पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ने के मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का निलंबन और 255 यूरो का जुर्माना लगाया है।
रणजी ट्रॉफी में 77 साल पुराना इतिहास दोहराते हुए मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने शानदार चौहरा शतक जड़ा। 1949 के बाद ऐसा कारनामा करने वाले वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 5 विकेट गंवा दिए हैं। गकेबेरहा में खेले जा रहे मुकाबले में टीम ने पहली पारी में 5 विकेट पर 97 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने 4 विकेट चटकाए हैं। वहीं मिचेल स्टार्क को 1 विकेट मिला। साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा 41 रन बनाकर नाबाद हैं। वियान मुल्डर 2 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। मैच के दूसरे दिन भी खेल बारिश से प्रभावित रहा। 2 दिनों में कुल 43 ओवर का ही खेल हो सका है। हालांकि तीसरे दिन कम बारिश का अनुमान है। 6 घंटे की देरी से शुरू हुआ खेल मैच के पहले दिन सिर्फ 12.2 ओवर का खेल हो सका था। दूसरे दिन भी मैदान गीला होने और बारिश के कारण खेल तय समय पर शुरू नहीं हो सका। कई बार पिच का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:45 बजे खेल शुरू हुआ। यानी निर्धारित समय से करीब 6 घंटे की देरी हुई। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड बीमारी के कारण मैदान पर नहीं उतरे। बोलैंड ने लगातार 2 गेंद पर 2 विकेट लिए थे स्कॉट बोलैंड ने पहले दिन लगातार 2 गेंदों पर 2 विकेट लिए थे। उन्होंने पारी के 9वें ओवर में एडेन मार्करम और डेविड बेडिंघम को आउट किया। दूसरे दिन भी उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान किया। बोलैंड ने 30 साल के डेब्यूटेंट मार्कस एकरमैन को विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके भी मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हो गए। इस बीच टेम्बा बावुमा ने संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने पैट कमिंस की बाउंसर पर छक्का भी जड़ा। बावुमा और रिकल्टन ने संभाली पारी साउथ अफ्रीका के कप्तान बावुमा ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने रयान रिकल्टन के साथ पांचवे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। दिन का खेल खत्म होने से 2 ओवर पहले रिकल्टन 31 रन बनाकर मैट रेनशॉ को कैच दे बैठे। ---------------------------------- पहले टेस्ट मैच की खबर भी पढ़ें… बावुमा की कप्तानी में पहली बार टेस्ट हारा साउथ अफ्रीका:डरबन में ऑस्ट्रेलिया ने 214 से हराया, मैच में हेजलवुड को 8 विकेट टेम्बा बावुमा की कप्तानी में पहली बार साउथ अफ्रीका कोई टेस्ट मैच हार गया है। टीम को डरबन में हुए पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 214 रन से हरा दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार आगाज, निषाद कुमार ने रचा इतिहास, पहले दिन आए 4 गोल्ड मेडल
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पहले दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए हैं। इस बेहतरीन शुरुआत में मोना अग्रवाल, निषाद कुमार, सौम्या और रिंकू ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
Rinku Hooda ने नागोया में जीता स्वर्ण पदक, मां को किया समर्पित
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 अक्टूबर मां के निधन के बाद पिछले दो महीने से परेशान चल रहे रिंकू हुड्डा ने उनके लिए एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया था और सोमवार को नागोया में उन्होंने ऐसा ही किया। रिंकू ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इसे अपनी मां को समर्पित किया। इस स्पर्धा में भारत के अजीत सिंह ने भी रजत पदक जीता। नागोया से पीटीआई के साथ टेलीफोन पर बातचीत में रिंकू ने कहा, ‘‘पिछले दो महीने से मैं थोड़ा परेशान था। मेरी मां का आठ अगस्त को निधन हो गया था। मैं अब भी परेशान हूं। बाहर से सब ठीक लगता है, लेकिन अंदर से ऐसा नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के लिए यह स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। इसलिए मैं यह स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित करना चाहूंगा।’’हरियाणा के धामड़ गांव के 27 वर्षीय रिंकू को मां के निधन के बाद परिवार के साथ समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि 13 दिन की शोक अवधि पूरी होते ही उन्हें प्रशिक्षण के लिए लौटना पड़ा।’’रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले रिंकू ने कहा, ‘‘उनका निधन आठ अगस्त को हुआ था। 19 अगस्त को 13वें दिन की रस्म पूरी होते ही मैंने प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। हालांकि, शुरुआत में मैंने हल्का अभ्यास किया।’’प्रशिक्षण शुरू करते ही रिंकू के कंधे में चोट लग गई जिसके कारण उन्हें करीब तीन सप्ताह तक आराम करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कंधे में ग्रेड-1 का मांसपेशीय खिंचाव था। इसके बाद मैंने करीब 20 दिन आराम किया। अब मैं चोट से पूरी तरह उबर चुका हूं।’’रिंकू ने कहा, ‘‘पहले मैं टेपिंग वगैरह करता था। अब भी टेपिंग करता हूं, लेकिन मुझे दर्द महसूस नहीं हुआ।’’रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और अजीत सिंह को महज नौ सेंटीमीटर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया। रिंकू की जिंदगी तीन साल की उम्र में बदल गई थी जब खेती के दौरान हुए एक हादसे में उनका बायां हाथ कट गया। धान की बुवाई में इस्तेमाल होने वाली मशीन में हाथ फंस जाने के कारण उनका हाथ काटना पड़ा। रिंकू ने 2018 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य और 2022 में चीन में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2023 और 2025 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी क्रमश: रजत और स्वर्ण पदक हासिल किया। हालांकि, उनके पदकों के संग्रह में अब तक पैरालंपिक पदक शामिल नहीं है। रिंकू ने कहा, ‘‘मैंने अभी तक पैरालंपिक में कोई पदक नहीं जीता है। अब मेरा लक्ष्य यही है। मैं इस पर अधिक ध्यान दूंगा।’’
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में मानव सुथार को शामिल न किए जाने से भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक को 'झटका' लगा है। कार्तिक मानते हैं...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को 'एशियन पैरा गेम्स 2026' में भारत के लिए पदक जीतने वाले एथलीट्स को बधाई दी। भारत ने सोमवार को कुल 11 मेडल (4 गोल्ड, 5 सिल्वर और...
एशियन पैरा गेम्स: भारत ने पहले दिन चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीतकर शानदार शुरुआत की
भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में शानदार शुरुआत करते हुए 4 गोल्ड सहित कुल 11 मेडल अपने नाम किए हैं। एथलेटिक्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। पढ़िए सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के बारे में।
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के 2027 सीजन से पहले ऑक्शन 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगा। इसमें 146 खिलाड़ी हिस्सा लेंगी, लेकिन पांचों टीमों के पास मिलाकर सिर्फ 27 खिलाड़ियों की जगह खाली है। इंग्लैंड की बल्लेबाज सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू ने अपनी बेस प्राइस 50 लाख रुपए रखी है। बेस प्राइस वह शुरुआती कीमत होती है, जहां से किसी खिलाड़ी के लिए बोली शुरू हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि खिलाड़ी को 50 लाख रुपए मिलना तय है। अगर कोई टीम बोली नहीं लगाती, तो खिलाड़ी अनसोल्ड भी रह सकती है। ऑक्शन में भारतीय खिलाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा है। 119 भारतीय और 27 विदेशी हैं। लेकिन टीमों को भारतीय खिलाड़ियों के लिए 20 और विदेशी खिलाड़ियों के लिए सिर्फ 7 जगह भरनी है। 5 बड़े फैक्ट्स में ऑक्शन का पूरा गणित समझिए… 1. ऑक्शन कैसे होता है? बेस प्राइस और पर्स का मतलब समझिए ऑक्शन में टीमें उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाती हैं, जिन्हें वे अपने साथ जोड़ना चाहती हैं। हर खिलाड़ी अपनी एक शुरुआती कीमत तय करती है, जिसे बेस प्राइस कहते हैं। इसके बाद टीमें बोली बढ़ाती हैं और सबसे ऊंची बोली लगाने वाली टीम खिलाड़ी को खरीद लेती है। लेकिन हर टीम के पास खर्च करने के लिए सीमित पैसा होता है। इसे पर्स कहते हैं। टीम जितना पैसा पहले खर्च कर चुकी है, उसके बाद उतना ही पैसा बचता है, जिसे वह ऑक्शन में इस्तेमाल कर सकती है। दूसरी सीमा खिलाड़ियों की संख्या है। किसी टीम के पास जितनी खाली जगह है, वह उसी हिसाब से खिलाड़ी खरीद सकती है। इस बार पांचों टीमों के पास कुल 27 स्लॉट खाली हैं। इनमें 20 भारतीय और 7 विदेशी खिलाड़ियों के लिए हैं। 2. किस खिलाड़ी ने कितनी बेस प्राइस रखी? सबसे ऊंची बेस प्राइस रखने वाली डंकली और मोलिन्यू हैं। मोलिन्यू पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल चुकी हैं। 2024 में टीम के खिताबी अभियान के दौरान उन्होंने 10 मैचों में 12 विकेट लिए थे। 2025 में वे घुटने की चोट से नहीं खेल सकीं। डंकली 2023 में गुजरात जायंट्स के लिए खेली थीं। उन्होंने 2024 सीजन के लिए अपना नाम नहीं दिया था और 2025 के ऑक्शन में अनसोल्ड रही थीं। इस बार दोनों खिलाड़ियों की बेस प्राइस सबसे ज्यादा है, लेकिन उन्हें कितनी रकम मिलेगी, यह ऑक्शन में लगने वाली बोली से तय होगा। 3. कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ी कौन होती हैं? ऑक्शन की खबरों में कैप्ड और अनकैप्ड शब्द बार-बार आते हैं। इसका आसान मतलब है- इस ऑक्शन में 119 भारतीय खिलाड़ियों में 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड हैं। विदेशी खिलाड़ियों में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। विदेशी समूह में एसोसिएट देशों की छह खिलाड़ी भी शामिल हैं। एसोसिएट देश वे क्रिकेट बोर्ड हैं, जो टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते। 4. यूपी वॉरियर्स के पास 8 स्लॉट यूपी वॉरियर्स पांच भारतीय और तीन विदेशी खिलाड़ियों के लिए बोली लगा सकती है। इसलिए उसके पास आठ खाली स्लॉट हैं और पांचों टीमों में सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को खरीदने की जरूरत है। टीम ने जिन खिलाड़ियों को रिलीज किया, उनमें डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन और किरण नवगिरे शामिल हैं। उसने तारा नॉरिस को मुंबई इंडियंस के साथ 10 लाख रुपए के ट्रेड में भी भेजा। ट्रेड का मतलब है कि ऑक्शन के बजाय दो फ्रेंचाइजी आपसी सहमति से खिलाड़ी को एक टीम से दूसरी टीम में भेजती हैं। मुंबई इंडियंस के पास 6 खाली स्लॉट हैं, लेकिन सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए हैं। गुजरात जायंट्स ने 15 खिलाड़ियों को रिटेन किया और चार को रिलीज किया। इसलिए उसके पास सिर्फ तीन स्लॉट खाली हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 4 खिलाड़ियों को रिलीज किया, जिनमें ग्रेस हैरिस शामिल हैं। टीम के पास पांच स्लॉट खाली हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने छह खिलाड़ियों को रिलीज किया और पांच जगह भरनी हैं। 5. इंग्लैंड की कई खिलाड़ी ऑक्शन में क्यों नहीं आईं? इस ऑक्शन में इंग्लैंड की सिर्फ दो खिलाड़ियों सोफिया डंकली और किरा चैथली ने नाम दर्ज कराया है। चैथली की बेस प्राइस 10 लाख रुपए है। डैनी वायट-हॉज, एलिस कैप्सी, डैनी गिब्सन, लॉरेन फिलर और लिन्से स्मिथ जैसी कई खिलाड़ी इस बार ऑक्शन में शामिल नहीं हुई हैं। इसके पीछे दो अहम वजहें बताई गई हैं- पहली वजह: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम- इंग्लैंड की टीम फरवरी की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ तीन टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल सकती है। यह कार्यक्रम WPL के आखिरी सप्ताह से टकरा सकता है। दूसरी वजह: कमाई का अंतर- इंग्लैंड की कई खिलाड़ी द हंड्रेड जैसे टूर्नामेंट में WPL की अधिकतम बेस प्राइस से ज्यादा रकम कमा सकती हैं। पिछले साल द हंड्रेड में कुछ खिलाड़ियों की कमाई 1.90 लाख पाउंड तक थी, जबकि WPL में सबसे ऊंची बेस प्राइस 50 लाख रुपए है।
