आमेट में साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सही उपयोग पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में स्वामी विवेकानन्द मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग और ऑनलाइन सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी।
भीलवाड़ा: स्कूलों में कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी शुरू, जज ने सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर
जिला न्यायाधीश अभय जैन ने संगम स्कूल में छात्रों को डिजिटल अरेस्ट और साइबर बुलिंग के प्रति सतर्क किया, अब विद्यार्थी बिना डर साझा कर सकेंगे अपनी समस्याएं।
जिला जज ने स्कूल में लगाई कोर्ट वाली दीदी की शिकायत पेटी, साइबर सुरक्षा पर किया जागरूक
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन ने संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी लगाकर शुरुआत की। वहीं क्लास लेते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। जिला न्यायाधीश जैन ने गुरुवार को संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में क्लास लेकर विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सोशल मीडिया का सोच-समझकर उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सवाल पूछे, जिनका न्यायाधीश जैन ने समाधान किया। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय में कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी लगाकर शुरुआत की। इस पहल के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में विशेष शिकायत पेटी लगाई जाएगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं, शिकायतें और सवाल लिखकर डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विशाल भार्गव ने बताया कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई पहल कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी की शुरुआत की गई है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं, शिकायतें और सवाल लिखकर डाल सकते हैं। इस योजना की खास बात यह है कि पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने से बच्चों को बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम इन शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। महत्वपूर्ण हेल्पलाईन नम्बर भीलवाडा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, 8306002107, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साईबर क्राइम 1930, मुफ्त कानूनी सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। कोर्ट वाली दीदी से विद्यार्थी बिना डरे कर सकेंगे अपनी बात
मोगा पुलिस ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु तेग बहादरगढ़ में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। बता दे कि यह कार्यक्रम सीनियर कप्तान पुलिस मोगा के निर्देशों और डीएसपी सब डिवीजन मोगा गुरप्रीत सिंह व डीएसपी ट्रैफिक मोगा की अगुवाई में आयोजित किया गया। ट्रैफिक एजुकेशन सेल मोगा के इंचार्ज एएसआई केवल सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए ट्रैफिक नियमों और चिन्हों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, ओवरस्पीड से बचने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया। 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में दी जानकारी एएसआई केवल सिंह ने नशे की हालत में वाहन न चलाने और वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने की भी हिदायत दी। उन्होंने 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी बताया और आपातकालीन स्थिति में इसका उपयोग करने की अपील की। नशे के प्रति लोगों को किया जागरूक छात्रों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें नशा तस्करों की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9779100200 पर देने का आग्रह भी किया गया। अभियान के दौरान साइबर क्राइम से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कई लोग रहे मौजूद छात्रों को ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल दिलबाग सिंह बराड़, अध्यापक कुलदीप कौर, नवजोत सिंह, सतविंदर सिंह, राम सिंह, रविंदर कौर, सुरिंदर कौर और सिमरनजीत कौर भी उपस्थित थे।
सवाई माधोपुर: जिला न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत राधाकृष्णन पब्लिक स्कूल में साइबर अपराधों और बचाव के उपायों पर कार्यशाला आयोजित की गई।
राजसमंद: आमेट के विद्यालय में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित
न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय टाक ने छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी, साथ ही 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी का शुभारंभ किया।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिले में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' विशेष अभियान मंगलवार को शुरू किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो की अध्यक्षता में धौलपुर मुख्यालय सहित बाड़ी, राजाखेड़ा, बसेड़ी और सैंपऊ के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और विशेष रूप से साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है। जिले के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी कॉल, लॉटरी स्कैम और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है। विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। न्यायिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचना चाहिए और केवल परिचित लोगों से ही संपर्क रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, ट्रोलिंग या अभद्र व्यवहार एक दंडनीय अपराध है, जिसकी सूचना तुरंत अभिभावकों या शिक्षकों को देनी चाहिए। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों में दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का निर्माण या प्रसारण एक गंभीर अपराध माना जाता है। शिविरों में विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने का अवसर मिला और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। स्कूलों में कोर्ट वाली दीदी नामक सुझाव पेटिका भी स्थापित की गई है। अधिकारियों ने अपने संदेश में कहा, “डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। थोड़ी सी सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।”
मोगा में मंगलवार को पुलिस ने जीएस एग्रो इंडस्ट्रीज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कर्मचारियों को ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम सीनियर कप्तान पुलिस मोगा के निर्देशों तथा डीएसपी सब डिवीजन मोगा सरदार गुरप्रीत सिंह और डीएसपी ट्रैफिक मोगा के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय भी बताए गए। कर्मचारियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में सूचित किया गया। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की। ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दीट्रैफिक एजुकेशन सेल मोगा के इंचार्ज एएसआई केवल सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों, सड़क सुरक्षा और कानून के पालन के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। एएसआई केवल सिंह ने ट्रैफिक चिन्हों की पहचान और उनके अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने के लिए किया प्रेरित एएसआई केवल सिंह ने कर्मचारियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने नशे की हालत में वाहन न चलाने की भी अपील की। इसके अलावा, उन्होंने वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने के लिए प्रेरित किया। नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गईकार्यक्रम में 112 हेल्पलाइन नंबर के उपयोग की जानकारी दी गई और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता लेने का आग्रह किया गया। नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई और लोगों को इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। नशा तस्करों से संबंधित जानकारी हेल्पलाइन नंबर 9779100200 पर देने का आह्वान किया गया।
राजस्थान की स्कूलों में अब टीचर्स के साथ-साथ जजेज भी क्लास लेंगे। एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनेशेटिव-2026 योजना के तहत स्टूडेंट्स में विधिक जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे अभियान शुरू किया है। जिसकी शुरुआत अप्रैल माह के पहले मंगलवार यानि कल से होगी। अभियान के तहत प्रदेश के 1400 जज (सिविल जज से डीजे कैडर) चयनित 1400 स्कूलों में स्टूडेंट्स को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे। इसमें साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया जाएगा। एक दिन में 4 लाख स्टूडेंट्स को करेंगे जागरूक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया- यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल से शुरू किया गया है। अभियान का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत द्वारा 20 फरवरी को साइबर लॉ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस के अवसर पर किया गया था। जबकि अभियान का प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन कल से प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत क्लास 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सैशन आयोजित होगा। इसमें जजेज उन्हें अलग-अलग विषयों पर जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत एक दिन में 4 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स तक पहुंचा जाएगा। एक साल तक अलग-अलग विषयों पर सैशन उन्होने बताया कि यह अभियान पूरे सालभर चलेगा। इसमें हर माह के प्रत्येक मंगलवार को एक विषय पर स्टूडेंट्स को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसकी शुरुआत साइबर सुरक्षा विषय से की जा रही है। उसके बाद अलग-अलग दिन दैनिक जीवन से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों को विधिक रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ उनमें उत्तरदायित्व एवं विधि के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सालभर में 52 हजार से अधिक स्कूलों तक पहुंचा जाएगा। कोर्ट वाली दीदी को बता सकेंगे परेशानीअभियान के तहत जजेज 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत' पेटी भी अपने साथ स्कूल में लेकर जाएंगे। यह पेटी पूरे दिन स्कूल परिसर में रखी जाएगी। जिसमें कोई भी स्टूडेट्स अपनी परेशानी लिखकर इसमें डाल सकेगा। उस शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम कार्रवाई करके उसका हल निकालने की कोशिश करेगी।

