कैमूर में NSG SP की फुटबॉल कॉम्पटीशन:स्पोर्ट्स, एजुकेशन और सोशल सर्विस से देंगे नई दिशा
कैमूर में एनएसजी एसपी रणधीर सिंह ने कैमूर जिले के रामगढ़ में 'परिवर्तन चेतना मंच' के तहत एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश देना है। गृह विभाग में कार्यरत एनएसजी एसपी ने इस अवसर पर कहा कि खेल लोगों को जोड़ने और समाज में एकता बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं को प्रोत्साहित किया और उन सफल लोगों को भी अपने पैतृक क्षेत्र में वापस आकर योगदान देने के लिए आमंत्रित किया जो यहां से पढ़कर बाहर के शहरों में बस गए हैं। स्थानीय शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान स्थानीय शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया। एनएसजी एसपी ने भावुक होते हुए कहा कि यदि हम अपने शहीदों का सम्मान नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी देश सेवा के लिए प्रेरित कैसे होगी। इसके अतिरिक्त, हाल ही में इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण बच्चों को भविष्य में करियर काउंसलिंग, किताबों और फीस में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया। जल्द ही रामगढ़ से एक निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी 'परिवर्तन चेतना मंच' को किसी एनजीओ के बजाय एक जन-आंदोलन बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही रामगढ़ से एक निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही, ब्लॉक के सबसे पिछड़े गांवों में लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी ताकि संसाधनों के अभाव में किसी बच्चे की शिक्षा न रुके। उनका स्पष्ट संदेश है कि जब तक समाज में चेतना नहीं आएगी, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।
राजस्थान स्टेट यूथ फुटबॉल चैंपियनशिप: हनुमानगढ़ जिला टीम की घोषणा, राहुल चौधरी कप्तान
चित्तौड़गढ़ में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित, बिहानी स्टेडियम में ड्रेस लॉन्चिंग के साथ खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन।
बारां अंडर-20 जिला फुटबॉल टीम घोषित, चित्तौड़गढ़ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लेगी भाग
विधायक राधेश्याम बैरवा ने श्रीराम स्टेडियम में टीम की घोषणा की, अरनव सालवी को कप्तान और देवेश ओझा को उपकप्तान बनाया गया है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों का दम देखने को मिल रहा है। इसी मंच पर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉलर किरण पिस्दा ने अपने खेल और आत्मविश्वास से सबका ध्यान खींचा। सेमीफाइनल मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान उन्होंने गोलकीपर बनकर टीम को संभाला—यहीं से उनकी चर्चा और तेज हो गई। किरण भारतीय टीम के लिए खेल चुकी हैं। इसके अलावा यूरोप की क्रोएशियन विमेंस लीग में डाइनेमो जागरेब वुमन के लिए खेल चुकी हैं। सबसे बड़ी खासियत: हर पोजीशन पर खेलने की क्षमता 24 साल की किरण इस समय अपने करियर के बेहतरीन दौर में हैं और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। किरण का सफर आसान नहीं रहा। स्कूल से ही उन्हें खेलने का मौका मिला, जहां से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद नेशनल लेवल खिलाड़ी हैं, उनके सबसे बड़े प्रेरणा बने। बाद में वह पढ़ाई के लिए रायपुर आईं और यहीं से उनका करियर नई दिशा में बढ़ा। पहला झटका: जब नेशनल टीम में जगह नहीं मिली नेशनल कैंप तक पहुंचने के बाद भी उनका चयन नेशनल टीम में नहीं हुआ। ये उनके लिए बड़ा झटका था।किरण मानती हैं—उस समय फिटनेस और मानसिक तैयारी उतनी मजबूत नहीं थी। वो कहती हैं कि सलेक्शन नहीं हुआ तोसमझ आया कि सिर्फ टैलेंट नहीं, खुद को हर स्तर पर बेहतर बनाना जरूरी है। खुद को बदला: मेहनत, फिटनेस और पॉजिटिव सोच इस असफलता के बाद किरण ने हार नहीं मानी। फिटनेस पर जमकर काम किया मैच को समझना शुरू किया। हर स्थिति में खेलने की तैयारी की। वो कहती हैं कि सबसे बड़ा बदलाव उनके सोच में आया। उन्होंने तय किया कि कभी निगेटिव नहीं सोचूंगी, क्योंकि इसका सीधा असर खेल पर पड़ता है। कोच का साथ बना टर्निंग पॉइंट उनके कोच योगेश ने मुश्किल समय में उन्हें संभाला। जब भी आत्मविश्वास गिरता, कोच उन्हें पॉजिटिव रहने की सलाह देते। किरण की सबसे बड़ी ताकत उनकी वर्सेटिलिटी (हर पोजीशन पर खेलना) है। इंटरनेशनल सफर और चुनौतियां किरण भारत के लिए कई बार खेल चुकी हैं। 