शामली में आस्था के नाम पर कथित पंडितों ने पूजा-पाठ के बहाने व्यापारी से 20 लाख की ठगी कर ली। पहले पूजा के नाम पर गहनों की पोटली बनाई फिर चालाकी से उसे चावल की पोटली से बदल दिया। मौका पाते ही मौके से फरार हो गए। 8 दिन बाद जब पोटली खोली गई। तब पता चला की उनके साथ ठगी हुई है। मामला अब पुलिस जांच में है, लेकिन इस घटना ने शहर में धार्मिक आस्था के नाम पर हो रहे फ्रॉड की परतें खोल दी हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के नया बाजार निवासी व्यापारी अशोक गर्ग के घर करीब 8 दिन पहले हरिद्वार और मथुरा से आए कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने खुद को पंडित बताते हुए परिवार को ‘पितृ दोष’ और ग्रह बाधा का हवाला दिया।परिवार को विश्वास में लेने के लिए उन्होंने कुंडली और धार्मिक तर्कों का सहारा लिया। व्यापारी के अनुसार, ठगों ने दावा किया कि विशेष पूजा से घर की समस्याएं और बीमारी दूर हो सकती हैं। ऐसा बिछाया जाल ठगों ने पूजा के लिए सोने के आभूषण मंगवाए। करीब 125 से 150 ग्राम सोना एक काले कपड़े में बांधकर पोटली बनाई गई। पूजा के दौरान पंडितों ने वह पोटली व्यापारी के सिर के ऊपर से घुमाई और इसी दौरान अपने साथियों की मदद से असली पोटली बदल दी। व्यापारी को बिना शक हुए नकली पोटली थमा दी गई, जिसमें चावल भरे हुए थे, जबकि असली आभूषण ठग अपने साथ ले गए। 8 दिन बाद खुला राज, उड़ गए होश ठगों ने व्यापारी को निर्देश दिया कि पोटली को 8 दिन तक कलश में रखकर पूजा करें। परिवार ने वैसा ही किया। जब तय समय के बाद पोटली खोली गई तो उसमें सोने के गहनों की जगह चावल निकले। यह देख परिवार के होश उड़ गए। शक होने पर जब पंडितों को फोन किया गया, तो सभी नंबर बंद मिले। तब जाकर परिवार को ठगी का एहसास हुआ। ठगों की तलाश जारी पीड़ित व्यापारी ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित गिरोह का काम माना जा रहा है, जो धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाता है।
संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल ने नगर पालिका परिषद हापुड़ द्वारा कूड़ा उठाने के नाम पर 50 रुपये प्रति माह वसूलने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। मंगलवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स परिसर, चंडी रोड पर आयोजित एक विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता ललित अग्रवाल (छावनी वाले) ने की। महामंत्री संजय अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 35 हजार मकान और 3 हजार व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। इस प्रस्ताव के लागू होने पर प्रतिमाह करीब 19 लाख रुपये की वसूली होगी, जो सालाना 2 करोड़ 28 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। उन्होंने इस शुल्क को पूरी तरह अवैध करार देते हुए कहा कि व्यापार मंडल इसका हर स्तर पर विरोध करेगा। राजीव गर्ग (दतियाना) ने नगर पालिका द्वारा पहले से ही हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स के रूप में भारी कर वसूलने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन करों के उपयोग में पारदर्शिता का अभाव है और मांग की कि इनके खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। मनीष कंसल (मक्खन) ने शहर की खराब सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया। वहीं, मनीष गर्ग (नीटू) ने टिंबर व्यापारी कुलदीप गोयल के घर दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना पर चिंता जताई। अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने बताया कि चोरी की घटना के संबंध में पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और जल्द खुलासे का आश्वासन मिला है। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि नगर पालिका के किसी भी अवैध वसूली प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया जाएगा। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों को जनता के विरोध और आगामी चुनावों में इसके परिणाम भुगतने होंगे। इस बैठक में सोनू बंसल, वीरेंद्र गर्ग बिट्टू, सुरेश जिंदल, विनोद गुप्ता, अमित कंसल, विशाल गोयल, अनिल आहूजा, याशी बंसल सहित कई अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।
हरदा जिले के किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल की खरीदी को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों का मानना है कि यदि मूंग की उपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर नहीं होती है, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्हें आशंका है कि मंडियों में व्यापारी मनमाने तरीके से कम दामों पर मूंग खरीदेंगे, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। किसान बोले- व्यापारी कम दाम देते हैंग्राम अबगांव खुर्द के किसान कैलाश जाट ने बताया कि मूंग की फसल में प्रति एकड़ 10 से 15 हजार रुपये की लागत आती है। समर्थन मूल्य पर कम से कम 8700 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलता है, लेकिन यदि सरकार खरीद नहीं करती है, तो व्यापारी इसे मात्र तीन से चार हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेंगे। समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग कीकिसान महेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि यदि समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी नहीं होती है, तो किसान आर्थिक रूप से टूट जाएंगे। उन्होंने मौसम की मार के साथ-साथ सरकारी नीतियों को भी किसानों की समस्याओं का कारण बताया। भारतीय किसान संघ के जिला प्रवक्ता राजनारायण गौर ने सोशल मीडिया से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस वर्ष मूंग की खरीदी न करने का निर्णय किसान विरोधी है, जिसका संघ घोर विरोध करता है। युवा किसान अंकित चोयल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की जल्द घोषणा करने की मांग की है। ग्राम खामापडमा के किसान संदीप डाले ने बताया कि नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के कारण भी इस साल मूंग की लागत बढ़ गई है। इससे मूंग की फसल किसानों के लिए एक चुनौतीपूर्ण फसल बन गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी के टूटने के पीछे वैश्विक अस्थिरता, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुख्य वजह रही हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहाँ सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा टूट गया और निफ्टी 22,300 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार का हाल जानें।
Gold Price Blast- निवेशकों की चांदी, खरीदारों की बढ़ी आफत; आज सोने ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड!
भारत में आज सोने के दाम (Gold Rate Today) रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गए हैं। जानें 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का ताजा भाव और निवेश से जुड़ी जरूरी जानकारी।
ईडीको पर्ल एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PACL) घोटाले में एक बड़ी सफलता मिली है। PMLA स्पेशल कोर्ट ने 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस आर.एम. लोढ़ा कमेटी को सौंपने का आदेश दिया है। इन प्रॉपर्टीज मार्केट वेल्यू 15,582 करोड़ रुपये है। ईडी की इस कार्रवाई से निवेशकों के पैसे मिलने का रास्ता साफ होने लगा है। ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में PACL मामले में कुल 27,030 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इनमें भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। ईडी क मुताबिक PMLA स्पेशल कोर्ट ने यह आदेश 30 मार्च को जारी किया है। लोढ़ा कमेटी की देख-रेख में इन प्रॉपर्टीज को बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाए जाएंगे। जैसे जैसे कोर्ट प्रॉपर्टीज कमेटी को सौंपेगा वैसे वैसे उन्हें बेचकर निवेशकों को पैसे दिए जाएंगे। गौरतलब है कि पर्ल्स ग्रुप ने 1990 के अंत से 2014 तक देशभर में अवैध पौंजी स्कीम चलाई। कंपनी ने कृषि भूमि खरीदने और विकसित करने के नाम पर लाखों लोगों से पैसा जमा करवाए। उन्हें कहा गया कि उन्हें बाद में नकद पेमेंट या किस्तों में प्लाट दिए जाएंगे। पर्ल्स ग्रुप ने ज्यादातर मामलों में न तो भूमि दी और न ही पैसा लौटाया। फर्जी एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्ट्रेशन लेटर जारी किए गए। कंपनी ने लोगों के साथ 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। इस घोटाले को स्व. निर्मल सिंह भंगू और उनके परिवार ने अंजाम दिया। ईडी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिए गए अहम तथ्य, जानिए… PACL घोटाले में भंगू परिवार के इन सदस्यों की ये भूमिका 1. हरसिंदर पाल सिंह हेयर, लेट निर्मल सिंह भंगू के दामाद (बरिंदर कौर के पति)। गिरफ्तार हुए और बाद में जमानत मिली। मुख्य आरोपी हैं और PACL की कई कंपनियों (खासकर ऑस्ट्रेलिया वाली) के डायरेक्टर रह चुके हैं। 2. बरिंदर कौर, निर्मल सिंह भंगू की बेटी। गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी हुई है। 3. प्रेम कौर: निर्मल सिंह भंगू की पत्नी। गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ ओपन-एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए हैं।वह अभी फरार या वारंट के कारण जांच से बच रही हैं। 4. सुखविंदर कौर, निर्मल सिंह भंगू की दूसरी बेटी है। अभी गिरफ्तार नहीं हुई है। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उनके खिलाफ फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) की कार्रवाई चल रही है। 5. गुरप्रताप सिंह, निर्लम सिंह भंगू के दामाद (सुखविंदर कौर के पति)। अभी गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उनके खिलाफ भी फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) कार्रवाई चल रही है।
जमीन-गाड़ी-जेवर व म्युचुअल फंड में किया था निवेश, 6.26 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त
रांची | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रांची ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा हेड वर्क्स डिविजन रांची से हुए 22.86 करोड़ रुपए की हेराफेरी मामले में तत्कालीन कैशियर सह उच्च श्रेणी लिपिक संतोष कुमार सहित तीन के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है। रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में ईडी ने संतोष कुमार के अलावा उसकी पत्नी ललिता सिन्हा व उसकी शेल कंपनी मेसर्स राकड्रील कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया है। इस चार्जशीट में ईडी ने अदालत से आग्रह किया है कि आरोपियों की 6.26 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की अनुमति दें। ईडी ने दाखिल चार्जशीट में अदालत को बताया है कि संतोष कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने से लगभग 22.86 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। शुरुआत में धोखाधड़ी की राशि कम बताई गई थी। ईडी ने पीएमएल अधिनियम के तहत इस मामले के जांच के क्रम में खुलासा किया कि उक्त राशि को धोखाधड़ी वाली पेयी आईडी व निष्क्रिय डीडीओ कोड में हेराफेरी करके दूसरी जगह भेजा गया था। संतोष कुमार वही है, जिसने हाल ही में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद ईडी अधिकारियों के विरुद्ध मारपीट का मामला एयरपोर्ट थाने में दर्ज कराया था। इस मामले में ईडी ने पूर्व में 26 जगहों पर छापेमारी व तलाशी ली थी। इस तलाशी के दौरान ईडी ने 55.08 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी व विभाग के भीतर चल रहे सुनियोजित भ्रष्टाचार संबंधित खाता-बही जब्त की थी। ईडी ने पहले ही लगभग 2.18 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थाई रूप से जब्त किया था। जिस पर एडजुकेडिंग अथॉरिटी ने भी सहमति दे दी है। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है। इस तरह से हासिल की गई राशि को आरोपी संतोष कुमार ने जमीन, गाड़ी, जेवर व म्युचुअल फंड में पैसे का इस्तेमाल किया। इससे रांची के रातू में 6.81 डिसमिल जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन संतोष कुमार की बहन ममता सिन्हा के नाम पर रजिस्टर्ड था। संतोष कुमार की पत्नी ललिता सिन्हा के नाम पर एक टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी की बुकिंग की गई थी। इसके अलावा आरोपी ने 1.78 करोड़ रुपए से अधिक के जेवरात की खरीदारी व 25 से अधिक म्युचुअल फंड योजनाओं व कई फिक्स्ड डिपोजिट में भी निवेश किया।
डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन का सरकार पर हमला, महंगाई भत्ते की मांग की
लुधियाना| डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन और डीटीएफ ने महंगाई भत्ते के मुद्दे पर पंजाब सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह लिल और महासचिव रमनजीत सिंह संधू ने कहा कि अदालत में महंगाई भत्ते को लेकर सरकार की ओर से दिया गया हलफनामा कर्मचारी-विरोधी रुख को उजागर करता है। डीटीएफ के महासचिव रुपिंदरपाल सिंह गिल और रजिंदर कुमार जंडियाली के अनुसार कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ता और वेतन आयोग के बकाये की मांग कर रहे हैं तथा इसके लिए संघर्ष जारी है। नेताओं का कहना है कि महंगाई भत्ता कोई अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि जीवन-यापन पर बढ़ती महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने वाला कानूनी अधिकार है। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी कर्मचारियों को आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के समान 58 प्रतिशत डीए दिया जाए और भत्ते में भेदभाव तुरंत खत्म हो।
कपड़ा व्यापारी से 1.69 लाख रुपए की ठगी
राजधानी में कपड़ा व्यापारी से 1.69 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हो गई। जैन मंदिर सदर बाजार निवासी लोकेश के खाते से 27 और 28 मार्च को 1-1 रुपए की छोटी ट्रांजेक्शन हुई, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद 29 मार्च की देर रात 1.30 बजे के बाद लगातार 10 ट्रांजेक्शन कर अलग-अलग किश्तों में रकम निकाल ली गई। सुबह मोबाइल पर डेबिट मैसेज देखने पर ठगी का पता चला। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की और सिटी कोतवाली थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उज्जैन में लगे वाहन मेले के कारण इंदौर में यूज्ड कारों की बिक्री करीब 30 फीसदी तक बढ़ गई। कार बाजार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों की मानें तो वैसे फरवरी-मार्च में वाहनों की खरीदी-बिक्री कम होती है, लेकिन इस बार यह बिक्री काफी अच्छी रही। इंदौर में डेढ़ महीने में 3500 से ज्यादा यूज्ड कारों की बिक्री हुई। नौलखा कार बाजार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शैलेष गर्ग और संदीप गोयल ऑटो ने बताया उज्जैन में लगे मेले का काफी असर रहा है। नौलखा कार बाजार में अच्छी ग्राहकी है। एक्सचेंज की गाड़ियां भी खरीदी-बिक्री के लिए काफी आ रही हैं। जब से मेला लगा है, तब से अब तक काफी अच्छी ग्राहकी रही। यह पहला मौका है जब त्योहारी सीजन के बाद इस साल फरवरी-मार्च भी काफी अच्छा रहा है। एसोसिएशन से जुड़े राजेश जायसवाल ने कहा यूज्ड गाड़ियों की अच्छी डिमांड होने से रेट में भी 5-10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई। इधर, आरटीओ टारगेट से पिछड़ा, वाहन भी कम हुए रजिस्टर्ड इंदौर आरटीओ में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन 75 फीसदी तक कम हुए। हर महीने औसत करीब 3 हजार वाहन महीने रजिस्टर्ड होते थे, वहीं फरवरी-मार्च में यह संख्या घटकर लगभग 750 के आसपास तक पहुंच गई है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह उज्जैन में चल रहा मेला और वहां दी जा रही टैक्स में विशेष छूट है। मेले में नई गाड़ियों की खरीदी पर टैक्स में मिली 50 फीसदी की छूट उज्जैन में वाहन मेला 15 फरवरी से शुरू हुआ था। इसमें नई कार खरीदने पर लोगों को टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिली। ऐसे में वहां पर रिकॉर्ड संख्या में वाहन रजिस्टर्ड हुए। वाहन चालक टैक्स का फायदा उठाने के लिए वहां गाड़ियां खरीदकर रजिस्टर्ड करवा रहे हैं।
मोहाली में रियल एस्टेट कारोबारी से 13 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के एक नेता को अरेस्ट किया है। इसके साथ ही नेता की पत्नी और एक अन्य साथी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोपी राजनीति में एक्टिव है। लोकसभा चुनाव में बसपा ने उसे उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में वह AAP में शामिल हो गया था। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने उसे अपने राजनीतिक रसूख की धमकी दी। साथ ही उसे गैंगस्टरों और झूठे केसों में फंसाने की धमकियां दी। गिरफ्तार आरोपी का नाम राकेश कुमार सोमन उर्फ रॉकी है। उसकी पत्नी बलजीत कौर और साथी बिक्रम सूरी को भी धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वास भंग और धमकी देने के केस में नामजद किया गया है। पेशी के लिए आया तो पुलिस ने दबोचा जानकारी के अनुसार, राकेश सोमन एक अन्य मामले में पेशी के लिए अदालत में आया था। इसी दौरान पुलिस ने उसने गिरफ्तार करने की कोशिश की। हालांकि, राकेश को भनक लग गई, जिससे वह वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और कुछ दूर जाकर AAP नेता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के इस कदम से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। मामले की शिकायत को 3 पॉइंट्स में जानिए FIR कैसे दर्ज हुई कोहरी ने सबसे पहले 9 जनवरी 2026 को DIG रोपड़ रेंज को शिकायत भेजी। DIG ने मोहाली के SSP को भेजा। जांच के बाद 19 फरवरी 2026 को मटौर थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने कहा कि मामले में गंभीर धोखाधड़ी और धमकी के सबूत मिले हैं। जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 और 318 के तहत केस दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी राकेश सोमन एक आदतन अपराधी है और पहले भी कई घोटालों में शामिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में गोल बाजार स्थित एक कपड़ा दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। घटना के बाद आसपास के व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई। दुकान में रखा कुछ वेस्ट सामान जल गया। पड़ोस के व्यापारियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया। इस दौरान बिजली के तार भी टूट गए। व्यापारियों ने बिजली विभाग पर खराब मेंटेनेंस का आरोप लगाया है। यह घटना धमतरी शहर के गोल बाजार स्थित हरिओम वस्त्रालय में हुई। दुकान के मीटर से अचानक चिंगारियां निकलने लगी, जिसके बाद ग्राहकों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर हटाया गया। जोरदार आवाज के साथ बिजली के पोल का तार टूट गया और हरिओम वस्त्रालय के मीटर में आग लग गई। मीटर के नीचे रखे वेस्ट सामान भी आग की चपेट में आ गए। हरिओम वस्त्रालय के संचालक भारत आहूजा ने बताया कि पहले खंभे से चिंगारी निकली और फिर दुकान के मीटर में आग लग गई। उन्होंने कहा कि पड़ोस के व्यापारियों ने आग बुझाने में मदद की। आहूजा ने आरोप लगाया कि सामने पोल पर लगे तार काफी जर्जर हैं, जिसके कारण यह शॉर्ट सर्किट हुआ। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह आग रात में लगती तो दुकान का सारा सामान जलकर खाक हो सकता था। चैंबर ऑफ कॉमर्स के राजा रोहरा ने बताया कि सड़क पर गया एक हाई टेंशन तार टूटकर गिर गया और पोल में भी स्पार्किंग हुई। उन्होंने कहा कि आसपास के व्यापारियों ने रेत लाकर आग बुझाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रोहरा ने यह भी कहा कि गर्मी के दिनों में पावर लोड बढ़ने के कारण ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
ग्वालियर में कांग्रेस का महंगाई के खिलाफ धरना:गैस, बिजली, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार को घेरा
शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को ग्वालियर के हजीरा चौराहे पर विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, अपर्याप्त आपूर्ति, बिजली दरों में वृद्धि और पेट्रोल-डीजल की कमी के विरोध में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार झेल रही है। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी का जीवन यापन मुश्किल हो गया है। यादव ने रसोई गैस के दामों में वृद्धि और समय पर सिलेंडर उपलब्ध न होने से गृहिणियों को हो रही परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी ने लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कमी और ऊंची कीमतों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। नेताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों का सीधा असर आम लोगों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। धरने में शामिल कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया और जनता को राहत नहीं मिली, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और आने वाले समय में बड़े स्तर पर जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे जनता की आवाज को दबने नहीं देंगे और हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।
