नीति आयोग की बैठक: सीएम रेवंत रेड्डी ने छह महानगरों में से प्रत्येक को एक लाख करोड़ रुपए की मांग की
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में देश के छह प्रमुख महानगरों के विकास को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा।
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में धर्मेंद्र प्रधान ने ह्यूमन कैपिटल को मजबूत करने पर दिया जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक के दौरान ह्यूमन कैपिटल (मानव पूंजी) को मजबूत करने पर हुई चर्चाओं का जिक्र किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान बाजार द्वारा 66 दुकानों की नीलामी के लिए 8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना को निरस्त कर दिया है। साथ ही नगर पंचायत को कानून के अनुरूप नई नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट में पेश की गईं दलीलें याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। साथ ही नीलामी के लिए केवल स्थानीय स्थायी निवासियों को आवेदन की अनुमति देकर अन्य पात्र व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया। याची वर्ष 2018 से नियमित रूप से किराया जमा कर संबंधित दुकान का संचालन कर रहा है, फिर भी उसे नीलामी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नीलामी के लिए प्रस्तावित दुकानों का आकार और सटीक स्थान सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। सुनवाई के दौरान नगर पंचायत की ओर से अदालत को बताया गया कि वह मौजूदा अधिसूचना वापस लेकर कानून के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पर हाईकोर्ट ने 8 मई 2026 की नीलामी सूचना को रद्द करते हुए नगर पंचायत को न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।
वोटर लिस्ट से गलत तरीके से नाम न हटे, एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस
कांग्रेस ने महाराष्ट्र में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से काटे जाने, समय-सीमा और प्रक्रिया की कमियों पर चर्चा की।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियां की गई थीं और फैसले की प्रति कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को उनके भविष्य के पदस्थापन पर विचार के लिए भेजने का निर्देश दिया गया था।
कानपुर जेल में बंदी के साथ मारपीट किए जाने के मामले में विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी जेलर और जेल हेड वार्डर को सस्पेंड कर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल प्रेमचंद्र मीणा ने दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। जिस बंदी के साथ मारपीट की ये घटना हुई है उसे पिछले महीने ही फतेहपुर जनपद से प्रशासनिक आधार पर कानपुर जेल लाया गया था। जेल सुपरिटेंडेंट से मारपीट की घटना छिपायी थी जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी सिराज को पिछले महीने प्रशासनिक आधार पर फतेहपुर जिला कारागार से ट्रांसफर कर कानपुर जेल भेजा गया था। आरोप है कि बुधवार को डिप्टी जेलर राजेंद्र कुमार मिश्रा और जेल हेड वार्डर श्याम किशोर तिवारी ने बंदी सिराज के साथ गाली गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं उनसे इस पूरी घटना को छिपाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें अन्य कर्मचारियों से मिली। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इस पर जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने पूरे प्रकरण की जानकारी डीजी जेल प्रेमचंद्र मीणा को दी। सस्पेंड कर्मचारियों को मुख्यालय से संबद्ध रखा जाएगा जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि बंदी के साथ हुई मारपीट के मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीजी जेल ने डिप्टी जेलर राजेंद्र कुमार मिश्रा और जेल हेड वार्डर श्याम किशोर त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड के दौरान दोनों कर्मचारियों को विभागीय नियमों के अनुसार मुख्यालय से संबद्ध रखा जाएगा। जेल सुपरिटेंडेंट का कहना है कि जेल सुधार गृह है यातना गृह नहीं, बंदियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल के बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उन्हें मोबाइल स्क्रीन से दूर रखने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी, न्यू मार्केट द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है। 14 जून (रविवार) को यहां ‘लिटिल रीडर्स क्लब’ का शुभारंभ होगा, जिसमें 4 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे भाग ले सकेंगे। लाइब्रेरी प्रबंधन के अनुसार, इस क्लब का उद्देश्य बच्चों में पठन-पाठन के प्रति रुचि जगाना, उनकी कल्पनाशक्ति को विकसित करना और उन्हें पुस्तकों की दुनिया से जोड़ना है। यह क्लब विशेष रूप से लाइब्रेरी के सदस्यों के लिए संचालित किया जाएगा। लाइब्रेरी के प्रबंधक यतीश भटेले ने बताया कि बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार दो समूहों में विभाजित किया गया है। ‘लिटिल बड्स’ (4–8 वर्ष) समूह में कहानी सुनना-सुनाना, चित्र पुस्तकों का परिचय और प्रारंभिक पठन गतिविधियां होंगी। वहीं ‘पेज टर्नर्स’ (9–14 वर्ष) समूह के बच्चों के लिए पुस्तक पठन के साथ संवादात्मक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शुभारंभ कार्यक्रम 14 जून को शाम 5 बजे आयोजित होगा, जिसमें कई रोचक गतिविधियां रखी गई हैं। ‘बुक जैकेट डिजाइन’ के तहत बच्चे अपनी पसंदीदा पुस्तक का नया कवर तैयार करेंगे और उसका आकर्षक परिचय लिखेंगे। वहीं ‘बुक पिच’ गतिविधि में वे विज्ञापन विशेषज्ञ की तरह अपनी पसंदीदा किताब को प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा कहानी वाचन, पुस्तक चर्चा, चित्रकला एवं क्राफ्ट, शब्द और पहेली खेल, रचनात्मक लेखन, रोल प्ले, क्विज प्रतियोगिता और समूह गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और टीमवर्क की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। भटेले ने बताया कि इस क्लब की गतिविधियां हर 15 दिनों में आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चों में नियमित पठन की आदत विकसित हो सके। क्लब का संचालन तूलिका श्री और अनीर्बन चक्रबर्ती द्वारा किया जाएगा, जो बचपन से ही लाइब्रेरी से जुड़े रहे हैं और पूर्व में भी कई साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का सफल संचालन कर चुके हैं। कार्यक्रम विवरणक्लब का नाम – लिटिल रीडर्स क्लबआयु वर्ग – 4 से 14 वर्षसमय – शाम 4 बजे सेस्थान – स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी, न्यू मार्केट, भोपाल
भोपाल के अचारपुरा के डोबरा रोड स्थित कुठार की चंदेरी झील में जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोपों के बाद एडीएम सुमित पांडे ने जिला खनिज अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। शिकायत में आरोप है कि झील से करीब 150 डंपर कोपरा निकालकर बिना रॉयल्टी बेचा गया। जानकारी के अनुसार, कुठार के सरपंच पति गिरजेश ने खुदाई का काम जिला खनिज अधिकारी एलएम गोयल के बेटे शुभम गोयल को सौंपा था। प्रारंभ में मिट्टी निकाली गई, लेकिन बाद में कोपरा निकाले जाने की शिकायत सामने आई है। अब यह जांच की जाएगी कि निकाला गया कोपरा कहां और किसे बेचा गया। खनिज अधिकारी को ही जांच का जिम्माएडीएम ने बताया कि कोपरे के उत्खनन और बिक्री की जांच के निर्देश जिला खनिज अधिकारी एमएस रावत को दिए गए हैं। जिले में पिछले एक महीने से तालाबों और नदियों के गहरीकरण का काम चल रहा है। आरोप हैं कि कई स्थानों पर अभियान की आड़ में रेत, मुरम और कोपरा निकालकर बेचा जा रहा है। कागजों में बनाईं पुलिया-सड़कें, सचिव से होगी वसूलीअर्रावती और फुल्हौर ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव राजपाल सिंह सोलंकी ने चार पुलिया, दो सीसी सड़क, श्मशान घाट सौंदर्यीकरण, चबूतरा और टीनशेड के काम सिर्फ कागजों में करा दिए। कार्यों के नाम पर 18.39 लाख निकाल लिए गए। जांच में 64 निर्माण कार्य नहीं मिले। जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने सचिव को निलंबित कर वसूली के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में एक और ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। भोपाल और ग्वालियर के बीच नया 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए इसी महीने टेंडर जारी किए जाएंगे। नए मार्ग के बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी मौजूदा लगभग 425 किलोमीटर से घटकर 340-350 किलोमीटर रह जाएगी। इस नए कॉरिडोर के जरिए भोपाल से ग्वालियर की यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। वर्तमान में यह सफर 7 से 8 घंटे में पूरा होता है, जबकि नई सड़क बनने के बाद करीब साढ़े पांच घंटे में गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) इस परियोजना को बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने की योजना बना रहा है। राज्य स्तर पर नए कॉरिडोर की सहमतिजानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में विकसित सड़क परियोजनाओं के अध्ययन के बाद राज्य स्तर पर इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लेकर सहमति बनी है। प्रदेश में इससे पहले भोपाल-इंदौर, भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना, सागर-जबलपुर और जबलपुर-आशापुर ग्रीनफील्ड मार्गों पर भी काम आगे बढ़ चुका है और उनकी डीपीआर तैयार की जा रही है। एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव के अनुसार प्रदेश में यातायात दबाव वाले मार्गों को प्राथमिकता देते हुए ग्रीनफील्ड सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रा समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी। प्रदेश के प्रमुख ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भोपाल-मंदसौर कॉरिडोर सागर-सतना कॉरिडोर जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर क्या है बीओटी मॉडल?बीओटी मॉडल में परियोजना लागत का 20 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। शेष 60 प्रतिशत निवेश निर्माण एजेंसी या ठेकेदार द्वारा किया जाता है। इसके बदले तय अवधि तक टोल वसूली का अधिकार दिया जाता है। एमपीआरडीसी अब अधिक यातायात वाले अधिकांश नए सड़क प्रोजेक्ट इसी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है।
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार रात शराब के नशे में बेटे द्वारा किए गए विवाद के बीच एक महिला की मौत हो गई। घटना कटरा बिजन बेग चौकी क्षेत्र के तकिया पीर ज्ञान मोहल्ले की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक, मृतका जीनत उर्फ मरजाना (60) का बेटा नशे का आदी है। गुरुवार रात करीब 10 बजे वह शराब के नशे में घर पहुंचा और अपने पिता रईस अहमद से झगड़ा करने लगा। इसी दौरान बीच-बचाव करने आईं जीनत अचानक फिसलकर गिर गईं और बेहोश हो गईं। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सआदतगंज ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और शव का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया महिला के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी बेटे को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आईएएस अफसर क्रेडिट पाने के लिए किस तरह के दाव पेंच खेलते हैं, इसका ताजा मामला आईएएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में आया है और जो आईएएस लॉबी में खासा चर्चा में भी है। यह दाव पेंच सीधी भर्ती और प्रमोटी आईएएस के बीच चल रही सालों पुरानी खुन्नस के ताजा कमेंट के रूप में आया है जिसके बाद प्रमोटी आईएएस अफसरों में गुस्सा है। दरअसल यह ताजा मामला छिंदवाड़ा जिले की आईटी आधारित पहल को वॉश ऑन व्हील्स को लेकर चर्चा में आया जिसको लेकर प्रमोटी आईएएस अधिकारी और छिंदवाड़ा के पूर्व कलेक्टर शीलेंद्र सिंह की पहल को लेकर ग्रुप में बधाइयों का दौर चल रहा था। इसी दौरान अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग ने एक कमेंट कर पूरा माहौल बदल दिया और न सिर्फ बधाइयों का दौर थम गया बल्कि प्रमोटी आईएएस अफसरों में उनके कमेंट्स के बाद गुस्सा भी देखा गया लेकिन बाहर कोई कुछ खुलकर बोलना नहीं चाह रहा है। अंग्रेजी में यह कमेंट लिखा दीपाली रस्तोगी ने अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी एक अधिकारी की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी छिंदवाड़ा टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अपने कमेंट में उन्होंने लिखा कि छिंदवाड़ा टीम के प्रयासों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं युवा आईएएस अधिकारी अग्रिम कुमार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि आईटी आधारित पहल का नेतृत्व अग्रिम कुमार ने किया था और बाद में उनके तथा एनआईसी के सहयोग से इस मॉडल को राज्य स्तर पर भी लागू किया गया। रस्तोगी ने कहा कि छिंदवाड़ा में विकसित इस नवाचार को राज्य स्तर पर दोहराया गया है, जो टीमवर्क और प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने विशेष रूप से अग्रिम कुमार और एनआईसी के योगदान का उल्लेख किया। प्रमोटी अफसरों को क्रेडिट न मिले, इसका कोई मौका नहीं छोड़ते अपर मुख्य सचिव के इस बयान के बाद चर्चा का रुख बदल गया और छिंदवाड़ा मॉडल को टीमवर्क आधारित सफलता के रूप में देखा जाने लगा। इसके बाद यह कयास बाजी तेज हो गई है कि सीधी भर्ती के अफसर प्रमोटी अफसरों को श्रेय नहीं लेने देते। इतना ही नहीं दीपाली ने अग्रिम कुमार का उल्लेख करते हुए उन्हें Young IAS Officer बताया और Young शब्द को विशेष रूप से उद्धरण चिह्नों (Quote-Unquote) में लिखा। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। चार दिन पहले डिंडोरी के मॉडल पर भी सीधी भर्ती के अफसरों को श्रेय देने वाला कमेंट इसके चार दिन पहले भी दीपाली रस्तोगी ने डिंडोरी में जनजातीय कार्य विभाग की प्रमोटी अधिकारी मीनाक्षी सिंह की उपसचिव और वन्या की एमडी रहने के दौरान किए गए काम पर गौंड पेंटिंग को मिले जीआई टैग के मामले में ग्रुप में दी जा रही बधाई पर कमेंट किया था। सभी मीनाक्षी सिंह के काम को बधाई दे रहे थे तभी एसीएस दीपाली रस्तोगी ने लिखा कि यह एसआरएलएम की एमडी हर्षिका सिंह और उनकी टीम के प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने डिंडोरी कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत के जरिये इस पर अच्छा काम किया है। हर्षिका सिंह और डिंडोरी कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत सीधी भर्ती के अफसर हैं। इसलिए यहां भी रस्तोगी ने इन्हें ही क्रेडिट देने का काम किया। यहां गौरतलब है कि इसके पहले भी रस्तोगी इस तरह के कमेंट्स कर विवादों में रही हैं।
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब कानूनी सहायता व्यवस्था (लीगल एड) से जुड़े वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमपीएसएलएसए) और चीफ जस्टिस विवेक रूसिया को शिकायत भेजकर कुछ लीगल एड वकीलों तथा एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियुक्त लीगल एड से जुड़े कुछ वकील आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के पक्ष में सक्रिय दिखाई दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं। पिता ने शिकायत के साथ एक फोटो भी भेजा है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना से जुड़े सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना कथित तौर पर समर्थ सिंह की शादी में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान भी वे आरोपी पक्ष के निजी वकील के साथ अदालत में मौजूद थे। रीना वर्मा की भूमिका पर भी सवाल शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि 2 जून को सीबीआई द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान उन्होंने वकालतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आरोपी पक्ष के पास पहले से निजी अधिवक्ता मौजूद थे, तब लीगल एड से जुड़े वकीलों की सक्रिय भूमिका की जांच होना चाहिए। दो नियुक्तियों पर उठाए सवालनवनिधि शर्मा का आरोप है कि गिरिबाला सिंह के कार्यकाल में नियुक्त दो लीगल एड वकील बाद में उन्हीं से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष के साथ दिखाई दिए। शिकायत में कहा गया है कि यदि लीगल एड पैनल से जुड़े सदस्य निजी पक्ष की पैरवी कर रहे थे तो इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। 8 कॉल और अग्रिम जमानत पैरवी की जांच की मांग शिकायत में दावा किया गया है कि 12 मई की रात करीब 11 बजे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य को कॉल किया गया था। साथ ही 15 मई को अग्रिम जमानत मामले में पैरवी करने पहुंचे अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। अज्ञात व्यक्ति की पहचान पर भी सवाल शिकायत में एक ऐसे व्यक्ति का उल्लेख किया गया है, जो कथित रूप से ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में दिखाई देता है। शिकायतकर्ता ने इस व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत में क्या-क्या मांगें शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया कि शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले में कार्रवाई का इंतजार है। क्या हाेते हैं लीगल एड वकील ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। जांच एजेंसी अब इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रही है। दूसरी पीएम रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी गई है।पूरी खबर पढ़ें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा प्रकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपियों को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि प्रथम दृष्टया प्रकरण विचारणीय है, जिसके चलते अगली सुनवाई तक आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई स्थगित रखने का आदेश दिया गया। यह आदेश विशेष वाद संख्या 89/2025 से संबंधित याचिका पर पारित किया गया। याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 528 के तहत दाखिल की गई थी, जिसमें संभल के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज केस क्राइम संख्या 337/2024 की पूरी कार्यवाही, संज्ञान आदेश तथा आरोप तय करने कीख कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की गई है। जानिये कोर्ट में क्या दलीलें दीं याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 24 नवंबर 2024 को दर्ज एफआईआर में 21 नामजद और 800 से 900 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। उनका आरोप है कि यह मुकदमा झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर दर्ज किया गया तथा इसका उद्देश्य केवल आरोपियों को परेशान करना था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के नाम केवल कुछ वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए हैं, जबकि उनकी पहचान और कथित घटना में संलिप्तता साबित करने के लिए कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि इसी मामले के सह-आरोपी शाने आलम, शुएब, मोहम्मद आमिर और शुजाउद्दीन उर्फ सज्जू ने पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उस याचिका पर 13 मई 2026 को पारित आदेश में अदालत ने उनके खिलाफ भी आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसी आधार पर वर्तमान याचिकाकर्ताओं ने समान राहत की मांग की। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अपर शासकीय अधिवक्ता को नोटिस स्वीकार करने का निर्देश दिया तथा दूसरे पक्षकार को भी नोटिस जारी किया। अदालत ने विपक्षी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है, जबकि याचिकाकर्ताओं को उसके बाद एक सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी गई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। तब तक संबंधित विशेष मामले में याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की आगे की न्यायिक कार्यवाही नहीं की जाएगी।
