पिछली बार हम गोल्ड चूके थे, इसकी बहुत चाहत थी: एमआर पूवम्मा
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में तिरंगा लहराने के बाद एमआर पूवम्मा ने बताया कि पिछली एशियन गेम्स में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में बहुत कम अंतर से गोल्ड मेडल चूकने की टीस टीम के मन में थी।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मोहित शर्मा चेन्नई सुपर किंग्स के नए बॉलिंग कोच होंगे। वे साउथ अफ्रीका के एरिक सिमंस की जगह लेंगे। मोहित हेड कोच जहीर खान के सपोर्ट स्टाफ में शामिल होने वाले पहले सदस्य होंगे। CSK के लिए 4 सीजन खेले मोहित शर्मा CSK के लिए चार IPL सीजन खेल चुके हैं। CSK के लिए उन्होंने IPL में 48 मैच खेले, जबकि अब खत्म हो चुकी चैंपियंस लीग टी-20 में भी टीम की ओर से 10 मुकाबले खेले। उन्होंने IPL करियर की शुरुआत 2013 में CSK के साथ की थी। 2014 में उन्होंने 16 मैचों में 23 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती। 2013 के अपने पहले IPL सीजन में भी उन्होंने 15 मैचों में 20 विकेट लिए थे। बाद में वह पंजाब, दिल्ली और गुजरात के लिए भी खेले। IPL 2023 में गुजरात टाइटंस के लिए 14 मैचों में 27 विकेट लेकर उन्होंने शानदार वापसी की थी। वह उस सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज से सिर्फ एक विकेट पीछे रहे थे। 2025 में खेला था आखिरी IPL 38 साल के मोहित शर्मा ने IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से अपना आखिरी IPL सीजन खेला था। उनका आखिरी मुकाबला 24 मई 2025 को पंजाब किंग्स के खिलाफ जयपुर में था। दिल्ली ने यह मैच 6 विकेट से जीता था। मोहित ने उस मुकाबले में 4 ओवर में 47 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। पिछले साल लिया था सभी फॉर्मेट से संन्यास 2011 में फर्स्ट क्लास डेब्यू मोहित ने बतौर खिलाड़ी करीब 14 साल का प्रोफेशनल करियर पूरा किया। हरियाणा के लिए 2011 में फर्स्ट-क्लास डेब्यू से शुरू हुआ सफर भारत, CSK और दूसरी IPL टीमों तक पहुंचा। CSK के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि टीम ने 2027 सीजन से पहले जहीर खान को नया हेड कोच बनाया है। टीम 2023 के बाद लगातार तीन सीजन प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी है और इसी के बाद लंबे समय तक हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग से अलग होने का फैसला हुआ। -----------चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…17 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स का कोच बदला 17 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स का हेड कोच बदला गया है। फ्रेंचाइजी ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान को नया कोच बनाया है। वे स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे, जो 2009 से 2026 तक टीम के हेड कोच रहे। फ्लेमिंग का CSK से जुड़ाव 2008 में खिलाड़ी के तौर पर शुरू हुआ था। पढ़ें पूरी खबर…
Gulveer Singh ने Asian Games में रचा इतिहास, 3 स्पर्धाओं में मेडल जीतने वाले चौथे भारतीय बने
गुलवीर सिंह के लिए 2026 एशियाई खेल लगातार यादगार बनते जा रहे हैं। भारतीय लंबी दूरी के धावक ने मंगलवार को पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में अपना तीसरा पदक हासिल कर लिया है। इससे पहले गुलवीर 1500 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। गुलवीर ने 5000 मीटर दौड़ पूरी करने में 13:32.75 का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहे। बहरीन के बिरहानु बालेव ने 13:30.79 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि जापान के तोमोनोरी यामागुची ने 13:31.43 के समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गौरतलब है कि एक ही एशियाई खेलों में एथलेटिक्स की 3 अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना आसान उपलब्धि नहीं है। गुलवीर अब भारत के दूसरे पुरुष एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने एक ही संस्करण में ट्रैक और फील्ड की 3 स्पर्धाओं में मेडल जीते हैं। वह भारत के कुल चौथे एथलीट हैं, जिन्होंने एक ही एशियाई खेलों में एथलेटिक्स की 3 या उससे अधिक स्पर्धाओं में पदक हासिल किए हैं। गुलवीर से पहले लवी पिंटो ने 1951 में नई दिल्ली एशियाई खेलों में 3 पदक जीते थे। पीटी उषा ने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में 4 पदक अपने नाम किए थे। वहीं केएम बीनामोल ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों में 3 पदक जीते थे। मौजूदा एशियाई खेलों में गुलवीर का प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। पहले 1500 मीटर में रजत और फिर 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल हासिल करने के बाद उन्होंने 5000 मीटर में भी पोडियम पर जगह बनाई है। बता दें कि 3 अलग-अलग दौड़ में पदक जीतकर उन्होंने इस प्रतियोगिता में भारत की पदक संख्या बढ़ाने में भी अहम योगदान दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, गुलवीर की यह उपलब्धि भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए भी खास मानी जा रही है। 2026 एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग लंबी दूरी की स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया जा सकता है। अब गुलवीर के खाते में इन खेलों के 3 पदक हो चुके हैं और उनका अभियान शानदार उपलब्धि के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत ने एशियन गेम्स के विमेंस 4x400 मीटर में गोल्ड जीता। किरण पाहल, पूवम्मा माचेत्तिरा, प्राची चौधरी और वित्या रामराज ने रिले रेस 3 मिनट 29.69 सेकेंड में मेडल अपने नाम किया। यह गोल्ड भारत के सात दिन के एथलेटिक्स अभियान का पहला रहा। गोल्ड जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि आज गोल्ड आएगा। हम पक्षियों की तरह उड़ रहे थे। नेशनल एंथम सुनना सबके मन में होता है। इस पर पूरा भारत गर्व करेगा। आखिरी लेग में सलवा का दबाव, वित्या ने नहीं छोड़ी बढ़त बहरीन की टीम में ओलिंपिक मेडलिस्ट सलवा ईद नासेर थीं। आखिरी 400 मीटर में उन्होंने तेजी से अंतर कम किया, लेकिन वित्या ने दबाव के बावजूद भारत की बढ़त कायम रखी। अब पार्टी, फिर मॉल में फोटो गोल्ड जीतने के तुरंत बाद टीम ने सेलिब्रेशन का प्लान भी बना लिया उन्होंने बताया, पार्टी जरूर होगी। हमने सब कुछ प्लान कर रखा है। हम मॉल जाएंगे, तस्वीरें क्लिक करेंगे और एंजॉय करेंगे। कल का दिन सबसे अच्छा दिन होगा। हम अच्छे से तैयार होकर मॉल जाएंगे। मेकअप को लेकर भी टीम में मजाक हुआ। एक खिलाड़ी ने कहा, अब हमें जाकर मेकअप करना है।”इसके बाद टीम की एक खिलाड़ी के बारे में मजाक करते हुए कहा गया कि उसका मुख्य काम मेकअप करना है और वह सब कुछ करेगी। 6वीं बार भारत का महिला 4x400 में गोल्ड यह एशियन गेम्स में भारत का महिला 4x400 मीटर रिले का छठा गोल्ड है। 2018 जकार्ता के बाद इस इवेंट में पहला। भारत ने 2002 बुसान से 2018 जकार्ता तक लगातार पांच एशियन गेम्स में यह खिताब जीता था। 2023 हांगझोउ में भारतीय टीम रनर-अप रही थी। इस जीत में पूवम्मा माचेत्तिरा का खास रिकॉर्ड भी रहा। वह 2014 इंचियोन और 2018 जकार्ता में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं। यानी वह तीन एशियन गेम्स में महिला 4x400 मीटर रिले का गोल्ड जीतने वाली टीमों में शामिल रही हैं। वित्या के लिए तीसरा मेडल, एक दिन पहले तोड़ा था रिकॉर्ड विथ्या रामराज के लिए यह गोल्ड बेहद खास रहा। उन्होंने इससे एक दिन पहले महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स में पीटी उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था और उस इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था। वह भारत की सिल्वर जीतने वाली मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम का भी हिस्सा थीं। महिला 4x400 का गोल्ड उनका एशियन गेम्स का तीसरा मेडल रहा। -----------------एशियन गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…भारत को एशियन गेम्स में छठा गोल्ड4x400 मीटर विमेंस रिले रेस में सोना जीता, गुलवीर की हैट्रिक; लगातार छठी बार भारत के 50 मेडल भारत ने एशियन गेम्स के 4x400 मीटर महिला रिले रेस में गोल्ड जीत लिया है। टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड में रेस पूरी की। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत को 6 गोल्ड मिल गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
इंडिया-A ने विमेंस अनऑफिशियल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 351/9 रन बनाए। मोहाली में तनीषा सिंह ने 92 रन बनाए। निकी प्रसाद ने नाबाद 78 रन की पारी खेली। शुभा सतीश ने 59 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए चार्ली नॉट और लिली मिल्स ने 3-3 विकेट लिए। शुभा-प्रिया ने दिलाई बेहतरीन शुरुआत भारत A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुभा सतीश और प्रिया पूनिया की 102 रन की ओपनिंग साझेदारी से अच्छी शुरुआत की। दोनों ने 27 ओवर में यह साझेदारी की। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया A ने तेजी से वापसी की। मैरी इलिंगवर्थ ने प्रिया पूनिया को 46 रन पर कैच आउट कराया। इसके बाद ऑफ स्पिनर लिली मिल्स ने तीन विकेट लेकर भारत को 102/0 से 120/4 कर दिया। मिल्स ने कप्तान यास्तिका भाटिया को 5 रन पर स्टंप कराया। दो गेंद बाद शुभा सतीश को LBW किया और अगले ओवर में तेजल हसबनिस को भी पवेलियन भेज दिया। तनीषा और अनुष्का ने पारी संभाली चार विकेट जल्दी गिरने के बाद अनुष्का शर्मा और तनीषा सिंह ने 82 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। अनुष्का 44 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद तनीषा और निकी प्रसाद ने मोर्चा संभाला और छठे विकेट के लिए 111 रन जोड़े। तनीषा शतक से सिर्फ 8 रन दूर थीं, तभी टेस फ्लिंटॉफ ने उन्हें LBW कर दिया। इसके बाद भारत ने 13 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए। चार्ली नॉट ने एक ही ओवर में सयाली सतघरे और शबनम शकील को आउट किया, जबकि बाद में वैष्णवी शर्मा को 6 रन पर LBW किया। निकी प्रसाद ने संभाला मोर्चा एक छोर पर निकी प्रसाद नाबाद 78 रन बनाकर डटी रहीं। उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया A की ओर से लिली मिल्स और चार्ली नॉट ने 3-3 विकेट लिए। फ्लिंटॉफ, इलिंगवर्थ और फ्रैंकी निकोलिन को 1-1 विकेट मिला।------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने पहली बार एक इनिंग में 9 सिक्स लगाए:सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, भारत में 42वां शतक लगाया भारत ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। उन्होंने नाबाद 139 रन की पारी खेली। पूरी खबर पढ़ें…
इंडिया-A के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया-A ने वापसी कर ली है। पुडुचेरी में पहले दिन ऑस्ट्रेलिया A ने 7 विकेट पर 282 रन बनाए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 104 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन विकेटकीपर-बल्लेबाज सैम हार्पर ने नाबाद 101 रन की पारी खेलकर टीम को संभाल लिया। भारत के नचिकेत भूटे और शम्स मुलानी ने 3-3 विकेट लिए। भारत A की बेहतरीन शुरुआत ऑस्ट्रेलिया A ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन विदर्भ के तेज गेंदबाज नचिकेत भूटे और मुंबई के बाएं हाथ के स्पिनर शम्स मुलानी ने 16 रन पर ही 3 विकेट गिरा दिए। इसके बाद नाथन मैकस्वीनी और जेसन सांघा ने चौथे विकेट के लिए 81 रन जोड़े। सांघा 46 रन बनाकर मुलानी की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद मैकस्वीनी भी 34 रन पर पवेलियन लौट गए और ऑस्ट्रेलिया A का स्कोर 104/5 हो गया। हार्पर ने संभाली पारी 104/5 के बाद हार्पर ने पारी को संभाला। लियाम स्कॉट ने 82 गेंदों पर 34 और टॉड मर्फी ने 91 गेंदों पर 33 रन बनाए। दोनों के साथ साझेदारियों ने हार्पर को क्रीज पर टिकने का मौका दिया। हार्पर ने पहले लियाम स्कॉट के साथ छठे विकेट के लिए 84 रन और फिर टॉड मर्फी के साथ सातवें विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी की। दिन का खेल खत्म होने तक हार्पर 146 गेंदों में अपना छठा फर्स्ट-क्लास शतक पूरा कर चुके थे। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल हैं। हार्पर ने स्पिनरों के खिलाफ पैरों का इस्तेमाल करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 65 गेंदों में अर्धशतक और 146 गेंदों में शतक पूरा किया। भारत की गेंदबाजी में नो-बॉल की चिंता भारत A के लिए विकेट मिलने के बावजूद नो-बॉल चिंता का कारण रही। भूटे ने 7 नो-बॉल फेंकी, जबकि मुलानी ने 28 ओवर में 14 नो-बॉल कराईं। पहले अनऑफिशियल टेस्ट में भी मुलानी ने 34.1 ओवर में 9 नो-बॉल फेंकी थीं। हालांकि उस मैच में उन्होंने 7 विकेट लेकर 124 रन दिए थे।------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…भारत-पाकिस्तान में एशियन गेम्स का फाइनल संभव, दोनों टीमें मेंस क्रिकेट के सेमीफाइनल में पहुंची; बारिश के कारण दोनों के मैच रद्द एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो सकता है। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने नहीं होंगे। पढ़ें पूरी खबर…
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने मंगलवार को पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में ब्रॉन्ज मेडल के साथ 'एशियन गेम्स 2026' में अपने एथलेटिक्स अभियान का समापन किया। मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में धर्मवीर चौधरी, मनु थीक्किनिल, जय कुमार और विशाल थेन्नारासु की भारतीय चौकड़ी ने 3:01.61 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज जारी है। पहला मुकाबला जीतने के बाद भारत सीरीज में 1-0 से आगे है।
एशियन गेम्स: पूजा ने हाई जंप में खत्म किया 24 साल का सूखा, देश के लिए जीता ब्रॉन्ज
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार को पूजा ने महिलाओं की 'हाई जंप' में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 24 साल के सूखे को समाप्त कर दिया। फाइनल में पूजा ने 1.84 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, उज्बेकिस्तान की सायफुल्लाएवा ने 1.90 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ गोल्ड जीता, जबकि कजाकिस्तान की क्रिस्टीना ओवचिन्कोवा ने 1.87 मीटर की जंप के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
एशियन गेम्स 2026: भारत ने एथलेटिक्स में जीता पहला स्वर्ण पदक, महिला रिले टीम ने दिलाया गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने एथलेटिक्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता है। भारत की किरण पहल, पूवम्मा माचेतिरा , प्राची और विथ्या रामराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को चार गुणा 400 मीटर रेस में स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय टीम ने तीन मिनट 29 . 69 सेकंड का समय निकालकर इस पदक को अपने नाम किया।
Asian Games 2026: भारत ने पूरा किया पदकों का अर्धशतक, कल भी लगेगी Medals की झड़ी!
