भिवानी के करीब 13 महीने 9 महीने उम्र के नन्हें धावक महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी हार्दिक ने हॉफ मैराथन 21.1 किलोमीटर दौड़कर अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। बता दें कि इससे पहले भी हॉफ मैराथन में सबसे कम समय मे दौड़ने का रिकॉर्ड भी हार्दिक के ही नाम था। वहीं इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी हार्दिक का नाम दर्ज है। वहीं हार्दिक की छोटी बहन लावन्या ने भी 5 किलोमीटर की रेस 27 मिनट 48 सेकेंड में पूरी की है। इस उम्र में वे भी रिकार्ड होल्डर हैं। दोनों मेडल जीतकर घर लौटे तो उनका स्वागत किया गया। इससे पहले भी वे कई मेडल अपने नाम कर चुके है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार ही नहीं बल्कि पूरे भिवानी में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों ने मिठाईयां बांटकर जश्न मनाया। धावक हार्दिक ने गुरुग्राम में आयोजित वन रेस हाफ मैराथन (21.1 किलोमीटर) 1 घंटा 44 मिनट 11 सेकेंड के समय में दौड़कर खुद का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और एक बार फिर से नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले यही हाफ मैराथन हार्दिक ने 1 घंटा 49 मिनट के समय में पूरी की थी। अपने प्रदर्शन में सुधार करते रहेंगेएथलीट हार्दिक और उनके पिता (कोच ) राजेश तंवर ने बताया कि आगे भी इसी तरह प्रदर्शन में सुधार करते रहेंगे। उनकी सरकार से मांग है कि कम आयु वर्ग के धावकों को भी हॉफ मैराथन में दौड़ने की अनुमति मिले। क्योंकि 18-35 आयु वर्ग में हार्दिक दौड़कर भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा नशे व डोपिंग में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें। वे हार्दिक की तरह मेहनत करें तथा देश का नाम रोशन करें। परिजनों व कोच की माने तो यह 5 मिनट का समय तोड़ना केवल 2 माह की लगातार कड़ी मेहनत तथा प्रैक्टिस से ही सम्भव ही पाया है। हार्दिक रोजाना ग्राउंड पर 5-15 किलोमीटर दौड़कर प्रैक्टिस करता है। हार्दिक बिना कुछ खाएं पिएं तथा बिना किसी दवा के सहारे दौड़ लगता है, जो इसकी मेहनत है। 1 घंटा 40 मिनट में पूरी करने का लक्ष्यधावक हार्दिक ने कहा कि अब उसका लक्ष्य है कि वह अपने समय को कम करे। लगातार अभ्यास से वह जल्द ही अपने समय में 5 मिनट और तोड़ेगा। जिसके तहत हॉफ मैराथन (21.1 किलोमीटर) 1 घंटा 40 मिनट से कम समय में पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए कड़ा अभ्यास करेगा। उसने कहा कि उसके पिता राजेश तंवर लंबी दौड़ के अच्छे धावक रहे हैं। अपने पिता की प्रेरणा से वे भी हाफ मैराथन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं हार्दिक के पिता राजेश तंवर ने कहा कि बहुत कम ऐसे धावक हैं, जो इतनी कम उम्र में इतनी तेज दौड़ पाते हैं। 13 साल 9 महीने की उम्र में यह सीनियर के साथ दौड़ता है।
वाराणसी के गोलघर कचहरी स्थित नगर निगम मार्केट के 33 दुकानदारों ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को ऑनलाइन शिकायत भेजी है। यह शिकायत नगर निगम द्वारा निगम मार्केट के सामने बने पाथ-वे से होने वाली दिक्कतों की संबंध में हैं। नगर निगम ने सौंदर्यीकरण के लिए पाथवे बनवाया है लेकिन अब यह पाथवे ही परेशानी का कारण बना हुआ है। दुकानदारों की माने तो सरकार विकास कार्य करा रहा है पर सौंदर्यीकरण के नाम पर यहां बर्बादीकरण किया जा रहा है। निगम मार्केट, गोलघर कचहरी पर पाथवे बनने से क्या समस्या है और डीएम को किस तरह का शिकायती पत्र यहां के दुकानदारों ने भेजा है। इसपर दैनिक भास्कर ने दुकानदारों और कार्य करवा रहे सुपरवाइजर से बात की। पढ़िए रिपोर्ट... सबसे पहले जानिए दुकानदारों ने क्या बताया और उनकी समस्या क्या है ? साल भर में नहीं बन पायी सड़क नगर निगम मार्केट के दुकानदार नागेश मौर्या फोटो स्टेट का काम करते हैं। नागेश ने बताया- पिछले 12 महीने से विकास के नाम पर दुकान के सामने तोड़फोड़ और सीवर पाइप लाइन डालने का कार्य होता रहा। हाल ही में पाथवे का कार्य शुरू हुआ तो नगर निगम के कार्यदायी संस्था ने यह पाथवे दुकानों से 15-15 इंच ऊपर बना दिया है। जिससे दुकानें गड्ढे में चली गयी हैं। बारिश में होगा नुकसान, कैसे होगी भरपाई नागेश मौर्या ने कहा - बारिश में सबसे अधिक दिक्कत होगी, क्योंकि दुकान नीचे होने से बरसात का पानी दुकान में आएगा और उससे हमारी फोटो स्टेट मधिन भी खराब होगी। ऐसे में नगर निगम को सोचना चाहिए। हमारी दुकान नीचे हो जाएगी तो उसे सही कौन कराएगा। 30 साल पहले हमने इसकी रजिस्ट्री कराई थी। अब हम दोबारा इसकी मरम्मत कराएं। इसे ऊपर कराएं उसका पैसा हमें कौन देगा। उजाड़ने का काम कर रहा निगम इसी मार्केट में चाट की दुकान चलाने वाले सोनू गुप्ता ने बताया - हमारी कचहरी चौराहे पर चाट की दुकान है। नगर निगम यहां विकास कर रहा है। अच्छी बात है पर इस विकास से जो चबूतरा हमारी दुकानों के सामने बनाया गया है पाथवे का उससे हमारी दुकानें नीची हो गई है। भविष्य में काफी समस्या होगी। अभी यहां पेड़-पौधा भी निगम लगाएगा पर उससे कस्टमर आएंगे नहीं वापस लौट जाएंगे। हमारी बस यही विनती है कि आप ने ही बसाया है आप ही उजाड़िये मत। ये उजाड़ने का काम है। बहुत होगी समस्या, खराब होगा फर्नीचर इसी मार्केट में पवार ऑप्टिक्स के नाम पर दुकान चलाने वाले इरफान अहमद ने कहा - नगर निगम हमें बसा रहा है लेकिन विकास के लिए हमें उजाड़ने की तैयारी कर ले रहा है। यहां पाथवे बनाकर सड़क ऊंची कर दी गई है। इससे आने जाने में कस्टमर को दिक्कत होगी। साथ ही बारिश में पानी अंदर की तरफ आएगा। पानी की स्मेल कई दिनों तक रहती है। ऐसे में कस्टमर को दिक्कत होगी। इसलिए यही विनती है कि इसे नीचा कर दिया जाए। हमने नगर आयुक्त और डीएम साहब को पत्रक दिया है पर कोई सुनवाई नहीं चल रही है। सौंदर्यीकरण के चक्कर में हो रहा बर्बादीकरण दुकानदार बृजेश गुप्ता ने बताया - नगर निगम ने ही हमें यहां दुकानें आवंटित की है। नगर निगम यहां सौन्दर्यकरण का कार्य कर रहा है यह भी अच्छी चीज है। लेकिन सौंदर्यीकरण के चक्कर में बर्बादी करण न करें। यह वही प्रतीत हो रहा है। बारिश में पानी हमारी दूकान में जाएगा। ऐसे में हमें दुकान ऊंची करवानी पड़ रही है। शटर करवा रहे हैं। जिसमें हमारा पैसा खर्च हो। हम अधिकारियों से कह रहे पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब पढ़िए वो लेटर जिसे दुकानदारों ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को ऑनलाइन भेजा है ?… नगर निगम गोलघर कचहरी के कटरे के दुकानदारों ने इस पाथवे के ऊंचे बनने को लेकर और अन्य समस्याओं के साथ जिलाधिकारी को एक पत्र ऑनलाइन माध्यम से पोस्ट किया है। इस लैटर में उन्होंने अपनी सभी समस्याएं गिनाते हुए लिखा है कि - हम सभी दुकानदार के आवागमन एवं व्यवसाय करने में अत्यधिक परेशानी हो रही हैं। कचहरी के नजदीक स्थित नगर निगम मार्केट बनायी गयी वहां पर अजय बिल्डर्स इंजीनियर्स कन्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड, लखनऊ निर्माण एजेन्सी का टेंडर को नगर निगम के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। टेंडर स्वीकृत करने के समय निर्धारित समयावधि में कार्य सम्पन्न न कराकर निर्माण एजेन्सी द्वारा समयसीमा पूरी होने के बाद भी गुणवत्ता एवं मानक विहीन कार्य कराया जा रहा है। इंटरलाकिंग के पूर्व मात्र सफेद बालू बिना सीमेन्ट के उपयोग हो रहा है जिससे हम व्यवसायियों में काफी रोष है। घटिया मानक विहीन कार्य होने के फलस्वरूप इंटरलाकिंग की ईंट कार्य समाप्ति के पूर्व ही उखड़ने लगी है। के द्वारा कार्य कराया गया है तय समय में कार्य नहीं पूर्ण किया गया जिससे आवागमन एवं मार्केट के लोगों के व्यवसाय पर बहुत ही खराब प्रभाव पड़ रहा है। जब हम सभी लोगों के द्वारा कार्य अच्छी गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय पूर्ण करने के लिए पत्राचार किया गया। तो उक्त कम्पनी के ठेकेदार नाराज पूरे मार्केट में ऐसा कार्य करा रही है। जिससे दुकानदारों की दुकान के सामने बने फुटपाथ को इतना ऊंचा करके बना रहे है कि पूर्व से निर्मित नगर निगम की दुकान फुटपाथ के नीचे हो जा रहा है। और सड़क से लगभग 1.5 फीट ऊंचा फुटपाथ बन जा रहा है। जिससे वर्षा के दिनों में सारा पानी दुकान के अन्दर आ जायेगा और दुकानों की क्षति के साथ ही साथ आर्थिक क्षति एवं बारिश के दिनों में बिमारियों का प्रकोप भी बढ़ जायेगा की सम्भावना अत्यधिक बढ़ जायेगी। ऐसे में आप से निवेदन है कि उक्त कम्पनी के द्वारा बनायी जा रही सड़क के कार्य की जांच किसी अन्य मण्डलीय अभियंता की तकनिकी टीम से कराने। कार्य को गुणवत्ता पूर्ण कराने एवं फुटपाथ को सड़क के बराबर जैसे पूर्व में बना हुआ था। वैसी स्थिति में बनाये जाने का निर्देश देने की कृपा करें। अब जानिए अजय बिल्डर्स इंजीनियर्स कन्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड, लखनऊ के सुपरवाइजर ने क्या कहा ?... स्टॉर्म वाटर के लिए बनायी गयी व्यवस्था इस संबंध में अजय बिल्डर्स इंजीनियर्स कन्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड, लखनऊ के सुपरवाइजर रविशंकर मिश्रा से बात की गयी। उन्होंने बताया - जो हमारा रोड के किनारे स्ट्रोम वाटर का पाइप पड़ा है। वह बारिश के पानी को निकालने के लिए ही बने हैं। सारा स्लोप हमारे चैंबर में ही आएगा। इसलिए सभी स्लोप को ऊंचा बनाया जा रहा है। स्लोप मेंटेन करने के लिए ऊंची हुई सड़क रविशंकर मिश्रा ने कहा - स्ट्रोम वाटर को चेंबर तक ले जाने के लिए हमने स्लोप मेंटेन करने के लिए कहीं न कहीं फुटपाथ ऊंचा हो गया। वहीं कार्य के कच्छप गति से चलने पर सुपरवाइजर ने कहा - हमारे यहां काम रोजाना 2 बजे रात के बाद ही लग पा रहा है। क्योंकि यहां रात 1 बजे तक दुकानें खुली रहती है। इसके अलावा यहं IPDS के तहत बिजली अनादर ग्राउंड है और सब दुकानों में तार गया है तो हम जेसीबी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं और लगातार मजदूरों से ही काम करवाना पड़ रहा है। इससे दिक्कत हो रही है।
यमुना विकास क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेजी से काम होता दिख रहा है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं। जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेक लिस्ट जारीयमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक महीने के अंदर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशनभूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड की जा चुकी है। जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति परनिर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारीप्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजनाटॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
जालंधर शहर में पैसे के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर PCR टीम और थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां मामले की जांच जारी है। दुकान मालिक का आरोप- कर्मचारी ने 1 लाख रुपए की ठगी की पहले पक्ष के अनुसार, शहर में स्थित ‘करतार फ्यूचर वर्ल्ड’ नामक दुकान पर काम करने वाला एक युवक करीब एक साल से उनके साथ नौकरी कर रहा था। दुकान मालिक का आरोप है कि युवक को 2 लाख रुपए किसी से लेकर दिए थे। जिसमें उनकी गरंटी थी। अब उसके पैसे वापिस नहीं कर रहा था। आज इस युवक दुकानदार को झूठी ऑन लाइन इंट्री दिखा कर बोल रहा मैने पैसे उनके खाते में डाल दिए है। जिसको लेकर दुकान पर खूब हंगामा हुआ। दोनों पक्षों को पुलिस थाने ले गई ।दुकानदार ने कहा उसने झूठ बोला कि पैसे बैंक में डाल दिए हैं, लेकिन बाद में खुद मान लिया कि उसने पैसे जमा ही नहीं किए। दूसरे पक्ष का आरोप- युवक को दुकान में बंद कर पीटा गया दूसरे पक्ष की महिला पलवी ने आरोप लगाया कि उनके पति और युवक को दुकान में बंधक बनाकर रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। कपड़े भी फाड़े गए जिसके बाद पलवी ने 112 पर शिकायत दी अपने पती वहां से छुडवाया। महिला ने कहा मुझे फोन करके दुकान बुलाया गया। वहां कहा गया कि समझौता कर लेंगे, लेकिन फिर मेरे पति को पीटना शुरू कर दिया। कपड़े तक फाड़ दिए गए। महिला का आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई कि युवक को नंगा करके जुलूस निकाला जाएगा। मजबूरी में उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाना डिवीजन नंबर 2 में ले गई। महिला ने ब्याज और गलत रकम के दावे पर उठाए सवाल पलवी ने कहा कि उनके पति की सैलरी मात्र 11 हजार रुपए थी। लेकिन उसको 15 हजार ब्याज पर 2 लाख उधार लेकर दुकानदार ने दिए इन लोगों को उसी समय सोचना चाहिए था। हम लोग इसको 11 हजारी सैलरी दे रहे है। लेकिन 15 हजार कहा से देगा ऐसे में वह इतनी बड़ी रकम कैसे दे सकता है। महिला ने आरोप लगाया कि दुकानदार पक्ष अब रकम बढ़ाकर झूठे आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा अगर पैसे का मामला था तो पुलिस में शिकायत करते, लेकिन किसी को बांधकर मारना गलत है। पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही PCR टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाना डिवीजन नंबर-2 ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों तरफ से शिकायत मिली है और CCTV फुटेज व सबूतों के आधार पर जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा बंधक बनाने की बात की भी जांच की जा रही है। अगर एसी बात सामने आती है तो दुकानदार पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुस्लिम एवं ब्राह्मण मतदाताओं पर बसपा का फोकस:जिला संगठन में नजर आएंगे दोनों वर्ग के चेहरे
लंबे समय से सत्ता से दूर बैठी और चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की कोशिश में लगी बसपा इस बार हर हाल में जीत हासिल करना चाहती है। पार्टी ने इसके लिए अपनी रणनीति को आक्रामक किया है। अपने दलित कोर वोटरों के सहारे पार्टी मुस्लिम एवं सवर्ण मतदाताओं को भी साधने की जुगत लगा रही है। इसके लिए सवर्णों में ब्राह्मण वर्ग पर और इसके साथ मुस्लिम नेताओं को तवज्जो देने की तैयारी है। सभी जिलों के जिला संगठन में अनिवार्य रूप से एक ब्राह्मण और एक मुस्लिम चेहरे को स्थान देना है। सभी मुख्य मंडल प्रभारियों और जिलाध्यक्षों को इस बात की जानकारी दी जा चुकी है। गोरखपुर व आसपास के जिलों में जिलाध्यक्ष अपनी जिला कमेटी की समीक्षा करने मे जुट गए हैं। जहां ब्राह्मण व मुस्लिम पदाधिकारी नजर नहीं आएंगे, वहां सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा। इन वर्गों से पदाधिकारियों के चयन की जिम्मेदारी जिलाध्यक्षों को दी गई है। बसपा सुप्रीमो की ओर से इसे अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा गया है। 2007 में नजर आयी थी सोशल इंजीनियरिंग2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा को इसी सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सफलता मिली थी और मायावती ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की थी। इस बार लाखों की भीड़ के साथ ताकत दिखाने के बाद बसपा सुप्रीमो एक बार फिर इसी फार्मूले पर चल रही हैं। पिछली बार मुस्लिम भी उनके साथ थे इसलिए इस बार भी दलित के साथ ब्राह्मण व मुस्लिम का गठजोड़ कर नाव पार लगाने की जुगत की जा रही है। ब्राह्मणों के मुद्दे पर मुखर हैं बसपा सुप्रीमो प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में बदलते राजनीतिक परिदृश्य में ब्राह्मणों की भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर हुई है। इसके बाद सपा व बसपा उन्हें अपने पक्ष में करने में जुट गई है। वरिष्ठ पत्रकार पीएन राय कहते हैं कि जिस तरह से मायावती ब्राह्मणों को लेकर बयान दे रही हैं, उससे बसपा के प्रति ब्राह्मणों का लगाव बढ़ सकता है। सपा प्रमुख भी इस कोशिश में लगे हैं लेकिन सपा व बसपा में किसी का चयन करना होगा तो ब्राह्मण बसपा का चयन करते नजर आएंगे। हालांकि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि सरकार भी ब्राह्मणों को खुश करने के उपाय ढूंढने में लगी है। मनोज वाजपेयी की फिल्म पर एफआईआर का आदेश इन्हीं उपायों में से एक है। पार्टी में वापस लाए जा रहे मुस्लिम चेहरेस्थानीय स्तर पर मुस्लिम चेहरों को पार्टी में वापस लाने की कवायद शुरू हो चुकी है। लोकसभा का चुनाव लड़ चुके जावेदन सिमनानी ने बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया था लेकिन हाल ही में उन्हें फिर बसपा में वापस लाया गया है। सिमनानी की तरह की अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी यह काम चल रहा है। जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश निषाद का कहना है कि बसपा सर्वसमाज का पार्टी है। इसलिए सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।
ग्वालियर में एक विवाहित महिला से सात माह पहले इंस्टाग्राम पर एक युवक ने पहचान की। इसके बाद युवक ने कॉल कर खुद को लोगों की मदद करने वाला बताते हुए कहा कि वह उसके खाते में 10 लाख डॉलर भेज रहा है। महिला ने मना भी किया, लेकिन युवक का दावा था कि उसने डॉलर भेज दिए हैं। इसके बाद युवक ने महिला से कहा कि वह अब अपने खाते में डॉलर की 50 प्रतिशत राशि जमा कर दे। पहले लालच में महिला ने कुछ रुपए जमा कर दिए, लेकिन जब उसने आगे पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने उसके बच्चे और पति को उठा ले जाने की धमकी देने लगा। यह घटना जून 2025 से 5 फरवरी 2026 के बीच नाका चंद्रवदनी इलाके की बताई जा रही है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर के नाका चन्द्रवदनी पूरबियों का मोहल्ला निवासी गीता शाक्य पत्नी मनोज शाक्य गृहिणी है। जून 2025 में उसके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्टाग्राम पर हर्षा सांई के नाम से रील पोस्ट करने वाला बताया। साथ ही बताया कि वह लोगों की मदद करता है और उनके खाते में दस-दस लाख डालर भेज रहा है। कुछ देर बाद आपके खाते में भी 10 लाख डॉलर आएंगे। जब गीता ने इनकार किया तो कॉल करने वाले ने कहा कि अब तो उस ने डॉलर ट्रांसफर कर दिए। अब तुम मुझे डॉलर की 50 प्रतिशत कीमत मेरे बताए अकाउंट में वापस भेज दो। इस तरह महिला ने पहले कॉल करने वाले के बताए अकाउंट नंबर में एमपी ऑनलाइन शॉप से रुपए ट्रांसफर किए। फिर धमकाते हुए कॉल करने वाले ने 4.55 लाख रुपए महिला से ट्रांसफर करा लिए थे। पति और बच्चों को उठाने की धमकी दी जब महिला ने रुपए जमा कराने से इनकार किया तो ठग यहीं नहीं रुके। उन्होंने रुपए जमा नहीं करने पर महिला को पति और बच्चों को उठवाने की धमकी देकर भयभीत करना शुरू कर दिया। जब महिला की जमा पूंजी खत्म हो गई और उसने रुपए न होने की बात कही, तो ठगों ने उससे बातचीत बंद कर दी। इस पर महिला को संदेह हुआ। न तो उसके खाते में कोई डॉलर आए थे और न ही कोई रुपए शेष बचे थे। इसके बाद उसे अहसास हुआ कि वह साइबर ठगों का शिकार हो गई है। जानकारी मिलते ही उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। ऑनलाइन एफआईआर के बाद प्रकरण को अग्रिम कार्रवाई के लिए झांसी रोड थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। झांसी रोड थाना पुलिस का कहना है कि महिला से डॉलर के नाम पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन अकाउंट में कैश ट्रांसफर किया गया है। उनकी डिटेल निकाली जा रही है।
नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शुरू हो रहा है। यह आयोजन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का होगा। सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल होंगे। उनके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से 25 से ज्यादा हाईकोर्ट के जज भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रित न्यायपालिका पर मंथन किया जाएगा। सीजेआई बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत का यह मप्र का पहला दौरा है। लंबे समय बाद एक साथ इतने बड़े स्तर पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भोपाल में जुट रहे हैं। सम्मेलन की थीम- ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ रखी गई है। इसी विषय पर सीजेआई सूर्यकांत देशभर के जजों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने को लेकर मंथन किया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी करेंगे अगवानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के भोपाल प्रवास के दौरान उनकी अगवानी और नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में उनके पहुंचने तक की सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के जिम्मे है। सीजेआई से भोपाल प्रवास के दौरान सीनियर एडवोकेट्स भी मुलाकात कर सकते हैं।
मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम की उम्र से जुड़ी याचिका पर आज फिर सुनवाई होगी। इस बार वादी पक्ष ने उम्र की हकीकत जानने के लिए कोर्ट के माध्यम से पारस सोम का कक्षा चार का सर्टिफिकेट तलब कराया है। सर्टिफिकेट में पारस की उम्र कितनी है, यह तो कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने वाले सर्टिफिकेट से पता चल ही जाएगा लेकिन कानून के जानकारों की मानें तो केस जुवेनाइल में ट्रांसफर होने के बाद भी पारस की राह आसान नहीं होगी। इसके लिए उस बदलाव का हवाला दिया जा रहा है जो निर्भया कांड के बाद जुवेनाइल से जुड़े एक्ट में किए गए थे...! उम्र के लिए लगाए यह दस्तावेज… पहले जानिये क्या है याचिका मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ग्राम कपसाड़ से जुड़ा है, जहां के पारस सोम पर महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने का आरोप है। पारस वर्तमान में जेल में बंद है। उसके अधिवक्ताओं संजीव राणा, बलराम सोम और विजय शर्मा ने दावा किया था कि वारदात के वक्त पारस नाबालिक था और उसका मामला जुवेनाइल बोर्ड के अंतर्गत सुना जाना चाहिए। केस ट्रांसफर करने के लिए ही याचिका डाली गई थी। एक नजर डालते हैं कपसाड़ कांड पर सरधना के कपसाड़ गांव का रहने वाला पारस सोम 8 जनवरी को इसी गांव की दलित समाज की युवती रूबी को अगवा कर फरार हो गया था। जाते वक्त उसने विरोध करने वाली रूबी की मां सुनीता पर जानलेवा हमला किया था, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या, अपहरण समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और दो दिन बाद आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार कर रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। सर्टिफिकेट में आरोपी पारस नाबालिगकपसाड़ कांड कई दिन तक चर्चाओं में रहा। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं का एक पैनल सामने आया और उसने पारस की जन्मतिथि 11-5-2008 बताते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड के अंतर्गत करने की याचिका दायर कर दी। 14 जनवरी को यह याचिका दायर की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया। एडवोकेट संजीव राणा का दावा है कि इस जन्मतिथि के अनुसार वारदात के वक्त पारस की उम्र उम्र 17 साल, 7 महीने, 25 दिन है। आइए क्रम से जानते हैं कोर्ट की प्रोसिडिंग - 10 जनवरी को पारस सोम को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। - 14 जनवरी को तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट से जुड़ी रूलिंग के साथ पारस की तरफ से याचिका डाली। - 22 जनवरी को याचिका मंजूर हुई और कोर्ट ने वादी पक्ष के सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए। - 31 जनवरी को वादी पक्ष ने बेसिक शिक्षा से जुड़े सर्टिफिकेट की रूलिंग लाने का दावा किया। - 3 फरवरी को वादी पक्ष रूलिंग उपलब्ध नहीं कर पाया और तारीख मांगी। - 4 फरवरी की तिथि कोर्ट की तरफ से निर्धारित कर दी गई। - 4 फरवरी को वादी पक्ष ने कक्षा 5 का सर्टिफिकेट जारी किया लेकिन उसमें भी पारस की जन्मतिथि हाईस्कूल के अनुसार 11-5-2008 ही निकली। - अब कक्षा 1 से कक्षा चार तक के सर्टिफिकेट 7 फरवरी को तलब किए गए हैं। अब एक नजर जुवेनाइल एक्ट पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल बख्शी बताते हैं कि जुवेनाइल एक्ट 1986 में आया था। इस एक्ट के अनुसार- 18 वर्ष से कम उम्र के लोग जुवेनाइल माने जाते थे। वर्ष 2000 में कानून में कुछ बदलाव हुआ और 16 वर्ष तक के बच्चों को जुवेनाइल मान लिया गया। लेकिन इसके बाद भी समय समय पर बदलाव होते रहे। निर्भया कांड ने फिर बदले समीकरणअनिल बख्शी बताते हैं कि निर्भया कांड के बाद वर्ष 2015 में एक्ट में फिर बदलाव हुआ। इस बार दो श्रेणी निर्धारित कर दी गईं। पहली श्रेणी में 16 से नीचे की उम्र के आरोपी सीधे जुवेनाइल मान लिए गए और बड़े अपराध में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान कर दिया गया। लेकिन दूसरी श्रेणी (16 से 18 वर्ष के बीच) के आरोपियों के लिए मनोवैज्ञानिक टेस्ट निर्धारित किया गया। इसमें काउंसलर पर निर्भर करता है। पॉजीटिव रिजल्ट होने पर केस स्पेशल कोर्ट में चलता है। जुवेनाइल के लिए यह दस्तावेज की प्रक्रिया - आरोपी पढ़ा लिखा है तो उसका हाईस्कूल सर्टिफिकेट। - हाईस्कूल नहीं है तो सरकारी बर्थ सर्टिफिकेट। - हाईस्कूल व बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है तो सबसे पहले जिस स्कूल में प्रवेश लिया, उसका सर्टिफिकेट। सर्टिफिकेट ना होने पर मेडिकल का प्रावधान वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल बख्शी की मानें- जुवेनाइल घोषित करने के लिए सर्टिफिकेट महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर तीनों में कोई सर्टिफिकेट नहीं है तो आरोपी का मेडिकल कराया जाएगा। तीनों सर्टिफिकेट में एक भी गलत साबित होता है तो मेडिकल नहीं होगा। इसमें दो अलग कक्षाओं में प्रवेश के वक्त की उम्र की जांच होती है। उम्र बदलने वाले स्कूल से जवाब लिया जाता है। इसमें आरोपी नाबालिग नहीं रहता। उसे सामान्य अपराधी की तरह ट्रीट किया जाता है लेकिन नाम व पहचान गोपनीय रहती है और फांसी तथा आजीवन कारावास नहीं होता।
झांसी में दीवार गिराने के विवाद में एक परिवार को बेरहमी से पीटा गया। लाठी-सरिया से पीट-पीटकर बुजुर्ग महिला, उसके दो बेटों के हाथ तोड़ दिए। बहू और पोते को भी पीटा गया। 24 घंटे बाद भी तीनों घायलों का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया जा सका। पुलिस ने सिर्फ एक पक्ष की तहरीर पर बुजुर्ग महिला समेत दोनों घायल बेटों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। अब टूटे हाथ लिए मां-बेटे मेडिकल कराने और केस दर्ज कराने के लिए भटक रहा है। ये पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र में तालपुरा के अंबेडकर नगर का है। सीढियां बनाने का विवाद है अंबेडकर नगर निवासी हेमंत सरसैया और उनकी भाभी विनीता सरसैया ने बताया- मेरा 50 साल पुराना मकान है। जिसमें बाहर छज्जा निकला हुआ है। घर के पड़ोस में रहने वाले चंद्रभान वहां से अपनी सीढ़ी बनाना चाहता है। इसको लेकर 2 फरवरी को दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। तब पुलिस ने आकर काम रुकवा दिया था। गुरुवार को हम लोग शादी समारोह में गए थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने दीवार बनाने लगा। लौटने पर हमने 2-4 ईंट उखाड़कर फेंक दी। इसके बाद विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। पीट-पीटकर हेमंत के दोनों हाथ तोड़ दिए और सिर फोड़ दिया। उनके बड़े भाई जितेंद्र और मां हीरा का एक-एक हाथ तोड़ दिया। इसके अलावा जितेंद्र की पत्नी विनीता और बेटा विशू को भी पीटा। अब कार्रवाई के लिए परिवार भटक रहा है। सुनवाई नहीं हो रही है। दूसरे पक्षें ने थाने में केस दर्ज कराया मारपीट के बाद दूसरा पक्ष नवाबाद थाने जा पहुंचा। राजकुमारी ने पुलिस को तहरीर दी मारपीट कर दी। कहा कि कि देवर मुकेश आदिम छत पर दीवार बनवा रहे थे। तभी हेमंत के परिवार ने राजकुमारी को बुरी तरह पीटा। पुलिस ने मारपीट के आरोप में जगजीवन, हेमंत, हीरा बाई, हीरा की दोनों बहुओं के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि अभी दूसरे पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
पटना हाईकोर्ट ने जयमंगला गढ़ स्थित महादलित (मुसहर समाज) की बस्ती को हटाने के संबंध में आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने जयमंगला गढ़ मुसहर बस्ती को अतिक्रमण मानने से इनकार करते हुए पुनर्वास के बिना विस्थापन पर रोक लगा दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से वहां रह रहे करीब 350 महादलित परिवार में खुशी का माहौल है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और जस्टिस नानी ताग्या की खंडपीठ ने CWJC-19823/2024 की सुनवाई के दौरान जयमंगला गढ़ के मुसहर बस्ती की ओर से अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय और सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने बहस की। महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जयमंगला गढ़ में रह रहे पर्चाधारी अतिक्रमणकारी नहीं हैं। अगर उन्हें विस्थापित करना होगा तो पहले पुनर्वासित किया जाएगा। हाईकोर्ट में एक इंटरवेनर पेटीशन दाखिल किया था प्रशासन की ओर से वहां रह रहे लोगों के घर हटाने के निर्देश के खिलाफ जयमंगला गढ़ के रहने वाले सरोज देवी, कला देवी और धनिक सदा ने हाईकोर्ट में एक इंटरवेनर पेटीशन दाखिल किया था। जिसे बहस के दौरान अदालत ने स्वीकार किया और सरकार-इंटरवेनर दोनों को प्रति शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई तक सरकार की ओर से मुसहर बस्ती को बेदखल नहीं किया जाएगा। जयमंगला गढ़ के मुसहर बस्ती की ओर से अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय और सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने बहस की। सुनवाई के दौरान जयमंगला गढ़ के पीड़ितों की ओर से पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार सिंह, नैना, बेगूसराय के वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ कुमार अंबष्ट तथा शोधार्थी-लेखक पुष्पराज उपस्थित थे। निर्णय को महादलितों के पक्ष में मानवतावादी न्याय कहा महादलित मुसहरों की विधिक सहायता के लिए जयमंगला गढ़ मुसहर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति की ओर से पूर्व पंचायत समिति रामनरेश सदा ने पीयूसीएल के प्रति आभार प्रकट किया है। पीयूसीएल के प्रदेश महासचिव सरफराज ने जयमंगला गढ़ के मुसहर समाज को विस्थापन से बचाने के संघर्ष को मानवाधिकार और मानवता के हित का संघर्ष बताया है। प्रसिद्ध समाजसेवी और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने भी जयमंगला गढ़ मुसहर बस्ती बचाओ संघर्ष को अपना समर्थन देते हुए उन्हें उजाड़ने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट के निर्णय को महादलितों के पक्ष में मानवतावादी न्याय कहा है। वहीं, पद्मश्री सुधा वर्गीस ने भी जयमंगला गढ़ मुसहर बस्ती के संघर्ष को अपना समर्थन दिया है। क्या मामला है महादलित बस्ती को अतिक्रमण बताने का 2 जनवरी 2026 को मंझौल के एसडीओ ने जयमंगला गढ़ में दशकों से रह रहे महादलित समाज के लोगों को बताया था कि उनकी बस्ती को हटाकर ईको पार्क बनाया जाएगा। 10 जनवरी 2026 को चेरिया बरियारपुर के सीओ के हवाले से खबर छपी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से प्रस्तावित ईको पार्क के निर्माण के लिए जयमंगला गढ़ की इस बस्ती को हटाया जाएगा। इन लोगों को हटाने के बाद जिस जमीन पर बसाने का जिक्र किया गया था। उस जमीन के भूस्वामी रामाशीष प्रसाद सिंह ने CWJC 949/2026 के माध्यम से अपनी जमीन की रक्षा के लिए 16 जनवरी 2026 को पटना हाईकोर्ट में रिट दायर किया था। 22 जनवरी को रामाशीष सिंह की जमीन पर गेहूं की फसल को रौंदकर सीओ, बीडीओ, एसडीओ एवं एडीएम ने कब्जे में ले लिया। 27 जनवरी को हाईकोर्ट में चेरिया बरियारपुर के सीओ नंदन कुमार ने किसान की जमीन कब्जा नहीं करने का शपथ पत्र दायर किया। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को चेरिया बरियारपुर के सीओ नंदन कुमार ने 335 परिवारों को 5 जनवरी 2026 की तारीख में नोटिस जारी किया था। जिसमें पूरी बस्ती को अतिक्रमणकारी बताया गया। 20 जनवरी को सीओ ने अपने कार्यालय में नोटिस का जवाब देने का समय तय किया था। इसके बाद यहां रहने वाले लोगों ने बेगूसराय के वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ कुमार अंबष्ट को अपना अधिवक्ता बनाकर बासगीत पर्चा, इंदिरा आवास, प्रधानमंत्री आवास, 10+2 तक की पढ़ाई करने के लिए सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य उपकेंद्र, 2 आंगनबाड़ी केंद्र की मौजूदगी के साक्ष्य के साथ अतिक्रमण के आरोप को खारिज किया। लेखक ने हस्तक्षेप किया मामले को देखते हुए मंझौल के रहने वाले और चर्चित पुस्तक नंदीग्राम डायरी के लेखक पुष्पराज ने इसे गंभीरता से लिया। देश भर में विस्थापन विरोधी पत्रकारिता के लिए पुष्पराज ने अलग-अलग राज्यों में लेखन किया है। पुष्पराज ने मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल की मदद से पटना में अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय की सहायता ली और प्रथम चरण में शासन द्वारा अतिक्रमणकारी घोषित मुसहर बस्ती को उजड़ने से तत्काल बचा लिया गया। मुसहर समाज पर दमन की कोशिश- पुष्पराज पुष्पराज बताते हैं कि बीडीओ, सीओ, एसडीओ एवं एडीएम ने शासन की ताकत से मुसहर समाज को अपनी बस्ती छोड़कर अन्यत्र जाने के लिए बहुत अधिक दवाब बनाया। 15 जनवरी को बेगूसराय के डीएम ने जयमंगला गढ़ मुसहर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट कहा था कि हम पुनर्वास के बिना मुसहर बस्ती को उजाड़ने के लिए संकल्पित हैं। जबकि पटना हाईकोर्ट ने मुसहर बस्ती को उजाड़ने का आदेश नहीं दिया था। बिहार के वेटलैंड और रामसर साइट के संवर्धन के संबंध में दायर याचिका CWJC- 19823/2024 के निर्देश में माननीय हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को अपने आदेश के 5 वें पैरा की पहली पंक्ति में स्पष्ट लिखा था कि अगर अतिक्रमण है तो उसे वैधानिक तरीके से हटाया जाएगा।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पीएम मोदी का दिग्विजय के भाषण पर तंजसंसद में बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्विजय सिंह के भाषण पर चुटकी ली। उन्होंने सदन में मुस्कुराते हुए कहा कि क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे? प्रधानमंत्री मोदी ने दिग्विजय सिंह का बिना नाम लिए कहा- आदरणीय सभापति जी, मैं कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था। वो अपने आप को राजा कहलाने में बहुत गर्व करते हैं, लेकिन वही आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे थे। पीएम मोदी ने आगे तंज कसते हुए कहा- बताइए, जो खुद को राजा माने और वो आर्थिक असमानता की बात करे, क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे? दरअसल, दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में कहा था कि देश में सामाजिक सौहार्द और समरसता बिगड़ रही है और इसके साथ ही आर्थिक असमानता भी बढ़ती जा रही है। हालांकि बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के लगभग हर सांसद ने सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन जब प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब दिया, तो इस सियासी बहस में ‘राजा साहब’ सीधे तंज की जद में आ गए। लाड़ली बहनों पर बयान, फिर पलट गए मंत्रीलाड़ली बहनों का नाम काटने की बात कहने वाले मंत्री करण सिंह वर्मा अब अपने बयान से पलटते नजर आ रहे हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मंत्री का कहना है कि उन्होंने तो केवल लाड़ली बहनों को भोजन पर आमंत्रित किया था। हालांकि, उन्होंने खेद भी जताया। करण सिंह वर्मा के बयान ने सरकार की किरकिरी करा दी। विपक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। आखिरकार, लाड़ली बहनों ने भाजपा को सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी नाराजगी सरकार के लिए भारी पड़ सकती है। ऐसे में मामला बढ़ता देख मंत्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी। अब लोग कह रहे हैं कि नेताओं का ये खास गुण होता है। पहले बयान देते हैं, विवाद खड़ा होता है और फिर सफाई देकर, खेद जताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। इससे पहले लाड़ली बहनों को लेकर मंत्री विजय शाह भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर चुके हैं। भाजपा नेता के घर चोरी, कांग्रेस विधायक खुशश्योपुर में भाजपा के पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर चोरी की घटना सामने आई है। चोर उनके घर में लगे एसी का पंखा ही चुरा ले गए। इस घटना के बाद सियासत भी गर्मा गई। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की खुशी का तो जैसे ठिकाना ही नहीं रहा। उन्होंने भाजपा नेता के यहां चोरी करने वाले चोर को ही धन्यवाद दे डाला। इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने यहां तक कह दिया कि ऐसे चोर को तो वह इनाम देंगे। दरअसल, बाबू जंडेल इस पूरे मामले के जरिए भाजपा शासन में कानून व्यवस्था पर तंज कस रहे थे। उनका कहना था कि जब सत्ताधारी दल के नेता के घर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। मीडिया के सवाल पर मंत्री विजय शाह ने चुप्पीभोपाल में भाजपा दफ्तर पहुंचे मंत्री विजय शाह कैमरे देखते ही बचते नजर आए। उन्होंने बिना रुके सीधे कार की ओर कदम बढ़ाए, गाड़ी में बैठते ही शीशा चढ़ाया और रवाना हो गए। मीडिया के किसी भी सवाल का उन्होंने जवाब नहीं दिया। दरअसल, कर्नल सोफिया पर दिए गए उनके बयान को लेकर 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। मीडिया इसी मुद्दे पर सवाल करना चाह रही थी, लेकिन मंत्री ने मानो सवालों से पहले ही टॉप गियर लगा दिया। अब सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। लोग कह रहे हैं कि इसे ही कहते हैं- दूध का जला छाछ को भी फूंक-फूंककर पीता है। वहीं कुछ का ये भी कहना है कि कहीं पार्टी ने मंत्री की जुबान पर ताला तो नहीं लगा दिया। इनपुट सहयोग - बृजेंद्र मिश्रा (भोपाल), महेंद्र सिंह ठाकुर (सीहोर), कुलदीप (श्योपुर) ये भी पढ़ें - सीएम ने योग में बाबा रामदेव को दी टक्कर: सिंधिया ने भाजपा विधायक को कहा- ये मेरे लिए भगवान जैसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योग में बाबा रामदेव को टक्कर देते नजर आए। सीएम हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ पहुंचे थे, जहां उन्होंने बाबा रामदेव के साथ शीर्षासन और मयूरासन जैसे कठिन आसन किए। सीएम का यह रूप देखकर बाबा रामदेव भी हैरान रह गए। पूरी खबर पढ़ें
प्रयागराज के थरवई में ट्रेन के आगे कूदकर युवती के सुसाइड मामले में नया मोड़ आ गया है। पिता का आरोप है कि उसकी बेटी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अपनी जान दी। डरा-धमकाकर उसका रेप किया जा रहा था और वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी जा रही थी। इस मामले में तीन नामजद समेत पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला माघ मेले के दौरान लापता हुई 21 वर्षीय युवती से जुड़ा है। युवती की मां का पहले ही निधन हो चुका है। पिता मुंबई रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं और घटना से कुछ दिन पहले ही गांव आए थे, इसके बाद वापस लौट गए थे। माघ मेले के दौरान हुई थी लापता परिजनों के अनुसार, युवती शनिवार को अपनी छोटी बहन के साथ माघ मेले में स्नान के लिए आई थी। वह मेला क्षेत्र में कल्पवास कर रहे अपने दादा-दादी से मिलने भी गई थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। परिवार वालों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। रेलवे ट्रैक पर मिला था शव सोमवार सुबह थरवई क्षेत्र के गणेशपुर गांव के सामने रेलवे लाइन के किनारे युवती का क्षत-विक्षत शव मिला। सिर कटा हुआ था। मौके से कुछ दूरी पर उसका मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अधिकारियों का कहना था कि स्टेशन मास्टर की ओर से सूचना दी गई थी कि एक युवती ट्रेन के सामने आ गई थी। पिता की तहरीर से बदला पूरा मामला बाद में जब पिता गांव पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि एक युवक बेटी को लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहा था और डरा-धमका कर उससे संबंध बनाता था। घटना वाले दिन भी उसके साथ जबरदस्ती की गई थी। आरोप है कि इस दौरान उसके साथियों ने भी सहयोग किया। पिता ने बताया कि आरोपियों ने युवती को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसका अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया जाएगा। इसी डर और मानसिक दबाव में आकर युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। एक आरोपी हिरासत में, बाकी की तलाश पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन नामजद और दो अज्ञात पर दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में से एक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार, कानपुर में कल (शुक्रवार) की बड़ी खबरें… पिता ने एक साल की मासूम को ठंडे पानी के टब में डुबो दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घरवालों ने ससुराल में हंगामा किया। वहीं SIR को लेकर सपा विधायक अमिताभ वाजपेई ने बड़ा खुलासा किया। उनका आरोप है कि भाजपा नेता PDA वोटर्स के नाम कटवाने के लिए उनके नाम से खुद फॉर्म भरकर नाम कटवा रहे हैं। वहीं एक लाख 61 हजार, 64 लोगों ने नया वोटर बनने के लिए फार्म-6 भरकर आवेदन किया है। सांसद रमेश अवस्थी ने मंगल भवन को लेकर नगर निगम और निजी कंपनी के बीच हुए अनुबंध (एमओयू) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसकी जांच कराने और जरूरत पड़ने पर अनुबंध को रद्द करने की मांग की है। केडीए ने 16 बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें 1: कानपुर में सपा MLA अमिताभ का बड़ा दावा:बोले- भाजपा नेता PDA वोटर्स के फर्जी फॉर्म-7 भरकर नाम कटवा रहे, हजारों फॉर्म बरामद कानपुर में एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरापे लगाते हुए सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पीडीए वोटर्स के भारी संख्या में नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म-7 को बरामद किया है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता पीडीए वोटर्स के नाम कटवाने के लिए उनके नाम से खुद फॉर्म भरकर नाम कटवाने का काम कर रहे हैं। हजारों की संख्या में फॉर्म दिखाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पढ़ें पूरी खबर 2: 'मंगल भवन का MOU निरस्त कर जांच हो':कानपुर सांसद बोले- जमीन नगर निगम की, अधिकार किसी निजी कंपनी को क्यों कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने मंगल भवन को लेकर नगर निगम और निजी कंपनी के बीच हुए अनुबंध (एमओयू) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसकी जांच कराने और जरूरत पड़ने पर अनुबंध को रद्द करने की मांग की है। शहर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए मंगल भवन बनाया गया है। यह भवन नगर निगम की जमीन एक निजी कंपनी ने बनवाया है। ताकि गरीब परिवारों को कम किराए पर विवाह स्थल मिल सके। लेकिन अब इस भवन के संचालन और अधिकारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पढ़ें पूरी खबर 3: कानपुर में बुलडोजर एक्शन:16 बीघा की जमीन पर बिना नक्शा पास कराए हो रही थी प्लाटिंग कानपुर विकास प्राधिकरण का अवैध प्लाटिंग पर एक्शन जारी है। केडीए के जोन-1बी टीम ने लगभग 16 बीघा में ध्वस्तीकरण किया। टीम के प्लाटिंग एरिया में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने सबसे पहले माइक से एनाउंसमेंट किया। उसके बाद जेसीबी से अवैध निर्माण को गिराया गया। केडीए के अधिकारियों ने बताया- यह प्लाटिंग बिना प्राधिकरण से नक्शा पास कराए विकसित की जा रही थी। यहा दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध प्लाटिंग साइट पर लगभग 16 बीघे में कार्रवाई की गई। पढ़ें पूरी खबर 4: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को कुचला, मौत:अरौल में हादसा, मोबाइल से हुई युवक की पहचान कानपुर के अरौल में तेज़ रफ्तार ट्रक ने एटा से कानपुर आ रहे युवक क़ो तेज़ रफ्तार ट्रक ने अरौल पुलिस चौकी के पास देर रात कुचल दिया। हादसे में युवक की मौत हो गई। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने मृतक के पास मिले फोन से घटना की जानकारी परिजनों क़ो दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। एटा निवासी प्रदीप कुमार प्राइवेट कर्मी है। परिवार में बेटा पत्नी व बेटा मनीष कुमार (26) व एक बेटी है। पिता प्रदीप ने बताया की बेटा मनीष अरौल में अपनी पत्नी पूनम और बेटी वैष्णवी के साथ रहता था। वह बाइक से कन्नौज की तरफ कुछ काम से गया था। रात करीब आठ बजे वह वापस कमरे पर जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर 5: एक साल की बच्ची को पानी में डुबोकर मार डाला:कानपुर में पत्नी बोली- पति कहते थे बेटी का DNA कराऊंगा, ससुराल में हंगामा किया कानपुर में अवैध संबंधों के शक में पिता ने एक साल की बेटी को ठंडे पानी के टब में डुबोकर मार डाला। लड़की अपने मायके वालों के साथ ससुराल पहुंची। हंगामा किया। पति पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पत्नी ने पति के खिलाफ थाना रावतपुर में शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। पढ़ें पूरी खबर 6: विधायक की फटकार के बाद रुका काम:जलनिगम अधिकारियों संग बैठक, मार्च तक काम पूरा करने का निर्देश कानपुर के जाजमऊ स्थित बीकेडी चौराहे पर समाजवादी पार्टी के विधायक हसन रूमी की फटकार के बाद जलनिगम ने पाइपलाइन बिछाने का काम रोक दिया। विधायक ने प्रेसिडेंट इंजीनियर को फटकार लगाई थी, जिसके बाद शुक्रवार को गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया। गुरुवार दोपहर 3:40 बजे विधायक रूमी ने प्रेसिडेंट इंजीनियर को अंग्रेजी में गालियां देते हुए काम बंद करवा दिया था। इस घटना के बाद कार्यदायी कंपनी WABAG के प्रोजेक्ट मैनेजर और जटेटा के सचिव रिजवान नादरी सहित अन्य अधिकारी विधायक के केडीए स्थित कार्यालय पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 7: सतीश महाना की विधानसभा में सबसे ज्यादा नए वोटर्स:नसीम सोलंकी की सीट पर 14,920 ने फॉर्म भरा; घाटमपुर सबसे पीछे कानपुर में SIR में वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है। जिले में अभी तक कुल एक लाख 61 हजार, 64 लोगों ने नया वोटर बनने के लिए फार्म-6 भरकर आवेदन किया है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर से सबसे अधिक आवेदन आए हैं। यहां से 28,454 युवाओं ने फार्म-06 भरा है। वहीं नसीम सोलंकी की सीट पर 14920 युवा नए वोटर बनने की रेस में शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर 8: बावरिया गैंग का इनामी डकैत 10 साल बाद अरेस्ट:कानपुर के बिल्हौर में मर्डर किया था, जौनपुर से भी था 50 हजार का इनामी कानपुर की अरौल पुलिस ने डकैती के दौरान हत्याकांड में फरार चल रहे बावरिया गिरोह के डकैत को 10 साल बाद अरेस्ट कर लिया। शातिर डकैत कल्लू उर्फ फिरोज कानपुर से 25 हजार का इनाम और जौनपुर से 75 हजार का इनाम घोषित था। दोनों जगह पर डकैती और हत्या के बाद से यूपी से बाहर अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान बदलकर रहता था। अरौल थाने की पुलिस ने कड़ी मशक्कत से शातिर डकैत को अरेस्ट करने के बाद जेल भेज दिया। पढ़ें पूरी खबर 9: कानपुर में महिला की न्यूड डेडबॉडी मिलने का मामला:100 लोगों से पूछताछ, 125 से ज्यादा CCTV खंगाले, फिर भी हाथ खाली कानपुर के सेन थाना क्षेत्र में महिला का मर्डर करके शव फेंकने के मामले में 15 दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। जागरण देखने के लिए देर रात निकली महिला घर नहीं लौटी और सुबह उसका शव झाड़ियों में न्यूड हालत में मिला था। पुलिस की तीन टीमों ने सर्विलांस, सीसीटीवी और लोकल इनपुट के आधार पर जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। पढ़ें पूरी खबर 10: लापता छात्र का शव रेलवे ट्रैक पर मिला:परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की कानपुर के कलक्टरगंज से लापता छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में चंदारी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। खोजबीन करते हुए परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पहचान की। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। छात्र चकेरी के कोयला नगर स्वर्ण जयंती विहार का रहने वाला था। जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर
प्यार के इजहार का सप्ताह यानी वैलेंटाइन वीक आज से शुरू हो रहा है। ऐसे में गोरखपुर में 'रोज डे' को लेकर जबरदस्त उत्साह है, जिसकी झलक फूलों के बाजारों में साफ देखी जा सकती है। मांग के बढ़ते ही गुलाब के फूलों की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। आलम यह है कि जो गुलाब आम दिनों में किफायती थे, वे अब तीन गुना ज्यादा कीमतों पर बिकने को तैयार हैं। फूलों की मंडी में इस बार स्थानीय गुलाबों के साथ-साथ नासिक, बैंगलोर और पुणे से विशेष खेप मंगवाई गई है। व्यापारियों का कहना है कि इन शहरों के गुलाब अपनी ताजगी और बड़ी पंखुड़ियों के लिए मशहूर हैं। खासकर 'टाटा रोज' अपनी बेहतरीन क्वालिटी के कारण सबसे महंगे बिक रहे हैं, जबकि 'सुपर रोज' की डिमांड युवाओं के बीच सबसे ज्यादा बनी हुई है।फूलों मंडी में ही बढ़े दाम फूलों की मंडी में बढ़ी डिमांड और सीमित सप्लाई का असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, वैलेंटाइन वीक के पहले ही दिन गुलाब की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। समीर फ्लॉवर्स के ओनर समीर ने बताया- वैलेंटाइन वीक के शुरूआती दिनों में एक गुलाब की कीमत 80 रुपए होंगे। जो पहले 40 में मिलते थे। फूलों की मंडी में ही गुलाब महंगे मिल रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि एक अच्छे लाल गुलाब की कीमत 100 रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी। थोक विक्रेताओं का कहना है कि बाहर से आने वाले माल के भाड़े और भारी मांग के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। हार्टशेप बुके और कोरियन पेपर का बढ़ता क्रेज इस साल बाजार में सजावट का अंदाज भी बदला नजर आ रहा है। ब्लैक, व्हाइट, रेड, पिंक और येलो कलर के कोरियन पेपर में लपेटे गए फूलों के बुके ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इनमें भी हार्टशेप बुके की मांग सबसे ज्यादा है। हालांकि, बुके की शुरुआती कीमत 300 रुपये के आसपास है, लेकिन लोग अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज्ड बुके भी तैयार करवा रहे हैं। सिंगल गुलाब की सबसे ज्यादा डिमांडभले ही बाजार में महंगे से महंगे बुके उपलब्ध हों, लेकिन सबसे ज्यादा बिक्री सिंगल रोज की ही हो रही है। स्कूल-कॉलेज के छात्रों से लेकर युवाओं तक में एक गुलाब देकर अपनी भावनाएं व्यक्त करने का सबसे अधिक क्रेज दिख रहा है। शहर के गोलघर, टाउनहॉल और मेडिकल कॉलेज रोड जैसे प्रमुख इलाकों में फूलों की दुकानें देर रात तक सजती रहीं ताकि रोज डे पर किसी को मायूस न होना पड़े। बुके और उसके रेट कोरियन पेपर बुके - 500 रुपए से शुरू रेड रोज बंच- 350 रुपए से शुरू डेजी, गुलडाउदी- 1000 रुपए से शुरू डुअल सेटेड - 500 रुपए से शुरू आर्किड- 1000 रुपए से शुरू ओरिएंटेड लिली- 1500 रुपए से शुरू रजनीगंधा- 300 रुपए से शुरू नॉर्मल बुके- 200-15000 रुपए फ्लावर बास्केट- 300 रुपए से शुरू सिंगल बुके- 80 रुपए
‘चेतन के पास अच्छा पैसा था। फॉर्च्यूनर गाड़ी थी। वह गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। पुराने मकान खरीदकर उन्हें बेचता था। यहीं एकता पार्क (दिल्ली) के पास शालीमार बिल्डिंग में रहता था। फिर पता नहीं क्या हुआ…कर्जदार होता चला गया।… अगर ये लोग बच्चियों को अपने साथ सुलाते तो ऐसी कहानी थोड़ी होती।’ ऐसा कहना दिलीप कुमार का है। वे उन तीन बच्चियों- निशिका, प्राची, पाखी के नाना हैं, जिनकी गाजियाबाद में अब मौत हो चुकी है। दिलीप ने यह भी बताया कि आज से करीब 6-7 साल पहले उनकी एक और बेटी की मौत भी दामाद चेतन के फ्लैट से गिरने के कारण हुई थी। हालांकि उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना था। आखिर किन परिस्थिति में दिलीप ने अपनी दोनों बेटियों की शादी चेतन से की? चेतन की उस वक्त स्थिति क्या थी? वह क्या करता था? कैसे स्थिति खराब होती गई, जैसे सवालों पर हमने उसके ससुर दिलीप से विस्तार से बात की। पढ़िए… 18 साल पहले शादी की, फिर दूसरी बेटी भी ब्याह दी गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में चेतन अपनी दो पत्नियों और 5 बच्चों के साथ रहते थे। 3 फरवरी की रात तीन बच्चियों की मौत हो गई। 9वें फ्लोर से गिरने के बाद, जब इन बच्चियों का पोस्टमॉर्टम हुआ तो पता चला कि शरीर के ज्यादातर अंग फट गए हैं। इस मामले में पिता चेतन ने पहले बताया कि ये लड़कियां कोरियन गेम खेलती थीं, उसी में टास्क पूरा करने के चलते उन्होंने सुसाइड कर लिया। हालांकि पुलिस जांच में गेम का कोई एंगल नहीं मिला। अब परिवार घर में ताला लगाकर कहीं चला गया है। ‘दैनिक भास्कर’ की टीम दिल्ली के सीलमपुर पहुंची। चेतन की दो पत्नियां सुजाता और हीना आपस में बहन हैं, उनका घर यहीं है। तीसरी पत्नी का घर कहीं और है। शिव मंदिर से होते हुए हम सीलमपुर की उस गली में पहुंचे, जहां सुजाता और हीना का मायका है। यहीं तीसरे फ्लोर पर सुजाता के पिता दिलीप कुमार मिले। इस तीन फ्लोर के मकान में दिलीप के तीन और भाई रहते हैं। सभी के हिस्से में एक-एक कमरा आया है। दिलीप कहते हैं, हमारे कुल 14 बच्चे हैं। इसमें 11 बेटियां और 3 बेटे। सबसे बड़ा बेटा दीपू था, जो 10-12 साल पहले कहीं चला गया। उसका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मैं ऑटो चलाता था, लेकिन पिछले दो साल से पैर में दिक्कत के चलते अब नहीं चलाता। सुजाता मेरी सबसे बड़ी बेटी है। 17-18 साल पहले हमने उसकी शादी चेतन से की थी। उस वक्त चेतन छोटा-मोटा काम करता था। चेतन ने पैसे कमाए, फॉर्च्यूनर से चलता था दिलीप कहते हैं, चेतन ने इसके बाद पैसा कमाया। पहले खजूरी इलाके में रहता था। बाद में एकता पार्क के शालीमार गार्डेन में फ्लैट में रहने लगा। उस वक्त वह अच्छा पैसा कमाता था। गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। कोई घर 15 लाख में जैसे खरीदा तो उसे सुधरवाकर 20 लाख में बेच देता था। जमीन का भी काम करता था। लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि सब खत्म होता चला गया। गाड़ी भी बिक गई। वे दूसरी बेटी हीना की शादी को लेकर कहते हैं, सुजाता को बच्चा नहीं हो रहा था, इसके बाद हमने हीना की भी शादी चेतन से कर दी। बेटियां और दामाद अपने बच्चों को बहुत प्यार करते थे, शालीमार में रहते तो उन्हें स्कूल भेजते थे। चेतन के फ्लैट से साली की गिरकर मौत करीब 6-7 साल पहले चेतन जब शालीमार गार्डेन में रहता था, तब उसकी साली आंचल वहां गई थी। बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण उसकी मौत हो गई। दिलीप कहते हैं, ‘मेरी नातिन निशिका का जन्मदिन था, उसी में आंचल गई थी। बालकनी में सूखने के लिए कपड़ा डाला गया था, आंचल रेलिंग पर खड़ी होकर कपड़ा उतार रही थी, पैर फिसल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।’ आंचल दिलीप की छठे नंबर की बेटी थी, उम्र करीब 16-17 साल की थी। उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना और किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। बेटियों की पढ़ाई छुड़ाने को लेकर दिलीप कहते हैं, पहले वह लड़कियां यहां आती थीं, लेकिन बाद में चेतन उन्हें यहां नहीं लाता था। परिवार की स्थिति खराब हो गई थी, शायद इसीलिए उन्होंने स्कूल भी छोड़ दिया था। हम बहुत ध्यान नहीं दे पाते थे, क्योंकि हमें अपना भी तो देखना है। लेकिन यह कहता हूं कि अगर बच्चियों को वो लोग अपने पास सुलाते तो ऐसी कहानी नहीं होती। अलग कमरे में सो रही हैं तो यही सब होगा। चेतन के घर दूसरी बेटियों का भी आना-जाना था सुजाता और हीना की शादी चेतन से हुई थी। इनकी 9 और बहनें थीं। इसमें 7 की तो शादी हो चुकी है, लेकिन दो नेहा और तान्या की शादी नहीं हुई है। नेहा इस वक्त गाजियाबाद में चेतन के ही घर पर है। सबसे छोटी तान्या अपने पिता के साथ सीलमपुर में है। तान्या ऑफ कैमरा कहती है, पहले तो बच्चियों से थोड़ी-बहुत बात हो जाती थी, लेकिन बाद में उनसे कोई बात ही नहीं करवाता था। वह आती भीं तो यहां किसी से बात नहीं करती थीं। तान्या बताती हैं, पहले दीदी रक्षाबंधन और भैया दूज जैसे त्योहारों पर आती थीं, लेकिन बाद में नहीं। जीजा चेतन पर कर्जा हो गया था, वह बचने लगे थे। किसी से कोई बात नहीं करते थे। मास्क लगाकर ही निकलते थे। बच्चियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था, जीजा ने दूसरे स्कूल में उनका नाम भी नहीं लिखवाया। इनके घर में बाकी क्या चलता था, ये मुझे नहीं पता। फिलहाल इस पूरे मामले में अब स्थिति उलझती जा रही है। तीन बच्चियों की दोनों माएं उस रात रोते और पति को गालियां देती नजर आई थीं, हालांकि इसके बाद वह बाहर नहीं आईं। चेतन मीडिया से अब न बात कर रहे और न ही किसी को बात करने दे रहे हैं। पुलिस के अधिकारी बीच-बीच में जाते हैं और बयान नोट कर रहे हैं। उनके कई सवालों के जवाब अब तक नहीं मिल पाए हैं। ----------------------------ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में 3 बहनें कूदीं या धक्का दिया गया?:पिता ने 2 बातें बताईं; अपार्टमेंट की महिला बोली- बच्चियों की माएं गाली दे रही थीं गाजियाबाद में 3 फरवरी की रात 3 बहनों ने सुसाइड किया। एक तरफ, 8 पन्नों के सुसाइड नोट से उनके कोरियाई कल्चर में पूरी तरह से ढल जाने का खुलासा हुआ। दूसरी तरफ, पिता चेतन सुसाइड की वजह बदलते रहे। पहले कहा- कोरियन गेम की टास्क के आखिरी पड़ाव में सुसाइड कर लिया। फिर कहा- बेटियां दिनभर कोरियन मूवी, रील्स देखती थीं। मोबाइल छीन लिया था, कहा था कि सुधरी नहीं तो तुम्हारी शादी करवा दूंगा। पढ़ें पूरी खबर
यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी कर नई टीम भी उतार सकती है। करीब 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं। नए सामाजिक समीकरणों के साथ करीब 15 विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। भाजपा की रणनीति क्या है। किन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। गुजरात मॉडल क्या है, यहां अपनाने की जरूरत क्यों पड़ रही? पढ़िए खास खबर… पहले जानिए योगी मंत्रिमंडल में अभी क्या स्थिति? योगी सरकार में अभी सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित कुल 21 कैबिनेट, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्यमंत्री हैं। योगी सरकार 2.0 का पहला मंत्रिमंडल विस्तार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। इसमें सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, रालोद से अनिल कुमार, भाजपा के सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को मंत्री बनाया गया था। सरकार में अभी 54 मंत्री हैं, अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इस लिहाज से अभी छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं। 14 दिसंबर 2025 को पंकज चौधरी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। हाल ही में नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब यूपी मंत्रिमंडल विस्तार जल्द हो सकता है। जानिए बदलाव की जरूरत क्यों? 1- नए चेहरों को जगह- लीडरशिप तैयार करना पार्टी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय टीम में एक वर्ग चाहता है कि यूपी में मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया जाए। करीब 50 फीसदी तक मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह संगठन और विधायकों में से नए चेहरों को जगह दी जाए। मौजूदा मंत्रियों को एक साल तक फील्ड में भेजकर चुनाव लड़ने और चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। सरकार में नए चेहरे आने से सामाजिक समीकरण ठीक होगा, नए मंत्री पूरे उत्साह के साथ काम करेंगे। वहीं, मौजूदा मंत्रियों को लेकर संगठन और फील्ड की नाराजगी दूर होगी। सरकार में भी एक नई लीडरशिप तैयार होगी। हालांकि इससे इतर राय ये भी है कि चुनावी साल में जाने से पहले मंत्रिमंडल में ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहिए। छोटा बदलाव करना चाहिए। मंत्रियों को हटाने की जगह उनके विभाग बदलने चाहिए। खाली पदों पर नए चेहरों को शामिल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि मंत्रियों को हटाने से वह टिकट कटने की आशंका से सपा में भी शामिल हो सकते हैं। 2- जनता की नाराजगी दूर करना योगी सरकार के मंत्रियों को लेकर कई शिकायतें आम हैं। प्रदेश से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक विधायक, आरएसएस और भाजपा नेताओं के जरिए यह शिकायतें पहुंचती हैं। आरएसएस की ओर से की जा रही समन्वय बैठकों में भी मंत्रियों की नाकामी का फीडबैक मिलता है। जानिए गुजरात मॉडल क्या, यूपी में क्यों जरूरत? गुजरात में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले 16 मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया था। सीएम भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय नेतृत्व से रायशुमारी कर अपनी पसंद से नया मंत्रिमंडल बनाया। इसमें 26 मंत्री बनाए गए, 19 नए चेहरों को जगह दी गई। गुजरात में इसका फायदा मिला था। तब भाजपा ने 182 में से 156 सीटें जीती थीं। राजनीति के जानकार मानते हैं कि बड़ी संख्या में मंत्रियों को हटाकर नए नेताओं को शामिल करना एक तरह का राजनीतिक रीसेट है, ताकि जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को संतुलित किया जा सके और लोगों के बीच सरकार की नई छवि बनाई जा सके। इससे मौजूदा मंत्रियों के खिलाफ पैदा हुई नाराजगी का असर कम करने की कोशिश होती है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि यूपी में भी गुजरात मॉडल की तर्ज पर कुछ नए चेहरों को जगह देकर जनता की नाराजगी से बचा जा सकता है। पार्टी कुछ नए चेहरों के साथ चुनाव में जाएगी तो फायदा मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार वीरेंद्र नाथ भट्ट का कहना है कि कई मंत्रियों के कामकाज से जनता, कार्यकर्ता, सरकार और संघ संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे मंत्रियों को हटाया जा सकता है। वहीं, संगठन सरकार में कुछ नए चेहरों को जगह देकर सरकार संदेश देना चाहेगी कि जो काम करेगा वही आगे बढ़ेगा। सपा के बागियों को भी मिल सकती है जगह मंत्रिमंडल विस्तार में सपा से बगावत कर भाजपा का दामन थाने वाले सात विधायकों में से कुछ को जगह मिल सकती है। ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय या गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है। मनोज पांडेय के बेटे का एक ऑडियो भी गत दिनों वायरल हुआ है जिसमें वह कर रहे हैं कि पिता जी जल्द मंत्री बनने वाले हैं। पूजा पाल को भी मंत्री बनाकर सरकार सपा के खिलाफ महिला चेहरा तैयार कर सकती है। हालांकि पार्टी के बड़े पदाधिकारी इसकी संभावना कम जताते हैं। तो कब हो सकता है विस्तार, 2 संभावनाएं जानकार मानते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार की 2 संभावनाएं हैं। पहली- होली तक। दूसरी- यदि होली तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ तो फिर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार होगा। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन बिहार चुनाव परिणाम के बाद ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हुई। हालांकि वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा बड़े संभावित बदलाव से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार फरवरी या मार्च तक होना है। जो पांच छह सीटें खाली हैं, उन्हीं पर कुछ पुराने और नए चेहरों को मंत्री बनाया जाएगा। उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति में भाजपा, मंत्रिमंडल में ज्यादा बड़ा बदलाव करने या मंत्रियों को हटाने की स्थिति में नहीं है। यदि मंत्रियों को हटाया गया तो फिर सीएम और डिप्टी सीएम को भी हटाना होगा। ऐसा जोखिम लेने की स्थिति में भाजपा नहीं है। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार होना है, यह तय है। ज्यादा बदलाव न हुआ तो भी एक जाट-एक ब्राह्मण मंत्री बनेगा राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ज्यादा फेरबदल नहीं हुआ तो भी मंत्रिमंडल में एक जाट और एक ब्राह्मण मंत्री को जगह मिलना तय है। योगी सरकार में अभी गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और राज्यमंत्री केपी मलिक जाट समाज से हैं। भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने 2022 में पार्टी की कमान संभालने के बाद कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। भूपेंद्र चौधरी के इस्तीफे के बाद से जाट कोटे की एक सीट खाली है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्रा दयालु, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और रजनी तिवारी भी मंत्री हैं। वहीं, पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बनाए गए। जितिन के इस्तीफे के बाद से ब्राह्मण कोटे का भी एक पद खाली है। जानकार मानते हैं कि यूं तो जाट वोट बैंक के लिए भाजपा ने रालोद से गठबंधन किया है। लेकिन कैबिनेट में मूल कैडर का कोई जाट नेता नहीं है। ऐसे में जाट समाज से एक मंत्री बनाया जाना तय है, इसमें भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे आगे है। वहीं, ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा, देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी विजय बहादुर पाठक सहित अन्य भी दावेदार हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दिसंबर में ब्राह्मण विधायकों की बैठक में सरकार, संगठन और आरएसएस में उनकी सुनवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने चेतावनी जारी की। तब से ब्राह्मण समाज में नाराजगी है। ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने और डैमेज कंट्रोल के लिए समाज के किसी एक विधायक या एमएलसी को मंत्री बनाया जाना तय है। मंत्रिमंडल में अभी क्षत्रिय समाज और ब्राह्मण समाज से सात-सात मंत्री हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... UP में UGC ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किलें:हिंदू वोट बैंक बंटा, 2027 चुनाव में हो सकता है नुकसान हिंदू वोट बैंक को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने के लिए सीएम योगी ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ का नारा दिया। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने नारा दिया ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे।’ पिछले डेढ़ साल से पार्टी जाति की जगह धर्म के नाम पर वोटरों को जोड़ने की कोशिश कर रही थी, लेकिन यूजीसी के नए नियमों ने इस रणनीति को झटका दे दिया। अब हिंदू वोट बैंक फिर से जातियों में बंटने लगा है। पढ़ें पूरी खबर
गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत की असली वजह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने फ्लैट नंबर 907 में 5 घंटे बिताए। जिस पूजा के कमरे से तीनों बच्चियों ने छलांग लगाई थी, उसकी खिड़की खोलकर प्लास्टिक का स्टूल रखा गया। यह देखा गया कि क्या दो या तीन बच्चियां एक साथ इस खिड़की के अंदर खड़ी हो सकती हैं? छानबीन के बाद सामने आया तकनीकी रूप से इस खिड़की से एक साथ 2 बच्चे कूद ही नहीं सकते हैं। इस फैक्ट के सामने आने के बाद चेतन कुमार से लंबी पूछताछ हुई। उन्होंने अपनी शादियों की जो कहानी पुलिस के सामने रखी, उसकी कड़ियां आपस में जुड़ती नहीं दिखीं। सामने आया कि बच्चा नहीं होने से दूसरी शादी की कहानी के सारे फैक्ट सही नहीं हैं। अब इसकी छानबीन पुलिस कर रही है। बता दें कि 3 फरवरी की रात 2 बजे भारत सिटी सोसाइटी के टावर बी-1 की 9वीं मंजिल से 3 लड़कियों की नीचे गिरने से मौत हो गई। कमरे से मिली पॉकेट डायरी के 8 पन्नों से सामने आया कि लड़कियां कोरियन कल्चर को पसंद कर रही थीं। उनके मोबाइल छीन लिए गए थे, इससे वो परेशान थीं। 4 दिन की पुलिस जांच में क्या नए फैक्ट सामने आए? ये इस रिपोर्ट में पढ़िए… बच्चा नहीं होने पर 2013 में हीना से शादी, तो निशिका 16 साल की कैसे भारत सिटी सोसाइटी कैंपस में लगे CCTV में रात 2.03 बजे चेतन, उनकी पत्नियां सुजाता, हीना और साली टीना नीचे जाते हुए दिखे हैं। पुलिस 3 फरवरी की रात में चेतन और उनके परिवार की लोकेशन को भी समझती रही। जैसे- कौन किस कमरे में सोया हुआ था। 3 कमरों के फ्लैट में चेतन अपनी 2 पत्नियों और साली के साथ सो रहे थे। साथ में उनका बेटा और सबसे छोटी बेटी देबू भी थी। पुलिस समझने की कोशिश करती रही कि कैसे उन्हें बगल के कमरे में बच्चियों की इस हरकत का पता नहीं चला। चेतन कुमार ने जो बयान पुलिस को दिए, उसके मुताबिक वो दिल्ली के खजूरी इलाके का रहने वाले हैं। 2006 में सुजाता से उसकी शादी हुई थी। दरअसल, चेतन के पिता और सुजाता के पिता टैक्सी चलाते थे, इसलिए उनका परिचय था। कुछ महीने बाद ही चेतन परिवार से अलग होकर गाजियाबाद में शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने बताया, 2009 तक जब उन्हें बच्चा नहीं हुआ, तब अपनी सुजाता की सहमति से उन्होंने उनकी बहन यानी अपनी साली हीना से दूसरी शादी कर ली थी। क्या टीना हकीकत में चेतन की रिश्ते की साली है, इसका ठीक-ठीक जवाब चेतन नहीं दे सके, उन्होंने पहले बताया कि छोटी बेटी देबू हिना से हुई थी। जबकि बाद में सामने आया कि टीना से उन्होंने कोर्ट मैरिज की है, देबू टीना से उनकी औलाद है। चेतन ने कहा- 10 लाख ट्रेडिंग में नुकसान, 10 लाख का कर्जा छानबीन में ये भी सामने आया कि चेतन कुमार 4 भाई हैं, 2 भाई शालीमार सिटी और एक दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। माता-पिता की मौत हो चुकी है। दिल्ली के खजूरी में पिता के नाम पर 700 और 70 गज के दो प्लॉट हैं। इस डिटेल के सामने आने के बाद पुलिस ने चेतन से शेयर ट्रेडिंग में हुए 2 करोड़ रुपए के घाटे पर सवाल पूछे। चेतन ने पुलिस को बताया कि शेयर ट्रेडिंग में हुए नुकसान की वजह से 10 लाख रुपए का कर्ज हुआ, बाकी 10 लाख रुपए घर की जरूरतों के लिए उधार लिए थे। छोटी बहन के जरिए होती थी कोरियन दोस्तों से बातसुसाइड वाले कमरे पर मिले 8 पेज के सुसाइड नोट में लिखा है कि सभी बहनें अपनी सबसे छोटी बहन के जरिए कोरियन दोस्तों से बात करती थीं। अभी तक ये सामने नहीं आया कि तीनों बहनों ने किस तरह के कोरियन दोस्त बनाए थे। किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से बातचीत हो रही थी। निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के पास जो मोबाइल थे, वो चेतन छीनकर बेच चुके हैं। एक मोबाइल निशिका के पास था, दूसरा प्राची यूज करती थी। एक मोबाइल 3 महीने पहले बेचा गया, जबकि दूसरा मोबाइल 10 दिन पहले बेचा गया था। मां के मोबाइल में कोई कोरियन डेटा नहीं मिला इसके बाद तीनों बच्चियों के पास उनकी मां सुजाता का मोबाइल था। यही मोबाइल सुसाइड वाले कमरे से मिला था। पुलिस को इस मोबाइल की जांच में कोई कोरियन ऐप या गेम नहीं मिला है। इस फोन की मदद से ऑनलाइन कोरियन प्लेटफार्म से कोई जुड़ाव भी नहीं मिला है। अब पुलिस IMEI नंबर की मदद से इन मोबाइल को ट्रेस कर रही है, ताकि इनके पूरे डेटा को रिकवर करके कोरियर टच का पता किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बेचे गए दोनों मोबाइल फोन का IMEI नंबर सर्विलांस टीम ट्रेस कर रही है। ये फोन मिलते ही मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। टूट गई थीं सभी पसलियां, अंदरूनी अंग फटेतीनों बहनें करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी सभी पसलियां टूट गई थीं। साथ ही दिल, लिवर, फेफड़े, गुर्दे सहित सभी अंदरूनी अंग फट गए थे। पोस्टमार्टम करने वाले एक डॉक्टर ने कहा कि इतनी ऊंचाई से गिरकर घायल व्यक्ति के बचने की संभावना सिर्फ 50% होती है। किसी भी लड़की के शरीर पर पुराना या चोट वाला कोई निशान नहीं मिला है। बड़ी बहन निशिका ने गिरने से 2 घंटे पहले सिर्फ 50 ग्राम खाना था। इससे स्पष्ट था कि उसने लंच के बाद कुछ नहीं खाया था। प्राची और पाखी के पेट में 250 से 300 ग्राम खाना मिला था। इससे पता चला कि दोनों ने रात में खाना खाया था। पोस्टमार्टम टीम के सदस्य डॉ. अनिल विश्नोई, पोस्टमार्टम डॉ. नीरा और मोहित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज के थे। वहीं, दूसरी ओर विशेषज्ञ डॉ. संजीव ने कहा कि तीनों बहनों के लड़कियों के शरीर के अंग क्षत-विक्षत होने से अधिक मात्रा में खून से मौत हो गई। इस कारण हेमरेज होने से तीनों बहनों की मौत हो गई। सुसाइड नोट में डायरी का 1 पन्ना और दीवारों पर कुछ लिखकर बार-बार काटा गया था। उसकी तस्वीरें देखिए… DCP ने कहा- हम मोबाइल रिकवर कर रहे DCP ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने कहा- टीम कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जो भी बिंदु सामने आ रहे हैं, उन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है। घर के अंदर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया गया था, उसके भी कुछ फैक्ट सामने आए हैं। जिन मोबाइल को चेतन ने बेचा है, उन्हें रिकवर किया जा रहा है, ताकि डेटा रिकवर करके सभी तस्वीर सामने लाई जा सके। ………………… तीनों बहनों के सुसाइड से जुड़ी हुईं ये खबरें भी पढ़ें- गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे सुसाइड करने वाली बहनों के पिता ने 2 शादी कीं:साली से अफेयर, बेटियों से कहता था- मोबाइल छोड़ दो सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं 9वीं मंजिल से कूदने के बाद तीनों बहनों को ब्रेन-हैमरेज:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, गाजियाबाद में परिवार ने खुद को फ्लैट में बंद किया
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड:वोकेशनल कोर्स में छात्र बढ़े, सेंटर कम, तीन पेपरों की पारियां बदलीं
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की चित्रकला सहित तीन विषयों की परीक्षा का समय बदल दिया है। 17 और 24 फरवरी को होने वाली परीक्षाएं अब सुबह की बजाय दोपहर को दूसरी पारी में होंगी। परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों के नामांकन सामने आने के बाद बोर्ड ने यह फैसला लिया है। 10वीं के परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि 12वीं के कंप्यूटर विज्ञान, इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस की परीक्षा 17 को सुबह 8:30 से 11:45 बजे होने थी। अब दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे यानी दूसरी पारी में होगी। इसी तरह 24 को होने वाली चित्रकला की परीक्षा भी अब दूसरी पारी में ली जाएगी। जांच में 17 फरवरी को 140 और 24 को 450 से ज्यादा विद्यार्थी एनरोल मिलेबोर्ड सचिव ने बताया कि कुछ स्कूलों ने बढ़ी हुई विद्यार्थियों की क्षमता बताई थी। चेक करवाने पर पता चला कि 17 को 140 से ज्यादा विद्यार्थी एनरोल हैं। 24 को भी 450 से ज्यादा विद्यार्थी हो रहे थे। शिकायत पर बीकानेर शिक्षा विभाग ने भी अपनी 24 फरवरी की परीक्षा को आगे बढ़ाया।
10 वाला बिस्कुट कितने का जी…रील से मशहूर मेरठ के इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती पर झारखंड की महिला ने रेप की FIR दर्ज कराई है। महिला ने कहा- शादाब ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। एक साल तक बंधक बनाकर रखा। रेप किया। विरोध पर जान से मारने की धमकी देता था। शादाब को 10 साल तक की सजा हो सकती है। VIDEO में देखिए शादाब जकाती के फेमस होने से बदनाम होने तक की स्टोरी…
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नमस्कार, कल की बड़ी खबर पाकिस्तान की मस्जिद में धमाका होने की रही। हादसे में 31 लोगों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी बड़ी खबर भारत छठवीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैम्पियन बन गया है। हम आपको ये भी बताएंगे कि UP में कैसे कारोबारी ने कैंसर पीड़ित पत्नी की हत्या करवा दी। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. पाकिस्तान की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान ब्लास्ट, 31 लोगों की मौत; 169 घायल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और करीब 150 से ज्यादा लोग घायल हैं। ये आंकड़ें बढ़ सकते हैं। इस्लामाबाद में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। राष्ट्रपति बोले- ये हमला इंसानियत के खिलाफ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा, 'बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है।' इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के डिस्ट्रिक कोर्ट के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पढ़ें पूरी खबर… 2. भारत ने छठवीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता, इंग्लैंड को 100 रन से हराया भारत ने छठवीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत लिया है। टीम ने इंग्लैंड पर 100 रनों की बड़ी जीत हासिल की। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 80 बॉल पर 175 रन बनाए। उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड की ओर से सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट झटके। मैच के हाईलाइट्स: जिम्बावे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए। 412 रन का टारगेट चेज कर रही इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई। पढ़ें पूरी खबर… 3. पंजाब में AAP नेता की गोली मारकर हत्या, जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर हमला पंजाब के जालंधर में AAP नेता सतिंदर पाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुरुद्वारे के बाहर स्कूटी से आए दो शूटरों ने AAP नेता के सिर और सीने में 6 गोलियां मारीं। परिवार उन्हें अस्पताल ले गया, पर बचाया नहीं जा सका। गैंगस्टर जोगा फोलड़िवाल ने सोशल मीडिया पर मर्डर की जिम्मेदारी ली। पुलिस इसे टारगेट किलिंग मान रही है। पुलिस की शुरुआती जांच के 3 पॉइंट्स हमलावर रेकी कर रहे थे: हमलावर पहले से लकी ओबेरॉय की दिनचर्या, गाड़ी और गुरुद्वारे आने-जाने का समय जानते थे। वे पीछा करते हुए मॉडल टाउन पहुंचे और बाहर ही इंतजार करते रहे। गाड़ी में बैठने का इंतजार किया: हमलावरों ने लक्की के गुरुद्वारे से निकलकर अपनी थार में बैठने तक इंतजार किया, ताकि वह भाग न सकें और उन पर आसानी से हमला किया जा सके। पूरी प्लानिंग से टारगेट किलिंग: हमलावरों ने टारगेट मारने और उसके बाद भागने के रास्ते की योजना पहले से बना रखी थी। पढ़ें पूरी खबर... 4. UP में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर FIR, कांग्रेस बोली- BJP घूसखोर सरकार यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम को लेकर विरोध शुरू हो गया है। लखनऊ में फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायत सीएम के निर्देश पर खुद हजरतगंज कोतवाली में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने कराई है। पुलिस का कहना है कि फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति और समुदाय, खासकर ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है। डिप्टी CM बोले- टाइटल हटाने को कहा था: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस प्रकरण को लेकर भारत सरकार से फिल्म के शीर्षक को हटाने का अनुरोध किया था। भारत सरकार ने उनके अनुरोध को मानते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस टाइटल को हटाने का निर्देश जारी किया। मायावती ने कहा- ये ब्राह्मणों का अपमान: बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार से फिल्म को बैन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। वहीं, यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा है कि घूसखोर ब्राह्मण नहीं, भाजपा सरकार है। योगी सरकार में 700 से अधिक ब्राह्मणों की हत्या हो चुकी है। 5. पत्नी को कैंसर, कारोबारी ने 5 लाख में हत्या करवाई, हापुड़ में मुंह दबाकर चाकू से गला रेता हापुड़ में एक कारोबारी ने 40 साल की पत्नी की 5 लाख में हत्या करवा दी। पत्नी को कैंसर था। कारोबारी इलाज नहीं करा रहा था। इसलिए घर में अक्सर विवाद होते थे। छुटकारा पाने के लिए कारोबारी ने अपने 2 कर्मचारियों को मर्डर के लिए तैयार किया। दोनों पर 60-60 हजार की देनदारी थी। उसे माफ कर दिया। हत्या के लिए कोड वर्ड दिया- 'साड़ी के पैसे' पति ने कर्मचारियों को हत्या के बदले 5 लाख रुपए देने का वादा किया। कारोबारी ने कर्मचारियों को एक कोड वर्ड- ‘साड़ी के पैसे’ दिया था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। मौका पाकर उसने घर बुला लिया। कारोबारी ने कर्मचारियों के साथ मिलकर महिला पर हमला किया। कंबल से मुंह दबाकर गर्दन रेत दी। पढ़ें पूरी खबर… 6. मणिपुर में फिर हिंसा भड़की, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और टायर जलाए मणिपुर के चुराचांदपुर में फिर हिंसा भड़क गई है। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और टायर जलाकर सड़क जाम किया। वे कुकी समुदाय से आने वाली डिप्टी सीएम नेम्चा किपगेन का विरोध कर रहे हैं। कुकी समुदाय के कुछ लोगों का कहना है कि मैतेई से गठबंधन कर उनके साथ विश्वासघात हुआ है। महिला डिप्टी सीएम की हत्या पर इनाम: कुछ संगठनों ने डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपए इनाम देने का ऐलान किया है। वहीं, विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 10-10 लाख रुपए इनाम देने का ऐलान किया है। मणिपुर हिंसा में 260 लोगों की मौत: मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए। लगातार जारी हिंसा के बीच ही 9 फरवरी 2025 तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। पढ़ें पूरी खबर… 7. दिल्ली में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत, राहुल गांधी बोले- कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है दिल्ली में जल बोर्ड की तरफ से खोदे गए गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल भयानी की मौत हो गई। हादसे के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने तीन इंजीनियरों को सस्पेंड किया। परिवार का आरोप है कि वे रातभर 7 से 8 थानों में मदद मांगते रहे, लेकिन पुलिस ने तलाश शुरू नहीं की। अगर पुलिस समय से मदद करती तो जान बच सकती थी। राहुल गांधी बोले- कातिल सत्ता है: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। असली कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है। नोएडा में युवराज की जान चली गई। इंदौर में जहरीले पानी से लोगों की मौत हो गई, लेकिन सरकार कोई जिम्मेदारी नहीं ले रही। नोएडा में इंजीनियर की मौत हुई थी: 16 जनवरी को नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दलदल में गिरकर मौत हो गई थी। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। रेस्क्यू टीम घंटों तक मौके पर रही, लेकिन युवराज को बचा नहीं सकी। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुनिया का सबसे लंबा जंगली सांप मिला इंडोनेशिया में दुनिया का सबसे लंबा सांप मिला है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह अजगर 23 फीट 8 इंज लंबा है। आमतौर पर ऐसे जंगली सांपो की लंबाई 9 फीट से 19 फीट के बीच होती है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: ‘2030 तक भारत सहित दुनिया में 2.2 करोड़ मौतें होंगी’, इनमें 54 लाख बच्चे; अमेरिका,ब्रिटेन टाल सकते थे, क्यों रोकी मदद ग्राउंड रिपोर्ट: गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड- पिता की 2 नहीं, 3 पत्नियां: साली भी साथ रहती है; बिल्डिंग से सटकर गिरी बच्ची से सस्पेंस बढ़ा भास्कर एक्सप्लेनर: क्या गांधी परिवार ने महात्मा गांधी का सरनेम चुराया:‘ नेहरू-इंदिरा ने देशवासियों को समस्या माना’; पीएम मोदी ने कौन से 4 बड़े दावे किए बांग्लादेश से भास्कर: 'हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन काउंसिल हसीना के पालतू कुत्ते': यूनुस के एडवाइजर बोले- सेक्युलरिज्म हटेगा, शरिया नहीं आएगा; भारत हमें भूटान न समझे T20 वर्ल्डकप 2026: टूर्नामेंट के 300 खिलाड़ियों का एज एनालिसिस: भारत के 8 प्लेयर्स की उम्र 30 पार, अफगानिस्तान-नेपाल सबसे यंग टीमें शाहिद कपूर के पास कपड़े खरीदने के पैसे नहीं थे: बैकग्राउंड डांसर बने, लोगों ने कहा- हीरो मटेरियल नहीं, बॉलीवुड के सबसे सफल सितारों में शामिल करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को नौकरी में बदलाव के मौके मिलेंगे। धनु राशि वालों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
बच्चों के साथ हो रहा यौन शोषण:5 सालों में 61 से ज्यादा बच्चों के साथ स्कूलों में ही हुआ यौन शोषण
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बीते पांच सालों में 61 जगह बच्चों के साथ शिक्षकों की ओर से छेड़छाड़, दुष्कर्म, कुकर्म जैसे मामले सामने आए हैं। विधानसभा में विधायक संदीश शर्मा की ओर से पूछे तारांकित प्रश्न संख्या 1353 के जवाब में शिक्षा विभाग ने ये तथ्य विधायक पेश किए। ये आंकड़े भी 2024 के अंत तक के हैं। 2025 के मामले अभी जोड़े ही नहीं गए जिसमें चित्तौड़गढ़ जैसे चर्चित मामले इसमें शामिल नहीं हैं। दरअसल विधायक संदीप शर्मा ने जब सवाल उठाया तो पूरे प्रदेश से सूची बननी शुरू हुई कि कब कहां कितने मामले सामने आए। सदन में 56 मामलों की सूची शिक्षक के नाम, उसके पदस्थापन और उस पर लिए गए एक्शन का विवरण दिया गया। सामने आया कि इसमें एक मामला बीकानेर का भी है जबकि जो जिले केस वार बताए गए उसमें बीकानेर में मामलों की संख्या शून्य बताई गई। इसमें चित्तौड़गढ़ जैसा चर्चित मामला शामिल नहीं है जिसमें एक ही शिक्षक पर करीब 23 बच्चों ने गंदी हरकत करने का आरोप लगाया था। सरकार की ओर से दी गई जानकारी में संबंधित शिक्षकों पर लिए गए एक्शन का भी विवरण है। जिसमें 8 मामलों में तो पूरा मामला ही ड्रॉप बताया गया। 36 मामले एक्शन की प्रक्रिया में पेंडिंग हैं। 9 के आसपास शिक्षकों को सजा दी गई है। गहन पड़ताल के बाद 9 लोगों को जांच के बाद बहाल भी किया जा चुका है। दो को राज्य सेवा पदच्युत कर दिया गया। विधानसभा में जो आंकड़े रखे गए वो जून 2024 तक के हैं और अब तक इन मामलों में काफी तब्दीली इसलिए भी आने की गुंजाइश है कि एक साल में नए मामले भी सामने आ गए और पुराने मामलों का भी निस्तारण हुआ। क्योंकि विधानसभा की वेबसाइट पर तीसरे सत्र के सवाल और जवाब शो नहीं कर रहे। अभी तक दूसरे सत्र के ही जवाब आम आदमी देख सकता है। महिला शिक्षकों के लिए तो इंतजार, बच्चों के लिए क्या सरकार में महिला कर्मचारियों से कोई दुर्व्यहार ना हो इसके लिए हर विभाग, जिला और प्रदेश स्तर कमेटियां होती हैं जिसमें ज्यादातर उसकी मुखिया महिलाएं ही होती हैं मगर स्कूलों में ऐसी कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। हर सरकारी और निजी स्कूल में बाल सुरक्षा व्यवस्था जैसी कमेटियां होनी अनिवार्य हैं। हालांकि राजस्थान में इस व्यवस्था का नियम तो है जिसमें प्रिंसिपल अध्यक्ष, सीनियर टीचर, एक अभिभावक, एक काउंसर समेत अन्य सदस्य होते हैं मगर ज्यादातर स्कूलों में इसकी सालभर में कोई मीटिंग तक नहीं होती। इस कमेटी का काम है गुड टच-बैड टच के बारे में बच्चों को जानकारी देना। शिकायतकर्ता की पहचान छुपाना, उसे सुरक्षा देने जैसे नियम हैं मगर स्कूलों में इसकी पालना बहुत कम है। कायदे से हर स्कूल में एक गोपनीय पेटी होनी चाहिए जिसमें बच्चे अपने मन की बात स्कूल तक अपनी पहचान छुपाए बिना पहुंचा सके। हालांकि मामला सामने आने पर तो राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर के कानून अपने तरीके से कार्यवाही करते हैं। शिक्षा विभाग को नहीं पता कहां कमेटी नहीं बनी शिक्षा विभाग के पास अभी इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं कि कौन कौन से स्कूलों में कमेटियां नहीं बनी और जहां बनी उनकी नियमित बैठक का क्या प्रावधान है। बैठकें होती भी या नहीं। क्योंकि कुछ स्कूलों में तो प्रिंसिपल और टीचर्स का इतना खौफ होता है कि बच्चे चाहकर भी कुछ बोल नहीं पाते।
इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 33 मौतें हो चुकी हैं। खास बात यह कि शासन अब तक 21 मौतें स्वीकार चुका है, जबकि 22वीं मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग किसी भी मौत को नहीं मान रहा है। यहां तक कि कुछ मौतों के मामलों में तो बकायदा खंडन किया है कि मृतक व्यक्ति या महिला की मौत दूसरी बीमारी (कोमार्बिड) के कारण हुई है। खास बात यह कि किसी परिवार में एक नहीं बल्कि दो मौतें भी हुई हैं। अब तक 21 जो मौतें मानी गई है, उनमें से 20 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। वह भी शासन की ओर से नहीं बल्कि रेडक्रॉस सोसायटी से यानि दानदाताओं की राशि से। ऐसे में अब बाकी 13 परिवारों का सरकार से सवाल है कि आखिर हमारा कसूर क्या है। हमारे परिवार का व्यक्ति तो उल्टी-दस्त के कारण एडमिट हो गया था फिर हालत बिगड़ने पर मौत हुई है। गुरुवार रात बुजुर्ग अलगूराम यादव की अरबिंदो हॉस्पिटल में मौत हो गई थी । उन्हें उल्टी-दस्त के कारण 9 जनवरी को एडमिट किया गया था और करीब एक माह बाद मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने सफाई दी है कि वे पूर्व से ही लकवे के मरीज थे और दायी जांघ की हड्डी में भी फैक्चर हो गया था। साथ ही अन्य बीमारियां (?) भी थी। जबकि बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता 8 जनवरी तक अच्छे थे। दुखद यह कि एक माह पहले उनकी पत्नी उर्मिला की भी मौत उल्टी-दस्त के बाद हुई थी। इसेक लिए परिवार रेडक्रॉस सोसायटी से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। 19 मौतों में दी गई 2-2 लाख रुपए की सहायताहादसे में मृत अन्य लोगों को अलग-अलग दौर में 2-2 लाख की सहायता दी गई। इनमें हीरालाल, नंदलाल पाल, अव्यान साहू, अरविंद लिखार, श्रवण, सीमा, उमा, मंजूला, गोमती, जीवनलाल, गीताबाई, अशोक पंवार, संतोष बिगोलिया, शंकर भाया, सुमित्रा बाई, रामकली, हरकुंवर बाई और भगवानदास के परिवार को रेडक्रॉस सोसायटी से 2-2 लाख रु. की सहायता दी गई। इन मौतों का तो सिरे से खंडन21 मौतों के बाद तो प्रशासन ने किसी मौत को दूषित पानी से होना ही नहीं माना। चौंकाने वाली बात यह कि कुछ मौतों जैसे सुभद्रा बाई पंवार, हेमंत गायकवाड, एकनाथ सूर्यवंशी आदि की मौत को दूषित पानी से सीधे इनकार किया। दूसरी ओर जीबीएस जैसी गंभीर बीमारी से एक माह से अधिक समय से एडमिट रही पार्वती बाई की बीमारी से साफ इनकार किया गया। वह तो अभी भी एडमिट ही है। कांग्रेस ने 18 मौतों में दी डेढ़-डेढ़ लाख की मददउधर, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भागीरथपुरा आए थे तो उन्होंने कांग्रेस की ओर से 18 पीड़ित परिवार को एक-एक लाख रु. और नेता प्रतिपक्ष ने 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी थी। फिर तीन दिन पहले कांग्रेस ने इन पीड़ित परिवारों के साथ धरना-प्रदर्शन किया था। इसमें कई परिवारों ने बताया था कि उन्हें अब तक प्रशासन-सहायता राशि नहीं मिली। मामले में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इनके सहित सभी पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग सरकार से की। अब मांग पूरी नहीं होने पर अगले हफ्ते से चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी है। पहले इन 15 लोगों की बताई दूषित पानी से मौतहाई कोर्ट में अलग-अलग दौर में जो सुनवाई चली। इस दौरान जब 24 मौतें हो चुकी थी तो तब शासन ने 21 मौतों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। इनमें 15 मौत दूषित पानी से होना बताई थी। इनके नाम उर्मिला (60), ताराबाई (65), नंदलाल (70), हीरालाल (65), अरविंद लिखार (43), अव्यान (5 माह), मंजूला (65), गीताबाई (64), उमा कोरी (31), गोमती, श्रवण (80), सीमा (40), जीवनलाल (80), रामकली (47) और हरकुंवर बाई (81) थे। बाकी 6 और कौन है इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है। कोर्ट ने डेथ ऑडिट रिपोर्ट को बताया था ‘आई-वॉश’पिछली सुनवाई में शासन की ओर से 21 मौतों का जिक्र किया था, लेकिन रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी। इस पर कोर्ट ने शासन की डेथ ऑडिट रिपोर्ट को 'आई-वॉश' बताते हुए मौतों के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे और जांच के लिए रिटायर्ड जज सुशील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कमेटी गठित की। कोर्ट ने क्षेत्र में स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और 4 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इसमें अब 5 मार्च को सुनवाई हो चुकी है जबकि 6 फरवरी तक 33 मौतें हो चुकी है। अब तक 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। अभी तीन मरीज एडमिट हैं। प्रदेश के मुखिया ने कही थी यह बड़ी बातउधर, प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे को लेकर शुरुआती दौर में बयान दिया था कि घटना में आहत हर परिवार के साथ सरकार उनके साथ है। अभी मौत कैसे हुई है यह प्राथमिकता नहीं है, लेकिन जिस परिवार ने अपनों को खोया है उनकी मदद की जा रही है। साथ ही इलाज भी फ्री कराया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर 13 मृतकों के परिवारों को अभी कुछ भी मदद नहीं मिली है, क्योंकि उनकी मौत को दूषित पानी से होना माना ही नहीं गया है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी ने चार बेटियों का पिता छीना इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के चलते चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। घर के कमाने वाले मुखिया की तबीयत दूषित पानी के कारण बिगड़ी और कुछ ही दिनों में उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता की मौत के बाद परिवार के सामने सवाल है- अब क्या होगा...? हेमंत गायकवाड़ (50) की मंगलवार (20 जनवरी) रात को अस्पताल में मौत हो गई।पूरी खबर पढ़ें
राज्य के जेलों में 92 पुरुष और महिला नर्सों की प्रतिनियुक्ति का किया अनुरोध
राज्य के विभिन्न काराओं में पुरुष नर्स एवं महिला नर्सों की भारी कमी है। जेल आईजी के पत्र के बाद गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को महिला एवं पुरुष नर्सो की प्रतिनियुक्ति को लेकर अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि आईजी जेल की ओर से पुरुष नर्स के कुल 63 एवं महिला नर्स के कुल 29 पदों पर जेलों में प्रतिनियुक्ति की जाए। जेल आईजी की ओर से गृह विभाग को जेल मैनुअल 2025 के आलोक में वर्तमान में राज्य के काराओं में बंद महिला एवं पुरुष बंदियों के संख्या के आधार पर पुरुष एवं महिला नर्स की प्रतिनियुक्ति करने से संबंधित सूची भेजी है। अनुरोध किया गया है कि जेल में बंद कैदियों के समुचित इलाज के लिए पुरुष नर्स एवं महिला नर्स की प्रतिनियुक्ति को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। झारखंड राज्य में केवल क्रमश: बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार रांची में पुरुष नर्स का स्वीकृत पद 30 एवं महिला नर्स के 5 पद, केंद्रीय कारा घाघीडीह जमशेदपुर में पुरुष नर्स के 5 एवं महिला नर्स के 3 पद स्वीकृत है। बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल होटवार रांची में पुरुष व महिला के कुल 35 पद सृजित हैं। इनमें पुरुष के 30 वह महिला के 5 पद हैं। जबकि दस कार्यरत हैं। इनमें 06 पुरुष एवं 4 महिला नर्स शामिल हैं। सेंट्रल जेल घाघीडीह में 8 पुरुष एवं 3 महिला नर्स का पद सृजित है। इनमें 3 पुरुष नर्स और 1 महिला नर्स कार्यरत हैं। जेल आईजी द्वारा जो सूची गृह विभाग को भेजा गई है। उसमें विभिन्न जेलों के लिए 63 पुरुष एएनएम और 29 महिला एएनएम की आवश्यकता बताई गई है। इसमें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के लिए 2 पुरुष एएनएम, सेंटल जेल घाघीडीह के लिए 3 पुरुष और 1 महिला एएनम की जरूरत बताई गई है। जेपी कारा हजारीबाग के लिए 3 पुरुष व एक महिला एएनएम, सेंट्रल जेल दुमका के लिए 3 पुरुष एवं एक महिला एएनएम, सेंट्रल जेल मेदिनीनगर के लिए एक पुरुष एएनएम, मंडल जेल चाईबासा के लिए 1 पुरुष व 1 महिला एएनएम की आवश्यकता बताई गई है।
