कुशीनगर जिले में बुधवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा एनएच-28बी पर एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के अनियंत्रित होकर साइकिल सवार और पैदल चल रहे युवकों से टकराने के कारण हुआ। घटना कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-28बी (कसया-पडरौना मार्ग) पर शामपुर हतवा मोड़ के पास सुबह करीब 10 बजे हुई। एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर एक साइकिल सवार और चाय लेकर घर जा रहे एक पैदल यात्री से टकरा गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, शामपुर हतवा निवासी सिद्धार्थ पटेल अपने साथी निगम पटेल के साथ बाड़ी पुल की ओर से कसया की तरफ आ रहे थे। तेज रफ्तार के कारण उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और उसने साइकिल सवार मुसायब अंसारी तथा पैदल चल रहे आदित्य शुक्ला को टक्कर मार दी। इस टक्कर में मुसायब अंसारी और आदित्य शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चालक सिद्धार्थ पटेल और सवार निगम पटेल को भी चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत डायल 108 की गाड़ी को रोककर सभी घायलों को संयुक्त जिला अस्पताल, रविंद्र नगर पहुंचाया। वहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस चौराहे पर तीव्र और अंधा मोड़ तथा गैर-मानक पुल के कारण अक्सर तेज रफ्तार के चलते दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
हमीरपुर में बुधवार को अल हिंद पार्टी के बैनर तले 1857 की आजादी की लड़ाई के शहीदों के वंशजों और बुजुर्गों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित इस ज्ञापन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन और उचित सम्मान देने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि 1857 में अंग्रेजों के अत्याचारों का शिकार हुए बलिदानी परिवारों के वंशजों को पेंशन और सरकारी सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन गांवों को उस समय जलाया, लूटा या उजाड़ा गया था, उन्हें 'शहीद गांव' घोषित कर शहीद भगत सिंह के गांव खटकर कला की तर्ज पर विकसित किया जाए। अन्य मांगों में शहीद परिवारों के परिजनों को मुआवजा देना और परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, शहीदों की स्मृति में स्मारक बनाने, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम बलिदानियों के नाम पर रखने तथा उनके इतिहास को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की भी मांग की गई। अल हिंद पार्टी के मंडल अध्यक्ष धर्मराज ने बताया कि 1857 में अंग्रेजों ने उनके वंशजों पर अत्याचार किए, उन्हें घरों से निकाला और उनकी संपत्ति छीन ली। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन बलिदानों का सम्मान होना चाहिए और शहीदों के वंशजों को स्वतंत्रता सेनानी पेंशन मिलनी चाहिए। धर्मराज ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
बिलासपुर रेंज के IG रामगोपाल गर्ग ने कोरबा प्रवास के दौरान एसपी ऑफिस के सभाकक्ष में एक बैठक ली। इस बैठक में एसपी सिद्धार्थ तिवारी, ASP लखन पटले, कटघोरा ASP नीतिश ठाकुर, तीनों अनुभागों के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, और समस्त थाना व चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। क्राइम मीटिंग के दौरान,आईजी ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बीट सिस्टम को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। साथ ही, आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उन पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घटना वाले दिन ही FIR करने का आदेश आईजी गर्ग ने चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में घटना के दिन ही एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। उन्होंने संपत्ति संबंधी अपराधों की त्वरित विवेचना और जांच करने को कहा। थाना प्रभारियों को खुद शिकायत सुनकर एफआईआर दर्ज करने और संगठित गिरोह द्वारा किए जाने वाले अपराधों में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ने के लिए भी निर्देशित किया गया। क्राइम मीटिंग के बाद, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने सशक्त मोबाइल ऐप का विमोचन किया। यह मोबाइल ऐप पुलिस प्रशासन द्वारा चोरी हुए वाहनों की पतासाजी के लिए संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सशक्त मोबाइल ऐप जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया है। ऐप के प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश इस ऐप के माध्यम से लावारिस खड़ी मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की जानकारी आसानी से खोजी जा सकती है, जिससे चोरी हुए वाहनों की पहचान और बरामदगी में सहायता मिलेगी। पुलिस महानिरीक्षक ने तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सशक्त मोबाइल ऐप का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोरबा पुलिस ने बताया कि पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के प्रयास जारी रहेंगे।
पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद मंगलवार को जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।” नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत कवासी लखमा को लंबे समय तक जेल में रखा। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न्यायपालिका में उनके विश्वास को और मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी और कवासी लखमा पूरी तरह निर्दोष साबित होंगे। कवासी लखमा को फंसाकर जेल भेजने का काम किया बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने द्वेष और षड्यंत्र के तहत जनप्रिय नेता कवासी लखमा को फंसाकर जेल भेजने का काम किया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत दिए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी संविधान और न्यायालय में विश्वास रखने वाली पार्टी है।
बहुचर्चित हजीरा गोलीकांड में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आरोपी राहुल राजावत को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी द्वारा प्रस्तुत निजी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को संबंधित निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे की गंभीर बीमारी का हवाला देकर अंतरिम जमानत मांगी थी, लेकिन स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास कोर्ट ने पाया कि आरोपी की ओर से प्रस्तुत निजी अस्पताल के मेडिकल दस्तावेज, स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। प्रथम दृष्टया ये दस्तावेज भ्रामक प्रतीत होते हैं, जिस पर न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। क्या है मामला यह प्रकरण हजीरा थाना क्षेत्र में जून 2025 में हुए गोलीकांड से जुड़ा है। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वारदात में कई आरोपियों ने मिलकर फायरिंग की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल राजावत पर घटना का षड्यंत्र रचने, मुख्य आरोपियों को उकसाने, उन्हें संरक्षण देने और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के आरोप हैं। इसी आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीसरी बार मांगी थी अंतरिम जमानत आरोपी ने तीसरी बार अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उसने दलील दी थी कि उसकी पत्नी पहले सेप्टिक शॉक जैसी गंभीर स्थिति से गुजर चुकी है और उसे नियमित चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता है। इसके अलावा उसका नाबालिग बच्चा एनीमिया से पीड़ित है, जिसके इलाज और देखभाल के लिए पिता की मौजूदगी जरूरी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर पत्नी और बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति के आकलन के लिए एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरोपी की पत्नी की हालत फिलहाल स्थिर है और बच्चा उपचार योग्य अवस्था में है। कोर्ट का सख्त रुख मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत से इनकार करते हुए निजी अस्पताल की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में रहेगा और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।
नसीराबाद के सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टर्स और दो पुलिस अधिकारियों पर मिलीभगत कर फर्जी मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी ओर से दर्ज कराए गए मारपीट के मुकदमें में आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए उसकी व उसकी मां की रिपोर्ट बनाई गई। सिटी थाना पुलिस ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नागौरी मोहल्ला निवासी गिरीश गोविंदानी पुत्र हीरानंद ने राजकीय अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित डिडवानिया और तत्कालीन प्रमुख चिकित्सा अधिकारी चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) और सिटी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी घनश्याम मीणा और एएसआई अर्जुन सिंह को आरोपी बताया है। उसने बताया- गत 2 अप्रेल 2024 को उसके साथ मारपीट की गंभीर वारदात हुई थी। जिसमें उसके गंभीर चोटे आई थी व उसकी माता लक्ष्मी देवी भी घायल हुई थी। मारपीट की घटना के बाद सिटी थाना पुलिस उसे सुबह 9 बजे राजकीय अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में उसके गम्भीर घाव पर टांके लगाने के बाद परिवादी की चोटों एवं चिकित्सकीय परीक्षण के बाद गम्भीर अवस्था में नसीराबाद से 9.55 बजे उसे जवाहर लाल नेहरू अस्पताल अजमेर के लिए रेफर कर दिया था। जिसके बाद उसे सुबह 10:47 बजे जेएलएन अस्पताल अजमेर में भर्ती किया गया था। लेकिन 2 अप्रेल को आरोपी चिकित्सा अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने मिलीभगत कर दोपहर 12:22 बजे उसके नाम से एमएलसी रिपोर्ट तैयार की गई तथा उसकी माता लक्ष्मी देवी की एमएलसी रिपोर्ट 3 अप्रेल को तैयार की गई। जबकि नसीराबाद अस्पताल में एमएलसी रिपोर्ट बनाने के समय दोपहर 12:22 बजे वह जेएलएन अस्पताल अजमेर में भर्ती थे और उनका उपचार वहां किया जा रहा था। गोविंदानी का आरोप है कि चिकित्सा अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर चोटों का अपूर्ण, गलत और वास्तविकता से विपरीत विवरण एमएलसी रिपोर्ट में अंकित किया गया। आरोपियों ने जेएलएन अस्पताल में हुई जांचों एक्सरे, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईसीजी आदि को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए उसके अजमेर अस्पताल में भर्ती रहते नसीराबाद अस्पताल में उसकी एमएलसी रिपोर्ट बनाई गई। ऐसा नामजद आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और उसके केस को कमजोर करने की नीयत से किया। सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी। (इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद)
पाली में दिनदहाड़े घर में घुसी अंजान महिला:चोरी की नीयत से घर में घुसने का आरोप, पुलिस को सौंपा
पाली में बुधवार को एक अनजान महिला दिनदहाड़े किसी के घर में घुस गई। फर्स्ट फ्लोर पर खड़े लोगों की नजर पड़ी तो नीचे आए। महिला घबरा गई और ज्यादा कुछ नहीं बोल पाई। ऐसे में उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ऐसी ही एक महिला घटना स्थल से कुछ दूरी पर उसे भी लोगों ने रोका और पूछताछ की और पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि चोरी की नीयत से महिला घर में घुसी। जानकारी के अनुसार पाली शहर के भैरूघाट भलावतों का बास में रहने वाले धनराज पुत्र मदनराज का परिवार बुधवार सुबह मकान के फर्स्ट फ्लोर पर था। इस दौरान एक अंजान महिला उनके घर का दरवाजा खुला होने पर अंदर घुस गई और इधर-उधर घूमने लगी। फर्स्ट फ्लोर पर खड़े धनराज के बेटे की नजर पड़ी तो तुरंत नीचे आया और महिला को घर में आने के बारे में पूछताछ इस पर वह घबरा गई। उनकी सूचना पर मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। मौके पर कोतवाली थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस महिला को अपने साथ ले गई। कुछ देर बाद कुम्हारों का निचला बास में भी एक संदिग्ध महिला काफी देर से बैठी नजर आई। पूछताछ में मोहल्ले के लोगों का वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। ऐसे में मोहल्लेवालों ने पुलिस को कॉल कर घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर से लापता हुए 12 वर्षीय किशोर का शव खेत में पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चाहत पुत्र हरिशंकर भार्गव उम्र करीब 12 वर्ष, निवासी देवरिया खुर्द, थाना सदरपुर के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मृतक किशोर चाहत मंगलवार शाम करीब 4 बजे घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। पूरी रात परिजन अनहोनी की आशंका में परेशान रहे। बुधवार की सुबह सदरपुर थाना क्षेत्र के टेढ़ीपुरवा गांव के पास केवानी नदी किनारे स्थित अबरार निवासी टेढ़ीपुरवा के गन्ने के खेत में पेड़ से एक किशोर का शव प्लास्टिक की पतली रस्सी के सहारे फांसी के फंदे में झूलता हुआ ग्रामीणों ने देखा। शव देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां शव की पहचान चाहत के रूप में होते ही कोहराम मच गया। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कार्यवाई के लिए मुख्यालय भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए और परिजनों से पूछताछ की। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि किशोर द्वारा यह कदम क्यों उठाया गया, इसके कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल बना हुआ है।
झज्जर पुलिस की ओर से मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिले के बेरी थाना के क्षेत्र के गांव ढराणा में पिछले साल सितंबर माह में एक पीड़ित के साथ मारपीट कर घायल करने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने ढराणा निवासी सुनील को कांच की बोटल मारकर घायल किया था। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रबंधक बेरी निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सुनील निवासी गांव ढराणा ने शिकायत दी कि वह 7 सितंबर 2025 की रात मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहा था। गांव में अपनी बैठक के पास मोटरसाइकिल खड़ी करने के बाद वह अपने घर की ओर जा रहा था। शराब की बोतल मारकर किया घायल उसने बताया कि जब वह घर की ओर जा रहा था, तभी अनिल ने उसका रास्ता रोक लिया और शराब की कांच की बोतल से उसके सिर पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, इस दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की तथा उसे जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल घायल अवस्था में पीड़ित को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। पीड़ित की शिकायत पर थाना बेरी में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी अनिल निवासी ढराणा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
शिवपुरी के ऐतिहासिक जाधव सागर से जलकुंभी हटाने के बाद राहत की उम्मीद थी, लेकिन सफाई का तरीका सही नहीं होने से समस्या फिर बढ़ गई। तालाब से निकाली गई जलकुंभी को पूरी तरह नष्ट करने की बजाय किनारे छोड़ दिया गया, जिससे वह दोबारा हरी होने लगी है। तालाब की पार से रिसते पानी और पास की खराब पार के गंदे पानी के संपर्क में आने से सूखी जलकुंभी में फिर से जान आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ ही दिनों में यह जलकुंभी फिर से तालाब में फैल सकती है और सफाई का पूरा काम बेअसर हो जाएगा। सिंधिया ने दिए थे सफाई के निर्देश यह सफाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर की गई थी। लेकिन जलकुंभी को अधूरा नष्ट करने के कारण अब इस प्रयास की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासी कहते हैं कि जलकुंभी को समय पर उठाकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट नहीं किया गया, तो हालात पहले से भी ज्यादा खराब हो सकते हैं। पहले भी हुई थी यही गलतीयह पहली बार नहीं है। पहले भी माधव नेशनल पार्क के तालाबों में मैनुअल सफाई के दौरान जलकुंभी को किनारे छोड़ दिया गया था। नमी मिलने पर वह फिर से पानी में फैल गई थी। नगर पालिका के सीएमओ इशांक धाकड़ ने कहा कि ठेकेदार को जलकुंभी हटाकर सही तरीके से नष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। यदि ऐसा नहीं हुआ है, तो वे तुरंत मामले की जांच करेंगे और जलकुंभी हटवाने के नए निर्देश जारी करेंगे।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बुधवार को सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पार्टी ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) को संबोधित एक मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को सौंपा। पार्टी जिलाध्यक्ष सरफराज अहमद द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रारूप-7 का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। इसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायत बूथ स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर दबाव बना रहे हैं। मांग पत्र के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता आपत्तिकर्ता बनकर प्रारूप-7 भरवा रहे हैं और बीएलओ से रसीदें ले रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, नियमित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। इसमें बीएलओ की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। AIMIM ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए 'अत्यंत घातक' बताया है। पार्टी का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के बिना नाम जोड़ना या काटना अवैध और दंडनीय अपराध है। पार्टी ने मांग की है कि सभी बीएलओ को नियमानुसार कार्य करने के दिशा-निर्देश दिए जाएं और उनके कार्यों की समीक्षा की जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ दंडनीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। AIMIM ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा प्रायोजित असिस्टेंट बूथ लेवल ऑफिसर (एबीएलओ) सरकारी कर्मचारी बीएलओ से मिलकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम चुनकर दबावपूर्वक हस्ताक्षर करवा रहे हैं। वे काउंटर फाइलें वापस लेकर बीएलओ को दे रहे हैं, ताकि संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके। पार्टी ने दावा किया कि उनके पास 'एक कुंतल फाइलें' सबूत के तौर पर मौजूद हैं। उन्होंने मदनपुर के भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष का एक वीडियो होने का भी जिक्र किया, जिसमें वह कथित तौर पर दबाव में गलती स्वीकार कर रहे हैं। AIMIM ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की कुल 29 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इन सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफाई सर्विसों में श्रमिकों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक स्कूल की वर्दी, किताबों एवं कॉपियों के लिए वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा की कोचिंग, यूपीएससी तथा एचपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। इसके लिए 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। बेटों-बेटियों को 60 दिन में मिलेगा शादी का शगुन इसके अतिरिक्त, खेल प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए श्रमिकों के बच्चों को वित्तीय सहायता भी अधिसूचित की गई है। महिला श्रमिकों तथा श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह के लिए कन्यादान सहायता, पुरुष श्रमिकों तथा उनके पुत्रों के विवाह के लिए शगुन सहायता, महिला श्रमिकों एवं पुरुष श्रमिकों की पत्नियों के प्रसूति के लिए वित्तीय सहायता को भी सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है। 2 महीनें में ये भी मिलेंगी इसके साथ ही, श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को दांतों के उपचार, चश्मा, साइकिल, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन, एलटीसी, निःशक्तता, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, श्रवण सहायक उपकरण, तिपहिया साइकिल तथा श्रमिकों के दृष्टिबाधित, शारीरिक या मनोबाधित निःशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सेवाएं भी अधिसूचित की गई हैं। इन सभी सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। 15 दिन में मिलेगी वित्तीय सहायता नोटिफिकेशन के अनुसार मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता, मृतक श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना तथा मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दाह संस्कार के लिए वित्तीय सहायता को भी शामिल किया गया है। इन सेवाओं के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के अंतर्गत आने वाली सेवाओं को भी हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इनमें सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के लिए पुनर्वास सहायता, सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, तथा लड़कियों और लड़कों के विवाह हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। अंतिम संस्कार के लिए 15 दिन में राहत मृत्यु उपरांत सहायता तथा अंतिम संस्कार सहायता के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की अधिकांश सेवाओं के लिए श्रम कल्याण अधिकारी को पदानामित अधिकारी, उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा कल्याण आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। वहीं हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाओं के मामलों में सहायक निदेशक/उप निदेशक को पदनामित अधिकारी, संबंधित संयुक्त निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा श्रम आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी अधिसूचित किया गया है।
आलू के खेत में युवती का जला शव मिला:नही हुई पहचान, फोरेंसिक टीम के साथ पहुंची पुलिस ने शुरू की जांच
कन्नौज में एक आलू के खेत से जली हुई हालत में एक युवती का शव बरामद हुआ है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के बलही गांव के पास की है। बुधवार दोपहर को गांव के निवासी रामबाबू कुशवाहा ने अपने आलू के खेत में यह जला हुआ शव देखा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिनोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) अजय कुमार और कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और एसओजी टीम ने भी पहुंचकर गहनता से जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