एशियाई खेलों में भारत ने पदक के मामले में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है। भारत ने अबतक 6 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज़ के साथ 52 मेडल जीते है। भारत ने आखिरकार एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल न जीत पाने का सिलसिला शानदार अंदाज़ में तोड़ा, जब महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने जीत हासिल की। मंगलवार को महिलाओं की 4x400 मीटर रिले रेस के मुख्य आकर्षण बनने से पहले ही भारत के एथलेटिक्स अभियान में पदक आ चुके थे। पूजा ने महिलाओं की ऊंची कूद (हाई जंप) में कांस्य पदक जीता, जबकि गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 13:32.75 के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत ने पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में एक और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर शानदार अंदाज़ में समापन किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में India Women 4x400m Relay टीम ने जीता Gold Medal, बहरीन को पछाड़ा नीरू ढांडा ने मंगलवार को एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में इतिहास रचते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के दौरान फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीत सकी थी। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को यहां एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक के मुकाबलों में प्रवेश किया। एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर को भारत के शेड्यूल में तीरंदाजी, बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, साइकिलिंग, कैनो स्लैलम, गोल्फ़, हॉकी, टेनिस, सेलिंग, सेपक टकरा और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों में मेडल इवेंट, नॉकआउट मुकाबले, क्वालिफ़िकेशन राउंड और टीम मुक़ाबले शामिल होंगे। भारत के लिए मेडल जीतने के पहले मौके कंपाउंड आर्चरी में मिलेंगे, जिसमें महिला टीम का सेमीफ़ाइनल होगा, और उसके बाद ब्रॉन्ज़ और गोल्ड मेडल के मैच होंगे। सुबह के समय मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम इवेंट्स के भी मेडल मैच होंगे। भारत की महिला और पुरुष कंपाउंड टीमें पहले ही सेमीफ़ाइनल में पहुँच चुकी हैं। इसे भी पढ़ें: Neeru Dhanda ने Asian Games में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास साइकिलिंग में भी मेडल जीतने के और मौके मिलेंगे, जिसमें सुबह 11:58 बजे महिला टीम परस्यूट मेडल रेस और दोपहर 12:32 बजे महिला कीरिन फ़ाइनल होगा (बशर्ते वे क्वालिफ़ाई कर लें)। दोपहर में जूडो में महिलाओं के अंडर-48kg कैटेगरी में मेडल के लिए मुकाबले होंगे। इस कैटेगरी में भारत की ओर से अस्मिता डे हिस्सा ले रही हैं और शुरुआती राउंड के बाद फाइनल राउंड होंगे। रेसलिंग में क्वालिफिकेशन मुकाबलों वाले दिन ही मेडल राउंड भी शुरू हो जाएंगे। सुनील कुमार की ग्रीको-रोमन 87kg कैटेगरी और निशा की महिलाओं की 68kg कैटेगरी के मुकाबले 30 सितंबर को होने हैं। भारतीय मुक्केबाजों के छह सेमीफाइनल मुकाबलों से बॉक्सिंग में भी मेडल जीतने के मौके मिलेंगे। जादुमानी सिंह, सुमित कुंडू, कपिल पोखरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस और लवलीना बोरगोहेन मुकाबले में हिस्सा लेंगे। जीतने वाले खिलाड़ी 2 अक्टूबर को होने वाले फाइनल में पहुंचेंगे, जबकि सेमीफाइनल में हारने वालों को ब्रॉन्ज़ मेडल मिलेगा।
एशियन गेम्स- भारतीय टीम ने मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में 'नेशनल रिकॉर्ड' के साथ जीता ब्रॉन्ज
एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार को मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले फाइनल में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करते हुए एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
जहीर खान को मिलेगा मोहित शर्मा का साथ, CSK में निभाएंगे बॉलिंग कोच की अहम जिम्मेदारी
चेन्नई सुपर किंग्स के सपोर्ट स्टाफ में अब एक ऐसा नाम जुड़ने जा रहा है, जो इस फ्रेंचाइजी की जर्सी में खुद मैदान पर उतर चुका है। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मोहित शर्मा को CSK ने 2027 सीजन के लिए नया बॉलिंग कोच बनाने का फैसला किया है।
एशियन गेम्स: भारतीय टीम ने मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में 'नेशनल रिकॉर्ड' के साथ जीता ब्रॉन्ज
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार को मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले फाइनल में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करते हुए एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा सत्यनारायण, अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा की टीम ने मिलकर इस दौड़ को पूरा करने में 41.06 सेकंड का समय लिया।
Asian Games में India Women 4x400m Relay टीम ने जीता Gold Medal, बहरीन को पछाड़ा
भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में शानदार फ़िनिश के साथ गोल्ड मेडल जीता। टीम ने 3:29.69 का समय लिया और बहरीन तथा चीन को पीछे छोड़ दिया। किरण मचेत्तिरा ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन तीसरे स्थान पर बैटन सौंपी। इसके बाद अनुभवी एम.आर. पूवम्मा ने दूसरे चरण में ज़बरदस्त दौड़ लगाई और भारत को बढ़त दिलाई, जिसे प्राची रामराज ने तीसरे चरण में भी बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से सभी क्वार्टर फाइनल रद्द, Semi Final में Sri Lanka से भिड़ेगा India इसके बाद भारत को जीत दिलाने की ज़िम्मेदारी विथ्या रामराज पर थी, और भारतीय एंकर ने इसे बखूबी निभाया। बैटन मिलने के बाद वह तेज़ी से आगे बढ़ीं और बहरीन की सलवा ईद नासर की कड़ी चुनौती का सामना किया; नासर को बैटन सबसे आखिर में मिली थी, लेकिन उन्होंने दौड़ के आखिरी हिस्से में ज़बरदस्त रफ़्तार पकड़ी थी। नसर ने बाकी दावेदारों को तो पीछे छोड़ दिया, लेकिन वह विथ्या से आगे नहीं निकल पाईं। विथ्या ने संयम बनाए रखा और भारत को सबसे पहले फिनिश लाइन तक पहुँचाया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Neeru Dhanda का भावुक बयान, बोलीं- मां के गले में पहनाना चाहती हूं Gold Medal खास बात यह है कि भारत ने 3:29.69 का समय लिया और बहरीन से 0.52 सेकंड आगे रहा, जिसने 3:30.21 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। चीन ने 3:31.02 के समय के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। इस जीत के साथ विथ्या के शानदार गेम्स अभियान में एक और मेडल जुड़ गया। उन्होंने बस एक दिन पहले ही 400 मीटर हर्डल्स में पीटी उषा का लंबे समय से चला आ रहा भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा था और अब रिले में गोल्ड मेडल भी अपने नाम कर लिया।
गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में लगाई पदकों की हैट्रिक, 75 साल बाद हुआ ऐसा
एशियन गेम्स 2026 में 5000 मीटर रेस में कांस्य पदक जीतकर गुलवीर सिंह ने इतिहास रच दिया है। वह ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में एक ही एशियाई खेलों में तीन पदक जीतने वाले भारत के दूसरे पुरूष खिलाड़ी बन गए। इससे पहले 1951 में लेवी पिंटो ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
एशियन गेम्स: गुलवीर ने लगाई मेडल की हैट्रिक, 5000 मीटर दौड़ में जीता ब्रॉन्ज
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचते हुए मेडल की हैट्रिक पूरी कर ली है। भारतीय धावक ने मंगलवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ के फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारतीय महिला टीम ने 4x400 मीटर रिले में रचा इतिहास, भारत की झोली में आया छठा गोल्ड
भारतीय महिला टीम ने 4x400 मीटर रिले रेस में कमाल कर दिया है। भारत ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। इस तरह भारत के खाते में छठा गोल्ड मेडल आ गया है।
जापान में गुलवीर का जलवा, एशियन गेम्स में पदकों की हैट्रिक
गुलवीर सिंह ने 2026 एशियन गेम्स में पुरुषों की 5000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली. इससे पहले वह 1500 मीटर और 10,000 मीटर में सिल्वर जीत चुके हैं. तीन पदकों के साथ गुलवीर एक ही एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड के तीन पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं. उनसे पहले 1951 में लैवी पिंटो ने यह कारनामा किया था.
राजकोट, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबले पहला अपने नाम कर लिया है। निरंजन शाह स्टेडिमय में खेले गए मैच के तीसरे दिन मेजबान टीम ने पारी और 48 रन से जीत हासिल करते हुए सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली। सीरीज का अंतिम मैच 5 अक्टूबर से अहमदाबाद में आयोजित होगा।
'सीएम विजय के फोन का इंतजार...', एशियन गेम्स में सिल्वर जीतने वाली खिलाड़ी ने जताई ये इच्छा
एंसी सोजन महिलाओं की लंबी कूद में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने से सिर्फ दो सेंटीमीटर दूर रह गईं। हालांकि, उन्होंने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
2027 वनडे वर्ल्ड कप विराट कोहली और रोहित शर्मा के लिए आखिरी ICC टूर्नामेंट होगा। रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दूसरे वनडे से पहले जियोस्टार से बातचीत में कोहली पर बात की है। रोहित ने कहा- ‘जब से हमने शुरुआत की थी, तब से अब तक कुछ नहीं बदला है। मैदान पर खुद को पेश करने के मामले में हम दोनों अलग हैं। टीम को लेकर हमारी सोच लगभग एक जैसी है। हमारा लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है।' रोहित ने कहा- कोहली के साथ खेलना काफी मजेदार रोहित ने बताया कि दोनों के बीच वर्ल्ड कप की अहमियत पर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा- ‘हमारे बीच चर्चा इस बात पर होती है कि हम क्या कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा- ‘जब हम साथ बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो चर्चा होती है कि किस गेंदबाज पर हमला करना है, किससे सिंगल लेना है और क्या करना है।’ रोहित ने कहा- कोहली को कुछ समझाने की जरुरत नहीं होती रोहित ने कहा- 'कोहली इतने सालों से खेल रहे हैं। 2027 वर्ल्ड कप हो या 2023 वर्ल्ड कप, उन्हें कुछ समझाने की जरूरत नहीं है। वर्ल्ड कप, वर्ल्ड कप होता है।' उन्होंने कहा- ‘हमें टूर्नामेंट जीतना है, सीरीज जीतनी है और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है। हमें यह भी देखना है कि हम किन खिलाड़ियों की मदद कर सकते हैं।' रोहित ने अब तक वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीता कोहली 2011 की वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा थे। वहीं रोहित शर्मा अब तक वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीत सके हैं। रोहित की कप्तानी में भारत 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था। हालांकि, टीम को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। रोहित-कोहली वनडे में 21 शतकीय साझेदारी कर चुके रोहित और कोहली वनडे में 21 बार शतकीय साझेदारी कर चुके हैं। वे वनडे में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ियों में दूसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की जोड़ी है, जिन्होंने वनडे में 26 शतकीय साझेदारियां की हैं। -------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने पहली बार एक इनिंग में 9 सिक्स लगाए:सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, भारत में 42वां शतक लगाया भारत ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। उन्होंने नाबाद 139 रन की पारी खेली। पूरी खबर पढ़ें…
ILT20 के पांचवें सीजन के ऑक्शन में बाबर आजम, फिल सॉल्ट, रहमानुल्लाह गुरबाज, फाफ डु प्लेसिस, लियाम लिविंगस्टोन और वानिंदु हसरंगा समेत 23 देशों के 200 खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया है।
निशानेबाज नीरू ढांडा का सफर उधार की बंदूक से शुरू हुआ था। उन्होंने टिन के डिब्बे को अस्थायी निशाना बनाकर गलतियों के जरिए निशाना साधना सीखा। उनके पिता किसान और मां गृहिणी है।
सहस्रधारा के व्हाइट वाटर की धार से एशियाई खेलों के सेमीफाइनल तक पहुंचे महेश्वर के पांच खिलाड़ी
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में महेश्वर के प्राकृतिक अंतरराष्ट्रीय कैनो स्लालम ट्रैक पर प्रशिक्षण लेने वाले मध्यप्रदेश के पांचों खिलाड़ियों ने कैनो स्लालम की अपनी-अपनी स्पर्धाओं में सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
DLF Golf Club में 22 अक्टूबर से शुरू होगा Women's Indian Open, 5 लाख डॉलर का होगा मुकाबला
महिला इंडिया ओपन 2026 गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन गुरुग्राम के डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में 22 से 25 अक्टूबर तक किया जाएगा। गत चैंपियन सिंगापुर की शेनोन टेन अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी जबकि 2024 की विजेता इंग्लैंड की लिज यंग और 2022 की विजेता जर्मनी की ओलीविया कोवान भी इस पांच लाख डॉलर इनामी प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र होंगी। भारत की महिला गोल्फरों की नजरें 10 साल में पहली बार इंडिया ओपन का खिताब जीतने पर टिकी होंगी। भारतीय खिलाड़ियों में पिछली बार अदिति अशोक ने 2016 में यह खिताब जीता था। भारत को दीक्षा डागर से काफी उम्मीदें हैं। वह प्रणवी उर्स के साथ आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के बाद इस टूर्नामेंट में चुनौती पेश करेंगी। इसके अलावा स्थानीय खिलाड़ियों में अवनि प्रशांत, हिताशी बख्शी और वाणी कपूर पर भी नजरें रहेंगी। महिला इंडिया ओपन एशिया की शीर्ष लेडीज यूरोपीय टूर प्रतियोगिताओं में से एक है। लेडीज यूरोपीय टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट 2025 में शीर्ष पर रहने वाली टेन के अलावा 2024 में शीर्ष पर रहने वाली स्विट्जरलैंड की चियारा टेंबरलिनी , 2023 में शीर्ष पर रहने वाली थाईलैंड की त्रिचात चेंगलाब और पिछले साल इंडिया ओपन की उप विजेता एलिस ह्युसन भी कड़ी चुनौती पेश करेंगी।
खेल डेस्क। 22 साल की भारतीय महिला क्रिकेटर श्री चरणी ने टी20 क्रिकेट का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने अब अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट की गेंदबाजी रैंकिंग में नया इतिहास रचा है। एशिया कप और एशियन गेम्स में शानदार गेंदबाजी के दम पर वह अब 817 रेटिंग पॉइंट्स पर पहुंच चुकी हैं। ये अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज का अब तक का सबसे हाईएस्ट रेटिंग पॉइंट है। इस मामले में श्री चरणी ने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने सर्वाधिक 806 पॉइंट्स हासिल किए थे। उनका ये रिकॉर्ड पिछले लगभग आठ सालों से कायम था। एशिया कप में श्री चरणी ने की शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 12 विकेट लिए। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में उन्होंने 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए। इसके साथ ही वह एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 विकेट लेने वाली भारतीय गेंदबाज भी बनी थी। चरणी इस साल अब तक 39 विकेट अपने नाम कर चुकी हैं। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games में Neeru Dhanda का भावुक बयान, बोलीं- मां के गले में पहनाना चाहती हूं Gold Medal
भारतीय शूटर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया। 26 साल की नीरू ने यह उपलब्धि 29 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में हासिल की और इन खेलों में भारत के लिए पांचवां गोल्ड मेडल जीता। ढांडा ने अपनी जीत अपनी मां को समर्पित की, जो उनकी कोच भी हैं। इवेंट के बाद उन्होंने कहा कि मैं यह मेडल अपनी मां, अपनी कोच और पूरे भारत देश को समर्पित करती हूं। मैं यह मेडल अपनी मां और अपनी कोच के गले में पहनाना चाहती हूं। मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं। अपनी जीत के बाद राष्ट्रगान सुनने को उन्होंने बेहद गर्व का पल बताया। इसे भी पढ़ें: श्री चरणी ने T20I Bowling Rankings में रचा इतिहास, 817 पॉइंट्स के साथ बनाया नया रिकॉर्ड फाइनल में, बारिश के बावजूद धांडा ने शांत रहकर अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली सीरीज़ में पाँच सफल शॉट्स के साथ मज़बूत शुरुआत की। हालाँकि दूसरी सीरीज़ में उनका एक निशाना चूक गया, लेकिन उन्होंने जल्द ही वापसी की और गोल्ड मेडल जीतने के लिए अपना ध्यान बनाए रखा। क्वालिफिकेशन राउंड में, अपने पहले ही गेम्स में 30 में से 28 निशाने लगाकर उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हालात के बारे में बात करते हुए धांडा ने कहा कि हम अपनी रेगुलर ट्रेनिंग के दौरान इसके लिए तैयारी करते हैं। हम खराब मौसम में भी ट्रेनिंग करते हैं, इसलिए उस लिहाज़ से यह सामान्य था। लेकिन हर देश में हालात अलग-अलग होते हैं, इसलिए यहाँ कुछ मुश्किलें आईं। फिर भी, मैंने खुद को शांत रखा, अपने खेल पर ध्यान दिया और गोल्ड जीता। उन्होंने अपनी इस कामयाबी पर खुशी ज़ाहिर करते हुए इसे बहुत ऊँचे स्तर की उपलब्धि बताया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Neeru Dhanda का ऐतिहासिक स्वर्ण, देश-विदेश की प्रमुख खबरें धांडा ने अपने परिवार, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ से मिले सहयोग को माना। उन्होंने अपनी माँ, पिता, बुआ अज़ादो देवी (जो खुद एक पूर्व कबड्डी खिलाड़ी रही हैं) और कोच मनशेर सिंह के योगदान पर ज़ोर दिया, जिन्होंने छह साल तक ज़मीनी स्तर से उनके साथ काम किया है। उन्होंने अपनी पूरी टीम से मिले सहयोग का भी ज़िक्र किया, जिसमें विक्रम, ओलंपिक चैंपियन कोच पीटर विल्सन, फिजियोथेरेपिस्ट अश्वनी, साइकोलॉजिस्ट टीजे और उनके साथी खिलाड़ी शामिल थे।
Neeru Dhanda ने Asian Games में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास
(अजय मसंद)नागोया, 29 सितंबर उधार की बंदूक, भोपाल का एक तालाब और रिश्ते के भाई का लगातार प्रोत्साहन - ऐसे ही नीरू ढांडा का सफर शुरू हुआ था। सात साल बाद 26 वर्षीय नीरू ने एशियाई खेलों के दौरान भारतीय निशानेबाजी में नया इतिहास रच दिया। नीरू मंगलवार को यहां महिला ट्रैप स्पर्धा में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। रिश्ते के भाई लक्ष्य श्योराण के पिता की भारतीय निर्मित बंदूक से कामचलाऊ निशानों पर निशाना साधने से लेकर एशियाई मंच पर दबदबा कायम करने तक नीरू का सफर बेहद असाधारण रहा है। हरियाणा के जींद जिले के एक किसान की बेटी नीरू के पास 2019 में भोपाल जाने के समय निशानेबाजी का महज छह महीने का अनुभव था। मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी की ओर से उपलब्ध कराई गई मुफ्त बंदूक और कारतूस ने उन्हें इस खेल को आगे बढ़ाने का अवसर दिया जो अन्यथा उनके लिए पहुंच से बाहर हो सकता था। इस सफर की शुरुआत लक्ष्य से मिली प्रेरणा से हुई जिन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। अपने भाई की उपलब्धि से प्रेरित होकर नीरू ने निशानेबाजी में हाथ आजमाने का फैसला किया। नीरू ने ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ‘‘उससे पहले मुझे निशानेबाजी के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मेरे रिश्ते के भाई लक्ष्य ने जकार्ता में रजत पदक जीता था। मैं उस पदक से प्रेरित हुई।’’भाई के पिता की बंदूक लेकर उन्होंने भोपाल के एक तालाब के पास अभ्यास किया। वहां टिन के डिब्बे को अस्थायी निशाना बनाकर उन्होंने खुद ही प्रयास और गलतियों के जरिए निशाना साधना सीखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निशाना काफी दूर रखती थी और उस पर निशाना लगाने की कोशिश करती थी।’’लक्ष्य के माता-पिता ही उन्हें मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी लेकर आए जहां मुफ्त बंदूक, कारतूस और संस्थागत सहयोग ने उनके शुरुआती प्रयास को अंतरराष्ट्रीय करियर में बदलने में अहम भूमिका निभाई। नीरू के लिए यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण था। उनके पिता किसान और मां गृहिणी है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के कारण निशानेबाजी जैसे महंगे खेल का खर्च उठाना आसान नहीं था। अब यह सहयोग एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल चुका है। इस साल इटली के लोनाटो में विश्व कप पदक जीतने के बाद नीरू का एशियाई खेलों का स्वर्ण भारत के लिए महिला शॉटगन में व्यक्तिगत खिताब के लंबे इंतजार को समाप्त करता है। हालांकि यह स्वर्ण पदक नीरू ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों के बीच जीता। प्रतियोगिता से केवल 10 दिन पहले गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वह पूरे प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा नहीं ले सकीं और पांच दिन तक कुछ नहीं खाया। तैयारी प्रभावित होने के बावजूद उनके कोच मनशेर सिंह ने उनका ध्यान लक्ष्य पर बनाए रखने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी हालत बहुत खराब थी। मैंने पूरे शिविर में अभ्यास नहीं किया। पांच दिन तक कुछ नहीं खाया। सिर्फ पानी पीती थी। मैं रोज अपने कोच से बात करती थी।’’नीरू ने कहा, ‘‘यहां आने के बाद भी मैं उनसे रोज बात करती थी। उन्होंने मेरे से कहा कि अगर मैं चार-पांच दिन अभ्यास नहीं कर पाई तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके दिल में पूरा समर्पण हो तो बाधाएं मायने नहीं रखतीं। मुझे अपने परिवार, देश, भारतीय सेना और मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी के लिए जीतना था। मेरे पीछे इतने सारे लोग हैं। जब वे मेरे लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं तो जीतना छोटी बात है।’’बीमारी ने जहां उनकी तैयारियों को प्रभावित किया तो वहीं नागोया में लगातार बारिश और गिरते तापमान ने उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती की परीक्षा ली। बारिश से उनकी पकड़ प्रभावित हुई और बंदूक संभालने का परिचित अहसास बदल गया जिससे उन्हें अपना ध्यान भटकने से बचाना पड़ा। नीरू के प्रशिक्षण ने उन्हें ऐसी परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार किया था। उनके कोच जानबूझकर अभ्यास के दौरान ध्यान भटकाने वाली परिस्थितियां पैदा करते हैं। वह कभी उनकी जैकेट खींचते हैं तो कभी निशाना साधने की तैयारी के दौरान सामने कुर्सी रख देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभ्यास में ऐसी परिस्थितियां बनाते हैं जहां हमें ध्यान भटकाने वाली चीजों से लड़ना होता है। हम तेज संगीत और अन्य व्यवधानों के बीच भी अभ्यास करते हैं।’’नीरू के लिए यह स्वर्ण पदक व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक है। उन्हें उम्मीद है कि इससे भारतीय शॉटगन निशानेबाजों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। सेना की निशानेबाज नीरू ने अपना पदक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों को समर्पित किया और कहा कि सेना का प्रतिनिधित्व करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पदोन्नति के अवसर होते हैं लेकिन पदोन्नति मिले या ना मिले, हमें सेना के लिए खेलना है। सैनिक सीमाओं पर तैनात हैं। वे देश के लिए लड़ते हैं और अपने प्राणों की आहुति देते हैं। यह पदक उन्हें समर्पित है।’’उन्होंने यह स्वर्ण 1978 के एशियाई खेलों के चैंपियन राजा रणजीत सिंह को भी समर्पित किया जिनका इस साल निधन हो गया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का सेमीफाइनल मुकाबला तय हो गया है। हिंदुस्तान की टीम साउथ कोरिया से बुधवार को भिड़ेगी। भारतीय टीम के पास एशियन गेम्स में 44 साल के स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म करने का मौका है। इसके लिए सेमीफाइनल और फाइनल की दो चुनौतियां शेष हैं।
Asian Games महिला हॉकी सेमीफाइनल में आज South Korea से भिड़ेगी अजेय भारतीय टीम
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के 44 साल के इंतजार को खत्म करने की कवायद में लगी भारतीय महिला हॉकी टीम को बुधवार को यहां होने वाले सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा। भारतीय महिला टीम ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वह अजेय है। भारतीय टीम अब अपनी इस लय को बरकरार रखकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी। वह एशियाई खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक हासिल करने से सिर्फ दो जीत दूर है। इससे पहले उसने एकमात्र स्वर्ण पदक 1982 में जीता था। भारतीय टीम लगातार पांच मैच जीतने और बेहतर विश्व रैंकिंग के साथ कोरियाई टीम के खिलाफ प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें जबकि कोरिया 15वें स्थान पर है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों में केवल मौजूदा ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन ही भारत से ऊपर चौथे स्थान पर है। भारतीय टीम पूल बी में पांचों मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी हुई है, लेकिन उसे दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम से मिलने वाली चुनौती के प्रति भी सचेत रहना होगा। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूल बी में शीर्ष स्थान हासिल किया। उसने अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत से की। इसके बाद इंडोनेशिया को 17-1 से हराया और फिर थाईलैंड पर 20-1 से जीत दर्ज की। मेजबान जापान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 3-1 की जीत से भारत ने अपनी लय को बरकरार रखा और अंत में सिंगापुर पर 7-0 की शानदार जीत के साथ पूल चरण का समापन किया। दक्षिण कोरिया ने पूल ए में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। उसने पांच मैचों में चार जीत दर्ज कीं। उसकी एकमात्र हार चीन के खिलाफ 0-3 से हुई। दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी जीत बांग्लादेश के खिलाफ 8-0 की थी। भारत के आक्रमण के आंकड़े विशेष रूप से प्रभावशाली रहे हैं, जिसमें ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ दीपिका पांच मैचों में 21 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल करने वाली खिलाड़ी हैं। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर 10 गोल के साथ सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रुतुजा दादासो पिसल ने सात गोल किए हैं, जबकि लालरेम्सियामी और इशिका ने क्रमशः छह और पांच गोल दागे हैं, जिससे भारत के मजबूत आक्रमण का पता चलता है। भारत को गोलकीपिंग के विकल्पों से भी काफी फायदा हुआ है, जिसमें अनुभवी गोलकीपर सविता और बिचु देवी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ इन दोनों का प्रदर्शन काफी मायने रखेगा। भारतीय टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा, ‘‘सभी को यह पता है कि हमसे क्या उम्मीद की जा रही है। जापान को छोड़कर हमें किसी भी अन्य टीम से कड़ी चुनौती नहीं मिली। अब एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में यह एक बड़ी चुनौती है और हम दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं।’’दक्षिण कोरिया आक्रमण में तेजी लाने के लिए मिडफील्डर सियुंगए पार्क पर निर्भर रहेगा। वह टूर्नामेंट में अब तक आठ गोल कर चुकी हैं और भारत की रक्षापंक्ति के लिए उन्हें काबू में रखना चुनौती होगी। पिछले दो-तीन दिनों से यहां आसमान बादलों से घिरा हुआ है। यहा तक कि सोमवार को पाकिस्तान और ओमान के बीच पुरुषों का मैच भारी बारिश के कारण 15-20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। हालांकि बुधवार को धूप निकलने का अनुमान है।
श्री चरणी ने रचा इतिहास, ICC रैंकिंग में तोड़ा ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज का ऑल टाइम रिकॉर्ड
श्री चरणी महिला T20 क्रिकेट में दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने 817 रेटिंग पॉइंट्स हासिल करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने हाल ही में एशियन गेम्स में शानदार गेंदबाजी की थी।
Nations Cup Football: Italy ने तुर्किये को 4-1 से रौंदा, France ने Belgium को हराया
रॉबर्टो मैनसिनी के मार्गदर्शन में इटली की टीम ने बेहद कम समय में शानदार बदलाव के संकेत देते हुए नेशंस कप फुटबॉल में सोमवार को तुर्किये को उसी के मैदान पर 4-1 से करारी शिकस्त दी। मैनसिनी के कार्यभार संभालने के बाद यह टीम का दूसरा मुकाबला था और लंबे समय बाद इटली का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली नजर आया। इससे पहले शुक्रवार को बेल्जियम के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-2 की हार में इटली की टीम संघर्ष करती दिखाई दी थी। यह हार उस निराशा के छह महीने बाद आई थी, जब इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहा था। इटली को अगले मुकाबले में कहीं ज्यादा कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को उसे फ्रांस के खिलाफ उसी की धरती पर खेलना है। फ्रांस ने भी नये कोच जिनेदिन जिदान के नेतृत्व में शुरुआत की है। चोटिल किलियन एम्बापे के बिना खेल रही फ्रांस की टीम ने बेल्जियम को 1-0 से हराया। ब्रेंटफोर्ड के डिफेंडर माइकल कायोडे ने इटली की ओर से अपने पदार्पण मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक गोल किया और एक गोल में सहायता की। इटली के लिए अन्य गोल एलेसांद्रो बास्तोनी, डेविडे फ्रात्तेसी और पियो एस्पोसितो ने किए। बारिस अल्पर यिलमाज ने दूसरे हाफ की शुरुआत में इटली की रक्षापंक्ति को चौंकाते हुए तुर्की के लिए मैच का इकलौता गोल किया। फ्रांस ने बेल्जियम पर पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और दो बार गेंद गोलपोस्ट से टकराई। लेकिन उसे जीत दिलाने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी माइकल ओलिस के आखिरी लम्हों में किए गए गोल का इंतजार करना पड़ा। फ्रांस को किलियन एमबापे की कमी खली। वह शुक्रवार को तुर्की के खिलाफ 1-0 की जीत में गोल करने के कुछ ही देर बाद बाएं घुटने में चोट के कारण मैदान से बाहर हो गए थे। मैच के 75वें मिनट में मैदान पर आए ओलिस ने समापन से दो मिनट पहले गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी। अन्य मैचों में लीग बी में स्वीडन ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की। उसने पोलैंड को आसानी से 3-1 से हराया। बोस्निया-हर्जेगोविना ने रोमानिया को उसके घरेलू मैदान पर 4-2 से मात दी। ग्रुप बी2 के दोनों मुकाबले गोलरहित ड्रॉ रहे। उत्तरी आयरलैंड और हंगरी के बीच मैच 0-0 से बराबर रहा, जबकि जॉर्जिया और यूक्रेन का मुकाबला भी इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
Asian Games Boxing: Parveen Hooda और Ankush Panghal फाइनल में, Narender को Bronze
अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में पुरुष मुक्केबाजी के फाइनल में पहुंचकर भारत का आठ साल का इंतजार खत्म किया, वहीं परवीन हुड्डा ने शानदार जीत के साथ महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबले में जगह बनाई लेकिन नरेंद्र बेरवाल को 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग के सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन के ली शू को 5-0 से हराया। इसके बाद अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलुद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया। एरकिनबोएव 75 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। अनुभवी मुक्केबाज बेरवाल को सेमीफाइनल में कजाखस्तान के मौजूदा सुपर हैवीवेट विश्व चैंपियन आइबेक ओरलबाय के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। बेरवाल ने इसके साथ ही एशियाई खेलों में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया। वह 2023 में चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में भी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। अंकुश आठ साल में एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं। अमित पंघाल ने 2018 में 49 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर आखिरी बार यह उपलब्धि हासिल की थी। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अंकुश ने एरकिनबोएव के खिलाफ जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। उन्होंने धीमी शुरुआत से उबरते हुए अंतिम दौर में दबदबा बनाया और यादगार जीत हासिल की। अंकुश ने बाद में ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के दौरान भी इस प्रतिद्वंदी के खिलाफ खेल चुका था और मैं वह मुकाबला हार गया था। हमने उसके मुकाबलों के वीडियो देखे और अपनी रणनीति बनाई। मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है।’’ अंकुश को अपनी लय पाने में समय लगा क्योंकि एरकिनबोएव ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय मुक्केबाज ने कुछ जवाबी हमले किए, लेकिन उज्बेक मुक्केबाज यह राउंड 4-1 से जीत गया। अंकुश ने दूसरे राउंड में अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने अधिक आक्रामक रवैया अपनाया और 3-2 से जीत हासिल की। अंकुश ने अंतिम राउंड में जोरदार शुरुआत की और मुकाबले का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करते हुए 4-1 से जीत दर्ज की। परवीन दिग्गज एमसी मैरी कॉम (जिन्होंने 2014 में खिताब जीता था) और लवलीना बोरगोहेन (जिन्होंने पिछले खेलों में रजत पदक जीता था) के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। परवीन का पिछले एशियाई खेलों में जीता गया कांस्य पदक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) द्वारा 22 महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (व्हेयरअबाउट्स) से जुड़ी विफलता के कारण हुई थी। अब उन्होंने हांगझोउ में अपने प्रदर्शन से आगे निकलते हुए एशियाई खेलों में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। रोहतक की रहने वाली इस मुक्केबाज ने ली के खिलाफ संयमित शुरुआत की लेकिन जल्द ही मुकाबला रोमांचक हो गया क्योंकि दोनों मुक्केबाज करीब से एक-दूसरे पर हमला करने लगे, और परवीन ने तीखे जवाबी मुक्कों के दम पर पांच में से तीन जजों का फैसला अपने पक्ष में किया। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। जब ली ने आक्रमण शुरू करने की कोशिश की, तो परवीन ने सही समय पर पलटवार किया और दूसरा राउंड सर्वसम्मति से अपने नाम किया। ली ने तीसरे राउंड में दबदबा बनाने की कोशिश की, वहीं परवीन ने मौकों का फायदा उठाया और यह राउंड 4-1 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया जहां उनका मुकाबला शुक्रवार को चीनी ताइपे की पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चेन निएन चिन से होगा। भारत के अग्रणी सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र को ओरलबाय के खिलाफ शुरू से ही संघर्ष करना पड़ा। भारत के 31 वर्षीय खिलाड़ी ने जवाबी हमलों पर भरोसा किया लेकिन इससे उन्हें खास फायदा नहीं मिला। तीसरे राउंड में नरेंद्र को भी स्टैंडिंग काउंट का सामना भी करना पड़ा। नरेंद्र ने कहा, ‘‘मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रहा था। हमने उसके पिछले मुकाबलों का विश्लेषण किया और कोच ने बताया कि क्या करना है। कोच ने मुझे अपने प्रतिद्वंदी पर अधिक बॉडी पंच मारने के लिए कहा, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया। वह विश्व का नंबर एक खिलाड़ी है। यह मेरा एशियाई खेलों में दूसरा पदक है, इसलिए मैं इसे स्वीकार करूंगा।’’ भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन कर लिया है। पिछली बार उसने चार पदक जीते थे लेकिन यहां छह मुक्केबाजों ने पदक राउंड में प्रवेश किया है।
Asian Games Tennis: Sumit Nagal और दक्षिणेश्वर सुरेश पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारत के दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल ने एशियाई खेलों की टेनिस प्रतियोगिता के पुरुष एकल में अलग-अलग अंदाज जीत से शुरुआत करते हुए मंगलवार को यहां अंतिम 16 में जगह बनाई। पहले दौर में बाई हासिल करने वाले दक्षिणेश्वर ने इंडोनेशिया के गुनावन त्रिस्मुवंतारा को रोमांचक मुकाबले में 7-5 7-6 (2) से हराया। नागल ने बारिश के कारण बाधित मुकाबले में दक्षिण कोरिया के सियोंगचान हांग को एकतरफा अंदाज में 6-4, 6-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। दक्षिणेश्वर ने कड़े मुकाबले में अपना संयम बनाए रखा और एक घंटे 25 मिनट तक चले मैच में सीधे सेटों में जीत हासिल करके प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों खिलाड़ियों की रैंकिंग में बड़ा अंतर होने के कारण यह मुकाबला उम्मीद से कहीं अधिक करीबी साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ी की रैंकिंग 364, जबकि त्रिस्मुवंतारा की रैंकिंग 2000 से भी नीचे हैं। हाल ही में डेविस कप में कोरिया के खिलाड़ियों के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हार का सामना करने वाले नागल ने आखिरकार ने किसी कोरियाई खिलाड़ी को हराने में सफलता हासिल की। बारिश के कारण उनका मुकाबला दो दिन तक खिंचा और कुल तीन घंटे चार मिनट तक चला। प्री-क्वार्टर फाइनल में नागल का सामना उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन से होगा। भारत के कोच आशुतोष सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘मौसम खराब होने के कारण मैच बार-बार रुका और आउटडोर कोर्ट से इंडोर कोर्ट में खेल होने से यह दोनों खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मैच कल शुरू हुआ और आज समाप्त हुआ।’’उन्होंने कहा, ‘‘चार कोर्ट पर एक साथ मैच चल रहे थे और प्रतियोगिता स्थल पर काफी कुछ गहमागहमी चल रही थी, इसलिए माहौल अच्छा नहीं है, भले ही आयोजक अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’आशुतोष ने कहा, ‘‘सुमित को लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा, लेकिन लय में आने के बाद उन्होंने मैच पर नियंत्रण बना दिया। पेशेवर खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है।
नई दिल्ली, ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में भारत को पांचवां गोल्ड मेडल दिलाया है। अपने पहले ही एशियन गेम्स में एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतकर नीरू ने इतिहास रचा है।
Asian Games में Jyothi Yarraji के DNS होने का विश्लेषण, क्या Fitness Clearance में हुई जल्दबाजी?
शनिवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में मेडल जीतने की भारत की उम्मीदों को झटका लगा, क्योंकि पिछले संस्करण की सिल्वर मेडलिस्ट ज्योति याराजी ने वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस होने के बाद अपने पहले राउंड की हीट में हिस्सा नहीं लिया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि याराजी ने अपना वार्म-अप पूरा करने के बाद नाम वापस ले लिया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Neeru Dhanda ने रचा इतिहास, महिला ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड इस बाधा धाविका के घुटने में हल्की स्ट्रेस इंजरी थी और उन्हें आखिरी समय में फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। अधिकारी ने कहा कि पूरा वार्म-अप करने के बाद उन्हें दर्द महसूस हुआ। याराजी ने जुलाई 2025 में अपने दाहिने घुटने के एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) टियर की सर्जरी के बाद इस साल कॉम्पिटिशन में वापसी की थी। वापसी के बाद शनिवार की हीट से उनके हटने और घुटने की समस्या ने भारत के बाकी एथलेटिक्स कैंपेन से पहले चिंता बढ़ा दी है। पिछले एडिशन में 100 मीटर हर्डल्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली याराजी इस इवेंट में भारत की अहम मेडल उम्मीदों में से एक थीं। उनके DNS (शुरुआत नहीं की) का मतलब था कि वह शुरुआती राउंड में हिस्सा नहीं ले पाईं। नंदिनी कोंगन ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करके भारत की उम्मीदें बनाए रखीं। वह हीट 2 में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं और क्वालिफ़ाइंग राउंड से आगे बढ़ीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया जापान की माको फुकुबे ने 12.85 सेकंड में यह हीट जीती, जबकि चीन की यान्नी वू 13.18 सेकंड और इंडोनेशिया की दीना औलिया 13.39 सेकंड के साथ उनके पीछे रहीं। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में भारत के लिए अच्छी खबर रही, क्योंकि अनिमेष कुजूर तीसरे सेमीफ़ाइनल हीट में दूसरे स्थान पर रहकर फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर गए। कुजूर ने 20.81 सेकंड का समय लेकर सीधे क्वालिफ़िकेशन हासिल किया। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 20.10 सेकंड में सेमीफ़ाइनल जीतकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
(तस्वीरों के साथ)... अजय मसंद...नागोया, 29 सितंबर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में मंगलवार को इतिहास रचते हुए भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 28 अंक के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ने इससे पहले महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह जुलाई में इटली में हुए शॉटगन विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। चीन की सुन युनोंग ने 26 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर ने 21 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। नीरू ने कहा, ‘‘मैं यह पदक भारतीय सेना के उन जवानों को समर्पित करती हूं, जो देश की रक्षा के लिए इससे भी बड़ा काम करते हैं। साथ ही इसे दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित करती हूं, जिन्होंने 1978 में एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला ट्रैप स्वर्ण पदक जीता था।’’अपने अब तक के सफर के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘2018 जकार्ता एशियाई खेलों में ट्रैप स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले मेरे चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण ने मुझे ट्रैप निशानेबाजी अपनाने के लिए प्रेरित किया। मैं बाद में भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निशानेबाजी अकादमी चली गई, क्योंकि वहां मुझे निशानेबाजी अभ्यास के लिए बंदूक और कारतूस मुफ्त में मिल रहे थे।’’इससे पहले किसी भी भारतीय महिला ट्रैप निशानेबाज ने एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू (118), आशीमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन की लियू शानशान, युनोंग और झू जिंग्यू की टीम ने 346 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हाजर और अलहवाल सारा की टीम ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में आशीमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 10 टीमों के बीच भारत छठे स्थान पर रहा। शपथ भारद्वाज ने हालांकि आठवें स्थान पर रहकर व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय टीम ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण, कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। यह मौजूदा एशियाई खेलों में निशानेबाजी में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। इन खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या अब पांच हो गई है।
Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया
मंगलवार को एशियाई खेलों 2026 में पुरुषों के 80 किग्रा गोल्ड-मेडल मुकाबले में अंकुश पंघाल ने उज़्बेकिस्तान के फ़ज़लिद्दीन एर्किनबोएव को एक रोमांचक सेमीफ़ाइनल में हराकर अपनी जगह बनाई। ESPN के अनुसार, ब्लू कॉर्नर से लड़ते हुए अंकुश ने उज़्बेक साउथपॉ बॉक्सर के खिलाफ़ ज़बरदस्त शुरुआत की; उन्होंने तेज़ी से पंच मारे और अपने दाहिने हाथ व बॉडी शॉट्स से सफलता हासिल की। ज़्यादा पंच मारने के बावजूद, हैरानी की बात यह रही कि भारतीय बॉक्सर को पहला राउंड 1-4 से हारा हुआ घोषित कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Mirabai Chanu ने 49kg Weightlifting में जीता Silver Medal, अपने मेडल कलेक्शन में जोड़ा नया पदक अंकुश ने दूसरे राउंड में ज़बरदस्त वापसी की; उन्होंने एर्किनबोएव की रफ़्तार और काउंटर-पंचिंग की क्षमता का मुक़ाबला करते हुए 3-2 से राउंड अपने नाम किया और मुक़ाबले में बराबरी हासिल की। इसके बाद भारतीय मुक्केबाज़ ने निर्णायक तीसरे राउंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुकाबले पर हावी रहते हुए 5-0 से जीत हासिल की, जिससे कुल मिलाकर 4-1 से जीत पक्की हो गई। अब अंकुश गोल्ड मेडल के लिए दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग से मुकाबला करेंगे। किम ने दूसरे सेमीफाइनल में जॉर्डन के हुसैन इशाईश को हराया। इस जीत के साथ ही भारत ने बॉक्सिंग के एक और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इसी दिन परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं के 65kg गोल्ड-मेडल मुक़ाबले के लिए क्वालिफ़ाई किया। इससे पहले, परवीन ने अपने सेमीफ़ाइनल में चीन की ली शू को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। भारतीय बॉक्सर ने संयमित प्रदर्शन किया; उन्होंने सही मौक़े का इंतज़ार किया, साफ़ पंच मारे और पूरे मुक़ाबले के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: India Win Trap Shooting Gold In Asian Games | 48 साल का सूखा खत्म! Neeru Dhanda ने एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग का गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास फ़ाइनल में परवीन का मुक़ाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। मंगलवार को भारत का एक और पुरुष बॉक्सिंग सेमीफ़ाइनल होना है, जिसमें +90kg कैटेगरी में नरेंद्र का मुक़ाबला कज़ाकिस्तान के आइबेक ओरलबे से होगा। एशियाई खेलों के 10वें दिन भारत के लिए अंकुश की जीत अहम रही; साथ ही शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले नीरू ने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव नतीजों की घोषणा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सदस्य मेघा गौर ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के चुनावों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि चुनाव का परिणाम घोषित नहीं होगा। उसे सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा।
दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की सीनियर बंगाल टीम में वापसी हुई है। 18 सितंबर को करीब 36 दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिलने के 10 दिन बाद उन्हें असम के खिलाफ प्रैक्टिस मैच के लिए टीम में चुना गया है। यह अगस्त में गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सीनियर टीम में उनका पहला चयन है। टीम की कप्तानी सुदीप चटर्जी करेंगे। पहले सीनियर प्रोबेबिल्स में नहीं थे ्रCAB ने 2026-27 घरेलू सीजन के लिए जारी सीनियर प्रोबेबिल्स की सूची में पोरेल को शामिल नहीं किया था। अब उन्हें असम के खिलाफ प्रैक्टिस मैच के लिए बंगाल की टीम में जगह दी गई है। 30 सितंबर को टीम गुवाहाटी रवाना होगी बंगाल की टीम 30 सितंबर को कोलकाता से गुवाहाटी रवाना होगी। असम के खिलाफ चार दिन का मैच 2 से 5 अक्टूबर तक बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला रणजी ट्रॉफी से पहले लाल गेंद के क्रिकेट की तैयारी के लिए रखा गया है। क्या है पूरा मामला पोरेल पर 30 जून को एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शिकायत में रेप, शादी का वादा कर यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी समेत कई आरोप लगाए गए थे। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। पोरेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। 11 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद पोरेल को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। इसके बाद 14 अगस्त को जमानत नहीं मिली और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में वे करीब 36 दिन जेल में रहे। 18 सितंबर को उन्हें जमानत मिली। मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। IPL 2026 के बाद से नहीं खेला कॉम्पिटेटिव क्रिकेट पोरेल ने IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए सिर्फ चार मैच खेले थे। इसके बाद से उन्होंने कोई कॉम्पिटेटिव क्रिकेट नहीं खेला है। असम के खिलाफ प्रैक्टिस मैच उनके लिए लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर वापसी का मौका होगा। रणजी ट्रॉफी से पहले तैयारी बंगाल का रणजी ट्रॉफी अभियान 11 अक्टूबर से शुरू होगा। टीम का पहला मैच दिल्ली के खिलाफ कल्याणी में है। उससे पहले असम के खिलाफ चार दिन का मैच खिलाड़ियों को लाल गेंद के क्रिकेट के लिए तैयार करने का मौका देगा। पोरेल के चयन के बाद अब उनका प्रदर्शन भी नजर में रहेगा। हालांकि, इस चयन से यह तय नहीं होता कि उन्हें रणजी ट्रॉफी के मुख्य मैचों के लिए भी टीम में जगह मिलेगी। कानूनी मामला अभी जारी है। खिलाड़ियों के लिए BCCI की गाइडलाइनBCCI खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी अनुशासन और सावधानी बरतने की सलाह देता है। IPL और अन्य टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया से जुड़ी गाइडलाइंस होती हैं, जिनके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम होटल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाने पर रोक रहती है। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) खिलाड़ियों को हनी ट्रैप और अनधिकृत लोगों से संपर्क के खतरों को लेकर भी जागरूक करती है। इसके अलावा, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आचार संहिता का पालन जरूरी है और नियमों के उल्लंघन पर फटकार, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। -------------------------------------- इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल रेप के आरोप में गिरफ्तार:मेडिकल छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई, दिल्ली कैपिटल्स से खेलते हैं IPL में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को रेप केस में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी मंगलवार को कोलकाता में हुई। यह मामला एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें पोरेल पर रेप, धमकी और अन्य आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित ने जून में शिकायत दर्ज कराई थी। पूरी खबर
Guwahati में दूसरे ODI में West Indies से भिड़ेगा भारत, तेज गेंदबाजी संयोजन पर नजर
बल्लेबाजी निस्संदेह भारत की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम के लिए तेज गेंदबाजी का अस्थिर संयोजन चिंता का विषय होगा। विराट कोहली पर फिर से नजर होगी जिन्होंने तिरुवंतपुरम में तीन मैच की श्रृंखला के पहले मैच में रिकॉर्ड तोड़ शतक बनाया था। कप्तान गिल ने भी इस मैच में शतक जड़ा था जिससे भारत ने 296 रन का लक्ष्य 42 ओवर से भी कम में हासिल कर लिया था। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने भी चार विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी विभाग कमज़ोर नज़र आया। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को नई गेंद सौंपी गई थी जबकि मोहम्मद सिराज को विश्राम दिया गया था। रेड्डी से गेंदबाजी की शुरुआत करने से कई सवाल खड़े हो गए क्योंकि टीम की यह रणनीति नहीं चल पाई। बाएं पैर की जांघ की मांसपेशी में चोट से उबरकर लौटे रेड्डी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखे, जिस कारण उन्होंने सात गेंदों के एक ओवर में 18 रन लुटा दिए। हार्दिक को अभी तक फिटनेस मंजूरी नहीं मिली है और बुमराह एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। इस श्रृंखला को हालांकि अगले वनडे विश्व कप से पहले भारत के विकल्पों का आकलन करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा था। रेड्डी को दीर्घकालिक ऑलराउंड विकल्प माना जा रहा है और उन्हें गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का पूरा समर्थन प्राप्त था। वह छठे गेंदबाजी विकल्प भी हो सकते थे, लेकिन उन्होंने लगातार निराश किया है। अब सवाल यह है कि क्या भारत नई गेंद से रेड्डी को आजमाना जारी रखेगा या दूसरे वनडे के लिए अधिक भरोसेमंद सिराज को वापस मौका देगा। ऐसे में जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पदार्पण का मौका देना बुरा नहीं होगा। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद नबी को अभी भी अपने पदार्पण का इंतजार है। टीम ऑलराउंडरों की तलाश में है और इसलिए पहले मैच में बल्लेबाजी ऑलराउंडर नमन धीर को पदार्पण का मौका दिया गया। धीर ने पांच ओवर में 33 रन दिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। अगर सिराज की वापसी होती है तो ऑलराउंडर विकल्पों में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है। अगर नबी को मौका मिलता है तो भारत को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ गेंदबाज को उतारने और बाकी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाना होगा। बल्लेबाजी में भारत के शीर्ष क्रम ने पहले वनडे में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। कोहली पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे और उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आखिर उन्हें लक्ष्य का पीछा करने के मामले में सर्वश्रेष्ठ क्यों आंका जाता है। उन्होंने 74 गेंदों में शतक बनाकर कई उपलब्धियां हासिल की जिनमें सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15000 रन बनाने वाला दूसरा भारतीय बनना शामिल है। वह बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में वापसी कर रहे हैं, जहां उन्होंने जनवरी 2023 में श्रीलंका के खिलाफ अपना 45वां वनडे शतक बनाया था। कोहली की शानदार फॉर्म ने इस श्रृंखला को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया है। वेस्टइंडीज को अगर श्रृंखला में बने रहना है तो उसे दूसरे मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। पहले मैच में उसका क्षेत्ररक्षण अच्छा नहीं रहा था। गिल को शुरू में ही जीवनदान मिला था जिसका फायदा उठाकर उन्होंने शतक जड़ा था। कोच डैरेन सैमी को उम्मीद होगी कि उनकी टीम भारत के खिलाफ श्रृंखला में जीत लंबे इंतजार को खत्म कर सकेगी। वेस्टइंडीज ने आखिरी बार 2002 में भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला जीती थी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर.वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा।
मुक्केबाजी के 65 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में पहुंचीं परवीन हुड्डा
निशियो, भारत की बॉक्सर परवीन हुड्डा मंगलवार को यहां निशियो जिम्नेजियम में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर एशियन गेम्स में महिलाओं के 65 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में पहुंच गईं।
नीरू ढांडा ने देश को दिलाया पांचवां गोल्ड: एशियन गेम्स
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में भारत को पांचवां गोल्ड मेडल मिल गया है। अपना पहला एशियन गेम्स खेल रही नीरू ढांडा ने इतिहास रचा है।
भारतीय महिला निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतक इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इस इवेंट में भारत का 36 साल का पदक सूखा खत्म किया।
Mirabai Chanu ने 49kg Weightlifting में जीता Silver Medal, अपने मेडल कलेक्शन में जोड़ा नया पदक
जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 49kg वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर नई दिल्ली लौटीं मीराबाई चानू ने बहुत खुशी ज़ाहिर की। 32 साल की इस एथलीट ने कहा कि वह इस कामयाबी का सालों से इंतज़ार कर रही थीं। इस एशियन गेम्स मेडल के साथ उनके शानदार करियर में अब ओलंपिक सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल और तीन कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल भी शामिल हो गए हैं। इसे भी पढ़ें: Army Shooter Neeru Wins Gold | कज़िन लक्ष्य श्योराण से प्रेरित होकर आर्मी शूटर नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में जीता गोल्ड मेडल मंगलवार सुबह नई दिल्ली पहुँचने पर चानू ने कहा कि मैं बहुत खुश हूँ। मैं सालों से इस दिन का इंतज़ार कर रही थी। मेरे पास पहले से ही ओलंपिक मेडल और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल थे, और मैं तीन बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी थी। लेकिन यह हमारे लिए सबसे बड़ा सपना था; यह मेरे लिए बहुत ज़रूरी था, और अब मैंने आखिरकार इसे हासिल कर लिया है। मैंने अपने कलेक्शन में एशियन गेम्स मेडल भी जोड़ लिया है, और भारत और वेटलिफ्टिंग के लिए कुछ हासिल करके मैं बेहद खुश हूँ। चानू ने कुल मिलाकर 198 किलोग्राम वज़न उठाया; उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वज़न उठाकर अपने प्रयास पूरे किए। नॉर्थ कोरिया की री सोंग गम ने कुल 215 किलोग्राम वज़न उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि विजयाना ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए, चानू ने पिछले एशियन गेम्स के दौरान लगी चोट के बाद इन गेम्स के महत्व पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में महिला Trap Team ने जीता रजत पदक, नीरू ने बनाया रिकॉर्ड उन्होंने कहा कि हमने बहुत अच्छी ट्रेनिंग की। ये एशियन गेम्स मेरे लिए बहुत अहम थे क्योंकि पिछले गेम्स के दौरान मुझे चोट लग गई थी। इसलिए, खुद को साबित करने का यह मेरे लिए सबसे अच्छा मौका था। तैयारी के रूटीन में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ; हमने उन्हीं तरीकों को अपनाया जिनका इस्तेमाल हम पहले से करते आ रहे थे।
यह राइफल या पिस्टल का कोई बहुचर्चित इवेंट नहीं था, लेकिन शॉटगन के निशाने ने एशियन गेम्स 2026 में भारत का 10 दिनों से चला आ रहा लंबा इंतज़ार खत्म कर दिया। भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात 26 वर्षीय शूटर नीरू ढांडा ने मंगलवार को आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में इतिहास रचते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में न केवल पहला स्थान हासिल किया, बल्कि एक नया एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में यह एशियन गेम्स के इतिहास का भारत का पहला स्वर्ण पदक है। एशियन गेम्स, 29 सितंबर के अपडेट इंतज़ार काफी मुश्किल भरा था, लेकिन गोल्ड मेडल शानदार अंदाज़ में मिला। मंगलवार को आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में नीरू ने बारिश का सामना करते हुए महिलाओं के ट्रैप फ़ाइनल में अपना दबदबा बनाए रखा। महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप में वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने के कुछ महीनों बाद, उन्होंने एशियन गेम्स में भी पोडियम पर पहला स्थान हासिल किया। यह इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल भी था। नीरू ने 30 में से 28 शॉट सही लगाए और पिछले एशियन रिकॉर्ड को चार शॉट से बेहतर किया। चीन की सुन युनोंग ने 30 में से 26 शॉट के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि कुवैत की हजर अब्दुलमलिक ने 25 में से 21 शॉट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। फ़ाइनल सीरीज़ में जाने से पहले नीरू के पास दो पॉइंट की अच्छी बढ़त थी। लेकिन बड़े कॉम्पिटिशन में अक्सर भारतीय शूटर्स पर दबाव का अजीब असर देखा गया है। हालांकि, नीरू पूरी तरह शांत और एकाग्र थीं। ज़ोरदार बारिश हो रही थी, लेकिन उनकी नज़रें टारगेट पर टिकी थीं। जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तब उन्होंने पांच शॉट की एक परफेक्ट सीरीज़ लगाई और सुन युनोंग को पीछे रखा। नीरू से सिर्फ़ दो शॉट चूके - एक सीरीज़ 2 में और एक सीरीज़ 5 में। कज़िन लक्ष्य से प्रेरणा नीरू ढांडा ऐसी नहीं थीं जिन्होंने बचपन से ही शूटर बनने का सपना देखा हो। उन्हें इस खेल के बारे में अपने कज़िन लक्ष्य श्योराण से पता चला, जिन्होंने 2018 एशियन गेम्स में ट्रैप में सिल्वर मेडल जीता था। उन्हें मुक़ाबला करते हुए देखकर नीरू में दिलचस्पी जगी, और जो शुरुआत में सिर्फ़ उत्सुकता थी, वह जल्द ही एक गंभीर जुनून में बदल गई। परिवार का साथ सिर्फ़ प्रेरणा देने तक ही सीमित नहीं था। लक्ष्य ने शुरुआती दिनों में नीरू की मदद की; नीरू ने पहले उनके साथ ट्रेनिंग की और उनकी दी हुई बंदूक का इस्तेमाल किया। उससे पहले, उन्होंने अपने परिवार की डबल-बैरल बंदूक से प्रैक्टिस की थी, जिसमें वे टिन के डिब्बों पर निशाना लगाती थीं और उनके पिता उन्हें बंदूक के झटके (रिकॉइल) को संभालने में मदद करते थे। आखिरकार, 2019 में वे मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी में शामिल हुईं और उस सफ़र की शुरुआत की जो उन्हें इंटरनेशनल लेवल तक ले गया। हरियाणा के जींद की रहने वाली नीरू ने तब से खुद को भारत की बेहतरीन ट्रैप शूटर्स में से एक के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने 2022 में ओसिजेक में वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू किया और 2025 में अपना पहला एशियन चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीता। 2026 में, वे इटली के लोनाटो में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में व्यक्तिगत ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वे मिलिट्री पुलिस कोर में नायब सूबेदार भी हैं और मध्य प्रदेश के महू में आर्मी मार्कsmanship यूनिट में ट्रेनिंग करती हैं। इस तरह उनका सफ़र जींद से मध्य प्रदेश तक, और परिवार की बंदूक से टिन के डिब्बों पर निशाना लगाने से लेकर इस खेल के सबसे बड़े मंचों तक पहुँचा है।
