रक्षा सखी टीम ने दी कानून, साइबर सुरक्षा की जानकारी
बड़वानी | जिले में महिला सुरक्षा व सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए रक्षा सखी अभियान चलाया जा रहा है। महिला थाना पुलिस ने छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। करीब 50 छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। एसपी पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देश पर पुलिस ने कन्या अजा सीनियर छात्रावास, कन्या महाविद्यालय छात्रावास और कन्या उत्कृष्ट छात्रावास में सामूहिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। महिला थाना प्रभारी सुनीता मुजाल्दा व एसआई रचना तोमर ने छात्राओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, महिला संबंधी अपराध, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। पुलिस टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के महत्व, संकट की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीकों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना रहा।
राजसमंद में ‘ऑपरेशन गरिमा’ के तहत श्रीनाथ नर्सिंग कॉलेज में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कालिका-4 टीम के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग प्रोफेशनल्स को कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा और डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों के प्रति सजग करना रहा। ऑपरेशन गरिमा पुलिस टीम ने छात्राओं को ‘ऑपरेशन गरिमा’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार को सख्ती से रोका जाएगा। साथ ही, अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। इस दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को ‘राजकॉप सिटीजन ऐप’ डाउनलोड करवाया गया। टीम ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से नागरिक पुलिस सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र के रहने वाले अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार बोदलिया को अखिल भारतीय साइबर सुरक्षा संगठन में हरियाणा प्रदेश का लीगल एडवाइजर नियुक्त किया गया है। क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण नियुक्ति मानी जा रही है। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी उनकी यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। वर्तमान में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे मामलों में तेजी आई है, जिन पर नियंत्रण के लिए कानूनी विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण है। धर्मेंद्र कुमार बोदलिया लंबे समय से न्यायिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न सामाजिक व कानूनी मामलों में सेवाएं दे चुके हैं। अखिल भारतीय साइबर सुरक्षा संगठन ने उनके अनुभव, कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। बोदलिया बोले- उचित कानूनी सहायता देंगे अपनी नियुक्ति पर एडवोकेट बोदलिया ने कहा कि वे साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और पीड़ितों को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई। बोदलिया की आमजन से अपील उन्होंने आमजन से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहने की अपील की। बोदलिया ने युवाओं और नागरिकों को संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, अनजान लिंक या कॉल से सावधान रहने तथा तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेशभर में साइबर जागरूकता अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। कई लोगों ने दी बधाई इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं और क्षेत्रवासियों ने धर्मेंद्र कुमार बोदलिया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बोदलिया हरियाणा में साइबर अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

