अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि महत्वपूर्ण सेवाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों द्वारा विकसित रोबोट का बढ़ता उपयोग भविष्य में सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। सरकार को आशंका है कि यदि किसी भू-राजनीतिक तनाव या आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इन रोबोटों की उपलब्धता और संचालन प्रभावित हो सकता है।
अमेरिकी फेड के फैसले का असर, भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:15 पर सेंसेक्स 151 अंक या 0.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,502 और निफ्टी 37 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,213 पर खुला।
यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण युद्ध में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मोड़ आ गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बेहद अहम रणनीतिक मुलाकात कर वापस लौटे ही थे कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल हमला बोल दिया। इस हवाई हमले में रूस ने कीव को दहलाने के साथ-साथ यूक्रेन की वायुसेना को सबसे बड़ा घाव दिया है, जहां युद्ध में गेमचेंजर माने जा रहे अमेरिकी मूल के एडवांस F-16 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया गया है।ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात के तुरंत बाद रूस का भीषण पलटवारवैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस हमले के समय को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेलेंस्की की इस बैठक पर मॉस्को की पैनी नजर थी। जैसे ही जेलेंस्की अपनी इस यात्रा से वापस लौटे, रूसी सेना ने बिना कोई वक्त गंवाए यूक्रेन के प्रमुख सैन्य ठिकानों और हवाई पट्टियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कीव के आसमान में एक के बाद एक कई रूसी हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलें गरजती हुई दिखाई दीं, जिसे स्थानीय रक्षा विशेषज्ञों ने पुतिन की तरफ से अमेरिका और यूक्रेन के नए गठजोड़ को दिया गया सीधा और आक्रामक संदेश बताया है।यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका, अमेरिकी F-16 फाइटर जेट जमींदोजइस पूरे हमले की सबसे बड़ी और नुकसानदेह खबर यूक्रेन के लिए उसके F-16 लड़ाकू विमान का क्रैश होना रही। पश्चिमी देशों और अमेरिका से काफी मिन्नतें करने के बाद यूक्रेन को मिले इन आधुनिक लड़ाकू विमानों से उसे हवाई क्षेत्र में काफी बढ़त मिलने की उम्मीद थी। रूसी रक्षा मंत्रालय के करीबी सूत्रों और सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले और एयर डिफेंस के जाल में फंसकर यूक्रेन का एक F-16 पूरी तरह तबाह हो गया। यह नुकसान यूक्रेन की वायुसेना के मनोबल पर एक बड़ा आघात माना जा रहा है, क्योंकि इन विमानों की खेप बेहद सीमित है।युद्ध के मोर्चे पर अब आगे क्या होगा, दुनिया भर के देशों में बढ़ी चिंताइस बड़े सैन्य घटनाक्रम के बाद अब पूर्वी यूरोप में युद्ध की आग और ज्यादा भड़कने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका में सत्ता के समीकरणों के बीच पुतिन का यह आक्रामक रुख साफ दिखाता है कि रूस किसी भी तरह के दबाव में पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर, जेलेंस्की ने इस भारी नुकसान के बाद अपने पश्चिमी सहयोगियों से और अधिक एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि वाशिंगटन इस बड़े नुकसान और पुतिन की खुली चुनौती पर क्या रणनीतिक कदम उठाता है।
चीन-ईरान डिफेंस डील से हड़कंप: अमेरिका ने तुरंत लिया बड़ा एक्शन, पाकिस्तान भी रडार पर
मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर तेजी से बदलते दिख रहे हैं। चीन द्वारा ईरान को आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम सप्लाई करने की खबर सामने आते ही वैश्विक महाशक्तियों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस रणनीतिक कदम से भड़के अमेरिका ने बिना वक्त गंवाए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजिंग और तेहरान के बीच हो रही इस बड़ी सैन्य डील की आंच भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान तक भी पहुंच गई है, जिसे अमेरिकी प्रशासन ने अपने रडार पर ले लिया है।चीन और ईरान के बीच इस बड़ी सैन्य डील के क्या हैं मायनेरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकी मिडल ईस्ट में अमेरिकी और इजरायली प्रभाव को सीधे तौर पर चुनौती देने की एक बड़ी कोशिश है। चीन द्वारा ईरान को दिए जा रहे उन्नत एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से ईरानी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही वॉशिंगटन के नीति निर्माताओं में खलबली मच गई। अमेरिका ने इसे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानते हुए चीन और ईरान से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ तत्काल कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।इस डिफेंस डील की आंच में पाकिस्तान कैसे आया अमेरिकी रडार परइस पूरे मामले में पाकिस्तान का नाम जुड़ने से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है। खुफिया रिपोर्टों और वैश्विक विश्लेषकों का दावा है कि चीन द्वारा ईरान को भेजे जा रहे सैन्य उपकरणों, कलपुर्जों या तकनीकी ट्रांसफर के लिए पाकिस्तानी जमीन, बंदरगाहों या कुछ संदिग्ध लॉजिस्टिक कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने का अंदेशा है। अमेरिका ने हाल के दिनों में पाकिस्तान की कई कंपनियों पर मिसाइल और सैन्य प्रोग्राम में मदद करने के आरोप में प्रतिबंध लगाए हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियां इस्लामाबाद की हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।वैश्विक प्रतिबंधों का खतरा और एशिया-मिडल ईस्ट पर इसका बड़ा असरबीजिंग, तेहरान और इस्लामाबाद के इस कथित सैन्य त्रिकोण पर अमेरिका की पैनी नजर से आने वाले दिनों में कड़े प्रतिबंधों का एक नया दौर शुरू हो सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर पाकिस्तान की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो उस पर अमेरिकी आर्थिक मदद और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले फंड को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, भारत के दृष्टिकोण से भी यह बेहद संवेदनशील मामला है, क्योंकि पश्चिमी सीमा पर चीनी दखल का बढ़ना और मिडल ईस्ट में अस्थिरता का सीधा असर दक्षिण एशियाई सुरक्षा और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर पड़ेगा।
ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, महिला टीम को अमेरिका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गई है। पुरुष टीम ने इंग्लैंड को हराया पांचवीं सीड भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी सीड इंग्लैंड को 2-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका मुकाबला अमेरिका से होगा। पिछले साल भारत ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इस बार टीम अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में है। मैच की शुरुआत में आर्यवीर दीवान ने रोनी हिकलिंग को 11-9, 12-10, 11-5 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद इंग्लैंड के इस्माइल खलील ने युशा नफीस को 11-7, 8-11, 11-4, 13-11, 11-7 से हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अंत में गुरवीर सिंह ने जॉर्ज ग्रिफिथ्स को 11-3, 11-8, 11-6 से सीधे गेम में हराकर भारत को जीत दिलाई। महिला टीम का सफर खत्म महिला टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत को अमेरिका से 1-2 से हार झेलनी पड़ी। हाल ही में वर्ल्ड जूनियर महिला चैंपियन बनी अनाहत सिंह ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने दीया यादव को 11-7, 11-5, 11-4 से हराया। हालांकि, इसके बाद अमेरिका ने वापसी की। भारत की रुद्रा सिंह को चार्लोट स्जे के हाथों 6-11, 4-11, 8-11 से हार मिली। वहीं, अनिका दुबे को लिली बोरेल ने 13-11, 11-8, 11-6 से हराया। इन दो हार के साथ ही भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी पॉलिसी बैठक में लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इन्हें 3.50% से 3.75% की सीमा पर बरकरार रखा है। हालांकि, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की सख्त टिप्पणियों और महंगाई के खिलाफ लंबी लड़ाई की चेतावनी ने अमेरिकी बाजारों का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया।फेड के फैसले के तुरंत बाद वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया, जिससे डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1100 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह अप्रैल 2025 के बाद अमेरिकी बाजार के लिए एक दिन का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।वॉल स्ट्रीट में मंदी: डाऊ जोन्स और नैस्डैक धराशाईफेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर रुख कड़ा बनाए रखने के कारण प्रमुख अमेरिकी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए:डाऊ जोन्स (Dow Jones): 1,100 से अधिक अंक (2.19%) टूटकर बंद हुआ।S&P 500: 1.5% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq): 1.7% गिरा, जबकि नैस्डैक 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई जिससे यह तकनीकी करेक्शन (Technical Correction) के दायरे में प्रवेश कर गया।2007 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंची 30 साल की बॉन्ड यील्डफेड की मौद्रिक नीति के बाद अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा गया। ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई:10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: एक बार फिर उछलकर 4.7% पर पहुंच गई।30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: बढ़कर 5.21% हो गई, जो साल 2007 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।पॉलिसी बैठक में गहराया मतभेद: 3 सदस्यों ने उठाई दरें बढ़ाने की मांगइस बार फेड की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के भीतर सर्वसम्मति देखने को नहीं मिली। 9 सदस्यों ने दरें यथावत रखने का समर्थन किया, जबकि 3 प्रमुख सदस्यों ने इस फैसले पर असहमति (Dissent) जताई:लॉरी लोगन (प्रेसिडेंट, डलास फेड)नील काशकारी (प्रेसिडेंट, मिनियापोलिस फेड)बेथ हैमैक (प्रेसिडेंट, क्लीवलैंड फेड)इन तीनों अधिकारियों का तर्क था कि चूंकि अमेरिका में महंगाई पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से 2% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है।फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का बयान: 'जादुई समाधान नहीं, लंबी होगी लड़ाई'पॉलिसी की घोषणा करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट किया कि महंगाई पर काबू पाना इतना आसान नहीं होगा।केविन वॉर्श के मुख्य बिंदु:बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और ऐसे में कोई जल्दबाजी में पूर्वानुमान लगाना गलत होगा।महंगाई के खिलाफ हमारी लड़ाई लंबी और मुश्किल होगी। इसका कोई जादुई समाधान (Magic Solution) नहीं है।चीजें 1-2 दिनों या हफ्तों में ठीक नहीं होंगी। महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाने में अभी और वक्त लगेगा।अर्थव्यवस्था का हाल: ग्रोथ मजबूत, पर सप्लाई चेन में अड़चनेंफेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है। देश में नौकरियों के आंकड़े और उत्पादकता सकारात्मक हैं। हालांकि, वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण ऊर्जा और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में चुनौती आ रही है।
अमेरिका का ईरान पर एयरस्ट्राइक, तेहरान में कई ठिकाने निशाने पर
पश्चिम एशिया में हालात फिर बिगड़ गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर ताज़ा हवाई हमले किए हैं। यह कदम उस चेतावनी के बाद उठाया गया जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हुए हमले का जवाब ज़रूर दिया जाएगा
होर्मुज स्ट्रेट में ‘शुल्क वसूली’ नेटवर्क पर अमेरिका का शिकंजा, ईरान की दो कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान की दो समुद्री सेवा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीस) के समर्थन से एक बीमा योजना चला रही थीं
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, बोले- चुकानी होगी कीमत
जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए एक कथित ईरानी मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका पूरी ताकत के साथ जवाब देगा
अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले तीन वर्षों में भारत में 25 करोड़ डॉलर (250 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी, जिसका उद्देश्य कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है
US-Iran War Escalation: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा नया संग्राम, बेकाबू हुए हालात
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए भीषण मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग छिड़ने की आशंका काफी गहरी हो गई है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्तों से तनाव कम करने और सीधी मुठभेड़ से बचने के प्रयास जारी थे, लेकिन जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाए जाने के बाद स्थितियां पूरी तरह बेकाबू होती दिख रही हैं।ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: 'देंगे अब तक का सबसे सख्त सैन्य जवाब'जॉर्डन में हुए हमलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। एक अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर हुए इस दुस्साहसिक हमले का जवाब पूरी सैन्य ताकत से दिया जाएगा। ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड और एयरबेस को कई मिसाइलों से निशाना बनाया है। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने हवा में ही ईरान की पांच मिसाइलों को नष्ट कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा रहेगा, उनकी सैन्य कार्रवाइयां जारी रहेंगी।युद्ध में सऊदी अरब की सीधी एंट्री: इराक में अमेरिका के साथ मिलकर की एयरस्ट्राइकतनाव की इस आग में अब सऊदी अरब भी खुलकर कूद पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से ठीक पहले अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित गुटों पर भारी एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई में बगदाद समेत 7 प्रांतों में हथियारों के ठिकानों और लॉजिस्टिक्स डिपो को निशाना बनाया गया। इराक के हशद अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) समूह ने इन हमलों में अपने 20 से अधिक लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की है। सऊदी अरब का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उसके तेल प्रतिष्ठानों पर ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के विरोध में की गई है।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कब्जा: दुनिया पर मंडराया तेल संकटमिसाइल हमलों के साथ-साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक समुद्री मार्ग में तीन विदेशी तेल टैंकरों को रोकने का दावा करते हुए कहा कि इस रास्ते पर उनका पूर्ण नियंत्रण है। होर्मुज में बढ़ी इस सैन्य हलचल और सऊदी के तेल निर्यात पर बने खतरे की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता फैल गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर उछलने लगी हैं।
