ज राजधानी जयपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए रोड रेज के एक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाइक में तोड़फोड़ करने वाली युवती को चिन्हित कर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित माफीनामा पेश किया है और माफी मांगते हुए एक वीडियो भी जारी किया है। पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज के अनुसार, पिछले 3-4 दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें एक युवती सड़क पर खड़ी एक इनफील्ड बाइक में पहले हेलमेट और बाद में पत्थर से तोड़फोड़ करती दिखाई दे रही थी। बाइक चालक द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद भी युवती आक्रामक बनी रही। जांच में सामने आया कि यह घटना 22 गोदाम पुलिया, राम मंदिर के सामने, थाना सोडाला क्षेत्र की है। घटना 23 मार्च की बताई जा रही है, जब एक स्कूटी के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रही बाइक उसकी टक्कर में आ गई, जिससे आगे चल रही रेपिडो बाइक भी प्रभावित हुई। इस दौरान रेपिडो बाइक पर सवार युवती को हल्की चोट आई और उसकी नई पैंट फट गई। बताया गया कि युवती ने मौके पर ही 1700 रुपये की मांग की और विवाद बढ़ने पर वह उग्र हो गई। पहले उसने हेलमेट से बाइक के साइड मिरर और इंडिकेटर तोड़े और बाद में पत्थर उठाकर दोबारा तोड़फोड़ की। राहगीरों की समझाइश के बावजूद वह शांत नहीं हुई। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर युवती की पहचान की। पूछताछ में उसने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की और अपने आवेश में आकर तोड़फोड़ करने की बात मानी। इसके बाद उसने लिखित माफीनामा भी दिया। हालांकि पीड़ित बाइक चालक ने भय के कारण इस मामले में कोई औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने युवती के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस्तगासा तैयार कर मामला कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के दौरान मौके पर पहुंचे गोपाल शर्मा ने भी युवती को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनसे भी बहस की। पुलिस का कहना है कि युवती का यह आचरण सार्वजनिक शांति के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए एहतियातन कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि - शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट अब 10 अप्रैल को दोपहर दो बजे सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने 'नो एडवर्स आर्डर' के आग्रह के चलते मामला स्थगित कर दिया। नो एडवर्स आर्डर का आग्रह हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से किया गया था। नो एडवर्स आर्डर में वकीलों की अनुपस्थिति के कारण प्रतिकूल आदेश नहीं दिया जाता। वाद संख्या नौ में अधिवक्ता सौरभ तिवारी के अनुसार अदालत ने यह भी कहा है कि सभी आवेदन एक-एक कर निपटाए जाएंगे। विरोधी पक्ष रजिस्ट्री के सामने अगली तारीख से आपत्तियां दर्ज करा सकता है। बता दें कि मंदिर पक्ष की तरफ से दायर याचिकाओं में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और विवादित भूमि पर अधिकार की मांग की गई है। इस मांग के साथ कुल 18 सिविल वाद लंबित हैं, इनमें 15 को एकीकृत किया गया है। मस्जिद पक्ष ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत आवेदन देकर सभी समेकित मुकदमों की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव सहित अन्य सिविल वादो पर अधिवक्ता हरिशंकर जैन व विपक्षी अधिवक्ता तसनीमा अहमदी आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए।
आजमगढ़ जिले के तरवा थाने की पुलिस ने मुठभेड़ में हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी रमेश यादव उर्फ अनार यादव को गिरफ्तार किया है। यह मुठभेड़ देर रात उस समय हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि गाजीपुर से बाइक से एक अभियुक्त आजमगढ़ में किसी घटना को अंजाम देने आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। जिसके तहत जब एक संदिग्ध बाइक को रुकने का इशारा किया तो आरोपी बाइक घुमाकर भागने लगा। इसी दौरान पुलिस ने जब घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। आरोपी के कब्जे से बाइक तमंचा बरामदइस बारे में आजमगढ़ जिले के लालगंज के क्षेत्राधिकारी भूपेश कुमार पांडे ने बताया कि बदमाश के बारे में पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गाजीपुर से आजमगढ़ आ रहा है। इसी सूचना पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने का प्लान बनाया था। इसी के तहत आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हत्या के प्रयास में लगातार वांटेड चल रहा था। पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
रायपुर के मोमिन पारा-बढ़ई पारा में शनिवार को दो पक्षों के बीच जमकर भिड़ंत हो गई। मारपीट में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने फोर्स तैनात कर दी है। दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में थाना पहुंचे और देर रात तक वहां डटे रहे। यह मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, बढ़ई पारा के कुछ नाबालिग लड़कों की बाइक से मोमिन पारा के लड़कों से टक्कर हो गई, जिसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि बड़े लोग भी इसमें शामिल हो गए। लाठी-डंडों से किया हमला, तीन का फूटा सिर बढ़ई पारा के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे तीन युवकों का सिर फूट गया। इसके जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के हमलावरों की तलाश कर रही है। 15 दिन के भीतर दो बार विवाद पिछले 15 दिन में दो बार दो पक्षों में विवाद हो चुका है। इससे पहले मौदहापारा में चाकूबाजी के बाद बलवा हो गया था। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अलीगढ़ में रालोद नेता और पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ व उनके बेटे की हत्या की साजिश रचने के मामले में शनिवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। एडीजे-11 पीके जयंत की अदालत ने खैर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष संजीव अग्रवाल उर्फ बिंटू सहित सात दोषियों को सजा सुनाई है। 4 साल पुराने इस चर्चित मामले में कोर्ट ने पूर्व चेयरमैन को 8 माह और शूटरों को 5-5 साल की जेल की सजा दी है। हालांकि इस मामले में न्यायालय ने 27 मार्च को ही दोष सिद्ध करते हुए हिरासत में ले लिया था। सरकारी जमीन से हटवाया था कब्जा अभियोजन पक्ष के अनुसार पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ ने खैर के तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल के खिलाफ सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत शासन में की थी। जांच के बाद वह कब्जा हटवा दिया गया था। इसी रंजिश में संजीव अग्रवाल और उनके ठेकेदार साथी विकास शर्मा ने मिलकर अपने पुराने अपराधी दोस्त राजकुमार को विधायक की हत्या की सुपारी दी थी। पुरानी गलती का भी हुआ खुलासा पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि इन आरोपियों ने पहले भी प्रमोद गौड़ की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि उस दौरान बदमाशों ने भूलवश प्रमोद गौड़ की जगह उनके करीबी विजय गंगल की हत्या कर दी थी। 27 अगस्त 2022 को प्रमोद गौड़ द्वारा खुद को धमकी मिलने की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। पूर्व चेयरमैन–ठेकेदार को 8-8 माह की सजा अदालत ने साक्ष्यों और गवाही के आधार पर सात लोगों को अलग-अलग धाराओं में दंडित किया है। पूर्व चेयरमैन संजीव अग्रवाल उर्फ बिंटू और ठेकेदार विकास शर्मा उर्फ बॉबी को धमकी के आरोप में दोषी पाते हुए 8-8 माह की सजा और 2-2 हजार रुपए अर्थदंड सुनाया गया। शूटरों को सुनाई 5–5 साल की सजा शूटर रिंकू, आदेश और तरुण त्यागी को आर्म्स एक्ट में दोषी करार देते हुए 5-5 साल की कड़ी सजा और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई। इसके अलावा अन्य सहयोगी राजकुमार जाट और सागर को 2-2 वर्ष की सजा और 2-2 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। कोर्ट के फैसले के बाद जेल भेजे गए दोषी फैसला आने के बाद सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। हालांकि जिन दोषियों को कम सजा मिली थी, उनके जमानत बॉन्ड भी कोर्ट में भरवाए गए। फैसला देरी से आने के कारण देर रात तक उनकी रिहाई की प्रक्रिया को लेकर इंतजार बना रहा। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में होगा। गौतम सिंघानिया ने अपने मैसेज में लिखा है कि उनके पिता एक दूरदर्शी नेता और समाजसेवी इंसान थे, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। विजयपत सिंघानिया देश की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी रेमंड ग्रुप के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। विजयपत 2017 से ही बेटे गौतम सिंघानिया के साथ परिवार और संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में थे। गौतम सिंघानिया की X पोस्ट, जिसमें पिता विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की खबर है… विजयपत से जुड़े कुछ फैक्ट्स कभी ब्रिटेन से अकेले प्लेन उड़ाकर भारत आए थे विजयपत एडवेंचर और एविएशन के शौकीन सिंघानिया के लिए आसमान ही सीमा थी। वे एक ऐसे दुर्लभ कॉर्पोरेट लीडर थे जो बोर्डरूम से बाहर भी जोखिम भरे कारनामे करते थे। बिजनेस और एडवेंचर, दोनों ही क्षेत्रों में उन्हें खूब तारीफें मिलीं। भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' और साथ ही 'तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड' भी मिला। नवंबर 2005 में जब विजयपत की उम्र 67 साल थी, तब उन्होंने एक हॉट एयर बैलून में लगभग 69000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले 1988 में उन्होंने एक माइक्रोलाइट विमान में लंदन से नई दिल्ली तक 23 दिन में अकेले उड़ान भरकर 'स्पीड-ओवर-टाइम एंड्योरेंस रिकॉर्ड' बनाया था। 1994 में भारतीय वायुसेना ने उन्हें 5000 घंटे से ज्यादा की उड़ान के एक्सपीरियंस के कारण 'मानद एयर कमोडोर' बनाया, जबकि 2006 में उन्हें मुंबई का 'शेरिफ' नियुक्त किया गया। विजयपत ने ‘एन एंजल इन ए कॉकपिट’ टाइटल से किताब भी लिखी थी। बेटे गौतम से संपत्ति का विवाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहा विजयपत सिंघानिया ने 2015 में अपने बेटे को कंपनी की बागडोर सौंपी दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच लंबा विवाद चला। 2017 में विजयपत ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने उन्हें जेके हाउस से निकाल दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें किराए के घर में रहते हुए दिखाया गया था। 20 मार्च 2024 को रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने पिता के साथ एक फोटो X पर पोस्ट की थी और लिखा था- 'आज अपने पिता को घर पर पाकर और उनका आशीर्वाद पाकर खुश हूं। सदैव आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं पापा।' हालांकि इसके महज 6 दिन बाद ही विजयपत सिंघानिया ने अपने बेटे के साथ सुलह की सभी अटकलों को खारिज कर दिया था। विजयपत ने दावा किया था कि उनके बेटे ने उन्हें जेके हाउस में मिलने के लिए मजबूर किया था। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर भी मकसद के चलते खींची गई थी। अब जानिए विजयपत की कंपनी रेमंड के बारे में… रेमंड भारत का एक भरोसेमंद मेंस वियर ब्रांड है, जिसकी शुरुआत 1925 में ठाणे से हुई थी। पहले यह मिल सेना के लिए वर्दी बनाती थी, लेकिन बाद में इसे आम लोगों तक पहुंचाया गया। विजयपत सिंघानिया के समय कंपनी ने तेजी से तरक्की की और छोटे शहरों तक अपने शोरूम खोले। गौतम सिंघानिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कंपनी को मॉडर्न बनाया। उन्होंने नए फैब्रिक, डिजाइन और टेक्नोलॉजी पर काम किया, जिससे रेमंड की पहचान और मजबूत हुई। आज कंपनी देश के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार कर रही है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी:इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए 19 मार्च की रात रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में स्पीडबोट पलटने से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। उनके प्रवक्ता ने कहा था कि सिंघानिया को मामूली चोटें आईं थीं। पढ़ें पूरी खबर…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा कि शराब बेचने का लाइसेंस जारी करने के बाद आबकारी विभाग यह नहीं कह सकता कि शराब बेचना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं आता। कोर्ट ने कहा कि ठेकेदार को अनिश्चित समय तक काली सूची में डालना उसकी व्यापारिक मृत्यु के समान है। अन्य आबकारी लाइसेंस के विरुद्ध कोई आरोप बिना ही लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता। आदेश को रद्द कर दिया यह टिप्पणी न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने मेरठ निवासी विजय कुमार शर्मा की याचिका पर उसके अधिवक्ता रजत ऐरन व राजकुमार सिंह और सरकारी वकील को सुनने के बाद याचिका स्वीकार करते हुए की है। कोर्ट ने याची को अनिश्चितकाल तक काली सूची में डाले जाने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने आबकारी आयुक्त एवं डीएम मेरठ के आदेशों को रद्द करते हुए तीन माह के भीतर याची की समस्त जब्त धनराशि वापस किए जाने का आदेश भी दिया है। याची का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता रजत ऐरन एवं राज कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि याची को आबकारी वर्ष 2020-21 में एकसाथ दो आबकारी लाइसेंस देसी शराब बेचने के लिए जारी किए गए थे। मेरठ के मामले में आदेश दिया लॉकडाउन के दौरान याची पर परीक्षितगढ़ मेरठ की दुकान से शराब की तस्करी का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिस कारण तत्कालीन डीएम मेरठ ने उक्त लाइसेंस रद्द करने के साथ ही याची का मऊ खास स्थित दूसरी दुकान का लाइसेंस भी निरस्त करते हुए अनिश्चितकाल तक काली सूची में डाल दिया तथा उसकी समस्त प्रतिभूति एवं लाइसेंस राशि भी जब्त कर ली गई। इस कार्यवाही के विरुद्ध याची की अपील भी आबकारी आयुक्त प्रयागराज ने ख़ारिज कर दी। याची के वकीलों ने दलील दी कि आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्यवाही की शक्ति पूर्णतः विवेकाधीन है जबकि डीएम द्वारा उक्त को आज्ञापक शक्ति के रूप में प्रयोग करते हुए याची के अन्य आबकारी लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। तस्करी की घटना में प्रयुक्त गाड़ी भी एक सेवारत पुलिस आरक्षी की पाई गई जिसके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
ग्वालियर में एक आठवीं की छात्रा के साथ उसके ही साथ में पढ़ने वाले छात्र ने रेप किया है। घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी। आरोपी सहपाठी घर में दाखिल हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना 27 मार्च की सुबह 9.30 बजे कोतवाली थानाक्षेत्र की है। घटना का पता उस समय चला जब आरोपी घर से भाग रहा था तो छात्रा की मां वहां पहुंच गई। मां के पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बता दी। पहले परिवार बदनामी के डर से खामोश रहा, लेकिन शनिवार को परिवार ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भी नाबालिग है और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है। शहर के कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित एक मोहल्ले में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग पास ही एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा है। शुक्रवार सुबह छात्रा घर में अकेली थी। छात्रा के पिता व मां काम पर गए थे। बड़ी बहन कोचिंग गई थी। सुबह 9.30 बजे छात्रा घर में अकेली थी। इसका फायदा छात्रा के स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र ने उठाया और घर में घुस गया। स्कूल में साथ पढ़ने वाली दोस्त के साथ दुष्कर्म किया और जब नाबालिग ने शोर मचाया तो धमकी दी कि जान से मार देगा। इसी दौरान पीड़िता की मां वहां पहुंच गई। आरोपी ने पीड़िता की मां को धक्का दिया और मौके से भाग गया। पहले छात्रा और उसकी मां बदनामी के डर से चुप रहे, लेकिन बाद में लगा कि मामले की शिकायत करनी चाहिए। पीड़ित छात्रा की मां छात्रा को लेकर थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत की। वहीं पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर आरोपी छात्र के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आरोपी को तलाश कर कुछ घंटों में हिरासत में ले लिया। आरोपी नाबालिग होने के कारण था उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। लगातार फॉलो कर रहा था आरोपी ऐसा पता लगा है कि पीड़ित छात्रा को उसके साथ पढ़ने वाला आरोपी सहपाठी लगातार फॉलो कर रहा था। जहां भी वह जाती थी वहां आरोपी पहुंच जाता था। जब घर में नाबालिग छात्रा अकेली थी तभी वह उसके घर पर आ धमका था। छात्रा के विरोध के बाद भी उसके साथ गंदी हरकत की है। आरोपी को पकड़ लिया गया है कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि एक स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से उसी के सहपाठी ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया है। घटना की शिकायत आने के साथ ही आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वह भी नाबालिग बताया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में 'गांव-बस्ती चलो अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान की कमान सीधे तौर पर क्षेत्र के दिग्गजों के हाथों में होगी, जिसमें सांसद, विधायक, महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं। इस रणनीति के जरिए भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ को और अधिक गहरा करने की तैयारी में है। 6 अप्रैल को बीजेपी के स्थापना दिवस को लेकर शनिवार को बीजेपी की वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर प्रदेश भर के बीजेपी पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। विधानसभावार 50 गांवों का चयन: पुराने कार्यकर्ताओं के घर पहुंचेंगे नेता इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 बड़े गांवों को चिन्हित कर वहां विशेष कार्यक्रमों की सूची तैयार की गई है। इन गांवों में जाने वाले नेता केवल जनसभाएं ही नहीं करेंगे, बल्कि पार्टी की नींव रखने वाले पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनका आदर-पूर्वक सम्मान भी करेंगे । इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों से सीधा संपर्क साधकर उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाएगा। भाजपा का मानना है कि पुराने कार्यकर्ताओं का अनुभव और नए लोगों का उत्साह मिलकर संगठन को और अधिक अपराजेय बनाएंगे । केवल भाषण न दें, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मिलें अभियान के दौरान गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पार्टी के बड़े नेता स्वयं झाड़ू थामकर श्रमदान करेंगे। इसके बाद चौपालों पर केंद्र की मोदी सरकार और एनडीए शासित प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कार्यकर्ता केवल भाषण न दें, बल्कि उन लाभार्थियों से भी मिलें जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन लाभार्थियों के साथ जनसंपर्क कर उनके अनुभव के वीडियो बनाए जाएंगे और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा ताकि सरकार के काम का वास्तविक असर जनता के सामने आ सके। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 'प्रदेश टोली' तैनात इतने व्यापक स्तर के अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशेष टोली का गठन किया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को इस 'गांव/बस्ती चलो अभियान' का विशेष प्रभार देते हुए सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर भी कार्यक्रमों की योजना और क्रियान्वयन के लिए 4 सदस्यीय समितियां बनाई जा रही हैं, जिनमें 1 संयोजक और 3 सह-संयोजक होंगे। पार्टी ने इन समितियों में एक महिला सदस्य की भागीदारी को अनिवार्य किया है, ताकि महिला मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अभियान का प्रभावी संदेश पहुंच सके।भाजपा स्थापना दिवस एवं आगामी कार्यक्रमों का शेड्यूल
ग्वालियर का भोला सिकरवार हत्याकांड:आगरा के रायभा स्टेशन के पास से पकड़ाया दस हजार का इनामी आरोपी
ग्वालियर में जून 2025 की रात अवैध शराब कारोबार को लेकर हुए गैंगवार में बदमाशों ने भोला सिकरवार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में भोला का एक साथी भी गोली लगने से घायल हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी। भोला की हत्या के बाद इलाके में दोबारा गैंगवार भड़कने की आशंका के चलते कई दिनों तक पुलिस बल तैनात रहा। इसी मामले में शनिवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी को आगरा के अछनेरा स्थित रायभा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। ग्वालियर के हजीरा थाना पुलिस को वर्ष 2025 के चर्चित भोला सिकरवार हत्याकांड में शनिवार को सूचना मिली थी कि फरार 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी पुस्सू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह भदौरिया, थाना अछनेरा (आगरा, उत्तर प्रदेश) क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस की टीम को अछनेरा भेजा गया। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसी दौरान जानकारी मिली कि आरोपी अछनेरा स्थित रायभा रेलवे स्टेशन से कहीं भागने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी पुस्सू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पुस्सू उर्फ पुष्पेंद्र सिंह भदौरिया, पुत्र गोपेन्द्र सिंह भदौरिया, निवासी काशी नरेश की गली, ग्वालियर बताया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। ऐसे समझिए पूरा मामला शहर के हजीरा क्षेत्र स्थित लाइन नंबर-2, बिरला नगर निवासी हेमू उर्फ हेमंत सिकरवार ने 2 जून 2025 को हजीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके छोटे भाई भोला उर्फ हेमराज सिकरवार को बंटी उर्फ अजय भदौरिया ने पेट में गोली मारी थी। इसके अलावा भाई के दोस्त पवन उर्फ कल्लू नाई सहित उन पर भी शिवा राजावत, रानू राजावत, श्याम सिंह भदौरिया, लाला करिया और पुष्पेंद्र उर्फ पुस्सू भदौरिया ने जान से मारने की नीयत से 10-12 राउंड फायर किए थे। इलाज के दौरान भोला उर्फ हेमराज की मौत हो गई थी। फरियादी की शिकायत पर हजीरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