मथुरा के थाना हाई वे क्षेत्र में गुरुवार की शाम थाना पुलिस SOG और स्वाट टीम की ट्रांसफॉर्मर से वाइंडिंग तार चोरी करने वाले बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में आगरा और फिरोजाबाद के शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। मुठभेड़ में घायल हुए दोनों बदमाशों पर 25-25 हजार रुपए का मथुरा पुलिस ने इनाम घोषित किया हुआ था। पुलिस ने घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। ट्रांसफॉर्मर से चोरी किए थे वाइंडिंग वायर 4 जून को बदमाशों ने गोवर्धन रोड पर नव विकसित कॉलोनी राधा निकुंज में लगे 250-250 के 2 ट्रांसफॉर्मर नीचे गिरा दिए। इसके बाद उसे खोलकर वाइंडिंग तार को निकाल ले गए। एक दर्जन बदमाशों द्वारा वारदात के दौरान विरोध करने पर कॉलोनी के चौकीदारों के साथ मारपीट भी की गई थी। वारदात के बाद पुलिस ने थाना गोवर्धन में बदमाशों के खिलाफ धारा 310(2) ,127(2) और विद्युत अधिनियम की धारा 136 में मुकद्दमा दर्ज कर लिया था। मुखबिर से मिली सूचना गुरुवार को थाना हाई वे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रांसफॉर्मर से तार चोरी करने वाले बदमाश फिर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में पालीखेड़ा महोली रोड पर निर्माणाधीन बैकुंठ सिटी कॉलोनी के पास घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना हाईवे प्रभारी प्रशांत कपिल, SOG और स्वाट टीम के साथ मुखबिर द्वारा बताए स्थान पर पहुंच गए। पुलिस पर किया फायर बदमाशों की पहचान होने पर पुलिस जब उनको पकड़ने आगे बढ़ी तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसमें दोनों बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगने से घायल हुए बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्त में आए बदमाशों ने अपने नाम धर्मवीर उर्फ देव निवासी आगरा और विपिन निवासी फिरोजाबाद बताए। इन दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी पर मथुरा एसएसपी में 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। यह हुआ बरामद पुलिस ने घायल हुए दोनों बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बदमाशों के पास से 2 तमंचा,8 कारतूस,55 हजार रुपए नगद, ट्रांसफॉर्मर की 15 प्लेट, 4 एंगल,2 बोल्ट,इंसुलेटर के अलावा एक अर्टिगा गाड़ी बरामद की। पकड़े गए बदमाश धर्मवीर पर मथुरा के थाना हाई वे,मगोर्रा,बलदेव, गोवर्धन के अलावा आगरा और फिरोजाबाद जिले के अलग अलग थाना में 22 मुक़दमे दर्ज हैं। वहीं विपिन के खिलाफ मथुरा के अलावा फिरोजाबाद और आगरा के अलग अलग थानों में 26 मुक़दमे दर्ज हैं।
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज स्थित केनरा बैंक शाखा परिसर में गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत मृतक खाताधारकों के आश्रितों को बीमा दावा राशि के चेक वितरित किए गए। इस दौरान दो-दो लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मंडल प्रबंधक राज प्रकाश सिंह और शाखा प्रबंधक विश्वदीप मिश्रा सहित बैंक के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर मंडल प्रबंधक राज प्रकाश सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु से हुई क्षति की भरपाई धनराशि से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार द्वारा संचालित बीमा योजनाएं संकट की घड़ी में परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी खाताधारकों से मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर उपलब्ध प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जुड़ने की अपील की। शाखा प्रबंधक विश्वदीप मिश्रा ने बताया कि शाखा के एक खाताधारक कुंवर धीरेंद्र विक्रम की दिल्ली में लिफ्ट में आग लगने की घटना में मृत्यु हो गई थी। उनका बीमा बैंक मित्र शक्ति पाल के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कराया गया था। परिजनों द्वारा बैंक से संपर्क करने के बाद, सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत, मृतक कुंवर धीरेंद्र विक्रम की माता को दो लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया गया। शाखा प्रबंधक ने बैंक के सभी पात्र ग्राहकों से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बैंकिंग समस्या के लिए ग्राहक सीधे शाखा से संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यालय के मंडल प्रबंधक राज प्रकाश सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक वेद प्रकाश अधिकारी, सहायक प्रबंधक धर्मवीर सिंह, ऋण अधिकारी जितेंद्र यादव, पवन कुमार गुप्ता, रोहित कुमार शर्मा, बैंक मित्र शक्ति पाल और संदीप कुमार सहित अन्य बैंककर्मी उपस्थित थे।
बस्ती में पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर छापा मारा है। गुरुवार रात हुई इस कार्रवाई में 11 युवकों और 5 युवतियों सहित कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह स्पा सेंटर पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा इलाके में संचालित था। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी के नेतृत्व में पुरानी बस्ती पुलिस ने रात करीब 9:40 बजे स्पा सेंटर पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हिरासत में लिए गए सभी 16 लोगों को पूछताछ और सत्यापन के लिए पुरानी बस्ती थाने लाया गया है। पुलिस उनके पहचान पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि छापेमारी में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा अपार्टमेंट में आग : बुजुर्ग दंपती फंसे, पुलिस-फायर टीम ने बचाया
नोएडा के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र स्थित ओवरसीज अपार्टमेंट में शुक्रवार को चौथी मंजिल पर एक फ्लैट में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
हाथरस में तेज आंधी-बारिश, बिजली गुल:लोगों को गर्मी से मिली राहत, आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी
हाथरस में आज गुरुवार रात करीब 10 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी के साथ आसमान में बादल छा गए और बिजली कड़की। जिले के कुछ इलाकों में बारिश भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, आंधी और बारिश के कारण शहर और देहात के अधिकांश हिस्सों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से पहले, कल का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। 'सचेत' ऐप से मिली जानकारी के अनुसार, अगले तीन घंटों में कई जनपदों में 70-90 किमी/घंटा से लेकर 100 किमी/घंटा तक की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आने की संभावना है। इसके साथ ही बिजली कड़कने, मध्यम से भारी बारिश और ओले गिरने की भी आशंका है। इस संभावित गंभीर मौसम के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। जिन जनपदों के लिए यह अलर्ट जारी हुआ है, उनमें आगरा, अलीगढ़, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला साइबर थाने में दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शीतला सुजान कवि नामक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने फेसबुक के माध्यम से अखिलेश यादव की पुत्री के संबंध में अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट की। इस पोस्ट के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आपत्ति जताई। इस मामले में सपा के महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर साइबर थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्ट के स्रोत और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियों को व्यक्तिगत गरिमा के खिलाफ बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में प्रबंधन समिति को दोबारा स्कूल संचालन की जिम्मेदारी मिलने के बाद नई समस्याएं सामने आई हैं। गुरुवार को स्कूल की मैनेजर संतोष रस्तोगी ने आरोप लगाया कि विद्यालय के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं। वहीं, एक सप्ताह तक खुले में पड़े रहने के कारण स्कूल के कंप्यूटर भी खराब हो गए हैं। स्कूल परिसर की सफाई के दौरान शिक्षिकाओं और मजदूरों ने पाया कि अलमारियों में रखे कई अभिलेख नहीं हैं। इसके अलावा पंखे और ब्लैकबोर्ड भी टूटे हुए मिले। मैनेजर का कहना है कि गुरुवार को कुछ आराजक तत्व स्कूल के बाहर पहुंचे। धमकी देकर चले गए। संतोष रस्तोगी ने दस्तावेज गायब होने, स्कूल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धमकी देने की शिकायत पुलिस से की है। साथ ही उन्होंने एडीएम से मुलाकात कर स्कूल के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने देने की मांग की है। एडीएम कोर्ट के आदेश पर 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल का सामान बाहर निकाल दिया गया था और स्कूल में ताला लगा दिया गया था। इसके बाद छात्राओं और शिक्षिकाओं के विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन सक्रिय हुआ। बाद में एडीएम ने अपना आदेश वापस लेकर विद्यालय का संचालन फिर से स्कूल प्रबंध समिति को सौंप दिया। शुक्रवार को शिक्षक संगठन डीएम से मिलेगा विद्यालय में कक्षा 1 से 10 तक कुल 243 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवेंद्र कुमार पांडेय ने पहले ही स्कूल के फर्नीचर, अभिलेखों और अन्य आवश्यक सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा था। मामले को लेकर शिक्षक संगठन शुक्रवार को डीएम और डीआईओएस से मुलाकात करेगा।
अहमदाबाद विमान हादसे में पति को खोने वाली महिला ने बताया, 'अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई'
गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में पति को खोने वाली हैतल प्रजापति ने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। साथ ही बताया कि उनके लिए यह पूरा एक साल कैसा रहा?
नोएडा के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र स्थित ओवरसीज अपार्टमेंट में गुरुवार रात को चौथी मंजिल पर एक फ्लैट में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के दौरान फ्लैट के अंदर 86 साल के एक बुजुर्ग और उनकी 83 साल की पत्नी फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी। जिस पर काबू पा लिया गया। चलने फिरने में थे असहज ओवरसीज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर आग लगने और तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो पाया कि एक बुजुर्ग दंपती फ्लैट के अंदर फंसा हुआ है। अधिक उम्र होने के कारण दोनों चलने-फिरने में असहज थे और फ्लैट अंदर से बंद था। आग के कारण पूरे फ्लैट में घना धुआं भर गया था। फ्लैट का दरवाजा काटकर बाहर निकाला रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर सर्विस और पुलिसकर्मियों ने हाइड्रोलिक मशीन व अन्य उपकरणों की मदद से फ्लैट का दरवाजा काटा। इसके बाद टीम अंदर पहुंची और अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति सामान्य और स्वस्थ बताई। फायर सर्विस की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है।
ऑटो में बज रहे थे फूहड़ गाने, डीसीपी ने पकड़ा:लखनऊ में 125 ऑटो-ई-रिक्शा सीज, 1002 वाहनों का चालान
लखनऊ में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन अभियान के दौरान डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बुधवार शाम हजरतगंज चौराहे पर खुद मोर्चा संभाला। चेकिंग के दौरान एक ऑटो में तेज आवाज में अश्लील गाने बजते मिले, जिससे उसमें बैठी महिला यात्री असहज महसूस कर रही थी। डीसीपी ने तत्काल वाहन को सीज करा दिया। अभियान के दौरान कई ऑटो बिना सेफ राइड रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड के चलते पाए गए। हजरतगंज चौराहे पर रोके गए ऑटो संख्या यूपी-32 डब्ल्यूएन-8635 में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। ऑटो में दो यात्री आगे और चार पीछे बैठे मिले। चालक से सेफ राइड रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई जानकारी नहीं दे सका। इस पर वाहन को सीज कर दिया गया। चारबाग और महानगर की ओर से आने वाले अन्य ऑटो चालकों के पास भी रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। कार्रवाई के दौरान कई वाहन सीज किए गए और चालान किए गए। वृद्ध महिला को सहारा देकर सड़क पार कराई चेकिंग के दौरान सीज किए गए एक ऑटो से उतरी वृद्ध महिला को चलने में परेशानी हो रही थी। यह देख डीसीपी रवीना त्यागी ने उन्हें सहारा दिया, जबकि एक सिपाही ने उनका बैग संभाला। सड़क पार कराने के बाद महिला को दूसरे वाहन से गंतव्य तक भेजा गया। पुलिस के इस मानवीय व्यवहार पर महिला ने डीसीपी और पुलिसकर्मियों को आशीर्वाद दिया। 125 ऑटो-ई-रिक्शा सीज, 1002 वाहनों के चालान ट्रैफिक पुलिस के विशेष अभियान में बुधवार शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों से 125 ऑटो और ई-रिक्शा सीज किए गए, जबकि 1002 वाहनों का चालान किया गया। अधिकारियों के मुताबिक बिना सत्यापन और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सत्यापन के बाद ही मिलेंगे वाहन सीज किए गए ऑटो और ई-रिक्शा को वृंदावन कॉलोनी स्थित निर्धारित ग्राउंड में खड़ा कराया जा रहा है। वाहन मालिकों को तब तक वाहन नहीं मिलेंगे, जब तक वे सेफ राइड प्रोजेक्ट के तहत अपना और वाहन का सत्यापन पूरा नहीं करा लेते।
लखनऊ में मदर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित चबूतरा थियेटर फेस्टिवल सीजन-10 का रंगारंग शुभारंभ गोमतीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में हुआ। महोत्सव के पहले दिन बाल कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। फेस्टिवल की पहली प्रस्तुति 'हमें नष्ट मत करो' थी। चबूतरा थियेटर पाठशाला के बच्चों ने जंगलों की अंधाधुंध कटाई से उत्पन्न हो रहे संकट को मार्मिक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। नाटक में हिरण, शेर, चिड़िया और बरगद के पेड़ ने मनुष्यों से अपने अस्तित्व की रक्षा की गुहार लगाई। नाटक के संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया बच्चों ने दर्शाया कि पेड़ों की कटाई केवल जंगल ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और पूरे पर्यावरण को खतरे में डाल रही है। नाटक के संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसमें संदेश दिया गया कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। प्रस्तुति के अंत में प्रकृति बचेगी, तभी जीवन बचेगा का संदेश गूंजता रहा। इस नाटक का लेखन और निर्देशन महेश चंद्र देवा ने किया था। मेहनत, त्याग और आत्मसम्मान की मिसाल पेश की दूसरी प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद की कालजयी रचना 'सुभागी' पर आधारित थी। कोटवा वार्ड बीकेटी के बच्चों ने इस नाटक का प्रभावशाली मंचन किया। कहानी एक ऐसी बेटी की है, जो कम उम्र में विधवा होने के बावजूद अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा बनती है। भाई के स्वार्थी रवैये के बावजूद सुभागी ने मेहनत, त्याग और आत्मसम्मान की मिसाल पेश की। इस नाटक ने समाज में बेटियों की भूमिका, महिला आत्मनिर्भरता और विधवा जीवन से जुड़ी रूढ़ियों पर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए। दर्शकों ने बाल कलाकारों के अभिनय की जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि दूसरे दिन डॉ. राकेश ऋषभ के नवीन नाटक 'वाईफोफोबिया' का मंचन किया जाएगा।
यूपी के 44 जिलों में बाढ़ मॉक ड्रिल:मानसून से पहले 118 तहसीलों में हुआ राज्य स्तरीय अभ्यास
उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों का बड़े स्तर पर परीक्षण किया गया। गुरुवार को प्रदेश के 44 संवेदनशील जिलों और 118 तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज-2026 का सफल आयोजन हुआ। इस अभ्यास में पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन कर अपनी तत्परता दिखाई। पुलिस महानिदेशक पीएसी आलोक सिंह के निर्देशन में यह अभ्यास आयोजित किया गया। इसमें पीएसी की 17 वाहिनियों से 7 कंपनी और एक प्लाटून के साथ एसडीआरएफ की 16 टीमों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और बचाव दलों की कार्यकुशलता का आकलन करना था। जीवनरक्षक उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया अभ्यास के दौरान नाव संचालन, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने और लाइफ जैकेट जैसे जीवनरक्षक उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त, रस्सियों की मदद से बचाव अभियान, प्राथमिक उपचार और अन्य राहत कार्यों की प्रक्रियाओं को भी व्यवहारिक रूप से दर्शाया गया। इस मॉक एक्सरसाइज में आधुनिक बचाव उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की गई। प्रशिक्षित कर्मियों ने आपदा के समय प्रभावी समन्वय और त्वरित कार्रवाई की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक संकट की स्थिति में राहत कार्य बिना किसी देरी के शुरू किए जा सकें। इन विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं सहित कई अन्य विभागों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी एजेंसियों ने मिलकर आपदा प्रबंधन की समेकित कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। पीएसी मुख्यालय ने बाढ़ राहत दलों और एसडीआरएफ टीमों की नियमित ब्रीफिंग, उपकरणों के निरीक्षण और कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल पूरी तत्परता के साथ जनता की सहायता के लिए तैयार हैं।
सनातन प्रजातंत्र दल ने उठाए जनहित के मुद्दे:लखनऊ कार्यालय पर सम्मान समारोह और कार्यकर्ता सम्मेलन
लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजयंत खंड में सनातन प्रजातंत्र दल के प्रदेश कार्यालय पर एक सम्मान समारोह और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन ने सामाजिक समरसता, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने सनातन संस्कृति के मूल्यों की रक्षा और समाज में नैतिकता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को एकजुट होकर इस दिशा में काम करना होगा। शुक्ला ने यह भी बताया कि समाज के गरीब और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है। निःशुल्क शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर अजय कुमार शुक्ला ने सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा और उपचार आम लोगों की पहुँच में नहीं होंगे, तब तक समग्र विकास का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की अपील भी की। राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार शर्मा ने देश में सुशासन स्थापित करने के लिए अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि कानून का समान रूप से पालन और प्रशासनिक पारदर्शिता ही जनता का विश्वास मजबूत कर सकती है। शर्मा ने कार्यकर्ताओं से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की विचारधारा पहुँचाने का आह्वान किया। संगठन की भावी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा सम्मेलन के मुख्य विषयों में सनातन की रक्षा, गरीबी उन्मूलन, निःशुल्क शिक्षा, निःशुल्क उपचार, अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस और जाति-धर्म से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना शामिल रहा। इस अवसर पर पत्रकारों को सम्मानित किया गया और संगठन की भावी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने जोर दिया कि समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक राजनीति ही देश को नई दिशा प्रदान कर सकती है।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गुरुवार को शहर के प्रमुख नालों एवं जल निकासी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को नालों की नियमित सफाई, निकाली गई सिल्ट के त्वरित निस्तारण तथा बरसात से पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। हैदर कैनाल की निकासी व्यवस्था और अंडरग्राउंड सफाई का किया निरीक्षण नगर आयुक्त ने सबसे पहले 1090 चौराहे पर हैदर कैनाल की निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने 5 केडी स्थित पुलिया की अंडरग्राउंड सफाई का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में सदर रामलीला ग्राउंड के पास उदयगंज पुल के नीचे हैदर कैनाल नाले की सफाई व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। किला मोहम्मदी ड्रेन के बाहर मिली सिल्ट, तत्काल उठान के दिए निर्देश इसके उपरांत नगर आयुक्त जोन-8 स्थित किला मोहम्मदी ड्रेन पहुंचे, जहां उन्होंने खजाना कॉम्प्लेक्स से नाले की सफाई कार्यों का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर निकाली गई सिल्ट पड़ी मिली, जिस पर उन्होंने चीफ इंजीनियर आरआर मनोज प्रभात को सिल्ट का तत्काल उठान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निवासियों से सीधे संवाद कर जानीं समस्याएं निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार अहाना एंक्लेव भी पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान नगर आयुक्त स्वयं कई फ्लैटों में पहुंचे और वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। निवासियों ने गार्डन एवं पार्कों में प्रकाश व्यवस्था बहाल करने, पार्कों में अतिरिक्त लाइटें लगाने, लिफ्ट मेंटेनेंस, वाटर टैंक की नियमित सफाई तथा फायर सिस्टम की मॉक ड्रिल कराने की मांग रखी। नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा को पार्कों एवं गार्डन में आवश्यक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक बुलाने, गैस पाइपलाइन और बायोमैट्रिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि उनकी अध्यक्षता में अहाना एंक्लेव से जुड़े सभी हितधारकों के साथ बैठक आयोजित कर लंबित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए संबंधित विभाग को पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही एंक्लेव में कार्यरत सभी कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश अपर नगर आयुक्त एवं जोन-8 के जोनल अधिकारी को दिए। निर्माणाधीन एक्टिविटी सेंटर 15 दिन में पूरा करने के निर्देश अहाना एंक्लेव के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माणाधीन एक्टिविटी सेंटर का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक्टिविटी सेंटर के शेष कार्यों को अगले 15 दिनों के भीतर पूर्ण कर इसे उपयोग के लिए तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके बाद नगर आयुक्त ने जोन-8 के आशियाना क्षेत्र में स्थित विभिन्न सिविल के नालों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सफाई के बाद भी सिल्ट पड़ी मिलने पर उन्होंने तत्काल उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आशियाना गुरुद्वारा के सामने बने नाले की पुनः सफाई कराने के भी निर्देश दिए गए। मल्टी एक्टिविटी सेंटर और क्षतिग्रस्त पुलिया का लिया संज्ञान निरीक्षण के दौरान मल्टी एक्टिविटी सेंटर के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश जोनल सेनेटरी अधिकारी को दिए गए। वहीं निकट स्थित एक क्षतिग्रस्त पुलिया का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता को उसका मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने हैवतमऊ झील के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने चीफ इंजीनियर सिविल को झील के फिनिशिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।
