जैसलमेर में फैंसी स्टोर मालिक की पत्नी को घर में बंधक बना कर 3 बदमाश घर से सोना-चांदी लूट कर फरार हो गए। लूट के वक्त बदमाशों ने महिला का नजर का चश्मा भी उतार दिया ताकि वह किसी को पहचान न सके। इसके बाद 1 घंटे तक घर की अलमारियां खंगाली। 2 लोग कमरे खंगालते रहे और 1 महिला की गर्दन पर चाकू लगाए बैठा रहा। इसके बाद तीनों ज्वेलरी-कैश लेकर फरार हो गए। महिला उनके जाने के बाद जैसे-तैसे घिसटते हुए बाहर आई और पड़ोसियों से मदद मांगी। पड़ोसियों ने उनके हाथ-पैर खोले और महिला के पति-बेटे और पुलिस को सूचना दी। मामला जैसलमेर के कोतवाली थाना इलाके के सिंघवी पाड़ा का रविवार दोपहर 3 बजे का है। CCTV में दिखे संदिग्ध कोतवाली थाना SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- सिंघवी पाड़ा में नवल भाटिया के घर उनकी पत्नी दमयंती भाटिया (50) से लूट होने की सूचना मिली थी। यहां पहुंचे और मौके पर पूछताछ की है। मामले में जांच जारी है। मौके पर जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे भी पहुंचे हैं। पुलिस को 3 संदिग्ध व्यक्तियों का CCTV फुटेज भी मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित महिला ने बताई 1 घंटे की पूरी कहानी गर्दन पर चाकू रखकर बैठा रहा 1 बदमाश मामले में दमयंती भाटिया ने बताया- मैं घर में अकेली थी। मुख्य दरवाजे की कुंडी नहीं लगी हुई थी। ऐसे में अचानक 3 लोग घर में घुस आए। मुझे पकड़ कर हाथ-पैर और मुंह टेप से बांध दिए। 2 लोग घर को खंगालने लगे और 1 मेरी गर्दन पर चाकू रखकर बैठा रहा। वो लोग आपस में बात कर रहे थे कि वो मेरे पति को जानते हैं। उन्हें ये मालूम भी था कि कुछ देर में पति और बेटा खाना खाने आने वाले हैं। पहचान न हो इसलिए चश्मा उतार कर फेंका दमयंती ने बताया कि पहले उन्होंने ऊपर का घर खंगाला और उन्हें वहां कुछ नहीं मिला तो नीचे वाले कमरे में घुसे और वहां रखे गहने और कैश निकाल लिए। बदमाशों ने चेहरे पर कोई मास्क नहीं लगा रखा था। उन्होंने घर में आते ही सबसे पहले मेरा चश्मा निकाल कर फेंक दिया था, मुझे तो सब धुंधला दिख रहा था। मैं बस बार-बार भगवान से यही दुआ करती रही कि भगवान किसी को भेज दे, किसी को भेज दे। वारदात के समय नवल भाटिया और उनका बेटा अपनी दुकान पर थे। घर की दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जिसके कारण घर पर महिला अकेली ही रहती है। लुटेरों ने रेकी करने के बाद इस समय को चुना।
हनुमानगढ़ में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद को लेकर विवाद गहरा गया है। किसान, व्यापारी और मजदूर संगठन मंडी में धरने पर बैठ गए हैं, जिससे खरीद व्यवस्था प्रभावित हो रही है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। धरने पर बैठे संगठनों का कहना है कि स्लॉट सिस्टम खत्म होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली है। अब रजिस्ट्रेशन की तारीख के आधार पर खरीद की जा रही है, जो एफसीएफओ (फर्स्ट कम फर्स्ट आउट) सिस्टम नहीं है। इससे कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने बायोमैट्रिक सत्यापन व्यवस्था को भी एक बड़ी समस्या बताया है। तकनीकी खामियों के कारण कई बार सत्यापन नहीं हो पाता, जिससे किसान घंटों तक मंडी में परेशान होते हैं। इसके अलावा, खरीद पोर्टल में एंट्री को लेकर भी लगातार दिक्कतें आ रही हैं, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया बाधित हो रही है। एक अन्य प्रमुख मुद्दा प्रति बीघा खरीद सीमा का है। किसान और व्यापारी दोनों ही इस सीमा से असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हनुमानगढ़ जिले में प्रति बीघा उत्पादन अधिक होता है, लेकिन निर्धारित सीमा के कारण पूरी उपज की खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में, सोमवार को मंडी में गेहूं खरीद पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, कलेक्ट्रेट के सामने प्रतीकात्मक रूप से गेहूं की बोली लगाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। धरने के कारण मंडी में आवक होने के बावजूद खरीद बंद है, जिससे किसानों और व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
दतिया में बडोनी थाना पुलिस की कार्रवाई से नाराज कस्बा बड़ौनी के व्यापारी वर्ग रविवार को लामबंद हो गया। बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर में एसपी बंगला और कलेक्टर बंगला पहुंचे और दो अलग-अलग आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी शिकायतों पर पुलिस द्वारा उन्हें थाने बुलाकर अपमानित किया जाता है और कई मामलों में झूठे प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। पहले आवेदन में पुनीत गुप्ता ने अपने भाई धीरज गुप्ता के खिलाफ थाना बडोनी में दर्ज एफआईआर को झूठा बताते हुए निरस्त करने की मांग की। आवेदन में बताया गया कि उनके स्वर्गीय पिता के पास गांव की एक महिला द्वारा उधारी के बदले सोने-चांदी के आभूषण अमानत के रूप में रखे गए थे। आरोप- पुलिस ने दबाव बनाकर कार्रवाई कीबाद में महिला और उसके पति द्वारा मौखिक सहमति से गहने बेचकर राशि समायोजित करने की बात कही गई थी। वर्षों बाद सोने-चांदी के बढ़े दामों के चलते विवाद खड़ा हुआ, लेकिन दोनों पक्षों के बीच पंचों के सामने 25 हजार रुपए में राजीनामा भी हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने दबाव बनाकर एफआईआर दर्ज कर दी। दूसरे आवेदन में बडोनी के समस्त व्यापारियों ने सामूहिक रूप से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कस्बे के छोटे व्यापारी बिना लाइसेंस के पारंपरिक उधारी व्यवस्था के तहत काम करते हैं, जिसका कुछ लोग गलत फायदा उठाकर थाने में शिकायत कर देते हैं। कहा- अभद्र भाषा में बात करती है पुलिसपुलिस व्यापारियों को बुलाकर अभद्र भाषा में बात करती है और कानूनी दबाव बनाकर मामलों में फंसा देती है। व्यापारियों का कहना है कि पुराने लेन-देन और अमानत के मामलों में अचानक शिकायतें बढ़ रही हैं, जिससे उनमें भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों ने मांग की कि ऐसे मामलों में बिना ठोस जांच के प्रकरण दर्ज न किए जाएं और छोटे व्यापारियों को अनावश्यक प्रताड़ना से बचाया जाए। साथ ही धीरज गुप्ता के मामले की वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराकर एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। प्रशासन ने मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अमृतसर के मुस्तफाबाद इलाके में दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी पर तेजधार हथियार से हमला किया गया। इस हमले में व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे 'मदन क्लॉथ हाउस' के मालिक अमित के साथ हुई। पीड़ित के अनुसार, चार नकाबपोश युवक पहले दुकान के आसपास घूमते रहे और फिर ग्राहक बनकर अंदर दाखिल हो गए। जैसे ही दुकान में मौजूद अन्य ग्राहक बाहर निकले, युवकों ने अचानक दातर से व्यापारी पर हमला कर दिया। हमले में व्यापारी के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने दावा किया कि हमलावर गल्ले से करीब 10,000 रुपये लेकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने लूट की बात से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में केवल हमले का जिक्र है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। दुकानदार ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से यह कारोबार कर रहे हैं और उनके साथ ऐसी घटना पहली बार हुई है। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैथल जिले में थाना गुहला क्षेत्र में अनैतिक कार्य करवाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कैथल व जिले के बाहर से महिलाओं को अपने मकान पर बुलाकर अनैतिक कार्य करवा रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान सलेमपुर निवासी दर्शन सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को थाना गुहला प्रबंधक पीएसआई सनेष कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि डेरा भाग सिंह क्षेत्र में एक मकान में बाहर से महिलाओं को बुलाकर अनैतिक कार्य करवाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान से तीन महिलाएं व तीन पुरुष संदिग्ध अवस्था में मिले। सुमन महिलाओं से करवाती थी देह व्यापार पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि डेरा भाग सिंह गुहला निवासी सुमन द्वारा उन्हें देह व्यापार के लिए बुलाया गया था। यहां ग्राहकों से पैसे लेकर देह व्यापार करवाया जाता था। सूचना मिलते ही डीएसपी मुख्यालय बीर भान भी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। आरोपी दर्शन ने दी थी जगह पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में थाना गुहला में केस दर्ज करके आगामी जांच डीएसपी बीर भान द्वारा करते हुए महिला आरोपी डेरा भाग सिंह गुहला निवासी सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया था। यह जगह भी दर्शन की थी, जिसने अनैतिक कार्य करवाने के लिए सुमन को जगह उपलब्ध करवाई गई थी। पुलिस द्वारा मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
बागपत के बड़ौत नगर में कपड़ा व्यापारी नीरज जैन के इकलौते बेटे प्रतीक जैन (21) का रविवार सुबह निधन हो गया। बताया जा रहा है कि प्रतीक को सुबह करीब चार बजे हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार अभी प्रतीक की मां शिल्पी जैन के निधन के दुख से उबर नहीं पाया था। अब इकलौते बेटे की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। प्रतीक अपनी दो बहनों नीशु जैन और खुशी जैन का इकलौता भाई था। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता नीरज जैन बेहोश हो गए, जबकि दोनों बहनें भी सदमे में आ गईं। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी समाज और परिचितों में शोक फैल गया। व्यापारी नेता मुदित जैन, नवनीत जैन, हर्षित जैन, प्रभात जैन, बोबी सहित कई लोगों ने घर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। गमगीन माहौल में प्रतीक जैन का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम जलकुआं (सिंगोट) में 15 किसानों को सरकारी खरीदी से ज्यादा भाव का लालच देकर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव का ही व्यापारी एक महीने की उधारी में किसानों से गेहूं और चना खरीदकर अपने परिवार समेत फरार हो गया है। किसान दौलतसिंह राजपूत सहित अन्य किसानों की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपी व्यापारी शंकर बलाही के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पिछले 21 दिनों से गायब आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 40 लाख की उपज खरीदी, पिकअप-गाड़ियां लेकर फरार जलकुआं निवासी किसान दौलतसिंह ने बताया कि उन्होंने 80 क्विंटल चना और 90 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने की बजाय व्यापारी शंकर को बेचा था। शंकर ने सरकारी खरीदी से भी ज्यादा भाव लगाते हुए गेहूं 2700 रुपए और चना 6500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा था। उपज का पैसा एक महीने के भीतर देने की बात तय हुई थी। दौलतसिंह के अलावा गांव के 15 अन्य किसानों ने भी शंकर को ही अपनी उपज बेची थी। सभी किसानों का कुल हिसाब-किताब करीब 40 लाख रुपए का है। उपज खरीदने के बाद आरोपी अपनी पिकअप गाड़ियां और परिवार लेकर गांव से गायब हो गया है। 3 साल से कर रहा था खरीदी, भरोसा जीतकर दिया धोखा किसानों ने बताया कि शंकर गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा किया। गांव में शंकर की किराना व साड़ी की दुकान है और उसके पास पिकअप गाड़ियां हैं। वह पिछले 3 सालों से अनाज खरीदी का काम करता आ रहा था। पहले वह किसानों से एक महीने का वक्त लेता था और तय समय पर पूरा पैसा चुकता कर देता था, जिससे उस पर किसानों का भरोसा बढ़ गया था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने इस बार धोखा दिया। पिछले 21 दिनों से किसान शंकर की तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर अब उन्होंने पुलिस की शरण ली है।
Gold Prices Surge- ऐतिहासिक उछाल से सर्राफा बाजार में मची हलचल, निवेशकों में उत्साह
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की दरों में भारी उछाल, 22 और 18 कैरेट के दाम भी आसमान पर।
लुधियाना के औद्योगिक इलाके फोकल पॉइंट में व्यापारिक विश्वास को ठेस पहुंचाने और लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। क्या है पूरा मामला शिकायतकर्ता करतार चंद जो फोकल पॉइंट फेस-7 स्थित सिटीजन एक्सपोर्ट के मालिक हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म ने आरोपी मलकीत सिंह निवासी जीटीबी नगर,मुंडियां कलां की कंपनी को काम के सिलसिले में कच्चा माल भेजा था। तीन चरणों में भेजा गया था माल पुलिस जांच के अनुसार यह लेन-देन साल 2022 के दौरान हुआ था। सिटीजन एक्सपोर्ट की ओर से आरोपी को तीन चरणों में भेजा गया था माल 08 मार्च 2022,29 अगस्त 2022,01 अक्टूबर 2022 तारीखों पर माल भेजा गया था न माल लौटाया, न पैसे दिए आरोप है कि मलकीत सिंह की कंपनी ने वह कच्चा माल तो प्राप्त कर लिया, लेकिन उसके बदले तैयार माल वापस नहीं किया। जब हिसाब-किताब किया गया,तो आरोपी की तरफ 12,26,820.68 रुपये की देनदारी निकली। बार-बार कहने के बावजूद जब आरोपी ने न तो माल लौटाया और न ही बकाया राशि का भुगतान किया, तो पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने कहा शिकायतकर्ता की अर्जी पर लंबी जांच के बाद अब थाना फोकल पॉइंट में आरोपी मलकीत सिंह के खिलाफ IPC की धारा 406 और 420 के तहत FIR नंबर 83 दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
ग्वालियर के नया बाजार क्षेत्र में सराफा व्यापारी से ठगी का मामला सामने आया है। ठग 40 ग्राम सोने के मोती लेकर चांदी की बॉल देकर फरार हो गए। घटना 4 अप्रैल की है, जिसके बाद शनिवार को कंपू थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। माधौगंज निवासी सराफा कारोबारी शाहीन अली को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुरैना का सराफा व्यापारी महेश सोनी बताया और 40 ग्राम सोने के मोती की मांग की। कर्मचारी बताकर युवक को भेजा आरोपी ने कहा कि वह खुद नहीं आ सकता और उसका कर्मचारी नया बाजार में मौजूद है। तय स्थान पर कारोबारी ने युवक को सोने के मोती सौंप दिए। युवक ने बदले में एक बॉल दी और मौके से चला गया। दुकान पर जांच कराने पर पता चला कि बॉल 28 ग्राम की चांदी है, जिस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। कंपू थाना में दर्ज हुआ मामला पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। घटना क्षेत्राधिकार के अनुसार कंपू थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी और कॉल डिटेल से जांच पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि तीन दिन पहले झांसी में भी इसी तरह की ठगी हुई थी। मामले में इंटरस्टेट गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
स्टार्टअप्स के लिए ‘मिनिमम वायरल प्रेजेंस’ पर फोकस
भास्कर न्यूज | लुधियाना अरविंदो कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर ने अपने ब्रांड को वायरल बनाएं: डिजिटल उपस्थिति की ताकत विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार में सुकृति कपूर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने बताया कि 2026 में किसी भी ब्रांड के अस्तित्व के लिए डिजिटल पहचान बहुत जरूरी है। उन्होंने डिजिटल उपस्थिति के “पांच स्तंभ” बताए, जिसमें सोशल मीडिया, सर्च विजिबिलिटी, वैल्यू आधारित कंटेंट, भरोसा और निरंतरता। उन्होंने स्टार्टअप के लिए “मिनिमम वायरल प्रेजेंस” बनाने का तरीका भी समझाया, जिसमें सच्ची कहानी और समुदाय से जुड़ाव पर जोर दिया गया। सेमिनार में यह बताया गया कि आज के समय में मजबूत डिजिटल उपस्थिति बनाए रखना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ किस्मत का खेल नहीं, बल्कि सही समय और लोगों से जुड़ाव का सही मेल है। प्रिंसिपल डॉ. विशाल कुमार ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक ज्ञान से युवा अपनी रचनात्मकता को सही दिशा में लगाकर नए और नवाचार पूर्ण कार्य कर सकते हैं।
व्यापारियों का आरोप:120 की पर्ची, 300 की वसूली, शिकायत करने पर मारपीट करते
भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब की सबसे बड़ी सब्जी मंडियों में से एक लुधियाना मंडी में भ्रष्टाचार का ऐसा वायरस फैला है कि यहां सरकारी पर्ची के रेट सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह गए है। एक तरफ चेयरमैन गुरजीत सिंह गिल जांच का भरोसा दे रहे हैं, वहीं सचिव के बयानों ने खुद मार्केट कमेटी को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सुबह आने जाने वाले रेहड़ी फड़ी वालों ने खुलेआम डबल वसूली हो रही है। फिर भी मार्केट कमेटी के अधिकारी चेक नहीं कर रहे है, जबकि शनिवार से मार्केट कमेटी ने अपने हाथों में ठेका ले लिया है। यूजेस चार्जेज का फिर भी आम पब्लिक को लूटा जा रहा है।मंडी में सुबह-सुबह जब व्यापार शुरू होता है, तो उसी समय वसूली का काला खेल भी शुरू हो जाता है। वसीम रेहड़ी वाला ने बताया कि मुझसे 20 रुपए की पर्ची देकर 50 रुपए वसूले गए। विरोध करने पर ये करिंदे गाली-गलौज और मारपीट पर उतर हो जाते हैं। उन्होंने कहा किसी को भी शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है। शिकायत करने पर भी कर्मचारी मारपीट करते हैं। गोगी व्यापारी ने कहा कि साहब ये लूट नहीं तो क्या है मुलाजिम हाथ में 120 रु. की पर्ची थमाते हैं और जबरन 300 रु. वसूलते हैं। प्रति गाड़ी 180 रुपए का सीधा डाका। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी के पास ठेका हो उसके बावजूद लूट मचा रखी है। कहा कि गरीब की आवाज कोई नहीं सुनता है। हरिंदर सिंह गिल, मार्केट कमेटी सचिव सवाल: पर्ची काटने वाले लोग कौन हैं? जवाब: ये पुराने ठेकेदार के कर्मचारी भी हो सकते हैं। सवाल: पुराने ठेकेदार का कार्यकाल तो समाप्त हो चुका है, अब व्यवस्था कौन संभाल रहा है? जवाब: फिलहाल मंडी का संचालन मार्केट कमेटी द्वारा किया जा रहा है और हमारे कर्मचारी ही पर्ची काट रहे हैं। सवाल: पर्चियों में कटिंग कर अधिक पैसे वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं? जवाब: हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा कुछ पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। सवाल: ठेकेदार राजू द्वारा 15 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं? जवाब: सभी आरोप बेबुनियाद हैं। यदि उनके पास कोई सबूत है तो वे पेश करें।
भारत और सऊदी अरब के बीच व्यापारिक संबंधों को मिली नई ऊर्जा; जाने क्या नया धोरण ?