विदिशा में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आज माधवगंज चौराहे पर महंगाई के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती गैस सिलेंडर कीमतों, बिजली दरों में वृद्धि और पेट्रोल-डीजल की महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से हर वर्ग परेशान है, लेकिन सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल साबित हो रही है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल से बिजली बिल में करीब 4.80 रुपए की वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। रघुवंशी ने यह भी कहा कि गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी की कमर टूट गई है। उन्होंने जिले में गेहूं खरीदी के दौरान कमजोर व्यवस्थाओं और दाने की कमी से किसानों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और गैस को लेकर अफरा-तफरी की स्थिति है। साहू ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक हालात छिपा रही है, जबकि आम जनता महंगाई से जूझ रही है। कांग्रेस ने मांग की कि पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को नियंत्रित किया जाए तथा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश सरकार व्यापार, शिल्प, ODOP उत्पाद, पर्यटन और MSME क्षेत्र में सहयोग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसे लेकर मंगलवार को वाराणसी में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और यूपी के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान शामिल होंगे। दोनों पड़ोसी राज्य आपसी सहयोग बढ़ाकर व्यापार, पर्यटन और MSME क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव ने यूपी के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान को आमंत्रित करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच यह सहयोग सम्मेलन व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। दोनों राज्यों के बीच होगा बड़ा सहयोग यह सम्मेलन मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार, शिल्प, ODOP उत्पाद, पर्यटन और MSME क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित हो रहा है। सम्मेलन में दोनों राज्यों के ODOP उत्पादों और जीआई टैग वाले शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, पर्यटन को बढ़ावा देने और सूक्ष्म-लघु उद्यमों के विकास पर विशेष चर्चा होगी। मुख्य सत्र दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक चलेगा।
महंगाई पर देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन:गैस ₹60 महंगी होने को उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बताया
देवास में शहर कांग्रेस ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली दरों में 4.80 फीसदी वृद्धि और गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम डिप्टी कलेक्टर आनंद मालवीय को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की वृद्धि की, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने लगभग सवा करोड़ बिजली उपभोक्ताओं पर 4.80 फीसदी की वृद्धि का बोझ डाल दिया। नए टैरिफ के अनुसार, छोटे उपभोक्ताओं को हर महीने लगभग 85 रुपए अतिरिक्त देने होंगे, जबकि 500 यूनिट खपत करने वालों पर करीब 213 रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। चेतावनी- कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगीकांग्रेस ने तर्क दिया कि आम जनता पहले से ही गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में बिजली दरों में वृद्धि करना आम नागरिकों के हित में नहीं है। प्रयास गौतम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बढ़ी हुई बिजली दरें और गैस सिलेंडर के दाम वापस नहीं लिए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता राजेंद्र मालवीय और प्रदीप चौधरी ने भी संबोधित किया और बढ़ी हुई दरों की निंदा करते हुए उन्हें शीघ्र वापस लेने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
बुरहानपुर में सोमवार शाम कांग्रेस नेताओं ने गैस सिलेंडर, बिजली दरों में वृद्धि और पेट्रोल-डीजल की कमी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी नेताओं ने गैस सिलेंडर के मूल्यों में वृद्धि, अपर्याप्त उपलब्धता और बिजली दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कमी का मुद्दा भी उठाया। शहर कांग्रेस प्रवक्ता शेख रूस्तम ने कहा कि महंगाई से आम आदमी पहले से ही प्रभावित है। गैस सिलेंडर और बिजली दरों में वृद्धि से उनका जीवनयापन और मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि बुरहानपुर में हजारों पावरलूम बुनकर हैं, जिनकी आजीविका बिजली दरों में वृद्धि से प्रभावित हुई है। मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग कीरूस्तम ने यह भी आरोप लगाया कि गैस एजेंसियां समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा रही हैं, जिससे कालाबाजारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केरोसीन पहले ही बंद कर दिया गया है, और अब सरकार इसे पेट्रोल-डीजल से भी अधिक दाम पर राशन की दुकानों से बेचने पर आमादा है। नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रिंकू टाक ने सरकार से मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर तत्काल आमजन को उपलब्ध कराए जाएं और बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि रोकी जाए। टाक ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस भविष्य में आंदोलन करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
भरतपुर के नदबई कस्बे में 25 मार्च को हुई ज्वेलर की हत्या को 5 दिन बीत चुके हैं। 5 दिन बाद भी सरकार अभी तक आरोपियों को लेकर कोई खुलासा नहीं कर पाई है। जिससे व्यापारियों में पुलिस के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। आज नदबई कस्बे के व्यापारी आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर कलेक्टर कमर चौधरी से मिले। पुलिस की टीमें आरोपियों की कर रही तलाश इस दौरान सर्राफा व्यापार संघ के अध्यक्ष अशोक सोनी ने बताया कि कलेक्टर ने मुलाक़ात के दौरान बताया कि योगेंद्र चौपड़ा हत्याकांड को लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। आरोपियों का पता लगाने में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। इस हत्याकांड का खुलासा जरुर होगा। पुलिस के आश्वासन पर किया था धरना ख़त्म PCC सदस्य प्रशांत उपाध्याय ने बताया कि ज्वेलर योगेंद्र चौपड़ा की हत्या कर उसके साथ लूटपाट की घटना हुई। नदबई के इतिहास में ऐसी वारदात कभी न हुई और न होगी। प्रशासन ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 72 घंटे का समय मांगा था। प्रशासन 72 घंटे में आरोपियों का पता नहीं लगा पाया। जिसके बाद पुलिस के अधिकारियों ने व्यापारियों से कहा कि हम सही दिशा में हैं। 2 अप्रैल तक पुलिस को दिया समय अगर व्यापारी आंदोलन करते हैं तो, हमें दिक्कत आएगी। जिसके बाद सभी व्यापारियों ने निर्णय लिया कि पुलिस प्रशासन को और समय दिया जाए। अब पुलिस प्रशासन को 2 अप्रैल तक का समय दिया गया है। अगर 2 अप्रैल तक यह घटना नहीं खुलती है तो, अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद रखे जायेंगे। 25 मार्च को हुई थी योगेंद्र की हत्या दरअसल 25 मार्च शाम करीब 7 बजे दो बाइक सवार बदमाशों ने योगेंद्र चौपड़ा की हत्या हुई थी। जब योगेंद्र अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे तो, दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोका और उनके ज्वेलरी और कैश से भरा बैग लूटकर उन्हें गोली मार दी। घटना में योगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने AI-ऑपरेटेड स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म कुकू (कुकू) में निवेश किया है। इसके साथ ही वे इसके शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और ड्रामा ऐप कुकू TV के ब्रांड एंबेसडर भी बन गए हैं। धोनी का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म भारत के साथ-साथ ग्लोबल ऑडियंस के लिए भी एक अलग तरह का एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस तैयार कर रहा है। धोनी बोले- फाउंडर्स भी मेरी तरह छोटे शहरों से हैं धोनी ने कहा, 'मैंने कुकू में निवेश करने और कुकू TV का ब्रांड एंबेसडर बनने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म दूसरों से अलग है। इन्होंने कई भाषाओं और फॉर्मेट्स में भारतीय दर्शकों के लिए एक बेहतरीन अनुभव तैयार किया है। प्लेटफॉर्म की ग्रोथ प्रभावित करने वाली है। सबसे बड़ी बात यह कि मैं इसके फाउंडर्स से जुड़ाव महसूस करता हूं, क्योंकि वे भी मेरी तरह छोटे शहरों से आते हैं और उन्होंने इस लेवल का बिजनेस खड़ा किया है।' स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म के विजन पर भरोसा धोनी ने आगे कहा कि वे भारत के लिए बनाए जा रहे इस AI-ऑपरेटेड स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म के विजन पर भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि यह तकनीक न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में मनोरंजन का तरीका बदल सकती है। को-फाउंडर ने कहा- थाला का देशभर में क्रेज कुकू के को-फाउंडर और COO विनोद कुमार मीणा ने बताया कि धोनी को साथ जोड़ना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा, ‘हमारे थाला (धोनी) उन चुनिंदा हस्तियों में से हैं जिनकी पहुंच पूरे देश में है। चूंकि हम पूरे भारत के लिए कुकू बना रहे हैं, इसलिए वे हमारे लिए एकदम सही फिट हैं।’ वहीं कंपनी के CTO विकास गोयल ने कहा कि धोनी को लोगों की गहरी समझ है। जब हम क्रिएटर्स और कंज्यूमर्स के लिए AI-बेस्ड स्टोरीटेलिंग स्टैक बना रहे हैं, तब धोनी का अनुभव और नजरिया हमारे लिए काफी कीमती साबित होगा। बोल्ड फैसले लेने में धोनी और कुकू एक जैसे कुकू के को-फाउंडर और CEO लाल चंद बिसू ने कहा, ‘धोनी अपने उन बोल्ड फैसलों के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें लेने में दूसरे लोग हिचकिचाते हैं। कुकू में हम भी इसी तरह के साहसी दांव लगा रहे हैं। धोनी की यह अनकंवेंशनल (लीक से हटकर) सोच हमारी कंपनी की वैल्यूज से मेल खाती है।’ कुकू के निवेशकों में शामिल पैंथेरा पीक कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल भंडारकर ने कहा कि कुकू के काम करने का तरीका और उनकी क्लैरिटी बिल्कुल एमएस धोनी की अप्रोच जैसी ही है। वे इस प्लेटफॉर्म को एक ग्लोबल एंटरटेनमेंट ब्रांड बनते देखना चाहते हैं। कुकू की स्थापना 2018 में लाल चंद बिसू, विकास गोयल और विनोद कुमार मीना ने की थी। ये खबर भी पढ़ें… धोनी 2 हफ्ते IPL से बाहर रह सकते हैं: मांसपेशियों में खिंचाव, CSK ने पोस्ट में जानकारी दी एमएस धोनी IPL 2026 के शुरुआती दो हफ्ते बाहर रह सकते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान इस समय मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रिहैब से गुजर रहे हैं। CSK की ओर से एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्हें काफ स्ट्रेन, यानी पिंडली में खिंचाव है। पूरी खबर पढ़ें…
रीवा मे बढ़ती महंगाई और आवश्यक सेवाओं की कमी को लेकर सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर के सिरमौर चौराहे पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आम जनता की समस्याओं को उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों और उसकी उपलब्धता में कमी पर नाराजगी जताई। साथ ही बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर सरकार को घेरा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है। धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की किल्लत से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महंगाई चरम पर है और आम जनता त्रस्त है। गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और समय पर उपलब्ध भी नहीं हो रहे। बिजली दरों में हो रही बढ़ोतरी से लोगों का आर्थिक बोझ बढ़ा है। पेट्रोल-डीजल की कमी से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। सरकार जल्द ठोस कदम उठाए, नहीं तो कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष तेज करेगी।
शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 72 हजार के नीचे, निवेशकों को 9 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22% गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 1,809 अंक तक लुढ़ककर 71,774.13 के स्तर तक पहुंच गया।
IPL के पिछले सीजन में मुरादाबाद पुलिस की कड़ी कार्रवाई से घबराए आईपीएल सटोरियों ने इस बार शहर छोड़कर गोवा और जिम कॉर्बेट में अपने ठिकाने बनाए हैं। पुराने आईपीएल सटोरियों के साथ-साथ इस फील्ड में उतरे कुछ नए खिलाड़ी भी पुलिस की रडार पर हैं। फिलहाल एक क्रॉकरी व्यापारी आईपीएल सट्टे की बागडोर संभाले है। पिछली बार एक सटोरिए के बड़ी रकम हार जाने के बाद इस खेल का भंडाफोड़ हुआ था। जिसके बाद कई बड़े कारोबारी और सियासी लोग इस खेल में पकड़े गए थे। दरअसल पुलिस ने 20 रईसजादों के ग्रुप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। पिछले 10 सालों से ये ग्रुप शहर में आईपीएल सट्टे का सिंडिकेट चला रहा था। लेकिन पूरा मामला उस वक्त खुला जब शहर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त इस सट्टे में 60 लाख रुपए हार गया। आईपीएल सटोरियों ने इस पर हारी रकम चुकाने का प्रेशर बनाया तो सटोरिए ने पुलिस इंस्पेक्टर से मदद मांगी। इसके बाद इन सभी को ट्रैप करने का प्लान तैयार किया गया। पूरे ऑपरेशन में जहां इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त हारी रकम के 60 लाख चुकाने से बच गया, वहीं आईपीएल के सट्टेबाजों को कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। पुलिस की इसी सख्ती से आईपीएल सटोरिए घबराए हुए हैं। क्रॉकरी व्यापारी बना आईपीएल सट्टे का हेड सूत्रों का कहना है कि आईपीएल सट्टे को इस वक्त शहर का एक बड़ा क्रॉकरी व्यापारी लीड कर रहा है। उसी के गुर्गे शहर में आईपीएल का सट्टा करा रहे हैं। इसी के साथ मालवीय नगर का एक पुराना सटोरिया भी इस गैंग में शामिल है। जो पूर्व में ज्वैलरी की दुकान करता था, लेकिन आईपीएल सट्टे के खेल में उतरने के बाद अब फुल टाइम सट्टा गैंग को हैंडल करता है। कई व्हाइट कॉलर लोग भी शहर में सट्टा खेलने के शौकीन हैं। इनकी लत इस कदर हावी है कि पिछले सीजन में पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद भी इनकी लत छूटने का नाम नहीं ले रही है। SSP के कड़े रुख से घबराए हैं आईपीएल सट्टेबाजनिचले लेवल पर इस मामले को मैनेज करने की भरसक कोशिशें हुईं लेकिन मुरादाबाद के SSP सतपाल अंतिल के सख्त रुख अपनाने की वजह से रईसजादों को कोई रिलीफ नहीं मिल सकी थी। आईपीएल की सट्टेबाजी करने वाले रईसजादों के इस ग्रुप को कई-कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। एसएसपी ने इस मामले में आने वाले सियासी प्रेशर को भी दरकिनार कर सटोरियों पर क एक्शन लिया था। इस वजह से आईपीएल सटोरियों में दहशत है। सट्टेबाज जानते हैं कि शहर में आईपीएल के मौजूदा सीजन में शहर में रहकर सट्टा चलाना नामुमकिन है, ऐसे में उन्होंने गोवा और जिम कॉर्बेट को ठिकाना बनाया है। एक कारोबारी के गोवा में बने फॉर्म हाउस को ठिकाना बनाया गया है। वहीं से मुरादाबाद के आईपीएल सट्टेबाजों को फोन पर सट्टा खिलाया जाएगा। पुलिस ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के पास छापा मारकर पकड़ा था आईपीएल सट्टा मुरादाबाद पुलिस ने 11 अप्रैल 2025 की रात सिविल लाइंस में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) के गेट के पास स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर आईपीएल में सट्टा करा रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र सिंह, कौशल कपूर, विपुल जुयाल, शहजादे सलीम, अभिनव, मनोज, धर्मेंद्र, हेमंत, रोहित गुप्ता शामिल थे। पुलिस ने इन सभी को जेल भेज दिया था। 2 दिन बाद पुलिस ने सट्टे का हिसाब किताब रखने वाले गौर ग्रेसियस निवासी साहिल गुप्ता को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 20 के खिलाफ लिखी थी FIR, कई नाम विवेचना में बढ़ाए सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमे में 20 लोगों को नामजद किया था। जिनमें से नौ को मौके से गिरफ्तार किया गया। 3 नाम विवेचना में प्रकाश में आने के बाद केस में बढ़ाए गए थे। जिन तीन लोगों के नाम विवेचना में प्रकाश में आने पर बढ़ाए गए थे, उनमें साहिल गुप्ता, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल है। प्रवीण सिंह का लाइसेंसी रिवाल्वर छापे के दौरान मिला था। इस केस में जो नाम पुलिस रिकॉर्ड पर दर्ज किए गए थे उनमें अमित नागपाल, कमलदीप टंडन, राजदीप टंडन, विशाल डुडेजा, मुकुल गोटेवाला, आशु रस्तोगी, रचित रस्तोगी, सुमित सेठी, टीटू उर्फ दीपक गगनेजा, कमल छावड़ा, विक्की छावड़ा, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल थे। IPL सटोरियों को निचले स्तर पर पुलिस की शह आईपीएल सट्टे के खेल में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्षों से एक ही जगह जमें निचले स्तर के कुछ पुलिस अधिकारियों के आईपीएल सटोरियों से नजदीकी रिश्ते जगजाहिर हैं। सूत्रों का कहना है कि निचले स्तर से मिल रहे पुलिस संरक्षण की वजह से ही आईपीएल सट्टे का धंधा शहर में फलफूल रहा है।
भंवरकुआं थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट से भेजे गए माल के गबन का मामला सामने आया है। पालदा से बेंगलुरु भेजा गया सामान तय समय पर नहीं पहुंचा। ड्राइवर पहले बहाने बनाता रहा, फिर मोबाइल बंद कर गायब हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक आगरा निवासी यतिन गंभीर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पालदा स्थित वैदांत ऑर्गेनिक्स से 19 मार्च 2026 को ट्रक नंबर RJ09GE6547 में माल लोड कर बेंगलुरु भेजा गया था। यह माल बिग बास्केट (पपार्स ट्रेडिंग कंपनी) को 22 मार्च तक पहुंचना तय था। पहले कहा- रास्ते में हूं, फिर फोन बंदट्रक चालक देवेंद्र कुमार अहिरवार (निवासी अशोकनगर) ने तय समय पर डिलीवरी नहीं की। पूछने पर उसने एक दिन की देरी बताते हुए रास्ते में होने की बात कही, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। जब लगातार संपर्क नहीं हो सका तो मैनेजर दीपक ने बेंगलुरु की कंपनी और एजेंट से बात की। वहां माल नहीं पहुंचने की पुष्टि हुई, जिसके बाद भंवरकुआं थाने में शिकायत की गई। पुलिस बोली- जल्द पकड़ेंगे आरोपीपुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
प्रसिद्ध हिंदी कवि कुमार विश्वास ने अपने प्रवचन में आस्था और सफलता के गहरे संबंध को सरल उदाहरणों के जरिए समझाया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने काम में ईश्वर को ‘पार्टनर’ बना ले, तो सफलता अपने आप बढ़ने लगती है। खास तौर पर सांवलिया सेठ का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे व्यापार में भगवान की हिस्सेदारी मानने की परंपरा आज भी लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। प्रवचन में सांवलिया सेठ का दिया उदाहरण इन दिनों श्रीरामचरितमानस का पाठ कर रहे कुमार विश्वास ने अपने प्रवचन के दौरान सनातन धर्म की परंपराओं को सहज भाषा में प्रस्तुत किया। उन्होंने सांवलिया सेठ मंदिर और वहां विराजित भगवान श्रीकृष्ण का जिक्र करते हुए कहा कि लोग उन्हें अपने कार्यों का ‘पार्टनर’ मानते हैं। उन्होंने बताया कि मारवाड़ और गुजरात के कई व्यापारी अपनी कमाई का एक हिस्सा भगवान को अर्पित करते हैं और उन्हें अपने व्यापार में हिस्सेदार बनाते हैं। शेयर मार्केट से जोड़कर समझाया सिद्धांत कुमार विश्वास ने इस परंपरा को आधुनिक दौर की शेयर व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी कंपनी में बड़ा निवेशक जुड़ता है तो उसकी कीमत बढ़ जाती है। उसी तरह जब कोई व्यक्ति अपने काम में ईश्वर को शामिल करता है, तो उसके काम की सफलता और महत्व कई गुना बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह आस्था ही इंसान को आगे बढ़ने की ताकत देती है और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक बनाए रखती है। मंगलाचरण की परंपरा पर दिया विशेष जोर प्रवचन की शुरुआत उन्होंने एक श्लोक के साथ की। वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।मंगलानां च कर्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥ इस श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें माता सरस्वती और भगवान गणेश की वंदना की गई है, जो अक्षरों, अर्थों और छंदों के माध्यम से हर कार्य को शुभ बनाते हैं। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति में किसी भी कार्य की शुरुआत भगवान के स्मरण से करने की परंपरा रही है, जिससे कार्य निर्विघ्न पूरा होता है। आस्था से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा कुमार विश्वास ने कहा कि जब व्यक्ति अपने मन की इच्छा यानी अभीष्ट की प्राप्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है, तो उसे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यही ऊर्जा उसे सफलता की ओर आगे बढ़ने में मदद करती है। व्यापार में भगवान की हिस्सेदारी का महत्व उन्होंने सांवलिया सेठ का उदाहरण देते हुए बताया कि राजस्थान में स्थित यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल व्यापारियों के लिए आस्था का केंद्र है। यहां भगवान श्रीकृष्ण ‘सेठ’ के रूप में पूजे जाते हैं। मारवाड़ और गुजरात के कई व्यापारी अपने व्यापार में भगवान को कुछ प्रतिशत का हिस्सेदार मानते हैं। कुमार विश्वास ने कहा कि जैसे किसी बड़ी कंपनी में निवेश होने से उसका मूल्य बढ़ता है, उसी तरह जब ईश्वर हमारे कार्य में शामिल होते हैं, तो सफलता की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।
क्रूड 115 डॉलर पार, शेयर बाजार में मुनाफा वसूली, क्या करें निवेशक?