रांची मेयर की कुर्सी के दंगल में 11 और बुंडू नगर पंचायत अध्यक्ष के 7 दावेदारों में होगा मुकाबला
रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत के चुनाव के लिए शुक्रवार को नाम वापसी का समय समाप्त होने के साथ प्रत्याशियों की सूची फाइनल हो गई है। अंतिम दिन रांची में मेयर पद के लिए नामांकन भरने वाले 19 में 8 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया। अब रांची के मेयर की कुर्सी के लिए कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बच गए हैं। वहीं, बुंडू नगर पंचायत के चुनाव में कुल 7 दावेदार चुनाव मैदान में बचे हैं। अब इनके बीच ही मुकाबला होगा। शनिवार को चुनाव चिन्ह का वितरण किया जाएगा। इसके बाद चुनाव प्रचार भी शुरू हो जाएगा। रांची मेयर के लिए इनके बीच होगा दंगल रमा खलखो रौशनी खलखो, देवी दयाल मुंडा, सोनू खलखो, सुजाता कच्छप, सुमन कांत तिग्गा, विनोद कुमार बड़ाईक, प्रवीण कच्छप, किरण कुमारी, सुरेंद्र लिंडा, सुजीत बिजय आनंद कुजूर। वार्ड सदस्य के 14 प्रत्याशियों का पर्चा रद्द बुंडू नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए अब इनके बीच मुकाबला : घासीराम उरांव, जितेंद्र उरांव, राजेश उरांव, रितेश कुमार पातर, विजय बड़ाईक, शंकर सिंह मुंडा, श्रीकृष्ण मुंडा। प्रत्याशी वार्ड अनीता गाड़ी 3 दिवगीमनी होरो 4 दिव्या कच्छप 8 रंजना चौधरी 15 मोहम्मद शकील 16 प्रत्याशी वार्ड कुसुम देवी 18 मोहम्मद शमीम 22 पद्मा देवी 29 राकेश कु. चौधरी 38 अशोक कुमार 38 प्रत्याशी वार्ड कृष्णा दास 40 प्रवीण कच्छप 47 बुंडू नगर पंचायत सुमित्रा देवी 2 सत्यवती देवी 12
वार्ड 31-36 में कुल 61 प्रत्याशी; इनमें 12 मैट्रिक पास, 4 सिर्फ साक्षर, 5 करोड़पति भी
रांची नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। शुक्रवार को नाम वापसी के साथ अब फाइनल हो गया है कि चुनावी दंगल में कौन-कौन प्रत्याशी हैं। शनिवार को चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ प्रत्याशियों का प्रचार-प्रसार शुरू हो जाएगा। करीब 8 साल के बाद हो रहे चुनाव का जुनून ऐसा है कि गली-मुहल्लों आैर नुक्कड़ पर सिर्फ चुनाव की ही बातें हो रही है। दैनिक भास्कर ने वार्ड संख्या 31 से 36 तक के प्रत्याशियों द्वारा दिए गए एफिडेविट की स्कैनिंग की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें साक्षर से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 6 वार्ड में कुल 61 प्रत्याशी चुनावी दंगल में हैं। इसमें 28 महिलाएं आैर 33 पुरुष हैं। इसमें कुल 5 प्रत्याशी ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। इसमें दो महिलाएं भी करोड़पति हैं। 18 महिलाएं लखपति हैं। तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके पास एक रुपए नगदी नहीं है और घर-गाड़ी है। 61 में 8 प्रत्याशियों पर मारपीट, शांति भंग करने, आर्म्स एक्ट सहित अन्य मामलों में केस भी दर्ज है। इसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। महिला प्रत्याशियों के पास नगदी कम, सोना-चांदी व निवेश अधिक छह वार्ड में कुल 28 महिलाएं है। इसमें 18 लखपति हैं। महिला प्रत्याशियों द्वारा दिए गए शपथपत्र में जो आंकड़ा है, उसे देखने से साफ है कि महिलाओं के पास नगदी काफी कम है। किसी प्रत्याशी के पास मात्र 1000 रुपए नगदी है तो किसी के पास 5000 रुपए। सबसे बड़ी बात है कि वे लखपति हैं। क्योंकि महिला प्रत्याशियों के पास सोना-चांदी है। वे बचत पर अधिक फोकस करती हैं। विभिन्न फंड और इंश्योरेंस में उनका निवेश हैं। इसमें 10 महिलाएं ऐसी हैं जिनके पास चार पहिया है, लेकिन बैंक में नगदी नहीं है। छह ने लोन लिया है। 16 महिलाएं ऐसी हैं जो व्यवसाय के साथ समाजसेवा करती है। 30-40 उम्र के अधिक, 60 से अधिक वाले सबसे कम छह वार्डों के प्रत्याशियों की उम्र की बात करें तो इसमें 30 से 40 आयु वर्ग के सबसे अधिक प्रत्याशी हैं। यानि युवा प्रत्याशी चुनाव लड़ने ज्यादा आगे आ रहे हैं। 61 में कुल 24 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच हैं। वहीं, 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच हैं। मात्र 6 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी उम्र 30 वर्ष से कम हैं। इसमें सबसे कम उम्र की प्रत्याशी प्रिया सिंह हैं, जो 27 वर्ष की हैं। जबकि, सबसे अधिक उम्र के ललन प्रसाद सिंह हैं जिनकी उम्र 71 वर्ष है। वार्ड 34 में सबसे अधिक 24, वार्ड 35 में सबसे कम दावेदार वार्ड नंबर 31 से 36 के बीच सबसे अधिक 24 प्रत्याशी वार्ड संख्या 34 में आैर सबसे कम मात्र 3 प्रत्याशी वार्ड संख्या 35 में हैं। वहीं, वार्ड 31 में 9, वार्ड 32 में 16 , वार्ड 33 में 5 आैर वार्ड 36 में कुल 4 प्रत्याशी हैं। सबसे अधिक 19 स्नातक, कई ने पढ़ा है कानून छह वार्डों के 61 प्रत्याशियों में पढ़े लिखे प्रत्याशियों की संख्या अधिक है। कुल 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जो स्नातक हैं। इनमंें से किसी ने हिंदी तो किसी ने इतिहास विषय में स्नातक की डिग्री ली है। वहीं, 16 प्रत्याशी इंटर आैर 12 मैट्रिक पास हैं। जबकि, 4 प्रत्याशी ऐसे हैं जो साक्षर हैं। इसमें दूसरी पास से आठवीं पास तक के प्रत्याशी शामिल हैं। इन सबके बीच कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्होंने कानून की पढ़ाई की है। पुरुष प्रत्याशियों में अधिकतर ने अपना पेशा निजी व्यवसाय बताया है। आमने-सामनेवार्ड 34: भाजपा नेता सह तीन दोस्त एक-दूसरे को देंगे टक्कर हरेक वार्ड के प्रत्याशी अब हित-रिश्तेदारों को साधने के साथ मतदाताओं को लुभाने के लिए हर कदम उठाने की तैयारी में जुट गए हैं। हरेक वार्ड का मुकाबला रोचक होने जा रहा हैं। लेकिन सबसे अधिक रोचक मुकाबला वार्ड 34 में होगा। क्योंकि, विद्यानगर,यमुना नगर-गंगा नगर,करम चौक सहित अन्य स्लम मुहल्लों से जुड़े इस वार्ड में कुल 24 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें सबसे बड़ी बात है कि तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जो भाजपा के कट्टर कार्यकर्ता के साथ घनिष्ठ मित्र थे। लेकिन वार्ड आरक्षण की वजह से वार्ड 26 के पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा, वार्ड 27 के पूर्व पार्षद आेमप्रकाश वार्ड 34 से ही चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि, इस वार्ड के िनवर्तमान पार्षद विनोद सिंह भी इसी वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इस वार्ड से तीनों दोस्त आमने-सामने होंगे। इसके अलावा इन्हें चुनौती देने इस बार 7 महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। इससे वार्ड का मुकाबला रोचक होगा। वार्ड संख्या 35 आैर 36 महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड है। इसलिए इन दोनों वार्ड में महिलाओं के बीच ही मुकाबला होगा। वार्ड 35 में मात्र 3 आैर वार्ड 36 में 4 प्रत्याशी मैदान में हैं। ये भी एक-दूसरे को जानती हैं।
मैट्रिक के छात्र को हिरासत में रखने के मामले में डीएसपी-थानेदार तलब
रांची| झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को मैट्रिक के छात्र को अवैध रूप से हिरासत में रखने से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद एवं एके. राय की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। अदालत ने चतरा के डीएसपी, लावालौंग और टंडवा के थाना प्रभारी को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया। इससे पूर्व पहली पाली में सुनवाई के दौरान अदालत ने चतरा डीएसपी और लावालौंग व टंडवा के थाना प्रभारी को कोर्ट रूम में बैठा लिया था और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए थे। अदालत ने पुलिस पदाधिकारियों से पूछा था कि 26-27 की रात दो बजे बच्चों को क्यों घर से उठाया गया, पूछताछ के बाद बच्चों को तुरंत क्यों नहीं छोड़ा गया, 10 दिन तक क्यों अवैध रूप से हिरासत में रखा गया? सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश पर चतरा एसपी ऑनलाइन अदालत में हाजिर हुए। एसपी ने अदालत को मामले से संबंधित केस डायरी को पढ़कर सुनाया। केस डायरी में उन बच्चों से 27 और 30 जनवरी को हुई पूछताछ के बारे में जिक्र मिला, इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान अनुसंधानकर्ता को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कांके डैम कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की जांच, नौ भवन चिह्नित, संबंधित मालिकों को जारी होगा नोटिस
सिटी रिपोर्टर|रांची रांची नगर निगम ने जलाशयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को वार्ड नंबर एक स्थित कांके डैम के कैचमेंट एरिया का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सीएमपीडीआई गेट के विपरीत मार्ग के समीप किया गया, जिसमें वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया। टीम का नेतृत्व अपर प्रशासक ने किया। निरीक्षण के दौरान कैचमेंट एरिया में अवैध रूप से निर्मित नौ भवन पाए गए, जिन्हें निगम की टीम ने चिन्हित किया। अपर प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए, ताकि वे अपने वैध दस्तावेज निगम के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि निर्माण अवैध पाया जाता है, तो भवन मालिकों को स्वयं भवन खाली करने का निर्देश दिया जाएगा तथा अवैध संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कैचमेंट एरिया में सीमांकन एवं अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए निगम की भू-संपदा टीम द्वारा मापी भी की गई। अपर प्रशासक ने चेतावनी देते हुए कहा कि शहर के किसी भी जलाशय में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जलाशयों की सुरक्षा को लेकर निगम का जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान नगर प्रबंधक सहित भू-संपदा शाखा एवं इनफोर्समेंट टीम के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। रांची| रांची नगर निगम ने अपने राजस्व को बढ़ाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को नगर निगम के उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू की अध्यक्षता में राजस्व शाखा एवं कर संग्रहण एजेंसी की बैठक हुई। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी वार्डों में असेसमेंट कर बकाएदारों से कर वसूली कर रोजाना लक्ष्य पूरा करें। बड़े बकाएदार, जो भुगतान नहीं कर रहे, उनके विरुद्ध नगरपालिका अधिनियम, के तहत कानूनी कार्रवाई करें। अच्छे प्लान एवं रणनीति से चालू वित्तीय वर्ष के 100 करोड़ रुपए के राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करें। एजेंसी के प्रतिनिधी निगम क्षेत्र की सभी अंडर असेसड प्रॉपर्टी के भवनों का पूरा असेसमेंट करें। वार्डों में कैंप लगा कर होल्डिंग टैक्स के आवेदन प्राप्त करें। मौके पर सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक, निगम के कर संग्रहकर्ता, श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स के प्रतिनिधि समेत राजस्व शाखा के कर्मी मौजूद थे।
पंजाब सरकार ने राज्य में न्यूनतम वेतन (डीसी रेट) लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। नए रेट के हिसाब से सरकारी विभागों में आउट सोर्स कर्मचारियों व प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। लुधियाना समेत पंजाब भर के अलग-अलग जिलों ने डीसी रेट सितंबर 2025 में रिवाइज्ड कर दिए थे लेकिन उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया था। सरकार ने एक सितंबर 2025 से नए डीसी रेट लागू करने को कहा है। इसका फायदा राज्य के लाखों कर्मचारियों को होगा। सरकार ने सभी विभागों को कहा है कि आउट सोर्स और डीसी रेट पर काम करने वाले कर्मचारियों को सितंबर से लेकर अब तक का एरियर भी दिया जाए। यही नहीं प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वालों को भी सरकार के डीसी रेट का पालन करना जरूरी होगा। ₹336 से लेकर ₹439 प्रति माह तक का इजाफा हुआ नई डीसी रेट के अनुसार, महंगाई भत्ते में वृद्धि के चलते कर्मचारियों के वेतन में ₹336 से लेकर ₹439 प्रति माह तक का इजाफा हुआ है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि ये दरें 1 सितंबर 2025 से बैकडेट से लागू की गई हैं, जिससे श्रमिकों को पिछले महीनों का एरियर (बकाया) भी मिलेगा। वेतन में कितना आया बदलाव? पंजाब सरकार ने पहले एक मार्च 2025 को डीसी रेट लागू किए थे जिन्हें एक सितंबर 2025 को फिर से रिवाइज्ड किया गया। एक मार्च को अनस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन 11389 रुपए था जो कि अब 11726 रुपए हो गया। इसी तरह सेमिस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन पहले 12169 रुपए था जो कि बढ़कर 12506 रुपए हो गया। स्किल्ड कर्मचारी का वेतन 13066 रुपए से बढ़कर 13403 रुपए हो गया। इसी तरह हाई स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन 14098 से बढ़कर 14435 रुपए कर दिया गया है। सरकारी आउटसोर्सिंग स्टाफ को बड़ा फायदा सरकारी विभागों और बोर्डों में काम करने वाले आउट सोर्स स्टाफ के वेतन में भी बढ़ोत्तरी हुई है। कैटेगरी-ए के कर्मचारियों का वेतन ₹16,559.64 से बढ़कर ₹16,896.40, कैटेगरी-बी कर्मचारियों का वेतन ₹14,889.64 से बढ़कर ₹15,226.40, कैटेगरी-सी कर्मचारियों का ₹13,389.64 से बढ़कर ₹13,726.40 और कैटेगरी-डी कर्मचारियों का ₹12,189.64 से बढ़कर ₹12,526.40 कर दिया है। कृषि और ईंट-भट्टा श्रमिकों को भी राहत खेतीबाड़ी से जुड़े अकुशल श्रमिकों के वार्षिक वेतन में ₹2,020.56 की सीधी बढ़ोतरी हुई है। पहले यह वार्षिक वेतन ₹77,086.64 था, जिसे अब बढ़ाकर ₹79,107.20 कर दिया गया है। इसी तरह ईंट-भट्टा मजदूरों के पीस रेट (प्रति 1000 ईंट) में लगभग ₹28 की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन की चेतावनी, दरें लागू न करने पर होगी कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारियों को इन निर्धारित दरों से कम वेतन नहीं दे सकता। सभी निजी और सरकारी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संशोधित दरों के अनुसार ही भुगतान करें। यदि कोई संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता है या साप्ताहिक छुट्टी नहीं देता, तो उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रात में भी सुगम यातायात का बन रहा प्लान, पर दिन में ही नो पार्किंग में लग रहीं गाड़ियां
शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर एसएसपी राकेश रंजन ने शुक्रवार को ट्रैफिक एसपी, ग्रामीण एसपी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ट्रैफिक जाम रहने के कारणों के अलावा देर रात में भी वाहन सवारों को सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्लान तैयार किया गया। लेकिन, इधर दिन में ही ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त दिखी। शहर की सभी मुख्य सड़कों पर जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस की कार्यशाली भी सवालों के घेरे में रही। नो पार्किंग जोन में पुलिसवालों के सामने गाड़ियां खड़ी हो रही थीं और ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक दिखी। इस बाबत दैनिक भास्कर ने शहर की प्रमुख सड़कों की पड़ताल की तो स्टेशन रोड, कचहरी चौक, शहीद चौक समेत मेन रोड में भी इस इस तरह की अव्यवस्था का आलम दिखा। शहर में ट्रैफिक नियमों की खुल आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़क किनारे नो पार्किंग जोन में कहीं कार तो कहीं बाइक व स्कूटी खड़ी कर लोग खरीदारी करने जा रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी । {सड़के संकरी होने से वाहन सवार को आने-जाने में होती है परेशानी {अक्सर बनी रहती है दुर्घटना होने की संभावना { अक्सर उत्पन्न हो रही है जाम की स्थिति { निर्धारित समय पर गंतब्य तक नहीं पहुंच पा रहे वाहन सवार लोगों को जागरूक करने से िस्थति सुधरेगी : प्रफुल्ल राष्ट्रीय यातायात विशेषज्ञ प्रफुल्ल जोशी ने कहा कि नो पार्किंग का साइन बोर्ड लगे स्थान पर गाड़ियों की पार्किंग होना गंभीर विषय है। यह स्पष्ट रूप से ट्रैफिक नियमों की अवहेलना है। ट्रैफिक पुलिस की नजरों के सामने यह हो रहा है तो और भी गंभीर विषय है। वाहन सवार को जागरूक कर इसे रोका जा सकता है। नो पार्किंग जोन में नियमित रूप से एनाउंसमेंट की व्यवस्था हो तो स्थिति में काफी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 21 मरीजों को आर्थिक सहायता
आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अनियमितता के मामले में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने हजारीबाग स्थित एचजेडबी फोर्ड एंड ऑर्थो केयर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की है। तय समय पर शो-कॉज का जवाब नहीं देने पर अस्पताल को योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रस्तुत एनालाइसिस रिपोर्ट में अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। इस पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने अस्पताल को 20 सितंबर 2024, 30 मई 2025 और 23 सितंबर 2025 को अस्पताल के अधिकृत ई-मेल आईडी पर पत्र भेजा। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर रिमाइंडर भी भेजा गया। बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अस्पताल को योजना से निलंबित करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, निलंबन अवधि के दौरान निर्देश दिया गया है कि वर्तमान में भर्ती आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी मरीजों को डिस्चार्ज होने तक निरंतर और सामान्य उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, निलंबन अवधि में भी अस्पताल में पाई गई अनियमितताओं की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। रांची| राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत गंभीर रोगों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 24 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 21 मरीजों को चिकित्सीय सहायता राशि स्वीकृत की गई। इन सभी मरीजों को 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। मरीजों का इलाज रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित वेल्लोर, वाराणसी के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में कराया जा रहा है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि भविष्य में सभी आवेदनों के साथ मरीज की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, हॉस्पीटल एस्टीमेट लेटर और सिविल सर्जन द्वारा सत्यापन जरूरी है।
तेज, सुरक्षित और कम दर्द वाले इलाज की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए सेंटर ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल केयर (CVIC) द्वारा इंदौर में 7 और 8 फरवरी को सीवीआईसी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी समिट–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक कॉन्फ्रेंस IRCAD इंडिया, अरबिंदो कैंपस, इंदौर में आयोजित होगी। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के इस प्रतिष्ठित आयोजन को ISVIR (इंडियन सोसायीटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी) का समर्थन प्राप्त है। इस समिट में देशभर से इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरो-इंटरवेंशनिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, वास्कुलर सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, एंडोवैस्कुलर विशेषज्ञ, फेलो और युवा कंसल्टेंट्स भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को नवीनतम तकनीकों, अत्याधुनिक उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि मरीजों को बड़े ऑपरेशन के बिना सुरक्षित, सटीक और बेहतर इलाज मिल सके। प्री-कॉन्फ्रेंस हैंड्स-ऑन स्किल्स लैब समिट से पहले 7 फरवरी को प्री-कॉन्फ्रेंस एडवांस एंडोवैस्कुलर हैंड्स-ऑन स्किल्स लैब आयोजित की जाएगी। इसमें तीन समानांतर वर्कशॉप हॉल में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में रोटेशनल लर्निंग के जरिए रियल-टाइम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रत्येक बैच में सीमित प्रतिभागियों को अधिकतम हैंड्स-ऑन अनुभव मिलेगा। इस विशेष वर्कशॉप की रजिस्ट्रेशन फीस ₹5,000 रखी गई है, जिसमें आवास एवं भोजन शामिल है। मध्य भारत में विश्वस्तरीय ट्रेनिंग का प्रयास सीवीआईसी इंदौर के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं समिट की ऑर्गनाइजिंग फैकल्टी सदस्य डॉ. निशांत भार्गव ने बताया कि मध्य भारत में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। बड़े शहरों में ये तकनीकें नियमित रूप से उपयोग में हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य है कि इंदौर जैसे शहरों में भी डॉक्टरों को वही विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिले। इस समिट के माध्यम से लाइव केस डिस्कशन, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और एक्सपर्ट इंटरैक्शन के जरिए डॉक्टरों को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाई जाएंगी जिससे मरीजों को कम दर्द और कम समय में बेहतर इलाज मिल सके। इलाज की परिभाषा बदल रही इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं एंडोवैस्कुलर स्पेशलिस्ट डॉ. आलोक उडिया ने कहा कि आज इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी ने इलाज की परिभाषा ही बदल दी है। स्ट्रोक, वैरिकोज़ वेन्स, ट्यूमर, प्रोस्टेट, फाइब्रॉइड और कई वास्कुलर बीमारियों का इलाज अब केवल छोटे से पंचर या कैथेटर तकनीक से संभव हो गया है। इससे मरीज को न तो बड़ा चीरा लगता है और न ही लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। तेज रिकवरी, कम खर्च और अधिक सुरक्षा सीनियर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्टडॉ. शैलेष गुप्ता ने बताया कि इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सबसे बड़ी विशेषता तेज रिकवरी है। अधिकांश प्रक्रियाओं में मरीज उसी दिन या अगले दिन घर जा सकता है। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और इलाज का खर्च भी घटता है। इस समिट का लक्ष्य इन अत्याधुनिक तकनीकों को महानगरों से बाहर निकालकर आम जनता तक पहुंचाना है। इन विषयों पर होंगे सेशन समिट के दोनों दिनों में विशेष सेशन आयोजित किए जाएंगे। इनमें न्यूरो इंटरवेंशन (एनेयूरिज्म कोइलिंग, थ्रोम्बेक्टॉमी, कैरोटिड स्टेंटिंग), हेपेटोबिलियरी इंटरवेंशन, किडनी व डायलिसिस एक्सेस प्रक्रियाएं, पेरिफेरल वैस्कुलर इंटरवेंशन, एम्बोलाइजेशन तकनीकें, थायरॉयड एब्लेशन बैं प्रोस्टेट और अन्य वीनस इंटरवेंशन इन सत्रों में लाइव केस डिस्कशन और विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से डॉक्टरों को आधुनिक और सुरक्षित इलाज की नई दिशा से परिचित कराया जाएगा।
2000 गोवंश को आश्रय देगा कान्हा उपवन:ताल नदोर में 29 करोड़ से हो रहा निर्माण; इलाज की भी होगी सुविधा
गोरखपुर में गो संरक्षण की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 28 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से कान्हा उपवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें एक साथ 2000 बेसहारा गोवंश को आश्रय मिल सकेगा। यह कान्हा उपवन गोरखपुर का सबसे बड़ा निराश्रित गो आश्रय स्थल होगा। जिससे शहर और आसपास सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश की समस्या का समाधान होगा।इस कान्हा उपवन का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की यूनिट-14 द्वारा किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के अनुसार निर्माण कार्य 24 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था। सभी कार्य 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है। जिले में संचालित हैं 34 गो आश्रय स्थल गोरखपुर जिले में नगर निगम के महेवा स्थित कान्हा उपवन सहित 34 गोआश्रय स्थल संचालित हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. धर्मेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक इन गोआश्रय स्थलों की कुल क्षमता 5000 पशुओं की है। फिलहाल इनमें 4500 गोवंश को संरक्षित किया जा रहा है। एक बड़े गोआश्रय स्थल की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की तरफ से गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 28.94 करोड़ रुपये की लागत से कान्हा उपवन बनवाया जा रहा है। इसकी क्षमता 2000 पशुओं की होगी। यह होगी सुविधाइस कान्हा उपवन में काऊ शेड, काफ शेड, बर्थ शेड, कार्यालय भवन, भूसा स्टोर, फीड स्टोर तो होगा ही, गोवंश के नियमित चेकअप और बीमार पशुओं के त्वरित इलाज के लिए परिसर के अंदर ही एक डिस्पेंसरी का निर्माण भी किया जा रहा है। काऊ शेड के सामने छोटे पोखरे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि पशुओं को पानी की कमी न हो और उन्हें प्राकृतिक माहौल मिले। उल्लेखनीय है कि कान्हा उपवन उसी परिसर का हिस्सा है जहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय भी निर्माणाधीन है। इससे बीमार या घायल पशुओं के इलाज की उच्च स्तरीय व्यवस्था भी सुनिश्चित हो जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि वर्तमान में महेवा स्थित 500 गोवंश की क्षमता वाले कान्हा उपवन पर दबाव अधिक है, जिसे देखते हुए ताल नदोर की वृहद कान्हा उपवन की परियोजना बेसहारा गोवंश प्रबंधन के लिए गेम चेंजर साबित होगी।
2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले की पार्किंग व्यवस्था को हाईटेक बनाया जाएगा। इसके लिए पार्किंग में एआई (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एआई सुविधा से युक्त दो पार्किंग उज्जैन के सिकंदरी और गंगेडी गांव में बनाई जा रही हैं। अधिकारियों ने इन्हें मेले से पहले तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन सिंह ने आगामी सिंहस्थ 2028 में निजी वाहनों से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए पार्किंग स्थलों की कार्ययोजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात अवरुद्ध न हो, इसके लिए पार्किंग स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों पर सुव्यवस्थित वाहन टर्निंग की सुविधा तथा सर्विस लेन के चौड़ीकरण की व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के दौरान लेवल-1 पार्किंग सिंहस्थ मेला क्षेत्र में ही रहेगी। मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित न हो पार्किंग से श्रद्धालुओं का निर्गम इस प्रकार किया जाए कि मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित न हो। पार्किंग स्थलों में आधुनिक तकनीकों और एआई का उपयोग कर श्रद्धालुओं को पार्किंग की रियल-टाइम स्थिति से अवगत कराया जाएगा। लेवल-1 और लेवल-2 पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन कर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। लेवल-1 पार्किंग का उपयोग कम भीड़ वाले दिनों में किया जाएगा, जबकि लेवल-2 पार्किंग मेला क्षेत्र से 5 किलोमीटर से अधिक परिधि में रहेगी और इसका उपयोग अधिक भीड़ वाले दिनों में किया जाएगा।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 11, जहां से पार्षद हैं कमल वाघेला। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब… सवाल: आपके वार्ड का काम कौन सा अधूरा है और क्यों? जवाब: जैसा कि सभी को जानकारी है, भागीरथपुरा का मामला लंबे समय से पानी से जुड़ा हुआ है। यहां पानी का विषय लगातार बना हुआ था। जब मैं पार्षद बना, उसी समय कुछ ऐसे अनुभव सामने आए कि यहां डाली गई लाइनें सड़ी-गली, जंग लगी और टूटी हुई थीं। कहीं-न-कहीं ड्रेनेज और नर्मदा लाइन आपस में मिक्स हो रही थी। इसकी लिखित जानकारी मैंने जहां-जहां संभव हो सका, वहां दी। उसी के परिणामस्वरूप प्रस्ताव पास हुए, टेंडर हुए और लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में पिछले वर्षों में नर्मदा की लाइन बदल दी गई। वर्तमान में जो मुख्य सप्लाई लाइन है, उसे भी शत-प्रतिशत बदल दिया है। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन सी आती है?जवाब: पहले भी कहा था कि वार्ड का इन्फ्रास्ट्रक्चर ड्रेनेज, नर्मदा लाइन, चेंबर, सड़क और पानी को लेकर पहले बहुत शिकायतें थीं। साथ ही सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें थीं। उस दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। मुझे लगता है कि आगामी एक वर्ष में हम इन सभी समस्याओं का समाधान कर एक अच्छा वार्ड बनाने में सफल होंगे। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन सा ऐसा प्रयोग है, जो आपने किया हो और उससे कुछ बदलाव देखने को मिला हो? जवाब: मूल समस्याओं के आसपास ही हमने काम किया है। खासकर स्वच्छता को लेकर एक समय ऐसा था जब हमारे क्षेत्र की बैकलाइन भरी रहती थी और चारों ओर गंदगी का साम्राज्य था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सहयोग और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देशन में हमने यहां स्वच्छता अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप गंदगी में काफी कमी आई। चूंकि यहां लगभग 50 हजार की आबादी है और किरायेदारों की संख्या भी अधिक है, इसलिए कहीं-कहीं थोड़ी गंदगी दिखाई देती है। इसके बावजूद स्वच्छता को लेकर हमने लगातार प्रयास किए हैं और एक बार हमारे वार्ड को स्वच्छता में नंबर-वन का अवॉर्ड भी मिल चुका है। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया है?जवाब: ऐसा कोई विशेष क्षेत्र नहीं है, जहां काम नहीं हुआ हो। हालांकि, अभी भी हमारे वार्ड के सीमावर्ती क्षेत्र, विशेषकर नदी के किनारे स्थित इलाकों में काम करने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य रहेगा कि आगामी एक वर्ष में सभी आवश्यक सुविधाएँ वहां तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए। यहां आबादी घनी है और गलियां भी छोटी हैं, जिससे काम करना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन इसके बावजूद हम पूरी कोशिश करेंगे और वार्ड के विकास को आगे बढ़ाएंगे। सवाल: पानी को लेकर अभी भी शिकायतें आ रही है क्या?जवाब: निश्चित रूप से यहां लगभग 50 हजार की आबादी है। अभी एक महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन नियमित जलापूर्ति 50 प्रतिशत क्षेत्रों में अब भी नहीं हो पा रही है। आगामी 8 से 15 दिनों में जब उन इलाकों तक पानी पहुंचने लगेगा, तब स्थिति में सुधार आएगा। यहां गलियां संकरी हैं, जहां टैंकर नहीं जा पाते, इसलिए कुछ कठिनाइयां हैं। इसके बावजूद आगामी 10 से 15 दिनों में इन समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।
