खैरलांजी में जुआ खेलते दो गिरफ्तार:दो जुआरी हुए फरार, पुलिस ने 37,800 रुपए किए जब्त
बालाघाट जिले की खैरलांजी पुलिस ने जुआ खेलते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 37,800 रुपये नकद और ताश के 52 पत्ते बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान दो अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। थाना प्रभारी रामसिंह पटेल ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ग्राम बरखड़ी के पास एक खेत में कुछ लोग ताश के पत्तों पर रुपये का दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस ने खैरलांजी निवासी अमित पिता पूरनदास बागड़े (42) और घुबड़गोंदी निवासी अशोक पिता सुखदेव भगत (34) को जुआ खेलते हुए पकड़ा। उनके पास से 37,800 रुपये नकद, ताश के 52 पत्तों की एक गड्डी और जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही तिरपाल जब्त की गई। पुलिस को देखकर फरार हुए आरोपियों की पहचान विशाल मसखरे और परमेश्वर उर्फ परमया बानेवार के रूप में हुई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया है। खैरलांजी थाना में सभी जुआरियों के खिलाफ धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
रायबरेली में तीन दुकानों में आग:लाखों का सामान जला, पुलिस ने जांच शुरू की, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
लालगंज कस्बे में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन दुकानों में आग लग गई। इस घटना में दो कॉस्मेटिक और एक कपड़े की दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। पीड़ित कमलेश कुमारी, पत्नी छोटेलाल निवासी सूदन खेड़ा ने बताया कि उनकी दो कॉस्मेटिक दुकानों में रखा लगभग 6 से 7 लाख रुपये का सामान जल गया। वहीं, संदीप पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी बेचू का पुरवा की दुकान में भी लगभग 4 से 5 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। पहले 4 तस्वीरें देखिए… पड़ोसियों ने बताया कि आज सुबह करीब 4 बजे अचानक आग की लपटें देखी गईं। बाहर निकलकर देखने पर पता चला कि तीनों दुकानों में आग लग चुकी थी। इसकी जानकारी तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियों ने पानी की मदद से आग पर नियंत्रण पाया। पीड़ितों ने आशंका व्यक्त की है कि आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी, बल्कि पेट्रोल छिड़ककर लगाई गई है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को तहरीर देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले पर क्षेत्र अधिकारी लालगंज अमित सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हुआ है। प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
उज्जैन में हुई ओलावृष्टि के चलते शहर में सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। गुरुवार सुबह से बादलों ने डेरा जमा रखा था, जिसके चलते ठंडी हवाएं शहर में चल रही हैं। तेज हवाओं के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और उत्तर की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण मालवा क्षेत्र में काफी ठंडक महसूस हो रही है। शहर में रविवार रात को पारा 12 डिग्री था, जो अगले ही दिन सोमवार रात को बढ़कर 16 डिग्री पहुंच गया। लेकिन मंगलवार और बुधवार को कई क्षेत्रों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण रात का तापमान फिर गिर गया। बीती रात पारा 4 डिग्री गिरा और बुधवार रात को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। जिसके चलते गुरुवार सुबह से ही शहर में ठंडक और सर्द हवाएं बनी हुई हैं। सुबह कई लोग अलाव जलाकर ताप लेते दिखे, जबकि दोपहिया वाहनों पर निकलने वाले लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए और तरह-तरह के जतन कर रहे थे। करीब आधा घंटा हुई बारिश मंगलवार शाम को जिले में तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते घट्टिया और तराना तहसील के ग्राम बनड़ा, बमोरी और आसपास के गांवों में कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई। करीब आधे घंटे तक चली बारिश से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसका असर गुरुवार को भी देखने को मिला। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में ओला-बारिश के बाद सर्दी बढ़ी ओले और बारिश का दौर थमने के बाद मध्य प्रदेश में सर्दी और घने कोहरे का असर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाया रहा। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकली थी। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और विजिबिलिटी कम रही। पूरी खबर पढ़ें…
रायबरेली में 27वीं अंतर वाहिनी पीएसी मध्य जोन की तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के 25वीं वाहिनी पीएसी के खेल प्रांगण में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में सेनानायक लाल भरत कुमार पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सहायक कमांडेंट आनंद कुमार और डॉ. विपिन गुप्ता भी मौजूद थे। पहले 2 तस्वीरें देखिए… इस खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें कुश्ती, बॉडी बिल्डिंग, आर्म रेसलिंग और बॉक्सिंग शामिल थीं। खेलकूद के साथ-साथ एक मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कैंप में एचएमपीवी का टीकाकरण किया गया, जिससे प्रतिभागियों और अन्य कर्मियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गईं। पूरे मामले को लेकर सेनानायक ने बताया कि जोन की इस प्रतियोगिता में लगभग नौ टीमे में हिस्सा ले रही हैं। खेलकूद कार्यक्रम के दौरान बॉडीबिल्डिंग, आर्म रैसलिंग, बॉक्सिंग और कुश्ती जैसे खेलकूद के आयोजन कराए जाएंगे। इस खेलकूद प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य हमारे जवानों में खेल के प्रति जागरूकता और शारीरिक लाभ मिल सके। ऐसे कार्यक्रमों में हमारे जवानों को अपनी खेल के प्रति प्रतिस्पर्धा दिखाने का मौका मिलता है।
दंतेवाड़ा जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लड़की माफियाओं के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर सागौन चिरान फारा 175 नग जब्त किया गया है। जब्त सागौन की कुल मात्रा 3.351 घन मीटर है। मामला दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, गढ़मिरी में लकड़ी तस्कर ने सागौन चिरान अपने एक ठिकाने में छिपा रखा है। जिसके बाद DFO रंगानाधा रामाकृष्णा वाय के निर्देश पर एक टीम बनाई गई। जिसमें अधिकारी-कर्मचारी सोहन लाल वर्मा, जे.पी. मिश्रा, संतोष नाग, लक्ष्मीनारायण नागे, परिसर रक्षक कोमल राम साहू समेत अन्य को शामिल किया गया। इस टीम ने गढ़मिरी के रहने वाले कोसा और भीमा के अलग-अलग ठिकाने में अचानक दबिश दी। जिसके बाद करीब 175 नग सागौन लकड़ी जब्त की गई है।DFO रंगानाधा रामाकृष्णा वाय ने कहा कि, बेशकीमती लकड़ियों की अवैध तस्करी करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान के दौरान कोसा और भीमा के खिलाफ काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 15455/02 और 15455/03 दर्ज किया गया है।
शिवपुरी में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत:अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, संदिग्ध ट्रैक्टर जब्त
शिवपुरी जिले के बामोरकलां थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा चंदेरी रोड पर मड़ई नदी के पुल के पास रात करीब 8:45 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की जानकारी मिलते ही बामोरकलां थाना प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मृतकों की पहचान सिलपुरा, खनियाधाना निवासी राजेश पाल (25) और संकेत वंशकार (24) के रूप में हुई है। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ट्रैक्टर पुलिस ने जब्त कियापुलिस को घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक ट्रैक्टर मिला है, जिस पर हादसे में शामिल होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया है और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले में अज्ञात वाहन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है ताकि हादसे के जिम्मेदार वाहन और चालक का पता लगाया जा सके। मामले की जांच जारी है।
दमोह के तेजगढ़ इलाके में बुधवार शाम एक प्राइवेट बैंक कर्मचारी का शव सागोनी के जंगल में मिला था। सागोनी गांव के जंगल में उसका शव पत्थरों से कुचली हुई अवस्था में मिला था। परिजनों ने आज गुरुवार को लूट के इरादे से गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। छह महीने से टोरी-सगोनी में करता था कलेक्शन मृतक की पहचान विनोद अहिरवार के रूप में हुई है, जो पटेरा थाना क्षेत्र के कूड़ई गांव का निवासी था। वह कलेक्शन फ्यूजन कंपनी में कलेक्शन एजेंट के तौर पर कार्यरत था। यह कंपनी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ऋण प्रदान करती है। विनोद पिछले छह महीने से टोरी और सगोनी गांवों में कलेक्शन का काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार, विनोद मंगलवार शाम को कलेक्शन के लिए निकला था। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और कलेक्शन कंपनी के अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन पूरी रात खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। चरवाहे ने शव को जंगल में देख सरपंच को बताया बुधवार सगोनी गांव के जंगल में एक चरवाहे ने शव देखा। चरवाहे ने तुरंत सरपंच को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस को अवगत कराया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, शव की शिनाख्त की और परिजनों को सूचित किया। परिजन भी मौके पर पहुंचे। चचेरे भाई ने बताया, लूट के बाद गोली मार हत्या मृतक के चचेरे भाई सुनील अहिरवार ने बताया कि विनोद के सिर के पास एक छेद बना हुआ था, जिससे उन्हें गोली मारे जाने का संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लूट के उद्देश्य से हत्या की है और सिर पर दो बड़े पत्थर भी पटके थे, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई। मृतक का शव जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है, जहां गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। तेजगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर उनके भाई का शव पत्थरों से कुचला हुआ मिला है। सिर के ऊपर दो बड़े-बड़े पत्थर डले थे। उन्हें अंदेशा है कि उनके भाई के साथ लूट की घटना की गई है और गोली मारने के बाद सिर पर पत्थर पटके गए हैं। जिससे उसकी मौत हो गई। बड़े भाई बोले- कलेक्शन के पैसे लूटकर पत्थरों से हत्या मृतक के बड़े भाई सुदामा अहिरवार ने बताया कि उनके छोटे भाई के पास एक लाख 10 हजार रुपए कैश थे। यह कलेक्शन के पैसे उसके पास रखे हुए थे, वह पैसे भी उनके भाई की जेब से नहीं मिले। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया की पत्थर से कुचलकर हत्या की गई है। हत्या का मामला दर्ज कर आज शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
संभल पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने दो इंस्पेक्टर और 35 उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में नरेश पाल को संभल कोतवाली का अपराध निरीक्षक नियुक्त किया गया है। छह पुलिस चौकी प्रभारियों को वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है, जबकि अपर्णा बंसल को जिला कलेक्ट्रेट बहजोई पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस लाइन में तैनात सात उपनिरीक्षकों को भी विभिन्न पुलिस चौकियों पर तैनाती मिली है। पुलिस चौकी भोलेश्वर के प्रभारी सचिन कुमार को पुलिस अधीक्षक का द्वितीय पीआरओ नियुक्त किया गया है। संभल कोतवाली क्षेत्र की सत्यव्रत पुलिस चौकी के प्रभारी आशीष तोमर को चौधरी साहब पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है,उनके स्थान पर पुलिस लाइन से विकास निर्वाल को सत्यव्रत चौकी का नया इंचार्ज नियुक्त किया गया है। संभल कोतवाली की मंडी चौकी प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह को थाना कुढ़ फतेहगढ़ का वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। थाना असमोली की मनौता चौकी प्रभारी राज सिंह को संभल कोतवाली का वरिष्ठ उपनिरीक्षक नियुक्त किया गया है। एसएसआई चंदौसी गिरीशपाल सिंह को थाना असमोली का एसएसआई बनाया गया है, जबकि थाना असमोली के एसएसआई नवीन कुमार शर्मा को थाना चंदौसी का नया एसएसआई बनाया गया है। पुलिस लाइन में तैनात नरेंद्र कुमार को थाना नखासा का नया एसएसआई बनाया गया है। थाना रायसत्ती की भुलेश्वर पुलिस चौकी प्रभारी सचिन कुमार को थाना बहजोई का नया एसएसआई नियुक्त किया गया है। थाना बहजोई में तैनात देवेंद्र कुमार को थाना बबराला का नया एसएसआई बनाया गया है। थाना धनारी में तैनात अंकित कुमार को संभल कोतवाली की मोहम्मदपुर टांडा पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है, जबकि तासिम अली को बहजोई से मंडी संभल चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। दरोगा अंकित कुमार को थाना जुनावई से थाना कैलादेवी की ठाटी चौकी का प्रभारी बनाकर भेजा गया है। जितिन कुमार को थाना हजरतनगर गढ़ी की फतेहउल्लागंज पुलिस चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। थाना ऐंचोड़ा कंबोह में तैनात दरोगा अंकित कुमार को नखासा की देहपा चौकी, आटा चौकी प्रभारी संदीप कुमार शर्मा को असमोली की मनौटा पुलिस चौकी और सोनू चौधरी को बनियाठेर से हटाकर रायसत्ती थाने की भोलेश्वर चौकी का प्रभारी बनाया गया है। राहुल कुमार देशवाल को ऐंचौड़ा कंबोह से थाना कुढ़ फतेहगढ़ की रतनपुर पुलिस चौकी, सुनील कुमार को थाना धनारी की भिरावटी पुलिस चौकी से शहीद भगत सिंह पुलिस चौकी बहजोई, संजय सिंह को पुलिस लाइन से भिरावटी पुलिस चौकी भेजा है, जबकि दीपक कुमार को गुन्नौर की भोजपुर पुलिस चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। नवनीत कुमार राघव को राजपुरा की टी प्वाइंट पुलिस चौकी से हटाकर पतरिया पुलिस चौकी, दरोगा इमरान को थाना रायसत्ती से हटाकर थाना रजपुरा की कन्हऊआ पुलिस चौकी, जबकि पुलिस लाइन से दरोगा सतवीर सिंह को रजपुरा की देवराभूरा पुलिस चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। थाना कैलादेवी सौंधन पुलिस चौकी के प्रभारी रईस अहमद को टी प्वाइंट रजपुरा, थाना चंदौसी से राजवीर सिंह को चौकी प्रभारी आटा, जबकि चौकी कन्हऊआ से अमरेंद्र चौहान को चौकी अशोक नगर थाना बनियाठेर बनाकर भेजा गया है। राजकुमार को थाना हयातनगर की चंदायन पुलिस चौकी से हटाकर थाना कैलादेवी की सौंधन पुलिस चौकी जबकि मूला सिंह को कुढ़ फतेहगढ़ से थाना हयातनगर चंदायन पुलिस चौकी का प्रभारी बनाकर भेजा गया है। गुरजिंदर कौर को कलेक्ट्रेट बहजोई से थाना गुन्नौर जबकि राज सिंह को मनौटा पुलिस चौकी से वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना संभल बनाया गया है। पुलिस लाइन में तैनात नरेंद्र कुमार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना नखासा बनाया है। इसके अलावा थाना कुढ़ फतेहगढ़ की रतनपुर पुलिस चौकी से अजय कुमार को थाना संभल पर भेजा गया है। गुन्नौर की भोजपुर पुलिस चौकी से विशांत कुमार व थाना बनियाठेर से रश्मी मलिक को थाना हजरतनगर गढ़ी पर तैनाती दी गई है। सुग्रीव सिंह को पुलिस लाइन से थाना चंदौसी, थाना बहजोई से अशोक कुमार शर्मा को न्यायालय सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि निरीक्षक अपराध शाखा धर्मेंद्र यादव को प्रभारी सम्मन व वारंट हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी दी गई है।
बीकानेर में नेशनल हाइवे संख्या 62 पर घने कोहरे के चलते सड़क हादसा हुआ है, जिसमें कार में सवार चार जने घायल हो गए, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल है। कार पंजाब नंबर की है और बीकानेर से पंजाब की ओर ही जा रही थी। अब तक घायलों की पहचान नहीं हो सकी है लेकिन इनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। लूणकरनसर थाने के एसआई अनूप कुमार ने बताया कि पंजाब नंबर की कार बीकानेर से आ रही थी और एक लोकल बस बीकानेर की ओर जा रही थी। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी, ऐसे में दोनों वाहनों में आमने-सामने की टक्कर हुई है। कार में सवार दो आदमी और दो महिलाएं घायल हो गए। हालांकि चारों के सिर और छाती पर चोट नहीं है। हाथ व पैर में चोट आई है। ऐसे में चारों की हालत खतरे से बाहर है। चारों को एंबुलेंस से बीकानेर के पीबीएम अस्पताल भेजा गया है। जहां इनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। एक्सीडेंट में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। आगे का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है। दरअसल, वाहनों की स्पीड ज्यादा नहीं थी, ऐसे में बड़ा हादसा होने से टल गया। फिलहाल घायलों के नाम स्पष्ट नहीं हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने कार और बस दोनों को कब्जे में लिया है। कार में रखा है प्रसाद पुलिस ने बताया कि कार में प्रसाद रखा हुआ है। जिसे देखकर लगता हे कि किसी मंदिर में दर्शन करके वापस लौट रहे थे। देशनोक या फिर सालासर से लौटते समय ये हादसा हुआ है। सुबह घना कोहरा होने के कारण स्पीड कम होने से सभी की जान बच गई।
जिले के चांचौड़ा इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस ने दो महीने से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर नाबालिग किशोरी का अपहरण किया था और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। नवंबर में लापता हुई थी नाबालिग चांचौड़ा पुलिस के अनुसार, चांचौड़ा थानांतर्गत बीनागंज चौकी क्षेत्र से 13-14 नवंबर 2025 की रात 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। नाबालिग के नहीं मिलने पर परिजनों ने चांचौड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। 22 नवंबर को किशोरी बरामद लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 22 नवंबर को नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि प्रधुमन मीना निवासी ग्राम बहूखेड़ी थाना कुम्भराज ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया। एक और आरोपी की भूमिका उजागर नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस जांच में रामबल्लभ मीना निवासी ग्राम कमलपुरा की भी घटना में संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल पुलिस ने 23 नवंबर को प्रकरण के मुख्य आरोपी प्रधुमन सिंह मीना निवासी ग्राम बहूखेड़ी थाना कुम्भराज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना के बाद से ही दूसरा आरोपी रामबल्लभ मीना फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह पकड़ से बाहर था। मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महीने से फरार आरोपी रामबल्लभ उर्फ भाया पिता कैलाश नारायण मीना उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम कमलपुरा थाना मृगवास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र में एक महिला बाउंसर से चाकू की नोक पर लूट की वारदात सामने आई है। गांधीग्राम निवासी महिला जब रात में स्कूटी से मायके जा रही थी, तभी कुसनेर ब्रिज के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोककर मंगलसूत्र और बैग लूट लिया। पुलिस ने चार घंटे में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद कर लिया है। पीड़िता हेमलता बर्मन ने बताया कि वह एक होटल में बाउंसर है। मंगलवार रात वह अपनी एक्टिवा से गांधीग्राम स्थित ससुराल से महाराजपुर मायके जा रही थी। इसी दौरान कुसनेर ब्रिज के पास बाइक पर सवार तीन युवकों ने उसे रोक लिया। एक आरोपी ने चाकू अड़ाकर उसके गले से सोने का मंगलसूत्र छीना, जबकि दूसरे आरोपी ने उसका बैग लूट लिया। बैग में आधार कार्ड, अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी, मोबाइल फोन और करीब 2000 रुपए नकद रखे थे। सिहोरा की ओर भागे थे बदमाश घटना के बाद पीड़िता किसी तरह पनागर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी बाइक से सिहोरा की ओर भागे हैं। आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही पुलिस पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित केवट, सुजीत काशी और रोहित कुमार के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मंगलसूत्र और बैग भी बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज विकास खंड स्थित बेठिगांव निस्फ के ग्रामीण आजादी के 78 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। दशकों से सड़क की राह देख रहे ग्रामीणों ने अब पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। उनका कहना है कि 'रोड नहीं तो वोट नहीं'। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं, और बीमार होने पर मरीजों को खाट पर लादकर एम्बुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। हल्की बारिश में भी रास्ता कीचड़ में बदल जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। गांव में लगभग 15 से 20 घर हैं और 150 से 200 मतदाता हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। चुनाव के समय नेता वादे करते हैं और फिर भूल जाते हैं। सड़क न होने के कारण गर्मियों में पानी की समस्या भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी के टैंकर गांव तक नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के अधिकारी भी सिर्फ पंचायत भवन तक ही आते हैं और कभी उनकी सुध लेने गांव नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधि केवल वोट मांगने आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सड़क की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इसी कारण इस बार उन्होंने एकजुट होकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। ग्रामीणों का सीधे तौर पर कहना है कि इस बार पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे।
