बदायूं में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा वजीरगंज थाना क्षेत्र के रोटा और वनकोटा गांव के बीच शुक्रवार रात हुआ। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के भगतपुर गांव निवासी दिनेश (37) पुत्र चंद्रपाल सिंह बाइक से सिलहरी गांव में एक दावत में शामिल होने जा रहे थे। वहीं, बिसौली कोतवाली क्षेत्र के नवादा गांव निवासी गोपी (25) पुत्र गोविंद अपनी नानी के घर खुनक से वापस लौट रहे थे। रोटा और वनकोटा गांव के बीच दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज ले गए, जहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां दोनों ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दोनों युवकों ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार दिनेश खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करता था। वह पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसकी शादी हो चुकी थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। वहीं गोपी दो भाइयों में बड़ा था और खेती-बाड़ी करता था। उसकी भी शादी हो चुकी थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में देहात थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए हनीट्रैप गैंग की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लोगों को फंसाने वाली गैंग की एक महिला मेडिकल जांच में एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाई गई है। जिला अस्पताल में हुए परीक्षण और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि महिला पिछले करीब तीन साल से इस बीमारी का इलाज भी ले रही थी। खुलासे के बाद ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए पीड़ितों की मुश्किलें और स्वास्थ्य की चिंताएं बढ़ गई हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो महिलाओं और दो पुरुषों समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रसूखदार लोगों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ितों से लाखों रुपये की उगाही की जाती थी। मोबाइल-लैपटॉप में मिले वीडियो, वकील की भूमिका संदिग्धपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच के दौरान इनमें बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो, फोटो और पैसों के वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पता लगा रही है कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इनकी उगाही का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला है। इस मामले की जांच के दायरे में एक अधिवक्ता (वकील) का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि पीड़ितों से ब्लैकमेलिंग के जरिए ऐंठी गई रकम के लेनदेन में इस वकील की क्या भूमिका रही है। सिर्फ उगाही नहीं, अब पीड़ितों की जान पर भी खतराहनीट्रैप में गिरफ्तार महिला के HIV संक्रमित पाए जाने के बाद यह मामला केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस इस पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है कि इस महिला के संपर्क में कितने लोग आए थे। गैंग का शिकार हुए लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा अब एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की तरफ से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
राजस्थान में 66 मरीज हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए डोनर का इंतजार कर रहे हैं। इनमें किसी की उम्र 19 साल है तो कोई 16 साल का है। वहीं, कई मरीज इस इंतजार में दम तोड़ चुके हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि हर साल करीब 250 से 300 मरीजों को हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट की मुहिम रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। शुरुआत के बाद से अब तक सिर्फ 9 ट्रांसप्लांट ही हो पाए हैं। आखिर क्या कारण है कि सर्वाइवल रेट 60 फीसदी होने के बावजूद हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं हो पा रहे हैं? पढ़िए इस रिपोर्ट में... ट्रांसप्लांट की जरूरत चौमूं के चितवाड़ी गांव में रहने वाले रामकिशोर का हार्ट महज 18 फीसदी ही काम कर रहा है। साल 2012 में वॉल्व बदलने के बाद से लगातार तबीयत खराब हो रही है। करीब एक महीने पहले भी अचानक तबीयत बिगड़ी थी तो डॉक्टरों के मुताबिक बचना भी मुश्किल था। लेकिन एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने जान बचा ली। लेकिन ये भी बता दिया था कि अब हार्ट ट्रांसप्लांट ही आखिरी उम्मीद है। कुछ दिन पहले ही हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए डॉक्टर्स ने मरीज को बुलाया भी। लेकिन ब्रेनडेड मरीज से मिलने वाला हार्ट उस काबिल नहीं था कि रामकिशोर को लगाया जा सके। इसलिए हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं हो पाया। अब रामकिशोर फिर से डोनेशन का इंतजार कर रहे हैं। ये सिर्फ रामकिशोर की ही कहानी नहीं है। चाकसू की एक करीब 19 साल की लड़की को भी हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत है। वहीं कोटा के एक 16 साल के युवा को भी हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत है। राजस्थान में हार्ट के 18 और हार्ट+लंग्स ट्रांसप्लांट के 48 मिलाकर कुल 66 रजिस्टर्ड मरीज डोनर का इंतजार कर रहे हैं। कुछ मरीजों की सही समय पर डोनर नहीं मिलने के कारण मौत भी हो चुकी है। वहीं, कुछ मरीज जरूरत होने पर भी डर के कारण ट्रांसप्लांट नहीं करा रहे हैं। 6 साल पहले शुरुआत, अबतक महज 9 ट्रांसप्लांट साल 2020 में प्रदेश में पहली बार सरकारी क्षेत्र में हार्ट ट्रांसप्लांट की शुरुआत हुई थी। तब ये उम्मीद जगी थी की अब राजस्थान में दिल के मरीजों को लाखों रुपए खर्च कर हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए विदेश या फिर देश के दूसरे राज्यों में बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य सरकार ने हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी को स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल कर मुफ्त भी कर दिया था। लेकिन उसके बावजूद भी राजस्थान में हार्ट ट्रांसप्लांट की मुहिम अब तक रफ्तार नहीं पकड़ नहीं पाई है। एसएमएस हॉस्पिटल में अब तक महज 9 मरीजों के हार्ट ट्रांसप्लांट ही हो पाए हैं। मरीजों में डर और डोनेशन को लेकर जागरुकता की कमी और प्रॉपर काउंसलिंग नहीं होने के कारण हार्ट ट्रांसप्लांट की रफ्तार स्लो है। ये हालात तब हैं जब 66 मरीज हार्ट-लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए रजिस्टर्ड हैं। यानी उन्हें हार्ट ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत है। लेकिन उनके लिए पीड़ा ये है कि डोनर तैयार नहीं हो रहे। 60 फीसदी है हार्ट ट्रांसप्लांट की सर्वाइवल रेट साल 2020 से लेकर अब तक एसएमएस में 9 मरीजों का हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ है तो एक मरीज का हार्ट और लंग्स, दोनों का ट्रांसप्लांट हुआ है। हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद चार मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। जबकि 5 मरीज बहुत अच्छे से जीवन जी रहे हैं। आखिर क्यों नहीं हो रहे हार्ट ट्रांसप्लांट 1.ऑर्गन डोनेशन को लेकर जागरुकता की कमी : राजस्थान में ऑर्गन डोनेशन को लेकर अभी भी टैबू बना हुआ है। ब्रेनडेड होने के बाद मरीज के अंगदान को लेकर परिजनों में जागरुकता की कमी है। यही कारण है कि एक्सीडेंट में मौत होने के बाद अंगदान को लेकर परिजन तुरंत फैसला नहीं ले पाते हैं, जिसके कारण से अंगदान नहीं हो पाता है। दूसरा सभी हॉस्पिटल में अंगदान की व्यवस्था भी नहीं है। 2. काउंसलिंग की कमी : ब्रेनडेड मरीज के परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के लिए सबसे आवश्यक होती है काउंसलिंग। लेकिन प्रॉपर काउंसलिंग नहीं हो पाने के कारण समय पर अंगदान नहीं हो पाता है। 3. हार्ट ट्रांसप्लांट को लेकर डर : हार्ट फेल्योर वाले मरीज डर के मारे हार्ट ट्रांसप्लांट कराने से परहेज करते हैं। जब तकलीफ होती है तब अस्पताल में एडमिट होकर इलाज कराते हैं। दवाओं का थोड़ा बहुत असर होता है, फिर वो घर चले जाते हैं। इस दौरान जब कोई हार्ट डोनेट होता है और मरीज को ट्रांसप्लांट के लिए बुलाया जाता है तब डर के कारण मरीज आते नहीं। कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देते हैं। 4. हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए डेडिकेटेड यूनिट नहीं : हार्ट ट्रांसप्लांट को लेकर एसएमएस अस्पताल में कोई भी डेडिकेटेड यूनिट नहीं है। यूनिट होने से मतलब है कि वहां सिर्फ हार्ट ट्रांसप्लांट के स्पेशलिस्ट और पूरा स्टाफ हो। एसएमएस अस्पताल में पहले से ही हार्ट स्पेशलिस्ट पर रुटीन सर्जरी और चेकअप का प्रेशर है। हालांकि राज्य सरकार ने साल 2020 में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च कर अत्याधुनिक सेंटर तैयार किया था। अब हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रॉपर सुविधा के लिए 6 एसोसिएट प्रोफेसर की डिमांड भी रखी गई है। कई बार मरीज भी तैयार नहीं होते एसएमएस अस्पताल में सीटीवीएस डिपार्टमेंट (कार्डियोथोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट) के एचओडी डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि हार्ट ट्रांसप्लांट करने में कई तरह के लॉजिस्टिक इश्यूज आते हैं। कई बार तो डोनेशन को लेकर परिजन तैयार नहीं होते हैं। तो कई बार रिसिपिएंट (जिसे ट्रांसप्लांट की जरूरत है) भी तैयार नहीं होते हैं। रजिस्टर्ड मरीज हार्ट डोनेट होने के बावजूद ट्रांसप्लांट के लिए तैयार नहीं होते हैं, जिसके कारण उनकी मौत भी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में हमारे रिजल्ट कॉम्प्रोमाइज हुए। लेकिन हमारी सर्वाइवल रेट 60 फीसदी से ज्यादा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में हर साल 250 से 300 मरीजों को हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है। लेकिन वे रजिस्टर्ड ही नहीं हो पाते हैं। प्रोफेसर डॉ. सुनील बताते हैं- हार्ट फेल्योर की दिक्कतों का सामना कर रहे मरीजों को हम दवा से ठीक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन जैसे ही उनको कुछ राहत मिलती है वे हार्ट ट्रांसप्लांट का खतरा उठाने से झिझकने लग जाते हैं। ऐसे में दौरान जब हार्ट ट्रांसप्लांट का नंबर आता है तब वे मना कर देते हैं। राजस्थान में हार्ट ट्रांसप्लांट के रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या बहुत कम है। क्योंकि ज्यादातर मरीजों को कार्डियोलॉजिस्ट या फिजिशियन दवाओं से ही इलाज करते रहते हैं और उन्हें हार्ट ट्रांसप्लांट की सलाह ही नहीं दी जाती है। समय पर रिसिपिएंट के ना आने के कारण हार्ट को दूसरे अस्पताल या राज्य में भेज दिया जाता है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने माना की पिछले सालों की तुलना में इस बार नंबर्स कुछ कम हैं। लेकिन हमारी टीम पूरी तरह से प्रशिक्षित है और परिणाम भी सकारात्मक हैं। लेकिन डोनर और रिसिपिएंट में जागरुकता की कमी के कारण प्रक्रिया प्रभावित होती है।
देशभर में चर्चित रहे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पेपर लीक का मामला अभी विवादों में है। छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी डेटा और प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका जताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि एग्जाम से पहले ही प्रश्नपत्र कुछ स्टूडेंट्स तक पहुंच गया था। यूनिवर्सिटी के समर्थ पोर्टल को हैकर्स की तरफ से हैक करने की बात सामने आई है। जिसके बाद प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया जा रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर प्रबंधन ने रातों रात बैठक बुलाई। जिसके बाद जांच के लिए 5 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। कमेटी से 7 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल हैक होने के बाद दावा किया जा रहा है कि एग्जाम सहित प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े डेटा हैकर्स ने लीक कर दिया है। विश्वविद्यालय के करीब 32 विभागों के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय शैक्षणिक दस्तावेज प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आनन-फानन में शनिवार की देर शाम अधिकारियों की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की। हालांकि, प्रबंधन का कहना है कि अभी तक प्रश्नपत्र लीक होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। पहले जानिए क्या है समर्थ पोर्टल ? समर्थ पोर्टल का इस्तेमाल प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रबंधन, स्टूडेंट्स के दस्तावेज, प्रशासनिक रिकॉर्ड, शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में यदि डेटा सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक होती है, तो हजारों विद्यार्थियों की निजी जानकारी प्रभावित हो सकती है। पोर्टल पर आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और शैक्षणिक दस्तावेज जैसी संवेदनशील जानकारियां अपलोड रहती हैं। फिलहाल संबंधित संस्थानों और तकनीकी एजेंसियों से प्रबंधन चर्चा कर इस पर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता समर्थ पोर्टल हैक होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। छात्रों का कहना है कि, परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी लगभग सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इसी पोर्टल पर उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में लॉगिन डिटेल्स सार्वजनिक होने से डेटा के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। कई छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पोर्टल की साइबर सुरक्षा मजबूत करने की मांग उठाई है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन तकनीकी एजेंसियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर पोर्टल कैसे हैक हुआ। एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को मिले प्रश्नपत्र बताया जा रहा है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एग्जाम से पहले ही कुछ स्टूडेंट्स तक प्रश्नपत्र पहुंच गए थे। दावा किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र हुबहू थे, जिसकी वजह से प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र यूनिवर्सिटी प्रबंधन को दिया है। लेकिन, यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रश्नपत्र ओरिजनल है या फिर बनावटी। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि अभी तक प्रश्नपत्र लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं। समर्थ पोर्टल को हैक करने की बात सामने आई है। परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल सूत्रों के अनुसार, 32 विभागों के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले प्रभावित होने की आशंका ने विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह मामला सही साबित होता है, तो यह प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। यूनिवर्सिटी ने जांच के लिए बनाई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर को बताया कि, ऐसा लग रहा है कि विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल को हैक किया गया है। कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी दी है। इसकी समीक्षा के लिए रात में अफसरों की बैठक बुलाई गई। जिसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें अफसरों के साथ ही विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। कमेटी को 7 दिन में रिपोर्ट पेश करना है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि पोर्टल आखिर कैसे हैक हुआ।
खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें ग्रामीणों और मोरकाही थानाध्यक्ष के बीच बहस हो रही है। इस दौरान थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी पिस्टल लहराते दिख रही है। मृतक की पहचान शत्रुघ्न पासवान के बेटे सौरव कुमार पासवान के रूप में हुई है। पुलिस सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी घर मोरकाही पुलिस एक मामले में नामजद अभियुक्त सौरव को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। पुलिस को देखकर सौरव भागने लगा और पास स्थित मालती नदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि नदी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मृतक की मां का आरोप है कि हाल ही में हुए हिंदू-मुस्लिम विवाद के मामले में उनके बेटे को गलत तरीके से अभियुक्त बनाया गया था, जबकि वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं था। घटनास्थल की तस्वीरें.. CCTV फुटेज की जांच करने बोले थे परिजन परिजन ने दावा किया कि परिवार की ओर से कई बार निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस देर रात सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी और पुलिस कार्रवाई के दौरान ही उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सौरव कुमार पासवान का शव नदी से बाहर निकाले जाने के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग मोरकाही थाना के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। थाना प्रभारी ने सर्विस पिस्टल निकालकर लहराया इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ ग्रामीणों और मोरकाही थाना प्रभारी अंतिमा कुमारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में थाना प्रभारी द्वारा अपनी सर्विस पिस्टल निकालने का दृश्य भी नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
