गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में छात्राओं के लिए आयोजित पांच दिवसीय स्किल डेवलपमेंट कैंप का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कैंप का उद्देश्य छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना था। समापन समारोह में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उन्हें मुख्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें उन्होंने पिछले पांच दिनों में सीखे गए विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन किया, जिसमें उनकी रचनात्मकता और तकनीकी ज्ञान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उपस्थित अतिथियों ने छात्राओं के आत्मविश्वास और हुनर की सराहना की। छात्राओं को प्रदान किया व्यावहारिक ज्ञान बता दे कि यह कैंप छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ। पहले दिन पुलिस प्रशासन की टीम ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा के गुर सिखाए। दूसरे दिन डॉ. नैन और उनकी टीम ने हेल्थ संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रदर्शनी का किया गया आयोजन तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग और पोस्ट ऑफिस की टीम ने सरकारी योजनाओं और बचत के बारे में जागरूक किया। चौथे दिन एक्सिस बैंक के प्रतिनिधियों ने बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता पर प्रकाश डाला। अंतिम दिन मंगलवार को प्रदर्शनी का आयोजन किया गया और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कई गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें नगरपालिका चेयरमैन बीरबल सैनी, पार्षद देवेंद्र कौशिक, खंड शिक्षा अधिकारी राज कुमार शर्मा, प्राचार्य गीतिका शर्मा, डाइट गुरुग्राम के प्राचार्य तड़प सिंह और रेडक्रॉस गुरुग्राम से रोहतास शामिल थे। शिक्षा जगत और समाज के अन्य प्रमुख व्यक्ति भी मौजूद रहे। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर समारोह के अंत में प्राचार्या गीतिका शर्मा ने समस्त स्टाफ सदस्यों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कैंप छात्राओं के भविष्य को संवारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
बिहार सरकार के सभी विभागों में अब साइबर सिक्योरिटी सेल का गठन किया जाएगा। प्रत्येक विभाग में इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर की नियुक्ति होगी, ताकि साइबर हमलों और डेटा ब्रीच की घटनाओं को रोका जा सके। इस संबंध में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सभी विभागों को पत्र भेजा था। ईओयू के अनुसार, कुछ विभागों में साइबर सिक्योरिटी सेल का गठन हो चुका है और इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर की नियुक्ति भी कर ली गई है, जबकि शेष विभागों में प्रक्रिया जारी है। साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ईओयू में सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 16 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। एडीजी, ईओयू इस एसओसी के चीफ इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर होंगे। यह एसओसी इसी वर्ष पूरी तरह कार्य करना शुरू कर देगा। सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर के लिए ईओयू सी-डैक के साथ एमओयू की है। साथ ही एसओसी के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अन्य उपकरणों की खरीद की जा रही है। कुछ हार्डवेयर खरीद किए जा चुके हैं। भास्कर इनसाइट डार्क वेब, क्रिप्टो, फिशिंग, डीपफेक के हमलों से निपटना आसान होगा बिहार में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जो भी पुलिसिंग हो रही है, वह नाकाफी है। ऐसे में हाईटेक रिसर्च, एडवांस सॉफ्टवेयर, एआई-बेस्ड डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स के लिए आईओ को जांच करने में सुविधा होगी। इससे केस की जांच में तकनीकी साक्ष्य जुटाना, लॉग-एनालिसिस, डेटा रीकंस्ट्रक्शन और डिजिटल सिग्नेचर ट्रेस करना आसान हो जाएगा। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है फायदा क्या? सरकार के इस फैसले से न केवल साइबर हमलों पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी डेटा की सुरक्षा भी अधिक मजबूत होगी। इसका उद्देश्य सरकारी डेटा को सुरक्षित रखना और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करना है। क्या है सी-डैक? सी-डैक (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग) केंद्र सरकार के तहत काम करती है। उन्नत आईटी और कंप्यूटिंग रिसर्च संस्था है। यह सेंटर सुपरकंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक और ई-गवर्नेंस जैसी हाई-टेक फील्ड में काम करता है। कैसे काम करेगा? ईओयू ने सीडैक के साथ एमओयू किया है। सी-डैक कर्मियों को विभिन्न सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग देगी। साथ ही एआई टेक्नोलॉजी और मशीन लर्निंग के बारे में भी बताएगी। पहले साइबर थाने के डीएसपी को ट्रेनिंग दी जाएगी। डीएसपी फिर नीचे के इंस्पेक्टर और एसआई को इसकी ट्रेनिंग देंगे।
डिजिटल गार्ड हो गये फेल, साइबर सुरक्षा की कमजोरी हुई उजागर
साइबर-सिक्योरिटी फर्म और वेब-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता कंपनी द्वारा की गई रुकावट एक गंभीर याद दिलाती है कि किस प्रकार रक्षक भी कमजोर हैं