36 वर्ष पुरानी हत्या के सभी आरोपी बरी:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर हत्याकांड में दिया फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के खानपुर थानाक्षेत्र में 36 वर्ष पुरानी हत्या के एक मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने बाबूलाल (मृत), हरिलाल, श्यामबली उर्फ दुख्खी एवं शिवाधार उर्फ अमरनाथ की अपील पर उनके अधिवक्ता और सरकारी वकील को सुनकर अपील स्वीकार करते हुए दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान आपस में विरोधाभासी कोर्ट ने कहा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान आपस में विरोधाभासी हैं और उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इसके अलावा महत्वपूर्ण गवाहों के शपथपत्रों का अभियोजन द्वारा खंडन न किया जाना जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। चोटों की साफ तस्वीर नहीं कोर्ट ने यह भी पाया कि घटना के दौरान आरोपियों को लगी चोटों का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण अभियोजन नहीं दे सका, जिससे पूरी कहानी संदिग्ध हो जाती है। साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ साझा आपराधिक मंशा साबित करने के लिए भी कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने अपीलार्थियों को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। गाजीपुर के खानपुर थानाक्षेत्र स्थित संदल गांव में वर्ष 1986 में हुई संग्राम की हत्या के आरोप में ट्रायल कोर्ट ने बाबूलाल (मृत), हरिलाल, श्यामबली उर्फ दुख्खी एवं शिवाधार उर्फ अमरनाथ को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
मूकबधिर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पर केस दर्ज:आरोपी फुरकान फरार, पुलिस तलाश में जुटी
रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र में एक मूकबधिर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक फुरकान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह घटना 19 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जब आरोपी ने नाबालिग को घर में अकेला पाकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि घटना के बाद आरोपी ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई। आरोपी फुरकान घटना के बाद से फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने जानकारी दी कि पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता मूकबधिर है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर इंटरप्रेटर की सहायता से उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे। नाबालिग का मेडिकल परीक्षण हो चुका है और सोमवार को उसके बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाने की संभावना है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है और स्थानीय लोग पुलिस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह अभी तक पकड़ से बाहर है। उल्लेखनीय है कि लगभग 11 माह पूर्व शाहबाद क्षेत्र में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में भी लोगों को पुलिस की तत्परता से कार्रवाई का इंतजार है।
लखनऊ में मोटर मैकेनिक ने किशोरी से की अश्लीलता:पीड़िता ने वीडियो बनाया तब खुलासा हुआ, आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में मोटर मैकेनिक ने सुनसान इलाके में ले जाकर 7 साल की किशोरी के साथ अश्लील हरकतें की। एक किशोर ने वीडियो बनाकर परिवरीजनों को दिखाई। परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक ठाकुरगंज के एक इलाके में रहने वाले मोटर मैकेनिक पड़ोस की 7 साल की किशोरी को अपनी बातों में फंसाया। फिर उसे सुनसान इलाके में ले गया। जहां आरोपी किशोरी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। किशोर ने आरोपी का विडियो बना लिया विरोध पर किशोरी को पीटा। पीड़िता की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे एक किशोर ने आरोपी का विडियो बना लिया। इस दौरान आरोपी की नजर वीडियो बना रहे किशोर पर पड़ गई। इस पर आरोपी भाग निकला। ठाकुरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई किशोर ने पीड़ित बच्ची को घर पहुंचाया और पारिवारिजनों को वीडियो दिखाया। पूछताछ पर किशोरी ने आपबीती सुनाई। पीड़ित परिवारीजनों ने आरोपी के खिलाफ शुक्रवार देर शाम ठाकुरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह ने बताया आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ललितपुर में गेहूं की फसल जलकर राख:हार्वेस्टर की चिंगारी से लगी आग, जिलाधिकारी के ओएसडी से मिले किसान
ललितपुर जिले के महरौनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिंदवाहा में शनिवार दोपहर गेहूं की कई एकड़ फसल आग लगने से नष्ट हो गई। किसानों ने हार्वेस्टर से निकली चिंगारी को आग का कारण बताया है। इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से प्रभावित किसानों को बेटी की शादी और पति के इलाज जैसी गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार शाम सिंदवाहा गांव के किसानों ने जिलाधिकारी के ओएसडी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दोपहर में गांव में चल रहे एक हार्वेस्टर से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में एक किसान झुलस भी गया। पीड़ित किसान डुलीचंद्र ने जानकारी दी कि उसकी पूरी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है। उसकी बेटी की शादी 25 अप्रैल को होनी है और फसल नष्ट होने के कारण वह शादी के खर्च और फसल बोने के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने को लेकर चिंतित है। एक अन्य पीड़ित महिला किसान रामरती ने बताया कि उसकी ढाई एकड़ जमीन पर बोई गई गेहूं की फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। उसका पति लकवाग्रस्त है और उसे उम्मीद थी कि फसल बेचकर वह पति का इलाज करा पाएगी, लेकिन अब यह संभव नहीं दिख रहा। किसानों ने बताया कि मौजी, पप्पू, अजुद्दी, रामप्रसाद, प्रमोद, अरविंद, हल्काई, रामरतन चौबे और जगदीश सहित कई अन्य किसानों की फसलें भी इस आगजनी में जल गई हैं।इस संबंध में जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि जिन किसानों की फसलें जलकर नष्ट हुई हैं, उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
लखनऊ बायोस्कोप ने छठी प्रदर्शनी का किया आगाज:अवध की महिलाओं के योगदान और नजरिए को किया पेश
लखनऊ बायोस्कोप ने अपनी छठी प्रदर्शनी 'फेमिनिस्ट्स ऑफ अवध पर सलाम: ट्रेसिंग द सिटी थ्रू इट्स वुमन' का आगाज किया है। यह प्रदर्शनी शहर के समृद्ध इतिहास में महिलाओं के योगदान और उनके नजरिए को दुनिया के सामने लाती है। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण एक विशेष 'अभिलेखागार अनुभाग' है। इसमें लखनऊ की लगभग 40 महिलाओं के जीवन और उनकी उपलब्धियों को सहेजकर रखा गया है। इन महिलाओं ने अपने समय में सामाजिक बाधाओं को पार कर अपनी पहचान बनाई। व्यक्तिगत इतिहास की वस्तुएं सार्वजनिक की गई इस प्रदर्शनी में पहली बार कई ऐसी कलाकृतियाँ, तस्वीरें और व्यक्तिगत इतिहास की वस्तुएं सार्वजनिक की गई हैं, जो पहले अप्रदर्शित थीं। इनमें महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. लक्ष्मी सहगल का 'डॉक्टर कोट' भी शामिल है। प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी का भी उपयोग किया गया है। 'लीव योर मार्क' नामक एक इंटरैक्टिव मैप के माध्यम से महिलाएं शहर के उन स्थानों को चिन्हित कर रही हैं, जहाँ वे स्वयं को सुरक्षित या असहज महसूस करती हैं। क्यूरेटर अलीशा आसिफ के अनुसार, इस प्रदर्शनी का उद्देश्य शहर को महिलाओं के नजरिए से देखना और उनकी आवाजों को मुख्यधारा में लाना है। प्रदर्शनी का समापन एक बौद्धिक चर्चा से हुईं प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर निर्देशक आयशा खातून की फिल्म 'फेमिनिस्ट्स ऑफ अवध पर सलाम' का प्रदर्शन किया गया। आयशा ने बताया कि इस फिल्म को तैयार करने में 18 महीने का समय लगा। फिल्म में रशीद जहाँ, सावित्री साहनी, बेगम अख्तर और इसाबेला थोबर्न कॉलेज जैसे प्रमुख व्यक्तियों और संस्थानों के योगदान को प्रमुखता से दर्शाया गया है।प्रदर्शनी का समापन 'ज़ुबान, ज़मीन, ज़नाना' नामक एक बौद्धिक चर्चा के साथ हुआ। इसमें शिक्षाविद् सबीहा अनवर, प्रोफेसर रूथ चक्रवर्ती और कवयित्री सबिका अब्बास ने भाग लिया।
उत्तर भारत की नाट्य संस्था 'बफ्टा' द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'नाट्य निर्वाण' उत्सव के दूसरे दिन भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। यह मंचन संत गाडगे प्रेक्षागृह में किया गया। शनिवार को दर्शकों से खचाखच भरे प्रेक्षागृह में दास्तानगोई के नए कलेवर और चंबल की महिलाओं के संघर्ष ने लोगों को झकझोर दिया। दिन की शुरुआत मशहूर शायर फैज अहमद फैज के जीवन पर आधारित दास्तान 'हम देखेंगे' से हुई। युवा निर्देशक शुभम तिवारी के निर्देशन में अजय जैन और गुंजन जैन ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से फैज की रूहानियत और उनकी क्रांतिकारी सोच को मंच पर जीवंत कर दिया। गायकी के बेजोड़ तालमेल पेश की यह प्रस्तुति परंपरागत दास्तानगोई से हटकर नए अंदाज और वेशभूषा में पेश की गई। फैज की गजलों और नज्मों के जरिए दर्शकों को भाव विभोर कर दिया गया। संगीत और गायकी के बेजोड़ तालमेल के बीच दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों का अभिवादन किया। यह अभिनय भोपाल के विख्यात रंगकर्मी आशीष पाठक द्वारा लिखित नाटक 'अगरबत्ती' का मंचन हुआ। 1981 के बहुचर्चित बहमई कांड की पृष्ठभूमि पर आधारित इस नाटक ने चंबल की महिलाओं के संघर्ष, उनकी पीड़ा और न्याय पाने की जिद्द को संजीदगी से दर्शाया। बड़ी कास्ट वाले इस नाटक ने जातिवाद और लैंगिक भेदभाव जैसे कड़वे सच पर तीखे सवाल उठाए। रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्यों, सटीक प्रकाश व्यवस्था और शानदार ध्वनि संयोजन ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कलाकारों के अभिनय ने लोगों की आंखें नम कर दीं। नाट्य उत्सव का समापन रविवार को होगा उत्सव के दूसरे दिन रंगमंच और फिल्मों की कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें जावेद सिद्दीकी, सलीम आरिफ, अनिल रंजन भौमिक, बफ्टा के संस्थापक तारिक खान, अध्यक्ष डॉ. अफरोज जहां और लखनऊ के कई वरिष्ठ नाटककार शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।तीन दिवसीय नाट्य उत्सव का समापन रविवार को होगा, जिसमें जावेद सिद्दीकी और नादिरा बब्बर को सम्मानित किया जाएगा।
लखनऊ में 'मध्यांतर' नाटक का सफल मंचन:रिश्तों की जटिलता को दर्शाया, दर्शकों ने सराहा
लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में शनिवार को जयवर्धन लिखित नाटक 'मध्यांतर' का मंचन किया गया। सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से इस प्रभावशाली प्रस्तुति का आयोजन किया। नाटक का निर्देशन विवेक मिश्रा ने किया, जिसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।'मध्यांतर' शीर्षक दो लोगों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है, जो नाटक का केंद्रीय विषय है। यह प्रस्तुति रिश्तों में आने वाली इस दूरी के कारणों और उसके प्रभावों को संवेदनशीलता से उजागर करती है। घर की सारी जिम्मेदारी को दिखाया नाटक की कहानी पति-पत्नी ज्ञान और छाया के इर्द-गिर्द घूमती है। ज्ञान एक निजी ड्रामा स्कूल में अभिनय और निर्देशन सिखाता है। उनका सामान्य जीवन एक सड़क दुर्घटना से बदल जाता है, जिसमें ज्ञान का पैर टूट जाता है और वह अपाहिज हो जाता है। इस घटना के कारण उसकी नौकरी भी चली जाती है।इसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी छाया पर आ जाती है। स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब डॉक्टरों द्वारा यह बताया जाता है कि ज्ञान अब पिता नहीं बन सकता। यह सच उनके रिश्ते में धीरे-धीरे दरार पैदा करता है, जिससे साथ रहते हुए भी उनके बीच 'मध्यांतर' बढ़ता जाता है।यह नाटक संदेश देता है कि रिश्ते केवल स्वार्थ पर आधारित नहीं होते, बल्कि समर्पण और त्याग पर टिके होते हैं। प्रस्तुति में किसी भी प्रकार की अतिरंजना या अति नाटकीयता से बचा गया, जिससे भावनाओं की गहराई को सहज और प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा जा सका। कलाकारों ने अपने अभिनय से मंच पर जान डाल दी नाटक में छटपटाहट, आक्रोश, अपनापन, दूरी और बेबसी जैसे विभिन्न भावों का एक साथ प्रदर्शन किया गया। इसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया और कहानी का हर दृश्य उनके मन में गहरा प्रभाव छोड़ गया।कलाकारों ने अपने अभिनय से मंच पर जान डाल दी। राहुल मिश्रा ने ज्ञान की भूमिका, एकता सिंह ने छाया की भूमिका, विवेक मिश्रा 'विष्णु' ने जयंत के किरदार और अनन्या सिंह ने लोरी के रूप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
शहर में बीते 24 घंटे में अलग-अलग थानाक्षेत्र में दो युवकों समेत तीन लोगों ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली, जहां चकेरी और नरवल में मानसिक तनाव के कारण युवकों ने जान दे दी। वहीं रावतपुर में नशे के लती अधेड़ ने आत्महत्या कर ली। केस–1 चकेरी के शिवपुरी निवासी 30 वर्षीय मजदूर सूरज ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। उनके परिवार में मां सुनीता और बड़ा भाई कमलेश है। भाई ने बताया कि ढ़ाई साल पहले सूरज की पत्नी मनीषा उसे छोड़कर चली गई, जिसके बाद वह शराब का लती हो गया। शुक्रवार रात को वह शराब पीकर आया और कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह जब वह रोज की तरह नहीं उठा तो मां बुलाने गई। इस दौरान कमरे में उसका शव लटकता हुआ मिला। केस–2 नर्वल के भोगनीपुर निवासी 24 वर्षीय सब्जी विक्रेता आकाश ने मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। उनके परिवार में मां प्रेमा और छोटा भाई सुभाष है। पिता जगदीश ने बताया कि बेटा काम के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। कई परीक्षा देने के बाद भी नौकरी नहीं लगने पर वह मानसिक तनाव में चल रहा था। शुक्रवार शाम को घर आने के बाद वह कमरे में चला गया। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला। तब पत्नी ने छोटे बेटे को उसे बुलाने के लिए भेजा। इस दौरान कमरे में बेटे का शव लटकता हुआ मिला। केस–3 रावतपुर के केशवनगर निवासी नवल (55) ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। उनके परिवार में पत्नी प्रीति, बेटा वासु व विशाल है। परिजन ने बताया कि नवल शराब के लती थे। बिठूर के टिकरा में उनका मकान बन रहा है। जिसकी देख–रेख के लिए शुक्रवार को दोनों बेटे व पत्नी गए थे। इस दौरान नवल घर पर अकेले थे। देर रात परिजन घर लौटे तो उनका शव फंदे से लटकता हुआ मिला।
ललितपुर में किसान की संदिग्ध मौत:परिजन ने सांप के काटने की आशंका जताई, पुलिस जांच में जुटी
ललितपुर जिले के महरौनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुम्हेंडी में एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि खेत पर काम करते समय सांप के काटने से उनकी जान गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुम्हेंडी निवासी 45 वर्षीय रमेश पुत्र कूरे कुशवाहा शनिवार सुबह करीब 7 बजे अपने खेत पर फसल की रखवाली करने गए थे। वह जल्दबाजी में अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गए थे, जिससे परिवार से उनका संपर्क नहीं हो सका। दोपहर करीब 1 बजे जब उनके पुत्र बृजेश उन्हें देखने खेत की ओर गए, तो रमेश उन्हें गांव स्थित शराब ठेके के पास जमीन पर पड़े मिले। बृजेश ने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। परिजन आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और रमेश को इलाज के लिए महरौनी अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के मौसेरे भाई शिवम कुशवाहा ने बताया कि रमेश अपने परिवार में तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनके दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं। रमेश के पास लगभग डेढ़ एकड़ जमीन थी, जिस पर खेती कर वह अपने परिवार का गुजारा करते थे। महरौनी पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित चिनार ड्रीम सिटी में 28 फरवरी को लिफ्ट गिरने से एक रहवासी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया है। अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी पुलिस के मुताबिक आई-605, चिनार ड्रीम सिटी मिसरोद निवासी अनुज पथरौल (24) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मंडीदीप में मार्केटिंग का काम करते हैं। बीते माह 28 फरवरी को वह अपने फ्लैट से अपने साथी प्रदीप यादव के साथ मंडीदीप फैक्ट्री में जाने के लिए निकले थे। सुबह 9.40 बजे पर अनुज पथरौल ने आई ब्लॉक की लिफ्ट का बटन दबाया। दरवाजा खुल गया और वह दोस्त प्रदीप के साथ लिफ्ट में चले गए। तभी अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी। अनुज ने इमरजेंसी बटन भी दबाया। लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट नहीं रुकी और सीधे नीचे आकर गिर गई। इस हादसे में उनके दाहिने पैर की एंकल बोन फ्रेक्चर हो गया, जबकि साथी को मामूली चोट आई है। तीन लोगों की लापरवाही आई सामने प्राथमिक इलाज निजी अस्पताल में कराने के बाद वह अपने घर विदिशा चले गए। लिफ्ट गिरने के मामले में उप समिति अध्यक्ष जयपाल शर्मा और लिफ्ट रिपेयर नीरज पवार सहित मेंटेनेंस प्रभारी प्रकाश विश्वकर्मा की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मिसरोद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
उज्जैन में ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां तीन बदमाशों ने एक वृद्धा को बहला-फुसलाकर उनके सोने के गहने ठग लिए। बदमाशों ने डॉक्टर का पता पूछने के बहाने वृद्धा को रोका और तंत्र-मंत्र का डर दिखाकर उनसे गहने उतरवा लिए। यह घटना शुक्रवार शाम की है, जिसकी शिकायत देवासगेट थाना पुलिस ने शनिवार को दर्ज की। ढांचाभवन निवासी समाजसेवी गोपाल बागरवाल की पत्नी राजूदेवी हद्येश्वर महादेव मंदिर दर्शन के लिए जा रही थीं। ढांचा भवन तिराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। उन्होंने डॉक्टर का पता पूछा और पानी मांगा। बातचीत के दौरान एक युवक ने खुद को तांत्रिक बताया और राजूदेवी से कहा कि उनके बच्चों पर संकट है और गहनों पर 'काल' सवार है। तांत्रिक की बातों में आकर राजूदेवी ने अपनी सोने की चेन और कान के टॉप्स उतार दिए। बदमाशों ने गहनों को एक रूमाल में बांधा और उन्हें घर ले जाकर रखने को कहा। इसी दौरान चालाकी से असली गहने बदलकर नकली गहने रूमाल में रख दिए और वहां से फरार हो गए। राजूदेवी के अनुसार, बातचीत के दौरान एक तीसरा युवक भी उनके पास आया और खुद को परेशान बताकर उपाय पूछने लगा। बदमाशों ने उन्हें 'गंगाजल' बताकर पानी पिलाया, जिसके बाद राजूदेवी को कुछ याद नहीं रहा। होश आने पर उन्होंने आरोपियों को बाइक से जाते देखा। ठगे गए गहनों की अनुमानित कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद राजूदेवी ने घर पहुंचकर अपनी बेटी को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। पुलिस अब अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
संतकबीरनगर के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर के मीडिएशन सेंटर में शनिवार को वैवाहिक विवाद के दौरान एक महिला ने छत से छलांग लगा दी। इस घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पति फरार हो गया। न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर तहसीलदार वर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला के दोनों पैरों के घुटने के नीचे की हड्डियां टूट गई हैं। पीड़ित महिला की पहचान संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र के नई बाजार मोहल्ले की निवासी 25 वर्षीय हसीना खातून के रूप में हुई है। हसीना का निकाह 7 जून 2024 को बलरामपुर जिले के पचपेड़वा थाना क्षेत्र के विशुनपुर टनटनवा निवासी हकीमुल्लाह के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। उनका एक पांच महीने का बेटा भी है। हसीना की मां फातिमा का आरोप है कि उनकी बेटी के मोबाइल नंबर पर एक गलत नंबर से कॉल आई थी, जिस पर बेटी ने आपत्ति जताई। कॉल करने वाले ने कई बार फोन किया, जिसके बाद बेटी और दामाद के रिश्ते में दरार आ गई। विवाद के बाद बेटी मायके लौट आई थी और यहीं रह रही थी। हसीना का आरोप- पति फोन पर रिश्तेदारों से गालियां दिलवाता थावहीं, पीड़िता हसीना का आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति समेत अन्य ससुराल वाले कम दहेज लाने का ताना देते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे। हसीना ने यह भी आरोप लगाया कि पति अपने रिश्तेदारों से फोन पर गंदी गंदी गालियां दिलवाते थे और 10 फरवरी 2026 को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जहां से मामला मीडिएशन सेंटर भेजा गया। शनिवार को दोनों पक्षों को सुलह-समझौते के लिए बुलाया गया था। बातचीत के दौरान हसीना पति के साथ ही रहने की जिद कर रही थी, लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं था। पति की किसी बात से आहत होकर हसीना ने अचानक पहली मंजिल की छत से छलांग लगा दी। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और परिजनों ने उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। पीड़िता ने बताया कि दूसरे युवक ने उसके पति के पास आपत्तिजनक एडिट फोटो भेज दिया था, जो मेरी नहीं थी। न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर तहसीलदार वर्मा ने बताया कि मीडिएशन सेंटर की छत से कूदने वाली महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। महिला के दोनों पैर की हड्डी टूटने की जानकारी मिली है। महिला की मां फातिमा और बड़े पिता दरगाही आदि लोग जिला अस्पताल में मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज विभाग ने पीलीभीत जिला पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। शासन ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (AMA) धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में विशेष सचिव जय प्रकाश पाण्डेय ने आदेश जारी किया है। धर्मेंद्र कुमार के विरुद्ध जिलाधिकारी पीलीभीत की जांच रिपोर्ट के आधार पर कई आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। इन आरोपों में टेंडर प्रक्रिया में गंभीर हेराफेरी शामिल है। एक आरोप के अनुसार, जिला पंचायत के अभियंता के अवकाश पर होने के बावजूद, 25 नवंबर 2025 को वित्तीय बिड खोलने के लिए उनके 'डोंगल' का अनाधिकृत उपयोग किया गया। इसके अतिरिक्त, 95 निर्माण कार्यों की ई-निविदा की तकनीकी बिड को बिना उचित परीक्षण के ही स्वीकृत कर दिया गया। ऑनलाइन प्रक्रिया में समिति के सभी अनिवार्य सदस्यों के हस्ताक्षर के बजाय केवल अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षरों से ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। टेंडर प्रक्रिया में श्रमिक पंजीकरण की अनिवार्य शर्त का भी खुलेआम उल्लंघन किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की स्वीकृति से आयुक्त, बरेली मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। शासन ने 'उत्तर प्रदेश जिला पंचायत सेवा नियमावली-1970' के सुसंगत नियमों के तहत धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। शासन की इस कार्रवाई से पीलीभीत जिला पंचायत में हड़कंप मच गया है। विशेष रूप से उन 95 निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठ गए हैं जिनकी निविदा प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण पाई गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय प्रक्रियाओं में हेराफेरी करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बरेली कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है, जिससे अन्य अधिकारियों के बीच भी कड़ा संदेश गया है। बरेली कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की प्रबल संभावना है, जिससे अन्य अधिकारियों के बीच भी कड़ा संदेश गया है।