छतरपुर जिले में पुलिस हिरासत में हुई चार संदिग्ध मौतों के मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। खजुराहो निवासी समाजसेवी पीयूष दीक्षित द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही संबंधित थानों के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने मामले की सुनवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि छतरपुर जिले के विभिन्न थानों में महज दो माह के भीतर चार युवकों की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। याचिकाकर्ता ने इन मौतों के लिए पुलिस की कथित थर्ड डिग्री यातना को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अधिकारियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग याचिका में पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने तथा सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड तत्काल जब्त करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल और अधिवक्ता जितेंद्र कुमार दीक्षित ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली उपस्थित रहे। शासन ने बताया-दो मामलों में न्यायिक जांच के आदेश दिए राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि चार में से दो मामलों में न्यायिक जांच के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार, डीजीपी, आईजी सागर रेंज, छतरपुर पुलिस अधीक्षक तथा राजनगर, चांदला और गौरीहार थाना प्रभारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आरोप-मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान मिले याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठाया कि चारों मामलों में पुलिस द्वारा लगभग एक जैसा जवाब दिया गया कि आरोपियों ने आत्महत्या कर ली या जहर खा लिया। ऐसे में पुलिस कस्टडी और हवालात जैसी सुरक्षित जगहों पर आरोपियों तक जहर या फांसी लगाने के साधन कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान मिले, जो हिरासत में यातना दिए जाने की आशंका को बल देते हैं। सभी पक्षों से जवाब तलब मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब तलब किया है। अब इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा।
संभल में बारिश से मौसम बदला:पारा 9 डिग्री गिरकर 38 डिग्री तक पहुंचा, मार्केट में दीवार और पेड़ गिरे
संभल में रात भर हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव आया है। हालांकि, सुबह धूप निकलने के साथ ही उमस बढ़ गई। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 88 रहा। शनिवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस था। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो शुक्रवार के मुकाबले 1 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने आज भी आंधी और बारिश का अनुमान जताया है। तेज हवा और बारिश के कारण संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट गर्वी स्थित एक मार्केट की दीवार ढह गई। यह घटना देर रात करीब 12 बजे हुई, जिसमें कुर्बानी के लिए बांधा गया एक कटरा दीवार के नीचे दब गया। पेड़ गिरने की भी सूचना है। पहले तीन तस्वीरें देखिए पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने आम जनता को 15 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत दी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन रात की बारिश के बाद इसमें 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। गुरुवार को 5 मिलीमीटर और शुक्रवार को 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। किसान हरिराम सैनी ने बताया कि बारिश से फसलों को फायदा हो रहा है और अगर यह जारी रही तो फसल अच्छी होगी। स्थानीय निवासी अर्पित कुमार ने भी रात की बारिश के बाद दिन भर मौसम सुहावना रहने की बात कही।
बरेली पुलिस ने अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के निर्देश पर जिले के विभिन्न थानों में 18 शातिर अपराधियों के खिलाफ क्लास (B) हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की गई है। इनमें सबसे प्रमुख नाम शराब कारोबारी मनोज जायसवाल का है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गोकशी, हत्या, अवैध शराब, चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में सक्रिय इन अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और कोई भी नई संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। शराब माफिया मनोज जायसवाल बना पुलिस का मुख्य टारगेटहिस्ट्रीशीट खुलने वाले अपराधियों में बारादरी निवासी शराब कारोबारी मनोज जायसवाल सबसे शीर्ष पर है। पुलिस के अनुसार, मनोज जायसवाल पर बरेली, लखनऊ और सहारनपुर में धोखाधड़ी एवं गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसका नाम सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में टैक्स चोरी कर शराब सप्लाई करने के मामले में भी सामने आया था। मनोज के अलावा अन्य अपराधियों में गैंगस्टर सौरभ राठौर, अफजाल हुसैन उर्फ मुल्ला, उत्तम पटेल, रामबाबू, नैतिक सोनकर, आकाश ठाकुर, मुजीब अहमद, अंशु पटेल, अरशद और आरिश खान की हिस्ट्रीशीट बारादरी थाने में खोली गई है। नैतिक सोनकर और आकाश ठाकुर पर खुर्रम गौटिया चौराहे पर हनुमान दल के उपाध्यक्ष की हत्या करने का आरोप है। मीरगंज, शाही और शीशगढ़ के अपराधी भी दायरे मेंपुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में मीरगंज थाने के भी कई शातिर शामिल हैं। मीरगंज में गोकशी के आरोपी सूफीटोला निवासी अफजाल, अरशीन कुरैशी व निजाम, बाबरनगर के मो. शहीद उर्फ भूरा और नकबजनी के आरोपी मसीहाबाद के अनिल के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इसके अलावा, शाही थाने में लूट व एनडीपीएस के आरोपी दुनका निवासी लालता प्रसाद उर्फ नन्हे और शीशगढ़ थाने में जाफरपुर निवासी गोकश काले के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। अपराध के आधार पर हिस्ट्रीशीट का वर्गीकरणइस अभियान के तहत कुल 18 अपराधियों को अलग-अलग श्रेणियों के अपराधों में चिन्हित किया गया है। इसमें गोकशी के 5, मादक पदार्थ तस्करी के 5, चोरी, लूट व छिनैती के 6, बलवा के 3, हत्या व हत्या के प्रयास के 3, नकबजनी के 3, धोखाधड़ी के 2 और अवैध शराब का 1 आरोपी शामिल है। पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए की गई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अपराध पर रोकथाम को गोकशी, हत्या, अवैध शराब, चोरी, लूट एवं अन्य अपराधों में शामिल 18 शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। पुलिस अब इन सभी अपराधियों की निगरानी करेगी और किसी अपराध में संलिप्तता मिलने पर कड़ी कार्रवाई करेगी।
रोहतक की मान्या का चयन ग्रामीण विकास मंत्रालय ने समर इंटर्नशिप के लिए किया है। मान्या फिलहाल दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में डिजाइन फैकेल्टी के टेक्सटाइल डिजाइन डिपार्टमेंट के चौथे सेमेस्टर की स्टूडेंट है। मान्या एक जून से अपनी समर इंटर्नशिप को शुरू करेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में होने वाली समर इंटर्नशिप के लिए मान्या का चयन जिले के लिए गौरव का विषय है। इस इंटर्नशिप को बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। मान्या का चयन रिज्यूमे स्क्रीनिंग, पोर्टफोलियो मूल्यांकन, शॉर्ट लिस्टिंग और इंटरव्यू जैसी कड़ी प्रक्रिया से गुजरने के बाद हुआ है। पिपली कारीगरी पर मान्या का रहेगा फोकस इंटर्नशिप के दौरान मान्या का पिपलीक महिला हस्तशिल्प के साथ परंपरागत शिल्प विकास व ग्रामीण आजीविका पहल पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम के तहत काम रहेगा। इंटर्नशिप में विशेष रूप से ओडिशा की प्रसिद्ध पिपली कारीगरी पर फोकस रहेगा और पारंपरिक हस्तकला व समकालीन डिजाइन प्रथाओं के बीच संबंध को मजबूत करने का काम किया जाएगा। उत्पाद के विकास में मान्या का रहेगा योगदानइंटर्नशिप के दौरान मान्या डिजाइन हस्तक्षेप, कौशल विनिमय, उत्पाद विकास और दस्तावेजीकरण व अनुसंधान के क्षेत्रों में अपना योगदान देगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की यह पहल ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व दीनदयाल अंत्योदय योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए चलाई गई है।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर जानलेवा हमले किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर 7 नामजद सहित 10 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीढ़ी चंद्रभान ने आरोप लगाया है कि जिस दिन मैं घर से बाहर गया था। उसी दिन पुरानी रंजिश को लेकर मेरे पड़ोसी रामवृक्ष, अश्वनी, कविता, मनीता, रेखा, अभिषेक, धीरज कामता प्रसाद सहित तीन अन्य लोगों ने गैंग बनाकर जान से मारने की नीयत से घर में घुसकर मेरी पत्नी और दोनों बेटियों के ऊपर लाठी डंडे से हमला कर दिया। आरोपियों द्वारा किए गए हमले से पत्नी के सर फट जाने के कारण व बेहोश होकर गिर गई। घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसी मीना देवी ने किसी तरह से बीच बचाव किया तो उनके साथ भी मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस से शिकायत करने पर दी धमकी आरोपियों ने इस मामले की पुलिस से शिकायत करने पर दोबारा पिटाई किए जाने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपी अपराधिक प्रवृति के लोग हैं। और गैंग बनाकर मारपीट की घटना को अंजाम देते हैं। आरोपियों द्वारा की गई इस हरकत से सभी लोग दहशत में हैं। ऐसे में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर की बेटी वैष्णवी झा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार और देश का नाम रोशन करने जा रही हैं। जिले के गन्नीपुर मिश्रा टोला निवासी वैष्णवी झा का चयन 11 से 15 जून तक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित होने वाली एशियन कुराश चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वह 63 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वैष्णवी पिछले पांच वर्षों से मोतीझील स्थित मार्शल आर्ट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। अब उन्हें एशियाई स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। छह साल की उम्र में शुरू हुआ खेल का सफर वैष्णवी ने बताया कि खेलों के प्रति उनका रुझान बचपन से ही था। जब वह मात्र छह वर्ष की थीं, तब स्कूल में वूशु प्रशिक्षण शुरू हुआ और वहीं से मार्शल आर्ट के प्रति उनका लगाव बढ़ा। करीब तीन वर्षों तक वूशु की ट्रेनिंग के दौरान एक प्रतियोगिता में उनका पैर टूट गया, जिसके बाद उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा। हालांकि चोट ने उनके हौसले को नहीं तोड़ा। इसके बाद उन्होंने कराटे और जूडो का प्रशिक्षण लेना शुरू किया और फिर कुराश खेल से जुड़ गईं। वैष्णवी कहती हैं कि कुराश में उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का सबसे बेहतर अवसर मिला और यही खेल अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले आया है। 21 पदक जीत चुकी हैं वैष्णवी वैष्णवी अब तक कराटे, वूशु और कुराश में कुल 21 गोल्ड और सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। उनकी उपलब्धियों में कई राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक शामिल हैं। वह प्रतिदिन 5 से 6 घंटे अभ्यास और जिम में प्रशिक्षण करती हैं, ताकि अपनी फिटनेस और तकनीक को बेहतर बना सकें। वर्तमान में वह इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरा समय दे रही हैं। परिवार को बेटी पर गर्व वैष्णवी के पिता रविंद्र कुमार झा ने बताया कि एशियन चैंपियनशिप के लिए बेटी का चयन पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही वैष्णवी की रुचि मार्शल आर्ट की ओर रही है और परिवार ने हमेशा उसका पूरा सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि इस खेल में ड्रेस, बेल्ट, मैट, जिम और प्रशिक्षण पर हर महीने करीब 10 हजार रुपये खर्च होते हैं, लेकिन बेटी की उपलब्धियों ने हर चुनौती को आसान बना दिया है। दक्षिण कोरिया में जीत चुकी है भारत के लिए मेडल वैष्णवी देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं और दक्षिण कोरिया में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक जीतकर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं। अब मुजफ्फरपुर की यह होनहार खिलाड़ी एशियन कुराश चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ ताजिकिस्तान रवाना होने की तैयारी में जुटी हुई हैं। 3500 साल पुराना गेम है कुराश कुराश एक पारंपरिक मार्शल आर्ट और रेसलिंग गेम है, जिसकी उत्पत्ति लगभग 3,500 साल पहले उज्बेकिस्तान (मध्य एशिया) में हुई थी। कुराश गेम की मुख्य बातें मतलब: उज्बेक भाषा में कुराश का अर्थ होता है — “प्रयास करना” या “संघर्ष करना”। प्रकार: यह एक तरह की स्टैंड-अप रेसलिंग (खड़े होकर कुश्ती) है। नियम: खिलाड़ी सिर्फ खड़े रहकर फेंकने और पकड़ने की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। ग्राउंड फाइटिंग या पाँव पकड़ना इसमें मान्य नहीं है। कपड़े: खिलाड़ी विशेष हरे और नीले रंग के जैकेट पहनते हैं, जिन्हें “याकता” कहा जाता है। स्कोरिंग: प्रतिद्वंदी को कंधे के बल साफ तरीके से गिराना सबसे बड़ा पॉइंट (इप्पॉन जैसा) माना जाता है। लोकप्रियता: यह खेल अब एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भी शामिल है। भारत और कुराश भारत में कुराश धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में भारत ने कुराश में मेडल भी जीता था (पिनाराई लालिता और मलपल्लि विजय कुमार ने सिल्वर व ब्रॉन्ज)।
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश अधिवक्ता महासंघ ने सदर एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन एवं सदस्य अजय कुमार शुक्ल के नेतृत्व में जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महासंघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि एसडीएम सदर के रूप में अश्वनी कुमार सिंह ने कई ऐसे निर्णय लिए, जिनसे जनहित प्रभावित हुआ। महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने विशेष रूप से शहर के भुईफोरवानाथ मंदिर की भूमि से जुड़े प्रकरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर ऐसे कदम उठाए गए, जिनसे कथित तौर पर भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ। सूर्यवंशी ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि से संबंधित मामलों में अपेक्षित पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई मामलों में अनियमितताएं सामने आईं। अधिवक्ता महासंघ ने ज्ञापन में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से संबंधित मुद्दों का भी जिक्र किया। महासंघ का आरोप है कि इस परियोजना के नाम पर सदर तहसील क्षेत्र के महोला, अमृतापुर सहित 11 गांवों की भूमि की खरीद-फरोख्त पर अनधिकृत रूप से रोक लगा दी गई। इस कदम से किसानों, भूमिधरों और आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, भूमि पंजीकरण प्रभावित होने के कारण सरकारी राजस्व को भी क्षति पहुंची है। महासंघ ने ज्ञापन में मांग की है कि भूमि संबंधी मामलों में लिए गए निर्णयों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा जनहित के मुद्दों को उठाता रहा है और यदि किसी प्रशासनिक निर्णय से जनता का उत्पीड़न होता है या उनके अधिकार प्रभावित होते हैं, तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने शासन स्तर पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
जयपुर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से सड़क, सीवर, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अवैध कब्जों जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं सीवर लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, तो कहीं लंबे समय से कचरे के ढेर लगे होने के कारण लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई कॉलोनियों में खराब रोड लाइट्स की वजह से रात के समय अंधेरा छाया रहता है, जिससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनियों में भी अवैध कब्जों के आरोप सामने आए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कई समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट में मुद्दे उठने के बाद कुछ मामलों में संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए राहत भी पहुंचाई है। कहीं सीवर की समस्या का समाधान हुआ तो कहीं पार्क में बच्चों के टूटे झूले ठीक कर दिए गए। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में सीवर ओवरफ्लो जयपुर के झोटवाड़ा में रीको इंडस्ट्रीयल एरिया से राजेश कुमार नागरवाल ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर सीवर की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि, अशोका ऑइल मिल के सामने सीवर लाइन ब्लॉक हो गई है। जिससे रोड पर गंदगी और पानी जमा हो रहा है। जिसके कारण आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। पिछले कई महीनों से कचरे की समस्या से लोग परेशान शहर के सरदार भगत सिंह चौराहा सेवा सदन मार्ग से गौरव पुरी ने बताया कि, पिछले कई महीनों से यहां पर कचरे की समस्या बनी हुई है। इस कचरे को कोई साफ करने नहीं आ रहा है और शिकायत करने पर सूपरवाइजर का कहना है कि, साफ-सफाई करने के लिए इस इलाके में अभी कोई नहीं है। कई बार शिकायतों के बाद भी अंधेरे में डूबा इलाका झोटवाड़ा के लक्ष्मी नगर से सूरज शर्मा ने लिखा कि, पिछले कई दिनों से गली की रोड लाइट्स खराब हो गईं है। इस मामले में उन्होंने कई बार शिकायत भी की है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। लोगों ने मांग की है कि, रोड लाइट्स को ठीक किया जाए। जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनी में किया अवैध कब्जा मुरलीपुरा के कल्याण नगर से नाथूराम ने बताया कि, अलकापुरी ए कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड है फिर भी पार्क के लिए स्वीकृत जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। कॉलोनी के लोगों ने जब इस बारे में विरोध किया तो उन पर लाठियों के हमले का भी आरोप है। सीवर की समस्या का हुआ समाधान शास्त्री नगर के हाउसिंग बोर्ड इलाके से रियाज खान ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर जालुपुरा की गली में सीवर की समस्या के बारे में पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि, सीवर चैंबर ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है। पार्क के टूटे झूले हुए ठीक मुरलीपुरा इलाके के शहीद मेजर अग्रवाल सर्किल से लेखराज सैनी ने पार्क के टूटे हुए झूलों की समस्या समाधान सेगमेंट पर पोस्ट की थी। जिसके बाद उद्यानविज्ञ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी झूलों को फिर से ठीक करवा दिया है। जिससे बच्चों और बड़ों सभी को राहत मिली है। रविन्द्र सिंह बने आज 'पब्लिक के स्टार' शहीद मेजर अग्रवाल सर्किल के पास से लेखराज सैनी ने पार्क से संबंधित अपनी समस्या दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर पोस्ट की थी। जिसके बाद उद्यानविज्ञ रविन्द्र सिंह ने सभी झूलों को सही करवा कर समस्या का समाधान करवा दिया है। अब सभी बच्चों को झूले झूलने और खेलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान पर उठ रही आवाज:सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं जयपुर की समस्याएं, गंदे पानी की निकासी हुई; ओम थानवी बने पब्लिक के स्टार 2.जयपुर के हालातों में नहीं हो रहा सुधार:भास्कर समाधान पर आ रही शिकायतें; कहीं सीवर का सैलाब, कहीं सड़क पर खतरा, बदहाल तस्वीर आई सामने 3.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:जगदंबा नगर में हटा मलबा, चमकीं स्ट्रीट लाइटें; थानवी लोगों की समस्या दूर कर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर ‘समाधान’ असर, कई समस्याओं का हुआ समाधान:एक पोस्ट में भरा दो साल पुराना गड्ढा, मलबा हटा तो रास्ता हुआ सुगम 5.भास्कर समाधान का असर, सीवर-कचरे की समस्या हुई दूर:बंद पड़ी रोड लाइट, कहीं सीवर बना मुसीबत; ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर 'समाधान' असर: 48 घंटे में ठीक हुई सीवर समस्या:साफ पानी मिलने लगा, ओम थानवी बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 7.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:शिकायत के बाद नगर निगम ने उठाया कचरे का ढेर, मनोज भीवाल बने 'पब्लिक के स्टार' 8.जयपुर में खुले गड्ढों से हादसे का डर:टूटी सड़कें, सीवर और ट्रैफिक जाम, भास्कर में समस्या पोस्ट करने पर कई वार्डों में समाधान 9.जयपुर में स्ट्रीटलाइट बंद होने से चोरियों का डर:कचरा नहीं उठने और जलभराव से लोग परेशान; भास्कर की पोस्ट से हुआ समस्याओं का समाधान 10.जयपुर में मानसून से पहले ही बिगड़े शहर के हालात:कहीं जाम, सीवर चोक कहीं खस्ताहाल सड़कें, भास्कर एप पर शिकायत के बाद कई इलाकों में हुआ समाधान