Share Market Crash : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भीषण जंग की वजह से भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। 11.28 बजे सेंसेक्स 1,191 अंक गिरकर 72,414 और निफ्टी 351 अंकों की गिरावट के साथ 22,468 पर पहुंच गया। बाजार में हर बढ़त के ...
शेयर बाजार की भारी गिरावट के बीच इन 4 शेयरों ने दिखाई मजबूती। जानें IPCA Labs, AU Bank, Hindalco और NALCO में क्यों दिख रही है खरीदारी और क्या हैं एक्सपर्ट्स की राय।
शेयर बाजार में आज 'हाहाकार'! रिलायंस इंडस्ट्रीज और दिग्गज बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली से डूबे निवेशकों के पैसे। जानें किन सेक्टर्स और शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट।
शेयर बाजार में आज कोहराम! सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,550 के नीचे फिसला। जानें बैंकिंग सेक्टर में गिरावट और बाजार के क्रैश होने की मुख्य वजहें।
फतेहपुर में सोमवार की दशरथपुर गांव के पास देंवा रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में 30 वर्षीय आलू व्यापारी सोहराब उर्फ इरशाद की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी दो वर्षीय मासूम बेटी आफरीन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों के उजड़ने की कहानी बन गया। इसरौली गांव निवासी सोहराब रविवार की शाम कस्बे के मोहल्ला नालापार उत्तरी में स्थित अपनी ससुराल गए थे। रात वहीं रुकने के बाद सोमवार सुबह करीब 5 बजे वह अपनी दो साल कि नन्हीं बेटी आफरीन को साथ लेकर घर लौट रहे थे। सुबह का वक्त, सुनसान सड़क और घर पहुंचने की जल्दबाजी—इन सबके बीच किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। घर से महज दो किलोमीटर पहले उनकी आई-10 कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे खारजा में जा पलटी। हादसा इतना भयानक था कि कार के चारों पहिए ऊपर हो गए और अंदर बैठे पिता-पुत्री फंस गए। 2 तस्वीरें देखिए - कुछ देर तक मौके पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन तभी मासूम बच्ची की दर्दभरी चीखों ने खेतों को जा रहे का दिल दहला दिया। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को कार से बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सोहराब को मृत घोषित कर दिया। वहीं मासूम आफरीन को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मृतक के पिता मोहम्मद शमी की हालत बेहद खराब है। सोहराब अपने पिता के साथ मिलकर आलू का व्यवसाय करते थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। वह पांच भाइयों में से एक थे और घर के बेहद जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनकी असमय मौत ने न सिर्फ परिवार की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी, बल्कि पत्नी शामरीन और मासूम बेटी के जीवन में ऐसा खालीपन छोड़ दिया, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जेसीबी की मदद से बाहर निकलवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजन शव को अपने साथ घर ले गए, जहां अंतिम दर्शन के दौरान हर आंख नम दिखी।यह हादसा एक कड़वा सच भी सामने लाता है कि सड़क पर एक छोटी सी चूक या लापरवाही किस तरह एक पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। आज सोहराब नहीं हैं, लेकिन उनकी मासूम बेटी की चीखें और पिता का दर्द पूरे इलाके में गूंज रहा है। यह घटना हर किसी को झकझोर कर सोचने पर मजबूर कर रही है।
कांग्रेस ने बैठक की; रसोई गैस, पेट्रोल और महंगाई को लेकर चर्चा की
भास्कर न्यूज | पूर्णिया गोकुल श्रीकृष्ण आश्रम में एलपीजी, पेट्रोल, महंगाई, चिकित्सा एवं किसान-मजदूर इत्यादि के समस्या को लेकर बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने की। बैठक में आम जनता खासकर महिलाओं के साथ हो रही परेशानी पर गंभीर रूप से चर्चा की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूती एवं सक्रिय रूप से सभी क्षेत्र में एलपीजी गैस व पेट्रोल की बढ़ती कीमत और परेशानी को लेकर प्रदेश तथा जिला से प्रभारी नियुक्त किए गए, ताकि जमीन स्तर पर समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह भी संकल्प लिया कि जल्द ही गैस का समस्या का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। 2 अप्रैल को सभी प्रखंड में धरना का कार्यक्रम तथा पुतला का दहन होगा। बैठक में आदित्य कुमार, मो. बिक्टर, सुनीता हांसदा, मनीष कुमार सिंह, नीरज कुमार, मुन्नी मरांडी, मो. हसन इमाम, लालमोहन चौधरी, प्रेम किशोर, वीरेंद्र कुमार दास एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
श्री रामनवमी पर व्यापारी नेता अनेजा को किया सम्मानित
अमृतसर| मजीठ मंडी में रामनवमी उत्सव शोभायात्रा के दौरान भारतीय व्यापार मंडल के व्यापारियों ने भी भाग लिया। इस मौके पर भारतीय व्यापार मंडल के पंजाब प्रधान एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड भारत सरकार के सदस्य राजीव अनेजा की अगुवाई में सैकडों व्यापारियों ने राम जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उनके साथ राजू नारंग, दीपक शर्मा, करनदीप सिंह, चिंटू मेहरा, विशाल वधावन भी उपस्थित रहे। प्रधान अनिल मेहरा ने राजीव अनेजा और अन्य व्यापारियों को सम्मानित भी किया।
मेरइ के हापुड़ अड्डा स्थित सूर्य प्लाजा में लगी आग के बाद प्रभावित व्यापारियों का हाल जानने के लिए भाजपा के पूर्व शहर विधानसभा प्रत्याशी कमल दत्त शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित दुकानों का निरीक्षण किया और व्यापारियों से मिलकर उनके नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कमल दत्त शर्मा ने व्यापारियों से बातचीत करते हुए कहा कि यह नुकसान केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का नुकसान है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वे शासन और प्रशासन से हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी जल्द राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेज करने की बात कही। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में वे और उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। इस दौरान उनके साथ अजय गुप्ता, हेमंत चावला, आलोक गर्ग, मुकेश गुप्ता, विक्रम शर्मा, सोनू नारंग, अशोक रस्तोगी, अमित, मोनू वर्मा और गोल्डी सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए जल्द से जल्द राहत दिलाने की मांग की। मौके पर मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उन्हें जल्द राहत मिलेगी।
कासगंज शहर की छोटी सब्जी मंडी में रविवार देर शाम भारतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में संगठन के विस्तार और मजबूती पर चर्चा की गई। साथ ही, नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं और उन्हें मनोनयन पत्र प्रदान कर स्वागत किया गया। बैठक में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए संगठन का मजबूत होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिक से अधिक व्यापारियों को संगठन से जोड़ने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए ईमानदारी से कार्य करने और उसे मजबूत बनाने की शपथ ली। बैठक में शिव प्रताप सिंह सोलंकी को जिला उपाध्यक्ष, भुवन अग्रवाल को जिला मंत्री, सुखवीर सिंह पुंधीर को विधि सलाहकार, राजीव उर्फ बबलू गुप्ता को जिला उपाध्यक्ष और अशोक माहेश्वरी को जिला संयोजक नियुक्त किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संगठन के विस्तार और व्यापारियों के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
गाजियाबाद में हाउस टैक्स विवाद शांत:अपर नगर आयुक्त के आश्वासन पर व्यापारियों का धरना समाप्त
गाजियाबाद में हाउस टैक्स को लेकर चल रहा व्यापारियों का धरना अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। अपर नगर आयुक्त ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जब तक शासन स्तर से अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक करदाताओं पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और बताया कि नगर निगम इस मुद्दे के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाउस टैक्स का मामला शासन स्तर पर उठाया गया है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। व्यापार मंडल से जुड़े गोपीचंद और अशोक चावला ने कहा कि हाउस टैक्स की वसूली में सख्ती से व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि जब तक इस मामले में स्पष्ट निर्णय नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जाए। इस दौरान वरिष्ठ प्रभारी टैक्स और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके राय ने भी व्यापारियों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि शासन का निर्णय आने तक बकायेदारों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होगी। राय ने यह भी बताया कि नगर निगम व्यापारियों की समस्याओं को समझता है और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास कर रहा है। महानगर उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष रामकिशोर अग्रवाल ने भी अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और जल्द समाधान की मांग की। बातचीत के बाद व्यापारियों ने शांतिपूर्वक धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस मौके पर सिटी जोन के जोनल प्रभारी आरपी सिंह और महानगर व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश स्वामी सहित कई व्यापारी और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत से फिलहाल विवाद शांत हो गया है, और सभी को अब शासन के अंतिम निर्णय का इंतजार है।
बांसवाड़ा में नकली जेवरात गिरवी रखकर व्यापारियों को ठगने वाले 2 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम से नकली ज्वेलरी पर असली जैसी पॉलिश करने के वीडियो देखकर ज्वेलरी तैयार की, फिर व्यापारियों को ठगने की प्लानिंग की। सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि जिले डूंगरीपाड़ा निवासी दीवान पुत्र हडिया गायरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 11 मार्च को आरोपी नरेश(55) पुत्र विठला डिंडोर और कमलेश(31) पुत्र गौतम निवासी कलिंजरा ने उसकी दुकान पर नकली सोने का हार असली बताकर गिरवी रखा और 70 हजार रुपए ले लिए। 27 मार्च को आरोपी दोबारा नकली चांदी की सांकली लेकर पहुंचे, तो शक होने पर उसे चेक किया तो वह नकली निकली। इंस्टाग्राम से सीख रहे थे ठगी का तरीकापूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी नरेश कलिंजरा में किराने की दुकान चलाता है और ब्याज पर पैसे देने का काम भी करता है। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में उसने इंस्टाग्राम पर नकली जेवरातों पर असली पॉलिश करने के वीडियो देखे। इसके बाद उसने नकली जेवरात तैयार किए और परिवार में बीमारी का बहाना बनाकर दुकानदारों को झांसे में लेना शुरू कर दिया। थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में बांग्लादेश में नकली सोना कैसे बनाया जाता है, उसके वीडियो भी मिले हैं। आरोपियों के पास से कार भी जब्तथानाधिकारी धनपत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम एएसआई हसमुखलाल, हेड कॉन्स्टेबल रमेश और कॉन्स्टेबल जयंतिलाल ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों द्वारा उपयोग में ली गई कार भी बरामद की है। आरोपियों को कल कोर्ट में पेश कर पीसी रिमांड ली जाएगी।
विदिशा व्यापार महासंघ के चुनाव रविवार को संपन्न हो गए। इसमें व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। चुनाव में राजेश जैन अध्यक्ष निर्वाचित हुए। रीठा फाटक स्थित व्यापार भवन में सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो दोपहर तक चला। कुल 179 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महासंघ के 6 पदों के लिए कुल 15 प्रत्याशी मैदान में थे, जिससे चुनाव काफी रोचक रहा। मतदान के दौरान परिसर में गहमागहमी बनी रही। देर शाम घोषित हुए परिणाम मतदान के बाद देर शाम मतगणना कर परिणाम घोषित किए गए, जिसमें राजेश जैन को अध्यक्ष चुना गया। हरीश बाधवानी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नरेंद्र सोनी महामंत्री, राजकुमार अग्रवाल कोषाध्यक्ष, विवेक शर्मा संयुक्त मंत्री और आशीष माहेश्वरी उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेश जैन ने व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
टीकमगढ़ के पलेरा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 में एक गल्ला व्यापारी के घर से 18 लाख रुपए की चोरी हुई है। शनिवार रात अज्ञात चोरों ने नकदी और सोने-चांदी के जेवरात सहित यह सामान चुराया।गल्ला व्यापारी सुरेश कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ वेदी हवन के लिए पैतृक गांव गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बनाया। रविवार सुबह जब परिवार घर लौटा, तो उन्हें ताले टूटे हुए मिले। व्यापारी सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि चोर 7 लाख 70 हजार रुपए नकद और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह और जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम भी बुलाई गई, जो साक्ष्य जुटाने में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
जींद जिले के जुलाना में एक भट्ठा संचालक से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगे जाने के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों और भट्ठा संचालकों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से एक 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी से मिलकर इस मामले में समाधान की मांग करेगी। यह बैठक जुलाना कस्बे के ओम भट्ठे पर हुई, जिसकी अध्यक्षता भट्ठा एसोसिएशन के प्रदेश सचिव सतपाल ने की। सतपाल ने बताया कि जींद-रोहतक मार्ग पर स्थित ओम भट्ठे के संचालक से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। वॉट्सएप कॉल करके मांगे 2 करोड़ रुपए भट्ठा संचालक अनूप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक वॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें 2 करोड़ रुपए तैयार रखने की धमकी दी। उसी दिन रात करीब 9 बजे दोबारा उसी नंबर से वॉट्सएप कॉल आई, जिसमें आरोपी ने रंगदारी की मांग दोहराई और जल्द से जल्द पैसे का इंतजाम करने को कहा। भट्ठा संचालक और परिवार में डर का माहौल कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान रणदीप मलिक के रूप में बताई और खुद को लॉरेंस बिशनोई गैंग का सदस्य बताया। लगातार मिल रही धमकियों के कारण भट्ठा संचालक और उनके परिवार में डर का माहौल है। इस अवसर पर कैलाश सिंगला, सुभाष लाठर, राजपाल लाठर, मनोज, रामफल लाठर, कुलवंत लाठर, मनोज कुमार और गोविंद शर्मा सहित कई व्यापारी और भट्ठा मालिक मौजूद रहे।
सिरोही व्यापार महासंघ के नए कार्यालय में गणपति पूजन:व्यापारियों ने सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की
सिरोही व्यापार महासंघ के नवीन कार्यालय में गणपति पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों और महासंघ के सदस्यों ने भाग लिया। पंडित कुणाल त्रिवेदी ने महासंघ अध्यक्ष भरत कुमार माली के हाथों गणपति पूजन संपन्न कराया, जिसमें सभी ने सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणपति की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान सभी व्यापारियों की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की गई। यह नया कार्यालय व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महासंघ अध्यक्ष भरत कुमार माली ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान गणपति विघ्नहर्ता हैं और उनके आशीर्वाद से सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं। उन्होंने व्यापारियों से एकजुट होकर समाज और व्यापार के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। महासंघ के संरक्षक ने बताया कि यह कार्यालय व्यापारियों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान तथा विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस अवसर पर सिरोही व्यापार महासंघ के संरक्षक भरत डी छिपा, अध्यक्ष भरत कुमार माली, गोयली चौराहा व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश बी माली, श्रीसारणेश्वर उद्योग सेवा संस्थान रिको सिरोही अध्यक्ष मदनलाल मालवीय, सिरोही स्ट्रीट वेंडर अध्यक्ष उमेदमल कुमावत, महासंघ के महासचिव मीठालाल माली, कोषाध्यक्ष रवि कुमार पटेल, महामंत्री नारायण माली, महामंत्री तग सिंह राजपुरोहित, प्रशासनिक सचिव शिवलाल सुथार, सलाहकार बद्रीनारायण पुरोहित, स्वच्छ भारत संयोजक कुणाल त्रिवेदी, व्यवस्था प्रमुख महेंद्र कुमार माली, सह संगठन मंत्री हीरालाल माली, गणपति सुथार, सचिव गिरधारी सुथार, अरविंद प्रजापत, बालाजी मार्बल प्रकाश कुमावत, गोपालभाई, प्रवीण चौधरी संरक्षक, महामंत्री खेतपाल सिंह राव, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, मंत्री विक्रम कुमार, परीक्षित डाबी, गणेश खत्री, भैराराम माली, दलपत पटेल, शांतिलाल माली, कमलेश सोनी, सन्दीप पटेल, कमलेश पटेल और प्रकाश डांगी सहित महासंघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद रहे।
हूती विद्रोही पहले भी गाजा संघर्ष के दौरान लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों को बाधित कर चुके हैं। ऐसे में उनकी सक्रियता से वैश्विक शिपिंग रूट्स पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
झज्जर शहर में लंबे समय से खुली नालियों के कारण दुकानदारों और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बाजार क्षेत्रों में नालों पर स्लैब न होने से गंदगी, बदबू और हादसों का खतरा लगातार बना हुआ था। कई बार राहगीरों के फिसलने और चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई थी। नगर परिषद ने शुरू किया समाधान का काम इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद झज्जर ने अब नालों को ढकने के लिए स्लैब लगाने का काम शुरू कर दिया है। शहर के अलग-अलग बाजारों में यह कार्य तेजी से चल रहा है और कई स्थानों पर स्लैब लगाए भी जा चुके हैं, जिससे स्थिति में सुधार दिखने लगा है। अभी भी आधे से ज्यादा नाले खुले हालांकि शहर के करीब 50 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर नाले अब भी खुले पड़े हैं, लेकिन इस शुरुआत से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही पूरे शहर में यह काम पूरा किया जाएगा और समस्या का स्थायी समाधान होगा। दुकानदारों को मिली राहत दुकानदारों का कहना है कि खुले नालों के कारण ग्राहकों का आना-जाना प्रभावित हो रहा था, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा था। अब स्लैब लगने से बाजार में सफाई के साथ-साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी, जिससे कारोबार को भी फायदा होगा। व्यापार मंडल ने जताई खुशी व्यापार मंडल ने नगर परिषद की इस पहल का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस कार्य को तेजी से पूरा किया जाए ताकि शहर के सभी बाजारों में लोगों को राहत मिल सके। व्यापार मंडल के प्रधान राकेश अरोड़ा ने कहा कि नगर परिषद द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है, लेकिन यह काम बीच में रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां अभी तक नालों पर स्लैब नहीं लगे हैं, वहां भी जल्द से जल्द स्लैब लगाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नगर परिषद को शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाना चाहिए, साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की उचित व्यवस्था भी की जानी चाहिए ताकि आमजन और व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र के नावरा और डाभियाखेड़ा गांवों के किसान तरबूज की फसल को लेकर परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें कैप्सूल आकार के तरबूज के बीज बेचे गए थे, लेकिन खेतों में गोल आकार के तरबूज पैदा हुए। इस कारण व्यापारी उनका माल खरीदने से इनकार कर रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। नावरा गांव के किसान नितिन काशीनाथ चौधरी ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में 40 हजार तरबूज के रोपे लगाए थे। ये बीज बुरहानपुर की एक एग्रो एजेंसी से खरीदे गए थे। एजेंसी संचालक ने बेहतर उत्पादन और कैप्सूल जैसे लंबे, लगभग 5 किलो वजनी तरबूज पैदा होने का आश्वासन दिया था। हालांकि, फसल तैयार होने पर तरबूज गोल आकार के और केवल एक से ढाई किलो वजनी निकले। बाजार में कैप्सूल आकार के तरबूज की अधिक मांग होने के कारण व्यापारी इन गोल तरबूजों को खरीदने से मना कर रहे हैं। स्थानीय किसान भी लंबे समय से गोल आकार के तरबूज नहीं उगाते हैं। डाभियाखेड़ा के किसान आमीन अमीर शेख ने बताया कि उन्होंने फसल पर लगभग 2 लाख रुपये खर्च किए हैं, लेकिन व्यापारी उनका माल उठाने में आनाकानी कर रहे हैं। इस मामले में बीज बेचने वाले दुकान संचालक का कहना है कि उन्होंने कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ही किसानों को बीज उपलब्ध कराए हैं और इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। किसान इस धोखाधड़ी की शिकायत जिला प्रशासन से करने की तैयारी कर रहे हैं।
