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'मुझसे 6 जून को एयरपोर्ट पर मिलें' : अमेरिका से लौट रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक ने किया दिल्ली घेरने का ऐलान!

Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party: NEET और CBSE विवाद के बीच सोशल मीडिया पर सनसनी मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक ऐसा वीडियो जारी किया है, जिसने ...

वेब दुनिया 2 Jun 2026 5:50 pm

अमेरिका में फिर अंधाधुंध गोलीबारी: आयोवा में बंदूकधारी ने मचाया तांडव, हमले में 7 लोगों की दर्दनाक मौत

अमेरिका से एक बार फिर गोलीबारी की दहला देने वाली खबर आई। आयोवा के मस्कटाइन में अलग-अलग जगहों पर फायरिंग के बाद संदिग्ध बंदूकधारी समेत सात लोग मृत पाए गए।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:49 pm

ट्रंप के बेरूत पर हमला रुकवाने के दावे पर क्या कहती है अमेरिकी मीडिया?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी सीधी अपील के बाद बेरूत में होने वाला एक सैन्य अभियान रोक दिया

देशबन्धु 2 Jun 2026 10:41 am

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले, ईरान से बातचीत जारी, इजरायल नहीं करेगा हिज्बुल्लाह पर हमला

ईरानी मीडिया ने दावा किया कि सीजफायर को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत रोक दी गई है। ईरानी मीडिया की ओर से किए गए दावे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 8:43 am

हरियाणा में बैठकर अमेरिका के लोगों से फ्रॉड:अमेजन अधिकारी बनकर बात करते 21 लोग पकड़े; ₹11 लाख कैश, नोट गिनने की मशीन भी मिली

पंचकूला पुलिस ने सोमवार देर रात एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड के रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तक चली। साइबर क्राइम टीम ने सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक ऑफिस से 21 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से चार लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 11.30 लाख कैश, 3 वॉकी-टॉकी, 16 हैंडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 3 पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें और सोने के आभूषण बरामद किए हैं। सेक्टर-2 मार्केट में स्थित अल्फा इवेंट कंपनी के ऑफिस से यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। आरोपी खुद को अमेजन कंपनी का अधिकारी बताकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाते थे और उनसे ठगी करते थे। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब जानिए कैसे चल रहा ठगी का खेल… अमेरिका के नागरिकों को बनाते थे निशानापुलिस ने मामले में नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अमेरिका (USA) के नागरिकों के साथ साइबर ठगी करते थे। इसी वजह से उनका कॉल सेंटर भी अमेरिकी समय के अनुसार संचालित होता था। कॉल सेंटर का काम शाम करीब 7 बजे शुरू होता था और रात 3 बजे तक चलता था। खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताते थेपुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग अमेरिका के नागरिकों को फोन कर खुद को अमेजन कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को झांसे में लेकर उनके क्रेडिट कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दिया जाता था। 20 से अधिक युवक-युवतियों को रखा था नौकरी परठगी के इस नेटवर्क को चलाने के लिए इंग्लिश बोलने वाले करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें 20 से 25 हजार रुपए तक सैलरी दी जाती थी। काम शुरू करने से पहले उन्हें एक हफ्ते से 10 दिन तक ट्रेनिंग भी दी जाती थी, ताकि वे विदेशी नागरिकों से आसानी से बातचीत कर सकें। RSO सदस्य और वकील करते थे पूरे नेटवर्क को कवरपुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार वकील नवदीप और रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (RSO) मेंबर अंकुर कपूर इस पूरे नेटवर्क को देखते थे। अंकुर कपूर सड़क सुरक्षा के नाम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता था, जिनमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाता था। इसी वजह से उस पर किसी को आसानी से शक नहीं होता था। कमिश्नर बोले- अभी और खुलासे होंगे पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने बेहतरीन कार्य करते हुए साइबर ठगी का रैकेट पकड़ा है। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए पूरा खेल चल रहा था। पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर अभी और खुलासे किए जांएगे।

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 7:20 am

उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर फहराया तिरंगा:ज्योति रात्रे ने पिको डी ओरिजाबा फतह कर रचा इतिहास, MP की पहली पर्वतारोही बनीं

मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध पर्वतारोही और माउंट एवरेस्ट विजेता ज्योति रात्रे ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। ज्योति ने 30 मई 2026 को मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा की 5,636 मीटर (18,491 फीट) ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वे उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर तिरंगा फहराने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला बन गई हैं। साथ ही वे तीन महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर चढ़ाई करने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही भी बन चुकी हैं। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश से अब तक कोई भी पर्वतारोही इस शिखर तक नहीं पहुंच पाया था। आधी रात से शुरू हुआ संघर्ष ज्योति रात्रे ने बताया कि अंतिम चढ़ाई 30 मई की रात 12:42 बजे शुरू हुई। कड़ाके की ठंड, तेज़ हवाओं और घने अंधेरे के बीच उन्होंने शिखर की ओर कदम बढ़ाए। करीब 10 घंटे 28 मिनट के कठिन संघर्ष के बाद सुबह 11:10 बजे वे शिखर पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने एक ही प्रयास में लगभग 1,400 मीटर की सीधी ऊंचाई तय की, जो पर्वतारोहण की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। हर कदम पर चुनौती अभियान के दौरान तापमान -15 से -18 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जबकि तेज हवाओं के कारण ठंड का असर -20 डिग्री जैसा महसूस हो रहा था। ग्लेशियर, ज्वालामुखीय चट्टानें और बर्फीली ढलानें हर कदम पर जोखिम बढ़ा रही थीं। ज्योति रात्रे ने कहा कि चढ़ाई जितनी कठिन थी, उससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण नीचे उतरना था, लेकिन शिखर पर तिरंगा फहराते ही लगा कि हर संघर्ष सफल हो गया। ग्रामीण महिलाओं को समर्पित अभियान इस अभियान को उन्होंने देश की ग्रामीण महिलाओं को समर्पित किया। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि यह प्रयास उन महिलाओं के नाम हैं, जो हर दिन संघर्ष के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखती हैं। ये खबर भी पढ़ें… मैक्सिको के ‘पिको डी ओरिजाबा’ पर तिरंगा फहराने निकलेंगी ज्योति भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए गर्व का एक और मौका आने वाला है। देश की जानी-मानी पर्वतारोही ज्योति रात्रे अब अपने अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान पर निकलने जा रही हैं। उनका लक्ष्य मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा शिखर है, जो 5,636 मीटर (18,491 फीट) की ऊंचाई के साथ उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है। ज्योति भोपाल की रहने वाली है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 2 Jun 2026 7:13 am

चीन की परमाणु प्रलय की तैयारी? रेगिस्तान में बिछाया मिसाइलों का खौफनाक जाल, सीधे अमेरिका पर निशाना!