जिससे प्यार किया, उसी ने भाइयों से पिटवाया। थाने में शिकायत भी कर दी। पत्नी साथ रहती है तो बदसलूकी और मारपीट करती है। बच्चों के सामने गालियां देती है। यही कारण है कि मुझे महिलाओं से नफरत हो गई है। यह खुलासा सुरेंद्र अहिरवार उर्फ कटर मैन ने पुलिस की पूछताछ में किया है। उसने 29 जनवरी की रात भोपाल में 4 युवतियों को कटर मारकर घायल कर दिया था। वह 7 दिन तक दहशत फैलाता रहा। उसने अब तक 9 युवतियों को कटर मारी है। सुरेंद्र ने बताया कि 2014 में भी उसने सागर में 5 युवतियों को कटर मारी थीं। फिर सागर में ही मजदूरी करने लगा। पुलिस मुझ तक नहीं पहुंच सकी तो हौसला बढ़ गया। वहां से राहतगढ़ गया। एक दोस्त के साथ काम करने लगा। वह भी रुपए में हेराफेरी करता था। खुद ज्यादा पैसा खुद रख लेता था। 2020 में झगड़ा हुआ मैंने कटर से उसका गला रेतने की कोशिश की। वह बच निकला। इसके बाद भोपाल आ गया। तभी से यहां रह रहा हूं, लेकिन राहतगढ़ पुलिस मुझे तलाश नहीं सकी। बता दें, सुरेंद्र को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस की 40 अलग-अलग टीमें जुटी थीं। उस पर 30 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। 4 फरवरी की रात उसे गिरफ्तार कर लिया। अयोध्या नगर पुलिस ने सुरेंद्र को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 6 फरवरी को पिपलानी पुलिस ने भी उसे प्रोडक्शन वारंट लिया। वह 2 दिन की रिमांड पर है। उस रात बहुत गुस्से में था चोरी की बाइक से की थीं वारदातें बुधवार देर रात सुरेंद्र अहिरवार फिर किसी लड़की को शिकार बनाने के लिए चोरी की बाइक लेकर घर से निकला था। उसी दौरान अयोध्या नगर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कटर व चोरी की बाइक बरामद की है। वह सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट देखने का आदी है। पत्नी से भी उसके पारिवारिक संबंध अच्छे नहीं हैं। घटना के दिन उसका पत्नी से झगड़ा हुआ था। उसी बौखलाहट में वह दिनभर शराब पीता रहा और अंधेरा होते ही चोरी की बाइक लेकर वारदात को अंजाम देने निकल पड़ा। आरोपी का कहना है कि इससे उसे संतुष्टि मिलती थी। चार पार्न फिल्म मोबाइल में मिलीं पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया है। जिसमें चार पार्न फिल्म डाउनलोड थीं, जबकि सर्च हिस्ट्री में कई बार पार्न साइट्स को विजिट किए जाने के पुख्ता प्रमाण पुलिस को मिले हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि वारदात से पहले उसने पार्न फिल्में भी देखी थीं। फिर पीड़िताओं पर पहले अश्लील कमेंट्स किए, जिसने विरोध किया उस पर कटर से हमला कर दिया। सिलसिलेवार वारदातें कर दहशत फैलाई थी 29 जनवरी की रात 9.30 बजे बी-सेक्टर सोनागिरी, रात सवा 10 बजे और रात 10.33 मिनट पर ए-सेक्टर सोनागिरी पिपलानी और रात 11.20 मिनट पर नरेला जोड़ा थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में राह चलती चार लड़कियों पर बाइक सवार बदमाश ने कटर से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रयास समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी। क्राइम ब्रांच समेत चार थानों के करीब 150 पुलिसकर्मियों की 40 टीमें तलाश में जुट गईं। आरोपी की गिरफ्तारी पर 30 हजार का इनाम भी घोषित किया था। 900 कैमरों खंगाले, 600 बदमाशों से पूछताछ पुलिस की अलग-अलग टीमों ने चारों घटना स्थलों के आसपास और उस ओर आने-जाने वाले रास्तों पर लगे 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और उसमें मिले संदिग्ध के हुलिए के आधार पर मुखबिर तंत्र भी सक्रिय एक दिया। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने फुटेज के आधार पर पांच किमी से भी अधिक लंबा रूट मैप तैयार किया। लगभग 600 पुराने बदमाशों की तस्दीक और करीब 100 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शहर के चाकूबाजों और महिला संबंधित अपराधों में संलिप्त बदमाशों और जेल से रिहाई के संदिग्धों से भी पूछताछ की गई। फुटेज में मिले आरोपी के हुलिए के आधार पर उसके फोटो विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप पर वायरल किए और पोस्टर भी सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए गए। पुलिस को देखते ही जंगल की ओर भागा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी ने बताया कि बुधवार चार फरवरी की रात खोजबीन के दौरान आरोपी को सागर लैंडमार्क थाना छोला मंदिर क्षेत्र अयोध्या बायपास पर देखा गया। पुलिस को देखते ही वह कोच फैक्ट्री की तरफ जंगल की ओर भाग निकला। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। तलाशी में उसके कब्जे से एक कटर भी बरामद किया गया। पूछताछ में उसने चारों वारदातों के अलावा साल 2014 में कटर से हमला करने सागर की भी चार से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी का नाम देवेंद्र अहिरवार (37) निवासी घसेरा मोहल्ला, राहतगढ़ जिला सागर बताया है। वह यहां पूजा कॉलोनी करोंद थाना निशातपुरा में पत्नी व बच्चों के साथ रहकर बेलदारी व मिक्सर मशीन चलाने का काम कर रहा था। चोरी की बाइक से कर रहा था वारदात आरोपी सुरेंद्र अहिरवार के खिलाफ सागर के कोतवाली थाने में साल 2014 में लड़कियों को कटर मारने को लेकर चार और थाना राहतगढ़ जिला सागर में एक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। पिपलानी थाना भोपाल में धारा 118 और धारा 109 के तहत तीन व अयोध्या नगर थाने में एक प्रकरण दर्ज है। पूछताछ में देवेंद्र अहिरवार ने बताया कि आए दिन पत्नी से होने वाले झगड़ों से तंग आ गया चुका है। उसकी पत्नी उसे खाना तक नहीं देती थी। पत्नी का गुस्सा राह चलती लड़कियों पर हमला करके निकाल रहा था। घटना को अंजाम देकर वह घर में छिप जाता था। चार महीने पहले करोंद सब्जी मंडी के पास से उसने बाइक चोरी की थी। उसी से वह वारदात कर रहा था। पुलिस ने यह वाहन भी बरामद कर लिया है। युवती के दोस्त ने पकड़ कर मारे थप्पड़ पुलिस ने बताया कि पिपलानी में तीन और अयोध्या नगर में एक युवती पर कटर से हमला करने वाले दिन भी आरोपी सुरेंद्र का पत्नी से झगड़ा हुआ था। यह तमाम बातें उसके दिमाग में शराब पीते समय चल रही थीं। नशे में पिपलानी में जब उसने पहली वारदात की थी, तब युवती के दोस्त ने उसे पकड़ लिया था और दो-तीन थप्पड़ भी मारे थे। लेकिन उस समय आरोपी ने रो-गिड़गिड़ा कर माफी मांग ली थी। वहां से छूटते ही उसने तीन अन्य लड़कियों पर कटर से हमला कर दिया था। यह खबर भी पढ़ें… साइको-मैन...सागर में 5 छात्राओं को मार चुका कटर भोपाल में तीन छात्राओं पर कटर से हमला करने वाला साइको मैन, पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। उसे बुधवार रात छोला इलाके में घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देवेंद्र अहिरवार सागर जिले का रहने वाला है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पत्नी से झगड़ा होने के बाद उसने अपना गुस्सा निकालने के लिए एक बाद एक तीन छात्राओं को निशाना बनाया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
राज्य में निजी स्कूल, यूनिवर्सिटी और हॉस्पिटल खोलना होगा अब आसान, पर्यटन को भी बढ़ावा
झारखंड में निजी क्षेत्र के तहत स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय खोलने के लिए बड़ी सहूलियत मिलने की संभावना है। इसके साथ ही हॉस्पिटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े नियमों में भी कई तरह की छूट दी जा सकती है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उद्देश्य है कि निवेश को बढ़ावा मिले और विकास से जुड़े कार्यों में अनावश्यक बाधाएं कम हों। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत डी-रेगुलेशन फेज-2 के कई सुझावों को लागू करने की तैयारी चल रही है। इसी क्रम में बीते बुधवार को राज्य सरकार के विभागीय सचिवों ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्रालय के विशेष सचिव केके पाठक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस टास्क फोर्स की बैठक के बाद शुक्रवार को भी कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बेस्ट प्रैक्टिस को लेकर हुए मंथन में हिस्सा लिया। इस वर्ष जनवरी माह में लागू डी-रेगुलेशन फेज-2 के तहत भारत सरकार ने सात प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता के रूप में तय किया है। इसके तहत नियमों में बड़े पैमाने पर बदलाव और कटौती की जानी है। स्वास्थ्य: एनओसी-रजिस्ट्रेशन में राहत हेल्थ केयर सेक्टर में भी कई शर्तों को आसान बनाने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने दूसरे राज्य से एनओसी लेने की व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत एक बार राष्ट्रीय स्तर पर निबंधन होने के बाद राज्य से अलग से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के लिए अभी स्टेट मेडिकल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। नेशनल मेडिकल रजिस्ट्रेशन के बाद भी दूसरे राज्य में काम करने के लिए राज्य से एनओसी लेनी पड़ती है। इस प्रक्रिया को सरल और तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शिक्षा: जमीन की शर्त खत्म होगी शिक्षा क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालयों और निजी स्कूल-कॉलेजों के लिए भूमि नियमों, परिसर मानकों और अनिवार्य फंड से जुड़े प्रावधानों में छूट देने की तैयारी है। अभी निजी क्षेत्र में स्कूल खोलने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 1 एकड़ और शहरी क्षेत्रों में 75 डिसमिल जमीन अनिवार्य है। अब इन नियमों में बदलाव करते हुए जमीन की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि जमीन की उपलब्धता लगातार घट रही है। इसलिए वर्टिकल भन निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। मल्टी-स्टोरी भवनों में क्लासरूम, लाइब्रेरी और लैब संचालित किए जा सकते हैं। पर्यटन... होम-स्टे नियम होंगे सरल: पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। एक घर में अधिकतम आठ कमरों को होम-स्टे के रूप में संचालित किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्वयं भोजन बनाने की सुविधा देने पर भी विचार हो रहा है। अभी होम-स्टे के लिए वही मकान मालिक पात्र होते हैं, जो स्वयं उस घर में रहते हों। अब प्रस्ताव है कि मकान मालिक वहां न रहते हुए भी अपने घर को होम-स्टे के रूप में उपलब्ध करा सकेंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, आईपी एड्रेस तलाश रही पुलिस
रांची सिविल कोर्ट को ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। कोर्ट के रजिस्ट्रार ने गुरुवार को इसकी सूचना कोतवाली थाना को दी थी। इसके बाद शुक्रवार को पूरे कोर्ट परिसर की गहन जांच कराई गई। बम निरोधक दस्ते व अतिरिक्त पुलिस बल ने कोर्ट भवन के साथ-साथ परिसर के बाहर खड़े वाहनों की भी तलाशी ली। कोतवाली डीएसपी मौके पर पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। -शेष पेज 13 पर ई मेल में एलटीटीई का भी जिक्र धमकी भरे ई-मेल में तमिलनाडु और बिहार का उल्लेख है। संदेश में तमिलनाडु की बात बिहार तक लाने, बड़ी संख्या में लोगों के आने और अंत में खुद को भी बम से उड़ाने की बात कही गई है। मेल में एलटीटी का जिक्र भी है। हालांकि, मेल के विश्लेषण के बावजूद स्पष्ट उद्देश्य सामने नहीं आ पाया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान में जुटी है।
राहत...अब महीनों की प्रतीक्षा नहीं, हफ्ते भर में मिलेगी पीएचडी-डी.लिट की डिग्री
आर्थिक दोहन की शिकायतों पर भी लगेगी लगाम रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी, डी.लिट और डी.एससी कर रहे सैकड़ों शोधार्थियों के लिए राहत देने वाली खबर है। वर्षों से जिस समस्या को लेकर शोधार्थी सबसे अधिक परेशान रहे वह था इंटरव्यू (वाइवा) के बाद डिग्री मिलने में होने वाला लंबा और अनिश्चित विलंब। कई बार वाइवा पास करने के बावजूद शोधार्थियों को महीनों डिग्री के लिए इंतजार करना पड़ता था। इससे उनका करियर, नौकरी, प्रमोशन और अकादमिक भविष्य अधर में लटक जाता था। अब आरयू प्रशासन ने इस जटिल प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए सिस्टम ही बदल दिया है, जिससे अधिकतम पांच से सात दिन में डिग्री मिल जाएगी। क्योंकि विश्वविद्यालय ने थीसिस को यूजीसी के शोधगंगा पोर्टल पर अपलोड करने और रिजल्ट प्रकाशन से जुड़ी प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में आंशिक संशोधन किया है। इससे न सिर्फ डिग्री अवार्ड में तेजी आएगी, बल्कि फाइल मूवमेंट के नाम पर होने वाली देरी और कथित आर्थिक दोहन की शिकायतों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। इस बदलाव को लेकर आरयू प्रशासन द्वारा गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। बताते चलें कि इस बदलाव के लिए सोशल साइंस डीन डॉ. परवेज हसन की आेर से प्रस्ताव आया था, जिस पर वीसी प्रो. डीके सिंह ने सहमति प्रदान कर दी। फाइल मूवमेंट के नाम पर सवाल उठते रहे थे। विवि प्रशासन को लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर सेंटर तक थीसिस भेजने की प्रक्रिया में शोधार्थियों से अनौपचारिक खर्च की मांग की जाती है। फाइल जान बूझकर रोके जाने के आरोप लगते रहे हैं। इसमें डिग्री देने में देरी होती है। नई व्यवस्था से यह पूरा चेन छोटा हो जाएगा, जिससे आर्थिक शोषण की संभावनाएं भी काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। अब डीन को मिला सीधे अधिकार शोधगंगा पर थीसिस अपलोड करने का अधिकार अब सीधे फैकल्टी यानि संबंधित स्ट्रीम के डीन कार्यालय को दिया गया है। वे अब पीएचडी/ डी.लिट/ डी.एससी की अनुशंसित थीसिस को वाइवा परीक्षा के सफल समापन के बाद सीधे शोधगंगा पर अपलोड करने के लिए विवि मुख्यालय की जगह कंप्यूटर सेंटर को भेज सकेंगे। अपलोड होते ही विवि के परीक्षा विभाग को रिपोर्ट भेज दी जाएगी और अधिकतम पांच से सात दिनों में डिग्री अवार्ड हो जाएगी। अब तक क्या था नियम विवि मुख्यालय से मोरहाबादी स्थित कंप्यूटर सेंटर तक थिसिस की शॉफ्ट कॉपी भेजने में प्रक्रिया उलझी रहती थी। अभी तक की व्यवस्था में अनुशंसित थीसिस की सॉफ्ट कॉपी पहले यूनिवर्सिटी मुख्यालय भेजी जाती थी। इसके बाद फाइल को कंप्यूटर सेंटर भेजा जाता था, जहां से थीसिस को शोधगंगा पोर्टल पर अपलोड किया जाता था। फाइल कई स्तरों से गुजरती थी, जिसमें विभाग, संकाय और प्रशासनिक शाखाओं के बीच तालमेल में कमी रहती थी। जिससे अपलोड करने में अनावश्यक देरी होती थी। पुरानी समस्या पर अब लगेगा ब्रेक : अब तक की व्यवस्था में पीएचडी इंटरव्यू पास करना अंत नहीं, बल्कि कई बार एक नए इंतजार की शुरुआत साबित होती थी। यूजीसी के पोर्टल शोधगंगा पर थीसिस अपलोड से लेकर डिग्री अवार्ड होने तक की प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि फाइलें महीनों दफ्तरों में घूमती रहती थीं। रिसर्च स्कॉलर यूनिवर्सिटी मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर होते थे और डिग्री मिलने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं थी। वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं...
90% जेवर दुकानों में रेट फिक्स करने के लिए प्री-बुकिंग बंद, मेकिंग पर भी कोई छूट नहीं
भास्कर एक्सक्लूसिव 4 फरवरी से विवाह के लग्न शुरू होने के साथ शहर के ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, इस बार सोना‑चांदी के अस्थिर और ऊंचे भाव के कारण अधिकतर ऑफर ग्राहकों को लाभ नहीं दे पा रहे हैं। 90% ज्वेलरी दुकानों में रेट फिक्स करने के लिए बेस्ट बाय या प्री‑बुकिंग ऑफर बंद हैं। जहां ये ऑफर उपलब्ध हैं, वहां ग्राहक को जेवर की कीमत का 90% तक एडवांस भुगतान करना पड़ रहा है। मेकिंग चार्ज पर छूट और ऑरिजनल मूल्य पर डिस्काउंट नदारद हैं। इसके अलावा, शहर के 80% से अधिक ज्वेलर्स खरीदारी पर गिफ्ट ऑफर नहीं दे रहे हैं। सोना‑चांदी की कीमतें पिछले साल की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़ चुकी हैं। कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव से शगुन की खरीदारी भी अब महंगी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के कारण असमंजस में निवेशक सोना-चांदी व्यवसायी समिति के अध्यक्ष जीतेंद्र वर्मा ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ घटाए जाने और केंद्रीय बजट में सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव नहीं करने से भी कीमत पर दबाव बढ़ा। पहले यह बढ़ने की आशंका थी। इससे भी गिरावट है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अभी उथल-पुथल चल रहा है। इस कारण भी सुरक्षित निवेश अभी सोना-चांदी ही है। इसके दाम आने वाले समय में बढ़ सकते हैं। जेवर मेकिंग चार्ज पर छूट देने से दुकानदारों को नुकसान : राहुल अलका ज्वेलर्स के संचालक राहुल वर्मा ने कहा कि सोना‑चांदी की कीमतों में उतार‑चढ़ाव के समय ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज पर छूट नहीं देते, क्योंकि इससे उनका वित्तीय जोखिम बढ़ जाता है। सोने का भाव अचानक बढ़ जाए तो ज्वेलर को नुकसान हो सकता है। ज्वेलर्स प्रदीप कुमार ने बताया कि इस समय रांची में बेस्ट बाय ऑफर बिल्कुल बंद है। कई जगह मेकिंग पर भी छूट नहीं मिल रही। सोना-चांदी में दस दिनों में रहा भारी उतार-चढ़ाव तारीख सोना चांदी 28 जनवरी 148300 362000 29 जनवरी 154200 383000 30 जनवरी 167200 406000 31 जनवरी 154600 340000 1 फरवरी 149200 270000 2 फरवरी 142400 282000 3 फरवरी 144100 298000 4 फरवरी 145600 298000 5 फरवरी 145600 298000 6 फरवरी 143300 264000 (नोट : कीमत रुपए में, सोना प्रति दस ग्राम और चांदी प्रति किलो) क्या है बेस्ट बाय या प्री-बुकिंग ऑफर: बेस्ट बाय या प्री‑बुकिंग ऑफर के तहत ग्राहक अभी सोना/ ज्वेलरी बुक करता है और कीमत का एक हिस्सा जमा करता है। आज की कीमत और डिलीवरी के समय की कीमत में जो कम हो, उसी पर भुगतान करता है। सरकार ने भी बंद कर दिया सोवरेन गोल्ड बॉन्ड वी-कैप मनी (मोतीलाल ओसवाल ग्रुप) के सीएमडी सीए विकास कुमार सहाय के अनुसार, सरकार ने सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में नई ट्रंच जारी करना बंद कर दिया है। अब नए सोवरेन गोल्ड बॉन्ड सीधे सरकार से नहीं खरीदे जा सकते। उन्होंने बताया कि आखिरी ट्रंच 2024 में आई थी, सोने की बढ़ती कीमतें और सरकार पर ब्याज व मैच्योरिटी भुगतान का दबाव नया बॉन्ड जारी करने में रुकावट बन रहे हैं। एक अप्रैल से सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए एसजीबी पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा, जबकि सीधे आरबीआई से जारी एसजीबी को पूरी मैच्योरिटी तक रखने वाले निवेशकों को कैपिटल गेन पर छूट मिलेगी। अब निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड या भौतिक सोना ही विकल्प है। (नोट : जब सरकार एक ही स्कीम को एक बार में नहीं, बल्कि कई अलग-अलग तारीखों पर निवेशकों के लिए खोलती है, तो हर बार की उस नई पेशकश को ट्रंच कहा जाता है।) अभी ये ऑफर्स प्रभावित रेट फिक्स करने के लिए बेस्ट बाय या प्री-बुकिंग ऑफर नहीं {आभूषणों की मेकिंग पर भारी छूट उपलब्ध नहीं। {90% से ज्यादा दुकानों में खरीदारी पर कोई गिफ्ट नहीं। {किसी भी दुकान में नहीं मिल रही जेवर के मूल्य पर छूट {(नोट : 20 छोटे-बड़े जेवर दुकानों से बातचीत पर आधारित)
हाईकोर्ट ने चीफ साइंटिस्ट की नियुक्ति मामले में मांगा जवाब
रांची | झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट की नियुक्ति मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब तलब किया है। अदालत ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया कितने दिनों में पूरी कर ली जाएगी। अदालत ने जेपीएससी को विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जेपीएससी ने रांची वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट पद पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2017 में विज्ञापन जारी किया था, लेकिन आठ वर्षों के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। लंबे समय से प्रक्रिया लंबित रहने के कारण योग्य अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में अरविंद कुमार शर्मा एवं अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।
राजस्थान सरकार उदयपुर सहित प्रदेशवासियों को वार्षिक बजट-2026-27 की सौगात 11 फरवरी को देगी। बजट से उदयपुर को पहले संभाग स्तरीय कैंसर अस्पताल की बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। शहर विधायक ताराचंद जैन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास संभाग स्तरीय कैंसर अस्पताल, पुलिस चौकी आयड़ को थाने में क्रमोन्नत कराने, मुखर्जी चौक और किशनपोल में पुलिस चौकी स्थापित कराने के प्रस्ताव भेजे हैं। दूसरी ओर, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने दक्षिण विस्तार में सेटेलाइट हॉस्पिटल व गुलाबबाग की तर्ज पर नया बाग, राजकीय कन्या महाविद्यालय और माइनिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुलवाने के प्रस्ताव भेजे। इसके अलावा प्रताप नगर-बलीचा मार्ग पर तीन नए ओवरब्रिज बनाने, कन्वेंशन सेंटर स्थापित कराने, रानी रोड का री-डेवलपमेंट कराने जैसे विकास कार्यों के प्रस्ताव बजट में शामिल कराने के लिए भेजे गए हैं। कैंसर अस्पताल : संभाग में 1.28 लाख कैंसर मरीज, नहीं जाना पड़ेगा गुजरात व महाराष्ट्रउदयपुर संभाग में पिछले 8 साल में कैंसर रोगियों की संख्या 1.28 लाख तक पहुंच चुकी है। पीड़ितों में महिलाओं की संख्या 8 प्रतिशत है। कैंसर मरीजों को अभी निशुल्क इलाज अकेले एमबी अस्पताल के कैंसर विभाग में ही मिलता है। नया कैंसर अस्पताल खुलने से मेवाड़-वागड़ के मरीजों को इलाज कराने के लिए गुजरात-महाराष्ट्र व जयपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आयड़ थाना : संवेदनशील क्षेत्र, मॉनिटरिंग बढ़ेगीक्षेत्र क्राइम की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां घनी आबादी है। सुरक्षा-व्यवस्था व आपसी सद्भाव के लिए पुलिस जवानों-अधिकारियों की मॉनिटरिंग जरूरी है। थाना स्थापित होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। सेटेलाइट हॉस्पिटल: दक्षिण विस्तार में देगा राहतयहां की 50 हजार से ज्यादा आबादी को इलाज कराने के लिए हिरणमगरी व एमबी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। चौकी : मुखर्जी चौक व किशनपोल में नियमित चौकसी हो सकेगी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगीप्रशासनिक दृष्टि से मुखर्जी चौक और किशनपोल क्षेत्र भी अतिसंवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। यहां पुलिस की नियमित चौकसी बेहद जरूरी है। चौकी स्थापित होने से टेलर कन्हैयालाल साहू जैसी आतंकी हत्या जैसी व अन्य वारदातों को समय पर रोका जा सकेगा। गर्ल्स कॉलेज: बेटियां घर के पास पढ़ सकेंगीयह उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का पहला कन्या कॉलेज होगा। यह खुला तो उदयपुर ग्रामीण की बालिकाओं को उनके घरों के पास ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। नया गार्डन - दक्षिण विस्तार में ऑक्सीजन पॉकेट बनने से 50 हजार की आबादी को शुद्ध हवा मिलेगीदक्षिण विस्तार में 50 हजार आबादी के बीच ऑक्सीजन हब पैदा होने से शुद्ध वायु के लिए भविष्य की राह आसान होगी। क्षेत्र की सुंदरता में भी चार चांद लगेंगे। कन्वेंशन सेंटर इसके तहत आलीशान ऑडिटोरियम, मंच, कमरों का निर्माण कराया जाएगा। ताकि, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्यों को नया मंच उपलब्ध हो सके। इससे उदयपुर माइस सेंटर के रूप में प्रदेश में नई पहचान बना सकेगा।
विधानसभा स्टिकर लगी कार तस्करी करते चार गिरफ्तार
तस्कर अब लग्जरी गाड़ियों से प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी कर रहे हैं। भपटियाही थाना क्षेत्र में चिकनी गांव के समीप एनएच-27 पर पुलिस ने गुरुवार की रात गुप्त सूचना पर पटना नंबर की दो इनोवा क्रिस्टा लग्जरी गाड़ियों को जांच के लिए रोका तो उसमें 3280 बोतल कोरेक्स कफ सिरप मिले। गाड़ियों पर बिहार विधानसभा के कार पास के स्टिकर लगे हैं। पुलिस जांच कर रही है कि ये स्टीकर असली हैं या नकली। पुलिस ने गाड़ियों से चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से चार मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार तस्करों में एक भोजपुर और तीन पटना के कदमकुआं के हैं। पुलिस के अनुसार 22 कार्टन में करीब 5 लाख 66 हजार के कफ सिरप रखे थे। एसपी शरथ आरएस ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार तस्करों में रणधीर कुमार सिंह भोजपुर के सोभी डुमारा व कन्हैया महतो, सोनू कुमार और सुधीर कुमार पटना के कदमकुआं के रहने वाले हैं। इस मामले में भपटियाही थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है। पुलिस बरामद कोरेक्स सिरप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की भी जांच कर रही है। ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। एक कार पटना से अररिया व दूसरी पिपरा खुर्द जा रही थी भपटियाही थानाध्यक्ष प्रजेश कुमार दुबे ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो इनोवा कारों में कफ सिरप की तस्करी की जा रही है। एक इनोवा कार को रोका तो 10 कार्टन कफ सिरप बरामद किया।
पीएमसीएच : अधीक्षक ने मरीज को बरगलाते देखा, पकड़ने को कहा तो भाग गए दलाल
पीएमसीएच समेत अन्य अस्पतालों में दलाल सक्रिय हैं। ये मरीजों को बरगला कर निजी अस्पतालों आैर जांच केंद्रों में भेजते हैं। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण करने निकले। इस दौरान राजेंद्र सर्जिकल वार्ड के सामने कुछ दलाल मरीजों और उनके परिजनों को बरगला रहे थे। अधीक्षक ने पकड़वाने की कोशिश की, लेकिन वे भाग निकले। इसके बाद अधीक्षक ने सभी सुरक्षाकर्मियों की परेड कराई और स्पष्ट कहा कि जहां भी दलाल दिखे, उसे तुरंत पकड़ कर थाने के हवाले किया जाए। अधीक्षक ने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भेज देते हैं। इसमें निजी एंबुलेंस संचालकों की संलिप्तता भी सामने आती रही है। इसे देखते हुए अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी करने पर रोक लगा दी गई है। अब निजी एंबुलेंस मरीज को छोड़कर तुरंत परिसर से बाहर निकलेगी। सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों को अस्पताल के मुख्य द्वार, इमरजेंसी और ओपीडी के आसपास विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अस्पताल प्रशासन और पुलिस को देने का निर्देश दिया गया है। उधर, जिला प्रशासन ने भी दलालों को पकड़ने के लिए धावा दल का गठन किया है। एनएमसीएच जिला प्रशासन की टीम ने गुरुवार को एनएमसीएच से दो दलालों पटना निवासी दीपक कुमार और वैशाली निवासी चुन्नू कुमार को गिरफ्तार किया। उनके पास से मेडिकल स्टोर की पर्ची आैर इलाज संबंधी उपकरण आैर दवा जब्त की गई। एनएमसीएच प्रशासन द्वारा आलमगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। ऐसे काम करते हैं दलाल इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों के बाहर मरीजों और उनके परिजनों को टारगेट करते हैं। जांच में देरी या बेड की कमी बताकर निजी अस्पताल चलने का दबाव बनाते हैं। कई बार बिना जरूरत के जांच या भर्ती कराई जाती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। अनजान के झांसे में न आएं मरीज पीएमसीएच में दलालों की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं होंगी। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। संदिग्ध लोगों को तुरंत पकड़कर पुलिस को सौंपने का निर्देश गार्डों को दिया गया है। निजी एंबुलेंस वालों की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। मरीजों और परिजनों से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं।डॉ. राजीव कुमार सिंह अस्पताल अधीक्षक, पीएमसीएच अस्पताल अधीक्षक ने सुरक्षाकर्मियों की परेड कराई। धावा दल ने दो दिन में तीन को पकड़ा पीएमसीएच टीम ने बुधवार को पीएमसीएच से एक दलाल को गिरफ्तार किया था। छपरा के इमामगंज का शमीम अख्तर मरीजों और उनके परिजनों से अवैध वसूली के साथ उनका दोहन कर रहा था। उसे पीरबहोर थाने को सौंप दिया गया। प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। एक महिला सफाईकर्मी भी मरीजों और परिजनों से पैसा लेते पकड़ी गई। उसे सेवामुक्त कर दिया गया।
खजांची रोड में दो सिलेंडर फटे, 40 इंटर परीक्षार्थी बाल-बाल बचे
खजांची रोड स्थित सुधीर कुमार के मकान के ऊपरी तल्ले पर खाना बनाने के दौरान सिलेंडर रिसने से आग लग गई। मकान में इंटर के 30 परीक्षार्थी थे। साथ ही 10 छात्र वहां स्थायी रूप से रहते हैं। आग कमरे में फैल गई। इसके बाद एक छोटा और बड़ा सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। बेड, किताब समेत कई सामान जल गए। इससे पहले सभी छात्र जान बचाकर निकले। सिलेंडर फटने से स्थानीय लोग सहम गए। सूचना मिलने के बाद फायर के डीआईजी के अलावा लोदीपुर, सचिवालय, कंकड़बाग और अन्य फायर स्टेशनों से एक दर्जन से अधिक दमकल पहुंची। रास्ता तंग होने से हाइड्रॉलिक से आग बुझाने में दिक्क्त हो रही थी। उसके बाद दमकल पर ही सीढ़ी लगाकर फायरकर्मी ऊपरी तल्ले पर पहुंचे। करीब एक घंटा के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने आैर सिलेंडर फटने से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका देख लोग घर से बाहर निकल गए। इलाके की बिजली काट दी गई। देर रात तक खजांची रोड में अफरातफरी मची रही। जेपी गंगा पथ पर चलती कार में आग लगी, बाटा के एजीएम समेत दो लोग बचे जेपी गंगा पथ गोलंबर के पास चलती कार में आग लग गई। उसमें सवार बाटा कंपनी के एजीएम रामबाबू प्रसाद समेत दो लोगों ने गाड़ी को साइड किया। आग को बुझाने की कोशिश की, पर नहीं बुझी। कार धू-धूकर जलने लगी। दोनों से वहां से हट कर जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर ट्रैफिक थाने की पुलिस के साथ ही दमकल की गाड़ी पहुंची। कार का अधिकांश हिस्सा जल गया था। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को सड़क से किनारे किया। कुछ देर के लिए ट्रैफिक की रफ्तार रुक गई। रामबाबू प्रसाद किसी काम से दीघा से जेपी गंगा पथ होते मीठापुर जा रहे थे। इसी दौरान जब उनकी गाड़ी जेपी गंगा पथ गोलंबर के पास पहुंची तो चक्का से चिनगारी निकलने लगी। उसके बाद आग लग गई। महज पांच से सात मिनट में ही कार धधकने लगी। सब कुछ जल गया इंटर के परीक्षार्थियों ने बताया कि किताब, नोट्स समेत कई सामान जल गए। खाना बना रहे थे, इसी बीच अचानक सिलेंडर से गैस रिसने लगी। जब तक कुछ समझ पाते, आग धधकने लेगी और सिलेंडर जलने लगा। उसके बाद सभी जान बचाकर बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने पीरबहोर थाने की पुलिस आैर डायल 112 को सूचना दी। फायर ब्रिगेड के पहुंचते-पहुंचते दो सिलेंडर धमाके के साथ फट गए। लोदीपुर फायर स्टेशन प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि बेड, किताब और सामान जले हैं। कोई घायल नहीं हुआ। एक छोटा और एक बड़ा सिलेंडर गर्म होने के बाद फटा है।
दिव्यांग खेल प्रतियोगिता : अता वारिश, सार्थक राज और आरुषि का रहा जलवा
पटना। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रमंडल स्तरीय दिव्यांग खेल प्रतियोगिता में पैरा एथलीटों ने दमखम दिखाया। अता वारिश, सार्थक राज और आरुषि प्रमुख पदक विजेता रहे। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में पटना प्रमंडल के नालंदा, आरा, कैमूर, पटना, बक्सर और रोहतास जिलों से आए सैकड़ों दिव्यांग खिलाड़ियों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि बधिर खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 7 और 8 फरवरी को हरनौत (बिहार) में आयोजित की जा रही है। साथ ही राज्य में 27 खेल विधाओं में खिलाड़ियों की टीम तैयार की जा रही है। विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रतियोगिताओं में भाग लेने भेजा जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. शिवाजी कुमार और पटना प्रमंडल के शारीरिक शिक्षा उपनिदेशक आनंदी कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर सचिव संदीप कुमार, उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत कुमार, नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव कुंदन कुमार, रवि कुमार, प्रमोद कुमार, तुलसी कुमार, धीरज कुमार, अमित कुमार, प्रहलाद कुमार आदि उपस्थित थे। कबड्डी लीग : 120 खिलाड़ियों का सेलेक्शन पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के इंडोर हॉल में शुक्रवार को बिहार महिला कबड्डी लीग के लिए हुए ट्रायल में 450 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें से 120 खिलाड़ियों को 16 फरवरी से शुरू होने वाले प्रशिक्षण शिविर के लिए चुना गया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि लीग का आयोजन 6 से 12 मार्च तक होगा। छह टीमों में खिलाड़ियों को क्षमता के अनुसार बांटा जाएगा, प्रत्येक टीम में 14 मुख्य और 3 अतिरिक्त खिलाड़ी होंगे। चयन प्रक्रिया में हैदराबाद की मंगला देसाई, पटना की अमिता सिंह और रमेश कुमार यादव ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। बताया कि यह आयोजन महिला कबड्डी के लिए बिहार में उत्साह और नई प्रतिभा लाने वाला साबित होगा।