रूस से लगातार कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर बड़ा और शिकंजा कसने के लिए अमेरिकी संसद ने एक बेहद सख्त प्रतिबंध विधेयक को प्रक्रियागत वोटिंग के जरिए पास कर दिया है। अमेरिकी सीनेटर रोजर विकर ने इस दौरान बिना किसी लाग-लपेट के खुलकर कहा है कि इस नए और कड़े कानून का मुख्य निशाना भारत और चीन जैसे देश हैं, जो लगातार मॉस्को से ऊर्जा संसाधन खरीदकर उसकी सैन्य ताकत और रूस-यूक्रेन युद्ध को आर्थिक रूप से समर्थन दे रहे हैं। इस प्रस्तावित बिल के प्रावधानों के मुताबिक यदि यह पूरी तरह से कानून बनता है, तो रूस से व्यापार करने या ऊर्जा खरीदने वाले देशों के उत्पादों पर अमेरिका में भारी-भरकम 100 प्रतिशत तक का आयात शुल्क यानी टैरिफ लगाया जा सकता है, जिसका सबसे सीधा और गहरा प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर पड़ना तय माना जा रहा है।सीनेट में भारी बहुमत से मिला समर्थन और राजनीतिक पृष्ठभूमिदक्षिण कैरोलिना के दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की स्मृति में लाए गए इस महत्वपूर्ण 'लिंडसे ओ ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026' पर अमेरिकी सीनेट के भीतर भारी बहुमत के साथ 86-12 के अंतर से क्लोजर मोशन पास कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह मतदान ठीक उसी दिन संपन्न हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने के लिए वाशिंगटन पहुंचे थे और उन्होंने दिवंगत सीनेटर ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अमेरिकी सीनेटरों का यह आक्रामक रुख यह साफ संकेत दे रहा है कि वाशिंगटन अब मास्को के साथ ऊर्जा व्यापार करने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए पूरी तरह से मानसिक रूप से तैयार हो रहा है।मित्र देशों को नहीं, बल्कि चीन और भारत को है टार्गेटएक विशेष प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब अमेरिकी सीनेटर रोजर विकर से इस बिल के अंतरराष्ट्रीय प्रभावों के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में बयान देते हुए कहा कि इस कानून का मसौदा बहुत ही करीने से डिजाइन किया गया है ताकि अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देशों पर इसका कोई नकारात्मक असर न पड़े, बल्कि इसका पूरा वार सीधे तौर पर चीन और भारत पर पड़े। सीनेटर विकर ने भारत और चीन की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में यही देश मुख्य कसूरवार हैं क्योंकि वे भारी मात्रा में रूस का तेल और गैस खरीद रहे हैं जिससे रूसी युद्ध मशीन को लगातार ईंधन मिल रहा है और वे वैश्विक मंच पर अमेरिकी हितों के अनुकूल काम नहीं कर रहे हैं।भारत का रणनीतिक रुख और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर मंडराता खतराभारत सरकार की ओर से इस मामले पर पहले ही बेहद स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया गया है, जिसमें नई दिल्ली ने बार-बार यह दोहराया है कि रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना देश के राष्ट्रीय हितों और घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बेहद आवश्यक है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका इस 100 प्रतिशत टैरिफ वाले प्रावधान को कानून का रूप देता है, तो इससे न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों में भारी तनाव पैदा होगा बल्कि पहले से ही दबाव झेल रहा वैश्विक ऊर्जा बाजार और अधिक अस्थिर हो जाएगा।
अमेरिका के चार्लोट शहर में एक ऐसा स्टेडियम है, जिसकी नई सीटें अभी लगी नहीं हैं, नई दीवारें बनी नहीं हैं और निर्माण का बड़ा काम 2027 में शुरू होगा। इसके बावजूद वहां अभी से स्टेडियम की सबसे महंगे सूइट और प्रीमियम सीटें बेची जा रही हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि खरीदारों को असली स्टेडियम नहीं, बल्कि उसका भविष्य दिखाया जा रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका स्टेडियम के लिए लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपए के नवीनीकरण प्रोजेक्ट के तहत टेपर स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने एक नया एक्सपीरियंस सेंटर शुरू किया है। कंपनी का दावा है कि यह खेल जगत का सबसे आधुनिक प्रीव्यू सेंटर है। इसका मकसद निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना स्टेडियम के प्रीमियम हिस्सों की बिक्री शुरू करना है। करीब 16 हजार वर्गफुट में बना यह सेंटर स्टेडियम के सामने हनीवेल के ग्लोबल मुख्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर बनाया गया है। यह 2030 तक खुला रहेगा। इसी जगह से एनएफएल टीम कैरोलिना पैंथर्स और एमएलएस क्लब शार्लोट एफसी के लिए कॉरपोरेट बॉक्स, प्रीमियम सीटें और हॉस्पिटैलिटी पैकेज बेचे जाएंगे। सेंटर में प्रवेश करते ही डिजिटल लॉकर दिखाई देते हैं। इनमें स्टेडियम के पुराने यादगार पलों को डिजिटल तरीके से दिखाया जाता है। इसके बाद एक बड़ा वीडियो थिएटर आता है, जहां स्टेडियम के भविष्य की झलक दिखाई जाती है। अगले कमरे में 85 लोगों के होलोग्राम संदेश हैं। इनमें पूर्व खिलाड़ियों से लेकर एनएफएल कमिश्नर रोजर गुडेल तक शामिल हैं, जो इस स्टेडियम की अहमियत बताते हैं। इसके बाद खरीदार एक ऐसे डिजिटल कमरे में पहुंचते हैं, जहां बिना निर्माण पूरा हुए नए स्टेडियम का वर्चुअल अनुभव मिलता है। बड़ी इंटरैक्टिव स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाता है कि खरीदार कहां पार्किंग करेगा, किस गेट से अंदर जाएगा और उसकी सीट या सूइट कहां होगी। यहां प्रीमियम सीटों, प्रेस क्लब बार और लग्जरी सूइट की वास्तविक प्रतिकृतियां भी बनाई गई हैं ताकि ग्राहक सिर्फ तस्वीरें न देखें, बल्कि उन्हें महसूस भी कर सकें। अगर कोई ग्राहक वहीं खरीदारी का फैसला करता है तो उसके लिए तुरंत लेजर प्रिंटेड सूइट की-कार्ड तैयार कर दिया जाता है। यानी सौदा उसी समय पूरा हो सकता है। स्टेडियम की उम्र अब 30 साल हो चुकी है। इसी वजह से इसका नवीनीकरण किया जा रहा है। पहले घोषित बजट के अलावा टेपर स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने इसमें लगभग 5000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश भी जोड़ा है। दर्शकों से जुड़े निर्माण कार्य 2027 में शुरू होंगे। खेल उद्योग में अब ऐसे सेल्स प्रीव्यू सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं। वजह साफ है। पहले स्टेडियम बनता था, फिर सीटें बिकती थीं। अब स्टेडियम बनने से कई साल पहले ही उसकी कमाई शुरू हो जाती है। बैंक ऑफ अमेरिका स्टेडियम का यह मॉडल दिखाता है कि आधुनिक खेल कारोबार में सिर्फ मैदान नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और अनुभव भी करोड़ों डॉलर की कमाई का बड़ा जरिया बन चुके हैं।
भारत-चीन समेत 5 देशों पर अमेरिका लगाएगा 100% टैरिफ! सीनेट से पास हुआ बिल