China Nuclear Expansion: चीन के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters द्वारा विश्लेषित हालिया उपग्रह तस्वीरों में चीन के उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों में तेजी से विकसित हो रहे विशाल सैन्य ढांचे का खुलासा हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मिसाइल तैनाती का विस्तार नहीं, बल्कि चीन की परमाणु युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव है। तस्वीरों के अनुसार, चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के आसपास लॉन्च पैड, भूमिगत बंकर, संचार केंद्र, हवाई रक्षा तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार कर रहा है। ये वही साइलो हैं जिनमें चीन की लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) तैनात की जाती हैं, जो अमेरिका के किसी भी शहर तक मार करने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी तल्खियां नजर आई थीं। ऐसे में चीन की इस योजना ने अमेरिका के भी कान खड़े कर दिए हैं। 80 से अधिक लॉन्च पैड, हजारों वर्ग किलोमीटर में फैलता नेटवर्क उपग्रह तस्वीरों में 80 से अधिक ऐसे लॉन्च पैड दिखाई दिए हैं जिनका इस्तेमाल मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट और कमांड सेंटर के रूप में किया जा सकता है। निर्माण का दायरा इतना व्यापक है कि यह पूरे रेगिस्तानी क्षेत्र में हजारों वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। हवाई स्थित रणनीतिक थिंक टैंक Pacific Forum के सहयोगी फेलो अलेक्जेंडर नील के अनुसार, “चीन केवल नए साइलो नहीं बना रहा, बल्कि वह अपने पूरे रणनीतिक परमाणु ढांचे को बहुस्तरीय सुरक्षा कवच दे रहा है। यह उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में भारी विस्तार और विविधीकरण का संकेत है।” क्या है ‘सेकंड स्ट्राइक’ रणनीति? परमाणु रणनीति में “Second Strike Capability” बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका अर्थ है—यदि किसी देश पर पहले परमाणु हमला हो जाए, तब भी उसके पास इतना सैन्य ढांचा बचा रहे कि वह जवाबी परमाणु हमला कर सके। विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब अपनी इसी क्षमता को लगभग अजेय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि उसके कुछ साइलो नष्ट भी हो जाएं, तब भी मोबाइल लॉन्चर, वैकल्पिक कमांड सेंटर और भूमिगत नेटवर्क उसकी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। चीन की ‘न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय’ परमाणु नीति चीन लंबे समय से “Minimum but Credible Nuclear Deterrence” यानी “न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोध” की नीति का दावा करता रहा है। बीजिंग आधिकारिक तौर पर ‘No First Use’ नीति की भी बात करता है, जिसके तहत वह पहले परमाणु हमला न करने का दावा करता है। लेकिन हाल के वर्षों में चीन की परमाणु गतिविधियों की रफ्तार ने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। शिनजियांग और गांसु प्रांत में तेजी से बन रहे साइलो नेटवर्क को विशेषज्ञ PLA (Peoples Liberation Army) के जमीनी परमाणु बलों का भविष्य मान रहे हैं। ताइवान तनाव और अमेरिका-चीन परमाणु प्रतिस्पर्धा यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में ताइवान को लेकर सैन्य टकराव होता है, तो चीन परमाणु प्रतिरोध की शक्ति का इस्तेमाल बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए कर सकता है। कुछ पश्चिमी राजनयिकों का मानना है कि बीजिंग अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अमेरिका के बराबर वैश्विक सामरिक शक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है। एशिया-प्रशांत में बदलता सामरिक संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह परमाणु विस्तार केवल सैन्य आधुनिकीकरण नहीं है, बल्कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सामरिक संतुलन को बदलने वाला कदम हो सकता है। इससे अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है। यदि यह निर्माण इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में दुनिया एक नए परमाणु संतुलन और संभवतः नए शीत युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकती है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मिसाइल तैनाती का विस्तार नहीं, बल्कि चीन की परमाणु युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव है। तस्वीरों के अनुसार, चीन अपने परमाणु मिसाइल साइलो के आसपास लॉन्च पैड, भूमिगत बंकर, संचार केंद्र, हवाई रक्षा तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार कर रहा है। ये वही साइलो हैं जिनमें चीन की लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) तैनात की जाती हैं, जो अमेरिका के किसी भी शहर तक मार करने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी तल्खियां नजर आई थीं। ऐसे में चीन की इस योजना ने अमेरिका के भी कान खड़े कर दिए हैं। 80 से अधिक लॉन्च पैड, हजारों वर्ग किलोमीटर में फैलता नेटवर्क उपग्रह तस्वीरों में 80 से अधिक ऐसे लॉन्च पैड दिखाई दिए हैं जिनका इस्तेमाल मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट और कमांड सेंटर के रूप में किया जा सकता है। निर्माण का दायरा इतना व्यापक है कि यह पूरे रेगिस्तानी क्षेत्र में हजारों वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। हवाई स्थित रणनीतिक थिंक टैंक Pacific Forum के सहयोगी फेलो अलेक्जेंडर नील के अनुसार, “चीन केवल नए साइलो नहीं बना रहा, बल्कि वह अपने पूरे रणनीतिक परमाणु ढांचे को बहुस्तरीय सुरक्षा कवच दे रहा है। यह उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में भारी विस्तार और विविधीकरण का संकेत है।” क्या है ‘सेकंड स्ट्राइक’ रणनीति? परमाणु रणनीति में “Second Strike Capability” बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका अर्थ है—यदि किसी देश पर पहले परमाणु हमला हो जाए, तब भी उसके पास इतना सैन्य ढांचा बचा रहे कि वह जवाबी परमाणु हमला कर सके। विश्लेषकों का मानना है कि चीन अब अपनी इसी क्षमता को लगभग अजेय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि उसके कुछ साइलो नष्ट भी हो जाएं, तब भी मोबाइल लॉन्चर, वैकल्पिक कमांड सेंटर और भूमिगत नेटवर्क उसकी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। चीन की ‘न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय’ परमाणु नीति चीन लंबे समय से “Minimum but Credible Nuclear Deterrence” यानी “न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोध” की नीति का दावा करता रहा है। बीजिंग आधिकारिक तौर पर ‘No First Use’ नीति की भी बात करता है, जिसके तहत वह पहले परमाणु हमला न करने का दावा करता है। लेकिन हाल के वर्षों में चीन की परमाणु गतिविधियों की रफ्तार ने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। शिनजियांग और गांसु प्रांत में तेजी से बन रहे साइलो नेटवर्क को विशेषज्ञ PLA (Peoples Liberation Army) के जमीनी परमाणु बलों का भविष्य मान रहे हैं। ताइवान तनाव और अमेरिका-चीन परमाणु प्रतिस्पर्धा यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में ताइवान को लेकर सैन्य टकराव होता है, तो चीन परमाणु प्रतिरोध की शक्ति का इस्तेमाल बाहरी हस्तक्षेप रोकने के लिए कर सकता है। कुछ पश्चिमी राजनयिकों का मानना है कि बीजिंग अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अमेरिका के बराबर वैश्विक सामरिक शक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है। एशिया-प्रशांत में बदलता सामरिक संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह परमाणु विस्तार केवल सैन्य आधुनिकीकरण नहीं है, बल्कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सामरिक संतुलन को बदलने वाला कदम हो सकता है। इससे अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की सुरक्षा रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है। यदि यह निर्माण इसी गति से जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में दुनिया एक नए परमाणु संतुलन और संभवतः नए शीत युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकती है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 1 Jun 2026 3:24 pm

शादी के कुछ घंटे बाद बड़ा हादसा: अमेरिका में हेलीकॉप्टर क्रैश में भारतीय मूल के पायलट की मौत, दुल्हन घायल

भारतीय मूल के एक 26 वर्षीय पायलट की शादी के कुछ ही घंटों बाद हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं और कई घंटों तक मलबे में फंसी रहीं। यह घटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि शादी समारोह में शामिल सैकड़ों मेहमानों के लिए भी अविश्वसनीय सदमे जैसी रही।

देशबन्धु 1 Jun 2026 12:59 pm

भिवानी में महंगाई के खिलाफ इनेलो का प्रदर्शन:कार्यकर्ता बोले- अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में PM मोदी, कांग्रेस भाजपा की B टीम

भिवानी में सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुराना बस स्टैंड से प्रदर्शन करते हुए इनेलो कार्यकर्ता व नेता लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और महंगाई को कम करने के लिए मांग की। साथ ही चेतावनी देते हुए किा कि जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आंदोलन तेज करेंगे। इनेलो नेता एवं पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा, इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणी माहू, इनेलो के राष्ट्रीय सचिव जोगेंद्र सिंह बागनवाला व इनेलो प्रदेश महासचिव शारदा मिश्रा ने कहा कि प्रदेशभर में इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल व गैस के बढ़ते दामों को लेकर इनेलो पार्टी द्वारा जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में सोमवार को इनेलो नेता व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए, अन्यथा विपक्षी पार्टी ईनेलो सरकार पर दबाव बनाने का काम करेगी। पेट्रोल-डीजल व गैस के दाम आसमान छू रहे- वासुदेव शर्मा पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल व गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। जिससे गृहिणी, व्यापारी तथा प्रत्येक वर्ग दुखी है। उन्होंने कहा कि दाम 2022 से लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल के दाम घटने के बाद भी यहां दाम कम नहीं किए जा रहे। घटाने की बजाए, सरकार दाम को बढ़ा रही है। ऐसे में रोष स्वरूप प्रदर्शन कर पीएम के नाम ज्ञापन पत्र सौपकर महंगाई को कम करने की मांग की गई है। पीएम मोदी पर ट्रम्प का दबाव- अशोक ढाणी माहू इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढाणी माहू में कहा कि देश का पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में है। जिसके चलते महंगाई कम होने की बजाए बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस तो भाजपा की बी टीम है। सही मायने में इनेलो विपक्ष की भूमिका निभा रही है और मांग करती है कि जल्द महंगाई को कम करके आम जनता को राहत दे। अन्यथा विपक्ष मिलकर सरकार पर दबाव बनाने का काम करेगा, ताकि आसमान छू रहे दामों से लोगों को राहत मिले।

दैनिक भास्कर 1 Jun 2026 12:00 pm

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले; कुवैत पर भी हुआ अटैक

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को निशाना बनाकर मार गिराया था। अमेरिका का कहना है कि यह ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहा था।

देशबन्धु 1 Jun 2026 11:49 am

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का इस्तीफा, अमेरिका के साथ शांति वार्ता को लग सकता है झटका?

