निम्बाहेड़ा के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में राष्ट्रीय युवा दिवस पर भव्य करियर डे आयोजित हुआ। CBEO अरविंद मुंदड़ा और प्राचार्य अनिल सोमानी ने विद्यार्थियों को विवेकानंद के आदर्शों से जोड़ा, वहीं ए एस आई सूरज कुमार ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। युवाओं के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य को समर्पित यह विशेष रिपोर्ट।
बीडीए का डिजिटल नवाचार:राजधरा पोर्टल पर अब घर बैठे ही देखें अपनी जमीन का मास्टर प्लान
जमीन खरीदने से पहले सही जानकारी न मिलने के कारण लोग अक्सर भूमाफियाओं के झांसे में आ जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक बड़ी डिजिटल पहल की है। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर और अलवर के बाद भरतपुर पांचवां ऐसा शहर बन गया है, जहां मास्टर प्लान के साथ भू-उपयोग की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आमजन घर बैठे यह जान सकेंगे कि किसी जमीन का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, और वहां सड़क या अन्य कोई योजना प्रस्तावित है या नहीं। दरअसल, हाल के दिनों में बीडीए को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप था कि भूमाफिया लोगों को गुमराह कर गलत भू-उपयोग बताकर जमीनें बेच रहे हैं। इसी के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है। बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि अब नगरीय क्षेत्र की किसी भी भूमि का मास्टर डवलपमेंट प्लान के अनुसार भू-उपयोग, प्रस्तावित सड़कें और अन्य जानकारियां राजस्व रिकॉर्ड या लोकेशन के आधार पर ऑनलाइन देखी जा सकेंगी। भविष्य में इस पोर्टल पर पूर्व में अनुमोदित योजनाओं को भी एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। यह पूरी व्यवस्था राज्य के एकीकृत जीआईएस सिस्टम ‘राजधरा’ के माध्यम से संचालित की जा रही है। रंगों से पता चलेगा भूखंड आवासीय है या व्यावसायिक क्षेत्र, फर्जीवाड़ा रुकेगा डीओआईटी के उपनिदेशक पुष्पेंद्र कुंतल ने बताया कि मैप में रंगों के जरिए भू उपयोग की जानकारी दी गई है। पीला रंग आवासीय क्षेत्र, लाल व्यावसायिक, नीला सार्वजनिक या अर्ध-सार्वजनिक उपयोग और हरा रंग पार्क व रिक्रिएशनल एरिया को दर्शाता है। जमीन पर क्लिक करने पर जोन, वार्ड, संबंधित थाना और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी पॉप-अप में दिखाई देती है। इस डिजिटल पहल से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ी है और आमजन को समय व मेहनत दोनों की बचत हुई है। आमजन को ये फायदा
राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में एनएसएस शिविर:चौथे दिन साइबर सुरक्षा पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम
डीडवाना के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है, क्योंकि छोटी लापरवाही भी गंभीर आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकती है। कार्यक्रम के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों ने कॉलेज द्वारा गोद ली गई बस्तियों में साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान स्वयंसेवकों ने साइबर अपराधों से बचाव के नारे लगाए और घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया। उन्होंने फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा अनजान लिंक पर क्लिक न करने की जानकारी दी। स्वयंसेवकों ने लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया। रैली के बाद महाविद्यालय परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्वयंसेवकों ने परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस गतिविधि का उद्देश्य समाज में स्वच्छता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंतिमा अग्रवाल, डॉ. तृप्ति सिंघल सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे। एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साह, अनुशासन और समर्पण भाव से कार्यक्रम में भाग लिया और साइबर सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।
डिजिटल गार्ड हो गये फेल, साइबर सुरक्षा की कमजोरी हुई उजागर
साइबर-सिक्योरिटी फर्म और वेब-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता कंपनी द्वारा की गई रुकावट एक गंभीर याद दिलाती है कि किस प्रकार रक्षक भी कमजोर हैं