वॉशिंगटन: यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में अमेरिकी सीनेट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीनेट ने एक नया प्रतिबंध विधेयक पारित किया है, जिसमें रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े व्यापारिक उपाय लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर असर डालना और उसे यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए आर्थिक रूप से मजबूर करना बताया गया है। भारी बहुमत से पारित हुआ विधेयक अमेरिकी सीनेट में इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिला। मतदान के दौरान 86 सीनेटरों ने इसके पक्ष में जबकि 12 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। मतदान ऐसे समय हुआ, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिका के कैपिटल हिल पहुंचे हुए थे। माना जा रहा है कि इस दौरान यूक्रेन को लेकर अमेरिकी समर्थन और रूस पर बढ़ते दबाव का संदेश भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाया गया। क्या है विधेयक का उद्देश्य? इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनाना है। प्रस्ताव में रूसी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ उन देशों पर भी आर्थिक कार्रवाई का प्रावधान है, जो रूस से ऊर्जा आयात जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि रूस की ऊर्जा बिक्री उसकी आय का प्रमुख स्रोत है और इसी के जरिए वह युद्ध का खर्च वहन कर रहा है। इसलिए रूस के ऊर्जा कारोबार को सीमित करना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। भारत समेत पांच देशों पर बढ़ सकता है दबाव विधेयक में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का उल्लेख उन देशों के रूप में किया गया है, जो रूसी तेल और गैस का आयात करते हैं। यदि यह कानून अंतिम रूप से लागू होता है, तो इन देशों से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य इन देशों को रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना बताया गया है। ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी रूस पर निर्भरता पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से दबाव में है। ऐसे हालात में कई देशों ने वैकल्पिक स्रोतों के रूप में रूस से कच्चे तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है। भारत भी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है। यही वजह है कि प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक का असर भारत सहित कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। छूट का भी रखा गया है प्रावधान अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पहले संकेत दिया था कि यदि कोई देश रूस से सीमित मात्रा में गैस खरीदता है और उसका आयात रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है, तो उसे इस कानून के कुछ प्रावधानों से राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम नियम और पात्रता का निर्धारण कानून लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल क्या हैं मौजूदा टैरिफ? वर्तमान में भारत पर अमेरिका का 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है। चीन पर औसतन 12.5 प्रतिशत शुल्क लागू है, जबकि कुछ चीनी उत्पादों पर 7.5 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क भी प्रभावी हैं। स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर भी 10 से 12.5 प्रतिशत के बीच अमेरिकी आयात शुल्क लागू है। नया विधेयक लागू होने की स्थिति में इन देशों पर टैरिफ बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
इराक में अमेरिका-सऊदी के एयरस्ट्राइक, ईरान की मिसाइल जवाबी कार्रवाई; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना, ईरान ने आरोपों से किया इनकार; जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस और सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ी
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और सऊदी अरब की सेना ने एक संयुक्त अभियान चलाकर पूर्वी इराक में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई पिछले 72 घंटों के दौरान अमेरिकी ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।दूसरी ओर, इस एयरस्ट्राइक के ठीक बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे 3 अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों को जब्त कर आगे बढ़ने से रोक दिया है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार पर सीधा संकट मंडराने लगा है।जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला नाकाममिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं।एयर डिफेंस की सफलता: CENTCOM के मुताबिक, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते सभी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।कोई नुकसान नहीं: हमले की इस कोशिश में अमेरिकी सैनिकों या बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।व्हाइट हाउस अलर्ट: इस हमले की तात्कालिक जानकारी राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को दे दी गई है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की बड़ी कार्रवाईवैश्विक ईंधन आपूर्ति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में ईरान की ओर से की गई कार्रवाई ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि तीन तेल टैंकरों ने पहले दी गई चेतावनियों का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उन्हें बलपूर्वक रोक दिया गया।घटनाक्रम (Event)स्थान (Location)मुख्य विवरण (Details)संयुक्त एयरस्ट्राइकपूर्वी इराकअमेरिका व सऊदी अरब द्वारा हथियारों और सैन्य लॉजिस्टिक्स डिपो पर हमलामिसाइल हमलाजॉर्डन (US बेस)ईरान समर्थित समूहों द्वारा दागी गई मिसाइलें हवा में ध्वस्ततेल टैंकर जब्तीस्ट्रेट ऑफ होर्मुजIRGC ने चेतावनी उल्लंघन का हवाला देकर 3 टैंकरों को रोकाशिपिंग कंपनियों ने बदले रूट, नौसैनिक बेड़े मुस्तैदखाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव को देखते हुए कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अलर्ट जारी कर दिया है।मार्ग में बदलाव: कंपनियों ने जोखिम वाले समुद्री रास्तों के बजाय लंबे और सुरक्षित विकल्पों की समीक्षा शुरू कर दी है।सुरक्षा में इजाफा: कमर्शियल जहाजों पर अतिरिक्त निजी सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की जा रही है और बीमा (Insurance) कवर की समीक्षा की जा रही है।अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी: फिलहाल क्षेत्र में अमेरिका के 20 से ज्यादा युद्धपोत और नौसैनिक जहाज गश्त कर रहे हैं, जो ईरान के आसपास समुद्री नाकेबंदी अभियानों में शामिल हैं।CENTCOM ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि फरवरी से अप्रैल 2026 के दौरान इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से ज्यादा हमलों के प्रयासों में ईरान समर्थित समूहों का हाथ रहा है। यदि ये समूह अपनी भड़काऊ गतिविधियां बंद नहीं करते हैं, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश आगे भी कठोर सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
3 लाख यात्री दिल्ली में बिना टर्मिनल बदले अमेरिका-यूरोप जा पाएंगे
भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार ने अमृतसर से हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू कर दी है। यह देश का दूसरा स्पोक एयरपोर्ट बन गया है। इससे हर साल तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। उनका समय तो बचेगा ही साथ ही बार-बार लगेज पर टैगिंग, इमिग्रेशन कस्टम की बार-बार की फॉर्मेलिटी भी पूरी नहीं कर होगी। यात्री बिना टर्मिनल चेंज किए यूरोप- अमेरिका समेत 27 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स तक जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के माध्यम से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित 27 इंटरनेशनल डेस्टिनेशनल तक अधिक सुगमता से पहुंच सकेंगे। इससे समय बचेगा, बार-बार बैगेज चेक-इन और अन्य औपचारिकताओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे ज्यादा उलझन स्टूडेंट्स और पर्यटकों की उलझन खत्म होगी। मनदीप सिंह : एक ही जगह चेक-इन और बैगेज की सुविधा मिलने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी। गुरभेज सिंह : दिल्ली में दोबारा बैगेज और चेक-इन की झंझट खत्म होना सबसे बड़ी राहत है। अमृत पाल सिंह : इससे विदेश जाने वालों का समय बचेगा और सफर पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा। जगतार सिंह : अमृतसर में ऐसी सुविधा शुरू होना पंजाब के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। गौरतलब है 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली जाते हैं। इतने ही यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था से इन यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। एयरलाइंस का अनुमान है कि केवल अमृतसर से रोज करीब 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक एयरपोर्ट जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा, जो सालाना 4.5 लाख यात्रियों के बराबर होगा। ईजी कनेक्ट हब का शुभारंभ करते नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा।