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच खबर है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सुप्रीम लीडर को अपना इस्तीफा दे दिया है। यह दावा एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया गया है। इस इस्‍तीफे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता और युद्ध रोकने की कोशिशों को भी झटका लग सकता है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का दफ्तर पेजेशकियान का इस्तीफा मंजूर करेगा या नहीं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इंटरनेशनल ने रविवार को बताया कि इस्तीफे में कहा गया है कि राष्ट्रपति और उनकी सरकार को ईरान में बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईरान में युद्ध के बाद पैदा हुए खालीपन का फ़ायदा उठाकर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भीतर के कट्टरपंथी गुटों ने अहम मामलों पर अपना कब्जा जमा लिया है। इससे ईरान की सरकार चलाना मुश्किल हो रहा था। क्‍या कहा इस्‍तीफे में : रिपोर्ट के मुताबिक इस इस्तीफ़ में पेजेशकियान ने लिखा कि हालात ठीक नहीं हैं। वह न तो ठीक से शासन चला पा रहे हैं और न ही अपनी कानूनी जिम्मेदारियां पूरी कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने तुरंत अपने पद से हटने की गुजारिश की है। कौन हैं पेज़ेश्कियान : बता दें कि पेज़ेश्कियान का जन्म 29 सितंबर, 1954 को उत्तर-पश्चिमी ईरान के महाबाद में हुआ था। वह एक अजेरी पिता और एक कुर्द मां की संतान हैं। वे एक हार्ट सर्जन रहे हैं। 1994 में एक कार दुर्घटना में उनकी पत्नी, फ़तेमेह मजीदी और एक बेटी की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने शादी नहीं की और दो बेटों और एक बेटी का अकेले ही पालन-पोषण किया। वह 2024 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 1 Jun 2026 11:28 am

ट्रम्प की बेटी ने सोनार किले की तारीफ की:राजस्थानी आवभगत के वीडियो डाले, अमेरिकी राजदूत को दोस्त बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प और उनके पति माइकल बोलोस सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर से विशेष चार्टर विमान द्वारा गुजरात के जामनगर के लिए रवाना हो गए। जैसलमेर प्रवास के दौरान उन्होंने सोनार किला सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, राजस्थानी लोक संस्कृति को करीब से देखा और अपनी यात्रा की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ मौजूद रहे, जिन्हें टिफनी ने अपनी पोस्ट में दोस्त बताया। अब देखिए PHOTOS… चार्टर विमान से जामनगर के लिए रवाना सोमवार सुबह जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच टिफनी ट्रम्प, माइकल बोलोस और उनका काफिला एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद उनका विशेष चार्टर विमान जामनगर के लिए रवाना हुआ। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट रहीं। दिल्ली, आगरा और जैसलमेर का किया दौरा भारत यात्रा के दौरान टिफनी ट्रम्प ने दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर, आगरा के ताजमहल और राजस्थान के जैसलमेर स्थित प्रसिद्ध सोनार किले का भ्रमण किया। इन स्थलों के अनुभवों को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। अब देखिए टिफनी ने सोशल मीडिया पर साझा की जैसलमेर यात्रा… सोशल मीडिया पर साझा की जैसलमेर यात्रा टिफनी ट्रम्प ने अपने X और इंस्टाग्राम अकाउंट पर जैसलमेर दौरे की सोनार फोर्ट, सूर्यग्रह होटल की फोटोज और वीडियो पोस्ट किए। तस्वीरों में उन्होंने सूर्यगढ़ होटल में पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत की झलक दिखाई। स्वागत के दौरान राजस्थानी वेशभूषा में महिला कलाकारों ने घूमर नृत्य प्रस्तुत किया था। घूमर प्रस्तुति के दौरान टिफनी ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। रविवार रात टिफनी ट्रम्प और माइकल बोलोस के सम्मान में विशेष डिनर रखा गया। इस दौरान थार के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ लोकगीत और सूफी संगीत प्रस्तुत किया। टिफनी और माइकल ने कालबेलिया नृत्य और लोक संगीत का देर रात तक आनंद लिया। इस म्यूजिकल नाइट के वीडियो भी टिफनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए। सोनार किले की वास्तुकला से हुईं प्रभावित जैसलमेर प्रवास के दौरान टिफनी ट्रम्प और माइकल बोलोस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल सोनार किले का भ्रमण किया। पीले पत्थरों से बने इस ऐतिहासिक किले की वास्तुकला और इतिहास को जानने के बाद दोनों प्रभावित नजर आए। सर्जियो गोर को बताया दोस्त टिफनी ट्रम्प ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ भी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में सर्जियो गोर को अपना दोस्त बताया। सर्जियो गोर जनवरी 2026 से भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्यरत हैं और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए विशेष दूत की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। पूरी यात्रा के दौरान रहे सुरक्षा इंतजाम जैसलमेर पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से लेकर पर्यटन स्थलों और होटल तक सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी। यात्रा को बताया अद्भुत टिफनी ट्रम्प, माइकल बोलोस और सर्जियो गोर ने भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की सराहना करते हुए अपनी इस यात्रा को अद्भुत बताया। राजस्थान की मेहमाननवाजी और जैसलमेर की सांस्कृतिक विरासत की यादों के साथ उनका काफिला अब जामनगर के लिए रवाना हो चुका है। जानिए कौन हैं माइकल बोलोस जानिए कौन हैं सर्जियो गोर

दैनिक भास्कर 1 Jun 2026 10:36 am

उत्तराखंड सीनियर एथलेटिक्स में अमेरिका से रेस लगाने आए वरुण:आकर्षण का केंद्र बने; प्रतियोगिता में 176 खिलाड़ियों ने ट्रैक पर दिखाया दम

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलेटिक्स ट्रैक पर चल रही दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के सभी जिलों से आए 176 एथलीट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानक पूरे करने वाले खिलाड़ियों को आगामी नेशनल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण, अमेरिका से दौड़ने पहुंचे वरुण इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल के प्रति दीवानगी का एक अनूठा उदाहरण भी देखने को मिला। चेस्ट नंबर 980 के खिलाड़ी वरुण ओबेरॉय केवल इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से अमेरिका से उत्तराखंड आए। उन्होंने 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पुरुष वर्ग में ऊधमसिंह नगर के गुरशन सिंह, नवजोत सिंह, हरिद्वार के प्रखर शर्मा, अल्मोड़ा के धीरज बिष्ट, काशीपुर के राम सिंह, नैनीताल के दीपक भट्ट, पौड़ी गढ़वाल के प्रभु महतो, हरिद्वार के विक्रांत चौधरी, बागेश्वर के नीरज चंदोला, नैनीताल के सागर राम, चमोली के परमजीत सिंह बिष्ट, ऊधमसिंह नगर के वंश चौधरी, सोहेल, भूपेंद्र बिष्ट, देहरादून के अनिकेत काला, उत्तराखंड पुलिस के शिवकुमार और देहरादून के विकास शर्मा प्रथम स्थान पर रहे। जबकि महिला वर्ग में ऊधमसिंह नगर की कनिष्का मनचंदा, देहरादून की अर्का गोरिया, चमोली की अनीशा, नैनीताल की अनु भट्ट, पिथौरागढ़ की माया कुमारी, हरिद्वार की सोनिया, आयशा रहमान, रुद्रप्रयाग की अंजलि, काशीपुर की पायल, चंपावत की भगवती बिष्ट, उत्तरकाशी की तक्षशिला चौहान, हरिद्वार की वृद्धि सचदेवा, देहरादून की आरुषि, पिथौरागढ़ की इंदिरा, देहरादून की निकिता रावत, ऊधमसिंह नगर की नीतू चंद प्रथम रहीं। इनकी देखरेख में संपन्न हुआ आयोजन आयोजन के दौरान उत्तराखंड एथलेटिक संघ के अध्यक्ष संदीप शर्मा, सचिव के.जे.एस. कलसी, कोषाध्यक्ष एम.सी. शाह और कोचिंग व प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष गुरुफूल सिंह सहित गुलशन अली, सुनील शर्मा, सरफराज चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 31 May 2026 8:32 pm