धमतरी में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर चाकू से हमला किया गया। घटना कुरुद थाना क्षेत्र के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास हुई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घायल युवक का इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना कुरुद थाना क्षेत्र के वर्मा गैरेज के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के नजदीक हुई। सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और हमले में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया। पुरानी रंजिश पर विवाद, चाकू से किया हमला जानकारी के मुताबिक, बालाजी नगर कुरूद निवासी वेंकटेश ध्रुव (26) अपने साथी तोषण सिन्हा के साथ एक दुकान के पास मौजूद था। इसी दौरान अमन चंद्राकर और मेहुल चंद्राकर वहां पहुंचे। पुरानी रंजिश को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने वेंकटेश ध्रुव के साथ अश्लील गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और धक्का-मुक्की की। झगड़े के दौरान आरोपियों ने चाकू से वेंकटेश की पीठ और कंधे पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी जेल भेजे गए पुलिस ने आरोपियों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया स्टील का चाकू छत्तीसगढ़ ढाबा के पास झाड़ियों से बरामद किया गया। आरोपी अमन चंद्राकर (29) और मेहुल चंद्राकर (28), दोनों कुरूद निवासी हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फरीदाबाद के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित सेक्टर-78 की एक हाईराइज सोसाइटी में शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 12वें फ्लोर पर बने एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गईं और पूरे टावर में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार 12वें फ्लोर पर स्थित फ्लैट नंबर 1203 की बालकनी में तुलसी के पास एक दिया जलाया हुआ था। बालकनी में कॉटन के पर्दे लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि तेज हवा से पर्दा जलते हुए दीपक के संपर्क में आ गया, जिससे पर्दों में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने बालकनी से पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय फ्लैट में रहने वाला परिवार नीचे पार्क में घूमने गया हुआ था। इसी कारण उन्हें शुरुआत में आग लगने की जानकारी नहीं मिल सकी। जब आग पूरे फ्लैट में फैल गई और उसकी लपटें गैलरी से बाहर निकलती हुई दिखाई देने लगीं तब आसपास के लोगों को घटना का पता चला। आग की लपटें देखकर घरों से बाहर निकले लोग आग की लपटें देखकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग घबरा गए। लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकलकर नीचे खुले स्थान पर पहुंच गए। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए ऊपर जाकर बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। थोड़ी देर बाद दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। उस समय तक आग की लपटें गैलरी से बाहर निकलते हुए 13वें, 14वें और 15वें फ्लोर तक पहुंच चुकी थीं। आग के कारण 13वें फ्लोर की गैलरी में रखा कुछ सामान जल गया, जबकि 14वें और 15वें फ्लोर के फ्लैटों में इतना ज्यादा धुआं भर गया कि लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि जिस फ्लैट में आग लगी थी वह पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। सोसाइटी में रहने वाले निवासी नीरज चोपड़ा ने बताया कि अचानक गैलरी से आग की लपटें निकलती दिखाई दीं, जिसके बाद पूरे टावर में अफरा-तफरी मच गई और लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। जलते दीपक से लगी आग बीपीटीपी थाना प्रभारी अरविंद कुमार का कहना है कि फ्लैट में आग लगने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची इससे पहले फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां पहुंच चुकी थी और आग बुझाने में जुटी हुई थी करीब करीब 1 घंटे में पूरी तरीके से आग पर काबू पा लिया गया है। बालकनी में रखा हुआ तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाया गया था और वहां पर लगे पर्दे में आग लगी थी जिससे पूरे घर में आग फैल गई घर का सारा सामान परिवार का जल चुका है हालांकि इसमें जाने नुकसान नहीं है।यहां देखें फोटो…
कानपुर के चकेरी सनिगवां इलाके में एक 40 वर्षीय टेनरीकर्मी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार शाम को हुई इस घटना के बाद पत्नी ने पति को फंदे से लटका देखा और शोर मचाया। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अरविंद सिंह (40) के रूप में हुई है, जो दादानगर स्थित एक जूता फैक्ट्री में काम करते थे। मृतक के छोटे भाई धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अरविंद की पत्नी निक्की सिंह और दो बच्चे, बेटा जय सिंह व बेटी जया सिंह हैं। घटना के दिन अरविंद काम पर नहीं गए थे। शाम को जब उनकी पत्नी बच्चों को कोचिंग छोड़कर घर लौटीं, तो उन्होंने अरविंद को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका पाया। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनके भाई के संपर्क में पिछले साल एक महिला आई थी। इस प्रसंग को लेकर घर में आए दिन विवाद होता रहता था। शुक्रवार दोपहर को भी अरविंद ने फांसी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन परिजनों ने उन्हें बचा लिया था। तब अरविंद ने दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कही थी। धर्मेंद्र के अनुसार, महिला मित्र आए दिन अरविंद से रुपयों की मांग करती थी और पैसे न देने पर फंसाने की धमकियां देती थी। उसने आखिरी बार भी रुपयों की मांग की थी, जिससे अरविंद काफी परेशान थे। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 29 मार्च को बिलासपुर दौरे पर रहेंगे। वे यहां नवनिर्मित अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण और उद्यान का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही इमलीपारा रोड पर बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित कॉम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे। रात्रि में मुख्यमंत्री राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति टी-20 ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री 29 मार्च की शाम करीब 5 बजे सूरजपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा बिलासपुर पहुंचेंगे। वे लोकार्पण और क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद रात में रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री बिलासपुर में निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री कुल 12.43 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इनमें 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर, मराठी पुत्री शाला भवन में प्रथम तल का निर्माण (73.22 लाख रुपए), इमलीपारा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स (10 करोड़ रुपए) और रक्षित आरक्षी केंद्र में 1.20 करोड़ रुपए के निर्माण कार्य शामिल हैं। कमिश्नर सर्वे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री 14.50 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इनमें अरपा राम सेतु से शनिचरी अरपा नदी तक सड़क, नाला और पिचिंग कार्य (12.95 करोड़ रुपए), भारत चौक से मगरपारा चौक वार्ड नंबर 4 में 1.04 करोड़ रुपए से सड़क नवीनीकरण, चौड़ीकरण व आरसीसी नाली निर्माण, और उस्लापुर हाफा रोड तिराहे पर भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा का निर्माण के साथ चबूतरा निर्माण (50 लाख रुपए) शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की रणजी क्रिकेट टीम फाइनल में पहुंची स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल टी 20 ड्यूज बाल क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रवीण दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार की रात राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में प्रतियोगिता का समापन करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की रणजी क्रिकेट टीम फाइनल में पहुंची चुकी है। आज दिल्ली और खड़गपुर की टीम के बीच सेमी फाइनल मुकाबला चल रहा है, इसमें जो टीम जीतेगी उसका मुकाबला छत्तीसगढ़ की रणजी क्रिकेट टीम से होगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न राज्यों से 8 नामचीन क्रिकेट टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, खड़गपुर, नागपुर, जौनपुर, गाजियाबाद आदि की टीमें शामिल हैं।
शहर में चल रही श्री हनुमान कथा के सातवें दिन शनिवार को भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। पूज्य विजय कौशल जी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन जीने की कला सिखाते हुए कहा कि बजरंगबली केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे विनम्रता और सेवा के सबसे बड़े उदाहरण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में इंसान को शारीरिक बल से ज्यादा आत्मबल और अच्छे विचारों की जरूरत है। सफलता का मंत्र,अनुशासन और ईमानदारी कथा के दौरान महाराज जी ने जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति तभी सफल हो सकता है जब वह अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करे। अनुशासन और सकारात्मक सोच ही इंसान को भीड़ से अलग बनाती है। जो व्यक्ति सत्य और धर्म के रास्ते पर चलता है, उस पर ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है। कठिन समय में 'धैर्य' ही सबसे बड़ा हथियार विजय कौशल जी महाराज ने युवाओं और श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, लेकिन कठिन परिस्थितियों में जो धैर्य (पेशेंस) बनाए रखता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने सादगी और उच्च विचारों को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपने आचरण से समाज में बदलाव लाएं। दूसरों के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव रखना ही असली धर्म है। भजनों पर झूमे श्रद्धालु, भक्तिमय हुआ माहौल कथा के बीच-बीच में जब राम नाम और हनुमान जी के भजनों की गूंज हुई, तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। महाराज जी ने बताया कि सच्चा धर्म मानव सेवा है। अगर हम दूसरों की मदद निस्वार्थ भाव से करते हैं, तो वही जीवन की सबसे बड़ी सार्थकता है।
कौशांबी के अजरौली में अधेड़ की गला रेतकर हत्या:संपत्ति विवाद बना कारण, पुलिस जांच में जुटी
कौशांबी जिले के महेवा घाट थाना क्षेत्र के अजरौली गांव में रविवार शाम करीब 7 बजे एक 55 वर्षीय अधेड़ की गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान नथन सरोज (55) के रूप में हुई है, जो इसी गांव का निवासी था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नथन सरोज की दो पत्नियां हैं और उनके परिवार में लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी संपत्ति विवाद के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही महेवा घाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है। थाना प्रभारी धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर जिले में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के अजगरा नाला के पास हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक बाइक से कहीं जा रहे थे। अजगरा नाला के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल सिविल अस्पताल वाड्रफनगर पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना को अंजाम देने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही वाड्रफनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश के साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जोधपुर की विशिष्ट एनडीपीएस कोर्ट ने 17 साल पुराने ड्रग्स बरामदगी केस में शनिवार को फैसला सुनाया है। मामला महामंदिर पुलिस थाने के सरकारी क्वार्टर से मादक पदार्थों की बरामदगी से जुड़ा है। विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस केसेज) मधुसूदन मिश्रा की कोर्ट ने पुलिस कॉन्स्टेबल भजनलाल की पत्नी सरिता को मादक पदार्थ रखने का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सरिता को 2 साल की सजा सुनाई है और साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, सबूतों के अभाव और पुलिस की तकनीकी खामियों के कारण कोर्ट ने 3 आरोपियों को बरी किया है। इनमें सह-अभियुक्त कॉन्स्टेबल भजनलाल, राजुराम, रणजीत सिंह और तारा सिंह शामलि है। सरकारी क्वार्टर में दबिश और ड्रग्स बरामदगी मामला 21 मई 2009 का है। तत्कालीन थानाधिकारी ओमप्रकाश गौतम को सूचना मिली थी कि थाना परिसर स्थित सरकारी आवास जो कॉन्स्टेबल भजनलाल, बेल्ट नंबर 1093 के नाम आवंटित था। आवास में अवैध अफीम और स्मैक का धंधा चल रहा है। सूचना पर एसएचओ ने जाब्ते और 2 स्वतंत्र गवाहों (सलीम और देवीलाल) के साथ क्वार्टर पर दबिश दी। मौके पर भजनलाल मौजूद नहीं था, लेकिन उसकी पत्नी सरिता वहां मिली। तलाशी के दौरान दूसरे कमरे में रखी एक बिना ताले की ब्रीफकेस से एक प्लास्टिक पाउच मिला। इसमें 70 ग्राम अफीम, कागज की पुड़ियों में 10 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। 1000, 500 और 100 रुपए के नोटों के रूप में 1,53,900 रुपए की नकदी मिली। इसके अलावा, तलाशी के दौरान सरिता ने सामने पड़े कपड़ों में से एक थैली निकालकर अपने पहने हुए कपड़ों में छिपा ली, जिसे महिला कॉन्स्टेबल से निकलवाने पर उसमें 12 ग्राम 'अफीम दूध' मिला। समाज पर प्रभाव बनाम निर्दोष होने का दावा विशिष्ट लोक अभियोजक (सरकारी वकील) गोविंद जोशी ने तर्क दिया कि यह कोई साधारण बरामदगी नहीं है, बल्कि पुलिस के सरकारी क्वार्टर में चल रहा अवैध तस्करी का है। अभियोजक जोशी ने कहा कि अफीम और स्मैक युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहे हैं, इसलिए समाज में सख्त संदेश देने के लिए दोषी को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि अभियुक्तों को रंजिशवश झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि बरामदगी उनके 'एक्सक्लूसिव पजेशन' से साबित नहीं होती है और घटना के वक्त कॉन्स्टेबल भजनलाल वहां पदस्थापित ही नहीं था। वकील ने यह भी तर्क दिया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 42, 50 और 57 के प्रक्रियात्मक प्रावधानों का सही से पालन नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों ने बयानों में भी खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का दावा किया। कोर्ट की टिप्पणियां और पुलिस इन्वेस्टिगेशन में खामियां कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और 21 गवाहों व 76 दस्तावेजों का विश्लेषण करने के बाद कई अहम निष्कर्ष निकाले। कोर्ट ने धारा 50 (व्यक्तिगत तलाशी) के बचाव पक्ष के तर्क पर स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि मुख्य मादक पदार्थ आवासीय क्वार्टर की अटेची से मिला है, इसलिए धारा 50 वहां लागू नहीं होती, फिर भी पुलिस ने सरिता को तलाशी का कानूनी नोटिस दिया था। मामले में सबसे बड़ा मोड़ एफएसएल रिपोर्ट से आया। कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने जिस 70 ग्राम पदार्थ को 'अफीम' मानकर जब्ती की थी, वह रासायनिक जांच में 'डाईएसिटीलमोरफीन' (हेरोइन/स्मैक) निकला। इसलिए सरिता को अफीम के बजाय कुल 80 ग्राम स्मैक और 12 ग्राम अफीम दूध का दोषी माना गया। सिपाही भजनलाल और अन्य के बरी होने पर कोर्ट ने पुलिस अनुसंधान की बड़ी खामियों को उजागर किया। पुलिस ने आरोपियों के बीच सांठगांठ साबित करने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड पेश किए थे। इस पर कोर्ट ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के प्रमाण-पत्र के बिना कोई भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (सीडीआर) साक्ष्य में ग्राह्य नहीं है। कोर्ट ने पाया कि अनुसंधान अधिकारी ने सीडीआर के साथ कोई 65B सर्टिफिकेट पेश नहीं किया। साथ ही, मौके से बरामद जिस डायरी को पुलिस मादक पदार्थों के हिसाब की बता रही थी, कोर्ट ने पाया कि उसमें अफीम या स्मैक शब्द का कोई जिक्र ही नहीं था। इन्ही खामियों के चलते चारों सह-अभियुक्त बरी हो गए। सरिता को 2 अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने अभियुक्ता सरिता को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत 1 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 8/21 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यानी, सरिता को अधिकतम 2 वर्ष का ही कारावास भुगतना होगा। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की व्यवस्था भी आदेश में दर्ज की गई है।
पटना में इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स (बिहार चैप्टर) ने वकीलों की समस्याओं और न्यायपालिका की स्थिति पर चिंता जताई है। संगठन ने केंद्र-राज्य सरकार पर वकीलों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। शनिवार को अमरनाथ रोड स्थित केदार भवन में पीसी हुई। जिसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वर्मा ने बताया कि राज्य के लगभग 80 प्रतिशत वकीलों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने चिंता जताई है कि वकील न्यायपालिका के प्रमुख स्तंभ होने के बावजूद उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। बड़ी संख्या में युवा इस पेशे में आ रहे हैं, लेकिन शुरुआती दौर में आर्थिक अस्थिरता के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सरकार से ठोस सहायता न मिलने से यह समस्या और बढ़ जाती है। उन्होंने बिहार की न्यायपालिका को 'संकट के दौर' में बताया। वर्मा ने कहा कि अदालतों में जजों की भारी कमी के कारण लाखों मामले लंबित हैं, जिससे आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिला अदालतों से लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। संगठन ने 7 प्रमुख मांगों को रखा… पहली मांग: नव-पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना को लेकर थी। योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि नए वकीलों को शुरुआती पांच वर्षों तक प्रति माह 5000 रुपए का स्टाइपेंड दिया जाएगा, लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकी है। उन्होंने इसे जल्द लागू करने की मांग की, ताकि युवा वकीलों को आर्थिक सहारा मिल सके।दूसरी मांग: न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने की रही। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में जजों की कमी के कारण मामलों का निष्पादन धीमा हो गया है, जिससे न्याय में देरी हो रही है। यह स्थिति न केवल वकीलों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी चिंता का विषय है।तीसरी मांग: अधिवक्ता कल्याण निधि को लेकर उठाई गई। संगठन ने कहा कि वर्तमान में मृत्यु और सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली राशि अपर्याप्त है। इसे बढ़ाकर कम से कम 25 लाख रुपए किया जाना चाहिए, ताकि वकीलों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।चौथी मांग: इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करने की भी मांग की गई। उन्होंने ने कहा कि झारखंड की तर्ज पर बिहार में भी 60 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को न्यूनतम 14 हजार रु. मासिक पेंशन दी जानी चाहिए। इससे वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।पांचवीं मांग: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी संगठन ने सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की। कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को भी मिलना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।छठी मांग: महिला अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायपालिका में 35 प्रतिशत आरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी है।सातवीं मांग: इसके साथ ही सरकारी पैनल में वकीलों की नियुक्ति में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने कहा कि गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएं, पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के वकीलों को सरकारी पैनल में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। सरकार जल्द सकारात्मक पहल करे अंत में योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो वकील सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से होगा।इस मौके पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स (बिहार चैप्टर) के महासचिव राम जीवन प्रसाद सिंह और उदय प्रताप सिंह मौजूद रहे।
गया के रामपुर थाना क्षेत्र में मारपीट और धमकी देने के एक मामले में पुलिस ने एक साल से फरार चल रहे एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस की ओर से चलाए जा रहे विशेष छापामारी अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य फरार और वांछित आरोपियों को पकड़ना है। रामपुर थाना अध्यक्ष के अनुसार, 22 मार्च 2025 को एक व्यक्ति ने रामपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपना बकाया पैसा मांगने के लिए आरोपी के घर गया था। वहां आरोपी अफताब अफजल ने उसके साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट भी की। इतना ही नहीं, आरोपी ने पैसे न देने की धमकी भी दी थी। तलाशी के बाद आरोपी को पकड़ा इस शिकायत के आधार पर रामपुर थाने में कांड संख्या 601/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने विशेष छापामारी अभियान के तहत आरोपी की तलाश की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाश की पहचान मोहीद्दीन अफजल के पुत्र अफताब अफजल के रूप में हुई है। वह गया के रामपुर थाना क्षेत्र के गेवल बिघा स्थित यामहा एजेंसी के पीछे का निवासी है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है और अपराधियों में भय उत्पन्न होता है।