व्यापारियों का चक्काजाम:बोले- छोटी-छोटी गलतियों पर 5 हजार रु. जुर्माना ले रहा निगम
नगर निगम की मोबाइल कोर्ट शनिवार को पाटनीपुरा क्षेत्र में चालानी कार्रवाई के लिए पहुंची। सड़क पर रखी सामग्री, दुकान के बोर्ड व गुमाश्ता लाइसेंस को लेकर भारी भरकम जुर्माना लगाने पर व्यापारियों ने जमकर विरोध जताया और चक्काजाम कर दिया। व्यापारी बोले कि निगम की टीम छोटी-मोटी गलतियां निकालकर चालानी कार्रवाई कर रही है। अगर कोई व्यापारी गुमाश्ता भरना भूल गया है या उसका 500 रुपए का शुल्क बकाया है तो सीधे 5 हजार की रसीद काटी जा रही थी। दुकानों के बाहर लगे बोर्ड को लेकर भी चालानी कार्रवाई की जा रही थी। इसीलिए सभी व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद टीम लौट गई। इधर, निगम अफसरों का कहना था कि नियम अनुसार ही कार्रवाई कर रहे थे। पहले भी इस तरह की कार्रवाई कर चुके हैं। 500 रुपए का शुल्क बकाया तो 5 हजार की रसीद काटी। टीम द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किया गया निगम की करीब 25 से 30 गाड़ियां कार्रवाई को लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने अमूमन हर दुकान पर कोई न कोई गलती बताई। गुस्साए व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया। दुकानदारों से दस्तावेज मांगे गए। उनकी जांच की गई। टैक्स की रसीद भी मांगी गई। कुछ भी खामी मिलने पर चालानी कार्रवाई की गई। दुकानदार बोले अगर हमारा सामान फुटपाथ पर हो तो कार्रवाई करें, हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। व्यापारियों ने पार्षद और सभापति मुन्नालाल यादव को फोन कर हस्तक्षेप की मांग की। वे बोले कि एकदम से इतने सारे लोग आ गए। गुमाश्ता नहीं है या भरना भूल गए तो जुर्माना किया गया। दुकानों के बोर्ड को अतिक्रमण बताया गया। ओटला बना था, उसका भी चालान बनाने लगे।
सुपारी व्यापारी बताकर 28 के बजाय भरा था 5% कर:35 करोड़ की टैक्स चोरी में दो की जमानत खारिज
करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी और अवैध गुटखा निर्माण के मामले में कोर्ट ने आरोपी भाईयों को राहत देने से इनकार कर दिया है। केंद्रीय जीएसटी विभाग द्वारा गिरफ्तार रामू गुप्ता और विकास गुप्ता की जमानत याचिकाएं अदालत ने निरस्त कर दी हैं। जांच में सामने आया कि रामू गुप्ता पर 31.76 करोड़ और विकास पर 3.32 करोड़ रुपए की कर चोरी का आरोप है। मामला हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया प्रदेश का पहला मामला है। दोनों आरोपी बिना पंजीकरण के गुटखा निर्माण कर रहे थे और मशीनों की वास्तविक क्षमता छिपाकर कम टैक्स जमा कर रहे थे। सीजीएसटी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल प्रवीण सुरंगे के अनुसार आरोपियों ने 28 प्रतिशत जीएसटी के बजाय खुद को सुपारी व्यापारी दिखाकर केवल 5 प्रतिशत कर अदा किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध न केवल अर्थव्यवस्था को खोखला करते हैं, बल्कि अवैध तंबाकू मिश्रण जन-स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है। इसी आधार पर दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज की गईं। मामले में अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को होगी, जब विभाग द्वारा अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
साइबर ठग ने निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर महिला सिपाही से 4.62 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटना का एहसास होने पर पीड़िता ने कोतवाली पुलिस से मामले की शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात महिला सिपाही सपना कुमार के अनुसार वाट्सएप नंबर को एक ग्रुप में जोड़ा गया। जिसमे शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने के मैसेज आते थे। ग्रुप के एडमिन के झांसे में आकर उन्होंने एक लिंक के जरिए एप्लीकेशन डाउनलोड किया, जिसमें उनका अकाउंट बनाया गया। उन्होंने कई बार में 4.62 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने रुपए निकालने का प्रयास किया, तो वह रुपए नहीं निकाल सकी। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्जकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इंदौर में नगर निगम की चालानी कार्रवाई को लेकर शनिवार पाटनीपुरा-परदेशीपुरा क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। इंदौर नगर निगम की टीम के खिलाफ नाराज व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर रास्ता जाम कर दिया और विरोध स्वरूप दुकानें बंद कर दीं। घटना शाम करीब 4 बजे की है। व्यापारियों का आरोप है कि निगम कर्मचारी चालानी कार्रवाई के नाम पर आए दिन क्षेत्र में पहुंचते हैं और दुकानों में घुसकर जबरन वसूली करते हैं। उनका कहना है कि बिना ठोस कारण के चालान काटे जाते हैं तथा अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। इस कथित मनमानी के विरोध में शनिवार को सभी व्यापारी एकजुट हो गए। कार्रवाई के दौरान मारपीट का आरोप प्रदर्शन के दौरान व्यापारी सड़क पर आ गए जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ते देख निगम अमले को अपनी गाड़ियां छोड़कर पीछे हटना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि चालानी कार्रवाई के नाम वसूली बंद नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। दरअसल, शाम करीब साढ़े चार बजे निगम का रिमूवल दल मोबाइल कोर्ट के माध्यम से क्षेत्र में अतिक्रमण और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहा था। इसी दौरान कुछ व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने निगम अधिकारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। वहीं कुछ व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। दूसरी ओर, निगम के रिमूवल दल के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने ही बाधा उत्पन्न की और टीम के साथ अभद्रता की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच संभाली स्थिती स्थिति बिगड़ने पर परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका, बता दें की इंदौर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण और अन्य नियमों के उल्लंघन पर नियमित रूप से चालानी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, इन कार्रवाइयों को लेकर समय-समय पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप भी सामने आते रहे हैं।
फतेहाबाद जिले में टोहाना पुलिस ने गोल्डी बराड़ के नाम पर व्यापारी से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के हाई-प्रोफाइल मामले में तीसरे आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के बेतिया जिले के पश्चिमी चंपारण स्थित जोकटिया निवासी जियाउल हक के रूप में हुई है। थाना शहर प्रभारी कुलदीप ने बताया कि शिकायतकर्ता अमित जैन, जो जैन गली निवासी हैं और जैन समाधि अस्पताल में मेडिकल शॉप चलाते हैं, ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर 2022 को उनके व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से लगातार मैसेज आए। 12 लाख रुपए की मांगी थी फिरौती संदेश भेजने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ (यूएसए) बताते हुए 12 लाख रुपए की मांग की थी। आरोपी ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो अगले दिन उन्हें जान से मार दिया जाएगा इस संबंध में थाना शहर में भारतीय दंड संहिता की धारा 387 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में जेल तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद से इस नेटवर्क के तार बिहार से जुड़े पाए गए, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी जियाउल हक को काबू किया। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सराफा व्यापारी से लूट हुई है। 4 बदमाश बड़ी लूट के इरादे से शॉप में घुसे। फिर व्यवसायी और उसकी पत्नी को जमीन पर पटका। इसके बाद मुंह दबाते हुए हाथ-मुक्के और लात-घूंसों से उनकी पिटाई की। इस दौरान वहां मौजूद बच्चा बदमाशों के सामने हाथ जोड़कर अपने पापा को छोड़ने की मिन्नतें करता रहा। मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के राहौद का है। पूरी वारदात का CCTV सामने आया है। आरोपियों ने व्यापारी का मुंह दबाकर गला दबाने की भी कोशिश की। पत्नी और बच्चे ने जब ज्यादा शोर किया तो कुछ जेवर और मोबाइल लूटकर भाग निकले। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य 2 की तलाश जारी है। तस्वीरों में देखिए वारदात कैसे हुई… अब जानिए पूरा मामला जांजगीर चांपा शहर के राहौद मेन रोड पर सराफा व्यापारी सुदीप कुमार (35) का घर है। घर पर ही ज्वेलरी शॉप है। 19 मार्च की सुबह 7:58 बजे 4 बदमाशों ने मेन दरवाजे से एंट्री ली। जहां बच्चा स्कूल जाने के लिए तैयार बैठा था। बदमाशों ने उससे पूछा घर वाले कहा है। बच्चे ने जवाब दिया कि सभी अंदर है। फिर बदमाश वहीं किनारे छुप गए थे। सुदीप कुमार घर के अंदर पूजा कर रहे थे, बाहर कौन आया है ये देखने जैसे ही वे बाहर निकले, बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया और शोर मचाने पर मुंह दबा दिया। इस दौरान जल चढ़ाने वाला बर्तन गिर गया। पापा को बचाने बच्चा रोता रहा ये देख घर के अन्य सदस्य पत्नी और बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। पत्नी बचाने आई तो बदमाशों ने उनकी पत्नी को धकेल कर जमीन पर गिरा दिया और पिटाई की। बदमाश सुदीप कुमार का मुंह दबाकर हाथ-मुक्के और लात-घूंसों से पिटाई कर रहे थे। ये देख बच्चा जोर जोर से रोता रहा। हाथ जोड़कर मिन्नतें करता रहा- मेरे पापा को छोड़ दो। ये पूरी वारदात 2 मिनट की है। जब घर वालों ने खूब शोर मचाया तो आरोपी घर में रखा 2 मोबाइल और कुछ जेवर लेकर भाग निकले। पूरी वारदात घर और शॉप में लगे CCTV में कैद हो गई। 2 मिनट बाद ही 8:00 बजे आरोपियों के घर से भागने के फूटेज है। शोर सुनकर राहगीरों ने 1 आरोपी को पकड़ा घर मेन रोड से लगी है। ऐसे में शोर सुनकर देखने के लिए कुछ राहगीर अंदर आए। उन्होंने एक आरोपी, प्रियेश कुमार बर्मन, को पकड़ लिया। बाकी तीन आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने 28 मार्च को 2 और आरोपियों को पकड़ा है। मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। घर में रखा 2 मोबाइल और कुछ जेवर चुराए थे बदमाशों ने घर में रखे दो महंगे एप्पल मोबाइल (करीब 80 हजार रुपए) और एक सैमसंग कीपैड मोबाइल और कुछ जेवर की चोरी की थी। पुलिस ने बाद में जांच-पड़ताल की। और मुखबिर की सूचना पर 9 दिन बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कितनी जेवर चोरी हुई है, ये जानकारी अभी सामने नहीं आई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवि निर्मलकर (22) और श्यामजी सिन्हा (24) के रूप में हुई है। दोनों अकलतरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। 5 आरोपी शामिल, 2 की तलाश जारी पुलिस के मुताबिक, वारदात में 5 आरोपी शामिल है। इस मामले में डकैती की धारा लगाई गई है। एक बदमाश पहले ही गिरफ्तार हो चुका था और न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। बाकी दो आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस अब इस मामले की पूरी गहनता से जांच कर रही है। मास्टरमाइंड जिसने पूरी वारदात की प्लानिंग की और बाकी फरार आरोपियों की भी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… सराफा कारोबारी से 3.35 करोड़ की लूट,VIDEO: बिलासपुर में कार को टक्कर मारी, पिस्टल तानी, हथौड़े से सिर पर मारा, 2KG सोना-कैश लेकर फरार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी पर हमला कर 3 करोड़ 35 लाख की लूट की गई है। कार सवार बदमाशों ने पहले उनकी कार को टक्कर मारी। फिर विवाद करते हुए पिस्टल तान कर हथौड़े से सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
डीग में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू:व्यापारियों ने दुकानें बंद कर किया विरोध, 10 दिन का समय मिला
डीग में नगर परिषद द्वारा प्रमुख मार्ग को चौड़ा करने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार शाम जारी नोटिसों के विरोध में शनिवार सुबह लोहा मंडी क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद व्यापारियों और नगर परिषद आयुक्त के बीच वार्ता हुई, जिसमें व्यापारियों को अपने वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया। व्यापारियों ने लोहा मंडी तिराहे पर धरना देकर नगर परिषद के फैसले पर आपत्ति जताई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और व्यापारियों से बातचीत कर माहौल को शांत कराया। इसके बाद दोपहर में नगर परिषद कार्यालय में व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल और आयुक्त के बीच वार्ता हुई। नगर परिषद शहर के विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत घंटाघर से लोहा मंडी होते हुए इकलहरा रोड तिराहे तक 80 फुट चौड़ी सड़क प्रस्तावित कर रही है। इस मार्ग में आने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए परिषद ने शुक्रवार को 128 लोगों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों में संबंधित लोगों को 7 दिन के भीतर अपने भूखंड से जुड़े वैध दस्तावेज नगर परिषद में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। परिषद का कहना है कि यह कार्रवाई शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। नोटिस मिलने के बाद लोहा मंडी के व्यापारियों में असंतोष फैल गया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त समय दिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना था कि वर्षों से स्थापित दुकानों और व्यवसायों पर अचानक कार्रवाई उचित नहीं है। वार्ता के बाद, नगर परिषद कमिश्नर ने व्यापारियों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया, जिससे गतिरोध समाप्त हुआ। वार्ता के बाद 10 दिन की मोहलतविवाद बढ़ता देख नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने पहल करते हुए व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया। बैठक में व्यापारियों ने 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा, ताकि वे सभी संबंधित लोगों से दस्तावेज एकत्रित कर उनकी जांच कर सकें।नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि व्यापारियों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें 10 दिन का समय दे दिया गया है। इस दौरान व्यापारी स्वयं दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक होने पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाईनगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि 10 दिन की अवधि पूरी होने के बाद सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जिन मामलों में अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का कहना है कि शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम जरूरी है, वहीं व्यापारियों ने भी सहयोग का भरोसा दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तय समय सीमा के भीतर स्थिति किस दिशा में जाती है।फिलहाल प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव टल गया है, लेकिन आने वाले दिनों में दस्तावेजों की जांच और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।
मनोज दुबे का राजस्थान सरकार पर हमला, 1200 करोड़ का निवेश अटकने का लगाया आरोप
बेरोजगार मजदूर किसान संघर्ष समिति ने फ्रांस की कंपनी का निवेश रुकने पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घेरा।
बालोतरा में रसद विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यापारिक उपयोग को लेकर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। विशेष सतर्कता दल ने शहर के तृतीय रेलवे फाटक क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर छह गैस सिलेंडर जब्त किए। यह कार्रवाई जिला रसद अधिकारी हजारीलाल आलोरिया के निर्देशन में की गई। 6 सिलेंडर बरामद किए जांच के दौरान, टीम ने बाबू खां पुत्र हाजी तालब खां की दुकान को चेक किया। यहां घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से एचपी गैस के चार घरेलू सिलेंडर और दो छोटे 5 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर बरामद किए गए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सभी छह सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया। जिला रसद अधिकारी हजारीलाल आलोरिया ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है। इससे न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहद खतरनाक है। टीम ने दी चेतावनी आलोरिया ने आगे बताया-इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेष सतर्कता दल ने आम जनता और व्यापारियों को चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही करें। अधिकारी बोले- नियमों के उल्लघंन पर होगी सख्त कार्रवाई दल ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की जांच लगातार जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुंबई: अंधेरी के नंद भवन इंडस्ट्रियल एस्टेट में लगी भीषण आग, दमकल की 8 गाड़ियां तैनात
महाकाली केव्स रोड पर स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी आग को प्रशासन ने लेवल-2 घोषित किया, राहत कार्य के लिए दमकल के साथ पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद।
भरतपुर के नदबई में ज्वेलर योगेंद्र चौपड़ा की हत्या के 65 घंटे बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद नतीजा शून्य रहने से सर्राफा व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया है। 72 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम खत्म होने से पहले ही व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया है और अब आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक कर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। 65 घंटे बाद भी खाली हाथ पुलिस नदबई कस्बे में ज्वेलर हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। इससे व्यापारियों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। आज बंद रहा सर्राफा बाजार, बढ़ा आक्रोश घटना के विरोध में गुरुवार को सभी सर्राफा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापारियों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 12 बजे होगी अहम मीटिंग, तय होगी आगे की रणनीति व्यापारी आज दोपहर 12 बजे एक अहम बैठक करेंगे। इस मीटिंग में आगे की रणनीति तय की जाएगी। संभावना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं। एसपी के आश्वासन पर खत्म हुआ था धरना सर्राफा व्यापारियों ने बताया कि 25 मार्च की शाम करीब 7 बजे ज्वेलर योगेंद्र चौपड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी गहनों और नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद व्यापारियों ने शव के साथ बाजार में रैली निकालकर थाने के सामने प्रदर्शन किया था। इस दौरान एसपी दिगंत आनंद मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने 72 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर व्यापारियों ने धरना समाप्त किया था। अल्टीमेटम खत्म होने के करीब, बढ़ सकता है आंदोलन आज शाम 7 बजे 72 घंटे का समय पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों का धैर्य जवाब देने लगा है। ऐसे में बैठक के बाद आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