2022 SAFF चैंपियनशिप टीम का हिस्सा रहीं और यूरोप में भी खेल चुकी हैं। लेकिन यहां भी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। हाल ही में AFC विमेंस एशियन कप के लिए चयन नहीं होने का दर्द उन्हें झेलना पड़ा। किरण कहती हैं कि उनका फोकस साफ है। घरेलू लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन, भारतीय टीम में जगह पक्की करना और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलना। सेलेक्शन नहीं हुआ तो इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं… इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी है।
हरियाणा सरकार ने सत्र 2026-27 के लिए खेल नर्सरियों का आवंटन किया है। फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र के गांव अहरंवा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंटरी स्कूल को फुटबॉल खेल की नर्सरी मिली है। नर्सरी के कोच लवनीश कुमार ने बताया कि फुटबॉल खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 3 अप्रैल (शुक्रवार) को सुबह 6 बजे स्कूल के खेल मैदान में होंगे। इसमें 8 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष के दो आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। चयनित 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपए प्रतिमाह और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपए प्रतिमाह की मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। किसी भी गांव का खिलाड़ी ले सकता है भाग इस नर्सरी में रतिया क्षेत्र के किसी भी गांव का इच्छुक खिलाड़ी भाग ले सकता है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगी। गांव अहरंवा में फुटबॉल नर्सरी मिलने पर स्कूल प्रशासन, स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामवासियों ने खुशी व्यक्त की है।
गोरखपुर में अंडर-20 फुटबॉल टीम के चयन के लिए शनिवार को ट्रायल कराया जाएगा। यह ट्रायल सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम के फुटबॉल मैदान पर सुबह 10 बजे से शुरू होगा। मंडल के इच्छुक खिलाड़ी इसमें भाग ले सकते हैं। गोरखपुर फुटबॉल संघ के मंडल सचिव हमजा खान ने बताया कि मंडलीय फुटबॉल चैंपियनशिप 13 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक मुरादाबाद के मॉडर्न पब्लिक स्कूल मैदान में आयोजित की जाएगी। इसी प्रतियोगिता के लिए टीम तैयार की जा रही है। ट्रायल में वही खिलाड़ी शामिल हो सकेंगे जिनका जन्म 1 जनवरी 2007 से 31 दिसंबर 2009 के बीच हुआ हो। सभी खिलाड़ियों को समय पर मैदान पर पहुंचना होगा ताकि चयन प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके। खिलाड़ियों के पास नगर पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र होना जरूरी है। यह प्रमाण पत्र जन्म के एक साल के भीतर बना होना चाहिए। इसके अलावा खिलाड़ियों के पास अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ का सीआरएस नंबर होना भी अनिवार्य है। अगर किसी खिलाड़ी के पास जरूरी कागज नहीं होंगे तो उसे ट्रायल में शामिल नहीं किया जाएगा। फुटबॉल संघ ने सभी योग्य खिलाड़ियों से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर ट्रायल में भाग लें, ताकि गोरखपुर मंडल की मजबूत टीम तैयार की जा सके।
अंडर-20 फुटबॉल चयन: 50 खिलाड़ियों ने बहाया पसीना
भास्कर संवाददता| सीहोर शहर के चर्च मैदान पर पांच अप्रैल से होने वाली अंडर-20 फुटबॉल प्रतियोगिता को लेकर रविवार को चयन प्रक्रिया हुई। इसमें 50 से ज्यादा फुटबॉल खिलाड़ियों ने चयन के लिए पसीना बहाया। अब टीम का गठन किया जाएगा। जिला फुटबॉल एसोसिएशन के तत्वाधान में यह प्रतियोगिता आयोजित होगी। यह जानकारी एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने दी। चर्च मैदान पर जारी ब्लाक स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में सीहोर बॉयज ने सीहोर चिल्ड्रन को 2-0 से हराया। मैच में सीहोर बॉयज की ओर से आदित्य ने एक गोल किया। अनुज ने एक गोल किया। मौके पर टीम के कोच सुयश कन्नोजिया, विपिन पवार, मनोज अहिरवार मौजूद रहे। चयन समिति की ओर से आनंद उपाध्याय, मनोज कन्नोजिया, मनोज दीक्षित मामा, अरुण राठौर भी मौजूद रहे।
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