Asian Games 2026: Neeru Dhanda ने जीता पहला व्यक्तिगत Gold, Trap Shooting में रचा इतिहास
नीरू ढांडा ने एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने क्वालीफाइंग चरण और फाइनल दोनों में बढ़त बनाए रखते हुए महिला ट्रैप स्पर्धा में चीन की सुन युनोंग और कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक को हराकर पहला स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि लगातार बारिश के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, लेकिन ढांडा ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 26 अंक बनाकर खिताब अपने नाम किया। चीन की सुन और कुवैत की हाजर दोनों ने 21 अंक बनाए, जबकि कतर के रे बासिल 16 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में ढांडा ने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की और शुरुआती सीरीज में सभी पांच निशाने भेद दिए। दूसरे राउंड में उनका एक निशाना चूक गया, लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी लय वापस पा ली। तीसरी सीरीज में सभी निशाने भेदने के बाद वह फिर से शीर्ष पर पहुंच गईं और अगले चरण में भी अपनी स्थिति बनाए रखी। चार सीरीज़ के बाद, धंधा ने 20 शॉट्स में 19 हिट्स किए थे। 25 शॉट्स के बाद वह सन से 23-21 से आगे थीं, जबकि हज़र भी एलिमिनेट होने से पहले 21 पर थीं। इसके बाद धंधा ने फ़ाइनल स्टेज को सफलतापूर्वक पार करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इस जीत ने भारतीय शूटर के लिए पहले से ही सफल रहे साल में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ दी है। ढांडा ने जुलाई में इटली के लोनाटो में महिलाओं की ट्रैप प्रतियोगिता में अपना पहला ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में आने से पहले उन्होंने एशियन चैंपियनशिप का खिताब भी जीता था। इंडियन आर्मी मार्कसमैनशिप यूनिट की सदस्य और नायब सूबेदार ढांडा ने मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप टीम इवेंट में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने में भी योगदान दिया था। उन्होंने, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने कुल 328 अंक हासिल किए; वे 346 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले चीन से पीछे और 325 अंकों के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले कुवैत से आगे रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games India Win Gold Medal | महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम पंच, भारत ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में पछाड़कर जीता तीसरा गोल्ड मेडल टीम प्रतियोगिता में ढांडा ने भारत का सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाया और 125 में से 118 टारगेट पर निशाना साधा। उनकी इस व्यक्तिगत सफलता से भारत के कुल मेडल की संख्या 47 हो गई, जिसमें पांच गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इस नतीजे से भारतीय शॉटगन शूटिंग में भी एक बड़ी कामयाबी जुड़ी है; इस खेल में भारत के राइफल और पिस्टल खिलाड़ियों की तुलना में बड़े इवेंट्स में ऐतिहासिक रूप से कम मेडल जीते गए हैं।
Asian Games 2026: भारत को एशियन गेम्स में 5वां गोल्ड, नीरू ने ट्रैप शूटिंग में दिलाया
26 वर्षीय नीरू ने फाइनल की शुरुआत से ही सटीक निशाने लगाए। अंतिम परिणाम में उनके 28 सफल शॉट रहे, जो उन्हें गोल्ड दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुए। सुन यूनोंग ने 26 और हाजर अब्दुलमलिक ने 21 अंक हासिल किए।
भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन एशियन गेम्स में मंगलवार को भी जारी है। परवीन, अंकुश ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। अब ये स्वर्ण पदक हासिल करने से एक कदम दूर हैं।
भारतीय निशानेबाजी के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। स्टार शूटर नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में पहला स्थान हासिल किया और एशियन गेम्स 2026 में भारत की झोली में पांचवां गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) डाल दिया। नीरू एशियन गेम्स के इतिहास में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुछ ही घंटे पहले उन्होंने टीम इवेंट में मनीषा कीर और आशीमा अहलावत के साथ मिलकर भारत के लिए सिल्वर मेडल (रजत पदक) भी जीता था। 48 साल बाद ट्रैप शूटिंग में आया व्यक्तिगत गोल्ड एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप शूटिंग के व्यक्तिगत वर्ग में भारत को 48 साल बाद यह स्वर्णिम सफलता मिली है। इससे पहले 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में रणधीर सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के पूर्व अध्यक्ष रणधीर सिंह का इस साल के शुरू में निधन हो गया था। इसके अलावा, रोंजन सोढ़ी ने 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में पुरुषों के डबल ट्रैप व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड हासिल किया था। हालांकि, एशियन गेम्स के इतिहास में आज तक किसी भी भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट शूटर ने व्यक्तिगत मेडल नहीं जीता था, जिसे नीरू ढांडा ने अपने निशाने से बदलकर एक नया इतिहास रच दिया। क्वालिफिकेशन में एशियन गेम्स का रिकॉर्ड हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली नीरू ढांडा ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी अपने दबदबे का परिचय दिया। उन्होंने कतर की रे बासिल के साथ 118 अंकों का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया और संयुक्त लीडर के रूप में फाइनल में प्रवेश किया। 118 अंकों का यह स्कोर एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड का नया रिकॉर्ड भी बन गया। फाइनल मुकाबले में भी नीरू ने अपनी एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी को बरकरार रखते हुए विरोधियों को पछाड़कर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। 2026 में नीरू ढांडा का स्वर्णिम सफर हरियाणा की यह होनहार शूटर इस पूरे साल जबरदस्त फॉर्म में रही हैं। एशियन गेम्स से पहले, जुलाई में नीरू ने इटली में आयोजित शॉटगन वर्ल्ड कप के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उस समय भी वे वर्ल्ड कप के इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। एशियन गेम्स 2026 में एक ही दिन में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर उन्होंने भारतीय खेल जगत में अपनी एक खास पहचान बना ली है।
शपथ भारद्वाज पुरुषों के ट्रैप इंडिविजुअल फाइनल में पहुंचे: एशियन गेम्स
नागोया, ट्रैप शूटर शपथ भारद्वाज ने 117 पॉइंट्स के साथ क्वालीफिकेशन में आठवें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों के ट्रैप शूटिंग इंडिविजुअल में फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में लहराया परचम, इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में जीता गोल्ड मेडल
ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने इतिहास रच दिया है। एशियन गेम्स 2026 में भारत को उन्होंने गोल्ड मेडल दिलाया है। वुमेंस ट्रैप इंडिविजुअल फाइनल में उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया और देश को इन खेलों का पांचवां गोल्ड मेडल दिलाया।
Deepak Chahar: आगरा के ग्राउंड से चोरी हुए 1.5 लाख रुपये के तीन बैट, क्रिकेटर ने चोर से की अपील
Deepak Chahar: आगरा के ग्राउंड से चोरी हुए 1.5 लाख रुपये के तीन बैट, क्रिकेटर ने चोर से की अपील
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाली नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर को बधाई दी है।
Asian Games में महिला Trap Team ने जीता रजत पदक, नीरू ने बनाया रिकॉर्ड
भारतीय महिला निशानेबाजों ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि पुरुष टीम को निराशाजनक छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। नीरू धांडा (118), आशिमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष पर रही। चीन की टीम में लियू शानशान, सुन युनोंग और झू जिंग्यू शामिल थीं। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हजर और अलहवाल सारा की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा के आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से 118 अंक हासिल किए, जो एशियाई खेलों में क्वालीफिकेशन का नया रिकॉर्ड है। व्यक्तिगत स्पर्धा में आशिमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं। भारतीय पुरुष ट्रैप टीम 10 टीमों के बीच निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रही। शपथ भारद्वाज हालांकि आठवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय तिकड़ी ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।
एशियाई खेलों में Bronze Medal जीतने के बाद बोले Rohit Yadav, अब दबाव मुक्त होकर खेलूंगा
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 29 सितंबर एशियाई खेलों में भाला फेंक का कांस्य पदक जीतकर रोहित यादव ने वर्षों से झेल रहे दबाव से राहत महसूस करते हुए कहा कि वह अब बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकेंगे। पच्चीस वर्षीय रोहित ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार रुमेश पाथिरागे ने 88.55 मीटर के प्रयास से स्वर्ण, जबकि भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। रोहित ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैंने इससे पहले किसी बड़ी चैंपियनशिप में पदक नहीं जीता था। किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह मेरा पहला पदक है। मैं बहुत खुश हूं। आखिरकार मेरा खाता खुल गया।’’रोहित ने कहा, ‘‘मैं ऐसे परिवार से आता हूं, जहां खेलों का माहौल नहीं है। इसलिए घर में लोग कहते थे, ‘तुम इतने साल से इतनी मेहनत कर रहे हो, लेकिन कोई पदक नहीं जीत पाए। आखिर तुम्हारे पास है क्या।’’उन्होंने कहा, ‘‘परिवार और दोस्तों की ओर से मुझ पर जो दबाव था, वह इस पदक के बाद अब खत्म हो गया है। मैं कई वर्षों से बहुत दबाव में था। मुझे नहीं पता कि बड़े पदक जीतने से मैं बार-बार क्यों चूक जाता था। लेकिन एशियाई खेलों के इस पदक के बाद अब मैं बिना किसी दबाव के खेलूंगा। मैं खुलकर प्रतिस्पर्धा करूंगा।’’रोहित का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.68 मीटर है। जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 87.05 मीटर के शानदार प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी लगातार बड़े प्रयास नहीं कर पाने पर उन्होंने निराशा जताई थी। यही कमी उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक से दूर करती रही थी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह 81.56 मीटर के साधारण प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए विश्व एथलेटिक्स ‘सिल्वर लेवल कॉन्टिनेंटल टूर’ प्रतियोगिता में 87.68 मीटर के प्रयास से खिताब जीता। रोहित ने कहा, ‘‘‘यह विश्वस्तरीय खिलाड़ियों वाला मुकाबला था। लेकिन भारत में अपनी पिछली प्रतियोगिता में मैंने 87.68 मीटर भाला फेंका था, जो विश्वस्तरीय प्रयास था। मैं ठीक हूं और पदक जीतने से खुश हूं, लेकिन बहुत संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सका। मेरा प्रयास उस स्तर का नहीं था, जिसकी मुझे उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल मेरा लक्ष्य 88, 89 और 90 मीटर से अधिक की दूरी हासिल करना है। मैं अगले साल डायमंड लीग, एशियाई चैंपियनशिप और चीन में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। इस साल का प्रदर्शन ठीक रहा। मैंने दो बार 87 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका।’’रोहित ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि भविष्य में मैं पदक का रंग बदल पाऊंगा।’’बारिश के कारण मैदान पर फिसलन के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थी और इसी वजह से भाले को सही तरीके से रिलीज नहीं कर पा रहा था। लेकिन परिस्थितियां सभी खिलाड़ियों के लिए समान थीं, इसलिए मैं इसे बहाना नहीं बनाऊंगा।’’रोहित ने इस पदक को अपने पिता को समर्पित करते हुए कहा, ‘‘‘मैं यह पदक अपने पिता को समर्पित करता हूं। मेरे पिता ने बहुत संघर्ष देखा है। यहां आने के बाद मैंने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह खेलना पसंद है, उसी तरह खेलो। मैंने उनसे कहा था कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं बड़ा प्रयास नहीं कर सका, लेकिन अब मैं उन्हें बताऊंगा कि मैंने पदक जीत लिया है। वह बहुत खुश होंगे।
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट सेमीफाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से और पाकिस्तान का मुकाबला बांग्लादेश से होगा। चारों क्वार्टर फाइनल मैच बारिश के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गए। इसके बाद बेहतर ICC टी-20 रैंकिंग के आधार पर भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। श्रीलंका-नेपाल मैच में टॉस भी नहीं हुआ निशिन में मंगलवार को श्रीलंका और नेपाल के बीच क्वार्टर फाइनल होना था। मैच स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन कई घंटे पहले ही बारिश शुरू हो गई। बारिश रुकने के आसार नहीं दिखे। मैच को टॉस से पहले ही रद्द कर दिया गया। श्रीलंका को उसकी बेहतर सीडिंग का फायदा मिला। श्रीलंका, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश टूर्नामेंट की चार टॉप सीडेड टीमें हैं। इनकी सीडिंग ICC टी-20 रैंकिंग के आधार पर तय हुई थी। बांग्लादेश-मलेशिया मैच भी रद्द मंगलवार को ही बांग्लादेश और मलेशिया के बीच चौथा क्वार्टर फाइनल भी बारिश में धुल गया। यह मैच टॉस के तय समय से करीब दो घंटे पहले ही रद्द कर दिया गया। दोनों टीमों को वेन्यू पर नहीं आने के लिए कहा गया था। बेहतर सीडिंग के कारण बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। अब उसका सामना पाकिस्तान से होगा। सोमवार को भारत और पाकिस्तान के मैच भी धुले सोमवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल भी बारिश के कारण नहीं हो सका था। भारत को बेहतर सीडिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिली। इसी तरह पाकिस्तान और हॉन्गकॉन्ग का क्वार्टर फाइनल भी बारिश के कारण रद्द हुआ था। पाकिस्तान ने बेहतर सीडिंग के कारण अंतिम-4 में जगह बनाई। श्रीलंका के पास भारत को रोकने का मौका श्रीलंका 2022 के एशियन गेम्स में क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गया था। उसे अफगानिस्तान ने हराया था। इस बार बारिश के कारण बिना खेले सेमीफाइनल में पहुंची श्रीलंकाई टीम के सामने भारत की चुनौती होगी। भारत के खिलाफ सेमीफाइनल भी बारिश में धुला तो बेहतर सीडिंग के कारण भारत फाइनल में पहुंच जाएगा। बांग्लादेश का पिछला रिकॉर्ड 2023 के एशियन गेम्स में बांग्लादेश सेमीफाइनल में भारत से हार गया था। इसके बाद उसने ब्रॉन्ज मेडल मैच में पाकिस्तान को हराकर कांस्य जीता था। बांग्लादेश ने 2014 में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन 2010 में आया था, जब उसने अफगानिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। भारत की नजर लगातार दूसरे गोल्ड पर भारतीय पुरुष टीम एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से उतरी है। भारत ने 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। उस समय अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। बेहतर रैंकिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था। विमेंस टीम पहले ही जीत चुकी गोल्ड भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराया। भारत ने 216/3 का स्कोर बनाया था। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 69 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड जीता। अब पुरुष टीम की नजर भी लगातार दूसरे गोल्ड मेडल पर है। ---------------------------------------------------------- भारत-पाकिस्तान में एशियन गेम्स का फाइनल संभव:दोनों टीमें मेंस क्रिकेट के सेमीफाइनल में पहुंची; बारिश के कारण दोनों के मैच रद्द एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो सकता है। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने नहीं होंगे। पूरी खबर
नागोया, 29 सितंबर (आईएएनएस)। नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय तिकड़ी ने मंगलवार को महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, जिससे शूटिंग में देश के मेडलों की संख्या 13 हो गई।
Asian Games में Rumesh Pathirage ने जीता स्वर्ण, Neeraj Chopra की गैरमौजूदगी पर जताया दुख
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 29 सितंबर श्रीलंका के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पाथिरागे ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर होने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि उन्हें इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में उनकी कमी खली। चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा पिछले महीने अभ्यास के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण इस बार मैदान पर नहीं उतर सके। इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंक चुके पाथिरागे ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 88.55 मीटर के प्रयास के साथ पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी अपने छठे और अंतिम प्रयास में हासिल की। चोटिल चोपड़ा की जगह भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। भारत के ही रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पाथिरागे ने सोमवार को स्पर्धा के बाद पीटीआई से बातचीत में चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘‘हां, लुसाने डायमंड लीग के बाद उनके टखने में थोड़ी चोट लगी थी। यह उनका दुर्भाग्य है।’’इस 23 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं कभी-कभी उनसे (चोपड़ा से) बात करता हूं।’’पिछले साल जुलाई में बेंगलुरु में आयोजित पहली एनसी (नीरज चोपड़ा) क्लासिक भाला फेंक प्रतियोगिता के लिए चोपड़ा ने पाथिरागे को आमंत्रित किया था। इस प्रतियोगिता के मेजबान चोपड़ा ने 86.18 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया था, जबकि पाथिरागे 84.34 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। इस साल हालांकि तस्वीर बदल गई। पाथिरागे ने उन तीनों प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की, जिनमें चोपड़ा ने हिस्सा लिया था। उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग जीती, जिसमें चोपड़ा चौथे स्थान पर रहे थे। इसके बाद पाथिरागे ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता, जबकि चोपड़ा ने रजत पदक हासिल किया। अगस्त में लुसाने डायमंड लीग में भी पाथिरागे ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि चोपड़ा एक बार फिर दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में तीनों पदक दक्षिण एशियाई खिलाड़ियों के नाम रहे। पाथिरागे ने यशवीर और रोहित की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘यशवीर और रोहित बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। उनका औसत प्रदर्शन 85 मीटर के आसपास रहा है। मुझे लगता है कि अगले साल यशवीर और रोहित भारत के लिए बड़े प्रयास कर सकते हैं।’’पाथिरागे ने इस साल जिन 14 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, उनमें से 13 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एक प्रतियोगिता में वह दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने चार डायमंड लीग मुकाबलों के अलावा डायमंड लीग फाइनल, विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के खिताब भी जीते हैं। इस साल तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंकने और लगातार खिताब जीतने के पीछे के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘‘कोई रहस्य नहीं है, हर साल की तरह सामान्य प्रशिक्षण ही करता हूं।’’एशियाई खेलों की भाला फेंक स्पर्धा के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के कारण परिस्थितियां अच्छी नहीं थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाले पर सही पकड़ नहीं बना पा रहा था। मैं खेलों का रिकॉर्ड और एशियाई रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था, लेकिन 90 मीटर जैसे बड़े प्रयास नहीं कर सका।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हालांकि एशियाई खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला श्रीलंकाई खिलाड़ी बनकर खुश हूं।’’भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर पाथिरागे ने कहा, ‘‘मेरा अगला लक्ष्य अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप और फिर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक है।
17 साल के खिलाड़ी ने यूथ टेस्ट में रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया U19 के खिलाफ लगाया दोहरा शतक
राजकोट में भारत अंडर-19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने दोहरा शतक लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
निशिन, 29 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 के सभी चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से धुल गए। इस वजह से भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान ने बेहतर रैंक के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
भारत के युवा तीरंदाज नीरज चौहान ने शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया के दिग्गज तीरंदाज किम जे देओक को हराकर बाहर का रास्ता दिखाया। किम जे देओक कई बार के ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: आज भारत का सिल्वर से खुला खाता, 50वें मेडल से कितने दूर?