बिलासपुर में शराब के लिए पैसे नहीं देने पर एक व्यापारी पर धारदार ब्लेड से हमला किया गया। यह घटना गुरुवार रात पुरानी बस स्टैंड के पास हुई। तारबाहर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, जैकी छाबड़ा गुरुवार रात करीब 10:30 बजे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा होटल के सामने देवरीखुर्द निवासी भुवनेश्वर पटेल ने उनसे शराब पीने के लिए पैसे मांगे। हमले में कई जगह आई चोटें पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने जैकी छाबड़ा को अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए उन पर हमला कर दिया। भुवनेश्वर पटेल ने अपने पास रखी नुकीली वस्तु से जैकी छाबड़ा के गले, पेट और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे वह लहूलुहान हो गए। आरोपी गिरफ्तार, हथियार जब्त तारबाहर पुलिस ने जैकी छाबड़ा की रिपोर्ट पर तत्काल केस दर्ज किया। थाना प्रभारी रविंद्र अनंत के नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपी की तलाश में दबिश दी गई। पुलिस ने भुवनेश्वर पटेल को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से हमले में इस्तेमाल की गई नुकीली वस्तु (थर्मोकोल काटने का प्लास्टिक कवर लगा ब्लेड) भी बरामद की।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू फैलने के बाद अब चिकन-अंडा कारोबारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर चिकन-अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे रोजाना एक करोड़ से अधिक की बिक्री प्रभावित हो रही है। प्रशासन के सख्त रूख अपनाने से नाराज कारोबारियों ने शुक्रवार को विधायक अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव कर दिया। उन्होंने जरूरी गाइडलाइन के साथ दुकानें खोलने की छूट देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, 200 दुकानें प्रभावित हो रही हैं। रोजगार बंद होने से भूखमरी के हालात हैं। दरअसल, शहर से लगे कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू फैलने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के साथ ही 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी चिकन और अंडा दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए प्रशासन ने अलग-अलग टीम गठित की है, जो चिकन-अंडा सेंटर के साथ ही होटलों में भी निगरानी कर रही है। इसके चलते व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। क्योंकि, रोज करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों में भड़का आक्रोश, घेरा विधायक बंगला प्रशासन की लगातार सख्ती के बाद शहर के चिकन और अंडा कारोबारियों में आक्रोश भड़क रहा है। नाराज व्यापारियों ने शुक्रवार को विधायक अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव कर दिया। इस दौरान उन्होंने विधायक अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्याएं बताई। व्यापारियों ने कहा कि, दुकानें बंद होने से उनके सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारियों ने गाइडलाइन के तहत दुकानें खोलने की छूट देने की मांग की है। विधायक अग्रवाल ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि वो कलेक्टर से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालेंगे। व्यापारी बोले- सरकारी हेचरी में है संक्रमण व्यापारियों ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि, कोनी स्थित सरकारी हेचरी में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है। जबकि, प्राइवेट हेचरी और दुकानों में यह समस्या नहीं है। ज्यादातर प्राइवेट दुकान संचालक बॉयलर मुर्गों का कारोबार करते हैं। जिसमें संक्रमण नहीं है। लेकिन, प्रशासन बेवजह डर दिखाकर उनकी दुकानों को बंद करा रहा है। नवरात्रि के बाद अब प्रशासन की सख्ती का असर व्यापारियों का कहना है कि नवरात्रि के चलते पहले ही करीब 10 दिनों तक दुकानें बंद रहीं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हुआ है। नवरात्रि के बाद बिक्री की उम्मीद से उन्होंने चूजों और अंडे मंगाए थे, जिसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह स्थिति आने वाले 11 दिन तक रहने वाली है। ऐसे में व्यापारियों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है। बल्कि, उनका रोजगार पर भी खासा असर हो रहा है। शहर के रेस्टोरेंट में चिकन-अंडों पर बैन जिला प्रशासन ने शहर और आसपास के चिकन-अंडा सेंटर के साथ ही होटल-रेस्टोरेंट में भी चिकन-अंडों को प्रतिबंधित कर दिया है। नगर निगम का अमला लगातार उनकी दुकानों की निगरानी कर रहा है। इसके चलते सत्यम चौक स्थित 786 और अग्रसेन चौक का मद्रासी समेत नॉनवेज के लिए चर्चित रेस्टोरेंट बंद कर दिए गए हैं। अन्य रेस्टोरेंट और कॉफी हाउस में पोस्टर लगाए गए, जिसमें लिखा है कि चिकन और अंडे के आइटम उपलब्ध नहीं होंगे।
राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संसद में देश के लाखों निवेशकों से जुड़े एक अहम मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सहारा इंडिया परिवार में फंसी जमा पूंजी को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सांसद मेवाड़ ने कहा कि सहारा समूह की विभिन्न निवेश योजनाओं में देशभर के करोड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि राजसमंद सहित कई राज्यों के मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा- परिवार आज भी अपनी ही जमा पूंजी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ विषय है। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई करते हुए सभी पात्र निवेशकों को शीघ्र धन वापसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने निवेशकों की पहचान, दावों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने का भी आग्रह किया।
सीटी यूनिवर्सिटी में बिग फिश पूल सीजन-4 की शुरुआत, स्टार्टअप्स को मिलेगा मंच
लुधियाना| सीटी यूनिवर्सिटी में बिग फिश पूल सीजन-4 का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप्स को हैंड-होल्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपने बिजनेस आइडियाज को विकसित करने और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। आयोजकों के अनुसार बिग फिश पूल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने इनोवेटिव आइडियाज पेश करने, मेंटरशिप प्राप्त करने और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से जुड़ने का मौका मिलेगा। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
इंडिया बिल्ड एक्सपो शुरू, व्यापार और इनोवेशन को नई दिशा देने जुटीं देश की दिग्गज कंपनियां
सिटी रिपोर्टर | उदयपुर शहर के फील्ड क्लब में शुक्रवार से तीन दिवसीय ‘इंडिया बिल्ड एक्सपो 2026’ का आगाज हुआ। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) और एमएसएमई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस इंडस्ट्रियल एक्सपो में देश की नामी कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन कर रही हैं। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए फोर्टी के मुख्य संरक्षक सुरजाराम मील ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल जैसे हालातों के बीच ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बावजूद यह आयोजन देश की औद्योगिक क्षमता का मजबूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी इस तरह के आयोजन उद्योग जगत में विश्वास पैदा करते हैं और सकारात्मक संदेश देते हैं। साथ ही उन्होंने उदयपुर को बड़े आयोजनों के लिए रोल मॉडल बताया। फोर्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पीडी गोयल ने संगठन को एक परिवार बताते हुए कहा कि इसकी शाखाएं देश-विदेश तक फैली हुई हैं। उन्होंने एक्सपो में भाग ले रहे एग्जीबिटर्स से संवाद कर भरोसा जताया कि यह आयोजन बी-टू-बी और बी-टू-सी कारोबार को नई गति देगा। ब्रांच चेयरमैन प्रवीण सुथार ने पहले दिन उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही और भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकेत दिया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश खंडेलवाल और प्रशांत शर्मा ने किया। एक्सपो में विजिटर्स के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को नेहरू गार्डन बोटिंग और फिश एक्वेरियम के डिस्काउंट कूपन दिए जा रहे हैं, जिससे वे शहर के प्रमुख आकर्षणों का भी आनंद ले सकें। इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन इस बार एक्सपो का प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। आहुजा ग्रुप ने आधुनिक मटेरियल हैंडलिंग उपकरणों और विभिन्न वर्क प्लेटफॉर्म का लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में विजिटर्स जुटे। वहीं ‘अपनी सब्सिडी’ की फाउंडर सोनल खंडेलवाल ने बताया कि जानकारी के अभाव में कई उद्यमी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। उनकी टीम राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी और विश्वकर्मा युवा उद्यमी योजना सहित 30 से अधिक योजनाओं में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रही है। नोखा की दुर्गा सिल्वर वर्क्स के स्टॉल पर चांदी के सोफे, डाइनिंग टेबल और नक्काशीदार मूर्तियां खास आकर्षण बनी हुई हैं। डिजाइनर रवि प्रकाश सोनी ने बताया कि उनकी फर्म 1987 से संचालित है और उनके उत्पादों की मांग देश-विदेश के बड़े ग्राहकों व फिल्मी हस्तियों में है। फोर्टी एक्सीलेंस अवार्ड आज : शनिवार को प्रताप गौरव केंद्र में फोर्टी एक्सीलेंस अवार्ड 2026 समारोह होगा। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार कार्यक्रम में पूर्व राज परिवार सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इस अवसर पर उद्योग, व्यापार और स्टार्टअप क्षेत्र की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
फर्रुखाबाद के लिंजीगंज बाजार में व्यापारियों ने देर शाम बैठक की। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और दिन के समय बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की। लिंजीगंज-मन्नीगंज-गिराटगंज उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि मंडी में माल लोड करने आने वाले छोटे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों ने मौके पर यातायात प्रभारी को बुलाकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। यातायात निरीक्षक ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नो-एंट्री के दौरान छोटे वाहनों को नहीं रोका जाएगा। व्यापारी नेता श्याम सुंदर गुप्ता ने जानकारी दी कि बैठक में संगठन के आगामी चुनावों पर भी चर्चा हुई, लेकिन मुख्य मुद्दा ट्रांसपोर्ट से जुड़ी समस्याएं ही रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर की मंडियों से माल लेकर आने वाले खाली वाहनों का चालान काटकर वसूली की जाती है। गुप्ता ने यह भी कहा कि यह एक थोक मंडी है, जहां हल्का जाम सामान्य बात है और इससे कोई विशेष समस्या उत्पन्न नहीं होती है। बैठक में वरिष्ठ अध्यक्ष आर. भूषण गुप्ता, अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, रचित अग्रवाल, कन्नी गुप्ता, अनुज गुप्ता, राज गुप्ता, विक्की गुप्ता, सोनी सिंधी, प्रभात अग्रवाल, नितिन गुप्ता, जीतू अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, दिनेश भारद्वाज, रामतीरथ गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, अंकुर दालवाले, कल्लू गुप्ता सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
भागलपुर शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। सिल्क नगरी में आने वाले 24 अप्रैल से ‘सिल्क ग्लोबल एक्सपो एंड स्टार्टअप बिजनेस मेला’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह मेला लगातार 18 दिनों तक चलेगा। आयोजन समिति के अनुसार, मेले को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को बड़े स्तर के अंतरराष्ट्रीय मेले जैसा अनुभव मिल सके। आयोजकों ने बताया कि इस मेले में देश-विदेश से सिल्क उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प, रेडीमेड गारमेंट्स, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, आधुनिक तकनीक और विभिन्न स्टार्टअप कंपनियों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यह मेला न केवल खरीदारी के लिए आकर्षण का केंद्र होगा, बल्कि उद्यमिता और व्यवसायिक संभावनाओं को समझने का भी बड़ा मंच बनेगा। भागलपुर, जो अपनी उत्कृष्ट रेशम उद्योग के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, वहां इस तरह का आयोजन स्थानीय बुनकरों, व्यापारियों और युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा। मेले में भाग लेने वाले उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और नए बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। वहीं, युवाओं को स्टार्टअप और रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी हासिल होगी। मेले में आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। फूड जोन, बच्चों के लिए झूले और आकर्षक गतिविधियां, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा परिवार इस मेले का आनंद उठा सकेगा। भागलपुर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन शहर की आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और भागलपुर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। आयोजन से जुड़े मोहम्मद सद्दाम ने बताया कि मेले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और इसे सफल बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वहीं, मेले के डायरेक्टर मोहम्मद इश्तियाक राजा ने कहा कि यह आयोजन व्यापार, रोजगार और मनोरंजन का अनूठा संगम होगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
अमेठी में रामनवमी के अवसर पर एक शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा हनुमानगढ़ी मंदिर से शुरू होकर पूरे कस्बे का भ्रमण करने के बाद देवीपाटन मंदिर पर समाप्त होगी। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। शोभायात्रा में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी, पूर्व विधायक गरिमा सिंह के पुत्र अनंत विक्रम सिंह और उनकी पत्नी शाम्भवी सिंह, आरएसएस के जिला प्रचारक तथा सपा की महिला जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। डीजे और बैंड बाजों के साथ निकली इस शोभायात्रा में कस्बे के सैकड़ों लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और बजरंगबली रथ पर सवार थीं, जिनकी यात्रा शुरू होने से पहले आरती की गई। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।वही बड़ी संख्या में युवा भक्ति गानों पर झूमते नाचते नजर आए। देखें दो फोटो…
फ्रांस की कंपनी को राजस्थान में इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन देने में देरी और कंपनी को होने वाली परेशानियों को लेकर राजदूत की चिट्ठी सामने आने के बाद सियासी विवाद हो गया है। इस चिट्ठी को सोशल मीडिया पर शेयर कर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा है। फ्रांस के राजदूत ने राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर फ्रेंच कंपनी सॉफ्लेट माल्ट इंडिया को हो रही दिक्कतों को दूर करने और कंपनी को बैठक के लिए समय देने का आग्रह किया है। राजदूत ने कंपनी को रीको की तरफ से जमीन देने में देरी करने और सीएम से वार्ता होने के बावजूद महंगी दरों पर जमीन की दरें तय करने पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने सरकार पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे पर अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस चिट्ठी के सामने आने के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर लिखा- फ्रांस की कंपनी सॉफ्लेट माल्ट इंडिया ने राजस्थान की निवेश नीति की असल तस्वीर सामने लाकर रख दी है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत के बाद भी निवेश धरातल पर नहीं उतर रहा तो ये सीधे-सीधे सिस्टम की मंशा पर बड़ा सवाल है। क्या निवेशकों को सेटिंग के लिए मजबूर किया जा रहाडोटासरा ने लिखा- समिट में समझौता होने और सकारात्मक चर्चा के बाद भी अगर विदेशी कंपनी जमीन के लिए भटक रही है, तो इसके क्या मायने हैं? आखिर कौन हैं जो फाइल रोककर बैठा है? किसके इशारे पर निवेश अटकाया जा रहा है? 'राइजिंग राजस्थान' या राइजिंग 'कमीशन' अभियान?फ्रांस की कंपनी Soufflet Malt India ने राजस्थान की निवेश नीति की असल तस्वीर सामने लाकर रख दी है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत के बाद भी निवेश धरातल पर नहीं उतर रहा तो ये सीधे-सीधे सिस्टम की मंशा पर बड़ा सवाल है।समिट में समझौता… pic.twitter.com/8GwaUoG1xL— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) March 27, 2026 डोटासरा ने कहा कि क्या निवेशकों को जानबूझकर उलझाकर सेटिंग के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि सौदेबाजी हो सके? ऐसे दर्जनों उद्यमी हैं जो समिट में एग्रीमेंट के बाद धरातल पर उद्योग लगाना चाहते हैं, रोजगार देना चाहते हैं, लेकिन जमीन के लिए भटक रहे हैं। सरकार में बैठे लोगों तक उनकी सीधी बात नहीं, बल्कि कमीशनखोरों के रास्ते बढ़ रही है। ये प्रकरण साफ बता रहा है कि भाजपा की पर्ची सरकार की प्राथमिकता निवेश और रोजगार सृजन नहीं, बल्कि कलेक्शन बन चुकी है। जूली बोले- निवेशकों को दूर करने के हालात पैदा कर रही सरकारनेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने फ्रांस के राजूदत की चिट्ठी को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए है। जूली ने एक्स पर लिखा- जो बात मैं विधानसभा के अंदर और बाहर कहता आ रहा हूं, उसी विषय पर अब फ्रांस के राजदूत ने मुहर लगा दी है। राज्य सरकार सिर्फ और सिर्फ राइजिंग राजस्थान के नाम पर वाहवाही लूटने का काम कर रही है और निवेशकों को मदद करने की इनकी सोच ही नहीं है। जूली ने लिखा- फ्रांस के राजदूत का पत्र बेहद गंभीर तथ्य की ओर इशारा कर रहा है कि जिन बातों पर सहमति हुई, उसके बावजूद निवेशक को जमीन के लिए तरसाया जा रहा है, ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं कि निवेशक दूर हो जाएं। कभी मुख्यमंत्री कहते हैं कि निवेशक फोन नहीं उठाते, कभी निवेशक शिकायत कर रहे हैं कि सरकार जमीन नहीं दे रही। यह पूरा प्रकरण राजस्थान की छवि पर बट्टा लगाता है। ये राइजिंग राजस्थान असल में जोक ऑफ राजस्थान बन गया है।
अर्लिंग हालेंड (फुटबॉल), विक्टर वेम्बान्यामा (बास्केटबॉल) और कार्लोस अल्कारेज (टेनिस) जैसे दुनिया के शीर्ष एथलीट्स में एक बात समान है- शतरंज के प्रति उनका गहरा जुनून। शतरंज का खेल भले ही फुटबॉल के आक्रामक खेल से बिल्कुल अलग हो, लेकिन रणनीति, योजना और समस्या-समाधान जैसे इसके गुण खिलाड़ियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। हाल ही में मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर हालेंड ने एक ग्लोबल चेस टूर में निवेश किया है। उनका मानना है कि यह बोर्ड गेम फुटबॉल की तरह ही है, जो दिमाग को तेज करता है और भविष्य की रणनीति बनाने में मदद करता है। शतरंज का क्रेज कई खेलों के दिग्गजों में देखा जा रहा है। इंग्लैंड के डिफेंडर ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने पांच बार के वर्ल्ड चैम्पियन मैग्नस कार्लसन के खिलाफ मैच खेला था। वहीं, एबेरेची एजे ने चेस.कॉम का चार दिवसीय एमेच्योर टूर्नामेंट अपने नाम किया और करीब 18 लाख रुपए जीते। लिवरपूल के स्टार मोहम्मद सालाह तो ऑनलाइन ‘ब्लिट्ज चेस’ (तेज गति वाला शतरंज) के इतने आदी हैं कि वे रोज गुमनाम प्रोफाइल से खेलते हैं। वेम्बान्यामा ने न्यूयॉर्क के एक पार्क में फैंस को शतरंज खेलने की चुनौती देकर सुर्खियां बटोरी थीं। इंग्लैंड की रग्बी टीम बाकायदा शतरंज की प्रतियोगिताएं आयोजित करती थी। शीर्ष स्तर के खेलों में शारीरिक क्षमता के अलावा मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। इसमें शतरंज बहुत मददगार साबित होता है। वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्कारेज कहते हैं, ‘आपको यह अनुमान लगाना होता है कि विरोधी खिलाड़ी गेंद को कहां भेजेगा। आपको समय से पहले आगे बढ़ना होता है। शतरंज इसमें बहुत मदद करता है।’ शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं फुटबॉल मैनेजर क्विके सेटिन के अनुसार, शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं। दोनों में मोहरे (या खिलाड़ी) आक्रमण और बचाव के लिए जुड़े होते हैं और बीच के हिस्से (सेंटर) पर दबदबा बनाना सबसे अहम होता है। ब्रिटिश चेस प्लेयर मैल्कम पेन का मानना है कि शतरंज खिलाड़ियों को खेल के तनाव से ‘स्विच ऑफ’ करने का मौका देता है। इसमें शांत रहना होता है; अगर भावनाएं हावी हुईं, तो हार तय है। बोरिस बेकर जब नोवाक जोकोविच के कोच थे, तो रणनीति सुधारने के लिए साथ में शतरंज खेला करते थे।
जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के समय नरेंद्र मोदी ने महंगाई कम करने, बेरोजगारी खत्म करने, भ्रष्टाचार रोकने और आर्थिक और विदेश नीति को मजबूत करने जैसे कई वादे किए थे, लेकिन इतने सालों बाद भी इन वादों पर ठोस नतीजे नजर नहीं आ रहे हैं। उज्ज्वला योजना के जरिए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन देने की बात की गई थी, ताकि महिलाओं को धुएं से राहत मिले, लेकिन आज वही परिवार गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत से परेशान हैं। आम लोगों से लेकर उद्योग तक सभी प्रभावित हैं, लेकिन सरकार इस स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने शहीद स्मारक (जयपुर) पर प्रदर्शन किया। डोटासरा ने ये 3 मुख्य बातें कहीं… 1. नोटबंदी, कोरोना और आर्थिक फैसलों पर सवाल डोटासरा ने नोटबंदी का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय लोगों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी और कई दावे किए गए थे, लेकिन उनके अपेक्षित नतीजे सामने नहीं आए। कोरोना काल का जिक्र करते हुए बताया कि शुरुआती समय में स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और बाद में जब संकट बढ़ा तो लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उस दौर में अस्पतालों और श्मशानों पर भारी दबाव देखा गया, जिसे आम लोगों ने महसूस किया। 2. सरकार ने समय रहते तैयारी नहीं की डोटासरा ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था नहीं की गई। पहले जहां करीब 72 दिन का स्टोरेज माना जाता था, वहीं हालात ऐसे बने कि यह घटकर काफी कम रह गया। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के संकेत पहले से थे, लेकिन सरकार ने समय रहते तैयारी नहीं की, जिसका असर अब गैस और ईंधन संकट के रूप में सामने आ रहा है। डोटासरा ने बताया- ईरान से गैस आयात को पहले बंद किया गया और बाद में फिर शुरू करना पड़ा, जिससे नीतिगत अस्थिरता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों का असर सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है और महंगे ईंधन का बोझ जनता उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों में पारदर्शिता की कमी रही है। 3. सही स्थिति क्या है, सरकार नहीं कर रही साफ डोटासरा ने बताया कि जब संकट की बात सामने आई तो पहले सरकार ने इसे नकारा, लेकिन बाद में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि कोई दिक्कत नहीं है, वहीं दूसरी ओर संसद में एक संभावित बड़े संकट की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सही स्थिति क्या है, यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा। डोटासरा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर होने वाले धरना-प्रदर्शन प्रभावी और मजबूत होने चाहिए। उन्होंने बताया कि केवल औपचारिकता निभाने के बजाय ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए, जिनसे जनता जुड़ सके और अपनी बात रख सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है और उसी दिशा में काम करना जरूरी है। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष क्या कहा? बड़ी संख्या में लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- भाजपा चुनाव के समय धार्मिक मुद्दों को उठाती है, लेकिन आम जनता से जुड़े मुद्दों पर काम नहीं किया जा रहा। खाद्य सुरक्षा योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे गरीब परिवार प्रभावित हुए हैं। वहीं उन्होंने झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार जमीनी मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है।
पानीपत शहर के सुभाष बाजार इलाके में एक कारीगर द्वारा लाखों रुपए के सोने के जेवरात और नकदी लेकर रफूचक्कर होने का मामला सामने आया है। आरोपी कारीगर ने न केवल अपने मालिक को चपत लगाई, बल्कि अन्य व्यापारियों से भी गहने ऐंठ लिए। थाना सिटी पुलिस ने मुख्य शिकायतकर्ता की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उज्जैन की यात्रा से लौटने पर उड़े होश न्यू जगन्नाथ विहार के सचिन वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी सुभाष बाजार में श्यामा ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उन्होंने दुकान के ऊपर स्थित कमरे में पश्चिम बंगाल के मोईदुल मोलिक को रिपेयरिंग के काम के लिए रखा था। सचिन के अनुसार, उन्होंने मोईदुल को करीब 4.85 लाख रुपए के जेवरात मरम्मत के लिए दिए थे। जब सचिन 24 मार्च को उज्जैन की यात्रा से वापस लौटे, तो आरोपी कमरे का ताला लगाकर फरार मिला। कई अन्य लोग भी ठगी का शिकार जांच में पता चला कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया है।
जोधपुर में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी एप और नकली कंपनी के झांसे में फंसाकर एक युवक से 68 लाख 71 हजार रुपए हड़प लिए। पीड़ित को एप में करीब 6 करोड़ रुपए का फर्जी मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन वह रकम निकाल नहीं पाया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में उद्या अपार्टमेंट, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी सैयद हमीदुदीन पुत्र फसीउदीन ने बताया कि वह लंबे समय से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रहा था। 9 फरवरी 2026 को उनके मोबाइल नंबर को “Victory Vanguards 1 Team” और “Victory Vanguards 2 Team” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। खुद को सेबी रजिस्टर्ड कंपनी का बताया इन ग्रुपों में शेयर मार्केट से जुड़ी टिप्स दी जाती थीं, जो शुरुआती समय में सही साबित हुईं। इससे उसका ग्रुप की जानकारी पर भरोसा हो गया। इसके बाद ग्रुप एडमिन ने विदेशी नंबरों से संपर्क किया और अपने नाम राहुल वर्मा व प्रणय अधवर्यु बताए। आरोपियों ने खुद को “Gray Matters Capital” नामक कंपनी से जुड़ा बताया और कंपनी के सर्टिफिकेट भी भेजे। कंपनी को सेबी रजिस्टर्ड बताया। गूगल पर जांच करने पर कंपनी का नाम सही दिखने से उसे और भरोसा हो गया। फर्जी ऐप ‘Gray In’ से कराया निवेश आरोपियों ने पीड़ित का “Gray In” नाम की एप्लीकेशन में अकाउंट खुलवाया और बताया कि वे NASDAQ एक्सचेंज के जरिए आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग कराते हैं। 26 फरवरी 2026 को आरोपियों ने पहली बार 1 लाख रुपए जमा करवाए। इसके बाद एप में ट्रेडिंग दिखाकर 1–2 करोड़ रुपए तक का मुनाफा दिखाया गया। शुरुआत में छोटे विड्रॉल से बनाया भरोसा विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को कुछ रकम निकालने दी गई। इसमें 27 फरवरी को 18,000 , मार्च को 50,000, 4 मार्च को 50,000 और 20,000 रुपए निकाले । ये रकम तुरंत बैंक खाते में आने से पीड़ित को पूरी तरह विश्वास हो गया। परिवार के नाम से भी खुलवाया अकाउंट इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को और निवेश के लिए प्रेरित किया और उनकी बहन सैय्यद आईशा के नाम से भी अकाउंट खुलवा दिया। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में बड़ी रकम जमा करवाई। इस प्रकार कुल मिलाकर 68,71,000 रुपए अलग-अलग खातों में जमा करवाए गए। एप में दिखाया 6 करोड़ का फर्जी मुनाफा इतनी बड़ी राशि जमा कराने के बाद एप में पीड़ित को करीब 6 करोड़ का मुनाफा दिखाया जाने लगा, लेकिन जब उसने राशि निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल नहीं हो पाया। आरोपियों ने एप अपडेट और IPO में पैसा फंसा होने का बहाना बनाया गया। पीड़ित को कहा कि कुछ दिन बाद सब क्लियर हो जाएगा इस तरह लगातार झांसा दिया जाता रहा। आखिर में सामने आई ठगी पीड़ित ने बार-बार संपर्क कर अपनी पूरी राशि निकालने की मांग की, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल करते हुए रकम नहीं लौटाई। तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी और अमानत में खयानत कर उसकी पूरी राशि हड़प ली। उसने पुलिस से मांग की है कि है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और 68,71,000 की ठगी गई राशि बरामद कर वापस दिलाई जाए।
व्यापारियों ने कराया लाइसेंस का नवीनीकरण
जालंधर | खेल उद्योग संघ रजिस्टर्ड के सहयोग से नगर निगम ने बस्ती नौ में लाइसेंस कैंप आयोजित किया, जहां बड़ी संख्या में कारोबारी और व्यापारी वर्ग ने अपने वार्षिक लाइसेंस का नवीनीकरण कराया। आयोजकों के अनुसार यह कैंप पिछले 35 वर्षों से हर वर्ष लगाया जा रहा है, जिससे व्यापारियों को एक ही स्थान पर प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलती है। नगर निगम की ओर से करण मट्टू और दीपक कुमार मौके पर मौजूद रहे। खेल उद्योग संघ के कनवीनर विजय धीर, सह कनवीनर प्रवीण आनंद एवं सह कन्वीनर रमेश नंद के नेतृत्व में इस कैंप का आयोजन किया गया। यहां प्रेम उप्पल, संजय मेहंदीरत्ता, संदीप गांधी, साहिल बेदी, सागर बेदी, वीर करण कुंद्रा, नंदकिशोर, जगजीत सिंह बुद्धिराजा, अशोक कत्याल, अरविंद खन्ना, बलराज गुप्ता मौजूद थे।
बन रहे डिवाइडर से डबरीपारा रास्ता बंद, इसे खोलने व्यापारी संघ ने सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर| पंडित देवकी नंदन चौक से संतोष भुवन तक बनाए जा रहे 6 फीट ऊंचे डिवाइडर के कारण कंपनी गार्डन गेट के सामने डबरी पारा मस्जिद गली का मार्ग बंद हो गया है। यह शहर का पुराना और व्यस्त मार्ग है, जहां से सरकंडा की ओर दोपहिया-चारपहिया वाहनों का आवागमन सुगम रहता था। मार्ग बंद होने से देवकी नंदन चौक पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने और भीड़ के समय दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। इसी मांग को लेकर बिलासपुर व्यापारी संघ के महामंत्री अनिल तिवारी और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव शिवा मिश्रा ने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डबरी पारा मार्ग को पुनः खोलने और गर्मी को देखते हुए दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद करने की मांग की गई है।
नवरात्रि के अवसर पर इंदिरा नगर में 'शक्ति स्वरूपा' कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की महिला इकाई शाखा ने समाजसेवी ममता जिंदल और मीना भारती के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें कन्या पूजन और महिला सम्मान समारोह शामिल था। कार्यक्रम का आरंभ 51 कन्याओं के पूजन और भोजन के साथ हुआ। इसके उपरांत, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 101 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में उनके योगदान की सराहना की गई। नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक आयोजक ममता जिंदल और मीना भारती ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति के सम्मान और जागरूकता का प्रतीक है, और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।इस अवसर पर रामगोपाल काका (अध्यक्ष, मिशन मोदी अगेन पीएम), धीरज गिहार (अध्यक्ष, सहयोग विकास समिति), मीना सिंह, शिखा सिंह पटेल, नसरीन खान, मयंक दिवाकर, रश्मि गुप्ता, स्मिता मिश्रा, रेखा वाधवा, वर्षा जिंदल, नेहा जिंदल, शैल सिंह, गुलशन खान, मिथलेश सिंह और मीनाक्षी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोनीपत शहर की जटवाड़ा स्थित पुरानी सब्जी मंडी को नई अनाज मंडी में शिफ्ट करने की योजना फिलहाल टल गई है। जर्जर हो चुके शेड और बढ़ती भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन आढ़तियों के कड़े विरोध ने इस फैसले पर ब्रेक लगा दिया। सब्जी मंडी एसोसिएशन की बैठक में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और विधायक निखिल मदान को मांग पत्र सौंपा। इसके बाद विधायक के हस्तक्षेप से किसान शेड हटाने की प्रस्तावित बोली भी रद्द कर दी गई और साफ कर दिया गया कि जब तक नई अनाज मंडी में सभी सुविधाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक शिफ्टिंग नहीं की जाएगी। जर्जर हो चुका था शेड पुरानी सब्जी मंडी में बने शेड की हालत काफी जर्जर हो चुकी है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से प्रशासन ने मंडी को नई अनाज मंडी में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। सब्जी मंडी एसोसिएशन द्वारा आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में आढ़ती और दुकानदार शामिल हुए। बैठक में विधायक को भी आमंत्रित किया गया, जहां व्यापारियों ने उन्हें लिखित मांग पत्र सौंपा। विरोध के बाद रुकी शिफ्टिंग प्रक्रिया जब, सोनीपत की सब्जी मंडी में किसान शेड हटाने के लिए बोली की सूचना आढ़तियों तक पहुंची, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े और फिलहाल शिफ्टिंग प्रक्रिया रोक दी गई। विरोध की सूचना मिलते ही विधायक निखिल मदान मौके पर पहुंचे और आढ़तियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर शेड हटाने की बोली तुरंत प्रभाव से रद्द करवा दी। नई मंडी में सुविधाओं की कमी बनी बड़ी बाधा आढ़तियों ने बताया कि नई अनाज मंडी में अभी पानी, बिजली, पार्किंग और पर्याप्त शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हैं। ऐसे में वहां कारोबार करना मुश्किल होगा।व्यापारियों ने यह भी कहा कि नई मंडी का मुख्य मार्ग गांव बैंयापुर के बीच से होकर गुजरता है, जो काफी संकरा है। इस रास्ते से बड़ी गाड़ियों का आना-जाना संभव नहीं है। किसान बोले- पहले जरूरी सुविधाएं मिलें आढ़तियों का कहना है कि बिना पूरी तैयारी के शिफ्टिंग करने से व्यापारियों और किसानों दोनों को नुकसान होगा। उन्होंने मांग रखी कि पहले सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं, उसके बाद ही मंडी शिफ्ट की जाए। विधायक का आश्वासन, अड़चनें दूर होने तक रोक विधायक निखिल मदान ने आढ़तियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी अड़चनें दूर नहीं होतीं, तब तक मंडी शिफ्ट नहीं की जाएगी। विधायक के आश्वासन के बाद आढ़तियों ने अपना विरोध फिलहाल समाप्त कर दिया और प्रशासन के साथ सहयोग का भरोसा जताया। प्रधान बोले- नियादी सुविधाएं अधूरी हैं आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप सहरावत ने कहा कि नई मंडी में बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं और बिना तैयारी के शिफ्टिंग से व्यापार चौपट हो सकता है। उपप्रधान मयंक चौधरी उर्फ मोनू ने कहा कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला सही नहीं था और विधायक के हस्तक्षेप से राहत मिली है। पदाधिकारी इंद्र गुप्ता ने मुख्य मार्ग को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि सड़क चौड़ी होने के बाद ही शिफ्टिंग संभव है। आगे की रणनीति पर नजर विधायक ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक और भीड़भाड़ को देखते हुए मंडी शिफ्ट करना जरूरी है, लेकिन यह काम आढ़तियों की सहमति और सभी सुविधाएं पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। प्रशासन जल्द ही कमियों को दूर करने की दिशा में काम करेगा।
बरेली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत में एक व्यवसायी ने शहर के कुछ रसूखदार लोगों के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ न्याय की गुहार लगाई है। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बुझिया शुमाली निवासी जय कुमार गंगवार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके विरोधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया और उनके जरूरी दस्तावेज व चेक हड़प लिए। रंगदारी और गोदाम का ताला तोड़ने से शुरू हुआ विवादपीड़ित जय कुमार गंगवार के मुताबिक, पूरा मामला व्यापारिक रंजिश और पुरानी शिकायतों से जुड़ा है। उन्होंने सिद्धार्थकुंज निवासी आदर्श कुमार अग्रवाल और उर्मिला काटेज कालोनी निवासी शिव कुमार अग्रवाल के खिलाफ 11 नवंबर 2025 को एसएसपी बरेली के समक्ष रंगदारी मांगने और गोदाम का ताला तोड़कर माल निकालने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि इसी शिकायत का बदला लेने के लिए इन लोगों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा और 15 नवंबर को एक फर्जी घटना दिखाकर जय कुमार के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया। फर्जी मेडिकल और कूट रचित दस्तावेजों का खेलकोर्ट में दी गई अर्जी के अनुसार, आदर्श कुमार अग्रवाल, शिव कुमार अग्रवाल, मोहित अग्रवाल और अंकित अग्रवाल ने जिला अस्पताल से फर्जी और कूटरचित मेडिकल रिपोर्ट तैयार करवाई ताकि जय कुमार को फंसाया जा सके। पीड़ित का दावा है कि जब वह 19 नवंबर को कचहरी में कानूनी राय लेने आए थे, तभी उन्हें रोक लिया गया। आरोप है कि इस दौरान उनकी जेब से तीन हस्ताक्षर युक्त बैंक चेक निकाल लिए गए और उन्हें अपने पास रख लिया गया। बेटे के फर्जी हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर का इस्तेमालउन्होंने यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरफ्तारी की कागजी कार्रवाई के दौरान जय कुमार के पुत्र दीपांशु के फर्जी और कूटरचित हस्ताक्षर बनाए गए। रिकॉर्ड में जिस मोबाइल नंबर पर सूचना देना दर्ज है, वह असल में जय कुमार का ही नंबर था। पीड़ित का कहना है कि उनके स्वयं के मोबाइल नंबर को ही पुत्र का नंबर बताकर कागजों में हेराफेरी की गई। इस पूरे मामले में आदर्श कुमार अग्रवाल, शिव कुमार अग्रवाल, मोहित अग्रवाल और अंकित अग्रवाल की मुख्य भूमिका बताई गई है। रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश की अपीलजय कुमार के वकील लवलेश पाठक ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद जय कुमार ने सभी उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर अब उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना के आदेश दिए जाएं।
बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के विरोध में गल्ला मंडी के व्यापारियों ने बुधवार को अपनी दुकानें बंद कर दीं। व्यापारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया और खाद्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों का आरोप है कि त्योहारों के समय इस तरह की कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव गुप्ता उर्फ बब्बी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान जब व्यापारी पूजा या फलाहार के लिए घर जाता है, उसी दौरान उसकी बंद दुकान पर नोटिस चस्पा कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है, जो अनुचित है। जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने छापेमारी की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले समय में 8-10 अधिकारियों का एक साथ दुकान में पहुंचना और हर जगह से सैंपल लेना व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ी करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सैंपल लेने के बाद नियम के मुताबिक दुकानदार को 'काउंटर सैंपल' (जांच के लिए दूसरा नमूना) नहीं दिया जा रहा है। जैन ने सवाल उठाया कि यदि सैंपल फेल हो जाए तो व्यापारी अपना पक्ष कैसे रखेंगे, जबकि सारा माल पैक आता है। उन्होंने विभाग से बड़ी मंडियों में जाकर जांच करने की मांग की। गल्ला मंडी में व्यापारियों की एकजुटता के कारण दोपहर तक कारोबार पूरी तरह ठप रहा, जिससे लाखों रुपये के व्यापार पर असर पड़ा। प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की। व्यापारी जांच के विरोध में नहीं, बल्कि उसके तरीके को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब इस मामले में प्रशासन और खाद्य विभाग के अगले कदम का इंतजार है।