प्रदेश के हर कॉलेज, विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी होगी कि अगर किसी स्टूडेंट की आत्महत्या या उसकी अप्राकृतिक मृत्यु की जानकारी प्रबंधन को मिलेगी तो सबसे पहले पुलिस को सूचना दी जाएगी। इसके साथ ही हर शैक्षणिक संस्था की जिम्मेदारी होगी कि यूजीसी के सभी बाध्यकारी नियमों पर एक्शन लें। विशेषकर एंटी रैगिंग सिस्टम, विद्यार्थियों के लिए समान अवसर प्रकोष्ठ, आंतरिक शिकायत समिति और छात्र शिकायत निवारण सिस्टम में तेजी से कार्यवाही करना है। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों को चार महीने के भीतर सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों को भरने के लिए कहा गया है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इसको लेकर विश्वविद्यालय के कुलगुरुओं के साथ हुई बैठक की। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 15 जनवरी 2026 के क्रिमिनल अपील क्रमांक 1425 में पारित आदेश का सख्ती से पालन कराना होगा। इस आदेश में स्पष्ट है कि किसी भी छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मृत्यु की जानकारी मिलते ही संबंधित शैक्षणिक संस्थान द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा। चाहे घटना संस्थान परिसर के भीतर हुई हो या बाहर हुई हो। इसके अलावा ऐसी घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एवं संबंधित नियामक संस्थाओं को भी देना आवश्यक होगा। कुलगुरुओं को यह निर्देश भी दिए गए इन मामलों पर भी फोकस करेंगे कुलगुरु कुलगुरुओं को निर्देश दिए गए हैं कि वैश्विक प्रतिभा वापसी योजना का शुभारंभ, सभी राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति करेंगे। अधिक रिक्तियों वाले विश्वविद्यालयों में मिशन मोड में संकाय भर्ती, पाठ्यक्रमों को अपडेट रखने, कौशल एवं अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने की व्यवस्था लागू किया जाएगा। साथ ही भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना और इसके लिए आशय पत्र जारी किए जाने, उभरती प्रौद्योगिकियों में संकाय प्रशिक्षण, नामांकन वृद्धि, कौशल पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी, नवाचार एवं इन्क्यूबेशन केंद्रों को मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि जैसे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भी कहा गया है। परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन अपनाना होगा सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षा प्रणाली में डिजिटल मूल्यांकन (Digital Evaluation) अनिवार्य रूप से अपनाना होगा। मंत्री ने कुलगुरुओं से कहा है कि अपनी अकादमिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों के लिए SAMARTH डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रभावी रूप से लागू करें। PM-USHA योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालयों को आवंटित राशि का समय-सीमा में उपयोग किया जाए। साथ ही विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, नवाचार, अनुसंधान एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा गया। छात्र-शिक्षक अनुपात, परीक्षा सुधार, परिणामों की समयबद्ध घोषणा एवं डिजिटल पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया है। 'विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता' दूसरी ओर प्रदेश के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 102वीं बैठक के लिए स्थायी समिति की बैठक हुई है। मंत्री परमार ने सभी कुलगुरुओं से विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक पारदर्शिता, समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया और विद्यार्थी केंद्रित शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर बल दिया। परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों का मुख्य लक्ष्य, विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इसी दृष्टि से सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी विश्वविद्यालयों को अपने-अपने पी-एच.डी. कैलेंडर वेबसाइट पर अपलोड करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को समय पर समस्त जानकारी उपलब्ध हो सके। साथ ही स्वयं पोर्टल पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे छात्र विभिन्न शैक्षणिक सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। विश्वविद्यालयों द्वारा महाविद्यालयों से लिए जाने वाले संबद्धता शुल्क पर पुनर्विचार करने, स्वशासी महाविद्यालयों से किसी प्रकार का संबद्धता शुल्क न लेने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शोध केंद्रों की मान्यता के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने की अनुशंसा की गई। इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा हुई कि जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए माइक्रोबायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषयों में शोध केंद्रों संबंधी व्यवस्था बनाई गई है, उसी प्रकार स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए भी समान व्यवस्था को मान्यता देने के लिए समन्वय समिति को अनुशंसा की जाये।
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने कल देर रात दो अलग-अलग सूची जारी करके 900 से ज्यादा डॉक्टर्स को पोस्टिंग दी है। ये डॉक्टर्स पिछले 3 माह या उससे ज्यादा समय से APO थे। इन डॉक्टर्स को सरकार बिना काम किए पिछले कई माह से करोड़ों रुपए वेतन-भत्ते के तौर पर दे रही थी। इसमें अधिकांश डॉक्टर्स किसी न किसी विषय पर पीजी कर चुके है। मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से जारी इस लिस्ट में कुल 956 डॉक्टर्स को नियुक्ति दी है। इसमें एनेस्थिसिया, दंत रोग, जनरल सर्जरी, गायनी, टीबी, स्कीन, ऑर्थो, आंखों सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर्स शामिल है। इन डॉक्टर्स को प्रदेश के अलग-अलग शहरों में बनी सीएचसी, उप जिला हॉस्पिटल, जिला हॉस्पिटल, सेटेलाइट हॉस्पिटल समेत अन्य बड़े हॉस्पिटलों में किया गया। स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स से मरीजों को मिलेगा फायदा वर्तमान में कई सीएचसी, जिला हॉस्पिटल, सेटेलाइट हॉस्पिटलों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के नहीं होने के कारण कई बार छोटी सर्जरी या दूसरा इलाज प्रभावित होता था। अब इन डॉक्टर्स की पोस्टिंग होने से इन जगहों पर ये समस्या नहीं होगी।
संत कबीरनगर के मगहर महोत्सव-2026 की पहली रात भजन संध्या का आयोजन हुआ। पद्मश्री अनूप जलोटा ने अपने भजनों और गजलों से श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। जलोटा ने करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम में सद्गुरु कबीर के सामाजिक समरसता और भाईचारे के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम से पहले मुख्य अतिथि धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान का सम्मान किया गया। एसडीएम न्यायिक और महोत्सव समिति ने उन्हें अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर विधायक चौहान ने कहा कि कबीर के उपदेशों को जीवन में उतारने से जीवन धन्य हो सकता है। उन्होंने कबीर के धर्म, जाति और संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का पाठ पढ़ाने के दर्शन पर जोर दिया। पहले कार्यक्रम की 3 तस्वीरें देखिए… विधायक ने आगे कहा कि कबीर का दर्शन भेदभाव का नहीं, बल्कि आपसी सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने महोत्सव की तिथियों में बदलाव को इसके प्रभाव में कमी का एक कारण भी बताया। भजन संध्या की शुरुआत अनूप जलोटा ने अपने प्रसिद्ध भजन “ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन” से की, जिस पर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद उन्होंने “राम नारायणं, जानकी सुंदरम”, “मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे”, “राम आएंगे”, “कौन कहता है भगवान सोते नहीं”, “इतनी शक्ति हमें देना दाता”, “चदरिया झीनी रे झीनी” और “मन में राम, तन में राम” जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में जलोटा ने ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर माहौल में नया रंग भर दिया। उन्होंने “तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो”, “मन लागो या फकीरी में” और “चिट्ठी आई है” जैसी ग़ज़लें सुनाईं, जिन पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे।
धौलपुर में घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित:विजिबिलिटी घटी, सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी
धौलपुर जिले में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। गुरुवार सुबह जिले को घने कोहरे ने अपनी चपेट में ले लिया, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इसके चलते हाईवे और प्रमुख सड़क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार दिन और बुधवार रात को हुई बारिश के कारण सर्दी में और वृद्धि हुई है। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं और कोहरे ने ठिठुरन बढ़ा दी है। यह बारिश किसानों के लिए मावठ के रूप में रबी फसलों, जैसे गेहूं, सरसों और चने के लिए लाभकारी मानी जा रही है। हालांकि, बढ़ती सर्दी से आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षी और वन्यजीवों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। सुबह और देर रात बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही कम रही। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाते देखा गया। प्रशासन और यातायात विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान सावधानी बरतें, धीमी गति से वाहन चलाएं और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
बांसवाड़ा के वागड़ अंचल में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर तेज हो गया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस क्षेत्र में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा प्रभाव यहां के तापमान पर पड़ रहा है। बीती रात सीजन की दूसरी सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी हवाओं के चलते दिन और रात दोनों समय जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से सर्द हवाओं का असर जिले में सुबह से ही ठंडी हवाएं चलती रहीं। इसके चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग देर से घरों से बाहर निकलते दिखे। अलाव का सहारा ले रहे लोग तेज सर्दी से बचाव के लिए लोग जगह जगह अलाव जलाते नजर आए। बाजारों, चौराहों और बस्तियों में अलाव के आसपास लोग ठंड से राहत लेते दिखाई दिए। आने वाले दिनों में और गिरेगा तापमान मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. महिपाल सिंह चौधरी ने बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी का असर और बढ़ सकता है। तापमान में अभी और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। फिलहाल जिले में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन शीतलहर का दौर जारी रहेगा। किसानों के लिए पाले का खतरा मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट किया है कि गिरते तापमान के कारण फसलों पर पाले का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है। गेहूं की फसल बचाने की सलाह डॉ. चौधरी ने किसानों को सलाह दी है कि पाले से बचाव के लिए 0.1 प्रतिशत सल्फ्यूरिक एसिड का छिड़काव करें। इसके साथ ही पाले की संभावना होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करना भी फायदेमंद बताया गया है।
देशभर में प्रस्तावित UGC कानून को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब NSUI वर्कर और सामाजिक कार्यकर्ता आर्यन मिश्रा ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत अन्य भाजपा के वरिष्ठ सवर्ण नेताओं के सरकारी आवासों के बाहर विरोध पोस्टर लगा दिए। रात करीब दो बजे हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। डिप्टी सीएम और मंत्रियों के आवास के बाहर विरोध आर्यन मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश शर्मा और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के सरकारी आवास के बाहर पोस्टर लगाए। आर्यन ने कहा कि इन पोस्टरों के माध्यम से आर्यन मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार में शामिल सवर्ण समाज के नेता UGC कानून के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है। भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर भी लगाया पोस्टरइतना ही नहीं, आर्यन मिश्रा ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर भी पोस्टर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। पोस्टर में UGC कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। आर्यन मिश्रा ने साफ संदेश दिया कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता और सरकार में बैठे सवर्ण मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। सरकार से टकराव की चेतावनीआर्यन मिश्रा ने अपने पोस्टरों के जरिए यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर सरकार से सीधे टकराव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक न्याय से जुड़ी है और इसे किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा। पुलिस-प्रशासन की बढ़ी सतर्कताघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। संबंधित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पोस्टर लगाने के मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
थाईलैंड की रानी ने कुशीनगर में की बुद्ध पूजा:महापरिनिर्वाण स्थली पर चीवर चढ़ाई, दो दिवसीय यात्रा पर
थाईलैंड की रानी चौखुन फ्रा सीनी नाथा फ्रीलात कल्याणी रॉयल नोबल कांसोर्ट दो दिवसीय यात्रा पर कुशीनगर पहुंचीं। गुरुवार सुबह उन्होंने भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाई। रानी सुबह 7:30 बजे थाई मोनेस्ट्री से सीधे महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचीं। यहां 7:40 बजे से विशेष पूजा और चीवर दान का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जो 8:11 बजे तक चला। इस दौरान उनके साथ थाईलैंड से आए लगभग 25 लोग भी मौजूद थे। पूजा के बाद, रानी और उनके दल ने रामभार स्तूप का भी दौरा किया। कसया के एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह और राजस्व टीम भी उपस्थित थी। रानी ने रामभार स्तूप में आधे घंटे से अधिक समय बिताया, जहां बौद्ध भिक्षु फ्रा सोमदेज ने पूजा कराई। देखें तस्वीरें… सुबह 9:30 बजे रानी का काफिला कुशीनगर से महराजगंज होते हुए नेपाल के लुम्बिनी के लिए रवाना हो गया। वे भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली, महराजगंज स्थित थाई टेम्पल में भोजन के लिए रुकेंगी, जिसके बाद वे नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली का दर्शन करेंगी। रानी चौखुन फ्रा सीनी नाथा फ्रीलात कल्याणी रॉयल नोबल कांसोर्ट बुधवार को 70 सदस्यीय दल के साथ सड़क मार्ग से कुशीनगर पहुंची थीं। इस दल में थाईलैंड के पूर्व उप प्रधानमंत्री बोर्न वोर्न साक उवाननो भी शामिल थे। रानी के आगमन से एक दिन पहले, मंगलवार को ही थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री बोर्न वोर्न साक उवाननो 10 सदस्यीय टीम के साथ उनके स्वागत के लिए कुशीनगर पहुंच गए थे। बुद्ध मार्ग से लेकर थाई मंदिर तक सड़क मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने पुष्प वर्षा कर और थाई राष्ट्र का झंडा दिखाकर रानी का स्वागत किया। पुष्पगुच्छ भेंट करने के बाद रानी सीधे थाई मोनेस्ट्री पहुंचीं, जहां उन्होंने उपोसथ हॉल में पूजा-अर्चना की और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर छतरी चढ़ाई।
बूंदी में 60 मीटर से भी कम रही विजिबिलिटी:सुबह 9 बजे छाया रहा घना कोहरा, रेंग-रेंग कर चली गाड़िया
बूंदी में गुरुवार सुबह 9 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर लगभग 60 मीटर रह गई। इसके चलते सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।जिले में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 2 सप्ताह तक कड़ाके की ठंड जारी रहने का अनुमान जताया है। फरवरी के पहले सप्ताह में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। फसल खराबी के मुआवजे की मांगइधर जिले में फसल खराबी के बाद किसान बीमा कंपनियों और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन सौंप रहे हैं।किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनियां उनके साथ धोखाधड़ी कर रही हैं। उनका कहना है कि अब बीमा पॉलिसी में फसल कटाई के समय ही खराबी का आकलन किया जाता है, जबकि पहले फसल खराब होने की अवस्था के अनुसार मुआवजे का आकलन होता था। किसानों ने सरकार द्वारा पॉलिसी बदलने पर नाराजगी जताई है। जनप्रतिनिधियों ने सर्वे की मांग उठाईफसल खराबी के सर्वे की मांग कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई है। भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराने की मांग की। कांग्रेस विधायक सीएल प्रेमी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे करवाने की मांग की। करवर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को पत्र भेजकर किसानों को राहत प्रदान करने का आग्रह किया। कई गांवों के ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर अपनी फसलों में 70 से 80 प्रतिशत तक खराबी होने की जानकारी दी है।
काठमांडू में खराब मौसम के कारण गुरुवार सुबह 2 उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। ये उड़ानें कुवैत और शारजाह से काठमांडू जा रही थीं, लेकिन वहां लैंडिंग नहीं कर सकीं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, काठमांडू में घना कोहरा और कम विजिबिलिटी के कारण विमानों की लैंडिंग प्रभावित हुई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने सुरक्षा कारणों से विमानों को उतरने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ भेजा गया। सूत्रों ने बताया कि कुवैत से काठमांडू जा रही जजीरा एयरलाइंस की उड़ान संख्या J9539 को सुबह 6:40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। इस विमान में 169 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। मौसम अनुकूल होने के बाद विमान को काठमांडू के लिए रवाना किया जाएगा। इसी क्रम में, शारजाह से काठमांडू जा रही एयर अरेबिया की उड़ान संख्या G9536 को भी काठमांडू में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। यह विमान काठमांडू एयरपोर्ट के ऊपर कई चक्कर लगाने के बाद सुबह 7:40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। इस उड़ान में 167 यात्री सवार थे। खराब मौसम का असर लगातार अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर देखा जा रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सीहोर में गेहूं पंजीयन 7 फरवरी से शुरू:किसान 7 मार्च तक करा सकेंगे पंजीकरण, जानें प्रक्रिया