वाटरफोर्ड टाउनशिप जाते समय राष्ट्रपति विमान 'एयर फोर्स वन' में संवाददाताओं से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान की ओर से सीधी अपील और शांति वार्ता की पेशकश के बाद अमेरिका ने ईरान पर जारी अपनी सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क कर कहा कि 'कृपया रुकिए, आइए मिलकर बात करते हैं।' राष्ट्रपति ने इसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का एक बड़ा कूटनीतिक मौका बताया है। हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत किसी सहमति पर नहीं पहुंचती है, तो अमेरिका फिर से उसी आक्रामक स्थिति में लौट आएगा और हमले दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे।2 हफ्तों की भारी बमबारी के बाद शुरू हुआ बातचीत का दौरगौरतलब है कि बीते 2 हफ्तों से ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर अमेरिका की ओर से भीषण हवाई हमले किए जा रहे थे, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। अब हमले रोकने के बाद ट्रंप प्रशासन आगे की रणनीति का आकलन कर रहा है। ट्रंप का कहना है कि दोनों देश इस समय सीधे तौर पर और मध्यस्थों के जरिए बातचीत की टेबल पर हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से मुलाकात की गुहार केवल इसलिए आई है क्योंकि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के अनुसार, अगर युद्ध में अमेरिकी सेना का प्रदर्शन कमजोर रहता, तो तेहरान कभी भी मुलाकात का अनुरोध नहीं करता।पैट्रियट मिसाइलों की कमी पर बाइडन पर साधा निशाना, कहा- 'हथियारों का उत्पादन जारी'पत्रकारों द्वारा अमेरिकी सेना के पास मिसाइल इंटरसेप्टर और गोला-बारूद के घटते भंडार को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि देश के पास अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेन को बड़े पैमाने पर हथियार भेजने के कारण अमेरिकी रक्षा भंडार प्रभावित हुआ था। हालांकि, ट्रंप ने भरोसा जताया कि अब अमेरिका में पैट्रियट (Patriot) मिसाइलों और मध्यम दूरी के रक्षा हथियारों का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और देश में हथियारों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।जेडी वेंस और सेंटकॉम की सलाह पर रुके हमले? पर्दे के पीछे का सचहालांकि ट्रंप बातचीत की पहल का श्रेय अपनी सैन्य ताकत को दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कुछ अंदरूनी रणनीतिक कारण भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति के साथ बैठक में गोला-बारूद के कम होते स्टॉक और युद्ध के विस्तार पर चिंता व्यक्त की थी। इसके अलावा, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने भी व्हाइट हाउस को सलाह दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बीते दो हफ्तों से चल रहा बमबारी अभियान अपनी प्रभावशीलता की सीमा तक पहुंच चुका है। कई सैन्य कमांडरों और सिविल थिंक टैंकों की इसी रणनीतिक सलाह के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों को रोकने का आदेश जारी किया।
इन दिनों सोशल मीडिया पर भारत की यात्रा करने वाले या यहां रहने वाले विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स के अनुभव काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में भारत में रह रहीं अमेरिकी नागरिक मेसी गोंसाल्वेज (Macy Gonsalvez) का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रहा है। मेसी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक रील शेयर करते हुए भारत की ऐसी 5 मुख्य बातों का जिक्र किया है, जो उनके अमेरिकी लाइफस्टाइल से बिल्कुल अलग थीं और जिन्हें देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गईं।प्रेग्नेंसी में बच्चे का जेंडर रिवील बैन: कानून देखकर रह गईं हैरानमेसी ने अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर भारत के एक सख्त कानून का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में बच्चे के जन्म से पहले उसका लिंग (Gender) पता करना और 'जेंडर रिवील पार्टी' रखना एक बेहद सामान्य बात है। लेकिन भारत में गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का लिंग जांचना पूरी तरह गैरकानूनी है। मेसी के मुताबिक, शुरुआत में जब उन्हें इस नियम के बारे में पता चला तो वे चौंक गईं, क्योंकि अमेरिका की तुलना में यह कानून और सामाजिक व्यवस्था उनके लिए बिल्कुल नई थी।'रात 9:30 बजे सोने की आदत और यहां 9 बजे बनता है प्लान'अमेरिका और भारत की दिनचर्या में बड़ा अंतर बताते हुए मेसी ने भारत की लेट-नाइट लाइफस्टाइल पर बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लोग शाम को जल्दी डिनर करके टाइम से सो जाते हैं, लेकिन भारत में रात की शुरुआत ही देर से होती है। भारत में अगर दोस्तों या परिचितों से मिलने का प्लान बनता है, तो वह अमूमन रात 8:30 या 9:00 बजे के बाद ही तय होता है। मेसी ने मुस्कुराते हुए बताया कि वे खुद अमेरिका में रात 9:30 बजे तक सो जाया करती थीं, इसलिए भारत का यह देर रात तक जगने वाला कल्चर उनके लिए एक बड़ा शॉक रहा।'नहाने से 15 मिनट पहले गीजर ऑन करो'भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले वाटर हीटर यानी गीजर के तरीके ने मेसी को सबसे ज्यादा मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि भारत में गर्म पानी से नहाने के लिए कम से कम 10 से 15 मिनट पहले गीजर का स्विच ऑन करना पड़ता है और फिर इंतजार करना होता है। जबकि अमेरिका में नल या शावर चालू करते ही तुरंत गर्म पानी आने लगता है। भारतीय घरों की इस आदत को उन्होंने काफी फनी और अनोखा अनुभव बताया।10 मिनट की सुपरफास्ट डिलीवरी ने जीता दिलजहां कुछ बातों ने उन्हें हैरान किया, वहीं भारत की क्विक-कॉमर्स यानी 10-15 मिनट की इंस्टेंट डिलीवरी सर्विस ने उनका दिल जीत लिया। मेसी ने भारत के ऑनलाइन डिलीवरी इकोसिस्टम की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यहां ग्रॉसरी से लेकर तैयार खाना तक महज कुछ मिनटों में दरवाजे पर पहुंच जाता है। अमेरिका जैसे देश में इतनी तेज डिलीवरी सेवा की कल्पना करना भी मुश्किल है, इसलिए यह सुविधा उन्हें बेहद पसंद आई।सस्ती मेड और कुक सर्विस: दादी को लग जाएगा झटका!लिस्ट के पांचवें और आखिरी पॉइंट में मेसी ने भारत में मिलने वाली घरेलू मदद (Household Help) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका की तुलना में भारत में खाना बनाने वाले कुक और सफाई के लिए मेड रखना काफी आसान और पॉकेट-फ्रेंडली है। यहां ज्यादातर मध्यवर्गीय और कामकाजी परिवारों में पार्ट-टाइम या फुल-टाइम मेड रखना आम बात है। इसी बात पर हंसी मजाक करते हुए मेसी ने कैप्शन में लिखा कि अगर उनकी दादी को पता चलेगा कि यहां घर के कामों के लिए मेड और कुक इतने कम बजट में मिल जाते हैं, तो उन्हें सचमुच हार्ट अटैक आ जाएगा!