सिंगापुर: भारत के रक्षा सचिव ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर फोकस

शांगरी-ला डायलॉग में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रविवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। अमेरिकी सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य पैट हैरिगन के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर फोकस किया गया।

देशबन्धु 31 May 2026 4:48 pm

बॉबी देओल बोले- मेरे दोनों बेटों को हीरो बनना है:चाहता था बड़ा बेटा अमेरिका में सेटल हो; फाइनेंस की पढ़ाई के बावजूद एक्टर बनना चाहता है

अभिनेता बॉबी देओल ने खुलासा किया है कि उनके दोनों बेटे आर्यमन और धरम देओल बॉलीवुड में एक्टिंग करियर बनाना चाहते हैं। टीवी शो 'आप की अदालत' में बातचीत के दौरान बॉबी ने बताया कि वे चाहते थे कि उनका बड़ा बेटा अमेरिका में रहकर फाइनेंस में करियर बनाए। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से ऑनर्स करने के बावजूद आर्यमन ने एक्टिंग को चुना। बॉबी ने बताया कि उनके दोनों बेटे हीरो बनना चाहते हैं और इसके लिए वे खुद को तैयार कर रहे हैं। अमेरिका में सेटल होने की थी उम्मीदबॉबी देओल ने बताया कि उन्होंने अपने बड़े बेटे आर्यमन को फाइनेंस की पढ़ाई कराई थी ताकि वे फिल्मों से अलग कोई करियर चुन सकें। आर्यमन ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से अच्छे नंबरों से पढ़ाई पूरी की। बॉबी को उम्मीद थी कि आर्यमन अमेरिका में ही रहकर अपना करियर बनाएंगे और वे खुद उनसे मिलने वहां जाया करेंगे। लेकिन आर्यमन के मन में एक्टर बनने की इच्छा थी। बॉबी ने कहा कि चाहे कोई डॉक्टर हो या इंजीनियर, हर किसी के दिल में कहीं न कहीं एक्टर बनने की चाह होती है। यूट्यूब से सीखी डांसिंग और एडिटिंगइंटरव्यू के दौरान बॉबी ने आर्यमन की मेहनत के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कोविड लॉकडाउन के दौरान जब सब घर पर थे, तब आर्यमन ने खुद ही फिल्म मेकिंग सीखी। उन्होंने एडिटिंग, साउंड इफेक्ट्स और डबिंग का काम खुद सीखा। आर्यमन अभी 21 साल के हैं और वे अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर डांस की ट्रेनिंग भी ली है। वे इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। इंटीरियर डिजाइनर हैं तान्या देओलबॉबी देओल ने साल 1996 में तान्या देओल से शादी की थी। उनके बड़े बेटे आर्यमन का जन्म 2001 में और छोटे बेटे धरम का जन्म 2004 में हुआ था। तान्या देओल के पास इंटीरियर डिजाइनिंग का डिप्लोमा है। उन्होंने बॉबी की कुछ शुरुआती फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम भी डिजाइन किए थे। इसके अलावा तान्या का अपना पर्सनलाइज्ड फर्नीचर बिजनेस भी है। अब उनके दोनों बेटे भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनने की तैयारी में हैं। 5 जून को रिलीज होगी फिल्म 'बंदर'बॉबी देओल के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे जल्द ही फिल्म 'बंदर' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें वे समीर मेहरा नाम के एक रॉकस्टार का किरदार निभा रहे हैं जिस पर सेक्शुअल असॉल्ट का आरोप है। इस फिल्म के जरिए बॉबी देओल और डायरेक्टर अनुराग कश्यप पहली बार साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म की पटकथा सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखी है, जो 'पाताल लोक' और 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। आलिया और शर्वरी के साथ फिल्म 'अल्फा'इसके अलावा बॉबी देओल यश राज फिल्म्स (YRF) की स्पाई थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' में भी नजर आएंगे। इस फिल्म में आलिया भट्ट और शर्वरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला केंद्रित फिल्म है। 'अल्फा' का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं और यह फिल्म 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

दैनिक भास्कर 31 May 2026 3:12 pm

ईरान की चेतावनी: होर्मुज स्‍ट्रेट से आवाजाही केवल उसकी अनुमति से होगी, अमेरिकी दखल पर होगी कार्रवाई

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नेवी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका होर्मुज स्‍ट्रेट के 'प्रबंधन' में किसी भी तरह का दखल देता है, तो उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

देशबन्धु 31 May 2026 10:03 am

कुरुक्षेत्र में चढूनी गुट की प्रदेश स्तरीय बैठक आज:अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ बनेगी रणनीति, हरिद्वार में चिंतन शिविर पर भी मंथन

कुरुक्षेत्र में आज (रविवार को) भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की अहम बैठक बुलाई गई है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में यह बैठक जाट धर्मशाला में होगी। बैठक को लेकर किसान संगठन के साथ-साथ प्रशासन और सरकार की भी नजर बनी हुई है, क्योंकि इसमें कई बड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार की जानी है। असल में, चढूनी गुट का 6, 7 और 8 जून को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर प्रस्तावित है। कुरुक्षेत्र की प्रदेश स्तरीय बैठक में इसी शिविर के एजेंडे और उसमें उठाए जाने वाले मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें देश भर से किसान शामिल हो सकते हैं। ट्रेड डील को लेकर होगी चर्चा बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि अमेरिका से एक उच्च स्तरीय कमेटी भारत आने वाली है, जो व्यापार समझौते को लेकर बातचीत करेगी। किसानों को आशंका है कि यदि इस समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी गई। किसानों का होगा नुकसान इसका सीधा नुकसान देश के छोटे और मध्यम किसानों को उठाना पड़ेगा। अमेरिका में खेती बड़े स्तर पर होती है और वहां किसानों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है। ऐसे में अगर अमेरिकी गेहूं, मक्का, दाल और अन्य कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में पहुंचे, तो भारतीय किसानों की फसल के दाम गिर सकते हैं। खेती बन जाएगी घाटे का सौदा इससे मंडियों में स्थानीय किसानों की उपज प्रभावित होगी और खेती पहले से ज्यादा घाटे का सौदा बन सकती है। इसलिए यूनियन के नेता बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन की रूपरेखा, विरोध कार्यक्रम और केंद्र सरकार तक किसानों की बात पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही हरिद्वार चिंतन शिविर में किन राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा, इस पर भी सहमति बनाई जाएगी। सरकार-प्रशासन की रहेगी नजर उधर, प्रशासनिक स्तर पर भी बैठक को गंभीरता से देखा जा रहा है। किसान संगठनों की आगामी रणनीति और संभावित विरोध कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद यूनियन आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलनात्मक कार्यक्रमों का ऐलान भी कर सकती है।

दैनिक भास्कर 31 May 2026 9:58 am

ईरान-अमेरिका तनाव: आईआरजीसी ने अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को एक बयान में कहा कि उसने अमेरिका के एमक्‍यू-1 ड्रोन को मार गिराया है। यह जानकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने दी।

देशबन्धु 31 May 2026 8:50 am

रोहतक में किसान नेता गुरनाम चढूनी की पीएम को चेतावनी:बोले- अमेरिका से डील बर्दाश्त नहीं, लड़ेंगे- भिडेंगे, मरेंगे, देश को गुलाम नहीं होने देंगे