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal और सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री अल कासबी के बीच वर्चुअल वार्ता। आपूर्ति श्रृंखला बहाली और भारत-जीसीसी FTA पर हुई महत्वपूर्ण प्रगति।
दतिया में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सेवढ़ा रोड पर सर्राफा व्यापारी से हुई सनसनीखेज लूट और फायरिंग के मामले में करीब छह साल बाद अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने संजय जाटव, मनीष शर्मा और भूरा उर्फ ब्रजेश जाटव को धारा 394 और 397 आईपीसी तथा एमपी डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की धाराओं में दोषी ठहराया। वहीं एक अन्य आरोपी अरुण चौहान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया, जबकि आरोपी राजेश गुर्जर अब भी फरार है। घर के बाहर हुई वारदात, सीने में मारी थी गोलीघटना 17 अगस्त 2020 की शाम करीब 7:30 बजे की है। सर्राफा व्यापारी आनंद सोनी अपने भाई कपिल सोनी के साथ दुकान बंद कर करीब डेढ़ लाख रुपए के जेवर बैग में रखकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे घर के बाहर पहुंचे और उतरने लगे, तभी पीछे से बाइक पर आए तीन बदमाशों ने हमला कर दिया। एक आरोपी ने कट्टे से फायर किया। जिसकी गोली आनंद के सीने में जा लगी। इसके बाद बदमाशों ने दोनों भाइयों के साथ छीना-झपटी कर जेवरों से भरा बैग लूट लिया और फायर करते हुए मौके से फरार हो गए। जांच में खुला राज, जेवर भी बरामदमामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके बयान दर्ज किए। उनकी निशानदेही पर लूटे गए जेवर भी बरामद किए गए। इसके बाद अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि एक को राहत दी।
हनुमानगढ़ जंक्शन धानमंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें व्यापारिक संगठनों, ट्रक यूनियन और लेबर यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। व्यापार संघ धर्मशाला में हुई इस बैठक में खरीद, उठाव, परिवहन और मंडी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी पक्षों ने किसानों को राहत देने के लिए आपसी समन्वय से काम करने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान व्यापारी सुमित रणवां ने गेहूं खरीद के लिए लागू स्लॉट बुकिंग प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत खरीद सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। रणवां ने बताया कि पोर्टल समय पर अपडेट नहीं नहीं होने से किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले की टोकन प्रणाली अधिक व्यवस्थित थी, जबकि स्लॉट सिस्टम लागू होने के बाद समस्याएं बढ़ी हैं। सुमित रणवां ने यह भी जानकारी दी कि मंडी में सरकारी खरीद शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। हालांकि, व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंडी में लगभग 30 से 33 प्रतिशत बारदाना (खाली बोरियां) उपलब्ध है, जिससे काम चलाया जा रहा है। आगे की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन से बातचीत जारी है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की कटाई प्रभावित हुई थी। अब मौसम साफ होने के बाद किसान तेजी से अपनी फसल काटकर मंडी में ला रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मंडी में गेहूं की आवक बढ़ने लगी है और ढेर भी बढ़ रहे हैं। लेबर यूनियन नेता शेरसिंह शाक्य ने पिछले साल की समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि समय पर उठाव नहीं होने और भंडारण व्यवस्था कमजोर रहने के कारण पिछले साल गेहूं खराब हो गया था। इस बार भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने समय पर गोदाम खोलने और नियमित उठाव का आश्वासन दिया है। इस बैठक में पदम चंद जैन, अमृतलाल गुप्ता, धर्मपाल जिंदल, अनुराग बंसल, राजेंद्र गर्ग, नितिन गोयल, विजय लखोटिया, जुगल राठी, रामेश्वर वर्मा, आत्मासिंह और सुल्तान सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
अग्रोहा धाम में वैश्य समाज की राष्ट्रीय समिति की बैठक राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें अग्रोहा को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अग्रोहा को ग्लोबल सिटी बनाने की घोषणा की थी, जिसे अब जमीन पर उतारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्रोहा को आसपास के गांवों व शहरों से जोड़कर विकसित किया जाए, जिससे देशभर के उद्योगपति यहां अरबों रुपए का निवेश करेंगे और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अग्रोहा की पहचान केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण उद्योगपति यहां निवेश करने से हिचक रहे हैं। सरकार को यहां उद्योग, ट्रांसपोर्ट नगर और विशेष रूप से टेक्सटाइल हब स्थापित करना चाहिए। प्रस्तावित टेक्सटाइल हब की स्थापना की जाए : बजरंग गर्ग बजरंग गर्ग ने कहा कि हिसार-सिरसा के बीच प्रस्तावित टेक्सटाइल हब को अग्रोहा के आसपास स्थापित किया जाए, जिससे यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है और इसका सीधा लाभ आम जनता व सरकार को मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि अग्रोहा के विकास के लिए वैश्य समाज सरकार को हर संभव सहयोग देगा। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भी अग्रोहा के विकास में सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
बड़वानी जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम ऊंची में एक किसान की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर गया। यहां रहने वाले किसान मंशाराम पंचोले ने अपनी चार एकड़ खेत में लगी बैंगन की खड़ी फसल को रोटावेटर चलाकर नष्ट कर दिया। जिस फसल को महीनों मेहनत से तैयार किया गया था, उसे खुद अपने ही हाथों मिट्टी में मिलाना किसान के लिए एक बड़ी मजबूरी बन गया। किसानों का कहना है कि उन्हें बैंगन के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं, जिससे लागत निकालना तो दूर की बात, फसल की कटाई करना भी भारी पड़ रहा है। मंडी में थोक व्यापारी बैंगन को एक या दो रुपए प्रति किलो के भाव पर भी खरीदने को तैयार नहीं हैं। पिछले एक महीने से बाजार के यही हालात बने हुए हैं। जेब से लग रही थी तुड़ाई की मजदूरी मंशाराम पंचोले ने बताया कि खेत से बैंगन तुड़वाने का खर्च ही 2 रुपए प्रति किलो आता है। मंडी में मिल रहे दाम इस खर्च से भी कम हैं। ऐसे में अगर वो मजदूरों से तुड़ाई करवाते, तो उन्हें अपनी जेब से पैसे देने पड़ते। इसी आर्थिक घाटे से बचने के लिए उन्होंने फसल को बाजार ले जाने के बजाय खेत में ही खत्म करना बेहतर समझा। लाखों की लागत का नुकसान किसान के मुताबिक, उन्होंने चार एकड़ में बैंगन की फसल लगाने के लिए बीज, खाद, दवा और सिंचाई में करीब 3 से 3.50 लाख रुपये खर्च किए थे। भारी निवेश और कड़ी मेहनत के बाद भी अंत में उन्हें कोई मुनाफा नसीब नहीं हुआ। नई शुरुआत की तैयारी अपनी किस्मत को कोसने के बजाय मंशाराम ने अब भविष्य की ओर देखने का फैसला किया है। उन्होंने फसल नष्ट करने के बाद खेत की दोबारा जुताई शुरू कर दी है, ताकि वहां दूसरी कोई फसल बोई जा सके। उनका कहना है कि इस स्थिति में नुकसान झेलकर आगे बढ़ना ही एकमात्र विकल्प बचा था।
भिवानी सड़क हादसे में पशु व्यापारी की मौत:पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, इलाज के दौरान तोड़ा दम
भिवानी जिले के मुंढाल में पिकअप और बाइक की टक्कर हो गई। जिसमें घायल बाइक सवार पशु व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मामले की सूचना मिलते ही मुंढाल कला पुलिस टीम मौके पहुंची और जांच में जुट गई। मृतक के परिजनों के बयान पर कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान भिवानी जिले के गांव तालु के करीब 72 वर्षीय रूप के रूप में हुई है। पिकअप ड्राइवर मौके से फरार पुलिस चौकी मुंढाल कलां के इंचार्ज एएसआई दीपक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी। जिसमें बताया कि भिवानी-मुंढाल रोड पर मुंढाल के नजदीक एक एक्सीडेंट हुआ है। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे, तो घायल सड़क पर पड़ा हुआ था। वहां पर एक्सीडेंट में क्षतिग्रस्त बाइक भी पड़ी हुई थी। जिसे भिवानी के नागरिक अस्पताल में भेजा। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि किसी पिकअप ने इसे टक्कर मारी है। एक्सीडेंट के बाद पिकअप ड्राइवर मौके से भाग गया। भैंसों का व्यापार करते थे मृतक के परिजनों के अनुसार गांव तालु के रूप भैंसों के लेनदेन का काम (व्यापार) करते थे, जो मुंढाल से अपने गांव तालु की तरफ आ रहे थे। इसी बीच यह एक्सीडेंट हुआ है। वहीं मृतक के भतीजे सुभाष के बयान पर पिकअप ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
सीजफायर से खिले निवेेेेेशकों के चेहरे, 4231 अंक बढ़ा सेंसेक्स, निफ्टी भी 24,000 पार
Share Market Weekly Review : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर से दुनियाभर के लोगों ने राहत की सांस ली। स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद होने के बाद भी कच्चे तेल के दाम गिरे तो शेयर बाजार में भारी तेजी आई। सेंसेक्स में 4231 अंकों का उछाल दर्ज ...
लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र में कानपुर रोड पर चिल्लावां गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर अवैध कट बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सरोजनी नगर थाने के उप निरीक्षक अवनीश वर्मा ने इस संबंध में तीन नामजद सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 अप्रैल 2026 की है। यातायात पुलिस ने एक अभियान के तहत फर्रुखाबाद-चिल्लावां के पास स्थित अंग्रेजी मॉडल शॉप के सामने लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर पर बने अवैध कट को क्रेन की मदद से बंद कर दिया था। स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों ने किया था प्रदर्शन इस कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों ने उसी दिन शाम करीब 6 बजे हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात पुलिस कर्मियों के सहयोग से लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और नारेबाजी करते हुए मार्ग अवरुद्ध रखा। पुलिस ने बताया कि एमसी तिवारी, राकेश (किराना स्टोर संचालक) और बृजेंद्र शर्मा उर्फ पप्पू सहित 20-25 अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर सड़क जाम किया और आवागमन प्रभावित किया। पुलिस ने यातायात ठीक करने के लिए बंद किया था मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक अवनीश वर्मा ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। पुलिस के मुताबिक, उक्त अवैध कट के कारण आए दिन सड़क हादसे होते थे। यातायात व्यवस्था भी लगातार प्रभावित रहती थी। इसी वजह से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया था। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- कानपुर रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने चिल्लावां कट बंद किया : नाराज व्यापारी धरने पर बैठे, बोले- धंधा खत्म हो जाएगा लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में कानपुर रोड पर चिल्लावां गांव जाने वाले मुख्य मार्ग के सामने बने कट को गुरुवार शाम ट्रैफिक पुलिस ने बंद कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारी धरने पर बैठ गए। कट को दोबारा खोलने की मांग की। (पूरी खबर पढ़िए)
प्रतापगढ़ के कोतवाली देहात क्षेत्र में रंगदारी और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पृथ्वीगंज नगर पंचायत प्रतिनिधि संजय सरोज समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित व्यापारी अमन गुप्ता की शिकायत पर की गई है। पीड़ित अमन गुप्ता ने अपनी तहरीर में बताया कि 9 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 बजे करीब वह फल लेने पृथ्वीगंज बाजार गए थे। इसी दौरान सुरेंद्र सरोज उर्फ नागा, नौरंगी सरोज और संजय सरोज ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए अमन गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। अमन गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने मारपीट का विरोध किया तो आरोपियों ने उनसे रंगदारी की मांग की। उन्होंने धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया तो उन्हें और उनके परिवार को एससी/एसटी एक्ट में फंसाकर बर्बाद कर देंगे। आरोपियों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए पुलिस से सांठगांठ की भी धमकी दी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में मारपीट की घटना कैद होने की बात कही जा रही है। पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। कोतवाली देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में एक दरोगा ने विशेष न्यायधीश के कोर्ट में सरेंडर किया। राजघाट पुल पर एक व्यापारी से लूट में मामले में वह वांछित था। घटना के बाद फरार चल रहा था। कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया था। सरेंडर के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया है। मामले में एक महिला दरोगा सहित अन्य तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। क्या था पूरा मामला?यह घटना 5 अगस्त 2025 की है। राजस्थान में व्यापार करने वाले निवासी बेलीपार पिछौरा निवासी के रविशंकर को राजघाट पुल के पास कार सवार कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। खुद को पुलिसकर्मी बताकर इन लोगों ने व्यापारी को डराया-धमकाया और उनसे 90 हजार रुपये लूट लिए। जांच में पता चला कि इस लूट को अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि नौसड़ पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी ही थे। जिसमें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विरामखंड निवासी नौसड़ चौकी प्रभारी भी शामिल था। चौकी प्रभारी और अन्य 4 को निलंबित किया था मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। जांच के आधार पर तत्कालीन चौकी प्रभारी शुभम श्रीवास्तव, महिला दरोगा आंचल और सिपाही प्रवीण यादव, राजेश चौधरी व सुभाष यादव को निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट से नहीं मिली राहतलूट की वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे (रोक) भी ले लिया था। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें जांच में मदद करने की शर्त दी थी। बाद में यह सामने आया कि आरोपी न तो जांच में शामिल हो रहे थे और न ही अपनी हरकतों से बाज आ रहे थे। पीड़ित व्यापारी को लगातार धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने के कारण हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी। शुक्रवार को निलंबित दारोगा शुभम श्रीवास्तव ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ओमकार शुक्ल की अदालत में सरेंडर कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने बढ़ाई धारा पीड़ित व्यापारी ने गीडा थाने में आरोपियों के खिलाफ धमकी देने की एक और एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसमें भ्रष्टाचार की धाराएं भी जोड़ दी हैं। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम श्रीवास्तव के जेल जाने के बाद अब फरार महिला दरोगा और बाकी सिपाहियों की तलाश तेज कर दी गई है।
बीकानेर में भुजिया की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की तैयारी है, जहां हाल ही में 20 रुपए प्रति किलो बढ़ने के बाद मजदूरों की मजदूरी मांग के चलते और 20 रुपए तक बढ़ सकती है। यह बदलाव एक-दो दिनों में लागू हो सकता है। कच्चे माल, पैकिंग और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण लागत बढ़ी है, जबकि मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के तनाव से निर्यात प्रभावित हुआ है। एक्सपोर्ट महंगा होने से 800 से ज्यादा व्यापारी प्रभावित हैं और 100 कंटेनर रास्ते में अटके हुए हैं, जिससे उत्पादन और सप्लाई समय 25-30 दिन से बढ़कर 50-60 दिन हो गया है, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ी है। एक्सपोर्ट महंगा, फैक्ट्रियों में काम कम निर्यातक वेद प्रकाश अग्रवाल के अनुसार एक्सपोर्ट की दरें बढ़ने से भुजिया उद्योग पर असर दिख रहा है। भुजिया बनाने वाली फैक्ट्रियों में कामकाज कम हुआ है और उत्पादन प्रभावित हुआ है। बीकानेर में 800 से ज्यादा भुजिया व्यवसायी इस उद्योग से जुड़े हैं, जहां रोज करीब 10 टन उत्पादन होता है। इसमें से करीब 70 प्रतिशत माल निर्यात किया जाता है, जो अब प्रभावित हो रहा है। मजदूरी और लागत से बढ़े दाम भुजिया मजदूरों ने प्रति इकाई 15 रुपए मजदूरी बढ़ाने की मांग की है। इसके कारण कीमतों में और 20 रुपए प्रति किलो तक बढ़ोतरी संभव है। पहले ही परिवहन लागत के चलते 20 रुपए प्रति किलो की वृद्धि हो चुकी है। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ी हुई लागत का पूरा असर ग्राहकों पर डाला जाएगा। कच्चे माल और पैकिंग महंगी व्यापारी ऋषि पुरोहित के अनुसार डॉलर महंगा होने से खाद्य तेल करीब 20 प्रतिशत तक महंगा हुआ है। इसके साथ ही पॉलिथीन, कार्टन और अन्य पैकिंग सामग्री के दाम भी बढ़े हैं। सारा रॉ मटेरियल महंगा होने से उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है और स्थानीय बाजार में भुजिया पहले ही 20 रुपए प्रति किलो महंगी हो चुकी है। निर्यात पर असर और देरी मध्य पूर्व में तनाव के कारण खाड़ी और यूरोपीय देशों में भुजिया, पापड़ और नमकीन की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कंटेनरों की कमी और सुरक्षित मार्ग अपनाने से माल पहुंचने का समय 25-30 दिन से बढ़कर 50-60 दिन हो गया है। इससे भाड़ा और लागत दोनों बढ़े हैं। रास्ते में अटका माल, 100 कंटेनर फंसे जो माल निर्यात के लिए भेजा जा चुका है, वह भी रास्ते में अटका हुआ है। बीकानेर की करीब 10 यूनिट्स के लगभग 100 कंटेनर एक्सपोर्ट के लिए फंसे हुए हैं। इससे कारोबारियों को 20-30 करोड़ रुपए तक का आर्थिक नुकसान की आशंका है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। निर्यातकों की चिंता और सीजन पर असर निर्यातक वेद प्रकाश अग्रवाल के अनुसार अगले तीन महीने नमकीन उद्योग के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी समय खाड़ी और यूरोप में मांग अधिक रहती है। लेकिन बढ़ते किराए, लंबा ट्रांजिट टाइम और अनिश्चित हालात के कारण व्यापारी अपनी तैयारियों में बदलाव पर विचार कर रहे हैं। विदेशी खरीदार भी बढ़ती कीमतों को लेकर मोलभाव कर रहे हैं। देश के बड़े भुजिया निर्माता बीकाजी ने हाल ही में कीमतों में 10 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। पहले 220 रुपए किलो मिलने वाला भुजिया अब 230 रुपए प्रति किलो हो गया है। कंपनी ने पैकेजिंग सामग्री महंगी होने को वजह बताया है। जीएसटी कम होने से पहले कीमत 230 से घटकर 220 हुई थी, जो अब फिर बढ़ाकर 230 कर दी गई है। स्थानीय बाजार और अन्य असर भुजिया के दाम में कुल 40 रुपए तक बढ़ोतरी की स्थिति बन रही है। हालांकि इस बढ़ोतरी से छोटे दुकानदार, कारीगर, कर्मचारियों और किसानों पर सीधा असर नहीं बताया गया है, क्योंकि लागत का भार ग्राहकों पर डाला गया है। अन्य नमकीन उत्पादों पर अभी असर नहीं है और मांग में भी कोई कमी नहीं देखी जा रही है।
पंजाब के कृषि अधिकारियों ने सीखी स्टार्टअप की बारीकियां
लुधियाना पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कौशल विकास केंद्र ने भविष्य की खेती और व्यापार को जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। यूनिवर्सिटी के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. मखन सिंह भुल्लर के नेतृत्व में एक विशेष प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय एग्री-स्टार्टअप इकोसिस्टम में 'पंजाब एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर' की भूमिका को समझना था। इस एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम में खेती-बाड़ी से जुड़े 12 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें कृषि विकास अधिकारी, बागवानी अधिकारी, मृदा संरक्षण अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शामिल रहे। अफसरों को बताया- स्टार्टअप्स की मदद कैसे करें : सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हुई कि सरकारी अधिकारी स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं की मदद कैसे कर सकते हैं। बिजनेस मैनेजर इंजीनियर करणवीर गिल और असिस्टेंट मैनेजर राहुल गुप्ता ने केस स्टडीज के जरिए बताया कि स्टार्टअप्स को शुरुआती दौर में किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उनका समाधान कैसे निकाला जाए। फंडिंग और बिजनेस मॉडल पर रहा जोर: उद्यमिता को बढ़ावा: स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के निदेशक डॉ. रमनदीप सिंह ने बताया कि 'निधि-टीबीआई' जैसी योजनाएं कृषि क्षेत्र में बिजनेस शुरू करने वालों के लिए कितनी जरूरी हैं।
अजमेर रोड पुरानी क्वींस रोड तिराहे पर ट्रैफिक जाम से निजता के लिए जेडीए का सिंगल साइड अंडरपास बनाने का प्लान है। पुरानी चुंगी क्वींस रोड पर तीन तरफ सोडाला से क्वींस रोड, क्वींस रोड से सोडाला-अजमेर रोड और अजमेर रोड से सोडाला की तरफ वाहन गुजरते हैं। जेडीए के अनुसार अंडरपास की शुरुआात पुरानी चुंगी के पास स्थित मजार से होगी और द्रव्यवती से करीब 70 मीटर पहले वाहन बाहर निकलकर सोडाला, श्याम नगर की तरफ की जा सकेंगे। इसमें पीसीवी कर्नल होशियार सिंह मार्ग (क्वींस रोड) से सोडाला जाने वाला ट्रैफिक यथावत चलता रहेगा। एक स्लिप लेन बनाने की योजना है। इसके लिए जेडीए ने टेंडर भी जारी कर दिया है। जेडीए इंजिनियिरंग अधिकारियों ने बताया कि अंडरपास के लिए दो प्रस्ताव तैयार किए थे। स्थानीय स्तर पर तैयार की गई रिपोर्ट में यह तकनीकी अड़चन व्यापारी बोले- जेडीए की परियोजना व्यावहारिक नहीं
बाइक बनी चाय की दुकान:उज्जैन में 'मोबाइल चाय' का अनोखा स्टार्टअप; ₹5 की चाय, घर-घर डिलीवरी
उज्जैन के व्यस्ततम फ्रीगंज इलाके में इन दिनों एक अनोखी ‘मोबाइल चाय सेवा’ लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। गणेशपुरा, मक्सी रोड निवासी पूनमचंद यादव ने अपनी बाइक को ही चलती-फिरती चाय की दुकान में बदल दिया है, जहां हर ग्राहक को गरमा-गरम चाय मिलती है। पूनमचंद यादव ने अपनी बाइक की डिग्गी पर 5 किलो की गैस टंकी और छोटा स्टोव फिट कर रखा है। इसी पर वे लगातार चाय गर्म रखते हैं और करीब 5 किलोमीटर के दायरे में घूम-घूमकर चाय की सप्लाई करते हैं। ₹5 में चाय, रोज 200–250 कप की बिक्रीएक कप चाय की कीमत मात्र ₹5 है। वे रोजाना करीब 200 से 250 कप चाय बेचते हैं। उनका समय सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक रहता है। फ्रीगंज, सब्जी मंडी, अस्पताल, दुकानों और ठेलों तक वे अपनी सेवा पहुंचाते हैं। खास बात यह है कि वे ग्राहकों को स्वाद पसंद न आने पर पैसे वापस करने की गारंटी भी देते हैं। पूनमचंद यादव के परिवार में पत्नी उषा यादव (हॉउस वाइफ), बेटी निकिता (23, B.Ed) और बेटा ऋषभ (26, B.Com, M.Com) हैं। पूरा परिवार इस काम में उनका सहयोग करता है। कोरोना के बाद बदली राहपहले वे मंडी में पोहा बेचने का काम करते थे, लेकिन कोरोना लॉकडाउन में रोजगार ठप हो गया। इसके बाद उन्होंने नए तरीके से चाय बेचने का आइडिया अपनाया। फ्रीगंज में सैलून चलाने वाले जगदीश देवड़ा बताते हैं कि चाय का स्वाद बेहतरीन है और दुकान तक सर्विस मिलती है। पेपर और स्टील कप का विकल्प भी उपलब्ध है। महंगाई के दौर में सस्ती चाय होने से यह और लोकप्रिय हो गई है। कई व्यापारी दिन में 3–4 बार उनकी चाय लेते हैं। पूनमचंद बताते हैं कि एक मित्र के सुझाव पर उन्होंने बाइक पर यह सेटअप तैयार किया। आज यह ‘मोबाइल चाय’ मॉडल न सिर्फ उनकी रोजी-रोटी का जरिया है, बल्कि आत्मनिर्भरता और नई सोच की मिसाल भी बन गया है।
गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत सामुदायिक निवेश निधि (CIF) में 41 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में पता चला है कि स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघ के पदाधिकारियों ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। नियमों के अनुसार, किसी भी समूह को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का ही भुगतान किया जा सकता है, लेकिन कई समूहों को 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि हस्तांतरित की गई। नियमों को दरकिनार करते हुए ग्राम संगठन के स्तर से चेक और नकद के माध्यम से अवैध लेनदेन किए गए। रुपईडीह ब्लॉक में वर्तमान में 9 से अधिक ग्राम संगठन और 54 ग्राम संगठन इकाइयां हैं, जिनसे लगभग 797 स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच विभिन्न समूहों को कुल 5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था। गहन जांच के बाद, इसमें से 41 लाख रुपये से अधिक की राशि के भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन की पुष्टि हुई है। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक कुलदीप कुमार सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ समिति की अध्यक्ष अर्चना गोस्वामी, सचिव राजरानी, कोषाध्यक्ष अंक कुमारी, नंद बाबा ग्राम संगठन समिति पंचरुखी मनोहरजोत की अध्यक्ष रेनू, सचिव नीता, कोषाध्यक्ष वंदना, जय माता दी स्वयं सहायता समूह की सचिव पूजा मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुन, कोमल आजीविका मिशन ग्राम संगठन की सचिव रेखा वर्मा, कोषाध्यक्ष कामिनी, महिला सशक्तीकरण स्वयं सहायता समूह पचरन की सचिव ननकी, कोषाध्यक्ष कामू, राम किशोर पांडेय, हरियाली प्रेरणा ग्राम संगठन लालनगर की सचिव रीता, कोषाध्यक्ष सुनीता, किसान प्रेरणा ग्राम संगठन गौनरिया की अध्यक्ष अनीता, कोषाध्यक्ष मंजू और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह गौनरिया की कोषाध्यक्ष राजकुमारी के नाम शामिल हैं। खरगूपुर प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि सभी आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शाजापुर शहर में प्रशासन और नगरपालिका की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बीच शुक्रवार रात व्यापारियों का एक दल विधायक अरुण भीमावद से मिलने पहुंचा। पिछले तीन दिनों से चल रही इस मुहिम को लेकर व्यापारियों ने अपनी बात रखी, जिस पर विधायक ने उन्हें शहर की बेहतरी का हवाला देते हुए समझाइश दी। विधायक भीमावद ने व्यापारियों को समझाया कि नई सड़क से आजाद चौक तक नाली के बाहर सामान रखने से रास्ते संकरे हो जाते हैं। इसकी वजह से हर दिन लगने वाले जाम से आम लोग तो परेशान हैं ही, साथ ही खुद व्यापारियों का धंधा भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसी समस्या को खत्म करने के लिए प्रशासन ने अस्थाई अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया है। स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील विधायक ने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे खुद आगे आकर नाली के आगे रखा अपना सामान हटा लें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि शहर में गाड़ियों के खड़े होने के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि सड़कों पर भीड़ न बढ़े। व्यापारियों ने दिया आश्वासन व्यापारी कमल शर्मा ने बताया कि वे इसी कार्रवाई के सिलसिले में विधायक से मिले थे। चर्चा के बाद व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि वे अब खुद ही नाली के आगे से अपना अतिक्रमण हटा लेंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि अगर व्यापारी खुद सहयोग कर रहे हैं, तो फिलहाल कार्रवाई को रोक दिया जाए।
सिवनी जिले के घंसौर मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम साप्ताहिक बाजार के दौरान वसूली को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदार के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच हुई इस झड़प में दो व्यापारियों पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार के कर्मचारी द्वारा की जा रही वसूली पर कुछ व्यापारियों ने आपत्ति जताई थी। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ठेकेदार पक्ष के लोगों ने अचानक आक्रामक होकर व्यापारियों पर हमला कर दिया। हमले में घायल हुए व्यापारियों की पहचान अमित नामदेव और गणेश नामदेव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है। यह घटना बीच बाजार में हुई, जिससे बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया ने बताया कि विवाद और हमले की सूचना मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी शौरभ शिवहरे सहित उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
जींद जिले के जुलाना की पुरानी अनाजमंडी में 17 मार्च को एक व्यापारी के अपहरण का प्रयास किया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस ने घटना स्थल पर निशानदेही भी करवाई है। जानकारी के अनुसार, 17 मार्च की सुबह व्यापारी सुशील टहलने के लिए अपने घर से निकले थे। तभी अनाजमंडी स्थित चौकी के पास एक सफेद रंग की कार अचानक उनके सामने आकर रुकी। कार से उतरे दो अज्ञात बदमाशों ने सुशील के मुंह पर कपड़ा डालकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। शोर मचाने पर बदमाश हुए थे फरार सुशील ने इसका विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। धक्का-मुक्की के दौरान वह नीचे गिर गए। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग सतर्क हो गए और मौके की ओर आने लगे। लोगों को आता देख बदमाश तुरंत वहां से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। साइबर टीम कर रही थी जांच पुलिस को व्यापारी के अपहरण के प्रयास की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। साइबर टीम भी इस जांच में जुटी हुई थी। पुलिस ने अब दो आरोपियों को काबू किया है। एक दिन के पुलिस रिमांड पर जुलाना चौकी इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर निशानदेही के लिए जुलाना के बाजार में लाया गया था। पुलिस ने दोनों को एक दिन के रिमांड पर लिया है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
Share Bazaar में जोरदार तेजी, Sensex 919 अंक उछला, Nifty भी 24000 के पार
Share Market Update News : बैंकिंग शेयरों में खरीदारी और वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते आज भारतीय शेयर बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। बीएसई का सेंसेक्स 918.60 अंक उछलकर 77,550.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 990.85 अंक उछलकर 77,622.50 के स्तर तक चला गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 275.50 अंक चढ़कर 24,050.60 अंक पर पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी और वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते आज भारतीय शेयर बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। बीएसई का सेंसेक्स 918.60 अंक उछलकर 77,550.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 990.85 अंक उछलकर 77,622.50 के स्तर तक चला गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 275.50 अंक चढ़कर 24,050.60 अंक पर पहुंच गया। ALSO READ: Ceasefire की अनिश्चितता से Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 931 अंक फिसला, Nifty भी रहा नुकसान में निवेशकों ने कमाए 6.40 लाख करोड़ रुपए इस तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैप 444.79 लाख करोड़ से बढ़कर 451.20 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया यानी सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों को 6.40 लाख करोड़ रुपए की कमाई हुई। अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले पश्चिम एशिया संकट में और अधिक नरमी आने की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। ALSO READ: Ceasefire से Share Bazaar में तूफानी तेजी, Sensex 2946 अंक उछला, Nifty भी 23990 के पार ये शेयर रहे टॉप पर सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो), एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ALSO READ: ट्रंप के इस संकेत से Share Bazaar में बड़ा उछाल, Sensex 1187 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी, निवेशकों ने कमाए 11 लाख करोड़ इससे पहले यानी गुरुवार को बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे 5 दिनों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 931.25 अंक यानी 1.20 प्रतिशत फिसलकर 76,631.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,215 अंक की गिरावट से 76,347.90 अंक पर आ गया था। Edited By : Chetan Gour
जयपुर में राइजिंग राजस्थान के निवेश करार धरातल पर, 30 एमओयू का कार्य शुरू
जिला कलक्टर संदेश नायक ने 33,698 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की, 28 लंबित एमओयू के त्वरित समाधान के लिए विभागों को दिए निर्देश।
दलाल स्ट्रीट में लौटी रौनक ; भू-राजनीतिक तनाव के बीच सेंसेक्स ने मारी गगनचुंबी छलांग
सेंसेक्स ९१८ अंक उछलकर ७७,५५० के पार, निफ्टी में भी बंपर रिकवरी। जानें पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के मुख्य कारण।
महंगा हुआ क्रूड, शेयर बाजार में बहार, क्या है 10 शहरों में सोने चांदी के दाम?