धर्मनगरी चित्रकूट में लगातार दूसरी रात भी लोगों को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा। पहले अंधड़ से बिजली व्यवस्था ठप हुई और जब घंटों की मशक्कत के बाद सप्लाई बहाल हुई तो तीन लोगों ने अपने घर की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर पूरे शहर की बिजली बंद करवा दी। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने से लोगों को पानी संकट समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। विद्युत कंपनी के अधिकारियों के अनुसार गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे आए अंधड़ के कारण पूरे चित्रकूट की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। मरम्मत कार्य के बाद शुक्रवार शाम 5:45 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन यह राहत कुछ ही देर की साबित हुई। ऑपरेटर को धमकाकर बंद कराई सप्लाई बिजली बहाल होने के कुछ समय बाद तीन लोग रजौला स्थित 33/11 केवी सब-स्टेशन पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने ऑपरेटर पंकज सेन को धमकाया, उसका मोबाइल छीन लिया और सब-स्टेशन पर ही बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होगी, तब तक पूरे शहर की बिजली चालू नहीं होने देंगे। इसके बाद रजौला से बिजली आपूर्ति फिर बंद कर दी गई और शहर दोबारा अंधेरे में डूब गया। पानी संकट और गर्मी से बढ़ा लोगों का गुस्सा लगातार बिजली कटौती के कारण घरों में पानी की समस्या खड़ी हो गई। इन्वर्टर भी डिस्चार्ज हो गए। 18 घंटे इंतजार के बाद केवल 15 मिनट बिजली मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में उपभोक्ता रजौला स्थित पावर हाउस पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्रवाई की मांग पर अड़ी भीड़ भीड़ बढ़ती देख तीनों आरोपी वहां से निकल गए, लेकिन उपभोक्ता इस मांग पर अड़ गए कि पूरे शहर की बिजली बंद कराने वालों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करे। मौके पर नायब तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया और पुलिस बल भी पहुंचा। शिकायत के साथ थाने पहुंचे उपभोक्ता जेई प्रवीण वर्मा और ऑपरेटर पंकज सेन के साथ सैकड़ों उपभोक्ता चित्रकूट थाने पहुंचे। ऑपरेटर ने लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामला जांच में ले लिया है। देर रात तक चित्रकूट की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी।
रेलवे स्टेशन के पास स्थित मां पीताम्बरा मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। चोर मंदिर का मुख्य ताला तोड़कर अंदर घुसे और दानपेटी को निशाना बनाते हुए उसमें रखी नगदी चुरा ले गए। हालांकि दानपेटी में मौजूद सिक्कों को चोर अपने साथ नहीं ले गए और उन्हें वहीं छोड़कर फरार हो गए। सुबह जब मंदिर के पुजारी पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो घटना का खुलासा हुआ। सूचना मिलने पर स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। ताला तोड़कर मंदिर में घुसे चोर शहर में चोरी और आपराधिक घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी बीच रेलवे स्टेशन के पास स्थित मां पीताम्बरा मंदिर भी चोरों के निशाने पर आ गया। बीती दरम्यानी रात अज्ञात चोर मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद चोरों ने सीधे दानपेटी को निशाना बनाया। मंदिर के भीतर रखी दानपेटी का ताला तोड़कर उसमें श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए नगदी रुपए निकाल लिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबह पुजारी के पहुंचने पर हुआ खुलासा मंदिर के पुजारी रामस्वरूप रोजाना की तरह सुबह करीब 4:30 बजे मंदिर के पट खोलने पहुंचे थे। जैसे ही वह मंदिर के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि गेट के ताले टूटे हुए हैं और दरवाजा खुला हुआ है। यह देखकर उन्हें चोरी की आशंका हुई। पुजारी जब मंदिर के अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। दानपेटी जमीन पर पड़ी हुई थी और उसका ताला टूटा हुआ था। दानपेटी में रखी नगदी गायब थी, जबकि सिक्के दानपेटी और उसके आसपास बिखरे पड़े हुए थे। इससे साफ हो गया कि चोर केवल नगदी लेकर गए हैं और सिक्कों को छोड़ गए। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस चोरी की जानकारी मिलते ही पुजारी ने तुरंत स्टेशन रोड थाना पुलिस को सूचना दी। घटना की खबर फैलते ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में वहां एकत्रित होने लगे। लोगों ने मंदिर में हुई चोरी पर नाराजगी जताई और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुराग जुटाने का प्रयास किया तथा मामले की जांच शुरू कर दी। दानपेटी को बनाया निशाना प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों का मकसद केवल दानपेटी में रखी नगदी पर हाथ साफ करना था। इसी कारण उन्होंने दानपेटी को तोड़ा और उसमें रखे नोट निकाल लिए। वहीं कम मूल्य के सिक्कों को वहीं छोड़ दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की वारदात को कितने लोगों ने अंजाम दिया और आरोपी किस दिशा में फरार हुए। संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस स्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय बरैया ने बताया कि पीताम्बरा मंदिर में चोरी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जांच में सामने आया है कि चोरों ने मंदिर की दानपेटी को निशाना बनाया और उसमें रखी नगदी लेकर फरार हो गए। दानपेटी में मौजूद सिक्के मौके पर ही छोड़ दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में घूमने वाले संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने में पति दोषी:फर्रुखाबाद में ससुर बरी, सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई
फर्रुखाबाद में लगभग सात साल पुराने एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति नसीम को दोषी ठहराया है। न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने इस मामले में ससुर जान मोहम्मद को बरी कर दिया। अब दोषी पति की सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। यह मामला मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव हुसैनपुर निवासी मोहम्मद इंसाफ की बेटी अंजुम बेगम से जुड़ा है। अंजुम की शादी 30 अक्टूबर 2011 को थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बरा केशव निवासी नसीम के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अंजुम को प्रताड़ित कर रहा था। 29 मार्च 2019 को अंजुम ने अपनी मां को फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। इसके दो दिन बाद, 31 मार्च को अंजुम के पिता मोहम्मद इंसाफ अपनी बेटी की ससुराल पहुंचे। उन्होंने अंजुम की विदाई कराने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष ने खेती-बाड़ी में काम का हवाला देते हुए विदाई से इनकार कर दिया। अगले दिन, 1 अप्रैल 2019 की शाम को परिजनों को सूचना मिली कि अंजुम ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचने पर अंजुम के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पहले हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद पुलिस ने हत्या की धारा हटा दी और इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मानते हुए नसीम और उसके पिता जान मोहम्मद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पति नसीम को अंजुम बेगम से मारपीट और मानसिक प्रताड़ना देने का दोषी पाया। वहीं, ससुर जान मोहम्मद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
सड़क पर मिले युवक ने मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम:हरदोई में डॉक्टर ने जताई जहर की आशंका
हरदोई के मझिला थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय युवक सड़क पर अचेत मिला। उसे उल्टियां हो रही थीं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां शुक्रवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने जहर की आशंका जताई और शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। मझिला थाना क्षेत्र के बरखेड़ा निवासी अजीत (25) खेती करते थे। उनके बड़े भाई चंद्रशेखर ने बताया कि शुक्रवार सुबह परिवार के अन्य सदस्य खेत पर काम करने गए थे, जबकि अजीत घर पर अकेले थे। दोपहर में जब वे वापस लौटे तो अजीत घर में नहीं मिले। तलाश करने पर अजीत पड़ोसी गांव नेवादा के खड़ंजे पर अचेत अवस्था में मिले और उन्हें उल्टियां हो रही थीं। एंबुलेंस से उन्हें पहले पिहानी सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर बाद अजीत ने दम तोड़ दिया। अजीत के पिता रामदीन और मां राम देवी शव देखकर दुखी हो गए। अजीत पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी एक बड़ी बहन की दो साल पहले प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। परिजन घटना की वजह पर चुप्पी साधे रहे। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। बृहस्पतिवार को शव का पंचनामा भरवा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
संतकबीरनगर जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने एमपीसी डीएसआर पोर्टल पर बाल मृत्यु की रिपोर्टिंग में कमी पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। इस संबंध में छह ब्लॉक के बीसीपीएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने बाल मृत्यु की कम रिपोर्टिंग को लेकर बघौली, बेलहरकला, नाथनगर, मेंहदावल, सांथा और पौली के बीसीपीएम से जवाब तलब किया। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में गिरावट पर भी असंतोष जताया। सभी चिकित्सा अधीक्षकों को शत-प्रतिशत निजी और घरेलू प्रसवों की ट्रैकिंग करने और संस्थागत प्रसव बढ़ाने की रणनीति बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण तथा बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जांच की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया। वर्तमान में हीट वेव और लू से बचाव के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को शत-प्रतिशत भुगतान करने, एचबीएनसी और एचबीवाईसी कार्यक्रमों में मेंहदावल और सांथा ब्लॉक की उपलब्धि बढ़ाने तथा आभा आईडी और आशाओं के भुगतान से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा ली जाने वाली हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET-2025) के लिए आवेदन करने के लिए दोबारा पोर्टल खुलना मुश्किल है। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन शंकर धुप्पड़ ने इसके लिए कारण भी बताया है कि तय विद्यार्थियों के हिसाब से प्रश्न पत्र सील हो चुके हैं, अब संख्या बढ़ने से दिक्कत होगी। एचटेट परीक्षा से पहले आवेदनों को लेकर दोबारा पोर्टल खोलने की सवाल पर शिक्षा बोर्ड चेयरमैन शंकर धुप्पड़ ने कहा कि जब अधिकारियों से बात की थी तो उन्होंने बताया था कि जो फर्म एग्जाम ले रही है। उस फर्म ने प्रश्न पत्र सील कर दिए हैं। जितने उम्मीदवार थे उनके हिसाब से। अगर कोई नए अभ्यार्थियों को शामिल करते हैं या संख्या बढ़ती है तो दोबारा से कवायद करनी पड़ेगी। प्रयास रहेगा कि एचटेट का एग्जाम गृह जिले में ही आयोजित करवाया जाए। उन्होंने कहा कि एचटेट एग्जाम में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो, उसका प्रयास करेंगे। इसके अलावा पिछली बार जो दिक्कतें आई थी, उन पर कहा कि प्रयास रहेगा कि प्रयास रहेगा कि किसी भी प्रकार की अभ्यार्थियों को दिक्कत ना आए। पिछली बार की दिक्कत का दोहराव ना हो। अभ्यार्थियों के सुझाव पर ही यह तिथि में बदलाव किया गया है। जिससे अभ्यार्थियों को अतिरिक्त तैयारी का मौका दिया गया है। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन बदलते ही तिथियां बदलीबता दें कि डॉ. पवन शर्मा ने 25 मई को पत्रकार वार्ता करते हुए HTET परीक्षा की तिथियां घोषित की थी। उन्होंने कहा था कि 13 व 14 जून को एचटेट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं 26 मई को शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को बदल दिया गया। नए अध्यक्ष शंकर धुप्पड़ को बनाया गया। जिन्होंन 27 जून को शिक्षा बोर्ड में अध्यक्ष पद पर कार्यभार संभाला। वहीं 28 मई को नए अध्यक्ष शंकर धुप्पड़ ने एचटेट परीक्षा को पोस्टपोंड कर दिया। 20 दिन बाद होगी परीक्षाएचटेट परीक्षा का आयोजन 13 और 14 जून को होना था। लेकिन इस परीक्षा को पोस्टपोन कर दिया है। इसके लिए बोर्ड चेयरमैन शंकर धुप्पड़ ने कारण बताया कि तीन दिन में सैकड़ों ई-मेल बोर्ड के पास आईं। कई लोगों ने कॉल भी किए, कुछ छात्र संगठनों ने ज्ञापन भी दिए, जिसमें कहा कि इतनी धूप में कैसे पेपर देंगे। इसके अलावा 14 जून को हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन (HPSC) का भी पेपर है। यह डेट क्लैश कर रही थी। इसलिए HTET स्थगित करने का फैसला लिया। अब एचटेट की परीक्षा 4 व 5 जुलाई को हागी। जिसके कारण 2.45 लाख युवाओं का इंतजार 20 दिन बढ़ गया है।
झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई हैं। इंडिया गठबंधन ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है। महागठबंधन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीएम हाउस में मुलाकात की। बैठक में प्रदेश सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली इस अहम बैठक में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस ने साफ तौर पर एक सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर दी, जिससे गठबंधन के भीतर समीकरणों को लेकर हलचल बढ़ गई है। दो दिनों में होगा फैसला, शीर्ष नेतृत्व लगाएगा अंतिम मुहर बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि झामुमो और कांग्रेस के बीच एक-एक सीट पर सहमति बन सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वे अगले दो दिनों में अपनी पार्टी और सहयोगी दलों से चर्चा करेंगे, जिसके बाद दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच अंतिम बातचीत होगी। इसके बाद ही प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी। वहीं, के. राजू ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान की प्राथमिकता है कि झारखंड की दोनों राज्यसभा सीटें इंडिया गठबंधन के खाते में जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का संदेश लेकर रांची आए हैं। पार्टी एक सीट पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन मिलकर भाजपा को हराने में सफल रहेगा। कांग्रेसी बोले- सीएम हाउस की पसंद का हो उम्मीदवार बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ रायशुमारी की। इसमें पूर्व सांसद, मंत्री विधायक और पूर्व विधायक शामिल थे। सबने एक सुर में कहा कि कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने चाहिए। वहीं कुछ नेताओं ने कहा कि पार्टी का उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो सीएम हाउस की पसंद का हो। इससे राज्यसभा चुनाव जीतने में आसानी होगी। इसी बीच पूर्व सांसद धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। ओबीसी या फारवर्ड हो सकता है कांग्रेस का प्रत्याशी बैठक के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि कांग्रेस का प्रत्याशी कौन हो सकता है। माना जा रहा है कि झामुमा का उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति का होगा। ऐसे में कांग्रेस ओबीसी या फारवर्ड पर दांव खेल सकती है। तेलंगाना के डिप्टी सीएम ने कुर्मी नेता को उतारने पर जोर दिया है। ऐसा हुआ तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश प्रत्याशी हो सकते हैं। वहीं अगर फारवर्ड नेता पर भरोसा जताती है तो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर या सुबोधकांत सहाय को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। अल्पसंख्यक वर्ग से एक पूर्व सांसद और एक पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी टिकट की होड़ में लगे हैं। हालांकि यह सबकुछ आलाकमान के फैसले पर ही निर्भर करेगा। कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही मैदान में उतारेगी सीएम हाउस पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारेगी। झारखंड का सेंटिमेंट काफी स्ट्रांग है। इसलिए स्थानीय उम्मीदवार ही देना है। कांग्रेस एक सीट को लेकर पूरी तरह आशान्वित है। उधर, स्थानीय उम्मीदवार उतारने की बात सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर कौन उम्मीदवार होगा। कई बड़े नेता लॉबिंग में जुट गए।
शिवहर में विशाल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है। घटना श्यामपुर भटहा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव की है। विशाल कुमार की गुरुवार को चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्यामपुर भटहा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। इस दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, श्यामपुर भटहा थानाध्यक्ष, डीआईयू टीम और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। एसआईटी टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी और पूछताछ की। जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने हत्या में शामिल एकमात्र आरोपी प्रिंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया। प्रिंस कुमार पहाड़पुर गांव निवासी नंदन पासवान का बेटा है। प्रेम प्रसंग को लेकर चल रहा था विवाद पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विशाल कुमार और आरोपी प्रिंस कुमार चचेरे भाई हैं। दोनों के बीच एक महिला से जुड़े प्रेम प्रसंग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले भी इसी बात को लेकर दोनों में झड़प हुई थी। घटना वाले दिन आरोपी नशे की हालत में था और गुस्से में उसने विशाल पर धारदार चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 24 घंटे के भीतर मामले का हुआ खुलासा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के सहारे त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर मामले का सफल उद्भेदन किया गया। घटना के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और कार्यशैली की सराहना की है।