हरियाणा के नारनौल में थाना नांगल चौधरी क्षेत्र में रोडवेज बस में यात्रा के दौरान एक महिला के पर्स से नकदी व आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजस्थान के सिंघाना की रहने वाली कुंती सैनी ने थाना नांगल चौधरी में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते कल वह कोटपुतली से नारनौल जाने के लिए दोपहर करीब 1:15 बजे रोडवेज बस में सवार हुई थी। बस में थी भीड़ बस में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिली और वह अपने बच्चे व सामान के साथ खड़े होकर यात्रा कर रही थी। जब बस नांगल चौधरी पहुंची और एक सीट खाली हुई तो वह बैठ गई। 50 हजार मिले गायब सीट पर बैठते ही जब उसने अपना पर्स संभाला तो पर्स की चैन खुली हुई थी। पर्स चेक करने पर उसमें रखे 50 हजार रुपये नकद, कान का एक टॉप्स, करीब 2 से 3 हजार रुपये अतिरिक्त नकद सहित अन्य सामान गायब मिला। बस से नीचे उतारने की दी धमकी चोरी का एहसास होते ही उसने शोर मचाया और तुरंत बस चालक व परिचालक को घटना की जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि चालक व परिचालक ने कोई कार्रवाई नहीं की और उसे चुप रहने को कहा। यहां तक कि बस से नीचे उतारने की धमकी भी दी गई, जिससे वह डर गई और चुप हो गई। मामला दर्ज इसके बाद पीड़िता ने अपने पति व भाई को घटना की सूचना दी और थाना नांगल चौधरी पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
करनाल जिला में इंद्री के गुढा में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पहले रिक्शा सवारी को लेकर कहासुनी हुई, फिर कुछ दिन बाद एक परिवार को रास्ते में रोककर मारपीट की गई और घर में घुसकर गंडासी, लाठी-डंडों व ईंटों से हमला किया गया। हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर का ऑपरेशन कराना पड़ा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता हसन ने थाना इंद्री में दी शिकायत में बताया कि 18 जनवरी को उनका बेटा अशरफ बस स्टैंड से शीला मार्किट की ओर अपनी रिक्शा पर सवारी लेकर जा रहा था। उसी दौरान आशिफ ने उसके साथ गाली-गलौच की और मारने की धमकी दी। अशरफ ने घर आकर यह बात अपने पिता को बताई। इसके बाद हसन ने प्रधान के माध्यम से जोबन को इस बारे में सूचना दी थी। रास्ते में रोककर की मारपीट, घर में घुसकर हमला शिकायत के अनुसार, 20 जनवरी को करीब 12 बजे जोबन ने अपने घर पर अपने बेटों और रिश्तेदारों आशिफ, सोहिल, रिजवान, इजाहस्द, अहसान और इलामा को बुलाया और घर के आसपास रोड से ईंटें इकट्ठा कर लीं। करीब 2.15 बजे पर जब हसन अपने घर जा रहे थे, तो जोबन ने रास्ते में उन्हें रोक लिया और लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। आसपास के लोगों और महिलाओं ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़वाया। गंडासी से सिर पर वार, बेटी की कमर में लगी चोट जैसे ही हसन घर में घुसने लगे, तभी पीछे से सोहिल ने लोहे की रॉड पर लगी मोटरसाइकिल गरारी वाली गंडासी से उनके बेटे नासिर के सिर पर वार कर दिया। आशिफ ने भी इसी तरह की गंडासी से तहरीर हसन के सिर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन साइड होने पर वार दरवाजे पर लगा। इसके बाद आशिफ ने दोबारा वार किया, जो उनकी बेटी फातमा की कमर में लगा। अहसान और रिजवान घर के अंदर घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की, जिससे तहरीर हसन और उनकी पत्नी को भी चोटें आईं। इलाज के बाद दर्ज कराई शिकायत, केस दर्ज घटना के बाद तहरीर हसन अपने बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। बाद में बिरादरी की पंचायत की बात भी चली, लेकिन बेटे के गंभीर इलाज और खुद को लगी चोटों के कारण फैसला नहीं हो सका। नासिर का पार्क अस्पताल करनाल में इलाज कराया गया, जहां उसके सिर का ऑपरेशन हुआ। पीड़ित ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ शिकायत इंद्री पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामानुजगंज के शासकीय लरंग साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य को छात्रा से लैंगिक उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी को 6 माह के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रकरण के अनुसार आरोपी रामभजन सोनवानी घटना के समय महाविद्यालय में प्राचार्य पद पर पदस्थ था। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 75(3) और धारा 79 के तहत आरोप तय किए गए थे। आवेदन पर हस्ताक्षर कराने गई थी छात्रा अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 अगस्त 2024 को दोपहर करीब 3:30 बजे पीड़िता अपनी सहेली के साथ आवेदन पर हस्ताक्षर कराने प्राचार्य कक्ष गई थी। इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता के प्रति अशोभनीय टिप्पणियां कीं, गंदे इशारे किए, लज्जा का अनादर किया और हस्ताक्षर के बहाने उसे घर बुलाने का प्रयास किया। थाने में दर्ज हुई शिकायत, FIR के बाद शुरू हुई जांच पीड़िता ने 16 अगस्त 2024 को थाना रामानुजगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और जांच शुरू की गई। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया। साक्षियों के बयान दर्ज किए और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए। अनुसंधान पूरा होने के बाद 26 सितंबर 2024 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने साक्ष्यों को माना विश्वसनीय विचारण के दौरान न्यायालय ने पीड़िता, उसके पिता और अन्य साक्षियों के कथनों को विश्वसनीय माना। न्यायालय ने यह भी माना कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर छात्रा की गरिमा का उल्लंघन किया। न्यायालय ने कहा कि इस तरह का आचरण केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की मर्यादा के भी विरुद्ध है। धारा 75(3) में 6 माह की सजा, धारा 79 में 1 वर्ष का कारावास न्यायालय ने आरोपी को धारा 75(3) के तहत 6 माह का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 79 के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने के निर्देश न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यह फैसला शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
शाहजहांपुर में बीती रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार पेट्रोल पंप कर्मचारी की मौत हो गई। कटरा के फीलनगर निवासी विशेष कुमार उर्फ पंकज ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक को एक पिकअप ने टक्कर मार दी। 27 वर्षीय विशेष कुमार तिलहर थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। वह पिछले तीन साल से नौकरी कर अपनी पत्नी पूनम और तीन वर्षीय बेटे अयांश का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी पत्नी छह महीने की गर्भवती हैं। हादसा धनेला धनेली के पास हुआ, जब आगे चल रही पिकअप ने अचानक मोड़ लिया और विशेष की बाइक उससे टकरा गई। हादसे में विशेष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान कर पुलिस की मदद से सीएचसी भेजा। हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के साले अनिकेत ने आरोप लगाया है कि सीएचसी से राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाते समय 108 नंबर की सरकारी एंबुलेंस में विशेष को ऑक्सीजन नहीं दी गई। उन्होंने एंबुलेंस स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। विशेष कुमार की असामयिक मृत्यु से परिवार में शोक व्याप्त है। उनकी गर्भवती पत्नी और तीन वर्षीय बेटे के लिए यह एक बड़ी क्षति है। परिवार दो महीने बाद होने वाली डिलीवरी की तैयारी कर रहा था। परिजनों ने कहा कि दो महीने बाद पत्नी की डिलीवरी होना थी। घर में खुशियों का माहौल बना था। उसकी पत्नी रोज पति का इंतजार करती थी, मंगलवार को भी घर के अंदर विशेष का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन उनकी मौत की खबर से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
संभल पर आधारित फिल्म 'कल्कि संभल' का पोस्टर जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। यह फिल्म 1978 और 2024 के दंगों पर आधारित बताई जा रही है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। ममलूकुर्रहमान बर्क ने नखासा क्षेत्र के मोहल्ला दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर कहा कि ऐसी फिल्म बनाना सौहार्द और माहौल को खराब करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना हो चुकी है और मामला अदालत में है, तो फिल्म बनाने का कोई औचित्य नहीं है। बर्क ने कहा कि अदालत ही इस पर फैसला करेगी, न कि फिल्म बनाने से कोई निर्णय होगा। उन्होंने फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि वे अदालत में इनके खिलाफ कार्यवाही करेंगे, क्योंकि उनका मानना है कि ये लोग हालात को खराब करना चाहते हैं। बोले - आपस में लड़ाने की कोशिश उन्होंने आरोप लगाया कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो फिल्म बनाने का मतलब है कि ये हालात बिगाड़ना और हिंदू-मुसलमानों को आपस में लड़ाना चाहते हैं। बर्क ने 1978 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि तब डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क संभल में मौजूद नहीं थे। जामा मस्जिद में बनी है इमाम की कब्र उन्होंने बताया कि 1978 के बलवे की शुरुआत मुसलमानों ने नहीं की थी, बल्कि एक गैर-मुस्लिम व्यक्ति जामा मस्जिद में जल चढ़ाने की नीयत से गया था। जब इमाम साहब ने उसे रोका, तो उसने धारदार चीज से हमला कर इमाम को शहीद कर दिया। इमाम की कब्र आज भी जामा मस्जिद में बनी हुई है। केरल की बैठक में शामिल होने गए थे जियाउर्रहमान बर्क के संबंध में ममलूकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि वह उस दिन संभल में नहीं थे, बल्कि केरल में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में शामिल थे। अखिलेश यादव ने भी इस बात की पुष्टि की है। ममलूकुर्रहमान बर्क ने ऐसी फिल्में बनाने की अनुमति देने वालों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो ऐसी इजाजत दे रहा है, वह शांति का दुश्मन है और अमन पसंद नहीं है। डायरेक्टर द्वारा कि 1978 के दंगे में हिन्दुओं को प्रताड़ित किया गया था, वह दर्द इस फिल्म में दिखाया जाएगा के सवाल पर कहा कि तो प्रताड़ित किसने किया है कहां किया है कौन है इसका गवाह अब सोशल मीडिया पर तो आप देखते नहीं हैं, एक प्राइम मिनिस्टर को क्या-क्या बनाकर और उनकी आवाज़ भर देते हैं। तो अब इस तरीके से मूवी बनाकर जो चाहे डाल दो, तो उससे वह हकीकत थोड़ी हो जाएगी।
बिलासपुर रेंज के IG रामगोपाल गर्ग ने 3 फरवरी को मुंगेली जिले का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले चाना जरहागांव थाने का निरीक्षण किया। इसके बाद, उएसपी ऑफिस में नवनिर्मित प्रशिक्षण भवन का लोकार्पण किया। निरीक्षण के दौरान, आईजी गर्ग ने थाने के रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने थाना प्रभारी, विवेचकों और मुहर्रिर को निगरानी एवं गुंडा बदमाशों की चेकिंग कर रोजनामचा में स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए। साथ ही, तख्ती में प्रविष्टि करने, थाना परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, रजिस्टर अद्यतन रखने और सीसीटीएनएस व साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। लोकार्पण के बाद ली समीक्षा बैठक लोकार्पण के बाद एसपी ऑफिस के संवाद सभाकक्ष में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर कुंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आईजी रामगोपाल गर्ग ने बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करना, अपराध की रोकथाम में साइबर क्राइम तकनीक का अधिक उपयोग करना और आम नागरिकों से मिलकर बीट प्रणाली के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करना शामिल है। बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान देने के निर्देश IG ने 'सशस्त ऐप' का उपयोग कर चोरी हुए वाहनों की पतासाजी और बरामदगी पर जोर दिया। इसके अलावा जिले के सभी थाना/चौकियों में 'अनुभव' नामक क्यूआर कोड के माध्यम से आम जनता से पुलिस के प्रति फीडबैक लेने और बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश क्राइम मीटिंग के दौरान, जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने हेतु सभी थाना/चौकी प्रभारियों को नियमित गश्त और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों और निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने, रात्रि में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। बीट प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए, प्रत्येक तीन ग्रामों में एक आरक्षक का चयन कर ग्रामों में होने वाली घटनाओं की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए। सभी थाना/चौकी प्रभारियों को गंभीर मामलों में स्वयं विवेचना कर शीघ्र कार्रवाई करने की हिदायत भी दी गई।
भारतीय जनता पार्टी के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 9 और 10 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर पटना आ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला बिहार आगमन होगा। उनके आगमन को लेकर बिहार भाजपा में खासा उत्साह है और पार्टी स्तर पर भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उनके स्वागत की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में स्वागत कार्यक्रम, संगठनात्मक बैठकों और दौरे के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बिहार की मिट्टी के लाल हैं नितिन नवीन- संजय सरावगी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि, ‘बिहार की मिट्टी के लाल और हमारे अपने नितिन नवीन जी को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला आगमन 9 और 10 फरवरी को अपने ही प्रदेश बिहार में हो रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।’ 9 फरवरी को बापू सभागार में भव्य नागरिक अभिनंदन प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि, '9 फरवरी को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। इस दौरान नागरिक अभिनंदन समारोह के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक करेंगे।' राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ होगी विधानमंडल दल की बैठक नितिन नवीन के दौरे के दौरान भाजपा विधानमंडल दल की भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी राजनीतिक रणनीति और प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। संजय सरावगी ने बताया कि जब नितिन नवीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बिहार आए थे, तब भाजपा की ओर से मिलर हाई स्कूल ग्राउंड में उनका भव्य अभिनंदन किया गया था। इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका अभिनंदन बापू सभागार में किया जाएगा, जिसे ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। 10 फरवरी को विधानसभा जाएंगे नितिन नवीन संजय सरावगी ने बताया कि, ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधायक भी हैं, ऐसे में 10 फरवरी को वे विधायक के नाते बिहार विधानसभा जाएंगे। इस दिन भी उनका कार्यक्रम लगातार और व्यस्त रहेगा। नितिन नवीन ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के आवास पर जाने की इच्छा भी व्यक्त की है, जिस पर पार्टी स्तर पर कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके बाद वे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।’ भाजपा उनके प्रथम बिहार आगमन को बनाएगी यादगार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि, ‘दोनों ही दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम लगातार रहेगा और उनके स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।’ भाजपा उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहले बिहार आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
DM ने स्वास्थ्य उपकेंद्र का किया औचक निरीक्षण:सीतापुर में लापरवाही पर ANM, CHO और BCPM का वेतन कटा
सीतापुर में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी राजागणपति आर ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को विकास खण्ड परसेण्डी के ग्राम गुरईपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का औचक निरीक्षण किया। वीएचएसएनडी सत्र के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन कटौती के निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएचओ अर्चना से वार्ता कर सत्र संचालन, टीकाकरण और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान एएनएम अनुपमा बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एएनएम की वैक्सीनेशन किट, ड्यूटी रजिस्टर, एचआरपी रजिस्टर और हीमोग्लोबिन मीटर की जांच की गई। जिलाधिकारी ने मरीजों के रजिस्टर का अवलोकन करने के साथ दूरभाष के माध्यम से मरीजों से फीडबैक भी लिया। व्यवस्थाएं संतोषजनक न पाए जाने पर सीएचओ अर्चना के वेतन से 5 प्रतिशत कटौती तथा बीसीपीएम पूनम वर्मा का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं आशा कार्यकत्री बबली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री राजलली देवी के समय से उपस्थित न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिलाओं के रजिस्टर का गहन अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने सीडीपीओ से दूरभाष पर वार्ता कर अव्यवस्थाओं को लेकर कड़ी फटकार लगाई। आशा की अपडेट ड्यूटी लिस्ट की जांच के बाद जब गर्भवती महिला से लिए गए फीडबैक में अनियमितता सामने आई, तो जिलाधिकारी ने आशा दीदी को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा सुरेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रोहतक के गांव काहनी में हुई ऑनर किलिंग मामले में पकड़े गए आरोपियों का केस एडिशनल सेशन जज अनिल कौशिक की कोर्ट में कमिट हो चुका है, जिसमें आज सुनवाई हुई। आरोपियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पेश किया गया। आरोपियों का चालान जमा न होने के कारण कोर्ट ने अगली तारीख 18 फरवरी निश्चित की है। गांव काहनी में 19 नवंबर को हुई ऑनर किलिंग मामले में मृतका की पहचान करीब 22 वर्षीय सपना पत्नी सूरज के रूप में हुई थी, जबकि घायल युवक की पहचान सूरज के छोटे भाई साहिल के रूप में हुई। रात करीब 11 बजे 4 लोगों ने घर में घुसकर सपना की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उसे बचाने बीच में आए देवर साहिल को भी गोली मार दी, जिसका पीजीआई में इलाज करवाया गया। वारदात के दौरान घर पर सपना का पति सूरज नहीं था, जिसे भी मारने की फिराक में आरोपी थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। वहीं, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को काबू कर लिया, जिनमें से एक नाबालिग है। कोर्ट के आदेश पर 3 आरोपी जेल में है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई है। ग्राउंड की दीवार कूदकर घर में घुसे थे आरोपीक्राइम सीन रि क्रिएट करने के दौरान आरोपियों ने बताया था कि घर के साथ ग्राउंड है, जिसकी दीवार को कूदकर वह घर में घुसे। इसके बाद घर में पहले सपना के कमरे में गए, जहां सपना के ऊपर संजू ने 5 राउंड फायर किए। इसके बाद दो राउंड संजू ने सपना के देवर साहिल पर किए। आरोपी राहुल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने भी गोली चलाने का प्रयास किया था, लेकिन उसकी गोली पिस्तौल में ही फंस गई, जिसके कारण वह फायर नहीं कर सका। तीसरे आरोपी गौरव ने भी वारदात में अपना किरदार पुलिस को बताया है। जीजा-साले के बीच चल रहा था विवादआरोपी संजू का अपने जीजा सूरज के साथ विवाद चल रहा था। सूरज ने संजू की बहन से लव मैरिज की थी, जिससे दोनों परिवारों के बीच कड़वाहट पैदा हो गई। वहीं, संजू व सूरज के बीच भी इसी बात के लेकर आपस में कई बार कहासुनी व झगड़ा भी हुआ। इसी से परेशान होकर संजू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। कोर्ट में जल्द पेश किया जाएगा चालानसदर थाना एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव काहनी के ऑनर किलिंग मामले में पुलिस अपना चालान तैयार कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद रिपोर्ट बनाई जा रही है। जल्द ही पुलिस चालान को कोर्ट में पेश कर देगी। पुलिस मामले में अपनी तरफ से मजबूत एविडेंस रखेगी।
बुरहानपुर में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने के मामले में अब कांग्रेस के बाद एआईएमआईएम भी सामने आई है। बुधवार को एआईएमआईएम के नेता बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने फर्जी आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए टीआई सीताराम सोलंकी को लिखित शिकायत सौंपी। एआईएमआईएम ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो बुरहानपुर बंद कराया जाएगा। एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष और अधिवक्ता जहीर उद्दीन शेख ने बताया कि वे फर्जी आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने आए थे। उन्होंने कहा कि आपत्तियां झूठे तरीके से लगाई गई हैं और यदि वास्तविक आपत्तिकर्ता हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। शेख ने बताया कि जिले में 40 हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो बुरहानपुर बंद किया जाएगा। पूर्व महापौर प्रत्याशी और एआईएमआईएम नेता नफीस मंशा खान ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनके संयुक्त परिवार के 35 सदस्यों सहित उनके वार्ड के 200 से अधिक लोगों पर एक 75 वर्षीय व्यक्ति ने आपत्ति लगाई है, जो चिंचाला का निवासी है और अब इंदौर में रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक वार्ड में 600 से 800 आपत्तियां लगाई गई हैं। खान ने मांग की कि आपत्ति दर्ज कराने आने वाले व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए। उन्होंने इसे एक तरह का षडयंत्र करार दिया और कहा कि इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अदालत में कहा कि वह ठोस उदाहरण दे सकती हैं और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित तस्वीरें भी दिखा सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का उपयोग केवल नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने फार्मर आईडी के लिए वाहन रवाना किए:औरैया के सभी विकास खंडों में आईडी बनाने पर जोर