Gold Silver Rates 10 April : अमेरिका-इजराइल और ईरान में सीजफायर के बीच लेबनान को लेकर तनाव बना हुआ है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद करने से क्रूड के दामों में तेजी आई तो हथियारों का मार कम होने से शेयर बाजार में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जानिए ...
लुधियाना के गिल चौक स्कूटर मार्केट में गुरूवार रात बेखौफ चोरों ने मार्केट से दो एक्टिवा पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर इसी इलाके में चोरी की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष और डर का माहौल है। मार्केट के प्रधान दीपक अरोड़ा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार रात तीन शातिर चोर एक ही बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने पूरी प्लानिंग के साथ दुकान का शटर उठाया और वहां खड़ी दो एक्टिवा लेकर रफूचक्कर हो गए। सीसीटीवी कैमरे में कैद वारदात यह पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चोरों की मूवमेंट साफ देखी जा सकती है। व्यापारियों का अल्टीमेटम- नहीं थमी चोरियां तो करेंगे प्रदर्शनएक हफ्ते में दूसरी बार हुई इस वारदात से दुकानदार भड़के हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे SHO घटना की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 6 के SHO अमरजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। SHO ने बताया मुझे ड्यूटी ऑफिसर लखवीर सिंह ने फोन पर इस चोरी की सूचना दी थी। मैंने अभी कल ही इस थाने का चार्ज संभाला है और आते ही यह बड़ी वारदात सामने आई है। सीसीटीवी खंगाल रहे हैं- SHO अमरजीत सिंहउन्होंने कहा कि व्यापारियों ने पुरानी चोरियों के बारे में भी बताया है। हम सीसीटीवी खंगाल रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में रेहड़ी-पटरी (स्ट्रीट वेंडर्स) को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि उन्हें अचानक या मनमाने तरीके से नहीं हटाया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये लोग सिर्फ सड़क किनारे दुकान लगाने वाले नहीं, बल्कि अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले आम नागरिक हैं, इसलिए उनकी आजीविका का सम्मान करना जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को होगी, जिसमें प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। यह फैसला चंडीगढ़ के मलकित सिंह बनाम चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश राज्य मामले में को सुनाया गया। जस्टिस न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति नोंगमेइकापम कोटिस्वर सिंह की बेंच ने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग भी संविधान के तहत मिलने वाले काम करने के अधिकार का हिस्सा है। हर व्यक्ति को व्यापार और रोजगार का अधिकारकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हर व्यक्ति को व्यापार और रोजगार करने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार पूरी तरह से खुला नहीं है। अगर बिना नियम के सड़क, फुटपाथ या सार्वजनिक जगहों पर दुकानें लगेंगी तो इससे आम लोगों को परेशानी होगी, जैसे चलने में दिक्कत और ट्रैफिक जाम। रेहड़ी-पटरी हटाने को लेकर हुआ था विवाद सरकार का काम है कि वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए। बता दें कि, यह मामला चंडीगढ़ का है, जहां सार्वजनिक जगहों से रेहड़ी-पटरी हटाने को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि अवैध वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 1 अगस्त से 30 नवंबर 2025 के बीच 1024 चालान काटे गए। साथ ही सिर्फ लाइसेंस वाले और जरूरी सेवाएं देने वाले वेंडर्स को ही काम करने की अनुमति दी गई है। सुप्रीम कोर्ट बोला हटाना समाधान नहींइस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ हटाना ही समाधान नहीं है। अगर किसी वेंडर को हटाया जाता है तो उसे दूसरी जगह काम करने का मौका देना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह वेंडर्स को तय वेंडिंग जोन में बसाने में मदद करे और लोगों को यह जानकारी दे कि अब ये दुकानदार कहां शिफ्ट हुए हैं, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। उचित व्यवस्था के हटाने की कार्रवाई अन्याय कोर्ट ने साफ किया कि बिना उचित व्यवस्था के हटाने की कार्रवाई वेंडर्स के साथ अन्याय हो सकती है। इसलिए प्रशासन को सख्ती के बजाय संतुलन और समझदारी से काम करना चाहिए।
टोंक के उनियारा शहर में बुधवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे दो भाइयों पर दो युवकों ने हमला किया। आरोपियों ने लूट के इरादे से देशी कट्टे से हवाई फायरिंग की और एक भाई के सिर पर वार किया। घायल प्रदीप कुमार गुप्ता को हॉस्पिटल ले जाकर इलाज कराया गया। घटना के बाद गुस्साए व्यापारियों ने उनियारा थाने के बाहर पहुंचकर करीब एक घंटा तक उसका घेराव किया और हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। फिर मध्य रात को लोग जल्द गिरफ्तार करने के पुलिस के आश्वासन के बाद घर चले गए। लेकिन घटना के 12 घंटे बीतने के बाद शुक्रवार दस बजे तक भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज व्यापारी अब धरना, प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे है। रास्ते में रोककर किया हमला घायल व्यापारी प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि उसकी बस स्टैंड के पास दुकान है। बुधवार देर रात करीब दस बजे दुकान बंद करके वह और उसका भाई अजय गुप्ता घर लौट रहे थे। उनके पास दिनभर की बिक्री के हजारों रुपए भी थे। रास्ते में क्षेत्र के ही रहने वाले राजा बाबू गुर्जर और रामसिंह खटाना मिले और बिना कुछ कहे मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों ने देशी कट्टे से हवाई फायरिंग कर दी और कट्टे के बट से संदीप कुमार गुप्ता के सिर में पीछे की ओर मारा । इसे उसका करीब तीन इंच लंबा सिर फट गया। आरोपी हमलाकर फरार हो गया। 12 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं घायल के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने उसे तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसे तीन से चार टांके लगे।घटना के बाद देर रात करीब 11 बजे व्यापारी थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए घेराव किया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग वापस लौटे।घटना के 12 घंटे बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे तक भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे नाराज व्यापारी अब धरना और प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। इनपुट: आनंद शर्मा, उनियारा।
पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक व्यापारी नेता अमनदीप सिंह जॉली के आवास और गोदाम में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में गोदाम में रखा लगभग 50 लाख रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया। यह घटना सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की सुरभि कॉलोनी में हुई। गुरुवार देर रात जब परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, तभी मकान के पिछले हिस्से में बने गोदाम से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैल गई, जिसके बाद तत्काल दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आशंका है कि गर्मी के कारण बिजली के तारों में घर्षण या लोड बढ़ने से निकली चिंगारी ने गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया। व्यापारी नेता अमनदीप जॉली के गोदाम में बड़ी मात्रा में स्टॉक रखा था। आग में नए एसी और कूलर पूरी तरह जल गए। कपड़ों का एक बड़ा स्टॉक भी नष्ट हो गया। व्यापारी के अनुसार, इस अग्निकांड में 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गली और तेज लपटों के बावजूद, दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई से आग को रिहायशी हिस्से में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
हरियाणा के करनाल में धान खरीद के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ की एक फर्म से इंद्री की फर्म ने धान का सौदा किया, लेकिन तय शर्तों के अनुसार पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। करीब 91 लाख रुपए के सौदे में से 46.85 लाख रुपए बकाया रह गए। बार-बार मांग करने के बावजूद रकम नहीं दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दलाल के जरिए हुआ था सौदाशिकायतकर्ता विजय पाल ने थाना इंद्री में दी शिकायत में बताया कि वह फर्म विजय कुमार प्रभात कुमार, दुकान नंबर 133-ए, नई धानमंडी, टिब्बी रोड, हनुमानगढ़ टाउन में पार्टनर है। 7 नवंबर 2025 को दलाल राजकुमार उसकी फर्म पर आया और खुद को धान की फसल का सौदा करवाने वाला बताया। उसने इंद्री की फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के साथ सौदा करवाने का प्रस्ताव दिया। अगले दिन मालिक को साथ लाकर कराया एग्रीमेंट8 नवंबर 2025 को राजकुमार अपने साथ फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के मालिक विपिन गर्ग को लेकर आया। दोनों पक्षों के बीच धान खरीद का सौदा तय हुआ। इसमें शर्त रखी गई कि हर बिल के बाद अगला बिल देने से पहले पिछली रकम का भुगतान किया जाएगा। 11 से 15 नवंबर के बीच बेचा गया 91 लाख से ज्यादा का धानशिकायत के अनुसार 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक अलग-अलग बिलों के जरिए 91,23,387 रुपए का धान बेचा गया। विपिन गर्ग ने कुछ भुगतान किया, जिसमें 13 नवंबर 2025 को 8.50 लाख रुपए आरटीजीएस से, 15 नवंबर को 6.90 लाख रुपए एटीएम और 10 लाख रुपए आरटीजीएस से, 16 नवंबर को 5.98 लाख रुपए, 19 नवंबर को 4 लाख 99 हजार 500 रुपए, 23 नवंबर को 4 लाख रुपए, 25 नवंबर को विजय पाल के एचडीएफसी खाते में 2 लाख और प्रभात के खाते में 2 लाख रुपए जमा करवाए। कुल मिलाकर 44 लाख 37 हजार 500 रुपए दिए गए। 46.85 लाख रुपए बकाया, टालमटोल करता रहा आरोपीशिकायत में बताया गया कि 46 लाख 85 हजार 887 रुपए बकाया रह गए। रकम लेने के लिए विजय पाल कई बार करनाल स्थित फर्म के पते पर गया, लेकिन विपिन गर्ग नहीं मिला। वहां मुनीम राजबीर शर्मा मिलता था, जो फोन पर बात करवाता था, लेकिन हर बार भुगतान को लेकर टालमटोल किया जाता रहा। 15 दिसंबर को साफ कहा- ठगी करनी थीविजय पाल के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को आखिरी बार बात हुई, जिसमें आरोपी पक्ष ने साफ कह दिया कि उन्होंने ठगी करने के इरादे से ही माल खरीदा था और पैसे नहीं देंगे। इसके बाद सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच सौंपीप्रार्थी ने बीती 23 मार्च को लिखित शिकायत दी। थाना इंद्री में एमएचसी संदीप कुमार के समक्ष यह परिवाद दर्ज हुआ। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाया गया। 9 अप्रैल को थाना इंद्री में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड, गढ़ी साधान के मालिक विपिन गर्ग और मुनीम राजबीर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच एएसआई धर्मेंद्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
क्रिप्टो निवेश में अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा दे महिला से ठगे
जयपुर | झोटवाड़ा इलाके में साइबर ठगों द्वारा एक महिला को क्रिप्टो निवेश में अच्छा मुनाफा दिलाने और विदेश यात्रा कराने का झांसा देकर 9 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला प्रीति वर्मा ने सुभाष रवि और अभिषेक के िखलाफ झोटवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पंजाब सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने बठिंडा में एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (HMEL) की गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी का दौरा किया। उन्होंने पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और रिफाइनरी की आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा की। रिफाइनरी पहुंचने पर HMEL के एमडी एवं सीईओ प्रभ दास और वरिष्ठ नेतृत्व टीम द्वारा मंत्री का स्वागत किया गया। दौरे के दौरान उन्होंने रिफाइनरी की प्रमुख परिचालन इकाइयों का निरीक्षण किया और HMEL की नेतृत्व टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्हें यहां उपयोग में लाई जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और सर्वोत्तम प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी दी गई। पंजाब के औद्योगिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में नई औद्योगिक नीति 2026 राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगी और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगी। फाइन केमिकल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि HMEL समूह ने पंजाब को अपनी प्रमुख निवेश स्थली बनाया है, जहां कंपनी का कुल निवेश लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही फाइन केमिकल सेक्टर में एचएमईएल द्वारा हाल ही में घोषित ₹2,600 करोड़ के निवेश को उन्होंने राज्य की औद्योगिक क्षमता को और मजबूत करने वाला कदम बताया। मंत्री ने HMEL के उच्च सुरक्षा और दक्षता मानकों की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने औद्योगिक संचालन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इस अवसर पर उन्होंने रिफाइनरी में स्थित एशिया के सबसे बड़े स्वचालित प्रोडक्ट स्टोरेज वेयरहाउस का भी दौरा किया, जो लगभग 1 किलोमीटर लंबा है और 1.5 लाख टन पॉलिमर संग्रहित करने की क्षमता रखता है। यह पूरी तरह स्वचालित और मानव रहित प्रणाली से संचालित होता है। सुरक्षा और निगरानी के लिए रोबोटिक डॉग तैनात तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए मंत्री को हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में पहली बार उपयोग किए जा रहे क्वाड्रूपेड रोबोटिक डॉग (K-9X) से भी अवगत कराया गया। यह रोबोट निगरानी, गैस रिसाव की पहचान और सुरक्षा मॉनिटरिंग के लिए उपयोग किया जाता है। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की तकनीकी पहलें एचएमईएल को नवाचार का प्रतीक बनाती हैं और पंजाब को भविष्य-केंद्रित औद्योगिक राज्य के रूप में स्थापित करती हैं। पेट्रोकेमिकल डाउनस्ट्रीम सेक्टर की संभावनाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि HMEL जैसी विश्वस्तरीय रिफाइनरी की मौजूदगी सहायक और संबद्ध उद्योगों के विकास के लिए मजबूत आधार सिद्ध होगी। राज्य को प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब बनाने का लक्ष्य उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार राज्य को भारत के प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने एचएमईएल की सीएसआर पहलों की भी सराहना की, जिनके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। अंत में HMEL के नेतृत्व ने मंत्री का दौरे के लिए आभार व्यक्त करते हुए पंजाब के औद्योगिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए ऑपरेशनल एक्सीलेंस, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मोगा जिले के बाघा पुराना में कोटकपूरा रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर में पुलिस ने देह व्यापार के अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की। थाना स्मालसर के एसएचओ मंगल सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर और उनकी टीम ने स्पा सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार युवतियों को बरामद किया। इन्हें स्पा की आड़ में देह व्यापार के लिए मजबूर किया जा रहा था। मालिक और ग्राहक गिरफ्तार पुलिस ने मौके से ग्राहक लवप्रीत सिंह निवासी गांव लंडे को गिरफ्तार किया। लवप्रीत सिंह कंप्यूटर का काम करता है। स्पा सेंटर के मालिक सतनाम सिंह निवासी पंजगराई कलां को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सतनाम सिंह की कार भी जब्त कर ली है। चार मोबाइल फोन भी बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री और चार मोबाइल भी बरामद किए। इस मामले में इमोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर कर रही हैं। अस्थायी रूप चलाया जा रहा था स्पा सेंटर पुलिस ने बताया कि स्पा सेंटर में लड़कियों को अस्थायी रूप से लाया जाता था और कुछ दिनों बाद उन्हें बदल दिया जाता था। एक युवती स्थायी रूप से रिसेप्शन का काम कर रही थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
लुधियाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे ठग दंपति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा (IPS) के निर्देशों पर चल रही कार्रवाई में थाना सानेवाल की पुलिस ने भगोड़े जयइंदरपाल सिंह और उसकी पत्नी मनमीत कौर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बताया की आरोपियों पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। पुलिस से बचने के लिए यह दंपति बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था लेकिन आखिरकार पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के जाल में फंस गया। शहर से भागने के फिराक में थे थाना सानेवाल के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर वरिंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी जयइंदरपाल सिंह और उसकी पत्नी मनमीत कौर शातिर अपराधी हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शहर से बाहर निकलने की फिराक में हैं। पुलिस को उनके गुप्त स्थान के बारे जानकारी लगी जहां वे छिपे हुए थे। पुलिस ने बिना समय गंवाए टीम गठित की और इलाके की घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। ठगी का मास्टरमाइंड सानेवाल से NRI थाने तक फैला जाल शुरुआती जांच में सामने आया है कि जयइंदरपाल सिंह ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कई लोगों को निवेश और प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों का चूना लगाया। इनके खिलाफ केवल सानेवाल ही नहीं, बल्कि NRI थाना लुधियाना में भी संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। इन धाराओं के तहत फंसा शिकंजा आरोपियों पर IPC की धारा 406(अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी देना), 201(सबूत मिटाना), 120-B (साजिश रचना) और रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 82 के तहत मुकदमे दर्ज हैं। अब क्या? रिमांड के दौरान होंगे बड़े खुलासे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से ठगी के कई बड़े नेटवर्क ध्वस्त होंगे। पुलिस यह जांच कर रही है कि ठगी गई करोड़ों की रकम को कहां ठिकाने लगाया गया क्या इस खेल में विभाग के कुछ अन्य लोग या बिचौलिए भी शामिल थे इनके शिकार हुए अन्य लोगों की सूची कितनी लंबी है
पानीपत जिले के समालखा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने किसानों को दी जाने वाली आर्थिक मदद के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई व्यापारिक डील पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। समालखा के देहरा गांव में सद्भाव यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अमेरिका अपने किसानों को प्रति वर्ष लगभग 60 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देता है, जबकि भारत में किसानों को केवल 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। अपने ही देश में फसल बेच पाएंगे भारत के किसान : बीरेंद्र सिंह उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में यह मदद किसी नुकसान की भरपाई के लिए नहीं, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए दी जाती है। ऐसे में, यदि अमेरिका से सस्ता अनाज और अन्य कृषि उत्पाद भारत में आने लगे, तो यहां के किसानों का गेहूं और अन्य फसलें नहीं बिक पाएंगी। उन्होंने बताया कि सद्भाव यात्रा के माध्यम से वे गांव-गांव जाकर लोगों को एकता, भाईचारे और किसानों के मुद्दों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इस सद्भाव यात्रा की 187वें दिन की शुरुआत समालखा के देहरा गांव से हुई, जहां ग्रामीणों ने इसका स्वागत किया। सद्भाव यात्रा में ये नेता हुए शामिल यात्रा माहावटी, गढ़ी त्यागान, पट्टी कल्याण होते हुए चुलकाना गांव में शाम बाबा मंदिर में दर्शन के बाद संपन्न हुई। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ पूर्व विधायक शमशेर गोगी, पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष संजय छौक्कर, पानीपत के पूर्व जिला अध्यक्ष जगदेव मलिक, रघवीर संधू, सुरेंद्र खरब, मोहकम सिंह छौक्कर, सुभाष तंवर, राकेश गाहल्याण, सूरजभान सहरावत, जिला परिषद सदस्य राजू, महेंद्र मलिक, एडवोकेट सुभाष डिडवाड़ी और चरणजीत चन्नी सहित अनेक वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Share Market Update News : बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण आज भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे 5 दिनों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया। लेबनान पर इसराइल के हमलों के जवाब में ईरान के ...
