विलेज कमेटी चुनाव से पहले शाह-साहा की मुलाकात, त्रिपुरा सीएम बोले- बैठक रही फायदेमंद
New Delhi/अगरतला, 4 सितंबर . त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमेटी चुनावों से पहले Friday को New Delhi में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई. Chief Minister माणिक साहा ने इस बातचीत को ‘फायदेमंद और रचनात्मक’ बताया. गृह मंत्री शाह और साहा के ... Read more
72 घंटे का बंद, हाईवे जाम और 11 मांगें; त्रिपुरा में आखिर क्या चाहते हैं 'पूर्व उग्रवादी'?
त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके 7 उग्रवादी संगठनों ने 72 घंटे का बंद और हाईवे ब्लॉकेड शुरू किया है। संगठनों की 11 मांगों में 4 सितंबर 2024 के त्रिपक्षीय शांति समझौते का क्रियान्वयन, पूर्व कैडरों की सुरक्षा, पुलिस केस वापसी, ST बैकलॉग भर्ती, भूमि अधिकार, अलग प्रशासन और कोकबोरोक की रोमन लिपि शामिल हैं।
Tripura में पूर्व उग्रवादी संगठनों की 72 घंटे की Strike शुरू, यातायात ठप
अगरतला, चार सितंबर त्रिपुरा में हथियार डाल चुके तीन उग्रवादी संगठनों की छह सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ। इन मांगों में उस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने की मांग भी शामिल है जिसके तहत इन संगठनों ने हथियार डाले थे। उग्रवादी संगठनों - नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) (ओरिजिनल), एनएलएफटी (पीडी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ)- ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ 2024 में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हथियार डाल दिए थे। इन संगठनों का हालांकि आरोप है कि उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं की गई हैं। राज्य पुलिस के प्रवक्ता राजदीप देब ने कहा, ‘‘सड़क और रेल मार्ग अवरुद्ध किए जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने हताईकोतोर में असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। अतिरिक्त बलों को एहतियातन तैनात किया गया है।’’यह नाकेबंदी ऐसे समय की गई है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर देबबर्मा के बीच शुक्रवार को नयी दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक होने वाली है। टिपरा मोथा के महासचिव बृषकेतु देबबर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि यह बैठक 2024 में हुए त्रिपक्षीय समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। उन्होंने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा, ‘‘समझौते में मूल निवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का जो वादा किया गया था, उसके बारे में जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, हम तब तक ग्राम समिति चुनावों के लिए किसी तरह का गठबंधन नहीं करेंगे।’’हथियार डाल चुके इन तीनों उग्रवादी संगठनों ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के उचित पुनर्वास की मांग को लेकर 12 जून 2026 को रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग की नाकेबंदी शुरू की थी लेकिन राज्य सरकार द्वारा उनकी चिंताओं का समाधान करने का आश्वासन दिये जाने के बाद आंदोलन वापस ले लिया था।
Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace
भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।
मेन गेट पर सांप, एंटीक हॉल... देखें त्रिपुरा की राजकुमारी का शाही घर
पूर्व त्रिपुरा राजघराने की राजकुमारी रीता देव वर्मा का दिल्ली स्थित आलीशान घर इन दिनों चर्चा में है. आर्ट डेको इंटीरियर, एंटीक सजावट, शाही विरासत और मॉडर्न डिजाइन से सजा यह घर किसी महल से कम नहीं दिखता. देखें उनके रॉयल आशियाने की अंदर की खूबसूरत तस्वीरें और जानें इसकी खासियत.