अयोध्या कोतवाली पुलिस ने 20 साल की एक युवती सहित 2 शव बरामद किए हैं। युवती का शव 15 घंटे पुराना बताया जा रहा है। उसके शरीर पर ब्जू कलर की जींस और टी शर्ट है, जबकि सिर के पिछले हिस्से अैर दाहिने पैर की उंगलियों में चोट के निशान हैं। युवती का शव मिलने की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबजी मच गई। युवती को चोट गिरने से लगी या उसे किसी वाहन से धक्का देकर रात के अंधेरे में गिरा दिया गया। इसकी जाांच की जा रही है। कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि युवती का शव अयोध्या-गोरखपुर हाईवे के पूर्वी छोर पर मार्ग के किनारे गड्ढे में बरामद किया गया है। इसकी सूचना पुलिस को आसपास के लोगों से मिली। पत्थर पर खून के निशान मिले पहली नजर में यह मामला किसी वाहने की चपेट में आकर गिरने से मौत का लग रहा है। घटना स्थल के पास पत्थर पर पुलिस को खून के ताजे धब्बे मिले हैं। पुलिस के अनुसार रोड से गिरने के बाद युवती का शव संभवत पत्थर से टकरा गया होगा। शवों का पंचनामा कर पहचान कराई जा रही इस सूचना के बाद कोतवाली प्रभारी के साथ एसपी सिटी चक्रपाणि तिवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गहन जाांच के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि साकेत पेट्रोल पंप के पास एक अन्य वृद्ध का शव मिला है। दोनों शवों का पंचनामा कर उनकी पहचान कराई जा रही है। दोनों शवों को पीएम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
मथुरा जिला कारागार में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कारागार की महिला बैरक में भगवान श्रीकृष्ण की माला निर्माण कार्य का शुभारंभ जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने फीता काटकर किया। इसी के साथ, बंदियों के परिजनों की सुविधा के लिए एक हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया। जानकारी के अनुसार, जिला कारागार में पहले से ही हथकरघा इकाई संचालित है, जहाँ साड़ी, तौलिया और भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक व मुकुट तैयार किए जाते हैं। इसी क्रम में, खजनी वेलफेयर सोसाइटी, मथुरा द्वारा पिछले एक सप्ताह से महिला बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण की माला बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब महिला बंदियों ने नियमित रूप से माला निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने इस पहल को बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान, कारागार के बाहर बंदियों से मुलाकात करने आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए स्थापित हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्घाटन के बाद, अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान पाकशाला का जायजा लिया गया, जहाँ बंदियों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा था। पाकशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने कारागार चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और वहाँ भर्ती बंदियों का हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित मिलीं। इस अवसर पर अपर जिला जज राम कुमार पांडेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह, जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग, चिकित्साधिकारी डॉ. उपेंद्र पाल सिंह सोलंकी, जेलर सुरेंद्र मोहन सिंह, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, रविन्द्र कुमार, हेमराज और मयंक त्रिपाठी सहित अन्य जेल कार्मिक उपस्थित रहे।
प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निर्यात प्रोत्साहन आयोजनों में से एक यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो -2026 के चतुर्थ संस्करण के सफल आयोजन हेतु प्रमुख सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश शशि भूषण लाल सुशील की अध्यक्षता में इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में समीक्षा एवं तैयारी बैठक आयोजित की गई
प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर गुरुवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। कुंडा कोतवाली क्षेत्र के गयासपुर गांव के पास एक वोल्वो बस सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई। इस दुर्घटना में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बस में सवार 14 अन्य यात्रियों को भी हल्की चोटें आईं। घटना गुरुवार रात करीब 8:30 बजे हुई। वोल्वो बस वाराणसी से देहरादून जा रही थी। बस जैसे ही प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर कुंडा कोतवाली क्षेत्र के गयासपुर गांव के पास पहुंची, वह बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर से जा टकराई। मृतक चालक की पहचान 45 वर्षीय बल्ले के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल परिचालक 45 वर्षीय स्वदेश यादव पुत्र लालाराम राजस्थान के कोट कोटली भैरोट थाना मंधन भुरिया खुर्द के निवासी हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कुंडा सीएचसी ले जाया गया, जहां से बाद में राजा प्रताप बहादुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वोल्वो बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला। कुंडा कोतवाल मनोज पांडे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और घायल परिचालक का इलाज कराया जा रहा है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बस्ती। सात साल पुराने छात्र नेता कबीर तिवारी हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने फरार चल रहे सात आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आरोपियों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर शुरू की जा रही है। एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कबीर तिवारी की 9 अक्टूबर 2019 को मालवीय रोड पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एंठीडीह गांव के निवासी थे। मामले में उनके बड़े पिता शिवप्रसाद तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। सीबी-सीआईडी ने लगाई थी क्लोजर रिपोर्ट जांच के दौरान सीबी-सीआईडी ने सात आरोपियों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, न्यायालय में गवाहों के बयान सामने आने के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों को विचारण के लिए तलब किया। साजिश के आरोप में तलब किए गए थे आरोपी अदालत ने अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद साद, समीर खान, सहित सिंह, अवनीश सिंह और इमरान उर्फ शिबू को हत्या की साजिश रचने के आरोप में विचारण के लिए तलब किया था। गैर जमानती वारंट के बाद भी नहीं हुए पेश आरोपियों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर पहले उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए अब अदालत ने उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। पुलिस को कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश न्यायालय ने पुलिस को आवश्यक कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी दबाव और बढ़ गया है। 30 जून को अगली सुनवाई मामले में सत्र न्यायालय में अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की गई है। वहीं, एक आरोपी को छोड़कर शेष छह आरोपियों ने 1 जून को जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई के लिए 19 जून की तिथि तय की गई है।
मुज़फ्फरनगर के चर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के चौथे आरोपी शुभम पुत्र हरेंद्र निवासी कादीपुर को सिखेड़ा थाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुठभेड़ में शुभम के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में दबोच लिया गया। गुरुवार रात करीब 9 बजे सीओ नई मंडी राजू कुमार साव की सिखेड़ा थाना पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि रॉकी हत्याकांड में वांछित अहम आरोपी शुभम क्षेत्र में मौजूद है। सूचना पर पुलिस ने भिक्की-भंडूर मार्ग स्थित बेहड़ा अस्सा कट के पास घेराबंदी कर दी। CO के अनुसार आरोपी को रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन वह बाइक लेकर भागने लगा। इसी दौरान उसकी बाइक फिसलकर गिर गई। पुलिस का दावा है कि गिरने के बाद शुभम ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और खेतों की ओर भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके से 315 बोर का तमंचा, कारतूस, खोखा और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। सूचना पर फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। पूछताछ में शुभम ने रॉकी हत्याकांड में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि हत्या के बाद बादल और मोंटी रॉकी का शव लेकर उसके पास आए थे। इसके बाद उसके खेत में रॉकी की गर्दन धड़ से अलग की गई और शव को गड्ढा खोदकर जमीन में दबाया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि शव छिपाने के लिए गड्ढा उसी ने खुदवाया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने CO नई मंडी राजू कुमार साव के सामने कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध न करने की बात कहते हुए गिड़गिड़ाया। मुठभेड़ में सिखेड़ा थाना प्रभारी विजय कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर लोकेंद्र सिंह, SI मांगे राम कर्दम, SI अरुण कुमार, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल अमित कुमार तथा कांस्टेबल सूरज सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। CO का कहना है कि शुभम की गिरफ्तारी से रॉकी हत्याकांड की कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ी हैं और मामले में आगे भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जहां सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के लोकल हेड ऑफिस (एलएचओ) भोपाल के पूर्व सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अनिल कुमार जैन की लगभग 3.01 करोड़ रुपए की चल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।
सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें अब भ्रामक पोस्ट करने वालों की तलाश में जुटी है। अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत कुमार पटेल नाम के व्यक्ति की आईडी से झूठी और आपत्तिजनक पोस्ट की गई। शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट में चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए। एक फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। प्रवीण यादव का आरोप है कि वह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी। इसका उद्देश्य अदिति यादव और उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। FIR में ये भी कहा गया है कि पोस्ट वायरल होने के बाद समाज में नाराजगी है। पुलिस ने अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर पोस्ट शेयर करने वाले भारत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव के खिलाफ महिला की छवि को धूमिल करने, किसी की छवि धूमिल करने के इरादे से धोखाधड़ी और जालसाजी करने और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पवन पांडेय ने कहा था- परिवार को निशाना बनाना घटिया राजनीति अखिलेश यादव की 23 साल की बड़ी बेटी अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से सपाई नाराज हैं। मऊ में घोसी सीट से सपा सांसद राजीव राय ने बुधवार को भाजपा और यूपी पुलिस को घेरा। उन्होंने कहा, राजनीति का सबसे घटिया स्तर और मानसिक विक्षिप्तता की पराकाष्ठा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर भद्दे और गंदे पोस्ट किए जा रहे हैं। यूपी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। क्योंकि वो किसी भाजपा नेता की बेटी नहीं है? शर्म करो। पूर्व मंत्री और अयोध्या के सपा नेता तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) ने इसके पीछे भाजपा को बताया है। पवन पांडेय ने X पर वीडियो जारी कर कहा, जब अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी को लेकर सवाल उठाए तो भाजपा के नेताओं ने आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों का रास्ता अपना लिया। अखिलेश के परिवार को निशाना बनाना घटिया राजनीति है। यह केवल एक राजनीतिक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी, हर बहन और हर मां के सम्मान पर चोट है। इस मामले में सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दी है। अदिति यादव के खिलाफ पोस्ट करने वालों पर FIR दर्ज करके सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब विस्तार से पढ़िए… पवन पांडेय बोले- प्रदेश की हर बेटी- बहन और मां के सम्मान पर चोटपवन पांडेय ने कहा, राम मंदिर दान राशि से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा के कुछ नेता और समर्थक राजनीतिक विरोधियों के परिवारों को निशाना बना रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग (भाजपा) स्वयं को सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा संरक्षक बताते हैं, वही राजनीतिक प्रतिशोध में महिलाओं और बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला काम करते हैं। सनातन परंपरा में नारी को शक्ति, सम्मान और पूजनीय स्वरूप माना गया है, लेकिन भाजपा की राजनीति में जब जवाब देना कठिन हो जाता है तो चरित्रहनन और परिवारों पर कीचड़ उछालना ही सबसे आसान हथियार बन जाता है। जो लोग यह लिख रहे हैं उन्हें भी मां ने जन्म दिया होगा, उनकी भी कोई बहन होगी, पत्नी होगी यदि ऐसा उनके परिवार के साथ हो तो उन्हें कैसे लगेगा। अखिलेश यादव के परिवार पर लगाया गया हर निराधार आरोप केवल एक राजनीतिक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी, हर बहन और हर मां के सम्मान पर चोट है। यह उस दोहरे चरित्र का प्रमाण है, जहां मंचों से ‘नारी सम्मान’ के नारे लगाए जाते हैं और पर्दे के पीछे महिलाओं की गरिमा को राजनीति का हथियार बनाया जाता है। दूसरे की मां, बहन-बेटी, पत्नी पर लांछन लगाना, गलत शब्दों का प्रयोग करना ये आपको बखूबी आता है, यही चीज जब अपने पर बात आ जाती है, तब आप छाती पीटकर रोने में कोई कमी नहीं छोड़ते। सीतापुर से सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, चरित्र पर कीचड़ उछालना कायरों की शान है, बेटियों का सम्मान करना भारत की पहचान है। जो मनगढ़ंत कहानियों से बेटी को बदनाम करना चाहते हैं, क्या वह जनता के गुस्से का परिणाम भी जानते हैं? सपा प्रवक्ता बोलीं- अदिति अपने अच्छे-बुरे की समझ रखती है सपा की प्रवक्ता नाहिद लारी खान ने सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों को जवाब दिया है। उन्होंने X पर लिखा, अदिति यादव एक होनहार और हाईली क्वालिफाइड बच्ची है। अच्छे बुरे की बहुत अच्छी समझ है। चूंकि वो देश के तीसरे बड़े यूपी के सबसे बड़े नेता व पीडीए के महान योद्धा अखिलेश यादव की पुत्री है, इसलिए बेहूदा पार्टी के बेहूदा लोग अदिति के बारे में बेहुदी बातें लिख रहे हैं। हो सकता है कि जो लोग घटिया बातें लिख रहे हैं, उनके घर में ऐसी घटनाएं हुई हों जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। शायद इसीलिए खुन्नस में एक बड़े नेता के परिवार के बारे में घटिया बातें लिख रहें हैं। न लिखो ऐसी बातें। सबके घर में बेटियां-बहनें हैं। महिलाओं का मान-सम्मान करना सीखो। ये अदिति का अपमान नहीं, देश की हर एक बेटी-बहन का अपमान है। लोहिनी वाहिनी बोली- कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगेसमाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने राज साहनी कहा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट किए गए हैं। उन्होंने कहा भ्रामक और चरित्र हनन करने वाला दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। उन्होंने मामले से संबंधित सारे सबूत और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट्स पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस नें ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं करेगी तो आंदोलन किया जाएगा। राज साहनी ने कहा कि हमारी भावनाएं अखिलेश यादव और उनके परिवार से सीधे जुड़ी हैं। एक बेटी के खिलाफ इतने गंभीर और निराधार आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है। अगर सत्ता पक्ष के किसी नेता पर कोई छोटी सी भी टिप्पणी कर देता है, तो उसके ऊपर तत्काल कार्रवाई हो जाती है। मगर पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी का सोशल मीडिया पर चरित्र हनन किया जा रहा है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सपा प्रवक्ता बोले- एक-एक के खिलाफ दर्ज मुकदमा कराएंगे सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा- चाल चरित्र और चेहरे वाले दल के लोग जैसे ही किसी मुद्दे में फंसते हैं। ये अपनी राजनीति के सबसे निचले स्तर पर उतर आते हैं। समाजवादी परिवार के सदस्यों पर आमर्यादित टिप्पणी करने लगते हैं। कभी भाजपा की मेयर हम सबके नेता आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की स्वर्गीय माता जी के बारे में बोलती हैं। अब भाजपा के नेता-कार्यकर्ता अपनी निचली घटिया सोच के साथ आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर टिप्पणी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर जिस तरह से एक के बाद एक पोस्ट लिखी गईं, इसके पीछे भाजपा की ताकत है। भाजपा निचले स्तर की राजनीति कर रही है। साफ-साफ सुन लो, सोशल मीडिया पर समाजवादी परिवार पर लिखने वाले बख्शेंगे नहीं जाएंगे। एक-एक पर मुकदमा दर्ज करवाएंगे। थाने में नहीं लिखा जाएगा तो 173(3) BNSS से लिखवाएंगे। तैयार रहना कोर्ट में सामना जरूर होगा। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर में ₹7 करोड़ चढ़ावे की चोरी का आरोप: पूर्व अकाउंट इंचार्ज बोले- चंपत राय से शिकायत की तो हटा दिया, CCTV फुटेज डिलीट कराए अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे पर सियासत जारी है। खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा कि मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं थी, यह रोजाना होती थी। मैंने खुद चोरी पकड़ी थी। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और मेंबर गोपाल जी से की थी। अगले ही दिन चंपत राय ने मुझे हटा दिया। पढ़ें पूरी खबर...