जिले के सीमलवाड़ा कस्बे में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान मुख्य बाजार और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया। अभियान का विरोध करने पर एक व्यापारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गुरुवार को चले इस अभियान में उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल और चौकी प्रभारी सकाराम परमार सहित प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद रही। टीम ने कस्बे के मुख्य बाजार, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण पर कार्रवाई की। कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपना सामान हटाया, जबकि कुछ स्थानों पर प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ी। अभियान के दौरान एक व्यापारी टीम के साथ उलझ गया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उस व्यापारी को हिरासत में ले लिया, जिससे स्थिति नियंत्रण में आ गई। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने मौके पर मौजूद व्यापारियों से संवाद किया और उन्हें स्वेच्छा से अपनी दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने की समझाइश दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन द्वारा उसे हटाया जाएगा और उसका खर्च संबंधित व्यापारी से वसूला जाएगा। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के परिणामस्वरूप कस्बे में यातायात व्यवस्था में सुधार देखा गया, और आमजन ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया।
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इससे पहले ही हरदा जिले की कृषि मंडियों में गेहूं के दाम गिर गए हैं। जिला मुख्यालय की मंडी में गेहूं सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल से काफी नीचे बिक रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा भाववर्तमान में हरदा मंडी में गेहूं 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। किसानों का कहना है कि आगामी मूंग फसल की तैयारी और परिवार में विवाह कार्यक्रमों के कारण उन्हें रुपयों की तत्काल आवश्यकता है। इस वजह से उन्हें कम भाव पर अपनी उपज बेचना मजबूरी बन गई है। नमी के कारण कम मिल रहा दाम: मंडी सचिववहीं, मंडी सचिव का कहना है कि गेहूं 2400 रुपये से अधिक दाम पर भी बिक रहा है। उन्होंने बताया कि किसान कटाई के बाद सीधे अपनी उपज मंडी ला रहे हैं और उपज में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भाव में कुछ कमी आ रही है। 1 अप्रैल से खरीदी, 54 केंद्र बनाए गएआगामी 1 अप्रैल से शुरू हो रही समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए जिले में 54 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष गेहूं का उत्पादन बेहतर रहने के बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये कम भावमंडियों में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल कम मिलने से किसानों में गहरी नाराजगी है। किसान संगठनों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद खुले बाजार में गेहूं के दाम समर्थन मूल्य से नीचे बने हुए हैं। मजबूरी में बेच रहे किसानकई किसानों ने बताया कि घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने और कर्ज चुकाने के दबाव के कारण उन्हें मजबूरी में फसल बेचनी पड़ रही है। किसान संगठनों ने मांग की है कि समर्थन मूल्य पर तुरंत और व्यापक खरीदी सुनिश्चित की जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने निजी खरीदारों पर निगरानी रखने और भाव गिराने की प्रवृत्ति को रोकने की भी अपील की है। उनका कहना है कि अच्छा उत्पादन होने के बावजूद उचित मूल्य न मिलना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
अलीगढ़ पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के मामले में फरार चल रहे आरोपी गोविंदा उर्फ विकास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, सराय हकीम फायरिंग के मामले में जेल में बंद गोविंदा के साथी भाजयुमो मंत्री योगेंद्र उर्फ योगी पर भी देह व्यापार का मामला तामील कराया गया है। होटल पर छापे में उजागर हुआ था नाम 12 जनवरी की रात सारसौल में हुए एक विवाद के बाद पुलिस ने सूतमिल क्षेत्र के दो होटलों पर छापेमारी की थी। इस दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और कई युवक-युवतियों को पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि इन होटलों का संचालन भाजयुमो मंत्री योगेंद्र उर्फ योगी और गोविंदा कर रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज किया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे। गैंगवार के बाद खंगाली फाइलें सराय हकीम कांड के बाद पुलिस अब पुराने लंबित मामलों की फाइलें भी खोल रही है। योगेंद्र उर्फ योगी को पुलिस पहले ही सराय हकीम कांड में जेल भेज चुकी है। अब देह व्यापार के मामले को भी इसके रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों ने बंद किए सोशल मीडिया अकाउंट कई आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट तक बंद कर दिए हैं। पुलिस सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उनकी तलाश कर रही है। सीओ द्वितीय धनंजय सिंह का कहना है कि पुलिस की टीम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगी हुई है। इसमें कई और नाम सामने आए हैं। AMU छात्र भी सराय हकीम कांड में आरोपी सिविल लाइंस पुलिस ने दो दिन पहले एएमयू छात्र हमजा को फायरिंग के आरोप में पकड़ा था। बुधवार को बन्नादेवी पुलिस ने उसे कोर्ट में तलब कर सराय हकीम फायरिंग कांड का अपराध भी उस पर तामील करा दिया है। यशनंदन गुप्ता को मिली आंशिक राहत सराय हकीम कांड के एक अन्य आरोपी यशनंदन गुप्ता को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के महामंत्री राकेश सहाय पर हुए हमले के मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता हरिओम वाष्र्णेय ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में मारपीट और एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज था। सराय हकीम कांड में पकड़े जाने के बाद पुलिस ने यह मुकदमा भी यशनंदन पर तामील कराया था। इस मामले में न्यायालय ने जमानत दे दी है। सराय हकीम कांड में उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 30 अप्रैल की तारीख तय की है, तब तक उसे जेल में ही रहना होगा।
महेंद्रगढ़ जिले में सरसों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब किसान फसल को लेकर मंडियों की ओर रुख करने लगे हैं। नारनौल की अनाज मंडी में भी सरसों की आवक शुरू हो गई है। हालांकि अभी सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, लेकिन व्यापारियों ने अपने स्तर पर खरीद शुरू कर दी है। संभावना है कि 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी। दक्षिणी हरियाणा के अंतिम छोर पर स्थित महेंद्रगढ़ जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां सरसों की ज्यादा पैदावार होती है। सीधे व्यापारियों को बेच रहे किसान रघुवीर व विजय कुमार ने बताया कि खेतों से कटाई के बाद किसान अब सरसों की मड़ाई और सफाई में लगे हुए हैं तथा धीरे-धीरे मंडियों में फसल लेकर पहुंच रहे हैं। किसानों के अनुसार फिलहाल वे अपनी सरसों सीधे व्यापारियों को बेच रहे हैं, जहां उन्हें करीब 6600 रुपए प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है। इस भाव को लेकर किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं। दे रहे उचित भाव वहीं व्यापारी देवकीनंदन गोयल का कहना है कि अभी सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, इसलिए जो किसान सरसों लेकर मंडी में आ रहे हैं, उसे व्यापारी अपने स्तर पर खरीद रहे हैं और बाजार के अनुसार उचित भाव दे रहे हैं। सभी इंतजाम पूरे वहीं इस बारे में मार्केट कमेटी नारनौल के सचिव नूकूल यादव ने बताया कि मंडी में सरसों की खरीद के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। किसानों की सुविधा के लिए अटल कैंटीन की व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें सस्ते दाम पर भोजन, चाय और पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही एक हेल्प डेस्क भी बनाई गई है, जहां किसान अपनी फसल से संबंधित जानकारी ले सकते हैं। 62 हजार ने कराया रजिस्ट्रेशन उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में करीब 62 हजार किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जबकि लगभग 2 लाख 52 हजार हेक्टेयर जमीन का रजिस्ट्रेशन हुआ है। मंडी में सरसों लेकर आने वाले सभी किसानों की एंट्री सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
प्रीमियम प्रॉपर्टी की तलाश में लुधियाना के निवेशक, दिल्ली एनसीआर पर फोकस
भास्कर न्यूज |लुधियाना लुधियाना के निवेशकों की नजर अब दिल्ली-एनसीआर के लग्जरी हाउसिंग बाजार पर टिकी हुई है, जहां हाई-राइज प्रोजेक्ट्स तेजी से लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। शहर के संपन्न लोग अब अपने निवेश को बढ़ाने के लिए लुधियाना से बाहर निकलकर दिल्ली-एनसीआर में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के विकल्प तलाश रहे हैं। दिल्ली का रेजिडेंशियल परिदृश्य अब धीरे-धीरे स्वतंत्र फ्लोर से गेटेड हाई-राइज कोंडोमिनियम की ओर बढ़ रहा है। मोती नगर स्थित वन मिडटाउन, जो डीएलएफ मिडटाउन कम्युनिटी का हिस्सा है, इस बदलते ट्रेंड का एक प्रमुख उदाहरण है। पश्चिमी दिल्ली में स्थित यह प्रोजेक्ट हाई-राइज लग्जरी जीवन की ओर इस बदलाव को दर्शाता है। यह प्रोजेक्ट 39 मंजिल से अधिक ऊंचे टावरों के साथ विकसित किया गया है और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तथा दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से अच्छी कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसके अलावा, मिडटाउन कम्युनिटी में पहले से ही 3,500 से अधिक परिवारों के लिए आवास विकसित किए जा चुके हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ईएक्सपी रियल्टी इंडिया के प्रेसिडेंट और कंट्री हेड, सैम चोपड़ा ने कहा कि मोती नगर और कीर्ति नगर जैसे इलाकों के नेतृत्व में पश्चिमी दिल्ली तेजी से एक लग्जरी रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में उभर रही है। जब वन मिडटाउन प्रोजेक्ट 2022 में लॉन्च हुआ था, तब इसकी शुरुआती कीमत करीब 18,000 रुपए प्रति वर्ग फुट थी, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 32,300 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई है। यह वृद्धि न केवल इस प्रोजेक्ट बल्कि पूरे पश्चिमी दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव जीशान खान पर लखनऊ के बाजारखाला इलाके के फूल व्यापारी से ठगी करने का आरोप लगा है। व्यापारी ने उन पर स्कूटी लूट और वसूली का आरोप लगाया है। पीड़ित ने सोमवार को कोर्ट के जरिये रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डालीगंज बरौलिया निवासी फूल कारोबारी पंकज गौतम ने बताया कि बाजारखाला के भदेवा निवासी जीशान खान ने खुद को भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का प्रदेश सचिव बताते हुए सरकारी अनुदान दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान उसने कई कागजों पर हस्ताक्षर भी करा लिए। पीड़ित का आरोप है कि जून 2022 में आरोपी जीशान ने उसकी स्कूटी लूट ली। इसके बाद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी वसूली के लिए उसके घर पहुंचने लगे। स्कूटी वापस मांगने पर आरोपी ने मारपीट की और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। मंत्रियों के साथ फोटो दिखाकर अर्दब में लेता था पंकज का आरोप है कि जीशान खान खुद को गृहमंत्री अमित शाह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का करीबी बताकर लोगों पर दबाव बनाता है। उनके साथ में अपनी तस्वीरें दिखाता हैं। आने वाले दिनों में सरकार में मंत्री बनने का दावा कर बिल्डरों और अन्य लोगों से वसूली करता है। पीड़ित का कहना है कि हसनगंज और बाजारखाला थाने में शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भरतपुर जिले में बाइक पर आए 2 बदमाशों ने ज्वेलर के गले में गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश सोने-चांदी से भरा बैग लूट ले गए। ज्वेलर अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। घर से 100 मीटर पहले बदमाशों ने उनको गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर लोग दौड़कर मौके पर आए और ज्वेलर को अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात नदबई की पंजाबी कॉलोनी में हुई। घर से 100 मीटर पहले मारी गोलीस्थानीय निवासी सुभाष सोनी ने बताया- ज्वेलर योगेंद्र चौपड़ा (45) पुत्र शांति स्वरूप बुधवार शाम करीब 7:15 बजे नगर तिराहे पर स्थित अपनी दुकान से स्कूटी पर घर लौट रहे थे। जब वह अपने घर से 100 मीटर दूर थे, तभी बाइक पर आए 2 बदमाशों ने योगेंद्र को गोली मार दी, जो उसके गले में लगी। गोली लगते ही योगेंद्र स्कूटी के साथ नीचे गिर गया। बदमाश योगेंद्र का सोने-चांदी से भरा बैग लेकर भाग गए। बदमाश नगर रोड की तरफ से आए थे और गलियों के अंदर से होते हुए भाग निकले। योगेंद्र जेवरात से भरा ये बैग सुबह घर से दुकान पर लेकर जाता था और शाम को घर लाता था। वारदात के बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर आए और योगेंद्र को नदबई अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। व्यापारी और कस्बे के लोगों ने किया प्रदर्शनघटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी और कस्बे के लोग अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने यहां प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने शव को स्ट्रेचर पर रखा और मुख्य बाजार से रैली निकालते हुए थाने के सामने ले गए। लोगों ने थाने के सामने भी जमकर नारेबाजी की। लोगों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा- जब तक आरोपियों को पकड़ा नहीं जाता है, शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। योगेंद्र के परिवार में उसकी मां के अलावा छोटा भाई, पत्नी, बेटा और बेटी है। योगेंद्र के पिता का निधन हो चुका है। अब देखिए वारदात से जुड़ी तस्वीरें…
पलवल में ऑनलाइन निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 7.25 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जहां साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित दिनेश कुमार की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि पीड़ित दिनेश कुमार को फरवरी माह में एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में राजेश मोदी नामक व्यक्ति खुद को सीनियर स्टॉक मार्केट एनालिस्ट बताकर निवेश संबंधी सलाह देता था। मुफाफे का लालच देकर कराया निवेश ग्रुप के अन्य सदस्य भी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, मीना जोशी नाम की एक महिला ने दिनेश कुमार से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया और उन्हें एक ऐप के माध्यम से आईपीओ में निवेश करने को कहा। 7 लाख 25 हजार 344 रुपए कराए ट्रांसफर आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक और यूपीआई खातों में दिनेश कुमार ने दो अलग-अलग आईपीओ के लिए कुल 7 लाख 25 हजार 344 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ऐप में मुनाफा दिखने से उन्हें शुरुआत में भरोसा हो गया था। पैसा निकालने पर नहीं निकला हालांकि, जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। आरोप है कि आरोपियों ने बार-बार नई निवेश योजनाओं में पैसे फंसाकर और अधिक रकम जमा करने का दबाव बनाया। तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। मामले की जांच में जुटी पुलिस साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
रेवाड़ी के उत्तम नगर में पुलिस ने एक होटल में चल रहे देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि होटल में बाहर से कॉल गर्ल्स बुलाकर देह व्यापार करवाया जाता है। जिसके बाद पुलिस ने नकली ग्राहक भेजकर होटल में रेड कर एक महिला को पकड़ा। होटल में महिला मिलने के बाद होटल मैनेजर को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से इस धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। नकली ग्राहक बनाकर होटल भेजा होटल में देह व्यापार का धंधा चलाने की सूचना के बाद पुलिस ने अपना जाल बिछाया। पुलिस ने नकली ग्राहक बनाकर होटल भेजा। सौदा फिक्स होने के बाद इशारा मिलते ही पुलिस होटल पर पहुंची और एक महिला को मौके से बरामद कर लिया। होटल से महिला की बरामदगी के बाद पुलिस ने रेवाड़ी के एक मोहल्ला निवासी होटल मैनेजर विक्की को गिरफ्तार कर लिया। तीन हजार में हुआ सौदा पुलिस ने नकली ग्राहक बनाकर होटल भेजा। मैनेजर से बातचीत के बाद सौदा तीन हजार में तय हुआ। इसके बाद महिला को बुलाया गया। जिसके बाद पुलिस ने महिला को होटल से बरामद कर मैनेजर को गिरफ्तार कर तीन हजार रुपए बरामद किए हैं। पुलिस को मिली थी सूचना जांच अधिकारी ने बताया कि बुधवार को पुलिस को रेवाडी बाईपास रोड नजदीक बाला जी धर्म कांटा उत्तम नगर स्थिति एक होटल में देह व्यापार होने की सूचना मिली थी। जिस पर डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने बोगस ग्राहक के जरिए कार्रवाई की थी। होटल मैनेजर और मालिक पर केस उन्होनें कहा कि पुलिस ने वहां से एक महिला को बरामद किया। मामले में संलिप्त आरोपी होटल मैनेजर को गिरफ्तार किया है। साथ ही, होटल मालिक व मैनेजर के खिलाफ थाना माडल टाऊन रेवाड़ी देह व्यापार की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस द्वारा इस मामले में होटल मालिक को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 5 में रहने वाले संतोष ताम्रकार के घर चोरी की घटना सामने आई है। बदमाशों ने घर से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के 83 ग्राम सोने के आभूषण और 50 हजार रुपये नकद चुरा लिए। यह वारदात उस कमरे में हुई जहां व्यापारी के दो नाबालिग बच्चे सो रहे थे। घर में अकेले थे बच्चेसंतोष ताम्रकार वार्ड क्रमांक 5 में जनरल स्टोर और दोना कारखाना का संचालन करते हैं। घटना के समय उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं, और घर पर केवल उनके दो बच्चे मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, संतोष के बच्चे आमतौर पर सुबह करीब 5 बजे खेलने के लिए बाहर चले जाते थे, लेकिन उस दिन वे घर पर ही थे। सुबह लगभग पौने 7 बजे जब व्यापारी की नींद खुली, तो उन्होंने हॉल का दरवाजा अंदर से बंद पाया, जिससे उन्हें कुछ संदिग्ध लगा। बीच वाला दरवाजा भी अंदर से बंद था, जिसे बेटे शौर्य ने आवाज लगाने पर खोला। 15 लाख की चोरीबच्चों के कमरे में जाने पर संतोष को अलमारी का सामान बिखरा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि घर से 83 ग्राम सोने के जेवरात और लगभग 50 हजार रुपये नकद चोरी हो गए थे, जिनकी कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। घर की छत का दरवाजा खुला मिला, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। सीढ़ियों में ज्वेलरी के खाली डिब्बे पड़े मिले, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों ने आराम से सामान खंगाला और कीमती वस्तुएं लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही उचेहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सतना से फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। संदिग्धों की तलाश जारी है और पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
सहारनपुर में फेसबुक के जरिए निवेश का लालच देकर एक दुकानदार से 12.15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित अभिषेक कुमार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। देवबंद निवासी अभिषेक कुमार के अनुसार 30 सितंबर 2025 को उन्हें आलोक कुमार नाम के व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को निवेश सलाहकार बताया और फेसबुक पर ‘फाइनेंशियल प्रमोटर’ पेज के माध्यम से मोटे मुनाफे का झांसा दिया। शुरुआत में आरोपी ने छोटी रकम पर ब्याज सहित भुगतान कर अभिषेक का भरोसा जीत लिया। इसके बाद पीड़ित ने 30 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 के बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की देवबंद शाखा से बैंक ऑफ बडोदा की विभिन्न शाखाओं में कुल 12 लाख 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी लगातार बड़े रिटर्न का लालच देकर निवेश बढ़ाने के लिए उकसाता रहा। जैसे ही बड़ी रकम ट्रांसफर हुई, आरोपी का मोबाइल नंबर बंद हो गया और वह गायब हो गया। अभिषेक ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें पता चला कि वे सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। अभिषेक कुमार ने पुलिस से रकम बरामद कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि ऐसे साइबर ठगों पर अंकुश लगाया जा सके।