ऐपवा का देवरिया में धरना-प्रदर्शन:राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, वैश्विक शांति और महंगाई पर उठाई आवाज
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने गुरुवार को देवरिया जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने अमेरिका-इजराइल की नीतियों, वैश्विक शांति और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरना-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-इजराइल की नीतियों का विरोध करना, ईरान के साथ संघर्ष के स्थायी समाधान की मांग करना और विश्व शांति की स्थापना पर जोर देना रहा। घरेलू मोर्चे पर, कार्यकर्ताओं ने एलपीजी गैस की कमी और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने इन समस्याओं को आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नेता शिवाजी राय ने वर्तमान वैश्विक हालात को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति आम लोगों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और भारत सरकार से शांति की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। वहीं, ऐपवा के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा ने महंगाई और रसोई गैस की किल्लत को आम जनता के लिए गंभीर समस्या बताते हुए सरकार से तत्काल राहत प्रदान करने की अपील की। ऐपवा नेता गीता पांडेय, आजाद हिंद सेना के अध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडेय और कांग्रेस महिला सभा की जिला उपाध्यक्ष जुलेखा खातून ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए जनहित के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस धरना-प्रदर्शन में नीलम सिंह, पूनम यादव, सुमन सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सुमिला राय, सविता सिंह, शोभा, उर्मिला, मीना, मीरा, सुनैना, रानी, नंदिनी, डॉ. राजीव राम, अनिल, शहीद खान और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भागीदारी निभाई। धरना समाप्त होने के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अशोकनगर में व्यापारी को धमकी देने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह यूपी के आगरा का रहने वाला है। उस पर अशोकनगर के एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। एसटीएफ की टीम ने बुधवार को आरोपी को मुरैना से पकड़ा, इस टीम में अशोकनगर कोतवाली के सब इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। गुरुवार को उसे अशोकनगर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से एसटीएफ उसे पुलिस पीआर पर मुख्यालय ले गई। प्रदीप शुक्ला की पहचान गोवा में हुई जांच के दौरान 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हुई थी, जहां वह संदिग्ध दिखा था। एसपी ने 10 और STF ने 20 हजार इनाम रखा था अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने उस पर 10 हजार रुपए और एसटीएफ भोपाल ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, इस तरह कुल 30 हजार रुपए का इनाम था। 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी दरअसल, यह मामला अशोकनगर के दो व्यापारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों हेरी बॉक्सर और ऋतिक बॉक्सर द्वारा वॉयस नोट के जरिए धमकी देने से जुड़ा है। इन धमकियों में 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद हेरी बॉक्सर और ऋतिक बॉक्सर ने मनीष जहांगीर को अशोकनगर भेजा था, जिसका मकसद पेट्रोल बम से दहशत फैलाना था। दो आरीप पहले ही गिरफ्तार हो चुकेहालांकि, अशोकनगर पुलिस ने मनीष जहांगीर को घटना को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ और ट्रांजेक्शन की जांच के बाद कुछ और नाम सामने आए। इस दौरान पुलिस ने गोवा और राजस्थान से पवन शर्मा और दिनेश सुथार नामक आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। इन्हीं जांचों के दौरान फरार चल रहे तीसरे आरोपी प्रदीप शुक्ला की पहचान हुई थी। प्रदीप शुक्ला के हेरी बॉक्सर, ऋतिक बॉक्सर और लॉरेंस बिश्नोई तक संपर्क था। उस पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में चल रहे धरने के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद भाजपा पर की गई एक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ। दरअसल, धरने में मौजूद व्यापारी वर्ग ने भाजपा को लेकर एक टिप्पणी की। इस पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के पदाधिकारी विनीत शारदा अग्रवाल ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आगे मजबूर हैं। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता कृष्ण पाल ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा अयोध्या मामले में मजबूर नहीं थी, तो मेरठ में कैसे मजबूर हो गई। इस बयान के बाद भाजपा और सपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल ने बाद में कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग माहौल खराब करने आए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा व्यापारियों के साथ खड़ी है। अग्रवाल ने बताया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और आवास विकास परिषद के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता कृष्ण पाल सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर कोई सत्ता से सच्ची बात कहता है, तो उसकी आवाज दबा दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लाखों लोगों का रोजगार छिन गया है और लोग सड़कों पर आ गए हैं, तो सत्ताधारी पार्टी अपनी मजबूरी क्यों बता रही है, जबकि अयोध्या जैसे मामलों में वह अपनी भूमिका बताती है। कृष्ण पाल ने यह भी बताया कि 40-40 साल से रोजगार कर रहे लोगों की स्थिति खराब है और उन्होंने देखा कि दो लोग बीमार पड़ गए और उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह बात रखी तो भाजपा के लोग भड़क गए और आरोप लगाया कि वे राजनीति कर रहे हैं। कृष्ण पाल ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति करने नहीं आए थे, बल्कि व्यापारियों की समस्या का समाधान सत्ताधारी पार्टी से चाहते थे ।
मधेपुरा के सिंहेश्वर में देह व्यापार में मामले में पलुसि ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तार किए गए लोगों में 8 लड़कियां नाबालिग हैं। जबकि 3 युवक और 3 युवतियां बालिग हैं। थाने से 200 मीटर दूर चल रहा था धंधा लोगों के मुताबिक देह व्यापार का यह धंधा आदर्श थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर चल रहा था। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह के निर्देश पर एएसपी प्रवेंद्र भारती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस कार्रवाई की जानकारी दी उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सिंहेश्वर आदर्श थाना से कुछ ही दूरी पर बिरेली रोड के समीप एक बांस बिट्टा में नाबालिग लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। 8 नाबालिगों को छोड़ा गया पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह के मुताबिक तलाशी के दौरान पुलिस ने 11 युवतियों (नाबालिग और बालिग) और 3 युवकों को पकड़ा। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग युवतियों को छोड़ दिय गया। हालांकि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। न ही अभी तक इसके बारे में पता चला है कि ये धंधा किसके द्वारा कराया जा रहा था। छापेमारी में ये अधिकारी रहे शामिल छापामारी दल में मुख्य रूप से मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक मनोज मोहन, परिक्ष्मान पुलिस उपाधीक्षक नुरुल हक, सिंहेश्वर थाना अध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, साइबर थाना अध्यक्ष अमरनाथ चौहान, महिला थाना अध्यक्ष नीतू कुमारी, परिचारी कुंदन कुमार और परिचारी विकास कुमार शामिल थे।
रिलायंस रिटेल दुनिया की बनी सातवीं सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनी
नई दिल्ली। रिलायंस रिटेल दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी स्टार्टअप कंपनियों की वैश्विक सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन के साथ कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है। पहली 100 मूल्यवान स्टार्टअप कंपनियों की सूची में तीन भारतीय […] The post रिलायंस रिटेल दुनिया की बनी सातवीं सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनी appeared first on Sabguru News .
बयाना: अनाज मंडी से सुभाष चौक तक भारी जाम, व्यापारियों का व्यापार ठप
बयाना कस्बे में फसलों की आवक और अव्यवस्थित पार्किंग से लगा भीषण जाम, ग्राहकों के न पहुंचने से व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ।
मेरठ में दुकानों की सीलिंग का विरोध, व्यापारियों में भारी आक्रोश, आज बंद का किया ऐलान
Central Market Shop Sealing Dispute : मेरठ के सेंट्रल मार्केट में दुकानों पर की गई सीलिंग के विरोध में व्यापारियों ने गुरुवार को शहर बंद का आह्वान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए 655 से अधिक व्यापारिक संगठनों और संघों ने समर्थन दिया है। संयुक्त व्यापार संघ ने इसके लिए 27 टीमें गठित की हैं। हालांकि आवश्यक सेवाएं जैसे दूध और ब्रेड की आपूर्ति जारी रहेगी और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित नहीं होंगी। दवा दुकानों को बंद रखा जाएगा, जबकि निजी अस्पतालों में सुबह की ओपीडी बंद रहेगी, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। पेट्रोल पंप दोपहर 3 बजे तक बंद रहेंगे। गैस की ऑनलाइन बुकिंग होने के कारण उसकी सप्लाई प्रभावित नहीं होगी, हालांकि एजेंसियों के शटर बंद रखे जाएंगे। इस बंद को जिला बार एसोसिएशन, पेट्रोल पंप एसोसिएशन और आईएमए का भी समर्थन मिला है। ALSO READ: मेरठ में आग की लपटों में दफन हो गई 6 जिंदगियां, मृतकों में 6 माह की 2 जुड़वां बहनें आवास विकास विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा इस पूरे मामले को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आवास विकास विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि सेंट्रल मार्केट में भू-उपयोग परिवर्तन के नाम पर अधिकारियों ने उनसे करोड़ों रुपए वसूले और एनओसी भी जारी की। सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी पेश की गई इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी पेश की गई, जिसके चलते 44 इमारतों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल, सैकड़ों व्यापारी धरने पर बैठे हुए हैं। ALSO READ: मेरठ जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर खाली- सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि अब तक सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। Edited By : Chetan Gour
लखनऊ के अलीगंज स्थित नया हनुमान मंदिर से नीरा नर्सिंग होम के बीच की सड़क चौड़ी होगी। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब 25 दुकानों को नोटिस जारी किया है। गुरुवार तक खुद से निर्माण तोड़ने का अंतिम समय दिया है। वही दूसरी तरफ व्यापारियों का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियां प्रसाद का कारोबार करते करते चली गई। अब सरकार हम लोगों को अवैध कब्जेदार बता रही है। अलीगंज इलाके में प्राचीन हनुमान मंदिर है। जेठ के महीने में पड़ने वाले मंगलवार को मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। ऐसे में मंदिर के आसपास करीब 250 मीटर का यह हिस्सा सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बना रहता है। क्योंकि मंदिर से पहले सड़क फोरलेन है, लेकिन मंदिर के सामने पहुंचते ही यह सिंगल लेन जैसी हो जाती है। इस वजह से यहां रोजाना जाम की स्थिति रहती है। मंगलवार और जेठ के बड़े मंगल पर भीड़ और मेला लगने से हालात और बिगड़ जाते हैं। PWD की योजना के मुताबिक मंदिर के सामने वाली पट्टी पर सड़क को करीब 10 मीटर तक चौड़ा किया जाना है, लेकिन यहां करीब 25 पक्की दुकानें और मकान बने होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुआवजे की मांग खारिज व्यापारियों का कहना है कि वे करीब 100 साल से यहां काबिज हैं, इसलिए हटाए जाने पर मुआवजा दिया जाए। हालांकि विभाग ने साफ कर दिया है कि जमीन सरकारी है, ऐसे में किसी को मुआवजा नहीं मिलेगा। कोर्ट से भी नहीं मिली राहत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ के मुताबिक कुछ कब्जेदार कोर्ट गए थे, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अब सड़क चौड़ीकरण में कोई कानूनी अड़चन नहीं बची है। नोटिस अवधि खत्म होने और मुनादी के बाद अब पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया जाएगा।
Crude Oil ने बिगाड़ा बाजार का मूड; Sensex - Nifty में हुई भारी गिरावट दर्ज
ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक टूटा, निफ्टी भी लाल निशान पर। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
वैश्विक तनाव का असर: सुस्त खुला शेयर बाजार, निवेशकों की बढ़ी धड़कनें
मध्य पूर्व में सीजफायर टूटने की आशंका और वैश्विक तनाव के कारण अदाणी पोर्ट्स और इंफोसिस समेत प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखी गई।
मेरठ सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास को लेकर व्यापारी वर्ग में भारी नाराजगी है। व्यापारी मानते हैं कि सरकार राहत देने का प्रयास कर रही थी लेकिन आवास एवं विकास परिषद के अफसरों में ऐसा होने नहीं दिया। यही कारण था कि सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई के दौरान अफसरों ने लैंड यूज परपज की संभावना जताकर जुटाये गए 70 करोड़ रूपए के बारे में भी नहीं बताया गया। दो तस्वीरें देखें… अब एक नजर पूरे मामले परसेंट्रल मार्केट को लेकर 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख़्ती दिखाई और 44 संपत्तियों को सील करने के आदेश कर दिए। सबसे बड़ी बात यह थी कि सुप्रीम कोर्ट ने कोई तिथि निर्धारित नहीं की। इसका पता चलते ही सेंट्रल मार्केट में खलबली मच गई और व्यापारियों ने खुद को बचाने की मशक्कत शुरू कर दी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होते ही आवास विकास का अमला सेंट्रल मार्केट में उतर गया। 44 संपत्तियां, अटकी रही बाजार की सांससुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कौन-कौन सी 44 संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में हैं। लेकिन जिस तरह से यह कार्रवाई की गई उसके बाद पूरे बाजार की सांस अटकी रही। बाजार में बैठा हर व्यापारी शायद यही सोच रहा था कि अगला नंबर उनका होगा। दिन भर अफरा तफरी का माहौल रहा। यह मौजूद लोगों के चेहरे पर मायूसी और गुस्सा साफ दिखाई दिया। अध्यक्ष बोले- व्यापारी का उत्पीड़न उद्देश्य संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई केवल व्यापारी का उत्पीड़न मात्र है। सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग की कोई तिथि निर्धारित नहीं कि उसके बावजूद आवास एवं विकास परिषद के अफसरों ने यह कार्रवाई की। 70 करोड़ जुटाने के बाद भी कोर्ट को जानकारी नहीं दी। सरकार की मंशा के विपरीत जाकर काम किया। उपाध्यक्ष बोले- निरंकुश हो चुके अफसर संयुक्त व्यापार संघ की उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने कहा कि आवास एवं विकास परिषद के अवसर निरंकुश हो गए हैं। लाल फीता शाही बिल्कुल चरम पर है। सरकार और कोर्ट दोनों को भ्रमित कर व्यापारी का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिन लोगों ने व्यापारिक प्रतिष्ठान खत्म कर दिए उन पर की गई कार्रवाई गलत है। जीतू बोल- काले इतिहास में दर्ज आज का दिन मेरठ व्यापार मंडल की तरफ से सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का दर्द बांटने पहुंचे जीतू नागपाल ने कहा कि सेंट्रल मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई का यह दिन मेरठ के इतिहास में काले पन्नों में दर्ज हो गया है। यह पहली बार हुआ है, ज़ब स्कूल, अस्पताल, बैंक जैसे प्रतिष्ठानों पर सील लगाकर पूरे क्षेत्र को बर्बाद कर दिया गया है। ऊपर से कुछ अफसर इस विरोध को राजनीतिक रूप देकर दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग, सेवाओं के निर्यात में लचीलापन और लगातार सुधारों के दम पर तेजी से आगे बढ़ रही है
यमुनानगर शहर में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां शातिर आरोपियों ने फर्जी कंपनी और नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। निवेशकों से करीब 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हड़पने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने “BFX Pro” और “ट्रेड मास्टर 9” जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को 9 करोड़ तक का फर्जी मुनाफा दिखाकर लगातार पैसा लगवाया और बाद में भुगतान देने से मुकर गए। मामले में आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना फर्कपुर में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रिश्तेदारों को भी किया प्रेरित शिकायतकर्ता अजय शर्मा निवासी तिलक नगर और जितेन्द्र प्राशर ने बताया कि जनवरी 2023 में उनकी मुलाकात आरोपी अमित खेडा से यमुनानगर में आरोपी रमेश दत्ता के ऑफिस में हुई, जहां अमित खेडा ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताते हुए अपनी कंपनी “ब्लॉक बस्टर/बीएफएक्स प्रो” के माध्यम से निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी समदर्श खेडा और अन्य साथी भी इस काम में साझेदार हैं और कई लोग पहले से निवेश कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं। आरोपियों ने भरोसे में लेकर 6 फरवरी 2023 को सभी आरोपियों से मुलाकात करवाई गई और प्रार्थियों को अपने साथ-साथ रिश्तेदारों और जानकारों का पैसा भी निवेश कराने के लिए प्रेरित किया गया। 9 करोड़ रूपए का प्रॉफिट दिखाते रहे इसके बाद आरोपियों के कहने पर प्रार्थियों ने अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस, चेक, नकद, यूपीआई और क्रिप्टो (USDT) के माध्यम से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए। केवल शुरुआती लेन-देन ही नहीं, बल्कि लगातार कई महीनों तक बड़ी-बड़ी रकम अलग-अलग खातों और व्यक्तियों के नाम पर जमा करवाई गई। इसमें अमित खेडा, उसकी पत्नी समदर्श, सोनी इसरानी, रमेश दत्ता और हरनेक सिंह के अलावा अन्य खातों में भी पैसे ट्रांसफर कराए गए। आरोप है कि कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश करवाई गई, जबकि ऐप और सॉफ्टवेयर “ट्रेड मास्टर 9” में निवेश को बढ़ाकर करीब 9 करोड़ रुपए दिखाया जाता रहा ताकि और पैसा निवेश कराया जा सके। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 2024 में आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर “BFX Pro” कर दिया और दावा किया कि यह दुबई में रजिस्टर्ड कंपनी है। सभी आरोपी मिलकर इस काम को चला रहे थे और “ट्रेड मास्टर 9” नाम के सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी ट्रेडिंग डेटा दिखाते थे। कालका में बुलाई 300 निवेशकों की मीटिंग शुरुआत में कुछ निवेशकों को थोड़ा-बहुत पैसा वापस भी दिया गया ताकि विश्वास बना रहे, लेकिन अगस्त 2025 के बाद अधिकतर लोगों को भुगतान बंद कर दिया गया। जब शिकायतकर्ताओं ने पैसे मांगे तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए, जैसे कि दुबई में KYC प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ताओ ने बताया कि आरोपियों ने कालका के एक होटल में करीब 300 निवेशकों की मीटिंग बुलाई, जहां जनवरी 2026 से किस्तों में पैसा लौटाने का वादा किया गया, लेकिन सिर्फ एक बार ही थोड़ी रकम दी गई और उसके बाद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। जब शिकायतकर्ताओं ने बार-बार पैसे मांगे तो आरोपियों ने कहा जो करना है कर लो, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। फर्कपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमित खेडा, समदर्श खेडा, सोनी इसरानी, रमेश दत्ता और हरनेक सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
Gold Boom in India- रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचकर चौंकाया बाजार,निवेशकों के लिए बड़ा संकेत
भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की प्रति दस ग्राम दर ₹1,53,820 के पार, आभूषणों की मांग और वैश्विक प्रभाव की पूरी जानकारी।