राज्य मंत्री महिला कल्याण, बाल विकास पुष्टाहार एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने कलेक्ट्रेट परिसर से फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन जनपद के प्रत्येक ग्राम में जाकर किसानों को फार्मर आईडी बनाने के तरीके, इसके लाभ और आईडी न होने पर मिलने वाले लाभों से वंचित होने के संबंध में जानकारी देंगे। उप कृषि निदेशक ने बताया कि एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के अंतर्गत जनपद के समस्त भूमिधर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री 15 मार्च 2026 तक पूरी की जानी है। वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 2,00,280 लाभार्थियों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1,53,042 किसानों की आईडी बन चुकी है, जबकि 47,238 किसानों की आईडी बनाना अभी शेष है। फार्मर रजिस्ट्री कई माध्यमों से की जा सकती है। किसान स्वयं वेब पोर्टल या 'फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश' मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जन सेवा केंद्र (सीएससी) पर निर्धारित शुल्क देकर, कृषि विभाग के एटीएम/बीटीएम, टीएसी और राजस्व विभाग के लेखपाल की सहायता से, या शिविरों के माध्यम से भी आईडी बनवाई जा सकती है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक अभिलेखों की जरूरत होगी। इस आईडी से किसानों को फसली ऋण, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति और आपदा राहत प्राप्त करने में आसानी होगी। यह रजिस्ट्री विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किसानों को बार-बार भौतिक सत्यापन से मुक्ति दिलाएगी। इससे नवोन्मेषी कार्यक्रमों के विस्तार के अवसर बढ़ेंगे। कृषि के साथ-साथ उद्यान, मत्स्य, खाद्य एवं विपणन जैसे अन्य विभाग भी अपनी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए इसका उपयोग कर सकेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद के विपणन में भी सुगमता होगी। यह पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक अनिवार्य शर्त भी है। उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी से कृषि विभाग के कर्मचारी और लेखपाल गाँव-गाँव जाकर फार्मर रजिस्ट्री की आईडी बनाने का कार्य कर रहे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार परिवार के साथ गोपनीय दौरे पर वृंदावन पहुंचे। बेहद सादगी के साथ निशांत कुमार वृंदावन की सड़कों पर घूमते नजर आए। यहां उन्होंने E रिक्शा से सवारी की और उसे प्रति सवारी 10 रुपए भाड़ा भी दिया। CM के बेटे की सादगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वृंदावन की गलियों में किया राधे राधे निशांत कुमार परिवार के कुछ सदस्यों के साथ इन दिनों वृंदावन पहुंचे हुए हैं। बिना शोर शराबे और VIP प्रोटोकॉल के वह यहां की गलियों में घूम रहे हैं और कर रहे हैं राधे राधे। निशांत कुमार के बेहद सादगी से घूमने पर कोई उनको पहचान नहीं पाया। लोगों को जानकारी तब हुई जब उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। लाइम लाइट से रहते हैं दूर करीब 50 वर्षीय निशांत लाइम लाइट से दूर रहते हैं। वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी कम नजर आते हैं। निशांत राजनीति से भी दूरी बनाए हुए हैं। यही बजह है कि वह बिना तामझाम के शांति से एक श्रद्धालु की तरह इन दिनों वृंदावन में पहुंचे हुए हैं और यहां के मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। यमुना का किया पूजन वृंदावन पहुंचे निशांत कुमार की कुछ तस्वीर सामने आईं। जिसमें एक तस्वीर में वह यमुना की पूजा कर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा एक तस्वीर में वह ई रिक्शा में बैठते दिखाई दे रहे हैं। निशांत भगवान कृष्ण के भक्त हैं। बताया जा रहा है कि वह वृंदावन के इस्कॉन ,बांके बिहारी सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे थे। तेज प्रताप भी आते रहते हैं वृंदावन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी वृंदावन आते रहते हैं। वह यहां कभी गायों के साथ तो कभी बांसुरी बजाते हुए नजर आते हैं। वृंदावन के अलावा तेज प्रताप बरसाना राधा रानी के दर्शन करने भी जाते हैं। तेज प्रताप यादव भी भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त हैं।
फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राहुल गांधी के एजेंडे में कभी रही ही नहीं। देश के अंदर हों या विदेश में, वह लगातार भारतीय सेना को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं और सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं। हार के चलते मानसिंक संतुलन खोया कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि लगातार चुनावी हार के चलते राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्हें यह तक समझ नहीं रहता कि क्या बोलना है और क्या नहीं। इसी वजह से वह बार-बार देश के खिलाफ और हमारे दुश्मनों के पक्ष में बयान देते रहते हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी की “बुद्धि मारी गई है” और उनकी बातों पर तरस आता है। अमेरिका ने स्वयं की टैरिफ हटाने की घोषणा अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब टैरिफ लगाया गया था, तब उसकी घोषणा अमेरिका ने स्वयं की थी और अब अगर टैरिफ हटाया गया है तो उसकी घोषणा भी अमेरिका ही करेगा, भारत नहीं। उन्होंने कहा कि जब भारत में कोई टैक्स लगाया या घटाया जाता है, तो उसकी घोषणा भारत सरकार करती है, कोई दूसरा देश नहीं। मोदी किसी के दबाव में काम नही करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बात करते हुए कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि पीएम मोदी कभी किसी के दबाव में काम नहीं करते। देशहित उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को दबा नहीं सकती। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी साफ कर चुके हैं कि भारत न तो किसी के सामने आंख झुकाकर बात करेगा और न ही आंख उठाकर, लेकिन जब देश के हितों की बात आएगी तो आंखों में आंख डालकर बात करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के दबाव में आने से इनकार किया, और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ आसपास के देशों की तुलना में भारत पर सबसे कम हैं।
सुपौल जिले ने कला और संगीत के क्षेत्र में देश को कई अनमोल रत्न दिए हैं। पद्मश्री व पद्म भूषण उदित नारायण झा और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय शारदा सिन्हा के बाद अब अभिनय के क्षेत्र में सुपौल का नाम रोशन कर रहे हैं अभिनेता कुमार आर्यन। वे सुपौल जिले से पहले ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। हाल ही में उनकी बॉलीवुड फिल्म ‘एजुकेशन द टेरर’ सिनेमाघरों के बाद अब सिनफ्लिक्स इंडिया ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है। फिल्म में राजा मुराद, अली खान, बीरबल जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ-साथ सिंगर राजा हसन, सुदेश भोसले, सवेरी भट्टाचार्य और जाहिद अनवर की आवाजें भी शामिल हैं। फिल्म की ओपनिंग सीन से ही कुमार आर्यन दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। बेरोजगार युवक ‘रंजन’ के किरदार को उन्होंने इतनी सच्चाई से निभाया कि पूरी फिल्म उनके नाम हो गई। कुमार आर्यन का जन्म 20 जनवरी 1989 को सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। कुमार आर्यन की अभिनेताओं के साथ तस्वीरें… दो साल पहले पिता का निधनवे गिरीश चंद्र मिश्रा और शिवकला देवी की चौथी संतान हैं। अभिनेता का कहना है कि उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन वर्ष 2024 में पिता के निधन ने उन्हें गहराई से तोड़ दिया। बावजूद इसके, उन्होंने हिम्मत और धैर्य के साथ खुद को संभाला और फिर से दर्शकों के सामने लौटे। फिल्म ‘ANYWAY’ में सेकंड लीड निभा रहेकुमार आर्यन मानते हैं कि यह फिल्म सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनकी जीवन यात्रा की कहानी है। उनका कहना है कि यह फिल्म देश के उन युवाओं की कहानी है जो योग्यता के बावजूद भ्रष्टाचार के बोझ तले दबे रहते हैं। अब कुमार आर्यन को मराठी सिनेमा में भी बड़ा मौका मिला है। वे मराठी फिल्म ‘ANYWAY’ में सेकंड लीड यानी सेकंड हीरो की भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में वे ‘अकीब खान’ नामक मुस्लिम युवक का किरदार निभाएंगे। फिल्म की शूटिंग 15 फरवरी 2026 से मुंबई, नागपुर और पुणे सहित कई लोकेशनों पर शुरू होगी। कुमार आर्यन ने दर्शकों से अपील की है कि वे अपना प्यार और आशीर्वाद दें, ताकि सुपौल का नाम देश-दुनिया में और ऊंचा हो सके।
करनाल जिले के इन्द्री थाना क्षेत्र के एक गांव की 26 वर्षीय युवती के संदिग्ध हालात में लापता हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होनें पुलिस में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के पिता ने इन्द्री थाना में दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी चंडीगढ़ में ट्रेजरी डिपार्टमेंट में सर्विस करती है। 2 फरवरी को भी वह रोज की तरह ड्यूटी पर गई थी, लेकिन शाम तक अपने क्वार्टर में नहीं लौटी। जब परिजनों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों को युवक पर शक पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की तरफ से न तो कोई मैसेज आया और न ही कोई फोन कॉल। परिजनों ने राजेंद्र नाम के एक युवक पर शक जताया है। शिकायत में कहा गया है कि युवक पहले भी बेटी को परेशान कर चुका है। घटना के बाद से उसका मोबाइल नंबर भी बंद है, जिससे शक और गहरा गया है। परिजनों को आशंका है कि युवक हमारी बेटी को बहला-फुसलाकर कहीं ले गया। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया शिकायत मिलने पर इन्द्री थाना में केस दर्ज किया गया। मामले की जांच हेड कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि युवती की तलाश के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही उसे बरामद करने के प्रयास तेज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने नशे के खिलाफ कड़ा कदम, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं के लिए पायलट प्रशिक्षण, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा, डिजिटल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने से जुड़े निर्णय किए हैं। इसके साथ ही 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निकायों को सौंपने और नवा रायपुर में बहुमंजिला सरकारी भवन बनाने का भी फैसला हुआ है। 10 जिलों में बनेगी नशा विरोधी टास्क फोर्स, 100 नए पद मंजूर नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय नशा विरोधी टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके लिए 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं। इस फैसले से नशे के कारोबार पर निगरानी और कार्रवाई मजबूत होगी। पुलिस के लिए बनेगा विशेष अभियान समूह, 44 नए पद स्वीकृत कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय के तहत विशेष अभियान समूह के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 44 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।यह टीम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने, आतंकी हमला या गंभीर खतरे को तेजी से नियंत्रित करने का काम करेगी। यह पूरी तरह प्रशिक्षित विशेष बल होगा। छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा, उड़ान प्रशिक्षण संस्थान की मंजूरी राज्य के अलग-अलग हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर उड़ान प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।इससे छत्तीसगढ़ में ही पायलट बनने की ट्रेनिंग मिल सकेगी। यह संस्थान निजी भागीदारी से स्थापित किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और विमान मरम्मत, हेलीकॉप्टर ईंधन सुविधा और हवाई खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति को मंजूरी कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है।इस नीति से नए उद्यमों, इनक्यूबेशन केंद्रों और नवाचार से जुड़े लोगों को समर्थन मिलेगा। राज्य की स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होगा और निवेश के नए अवसर बनेंगे। 35 आवासीय कॉलोनियां नगर निगमों को सौंपी जाएंगी, लोगों को राहत सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया है।अब तक हस्तांतरण न होने से लोगों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा था। कॉलोनियां नगर निकायों को सौंपे जाने के बाद पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला सरकारी भवन नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी विभागों और निगम मंडलों के कार्यालयों के लिए एक बड़ा बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा।इसमें विभागों को स्थान आवंटित किया जाएगा, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग हो सके। सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को रफ्तार, कलेक्टर को मिलेगा भूमि आबंटन अधिकार सिरपुर और अरपा क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास के लिए शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है।विकास कार्यों को तेज करने के लिए भूमि एक रुपये प्रीमियम और भू-भाटक पर दी जाएगी। प्रदेश में लागू होगी क्लाउड आधारित नीति, सरकारी डेटा रहेगा सुरक्षित कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड आधारित नीति को लागू करने की मंजूरी दी है।इसके तहत सभी सरकारी विभाग केवल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे।इससे खर्च कम होगा, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों को चौबीसों घंटे सेवाएं मिल सकेंगी। मोबाइल टावर योजना को मंजूरी, दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों को मिलेगा नेटवर्क राज्य में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी गई है।इस योजना से नेटवर्क विहीन गांवों में मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इससे राशन वितरण, सीधे लाभ हस्तांतरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच दूर-दराज के इलाकों तक होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।
डीआईओएस कार्यालय में वरिष्ठ सहायक से डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय द्वारा गाली देने व जाति सूचक शब्द कहने का मामले में बुधवार को कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में काम ठप कर दिया। हाथ में माइक लेकर नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है। आगे और लड़ाई है। आफिस में कामकाज रोककर सभी कर्मचारी आफिस के बाहर आकर खड़े हो गए। हालांकि, संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस संतोष कुमार राय व बीएसए सुरजीत कुमार सिंह द्वारा कर्मचारियों के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारी कामकाज पर लौट और प्रदर्शन समाप्त हो गया है। डीआईओएस का पहली बार ऐसा रवैया नहीं अब कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि डीआईओएस का यह रवैया पहली बार नहीं है। वह यहां पर गाली सुनने के लिए नहीं आते हैं। पहले भी यह कई कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर चुके हैं। मंगलवार को घटना के बाद कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में नारेबाजी करने के बाद डीएम आफिस जाकर शिकायती पत्र सौंपा था। जो फाइल आई नहीं उसके निस्तारण का बना रहे थे दवाब यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय गौतम ने बताया कि वरिष्ठ सहायक जितेंद्र पर दवाब बनाया गया कि जो फाइल आई नहीं है उसको निस्तारित करो। क्या लालच है कि बिना कागज के फाइल को चलाना चाहते हैं। डीआईओएस द्वारा गाली गलौज की गई, इसकी हम घोर निंदा करते हैं। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल महामंत्री संतोष तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ सहायक पर बिना सौंपे गए काम करने का दवाब बनाया जा रहा था। संगठन इसकी निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग करता है। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं। पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस तरह का व्यवहार अच्छा नहीं है। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय प्रभारी रजनीश प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले भी लेखाकार अमोल कुमार के साथ डीआईओएस ने इसी तरह का व्यवहार किया था। इनको उस समय भी ऐसा व्यवहार न करने के लिए कहा गया था। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं लेकिन इस तरह की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। कामकाज चल रहा मामले में डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय ने बताया कि कर्मचारी से गाली गलौज नहीं कि गई है। काम न करने पर उसको सिर्फ डांटा गया है। डीआईओएस आफिस में कामकाज सुचारु रुप से चल रहा है।
दो दिन बाद फिर मौसम साफ, सर्दी से राहत:खत्म हो रहा कोहरे का असर, धूप में आज दिन भर तेजी रहने के आसार
जिला मुख्यालय समेत जिले के अधिकांश हिस्सों बुधवार को मौसम साफ सा हो गया है। सुबह हल्का कोहरा दिखाई डियाज लेकिन सूर्योदय के बाद धीरे धीरे खत्म हो गया। उसके बाद धूप में धीर धीरे तेजी आती जा रही है। इसके चलते आज दिनभर धूप में तेजी रहने के आसार बने हुए है। उधर सुबह से ही मौसम साफ सा रहने से आमजन को काफी राहत मिली है। सर्दी से राहत मिली मौसम साफ रहने से आज भी अधिकतम तापमान मंगलवार की तरह 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार बने हुए हैं। जबकि न्यूनतम तापमान भी थोड़ा गिरा है। न्यूनतम तापमान 24 घंटे बाद एक डिग्री गिरकर 10 डिग्री पहुंच गया है। इससे रात के समय थोड़ा सर्दी का अहसास अन्य दिनों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा हुआ तो आज मौसम साफ रहने से लोगों को सर्दी से काफी राहत मिली है। इस कारण लोगों की दिनचर्या दोपहर के समय काफी सामान्य सी नजर आई। आज दो दिन बाद कोहरे का असर दिखाई नहीं दिया।
नारनौल से रेवाड़ी की महिला हुई लापता:छह माह से रहती थी मायके, मां के साथ गई थी अस्पताल में दवा लेने
हरियाणा के नारनौल में थाना निजामपुर क्षेत्र के एक गांव से एक विवाहित महिला अपने मायके से लापता हो गई। इस बारे में विवाहिता के पिता ने पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव मौखुता निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी कोमल की शादी 12 मार्च 2017 को रेवाड़ी जिला के जाटूसाना निवासी व्यक्ति के साथ हुई थी। उसकी बेटी पिछले करीब छह महीनों से बीमारी के चलते मायके में रह रही थी। दवा लेने गई थी बीते कल वह अपनी मां के साथ सरकारी अस्पताल निजामपुर दवाई लेने के लिए गई थी, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने युवती की अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। पिता पहुंचा थाना इसके बाद पिता ने थाना निजामपुर में पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। लापता युवती का हुलिया बताते हुए परिजनों ने बताया कि उसका रंग गोरा है, कद लगभग 5 फीट 3 इंच है, उसने नीले रंग का सूट-सलवार पहन रखा था, वह विवाहित है और उसकी उम्र करीब 25 वर्ष है। मामला दर्ज शिकायत के आधार पर थाना निजामपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि युवती की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच की जा रही है और संभावित स्थानों पर पूछताछ की जा रही है।
सोनभद्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के दौरान फॉर्म 7 में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सदर विधानसभा के वार्ड नंबर 1 के भाग संख्या 14 के पूर्व मोहाल और दलित बस्ती क्षेत्र में मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने के लिए झूठी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। पूरा मामला तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के स्थानीय जिला सचिव प्रमोद यादव ने मामले में जांच पड़ताल की और BLO से पूछताछ की तो पता चला कि किसी सोहन कुमार ने इस संबंध में शिकायत की थी और फॉर्म साथ भर कर दिया था। फॉर्म 7 के साथ आपत्ति की शिकायत पर बीएलओ ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में आपत्तियां झूठी पाई गईं। इस दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला सचिव प्रमोद यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से मिलकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। जानकारी के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र में एक ही समुदाय के 14 मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। स्थलीय निरीक्षण में इनमें से दो की मृत्यु की पुष्टि हुई, जबकि अन्य सभी मौके पर उपस्थित पाए गए। जिन नामों पर आपत्ति दर्ज की गई थी, उनमें शाकिरा सुल्तान, शाजिद अली, आदि अली और अकबर अली सहित 14 लोग शामिल थे। शाकिरा सुल्तान ने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्यों – उनका, उनके पति शाजिद अली और पुत्र आदि अली का नाम काटने के लिए प्रपत्र 7 बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराया गया है। इसमें कारण बताया गया कि वे यहां नहीं रहते या उनकी मृत्यु हो गई है, जबकि वे सभी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने इसे अनावश्यक रूप से परेशान करने की हरकत बताया। वार्ड एक पूरब मोहाल के निवासी अकबर अली ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा मिले एसआईआर का फॉर्म भरा था और वे यहां के मूल निवासी हैं। उनके घर के चार लोगों का नाम काटने के लिए फर्जी फॉर्म 7 आया है। उन्होंने संबंधित राजनीतिक पार्टी के बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
मुरादाबाद में महिला आयोग की जनसुनवाई:संगीता जैन ने सुनीं उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की शिकायतें
राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने आज मुरादाबाद के सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं उपस्थित रहीं और उन्होंने उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। जनसुनवाई के दौरान संगीता जैन ने महिलाओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित महिलाओं को जल्द न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्र भूषण ने बताया कि यह जनसुनवाई राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई है। इसमें महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है और शिकायतों को दर्ज कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई है। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक कलह, मारपीट और महिलाओं के अधिकारों से संबंधित कई मामले सामने आए। आयोग की सदस्य ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित इन जनसुनवाइयों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना और समाज में महिलाओं के प्रति अत्याचार को रोकना है।