इंदौर के तुकोगंज क्षेत्र में रहने वाले बिल्डर संजय जैन को लगातार व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज के माध्यम से धमकियां मिल रही थीं। मामले में क्राइम ब्रांच में शिकायत के बाद तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच के दौरान अशोक नगर जेल में बंद आरोपी मनीष जागिड को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है। पुलिस के अनुसार मनीष का संपर्क गैंगस्टर हेरी बॉक्सर से था। उसी के कहने पर वह संजय जैन को टारगेट करने की तैयारी कर रहा था। संजय को लेकर गैंगस्टर को बड़े हवाला कारोबार से जुड़ी जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मनीष जागिड निवासी जयपुर को अशोक नगर जेल से हिरासत में लिया गया है। कुछ दिन पहले अशोक नगर पुलिस ने उसे फर्जी आधार कार्ड के जरिए पहचान छिपाकर ठहरने के मामले में पकड़ा था। उसके पास से एक लाख रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई थी। पूछताछ में मनीष ने हेरी बॉक्सर से संपर्क होने की बात स्वीकार की थी और बताया था कि वह इंदौर में भी बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने की तैयारी में था। व्यापारी की रेकी कर भेजे थे वीडियोजांच में सामने आया कि मनीष ने इंदौर में एक बड़े व्यापारी अंकित की रेकी की थी। अंकित को भी लगातार मोबाइल पर धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद उसके मोबाइल पर घर के वीडियो भेजे जाने लगे थे। मैसेज में बताया गया था कि शूटर आसपास मौजूद है और उससे 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। हालांकि फिरौती वसूलने से पहले ही मनीष पकड़ा गया और विश्नोई गैंग की योजना विफल हो गई। हवाला कारोबार की जानकारी के आधार पर टारगेटतुकोगंज पुलिस को संजय जैन ने खुद को बिल्डरशिप से जुड़ा बताया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार विश्नोई गैंग को सूचना थी कि संजय हवाला कारोबार से भी जुड़े हैं और बड़ी पार्टियों में उनका आना-जाना है। इसी आधार पर उन्हें फिरौती के लिए टारगेट किया गया। क्राइम ब्रांच को आशंका है कि अशोकनगर-गुना क्षेत्र में वारदात से पहले मनीष अपने साथियों के साथ इंदौर आया था और संजय की रेकी की थी। अनजान नंबरों से भेजे गए वॉइस मैसेज में संजय से जुड़ी कई पुख्ता जानकारियां दी गई थीं। पुलिस का कहना है कि मनीष से इंदौर में पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और साजिश का खुलासा हो सकेगा। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में लॉरेंस गैंग का खौफ:अशोकनगर से इंदौर-भोपाल तक कारोबारियों को धमकियां सेलिब्रिटी के बाद अब एमपी में कारोबारियों-व्यापारियों को लॉरेंस गैंग के गुर्गों की धमकियां मिल रही हैं। अशोकनगर से लेकर ब्यावरा, इंदौर, भोपाल के कारोबारी-व्यापारी इनकी लिस्ट में है। करीब एक महीने पहले अशोकनगर के एक बिल्डर व कारोबारी को धमकी दी थी। वहीं शनिवार को भोपाल के कारोबारी को भी धमकी दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है।पूरी खबर पढ़ें
ज्यादा टैक्स देते व्यापारी, सुविधाएं नहीं
भास्कर न्यूज | जालंधर दैनिक भास्कर कार्यालय में शहर के प्रमुख व्यापारियों के साथ एक फोकस ग्रुप डिस्कशन हुआ। चर्चा में विभिन्न बड़े ब्रांड्स से जुड़े व्यापारियों ने हिस्सा लिया और वर्तमान समय में व्यापार को प्रभावित कर रही चुनौतियों पर अपनी राय रखी। व्यापारियों ने विशेष रूप से बढ़ते क्राइम, सुरक्षा की कमी, गिरते ग्राहक फुटफॉल और सरकारी नीतियों में समर्थन की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। चर्चा के दौरान व्यापारियों ने बताया कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं उनके व्यवसाय पर सीधा असर डाल रही हैं। कई व्यापारियों ने कहा कि उन्हें आजकल धमकियों का डर सताता रहता है, जिससे वे मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को व्यापारियों के लिए विशेष स्कीम्स और लाभ शुरू करने चाहिए, ताकि पंजाब में इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके और व्यापारिक माहौल मजबूत हो। व्यापारियों ने कहा कि बार-बार होने वाली हड़तालें और बंद उनके काम को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। एक दिन का बंद कई दिनों तक व्यापार पर असर डालता है, क्योंकि ग्राहक बाहर निकलने से कतराते हैं। खासतौर पर दोआबा क्षेत्र में एनआरआई की बड़ी भूमिका है। जब एनआरआई भारत आते हैं तो बाजार में रौनक बढ़ती है, लेकिन इस बार बढ़ते क्राइम के कारण उनकी संख्या कम रही, जिससे व्यापार में गिरावट आई। धरने के लिए तय करें निश्चित स्थान कलाश्री ब्रांड के दिनेश अग्रवाल ने कहा कि पंजाब लंबे समय से उपेक्षित रहा है। राज्य और केंद्र में अलग-अलग सरकारें होने के कारण कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। व्यापारी सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में उन्हें ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। शोरूम स्थापित करने वाले ट्रेडर्स को भी सब्सिडी दी जानी चाहिए। व्यापारी अपने कर्मचारियों को ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं देते हैं, लेकिन उसे किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलता। नोवा फर्निशिंग के राजेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारी डरे हुए हैं। जैसे ही कोई व्यापार बढ़ता है, उसे गैंगस्टरों द्वारा फिरौती की धमकियों का खतरा बढ़ जाता है। एनआरआई पंजाब के बाजार की रीढ़ हैं और उनके आने से ही बाजार में पैसा घूमता है, लेकिन इस बार अपराध बढ़ने के कारण बाजार में मंदी देखने को मिली है। बंद और धरनों के कारण व्यापार में भारी नुकसान होता है। तनिष्क ज्वेलर के कारोबारी तनव ने कहा कि सोशल मीडिया ने व्यापार पर बड़ा प्रभाव डाला है। पुरानी पीढ़ी आज भी दुकान पर जाकर सामान देखना और खरीदना पसंद करती है, जबकि नई पीढ़ी ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देती है। इस बदलते व्यवहार का व्यापारियों को सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, इस फोकस ग्रुप डिस्कशन में व्यापारियों ने सुरक्षा, सरकारी सहयोग, सोशल मीडिया नियंत्रण, सब्सिडी और स्थिर व्यापारिक वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
व्यापारियों ने माल नहीं हटाया, मंडी में जगह नहीं, किसानों के अनाज से लदे वाहन रोड पर खड़े रहे
भास्कर संवाददाता | बैतूल अवकाश के बाद बडोरा मंडी खुलने से बाद 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। पहले से मंडी में व्यापारियों का माल पड़ा है इस कारण परिसर में कम जगह बची है। मंगलवार को किसानों के अनाज से भरे ट्रैक्टर- ट्रॉली और अन्य वाहन मंडी के बाहर सड़क किनारे लाइन में खड़े रहे। व्यापारियों के ट्रक भी बाहर निकल रहे थे। इसके कारण जाम के हालात बने रहे। देरी से एंट्री मिलने के कारण कई किसानों के माल की तुलाई देर रात तक नहीं हो सकी। इसीलिए इन किसानों को रात मंडी में बिताना पड़ेगा। बडोरा मंडी में लगातार आ रही आवक और व्यापारियों के माल का उठाव नहीं करने से अव्यवस्था के हालात बने हुए है। चार दिन के अवकाश के पहले मंडी सचिव ने कहा था कि छुट्टी में व्यापारी माल उठा लेंगे लेकिन मंडी परिसर खाली हो जाएगा। लेकिन व्यापारियों ने माल नहीं उठाया और न ही मंडी सचिव ने उन पर जुर्माना किया इस कारण उनकी मनमानी जारी। वहीं बेचारा किसान अनाज बेचने सड़कों पर रात काट रहा है। सोमवार और मंगलवार को गेहूं, मक्का, चना, सोयाबीन सहित अन्य उपज की 58 हजार क्विंटल की आवक आ गई। व्यापारियों द्वारा सोमवार को खरीदे माल की तुलाई रात में नहीं हो पाने के कारण मंगलवार को भी हुई। इसके चलते किसानों को उपज रखने के लिए भी जगह नहीं बची। दोपहर एक बजे तक एक दर्जन किसानों को अनाज रखने के लिए इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद किसानों का अनाज ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतारा। देर शाम तक तुलाई के बाद भी कुछ किसानों का माल तुलाई के लिए बाकी रह गया था, जिसकी तुलाई बुधवार को होगी। माल नहीं उठाने वालों पर जुर्माना किया जाएगा ^मंडी में 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। सोमवार के माल की तुलाई और उठाव होने के कारण किसानों के वाहन दोपहर बाद अंदर लिए गए। मंडी में लंबे समय से चौकड़े रखने वाले सात व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं। माल नहीं उठाने पर जुर्माना किया जाएगा। - सुरेश परते, सचिव, बडोरा मंडी मंडी में लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। मंडी में आवागमन के लिए केवल एक ही गेट है। इसी गेट से वाहन आते हैं और जाते भी हैं। मंडी में वर्तमान में सब्जी मंडी भी लग रही है। सब्जी लाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी गेट से होता है। इसके चलते मंडी में अक्सर जाम के हालात बनते हैं। मंडी के सुरक्षा गार्ड भी व्यवस्था बनाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाते। इसके कारण परेशानी हो रही है। बंपर आवक आने से मंडी परिसर छोटा पड़ जाता है। जिससे किसानों को बेहद परेशानी होती है।
व्यापार में सफलता को अपनाएं ‘4-पी' फॉर्मूला: अमित मदान
गुरमीत लूथरा | अमृतसर टैक्सटाइल मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन (टीएमए) के कार्यालय स्थित सेमिनार हॉल में ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा जागरूकता सेमिनार' आयोजित किया गया। एमएसएमई के डिप्टी डायरेक्टर वजीर सिंह ने युवक-युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट स्कीम व अन्य सरकारी योजनाओं के तहत नौजवानों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए 3 लाख रुपए तक का ऋण नाममात्र ब्याज दरों पर दिया जाता है। साथ ही, स्वरोजगार एवं मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। वजीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य दर्जी, धोबी, नाई, राजमिस्त्री, मूर्तिकार, सुनार, बढ़ई और मोची जैसे 18 पारंपरिक व्यापार श्रेणियों में कार्यरत कारीगरों को समग्र सहायता प्रदान करना है। मार्केटिंग एडवाइजर अमित मदान ने कहा कि किसी भी प्रोडक्ट की मैन्यूफैक्चरिंग से पहले निर्माता को ‘4-पी' (प्रोडक्ट, प्राइस, प्लेसमेंट और प्रमोशन) अवश्य याद रखने चाहिए। इस अवसर पर टैक्सटाइल एसोसिएशन के महासचिव दीपक खन्ना भी विशेष रूप से मौजूद थे।
बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की ‘रेड’ स्थिति बरकरार, हालिया वृद्धि से बढ़ी चिंता
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों और वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश लगभग पिछले तीन वर्षों से भी उन अर्थव्यवस्थाओं की 'रेड' श्रेणी में बना हुआ है, जहां खाद्य असुरक्षा और महंगाई का जोखिम उच्च स्तर पर है
अवैध निर्माण के लिए बढ़ाई सड़क की चौड़ाई, कांग्रेस ने घेरा नगर निवेश
भास्कर न्यूज | राजनांदगांव नंदई-मोहारा रोड में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर मल्टीप्लेक्स को दिए विकास अनुज्ञा के विरोध में कांग्रेस ने नगर निवेश कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने विभाग की इस हरकत को पूंजीपतियों को लाभ देने वाला बताया। वहीं जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार की अगुवाई में कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए नगर निवेश कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मौजूद अफसरों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा सुनियोजित षड़यंत्र के तहत पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। नंदई चौक से रानीतराई तक नगर व ग्राम निवेश द्वारा 30 मीटर चौड़ाई की सड़क को 45 मीटर दर्शाया जा रहा है। जिससे इस क्षेत्र में व्यापारियों, निवासरत परिवारों को दिक्कत आएगी। भविष्य में कई वैध निर्माण भी अतिक्रमण की श्रेणी में आ जाएंगे। आगे चलकर जब रोड 45 मीटर की कर दी जाएगी तब आमलोगों को मुआवजा नहीं मिल पाएगा। गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के आशियाने और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
शाम को घर से निकला था व्यापारी, सुबह हाईवे पर पिचका मिला शव
भास्कर न्यूज | पाली बाबा रामदेव कॉलोनी में रहने वाले 50 वर्षीय वजाराम देवासी का क्षत-विक्षत शव मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे पर रामासिया गांव के पास गैस गोदाम के सामने मिला। शव के ऊपर से वाहन गुजरते रहे, लिहाजा टुकड़ों को पोटली में लेकर मोर्चरी में रखवाया है। मूलत: भांवरी गांव का वजाराम घर के बाहर ही किराणा व सब्जी की दुकान लगाता था। प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता था। सोमवार शाम 4 बजे बाइक लेकर मंडी से सब्जी लेने का कहते हुए घर से निकला था। अपना फोन चार्जिंग में लगाकर पत्नी का फोन साथ ले गया था, जो बंद आ रहा था।रात को कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 1. खुद का फोन चार्जिंग में लगा पत्नी का फोन साथ ले गया। मंडी से सब्जी लेने के लिए बाइक लेकर निकला, लेकिन घंटे भर बाद बाद फोन बंद कैस हुआ। कहीं किसी ने जानबूझकर उसका फोन बंद तो नहीं किया? 2. शाम 6 बजे एक रिश्तेदार ने जोधपुर रोड आरटीओ के निकट सब रजिस्ट्रार ऑफिस के पास मृतक को खड़ा देखा था, लेकिन सुबह सुमेरपुर रोड के हाइवे पर शव मिला, जबकि बाइक हाईवे किनारे खड़ी थी। ऐसा तो नहीं है कि किसी ने हत्या कर शव को हाईवे पर डालकर एक्सीडेंट का रूप देना चाहा? मंगलवार सुबह पार्षद प्रकाश चौहान परिजनों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान सुबह 7 बजे सदर पुलिस ने सूचना दी कि वजाराम की बाइक रामासिया के पास खड़ी मिली। वहीं एक शव भी मिला है। कुछ देर बाद ही देवासी समाज के लोग मोर्चरी के बाहर जमा हुए और हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। दोपहर में देवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। हत्यारों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। एएसपी जयसिंह तंवर, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रतनू, प्रशिक्षु आरपीएस भानु, सदर एसएचओ कपूराराम, कोतवाल रवींद्रसिंह खिंची ने आश्वस्त किया, लेकिन माने नहीं। पुलिस हत्या-हादसा दोनों थ्योरी पर जांच कर रही 1. वजाराम सोमवार शाम 4 बजे बाइक लेकर घर से निकला। रिश्तेदार ने 6 बजे उसे देखा। रात 11 बजे परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। सुबह 6 बजे शव रामासिया के निकट मिला। घर से निकलने, रजिस्ट्रार ऑफिस की तरफ दिखने और शव मिलने के घटनास्थल तक रूटचार्ट बना सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी मंगाई है। किसी से रंजिश अथवा किसी से कहासुनी की बात भी सामने नहीं आई है। 2. हादसा मानने के पीछे पुलिस का तर्क है कि यदि किसी ने व्यापारी की हत्या की तो हाईवे के बजाय किसी सुनसान जगह पर शव को ठिकाने लगाते। यदि बाइक पर शव को लाते तो एक से अधिक लोगों की जरूरत पड़ती। यदि हत्या के बाद हादसा बताने के लिए हाईवे पर शव को पटकते तो बाइक भी हाइवे पर जरूर पटकते, ताकि यह हादसा लगे। जबकि बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली। हत्यारे ऐसी जगह चुनते, जहां लोगों की आवाजाही कम हो। जिस जगह शव मिला, वहां आसपास होटल-ढाबे और लोगों की आवाजाही है।
शहर के व्यापारी को धमकी देने के मामले में जेल में बंद लॉरेंस गैंग के गुर्गे मनीष जांगिड़ को इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ के लिए ले गई है। यह टीम इंदौर में दी गई धमकी के मामले में उससे पूछताछ करेगी। जानकारी के अनुसार, इंदौर में भी लॉरेंस गैंग से संबंधित एक धमकी का मामला सामने आया है, जिसमें उसी तरह से धमकी दी गई, जैसे अशोकनगर के व्यापारी को दी गई थी। इसके चलते मंगलवार को सुबह इंदौर क्राइम ब्रांच की 14 सदस्यीय टीम अशोकनगर पहुंची। कोतवाली टीआई आरपीएस चौहान ने बताया कि आरोपी को वहां पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहां से पुलिस रिमांड मिलेगा। जितने दिन का पीआर मिलेगा, उतने दिन आरोपी को इंदौर में रखा जाएगा। पूछताछ के बाद आरोपी को दोबारा अशोकनगर लाया जाएगा। पेट्रोल बम से दहशत फैलाने की थी तैयारी, 10 करोड़ मांगे थे। शहर के कॉलोनाइजर और व्यापारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस गैंग की ओर से धमकी देकर 10 करोड़ रुपए मांगे गए थे। जब अंकित ने पुलिस से शिकायत कर दी तो बॉक्सर की ओर से धमकी भरा वॉइस मैसेज भेजा गया। इसके बाद गैंग का गुर्गा मनीष जांगिड़ अशोकनगर आया। वह यहां फर्जी आधार कार्ड से एक होटल में रुका था। बॉक्सर ने उसे मोबाइल पर पेट्रोल बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी। उसे अंकित के यहां पेट्रोल बम फेंककर दहशत फैलानी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसी गुर्गे को अशोकनगर में काम करने के बाद इंदौर पहुंचकर दहशत फैलानी थी।
व्यापारियों ने उठाए पार्किंग, टैक्स और अतिक्रमण के मुद्दे
चारदीवारी के हेरिटेज पर मंथन जयपुर | शहर की चारदीवारी में हेरिटेज संरक्षण को लेकर जयपुर व्यापार महासंघ और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने बाजारों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। व्यापारियों ने बड़ी चौपड़ पर तुरंत पार्किंग शुरू करने, इंदिरा बाजार के जर्जर बरामदों के सुधार और यूडी टैक्स में पारदर्शी प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडी टैक्स वसूली कर रही निजी कंपनी ‘स्पैरो’ गलत नोटिस देकर जबरन वसूली कर रही है, जिस पर सख्ती जरूरी है। बैठक में महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी सहित विभिन्न बाजारों के पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि चारदीवारी की पहचान को सुरक्षित रखते हुए व्यापार बढ़ाने की योजना बनाई जाए, ताकि जयपुर का हेरिटेज स्वरूप बरकरार रहे। महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि नाइट मार्केट को बढ़ावा देने, पूरे शहर में एक समान रंग-रोगन लागू करने, अतिक्रमण और आवारा पशुओं पर सख्ती, तथा पार्किंग माफिया पर नियंत्रण की मांग की गई। पार्किंग के लिए 2 घंटे की समय-सीमा और उचित शुल्क तय करने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा छोटे बाजारों में खुले बिजली तारों को व्यवस्थित करने, सुलभ शौचालय और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठी। बैठक में रामलीला मैदान में मेले की अनुमति नहीं देने, बाजारों में फ्लेक्स पर रोक और संजय बाजार से हटवाड़ा हटाने जैसी आपत्तियां भी दर्ज की गईं।
आज व्यापारियों और हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम होगा
भास्कर संवाददाता | पाली केंद्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्तालय, जोधपुर की ओर से व्यापारियों और हितधारकों के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन 25 मार्च को किया जाएगा। कार्यक्रम मंडिया रोड स्थित ट्रेड एसोसिएशन भवन में सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। सहायक आयुक्त हनवंत सिंह पूनिया ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारिक समस्याओं, जीएसटी से जुड़ी शंकाओं और विभागीय प्रक्रियाओं में सुधार पर चर्चा करना है। कार्यक्रम में आयुक्तालय के प्रधान आयुक्त एवं अपर आयुक्त भी विशेष रूप से संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग व्यापारियों के साथ समन्वय, पारदर्शिता और सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सुझावों व फीडबैक के आधार पर प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यापारिक सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने सभी स्थानीय व्यापारियों और संबंधित हितधारकों से कार्यक्रम में भाग लेकर अपने सुझाव देने की अपील की है।
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
ललित सुरजन की कलम से - राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं, इसके बावजूद दोनों के बीच एक अदृश्य रेखा है जिसका उल्लंघन करना अभी हाल तक ठीक नहीं माना जाता था
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
भारतीय रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करनी चाहिए
भारत के लिए अपनी मेहनत से कमाए गए विदेशी मुद्रा भंडार को रुपये के विनिमय मूल्य को अस्थायी रूप से बचाने के लिए खर्च करना समझदारी नहीं है
मुक्त व्यापार के लिए खतरा बन गए हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूस, वेनेजुएला और कई अन्य देशों से समस्याएं हो सकती हैं और उन देशों से निपटने के लिए अमेरिकी व्यापार और राजनयिक नीतियों पर फैसला करने का उन्हें पूरा अधिकार है
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

32 C