अमेरिका-इजरायल और ईरान वॉर के चलते लखनऊ के मशहूर चिकनकारी उद्योग को बड़ा झटका लगा है। मिडिल ईस्ट में कपड़ों का एक्सपोर्ट ठप होने से करीब 22 करोड़ का माल गोदामों में सड़ रहा है। LPG गैस की किल्लत व्यापार पर दोहरी मार कर रही है। कपड़ों की डाई (रंगने) की लागत 50% बढ़ने से दाम बढ़ गए हैं। ग्राहक नहीं मिलने से नुकसान 2 से 3 गुना हो गया है। दैनिक भास्कर युद्ध के हालात से चिकन कपड़ों के कारोबार पर पड़ रहे प्रभाव को जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंचा। बुनकरों, डाई कारीगरों और व्यापारियों से बात की। व्यापारियों ने बताया-खाड़ी देशों में माल एक्सपोर्ट नहीं होने से 20 से 22 करोड़ का माल फंसा हुआ है। बुनकरों-डाई कारीगरों का कहना है कि नया काम नहीं आ रहा। आमदनी जीरो हो गई है। खाने के लाले पड़ गए हैं। पढ़िए रिपोर्ट… पहले कारोबार से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए चिकन बुनकर-कारीगरों ने जो कहा… प्रतिदिन 20 कपड़े ही हो रहे हैं डाई डाई करने वाले मोहम्मद रेहान ने बताया- पहले गैस सिलेंडर का इस्तेमाल से प्रतिदिन 100-150 सूट डाई कर लेते थे। अब 20-25 सूट भी डाई कर पाना बहुत मुश्किल साबित हो रहा है। सिलेंडर की कीमत और ब्लैक में मिलने वाले सिलेंडर की वजह से अब यह काम उन्हें भट्टी पर करना पड़ रहा है। भट्टी पर काम करने की वजह से बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि किसी भी कारीगर को भट्टी पर काम करने का कोई तजुर्बा नहीं है। भट्टी को गर्म होने में काफी टाइम लग जाता है। पहले गैस पर हम लोग पानी गर्म करके जो काम 2 घंटे में कर लेते थे। अब वही काम करने में हमें 7 से 8 घंटा लग रहा है। भट्टी सुलगाने में काफी धुआं निकलता है, जिससे बर्तन भी खराब हो जाते हैं। कपड़े भी काले पड़ रहे हैं। अगर किसी कपड़े में जरा भी कोयला या कालिख लग जाती है तो वो कपड़ा वापस आ जाता है। उसका नुकसान हमें भरना पड़ता है। पहले हम लोग 24 घंटे में कस्टमर को सफेद कपड़े को डाई करके उसके हिसाब से जो रंग मांगता था। उसे करके डिलीवरी दे देते थे। मगर अब इस काम के तीन से चार दिन लग जाते हैं। खर्चा बढ़ने की वजह से फिलहाल हमने पैसे बढ़ा दिए हैं। पहले 200 रुपए में जो काम होता था। अब उसके 300 रुपए ले रहे हैं। अब पढ़िए चिकन व्यापारियों ने जो कहा… 80% दुकानदारी प्रभावित हुई चिकन कपड़ों के व्यापारी कृष्णा पाल ने बताया- 25 सालों से यह व्यापार कर रहे हैं। मगर ऐसी स्थिति कभी नहीं हुई। 80% काम प्रभावित हुआ है। गैस सिलेंडर का चिकन कपड़े तैयार करने में सबसे अधिक इस्तेमाल होता है। कपड़े डाई होते हैं। चिकन का कपड़ा पूरा प्लेन और सफेद आता है, उसके बाद उसकी धुलाई होती है। फिर कस्टमर की डिमांड के हिसाब से डाई में रंगा जाता है। उसके बाद छपाई कढ़ाई होती है। फिर धुलाई होने के बाद सूट तैयार होता है। पहले हम लोग कस्टमर को चिकन का सूट एक दिन में तैयार करके दे देते थे। अब उसके लिए चार से पांच दिन लग रहे हैं। इस साल रमजान और ईद पर भी पूरा व्यापार प्रभावित रहा। पूरी तरीके से व्यापार ठप हो चुका है। हम लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि कर्मचारियों का वेतन कैसे निकालें। 25 लोग काम करते हैं, जिन्हें हर महीने वेतन देना रहता है। ‘करोड़ों का चिकन कपड़ा स्टॉक में’ अमीनाबाद में चिकन व्यापारी गुरबीर सिंह ने कहा- लखनऊ का चिकन बाजार सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का हब है। यहां से भारत के विभिन्न राज्यों में और विदेशों में चिकन के कपड़े भेजे जाते हैं। डाई का काम प्रभावित होने से पूरे चिकन चिकन मार्केट पर असर पड़ रहा है। डाई की कास्टिंग बढ़ने से प्रोडक्शन महंगा हो गया है और मैन्युफैक्चरिंग स्लो हो गई है। हमारा माल सऊदी, दुबई जैसे तमाम खाड़ी देश में जाता था। युद्ध का माहौल होने की वजह से यह माल रुक गया है। लखनऊ के चिकन मार्केट की अगर बात करें तो लगभग 20 से 22 करोड़ का माल फंसा हुआ है। सिर्फ सीज फायर से कुछ नहीं होगा। जब तक युद्ध पूरी तरीके से नहीं रुकता। तब तक हमारा काम प्रभावित रहेगा।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण प्रकरण में बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 44 संपत्तियों की सीलिंग की कार्रवाई का आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया था । जिसके बाद आवास विकास द्वारा बुधवार को या कार्रवाई की गई। इसके विरोध में संयुक्त व्यापार और अन्य संगठनों द्वारा मेरठ बैंद का ऐलान किया गया है। जिस क्रम में आज पूरा शहर बंद रहेगा। इसके साथ-साथ आज ही सेंट्रल मार्केट प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी है अब देखना ही होगा कि इस सुनवाई के बाद व्यापार संघ आगे क्या निर्णय लेता है। सभी का मिला हैसमर्थन मेरठ के व्यापारियों को सेंट्रल मार्केट प्रकरण में विरोध करने के लिए रखी गई बंदी में सभी वर्गों का समर्थन मिला है। चाहे वह IMA हो या मेरठ बार एसोसिएशन, इसके साथ-साथ सभी व्यापारिक संगठन और राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी इसमें अपने समर्थन देने की घोषणा की है। 44संपत्तियों की सीलिंगसुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास द्वारा जिला प्रशासन की मदद से सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियां सील की गई थी। जिसमें बैंक, मंडप, स्कूल हॉस्पिटल दुकान सभी शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और पुलिस प्रशासन की तिथि नोक झोंक भी देखने को मिली थी, हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सीलिंग की कार्रवाई पूरी करने में आवास विकास की मदद की थी। बेहोश तक हो गए थे व्यापारी सेंट्रल मार्केट में जिस समय सीलिंग की कार्रवाई चल रही थी उसे समय उसे कार्रवाई को देख दहशत में आए व्यापारी बेहोश भी हो गए थे। इसके बाद व्यापारी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन सीलिंग की कार्रवाई निरंतर चलती रही और सभी प्रतिष्ठानों को शाम लगभग 6:30 तक आवास विकास की टीम द्वारा सील कर दिया गया था । क्यों हुई बंदी की घोषणा दरअसल बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोट में सेंट्रल मार्केट प्रकरण में मेरठ के पूर्व कमिश्नर और आवास विकास के चेयरमैन को तलब किया था। जिसमें कोर्ट ने कमिश्नर को फटकार लगाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने के आदेश का आधार भी पूछा। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि जल्द से जल्द 44 संपत्तियों को सील किया जाए। इसके बाद आवास विकास द्वारा कार्रवाई की गई। इसी कार्रवाई की रिपोर्ट आज कोर्ट में भी दिखाई जाएगी।
स्वास्थ्य ऐसी वस्तु नहीं जिसे खरीदा जा सके, यह एक निवेश, जिसके लिए अनुशासन,निरंतरता की जरूरत
भास्कर संवाददाता| विदिशा स्वास्थ्य कोई ऐसी वस्तु नहीं, जिसे खरीदा जा सके। यह एक निवेश है, जिसके लिए अनुशासन और निरंतरता की आवश्यकता होती है। यह विचार विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आईआईएचआरडी महाविद्यालय में आयोजित विचार-गोष्ठी में उभरकर आए। प्रेरणा-मंच द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में चिकित्सा और शिक्षा जगत के दिग्गजों ने सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. ऐश्वर्य मोदी ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। प्रेरणा-मंच की अध्यक्ष डॉ. कमल चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शरीर की क्षमता हमें संक्रामक रोगों से बचाती है। मन की दृढ़ता हमें निराशा व अवसाद से दूर रखती है। डॉ. मोदी का मंत्र: स्वास्थ्य खोने से पहले उसकी कद्र करें' मुख्य अतिथि डॉ. ऐश्वर्य मोदी ने अपने संबोधन में एक कड़वे सच की ओर इशारा करते हुए कहा कि अधिकांश लोग स्वास्थ्य की महत्ता तभी समझते हैं, जब वे उसे खो देते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शारीरिक रूप से कम, मानसिक रूप से अधिक लोग बीमार हैं। सफल जीवन के लिए भोजन, नींद और व्यायाम का अनुशासन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने दिए जीवनोपयोगी सुझाव: गोष्ठी में डॉ. रेखा श्रीवास्तव ने पोषण पर विचार रखे। डॉ. नीरज कनौजिया ने कविता के माध्यम से सजगता का संदेश दिया। श्रीमती रितु देवलिया ने मानसिक स्वास्थ्य पर विचार रखे। ज्योति जाधव ने पर्यावरण संतुलन पर जोर दिया। रेखा वर्मा ने मोबाइल से दूरी बनाने को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया। कॉलेज डायरेक्टर संजय सिंह चौहान और प्राचार्य डॉ. रुद्रनारायण शुक्ला ने भी सक्रिय जीवनशैली पर जोर दिया। उन्होंने प्रदूषण-मुक्त वातावरण की आवश्यकता बताई। संचालन प्रियंका श्रीवास्तव ने किया। डॉ. कमल चतुर्वेदी ने आभार जताया।
शांतिपूर्ण तरीके से शुरु हुई सेंट्रल मार्किट की सीलिंग की कार्रवाई शाम होते होते हंगामेदार हो गई। यहां किसी बात को लेकर व्यापारियों के दो गुट आमने सामने आ गए। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने ले जाकर बैठा दिया गया। पहले एक नजर मामले पर सेंट्रल मार्किट में बुधवार को सीलिंग की कार्रवाई चली। सुबह से लेकर शाम तक व्यापारी विरोध जताते रहे। शाम चार बजे तक लगभग सभी प्रतिष्ठान सील हो गए लेकिन कुछ ऐसे थे जो कानूनी पेचीदगी के कारण अपने आप को सुरक्षित मान रहे थे। एकबारगी सीलिंग का काम देख रही टीम काफी देर काम्पलेक्स को आवासीय बताती रही। उसका काम्पलैक्स को सीज करने का मन ही नहीं था। शिकायत के बाद पहुंची टीम दरअसल, यह पूरा मामला साहिल प्लाजा से जुड़ा था। इसके मालिक महिपाल सिंह हैं। बेटा राहुल त्यागी पेशे से अधिवक्ता है। बुधवार को टीम इनके प्रतिष्ठान पर आकर रक गई। यह दूसरा मौका था जब टीम को यहां भेजा गया। आखिरकार ऊपर का आफिस खाली कराना पड़ा। किशोर वाधवा पर शिकायत का शक जिस वक्त यह कार्रवाई हो रही थी, उस वक्त क्षेत्रीय व्यापारी किशोर वाधवा भी मौजूद थे। उन्हें देखकर साहिल प्लाजा के संचालक महिपाल सिंह आक्रोशित हो गए। दरअसल, उन्हें शक था कि आवास विकास परिषद में किशोर वाधवा ने ही शिकायत की है। सीओ ने अकेले संभाली स्थिति महिपाल पक्ष और किशोर वाधवा के बीच विवाद नोकझोंक से हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई। सीओ अभिषेक तिवारी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके सामने भी एक पक्ष जोर जोर से बोलकर दिखा रहा था। सीओ ने उन्हें शांत किया। खूब फटकार भी लगाई। इसके बाद मामला शांत होता चला गया।
आगरा रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए आगरा कैंट-असारवा सुपर फ़ास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया है। इस ट्रेन को केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने हरी झंडी दिखाकर असारवा की ओर रवाना किया। इस ट्रेन के नियमित संचालन से आगरा और अहमदाबाद के बीच सीधी कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को बिना बदलकर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। ट्रेन का शुभारंभ करते हुए बघेल ने कहा-प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का धन्यवाद देना चाहुंगा, आगरा के जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर आगरा से असारवा अहमदाबाद से आगरा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। आगरा से अब ये ट्रेन हफ्ते में 5 दिन चलेगी। शाम 6:45 बजे हरी झंडी दिखाई गई है, ये सुबह अहमदाबाद पहुंचेगी। आगरा के पर्यटन को अहमदाबाद की औद्योगिक से जोड़ेगी। हमारे इलाके के बच्चे और लोग बड़ी संख्या में लोग अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे लोगों को यात्रा करने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यहां के जो कपड़ा व्यापारी हैं वे अहमदाबाद और सुरत के लिए जाते हैं। इससे आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस व अन्य छोटे जिले जो भी हैं उन व्यापारियों को गुजरात जाने के लिए काफी लाभ मिलेगा। मंगलवार और बुधवार को छोड़ कर ये ट्रेन चलेगी। एजुकेशन का हब अहमदाबाद बहुत बड़ा है तो आगरा के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। इस ट्रेन के शुभारंभ से आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अहमदाबाद और सुरत जाने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेन का समय गाड़ी सं.- 20178 आगरा कैंट - असारवा: आगरा कैंट से 18:45 बजे प्रस्थान करेगी, असारवा पर 11:00 आगमनगाड़ी सं.- 20177 असारवा- आगरा कैंट: असारवा से 15:00 प्रस्थान, आगरा कैंट स्टेशन पर 07:15 आगमन
रायपुर के कटोरा तालाब व्यापारी संघ में बुधवार शाम पुलिस और व्यापारियों के बीच “संवाद से समाधान” नाम का कार्यक्रम हुआ। यह बैठक तेजकुमार बजाज के पुराने घर के पास, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बगल में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रमुख रूप से अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल, सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू और थाना प्रभारी यमन देवांगन मौजूद थे। उन्होंने व्यापारियों को सुरक्षा, ट्रैफिक और व्यापार से जुड़ी जरूरी जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने समाधान का भरोसा दिया व्यापारी भी अपने सवाल और समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सके। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी बातें ध्यान से सुनी और जल्द समाधान का भरोसा दिया। चैंबर के कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे पुलिस का सहयोग करें और ट्रैफिक पर खास ध्यान दें। कार्यक्रम में कटोरातालाब व्यापारी संघ के अध्यक्ष तेजकुमार बजाज, सचिव सुरेश सहगल, ललित जैसिंघ, अमर गिदवानी, विधान मिश्रा, जगदीश कलश, राजू वासवानी, कैलाश राजपूत, त्रिभुवन अग्रवाल, राहुल चदनानी, महेश माटा और अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद थे। सचिव सुरेश सहगल ने बताया कि कार्यक्रम सफ़लतापूर्वक संपन्न हुआ।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 44 प्रतिष्ठानों (396 दुकानों) को सील किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने गुरुवार, 9 अप्रैल को मेरठ बंद का आह्वान किया है। आवास विकास परिषद की इस कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों (नवीन गुप्ता और अजय गुप्ता) ने यह निर्णय लिया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में (गुरुवार) सुनवाई होनी है। इस बंद को मेरठ व्यापार मंडल सहित शहर के 665 व्यापारिक संगठनों ने पूर्ण समर्थन दिया है। व्यापारियों ने शहर में 20 स्थानों पर बैठकें कर आगे की रणनीति तैयार की है। दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ने को तैयार व्यापारीव्यापारियों ने इस मुद्दे पर दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। पहला, बंद के माध्यम से सड़क पर शक्ति प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को अपनी एकजुटता का संदेश देना। दूसरा, सीलिंग के आदेश के विरुद्ध कानूनी टीम द्वारा कोर्ट में याचिका दाखिल कर कानूनी लड़ाई लड़ना। व्यापारियों ने मेरठ बंद का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। व्यापारियों के अनुसार, उन्हें कई संगठनों का समर्थन मिला है। स्कूल-कॉलेज और अधिवक्ताओं के पदाधिकारियों से भी मेरठ बार और जिला बार एसोसिएशन के माध्यम से बातचीत चल रही है। वे भी व्यापारियों के समर्थन में हैं। विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर रही पुलिस, कहा दर्द बांटने का भी अधिकार नहींविपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे व्यापारियों का समर्थन करने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा को सुबह से ही पुलिस ने नजरबंद रखा। बुधवार को व्यापारियों ने बंद के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया। मेरठ ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी विजय आनंद अग्रवाल ने व्यापारियों और आम जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की। व्यापारी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रूप से प्रचार करते दिखे। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि शहर में बंद को सफल बनाने के लिए संयुक्त व्यापार संघ की पांच टीमों ने अलग-अलग बाजारों में जनसंपर्क कर रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि यह लड़ाई केवल व्यापारियों के नहीं बल्कि मेरठ के रहने वाले सभी लोगों की है।
दमोह के सागर नाका स्थित कृषि उपज मंडी में बुधवार दोपहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब व्यापारियों ने अनाज की डाक (नीलामी) बंद कर दी। इससे नाराज होकर किसानों ने दमोह-सागर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब 20 मिनट तक चले इस हंगामे के बीच अचानक हुई बारिश ने प्रदर्शन को खत्म करा दिया। मंडी में इन दिनों चना, मसूर और मटर जैसी फसलों की भारी आवक हो रही है। सोमवार को रिकॉर्ड 28,000 क्विंटल अनाज पहुंचने के बाद से ही व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं। बुधवार को मंडी के सभी टीन शेड अनाज से भरे थे और सैकड़ों किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी थी। इसी बीच, व्यापारियों और किसानों में वाहनों को खड़ा करने की बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद व्यापारियों ने नीलामी रोक दी। तीन दिन से इंतजार कर रहे किसानों का गुस्सा डाक बंद होते ही किसानों का सब्र टूट गया और वे नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। चिरौला गांव से आए किसान रविंद्र पटेल ने बताया कि वे तीन दिन से मंडी में अपनी फसल की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन व्यापारी बीच-बीच में डाक बंद कर देते हैं। रौन गांव के किसान गौरीशंकर पटेल ने चेतावनी दी कि यदि खुले में रखे अनाज पर बारिश या ओले गिरते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पुलिस की समझाइश और बारिश का असर जाम की खबर मिलते ही सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की कि डाक दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन किसान सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान आनन-फानन में प्रदर्शन छोड़कर मंडी परिसर की ओर दौड़ पड़े, जिससे जाम अपने आप खुल गया। प्रशासन और मंडी सचिव का पक्ष मंडी के प्रभारी सचिव घनश्याम मुंडा ने बताया कि विवाद किसानों के अनाज के पास ही वाहन खड़े करने की वजह से हुआ था, जिससे व्यापारियों को आवाजाही में दिक्कत हो रही थी। फिलहाल समझौता होने के बाद डाक फिर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को करीब 14,000 क्विंटल अनाज पहुंचा है और लगभग 1,500 किसानों ने नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
सीवरेज ठेकेदार ने बिना सूचना खोदी रोड, बाजार में दो दिन से व्यापार ठप
अलवर| सीवरेज लाइन डाल रही फर्म की मनमानी शहर के लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। जहां चाहें, ये सड़क खोद देते हैं। फिर न तो समय पर रोड सुधारते हैं न काम पूरा करते हैं। गायत्री मंदिर रोड पर दो दिन पहले की खुदाई से दुकानदारों का व्यापार ठप हो गया है। इसकी न तो ठेकेदार फर्म ने पूर्व सूचना दी, न ही निगम ने लोगों को बताया। ये हालात शहर भर में हैं। निगम ठेकेदार पर कार्रवाई भी नहीं करता।
चना खरीदी केंद्र जाने रास्ता नहीं, बिखरा पड़ा व्यापारियों का अनाज
भास्कर संवाददाता | बैतूल शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जाने वाली गेहूं की खरीदी शुरू होने का इंतजार किसान कर रहे हैं। शासन द्वारा गेहूं खरीदी की तिथि बार- बार बढ़ाई जा रही है। अब गेहूं खरीदी की तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके लिए स्लॉट बुकिंग 8 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। किसान स्लॉट बुक करवाकर केंद्रों में गेहूं बेच सकेंगे। जिले में गेहूं खरीदी के लिए 64 केंद्र बनाए हैं। जिले में गेहूं कटाई का काम 70 प्रतिशत हो चुका है। किसान गेहूं को बेचने के लिए खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। पहले 1 अप्रैल से होने वाली खरीदी की तिथि बढ़ाने से किसानों में नाराजगी है। इसके चलते शासन ने 10 अप्रैल से खरीदी करने का निर्णय लिया है। जिला खाद्य व आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि केंद्रों पर 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हो जाएगी। इसके लिए स्लॉट बुकिंग 8 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। 11 महिला समूह भी करेंगे खरीदी : जिले में खरीदी के लिए 64 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 11 जगहों पर महिला स्व सहायता समूह को भी खरीदी करने का मौका दिया गया है। जिले के जुवाड़ी, सूखाढाना, झीटापाटी, आमला, चूनाहजूरी, केसिया, मलाजपुर, सातनेर, अक्कलवाड़ी, जीन बोरगांव तथा खेड़ी सांवलीगढ़ में महिला स्व सहायता समूह द्वारा खरीदी की जाएगी। शेष केंद्रों पर सहकारी समितियां गेहूं खरीदी करेगा। बैतूल की बडोरा मंडी में चना खरीदी केंद्र बनाया है। यहां पर रौंढा सहकारी समिति खरीदी कर रही है। मंडी में चना खरीदी के लिए केंद्र तो बनाया है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए किसानों को मशक्कत करना पड़ेगी। यहां उनके वाहन पहुंचने के लिए जगह ही नहीं है। मंडी परिसर में आवक अधिक आने से परिसर में अनाज बिखरा रहता है। ऐसे में केंद्र तक किसानों के वाहन नहीं पहुंच सकेंगे। इसके लिए मंडी प्रबंधन ने कोई व्यवस्था भी नहीं बनाई है। हालांकि अभी तक केंद्र में एक भी किसान नहीं आए है, लेकिन 10 अप्रैल से किसानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होगा। इसके लिए व्यवस्था बनाना जरूरी है। कृषि विभाग के एसएडीओ रामबीर सिंह राजपूत ने बताया कि आमला, मुलताई, बडोरा में 15 किसानों ने स्लॉट बुक करवाए हैं। सभी किसानों ने 10 अप्रैल के बाद की तिथि ली है। खरीदी होने पर व्यवस्था बनाई जाएगी।
व्यापारी के डीजीएफटी खाते से 18 लाख के रिवॉर्ड उड़ाए, शिकायत पर भी मदद नहीं मिली
विदेश व्यापार महानिदेशालय पोर्टल (डीजीएफटी) पर सेंधमारी कर फर्जी डिजिटल सिग्नेचर से उद्योगपतियों से खातों से 400 करोड़ के रिवॉर्ड प्वाइंट (स्क्रिप्स) की ठगी के मामले में दिल्ली की कई सीए फर्म और डिजिटल सिग्नेचर बनाने वाली कंपनियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। जयपुर पुलिस ने दिल्ली व जोधपुर टीमें भी रवाना कर दी हैं। इन ठगों ने जयपुर के व्यापारी सौरभ बाफना के अकाउंट से 5 ट्रांजेक्शन कर 17.88 लाख रुपए की स्क्रिप्स उड़ा ली थी। बाफना ने डीजीएफटी सहित कई जगह शिकायत दी, पर मदद नहीं मिली। बाद में पुलिस में शिकायत दी। जांच में पता चला कि ठगों ने व्यापारी के एक अन्य खाते से भी ठगी की है। दोनों अकाउंट से 93 लाख रुपए की स्क्रिप्स उड़ाई है। बता दें कि देश में 13 कंपनियां ही डिजिटल सिग्नेचर बनाने के लिए अधिकृत हैं। भास्कर में पढ़िए कैसे हुए 400 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा }स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को सौरभ बाफना ने शिकायत दी। जांच में पता चला कि 7 अप्रैल 2025 को उनके पास डीजीएफटी से ई-मेल आया। उसमें लिखा था कि आपकी ICEGATE आईडी में आपके नंबर और ई-मेल बदलकर अपडेट कर दिए हैं। }वेबसाइट चेक करने पर पता चला कि किसी विकास कोठारी के डिजीटल सिग्नेचर से डायरेक्टर प्रोफाइल में बदलाव किया है। विकास के फर्जी डिजीटल सिग्नेचर सर्टिफाई अथॉरिटी SignXsub-CA से जारी हुए थे। }सिग्नेचर आवेदन जोधपुर के मो. अकरम ने किया था। डीजीएफटी में रजिस्टर्ड कराए गए नंबर जोधपुर के सोहेल खान के नाम रजिस्टर्ड थे। }यह मोबाइल नंबर पूर्व में 8 हैंडसेट में चल चुका था। उनकी डिटेल खंगाली तो उनमें 70 सिमकार्ड चलने की जानकारी मिली। }सिमकार्ड का रिकॉर्ड खंगाला तो केवल ओटीपी के काम में ली गईं। ज्यादातर ओटीपी डिजिटल सर्टिफिकेट अथॉरिटी (डीएससी) के थे। }सभी नंबरों के रिकॉर्ड का एनालिसिस किया तो करीब 400 अकाउंटों की फर्जी बदलाव में काम में लिए थे। ठगी के पैसे हवाले से विदेश ट्रांसफर होने के इनपुट मिले हैं। KYC जोधपुर से, फीस दिल्ली से दी, आईडी ऑपरेट दुबई से पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में आरोपियों ने ऑनलाइन केवाईसी जोधपुर से कराई, फीस का पेमेंट दिल्ली से किया। दुबई से आईडी ऑपरेट कर ठगी की। ऐसे में दिल्ली की कई सीए फर्में राडार पर आ गईं। सीकर में भी कई संदिग्ध हैं। बड़े खिलाड़ी अब तक पिक्चर से बाहर, दिल्ली में तलाश सोमवार को जोधपुर से गिरफ्तार सुल्तान खान, नंदकिशोर, निर्मल सोनी, अशोक कुमार भंडारी व प्रमोद खत्री को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से 5 दिन रिमांड पर भेज दिया। ये 2 से 5 हजार में ठग गिरोह के लिए केवाईसी का काम करने वाले हैं। बड़े खिलाड़ी, सीए फर्में अब तक सामने नहीं आई हैं। पुलिस विकास कोठारी, मो. अकरम व सोहेल को तलाश रही है।