Asian Games 2026 Day 11 India Medals Tally LIVE: आज एशियन गेम्स 2026 में भारत की कई मेडल पर नजर है। मंगलवार को एक मेडल हाथ लग चुका है। भारत पदक तालिका में फिलहाल 12वें पायदान पर है।
रजत पदक जीतने पर गर्व महसूस करते हुए मीराबाई चानू ने कहा-मुझे बहुत ज्यादा खुशी हो रही है। कई वर्षों से मुझे इसी दिन का इंतजार था... यह मेडल जीतना हमारा एक बड़ा सपना था और यह मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था। मेरे लिए यह बहुत संतोष और गौरव की बात है कि मैंने अपने देश भारत के लिए और भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए कुछ कर दिखाया है।
भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा महिला ग्रैंडमास्टर
इंग्लैंड की महिला टीम के लिए टॉप बोर्ड पर खेलते हुए बोधना ने टीम की अगुवाई की। उन्होंने छह गेम जीते और 8.0/11 का स्कोर हासिल किया, जिससे इंग्लैंड महिला वर्ग में 15वें स्थान पर रहा। बोधना बोर्ड 1 पर टूर्नामेंट की 13वीं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहीं।
Asian Games Squash: भारतीय महिला टीम ने Iran को 3-0 से रौंदकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने एशियाई खेलों में मंगलवार को ग्रुप चरण के अपने आखिरी मुकाबले में ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पहले एकल मैच में प्रतिद्वंद्वी के बीच में ही हटने के कारण तन्वी खन्ना को विजेता घोषित किया गया। तन्वी के खिलाफ नरगिस सोल्तानी 5-11, 0-3 से पीछे चल रही थीं, तभी उन्होंने मुकाबले से हटने का फैसला किया। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकीं अनाहत सिंह ने फेरेश्तेह इघतेदारी को 3-0 से हराकर भारत को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। अनाहत ने मुकाबला 11-5, 11-4, 11-7 से अपने नाम किया। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने तीसरे एकल मुकाबले में नजमेह बौशेहरिजादेह को 3-0 (1-1, 11-3, 11-9) से मात देकर भारत की 3-0 की जीत पूरी की। भारत ने पूल सी में अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में चीन और जापान को भी हराया था। इस तरह भारतीय टीम ग्रुप तालिका में शीर्ष पर रही। क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना बुधवार को सिंगापुर से होगा।
कॉन्काकैफ नेशंस लीग के एक मुकाबले में अजीब घटना देखने को मिली। एंग्विला के फॉरवर्ड ईडन सिपिओ के करीब 1.5 मीटर लंबे बाल खींचने पर एंटीगुआ एंड बारबुडा के दो खिलाड़ियों को सीधे रेड कार्ड दिखाया गया। दोनों घटनाएं अलग-अलग समय पर हुईं। एंटीगुआ एंड बारबुडा ने इसके बावजूद मैच 5-0 से जीता। 69वें मिनट में मैदान पर आए सिपिओ सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में खेले गए मैच में सिपिओ 69वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए। उस समय एंग्विला 0-5 से पीछे थी। सिपिओ अपने लंबे बाल के लिए पहचाने जाते हैं। खुले रखने पर उनके बाल टखनों तक पहुंचते हैं। बांधने पर इन्हें कमर के चारों ओर लपेटना पड़ता है। मैच के 71वें मिनट में सिपिओ अपने डिफेंस एरिया में गेंद लेकर थे। तभी एंटीगुआ एंड बारबुडा के मिडफील्डर कियोन ग्रीन ने पीछे से उनके बाल पकड़कर खींच दिए। सिपिओ ने इसका विरोध किया। रेफरी ने ग्रीन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। स्टॉपेज टाइम में फिर बाल खींचे मैच के स्टॉपेज टाइम में ऐसी ही घटना दोबारा हुई। इस बार एंटीगुआ एंड बारबुडा के शालोन नाइट ने सिपिओ के बालों का एक हिस्सा पकड़ लिया। बाल खिंचने के बाद सिपिओ मैदान पर गिर गए। रेफरी ने नाइट को भी सीधे रेड कार्ड दिखाया। इसके बाद एंटीगुआ एंड बारबुडा को मैच के आखिरी पलों में 9 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बाल खींचने पर रेड कार्ड क्यों? फुटबॉल के नियमों के तहत जानबूझकर किसी खिलाड़ी के खिलाफ हिंसक आचरण करना रेड कार्ड का कारण बन सकता है। बाल खींचना भी परिस्थितियों और इस्तेमाल की गई ताकत के आधार पर इसी श्रेणी में आ सकता है। एंटीगुआ ने 9 खिलाड़ियों के साथ भी मैच जीता दो खिलाड़ियों के रेड कार्ड के बावजूद एंटीगुआ एंड बारबुडा ने मैच 5-0 से जीता। टीम ने सिपिओ के मैदान पर आने से पहले ही पांच गोल की बढ़त बना ली थी। कियोन ग्रीन और शालोन नाइट को रेड कार्ड मिलने के कारण अगले मैच में निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। ------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… FIDE अवॉर्ड्स - दिव्या देशमुख बनीं बेस्ट फीमेल चेस प्लेयर:भारत की ओपन-विमेंस टीम बेस्ट टीम चुनी गई; लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी जीती भारतीय चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में बेस्ट चेस प्लेयर (फीमेल) चुना गया है। पिछले एक साल में विमेंस वर्ल्ड कप में उनके खिताबी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मिला। उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को बेस्ट चेस प्लेयर (मेल) चुना गया। पूरी खबर
Virat Kohli ने 15,000 ODI रन के बाद कहा: टीम की जीत प्राथमिकता, रिकॉर्ड नहीं
(तस्वीरों के साथ)तिरूवनंतपुरम, 29 सितंबर एकदिवसीय क्रिकेट में हाल ही में 15,000 रन पूरे करने वाले दिग्गज विराट कोहली ने कहा कि इस प्रारूप में उनकी लंबे समय तक कायम सफलता का आधार व्यक्तिगत रिकॉर्ड हासिल करने की बजाय भारत को जीत दिलाने की कोशिश रही है। कोहली महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला के पहले मुकाबले में रिकॉर्ड 55वां वनडे शतक जड़कर भारत को जीत दिलाई। कोहली ने ‘बीसीसीआई टीवी’ से कहा, ‘‘निश्चित तौर पर आंकड़ों के नजरिये से देखें तो यह बड़ा आंकड़ा है। लेकिन लक्ष्य हमेशा सरल रहा है। यह अलग-अलग और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने की कोशिश करना। मैंने वर्षों से यही करने की कोशिश की है।’’सैतीस वर्षीय कोहली ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मुख्य रूप से आंकड़ों के पीछे भागता है तो लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर खेलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “आप इतने लंबे समय तक तभी खेल सकते हैं जब आपका लक्ष्य टीम को जीत दिलाना हो। केवल आंकड़ों के लिए इतने लंबे समय तक नहीं खेला जा सकता। अगर आपको सिर्फ आंकड़े हासिल करने हैं तो आप मुख्य लक्ष्य से समझौता करेंगे और इस तरह लंबे समय तक नहीं खेल सकते। इसलिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि इतने लंबे समय तक इस स्थिति में रहा और एक और जीत के साथ इतना बड़ा आंकड़ा हासिल करना मेरे लिए बेहद खास है।”बचपन से ही कोहली को अपना आदर्श मानने वाले भारतीय कप्तान शुभमन गिल पूर्व कप्तान के साथ 15,000 वनडे रन पूरे करने का ऐतिहासिक पल साझा करके बेहद खुश हैं। गिल ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। बचपन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि विराट भाई के साथ उस समय मैदान पर रहूंगा, जब वह वनडे में 15,000 रन पूरे करेंगे। उन्हें देखते हुए, उन्हें अपना आदर्श मानते हुए यह समझने की कोशिश की कि उन्हें इतना खास क्या बनाता है और फिर उनके साथ मैदान पर रहकर ऐसे पल साझा करना शानदार है। अब तक का सफर बहुत अच्छा रहा है और उम्मीद है कि आगे इससे भी बेहतर यादें बनेंगी।”गिल ने कहा कि मौजूदा फॉर्म में कोहली का आत्मविश्वास और सहजता मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा, “हम सभी देख सकते हैं कि विराट भाई इस समय अपनी बल्लेबाजी का कितना आनंद ले रहे हैं। मैदान पर हों या बाहर, उनकी बल्लेबाजी में जो सहजता और आत्मविश्वास दिख रहा है, वह मैदान के बाहर भी नजर आता है।”कोहली ने कहा कि गिल के साथ बल्लेबाजी करते समय ज्यादा बातचीत की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि भारतीय कप्तान अपने खेल को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, “जब आप ऐसे खिलाड़ी के साथ बल्लेबाजी करते हैं तो बल्लेबाजी को लेकर ज्यादा बात नहीं होती। हम दूसरी चीजों पर बात करते हैं, क्योंकि उसे पता है कि उसे क्या करना है और मुझे पता है कि मुझे क्या करना है।”उन्होंने कहा कि अनुभव के आधार पर कभी-कभी वह गिल को कुछ सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन दोनों के बीच मैदान पर ज्यादा संवाद क्षेत्ररक्षण के दौरान होता है। कोहली ने कहा, “कभी अनुभव के आधार पर और कभी कुछ खास परिस्थितियों में, अगर वह कोई शॉट खेलने की कोशिश कर रहा हो तो मैं कह सकता हूं कि शायद यह नहीं, बल्कि यह बेहतर रहेगा। लेकिन मैदान पर क्षेत्ररक्षण के दौरान हमारे बीच ज्यादा बातचीत होती है और हम एक-दूसरे के विचारों पर चर्चा करते हैं, क्योंकि कप्तान के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा होता है। उनके साथ बल्लेबाजी करते समय हालांकि ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उन्हें पता है कि क्या करना है और उनमें शानदार कौशल है।”कोहली ने इस दौरान गिल के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपे जाने के पीछे ठोस वजह है। उन्होंने कहा, “एक कारण है कि वह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके पास खेल को उस नजरिये से देखने की क्षमता है, जिससे वह टीम को जीत दिला सकते हैं।”कोहली ने दबाव वाली परिस्थितियों में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब से वह टीम में आए हैं, मैं उन्हें जानता हूं। उनके साथ मेरा रिश्ता हमेशा खुला और हंसी-मजाक से भरा रहा है। अब वह नेतृत्व की भूमिका में हैं। मैं लंबे समय तक उस भूमिका में रहा हूं और अब मैं एक वरिष्ठ खिलाड़ी हूं।”उन्होंने कहा, ‘‘जब टीम के अनुभवी खिलाड़ी या कप्तान के चेरहे पर मुस्कानी रहती है और वे हंसी-मजाक करने के साथ माहौल को हल्का रखते हैं तो बाकी खिलाड़ियों को भी लगता है कि सब ठीक है। बड़े दबाव वाले मुकाबले में भी अगर सभी हंस रहे हों तो इससे बाकी खिलाड़ी सहज हो जाते हैं। हम उन्हें दिखाते हैं कि दबाव लेने की जरूरत नहीं है। हम मुस्कुरा सकते हैं, हंसी-मजाक कर सकते हैं, लेकिन मैदान पर पेशेवर रवैया बनाए रखना है।
Asian Games 2026 Live Update: महिला ट्रैप टीम इवेंट में भारत ने जीता सिल्वर, चीन ने हासिल किया गोल्ड
Asian Games 2026 Live Update: महिला ट्रैप टीम इवेंट में भारत ने जीता सिल्वर, चीन ने हासिल किया गोल्ड