डीएम ने बैंकर्स को दी सख्त चेतावनी:स्वरोजगार योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर बैंकर्स को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह चेतावनी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति एवं समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। बैठक का उद्देश्य स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंकिंग कार्यों की समीक्षा और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाना था। अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार गुप्ता ने बैठक का संचालन किया। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा बैंकों को भेजे गए ऋण प्रकरणों की बैंकवार समीक्षा की और उनकी प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान कई बैंकों में ऋण पत्रावलियों के निस्तारण में सुस्ती पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत बैंकों को भेजी गई ऋण पत्रावलियों की स्वीकृति और अंतरण में अनावश्यक देरी हो रही है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी करने वाले बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्यों की विभागवार प्रगति का आकलन भी किया। उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन बैंकों का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 60 प्रतिशत से कम है, उनके स्टेट हेड को पत्र भेजा जाए। साथ ही, प्राथमिक क्षेत्र के लक्ष्यों के सापेक्ष कमजोर प्रगति वाले बैंकों के क्षेत्रीय और जोनल प्रबंधकों को भी पत्र प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट के पास ग्राम गदेरी में जमीन में दबा जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही खमरिया थाना पुलिस बम स्क्वॉड टीम के साथ मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि यह भारी-भरकम जिंदा बम है, जिसकी मारक क्षमता करीब 50 मीटर तक बताई जा रही है। पुलिस ने बम को सेना के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया है, जिसे डिफ्यूज किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जमीन के अंदर मिला बम यूएक्सओ (UXO) है। जहां यह बम मिला, वह स्थान आयुध निर्माणी फैक्ट्री खमरिया से करीब 6 किलोमीटर दूर है। मजदूरों को नजर आई लोहे जैसी वस्तु ग्राम गदेरी में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। शाम के समय खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन में कुछ लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी। इसकी सूचना मकान मालिक को दी गई। उन्होंने वस्तु को देखा तो बम होने की आशंका पर तुरंत पुलिस को सूचना दी। जमीन के अंदर बम मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद खमरिया थाना पुलिस ने सेना के अधिकारियों को सूचना दी। 3 से 4 फीट नीचे दबा था बम ग्राम गदेरी निवासी सुनील यादव के प्लॉट पर भवन निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए पिलर की खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन से करीब 3 से 4 फीट नीचे मजदूरों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। पहले इसे लोहे का कबाड़ समझा गया, लेकिन करीब से देखने पर इसकी आकृति बम जैसी नजर आई। इसके बाद मजदूरों में दहशत फैल गई और काम तुरंत बंद कर दिया गया। UXO बम का वजन 12 किलो से अधिक सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंच गया। टीम ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर संदिग्ध वस्तु की जांच की। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि वह एक जिंदा यूएक्सओ (UXO) बम है, जिसका वजन करीब 12 किलो से अधिक बताया जा रहा है। बम की स्थिति को देखते हुए आसपास के लोगों को वहां से हटा दिया गया। खमरिया थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया बम को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर सेना के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब सेना की टीम द्वारा उसे डिफ्यूज करने की प्रक्रिया की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक ग्रामीण को जिंदा जलाने के मामले में त्वरित न्यायालय प्रथम ने आरोपी महिला ममता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 70,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना रुपये देने से इनकार करने पर हुई थी, जिसमें महिला ने अपने पति के साथ मिलकर ग्रामीण पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। यह मामला 27 अक्टूबर 2023 का है। वीरपुर गांव निवासी राकेश कुमार सुबह 7 बजे गांव की ममता के घर गए थे। ममता ने राकेश से रुपये मांगे, लेकिन जब उन्होंने इनकार कर दिया तो ममता और उसके पति रमेश ने राकेश कुमार पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। राकेश गंभीर रूप से झुलस गए। राकेश की पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। उन्हें तुरंत नवाबगंज थाना ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। बाद में सैफई मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 1 नवंबर 2023 को राकेश की मौत हो गई। महिला का पति पहले से जेल में पुलिस ने इस मामले को हत्या में दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में महिला ममता के विरुद्ध हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी पति रमेश के विरुद्ध विवेचना जारी रही और बाद में उनके खिलाफ भी आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। पति रमेश पहले से ही जेल में है। त्वरित न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 27 मई को आरोपी ममता को दोषी करार दिया। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि 70,000 रुपये में से 50,000 रुपये पीड़िता (मृतक के परिवार) को दिए जाएं। जुर्माना अदा न करने पर ममता को 2 वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बीएड प्रवेश परीक्षा कल 31 मई को:संतकबीर नगर में जिले के सात केंद्रों पर 2318 परीक्षार्थी होंगे शामिल
संतकबीर नगर जिले में बीएड प्रवेश परीक्षा कल 31 मई को सात केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 2318 विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। उन्होंने सभी को निष्पक्ष और सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले प्रवेश दिया जाएगा, जबकि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र की दो प्रतियां, एक अतिरिक्त फोटो और एक पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे। जिलाधिकारी ने सभी तैनात मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षा के दौरान कोई समस्या न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ला, अपर उप जिलाधिकारी संजीव राय, वरिष्ठ कोषाधिकारी त्रिभुवन लाल, समन्वयक प्रो. प्रताप विजय कुमार, उप नोडल समन्वयक प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी और हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद के प्राचार्य सहित सभी केंद्र प्रतिनिधि, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और केंद्र पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक और दूध,दही, घी,शक़्कर फलों के रस से बने पंचामृत पूजन किया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। भगवान महाकाल को रजत ॐ बिल्वपत्र मुकुट रुद्राक्ष की माला अर्पित कर श्रंगार किया गया। मस्तक पर त्रिपुण्ड और त्रिशूल के साथ डमरू, शेषनाग का रजत मुकुट धारण कर रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की गई। भगवान गणेश माता पार्वती और कार्तिकेय भगवान का पूजन कर भगवान महाकाल को फलों और मिष्ठान का भोग लगाया ,कपूर आरती के बाद भस्म अर्पित किया गया। नैवद्य अर्पित कर भस्म आरती की गई। इस दौरान भगवान को भस्म रमाई गई। भस्म आरती में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इस दौरान पूरा मंदिर भगवान महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी को भी आंसू आ जाएं। शेयर मार्केट (MCX) ट्रेडिंग में भारी नुकसान और कर्ज के दबाव के चलते एक स्टॉक मार्केट ट्रेडर राजेश अग्रवाल ने अपने कमरे में सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली, लेकिन घटना का दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक की पत्नी और 15 साल के बेटे की मानसिक स्थिति ऐसी है कि उन्हें अब तक नहीं पता कि उनके घर का मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है। जब पुलिस घर के अंदर कागजी कार्रवाई और शव को कब्जे में लेने में जुटी थी, तब पत्नी किचन में सामान्य रूप से रोटी बना रही थी और बेटा सोफे पर बैठा हुआ था। पापा उठेंगे तो बाहर आ जाएंगे… मृतक राजेश अग्रवाल के जाने के बाद उनकी पत्नी और बेटे की बातें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप गया। पत्नी वर्षा का कहना है- उन्हें बुखार आ गया है… सो रहे थे। उन्हें अस्पताल ले गए हैं, वो जल्दी वापस आ जाएंगे। 15 साल के बेटे रौनक ने कहा- पापा ने 2 दिन से दरवाजा नहीं खोला था। उन्होंने खाना नहीं खाया था, इसलिए उन्हें नींद आ गई है। उठ जाएंगे तो बाहर आ जाएंगे। राजेश की बहनें जब भाई की मौत की खबर सुनकर छतरपुर पहुंचीं तो भाभी और भतीजे की हालत देखकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। बहनों ने रोते हुए कहा- भैया तो चले गए, पर इन दोनों की मानसिक स्थिति बच्चों जैसी है। भाई इन्हें भी अपने साथ लेकर चला जाता, अब इनका क्या होगा? बंद कमरे का खुला दरवाजा तो नीचे मिली लाश ओरछा रोड थाना पुलिस के मुताबिक, राजेश अग्रवाल दो दिन से घर के एक कमरे में बंद थे। कॉलोनी वालों को जब कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा धक्का देकर खोला तो राजेश जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत मिले। कमरे में एसी और लाइट चालू थी। शव के पास ही मोबाइल, लैपटॉप और सल्फास की डिब्बी पड़ी थी। लैपटॉप पर MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) की वेबसाइट खुली थी और नोटपैड पर ट्रेडिंग से जुड़ी अंकगणनाएं लिखी थीं। पुश्तैनी मकान के बाद छतरपुर का घर भी बिका, 70 लाख का कर्ज था मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरुआ सागर के रहने वाले राजेश अग्रवाल चार बहनों में इकलौते भाई और सबसे छोटे थे। काम की तलाश में वह 12 साल पहले छतरपुर शिफ्ट हुए थे। शुरुआत में उन्होंने बरुआ सागर का पुश्तैनी मकान बेचा। इसके बाद छतरपुर में एक मकान खरीदा, लेकिन शेयर बाजार के घाटे और कर्ज के दलदल में फंसने के कारण उन्हें वह मकान भी करीब 70 लाख रुपए में बेचना पड़ा। फिलहाल, वह किराए के मकान में रह रहे थे। वर्षों से घर में कैद था परिवार, कोरोना काल के बाद बिगड़े हालात परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, राजेश बेहद रिजर्व नेचर (कम बात करने वाले) के थे। वह अपनी बहनों या मां से भी ज्यादा बात नहीं करते थे। पड़ोसियों ने बताया कि राजेश के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य कभी घर से बाहर नहीं निकलता था। राजेश की साली वंदना ने बताया कि शादी के समय वर्षा नॉर्मल थी और ग्रेजुएशन के बाद ट्यूशन पढ़ाती थी, लेकिन छतरपुर आने और खासकर कोरोना काल के बाद स्थितियां बिगड़ गईं। बेटे रौनक की पढ़ाई भी छूट चुकी थी। उसके पैरों का इलाज दिल्ली में चल रहा था। परिवार पूरी तरह घर की चहारदीवारी में कैद होकर रह गया था। बहनों का आरोप- बड़े कारोबारियों के दबाव में आकर दी जान राजेश की बहन रूबी सिंघल और साली वंदना का आरोप है कि राजेश को MCX के धंधे में धकेलने वाले और कर्ज का दबाव बनाने वाले लोग ही इस मौत के जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश को बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। परिवार ने पुलिस-प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने और बेसहारा बची बूढ़ी मां, पत्नी और बच्चे की मदद करने की गुहार लगाई है। यह खबर भी पढ़ें पत्नी रोटियां बनाती रही...कमरे में पड़ी थी पति की लाश:UP के ट्रेडर की नाक से बह रहा था खून; दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। पढ़ें पूरी खबर
खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत स्थित बड़ियातुला गांव (मुस्लिम बहुल) में गोवंश के अवशेष मिलने से तनाव फैल गया है। शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे पॉलिथीन में भरकर गाय के सिर और पैर सड़क किनारे फेंके जा रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी गांव के हिंदू युवा वहां पहुंच गए। पकड़े जाने के डर से बाइक सवार आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद मौके पर भारी हंगामा हुआ। आक्रोशित युवाओं ने पुलिस के सामने ही वाहनों (बाइक) में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर सीएसपी अभिनव बारंगे मौके पर पहुंचे और पुलिस ने स्थिति को काबू में लिया। मौके से गोवंश का मांस और आरोपियों की एक बाइक जब्त की गई है। तनाव को देखते हुए थाना मोघट रोड और रामेश्वर चौकी का भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शनिवार सुबह 5 बजे FIR, 4 आरोपी हिरासत मेंपुलिस ने गोवंश की पुष्टि होने के बाद रात में ही एक्शन लेते हुए धरपकड़ शुरू कर दी। शनिवार अलसुबह 5 बजे मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने गाय काटने, खाने, अवशेष फेंकने और पॉलिथीन उपलब्ध कराने वालों की पहचान कर ली है। अब तक चार आरोपियों वसीम (पिता युनूस पटेल), अकरम (पिता रमजान पटेल), आजम चक्की वाला और सलमान भुरू को हिरासत में लिया गया है। वहीं, इस मामले में मुंदवाड़ा मस्जिद के इमाम अब्दुल हफीज की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जो घटना के बाद से गांव से फरार हो गया है। सरपंच प्रतिनिधि को मिली थी अवशेष फेंकने की सूचनापड़ोसी गांव सिहाड़ा के सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने बताया कि वे फिलहाल केदारनाथ यात्रा पर हैं। शुक्रवार रात 11 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि बड़ियातुला गांव में ईद पर गाय काटी गई है और अवशेष बाहर फेंकने की तैयारी है। इसी सूचना पर गांव के युवा मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि एक बाइक पर दो-तीन लोग पॉलिथीन में गाय के सिर, पैर और अन्य अवशेष भरकर लाए थे। युवाओं को देखकर आरोपी बाइक छोड़कर भाग गए, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने उनकी बाइक में तोड़फोड़ कर दी। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और जांच जारी है।
गाजीपुर में बिंदु होटल मालिक विनीत राय की हत्या:दो बाइक पर आए 4 हमलावरों ने गेट पर गोली मारी
गाजीपुर के मशहूर बिंदु होटल के मालिक के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने होटल गेट पर ही घेरकर चार गोलियां मारी। गेट पर तैनात गार्ड पर भी बदमाशों ने फायरिंग की। लेकिन गार्ड ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस के अनुसार, वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी। रात करीब 10:45 बजे चार हथियारबंद बदमाश दो बाइकों से होटल के मुख्य गेट पर पहुंचे। उन्हें पहले से जानकारी थी कि होटल मालिक विनीत राय रात में घर जाने के लिए बाहर निकलेंगे। बदमाशों ने गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी शंभू यादव से पहले 16 बीयर मांगी। कुछ देर बाद उन्होंने अपनी मांग बदलते हुए 8 बीयर देने को कहा। जब गार्ड ने भुगतान की बात की तो आरोपियों ने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही। मैनेजर का मोबाइल मंगवाकर रचा पूरा खेल बदमाशों की बातों में आकर गार्ड शंभू यादव होटल के अंदर गया और ऑनलाइन भुगतान के लिए मैनेजर नवनीत सिंह का मोबाइल लेकर वापस आया। इस दौरान हमलावर गेट पर ही रुके रहे और बातचीत का नाटक करते रहे। गार्ड के लौटने पर आरोपियों ने नया बहाना बनाते हुए कहा कि उनके मोबाइल में पैसे नहीं हैं। इसी बीच होटल मालिक विनीत राय होटल से बाहर निकले और बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर जाने के लिए निकले थे, तभी बरसा दी गोलियां प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विनीत राय खाना खाने के बाद घर जाने के लिए होटल के मुख्य गेट पर पहुंचे थे। पहले से घात लगाए बैठे चारों शूटरों ने उन पर बेहद करीब से गोलियों की बौछार कर दी। शरीर में चार गोलियां लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गार्ड को भी मारने दौड़े हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने चश्मदीद गवाह बने गार्ड शंभू यादव को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। गार्ड किसी तरह भागकर होटल के अंदर पहुंचा और चैनल गेट बंद कर अपनी जान बचाई। इसके बाद चारों आरोपी हथियार लहराते हुए दो बाइकों से फरार हो गए। पुरानी रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद या रंगदारी का एंगल पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद या रंगदारी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मृतक विनीत राय, आलोक राय के पुत्र थे और गौसाबाद स्थित बिंदु होटल का संचालन करते थे। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि दोनों बाइकों के नंबर और चारों हमलावरों की पहचान की जा सके। इलाके में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति का आज चुनाव है। सात सदस्यों के लिए 75 पार्षद गुप्त मतदान करेंगे। सात उम्मीदवार सुनीता देवी, जय प्रकाश, रजनी सिन्हा, पिंकी यादव, जीत कुमार, विनोद कुमार, मुन्ना जायसवाल के नाम पर पक्ष और विपक्ष में सहमति बनी है। इसमें प्रत्याशी 2:5 रेशियो से खड़े होंगे, जिसमें से 2 प्रत्याशी मेयर गुट और बाकी 5 विपक्षी गुट के हैं। दोनों खेमों के बीच समन्वय बनाकर देर रात भाजपा जिलाध्यक्ष ने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नामांकन से लेकर निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने तक की पूरी कार्यवाही एक ही दिन में पूरी कर ली जाएगी। बिहार विधानसभा सत्र के दौरान गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था अभी तक मेयर, मुख्य पार्षद या अध्यक्ष अपनी पसंद से सदस्यों को नामित करते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया गया है। समिति के सदस्यों का चुनाव निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इसकी जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे। बिहार नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस संशोधन के अध्यादेश पर कैबिनेट ने पहले ही मुहर लगा दी थी। छह महीने के भीतर सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए निर्वाचन कराने की प्रक्रिया पूरी करने की बात थी। जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि नगर विकास विभाग समय-समय पर मतदान की कार्रवाई से संबंधित प्रक्रिया के बारे में दिशा-निर्देश जारी कर सकेगा। जानिए क्या होता है सशक्त स्थायी समिति बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत सशक्त स्थायी समिति नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) की सर्वोच्च कार्यकारी निकाय होती है। यह निकाय के सभी वित्तीय, प्रशासनिक और विकास कार्यों के संचालन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार और शक्तिशाली होती है। सशक्त स्थायी समिति की बैठक महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बुलाई जाती है, जिसकी अध्यक्षता मेयर या अध्यक्ष करते हैं। सशक्त स्थायी समिति का मुख्य काम और शक्तियां प्रशासनिक नियंत्रण: नगरपालिका प्रशासन मुख्य रूप से सशक्त स्थायी समिति के निगरानी और मार्गदर्शन में चलता है। नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी इसी समिति के अधीन रहकर कार्य करते हैं। वित्तीय अधिकार: निकाय के बजट प्रस्तावों को तैयार करना, वित्तीय स्वीकृतियां देना और आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना इसी समिति का कार्य है। टेंडर और अनुबंध: विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए टेंडर (निविदा) पास करने और अनुबंध करने का अंतिम अधिकार इसी के पास होता है। योजना और नीति निर्माण: शहर के विकास, स्वच्छता, जलापूर्ति, सड़क निर्माण और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना। नियम और उप-विधियां: नगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत शहर के सुचारू संचालन के लिए उप-विधियां बनाने का प्रस्ताव तैयार करना। कर और शुल्क निर्धारण: विभिन्न नागरिक सेवाओं, व्यापार लाइसेंस और संपत्ति कर का प्रस्ताव तैयार कर लागू करना।
