मुजफ्फरनगर के सारदेन पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। छात्राओं को विशेष रूप से आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। देखें, 4 तस्वीरें… पुलिस टीम ने बच्चों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और डिजिटल युग में सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर विश्व रतन और प्रधानाचार्या धारा रतन ने एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ का स्वागत करते हुए उन्हें पौधा भेंट किया। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने ऐसे कार्यक्रमों को बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में, एसपी क्राइम ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन अपनाने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
किशनगढ़बास के महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, घासौली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे – नेविगेटिंग लाइफ लीगली” अभियान के तहत आयोजित हुआ। इसका संचालन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास और सचिव रनवीर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने सेमिनार लिया। उन्होंने साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और विद्यार्थियों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। स्कूल की प्रधानाचार्य सुनीता और शिक्षक शफी दैया भी मौजूद रहे। साइबर फ्राॅड्स की दी जानकारी मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों की पहचान करने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने के तरीके बताए। इसके अतिरिक्त, बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध कानून और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों को समझाया। शिविर के दौरान स्कूल परिसर में कोर्ट वाली दीदी नामक एक शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और शिकायतें गोपनीय रूप से दर्ज कराने के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है।
बच्चों को पॉक्सो, साइबर सुरक्षा और आत्म रक्षा के प्रति किया जागरूक
भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नालसा (जागृति) योजना, 2025 के तहत मंगलवार को सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य की थीम पर निजी स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा व कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। प्राधिकरण सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों, यौन अपराधों से संरक्षण, शिकायत की प्रक्रिया तथा उपलब्ध निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। “अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श”, साइबर सुरक्षा व आत्म-सुरक्षा के उपायों पर भी सरल व प्रभावी तरीके से समझाइश दी गई। कोर्ट वाली दीदी पहल की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में हर स्कूल में चाइल्ड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने पर भी चर्चा की गई। यह कोऑर्डिनेटर बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए उनकी समस्याओं को समझे। समाधान सुनिश्चित करे। ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे गतिविधि के तहत संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र और इंटरेक्टिव गतिविधियों के जरिए बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। जागरूकता के स्तर का आकलन करने हेतु प्री-असेसमेंट एवं पोस्ट-असेसमेंट भी किया गया। अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह समाज में सकारात्मक व स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है। सचिव जलुथरिया ने स्कूल के शिक्षकों व विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस अभियान को सिर्फ औपचारिकता कार्यक्रम मानने की जगह सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। समाज में भी जागरूकता फैलाएं। कार्यक्रम में जागृति यूनिट के सदस्यों की भागीदारी रही। बच्चों की गोपनीयता का ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा न की जाए।

