मोगा पुलिस ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु तेग बहादरगढ़ में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। बता दे कि यह कार्यक्रम सीनियर कप्तान पुलिस मोगा के निर्देशों और डीएसपी सब डिवीजन मोगा गुरप्रीत सिंह व डीएसपी ट्रैफिक मोगा की अगुवाई में आयोजित किया गया। ट्रैफिक एजुकेशन सेल मोगा के इंचार्ज एएसआई केवल सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए ट्रैफिक नियमों और चिन्हों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, ओवरस्पीड से बचने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया। 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में दी जानकारी एएसआई केवल सिंह ने नशे की हालत में वाहन न चलाने और वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने की भी हिदायत दी। उन्होंने 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी बताया और आपातकालीन स्थिति में इसका उपयोग करने की अपील की। नशे के प्रति लोगों को किया जागरूक छात्रों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें नशा तस्करों की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9779100200 पर देने का आग्रह भी किया गया। अभियान के दौरान साइबर क्राइम से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कई लोग रहे मौजूद छात्रों को ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल दिलबाग सिंह बराड़, अध्यापक कुलदीप कौर, नवजोत सिंह, सतविंदर सिंह, राम सिंह, रविंदर कौर, सुरिंदर कौर और सिमरनजीत कौर भी उपस्थित थे।
सवाई माधोपुर: जिला न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत राधाकृष्णन पब्लिक स्कूल में साइबर अपराधों और बचाव के उपायों पर कार्यशाला आयोजित की गई।
राजसमंद: आमेट के विद्यालय में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित
न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय टाक ने छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी, साथ ही 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी का शुभारंभ किया।
चित्तौड़गढ़: राबाउमावि में छात्राओं को साइबर सुरक्षा और कानूनी साक्षरता का पाठ पढ़ाया
अपर जिला न्यायाधीश अटलसिंह चम्पावत ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड से बचाव के गुर सिखाए तथा 'कोर्ट वाली दीदी' पहल के बारे में जानकारी दी।
ब्यावर में 'ऑनलाइन सुरक्षित रहो-इंटरनेट सब कुछ याद रखता है' अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के निर्देश पर न्यायिक अधिकारियों ने इन कार्यक्रमों का संचालन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत डॉ. वीनू नागपाल, गिरीजा भारद्वाज, विजयप्रकाश सोनी, प्रवीण चौहान, पंकज सांखला, ब्रह्मानंद शर्मा, प्रवीण शंकर, श्रीमती मौनिका चौधरी, सुषमा जाखड़, सतीश फनीन और हर्षित शर्मा सहित कई न्यायिक अधिकारियों ने शहर के विभिन्न स्कूलों में विधिक साक्षरता शिविर लगाए। इन शिविरों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के महत्व और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सचिव कमल कुमार ने बताया कि यह अभियान पूरे ब्यावर जिले में निरंतर जारी रहेगा। इसके तहत प्रतिदिन न्यायिक अधिकारी विद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी और जागरूकता प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्कूलों में 'कोर्ट वाली दीदी' नाम से सुझाव एवं शिकायत पेटिकाएं स्थापित की जा रही हैं, जहां विद्यार्थी अपनी समस्याएं और सुझाव गोपनीय रूप से दर्ज कर सकेंगे। इन शिकायतों का समाधान बिना पहचान उजागर किए सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा यह व्यापक अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत लगभग 1400 न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर दुर्व्यवहार सहित विभिन्न अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
बारां: स्कूलों में न्यायिक अधिकारी दे रहे साइबर सुरक्षा के टिप्स
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजस्थान के 594 स्कूलों में जागरूकता अभियान शुरू, न्यायाधीश सत्यनारायण ने विद्यार्थियों को बताए ठगी से बचाव के उपाय।
भीलवाड़ा: पीएम श्री विद्यालय में विधिक शिविर आयोजित, जज ने दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बापू नगर स्कूल में छात्राओं को सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और साइबर कानूनों के प्रति जागरूक किया गया।
सवाई माधोपुर: न्यायिक अधिकारियों ने 2309 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विद्यालयों में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत साइबर अपराधों से बचाव के गुर सिखाए गए।
धरियावद: सोफिया स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर, छात्रों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर
एसीजेएम सरफराज नवाज की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग और सोशल मीडिया ठगी से बचाव की विस्तृत जानकारी दी गई।
मोगा में मंगलवार को पुलिस ने जीएस एग्रो इंडस्ट्रीज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कर्मचारियों को ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम सीनियर कप्तान पुलिस मोगा के निर्देशों तथा डीएसपी सब डिवीजन मोगा सरदार गुरप्रीत सिंह और डीएसपी ट्रैफिक मोगा के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय भी बताए गए। कर्मचारियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में सूचित किया गया। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की। ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दीट्रैफिक एजुकेशन सेल मोगा के इंचार्ज एएसआई केवल सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों, सड़क सुरक्षा और कानून के पालन के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। एएसआई केवल सिंह ने ट्रैफिक चिन्हों की पहचान और उनके अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने के लिए किया प्रेरित एएसआई केवल सिंह ने कर्मचारियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने नशे की हालत में वाहन न चलाने की भी अपील की। इसके अलावा, उन्होंने वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने के लिए प्रेरित किया। नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गईकार्यक्रम में 112 हेल्पलाइन नंबर के उपयोग की जानकारी दी गई और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता लेने का आग्रह किया गया। नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई और लोगों को इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। नशा तस्करों से संबंधित जानकारी हेल्पलाइन नंबर 9779100200 पर देने का आह्वान किया गया।
राजस्थान की स्कूलों में अब टीचर्स के साथ-साथ जजेज भी क्लास लेंगे। एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनेशेटिव-2026 योजना के तहत स्टूडेंट्स में विधिक जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे अभियान शुरू किया है। जिसकी शुरुआत अप्रैल माह के पहले मंगलवार यानि कल से होगी। अभियान के तहत प्रदेश के 1400 जज (सिविल जज से डीजे कैडर) चयनित 1400 स्कूलों में स्टूडेंट्स को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे। इसमें साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया जाएगा। एक दिन में 4 लाख स्टूडेंट्स को करेंगे जागरूक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया- यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल से शुरू किया गया है। अभियान का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत द्वारा 20 फरवरी को साइबर लॉ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस के अवसर पर किया गया था। जबकि अभियान का प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन कल से प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत क्लास 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सैशन आयोजित होगा। इसमें जजेज उन्हें अलग-अलग विषयों पर जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत एक दिन में 4 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स तक पहुंचा जाएगा। एक साल तक अलग-अलग विषयों पर सैशन उन्होने बताया कि यह अभियान पूरे सालभर चलेगा। इसमें हर माह के प्रत्येक मंगलवार को एक विषय पर स्टूडेंट्स को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसकी शुरुआत साइबर सुरक्षा विषय से की जा रही है। उसके बाद अलग-अलग दिन दैनिक जीवन से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों को विधिक रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ उनमें उत्तरदायित्व एवं विधि के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सालभर में 52 हजार से अधिक स्कूलों तक पहुंचा जाएगा। कोर्ट वाली दीदी को बता सकेंगे परेशानीअभियान के तहत जजेज 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत' पेटी भी अपने साथ स्कूल में लेकर जाएंगे। यह पेटी पूरे दिन स्कूल परिसर में रखी जाएगी। जिसमें कोई भी स्टूडेट्स अपनी परेशानी लिखकर इसमें डाल सकेगा। उस शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम कार्रवाई करके उसका हल निकालने की कोशिश करेगी।

