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने SIR को लेकर एक बार फिर चुनावा आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- चुनाव आयोग को अपनी बिल्डिंग पर BJP का झंडा लगा लेना चाहिए। जो SIR चल रहा है, इसमें भाजपा के लोग शामिल है, वो जिसका वोट कटवाना चाहते हैं, वो कटवाते हैं। जिसका जुड़वाना चाहते हैं, जुड़वाते हैं। उन्होंने कहा- अगर हम कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उसको नजरअंदाज कर रहा है। चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उनकी जिम्मेदारी है कि वोट ज्यादा से ज्यादा बनें। चुनाव आयोग के लोगों का जिस तरह का व्यवहार है, उससे ऐसा लगता है कि वो भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका से हुई डील पर भी सपा प्रमुख ने तंज कसा। उन्होंने कहा-यह जो डील हुई है, यह डील नहीं ढील है। हमारा पूरा बाजार उनके हाथ में दे दिया। अखिलेश ने कहा- डॉ. राम राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नांडिस और नेताजी सहित तमाम समाजवादी नेताओं ने हमेशा कहा कि सबसे ज्यादा खतरा हमें किसी से है तो चीन से है। रेजांग ला मेमोरियल भी जहां बना था उसको हटाकर कई किलोमीटर दूर बनाया गया। सपा के सांसद राम गोपाल यादव ने सत्र न चलने पर कहा- मैं 1952 से लेकर 2014 तक कई प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल देख चुका हूं। लेकिन इस तरह से सस्पेंड नहीं किया गया। वहीं, मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- उनके व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है। इस तरह का व्यवहार अगर एक सांसद करें तो बहुत शर्मनाक है। संसद के बजट सत्र में यूपी के सांसदों ने क्या-क्या किया, नीचे पढ़िए...
संसद में बोले पीयूष गोयल, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों और MSME को होगा लाभ
वाणिज्य मंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इस समझौते में भी उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया गया।
राहुल गांधी बोले, ट्रेड डील अमेरिका के आगे समर्पण, पीएम ने किसानों की खून-पसीने की कमाई को बेचा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े एक मामले और तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ के खुलासों के कारण प्रधानमंत्री दबाव में हैं। राहुल गांधी ने कहा, “जो मैं जानता हूं और जो प्रधानमंत्री भी जानते हैं, उसी वजह से यह डील साइन हुई है।” हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
अमेरिका के आगे झुके मोदी, किसानों और जनता पर महंगाई थोपने की ट्रेड डील; देश का स्वाभिमान गिरवी रखा
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए काला दिन है
'माउंट अकोंकागुआ (Mount Aconcagua) दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में एंडीज पर्वतमाला में स्थित सबसे ऊंची चोटी है। यहां हवा बहुत तेज होती है। 16 किलो वजन का सूट पहनने के बाद भी 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवा मुझे उडाकर ले गयी। मेरी आंखों के सामने अंधेरा छ गया था। मै कुछ नीचे आकर गिरी और चोट भी लगी पर अब सुकून है कि मैंने 6961 मीटर की एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर लिया।' ये कहना है वाराणसी की पर्वातारोही गुंजन अग्रवाल का; जो 49 साल की उम्र में पहाड़ों को छोटा कर उनपर आसानी से ट्रेकिंग कर रही हैं। हमने पूछा- घर में आपको पहाड़ पर चढ़ने से कोई रोकता तो नहीं? आप 49 साल की हैं। गुंजन ने कहा - बस मेरे पति हर बार पूछ लेते हैं कि अब टास्क पूरा हो गया न। आगे कोई और टास्क तो नहीं? मगर फिर मैं प्रैक्टिस में लग जाती हूं, जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह का योगदान रहता है। यह बातचीत उस बेकरी पर हो रही थी, जो गुंजन चलाती हैं। इसके अलावा उनकी फ्लॉवर शॉप भी है। वह कस्टमर डील करने के लिए कुछ देर के लिए बातचीत को रोक देती हैं। फ्री होने के बाद वह हमारे साथ बैठीं। उन्होंने पर्वतारोही बनने की कहानी दैनिक भास्कर से साझा की... सवाल : माउंट एल्ब्रुस के बाद माउंट अकोंकागुआ को क्यों चुना ? जवाब : कोरोना काल के समय मुझे कोविद हुआ तो मैंने अपनी फिटनेस और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए दौड़ना शुरू किया। जिसमें मेरे फिटनेस कोच हीरा सिंह ने मुझे हमेशा सलाह दी और हर चीजें सिखाई। उन्ही के कहने और सिखाने पर मैंने पर्वतारोही बनने की शुरुआत की। पहले किताबों से जानकारी ली। इसके बाद शुरू किया और जिस एल्ब्रुस पर्वत को हिटलर भी क्रास नहीं कर सका था। उसे क्रास किया। फिर एक साल की मेहनत और लगन के बाद इसी 21 जनवरी को दुनिया के पश्चिमी गोलार्ध के सबसे ऊंचे बिंदु माउंट अकोंकागुआ को फतह कर लिया। सवाल : कब शुरू की अकोंकागुआ पर चढ़ाई और कितना समय लगा? जवाब : हमने जब शुरू किया और कैंप नंबर तीन पर पहुंचे तो वहां से फिर हमें कोई कैंप नहीं मिलना था। वहां से सीधे टॉप पर जाना था बिना रुके। ऐसे में 11 जनवरी से शुरू हुआ सफर कैंप नंबर तीन पर आकर रुक गया। यहां हमने कुछ घंटे बिताए और 8 घंटे में लगातार बिना रुके 21 जनवरी को 6961 मीटर को फतह कर उसपर भारत का झंडा लहरा दिया। यह फतह बाबा विश्वनाथ को समर्पित है। सवाल : अकोंकागुआ को फतह करने में क्या दिक्कतें आईं ? जवाब : पर्वतारोहण करने में हमेशा से दिक्कतें आती हैं। दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतमाला में मृत ज्वालामुखी पर्वत है अकोंकागुआ; यह अपनी तेज हवाओं और खड़ी चढ़ाई के लिए मशहूर है। अकोंकागुआ को चढ़ते समय एक वक्त ऐसा भी आया की मुझे हवा उड़ाकर ले गयी। मै गिरी और मेरे पैरों में चोट लगी पर मेरे ट्रैकर ने मुझे उठाया। हमने थोड़ी देर आराम किया और उसके बाद फिर चढ़ाई शुरू कर दी। पुरुषों के ट्रेकिंग टूर में मै अकेली महिला थी। बाथरूम की भी दिक्कत थी पर फिर जो हुआ वो सबको पता है। सवाल : क्या अब एवरेस्ट फतह करने के लिए एलिजिबल हो गई हैं ? जवाब : दुनिया में यदि आप 7000 मीटर की ऊंचाई को फतह कर लेते हैं। तो आप माउंट एवरेस्ट पर ट्रेकिंग करने के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। दक्षिण अमेरिका की माउंट अकोंकागुआ; जो की 6,961 मीटर है। इसे फतह करने के बाद आप दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को ट्रेक करने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। मै भी हो गयी हूं लेकिन अभी माउंट एवरेस्ट का इरादा नहीं है। क्योंकि खर्च बहुत ज्यादा है। साथ ही साथ अब परिवार और अपने पुराने इवेंट मैराथन पर ध्यान देना है। सवाल : आप बिजनेस करती आ रही हैं, पर्वतारोही कैसे बन गईं? जवाब : कोरोना काल में मुझे कोविड हुआ। उसके बाद डॉक्टर की सलाह पर मैं वर्क आउट और योगा करना शुरू किया। इसके लिए BLW के मैदान पर जाती थी। इस दौरान वहां के फुटबाल के असिस्टेंट कोच और फिटनेस कोच हीरा सिंह सर से मुलाकात हुई। उन्होंने मेरा वर्कआउट देखा तो मुझे पर्वतारोहण की तरफ जाने की सलाह दी। सवाल : कौन-कौन से पहाड़ पर आप गईं हैं? जवाब : सबसे पहले कश्मीर में सोनमर्ग, फिर लद्दाख में कांग्यांसेन-2 पर 6250 मीटर तक चढ़ाई की। इसके बाद मैंने माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ने की तैयारी शुरू की। 24 अगस्त 2024 को रूस पहुंची थी। यहां माउंट एल्ब्रुस के पास पहुंचकर वहां के सर्द वातावरण में रही। हमने 30 अगस्त 2024 की रात 12 बजे चढ़ाई शुरू की। सुबह 6.30 बजे माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचे। वहां भारत का तिरंगा लहरा दिया। इसके बाद 11 जनवरी को हम दक्षिणी अमेरिका के अर्जेंटीना पहुंचे और 21 जनवरी की सुबह में माउंट अकोंकागुआ फतह कर लिया। हम 10 मिनट रुके और फिर नीचे की तरफ उतर गए। सवाल : आगे क्या लक्ष्य है ? क्या एवरेस्ट फतह करेंगी ? जवाब : अभी कुछ दिन ब्रेक करना है। अकोंकागुआ को फतह करने के बाद अब हम माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए एलिजिबल हो गए हैं। पर अभी हमें कुछ दिन रुकना है। एज फैक्टर भी है। आप जितनी ऊपर जाओगे सांस लेने में उतनी दिक्कत होती है। ऐसे में अभी मुझे मैराथन की तरफ फोकस करना है। अब मैराथन के इवेंट्स में हिस्सा लूंगी अपने कोच हीरा सिंह के निर्देश में। गुंजन के फिटनेस कोच से भी हमने बात की... हीरा सिंह बोले - 49 की उम्र में वह बहुत एक्टिव हैंBLW में असिस्टेंट फुटबाल और फिटनेस कोच हीरा सिंह ने कहा- गुंजन को जब मैंने पहली बार देखा तब उनके अंदर गजब का जुनून था। मैंने उनसे पूछा कि क्या आप पर्वतारोही बनेगी, तब उन्होंने कई दिनों तक मुझसे इसकी बारीकियों को समझा। फिर हां कर दी। वह रोजाना सुबह 5 बजे ग्राउंड पर पहुंच जाती हैं। अपनी प्रैक्टिस जरूर करती हैं। उसके बाद उन्हें घर के काम और शाप भी देखनी होती है। 49 की एज में वो काफी एक्टिव और जोश से भरी हुई हैं। हीरा बताते हैं - वो रोजाना अपना ट्रैकिंग किट लेकर प्रैक्टिस करती हैं। क्योंकि यह 16 किलो वजन का होता। इसमें अकेले शूज ही साढ़े 4 किलो के होते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
लुइसियाना से ग्रीनलैंड तक: जानें कैसे 13 राज्यों का अमेरिका बना 50 राज्यों का सुपरपावर
पिछले लगभग दो सौ वर्षों में अमेरिका ने कभी खरीद के जरिए, कभी युद्ध के माध्यम से और कभी राजनीतिक दबाव बनाकर अपने क्षेत्रफल का लगातार विस्तार किया। आज का 50 राज्यों वाला संयुक्त राज्य अमेरिका कभी केवल 13 उपनिवेशों तक सीमित था।
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