187 रन पर गिरे 7 विकेट, फिर 22 साल के बल्लेबाज ने नंबर 9 पर आकर ठोका शतक, लगाए 6 छक्के
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में कर्नाटक के 22 साल के युवा खिलाड़ी मनवंत कुमार ने सौराष्ट्र के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक लगाया।
WPL Auction: 27 स्थानों के लिए 146 क्रिकेटरों की सूची जारी, कोच्चि में लगेगी बोली
भारतीय बल्लेबाज जी कमलिनी, ऑलराउंडर स्नेह राणा, ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू और श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू उन 146 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की नीलामी सूची में रखा गया है। लीग के 2027 सत्र से पहले उपलब्ध 27 स्थानों के लिए इन खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। नीलामी सूची में 22 भारतीय ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 14 विदेशी ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 97 ‘अनकैप्ड’ (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) भारतीय खिलाड़ी और 13 ‘अनकैप्ड’ विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। नीलामी के लिए सबसे अधिक बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया है। इसके अलावा खिलाड़ियों को 40 लाख, 30 लाख, 20 लाख और 10 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणियों में रखा गया है। मुंबई इंडियंस ने विकेटकीपर-बल्लेबाज कमलिनी को नीलामी से पहले टीम से रिलीज कर दिया था। उन्हें 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली कैपिटल्स ने स्नेह राणा को रिलीज किया था। उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। श्रीलंका की कप्तान अटापट्टू भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में भारत की किरण नवगिरे और ऑस्ट्रेलिया की हीथर ग्राहम तथा जेस जोनासन जैसी प्रमुख खिलाड़ी भी शामिल हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से रिलीज की गई ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर मोलिन्यू का बेस प्राइस 50 लाख रुपये है। सबसे अधिक बेस प्राइस वाली श्रेणी में केवल दो खिलाड़ी हैं। इसमें इंग्लैंड की सोफिया डंकली भी शामिल हैं। डंकली 2024 में गुजरात जायंट्स की ओर से खेल चुकी हैं।
प्रज्ञान ओझा बने BCCI के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट में अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। चयन समिति में वरिष्ठता के आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू क्रिकेट के अनुभव को इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
WPL Auction 2027 के लिए 146 प्लेयर का नाम आया सामने, सिर्फ 27 स्लॉट के लिए लगेगी बोली
WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी। इस ऑक्शन में 5 टीमें मिलकर 146 खिलाड़ियों में से 27 नए खिलाड़ियों को अपनी टीम में चुनेंगी।
एशियन पैरा गेम्स 2026: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत ने तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता।
जसप्रीत बुमराह को तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए, टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ने क्यों दिया ऐसा बयान
रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को सलाह दी है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक फिट रहने के लिए उन्हें सभी फॉर्मेट खेलने से बचना चाहिए। उन्हें मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे व टी20 में जरूरत के मुताबिक खेलना चाहिए।
प्रज्ञान ओझा बने BCCI चयन समिति के नए चेयरमैन, रमेश पवार की भी हुई एंट्री
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने प्रज्ञान ओझा को पुरुष चयन समिति का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. प्रज्ञान ओझा पूर्व अध्यक्ष अजित अगरकर की जगह लेंगे. इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटर रमेश पवार की भी चयन समिति में एंट्री हुई है. नई चयन समिति में शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा भी शामिल हैं. बीसीसीआई ने अजित अगरकर के शानदार कार्यकाल की सराहना की, जिसके दौरान भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं.
Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। लंबी कूद में निषाद कुमार, भाला फेंक में रिंकू और दृष्टिबाधित मध्य दूरी की धाविका सौम्या ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। जापान ने मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य सहित कुल आठ पदक जीते। निषाद ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में स्वर्ण पदकों का खाता खोला। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में भी ऊंची कूद की टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने लंबी कूद में अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाई। दिलचस्प बात यह है कि वह पहली बार लंबी कूद में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद मौजूदा खेलों में अपनी पसंदीदा स्पर्धा ऊंची कूद टी47 में भी भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने क्रमशः 6.99 मीटर और 6.55 मीटर के प्रयास से रजत और कांस्य पदक जीते। टी47 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके शरीर के ऊपरी अंगों में अक्षमता होती है। निषाद जब छह साल के थे तब हिमाचल प्रदेश में अपने खेत में घास काटने वाली मशीन से उनका दाहिना हाथ कट गया था। सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के सबसे गंभीर टी11 वर्ग में भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को तकनीकी उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह उल्लंघन कपड़ों, जूतों और प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाले बिब नंबर से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने के कारण हुआ। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण रिंकू ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में जीता जबकि उनके हमवतन अजीत सिंह ने रजत पदक हासिल किया। रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो।
Sheetal Devi ने तीरंदाजी में की World Record की बराबरी, Swati Chaudhary ने भी रचा इतिहास
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। जापान के आइची-नागोया में सोमवार को तीरंदाजी मुकाबलों में स्वाति चौधरी और शीतल देवी ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। स्वाति ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड बनाया, जबकि शीतल देवी ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। अपने पहले एशियाई पैरा खेल में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में कुल 648 अंक हासिल किए। उन्होंने पहले हिस्से में 332 और दूसरे हिस्से में 316 अंक बनाए। इस दौरान उनके निशाने पर 9 बार एक्स और 14 बार 10 अंक आए। उनका कुल स्कोर 2023 में हांगझोऊ में चीन की मिनयी चेन के बनाए 627 अंकों के रिकॉर्ड से काफी आगे रहा। इस प्रदर्शन के साथ स्वाति ने नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले भारत की शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। यह मुकाबला ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क के बहुउद्देश्यीय मैदान में खेला गया। तुर्किये की ओजनुर क्योर भी इस विश्व रिकॉर्ड की संयुक्त हिस्सेदार हैं। शीतल ने अपने प्रदर्शन से एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने इस साल मार्च में थाईलैंड के बैंकॉक में 698 अंक हासिल किए थे, लेकिन इस बार 6 अंक ज्यादा बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने दोनों हिस्सों में 352-352 अंक बनाए। उनके निशाने पर 32 बार एक्स और 25 बार 10 अंक आए। इस स्कोर के साथ वह रैंकिंग दौर में पहले स्थान पर रहीं। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ में बनाए अपने 680 अंकों के एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। भारत की पायल नाग ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 675 अंक बनाए और संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने पहले हिस्से में 334 और दूसरे में 341 अंक हासिल किए। उनके खाते में 12 एक्स और 20 बार 10 अंक दर्ज हुए। शीतल और पायल ने मिलकर महिलाओं के कंपाउंड युगल रैंकिंग दौर में 1,379 अंक बनाए और शीर्ष स्थान हासिल किया। इसमें शीतल का योगदान 704 और पायल का 675 अंक रहा। पुरुषों के कंपाउंड तीरंदाजी रैंकिंग दौर में भारत के हरविंदर सिंह 631 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने पहले हिस्से में 310 और दूसरे में 321 अंक बनाए। उनके निशाने पर 8 एक्स और 13 बार 10 अंक आए। वहीं, विजय सुंडी ने 630 अंकों के साथ सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने पहले हिस्से में 318 और दूसरे में 312 अंक बनाए, जबकि उनके खाते में 6 एक्स और 13 बार 10 अंक दर्ज हुए। गौरतलब है कि रैंकिंग दौर के अंक खिलाड़ियों की आगे की स्पर्धाओं में स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारतीय तीरंदाजों के इन प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले मुकाबलों में उनसे बेहतर नतीजों की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में रिंकू और अजीत सिंह ने शीर्ष दो स्थान हासिल करते हुए देश का मान बढ़ाया...