धौलपुरी निवासी 35 साल के युवक की अलवर में मौत हो गई। वह अलवर जंक्शन के पास अचेत अवस्था में मिला था। अस्पताल लेकर आने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक राज मिस्त्री का काम करता था। हॉस्पिटल में मृत घोषित किया मृतक के परिजनों ने बताया कि युवक राकेश चिनाई का काम करता था। वह किसी काम से जयपुर गया था। जयपुर से लौटने के बाद उसकी अलवर जंक्शन पर तबीयत बिगड़ गई। वह अचेत अवस्था में मिला। तब जीआरपी उसे अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव युवक की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने रिपोर्ट लेकर परिजनों को शव दे दिया। मृतक युवक चार भाई हैं। सभी मजदूरी करते हैं।
अलीगढ़ महोत्सव (नुमाइश) में प्रशासन की अनदेखी के चलते अव्यवस्थाएं लगातार सामने आ रही हैं। नुमाइश परिसर में निर्धारित पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा कर अवैध तरीके से वसूली की जा रही है। आईटीआई रोड पर सड़कों पर अस्थायी वाहन स्टैंड बना दिए गए हैं, जिससे रात के समय जाम की स्थिति बन रही है। कई बार तो राहगीरों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन स्टैंड की पर्चियों पर शुल्क का कोई उल्लेख नहीं किया जा रहा है। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार के लोग मनमाने तरीके से वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने की घटनाएं भी सामने आई हैं। आरोप है कि अवैध वसूली का विरोध करने पर स्टैंड संचालक के गुर्गे खुद ही लोगों को बन्नादेवी थाने जाकर शिकायत करने की चुनौती देते हैं। अधिवक्ता प्रतीक चौधरी के साथ हुआ हालिया विवाद इस पूरे मामले में हाल ही में अधिवक्ता व रालोद नेता प्रतीक चौधरी के साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन स्टैंड पर मोटरसाइकिल के लिए 60 रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कहीं भी रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है और पर्ची पर भी कोई राशि दर्ज नहीं होती। थाने जाकर शिकायत करने की दी धमकी प्रतीक चौधरी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिलने पर वह स्वयं बाइक से नुमाइश पहुंचे। पार्किंग करने पर उनसे 60 रुपए मांगे गए। जब उन्होंने पर्ची पर राशि न लिखे होने पर सवाल उठाया तो स्टैंड संचालक के लोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उल्टा थाने जाकर शिकायत करने की बात कहने लगे। पुलिस पर संरक्षण का आरोप, सीएम पोर्टल पर शिकायत इस मामले की शिकायत प्रतीक चौधरी ने बन्नादेवी थाने में की, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप है कि 8 दिन बीत जाने के बावजूद मामला थाना स्तर पर ही लंबित है, जिससे यह प्रतीत होता है कि अवैध वसूली पुलिस संरक्षण में चल रही है। प्रतीक चौधरी का कहना है कि जब मामला मुख्यमंत्री स्तर से जिला पुलिस को ट्रांसफर हो चुका है, तब भी कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लाल ताल पर लग रहीं अवैध दुकानें नुमाइश में लाल ताल में पानी भरा रहता है। इसमें निर्धारित शुल्क के बाद लोगों को नौका विहार कराया जाता है। नियमानुसार लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाल ताल के पास दुकानें न लगाने की हिदायद दे रखी है। बावजूद इसके लालताल के ठेकेदरा ने एक–दो नहीं बल्कि करीब 15 दुकानें लगा रखी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर कोई दुर्घटना होती है तो लोगों की जान पर जोखिम बन जाएगा। यह है नियम पार्किंग ठेका नुमाइश परिसर में ही लगाया जाएगा। इसके बाहर सड़क आदि पर पार्किंग वसूली जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार पार्किंग ठेकेदार को शुल्क का एक बड़ा बोर्ड भी लगाना होगा, जिसपर स्पष्ट तौर पर साइकिल, बाइक और कार का शुल्क लगाना होगा। लेकिन वीआईपी रोड होने के बाद भी सड़क पर ही पार्किंग बनी हुई है। वहीं, नुमाइश प्रशासन के अनुबंध पत्र के अनुसार लाल ताल पर किसी भी प्रकार के झूले, ठेले, कैंटीन और होर्डिंग विज्ञापन पर प्रतिबंध के निर्देश हैं। बावजूद इसके वहां 15 दुकानें किराए पर उठी हुई हैं। कराई जाएगी जांच इस संबंध में एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। अगर बाहर पार्किंग ठेका चलता हुआ पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लालताल के चारों तरफ दुकानें प्रतिबंधित हैं, अगर दुकानें पाई जाती हैं तो कार्रवाई होगी।
कोटा की एक युवती को पहचान बदलकर एक युवक और उसके साथी ने सूरत बुलाया। फिर सूरत के अलग-अलग होटलों में 20 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। युवतो को नसे के इंजेक्शन दिए गए। बार-बार रेप किया गया। आरोप है कि पीड़िता के साथ मारपीट भी की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आखिर दोनों आरोपियों से बचकर पीड़िता कोटा पहुंची। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में सूरत के एसीपी बी.ए. चौधरी ने बताया- 31 जनवरी को कोटा के थाने में युवती की शिकायत दर्ज की गई थी। जो सूरत के थाने में ट्रांसफर हुई। उसके साथ गंभीर अपराध किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी होटल में मजदूरी का काम करते हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने किन-किन जगहों पर युवती को रखा और घटना को किस तरह अंजाम दिया। मामले की विस्तृत जांच जारी है। सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद लड़की को बर्थडे मनाने के लिए सूरत बुलाया पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया- कोटा की रहने वाली 21 साल की लड़की की 25 दिसंबर से आरोपी युवक से बातचीत शुरू हुई थी। युवक का जन्मदिन 1 जनवरी को था, इसलिए उसने लड़की को जन्मदिन मनाने के लिए सूरत बुलाया। मुख्य आरोपियों में से एक ने अपनी असली पहचान छिपाई थी। पीड़िता को बताया कि वह हिंदू है। नाम भी गलत बताया। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और झूठी पहचान बनाकर प्यार के जाल में फंसाने की सोची-समझी साजिश रची गई। 20 दिन तक नशे के इंजेक्शन दिए पीड़िता ने बताया- जैसे ही सूरत पहुंची, आरोपी अलग-अलग होटलों में ले गए। बंधक बना लिया गया। 20 दिन तक कैद रखा गया। नशे के इंजेक्शन देकर बेहोश कर देते थे। बार-बार रेप करते थे। मारपीट की जाती थी। सोने के गहने भी लूट लिए जाते थे। आरोपियों ने उसे गलत काम में भी धकेलने की कोशिश की। आखिर हिम्मत दिखाई और बदमाशों के चंगुल से भाग निकली। कोटा अपने घर पहुंची। इसके बाद कोटा के थाने में युवती के परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई। इसके बाद कोटा पुलिस ने जीरो नंबर की FIR काटकर 31 जनवरी को सूरत पुलिस को भेजी। वेटर और टेलर का काम करने वाले दोनों आरोपी गिरफ्तार सूरत में पुलिस ने जांच की और कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके दो दिन का रिमांड लिया है। पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि क्या इस गैंग ने पहले भी इस तरह से किसी और लड़की को शिकार बनाया है।
समस्तीपुर में बच्चों के विवाद में मारपीट हुई है। लोहे की रॉड से हमला हुआ है। मारपीट में एक ही परिवार के 3 लोग घायल हो गए। आनन-फानन में परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान सैदपुर वार्ड नंबर-14 निवासी मोहम्मद निजाम के पुत्र मोहम्मद इंसाफ(29), उनकी पत्नी अफसाना खातून(27) और मां जमीला बेगम(55) के तौर पर हुई है। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर विनायक कुमार ने बताया कि अफसाना के सिर में गंभीर चोट आईं हैं। कई टांके लगे हैं। अन्य दो घायलों को अंदरूनी चोटें हैं। सीटी स्कैन और एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद आगे का इलाज किया जाएगा। लोहे की रॉड से सिर पर मारा वहीं, पीड़ित मोहम्मद इंसाफ ने बताया कि मेरे दो बच्चे हैं। पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रहे थे, तभी उनके बीच मारपीट हो गई। मैंने उनलोगों को डांटा था। इसके बाद पड़ोसी महिला मेरे घर पर आकर विवाद करने लगी। पड़ोसी मोहम्मद आजाद लोहे की रॉड लेकर पहुंचा और मेरे परिवार पर हमला कर दिया। छा छानबीन में जुटी पुलिस नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से मारपीट की सूचना मिली है। पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को भेजा गया है। बयान दर्ज होने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए विभूतिपुर थाना को भेज दिया जाएगा।
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने एमपी हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीडी नगर स्थित अटल कुंज रिहायशी परियोजना के नए टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जिस अधिकारी की भूमिका को पूर्व आदेश में गड़बड़ी का मुख्य कारण बताया गया था, उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय किसी अन्य अधिकारी को निलंबित करना न्यायसंगत नहीं है। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि अतिरिक्त आयुक्त-I की भूमिका संदिग्ध होने के बावजूद जिम्मेदारी तय करने के बजाय ग्वालियर के कार्यपालन यंत्री को निलंबित कर दिया गया, जबकि वह वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहा था। इस पर कोर्ट ने असंतोष जताते हुए टिप्पणी की कि ऐसी कार्रवाई से जवाबदेही तय करने की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसी क्रम में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कार्यपालन यंत्री नीरू राजपूत के निलंबन आदेश पर भी रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि डीडी नगर में लगभग 65 करोड़ रुपए की लागत से अटल कुंज रिहायशी कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी निविदा शर्तों में बार-बार बदलाव को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। पुनः टेंडर प्रक्रिया को दी गई चुनौती मामले में प्रैगमैटिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने पुनः टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि बोर्ड के अतिरिक्त आयुक्त (2) द्वारा 15 जनवरी 2026 को जारी आदेश में स्वयं यह स्वीकार किया गया था कि पूर्व निविदा प्रक्रिया भ्रम और गलत निर्णयों के कारण दूषित हो गई थी। इसके बावजूद एल-1 बोलीदाता को ठेका देने या प्रक्रिया में सुधार करने के बजाय फ्रेश बिडिंग के निर्देश जारी कर दिए गए, जो न्यायोचित नहीं है। याचिकाकर्ता को नुकसान की आशंका याचिकाकर्ता ने दलील दी कि नए टेंडर से उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति सार्वजनिक हो गई है, जिससे भविष्य की निविदाओं में उसे गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने इस तर्क को गंभीरता से लेते हुए कहा कि 16 अक्टूबर 2025 को पारित पूर्व आदेश में निविदा प्रक्रिया की अनियमितताओं और विसंगतियों को पहले ही विस्तार से रेखांकित किया जा चुका है। इसके बावजूद बोर्ड द्वारा समग्र और जिम्मेदाराना दृष्टिकोण अपनाने के बजाय सतही निर्णय लिया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। बोर्ड को अगली सुनवाई तक रोक कोर्ट ने 15 जनवरी 2026 के विवादित आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि बोर्ड न्यायालय की अनुमति के बिना कोई भी आगे की कार्यवाही नहीं करेगा। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त को शपथपत्र के साथ जवाब दाखिल कर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि नया टेंडर जारी करना सार्वजनिक धन और संसाधनों के हित में कैसे उचित है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का वनांचल ग्राम जबर्रा अब इको टूरिज्म के लिए देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुका है। हाल ही में जर्मनी से दो बुजुर्ग पर्यटक कोरडुला और झुंगा यहां पहुंचे। उन्होंने होम स्टे का अनुभव लिया और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखा। पर्यटकों ने गांव की प्राकृतिक सुंदरता और जंगलों की सराहना की। धमतरी मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित जबर्रा में मिडिल स्कूल, आंगनबाड़ी, उपस्वास्थ्य केंद्र, पेयजल ओवरहेड टैंक और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां की ऊंची पहाड़ियां और घने जंगल सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। सिंघोला पहाड़ी से गरियाबंद, दुगली और नगरी के मनोरम दृश्य भी दिखाई देते हैं। ग्राम जबर्रा इको टूरिज्म समिति के अध्यक्ष माधव मरकाम ने बताया कि अब तक देश-विदेश से कुल 113 पर्यटक यहां आ चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, नेपाल और जर्मनी के पर्यटक शामिल हैं। समिति ने पिछले पांच महीनों में 75 हजार रुपए की आय अर्जित की है। पर्यटकों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए 20 सदस्यीय टीम कार्यरत है। माधव मरकाम ने यह भी बताया कि जबर्रा में इको टूरिज्म की शुरुआत वर्ष 2018-19 में तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल के कार्यकाल में हुई थी। ग्राम में होम स्टे, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
छिंदवाड़ा में सफाई कर्मचारियों की काम बंद हड़ताल:2 माह से वेतन अटका, तीसरे महीने का भी भुगतान नहीं
छिंदवाड़ा नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी लंबित वेतन और नियमितीकरण की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है और तीसरे माह का भुगतान भी अटका हुआ है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मध्यप्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले दिए गए इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने वेतन भुगतान के साथ-साथ वरिष्ठता के आधार पर रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों पर समायोजन की मांग की। साथ ही रोज के वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने और अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर रिक्त संविदा पदों पर भर्ती किए जाने की मांग भी रखी गई। संघ की प्रदेश महामंत्री नीरज वाल्मीकि ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया और न ही उनकी समस्याओं पर सुनवाई की गई।
जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अभी रहस्य बनी हुई है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए उनके बर्तन-चद्दर, कपड़ों की भी जांच होगी। जिस कमरे में उनकी मौत हुई, वहां की मिट्टी से लेकर कंघा और बालों जैसे 33 अलग- नूमूने तक जुटाए गए हैं। साध्वी को जहर दिया गया था या नहीं? इसकी जांच के लिए विसरा का नमूना भी FSL की लैब में पहुंच गया है। एफएसएल के सीनियर अधिकारी इन सैंपल की जांच में जुट गए हैं। करीब 7 दिन में एफएसएल अपनी रिपोर्ट को एसआईटी को देगी। इसके अलावा साध्वी प्रेम बाईसा, उनके पिता और सेवादार के मोबाइल का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.... दो तरीके से जांच कर रही पुलिस 28 जनवरी को हुई कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में जिस तरीके से हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं, उस स्थिति में एफएसएल की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जोधपुर के बोरानाड़ा स्थित आरती नगर आश्रण से एफएसएल टीमों ने रविवार को एफएसएल सबूत जुटाने शुरू किए थे। इस केस के खुलासे के लिए दो तरीके से पर जांच हो रही है। 1. टेक्नीकल जांच : पुलिस ने 3 मोबाइल जब्त किए साध्वी प्रेम बाईसा, उनके पिता वीरमनाथ और सेवादार सुरेश का मोबाइल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस की साइबर सैल इन मोबाइल का डिलीट रिकॉर्ड रिकवर कर रही है। इसके बाद इन्हें एफएसएल टीम को सौंपा जाएगा। साध्वी की संदिग्ध मौत के कुछ घंटों बाद ही सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर आया था। जिसमें कई तरह के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान मोबाइल में मौजूद टेक्स्ट मैसेज और कथित सुसाइड नोट की भाषा व शब्दों की तुलना पहले पोस्ट किए गए मैसेज से होगी। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुसाइड नोट साध्वी प्रेम बाईसा ने ही लिखा था या किसी ओर से लिख कर पोस्ट किया है। 2. विसरा रिपोर्ट और 33 सैंपल साध्वी के शरीर के अंदरूनी अंगों का विसरा (हर्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और आंतों के कुछ सैंपल) जुटाया गया है। विसरा जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि साध्वी प्रेम बाईसा के शरीर में किस प्रकार का पदार्थ (विषाक्त) गया, जिससे उनकी तबीयत इतनी खराब हुई कि मौत हो गई। अगर विसरा रिपोर्ट में पॉइजन की पुष्टि होती है, तो पुलिस पूरे मामले की जांच आत्महत्या और हत्या के एंगल से करेगी। तब तक एफएसएल उन 33 नूमनों की भी जांच कर लेगी जो घटनास्थल से जुटाए गए हैं। उस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पता लगाएगी कि साध्वी को जहर दिया गया या फिर खुद लिया था। अगर विसरा रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर की पुष्टि नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में साध्वी के पिता वीरमनाथ और सेवादार सुरेश के पॉलीग्राफी टेस्ट कराए जा सकते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए कोर्ट के आदेश का होना जरूरी है। पहली बार संदिग्ध मौत में मिले एफएसएल को 33 साक्ष्य राजस्थान एफएसएल के डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि पहली बार है जब किसी संदिग्ध मौत की जांच के लिए इतने सैंपल लिए गए हैं। घटना के 5 दिन बाद SIT दोबारा से साध्वी प्रेम बाईसा के कमरे में एफएसएल की टीम को लेकर गई। करीब 33 अलग-अलग चीजों के साक्ष्य लिए गए हैं। जिस में साध्वी प्रेम बाईसा के वह बर्तन जिसमें उन्होंने खाना खाया। चादर जो उस दौरान बैड पर बिछी हुई थी। प्रेम बाईसा के कपड़े कमरे में मौजूद डस्ट, डस्टबिन। प्रेम बाईसा के कपड़े, उन्हें दो बार इंजेक्शन लगाया गया था उसकी दोनों सिरिंज, इंजेक्शन, इंजेक्शन के रैपर, बॉटल्स जिसमें दवा थी। प्रेम बाईसा को पहले से सांस की बीमारी होने का दावा किया जा रहा है, ऐसे में पहले से ली जा रही दवाईयों के सैंपल भी एफएसएल ने लिए हैं। तकिया, फर्श पर पड़े हुए बाल, कंघी, टॉवल, ब्लड, विसरा और उनकी बॉडी से डीएनए के दो अलग-अलग सैंपल सहित कुल 33 अलग-अलग चीजों के सैंपल हैं। क्यों जरूरी हैं ये 33 सैंपल? संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने पर पुलिस विसरा रिपोर्ट को एफएसएल के पास भेज कर जांच कराती है। लेकिन प्रेम बाईसा प्रकरण की गंभीरता और अब तक जांच में कोई लीड नहीं मिलने कारण पुलिस इस केस की जांच बारीकी से कर रही है। पुलिस ने पहले दिन क्राइम सीन पर पहुंच कमरे को सील कर दिया था। हालांकि उस दिन पुलिस को कमरे से कोई अहम जानकारी सा साक्ष्य नहीं मिले। एफएसएल टीम ने भी मौके को देखा तो कमरा पूरी तरह से व्यवस्थित था। इसलिए जांच के लिहाज से अहम हर चीज को सैंपल के तौर पर जुटाया गया है। पुलिस ने जो साक्ष्य दिये उनका पर काम शुरू कर दिया गया : एफएसएल डायरेक्टर एफएसएल के डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रकरण केस में पुलिस ने जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला में मंगलवार शाम को भिजवाए हैं। जोधपुर एफएसएल कार्यालय में जांच की जा रही है। सीनियर वैज्ञानिकों से इस की जांच कराई जा रही है। पूछी गई राय के आधार पर इनका परीक्षण किया जाएगा, जिसमें संभवत: 7 से 10 दिन का समय लगने की संभावना है। पुलिस हर एंगल से कर रही मामले की जांच : रेंज आईजी आईजी जोधपुर ओमप्रकाश ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। बाईसा के रूम को सील कर दिया गया है। कई एंगल पर एसआईटी, साइबर टीम और एफएसएल जांच कर रही हैं। कंपाउंडर देवी सिंह जिसने बाईसा को तबीयत खराब होने पर इंजेक्शन लगाया था उससे भी पूछताछ की जा रही है। उसने जो जानकारी इंजेक्शन को लेकर दी है उस की भी जांच की जा रही है कि वह उसे कहां से लेकर आया था। इंजेक्शन देने वाले नर्सिंग कर्मी देवी सिंह और सेवादार से पूछताछ में क्या पता लगा? नर्सिंग कर्मी देवी सिंह : जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मी देवी सिंह राजपुरोहित ने बताया कि दो साल से बाईसा का उपचार प्रेक्षा हॉस्पिटल से चल रहा था। डॉक्टर की लिखी हुई पर्ची के अनुसार उस ने इंजेक्शन लगाया है। देवी सिंह के अनुसार घटना वाले दिन आश्रम से दो बार फोन आया था। पहला फोन दोपहर 12 बजे आया लेकिन कुछ काम होने कारण वह आश्रम नहीं जा सका। शाम 5 बजे दोबारा फोन आया जिसके बाद देवी सिंह इंजेक्शन लेकर आश्रम पहुंचा और प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए। देवी सिंह के अनुसार इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत ठीक थी। जिसके बाद देवी सिंह आश्रम से चला गया। कुछ देर बाद देवी सिंह के पास फोन आया कि प्रेम बाईसा की हालत खराब है, उन्हें प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर जा रहे हैं। सेवादार सुरेश : इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। आश्रम के सेवादार सुरेश से SIT ने शनिवार को पूछताछ की थी। सुरेश ने टीम को बताया कि 28 जनवरी को प्रेम बाईसा अजमेर से आई थीं, उनका गला जुकाम की वजह से सुबह से ही खराब था। दोपहर में उन्होंने काढ़ा पिया था। शाम करीब 5 बजे एक नर्सिंगकर्मी को आश्रम बुलाया गया था। उसने साध्वी को इंजेक्शन लगाए। उसके जाने के चार-पांच मिनट बाद ही साध्वी की चीख सुनाई दी। साध्वी अपने बैड से उठकर गेट आईं और गिर पड़ी। इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया, रास्ते में उन्होंने बार-बार कहा कि पापा मुझे न्याय दिला देना। सुरेश ने दावा किया कि उनके नाखून हरे हो रहे थे और सांसें अटक रही थीं। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह भी पढ़ेंः डॉक्टर बोले-जब साध्वी को लाए तो हलचल नहीं थी:प्रेम बाईसा जुकाम-खांसी को लेकर कई बार हॉस्पिटल दिखाने आई थीं; SIT ने स्टाफ से पूछताछ की जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में पुलिस अब तक 10 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को SIT प्रेक्षा हॉस्पिटल में पहुंची, जहां तबीयत खराब होने पर प्रेम बाईसा को लाया गया था…(CLICK कर पढ़ें)