बरेली के मारवाड़ीगंज निवासी और आईक्रस्ट शोरूम के मालिक आशुतोष अग्रवाल के घर और सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर मंगलवार सुबह ईडी की टीम पहुंची। तीन-तीन अधिकारियों की दो अलग-अलग टीमों ने घर और दफ्तर में दस्तावेजों को खंगाला। जांच का मुख्य केंद्र वर्ष 2023-24 के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियलिटी के साथ हुआ सात करोड़ रुपए का कारोबार था। इस दौरान आईपैड, लैपटॉप और मोबाइल की सप्लाई के बदले यह राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। जांच में क्या निकला सामने तीन दिनों तक चली सघन जांच पड़ताल के बाद ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग के कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं। जांच में स्पष्ट हुआ कि सात करोड़ रुपए की पूरी धनराशि ऑनलाइन माध्यम से आई थी और खातों से कोई संदिग्ध कैश निकासी नहीं हुई थी। एजेंसी ने पाया कि यह एक सामान्य व्यापारिक लेनदेन था। हालांकि, प्रक्रिया के तहत ईडी ने आशुतोष अग्रवाल को नोटिस जारी कर आठ दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। गुरुवार शाम को ईडी की टीम बरेली से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। सौ करोड़ के मामले की थी आशंका ईडी की यह कार्रवाई पंजाब में चल रहे कथित 100 करोड़ रुपए के जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग केस की कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में की गई थी। बरेली के कारोबारी का नाम इसी बड़ी जांच के सिलसिले में सामने आया था। एजेंसी ने केवल सात करोड़ के ट्रांजैक्शन की ही जांच नहीं की, बल्कि आशुतोष के व्यापारिक नेटवर्क और अन्य कंपनियों के साथ उनके लेनदेन के वास्तविक आंकड़ों को भी बारीकी से परखा। मकसद यह पता लगाना था कि घोषित टर्नओवर और व्यापारिक गतिविधियों में कोई विसंगति तो नहीं है। कई नामी ब्रांड्स के डिस्ट्रीब्यूटर होने के कारण इस छापेमारी से बरेली के व्यापारिक जगत में काफी हलचल रही। पिछले तीन दिनों से आशुतोष अग्रवाल का परिवार भारी तनाव के दौर से गुजर रहा था। इस दौरान कारोबारी ने धैर्य का परिचय देते हुए ईडी की टीम को बैंक खातों, बिलों और लेनदेन से जुड़े सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए। जैसे ही गुरुवार को ईडी की टीम अपना काम पूरा कर रवाना हुई, परिवार और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का मथुरा में स्वागत:गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का आह्वान किया
मथुरा में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का भव्य स्वागत किया गया। वे 81 दिवसीय गौप्रतिष्ठा (गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के 40वें दिन हाथरस जनपद से बलदेव क्षेत्र होते हुए मथुरा पहुंचे थे। खंडेलवाल सेवा सदन में श्रद्धालुओं, गौभक्तों और अनुयायियों ने फूलों की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने गौरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने बताया कि गौमाता की रक्षा और उनकी प्रतिष्ठा के उद्देश्य से यह गौप्रतिष्ठा यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी। यह यात्रा उत्तर प्रदेश के लगभग 200 विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए मथुरा पहुंची है। उन्होंने इसे केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि जनजागरण का अभियान बताया, जिसका उद्देश्य समाज को गौरक्षा के लिए जागरूक करना है। शंकराचार्य ने कहा कि देश को स्वतंत्र हुए 78 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन गौमाता को आज भी अपेक्षित संरक्षण और सम्मान नहीं मिल सका है। उन्होंने समाज और मतदाताओं से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, आने वाले समय में गौ संरक्षण को प्रमुख जनमुद्दा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी भक्तों और गौभक्तों से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए एकजुट होकर जनजागरण अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौरक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, संवेदना और राष्ट्र की पहचान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस दिशा में आगे आकर अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने गौसेवा और गौसंवर्धन के लिए संगठित प्रयासों पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने गौरक्षा का संकल्प लिया। साक्षात्कार के दौरान अन्य समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में शंकराचार्य ने कहा कि कानून और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे देश के सामने हैं, जिन पर वह उचित समय आने पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के आखिरी दिन पकड़े गए फर्जी अभ्यर्थी संतोष कुमार के तार बिहार के एक कोचिंग सेंटर से जुड़ रहे हैं। पुलिस की मानें तो संतोष खुद इस कोचिंग से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। कोचिंग संचालक ने उसे एक परीक्षा पास करने का टास्क दिया और वह परीक्षा देने मेरठ आ गया। पुलिस को एक नेटवर्क की जानकारी मिली है, जिसे खंगाला जा रहा है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए मेरठ में भी 48 केंद्रों पर 1.32 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 8,9,10 तीन दिन यह परीक्षा चली। परीक्षा के आखिरी दिन मेरठ के गढ़ रोड स्थित राम सहाय इंटर कॉलेज से पुलिस ने एक फर्जी अभ्यर्थी (सॉल्वर) को धर दबोचा। उसकी पहचान संतोष कुमार पुत्र अर्जुन बिंद निवासी गन्नीपुर थाना हिल्सा जनपद नालंदा बिहार के रूप में हुई जो यहां जनपद ऐटा में थाना जलेसर के ग्राम बहादुरपुर कासिमपुर निवासी मूल कैंडिडेट चन्द्रपाल सिंह पुत्र विजयवीर सिंह की जगह परीक्षा देने आया था। मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कीसॉल्वर के गिरफ्तार होने के बाद उसे नौचंदी थाने लाया गया, जहां सॉल्वर संतोष कुमार और चंद्रपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई टीमें बना दीं गई, जिन्होंने संतोष से कई घंटे पूछताछ भी की। पुलिस पूछताछ में संतोष ने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। अभी तक पुलिस जिन बिंदुओं पर शक जता रही थी, कहीं ना कहीं अब वह सही साबित होता दिखाई पड़ रहा है। बिहार के कोचिंग का यूपी कनेक्शन शुरुआती पूछताछ में संतोष ने जो कुछ बताया वह पुलिस की जांच को आगे बढ़ाने के लिए काफी है। संतोष ने बताया कि वह बिहार के पटना में धर्मकांटा कोचिंग सेंटर से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। जिस कोचिंग से वह तैयारी कर रहा है, उसके संचालक नितीश कुमार हैं, जिन्होंने उसे यह स्पेशल टॉस्क दिया था। नितीश ने कहा था कि यह परीक्षा उसकी अपनी तैयारी का सच उजागर करेगी। इसलिए वह परीक्षा देने आ गया। इसके लिए उसे 50 हजार रुपये का ऑफर भी दिया गया था। तीन दिन से मेरठ में था संतोष संतोष ने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन पहले ही मेरठ आ गया था और गढ़ रोड के एक होटल में रुका था। इस बात की पुष्टि पुलिस कर चुकी है। बताया जाता है कि संतोष होटल में अकेला नहीं था। इसके बाद पुलिस और ज्यादा अलर्ट हो गई है। माना जा रहा है कि संतोष अकेला यहां सॉल्वर बनकर नहीं आया था। उसके साथ कुछ साथी भी थे जो फरार हो गए हैं। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि संतोष या किसी अन्य ने सॉल्वर के रूप में इन तीन दिनों में कोई परीक्षा तो नहीं दी है। चंद्रपाल की गिरफ्तारी होगी मददगारसंतोष की गिरफ्तारी के बाद मूल अभ्यर्थी चंद्रपाल की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। गुरुवार को मेरठ पुलिस ऐटा पहुंच गई। हालांकि चंद्रपाल पुलिस के हाथ नहीं आया। माना जा रहा है कि उसे संतोष के लौटने तक सॉल्वर गैंग ने अपनी निगरानी में रखा हुआ था। अफसरों का मानना है कि संतोष बहुत चीजें छिपा रहा है। अब उससे आगे पूछताछ तब ही की जाएगी, जब चंद्रपाल पुलिस के हत्थे चढ़ जाएगा। चंद्रपाल ही इस गिरोह के राज खोलेगा। संतोष को रिमांड पर लाकर होगी पूछताछ एसपी ट्रैफिक व परीक्षा के नोडल अधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी संतोष को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब पूरा फोकस चंद्रपाल की गिरफ्तारी पर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों को रिमांड पर लेगी और शेष सवालों के जवाब ढूंढेगी।
कमिश्ररेट के जिला वेस्ट में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और चोरी की घटनाओं में शामिल अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों एवं सक्रिय वाहन चोर गिरोहों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर सूचना संकलन के साथ ही घटनास्थलों एवं आस-पास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया। मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा शातिर मोटरसाइकिल चोरों की सघन तलाश एवं दबिश की कार्रवाई की गई। इनमें कुल 33 मोटरसाइकिल अब तक बरामद की जा चुकी है। आरोपियों से और बरामदगी के प्रयास जारी है। पुलिस थाना बासनी द्वारा 2 आरोपियो को गिरफ्तार कर 14 मोटरसाइकिल बरामद, पुलिस थाना सरदारपुरा द्वारा 3 मुलजिम गिरफ्तार कर 18 मोटरसाइकिल बरामद और पुलिस थाना बोरानाडा द्वारा 1 मुलजिम गिरफ्तार कर 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेवरात व नगदी की बरामद सूरसागर थाना पुलिस ने चोरी की वारदार का 24 घंटे में ही खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल आरोपियों के कब्जे से जेवरात और नकदी भी बरामद की है। सूरसागर थानाधिकारी हरीश चन्द्र सोलंकी ने बताया कि बुधवार को ऊंटो की घाटी सूरसागर निवासी शाहबाज बेलिम पुत्र इकबाल ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के अनुसार 10 जून सुबह लगभग 3.00 बजे से 3.30 बजे के बीच उनके मकान में चोर घुस गये व घर में रखे सोने चांदी के आभूषण व रुपये चोरी कर ले गये। केस दर्ज होने के बाद थानाधिकारी हरीशचन्द्र सोलंकी के नेतृत्व मे एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सूचना और सीसीटीवी कैमरे चेक कर आरोपियों साजिद, मुकेश उर्फ दुबा, सैफअली उर्फ सेफ, पृथ्वीराज उर्फ पियुष व संजय को पकड़ा। पुछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गहने और रुपये बरामद किये गये। अ जिला पश्चिम डीएसटी भंग डीसीपी कमल शेखावत ने आदेश जारी कर जिला जोधपुर पश्चिम की जिला विशेष टीम (डीएसटी)को भंग कर दिया। डीएसटी में तैनात अधिकारी और कर्मचारियों अपनी उपस्थिति, तैनाती संबंधित थाना और पुलिसलाइन में देने के निर्देश दिए गए।
फिरोजाबाद में एग्जामपुर के संस्थापक विवेक कुमार उर्फ विवेक सर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह तेजस एक्सप्रेस से लखनऊ जा रहे थे, जहां पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन होने वाला है। गुरुवार की शाम 6 बजे टूंडला जंक्शन पर तेजस एक्सप्रेस पहुंची। इसी ट्रेन से विवेक सर लखनऊ जा रहे थे। पुलिस ने उन्हे नीचे उतार लिया। हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। लाखों छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं विवेक सर विवेक कुमार वर्ष 2018 से यूट्यूब पर सक्रिय हैं। वह अपने एग्जामपुर कोचिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के लाखों प्रतियोगी छात्रों को विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। छात्रों के मुद्दों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विषयों पर भी वह लगातार अपनी बात रखते रहे हैं। पेपर लीक के खिलाफ तेज हुआ है आंदोलन हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हुआ है। इसी क्रम में लखनऊ में छात्रों द्वारा प्रदर्शन प्रस्तावित था, जिसमें शामिल होने के लिए विवेक सर जा रहे थे। उनकी हिरासत को लेकर छात्रों और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। पुलिस बोली- प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह ने बताया कि विवेक कुमार के लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर उन्हें ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुरानी रंजिश के चलते एक पति-पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उनके शवों को श्मशान घाट में दफना दिया गया था। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब गांव के अन्य ग्रामीण एक अंतिम संस्कार के लिए श्मशान पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना शोभा थाना क्षेत्र के राजापड़ाव इलाके के गरीबा गांव से सामने आई है। पति-पत्नी की हत्या कर उनके शवों को बोरों में भरकर गांव के श्मशान घाट में दफनाया गया था। घटना का खुलासा हत्या के लगभग एक सप्ताह बाद हुआ। मृतकों की पहचान गरीबा गांव निवासी राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में मृतक के पड़ोस में रहने वाले लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम को गिरफ्तार किया है। शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा ने बताया कि हत्या 6 जून को की गई थी। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते पति-पत्नी की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से दोनों शवों को चुपचाप श्मशान घाट में दफना दिया गया, ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके। मामले का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में गांव के एक अन्य व्यक्ति के निधन के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्होंने दो अन्य स्थानों पर ताजा दफनाए गए शवों के निशान देखे। ग्रामीणों को यह संदिग्ध लगा क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की सामान्य मौत नहीं हुई थी। ग्रामीणों को एक हफ्ते से लापता राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम की याद आई। जब शक गहराया तो ग्रामीण शोभा थाना पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया और तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। श्मशान घाट से निकाले गए दो शवों की हुई पहचान शिकायत मिलने के बाद शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी टीम के साथ गरीबा गांव पहुंचे। वहां श्मशान घाट में दफन किए गए शवों को खुदवाकर बाहर निकाला गया। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि बरामद शव राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के ही हैं। थाना प्रभारी पवन वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीनों आरोपियों लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल दोनों शवों का पंचनामा बनाकर शोभा थाना लाया गया है। शवों के अवशेषों को आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब रायपुर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले से जुड़े और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। एक सप्ताह बाद उजागर हुए इस दोहरे हत्याकांड से ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच कर रही है।
हरदोई में मामूली टक्कर पर मारपीट:गौतम बुद्ध चौक पर स्कूटी-कार सवार भिड़े, राहगिरों ने बीच-बचाव किया
हरदोई के गौतम बुद्ध चौक (सिनेमा चौराहा) पर एक स्कूटी और कार की मामूली टक्कर के बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर हुई इस घटना से लंबा जाम लग गया और राहगीरों में हड़कंप मच गया। इस पूरी घटना का वीडियो एक राहगीर ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के समय चौराहे पर आमतौर पर रहने वाली ट्रैफिक पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी मौजूद नहीं था। जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तब आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर आगे आए और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। जनता को बीच-बचाव करते देख, बाद में दोनों होमगार्ड्स ने भी हिम्मत जुटाई और मामला शांत कराने में सहयोग किया। शहर के प्रमुख सिनेमा चौराहे पर कानून व्यवस्था की इस तरह धज्जियां उड़ना और सुरक्षाकर्मियों की निष्क्रियता अब चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर कोतवाल संजय त्यागी नें बताया की मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रयागराज में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में एयरपोर्ट थाना पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से मामले के तीसरे आरोपी राहुल कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। बैंकिंग लेनदेन की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाए जाने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। बैंक खाते के जरिए पहुंची पुलिसएयरपोर्ट थाना पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान कोडीनयुक्त कफ सिरप की कथित अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही थी। इसी दौरान पता चला कि बुकिंग और सप्लाई से जुड़े कुछ आर्थिक लेनदेन राहुल कुमार श्रीवास्तव के बैंक खाते के माध्यम से किए गए थे। पुलिस ने बैंक खाते और उससे जुड़े ट्रांजैक्शनों की पड़ताल की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके बाद एक पुलिस टीम को पटना भेजा गया, जहां आरोपी को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। मेडिकल कारोबार से जुड़ा है आरोपीपुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार श्रीवास्तव बिहार के पटना जिले के मोहम्मदीगंज थाना क्षेत्र स्थित बिरूवाचक ठाकुरबारी रोड का निवासी है। वह मेडिकल इक्विपमेंट्स और दवाओं के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। विवेचना में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसके कारोबारी गतिविधियों और बैंक खातों की भी जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसकी भूमिका केवल बैंक खाते के इस्तेमाल तक सीमित थी या वह कथित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा भी था। ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया प्रयागराजगिरफ्तारी के बाद एयरपोर्ट थाना पुलिस ने स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया। इसके बाद आरोपी को प्रयागराज लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने उससे कथित नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और सप्लाई चेन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कथित अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेलइस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी मोहम्मद सैफ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सैफ ने बताया था कि वह अपने भाई फैजुर रहमान के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़ा था। जांच में यह भी सामने आया था कि प्रयागराज में मेसर्स एम.के. हेल्थकेयर और वाराणसी में पीडी फार्मा के नाम पर कथित रूप से कफ सिरप की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क का दायरा प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर तक फैला हुआ था। वाराणसी में पहले गिरफ्तार हो चुका है फैजुर रहमानपुलिस जांच के अनुसार मोहम्मद सैफ का भाई फैजुर रहमान भी इसी मामले में वाराणसी में सक्रिय था। वाराणसी पुलिस उसे 23 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाद में प्रयागराज पुलिस ने विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसका नाम भी मुकदमे में शामिल किया। नवंबर 2025 में दर्ज हुआ था मुकदमाकोडीनयुक्त कफ सिरप की कथित अवैध तस्करी का मामला 29 नवंबर 2025 को सामने आया था। ड्रग इंस्पेक्टर संतोष पटेल की ओर से एयरपोर्ट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद-फरोख्त और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के सुराग मिले थे। अब वित्तीय नेटवर्क पर जांच का फोकसएसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव ने बताया कि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का मुख्य केंद्र पूरे वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध कारोबार से जुड़े धन का प्रवाह किन-किन खातों से हुआ, किन लोगों ने आर्थिक सहयोग किया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
मानसून के आगमन और गंगा नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने पटना, वैशाली और सारण जिलों को जोड़ने वाले तीन महत्वपूर्ण पीपा पुलों पर यातायात बंद करने का निर्णय लिया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल पटना-1 की ओर से जारी सूचना के आधार पर समाहरणालय, पटना ने यह जानकारी दी है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार पटना एवं वैशाली जिलों के बीच स्थित कच्ची दरगाह-रूस्तमपुर पीपा पुल और ग्यासपुर-कालादियारा पीपा पुल को बंद किया जाएगा। इसके अलावा पटना और सारण जिले को जोड़ने वाला दानापुर-पानापुर पीपा पुल भी यातायात के लिए बंद रहेगा। 15 जून की मध्यरात्रि से शुरू होगी पुल खोलने की प्रक्रिया अधिकारियों ने बताया कि इन सभी पीपा पुलों पर 15 जून 2026 से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद 15 जून की मध्यरात्रि से पुलों को खोलने और हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी, ताकि गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार की क्षति या दुर्घटना से बचा जा सके। हर साल बरसात में हटाए जाते हैं पीपा पुल गौरतलब है कि पीपा पुल अस्थायी संरचना होते हैं, जिन्हें नदी के सामान्य जलस्तर के दौरान स्थापित किया जाता है। मानसून के मौसम में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज धारा की आशंका के कारण सुरक्षा के मद्देनजर इन्हें हर वर्ष हटाया जाता है। जलस्तर सामान्य होने के बाद इन्हें पुनः स्थापित किया जाता है। लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे 15 जून के बाद इन पीपा पुलों के माध्यम से यात्रा की योजना न बनाएं। यात्रियों को आवागमन के लिए स्थायी पुलों और अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। मानसून के दौरान गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए समय रहते पीपा पुलों को हटाने का कदम उठाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार के घटना से बचा जा सके।