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान ने एशियाई खेलों में मंगलवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। प्री-क्वार्टर फाइनल में नीरज ने दक्षिण कोरिया के 22 वर्षीय किम जे डिओक को 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। किम तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। नीरज ने मुकाबला 30-28, 29-29, 29-30, 29-29, 29-27 के स्कोर से अपने नाम किया। धीरज ने चीनी ताइपे के चेंग ह्सियांग-हुई को 6-2 से मात दी। धीरज ने 29-27, 27-28, 30-28, 29-28 के स्कोर से जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में धीरज का सामना उज्बेकिस्तान के अमिरखोन सादिकोव से होगा, जबकि नीरज चौहान भूटान के लाम दोरजी के खिलाफ उतरेंगे। इससे पहले धीरज ने अंतिम 32 में फिलीपींस के गिरविन कलन निगेल गार्सिया को 6-0 से हराया था। नीरज ने इंडोनेशिया के रियाउ ईगा अगाता सालसाबिला को 6-4 से मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज नाथन एलिस साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे से बाहर हो गए हैं। उन्हें लेफ्ट साइड स्ट्रेन हुआ है। वे आगे की जांच और रिहैब के लिए ऑस्ट्रेलिया लौटेंगे। बाएं हाथ के स्पिनर जोएल डेविस भी दौरा बीच में छोड़ेंगे। उन्हें दूसरे वनडे में सब्सटीट्यूट फील्डिंग के दौरान राइट हैमस्ट्रिंग चोट लगी। साउथ अफ्रीका सीरीज में 2-0 से आगे है। दूसरे वनडे में 4 ओवर ही कर सके एलिस जोहान्सबर्ग में रविवार को खेले गए दूसरे वनडे में एलिस ने सिर्फ 4 ओवर गेंदबाजी की। इसके बाद उन्हें साइड में दर्द हुआ। वे अपना स्पेल पूरा नहीं कर सके। एलिस की चोट से ऑस्ट्रेलिया को बड़ा नुकसान हुआ। साउथ अफ्रीका ने 365/9 का स्कोर बनाया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया 333 रन पर ऑलआउट हो गया। साउथ अफ्रीका ने 32 रन से मैच जीता और सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। इस साल वनडे में एलिस के 22 विकेट एलिस इस दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाजों में रहे हैं। उन्होंने इस साल वनडे में 22 विकेट लिए हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, इस साल वनडे में उनसे ज्यादा विकेट सिर्फ दो गेंदबाजों ने लिए हैं। अब एलिस के पास अगले अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले छह सप्ताह से ज्यादा का समय है। ऑस्ट्रेलिया की अगली व्हाइट-बॉल सीरीज नवंबर में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर होगी। तीसरे वनडे में कमिंस की वापसी संभव सीरीज का तीसरा वनडे 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेला जाएगा। शुरुआती दो मैच नहीं खेलने वाले कप्तान पैट कमिंस की वापसी हो सकती है। दूसरे वनडे में आराम करने वाले मिचेल स्टार्क भी लौट सकते हैं। वहीं, पहले दोनों वनडे खेलने वाले जोश हेजलवुड को आराम दिया जा सकता है। जेवियर बार्टलेट के टीम में बने रहने की संभावना है। डेविस को दौरे पर मैच खेलने का मौका नहीं मिला जोएल डेविस को ऑस्ट्रेलिया की टीम में दूसरे स्पेशलिस्ट स्पिनर के तौर पर शामिल किया गया था। उन्हें अभी तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। जोहान्सबर्ग वनडे में वे सब्सटीट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान पर उतरे। इसी दौरान उनकी दाईं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया। अब वे ऑस्ट्रेलिया लौटकर रिहैब करेंगे। इसके बाद न्यू साउथ वेल्स के लिए घरेलू क्रिकेट में वापसी करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ी चोटिल ऑस्ट्रेलिया के लिए इस दौरे पर चोटों की समस्या बनी हुई है। तेज गेंदबाज बिली स्टेनलेक जिम्बाब्वे सीरीज के दौरान साइड स्ट्रेन के कारण बाहर हुए थे। विकेटकीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस भी पहले वनडे में उंगली में फ्रैक्चर के कारण बाकी वनडे से बाहर हो चुके हैं। उनकी 9 अक्टूबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में वापसी पर अभी फैसला नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया-ए टीम में भी बदलाव भारत दौरे पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया-ए टीम में भी बदलाव किए गए हैं। ब्रेंडन डॉगेट, फर्गस ओ'नील और कैंपबेल केलावे शेफील्ड शील्ड सीजन के लिए ऑस्ट्रेलिया लौटेंगे। उनकी जगह सैम हार्पर, जाय रिचर्डसन और लियम हैचर पुडुचेरी में मंगलवार से शुरू होने वाले दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के लिए टीम से जुड़ेंगे। तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए रिले मेरेडिथ और विल सदरलैंड को भी ऑस्ट्रेलिया-ए टीम में शामिल किया गया है। वे जैक एडवर्ड्स और एरॉन हार्डी की जगह लेंगे। हार्डी मामूली घुटने की चोट के कारण सीरीज से बाहर हुए हैं। ---------------------------------------------- दौरे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 32 रन से हराया:दूसरे वनडे में मिलर ने 142 रन की पारी खेली, कप्तान बावुमा ने 103 रन बनाए साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे वनडे में 32 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने 3 मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। तीसरा वनडे 30 सितंबर को सेनवेस पार्क में खेला जाएगा। पूरी खबर
ऑस्ट्रेलिया के दो खिलाड़ी हुए सीरीज से बाहर, बोर्ड ने नहीं किया रिप्लेसमेंट का ऐलान
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज नाथन एलिस और स्पिनर जोएल डेविस चोट के कारण साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे मैच से बाहर हो गए हैं। एलिस को साइड स्ट्रेन और डेविस को हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई है।
भारतीय चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में बेस्ट चेस प्लेयर (फीमेल) चुना गया है। पिछले एक साल में विमेंस वर्ल्ड कप में उनके खिताबी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मिला। उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को बेस्ट चेस प्लेयर (मेल) चुना गया। समरकंद में हुए 46वें चेस ओलिंपियाड के बाद हुए FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में भारतीय चेस का दबदबा रहा। ओपन और विमेंस नेशनल टीमों को सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा कंबाइंड पॉइंट्स हासिल करने के लिए बेस्ट टीम चुना गया। वहीं, ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) को बेस्ट फेडरेशन कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला। लगातार तीसरी बार भारत के पास नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी भारत ने लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भारतीय टीम ने 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में हुए चेस ओलिंपियाड में यह ट्रॉफी जीती थी। समरकंद में भारतीय ओपन टीम ने सिल्वर मेडल, जबकि वूमेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में कुल 6 इंडिविजुअल मेडल भी अपने नाम किए। AICF अध्यक्ष बोले- भारत के लिए गर्व का पल AICF अध्यक्ष नितिन नारंग ने भारतीय टीम की उपलब्धि पर कहा, यह भारत और भारतीय चेस के लिए बेहद गर्व का पल है। लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी घर लाना, ओपन सेक्शन में सिल्वर, वूमेंस सेक्शन में ब्रॉन्ज और 6 इंडिविजुअल मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, चेन्नई से बुडापेस्ट और अब समरकंद तक, हमारे खिलाड़ियों ने ग्लोबल स्टेज पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। भारत अब सिर्फ चैंपियंस ही पैदा नहीं कर रहा, बल्कि एक ऐसा चेस इकोसिस्टम तैयार कर रहा है जिसे पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है। खिलाड़ियों के परिवार और सपोर्ट स्टाफ को दिया श्रेय नितिन नारंग ने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार, कैप्टन, कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी दिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी कामयाबी किसी एक व्यक्ति की मेहनत से हासिल नहीं होती। टीम के सपोर्ट स्टाफ ने पर्दे के पीछे रहकर दिन-रात काम किया, जबकि खिलाड़ियों के माता-पिता और परिवार उनकी यात्रा का अहम हिस्सा रहे। अब दो वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजर समरकंद की सफलता के बाद भारतीय चेस के सामने दो बड़े वर्ल्ड चैंपियनशिप मुकाबले हैं। डी गुकेश नवंबर में जिनेवा में अपने वर्ल्ड चैंपियनशिप टाइटल का डिफेंस करेंगे। वहीं, अगले साल की शुरुआत में आर. वैशाली वूमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप के टाइटल मैच में चुनौती पेश करेंगी। नितिन नारंग के मुताबिक, पुरुष और महिला दोनों वर्गों की वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी देश में चेस के बढ़ते स्तर को दिखाती है। ----------------------------------------------- चेस से जुड़ी यह खबार भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड में भारत को डबल मेडल:ओपन कैटेगरी में सिल्वर, महिला टीम ने ब्रॉन्ज जीता; वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश हारे भारत ने समरकंद में हुए 46वें चेस ओलिंपियाड में रविवार को 2 मेडल अपने नाम किए। टीम ने ओपन में सिल्वर मेडल जीता। वहीं महिला टीम ब्रॉन्ज जीतने में सफल रही। पूरी खबर
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स 2026 में 29 सितंबर को भारत के लिए एक और अहम दिन है।
भारत-पाकिस्तान के बीच होगा फाइनल? कहीं बांग्लादेश ना बिगाड़ दे खेल
भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की मेन्स क्रिकेट टीमों को उनकी रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. वहीं जापान, नेपाल, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, मलेशिया और ओमान को ग्रुप स्टेज मुकाबले खेलने पड़े. ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जबकि ग्रुप-बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग अंतिम-8 में पहुंचे.
Asian Games 2026 में आज ऐसा है भारत का शेड्यूल, जानिए कौन कब उतरेगा मैदान में और कब है मेडल मैच?
Asian Games 2026 India Schedule Today: भारत का एशियाई खेलों में आज यानी मंगलवार 29 सितंबर का कार्यक्रम किस प्रकार है? इसके बारे में जान लीजिए। तीरंदाज आज अपना जौहर दिखाते नजर आएंगे।
भारत एशियन गेम्स के 10वें दिन 9 मेडल इवेंट में उतरेगा। शूटिंग में पुरुष और महिला ट्रैप टीम फाइनल होंगे। बॉक्सिंग में परवीन, अंकुश पंघाल और नरेंद्र सेमीफाइनल खेलेंगे। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह और अविनाश साबले 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगे। गुलवीर के पास गेम्स में तीसरा मेडल जीतकर हैट्रिक पूरी करने का मौका है। उन्होंने 10 हजार मीटर और 1500 मीटर रेस में सिल्वर जीता है। सुबह 4:54 बजे शुरू होंगे भारत के मुकाबले दिन की शुरुआत सुबह 4:54 बजे सर्फिंग से होगी। किशोर कुमार अनबरासु पुरुष शॉर्टबोर्ड क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के टोबी एस्पेजोन के खिलाफ उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर उनका सेमीफाइनल 7:47 बजे, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला 9:26 बजे और गोल्ड मेडल मुकाबला 10:35 बजे होगा। आर्चरी में धीरज बोम्मदेवरा से उम्मीद कुराश में विपिन कुमार विपिन कुमार पुरुष 66 किग्रा कुराश में राउंड ऑफ-16 से अभियान शुरू करेंगे। मुकाबला जीतने पर वे 8 बजे क्वार्टर फाइनल, 10:50 बजे सेमीफाइनल और 11:45 बजे फाइनल खेल सकते हैं। कुराश उज्बेकिस्तान का पारंपरिक मार्शल आर्ट का खेल है। सुबह 6:30 बजे शूटिंग में मेडल का मौका ट्रैक साइक्लिंग में भी मेडल रेस सुबह 6:30 बजे स्क्वॉश में ईरान से मुकाबला बॉक्सिंग में परवीन, अंकुश और नरेंद्र के सेमीफाइनल टेनिस में कई मुकाबले सुबह 10 बजे धक्षिणेश्वर सुरेश पुरुष सिंगल्स के सेकंड राउंड में इंडोनेशिया के गुनावान त्रिस्मुवंतारा से खेलेंगे। इसके बाद सुमित नागल दक्षिण कोरिया के हांग सेओंगचान से पुरुष सिंगल्स सेकंड राउंड में भिड़ेंगे। पुरुष डबल्स में युकी भांबरी/धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी कजाकिस्तान की डेनिस येवसेयेव/बेइबिट झुकायेव की जोड़ी से खेलेगी। अनिरुद्ध चंद्रशेखर/एन. श्रीराम बालाजी नेपाल के अभिषेक बस्तोला/प्रदीप खड़का के खिलाफ उतरेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद एन. श्रीराम बालाजी/अंकिता रैना मिक्स्ड डबल्स के पहले राउंड में हांगकांग की कैरन थॉम्पसन/यूडिस चोंग से खेलेंगे। युकी भांबरी/रुतुजा भोसले का मिक्स्ड डबल्स सेकंड राउंड मुकाबला भी होना है, लेकिन उसका समय तय नहीं है।
भारतीय मूल की बोधना शिवानंदन ने इतिहास रचा, 11 साल की उम्र में बनीं सबसे युवा 'महिला ग्रैंडमास्टर'
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना शिवानंदन ने चेस में इतिहास रच दिया है। बोधना ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 46वें चेस ओलंपियाड में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना तीसरा और अंतिम वुमन ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) नॉर्म हासिल किया। इसके साथ बोधना इतिहास में वुमन ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वालीं सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं।
एशियन गेम्स: मेंस जैवलिन थ्रो में भारत का 'डबल धमाल', यशवीर को सिल्वर, रोहित ने जीता ब्रॉन्ज
एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में भारत ने दो मेडल हासिल किए। यशवीर सिंह ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने...