तलाकशुदा महिला से ग्वालियर के होटल में रेप:आरोपी एक साल तक शादी का झांसा देकर करता रहा शारीरिक शोषण
ग्वालियर में एक महिला से रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचित युवक उसे शादी का झांसा देकर होटल ले गया जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और करीब एक साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। शिंदे की छावनी क्षेत्र में अपनी मां के साथ रहने वाली 35 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2011 में हुई थी, लेकिन 2013 में तलाक हो गया था। इसके बाद वह मायके में ही रह रही थी। करीब दो साल पहले एक शादी समारोह में उसकी मुलाकात इंदरगंज थाना क्षेत्र के निर्धन नगर निवासी सुमित घुघे से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। युवती ने उसे अपने तलाक के बारे में बताया, जिस पर आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा और भरोसा दिलाया कि उसे इससे कोई समस्या नहीं है। होटल में ले जाकर किया दुष्कर्म पीड़िता के अनुसार, 22 फरवरी 2025 को आरोपी उसे फूलबाग चौराहे के पास स्थित एक होटल में ले गया, जहां उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह लगातार उसे अलग-अलग मौकों पर होटल ले जाकर शारीरिक शोषण करता रहा। शादी से मुकरा, दी जान से मारने की धमकी जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया और बताया कि उसकी सगाई हो चुकी है। साथ ही उसने युवती को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़िता की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पटना में दैनिक भास्कर वुमन प्राइड अवॉर्ड-2026 का शनिवार को आयोजन हुआ। समारोह में 29 महिलाओं को सम्मानित किया गया। किसी ने जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को बेहद कम कीमत में खाना उपलब्ध कराया, तो किसी ने दूरदराज इलाकों के वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को नई दिशा दी। वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्यमिता, कला, साहित्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करने वाली कई महिलाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश की है। इन महिलाओं की सफलता की कहानियां सिर्फ उपलब्धियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी उदाहरण हैं। इन्होंने छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव किए हैं। मुख्य अतिथि बिहार सरकार के कला, संस्कृति युवा सह पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने समारोह का उद्घाटन किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयालक्ष्मी और पुलिस अधीक्षक (ERSS-112) शीला ईरानी मौजूद रहीं। देखें तस्वीरें… समारोह का उद्देश्य नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना ये वार्षिक समारोह समाज-देश के लिए योगदान देने वाली, चुनौतियों से ऊपर उठकर सफलता पाने वाली महिलाओं के लिए है। मंच विभिन्न क्षेत्रों- जैसे उद्यमिता, चिकित्सा, शिक्षा, खेल, और समाजसेवा में कार्य करने वाली महिलाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों को चिह्नित करता है। इसका उद्देश्य नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है। भास्कर के समारोह में सम्मानित होने वालीं महिलाएं… अमृता सिंह-पल्लवी सिंह : पिछले 8 वर्षों से ‘साईं की रसोई' से PMCH में मरीजों और उनके परिजन को मात्र 5 रुपए में खाना उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की है। अनुरंजना भारद्वाज: सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदराज क्षेत्र में अपनी संस्था स्थापित की। इनके प्रयासों से कई वंचित बच्चों को शिक्षा का अवसर और उज्जवल भविष्य की दिशा मिली है। अमरीन खान: पूर्णिया की शिक्षिका, जिन्होंने पिछले 18 साल से स्कूल को सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला परिवार बनाया है। Kidzee Johnny Kids और Mount Litera Zee School की प्रिंसिपल के रूप में सैकड़ों बच्चों के भविष्य को दिशा दे रही हैं। आशा अनुरागिनी पोद्दार: ‘Bamboo Art' से परंपरा-प्रकृति से जुड़ी कला को नई पहचान देने वाली एक महिला उद्यमी हैं। बांस की कला को हजारों महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया है। डॉ. आयशा फातिमा: वनस्पति विज्ञान में पीएचडी सहित उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. आयशा फातिमा ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। गया इंजीनियरिंग कॉलेज और ICMR-NIE, चेन्नई में अपनी सेवाओं के साथ-साथ वे समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। वंचित बच्चों को किताबें उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है। डॉ. आयुषी सिन्हा: बेगूसराय की युवा डॉक्टर डॉ. आयुषी सिन्हा ने मात्र 2 साल में 1700 से अधिक सफल सर्जरी कर पहचान बनाई है। इसके साथ ही 15,000 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर समाज सेवा की मिसाल पेश की है। अपनी सेवा-समर्पण से वे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रेरणा बनकर उभरी हैं। डॉ. बंदना तिवारी: MBBS, MS के साथ पूर्व रजिस्ट्रार, IGIMS की अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ हैं। कैटरेक्ट, कॉर्निया और रिफ्रैक्टिव सर्जरी की विशेषज्ञ के रूप में हजारों मरीजों की दृष्टि में नई रोशनी ला रही हैं। वर्तमान में Drishtipunj Eye Hospital की डायरेक्टर हैं। डॉ. दीपशिखा: MBBS और DNB (पीडियाट्रिक्स) से प्रशिक्षित डॉ. दीप्तिशिखा नवजात और बच्चों की सेहत के लिए समर्पित एक संवेदनशील चिकित्सक हैं। उनकी देखभाल और विशेषज्ञता ने कई नन्हीं जिंदगियों को नई उम्मीद और स्रक्षित भविष्य दिया है। अपनी सेवा और समर्पण से वे चाइल्ड केयर के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मिसाल हैं। डॉ. जूली बनर्जी: 22 वर्षों से कॉरपोरेट नेतृत्व और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. जूली बनर्जी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए उनका योगदान प्रेरणादायी रहा है। अपने कार्यों से वे समाज में बदलाव की एक मजबूत आवाज बनी हैं। कुमारी बबिता: LIC बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में एक अलग पहचान बनाया है। अपनी लगन और अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने सफलता की नई मिसाल कायम की है। वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायी है। वैदय लीला गुप्ता: प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद की शक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वैदय लीला गुप्ता ने लोगों को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रहने की प्रेरणा दी है। समाज के स्वास्थ्य जागरूकता के लिए उनका योगदान सराहनीय है। डॉ. ममता सिंह: नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। शिक्षा और चिकित्सा दोनों क्षेत्रों में डॉ. ममता सिंह योगदान दे रहीं हैं। इसके साथ ही GOAL Institute की जॉइंट डायरेक्टर हैं। अपने ज्ञान और समर्पण से वे नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं। ममता सिंह: अशीर्वाद एंगिकॉन की ममता सिंह कम बजट वाले प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स से निम्न वर्गीय परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई परिवारों को अपने सपनों का घर मिला है। डॉ. मनीषा सिन्हा: पिछले 3 दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. मनीषा सिन्हा Radiant International School की प्रिंसिपल हैं। अपने नेतृत्व और अनुभव से उन्होंने विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल तैयार किया है। मनीषा श्रीवास्तव: भोजपुरी लोक संगीत की लोकप्रिय गायिका हैं। अपनी पारंपरिक और शुद्ध विधाओं- विवाह गीत, सोहर और अन्य लोक गीतों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने शुद्ध और बिना वल्गर भोजपुरी संगीत को बढ़ावा देकर बिहार और हिंदी भाषी क्षेत्रों में अपनी खास पहचान बनाई है। नीलम देवी: मॉरल एजुकेशन आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटियों की पढ़ाई को समाज की प्राथमिकता बनाने के लिए हमेशा समर्पित रहीं। नीलम देवी अपने प्रयासों से बेटियों के सपनों को शिक्षा से नई उड़ान दे रही हैं। उनका समर्पण समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव की मिसाल है। निर्मला कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और अच्छे प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है। निर्मला कुमारी ने लगन-समर्पण से वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता की मिसाल कायम की है। डॉ. नीतू कुमारी नवगीत: लोक गायिका डॉ. नीतू कुमारी नवनीत अपनी आवाज से लोगों के दिलों में खास पहचान बना चुकी हैं। पटना नगर निगम की ब्रांड एम्बेसडर के रूप में वे गीतों से स्वच्छता अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचा रही हैं। कला और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने का उनका प्रयास प्रेरणादायी है। पिंकी देवी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है। पिंकी देवी ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। प्रीति सिंह: राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद समाज के प्रति उनका समर्पण और सक्रियता काबिल-ए-तारीफ है। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने अपनी मेहनत और पहल से एक अलग पहचान बनाई है। प्रियंका कुमारी: कंचनजंघा फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं। विदद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और धार्मिक-संवेदनशील व्यक्तित्व के साथ वे जरूरतमंद और गरीब छात्रों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती हैं। एक सशक्त महिला के रूप में परिवार और समाज दोनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पूनम कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और बेहतर प्रदर्शन से अलग पहचान बनाने वाली पूनम कुमारी ने सफलता पाई है। ऋतिका गुप्ता: एमबीए (मार्केटिंग) के साथ 16 साल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। अनुभवी बिजनेस लीडर ऋतिका गुप्ता ने अमेरिका, चीन और भारत जैसे देशों में काम करते हुए नेतृत्व और उद्यमिता की मजबूत पहचान बनाई है। सीमा कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में खास पहचान बनाई है। सीमा कुमारी ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता पाई है। डॉ. सुनीता कुमारी: जहानाबाद में जन्मीं डॉ. सुनीता कुमारी ने मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोध किया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं की समस्याओं को आवाज दी है। उनके प्रयासों से सरकारी कार्यालयों में महिलाओं के लिए रेस्ट रूम की व्यवस्था संभव हो सकी। आज सचिवालय के कई भवनों में ये सुविधा उनके प्रयासों की देन हैं। श्वेता कुमारी: बिहार का अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म The Arch Go, जहां घर बैठे चुटकियों में ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध है। उद्यमिता और इनोवेशन से लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। वीणा अमृत: हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्तमान में आरा के डीके कॉलेज की प्राचार्या के हैं। उनका कार्य नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. विजया सिंह: प्रोफेसर हैं। विवाह के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आज RK College, मधुबनी में राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष HOD हैं।
मंडला में 2 एकड़ गेहूं की फसल जली:जवारे विसर्जन के लिए जुटे लोग आग की खबर पर खेत की ओर दौड़े
मंडला जिले के महाराजपुर थाना इलाके के माली मोहगांव (टिकरा टोला) में एक गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। इस हादसे में करीब 2 एकड़ में पककर तैयार खड़ी फसल जलकर राख हो गई। यह खेत राजेश जाट और उनके परिवार का बताया जा रहा है। स्थानीय निवासी रितेश राय के मुताबिक, गांव में जवारे विसर्जन के लिए लोग इकट्ठा हुए थे। जैसे ही खेत में आग लगने की खबर मिली, सभी ग्रामीण तुरंत आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। लोगों की मुस्तैदी की वजह से आग को और अधिक फैलने से रोक लिया गया। रास्ते की वजह से नहीं पहुंच पाई बड़ी दमकल हादसे की सूचना फायर ब्रिगेड को भी दी गई थी, लेकिन रास्ता छोटा होने के कारण बड़ी गाड़ी खेत तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद एक छोटी गाड़ी की मदद से बची हुई आग को पूरी तरह बुझाया गया। हल्का पटवारी अगस्ति सिंह सरसाम ने बताया कि लगभग दो एकड़ की पूरी फसल जलकर बर्बाद हो गई है। पुलिस कर रही है जांच महाराजपुर थाना प्रभारी डॉ. जय सिंह यादव ने बताया कि खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है, जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी स्थिति पूरी तरह काबू में है।
बरेली के रामगंगा में नहाते समय 3 छात्र डूबे:2 को बचाया गया, 1 लापता; जागरण की राख विसर्जन गए थे
बरेली में रामगंगा नदी में स्नान करते समय 3 दोस्त डूबने लगे। इनमें से 2 को बचा लिया गया, जबकि 1 लापता है। तीनों छात्र गांव वालों के साथ जागरण की राख विसर्जन के लिए रामगंगा नदी गए थे। सभी नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और बचाओ-बचाओ चिलाने लगे। तीनों को डूबता देख ग्रामीणों ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने 2 छात्रों अनमोल और कपिल को खींचकर बाहर निकाल लिया, लेकिन तीसरे अर्जुन का पता नहीं चल पाया। वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक गोताखोरों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। अब रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम एक बार फिर सर्च अभियान चलाएगी। घटना शनिवार शाम 4 बजे सिरौली क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… ट्रॉली से राख विजर्जन करने गए थेमनकरा गांव में दो दिन पहले जागरण का आयोजन किया गया था। शुक्रवार को भंडारा हुआ। शनिवार को करीब 50-60 ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर जागरण की राख विसर्जन के लिए कैलाश गिरी घाट पहुंचे। इन लोगों के साथ अनमोल, कपिल और अर्जुन भी थे। राख विसर्जन के बाद सभी नदी में नहाने लगे। इसी दौरान तीन छात्र अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। ग्रामीणों ने तुरंत ही अनमोल (8) पुत्र पुसे और कपिल (9) अनिल को नदी से बाहर निकाल लिया। ये दोनों मनकरा गांव के ही रहने वाले हैं। हालांकि, ढकिया शाहाबाद निवासी अर्जुन (14) पुत्र ओमवीर शर्मा गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। नदी के तेज बहाव को देखते हुए पुलिस ने लगभग 500 मीटर दूर तक जाल भी लगवाया, ताकि छात्र बहकर दूर न चला जाए। देर रात तक नहीं मिला सुरागदेर रात तक चले रेस्क्यू अभियान के बावजूद अर्जुन का कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा बढ़ने के कारण खोजबीन में काफी कठिनाइयां आईं, लेकिन पुलिस और गोताखोर लगातार प्रयास में जुटे रहे। घर पर बिना बताए विसर्जन में गया थापरिजनों ने बताया- अर्जुन अपने जीजा के घर जागरण में शामिल होने आया था। इसी दौरान वह बिना बताए गांव के लोगों के साथ स्नान के लिए चला गया था। मीरगंज के एसडीएम आलोक कुमार ने बताया- मौके पर लेखपाल और सिरौली पुलिस की मौजूदगी में गोताखोरों से तलाश कराई गई। लेकिन अर्जुन नाम के एक छात्र का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह एसडीआरएफ टीम को बुलाकर दोबारा सर्च अभियान चलाया जाएगा। ------------- यह खबर भी पढ़ें… 8 साल की बच्ची का हत्यारोपी किराएदार एनकाउंटर में ढेर, आगरा में मकान मालिक से बदला लेने के लिए वारदात की आगरा में कारोबारी मकान मालिक की 8 साल की बच्ची की हत्या का आरोपी किराएदार शनिवार तड़के 3 बजे एनकाउंटर में ढेर हो गया। DCP सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि शुक्रवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारोपी फिरोजाबाद भागने की फिराक में है। उन्होंने बताया- पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी फायरिंग करने लगा। इसमें एक दरोगा को गोली लग गई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को भी गोली लग गई। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ की CBI कोर्ट (वेस्ट) ने CRPF कांस्टेबल भर्ती घोटाले में पूर्व DIG समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। इन्हें तीन साल की सजा के साथ कुल 1.20 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा। 15 साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने पूर्व DIG विनोद कुमार शर्मा, CRPF कर्मी सत्यवीर सिंह और तीरथ पाल चतुर्वेदी को दोषी पाया। तीनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार किया था। 2009 में दर्ज हुआ था केस यह मामला CRPF में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के दौरान घूसखोरी और अनियमितताओं से जुड़ा हुआ था, जिसमें चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे थे। CBI ने इस मामले को 23 फरवरी 2009 को सोर्स इनपुट के आधार पर दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारियों ने भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लिए थे। भर्ती की गोपनीय जानकारी लीक कर वसूलीजांच में यह भी सामने आया कि विनोद कुमार शर्मा ने भर्ती से जुड़ी गोपनीय जानकारी, जैसे भर्ती का शेड्यूल और खाली पदों का विवरण, बिचौलियों को पहले ही उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद यही बिचौलिये अभ्यर्थियों को चयन का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। 2010 और 2012 में दाखिल हुई चार्जशीटCBI ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ 23 नवंबर 2010 और 16 जुलाई 2012 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मामले में लंबी सुनवाई चली और गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
जयपुर एयरपोर्ट पर समर शेड्यूल का असर:13 फ्लाइट्स का संचालन कल से बंद, पैसेंजर्स की बढ़ी परेशानी
समर शेड्यूल लागू होते ही जयपुर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कई उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। कल से कुल 13 फ्लाइट्स का संचालन बंद कर दिया जाएगा, जिससे पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए यात्रा करने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी। दरअसल, एयरलाइंस कंपनियों ने मांग, ऑपरेशनल कारणों और समर शेड्यूल के तहत फ्लाइट बंद करने का फैसला लिया है। बंद होने वाली फ्लाइट्स में देर रात 1:25 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-251 शामिल है। इसके अलावा सुबह 5:50 बजे चंडीगढ़ जाने वाली 6E-7742, सुबह 7:20 बजे मुंबई जाने वाली 6E-5035 और सुबह 9:20 बजे जैसलमेर जाने वाली 6E-7675 का संचालन भी बंद रहेगा। सुबह 9:55 बजे चेन्नई के लिए उड़ान 6E-5362, 10:30 बजे जोधपुर के लिए 6E-7405 और 10:55 बजे मुंबई के लिए 6E-251 को भी शेड्यूल से हटा दिया गया है। वहीं 11:45 बजे इंदौर जाने वाली फ्लाइट 6E-7154 भी अब संचालित नहीं होगी। शाम के समय भी यात्रियों को झटका लगा है। 5:25 बजे देहरादून के लिए 6E-7468, 6:15 बजे मुंबई के लिए SG-651 और 6:55 बजे दिल्ली जाने वाली IX-1289 फ्लाइट बंद रहेगी। इसके अलावा रात 9:55 बजे बेंगलुरु की 6E-373 और 10:10 बजे कोलकाता जाने वाली 6E-6427 का संचालन भी पूरी तरह से रोक दिया गया है। इन फ्लाइट्स के बंद होने से जयपुर से अलग - अलग शहरों के बीच कनेक्टिविटी पर असर पड़ेगा। खासतौर पर बिजनेस और टूरिज्म से जुड़े यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट्स या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की जानकारी जरूर ले लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
कानपुर के डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने शनिवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) और क्षयरोग केंद्र पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो डॉक्टर समेत पांच स्वास्थ्य कर्मी यूपीएचसी से नदारद मिले। इसके बाद डीएम ने दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही नदारद स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इसी परिसर में बने क्षय रोग केंद्र का भी निरीक्षण किया, यहां पर 11 कर्मचारियों में से पांच अन्य जगह अटैच होने पर सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। अनुपस्थित होने के बाद भी रजिस्टर में डॉक्टर की प्रेजेंट मिली डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर विवेक सोनकर उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह नदारद थीं, उपस्थिति पंजिका के परीक्षण में विकास, विकास यादव, अमित कुमार, डॉ. श्रेया सचान और अमन शुक्ला भी अनुपस्थित मिले। इस पर डीएम ने सख्त एक्शन लेते हुए सीएमओ को सभी अनुपस्थित कार्मिकों के खिलाफ एक्शन लेने का आदेश दिया। इस दौरान ओपीडी रजिस्टर की भी जांच की गई। 27 मार्च की प्रविष्टियों में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह के हस्ताक्षर दर्ज मिले, जबकि जानकारी दी गई कि वह उस दिन प्रशिक्षण में थीं। इस संबंध में जानकारी लेने पर यह तथ्य सामने आया कि मरीजों का विवरण डॉ. विवेक सोनकर द्वारा अंकित किया गया था। जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच कर एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सीएमओ को दिया। 60 फीसदी स्टाफ दूसरी जगह अटैच, सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा इसके बाद डीएम ने इसी परिसर में संचालित क्षयरोग केंद्र का निरीक्षण किया। यहां कुल 11 कर्मचारियों में से 5 दूसरी जगह अटैच होने की जानकारी होने पर उन्होंने गंभीर नाराजगी जताई और सीएमओ से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही निर्देश दिया कि संबंधित स्टाफ को मूल तैनाती स्थल पर वापस लाया जाए, जिससे मरीजों को समुचित उपचार मिल सके। टीबी के मरीजो को भर्ती करके इलाज का आदेश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि कोविड काल से पहले टीबी मरीजों को केंद्र में भर्ती कर उपचार दिया जाता था, जो वर्तमान में बंद है। इस पर उन्होंने भर्ती वार्ड व्यवस्था दोबारा शुरू करने और आवश्यक सुविधाएं बहाल करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित मॉनीटरिंग करने का आदेश दिया। कोई भी कमी या अनियमितता मिले, उसका त्वरित निस्तारण कराने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने हनीट्रैप और नर्सिंगकर्मी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेल में बंद गर्भवती महिला कैदी को राहत दी है। कोर्ट ने जेल से बाहर प्रसव के लिए तीन महीने की सशर्त अंतरिम जमानत मंजूर की है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देकर बच्चे को जेल से बाहर जन्म देने की इच्छा जताई थी। महिला कैदी की याचिका पर कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि महिला 26 जून को जेल अधीक्षक के पास सरेंडर करे और इस दौरान किसी अवैध और गैर-कानूनी गतिविधि में भाग नहीं ले। जस्टिस समीर जैन ने सारिका खानम के जमानत प्रार्थना पत्र पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा कि याचिकाकर्ता अलवर में दर्ज मामले में 15 जुलाई 2025 से जेल में हैं। वह करीब 34 सप्ताह की गर्भवती है और बच्चे को जेल से बाहर जन्म देना चाहती है। तीन महीने बाद जेल में समर्पण कर दिया जाएगा। सरकारी वकील ने जांच अधिकारी के जरिए गर्भावस्था के तथ्य का सत्यापन किया, उसके बाद कोर्ट ने जमानत देने का फैसला किया।