पंजाब में 60 हजार करोड़ का निवेश शहर में बनेगा भव्य एग्जीबिशन सेंटर
भास्कर न्यूज |लुधियाना उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने दावा किया कि 2025-26 के दौरान राज्य में 60,256 करोड़ रुपए का निवेश आया है, जिससे 1 लाख 35 हजार युवाओं के लिए नौकरी के रास्ते खुलेंगे। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। सोमवार को टेंडर खुल गए हैं और 1 साल में काम पूरा होगा। नई ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब उद्योगपति खुद फंड जुटाकर अपने इलाकों का विकास और रखरखाव कर सकेंगे। 25 एकड़ से बड़े पार्क बनाने वाले डेवलपर्स को सभी मंजूरियां और बड़े वित्तीय लाभ (इंसेंटिव) दिए जाएंगे। जो फैक्ट्रियां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज अपनाएंगी, उन्हें 10 करोड़ और पराली आधारित बॉयलर लगाने वालों को 7.5 करोड़ तक की मदद मिलेगी। इंडस्ट्रियल एरिया में स्नैचिंग रोकने के लिए गश्त बढ़ेगी। मंत्री ने अपील की कि मजदूरों को कैश के बजाय बैंक खाते में वेतन दें ताकि लूटपाट न हो। मंत्री अरोड़ा ने बताया कि जेएसडब्ल्यू (3000 करोड़) और मित्तल ग्रुप (2600 करोड़) जैसे बड़े घरानों ने निवेश शुरू कर दिया है। टाटा स्टील ने लुधियाना की साइकिल वैली में उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सरकार का अगला लक्ष्य 75,000 करोड़ के निवेश का है। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि हमारी औद्योगिक नीति की तारीफ दूसरे राज्यों की विधानसभाओं में भी हो रही है। हम फोकल पॉइंट्स की सड़कों का काम मई तक हर हाल में पूरा कर लेंगे। रही बात हलवारा एयरपोर्ट की, तो उड़ानों का समय यात्रियों की सुविधा (कनेक्टिंग फ्लाइट्स) के लिए एयर इंडिया ने तय किया है, इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और महंगाई बढ़ाने के जोखिम के चलते आरबीआई इस बार रेपो रेट को स्थिर रख सकता है
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ी गैस की किल्लत के चलते वैसे ही रोजमर्रा की कई वस्तुएं महंगी हो गई। इस बीच राजस्थान में सरकार ने घी के दाम बढ़ाकर जनता पर और आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन लि. (RCDF) ने आज देर शाम एक आदेश जारी करके सरस घी के दामों में 20 रुपए लीटर की बढ़ोतरी की है। RCDF की ओर से की गई ये बढ़ोतरी 8 अप्रेल से बाजार में लागू होगी। नई रेट लिस्ट के मुताबिक अब सरस का एक लीटर घी (सामान्य) का पैकिट 551 रुपए के बजाए 571 रुपए में मिलेगा। जबकि एक लीटर गाय का घी 570 रुपए के बजाए 590 रुपए में मिलेगा। इसी तरह 5 लीटर का टिन पैक 2740 रुपए में मिलता था, वह बढ़कर अब 2840 रुपए में मिलेगा। जबकि 15 किलोग्राम का टिन पैक जो पहले 9345 रुपए में मिलता था, वह बढ़कर अब 9495 रुपए में मिलेगा। साल में दूसरी बार बढ़ोतरी सरस के घी के दामों में इस साल में ये दूसरी बार बढ़ोतरी की है। इससे पहले आरसीडीएफ प्रबंधन में 2 जनवरी को घी के दामों में 20 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी। हालांकि उस समय से दरें केवल 15 किलोग्राम टिन पैक पर ही बढ़ाए थे, जबकि अन्य दूसरी पैकिंग वाले घी के दामों में कोई बदलाव नहीं किया था।
आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने मंगलवार को 39,436 करोड़ रुपये के 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से राज्य में 1.11 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है
सेंट्रल मार्केट की 44 प्रॉपर्टी से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद खलबली मच गई है। एक तरफ जहां आवास विकास परिषद और पुलिस प्रशासन करवाई को लेकर होमवर्क में जुटा है, वही व्यापारियों ने भी विरोध का मन बना लिया है। रात में ही टेंट लगाने का काम शुरू हो गया। इसके अलावा माइक सिस्टम और कुर्सियों की व्यवस्था भी कर ली गई है। भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। देर शाम आया सुप्रीम कोर्ट का आदेश सेंट्रल मार्केट की 44 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जानी है। इन्हीं दुकानों को लेकर 6 तारीख में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी जिसके बाद कार्रवाई पर सुप्रीम मोहर भी लग गई। कड़ी टिप्पणी की गई जिसके बाद आवास विकास के अफसरों के साथ ही पुलिस और प्रशासन में भी खलबली मच गई। अब इंतजार था तो केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जो मंगलवार देर शाम अपलोड हो पाया। विरोध की तैयारी में जुटे व्यापारीसुबह सीलिंग की कार्रवाई शुरू होनी है, यह तय हो चुका है। जहां एक तरफ आवास विकास और पुलिस प्रशासन तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी भी विरोध की रणनीति बना रहे हैं। इसके लिए सेंट्रल मार्केट परिसर में टेंट लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विरोध के लिए माइक और कॉलम की व्यवस्था भी है। देर रात तक कार्यालय में डटे रहे अफसर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद विभाग भी हरकत में दिखाई दिया। रात 11 बजे तक भी आवास एवं विकास परिषद कार्यालय में हलचल साफ देखी जा सकती थी। दरअसल आदेश आने के बाद अफसर ताजी कार्रवाई पूरी करने में जुटे थे ताकि दिन निकलते ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जा सके सुबह 8 बजे शुरू होगा सीलिंग अभियान सुबह 8 बज सेंट्रल मार्केट में दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी, ऐसे संकेत अफसरों ने दिए हैं। भारी पुलिस बल तैनात रहेगा, जिसमें आठ थानों की फोर्स के अलावा एक बटालियन पीएसी, पुलिस लाइन क्यूआरटी के साथ ही ट्रैफिक पुलिस शामिल रहेगी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह पूरे अभियान की कमान संभालेंगे। इस दौरान दो एसडीएम, दो पुलिस क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सेंट्रल मार्केट के रास्ते पर लगे बैरिकेट्स सेंट्रल मार्केट की 44 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई होनी है। इसको देखते हुए मजबूत व्यवस्था की गई है। विरोध होता है तो उससे भी निपटने के इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सेंट्रल मार्केट की तरफ आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेट्स लगाए हैं। अगर भीड़ बढ़ती है तो इन बैरिकेट्स को खोलकर यहां पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा। विरोध में बंद रहेगा सेंट्रल मार्केटसीलिंग की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने हर संभव विरोध की रणनीति तैयार की है। विरोध स्वरूप पूरे सेंट्रल मार्केट को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रचार गाड़ी भी लगाई गई है जो पूरे बाजार में घूम घूमकर सीलिंग के विरोध का समर्थन जुटा रही है। इवनिंग वॉक पर निकले लोग पहुंचे मार्केटसेंट्रल मार्केट प्रकरण पूरी तरह चर्चाओं में है। 661/6 पर हुई कार्रवाई के बाद इस बाजार में डाउनफॉल शुरू हो गया था। अब जब 44 प्रॉपर्टी पर सीलिंग की कार्रवाई होने की सूचना सार्वजनिक हुई तो लोग हैरानी जताने लगे। देर रात तक घरों से घूमने निकले लोग सेंट्रल मार्केट में चहल कदमी करते दिखे।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू के कारण पोल्ट्री फार्म और मांस की दुकानें बंद होने से नाराज व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग की। दरअसल, कोनी कुक्कुट क्षेत्र में पिछले पखवाड़े बर्ड फ्लू के कारण 4400 से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए 10 किलोमीटर के दायरे में मांस की दुकानें बंद करा दी थीं। दो हफ्तों से कारोबार ठप पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल विश्वास ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के 9 दिन और उसके बाद बर्ड फ्लू की आशंकाओं के चलते पिछले दो हफ्तों से उनका कारोबार ठप है। हर दिन डेढ़ से दो करोड़ का नुकसान दुकानें बंद होने से उन्हें प्रतिदिन डेढ़ से दो करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इस कारण 200 से अधिक रिटेल काउंटरों पर काम करने वाले सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पोल्ट्री कारोबार 21 दिनों से बंद होने के कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोग परेशान हैं। बैंक से कर्ज लेकर वाहन और दुकानें किराए पर चलाने वाले व्यापारियों को कर्मचारियों का वेतन देने, परिवार चलाने और बैंक की किस्त चुकाने में कठिनाई हो रही है। इससे उनमें भारी आक्रोश है। दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए पोल्ट्री एसोसिएशन ने मांग की है कि उन्हें नियमों के तहत दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। व्यापारियों ने आश्वासन दिया है कि वे इस दौरान सुरक्षा संबंधी सभी प्रावधानों का पालन करेंगे। जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला कोनी में बर्ड फ्लू के प्रकोप के मामले में केंद्रीय जांच कमेटी की 4 सदस्यीय टीम बिलासपुर में जांच कर रही है। इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कोई फैसला करने की बात कही जा रही है।
भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा की पूर्व संध्या पर आज राजेन्द्र मार्ग स्कूल ग्राउंड से शाम को कलश शोभायात्रा निकाली गई। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी के सानिध्य में निकली इस शोभायात्रा में महामंडलेश्वर और संत भी शामिल हुए। शोभायात्रा राजेन्द्र मार्ग, लक्ष्मीनारायण मंदिर मार्ग, मुरली विलास रोड, अंबेडकर सर्किल, गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र चौराहा होते हुए पेच एरिया, नेताजी सुभाष मार्केट और संकटमोचन हनुमान मंदिर से होकर वापस राजेन्द्र मार्ग स्कूल में सम्पन्न हुई। व्यापारियों ने बरसाए फूलशोभायात्रा में हजारों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चली। जबकि पुरुष सिर पर साफा बांध सफेद कुर्ता पायजामा पहन शामिल हुए। शोभायात्रा में ढाले नगाड़ों व बैंडबाजों के साथ हाथी, घोड़े, बग्गी भी शामिल हुए। शोभायात्रा का सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी कथाबता दें कि कथा कल बुधवार से 8 से 14 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक मेडिसिटी ग्राउंड पर होगी। आयोजन को डिस्पोजेबल मुक्त रखने का लक्ष्य रखा है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम, नगर विकास न्यास और सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी है। कथा को सुनने के लिए राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, यूपी, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंच रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम करेगी निगरानीकरीब 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में से साढ़े चार लाख वर्ग फीट में तीन बड़े वाटरप्रूफ डोम और पाइप पांडाल बनाए गए हैं। गर्मी से बचाव के लिए कूलर-पंखे, पेयजल, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। करीब 250 अस्थायी शौचालय और चलित शौचालय भी उपलब्ध रहेंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस के 1500 जवान भीलवाड़ा के बाहर से बुलाए गए हैं। जबकि प्राईवेट सिक्योरिटी के बाउंसर भी कथा स्थल पर तैनात रहेंगे।
दरभंगा शहर के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में 2 करोड़ के जेवरात की लूट हुई थी। इस मामले में पीड़ित व्यवसायी ने बरामद संपत्ति की सुपुर्दगी को लेकर एसएसपी से गुहार लगाई है। मंगलवार को पीड़ित व्यवसायी सहित अन्य स्वर्ण व्यवसायी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पीड़ित व्यवसायी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि 3 अप्रैल को दिनदहाड़े उनकी ज्वेलरी दुकान में सशस्त्र अपराधियों ने बड़ी लूट की घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान बेगूसराय, दरभंगा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। साथ ही कुछ हथियार और सामग्री भी बरामद हुई है। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि लूटे गए करीब 700 ग्राम स्वर्ण आभूषण, 20 से 25 किलोग्राम रजत आभूषण और नकद राशि की पूरी बरामदगी की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं की गई है। यदि बरामदगी हुई भी है, तो उसे विधि अनुसार अब तक उन्हें सुपुर्द नहीं किया गया है। मनोज कुमार ठाकुर ने कहा कि इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एसएसपी से मांग की है कि लूटे गए सभी आभूषणों और नकदी की पूर्ण बरामदगी सुनिश्चित कराई जाए, अब तक की बरामदगी का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाए और बरामद सामान जल्द से जल्द उन्हें सुपुर्द किया जाए। साथ ही कांड की प्रगति की लिखित जानकारी भी देने की मांग की है। नियमित गश्ती और मजबूत करने की आवश्यकता जताई एसएसपी कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि शेष अपराधियों की गिरफ्तारी और बाकी सामान की बरामदगी जल्द सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पुलिस की अब तक की कार्रवाई को संतोषजनक बताया, लेकिन बड़ा बाजार जैसे व्यस्त इलाके में नियमित गश्ती और मजबूत करने की आवश्यकता जताई। स्वर्ण व्यवसायियों के समर्थन में चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन सुरेका, सचिव सुशील जैन, ध्रुव नारायण ठाकुर, शंभू नारायण ठाकुर, विजय ठाकुर, मनोज ठाकुर, प्रहलाद ठाकुर, दिगम्बर ठाकुर,शंभु ठाकुर और बिरेन्दर ठाकुर भी एसएसपी कार्यालय पहुंचे। सभी ने एक स्वर में शीघ्र बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी और व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। शंभु ठाकुर ने बताया कि सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के सनहपुर पिकेट में पिछले छह महीनों से पुलिस पदस्थापन नहीं है, जिसे लेकर भी एसएसपी से अनुरोध किया गया है। इसके अलावा सिमरी, कमतौल, सिंहवाड़ा और जाले थाना क्षेत्रों में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ पुलिस पदाधिकारियों की बैठक कराने की मांग की गई है। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि एसडीपीओ के माध्यम से जल्द ही बैठक की तिथि तय कर सभी संबंधित पक्षों को सूचित किया जाएगा। पीड़ित व्यवसायियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
सहरसा के डीबी रोड स्थित खादी भंडार के सामने जिला परिषद द्वारा निर्मित संत कारू खिरहर मार्केट कॉम्प्लेक्स का मंगलवार दोपहर उद्घाटन किया गया। मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका विधिवत लोकार्पण किया और इसे जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें सांसद दिनेश चंद्र यादव ने पहला दीप जलाया। इसके बाद उन्होंने फीता काटकर मार्केट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। आम लोग भी समारोह में शामिल हुएइस अवसर पर सहरसा जिला परिषद अध्यक्ष किरण देवी, उपाध्यक्ष धीरेंद्र यादव, सदस्य सुरेंद्र प्रसाद यादव, विधायक अरुण कुमार यादव और नुनु यादव सहित कई जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में आम लोग भी समारोह में शामिल हुए। अपने संबोधन में सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि यह मार्केट कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि इससे स्थानीय व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खिरहर की प्रतिमा स्थापित की जाएगीसांसद ने यह भी घोषणा की कि इस कॉम्प्लेक्स परिसर में संत कारू खिरहर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उनका मानना था कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी। समारोह में पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रदेव मुखिया, अक्षय झा, दिनेश पासवान सहित भगौत मंडली से जुड़े कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने जिला परिषद की इस पहल की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के विकास कार्य भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे सहरसा शहर का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
पटना में 1 अप्रैल की देर रात बदमाशों ने कोरोबारी दिलीप सिंह को गोली मारी थी। कारोबारी को रूबन अस्पताल में एडमिट कराया गया था। अभी उनकी स्थिति सामान्य है। मामले में पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार किया है। सेंट्रल SP दीक्षा ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया। SIT का नेतृत्व सचिवालय sdpo2 साकेत कुमार कर रहे थे। इस मामले में चंदन कुमार (33) और शिवम चौधरी (26) को अरेस्ट किया गया है। इन लोगों पर एविडेंस छुपाने और आरोपियों की मदद करने का आरोप है। इसमें 6 लोग संलिप्त पाए गए हैं। इनके पास से तीन पिस्तौल, एक देसी कट्टा, चार मैगजीन, 22 कारतूस, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल, फोन बरामद किए गए हैं। मामले का सीसीटीवी भी समाने आया था, उसकी कुछ तस्वीरें… दोनों के पास 3 पिस्टल, 22 कारतूस, एक मैगजीन, एक लोडेड कट्टा मिला है। घटना शिवपुरी सीपी ठाकुर रोड नंबर-2 स्थिति अपार्टमेंट की है। कैमरे से बचने के लिए रॉन्ग साइड से भागे थे पुलिस सूत्रों की माने तो घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर और लिंक रोड से भाग कर मैनपूरा पहुंचे थे। इसी इलाके में अपनी बाइक किसी जगह खड़ी करके ऑटो पकड़ लिए थे। भागने के दौरान कैमरे से बचने के लिए रॉन्ग साइड रास्तों का इस्तेमाल किया था। प्रेम-प्रसंग में घटना की आशंका आशंका है कि प्रेम-प्रसंग और रुपए के विवाद में इस घटना को अंजाम दिया गया है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि घटना के बाद से उनका एक मोबाइल फोन मिस है। पुलिस फोन की रिकवरी में भी लगी है। 3 दिन होटल में ठहर कर रेकी की पाटलिपुत्र थाना से सेट होटल में दोनों शूटर ठहरे थे। होटल के मैनेजर शिवम और आरोपी का ड्राइवर पंकज शूटर की खातिरदारी कर रहे थे। तीन दिनों तक शूटर के साथ मिलकर पंकज और शिवम ने दिलीप सिंह के आने जाने वाले रास्तों और घर की रेकी की। 30 अप्रैल की रात पंकज ने शूटर को बाइक और हथियार दिलीप सिंह को करने के लिए दिए थे। होटल से ही दोनों शूटर दिलीप सिंह के अपार्टमेंट के पास गए थे। वहां घटना को अंजाम देने के बाद होटल में पहुंचे वहां पंकज को हथियार दिए। पंकज ने इसके बाद दोनों को एक ऑटो बैठाया और दोनों फरार हो गए। पंकज ने इन शूटर को भगाने के बाद होटल के मैनेजर शिवम को हथियार छुपाने के लिए दिए थे। पुलिस ने इस पूरे मामले में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर ली है। दोनों शूटर में से एक शूटर पटना का रहने वाला है। हालांकि मुख्य आरोपी और शूटर अभी पकड़े नहीं गए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अभी तक की जांच में पर्सनल और प्रोफेशनल वजह घटना के पीछे निकल कर आई है।
नागौर और डीडवाना कुचामन जिले में कल देर रात मौसम के बदले मिजाज के बाद तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का दौर जारी है। सबसे बड़ी ख़बर मेड़ता कृषि मंडी से है जहां भारी बारिश के चलते सेड के बाहर रखा किसानों और व्यापारियों का करोड़ों का माल भीग कर ख़राब हो गया है। यहां सुबह तक़रीबन 9:30 बजे शुरू हुई बारिश तक़रीबन 11 बजे तक चली जोरदार बारिश की वजह से मंडी परिसर में पानी भी भर गया। डीडवाना के बांठड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश के चलते फसलों को भारी नुकशान हुआ है। मौसम विभाग ने दोनों जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। वहीं नागौर जिले के सोमणा में खम्बे पर बिजली गिरने के बाद कुछ क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई है। डेगाना के चुई गांव में अल सुबह चने के आकार के ओले गिरे। डीडवाना कुचामन में जिले में डीडवाना में सुबह 8 बजे से रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है जबकि नावां में भारी बारिश दर्ज की गई है। दोनों ही जिलों में घने बादल छाए हुए हैं। कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश रुक रुक कर जारी है। नागौर के मेड़ता के अलावा सांजू, रियां बड़ी, पादु कलां, खींवसर सहित कई इलाकों में भी रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज नागौर और डीडवाना कुचामन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बाद आज मेड़ता और नागौर मंडियों में अवकाश घोषित किया गया था। वहीं मेड़ता में कल के लिए भी मंडी में अवकाश घोषित किया गया है। बारिश की वजह से कई इलाकों में गेहूं की तैयार फसलो को भी नुकसान हुआ है। डीडवाना क्षेत्र में आज सुबह हुई बारिश की वजह से बांठड़ी और रणसिसर क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
कोटा में रामगंजमंडी में किसानों को सूचना दिए बिना ही व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी में काम बंद कर दिया। जिसके चलते किसान गुस्सा हो गए और विरोध में मंडी के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों का कहना है कि व्यापारियों ने बिना सूचना के मंडी बंद कर दी। अगर व्यापारी समय पर सूचना देते तो किसान अपना माल मंडी में नहीं लाते। बारिश के अलर्ट के बीच खुले में पड़ी जिंस जानकारी नहीं होने के चलते किसान अपना माल लेकर मंडी में आ गए है। मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है। किसानों का माल खुले में पड़ा है। बारिश होने से किसानों को नुकसान होगा। हमारी मांग है कि मंडी आए माल की नीलामी की जाए। किसानों ने 45 मिनट तक मंडी का गेट बंद रखा। मंडी सचिव बोले- सभी को सूचना दे दी थी इधर कृषि उपज मंडी व्यापार संघ के सचिव योगेश गुप्ता का कहना है कि सरकार ने मंडी आढ़त को 2.25 रूपए से घटाकर 1 रुपया कर दिया है। इसके विरोध में रात 10 बजे करीब व्यापारियों ने बैठक की। सुबह मंडी बंद करने का फैसला लिया। सूचना सभी को दे दी थी। मंडी में माल बेचने आए किसानों ने इसका विरोध जताया। अभी मीटिंग कर रहे हैं, आधे घंटे में मंडी खुल जाएगी। जिंसों की नीलामी की मांग किसान भैंरूलाल ने बताया कि आज मंडी में जितने भी किसानों का माल पड़ा है। उस माल की नीलामी होनी चाहिए। किसान पहले ही परेशान है। माल खुले में पड़ा है। बारिश का मौसम है। व्यापार संघ 2-4 दिन मंडी बंद करें। किसानों को कोई परेशानी नहीं। लेकिन इसका बाकायदा अनाउंसमेंट तो करें। ताकि किसान भी मंडी में माल लेकर नहीं आए। किसानों को सूचना नहीं दी उन्होंने कहा- रात को व्यापार संघ ने मंडी बंद करने का निर्णय लिया था। इसकी सूचना किसानों को नहीं दी। ये किसानों के साथ सरासर अन्याय है। व्यापार संघ अगर पहले ही सूचना दे देता तो किसान मंडी में माल लेकर नहीं आता। आज बहुत से किसान मंडी में माल लेकर आ गए है।