सीहोर में गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा। यह प्रक्रिया 7 मार्च तक चलेगी। किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए इस अवधि में पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीयन के लिए किसान कई सुविधा केंद्रों का उपयोग कर सकते हैं। इनमें तहसील कार्यालय, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत में स्थापित सुविधा केंद्र, सहकारी समिति द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र और एमपी किसान ऐप शामिल हैं, जहां निशुल्क पंजीयन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, लोक सेवा केंद्र, एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर और साइबर कैफे पर अधिकतम 50 रुपये का शुल्क देकर भी पंजीयन कराया जा सकता है। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन संस्था स्तर पर स्थापित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के सभी किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि किसी कारणवश आधार लिंक खाते में भुगतान में समस्या आती है, तो पंजीयन के समय उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। पंजीयन के समय किसानों को अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त बैंक खाते, फिनो, एयरटेल पेटीएम और नाबालिगों के बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार नंबर को बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक कराकर अपडेट रखें। वन पट्टाधारी और सिकमी काश्तकारों को पंजीयन के समय दस्तावेजों के साथ-साथ अनुबंध या पट्टे की प्रति भी उपलब्ध करानी होगी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसान पंजीयन कार्य करने के इच्छुक एमपी ऑनलाइन या सीएससी संचालक पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं। नवीन व्यवस्था के तहत, फसल बेचने के लिए किसान निर्धारित पोर्टल से अपने नजदीक के उपार्जन केंद्र, तिथि और समय के लिए फसल अनुसार स्लॉट का चयन स्वयं कर सकेंगे। सामान्य तौर पर, उपार्जन प्रारंभ होने की तिथि से उपार्जन समाप्त होने के एक सप्ताह पूर्व तक स्लॉट का चयन किया जा सकेगा।
कोटा के उद्योग नगर इलाके में देर रात बेखौफ बदमाशों ने एक घर के बाहर पाइप व डंडो से हमला किया। बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी बाइक में तोड़फोड़ की, गेट पर पत्थर फेंके ओर डंडो से वार किया। फिर फरार हो गए। घटना गली के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई। पीड़ित ने इसकी शिकायत थाने में दी है। वारदात की तस्वीर देखें पंचमुखी चौराहा प्रेम नगर थर्ड निवासी धनराज सेन ने बताया की बुधबार रात 9 बजे परिवार के सदस्यों के साथ घर में मौजूद थे। अचानक से तीन चार युवक घर के बाहर आए। उनके हाथ में पाइप व डंडे थे। उन्होंने आते ही घर के बाहर खड़ी बाइक पर वार करने शुरू कर दिए। फिर गेट पर पत्थर फेंके। और गेट पर पाइप और डंडो से हमला तोड़ने की कोशिश की। युवकों ने 1मिनट तक ताबड़तोड़ वार किए। मेरे बाहर आते ही मौके से फरार हो गए। रात को पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद दो ट्रेकर पहुंची। लेकिन पुलिस बदमाश युवकों को पकड़ नहीं पाई। धनराज ने बताया की गली में रात के वक़्त कुछ युवक तेज रफ्तार पावर बाइक में घूमते है। 16 जनवरी की रात को बेटा गाड़ी घर के अंदर गाड़ी चढ़ा रहा था। इस दौरान बाइक अड़ गई थी। तो मैंने युवकों को बाइक धीरे चलाने को कहा। अगले दिन इन्ही युवकों ने रात के समय मेरे घर पर पत्थर फेंके। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुईं थी। जिसकी शिकायत थाने में दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 14 दिन बाद युवकों ने फिर हमला कर दिया। गली में रहने वाले लोग दहशत में है।
छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री और कोरबा नगर विधायक लखन लाल देवांगन ने बुधवार को एचटीपीपी कॉलोनी से रामनगर स्याहीमुड़ी मार्ग को तत्काल खुलवाया। यह मार्ग एक उत्पादन कंपनी ने बंद कर दिया था। जिसकी शिकायत आम लोगों ने की थी। बस्ती वासियों ने हाल ही में मंत्री देवांगन से मुलाकात कर एचटीपीपी कॉलोनी से रामनगर स्याहीमुड़ी बस्ती जाने वाले इस मार्ग को खुलवाने की मांग की थी। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मंत्री देवांगन बुधवार को मौके पर पहुंचे। जेसीबी से मिट्टी और मलबा हटाकर रास्ता साफ कराया मंत्री देवांगन ने उत्पादन कंपनी के मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारियों को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए बंद किए गए मार्ग को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर कंपनी के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और जेसीबी बुलवाकर अवरुद्ध मार्ग से मिट्टी और मलबा हटाकर रास्ता साफ कराया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में प्लांट से लगी बस्तियों में रहने वाले लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने ऐसे निर्णयों को जनहित को ध्यान में रखकर लेने को कहा। काफी दूरी तय करके घूमकर जाना पड़ता था स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्ग बंद होने से उन्हें काफी दूरी तय करके घूमकर जाना पड़ता था, जिससे दैनिक आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और काम पर जाने वाले लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। यह मार्ग कई सालों से उपयोग में था और इसके बंद होने से लोगों को काफी असुविधा हो रही थी।
अशोकनगर के संदीपनी विद्यालय में बुधवार दोपहर आयोजित फेयरवेल पार्टी विवादों में घिर गई है। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्कूल परिसर के भीतर फिल्मी गानों पर जमकर डांस किया। आरोप है कि कुछ गाने स्कूल के माहौल के अनुरूप नहीं थे। हैरानी की बात यह रही कि कार्यक्रम के समय विद्यालय का स्टाफ भी मौजूद था, फिर भी इस पर कोई रोक-टोक नहीं की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर हुए वायरलफेयरवेल पार्टी खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो में छात्र-छात्राएं खुले तौर पर डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया और लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। शहर में वाहनों से रैली, खतरनाक स्टंटडांस कार्यक्रम के बाद कई छात्र-छात्राएं वाहनों में सवार होकर शहर में रैली निकालते दिखे। इस दौरान उन्हें ट्रैक्टर, खुली जीप, स्कॉर्पियो और कारों में खतरनाक तरीके से सफर करते देखा गया। कुछ छात्र वाहन के दरवाजों पर बैठे थे और उनका आधा शरीर बाहर लटका हुआ था। इन स्टंट में युवकों के साथ-साथ युवतियां भी शामिल थीं। लोगों ने उठाए सवालपार्टी में ‘फंस गई जल मछली’, ‘सेकेंड हैंड जवानी’, ‘जवानी जानेमन’, ‘अफगान जलेबी’ और ‘ऊपर गौरी का मकान’ जैसे गाने बजाए गए। इन गानों पर डांस और इसके बाद किए गए स्टंट को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी जा रही है। लोग स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
चूरू में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। सर्द हवाओं के साथ कोहरे ने ठिठुरन बढ़ा दी, जिससे लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा। घने कोहरे के चलते सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। सुबह के समय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई; जल्दी उठने वाले लोग देर तक बिस्तर पर रहे और सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों में बैठे रहे। बर्फीली हवाएं चुभती रहीं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति भी हो रही है, जिससे आज पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में इसका सर्वाधिक असर होने की प्रबल संभावना है। शर्मा के अनुसार, 29 और 30 जनवरी को सुबह के समय कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 जनवरी और 1 फरवरी को राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। सुबह के समय छाने वाला घना कोहरा चने की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।
कुरावली कस्बे में अतिक्रमण के कारण लगने वाला भीषण जाम एक बड़ी समस्या बन गया है। नगर में प्रवेश करते ही जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जीटी रोड और सदर बाजार दोनों प्रभावित हैं। खासकर जीटी रोड पर डाकखाने से लेकर बिजली घर तक वाहनों की लंबी कतारें अक्सर देखी जाती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, डग्गामार वाहन, ई-रिक्शा और सड़क किनारे लगे ठेले इस जाम का मुख्य कारण हैं, जो सड़क को संकरा कर देते हैं। स्कूल की छुट्टी के समय स्थिति और भी बिगड़ जाती है, जिससे छात्र-छात्राओं को घर लौटने में परेशानी होती है। सदर बाजार में भी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे चार से पांच फीट तक तख्त और फड़ लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। इससे बाजार में आमने-सामने से वाहन आने पर निकलने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दुकानदार दबंगई दिखाते हैं और यदि कोई राहगीर अतिक्रमण हटाने को कहता है तो वे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं, जिससे बाजार में भय का माहौल बना रहता है। जाम के कारण कई बार वाहन चालक आपस में झगड़ते भी देखे जाते हैं। कुछ समय पहले नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। इस दौरान कई लोगों के चालान किए गए और उन्हें चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई, बल्कि कुछ जगहों पर और खराब हो गई। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि पूर्व में पुलिस प्रशासन और उप जिलाधिकारी के साथ बैठक कर कार्रवाई की गई थी। उस समय चिन्हांकन भी कराया गया था और लोगों ने नियमों का पालन किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि अब फिर से अतिक्रमण बढ़ गया है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर पंचायत ने तैयारी कर ली है और दो दिन के भीतर पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नारनौल में दिनदहाड़े घर से लाखों की चोरी:सोने चांदी के जेवरात व एक लाख रुपए नकद चुरा ले गए
नारनौल के गांव गोद में दिनदहाड़े अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर के ताले तोड़कर सोना-चांदी के जेवरात और एक लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव गोद निवासी हरमेन्द्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। बीते कल उसकी पत्नी और बेटी कपड़े लेने के लिए नारनौल गई हुई थीं, जबकि वह दोपहर करीब 12 बजे अपने गांव में किसी काम से गया था। सामान मिला बिखरा जब वह करीब 2:40 बजे घर लौटा तो घर का मुख्य गेट खुला मिला। अंदर कमरे में रखी लोहे की अलमारी और संदूक के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था। ये सामान हुआ गायब पीड़ित के अनुसार अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, जिनमें एक जोड़ी सोने की झुमकी, टोप्स, सोने की चेन, कानों के बाले, बालियां, एक लूंग, चांदी की पांच जोड़ी पाजेब और एक लाख रुपये नकद गायब थे। चोरी की आशंका होते ही उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची मौके पर सूचना मिलने पर पुलिस चौकी गहली से हेड कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र सिंह, सिपाही नवीन कुमार व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घर के अंदर निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मामला दर्ज पुलिस ने हरमेन्द्र की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
औरंगाबाद में आज सुबह आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की टीम ने कार्रवाई की है। राइस मिल व्यवसाई के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। कारोबारी विश्वजीत जायसवाल से जुड़े परिसरों पर एक्शन हो रहा है। इन्हें औरंगाबाद के बड़े राइस मिल कारोबारियों में गिना जाता है। आयकर विभाग की टीम सुबह-सुबह शहर के महाराजगंज रोड स्थित वी-मार्ट के पीछे उनके कार्यालय पहुंची, जहां दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही वियाडा परिसर में स्थित रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल और देव प्रखंड स्थित उनके आवास पर भी आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। तीनों स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। रितेश चंद्रवंशी के राइस मिल में भी विश्वजीत जायसवाल का पैसा लगा है। आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच को लेकर की जा रही है। हालांकि, छापेमारी में शामिल आयकर विभाग के अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है। विश्वजीत जायसवाल वर्तमान में वाराणसी में रहते हैं और बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उनका राइस मिल और रेलवे रेक लोडिंग से जुड़ा बड़ा कारोबार है। पहले वे औरंगाबाद के बड़े व्यवसाय शंभू पांडेय के साथ पार्टनर थे। बाद में दोनों अलग हो गए। लंबे समय से उनका व्यापारिक नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है, जिसको लेकर आयकर विभाग पहले से निगरानी कर रहा था। फिलहाल बड़ी मात्रा में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, जिससे पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
ऑटो चालक बस के बोनट पर चढ़ा, VIDEO:20 मीटर तक चालक चलाता रहा बस, नुकसान का मुआवजा मांग रहा था
फतेहपुर में एक ऑटो चालक ने रोडवेज बस से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। ज्वालागंज बस स्टॉप पर ऑटो चालक पहले बस के आगे लेट गया और फिर उसके बोनट पर चढ़ गया। बस चालक ने बस को नहीं रोका और उसे करीब 20 मीटर तक आगे ले गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के ज्वालागंज बस स्टॉप पर हुई। ऑटो चालक ने रोडवेज बस से अपने ऑटो को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की। जब बस चालक ने बस को आगे बढ़ाना चाहा, तो ऑटो चालक ने विरोध करते हुए बस के बोनट पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। बस चालक ने इसके बावजूद बस नहीं रोकी और उसे आगे बढ़ाता रहा। मौके पर मौजूद राहगीर और यात्री इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह ऑटो चालक को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। इस दौरान बस स्टॉप पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। स्थानीय निवासियों, नफीस अहमद और जावेद खान ने बताया कि रोडवेज बसों के कारण अक्सर बस स्टॉप पर जाम लगता है और वाहनों के बीच टक्करें होती रहती हैं, जिसके बाद ऐसे विवाद सामने आते हैं। कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य आज अयोध्या के दौरे पर:पूर्व विधायक खब्बू तिवारी के कार्यक्रम में शामिल होंगे
यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य आज अयोध्या के दौरे पर दोपहर 12.50 पर पहुंच रहे हैं। अयोध्या पुलिस लाइन में उनका हेलीकॉप्टर लैंड करेगा। वे दोपहर 1:00 बजे सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। इसके बाद वे कारसेवक पुरम, संतों से मुलाकात करेंगे। दोपहर 2 बजे अवध इंटरनेशनल स्कूल जाकर भाजपा के पूर्व विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू तिवारी की माता को श्रद्धांजलि देंगे और तेरहवी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सिरसा बाजर में एक महिला के साथ गहनें और नकदी से भरा पर्स चोरी होने का मामला सामने आया है। महिला सामान खरीदने के लिए बाजार आई थी और ई-रिक्शा में बैठकर जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में उसे दो महिलाओं ई-रिक्शा में मिली और चुपके से उन दोनों ने उसका पर्स निकाल लिया। अब महिला की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बाजार में आसपास की दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, पर कुछ साफ नजर नहीं आ रहा। ऐसे में पुलिस वीरवार शाम तक कैमरों की फुटेज खंगालकर महिलाओं का पता लगाएगी। महिला ने पुलिस से मांग की है कि उन महिलाओं का पता लगाकर सामान बरामद किया जाए। इससे पहले बाजार में ऐसी वारदात हो चुकी है। पुलिस को दी शिकायत में जिले के गांव जमाल निवासी ज्योति ने बताया कि वह सिरसा शहर में सामान की खरीदारी करने के लिए आई हुई थी। उसने सांगवान चौक से ई-रिक्शा लिया था। कुछ दूरी पर आगे दो महिलाएं पुराना HDFC बैंक के पास ई-रिक्शा में सवार हुई, जिसमें से एक की उम्र 20 साल व 40 साल है। सुभाष चौक के पास वह ई-रिक्शा से उतरना था और वहां पर ई-रिक्शा वाले को किराया देने लगी। शिकायत में आगे बताया, उसी समय वे दोनों महिलाएं उस ओर देख रही थी। किराया देने के बाद उसने पर्स अपने बैग में डाला तो उन महिलाओं ने देख लिया। सुभाष चौक पर उतरने लगी तो उन्होंने बैग से पर्स को निकाल लिया। वे महिलाएं उसी ई-रिक्शा में बैठी थी। जब उसने बैग चेक किया ताे बैग की चेन खुली थी और उसमें पर्स नहीं था। पर्स में उसका मंगलसूत्र, कानों की टोपस व दो तोले के कानों के टोपस व करीब दो हजार रुपए थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
गाजीपुर जिले के जमानियां तहसील क्षेत्र स्थित सुहवल गाँव के ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। जल-जीवन मिशन के अंतर्गत करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 775 केएल (सात लाख 75 हजार लीटर क्षमता) वाली विशाल ओवरहेड पानी टंकी अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है। पेयजल आपूर्ति को निर्बाध और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना के तहत लाखों रुपये की लागत से तीन सोलर पावर सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। जलनिगम अधिकारियों के अनुसार, इन सोलर सिस्टम में कुल 78 सोलर प्लेटें लगाई गई हैं, जिससे बिजली पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा की बचत सुनिश्चित होगी। किसी भी आपात स्थिति में पानी की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए एक हैवी जनरेटर स्थापित करने की योजना भी अंतिम चरण में है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पेयजल आपूर्ति शुरू होने के बाद किसी प्रकार का व्यवधान न आए। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2022 में शासन की स्वीकृति मिली थी। इसके बाद 2023 में बजट जारी होने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू हुआ, और 2025 में टंकी का निर्माण पूरा हो गया। वर्तमान में पंप हाउस में मशीनों की स्थापना तथा ओवरहेड टैंक तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे शीघ्र ही पूरा किए जाने की उम्मीद है। शेष कार्य पूर्ण होते ही सुहवल गाँव के हर घर तक शुद्ध एवं आर्सेनिक-मुक्त पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इससे गाँव की करीब 25 हजार से अधिक आबादी को सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि अब तक ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए आरओ, बोतलबंद पानी या हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जलनिगम के अवर अभियंता गणेश कुमार ने बताया कि पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है, और शेष बचे कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्य पूर्ण होते ही पेयजल आपूर्ति तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
यूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- यह बिल सनातन को बांटने वाला है। सवर्ण समाज को पिछड़ों-दलितों को साथ लाकर इसका विरोध करना चाहिए। बंद कमरे में बैठकर अफसर कोई भी कानून बना देते हैं। समाज में इसका क्या असर होगा, इसकी परवाह नहीं करते। लखनऊ, देवरिया समेत कई जिलों में छात्र सड़क पर उतर आए। पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। हाथ में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। देवरिया और मेरठ में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। उधर, गाजियाबाद में युवकों ने कफन पहनकर और जंजीर डालकर प्रदर्शन किया। अयोध्या में भाजयुमो जिलाध्यक्ष और वाराणसी में जिला कार्यसमिति सदस्य ने पद से इस्तीफा दे दिया। औरैया में भी 3 बीजेपी नेताओं ने जिलाध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा। ‘यूपी में बाबा...’ फेम कवियित्री अनामिका जैन अंबर ने बिल के विरोध में कहा- ऐसा न हो कि सवर्ण होना अपराध हो जाए। वहीं, महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने कहा- तिलक, तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार। यह वही नारा है, जिसे सुनकर हम बड़े हुए हैं। बसपा ने यह नारा 1980 के दशक में दिया था, लेकिन आज भी यह कहीं न कहीं देखने को मिल रहा है। इस UGC एक्ट का असर इस समाज पर बहुत ही भयानक तरीके से पड़ रहा है। इस एक्ट से मुझे दिक्कत है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता वाले ही लोग विरोध कर रहे हैं, यह कतई उचित नहीं है। विरोध की 3 तस्वीरें देखिए- UGC के नए नियमों का विरोध क्यों?यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस, 2026।' इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। UGC विरोध को लेकर यूपी में क्या हो रहा, नीचे ब्लॉग में पढ़िए...