रोहतक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अमेरिकी से होने जा रही डील को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए स्पष्ट कहा कि अमेरिका से डील बर्दाश्त नहीं होगी। डील के खिलाफ किसान लड़ेंगे, भिडेंगे व मरने के लिए तैयार हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने पीएम नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश को आजाद नहीं करवाया। अगर वह खुद बर्बाद होना चाहते हैं, किसानों को बर्बाद करना चाहते हैं तो किसान चुप नहीं रहेगा। केंद्र सरकार को भी चैन की नींद सोने नहीं देंगे। इंग्लैंड के बाद क्या अमेरिका का गुलाम हुआ भारत गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत वर्षों तक इंग्लैंड का गुलाम रहा। आजादी के बाद क्या अब भाजपा सरकार देश को अमेरिका के हाथों बेचकर गुलाम बना रही है। भारत के लोग अमेरिका के गुलाम नहीं है। अमेरिका कहेगा कि रूस से तेल खरीदो तो क्या हम रूस से तेल खरीदेंगे। अमेरिका का ऐसा क्या दबाव है। देश के ऊपर मरने के लिए युवा तैयार रहे। 3 कृषि कानूनों से घातक है अमेरिका डील गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत के 3 कृषि कानूनों से भी घातक अमेरिका से होने वाली डील है। अमेरिका का रकबा भारत से 7 गुणा अधिक और जनसंख्या 4 गुणा कम है। अमेरिका में सब्सिडी 60 लाख से पौने 2 करोड़ रुपए प्रति किसान है। भारत की खेती महंगी व अमेरिका की सस्ती है। अगर अमेरिका से अनाज आया तो वह 20 रुपए में गेंहू बेचेगा, ऐसे में भारत का किसान कहां जाएगा। 1 से 4 जून तक भारत आ रहा अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून तक भारत आ रहा है। पहले भारत का प्रतिनिधिमंडल गया था। किसान अमेरिका के इस प्रतिनिधिमंडल का विरोध कर रहे हैं और जो डील करने के इरादे से भारत आ रहे हैं, वह डील किसी कीमत नहीं होने दी जाएगी। किसानों को बर्बाद करने पर तुली सरकार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करीब 20-25 साल पहले डब्ल्यूटीओ ने साइन किए थे। किसी देश की सरकार अपने देश के किसान को वर्ल्ड मार्केट से ज्यादा भाव नहीं दे सकती। क्यों ऐसे समझौते करते है। जब किसान की खेती कंपनियों के पास जाएगी तो वह मनमाने रेट लेंगे। किसान बर्बाद होने के कगार पर है, उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज कुरुक्षेत्र में मीटिंग है, जल्द आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

दैनिक भास्कर 31 May 2026 7:26 am

अमेरिका में बसे पति को फैमिली कोर्ट का आदेश:16 साल से अलग रह रही पत्नी को देना होगा हर माह 50 हजार भरण- पोषण

इंदौर की फैमिली कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में अमेरिका के बर्मिंघम शहर में रह रहे भारतीय मूल के एक नागरिक को अपनी पत्नी को मासिक भरण-पोषण देने का निर्देश दिया है। आदेश 26 मई का है। कोर्ट ने आदेश दिया कि पति अपनी पत्नी को प्रति माह 50 हजार रुपए भरण-पोषण राशि देगा, साथ ही पिछले ढाई वर्षों की बकाया राशि के रूप में 15 लाख रुपए एकमुश्त अदा करेगा। दरअसल वर्ष 2010 में विवाह के बाद पति अमेरिका जाकर बस गया था और लंबे समय से पत्नी से अलग रह रहा था। बाद में उसने पत्नी के खिलाफ तलाक की याचिका दायर कर विवाह विच्छेद की मांग की। वहीं पत्नी ने तलाक का विरोध करते हुए भरण-पोषण की मांग की और कहा कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहती। मोबाइल नंबर और अमेरिका का पता भी बदल लिया पत्नी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट केपी माहेश्वरी व प्रतीक माहेश्वरी ने कोर्ट को बताया कि पति पिछले 16 वर्षों से बिना किसी उचित कारण के पत्नी को छोड़कर अलग रह रहा है। इतना ही नहीं, उसने अपना मोबाइल नंबर और अमेरिका का पता भी बदल लिया तथा परिवार और पत्नी से संपर्क लगभग समाप्त कर दिया। पिता के निधन पर भी नहीं आया, वीडियो कॉल पर किए अंतिम दर्शन सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पति अपने पिता के निधन पर भी भारत नहीं आया। उसे आशंका थी कि पत्नी उसके साथ रहने की मांग कर सकती है। उसने केवल वीडियो कॉल के माध्यम से अंतिम दर्शन किए और अपना वर्तमान पता तथा संपर्क विवरण भी किसी को नहीं बताया। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने पिता की मृत्यु के दौरान घर पहुंची बहू और उसके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें वहां से जाने के लिए मजबूर किया। अमेरिका में डाटा एनालिस्ट है पति पत्नी ने कोर्ट को बताया कि उसका कोई स्वतंत्र आय स्रोत नहीं है और वह मायके की आर्थिक सहायता से जीवनयापन कर रही है। वहीं पति अमेरिका में डाटा एनालिस्ट के रूप में कार्यरत है तथा एक प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ है। पत्नी का दावा था कि पति की आय लाखों रुपए प्रतिमाह है और वह अमेरिका में संपन्न जीवन व्यतीत कर रहा है। आय संबंधी दस्तावेजों में विरोधाभास कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पति द्वारा प्रस्तुत आय संबंधी दस्तावेजों और आयकर विवरणों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि पति की आय के संबंध में प्रस्तुत तथ्यों में विरोधाभास है, लेकिन यह निर्विवाद है कि उसकी नियमित और पर्याप्त आय है। 26 मई को कोर्ट ने डॉ. कुलदीप जैन ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी की स्वयं की कोई आय नहीं है और वह लंबे समय से पति से अलग रह रही है। दूसरी ओर पति अमेरिका का निवासी और नागरिक है तथा आर्थिक रूप से सक्षम है। इन परिस्थितियों और वर्तमान महंगाई को ध्यान में रखते हुए पत्नी को प्रति माह 50 हजार रुपए भरण-पोषण राशि दिए जाने का आदेश पारित किया गया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तिथि से प्रभावी भरण-पोषण राशि के रूप में पिछले ढाई वर्षों का लगभग 15 लाख रुपए बकाया एकमुश्त अदा किया जाए। साथ ही 20 हजार रुपए न्यायालयीन व्यय और अधिवक्ता शुल्क के रूप में भी भुगतान किया जाएगा।।

दैनिक भास्कर 30 May 2026 8:50 pm

आज का एक्सप्लेनर:पहले ईरान को तबाह किया, अब ट्रम्प ₹29 लाख करोड़ देकर फिर खड़ा करेंगे; अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही

एक मशहूर कहावत है- नमाज बख्शवाने गए थे, रोजे गले पड़ गए। ट्रम्प के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा। तीन महीने पहले ईरान को घुटनों पर लाने निकले थे, आज खुद 300 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट फंड लेकर उसके दरवाजे पर खड़े हैं। रिपोर्ट्स हैं कि जंग रोकने का मसौदा तैयार हो चुका है। सिर्फ ट्रम्प और खामेनेई के दस्तखत होने बाकी हैं। अमेरिका-ईरान के समझौते की शर्तें क्या हैं, इसमें ईरान कैसे फायदे में और आखिर ट्रम्प को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही; आज के एक्सप्लेनर में समझिए… सवाल-1: अमेरिका और ईरान के बीच किन शर्तों पर डील हो रही है?जवाबः अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने 28 मई को रिपोर्ट किया कि अमेरिका और ईरान ६० दिन के लिए सीजफायर बढ़ाने को तैयार हैं। दोनों देशों के बीच एक MoU यानी समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। इस पर प्रेसिडेंट ट्रम्प की फाइनल मंजूरी बाकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मसौदे में 5 प्रमुख शर्तें हैं… 1. होर्मुज स्ट्रेट खुलेगाः होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के निकलने पर कोई रोक नहीं होगी। ईरान किसी जहाज से कोई टोल या ट्रांजिट फीस नहीं वसूलेगा। ईरान को 30 दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। अमेरिका भी होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी से अपनी नाकाबंदी हटाएगा। 2. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगाः सीजफायर के दौरान ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम के निपटारे पर ही बात की जाएगी। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक ईरानी ऑफिसर ने बताया कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोक देगा। बदले में अमेरिका ये वादा करेगा कि जब तक दोनों देशों में समझौते पर आखिरी बातचीत न हो जाए, तब तक ईरान पर प्रतिबंध नहीं बढ़ाए जाएंगे। 3. ईरान के जब्त पैसे मिलेंगे: विदेशी बैंकों में ईरान के करीब 24 अरब डॉलर फ्रीज हैं। अब समझौते के तहत उसके ये पुराने फंड रिलीज किए जा सकते हैं। अमेरिकी ऑफिसर ने कहा कि अब ईरान के पास अपनी इकॉनमी को बंधन से आजाद करने का मौका है। ईरानी न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, ईरान के 24 अरब डॉलर में से 12 अरब डॉलर देने पर बातचीत आगे बढ़ी है। 4. इजराइल हिजबुल्लाह पर हमले रोकेगा: ईरानी अधिकारियों और एक राजनयिक के अनुसार लेबनान में लड़ाई रोकना भी समझौते में शामिल है। ट्रम्प प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान हिजबुल्लाह और हूती जैसे मिलिटेंट ऑर्गेनाइजेशन की मदद पर बात करेगा। 5. 29 लाख करोड़ लगाकर ईरान का रीकन्स्ट्रक्शनः न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में सबसे हैरान करने वाला संशोधन ईरान के लिए एक इन्वेस्टमेंट फंड का जिक्र है। ये फंड 300 अरब डॉलर यानी करीब 28.5 लाख करोड़ रुपए का है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे ईरान में रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम बताया। सवाल-2: अगर डील हुई, तो कौन ज्यादा फायदे में होगा?जवाबः मौजूदा समझौते में जितनी शर्तें सामने आई हैं, उनसे ईरान को ज्यादा फायदा है… ट्रम्प सिर्फ एक बात को भुना सकते हैं कि अब ईरान परमाणु बम नहीं बना सकेगा। लेकिन उसमें भी झोल है… पॉलिटिकल रिस्क कंसल्टेंसी फर्म यूरेशिया ग्रुप के सीनियर ईरान एनालिस्ट ग्रेगरी ब्रू कहते हैं, 'ये कुल मिलाकर ईरान की जीत है। उसने एक महीने से ज्यादा समय तक बमबारी झेली। होर्मुज को बंद रखा और अमेरिका के साथ अपनी शर्तों पर समझौता करके ही इसे दोबारा खोलने पर राजी हुआ। ट्रम्प ने जंग के पीछे जो टारगेट बताए थे, उनमें से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। न ईरान में शासन बदला, न वेनेजुएला जैसी सफलता मिली, न होर्मुज खुलवा सके और न कोई बड़ा परमाणु समझौता कर पाए।' सवाल-3: आखिर अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही है?जवाबः ईरान से घाटे की डील करने के पीछे ट्रम्प और अमेरिका की 3 बड़ी मजबूरियां हैं… 1. ईरान जंग में फायदे की बजाय नुकसान हुआ 2. ट्रम्प की ईरान पर जीत दिखाने की जल्दी 3. मिड-टर्म चुनाव गंवाना नहीं चाहते ट्रम्प सवाल-4: अमेरिका-ईरान की इस डील में अभी क्या बड़ी अड़चने हैं? जवाबः दोनों देशों ने मसौदा भले तैयार कर लिया है, लेकिन दस्तखत होने से पहले कई अड़चने हैं। सबसे बड़ी अड़चन एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर है। ईरान के पास 440 किलो एनरिच्ड यूरेनियम और 10 टन कच्चा यूरेनियम है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई के मुताबिक, 'मौजूदा बातचीत युद्ध खत्म करने तक सीमित है, इसमें यूरेनियम का मुद्दा शामिल नहीं है। ट्रम्प ईरान के इसे किसी तीसरे देश में ले जाने पर सहमत हैं, लेकिन इसे रूस या चीन भेजने पर राजी नहीं हैं। जबकि 2015 में परमाणु समझौते के बाद ईरान ने अपने यूरेनियम का 97% रूस ही भेजा था। ईरानी मामलों के एक्सपर्ट अली वायज के मुताबिक, '10 साल पहले अमेरिका को ईरान से न्यूक्लियर डील करने में ढाई साल लग गए थे। आज के हालात कहीं ज्यादा पेचीदा हैं। अगले 60 दिनों में कोई हल निकलना मुश्किल है। होर्मुज पर भी बात बिगड़ सकती है। ईरान चाहता है कि पहले अमेरिकी नाकेबंदी हटे, फिर होर्मुज पर बात हो। वह बाद में भी ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में टोल वसूलना चाहता है, जो ट्रम्प को मंजूर नहीं है। ईरान के भीतर कई कट्टरपंथी संगठन भी डील का विरोध कर रहे हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 मई को तेहरान में बड़ी रौलियां निकलीं, जिनमें अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी हुई। ईरान किसी भविष्य में संभावित आंतरिक संघर्ष से बचना चाहता है, इसीलिए वह किसी समझौते तक पहुंचने में समय ले रहा है। सवाल-5: अगर ये डील हो गई, तो सबकुछ पहले जैसा सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा? जवाबः ईरान की बिछाई बारूदी सुरंगें हटाने में कई हफ्ते लग सकते हैं। अमेरिकी नाकाबंदी भी ईरान से बातचीत के आधार पर धीरे-धीरे कम होगी। प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक, ‘मौजूदा हालात में सीजफायर संभव है। युद्ध रुकने के बाद तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं, क्योंकि बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो चुका होता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ दिल्ली बेस्ड थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के एक्सपर्ट विवेक मिश्र बताते हैं, ‘होर्मुज में 18-20 हजार जहाज फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने में 3 हफ्ते लग सकते हैं। इसके बाद अगले डेढ़ महीने में दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो पाएगी।’ विवेक मिश्र कहते हैं, ‘UAE पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन OPEC से बाहर हो गया है। OPEC के सदस्य देश मिलकर तेल के प्रोडक्शन की मात्रा और तेल की कीमतें तय करते थे। अब UAE जितना चाहे उतना तेल बाजार में उतार सकता है। ऐसे में कीमत पर कंट्रोल रखना आसान नहीं होगा।’ ईरानी मामलों के एक्सपर्ट यासिर अली मिर्जा मानते हैं, ‘फिलहाल दोनों देशों को किसी डील पर पहुंचने में कम से कम 6 महीने और लग सकते हैं। ईरान की स्ट्रैटजी होर्मुज बंद करके वर्ल्ड इकॉनोमी पर दबाव बढ़ाने की है, जिसमें वो काफी हद तक सफल रहा है। ऐसे में वह आसानी से अमेरिका की शर्तें मानने वाला नहीं है।’ ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…ट्रम्प ने क्या मांग लिया, जिससे पाकिस्तान का सीधा इनकार:अमेरिका का गुस्सा मंजूर, इजराइल से दोस्ती क्यों नहीं कर सकता पाकिस्तान अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल के एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं- ट्रम्प के जितना करीब जाओगे, उतना ही जोखिम बढ़ेगा। वह कुछ ऐसा मांग बैठेंगे, जो देना संभव न हो। पाकिस्तान इस वक्त उसी ‘कुआं और खाई’ की सिचुएशन में आ गिरा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 30 May 2026 6:38 pm

अमेरिकी नागरिक को 2.5 साल जेल, 10 हजार जुर्माना:भारत में इलीगल एंट्री पर किशनगंज कोर्ट का फैसला

किशनगंज की एक अदालत ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के मामले में एक अमेरिकी नागरिक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम सुरेश प्रसाद सिंह की अदालत ने विदेशी अधिनियम के तहत शफीउल आलम को दो वर्ष छह माह के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषी शफीउल आलम (43) अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के अटलांटा सिटी स्थित नॉर्थ हार्डफोर्ट एवेन्यू का निवासी है। यह फैसला वर्ष 2025 के सत्र परीक्षण वाद संख्या 110 और दिघलबैंक थाना कांड संख्या 38/2024 से संबंधित मामले में सुनाया गया। एसएसबी की 12वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी लोक अभियोजन सुरेन प्रसाद साहा ने बताया कि यह मामला 30 मार्च 2024 का है। उस दिन भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी की 12वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, नेपाल के रास्ते एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक दिघलबैंक बाजार क्षेत्र में प्रवेश कर चुका था। सूचना के आधार पर एसएसबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए शफीउल आलम को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ घुसपैठ में सहयोग करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी मुहम्मद मुखलेश को भी पकड़ा गया था। पिछले 17 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था गिरफ्तारी के दौरान शफीउल आलम के पास से नौ प्रकार के क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और कैसीनो कार्ड बरामद हुए थे। इसके अतिरिक्त, न्यू जर्सी का ड्राइविंग लाइसेंस, एक अमेरिकी डॉलर, नेपाली मुद्रा और नेपाल से संबंधित अन्य दस्तावेज भी मिले। जांच में यह भी सामने आया कि वह पिछले 17 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था। पूछताछ में भारतीय दलाल मुखलेश ने खुलासा किया कि एक लाख रुपये के एवज में शफीउल आलम को नेपाल के काकरभिट्टा से भारत होते हुए बांग्लादेश पहुंचाने की डील हुई थी। उसने यह भी बताया कि शफीउल आलम पिछले करीब एक वर्ष से नेपाल के काठमांडू स्थित एक होटल में रह रहा था। पासपोर्ट नवंबर 2023 में समाप्त हो चुका था उसका टूरिस्ट वीजा मई 2023 में तथा पासपोर्ट नवंबर 2023 में समाप्त हो चुका था। 29 मार्च 2024 को उसे भारत लाकर आगे भेजने की तैयारी की गई थी। जांच के दौरान शफीउल आलम ने यह भी बताया था कि वह काठमांडू के एक कैसीनो में गैम्बलिंग करता था। उसके मोबाइल फोन की जांच में सोने के बिस्किट, प्राचीन सिक्कों, बहुमूल्य आभूषणों तथा विभिन्न देशों के लोगों के पासपोर्ट की तस्वीरें मिलने की बात भी सामने आई थी। 2 साल बाद मामले में आया कोर्ट का फैसला एसएसबी और जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि शफीउल आलम के पास भारत में प्रवेश करने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं था और उसने अधिकृत मार्ग का भी उपयोग नहीं किया था। इसके बाद एसएसबी ने दोनों आरोपियों को दिघलबैंक थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। करीब दो वर्ष बाद मामले की सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने शफीउल आलम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