कृषि मंत्री बोले-खेती में अधिक मुनाफा सरकार की प्राथमिकता
बागवानी और हाई वैल्यू खेती से ही बिहार की तस्वीर बदलेगी। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए एटीएम मॉडल पर काम कर रही है। यह मॉडल किसानों के लिए उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पूरी व्यवस्था विकसित कर अधिक कमाई का जरिया बन रहा है। हर जिले में विशेष फसल आधारित क्लस्टर, आधुनिक तकनीक और निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। ये बातें कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहीं। गांधी मैदान में 6 से 8 फरवरी तक बागवानी महोत्सव का आयोजन किया गया है। कृषिमंत्री ने कहा कि बिहार की असली ताकत किसान हैं। सरकार की प्राथमिकता खेती को कम लागत और अधिक मुनाफे वाली दिशा में आगे बढ़ाना है। बागवानी, फल-सब्जी, मसाला, मखाना और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने का तेज माध्यम बन रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस विजन का भी उल्लेख किया, जिसमें देश की हर थाली में बिहार का कम से कम एक व्यंजन पहुंचाने की बात कही गई है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल लोकल टू ग्लोबल सोच के अनुरूप स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले में स्थानीय जलवायु के अनुसार विशेष फसल क्लस्टर विकसित कर रही है, जहां नर्सरी, उत्पादन, पैकिंग, प्रोसेसिंग और बिक्री की व्यवस्था एक ही स्थान पर होगी। इससे खेती को रोजगार, उद्योग और निर्यात से जोड़ने में मदद मिलेगी। योजनाओं, आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जा रही कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में बागवानी की भूमिका लगातार बढ़ रही है और किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में किसानों को योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। उत्कृष्ट उत्पादों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार ने कहा कि सरकार की नीति खेत से बाजार तक मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करने की है और मखाना, शहद तथा उच्च मूल्य वाली फसलों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर पद्मश्री राजकुमारी देवी (किसान चाची), विशेष सचिव डॉ. वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, अपर निदेशक धनंजयपति त्रिपाठी, निदेशक पीपीएम संतोष कुमार उत्तम सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र के गांव बलियाला में एक घर ऐसा भी है, जहां कभी बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने बुने गए थे। मां-बाप चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा पढ़-लिखकर अकाउंटेंट बने, परिवार का नाम रोशन करे और सम्मान की जिंदगी जिए। लेकिन किस्मत ने ऐसी करवट ली कि वही बेटा आज अपराध की दुनिया का हिस्सा बन गया। गांव बलियाला के उदित पर महज 21 साल की उम्र में लूट, फायरिंग व रंगदारी मांगने के आरोप में पहला केस दर्ज हो गया है। उदित टोहाना में ट्रेडिंग कंपनी के संचालक की दुकान से 1.50 लाख लूटने वाले तीन आरोपियों में शामिल है। उसे पुलिस पकड़ कर रिमांड पर ले चुकी है। कमल बच्ची के संपर्क में आया टोहाना में पढ़ाई के दौरान ही उदित की मुलाकात करीब एक साल पहले बदमाश कमल बच्ची से हो गई। इसके बाद अक्सर वह कमल बच्ची के साथ बैठकर शराब पीने लगा। कमल बच्ची बॉक्सर गैंग के लिए काम करता है। इसी कमल बच्ची को टोहाना में ही दो साल पहले बर्गर-13 नामक रेस्टोरेंट पर फायरिंग करके 50 लाख रंगदारी मांगने के आरोप में पकड़ा गया था। फायरिंग करने के पीछे इनका मकसद क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करना था। इसी गैंग से जुड़े लोग पहले भी फायरिंग करके रंगदारी मांगने जैसे अपराधों को अंजाम दे चुके हैं। जानिए…. उदित की पूरी कहानी बॉक्सर गैंग ने दो साल बाद फिर से वारदात की बॉक्सर गैंग का मुख्य सदस्य कमल बच्ची है। वही क्षेत्र के युवाओं को इस गैंग से जोड़ता है। गैंग का वर्चस्व बढ़ाने के इरादे से टोहाना में अपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जाता है। इससे जहां दुकानदारों से लाखों रुपए हड़पने का प्रयास किया जाता है, वहीं, साथ ही दहशत फैलाने की कोशिश की जाती है। अब साल 2023 में रेस्टोरेंट पर फायरिंग के बाद करीब दो साल बाद फिर से रंगदारी मांगने की वारदात इस गैंग ने की है। एक बार फिर गैंग ने एक्टिव होने का प्रयास किया है। कमल रेस्टोरेंट में फायरिंग मामले के बाद जमानत पर चल रहा है। 4 फरवरी को टोहाना में लूटे थे डेढ़ लाख टोहाना शहर के डांगरा रोड पर स्थित ड्राई फ्रूट के थोक विक्रेता गौरव ट्रेडिंग कंपनी की दुकान पर 4 फरवरी की शाम को उदित समेत तीन बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर करीब डेढ़ लाख रुपए लूट लिए। जाते समय आरोपियों ने दुकान पर फायरिंग भी की और अगले दिन गुरुवार को फिर से आने की धमकी दी। इस दौरान, दुकान के बाहर काम कर रहे कर्मचारी करमजीत को बदमाशों ने पिस्तौल के बट से मारा, जिससे उसके हाथ में चोट आई। पुलिस ने इस मामले में उसी रात गांव बलियाला निवासी उदित को पकड़ लिया था। बताया जा रहा है कि बाकी दोनों बदमाशों में कमल बच्ची और उसका साथी शामिल हैं। उदित पर पहला ही केस-एसएचओ टोहाना सिटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह बताते हैं कि उदित इसी वारदात से अपराध में संलिप्त हुआ है। उस पर पहला केस दर्ज हुआ है। फिलहाल उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके बाकी दो फरार साथियों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई है।
बिहार में तीन और निगरानी थाने खुलेंगे:अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी बोले- कोर्ट की संख्या भी बढ़ेगी
निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार को भ्रष्टाचारमुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। जो भी लोकसेवक भ्रष्टाचार करेंगे, उनकी गिरफ्तारी तय है। राज्य में जल्द ही तीन नए निगरानी थाने खुलेंगे। अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले में निगरानी थाना खोलने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। केस की संख्या को देखते हुए राज्य में कोर्ट की संख्या बढ़ेगी। वे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में आयोजित तृतीय सतर्कता सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर 16 परिवादी, 5 लोक अभियोजक और 16 डीएसपी, इंस्पेक्टर और सिपाही को सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी और निगरानी के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार और पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने किया। अरविंद चौधरी ने कहा कि निगरानी की अच्छी उपलब्धि रही है। लोगों में विश्वास बनाए रखना बड़ी बात है। जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि निगरानी लगातार अपनी ही रिकार्डों को तोड़ रही है। लोगों की जागरुकता के वजह से लगातार केसों की संख्या बढ़ती जा रही है। शिकायत मिलने पर विभाग भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है। निगरानी थानों में जो केस दर्ज किए जा रहे हैं, उनका स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। जो लोग ट्रैप कराने में रकम दी थी, वह राशि उनके खातों में भेज दी गई है।
सिपाही में बहाल कराने के नाम पर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार
सिपाही के पद पर बहाल करा देने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन दलालों को गर्दनीबाग पुलिस ने पटना हाईस्कूल के पास गिरफ्तार कर लिया। वहां सिपाही बहाली का फिजिकल टेस्ट चल रहा है। गिरफ्तार किए गए खगड़िया के संजीव कुमार, पटना के संतोष कुमार और भोजपुर के सियाराम सिंह के मोबाइल से पुलिस सिपाही बहाली के 45 अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट, वॉकी टॉकी, ब्लूटूथ डिवाइस की तस्वीर आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां कुछ दलाल एक्टिव हैं और अभ्यर्थियों को झांसा दे रहे हैं। पुलिस पहुंची तो तीनों भागने लगे। पुलिस ने खदेड़कर तीनों को पकड़ा। डीएसपी सचिवालय वन डॉ. अनु कुमारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उधर फिजिकल टेस्ट देने आए दो अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों के डॉक्यूमेंट और बॉयोमीट्रिक का मिलान नहीं हो पाया। फिंगर प्रिंट और डॉक्यूमेंट की तस्वीर नहीं मिली। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों ने स्वीकार लिया कि उनकी जगह लिखित परीक्षा में स्कॉलर बैठे थे। दोनों अभ्यर्थियों साथ दो स्कॉलरों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। 5-6 लाख में चयन का झांसा : गिरफ्तार दलालों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है। जांच में पता चला कि तीनों सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। लिखित परीक्षा में सॉल्वर भी बिठाते हैं। पुलिस गिरोह के सरगना का पता लगा रही है। तीनों सिपाही अभ्यर्थियों को 5-6 लाख में बहाली करा देने का झांसा देते थे। जो इनके जाल में फंसते थे, उनसे आधी रकम वसूल लेते थे। अबतक कितने लोगों से तीनों ने ठगी की है, इसकी जानकारी भी पुलिस जुटा रही है। जिन अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट इनके पास मिला है, उनसे भी पूछताछ होगी।
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की निशानदेही पर साइबर थाने की पुलिस छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह गिरोह पटना के कई इलाकों में कॉल सेंटर चला रहा है। इन कॉल सेंटरों के जरिए देशभर के लोगों से ठगी की जा रही है। पुलिस को आशियाना नगर में फूलमती यादव के मकान में कॉल सेंटर होने की जानकारी मिली। आशियाना में छापेमारी भी की, लेकिन कॉल सेंटर का सत्यापन नहीं हो पाया। पुलिस ने अभी तक दानापुर और रुपसपुर इलाके में छापेमारी कर तीन कॉल सेंटरों को सील किया है। अन्य कॉल सेंटरों को चिह्नित किया जा रहा है। वहीं, फरार जालसाजों बिहटा के अंकुश, दानापुर के मंटू, नेपाली नगर के बबलू, दीघा के अजय, सारण के सुधीर और राजीव नगर के सौरव पांडे की तलाश की जा रही है। इनकी गिरफ्तारी के बाद कई और कॉल सेंटरों का पता चलेगा। आरबीआई ने धोखाधड़ी से निबटने को पुलिस अफसरों को ट्रेनिंग दी तेजी से बढ़ते वित्तीय और साइबर अपराधों के बीच आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक पटना ने पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बिहार के विभिन्न जिलों के 100 से अधिक पुलिस अधिकारी शामिल थे। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को वित्तीय अपराधों की नई-नई तकनीक से अवगत कराना और ऐसे मामलों से प्रभावी ढंग से निबटने के लिए तैयार करना था, ताकि आमलोग ठगी का शिकार न बनें। आरबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में वित्तीय साक्षरता और उपभोक्ता संरक्षण पहले से अधिक जरूरी है। कार्यक्रम में फर्जी सिम कार्ड के जरिए होने वाले साइबर अपराधों की जानकारी के साथ सिम जारी करने की प्रक्रिया में हुए बदलाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंटेलिजेंस टूल्स के जरिए ऐसे अपराधों को रोकने में दूरसंचार विभाग की अहम भूमिका के बारे में चर्चा हुई। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को स्पष्ट किया। संपत्ति खंगाली जा रही, जब्त होगी साइबर थाने की पुलिस ने 2 फरवरी को रुपसपुर और उसके आसपास के इलाके में छापेमारी कर 22 साइबर अपराधियों को पकड़ा था। उनमें आकाश, धीरज और धर्मेंद्र प्रमुख थे। इन तीनों ने इस गिरोह के मोडस ऑपरेंडी के बारे में पुलिस को बताया। साथ ही फरार छह शातिरों की भी जानकारी दी। जांच में यह बात आई कि यह गिरोह पांच साल से कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों से ठगी कर रहा है। गिरोह ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। 10 शातिरों की चल-अचल संपत्ति का पता लगाया जा रहा है। इनके 15 से अधिक बैंक खातों की जानकारी मिली है। इन खातों का डिटेल संबंधित बैंक से मांगा गया है। इन शातिरों के परिजनों से भी पुलिस पूछताछ करेगी और जानेगी कि अर्जित संपत्ति का जरिया क्या है।
रायपुर में 3 दुकानों से करीब 7 लाख कैश उड़ाने वाले शातिर चोर को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी की पहचान लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक इतिहास किसी फिल्मी किरदार से कम नहीं। वारदात के बाद आरोपी नागपुर और दिल्ली फरार हो गया था, लेकिन रायपुर लौटते ही उसकी चालाकी धरी रह गई। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक ऐसा बयान दिया जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। लोकेश ने कहा कि वह चाहता था कि “सोने की कैंची से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल काटे।” पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे राज्यों में भी कई बड़ी चोरी की घटनाओं में वांटेड है। आरोपी दिल्ली, यूपी और तेलंगाना में अब तक 40 करोड़ से ज्यादा की चोरी कर चुका है। अब जानिए क्या है पूरा मामला शिव कुमार वर्मा ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी ‘लब-डब’ कपड़े की दुकान, जो पंडरी के माता गैराज के पास है। 31 जनवरी और 1 फरवरी की रात अज्ञात चोरों ने तोड़फोड़ कर कैश लूट लिया। दुकान के गल्ले से लगभग 2.75 लाख रुपए चोरी हो गए। इसी रात पास की नोवा फर्नीचर दुकान से 1.40 लाख रुपए और डिजाइनर सेनिटेशन के साथ हार्डवेयर दुकान से 2.85 लाख रुपए कैश चोरी किए गए। इस तरह कुल चोरी की रकम 7 लाख रुपए पहुंच गई। CCTV की मदद से आरोपी की शिनाख्त आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थलों के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपी की पहचान लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटनाएं कबूल की। उसके कब्जे से 79,500 रुपए कैश और 2 मोबाइल फोन, कुल करीब 1 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया। आरोपी ने मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदात करना स्वीकार किया है। कई राज्यों में चोरी की वारदात लोकेश श्रीवास पर दिल्ली, तेलंगाना, यूपी, राजनांदगांव, दुर्ग समेत कई जगहों पर ज्वेलरी शॉप और शोरूम में करोड़ों की चोरी के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, वह अब तक 2 दर्जन से ज्यादा चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। 2011 में की थी पहली चोरी लोकेश श्रीवास कवर्धा का रहने वाला है। उसने पहली चोरी 2011 में भिलाई संगम डेयरी में की थी। इसके बाद 2018 में भिलाई के पारख ज्वेलर्स में चोरी की। ये जानकारी भी सामने आई है कि लोकेश रायगढ़ जेल तोड़कर भाग चुका है। ……………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायपुर में 3 दुकानों से 7 लाख कैश चोरी: कपड़ा मुंह में बांधकर पहुचे थे चोर; CCTV फुटेज के आधार पर पहचान करने में जुटी पुलिस राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात चोरों ने तीन दुकानों के ताले तोड़कर गल्लों में रखी 7 लाख रुपए से अधिक की नकदी पर हाथ साफ किया है। पीड़ित कारोबारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिज़ाज अब बदल गया है। तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। आज शनिवार से लेकर 12 फरवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क (ड्राई) रहेगा। मौसम विभाग की ओर से कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दिन में धूप निकलेगी, हालांकि सतही ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। कुछ स्थानों पर कोहरा पड़ने की संभावना है। बीते 24 घंटों में अधिकतर इलाकों के तापमान में औसतन 0.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरीदकोट में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, आदमपुर में घना कोहरा देखने को मिला, जहां दृश्यता शून्य मीटर दर्ज की गई। अब रात का तापमान बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है और यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। राज्य के सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 6.0 से 9.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा। करीब 13 वर्षों बाद फरवरी में चंडीगढ़ में ऐसा तापमान दर्ज किया गया है। इससे पहले 6 फरवरी को न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। अन्य जिलों की बात करें तो अमृतसर में 6.3 डिग्री, लुधियाना 8.4 डिग्री, पटियाला 9.5 डिग्री, पठानकोट 7.5 डिग्री, फरीदकोट 6.0 डिग्री, एसबीएस नगर 7.3 डिग्री, फिरोजपुर 7.0 डिग्री, मानसा 9.1 डिग्री और रूपनगर में 8.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। गत साल से 30 फीसदी कम बारिश दर्ज मौसम विभाग के मुताबिक, साल 2022, 2023 और 2024 में फरवरी महीने में थोड़ी बहुत बारिश हुई थी, लेकिन पंजाब और हरियाणा में तब भी बारिश सामान्य से कम रही। वर्ष 2025 में भी करीब 30 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इस साल अब तक 34 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है। अभी यह सिर्फ शुरुआत है और आगे अच्छी बारिश के देखने के आसार कम हैं। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी का महीना बारिश के लिहाज से खास अच्छा नहीं रहा है। आठ को पहुंचेगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जो पहले ईरान और अफगानिस्तान के पास बना हुआ था, अब उत्तर अफगानिस्तान के आसपास पहुंच गया है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी हवाओं में एक सिस्टम भी बना हुआ है, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला है। इसके अलावा, 08 फरवरी 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। न्यूनतम तापमान में नहीं होगा बदलाव मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि अगले सात दिनों तक मौसम सूखा रहने की संभावना है। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। अगले तीन दिनों में कुछ स्थानों पर तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही, कुछ इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।
विधानसभा में सत्तापक्ष के विधायकों ने विपक्ष जैसे सवाल पूछे, जवाब में फंसे मंत्री प्रमोद
पटना| विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने सवाल पूछने में विपक्ष जैसी भूमिका निभाई। भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा के सवाल पर तो प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री के रूप में जवाब देते वक्त सहकारिता मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी फंसते नजर आए। नीतीश मिश्रा ने पूछा कि एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए क्या मानक हैं और उसमें कितने डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ होने चाहिए। इस पर प्रमोद चंद्रवंशी ने जवाब दिया कि इसे अगले वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। इस उत्तर पर सदन में ठहाके गूंजे। बाद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति को संभाला। मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी एंडोस्कोपी, एक्सपेंडिचर जैसे शब्द पढ़ने में भी अटकने लगे। विधायक इंद्रजीत गुप्ता के पूछने पर कि बिहार में 701 रुपए का प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य खर्च पड़ोसी राज्यों से भी कम है। इस पर चंद्रवंशी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो मंत्री विजय चौधरी को मोर्चा संभालना पड़ा। चंद्रवंशी ने कुछ सवालों के गलत जवाब दिए, उत्तर भी ठीक से पढ़ नहीं पाए। बाद में सम्राट चौधरी ने कई सवालों के जवाब दिए। इससे पहले अलीनगर की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर भी स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक सवाल के जवाब को असंतोषप्रद बता चुकी थी। पोर्टिको के पास भवन के बाहरी छज्जा का हिस्सा गिरा विधानसभा भवन के बाहरी छज्जा का एक हिस्सा शुक्रवार को गिरा। संयोग से तब वहां कोई नहीं था। कोई गाड़ी भी नहीं थी। अक्सर यहीं खड़े होकर विधायक, मीडियाकर्मियों से बात करते हैं। यह जगह मुख्य प्रवेश द्वार की पोर्टिको के ठीक बगल में है। बजट सत्र शुरू होने से पहले ही भवन की मरम्मत व रंग-रोगन हुआ था। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने यह मुद्दा सदन में उठाया। कहा- अगर वहां कोई होता तो कुछ भी हो सकता था। भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने जांच की मांग। उन्होंने आश्चर्य जताया कि लाखों रुपए खर्च करके मेनटेन रखी जाने वाली बिल्डिंग का छज्जा आखिर कैसे गिर गया?
‘मेरे बेटे ने सुसाइड नहीं किया, उसकी हत्या हुई है। बहू और उसके परिवार के लोगों ने मार डाला। वे लोग व्हाट्सएप ग्रुप कॉल कर धमकाते थे। बड़े धूमधाम से बेटे की शादी की थी। ऐसी बहू मिली कि मेरा सब कुछ छीन लिया।’ इतना कहते-कहते राजू मिश्रा फफक-फफक कर रो पड़े। इनके बड़े बेटे सौरभ मिश्रा ने 2 फरवरी को मुंबई में आत्महत्या कर ली थी। राजू मिश्रा मुंबई में रहते हैं। मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के हैं। 16 अप्रैल 2021 को सौरभ की शादी पूजा कुमारी से हुई थी। दोनों हनीमून मनाने गोवा गए। सिर्फ दो महीने में पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। 4 महीने बाद वे अलग रहने लगे। सौरभ अपनी पत्नी से इतना प्यार करता था कि सुसाइड नोट में उसके लिए Dear Wife लिखा। सौरभ ने आत्महत्या क्यों की? उसके परिवार के लोगों का क्या कहना है? नौबत यहां तक कैसे पहुंची? पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट.. । सौरभ मिश्रा ने क्यों खुद को खत्म करने का फैसला किया? ऐसी क्या मजबूरी थी? इन सवालों का जवाब जानने के लिए हम पूर्वी चंपारण के सुगौली थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव पहुंचे। इसी गांव में सौरभ का घर है। गांव में प्रवेश करते ही हमने एक व्यक्ति से पूछा सौरभ का घर कहां है? उसने पूछा कौन सौरभ तो हमने जवाब दिया राजू मिश्रा का बेटा था। इतना सुनकर उन्होंने रास्ता बताया। चंद कदम आगे बढ़े तो हम सौरभ के दरवाजे पर पहुंच गए। यहां हमें सौरभ के चाचा पप्पू मिश्रा और उसकी दादी जयकला देवी मिलीं। पप्पू मिश्रा ने बताया कि बड़े भइया राजू मिश्रा करीब 40 साल से मुंबई में रह रहे हैं। सौरभ का जन्म मुंबई में हुआ। वे लोग कभी-कभी गांव आते हैं। इसके बाद उन्होंने फोन पर हमारी बात राजू मिश्रा से कराई। आगे पढ़े जैसा राजू मिश्रा ने हमें फोन पर बताया… व्हाट्सएप ग्रुप कॉल कर मेरे बेटे को प्रताड़ित करती थी बहू राजू मिश्रा ने बताया, ‘बहू और उसके परिवार के लोगों ने मेरे बेटे को मरने के लिए विवश किया। पत्नी और ससुराल वालों के मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर मेरे बेटे ने आत्महत्या की। बहू, उसके माता-पिता और दोनों भाई व्हाट्सएप ग्रुप कॉल कर सौरभ को लगातार प्रताड़ित करते थे।’ हमसे बात करते-करते राजू मिश्रा फूट-फूटकर रोने लगे। बोले, ‘मेरे बेटे को धमकाया जाता था कि बर्बाद कर देंगे। परिवार के साथ रहने पर उसने सब सह लिया, लेकिन अकेला पड़ते ही टॉर्चर झेल नहीं पाया।’ बड़े धूमधाम से की थी बेटे की शादी, नहीं जानता था यह दिन देखना पड़ेगा राजू मिश्रा ने कहा, ‘सौरभ का जन्म नवी मुंबई में हुआ था। वहीं, उसने पढ़ाई की। पहले इंजीनियरिंग फिर 2013-15 के बीच एमबीए किया। वह हीरो कंपनी में काम कर रहा था। 16 अप्रैल 2021 को उसकी शादी बड़े धूमधाम से मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र के पदुमकेर निवासी देव कृष्ण झा की बेटी पूजा से हुई थी। नहीं जानता था बहू यह दिन दिखाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘पूजा चार दिन गांव में रही, फिर मायके चली गई। इसके बाद मुंबई आई और एक महीने रही। फिर यह कहकर चली गई कि उसका मन नहीं लग रहा है। इसके बाद पता चला कि वह गर्भवती है। परिवार ने कहा कि पटना में अच्छे डॉक्टर हैं, इसलिए वहीं रहो, लेकिन वह भाई को बुलाकर बुलंदशहर चली गई।’ ‘बाद में जानकारी मिली कि कोटा में चार दिन रही। बच्चा होने पर सौरभ वहां गया। उसी दौरान ससुर ने बच्ची को गोद में लेकर धमकी दी कि यही बच्ची तुम्हारा उपाय करेगी। वहां भी कहासुनी हुई, जिसके बाद सौरभ वापस मुंबई लौट आया।’ दहेज उत्पीड़न के केस से परेशान था बेटा, कई बार जाना पड़ा पटना राजू मिश्रा ने बताया, ‘2023 में पूजा ने पटना के रूपसपुर थाने में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। केस के सिलसिले में सौरभ को कई बार मुंबई से पटना आना पड़ा। वह पत्नी से केस खत्म कर साथ रहने की अपील करता रहा, लेकिन वह नहीं मानी।’ उन्होंने कहा, ‘कोर्ट ने हर महीने 25 हजार रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। मेरा बेटा नियमित रूप से पैसे दे रहा था। इसके बाद भी पूजा और उसके परिवार के लोग उसे धमका रहे थे। मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इस वजह से वह परेशान रहने लगा, लेकिन परिवार से कुछ नहीं कहता था।’ रात 8 बजे बेटे ने कहा खाना मंगा लिया है, इसके बाद संपर्क नहीं हुआ राजू मिश्रा ने बताया, ‘उनके पिता की बरसी थी, जिसके चलते पत्नी के साथ गांव आए थे। 1 फरवरी को मुंबई लौट रहे थे। रात करीब 8 बजे सौरभ से बात हुई। उसने कहा कि खाना मंगा लिया है और छोटे चाचा भी आए थे। इसके बाद संपर्क नहीं हुआ।’ दादी बोलीं- पूजा को मिले सजा हमने सौरभ की दादी जयकला देवी से बात की। सौरभ का नाम सुनते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, ‘यह कैसा कानून है जिसमें केवल लड़का ही दोषी होता है। इसके चलते मेरे घर का दीपक बुझ गया। मैं अपने पोते के लिए न्याय मांग रही हूं। पूजा को सजा मिलनी चाहिए।’ अब पूरा सुसाइड नोट पढ़िए…. Dear Wife पूजा, अब कहने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है। सल्फास का सुझाव देने के लिए धन्यवाद (Thank you for recommending Sulphas)। मैं वैवाहिक विवाद के मामले में हो रहे कानूनी उत्पीड़न से तंग आ चुका हूं। इसलिए अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मैंने कभी दहेज की कोई मांग नहीं की और न ही अपनी पत्नी या किसी अन्य के साथ किसी तरह का हिंसक व्यवहार किया। मम्मी-पापा अपना ध्यान रखिएगा प्रिय मम्मी-पापा, मैं जो कदम उठा रहा हूं, उसके लिए मुझे माफ कर दीजिए। शायद आप दोनों ने कभी कोई गलती नहीं की, लेकिन मैं कमजोर पड़ गया। इस उम्र में मुझे आप लोगों की सारी टेंशन दूर कर देनी चाहिए थी। मेरी वजह से आप दोनों बिना किसी गलती के इतनी परेशानी झेल रहे हैं। मुझसे यह अन्याय सहा नहीं जा रहा है। प्लीज अपना ख्याल रखिए और जल्दी सामान्य हो जाइएगा।मैं चाहता हूं कि आप लोग पूरी दुनिया घूमें। मजबूत बने रहिए। बेटी नैना हमेशा खुश रहना प्रिय बेटी नैना (3), कोई कुछ भी कहे, मैंने तुमसे हमेशा प्यार किया है और हमेशा करता रहूंगा। खुश रहो। वहीं अपने भाई के लिए सौरभ ने लिखा कि, प्रिय ऋषभ, माफ करना, मैं एक अच्छा भाई नहीं बन पाया। मजबूत रहना और मम्मी-पापा का ख्याल रखना। तुम्हारे साथ हमेशा अच्छा हो। न्याय के सामने इंसान बस आंकड़ा भर है प्रिय छोटे अंकल, कृपया दुखी मत होना। आपके नहीं चाहते हुए भी मैंने आपको टेंशन दे दिया था। न्याय के सामने एक इंसान महज एक आंकड़ा बनकर रह जाता है, जिसकी कोई अहमियत नहीं होती। हां, मैं वैवाहिक विवाद के मामले में कानूनी उत्पीड़न के कारण अपना जीवन खत्म कर रहा हूं। अपने अंतिम बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) के रूप में मैं यह प्रस्तुत करता हूं कि मैं पूरी तरह निर्दोष हूं और मैंने कभी भी दहेज की कोई मांग नहीं की है। न ही अपनी पत्नी या किसी और के साथ हिंसक व्यवहार किया।
मुख्यमंत्री नीतीश ने क्रिकेट खिलाड़ी अनु को सम्मानित किया, 23.43 लाख का चेक दिया
नेत्रहीन महिला टी-20 विश्वकप की विजेता भारतीय टीम की सदस्य हैं बक्सर की खिलाड़ी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 1 अणे मार्ग में प्रथम नेत्रहीन महिला टी-20 विश्व कप-2025 की विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी अनु कुमारी को सम्मानित किया। उन्हें 23 लाख 43 हजार 750 रुपए का चेक एवं अंगवस्त्र प्रदान किया। अनु ने भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अनु कुमारी बक्सर के सिमरी के मुकुंदपुर गांव से हैं। सीएम ने कहा कि हमारे लिए यह प्रसन्नता की बात है कि बिहार की बेटी ने प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल किया है। अनु कुमारी से कहा- आप बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। वहीं, खिलाड़ी अनु ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता दे रही है। बिहार में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का अच्छा विकास हुआ है जिसका लाभ खिलाड़ियों को मिल रहा है।
टीआरई 4 : 44 हजार पदों पर भर्ती का रोस्टर विभाग को
टीआरई-4 के तहत 44 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसका रोस्टर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। जांच के बाद वास्तविक पद बीपीएससी को भेजे जाएंगे। इसके बाद बीपीएससी वैकेंसी निकालेगा। भर्ती कक्षा 1 से 12वीं तक होगी। कक्षा 1 से 8वीं तक 19 हजार पद होंगे। कक्षा 9 से 10वीं तक 12 हजार पद होंगे। कक्षा 11 से 12वीं तक 13 हजार पद होंगे। सबसे अधिक भर्ती गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स में होगी। बिहार में फिलहाल लगभग 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले दो वर्षों में टीआरई-1, 2 और 3 के तहत 2.27 लाख शिक्षकों की भर्ती हुई है। इसके अलावा करीब 3 लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर राज्यकर्मी बने हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि टीआरई-4 के तहत बीपीएससी जल्द वैकेंसी निकालेगा। बिहार की महिलाओं को 35% आरक्षण मिलेगा टीआरई-4 में 35% महिला आरक्षण मिलेगा। इसका लाभ बिहार के मूल निवासियों को मिलेगा। इस बार एक अभ्यर्थी का एक ही रिजल्ट होगा। पहले अलग-अलग कक्षा के लिए एक ही अभ्यर्थी के कई रिजल्ट आते थे। पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी
नगर निकायों में ‘लोकतंत्र’: अब स्थानीय कैबिनेट के लिए इलेक्शन