फरीदकोट में भैंसों के एक व्यापारी से 8 लाख की नगदी छीने जाने का मामला सामने आया है। व्यापारी एक कैंटर से डेरा बस्सी पठाना में 15 भैंसें बेचकर वापस फरीदकोट आ रहा था और फरीदकोट पहुंचते ही कैंटर ड्राइवर उससे नकदी लेकर फरार हो गया। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद थाना सदर फरीदकोट पुलिस ने कैंटर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कैंटर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बयान में भोलूवाला रोड फरीदकोट पर रहते मूल रूप से सहारनपुर (यूपी) निवासी अनीश अहमद उर्फ नीटू ने बताया कि वह अपने साथी अजीम उर्फ सब्बू के साथ मिलकर भैंसों की खरीद करता है। 3 अप्रैल को वह 15 भैंसों को बेचने के लिए एक अल्ट्रा कैंटर में डेरा बस्सी पठाना की मंडी गए थे। कैंटर को गांव घुमियारा निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ काला चला रहा था। भैंसों की बिक्री के बाद मिले 8 लाख रुपये उन्होंने एक बैग में रख लिए और उसी कैंटर से वापस फरीदकोट लौट रहे थे। कैंटर में ही सो गया था ड्राइवर शिकायत के अनुसार, अनीश अहमद ने पैसों वाला बैग रख लिया था और वह कैंटर में ही सो गया। 6 अप्रैल की सुबह जब वे गांव पिपली के पास पहुंचे, तो कैंटर ड्राइवर सुखविंदर सिंह ने बैग उठाने की कोशिश की, जिससे अनीश की नींद खुल गई। जब उसने ड्राइवर से गांव पिपली आने का कारण पूछा तो ड्राइवर ने वाहन सड़क किनारे रोक लिया और टूल बॉक्स से लोहे की बड़ी चाबी निकालकर अनीश के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद वह 8 लाख की नगदी से भरा बैग छीनकर कैंटर छोड़कर मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है: जांच अधिकारी इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई कर्मजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपी ड्राइवर सुखविंदर सिंह उर्फ काला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर नगदी बरामद कर ली जाएगी।
संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी आदित्यनाथ 7 अप्रैल को वृंदावन के वंशीवट स्थित मलूकपीठ में जगतगुरु मलूक दास के 452वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे। भक्ति काल में जन्मे संत मलूक दास वैष्णव साधु परंपरा के प्रमुख संतों में से एक हैं। कड़ा में जन्मे (पहले प्रयागराज-इलाहाबाद में आता था…. अब कौशांबी में स्थित है) संत मलूक दास सामाजिक समानता, ईश्वर की आराधना और मानवता के समर्थक थे। 108 वर्ष तक जीवित रहे संत मलूक दास जी का गोलोक गमन वृंदावन में हुआ जहां आज भी उनकी समाधि बनी हुई है। एक समाधि उनके जन्मस्थान कड़ा में भी है। खत्री परिवार में जन्मे मलूक चंद कैसे संत बने…संत बनने की कहानी क्या है? पढ़िए… कारोबारी के परिवार में जन्मे मलूक चंद…बन गए संत मथुरा वृंदावन मलूक पीठ से जुड़े संत धनंजय दास ने बताया कि मलूक दास का बचपन का नाम मलूक चंद था। परिवार कपड़े के व्यापार से जुड़ा था, इसलिए उनसे भी यही अपेक्षा थी कि वे बड़े होकर व्यापार संभालें। एक दिन उनके पिता ने उन्हें कपड़े बेचने के लिए भेजा। प्रयाग में जब वह कपड़े बेचने गए तो…कथा सुनी-संतों के दर्शन हुए। भक्ति मार्ग जागृत हुआ। मन में विचार आया कि जब भगवान ही सबकुछ करने वाले हैं, तो मैं क्यों न भगवान का आश्रय लेकर रहूं। उन्होंने सारे कपड़े संतों को दान कर दिए और जंगल में जाकर पेड़ पर बैठ सीताराम का जाप करने लगे। पूरा दिन निकल गया कुछ नहीं मिला लेकिन जाप नहीं छोड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति झोला लेकर पहुंचा। देर रात होने के कारण झोला पेड़ पर टांग दिया। तभी कुछ डकैतों की आहट सुन वह झोला छोड़कर भाग गया। इसके बाद डकैत आए और झोला देखकर उसको खोला तो खाने-पीने का सामान था। इसी दौरान डकैतों के सरदार ने कहा कि इतने घने जंगल में यह कहां से आया कहीं इसमें जहर तो नहीं है। इसके बाद उसे रखने वाले की तलाश हुई। देखा पेड़ पर संत मलूक दास बैठे हैं। डकैतों ने उनको नीचे उतारा और जबरन उनको झोले में रखे लड्डू कचौड़ी खिलाने लगे। यह देख संत मलूक दास जी की आंखों में आंसू आ गए। उन्हें विश्वास हो गया कि ईश्वर ही सब कुछ हैं। इसी घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने महसूस किया कि संसार का मोह-माया क्षणिक है और सच्चा सुख सेवा, भक्ति और त्याग में है। धीरे-धीरे उन्होंने सांसारिक जीवन से दूरी बनाकर भक्ति का मार्ग अपना लिया। वे ईश्वर की भक्ति, सत्संग और जनसेवा में लग गए। उनकी वाणी में इतनी सादगी और सच्चाई थी कि लोग उनसे प्रभावित होकर उन्हें संत मानने लगे। ये दोहा हुआ प्रसिद्ध संत मलूक दास आलसी होने के बजाय ईश्वर पर विश्वास करने का संदेश देते थे। वह कहते थे कि अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम। इसका अर्थ था अजगर किसी की नौकरी न करे, पक्षी काम न करे लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो सबका भला राम जी करते हैं। उन्होंने दीन दुखियों की सहायता को ही सच्ची भक्ति माना। वह कृष्ण भक्ति किया करते थे। वृंदावन को बनाया साधना स्थली संत मलूक दास जी का साहित्य में भी योगदान रहा। उनकी रत्न खान, मलूक शतक और ज्ञान बोध जैसी रचनाएं प्रमुख हैं। उन्होंने पंजाबी, उर्दू, ब्रज भाषा और खड़ी बोली में रचनाएं लिखीं। संत मलूक दास ने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। जहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई। जो वर्तमान में मलूक पीठ के नाम से विख्यात है। संत मलूक दास का जन्म वैशाख की पंचमी को करीब 451 वर्ष पहले (1574) माना जाता है। वह 108 वर्ष तक जीवित रहे। इनकी समाधि मलूक पीठ में ही स्थापित है। निर्गुण सगुण भक्ति के अनुयायी संत मलूक दास जी का स्थान पहले मलूक अखाड़ा था जहां वह संतों के साथ रहते और भगवान कृष्ण की सेवा,भजन और कामों में लीन रहते थे। वर्तमान में मलूक पीठ का संचालन प्रसिद्ध संत देवाचार्य राजेंद्र दास महाराज करते हैं। यहां संत, गौ, बृजवासी सेवा अनवरत चलती है। संत मलूक दास जी को अवध के संत से शिक्षा प्राप्त हुई जिसके बाद उनको आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ। वह स्वभाव से उदार और कोमल हृदय थे। प्रेमानंद महाराज भी हैं भक्त जगद्गुरु मलूकदास महाराज के भक्त प्रेमानंद महाराज भी हैं। बीते दिनों वह पहाड़ी बाबा गौशाला में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे। यहां संत प्रेमानंद महाराज ने साधु संतों के दर्शन किए और भगवान सीताराम के स्वरूपों का पूजन अर्चन किया। संत प्रेमानंद महाराज यहां करीब एक घंटे तक रहे। कौशांबी में मौजूद है संत की गद्दी, साधना केंद्रदैनिक भास्कर कौशांबी स्थित मालूक दास के आश्रम भी पहुंचा। यहां कड़ा में आज भी संत मलूक दास की गद्दी, गुफा और साधना केंद्र मौजूद है। हमने मौजूदा समय में 15 वें उत्तराधिकारी के रूप देख रेख कर रहे महंत शिवा कांत पांडेय से बात की। महंत शिवा कांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने औरंगजेब के सामने कुछ चमत्कार दिखाए थे, जिससे औरंगजेब भी उनका भक्त बन गया था। महंत शिवा कांत पांडेय ने बताया कि मालूक दास जी के पारिवारिक लोग लखनऊ, दिल्ली व महाराष्ट्र में रहते हैं बीच-बीच में वो कभी कदार आकर आश्रम में देख रेख करते हैं। हर साल मालूक दास की जयंती पर उनके परिवार से जुड़े लोग आते है यहां पूजा-अर्चना करते हैं और विशाल भंडारे का भी आयोजन होता है जिसमें प्रदेश ही नही अन्य प्रदेश में मौजूद उनके अनुयायी आते हैं। मलूक गुफा में लगी हैं लखौरी ईंट, लिखे हैं संत के लिखे दोहे संत मलूक दास के आश्रम में मलूक गुफा बनी है। महंत शिवा कांत पांडेय का कहना है कि हम सुनते आ रहे हैं कि यहीं पर बैठकर संत मलूक दास साधना जप-तप किया करते थे। गुफा के अंदर लखौरी ईटें लगी हैं। दीवारों पर मलूक दास के तमात तरह के दोहे भी लिखे गए हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… जिसके तलाक पर ढोल-नगाड़े बजे, वो बोली-बहुत दुख झेला:मेरठ में रिटायर्ड जज पिता बोले- मेजर से डाइवोर्स अंत नहीं, नई शुरुआत ‘मैंने मानसिक रूप से काफी संघर्ष झेला। एंग्जायटी-डिप्रेशन तक फेस किया, लेकिन आज मैं यहां हूं क्योंकि मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया। मेरे माता-पिता ने समाज नहीं, मेरी खुशी को चुना। हर लड़की को ऐसा सपोर्ट मिलना चाहिए। जब तक लड़की अपने पैरों पर खड़ी न हो जाए, उसकी शादी नहीं करनी चाहिए।’ ये बातें मेरठ की प्रणिता शर्मा ने कही। पढ़ें पूरी खबर
प्राइवेट स्कूलों में कमीशन के चक्कर में बच्चों को किताब व ड्रेस अपने ही परिचित दुकान से लेने का दबाव बनाया जाता है। यही कारण है कि मनमानी दामों पर दुकानदार किताबें बेच रहे हैं। सीधा कमीशन स्कूल संचालकों को मिल रहा है। सिर्फ कापी और किताब ही नहीं बल्कि ड्रेस व जूते, मोजे तक बाहर अपने परिचित दुकानों पर खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसे लेकर DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त आदेश जारी किया है। सभी स्कूल व कालेजों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सीधे स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजर पर होगी। पैरेंट्स लगातार कर रहे हैं शिकायत दरअसल, स्कूलों की इस मनमानी की शिकायतें लगातार उच्चाधिकारियाें व शासन स्तर पर हो रही हैं। अब प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की फीस और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। स्पष्ट जारी निर्देश जारी करते हुए DIOS ने कहा है कि सभी स्ववित्त पोषित विद्यालयों में फीस निर्धारण पूरी तरह नियमों के तहत ही किया जाए और किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत सत्र 2026-27 के लिए फीस तय करते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। 2018 के आदेश का सख्ती से होगा पालन: DIOS सरकार ने स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने पर भी सख्ती दिखाई है। DIOS के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी विद्यालय यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे आदि को व्यावसायिक दृष्टि से नहीं बेच सकता और न ही अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान से खरीदारी करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह प्रावधान अधिनियम 2018 के अध्याय-2 के तहत पहले से लागू है, जिसे अब सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा। अभिभावक DIOS से करें शिकायत शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। हर साल फीस बढ़ोतरी और जबरन खरीदारी की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी स्कूलों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा हो तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग में दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कपड़ा व्यापारी की गाड़ी से ~5 लाख ले भागा ड्राइवर
जयपुर | विद्याधर नगर इलाके में कपड़ा व्यापारी की गाड़ी से उनका ड्राइवर बुधवार रात को 5 लाख रुपए लेकर भाग गया। पीड़ित व्यापारी विजयबाड़ी निवासी राधेश्याम अग्रवाल ने विद्याधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बुधवार रात को उन्होंने विद्याधर नगर स्टेडियम के पास किसी परिचित से 5 लाख रुपए लिए थे। पैसे कार में रख लिए और वहां से दूसरी जगह किसी से मिलने के लिए रुक गए। इस दौरान उनका ड्राइवर विकास बिजारणियां कार में बैठा था। कुछ देर बाद वापस लौटे तो वह कार में नहीं मिला। उसे बार-बार कॉल किया, लेकिन वह काट रहा था और बाद में स्विच ऑफ कर लिया। विकास 4 माह पहले ही उनके उनके ड्राइवर लगा था। विकास श्रीमाधोपुर स्थित पटवारी का बास का रहने वाला है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
नीमच के टैगोर मार्ग पर मोबाइल रिपेयरिंग को लेकर दो दुकानदारों के बीच विवाद हो गया। 'पाटनी मोबाइल' के मालिक आशीष कुमार पाटनी ने 'आई-सॉल्यूशन मोबाइल' के संचालक वसीम खान के खिलाफ एसपी ऑफिस में लिखित शिकायत की है। आशीष का आरोप है कि वसीम उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालकर उनकी इज्जत खराब कर रहे हैं। सैमसंग सर्विस सेंटर चलाने वाले आशीष पाटनी ने बताया कि 2 अप्रैल को वसीम खान ने एक 'सैमसंग S-22' मोबाइल बनने के लिए भेजा था। आशीष के मुताबिक, फोन पहले से ही खुला हुआ और बंद था। वसीम के बहुत मिन्नत करने पर उन्होंने सिर्फ उसकी बैटरी बदल दी थी। दुकान पर हंगामा और सोशल मीडिया पर धमकी आशीष का आरोप है कि अगले दिन जब वे दुकान पर नहीं थे, तब वसीम ने फोन वापस भेजा और दावा किया कि रिपेयरिंग के दौरान कैमरा खराब हो गया है। इस बात पर दुकान के कर्मचारी और वसीम के बीच बहस हो गई। आशीष का कहना है कि वसीम ने दुकान पर आकर ग्राहकों के सामने बदतमीजी की और धमकी दी कि वे उनका धंधा चौपट कर देंगे और उन्हें जेल भिजवा देंगे। इंस्टाग्राम वीडियो पर आपत्ति शिकायत में कहा गया है कि वसीम खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'i_solution_mobile' पर एक वीडियो डाला है, जिसमें उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। आशीष ने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की है और आरोपी पर कार्रवाई करने को कहा है। दूसरे पक्ष का क्या कहना है? दूसरी तरफ, 'आई-सॉल्यूशन' के मालिक वसीम खान ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। वसीम का कहना है कि उनका मोबाइल आशीष पाटनी की लापरवाही से खराब हुआ है और वे बस अपना फोन सही करवाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद एसपी ऑफिस जाकर अपनी बात रखेंगे और अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
फरीदाबाद पुलिस ने देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यू भारत कॉलोनी स्थित एक गेस्ट हाउस में चल रहे अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया है। महिला थाना सेंट्रल की टीम ने 5 अप्रैल की शाम सूचना के आधार पर छापेमारी कर गेस्ट हाउस संचालक सहित दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला थाना सेंट्रल की टीम को सूचना मिली थी कि न्यू भारत कॉलोनी के एक गेस्ट हाउस में अवैध रूप से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गेस्ट हाउस पर छापा मारा। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा छापेमारी के दौरान वहां देह व्यापार चलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस संचालक समेत दो आरोपियों को काबू कर लिया। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना खेड़ीपुल में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज आरोपियों पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4 और 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि गेस्ट हाउस में लंबे समय से अवैध तरीके से देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस को आरोपियों को कोर्ट में किया पेश गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों में दहशत लगातार बनी हुई है। आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में 24 घंटे के अंदर 44 संपत्तियों को सीलिंग के आदेश दिए गए हैं, इसके बाद दहशत में आए व्यापारियों ने अपनी दुकान खाली करनी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि सीलिंग कार्रवाई से पहले वो अपना सामान यहां से निकाल रहे हैं ताकि उनको और ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। स्कूल ,अस्पताल और बैंक भी शामिल सुप्रीम कोर्ट द्वारा जिन 44 संपत्तियों को सील करने के आदेश दिए गए हैं उनमें बैंक, स्कूल और अस्पताल भी संचालित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनको भी वहां से शिफ्ट कर सीलिंग के आदेश दिए हैं। इसके साथ-साथ जो दुकान इन 44 संपत्तियों में चल रही थी वह भी इसका हिस्सा है जिस समय व्यापारियों ने दुकान खाली करने शुरू कर दी हैं। सेट बैक के तहत तोड़ने वाले भी शामिल जिन व्यापारियों ने भू उपयोग बदलने के लिए शमन शुल्क जमा करा कर सेटबैक के तहत स्वयं अपनी दुकान तोड़नी भी शुरू की थी, ताकि वह उन्हें पीछे हटाकर दोबारा से बना सके। वह भी इस आदेश में शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए करोड़ों रुपया भी जमा कर दिया है और आवास विकास के आदेश अनुसार वह अपनी दुकान पीछे भी हटा रहे थे। इसके बाद भी उनका नाम इसमें शामिल है इसको लेकर व्यापारी जहां आर्थिक रूप से टूट गया है तो वहीं अब और भी ज्यादा चिंतित है। पूर्व कमिश्नर ने भी दिया हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मेरठ के पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद से भी इस बात का जवाब मांगा गया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ जाकर ध्वस्तीकरण रोकने का आदेश कैसे जारी कर दिया। इस पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जिस कॉम्नलेक्स को तोड़ने का आदेश दिया गया था उसकी तोड़ने की कार्रवाई जब तक पूरी हो चुकी थी और जनप्रतिनिधियों की सहमति से यह आदेश दिया था। हालांकि इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देते हुए अपनी सफाई दी जनप्रतिनिधियों ने बनाई दूरी सेंट्रल मार्केट के इस प्रकरण में सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधि और ज्यादातर विपक्ष के भी जनप्रतिनिधियों ने कुछ भी बोलने से बचना ही उचित समझा है। क्योंकि जिस प्रकार पूर्व कमिश्नर को भी सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया है सभी लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना से बचना चाहते हैं और कोई भी इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करना चाहते जो सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ हो।
भरतपुर में सड़क को चौड़ा करने का प्लान है। कई दुकानें और मकान इसकी जद में आ रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों का विरोध जारी है। सोमवार को व्यापारी सड़क विस्तार के खिलाफ रैली निकालने वाले थे। बीजेपी जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा ने 7 दिन की मोहलत लेकर रैली स्थगित करवा दी। बीजेपी जिलाध्यक्ष दायमा ने व्यापारियों को समझाया और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर 7 दिन में समाधान निकालने का समय मांगा। ऐसे में व्यापारी अब 7 दिन बाद आगे की रणनीति बनाएंगे। 7 दिन में होगी प्रशासन से वार्ता व्यापार संघ के जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने बताया-सोमवार को व्यापारी विरोध रैली निकालने वाले थे। सैकड़ों व्यापारी इकट्ठे हुए। प्रशासन के खिलाफ काफी रोष है। इस दौरान बीजेपी जिला अध्यक्ष शिवानी दायमा आई। उन्होंने व्यापारियों से बात की और आश्वासन दिया कि 7 दिन के अंदर प्रशासन से बात करके समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। BDA के आयुक्त को दिया ज्ञापन व्यापारियों ने बीजेपी जिला अध्यक्ष से मांग रखी की जब तक अधिकारियों से बात नहीं होती तब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई स्थगित की जाए। जिसके बाद मौके पर ही BDA आयुक्त कनिष्क कटारिया और ADM राहुल सैनी को मौके पर बुलाया गया। दोनों अधिकारियों ने आश्वाशन दिया कि 7 दिन के अंदर शहर के सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण का प्लान सार्वजानिक रूप से रखा जाएगा।
इम्पैक्ट फीचर:जीआईटी जयपुर को बना रहा स्टार्टअप शिक्षा और लाइफलॉन्ग लर्नर का अनोखा हब
पिछले एक दशक में जयपुर ने अपनी विरासत, स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज और शांत वातावरण को बनाए रखते हुए हायर एजुकेशन का मजबूत केंद्र बनाया है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की भागदौड़ से दूर छात्र यहां आकर सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि एक पूरी लाइफस्टाइल और भारतीय पहचान पा रहे हैं। यहां ट्रैफिक कम है, समय ज्यादा है और बच्चे शहर को अपना कैंपस मानते हैं। ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GIT) ने जयपुर को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस साल GIT को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यहां से 15,000 से ज्यादा ग्रेजुएट्स निकल चुके हैं जो 100 से अधिक देशों में काम कर रहे हैं। संस्था ने स्कूल स्तर पर भी प्रवेश किया। मेयो स्कूल के जरिए प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक की पूरी यात्रा तैयार की जा रही है। नमन कंदोई, डायरेक्टर, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मयूर स्कूल जयपुर ने बताया कि स्कूल इसलिए शुरू किया गया ताकि बच्चे कोचिंग कल्चर और डमी स्कूल की सोच से बचकर ओपन माइंड, लाइफलॉन्ग लर्नर और सच्चे इंजीनियर बन सकें। आज के AI युग में GIT ने छात्रों और फैकल्टी दोनों को तैयार किया। AI को सिर्फ कोर्स नहीं बल्कि डिसरप्टर मानते हुए बेसिक फ्रेमवर्क्स (न्यूरल नेटवर्क्स, डिसीजन ट्रीज, रिग्रेशन) सिखाए जा रहे हैं। हर छह महीने में बदलते AI ट्रेंड्स के साथ एडाप्टिविटी पर फोकस है। स्टार्टअप्स में GIT पायनियर रहा। 2010-12 से यहां कई सफल स्टार्टअप्स निकले जो आज सैकड़ों मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर पहुंच चुके हैं। इनक्यूबेशन सपोर्ट, सीड फंडिंग और इकोसिस्टम के जरिए छात्रों को उद्यमी बनाया जा रहा है। GIT स्कूल से शुरू होकर AI, स्टार्टअप्स और ग्लोबल सहयोग तक छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कर जयपुर को शिक्षा का सशक्त हब बना रहा है।