Asian Para Games में भारत का दमदार आगाज, पहले दिन 4 स्वर्ण समेत 11 पदक जीते
भारत ने सोमवार को यहां निशानेबाज मोना अग्रवाल और लंबी कूद के एथलीट निषाद कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से एशियाई पैरा खेलों में शानदार शुरुआत करते हुए चार स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीते। भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत ने इस तरह पहले दिन कुल 11 पदक जीते जिनमें चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही देश पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। दिन की शुरुआत में ही मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। शाम का सत्र पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों के नाम रहा। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार, मध्यम दूरी की धाविका सौम्या और भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। निषाद के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा क्योंकि वह अपने करियर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे। छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में अपना दायां हाथ गंवाने वाले निषाद ने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में दृष्टिबाधित सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। हमवतन राधा वेंकटेश ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधिता की सबसे गंभीर श्रेणी टी11 में भारत की रवन्नी वलासनैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को कपड़ों, जूतों और बिब से जुड़े तकनीकी नियमों का पालन नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में भारत का दबदबा रहा। रिंकू ने 65.11 मीटर और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर भाला फेंककर क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का यह इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो। जूडो खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन :भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते जिसमें कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। काइजी ने महज 21 सेकेंड में इप्पोन हासिल करके स्वर्ण पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है, जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की जूडो स्पर्धाएं जे1 और जे2 वर्गों में आयोजित होती हैं। जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होती है, लेकिन आमतौर पर उनकी देखने की क्षमता जे1 वर्ग के खिलाड़ियों से बेहतर होती है। जे1 वर्ग में पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। तैराकी में रजत पदक :भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 56.68 सेकेंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। एस13 वर्ग में कम दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टेबल टेनिस और बैडमिंटन में पदक पक्के :पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल सहित भारत के कई टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए तीन अलग-अलग वर्गों में पदक पक्के किए। प्राची पांडे ने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई सोनलबेन ने वर्ग तीन में थाईलैंड की दरारत असायुत को शिकस्त दी। भाविना ने वर्ग चार-पांच में चीन की झांग मियाओ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया। इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं। प्राची के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियाई पैरा खेलों की इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक सुनिश्चित हो गया। वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्राची फाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार को इराक की नजला अल-दय्येनी से भिड़ेंगी। सोनलबेन ने महिला एकल वर्ग तीन के क्वार्टर फाइनल में दरारत को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वर्ग तीन में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका बैठने के दौरान संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है जबकि बांह और हाथों की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य रहती है। राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता भाविना ने भी वर्ग चार-पांच के क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग मियाओ को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। वर्ग चार-पांच में शारीरिक अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जो बैठकर खेलते हैं। तीनों भारतीय खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना सुनिश्चित हो गया है। बैडमिंटन में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल में एसएल3-एसयू5 ग्रुप बी में सेमीफाइनल में प्रवेश करके पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी को अपने पहले मैच में चीन की यांग जियानयुआन और यांग किउक्सिया से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग ज़िक्सुआन को सिर्फ 23 मिनट में 21-4, 21-18 से हराकर ग्रुप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 श्रेणी के ग्रुप ए में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराकर आसान जीत दर्ज की। रुथिक रघुपाथी ने पुरुष एकल एसयू5 ग्रुप सी मैच में थाईलैंड के सोमसिरी प्रिचा पर 21-12, 21-12 से जीत हासिल करके भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता है और जो आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं, जबकि एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में विकलांगता है। मिश्रित युगल में जोड़ियां इन दोनों श्रेणियों के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई जाती हैं।
रोहित, जसकरण और चंद्रमोहन ने जीता ब्रॉन्ज: अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप
लास वेगास, अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन, भारत के फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने सभी पदक मुकाबलों में जीत हासिल की।
Ramesh Powar भारतीय पुरुष चयन समिति में शामिल, Pragyan Ojha बने रहेंगे प्रमुख
भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को सोमवार को राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति में शामिल किया गया जबकि प्रज्ञान ओझा पैनल के अध्यक्ष बने रहेंगे। ओझा ने अजित अगरकर की जगह ली है जिनका कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो गया था।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि अंतरिम प्रमुख ओझा वरिष्ठता (टेस्ट मैच की संख्या) के आधार पर समिति की अध्यक्षता करेंगे। बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर ओझा ने अपने पांच साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 24 टेस्ट खेले थे।बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की।’’अपने क्रिकेट करियर के दौरान 48 वर्षीय पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी कई जिम्मेदारियां निभाईं। वह भारतीय महिला टीम, मुंबई और गुजरात के मुख्य कोच रहे हैं। इसके अलावा वह यहां बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं।भारतीय महिला टीम के साथ पोवार के कार्यकाल के दौरान टीम ने 2022 में एशिया कप का खिताब जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया।पोवार का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा लेकिन वह मुंबई के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 148 प्रथम श्रेणी मैच में 470 विकेट लिए।वह निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी रहे और उन्होंने सात शतक तथा 17 अर्धशतकों की मदद से 4,245 रन बनाए।पीटीआई को मिली जानकारी के अनुसार नए चयनकर्ता के लिए चयन प्रक्रिया 15 अक्टूबर को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई थी।पोवार के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलिल अंकोला, वसीम जाफर, जैकब मार्टिन और कोनोर विलियम्स भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे।हालांकि सीएसी के सदस्यों ने चयन समिति के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए पोवार के नाम पर मुहर लगाई। यह व्यवस्था कम से कम 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप को देखते हुए की गई है।जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारत के लिए 31 टेस्ट खेले थे। उन्होंने 34 के औसत से 1,944 रन बनाए जिसमें पांच शतक शामिल हैं। अगर मुंबई के इस पूर्व बल्लेबाज को चुना जाता तो वह चयन समिति के अध्यक्ष पद पर ओझा की जगह लेते।बीसीसीआई ने चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट में उल्लेखनीय योगदान के लिए अगरकर की भी सराहना की।सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और योगदान के लिए अजित अगरकर के प्रति आभार व्यक्त करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई 2023 में नियुक्ति के बाद अगरकर ने ऐसे महत्वपूर्ण दौर में समिति का नेतृत्व किया जब भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।’’पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।भाषा पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।
Asian Para Games: सौम्या ने 1500 मीटर दौड़ में जीता Gold Medal, राधा को मिला रजत
भारत की सौम्या ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026: सौम्या और रिंकू ने भारत को दिलाया गोल्ड, राधा को रजत
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत की बेटियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सौम्या ने भारत को महिलाओं की 1500 मीटर टी12/13 प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल दिलाया है, जबकि राधा वेंकटेश को सिल्वर मेडल मिला है। रिंकू सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन 31 वर्ष के हो चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, अभी तक उन्हें भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है।
जैवलिन में रिंकू का गोल्ड, अजीत को सिल्वर, ट्रैक पर सौम्या ने भी जीता सोना
एशियन पैरा गेम्स में सोमवार को जैवलिन थ्रो F46 स्पर्धा में रिंकू ने 65.11 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 रेस में सौम्या ने गोल्ड और राधा वेंकटेश ने सिल्वर अपने नाम किया.
भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में नहीं मिली एंट्री, अब सेंचुरी ठोक दे दिया जवाब
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया है। ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनकी 19वीं सेंचुरी है।
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ 400 रन की नाबाद पारी खेली। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह आंकड़ा छूने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। दीमापुर में 29 साल के चिन्मय ने 517 गेंदों पर 46 चौके और 7 छक्के लगाए। इस पारी के साथ वे रणजी ट्रॉफी की एक पारी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आखिरी विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही 400 रन चिन्मय ने अपना दूसरा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए यह ऐतिहासिक पारी खेली। 2026-27 सीजन से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से NOC लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी। मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे। हालांकि, टीम को 3 विकेट से हार मिली थी। इस साल चिन्मय विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेले। जून में उन्होंने मुंबई T20 लीग में मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की। टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाने वाले चिन्मय ने छह पारियों में 212 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा। ब्रैडमैन के रिकॉर्ड तोड़ने से 8 रन दूर रह गए निंबालकर निंबालकर ने दिसंबर 1948 में पुणे में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था। उस मैच में काठियावाड़ ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। जवाब में महाराष्ट्र ने 826/4 का स्कोर खड़ा कर दिया। तीसरे दिन निंबालकर 443 रन पर नाबाद थे और डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के तत्कालीन फर्स्ट क्लास विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 9 रन दूर थे। लंच के बाद काठियावाड़ के कप्तान ने महाराष्ट्र के पारी घोषित नहीं करने पर मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के कप्तान राजा गोखले और अंपायरों ने उनसे कुछ और ओवर खेलने की अपील की, ताकि निंबालकर रिकॉर्ड तोड़ सकें। लेकिन काठियावाड़ की टीम मैदान छोड़कर चली गई और मैच गंवा दिया। -------------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
BREAKING : BCCI में बड़ा बदलाव! प्रज्ञान ओझा बने चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
कपिल परमार ने जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के कपिल परमार ने सोमवार को 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के जे1-70 किग्रा पैरा-जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
बीसीसीआई का बड़ा ऐलान, प्रज्ञान ओझा बने नए सेलेक्शन कमिटी के चीफ, रमेश पवार भी हुए शामिल
BCCI ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को मेंस सेलेक्शन कमिटी का नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया है। रमेश पोवार को भी सेलेक्शन कमिटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने कहा है कि इंजरी पर अफसोस करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय कोच गौतम गंभीर से हुई बातचीत ने उन्हें मुश्किल दौर से उबरने में मदद की। भारत के खिलाफ सितंबर में हुई टी-20 सीरीज के पहले मैच में टॉस से 20 मिनट पहले उनके कंधे की चोट फिर उभर आई थी। इसकी वजह से वे मैच नही खेल सके। तब नवीन 9 महीने की रिहैबिलिटेशन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले थे। नवीन ने क्रिकबज से बातचीत में कहा कि अब उनका पूरा ध्यान फिटनेस हासिल करने पर है। वह जल्दबाजी में वापसी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे तभी खेलेंगे, जब उन्हें अपने कंधे पर पूरा भरोसा होगा। नवीन ने कहा- गंभीर से 20-25 मिनट बातचीत ने नजरिया बदला नवीन ने बताया कि भारत के खिलाफ तीसरे टी-20 के बाद वह मैदान पर अकेले बैठे थे। तभी गौतम गंभीर ने उनसे चोट और मैच नहीं खेलने की वजह पूछी। गंभीर IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनके कोच रह चुके हैं। नवीन के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने गंभीर को बताया कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद दोबारा चोटिल होना उन्हें मानसिक रूप से कितना प्रभावित कर रहा था। करीब 20-25 मिनट की इस बातचीत से उन्हें अपनी परेशानियों में उलझे रहने के बजाय दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कंधे की चोट के कारण टी-20 वर्ल्ड कप भी नहीं खेले नवीन दिसंबर 2025 के बाद से कोई प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं। दाएं कंधे में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण वह इस साल टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर रहे। फ्रैक्चर 8 से 10 सप्ताह में ठीक हो गया था, लेकिन इसके बाद रिकवरी लंबी चली। कंधे के लैब्रम की मरम्मत के लिए उन्हें दूसरी सर्जरी भी करानी पड़ी। कंधे के कैप्सूल को कसने की जरूरत के कारण वापसी में और समय लगा। नवीन ने कहा कि लगातार राष्ट्रीय टीम और अलग-अलग लीग में खेलने के बाद अचानक जिम और फिजियोथेरेपी तक सीमित हो जाना उनके लिए मुश्किल था। 34-35 साल तक खेलना चाहते हैं नवीन का मानना है कि उनके पास उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए अभी 7-8 साल हैं। उन्होंने कहा कि अगले 6-7 साल तक अच्छा क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें मेहनत करनी होगी और मुश्किलों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इंटरनेशनल टीम में जगह या प्लेइंग-11 में वापसी को लेकर नहीं सोच रहे। उन्हें अपनी स्किल पर भरोसा है और पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद वह मैदान पर अपना प्रदर्शन दिखाना चाहते हैं। फिटनेस पर पूरा भरोसा होने पर ही लौटेंगे नवीन ने वापसी के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। वह रिहैबिलिटेशन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और गेंदबाजी की तैयारी जारी रखेंगे। उनके मुताबिक, क्रिकेट में लौटने से पहले उन्हें अपनी फिटनेस और कंधे को लेकर 100-120% भरोसा चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की टीम में जगह नहीं मिलती, तो भी यह करियर का अंत नहीं होगा। लीग क्रिकेट में प्रदर्शन करने के मौके मौजूद हैं। नवीन ने कहा कि जीवन ने उन्हें सिखाया है कि एक दिन शानदार प्रदर्शन हो सकता है और अगले दिन खराब। इसलिए उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
एशियन पैरा गेम्स: निषाद कुमार ने लहराया तिरंगा, टी47 लॉन्ग जंप में देश के लिए जीता गोल्ड मेडल
भारत के निषाद कुमार ने आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों की टी47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद ने सोमवार को 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर अपने शानदार पैरा-एथलेटिक्स करियर में एक अप्रत्याशित स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
पहली बार लॉन्ग जंप में उतरे निषाद कुमार, सीधे गोल्ड पर लगाई छलांग
निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स में भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया. उन्होंने पुरुषों की T47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता. खास बात यह रही कि यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी लॉन्ग जंप मुकाबला था. अब वह अपने पसंदीदा इवेंट हाई जंप T47 में भी उतरेंगे.
बाबर आजम ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने 141 वनडे पारियों में 6671 रन बना लिए हैं। उन्होंने विराट कोहली और हाशिम अमला जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है।
Asian Para Games 2026 में Nishad Kumar ने Long Jump T47 में जीता Gold Medal
सोमवार (19 अक्टूबर) को चल रहे एशियाई पैरा गेम्स 2026 में, निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। हिमाचल प्रदेश के 27 वर्षीय एथलीट, जो पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके हैं, ने सोमवार को अपनी दूसरी स्पर्धा में हिस्सा लिया और उसमें भी पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। इसके बाद, अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर और तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय की। चौथे प्रयास में वे एक सफल छलांग नहीं लगा सके, और पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर से 7.11 मीटर की दूरी तय की। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 6.99 मीटर की दूरी तय करके पोडियम पर जगह बनाई। 6.99 मीटर की यह छलांग उनके इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही। इससे पहले उन्होंने 6.71 मीटर, 6.88 मीटर, 6.81 मीटर और 6.76 मीटर की दूरियां तय की थीं। एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में सबसे बेहतरीन छलांग का रिकॉर्ड चीन के हाओ वांग के नाम है। वांग ने 7 अक्टूबर 2018 को जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 7.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई थी। मोना अग्रवाल ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने पदकों का खाता खोला। 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके इस पदक से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है। इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 'वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप' में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था।
भारत के सब्सक्रिप्शन-फ्री OTT प्लेटफॉर्म VETO ने ‘VETO Sports Carnival’ पेश किया है। इसके तहत दर्शक क्रिकेट, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और टेनिस जैसे खेलों के 300 घंटे से ज्यादा लाइव मुकाबले देख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होगी।
Kapil Parmar ने Asian Para Games में जीता Bronze Medal इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराया
सोमवार को जापान के नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स में, भारत के कपिल परमार ने पुरुषों के J1 -70kg पैरा-जुडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में, परमार ने इंडोनेशिया के शिदकी राफली अहनाफ को 69 सेकंड में 'इप्पोन' (Ippon) से हरा दिया। पेरिस 2024 पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले कपिल परमार का यह एशियन पैरा गेम्स में दूसरा मेडल है; इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इन गेम्स में उनका यह ब्रॉन्ज मेडल, भारत के लिए कुल तीसरा मेडल है और पैरा-जुडो में देश का पहला मेडल है। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रतियोगिता में इससे पहले, क्वार्टर फाइनल में परमार ने मंगोलिया के बातरसुरेन बाट-एर्डेने को 'गोल्डन स्कोर' के दौरान 4 मिनट 53 सेकंड में 'इप्पोन' से हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी। अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए परमार ने कहा कि मैं अच्छा महसूस कर रहा हूँ। काफी समय हो गया था जब मैंने कोई मेडल जीता था। मैंने बहुत कड़ी मेहनत की है। मेरे कोच ने भी मुझ पर बहुत मेहनत की है। मैं तो गोल्ड मेडल जीतने की तैयारी के साथ आया था, लेकिन आज मेरा दिन या मेरी किस्मत साथ नहीं थी, इसलिए मुझे ब्रॉन्ज मेडल मिला। सभी भारतीयों का बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का बहुत-बहुत धन्यवाद। सभी का धन्यवाद। OGQ (ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट) का भी धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद, भारत। परमार के कोच, मुनव्वर अंजार ने इस मेडल के महत्व पर जोर दिया, खासकर इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में परमार को कई निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें उनकी मां की खराब तबीयत भी शामिल थी। अंजार ने कहा, उनके लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतना बहुत जरूरी था। उन्होंने पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसी स्थितियां बनीं कि घर पर उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से वह काफी टूट गए थे, मानसिक रूप से भी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें यह मेडल अपनी मां को समर्पित करना चाहिए। और आज उन्होंने ऐसा ही किया। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें मेडल मिला। और हमें जो ब्रॉन्ज मेडल मिला है, उसके सहारे हम आने वाले पैरालंपिक के लिए बहुत कड़ी तैयारी करेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप परमार ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक मेडल जीतने वाले भारत के पहले जूडोका (judo athlete) बन गए हैं, जिन्होंने पुरुषों की J1 -60kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनके खेल करियर में कई मुश्किलें आईं; एक बार जब वह पानी से भरे खेत में काम कर रहे थे, तब वहां बिजली का एक तार गिर गया, जिससे उन्हें करंट लगा और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इन मुश्किलों के बावजूद, परमार ने लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो एकेडमी में अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और अब वह इस खेल के प्रमुख एथलीटों में से एक बन गए हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें 2023 में अलेक्जेंड्रिया में, और 2024 में अंताल्या और त्बिलिसी में आयोजित IBSA जूडो ग्रां प्री प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