इटावा में घना कोहरा, कड़ाके की सर्दी:तापमान 6 डिग्री सेल्सियस, जनजीवन प्रभावित और प्रदूषण बढ़ा
इटावा चंबल क्षेत्र से जुड़े उत्तर प्रदेश के इटावा में सुबह घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कोहरे के साथ बढ़ती ठंड ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम की स्थिति और तापमान घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने से वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। कई जगह लोगों को दफ्तर और जरूरी कामों पर पहुंचने में दिक्कत हुई। कोहरे और ठंड के कारण रोजमर्रा की दिनचर्या भी प्रभावित होती नजर आई। पहले 2 तस्वीरें देखिए… यातायात और दिनचर्या पर असर कोहरे और सर्दी से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें सुबह ठंड और कम दृश्यता में स्कूल जाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार ठंड के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते दिखे। दुकानदार अनूप ने जानकारी देते हुए बताया है कि कुछ दिन पहले मौसम समान स्थिति में आ गया था लेकिन बारिश होने के बाद से सर्दी वापस लौट आई है और कोहरा इस कदर है जैसे बिल्कुल दिसंबर में पड़ता है। ठंड के कारण आग का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थिति यह है की पास से आ रहे वहन भी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।
हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र में SHO बनकर एक युवक से 5 लाख 30 हजार 400 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने कुवैत में कार्यरत युवक को अपना शिकार बनाया। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक आतिफ निवासी काजीवाड़ा हापुड़ है, जो कुवैत में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि आतिफ के एक दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई। आरोपियों ने आतिफ से संपर्क कर खुद को पुलिस का SHO बताया और उसे गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने युवक को डराने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी वारंट और FIR की प्रतियां भी भेजीं। डर और मानसिक दबाव में आकर आतिफ से आरोपियों ने मामले को निपटाने के लिए पैसों की मांग की। आरोप है कि अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से 5 लाख 30 हजार 400 रुपये की रकम वसूल की गई। पीड़ित युवक ने लगातार मिल रही धमकियों के कारण यह राशि ट्रांसफर कर दी। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित के पिता इकबाल, निवासी काजीवाड़ा, ने हापुड़ नगर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आतिफ के दोस्त साद, मोअज्जम और संदीप मिश्रा के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय के अनुसार पुलिस बैंक खातों, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों की भूमिका की पुष्टि होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर जंक्शन पर यात्री ट्रैक पार कर रहे:ओवरब्रिज के बावजूद सैकड़ों लोग रोज जान जोखिम में डाल रहे
रामपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों द्वारा ओवरब्रिज का उपयोग न कर सीधे ट्रैक पार करने का सिलसिला जारी है। स्टेशन पर ओवरब्रिज होने के बावजूद यात्री प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो और दो से तीन के बीच आवाजाही के लिए पटरियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी जान को लगातार खतरा बना हुआ है, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, हर घंटे 100 से अधिक लोग रेलवे ट्रैक पार करते हैं। ट्रेनों की लगातार आवाजाही के कारण यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर न तो पर्याप्त निगरानी व्यवस्था है और न ही ट्रैक पार करने से रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए गए हैं। शाहजहांपुर से आए यात्री सुमित त्रिवेदी ने बताया कि रामपुर स्टेशन पर नियमों का पालन नहीं होता है और लोग बेखौफ ट्रैक पार करते हैं। बरेली के विनय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ओवरब्रिज काफी दूर है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और भारी सामान वाले यात्रियों के लिए उसका इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। इस कारण वे मजबूरी में ट्रैक पार करते हैं। इस संबंध में रामपुर रेलवे जंक्शन प्रभारी आज़म खान ने बताया कि रेलवे प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि कई यात्रियों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। खान ने दावा किया कि जल्द ही एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि केवल अभियानों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनकी मांग है कि स्थायी व्यवस्था, बेहतर निगरानी और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले स्थिति को सुधारा जा सके।
डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो) के बढ़ते चलन के बीच साइबर अपराधियों ने अब USDT को ठगी का नया हथियार बनाया है। पानीपत की वधावा राम कॉलोनी के निवासी युवक के साथ 9473 USDT (करीब 9 लाख रुपए) की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को खरीदार बताकर पहले विश्वास जीता और फिर ट्रांजैक्शन होते ही रफूचक्कर हो गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे शुरू हुआ ठगी का खेल पीड़ित सन्नी कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें अपने दोस्त मनोज (करनाल) से 8 लाख रुपए लेने थे। इसी दौरान सन्नी के एक अन्य दोस्त महेंद्र ने बताया कि कुलदीप नाम का व्यक्ति 95 रुपए प्रति USDT के हिसाब से खरीदारी करना चाहता है। बातचीत के बाद सौदा तय हुआ। ठगों ने पहले पीड़ित को सोनीपत बुलाया, लेकिन मना करने पर वे पानीपत में डील करने को तैयार हो गए। कॉन्फ्रेंस कॉल और ब्रेजा गाड़ी का इस्तेमाल ठग कुलदीप ने महेंद्र के पास एक अज्ञात व्यक्ति को ब्रेजा गाड़ी में भेजा। यह व्यक्ति काफी देर तक महेंद्र के ऑफिस में रहा और फिर माडल टाउन पहुंचा, जहां सन्नी और उसके दोस्त मौजूद थे। शातिर ठगों ने इस दौरान कॉन्फ्रेंस कॉल का सहारा लिया ताकि पीड़ित को लगे कि सब कुछ असली है। स्कैनर भेजकर करवा लिए 9473 USDT ट्रांसफर ठगों ने महेंद्र के वॉट्सऐप पर एक क्यूआर कोड (Scanner) भेजा। यह स्कैनर सन्नी के माध्यम से उसके दोस्त मनोज (करनाल) तक पहुँचा। जैसे ही मनोज ने उस स्कैनर पर 9473 USDT ट्रांसफर किए, ब्रेजा गाड़ी लेकर खड़ा अज्ञात व्यक्ति सन्नी और उसके साथियों को धोखा देकर मौके से फरार हो गया। साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज ठगी का एहसास होने पर सन्नी कुमार ने तुरंत cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। अब पानीपत साइबर क्राइम थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पैसे रिकवर करने की मांग की गई है।
स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इसी क्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित कोरोनी हरजीपुर गांव के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने खून से एक पत्र लिखा। इस पत्र में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री से यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जो भी सरकार हिंदू समाज को आपस में बांटने या भेदभाव करने का काम करेगी, उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि वे सब मिलजुल कर रहते हैं, लेकिन यह कानून उन्हें आपस में लड़ाने का काम करेगा, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। ग्रामीण अंकुर राणा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून से स्वर्ण समाज के बच्चों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून स्वर्ण समाज के छात्रों के प्रति अनुचित व्यवहार कर रहा है। राणा ने इस कानून को वापस लेने और विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में पढ़ाई के नाम पर स्वर्ण बच्चों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को यह पत्र अपने रक्त से लिखा है, जिसमें यूजीसी कानून के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया गया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार माननीय नरेंद्र मोदी जी की सरकार जो इस हिंदू समाज को ना बटने के लिए प्रेरित करती हो हिंदू समाज को एकजुट रहने के लिए प्रेरित करती हो। और आज छात्रों के बीच जातिवाद का बीज बोने का काम कर रही है। हम लोग पुरजोर विरोध करेंगे क्योंकि हमारे यहां भी अन्य बिरादरी भी रहती है। हम सब मिलजुल और एक दूसरे से प्यार से रह रहे, लेकिन यह सरकार हमें आपस में लड़ने का काम करेगी। हम इसको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री जी को हमारे रक्त की आवश्यकता थी तो आज हमने अपने रक्त से प्रधानमंत्री जी के नाम लेटर लिखा। और अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य की भीख मांग रहे हैं स्वर्ण समाज धन्यवाद।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब सेक्रेट्रिएट और मिनी सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे हड़कंप मच गया। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई, जिसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। एहतियात के तौर पर पूरे सचिवालय परिसर को खाली करा लिया गया और सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), CISF, डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे परिसर को सील कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। सचिवालय के हर ब्लॉक, कमरे और पार्किंग एरिया की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। बता दें कि बीते दिन चंडीगढ़ स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसी थ्रेट मेल में पीएम मोदी को भी पंजाब दौरे के दौरान टारगेट करने की बात कही गई थी। सचिवालय में प्रशासनिक काम रोके गए सुरक्षा कारणों के चलते सचिवालय में चल रहे सभी प्रशासनिक कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। अधिकारियों को अगले आदेश तक परिसर में प्रवेश नहीं करने की सलाह दी गई है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। फिलहाल किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति सामान्य होने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं। पीएम मोदी और चंडीगढ़ स्कूलों को भी मिली थी धमकी बता दें कि बीते दिन चंडीगढ़ के 30 स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें 22 प्राइवेट और 8 सरकारी स्कूल शामिल हैं। मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत स्कूल परिसरों की गहन तलाशी ली गई थी। विस्तृत जांच के बाद किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। वहीं, इसी थ्रेट ईमेल में पीएम मोदी को भी धमकी दी गई थी। पीएम को डेरा बल्लां दौरे के दौरान टारगेट करने की बात कही गई थी।
गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के अमीरहा गांव में दो सप्ताह पहले हुई मारपीट में घायल 26 वर्षीय युवती ममता की बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। पति आशीष ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ममता अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी पल्लवी और दो वर्षीय बेटे अनिरुद्ध रंजन को छोड़ गई हैं। आशीष ने बताया कि उनके खानदान का एक परिवार बीते एक वर्ष से उनकी जमीन को अपनी बताते हुए झगड़ा कर रहा था। 11 जनवरी को आशीष घर पर नहीं थे। इसी दौरान गिट्टी रखने को लेकर विपक्षी लोगों ने उनकी पत्नी और दो बहनों के साथ मारपीट की। मारपीट के बाद ममता का इलाज सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा था। आशीष के अनुसार, वह 10 दिनों तक सैदपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद 21 जनवरी को एफआईआर दर्ज की जा सकी। आशीष ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ममता के बयान के लिए हर दिन नई तारीख देती रही। बुधवार को उनका बयान होना था, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके नाक, मुंह और कान से खून बहने लगा। आशीष तुरंत पत्नी को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां इलाज शुरू होते ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। घटना के बाद से ममता की मां निर्मला देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गयाजी. हावड़ा–गया रेलखंड पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्व रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हावड़ा–गया–हावड़ा एक्सप्रेस को अहमदपुर और मुरारई स्टेशनों पर ठहराव देने का फैसला किया है। ठहराव प्रायोगिक तौर पर लागू कर दिया गया है। दोनों स्टेशनों पर ट्रेन को दो-दो मिनट का ठहराव दिया गया है। इस बात की पुष्टि जन सम्पर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने दी है। यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले से अहमदपुर, मुरारई और आसपास के इलाकों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब उन्हें हावड़ा और गया के बीच यात्रा के लिए अन्य ट्रेनों या बड़े स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लंबे समय से इन स्टेशनों पर ठहराव की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है। गाड़ी संख्या 13023 हावड़ा–गया एक्सप्रेस अहमदपुर स्टेशन पर रात 22:45 बजे पहुंचेगी और 22:47 बजे आगे के लिए जाएगी। इसके बाद यह ट्रेन मुरारई स्टेशन पर 00:07 बजे पहुंचेगी और 00:09 बजे रवाना होगी। वापसी में गाड़ी संख्या 13024 गया–हावड़ा एक्सप्रेस मुरारई स्टेशन पर 22:11 बजे पहुंचेगी और 22:13 बजे प्रस्थान करेगी। अहमदपुर स्टेशन पर 23:28 बजे पहुंचेगी और 23:30 बजे आगे के लिए रवाना होगी। रेलवे का कहना है कि प्रायोगिक अवधि के दौरान यात्रियों की प्रतिक्रिया और यात्री संख्या का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर ठहराव को स्थायी किए जाने पर विचार होगा। स्थानीय यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
कैथल सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत:वाहन ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान तोड़ा दम; तूड़ी लेने जा रहा था
कैथल जिले के गांव पिंजूपुरा में एक तेज रफ्तार वाहन के ड्राइवर ने सड़क पर जा रहे करीब 60 वर्षीय व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसे में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ खेत में तूड़ी लेने के लिए जा रहा था। जैसे ही गांव के बाहर पहुंचा तो वाहन ड्राइवर उसे टक्कर मारकर फरार हो गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उस व्यक्ति को कैथल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक व्यक्ति की पहचान गांव पिंजूपुरा के रहने वाले 60 वर्षीय सुभाष के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा परिजनों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। वह व्यक्ति खेती बाड़ी करता था। सुबह मौत हुई कलायत थाना के जांच अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम गांव में पहुंच गई थी। परिजनों की सहायता से व्यक्ति को अस्पताल में पहुंचाया गया, जिस समय उसे अस्पताल ले जाया गया, उस समय वह गंभीर हालत में था। सुबह उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं परिजनों के बयान के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से 27 गौर (बायसन) लाए गए हैं। इनमें 5 नर और 22 मादा गौर शामिल हैं। इन्हें कल्लवाह परिक्षेत्र में बनाए गए लगभग तीन हेक्टेयर के बाड़े में रखा गया है, जहां इनकी कड़ी निगरानी की जा रही है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने गौरों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम तैनात की है। यह टीम मचान पर बैठकर लगातार इन पर नजर रख रही है। प्रबंधन इन गौरों के झुंड बनाने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद इन्हें दूसरे बाड़े में स्थानांतरित किया जाएगा। डॉक्टरों की एक टीम गौरों पर लगातार निगरानी कर रही है बाड़े में गौरों के लिए खाने-पीने की उचित व्यवस्था और प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी के लिए डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही है। टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी इनकी देखरेख में लगे हुए हैं। टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि 27 गौरों को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विशेष वाहनों में पांच दिनों में लाया गया है। इस काफिले में डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम भी साथ थी, जिन्होंने हर घंटे इनकी निगरानी की। गौर स्वस्थ, झुंड बनने पर होगा स्थानांतरण संचालक ने आगे बताया कि गौरों को आए अभी दो दिन ही हुए हैं और सभी स्वस्थ हैं। वे झुंड में रहते हैं और जब तक वे झुंड नहीं बना लेते, उन्हें दूसरे बाड़े में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि गौरों के झुंड की मुखिया मादा गौर होती है। प्रबंधन यह देख रहा है कि ये गौर एक झुंड बनाते हैं या दो अलग-अलग झुंडों में रहते हैं।
बक्सर में गुरुवार अहले सुबह करीब 4:30 बजे आरा की ओर से आ रहा बालू लदा एक तेज रफ्तार ट्रक सड़क किनारे खड़े टेलर से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और केबिन बुरी तरह पिचक गया। इस हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना नगर थाना क्षेत्र के गोलंबर स्थित केनरा बैंक के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया था। केबिन के क्षतिग्रस्त होने के कारण उसे बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। सूचना मिलते ही गंगा ब्रिज चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायल चालक को केबिन से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। दोनों पैरों में फ्रैक्चर की आशंका घायल चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मझवारी गांव निवासी कतवारू उर्फ रामधनी के पुत्र सुभाष प्रजापति के रूप में हुई है। हादसे में चालक को गंभीर चोटें आई हैं और उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने की आशंका है। गंभीर हालत में उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। मामले की जांच कर की जा रही कार्रवाई गंगा ब्रिज चौकी प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि दुर्घटना के बाद दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े टेलर को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अलवर में सरिस्का क्षेत्र के पास प्रतापगए़ के गुवाड़ा गांव के खेत में लेपर्ड पेड़ पर फंदे से लटका मिला। करीब 3 से 4 घंटे तक लेपर्ड पेड पर लटका रहा। जिससे उसकी मौत हो गई। खेतों से जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए लगाए गए फंदे में फंस गया था। उसके बाद पेड़ पर चढ़ा और वहां उलझ गया। यह घटना 26 जनवरी शाम की है, लेकिन वन विभाग ने इसे दो दिन तक छिपाए रखा और 28 जनवरी को इसकी जानकारी दी। वन नाका प्रतापगढ़ के अंतर्गत झिरी ग्राम पंचायत के शाखा का गुवाड़ा इलाके में यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ आरके हुड्डा के निर्देश पर राजगढ़ एसीएफ प्रशांत कुमार गौड़ और रेंजर जितेंद्र सैन ने घटनास्थल का जायजा लिया। टीम ने पेड़ पर लटके मृत लेपर्ड को उतारा और थानागाजी रेंज ऑफिस ले जाया गया। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद बुधवार को गांव के प्रभुदयाल मीणा (54 वर्ष, पुत्र किशनलाल मीणा) को हिरासत में लिया गया। सख्त पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने खेत में फंदा लगाया था। रेंजर जितेंद्र सैन ने बताया कि आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी से शिकार के उद्देश्य व उसके साथ कौन-कौन शामिल थे। इस बारे में पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि दम घुटने से लेपर्ड की मौत हुई। तीन वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। टीम के डॉ. मनोज मीणा ने बताया कि रस्से के फंदे में फंसने के बाद पैंथर पेड़ पर चढ़ गया। इसी दौरान फंदा पेड़ की डाल पर अटक गया। करीब तीन से चार घंटे तक पैंथर के लटका रहा। नीचे नहीं आ पाया। फिर दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
कूरियर कंपनी को 15 हजार हर्जाना भरने का आदेश:कोर्ट ने माना- दवा पार्सल देरी से पहुंचाना सेवा में कमी
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कूरियर कंपनियों की लापरवाही को सेवा में कमी माना है। आयोग ने समय-संवेदनशील पार्सल की डिलीवरी में देरी के लिए मधुर कूरियर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दोषी ठहराया है। कंपनी को उपभोक्ता को 15 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह मामला ग्वालियर निवासी हितेन्द्र राठौर से संबंधित है। उन्होंने 22 नवंबर 2024 को अपने पुत्र के लिए आवश्यक दवाइयों का पार्सल नोएडा भेजने हेतु मधुर कूरियर सर्विसेज में बुक कराया था। कंपनी ने 25 नवंबर तक तत्काल डिलीवरी का आश्वासन दिया था, क्योंकि उनके पुत्र को 30 नवंबर को नोएडा से कहीं और जाना था। हालांकि, पार्सल तय समय पर नहीं पहुंचा। 1 दिसंबर को कूरियर कंपनी ने बताया कि डिलीवरी पते पर कोई उपलब्ध नहीं था। उपभोक्ता ने स्पष्ट किया था कि संबंधित व्यक्ति जा चुका है और पार्सल वापस करने का अनुरोध भी किया था। आयोग ने पाया कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद कूरियर कंपनी का कोई प्रतिनिधि सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद, उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही की। आयोग ने माना कि कूरियर कंपनी ने सेवा में स्पष्ट कमी की है। दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट हुआ कि इस देरी के कारण उपभोक्ता हितेन्द्र राठौर और उनके पुत्र को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
