छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर नवाचार और तकनीकी उद्यमिता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीनेट हॉल में हुए इस कार्यक्रम का आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन (CSJMIF) ने किया, जिसमें कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञों की व्याख्यान श्रृंखला थी। गिग्नाटी के संस्थापक योगेश हुजा ने दुनिया की सबसे बड़ी एआई एजेंट वर्कफोर्स की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कैसे AI और मानव बुद्धिमत्ता मिलकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को बदल सकते हैं। योगेश हुजा ने BADGE यात्रा के माध्यम से युवाओं के लिए AI में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोलने की योजना भी साझा की। ईवाई के कंसल्टेंट जतिन मिश्रा ने डेटा आधारित निर्णय, प्रक्रिया स्वचालन और भविष्यवाणी विश्लेषण के जरिए व्यवसायों में AI की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। अपग्रेड टेक्नोलॉजी की डेटा साइंटिस्ट ज्योति निगम ने छात्रों को प्रोग्रामिंग और वास्तविक परियोजनाओं पर काम करके अपने कौशल को लगातार विकसित करने की सलाह दी। साइबर सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए, वल्लम रिसर्च के संस्थापक प्रसेनजीत गौतम ने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षा किसी भी स्टार्टअप की रीढ़ है। उन्होंने सफल उद्यमिता के लिए नैतिक नवाचार और व्यावहारिक सीख को मूल मंत्र बताया। CSJMIF की डीन डॉ. शिल्पा डी. कायस्था, CEO डॉ. दिव्यांश शुक्ला और इनोवेशन ऑफिसर शैलेंद्र यादव ने फाउंडेशन के माध्यम से छात्रों को मार्गदर्शन, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और उद्योग से जोड़ने के अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र और ग्रुप फोटो के साथ हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य सीएसजेएमयू और CSJMIF द्वारा युवाओं को AI, साइबर सुरक्षा और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त करना था।
कोटा शहर में साइबर अपराध की रोकथाम और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर पुलिस और लायंस क्लब कोटा नॉर्थ चैरिटेबल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साइबर जागरूकता प्रतियोगिता के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 60 स्कूली बच्चों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह पुलिस एसपी कार्यालय कोटा शहर में आयोजित हुआ, जहां बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। बच्चों में डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी समझ जरूरी लायंस क्लब कोटा नॉर्थ चैरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष व मनोवैज्ञानिक वरुण रस्सेवट ने बताया कि साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए बच्चों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करना जरूरी है। प्रतियोगिता में महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम मल्टीपर्पज गुमानपुरा, मेरी चिल्ड्रन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुंदर नगर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लैंडमार्क सिटी कुन्हाड़ी और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोरखेड़ा के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बचाव सबसे बड़ा हथियार शहर पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लालच, अनजान लिंक और संदिग्ध कॉल से दूर रहने की सलाह दी और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। एडिशनल एसपी दिलीप सैनी और चंचल मिश्रा ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर पुलिस थाना कोटा शहर के सीआई सतीश चौधरी, एसआई सियाराम सहित लायंस क्लब के पदाधिकारी मौजूद रहे। बच्चों ने साइबर पुलिस थाने का भ्रमण कर साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
डिजिटल गार्ड हो गये फेल, साइबर सुरक्षा की कमजोरी हुई उजागर
साइबर-सिक्योरिटी फर्म और वेब-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता कंपनी द्वारा की गई रुकावट एक गंभीर याद दिलाती है कि किस प्रकार रक्षक भी कमजोर हैं