साउथ कोरिया की आन से-यौंग ने बैडमिंटन के विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टाइटल जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने रविवार को डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराया। डेनमार्क के ओडेंस शहर में मिली इस जीत के साथ सी-यंग के इंटरनेशनल टाइटल की संख्या 47 हो गई। उन्होंने इंडोनेशिया की दिग्गज सुसी सुसांती (46 टाइटल) के 29 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने इसकी पुष्टि की। BWF के रिकॉर्ड 1989 से रखे जा रहे हैं और इनमें रीजनल टूर्नामेंट में जीते खिताब शामिल नहीं हैं। BWF ने 24 साल की एन सी-यंग को ‘ऑल टाइम ग्रेट’ बताया। सी-यंग ने कहा- मैं और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं जीत के बाद सी-यंग ने कहा, ‘मैं बहुत इतिहास बनाना और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं, लेकिन एक समय में एक मैच पर ध्यान देती हूं।’ उन्होंने कहा, ‘यही मेरी प्रेरणा है। दर्शक मेरे लिए आते हैं और मुझे खुशी है कि लोग मेरा हर मैच पसंद करते हैं।’ दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी अन लगातार 105 हफ्तों से शीर्ष रैंकिंग पर हैं। उन्होंने 2025 में एक सीजन में रिकॉर्ड 11 खिताब जीते थे। इस साल भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। फाइनल में टखने की चोट के बाद वापसी की आन से-यौंग फाइनल में यामागुची के खिलाफ पहला गेम 21-23 से हार गई थीं। उन्होंने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और इसे 21-14 से जीत लिया। इससे मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंच गया। तीसरे गेम में आन एक समय 5-11 से पीछे थीं। कोर्ट पर फिसलने के बाद उनके दाएं टखने में चोट लगी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी लय वापस हासिल की। उन्होंने कोर्ट के धीमे हिस्से का फायदा उठाया और तीसरा गेम 21-18 से जीत लिया। आन ने मैच के बाद कहा, ‘कोर्ट खराब था और मैं फिसल गई। मैं अपने शरीर की जांच कराऊंगी और अपने कोच से बात करूंगी।’ उन्होंने कहा, ‘अंतिम गेम में मैं कोर्ट के धीमे हिस्से में थी और मुझे ज्यादा भरोसा था।’ सी-यंग ने इस सीजन 9 टाइटल जीते सी-यंग ने इस सीजन में BWF वर्ल्ड टूर के छह सिंगल्स और ओवरऑल 9 खिताब जीते हैं। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भी बड़े खिताब हासिल किए हैं। टीम प्रतियोगिताओं में भी उन्हें सफलता मिली है। 2026 में उन्हें अब तक सिर्फ एक हार मिली है। मार्च में ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में चीन की वांग झियी ने उन्हें हराया था। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया:पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
एशियन पैरा गेम्स में मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड मेडल, अवनि लेखरा को सिल्वर से करना पड़ा संतोष
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीत लिया।
Asian Para Games में Kapil Parmar ने जीता कांस्य, इंडोनेशियाई खिलाड़ी को दी मात
भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को यहां इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराकर एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की जे1-70 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। भावुक कपिल ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’’जे1 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ियों से लेकर ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें रोशनी का बहुत कम आभास होता है। कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।
आयुष बदोनी ने ठोक दी डबल सेंचुरी, प्रियांश आर्या एक रन से चूके, दिल्ली के सामने गुजरात की हालत खराब
रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के कप्तान आयुष बदोनी ने गुजरात के खिलाफ दोहरा शतक लगाया है। प्रियांश आर्या के 199 रनों की पारी की मदद से टीम ने अब 500 से अधिक रन बना लिए हैं।
इंटरनेट डेस्क। पैरा एशियन गेम्स में राजस्थान की बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। जापान में शुरू हुए पैरा एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में देश को पहले दिन आज 2 पदक दिलाए। खबरों के अनुसार, आर2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की एसएच1 कैटेगरी में मोना ने गोल्ड और अवनि ने सिल्वर पर निशाना साधा है। एसएच1 कैटेगरी में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। इस इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। पेरिस पैरालंपिक्स की कांस्य पदक विजेता मोना ने फाइनल में दमदार वापसी की। एक समय वे 5वें स्थान पर चल रही मोना ने 250.0 अंक के एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड के साथ अवनि को शिकस्त दी। 2 बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनी 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मोना उनसे केवल 0.4 अंक आगे रहीं। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। PC:jagran
Mona Agarwal ने Asian Para Games में जीता गोल्ड, हमवतन अवनि को पछाड़कर बनाया रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने सोमवार को यहां फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया जिससे भारत ने एशियाई पैरा खेलों में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर पदक तालिका में अपना खाता खोला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पछाड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। एसएच1 वर्ग निचले अंगों में विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है। जयपुर की इन दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना के 239.1 अंक थे जबकि अवनि 239.2 अंक के साथ उनसे 0.1 अंक आगे थीं। मोना ने आखिरी शॉट में शानदार 10.8 अंक हासिल किए जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इस तरह 38 वर्षीय दो बच्चों की मां मोना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ निशानेबाजों के बीच 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया था। कार दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर निशाना लगाने वाली अवनि 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि फाइनल की शुरुआत में तस्वीर अलग थी। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी अवनि ने 10.8 अंक के साथ शुरुआत की जबकि मोना ने 10.1 अंक हासिल किए। पहले पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 104.8 अंक तक पहुंच गईं। उस समय मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया। अवनि लगातार कुछ कम स्कोर वाले शॉट लगाने लगीं जबकि मोना ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार किया। इससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मोना के लिए यह स्वर्ण पदक धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी का परिणाम रहा। अवनि के लिए यह रजत पदक उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है।
Asian Para Games 2026: भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में 'डबल धमाल' से अपना मेडल का खाता खोला। मोना अग्रवाल ने गोल्ड जबकि अवनि लेखरा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
मोना अग्रवाल ने गोल्ड और अवनि लेखरा ने जीता सिल्वर: एशियन पैरा गेम्स
टोयोटा, भारतीय शूटर मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को यहां ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता।
Asian Para Games 2026: 10m Air Rifle में Mona Agarwal ने जीता Gold, Avani को Silver
19 अक्टूबर को आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए पहले पदक पक्के किए। सातवीं सीरीज के बाद 250 के स्कोर के साथ मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 249.6 के पिछले एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया; यह पिछला रिकॉर्ड 2023 के हांगझोऊ खेलों में अवनि लेखरा ने बनाया था। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद अवनि लेखरा ने सातवीं सीरीज के बाद 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले दिन में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग के नाम दर्ज पिछले एशियाई पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मोना अग्रवाल 629.4 के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से बहुत कम अंतर से चूक गईं; यह विश्व रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अवनि लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम है। अवनि लेखरा ने क्वालिफिकेशन राउंड में 626.4 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video पुरुषों की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 फाइनल में, भारत कोई पदक नहीं जीत सका। महावीर स्वरूप उन्हाल्कर 205.9 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहे और पांचवीं सीरीज के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जबकि पहली बार हिस्सा ले रहे राकेश निदागुंडी 141.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। निदागुंडी और उन्हाल्कर दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था; पुरुषों के क्वालीफिकेशन इवेंट में 6 सीरीज के बाद, निदागुंडी 619.3 के स्कोर के साथ सातवें और उन्हाल्कर 617.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। आनंदा कृष्णन क्वालीफाई नहीं कर सके और 605.2 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहे।
भारत के लिए खेलने का सपना अब भी जिंदा: अभिमन्यु ईश्वरन
नई दिल्ली, बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले अभिमन्यु ईश्वरन 31 साल के हो चुके हैं।
हांगकांग सिक्सेस 2026 के लिए अफगान टीम का ऐलान, गुलबदीन नायब बने कप्तान
अफगानिस्तान ने हांगकांग सिक्सेस 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें अनुभवी ऑलराउंडर गुलबदीन नायब को कप्तान बनाया गया है।
राजस्थान के सीकर में जन्मी मोना अग्रवाल नौ महीने की उम्र में पोलियो से प्रभावित हो गई थीं। उन्होंने पैरा एथलेटिक्स और सिटिंग वॉलीबॉल के बाद दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की।