किशनगढ़बास में दिवंगत भाजपा नेता हेमसिंह भड़ाना के निधन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार रात उनके निवास बघेरी कलां पहुंचकर शोक व्यक्त किया। पायलट रात करीब 9 बजे भड़ाना के परिजनों से मिले और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। सचिन पायलट ने हेमसिंह भड़ाना के सार्वजनिक जीवन, सादगी और जनसेवा को याद किया। उन्होंने कहा कि भड़ाना राजनीति में रहते हुए भी आमजन से जुड़े रहे। पायलट ने भड़ाना को क्षेत्र की आवाज बताया, जिनकी कार्यशैली सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रेरणास्रोत थी। पायलट ने कहा कि भड़ाना के निधन से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र को एक अनुभवी, संतुलित तथा जनहितैषी नेता की कमी खलेगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे, जिससे हेमसिंह भड़ाना को प्राप्त सर्वदलीय सम्मान स्पष्ट हुआ। इस अवसर पर किशनगढ़ बास से भाजपा के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को क्षेत्रीय राजनीति में स्मरणीय बताया। ये नेता श्रद्धांजलि सभा में रहे मौजूद सचिन पायलट के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। इनमें सांसद मुरारीलाल मीणा, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रभान भड़ाना, विधायक मनीष यादव, पूर्व विधायक जी.आर. खटाना, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर, खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव और तिजारा के पूर्व प्रधान दयाराम चावड़ा शामिल थे। सभी नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। हेमसिंह भड़ाना के निवास पर बड़ी संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और शुभचिंतक लगातार पहुंच रहे हैं। लोग उन्हें एक मिलनसार, जमीन से जुड़े और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में याद कर रहे हैं। उनके निधन को क्षेत्रीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।
दतिया में महिला ने कुछ युवकों पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी बुधवार को सामने आया है। वीडियो में सिविल लाइन के उनाव बाईपास रोड पर जमीन को लेकर हुए विवाद को लेकर बातचीत है। विवाद के बाद महिला ने कुछ युवकों पर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामला 2 फरवरी का बताया जा रहा है। वीडियो में युवक महिला को धमकाता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में शुरू की महिला का आरोप है कि उनाव बाईपास रोड निवासी रिंकू यादव और अखिलेश यादव उसकी पैतृक जमीन से जबरन रास्ता बना रहे थे। विरोध करने पर दोनों युवकों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिवनी के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक दुर्लभ नजारा देखने मिला। यहां जुगनी बाघिन अपने चार शावकों के साथ बेखौफ अंदाज में चहलकदमी करती नजर आई, जिसका वीडियो सामने आया है। सफारी पर निकले पर्यटकों की जिप्सी जैसे ही एक वन मार्ग से गुजर रही थी, जुगनी बाघिन और 4 शावक कच्ची सड़क पार करते हुए जंगल की ओर बढ़ते दिखे। इस रोमांचक नजारे को देखकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा गया। पेंच नेशनल पार्क में पर्यटकों ने देखे बाघों के झलक देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पेंच नेशनल पार्क में मुख्य रूप से बाघों के दीदार के लिए पहुंचते हैं। इस दुर्लभ दृश्य ने पर्यटकों के सफारी अनुभव को और भी यादगार बना दिया। पेंच नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में फैला हुआ है, जबकि इसका एक हिस्सा महाराष्ट्र के नागपुर जिले तक विस्तृत है। पेंच नदी के नाम पर बने इस राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1975 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला था, जिसे बाद में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व को “द जंगल बुक” से प्रेरित जंगल, माना जाता यह अभयारण्य घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। पेंच टाइगर रिजर्व को विश्वप्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग की कृति “द जंगल बुक” से प्रेरित जंगल भी माना जाता है। यहां बाघ और तेंदुए के अलावा भालू, जंगली कुत्ता, चीतल, सांभर, नीलगाय, गौर जैसे अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं। पार्क में पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां भी दर्ज की गई हैं, जो इसे पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षक बनाती हैं। पर्यटन की दृष्टि से पेंच नेशनल पार्क का विशेष महत्व है। यहां जीप सफारी और हाथी सफारी के माध्यम से पर्यटकों को जंगल भ्रमण की सुविधा मिलती है। अक्टूबर से जून तक का समय भ्रमण के लिए उपयुक्त माना जाता है। पेंच टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में किराए का मकान लेकर पति-पत्नी सेक्स रैकेट चला रहे थे। इनके द्वारा बाहर से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जाता था। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने रात में दबिश दी और मौके से पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एसबीआई मेन ब्रांच के सामने रोड किनारे अनिल कुमार नंदे के किराए के मकान में राहुल यादव 26 साल अपनी पत्नी के साथ देह व्यापार चला रहा है। जिसके बाद मामले की जानकारी एसएसपी शशि मोहन सिंह को दी गई। उनके निर्देश पर साइबर, कोतवाली की टीम बनाया गया और सीएसपी ने एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर मकान में भेजा। जिसके बाद पाइंटर से संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मकान में दबिश दी। मौके पर आपत्तिजनक सामग्री मिलेजहां मौके पर राहुल यादव व उसकी पत्नी और बाहर से बुलाई गई दो अन्य युवतियां मिली। इसके बाद मकान की तालाशी लेने पर वहां कुछ मात्रा में कंडोम मिले। पुलिस ने जब पूछताछ किया, तो आरोपी ने बाहर से महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार चलाना स्वीकार किया। यूपी से आकर किराए के मकान में रह रहा थाउसने बताया कि वह मुलतः 299/3-ए र्नई बैरहना इलाहाबाद उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। पिछले करीब 3 माह से यहां किराए के मकान में रहता। पुलिस ने वहां से आपत्तिजनक सामाग्री के साथ ही 2 मोबाइल और 2 हजार नगदी रकम जब्त किया है। पति-पत्नी को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जूट गई है। मोबाइल में स्टेट्स लगाता था आरोपीबताया जा रहा है कि आरोपी राहुल यादव ग्राहक की तालाश में अपने मोबाईल पर स्टेट्स लगाता था। जिसमें 800-2500 तक के दाम लिखे होते थे। जिसे देखकर ग्राहक उससे संपर्क करते थे। वहीं उनके साथ मकान में मिली लड़किया रायगढ़ की लोकल रहने वाली बताई जा रही है। 2 दिन पहले भी पकड़ाएपुलिस ने पीटा एक्ट के तहत 2 दिनों 2 बड़ी कार्रवाई की है। जहां पहली कार्रवाई रविवार की रात को केलो विहार कॉलोनी में की गई थी। यहां भी आरोपी के द्वारा किराए का मकान में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। जिसमें पुलिस ने आरोपी व एक ग्राहक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मंगलवार की रात को दूसरी कार्रवाई शिवा नगर क्षेत्र में की गई। पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रहीअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक साईबर अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि शिवा नगर में एक पति-पत्नी के द्वारा बाहर से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार चलाया जा रहा है। जिस पर पुलिस ने दबिश दी और वहां से दो बाहर से आयी हुई लड़कियां मिली। मामले में पति-पत्नी को आरोपी बनाया गया है और आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में एक सड़क हादसे में नशे में धुत कार चालक ने एक बुजुर्ग साइकिल सवार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक बुजुर्ग को मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार होने का प्रयास कर रहा था। इस घटना का वीडियो सामने आया है। पीड़ित की पहचान मोलवीगंज फतेहपुर निवासी 60 वर्षीय जमाल अहमद पुत्र मुदस्सिर के रूप में हुई है। वह इसरौली कस्बे से काम निपटाकर साइकिल से घर लौट रहे थे। फतेहपुर–बाराबंकी रोड स्थित रसूलपनाह मोड़ पर पीछे से आ रही इनोवा कार (UP 33 W 3303) ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जमाल अहमद करीब सौ मीटर तक सड़क पर घसीटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद भी कार चालक नहीं रुका। साइकिल कार के नीचे फंस गई थी, जिसे चालक लगभग एक किलोमीटर तक घसीटता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने कार को रोकने का प्रयास किया और चालक को आवाजें दीं, लेकिन नशे में धुत चालक ने ध्यान नहीं दिया। लोगों ने बस स्टॉप पर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार को रोका और चालक को हिरासत में ले लिया। कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। गंभीर रूप से घायल जमाल अहमद को पुलिस ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम आदमी पार्टी के नेता और मजीठा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी तलबीर सिंह गिल ने अमृतसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया मामले को लेकर अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोला। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बिक्रम मजीठिया को मिली जमानत को लेकर खुलकर बयान देते हुए कहा कि जमानत हर मामले में मिल जाती है । जमानत मिलने पर जश्न मनाना पूरी तरह से गलतफहमी और जनता को गुमराह करने की कोशिश है। तलबीर सिंह गिल ने साफ शब्दों में कहा कि जमानत मिलना किसी भी मामले का अंत नहीं होता। केस अभी अदालत में चल रहा है और अंतिम फैसला आना बाकी है। उन्होंने कहा कि अकाली दल कि जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो, जबकि सच्चाई यह है कि अभी अदालत में कई अहम सबूत पेश किए जाने हैं। पैसों के लेन-देन का सच होगा उजागर आप नेता ने कहा कि सरकार के पास इस मामले से जुड़े बड़े दस्तावेज और पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें समय आने पर अदालत में रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट की कार्यवाही के दौरान पैसों के लेन-देन का पूरा सच सामने आएगा—कहां से पैसा आया, किन कंपनियों से जुड़ाव रहा और उसका इस्तेमाल कहां किया गया, यह सब न्यायिक प्रक्रिया के तहत उजागर होगा। बेबुनियाद बयानबाजी से पंजाब को नुकसान तलबीर गिल ने कहा कि सिर्फ जमानत के आधार पर बेबुनियाद बयानबाजी करना पंजाब के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें जानबूझकर माहौल खराब कर रही हैं और जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अब कोई अलग या पाक-साफ पार्टी नहीं रही, बल्कि अकाली दल के साथ मिलकर एक ही राजनीति कर रही है। उन्होंने अंत में कहा कि आम आदमी पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करती है और अदालत के अंतिम फैसले को स्वीकार करेगी। आने वाले दिनों में जब सच्चाई सामने आएगी, तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत। तलबीर सिंह गिल ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी पंजाब और पंजाबियों के हितों के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी और सच्चाई को सामने लाने की लड़ाई जारी रखेगी।
वाराणसी के चौक थाने में कोडीन कफ सिरप मामले में टिप्पणी करने समेत अन्य धाराओं में दर्ज आपराधिक मामले में पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर की जमानत अर्जी पर आज सुनवाई टल गई। डॉ. नूतन ठाकुर ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दाखिल की। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने इस अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज की अदालत में केस पटल पर रखा लेकिन अभियोजन की ओर से केस डायरी व अन्य प्रपत्र कोर्ट में नहीं आने की बात कही गई। इसके बाद अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए अगली तिथि 6 फरवरी नियत कर दी। अदालत में उनके अधिवक्ता अनुज यादव भी मौजूद रहे। जानिए नूतन ठाकुर पर दर्ज मामला बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में बीते नौ दिसम्बर 2025 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि बीते 30 नवंबर 2025 को आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए अर्नगल आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक व गलत खबर प्राचारित किया है। जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर व एक अन्य अज्ञात के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में पिछले दिनों पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से लाकर कोर्ट में पेश कर उनका न्यायिक रिमांड बनाया गया। इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को पिछले दिनों कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं अब उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने भी अपने अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी, अब इस पर 6 फरवरी को सुनवाई होगी।
चंडीगढ़ नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार ने बुधवार को मनीमाजरा में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिवालिक गार्डन का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गार्डन की देखरेख और रखरखाव में कई खामियां पाई गईं। निरीक्षण के बाद नगर निगम कमिश्नर ने हॉर्टिकल्चर विभाग के एसडीओ रोहित गर्ग से इन खामियों को लेकर जवाब मांगा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद कमिश्नर अमित कुमार ने तत्काल प्रभाव से एसडीओ रोहित गर्ग को सस्पेंड कर दिया। कर्मचारियों को सख्त चेतावनी कमिश्नर ने मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गार्डन में पाई गई सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी ठीक से काम नहीं करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सिफारिश भी किसी के काम नहीं आएगी।
चूरू के मातृ एवं शिशु अस्पताल के नीकू वार्ड में दस दिनों तक भर्ती रहने के बाद एक नवजात शिशु को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई। नवजात के पिता अभिषेक योगी ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सरकारी डीबी अस्पताल जैसी बेहतरीन व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी। नवजात की प्लेटलेट्स हो रही थी कम बलारा निवासी अभिषेक योगी ने बताया कि 27 नवंबर को उनकी पत्नी पूजा ने एक बेटे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ दिनों बाद नवजात की प्लेटलेट्स कम होने लगीं। परिजनों ने 15 जनवरी को उसे चौमूं के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब एक सप्ताह तक इलाज चला, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की पाचन क्रिया में समस्या है और ऑपरेशन की आवश्यकता होगी, जिसमें लगभग तीन से चार लाख रुपए का खर्च आएगा। जेके लॉन अस्पताल में नहीं मिला वेंटिलेटर बेड इसके बाद परिजन 22 जनवरी को नवजात को जयपुर के जेके लॉन अस्पताल ले गए। वहां उन्हें बताया गया कि अस्पताल में वेंटिलेटर बेड खाली नहीं हैं। परिजनों को अपनी जोखिम पर नवजात को भर्ती करने के लिए कहा गया और इसके लिए लिखित प्रक्रिया भी पूरी की गई। अपने बच्चे को खोने के डर से परिजन चिंतित थे। तभी किसी व्यक्ति ने उन्हें सलाह दी कि चूरू मेडिकल कॉलेज के डीबी अस्पताल में अच्छी व्यवस्था और डॉक्टरों की टीम उपलब्ध है। डीबी अस्पताल में बच्चे के इलाज के लिए तैयार मिली डॉक्टर्स की टीम अभिषेक योगी ने तुरंत एक वेंटिलेटर एम्बुलेंस किराए पर ली और रात करीब दो बजे नवजात को लेकर चूरू के डीबी अस्पताल पहुंचे। वहां रात में ही मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. पुकार, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी, डॉ. संदीप कुल्हरी और डॉ. विश्वजीत की टीम बच्चे के इलाज के लिए तैयार मिली। डॉक्टरों की टीम ने दस दिनों तक गहन इलाज कर उसे पूरी तरह स्वस्थ कर दिया और 2 फरवरी को छुट्टी देकर घर भेज दिया । इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. पुकार ने बताया कि नवजात को पाचन क्रिया में कुछ समस्या थी। वह दूध नहीं पी पा रहा था और लगातार उल्टी कर रहा था। निजी अस्पताल ने कही सर्जरी की बात, डीबी अस्पताल में निशुल्क हुआ इलाज जिसको चौमूं के निजी अस्पताल व जयपुर के अस्पताल के डॉक्टर्स ने सर्जरी करवाने के लिए कहा था। मगर चूरू के डीबी अस्पताल में नवजात को बिना ऑपरेशन कर इलाज किया गया। जिसको अस्पताल से डिसचार्ज कर दिया गया। अस्पताल में नवजात का निशुल्क इलाज किया गया। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार के चूरू आने के बाद डीबी अस्पताल की सुविधाओं में जहां विस्तार हुआ हैं। वहीं कई गंभीर रोगियों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवनदान भी दिया गया हैं। इससे पहले गत दिनों में मेडिकल कॉलेज में हुई समीक्षा बैठक में भी विधायक हरलाल सहारण व जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने अस्पताल की सुविधाओं व व्यवस्थाओं का मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. पुकार, अस्पताल अधीक्षक डॉ. चौधरी सहित डॉक्टर्स टीम की प्रशंसा की थी।
डीडवाना-कुचामन जिले की योजना शेखावत (पिहू) ने जयपुर में आयोजित मिनी सब जूनियर ओपन तीरंदाजी टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया। लाडनू उपखंड के मिठड़ी मारवाड़ निवासी योजना शेखावत ने 15 मीटर तीरंदाजी स्पर्धा में कुल 360 अंकों में से 333 अंक अर्जित किए। इस उपलब्धि के साथ, पिहू अब राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। योजना शेखावत के पिता विपेंद्र सिंह शेखावत वर्तमान में राजस्थान पुलिस विभाग में डूंगरपुर जिले में सेवारत हैं। पिहू ने डूंगरपुर में रहकर ही नियमित रूप से तीरंदाजी का अभ्यास किया और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया। पिहू की इस सफलता पर उनके परिवारजनों, खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न खेल संगठनों ने भी पिहू को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
पानीपत में बिजली निगम के लाइनमैन पर हमला:ईंट और टाइल से किया वार, झगड़े का बीच-बचाव करने पहुंचा था
पानीपत शहर के सेक्टर-11 में सरकारी ड्यूटी के दौरान झगड़ा शांत कराना बिजली निगम के एक लाइनमैन को भारी पड़ गया। दो युवकों ने न केवल लाइनमैन का रास्ता रोका, बल्कि उन पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में दो नामजद सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सेक्टर 11 में काम से गए थे बिजली निगम (UHBVN) में कार्यरत लाइनमैन मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि 3 फरवरी की सुबह वह अपने JE सुरेश कुमार और अन्य स्टाफ के साथ सेक्टर-11 स्थित देवेंद्र बेकरी के पास सरकारी काम से गए थे। उसी समय वहां राजेश और केशव (निवासी वर्मा चौक, कुटानी रोड) अपने दो अन्य साथियों के साथ आपस में झगड़ा कर रहे थे। बीच बचाव करने पर भड़के मनोज कुमार ने जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपी उन पर ही भड़क गए। पीड़ित ने बताया कि जब वह वहां से अपने दफ्तर की ओर जाने लगे, तो राजेश और केशव ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने ईंट और सीमेंट की टाइल से मनोज के सिर पर पीछे से हमला कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सरकारी काम में डाली बाधा पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचाई और सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि सरकारी काम में भी बाधा डाली। पुलिस को मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) भी सौंप दी गई है। चांदनीबाग थाना पुलिस ने मनोज कुमार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 121(1), 126(2), 132, 221, 351(3), और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बेटे से कहासुनी के बाद मां ने खाया जहर:बहराइच में हालत गंभीर, जिला अस्पताल में इलाज जारी
बहराइच जिले के मोतीपुर इलाके में बेटे से कहासुनी के बाद एक महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना मोतीपुर थाना क्षेत्र के तमोलीपुरवा गांव की है। यहां की निवासी 50 वर्षीय जमुना देवी का अपने बेटे के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद जमुना देवी ने घर में रखा जहरीला पदार्थ पास के खेत में जाकर खा लिया। आसपास मौजूद लोगों ने महिला की बिगड़ती हालत देखकर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।जिला अस्पताल में चिकित्सकों की टीम जमुना देवी का इलाज कर रही है। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मक्खनपुर थाना क्षेत्र में सामने आया यह हत्याकांड न सिर्फ रिश्तों को झकझोर देने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शक और लालच इंसान को किस हद तक हैवान बना सकता है। पुलिस ने जिस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है, उसमें आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद मृतक का पिता निकला। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजेश कुमार ने अपने ही बेटे मयंक की निर्मम हत्या की है। वजह—संपत्ति विवाद और यह शक कि मयंक उसका जैविक पुत्र नहीं है। आरोपी राजेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी शादी करीब 22 साल पहले उर्मिला से हुई थी। वह शराब पीने का आदी था, जिस वजह से पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे। पारिवारिक विवाद इस कदर बढ़ा कि शादी के करीब 6 साल बाद उर्मिला मायके चली गई और लंबे समय तक वहीं रही। इसी दौरान परिवार के दबाव में राजेश के पिता रामकिशन ने मकान का बैनामा मयंक के नाम करा दिया, हालांकि उसका संरक्षक राजेश ही था। यहीं से संपत्ति को लेकर राजेश के मन में कुंठा और गुस्सा पनपने लगा। शक ने जन्म दिया हत्या के प्लान को राजेश का दावा है कि उसे लंबे समय से यह शक था कि मयंक उसका बेटा नहीं है। पत्नी के मायके में लंबे समय तक रहने और रिश्तों में खटास ने उसके मन में यह शक और गहरा कर दिया। यही शक धीरे-धीरे नफरत में बदल गया और उसने बेटे को रास्ते से हटाने की ठान ली। राजेश ने पुलिस को बताया कि उसने 2 फरवरी 2026 को अपनी पत्नी उर्मिला और बेटे मयंक—दोनों की हत्या की योजना बनाई थी। दोपहर करीब 2 बजे, मयंक स्कूल से घर लौटा और अपने कमरे में मोबाइल पर गेम खेलने लगा। उसी समय राजेश छत पर बैठा था। मौका मिलते ही वह हंसिया लेकर नीचे आया और मयंक के सिर पर पहला वार कर दिया। घायल मयंक जान बचाने के लिए कमरे से बाहर भागा, लेकिन सीढ़ियों के पास गिर पड़ा। 25-30 वार, पिता बना जल्लाद इसके बाद राजेश ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं। उसने मयंक के सिर, चेहरे और शरीर पर करीब 25 से 30 वार किए। खून से लथपथ मयंक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद राजेश ने फर्श पर फैले खून को बोरे से साफ किया, फिर खून से सना बोरा और अपना लोवर छत से पास के खाली प्लॉट में फेंक दिया। संदूक में शव छिपाने की कोशिश राजेश इसके बाद मयंक के शव को हंसिया समेत नीचे लाया और संदूक में रखकर ताला लगाने ही वाला था, तभी उसकी पत्नी उर्मिला वहां पहुंच गई। उर्मिला ने राजेश के हाथ में खून से सनी हंसिया देख ली। घबराए राजेश की योजना यहीं फेल हो गई। वह पत्नी की हत्या नहीं कर सका और हंसिया लेकर फैक्ट्री की ओर भाग निकला। सरसों के खेत में फेंकी हंसिया, पुलिस ने की बरामद भागते समय आरोपी ने मोती फैक्ट्री से स्टेशन की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर सरसों के खेत में हंसिया फेंक दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वहां से हत्या में इस्तेमाल की गई हंसिया बरामद कर ली है। पुलिस का खुलासा: शक और संपत्ति बना कत्ल की वजह पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी राजेश कुमार ने संपत्ति विवाद और बेटे के पितृत्व पर संदेह के चलते इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लुधियाना के हैबोवाल रोड पर चला निगम का पीला पंजा:JCB के साथ सड़कों पर जमे अवैध कब्जों को हटाया