जोधपुर आयकर विभाग की ओर से न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 के प्रावधानों को लेकर एक आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योग जगत, व्यवसायियों और आम करदाताओं को 1 अप्रैल से लागू हुए नए आयकर अधिनियम की प्रक्रियाओं और इसके प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। आयकर विभाग की ओर से करदाताओं के साथ बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करने की प्रतिबद्धता के तहत देशभर में विभिन्न उद्योग संगठनों के सहयोग से ऐसे जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। आम आदमी के लिए सरल और पारदर्शी हुई कर प्रणाली कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद संयुक्त आयकर आयुक्त (रेंज-1) के.आर. मीना ने बताया कि नया अधिनियम कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे इस प्रकार तैयार किया गया है कि एक आम व्यक्ति भी इसे आसानी से पढ़ और समझ सके। नए एक्ट से 'प्रोविज़ो' और 'एक्सप्लेनेशन' जैसे कठिन व जटिल शब्दों को हटाकर सरल भाषा का प्रयोग किया गया है, ताकि करदाताओं के लिए इसे समझना आसान हो सके। सेक्शन की संख्या घटी, फॉर्मूले हुए शामिल संयुक्त आयकर आयुक्त मीना ने बताया कि शुरुआत में इस अधिनियम में 298 सेक्शन थे, जो विभिन्न संशोधनों के बाद बढ़कर 819 हो गए थे। लेकिन अब इसे पुनर्गठित कर केवल 536 सेक्शन में समाहित कर दिया गया है, जिन्हें 1 से 536 तक क्रमवार व्यवस्थित किया गया है। करदाताओं की सुविधा के लिए अधिनियम में एडवांस टैक्स और कैपिटल गेन आदि की गणना के लिए स्पष्ट फॉर्मूले व टेबल भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे समय रहते नए प्रावधानों को समझें और अपने खातों, कर प्रबंधन व अनुपालन प्रक्रियाओं को उसी के अनुरूप तैयार करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। कार्यक्रम में इनकी भी रही मौजूदगी आउटरीच कार्यक्रम में आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें मुख्य रूप से अपर आयकर आयुक्त करणी दान, अपर आयकर आयुक्त ए.के. गहलोत, संयुक्त आयकर आयुक्त बी.एस. माथुर, आयकर अधिकारी सुनिल वैष्णव, आयकर निरीक्षक रमेश कुमार पंवार सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा सोजती गेट संघ के अध्यक्ष नवीन सोनी, टैक्स बार संघ से बलबीर सोनी व आशीष सोनी, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से महीपाल लड्ढा और सरदारपुरा व्यापार मण्डल से सुनील अग्रवाल सहित कई व्यापारियों व उद्यमियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कुलगुरुओं का अभिनंदन, NEP पर हुई चर्चा जय नारायण व्यास शिक्षण संस्थान में कुलगुरु अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नई शिक्षा नीति पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा और प्रो. पवन शर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए सुखाडिया विवि के कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने कहा कि देश 1947 में स्वाधीन तो हो गया लेकिन राष्ट्र के तन्त्र अभी भी अंग्रेजों के अंग्रेजियत का ही चल रहा है। इसे समाप्त करना ही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। जब 2047 में राष्ट्र की स्वाधीनता के 100 वर्ष पूर्ण होगें, तब तक राष्ट्र का अपना तन्त्र होना चाहिए, इसके लिए ही मैकाले की नीति को समाप्त करना आवश्यक है। NEP 2020 - राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हम सभी का कर्तव्य है कि इस नीति का निष्ठा से क्रियान्वयन करें। जल्द परीक्षा परिणाम घोषित करने की कोशिश जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन शर्मा ने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को कौशल शिक्षा के माध्यम से विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर उपस्थित छात्राओं को प्रेरित किया तथा परीक्षाओं के बदलते पैटर्न में परीक्षा और परिणाम के कार्य को शीघ्र ही समयबद्ध करने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने ने कहा कि अब परीक्षा के पश्चात् दो-तीन सप्ताह में ही परिणाम घोषित करने के प्रयास किए जा रहे है। यह भी बताया कि 15 अगस्त से पूर्व सभी परिणाम घोषित कर नया सत्र निश्चित समय पर आरम्भ कर देगें। अभिनन्दन कार्यक्रम में संस्थान के चैयरमैन प्रो. पीएम जोशी ने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न कॉलेजों और पाठ्यक्रमों का जिक्र करते हुए संस्थान द्वारा बालिका , महिला शिक्षा हेतु किए जा रहे प्रयासों का वर्णन किया।कार्यक्रम के आरम्भ में संस्थान के कोषाध्यक्ष चार्टड एकाउटेन्ट मुकेश व्यास ने अतिथियों का स्वागत किया।
बरेली के आंवला स्थित मनौना धाम से अगवा किए गए बच्चे के मामले में दिन-ब-दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में अब कई बड़े मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई है। चंद पैसों के लालच में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर मानव तस्करी से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब ऐसे डॉक्टरों पर शिकंजा कसने जा रही है। यह खुलासा लखीमपुर से गिरफ्तार हुए उत्तम वाजपेयी ने किया है। मनौना धाम आंवला से बच्चे को अगवा करने के मामले में अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर और अन्य स्टाफ पर शिकंजा कसेगी। पुलिस ने उत्तम वाजपेयी (38) पुत्र राममोहन वाजपेयी निवासी ग्राम सुहेला, थाना मैगलगंज, जनपद खीरी लखीमपुर को गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसके बाद पुलिस उसे मानव तस्करी का बड़ा सिंडिकेट मान रही है, जिसमें कई बड़े मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और अन्य स्टाफ शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सरगना उत्तम वाजपेयी ने किया सनसनीखेज खुलासाएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि बच्चा चोरी गिरोह का सरगना उत्तम वाजपेयी ने पूछने पर बताया कि अब से लगभग एक वर्ष पूर्व मैं अपने रिश्तेदार का पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने वरुण अर्जुन रुहेलखंड अस्पताल, शाहजहाँपुर गया था। वहाँ मेरी मुलाकात योगेश उर्फ अमित से हुई थी, जिससे मेरी लगातार बातें होने लगीं। तब योगेश से मैंने कहा कि मैं नवजात बच्चों को अस्पताल या किसी के द्वारा देने पर उसे अच्छे-खासे रुपये देते हैं, यदि तुम काम करना चाहो तो मेरा साथ दो, जल्दी ही रुपये वाले हो जाओगे। इस पर योगेश तैयार हो गया और उसने अपने दोस्त पवन से मेरी बात कराई और मिलाया। मैंने नवजात शिशु के बारे में बताया तब योगेश और पवन मन्दिर, मेला व भीड़-भाड़ वाली जगह पर बच्चे की तलाश करने लगे। इसके बाद जब सफलता नहीं मिली तब योगेश ने मुझे बताया कि मैंने और पवन ने एक बच्चे को मनौना धाम से उठा लिया है और मुझे उसने व्हाट्सएप पर बच्चे की फोटो भेजी। यह फोटो मैंने आगे खरीदने वालों को दिखाई। फिर मैंने कहा कि बच्चे को लखीमपुर ले आओ। तो ये लोग मेरे कहने पर बच्चे को मेरे पास ले आए। जब मैंने अपने यहाँ बच्चे का सौदा करने का प्रयास किया तो कोई ग्राहक नहीं मिला, फिर मैं बच्चे का सौदा करने के लिए दिल्ली निकल गया और मैंने कहा कि मैं सौदा कर लूँ तब आना। उसके बाद मैंने योगेश व पवन को बच्चे के साथ दिल्ली बुलाया था। ये लोग बच्चे को लेकर आ रहे थे कि पुलिस ने इन लोगों को पकड़ लिया। यह खबर मैंने दैनिक भास्कर ऐप पर पढ़ ली थी। मैं आज बच्चे के माँ-बाप से बात करने के लिए मनौना धाम आ रहा था कि पुलिस ने पकड़ लिया। सच बात यह है कि मैं रुपये के लालच में आकर गलत काम में फँस गया। इससे पूर्व में मैंने एक नवजात शिशु डॉक्टर संजय विश्वास, निवासी लखीमपुर खीरी से एक लाख बीस हजार में खरीदा था। एक बच्चा केशवराम उर्फ मंजेश से खरीदा था जो मैंने राममूर्ति अस्पताल, बरेली की सीता नाम की नर्स को 2-2 लाख रुपये में बेच दिए थे। साहब मुझसे गलती हो गई, मुझे माफ कर दो। बच्चा चोरी मामले में अब तक तीन गिरफ्तारबच्चा चोरी मामले में पुलिस अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें दो आरोपियों को पुलिस ने 48 घंटे के अंदर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था और बच्चे को सकुशल बरामद किया था। पुलिस ने योगेश कन्नौजिया पुत्र दरबारी लाल निवासी धौवेला करीमनगर, थाना गड़िया रंगीन, जनपद शाहजहाँपुर और पवन चंदेल पुत्र ओमप्रकाश चंदेल निवासी मोहल्ला असफाक नगर, कस्बा व थाना जलालाबाद, जनपद शाहजहाँपुर को गिरफ्तार किया था। क्या है पूरा मामलासीओ आंवला नितिन कुमार ने बताया कि 24 मई को मनौना धाम आंवला से सुबह साढ़े 10 बजे रमन पुत्र रविन्द्र निवासी डहरिया असगुणा, थाना उसैत, जनपद बदायूँ ने थाने पर आकर सूचना दी कि वह मनौना धाम में सफाई कर्मचारी नियुक्त है। समय करीब सुबह साढ़े 10 बजे उसके तीनों बच्चे खेलते हुए सड़क की ओर निकल गए थे, कुछ समय बाद दो बच्चे वापस आ गए जबकि डेढ़ वर्षीय छोटा बच्चा गायब हो गया। जिसके संबंध में तत्काल आंवला थाने में मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की गई। बच्चे की तलाश में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 20 हजार मोबाइल नंबर की जांच की गई। 48 घंटे तक पुलिस की 5 टीमें बच्चे की तलाश में लगी रही और आखिरकार पुलिस को सफलता मिली। 27 मई को पुलिस ने शाहजहाँपुर के योगेश और पवन को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। कैसे हुई मुख्य सरगना की गिरफ्तारी29 मई को वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि मुख्य आरोपी उत्तम पुरैना तिराहे पर कहीं जाने की फिराक में खड़ा है। इस सूचना पर पुलिस टीम पुरैना तिराहे पहुँची तो दूर से मुखबिर खास ने इशारा करके बताया कि वह जो व्यक्ति शर्ट व मटमैले रंग का लोअर पहने खड़ा है, वही उत्तम वाजपेयी है। वह व्यक्ति पुलिस वालों को देख कर सकपकाया, तभी पुलिस ने उस व्यक्ति को वहीं पकड़ते हुए नाम-पता पूछा तो उस व्यक्ति ने अपना नाम उत्तम वाजपेयी पुत्र राममोहन वाजपेयी निवासी ग्राम सुहेला, थाना मैगलगंज, जनपद खीरी लखीमपुर, उम्र करीब 28 वर्ष बताया। पुलिस टीम को मिली कामयाबीउत्तम वाजपेयी को गिरफ्तार करने में सब इंस्पेक्टर नरेन्द्र सिंह राघव, संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल प्रिन्स कुमार और यमेन्द्र कुमार थाना आंवला, जनपद बरेली को कामयाबी मिली है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि अब तक की पूछताछ के क्रम में जो नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, उनके बारे में गहराई से जाँच कर साक्ष्य संकलन कर कार्यवाही की जाएगी।
टेंटरा थाना क्षेत्र के रायडी घाट पर पुलिस, एसएएफ (SAF) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने यहां अवैध रूप से डंप की गई करीब 1 हजार ट्रॉली रेत को नष्ट कर उसे मिट्टी में मिला दिया। नष्ट की गई इस रेत की अनुमानित कीमत 22 लाख रुपए बताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य क्षेत्र में रेत उत्खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा रखा है। आदेशों के पालन में टास्क फोर्स जिले भर में लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत रायडी घाट पर अवैध भंडारण को नष्ट करने के लिए 2 जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने में 25 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदीटेंटरा थाना प्रभारी एसआई पारथ सिंह परिहार ने बताया कि इलाके में अवैध रेत डंप किए जाने की पक्की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस, वन विभाग और एसएएफ के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई। मौके पर पहुंचकर टीम ने रेत के ढेरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, ताकि माफिया इसका परिवहन कर दोबारा उपयोग न कर सकें।
खाद्य विभाग की दबिश पड़ते ही बंद हुईं डेयरियां:मावा, दूध, घी, पनीर समेत कई के सैंपल जांच के लिए भेजे
जिले में दुग्ध और उससे बनने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट के चलते संभागीय स्तर के खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता दल के द्वारा जौरा, कैलारस कस्बों में चार अलग अलग संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए जांच सैम्पल लिए गए।जांच सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई को जाएगी। जौरा कैलारस में कार्रवाई संभाग स्तर के खाद्य सुरक्षा दल के द्वारा शुक्रवार को मुरैना,जौरा और कैलारस कस्बे में पहुंच कर दुग्ध डेयरियों पर कार्रवाई करते हुए सभी के सैंपल भरे और जांच के लिए भेजे गए। यहां हुई कार्रवाई खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने कार्रवाई एडीएम अश्वनी कुमार रावत के अनुसार संभागीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी उड़न दस्ता दल के द्वारा मुरैना, जौरा,कैलारस कस्बे में विभिन्न दुग्ध और उससे निर्मित पदार्थों को बनाने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई है सभी से सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे है।जांच आते ही कार्रवाई की जाएगी।
सतना में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को शुक्रवार को अचानक बदले मौसम से बड़ी राहत मिली है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में 48 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बूंदाबादी होने से मौसम में ठंडक घुल गई। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 3 डिग्री नीचे है। न्यूनतम तापमान में भी 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री नीचे है। बूंदाबांदी के कारण हवा में नमी घुलने से सुबह की आर्द्रता 51 प्रतिशत और शाम की 31 प्रतिशत रही। दिन में तेज धूप रही, लेकिन गर्म हवाएं न चलने से लोगों को राहत मिली। देर रात जिले के कोटर, बिरसिंहपुर समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की तरफ से आ रही हवा की नमी सतना समेत रीवा संभाग में पहुंच रही है। इसके अतिरिक्त, बंगाल की खाड़ी से मध्य प्रदेश होते हुए दिल्ली तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसी मौसमी प्रभाव के कारण सतना समेत रीवा संभाग में गरज-चमक और अंधड़ के साथ प्री-मॉनसून बारिश आगे भी जारी रह सकती है। इस प्री-मॉनसून बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और लू से लगातार राहत मिलने की उम्मीद है। आगामी कई दिनों तक अंधड़ के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के अहमदाबाद गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण भी करवाया है और मामले की विस्तृत जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घायलों में एक पक्ष से मधु (22 वर्ष, पत्नी मुनेश कुमार), छाया (16 वर्ष, पुत्री रामनिवास) और ओमवती (55 वर्ष, पत्नी रामनिवास) शामिल हैं। दूसरे पक्ष से विमलेश (28 वर्ष, पत्नी संदीप), करिश्मा (पुत्री मुन्नालाल) और ऊषा देवी (55 वर्ष, पत्नी मुन्नालाल) घायल हुए हैं। घायल राजेश ने बताया कि यह विवाद जमीन को लेकर हुआ था और उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे उनके पक्ष के छह लोग घायल हुए हैं। एक अन्य घायल मधु ने जानकारी दी कि विवाद प्लॉट को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके घर के लोग एटा कचहरी गए हुए थे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने कुछ लड़कों को बुलाकर मारपीट की, जिसमें उनके पक्ष के तीन लोग घायल हुए। मामले पर बागवाला थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष एक सरकारी भूमि पर अपना-अपना कब्जा बता रहे हैं, जिसके चलते उनमें झगड़ा हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि यह विवाद मुख्य रूप से महिलाओं के बीच शुरू हुआ था। गंभीर रूप से घायलों का मेडिकल परीक्षण करवा लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