भारतीय जूडोका कोकिला ने फाइनल में बनाई जगह: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत की कोकिला ने सोमवार को आइची-नागोया में 2026 एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की जे2-52 किग्रा गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह पक्की कर ली।
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त
भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।
मोना अग्रवाल ने 2026 एशियाई पैरा खेलों की महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। अवनी लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई। राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी 2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं। -------------------------------------------- पैरा एशियाड से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया, पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
इंटरनेट डेस्क। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को अगले 3 दिनों में भारत से न्यूजीलैंड पहुंचना है, भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का आगाज 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले जाने वाले पहले टी20 मैच से होगा। टीम इंडिया के लिए अच्छी बात यह है कि दो दिन बाद यानी 24 अक्टूबर को दूसरा टी20 भी इसी मैदान पर खेला जाएगा। तीसरा टी20 27 अक्टूबर को वेलिंगटन, चौथा टी20 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां व आखिरी टी20 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। भारत की टी20 टीम- श्रेयस अय्यर ख्कप्तान,, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन ख्विकेट कीपर,, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन ख्विकेट कीपर,, तिलक वर्मा ख्उपकप्तान,, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव टी20 के बाद होगी वनडे सीरीज, दिखेंगे कोहली-रोहित 1 नवंबर को खत्म होने वाली टी20 सीरीज के बाद 5 मैच की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें फैंस को एक बार फिर से विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों की झलक देखने को मिलेगी। वनडे सीरीज का आगाज 4 नवंबर से होगा, जिसमें शुभमन गिल कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। गिल समेत 4 खिलाड़ी तीन वनडे के बाद टेस्ट सीरीज की तैयारियों में बिजी हो जाएंगे, ऐसे में आखिरी दो वनडे मुकाबलों में श्रेयस अय्यर टीम की अगुवाई करेंगे। दूसरा वनडे 7 नवंबर, तीसरा वनडे 10 नवंबर, चौथा वनडे 13 नवंबर और पांचवां वनडे 15 नवंबर को खेला जाएगा। pc- pinterest.com
सलमान अली आगा ने रचा इतिहास, नंबर-5 पर शतक जड़ते हुए कर दिया कमाल, मोहम्मद यूसुफ छूट गए पीछे
सलमान अली आगा ने श्रीलंका के खिलाफ ODI ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में 90 गेंदों पर 107 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया। वह पाकिस्तान के लिए ODI में पांचवें या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। 19 साल की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में 720 में से 704 अंक हासिल किए। शीतल ने 72 तीरों में 57 बार परफेक्ट 10 लगाए। इनमें 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी स्कोरिंग जोन में लगे। पेरिस पैरालिंपिक की कांस्य पदक विजेता शीतल ने पायल के साथ भारत को महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर पहुंचाया। भारत ने 1,379 अंक के साथ चीन को पीछे छोड़ा। शीतल ने नया एशियन रिकॉर्ड बनाया जम्मू-कश्मीर की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में लगभग हर शॉट पर सटीक निशाना लगाया। उनके 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी हिस्से में लगे, जिन्हें X कहा जाता है। शीतल ने पिछला एशियन रिकॉर्ड छह अंकों से बेहतर किया। यह रिकॉर्ड 698 अंक का था। 704 अंक के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाया। मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन शीटल ने अपना एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने 2023 में हांगझोउ में 680 अंक बनाए थे। पायल 675 अंक के साथ 5वें नंबर पर रहीं एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहीं पायल ने भी महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 675 अंक के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। ओडिशा की चारों अंगों से दिव्यांग पायल इस साल अप्रैल में चर्चा में आई थीं। उन्होंने बैंकॉक में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड जीता था। उस मुकाबले में पायल ने शीतल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब दोनों के प्रदर्शन ने भारत की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। भारत सेमीफाइनल में पहुंचा शीतल और पायल के कुल 1,379 अंकों से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में पहले स्थान पर रहा। चीन 1,338 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत के मजबूत क्वालिफिकेशन प्रदर्शन से टीम को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली। भारतीय जोड़ी अब 5वीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड और चौथी वरीयता वाले कजाकिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल के विजेता से खेलेगी। --------------------------------------------
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रहीं सविता पूनिया ने एशियाई खेलों के फाइनल से पहले की भावुक रात को याद किया। खिलाड़ियों ने अपने सपने साझा किए थे।
खेल डेस्क। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा (55 रन) और स्मृति मंधाना (47 रन) की तूफानी पारियों के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मैच में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से शिकस्त दी। शैफाली वर्मा ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेली। इस मैच में मंधाना और शैफाली ने मिलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इन दोनों ने मिलकर एक ही कैलेंडर ईयर के दौरान अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेटर में 1000 से अधिक रन की साझेदारी की है। वहीं दोनों ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इन दोनों ने साल 2026 में अब तक 9 बार 50 से अधिक रनों की शानदार साझेदारी करके हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी यास्मीन दसवानी और नताशा माइल्स का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी ने साल 2026 में 8 बार ऐसा किया था। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर भी यही भाररतीय जोड़ी है, जिसने साल 2024 में 7 बार यह कारनामा किया था। टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते मैच जीता इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीत का भी रिकॉर्ड बनाया। रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ 103 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते ही मैच अपने नाम किया। टी20 क्रिकेट के इतिहास में 100 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विश्व सर्वाधिक गेंदे रहते हुए मैच जीतने का यह विश्व रिकॉर्ड है। इस मामले में अब टीम इंडिया पहले नंबर पर आ गई है। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
एशियन पैरा गेम्स के पहले दिन भारत की चुनौती शुरू हो गई है। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी समेत विभिन्न स्पर्धाओं में उतर रहे हैं।
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच गकेबरहा में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में अनोखा रिकॉर्ड बना है। ये रिकॉर्ड खिलाड़ियों की उम्र से जुड़ा हुआ है।
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________ टेस्ट क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… बारिश और बोलैंड ने साउथ अफ्रीका को दबाव में डाला, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 विकेट गिरे; पहले दिन 12.2 ओवर का खेल हो सका ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट लिए। गकेबरहा में रविवार को बारिश के कारण खेल बार-बार रुका। पढ़ें पूरी खबर
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________
बांग्लादेश को मिली नई कप्तान, नाहिदा अख्तर संभालेंगी T20 की कमान, शोभना को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
बांग्लादेश की अनुभवी स्पिनर नाहिदा अख्तर को महिला T20I टीम का नया कप्तान बनाया गया है। उन्हें एक साल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है और अगले महीने होने वाली ICC महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026 उनका पहला टूर्नामेंट होगा।
Ind W vs Zim W: शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के तूफानी खेल से भारत ने जीती T20I सीरीज
भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (55 रन, 25 गेंद) और कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) की पारियों से रविवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8.5 ओवर में नौ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी से भारतीय टीम ने 67 गेंद रहते आसानी से 103 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया। इस तरह मंधाना ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली श्रृंखला में जीत से शुरूआत की। शेफाली की पारी में छह चौके और चार छक्के जड़े थे जबकि मंधाना ने छह चौके और दो छक्के जमाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान मिशेल मावुंगा की लगातार तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया। शेफाली ने बिलव्ड बिजा पर छक्का जड़कर 24 गेंद में अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर वह इस गेंदबाज का शिकार हो गईं। मंधाना ने भी आक्रामक अंदाज बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाज नयाशा ग्वानजुरा की लगातार चार गेंदों पर चौके जड़े। उन्होंने ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच समाप्त किया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था।
पैरा एशियन गेम्स की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो चुकी है। रविवार को उद्घाटन समारोह के साथ ही इन खेलों का बिगुल बज गया है। भारत ने पिछली बार शानदार प्रदर्शन किया था। आइए जानते हैं उन पैरा एथलीटों के बारे में जो इस बार पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं...
'हर मैच में रन की उम्मीद करना हमारी भूल', अभिषेक पर दिग्गज का बयान
अभिषेक शर्मा का बल्ला वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में खामोश रहा. अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था. लेकिन वह इस फॉर्म को वेस्टइंडीज के खिलाफ बरकरार रखने में नाकाम रहे.
IOA Athletes Commission चुनाव: 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में PV Sindhu और हरमनप्रीत सिंह शामिल