लखनऊ में शनिवार को स्मार्ट मीटर वाले 20 हजार बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन अचानक कट गए। बैलेंस माइनस होने के कारण मीटर ने ऑटोमैटिक बिजली सप्लाई बंद कर दी। बिजली कटते ही लोगों में हड़कंप मच गया। बिल जमा करने के लिए बिलिंग केंद्रों और लेसा की मोबाइल वैन पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों ने तुरंत ऑनलाइन या काउंटर पर बिल जमा कर दिया, लेकिन असली मुसीबत उसके बाद शुरू हुई। भुगतान के घंटों बाद भी बिजली नहीं आई। स्मार्ट मीटर के MDM (Meter Data Management) और RMS (Revenue Management System) सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण कनेक्शन काफी देर में बहाल हुए। नाराज लोगों ने लेसा के जानकीपुरम, अमौसी, गोमतीनगर और बर्लिंगटन चौराहा स्थित 1912 कार्यालयों पर हंगामा कर दिया। बवाल बढ़ता देख अधिकारियों ने जल्द कनेक्शन जोड़ने का आश्वासन देकर किसी तरह लोगों को शांत किया। नाराज लोगों ने किया हंगामा लखनऊ सेंट्रल 6008, जानकीपुरम 4260, गोमतीनगर 3469 और अमौसी जोन में 6294 कनेक्शन शामिल थे। सबसे अधिक नाराजगी उन उपभोक्ताओं में दिखी, जिन्होंने कनेक्शन कटते ही तुरंत ऑनलाइन या काउंटर पर भुगतान कर दिया था। शाम सात बजे तक बिजली नहीं आई तो घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। परेशान लोगों ने टोल फ्री 1912 पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नाराज लोगों ने अमौसी और गोमतीनगर जोन में हंगामा किया। किस जोन में कितने कनेक्शन कटे
शिवहर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने शनिवार शाम तरियानी छपरा थाना का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, लंबित मामलों की स्थिति और अपराध नियंत्रण से संबंधित तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने थाना अध्यक्ष से क्षेत्र में हालिया घटनाओं की जानकारी ली। एसपी ने विशेष रूप से लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने पर जोर दिया। इस अवसर पर थाना अध्यक्ष सहित अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। एसपी ने पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भी कई आवश्यक निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिले में कानून-व्यवस्था के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।
मोगा जिले में बाघापुराना ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पदों के लिए हाई कोर्ट के निर्देशों पर दोबारा चुनाव कराए गए। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की। आप की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन चुनी गईं। गठबंधन को 14 सदस्यों का समर्थन मिला। इससे पहले, बाघापुराना ब्लॉक समिति में कुल 25 सदस्य चुने गए थे, जिनमें अकाली दल के 13, कांग्रेस के 3, आम आदमी पार्टी के 8 और 1 निर्दलीय सदस्य शामिल थे। 17 मार्च को हुए पहले चुनाव के दौरान अकाली दल और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उनके सदस्यों को मतदान करने से रोका गया। चुनाव दोबारा कराने की मांग इन आरोपों के बावजूद, आम आदमी पार्टी ने अपने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की घोषणा कर दी थी। इसके बाद, शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव दोबारा कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान इस दौरान, तत्कालीन एसडीएम ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मोगा के डिप्टी कमिश्नर पर चुनाव प्रक्रिया में दबाव डालने का आरोप लगाया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया को 23 मार्च को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया। दोबारा चुनाव कराने के निर्देश एसडीएम की पेशी के बाद, हाई कोर्ट ने 28 मार्च को जिला प्रशासन को दोबारा चुनाव कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर, प्रशासन की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से मतदान कराया गया। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस पार्टी की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन चुनी गईं। विधायक बोले जीत हुई विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने बताया कि दोबारा हुए चुनाव में उनकी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को हुए पिछले चुनाव में भी सरबजीत कौर चेयरमैन बनी थीं, लेकिन विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप आज पूरी तरह से झूठ साबित हो गए। कांग्रेस पार्टी की चरणजीत कौर को वाइस चेयरमैन चुना गया विपक्ष ने चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके निर्देश पर दोबारा चुनाव करवाए गए। हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार हुए इस चुनाव में एक बार फिर उनकी जीत हुई। आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर को चेयरमैन और कांग्रेस पार्टी की चरणजीत कौर को वाइस चेयरमैन चुना गया। सर्वसम्मति से चुनाव उन्होंने आगे बताया कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी को मिलाकर कुल 14 सदस्यों का समर्थन मिला और सर्वसम्मति से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का चयन किया गया। साथ ही, 17 मार्च को हुए चुनाव के दौरान विपक्ष द्वारा की गई कथित गुंडागर्दी के मामले में भी कार्रवाई करने की बात कही गई।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा कि वे हकीकत से दूर हैं और परिवारवाद की राजनीति में डूबे हुए हैं। वह सिर्फ इंतजार शास्त्र के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। शनिवार को बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गहलोत खुद पुत्रमोह से ग्रसित हैं, लेकिन दूसरों को नसीहत देने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत ने अपने पुत्र को चुनाव में उतारा, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। राठौड़ ने भजनलाल सरकार की गिनाई उपलब्धियां राठौड़ ने भजनलाल सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि प्रदेश में पारदर्शी तरीके से भर्तियां हो रही हैं। अब तक 92 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं और 1.53 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘ना पर्ची, ना खर्ची’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोलियम आयात करता है, ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। कालाबाजारी-जमाखोरी पर सख्ती उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए राठौड़ ने दावा किया कि वर्ष 2026-27 में राजस्थान की जीएसडीपी 21.52 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि एकजुट होकर काम करने का है। राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ओछी राजनीति छोड़कर प्रदेश के हित में सहयोग करना चाहिए। ------------- ये खबर भी पढ़िए… राठौड़ बोले- अशोक गहलोत खुद पुत्र मोह से ग्रसित:वैभव को आगे नहीं बढ़ा पाए, कहा- पाकिस्तान पर नरमी दिखाने वाले राष्ट्रभक्ति की सीख न दें शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- कांग्रेस लगातार देश की छवि खराब करने और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। विपक्ष के कई नेताओं के बयानों में राष्ट्रभक्ति का अभाव नजर आता है।(पूरी खबर पढ़ें…)
यूपी में अब दहेज उत्पीड़न और चेक बाउंस समेत 31 मामलों में पुलिस सीधे रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगी। इसके लिए पहले मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा दायर करना होगा। एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह आदेश जारी किया है। डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस अफसरों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा है कि जिन अपराधों में कानून सिर्फ परिवाद (कोर्ट में सीधी शिकायत) का नियम है, वहां FIR दर्ज करना पूरी तरह गलत और अवैध है। अब थाना प्रभारी और विवेचक (जांच अधिकारी) को FIR दर्ज करने से पहले यह जरूर जांचना होगा कि संबंधित केस में पुलिस रिपोर्ट पर कोर्ट संज्ञान ले सकती है या नहीं। इन मामलों में अब FIR नहीं होगीडीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में अभियोजन विभाग की ओर से भेजे गए उन मामलों की सूची भी जोड़ी गई है, जिसमें सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती है। इनमें महिलाओं से घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, चेक बाउंस, भ्रूण हत्या, जानवरों से अत्याचार, पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े मामले शामिल हैं। इनके अलावा उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी और खाने में मिलावट के मामलों में उपभोक्ता फोरम या FSSAI के पास जाना होगा। इसकी FIR पुलिस दर्ज नहीं करेगी। बाल श्रम, वायु प्रदूषण, विदेश से माल लाने-भेजने, ट्रेड मार्क, मानव अंग तस्करी, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जल प्रदूषण, केबल टेलीविजन नेटवर्क, विदेशी मुद्रा प्रबंधन, कीटनाशक दवाओं को नियंत्रित करने के मामले में भी सीधे FIR नहीं होगी। इसके लिए संबंधित विभाग में पहले शिकायत दर्ज करानी होगी। क्यों लिया गया यह फैसला?इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि कई बार पुलिस नियमों के उलट FIR दर्ज कर लेती है। इससे आरोपी को कोर्ट में फायदा मिल जाता है। पूरी जांच प्रक्रिया बर्बाद हो जाती है। कई बार पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सर्कुलर के जरिए चेतावनी भी दी। कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिया है कि वे कानून के हर पहलू का गंभीरता से अध्ययन करें। FIR दर्ज करने से पहले पूरी तरह पक्का कर लें कि यह परिवाद वाली श्रेणी का केस तो नहीं है? दहेज प्रताड़ना के मामले में सजा का क्या प्रावधान है?दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के अनुसार दहेज लेने, देने या इसके लेन-देन में साथ देने वालों को 5 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 15,000 रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है। दहेज के लिए मारपीट करने पर, कीमती चीजों की मांग करने पर IPC की धारा 498A के तहत सजा मिलती है। इसके लिए 3 साल की जेल और जुर्माना होगा। अगर पति और ससुराल वाले स्त्रीधन को सौंपने से मना करते हैं, तब 3 साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें IPS अशोक सिंह पर जानलेवा हमले में 16 को उम्रकैद,15 साल पहले भीड़ ने अधमरा किया था, मुरादाबाद DM छोड़कर भाग गए थे मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर कांड में 15 साल बाद शनिवार को फैसला आया। IPS अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ADJ कोर्ट ने 4 दिन पहले आरोपियों को दोषी करार दिया था। अशोक सिंह इस समय लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर
देवरिया में चैत्र नवरात्र के समापन पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शहर के सिंधी मिल स्थित देवरी मंदिर परिसर में स्थापित प्रतिमाओं को नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाए जाने पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। नवरात्र के पहले दिन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने विधि-विधान से पूजन कर इन प्रतिमाओं की स्थापना कराई थी। पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लेजर शो और भगवती जागरण जैसे आयोजन शामिल थे। इन आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च होने की बात भी सामने आई है। दशमी के दिन जब प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो नगर पालिका के कर्मचारियों ने मूर्तियों को कूड़ा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर जुलूस के रूप में ले जाना शुरू कर दिया। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना था कि जिन प्रतिमाओं की स्थापना पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से की गई थी, उन्हें इस तरह कूड़े की गाड़ी में ले जाना आस्था के साथ खिलवाड़ है। स्थानीय नागरिक अमित पाण्डेय ने आरोप लगाया कि एक ओर जहां धार्मिक आयोजनों पर भारी खर्च किया गया, वहीं विसर्जन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सम्मान का ध्यान नहीं रखा गया। लोगों ने इस मामले में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनोज मद्धेशिया ने कहा कि यह आस्था के साथ खिलवाड़ है और इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।फिलहाल, इस घटना को लेकर शहर में व्यापक चर्चा है। लोग प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की उम्मीद कर रहे हैं।
कोर्ट के बाहर ट्रांसफार्मर में लगी आग, VIDEO:शॉर्ट सर्किट की वजह से भड़की, बिजली आपूर्ति बाधित
जालौन के जिला मुख्यालय उरई में स्थित जिला न्यायालय परिसर के बाहर शनिवार शाम को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में आसपास का इलाका धुएं से भर गया और मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर से अचानक चिंगारियां निकलनी शुरू हुईं, जिसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण ट्रांसफार्मर से जुड़े कई विद्युत केबिल जलकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली कटने से न्यायालय परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। वहीं, विद्युत विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त केबिलों को ठीक करने में जुट गई है, ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।
सहरसा में विवाहिता की मौत:दहेज हत्या की आशंका, पति-एक परिजन हिरासत में; दो साल पहले हुई थी शादी
सहरसा के चिडैया थाना इलाके के चिकनी टोला गांव में शनिवार को 25 वर्षीय विवाहिता सुलो देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मोनू चौधरी की पत्नी थीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, सुलो देवी की शादी लगभग दो वर्ष पहले पास के सौथी गांव में हुई थी। उनका मायका और ससुराल दोनों नजदीक हैं। मृतका अपने पीछे आठ माह का एक बेटा छोड़ गई हैं। डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी मुकेश कुमार ठाकुर और चिरैया थाना अध्यक्ष इंद्रजीत तांती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कहा के मामले में हर बिंदु पर तहकीकात की जा रही है। पति मोनू चौधरी का हिरासत में लेकर पूछताछ प्रथम दृष्टया यह मामला दहेज हत्या का लग रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस ने मृतका के पति मोनू चौधरी और एक परिजन फाँटुस चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतका के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टूडेंट की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया और आग लग गई। इस घटना में छात्र मामूली झुलस गया। यह हादसा सरकंडा थाना क्षेत्र के सेंट्रल लाइब्रेरी के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, सरकंडा सेंट्रल लाइब्रेरी के पास छात्र अपने दोस्तों के साथ खड़ा था। तभी उसकी पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन अचानक तेज आवाज के साथ फट गया। ब्लास्ट से छात्र की पैंट में आग लग गई और वहां मौजूद लोग घबरा गए। स्टूडेंट के दोस्तों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। मोबाइल ब्लास्ट में छात्र झुलस गया। उसके हाथ और पैर में चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद छात्र की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल ब्लास्ट क्यों हुआ बैटरी खराब होने, ओवरहीटिंग या किसी अन्य तकनीकी वजह से। जानकारों के मुताबिक, स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी कभी-कभी ज्यादा गर्म होने या खराब होने पर फट सकती है। लंबे समय तक चार्ज करने या सस्ते चार्जर इस्तेमाल करने से ऐसे हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है।
बिजनौर शहर में 29 मई 2014 को हुए सुशील हत्याकांड में कोर्ट ने आज सभी 10 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद सभी पक्षों ने कोर्ट के निर्णय का सम्मान किया।यह घटना 29 मई 2014 की शाम को बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के श्री हॉस्पिटल के पास हुई थी। बदमाशों ने 45 वर्षीय सुशील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक प्रॉपर्टी डीलर और एक पूर्व सभासद भी शामिल थे। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में सभासद पति वसीम अहमद (पुत्र फखरुद्दीन, निवासी मोहल्ला मीरदीगान), अतुल चौधरी (पुत्र आदित्य वीर, निवासी फरीदपुर उददा), नईमुद्दीन (पुत्र निजामुद्दीन, निवासी बुखारा), शुभम चौधरी (पुत्र सत्येंद्र चौधरी, निवासी फरीदपुर उददा), अरनव तोमर (पुत्र शौकीन, निवासी न्यू सिटी कॉलोनी बिजनौर) और हसीन अंसारी शामिल थे। तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया था कि सुशील कुमार की हत्या 9.5 बीघा जमीन खरीदने के विवाद को लेकर की गई थी। पुलिस ने इस जमीन विवाद को ही हत्या का मुख्य मकसद बताया था। शनिवार को कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। आरोपियों के वकील अहमद ज़कावत ने बताया कि उन पर प्रॉपर्टी हड़पने का आरोप लगाया गया था, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला। वकील के अनुसार, फर्जी गवाह पेश किए गए थे और हत्या के पीछे जमीन विवाद का मकसद भी साबित नहीं हो सका। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए न्याय किया। वंही इस मामले में पूर्व सभासद व सभासद पति वसीम अहमद का कहना है कि हम लोगों को सुशील हत्याकांड में 120 बी का मुलजिम बनाया गया था। हम लोग बेकसूर थे और हमें अदालत पर पूरा भरोसा था । अदालत ने हम लोगों क बरी कर दिया है। इंसाफ की जीत हुई है।
कानपुर में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आमजन के वैवाहिक, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए आवेदन के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन को उचित कदम उठाना चाहिए। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि इस समय गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खासतौर पर विवाह, मुंडन और अन्य सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि सिलेंडर की कमी के कारण इन आयोजनों पर सीधा असर पड़ रहा है और लोगों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। विधायक ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों, शादी-विवाह और पारिवारिक आयोजनों के लिए आवेदन आधारित व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकें। भंडारे, सामूहिक भोज और धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही प्रभावी कदम उठाएगा, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
फरीदाबाद में बाटा रेलवे फ्लाईओवर (ROB) पर मरम्मत का काम शुरू किया जा रहा है। इस कारण शनिवार देर रात 28 मार्च से 11 अप्रैल तक इस फ्लाईओवर को आंशिक रूप से बंद रखा जाएगा। फ्लाईओवर की हालत को सुधारने के लिए यह रिपेयरिंग जरूरी बताई गई है। ट्रैफिक पुलिस ने इस दौरान लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी जारी की है और वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। साथ ही रूट डायवर्जन का एक मैप भी जारी किया गया है ताकि वाहन ड्राइवरों को आने-जाने में ज्यादा परेशानी न हो। दो चरणों में किया जाएगा काम ट्रैफिक पुलिस के अनुसार फ्लाईओवर पर मरम्मत का काम दो चरणों में किया जाएगा और हर चरण करीब 7 दिन का होगा। पहले चरण में हार्डवेयर चौक से बाटा चौक की ओर जाने वाले रास्ते को बंद किया जाएगा। इस दौरान इस हिस्से में मरम्मत का काम किया जाएगा। करीब एक सप्ताह में काम पूरा होने के बाद इस रास्ते को फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पहले चरण के बाद दूसरे चरण का भी होगा काम इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू किया जाएगा। दूसरे चरण में मथुरा हाईवे से हार्डवेयर चौक की ओर जाने वाले मार्ग को बंद किया जाएगा। इस दौरान पहले चरण में तैयार हो चुके रास्ते पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक चलाया जाएगा। दूसरे चरण में बाटा चौक से हार्डवेयर चौक की ओर जाने वाले रास्ते की मरम्मत की जाएगी। 7 दिन तक चलेगा काम यह काम भी लगभग 7 दिन तक चलेगा। ट्रैफिक पुलिस ने बताया है कि मरम्मत के दौरान फ्लाईओवर पूरी तरह बंद नहीं रहेगा, बल्कि एक समय में केवल एक दिशा का रास्ता ही बंद किया जाएगा। दूसरी दिशा से वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। इससे लोगों को आने-जाने में कुछ हद तक राहत मिल सकेगी। पुलिस ने की लोगों से अपील इस दौरान यातायात को नीलम रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और कोशिश करें कि प्रभावित मार्ग से बचें। एक ही लेन पर दोनों तरफ का ट्रैफिक चलेगा पुलिस ने यह भी कहा है कि जहां एक ही लेन पर दोनों तरफ का ट्रैफिक चलेगा, वहां वाहन ड्राइवर सावधानी से और धीमी गति से वाहन चलाएं। फ्लाईओवर के आसपास ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी और संकेतक भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जाम की स्थिति न बने।