ODI वर्ल्ड कप 2027 को लेकर आई बड़ी खबर, 1 अक्टूबर को केपटाउन में होगा शेड्यूल का ऐलान
2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर क्रिकेट फैंस का इंतजार अब खत्म होने वाला है। ICC और क्रिकेट साउथ अफ्रीका जल्द टूर्नामेंट के पूरे शेड्यूल का ऐलान करेंगे।
Tennis Premier League 2026 के लिए Sania Mirza बनीं राजस्थान रेंजर्स की ब्रांड एंबेसडर
टेनिस की दुनिया में भारत का बड़ा नाम रहीं सानिया मिर्जा अब राजस्थान रेंजर्स के साथ नई भूमिका में नजर आएंगी। 2026 में होने वाली किआ टेनिस प्रीमियर लीग के 8वें संस्करण से पहले रैपल ग्रुप ने राजस्थान रेंजर्स का अधिग्रहण किया है। इसके बाद टीम ने सानिया मिर्जा को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के टेनिस खिलाड़ी रिंकी हिजिकाटा को टीम का अंतरराष्ट्रीय प्रमुख खिलाड़ी बनाया गया है। बता दें कि राजस्थान रेंजर्स ने 2025 में किआ टेनिस प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। अब टीम नए नेतृत्व और नई सोच के साथ अगले सत्र में उतरने की तैयारी कर रही है। रैपल ग्रुप के अधिग्रहण के बाद भारतीय अभिनेता और समूह के प्रबंध निदेशक सलीम दीवान टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ रैपल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. सत्तार दीवान और फिल्म निर्माता तथा राजस्थान रेंजर्स के उपाध्यक्ष जोनू राणा भी टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, राजस्थान रेंजर्स का अधिग्रहण रैपल ग्रुप का खेल क्षेत्र में पहला कदम है। यह समूह अब स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े अपने अनुभव का इस्तेमाल खेल जगत में करना चाहता है। समूह का लक्ष्य उभरते हुए टेनिस खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के ज्यादा मौके देना और उनके लिए बेहतर मंच तैयार करना है। सानिया मिर्जा की नियुक्ति को टीम की नई पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। सानिया भारत की सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में 6 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। वह महिला युगल में विश्व की नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला भी रही हैं। उनके नाम ऑस्ट्रेलियन ओपन, विंबलडन, अमेरिकी ओपन और फ्रेंच ओपन में युगल तथा डबल्स के खिताब दर्ज हैं। अपनी नई जिम्मेदारी पर सानिया मिर्जा ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी टीम से जुड़कर उत्साहित हैं, जो प्रतिभा और नई सोच को महत्व देती है। उनके मुताबिक, सलीम दीवान की सोच भारतीय टेनिस में लंबे समय और निवेश की जरूरत से मेल खाती है। उन्होंने राजस्थान रेंजर्स के इस सीजन में टीम को अपना समर्थन देने की बात कही है। गौरतलब है कि रिंकी हिजिकाटा के जुड़ने से राजस्थान रेंजर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव भी मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के टीम से जुड़ने को नए सीजन की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
Asian Games में पदक विजेताओं को PM Narendra Modi ने सराहा, दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के खिलाड़ियों पारुल चौधरी, यशवीर सिंह, रोहित यादव, पिंकी बलहारा, ईशा सिंह और मुरली श्रीशंकर को बधाई दी और उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मोदी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल को बधाई दी और उनकी सफलता को उदीयमान एथलीटों के लिए प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल चौधरी को हार्दिक बधाई। उनकी सफलता उभरते हुए एथलीटों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं।’’मोदी ने भाला फेंक में यशवीर सिंह और रोहित यादव की शानदार उपलब्धि की भी सराहना की। यशवीर ने 85.72 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि रोहित ने 84.35 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मोदी ने लिखा, ‘‘एशियाई खेलों के पोडियम पर दो भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी। यशवीर सिंह को व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक और रोहित यादव को कांस्य पदक जीतने पर बधाई। दोनों खिलाड़ियों और भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह एक शानदार परिणाम है। उन्हें भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने महिलाओं के 78 किलोग्राम कुराश स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर पिंकी बलहारा को बधाई दी तथा उनकी ‘‘दृढ़ता और संकल्प’’ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों की कुराश प्रतियोगिता में महिलाओं के 78 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने पर पिंकी बलहारा को हार्दिक बधाई। उन्होंने पूरे मुकाबले में जबरदस्त साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। आशा है कि वह आने वाले समय में और भी गौरव हासिल करेंगी।’’महिला 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज ईशा सिंह भी मोदी की प्रशंसा पाने वाली अन्य खिलाड़ी थीं। प्रधानमंत्री ने उनकी सटीकता और संयम की सराहना की। मोदी ने लिखा, ‘‘एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर ईशा सिंह को हार्दिक बधाई। ईशा ने सटीकता और संयम का शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें भविष्य में और भी कई सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।’’मोदी ने श्रीशंकर को भी बधाई दी, जिन्होंने लंबी कूद में 8.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। श्रीशंकर ने हांगझोऊ एशियाई खेलों और इस साल के राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। मोदी ने कहा, ‘‘मुरली श्रीशंकर को एशियाई खेलों में एक और पदक। उनकी छलांग ने उन्हें पुरुषों की लंबी कूद के पोडियम पर जगह दिलाई। उन्हें हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
ICC वनडे वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल एक अक्टूबर को जारी करेगा। यह ऐलान साउथ अफ्रीका के केप टाउन में होगा। टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में पहली बार 14 टीमें 57 मैचों में हिस्सा लेंगी। इसमें 12 वेन्यू भी शामिल हैं। टूर्नामेंट 2 अक्टूबर 2027 से 21 नवंबर तक खेले जाने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन से वर्ल्ड कप शुरू करने की योजना है। 30 सितंबर की कटऑफ के बाद तय होंगी 10 टीमों की जगह वर्ल्ड कप में 14 टीमों को जगह मिलेगी। इनमें साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को मेजबान होने के कारण सीधे स्थान मिला है। बाकी 8 सीधे स्थान 30 सितंबर 2026 की ICC वनडे रैंकिंग के आधार पर तय होंगे। चार स्थान क्वालिफायर से आएंगे। 23 सितंबर की ICC ODI रैंकिंग में भारत नंबर-1 पर है। उसके बाद न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश टॉप-10 में हैं। साउथ अफ्रीका को मेजबान होने के कारण अलग से जगह मिलने पर उसके बाद रैंकिंग में मौजूद गैर-मेजबान टीमों के लिए रास्ता बनेगा। मौजूदा स्थिति में भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश सीधे क्वालिफिकेशन की स्थिति में हैं। वेस्टइंडीज फिलहाल 10वें स्थान पर है और उसे क्वालिफायर के रास्ते वर्ल्ड कप में जगह बनानी होगी। क्वालिफिकेशन की अंतिम तस्वीर 30 सितंबर की कटऑफ के बाद ही साफ होगी। नामीबिया मेजबान है, लेकिन उसकी जगह पक्की नहीं इस वर्ल्ड कप में नामीबिया का मामला अलग है। साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों मेजबान हैं, लेकिन नामीबिया को मेजबान होने के बावजूद सीधे एंट्री नहीं मिली है। उसे क्वालिफिकेशन रूट से गुजरना होगा। यानी पहली बार ऐसा हो सकता है कि किसी मेजबान देश की टीम अपने ही देश में होने वाले सीनियर पुरुष वर्ल्ड कप में हिस्सा न ले। क्वालिफायर में कुल 10 टीमें होंगी। इनमें वेस्टइंडीज, आयरलैंड, क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 की टॉप-4 टीमें और क्वालिफायर प्लेऑफ की टॉप-4 टीमें शामिल होंगी। इन 10 टीमों में से टॉप-4 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी। 14 टीमों का टूर्नामेंट, लेकिन शुरुआत सभी से नहीं होगी 12 वेन्यू पर होंगे मुकाबले ICC ने वर्ल्ड कप के लिए 12 वेन्यू तय किए हैं। इनमें 8 साउथ अफ्रीका, 3 जिम्बाब्वे और 1 नामीबिया में है। नामीबिया पहली बार पुरुषों के सीनियर वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी करेगा। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे इससे पहले 2003 में भी वर्ल्ड कप की मेजबानी कर चुके हैं। 2027 का आयोजन अफ्रीका में 24 साल बाद पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप की वापसी भी होगा। ------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान में एशियन गेम्स का फाइनल संभव:दोनों टीमें मेंस क्रिकेट के सेमीफाइनल में पहुंची; बारिश के कारण दोनों के मैच रद्द एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो सकता है। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने नहीं होंगे। पढ़ें पूरी खबर…
Miami Dolphins को हराने के बाद Patrick Mahomes ने Kansas City Chiefs के सुधार पर दिया जोर
नई शुरुआत में लगातार 3 जीत दर्ज करने के बाद कैन्सस सिटी चीफ्स के खेमे में जीत की खुशी जरूर है, लेकिन स्टार क्वार्टरबैक पैट्रिक महोम्स टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। मियामी डॉल्फिन्स के खिलाफ जीत के बाद महोम्स ने माना कि टीम ने मुकाबले के कुछ हिस्सों में अपने स्तर के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। कैन्सस सिटी चीफ्स ने तीसरे सप्ताह के मुकाबले में मियामी डॉल्फिन्स को हराकर लगातार तीसरी जीत हासिल की है। इस जीत के साथ टीम ने नए सत्र में अपना रिकॉर्ड 3-0 कर लिया है। हालांकि, मुकाबला जीतने के बावजूद महोम्स ने टीम के खेल में सुधार की गुंजाइश साफ तौर पर बताई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में महोम्स ने कहा कि टीम ने जीत का रास्ता निकाला और 2 टचडाउन के अंतर से मुकाबला अपने नाम किया। लेकिन दूसरे क्वार्टर से तीसरे क्वार्टर के बीच आक्रमण में टीम उस स्तर पर नहीं खेल सकी, जिसकी उससे उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि यह मुकाबला टीम के लिए सीखने का मौका है और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना जरूरी है। हालांकि, 3 बार सुपर बाउल के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुने जा चुके महोम्स ने यह भी साफ किया कि वह जीत से निराश नहीं हैं। उनका कहना था कि पिछले सत्र ने उन्हें यह सिखाया है कि जीत मिलने के बाद निराश होने के बजाय उसका आनंद लेना चाहिए। टीम को जीत का जश्न मनाना चाहिए और वापसी के सफर का भी आनंद लेना चाहिए। महोम्स ने साथ ही माना कि कैन्सस सिटी चीफ्स इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने कहा कि टीम को मैच की रिकॉर्डिंग देखकर अपनी गलतियों को समझना होगा, अभ्यास के दौरान बेहतर तैयारी करनी होगी और पूरे आक्रमण तथा टीम के खिलाड़ियों के बीच तालमेल मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि अगर टीम अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहती है तो उसे लगातार खुद में सुधार करते रहना होगा। गौरतलब है कि मियामी डॉल्फिन्स के खिलाफ महोम्स ने 24 में से 20 पास पूरे किए और 246 गज की दूरी तय करते हुए 2 टचडाउन बनाए। इस दौरान उनका पास प्रदर्शन 119.8 अंक का रहा है। इससे पहले पहले सप्ताह में डेनवर ब्रोंकोस के खिलाफ उन्होंने 184 गज की दूरी के साथ 2 पास टचडाउन और 1 दौड़ टचडाउन बनाया था। दूसरे सप्ताह में इंडियानापोलिस कोल्ट्स के खिलाफ महोम्स ने 47 में से 32 पास पूरे करते हुए 382 गज और 3 टचडाउन दर्ज किए थे। पिछले सत्र में चोटों से परेशान रहने के बाद महोम्स की वापसी पर लगातार नजर बनी हुई है। इस सत्र में उनके प्रदर्शन ने अब तक टीम के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। वहीं, मुख्य प्रशिक्षक एंडी रीड ने मियामी के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर महोम्स की टिप्पणियों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब कैन्सस सिटी चीफ्स की नजर अगले मुकाबले पर है, जहां टीम का सामना अगले सप्ताह लास वेगास रेडर्स से होना है। महोम्स और उनकी टीम लगातार जीत की इस लय को आगे बढ़ाने के साथ अपने खेल में सुधार करने की कोशिश में हैं।
एड जॉयस की आयरलैंड क्रिकेट में वापसी, बने हाई परफॉर्मेंस बैटिंग कोच
पूर्व क्रिकेटर एड जॉयस को आयरलैंड मेन्स टीम का हाई परफॉर्मेंस बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। क्रिकेट आयरलैंड ने यह जानकारी दी।
Asian Games में शानदार प्रदर्शन पर President Murmu ने पदक विजेताओं को दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के नौवें दिन सोमवार को पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी को बधाई दी। यह इन खेलों में पारुल का दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी कांस्य पदक जीता था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल चौधरी को हार्दिक बधाई। खेलों में दो दिन में दो पदक जीतना शानदार उपलब्धि है। यह यादगार प्रदर्शन आपको खेल यात्रा में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करे।’’एक अन्य पोस्ट में राष्ट्रपति ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने पर गुलवीर सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ यह उपलब्धि और भी सराहनीय हो जाती है। 10,000 मीटर में आपके रजत पदक के बाद यह इन खेलों में ट्रैक पर एक और शानदार प्रदर्शन है। आने वाले वर्षों में कई और उपलब्धियां हासिल करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।’’राष्ट्रपति ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली विथ्या रामराज को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ आपके शानदार प्रदर्शन ने भारत की एथलेटिक्स यात्रा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि जोड़ी है। आपका रिकॉर्ड प्रदर्शन युवा पीढ़ी को ऊंचे लक्ष्य तय करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर ईशा सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘ईशा सिंह को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई। आपके शानदार प्रदर्शन में बेहतरीन कौशल, सटीकता और निरंतरता दिखाई दी। यह पदक आपकी खेल यात्रा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में कई और सफलताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं।
Asian Games में 29 सितंबर को भारतीय दल का पूरा शेड्यूल जारी, कई पदकों के लिए उतरेंगे खिलाड़ी
भारत का एशियाई खेलों में 29 सितंबर का कार्यक्रम इस प्रकार है। सभी समय भारतीय समयानुसार हैं। तीरंदाजी:पुरुषों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा, एलिमिनेशन राउंड: धीरज बोम्मादेवरा और नीरज चौहान, सुबह 5.30 बजे।महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा: कीर्ति और कुमकुम मोहद सुबह 9.45 बजे। एथलेटिक्स:पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल: देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार दोपहर 2.50 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ऊंची कूद का फाइनल: पूजा और सुप्रिया बसवराजू दोपहर 3.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला हैमर थ्रो फाइनल: अनुष्का यादव और तान्या चौधरी, दोपहर 4.05 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला की 800 मीटर फाइनल: गौतमी जयरामन और पूजा, दोपहर 4.20 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 800 मीटर फाइनल: मोहम्मद अफसाल, दोपहर 4.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 5000 मीटर फाइनल: गुलवीर सिंह और अविनाश साबले, शाम 4.45 बजे। (पदक स्पर्धा)।मिश्रित चार गुणा 100 मीटर रिले फाइनल: शाम 5.18 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला चार गुणा 400 मीटर रिले का फाइनल: शाम 5.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले का फाइनल: शाम 5.47 बजे। (पदक स्पर्धा)। मुक्केबाजी:महिला 65 किग्रा सेमीफाइनल: परवीन बनाम ली शू (चीन) सुबह 10.15 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 80 किग्रा सेमीफ़ाइनल: अंकुश पंघाल बनाम फ़ज़लिद्दीन एर्किनबोव (उज़्बेकिस्तान) सुबह 11 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 90 किग्रा से अधिक सेमीफ़ाइनल: नरेंद्र बनाम आइबेक ओरलबे (कज़ाकिस्तान) सुबह 11.30 बजे। (पदक स्पर्धा)। कैनो स्लैलम:पुरुष कयाक सिंगल हीट: हितेश केवट और प्रद्युम्न सिंह राठौड़ सुबह 7 बजे से।महिला कैनो सिंगल हीट: पल्लवी जगताप और रीना सेन सुबह 7 बजे से।महिला कयाक सिंगल हीट: शिखा चौहान सुबह 7 बजे से। कुराश:पुरुषों का 66 किलोग्राम वर्ग, राउंड ऑफ़ 16: विपिन कुमार सुबह 6.24 बजे। सेलिंग:पुरुषों की डिंघी, क्वालीफाइंग सीरीज रेस 3: विष्णु सरवनन सुबह 10 बजे। निशानेबाजी:पुरुषों का ट्रैप व्यक्तिगत क्वालीफाइंग और टीम फ़ाइनल: शपथ भारद्वाज, कायनन चेनाई और अहवर रिज़वी सुबह 6.30 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ट्रैप व्यक्तिगत क्वालीफाइंग और टीम फाइनल: नीरू, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत सुबह 6.30 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ट्रैप व्यक्तिगत फाइनल (क्वालीफाई करने पर): नीरू, मनीषा कीर और आशीमा अहलावत सुबह 10:30 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष ट्रैप व्यक्तिगत फ़ाइनल (क्वालीफाई करने पर): शपथ भारद्वाज, कायनन चेनाई और अहवर रिज़वी दोपहर 12 बजे। (पदक स्पर्धा)। स्क्वाश:महिला टीम, ग्रुप मैच: भारत बनाम ईरान, सुबह 6.30 बजे। सर्फिंग:पुरुषों के शॉर्टबोर्ड क्वार्टरफाइनल: किशोर कुमार अंबरासु बनाम टोबी एस्पेजोन (फिलीपींस) सुबह 4.54 बजे। टेनिस:पुरुष एकल, दूसरा राउंड: दक्षिणेश्वर सुरेश बनाम गुनावान त्रिस्मुवंतारा (इंडोनेशिया), सुबह 10 बजे।पुरुष एकल, दूसरा राउंड: सुमित नागल बनाम हांग सियोंगचान (दक्षिण कोरिया), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।पुरुष युगल, दूसरा राउंड: युकी भांबरी/दक्षिणेश्वर सुरेश बनाम डेनिस येवसेयेव/बेबिट झुकायेव (कजाकिस्तान), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।पुरुष युगल दूसरा राउंड: अनिरुद्ध चंद्रशेखर/एन श्रीराम बालाजी बनाम अभिषेक बास्तोला/प्रदीप खड़का (नेपाल), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।.मिश्रित युगल, पहला राउंड: अंकिता रैना/एन श्रीराम बालाजी बनाम यूडिस चोंग/कैरन थॉम्पसन (हांगकांग), दोपहर 3.30 बजे से पहले नहीं। ट्रैक साइकिलिंग:महिला टीम स्प्रिंट, क्वालिफिकेशन, हीट्स और मेडल रेस: सेलेस्टिना, सरिता कुमारी, कीर्ति रंगास्वामी चिक्का और त्रियाशा पॉल सुबह 6.30 बजे से।पुरुष टीम स्प्रिंट, क्वालीफाइंग, हीट और मेडल रेस: रोजित सिंह, डेविड बेकहम, रोनाल्डो सिंह और जेमश सिंह सुबह 6.38 बजे से।महिला टीम परस्यूट: हर्षिता जाखड़, पूजा दानोले, मीनाक्षी और स्वोस्ती सिंह सुबह 7.12 बजे से। वॉलीबॉल:पुरुष पूल सी: भारत बनाम कतर, दोपहर 12.30 बजे।
Asian Games एथलेटिक्स में भारत की चमक, एक ही दिन में जीते 6 पदक
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक जीता जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में दूसरे स्थान पर रहे जिससे भारत ने सोमवार को यहां एथलेटिक्स में छह पदक जीते। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक के बाद उनका लगातार दूसरा पदक है। उन्होंने इस दौरान महान धाविका पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। रोहित यादव ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपना पहला बड़ा पदक हासिल किया और भारत को इस स्पर्धा में रजत-कांस्य की सफलता दिलाई। पारुल चौधरी महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं और मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। स्टेडियम में लगातार तीसरे दिन बारिश के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं। भारत के लिए यह एथलेटिक्स में एक दिन में रिकॉर्ड पदक रहे लेकिन प्रतियोगिता में अब केवल एक दिन शेष रहने के बावजूद स्वर्ण पदक का इंतजार जारी है। श्रीशंकर के लिए हालांकि दिन निराशाजनक भी रहा। पिछले चरण में भी रजत पदक जीतने वाले श्रीशंकर को चौथे प्रयास में टखने में चोट लग गई जिसके कारण उन्होंने अपने अंतिम दो प्रयास नहीं किए। हालांकि उनका दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। मौजूदा एशियाई खेलों में 10 हजार मीटर में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर जापान के स्वर्ण पदक विजेता काजुतो ईजावा के बाद दूसरे स्थान पर रहे। काजुतो ने तीन मिनट 36.35 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके हमवतन नागिया मोरी ने तीन मिनट 37.92 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर ने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का बहुत महत्वपूर्ण पदक है। मुझे जितनी भी स्पर्धाओं में दौड़ना पड़े मुझे कोई परेशानी नहीं है और मैं उनमें पदक जीतना चाहता हूं। मैं अंत में अपनी गति बरकरार नहीं रख सका क्योंकि मैं आमतौर पर लंबी दूरी का धावक हूं और मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10000 मीटर में दौड़ता हूं।’’एक अन्य भारतीय यूनुस शाह तीन मिनट 43.88 सेकेंड के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे। पुरुष भाला फेंक में हरियाणा के 24 वर्षीय यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हमवतन रोहित को पीछे छोड़कर रजत पदक अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय रोहित ने 84.35 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार खिलाड़ी रुमेश पथिरागे ने 88.33 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। यशवीर ने बाद में कहा, ‘‘परिस्थितियां काफी मुश्किल थी। दौड़ने का स्थान गीला था और लगातार बूंदाबांदी हो रही थी। मुझे सही पकड़ नहीं मिल पा रही थी और रन अप थोड़ा फिसलन भरा था। चोट लगने का डर रहता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा इसलिए खुश हूं।’’यशवीर को स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने के बाद उनकी जगह टीम में शामिल किया गया था। मौजूदा एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने अब तक कुल 19 पदक जीते हैं। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 80.29 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन वह चौथे स्थान पर रहे। इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। पारुल एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं। उत्तर प्रदेश की 31 वर्षीय पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15 मिनट 10.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15 मिनट 11.65 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल का मौजूदा एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। महिलाओं की 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा 15 मिनट सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे। विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं। विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता। यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी। आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं। समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी। मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था। तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।
27 सितंबर 2026 को ODI क्रिकेट में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना, जब एक ही दिन में तीन अलग-अलग मुकाबलों के दौरान कुल 6 शतक देखने को मिले।