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर अचानक हमले रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। क्रूड ऑयल सस्ता होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, दूसरी ओर औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने के कारण चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ है।भारतीय सर्राफा बाजार में एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। बीते दो दिनों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरट शुद्धता वाला 10 ग्राम सोना ₹940 और 22 कैरट वाला सोना ₹860 तक महंगा हुआ है। आज मंगलवार को दिल्ली में 24 और 22 कैरट सोने के दाम में ₹10 प्रति 10 ग्राम का मामूली उछाल दर्ज किया गया है।10 बड़े शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भावदेश के मुख्य महानगरों और शहरों में आज 10 ग्राम सोने की दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:शहर (City)24 कैरट 10 ग्राम भाव22 कैरट 10 ग्राम भाव18 कैरट 10 ग्राम भावदिल्ली (Delhi)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550मुंबई (Mumbai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400कोलकाता (Kolkata)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400चेन्नई (Chennai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,11,860बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400हैदराबाद (Hyderabad)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400लखनऊ (Lucknow)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550पटना (Patna)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450जयपुर (Jaipur)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450दो दिनों की स्थिरता के बाद ₹100 सस्ती हुई चांदीचांदी की घरेलू कीमतों में दो दिनों तक स्थिरता बने रहने के बाद आज मंगलवार को गिरावट आई है। आज दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में भी चांदी आज इसी रेट पर बेची जा रही है। इससे पहले 24 जुलाई को चांदी के दामों में ₹5,000 की बड़ी गिरावट आई थी।एक्सपर्ट की राय: क्यों आई सोने में तेजी और आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया के तनाव में कमी आने से कच्चे तेल के भाव नीचे आए हैं, जिससे सोने को मजबूती मिली है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपये की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की तेजी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं हो सकी।वहीं जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, अब बाजार की नजरें पश्चिम एशिया के आगामी हालात पर टिकी रहेंगी। इसके साथ ही अमेरिका, जापान और यूरोजोन के नए महंगाई आंकड़े, अमेरिका का जीडीपी डेटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।
ग्वालियर के मोहना स्थित होटल जैनपथ में पकड़े गए इंटरनेशनल फ्रॉड कॉल सेंटर की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महज 10वीं-12वीं पास चार युवक फर्राटेदार अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर अमेरिकी नागरिकों का भरोसा जीतते थे। लैपटॉप स्क्रीन पर लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हुए वे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल बताकर हर दिन सैकड़ों विदेशी नागरिकों को कॉल करते और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मोहना स्थित होटल जैनपथ में संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे सिर्फ 10वीं और 12वीं तक पढ़े हैं, लेकिन अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे। ठगी के लिए उन्हें पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे वे लैपटॉप स्क्रीन पर देखकर पढ़ते थे। पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर की पूरी गतिविधि अमेरिका के समय के अनुसार संचालित होती थी। आरोपी दिन में आराम करते थे और रात करीब 9 बजे काम शुरू करते थे, क्योंकि उसी समय अमेरिका में लोगों की दिनचर्या शुरू होती थी। फर्जी अमेरिकी नामों से करते थे कॉल पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉल के दौरान अपनी असली पहचान छिपाकर फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल जैसे अमेरिकी नामों का इस्तेमाल करते थे। कॉलिंग के लिए आवश्यक डेटा और स्क्रिप्ट उन्हें मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार उपलब्ध कराता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह डेटा डार्क वेब से हासिल किया जाता था। रोज 400 से ज्यादा कॉल, 12 से 15 लोग बनते थे शिकार जांच में सामने आया कि एक कॉलर को 10 घंटे की शिफ्ट में करीब 150 कॉल करना अनिवार्य था। चारों मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते थे। इनमें से औसतन 12 से 15 लोग उनके झांसे में आ जाते थे, जिनसे गिफ्ट कार्ड और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की जाती थी। 5 महीने में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी पुलिस के मुताबिक होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से यह कॉल सेंटर पिछले करीब पांच महीने से संचालित हो रहा था। गिरोह प्रतिदिन 50 से 70 हजार रुपए की ठगी कर रहा था, यानी हर महीने करीब 20 लाख रुपए वसूल रहा था। शुरुआती जांच में अब तक 1 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई है। ऑनलाइन सीखी अंग्रेजी पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखी थी। उसके बाद मास्टर माइंड उनको जो स्कि्रप्ट देता था उसे वह याद कर लेते थे। पूरी बातचीत इसी स्किक्रप्ट के आसपास घूमती थी। दिन में सोते हैं, रात में करते थे कॉल अमेरिका और भारत के टाइम जोन में लगभग 12 घंटे का अंतर होने के कारण आरोपी दिनभर होटल के कमरे में सोते थे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अमेरिका में कॉल सेंटर संचालित करते थे। होटल जैनपथ में यह काल सेंटर पिछले 5 महीनों से लगातार चल रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को हर महीने केवल ₹15,000 से ₹20,000 सैलरी और रहने-खाने का खर्च मिलता था, जबकि ठगी की पूरी रकम सरगना के खातों में जाती थी। यह माल हुआ बरामद पुलिस ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 3 चार्जर, अमेरिकी नागरिकों से ठगी के लिए उपयोग की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल एवं अन्य दस्तावेज, कॉल सेंटर संचालन से संबंधित अन्य सामग्री कुल जप्त माल कीमती लगभग 3 लाख 75 हजार रुपए बरामद की है। जल्द पकड़ा जाएगा मास्टरमाइंड ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ जारी है और डिवाइस, बैंक खातों व व्हाट्सएप चैटिंग का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही मुख्य सरगना प्रवल प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) को भी दी जाएगी। 4 साल पहले भी ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसा ही एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा था, जिसमें एफबीआई की टीम खुद जांच के लिए ग्वालियर आई थी। ये खबर भी पढ़ें… आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे से पकड़ा फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
Foreign media on CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने न सिर्फ भारत की राजनीति में हलचल मचा दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी खींच लिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के झुकने को लेकर विदेशी अखबारों और चैनलों ने ...