प्रयागराज के फाफामऊ में पूर्व मंत्री अंसार अहमद के कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर चलेगा। पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और अब इसमें किसी तरह का कामकाज संचालन करना खतरे से खाली नहीं है। यह रिपोर्ट एसडीएम की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी को सौंप दी गई है। अब जिला प्रशासन जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगा। जिले भर में कराई जा रही जांचइस हादसे के बाद जिले भर के कोल्ड स्टोरेज की जांच कराने का निर्णय जिला प्रशासन ने लिया। संबंधित तहसील के एसडीएम की अध्यक्षता में हर तहसील में कमेटी गठित की गई। इसमें पुलिस के साथ ही अन्य कई विभागों के अफसरों को शामिल किया गया। इसके तहत पूर्व मंत्री के कोल्ड स्टोरेज की भी जांच की गई। सूत्रों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की ओर से जांच के बाद यह बताया गया कि इस कोल्ड स्टोरेज का भवन जर्जर है और अब इसमें किसी भी तरह का कामकाज संचालित किया जाना खतरे से खाली नहीं है। अंतिम निर्णय डीएम लेंगेपीडब्ल्यूडी ने यह रिपोर्ट कमेटी को सौंप दी है और अब कमेटी की ओर से यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि यह तय है कि जर्जर भवन में किसी भी तरह का कार्य संचालन कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ करना होगा। ऐसे में अब इस भवन को ढहाया जाना ही अंतिम विकल्प है। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निर्णय जिलाधिकारी को ही लेना है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा, पीडब्ल्यूडी की ओर से जांच कर रिपोर्ट कमेटी को दे दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट अभी मुझे नहीं मिली है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा। पुलिस पहले ही बता चुकी हैइस मामले में पुलिस की ओर से पहले ही बताया जा चुका है कि कोल्ड स्टोरेज का भवन लगभग 25 वर्षों से ऐसे ही संचालित हो रहा था और यह पूरी तरह जर्जर हो चुका था। इसका कोई रखरखाव नहीं किया जा रहा था। यह बात खुद मुकदमा वादी बने फाफामऊ थाने के एसएसआई कम्बोद सिंह ने अपनी तहरीर में कही है।
अनूपपुर जिले में चैत्र नवरात्र की दशमी पर शनिवार रात को देवी मंदिरों से जवारे विसर्जन का जुलूस निकाला गया। इस दौरान मढ़िया माई मंदिर (तालाब) से शोभायात्रा निकली, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस पूरे आयोजन में 'काली खप्पड़ नृत्य' लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। मंदिर से शुरू हुए इस जुलूस में कलाकार काली का रूप धरकर खप्पड़ नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिसे देखने के लिए सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। नगर भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं भी अपने सिर पर ज्वारा कलश रखकर शामिल हुईं। शहर के मुख्य रास्तों से गुजरा जुलूस यह जुलूस मढ़िया मंदिर से शुरू होकर रेलवे स्टेशन चौराहा, आदर्श मार्ग, कोतवाली तिराहा और बस स्टैंड जैसे मुख्य इलाकों से होता हुआ वापस मंदिर पहुंचा। इसके बाद तालाब में पूरे विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ जवारों का विसर्जन किया गया। अनूपपुर मुख्यालय में कई जगहों पर काली नृत्य और ज्वारा विसर्जन की पुरानी परंपरा है। इससे पहले शुक्रवार रात को चेतना नगर के सिद्ध बाबा और खेर माई के ज्वारे विसर्जित किए गए थे। 9 दिनों की भक्ति का समापन नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिरों में ज्वारा कलश और घी-तेल के दीपक जलाकर स्थापना की जाती है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा के बाद नौवें दिन हवन होता है और फिर विसर्जन का सिलसिला शुरू होता है। इस दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही।
उदयपुर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के योग विभाग के सस्पेंड असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिलीप सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। चौहान पर यूनिवर्सिटी में रहते हुए फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपए का गबन करने का आरोप है। इसके साथ ही चौहान पर संस्थान की छवि खराब करने का भी मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पुलिस अब इस मामले में उनसे पूछताछ कर रही है। असल में यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) तरुण श्रीमाली ने पिछने दिनों प्रतापनगर थाने में शिकायत दी। उन्होंने बताया कि डॉ. दिलीप सिंह ने साल 2021 से 2024 और 2020 से 2023 के बीच छात्रों के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी की। आरोप है कि डॉ. चौहान ने योग विभाग के स्टूडेंट्स के लिए ट्रैकसूट और ब्लेजर खरीदने के नाम पर यूनिवर्सिटी से पैसा तो उठा लिया, लेकिन हकीकत में किसी भी छात्र को ये सामान मिला ही नहीं। उन्होंने केवल कागजों पर खरीदारी दिखाई और पूरा भुगतान ले लिया। यही नहीं, साल 2017 से 2021 के बीच क्लास चलाने के नाम पर मिलने वाले मानदेय यानी पारिश्रमिक में भी बड़े पैमाने पर हेराफेरी सामने आई है। डॉ. दिलीप सिंह खुद ही व्यक्तिगत रूप से बिल बनाकर अकाउंट्स विभाग में पेश कर देते थे। श्रीमाली ने बताया था कि शुरुआत में यूनिवर्सिटी के अकाउंट्स डिपार्टमेंट ने चौहान के इन बिलों को सही मानकर उनका पेमेंट कर दिया। लेकिन जब बाद में यूनिवर्सिटी ने अपनी एक जांच कमेटी बिठाई, तो इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। इसी जांच के आधार पर उन्हें पहले ही सस्पेंड किया गया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन का यह भी कहना है कि सस्पेंड होने के बाद डॉ. दिलीप सिंह संस्थान को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। वे सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में भ्रामक और गलत खबरें छपवाकर यूनिवर्सिटी की साख को नुकसान पहुंचा रहे थे।
झज्जर बड़े-बड़े दावों और तैयारियों के बीच सरसों खरीद सीजन के पहले ही दिन झज्जर की मुख्य अनाज मंडी में पूरा सिस्टम चरमरा गया। हालात इतने खराब रहे कि पूरे दिन एक दाना तक नहीं खरीदा गया। किसान सुबह उम्मीद लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन शाम होते-होते मायूस होकर अपनी फसल वापस ले जाने को मजबूर हो गए। किसान आए, सिस्टम नहीं आया ट्रैक्टर-ट्रालियों में सरसों भरकर किसान मंडी पहुंचे थे। उन्हें भरोसा था कि सरकारी खरीद शुरू होगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली। न खरीद हुई, न कोई ठोस व्यवस्था दिखी—बस इंतजार और निराशा हाथ लगी। पहले दिन ही पोर्टल ने तोड़ी कमर सरकारी गेट पास पोर्टल पहले ही दिन किसानों के लिए सिरदर्द बन गया। पोर्टल पर एंट्री ही नहीं हो पाई, जिसके चलते गेट पास जारी नहीं किए गए। बिना गेट पास के खरीद संभव नहीं थी, और यही वजह रही कि पूरा दिन मंडी में सन्नाटा छाया रहा। क्या बोले अधिकारी- मार्किट कमेटी के सचिव रामनिवास ने कहा—“साइट बिजी थी, इसलिए गेट पास जारी नहीं हो पाए।” लेकिन सवाल ये है कि जब तैयारी का दावा था, तो सिस्टम पहले ही दिन क्यों बैठ गया? अधूरी तैयारी: शेड तक नहीं हुआ तैयार मंडी में व्यवस्थाओं की पोल यहीं नहीं खुली। फसल को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी शेड का काम भी अब तक अधूरा है। ऐसे में अगर बारिश हो जाए तो किसानों की मेहनत मिट्टी में मिल सकती है। इस पर मार्किट कमेटी के सचिव ने जिम्मेदारी एक्शन पर डालते हुए कहा कि शेड का काम पूरा कराना उनकी जिम्मेदारी है। आढ़ती बोले—किसानों के साथ अन्याय पूर्वी मंडी प्रधान व आढ़ती चांद पहलवान ने साफ कहा कि किसान सरसों लेकर मंडी आए थे, लेकिन गेट पास न मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने इसे किसानों के साथ सीधा अन्याय बताया। पहले दिन ही उड़ गए दावों के परखच्चे झज्जर अनाज मंडी की तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं कि जिला प्रशासन की तैयारियां सिर्फ कागजों तक सीमित थीं। सरकार के दावों की हकीकत पहले ही दिन सामने आ गई—और वो भी पूरी तरह फेल। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। नुकसान आखिरकार उसी किसान को उठाना पड़ेगा, जो उम्मीद लेकर मंडी आता है और निराश होकर लौटता है।
रायपुर में शनिवार की देर शाम शिवसेना ने शोभायात्रा निकाली। जिससे पूरा शहर भक्ति के रंग में डूब गया। यह शोभायात्रा रामनवमी के अवसर पर निकाली गई। इस शोभायात्रा की खास बात ये थी कि इसमें रायपुर के अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों से आए शिवसैनिकों ने हिस्सा लिया। इस शोभायात्रा में करीब 2 दर्जन से अधिक डीजे और धुमाल की व्यवस्था की गई। कई जगह पर स्वागत मंच भी बनाए गए। रामनवमी शोभायात्रा रायपुर के फूल चौक से निकाली गई। शोभायात्रा में अलग-अलग तरह की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। इन झांकियों की चमचमाती लाइटिंग और DJ की धुन ने आयोजन को भव्य बना दिया। शोभायात्रा के आगे राम भक्त हनुमान की जीवंत झांकी भी प्रदर्शित की गई। हाथों में थामा भगवा झंडा शिवसेना हर साल रामनवमी के अवसर पर शहर में बड़े आयोजन करती है। इस बार की झांकी में प्रदेश भर के कई जिलों से भारी संख्या में शिवसैनिक पहुंचे थे। उन्होंने हाथों में शिवसेना लिखा हुआ भगवा झंडा थामा था। जिसे लहराते हुए वे भक्तिमय गानों पर झूमते दिखाई दिए। जय श्रीराम और जय भवनी, जय शिवाजी के नारे लगाती लोगों की भीड़ शोभायात्रा में शामिल हुई। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। ट्रैफिक हुआ स्लो शोभायात्रा की वजह से आमापारा चौक से लेकर शारदा चौक तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी थी। जिस वजह से ट्रैफिक बहुत ही स्लो हो गया। लोग जाम से बचने के लिए दूसरे रास्तों से होकर जाने लगे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस भी लगातार लोगों को दूसरे रास्ते से डायवर्ट करते दिखाई दी। शोभा यात्रा के दौरान चार पहिया वाहनों को कुछ घंटे के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
दरभंगा के फेकला थाना CCTNS में पदस्थापित सिपाही संख्या-367 धर्मेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई फेकला थानाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार की ओर से समर्पित प्रतिवेदन के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर की गई है। फेकला थाना में कार्यरत सिपाही धर्मेन्द्र कुमार पर थाना परिसर में ही एक व्यक्ति से पैसे के लेन-देन का आरोप लगा है। मामले की जांच के दौरान वीडियो क्लिप और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण में आरोपों की पुष्टि हुई। संबंधित सिपाही से पूछताछ की गई, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। थानाध्यक्ष बोले- पुलिस की छवि खराब हुई थानाध्यक्ष ने अपने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा कि इससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर सिपाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए सिपाही धर्मेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सामान्य जीवन यापन भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। कार्रवाई से साफ संकेत दिया गया है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
खेत के पास से बकरियां लेकर अपने घर आ रहे पिता-पुत्र पर शनिवार शाम को लेपर्ड ने हमला बोल दिया। अपने सामने लेपर्ड की मौत देखते हुए उन्होंने जोर से शोर मचाया तो वहां से खेतों से दूसरे ग्रामीण दौड़े तो लेपर्ड दोनों को छोड़कर भाग गया। घटना उदयपुर जिले के गिर्वा ब्लॉक के खजूरी गांव में शनिवार शाम करीब 5 बजे की है। लेपर्ड के हमले से वली निवासी सवजी (58) और उनका पुत्र कमलेश (20) घायल हो गए। दोनों को घायल अवस्था में सबसे पहले टीडी अस्पताल लेकर गए और वहां से उनको उदयपुर रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पिता-पुत्र खेत के पास से बकरियां लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान नाले के पास झाड़ियों में छिपे लेपर्ड ने पीछे से सवजी पर हमला कर दिया। पीछे आ रहे बेटे कमलेश के चिल्लाने पर लेपर्ड उस पर भी लपका और उस पर भी हमला बोल दिया। इस बीच पिता-पुत्र ने अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाया तो वहां खेतों और पास के मकानों में रहने वाले लोग भागकर आए। उन्होंने लेपर्ड को देखा तो उन्होंने भी शोर मचाया। लोगों को देखकर लेपर्ड दोनों को लहूलुहान स्थिति में वहीं छोड़कर झाड़ियों में होते हुए जंगल की तरफ भाग गया। लेपर्ड के जाने के बाद ग्रामीण दूर से भाग कर दोनों घायलों के पास पहुंचे और वहां से दोनों को गांव के अंदर से सड़क पर लेकर आए और इस बीच एंबुलेंस को बुला लिया गया। लेपर्ड के हमले से पिता के हाथ और सीने में तो बेटे के हाथ पर चोटे आई। हाइवे से दोनों को टीडी के 108 एंबुलेंस का नर्सिंग स्टाफ प्रकाश सालवी और कांतिलाल रोत टीडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया। गांव वालों का कहना है कि गांव में पहली बार लेपर्ड के हमले की घटना हुई और पिता और पुत्र की हालत देखकर गांव वालों में दहशत का माहौल है। इनपुट : बंशीलाल मीणा, टीड़ी
कोरबा के ग्राम ढपढप में पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का शुभारंभ हो गया है। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कोरबा पहुंचने पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। कथा स्थल पर हजारों भक्तों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच पर पहुंचकर पंडित शास्त्री ने छत्तीसगढ़ और कोरबा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहां का कोयला पूरे देश को रोशन करता है। उन्होंने माता सर्वमंगला को नमन करते हुए 'छत्तीसगढ़ महतारी' का जयकारा भी लगाया। इस दौरान उन्होंने 'अपना घर सेवा आश्रम' द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणादायक बताया। दिव्य दरबार का भी आयोजन पंडित शास्त्री ने बताया कि वे 1 अप्रैल तक कोरबा में रहेंगे। इस दौरान कथा वाचन के साथ-साथ दिव्य दरबार का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की। आयोजन समिति के अनुसार, यह कार्यक्रम ग्राम ढपढप, बांकीमोंगरा में 27 मार्च से 1 अप्रैल तक चलेगा। 'अपना घर सेवा आश्रम' द्वारा आयोजित इस कथा में लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। पहले दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए उपस्थित रहे। आने वाले दिनों में भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति ने विशेष तैयारियां की हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस टीम ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कथा स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अशोकनगर जिले के कचनार थाना क्षेत्र में एक 7 साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य का मामला सामने आया है। आरोपी ने चॉकलेट का लालच देकर बच्चे को अपने साथ ले जाकर इस घटना को अंजाम दिया। बच्चे की मां की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे बच्चे की मां उसे गांव के माता मंदिर में पूजा के लिए ले गई थी। मां मंदिर के अंदर पूजा कर रही थी, जबकि बच्चा बाहर खेल रहा था। पूजा के बाद जब मां बाहर आई तो बच्चा वहां नहीं मिला। थोड़ी देर बाद 7 वर्षीय बच्चा रोते हुए घर आया और उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। मंदिर के पीछे नाले में ले गया था आरोपीबच्चे ने बताया कि गांव का शिवचरण उसे चॉकलेट और पैसों का लालच देकर मंदिर के पीछे नाले में ले गया और वहां उसके साथ जबरन लैंगिक शोषण किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए कचनार थाना प्रभारी पूनम सेलर को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उप निरीक्षक पूनम सेलर ने एक टीम गठित की और मात्र दो घंटे के भीतर आरोपी शिवचरण कुशवाह (21) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय द्वारा जेआर (जुडिशियल रिमांड) स्वीकृत करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
गोरखपुर के गोरखनाथ स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में शनिवार को क्लास LKG में सिलेक्टेड स्टूडेंट्स लेटर स्टार्ट फंक्शन (अक्षर आरंभ समारोह) मनाया गया। इस दौरान स्टूडेंट्स ने रंगारंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया। खूबसूरत फेयरी डांस से सबका दिल जीत लिया। साथ ही अन्य प्रोग्राम से माहौल को खुशनुमा बना दिया। उसके बाद सभी स्टूडेंट्स का हाथ पकड़ कर टीचर्स ने अन्न की थाली में बच्चों से पहली बार अन्न लिखवाया। दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआतसमारोह की शुरूआत मुख अतिथि फादर डॉक्टर अगस्टिन CST और स्कूल के प्रिंसिपल फादर थॉमस फिलीप, वाइस प्रिंसिपल फादर जॉर्ज, सिस्टर जोसलीन, पैरेंट्स और नन्हें छात्र प्रतिनिधि ने दीप प्रज्वलित करके किया। टीचर और पैरेंट्स बच्चों को दें प्रेरणा-मुख्य अतिथिसंबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों के जिज्ञासाओं को नहीं रोकना चाहिए। अध्यापक और अभिभावकों का परम कर्तव्य है कि विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्त करने की प्रेरणा दें। मुश्किल समय में वे उनके साथ खड़े रहे। इससे उनके भविष्य का निर्माण हो सकेगा और उनके व्यक्तित्व का सर्वागणि विकास हो सकेगा। आज का छात्र ही कल का राष्ट्र का नागरिक है हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसे नागरिकों को बढ़ाएं जो देश का निर्माण कर सके। बच्चों को ज्यादा समय दें- प्रिंसिपलइस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय दें और हर मुश्किल समय में वे उनके साथ खड़े रहे। बच्चों की रूचि का ध्यान रखें और उन्हें उत्साहित और प्रेरित करें ताकि शिक्षा के अवसर को आनंदमय और सुंदर बनाए जा सके। इस अवसर पर भारतीय परंपराओं के अनुसार अन्न की थाली में बच्चों का हाथ पकड़ कर पहली बार अन्न मे लिखकर पहले अक्षर आरम्भ कर शिक्षा की शुरूआत किया और बच्चों को ज्ञान प्राप्ति के लिए अभिभावकों और अध्यापकों की सुनहरे भविष्य के लिए आर्शीवाद दिया ।
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में कनाडा भेजने के नाम पर साढ़े 33 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सुभोजीत साधु निवासी किरदवई नगर दिल्ली के रूप में हुई। इस मामले में पुलिस सुभोजीत समेत तीन आरोपियों को पकड़ चुकी है। सर्वजीत सिंह निवासी किशनगढ़ ने 17 अक्टूबर 2024 को पुलिस को बताया था कि वह विदेश कनाडा जाना चाहता था। इसके लिए उसने हरदेव सिंह व करणदीप से मुलाकात की थी। उनके बीच विदेश भेजने के लिए 34 लाख रुपए में कनाडा भेजने की बात तय हुई थी। आरोपी ने उससे सारे पैसे एडवांस मांगे थे। साढ़े 33 लाख रुपए दिए उसने भरोसा करके 19 दिसम्बर को 13.50 लाख और 21 दिसम्बर 2020 को करीब 20 लाख रुपए आरोपी के अकाउंट में RTGS करवा दिए थे। पैसे लेकर आरोपियों ने उसका फोन उठा बंद कर दिया। उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर पुलिस ने थाना शाहाबाद में मामला दर्ज जांच कर जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी गई। तीसरा आरोपी गिरफ्तारी मामले की जांच करते हुए टीम ने 7 दिसम्बर 2024 को आरोपी हरदेव सिंह व करणदीप निवासी महेश नगर अम्बाला कैंट को गिरफ्तार किया था। आगे जांच करते हुए पुलिस ने तीसरे आरोपी सुभोजीत साधु को पकड़ा है। आरोपी को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
उन्नाव जिले के बेहटा मुज़ावर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में राजमिस्त्री की मौत हो गई। शनिवार देर शाम गोसवा गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक टकराने के बाद यह घटना हुई। हादसे में बाइक सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, गोसवा गांव के दो मजदूर शनिवार रात करीब आठ बजे बाइक से घर लौट रहे थे। गोसवा पुल के पास रास्ते में खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में उनकी बाइक पीछे से जा घुसी। स्थानीय लोगों ने घायल बाइक सवारों को बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने राजमिस्त्री कमल किशोर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्रदीप को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान मटुकरी गांव निवासी 50 वर्षीय कमल किशोर पुत्र गंगा प्रसाद के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री थे। हादसे में घायल 25 वर्षीय युवक प्रदीप पुत्र रामरतन है। मृतक कमल किशोर के परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी और पांच बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और चार बेटियां शामिल हैं। बेटियों में नेहा विवाहित हैं, जबकि अनुष्का, निकिता और अनामिका अविवाहित हैं।
आगरा मेंकबाड़े के गोदाम में भीषण आग:आसमान में छाया काला धुआं, लाखों रुपए के नुकसान की आशंका
आगरा के थाना एकता क्षेत्र के धांधूपुरा इलाके में स्थित एक कबाड़े के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और वहां रखा कबाड़े का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि शॉर्ट सर्किट या लापरवाही को संभावित वजह माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।फायर विभाग और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गोदाम और ज्वलनशील सामग्री वाले स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
अजमेर में कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक युवक ने कोर्ट की कार्यवाही (प्रोसिडिंग) का वीडियो बना लिया। जब एक कोर्ट कर्मचारी ने युवक को रोका तो उसने बदतमीजी की। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल फोन ले लिया। इसके बाद वीडियो को डिलीट कर दिया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने आरोपी पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर उसे एक महीने की जेल की सजा सुनाई गई। जुर्माना भरने के बाद युवक को रिहा कर दिया गया। यह मामला अजमेर के अतिरिक्त सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट, कम संख्या-02 का है। घटना पर कोर्ट ने लिया संज्ञान फरहान खान (21) पुत्र उस्मान, चौमू के हाजी कॉलोनी के इमाम चौक, वार्ड नंबर 28 का रहने वाला है। अदालत की कार्यवाही का वीडियो बना रहा था। जब एक कोर्ट कर्मचारी ने उसे वीडियो बनाने से रोका, तो उसने बदतमीजी की। इस पर फरहान खान को न्यायालय में न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 267 और 61 (2) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 384 के तहत अपराध का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया गया। बचाव पक्ष ने यह रखा पक्ष सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा- आरोपी एक नौजवान युवक है। अनजाने में कोर्ट की कार्यवाही का वीडियो बनाया था। इसके पीछे उसकी कोई गलत मंशा नहीं थी, इसलिए आरोपी के प्रति नरमी बरतते हुए उसे माफ किया जाए और कारावास की सजा न देकर केवल कम से कम जुर्माना लगाया जाए। वहीं, सहायक अभियोजन अधिकारी ने उचित आदेश पारित करने का निवेदन किया। कोर्ट ने माना दोषी कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा- आजकल युवा सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए न्यायालय की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचकिचाते। इस मामले में भी आरोपी ने सिर्फ कोर्ट की कार्यवाही का वीडियो ही नहीं बनाया, बल्कि कोर्ट के कर्मचारी से बदतमीजी भी की। इतना ही नहीं, जब पुलिसकर्मी कोर्ट के आदेश पर उसका मोबाइल चेक कर रहा था, तो उससे मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया। यह बहुत गंभीर बात है। इसलिए आरोपी को माफ नहीं किया जा सकता, उसे सजा मिलनी ही चाहिए। कोर्ट ने फरहान खान पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया और कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा, तो एक महीने के लिए जेल में रहना होगा। जुर्माना भरने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