दैनिक भास्कर 30 May 2026 4:24 pm

Top News 30 May: महंगी हुई CNG, 7 दिन लेट हुआ मानसून, अमेरिका और ईरान समझौते के करीब

Top News 30 May : मुंबई में फिर बढ़े सीएनजी के दाम। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान समझौते के करीब पहुंच गए हैं। मानसून 7 दिन बाद केरल पहुंचेगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आज डीके शिवकुमार को नेता चुना जाएगा। ...

वेब दुनिया 30 May 2026 7:43 am

ताजमहल आ रहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी टिफ़नी:शनिवार सुबह पहुंचेंगी आगरा, शाम को निहारेंगी ताज, शहर में एक दिन का रहेगा स्टे

विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल शनिवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हाई प्रोफाइल मेहमान की मेजबानी करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफ़नी ट्रंप अपनी निजी भारत यात्रा के दौरान शनिवार को ताजनगरी पहुंच रही हैं। उनका चार्टर्ड विमान सुबह 9:45 बजे आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पर उतरेगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने उनके दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। टिफ़नी ट्रंप एयरपोर्ट से सीधे कड़ी सुरक्षा के बीच होटल जाएंगी। कुछ देर विश्राम के बाद शाम 5 बजे वह ताजमहल का दीदार करने पहुंचेंगी। कार्यक्रम के अनुसार वह करीब डेढ़ घंटे तक ताजमहल परिसर में रुकेंगी और सूर्यास्त के समय संगमरमर की खूबसूरती का आनंद लेंगी। इसके बाद वह आगरा में ही रात्रि विश्राम करेंगी। रविवार दोपहर टिफ़नी ट्रंप निजी चार्टर्ड विमान से जैसलमेर के लिए रवाना होंगी। उनकी यात्रा के दौरान भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचने के बाद सीधे आगरा आएगा। हालांकि यह पूरी तरह निजी यात्रा बताई जा रही है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति परिवार से जुड़े होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है। खेरिया हवाई अड्डे, होटल, ताजमहल परिसर और पूरे रूट पर पुलिस व खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने होटल और स्मारक परिसर की निगरानी बढ़ा दी है। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप, बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जेरेड कुशनर के साथ ताजमहल देखने आगरा आए थे। अब छह साल बाद ट्रंप परिवार की दूसरी बेटी टिफ़नी ट्रंप ताजनगरी की मेहमान बनने जा रही हैं।

दैनिक भास्कर 30 May 2026 12:03 am

जौहर कानपुरी ने शायर बशीर बद्र के किस्से सुनाए:अमेरिका में पाकिस्तानी शायर को जवाब- हिन्दुस्तानी शायर आते नहीं जाते हुए देखा जाता है

आधुनिक उर्दू गजल के बेमिसाल शायर के इंतकाल के बाद शोक की लहर है। उनके जाने के साथ न सिर्फ एक शायर ही नहीं गया, बल्कि एक ऐसा इंसान भी चला गया, जिसने अपनी शायरी से आम आदमी को सोचने पर मजबूर किया। व्यवहार से लोगों को अपना बना लिया। उनके साथ मंच साझा करने वाले कानपुर के मशहूर शायर जौहर कानपुरी, शायरा शबीना अदीब, उर्दू अदब के जानकार प्रोफेसर डॉ. खान अहमद फारूख ने उन्हें याद करते हुए कई भावुक और प्रेरक किस्से साझा किए। मशहूर शायर जौहर कानपुरी ने बताया-एक बार अमेरिका के मुशायरे में मंच पर बैठे एक पाकिस्तानी शायर ने कहा, “जब हमारे यहां के शायर आते हैं तो ऐसा ही होता है। इस पर बशीर बद्र कहा, “हिंदुस्तान का शायर आता हुआ नहीं, जाता हुआ देखा जाता है। पढ़िए मशहूर शायरों ने क्या कहा जौहर कानपुरी ने कहामशहूर शायर जौहर कानपुरी ने बताया- बशीर बद्र की पैदाइश कानपुर में हुई थी। उन्होंने शहर के हलीम स्कूल से शिक्षा हासिल की। उनके पिता पुलिस विभाग में थे। ट्रांसफ़र होने पर परिवार इटावा चला गया। करीब 10 साल की उम्र तक वह इटावा में रहे। बाद में उनके पिता का ट्रांसफ़र फतेहपुर हो गया और परिवार वहां चला गया। 14 साल की उम्र में उनके पिता सैयद मोहम्मद नज़ीर का निधन हो गया। उस समय बशीर बद्र को पुलिस विभाग में नौकरी मिल गई और उनका ट्रांसफ़र इलाहाबाद हो गया। इलाहाबाद में उनकी मुलाक़ात दुनिया के मशहूर शायर फ़िराक़ गोरखपुरी से हुई। वहां वह उनके पास नौकरी करने लगे, जिसके लिए उन्हें 50 रुपये महीने मिलते थे। वहीं से उन्होंने शायरी का अंदाज़ सीखा और फ़िराक़ गोरखपुरी के ख़त भी लिखने लगे। जौहर कानपुरी ने एक दिलचस्प क़िस्सा सुनाते हुए कहा- 90 के दशक में अमेरिका में एक बड़ा मुशायरा हुआ था। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से शायर पहुंचे थे। पाकिस्तान से भी कई शायर आए थे। तभी मशहूर शायर अहमद फ़राज़ की एंट्री हुई तो उनके पीछे करीब 20 लोग वाहवाही करते हुए पहुंचे। मंच पर बैठे एक पाकिस्तानी शायर ने कहा, “जब हमारे यहां के शायर आते हैं तो ऐसा ही होता है। इस पर बशीर बद्र ने जवाब दिया, “हिंदुस्तान का शायर आता हुआ नहीं, जाता हुआ देखा जाता है। उनके शब्दों में इतना विश्वास था कि मानो उन्हें पहले से पता हो कि महफ़िल उन्हीं के नाम होने वाली है। हुआ भी वही। जैसे ही उन्होंने शेर पढ़ने शुरू किए, पूरा मुशायरा उनके नाम हो गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोगों का हुजूम उनके पीछे चल पड़ा। तब बशीर साहब ने उसी शायर से कहा “देखा आपने, हिंदुस्तान का शायर आता हुआ नहीं, जाता हुआ देखा जाता है। देश की मशहूर शायरा शबीना अदीब ने साझा की यादेंमशहूर शायरा शबीना अदीब ने कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि बशीर बद्र की पैदाइश कानपुर में हुई थी। उन्हें कई बार उनके साथ मंच साझा करने और उनकी सरपरस्ती में शेर पढ़ने का मौक़ा मिला। उन्होंने बताया, “जब भी मैं भोपाल जाती थी और उनसे मुलाक़ात होती थी, वह अपने घर पर खाना ज़रूर खिलाते थे। शबीना ने बताया कि दो साल पहले वह जौहर साहब के साथ उनसे मिलने भोपाल गई थीं। उनकी पत्नी ने बताया कि बीमारी की वजह से वह करीब 12 साल से कुछ याद रखने में असमर्थ थे। उम्र का असर भी था। लेकिन जब हम लोग उनके पास गए और मैंने उनका मशहूर शेर पढ़ा… कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से,ये नए मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो।तो वह गुनगुनाने लगे और आगे की लाइनें ख़ुद पूरी करने लगे। यह देखकर हम बहुत खुश हुए। उन्हें भी अच्छा लगा। फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि इन्हें जाने मत देना।शबीना अदीब ने कहा कि यह उनकी ज़िंदगी का बहुत कठिन दौर था। एक ऐसा समय, जब इंसान बुलंदियों पर पहुंच जाए और फिर उसे वही सब याद न रहे। बशीर साहब के आख़िरी साल कुछ ऐसे ही गुज़रे। उन्होंने कहा, “जितने चाहने वाले मैंने उनके देखे, उतने किसी और शायर के नहीं देखे। वह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके शेर और ग़ज़लें हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगी। वह कई साल एक कमरे में रहे, लेकिन उनकी शायरी हमारे दिलों के कमरों में हमेशा क़ैद रहेगी। उर्दू अदब के जानकार डॉ. खान अहमद फारूख ने क्या कहाउर्दू अदब के जानकार डॉ. खान अहमद फारूख ने कहा कि उर्दू शायरी का एक बड़ा नाम आज हमारे बीच नहीं रहा, यह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, “मैं उसी कॉलेज में पढ़ा हूं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की थी। डॉ. बशीर बद्र की शायरी में एक अलग तरह का नयापन था। उनके शेर लोगों की ज़ुबान पर मुहावरों की तरह चढ़ जाते थे। आम बातचीत में लोग उनके शेर इस्तेमाल करते थे। उन्होंने बताया कि बशीर बद्र सिर्फ़ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मशहूर थे। उर्दू ग़ज़ल और शायरी पर उनकी किताबें भी हैं और उन्होंने इसी विषय पर पीएचडी भी की थी।डॉ. फारूख ने कहा, “कानपुर से उन्हें बेहद लगाव था। साल 1999 में कानपुर के एक मुशायरे में उनसे लंबी मुलाक़ात हुई थी। मैंने दिल्ली और कानपुर, दोनों जगह उनके मुशायरे सुने। बशीर साहब कभी किसी की नकल नहीं करते थे। उनका अंदाज़ और तरन्नुम बिल्कुल अलग था।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 10:36 am