चित्तौड़गढ़ के सुरजना गांव में जिस घर में कुछ ही समय बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सगाई के बाद शादी की तैयारियों में जुटा अर्जुन दमामी (24) अपनी मंगेतर और उसके अंकल के साथ राजसमंद के गोरी धाम घूमने गया था। फोटोशूट के दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी के कुंड में डूब गया। रातभर चले सर्च ऑपरेशन और बुधवार को SDRF के रेस्क्यू के बाद उसका शव बाहर निकाला गया। बेटे की मौत से परिवार सदमे में है, परिवार में शोक का माहौल है। अब पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. शादी की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़चित्तौड़गढ़ जिले के सुरजना गांव निवासी 24 वर्षीय अर्जुन दमामी के घर में जल्द ही शादी की खुशियां आने वाली थीं। उनकी सगाई हो चुकी थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। मजदूरी कर परिवार का सहारा बने अर्जुन अपने पिता महेंद्र दमामी के साथ बिरला में एक ठेकेदार के अधीन काम करते थे। परिवार में मां राधा, पिता और एक छोटी बहन हैं। परिवार कई वर्षों से अर्जुन के नाना मांगीलाल के घर पर रह रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि जल्द ही घर में शहनाइयां गूंजेंगी, लेकिन एक हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। 2. मंगेतर और उसके अंकल के साथ गोरी धाम घूमने गया था अर्जुनजानकारी के अनुसार मंगलवार को अर्जुन अपनी मंगेतर और उसके अंकल के साथ राजसमंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरी धाम घूमने गया था। वहां पहुंचने के बाद मंगेतर के अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए, जबकि अर्जुन और उसकी मंगेतर नीचे की ओर घूमने और फोटोशूट करने चले गए। मामा के बेटे निर्मल के अनुसार दोनों ने अंकल से कहा था कि वे 10-15 मिनट में फोटोशूट कर वापस आ जाएंगे। अंकल ने भी उन्हें घूमने और फोटो खिंचवाने की अनुमति दे दी। 3. फोटोशूट के दौरान फिसला पैर, मंगेतर के सामने कुंड में डूबाफोटोशूट के दौरान अर्जुन पानी के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि वह हाथ-मुंह धोने या पानी के करीब जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे कुंड में जा गिरा। मंगेतर के सामने ही वह कुछ ही सेकंड में पानी में समाने लगा। युवती घबराकर जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगी। आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अर्जुन गहरे पानी में चला गया था। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर हो चुकी थी। बाद में परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई। 4. रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सुबह SDRF ने निकाला शवघटना की सूचना मिलते ही दिवेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। मंगलवार देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और पानी की अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार सुबह उदयपुर से SDRF टीम को बुलाया गया। इसके बाद नागरिक सुरक्षा टीम, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से दोबारा अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद अर्जुन का शव गहरे कुंड से बाहर निकाला गया। 5. 100 फीट ऊंची पहाड़ी से शव निकाला, गांव में पसरा मातमजिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां से शव को करीब 100 फीट ऊंची खड़ी पहाड़ी पर लाना भी बड़ी चुनौती साबित हुआ। ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर शव को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही अर्जुन की मौत की खबर और बाद में शव चित्तौड़गढ़ पहुंचा, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में कुछ समय बाद शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र के अंबेडकर नगर मोहल्ले में एक बुजुर्ग महिला टप्पेबाजी का शिकार हो गईं। अज्ञात बदमाशों ने उनसे सोने के गहने और 8,000 रुपये नकद लूट लिए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता सरोजिनी पाठक ने बताया कि वह अपने नाती के साथ मोटरसाइकिल से दवा लेने बाजार गई थीं। लौटते समय बाजार में नाती उन्हें लखनऊ जाने से संबंधित बात करने के लिए छोड़कर चला गया था। इसके बाद जब सरोजिनी पाठक घर लौट रही थीं, तो रास्ते में फल खरीदते समय एक अज्ञात युवक ने उन्हें आवाज दी। बातचीत के बहाने वह उन्हें एक गली में थोड़ा अंदर ले गया। तभी पीछे से एक और व्यक्ति आ गया। महिला के अनुसार, इसी दौरान बदमाशों ने उनसे कंगन और सोने की अंगूठी उतरवा ली। नकदी के बारे में पूछने पर उन्होंने 8,000 रुपये भी दे दिए। कुछ देर बाद जब पीड़िता की हालत संभली और उन्होंने शोर मचाया, तब तक दोनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। घटना के बाद महिला ने थाना कोतवाली भिनगा में तहरीर दी। क्षेत्राधिकारी भिनगा आलोक कुमार सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी ने शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
जोधपुर में बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत गुरुवार को पहुंची। यहां उन्होंने मोदी सरकार के 12 साल होने के उपलक्ष्य में मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद कंगना अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म के विशेष प्रीमियर में शामिल हुईं। जोधपुर में कंगना ने सरकार 12 साल होने पर मीडिया से कहा- 12 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी इकॉनोमी बनने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। दुनिया जब युद्ध से ग्रस्त है, तब भी हमारी इकॉनोमी की दर तेज गति से बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ये शुरुआत है और हम आगे के दशक को देख रहे हैं। कंगना एयरपोर्ट से अजीत भवन पहुंची, जहां उन्होंने विश्राम किया। इसके बाद उन्होंने मेहरानगढ़ किले में स्थित चामुंडा माता मंदिर में प्रदानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पूजा अर्चना की। वहां से रातानाडा स्थित गणेश मंदिर पहुंचकर पूजा की। राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकारों पर आधारित है फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म राष्ट्र निर्माण, सामाजिक मूल्यों और आम लोगों की भूमिका जैसे विषयों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। निर्माताओं का दावा है कि फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शकों को देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों पर विचार करने के लिए भी प्रेरित करती है। फिल्म में भावनात्मक कहानी, दमदार संवाद और प्रेरणादायक घटनाक्रम को प्रमुखता दी गई है। यही वजह है कि रिलीज से पहले ही विभिन्न शहरों में इसकी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है।
पुलिस भर्ती परीक्षा के तनाव में युवक ने सुसाइड किया:जहरीला पदार्थ खाया, फेल होने का डर सता रहा था
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में असफल होने की आशंका से एक 24 वर्षीय युवक ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। यह घटना गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम देवीपुरा में हुई। लालता प्रसाद के सबसे छोटे पुत्र सौरभ गंगवार (24) पिछले कुछ समय से पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने बीते सोमवार को लखीमपुर खीरी में आरक्षी भर्ती की परीक्षा दी थी। परिजनों के अनुसार, परीक्षा देकर घर लौटने के बाद सौरभ ने अपने उत्तरों का मिलान किया। इसमें उसे असफल होने की आशंका हुई, जिसके बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगा और पिछले कुछ दिनों से शांत व गुमसुम था। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे, जब माता-पिता घर पर ही थे, सौरभ अचानक घर की छत पर बने टिनशेड में चला गया। वहां उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसने स्वयं परिजनों को आवाज देकर बुलाया। परिजन उसे तुरंत पीलीभीत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत के बाद, परिजन पोस्टमार्टम की कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को सीधे घर ले आए। गजरौला थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने बताया कि युवक द्वारा परीक्षा के तनाव में विषाक्त पदार्थ खाने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों से संपर्क कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सौरभ अपने तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसके माता-पिता इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
शिवहर में डेढ़ साल की बच्ची से रेप:आरोपी गिरफ्तार, बच्ची हायर सेंटर रेफर, पुलिस जांच में जुटी
शिवहर जिले के एक गांव में डेढ़ साल की बच्ची से कथित बलात्कार का मामला सामने आया है। शिवहर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की त्वरित जांच और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहां उसका चिकित्सीय उपचार जारी है। घटनास्थल पर पुलिस टीम लगातार जांच कर रहीघटनास्थल पर पुलिस टीम लगातार जांच कर रही है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी साक्ष्य जुटाने और परीक्षण के लिए मौके पर मौजूद है। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने समुदाय से अफवाहों पर ध्यान न देने और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न करने की अपील की है।
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय युवक गिरा:मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; लखनऊ रेफर
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय हुए एक हादसे में 32 वर्षीय मनोज कुमार की मौत हो गई। उनकी 28 वर्षीय पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। आजमगढ़ निवासी मनोज कुमार और वंदना अपने तीन बच्चों 7 वर्षीय हिमांशी, 4 वर्षीय स्नेहा और 6 माह के आंशिक के साथ लखनऊ से आजमगढ़ जा रहे थे। यह परिवार लखनऊ के गोमती नगर में रहता था और निजी नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि दंपति ने जनरल कोच का टिकट लिया था, लेकिन वे गलती से एसी कोच में बैठ गए थे। आरोप है कि टीटीई द्वारा कोच से उतरने के लिए कहे जाने के बाद ट्रेन पर चढ़ने-उतरने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे फिसल गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के समय दंपति अपने तीनों बच्चों को पहले ही ट्रेन की बोगी में चढ़ा चुके थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जीआरपी ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मनोज कुमार को मृत घोषित कर दिया। वंदना की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए प्रशासन एवं रेलवे अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
झांसी में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद शाम करीब पांच बजे तेज धूलभरी आंधी चली और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। इसके साथ ही करीब 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिली। दूसरी तरफ आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय युवक अंशुल यादव की मौत हो गई। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण दिनभर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल रहा। शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के जेरा गांव निवासी अंशुल यादव खेत में धान की बुवाई कर रहा था। इसी दौरान उस पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तत्काल मोठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर मोठ एसडीएम अवनीश तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने परिजनों को शासन स्तर से मिलने वाली हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के कटरा घनश्याम गांव में हुई 20 लाख रुपये से अधिक की सनसनीखेज चोरी के खुलासे के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। घटना के बाद पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच समेत कुल 10 टीमों को जांच में लगाया गया है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए तीन नकाबपोश चोरों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने गांव के एक युवक सहित आसपास के क्षेत्रों के कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। मंगलवार देर रात हुई थी चोरीकटरा घनश्याम निवासी सुरेन्द्र सिंह के घर मंगलवार रात चोर छत के रास्ते घुस गए थे। चोरों ने घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी गए माल की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक है। घटना के दौरान चोर बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें तीन नकाबपोश संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस अब इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। डीसीपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षणबुधवार देर रात डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चोरी के जल्द खुलासे के निर्देश देते हुए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त 10 टीमों का गठन किया। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। पहले भी हो चुकी है बड़ी चोरी कटरा घनश्याम गांव में यह कोई पहली बड़ी चोरी नहीं है। इससे पहले किसान अमोल सिंह के घर में भी चोर छत के रास्ते दाखिल हुए थे और उनके अधिवक्ता व कारोबारी पुत्र के कमरों से नकदी और जेवर सहित करीब 50 लाख रुपये का माल चोरी कर ले गए थे। लगातार दूसरी बड़ी चोरी की घटना ने गांव के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बोले डीसीपी वेस्टडीसीपी वेस्ट एस एम क़ासिम अबिदी ने बताया कि अब तक करीब दस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा चुकी है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और उम्मीद है कि जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मथुरा के गायत्री तपोभूमि हत्याकांड मामले में करीब तीन साल बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया है। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने आरोपी प्यारेलाल को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह घटना 29 मार्च 2023 को थाना गोविंद नगर क्षेत्र स्थित गायत्री तपोभूमि परिसर में हुई थी। उस दिन परिसर में रामायण पाठ का आयोजन चल रहा था, जिसमें कई श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान श्रद्धालु अतुल गौड़ भगवान के समक्ष दंडवत प्रणाम कर रहे थे। तभी वहां मौजूद प्यारेलाल ने अचानक सब्जी बनाने वाले लोहे के बड़े पलटे से उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने आरोपी प्यारेलाल को तुरंत पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल अतुल गौड़ को गायत्री तपोभूमि की एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी प्यारेलाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का पलटा भी बरामद किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर, अदालत ने प्यारेलाल को हत्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता शिवराम तरकर के अनुसार, आरोपी प्यारेलाल मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद से उसे जमानत नहीं मिली थी और वह लगातार जेल में बंद था। अदालत के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
मॉक ड्रिल के दौरान महिला ने नदी में लगाई छलांग:राहत दल ने बचाई जान, पारिवारिक विवाद के बाद उठाया कदम
बहराइच जिले के जरवल रोड थाना क्षेत्र में संजय सेतु के पास गुरुवार को बाढ़ आपदा बचाव मॉक ड्रिल के दौरान एक अप्रत्याशित घटना सामने आई। अभ्यास के बीच एक महिला ने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी, जिसे मौके पर मौजूद राहत-बचाव दल और गोताखोरों ने तत्परता से बचा लिया। घटना गुरुवार दोपहर को हुई, जब प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के तहत घाघरा नदी में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा था। जरवल रोड थाना क्षेत्र के ग्राम उपधी निवासी आमिर की 30 वर्षीय पत्नी हिना ने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में कूदता देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। मॉक ड्रिल के लिए नदी में पहले से ही नावें, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ गोताखोर और राहत-बचाव दल तैनात थे। टीम ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और नदी के तेज बहाव के बावजूद महिला को डूबने से पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद, मौके पर मौजूद चिकित्सकों की टीम ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया। उसे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों के प्रयासों से महिला को होश आया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। सूचना मिलते ही जरवल रोड थाना प्रभारी संतोष सिंह पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और महिला के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते यह कदम उठाया था। थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
ग्वालियर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील ग्वालियर के गोशपुरा वृत कार्यालय में पदस्थ रीडर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी को 20 हजार रुपए की नकद राशि स्वीकार करते समय रंगे हाथों पकड़ा। जानकारी के अनुसार, किला गेट निवासी जितेंद्र पांडे का रानीपुरा क्षेत्र में स्थित प्लॉट के नामांतरण का प्रकरण लंबे समय से लंबित था। आरोप है कि संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के बदले कार्यालय में पदस्थ रीडर अनिल कुड़वारिया ने रिश्वत की मांग की थी। शुरुआत में 50 हजार रुपए मांगे गए, लेकिन बाद में 40 हजार रुपए में मामला तय होने की बात सामने आई। फरियादी के अनुसार, जुलाई 2025 से उसका प्रकरण लंबित चल रहा था और लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इससे परेशान होकर उसने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद EOW ने प्राथमिक जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद EOW ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय रणनीति के तहत फरियादी को आरोपी को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपए देने भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद EOW टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं थी। शिकायतकर्ता जितेंद्र पांडे ने बताया कि नामांतरण के काम के लिए लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने EOW से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। शैलेंद्र सिंह कुशवाह, टीआई, EOW ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-5138 खराब मौसम के कारण रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी। इसके बाद विमान को नागपुर एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया। नागपुर एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। फ्लाइट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह और भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास समेत कई प्रमुख नेता सवार थे। खराब मौसम के कारण लिया फैसला जानकारी के मुताबिक रायपुर में बारिश और दृश्यता प्रभावित होने के कारण विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। कुछ देर तक विमान ने रायपुर के आसपास चक्कर लगाए, लेकिन हालात अनुकूल नहीं होने पर पायलट ने फ्लाइट को नागपुर डायवर्ट करने का फैसला लिया, जहां लैंडिंग कराई गई। रायपुर पहुंचने में होगी देरी फ्लाइट डायवर्ट होने के कारण विमान में सवार नेताओं और अन्य यात्रियों के रायपुर पहुंचने में देरी हो सकती है। एयरलाइन की ओर से आगे की व्यवस्था की जा रही है। फ्लाइट में ये नेता थे सवार-
मध्यप्रदेश में दो लाख से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन का मामला एक बार फिर अटक गया है। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला देने वाली थी। लेकिन निर्णय आने से पहले ही दोनों जजों का ट्रांसफर हो गया है। यह मामला हाईकोर्ट जबलपुर में राज्य सरकार द्वारा जून 2025 में लागू किए गए लोक सेवा पदोन्नति नियमों को चुनौती देने से जुड़ा है। इनके खिलाफ 40 से अधिक याचिकाएं दायर की गई थीं। इन पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई की थी। 17 फरवरी तक बहस पूरी हो चुकी थी और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। तब से कर्मचारी इस अहम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अब इस मामले की सुनवाई नई बेंच के सामने होगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी। इससे प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े फैसले में और देरी तय मानी जा रही है। नियमानुसार नई बेंच करेगी सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया है। वहीं जस्टिस विनय सराफ को जबलपुर से इंदौर हाईकोर्ट भेजा गया है। ऐसे में अब नियमानुसार नई बेंच गठित होगी और वह कम से कम दो चार सुनवाई करेगी। इसके चलते अब पदोन्नति में आरक्षण का फैसला आने में समय लग सकता है, जिसका असर नई भर्तियों पर भी पड़ेगा क्योंकि जब तक कर्मचारी पदोन्नत नहीं होंगे, तब तक नए पद उपलब्ध नहीं होंगे। दस साल से बंद है प्रदेश में प्रमोशन प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार के दौरान 2016 से अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी है। पहले की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एमपी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एसएलपी दायर कर प्रमोशन रोका था। इसके बाद मोहन यादव सरकार ने इसे शुरू करने के लिए नए नियम बनाए लेकिन इसमें भी वही बातें थीं जिसका प्रमोशन में आरक्षण के चलते विरोध किया जा रहा था। अब ये नियम भी कोर्ट में उलझ गए हैं। 90 दिन में नहीं आ पाया फैसला सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि सामान्य हालत में सुरक्षित रखे गए फैसले को सुनाने में 90 दिनों से अधिक देर नहीं होना चाहिए। इससे सरकार और कर्मचारियों में उम्मीद जागी थी कि जून के प्रथम सप्ताह में निर्णय सुना दिया जाएगा, लेकिन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद पेच फंस गया। उच्च पद के प्रभार से नहीं मिलता वित्तीय लाभ 2016 से पेंडिंग पदोन्नति को देखते हुए पूर्व भाजपा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था शुरू की लेकिन इससे अधिकारी-कर्मचारियों को कोई वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं हुआ। वहीं, नियुक्तियां प्रभावित हो गईं क्योंकि पद रिक्त नहीं हुए। दो लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य होगा प्रभावित राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक दो लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा है। 78 हजार से अधिक पदों पर भर्ती हो चुकी है। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने के कारण 13 प्रतिशत पद रुके हुए हैं। इससे 13-14 हजार नियुक्तियां नहीं हो पाईं। भर्ती प्रक्रिया भी केवल उन पदों के लिए हो रही है, जो नए बनाए गए हैं। तोमर बोले- “सरकार नहीं चाहती फैसला आए” इस मामले में सामान्य और पिछड़ा वर्ग की ओर से सरकार के नियमों का विरोध कर रहे डॉ. केएस तोमर ने कहा कि चीफ जस्टिस और जस्टिस के तबादले के बाद बनने वाली नई बेंच कुछ सुनवाई जरूर करेगी, लेकिन अधिकांश तथ्य पहले ही रिकॉर्ड में जा चुके हैं, इसलिए फैसला आने की संभावना भी बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक फैसला सुरक्षित रहने के बावजूद निर्णय न आना और अब बेंच का बदल जाना कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि उन्हें आशंका है कि सरकार के दबाव के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। तोमर ने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सामान्य और पिछड़ा वर्ग के हितों की अनदेखी हो रही है। उनके अनुसार, पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था से प्रशासनिक संतुलन बिगड़ा है और कई मामलों में योग्य अधिकारी पीछे रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपने पक्ष के लिए भारी फीस पर वकीलों की नियुक्ति की, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि पदोन्नति में देरी का आर्थिक असर भी है, क्योंकि खाली पदों पर सीधी नियुक्ति की बजाय आउटसोर्स व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। तोमर के अनुसार, उन्होंने पहले भी सुझाव दिया था कि वरिष्ठता के आधार पर स्पष्ट लाइन तय की जाए, लेकिन उसे नहीं माना गया। उनका कहना है कि यदि व्यवस्था में जूनियर और सीनियर का संतुलन स्पष्ट नहीं रखा गया तो प्रशासनिक ढांचा लगातार प्रभावित होता रहेगा।
