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लखनऊ में डिजिटल वेलबीइंग, साइबर सुरक्षा पर संगोष्ठी:इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स ने इंजीनियर्स भवन में किया आयोजन

लखनऊ के इंजीनियर्स भवन में डिजिटल वेलबीइंग और साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविद, इंजीनियर और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने इस दौरान तकनीक के संतुलित और सुरक्षित उपयोग को आज के डिजिटल दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जे.बी सिंह ने मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों से तकनीक का सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि इसके सही लाभ प्राप्त किए जा सकें। समय पर खुद को स्क्रीन से दूर रखना बेहद महत्वपूर्ण आईईटी लखनऊ की डॉ. दिव्या शर्मा ने 'माइंडफुल टेक' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। डॉ. शर्मा ने डिजिटल डिटॉक्स को आवश्यक बताते हुए कहा कि समय-समय पर खुद को स्क्रीन से दूर रखना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर नीलम श्रीवास्तव ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए मजबूत पासवर्ड, सुरक्षित प्लेटफॉर्म का उपयोग और निरंतर जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT) के बढ़ते उपयोग के मद्देनजर सुरक्षा को और भी महत्वपूर्ण बताया। डिजिटल जागरूकता बढ़ाना समय की मांग राजेश श्रीवास्तव ने बढ़ते स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में डिजिटल जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है, ताकि लोग साइबर ठगी और अन्य ऑनलाइन खतरों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वी.पी. सिंह ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही तकनीक के बीच सुरक्षा और संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रवीण कुमार शुक्ला ने संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि एन.के निषाद ने इसका संचालन और समन्वय किया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 8:56 pm

डीग में छात्रों को विधिक मुद्दों पर किया जागरूक:साइबर सुरक्षा, पॉक्सो और नशा मुक्ति पर विशेष अभियान

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग द्वारा एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष हेमराज गौड ने की। इस कार्यक्रम में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और साइबर सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूस्कूलर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल में कोर्ट वाली दीदी नामक एक बाल-अनुकूल शिकायत या सुझाव पेटी भी स्थापित की गई। इसी क्रम में, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरोज मीणा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पान्होरी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग रेनू शकीत ने एम. जे. एफ. उच्च माध्यमिक स्कूल डीग में शिविर लगाया। इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग अजय कुमार शर्मा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सेऊ में और न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग भाविका कुल्हारी ने श्रीराम आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अवसर पर लीगल डिफेंस काउंसिल के मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, उप-मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक प्रतिरक्षा अधिकारी सौना गौतम, आशुतोष शर्मा, रोहन सिंह फौजदार, पीएलवी प्रियंका शर्मा और महात्मा गांधी राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल नीता गुप्ता सहित कई न्यायिक कर्मचारीगण, अध्यापकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 12:36 pm