100 साल पहले ही अमेरिका की सड़कों पर दौड़ रही थीं इलेक्ट्रिक कारें (EV), कैसे गायब हो गईं? चौंकाने वाला सच

आज दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को “भविष्य की तकनीक” बता रही है। सरकारें EV को बढ़ावा दे रही हैं, कंपनियां अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं और लोग इसे पेट्रोल-डीजल का विकल्प मान रहे हैं। लेकिन एक चौंकाने वाला सच यह है कि इलेक्ट्रिक कारें कोई नई खोज नहीं ...

वेब दुनिया 29 May 2026 9:14 am

करनाल के युवक की अमेरिका में मौत:ट्रक खाई में गिरा, परिवार का इकलौता बेटा, पिता ने जमीन बेचकर भेजा था विदेश

अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के एक युवक की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। युवक ट्रक ड्राइवर था। हादसे के दौरान उसका ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं और इसके लिए फंड भी जुटाया जा रहा है। गांव बालरागड़ान निवासी गौरव कुमार अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए उसके पिता रामफल ने जमीन तक बेच दी और कर्ज भी लिया। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। गौरव डंकी रूट से कई महीनों में अमेरिका पहुंचा था। काम बदलने के बाद दोबारा ट्रक चलाना शुरू किया अमेरिका पहुंचने के बाद गौरव ने शुरुआत में करीब छह महीने तक ट्रक चलाया। बाद में वह एक स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन वहां इनकम कम होने के कारण उसने फिर से ट्रक चलाने का फैसला लिया। परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक हालत सुधरेगी। 26 मई को आखिरी बार घर किया था कॉल जानकारी के अनुसार, 26 मई को गौरव ट्रक लेकर निकला था। रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका और उसने घर फोन कर बताया कि वह ट्रक चला रहा है और कुछ देर बाद फिर बात करेगा। यह कॉल उसकी जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत रेस्टोरेंट से निकलने के बाद वह कुछ ही दूरी चला था कि अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 27 मई को दोपहर करीब ढाई बजे परिवार को फोन आया, जिसमें पुलिस ने हादसे और मौत की जानकारी दी। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता रामफल ने बताया कि गौरव हर सुबह करीब 8 बजे घर फोन करता था और परिवार के सभी सदस्यों से बात करता था, लेकिन 26 मई की कॉल आखिरी साबित हुई। शव को भारत लाने के लिए फंड जुटा रहा परिवार गौरव का पार्थिव शरीर अभी अमेरिका में ही है। परिवार उसे भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके। इसके लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है और सरकार से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 12:39 pm

मैक्सिको के ‘पिको डी ओरिजाबा’ पर तिरंगा फहराने निकलेंगी ज्योति:उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर चढ़ाई का लक्ष्य, ऊंचाई- 5636 मीटर

भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए गर्व का एक और मौका आने वाला है। देश की जानी-मानी पर्वतारोही ज्योति रात्रे अब अपने अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान पर निकलने जा रही हैं। उनका लक्ष्य मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा शिखर है, जो 5,636 मीटर (18,491 फीट) की ऊंचाई के साथ उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है। बर्फ से ढके इस विशाल ज्वालामुखी पर चढ़ाई को दुनिया के सबसे कठिन अभियानों में गिना जाता है। अत्यधिक ऊंचाई, जमा देने वाली ठंड, तेज हवाएं और खड़ी बर्फीली ढलानें इस मिशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। ऐसे में यह अभियान ज्योति रात्रे की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा लेगा। सबसे खास बात यह है कि अब तक भारत की किसी महिला पर्वतारोही ने इस शिखर पर तिरंगा नहीं फहराया है। यदि ज्योति रात्रे इस मिशन में सफल होती हैं, तो यह भारतीय महिला पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला क्षण होगा। ज्योति रात्रे इस अभियान को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानतीं, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण के संदेश से जोड़ती हैं। उनका कहना है कि यह मिशन खास तौर पर ग्रामीण भारत की महिलाओं को साहस, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने का प्रयास है। प्रस्थान से पहले ज्योति रात्रे ने कहा, “पर्वतारोहण हमें सिखाता है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी शिखर असंभव नहीं होता। मैं चाहती हूं कि देश की हर महिला यह समझे कि सीमाएं वही होती हैं, जिन्हें हम खुद तय करते हैं।” 55 वर्षीय ज्योति रात्रे इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट सहित कई अंतरराष्ट्रीय शिखरों पर सफलता हासिल कर चुकी हैं। उनका यह नया अभियान न केवल देश के लिए गौरव का विषय बन सकता है, बल्कि महिलाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त प्रतीक भी साबित होगा। किसी भारतीय महिला ने नहीं फहराया तिरंगा बर्फ से ढके इस विशाल स्ट्रेटोवोल्केनो पर चढ़ाई को दुनिया के चुनौतीपूर्ण अभियानों में गिना जाता है। अत्यधिक ऊंचाई, जमा देने वाली ठंड, तेज हवाएं और खड़ी बर्फीली ढलानें इस अभियान को और कठिन बनाती हैं। ऐसे में यह यात्रा ज्योति रात्रे की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा लेगी। सबसे खास बात यह है कि अब तक भारत की किसी महिला पर्वतारोही ने इस शिखर पर तिरंगा नहीं फहराया है। यदि ज्योति इस मिशन में सफल होती हैं, तो यह भारतीय महिला पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला क्षण होगा।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 8:35 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं

देशबन्धु 2 Apr 2026 3:35 am

अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी

अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है

देशबन्धु 18 Mar 2026 9:42 am

अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें

नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

देशबन्धु 14 Mar 2026 3:00 am

भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला

अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:36 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे

भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:41 am

अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!

युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:38 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : क्या 'श्वेेत क्रांति' की आड़ में 'जीएम फसलों' का पिछला दरवाजा खुल रहा है?

कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए

देशबन्धु 25 Feb 2026 4:40 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी

मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।

देशबन्धु 17 Feb 2026 3:30 am

भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता

व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।

देशबन्धु 14 Feb 2026 3:20 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं

देशबन्धु 13 Feb 2026 8:21 am

विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे

महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था

देशबन्धु 12 Feb 2026 3:20 am

अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!

अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।

देशबन्धु 9 Feb 2026 2:10 am

मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू

मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए

देशबन्धु 7 Feb 2026 8:09 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति

- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है। 

देशबन्धु 5 Feb 2026 3:20 am

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm