फ्री ट्रेड डील और महंगाई का करेंगे विरोध, संयुक्त रैली की तैयारी तेज
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के अमृतसर और गुरदासपुर जिलों की एक संयुक्त शिक्षण बैठक गुरुद्वारा बाबा जीवन सिंह, गग्गो माहल में आयोजित की गई। जिला प्रधान कश्मीर सिंह और लखविंदर सिंह मंझियांवाली की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के प्रदेश प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के समापन पर गग्गो माहल कस्बे में किसान संगठन की ओर से एक रोष मार्च भी निकाला गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, यूरिया खाद की कमी, बिजली संकट, बीज विधेयक-2025, अमेरिका के दबाव में किए जा रहे फ्री ट्रेड समझौते, मनरेगा को खत्म करने की कोशिशों तथा बढ़ती महंगाई के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोला जाएगा। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और डकौंदा द्वारा 4 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
मेट्रो की अंडरग्राउंड टनल के लिए करीब तीन महीने पहले शुरू हुई खुदाई अब 70 मीटर तक पहुंच चुकी है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) फिलहाल आरा मशीनों के पीछे से काम कर रही है और मेट्रो निर्माण प्रभावित नहीं हो रहा। इसी बीच आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन से आरा मशीनों को हटाया जाना है, वह 1959 के खसरे में म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है, इसलिए जमीन के मुआवजे का कोई आधार नहीं बनता। दूसरी ओर टिंबर मार्केट एसोसिएशन का दावा है कि उनके पास जमीन के मालिकाना हक के सभी दस्तावेज मौजूद हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन अपने रुख पर कायम रहता है तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा। ऐसे में शिफ्टिंग प्रक्रिया नए कानूनी विवाद में फंस सकती है। बता दें कि इन जमीनों के एवज में व्यापारियों को करीब 30 करोड़ रुपए मिलेंगे। अफसरों का दावा... 1959 के खसरे में यह भूमि म्यूनिसिपल बोर्ड में दर्ज छोटा रातीबड़ में बन रह टिंबर क्लस्टर आरा मशीनों की शिफ्टिंग के लिए अब तक 18 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। छोटा रातीबड़ में विकसित किए जा रहे नए टिंबर क्लस्टर पर लगभग 6 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जबकि मुआवजे के लिए करीब 12 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यह पूरी राशि मेट्रो रेल कंपनी ने दी है। डीपीआर के अनुसार भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जिम्मेदारी शासन की है। मेट्रो आगे बढ़ी, विवाद जमीन पर अटकामैदानी स्थिति यह है कि आरा मशीन संचालक इतनी दूरी तक पीछे हट चुके हैं कि टनल की खुदाई जारी रह सके। टीबीएम लगभग 70 मीटर आगे बढ़ चुकी है और फिलहाल मेट्रो परियोजना पर कोई असर नहीं पड़ा है। अब विवाद मेट्रो निर्माण नहीं, बल्कि जमीन के स्वामित्व और मुआवजे का बन गया है। सरकारी जमीनों का मुआवजा नहीं दे सकते जितनी जमीन से आरा मशीनों को हटाया जाना है, वह 1959 के खसरे में म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है। ऐसे में जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा सकता। इस संबंध में सूचना जारी की जा रही है। - दीपक पांडे, एसडीएम (शहर) अदालत के अलावा कोई विकल्प नहीं हमारे पास जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज हैं। शासन के इस रुख के बाद हमारे पास अदालत जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। हम शिफ्टिंग के लिए तैयार हैं।- बदर-ए-आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडियों में लगने वाले शुल्क को फिर बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है। कागजों में यह शुल्क व्यापारी और खरीदारों से वसूला जाएगा, लेकिन किसान संगठनों का आरोप है कि इसकी असली कीमत आखिरकार किसानों को ही चुकानी पड़ेगी। उनका कहना है कि मंडियों में कारोबार की लागत बढ़ने पर व्यापारी उसकी भरपाई किसानों की उपज के भाव में कटौती कर करेंगे। ऐसे में जिस किसान को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है, उसकी जेब पर ही इस फैसले का असर पड़ सकता है। खास बात यह है कि करीब ढाई साल पहले 6 अक्टूबर 2023 को सरकार ने किसानों और व्यापारियों को राहत देने का हवाला देते हुए मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया था, जिसे अब फिर बढ़ा दिया गया है। बढ़ा हुआ शुल्क 15 जून से लागू हो गया है। डेढ़ रुपए के मंडी शुल्क का ये है पूरा गणित मंडी शुल्क के डेढ़ रुपए में से 75 पैसे सीधे राज्य स्तर की विभिन्न योजनाओं में जाएंगे। इनमें किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास, गौ संवर्धन और मुख्यमंत्री कृषक कल्याण जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके बाद बची 75 पैसे की राशि में से 30 प्रतिशत यानी करीब 23 पैसे बोर्ड स्तर के खर्चों और व्यवस्थाओं के लिए रखे जाएंगे। शेष लगभग 52 पैसे मंडी स्तर पर खर्च होंगे। इसमें करीब 10 पैसे मंडी की स्थायी निधि में जमा किए जाएंगे, जबकि करीब 5 पैसे सुरक्षित निधि के लिए रखे जाएंगे। बची हुई लगभग 37 पैसे की राशि संबंधित मंडी के संचालन, रखरखाव, विकास कार्यों, नीलामी प्लेटफॉर्म, सड़क, पानी, बिजली और अन्य स्थानीय सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। मंडी टैक्स को लेकर किसान की चिंता की असल वजह ये है मान लीजिए कि प्रदेश में यदि कोई किसान मंडी में 1 लाख रुपये की फसल बेचता है, तो उस बेची गई उपज पर पहले 1,000 रुपये का मंडी शुल्क बनता था, जो अब बढ़कर 1,500 रुपये हो जाएगा। हालांकि ये शुल्क प्रत्यक्ष तौर पर व्यापारी मंडी को देता है, लेकिन किसानों का मानना है कि व्यापारी अपना मुनाफा कम नहीं करेगा, इसलिए वे फसल खरीदते समय प्रति क्विंटल पर कुछ रुपये कम की बोली लगा सकते हैं। इससे मंडी के भाव में कमी आएगी। वापस लेना चाहिए आदेश सीएम के सामने हमने मांग रखी है, बढ़े हुए शुल्क का आदेश वापस लेना चाहिए। -सर्वज्ञ दीवान, अध्यक्ष मध्यभारत प्रांत, किसान संघ असर किसान पर ही कहने के लिए व्यापारी पर बोझ बढ़ा है, पर असर किसानों की ही जेब पर होगा। - संजय खेरवा, आम किसान यूनियन। मंडी में रेट कम हो जाएंगे व्यापारी अपने मुनाफे से कोई समझौता नहीं करेगा। वह मंडी में रेट कम कर देगा। - केदार सिरोही, पूर्व सदस्य, कृषि सलाहकर परिषद।
ओएनडीसी डिजीदुकान एप लॉन्च, 1350 व्यापारियों ने करवाया अपना रजिस्ट्रेशन
जयपुर | जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से शुक्रवार को बिरला ऑडिटोरियम में व्यापारिक सम्मेलन एवं ओएनडीसी डिजीदुकान लॉन्चिंग का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में ‘ओएनडीसी डिजीदुकान’ ऐप का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक, व्यापार और निवेश संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘डिजीदुकान’ प्रदेश के व्यापारियों को डिजीटल बाजार से जोड़कर उनके व्यवसाय के विस्तार में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड भारत सरकार के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने अध्यक्षता की। इस दौरान भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष केएल जैन, फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी, कोषाध्यक्ष सचिन गुप्ता, आईटी चेयरपर्सन निशिता सिरोलिया, अमित शर्मा, प्रकाश सिंह, पंकज शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में 300 से अधिक व्यापारिक संगठनों के 1500 से अधिक व्यापारी, महिला उद्यमी एवं महिला व्यापारी मौजूद रहे। 1350 व्यापारियों ने ओएनडीसी डिजीदुकान का पंजीकरण करवाया।
व्यापार बढ़ाने इंडोनेशिया जाएगा उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल
राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से इंडोनेशिया और अमेरिका के साथ व्यापार एवं निवेश बढ़ाने की संभावना पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें इंडोनेशिया के कार्यवाहक राजदूत युधो से सोंग, एडवाइजर अहमद रामा आजी नसूशन, एरविन मोहम्मद अकबर और सचिव योगा महादिक ने हिस्सा लिया। अमेरिकी दूतावास की कमर्शियल सेक्रेटरी रितु अरोड़ा ने उद्योगपतियों से संवाद किया। चैंबर के अध्यक्ष डॉ. केएल जैन ने बताया कि 14 से 18 अक्टूबर तक इंडोनेशिया में होने वाले ट्रेड एक्सपो इंडोनेशिया में राजस्थान के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। चैंबर राज्य के उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल एक्सपो में भेजने की योजना बना रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव और नवाचार की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम में डीएस भंडारी, डॉ. आरएस जैमिनी, राजीव भंसाली, डॉ. अरुण अग्रवाल, ज्ञानप्रकाश, बृजबिहारी शर्मा, एनके जैन, वाईएन माथुर, के.एल जांगिड़, अमित पारीक और त्रिनेत्र रोलीवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
एआई, रिसर्च और व्यापार पर भारत-ब्रिटेन की चर्चा, 15 जुलाई से लागू होगा सीईटीए
भारत और ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में मिलकर काम आगे बढ़ाने पर चर्चा की
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में 2024 में एक हार्डवेयर व्यापारी के घर हुई डकैती के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को नेपा थाना पुलिस ने रतलाम से गिरफ्तार किया है। यह घटना 03 नवंबर 2024 की है। फरियादी रौनक जैन, निवासी वृंदावन कॉलोनी, नेपानगर ने पुलिस को बताया था कि रात करीब 3:30 बजे उनके घर का दरवाजा जोर-जोर से खटखटाया गया। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो 7-8 अज्ञात बदमाश घर में घुस आए। व्यापारी को पीटकर कैश और गहने ले गए थेबदमाशों की उम्र करीब 25 से 30 साल के बीच थी और सभी ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने रौनक जैन के साथ मारपीट की और सोने की चेन, ब्रेसलेट, पत्नी के गहने और करीब 1.60 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में टीआई ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। चार आरोपी पहले पकड़ाएजांच के दौरान पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब फरार चल रहे आरोपी प्रभात उर्फ चेतन मोंगिया (27), निवासी गुलगांव सांची, रायसेन, जो वर्तमान में नागदा (उज्जैन) में रह रहा था, उसे रतलाम से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई में उपनिरीक्षक शहाबुद्दीन कुरैशी, सहायक उपनिरीक्षक सूरज सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक अमर पवार और आरक्षक राकेश कनासे शामिल रहे।
मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर अब ड्राइव-इन सिनेमा रहेगा। भोपाल मंडल के 15 स्टेशनों पर इसकी शुरुआत की जाएगी। यहां पर स्टार्टअप्स समेत कमर्शियल एक्टिविटी भी होंगी। बता दें कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भोपाल मंडल के चिन्हित रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित, सुगम, आकर्षक एवं बहुआयामी शहरी केंद्र के रूप में विकसित करना है। जिससे वे केवल आवागमन के केंद्र न रहकर व्यापार, पर्यटन, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो सकें। साथ ही स्थानीय उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर ये स्टेशन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। अमृत भारत योजना के अंतर्गत भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूर्ण होकर प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण हो चुका है, जबकि हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, सांची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ एवं संत हिरदाराम नगर स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकासाधीन हैं। प्रस्ताव मांगेंपुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कमर्शियल स्थानों के उपयोग, व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने उद्यमियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्टार्टअप्स, फर्मों एवं संस्थानों से वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्रस्ताव भी मांगे हैं। ये हो सकेगा स्टेशनों पर ड्राइव-इन सिनेमा, मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र, डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं, प्रतीक्षालय/लाउंज, डिजिटल बैंकिंग यूनिट/ई-लॉबी/एटीएम अथवा किसी अन्य नवाचारी एवं व्यवहार्य व्यावसायिक अवधारणा के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्तावों का परीक्षण बोर्ड नियमों को देखते हुए करेगा। इसके बाद ई-नीलामी भी होगी। यात्री सुविधाएं बढ़ेंगीइस पहल के संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भोपाल मंडल सौरभ कटारिया ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं के केंद्र ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ नवाचारी व्यावसायिक अवधारणाओं का स्वागत ही नहीं, बल्कि बढ़ावा दे रहा है।
स्टोन व्यापारी से मांगी 50 लाख रंगदारी, गिरफ्तार:वॉट्सऐप कॉल कर कहा था-पूरा परिवार खत्म कर देंगे
लीज धारक स्टोन बिजनेसमैन को वॉट्सऐप कॉल करके धमकाने और 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। मामला झुंझुनूं का है। बगड़ पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी नितीश उर्फ ब्लैक को धर दबोचा। पूरा मामला झुंझुनूं के बगड़ थाना इलाके के माखर गांव का है। पुलिस के अनुसार- माखर गांव निवासी अरविंद कुमार ने लीज पर पत्थर की खदान ली है। वे पत्थर का कारोबार करते हैं। 2 जून को माखर गांव के ही नितीश सिंह पुत्र उम्मेद और कालू पूनिया ने अरविंद कुमार को वॉट्सऐप कॉल किया और 50 लाख की रंगदारी मांगी। कहा- अगर 50 लाख रुपए नहीं दिए तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। धमकी के बाद 5 जून को अरविंद ने बगड़ थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। स्पेशल टीम का गठन किया झुंझुनू के पुलिस अधीक्षक (SP) कावेन्द्र सिंह सागर ने तुरंत टीम का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और वृताधिकारी (डीएसपी) हरि सिंह धायल के सुपरविजन में बगड़ थानाधिकारी गोपाल सिंह थालोर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम बनी। जिसमें हेड कॉन्स्टेबल अंकित कुमार, कॉन्स्टेबल रामस्वरूप, संदीप कुमार, महेंद्र कुमार और नरेंद्र शामिल हुए। पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर और आसपास के संभावित छुपने वाले ठिकानों पर लगातार दबिश दी। साथ ही इलाके में पुलिस के मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। आखिरकार एक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी नितीश को दबोच लिया। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले के अन्य पहलुओं को खंगाल रही है।
दिल्ली पुलिस की एक टीम शुक्रवार को 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले की जांच करने के लिए सिवनी पहुंची है। यह मोटी रकम कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी, वह सिवनी के ही एक युवक के नाम पर रजिस्टर है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के एक व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल करके 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। फोन करने वाले बदमाशों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी बताया था। जब दिल्ली पुलिस ने इस मामले की तकनीकी जांच शुरू की, तो पता चला कि इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन और लोकेशन सिवनी जिले से जुड़ी है। सुनील सतनामी के नाम पर दर्ज है मोबाइल नंबर जांच के लिए दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से उस युवक को ढूंढकर पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि वह मोबाइल नंबर सुनील सतनामी नाम के युवक के नाम पर दर्ज है। हालांकि, अब तक की जांच में इस युवक का किसी भी आपराधिक गतिविधि या फिरौती की घटना में सीधे तौर पर शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। युवक का फोन जब्त, जांच में जुटे साइबर एक्सपर्ट पुलिस अधीक्षक के अनुसार, तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने के लिए युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग या उससे जुड़े अपराधियों ने किसी गलत तरीके से इस युवक के नंबर का इस्तेमाल किया होगा। फिलहाल साइबर एक्सपर्ट कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं। मामले की और जानकारी के लिए जब बंडोल थाना प्रभारी को फोन किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। फर्जी सिम और इंटरनेट कॉलिंग बन रही चुनौती देखा गया है कि पिछले कुछ सालों में देश के अलग-अलग राज्यों में व्यापारियों से व्हाट्सएप कॉल और इंटरनेट के जरिए धमकी देकर फिरौती मांगने के मामले बढ़े हैं। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर फर्जी सिम, क्लोन नंबर या इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि तकनीकी सबूतों के आधार पर जल्द ही असली आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
सलूंबर में 60KG एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट:8 नमूने जांच के लिए भेजे, व्यापारी दुकानें बंद कर भागे
सलूंबर के वन नाका क्षेत्र, झल्लारा और भबराना में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही भबराना क्षेत्र के कई व्यापारी दुकानें बंद कर मौके से भाग गए। इस दौरान 60 किलोग्राम अवधि-पार और दूषित खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। एक्सपायरी डेट के सामान मिलेजिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. और अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में वन नाका चौराहा, झल्लारा स्थित मेसर्स नमन ट्रेडर्स पर अनियमितताएं मिलीं। यहां विभिन्न ब्रांडों के मसाले, घी, कुरकुरे, चिप्स, रोस्टेड चना, कॉर्न फ्लेक्स, पापड़, पोहा, राजगीरा और सिंघाड़ा आटा सहित लगभग 60 किलोग्राम अवधि-पार और अनुपयोगी खाद्य सामग्री बिक्री के लिए रखी पाई गई। सामान को नष्ट कियाजनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य सुरक्षा दल ने इस पूरी सामग्री को मौके पर ही जब्त कर गड्ढे में डालकर नष्ट करवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री आम उपभोक्ताओं को बेची जानी थी, जिससे उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था। सरसों तेल और काजू के नमूने लिएकार्रवाई के दौरान नमन ट्रेडर्स से जय मेवाड़ ब्रांड कच्ची घाणी सरसों तेल और काजू के नमूने लिए गए। भबराना स्थित कौशल ट्रेडर्स से नमक, जोधपुर मिष्ठान भंडार से रसगुल्ला, तेल और लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए। इसके अलावा, एक अन्य किराना स्टोर से चाय और धनिया पाउडर के नमूने भी लिए गए। कुल 8 खाद्य नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों पर खाद्य अनुज्ञा पत्र प्रदर्शित नहीं थे, साफ-सफाई का अभाव था और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बिना लेबल के बेची जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया- संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार करना गैरकानूनी है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
संयुक्त व्यापार संघ निर्वाचित की ओर से प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई मुख्य अतिथि रहे। बैठक का संचालन संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री संजय जैन ने किया, जबकि अध्यक्षता नवीन गुप्ता ने की। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. वाजपेई ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश का जवान माइनस डिग्री तापमान में सरहद पर खड़ा भी नहीं हो पाता था और उसे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सैनिक 38 डिग्री माइनस तापमान में भी पूरी मुस्तैदी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने सांसद के समक्ष ऑनलाइन व्यापार से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी और उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है, जो एक गंभीर विषय है। इस पर डॉ. वाजपेई ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी सभी समस्याओं और मांगों का विस्तृत पत्र दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने भी व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को सांसद के सामने रखा। इस दौरान उपाध्यक्ष संजीव रस्तोगी, मनीष शर्मा, अमित बंसल, अनुज सिंघल, लल्लू मक्कड़, विकास गिरधर, सुधांशु पाराशर, अपार मेहरा और पूर्व पार्षद राजेश खन्ना समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।
Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई। बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए। ALSO READ: लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Edited By : Chetan Gour
भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार
मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
रायबरेली में सर्राफा व्यापारी को गोली मार कर लाखों के जेवर लूटे
रायबरेली। उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर गुरुवार देर रात एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर लूट लेने का मामला सामने आया है। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस घटना के खुलासे के लिए आसपास […] The post रायबरेली में सर्राफा व्यापारी को गोली मार कर लाखों के जेवर लूटे appeared first on Sabguru News .
भिवानी में घंटा घर चौक से लेकर रेलवे रोड तक लगने वाली रेहड़ियों को हटाने के विरोध में शुक्रवार को नेहरू पार्क में शहीद स्मारक के सामने रेहड़ी संचालकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उन्हें रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए। रेहड़ी संचालक संजय ने कहा कि उनकी रेहड़ी हटा दी गई है और उनके साथ गाली-गलौज किया जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों को गाली ना दी जाए और उन्हें रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने की अनुमति दी जाए। सभी गरीब व्यक्ति हैं और रेहड़ी लगाकर कमाकर खा रहे हैं। रेहड़ी संचालिका ऊषा ने कहा कि वह कपड़े की रेहड़ी जिला अस्पताल के नजदीक लगाती है। जब प्रशासन की टीम आई तो उसने 2 बार रेहड़ी हटाई थी। लेकिन उन्हें धमकी दी कि रेहड़ी हटा लो अन्यथा उठाकर ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार द्वारा रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर सरकार कोई ऐसा काम बताए, जिसे करके हम अपने बच्चों का पालन-पोषण कर पाएं। मांग नहीं मानी तो नगर परिषद का करेंगे घेराव भिवानी व्यापाल मंडल के अध्यक्ष जेपी कौशिक ने कहा कि रेहड़ी वाले व फल-फ्रूट के व्यापारियों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। बीच में सीएम के दौरे के दौरान शांति हो रखी थी। लेकिन अब फिर से इन्हें नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी परेशान कर रहे हैं। नगर परिषद के कर्मचारी इनकी रेहड़ी तोड़ देते हैं और गाली-गलौज करते हैं। विरोध स्वरूप किसी ने भी रेहड़ी नहीं लगाई। उनकी मांग है कि रेहड़ी लगाने की अनुमति दी जाए या फिर उनका कोई रेहड़ी लगाने के लिए स्थान निश्चित किया जाए। इसके अलावा नगर परिषद इन रेहड़ी वालों का टोकन काटकर दे, जिससे नगर परिषद की कमाई होगी और इनका रोजगार भी चलता रहेगा। अगर उनकी मांग नहीं मानी तो वे नगर परिषद का घेराव करेंगे और धरना देंगे। विधायक घनश्याम सर्राफ व सांसद धर्मबीर सिंह का भी घेराव किया जाएगा। अगर रेहड़ी वालों के साथ अत्याचार किया गया तो उसका उल्टा जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। जल्द समाधान करें- विजय पंचगावा इनेलो नेता एवं नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन विजय पंचगावा भी रेहड़ी वालों से मिलने पहुंचे और समर्थन देकर कहा कि वे इनकी मांग डीसी व अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। विजय पंचगावा ने कहा कि जब वे चेयरमैन थे तो उस समय भी रेहड़ी वालों के समक्ष ऐसी ही समस्या आई थी। उस दौरान डीसी के साथ बैठकर एक नियम बनाया और सभी रेहड़ी वालों के 100-100 रुपए की रसीद काटकर एक साल का परमिट दिया था और उनकी जगह निश्चित की थी। जिससे व्यवस्था बनी। उसी तरह व्यवस्था अभी भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद व डीसी इनकी समस्या का समाधान करें। जहां रेहड़ी संचालक अपनी रेहड़ी लगाकर कमाई कर पाएं। रेहड़ी वालों को हटाने की बजाया तोड़ाफोड़ की जा रही है। जो बिल्कुल गलत है। अगर जरूरत है तो रेहड़ी वालों को चेतावनी देकर हटा दें। यह सरकार अंग्रेजों की तरह शासन ना करें, अंग्रेजों में भी सुनवाई होती थी। लेकिन अब सुनवाई नहीं हो रही।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच वर्ष 2018 से ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन’ (एईओआई) व्यवस्था लागू है। इसके तहत दोनों देशों के बीच हर साल बैंक खातों से जुड़ी जरूरी वित्तीय जानकारी साझा की जाती है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रायपुर के युवक ने झूठी पहचान बताकर एल्युमिनियम व्यापारी से 50 हजार की ठगी की है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार गांधी नगर वार्ड क्रमांक 7 निवासी विजय राणा (32) एल्युमिनियम सेक्शन और ग्लास का कारोबार करते हैं। उनकी दुकान का नाम विजय एल्युमिनियम एंड ग्लास शॉप है। 29 मई को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एल्युमिनियम सेक्शन का व्यापारी बताया। उसने अपना नाम मुकेश शर्मा और फर्म आशीर्वाद इंटरप्राइजेज, बंजारी माता मंदिर, भनपुरी, रायपुर बताया। आरोपी ने बाजार से कम कीमत पर एल्युमिनियम सेक्शन देने का लालच दिया। इसके बाद विजय राणा से पांच बंडल का ऑर्डर लिया गया, जिसकी कुल कीमत 1 लाख 23 हजार 843 रुपए तय हुई। सौदा तय होने के बाद आरोपी ने भुगतान के लिए शिवम कुमार के नाम से क्यूआर कोड और मोबाइल नंबर भेजा। साथ ही 50 हजार रुपये एडवांस की मांग की। दो दिन में माल नहीं पहुंचा विजय राणा ने 29 मई को बताए गए नंबर पर 50 हजार रुपए एडवांस भेज दिए। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि सामान दो दिन के भीतर पते पर पहुंच जाएगा, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी न तो सामान आया और न ही पैसे वापस मिले। इसके बाद संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी से बात नहीं हो सकी। जांच में फर्जी पहचान का खुलासा पीड़ित ने खुद जांच की तो पता चला कि आरोपी न तो व्यापारी है और न ही उसकी कोई वैध फर्म है। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित ने लैलूंगा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का
मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।
पीपलखेड़ा हाट में तौल कांटे जांचे, 5 व्यापारियों पर केस
विदिशा| पीपलखेड़ा हाट में नापतौल विभाग ने गुरुवार को विशेष जांच अभियान चलाया। निरीक्षक नापतौल राजीव पांडेय ने हाट में चल रही अस्थायी दुकानों पर इस्तेमाल हो रहे तौल कांटों और माप उपकरणों की जांच की। जांच में तय मानकों और वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं मिला। इसके बाद 5 व्यापारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई का मकसद उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। बाजार में सही नाप-तौल व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जिन व्यापारियों पर प्रकरण दर्ज हुए, उनमें किशन पिता रामकिशोर प्रजापति, सत्यम पिता मनोज कुशवाह, सीताराम पिता जुगन लाल, विक्की पिता धर्मेंद्र साहू शामिल हैं। कुल 5 व्यापारी हैं। सभी पीपलखेड़ा हाट में अस्थायी रूप से दुकान चला रहे थे। राजीव पांडेय ने कहा कि नापतौल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि प्रमाणित और सत्यापित तौल उपकरण ही इस्तेमाल करें। समय-समय पर सत्यापन कराएं। उपभोक्ताओं को नुकसान न हो।
इंदिरा बाजार स्थित मोहद्वानेश्वर (महादेव) मंदिर परिसर से भगवान शंकर की एक प्रतिमा चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में इंदिरा बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री पदम ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार इंदिरा बाजार में स्थित मोहद्वानेश्वर महादेव मंदिर में क्षेत्र के व्यापारी नियमित रूप से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करते हैं। 18 जून को सुबह करीब 11:30 बजे एक व्यापारी पूजा के लिए मंदिर पहुंचा तो उसने देखा कि शिव परिवार की मूर्तियों में से भगवान शंकर की एक प्रतिमा अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद अन्य व्यापारियों को इसकी जानकारी दी गई। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सुबह करीब 9:15 बजे एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर में प्रवेश कर प्रतिमा लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। व्यापार मंडल का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने ही मंदिर से प्रतिमा चोरी की है। व्यापार मंडल ने पुलिस से अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, चोरी हुई प्रतिमा बरामद करने और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
PM मोदी-ट्रंप बैठक का असर, अंतिम चरण में पहुंचा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Interim Bilateral Trade Agreement) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ...
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बदमाशों ने एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर करीब 7 लाख रुपए के जेवरात लूट लिए। वारदात लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी रमन सोनी (28) रतापुर चौराहे के पास ज्वेलरी की दुकान संचालित करते हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर जेवरात से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। विरोध करने पर पैर में मारी गोली बताया जा रहा है कि छजलापुर के पास हाईवे पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। जब रमन ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश उनके पास मौजूद जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी के मुताबिक बैग में करीब 7 लाख रुपये मूल्य के जेवरात रखे हुए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल व्यापारी को संभाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रमन को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने गठित की टीमें घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि सर्राफा व्यवसायी के साथ लूट और गोली मारने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की जांच जारी है।
कोटा में अनैतिक गतिविधियों में उपयोग दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से दोनों अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलाया गया। इन मकानों की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत इटावा कस्बे में गुरुवार को यह बड़ी कार्रवाई की। एसपी सुजीत शंकर ने बताया- कुछ दिन पहले जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस ने खातौली रोड स्थित दो मकानों पर दबिश देकर अनैतिक कार्यों में लिप्त 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया था। शबनम, हनीसा बानो निवासी खातौली रोड इटावा थाना के 2 मकानों में अनैतिक कार्य पर छापा मारा गया था। जांच में सामने आया कि जिन मकानों में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं। वे अवैध रूप से बनाए गए थे। वहीं अवैध कार्यों से मिले रुपए से इन्हें बनाया था। अनैतिक कार्य के कारण पड़ोसी खाली कर रहे थे मकान अनैतिक कार्यों के चलते आस-पड़ोस के लोग अपने मकान बेचकर जाने लगे थे। यह कार्रवाई होने के बाद इलाके के लोग खुश नजर आए। नगरपालिका इटावा और प्रशासन द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को दोनों मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और डीवाईएसपी कैलाश मीणा के निर्देशन में जिलेभर में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम हेमंत घनघोर, नगरपालिका ईओ राजूलाल मीना, वृत्ताधिकारी ओमप्रकाश सरावग, थानाधिकारी अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
सहारनपुर में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने व्यापार बंधुओं की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा- व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। एजेंडे में शामिल किसी भी शिकायत को तब तक निस्तारित न माना जाए, जब तक शिकायतकर्ता स्वयं समाधान से संतुष्ट न हो जाए। राज्य कर विभाग के सहयोग से आयोजित बैठक में व्यापारियों ने बाजारों में जाम, अतिक्रमण, सड़क व्यवस्था और शौचालयों जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। नुमाइश कैंप के पास पुलिया पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और यातायात बाधित होने की शिकायत पर डीएम ने नगर निगम और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। शहर में विकसित होंगे व्यवस्थित वैडिंग जोन जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क किनारे कारोबार करने वालों के लिए व्यवस्थित वैडिंग जोन विकसित किए जाएं, ताकि उन्हें निर्धारित स्थान मिल सके और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई करने को कहा। अंसारी रोड पर बनेगा यूरिनल अंसारी रोड क्षेत्र में व्यापारियों के लिए शौचालय की समस्या उठाए जाने पर डीएम ने नगर निगम को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर यूरिनल निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता पर होना चाहिए। बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि कई दुकानदार दुकान होने के बावजूद सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं। डीएम ने ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाए। निर्माण कार्य की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी अंसारी रोड पर शिवालिक बैंक और कोतवाली के निकट चल रहे निर्माण कार्य के दौरान फैली सामग्री और गंदगी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्यों को 30 जून तक पूरा कर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घटतौली करने वालों पर चलेगा अभियान डीएम ने विधिक माप विज्ञान विभाग को घटतौली करने वाले व्यापारियों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए विभाग को रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ढमोला नदी की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं जनपद में लेबर अड्डा विकसित करने के प्रस्ताव पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में उपजिलाधिकारी और नगर निगम अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश भी दिए गए। पिछले एजेंडे के निस्तारण पर व्यापारियों ने जताया संतोष जिलाधिकारी की सख्ती के चलते पिछले महीने के अधिकांश एजेंडा बिंदुओं का समयबद्ध निस्तारण होने पर व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भोपाल के बोट क्लब पर गुरुवार को नगर निगम ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर बड़ी कार्रवाई की। यहां से 30 किलो पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की गई। साथ ही 15 व्यापारियों के विरुद्ध स्पॉट फाइल की कार्रवाई की। कमिश्नर संस्कृति जैन ने बड़ा तालाब किनारे बोट क्लब क्षेत्र में पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते गुरुवार को अमले ने कार्रवाई की। निगम के स्वास्थ्य विभाग के अमले ने बोट क्लब क्षेत्र में वेंडर्स पर छापामार कार्रवाई की और खाद्य पदार्थ आदि परोसने व पैक करने में उपयोग की जा रही पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्माकोल की सामग्री जब्त की। 5 हजार रुपए का जुर्माना निगम ने व्यापारियों के विरुद्ध 5 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। अमले ने वेंडर्स को समझाइश दी कि वे पॉलीथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक व थर्माकोल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक सामग्री का उपयोग करें।
प्रदेश में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेमेतरा जिले के बेरला रोड स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी फैसला बताते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान पूर्व संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा भी मौजूद रहे। आम जनता, व्यापारियों और किसानों पर पड़ेगा असर रविंद्र चौबे ने कहा कि, बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और किसानों पर पड़ेगा। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह फैसला अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग कांग्रेस नेताओं ने बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। चौबे ने कहा कि यदि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी और सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराया जाएगा। 1 जुलाई से लागू होंगी नई बिजली दरें प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंप उपभोक्ताओं पर 40 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त भार पड़ेगा। 24 प्रतिशत प्रस्ताव, 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी मंजूर रविंद्र चौबे ने बताया कि बिजली कंपनी ने आयोग के सामने करीब 24 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। आयोग ने औसतन 6.23 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसके बावजूद इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर साफ दिखाई देगा। तीसरे चरण में घर-घर पहुंचेगी कांग्रेस कांग्रेस ने बिजली दर वृद्धि के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। चौबे ने बताया कि आंदोलन के तीसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी की जानकारी दी जाएगी और सरकार की नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। संघर्ष जारी रखने का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बिजली बिलों से जनता परेशान है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल
Share Market Update News : मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ...
हरियाणा में जाने माने बिजनेसमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा दिल्ली में बंगला बिकने की वजह से सुर्खियों में हैं। दिल्ली के लुटियंस जोन में भगवानदास रोड पर उनका आलीशान बंगला 1,260 करोड़ रुपए में बिका है। हालांकि, इसका सौदा दिसंबर 2025 में कंपलीट हो गया था, लेकिन इसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई। यह जानकारी अभी भी सार्वजनिक नहीं की गई है कि यह बंगला किसने खरीदा। इसे दिल्ली लुटियंस जोन के सबसे महंगे रियल एस्टेट सौदों में से एक माना जा रहा है। खास बात यह है कि सुभाष चंद्रा ने 2.8 एकड़ में फैली यह प्रीमियम प्रॉपर्टी साल 2015 में करीब 304 करोड़ में खरीदी थी। 11 साल में इसकी कीमत चार गुना से अधिक बढ़ गई। बताया जा रहा है कि कर्ज से उबरने के लिए इस संपत्ति को बेचा गया है। अभी तक चंद्रा की तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। बता दें कि एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा मूलरूप से हिसार के रहने वाले हैं, जहां आज भी उनका पैतृक आवास है। इनके कारोबार की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। अग्रोहा ट्रस्ट में भी उनका योगदान रहा है। कभी कर्ज संकट में फंसा था एस्सेल समूह मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में एस्सेल समूह देश के सबसे चर्चित कॉरपोरेट कर्ज संकटों में से एक का सामना कर रहा था। समूह की कई कंपनियों के शेयर गिरवी रखे गए थे। बाजार में भारी उथल-पुथल के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों का हजारों करोड़ रुपए फंस गया था। उस समय कर्जदाताओं ने दबाव बनाया और समूह को अपनी कई परिसंपत्तियां बेचनी पड़ी। सुभाष चंद्रा ने बाद में सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए अपनी व्यक्तिगत और कारोबारी संपत्तियां बेचने का रास्ता चुना। 2021 में उन्होंने दावा किया था कि समूह के 90 प्रतिशत से अधिक कर्ज का निपटारा कर दिया गया है। क्या है लुटियंस जोन, जहां था सुभाष चंद्रा का बंगला… देश का पावर कॉरिडोर है लुटियंस बंगलो जोन : यह प्रॉपर्टी नई दिल्ली के लुटियंस बंगलो जोन (LBZ) में स्थित है। इसे देश का पावर कॉरिडोर माना जाता है। 28 वर्ग किलोमीटर में फैले इस इलाके में करीब 3,000 बंगले हैं। इनमें मुख्य रूप से मंत्री, जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी रहते हैं। इस इलाके में लगभग 600 प्रॉपर्टीज देश के कुछ सबसे अमीर लोगों की हैं। इसका मैप एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया था। सबसे खास और सख्त नियमों वाला रिहायशी इलाका : यह राजधानी का सबसे प्रतिष्ठित और सख्त नियमों वाला रिहायशी इलाका है। यहां बड़े भूखंड वाली प्रॉपर्टियां बहुत कम बिकती हैं, इसलिए जब भी कोई सौदा होता है, तो उस पर पूरे रियल एस्टेट सेक्टर की नजर रहती है। इलाके में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, जज, राजनायिक और कुछ चुनिंदा कारोबारी परिवार रहते हैं। सीमित सप्लाई और सख्त डेवलपमेंट नियमों की वजह से यहां जमीन की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं। हरियाणा से ही चंद्रा की राजनीति में हुई एंट्री
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल-डीजल, बिजली और खाद की बढ़ती कीमतों के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया और पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर सरकार विरोधी नारे लगाए। यह प्रदर्शन धमतरी जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित किया गया था। कलेक्ट्रेट मोड स्थित जनपद कार्यालय के पास बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पार्षद शामिल थे। कलेक्ट्रेट से लगभग 100 मीटर दूर एक पंडाल लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सभा के बाद कांग्रेसियों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। बैनर-पोस्टर लिए कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। हालांकि, कांग्रेसी बैरिकेड तोड़ते हुए मुख्य गेट तक पहुंच गए और कई स्तर के बैरिकेड्स को लांघकर उन पर चढ़ गए, जहां उन्होंने महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। खरीफ सीजन में खाद की कमी से किसान परेशान जिलाध्यक्ष ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। खरीफ सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को सोसायटियों में यूरिया और डीएपी जैसे महत्वपूर्ण खाद नहीं मिल रहे हैं। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और उत्पादन कम होने की आशंका है, जिससे किसान परेशान हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में अघोषित बिजली कटौती के बावजूद सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। बिजली दरों में पांचवीं बार बढ़ोतरी का आरोप दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार ने पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की है। 1 जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को मिलने वाली बिजली महंगी हो जाएगी। एक ओर पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार बिजली के दाम बढ़ाकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
नारनौल में निवेश के नाम पर ₹3.69 लाख हड़पे:टेलीग्राम पर फंसाया, पहले 1450 रुपए लौटाकर जीता विश्वास
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गांव खोर निवासी एक युवक से टेलीग्राम के माध्यम से निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.69 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव खोर निवासी सुनील पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में नीमराना स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत है। 24 अप्रैल 2026 को उसकी टेलीग्राम आईडी पर एक अज्ञात आईडी से संदेश आया। संदेश भेजने वाली महिला ने अपना नाम आशा बताया और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया। कई बार जमा कराए रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 25 अप्रैल को बताए गए यूपीआई खाते में 1,000 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बदले उसे 1,450 रुपए वापस मिले, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। बाद में उसे एक अन्य टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया, जहां उससे पहले 2,000 और फिर 12,000 रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसका कथित मुनाफा रोक लिया और अधिक राशि जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आखिरी बार मांगे 22400 सुनील ने बताया कि बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने स्वयं को मैनेजर बताते हुए अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। 13 मई को उसने अंतिम बार 22,400 रुपए भेजे, लेकिन इसके बाद भी उससे लगातार और पैसे मांगे जाते रहे। भाई के खाते से भेजे रुपए पीड़ित के अनुसार उसने अपने एसबीआई और यूको बैंक खातों के अलावा अपने भाई के बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। इस तरह कुल 3 लाख 69 हजार रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राजधानी लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। जनपद की अर्थव्यवस्था 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की कुल जीडीपी में इसका योगदान 5.56 प्रतिशत है। प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी के साथ लखनऊ वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर माना जा रहा है और सेवा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लखनऊ क्यों है टॉप-5 में? लखनऊ की 1.68 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है। इसकी सेक्टरवार हिस्सेदारी इस प्रकार है।• सेवा क्षेत्र : 62.76%• औद्योगिक क्षेत्र : 30.14%• कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : 7.10% लखनऊ की जीडीपी बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर1. स्वास्थ्य सेवाएं (केजीएमयू, एसजीपीजीआई, निजी अस्पताल)2. शिक्षा और रिसर्च संस्थान3. आईटी एवं सेवा क्षेत्र4. रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर5. उद्योग, एमएसएमई और निवेश सेवा क्षेत्र के दम पर आगे बढ़ रही राजधानी की अर्थव्यवस्था वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। कुल जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 62.76 प्रतिशत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, होटल और पर्यटन जैसी गतिविधियां राजधानी की आर्थिक ताकत बनी हुई हैं। राजधानी होने के कारण सरकारी और निजी संस्थानों की बड़ी मौजूदगी भी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र 30.14 प्रतिशत योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 7.10 प्रतिशत है। टॉप-5 सेक्टर लखनऊ की अर्थव्यवस्था को दे रहे गति लखनऊ की जीडीपी को गति देने में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे रही हैं, जबकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर राजधानी को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, आईटी और डिजिटल सेवाओं, फार्मा उद्योग, एमएसएमई इकाइयों और रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियां भी आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरी हैं। 58,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से मिलेगी नई रफ्तार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत लखनऊ में 58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 28,900 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे करीब 37,500 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 16 औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुकी हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और बल मिलेगा। कृषि, एफपीओ और आधुनिक तकनीक पर फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 54 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2.70 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार मिलेट्स उत्पादन, वैज्ञानिक खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक ताकत कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। जल जीवन मिशन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। आईटी , हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी सरकार की योजना लखनऊ को मेडिकल, एजुकेशन और आईटी सेक्टर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी परियोजनाओं के माध्यम से कानून व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में राजधानी से बड़ी उम्मीदें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का मानना है कि प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में राजधानी की भूमिका निर्णायक होगी। कृषि, उद्योग, निवेश और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास के जरिए लखनऊ को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में राजधानी का योगदान और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे क्या है योजना?58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए लखनऊ को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, 75 हजार भारतीय पेशेवरों को बड़ी राहत
भारत और ब्रिटेन के बीच 15 जुलाई से लागू होने जा रहे व्यापार और सामाजिक सुरक्षा समझौते से 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवरों और 900 कंपनियों को लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को पांच साल तक दोहरे सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट मिलेगी।
ग्राहकों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ज्यादा छूट देने की तैयारी
जयपुर | ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव के बीच जयपुर के व्यापारी अब डिजीटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में हैं। अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को टक्कर देने के लिए शुक्रवार शाम 6 बजे बिरला ऑडिटोरियम में “ONDC DigiDukaan Launch– भजन क्लबिंग-2026” होगा। कार्यक्रम में स्थानीय व्यापारियों को डिजीटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने, लोकल ऑनलाइन नेटवर्क तैयार करने की रणनीति पर भी काम होगा, जहां उपभोक्ताओं को बेहतर कीमत, ज्यादा छूट और तेज डिलीवरी मिलेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन एवं ONDC के स्वतंत्र निदेशक सुनील सिंघी विशिष्ट अतिथि होंगे। महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि देश के 1.4 करोड़ से अधिक खुदरा कारोबारियों को जोड़ने की योजना का हिस्सा। ONDC (Open Network for Digital Commerce) आधारित डिजीटल व्यापार मॉडल है। छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों को ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ता है और डिजीटल ऑर्डर, भुगतान और सप्लाई चेन प्रबंधन की सुविधा देता है। जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल बोले, ‘वोकल फॉर लोकल’ को डिजीटल स्वरूप देने की दिशा में यह आयोजन जयपुर के व्यापारिक इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
भारत और यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, भारतीय निर्यात और पेशेवरों को बड़ा फायदा
भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने घोषणा करते हुए जानकारी दी कि कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होगा
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से आईएमए हॉल में आयोजित बैठक में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान व्यापारियों और अधिकारियों को बताया गया कि वेदव्यासपुरी में बनने वाला यह ज्वेलरी पार्क मेरठ के सर्राफा कारोबार को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क मेरठ को सर्राफा कारोबार की पहचान और विरासत का प्रतीक बनाने की तैयारी है। मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि पार्क का डिजाइन आभूषण उद्योग की कला, संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फेडरेशन के अनुसार, ज्वेलरी पार्क का पूरा लेआउट ऊपर से देखने पर एक भव्य अंगूठी (रिंग) के आकार में नजर आएगा। यह डिजाइन व्यापार की मजबूती, एकता और शाश्वत संबंधों का प्रतीक होगा। वहीं पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार झुमकी के स्वरूप में बनाया जाएगा, जो मेरठ की ज्वेलरी कारीगरी और पहचान को दर्शाएगा। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और यह प्रोजेक्ट मेरठ को देश-दुनिया के ज्वेलरी मानचित्र पर नई पहचान देगा। वहीं मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता ने इसे भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि जल्द डीपीआर तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि पार्क में ज्वेलरी निर्माण से जुड़े कारीगरों, व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और शोरूम संचालकों के लिए एक ही जगह में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है। प्रोजेक्ट को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ऊर्जा बचाने वाले ग्लास और जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। व्यापारियों के सवालों के जवाब में प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए यूनिट की कीमत करीब ₹5 हजार प्रति वर्गफीट से शुरू होगी, जबकि प्रीमियम स्पेस की कीमत ₹20 हजार प्रति वर्गफीट तक रहेगी। मॉड्यूलर डिजाइन के कारण जरूरत के अनुसार यूनिट का आकार बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। कारीगरों के आवास के बारे में एमडीए सचिव ने बताया कि परियोजना के आसपास एमआईजी हाउसिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस, प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विस्तार से जवाब दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में सर्राफा कारोबार से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। फेडरेशन के पदाधिकारियों का मानना है कि ज्वेलरी पार्क भविष्य में मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
देश और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम महंगाई, नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और बेगूसराय में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ आज कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से वीर कुंवर सिंह चौक पन्हांस तक यह मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में छात्रों, युवाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ता और आम लोगों ने भारी संख्या में भाग लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताया। जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि आज देश के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित और निराश हैं। करोड़ों शिक्षित युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार केवल झूठे वादों और आंकड़ों का खेल खेल रही है। मोदी सरकार के शासनकाल में अब तक कुल 90 से अधिक बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। यह परीक्षा प्रणाली की विफलता ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। जिसने मेहनतकश छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने हाल ही में मद्यनिषेध विभाग की परीक्षा में अभ्यर्थियों को गृह जिला नहीं देने की नीति को असंवेदनशील बताया। भीड़ से एक परीक्षार्थी की दम घुटने से मौत उन्होंने कहा कि इस कुप्रबंधन के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ से एक परीक्षार्थी की दम घुटने से मौत हो गई। पाटलिपुत्रा स्टेशन पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। अपनी विफलता छुपाने के लिए रेलवे की ओर से 500 से अधिक निर्दोष परीक्षार्थियों पर FIR दर्ज करा दी गई। एक तरफ बेरोजगारी है, तो दूसरी तरफ रसोई गैस, खाद्य सामग्री, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। मृत परीक्षार्थी के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। निर्दोष छात्रों पर दर्ज की गई झूठी FIR को अविलंब वापस लिया जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाई जाए। बेगूसराय सहित पूरे राज्य में हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण और गोलीबारी की घटनाएं आम हो चुकी है। अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है और लोग असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर हैं। महंगाई पर नियंत्रण और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। सरकार ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। आने वाले दिनों में और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जुलूस में रामानंद सिंह, हारून राशिद खान, नगर पार्षद शगुफ्ता ताजवर, नगर अध्यक्ष ब्रजेश कुमार प्रिंस, मुखिया अवनीश कुमार और निशांत सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
सीतामढ़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बेरोजगारी, महंगाई, बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जनसमस्याओं को उठाया। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। ''आम लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर'' कुशवाहा ने कहा कि राज्य में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब हत्या, लूट, अपहरण या अन्य आपराधिक घटनाएं सामने न आती हों। उन्होंने दावा किया कि आम लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। रुन्नीसैदपुर से राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंदन यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोग सुबह घर से निकलते समय अपनी सुरक्षित वापसी को लेकर आश्वस्त नहीं होते। यादव ने महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। चंदन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
योगी सरकार का व्यापारियों को उपहार, मेरठ में 800 करोड़ से बनेगा ज्वेलरी पार्क
Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार ने यहां के सराफा कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ज्वेलरी पार्क बनाने का निर्णय लिया है। 800 करोड़ रुपए से यह पार्क बनाया जाएगा। इसके निर्माण का दायित्व मेरठ विकास प्राधिकरण ...
रीवा में हथियारों के प्रदर्शन के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। समान थाना क्षेत्र के संजय नगर से एक युवक का देशी कट्टा लहराते हुए वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि वीडियो बुधवार का है, जिसमें युवक वीडियो कॉलिंग के दौरान हथियार का प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार युवक ने वीडियो कॉलिंग के दौरान कट्टा दिखाते हुए उसकी रिकॉर्डिंग कराई थी। बाद में इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो दोस्तों के बीच रौब जमाने और भौकाल बनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन का बढ़ता चलन रीवा में पिछले कुछ समय से हथियारों के साथ फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि युवकों तक हथियार पहुंच कैसे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। कुछ युवक खुद को दबंग साबित करने और साथियों पर प्रभाव जमाने के लिए इस तरह के वीडियो बना रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा हथियार अवैध है। वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद समान थाना में अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि कट्टा लहराने का यह वीडियो रिकॉर्ड कर व्हाट्सएप पर शेयर किया गया था। पुलिस अब वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। गौरतलब है कि रीवा में पिछले एक वर्ष के दौरान 15 से अधिक फायरिंग और गोलीकांड की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में इसी तरह के अवैध हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस जुटी जांच में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान की जा रही है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर रीवा में हथियारों के खुले प्रदर्शन और उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर के स्क्रैप व्यापारी मुकुल अग्रवाल से हुई करीब 30 लाख रुपए की लूट का बुधवार को खुलासा हो गया। पुलिस ने मामले में रिटायर्ड सैनिक चंद्रशेखर मुकाती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी में भारी नुकसान होने के बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश रची थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती एक अन्य स्क्रैप व्यापारी के यहां काम करता था और उसे व्यापार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी थी। आर्थिक तंगी और क्रिप्टोकरेंसी में हुए नुकसान के चलते उसने अपने साथी प्रवीण भंडारी और अमर उर्फ भांजा के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। जांच में पता चला कि प्रवीण भंडारी ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया और अमर के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के बाद आरोपी एक सेकेंड हैंड कार खरीदकर शहर से बाहर फरार हो गए थे। मददगार भी बने आरोपी पुलिस ने लूटकांड में सहयोग करने वाले फिरोज और कपिल भंडारी को भी आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार फिरोज ने वारदात के लिए प्रवीण को एक्टिवा उपलब्ध कराई थी, जबकि कपिल ने आरोपियों को ठहरने और छिपने में मदद की थी। गोवा में हुई थी पहचान मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती पूर्व में गोवा में एक सिक्योरिटी एजेंसी संचालित करता था। वहीं उसकी पहचान प्रवीण भंडारी से हुई थी। बाद में दोनों इंदौर आ गए और संपर्क में बने रहे। इसी पहचान के आधार पर लूट की साजिश तैयार की गई। 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों से लूट की रकम, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, एक्टिवा और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों की किसी अन्य आपराधिक वारदात में संलिप्तता तो नहीं रही है।
बांका में RJD का सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट:बढ़ती महंगाई और क्राइम को लेकर वर्कर्स का नारेबाजी
बांका जिला मुख्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, अपराध और जनसरोकार के अन्य मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता की समस्याओं के समाधान की मांग की। ''आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया'' धरना को संबोधित करते हुए राजद नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य पदार्थों, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब तथा मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल रही है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग नेताओं ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लूट, हत्या, चोरी जैसे अपराधों में वृद्धि से आम लोगों में भय का माहौल है। राजद ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस धरना-प्रदर्शन में राजद के पूर्व विधायक जावेद इकबाल अंसारी, रामदेव यादव, जिला अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ठाकुर, जमीरुद्दीन जुम्मन, युवा राजद जिला अध्यक्ष विशाल यादव, हीरा बाबू, सुनील यादव और गौतम गोरे सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की प्रदर्शन के अंत में नेताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था में सुधार और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हुई तो राजद आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करेगा।
लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का रुख रहा। इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसयू बैंक के शेयरों के समर्थन से बीएसई के सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी में 0.40 प्रतिशत से ज्यादा की ...
RJD का अपराध, महंगाई और बेरोजगारी पर धरना:नवादा में कानून-व्यवस्था के खिलाफ एक दिन का प्रोटेस्ट
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को नवादा जिला मुख्यालय स्थित नगर थाना के पास एकदिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया। यह धरना बिहार में बढ़ते अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के विरोध में था। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस धरना में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के साथ शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का समर्थन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 'जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर' धरना कार्यक्रम का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष उदय यादव ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वक्ताओं ने आगे कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और बढ़ती महंगाई ने गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बताया उन्होंने बताया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और हत्या, लूट तथा अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने हाल के दिनों में एक व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस तक सुरक्षित नहीं है, जो सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। राजद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राजद सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का काम करेगा।
आहोर कस्बे में मंगलवार को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद बुधवार को माहौल तनाव पूर्ण बना रहा। घटना के विरोध में आहोर व्यापार संगठन और नगरवासियों ने 17 जून को बाजार बंद रखकर प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को रिपोर्ट देकर मारपीट, धमकी और वाहन तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है। बाइक टक्कर से शुरू हुआ विवाद पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार रविन्द्र सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह राजपूत निवासी भैंसड़ा (हाल निवासी आहोर) ने बताया कि उसका भाई खुशपाल सिंह 16 जून को दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे कपड़े खरीदने के लिए सुरेश्वर कॉम्प्लेक्स, गौशाला रोड की तरफ गया था। आरोप है कि इसी दौरान यशपाल सिंह तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए आया और खुशपाल सिंह की बाइक को टक्कर मार दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के बाद खुशपाल सिंह ने वाहन चालक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। रिपोर्ट के अनुसार जाते समय कथित रूप से धमकी भी दी गई। ऑफिस में घुसकर मारपीट का आरोप दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद दो वाहनों में सवार होकर कई लोग राजेश्वर ट्रैवल्स कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। रिपोर्ट में यशपाल सिंह, बलवंत सिंह, छैल सिंह, राहुल सिंह, विक्रम सिंह सहित अन्य लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वे हथियारों के साथ पहुंचे और हमला किया। साथ ही कार्यालय के बाहर खड़ी एक कार में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद लोग जान बचाकर वहां से भागे। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों ने लगाया सुनियोजित हमले का आरोप दूसरी ओर आहोर व्यापार संगठन द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि 16 जून को कुछ युवकों ने एक व्यापारी और उसके पुत्र के साथ मारपीट की और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। ज्ञापन में कहा गया है कि नेशनल हाईवे-325 पर पेट्रोल पंप के सामने थार और बोलेरो कैंपर वाहनों से व्यापारी की गाड़ियों को टक्कर मारी गई, जिससे दहशत का माहौल बन गया। व्यापारियों का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपित खुलेआम घूमते रहे और देर रात जोधपुर रोड स्थित आरजे-16 रेस्टोरेंट के पास अन्य व्यापारियों के साथ भी मारपीट की गई। साथ ही कई बाइक और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के आरोप भी लगाए गए हैं। व्यापार संगठन ने जताई कानून व्यवस्था पर चिंता ज्ञापन में व्यापार संगठन ने कहा कि पिछले कुछ समय से कस्बे में कुछ लोगों द्वारा आमजन और व्यापारियों के साथ मारपीट, अवैध वसूली, वाहनों में तोड़फोड़ और जमीनों पर कब्जे जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि काली फिल्म, बिना नंबर प्लेट और अवैध बंपर लगे वाहन मुख्य मार्गों पर तेज गति से दौड़ाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार को आहोर बंद, बाजार रहे सूने घटना के विरोध में बुधवार को आहोर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों और नगरवासियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपितों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती, अवैध वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। थानाधिकारी के बाद बाजार खुले आहोर थानाधिकारी करण सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायतें प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल समझाइश के बाद मामला शांत करवा दिया गया है और बाजार खुल चुके हैं।
कोडरमा के केशरिया कलाकंद को अब जीआई टैग मिल गया है। इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से स्थानीय कलाकंद कारोबारियों और लोगों में उत्साह का माहौल है। यह टैग उत्पाद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में मदद करेगा। झारखंड के कुल 11 उत्पादों को जीआई टैग मिला है। इनमें कोडरमा का केशरिया कलाकंद के अलावा गोड्डा का भगैया सिल्क, सरायकेला खरसावां का कुचाई सिल्क, मुंडा ज्वेलरी और खूंटी क्षेत्र का बांस शिल्प प्रमुख हैं। इनके अतिरिक्त डोकरा क्राफ्ट, दुमका के चंदर बदोनी पपेट्स, तसर सिल्क और साड़ी, जादूपटुआ पेंटिंग, पंची साड़ी और झारखंड बेनाम हैंडीक्राफ्ट को भी यह टैग प्रदान किया गया है। नाबार्ड ने भी इस जीआई टैग की पुष्टि की है। टैग झारखंड के उत्पादों को प्रदान किया गयाइस प्रक्रिया के तहत चेन्नई से एक टीम ने झारखंड का दौरा किया और रांची में एक प्रेजेंटेशन लिया गया था। कई महीनों तक चले प्रारंभिक मूल्यांकन के दौरान कोई आपत्ति दर्ज नहीं होने के बाद यह टैग झारखंड के उत्पादों को प्रदान किया गया। जीआई जनरल कॉपी में प्रकाशित रिपोर्ट पर किसी अन्य दावे को स्वीकार नहीं किया गया। इस मान्यता से इन उत्पादों की सदियों पुरानी कला और आदिवासी विरासत को नई पहचान मिलेगी। यह न केवल इनकी पारंपरिक विधियों को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बनेगा। अंग्रेजों के शासनकाल से ही क्षेत्र की पहचान रहा हैकोडरमा के कलाकंद का इतिहास आजादी से पहले का है। यह अंग्रेजों के शासनकाल से ही क्षेत्र की पहचान रहा है। कोडरमा जिले के सबसे पुराने कलाकंद व्यापारी संदीप खेतान ने बताया कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी से आए भाटिया परिवार ने कोडरमा में इसकी शुरुआत की थी। भाटिया परिवार द्वारा ही इस मिठाई को पहली बार बनाया गया था, जिसे भाटिया स्वीट्स नामक दुकान में बेचा जाने लगा। हालांकि उनके द्वारा सफेद कलाकंद बनाया जाता था। समय बदला और कोडरमा के झुमरीतिलैया में आदर्श जलपान नामक एक अन्य होटल खुला, जिसे तीन पार्टनर्स मिलकर संचालित करते थे। 1975 में पहली बार बना केशरिया कलाकंदसंदीप खेतान बताते हैं कि सन 1975 में आदर्श जलपान के एक कारीगर ने कुछ प्रयोग करते हुए पहली बार केशरिया कलाकंद बनाया था। इसके बाद से इसकी मांग बढ़ने लगी और सन 1977 में आदर्श जलपान बंद होकर आनंद बिहार मिठाई दुकान खुली और तब से लेकर आज तक यह होटल संचालित है और यहां के केशरिया कलाकंद की मांग हर दिन बढ़ती ही जा रही है। केसरिया कलाकंद और सादा कलाकंद की झुमरी तिलैया शहर में कई दुकानें है। कलाकंद मिठाई से न सिर्फ भारत के ही लोग वाकिफ हैं, बल्कि विदेशों में झुमरी तिलैया का कलाकंद अपनी पहचान बनाए रखा है। अंग्रेजों के शासनकाल से झुमरी तिलैया शहर का यह कलाकंद और इसकी मिठास ब्रिटिश अधिकारीयो की पहली पसंद थी। संदीप खेतान बताते हैं कि आज भी जिनके रिश्तेदार विदेशों में रहते हैं, वे यहां से कलाकंद जरूर ले जाते हैं। संदीप खेतान की मानें तो यहाँ की आबो हवा कलाकंद के स्वाद को अनोखा बनता है। जी आई टैग मिलने से हर्ष, विश्व पटल पर मिली पहचान कलाकंद कारोबारी संदीप खेतान ने बताया कि कलाकंद को जी आई टैग मिलना बहुत बढ़ी उपलब्धि है। अब कोडरमा की पहचान यहां के केशरिया कलाकंद से होगी। जिस प्रांत या देश के लोग अब तक केशरिया कलाकंद से अनभिज्ञ थे, अब सबों तक इसकी विशेषता और इसके स्वाद की जानकारी पहुंचेगी। जीआइ (भौगोलिक संकेत) टैग एक विशेष चह्नि है, जो किसी उत्पाद को मिलता है। यह टैग किसी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति के लिए होता है और उसके कारण उत्पाद में अद्वितीय गुण या प्रतिष्ठा होती है। यह एक तरह का बौद्धिक संपदा अधिकार है, जो कृषि, प्राकृतिक या निर्मित वस्तुओं के लिए दिया जाता है। जीआइ टैग उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा देता है और किसी भी व्यक्ति को उस उत्पाद के नाम का गलत इस्तेमाल करने से रोकता है।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में पॉलिटिकल चंदे को लेकर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि ईडी पार्टी व्यापारियों को चंदा देने के लिए डरा रही है और व्यापारियों से चंदे के नाम पर वसूली हो रही है। वहीं, केजरीवाल के बचान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि व्यापारियों ने मौजूदा सरकार को चंदा न देकर साफ कर दिया कि वो AAP सरकार से खुश नहीं हैं और अब उनकी विदाई तय है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले X पर पोस्ट डाली और लिखा कि ईडी पार्टी को पंजाब में 60 करोड़ का चंदा मिला है जबकि आम आदमी पार्टी को 70 लाख रुपए मिले हैं। इस पर केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईडी पार्टी पंजाब के व्यापारियों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। अरविंद केजरीवाल ने चंदे को लेकर कही ये अहम बातें... केजरीवाल के बयान पर भाजपा ने कही ये अहम बातें..
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। अर्धनग्न होकर बैलगाड़ी पर सवार होकर सपा कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग स्थित जिला कार्यालय से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा , लोहिया वाहिनी , यूथ ब्रिगेड और छात्र संघ के कार्यकर्ता , पदाधिकारी शामिल हुए। हाथों में सपा का झंडा लेकर लाल टोपी पहनकर और बुशर्ट उतार कर भीषण गर्मी में सपा कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए । प्रदर्शन में शामिल सपा नेता अनीस राजा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पेट्रोल और डीजल इतना ज्यादा महंगा कर दिया है कि हम लोग गाड़ियों में नहीं डलवा सकते। इसलिए आज बैलगाड़ी पर सवार होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सरकार ने हमें गाड़ी छोड़कर बैलगाड़ी पर चलने पर मजबूर कर दिया। हम लोग यह सरकार के साथ आम जनता को भी बताना चाहते हैं कि विकास के नाम पर विनाश की ओर जा रहे हैं।
जी-7 समिट में पीएम मोदी-स्टार्मर की मुलाकात, व्यापार से एआई तक कई मुद्दों पर हुई चर्चा
फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों को ज्यादा मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की
जग्गाखेड़ी में 8 नए औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू:निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मंदसौर के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर खुले हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। पूर्व में सभी भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग पर अनुपयोगी भूमि को विकसित कर ये प्लॉट तैयार किए गए हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में जारी इन आठ प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर और छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं। इन पर लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। निवेशकों ने इन नए भूखंडों में रुचि दिखाई है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी ने प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें मंदसौर का जग्गाखेड़ी क्षेत्र भी शामिल है। उद्योग जगत में इस पहल को लेकर उत्साह है। उम्मीद है कि इससे नए निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हीं सुविधाओं के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए भूखंडों की उपलब्धता को उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे मंदसौर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। जग्गाखेड़ी अब मंदसौर के औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कृषि प्रधान जिले के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मंदसौर अब उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। फेज-1 में विकसित किए गए कुल 136 औद्योगिक प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 78 इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं फेज-2 का विकास कार्य भी जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में फेज-1 में नए भूखंडों की उपलब्धता ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और इनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की संभावना जताई जा रही है। छोटे जिलों में औद्योगिकीकरण को मिल रही गति प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर, विदिशा, मंडला, कटनी सहित कई जिलों में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों के चलते छोटे जिलों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ के अनुसार मध्यप्रदेश निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और जग्गाखेड़ी में नए औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
इंदौर में एक कथित रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता पर प्रॉपर्टी निवेश, प्लॉट बिक्री और समिति की सदस्यता दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। मामले में दो पीड़ितों ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच और जोन-2 पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंचे मनीष लोहाना और निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह भारत सरकार लिखी वीआईपी नंबर की गाड़ियों का उपयोग करता था और प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। मनीष लोहाना के मुताबिक अभिषेक उमरे ने उन्हें स्कीम नंबर-136 स्थित एक आईडीए प्लॉट में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में अभिषेक और उसकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 5.80 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में दबाव बनाने पर केवल 1.50 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 4.30 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए गए हैं। प्लॉट को अपना बताकर बेचने का वादा वहीं दूसरे शिकायतकर्ता निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक प्लॉट को अपना बताकर बेचने और एक समिति की सदस्यता दिलाने का वादा किया था। निलेश के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 10 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट अभिषेक के नाम पर ही नहीं है। साथ ही समिति से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने अन्य लोगों से भी प्रॉपर्टी निवेश और प्लॉट बिक्री के नाम पर रकम ली है। उन्होंने कमलेश देशमुख और तरुण पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने अभिषेक उमरे, उसकी पत्नी और पिता दिनेश उमरे की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
मोहन मोहन सरकार की दूसरी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) भी भोपाल में होगी। जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस निवेश महाकुंभ की तैयारियां उद्योग विभाग ने शुरू कर दी हैं। शुभारंभ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की पुरानी जगह का निरीक्षण किया गया है। अंतिम चयन आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर होगा। पिछली जीआईएस के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने तकनीकी व्यवधान और ध्वनि संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। निवेश आकर्षित करने की दिशा में एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी के पास 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे होगी अलग जीआईएस... दायरा बढ़ेगा, नए देशों, नए सेक्टरों पर जोर 1. अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसीलिए इंडो लेटिन और इंडो-फ्रेंड्स मीट की जा रही है। इनके साथ अलग से मीट होगी। 2. अपकमिंग सेक्टर और सेमीकंडक्टर जैसे ऐसे क्षेत्र जिसमें निवेश शून्य है, होमवर्क किया जा रहा है। मप्र के ईको-सिस्टम को एक्सप्लोर किया जाएगा। 3. सीआईआई की तरह दूसरे इंडस्ट्रीयल चेंबर्स एंड कॉमर्स को भी इस बार बुलाएंगे। अलग से चर्चा रखी जाएगी। इससे समिट का दायरा बढ़ेगा। पिछली जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव, अब लक्ष्य और बड़ा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस आंकड़े में रीजनल इनवेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल थे। सबसे बड़ा प्रस्ताव अडाणी समूह का 1.10 लाख करोड़ रुपए का था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि जीआईएस-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार से अधिक रहेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और घटते भूजल स्तर के कारण आने वाले समय में खेती और पेजयल, दोनों के लिए गंभीर संकट हो सकता है। इसलिए किसानों को अभी से जल संरक्षण और कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली खेती की दिशा में काम करना होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मोरहाबादी मैदान में तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला-2026’ के उद्घाटन के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड की लगभग 80% आबादी खेती पर निर्भर है और किसानों को बदलते मौसम की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना समय की जरूरत है। इसलिए जैविक खेती को बढ़ावा देने, भू-जल संरक्षण, बंजर भूमि पर फलदार पौधों के रोपण और किसानों की आय बढ़ाने पर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि पिछले कार्यकाल में बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू की थी। इसके तहत बंजर भूमि में फलदार पेड़ लगाने की शुरुआत की गई। वर्तमान समय में लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर जमीन में पेड़ लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी। कृषक तथा राज्य सरकार की साझा सहयोग से ही राज्य की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि सड़कों और उद्योगों के विस्तार के नाम पर दशकों पुराने जंगलों की कटाई हो रही है। इससे शहर कंक्रीट के जंगल में बदलते जा रहे हैं। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन नहीं बनाया तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे। किसानों की समस्या सुलझाने के लिए पोर्टल बनेगा मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी बेहतर व आधुनिक खेती करने वाले किसानों की मैपिंग करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सीधे मुख्यमंत्री की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें तकनीकी उपकरणों से लैस करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। कृषि व्यापार मेला का आयोजन इस उद्देश्य से किया गया है कि कृषकों की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सके। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। आपको भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों के सवालों, जिज्ञासाओं और सुझावों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग को जल्द एक पोर्टल तैयार करने का आदेश दिया, जहां किसान अपनी बात रख सकें और सरकार व वैज्ञानिक उन्हें तुरंत समाधान उपलब्ध करा सकें।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार घरेलू तथा औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
बागपत के बड़ौत में 9 जून को हुए चर्चित व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड के फरार आरोपी भीमसेन को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार और बाइक बरामद की है। गौरतलब है कि 9 जून को बड़ौत क्षेत्र में व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास अपनी दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी अपने साथी भीमसेन के साथ वहां पहुंचा और दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के दौरान हुई फायरिंग में आरोपी वरुण लुहारी भी घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसका साथी भीमसेन वारदात के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, चेकिंग अभियान के दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में भीमसेन के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। कार्रवाई में बड़ौत कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि पिता-पुत्र हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
सेंड स्टोन पर अवैध तरीके से वसूली जा रही रॉयल्टी को लेकर हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कोटा कलेक्टर व माइनिंग एडीएम ऑफिस में ज्ञापन दिया। व्यापारियों से रॉयल्टी के नाम पर हो रही अवैध वसूली रोकने की मांग की। सीआईडी सीबी से जांच की मांग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश मित्तल ने कहा- बूंदी जिले के बरड (खान) क्षेत्र से रोज 100 गाड़ियां सेंड स्टोन मुक्कसर (उड्रेस्ड ब्लॉक ) लेकर निकलती है। धनेश्वर स्थित रॉयल्टी ठेकेदार अवैध तरीके से प्रतिटन ₹320 चार्ज वसूलता है। वहीं सरकारी नियमों में सेंड स्टोन मुक्कसर पर ₹180 प्रति टन दर निर्धारित की हुई है। सरकार की और से एग्रीमेंट में कोई भी पैमाना निर्धारित नहीं किया गया। उसके बावजूद व्यापारियों द्वारा अवैध वसूली का विरोध करने पर धमकाया जाता है। व्यापारी को एक गाड़ी पर 7 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। ये अवैध वसूली काफी समय से चल रही है। सभी व्यापारियों ने हिम्मत करके इसका विरोध जताया है। प्रशासन को ज्ञापन देकर अवैध वसूली रोकने, सभी व्यापारियों को इस जुल्म से राहत पहुंचाने की मांग की है। व्यापारियों ने अवैध वसूली की सीआईडी सीबी से जांच करवाने की मांग की। ज्ञापन देने में विकास जोशी, रोहित सूद, दिनेश भारद्वाज, ओम शर्मा, सचिन मित्तल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस बारे में SME अविनाश कुलदीप ने कहा- मैं अभी छुट्टी पर हूं। भरतपुर वालों के पास चार्ज है। ज्यादा जानकारी के लिए बूंदी माइनिंग इंजीनियर से बात करें।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिजली बिल बढ़ोतरी, खाद-बीज की कमी और किसानों की परेशानियों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी। भिलाई-3 स्थित अपने निवास से दौरे पर निकलने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में खेती का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को खाद, बीज और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। जहां सामग्री मिल रही है, वहां अधिक कीमत वसूली जा रही है। साथ ही घटिया गुणवत्ता की कृषि सामग्री मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। बिजली दरों में वृद्धि पर उठाए सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई बार बिजली दरें बढ़ाई जा चुकी हैं। बघेल ने कहा कि बढ़ी हुई दरों का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। जिन परिवारों का बिजली बिल पहले कम आता था, अब उन्हें कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर भी चिंता उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और आम लोगों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। 13 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। पांच दिवसीय सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा विधानसभा सचिवालय के अनुसार सत्र के दौरान विभिन्न शासकीय और विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट मांगों तथा महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली दरों में वृद्धि, खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की समस्याएं और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
अनादि काल से सनातन परंपरा चली आ रही है। इसका सबसे बड़ा गवाह राजगीर का ऐतिहासिक मलमास मेला (पुरुषोत्तम मास) सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, शांति और पूर्ण आध्यात्मिकता के साथ संपन्न हो गया। एक महीने तक 33 कोटि देवी-देवताओं का आतिथ्य करने वाली इस पवित्र धर्मनगरी से देवताओं को ससम्मान विदाई दी गई। इस बार राजगीर मलमास मेले ने आस्था और भीड़ के मामले में इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। टूटा रिकॉर्ड- 30 दिन में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी 30 दिनों तक चले इस धार्मिक महाकुंभ में करीब 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मकुंड, सप्तधारा, सरस्वती और वैतरणी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। पिछले मलमास मेले में करीब 2 करोड़ 70 लाख श्रद्धालु राजगीर पहुंचे थे। इस बार गर्मी की छुट्टियां, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुगम यातायात और रेलवे की ओर से चलाई गई स्पेशल ट्रेनों के कारण भीड़ में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई। बिहार के हर जिले के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और नेपाल तक से भारी संख्या में श्रद्धालु पापों से मुक्ति और मोक्ष की कामना लेकर राजगीर पहुंचे। उतरा धर्म ध्वज, देवताओं को दी गई विदाई एक महीने तक राजगीर की फिजाओं में गूंजने वाले शंख-घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार सोमवार को देव-विदाई के मधुर स्वरों में बदल गए। राजगृह तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के अध्यक्ष नीरज उपाध्याय और सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि पुरुषोत्तम महीने में राजगीर में प्रवास करने वाले 33 कोटि देवी-देवताओं की विधिवत विदाई के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। सोमवार सुबह 7 बजे से लेकर 8:46 बजे तक शुभ मुहूर्त में विशेष वैदिक अनुष्ठान, हवन और देव-पूजन संपन्न कराया गया। ब्रह्मकुंड और सप्तधारा परिसर में पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद, एक महीने पहले जिस धर्म ध्वजा को फहराकर मेले का शंखनाद किया गया था, यज्ञ स्थल पर स्थापित उसी ध्वज का वैदिक रीति से ‘कड़ा’ (विसर्जन/उतारने की प्रक्रिया) कर मेले की धार्मिक समाप्ति की गई। चमका बाजार, व्यापारियों की हुई चांदी मलमास मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई जान फूंक दी। 30 दिनों तक राजगीर में पैर रखने की जगह नहीं थी, जिसका सीधा फायदा छोटे-बड़े हर तबके के कारोबारियों को मिला। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, इस बार मेले में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। मेले में बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में व्यापारी अपनी दुकानें लगाने पहुंचे थे। एक महीने तक खिलौने, श्रृंगार सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, प्रसिद्ध खाजा-पेड़ा, पूजन सामग्री, हस्तशिल्प वस्तुएं और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ रही। सबसे ज्यादा मुनाफा होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस संचालकों को हुआ, जहां कमरों के लिए 'नो-रूम' की स्थिति बनी रही। इसके अलावा ई-रिक्शा, ऑटो चालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और मनोरंजन (थिएटर, सर्कस, झूला) व्यवसाय से जुड़े लोगों की भी बंपर आमदनी हुई। चौथे शाही स्नान में खली संतों की कमी मेले के अंतिम चरण में सोमवार को ही चौथा अमावस्या शाही स्नान भी था। हालांकि, इस बार एक कसक जरूर रह गई। परंपरागत रूप से इस अंतिम शाही स्नान में निकलने वाली साधु-संतों, महंतों और नागा साधुओं की भव्य शोभायात्रा और सामूहिक शाही स्नान इस बार देखने को नहीं मिला। इसके पीछे के कारणों पर विभिन्न अखाड़ों ने चुप्पी साधे रखी। हालांकि, संतों के न आने के बावजूद आम श्रद्धालुओं की आस्था रत्तीभर भी नहीं डिगी और हजारों श्रद्धालुओं ने अहले सुबह से ही पवित्र कुंडों में स्नान किया। सुनहरी यादें लेकर लौटे श्रद्धालु, अब तीन साल का इंतजार एक महीने तक राजगीर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। 22 अग्निकुंडों और 52 जलधाराओं की इस नगरी में प्रवचनों, भजन-कीर्तन, रासलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। सोमवार को ध्वज विसर्जन के साथ ही राजगीर की सड़कों पर रौनक भले ही कुछ कम हो गई हो, लेकिन यहां आए करोड़ों श्रद्धालु अपने साथ आध्यात्मिक शांति, मोक्ष का विश्वास और सुखद स्मृतियां लेकर अपने घरों को लौटे हैं। अब पावन नगरी को अगले तीन साल (अगले मलमास) का इंतजार रहेगा।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मई में थोक महंगाई 9.68 प्रतिशत रही, सरकार ने 2022-23 आधार वर्ष के साथ नई डब्ल्यूपीआई सीरीज लॉन्च की
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को 2022-23 को नया आधार वर्ष मानते हुए संशोधित थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) सीरीज लॉन्च की, साथ ही मंत्रालय ने बताया कि मई में थोक महंगाई दर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई।
कोटपूतली वस्त्र व्यापार संघ ने मंगलवार को नगर परिषद आयुक्त अरुण कुमार शर्मा को आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कस्बे में सफाई व्यवस्था सुधारने और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक करने की मांग की गई। ज्ञापन में अग्रसेन चौक पर आम जनता की सुविधा के लिए एक नए सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही, आजाद चौक, सोनी मार्केट, जलेबी चौक, नगर परिषद पार्क और मैन चौराहा स्थित मौजूदा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि इन शौचालयों में गंदगी और भयंकर बदबू के कारण इनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। इससे बाजार आने वाली महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने बाजार क्षेत्र में चरमराई साफ-सफाई व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया कि बाजार के नाले कचरे और गंदगी से भरे पड़े हैं। इस दौरान संघ के अध्यक्ष होषियार सिंह कसाना, उपाध्यक्ष दिनेष गुप्ता, महामंत्री ख्यालीराम सैनी, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, दिनेश चंद, गुरुप्रसाद अग्रवाल, सुभाष चंद्र मित्तल और रविंद्र सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
चाकसू में पिकअप से एक मोबाइल चोरी हो गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ित ने आरोपी की पहचान कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पीड़ित जितेंद्र कुमार चिरानिया ने बताया- वे गंगोरी मैदान के सामने एचडीएफसी बैंक के पास अपनी पिकअप गाड़ी से टाइल्स उतार रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति कंडक्टर साइड से आया और डैशबोर्ड पर रखा मोबाइल चुराकर फरार हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत करीब 28,000 रुपये थी, जिसमें 4,000 रुपये नकद भी रखे थे। चाकसू थाना इंचार्ज मनोहर लाल मेघवाल ने बताया- मामले की जांच चल रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अब ऐसे संदिग्ध चोरों की तलाश के लिए गश्त बढ़ाएगी और उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार करेगी। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना घटना के तुरंत बाद दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर एक आदतन नशेड़ी चोर को गाड़ी से मोबाइल चुराकर भागते हुए देखा गया। जितेंद्र ने आरोपी की पहचान कर ली है और पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। लगातार बढ़ रही चोरी की वारदात चाकसू उपखंड मुख्यालय पर चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। कस्बे के मुख्य बाजारों में दिनदहाड़े दुकानों के सामने खड़े वाहनों से नकदी और मोबाइल चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश है, क्योंकि इन घटनाओं को नशेड़ी और स्मैकची प्रवृत्ति के लोग अंजाम दे रहे हैं। पहले भी हो चुकी है घटनाएं पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। 10 जून को चाकसू के मोहम्मदपुरा गांव में एक ही रात में तीन कुओं से मोटर केबल चोरी हुई थी। इसके अगले दिन, 11 जून को मुख्य बाजार में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की कार से 20,000 रुपये नकद और दस्तावेज चोरी हो गए थे। इन लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। वे ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
जालोर के जिला हॉस्पिटल में एक्सीडेंट के बाद इलाज कराने गए एक युवक को इमरजेंसी में इलाज नहीं मिला। इससे नाराज ग्रेनाइट व्यापारी ने जालोर विधायक और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को कॉल कर खरी-खोटी सुना दी। बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है। घटना 14 जून की है। जालोर में ग्रेनाइट व्यापारी पदमाराम एक्सीडेंट में घायल मजदूर को जालोर जिला हॉस्पिटल लेकर गए थे। इस दौरान इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया। वहीं मौके से विधायक को कॉल भी किया। कहा- आपके क्षेत्र में आपकी चल नहीं रही है। डॉक्टर भी सुन नहीं रहे हैं। सर, आपको थोड़ी शर्म आनी चाहिए। कैसे होगा? आपका सिस्टम कैसा चल रहा है? आपका नाम लिया तो डॉक्टर बोले, यह उनका काम है। विधायक ने एक्स-रे की फिल्म वॉट्सएप पर देने की बात कही तो व्यापारी बोला- कोई नहीं सर, इस बार आपको वोट भी ऑनलाइन दे देंगे। विधायक ने विनम्रता से जवाब में वेलकम कहा तो व्यापारी बोला- क्या वेलकम? शर्म आनी चाहिए आपको। लोग मर रहे हैं आपके जालोर में और आप फॉर्च्यूनर कार में आराम से घूम रहे हो और सो रहे हो। व्यापारी ने कहा कि रविंद्र सिंह भाटी के एक फोन पर घायल युवक का इलाज हुआ था। आपकी सरकार होते हुए भी आप इलाज नहीं करा पाए हो। आपके डॉक्टर भी बात नहीं सुनते हैं। इस विधायक ने कहा- कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हो? पढ़िए … बातचीत के अंश विधायक - क्या हुआ, अब तक कोई नहीं आया क्या? व्यापारी - क्या सर, कैसे होगा? आपका सिस्टम कैसा चल रहा है? विधायक - मरीज कौन है? व्यापारी - सुरेश नाम है और मेरे पास काम करता है। थोड़ा सिस्टम सुधारो सर। आप जालोर के मंत्री होकर भी सिस्टम नहीं सुधारोगे तो कैसे होगा? सर, अस्पताल में सिस्टम नहीं है। मरीज की कोई सुनवाई नहीं है। विधायक - उसकी पट्टी हुई कि नहीं? व्यापारी - सरकार के हिसाब से कुछ नहीं हुआ। न एक्स-रे हुआ। आपके कहने पर किया, लेकिन अस्पताल में फिल्म ही नहीं है। अगर हम कहीं और इलाज कराएं तो हमें दूसरा एक्स-रे कराना पड़ेगा। इसलिए हमने अपने स्तर पर डॉक्टर से बात कर कहा कि हमें बाहर जाना है और कहीं इलाज कराएंगे। तब जाकर पट्टी बांधी है। आपका भी नाम लिया था तो डॉक्टर बोले विधायक जाने और उनका काम जाने, वह सरकार को बोले। विधायक - पट्टी बांधी कि नहीं? व्यापारी - पट्टी तो बांध दी, लेकिन कोई इलाज भी तो होना चाहिए। विधायक - इलाज में और क्या होता? फ्रैक्चर होता है तो एक्स-रे और पट्टी होती है। हो गई, और क्या इलाज करना है? व्यापारी - एक्स-रे तो हमें मिलना चाहिए। हम कहीं और दिखाएं तो क्या दिखाएं? हमें फिर कराना पड़ेगा। बोले, फिल्म नहीं है हमारे पास। विधायक - तो आपको वॉट्सएप पर दे देंगे। व्यापारी - सर, कैसी बात कर रहे हैं आप? विधायक - अरे, वॉट्सएप पर भी दे सकते हैं। मान लो अस्पताल में फिल्म नहीं है तो आपको वॉट्सएप पर मिल सकती है। व्यापारी - कोई नहीं सर, इस बार आपको वोट भी ऑनलाइन दे देंगे। विधायक - हां, खैर वह ठीक है। व्यापारी - सर, आपको थोड़ी बहुत शर्म आनी चाहिए। जालोर में कुछ दिन पहले सीएमएचओ ऑफिस के सामने सड़क हादसा हुआ था। उसमें आहोर के दो लड़कों की मौत हुई थी। उसमें भी आपकी ही गलती थी। आपने ध्यान नहीं दिया, इसलिए हादसा हुआ। विधायक - अरे भाई, एक्स-रे भी हो गया और इलाज भी हो गया। व्यापारी - हो तो गया। हम तो कहीं और इलाज करा देंगे, लेकिन गरीब आदमी कहां और कैसे इलाज कराए? उसका भला कैसे होगा? मैं डॉक्टरों से बात करके आया हूं। फिल्म नहीं मिल रही तो हम भामाशाह बनेंगे, साइज बता दो, लाकर दे देंगे। सरकारी अस्पताल का मतलब ही यह है कि यहां इमरजेंसी में इलाज हो। डॉक्टर तो अपने निजी अस्पताल में पूरे दिन सेवा देते हैं। आपका नाम लिया तो डॉक्टर बोले, यह उनका काम है। जोगेश्वर सरकार को कॉल लगाए, मुझे क्यों लगाए? विधायक - कोई डॉक्टर ऐसा बोल ही नहीं सकता। क्या बात कर रहे हो? व्यापारी - ऐसा बोल ही नहीं सकता? मैंने आपको कॉल करके गलती कर दी। धन्यवाद है आपको। जालोर और हमारा दुर्भाग्य है कि हमें आप जैसे विधायक मिले हैं। वह रविंद्र सिंह भाटी... मेरी आंखों के सामने राजपूत समाज का एक युवक सड़क हादसे में घायल हुआ था। उसके एक फोन पर उसका इलाज हुआ था। आपकी सरकार होते हुए भी आप इलाज नहीं करा पाए हो। आपके डॉक्टर भी बात नहीं सुनते हैं। विधायक - इलाज हो गया, अब क्या चाहिए? व्यापारी - जो इलाज 20 मिनट में होना था, वह एक घंटे में हुआ है। पट्टी भी एक घंटे बाद बांधी है। विधायक - रविवार का दिन है। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं होगा, कॉल करने पर आया होगा। इसलिए देर हुई, लेकिन मेरे कहने पर आया है। व्यापारी - सर, यह गलत बात है। सिस्टम सुधारो। जालोर के लिए यह बहुत बड़ी विडंबना है। आप चार बार विधायक रह चुके हैं और आपकी बात भी नहीं सुन रहे तो यह बहुत बड़ी गलत बात है। विधायक - मेरी नहीं सुनते तो आपकी पट्टी ही नहीं बंधती और इलाज नहीं होता। इलाज तो हुआ ही है भाई। व्यापारी - इसका मतलब आपके कहने पर ही इलाज होता है। इस बार कभी इमरजेंसी होने पर आपको बोलता हूं, क्या करते हैं आप, देखता हूं। विधायक - वेलकम। व्यापारी - क्या वेलकम? शर्म आनी चाहिए आपको। लोग मर रहे हैं आपके जालोर में और आप फॉर्च्यूनर कार में आराम से घूम रहे हो और सो रहे हो। विधायक - कुछ ज्यादा नहीं बोल रहे हो? व्यापारी - आप हमारे विधायक हैं, मंत्री हैं। अब हम क्या करें? वह आपके मुंह से सुनना चाहता हूं। विधायक - आपका विधायक हूं। आपने वोट दिए, इसलिए ही तो इतनी बात सुन रहा हूं। नहीं तो कौन सुनता है? व्यापारी - सर, सुननी तो पड़ेगी। हमने आपको वोट दिया है। ज्यादा मजबूरी में बोलना पड़ता है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी सैमुअल एन पाल को सौंपा। इस ज्ञापन में प्रदेश के व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। महामंत्री आरिफ हबीब ने मांग की कि जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और दुकानों में आगजनी जैसी घटनाओं से सुरक्षा हेतु 1 करोड़ रुपये तक का बीमा किया जाए। इसके अतिरिक्त, विभागीय बकाया या रिटर्न देर से जमा करने पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने यह भी मांग की कि विभिन्न विभागों के लाइसेंस आजीवन बनाए जाएं। ज्ञापन में व्यापारियों पर होने वाले सर्वे और छापों को कानून सम्मत तरीके से संचालित करने की बात कही गई। साथ ही, बिजली बिल में मीटर रीडिंग के आधार पर बिलिंग होने के कारण फिक्स चार्ज और न्यूनतम चार्ज समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करेगी। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष धनश्याम साहू, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु, कोषाध्यक्ष उमेशचंद गुप्त, नगर महामंत्री आलोक रंजन सिन्हा, युवा ज़िला अध्यक्ष अरुण शुक्ल और युवा ज़िला उपाध्यक्ष सुमित कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई नहीं है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे का दावा है कि 1989 में गांव-गांव, शहर-शहर और देश-विदेश से पूजित होकर अयोध्या आईं सोने-चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु की 1250 शिलाएं अब ‘गायब’ हो चुकी हैं। ये शिलाएं 2002 तक कारसेवकपुरम में रहीं। मिट्टी की पूजित शिलाएं आज भी कारसेवकपुरम में रखी हैं, लेकिन धातु की शिलाएं कहीं दिखाई नहीं देतीं। संतोष दुबे के मुताबिक, सोने-चांदी की शिलाओं की देख-रेख का जिम्मा भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास था। ये शिलाएं कारसेवकपुरम में जहां सुरक्षित रखी गई थीं, वहां 3 ताले लगे थे। फिर ये शिलाएं कहां गायब हो गईं, यह किसी को नहीं पता है। सवा रुपया दे दे रे भैया रामशिला के नाम का… श्रीराम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने दैनिक भास्कर से कहा, 'श्रीराम मंदिर के लिए 1985 में ‘श्रीराम जन्मभूमि न्यास' बना। इसके अध्यक्ष परमहंस रामचंद्र दास थे। न्यास में विहिप के अशोक सिंघल, गिरिराज, रामविलास वेदांती, चंपत राय समेत कई लोग थे। श्रीराम मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए 1989 में विहिप ने पहला बड़ा अभियान शुरू किया। नारा दिया गया- 'सवा रुपया दे दे रे भैया रामशिला के नाम का, राम के घर में लग जाएगा पत्थर तेरे नाम का।' इस अभियान में विहिप ने हर एक व्यक्ति से सवा रुपए, मतलब एक घर से 5 से 10 रुपए चंदा देने के लिए कहा। साथ ही घर-घर से पूजित शिलाएं भी मांगीं। विहिप ने कहा था कि श्रीराम मंदिर के निर्माण में इन शिलाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इस अभियान ने पूरे देश में श्रीराम मंदिर के आंदोलन को तेज कर दिया। लोगों ने खुलकर दान दिया।' वह आगे कहते हैं, 'मैं तो अयोध्या में ही रहता हूं। तब कारसेवकपुरम से जुड़ गया था। मेरा काम ऐसी शिलाओं का लेखा-जोखा तैयार करने का था, जो सोने-चांदी, हीरा, माणिक्य, अष्टधातु सहित अन्य महंगी धातुओं से तैयार करके भेजी जा रही थीं। तब मेरी उम्र 22-23 साल की रही होगी। मेरे साथ इस गणना में तब संघ के एक प्रचारक डॉ. रामविलास वेदांती और परमहंस रामचंद्र दास शामिल थे। डॉ. रामविलास वेदांती और परमहंस रामचंद्र दास आज इस दुनिया में नहीं हैं।’ सबसे महंगी शिला मॉरीशस से आई, मुंबई के व्यापारी ने हीरे जड़ी शिला दी थी संतोष दुबे दावा करते हैं, ’सोने-चांदी और अष्टधातु की इन शिलाओं की कुल संख्या 1250 थी। परमहंस रामचंद्र दास जी बताते थे कि इन शिलाओं में सबसे महंगी शिला मॉरीशस वाली थी। मुंबई के एक व्यापारी ने जो शिला भेजी थी, उस पर हीरे जड़े थे। सबसे ज्यादा चांदी, फिर सोने की शिलाएं थीं।’ 3 तालों के अंदर से 2002 के बाद ‘गायब’ हो गईं शिलाएं ये शिलाएं ट्रस्ट के अध्यक्ष परमहंस रामचंद्र दास के निर्देश पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय की देख-रेख में रखवाई गई थीं। शिलाएं सुरक्षा के लिए जहां रखी गईं, वहां 3 ताले लगाए गए थे। 2002 तक ये शिलाएं थीं। इसके बाद से पता नहीं चला। संतोष दुबे कहते हैं, ’इसके पीछे चंपत राय की भूमिका रही है। दावा करते हैं कि परमहंस रामचंद्र दास इसी सदमे में बीमार रहने लगे और 2 साल बाद प्राण त्याग दिए। डॉ. रामविलास वेदांती डर की वजह से बोल नहीं पाए। इससे साफ है कि श्रीराम मंदिर के नाम पर मिलने वाले दान के सोने-चांदी की चोरी आज नहीं, 1989 से ही शुरू हो गई थी।' श्रीराम मंदिर मॉडल की दानपेटी के चढ़ावे का भी कोई रिकॉर्ड नहीं संतोष दुबे कहते हैं, 'कारसेवकपुरम में विहिप ने श्रीराम मंदिर का मॉडल रखा था। इसके सामने एक दानपेटी रखी गई थी। इसमें भी देशभर से आने वाले श्रद्धालु दान करते थे। इस दानपेटी में 50 रुपए से अधिक दान देने वालों की रसीद काटी जाती थी। मतलब, इससे कम की राशि का कोई लेखा-जोखा नहीं था। इस दानपेटी में हर महीने पांच से 7 लाख रुपए जमा होते थे। दान देने वाले व्यक्ति को बदले में श्रीराम मंदिर मॉडल की एक फोटो दी जाती थी। तब भी विहिप की तरफ से चंदे में मिलने वाली राशि कभी सार्वजनिक नहीं की गई।' ट्रस्ट गठन के समय न्यास के खाते में सिर्फ 8.50 करोड़ ही दिखाए गए संतोष दुबे कहते हैं, '5 फरवरी, 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बना। तब न्यास को इसमें समाहित कर दिया गया। उस समय न्यास के खाते में सिर्फ 8.50 करोड़ रुपए दिखाए गए थे। तब भी सोने-चांदी की शिलाओं का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसके बाद ट्रस्ट ने समर्पण और सहयोग राशि अभियान चलाया। ऑनलाइन भी चंदा लिया गया। घर-घर चलाए गए समर्पण राशि के लिए रसीद भी दी गई। हालांकि, रसीद और दान में मिली राशि को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। पहले न्यास और अब ट्रस्ट में चंपत राय ही सर्वेसर्वा की भूमिका में हैं। आरोप लगते हैं कि कभी भी उनकी तरफ से पारदर्शिता दिखाने की कोशिश नहीं की गई।’ साढ़े चार साल में 61 करोड़ दर्शन को पहुंचे श्रीराम मंदिर में दर्शन करने 2022 से अब तक साढ़े चार साल में 61.53 करोड़ लोग पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, दर्शन करने जाने वाला सामान्य व्यक्ति भी कम से कम 10 रुपए श्रद्धा भाव से जरूर चढ़ाता है। इस हिसाब से 600 करोड़ रुपए सिर्फ दान पेटियों में लोगों ने दान किया। इसमें महिलाओं की ओर से दान की गई सोने-चांदी के जेवरों की बात नहीं की जा रही है। 2024 में चंपत राय ने जब चढ़ावे का विवरण दिया था, तब उन्होंने 13 क्विंटल चांदी और 20 किलो सोने का जिक्र किया था। 2025 में करीब 30 करोड़ लोगों ने दर्शन किए। इस हिसाब से 2025 में करीब 300 करोड़ का चढ़ावा आना चाहिए। जबकि 1 अप्रैल, 2025 से 28 फरवरी, 2026 का जो रिकॉर्ड ट्रस्ट ने 21 मार्च की बैठक में पेश किया था, उसमें सिर्फ 54 करोड़ रुपए दिखाए गए थे। अब अगर 2026 की बात करें, तो जनवरी से 15 जून तक लगभग 7 करोड़ लोग दर्शन कर चुके हैं। ---------------------------- ये खबरें भी पढ़िए- ऑटो ड्राइवर ने राम मंदिर मैनेजमेंट में कैसे ली एंट्री, टिन्नू यादव पर चढ़ावे की चोरी के आरोप; 28 साल पहले चंपत राय से जुड़ा था अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद देशभर में टिन्नू यादव सुर्खियों में है। कहने को टिन्नू ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खास सहयोगी है, लेकिन श्रीराम मंदिर ट्रस्ट में वह बहुत पावरफुल बताया जाता है। चाहे सिक्योरिटी का मैनेजमेंट हो या चढ़ावे को बैंक में डिपॉजिट कराना हो, टिन्नू ही सब कुछ मैनेज करता आया है। पढ़िए पूरी खबर... राम मंदिर से क्या 200 करोड़ का चढ़ावा चोरी हुआ: 50 कर्मचारी रडार पर, कई 5 साल में करोड़पति हुए; अब तक 2 करोड़ कैश मिला अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की चोरी ने सबको चौंका दिया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। नोटों की गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 कर्मचारियों से करीब 2 करोड़ रुपए की नकदी, एक कार और 3 आईफोन बरामद किए हैं।पढ़िए पूरी खबर…
पटाखा व्यापार समिति; अवैध कारोबार की निंदा
जयपुर | जयपुर पटाखा व्यापार समिति ने अवैध पटाखा व्यापार से किनारा करते हुए कहा है कि समिति के सभी सदस्य विस्फोटक अधिनियम व नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं। हाल ही में हुई एक घटना पर नाराजगी जताते हुए समिति ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया कि सभी वैध व्यापारी पुलिस, अग्निशमन व संबंधित विभागों की अनुमति व लाइसेंस के बाद ही व्यापार करते हैं। समिति ने प्रशासन से शहर से बाहर पटाखा व्यापार के लिए व्यवस्था करने की मांग की।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सरकारी कर्मचारियों के वायफरकेशन (विभाजन) के 26 साल बाद भी पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) का मामला दोनों राज्यों की आपसी सहमति के फेर में अटका हुआ है। हर बार महंगाई राहत बढ़ने पर मप्र के लाखों पेंशनर्स को छत्तीसगढ़ सरकार की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। इस प्रशासनिक देरी और तकनीकी उलझन को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक पत्र लिखा है। मप्र सरकार ने रुख साफ किया है कि जब दोनों राज्यों के कर्मचारियों और पेंशनर्स का विभाजन पूरी तरह हो चुका है, तो हर बार आपसी सहमति लेने की कोई वैधानिक आवश्यकता नहीं है। मप्र ने प्रस्ताव दिया है कि छत्तीसगढ़ इस मामले में एक बार स्थायी सहमति दे, ताकि बार-बार के पत्राचार का सिलसिला खत्म हो सके। धारा-49 का हवाला: आपसी सहमति की अनिवार्यता नहीं वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा-49 के तहत दोनों राज्यों के बीच वित्तीय देनदारियों का बंटवारा किया गया था। इस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, कानून में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि पेंशनर्स को देय हर नई महंगाई राहत के लिए बार-बार परस्पर सहमति लेना अनिवार्य होगा। दरअसल, अधिनियम के तहत तय फॉर्मूले के अनुसार, छत्तीसगढ़ के गठन के समय कुल पेंशनर्स की वित्तीय लायबिलिटी में से करीब 25 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ के खाते में गया था। दोनों राज्यों की सेवा अवधि के अनुपात के आधार पर पेंशन का खर्च तय किया गया था, जिसमें मप्र और छत्तीसगढ़ अपने-अपने कोटे का योगदान देते हैं। 26 साल पुराने DR विवाद को खत्म करने की तैयारी मप्र सरकार ने छग को भेजे पत्र में कहा है कि जिस राज्य से कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं या जिसे आवंटित किए गए हैं, उनकी पेंशन का खर्च वही राज्य वहन करे। दोनों राज्यों के बीच वित्तीय अनुपात पहले से तय है, इसलिए महंगाई राहत (DR) के लिए बार-बार सहमति लेने की प्रक्रिया खत्म होनी चाहिए। मप्र का तर्क है कि उसके पेंशनर्स के भुगतान के लिए छग की मंजूरी आवश्यक नहीं होनी चाहिए। अब मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ की सहमति का है इंतजार मप्र सरकार ने इस पत्र के माध्यम से व्यावहारिक रास्ता सुझाया है। यदि छत्तीसगढ़ सरकार इस स्थायी सहमति' के प्रस्ताव को कैबिनेट में पारित कर देती है, तो मप्र सरकार को अपने पेंशनर्स को राज्य के वर्तमान कर्मचारियों के साथ ही तत्काल डीआर (महंगाई राहत) देने का अधिकार मिल जाएगा। फिर मप्र को हर 6 महीने में अनुमति मांगने की औपचारिकता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। ये है विवाद की वजह
5.85 लाख के लेनदेन विवाद में व्यापारी की पिटाई, पगड़ी उतारने का आरोप, केस
भास्कर न्यूज |लुधियाना थाना डिवीजन नंबर 5 के अंतर्गत आती संपूर्ण पैलेस वाली गली में पैसे के लेनदेन को लेकर एक कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला करने और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों ने पैसे देने के बहाने व्यापारी को अपने घर बुलाया और फिर मिलीभगत कर उसकी बेरहमी से पिटाई की। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर एक ही परिवार के 5 सदस्यों और 3-4 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दिए बयानों में सराभा नगर के रहने वाले परमिंदर सिंह पुत्र ने बताया कि उनकी गूजरमल रोड पर कपड़ों की होलसेल की दुकान है। करीब ढाई साल पहले आरोपी दविंदर सिंह ने उनसे 5 लाख 85 हजार की कीमत के लेडीज सूट खरीदे थे। लंबे समय से वह अपने पैसों की मांग कर रहे थे। 7 जून 2026 को आरोपी दविंदर सिंह ने पैसे देने की बात कहकर परमिंदर सिंह को साउथ मॉडल ग्राम स्थित अपने घर बुलाया। जब परमिंदर सिंह वहां पहुंचे, तो बातचीत के दौरान ही आरोपी तैश में आ गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घर के अंदर मौजूद सभी आरोपियों ने मिलकर अचानक उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने परमिंदर सिंह की पगड़ी (दस्तार) उतार दी और उनकी दाढ़ी भी नोची। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां देते हुए धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। थाना डिवीजन नंबर 5 ने शिकायतकर्ता परमिंदर सिंह के बयानों पर नामजद आरोपी दविंदर सिंह, मेहताब सिंह (दोनों पुत्र इंद्रजीत सिंह), अमितोज सिंह, सिदक सिंह , कंवरप्रीत कौर पत्नी दविंदर सिंह अन्य आरोपी 3-4 अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परमिंदर सिंह के बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और मारपीट करने के इस मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल को बुधवार सुबह पकड़ा था। उनके घर पर पांच घंटे से अधिक समय तक तलाशी चली। जांच में उनकी पत्नी शारदा, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर संपत्तियां और निवेश मिले। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में बताई गई है। यह संपत्ति कंडवाल की ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। हालांकि, कंडवाल के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने नौकरी के दौरान सूदखोरी का काम भी किया। अपने बेटे अभिषेक के नाम से उन्होंने छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए और बाद में उनमें कोर्ट में समझौता भी किया। अभिषेक ने वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ करीब छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए थे। इनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में समझौता हुआ था। हालांकि, सभी चेक केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए गए थे। चूंकि बाद में इस मामले में रुपए लेकर अभिषेक ने समझौता कर लिया था, इसलिए लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय अभिषेक और रमेश मलकानी के बीच यह लेनदेन हुआ, उस समय वह पढ़ाई कर रहा था। ऐसे में पढ़ाई के दौरान उसके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपनी ही संपत्ति से अभिषेक को रुपए देकर इस प्रॉपर्टी संबंधी काम में लगाया था। हालांकि, अब लोकायुक्त की टीम बच्चों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी जांच कर सकती है। कंडवाल ने 1986 में शुरू की थी नौकरी कंडवाल ने वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे महिला एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए संयुक्त संचालक बने। हालांकि, कंडवाल के पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इस व्यवसाय में करीब 35.73 लाख रुपए के निवेश की जानकारी मिली थी, लेकिन लोकायुक्त को कोर्ट में संपत्ति संबंधी मामलों, चेक बाउंस प्रकरणों और समझौते में प्राप्त राशि के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
ऑनलाइन निवेश फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, चार शहरों में 8 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के एक मामले में 1 और 4 जून 2026 को मुंबई, ठाणे, बैंगलोर और गुरुग्राम में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित D3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, निवेश, अयोध्या के विकास और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है और आज प्रदेश में रोजगार तथा अवसरों की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं शिक्षक वेदांत सिंह हजारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब एक करोड़ नए युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और अवसरों को लेकर जागरूक इस युवा वर्ग को सरकार पर भरोसा क्यों करना चाहिए। 2017 से पहले की स्थिति याद रखने की जरूरत: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि आज का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि 2027 में मतदान करने वाला 18 से 25 वर्ष का युवा वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं जानता। उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के कई युवा खुद को उत्तर प्रदेश का बताने में संकोच करते थे। राज्य की छवि देश और दुनिया में अच्छी नहीं थी, जिसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। रोजगार और अवसरों की कमी के कारण उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। पहचान से अवसर तक, बदली यूपी की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की छवि बदलने का संकल्प लिया था और आज उसका परिणाम सामने है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में सम्मान के साथ अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग यूपी के युवाओं से दूरी बनाते थे, जबकि अब उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और देश में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना वर्षों पहले हुई थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का काम किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें पहली उड़ान में आमंत्रित किया गया। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसानों और युवाओं को साझेदार बनाया जा रहा है। अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक मॉडल D3 त्रिवेणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विरासत में देने योग्य एक अनुपम उपहार है। अयोध्या ने यह साबित किया है कि आध्यात्मिक पर्यटन किसी शहर के विकास का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग अयोध्या का नाम लेने और वहां जाने से भी डरते थे, जबकि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोर लेन सड़कों, डबल ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब रामभक्ति की बात वे लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संत समाज की उपेक्षा की थी, उन्हें अब साधु-संतों के सम्मान की याद आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक विरासत और सुशासन के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वारासिवनी पुलिस की शिकायत पर सुनवाई न किए जाने से नाराज होकर निवेशकों ने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार को निवेशकों ने वारासिवनी के वारा सरपंच राजा अली, मुद्दसर अली, फरहान और उनके साथियों पर केस दर्ज करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक पीड़ित निवेशक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। पीड़ित नगेंद्र रंगारे ने बताया कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर सात लाख रुपए का निवेश किया था, जबकि उनके साथ आए अन्य निवेशकों की कुल राशि लगभग 60 लाख रुपए है। उनका दावा है कि वारासिवनी और आसपास के इलाकों में कुल मिलाकर करीब सवा सौ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। महीने में 6% मुनाफे का लालच निवेशकों ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा (रिटर्न) दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने खुद गारंटी लेते हुए निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई, लेकिन अब जब निवेशक अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस की ढिलाई से निवेशकों में नाराजगी एक अन्य पीड़ित सुनील पिपरेवार ने कहा कि ट्रेडिंग के नाम पर चूना लगाने वालों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस ढिलाई से सभी निवेशक परेशान और गुस्से में हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस इस करोड़ों के घोटाले पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे और निवेशकों की डूबी हुई राशि वापस करवाए।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। यहां कुछ युवकों ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर के थप्पड़ मार दिया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें 1. जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर के थप्पड़ मारेजयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को युवकों ने थप्पड़ मार दिए। वे नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग शहीद स्मारक पर जुटे हैं। पूरी खबर पढ़ें 2. अग्निवीर की पार्थिव देह देखकर कर बिलख पड़ीं मां-बहनडीडवाना-कुचामन के पांचोता गांव के अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) की पार्थिव देह सोमवार को पांचोता गांव पहुंची। इस दौरान 5 किमी तिरंगा यात्रा निकाली गई। घर पर शहीद की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने के दौरान उनकी मां और बहन बिलख पड़ीं। पूरी खबर पढ़ें 3. शेखावत बोले-राजस्थान में पानी के संकट के लिए गहलोत जिम्मेदारपूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयान पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार किया। शेखावत ने कहा- गहलोत की गलत नीतियों की वजह से राजस्थान की जनता को प्यासा रहना पड़ा। जोधपुर और पूरे राजस्थान में पेयजल की इस दुर्दशा के लिए केवल अशोक गहलोत जिम्मेदार हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. ट्रक-कार में भिड़ंत, एक परिवार के 6 लोगों की मौतबीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में ट्रक और कार की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है। सभी हरियाणा के फतेहाबाद के रहने वाले थे। पूरी खबर पढ़ें 5. जयपुर में 1 करोड़ के विवाद में व्यापारी की हत्याजयपुर में 1 करोड़ रुपए के विवाद में व्यापारी की हत्या कर दी गई। 2 दिन से लापता व्यापारी का शव सोमवार सुबह सड़क किनारे खड़ी कार में मिला। आरोपी ने व्यापारी की हत्या के बाद शव को चारे के ढेर में छुपा दिया था। लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें 6. पूर्व-पार्षद की बहन के गले पर झपट्टा मारा,सड़क पर गिरीअजमेर में रेलवे हॉस्पिटल के पास पूर्व पार्षद की बहन से दिनदहाड़े लूट की कोशिश की गई। बाइक सवार बदमाश ने स्कूटी पर जा रही महिला टीचर के गले पर झपटा मार दिया। इससे स्कूटी बेकाबू होकर एक टेंपो से टकरा गई। पूरी खबर पढ़ें 7. थाने में पुलिस पर पथराव, ASI सहित 6 घायलअतिक्रमण हटाने गई वन विभाग के टीम पर ग्रामीणों ने जमकर पथराव किया। यहां से किसी तरह बच-बचाकर टीम थाने पहुंची। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाने पहुंच गए। पुलिस के साथ ही प्राइवेट गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। ASI समेत 4 पुलिसकर्मी और 2 वनकर्मी घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें 8. पति की बातचीत से चिढ़कर की मासूम की हत्याजयपुर में 5 साल की मासूम की हत्या के मामले में गिरफ्तार पड़ोसी महिला ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अपने पति की पड़ोसी महिला (बच्ची की मां) से हंसकर बात करने से चिढ़ने और जलन के कारण उसने मासूम बच्ची को निशाना बनाया था। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है 9. 7 घंटे में रेलवे-ट्रैक के नीचे लगाया 65-टन का बॉक्सजोधपुर रेल मंडल के इंजीनियर्स ने ओसियां-तिवरी रेल लाइन पर बिना पूरा ट्रैक हटाए सिर्फ 7 घंटे में 65 टन वजनी बॉक्स ट्रैक के नीचे फिट कर दिया। दावा है कि अब बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर होगी और ट्रेनों की रफ्तार पर असर नहीं पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें कल क्या है खास 10. TNAI निःशुल्क दिखाएगी फिल्म भारत भाग्य विधाताद ट्रेन्ड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया राजस्थान की ओर से फिल्म भारत भाग्य विधाताकल राजस्थान के कई शहरों में निःशुल्क दिखाई जाएगी।
सतना शहर के बाजार क्षेत्र में सीवर प्रोजेक्ट के बाद खोदी गई सड़कों और गड्ढों का निरीक्षण करने सोमवार को सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना तकनीकी अमले के साथ पहुंचे। कई महीनों से धूल, गड्ढों और ठप पड़े कारोबार से जूझ रहे व्यापारियों के लिए यह निरीक्षण राहत की उम्मीद लेकर आया है। दरअसल, शहर के प्रमुख बाजारों में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरा निर्माण व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इससे दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बिगड़ते हालात के कारण जयस्तंभ चौक और हनुमान चौक के व्यापारियों को कई बार विरोध प्रदर्शन भी करना पड़ा है। सोमवार को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से व्यापारियों में नई उम्मीद जगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़कों की स्थिति और गड्ढों को लेकर तकनीकी टीम से चर्चा की। अब व्यापारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि निरीक्षण के बाद सुधार कार्य कितनी तेजी से शुरू होते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक राजनीतिक पहलू भी चर्चा में रहा। पिछले लगभग तीन महीनों से महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना के बीच निर्माण कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों पर लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं। महापौर द्वारा कमिश्नर को लिखे गए कई पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें उन्होंने अपनी बातों की अनदेखी का आरोप लगाया था। ऐसे माहौल में सांसद, महापौर और कमिश्नर का एक साथ बाजार क्षेत्र का निरीक्षण करना शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि यदि विकास कार्यों को लेकर यही समन्वय आगे भी बना रहा, तो लंबे समय से अधूरे पड़े कामों में तेजी आ सकती है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अब निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला काम चाहिए। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सोमवार का यह दौरा केवल औपचारिकता था या फिर बाजार क्षेत्र को बदहाली से बाहर निकालने की शुरुआत।
कैथल जिले में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद एनकाउंटर कर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर शहर के व्यापारियों ने एसपी से मिल पुलिस का आभार प्रकट किया। लकड़ी मार्केट एसोसिएशन कैथल के पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने एसपी मनप्रीत सिंह सूदन से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। जिले में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए धन्यवाद किया। एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारी एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि जिले में हुई लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं के बाद व्यापारी वर्ग में चिंता का माहौल था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा हुआ है बल्कि व्यापारियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। आगे भी कार्रवाई की उम्मीद जताई लकड़ी मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों सतीश सोनी, नरेश कुमार व अन्य लोगों ने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी जिला पुलिस इसी प्रकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती रहेगी और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखेगी। पुलिस को दें सूचना एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने व्यापारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिला पुलिस आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्क और सक्रिय रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा और उनका समाधान करने के लिए हर महीने होने वाले व्यापार बंधु की बैठक पर एक व्यापारी नेता ने सवाल उठाए हैं। अब तक हुई बैठकों में उनके संगठन चैंबर आफ कॉमर्स को आमंत्रित किया जाता था लेकिन इस बार आमंत्रण नहीं मिला है। 19 जून को बैठक प्रस्तावित है। अब चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंहानिया ने इस बैठक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आवाज उठाने से अधिकारी घबरा गए हैं, जिसके चलते उन्हें बैठक से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है। संजय सिंहानिया ने बारोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं इसलिए उन्हें बैठक से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें और उनके जैसे कुछ अन्य व्यापारी नेताओं को बैठक से वनवास दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें वनवास मंजूर है लेकिन भ्रष्टाचार नहीं। संजय सिंहानिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक अधिकारी की शिकायत की थी। उसकी जांच भी उच्च अधिकारी कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शिकायतकर्ता को टारगेट किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अधिकारी ने जिलाधिकारी सभागार में व्यापारियों को देख लेने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा कि उनके संगठन को बैठक से बाहर करना प्रतिशोध का तरीका है। उन्होंने कहा कि शिकायत दबेगी लेकिन आवाज नहीं दबेगी।उन्होंने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि व्यापार बंधु की बैठक में बुलाया जाएगा या नहीं। बैठक में न बुलाकर व्यापारियों की एकता को खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। हम मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाकर व्यापारियों को न्याय दिलवाएंगे।
उन्नाव में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने खाद्य प्रशासन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। व्यापारी नेता अखिलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने 2 जून को खाद्य प्रशासन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों के कार्य करने के तरीके को लेकर एक ज्ञापन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ज्ञापन के चार दिन बाद ही खाद्य अधिकारी प्रियंका सिंह की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अवस्थी के अनुसार, नोटिस में यह उल्लेख किया गया था कि वह स्वयं खाद्य व्यापारी हैं, इसलिए इस तरह की शिकायत या आवाज नहीं उठा सकते। व्यापारी नेता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में यदि वह व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो क्या वे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उनकी समस्याएं नहीं उठा सकते? उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस के जरिए उन पर कार्रवाई की चेतावनी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अवस्थी ने चिंता व्यक्त की कि यदि एक व्यापारी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम व्यापारी अपनी समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उनके और एक अन्य व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अखिलेश अवस्थी ने कहा कि अब फिर से उसी तरह कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिसे व्यापारी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारी नेताओं ने बताया कि अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। व्यापारी नेता ने बताया कि नोटिस का जवाब भी दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग को भी दे दी गई है। आंदोलन की चेतावनीव्यापारी नेता ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के अंदर खाद्य प्रशासन विभाग के खिलाफ जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे जिले के व्यापारी बाजार बंद कर बड़े चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
जयपुर में व्यापारी की हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह सड़क किनारे खड़ी कार में शव मिला। वह पिछले 2 दिनों से लापता थे और परिजनों ने शिवदासपुरा थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई थी। व्यापारी के भाई प्रहलाद ने कहा- हरिशंकर (40) की हत्या उनके दोस्त सीताराम खोज ने की है। सीताराम ने हरिशंकर से बिल्डिंग मटेरियल और अन्य सामान के लिए 1 करोड़ रुपए उधार लिए थे। रुपए लौटाने के बदले सीताराम ने एक प्लॉट का सौदा करने की बात कही थी। हरिशंकर पिछले काफी समय से सीताराम से अपने 1 करोड़ रुपए मांग रहे थे। शनिवार शाम (13 जून) को पैसों के विवाद के चलते सीताराम ने हरिशंकर की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चारे के ढेर में छुपा दिया। सीताराम शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने एक परिचित से कार मांगकर लाया। सोमवार सुबह उसने शव ठिकाने लगाने के लिए दोस्त को बुलाया। जैसे ही दोस्त को कार में शव का पता चला तो उसने पुलिस को बता दिया। इस दौरान आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग गया। हालांकि पुलिस ने कुछ देर बाद उसे हिरासत में ले लिया। कार की डिक्की में मिली लाशप्रहलाद शर्मा ने बताया- घर से करीब 100 मीटर दूरी पर कार की डिक्की में भाई हरिशंकर की लाश मिली। पूरे शरीर पर गंभीर चोट के निशान है। लाश को पन्नी और बोरे में बांध रखा था। पुलिस की सूचना पर महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचे तो हत्या का पता चला। चाकसू एसीपी भवानी सिंह ने बताया- मृतक की पहचान हरिशंकर शर्मा निवासी विधानी, शिवदासपुरा के रूप में हुई है। वह बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का बिजनेस करते थे। शनिवार सुबह घर से निकले थे, लेकिन लौटे नहीं। शाम करीब 7 बजे से उनका मोबाइल बंद आने पर परिजनों ने काफी ढूंढा, लेकिन पता नहीं चल सका। रविवार को दोपहर में परिजनों ने शिवदासपुरा थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के दोस्त ने फोन कर पुलिस को बतायापुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि हरिशंकर की हत्या शनिवार रात 9 बजे हुई थी। इसके बाद आरोपी ने अपने घर पर चारे के ढेर में शव को छुपा दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए वह अपने एक परिचित से कार मांगकर लाया। रविवार देर शाम उसने प्लास्टिक के कट्टों में शव को भरकर रस्सी से बांध दिया और फिर कार की डिक्की में डाल दिया। आरोपी रविवार शाम से लेकर देर रात तक शव को ठिकाने लगाने के लिए इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन शव ठिकाने नहीं लगा पाया और घर लौट आया। सोमवार सुबह वह दोबारा शव ठिकाने लगाने के लिए कार लेकर निकला। सुबह करीब 6:30 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल के पास बहने वाले नाले में शव को ठिकाने लगाने पहुंचा। उसने मदद के लिए अपने एक दोस्त को फोन करके बुलाया, लेकिन जैसे ही दोस्त को कार में शव होने का पता चला तो उसने पुलिस को बता दिया। इसी बीच, आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश की और उसे हिरासत में ले लिया।
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में ई-कॉमर्स कंपनी के वेंडर दो भाई 101 पार्सल में आया 14,04,720 कीमती सामान लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कंपनी से आए पार्सल रिसीव तो किए, परंतु उन्हें सिस्टम में अपलोड़ नहीं किया। कंपनी फ्लिपकार्ड के सामान की ऑनलाइन डिलीवरी करती है। दोनों भाईयों ने कंपनी के साथ किए एग्रीमेंट में अपने एड्रेस भी गलत दिए थे। सामान जब दो दिन तक सिस्टम पर अपलोड नहीं किया। पार्सल वापस डिलीवरी हैब नहीं भेजे। जिस पर रिजनल मैनेजर ने धारूहेड़ा पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एक जून को भेजे थे 101 पार्सल गांव बालधन निवासी नितेश कुमार ने पुलिस को शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया कि वह एक डिलीवरी कंपनी में रिजनल मैनेजर के पद पर हैं। धारूहेड़ा में बास रोड पर उनकी एक शाखा है। जिसकी वेंडरशिप फ्रैंचाईज भिवाड़ी के कैप्टन चौक निवासी बलराम जोशी को दी हुई थी। रेवाड़ी से एक जून को फ्लिपकार्ड के सीलबंद 101 पार्सल धारूहेड़ा शाखा में भेजे। जहां वेंडर ने सभी पार्सल रिसीव कर लिए। रिसीव करने के बाद सिस्टम पर अपलोड नहीं किए। जिनमें 14,04,720 रुपए के कीमती मोबाइल व अन्य सामान था। सभी पार्सल मिसरूट ऑर्डर थे। जिन्हें रिसीव करने के बाद वापस रेवाड़ी डिलीवरी हैब भेजना था। एग्रीमेंट में दिया गलत एड्रेस शिकायत में बताया कि आरोपी ने चोरी की नीयत से आर्डर को सिस्टम में रिसीव नहीं किया और वापस भी नहीं भेजें। अपने स्तर पर बातचीत कर जब आर्डर वापस भेजने की कहने पर अपना फोन बंद कर लिया। वेंडर तभी से शाखा पर भी नहीं आ रहा है। जांच करने पर पता चला कि आरोपी द्वारा एग्रीमेंट में दिया गया एड्रेस भी फर्जी है। उसका सही एड्रेस कोटपुतली का बिवाली गांव है। बलराम जोशी के साथ उनके भाई कृष्ण शर्मा भी काम करते थे। उसके बाद से वह भी गायब हैं। 11 कर्मियों का वेतन पेडिंग नितेश ने बताया कि शिकायत के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब आरोपी से सीसीटीवी फुटेज मांगी तो पहले एलईडी, फिर केबल और अंत में पासवर्ड नहीं होने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद से दोनों भाई फरार हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। शाखा कार्यालय भी बंद पड़ा है।
वर्दी असली नहीं थी, लेकिन उसका रौब असली था। एफआईआर फर्जी थी, लेकिन उसका डर असली था। इसी डर के सहारे एक रिटायर्ड प्रोफेसर और फर्जी डीआईजी ने दतिया के सर्राफा कारोबारी परिवार से 10 महीने में एक करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कारोबारी परिवार को लंबे समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि जिसके सामने वे झुक रहे हैं, वह कोई असली अधिकारी नहीं, बल्कि फर्जी पहचान के सहारे खड़ा किया गया एक छलावा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि कैसे पुरानी पहचान, फर्जी रसूख और वर्दी के रौब को करोड़ों की वसूली का हथियार बनाया गया। पढ़िए, रिपोर्ट… भरोसे की नींव पर खड़ी की ठगी की इमारत दतिया के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल और उनके दिवंगत भाई रोहित अग्रवाल का परिवार वर्षों से सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। शहर में अच्छी साख रही है। इसी परिवार से रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता की पुरानी पहचान थी। परिजन के अनुसार, प्रोफेसर गुप्ता की रोहित अग्रवाल से गहरी दोस्ती थी। वह कई बार जरूरत पड़ने पर दुकान पर आते थे और अपने सोने के आभूषण गिरवी रखकर रकम लेते थे। यही पुराना विश्वास बाद में ठगी की सबसे मजबूत कड़ी बन गया। प्रोफेसर गुप्ता की पहचान मनीष कुमार गुबरेले से भी थी, जिसकी कद-काठी, व्यक्तित्व और बोलने का अंदाज किसी पुलिस अधिकारी जैसा था। रोहित के निधन के बाद दोनों ने मिलकर परिवार की परिस्थितियों और अपनी पुरानी पहचान का फायदा उठाने की योजना बनाई। फर्जी डीआईजी बनकर दुकान में पहुंचा मनीष अक्टूबर 2024 की एक दोपहर अरविंद अग्रवाल अपनी सर्राफा दुकान पर बैठे थे। तभी तीन स्टार लगी वर्दी पहने मनीष वहां पहुंचा। उसने खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स (ACCF) का डीआईजी बताया। उसने आते ही रौबदार अंदाज में बातचीत शुरू की और कुछ दस्तावेज सामने रख दिए। ये दस्तावेज कथित तौर पर किसी सरकारी कार्रवाई से जुड़े हुए थे। आरोप है कि उनमें फर्जी शिकायत और फर्जी एफआईआर का मसौदा शामिल था। मनीष ने अरविंद को बताया कि उनके खिलाफ अवैध लेनदेन की गंभीर शिकायतें मिली हैं। किसी भी समय केस दर्ज हो सकता है। कार्रवाई हुई तो पूरा परिवार जेल जाएगा और सालों की कमाई हुई प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर ने व्यापारी परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। यहीं से शुरू हुआ करोड़ों की वसूली का सिलसिला। 10 किश्तों में 60 लाख, फिर 20 लाख का 'समझौता' पुलिस के अनुसार, केस का डर दिखाकर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अरविंद अग्रवाल से 10 अलग-अलग किश्तों में 60 लाख रुपए वसूले। इनमें 24 अक्टूबर को 5 लाख, 27 अक्टूबर को 5 लाख, 30 अक्टूबर को 2 लाख, 6 दिसंबर को 9 लाख, 15 दिसंबर को 5 लाख, 18 दिसंबर को 5 लाख, 3 जनवरी को 5 लाख, 16 जनवरी को 10 लाख, 6 फरवरी को 8 लाख और 12 फरवरी को 6 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। मार्च 2025 में आरोपियों ने एक और मांग रखी। कहा गया कि केस को हमेशा के लिए बंद कराने के लिए 20 लाख रुपए देने होंगे। डर के कारण व्यापारी ने यह रकम भी दे दी। इस तरह अकेले अरविंद अग्रवाल से कुल 80 लाख रुपए वसूले गए। फिर परिवार की दूसरी पीढ़ी को बनाया निशाना अरविंद अग्रवाल से मोटी रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने परिवार के दूसरे हिस्से को निशाना बनाया। जून 2025 में मनीष नए किरदार में सामने आया। इस बार उसने खुद को झांसी एंटी करप्शन ब्यूरो का इंस्पेक्टर बताया। वह रोहित अग्रवाल के बेटे प्रियांश सिंघल की दुकान पर पहुंचा। उसने दावा किया कि प्रोफेसर अशोक गुप्ता का 100 ग्राम सोना रोहित अग्रवाल पर बकाया था। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। उसने प्रियांश को भी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जून से अगस्त 2025 के बीच प्रियांश से 6 किश्तों में 29.5 लाख रुपए वसूले गए। इनमें पांच किश्तें 5-5 लाख रुपए की थीं जबकि आखिरी किश्त 4.5 लाख रुपए की बताई गई है। यहीं से कुल वसूली का आंकड़ा 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गया। वर्दी पहनने के बाद पुलिस वाले भी समझते थे अफसर मनीष कुमार हमेशा सफेद रंग की लग्जरी एसयूवी से चलता था। इससे लोगों को लगता था कि वह किसी विशेष एजेंसी या उच्च पदस्थ अधिकारी से जुड़ा है। झांसी के एक पॉश इलाके में उसका अत्याधुनिक सुविधाओं वाला ऑफिस भी था। बाहर से देखने पर यह किसी कॉर्पोरेट फर्म या सरकारी जांच एजेंसी जैसा लगता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब वह वर्दी पहनकर निकलता था तो पुलिसकर्मी भी उसे अधिकारी समझते थे। इसका फायदा उठाकर वह लोगों पर दबाव बनाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वसूली की रकम से उसने झांसी के पास एक गांव में जमीन और लग्जरी कार भी खरीदी थी। कलेक्ट्रेट में मुलाकात बनी खुलासे का टर्निंग पॉइंट आरोपी मनीष कुमार की लगातार पैसों की मांग से परेशान प्रियांश सिंघल की मुलाकात एक दिन कलेक्ट्रेट में प्रोफेसर अशोक गुप्ता से हो गई। बातचीत के दौरान प्रियांश ने उनसे सीधे सवाल कर दिया कि जब उनका पूरा हिसाब-किताब चुकता कर दिया गया है, तो मनीष अब भी क्यों परेशान कर रहा है? यह सवाल सुनकर प्रोफेसर गुप्ता असहज हो गए। उन्होंने कहा कि वे मनीष नाम के किसी व्यक्ति को जानते ही नहीं हैं। इस मुलाकात के बाद प्रियांश ने खुद जानकारी जुटानी शुरू की। वह झांसी पहुंचा और उन दफ्तरों में पड़ताल की, जिनका नाम लेकर मनीष खुद को अधिकारी बताता था। पता चला कि वहां मनीष कुमार नाम का कोई अधिकारी पदस्थ ही नहीं है। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने योजना बनाकर 10 जून को मनीष को पैसे देने के बहाने बुलाया। जैसे ही वह रकम लेने पहुंचा, पहले से मौजूद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को बचाने की कोशिश की। मामला खत्म कराने के लिए पूरी रकम लौटाने की पेशकश भी की। पुलिस को और पीड़ितों के सामने आने का इंतजार टीआई धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि हाल ही में पुलिस टीम झांसी स्थित मनीष के कार्यालय भी पहुंची, जहां ताला लगा मिला। पुलिस को संदेह है कि ऑफिस के भीतर फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र, सील-सिक्के और अन्य लोगों को ब्लैकमेल करने से जुड़े रिकॉर्ड मिल सकते हैं। जांच में सामने आया कि जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का नाम लेकर मनीष रौब दिखाता था, वह मूल रूप से एक ट्रस्ट से जुड़ी संस्था है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संस्था के नाम और पद का इस्तेमाल किस सीमा तक किया गया। आशंका है कि कई अन्य लोग भी इसी तरह के दबाव और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए होंगे, लेकिन बदनामी के डर से सामने नहीं आए। फिलहाल मनीष गिरफ्तार है जबकि रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता जांच एजेंसियों के रडार पर है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेल सिर्फ दो लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं… दतिया में फर्जी DIG ने सर्राफा कारोबारी से की वसूली दतिया में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का फर्जी डीआईजी बनकर लोगों को डराने-धमकाने वाला गिरोह पकड़ाया है। शहर के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी डीआईजी मनीष कुमार गुबरेले और उसके सहयोगी एके गुप्ता ने गिरफ्तारी, एफआईआर और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे करीब 80 लाख रुपए वसूल लिए। पढे़ं पूरी खबर…
धमतरी जिले के खरतुली गांव के 38 वर्षीय किसान मोहित पवार ने पुणे से एमबीए करने के बाद निजी कंपनियों के नौकरी प्रस्ताव ठुकराकर खेती को चुना। वह एक एकड़ पैतृक जमीन पर हाईटेक तरीके से डच गुलाब की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके फूलों की आपूर्ति अब छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और झारखंड के बाजारों तक पहुंच रही है। मोहित पवार ने बताया कि डच गुलाब की खेती शुरू करने के लिए शुरुआती निवेश 50 से 60 लाख रुपये आंका गया था। पूंजी की जरूरत को देखते हुए उन्होंने बैंक से 65 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया। इसके बाद गांव में पॉली हाउस और अन्य जरूरी ढांचा तैयार किया गया। अप्रैल 2025 से खेती शुरू की गई। पहले साल में उन्हें नुकसान भी हुआ। शुरुआती 4 से 5 महीनों में पौधों के रखरखाव और तकनीकी समझ की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। बाद में उन्होंने प्रबंधन और मार्केटिंग रणनीति के जरिए संचालन में सुधार किया। इसके बाद परियोजना घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। वर्तमान में पॉली हाउस से रोज औसतन 12 किलो फूल तोड़े जा रहे हैं। इससे प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 डंडियां बाजार के लिए तैयार होती हैं। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने पर पूरा उत्पादन ऊंचे दामों पर बिक जाता है। फूलों को पैक कर रायपुर भेजा जाता है। वहां से आगे अन्य राज्यों में सप्लाई होती है। मोहित पवार के अनुसार, इस खेती से सालाना 15 से 18 लाख रुपये की कुल आय हो रही है। बैंक ऋण की किस्त, जैविक खाद, रखरखाव, खेत में काम करने वाले 8 स्थानीय मजदूरों की मजदूरी जैसे खर्च निकालने के बाद भी सालाना 13 से 15 लाख रुपये की शुद्ध बचत का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि खेती को रासायनिक खाद से मुक्त रखा गया है। डच गुलाब के उन्नत पौधे पुणे से मंगाए गए। तापमान नियंत्रित करने वाला पॉली हाउस बनाया गया। सिंचाई के लिए इजरायली ड्रिप सिस्टम लगाया गया है। इस व्यवस्था में गर्मी के दिनों में भी रोजाना 350 से 400 लीटर पानी से काम चल जाता है। सर्दियों में सप्ताह में एक बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है। कम पानी की खपत के कारण गिरते जलस्तर के बीच भी उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इनसे संपर्क करिए... 8349211191
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में रविवार को छोटे कारोबारी और कारोबार की समस्याओं पर आधारित ‘विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट’ नए शिखर सम्मेलन का आगरा में आयोजन किया गया। इसमें सपा अध्यक्ष ने विभिन्न जिलों से आए कारोबारी और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने आगरा के विकास को लेकर अपना रोड मैप सबके सामने रखा। अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इसके सुपर सेशन में हिस्सा लिया। अखिलेश यादव ने छोटे कारोबारी और कारोबार के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “छोटा कारोबार, यूपी की बुनियाद! हमारा मानना है की ‘छोटे कारोबार’ की समस्याओं, दिक्कतों, चुनौतियों, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं को तब तक नहीं समझा जा सकता, जब तक हम उनकी परेशानियों को सुलझाने के लिए उनको स्थायी और अस्थायी में वर्गीकृत या क्लासिफाइड नहीं करेंगे।”उन्होंने कहाकि “एक संवेदनशील सरकार का कर्त्तव्य क़ेवल कानून बनाना नहीं, बल्कि उन लोगों का हाथ पकड़ना भी है जो हर दिन कठिन परिस्तिथियों में म़ेहनत करक़े अपने परिवार का जीवन ब़ेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” “जब छोटा कारोबारी सुरक्षित होगा, सम्मानित होगा और आगे बढ़ेगा, तभी उत्तर प्रदेश सच मायनों में समृद्ध और मज़बूत बनेगा।”“उत्तर प्रदेश की ताकत बड़े बड़े कारखाने नहीं है। हमारी ताकत है छोटा दुकानदार, छोटा कारीगर। दूध-सब्जी बेचने वाला, फल वाला, कुल्फी वाला, मूंगफली वाला। यही लोग UP की रीढ़ है। 6 करोड़ से ज़्यादा परिवार इन्हीं छोटी दुकानों, ठेलों और खोमचों से अपना घर चलाते हैं।”“गरीब आदमी का सबसे बड़ा दुख यही है की वो काम करना चाहता है, लेकिन व्यवस्था उसे बार-बार रोकती है। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहाँ ईमानदारी से काम करने वाले को सम्मान मिले, ना की उसे हर दरवाज़े पर खड़ा होकर हाथ जोड़ना पड़े।”अखिलेश यादव ने आगरा और उसके आस-पास के शहरों—जैसे फ़िरोज़ाबाद और मथुरा-वृंदावन की गिरती अर्थव्यवस्था पर चर्चा की और उनके विकास व खुशहाली के लिए काम करने का संकल्प लिया। आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैंअखिलेश यादव ने कहा- आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। 2017 में 2090 थे अब केवल 1637 स्कूल बचे हैं। उन्होंने कहा- 14 एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र थे। अब सब शून्य हो गए हैं। आगरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 2017 से पहले 25 थी अब 18 बचे हैं। निजी स्वास्थ्य 354 थे लेकिन अब 1100 हो गए हैं। प्राइवेट को इनकी सरकार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यूपी में कमिश्नरेट सिस्टम पर तंज कसते हुए कहाकि जैसे डायल 100 को 112 कर दिया। ऐसे ही पुलिस के रेट भी बढ़ गए। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी हैअखिलेश यादव ने कहा- पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का संदेश भी है। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी है। पी (P) से प्रेम, डी (D) से दया और ए (A) से अपनापन। उन्होंने कहा- समाज में जितना अधिक प्रेम, दया और अपनापन बढ़ेगा, उतनी ही सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होगा। यही मूल्य समाज को आगे बढ़ाने और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगाअखिलेश यादव ने कहा- यदि फिरोजाबाद के उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज देने की जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी की सरकार ऐसा करने में पीछे नहीं हटेगी। मौजूदा उद्योगों को कुछ सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन नए उद्यमियों और नई इकाइयों को स्थापित करने के लिए पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा- फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। दुनिया के जिन देशों और शहरों में कांच उद्योग की सबसे उन्नत तकनीकें और सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन्हें यहां लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। अखिलेश यादव ने आगे कहा- उद्योग को मजबूती देने के लिए जरूरत पड़ने पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी स्थापित किए जाएंगे। फिरोजाबाद से हमारा विशेष जुड़ाव रहा है। पिछली सरकार के दौरान हमने ग्लास सिटी के लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन भी चिह्नित कर ली थी। उस समय यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी, लेकिन भविष्य में सरकार बनने पर ग्लास सिटी परियोजना को शुरू करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
स्पा की आड़ में देह व्यापार, 5 गिरफ्तार
जयपुर | विधायकपुरी थाना पुलिस ने भगवानदास रोड स्थित मॉल-21 में चल रहे लवाना स्पा सेंटर पर दबिश देकर अनैतिक गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षिराज ने बताया कि पुलिस को स्पा की आड़ में अवैध कार्य संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर थानाधिकारी नरेंद्र भडाना के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 2 युवकों संजीव लोधी (सागर, मप्र) और आकाश लोधी (अशोकनगर, मप्र) सहित 3 युवतियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों व संचालक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
रोहतक में संयुक्त व्यापार मंडल की मीटिंग के बाद व्यापारी नेता हेमंत बख्शी ने कहा कि फायर स्टेशन को शहर से बाहर कर दिया है। जबकि शहर में तंग बाजार है और हादसा होने पर गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकती। ऐसे में फायर की गाड़ियों को बाजार के पास खड़ा करना चाहिए, ताकि घटना के दौरान तुरंत गाड़ी पहुंच सके। हेमंत बख्शी ने कहा कि मॉडल टाउन में आगजनी की घटना के दौरान फायर की एक गाड़ी पहुंची, जिसके ब्रेक डाउन थे और उसका प्रेशर नहीं बन पा रहा था। फायर विभाग की ठीक गाड़ियों को ही बाजारों के पास खड़ा रखना चाहिए, क्योंकि गर्मी के मौसम में हादसे हो सकते हैं। दुकानदार फायर बॉल व फायर सिस्टम जरूर लगवाएं हेमंत बख्शी ने कहा कि दुकानों के अंदर फायर सिस्टम को जरूर लगवाएं, ताकि आगजनी की घटना होने पर बचाव हो सके। इसके साथ ही हर दुकान में फायर बॉल होनी चाहिए, जिसमें एक प्रकार का केमिकल है, जो आग बुझाने में कारगर है। जल्द ही इसकी एक मॉक ड्रिल भी करवाई जाएगी। अतिक्रमण को खुद कंट्रोल नहीं कर रही सरकार हेमंत बख्शी ने कहा कि अतिक्रमण को सरकार खुद कंट्रोल नहीं कर रही। जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन बड़ी दुकानों पर कार्रवाई करेगा तो छोटे अपने आप डरकर हट जाएंगे। सरकार को निर्देश देने चाहिए कि अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन नहीं करता व्यापारियों से मीटिंग हेमंत बख्शी ने कहा कि प्रशासन पहले दो-तीन माह में एक बार मीटिंग कर लेता था, लेकिन अब मीटिंग नहीं करते। जब मीटिंग करते हैं तो उन लोगों को बुलाते हैं तो सरकार की हां में हां मिलाकर चले जाते हैं। बाजार में बैठे व्यापारियों के साथ मीटिंग करके समस्याओं के बारे में जानना चाहिए। उचित मुआवजा नहीं दिया तो देंगे धरना हेमंत बख्शी ने कहा कि आगजनी से प्रभावित दुकानदारों व मृतक के परिवार को उचित मुआवजा राशि नहीं दी गई तो बापू पार्क में धरने पर बैठ जाएंगे। जरूरत पड़ी तो व्यापारी वर्ग सीएम का घेराव करने का काम भी करेगा, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मोटर व्हीकल एक्ट वाले फॉर्मुला अपनाए सरकार व्यापारी नेता अनिल भाटिया ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों व मृतकों के परिवार के लिए मोटर व्हीकल एक्ट वाला फॉर्मुला अपनाकर सरकार को मुआवजा राशि देनी चाहिए। साथ ही व्यापारी राहत कोष बनाए, जिसमें जीएसटी का एक प्रतिशत जमा करवाए और इस प्रकार की घटना होने पर उस पैसे के ब्याज से तुरंत मदद की जाए।
सिरसा जिले के चौटाला गांव के मुख्य बाजार में पिछले 15 दिनों में चोरी की तीन घटनाएं हुई हैं। इन वारदातों से व्यापारियों और रेहड़ी संचालकों में चिंता बढ़ गई है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चोर बेखौफ होकर रात के समय मुख्य बाजार में रेहड़ियों और दुकानों को निशाना बना रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार चोरी होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने लोगों से की संदिग्ध को पहचानने की अपील हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं के बाद बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। इस व्यक्ति पर चोरी की वारदातों में शामिल होने का संदेह है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध की पहचान के संबंध में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित व्यक्तियों को सूचित करें। चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग बाजार के दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो व्यापारियों को और अधिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेगा। साथ ही, बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों में विश्वास बहाल हो सके।
नारनौल के नागरिक अस्पताल गेट के सामने स्थित रेलवे अंडरपास में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए सड़क को ऊंचा करने का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्य का आसपास के व्यापारियों और उद्योग संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि सड़क का लेबल ऊंचा होने से भारी वाहन और मालवाहक गाड़ियां अंडरपास से नहीं निकल पाएंगी, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। इसको लेकर वहां के व्यापारियों ने कुछ देर के लिए धरना भी दिया। शहर में बने पांच अंडरपास दरअसल, नारनौल शहर में रेलवे के पांच अंडरपास बने हुए हैं। बरसात के मौसम में इनमें पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अंडरपासों में इतना पानी जमा हो जाता है कि आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। दोनों ओर सड़क उठा रहे इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने अंडरपास के दोनों ओर सड़क का स्तर ऊंचा करने का कार्य शुरू किया है, ताकि बारिश का पानी अंडरपास में प्रवेश न कर सके। इसके निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। व्यापारियों ने किया विरोध काम शुरू होते ही नागरिक अस्पताल के सामने स्थित अंडरपास से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि सड़क पहले से ही ऊंची है और अब इसे और ऊंचा करने से उनकी गाड़ियों के नीचे लगे गार्डर और अन्य हिस्से अंडरपास से गुजरते समय अटक सकते हैं। इससे माल ढुलाई प्रभावित होगी और उद्योगों व दुकानों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी। लगी हैं 40 फैक्ट्रियां व्यापारियों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। आसपास तेल मिल, वेल्डिंग वर्कशॉप, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, लेकिन ऐसा समाधान नहीं होना चाहिए जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हों। विरोध के दौरान कई व्यापारी मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन से सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। वहीं निर्माण कार्य फिलहाल जारी है।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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