भिंड की भारौली रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी में सोमवार दोपहर सरसों के दामों को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मंडी में पहुंचे करीब डेढ़ सौ किसान उस समय आक्रोशित हो उठे, जब व्यापारियों ने उनकी सरसों की फसल की अधिकतम बोली 6200 रुपए प्रति क्विंटल लगाई। किसानों ने इस दर को बेहद कम बताते हुए अपनी उपज बेचने से साफ इनकार कर दिया। किसानों का कहना था कि इस बार बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को पहले ही भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में 6200 रुपए का भाव लागत भी नहीं निकाल पा रहा। किसानों ने कम से कम 7000 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिए जाने की मांग रखी। विवाद बढ़ने पर व्यापारियों ने भी एकजुट होकर उक्त दर पर खरीद से हाथ खींच लिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। करीब 2 घंटे तक मंडी में चला हंगामाकरीब दो घंटे तक मंडी में हंगामे जैसे हालात बने रहे। सूचना मिलते ही तहसीलदार रूपम गुप्ता और देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों और व्यापारियों दोनों पक्षों की बात सुनी और समझाइश दी। किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष सरसों के दाम 7500 रुपए तक पहुंचे थे, जबकि इस बार उत्पादन भी प्रभावित है और भाव भी कम मिल रहा है। वहीं उमरी के किसान हरिकिशन ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्राकृतिक मार झेलनी पड़ रही है, तो दूसरी ओर व्यापारी कम कीमत देकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल से किसानों की समस्या पर ध्यान देने की मांग की। किसानों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें उधर व्यापारियों का कहना था कि बाजार की मांग और आवक के आधार पर ही बोली लगाई जाती है। किसानों द्वारा फसल नहीं देने पर उन्होंने भी खरीद बंद कर दी। बाद में मंडी प्रबंधन और प्रशासन की मध्यस्थता में दोबारा बोली लगवाई गई, जिसमें 200 से 300 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद कुछ किसानों ने अपनी उपज बेच दी, जबकि कई किसान बिना फसल बेचे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस लौट गए। मंडी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। बताया जा रहा है कि मंडी में उस समय करीब डेढ़ सौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरसों लेकर पहुंची थीं।
करौली में व्यापारी से मारपीट, बाजार बंद:आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन
करौली शहर के चौधरी पाड़ा क्षेत्र में एक व्यापारी और उसके परिजनों से मारपीट के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। यह घटना चौधरी पाड़ा इलाके में रेडीमेड वस्त्र व्यापारी महेश गुप्ता और उनके दो बेटों के साथ हुई। देर शाम दुकान बंद कर घर लौटते समय बाइक सवार युवकों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि दिन में दुकान के आगे बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो शाम को हिंसक झड़प में बदल गया। हमले में घायल हुए व्यापारी और उनके परिजनों को करौली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के विरोध में रेडीमेड वस्त्र व्यापार संघ के नेतृत्व में व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा गया। व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि शहर में लगातार व्यापारियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे उनमें भय का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दे दिए गए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
पटना में मंत्री दिलीप जायसवाल ने 2025-26 की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देना है। उन्होंने बताया, विधानसभा चुनाव के दौरान एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, जिसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। औद्योगिक विकास को मिली रफ्तार मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में औद्योगिक विकास निरंतर गति पकड़ रहा है। निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। राज्य में बड़े स्तर पर उद्योग लगाने का माहौल तैयार हुआ है। सरकार का विजन समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार है, जिसके तहत 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर पर फोकस उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और बिजली सबसे जरूरी है। इस दिशा में सरकार एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत कर रही है। बक्सर में 2400 मेगावाट का पावर प्लांट और औरंगाबाद में NTPC परियोजना से उद्योगों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी। बड़े निवेश और कंपनियों की एंट्री हाल ही में बक्सर में कोका-कोला और जेके सुपर सीमेंट की फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ है। इसके अलावा रिलायंस, अदाणी, मदर डेयरी, आदित्य बिड़ला और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी बड़ी कंपनियां भी बिहार में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। 2026 में 747 निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी कुल राशि 17,217 करोड़ रुपये से अधिक है। MSME और उद्यमियों को बढ़ावा सरकार ने MSME निदेशालय का गठन किया है, ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। साथ ही बिहार राज्य विपणन प्राधिकरण” बनाया गया है, जिससे ग्रामीण और कुटीर उद्योगों के उत्पाद को वैश्विक बाजार मिल सके। नई नीतियां और सुधार बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 और सेमीकंडक्टर नीति 2026 लागू की गई है। इसका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक हब बनाना है। साथ ही ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत व्यापारियों को कानूनी राहत दी गई है। रोजगार और नई परियोजनाएं राज्य में इलेक्ट्रॉनिक सिटी, औद्योगिक पार्क और महिला छात्रावास जैसी योजनाएं शुरू हो रही हैं। 404 एकड़ भूमि आवंटन से 5500 करोड़ निवेश और 22,500 रोजगार की संभावना बनी है। इसके अलावा 24 जिलों में 13,345 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने कहा कि बिहार अब तेजी से औद्योगिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनेगा।
बांसवाड़ा में सरकारी टीचर ने व्यापारियों से 1.40 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। व्यापारियों की शिकायत पर पुलिस ने 300 सीसीटीवी कैमरे खंगालकर आरोपी टीचर को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। दरअसल ग्रेड सेकंड सरकारी टीचर विकेश कुमार ऑनलाइन गेमिंग के चलते कर्ज में डूब गया था। गेम छोड़ने के बाद भी कर्ज नहीं उतरा तो उसने दो व्यापारियों की रेकी की एक व्यापारी से 90 लाख और दूसरे से 50 लाख रुपए फिरौती मांगी। 3 अप्रैल और अप्रैल को पैसे देने के लिए कहा था। रुपए नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। कर्ज चुकाने के लिए आरोपी ने अपने नाम से और सरकारी टीचर पत्नी के नाम से लोन लिए। इसके बावजूद कर्ज नहीं उतर सका। । इसके बाद कर्ज से उबरने के लिए उसने खुद को फर्जी गैंगस्टर बताकर फिरौती मांगने की साजिश रची। मामला राजतालाब थाना क्षेत्र का है। SP ने पूरे सोमवार को मामले का खुलासा किया। गांव टिम्बा महुडी निवासी ग्रेड सेकंड टीचर विकेश कुमार ने व्यापारियों को 30 मार्च को धमकी दी थी। सरकारी टीचर निकला फर्जी गैंगस्टरSP सुधीर जोशी ने बताया - शहर के दो व्यापारियों को धमकी भरे पत्र भेजकर खुद को बड़ा गैंगस्टर बताने और 1.40 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी विकेश कुमार ग्रेड सेकंड सरकारी टीचर है और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चुडाडा (बांसवाड़ा) में पोस्टेड है। आरोपी विकेश ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते कर्ज में डूब गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने गेमिंग में लाखों रुपए गंवा दिए थे। करीब एक साल पहले उसने गेम खेलना छोड़ दिया, लेकिन तब तक उस पर लगभग 80 लाख रुपए का कर्ज हो चुका था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने नाम से पांच लोन लिए, रिश्तेदारों से गहने लेकर गिरवी रखे और सैलरी से 6 लाख रुपए एडवांस भी उठाया, इसके बावजूद कर्ज नहीं उतर सका। आरोपी की पत्नी भी सरकारी शिक्षक है, जिसके नाम पर करीब 30 लाख रुपए का लोन लिया गया था। इसके बाद कर्ज से उबरने के लिए उसने खुद को फर्जी गैंगस्टर बताकर फिरौती मांगने की साजिश रची। रेकी कर रची फिरौती की पूरी साजिशएसपी ने बताया- टीचर विकेश ने वारदात से पहले व्यापारियों की रेकी की। उसने एक फार्म हाउस के चौकीदार से गाय खरीदने के बहाने मुलाकात कर सेठ की संपत्ति की जानकारी जुटाई। 30 मार्च को उसने एक व्यापारी की दुकान के शटर के नीचे धमकी भरा पत्र डाला, जबकि दूसरे व्यापारी के कर्मचारी को लिफाफा थमाया। आरोपी ने एक व्यापारी से 90 लाख और दूसरे से 50 लाख रुपए फिरौती मांगी थी। आरोपी ने रकम वसूलने के लिए सुनसान स्थान चुना। उसने भोयण घाटी में पानी की टंकी के पास नीम के पेड़ के नीचे पैसे रखने को कहा था, ताकि आसानी से फरार हो सके। 300 सीसीटीवी और साइबर जांच से हुआ खुलासा एसपी सुधीर जोशी ने बताया- 31 मार्च को व्यापारियों की शिकायत के बाद पुलिस ने शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपी के मूवमेंट का रूट मैप तैयार किया। पहचान पुख्ता होने के बाद आरोपी को उसके गांव टिम्बा महुडी (कुशलगढ़) से गिरफ्तार किया गया। --- संबंधित ये खबर भी पढ़ें … घर बैठे कमाई का झांसा, राजस्थान में करोड़ों की ठगी:सोशल मीडिया पर रेटिंग का ऑफर मिले तो सावधान, जानिए- फ्रॉड का नया तरीका राजस्थान में ठगी का एक बेहद शातिर और नया ट्रेंड 'टास्क फ्रॉड' तेजी से पैर पसार रहा है। नागौर की मेड़ता सिटी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पूरी खबर पढ़िए
भिवानी में भाजपा जिला कार्यालय भिवानी कमल पर पार्टी का 47वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा से विधायक कपूर बाल्मीक और भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ता से केक कटवाया गया। सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया युद्ध से प्रभावित है, लेकिन भाजपा का अंत्योदय की विचारधारा और पीएम मोदी की कूटनीति से हमारे देश में हालात सामान्य हैं, और विकसित राष्ट्र की तरफ देश अग्रसर है। नए परिसीमन में 135 लोकसभा सीटें होंगीसांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि भाजपा हर वर्ग को आगे बढ़ा कर देश का विकास कर रही है। किसी भी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो लोग दूसरी पार्टियों का नाम तक नहीं लेते। अब जिन राज्यों में चुनाव, वहां लोग देश की सुरक्षा और प्रदेश के विकास को लेकर भाजपा को ही जिताएंगे। राष्ट्रीय विचारधारा से जुड़ रहे लोग उन्होंने दावा किया कि 5 राज्यों में भाजपा की सरकारें बनेंगी। क्योंकि लोग निजी स्वार्थ छोड़कर राष्ट्रीय विचारधारा से जुड़ रहे हैं। वहीं नए परिसीमन को लेकर कहा कि पहले महिला आरक्षण बिल आएगा, इसके बाद देश में जनगणना होगी और फिर नया परिसीमन लागू होगा। नए परिसीमन के बाद हरियाणा में 15 लोकसभा और 135 विधानसभा सीटें होने की संभावना है। दुनिया लड़ रही और पीएम शांति के राह पर चल रहे- सांसदखाड़ी देशों के युद्ध के चलते बढ़ती महंगाई पर सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया लड़ रही है, पर PM मोदी शांति की राह पर चल रहे हैं। किसी एक का पक्ष लेने की बजाय, ऐसे समय में शांत रहने से बढ़िया कोई नीति नहीं। भाजपा की इन्हीं नीतियों से देश विकसित राष्ट्र की तरफ बढ़ रहा है। पड़ोसी देशों समेत अमेरिका तक में महंगाई बढ़ी इस समय देश में किसी और की सरकार होती तो हालात खराब होते। साथ ही युद्ध के चलते बढ़ती महंगाई पर सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि सभी पड़ोसी देशों और अमेरिका तक में महंगाई बढ़ी, लेकिन PM मोदी ने एक्साइज ड्यूटी घटा कर देशवासियों को राहत दी। PM मोदी की सूझबूझ से आज देश में हालात सामान्य हैं।
चंडीगढ़ में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां PGI के एक डॉक्टर को शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर 1.10 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। मामला सामने आते ही सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता डॉ. राकेश प्रभुगौड़ पाटिल, निवासी सेक्टर-38, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में इंटरनेट के माध्यम से शेयर मार्केट के बारे में जानकारी लेना शुरू किया था। इसी दौरान जनवरी 2026 में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप के एडमिन और अन्य सदस्यों ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। 25 ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर किए 1.10 करोड़ रुपए ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर डॉक्टर से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। डॉक्टर ने करीब 25 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.10 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। डॉक्टर के मुताबिक शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने विभिन्न बहानों से उनसे और पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। RBI और ED अधिकारी बनकर मांगे 10 लाख रुपए ठगों ने खुद को RBI और ED का अधिकारी बताते हुए “सुरक्षा प्रक्रिया” के नाम पर डॉक्टर से 10 लाख रुपए और मांग लिए। इस दौरान डॉक्टर को शक हुआ और उन्होंने ग्रुप के अन्य सदस्यों से संपर्क किया। संपर्क करने पर खुला ठगी का राज जब डॉक्टर ने अन्य लोगों से बात की तो उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-17 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।
बालोतरा के कल्याणपुर से निकलने वाला नेशनल हाईवे 25 के पास बनी सर्विस लाइन लोगों को सुविधा देने के बजाय दुविधा बन गई। कल्याणपुर कस्बे में ओवरब्रिज बना हुआ है। वहीं साइडों में सर्विस लाइन में सिवरेज का पानी भरा हुआ है। पैदल चलने वाले राहगीरों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले टू-व्हीलरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं दुकानदार का कहना है कि पानी की वजह से कस्टमर भी नहीं आ रहे है। दरअसल, बाड़मेर जोधपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 25 कस्बों पर ओवरब्रिज बने हुए है। कल्याणपुर कस्बे में भी ओवरब्रिज है। लेकिन कस्बे के चार रास्ते आसपास 101 के गांवों को जोड़ता है। यहां से हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। बिना बारिश के सिवरेज लाइनों से पानी आए दिन सर्विस लाइनों में भरा रहता है। इससे स्कूली बच्चों और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कपड़ा व्यापारी जबरसिंह का कहना है कि दो सालों से यह सिवरेज व नाले का पानी सर्विस लाइन पर आ रहा है। इसकी पॉपर निकासी नहीं है। पानी भरा रहने की वजह से कस्टमर इस पानी को पार कर नहीं पहुंचता है। मोबाइल दुकानदार नरेंद्र कुमार का कहना है कि सर्विस लाइनों में पानी भरने से लोगों का आने-जाने में परेशानी हो रही है। दुकानदार पर लोग नहीं पहुंच पा रहे है।
3 अप्रैल की दोपहर, घड़ी में 3 बजकर 15 मिनट हुए थे। आसमान से ऐसी ‘आफत’ बरसी की कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। लगातार 20 मिनट तक (3:35 बजे तक) हुई भारी ओलावृष्टि ने श्रीगंगानगर जिले के 15 से ज्यादा गांवों की तैयार फसलों को बर्बाद करके रख दिया। गेहूं, सरसों, चना, मेथी, जौ… कुछ नहीं बचा। जहां कल तक सोने जैसी चमकती गेहूं की फसलें लहरा रही थीं, वहां आज सिर्फ किसानों के सिसकने की आवाजें हैं। फसलें पक चुकी थीं और कुछ ही दिन में किसान कटाई करने वाले थे। जो फसल काटकर खेतों में रखी थी, उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तक का मौका नहीं मिला। बिचारा किसान अब सरकार से मिलने वाली मदद की ओर टकटकी लगाए है। दैनिक भास्कर टीम सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) इलाके के मोकलसर ग्राम पंचायत के मोकलसर-रोही पहुंची तो किसानों का दर्द छलक गया। 35 साल की एक महिला किसान बोली- 2 महीने पहले हुई पति की मौत के सदमे से अभी उबरी नहीं थी। बेहतर फसल की आस में खेतों में कड़ी मेहनत की थी। एक दिन बाद फसल काटने ही वाली थी कि अचानक आई इस आफत ने पूरी फसल तबाह कर दी। अब मेरे 3 बच्चों को पालने का संकट खड़ा हो गया है। एक किसान ने कहा- लाखों का कर्ज लेकर फसल बोई थी। ओले गिरने से सब बर्बाद हो गया। न गेहूं बचा न चारा, उधार चुकाने के लिए व्यापारी फोन कर रहे हैं, मन करता है सुसाइड कर लूं। पहले ये PHOTOS देखिए… पति की हार्ट अटैक से मौत, अब अकेली खेत संभाल रहीमोकलसर-रोही के चक 92.600 आरडीआर की रहने वाली कैलाश (35) का 15 बीघा में गेहूं खराब हो गया है। कैलाश बताती हैं- 2 महीने पहले 19 जनवरी को उनके पति आनंद प्रकाश (40) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। 2 बेटियां और 1 बेटा है। अब तो दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो जाएगा। खेतों में कुछ नहीं बचा है। महिल किसान बोली- मेरे ऊपर 20 लाख का कर्जकैलाश बताती हैं- गेहूं की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह खत्म हो गई। छोटे-छोटे बच्चे हैं, मैं कहां जाऊं? मेरे सिर पर 20 लाख का कर्ज है। सरकार से विनती है- जल्द मुआवजा दे, वरना परिवार कैसे चलाएंगे। सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहींमोकलसर-रोही (सूरतगढ़) के सुनील (35) ने कहा- मेरे पास 10 बीघा जमीन है। कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोई थी। अब न खाने को गेहूं बचा है, न पशुओं का चारा। फर्टिलाइजर के पैसे भी नहीं हैं, व्यापारी फोन कर रहे हैं। सुसाइड करने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। फसल जमीन पर बिछी, अब कहां जाऊंमोकलसर के 85.300 RDR चक के ही मोलाराम ने बताया- 10 बीघा में गेहूं लगाया था, सब बर्बाद हो गया। आंखों के सामने अपनी फसल को चौपट होते हुए देखा था। तूफान आया, ओले गिरे और फसल जमीन पर बिछ गई। अब हम कहां जाएंगे? मरने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अब सरकार से आस है कि मुआवजा दे। बिना रुपए खेती कैसे करेंगेमोकलसर-रोही के गिरधारी सिंह भाटी ने कहा- आसपास के किसानों से बात हुई। यहां 100 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। गेहूं, सरसों, चना, मेथी... कुछ नहीं बचा। खाने को अनाज नहीं, पशुओं को तूड़ी नहीं। अब बिना पैसे के अगली खेती कैसे करेंगे। सरकार ही हमारी आखिरी उम्मीद है। मोकलसर क्षेत्र में करीब 49 हजार बीघा में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। गेहूं के अलावा सरसों, चना, मेथी और अन्य फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ज्यादातर जगहों पर 100 प्रतिशत नुकसान दर्ज किया गया है। पटवारी बोले- नुकसान 100 प्रतिशतगांव सरदारपुरा खर्था, ठेठार, कालूसर, देईदासपुरा, मोकलसर, हिंदोर, बछरारा, राजियासर स्टेशन, ऐटा, सोमासर, ठुकराना, बीरमाना, मालेर, राईयांवाली, भोजेवाला जैसे 15 से ज्यादा गांवों में ओलावृष्टि के बाद एक जैसा मंजर है। मोकलसर रोही में फसल खराबे का जायजा लेने पहुंचे राजस्व पटवारी अमित पुरी ने बताया- क्षेत्र के 9 चकों में 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है। कृषि और राजस्व अधिकारियों के साथ सर्वे किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर जिला कलेक्टर को भेजी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगे, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा मिल सके। ---- राजस्थान में फसलों की बर्बादी की ये खबरें भी पढ़िए… 1- बारिश-ओले से पकी फसलें मिट्टी में मिलीं:पोती की शादी का सपना टूटा, बिटिया को पढ़ने के लिए शहर भेजने की आस बिखरी 20 बीघा में मैंने गेहूं की फसल बोई थी। 30 से 35 क्विंटल तक फसल होने की उम्मीद थी। बारिश और ओलावृष्टि ने उम्मीद पर पानी फेर दिया है। 4 से 5 लाख का नुकसान हुआ है। अब सरकार से मदद की आस है। ( पढ़ें पूरी खबर) 2-बारिश-ओलों से फसलें उजड़ी, गेहूं-ईसबगोल की खेती बर्बाद, किसान बोले- कर्ज लेकर खेती की थी, घर में खाने का संकट हो गया राजस्थान में बारिश-ओले गिरने से फसलें उजड़ गईं और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ईसबगोल की 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई। किसानों का कहना है कि अब तो घर में खाने का भी संकट हो गया। (पढ़ें पूरी खबर)
लखारा चौक व्यापार संघ के चुनाव सम्पन्न, चेतन सोनी सातवीं बार अध्यक्ष निर्वाचित
उदयपुर | लखारा चौक व्यापार संघ के द्विवार्षिक चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया के बाद सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष पद पर चेतन सोनी, महामंत्री पद पर लवराज माहेश्वरी तथा कोषाध्यक्ष पद पर मनोज सोनी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इस चुनाव की खास बात यह रही कि चेतन सोनी लगातार 7वीं बार अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र के व्यापारियों ने एक बार फिर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है और उनके कार्यों को सराहा है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को लखारा चौक क्षेत्र के समस्त व्यापारियों ने बधाई दी। व्यापारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी व्यापार संघ के विकास तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
सबसे महंगी बुगाटी ‘ला वॉइट्यूर नोआर’ के असली मालिक का रहस्य अब खुला है। यह कार ऑटोमोटिव जगत में ‘हाइपरकार’ के तौर पर जानी जाती है। इसे किसी फुटबॉलर या सुल्तान ने नहीं, बल्कि बुगाटी ब्रांड को पुनर्जीवित करने वाले ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज फर्डिनेंड पीच के परिवार ने खरीदा था। अब उनके बेटे एंथोनी पीच इसे 270 करोड़ रुपए में बेच रहे हैं। इसकी मूल कीमत करीब 172 करोड़ रुपए थी। वे इस राशि का इस्तेमाल महत्वाकांक्षी ईवी स्टार्टअप के लिए फंड जुटाने में करेंगे। 2019 में तैयार कार को टेस्टिंग पूरी करने में ही लग गए थे दो सालबुगाटी ने अपने 110 साल पूरे होने के मौके पर ला वॉइट्यूर नोआर को 2019 में विशेष रूप से तैयार किया था। इसे पूरी तरह से सड़क पर चलने लायक बनाने और टेस्टिंग पूरी करने में दो साल और लगे और इसकी डिलीवरी 2021 में की गई। इस कार के मालिक कौन है इसे लेकर रहस्य बना हुआ था।
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
ललित सुरजन की कलम से - राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं, इसके बावजूद दोनों के बीच एक अदृश्य रेखा है जिसका उल्लंघन करना अभी हाल तक ठीक नहीं माना जाता था
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
भारतीय रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करनी चाहिए
भारत के लिए अपनी मेहनत से कमाए गए विदेशी मुद्रा भंडार को रुपये के विनिमय मूल्य को अस्थायी रूप से बचाने के लिए खर्च करना समझदारी नहीं है
मुक्त व्यापार के लिए खतरा बन गए हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूस, वेनेजुएला और कई अन्य देशों से समस्याएं हो सकती हैं और उन देशों से निपटने के लिए अमेरिकी व्यापार और राजनयिक नीतियों पर फैसला करने का उन्हें पूरा अधिकार है
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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