चंबल नदी से ग्वालियर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए चल रही चंबल वाटर प्रोजेक्ट योजना के तहत बनाए गए गोदाम से अज्ञात चोरों ने एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। नेशनल हाइवे-44 पर जड़ेरुआ गांव के पास बने इस गोदाम से मंगलवार रात लोडिंग वाहन लगाकर भारी मात्रा में लोहे के सरिया और एंगल चोरी कर लिए गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पानी सप्लाई योजना के लिए रखा गया था भारी स्टॉक चंबल वाटर प्रोजेक्ट योजना के तहत वर्तमान में पानी सप्लाई के स्ट्रेचर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी कार्य के लिए कंपनी द्वारा हैवी सरिया, लोहे के एंगल और अन्य निर्माण सामग्री का स्टॉक नेशनल हाइवे-44 पर जड़ेरुआ गांव के पास बनाए गए गोदाम में रखा गया था। बाउंड्री फांदकर घुसे चोर मंगलवार रात अज्ञात चोर गोदाम की बाउंड्री कूदकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने लोहे के सरिया और रोड एंगल गोदाम से बाहर फेंकना शुरू किया और बाद में एक लोडिंग गाड़ी में सामान लोड कर मौके से फरार हो गए। CCTV कैमरे में कैद हुई वारदात चोरी की यह पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चोर किस तरह योजनाबद्ध तरीके से सरिया बाहर निकालकर वाहन में भरते हैं। गोदाम प्रभारी ने चोरी की जानकारी के साथ सीसीटीवी फुटेज नूराबाद थाना पुलिस को सौंप दी है। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है। छह महीने में पांचवीं बार चोरी खास बात यह है कि इसी गोदाम से पिछले छह महीनों में यह चोरी की पांचवीं घटना है। हर बार चोरों की गतिविधि सीसीटीवी में कैद हुई, इसके बावजूद अब तक चोरों की पहचान नहीं हो सकी है। गोदाम प्रभारी द्वारा लगातार नूराबाद पुलिस को चोरी की शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। चोरों की पहचान और गिरफ्तारी न होने से कंपनी और कर्मचारियों में नाराजगी है। NH-44 पर स्थित गोदाम बना चोरों का आसान निशाना नेशनल हाइवे-44 पर स्थित होने के कारण गोदाम तक पहुंच आसान है, जिसका फायदा उठाकर चोर बार-बार वारदात को अंजाम दे रहे हैं। नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी ने बताया कि वाटर प्रोजेक्ट के गोदाम से चोरी की घटना हुई है और सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस बार पुलिस को कुछ अहम लीड मिली है। पहले फुटेज में अंधेरा और कोहरा बना बाधा थाना प्रभारी के अनुसार, पिछली चोरी की घटनाओं में अंधेरा और कोहरा होने के कारण फुटेज स्पष्ट नहीं था, जिससे जांच में दिक्कत आई थी। इस बार फुटेज ज्यादा साफ है। पुलिस ने बताया कि चोरों की तलाश के लिए टीम लगाई गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रयागराज में एसओजी यमुनानगर जोन और थाना करछना की संयुक्त पुलिस टीम ने पुलिस मुठभेड़ के बाद लूट की घटनाओं में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधावार रात में की गई। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से लूटे गए सफेद धातु के आभूषण, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें, एक देशी तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इसके अतिरिक्त, एक देशी पिस्टल (.32 बोर) मय मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों पर करछना थाना क्षेत्र में दो प्रमुख लूट की घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पहली घटना में मझुआ नहर के पास चंदन सोनी को मोटरसाइकिल से गिराकर सोने-चांदी का बैग लूटा गया था और विरोध करने पर उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया गया था। इस संबंध में थाना करछना में मुकदमा दर्ज था। दूसरी घटना तेवरिया की पुलिया पर हुई थी, जहां महिला कविता विश्वकर्मा की स्कूटी, चांदी और नकदी लूट ली गई थी। पुलिस ने इन दोनों घटनाओं का अनावरण किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पप्पू सोनकर पुत्र सहनलाल और अरविंद सोनकर पुत्र स्वर्गीय अजय कुमार सोनकर के रूप में हुई है। दोनों सोहबतिया बाग, थाना जॉर्ज टाउन, प्रयागराज के निवासी हैं। पुलिस द्वारा नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना करछना पुलिस टीम से प्रभारी निरीक्षक अनूप सरोज, उपनिरीक्षक शैतान सिंह, दीपक भाटी, अरुण कुमार शुक्ला, दर्शन सिंह और कांस्टेबल प्रदीप कुमार पाल शामिल थे। एसओजी यमुनानगर जोन टीम में उपनिरीक्षक नवीन कुमार सिंह और कांस्टेबल शशिकांत यादव, रंजीत यादव, अजय सिंह, मनोज यादव, जसवीर सिंह, दीपक सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर से जशपुर जिले में स्थापित साइबर थाने का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह सरगुजा संभाग का दूसरा साइबर थाना है, जो संभाग स्तर पर साइबर अपराधों की जांच, नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिलों में कुल 8 नए साइबर थानों का एक साथ वर्चुअल शुभारंभ किया। इन थानों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और अन्य डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों की त्वरित विवेचना कर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाना है। सीमावर्ती जिला होने से बढ़ती हैं चुनौतियां विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि, जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा की सीमाओं से लगा होने के कारण यहां साइबर अपराधों की संवेदनशीलता और चुनौतियां अधिक हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना जिले के लिए समय की मांग थी, जो आम जनता के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। अब जशपुर में ही मिलेगा त्वरित न्याय जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि, डिजिटल युग में अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर थाना खुलने से अब जिले के नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अन्य जिलों या राजधानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे पीड़ितों को त्वरित राहत और न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। विशेष प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक संसाधन डीआईजी और एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, साइबर थाना में विशेष रूप से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी वेबसाइट और लिंक के माध्यम से होने वाले अपराधों की प्रभावी जांच की जा सकेगी। जन-जागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया ठगी से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। शिकायत मिलते ही त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके। वर्चुअल जुड़े गृहमंत्री और अफसर उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम और मुख्य सचिव विकास शील सहित राज्य शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान अधिकारियों ने साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति, तकनीकी चुनौतियों और आधुनिक संसाधनों के उपयोग से अपराध नियंत्रण की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। जशपुर नगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय उपस्थित रहे। इनके साथ ही, कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।
वाराणसी में आज सुबह से मौसम का मिज़ाज बदला हुआ नजर आया। शहर में घने बादल छाए रहे और 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 76 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में है। अगले दो दिन पडे़ेगी ठंड मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आने वाले दो दिनों तक ठंड का असर और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम के समय आसमान में बादल छाए रहेंगे, जबकि दोपहर के समय हल्की धूप निकल सकती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 1 फरवरी के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ी हाल ही में हुई बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कृषि विशेषज्ञ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि मौसम की इस मार से कई फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गेहूं की फसल गिर जाने से दानों का भराव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जिससे उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की कमी आने की आशंका है। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल भी काफी हद तक गिर गई है। इससे गन्ने के सड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा। इसके अलावा सरसों और सब्जियों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
नारनौल के गांव रघुनाथपुरा में बुधवार रात जमीनी विवाद के चलते बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। दो गाड़ियों में सवार होकर आए आरोपियों ने बुजुर्ग को बेरहमी से काटा और मरा समझकर सड़क पर फेंककर फरार हो गए। गंभीर हालत में परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़ित की पहचान गांव रघुनाथपुरा निवासी सतीश के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सतीश बुधवार रात खाना खाने के बाद घर से पास स्थित अपने प्लॉट की ओर जा रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी से किए गए ताबड़तोड़ वार में सतीश के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। पुराना है विवाद बुजुर्ग के पोते शुभम ने बताया कि परिवार का आरोपियों के साथ लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। उसने आरोप लगाया कि इससे पहले भी आरोपी उसके मां, पिता और दादा के साथ मारपीट कर चुके हैं। शुभम का कहना है कि पिछले छह महीनों में कई बार विवाद और झगड़े हो चुके हैं, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई परिजनों के अनुसार आरोपियों में कर्मवीर, बीमला, दिव्या और उनके भांजे विकास सहित अन्य लोग शामिल हैं। शुभम ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और उन्हें पुलिस या कानून का कोई डर नहीं है। परिवार को जान से मारने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां भी दी जा चुकी हैं। गांव में दहशत घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। घायल बुजुर्ग का नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टर उनकी हालत गंभीर बता रहे हैं।
दौसा जिले में फिर घने कोहरे की दस्तक:हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी, मौसम में बदलाव का अलर्ट
दौसा जिले में बारिश के बाद गुरुवार सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही तो वहीं लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। फिर से कोहरे के दस्तक देने के साथ ठंड का असर बरकरार है और तापमान भी स्थिर बना हुआ है। हालांकि कोहरा रबी की फसलों के लिए फायदेमंद माना जाता है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में सर्दी के तेवर और तीखे होंगे। जिले में रात्रि का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस और दिन में धूप निकलने से तापमान 20 डिग्री के आसपास स्थिर बना हुआ है। इसके चलते लोगों को सर्दी से दिन में राहत भी मिल रही है। सर्दी से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़े और गर्म पेय पदार्थ का इस्तेमाल कर रहे हैं, साथ ही चिकित्सक भी सर्दी से बचने के लिए लोगों से जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। बाड़ी लगाने के पुराने विवाद में लाठी-डंडे चलने से एक पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस की डायल 112 सेवा की मदद से नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना नईगढ़ी कस्बे के वार्ड क्रमांक 12, लालगंज गांव की है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह मुस्लिम समाज और यादव परिवार के बीच बाड़ी लगाने को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अचानक बढ़ गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। एक पक्ष के पांच लोग घायल, हाथ-पैर चोट इस झड़प में यादव परिवार के पांच सदस्य घायल हुए हैं। इनमें सुरेश यादव (32), लालू यादव (36), राममिलन यादव (70), निशा यादव (35) और गज्जू यादव (60) शामिल हैं। बताया गया है कि दूसरे पक्ष के भी दो लोगों को चोटें आई हैं। सभी घायलों को हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही नईगढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डायल 112 वाहन के जरिए सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी पहुंचाया। वहां डॉकटरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। दोनों पक्षों से पूछताछ कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है नईगढ़ी थाना पुलिस ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि विवाद के कारणों की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कन्नौज में हल्की बारिश से सड़क पर फिसलन VIDEO:कई बाइक सवार गिरे, नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप
कन्नौज में देर शाम हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण शहर की मुख्य सड़क पर फिसलन हो गई। इस दौरान कई बाइक सवार फिसलकर गिर गए, जिससे वे चोटिल हो गए। यह घटना छोटे चौराहे से तलैया चौकी की ओर जाने वाली सड़क पर हुई। शाम के समय सड़क से गुजरते वक्त अचानक बाइक के पहिए फिसलने से कई वाहन अनियंत्रित हो गए और सवार बाइक समेत गिर गए। इस नजारे को देखकर मोहल्ले के कुछ लोगों ने वीडियो बना लिए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बलायपुर मोहल्ले की इस मुख्य सड़क से सुबह और शाम डेरी संचालक गाय और भैंसों का झुंड लेकर निकलते हैं। इससे सड़क पर मिट्टी और गोबर जमा हो जाता है। वाहनों के लगातार गुजरने से गोबर की एक परत सड़क पर जम गई थी। हल्की बूंदाबांदी होते ही यह परत गीली होकर अत्यधिक फिसलन भरी हो गई। फिसलन के कारण कई लोग बाइक समेत गिरते रहे। मोहल्ले के लोगों ने तुरंत उनकी मदद की, उन्हें उठाया और उनकी बाइकें निकालने में सहायता की। लोगों को गिरता देख कई अन्य बाइक सवार अपनी गाड़ियों को पैदल खींचकर मोहल्ले से बाहर ले गए, ताकि चोटिल होने से बच सकें। सड़क किनारे मौजूद लोगों ने नगर पालिका पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। निजाम नामक एक स्थानीय निवासी ने कहा कि यदि नगर पालिका नियमित रूप से सड़क की सफाई कराती, तो बारिश में यह फिसलन की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
फतेहाबाद जिला पुलिस की सीआईए टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव मुसेअहली के एक युवक को नशीली दवाइयों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 100 नशीली गोलियां और 120 कैप्सूल बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सूचना के आधार पर कार्रवाई सीआईए टीम के एएसआई सुखविंदर सिंह के अनुसार, सीआईए टीम बुधवार रात को गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव मुसेअहली में एक युवक के पास नशीली दवाइयां मौजूद हैं। सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को काबू किया गया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए। नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशीली दवाइयां कहां से लाई गई थी और इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पाली जिले में युवक के किडनेप और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसे करीब 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और जबरन दस्तावेजों पर साइन कराए गए। रानी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रानी थाना क्षेत्र से जुड़ा मामला पुलिस के अनुसार यह मामला रानी थाना क्षेत्र का है। नाडोल गांव निवासी 27 साल के प्रवीण पुत्र चमनाराम प्रजापति ने थाने में रिपोर्ट दी है। मां को छोड़कर लौटते समय रोकी कार रिपोर्ट में प्रवीण ने बताया कि 15 जनवरी को वह अपने दोस्त की स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर अपनी मां को छोड़ने रानी गया था। वापस लौटते समय बिजोवा पुलिया और नदी के बीच सड़क पर एक कार खड़ी मिली, जिस कारण उसने अपनी गाड़ी रोकी। कार से उतरे लोगों ने किया किडनेप गाड़ी रुकते ही कार से गणपत, मांगीलाल सहित कुछ अन्य लोग उतरे। आरोप है कि इन लोगों ने जबरदस्ती प्रवीण का किडनेप किया और उसे खीमले ले गए। 5 घंटे बंधक बनाकर रखे जाने का आरोप पीड़ित युवक ने बताया कि उसे करीब 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ जबरदस्ती की गई और उसे बाहर जाने नहीं दिया गया। खाली स्टाम्प पर साइन कराने का दावा रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों का उसके भाई के साथ किसी लेन देन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने प्रवीण से कुछ खाली स्टाम्प पेपर पर जबरन साइन करवा लिए। बाद में छोड़ा, पुलिस जांच में जुटी दस्तावेजों पर साइन कराने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
जैसलमेर का मरु महोत्सव कल से शुरू होने जा रहा है। तीन दिन तक होने वाले इस फेस्टिवल में सबसे अहम हिस्सा है मिस्टर डेजर्ट और मिस मूमल का खिताब। कहा जाता है इन दोनों खिताब को जीतने के लिए एक साल के इंतजार के साथ ही एक साल की मेहनत भी करनी पड़ती है। ऐसा ही जुनून है जैसलमेर शहर के मनीष पंवार ने। मिस्टर डेजर्ट बनने के लिए उन्होंने अपनी डाइट से लेकर अपना पूरा रूटीन तक बदल दिया। मनीष पेशे से बिजनेसमैन और ठेकेदार है लेकिन इस खिताब को जीतने के लिए एक साल से काम भी छोड़ दिया है। खाने में यदि दाल-रोटी भी खानी है तो वे उसे चूरकर खाते हैं ताकि दाढ़ी-मूंछें खराब नहीं हो और इसकी चमक पर कोई असर न पड़े। पढि़ए इस एक खिताब के लिए कितनी मेहनत लगती है... एक साल से कर रहे हैं मेहनत, दो घंटे रोजाना करते हैं मालिश मनीष तंवर की शहर में इलेक्ट्रॉनिक्स की शॉप है। वे साथ में ठेकेदारी का भी काम करते है। लेकिन, एक साल से वे मिस्टर डेजर्ट बनने के लिए दाढ़ी-मूंछों पर ध्यान दे रहे हैं। उनका ये जुनून देख पिछले एक साल से उनके पिता और भाई दुकान और उनका काम संभाल रहे हैं। मनीष बताते हैं- मिस्टर डेजर्ट प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की नजरें सबसे पहले मूंछों के घुमाव, उनकी मोटाई और चमक पर टिकती हैं। इसके लिए किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग जैसी मेहनत की जरूरत होती है। ऐसे में अपनी दाढ़ी-मूंछों को संवारने के लिए एक कड़ा शेड्यूल अपनाया है। मनीष ने बताया- इसके लिए सबसे जरूरी है- सुबह के समय इन पर मसाज करना। इसके साथ इन्हें एक दिशा में सेट करने के लिए रोजाना मालिश करनी पड़ती है। इसलिए रोजाना सुबह दो घंटे मालिश करना जरूरी है। आधा किलो मक्खन से करते हैं मालिश, मुल्तानी मिट्टी का लेप भी मनीष ने बताया कि सबसे जरूरी है बालों की ग्रोथ। इसके लिए वे देसी और कुछ मार्केट प्रोडक्ट दोनों का यूज कर रे है। बालों की ग्रोथ के लिए वे सरसों और नारियल तेल को यूज करते हैं। वहीं इनकी सॉफ्टनेस (मुलायमियत) के लिए मक्खन और मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाया जाता है। इसके अलावा कई बियर्ड सिरम और दूसरे प्रोडक्ट को भी वे यूज करते है। मनीष ने बताया कि एक साल में वे दाढ़ी-मूंछों पर 70 हजार रुपए से ज्यादा खर्च कर चुके हैं। दाढ़ी न बिगड़े, इसलिए अन्न का त्याग इस प्रतियोगिता की तैयारी में सबसे बड़ी चुनौती 'डाइट कंट्रोल' नहीं, बल्कि 'ईटिंग स्टाइल' (खाने का तरीका) है। जब दाढ़ी और मूंछें एक निश्चित लंबाई पार कर लेती है तो भोजन के दौरान उनके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। मनीष ने बताया कि दाढ़ी की सफाई और उसके 'सेट' को बनाए रखने के लिए उन्होंने लंबे समय से अन्न छोड़ दिया है। यानी वे किसी भी ठोस खाने को नहीं खाते। रोटी भी खानी है तो दाल या सब्जी के साथ चूरकर ताकि दाढ़ी-मूंछें खराब न हो। इतना ही नहीं वे एक साल से ज्यादातर लिक्विड डाइट पर निर्भर हैं। सूप, जूस और दूध को ही अपनी डाइट में शामिल किया है। 20 हजार की ड्रेस खरीदी, दादा के गोखरू पहने मनीष बताते हैं- मिस्टर डेजर्ट का लुक तब तक पूरा नहीं होता जब तक शरीर पर पारंपरिक आभूषण और राजसी वेशभूषा न हो। इसके लिए उन्होंने सिंधी जूती और कस्टमाइज राजस्थानी ड्रेस तैयार करवाई है, जिस पर 20 हजार खर्च किए है। इसके साथ ही चांदी के भारी पुराने गहने जुटाए है। इसके लिए पुराने म्युजियम और घरानों से ज्वेलरी ली है। इनमें हंसली, चंदन हार के साथ हाथ और पैरों के भारी कड़े भी शामिल है। इसके अलावा कानों में पहने के लिए दादा के गोखरू डाले है, जो राजस्थानी लुक को बढ़ा रहे है। रोजाना चार घंटे प्रैक्टिस, तलवार लेकर चलना पड़ता है दाढ़ी-मूंछों और पुराने गहनों के अलावा सबसे जरूरी है, इन्हें पहनकर स्टेज पर चलना। मनीष ने बताया कि ये प्रतियोगिता केवल दाढ़ी-मूंछों तक सीमित नहीं है। इसमें अपने आप को प्रजेंट भी करना पड़ता है।
बैतूल में गुरुवार सुबह मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली। सुबह होते ही पूरा शहर घने कोहरे की चादर में ढक गया। सुबह करीब आठ बजे तक सूरज के दर्शन नहीं हो सके। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी घटकर करीब 200 मीटर रह गई। हवा में नमी का स्तर लगभग 95 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे ठंडक और ज्यादा महसूस हुई। तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावटबीते दो दिनों की तुलना में रात के तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार और बुधवार की रात की तुलना में तापमान करीब ढाई डिग्री कम हो गया। 27 जनवरी की रात तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था, 28 जनवरी को यह 16 डिग्री तक पहुंचा, जबकि बुधवार रात यह गिरकर 13.7 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के तापमान में भी गिरावट देखी गई है। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री था, वहीं बुधवार को यह घटकर 26.5 डिग्री रह गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि नमी बढ़ने से दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हवा की वजह से ठंडक सुबह के समय हवा की रफ्तार करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में हवा की गति बढ़कर 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और दोपहर के बाद कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने का अनुमान है। शाहपुर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। कोहरे और बढ़ी नमी का असर अब फसलों पर भी पड़ने लगा है। मौसम में बार-बार बदलाव से गेहूं, चना और सरसों की फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि सुबह के समय खेतों में मशीनों का इस्तेमाल न करें और कोहरा छंटने के बाद फसलों की स्थिति जरूर जांचें।
शाहजहांपुर में गुरुवार सुबह एक युवक की लाश चारपाई पर खून से लथपथ हालत में मिली। मृतक की गर्दन कटी हुई थी। आरोप है कि युवक की पत्नी ने ही रात के अंधेरे में अपने पति की गला रेतकर हत्या कर दी। घटना की खबर फैलते ही गांव में भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुवायां थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी प्रवीण मलिक और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, खून के निशान और अन्य सबूत जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। भाई ने पत्नी पर लगाया हत्या का आरोप मृतक की पहचान 30 वर्षीय बलराम के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह बलराम का भाई उसे काम पर ले जाने के लिए घर पहुंचा। उसने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से बलराम की पत्नी रोती-बिलखती बाहर आई। भाई को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। वह जब कमरे के अंदर गया तो उसके होश उड़ गए। चारपाई पर बलराम का शव पड़ा था, पूरा बिस्तर खून से सना था और उसकी गर्दन कटी हुई थी। मृतक के भाई ने सीधे तौर पर बलराम की पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बलराम की पत्नी का पिछले करीब दो साल से उसके सगे भांजे के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था। तीन बार घर छोड़कर जा चुकी थी पत्नी परिजनों के मुताबिक, प्रेम प्रसंग के चलते वह तीन बार घर छोड़कर जा चुकी थी। करीब आठ महीने पहले गांव और परिवार के लोगों ने दोनों के बीच समझौता भी कराया था, ताकि परिवार बच सके। लेकिन हालात नहीं बदले। करीब तीन महीने पहले वह फिर से घर छोड़कर चली गई थी और बाद में वापस लौटी थी। मां और चार बच्चों का टूटा सहारा इस हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। बलराम की मां और उसके चार छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, तो मां पर हत्या के आरोप ने परिवार को और गहरे सदमे में डाल दिया। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पत्नी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। गांव में अब भी सन्नाटा है, हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है, आखिर रिश्तों की यह कड़वाहट खून-खराबे तक कैसे पहुंच गई?