छिंदवाड़ा में स्ट्रेचर पर लेटे एक व्यक्ति को दिखाते हुए भारत आदिवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष कृष्णा सल्लाम ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें वह सांसद बंटी साहू पर आरोप लगाते दिखे। कृष्णा कह रहे थे कि स्ट्रेचर पर लेटे व्यक्ति को सांसद बंटी साहू का नाम लेकर लोगों ने पीटा। साथ ही कहा कि वह लोग सांसद का नाम लेकर उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करने पहुंचे थे। इसी बात का विरोध करते हुए सांसद बंटी साहू गुरुवार शाम थाना कोतवाली पहुंचे और उन्होंने इसकी शिकायत की। सांसद ने बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गलत खबरें चलाई जा रही हैं। उन पर बेवजह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इनकी वजह से वह और उनका परिवार परेशान है। सांसद ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। दो परिवारों में जमीन का विवाद दरअसल मामला कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के धर्म टेकड़ी चौकी अंतर्गत आने वाले चार गांव प्रहलाद का है। यहां दो परिवारों के बीच जमीन विवाद का है। आज इस विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और चार लोग घायल हो गए। घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कृष्णा सल्लाम नामक युवक ने एक रील बनाकर इसे छिंदवाड़ा सांसद के खिलाफ मारपीट का आरोप बना दिया। सांसद विवेक बंटी साहू ने मामले की जानकारी पाते ही पुलिस अधीक्षक से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील को लेकर सांसद ने कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उनके साथ इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि सांसद की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले युवक को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।
जमुई में एक युवक का शव डैम में मिला है। युवक अपने दोस्त के साथ गर्लफ्रेंड से मिलने घर से करीब 70 किलोमीटर दूर गया था। गुरुवार दोपहर डैम में शव तैरता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला। घटना झाझा थाना क्षेत्र के कुम्हेनी डैम की है। मृतक की पहचान बांका जिले के रहने वाले 18 वर्षीय छोटे लाल हांसदा के रूप में हुई है। झाझा प्रभारी थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि परिजनों और मृतक के साथी ने मामले को प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आवेदन मिलने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम.. बांका जिले के चानन थाना क्षेत्र के चातराहन गांव निवासी छोटे लाल हांसदा अपने दोस्त मनोज हांसदा के साथ गर्लफ्रेंड से मिलने गया था। वह घर से करीब 70 किलोमीटर दूर जमुई जिले के चपोलवा गांव पहुंचा था। उसी दिन देर शाम तक छोटे लाल के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि वे दो दिनों तक उसकी खोज में इधर-उधर भटकते रहे और दोस्तों व रिश्तेदारों से भी पूछताछ करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच गुरुवार को जमुई पुलिस से सूचना मिली कि एक युवक का शव डैम में तैरता हुआ मिला है। बाद में उसकी पहचान छोटे लाल हांसदा के रूप में हुई। मृतक के रिश्तेदार जीतेलाल हांसदा ने आरोप लगाया कि गर्लफ्रेंड के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया था और उनकी जमकर पिटाई की थी। इस दौरान मनोज हांसदा किसी तरह वहां से भाग निकला। परिजनों के अनुसार, बुधवार को मनोज ने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी और आशंका जताई कि छोटे लाल की हत्या कर शव डैम में फेंक दिया गया है। इसके बाद परिजन झाझा थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने डैम के आसपास खोजबीन शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण कोई सफलता नहीं मिली। गुरुवार दोपहर कुम्हेनी डैम में युवक का शव तैरता हुआ मिला। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। परिजनों ने कहा- दोनों में 4 साल से संबंध थेपरिजनों का आरोप है कि प्रेमिका के पिता सुमित हेंब्रम ने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि छोटेलाल और युवती के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था और दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। परिजनों का दावा है कि युवती भी इस रिश्ते के लिए राजी थी। छोटेलाल पहले भी उससे मिलने आता-जाता था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया। झाझा प्रभारी थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि पुलिस घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने लड़के के दोस्त, प्रेमिका ओर उनके पिता को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मेरठ के मवाना में गुरुवार रात एक युवक ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। गोली युवक के सिर में फंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से पहले युवक ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर खुद को ही इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया था। युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, मवाना थाना क्षेत्र की प्रीतनगर कॉलोनी निवासी देवांश रस्तोगी (सुबोध रस्तोगी का पुत्र) गुरुवार दोपहर से लापता था। इसी दौरान देवांश ने इंस्टाग्राम पर लगातार तीन वीडियो पोस्ट किए। इन वीडियो में उसने घटना के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहराया था। देवांश के दोस्तों ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद अनहोनी की आशंका जताई। उन्होंने तुरंत उसके परिजनों को सूचित किया और युवक की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद देवांश मवाना-हस्तिनापुर मार्ग पर मध्य गंगा नहर पुल के पास एक खेत में गंभीर हालत में पड़ा मिला। युवक के सिर के बाईं ओर गोली फंसी हुई थी और वह खून से लथपथ था। उसके दोस्तों ने उसे तुरंत मवाना थाने पहुंचाया। पुलिस ने घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवाना भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल मेरठ रेफर कर दिया गया।
आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते पहले से प्रभावित यातायात व्यवस्था अब सड़क किनारे स्थित बड़े शोरूमों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गतिविधियों के कारण और अधिक अव्यवस्थित होती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य से सड़कें संकरी होने के बाद अब सर्विस लेन में खड़े मालवाहक वाहन जाम की समस्या को और बढ़ा रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार मेट्रो निर्माण के कारण कई मार्गों की चौड़ाई सीमित हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में बड़े शोरूमों पर माल पहुंचाने वाले ट्रक, आयशर और अन्य व्यावसायिक वाहन घंटों तक सर्विस लेन में खड़े रहते हैं। इस दौरान माल उतारने की प्रक्रिया चलती रहती है, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और यातायात बाधित होने लगता है। सर्विस लेन में लग रहा लंबा जामस्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांस यमुना क्षेत्र में हाईवे से जुड़ने वाले मार्ग पहले ही मेट्रो निर्माण की वजह से प्रभावित हैं। ऐसे में शोरूमों के बाहर खड़े मालवाहक वाहनों के कारण सर्विस लेन पर लंबा जाम लग जाता है। कई बार पीछे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। निवासियों के मुताबिक सुबह कार्यालय जाने और शाम को घर लौटने के समय स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर हो जाती है। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को रोजाना जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक प्रबंधन की मांगक्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मेट्रो निर्माण कार्य के साथ-साथ प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग पर नियंत्रण लगाया जाए और इसके लिए निर्धारित समय एवं स्थान तय किए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। शहर के अन्य इलाकों में भी असरमेट्रो निर्माण कार्य का असर शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। एमजी रोड पर कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, जबकि भगवान टॉकीज से कमला नगर और बल्केश्वर की ओर जाने वाले मार्ग पर भी अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। निर्माण कार्य के चलते सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम होने और लगातार बढ़ते यातायात दबाव के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि निर्माण कार्य के दौरान बेहतर यातायात प्रबंधन ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
इंग्लैंड से मैहर पहुंचे तीन विदेशी श्रद्धालु:मां शारदा के दर्शन किए, कैमा में सुनी हनुमंत कथा
इंग्लैंड से आए विदेशी श्रद्धालुओं के एक दल ने गुरुवार को मैहर पहुंचकर मां शारदा देवी के दर्शन किए। सभी श्रद्धालु पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ माता की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। मां शारदा के दर्शन करने के बाद विदेशी मेहमान सतना जिले के सिद्धेश्वर धाम कैमा पहुंचे। यहां चल रही हनुमंत कथा में उन्होंने बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। इस कथा का वाचन बड़ा अखाड़ा मैहर के प्रसिद्ध संत श्री 1008 वल्लभ शरण जी महाराज कर रहे थे। कथा खत्म होने के बाद श्रद्धालुओं ने संत श्री वल्लभ शरण जी महाराज से आशीर्वाद लिया और भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बातचीत की। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी अरुण तनय मिश्रा भी विदेशी मेहमानों के साथ मौजूद रहे और उनका सहयोग किया। अब मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना जानकारी के मुताबिक, इंग्लैंड से आए ये तीनों श्रद्धालु मैहर और सतना का अपना धार्मिक दौरा पूरा करने के बाद आगे की यात्रा के लिए श्री कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना हो गए हैं।
जयपुर के वैशाली नगर गांधी पथ वेस्ट में हुए दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट में काम के दौरान गुरुवार को अचानक मिट्टी ढह गई। इसमें दबकर तीन महिला मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं में बिहार निवासी सुनीता देवी, अनुति कुमारी और प्रतिमा कुमारी शामिल हैं। इस हादसे ने सिर्फ तीन जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि चार मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए मां का साया भी छीन लिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथी मजदूरों ने जान जोखिम में डालकर मिट्टी में दबी महिलाओं को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मरने वालों में बिहार निवासी सुनीता देवी, अनुती कुमारी और प्रतिमा कुमारी शामिल हैं। प्रतिमा कुमारी के दो बच्चे हैं और सुनीता के दो बच्चे हैं। साथ काम करने वाली मजदूर सीमा देवी ने बताया- दोपहर में सभी मजदूरों ने एक साथ खाना खाया था। रोज की तरह खाने के बाद सभी अपने-अपने काम पर लौट गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद ऐसा हादसा हो जाएगा। 310 रुपए की दिहाड़ी पर लाए, सुरक्षा कुछ नहीं सीमा ने बताया कि अचानक जोर की आवाज सुनाई दी। हम भागकर वहां पहुंचे तो देखा कि मिट्टी ढह गई है। तीन महिलाएं उसके नीचे दब गई थी। हमने मिलकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे बेसुध हो चुकी थीं। बाद में हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीमा की आवाज में दर्द और गुस्सा दोनों साफ झलकते दिखे। उनका आरोप है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने कहा- हमें बिहार से यहां मजदूरी के लिए लाया गया। रोज 310 रुपए की दिहाड़ी मिलती है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। न हेलमेट, न सुरक्षा जैकेट और न ही कोई अन्य सुरक्षा उपकरण। अगर सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद तीन महिलाओं की जान बच सकती थी। सवा साल की बच्ची को मां का इंतजार इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू उन मासूम बच्चों की आंखों में दिख रहा है, जिन्हें अभी तक यह समझ नहीं आया कि उनकी मां अब कभी वापस नहीं आएगी। मृतका प्रतिमा कुमारी की बेटी की उम्र महज सवा साल है। वह लगातार अपनी मां को तलाश रही है। भूख लगने पर रो पड़ती है और हर बार दरवाजे की तरफ देखती है। मानो उसकी मां अभी आकर उसे गोद में उठा लेगी। उसे क्या पता कि जिस मां के दूध का इंतजार वह कर रही है, वह अब इस दुनिया में नहीं रही। हादसे के बाद मजदूर बस्ती में मातम पसरा हुआ है। कई महिलाएं उस मासूम को संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन मां की कमी कौन पूरी कर सकता है। मम्मी जल्दी आ जाएंगी और मेरे साथ खेलेंगी सुनीता देवी के 6 वर्षीय बेटे प्रिंस की बातें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। मासूम प्रिंस को अभी तक मां की मौत की सच्चाई नहीं बताई गई है। प्रिंस ने मासूमियत से कहा- किसी ने पापा को बताया कि मम्मी मिट्टी में दब गई है। फिर पापा उन्हें अस्पताल लेकर गए। मेरी मम्मी मुझे बहुत प्यार करती हैं। वह मेरे साथ खेलती हैं। वह जल्दी आ जाएंगी और फिर मेरे साथ खेलेंगी। उधर, सुनीता की 4 साल की छोटी बेटी पिंकी अपनी मां को याद कर लगातार रो रही है। उसे बार-बार यही लग रहा है कि उसकी मां कहीं गई है और थोड़ी देर में लौट आएगी। शायद यह इंतजार अब कभी खत्म नहीं होगा। ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप हादसे के बाद स्थानीय मजदूरों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बेसमेंट निर्माण जैसे जोखिम भरे कार्य में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी था। मजदूरों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। मजदूरों ने कहा- रोजी-रोटी की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर बिहार से आए इन परिवारों को यह उम्मीद नहीं थी कि जयपुर में मजदूरी करते हुए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी। तीन मौतें और कई सवाल गांधी पथ वेस्ट का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है। आखिर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों को जोखिम भरे काम में क्यों लगाया गया? क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था और यदि नहीं, तो जिम्मेदार कौन है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं इन कानूनी प्रक्रियाओं से उन मासूम बच्चों को उनकी मां वापस नहीं मिलेगी, जो आज भी दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। किसी को अपनी मां की गोद चाहिए, किसी को मां के हाथ का खाना, तो किसी को मां के साथ खेलना है। मगर गांधी पथ वेस्ट में ढही मिट्टी अपने साथ तीन महिलाओं की जिंदगी ही नहीं, तीन परिवारों के सपने और चार बच्चों का बचपन भी दबाकर ले गई। यह खबर भी पढ़ें... जयपुर में मिट्टी ढहने से तीन महिलाओं की मौत:निर्माणाधीन बिल्डिंग में बेसमेंट खुदाई चल रही थी, समतल करते समय एक हिस्सा ढहा जयपुर के वैशाली नगर के गांधी पथ में मिट्टी ढहने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। निर्माणाधीन बिल्डिंग की बेसमेंट खुदाई के दौरान मिट्टी ढह गई थी। हादसा गुरुवार दोपहर 2:30 बजे हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
लुधियाना के सर्राफा बाजार में ठगों ने लूट की एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस और व्यापारियों दोनों के होश उड़ा दिए हैं। आस्था और धर्म का सहारा लेकर ठगों ने एक गरीब कारीगर को अपने जाल में फंसाया और चंद सेकेंड में 5 से 6 लाख रुपये की सोने की अंगूठियां ले गए। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध लोग गली में घूमते और रेकी करते नजर आए है CCTV फुटेज में बड़ा खुलासा: पहले की रेकी, फिर बनाया शिकार घटना के बाद जब पीड़ित और लोगों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो फुटेज में एक अहम सुराग हाथ लगा है। फुटेज में अज्ञात लोग घटना से कुछ देर पहले गली में संदिग्ध अवस्था में घूमते नजर आ रहे हैं पीड़ित कारीगर आसिफ मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है। वह पिछले एक साल से लुधियाना के सर्राफा बाजार में रहकर सोने का काम (फिनिशिंग और सिलाई) सीख रहा है और कारीगरी करता है। घटना के दिन आसिफ सोने की 6 अंगूठियों (मुंदरी) का काम करवा कर अपने मालिक के पास लौट रहा था। तभी रास्ते में एक अज्ञात ठग ने उसे रोक लिया। पॉलिश वाले का पूछा पता: ठग ने आसिफ से किसी पॉलिश वाले का पता पूछा। जब आसिफ ने अनजान होने की बात कही, तो ठग ने उसे अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझाना शुरू कर दिया। ठग ने अचानक आसिफ का हाथ पकड़ लिया और बड़े ही भावुक अंदाज में कहा,मेरा नमाज का समय हो गया है, मैं नमाज पढ़ने जा रहा हूं। ठग ने एक सोची-समझी साजिश के तहत आसिफ के हाथ में कुछ अगरबत्तियां थमा दीं ताकि कारीगर का ध्यान भटक जाए। ठग ने आसिफ को 3 से 6 बार बिस्मिल्लाह पढ़ने और आंखें बंद कर 3 कदम आगे चलने को कहा। पलक झपकते ही जेब साफ: आसिफ जैसे ही ठग की बातों में आकर और धार्मिक सम्मान के चलते आंखें बंद कर आगे बढ़ा, ठग ने बड़ी सफाई से उसकी जेब में हाथ डाला और 5-6 लाख रुपये कीमत की सोने की 6 अंगूठियां निकालकर वहां से रफूचक्कर हो गया। आसिफ ने जब आंखें खोलीं तो न वो ठग वहां था और न ही जेब में सोना।चोरी हुए सोने की कुल कीमत लगभग 5 से 6 लाख रुपये आंकी जा रही है। मालिक का भारी दबाव: इस घटना के बाद से आसिफ का मालिक उस पर बुरी तरह भड़का हुआ है। मालिक ने अल्टीमेटम दे दिया है और वह लगातार आसिफ पर नुकसान की भरपाई (पैसे) करने का दबाव बना रहा है। पुलिस से आखिरी उम्मीद: बदहवास आसिफ का कहना है कि वह तो सैकड़ों किलोमीटर दूर से सिर्फ काम सीखने और दो वक्त की रोटी कमाने आया था, वह इतने लाखों रुपये कहाँ से भरेगा। पुलिस से रोते हुए गुहार लगाई लुधियाना प्रशासन और पुलिस से रोते हुए गुहार लगाई है कि CCTV में दिख रहे उन तीनों संदिग्धों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अब इस मामले में CCTV फुटेज के आधार पर आगे की तफ्तीश कर रही है और सर्राफा बाजार के व्यापारियों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान गुरुवार देर शाम सराफा चौराहा स्थित 150 वर्ष पुराना भैरू महाराज मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। कंठाल से सती गेट तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था, तभी पोकलेन मशीन की चपेट में आने से मंदिर का गुम्बद, दीवार और ऊपरी हिस्सा टूट गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय व्यापारी और क्षेत्रवासी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने इस घटना को नगर निगम की लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और पोकलेन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, भैरू महाराज का यह मंदिर करीब 150 वर्ष पुराना है और कई पीढ़ियों से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि चौड़ीकरण कार्य से पहले प्रशासन को मंदिर के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी। हालांकि, गनीमत यह रही कि मूर्ति पर दीवार आकर टिक गई, जिससे मूर्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। रहवासी रोहित और अमय शर्मा ने मांग की कि जिस प्रकार अन्य धार्मिक स्थलों का विधिवत स्थानांतरण किया जा रहा है, उसी प्रकार भैरू महाराज मंदिर का भी धार्मिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ स्थानांतरण किया जाए। क्षेत्रीय व्यापारियों ने भी प्रशासन से अपील की कि वे चौड़ीकरण कार्य में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन धार्मिक स्थलों के मामले में अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए। मौके पर पहुंचे नगर निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हिमांशु गोयल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर के बगल वाले मकान को डिसमेंटल किया जा रहा था, जिसके कारण भैरू जी के मंदिर पर एक टुकड़ा गिर गया और छत क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि तत्काल मंदिर के चारों ओर दीवार बनाकर उसे कवर किया जाएगा और यदि किसी ने जानबूझकर यह किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर जिले के पनिहार थाना क्षेत्र में सामने आए आत्महत्या के एक चर्चित मामले में पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि महिला लगातार दुष्कर्म के झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर युवक से बड़ी रकम की मांग कर रही थी, जिससे परेशान होकर उसने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2025 को पनिहार टोल प्लाजा के नजदीक सड़क किनारे स्थित एक बबूल के पेड़ पर एक युवक का शव लटका मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी।जांच के दौरान मृतक की तलाशी लेने पर उसकी पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। दस्तावेज के आधार पर मृतक की पहचान गुना जिले के राघौगढ़ निवासी कैलाश नारायण भील के रूप में हुई। बाद में उसकी पत्नी गुड्डी बाई ने भी शव की शिनाख्त की। पुलिस ने मृतक की पत्नी गुड्डी बाई, बेटी पूजा भील और भतीजे अशोक कुमार भील के बयान दर्ज किए। दो साल से परेशान कर रही थी युवती परिजनों ने बताया कि विदिशा जिले की लटेरी तहसील निवासी यशोदा भील पिछले करीब दो वर्षों से कैलाश को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। वह उसे झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर पैसे की मांग करती थी। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में भी यशोदा उर्फ जशोदी भील का उल्लेख किया गया है। नोट में कैलाश ने लिखा कि संबंधित महिला उससे बार-बार रुपयों की मांग करती थी और विवाह के लिए दबाव बनाती थी। उसने यह भी लिखा कि उसके परिवार और बच्चे हैं तथा वह महिला की धमकियों से बेहद परेशान हो चुका है। दावा था महिला से कोई संबंध नहीं नोट के अनुसार, महिला दुष्कर्म के आरोप में फंसाने, समाज और रिश्तेदारों के बीच बदनाम करने तथा 10 लाख रुपए की मांग कर रही थी। मृतक ने यह भी दावा किया कि उसका महिला से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं था। मामले की विस्तृत जांच, परिजनों के बयानों, सुसाइड नोट और भोपाल से प्राप्त हैंडराइटिंग जांच रिपोर्ट के आधार पर पनिहार थाना पुलिस ने आरोपी महिला यशोदा भील के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण (उकसाने) का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला सिरसा के डबवाली खंड में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। डबवाली शहर और आसपास के गांवों जैसे कालूवाना, गोदीका, दारेवाला, गोरीवाला, मौजगढ़ में बरसात से पहले तेज आंधी चली। आंधी के कारण कई स्थानों पर धूल भरी हवाएं चलीं, जिसके बाद शाम करीब 6:30 बजे बारिश शुरू हो गई। दिनभर क्षेत्र में तपिश भरा मौसम बना हुआ था। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर थे। दोपहर में अत्यधिक तापमान के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि शाम होते-होते अचानक मौसम का रुख बदला और आसमान में बादल छा गए। इसके बाद चली तेज आंधी और बारिश ने पूरे इलाके का मौसम सुहाना बना दिया। बारिश और आंधी से गिरा तापमान बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट हुई, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। बाजारों, गलियों और मोहल्लों में लोग घरों से बाहर निकलकर ठंडी हवाओं का आनंद लेते दिखे। बच्चों और युवाओं ने भी मौसम में आए इस बदलाव का भरपूर आनंद लिया। वहीं केवल इंसानों ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पशुधन भी परेशान था, लेकिन मौसम में आए बदलाव से उन्हें भी राहत महसूस हुई। बिजली आपूर्ति बाधित रही हालांकि तेज आंधी और बारिश के साथ बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। क्षेत्र के कई गांवों और डबवाली शहर के कुछ हिस्सों में पिछले कई घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने बिजली विभाग से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभदायक कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हुई बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। विशेषकर कपास, बाजरा और अन्य मौसमी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से पड़ रही गर्मी के कारण खेतों की नमी कम हो रही थी, लेकिन बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है।
नीमच के खाद्य सुरक्षा विभाग ने सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद मनासा तहसील में कार्रवाई की है। टीम ने अस्वच्छता और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे दो रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। अब यहां खाने-पीने की चीजें बनाने और बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पहली कार्रवाई मनासा के बरलाई रोड (तलाऊ) पर स्थित 'देशी तड़का रेस्टोरेंट' पर हुई। यहां बासी खाना परोसे जाने की शिकायत मिली थी। गुरुवार को जब खाद्य सुरक्षा टीम ने अचानक छापा मारा, तो वहां बेहद गंदगी के बीच सब्जी और रोटी बनाई जा रही थी। किचन में साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था, बर्तन गंदे थे और फ्रिज में भी खाना बेहद अस्वच्छ तरीके से रखा गया था। इसके अलावा, रेस्टोरेंट का फूड रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) साल 2024 में ही खत्म हो चुका था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी ने बताया कि मौके से तैयार लहसुन-प्याज की ग्रेवी, मिर्ची पाउडर और आटे के सैंपल लिए गए हैं और रेस्टोरेंट को बंद कर दिया गया है। 'होटल किंगफिशर' के पास नहीं था लाइसेंस इसी तरह, टीम ने मनासा के रामपुरा रोड (फुलपुरा) स्थित 'होटल किंगफिशर' पर भी दबिश दी। यहां भी रोटी और सेव-टमाटर की सब्जी जैसी चीजें बेहद गंदे माहौल में बनाई जा रही थीं। होटल के किचन की दीवारों पर पुताई तक नहीं थी, हर तरफ गंदगी पसरी थी और फ्रिज की हालत भी खराब थी। सबसे बड़ी बात यह कि इस होटल के पास कोई वैध फूड लाइसेंस (पंजीयन) भी नहीं था। टीम ने यहाँ से मक्के के आटे सहित दो सैंपल लिए और होटल को तुरंत बंद करा दिया। लग सकता है 3 लाख तक का जुर्माना खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों जगहों से कुल 5 सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानूनी नियम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के मुताबिक, बिना रजिस्ट्रेशन के दुकान चलाने और गंदगी के बीच खाने-पीने का सामान बनाने या बेचने पर अधिकतम 3 लाख रुपए तक के जुर्माने का नियम है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा और कस्बा पटवारी गोपाल भाटी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
जैसलमेर के खुहड़ी थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश में किडनैप कर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य सहित 12 आरोपियों को डिटेन किया है। आरोपियों ने बोलेरो कैंपर से रास्ता रोककर किडनैप किया था। पीट-पीटकर हत्या के बाद शव को सड़क पर फेंक दिया। कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे थे। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुी है। शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमॉर्माटम कराया जाएगा। अब जानिए… कैसे हुई पूरी वारदात और कार्रवाई 1. रास्ता रोककर किया अपहरण, फिर बेरहमी से पीटा9 जून 2026 को म्याजलार निवासी महावीर सिंह राजपूत अपने साथी भोपाल सिंह के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते हमीर सिंह और उसके साथियों ने बोलेरो कैंपर गाड़ियों से उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने महावीर सिंह का अपहरण कर लिया और अपने साथ ले गए। बाद में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। 2. सड़क पर फेंककर फरार हुए आरोपी, अस्पताल में मौतमारपीट के बाद आरोपी महावीर सिंह को सोडा गांव की सड़क पर गंभीर हालत में फेंककर फरार हो गए। सूचना मिलने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। 3. परिजनों का धरना, 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांगखुहड़ी थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। दूसरी ओर परिजन और ग्रामीण सभी 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश देती रहीं। 4. मुख्य आरोपी हमीर सिंह सहित 12 आरोपी डिटेनजांच के दौरान पुलिस ने पहले 6 लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद गुरुवार शाम को पुलिस ने मुख्य आरोपी हमीर सिंह समेत 6 अन्य आरोपियों को बाहरी जिले से पकड़ लिया। अब तक कुल 12 आरोपियों को डिटेन किया जा चुका है। वारदात में प्रयुक्त एक वाहन भी जब्त कर लिया गया है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश जारी है।
देवास शहर के कालूखेड़ी क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय सामने आई जब परिजन उसे चाय के लिए बुलाने उसके कमरे में पहुंचे और उसे फंदे पर लटका पाया। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कालूखेड़ी निवासी आदित्य पिता अशोक वाघमारे (18) के रूप में हुई है। घटना के समय घर पर उसके दादा-दादी मौजूद थे। शाम को चाय का समय होने पर वे आदित्य को जगाने उसके कमरे में गए, जहां उन्होंने उसे फांसी पर लटका देखा। परिजनों ने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी और आदित्य को देवास जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन बाबू वाघमारे ने बताया कि घटना के वक्त घर में दादा-दादी ही थे। परिवार को इस बात का कोई अंदेशा नहीं था कि आदित्य ऐसा कोई कदम उठा लेगा। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। युवक द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में एक चार साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची को गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे उसके पिता द्वारा पोहरी के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चौंकाने वाली बात है, प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास की पुष्टि हुई है। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि वह किसी काम से गांव में बाहर गए हुए थे। बच्ची की मां भी घर पर नहीं थी। जब वह शाम करीब 5:30 बजे घर लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को घर के कमरे में मरणासन्न हालत में पाया। वे उसे तुरंत पोहरी के अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया और गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
इंदौर के यशवंत क्लब में होने वाले चुनाव को लेकर पम्मी छाबड़ा और सचदेवा-गोरानी टीम आमने-सामने हैं। इस बार टोनी सचदेवा और संजय गोरानी के लगातार दो कार्यकाल पूरे हो जाने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनकी पैनल ने अध्यक्ष पद के लिए जितेंद्र जैन और सचिव पद के लिए विजय कस्तूरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, पम्मी पैनल की ओर से अध्यक्ष पद के लिए पम्मी छाबड़ा और सचिव पद के लिए अतुल सेठ चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा कार्यकारिणी में टोनी सचदेवा अध्यक्ष, संजय गोरानी सचिव, विपिन कूलवाल सहसचिव और आदित्य कासलीवाल कोषाध्यक्ष हैं। क्लब की कार्यकारिणी के नौ पदों के लिए 28 जून को मतदान होगा। चुनाव परिणाम भी इसी दिन शाम 5 बजे तक घोषित कर दिए जाएंगे। दो सदस्यों ने निर्दलीय उम्मीदवारी घोषित सचिव पद के लिए कुलविंदर सिंह गिल और कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए निशांत तिवारी ने निर्दलीय उम्मीदवारी घोषित की है। ऐसे में सचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। पांच हजार से अधिक सदस्य करेंगे मतदान वर्ष 2024 में हुए चुनाव में 4,600 सदस्यों में से 2,199 सदस्य मतदान करने क्लब पहुंचे थे। वहीं, इस बार पांच हजार से अधिक सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पिछले चुनावों के आंकड़ों के आधार पर करीब 60 प्रतिशत मतदान होने की संभावना है। मतदान, मतगणना और परिणाम की घोषणा 28 जून को ही की जाएगी। प्रमुख पदों पर दिलचस्प मुकाबला जैन पैनलचेयरमैन – जितेंद्र जैनसचिव – विजय कस्तूरीसह सचिव – तेजवीर जुनेजाकोषाध्यक्ष – रुपल पारिख पम्मी छाबड़ा पैनलचेयरमैन – पम्मी छाबड़ासचिव – अतुल सेठसह सचिव – पंकज कुकरेजाकोषाध्यक्ष – सतीश मंगलानी कार्यकारिणी सदस्य पद के उम्मीदवार जैन पैनलवैभव दुआ, गुनीत चड्ढा, राजेश तलवार, भारती बरोडिया और आशुतोष कौशिक। पम्मी छाबड़ा पैनलअमृत देव, सौरभ भंडारी, बाबी थम्मन, कुनाल कासलीवाल और शिखर वर्मा। दो चुनाव बाद बदलेगा नेतृत्व यशवंत क्लब में पिछले दो चुनावों में संजय गोरानी समूह का दबदबा रहा है। क्लब के संविधान के अनुसार, कोई भी टीम लगातार दो कार्यकाल के बाद तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकती। इसी कारण वर्तमान चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी इस बार चुनावी मैदान से बाहर हैं। ऐसे में जितेंद्र जैन और विजय कस्तूरी की टीम नेतृत्व की विरासत संभाल रही है, जबकि पम्मी छाबड़ा ने भी मजबूत पैनल उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। क्लब की राजनीति में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।
पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना में बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में बिजली की समस्याओं और जरूरतों से अवगत कराया। सांसद ने मंत्री से पूर्णिया जिले में पावर ग्रिड और नए पावर सब-स्टेशन (PSS) स्थापित करने की मांग की। पप्पू यादव ने डगरूआ प्रखंड स्थित बेलगच्छी में बिजली विभाग की अनुपयोगी भूमि पर पावर ग्रिड बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके साथ ही, रूपौली प्रखंड के मोहनपुर और बनमनखी प्रखंड के चकमका में नए पावर सब-स्टेशन स्थापित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध हो सकेगी। सांसद के अनुसार, बेलगच्छी में पावर ग्रिड बनने से डगरूआ, बायसी, अमौर और बैसा जैसे चार बड़े प्रखंडों की बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार होगा। मुलाकात के दौरान, सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया जिलों में स्मार्ट मीटर, बिजली आपूर्ति, ग्रिड निर्माण, आरडीएसएस (RDSS) योजनाओं और जर्जर विद्युत अवसंरचना से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सीमांचल के लाखों उपभोक्ता अनियमित बिजली, कम वोल्टेज, स्मार्ट मीटर की शिकायतों और कमजोर वितरण व्यवस्था से परेशान हैं। सांसद ने जमीनी सुधारों के माध्यम से जनता को राहत देने पर जोर दिया। स्मार्ट मीटर के संबंध में, पप्पू यादव ने मंत्री को बताया कि केंद्र सरकार की रिपोर्टों में इन्हें लाभकारी बताया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हजारों उपभोक्ता गलत बिलिंग, अत्यधिक चार्ज, प्रीपेड बैलेंस कटौती, तकनीकी खराबी और शिकायतों के समाधान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि चारों जिलों में स्थापित स्मार्ट मीटरों की संख्या, लंबित शिकायतों और उपभोक्ताओं की आपत्तियों का जिला-वार विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, शिकायतों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जिला स्तरीय तंत्र गठित किया जाए।
सहारनपुर में गूगल मैप के भरोसे सफर कर रहे दस डंपर चालक देर शाम शहर के घंटाघर क्षेत्र में नो एंट्री में घुस गए। भीड़भाड़ वाले इलाके में एक साथ भारी वाहनों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी डंपरों का चालान कर उन्हें गागलहेड़ी हाईवे के रास्ते रवाना कर दिया। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश नंबर के दस डंपर हरियाणा से खनन सामग्री लेकर मध्यप्रदेश जा रहे थे। चालक रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी दौरान मैप द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए सभी डंपर शहर के व्यस्त घंटाघर क्षेत्र में पहुंच गए और नो एंट्री जोन में प्रवेश कर गए। घंटाघर पर लगा भारी वाहनों का जमावड़ा बुधवार शाम घंटाघर क्षेत्र में काफी भीड़भाड़ थी। ऐसे में एक साथ दस डंपरों के पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। चालकों ने कहा- गूगल मैप ने यही रास्ता दिखाया पुलिस पूछताछ में डंपर चालकों ने बताया कि वे गूगल मैप के सहारे यात्रा कर रहे थे। मैप ने उन्हें इसी मार्ग से जाने का निर्देश दिया था, जिसके चलते वे नो एंट्री क्षेत्र में पहुंच गए। नगर कोतवाली पुलिस ने नो एंट्री का उल्लंघन करने पर सभी डंपर चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। इसके बाद डंपरों को भीड़भाड़ वाले इलाके से सुरक्षित बाहर निकालकर गागलहेड़ी हाईवे के रास्ते भेज दिया गया। नगर कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी डंपरों का चालान किया गया है। साथ ही उन्हें शहर से बाहर निकालकर गागलहेड़ी हाईवे पर भिजवा दिया गया। समय रहते पुलिस कार्रवाई होने से किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने नगर निकायों में वित्तीय अधिकारों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक बरकरार रखी है, जिसमें नगरपालिका के कई वित्तीय अधिकार अधिशाषी अधिकारी (ईओ) को अकेले देने की व्यवस्था की गई थी। कोर्ट ने कहा- किसी भी प्रशासनिक सुविधा के नाम पर कानून में तय व्यवस्था और जवाबदेही के सिद्धांत को दरकिनार नहीं किया जा सकता। मामला पाली जिले की खुडाला-फालना नगरपालिका से जुड़ा है। पूर्व पार्षद ने राज्य सरकार के आदेश को दी थी चुनौती पूर्व पार्षद भारत कुमार चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार के 7 फरवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के जरिए नगरपालिका के वित्तीय अधिकारों को ईओ के स्तर पर केंद्रित करने की कोशिश की गई थी। इससे पहले 29 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने इस आदेश के अमल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। राज्य सरकार ने अंतरिम रोक हटाने के लिए आवेदन पेश किया, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा- रोक हटाने की प्रक्रिया तभी लागू होती है, जब प्रभावित पक्ष को याचिका की जानकारी और सुनवाई का अवसर नहीं मिला हो। इस मामले में सरकार को पहले ही पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन उस समय कोई उपस्थित नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई में अवसर देना और अवसर का उपयोग करना अलग-अलग बातें हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई का अवसर देना और उस अवसर का उपयोग करना अलग-अलग बातें हैं। यदि किसी पक्ष को मौका दिया गया और उसने इसका लाभ नहीं उठाया तो बाद में यह दावा नहीं किया जा सकता कि उसे सुनवाई से वंचित किया गया। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिविक माथुर ने तर्क दिया गया कि नगरपालिका का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया था। ऐसे में वित्तीय फैसलों में प्रशासक और ईओ की संयुक्त भूमिका जरूरी है। ईओ को अकेले अधिकार देने से वित्तीय नियंत्रण और पारदर्शिता प्रभावित होगी। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि नियमों में वित्तीय मामलों के लिए संतुलन और निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। केवल कार्य सुविधा के आधार पर इस व्यवस्था को बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने कहा- स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप अधिकारों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। हाईकोर्ट ने सरकार की दलील भी स्वीकार नहीं की कि आदेश केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर जारी किया गया था। कोर्ट ने कहा- यदि कोई आदेश वैधानिक ढांचे से मेल नहीं खाता तो उसे अस्थायी कहकर लागू नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने अंतरिम रोक को याचिका के अंतिम निस्तारण तक जारी रखते हुए मामले को अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
सहरसा जिला व्यापार संघ ने गुरुवार शाम रेनबो रिसॉर्ट में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा सहरसा जिला व्यापार संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष और कोशी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अर्जुन दहलान की माता परमेश्वरी देवी के निधन पर आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा की अध्यक्षता करते हुए जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने परमेश्वरी देवी को एक धार्मिक, सरल और संस्कारवान महिला बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को उच्च मानवीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों की शिक्षा दी। चौधरी ने उनके जीवन को सेवा, त्याग और सदाचार का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके निधन से दहलान परिवार के साथ-साथ पूरे व्यापारिक एवं सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। जिला व्यापार संघ के सचिव विकास गुप्ता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माता-पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। उन्होंने उल्लेख किया कि परमेश्वरी देवी द्वारा परिवार को दिए गए संस्कारों और मूल्यों के कारण ही आज दहलान परिवार समाज और व्यापार जगत में सम्मानित स्थान रखता है। गुप्ता ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की। श्रद्धांजलि सभा के अंत में, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सभी लोगों ने स्व. परमेश्वरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नगर निगम उप मेयर गुड्डू हयात, जिला वैश्य समाज जिलाध्यक्ष मोहन साह, भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह, कोषाध्यक्ष गोपाल चौधरी, संगठन सचिव नवल सिंह, संयुक्त सचिव अशीष टिंकू, मेजर गौतम भगत, मोहम्मद नौशाद नजमी, सोनू भीमसेरिया, नितेश दहलान, सौरभ दहलान, गोपाल दहलान, पंकज गुप्ता, सत्यम राज, राहुल गौरव, विशाल सिंह, गौतम भगत, मनीष कुमार, शैलेन्द्र भगत, उमाशंकर भगत और संजीव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
सरगुजा में शादी का झांसा देकर युवक ने नाबालिग छात्रा से रेप किया। छात्रा ने युवक से शादी करने के लिए कहा तो वह मुकर गया। नाबालिग छात्रा की रिपोर्ट पर पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, लखनपुर थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग छात्रा का परिचय उदयपुर निवासी युवक अमन खांडेकर से हुआ था। अमन खांडेकर ने छात्रा से उसका फोन नंबर ले लिया और उसे फोन करने लगा। उसने छात्रा को शादी का झांसा दिया और 10 मार्च और 8 अप्रैल को नाबालिग छात्रा से संबंध बनाए। शादी से मुकरा तो दर्ज कराई रिपोर्ट छात्रा ने अमन खांडेकर से शादी करने के लिए कहा तो वह मुकर गया। इससे परेशान होकर छात्रा ने लखनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में नाबालिग की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया। आरोपी युवक अमन खाण्डेकर (24 वर्ष) निवासी डांडगांव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट की धारा 4,6 एवं बीएनएस की धारा 64(2)(एम) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश किया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जालौन में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत:एक घायल, भैंस और तीन बकरियों की भी जान गई
जालौन के कोटरा क्षेत्र के हिलगना मौजा में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक भैंस और तीन बकरियों की भी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, किसान शानू पठान और गोविंद यादव अपने पशुओं को चराने के लिए खेतों में गए थे। अचानक मौसम बदलने और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने पर दोनों किसान अपने पशुओं के साथ बारिश से बचने के लिए एक जामुन के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही एक भैंस और तीन बकरियों की मौत हो गई। दोनों किसान गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उरई मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान लगभग 52 वर्षीय गोविंद यादव पुत्र गोपाल यादव ने दम तोड़ दिया। शानू पठान का अस्पताल में उपचार जारी है। मृतक किसान गोविंद यादव के परिजनों का इस घटना से गहरा दुख है। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद यादव एक मेहनतकश किसान थे और उनके परिवार के भरण-पोषण की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक किसान के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा दिया जाए। साथ ही, घायल किसान के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मोगा जिले के बाघापुराना के शिव इन्क्लेव में एक कोठी के विवाद को लेकर पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हो गया। इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना में दोनों पक्षों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मनदीप कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके पिता राजेंद्र कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर शिव इन्क्लेव स्थित उनकी कोठी पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके साथ कुछ हथियारबंद व्यक्ति भी थे। मोबाइल कैश छीनने का आरोप मनदीप अपने गनमैन राज सिंह के साथ अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे। वहां उनके पिता राजेंद्र कुमार और अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया। मनदीप के अनुसार, उनके भाई और भतीजे ने भी उनके साथ मारपीट की। हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन और 25-30 हजार रुपए छीनकर फरार हो गए। पिता-पुत्र के बीच कोठी को लेकर विवाद मनदीप की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी सहायक थानेदार हरमेश लाल ने बताया कि पिता-पुत्र के बीच कोठी के विवाद को लेकर लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। पुलिस मामले की सच्चाई जानने और कोठी के दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि असली मालिक का पता चल सके। इस संबंध में राजेंद्र कुमार, ईश्वरजोत, गोपाल कृष्ण (निवासी शिव इन्क्लेव बाघापुराना) और 10-12 अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जोधपुर में शुक्रवार से ग्रामीण सेवा शिविर की शुरुआत होगी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायात पर शिविर लगेंगे। इसमें करीब 11 विभागों का कॉर्डिनेशन रहेगा। वहीं पाल बाइपास मोटर एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें दुर्गाराम परिहार को अध्यक्ष बनाया गया है। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें… 1. कल से शुरू होंगे शिविर राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार से ग्रामीण सेवा शिविर की शुरुआत हो रही है। ये शिविर 15 जुलाई तक चलेंगे। ये शिविर सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक चलेंगे। इसमें करीब 22 विभागों का कॉर्डिनेशन रहेगा। अभियान की रोजाना अपडेट ऑनलाइन पोर्टल पर तैयार की जाएगी। ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग द्वारा राजस्व अभिलेखों एवं खातों का शुद्धिकरण, खातों का विभाजन, रास्तों संबंधी प्रकरणों का निस्तारण, नामांतरण (म्यूटेशन), सरकारी और चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन, खातेदारी अधिकार प्रदान करने, सीमाज्ञान, आबादी विस्तार एवं विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जारी करने के काम होंगे। साथ ही इसमें पानी और बिजली समेत एग्रीकल्चरण, पेंशन और फसल बीमार संबंधी शिकायतों का भी समाधान किया जाएगा। शिविरों में आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग निशुल्क शिविर भी आयोजित करेगा। 2. दुर्गाराम परिहार बने नए अध्यक्ष पाल बाइपास मोटर एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें दुर्गाराम परिहार को सर्वसम्मति से एसोसिएशन का नया अध्यक्ष चुना गया है। साथ ही प्रेम सोलंकी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कृष्ण कुमार भार्गव को कोषाध्यक्ष, सुरेंद्र राड को उपाध्यक्ष और रमेश परिहार को सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर व्यापारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। नवनिर्वाचित अध्यक्ष दुर्गाराम परिहार ने सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि पूरी टीम पाल बाइपास क्षेत्र के मोटर व्यवसायियों की समस्याओं के समाधान, बुनियादी सुविधाओं के विकास और उनके व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करेगी। इन्हें दी जिम्मेदारी… 3. भागवत कथा में सजी रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी, श्रद्धालुओं ने की पुष्प वर्षा पुरुषोत्तम मास पर नारायण शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जालोरी गेट स्थित महालक्ष्मी स्कूल प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। कथा की पूर्णाहुति शुक्रवार को होगी। कथा के छठे दिन गुरुवार को कथा व्यास पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज ने कंस वध, महारास लीला और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दर्शन करते हुए श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह का स्वागत किया। भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के बीच पूरा कथा पांडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा श्रवण करते रहे। आयोजन समिति सदस्य ललित थानवी ने बताया- सात दिवसीय कथा के दौरान श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कथा के अंतिम दिन शुक्रवार को सुदामा चरित्र का वर्णन, कथा पूर्णाहुति, महाआरती एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा।
सजेती के हरदौली गांव में गुरुवार दोपहर यमुना नदी में डूबने से नौ वर्षीय बालक आयुष की मौत हो गई। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, हरदौली गांव निवासी दिनेश निषाद का बेटा आयुष गुरुवार दोपहर अपने दादा शिवबालक के साथ यमुना नदी किनारे पहुंचा था। दोपहर करीब एक बजे शिवबालक अपने मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए नदी किनारे गए थे। इसी दौरान आयुष भी उनके साथ था और नदी में नहाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मवेशियों को नहलाने में व्यस्त दादा की नजर कुछ देर के लिए आयुष से हट गई। इसी बीच आयुष गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। जब दादा ने पीछे मुड़कर देखा तो आयुष नदी में दिखाई नहीं दिया। उन्होंने तुरंत शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास मौजूद नाविक और गोताखोर मौके पर पहुंचे और आयुष की तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद गोताखोरों ने आयुष को नदी से बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल हमीरपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी और हमीरपुर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। आयुष अपनी दो छोटी बहनों का इकलौता बड़ा भाई था। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
सहारनपुर अस्पताल पर लापरवाही का आरोप:गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद डीएम से जांच की मांग
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र स्थित एक अस्पताल पर गर्भवती महिला के उपचार में लापरवाही बरतने और गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में सीएमओ ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्राम आलमपुर, थाना मिर्जापुर निवासी जाकिर पुत्र जुमशेद ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी करीब साढ़े सात माह की गर्भवती थी। 8 जून को उन्हें जांच के लिए कादरपुर रोड स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें भर्ती कर लिया। जाकिर का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने समय पूरा न होने के बावजूद डिलीवरी कराने का दबाव बनाया और दवाइयां देकर प्रसव कराने का प्रयास किया, जिससे उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद वे अपनी पत्नी को बेहट स्थित साथी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन किया, लेकिन शिशु मृत पैदा हुआ। जाकिर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में संबंधित चिकित्सक से फोन पर बात की तो उनके पति ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। परिवार के समर्थन में पहुंचे ग्रामीण अरविंद कुमार ने भी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित पक्ष के पास बातचीत की ऑडियो और अस्पताल में हुई घटनाओं की वीडियो फुटेज मौजूद है। उन्होंने कहा कि परिवार एक ओर बच्चे की मौत से दुखी है, वहीं दूसरी ओर उन्हें मुकदमे में फंसाने और धमकाने की बातें कही जा रही हैं। पीड़ित परिवार ने पहले थाना बेहट में शिकायत दी थी, लेकिन मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा होने के कारण उन्हें सीएमओ कार्यालय जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, डायल 112 तथा जिला प्रशासन को भी शिकायत भेजी। इस संबंध में सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। शिकायत की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद द्वारा आयोजित स्वर्गीय शिव नारायण गुप्ता एडवोकेट वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता-2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले गुरुवार को एस.पी. गुप्ता सभा भवन में संपन्न हुए। प्रतियोगिता के तीसरे दिन अधिवक्ताओं के बीच हुए इन मैचों में आठ खिलाड़ियों ने जीत दर्ज कर अगले चरण में प्रवेश किया। प्रतियोगिता के तहत चार समूहों में मुकाबले आयोजित किए गए। ग्रुप-ए से पुष्प यादव और अभिषेक भटनागर विजयी रहे। ग्रुप-बी में राजकुमार गौतम और आसिफ सैफी ने जीत हासिल की। ग्रुप-सी से वासु सक्सेना और मनीष प्रताप सिंह अगले दौर में पहुंचे, जबकि ग्रुप-डी में कुलदीप त्यागी और शाकिर अली ने जीत दर्ज की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए समिति की सराहना की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की खेल भावना की प्रशंसा करते हुए विजयी खिलाड़ियों को अगले दौर के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के महासचिव कपिल गुप्ता, संयुक्त सचिव आवरण अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य (सीनियर) आशीष उपाध्याय, कार्यकारिणी सदस्य (जूनियर) पंकज शर्मा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, आयोजन समिति के सदस्य गिरीश चंद्र जैकबाल, मुकेश चंद्र भारद्वाज, मनोज गुप्ता, सुरेंद्र पाल, गोपाल द्विवेदी, रफीक अहमद, अभिनव गुप्ता, नदीम अहमद, अकरम, शादाब और अजय पाल सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे। प्रतियोगिता के आगामी दौर को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह बना हुआ है। दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया गुरुवार को संपन्न हुई। सभी तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। भाजपा की उम्मीदवार अलका गुर्जर और सतीश पूनिया के साथ कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी को राजस्थान विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी ने आधिकारिक रूप से विजयी घोषित किया।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ नए अध्याय का शुभारंभ किया गया। जेवर स्थित टर्मिनल फोरकोर्ट एरिया (ईस्ट साइड) में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और गणमान्य लोगों ने प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और एयरपोर्ट के सफल संचालन की कामना की। इस अवसर पर जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास, निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान का प्रतीक बनने जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश द्वारा स्थापित किए जा रहे नए विकास आयामों और जेवर क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक पहचान पर जोर दिया। विधायक सिंह ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में हर शुभ कार्य की शुरुआत पूजा-अर्चना और वैदिक परंपराओं के साथ करने की परंपरा रही है। इसी भावना के साथ एयरपोर्ट के नए चरण का शुभारंभ सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 15 जून 2026 से फ्लाइट सेवाओं का संचालन प्रारंभ होगा। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और जेवर क्षेत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्रों में शामिल होगा। इस कार्यक्रम में नोएडा एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीतू समरा, मुख्य परिचालन अधिकारी किरण जैन, ओआरएटी हेड जान विक्की, हेड एआरएफएफ विनोद कुमार, अभिषेक नाथ, भारती कलप्पा, परविंद कुमार सरोज, सुरभि राणा, दिनेश जमवाल तथा टाटा प्रोजेक्ट डायरेक्टर उन्नी कृष्णा सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केडीए का मकान फर्जी डीड से बेचा, 44 लाख ठगे:न्यायालय के आदेश पर पनकी थाने में चार पर मुकदमा दर्ज
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर केडीए का मकान बेचकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित फ्रीहोल्ड डीड तैयार कर मकान की बिक्री कर दी और बैंक ऋण भी स्वीकृत करा लिया। मामले में पीड़िता की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने नहीं सुनी तो न्यायालय की शरण पहुंचा प्राथीरतनपुर स्थित ईडब्ल्यूएस योजना निवासी गरिमा पाल ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात सुनीता पाल और आशीष पाल से हुई थी। दोनों ने केडीए की एक आवासीय संपत्ति बेचने का प्रस्ताव दिया। मकान पसंद आने पर 29.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और 30 अगस्त 2024 को 50 हजार रुपये अग्रिम राशि चेक के माध्यम से दे दी गई। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने पंजाब नेशनल बैंक की रावतपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत अन्य लोगों की मिलीभगत से उनके नाम 28.68 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत कराया। इसके बाद 9 सितंबर 2024 को मकान की रजिस्ट्री गरिमा पाल और उनके पति के नाम करा दी गई। रजिस्ट्री के बाद परिवार ने मकान में मरम्मत और निर्माण कार्य कराते हुए करीब 16 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च कर दिए। मामला उस समय खुला जब गरिमा पाल ने संपत्ति के दाखिल-खारिज के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में आवेदन किया। जांच के दौरान दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में केडीए ने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति की मूल आवंटी लक्ष्मी देवी अग्निहोत्री हैं, जबकि विजय कुमार श्रीवास्तव के नाम से प्रस्तुत फ्रीहोल्ड डीड पूरी तरह फर्जी और कूटरचित है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पीड़िता ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर पनकी पुलिस ने सुनीता पाल, आशीष पाल, मनोज कुमार पाल और विजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बोले थाना प्रभारीपनकी थाना प्रभारी दिनेश बिष्ट बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, बैंक ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में देवरनिया थाना क्षेत्र से जुड़े एक विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। अटल संकल्प पार्टी ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने एसएसपी और जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। पार्टी का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और हालिया कार्रवाई से न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गंगवार और इंजीनियर योगेश कुमार के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सीओ बहेड़ी, देवरनिया थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सीओ की कथित टिप्पणियां पुलिस की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न करती हैं। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने एक पार्टी पदाधिकारी के पीआरओ का मोबाइल फोन जबरन जब्त कर लिया। पार्टी ने इस घटना को अधिकारों का दुरुपयोग बताते हुए मामले की जांच किसी बाहरी जिले के वरिष्ठ अधिकारी से कराने की मांग की है। इस विवाद का एक अन्य केंद्र थाना देवरनिया में मुकदमा भी दर्ज है। अटल संकल्प पार्टी का दावा है कि यह मुकदमा मृतक के परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज किया गया है। इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों की स्पष्टता समय पर सामने नहीं आती है, तो यह मुद्दा स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। यह ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से शासन और प्रशासन को भेजा गया। इस दौरान रवि मौर्य, ओमेंद्र कुमार, मधु शर्मा, अरविंद कुमार, रुक्मणी यादव और अरुण कश्यप सहित कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
सहारनपुर के डीएम अरविंद कुमार चौहान ने गुरुवार शाम को शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा, पर्यटन विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को सुरक्षा तथा विकास कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व,डीएम ने मां शाकंभरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसमें पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और अर्ली वार्निंग तथा अर्ली अलार्म सिस्टम स्थापित करना शामिल है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सूचना उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है। डीएम ने मंदिर क्षेत्र के बाजार और दुकानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदारों को आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा दुकानों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उनका मत था कि एक व्यवस्थित और आकर्षक बाजार क्षेत्र पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी बेहतर अनुभव प्रदान करेगा। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए, जिलाधिकारी ने पर्यटन थाना स्थापित करने हेतु उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी भवन के निर्माण तक एक अस्थायी पर्यटन थाना संचालित किया जाए,ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को तत्काल सुरक्षा संबंधी सहायता मिल सके। बैठक में प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि पुल का निर्माण निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की तकनीकी राय लेने की बात भी कही,ताकि निर्माण कार्य में कोई कमी न रहे। डीएम ने निर्देश दिए कि शाकंभरी देवी क्षेत्र को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने और उन्हें तय समय पर पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हरदोई में दसवीं की छात्रा से दुष्कर्म:कछौना में युवक पर केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
कछौना कोतवाली क्षेत्र में दसवीं की एक छात्रा से दुष्कर्म और उसका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कछौना नगर की नई कॉलोनी निवासी अदनान नामक युवक ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने छात्रा का अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसके बाद अदनान ने पीड़िता को बदनाम करने के इरादे से एक फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर वह वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया। यह अश्लील वीडियो पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा था। जब यह मामला परिजनों के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बदनामी के डर के बावजूद हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी अदनान के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट आदि धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया है। कोतवाल के अनुसार, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और वीडियो वायरल करने के तकनीकी पहलुओं सहित सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिरोजाबाद में पाइप विवाद में युवक की मौत:परिजन 5 घंटे शव रखकर बैठे, हत्यारोपियों पर कार्रवाई की मांग
फिरोजाबाद में पाइप विवाद में घायल हुए एक व्यक्ति की दो दिन बाद मौत हो गई। गुरुवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे और रामनगर मुख्य मार्ग पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। वे हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना थाना लाइनपार के मुहल्ला आजाद नगर की है। सोमवार रात करीब 10 बजे विवेक और उनके भाई विकास अपने सबमर्सिबल से पाइप लगाकर घर में पानी भर रहे थे। पाइप से लीक हो रहा पानी पड़ोस में रहने वाले 51 वर्षीय रूप किशोर शंखवार के सबमर्सिबल में जा रहा था। रूप किशोर ने विवेक से पाइप हटाने को कहा, जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवेक और विकास ने लाठी-डंडों से रूप किशोर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से वह बेहोश हो गए। उन्हें पहले सरकारी ट्रामा सेंटर और फिर आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बुधवार दोपहर उपचार के दौरान रूप किशोर की मृत्यु हो गई। थाना लाइनपार के एसओ रमित आर्या ने बताया कि मारपीट की सूचना पहले नहीं दी गई थी। आगरा में उपचार के दौरान मौत होने के बाद रूप किशोर की भाभी मधु शंखवार की तहरीर पर विवेक और विकास के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक के परिजन मांग कर रहे हैं कि मामले में प्रसारित वीडियो के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए और एसएसपी मौके पर आकर आश्वासन दें, तभी वे शव का अंतिम संस्कार करेंगे। देर शाम तक परिजनों का प्रदर्शन जारी था। मौके पर सीओ के साथ आसपास के थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है। मृतक के भतीजे अरुण ने बताया कि रूप किशोर की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है और उनके परिवार में दो बेटियां हैं। गुरुवार शाम चार बजे आगरा में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे थे।