बजट सत्र में ही नगरपालिका (संशोधन) विधेयक को मंजूरी मिलेगी अब राज्य के शहरी निकायों की कैबिनेट (सशक्त स्थायी समिति) के सदस्य इलेक्शन से चुने जाएंगे। निकाय के सभी सदस्य वोटर होंगे। मतदान गुप्त होगा। अभी सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों को महापौर, मुख्य पार्षद व अध्यक्ष के द्वारा नामित किया जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी गई। चालू बजट सत्र में ही इसे विधानमंडल से पारित करा कानून बना दिया जाएगा। इलेक्शन प्रक्रिया गुप्त मतदान के द्वारा बहुमत के आधार पर जिला पदाधिकारी के पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण में पूरी होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जिलास्तरीय विकास संबंधित बैठकों में संबंधित जिले के सांसद और विधायक या उनके प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इससे योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में उनकी भूमिका निर्धारित हो सकेगी। चालू वित्तीय वर्ष के तृतीय अनुपूरक बजट की मंजूरी कैबिनेट ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक बजट की भी मंजूरी दे दी है। अहले हफ्ते इस पर मुहर लग जाएगी। कैबिनेट ने लोगों को मिल रही फ्री बिजली के जीएटी भुगतान के लिए 350 करोड़ की मंजूरी दी है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजे में बढ़ोतरी सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए सरकार ने मुआवजे की राशि को दोगुना कर दिया है। अब दुर्घटना के शिकार लोगों को मिलने वाली सरकारी मदद पहले के मुकाबले दोगुनी होगी। प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद शव सरकार लाएगी अब यदि किसी प्रवासी मजदूर की राज्य के बाहर या देश के बाहर मौत होती है, तो उनकी डेड बॉडी को सरकार अपने खर्च पर बिहार लाएगी। दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। योजनाओं में भागीदारी व परादर्शिता बढ़ेगी नई व्यवस्था में बहुमत से वोटर की मार्फत सशक्त स्थायी समिति तैयार होगी तो सबकी योजनाएं आगे बढ़ेंगी। विकास योजनाओं के चयन में पारदर्शिता रहेगी। मेयर अपनी पसंद के लोगों को समिति में नहीं बिठा पाएंगे। अब वार्ड पार्षदों की ताकत बढ़ेगी क्योंकि समिति के सदस्य बनने के लिए उन्हें मेयर की कृपा के बजाय अपने साथी पार्षदों का विश्वास (वोट) जीतना होगा। अब हर पार्षद के पास यह मौका होगा कि वह कैबिनेट का हिस्सा बने। फायदा क्या? नगर निकायों में अक्सर यह शिकायत रहती थी कि मेयर और उनके करीबी सदस्य ही सारी योजनाओं पर कब्जा कर लेते हैं। गुप्त मतदान से चुनी गई समिति में विपक्षी गुट के सदस्यों के आने की संभावना भी बढ़ेगी। विकास कार्यों में निष्पक्षता आएगी। जरूरत क्यों ? अभी मेयर या कमिश्नर पसंद के पार्षदों को सशक्त स्थायी समिति में नामित करते थे। इससे अनियमितता की लगातार शिकायत आती थी। जिनको जगह नहीं मिलती थी, वे मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की साजिश रचते थे। विकास कार्य रुक जाते थे।
शहीद सैनिकों के परिवार को खेती-घर के लिए जमीन मिलेगी
5 साल तक वार्षिक लगान भी नहीं लेगी युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों (परिवार) को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवास के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी।यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो। ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, पर 5 वर्ष तक वार्षिक लगान भी नहीं ली जाएगी। इसके लिए सेलर्स, सोल्जर्स एवं एयरमेन बोर्ड की अनुशंसा और न्यूनतम 6 माह की संतोषजनक सेवा का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह निर्णय लिया गया है। बिहारी होना जरुरी, निजी आवासीय जमीन नहीं हो भूमि बंदोबस्ती के लिए आश्रित का बिहार राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। उनके पास आवास हेतु पहले से निजी जमीन न हो। यदि निजी आवासीय जमीन उपलब्ध पाई जाती है, तो बंदोबस्ती नहीं की जाएगी।
कुरुक्षेत्र के KDB मेला ग्राउंड में चल रहे पशु मेले में 50 लाख का एक घोड़ा पहुंचा। यह फतेहाबाद के लेरिया गांव से लाया गया है। नुकरे नस्ल के इस घोड़े का नाम बादशाह है, जो सिर से पैर तक पूरी तरह सफेद है। बादशाह की उम्र 28 महीने है और यह 65 इंच ऊंचा है। इसकी कीमत सुनकर पशु मेले में आए पशुपालक भी हैरान हैं। घोड़े के मालिक पूर्व सरपंच संतलाल ने बताया कि आंध्र प्रदेश का एक व्यक्ति बादशाह को लेने के लिए आया था, उसने इसकी कीमत 50 लाख रुपए लगाई थी। मगर, उसे मना कर दिया क्योंकि उन्होंने बादशाह को बेचने के लिए नहीं पाला। संतलाल ने यह भी बताया कि बादशाह को सर्दी और गर्मी में अलग-अलग डाइट दी जाती है। सर्दियों में उसे दूध में बादाम दिया जाता है। हफ्ते में 4 बार उसकी तेल से मालिश की जाती है। अब सिलसिलेवार ढंग से घोड़े बादशाह के बारे में जानिए… मां-बाप भी नुकरा नस्ल के थे संतलाल ने बताया कि बादशाह की मां फतेह भी नुकरा नस्ल की घोड़ी थी। बादशाह के जन्म के बाद फतेह की मौत हो गई थी। बादशाह उसकी पहली और अंतिम निशानी है। इसके पिता का नाम हंसराज बिल्ला और दादा का नाम राजबीर सूर्यबाली था। उन्होंने बड़े शौक और पूरी देखभाल के साथ बादशाह की परवरिश की है। तीनों टाइम की अलग-अलग डाइट संतलाल ने आगे कहा कि बादशाह को दिन में तीन बार अलग-अलग खुराक देते हैं। सुबह को 2 से 3 किलो उबले काले चने दिए जाते हैं। सुबह 11 बजे उसे घुमाने के लिए फार्म पर लेकर जाते हैं, जहां वह घास चरता है। शाम को उसे गाय का दूध पिलाया जाता है। सर्दी में उसे दूध में बादाम उबालकर देते हैं और बाजरा भी दिया जाता है। गाजर और देसी घी की चूरी भी खिलाते उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में उसे मक्खन भी खिलाया जाता है। इसके अलावा जौ, गाजर, गाजर का जूस और देसी गाय के घी की चूरी देते हैं। चूरी को 100-150 ग्राम घी में बनाया जाता है और उसमें बादाम भी पीसकर मिला देते हैं। हफ्ते में 3 से 4 दिन उसकी तेल से मालिश होती है। इसे हर रोज नहलाया जाता है। बादशाह की सेवा के लिए उन्होंने अलग से कोई आदमी नहीं रखा है, क्योंकि वह उनका अपना है और उसकी हर जरूरत उन्हें ही पूरी करनी है। 40 साल पहले दादा रखते थे घोड़ी संतलाल ने बताया कि उन्हें अपने दादा प्रताप सिंह से घोड़े रखने का शौक लगा। करीब 40 साल पहले उनके दादा के पास एक घोड़ी थी। दादा अपनी घोड़ी की सेवा खुद करते थे। बादशाह की तरह घोड़ी को इतनी विशेष खुराक तो नहीं दी जाती थी, लेकिन उनके दादा उसकी ठीक तरह से देखभाल करते थे। दादा के बाद से उन्होंने घोड़े रखना शुरू कर दिया। घोड़ा पालने की गुजरात से ट्रेनिंग ली उन्होंने बताया कि वे गाय, भैंस और झोटे पीढ़ी दर पीढ़ी रखते आए हैं, जिनके बारे में उन्हें लगभग सारी जानकारी है। घोड़े रखने में उन्हें शुरू में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि घोड़ों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। फिर उन्होंने गुजरात से स्पेशल और प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेकर यह काम शुरू किया। फिलहाल, उनके पास 8 और घोड़े हैं। दौड़ का मास्टर है बादशाह संतलाल ने यह भी बताया कि बादशाह पहली बार किसी कॉम्पिटिशन में उतरा है। उन्हें उम्मीद है कि बादशाह यह कॉम्पिटिशन जरूर जीतेगा। उनका बादशाह को बेचने का कोई इरादा नहीं है। उनका घोड़ा सुंदरता के साथ-साथ दौड़ने में भी 'बादशाह' है। बादशाह 1 सेकंड में 35 से 40 फुट तक दौड़ लगा सकता है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कुरुक्षेत्र पशु मेले में आया ₹1 करोड़ का घोड़ा:₹29 करोड़ के 'भारत रत्न' का बेटा अतिबल; देसी घी की चूरी खाता, एक घंटे मालिश होती हरियाणा के कुरुक्षेत्र में केडीबी मेला ग्राउंड में लगे पशु मेले में ₹1 करोड़ का घोड़ा पहुंचा। यह घोड़ा कैथल के गुहला-चीका के पूर्व MLA के फॉर्म से लाया गया। मारवाड़ी नस्ल के घोड़े का नाम अतिबल है। मजबूत कद-काठी, चमकदार रंग, संतुलित चाल और बेहतरीन ग्रूमिंग अतिबल की पहचान है। पढ़ें पूरी खबर…
शहर में लूट की नीयत से श्रमिक प्रेम गमेती (32) की हत्या करने वाले तीन में से दो लूटेरों को पुलिस 24 घंटे में ही पकड़ लाई। खास बात यह है कि पुलिस ने सिर्फ 10 घंटे में ही तीनों को नामजद कर लिया था। भास्कर इसका खुलासा सबसे पहले कर रहा है। हिरणमगरी थाना पुलिस ने कल्याणपुर निवासी ईश्वर उर्फ जैरी को गिरफ्तार और एक नाबालिग को डिटेन किया है। वारदात के बाद एसपी योगेश गोयल के निर्देशन में एएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ ने बदमाशों को पकड़ने के लिए 10-12 टीमें गठित की। हिरणमगरी थानाधिकारी भरत योगी ने टीमों के साथ मिलकर दो दिन में 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इनमें आरोपियों के वारदात करने से लेकर भागने तक के फुटेज सामने आ गए। नाबालिग और जैरी के परसाद बस स्टैंड पर होने की सूचना मिली। पुलिस ने हिम्मतनगर के पास गंभोई थाना पुलिस की मदद से नाकाबंदी कर बस रोकी। फिर दोनों बदमाशों को डिटेन किया। सीआई योगी मय टीम ने पहुंच कर दोनों को उदयपुर ले आई। तीसरा आरोपी विजय सिंह पथिक नगर कच्ची बस्ती निवासी जगदीश उर्फ जग्गू फरार है। पुलिस मौका स्थल की तस्दीक कराने ले गई तो दोनों ने भागने का प्रयास किया। खड्डे में गिरने से दोनों को चोटें आई और एक का पैर टूट गया। अब पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। खड्डे में गिरने से एक की टांग टूटी, मुआवजे के आश्वासन पर माने परिजन गुरुवार को प्रेम गमेती के परिजन और समाजजन एमबी मॉर्चरी के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने मुआवजा, संविदा पर नौकरी, लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई और आरोपियों को पकड़ने की मांग थी। यह प्रदर्शन दूसरे दिन शुक्रवार को भी चलता रहा। शाम को प्रशासन की ओर से पीड़ित प्रतिकर आयोग व मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता दिलाने, संविदा पर नौकरी देने और चिकित्सकीय लापरवाही पर जांच के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। फिर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। वारदात कर तीनों घर पहुंचे, फिर जैकी व नाबालिग गुजरात के लिए निकले, जगदीश अलग हुआ, वह अब भी फरार : आरोपी जग्गु, जैरी व नाबालिग साथी गुरुवार सुबह 4:16 बजे जड़ाव नर्सरी रोड पर रॉन्ग साइड पर बाइक लेकर घूम रहे थे। तभी सामने से प्रेम गमेती आते हुए दिखे। तीनों ने दौड़कर उनका पीछा किया। करीब 150 मीटर पीछा किया, लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं पाए। ऐसे में बदमाशों ने पीछे से उन पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचाने पर तीनों भाग गए। फिर तीनों विजय सिंह पथिक नगर के पास कच्ची बस्ती में अपने मकान में पहुंचे। फिर तीनों यहां से निकले। जगदीश उर्फ जग्गू दोनों साथियों से अलग हो गया। जैरी और नाबालिग परसाद बस स्टैंड पहुंचे। यहां से गुजरात जाने के लिए बस में बैठ गए। प्रेम गमेती को परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया था।
300 किलो सोने का लुटेरा वैशाली का प्रिंस एनकाउंटर में मारा गया
इस साल का पहला फुल एनकाउंटर- 2 लाख का इनामी था, 28 केस दर्ज थे एसटीएफ और वैशाली पुलिस ने कुख्यात सोना लुटेरा प्रिंस उर्फ अभिजीत उर्फ चश्मा को एनकाउंटर में मार गिराया। प्रिंस सुबोध सिंह गैंग का शार्प शूटर था। उस पर 2 लाख रुपए का इनाम घोषित था। प्रिंस मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, यूपी, चेन्नई, पंजाब और ओडिशा में 300 किलो सोना लूट की वारदातों में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, फायरिंग और आर्म्स एक्ट के 30 केस दर्ज थे। वह वैशाली के गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का रहने वाला था। वैशाली सदर थाना की हनुमाननगर कॉलोनी में पुलिस ने उसे घेर लिया। अपने को घिरता देख प्रिंस और उसके साथी त्रिलोकी कुमार उर्फ रिशु ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब 30 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की गोली से प्रिंस और रिशु दोनों घायल हो गए। दोनों को सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। घायल रिशु को गिरफ्तार कर लिया गया। इस ऑपरेशन में वैशाली एसपी विक्रम सिहाग और एसटीएफ एसपी अंजनी कुमार मौजूद थे। एसटीएफ के ट्रेंड कमांडो और स्थानीय पुलिस भी शामिल थी। यह बिहार में इस साल का पहला फुल एनकाउंटर है। पिछले साल दिसंबर में बेगूसराय में एक कुख्यात मारा गया था। रिशु पटना के आलमगंज का रहने वाला है। उस पर आलमगंज थाना में हत्या का केस दर्ज है। पत्रकारनगर थाना में भी मामला दर्ज है। प्रिंस पर पटना के पीरबहोर थाना में पीएमसीएच से भागने का केस दर्ज है। फ्लैश बैक... 17 महीने पहले पीएमसीएच से भागा था प्रिंस सिपाहियों को पहले पार्टी दी, फिर भागा प्रिंस बेऊर जेल में बंद था। 25 अगस्त 2024 को सीने में दर्द का बहाना कर पीएमसीएच में भर्ती हुआ। 4 सितंबर को प्रिंस कदमकुआं के एक डॉक्टर के मकान में गया। वहां सुरक्षाकर्मियों को पार्टी दी गई। सुरक्षाकर्मियों को कमरे में बंद कर भाग गया। फिर सोना लूटने की थी तैयारी पुलिस के अनुसार प्रिंस फिर से वैशाली में सोना लूट की योजना बना रहा था। वारदात के बाद नेपाल भागने की फिराक में था। नेपाल में सुबोध गिरोह को पनाह देने वाले लोग सक्रिय हैं। उसने 2019 में हाजीपुर में 55 किलो, आसनसोल में 56 किलो और 2022 में कटनी में 16 किलो सोना लूटा था। उसका बाहर रहना पुलिस को खटक रहा था। सात दिन से चल रही थी रेकी पुलिस ने पहले उसके घर पर पोस्टर चिपकाकर सरेंडर करने को कहा था। लेकिन वह बार-बार ठिकाना बदल रहा था। पिछले 7 दिनों से एसटीएफ और वैशाली पुलिस उसकी रेकी कर रही थी। शुक्रवार को सूचना मिली कि वह हनुमाननगर कॉलोनी में छिपा है। सरेंडर कहने पर उसने तीन राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में प्रिंस मारा गया और रिशु घायल हुआ। बीटेक छात्र से बना कुख्यात अपराधी प्रिंस के दादा 29 साल तक मुखिया रहे थे। वह समृद्ध परिवार से था। उसने हाजीपुर के बड़े स्कूल से पढ़ाई की। बाद में पटना साहिब इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक करने लगा। यहीं से वह अपराध की दुनिया में उतर गया। बाद में सुबोध गैंग में शामिल हो गया। हवलदार की हत्या कर फरार कराया गया था 2018 में पातेपुर कांड में प्रिंस को वैशाली कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान उसके गुर्गों ने हवलदार राम एकबाल रविदास की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद प्रिंस को भगा लिया गया। फरारी के दौरान उसने पंजाब में बड़ी सोना लूट की वारदात की।
बिश्नोई गैंग के नाम पर डॉक्टर से मांगी 2 करोड़ रंगदारी
वाट्सएप कॉल से वीपीएन का इस्तेमाल कर दुबई से मांगी गई रंगदारी, गांधी मैदान थाने में केस लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर किसी ने वाट्सएप कॉल कर पटना के डॉक्टर जियाउल रहमान आजाद से 2 करोड़ की रंगदारी मांगी है। डॉ. रहमान गांधी मैदान थाना इलाके के एग्जीबिशन रोड में रहते हैं। उनके मोबाइल पर दो करोड़ की रंगदारी 31 जनवरी 2026 को रात 9:32 बजे आई थी। उस वक्त वे घर पर ही थे। रंगदारी मांगे जाने के बाद वे सहम गए। उन्होंने गांधी मैदान थाना में केस दर्ज करा दिया। गांधी मैदान थानेदार ने बताया कि पुलिस उस नंबर का पता लगाने में जुटी है। डॉ. जियाउल रहमान को एक बार वाटसएप कॉल आया तो रिसीव नहीं किया। दूसरी बार कॉल आया तो रिसीव करने पर कहा कि जियाउल रहमान बोल रहे हो। फोन मत रखना। कनाडा से बोल रहा हूं। अपने का राहुल या रोहित गैंग का आदमी कहकर बोला कि 2 करोड़ रुपए चाहिए। उसपर डॉक्टर ने कहा कि गलत आदमी को कॉल कर दिए और फोन काट दिए। फिर कॉल किया तो उसका नंबर ब्लॉक कर दिए। इसी साल 22 जनवरी को मसौढ़ी में पुलिस के साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बिहार प्रभारी परमानंद यादव की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें वह घायल हो गया था। परमानंद झारखंड के लातेहर का रहने वाला है। वह जक्कनपुर में रह रहा था। परमानंद का कनेक्शन झारखंड के अमन साहू, राहुल सिंह और राहुल दुबे से भी है। अमन साहू का शार्प शूटर राहुल सिंह अभी कनाडा में है। परमानंद यादव माओवादी संगठन से जुड़ा है। परमानंद पर गुमला, लातेहर व झारखंड के अन्य जिलों में 20 केस दर्ज है। रंगदारी मांगने वाला राहुल का आदमी नहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े राहुल सिंह का नाम लेकर डॉक्टर से रंगदारी मांगी गई है। उसका कोई कनेक्शन इस गिरोह से नहीं है। केवल उसने रंगदारी मांगने व उन्हें भयभीत करने के लिए राहुल का नाम लिया है। रंगदारी मांगने वाला कोई पेशेवर नहीं बल्कि पटना या आसपास का है। अगर पेशेवर अपराधी होता तो वह-बार उन्हें कॉल करता। किसी शातिर ने वीपीएन से इंटरनेट कॉल किया है। जिस नंबर +971544978891 से कॉल किया गया है वह दुबई का है। इस नंबर को ट्रेस करना आसान नहीं है। मोबाइल के आईएमईआई नंबर से ही गिरफ्तारी होगी।
नई विज्ञापन पॉलिसी: नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना नहीं लगेगा
राज्य सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली-2025 के संशोधन पर मुहर लगा दी है। पटना नगर निगम समेत सभी निकायों को संशोधित नियमावली-2025 का ड्राफ्ट भेजा गया है। अब सभी निकाय इसपर अपनी सहमति देंगे। इसके बाद यह लागू होगा। नियमावली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। खासकर आउटडोर विज्ञापन लगाने वालों पर जुर्माने के प्रावधान को हटाना शामिल है। शनिवार को पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में इसपर चर्चा होगी। विपक्षी पार्षदों द्वारा इस पर सवाल खड़े किए जाएंगे। विज्ञापन पॉलिसी का उल्लंघन कर होर्डिंग या विज्ञापन लगाने वालों पर 100 से 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का नियम था। इसे अब हटा दिया गया है। इसकी जगह सशक्त स्थायी समिति को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। संशोधित पॉलिसी में कहा गया है कि नगरपालिका अधिनियम-2027 के तहत विज्ञापन पॉलिसी के नियमों के उल्लंघन पर सुसंगत कार्रवाई होगी। म्यूनिसिपल बॉन्ड पर चर्चा पटना नगर निगम अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की योजना बना रहा है। इस मामले को बोर्ड से पास कराने के लिए एजेंडा लाया गया है। वार्ड-38 के पार्षद डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि तीन तरह के बॉन्ड जारी होते हैं और उन्हें लागू करने के लिए कई स्तर पर प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है। बॉन्ड की मैच्योरिटी कितने साल की होगी और आगे की प्लानिंग क्या है, इसको स्पष्ट करना होगा। पॉलिसी न होने से दिक्कतें : बेतरतीब लगाई जा रहीं होर्डिंग्स बेतरतीब होर्डिंग्स लग रहीं : विज्ञापन पॉलिसी लागू नहीं होने से शहर में बेतरतीब होर्डिंग्स और बैनर लगाने की होड़ मची है। सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना बहुमंजिले भवनों पर लोहे के बड़े-बड़े ढांचे को खड़ा कर दिया गया है। इससे जहां शहर की सूरत बिगड़ रही है, वहीं राहगीरों के लिए खतरा भी पैदा हो रहा है। लेकिन, नगर निगम को उनपर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। आज नगर निगम बोर्ड की बैठक में चर्चा होगी डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए वाहन-उपकरण की खरीदारी। प्रत्येक वार्ड में 1-1 करोड़ रुपए की योजना।- वार्डों में उच्च क्षमता की 14 बोरिंग लगाना। संपत्ति कर पर ब्याज और जुर्माना में छूट।- पिछली बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि। बोर्ड बैठक के एजेंडा संशोधित विज्ञापन पॉलिसी के ड्राफ्ट की पूरी जानकारी पार्षदों को नहीं दी गई है। यह नहीं बताया गया है कि शुल्क निर्धारण का बेस रेट क्या होगा। साथ ही शहर के अलग-अलग जोन में लगने वाले आउटरडोर विज्ञापन के शुल्क के बारे में नहीं बताया गया है। निजी-सरकारी जमीन और भवन पर आउटडोर होर्डिंग्स लगााने के बारे में स्पष्ट तौर पर जानकारी नहीं है। इन सभी मुद्दों को लेकर बोर्ड की बैठक में चर्चा होगी। बेस रेट की जानकारी नहीं 50 करोड़ का सालाना नुकसान : विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से नगर निगम को 10 साल से राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। सालाना 50 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है। राज्य के सभी 19 नगर निगमों के साथ नगर परिषदों और नगर पंचायतों में यही हाल है।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
12 पैसेंजर ट्रेनें लेट, इंटर परीक्षार्थियों को दिक्कत
गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर निर्माण कार्य के कारण रेलवे ने 21 मार्च तक मेगा ब्लॉक लगाया है, जिससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। 53213/53214 पटना-गया-पटना पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई है। कुछ पैसेंजर ट्रेनें आरा और बख्तियारपुर मार्ग से चलाई जा रही हैं। इससे पटना-आरा सेक्शन पर दबाव बढ़ा है। शुक्रवार को यहां एक दर्जन से अधिक पैसेंजर ट्रेनें 30 से 60 मिनट तक देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। इंटर परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। शाम 4 बजे के बाद पटना जंक्शन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों में भी धक्कामुक्की की स्थिति रही। उधर, पटना जंक्शन-थावे जंक्शन और दानापुर-वैशाली के बीच सवारी ट्रेन नहीं चलने से यात्री परेशान हैं। बिहार डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने इन ट्रेनों का परिचालन करने की मांग की है। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें 13243 पटना-भभुआ रोड इंटरसिटी, 13244 भभुआ रोड-पटना इंटरसिटी, 14223 राजगीर-वाराणसी बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस, 14224 वाराणसी-राजगीर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस, 13330 पटना-धनबाद गंगा दामोदर एक्सप्रेस, 13329 धनबाद-पटना गंगा दामोदर एक्सप्रेस, 18625 पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस, 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस, 18183/18184 टाटा-बक्सर-टाटा एक्सप्रेस, 63389/63390 पटना-नवादा-पटना मेमू।
हाईकोर्ट ने कहा-सभी थानों को ध्वनि प्रदूषण रोकने का निर्देश दें एसएसपी
पटना हाईकोर्ट ने पटना के एसएसपी को सभी थाना प्रभारियों को ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए अपने स्तर से निर्देश जारी करने को कहा है। न्यायमूर्ति राजीव राय की एकलपीठ ने सुरेंद्र प्रसाद की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया। इसके पहले सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने पीरबहोर, गोपालपुर, कदमकुआं और अन्य थानों की रिपोर्ट पेश की, जिसमें दिखाया गया कि उनके क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के कदम उठाए जा रहे हैं। डीजीपी कार्यालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रताप ने कोर्ट को बताया कि अब 112 डायल सेवा नागरिकों के लिए ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने का एक मंच बन गई है। प्रतिबंधित समय (रात 10 से सुबह 6 बजे) के दौरान शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई होगी। कोर्ट ने त्वरित कार्रवाई के लिए डीजीपी कार्यालय के इस कदम की सराहना की। कोर्ट मित्र अजय ने बताया कि कुछ कदम उठाए गए हैं, लेकिन कदमकुआं, पीरबहोर, रूपसपुर, बुद्धा कॉलोनी और गांधी मैदान जैसे क्षेत्रों में अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि एसएसपी को सभी थानों में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता शिवेंद्र किशोर ने बताया कि दानापुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के कारण उड़ने वाली धूल को लेकर उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। कोर्ट ने मामले को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हुए बोर्ड को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिसमें पटना में वायु प्रदूषण (विशेषकर धूल की समस्या) को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों का भी विवरण हो। अधिकतम आवाज कितनी होनी चाहिए (डेसिबल में) क्षेत्र दिन रात अस्पताल, स्कूल 50 40 आवासीय क्षेत्र 55 45 वाणिज्यिक क्षेत्र 65 55 औद्योगिक क्षेत्र 75 70 75 डेसिबल से अधिक आवाज हानिकारक 65 डेसिबल से अधिक की ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण माना जाता है। 75 डेसिबल से अधिक होने पर यह हानिकारक हो जाता है। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 के अनुसार, इन सीमाओं का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है। यदि ध्वनि स्तर निर्धारित मानक से 10 डेसिबल से अधिक है तो शिकायत की जा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, आरामदायक नींद के लिए रात में 30 डेसिबल से कम का शोर स्तर आदर्श है।
तेज प्रताप यादव के रहने के दौरान सफेद दिखने वाला पटना का 26 एम स्टैंड रोड स्थित सरकारी बंगला भगवा रंग में रंग रहा है। यह बंगला एससी-एसटी कल्याण मंत्री और भाजपा नेता लखेंद्र पासवान को अलॉट हुआ है। लखेंद्र पासवान ने आरोप लगाया था कि तेज प्रताप घर खाली करते समय कुर्सी, एसी, बल्ब तक उखाड़कर ले गए। जवाब में तेज प्रताप ने कहा, ‘मैंने अपने पैसे से एसी, पंखे लगाए थे। जब बंगला मिला था, तब नरक जैसा था। हमने स्वर्ग जैसा बनाया।’ क्या है तेज प्रताप के पहले के बंगले की स्थिति, मंत्री लखेंद्र पासवान के दावों में कितनी सच्चाई है। पढ़ें, भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट…। सबसे पहले जानिए, लखेंद्र पासवान ने क्या आरोप लगाए थे तेज प्रताप को 25 नवंबर 2025 को बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। इसके बाद उन्होंने इसे खाली किया। बंगला मंत्री लखेंद्र पासवान को मिला। 31 जनवरी 2026 को मंत्री आवंटित बंगले में पहुंचे तो यहां की स्थिति देखकर चौंक गए। आरोप लगाया कि तेज प्रताप ने सरकारी बंगले को खंडहर बना दिया। छत तक डैमेज कर डाला। यह रहने लायक नहीं। पंखा, कुर्सी, एसी और बल्ब जैसे सामान ले गए। मंत्री की शिकायत के बाद बंगले की मरम्मत की जा रही है। अब जानिए, सच्चाई, AC-पंखे गायब, चल रही मरम्मत मंत्री और पूर्व मंत्री के दावों की पड़ताल के लिए हम 26 एम स्टैंड रोड स्थित सरकारी बंगला पहुंचे। देखा कि दो मंजिला बंगला के पहली मंजिल में तीन कमरे हैं। ऊपरी मंजिल में दो कमरा और एक हॉल है। हम सभी कमरों में गए, उसकी हालत देखी.. ग्राउंड फ्लोर, रूम नंबर 1 हमने देखा कि मरम्मत का काम चल रहा है। वाडरोब के लिए लड़की का फ्रेम तैयार किया गया है। कमरे में ट्यूबलाइट लगी है। बिजली के बोर्ड और स्वीच की हालत ठीक है, लेकिन AC नहीं है। कमरे में रंग की एक परत लगाई गई है। फाइनल टच देना बाकी है। ग्राउंड फ्लोर, रूम नंबर 2 इसके बाद हम दूसरे कमरे की ओर बढ़े। इसके दरवाजे पर ओम और स्वास्तिक का चिह्न बना है। अंदर बांस की सीढ़ी लगाई गई है। इसपर चढ़कर मिस्त्री ने छत के प्लास्टर में हुई टूट-फूट की मरम्मत की। खिड़की के ऊपर दीवार की भी मरम्मत की गई। इस कमरे की हालत ज्यादा खराब नजर आई। ग्राउंड फ्लोर, रूम नंबर 3 गली से होते हुए हम तीसरे कमरे में पहुंचे। इसके छत के बड़े हिस्से का प्लास्टर छतिग्रस्त हो गया था। उसे ठीक किया गया है। इस कमरे को तेजप्रताप पूजा घर की तरह इस्तेमाल करते थे। देवी-देवताओं की मूर्ति और तस्वीर रखने के लिए खासतौर पर बनाए गए रैक। हवन के दौरान निकलने वाले धुएं को बाहर निकालने के लिए दीवार काटकर एग्जॉस्ट फैन लगाया गया है। इस रूम में हमें बल्ब दिखे। इस कमरे के बगल में हमें छोटा किचन दिखा। इसके बाद एक बाथरूम था। तेजप्रताप बाथरूम का इस्तेमाल नहाने की जगह फूल और पूजा के दूसरे सामान धोने के लिए करते थे। पहली मंजिल के तीनों रूम में हमें AC नहीं दिखा। फर्स्ट फ्लोर, रूम नंबर 4 सीढ़ी चढ़कर हम पहली मंजिल पर पहुंचे। यहां तेज प्रताप रहते थे। ग्राउंड फ्लोर का इस्तेमाल उनके स्टाफ और सहयोगी करते थे। सीढ़ी खत्म होते ही हम पहली मंजिल के बड़े हॉल में पहुंचे। देखा कि कुछ मजदूर दीवारों को पेंट कर रहे हैं। कमरे में ट्यूबलाइट जल रहे थे। इसमें लगे वार्डरोब को ठीक किया जा रहा है। दीवार पर कोई AC नहीं दिखा। फर्स्ट फ्लोर, रूम नंबर 5 इसके बाद हम हॉल से लगे दूसरे कमरे में गए। इस कमरे की हालत ठीक नजर आई। यहां भी रंग-रोगन का काम चल रहा था। रूम में लाइट की अच्छी व्यवस्था थी। इसमें हाथ-मुंह धोने के लिए सिंक लगा है। पास मौजूद बाथरूम की स्थिति भी अच्छी दिखी। इसके बाद हम बालकनी होते हुए पहली मंजिल के तीसरे कमरे में गए। फर्स्ट फ्लोर, रूम नंबर 6 देखा कि प्लाई से वार्डरोब तैयार किया गया है। इसे दीवार में पहले से बनाए गए ढांचे से जोड़ा जाना है। हमने वहां काम कर रहे लोगों से बात की। एक व्यक्ति ने बताया कि पहले लगी लकड़ी खराब हो गई थी। उसे हटाकर हम नया लगा रहे हैं। इस रूम में हमें छत से लटकती बिजली के तार की पाइप नजर आई। इसके बाद हम पहली मंजिल पर मौजूद छोटे से छत पर गए। यहां की दीवार पर टूट और दरारें साफ नजर आ रहीं थीं। इसके बाद छत पर पहुंचे। 25 नवंबर को मिला था आवास खाली करने का नोटिस तेज प्रताप यादव को सरकारी आवास (26 M स्ट्रैंड रोड, पटना) खाली करने का नोटिस 25 नवंबर 2025 को दिया गया था। महुआ सीट से 2025 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद भवन निर्माण विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया। उनके साथ ही राबड़ी देवी को भी 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने का भी नोटिस दिया गया था। नियमों के अनुसार, पूर्व विधायकों को नोटिस मिलने के बाद अधिकतम एक महीने में आवास खाली करना होता है। सोलर पैनल की हालत ठीक, उखड़े मिले कॉपर वायर छत पर जाकर हमने देखा कि सोलर पैनल लगा हुआ है। इसकी हालत ठीक नजर आ रही है। हां, एसी के कॉपर वायर जरूर छत पर उखड़े हुए थे। बंगले के अंदर की स्थिति देखकर हमने पाया कि ज्यादातर कमरों की हालत खराब है। 6 कमरों से AC, पंखे और दूसरे सामान गायब थे। कई जगह टूट-फूट हुई है। इसकी हालत नरक या खंडहर जैसी तो नहीं, लेकिन बदहाल जरूर दिखी। बंगले में हुई टूट-फूट ठीक करने के लिए मरम्मत का काम चल रहा है। सीलिंग को सीमेंट-बालू के मसाले से ठीक किया गया है। वायरिंग आदि को भी ठीक किया जा रहा है। अब जानिए बंगले के बाहर की क्या है स्थिति हम घर के पीछे बने शेड में गए। तेजप्रताप यहां जन्माष्टमी के दिन वृंदावन की टीम बुलाकर प्रवचन कराते थे। गार्डन में गुलाब के पौधे लगे हैं। इनकी हालत ठीक नजर आई। नए ताजे फूल खिले हुए थे। कुछ पौधे मकर संक्रांति के भोज के दौरान बर्बाद हुए थे। एक कोने में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति (गाय के साथ बांसुरी बजाते) पड़ी दिखी। शायद तेज प्रताप ले जाना भूल गए या थोड़ी टूटी होने के चलते छोड़ दी। भाजपा मंत्री के लिए तैयार किया जा रहा बंगाल हमने देखा कि बंगले में साफ-सफाई चल रही है। इसे मंत्री के लिए तैयार किया जा रहा है। तेज प्रताप यादव के रहने के दौरान बंगले का रंग सफेद था। अब इसे सफेद और गेरुआ रंग से रंगा जा रहा है। रंग रोगन का काफी काम हो चुका है। घर के पीछे और बगल में हमें जहां तहां कचरा और कबाड़ दिखा। घर में हुई तोड़-फोड़ के चलते काफी मलबा फैला हुआ था। तेज प्रताप की राजनीतिक गतिविधियों का गवाह रहा है यह बंगला यह बंगला तेज प्रताप की राजनीतिक गतिविधियों का गवाह भी रहा है। राजद से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने इसी बंगले में नई पार्टी जनशक्ति जनता दल खड़ी करने की रणनीति बनाई। विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाई। उनके चलते आरजेडी को कई सीटों पर नुकसान झेलना पड़ा। तेज प्रताप सीटिंग सीट हसनपुर छोड़कर महुआ से लड़े। खुद तो हारे साथ ही महुआ से सीटिंग आरजेडी विधायक मुकेश रौशन को भी हरवा दिया। लालू परिवार में तेजस्वी से लेकर संजय यादव तक पर उन्होंने इसी आवास से हल्ला बोला। संजय यादव, रमीज आदि को जयचंद कहा। इस आवास में आयोजित दही-चूड़ा भोज में लालू परिवार से उनके पिता लालू को छोड़ कोई नहीं आया था। सरकारी नियम क्या हैं? भवन निर्माण विभाग के अनुसार, लकड़ी का सामान (पलंग, सोफा आदि) और एसी की सेल्फ लाइफ 5-6 साल है। 5 साल बाद छोड़ते समय माननीय अपनी मर्जी से ले जा सकते हैं या छोड़ सकते हैं-कोई दबाव नहीं। विधायक-मंत्री को आवास कौन अलॉट करता है?