लुधियाना शिमलापुरी इलाके के ITI गिल रोड पर सतनाम सिंह नाम के युवक को सरेराह घेरकर न केवल अगवा किया गया, बल्कि 'हरमन सियापा' नाम के आरोपी के घर ले जाकर उसे 3 घंटे तक बंधक बनाकर रखा । हमलावरों ने मारपीट का वीडियो भी बनाया ताकि इलाके में दहशत फैलाई जा सके। क्या है पूरा मामला पीड़ित सतनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि 24 जनवरी को वह अपने दोस्तों राजवीर और हरजोत के साथ मोटरसाइकिल पर ITI से गिल रोड नहर की तरफ से घर जा रहा था। इसी दौरान भभत, आर्यन, हरमन सियापा, जीता और उनके 20-25 अज्ञात साथियों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने सतनाम को जबरदस्ती अपनी बुलेट पर बिठाया और बंधक बनाकर ले गए। 3 घंटे बंधक बनाया : शरीर पर मुक्के मारे आरोपियों ने सतनाम को एक कमरे में बंद कर दिया और करीब 180 मिनट तक उस पर कहर बरपाया। तेजधार हथियार से बेरहमी से वार किए गए। मारपीट के दौरान पीड़ित की पगड़ी उतार दी गई। हमलावरों ने युवक के हाथ की चांदी की चेन और ब्रेसलेट भी छीन लिया। आरोपियों ने पीड़ित को माफी मांगने पर मजबूर किया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया ताकि उसे सोशल मीडिया पर जलील किया जा सके। पुलिसिया कार्रवाई: BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज शिमलापुरी पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं U/S 115(2),126(2) 351(3) तहत मामला दर्ज कर लिया है। शहर के बीचों-बीच एक युवक को अगवा कर 3 घंटे तक टॉर्चर करना पुलिस के सुरक्षा दावों पर बड़ा सवालिया निशान है। आखिर इन सियापा गिरोहों को कानून का डर क्यों नहीं है
बीकानेर में सर्दी का असर फिलहाल बरकरार है। गुरुवार की सुबह बीकानेर शहर में तो धूप खिल गई लेकिन ग्रामीीण क्षेत्रों में घना कोहरा रहा। नौ बजे बाद कोहरा कुछ कम हुआ लेकिन तेज हवाओं ने सर्दी का एहसास बढ़ा दिया। न्यूनतम तापमान में भी बीकानेर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर देखा गया। बीकानेर शहर में जहां न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के पार रहा, वहीं लूणकरनसर में न्यूनतम पारा 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। आने वाले दिनों में भी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। लूणकरनसर में सुबह से ही घना कोहरा रहा, जिससे नेशनल हाइवे पर वाहनों की गति प्रभावित हुई। वाहन चालकों ने फोग लाइट का उपयोग किया, इसके बाद भी ज्यादा विजिबिलिटी नहीं बन सकी। कस्बे के आसपास के क्षेत्रों में विजिबिलिटी महज पांच-दस मीटर के आसपास रही। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक ठिठुरन बनी रहेगी। कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी का असर राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में देखने को मिल रहा हे। बीकानेर शहर से ज्यादा तापमान में गिरावट लूणकरनसर में हुई है, वहीं इससे ज्यादा गिरावट श्रीगंगानगर में है। उधर, जिला कलेक्टर ने स्कूल का समय फिर से यथावत कर दिया लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह नौ बजे तक तो कोहरे की स्थिति बनीं हुई है। ऐसे में न सिर्फ बच्चों कोा बल्कि टीचर्स को भी स्कूल तक जाने में परेशानी हो रही है। सुबह साढ़े सात बजे बच्चे और टीचर दोनों ही घने कोहरे के बीच ही स्कूल पहुंच पा रहे हैं।
बाड़मेर में सर्दी का असर लगातार बना हुआ है। गुरुवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा और तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी को नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होगा, जिसका असर 1 फरवरी तक बने रहने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जनवरी में लगातार ठंड का असर जनवरी महीने में बाड़मेर में कड़ाके की ठंड दर्ज की गई। कई बार तापमान 5 डिग्री के करीब पहुंचा, जबकि अधिकतर दिनों में यह 10 डिग्री के आसपास बना रहा। नए साल की शुरुआत में मावठ की बारिश हुई, वहीं मकर संक्रांति के बाद बूंदाबांदी और हवाओं के चलते सर्दी और बढ़ गई। गुरुवार सुबह हल्का कोहरा गुरुवार अलसुबह आसमान में हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह के समय ठंड का असर तेज रहा, हालांकि सूरज की किरणें निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अपनी दिनचर्या में भी बदलाव किया। न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी बुधवार को बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को मामूली बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके बावजूद सुबह और रात के समय ठिठुरन बनी रही। सुबह सड़कों पर कम आवाजाही सर्दी के कारण गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे कलेक्ट्रेट रोड पर आवाजाही इक्का दुक्की नजर आई। ठंड के चलते लोग घरों से देर से निकलते दिखे। दिन में राहत, रात में ठंड बरकरार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद दिन का तापमान लगातार बढ़ने लगा है। बुधवार को दिन का तापमान 29 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 10 डिग्री तक रहा। इससे दिन में सर्दी से राहत मिली, लेकिन रात के समय ठंड का असर बना हुआ है। किसानों को मौसम से राहत मौसम में बदलाव के चलते किसानों ने राहत की सांस ली है। यदि तापमान और गिरता तो पाला पड़ने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ सकती थी। फिलहाल दिन के तापमान में बढ़ोतरी से इस खतरे में कमी आई है। 5 दिनों में दिन का तापमान 9 डिग्री बढ़ा
हाईकोर्ट ने नाबालिग बालिका को माता-पिता के साथ भेजा:संरक्षण के लिए दो महिला एसआई बनीं 'शौर्य दीदी'
ग्वालियर में नाबालिग बालिका की अवैध हिरासत से संबंधित हैबियस कॉर्पस याचिका का मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने निराकरण कर दिया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की खंडपीठ ने बालिका को उसके माता-पिता के साथ भेजने की अनुमति दी। कोर्ट ने उसके संरक्षण और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बालिका की रुचि और भविष्य पर भी संवाद किया। बालिका ने न्यायालय को बताया कि उसने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की है और वह आगे औपचारिक शिक्षा जारी नहीं रखना चाहती। हालांकि, उसे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे रचनात्मक कार्यों में रुचि है। इस पर कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि बालिका की रुचि को ध्यान में रखते हुए उसे सिलाई-कढ़ाई और संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। संबंधित शासकीय विभागों और एजेंसियों को इसमें सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले, न्यायालय ने बालिका की देखरेख और काउंसलिंग के लिए महिला उप निरीक्षक क्षमा राजौरिया को 'शौर्य दीदी' नियुक्त किया था। एक अन्य मामले में, हाईकोर्ट ने तीन साल के बच्चे की तलाश से संबंधित हैबियस कॉर्पस याचिका का भी निराकरण कर दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि 1 नवंबर को बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही उसकी मां सपना पाल ने मुरार थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि एसएसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में शहर के आसपास के इलाकों और जंगल क्षेत्रों तक में बच्चे की तलाश की गई है, और जांच अभी भी जारी है।
छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है। अब नई काउंसलिंग से ही सीट मिलेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि, नियम बदले तो पुराना एडमिशन खत्म माना जाएगा। नियमों में बदलाव और काउंसलिंग रद्द होने से पुराना एडमिशन मान्य नहीं रह गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि, 2025 के नियम 11 में किए गए संशोधन के बाद किसी भी अभ्यर्थी के पास पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, भिलाई निवासी अनुष्का यादव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के उन आदेशों को चुनौती दी थी। जिसके तहत पहले से पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को अचानक रद्द कर दिया गया था। तर्क दिया कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस की सीट हासिल की थी। 10.79 लाख रुपए फीस समेत 10 लाख की बैंक गारंटी जमाकर जॉइन कर लिया था। याचिकाकर्ता ने कहा- एक बार प्रवेश के बाद रद्द करना गलत याचिकाकर्ता का कहना था कि, एक बार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे रद्द करना अनुचित है। याचिका में शासन के फैसले को अवैधानिक और मनमानीपूर्ण बताया गया। साथ ही कहा कि, इस प्रक्रिया से पहले प्रवेश पाने वाले छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। शासन का जवाब- नए नियमों के तहत एडमिशन किया रद्द वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि, काउंसलिंग रद्द करने का निर्णय कोई मनमानी कार्रवाई नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए आदेश के पालन में उठाया गया कदम था। इसके अलावा कहा कि डोमिसाइल आधारित आरक्षण पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में असंवैधानिक है और केवल संस्थागत प्राथमिकता को ही एक सीमा तक अनुमति दी जा सकती है। राज्य सरकार ने इसी के मद्देनजर नियम 11 में संशोधन किया। जिससे 50 प्रतिशत सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जा सकें। जिन्होंने छत्तीसगढ़ से एमबीबीएस किया है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत सीटें पूरी तरह से ''ओपन मेरिट'' के आधार पर भरी जा सकें। प्रोविजनल अलॉटमेंट को अंतिम नहीं माना जा सकता- हाईकोर्ट हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकार के फैसले को सही ठहराया है। साथ ही कहा कि जब प्रवेश प्रक्रिया न्यायिक जांच और नियमों के अधीन हो तो प्रोविजनल अलॉटमेंट को अंतिम नहीं माना जा सकता। अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस मुद्दे पर अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। जिससे प्रवेश प्रक्रिया में अनुशासन और अंतिम रूप सुनिश्चित किया जा सके। इस निर्णय के बाद अब राज्य में पीजी मेडिकल सीटों के लिए नए नियमों के तहत नए सिरे से काउंसलिंग का रास्ता साफ हो गया है। …………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… मेडिकल PG के लिए मेरिट आधार पर मिलेगा 50% आरक्षण:छत्तीसगढ़ के MBBS स्टूडेंट्स को राहत, हाईकोर्ट ने अपने पहले के आदेश में किया सुधार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मेडिकल के PG (पोस्ट ग्रेजुएट) कोर्स को लेकर अपने पहले के आदेश में बड़ा बदलाव किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले छात्रों को संस्थागत कोटा के तहत आरक्षण देना वैधानिक रूप से मान्य है। इस आदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ के MBBS स्टूडेंट्स को मेरिट के आधार पर 50% आरक्षण मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर…
औरंगाबाद में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल आयोजन को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की ओर से आयोजित की जाने वाली इन परीक्षाओं के लिए जिले में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कर लिया गया है। मैट्रिक की परीक्षा जिले के 48 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 50 केंद्रों पर होगी। प्रशासन ने परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और सख्त व्यवस्था करने का दावा किया है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में 39696 छात्र होंगे शामिल मैट्रिक परीक्षा में कुल 47,026 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें पहली पाली में 23,509 और द्वितीय पाली में 23,517 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 39,696 परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इंटर परीक्षा में संकायवार आंकड़ों की बात करें तो कामर्स में 400, आर्ट्स में 18,870 और साइंस में 20,426 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध रहे। परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ ही केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति, वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति तथा अन्य परीक्षा कर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। 2 फरवरी से इंटर-17 से मैट्रिक की परीक्षा होगी शुरू इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से प्रारंभ होगी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू की जाएगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी, ताकि अनावश्यक भीड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर पाबंदी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में फोटोस्टेट दुकानों के संचालन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। वीक्षकों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नकल या कदाचार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसईबी की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संधारण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रश्नपत्रों के वितरण और उत्तरपुस्तिकाओं के संग्रहण के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी है। कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम डीईओ सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा 2026 के सफल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएंगी। परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भी परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सजगता देखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और केवल आवश्यक सामग्री ही अपने साथ लाएं।
झुंझुनूं जिले में गुरुवार सुबह से ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। कोहरे के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग ने 31 जनवरी को बारिश और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह से छाया घना कोहरा झुंझुनूं में सुबह से ही घना कोहरा बना रहा। कोहरे के चलते कई इलाकों में विजिबिलिटी काफी कम हो गई। हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। हेडलाइट के सहारे चले वाहन विजिबिलिटी कम होने के कारण दो पहिया और चार पहिया वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। स्कूल बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही भी सावधानी के साथ होती दिखी। देर सुबह निकला सूरज, ठंडी हवा जारी सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे सूरज के दर्शन हुए, लेकिन इसके बावजूद ठंडी और बर्फीली हवा चलती रही। इससे लोगों को ठंड से खास राहत नहीं मिली। अगले दो दिन कोहरे की संभावना मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ सकता है। 31 जनवरी को येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 31 जनवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जिले में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है।
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला। दौलतपुर तिराहे पर देर रात तेज रफ्तार कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पत्नी-बच्चों संग जा रहे थे युवक हादसा बीती रात करीब 10 बजे हुआ। बरखेड़ा कस्बे के वार्ड नंबर-05 निवासी जमील अहमद (35) अपनी पत्नी मैनाज बी (32) और दो बेटियों सैय्यदा (6) व सबीया (1.2) के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। जैसे ही वे दौलतपुर तिराहे के पास पहुंचे, पीलीभीत की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। चारों की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में जमील, उनकी पत्नी और दोनों मासूम बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बरखेड़ा पहुंचाया गया। वहां से हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कार चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही बरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि दौलतपुर तिराहे पर कार और बाइक की भिड़ंत हुई है। घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस कार चालक की तलाश कर रही है और तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ में जंगल में पेड़ से लटका मिला शव:आत्महत्या की आशंका, पुलिस ने नीचे उतरवाया शव
शाहपुर जट्ट थाना क्षेत्र के गांव उपेड़ा के जंगल में गुरुवार सुबह को एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और उसकी पहचान शाहपुर जट्ट निवासी धर्मपाल के रूप में की। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, गांव उपेड़ा में सुबह जब ग्रामीण जंगल की ओर गए, तो उन्होंने पेड़ से लटका हुआ शव देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी वरुण मिश्रा भी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उसकी पहचान शाहपुर जट्ट निवासी 47 वर्षीय धर्मपाल के रूप में की। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
सहारनपुर में प्रेम की ‘सजा...VIDEO:पंचायत में खुलेआम पिटाई, हुक्का पीते रहे मौजिज
सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के एक गांव से सामने आई घटना ने ग्रामीण पंचायतों की सामाजिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां प्रेम संबंध के आरोप में एक प्रेमी युगल को पंचायत के सामने सरेआम सजा दी गई, जूते-चप्पल, डंडे और थप्पड़ों से। दया की गुहार लगाता रहा युवक, लेकिन पंचायत के फैसले के आगे इंसानियत बौनी साबित हुई। 19 जनवरी को हुई यह घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है, जिसने इलाके में आक्रोश और बहस को हवा दे दी है। मामला बड़गांव थाना क्षेत्र के एक गांव का है। बताया जा रहा है कि नानौता क्षेत्र का रहने वाला एक शादीशुदा युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। भनक लगते ही दोनों को पकड़ लिया गया। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई और प्रेमी युगल को वहां पेश किया गया। पंचायत के नाम पर चली इस ‘अदालत’ में कानून की नहीं, भीड़ की मर्जी चली। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि पंचायत में सजा के तौर पर युवक को जूते-चप्पलों और डंडों से पीटा गया। वहीं युवती को महिलाओं ने थप्पड़ मारे। वीडियो में युवक बार-बार हाथ जोड़कर दया की गुहार लगाता सुनाई देता है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान कुछ मौजिज लोग आराम से हुक्का गुड़गुड़ाते दिख रहे हैं, मानो यह कोई तमाशा हो। इतना ही नहीं, वीडियो में यह भी सुना जा सकता है कि पंचायत के लोग दोनों पर एक-दूसरे को भाई-बहन कहकर बुलाने का दबाव बनाते रहे। प्रेम संबंध को ‘इज्जत’ और ‘बिरादरी’ के नाम पर कुचलने की यह कोशिश सवाल खड़े करती है कि आखिर किसे किस पर हक है? बताया जा रहा है कि प्रेमी युगल अलग-अलग बिरादरी से हैं, और यही इस पूरे घटनाक्रम की जड़ बताई जा रही है। काफी देर तक चली इस पिटाई के बाद पंचायत में शामिल कुछ लोगों के कहने पर युवक को चेतावनी देकर छोड़ा गया कि वह दोबारा इस क्षेत्र में नजर न आए। सूत्रों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने पर युवक की पत्नी भी पंचायत में पहुंच गई थी और उसे अपने साथ लेकर चली गई। पुलिस के अनुसार, मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी एक कोई तहरीर नहीं आई है।