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू, दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह को उनके संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) ने तीन नवंबर को होने वाले भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के खिलाड़ी आयोग चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का सदस्य नामित किया है। आईओए द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी संजय के श्रीवास्तव ने शुक्रवार को 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल की सूची जारी की। इसमें 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों के दो-दो प्रतिनिधि शामिल हैं। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ), अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए), भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) और टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं है। सिंधू और मीराबाई निवर्तमान आईओए खिलाड़ी आयोग की सदस्य थीं। मौजूदा आईओए खिलाड़ी आयोग की अध्यक्ष और दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम तथा उपाध्यक्ष एवं टेबल टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी अचंत शरत कमल को इस बार निर्वाचक मंडल के लिए नामित नहीं किया गया है। ऐसे में वे 2026-2030 के कार्यकाल के लिए खिलाड़ी आयोग का हिस्सा नहीं होंगे। सितंबर में अनुमोदित आईओए खिलाड़ी आयोग के नियमों के नियम 10.3 के अनुसार, निर्वाचक मंडल के दो सदस्यों-एक पुरुष और एक महिला-को संबंधित एनएसएफ के खिलाड़ी आयोग के माध्यम से नामित किया जाना चाहिए। ये खिलाड़ी उस खेल का प्रतिनिधित्व करने वाले होने चाहिए जिसके लिए संबंधित महासंघ आईओए से संबद्ध है। नियमों में कहा गया है, ‘‘केवल उन्हीं एनएसएफ सदस्यों को अपने संबंधित खिलाड़ी आयोगों के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति होगी जिन्होंने खिलाड़ी आयोग गठित किया है।’’एआईएफएफ के पास निर्वाचित खिलाड़ी आयोग नहीं है जबकि बीएफआई को आईओए और खेल मंत्रालय दोनों से मान्यता प्राप्त नहीं है। नीरू और स्वप्निल कुसाले को आईओए खिलाड़ी आयोग के निर्वाचक मंडल में शामिल किया गया है जबकि भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने मीराबाई चानू और भारतीय कुश्ती महासंघ ने अमन सहरावत को अपना प्रतिनिधि चुना है। हॉकी इंडिया ने तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में आईओए खिलाड़ी आयोग के सदस्यों के चयन के लिए पुरुष टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे को अपना प्रतिनिधि नामित किया है। भारतीय बैडमिंटन संघ ने श्रीकांत और पीवी सिंधू को जबकि भारतीय तलवारबाजी संघ ने भवानी देवी को नामित किया है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने सुधा सिंह और तेजिंदरपाल सिंह तूर को अपना प्रतिनिधि चुना है। आईओए खिलाड़ी आयोग के 2026-2030 कार्यकाल के लिए 10 सदस्यों-पांच पुरुष और पांच महिला-का चुनाव 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में से किया जाएगा। चुनाव लड़ने के इच्छुक खिलाड़ियों को 21 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करना होगा।
Shanghai Masters: Rafael Jodar ने Daniil Medvedev को हराकर फाइनल में बनाई जगह
शंघाई में खेले जा रहे टेनिस टूर्नामेंट में स्पेन के 20 वर्षीय राफेल जोदार ने बड़ा उलटफेर करते हुए रूस के अनुभवी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को सेमीफाइनल में हरा दिया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में जोदार ने 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन मेदवेदेव को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। मुकाबले को अपने नाम करने में जोदार को 1 घंटे 44 मिनट लगे। मैच के दौरान मेदवेदेव ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन अहम मौकों पर जोदार का खेल बेहतर रहा। स्पेन के युवा खिलाड़ी ने अपनी सर्विस और वापसी से रूसी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। जोदार ने पूरे मुकाबले में 22 विनर्स लगाए, जबकि मेदवेदेव केवल 14 विनर्स ही लगा सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने माना कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी सर्विस में कुछ कमियां रह गईं। उन्होंने कहा कि सर्विस करते समय गेंद को सही जगह पर डालने में वह और बेहतर कर सकते थे। सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए मेदवेदेव ने शंघाई में यान-लेनार्ड स्ट्रफ, स्टेफानोस सितसिपास और टॉमी पॉल को हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पॉल को 6-3, 1-6, 6-3 से मात दी थी। हालांकि, जोदार के खिलाफ वह अपनी जीत का सिलसिला आगे नहीं बढ़ा सके। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। मेदवेदेव ने पहले जोदार को खेलते हुए देखा था, लेकिन एटीपी टूर पर उनका आमना-सामना पहली बार हुआ। हार के बाद मेदवेदेव से जोदार की भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या स्पेन का यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ग्रैंड स्लैम खिताब जीत सकता है। इस पर मेदवेदेव ने कहा कि किसी खिलाड़ी के भविष्य में कितने बड़े खिताब होंगे, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, कोई खिलाड़ी 25, 6, 2 या 1 ग्रैंड स्लैम जीत सकता है, लेकिन यह समय के साथ ही पता चलेगा। गौरतलब है कि जोदार के लिए 2026 का सत्र काफी शानदार रहा है। साल की शुरुआत में वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 से बाहर थे, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर अब शीर्ष 10 में जगह बनाने के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने इस साल माराकेच में अपना पहला एटीपी खिताब जीता था। इसके बाद अगस्त में वॉशिंगटन टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे, हालांकि वहां उन्हें खिताब नहीं मिल सका। शंघाई में भी जोदार ने कठिन मुकाबलों में अपना दम दिखाया। मेदवेदेव से पहले उन्होंने लगातार 4 मैच 3 सेट में खेले और हर बार शुरुआती सेट गंवाने के बाद वापसी करके जीत हासिल की। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैस्पर रूड को 4-6, 6-4, 6-3 से हराया। इसके साथ ही वह शंघाई मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। वह 2006 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल में एक विवाद भी देखने को मिला, जब मेदवेदेव एक लाइन कॉल से नाराज हो गए। उन्होंने जोदार के शॉट का वीडियो दोबारा दिखाने की मांग की और कोर्ट छोड़ने की बात कही। बाद में दोबारा जांच में गेंद लाइन पर लगी हुई दिखाई दी और मुकाबला फिर शुरू हुआ। इस हार के बावजूद मेदवेदेव की नजर एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने पर बनी हुई है। अब उन्हें अल्माटी में होने वाले टूर्नामेंट में खेलना है। वहीं, जोदार रविवार को फाइनल में अपने हमवतन अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से भिड़ेंगे। डेविडोविच फोकिना ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 3 सेट में हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।
Smriti Mandhana ने शेफाली वर्मा और गेंदबाजों को सराहा, दूसरे T20I में जिम्बाब्वे को हराया
भारतीय महिला टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराकर तीन मैच की श्रृंखला जीतने के बाद अपनी गेंदबाजों और शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी की प्रशंसा की। सलामी बल्लेबाज शेफाली (55 रन, 25 गेंद) के साथ कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) ने शानदार पारी खेली जिससे भारत ने दूसरे टी20 में 102 रन का लक्ष्य 8.5 ओवर में हासिल कर लिया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को आठ विकेट पर 102 रन ही बनाने दिए थे। इससे भारत ने तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। भारत के लिए निकी प्रसाद ने दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। मंधाना ने मैच के बाद अपनी गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘आज गेंदबाजों ने पहले मैच की तुलना में बेहतर गेंदबाजी की। आज उन्होंने रणनीति के हिसाब से गेंदबाजी की। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हम कैच लपकने में और बेहतर कर सकते हैं। पिछले मैच में हमने यह चर्चा की थी लेकिन आज हमारे पास बढ़िया रणनीति थी। आज गेंदबाजों ने रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। ’’शेफाली ने अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी निभाई। मंधाना ने कहा, ‘‘शेफाली काफी आक्रामक बल्लेबाजी कर रही थीं इसलिए मैं उन्हें स्ट्राइक दे रही थी और मौका बनने पर अपने शॉट्स खेल रही थी। ’’‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहीं शेफाली ने कहा, ‘‘पहले मैच में मैं जिस तरह से आउट हुई उसके बाद ठीक से सो नहीं पाई लेकिन आज मैंने अच्छी तरह से गेंद को टाइम किया। मैंने आज स्ट्राइक भी रोटेट किया। ’’जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिने एनकोमो ने कहा, ‘‘भारतीय टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। हमें पावरप्ले में अच्छी शुरुआत नहीं मिली। काफी कुछ सीखने लायक है, अगर हम थोड़ा बहुत भी आत्मसात कर लें तो बहुत बड़ी बात होगी।
शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने रच दिया इतिहास, पहली बार किसी जोड़ी ने एक साल में पूरे किए 1000 रन
भारत और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में शैफाली वर्मा ने 25 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेली।
भारतीय महिला टीम ने दूसरे टी-20 में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हरा दिया। रायपुर में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 102 रन बनाए। जवाब में भारत ने 8.5 ओवर में 1 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। जीत के साथ ही टीम इंडिया ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। ओपनर शेफाली वर्मा ने 25 गेंद पर 55 रन की पारी खेली। वहीं कप्तान स्मृति मंधाना 23 गेंद पर 47 रन बनाकर नाबाद रहीं। शेफाली ने टी-20 में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाए शेफाली वर्मा ने 2026 में विमेंस टी-20 इंटरनेशनल में 922 रन बनाए हैं। वह एक कैलेंडर ईयर में इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने साउथ अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ट को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसी साल 824 रन बनाए। भारत ने साल में 17वीं टी-20 जीत दर्ज की इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने 2026 में अपनी 17वीं टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज की। यह एक कैलेंडर वर्ष में भारत की सबसे ज्यादा जीत हैं। इससे पहले टीम ने 2018 में 23 मैचों में 16 जीत दर्ज की थीं। शेफाली-मंधाना ने पावरप्ले में बनाए 76 रन 103 रन के टारगेट का पीछा करते हुए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने आक्रामक शुरुआत की। दोनों ने शुरुआती 6 ओवर में बिना विकेट गंवाए 76 रन बना दिए। शेफाली ने 24 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी की। शेफाली 55 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन तब तक भारत जीत के करीब पहुंच चुका था। जिम्बाब्वे की टीम 102 रन ही बना सकी निकी प्रसाद ने लगातार 2 गेंदों पर 2 विकेट लिए निकी प्रसाद ने 14वें ओवर में अपनी पहली 2 गेंदों पर विकेट झटके। उन्होंने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज चिपो मुगेरी-तिरिपानो और न्याशा ग्वांजुरा को आउट किया। पहली गेंद पर मुगेरी का कैच विकेटकीपर ऋचा घोष ने पकड़ा। अगली गेंद पर ग्वांजुरा LBW आउट हुईं। वह खाता भी नहीं खोल सकीं। हालांकी निकी हैट्रिक नहीं ले सकीं। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… गावस्कर बोले- हार्दिक पंड्या की जगह कोई नहीं ले सकता:टीम इंडिया को उनका रिप्लेसमेंट ढूंढना बंद कर देना चाहिए, 4 बॉलर्स खिलाने चाहिए पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि भारत को हार्दिक पंड्या का विकल्प तलाशना बंद करना चाहिए। पंड्या की जगह कोई नहीं ले सकता। 77 साल के गावस्कर ने शनिवार रात को कहा कि इंडियन टीम को अलग-अलग रोल प्ले करने वाले प्लेयर्स पर ध्यान देना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
Ind vs Zim: रायपुर टी20 में भारतीय गेंदबाजों का कहर, जिम्बाब्वे 102 रन पर सिमटा
भारतीय गेंदबाजों ने रविवार को यहां दूसरे महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था। भारत तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से आगे है।
रणजी ट्रॉफी: Priyansh Arya ने ठोके 199 रन, दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ बनाए 381/4