सिरसा जिले के ऐलनाबाद में वॉल्वो (ममता) बस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक्सीडेंट हो गया। पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ गया। इस दुर्घटना में बस ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर जा चढ़ी, जिससे दर्जनों यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ये घटना शुक्रवार रात्रि को मल्लेकां पुलिस चौकी के नजदीक मलवाणी टी-प्वाइंट पर हुआ। वोल्वो बस बीकानेर से सिरसा की ओर आ रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉली ऐलनाबाद से सिरसा जा रही थी। आरोप है कि बस की स्पीड ज्यादा थी। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस की तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पूर्णिया में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना में केस दर्ज कराया है। पूरा मामला रूपौली से जुड़ा है। मृतका की पहचान कटिहार जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र के वसवार मलिनिया गांव निवासी विमला देवी 45 के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय शंकर मंडल की पत्नी थीं। मृतका की बेटी वीणा कुमारी ने भवानीपुर थाना में दिए आवेदन में बताया कि मां को इलाज के लिए लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रात गए ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद अस्पताल की ओर से कहा गया कि यहां ICU की सुविधा नहीं है, इसलिए मरीज को तुरंत पूर्णिया ले जाना होगा। परिजन बोले- भवानीपुर अस्पताल में ही हो गई थी महिला की मौत आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर अपनी गाड़ी से महिला को पूर्णिया लेकर गए, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत भवानीपुर अस्पताल में ही हो चुकी थी। मामले को दबाने और खुद को बचाने के लिए डॉक्टर उसे पूर्णिया लेकर गए। पूर्णिया पहुंचने के बाद डॉक्टर मरीज को छोड़कर चले गए। बाद में परिजन एम्बुलेंस किराये पर लेकर शव को वापस भवानीपुर लाए। आवेदन में हॉस्पिटल के मुख्य संस्थापक अमित कुमार और ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर पूजा रानी समेत अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों ने कहा है कि इलाज और ऑपरेशन में भारी लापरवाही बरती गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। भवानीपुर थानाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि मृतका की बेटी के आवेदन पर केस दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के पर्यटन और सैन्य विरासत को नई पहचान देने वाली ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का शनिवार को भव्य लोकार्पण किया गया। सीजी सिटी स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के प्रवेश द्वार संख्या-5 के निकट विकसित इस परियोजना का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी करेंगे। लगभग ₹19 करोड़ की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में तैयार यह वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक तकनीकी क्षमता को समर्पित है। नौसेना के पराक्रम को करीब से जान सकेंगे लोग ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ को नौसेना शौर्य संग्रहालय के दूसरे चरण के रूप में विकसित किया गया है। यहां आने वाले पर्यटक भारतीय नौसेना के इतिहास, समुद्री सुरक्षा, युद्ध अभियानों और आधुनिक युद्धक तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वाटिका को अत्याधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन एयर म्यूजियम के रूप में तैयार किया गया है, जिससे आम लोगों को नौसेना की भूमिका और योगदान को समझने का अवसर मिलेगा। युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का होगा संचार प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह परियोजना भारतीय नौसेना के वीर जवानों और अधिकारियों को समर्पित एक श्रद्धांजलि स्थल है। इससे युवाओं और बच्चों में राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और देशसेवा की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में नौसेना की भूमिका को करीब से समझ सकेंगे। INS गोमती बना प्रमुख आकर्षण वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमाती है। यह युद्धपोत 28 मई 2022 को नौसेना सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था। युद्धपोत के विभिन्न हिस्सों को यहां संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है ताकि लोग नौसैनिक युद्धपोतों की संरचना और तकनीकी क्षमता को समझ सकें।इसके अलावा परिसर में एंकर, AK-726 मीडियम रेंज गन, CET-53M टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज का विशाल प्रोपेलर भी प्रदर्शित किया गया है। ये सभी उपकरण भारतीय नौसेना की तकनीकी दक्षता और युद्धक क्षमता की झलक प्रस्तुत करते हैं। लखनऊ के पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा नया सैन्य पर्यटन केंद्र भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से विकसित यह परियोजना राजधानी के पर्यटन मानचित्र पर एक नए सैन्य पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्थल देश के प्रमुख सैन्य पर्यटन आकर्षणों में शामिल होगा और बड़ी संख्या में पर्यटकों, विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों को आकर्षित करेगा।
चित्रकूट जिले में बृहस्पतिवार रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जिले के लगभग 60 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली गुल होने से पेयजल संकट गहरा गया है। अधिकांश गांवों में बिजली आधारित पानी की आपूर्ति ठप है, जिससे लोगों को पीने के पानी की किल्लत हो रही है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से दिन और रात दोनों समय ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्राम पंचायत बिहारा, बालापुर माफी, सिमरिया, जगन्नाथवासी, छपरा माफी, मानही और बवाना पुरवा सहित दर्जनों गांव बिजली बहाली का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीण चुनकावान प्रसाद पांडे ने बताया कि उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए दिनभर में करीब 10 बार विभागीय अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर बिजली के खंभे सड़कों पर टूटे पड़े हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। पानी की समस्या और बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन और बिजली विभाग को आपदा के बाद राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए थी, लेकिन स्थिति अब भी सामान्य नहीं हो पाई है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
ट्रक ने 33 KV बिजली पोल को टक्कर मारी:सीधी में 9 गांवों की बिजली गुल, चालक घायल
सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के ग्राम कपूरी में शनिवार सुबह एक ट्रक ने 33 केवी विद्युत लाइन के मुख्य पोल को टक्कर मार दी। इस घटना के कारण बघवार क्षेत्र सहित नौ गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हादसे में ट्रक चालक घायल हो गया। यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 'बालाजी' नामक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे 33 केवी बिजली पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पूरा ढांचा, जिसमें पोल, इंसुलेटर और अन्य विद्युत उपकरण शामिल थे, बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट से चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासी सुनील गुप्ता ने बताया कि विद्युत लाइन तत्काल ऑटोमैटिक ट्रिप हो गई, जिससे हाईटेंशन करंट फैलने और किसी बड़े हादसे का खतरा टल गया। सुरक्षा कारणों से बघवार, कपूरी, बुढगौना सहित लगभग नौ गांवों की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 33 केवी लाइन का पोल और उस पर लगे इंसुलेटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नई सामग्री मंगाकर मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विभाग के अनुसार, बिजली आपूर्ति बहाल करने में कुछ घंटों का समय लग सकता है। पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा ने जानकारी दी कि सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर यातायात को नियंत्रित किया गया है। दुर्घटना में घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और पोल के आसपास न जाने की अपील की है।
उन्नाव में ट्रक लूट की घटना का खुलासा करते हुए एसओजी, सर्विलांस और अजगैन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए सीएचसी नवाबगंज भेजा गया। पुलिस के अनुसार, 25 मई की रात आशाखेड़ा से सामान लादकर कानपुर जा रहे एक ट्रक को बदमाशों ने लूट लिया था। मामले में ट्रक मालिक राजेश कुमार गुप्ता, निवासी देवकी नगर, नौबस्ता (कानपुर नगर) ने 27 मई को अजगैन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक, ट्रक चालक नीरज कुमार वाहन लेकर कानपुर जा रहा था। ट्रक मालिक जीपीएस के माध्यम से वाहन की लोकेशन पर नजर रखे हुए थे। रात करीब 12:30 बजे ट्रक टोल प्लाजा पार कर गया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी लोकेशन वापस लखनऊ की ओर जाती दिखाई दी। संदेह होने पर ट्रक मालिक स्वयं तलाश में निकले। टोल प्लाजा के पास चालक नीरज कुमार घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा मिला, जबकि ट्रक गायब था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी उन्नाव जय प्रकाश सिंह के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नवाबगंज क्षेत्र में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सामने गुरुद्वारा रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख संदिग्ध ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान छोट्टन चौधरी (25) पुत्र सुरेश चौधरी, निवासी हथियाइन, थाना पीपरा कोठी, जिला मोतिहारी (बिहार) के रूप में बताई। आरोपी ने ट्रक लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी का उपचार सीएचसी नवाबगंज में कराया जा रहा है। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर के श्रीरामपुरा (बोराड़ा) में पूर्व सरपंच रामसिंह सहित 4 लोगों के मर्डर के मामले में पुलिस ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरफ्तार मां-बेटी से रिमांड पर पूछताछ जारी है। शुक्रवार को निरुद्ध किए गए नाबालिग बेटे के मोबाइल ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी बेटे के सिर पर पिता की हत्या का ऐसा खून सवार था कि उसने इसके लिए लोकल गैंगस्टर से भी संपर्क किया था। वारदात की रात वह सुबह 4 बजे तक इंस्टाग्राम पर रील्स देखता रहा और फ्री फायर गेम खेलता रहा, ताकि पिता के गहरी नींद में सोने के बाद गला रेता जा सके। पहले पढ़िए, आखिर क्या है पूरा मामला 28 मई की सुबह बोराड़ा थाना क्षेत्र में घर से 500 मीटर दूर एक जली हुई स्कॉर्पियो गाड़ी में चार कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी। मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी (45), उनकी मां पूसी देवी (79), दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी (40) और भांजी महिमा (32) के रूप में हुई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ीं तो पता चला कि रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता (43), बेटी सरिता (18) और नाबालिग बेटे ने मिलकर पहले चारों का गला काटा, फिर ट्रैक्टर से डीजल निकालकर स्कॉर्पियो सहित लाशों को आग लगा दी। हत्याकांड से जुड़े 6 बड़े खुलासे 1. सुबह 4 बजे दिया वारदात को अंजाम दोपहर में पिता से हुए विवाद के बाद नाबालिग बेटे ने ठान लिया था कि आज रात पिता को खत्म करना है। वह रातभर सोया नहीं। खुद को सामान्य रखने और घरवालों के सोने का इंतजार करने के लिए वह सुबह 4 बजे तक मोबाइल पर इंस्टाग्राम-फेसबुक की रील्स और फ्री फायर गेम खेलता रहा। जैसे ही पूर्व सरपंच गहरी नींद में सोया, उसने हमला कर दिया। 2. ऑनलाइन मंगाया था हथियार, गैंगस्टर से मांगी थी पिस्तौल आरोपी नाबालिग पिछले 5-6 महीने से हत्या की प्लानिंग कर रहा था। इसके लिए उसने ऑनलाइन शॉपिंग साइट 'अमेजन' से 800 रुपए का एक धारदार चाकू मंगवाया और घर के कोने में छुपा दिया। यही नहीं, उसने बोराड़ा के एक स्थानीय गैंगस्टर से भी संपर्क साधा था। पिस्तौल खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन गैंगस्टर ने उसे हथियार देने से मना कर दिया। 3. मोबाइल में मिली 'क्राइम हिस्ट्री' पुलिस साइबर सेल को नाबालिग के मोबाइल से डरावनी सर्च हिस्ट्री मिली है। वह गूगल और यूट्यूब पर लगातार 'क्राइम' और 'मर्डर' से जुड़े कंटेंट सर्च करता था।वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद शातिर दिमाग नाबालिग ने अपने फोन से वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया ऐप्स डिलीट कर दिए ताकि पुलिस को कोई डिजिटल सबूत न मिले। 4. मां ने घोला था नफरत का जहर, प्रॉपर्टी छिनने का था डर जांच में सामने आया कि रामसिंह ने जब से दूसरी शादी (सुरज्ञान से) की थी, तब से वह पहली पत्नी सुनीता और उसके बच्चों को प्रताड़ित करता था। पहले रामसिंह हर काम में पहली पत्नी को आगे रखता था। बाद में उसने उन्हें पूछना ही बंद कर दिया। सुनीता को डर था कि रामसिंह अपनी करोड़ों की प्रॉपर्टी दूसरी पत्नी के नाम कर देगा। इसी डर में मां ने बेटे के मन में पिता के खिलाफ नफरत भर दी, जिसके बाद बेटे ने मां के साथ मिलकर खूनी साजिश रच डाली। 5. हत्या की आरोपी बेटी का सपना था IAS बनना, 12वीं में आए थे 92% मार्क्स इस हत्याकांड का एक हैरान करने वाला पहलू पूर्व सरपंच की 18 वर्षीय बेटी सरिता सिंह चौधरी है। सरिता की मोबाइल हिस्ट्री देखने पर पता चला कि वह भविष्य को लेकर काफी गंभीर थी। उसका सपना एक आईएएस (IAS) अफसर बनने का था। वह पढ़ाई में बेहद होशियार थी और 12वीं कक्षा में उसके 92 फीसदी नंबर आए थे। फिलहाल वह कॉलेज में रहते हुए कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। इस अपराध ने उसकी जिंदगी सलाखों के पीछे धकेल दी। 6. मर्डर के बाद चेहरे पर शिकन नहीं मर्डर के इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों की बेरहमी साफ दिखती है। चारों की हत्या करने और स्कॉर्पियो को आग लगाने के बाद तीनों आरोपी (मां, बेटी, बेटा) चुपचाप घर लौटे। उन्होंने खून से सने कपड़े बदले, घर की सफाई की और फिर आराम से रसोई में खाना बनाया। आरोपियों ने छाछ पी और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो। अगले दिन सुबह जब लोग रो रहे थे, तब पहली पत्नी सुनीता नाटक कर रही थी और नाबालिग बेटा बिना किसी शिकन के चाय पी रहा था। …. हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. पूर्व सरपंच पहली पत्नी को मुर्गा बनाकर पीटता था, बेटे ने कहा था- कभी भी मार दूंगा पिता की दूसरी शादी से नाराज और प्रताड़ना झेलती मां को देखकर बेटा हत्यारा बन गया। आरोपी बेटे ने पिता को अपना सबसे बड़ा दुश्मन बना लिया था। आरोपी बेटे ने अपनी मां को कहा था- – ‘मैं कभी भी इसे (पिता) जान से मार दूंगा।’ पूरी खबर पढ़िए.. 2. पूर्व सरपंच मां-बेटे सहित 4 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या, स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर मिली तीन लाश अजमेर में स्कॉर्पियो में पूर्व सरपंच मां-बेटे सहित 4 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी। घटना शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर बोराड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह 5:30 बजे की है। पूरी खबर पढ़िए…
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को कई खाद्य निर्माण इकाइयों और दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान आइसक्रीम, फ्रोजन डेजर्ट, योगर्ट, बादाम शेक और आइस कैंडी समेत कुल 8 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की अलग-अलग टीमों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई प्रतिष्ठानों पर जांच की। यहां से लिए गए सैंपल सेक्टर-58 स्थित एक डेयरी उत्पाद कंपनी से फ्रोजन डेजर्ट का सैंपल लिया गया। सेक्टर-122 की एक निर्माण इकाई से आइसक्रीम प्रीमिक्स का नमूना लिया गया। सेक्टर-73 स्थित एक फूड कंपनी से ब्लू बेरी फ्यूजन डिलाइट योगर्ट और मैंगो बेरी मैजिक योगर्ट के सैंपल लिए गए। दादरी की एक डेयरी यूनिट से आइसक्रीम का नमूना लिया गया। कासना स्थित आइसक्रीम यूनिट से बादाम शेक का सैंपल लिया गया। इकोटेक-6 स्थित एक फैक्ट्री से अलग-अलग फ्लेवर की आइस कैंडी के दो नमूने लिए गए। इस तरह कुल 8 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई उत्पाद मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शनिवार आधी रात को क्राइम ब्रांच सेक्टर-40 ने एनकाउंटर के बाद कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के दो शॉर्प शूटरों को पकड़ा है। क्रॉस फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है। जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया है। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में सीआईए-40 की सरकारी गाड़ी पर 3 गोलियां लगी। पुलिसकर्मी इस हमले में बाल-बाल बच गए। एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से 10 से 15 राउंड जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोलियां दोनों बदमाशों के पैरों में लगी। जिसके बाद वे सड़क पर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। घायल अपराधियों को तुरंत इलाज के लिए सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों की पहचान कर्ण उर्फ रोनी और प्रवेश के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली के गांव कंझावला के रहने वाले हैं और वे काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर जा रहे थे। दोनों के पास पिस्तौल थी। पुलिस ने बाइक और पिस्तौल बरामद कर ली है। क्राइम ब्रांच को मिला था इनपुट क्राइम ब्रांच सेक्टर-40 की टीम को सूचना मिली थी कि हिमांशु भाऊ गैंग के दो शूटर बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से मानेसर इलाके में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस पर फायरिंग कीसहरावन गांव के पास पुलिस के साथ बदमाशों का सामना हो गया। पुलिस टीम को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में सीआईए-40 की सरकारी गाड़ी पर 3 गोलियां लगीं। जबकि गाड़ी में सवार पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। क्रॉस फायरिंग में बदमाशों को लगी गोलीबदमाशों द्वारा गोली चलाने के बाद सीआईए टीम ने सेल्फ डिफेंस में क्रॉस फायरिंग की। दोनों तरफ से 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई और वे भाग नहीं सके। पुलिस ने चेतावनी देते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अस्पताल में भर्ती करवाया पुलिस जवान घायल बदमाशों को तुरंत इलाज के लिए सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल में लेकर गए। जहां उनका इलाज चल रहा है। ठीक होने के बाद पुलिस इन्हें अरेस्ट करेगी। फिलहाल पुलिस की निगरानी में डॉक्टर दोनों बदमाशों का इलाज कर रहे हैं। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…………….