जालंधर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से वर्तमान सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से 1 फरवरी 2026 को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने लोकसभा स्पीकर को एक औपचारिक पत्र लिखकर संसद के कामकाज में बदलाव करने का आग्रह किया है। बजट और प्रकाश पर्व एक ही दिन चन्नी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 1 फरवरी 2026 को श्री गुरु रविदास जी का पवित्र प्रकाश पर्व है, लेकिन इसी दिन केंद्र सरकार द्वारा देश का बजट पेश किया जाना है। उन्होंने तर्क दिया कि बजट पेश होने के कारण सभी सांसदों का सदन में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। ऐसी स्थिति में सांसद इस महत्वपूर्ण धार्मिक दिवस से जुड़े कार्यक्रमों और समारोहों में शामिल नहीं हो सकेंगे। संसद के कामकाज में बदलाव की अपील सांसद चन्नी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस दिन के राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए संसद के शेड्यूल में जरूरी बदलाव किए जाएं। उन्होंने मांग की है कि सरकार 1 फरवरी को सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान करे ताकि लोग और जनप्रतिनिधि श्रद्धापूर्वक इस गुरु पर्व को मना सकें।
गुरुग्राम जिले में बजघेड़ा के एक व्यस्त इलाके में स्थित ‘टाइम फॉर वाइन’ शराब ठेके पर बुधवार रात ग्राहकों के साथ हिंसक झड़प हो गई। जिसमें लाठियां, डंडे और पिस्टल तक निकल आई। ठेके के कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच लंबी तकरार चली और हॉकी की स्टिक से मारपीट की गई। जानकारी के अनुसार छावला रोड स्थित इस शराब के ठेके पर रात को करीब 11:30 बजे नशे में धुत कस्टमर पहुंचे और शराब खरीदते वक्त कर्मचारियों से बहस करने लगे। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ऊंची आवाज में गंदी गंदी गालियां निकालने लगे तो एक कर्मचारी ने उसे बाहर जाने को बोल दिया। जिस पर वह हाथापाई पर उतर आया। उन्हें शीशे के दरवाजे से बाहर निकाल दिया। कार से निकाल कर लाया पिस्तोल इसी बीच एक युवक अपनी सफेद रंग की कार में गया और वहां से पिस्टल निकाल कर लाया। उसने अपनी पेंट में पीछे की तरफ पिस्टल टांग ली। जिससे दहशत फैल गई। ठेके के कारिंदों ने भी देख लिया कि वह कुछ हथियार निकाल कर लाया। यह लाइसेंसी पिस्टल था या अवैध, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। फायर नहीं होने से बचाव पिस्टल का पता लगने के बाद भी ठेके के कर्मचारियों ने बचाव में हॉकी स्टिक और अन्य डंडों से ग्राहकों पर हमला जारी रखा। कई वार करने के बाद उन्होंने झगड़ा करने वाले ग्राहकों को दुकान से बाहर धकेल दिया। बाहर निकलने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और नोंकझोंक जारी रही। हालांकि इस दौरान फायर नहीं किया गया। जिससे एक बड़ी घटना होने से टल गई। कार में बैठे कस्टमर ने बनाई वीडियो यह पूरा वाकया ठेके के ठीक बाहर खड़ी एक कार में बैठे कुछ युवकों ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे नशेड़ी ग्राहक पिस्टल लहराता है और कर्मचारी हॉकी स्टिक से उसे पीटते हुए बाहर फेंकते हैं। पुलिस के पास नहीं पहुंची शिकायत आस-पास खड़े लोग भी इस दौरान दहशत में दिख रहे हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। घटना के बाद पुलिस को इसकी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। न तो ठेके के मालिक या कर्मचारियों ने शिकायत दी और न ही ग्राहक ने कोई रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो देखकर वे घटना की पड़ताल शुरू कर सकते हैं, क्योंकि इसमें हथियारों का इस्तेमाल दिख रहा है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में शराब ठेकों पर ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां नशे की वजह से छोटी-मोटी बातें हिंसक झड़प में बदल जाती हैं। शाम के समय ठेकों पर रहती है भीड़ स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय ठेकों पर भीड़ बढ़ने से ऐसी घटनाओं का खतरा रहता है। कई बार ग्राहक नशे में असभ्य व्यवहार करते हैं, जबकि दुकानदार भी सुरक्षा के लिए हथियारबंद रहते हैं। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
आगर मालवा जिले में एक बार फिर सर्द हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहने का अनुमान है। पिछले दिनों हुई मावठे की बारिश से मौसम में आए बदलाव के कारण ठंड में इजाफा महसूस किया जा रहा है। आसमान में बादल छाए रहने से ठिठुरन बढ़ी जिले में बुधवार रात से ही सर्द हवाएं चल रही हैं, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहीं। आसमान में बादल छाए रहने से ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि, कोहरे का असर कम होने से यातायात सामान्य बना हुआ है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंड बढ़ने की आशंका ठंड के चलते गुरुवार सुबह लोग घरों में ही रहे और केवल जरूरी काम से ही बाहर निकले। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचाव करते दिखे। चाय की दुकानों और अलाव के पास लोगों की भीड़ देखी गई, जहां वे ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे थे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादलों की मौजूदगी के कारण मावठे (शीतकालीन वर्षा) की संभावना बनी हुई है। यदि मावठा गिरता है, तो तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड बढ़ने की आशंका है। मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने ठंड बढ़ा दी है, जिससे कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। आने वाले दिनों में मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।
सतना जिले में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। 28 जनवरी को न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया। इस दिन रात का तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 6.7 डिग्री अधिक है। यही वजह रही कि रात में लोगों को ठंड कम महसूस हुई और मौसम हल्का गर्म बना रहा। 28 जनवरी को न्यूनतम तापमान पिछले दिन यानी 27 जनवरी की तुलना में भी 2.8 डिग्री ज्यादा रहा। आमतौर पर इस समय रातें ठंडी होती हैं, लेकिन बादलों की वजह से ठंड का असर कम हो गया। लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों की जरूरत भी कम महसूस हुई। 24 घंटे में 5.1 डिग्री गिरा पारावहीं दूसरी ओर, दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान करीब 5.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। 28 जनवरी को दिन का अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है। दिनभर बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने से दिन का मौसम ठंडा बना रहा। अब बारिश की संभावना नहींमौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने विक्षोभ का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। मंगलवार रात विंध्य क्षेत्र के पास से गुजरी द्रोणिका के कारण जिले में हल्की बारिश हुई थी, लेकिन अब बारिश की संभावना लगभग खत्म हो गई है। बादल अभी कुछ समय रह सकते हैं, लेकिन अगले दो दिनों में मौसम साफ होने लगेगा और दिन में धूप निकलने से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की बारिश से किसानों को फसलों की सिंचाई में कुछ राहत जरूर मिली है।
नीमगांव थाना क्षेत्र के बढ़रिया गांव में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। मृतक की पहचान बढ़रिया गांव निवासी अंजेश शुक्ला उर्फ अनुज शुक्ला के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, युवक गांव के बाहर लगे मोटर के पास रहता था। मोटर से कुछ दूरी पर स्थित एक पेड़ पर उसका शव लटकता देख ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने गांव के ही दो लोगों पर युवक की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में परिजनों द्वारा नीमगांव पुलिस को एक तहरीर दी गई है। पुलिस ने मौके की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है। इस संबंध में बेहजम पुलिस चौकी प्रभारी सिद्धांत पवार ने बताया कि मामला संदिग्ध है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के यादवनगर नई बस्ती में बुधवार रात एक सड़क हादसे में जीजा-साले की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना एक बरही समारोह के दौरान हुई, जिससे गांव में शोक छा गया। जानकारी के अनुसार, सिकरारा थाना क्षेत्र के पोखरियापुर निवासी संतोष गौतम (स्वर्गीय पन्नालाल गौतम के पुत्र) अपने साले गुड्डू गौतम के साथ रामपुर थाना क्षेत्र के औरा गांव की नई बस्ती में राहुल गौतम के घर आए थे। राहुल गौतम के घर पुत्री के जन्म के उपलक्ष्य में बरही समारोह का आयोजन किया जा रहा था। पहले हादसे के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… कार्यक्रम के लिए दोनों रात करीब पौने आठ बजे बाइक से पास के अरविंद गौतम के यहां बैटरी लेने गए थे। बैटरी लेकर लौटते समय संतोष और गुड्डू ने अपने साथ सिपाही गौतम (लगभग 18 वर्ष) को भी ले लिया था। नेशनल हाईवे 135 ए पर चढ़ते ही, जौनपुर से भदोही की ओर जा रहे एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में संतोष गौतम और गुड्डू गौतम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सिपाही गौतम गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया। घायल सिपाही गौतम को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। मृतक संतोष गौतम के तीन बच्चे हैं। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार इलाके में एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) में लाखों रुपए के गबन का आरोप एक कर्मचारी पर लगाया है। आरोप है कि ग्राहकों से लोन के वसूले गए पैसे बैंक में जमा न करके खुद रख लेता था। थाने में FIR दर्ज न किए जाने पर कंपनी ने कोर्ट में गुहार लगाई। आदेश पर गोमती नगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। विनयना इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस लिमिटेड की ओर से कोर्ट में दायर अर्जी के अनुसार, कंपनी में कार्यरत रहे अंगद कुमार पर कुल 2,40,346 के गबन का आरोप है। आरोपी ने 1 सितंबर 2021 से 30 जनवरी 2025 तक लखनऊ स्थित कंपनी के हेड ऑफिस में तैनात रहा है। आंतरिक जांच में हुआ खुलासा कंपनी प्रबंधन का कहना है कि आरोपी के काम को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच में सामने आया कि उसने ऋण ग्राहकों से वसूली गई किश्तों की रकम कार्यालय से लेकर बैंक में जमा नहीं की और बिना सूचना दिए रकम लेकर घर चला गया। इसके साथ ही कंपनी के कुछ अहम दस्तावेज भी उसने अपने पास रख लिए। पहले भी की गई थी शिकायत कंपनी का आरोप है कि इससे पहले भी आरोपी ने अनियमितता की गई थी। उस समय आरोपी और उसके परिजनों के अनुरोध पर यह भरोसा करते हुए कि दुरुपयोग की गई रकम वापस जमा कर दी जाएगी, कंपनी ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की और नौकरी भी जारी रखी। बाद में आरोपी ने ऑनलाइन माध्यम से कुछ रकम कंपनी के खाते में जमा की। गबन स्वीकार, लेकिन पूरी रकम नहीं लौटाई जांच के दौरान आरोपी ने स्वीकार करते हुए लिखित में रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। उसने ऑनलाइन 69,287 रुपए जमा किए। बाकी के 1,71,059 रुपए अब तक जमा नहीं किए गए। कंपनी का कहना है कि कई बार नोटिस और फोन करने के बावजूद आरोपी ने न तो पूरी रकम लौटाई और न ही दस्तावेज वापस किए। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप कंपनी का आरोप है कि पूरे मामले की लिखित शिकायत थाना गोमती नगर विस्तार में दी गई, लेकिन आरोपी के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव के चलते पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद डीजीपी, पुलिस आयुक्त, डीसीपी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से शिकायतें भेजी गईं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में गुहार लगाई। जहां से आदेश हो जाने के बाद गोमती नगर विस्तार पुलिस ने मामला दर्ज किया।
सवाई माधोपुर में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर तक रह गई। कोहरे के कारण सुबह सूरज के दर्शन नहीं हो सके। इससे पहले मंगलवार रात हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में बदलाव दर्ज किया गया है, वहीं तापमान में भी गिरावट आई है। सुबह घने कोहरे से ढका शहर बुधवार सुबह सवाई माधोपुर में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते पूरे शहर में विजिबिलिटी काफी कम हो गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर तक रह गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहा। मंगलवार रात बारिश और ओलावृष्टि इससे पहले मंगलवार रात सवाई माधोपुर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। इसके बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। मंगलवार शाम भी शहर के कई इलाकों में ओले गिरे थे, जिससे सर्दी बढ़ गई। तापमान में दर्ज की गई गिरावट ओलावृष्टि और बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सवाई माधोपुर में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है, जिससे ठंड का असर बढ़ा है। एक सप्ताह में तापमान में उतार चढ़ाव बुधवार को सवाई माधोपुर में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मंगलवार को अधिकतम 23 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहा।सोमवार को अधिकतम 23 और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।रविवार को अधिकतम 22 और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहा।शनिवार को अधिकतम 18 और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।शुक्रवार को अधिकतम 22 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा। आगामी दिनों में सर्दी का असर मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार और शुक्रवार को भी सवाई माधोपुर में कोहरा छाए रहने की संभावना है। आगामी एक से दो सप्ताह तक तेज सर्दी पड़ने की आशंका जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।
अमरोहा जिले से गुरुवार सुबह बछरायूं कस्बे के मोहल्ला बकाबाद में बजरी से भरे एक अनियंत्रित ओवरलोड ट्रक ने मासूम की जिंदगी छीन ली। महज दो साल के दक्ष प्रजापति की इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। जिससे पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से भी इनकार कर दिया। पहले देखिए 3 तस्वीरें.... अब जानिए पूरा मामला... अमरोहा जिले के बछरायूं के मोहल्ला बकाबाद में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब 6:45 बजे बजरी से भरे एक अनियंत्रित ओवरलोड ट्रक ने मोनू प्रजापति के दो वर्षीय पुत्र दक्ष प्रजापति को कुचल दिया। इस हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक बच्चे के पिता मोनू प्रजापति की पुराने सिंडिकेट बैंक चौराहे पर मिठाई और चाय की दुकान है। दक्ष उनका इकलौता पुत्र था। गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया पुलिस ने मौके से ही ट्रक और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया है। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और कस्बेवासियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया। परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में भारी और ओवरलोड वाहनों का प्रवेश पुलिस की मिलीभगत से होता है। कस्बेवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गन्ने से लदे ट्रक और बजरी के ओवरलोड वाहन दिन-भर घनी आबादी के बीच से गुजरते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। क्षेत्रीय विधायक को बुलाने पर अड़े परिजन घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा है। उत्तेजित परिजन और कस्बेवासी क्षेत्रीय विधायक राजीव तरारा को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग है कि जब तक विधायक और उच्चाधिकारी मौके पर आकर शहर में ओवरलोड वाहनों की नो-एंट्री सुनिश्चित नहीं करते, तब तक शव को नहीं उठने दिया जाएगा। सिर्फ वोट के समय आते हैं विधायक वहीं, हंगामे के बीच दक्ष के पिता मोनू प्रजापति ने विधायक राजीव तरारा से बात की, जिसमें मोनू प्रजापति का दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है। मोनू ने विधायक से तीखे लहजे में कहा कि, चुनाव के समय तो आप वोट मांगने आ जाते हो, हमसे वोट ले लेते हो, लेकिन आज इस दुख की घड़ी में हमारे बीच नहीं हो। भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बछरायूं थाना प्रभारी कुलदीप तोमर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक गतिरोध बरकरार था और कस्बेवासी कार्रवाई की मांग पर डटे हुए थे।
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए सभी सामान्य वर्ग के संगठनों, सर्व समाज और विभिन्न किसान यूनियनों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब एक ऐसे 'नए विकल्प' पर विचार करने का समय आ गया है, जिसमें सभी वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व हो। सोशल मीडिया पर उनके हैशटैग #Mera_CM_Mera_Beta और #savarn_ekta तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस के कड़े पहरे में अलंकार गए ससुराल इससे पहले, बुधवार को बरेली प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री को भारी सुरक्षा और गोपनीयता के बीच बरेली से लखनऊ उनकी ससुराल पहुँचाया। पुलिस ने उन्हें लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित घर पर छोड़ा, जहाँ सुरक्षा के लिहाज से घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन की कोशिश थी कि उन्हें बिना किसी शोर-शराबे के बरेली से बाहर निकाला जाए, लेकिन समर्थकों के भारी विरोध ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया। समर्थकों का हाई-वोल्टेज ड्रामा: गाड़ी के आगे लेटे लोग बरेली से रवानगी के वक्त अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों समर्थकों ने पुलिस का रास्ता रोका, कुछ लोग बोनट पर चढ़ गए तो कुछ उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद करीब 20 मिनट तक चले इस टकराव में पुलिस के पसीने छूट गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर उन्हें रवाना किया जा सका। अफवाहों पर विराम: मेरा बेटा स्वस्थ है और परिवार साथ है दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें उनके बेटे के बीमार होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा, मेरा 8 महीने का बेटा पूरी तरह स्वस्थ है। मैंने ही पुलिस से कहा था कि मेरी पत्नी और बच्चा लखनऊ में हैं, इसलिए मुझे वहीं छोड़ा जाए। मेरा पूरा परिवार मेरे इस साहसिक कदम के साथ खड़ा है। यूपी के जिलों का दौरा और 'यूजीसी' के खिलाफ जंग आज सुबह ही अलंकार अग्निहोत्री लखनऊ से एटा और हाथरस के लिए रवाना हो गए हैं। वे यूजीसी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में खुद शामिल होकर आवाज बुलंद करेंगे। उनका मानना है कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण छात्रों को 'स्वघोषित अपराधी' बना देंगे और उनके लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे बंद कर देंगे। उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर झुकने वाले नहीं हैं। रणनीति: 3 दिन बाद फिर लौटेंगे बरेली एटा, हाथरस और कानपुर का दौरा करने के बाद अलंकार अग्निहोत्री तीन दिन बाद दोबारा बरेली लौटेंगे। बरेली में वे अपने समर्थकों के साथ बैठकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य 'सवर्ण समाज' को एक मंच पर लाना है ताकि सरकार को यूजीसी कानून में बदलाव वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर हरियाणा में विरोध के स्वर तेज़ होने लगे हैं। हरियाणा के चर्चित लोकगायक मासूम शर्मा और भाजपा नेता व ओलंपिक खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने सोशल मीडिया के माध्यम से UGC बॉयकॉट को लेकर अभियान शुरू कर दिया है, जिससे यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। शिक्षा से जुड़े इन नियमों को लेकर जहां छात्र संगठनों में असंतोष है, वहीं अब यह विरोध प्रदेश के राजनीति, खेल और सांस्कृतिक जगत तक भी पहुंच गया है। मासूम शर्मा ने चलाया UGC बॉयकॉट कैंपेन हरियाणा के लोकप्रिय गायक मासूम शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्टर जारी कर UGC के नए नियमों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने भावनात्मक और तीखे शब्दों में व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए देश में बढ़ती विभाजनकारी राजनीति की ओर इशारा किया है। मासूम शर्मा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और युवाओं के बीच इसे खासा समर्थन मिल रहा है। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को लोग जहां शेयर कर रहे हैं। उनकी पोस्ट पर समर्थन और विरोध के भी कमेंट आ रहे हैं। काफी लोग इसको हास्य अंदाज में भी ले रहे हैं और लिख रहे हैं कि किसान आंदोलन में थम स्वाद ले रहे थे और अब हमारा टाइम स्वाद लेने का है। हमने तो कानून कैंसिल करवा दिए थे और अब हम देखेगें कि तुम लोग इसको कैंसिल करवा पाते हो या नहीं। राजनीति, खेल जगत के बाद कलाकारों से भी मिला समर्थन भाजपा नेता एवं ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त विरोध के बाद सिंगर मासूम शर्मा भी UGC बॉयकॉट अभियान के समर्थन में सामने आए हैं। मासूम शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के टॉप में उन्होंने चारों कोनों पर चारों शास्त्रों के नाम लिखें और वहीं पोस्ट में उन्होंने गौ माता और भारत माता की जय के साथ-साथ सर्व समाज का भाईचारा जिंदाबाद लिखा हुआ है। इसके बाद पोस्ट में नीचे लिखा- सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर में लिखा है।अंग्रेजों ने हमको बांटा, केवल अपने देश की खातिरऔर तुमने हर प्रदेश को बांटा, कुर्सी के उद्देश्य की खातिर बंटवारे की राजनीति ने देश अपाहिज बना दिया, जो अंग्रेज नहीं कर पाए आज तुमने करके दिखा दिया, अब तुम्हारे इन पापों की गठरी का बोझ कौन उठाएगा? इस देश का जहर पचाने को अब कौन मसीहा आएगा ? मासूम शर्मा की UGC बॉयकॉट पोस्ट को 3 पॉइंट में पढ़िए… बंटवारे की राजनीति पर सवाल- मासूम शर्मा अपनी पोस्ट में अंग्रेजों के समय हुए बंटवारे की तुलना वर्तमान राजनीति से करते हैं। उनका कहना है कि अंग्रेजों ने अपने स्वार्थ के लिए देश को बांटा था, जबकि आज सत्ता की कुर्सी के लिए प्रदेशों और समाज को बांटा जा रहा है। वह इसे देश की एकता के लिए खतरनाक मानते हैं। देश को कमजोर करने का आरोप- पोस्ट के माध्यम से मासूम शर्मा ने लिखा है कि बार-बार की जा रही विभाजनकारी राजनीति ने देश को अंदर से कमजोर कर दिया है। “देश को अपाहिज बना दिया” जैसे शब्दों के जरिए वह यह संदेश देते हैं कि इस तरह की राजनीति से राष्ट्र की सामाजिक और वैचारिक शक्ति खत्म होती जा रही है। जिम्मेदारी और नेतृत्व की तलाश- पोस्ट के अंतिम हिस्से में मासूम शर्मा सवाल उठाते हैं कि देश को इस स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी कौन लेगा। वह यह भी पूछते हैं कि समाज में फैलते ज़हर को खत्म करने और देश को फिर से सही दिशा में ले जाने के लिए कौन आगे आएगा। यह पंक्तियां सकारात्मक और एकजुट करने वाले नेतृत्व की जरूरत की ओर इशारा करती हैं। सिंगर मासूम शर्मा से जुड़े 4 विवाद चंबल के डाकू गाने पर एफआईआर- मासूम शर्मा के इस साल कई गानों पर बैन लगा। मार्च 20025 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में प्रतिबंधित गाना चंबल के डाकू गाने पर एफआईआर भी दर्ज हुई। यह गाना गन कल्चर को बढ़ावा देने की वजह से हरियाणा सरकार ने बैन कर दिया था।एक खटोला जेल के भीतर गाने पर माइक छीना- इसी साल गुरुग्राम में एक कार्यक्रम में मासूम शर्मा ने प्रतिबंधित गाना एक खटोला जेल के भीतर गाया तो पुलिस ने कार्यक्रम रुकवा दिया। यही नहीं मंच पर मासूम शर्मा के हाथ से माइक भी छीन लिया।14 गानों को यूट्यूब से हटवाया गया- हरियाणा सरकार ने मासूम शर्मा के कम से कम 14 गाने बैन किए हैं। इनमें ट्यूशन बदमाशी की, 60 मुकदमे और खटोला शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये गीत हिंसा व गन को बढ़ावा देते हैं। हालांकि सिंगर ने दावा किया कि सत्ता में बैठे एक व्यक्ति ने व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते ऐसा करवाया।मंच पर फैन का गला पकड़ा- गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित जिमखाना क्लब में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मासूम शर्मा ने मंच पर एक फैन का गला पकड़ धक्का दिया था। फैन का कहना था कि वो सेल्फी लेने गया था। वहीं मासूम शर्मा ने सफाई दी कि वो फैन नहीं बल्कि साउंड कर्मी था। विवाद होने पर मासूम ने युवक से माफी मांग ली थी।
संभल में प्रधानी चुनाव की रंजिश में एक वृद्ध की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन पर जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी। उक्त घटना जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के थाना धनारी क्षेत्र के जड़वार गांव की है। ग्राम प्रधान जसवीर की तहरीर के अनुसार, दूसरी पार्टी के लोग उनसे चुनावी रंजिश रखते थे। 24 अप्रैल 2018 की रात करीब दो बजे, जसवीर अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। गांव के तीन सगे भाई श्रीपाल, विजय सिंह, नत्थू और श्रीपाल का बेटा राजेश तमंचे लेकर उनके घर में घुस गए। उन्होंने पहले जसवीर पर गोली चलाई, लेकिन वह दीवार के पीछे छिपकर बच गए। हमलावरों ने बरामदे में सो रहे जसवीर के 80 वर्षीय पिता रामस्वरूप के पेट में गोली मार दी। गोली लगने से रामस्वरूप की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर गांव के लोग दौड़े तो सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया और बाद में चारों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरती फौजदार की अदालत में श्रीपाल, विजय सिंह, नत्थू और राजेश के खिलाफ मुकदमा चला। न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के साथ ही बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने श्रीपाल, विजय सिंह और राजेश को उम्रकैद की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश और हरीश सैनी ने बताया कि तीनों आरोपियों पर 29-29 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। चौथे आरोपी नत्थू की 10 दिसंबर 2024 को मुकदमे के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण उसका नाम मामले से हटा दिया गया।
मामूली बारिश ने मुरादाबाद नगर निगम की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। मियां कॉलोनी, वार्ड संख्या 69 में हल्की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। सड़क पर भरे पानी के कारण राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू भी नहीं हुआ है, इसके बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई। नालों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया, जिससे क्षेत्र में गंदगी फैल गई और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।लोगों ने बताया कि जलभराव के चलते मस्जिद तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे नमाज अदा करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। शबे-बरात का पर्व नजदीक होने के कारण क्षेत्रवासियों में खासा रोष और चिंता का माहौल है।स्थानीय निवासियों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ सकते हैं और पानी घरों में घुसने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दमोह के तहसील ग्राउंड में चल रहे बुंदेली दमोह महोत्सव के 13वें दिन बुधवार रात राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। बुंदेली गौरव न्यास की ओर से संचालित इस महोत्सव में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेला परिसर सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेल गतिविधियों से गुलजार रहा, जहां प्रतिदिन हजारों लोग अपने परिवार सहित घूमने आ रहे हैं। सुबह खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं और शाम को मंचीय कार्यक्रम होता है। कड़ाके की ठंड में बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे बुधवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में बुद्धि प्रकाश दधीच, अमन अक्षर, मुन्ना बैटरी और शशि श्रेया जैसे कवियों ने हास्य, वीर रस और समसामयिक विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। देश के चर्चित कवि सुमित ओरछा ने कवि सम्मेलन का प्रभावशाली संचालन किया, जिसकी श्रोताओं ने सराहना की। ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। महोत्सव के दौरान दोपहर में सांप-सीढ़ी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेला समिति की ओर से सम्मानित किया गया। पिछले 12 वर्षों से बुंदेली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा इसी क्रम में स्वाति गौर के निर्देशन में 'स्वर श्री प्रतियोगिता' का भी आयोजन हुआ। इसमें चयनित प्रतिभागियों ने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। उल्लेखनीय है कि बुंदेली गौरव न्यास पिछले 12 वर्षों से इस बुंदेली महोत्सव का आयोजन कर रहा है। यह महोत्सव 1 फरवरी को समाप्त हो जाएगा।
टोंक कलेक्टर-एसपी आज करेंगे नरेश मीणा से बातचीत:जन आंदोलन की 11 सूत्रीय मांगों पर होगी वार्ता
देवली- उनियारा विधानसभा की जन समस्याओं को लेकर 30 जनवरी को कोटडी मोड़ पर किसान नेता और BSS सुप्रीमो नरेश मीणा के नेतृत्व में होने वाले जन आंदोलन की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला प्रशासन से वार्ता अब गुरुवार को होगी। यह वार्ता बुधवार देर शाम को होनी थी। लेकिन नरेश मीणा इस आंदोलन के लिए गांवों में जन समर्थन जुटाने में व्यस्त थे। इसके चलते वे रात आठ बजे तक भी वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट नहीं पहुंच पाए थे, ऐसे में यह वार्ता स्थगित कर दी थी। जिला प्रशासन से बातचीत कर यह मीटिंग गुरुवार सुबह दस बजे करने पर सहमति बनी। इसके अनुसार अब आज सुबह दस बजे नरेश मीणा कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन से वार्ता करेंगे। यहां उनकी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, SP राजेश कुमार मीना से बातचीत होगी। बुधवार दोपहर को जिला प्रशासन ने नरेश मीणा को वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट बुलाया है। रो पड़ी थी महिला बीते दिनों सोप थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस द्वारा की गई मारपीट से आई शरीर पर चोट दिखाते हुए रो पड़ी थी, उसी दौरान नरेश मीणा ने लोगों के बीच एलान कर दिया था। 30 जनवरी को इस महिला के आरोपियों सोप पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कोटडी मोड़ पर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए करीब सप्ताह भी से गांव गांव जाकर लोगों को पीले चावल बांटकर इस आंदोलन में आने का निमंत्रण दे रहे है। नरेश मीणा के प्रति लोगों का समर्थन देखकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन नहीं चाहता है कि नरेश मीणा का आंदोलन बड़ा रूप ले ,क्योंकि विधानसभा उप चुनाव में भी समरावता में बड़ा उपद्रव हो गया था। बाद में साठ से ज्यादा ग्रामीणों और नरेश मीणा को गिरफ्तार किया गया था। इसको लेकर बड़े बड़े धरना प्रदर्शन किए गए। इससे प्रशासन से फिर टकराव के हालात भी बने। अब इस 30 जनवरी को होने वाले आंदोलन को लेकर भी प्रशासन कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित है । ऐसे में प्रशासन चाहता है कि नरेश मीणा से वार्ता कर आंदोलन को टाला जा सके या यह आंदोलन बड़ा रूप नहीं ले। इसको लेकर बुधवार को जिला प्रशासन ने पहल कर नरेश मीणा से संपर्क किया और वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट बुलाया, इसके लिए बुधवार देर शाम साढ़े छह बजे का समय निर्धारत हुआ, लेकिन नरेश मीणा आठ बजे तक इस आंदोलन के लिए जन समर्थन जुटाने में व्यस्त होने से करीब सात बजे तक भी नहीं पहुंचे, इसके बाद आज बाद बातचीत का समय लिया। वार्ता में कलेक्टर कल्पना अग्रवाल एस पी राजेश कुमार मीना, नरेश मीणा और नरेश मीणा के साथ एक दो उनके कानूनी सलाहकार मीडिया सलाहकार वार्ता में शामिल हो सकते है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर विवाद जारी है। कवि डॉ. कुमार विश्वास के बाद अब उनके भाई प्रोफेसर विकास शर्मा ने भी इन नियमों पर निशाना साधा है। उन्होंने इन नियमों को 'तुगलकी फरमान' बताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय पढ़ने-पढ़ाने की बजाय भेदभाव के केंद्र बन जाएंगे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर और उपन्यासकार विकास शर्मा ने यूजीसी से सवाल किया कि संवेदनशील स्थानों का निर्धारण किस आधार पर किया गया है। उन्होंने पूछा कि परिसर में कौन सी जगह भेदभाव के लिए सही है और कहां भेदभाव नहीं हो सकता। प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि दिल्ली में बैठकर देशभर के विश्वविद्यालयों में भेदभाव स्थल देखने वाले यूजीसी के अधिकारी समाज को न बांटें। ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री प्रोफेसर विकास शर्मा ने छात्रों, प्राध्यापकों, लेखकों और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे सरकार पर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने का दबाव बनाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो मंडल कमीशन जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे पहले, कवि डॉ. कुमार विश्वास ने भी यूजीसी के नए नियमों पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने स्व. रमेश रंजन की एक कविता पोस्ट कर इन नियमों पर अपनी आपत्ति जताई थी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दहेज हत्या से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रकरणों में आरोपी को सजा देने के लिए क्रूरता (क्रूर व्यवहार) का ठोस रूप से साबित होना आवश्यक है। यदि अभियोजन पक्ष के गवाह क्रूरता सिद्ध करने में असफल रहते हैं, तो आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह मामला डिंडोरी जिले से जुड़ा है, जहां जिला अदालत ने पत्नी की मौत के मामले में पति को दोषमुक्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य शासन ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। प्रकरण के अनुसार सुनीता और रणजीत सिंह ने जून 2020 में प्रेम विवाह किया था। शादी के लगभग एक साल के भीतर (अप्रैल 2021 में) पति से कथित विवाद के बाद सुनीता ने खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी सुनीता की अगले दिन इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने पति रणजीत सिंह को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जिला अदालत ने दोषमुक्त किया था डिंडोरी जिला अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में रणजीत सिंह को दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद राज्य शासन ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने की। हाईकोर्ट ने राज्य शासन की अपील को खारिज करते हुए जिला अदालत के दोषमुक्ति के आदेश को बरकरार रखा। गवाह ने कहा-दहेज नहीं मांगा गया कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की गवाह (मृतिका की बहन) ने स्वीकार किया कि यह प्रेम विवाह था और आरोपी पति द्वारा कभी दहेज की मांग नहीं की गई। साथ ही, रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाया गया जिससे दहेज के लिए क्रूरता साबित हो सके। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने माना कि आरोपी को सजा देने के लिए आवश्यक कानूनी तत्व पूरे नहीं होते, इसलिए दोषमुक्ति में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।
टीकमगढ़ में गुरुवार को आसमान में बादल छाए हैं और सर्द हवाओं का दौर जारी रहा। पिछले 24 घंटे में दिन के तापमान में 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड बढ़ गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री था, जो बुधवार को घटकर 20.4 डिग्री पर आ गया। रात का न्यूनतम तापमान मंगलवार और बुधवार दोनों दिन 13 डिग्री दर्ज किया गया। भू अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 48 घंटे के दौरान जिले में औसतन 0.5 इंच बारिश हुई है। इसमें मोहनगढ़ और लिधौरा तहसील में करीब आधा इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, गुरुवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। शनिवार से दिन और रात के तापमान में वृद्धि शुरू होगी, लेकिन सोमवार को एक बार फिर बारिश का अनुमान जताया गया है। किसान बोले- ओलावृष्टि होने पर गेहूं को नुकसान किसान रामदयाल यादव ने बताया कि अधिक बारिश चना और मसूर की फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि केवल बारिश होती है तो गेहूं को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन आंधी-तूफान या ओलावृष्टि होने पर बड़े पैमाने पर फसलें चौपट हो सकती हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालय परिसरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। खासकर सवर्ण (जनरल कैटेगरी) छात्रों और शिक्षकों के एक वर्ग ने नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बीच कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने पूरे विवाद पर विस्तार से सफाई देते हुए कहा है कि संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि कई अहम सुझावों को UGC ने खुद नजरअंदाज किया है। नए इक्विटी रेगुलेशंस की पृष्ठभूमि दिग्विजय सिंह के मुताबिक, फरवरी 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी की माताओं की पहल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार और UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए ड्राफ्ट इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए थे। इसका उद्देश्य कैंपस में जाति, सामाजिक पृष्ठभूमि और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना था। दिसंबर 2025 में शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने इन ड्राफ्ट नियमों की समीक्षा कर एक सर्वसम्मत रिपोर्ट संसद में रखी। समिति ने माना कि नियम सही दिशा में हैं, लेकिन उन्हें और सख्त व स्पष्ट बनाए जाने की जरूरत है। संसदीय समिति की प्रमुख सिफारिशें क्या थीं? समिति ने विशेष रूप से पांच अहम सुझाव दिए, UGC ने क्या माना और क्या छोड़ा? जनवरी 2026 में UGC ने अंतिम इक्विटी रेगुलेशंस जारी किए। दिग्विजय सिंह के अनुसार, UGC ने ओबीसी को शामिल करने, दिव्यांगता को भेदभाव के आधार मानने और वार्षिक रिपोर्ट, ट्रेनिंग व सहायता जैसे प्रावधानों को स्वीकार कर लिया। लेकिन, इक्विटी कमेटी में एससी-एसटी-ओबीसी प्रतिनिधित्व बढ़ाने और भेदभाव की विस्तृत परिभाषा तय करने जैसी सिफारिशों को UGC ने नजरअंदाज कर दिया। सवर्ण वर्ग की आपत्तियां क्या हैं? नए नियमों के खिलाफ हो रहे विरोध का बड़ा हिस्सा सवर्ण छात्रों और शिक्षकों से जुड़ा है। उनकी मुख्य आपत्तियां दो बिंदुओं पर केंद्रित हैं 1. झूठे मामलों पर सजा का प्रावधान हटना:ड्राफ्ट नियमों में झूठी शिकायत दर्ज कराने पर दंड का प्रावधान था, जिसे अंतिम नियमों से हटा दिया गया। सवर्ण छात्रों का कहना है कि इससे फर्जी जातिगत भेदभाव के मामलों की बाढ़ आ सकती है, जिसका इस्तेमाल दबाव बनाने या बदले की भावना से किया जा सकता है। 2. जनरल कैटेगरी को सूची से बाहर रखना:नियमों में जातिगत भेदभाव के शिकार के रूप में केवल एससी, एसटी और ओबीसी का उल्लेख है। सवर्ण वर्ग का तर्क है कि इससे यह संदेश जाता है कि जातिगत भेदभाव करने वाला केवल जनरल कैटेगरी ही होता है, जबकि भेदभाव किसी भी वर्ग के साथ हो सकता है। दिग्विजय सिंह ने की सफाई दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि झूठे मामलों पर सजा हटाने का फैसला UGC का अपना था, इसका संसदीय समिति से कोई संबंध नहीं है। जनरल कैटेगरी को सूची से बाहर रखने पर भी समिति ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। यह निर्णय भी पूरी तरह UGC का है। उन्होंने कहा कि यदि UGC ने भेदभाव की स्पष्ट परिभाषा और उदाहरण तय कर दिए होते, तो इससे न केवल वंचित वर्गों को सुरक्षा मिलती बल्कि फर्जी मामलों की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाती। यही बात संसदीय समिति ने कही थी, लेकिन उसे अनदेखा कर दिया गया। अब समाधान किसके हाथ में? दिग्विजय सिंह के मुताबिक, मौजूदा गतिरोध को खत्म करने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह UGC और शिक्षा मंत्रालय पर है। उन्होंने कहा कि नियमों को लेकर जो भ्रम फैला है, उसे दूर किए बिना कैंपस का माहौल सामान्य नहीं हो सकता।