प्रियांश आर्य महज एक रन से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उनकी शानदार पारी की बदौलत दिल्ली ने रविवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले के पहले दिन गुजरात के खिलाफ चार विकेट पर 381 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। आर्य ने पूरी पारी के दौरान प्रभावशाली बल्लेबाजी की। उन्होंने 126 गेंद में अपना शतक पूरा किया जिसमें 15 चौके और दो छक्के शामिल थे। उन्होंने चिंतन गाजा की गेंद को डीप स्क्वायर लेग की ओर खेलकर अपना शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ भारत ‘ए’ की सीमित ओवरों की श्रृंखला में सिर्फ एक मैच खेलने के बाद लौटे आर्य ने बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर लाल गेंद के प्रारूप में जल्द ही खुद को ढाल लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली दिल्ली की पारी का मुख्य आकर्षण आर्य और कप्तान आयुष बडोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 234 रन की साझेदारी रही। बडोनी 149 गेंद में 115 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे। उनकी पारी में 11 चौके और दो छक्के शामिल हैं। बडोनी ने 113 गेंद में अपना शतक पूरा किया। यह उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांचवां शतक है। आर्य जब अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर थे, तब दिल्ली का स्कोर 77वें ओवर में चार विकेट पर 376 रन था। उन्होंने 220 गेंद की पारी में 26 चौके और छह छक्के लगाकर 199 रन बनाए। हालांकि, मनन हींगराजिया की नीची रहती गेंद पर वह बोल्ड हो गए। दिल्ली की पहली पारी के 84 ओवर पूरे होने पर स्टंप के समय सुमित माथुर बिना खाता खोले बडोनी का साथ निभा रहे थे। गुजरात की ओर से हर्षल पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 66 रन देकर दो विकेट लिएदिल्ली में खेले जा रहे ग्रुप सी के एक अन्य मुकाबले में पहले दिन 15 विकेट गिरे। मोहम्मद शमी के बिना खेल रही बंगाल की टीम सेना के खिलाफ पहली पारी में 186 रन पर सिमट गई, लेकिन उसने वापसी करते हुए विपक्षी टीम के पांच विकेट झटक लिए। बंगाल के स्पिनरों प्रदीप्त प्रमाणिक और आमिर गनी ने मिलकर चार विकेट झटके जिससे दिन का खेल समाप्त होने तक सेना का स्कोर पांच विकेट पर 83 रन हो गया। दिन में गिरे सभी 15 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट लिए। गकेबरहा में रविवार को बारिश के कारण खेल बार-बार रुका। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बारिश की वजह से 12.2 ओवर का खेल हो सका। साउथ अफ्रीका ने 20 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। बोलैंड ने अपने दूसरे ओवर में एडेन मार्करम और डेविड बेडिंघम को लगातार दो गेंदों पर आउट किया। टॉस के बाद बारिश ने बिगाड़ा खेल बोलैंड की बेहतरीन वापसी डेब्यू कर रहे एकरमैन के लिए मुश्किल शुरुआत साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट डेब्यू कर रहे मार्केस एकरमैन को भी परिस्थितियों से जूझना पड़ा। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर में इससे पहले कभी पारी की शुरुआत नहीं की थी। एकरमैन ने 14 गेंदों तक खाता नहीं खोला। इसके बाद गली के फील्डर के पास से निकलकर गेंद बाउंड्री की ओर गई और उन्हें पहला रन मिला। ऑस्ट्रेलिया ने लियोन को बाहर किया ऑस्ट्रेलिया ने ऑफ स्पिनर नाथन लियोन की जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया गया। टीम ने चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया। लियोन के उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें रेड-बॉल टेस्ट से बाहर रखने का यह 2013 के बाद पहला मौका था। लियोन को पिछले साल जमैका और ब्रिस्बेन में डे-नाइट टेस्ट के दौरान भी टीम से बाहर रखा गया था। उन फैसलों से वह खुश नहीं थे। इस बार ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाजी की जिम्मेदारी किसी विशेषज्ञ स्पिनर के बजाय मैट रेनशॉ, ट्रेविस हेड, ब्यू वेबस्टर और मार्नस लाबुशेन जैसे पार्ट-टाइम गेंदबाजों पर होगी। रबाडा की वापसी साउथ अफ्रीका ने टीम में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी कराई। वह पहले टेस्ट में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। उनकी वापसी के लिए टीम ने गेंदबाजी संयोजन में बदलाव किया और स्पिनर केशव महाराज को बाहर रखा। हालांकि, स्पिनर साइमन हार्मर टीम में हैं। पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने 214 रन से जीता ऑस्ट्रेलिया ने डरबन के किंग्समीड स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका को 214 रन से हराया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 390 रन बनाए, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम 284 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 314 रन बनाकर पारी घोषित की और साउथ अफ्रीका को 206 रन पर आउट कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैट रेनशॉ ने पहली पारी में 190 रन बनाए। जोश हेजलवुड ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में टॉप पर पहुंच गया है।
बांग्लादेश दौरे पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम में एक बदलाव किया गया है। निजी कारणों से घर लौट रहे कीमो पॉल की जगह ऑलराउंडर शमार स्प्रिंगर की वेस्टइंडीज की टेस्ट स्क्वॉड में एंट्री हुई है।
भारत और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच दूसरा टी20 मैच रायपुर में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है।
लाहौर, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) 25 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाली वनडे ट्र्राई सीरीज के चौथे मैच का इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए करेगा। इस अभियान में खिलाड़ी, मैच अधिकारी और ब्रॉडकास्टर शामिल होंगे, जिसका मकसद इस बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट : 16 हजार रन पूरे करने वाले पांचवें पाकिस्तानी बने
रावलपिंडी, बाबर आजम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 हजार रन पूरे करने वाले पांचवें पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने यह उपलब्धि श्रीलंका के खिलाफ रविवार को ट्राई सीरीज के दौरान अपने नाम की।
बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की नई टी20 कप्तान शोभना
ढाका, बाएं हाथ की स्पिनर नाहिदा अख्तर को बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की नई टी20 इंटरनेशनल कप्तान नियुक्त किया गया है। नाहिदा, विकेटकीपर-बल्लेबाज निगार सुल्ताना की जगह लेंगी, जिन्होंने एशियन गेम्स 2026 के बाद यह पद छोड़ दिया था।
ऑस्ट्रेलिया : टी20 में न्यूजीलैंड को 2 विकेट से हराया
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 2 विकेट से हराया। नॉर्थ सिडनी ओवल के मैदान पर न्यूजीलैंड से मिले 163 रनों के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने 18.5 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया।
जापान के आइची-नागोया में 5वें पैरा एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी रविवार को हुई। समारोह में भारत की ओर से पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा ने भारतीय दल की अगुआई की। दोनों ने नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में तिरंगा थामा। इस बार पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्तूबर तक चलेंगे। जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों के उद्घाटन की घोषणा की। भारत ने 281 सदस्यीय दल भेजा पैरा एशियन गेम्स के लिए खेल मंत्रालय ने 168 एथलीटों सहित कुल 281 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है। दल में 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ, जबकि 15 कॉन्टिजेंट स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। भारतीय दल के 168 एथलीट 11 अलग-अलग खेलों में चुनौती पेश करेंगे। इनमें 112 पुरुष और 56 महिला एथलीट शामिल हैं। 45 देशों के खिलाड़ी पहली बार ले रहे हिस्सा एशियन पैरालिंपिक कमेटी के अध्यक्ष माजिद राशिद ने कहा कि इस बार पैरा एशियन गेम्स में पहली बार एशिया के सभी 45 देशों की भागीदारी होगी। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों और बाधाओं को पार कर खेलों तक पहुंचने के उनके प्रयासों की सराहना की। समारोह में मेजबान जापान के दल का भी जोरदार स्वागत किया गया। 24 अक्टूबर तक चलेंगे खेल पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्टूबर तक खेले जाएंगे। इस दौरान एथलीट 18 खेलों में हिस्सा लेंगे, जिनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा स्विमिंग, पैरा पावरलिफ्टिंग और बोच्चिया शामिल हैं। हालांकि, ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस के कुछ शुरुआती मुकाबले 16 अक्टूबर से ही शुरू हो गए थे। खेलों का समापन 24 अक्टूबर को होगा। प्रमोद ने 2020 पैरालिंपिक में गोल्ड जीता था पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत भारत के सबसे सफल पैरा शटलरों में शामिल हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक-2020 में पुरुष सिंगल्स की SL3 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था। वह पैरालिंपिक में बैडमिंटन का गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा, उन्होंने 2018 एशियन पैरा गेम्स में सिंगल्स में गोल्ड और डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। प्रमोद को 2019 में अर्जुन अवॉर्ड, 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सिमरन पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट पैरा एथलीट सिमरन शर्मा भारत की दृष्टिबाधित धाविकाओं में शामिल हैं। उन्होंने पेरिस पैरालिंपिक-2024 में महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। सिमरन ने 2023 हांगझू पैरा एशियन गेम्स में 100 मीटर और 200 मीटर T12 स्पर्धाओं में दो सिल्वर मेडल जीते। उन्हें खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए 2024 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रेयस बोले- वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा:कहा- 2 मैच में बेहतर गेंदबाजी करते तो नतीजा अलग होता; सीरीज 2-2 से बराबर भारत के टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि वैभव सूर्यवंशी को मौका जरूर मिलेगा। उन्हें इसका इंतजार करना होगा। बेंगलुरु में शनिवार को 5वें टी-20 मैच के बाद श्रेयस से वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं करने पर सवाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
पुजारा : संजू सैमसन कभी खराब फॉर्म में नहीं होते
नई दिल्ली, भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टी20 इंटरनेशनल मैचों में संजू सैमसन के उतार-चढ़ाव वाले प्रदर्शन का बचाव किया है। उनका तर्क है कि इस फॉर्मेट में कभी-कभार फेल होना स्वाभाविक है और इसे लंबे समय तक खराब फॉर्म में रहने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ईशान किशन ने रचा इतिहास, बेंगलुरु में 3 चौके लगाकर तोड़ा रिजवान-सूर्या का रिकॉर्ड
ईशान किशन ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान को पीछे छोड़ते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
मिडलर-ओबरलीट्नर : बिना एक भी सेट गंवाए जीता 'डबल्स खिताब'
शंघाई, ऑस्ट्रियाई जोड़ी लुकास मिडलर/नील ओबरलीट्नर ने रविवार को फ्रांसिस्को कैब्राल और जेजे ट्रेसी के खिलाफ 6-3, 6-4 से जीत दर्ज करते हुए शंघाई मास्टर्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया।
विश्व कप : दिव्यांश सिंह पंवार देश के लिए जीत चुके हैं गोल्ड
नई दिल्ली, निशानेबाजी के क्षेत्र में भारतीय निशानेबाज तेजी से विश्व पटल पर अपना नाम स्थापित करते जा रहे हैं। इसमें युवा निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार का नाम भी प्रमुख है। 24 साल के होने जा रहे दिव्यांश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीत चुके हैं।
शंघाई मास्टर्स: मिडलर-ओबरलीट्नर की जोड़ी ने बिना एक भी सेट गंवाए जीता 'डबल्स खिताब'
शंघाई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रियाई जोड़ी लुकास मिडलर/नील ओबरलीट्नर ने रविवार को फ्रांसिस्को कैब्राल और जेजे ट्रेसी के खिलाफ 6-3, 6-4 से जीत दर्ज करते हुए शंघाई मास्टर्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया।