अमेरिका के टैरिफ प्लान का भारतीय फार्मा कंपनियों पर सीमित प्रभाव
नई दिल्ली, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया।
अमेरिका में फिर खूनी खेल! सिएटल फूड फेस्टिवल में अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, कई घायल
अमेरिका में गन कल्चर और मास शूटिंग का खूनी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वॉशिंगटन राज्य के प्रमुख शहर सिएटल से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आयोजित एक बेहद लोकप्रिय और भारी भीड़भाड़ वाले फूड फेस्टिवल के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा त्योहार का माहौल चीख-पुकार और दहशत में बदल गया। स्थानीय पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भीषण गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।जश्न के बीच अचानक बरसीं गोलियां और मच गई भगदड़सिएटल के डाउनटाउन इलाके के पास आयोजित इस कम्युनिटी फूड फेस्टिवल में सप्ताहांत की छुट्टी होने के कारण सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और सैलानी मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, लोग खाने-पीने और संगीत का लुत्फ उठा रहे थे कि अचानक एक के बाद एक कई राउंड गोलियां चलने की आवाजें आईं। गोलीबारी शुरू होते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कार्यक्रम स्थल पर भारी भगदड़ मच गई। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर सीधे गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था, जिससे किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।सिएटल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारीइस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही सिएटल पुलिस विभाग की भारी फोर्स और स्पेशल स्वैट टीमें एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे फेस्टिवल एरिया को सील कर दिया और घायलों को इलाज के लिए हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर भेजा, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस प्रमुख ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हमलावर की पहचान और उसकी धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोकल इलाकों में नाकेबंदी कर दी गई है।अमेरिका में बढ़ते गन वायलेंस ने फिर खड़े किए गंभीर सवालसिएटल में हुई इस मास शूटिंग ने एक बार फिर अमेरिका में सख्त गन कंट्रोल कानूनों की बहस को हवा दे दी है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसियां भी इस बात की जांच कर रही हैं कि यह किसी आपसी रंजिश का नतीजा था या फिर एक सोची-समझी आतंकी या हेट-क्राइम की साजिश। इस दुखद घटना के बाद सिएटल के इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और लोगों को फिलहाल इस रूट पर न जाने की सलाह दी गई है।
जोहरान ममदानी की खुली धमकी पर बेंजामिन नेतन्याहू का पलटवार, बोले- 'न्यूयॉर्क आकर ही रहूंगा
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिकी राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क के चर्चित असेंबली मेंबर जोहरान ममदानी के बीच जारी जुबानी जंग ने वैश्विक स्तर पर तूल पकड़ लिया है। दरअसल, भारतीय मूल के अमेरिकी राजनेता और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने नेतन्याहू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें न्यूयॉर्क आने पर गिरफ्तार करने और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की खुली चेतावनी दी थी। अब इस धमकी पर इजरायली पीएमओ ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि नेतन्याहू किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और वे अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक न्यूयॉर्क का दौरा जरूर करेंगे।अंतरराष्ट्रीय वारंट और जोहरान ममदानी की तीखी घेराबंदीइस पूरे विवाद की जड़ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जारी किए गए अरेस्ट वारंट से जुड़ी हुई है। गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालत के इस फैसले के बाद, न्यूयॉर्क से विधायक जोहरान ममदानी ने अमेरिकी प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से मांग की थी कि अगर इजरायली प्रधानमंत्री न्यूयॉर्क की धरती पर कदम रखते हैं, तो उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाना चाहिए। ममदानी ने साफ किया था कि मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपी किसी भी नेता का न्यूयॉर्क में स्वागत नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने अमेरिका में मौजूद इजरायल समर्थकों और विरोधियों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया था।नेतन्याहू का दोटूक जवाब और संयुक्त राष्ट्र में आने का पक्का इरादाजोहरान ममदानी और विभिन्न मानवाधिकार संगठनों की ओर से मिल रही धमकियों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। यरूशलेम से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू ने कहा है कि लोकतांत्रिक देशों के नेताओं को इस तरह की धमकियों से डराया नहीं जा सकता। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में हिस्सा लेने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इजरायल का पक्ष मजबूती से रखने के लिए न्यूयॉर्क की यात्रा पर अडिग हैं। इजरायली सुरक्षा एजेंसियों ने इस दौरे को देखते हुए अपनी तैयारियां और पुख्ता कर दी हैं, ताकि अमेरिकी धरती पर सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।न्यूयॉर्क की सड़कों पर भारी तनाव की आशंका और सुरक्षा के कड़े इंतजामबेंजामिन नेतन्याहू के इस कड़े रुख के बाद न्यूयॉर्क सिटी पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के सामने एक बहुत बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है। जोहरान ममदानी के नेतृत्व में कई फिलिस्तीन समर्थक और वामपंथी संगठन मैनहट्टन और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बना रहे हैं। स्थानीय खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू के आगमन के दौरान न्यूयॉर्क की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन और रैलियां देखने को मिल सकती हैं। स्थानीय प्रशासन संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और सुरक्षा घेरा मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है।