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के समदड़ी-लूनी रेलखंड पर तकनीकी कार्य के चलते 31 मई से विभिन्न ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। दूदिया-दुंदाड़ा स्टेशनों के बीच समपार फाटक संख्या 231, 227 और 226 पर आरयूबी निर्माण कार्य के लिए संशोधित ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके कारण 10 ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी, कुछ आंशिक रूप से रद्द की गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों के संचालन में देरी भी रहेगी। आरयूबी निर्माण कार्य के कारण लिया जा रहा ब्लॉक जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार दूदिया-दुंदाड़ा स्टेशनों के मध्य समपार फाटक संख्या 231, 227 एवं 226 पर आरयूबी निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसी कार्य के चलते रेलखंड पर संशोधित ब्लॉक लिया जा रहा है, जिससे ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द आंशिक रूप से रद्द रहेंगी ये ट्रेनें जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट बदले मार्ग से चलेगी साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट का भी मार्ग बदला इन ट्रेनों का संचालन देरी से होगा
बुरहानपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शाहपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने केले के खेत में छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ करते हुए 10.5 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर, थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में 29 मई को ग्राम बंडसिंगी में दबिश दी गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संतोष पिता लक्ष्मण पाटील अपने केले के खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती कर रहा है। पुलिस टीम ने केले के व्यापारी बनकर खेत में छापा मारा और मौके से 40 वर्षीय आरोपी संतोष पाटील गुर्जर को हिरासत में लिया। खेत से गांजे के 05 हरे पौधे बरामद हुए, जिनका कुल वजन लगभग 10 किलो 500 ग्राम है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी संतोष पाटील गुर्जर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। थाना शाहपुर में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के साथ उपनिरीक्षक अजयसिंह चौहान, शैलेन्द्र तोमर, प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल और मनोज मोरे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
पाली में दैनिक भास्कर का प्रॉपर्टी एक्सपो आज से:एंट्री रहेगी फ्री, EMI और निवेश की जानकारी मिलेगी
पालीवासियों के लिए दैनिक भास्कर का प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 शनिवार और रविवार को कॉलेज रोड स्थित रोटरी क्लब में शुरू होगा। 2026 में शहर में पहली बार होने वाले इस एक्सपो का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी मोनिका सैन करेंगी। दो दिन तक चलने वाले इस एक्सपो में पाली और जोधपुर के प्रमुख बिल्डर्स एवं डेवलपर्स अपने रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देंगे। यहां फ्लैट, प्लॉट, विला और कमर्शियल प्रॉपर्टी के कई विकल्प एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे। पहली बार एक मंच पर कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर की कई प्रतिष्ठित कंपनियां और उनके प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे। विजिटर्स को विभिन्न रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी। एक्सपो में नई लॉन्चिंग्स, एक्सक्लूसिव ऑफर्स और निवेश के विभिन्न विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी। कई प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स होंगे शामिल एक्सपो में आशापूर्णा बिल्डकॉन, स्काई रेजिडेंसेस, आदिनाथ बिल्डवेल, एचकेबी वेंचर्स, शुभम डेवलपर, धरती इंफ्रा एवं बीसीएम ग्रुप पाली सहित कई प्रमुख रियल एस्टेट ग्रुप्स भाग ले रहे हैं। आयोजन के रेडियो पार्टनर 94.3 माय एफएम हैं। गिफ्ट पार्टनर भी जुड़े गिफ्ट पार्टनर के रूप में गीतांजलि सोनी डायरेक्टर गीतांजलि सलून, चंद्रप्रकाश गहलोत डायरेक्टर पुष्प हिना और मुपुब मेहता डायरेक्टर ट्रिबा ऑयल जुड़े हुए हैं। एक्सपो में आने वाले लोगों को विभिन्न प्रोजेक्ट्स और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। कारोबारियों ने बताया निवेश का अवसर मगराज जैन, डायरेक्टर बीसीएम ग्रुप ने कहा कि प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 ग्राहकों और बिल्डर्स के बीच मजबूत कनेक्ट बनाने का अवसर है। एचकेबी वेंचर्स के डायरेक्टर आर्यन जल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय रियल एस्टेट में निवेश के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। शुभम डेवलपर्स के डायरेक्टर राहुल जैन ने कहा कि पाली रोड, जोधपुर तेजी से विकसित होती हुई प्रीमियम लोकेशन बन चुकी है। एसबीआई फाइनेंस डेस्क रहेगा आकर्षण आयोजन का प्रमुख आकर्षण एसबीआई बैंक का फाइनेंस डेस्क रहेगा। यहां बैंक प्रतिनिधि होम लोन, ब्याज दरों, EMI और फाइनेंसिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। एक्सपो से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 7790869216 पर संपर्क किया जा सकता है।
मथुरा में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशान लोगों का शुक्रवार रात गुस्सा फूट पड़ा। बीएसए कॉलेज रोड स्थित आनंदपुरी, नवनीत नगर, प्रोफेसर कॉलोनी समेत चार कॉलोनियों के लोगों ने सड़क जाम कर बिजली विभाग, जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रात करीब 10 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र का विद्युत ट्रांसफार्मर चार दिन पहले खराब हो गया था। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और एसडीओ से की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न मिलने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल मदन मोहन अग्रवाल ने बताया कि लगातार चार दिनों से बिजली न होने के कारण लोग रातभर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करने पर भी कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। वहीं स्थानीय निवासी अंजुम ने कहा कि छोटे बच्चे गर्मी से बेहाल हैं और घरों में अंधेरा रहने के कारण खाना बनाने से लेकर अन्य दैनिक कार्यों तक में मुश्किलें आ रही हैं। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा और कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके चलते आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्युत विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
उमरिया जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-43 पर बन रहे चार ओवरब्रिजों का काम समय पर पूरा नहीं करने पर तिरुपति बिल्डकॉन कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (टीबीसीएल) के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित कर दिया गया है। इसके बाद वह अगले दो सालों तक राज्य और केंद्र सरकार की किसी भी नई निर्माण परियोजना का ठेका नहीं ले सकेगी। कंपनी को एनएच-43 पर चार ओवरब्रिजों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नोटिस के बाद भी नहीं सुधरी कार्यप्रणाली मामले को लेकर एमपी आरडीसी के अधिकारियों ने कई बार निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। कंपनी को काम में तेजी लाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' की सूची में शामिल कर दिया। निर्माण पूरा कराने के निर्देश एमपी आरडीसी शहडोल के संभागीय प्रबंधक अवधेश स्वर्णकार ने बताया कि कार्रवाई के बाद कंपनी दो साल तक किसी भी सरकारी निर्माण कार्य की निविदा में हिस्सा नहीं ले सकेगी। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए मुख्य कंपनी जेवीआर को पत्र भेजा गया है और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। अधूरे काम से बढ़ी परेशानी एनएच-43 पर बन रहे ये ओवरब्रिज क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। निर्माण कार्य लंबा खिंचने से यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है। अब विभाग की कोशिश है कि लंबित कार्य जल्द पूरा हो और लोगों को राहत मिल सके।
छिंदवाड़ा में गर्मी से राहत के आसार:तापमान 3 डिग्री गिरा, अगले 72 घंटे में बारिश के आसार
छिंदवाड़ा: नौतपा की भीषण गर्मी के बीच जिलेवासियों को शुक्रवार को कुछ राहत मिली। दिनभर बादलों की आवाजाही के कारण अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को दिन का तापमान घटकर 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी 72 घंटों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। सक्रिय हो रही मौसम प्रणालियों के प्रभाव से जिले के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है तथा लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। पड़ोसी जिलों में भी बारिश के संकेत मौसम विभाग के मुताबिक आसपास के जिलों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसी प्रभाव के कारण पिछले दो दिनों से तापमान में कमी देखी जा रही है। यदि मौसम प्रणालियां अपेक्षित रूप से सक्रिय रहीं तो जिले में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। दिन के साथ रातें भी बनीं चुनौती नौतपा के दौरान जिलेवासियों को केवल दिन की तपिश ही नहीं, बल्कि गर्म रातों का भी सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छिंदवाड़ा में पहले रात के समय इतनी गर्मी कम ही महसूस होती थी, लेकिन इस वर्ष लगातार बढ़ते तापमान के कारण देर रात तक गर्म हवाओं और उमस का असर बना हुआ है। इससे लोगों की दिनचर्या और नींद दोनों प्रभावित हो रही हैं। अगले कुछ दिन अहम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यदि आगामी तीन दिनों में बारिश होती है तो नौतपा की तीव्रता में कमी आएगी और जिले में चल रही हीटवेव जैसी परिस्थितियों से राहत मिल सकती है। फिलहाल लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
रायबरेली में सड़क हादसे में युवक की मौत:सब्जी खरीदकर लौट रहा था, अज्ञात वाहन की तलाश जारी
रायबरेली के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा महाबीर मोड़ के पास हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, लोधवामऊ गांव निवासी सुमेर कुमार (24) देर शाम थुलवासा बाजार सब्जी खरीदने गया था। बाजार से वापस घर लौटते समय पहाड़पुर गांव जाने वाले मार्ग पर स्थित महाबीर मोड़ के पास किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुमेर गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे जा गिरा। रात करीब नौ बजे राहगीरों की नजर घायल युवक पर पड़ी। सूचना के बाद उसे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां मौजूद चिकित्सक डॉ. एस.के. भरद्वाज ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार युवक की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।
नर्मदापुरम में शराब दुकान हटाने के खिलाफ जारी धरना:नए ठेके में अगले साल गांव से बाहर से होगी शराब
नर्मदापुरम के माखननगर के ग्राम गनेरा में शराब दुकान हटाने के खिलाफ 19 मई से जारी धरना, आमरण अनशन शुक्रवार रात 9.30 बजे को खत्म हुआ। आंदोलनकारियों की मांगों को देखते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने संवेदनशील मामले को प्राथमिकता से लेकर सुलझाया। प्रशासन ने ग्रामीणों और शराब दुकान ठेकेदार के मध्य सेतु की भूमिका निभाते हुए समन्वय स्थापित किया। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए शराब दुकान को गांव से बाहर करने का आश्वासन दिया। अगले साल नए ठेके के साथ शराब दुकान बाहर हो जाएगी। एसडीएम जय सोलंकी, नायब तहसीलदार माखन नगर श्रद्धा गोस्वामी ने स्वयं धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलनकारियों से संवाद। दुकान बाहर करने का आश्वासन दिया। जिससे आंदोलनकारी राजी हुए। फिर एसडीएम ने सरपंच कृष्णकुमार झा को जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त करवाया। 19 मई से जारी था धरना, दो दिन से आमरण अनशन गनेरा में स्थित कम्पोजिट शराब दुकान हटाए जाने की मांग को लेकर ग्राम सरपंच कृष्णकुमार झा के नेतृत्व में 19 मई 2026 से ग्रामीण आंदोलन हो रहा था। जन आंदोलन के दौरान चक्काजाम एवं आमरण अनशन भी किया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव का वातावरण निर्मित हो गया था।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के जगदगुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ दिए बयान को लेकर सियासी और धार्मिक माहौल गरमा गया है। हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देवकीनंदन चौक पर चरणदास महंत का पुतला दहन कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, सूरजपुर में आयोजित संत रामभद्राचार्य की कथा को लेकर चरणदास महंत ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान हिंदू सेना के पदाधिकारियों ने कांग्रेस पर संतों और बाबाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि, हिंदुओं के वोट से चुनाव जीतते हैं और हमारे ही धर्म गुरुओं और धार्मिक संतों का अपमान करते हैं। ऐसे बिगड़ैल नेता केवल सनातन धर्म के संतों को टारगेट करते हैं। लेकिन, दूसरे धर्मों के लोगों पर बयान देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कांग्रेस हो या भाजपा किसी भी पार्टी के नेता को हिंदू समाज और सनातनी संतों का अपमान करेंगे वो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिलासपुर में घूसने नहीं देने की चेतावनी हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर ने कहा कि, चरणदास महंत को रामभद्राचार्य से माफी मांगे। यदि चरणदास महंत बिलासपुर आते हैं, तो उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा और शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हिंदू समाज संतों के अपमान को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और विरोध आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। महंत ने कहा था-रामभद्राचार्य को मैं जगदगुरु नहीं मानता चरणदास महंत ने सनातन धर्म के अनुयायी रामभद्राचार्य पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य को ‘जगद्गुरु’ नहीं मानते और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित कई अन्य बाबा महज फर्जी हैं, जो लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। महंत के इस तीखे और आक्रामक रुख के सामने आने के बाद सनातन धर्म के अपमान को लेकर तीखी बहस और विवाद छिड़ गई है।
रायसेन के कई वार्डों में बिजली कटौती:मेंटेनेंस और सड़क निर्माण के चलते 2 घंटे नहीं रहेगी लाइट
रायसेन शहर में आज 30 मई को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत लाइनों के रखरखाव और बाईपास पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण विभिन्न फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित समय तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के चलते जेल फीडर, ताजपुर फीडर, गोपालपुर फीडर, कलेक्ट्रेट फीडर और दरगाह फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इससे शहर के वार्ड क्रमांक 6, 7, 8, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17 और 18 प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, बाईपास पर सड़क निर्माण कार्य के कारण वार्ड क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाले गोपालपुर, शीतल सिटी, गोल्डन सिटी, शीतल गार्डन और महामाया चौक क्षेत्र में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय में आवश्यक तकनीकी कार्य किए जाएंगे ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके। विभाग ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए नागरिकों से सहयोग और अपने दैनिक कार्यों की पूर्व तैयारी करने का अनुरोध किया है।
मेरठ कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में मरीजों को जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलने लगेंगी। छावनी परिषद द्वारा संचालित अस्पताल में 1 जून से नाक, कान एवं गला (ईएनटी), चर्म रोग, स्त्री रोग और बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी शुरू की जाएगी। इस प्रस्ताव पर शनिवार को होने वाली छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में अंतिम मंजूरी दी जाएगी। कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में काफी समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई थी। वर्तमान में अस्पताल में स्थायी रूप से सर्जन डॉ. असीम रस्तोगी और फिजिशियन डॉ. आराधना पाठक सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा संविदा के आधार पर डेंटल सर्जन डॉ. वेदांत कंसल और होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. सुनीता गुजराल मरीजों का उपचार कर रहे हैं। IMA के सहयोग से होगी नियुक्ति विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए छावनी परिषद ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इस संबंध में छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन और आईएमए पदाधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं, जिसके बाद यह योजना तैयार की गई। सप्ताह में तीन दिन मिलेगी विशेषज्ञों की सेवा छावनी परिषद के प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर ने बताया कि 1 जून से विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में ओपीडी सेवाएं देना शुरू कर देंगे। शुरुआती चरण में ये डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन मरीजों को देखेंगे। यदि मरीजों की संख्या और मांग बढ़ती है तो ओपीडी के दिनों और समय में भी बढ़ोतरी की जा सकती है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी शुरू होने से कैंट क्षेत्र और आसपास के लोगों को काफी राहत मिलेगी। अब सामान्य बीमारियों के अलावा ईएनटी, स्त्री रोग, चर्म रोग और बच्चों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सागर में प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार देर शाम राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने पगारा और भैंसा इलाके में दबिश दी। यहां नियम विरुद्ध काटी जा रही कॉलोनियों में जेसीबी (बुलडोजर) चलाकर पक्के निर्माण और बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची। यहां एएनए (ANA) बिल्डर द्वारा खसरा नंबर 138 पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। टीम ने बिल्डर के पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के इस प्रोजेक्ट पर एक्शन लेते हुए मौके पर मौजूद अवैध निर्माण को जेसीबी से ढहा दिया। पगारा में भी चला जेसीबी, निर्माण पर लगाई रोकभैंसा के बाद प्रशासन की टीम ने ग्राम पगारा में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां खसरा नंबर 831 में लाल जैन द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर भी बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनियों की बाउंड्रीवॉल को पूरी तरह तोड़ दिया गया। प्रशासन ने इन जमीनों पर आगे किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ये अधिकारी रहे मौजूदइस पूरी कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (SDM राजस्व) अमन मिश्रा, तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाने का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