लुधियाना के सबसे व्यस्त और जाम से जूझते हैबोवाल रोड पर आज सुबह नगर निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जोन-डी के अधिकारियों ने भारी पुलिस बल और जेसीबी (JCB) के साथ सड़कों पर जमे अवैध कब्जों को हटाया । निगम की इस अचानक कार्रवाई से दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लगातार मिल रही शिकायतों पर एक्शन निगम के अधिकारी जसदेव सेखों ने मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि हैबोवाल इलाके से लगातार ट्रैफिक जाम और सड़कों पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान सड़कों तक फैला रखा था जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया था। इसी के चलते आज सुबह ही टीम ने मोर्चा संभाला और पूरी रोड को अतिक्रमण मुक्त करवाया। जानकारी देते सेखों ने बताया रोड पर किए गए पक्के और कच्चे अवैध ढांचों को जेसीबी की मदद से ढहा दिया गया। कई दुकानदारों का सामान जब्त करने के साथ-साथ मौके पर ही भारी जुर्माना लगाया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों को अंतिम चेतावनी के साथ नोटिस थमाए गए हैं। निगम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। अगर दोबारा सड़क पर सामान सजाया गया तो बिना किसी रियायत के दुकान को सील कर दिया जाएगा। जनता की सुविधा सर्वोपरि है। हमने आज पूरी रोड को क्लियर किया है। अगर किसी ने फिर से अतिक्रमण करने की जुर्रत की तो अगली बार सिर्फ जुर्माना नहीं होगा सीधा सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ अब कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाओं की जिम्मेदारी भी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सौंपी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। नए आदेश के मुताबिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं का संचालन, प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर मूल्यांकन और परिणाम तक की पूरी जवाबदेही DEO की होगी। सरकारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था शासकीय, अनुदान प्राप्त, अशासकीय और स्वामी आत्मानंद स्कूलों पर भी लागू होगी। परीक्षाओं के लिए जिला स्तर पर संचालन समिति, प्रश्न पत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन किया जाएगा। वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच कराई जाएंगी, जबकि परिणाम 30 अप्रैल तक घोषित करने के निर्देश हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का विरोध इस आदेश को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी स्कूलों की आंतरिक परीक्षाओं में सरकारी हस्तक्षेप स्कूलों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अंतिम समय पर नियम बदलना व्यवहारिक नहीं है और इससे स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के निजी स्कूल आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस मुद्दे पर स्कूल शिक्षा विभाग और मंत्री से मुलाकात कर मांग रखी जाएगी। क्या है नया आदेश बोर्ड के साथ कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षाओं की निगरानी DEO करेंगे प्रश्नपत्र निर्माण, मॉडरेशन और वितरण जिला स्तर पर होगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्तर पर परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल तक घोषित करने के निर्देश
कोंडागांव पुलिस ने मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जियो कंपनी का एक इंजीनियर मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 13 लाख 22 हजार रुपए की चोरी की सामग्री और घटना में इस्तेमाल वाहन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, 1 फरवरी 2026 को रामकुमार राय ने उरन्दाबेड़ा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी 2026 को ग्राम भोगापाल स्थित जियो मोबाइल टावर से 72 बैटरियां चोरी हो गई थी। इस पर थाना उरन्दाबेड़ा में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत धारा 3(5), 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। कबाड़ी के जरिए राजनांदगांव तक पहुंची चोरी की बैटरियां जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि चोरी की बैटरियों को समर मोहम्मद नामक कबाड़ी के माध्यम से राजनांदगांव निवासी आबिद मलिक को बेचा गया था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने समर मोहम्मद को रायपुर से और आबिद मलिक को राजनांदगांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा, 48 बैटरियां स्क्रैप में बेची गईं पूछताछ में आबिद मलिक ने बताया कि उसने 72 टावर बैटरियां खरीदी थीं। इनमें से 48 बैटरियां स्क्रैप कर बेच दी गईं, जबकि 24 बैटरियां सुरक्षित रखी गई थी। 13.22 लाख की संपत्ति बरामद, स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से यह सामग्री जब्त की 24 नग टावर बैटरियां (कीमत 1,72,000 रुपए) स्क्रैप बिक्री की रकम 50,000 रुपये स्कॉर्पियो वाहन (CG-05-AE-5183) अनुमानित कीमत 11 लाख रुपए इस तरह कुल 13,22,000 रुपये की चोरी की संपत्ति बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन हैं गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं- राघवेन्द्र कुमार साहू (33 वर्ष) निवासी भखारा, जिला धमतरी आबिद मलिक (23 वर्ष) निवासी राजनांदगांव, मूल निवासी उत्तर प्रदेश समर मोहम्मद मालिक (37 वर्ष) निवासी रायपुर, मूल निवासी उत्तर प्रदेश कृष्णा कुमार साहू (33 वर्ष) निवासी भखारा, जिला धमतरी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
रेवाड़ी जिले के गांव गोकलगढ़ में चोरों ने तीन दुकानों के ताले तोड़कर लाखों का सामान चोरी कर लिया। एक रात में तीन दुकानों के ताले टूटने से ग्रामीणों विशेषकर दुकानदारों में रोष है। ग्रामीण पुलिस और सरपंच के कहने पर भी सर्दी के मौसम में ठीकरी पहरा लगाने को तैयार नहीं है। पुलिस का कहना है कि थाने के करीब 70 फीसदी गांवों में ग्रामीण ठीकरी पहरा लगा रहे हैं। जहां सर्दी के मौसम में चोरी की कोइ वारदात नहीं हुई है। जिन गांवों में ठीकरी पहरा नहीं लग रहा है, वहां असामाजिक तत्व मौका पाकर ऐसी वारदाते हो रही हैं। तीन दुकानों के ताले तोड़कर वारदात चोरों ने मंगलवार-बुधवार की रात गांव में बस अड्डे पर एक के बाद एक तीन दुकानों के ताले तोड़े। चोर एक स्वर्णकार की दुकान का ताला तोड़कर लाखों रुपए का गहने चुरा लिए। चोरों ने एक परचून की दुकान का ताला तोड़ा और वहां से हजारों रुपए का सामान चुरा लिया। चोरों ने एक डॉक्टर के क्लिनिक का ताला भी तोड़ा, परंतु वहां से चोरी की सूचना नहीं है। इन गांवों लग रहे ठीकरी पहरे सदर थाना क्षेत्र के गांव लिसाना,बूढपुर, मांड्या खुर्द, बोढ़िया कमालपुर, बीकानेर, भूरथल ठेठर, जाट भूरथल, गंगायचा जाट, गगांयचा अहीर, काकोड़िया , चिल्लर और रसूली सहित करीब 70 फीसदी गांवों में सर्दी के मौसम में ठीकरी पहरे लगाए जा रहे हैं। गोकलगढ़ सहित 30 फीसदी गांवों में ठीकरी पहरे शुरू नहीं हो पाए। ठीकरी पहरा की बात नहीं मानते ग्रामीण गांव के सरपंच प्रतिनिधि राजबीर ने बताया कि सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद पुलिस ने गांवों में ठीकरी पहरा लगाने का प्रस्ताव दिया था। पंचायत इस बारे में कई बार ग्रामीणों से बातचीत कर चुकी है, परंतु ग्रामीण पंचायत की बात नहीं मान रहे। जिससे सदर पुलिस को अवगत करवा दिया था। अर्ध शहरी क्षेत्र होने के कारण पुलिस को रात के समय गांव में गश्त बढ़ानी चाहिए। सरपंच से कई बार कर चुके अनुरोध सदर थाना एसएचओ राजेंद्र ने बताया कि सर्दी के मौसम में चोरी की वारदात बढ़ जाती हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही पुलिस ने सभी गांवों में पंचायतों से ठीकरा पहरा लगवाने का अनुरोध किया था। थाने के 70 फीसदी गांवों में ठीकरी पहरे लग रहे हैं। जहां चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगा है। गोकलगढ़ सहित कई गांव बार बार कहने के बाद भी ठीकरी पहरा नहीं लगा रहे। गांव की दो दुकानों में रात को चोरी हुई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी देखे जा रहे हैं, ताकि चोरों की पहचान की जा सके
हिसार के गांव मोहब्बतपुर निवासी युवा पावर लिफ्टर वरुण सागर ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। नोएडा में आयोजित डब्ल्यूपीसी इंडिया इक्विप्ड नेशनल पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में वरुण सागर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में देशभर से आए नामी पावरलिफ्टर्स ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच वरुण सागर ने अपनी ताकत और तकनीक का लोहा मनवाते हुए गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। मंगलवार को जैसे ही वरुण की इस ऐतिहासिक जीत की सूचना अग्रोहा पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। वरुण सागर के अग्रोहा आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। डीजे पर देशभक्ति गीतों की गूंज, फूलमालाओं व गुलदस्तों के साथ सैकड़ों गाड़ियों के काफिले में वरुण सागर को लांधड़ी टोल से विनायक सिटी, अग्रोहा तक सम्मानपूर्वक लाया गया। विनायक सिटी पहुंचने पर विजेता वरुण सागर ने अपने दादा प्रह्लाद राय शर्मा सहित परिवार के सभी वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया। पिता बोले- वरुण ने कठोर अभ्यास किया वरुण सागर के पिता विद्या सागर शर्मा ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वरुण ने लंबे समय तक कठोर अभ्यास और अनुशासन का पालन किया। यह स्वर्ण पदक उसकी मेहनत, आत्मविश्वास और कोच के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। हमें गर्व है कि वरुण ने परिवार, गांव, जिला और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर विनायक सिटी परिवार के सदस्यों मनदीप किरमारा, अजित कालीरावण, मुकेश सिंगला, प्रदीप सिहाग, मास्टर लाल सिंह, राजा सरपंच, रामफल, राजपाल, भरता जाखड़, ईश्वर शर्मा, प्रदीप शर्मा, सुरेश शर्मा फौजी, अश्विन जाखड़, सोनू बंसल, मांगेराम बंसल, सतीश शर्मा लांधड़ी, दयानंद शर्मा, मोनू, हैप्पी मूंड, सुरेश लांधड़ी, कालू भादू सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने वरुण सागर को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की राजकीय महाविद्यालय इकाई ने Raj-CES ((Rajasthan College Education Society) महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम करौली में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस योजना को उच्च शिक्षा के लिए गंभीर और दूरगामी नुकसानदायक बताया है। महासंघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि Raj-CES योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है। पर्याप्त अधोसंरचना, संसाधनों की कमी तथा शोध और नवाचार की सीमित संभावनाओं के कारण यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप नहीं है। गुणवत्ता पर असर का आरोपसंगठन ने आशंका जताई है कि संविदा और अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अकादमिक निरंतरता और बहुविषयक विकास प्रभावित होगा। ज्ञापन के अनुसार, सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच पूर्ववर्ती सरकार ने 303 नए Raj-CES कॉलेज घोषित किए थे। वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 और 2024-25 तक 71 अतिरिक्त महाविद्यालयों की घोषणा के साथ इनकी कुल संख्या 374 हो चुकी है। इनमें से करीब 260 महाविद्यालय ऐसे हैं, जहां एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है। आंदोलन की दी चेतावनीमहासंघ ने आरोप लगाया कि Raj-CES नियम-2023 में संशोधन के बाद 5 साल के लिए फिक्स्ड पे पर संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के क्रमांक 41 के तहत टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक संवर्गों की चयन प्रक्रिया को नीति-विरोधी बताते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की गई है। महासंघ की प्रमुख मांगों में सोडाणी समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक कर उन्हें लागू करना, सभी Raj-CES महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में संचालित करना और अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भेजी गई अभ्यर्थनाओं को निरस्त करना शामिल है।महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
टावर पर चढ़ा युवक, बोला-शादी करा दो:पुलिस ने एक घंटे बाद समझाकर उतारा, परिवार वालों को सौंपा
जिले के महुली कस्बे के मुख्य चौराहे के पास एक युवक टेलीफोन टावर पर चढ़ गया। उसने टावर पर चढ़कर पैसे और शादी की मांग की, जिससे करीब एक घंटे तक ड्रामा चलता रहा। पुलिस और स्थानीय लोग उसे नीचे उतारने में जुटे रहे। महुली कस्बा निवासी 25 वर्षीय विकास गुप्ता उर्फ विक्की पुत्र श्रीगुप्ता चौराहे के पास टेलीफोन टावर पर चढ़ा था। टावर के बीच में पहुंचकर वह नारे लगाने लगा। पिकेट बूथ पर मौजूद कांस्टेबल अरविंद यादव ने उसे नीचे उतरने की अपील की और डायल 112 व थानाध्यक्ष महुली को घटना की सूचना दी। युवक पहले पैसे और बाद में शादी कराने की मांग पर अड़ा रहा। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, उसकी जिद भी बढ़ती गई। करीब एक घंटे के अथक प्रयास के बाद, पुलिस और ग्रामीणों के समझाने पर युवक टावर से नीचे उतरा। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष रजनीश राय ने नीचे उतरे युवक को उसके परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। यह घटना पूरे कस्बे में चर्चा का केंद्र बनी रही।
गुना के म्याना थाना इलाके के भदौरा गांव के जंगल में सिर कटी लाश मिली है। गाय चराने गए एक युवक की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। वह मंगलवार से लापता था। आज उसका शव जंगल में मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह भदौरा के जंगल में ग्रामीणों को एक शव पड़ा हुआ दिखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक युवक का शव पड़ा हुआ था। उसकी गर्दन धड़ से अलग थी। किसी धारदार चीज से उसका गला काटकर हत्या की गई थी। धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या मृतक की पहचान रतिराम कुशवाह (उम्र लगभग 40 से 50 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रतिराम बुधवार को गाय चराने जंगल गया था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों की ओर से तलाश के बाद आज सुबह जंगल में उसका शव मिला। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि युवक की धारदार हथियार से हत्या की गई है। शव मिलने की सूचना पर म्याना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन शंखनाद’ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में कुल 74 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इस दौरान पुलिस ने दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना नारायणपुर और चौकी मनोरा क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में हुई। गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। मामले से जुड़े अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। नदी किनारे से 32 गौवंश बरामद थाना नारायणपुर क्षेत्र में 2 फरवरी की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम चटकपुर-चांचीडांड के पास बेने डेम के नीचे ईब नदी किनारे कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को पैदल झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने अमन टोप्पो (20 ) निवासी ग्राम कजरा, कनपोड़ा, थाना नारायणपुर और एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ लिया। बाकी आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पूछताछ में तस्करी की पुष्टि पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर गौवंशों को झारखंड ले जा रहे थे। मौके से 32 गौवंश बरामद किए गए। सभी का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। आरोपियों के पास गौवंशों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। इन धाराओं में केस दर्ज इस मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अमन टोप्पो को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा जा रहा है। पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों की सतर्कता से 42 गौवंश सुरक्षित इसी अभियान के तहत 31 जनवरी की शाम चौकी मनोरा क्षेत्र के ग्राम केसरा के बड़ा पहाड़ जंगल में ग्रामीणों की सतर्कता से 42 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया। ग्रामीणों को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित कब्जे में लेकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। पशु क्रूरता अधिनियम में भी मामला दर्ज चौकी मनोरा क्षेत्र के मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी बोले- गौ तस्करी में शामिल कोई नहीं बचेगा डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी को लेकर बेहद संवेदनशील है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत तीन दिनों में 74 गौवंश सुरक्षित कराए गए हैं और दो तस्करों की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा।
करनाल में युवती ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:कमरे में कपड़े बदलने गई थी; परिजनों ने युवक पर जताया शक
करनाल जिला के तरावड़ी में एक युवती की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। युवती ने अपने घर में पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय सामने आई, जब वह नौकरी से लौटने के बाद अपने कमरे में कपड़े बदलने गई थी। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजनों ने कमरे में जाकर देखा, तो वह फंदे पर लटकी हुई मिली। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आज दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कंपनी में नौकरी करती थी मृतका की पहचान 27 वर्षीय ज्योति के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि ज्योति एक कंपनी में नौकरी करती थी। उसके चाचा जितेंद्र ने कहा कि वह किसी तरह की परेशानी में नहीं लगती थी और उसने कभी घर वालों को कोई समस्या नहीं बताई। कमरे में कपड़े बदलने गई, नहीं निकली बाहर परिजनों के अनुसार युवती रोजाना की तरह नौकरी से घर लौटी थी। मंगलवार की रात उसने घर आकर परिजनों से नॉर्मल बातचीत की और इसके बाद अपने कमरे में कपड़े बदलने चली गई। कुछ समय बीतने के बाद जब वह बाहर नहीं आई, तो परिजनों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा, तो युवती पंखे से चुन्नी के सहारे फंदे पर लटकी हुई थी। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने आसपास के हालात और कमरे की स्थिति का भी निरीक्षण किया। परिजनों ने एक युवक पर जताया शक थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि मृतका के परिजनों ने एक युवक पर शक जताया है, जो उसे परेशान करता था। उन्होंने कहा कि इस पहलू की गहनता से जांच की जाएगी। वहीं जांच अधिकारी अनुप ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल युवती के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
भागलपुर जिले की ललमटिया थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक तस्कर को 9.17 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास से नशीले पदार्थ की तौल में इस्तेमाल होने वाली दो डिजिटल तराजू भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोविंद चौधरी के रूप में हुई है। जो ललमटिया के पासी टोला का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से गोविंद चौधरी को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से ब्राउन शुगर और डिजिटल तराजू बरामद हुई। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस छापेमारी के दौरान गोविंद का भाई राजन मौके से फरार हो गया। जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन इलाकों से जुड़े है। ब्राउन शुगर की सप्लाई कहां से हो रही थी। जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