खैरथल-तिजारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी ने अपहरण कर किया था दुष्कर्म सरकारी वकील रामजस यादव ने बताया- मामला कोटकासिम थाने का है। पीड़िता के पिता ने 1 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने बयान में बताया- आरोपी तेजप्रताप ने उसे अपहरण कर एक फ्लैट पर ले जाकर दुष्कर्म किया। उसी दौरान दूसरे आरोपी गौरव ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने व अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी, जिससे वह डर गई। 20 अक्टूबर को फिर किया दुष्कर्म इसके बाद 20 अक्टूबर 2024 को तेजप्रताप ने फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को जबरन कार में बिठाया। कार सीताराम उर्फ सितो चला रहा था। आरोपी उसे रेवाड़ी के एक होटल ले गया,जहां तेजप्रताप ने उसके साथ फिर जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की पुलिस ने मामले की बारिकी से जांच की। सभी तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई शुरू में विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट संख्या-4,अलवर में चल रही थी। बाद में खैरथल जिले के नए गठन के बाद फाइनल आर्ग्युमेंट के समय यह मामला खैरथल-तिजारा ट्रांसफर हो गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाहों की परीक्षा की गई और 60 दस्तावेजों व 4 आर्टिकल्स को पेश किया गया। दोनों पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का मौका देने के बाद कोर्ट ने तीनों को दोषी ठहराया। तीनों दोषियों को 20 साल की सजा और जुर्माना लगा कोर्ट ने दोषी तेजप्रताप को 20 साल की सजा और 1,80,000 रुपए जुर्माना लगाया है। दोषी गौरव को भी 20 साल की सजा और 1,30,000 रुपए जुर्माना लगाया है, वहीं दोषी सीताराम उर्फ सितो को 20 साल की सजा और 5,0000 रुपए का जुर्माना लगाया है। पीड़िता को 5 लाख मुआवजा मिलेगा कोर्ट ने पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजे के रूप में 30 जिला विधिक प्राधिकरण से दिलवाने की अनुशंसा भी की है। मामले में कोर्ट के समक्ष 23 गवाह, दस्तावेज 60 और 4 आर्टिकल पेश किए गए।
बरनाला में वाहन ने साइकिल को मारी टक्कर:व्यक्ति की मौत, आरोपी मौके से फरार; पुलिस जांच में जुटी
बरनाला में एक सड़क हादसे में साइकिल सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक अज्ञात वाहन ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। शिकायतकर्ता गुरजिंदर सिंह, निवासी सूजा पत्ती संघेडा, ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके पिता बहादुर सिंह सुबह करीब 5 बजे अपनी साइकिल पर गांव फतेहगढ़ छन्ना स्थित एक कंपनी में ड्यूटी पर जा रहे थे। गुरजिंदर सिंह भी अपनी मोटरसाइकिल पर उनके पीछे-पीछे चल रहे थे। पुलिस जांच में जुटी जब बहादुर सिंह संघेडा रोड पर स्थित एक पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक अज्ञात गाड़ी ने उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बहादुर सिंह सड़क पर गिर पड़े और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने गुरजिंदर सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। विभाग के जोन क्रमांक-6 में मैन-पॉवर सप्लाई का ठेका ऐसी कंपनी को दे दिया गया है, जिस पर पहले से ही लाखों रुपए के गबन का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर बिना किसी बैंक गारंटी के ही करोड़ों का काम सौंप दिया गया है। मामले की लिखित शिकायत आबकारी आयुक्त से की गई है। जिस कंपनी को सीएसएमसीएल (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अफसरों ने काम दिया है, उस कंपनी का नाम ऑल इन वन यानि ऑल सर्विसेस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड बताया जा रहा है। डिफॉल्टर कंपनी पर मेहरबानी, नहीं ली सिक्योरिटी डिपॉजिट नया रायपुर स्थित आबकारी मुख्यालय में की गई शिकायत के मुताबिक, 'ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड' को जोन क्रमांक-6 में शराब दुकानों के लिए सेल्समैन और सुपरवाइजर सप्लाई करने का काम दिया गया है। नियमों के अनुसार, किसी भी वेंडर को काम देने से पहले बैंक गारंटी या सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कराना अनिवार्य होता है, ताकि भविष्य में कोई वित्तीय गड़बड़ी होने पर उसकी वसूली की जा सके। लेकिन इस मामले में बिना किसी गारंटी के ही टेंडर दे दिया गया। अब पढ़े जोन 6 में कौन से जिले आते है आबकारी के जोन चार्ट के अनुसार जोन 6 में धमतरी, जगदलपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा आता है। इन जिलों में मैन पॉवर सप्लाई अब ऑल सर्विसेस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड मैन पॉवर सप्लाई करेगी। जोन नंबर 9 यानि सूरजपुर, कोरिया, कोरबा और मनेंद्रगढ़ चिरमिरी में इस कंपनी के कर्मचारी ही काम कर रही है। कंपनी का रिकॉर्ड दागदार शिकायत में खुलासा किया गया है कि यही कंपनी वर्ष 2024-25 में सीएसएमसीएल के साथ काम करते हुए लाखों रुपए का गबन किया है। इस मामले में आबकारी अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत भी दी थी। पुराने रिकॉर्ड में डिफॉल्टर होने के बावजूद अधिकारियों ने इसी कंपनी के पुराने सुपरवाइजरों और सेल्समैनों को फिर से नियुक्त करने की अनुमति दे दी है। विभाग ने जोन भी किए कम प्रदेश के 33 जिलों को पहले विभाग ने 12 जोन में बांटा था। जिलों को जोन में बांटने के बाद अलग–अलग कंपनियों को काम दिया गया था। आबकारी के अफसरों ने प्रदेश में जोन की संख्या अब काम कर दी है। अब 12 की बजाए प्रदेश में आठ जोन रहेंगे। इन जोनों में 732 सुपरवाइजर, 2244 सेल्समैन दुकान में सर्विस देंगे। अफसर नहीं दे रहे जवाब आबकारी विभाग में हुए इस गड़बड़ी को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने आबकारी अफसरों से विभाग का पक्ष जानना चाहा। विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में जवाब नहीं दिया है।
कोरबा जिले के कनकी-तरदा मार्ग पर राखड़ डंप किया जा रहा है। इससे आसपास के लोग बेहद परेशान हैं। इसे अवैध डंपिंग बताया जा रहा है। ग्रामीणों में इसे लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। तरदा निवासी विनोद कुमार पटेल ने बताया कि भारी वाहन खुलेआम सड़क किनारे राखड़ डंप कर रहे हैं। कई जगहों पर तो राखड़ सीधे सड़क पर ही डंप किया जा रहा है, जिसे बाद में फिलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से इसकी शिकायत भी की है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं है लोगों को सांस लेने में परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि, सड़क किनारे राखड़ डंप होने के कारण कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं। हल्की आंधी या भारी गाड़ियों के गुजरने पर राखड़ उड़ने लगता है, जिससे लोगों को सांस लेने में और गाड़ी चलाने में काफी परेशानी होती है। रायपुर-बिलासपुर आने-जाने वालों के लिए अहम रास्ता यह मार्ग बिलासपुर और रायपुर जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, कई गांवों के लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि इस मार्ग पर राखड़ डंप करने की अनुमति किसने दी और इन जमीनों का मालिक कौन है। सरपंच ने कहा- आंदोलन करेंगे महिला सरपंच गायत्री सिदार ने बताया कि इस मामले की शिकायत की गई है और इसका विरोध भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, अवैध डंपिंग करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। सरपंच ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
नवादा में रामनवमी पर्व के अवसर पर शांतिपूर्ण शोभायात्रा सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च 29 मार्च को होने वाली शोभायात्रा से पहले जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के संयुक्त नेतृत्व में समाहरणालय परिसर से शुरू हुआ। फ्लैग मार्च समाहरणालय परिसर से प्रारंभ होकर मेन रोड, अंसार नगर, मस्तानगंज, सद्भावना चौक, शोभिया, गोंदापुर, बड़ी दरगाह, भगत सिंह चौक और संकटमोचन सहित कई संवेदनशील एवं प्रमुख स्थलों से गुजरा। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा का विश्वास जगाना और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देना था। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि रामनवमी आपसी भाईचारे और शांति का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने नगर परिषद, नवादा के कार्यपालक पदाधिकारी को शोभायात्रा मार्ग पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करने और जुलूस समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर सभी झंडे व पताकाएं हटाने का निर्देश भी दिया। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने बताया कि शोभायात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारी, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी नवादा सदर अमित अनुराग एसडीपीओ हुलास कुमार नवादा सदर, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक और प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित कई अन्य जिला स्तरीय व पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
कोटा शहर पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एक अवैध देशी पिस्टल के साथ पकड़ा कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि पहले मामले में थाना आर.के. पुरम पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान हाड़ी रानी सर्किल क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम को देखते ही युवक भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सत्यनारायण उर्फ सत्तू निवासी सीमलिया बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी गिरफ्तार सिटी एसपी ने बताया कि वहीं दूसरे मामले में थाना भीमगंजमंडी पुलिस ने “ऑपरेशन गरुड़व्यूह” के तहत कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट में वांछित 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी चन्द्र प्रकाश धाकड़ उर्फ चंदू को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ अफीम डोडा चूरा तस्करी का मामला दर्ज था। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में उसका नाम सामने आया था। पुलिस ने तकनीकी साधनों और आसूचना के आधार पर आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी से मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
मोगा जिले के मिहना थाना क्षेत्र में एक युवक पर हमला किया गया है। पुलिस ने पीड़ित विजय सिंह के बयान पर 3 नामजद और 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता विजय सिंह, जो रामूवाला कलां गांव के निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह घटना 26 मार्च को हुई थी। उस दिन वह गांव के सुखा सिंह के खेतों में सरसों की कटाई कर रहे थे। शाम करीब 6 बजे काम खत्म करने के बाद, वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। धारदार हथियार से किया वार जब विजय सिंह रामूवाला कलां गांव के पास पहुंचे, तो वहां आकाशदीप सिंह उर्फ काश, अर्जन सिंह और चरणजीत सिंह अपने 5 अन्य साथियों के साथ पहले से मौजूद थे। विजय सिंह के अनुसार, आकाशदीप सिंह और अर्जन सिंह के पास लोहे के पाइप थे, जबकि चरणजीत सिंह के पास बेसबॉल बैट था। अन्य अज्ञात हमलावरों के पास कृपाण और खंडे जैसे धारदार हथियार थे। आरोपी मौके से फरार सभी आरोपियों ने मिलकर विजय सिंह को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में विजय सिंह को गंभीर चोटें आईं। घटना को अंजाम देने के बाद, हमलावर मौके से फरार हो गए।पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है।
बैतूल में रहने वाली 14 साल की जन्मजात दिव्यांग संगीता बोल नहीं पाती, लेकिन उसके शरीर के अंदर जो हो रहा था, वह बेहद खतरनाक था। नाक के भीतर पनप रहे कीड़े धीरे-धीरे उसके अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचा रहे थे और डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ दिन और देरी होती तो ये कीड़े दिमाग तक पहुंच सकते थे। परिजनों ने बताया कि संगीता (परिवर्तित नाम) पिछले एक महीने से सर्दी, खांसी और बुखार से परेशान थी। शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन धीरे-धीरे नाक से बदबू आने लगी। बच्ची सुस्त होती चली गई। वह बोल नहीं सकती थी, इसलिए दर्द और तकलीफ भी बता नहीं पा रही थी। जब परिजन संगीता को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने नाक के अंदर “इल्ली” (लार्वा) को चलते हुए देखा। यह देख परिजन भी सन्न रह गए। तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया। बच्ची बोल नहीं पाती थी, इसलिए दर्द और तकलीफ के बारे में कुछ बता भी नहीं सकी। धीरे-धीरे वह बेहद सुस्त हो गई और परिजनों को उसकी हालत पर शक हुआ। दिमाग को नुकसान पहुंचा सकते थे कीड़ेपरिजनों ने बताया कि पहले बच्ची को सामान्य मौसमी बीमारी समझकर उपचार कराया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद नाक से तेज बदबू आने लगी। बच्ची खाना कम करने लगी और लगातार सुस्त रहने लगी। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में दिखाया गया, जहां डॉक्टरों ने नाक के अंदर जिंदा इल्ली जैसी हरकत देखी। यह देखकर परिजन घबरा गए और तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में सामने आया कि बच्ची “नैजल मायोसिस” नाम की दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में मक्खियां नाक या संक्रमित हिस्से में अंडे दे देती हैं और उनसे निकलने वाले लार्वा (कीड़े) अंदर के नरम ऊतकों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संक्रमण कुछ दिन और बना रहता, तो कीड़े साइनस के रास्ते आंख और दिमाग तक पहुंच सकते थे। ऐसे मामलों में यह संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है। नाक के अंदर जिंदा कीड़े… रोज निकल रही थीं इल्लीजिला अस्पताल में डॉक्टर ऋषि माहोर ने केस संभाला। जांच में सामने आया कि यह “नैजल मायसिस” है एक दुर्लभ और खतरनाक संक्रमण। डॉक्टर माहोर ने बताया कि बच्ची की नाक के अंदर जिंदा कीड़े सक्रिय थे। दूरबीन (एंडोस्कोपिक) तकनीक से अंदर जाकर एक-एक कर कीड़े निकाले गए। करीब 5 से 7 दिन तक लगातार प्रक्रिया चली और रोज 5 से 10 तक कीड़े निकाले गए। कुल मिलाकर कई बड़ी इल्ली बाहर निकाली गईं। उन्होंने बताया कि कीड़ों ने नाक के अंदर काफी डैमेज कर दिया था और संक्रमण तेजी से फैल रहा था। “कुछ दिन और होते तो दिमाग तक पहुंच जाते”डॉक्टर ऋषि माहोर के मुताबिक, नाक, साइनस और आंख का हिस्सा आपस में जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में संक्रमण ऊपर की ओर बढ़कर आंख और दिमाग तक पहुंच सकता है। अगर समय पर इलाज नहीं होता, तो यह मामला जानलेवा भी हो सकता था। फिलहाल बच्ची अब खतरे से बाहर है और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है। दूरबीन तकनीक से हुआ पूरा इलाजपूरी प्रक्रिया एंडोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक से की गई, जिसमें बिना बड़ा चीरा लगाए नाक के अंदर कैमरे के जरिए जाकर इलाज किया जाता है। इस तकनीक में कम नुकसान होता है और सटीक तरीके से संक्रमित हिस्से को साफ किया जाता है। डॉक्टर माहोर ने बताया कि उन्होंने अपने निजी एंडोस्कोपिक उपकरण से यह सर्जरी जिला अस्पताल में की, क्योंकि यहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मायसिस क्या है मायसिस एक दुर्लभ संक्रमण है, जिसमें मक्खियां शरीर के किसी हिस्से में अंडे दे देती हैं। उनसे निकलने वाले कीड़े (लार्वा) शरीर के अंदर के ऊतकों को खाने लगते हैं। नाक में होने वाली मायसिस बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि यह साइनस के रास्ते आंख और दिमाग तक फैल सकती है। किन लोगों को ज्यादा खतरा लक्षण जिले में पहली बार हुई ये बड़ी सर्जरियां जिला अस्पताल में डॉक्टर ऋषि माहोर द्वारा पहली बार दूरबीन पद्धति से आज (शनिवार) कई जटिल सर्जरियां की गईं: सेप्टोप्लास्टी (नाक की टेढ़ी हड्डी का ऑपरेशन)लंबे समय से नाक बंद रहने वाले मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया। मानस सिंह राजपूत के बेटे बताते हैं कि उनके पापा की नाक की हड्डी बढ़ गई थी। इसके कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती थी। कई जगह बाहर दिखाया। लेकिन समस्या बनी रही। ऐसे ही कृष्णा केवड़े के रिश्तेदार को हमेशा सर्दी बनी रहती थी। जांच की गई तो नाक की हड्डी टेडी निकली। निजी अस्पताल में इलाज पता किया तो डेढ़ से दो लाख का खर्च बताया गया, लेकिन जिला अस्पताल में इसका मुफ्त इलाज हो गया। * एंडोस्कोपिक डीसीआर (आंख से पानी आने का इलाज)नाक के अंदर से पहुंचकर आंसू की नली खोली गई * नैजल मायसिस का इलाज (नाक में कीड़े)दूरबीन से अंदर जाकर जिंदा कीड़े निकालकर मरीज को बचाया गया डॉक्टर माहोर ने बताया कि अब तक मरीजों को ऐसे इलाज के लिए बड़े शहर जाना पड़ता था, लेकिन अब जिला अस्पताल में ही ये सुविधाएं शुरू हो गई हैं। इसे न करें नजर अंदाज अगर नाक से बदबू, खून, मवाद या अजीब हरकत महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज ही ऐसी गंभीर और जानलेवा स्थिति से बचा सकता है।
बख्तियारपुर में आंधी-बारिश से 50 भेड़ों की मौत:पीड़ि ने सरकार से मांगी सहायता, थाने में दिया आवेदन
बख्तियारपुर-कल्याणबीघा मार्ग पर 27 मार्च की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण एक भेड़ पालक की लगभग 50 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खजुरा गांव निवासी भेड़ पालक बाल किसुन पाल ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ करीब 900 भेड़ों का पालन करते हैं। पिछले एक सप्ताह से वे बख्तियारपुर-कल्याणबीघा रोड पर धोबा पुल के उत्तर सड़क किनारे भेड़ों को चराते और ठहराते थे। 27 मार्च की रात अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। भेड़ें डरकर इधर-उधर भागने लगीं। मौसम शांत होने के बाद जब भेड़ों को इकट्ठा किया गया, तो पुल के नीचे लगभग 50 भेड़ें मृत पाई गईं। घटना की जानकारी अगली सुबह बख्तियारपुर थाना और प्रखंड प्रशासन को दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी उज्ज्वल कांत ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की एक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। बख्तियारपुर थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का जायजा लिया है। पीड़ित भेड़ पालक ने थाने में लिखित आवेदन देकर सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है और 50 भेड़ों का नुकसान उनके लिए एक बड़ा झटका है। ग्रामीणों ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पशु तस्करों द्वारा थाने की पुलिस को खुलेआम चुनौती दिए जाने का मामला सामने आया है। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के कमरावा गांव में गाय काटे जाने की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पहुंचकर विरोध जताना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर थाने की पुलिस और क्षेत्राधिकारी भी पहुंची और घटना के खुलासे का निर्देश दिया। जिले में गोवंश काटे जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के कई थाना क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गो तस्कर जिस तरह से घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इससे यह बात साफ जाहिर होती है कि इन तस्करों के मन में पुलिस का जरा भी डर नहीं है। जिले के कई थाना क्षेत्र में हो चुकी है इस तरह की घटनाएं आजमगढ़ जिले के कई थाना क्षेत्र में गोवंश काटने की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि कई मामलों में आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जा चुका है। इसके बाद भी जिस तरह से लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। कहीं ना कहीं थानों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय से स्थान पर तैनात यह थानेदार अपने इलाकों में इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
छतरपुर जिले में नौवीं कक्षा की एक 14 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। शुक्रवार देर शाम उसने अपने घर में फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में छात्रा तीन विषयों में अनुत्तीर्ण हो गई थी। इसके बाद से वह तनाव में थी और गुमसुम रहने लगी थी। परिजनों के मुताबिक गुरुवार को रिजल्ट आने के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। शुक्रवार शाम उसने घर में फांसी लगा ली। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में गंभीर थी और फेल होने के बाद काफी परेशान हो गई थी। परिवार ने उसे समझाने का प्रयास भी किया था। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
लखनऊ में 'माई फर्स्ट एनकाउंटर' नाटक का मंचन:दर्शकों को हंसी और सोच का अनोखा अनुभव मिला
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान प्रेक्षागृह में शनिवार को 'माई फर्स्ट एनकाउंटर' नामक व्यंग्यात्मक हास्य नाटक का मंचन किया गया। सांस्कृतिक संस्था सवेरा फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को हंसी और विचार का अनूठा अनुभव प्रदान किया, जिसने उन्हें शुरुआत से अंत तक बांधे रखा। इस नाटक का लेखन मोहम्मद अनवर बेग ने किया है, जो सामाजिक सच्चाइयों को सहजता से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। नाटक की परिकल्पना और निर्देशन श्रीपाल गौड़ ने किया, जिन्होंने मंच पर कहानी को जीवंत और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कानून-व्यवस्था को मंचन के माध्यम से दिखाया गया यह नाटक ब्लैक कॉमेडी शैली पर आधारित है, जो पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दबाव और 'एनकाउंटर' जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को व्यंग्यात्मक रूप से दर्शाता है। कहानी एक नव-नियुक्त इंस्पेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने वरिष्ठ अधिकारियों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए एक बड़े अपराधी का एनकाउंटर करने का प्रयास करता है। परिस्थितियों के कारण, वह एक छोटे चोर को ही बड़ा अपराधी साबित करने की योजना बनाता है। यहीं से घटनाओं में हास्य और व्यंग्य का सिलसिला शुरू होता है, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर भी विवश करता है।नाटक यह संदेश देता है कि गलत दिशा में उठाया गया कदम अंततः स्वयं के लिए ही कठिनाइयाँ उत्पन्न करता है। कहानी के अंत में इंस्पेक्टर को अपनी गलती का एहसास होता है और वह सही मार्ग चुनने का निर्णय लेता है। कलाकारों ने दमदार अभिनय से मनोरंजन कराया मंच पर अनुभवी और युवा कलाकारों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला। अभिषेक सिंह, संतोष प्रजापति, अजय कुमार, तरुण यादव, माही, ओमकार पुष्कर और मंजीत मौर्य सहित सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। यह नाटक केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और पुलिस व्यवस्था को आत्ममंथन का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।