गढ़ा रेलवे फाटक के कारण लगा रहता है जाम, स्कूल वैन भी फंसती हैं
जालंधर | बस स्टैंड और गढ़ा रोड के बीच बना रेलवे फाटक शहरवासियों के लिए दिन-ब-दिन बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर फाटक बंद होने के बाद इस रोड पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। इससे बस स्टैंड से डिफेंस कॉलोनी जाने वाले लोग भी परेशान हुए। हालात ऐसे थे कि दोपहिया और फोर व्हीलर रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। जाम की एक वजह मौके पर ट्रैफिक कर्मी का न होना भी था। रोड सेफ्टी कमेटी मेंबर और ट्रैफिक एक्सपर्ट सुरिंदर सैनी ने कहा कि बस स्टैंड से गढ़ा रोड और डिफेंस कॉलोनी के बीच में जो फाटक आता है। उस पर या तो ओवर ब्रिज बनाया जाए या फिर अंडर ब्रिज। क्योंकि दोनों तरफ जगह काफी है और दोनों ऑप्शन से ही ट्रैफिक की समस्या का हल हो सकता है। वहीं, जब तक ओवर ब्रिज और अंडर पास नहीं बन जाता है तब तक डिफेंस कॉलोनी की तरफ जाने वाली रोड पर ट्रैफिक मुलाजिम तैनात होना चाहिए। क्योंकि इस रूट पर बड़े अस्पताल है और कई स्कूल भी। इलाकावासियों की मांग .ट्रैफिक कर्मी तैनात हो जाम में फंसे लोगों ने बताया कि उन्हें जरूरी कामों के लिए जाना था, लेकिन घंटों जाम में फंसे रहने के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी। स्कूल वैन, एंबुलेंस और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी भी जाम में उलझे रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि फाटक बंद होते ही जाम लग जाता है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से फाटक के पास ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की मांग की है ताकि जाम न लगे।
डांस करवा, डायलॉग बुला युवाओं को करेंगे नशे से दूर
भास्कर न्यूज | जालंधर ‘युद्ध नशे के विरूद्ध’ मुहिम के तहत जिला प्रशासन एक और अनूठी पहल करते हुए विरसा विहार में संगीत, डांस और थिएटर क्लासें शुरू करने जा रहा है। डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने अधिकारियों को 1 मार्च से संगीत, डांस और थिएटर क्लासें शुरू करने के लिए पूर्ण सक्रियता के साथ तैयारियां तथा आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में जिला कल्चरल एंड लिटरेरी सोसाइटी की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डीसी अग्रवाल ने कहा कि जालंधर कला और संस्कृति का केंद्र रहा है, जिसे और प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। इन क्लासों के लिए नियमित अनुभवी और विशेषज्ञ इंस्ट्रक्टर की तैनाती की जाए ताकि छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान की जा सके। क्लासें सुबह और शाम निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार चलाई जाएं, जिससे युवाओं को अपनी सुविधा अनुसार भाग लेने का अवसर मिल सकेगा। क्लासों के लिए आवश्यक संगीतमय साज, उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध पहले ही पूरा कर लिया जाए ताकि क्लासें निर्धारित समय अनुसार शुरू की जा सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल युवा पीढ़ी को अपनी विरासत, संस्कृति और कला से जोड़ने के साथ-साथ उनके अंतर्निहित कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मीटिंग के दौरान विरसा विहार में स्थित ऑडिटोरियम के नवीनीकरण संबंधी भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। डिप्टी कमिश्नर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऑडिटोरियम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि भविष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, संगीतमय समागम और अन्य कलात्मक गतिविधियां उचित ढंग से करवाई जा सकें। मीटिंग के दौरान विरसा विहार कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे।
वारिस मलिक | जालंधर पंजाब सरकार को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले राजस्व में बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि साल जनवरी 2025 के मुकाबले जनवरी 2026 में पंजाब भर में करीब 22 हजार डीड कम रजिस्टर्ड हुई हैं। इसका सीधा असर सरकार के खजाने पर पड़ा है। अकेले जालंधर जिले में ही करीब 1505 रजिस्ट्री कम दर्ज की गई हैं। रजिस्ट्री की संख्या घटने से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में मिलने वाला राजस्व भी कम हो गया है। रेवेन्यू विभाग ने पंजाब के सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला जैसे बड़े जिलों में भी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी रही है। सरकार इस गिरावट को कलेक्टर रेट, एनओसी जैसे मुद्दों पर भी विचार कर रही है। एनओसी को लेकर मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है, जिसे लेकर लोग परेशान है। सरकार एनओसी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और आसान बनाकर प्रॉपर्टी रेवेन्यू को बढ़ाने पर विचार कर रही है। एनओसी की जटिल प्रक्रिया बन रही बड़ी वजह प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) की प्रक्रिया ही रजिस्ट्री कम होने की सबसे बड़ी वजह है। एनओसी के रेट में वृद्धि से लेकर नगर निगम और पुडा में लोग परेशान हुए। कई फाइलें अटकीं जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों ही रजिस्ट्री कराने से बचते हैं। इसके अलावा लगातार कलेक्टर रेट बढ़ाए जा रहे हैं, जोकि बड़ा कारण है। कारण : 9 अगस्त 1995 से अगर पहले की प्रॉपर्टी की रजिस्टर्ड डीड है तो दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी से छूट है, लेकिन 1995 के बाद की प्रॉपर्टी के लिए एनओसी अनिवार्य है। हालांकि सरकार ने एनओसी के मामले में एक दिसंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक एनओसी में बड़ी राहत दी थी। एनओसी के रेट भी लगातार बढ़ रहे हैं। इस कारण लोग प्रॉपर्टी के बजाय गोल्ड, सिल्वर और शेयर मार्केट में भी इनवेस्ट कर रहे हैं।
जेआईटी करवाएगी आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की ई-ऑक्शन
जालंधर | जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा अपनी विभिन्न योजनाओं में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से बोली करवाई जा रही है। ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी राजेश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सूर्या एनक्लेव (170 एकड़), शहीद रमन दादा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (3.71 एकड़), शहीद भगत सिंह कॉलोनी (26.8 एकड़), मास्टर गुरबंत सिंह एनक्लेव (13.96 एकड़), महाराजा रणजीत सिंह एवेन्यू (70.5 एकड़) और सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन (94.97 एकड़) योजनाओं में संपत्तियों की ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से बोली की जाएगी। ऑनलाइन बिड 23 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे शुरू होगी और 25 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे ऑनलाइन बिड बंद हो जाएगी। ई-नीलामी संबंधी अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 94640-12955 और 88376-62103 से प्राप्त की जा सकती है। नियम www.tenderwizard.com /DLGP पर उपलब्ध हैं।
हरियाणा में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ताजा मौसम आंकड़ों के अनुसार, राज्य का अधिकतम तापमान 25C के आंकड़े को छूने के करीब पहुंच गया है। 6 फरवरी फरीदाबाद में सबसे अधिक 24.9C तापमान दर्ज किया गया। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.9C की बढ़ोतरी हुई है, जो सामान्य के करीब बना हुआ है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार इस बार 15 दिन पहले ही तामपान बढ़ने लगा है। आमतौर पर 20 फरवरी के बाद देखा जाता है कि तापमान में बढ़ोतरी होती है मगर फरवरी के शुरुआती दिनों में ही तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में तापमान में इस उछाल और शुष्क मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी फसलों को शुष्क परिस्थितियों और गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। विशेष रूप से सरसों की फसल में बढ़ती गर्मी और नमी के कारण चेपा और सफेद रस्ट जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिसके लिए किसानों को नियमित निगरानी और मौसम साफ रहने पर अनुशंसित दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। फसलों पर प्रभाव: किसानों के लिए सलाह सिंचाई प्रबंधन: बढ़ती गर्मी और शुष्क हवाओं से फसलों को बचाने के लिए किसानों को आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है । विशेषकर गेहूं और सरसों की फसल इस समय क्रमशः टिलरिंग और फूल आने की अवस्था में है, जिन्हें नमी की सख्त जरूरत है । कीटों का खतरा: आर्द्रता और बदलते तापमान के कारण सरसों में चेपा और सफेद रस्ट जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है । किसानों को नियमित निगरानी और मौसम साफ रहने पर अनुशंसित कवकनाशी (जैसे मैनकोजेब) के छिड़काव की सलाह दी गई है । सब्जियां और चारा: सब्जियों और बरसीम की कटाई ओस सूखने के बाद (सूर्योदय के बाद) ही करें ताकि सड़न की समस्या न हो। रात का तापमान भी बढ़ रहाहरियाणा में न्यूनतम तापमान फिलहाल स्थिर बना हुआ है। 6 फरवरी को राज्य का औसत न्यूनतम तापमान 0.3C की वृद्धि के साथ दर्ज किया गया। राज्य का सबसे ठंडा इलाका महेंद्रगढ़ (AWS) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद इसमें 2-4C की और वृद्धि होने का अनुमान है। रात के समय अभी भी हल्की ठंड और कहीं-कहीं उथला कोहरा छाए रहने की संभावना है।
अमृतसर से हेरोइन सप्लाई करने आया तस्कर अरेस्ट
जालंधर | थाना 5 पुलिस ने अमृतसर से हेरोइन सप्लाई करने आए एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 50 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान निर्भय सभरवाल निवासी लाहौरी गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। एएसआई रूपिंदर सिंह ने बताया कि वह गश्त पर थे, तभी सूचना मिली कि एक युवक बबरीक चौक के पास संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा है। पुलिस ने छापा मार युवक को पकड़ िलया। तलाशी लेने पर उससे हेरोइन बरामद हो गई। मामला दर्ज हो गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ कर नशा तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
'गवर्नमेंट हेल्थ एक्सपर्ट.. एक्सप्लेंशन.. अह. .ह.. ह..' अंग्रेजी का एक शब्द बोलने के लिए संघर्ष कर रहे ये महोदय कोई आम आदमी नहीं हैं। ये बिहार सरकार के सहकारिता, पर्यावरण वन एवं जलवायु विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार हैं। शुक्रवार को प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी निभाते हुए विधानसभा में सवाल का जवाब दे रहे थे। इस दौरान अंग्रेजी के एक शब्द (एक्सपेंडिचर) ने उन्हें ऐसा उलझाया कि परेशान हो गए। उनकी हालत देखकर सत्ता पक्ष के सदस्य जहां हैरान हुए। वहीं, विपक्ष को मुस्कुराने का मौका मिल गया। ऐसा भी नहीं कि मंत्री जी पढ़ाई में कमजोर हैं। विधान परिषद की वेबसाइट के मुताबिक, एमए के बाद पीएचडी कर चुके हैं। मने प्रोफेसर बनने के काबिल हैं। पहले पढ़िए, मंत्री ने सदन में क्या बोला, कहां फंसे 'इसमें गवर्नमेंट हेल्थ एक्सपर्ट..एक्सप्लेंशन.. अह.. ह.. ह.. 18 हजार एक्स.. एक्स..।' इसके बाद मंत्री जी अपने नेहरू जैकेट की जेब टटोलते हैं। जेब में चश्मा खोजते हैं, जो उनकी आंखों पर पहले से चढ़ा है। फिर कहते हैं। 'ह..ह..'। इसके बाद माइक पकड़ लेते हैं। कहते हैं, 'एक्स.. ओह.. 8470 करोड़ रुपए दर्शाया गया है। जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में 15428 करोड़ 1 लाख हो गया है। इस प्रकार खर्च में कुल 7 हजार 11 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। 2019-20 में दवा मद में कुल 2015 करोड़ 24 लाख रुपए खर्च हुए। यह वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7758 करोड़ रुपए हो गया है। इस प्रकार दवा में बिहार सरकार का खर्च 2019-20 की अपेक्षा तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है।' मंत्री ने कहा, 'नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2023 के प्रकाशित आंकड़ों में यह उल्लेख है कि बिहार का गवर्नमेंट हेल्थ एक्स.. एक्स.. एक्सपेंडिचर GDSP (असल में GSDP) का 1.5 प्रकाशित है, जबकि झारखंड का 1.2 प्रकाशित है। बिहार सरकार के सात निश्चय पार्ट 3 में प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ठ चिकित्सा केंद्र और जिला अस्पतालों को अति विशिष्ठ चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, 'प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हड्डी रोग, नेत्र रोग, कान एवं गला रोग के विशेषज्ञ के साथ फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। साथ ही जिला अस्पतालों में इंडो..इंडो..इंडोस्प्रो.. इंडोस्कोपी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी एंड न्यूरोलॉजी के दवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।' अब जानिए दो लाइन अंग्रेजी नहीं पढ़ पाने वाले मंत्री के बारे में… डॉ. प्रमोद कुमार ने 1986 में ABVP से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। उनके दो भाई और तीन बहनें हैं। उनके भाई पटना में एक गैस एजेंसी में काम करते हैं। 2021 से पहले उनके गांव तक जाने के लिए सड़क नहीं थी। चार पहिया गाड़ी नहीं जा पाती थी। प्रमोद के MLC बनने के बाद उनके गांव तक सड़क बनी। उनके दो बेटे हैं। डॉ. प्रमोद कुमार ने 2023 में अपनी संपत्ति की घोषणा की थी। इसे बिहार विधान परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इसके अनुसार मंत्री की चल संपत्ति 66.31 लाख रुपए और इनकी पत्नी सीमा कुमारी की चल संपत्ति 17.75 लाख रुपए थी। मंत्री के पास 65 ग्राम सोने के गहने थे। कीमत 3.28 लाख रुपए बताई थी। उनकी पत्नी के पास 200 ग्राम सोना और 1.5 चांदी के गहने थे, जिनकी कीमत 11.10 लाख रुपए बताई थी। मंत्री 16.11 लाख रुपए की स्कॉर्पियो कार के मालिक हैं। 15 हजार की बाइक भी रखते हैं। 2023 के शपथ पत्र में प्रमोद ने बताया था कि उनके और उनकी पत्नी के नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है। कार पर 10 लाख 9 हजार 618 रुपए लोन है। 3 पॉइंट में प्रमोद कुमार को भाजपा ने क्यों बनाया मंत्री 1. EBC कोटा भरने में लगी मंत्री वाली लॉटरी मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी कहार समाज से आते हैं। जो EBC में आता है। भाजपा में प्रेम कुमार लंबे समय से चंद्रवंशी समाज (EBC) का चेहरा हैं। उनकी उम्र 70 साल हो गई है। अब पार्टी ने उनको विधानसभा अध्यक्ष बनाकर रिटायर करने का प्लान बनाया है। प्रेम कुमार का मंत्रिमंडल से नाम कटने पर EBC कोटा खाली हो गया था। पार्टी ने तब प्रमोद कुमार का नाम आगे कर दिया। बताया जाता है कि भाजपा इससे पहले भी कई प्रयोग कर चुकी है। ज्यादा सफलता नहीं मिली है। प्रेम कुमार मगध एरिया से आते हैं। प्रमोद कुमार भी इसी एरिया से हैं। ऐसे में उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर इनकी लॉटरी लग गई। 2. प्रमोद के पीछे RSS का समर्थन प्रमोद कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) बैकग्राउंड से आते हैं। RSS का उनको पूरा समर्थन हैं। संघ प्रमोद कुमार में EBC नेता की संभावना देखता है। यही कारण है कि प्रमोद कुमार का विरोध भाजपा में कोई नहीं कर पाया। प्रमोद कुमार के रणनीतिकारों में RSS बैकग्राउंड के लोग ज्यादा हैं। साधारण जीवनशैली के प्रमोद पार्टी में चुपचाप अपना काम करने वाले नेता की छवि रखते हैं। 3. भाजपा की नई लीडरशिप भाजपा बिहार में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। इसलिए राज्य में नई लीडरशिप तैयार कर रही है। पार्टी के उसी रणनीति के हिस्सा प्रमोद कुमार भी हैं। अभी पार्टी अपने पुराने संगठन के लोगों को आगे करने पर ज्यादा जोर दे रही है। प्रमोद ने 1986 में ABVP से राजनीति शुरू की। फिर भाजपा से जुड़े और प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। 2021 में पार्टी ने उन्हें MLC बनाया और 2025 में मंत्री। उनका सफर संघर्ष पूर्ण रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने अखबार-तेल बेचकर पढ़ाई की। जिंदगी का बड़ा हिस्सा झोपड़ी में गुजारी। प्रमोद का चयन BJP की सामान्य कार्यकर्ता से ऊपर उठने वाली इमेज को मजबूत करता है।
कुक ने घर से उड़ाए एक लाख रुपए और मोबाइल
जालंधर | थाना बारादरी के अधीन आते न्यू रजिंदर नगर स्थित घर में तीन साल से बतौर कुक काम कर रहा युवक अलमारी से एक लाख रुपए और मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। इस बारे में न्यू रजिंदर नगर निवासी राजेश मेयर ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य उस पर पूरा भरोसा करते थे। वह घर के हर काम और परिवार की दिनचर्या से वाकिफ था। राजेश मेयर के अनुसार वीरवार को सुबह जब वे उठे तो अलमारी खुली हुई थी। उसमें रखे एक लाख रुपए नकद और महंगा मोबाइल फोन गायब था। पहले घर में तलाशा, पर कुछ पता नहीं चला तो शक गहराने लगा। उन्होंने कुक नीतीश के कमरे में जाकर देखा तो वह कमरा खाली था और उसका सामान भी गायब था। परिवार ने नीतीश के बारे में उसके जानकारों से भी संपर्क किया, लेकिन किसी को उसकी जानकारी नहीं मिली। थाना बारादरी के एएसआई सुखदीप सिंह ने जांच शुरू की। पुलिस ने राजेश मेयर के बयान पर यूपी निवासी नीतीश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो दुकानों में चोरी; 50 किलो मछली और एक लाख के जूते ले गए चोर
जालंधर | गोराया थाने के नजदीक वीरवार रात चोर दो दुकानों की दीवार तोड़कर सामान चुराकर फरार हो गए। चोर दो गैस सिलेंडर, करीब 50 किलो मछली और लगभग एक लाख रुपए के जूते ले गए। पीड़ित दुकानदार सिकंदर और विनय ने बताया कि वे मछली और जूते की दुकान चलाते हैं। रोज की तरह रात को दुकानें बंद करके घर चले गए थे। सुबह दुकान पर पहुंचे तो दीवार टूटी हुई थी और अंदर रखा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोर दो गैस सिलेंडर, करीब 50 किलो मछली और जूते चुराकर ले गए। दुकानदारों ने कहा कि इलाके में पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि चोरों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और इलाके में रात की गश्त बढ़ाई जाए।
ठेके से शराब और कैश लूटा, 3 अज्ञात पर केस
जालंधर | थाना बस्ती बावा खेल थाना क्षेत्र में मछली मार्केट स्थित शराब के ठेके पर तीन अज्ञात युवकों ने तेजधार हथियारों के बल पर वीरवार शाम दुकानदार को धमकाकर हजारों रुपए की शराब और नकदी लूट ली। जानकारी के मुताबिक ठेके पर कर्मचारी नीरज कुमार निवासी मधुबन कॉलोनी ठेके पर था तो तेजधार हथियार लिए तीन युवक आ गए। उन्होंने नीरज के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शराब की पांच बोतलें और 2500 रुपए निकालकर फरार हो गए। थाना बस्ती बावा खेल के एएसआई नीला राम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नीरज के बयान पर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ धारा 304(2) और 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीएम कुसुम योजना:कुसुम-सी को 46.64 करोड़ रुपए की केंद्रीय मंजूरी, किसानों को दिन में मिलेगी बिजली
प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-सी में सोलर प्लांट लगाने वाले ऊर्जादाताओं तथा डवलपरों को अब जल्दी ही 46 .64 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में किसानों को दिन के समय खेती लिए बिजली मिल सके। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने केंद्रीय वित्तीय सहायता देने को मंजूरी दे दी है। अब केन्द्रीय नोडल एजेंसी सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) द्वारा यह राशि सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले ऊर्जादाताओं के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार का फोकस अब कुसुम-सी के लंबित प्रोजेक्ट्स को जल्द जमीन पर उतारने पर है। इसी रणनीति के तहत यह वित्तीय सहायता जारी की गई है, ताकि राज्यों और लाभार्थियों को फंड की कमी के कारण किसी तरह की अड़चन न आए। इससे न केवल सोलर परियोजनाओं की रफ्तार तेज होगी, बल्कि किसानों की आय में भी स्थायी बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा। 3.62 लाख किसान सोलर एनर्जी से जुड़ेंगे फीडर लेवल सोलराइजेशन के तहत कुसुम कम्पोनेंट-सी में 2,462 मेगावॉट के 991 प्रोजेक्ट लगे हैं। इनमें से स्थापित सोलर पीवी क्षमता के आधार पर 233 करोड़ से अधिक की राशि के क्लेम मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं। इसके आधार पर एमएनआरई ने प्रथम चरण में जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम को 46 करोड़ 64 लाख रुपए के स्वीकृति आदेश जारी किए हैं। जिनसे एक लाख 41 हजार 589 किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिल रही हैl इस वर्ष के अंत तक कम्पोनेन्ट-सी में 5018 मेगावॉट के 1997 प्लांट स्थापित कराने का लक्ष्य है जिससे 3 लाख 62 हजार 197 कृषकों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सकेगा। राज्य में कम्पोनेन्ट-ए एवं कम्पोनेन्ट-सी में 2877 मेगावॉट के 1307 विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र लग चुके है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी की पहल पीएम कुसुम योजना (कम्पोनेन्ट ए तथा सी) में राजस्थान ने तीन हजार मेगावाट की क्षमता अर्जित की है। यह है कुसुम-सी योजना कुसुम योजना का यह घटक किसानों को सौर ऊर्जा उत्पादक (ऊर्जादाता) बनने का अवसर देता है। इसके तहत किसान अपनी जमीन पर ग्रिड से जुड़े सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं। प्रदेश को मिला था गोल्ड अवॉर्ड कुसुम कम्पोनेन्ट-सी में फीडर लेवल सोलराइजेशन में भी राजस्थान डिस्कॉम्स देश में अग्रणी है। पिछले दिनों ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के समारोह में केन्द्रीय विद्युत मंत्री ने राजस्थान डिस्कॉम्स को गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया।
भारत और थाईलैंड ने जूनियर एशियाई सॉफ्ट टैनिस में लड़कों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीता
भास्कर न्यूज | जालंधर हार्वेस्ट टैनिस अकादमी जस्सोवाल में आयोजित दूसरी एशियाई जूनियर टैनिस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम के बेहतरीन प्रदर्शन किया। जिसके चलते अंडर-21 उम्र वर्ग के जूनियर लड़कों की प्रतियोगिता के डबल्स मुकाबले में स्वर्ण पदक दिलाया, जबकि इसी वर्ग के रजत व कांस्य पदक भी भारत की टीम ने ही जीता। चीन को कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। स्वर्ण पदक ओम यादव व वंश की टीम ने दिलाया जबकि आर्यन व नीतीश की जोड़ी को रजत, सहजप्रीत व अरमान व चीन के रुई और जू जिन को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। अंडर-15 वर्ष आयु वर्ग के युगल मुकाबलों में थाईलैंड की तरफ से खेलते पूंपत व कनिसौर की जोड़ी ने भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे जयवंत सिंह व जाट मालिक की जोड़ी को फाइनल में टाई ब्रेकर के सहारे हरा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया जबकि रजत पदक भारत की झोली आया। चीफ रैफरी मो. आजम, धर्मवीर कुमार व डॉ. प्रदीप कुमार सिंह सह सचिव सॉफ्ट टैनिस एसोसिएशन ऑफ पंजाब ने बताया कि प्रतियोगिता का दूसरा दिन भारतीय जूनियर खिलाड़ियों के लिया बढ़िया रहा जिसमें पंजाब से संबंध रखने वाले सहजप्रीत अरमान, व जयवंत सिंह ने भारत को पदक दिलाया। भारतीय जूनियर खिलाड़ियों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर सॉफ्ट टैनिस एसोसिएशन ऑफ पंजाब के महासचिव नरेंद्र पाल सिंह, प्रधान अनुमीत हीरा सोढी, अमरीक सिंह, प्रदीप कुमार समेत वरिष्ठ सदस्यों ने शुभकामनाएं दी।
फिडे शतरंज चैंपियनशिप में राध्या मल्होत्रा प्रथम
भास्कर न्यूज | जालंधर मोहाली में आयोजित पंजाब राज्य फिडे रेटेड रैपिड एवं ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में राध्या मल्होत्रा ने महिला वर्ग में प्रथम पुरस्कार जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्राप्त खिलाड़ी भी शामिल थे। राध्या मल्होत्रा ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रणनीति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए अपने सभी मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। रैपिड और ब्लिट्ज दोनों ही प्रारूपों में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी और निर्णायक बढ़त बनाते हुए महिला वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर शतरंज जगत, कोचों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। राध्या की इस जीत को उभरती हुई युवा प्रतिभा के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। राध्या मल्होत्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों और नियमित अभ्यास को दिया। उनकी यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पंजाब में महिला शतरंज खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
अर्न व्हाइल यू लर्न के तहत स्टाल लगाए
जालंधर | पीसीएमएसडी कॉलेज फॉर विमेन की ओर से 51वां फेट आयोजित किया। इस मौके नगर निगम की संयुक्त आयुक्त डॉ. मनदीप कौर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुई। कार्यक्रम में मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष नरेश बुधिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद दादा, रमन बुधिया, चंदर मोहिनी मारकंडा, टीएन लामा, डीके जोशी, प्रवीण दादा और डॉ. किरण अरोड़ा की उपस्थिति से भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ी। इस दौरान डॉ. मनदीप कौर ने भारत की विरासत, मूल्यों और सामाजिक सद्भाव का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया और छात्रों से गरिमा, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी पर आधारित जीवन जीने का आग्रह किया। उन्होंने प्रबुद्ध और अनुशासित नागरिक बनाने में रोल मॉडल के रूप में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। इस दौरान छात्रों की ओर से गुजराती लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फैशन डिजाइनिंग और कॉस्मेटॉलोजी विभाग के छात्रों ने 'अर्न व्हाइल यू लर्न' योजना के तहत हस्तनिर्मित शिल्प और आभूषणों के स्टॉल लगाए। रैफल ड्रॉ मेले का प्रमुख आकर्षण रहा। प्रिंसिपल प्रो. डॉ. पूजा पराशर ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी।
पोस्टर मेकिंग में नंदिनी फर्स्ट, अंचल ने कैलिग्राफी में दूसरा स्थान जीता
जालंधर| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित कल्चरल इवेंट पैनोरमा में लायलपुर खालसा कॉलेज फॉर विमेन ने दूसरा रनर-अप रहा। जिसमें कॉलेज की छात्राओं ने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया। इस कम्पीटिशन में नंदिनी ने पोस्टर मेकिंग में पहला, अंचल ने कैलिग्राफी में दूसरा स्थान हासिल किया। जिससे कॉलेज की ओवरऑल सफलता में व्यक्तिगत उपलब्धियां भी जुड़ीं। इस मौके कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सरबजीत कौर राय ने छात्राओं की कड़ी मेहनत और क्रिएटिविटी की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भागीदारी केवल छात्राओं के कलात्मक कौशल को बढ़ाती है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।
बजट पर सेमिनार .आर्थिक नीतियों व उनके उद्योग एवं समाज पर प्रभाव के बारे बताया
भास्कर न्यूज | जालंधर एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस के फाइनेंस क्लब की ओर से केंद्रीय बजट पर सेमिनार और पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें कैंपस के पूर्व छात्र चिरायु गुप्ता ने बजट के प्रमुख प्रावधानों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर विचार साझा किए। जिससे विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट की व्यापक आर्थिक दृष्टि और विभिन्न क्षेत्रों पर उसके प्रभाव को समझने में सहायता मिली। इस दौरान छात्रों ने कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए प्रश्न पूछे। इस मौके कैंपस के निदेशक डॉ. राजेश बग्गा ने फाइनेंस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अकादमिक-औद्योगिक संवाद विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक व भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और उनके उद्योग एवं समाज पर प्रभाव से संबंधित चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
बिहार में अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम हल्का कुहासा छाया रहेगा और ठंड भी महसूस होगी। लेकिन, दिन में धूप निकलगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी शनिवार को प्रदेश के किसी जिले में घने कोहरे का अलर्ट नहीं है। 12 फरवरी से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इस महीने में बारिश होने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया। मौसम ऐसा क्यों बना हुआ है मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में कोहरे और हल्की ठंड का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर पड़ना, हवा की कम गति और वातावरण में नमी का बने रहना है। वहीं, फरवरी माह में सूर्य की किरणें ज्यादा समय तक जमीन पर रहती है, जिससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होती है। इससे लोग दिन में हल्की गर्माहट महसूस हो कर रहे हैं। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ रहा है, जिससे प्रदेश में मौसम सामान्य स्थिति में आ रहा है। फरवरी में धीरे-धीरे मौसम गर्म होता जाएगा मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फरवरी में बिहार में मौसम धीरे-धीरे सामान्य से गर्म होता जाएगा। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है। ठंड का असर कम होगा। पटना में हल्की धुंध दिखेगी राजधानी में सुबह हल्का कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है, लेकिन दिन में धूप निकलने से राहत मिलेगी। यहां न्यूनतम तापमान लगभग 10 से 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना में अगले कुछ दिनों तक हल्की ठंड महसूस की जाएगी।
आई चेकअप कैंप में जांच के साथ विद्यार्थियों को जागरूक भी किया
जालंधर| सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आयोजित आंखों के चेकअप कैंप में हिस्सा लिया। डीएमसी लुधियाना द्वारा आयोजित कैंप का नेतृत्व डॉ. दीक्षा और उनकी टीम के सदस्यों ने किया। इस कैंप का मकसद आंखों से जुड़ी समस्याओं का जल्दी पता लगाना और छात्रों के बीच आंखों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस मौके मेडिकल टीम ने व्यवस्थित और सिस्टमेटिक तरीके से आंखों की पूरी जांच की। चेयरमैन अनिल चोपड़ा और वाइस चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा ने छात्रों की समर्पित भागीदारी के लिए उनकी सराहना की।
जालंधर| कन्या महाविद्यालय के छात्रों ने अलग- अलग मेडिकल लैब में 15 दिनों की इंटर्नशिप पूर्ण की। यह इंटर्नशिप रक्त परीक्षण एवं नियमित प्रयोगशाला प्रक्रियाओं में प्रशिक्षण पर केंद्रित थी। इस प्रशिक्षण के दौरान छात्रों ने हीमोग्लोबिन तथा मूलभूत हीमेटोलॉजिकल तकनीकों की जांच पर अनुभव प्राप्त किया। जिसमें छात्रों ने सैंपल क्लेक्शन की सही विधि, विभिन्न उपकरणों के संचालन व महत्व को समझा। इस इंटर्नशिप का उद्देश्य छात्रों के व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना तथा प्रयोगशाला सुरक्षा मानकों और रोगी देखभाल से जुड़ी नैतिक जिम्मेदारियों की समझ को बढ़ाना था। इस इंटर्नशिप को लेकर प्रो. डॉ. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने छात्रों को इंटर्नशिप की सफल समाप्ति पर बधाई दी। उन्होंने शिक्षकों, समन्वयकों एवं प्रयोगशाला स्टाफ के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने मिलकर छात्रों को एक सार्थक एवं शैक्षिक अनुभव प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की इंटर्नशिप और शैक्षणिक यात्राएं स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
खो-खो चैंपियनशिप को लेकर ट्रायल 8 को होंगे
जालंधर | सीनियर पंजाब स्टेट खो-खो लड़के और लड़कियों की चैंपियनशिप 14-15 फरवरी को होगी। यह चैंपियनशिप जिला मानसा के गांव अक्कांवाली में खेली जाएगी, जिसे लेकर सीनियर स्टेट खो-को जिला जालंधर की टीमों के ट्रायल 8 फरवरी को दोपहर 3 बजे यूनाइटेड क्रिश्चियन स्कूल कैंपस सूरानुस्सी में होंगे। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी हरबिंदर पाल सिंह ने बताया कि ट्रायलों को लेकर सभी की ड्यूटी लगाई गई है।
कांग्रेस का सवाल- सरकार की बीमा योजना का लाभ केवल आप नेता की पर्ची से ही क्यों
भास्कर न्यूज | जालंधर कांग्रेसियों ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल के बाहर पंजाब सरकार के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन किया। आरोप है कि जो नई मुख्यमंत्री बीमा योजना आरंभ की गई है, उसका लाभ लेने के लिए जनता को मजबूर किया गया है कि वह आवेदन से पहले आम आदमी पार्टी नेता से पर्ची लेकर आएं। ये कार्ड सीधे सर्विस सेंटर में बनने चाहिए न कि आप नेताओं के दफ्तरों में। पंजाब सरकार में अंतिम साल में राजनीतिक स्टंट किया जा रहा है। धरने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रजिंदर बेरी ने कहा कि सीएम बीमा योजना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। बीमा योजना पंजाब सरकार की है, लेकिन इसे आम आदमी पार्टी की स्कीम बना दिया गया है। आम आदमी पार्टी ने हर वार्ड में अपने वार्ड कोऑर्डिनेटर को एक मशीन दी है। उससे आवेदक के लिए एक पर्ची निकालता है और उसे बताता है कि यह कार्ड बनवाने के लिए कहां जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य सरकार ने पिछले 4 साल तक लोगों की सेहत की परवाह क्यों नहीं की? अब चुनाव के साल में लोग अपनी सेहत को लेकर परेशान हैं। आम आदमी पार्टी जो दिल्ली में करती रही है, वही पंजाब में भी कर रही है। इस दौरान वेस्ट हलका प्रभारी बीबी सुरिंदर कौर, पवन कुमार, गुरविंदरपाल बंटी नीलकंठ, महिंदर सिंह गुल्लू, डॉ. जसलीन सेठी, जगजीत जीता, नरेश वर्मा, परमजीत बल, मनमोहन बिल्ला, मंदीप जस्सल, जगदीश दकोहा, मंगा सिंह मुधर, विपन कुमार, मुनीश पाहवा, अश्वनी जंगराल, यशपाल शामिल रहे।
राजस्थान के पुराने सभी शहरी निकायों पर प्रशासनिक नियंत्रण हो चुका है। ऐसी स्थिति पहली बार बनी है कि चुने हुए मेयर, सभापति की जगह पुराने 196 में सरकारी प्रशासक लगे हैं। पुराने निकायों में मेयर, सभापति हटाए जा चुके। चुनावी प्रक्रिया ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के इंतजार में रुकी है। सुप्रीम कोर्ट की बंदिश है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आए बिना राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव नहीं कराए जा सकते। इसी उलझन में सरकार फंस गई है। ओबीसी आयोग बार बार समय समय मांग रहा है। सरकार समय बढ़ाती जा रही। तीसरी बार समय बढ़ा दिया। अब 31 मार्च 2026 तक का समय दे दिया। जानकारों का कहना है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 309 निकायों के चुनाव में बाधा बन सकती है। आयोग की रिपोर्ट के बाद सभी निकायों की आरक्षण लाटरी भी निकाली जानी है। उसमें ओबीसी की सीटें तय होनी है। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है कि 15 अप्रैल तक हर हाल में निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाए। वहीं प्रदेश के पुराने सभी 196 नगरीय का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अंतिम पायदान में चूरू के शेष बचे निकायों में भी शुक्रवार रात से प्रशासक लगाए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि हमारे पास ऐसा कोई काम बाकी नहीं है, जिससे चुनाव टाले जाए। आयोग की रिपोर्ट बाकी है। वास्तविक आंकड़े बिना चुनाव नहींप्रदेश में 309 नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव कराए जाने हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार जब तक स्टेट ओबीसी कमिशन सर्वे और परीक्षण के माध्यम से ओबीसी की वास्तविक स्थिति और आंकड़े उपलब्ध नहीं कराता, तब तक राजनीतिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इस कारण नगरीय निकाय चुनाव अब पूरी तरह ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर है। मंत्री ने कहा- ओबीसी आयोग रिपोर्ट दे तो 3 दिन में लाटरी निकाल देंगे नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा का कहना है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के 3 दिन के अंदर आरक्षण की लाटरी निकाल लेंगे। इसके बाद पूरी प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के पास होगी। आयोग ही चुनाव की नई तिथि तय करेगा।