आजमगढ़ जिले के SSP डॉक्टर अनिल कुमार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया है जो न्यायालय से भरण पोषण का आदेश मिलने के बाद भी दशकों से न्यायालय और पुलिस थानों के चक्कर काट रही थी। इस अभियान के तहत कुल 126 मामलों में 23 लाख 400 से अधिक की धनराशि पीड़ित महिलाओं के खातों में पहुंचाई गई। इस अभियान का मुख्य मकसद उन महिलाओं को लाभान्वित करना है जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लगातार लंबी लड़ाई लड़ रही थी। और पुलिस थानों और कचहरी के चक्कर लगा रही थी। न्यायालय से समन्वय स्थापित कर मिली मदद दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए जिले के SSP डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं थी जिन्हें न्यायालय के आदेश मिलने के बाद भी किन्हीं कारणों से आदेशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने न्यायालय से समन्वय स्थापित कर इस तरह के मामलों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया और महिलाओं को न्याय दिलाने का प्रयास किया यही कारण है कि जिले में 126 से अधिक महिलाओं को इस तरह के मामलों में न्याय मिला। और उनके भरण पोषण भत्ते को भी दिलाया गया। 30 दिनों में दिलाए गए 9 लाख 37 हजार से अधिक का भरण पोषण आजमगढ़ पुलिस ने न्यायालय से समन्वय स्थापित करके 30 दिनों में पीड़ित महिलाओं को 9,37,500/- (नौ लाख सैत्तीस हजार पांच सौ रूपयें) की भरण–पोषण धनराशि दिलाई गई। अब तक कुल 126 मामलों में ₹ 23,00,400/- (तेईस लाख चार सौ रूपयें) की धनराशि पीड़िताओं के खातों में पहुंचाई गई। लंबित मामलों की गहन समीक्षा मिशन शक्ति 5.0 अभियान के शुभारंभ के उपरांत जनपद के सभी थानों में महिलाओं से संबंधित भरण–पोषण के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। थानों के पैरोकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक वाद को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। जिससे पीड़िताओं को शीघ्र न्याय मिल सके। आजमगढ़ SSP डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस पैरोकारों एवं थाना स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रकरण का सूक्ष्म अध्ययन कर न्यायालय में निरंतर उपस्थिति के माध्यम से सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। वर्षों से भरण–पोषण की धनराशि से वंचित महिलाओं एवं उनके बच्चों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहा। सामाजिक प्रभाव पारिजनों को राहत भरण–पोषण की धनराशि प्राप्त होने से आर्थिक संकट से जूझ रही महिलाओं एवं उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है। कई परिवारों के जीवनयापन में स्थायित्व आया है। इस पहल से महिलाओं का न्याय प्रणाली एवं पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है, तथा पीड़िताओं के चेहरों पर पुनः मुस्कान लौट आई है। SSP का संदेशवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मिशन शक्ति 5.0 अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, न्याय और सम्मान प्रदान करना है। भरण–पोषण से जुड़ी पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाना जनपद पुलिस की प्राथमिकता है। महिला हितों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता, तत्परता और प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। आजमगढ़ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत महिलाओं से संबंधित अन्य लंबित प्रकरणों को भी चिन्हित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है, ताकि प्रत्येक पीड़िता को समयबद्ध न्याय मिल सके। भरण–पोषण प्राप्त पीड़ित महिलाओं द्वारा न्यायालय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ और शासन-प्रशासन के कार्यों की सराहना की गई।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल बुधवार को निगम के अधिकारियों के साथ शहर की महत्वपूर्ण रामसर साइट सिरपुर तालाब पहुंचे। आयुक्त ने अधिकारियों से तालाब की वर्तमान स्थिति, संरक्षण के कामों एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने तालाब में फैली जलकुंभी को शीघ्र हटाने, कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने, सिरपुर तालाब के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने, तालाब में खाद्य सामग्री न डाली जाए इसलिए नागरिक को समझाइए देने के निर्देश दिए। साथ ही तालाब क्षेत्र एवं ग्रीन बेल्ट में किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी अथवा अतिक्रमण को रोकने के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाने के निर्देश भी दिए। आयुक्त ने सिरपुर तालाब परिसर में स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर एवं 20 एमएलडी क्षमता के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का भी निरीक्षण किया। एसटीपी प्लांट में स्थापित स्काडा सिस्टम, लैब सहित संपूर्ण प्लांट की कार्यप्रणाली को भी देखा। उन्होंने एसटीपी परिसर एवं आसपास व्यापक पौधारोपण करने तथा प्लांट से प्राप्त ट्रीटेड वाटर का उपयोग ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पौधों में करने के निर्देश दिए। बता दें कि सिरपुर तालाब के समीप निर्मित 20 एमएलडी क्षमता के एसटीपी प्लांट से वर्तमान में शहर के 14 उद्यानों एवं 10 हाइड्रेंट को रि-यूज वाटर की आपूर्ति की जा रही है। एसटीपी प्लांट का शेष कार्य पूर्ण होने के बाद इसे पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शेष काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए।
सिरसा जिले की डबवाली पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित 64 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई एक नशा तस्कर चरणजीत सिंह उर्फ चन्ना के खिलाफ की गई है, जिस पर कई एनडीपीएस मामले दर्ज हैं। चरणजीत सिंह उर्फ चन्ना निवासी जगमालवाली, जिला सिरसा, के खिलाफ थाना कालांवाली में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(c) के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सीआईए स्टाफ कालांवाली ने उसे उसके साथी गुरजीत सिंह निवासी घुकांवाली, जिला सिरसा, के साथ गांव हस्सू से 402 ग्राम हेरोइन और एक वरना कार सहित गिरफ्तार किया था। आरोपी चरणजीत सिंह वर्तमान में राजस्थान के राजगढ़ में न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ कुल 8 अभियोग दर्ज हैं। इनमें से 7 मामले थाना कालांवाली में और एक मामला तारानगर, चूरू, राजस्थान में दर्ज है। 6 केस कोर्ट में विचाराधीन है। आय से अधिक अवैध तरीके से अर्जित की संपत्ति मामले की जांच के दौरान, थाना कालांवाली और प्रॉपर्टी अटैचमेंट सेल, पुलिस जिला डबवाली ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी की आय और संपत्तियों की गहन वित्तीय जांच की। जांच में पाया गया कि आरोपी की संपत्तियां उसकी वैध आय से कई गुना अधिक थीं और पूरी तरह से अवैध तरीके से अर्जित की गई थी। इसके बाद, थाना कालांवाली द्वारा एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68 F(2) के तहत अवैध संपत्ति को फ्रीज करने के लिए एक रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की गई। सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने इस रिपोर्ट के आधार पर फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किया। फ्रीज की गई संपत्ति में कार और ट्रैक्टर भी शामिल जिसमें अटैच की गई संपत्ति में गांव जगमालवाली स्थित 8 कनाल में बना पक्का मकान व भूमि अनुमानित मूल्य 45 लाख 49 हजार 280 रुपए, वरना कार, महिंद्रा स्वराज ट्रैक्टर एक स्कूटी, 67.42 ग्राम सोने के आभूषण शामिल है। फ्रीज की गई संपत्ति की अनुमानित अवैध संपत्ति 64 लाख से अधिक पाई गई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी लंबे समय से युवाओं को नशे की लत में धकेलकर अवैध कमाई कर रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करों के आर्थिक ढांचे को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दस साल से टंकी से पानी की सप्लाई नहीं:पंचायत ने काम अधूरा बताया, PHE ने लापरवाही का आरोप लगाया
डिंडोरी जिले की धनुआ सागर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने दस साल पहले एक पानी की टंकी का निर्माण कर पंचायत को सौंप दिया था। हालांकि, पंचायत की कथित लापरवाही के कारण आज तक इस टंकी से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीण अभी भी बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी में पानी भरा होने के बावजूद उन्हें बोरवेल के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीण रामराज ने बताया कि गांव की लगभग 2 हजार की आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक साल पहले ग्राम पंचायत ने लगभग 100 मीटर पाइपलाइन बिछाने के नाम पर 3 लाख रुपये निकाले थे, लेकिन टंकी से पानी की आपूर्ति अभी भी ठप है। बोरवेल की मोटर आए दिन खराब होती रहती है, और हैंडपंप ही उनका एकमात्र सहारा है। इस मामले पर प्रभारी सचिव राकेश परस्ते ने बताया कि टंकी निर्माण के बाद पीएचई विभाग के ठेकेदार ने टंकी से वितरण पाइपलाइन तक कनेक्शन ही नहीं किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ जगहों पर पाइपलाइन टूटी-फूटी है। परस्ते के अनुसार, इस संबंध में एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है और जल्द ही पाइपलाइन से कनेक्शन होने के बाद पानी की आपूर्ति शुरू हो सकेगी। वहीं, पीएचई विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर अमानुल्ला खान ने बताया कि विभाग ने दस साल पहले टंकी का निर्माण पूरा कर दिया था। मढ़िया रास वाटर फिल्टर प्लांट से टंकी में पानी भरा जाता है, लेकिन ग्राम पंचायत इसका उपयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हैं, तो पंचायत को इसके लिए प्रस्ताव बनाकर देना चाहिए। पीएचई अधिकारी का कहना है कि पानी की टंकी का संचालन ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है।
दो पैनकार्ड मामले में अब्दुल्ला आज़म की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। बुधवार को अभियोजन पक्ष की बहस का पहला दिन रहा। सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने सजा को बरकरार रखने के लिए अपनी दलीलें पेश कीं। इससे पहले, बचाव पक्ष की ओर से आज़म खान के वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान अब्दुल्ला आज़म को राहत दिए जाने की मांग करते हुए अपनी बहस पूरी कर चुके हैं। अब सेशन कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के बाद यह तय होगा कि अब्दुल्ला आज़म को सजा में राहत मिलती है या निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है। इस मामले की सुनवाई 12 जनवरी 2026 को शुरू हुई थी, जब एडीजीसी सीमा राणा ने अब्दुल्ला आज़म की अपील पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उस दिन आंशिक बहस हुई थी, जिसके बाद कई तारीखें तय की गईं। लगातार सुनवाई के बाद, 2 फरवरी 2026 को बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी बहस पूरी की। इसके बाद अभियोजन पक्ष की बहस के लिए बुधवार की तारीख तय की गई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार, एडीजीसी सीमा राणा सेशन कोर्ट पहुंचीं और अभियोजन की ओर से सजा को सही ठहराने के लिए बहस शुरू की। गौरतलब है कि रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को अब्दुल्ला आज़म को दो पैनकार्ड रखने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा के नगर विधायक आकाश सक्सेना द्वारा रामपुर की सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस फैसले को लेकर खासा इंतजार किया जा रहा है।
हाजीपुर में ससुराल के दरवाजे पर कार से बेटी की लाश फेंकने के मामले में पुलिस ने पति सत्येन्द्र कुमार को पटना से गिफ्तार किया है। वारदात में मदद करने वाला दरोगा को भी जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पति ने ही पत्नी की हत्या की थी। इसके बाद दरोगा दोस्त की स्कॉर्पियो से शव को लड़की के घर के बाहर फेंका था। 15 जनवरी की रात सरिता की लाश घर के सामने मिली थी। स्कॉर्पियो से बॉडी फेंकने का वीडियो भी सामने आया था। इसमें दिख रहा रहा था कि 15 जनवरी की रात 12 बजकर 38 मिनट पर घर के बाहर काले रंग की स्कॉर्पियों आकर रुकती है। फ्रंट सिट से एक शख्स उतरा और गाड़ी के पीछे का दरवाजा खोला। फिर उसने महिला के शव को गाड़ी से निकालकर जमीन पर फेंक दिया और तुरंत वहां से फरार हो गया। सरिता के भैसुर, एक दारोगा सहित पांच अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। घटना हरिहरनाथ थाना क्षेत्र के कोइरी पट्टी गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम सबसे पहले CCTV फुटेज की 3 तस्वीरें देखिए... पिता ने पति समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था सरिता की शव मिलने के बाद परिवार ने घर का CCTV चेक किया। CCTV में स्कॉर्पियो दिखी। इस गाड़ी से सरिता अक्सर अपने घर आती-जाती थी। ये गाड़ी सरिता के पति के दरोगा दोस्त संतोष की थी। पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। इसके बाद सरिता के पिता ने पति सत्येंद्र कुमार सहित 5 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया। मामले की जांच के लिए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक प्रीतीश कुमार के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया था। दरोगा को भी गिरफ्तार किया गया SIT ने 21 जनवरी को अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर सरिता प्रकाश के भैसुर जीतन सिंह, उनके बेटे प्रिंस कुमार और राकेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने शव फेंकने में इस्तेमाल की गई दारोगा संतोष रजक की स्कॉर्पियो को उसके ससुराल, लालगंज थाना क्षेत्र से बरामद किया। जांच-पड़ताल के बाद दारोगा संतोष रजक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। दारोगा संतोष रजक मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर कांटी थाना में पदस्थापित था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर SP ने उसे निलंबित कर दिया। अब जानिए बेटी की लाश मिलने के बाद परिवार ने क्या कहा था 9 महीने पहले हुई थी सरिता की शादी हत्या के बाद सरिता के पिता जय प्रकाश महतो ने भास्कर को बताया था कि, 'ससुराल वालों ने दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या की है। सरिता की शादी 9 महीने पहले वैशाली जिले के करतहां थाना क्षेत्र के रघुनाथ सिंह के बेटे सतेंद्र कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार पैसों की मांग कर रहे थे। दस दिन पहले सरिता और उसके पति सतेंद्र ने उनसे जमीन लिखवाने के लिए 8 लाख रुपए मांगे थे, जो उन्होंने किसी तरह जुटाकर दिए। इसके बाद सतेंद्र ने फिर फोन कर 5 लाख रुपए की और मांग की। हमारे पास नहीं थे तो मना कर दिया।' सतेंद्र और सरिता की शादी की 2 तस्वीरें पिता बोले- दामाद का अफेयर चल रहा था जय प्रकाश महतो ने बताया, 'घटना से एक दिन पहले करीब 6 बजे मेरी बेटी से बात हुई थी। सरिता ने मुझे बताया था कि 16 लाख रुपए जमा हो गए हैं और शुक्रवार को जमीन की रजिस्ट्री होनी है। हालांकि, अगली सुबह जब सोकर उठे, तो उनकी बेटी का शव उनके घर के सामने पड़ा मिला।' पिता ने आशंका जताई है कि ससुराल वालों ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या की और शव को उनके घर के दरवाजे पर फेंककर फरार हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटी के ससुराल वालों के फोन बंद आ रहे हैं। 2 पत्नियों को पहले ही छोड़ चुका था पति मृतका के पिता जयप्रकाश महतो ने बताया कि उन्हें शादी से पहले ही सत्येंद्र कुमार के विवादित अतीत की जानकारी थी। सत्येंद्र की पहले दो शादियां हो चुकी थीं, एक सराय और दूसरी जंदाहा में। वह अपनी दोनों पत्नियों को वह छोड़ चुका था। इसके अलावा यह शराब के एक मामले में जेल भी जा चुका था। परिजन के अनुसार, समाज के कुछ लोगों द्वारा यह कहे जाने पर कि सत्येंद्र अब सुधर गया है और उसका रुतबा देखते हुए उन्होंने 9 मई 2025 को अपनी बड़ी बेटी सरिता की शादी उससे कर दी। दरोगा ने कहा था- गाड़ी मेरी, लेकिन घटना से लेना-देना नहीं मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि CCTV में दिख रही स्कॉर्पियो दरोगा की है। स्कॉर्पियो दरोगा संतोष रजक के नाम पर रजिस्टर्ड है। संतोष रजक की पोस्टिंग मुजफ्फरपुर के कांटी में है। गाड़ी का नंबर झारखंड के हजारीबाग का है। पिता ने बताया था कि, दरोगा की गाड़ी दामाद के घर लगी रहती है, उसी से डेड बॉडी को मेरे घर के दरवाजे पर फेंका गया।
कोटा में यूथ कांग्रेस की तरफ से सरकारी स्कूलों के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन करने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग पर तंज कसने के लिए हेलमेट लगाया। कलेक्ट्रेट परिसर में युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव यश गौतम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हेलमेट पहनकर दंडवत कर कलेक्टर पीयूष सामरिया के नाम ज्ञापन दिया। यश गौतम ने बतायाा कि जहां एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर बड़े बड़े वादे कर रही है वहीं दूसरी ओर जर्जर भवन छात्र छात्राओं के जीवन के लिए बड़ा खतरा बने हुए है। प्रदेश के 90 प्रतिशत स्कूलों में जर्जर भवन हैं जिनकी मरम्मत की जरूरत है। खतरा होने के कारण स्कूल भवन के बाहर क्लास चल रही है। कुछ दिनों पूर्व झालावाड़ में जर्जर स्कूल में हुए हादसे से भी सरकार ने सबक नहीं लिया है। इन छात्र छात्राओं के जीवन की सुरक्षा करना सरकार का दायित्व है लेकिन सरकार अपनी आंखें बंद किए बैठी है। यह उनके जीवन के साथ बड़ी लापरवाही है, इसे लेकर हाई कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की है। स्थिति यह है कि मरम्मत का पैसा स्कूलों तक नहीं पहुंच रहा है। सरकारी स्कूल ही नहीं, सरकारी भवनों में जाने में ड़र लगता है, हेलमेट लगाकर जाना ही सुरक्षा का उपाय रह गया है। इसी के विरोध में हेलमेट पहनकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत करवाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर समय रहते मरम्मत के काम शुरू नहीं हुए तो यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर अनुभाग अंतर्गत ग्राम कोदौरा (किरीकछार) में राजस्व अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ और अनुसूचित जनजाति की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामवासी अंजनी कोल सहित अन्य ग्रामीणों ने एसडीएम राजपुर को लिखित आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अजय गुप्ता, धर्मेन्द्र गुप्ता और सरिता देवी ने तत्कालीन तहसीलदार सालिक राम गुप्ता और हल्का पटवारी अजेन्द्र टोप्पो से मिलीभगत कर आदिवासी भूमि को अपने नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया। खेती के लिए दी गई जमीन नहीं लौटाई ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 394/2 और 394/12 की भूमि आदिवासी रामसुरत कोड़ाकू के परिवार की है, जिसे आर्थिक तंगी के कारण अजय गुप्ता को केवल खेती के लिए 15 सालों के लिए दिया गया था। अब 17-18 साल बीतने के बावजूद भूमि वापस नहीं की जा रही है और उस पर मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है। जमीन मांगने पर मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। अवैध रूप से नाम दर्ज कराने का आरोप इसके अलावा खसरा नंबर 394/11 (0.995 हेक्टेयर) को भी कथित रूप से अवैध तरीके से अजय गुप्ता के नाम दर्ज कराने का आरोप है। वहीं धर्मेन्द्र गुप्ता और सरिता देवी पर अन्य आदिवासी ग्रामीणों की जमीन में खुद को सह-खातेदार दर्ज कराने की शिकायत भी की गई है। झूठे मामलों में फंसाने की धमकी, गांव में भय का माहौल ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लगातार झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। तीन दिन में जांच कर एफआईआर, रिकॉर्ड सुधार और जमीन वापसी की मांग आवेदकों ने प्रशासन से तीन दिवस के भीतर जांच कर एफआईआर दर्ज करने, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने और भूमि वापस दिलाने की मांग की है। कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्का जाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कटिहार में SDPI जिला इकाई की मीटिंग:संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर हुई चर्चा
आज कटिहार में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश महासचिव मुजम्मिल हसन मज़हरी ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष जमीद अख्तर ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था। इसमें पार्टी के विस्तार, नई ब्रांच कमेटियों के गठन और यूथ विंग 'यंग डेमोक्रेट्स' तथा महिला विंग 'वूमेन इंडिया मूवमेंट' की स्थापना पर रणनीति बनाई गई। ''पार्टी को बूथ और पंचायत स्तर तक मजबूत करना आवश्यक'' प्रदेश महासचिव मुजम्मिल हसन मजहरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी को बूथ और पंचायत स्तर तक मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। जिला अध्यक्ष जमीद अख्तर ने बताया कि कटिहार जिले में पार्टी को संगठित और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही सभी पंचायतों और वार्ड स्तर पर ब्रांच कमेटियों का गठन किया जाएगा, जिससे आम जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की अख्तर ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समर्पण और सक्रियता के साथ पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। नेताओं ने इन चुनावों में मजबूती से भाग लेने और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई। बैठक में जिला अध्यक्ष जमीद अख्तर के साथ मोहम्मद मशकूर आलम, मोहम्मद आफताब आलम और शमशेर आलम भी उपस्थित थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा कुछ विशेष आमंत्रित सदस्य भी बैठक में शामिल हुए। सभी ने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आमजन को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अभियान चलाया। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के मुख्य बाजारों और व्यस्ततम मार्गों का दौरा कर सड़क पर अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों और रेहड़ी संचालकों के खिलाफ मोर्चा संभाला। पुलिस की टीम ने शहर के उन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित किया जहाँ अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। अभियान के तहत एक नंबर व तीन नंबर रोड, नेहरू मार्केट, बाकरा मोड़, कबाड़ी मार्केट क्षेत्र, गांधी चौक सहित अन्य इलाको में समझाइश की। सड़क पर दुकान सजाने वालों को सख्त हिदायत अभियान के दौरान देखा गया कि कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान फुटपाथ और मुख्य सड़क तक फैला रखा था। इसके अलावा, सड़क रोककर खड़े होने वाले रेहड़ी-ठेला संचालकों के कारण आवागमन में भारी बाधा आ रही थी। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए व्यापारियों को समझाइश की और सड़क पर रखा सामान तुरंत हटाने के निर्देश दिए। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम ने बताया कि शहर की सड़कों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। आज हमने व्यापारियों को प्रेमपूर्वक समझाया है कि वे अपनी सीमा में रहकर व्यापार करें। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो चालान की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जिले में चल रही योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। साफ शब्दों में कहा कि सरकार पंचायत स्तर पर विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि बिहार सरकार प्रदेशभर के सभी जिला परिषदों की रिक्त भूमि के समुचित और प्रभावी उपयोग की योजना पर गंभीरता से कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को नई गति देना है। हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान प्रस्तुत की गई पीपीटी में भूमि से जुड़ी जानकारी नहीं होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रस्तुति पूरी, तथ्यात्मक और पारदर्शी होनी चाहिए। जमीन चिन्हित करने के निर्देश मंत्री दीपक प्रकाश ने आगे कहा कि जिले की कुल 238 पंचायतों में से अब तक 70 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें से 56 पंचायत भवन वर्तमान में क्रियाशील हैं। शेष पंचायत भवनों को शीघ्र शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत भी जिले में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भागलपुर में 21 पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 45 पंचायतों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। शेष पंचायतों में भी जल्द से जल्द भूमि चिन्हित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। विपक्ष में बैठे लोग अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग विकास को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत और ग्रामीण विकास की पूरी तरह अनदेखी की थी। मौजूदा सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रही है। विकास के आंकड़े खुद इसकी गवाही देते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि पंचायती राज से जुड़ी सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों, ताकि ग्रामीण जनता को विकास का सीधा और वास्तविक लाभ मिल सके।