पश्चिम एशिया में सुलग रहे महासंग्राम के बीच ईरान की तरफ से एक बेहद कड़ा और बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मोजतबा खामेनेई ने लेबनान के सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह की खुलकर सराहना की है और उसे इजरायल के खिलाफ मोर्चे पर डटी हुई एक मजबूत चट्टान करार दिया है। मोजतबा खामेनेई ने साफ शब्दों में अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक लेबनान के खिलाफ इजरायली हमले पूरी तरह नहीं रुकते, तब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का युद्धविराम समझौता मुमकिन नहीं है। खामेनेई का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वैश्विक कूटनीति के स्तर पर लेबनान में शांति स्थापित करने और हिजबुल्लाह के भविष्य को लेकर बैठकों का दौर जारी है।एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस और हिजबुल्लाह की रीढ़ बना ईरानअंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों के मुताबिक, हिजबुल्लाह ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध की धुरी) का सबसे मजबूत और अहम हिस्सा है। यह ईरान समर्थित उन सशस्त्र समूहों का नेटवर्क है, जिसे पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के प्रभाव को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है। ईरान की तरफ से इन संगठनों को भारी मात्रा में आर्थिक मदद, आधुनिक हथियार और रणनीतिक ट्रेनिंग दी जाती है। लेबनान के हिजबुल्लाह के अलावा यमन के हुती विद्रोही और इराक के कई लड़ाका समूह इसी नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो ईरान के साए में पश्चिम एशिया की भू-राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं।'अब सिर्फ जिहाद और प्रतिरोध ही बचा है रास्ता'हिजबुल्लाह प्रमुख शेख नइम कासिम द्वारा भेजे गए वफादारी पत्र का जवाब देते हुए ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई संदेश साझा किए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इजरायल के खिलाफ मुकाबले के लिए 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। खामेनेई ने हिजबुल्लाह के दिवंगत पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह और जंग में मारे गए अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन बहादुर लड़ाकों के बलिदान ने ही इस संगठन को एक छोटे से पौधे से बदलकर आज एक विशाल पेड़ के रूप में खड़ा किया है। उन्होंने दक्षिणी लेबनान की आम जनता के धैर्य और साहस की भी जमकर प्रशंसा की।अमेरिका और ट्रंप प्रशासन के सामने रखी गई ईरान की कड़ी शर्तमोजतबा खामेनेई की यह आक्रामक टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात के तुरंत बाद आई है। व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक के दौरान लेबनानी क्षेत्र से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी, हिजबुल्लाह को हथियार मुक्त करने और लेबनानी सेना को अमेरिकी मदद देने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ किसी भी संभावित समझौते की सबसे बड़ी शर्त लेबनान पर इजरायली हमलों पर तत्काल रोक लगाना होगी। ईरान के इस रुख से साफ है कि पश्चिम एशिया का यह संकट आने वाले दिनों में और अधिक गहरा सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है। पकड़े गए ठग खुद को अमेरिका की मशहूर 'लेंडिंग क्लब' कंपनी का प्रतिनिधि या एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश, एएसपी (ग्रामीण) जयराज कुबेर और एसडीओपी घाटीगांव शैलेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में मोहना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एनएच-46 स्थित होटल में चल रहा था कॉल सेंटर मोहना पुलिस को शनिवार रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एनएच-46 पर स्थित जैनपथ होटल के कमरों में कुछ बाहरी युवक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप और हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात करते हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा। जिनकी पहचान हो गई है, लेकिन यह नाम व पहचान बदलकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान और फर्जी नाम 3.75 लाख का माल जब्त, मास्टरमाइंड की तलाश जारी पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, चार्जर, कॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटाबेस जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत करीब ₹3,75,000 आंकी गई है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना एनएच-46 पर एक होटल में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मास्टर माइंड फिलहाल पकड़ में नहीं आया है। पुलिस की टीम उसके पीछे लगी हैं वह भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… बुजुर्ग से इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर ₹70 हजार ठगे ग्वालियर शहर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों में अब बुजुर्ग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर ठग ने 70 हजार रुपए की ठगी कर ली।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित क्वींस इलाके में एक 22 वर्षीय सिख युवक ने मामूली विवाद के बाद अपने ही रूममेट के सिर पर कड़े (मेटल ब्रेसलेट) से हमला कर घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। आरोपी की तस्वीर सामने आ चुकी है, लेकिन उसकी आधिकारिक पहचान उजागर नहीं की गई है। यह घटना क्वींस के एक अपार्टमेंट से सामने आया है, जहां आरोपी और उसका रूममेट साथ में रह रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर जुबानी बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि 22 साल के युवक ने अपना आपा खो दिया और अपने हाथ से धातु का कड़ा निकालकर सीधे रूममेट के सिर पर मार दिया। कड़े के जोरदार हमले से पीड़ित का सिर फट गया और वह वहीं खून से लथपथ हो गया। पुलिस ने तुरंत घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा और आरोपी की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में नाकेबंदी की। पुलिस ने आरोपी का फोटो जारी किया है। हालांकि अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्रवाई और डिपोर्टेशन का खतरा फिलहाल NYPD युवक की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए आम जनता के लिए एक टिप-लाइन नंबर भी उपलब्ध कराया है, ताकि कोई भी उसके बारे में जानकारी दे सके। कानूनी जानकारों का मानना है कि संगीन अपराध में पकड़े जाने के बाद युवक का करियर और भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा। पुलिस कस्टडी के बाद उसे जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है और कानूनन उसे भारत डिपोर्ट भी किया जा सकता है। 2 महीने में दूसरी ऐसी हिंसक वारदात यह कोई अकेली घटना नहीं है। महज 2 महीने पहले न्यूयॉर्क के ही रिचमंड हिल इलाके में पंजाबी युवकों के 2 गुटों के बीच कड़ा फाइट देखने को मिली थी। उस समय भी लड़कों ने आपसी रंजिश में एक-दूसरे पर कड़ों से हमला करके सिर फोड़ दिए थे। इतनी कम अवधि में दोबारा ऐसी घटना सामने आने से स्थानीय प्रशासन और भारतीय समुदाय दोनों ही हैरान हैं।
अमेरिका ने भारत पर अन्य देशों के मुकाबले लगाया कम टैरिफ
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नए सेक्शन 301 के तहत कार्रवाई में भारत पर 10 प्रतिशत का अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाया जाएगा।
पाली जिले के रोहट क्षेत्र के हरावास गांव की रहने वाली अनिता पटेल ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी ऑरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर (OFSS) में एसोसिएट एप्लिकेशंस डेवलपर के पद पर हुआ है। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर करेंगी काम अनिता अब एंटरप्राइज स्तर के वित्तीय सॉफ्टवेयर के विकास और उनके रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वस्तरीय कंपनी में चयनित होना क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। गांव में किया गया सम्मान इस उपलब्धि पर रोहट कस्बे स्थित हरावास हाउस में अनिता पटेल का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता भगाराम पटेल सवाईपुरा, किसान नेता प्रेम पटेल दूदली, खांडी उपसरपंच इन्द्रा बालाराम हरावास, मोहनराम पटेल, एसबीआई लाइफ के फ्रेंचाइजी रिप्रेजेंटेटिव हितेश लक्ष्कार, सुनील बंजारा सहित कई लोग मौजूद रहे।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