खरगोन में शनिवार देर शाम डायवर्सन रोड पर एक चलते ट्रक में आग लग गई। ट्रक का पिछला हिस्सा जलता रहा और वाहन करीब 300 मीटर तक आगे बढ़ता रहा। पेट्रोल पंप के पास घटना होने से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार ट्रक श्रीजी ऑटो सेंटर स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी उसमें आग लग गई। एक तांगा चालक ने पंप कर्मचारियों को सूचना दी। कर्मचारियों ने तुरंत इमरजेंसी स्विच बंद कर दिया और फायर बॉटल से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दमकल विभाग को सूचना दी गई। चालक ने वाहन को दूर ले जाकर रोका ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को पेट्रोल पंप से दूर करीब 300 मीटर आगे खाली चावला मार्केट परिसर में ले जाकर रोका, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया। नगरपालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक ट्रक में रखा सामान काफी हद तक जल चुका था। ट्रक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का था, जिसमें स्टेशनरी और कॉस्मेटिक सहित विभिन्न प्रकार का सामान रखा था। आग से पूरा माल जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 2 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने दो स्थानों से 81 गैस सिलेंडर जब्त किए:कालाबाजारी और रिफिलिंग की सूचना पर की छापेमारी
हाथरस में प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मिलकर दो अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर कुल 81 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की सूचना पर आज शाम की गई। पहली कार्रवाई हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के गांव सोखना में एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर हुई। यहां से प्रशासन ने 69 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। टीम के पहुंचने से पहले ही कालाबाजारी करने वाले मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर गैस रिफिलिंग का काम भी चल रहा था। कालाबाजारी करने वाले बाकायदा यहां के बारे में लोगों को यह सूचना देते थे कि यहां पर गैस सिलेंडर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, टीम ने मुरसान गेट पर भी एक अन्य स्थान पर छापा मारा। यहां से 12 गैस सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें 9 बड़े और 3 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। उपजिलाधिकारी सदर राजबहादुर ने बताया कि दोनों स्थानों से गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं और इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खाड़ी देशों में युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत देखी जा रही है और वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी भी हो रही है। माना जा रहा है कि कुछ गैस एजेंसी संचालक भी इसमें लिप्त हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप सौंपी। यह 7.62 मिमी कैलिबर के हथियार ग्वालियर के स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में बनाए गए हैं। सरकार इन हथियारों का इस्तेमाल LAC और LoC पर सुरक्षा और मारक क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। ‘प्रहार’ LMG की मारक क्षमता 1,000 मीटर तक है, जिससे दुश्मनों को दूर से निशाना बनाया जा सकता है। मशीन गन 8 किलोग्राम की हैं, जिनकी लंबाई 1100 mm है। शनिवार को ग्वालियर स्थित प्लांट में सेना को LMG सौंपने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें रक्षा मंत्रालय के डीजी ए. अंबरासु, कंपनी के CEO आशीष राजवंशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने मशीन गन की पहली खेप लेकर जा रहे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गन मशीनों की 4 तस्वीरें देखिए… 6 साल में पूरा हुआ प्रोजेक्ट, समय से पहले डिलीवरी CEO आशीष राजवंशी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को बोली जमा करने से लेकर डिलीवरी तक पूरा करने में करीब 6 साल लगे। कंपनी ने निर्धारित समय से 11 महीने पहले पहली खेप सौंप दी है। पूरा ऑर्डर देने के लिए पहले 7 साल से ज्यादा का समय तय था, लेकिन कंपनी इसे अगले 3 साल के भीतर पूरा कर देगी। 40,000 मशीन गन का ऑर्डर कंपनी के अनुसार, LMG का कुल ऑर्डर लगभग 40,000 यूनिट का है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ए. अंबरासु ने समय से पहले डिलीवरी की सराहना करते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की क्षमता मौजूद है। सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी पर जोर अंबरासु ने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग के साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने “गति” और “पैमाना” को रक्षा खरीद के दो अहम स्तंभ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार और निजी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा। प्लांट की क्षमता और तकनीक ग्वालियर में बना यह केंद्र करीब 100 एकड़ में फैला है और इसका सालाना उत्पादन लगभग 1 लाख हथियारों का है। इसमें इस्तेमाल होने वाली 90% से ज्यादा सामग्री देश में ही तैयार की जाती है। यहां एक अंडरग्राउंड फायरिंग रेंज भी है, जहां अधिकारियों ने निशानेबाजी का अभ्यास किया। कंपनी के अनुसार, इस केंद्र में हर साल लगभग 30 करोड़ छोटे कैलिबर के गोला-बारूद बनाने की क्षमता है। साथ ही बड़े और मध्यम कैलिबर के गोला-बारूद के उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। हर हथियार की सख्त जांच कंपनी ने बताया कि हर हथियार को सेना में शामिल करने से पहले कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। इसमें बैलिस्टिक टेस्ट, पर्यावरणीय जांच और अन्य तकनीकी मूल्यांकन शामिल हैं, ताकि हथियार पूरी तरह भरोसेमंद और विश्वसनीय हों। भविष्य में CQB हथियार भी बनाए जाएंगे भविष्य की योजना के तहत यह केंद्र क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) हथियार बनाने के लिए तैयार है। इससे देश में छोटे हथियारों के निर्माण की क्षमता और बढ़ेगी। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2026 से हर महीने लगभग 1,000 LMG का उत्पादन शुरू करना है। पूरा ऑर्डर 3 साल से भी कम समय में पूरा कर दिया जाएगा। ‘मेक इन इंडिया’ से सस्ते और भरोसेमंद हथियार कंपनी का कहना है कि इन हथियारों को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार किया गया है, जिससे ये वैश्विक बाजार के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध होंगे और सेना व अर्धसैनिक बलों के लिए भरोसेमंद साबित होंगे। आधुनिक तकनीक से लैस है प्लांट इस प्लांट में बैरल निर्माण, बोल्ट कैरियर और रिसीवर बनाने के साथ CNC मशीनिंग, रोबोटिक्स, सरफेस ट्रीटमेंट, सटीक माप-तोल प्रयोगशाला और 25 मीटर की फायरिंग रेंज जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
बरनाला जिले के ठुल्लीवाल गांव में एक 86 वर्षीय पूर्व सैनिक मघर सिंह ने गलती से जहरीला पदार्थ निगलने लिया, जिस कारण उनकी मौत हो गई। बता दे कि ठुल्लीवाल थाने के एसआई गुरनाम सिंह चौहानके ने बताया कि मघर सिंह लंबे समय से मानसिक तनाव की दवा ले रहे थे। बुधवार को उन्होंने घर पर दवा लेने के बजाय गलती से कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। जहरीला पदार्थ निगलने के बाद वह घर से बाहर निकल गए। परिवार वालों को सूचना मिलने पर उन्होंने मघर सिंह को श्मशान घाट के पास बेहोश पाया। एम्स अस्पताल बठिंडा ले जाते समय मौत उन्हें तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल बरनाला ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एम्स अस्पताल बठिंडा रेफर कर दिया। हालांकि, एम्स ले जाते समय रास्ते में ही उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी प्रकाश कौर के बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
धमतरी में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संकट आने वाला है। आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां जिम्मेदार है। उन्होंने विधायक निवास कार्यालय का लोकार्पण किया। शहर के अंबेडकर चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत के बाद भूपेश बघेल स्वयं गाड़ी चलाकर गंगरेल पहुंचे और मां अंगारमोती के दर्शन किए। भूपेश का दावा-डीएपी और यूरिया की भी कमी मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बघेल ने दावा किया कि आने वाले दिनों में देश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस के दाम इतने बढ़ेंगे कि अंदाजा लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने डीएपी और यूरिया की कमी की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि गैस से यूरिया बनता है, लेकिन उसकी उपलब्धता नहीं होगी। बघेल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की गलतियों और अमेरिका-इजरायल की दोस्ती के कारण यह संकट आ रहा है। कहा- ये अफीम की सरकार मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ने अफीम की खेती को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, यह अफीम की सरकार है, पूरे प्रदेश में अफीम की खेती हो रही है। नगरी सिहावा में अफीम की खेती की जानकारी मिलने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, फिर भी लोग सफाई क्यों दे रहे हैं, 'चोर की दाढ़ी में तिनका' है।
अछल्दा में रेलवे फाटक पर तकनीकी खराबी के कारण लगे भीषण जाम में फंसी एक एम्बुलेंस में प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। यह घटना शनिवार शाम दिल्ली-हावड़ा रूट पर 13 बी क्रॉसिंग पर हुई। फाटक बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके चलते एम्बुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई। शनिवार शाम लगभग 7:55 बजे गेटमैन द्वारा फाटक खोला जा रहा था, तभी तकनीकी खराबी आ गई और एक तरफ का फाटक नहीं खुल सका। गेटमैन ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर रेलकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लगभग 27 मिनट की मशक्कत के बाद फाटक को ठीक किया और उसे खोला गया। फाटक खुलते ही वाहनों का जमावड़ा लग गया, जिसे आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थित किया। इसी दौरान, विकासखंड क्षेत्र के उदई पुरवा गांव से प्रसूता आरती देवी (पत्नी पुष्पेंद्र) को डिलीवरी के लिए अछल्दा सीएचसी ले जा रही एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई। जाम में फंसे होने के कारण एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ पाई। आशा निर्मला और ईएमटी विकास श्रीवास्तव ने एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसूता की सुरक्षित डिलीवरी कराई। फाटक खुलने और जाम हटने के बाद, जच्चा-बच्चा को तुरंत अछल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
बुरहानपुर जिले की नेपानगर थाने की पुलिस चौकी नावरा ने केरपानी गांव में घर से सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.5 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया है। 24 मार्च 2026 को फरियादी विजय, निवासी ग्राम केरपानी, ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि वह अपने परिवार के साथ बाजार गया था। घर लौटने पर उसने देखा कि पेटी का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे सोने की झुमकी, चांदी की पायजेब और चांदी की चेन गायब थी। चोरी हुए जेवरात की कुल कीमत लगभग 1.5 लाख रुपए थी। शिकायत के बाद, पुलिस ने धारा 305(a) और 331(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। नावरा चौकी प्रभारी उनि हेमेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने संदिग्ध आमीन पिता बरकत और रमजान पिता मोहम्मद, दोनों निवासी ग्राम केरपानी, को पूछताछ के लिए बुलाया। जेवरात चोरी करना कबूल किया गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी की गई सोने की झुमकी, चांदी की पायजेब और चांदी की चेन बरामद की गई, जिनकी कुल कीमत 1.5 लाख रुपए है। पुलिस आरोपियों से अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी नावरा हेमेन्द्र सिंह चौहान के साथ प्रधान आरक्षक संदीप पटेल, दीपक राजपूत, सुभाष मोरे और आरक्षक संदीप वानखेड़े शामिल रहे।
राजस्थान की स्वास्थ्य शिक्षा और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में “राजस्थान फिजियो समिट 2026” का आयोजन आगामी 6-7 अप्रैल को बीएम बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर में किया जा रहा है। यह आयोजन RUHS से संबद्ध फिजियोथेरेपी कॉलेजों एवं राजस्थान तथा देश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है, जो अपने आप में एक अनूठी पहल है। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से लगभग 2000 से 2500 छात्र, शोधकर्ता, शिक्षाविद् और क्लिनिशियन भाग लेंगे, जिससे यह कार्यक्रम फिजियोथेरेपी क्षेत्र का एक विशाल ज्ञान एवं अनुभव साझा करने का मंच बनेगा। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और RUHS के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद येओले सहित राजस्थान एवं देश के कई गणमान्य अतिथियों के उपस्थित रहने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपी के प्रतिष्ठित पदाधिकारी डॉ. संजीव झा, डॉ. अली ईरानी, डॉ. रुचि वर्श्नेय एवं डॉ. जोजी जॉन भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। देशभर से कई विशिष्ट एवं अनुभवी वक्ता अपने विचार एवं ज्ञान साझा करेंगे। फिजियोथेरेपी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों का सम्मान सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में वैज्ञानिक प्रस्तुतियां, पोस्टर प्रेजेंटेशन, शोध गतिविधियां, क्लिनिकल डिस्कशन तथा एक भव्य सांस्कृतिक संध्या शामिल हैं। साथ ही, फिजियोथेरेपी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों का सम्मान समारोह (Felicitation Ceremony) भी आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि शोध, नवाचार और क्लिनिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस भव्य आयोजन के अध्यक्ष डॉ. ध्रुव तनेजा, आयोजन अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार सिंह, मुख्य संयोजक डॉ. मालीराम शर्मा, संयोजक डॉ. कपिला जैन एवं कोषाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार शर्मा हैं, जो इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
बेटे पर हमला किया तो पिता लेपर्ड से भिड़ा:दांती से लगातार वार किए, जान बचाकर भागे लेपर्ड की मौत
बीकानेर में खेत में काम कर रहे पिता-पुत्र पर लेपर्ड ने हमला कर दिया। बेटे को बचाने पहुंचे पिता ने दांती (फसल काटने का औजार) से लेपर्ड पर कई वार किए, जिससे बचकर भागा लेपर्ड आगे पानी के नाले में जाकर गिर गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना बज्जू उपखंड क्षेत्र के बरसलपुर ग्राम पंचायत के चक 6 बीडीवाई में शाम करीब 4:15 बजे हुई। पिता ने बेटे को बचाने के लिए किया जवाबी हमलाजानकारी के अनुसार- बरसलपुर के चक 6 BDY में किसान ओमप्रकाश मेघवाल और उसका बेटा कमल मेघवाल खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लेपर्ड खेत में घुस आया और दोनों पर झपटा। इससे दोनों के हाथ, पैर और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म हो गए। लेपर्ड ने पहले कमल पर हमला किया तो गुस्साए पिता ने बेटे को बचाने के लिए दांती से लेपर्ड पर जवाबी हमला किया। इसके बाद दोनों बाप-बेटों ने मिलकर संघर्ष किया। दांती के आगे के नुकिले हिस्से के वार से लेपर्ड घायल हो गया और जान बचाने के लिए पानी के नाले में छुपकर बैठ गया। चीख-पुकार सुनकर दूसरे ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। हालांकि इस दौरान पानी में छुपकर बैठा लेपर्ड दम तोड़ चुका था। पुलिस बोली- घायलों का हॉस्पिटल में इलाज जारीरणजीतपुरा थाना के एएसआई नैनुसिंह ने बताया कि शाम करीब 4:15 बजे सूचना मिली कि क्षेत्र में एक जंगली जानवर (चीता/लेपर्ड) घुस आया है और दो लोगों को घायल कर दिया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को बरसलपुर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद लेपर्ड पास के खाले (वॉटरकोर्स) में जाकर छिप गया था। बाद में वह वहीं मृत अवस्था में मिला। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। पोस्टमॉर्टम के बाद सही कारण आएंगे सामनेवन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेन्द्र सिंह ने बताया कि लेपर्ड को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय भेज दिया गया है और उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। मृत लेपर्ड का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा, जिसके बाद ही उसकी मौत के कारणों का सही खुलासा हो सकेगा। बता दें कि जिले के खाजूवाला, बज्जू और लूणकरनसर में कई बार लेपर्ड होने की जानकारी मिलती रही है, लेकिन पकड़ में नहीं आया। यह पहला मौका है जब बज्जू में एक लेपर्ड की मौत हुई है।
लखनऊ में मुनाल महोत्सव शुरू:लोक संस्कृति को संजोने के उद्देश्य से तीन दिवसीय आयोजन
लखनऊ के सर्वोदय नगर स्थित लिबर्टी पार्क कुर्मांचल में शनिवार को तीन दिवसीय मुनाल महोत्सव का शुभारंभ हो गया हैं। 28 से 30 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य लुप्त होती लोक परंपराओं को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसमें लोक संस्कृति की विविध झलकियां देखने को मिलेंगी। महोत्सव के पहले दिन विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, अवनीश सिंह पटेल और विक्रम बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही मंच पर लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां शुरू हो गईं। उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें भोजपुरी लोक गायक संतोष कुमार, समाजसेवी आशा शुक्ला और पूर्व सभासद मनोज अवस्थी प्रमुख थे। उन्हें अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन कलाकारों का मनोबल बढ़ाते हैं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज 'राम ही राम' भजन से हुआ, जिसे यशभारती सम्मानित लोक गायिका ऋचा जोशी ने अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद दमयंती नेगी के निर्देशन में विनोद रावत, हेमा पांचाल, अनीता नेगी, अनीता सिंह, आशा देवी, राखी बिष्ट और सुनीता बिष्ट ने गढ़वाल की होली पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। फिल्मी गीतों की प्रस्तुति दी हरदोई से आए कलाकार उस्मान हैदर और अंकित सिंह ने पुराने फिल्मी गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया, जिस पर दर्शक झूमते हुए नजर आए।महोत्सव में संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां सिद्धि दात्री सेवा समिति के नरेंद्र पांडे और मंदाकिनी बहुगुणा के निर्देशन में हार्ट एंड सोल ग्रुप के कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। रेनू कांडपाल, नीलम जोशी के साथ संस्कृति विभाग और सूचना विभाग के कलाकारों ने भी मंच पर प्रस्तुतियां दीं।
करनाल में टेलीग्राम के जरिए टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर दो युवकों से 7 लाख 60 हजार की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खाते के माध्यम से कुछ ही घंटों में कई ट्रांजैक्शन कर रकम हड़प ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करनाल निवासी देवेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसे टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के बदले पैसे कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए, लेकिन बाद में कोई रिटर्न नहीं मिला और ठगी का पता चला। कुछ ही घंटों में 6 ट्रांजेक्शन से निकाली रकम 07 मार्च को दोपहर 12:26 बजे 8,532 रुपए हेमलता चौधरी के गूगल-पे यूपीआई आईडी पर भेजे गए। इसके बाद 12:39 बजे 26 हजार 244 रुपए निका सिंह के फोन-पे पर ट्रांसफर किए। 12:55 बजे 35 हजार 060 रुपए अशोक कुमार के गूगल-पे पर भेजे गए। फ्रीचार्ज और पेटीएम के जरिए भी हुआ भुगतान दोपहर 01:01 बजे 40 हजार रुपए सय्यूम के फ्रीचार्ज यूपीआई पर भेजे गए। वहीं 03:02 बजे 8,748 रुपए अजमेर ऑटो सेंटर के पेटीएम पर ट्रांसफर किए गए। आईएमपीएस से बड़ी रकम ट्रांसफर शाम 04:33 बजे सबसे बड़ी रकम 1 लाख 94 हजार 940 रुपए आईएमपीएस के जरिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में भेजी गई। यह खाता अजय सिंह निकुम के नाम पर था। इस तरह कुल 6 ट्रांजैक्शन में 3 लाख 13 हजार 524 रुपए की ठगी हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित ने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करवाई। थाना साइबर अपराध करनाल में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा। अनजान व्यक्ति का आया फोन इसके अलावा गांव मंजूरा निवासी अलोक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीती 4 फरवरी को सुबह करीब 8 बजे उसे टेलीग्राम पर एक अंजान व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को “ग्रो ऐप” से जुड़ा बताया और निवेश करने का झांसा दिया। इसके बाद उसने एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक करते ही उसके बैंक खातों से पैसे कटने लगे। आईसीआईसीआई बैंक से कई बार निकले पैसेपीड़ित के आईसीआईसीआई बैंक खाते से 4 फरवरी को 70 हजार रुपए, 11 फरवरी को 20 हजार रुपए, 18 फरवरी को 48 हजरी 600, 20 फरवरी को 36 हजार 300 और 22 फरवरी को एक लाख 50 हजार निकाले गए। इसके अलावा एसबीआई खाते से 01 मार्च को 1 लाख 23 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 4 लाख 47 हजार 900 रुपए की साइबर ठगी हुई। अलोक ने 25 फरवरी को साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद 02 मार्च को दूसरी शिकायत दर्ज करवाई गई।