डीडवाना में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की राजकीय बांगड़ महाविद्यालय इकाई ने राज-सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर और प्ले-कार्ड्स के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महासंघ का कहना है कि राज-सेस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सिद्धांतों के विपरीत है। इन संस्थानों में स्थायी अकादमिक ढांचे की कमी, अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, शोध एवं नवाचार के सीमित अवसर तथा संविदा पर आधारित शिक्षण व्यवस्था उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है। महासंघ ने बताया कि सत्र 2020-21 से 2022-23 के दौरान राज-सेस योजना के अंतर्गत 303 नए महाविद्यालय खोले गए थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त राज-सेस महाविद्यालय शुरू किए गए, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में अब तक एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन के बाद, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी/जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित राज्य सरकार द्वारा राज-सेस महाविद्यालयों के संचालन को लेकर बनाई गई सोडाणी समिति की सिफारिशें अभी तक न तो सार्वजनिक की गई हैं और न ही उन्हें लागू किया गया है। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के जरिए राज-सेस नियम-2023 में बदलाव कर संविदा पर नियुक्तियां शुरू करने के प्रयास पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इस प्रक्रिया के तहत 28,500 रुपए के नियत वेतन पर पांच वर्षों के लिए संविदा टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक पदों पर चयन की योजना है। महासंघ के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति-विरोधी है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में केंद्रीय बजट की बारीकियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर पेश करता है। इस बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसानों को रखा गया है। केंद्र में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड रुपए तक बढ़ाया गया है। युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपए का किया प्रावधान किया गया है। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष फंड रखा गया है, इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा। हरियाणा को इस सेक्टर में मिलेगा लाभ सीएम ने बताया, स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7500 करोड़ रुपए के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और और मजबूत होगा। महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बायोफार्मा शक्ति पल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य और संरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए वह मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का समर्थन दिया गया, इससे गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। एग्रीकल्चर सेक्टर में मिलेगा लाभ सीएम ने बताया, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने से हमारे दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्र में किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक, कॉम्पोनेंट और बायो फार्मा को बढ़ावा देने की योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नई निवेश परियोजनाएं आएगी। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा। रेवले सेक्टर में भी मिलेगा फायदा हाई स्पीड रेल, शहरी आर्थिक क्षेत्रों और टियर 2 व टियर 3 शहरों पर ध्यान देने से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी जैसे शहरों में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। बजट में ग्रीन एनर्जी और बैट्री स्टोरेज पर जोर देने से हरियाणा में सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार होगा। टैक्स प्रक्रिया में सरलता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दावों पर शुल्क में छूट और शिक्षा का इलाज पर खर्च कम होने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय करों से 20 हजार करोड़ मिलेंगे हरियाणा को रेलवे क्षेत्र के लिए 3566 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक बनाया जा रहा है। यह रेलवे पुल हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगा। वर्ष 2026 27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड रुपए मिलेंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5547 करोड़ रुपए अधिक है। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन हरियाणा को और तेजी से विकास के पथ पर आगे ले जाने में मदद करेंगे। यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
मुंगेर के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र स्थित नंदलाल बोस चौक के समीप हटिया दुर्गा मंदिर के पास बुधवार को मुर्गे के पंख से भरा एक पॉलिथीन मिलने से कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर के पास पॉलिथीन देखे जाने के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूचना मिलते ही हवेली खड़गपुर डीएसपी अनिल कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी मिथिलेश कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार और थानाध्यक्ष राजेश कुमार सहित QRT और पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया, भीड़ को समझा-बुझाकर हटाया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की बारीकी से जांच की। पक्षियों के एक झुंड ने मंदिर के गेट के पास गिरा दिया था पॉलिथीन जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट हुआ कि पक्षियों के एक झुंड ने मुर्गे के पंख से भरा पॉलिथीन उड़ाकर मंदिर के गेट के पास गिरा दिया था। किसी भी प्रकार की शरारती या असामाजिक गतिविधि के कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। मंदिर में साफ-सफाई के बाद पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-पाठ करवाया सीसीटीवी फुटेज मंदिर से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों और आसपास के निवासियों को भी दिखाया गया। मंदिर में साफ-सफाई के बाद पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-पाठ करवाया गया। हवेली खड़गपुर के एसडीपीओ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि यह घटना पूरी तरह से प्राकृतिक कारणों से जुड़ी है और इसका किसी भी धार्मिक या सामाजिक समूह से कोई संबंध नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील एसपी सैयद इमरान मसूद ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी भी तरह की खबर या संदेश साझा न करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि समाज में शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना से बचना आवश्यक है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दी जानी चाहिए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना सजा के आरोपी को 6 साल से ज्यादा समय तक जेल में रखने पर हैरानी और नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे स्वतंत्रता के अधिकार का घोर उल्लंखन बताया है। जस्टिस अनिल कुमार उपमन की अदालत ने संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के तत्कालीन चेयरमैन शैतान सिंह को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जब न्यायिक प्रक्रिया स्वयं दंडात्मक स्वरूप ले ले, तो यह कानून के शासन के लिए खतरनाक संकेत हैं। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सुराणा ने बहस करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ जिन धाराओं में चार्जशीट पेश की गई, उसमें अधिकतम 7 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं आरोपी पिछले 6 साल 4 महीने से जेल में है। मामले में चार्ज भी फ्रेम नहीं हुए उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी 20 सितंबर 2019 से जेल में है। आरोपी के खिलाफ एसओजी साल 2020 में जांच पूरी कर चुकी है। आरोपी के पास से कोई रिकवरी भी नहीं हुई है। मामले में सह अभियुक्त देवी सिंह सहित 12 आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। मामले में अभी तक चार्ज भी फ्रेम नहीं हुए हैं। ऐसे में ट्रायल में ज्यादा समय लगेगा। देरी की वजह आरोपी पक्ष जमानत का विरोध करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि ट्रायल में देरी का कारण आरोपी पक्ष है, क्योंकि वे चार्ज के मुद्दे पर दलीलें देने के लिए लगातार समय मांग रहे हैं। आरोपी पक्ष की ओर से दलीलें देने के लिए कम से कम 60 बार सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई है, इसलिए मामला अभी भी चार्ज की स्टेज पर पेंडिंग है। सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी आदतन अपराधी है, उसके खिलाफ 38 अन्य मामले दर्ज हैं। मामला करोड़ों रुपए के घोटाले से संबंधित है, इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए, याचिकाकर्ता को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। सजा से पहले सजा न्याय नहीं दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया की विफलता बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा- किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक कि उसका अपराध विधि अनुसार सिद्ध नहीं हो जाए। ऐसे में उसे सालों तक जेल में बंद रखना, वास्तव में सजा देने के समान है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रायल में देरी का भार अकेले आरोपी पर नहीं डाला जा सकता, विशेषकर तब, जब रिकॉर्ड यह दर्शाता हो कि अभियोजन स्वयं मामलों को आगे बढ़ाने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखा रहा है।
पलवल जिले के हथीन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर महिला थाने में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने महिला थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी को गांव के ही कुछ युवक लगातार परेशान कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी को दोपहर करीब 1:30 बजे स्वराज नामक युवक ने उनकी बेटी को घर के गेट पर गंदी नजरों से देखा। जब लड़की ने इसका विरोध किया, तो उसने गाली-गलौज की और धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे बदनाम कर देगा और परिवार को जान से मार देगा। आते-जाते करता है लड़की को परेशान उसी दिन शाम करीब 7 बजे स्वराज अपने तीन अन्य साथियों प्रेमराज, अनिल और देवीराम के साथ आया और दोबारा लड़की से छेड़छाड़ की। पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि स्वराज स्कूल या दुकान जाते समय उसका पीछा करता है और अश्लील इशारे करता है। जब लड़की के पिता आरोपियों की शिकायत करने गए, तो आरोपियों ने उन पर पालतू कुत्ता छोड़ दिया। उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। महिला थाने के एसएचओ ने बताया कि 2 फरवरी को प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश की मोहन सरकार अब सिर्फ एक हजार दिन की ही मेहमान है, इसके बाद वह सत्ता से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में तीन मंत्री अपराधों से जुड़े मामलों में घिरे हुए हैं, जिनसे तत्काल इस्तीफा लिया जाना चाहिए। पटवारी ने कहा कि, पटवारी ने यह बातें आज मीडिया से चर्चा के दौरान कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को घेरते हुए उन्होंने कहा कि अभिनंदन और तालियों से सरकार नहीं चलती, मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और तीनों मंत्रियों से इस्तीफा लेना चाहिए। यह कांग्रेस पार्टी की मांग है। 'अमेरिका से हुई डील किसानों के हित में नहीं' पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भारत-अमेरिका डील को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अमेरिका की शर्तों के आगे झुक गई है, जिसका सीधा नुकसान देश के किसानों को होगा। पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने का वादा किया था, लेकिन आज सबसे ज्यादा आत्महत्याएं किसान ही कर रहे हैं। अमेरिका से हुई डील के बाद वहां का उत्पादन भारत आएगा और भारत का उत्पादन अमेरिका जाएगा, जहां ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा। यह डील किसानों के हित में नहीं है। कांग्रेस इसे लेकर आंदोलन करेगी। 'कर्ज लेने में शिवराज से आगे निकली मोहन सरकार' जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्ज लेने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 78 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है, यानी रोज़ करीब 213 करोड़ रुपए का कर्ज। पटवारी ने कहा कि सिर्फ एक दिन पहले ही 5200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। जब इस पर सवाल उठाए जाते हैं तो सरकार विकास का हवाला देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का आकार जानबूझकर बड़ा रखा जाता है ताकि ज्यादा कर्ज लिया जा सके। पटवारी ने कहा कि सरकार की हालत इतनी खराब है कि अब सरकारी संस्थानों की बजाय आम जनता से कर्ज लिया जा रहा है। कर्ज चुकाने के लिए मध्य प्रदेश की संपत्तियां बेची जा रही हैं। 13 संपत्तियों को जल्दबाजी में बेचने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक अय्याशी और भ्रष्टाचार के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को अर्थशास्त्र की समझ नहीं है और वे संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रहे हैं। सरकार को तनख्वाह देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। 'श्वेत पत्र लाए सरकार, विशेषज्ञों की समिति बनाए' पटवारी ने कहा कि कांग्रेस कई बार मांग कर चुकी है कि मोहन सरकार श्वेत पत्र जारी करे। इसके लिए अर्थशास्त्रियों की एक समिति बनाई जाए, जिसमें नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी शामिल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। सरकार किसानों और लाड़ली बहनों से किए गए वादे पूरे नहीं कर पा रही है।
आगरा विजय नगर सोसाइटी में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री नितिन गुप्ता और उनकी पत्नी रिंकी गुप्ता समेत 8–10 लोगों पर मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं रिंकी गुप्ता की ओर से भी दो लोगों के खिलाफ अलग FIR दर्ज की गई है। पीड़िता के कहा-सोसाइटी में अवैध गतिविधियों का विरोध किया था। जिस पर आरोपी पक्ष भड़क गया, और मारपीट करने लगा। पीड़िता शशी गुप्ता ने बताया- जब उसने सोसाइटी में हो रहे अवैध कार्यों का विरोध किया तो आरोपी पक्ष भड़क गया। स्थिति बिगड़ने पर पीड़िता ने 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया, जिससे आरोपी और उग्र हो गए। आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले महिला के साथ जमकर मारपीट, गाली-गलौज और अभद्रता की गई। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके सीने और शरीर पर लात-घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पुलिस के सामने भी मारपीट जारी रखने का आरोप लगाया गया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने फर्जी सिक्योरिटी गार्ड बनाकर असामाजिक तत्वों को सोसाइटी में रखा हुआ है। मैं अकेले रहती हूं, वे मेरी प्रॉपर्टी को अवैध कब्जा जताना चाहता है। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर, नितिन गुप्ता की पत्नी रिंकी गुप्ता की शिकायत पर भी थाना हरीपर्वत पुलिस ने शशि गुप्ता और विवेक गुप्ता के खिलाफ अलग मुकदमा दर्ज किया है। रिंकी गुप्ता का आरोप है कि विवेक गुप्ता ने उनके साथ बदसलूकी की, हाथापाई की और सीने पर गलत तरीके से हाथ लगाया। साथ ही गाली-गलौज और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। थाना हरीपर्वत पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमे दर्ज कर लिए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 9 पर मंगलवार शाम को एक बड़ा धमाका हुआ जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि कार का टायर बम की तरह फटा जिसमें चालक की मौत हो गई, दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के पास हुई। दिल्ली से मुरादाबाद की ओर जा रही एक तेज रफ्तार होंडा अमेज कार का अचानक टायर फट गया। टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में चली गई। देखिए हादसे से 3 जुड़ी तस्वीरें धमाके के बाद यातायात रहा बाधित अनियंत्रित होंडा अमेज कार दूसरी लेन में चल रही एक स्विफ्ट डिजायर टैक्सी से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। दिल्ली की ओर से आ रही होंडा अमेज कार के चालक अपूर्व शुक्ला (पुत्र राजीव शुक्ला, निवासी बड़ा बाजार, थाना अमरोहा नगर) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। कार में सवार उनकी एक महिला साथी भी घायल हुई हैं। इसके अतिरिक्त, स्विफ्ट डिजायर टैक्सी के चालक को भी चोटें आई हैं। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया गया है। रजबपुर थाना प्रभारी कोमल तोमर ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
शब-ए-बरात के मौके पर मुरादाबाद में अकीदत और इबादत का माहौल देखने को मिला। शदीद सर्दी के बीच मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी रात जागकर अल्लाह की बारगाह में सजदे किए, अपने गुनाहों से तौबा की और रहमत व मग़फ़िरत की दुआएँ मांगीं। मस्जिदों में देर रात तक नमाज़, तिलावत और ज़िक्र का सिलसिला चलता रहा, वहीं कब्रिस्तानों में भी बड़ी तादाद में लोग पहुंचे और अपने मरहूम परिजनों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर दुआ कि।माना जाता है कि, इस रात बंदा सच्चे दिल से तौबा करे तो अल्लाह उसकी दुआ कबूल करता है और गुनाह माफ फरमाता है। इसी वजह से शाम ढलते ही मस्जिदों में रौनक बढ़ने लगी। लोगों ने ईशा की नमाज़ अदा की और उसके बाद नफ़्ल नमाज़, कुरआन की तिलावत व तस्बीह में मशगूल हो गए।शहर के अलग-अलग इलाकों के कब्रिस्तानों में भी रौनक रही। लोग अपने बुजुर्गों और रिश्तेदारों की कब्रों पर पहुंचे, फूल चढ़ाए और उनकी मग़फ़िरत के लिए दुआएँ कीं। देर रात तक तमाम मस्जिदों में सामूहिक दुआ का आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और इंसानियत की भलाई के लिए हाथ उठाए। काफी बड़ी तादाद में लोगों ने सहरी का अहत्माम भी किया। फज्र की नमाज़ तक इबादत का सिलसिला जारी रहा और इसके साथ ही यह मुबारक रात रुख्सत हुई।
मथुरा के थाना राया क्षेत्र में मथुरा-बरेली हाईवे पर भीमा नगला गाँव के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दिसवार निवासी 64 वर्षीय लालाराम की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो चालक ने टक्कर मारने के बाद लालाराम को करीब 50 मीटर तक सड़क पर घसीटा। इससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। लालाराम अपने एक परिजन के साथ श्रीजी वाटिका, बलदेव रोड राया में आयोजित एक शादी समारोह से बाइक पर अपने घर लौट रहे थे। बाइक चला रहे दुर्गेश ने बताया कि जैसे ही वे हाईवे पर पहुँचे, पीछे से आ रही बोलेरो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही लालाराम सड़क पर गिर गए और बोलेरो चालक उन्हें घसीटता हुआ काफी दूर तक ले गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना राया पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद बोलेरो चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बोलेरो वाहन की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच-पड़ताल जारी है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस द्वारा सुचारु कराया गया।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कांग्रेस ने मनरेगा में काम की गारंटी, मजदूरी वृद्धि और धान खरीदी की सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के अनुसार 2267 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर गौरेला, पेंड्रा और मरवाही से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल के सदस्य सुबह कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि भाजपा शासन में ग्रामीण आजीविका पर हमला हो रहा है। उन्होंने मनरेगा में 200 दिन का काम, मजदूरी में वृद्धि और लंबित भुगतान की मांग की। साथ ही, धान खरीदी की सीमा बढ़ाने पर भी जोर दिया। उग्र आंदोलन की चेतावनी संभागीय समन्वयक विजय केशरवानी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। पूर्व विधायक बिलासपुर शैलेश पांडे ने चेतावनी दी कि यदि कानून में बदलाव नहीं किया गया तो यह एक बड़ा जन आंदोलन बन जाएगा। देर शाम तक कार्यकर्ताओं की रिहाई कांग्रेस के इस प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण गिरफ्तारियां हुईं और देर शाम तक कार्यकर्ताओं की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। जिलाध्यक्ष भानु ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नवादा कोर्ट ने हत्या के 3 दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 सुभाष चंद्र शर्मा की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को सुनाया गया। यह मामला अकबरपुर थाना क्षेत्र से संबंधित है। 21 अक्टूबर 2021 को जमीनी विवाद को लेकर अभियुक्तों ने चाकू मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया इस संबंध में अकबरपुर थाना कांड संख्या-656/21 के तहत 21 अक्टूबर 2021 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307 और 34 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। नवादा पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, ह्यूमन इंटेलिजेंस और वादी व साक्षियों के बयानों का गहनता से अवलोकन किया। सभी तथ्यों को कांड दैनिकी में दर्ज करते हुए अद्यतन कांड दैनिकी और आरोप पत्र त्वरित विचारण के लिए न्यायालय में समर्पित किया गया। जुर्माने की राशि का 95 प्रतिशत पीड़ित की पत्नी को दिया जाएगा जिन अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है, उनमें अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार (दोनों पिता रामबालक यादव) और विक्की कुमार (पिता अरविंद कुमार) शामिल हैं। ये सभी नानो बिगहा, थाना अकबरपुर, जिला नवादा के निवासी हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि का 95 प्रतिशत पीड़ित की पत्नी को दिया जाएगा। अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