रतलाम की माणकचौक थाना पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक वाहन चुराने वाला मुख्य आरोपी है, जबकि दूसरा चोरी की बाइक खरीदने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चुराई गई गाड़ी भी बरामद कर ली है। वहीं, इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। माणकचौक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान ने बताया कि नाहरपुरा क्षेत्र निवासी कुलदीप सिंह (पिता मदनसिंह राठौर) ने 27 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि कोई अज्ञात बदमाश उनकी बाइक (MP 43 EC 5379) चुरा ले गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और शहर के संभावित इलाकों में संदिग्धों व वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी। तकनीकी विश्लेषण और साइबर सेल से मिला सुरागजांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर सेल की मदद और मुखबिरों से मिली पक्की सूचना के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। इसके बाद संदेह के आधार पर मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने नाहरपुरा से बाइक चोरी करना कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गई गाड़ी बरामद कर ली। साथ ही, उस व्यक्ति को भी दबोच लिया जिसने यह चोरी की बाइक खरीदी थी। गिरफ्तार और फरार आरोपियों की जानकारीपुलिस ने इस मामले में चोरी करने वाले मुख्य आरोपी इमरान उर्फ गोलू (27 वर्ष, पिता युनुस उर्फ सड्डू पठान, निवासी मस्जिद वाली गली, मोहन नगर) और खरीददार इमरान उर्फ अरमान (24 वर्ष, पिता मोहम्मद अफसर अब्बासी, निवासी काजीपुरा, रतलाम) को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस वारदात में शामिल एक अन्य साथी मोईन (पिता रफीक पठान, निवासी नूरी नगर, रतलाम) अभी फरार है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख 15 हजार रुपए की ठगी गिरोह में शामिल 7 साल से फरार एक आरोपी को रतलाम पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। ठगी के मामले में दो आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके है। एक आरोपी कंपनी संचालक नितिश भारद्वाज अब फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्रसिंह जादौन ने बताया उज्जैन निवासी हिमांशु प्रजापति के साथ वर्ष 2018 में धोखाधड़ी हुई थी। हिमांशु ने शिकायत कर बताया था कि वह मर्चेंट नेवी की परीक्षा देने दिल्ली जा रहा था। ट्रेन में उसकी मुलाकात सुरेंद्र जाट नामक युवक से हुई। उसने (सुरेंद्र) ने खुद को मर्चेंट नेवी से जुड़ा बताकर कम रुपयों में नौकरी दिलाने के साथ परीक्षा में पास करवाने का झांसा दिया। कुछ दिनों बाद हिमांशु को एम्सवे शिप मैनेजमेंट सर्विस की ओर से परीक्षा पास होने का लेटर मिला। सुरेंद्र ने हिमांशु को बताया कि कंपनी के जरिए ट्रेनिंग और प्लेसमेंट में ज्यादा खर्च आएगा। उसका साथी महेश पाटीदार कम रुपए में विदेश में नौकरी लगवा देगा। रतलाम के ऑफिस पहुंचा सुरेंद्र के कहने पर हिमांशु 20 अगस्त 2018 को रतलाम में स्टेशन रोड स्थित कॉर्पोरेशन बैंक के ऊपर बने महेश पाटीदार के ऑफिस पहुंचा। यहां उसने ट्रेनिंग और नौकरी के नाम पर पहले 50 हजार रुपए दिए। बाद में महेश पाटीदार और सुरेंद्र जाट ने अलग-अलग बैंक खातों में उससे कुल 1 लाख 65 हजार रुपए ऑनलाइन जमा करवाए। आरोपियों ने विदेश में मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर हिमांशु से कुल 2 लाख 15 हजार रुपए ठग लिए। गोवा व हिमाचल प्रदेश के बैंक खातों में जमा हुई राशि शिकायत पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने सुरेंद्र जाट और महेश पाटीदार के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम मडगांव (गोवा) निवासी नीतिश भारद्वाज और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ग्राम कड़ोवा निवासी नमन शर्मा के खातों में जमा हुई थी। इसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। साइबर ट्रैकिंग से पकड़ाया आरोपी लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के रतलाम एसप अमित कुमार ने जिले के थानों में विशेष एसआईटी गठित की है। इसी के तहत स्टेशन रोड थाने की एसआईटी के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया ने साइबर सेल की मदद से आरोपी नमन शर्मा के नए मोबाइल नंबर ट्रेस किए। लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने हिमाचल प्रदेश के अम्ब जिला ऊना से नमन शर्मा (29) को गिरफ्तार कर रतलाम लाई। शुक्रवार शाम कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया। कंसल्टेंसी का कर रहा था काम थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश में कंसल्टेंसी कंपनी चलाकर ऑफिस संचालित कर रहा था। जांच में यह सामने आया है कि जिस कंपनी के जरिए मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने का दावा किया था, उसका संचालन नितिश भारद्वाज (35) करता था। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।
गुना जिले में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक मौसम ने करवट ली। रात 11 बजे तेज आंधी चली और फिर करीब 12:30 बजे बिजली व गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से नौतपा की भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। तापमान में एकदम गिरावट आने से मौसम ठंडा हो गया है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे पूरे जिले में अचानक तेज आंधी का दौर शुरू हुआ। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई इलाकों में पेड़ गिर गए। शहर के एक मैरिज गार्डन में शादी के लिए लगा टेंट हवा में उखड़कर जमीन पर आ गिरा और कुर्सियां बिखर गईं। इसके अलावा, कुछ इलाकों में घरों के टीन शेड उड़ने की भी सूचनाएं मिली हैं। रात 12:30 बजे से शुरू हुई तेज बारिशआंधी के बाद रात लगभग 12:30 बजे तेज हवा, बिजली और गरज-चमक के साथ जिलेभर में तेज बारिश शुरू हुई, जो काफी देर तक जारी रही। मौसम विभाग ने पहले ही 30 मई से इलाके में आंधी और बारिश की आशंका जताई थी, जो शुक्रवार रात सच साबित हुई। नौतपा के चौथे दिन 44 से 41.3 डिग्री पर पहुंचा पाराबता दें कि जिले में नौतपा के शुरुआती तीन दिन काफी गर्म रहे थे। इन तीन दिनों तक अधिकतम तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा था। हालांकि, चौथे दिन (शुक्रवार को) अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और यह 41.3 डिग्री पर आ गया। रात में हुई तेज बारिश और आंधी के बाद तापमान में और कमी आई है। तस्वीरों में देखिए मौसम...
सागर में बाइक चोरी का खुलासा:CCTV फुटेज से पकड़ाया आरोपी, रात में घर के बाहर से चुराई थी गाड़ी
सागर जिले की मोतीनगर थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की और उसके कब्जे से चुराई गई बाइक बरामद कर ली है। फिलहाल थाने में उससे अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सिंधी कैंप (संत कंवर राम वार्ड, विशाल मेडिकल के आगे) निवासी महेश कुमार आडवाणी ने 28 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 24 मई की रात उन्होंने अपनी बाइक (MP 15 MH 0655) घर के बाहर खड़ी की थी। रात में कोई अज्ञात बदमाश उसे चुरा ले गया। सुबह उठने पर जब गाड़ी अपनी जगह पर नहीं मिली, तो उन्होंने थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। CCTV में दिखा संदिग्ध, पुलिस ने दबोचाशिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बाइक की तलाश के लिए टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एक फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। छानबीन करते हुए पुलिस ने पगारा रोड (सुभाष नगर) निवासी 30 वर्षीय रीतेश (पिता हुकुमचंद जाटव) को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर की गई पूछताछ में उसने बाइक चोरी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी रीतेश के कब्जे से चोरी की गई बाइक जब्त कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या वह वाहन चोरी की अन्य वारदातों में भी शामिल रहा है।
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत उत्खनन के मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि हालिया जांच में नए या ताजा खनन के कोई सबूत नहीं मिले हैं। सरकार ने कहा कि हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में जिन गड्ढों का जिक्र किया गया था, वे पुराने खनन के कारण बने थे और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद वहां नया उत्खनन नहीं हुआ। सरकार ने यह भी बताया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 44 वाहन जब्त किए गए हैं और 8 वाहनों को राजसात किया जा चुका है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को होगी। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार 29 मई को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई की। 26 मई को दिए गए निर्देशों के बाद मध्यप्रदेश सरकार की ओर से ग्वालियर सर्किल के वन संरक्षक ने शपथपत्र दाखिल किया। इसमें बताया गया कि समाचार रिपोर्ट में जिन स्थानों का उल्लेख था, वहां निरीक्षण कराया गया। जांच में नए खनन के कोई संकेत नहीं मिले। ड्रोन तस्वीरों का दिया हवालासरकार ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह से ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित स्थानों पर कोर्ट के निर्देशों के बाद कोई नया उत्खनन नहीं हुआ। हलफनामे में कहा गया कि जिन ट्रैक्टरों में रेत परिवहन होती दिखाई दी, वह संभवतः व्यापारियों के रेत डंप में पहले से संग्रहित सामग्री थी। हालांकि सरकार ने ऐसे व्यापारियों के खिलाफ अवैध भंडारण और परिवहन को लेकर कार्रवाई प्रस्तावित होने की जानकारी भी कोर्ट को दी। 12 गिरफ्तार, 44 वाहन जब्त, सख्त निगरानी का भरोसा दियामध्यप्रदेश सरकार ने बताया कि बिना पंजीकरण वाले वाहनों और अवैध खनन से जुड़े मामलों में कई एफआईआर और प्रारंभिक अपराध प्रतिवेदन दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 44 वाहन जब्त किए गए हैं, जबकि 8 वाहनों को राजसात किया जा चुका है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि चंबल अभयारण्य क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आगे किसी भी प्रकार का अवैध रेत उत्खनन नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि निगरानी और पर्यवेक्षण से जुड़े जरूरी कदम तेजी से पूरे किए जाएंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा थासुप्रीम कोर्ट ने 26 मई को हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोर्ट के पूर्व निर्देशों के बावजूद चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी है। इससे पहले कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में कहा था कि चंबल में अवैध खनन संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है। अदालत ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के संचालन, वन विभाग में खाली पदों, निगरानी की कमी और पर्यावरणीय नुकसान पर गंभीर चिंता जताई थी। राज्यों को CCTV निगरानी बढ़ाने, अवैध खनन में शामिल वाहनों की जब्ती, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और हर दो महीने में प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। अगली सुनवाई 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 22 जुलाई 2026 के लिए सूचीबद्ध किया है। तब तक मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सरकारों के साथ केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) को भी ताजा तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र के बगथला गांव के अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेटर जुबेर खान श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे। खैरथल रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रवासियों ने स्वागत किया। कोलंबो में हुई थी सीरीज जुबेर ने बताया - 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज आयोजित हुई। जुबेर ने ऑलराउंडर के रूप में भारतीय टीम में जगह बनाई। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन किया था। राजस्थान से 4 खिलाड़ी चुने गए, जिनमें अलवर जिले के 2 खिलाड़ी शामिल रहे। 25 मई को चेन्नई में टीम एकत्रित हुई, फिर श्रीलंका रवाना हुई। डीजे काफिले के साथ निकला जुलूस स्टेशन से डीजे और वाहनों के काफिले के साथ भव्य जुलूस निकला। यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नई अनाज मंडी स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पहुंचा। किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया ने साफा-माला पहनाकर सम्मान किया और मिठाई बांटी। प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, कांग्रेस प्रदेश महासचिव अजीत यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे। छत पर नेट लगाकर की थी प्रैक्टिस जुबेर ने बताया कि बचपन में दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें साथ खेलने का मौका नहीं देते थे। वे घंटों दूसरों को खेलते देखते रहते थे। भारत-पाकिस्तान मैच देखकर देश के लिए खेलने का सपना जगा। उन्होंने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर अभ्यास शुरू किया।
शुक्रवार रात आरोन इलाके के भादौर गांव में प्रशासन की रात्रि चौपाल लगाई गई। चौपाल में पहुंचे कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के चेहरे पर मुस्कान देख एक ग्रामीण ने कहा, साहब आप जबसे आए हैं, तब से ही मुस्कुरा रहे हैं, हमें बहुत अच्छा लगा। इस दौरान कलेक्टर ने किसानों और युवाओं से सीधा संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती, स्वरोजगार, आधुनिक तकनीक और गांव के समग्र विकास पर जोर दिया। कलेक्टर ने चर्चा के दौरान एक ग्रामीण के सुझाव 'खेत पर मेड़ और मेड़ पर पेड़' की सराहना की। उन्होंने किसानों से अपने खेतों की मेड़ों पर नीम और बरगद जैसे उपयोगी पेड़ लगाने को कहा। इससे पर्यावरण संरक्षण तो होगा ही, साथ ही कृषि को भी लंबे समय तक फायदा मिलेगा। रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाएंकिसानों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यूरिया और रासायनिक खादों के ज्यादा इस्तेमाल से भले ही उत्पादन बढ़ता दिखे, लेकिन इसके गंभीर दुष्परिणाम स्वास्थ्य और मिट्टी पर पड़ रहे हैं। उन्होंने बीमारियों से बचने के लिए प्राकृतिक खेती और हॉर्टिकल्चर (बागवानी) आधारित कृषि अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, खेती के सफल मॉडलों की जानकारी देकर किसानों को नई दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। रोजगार और स्वास्थ्य योजनाओं की मिली जानकारीचौपाल में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सरकारी योजनाओं और कौशल विकास विभाग ने युवाओं को आईटीआई (ITI) कोर्स व स्वरोजगार के अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सफल मॉडलों के बारे में बताकर प्रेरित किया गया। अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देशरात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याएं और सुझाव भी साझा किए। इन्हें सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई और समस्याओं के तुरंत निराकरण के सख्त निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में एसडीएम महिमा चौधरी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान, युवा व ग्रामीण मौजूद रहे।
गुना जिले में गोकशी और अवैध गतिविधियों में शामिल आदतन अपराधी इरशाद खान पर प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA/रासुका) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एसपी हितिका वासल की रिपोर्ट पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने तीन महीने का निरोधादेश (डिटेंशन ऑर्डर) जारी किया। आदेश के बाद कैंट पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर तत्काल ग्वालियर सेंट्रल जेल भेज दिया है। कैंट पुलिस के अनुसार, मूल रूप से छबड़ा (राजस्थान) और वर्तमान में गुना के हड्डीमील निवासी इरशाद खान (पिता इस्माईल खान) गोकशी के कई मामलों में शामिल रहा है। बुधवार को ही उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम (अपराध क्रमांक 391/26, धारा 11(2), 13) और मप्र गौवंश प्रतिषेध अधिनियम (अपराध क्रमांक 394/26, धारा 5 व 9) के तहत मामले दर्ज किए गए थे। इससे पहले 6 मार्च को कैंट थाना क्षेत्र में एक गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने की गंभीर घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने धारा 325 (BNS) के तहत केस दर्ज कर इरशाद और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। राजस्थान में दर्ज हैं रेप और चोरी के 9 मामलेपुलिस जांच में सामने आया कि इरशाद खान गंभीर प्रवृत्ति का आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ अकेले राजस्थान के छबड़ा थाने में चोरी, बलात्कार और जुआ जैसे गंभीर अपराधों के 9 मामले दर्ज हैं। गुना के मामलों को मिलाकर उस पर अब तक कुल 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। एसपी की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने लिया 3 महीने का एक्शनआरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी हितिका वासल ने 27 मई को रासुका (NSA) का प्रकरण तैयार कर जिला दंडाधिकारी को भेजा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने धारा 3 के तहत 3 माह का निरोधादेश जारी किया, जिसके बाद आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में एएसपी मानसिंह ठाकुर और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के मार्गदर्शन में कैंट टीआई अनूप कुमार भार्गव, एसआई राहुल शर्मा, ज्योति राजपूत, प्रधान आरक्षक अमित तिवारी, लक्ष्मीनारायण यादव, मनोज कलावत, आरक्षक देवेन्द्र रघुवंशी, धर्मेन्द्र रघुवंशी, राजू बघेल, सूर्यभान जाट, शुभम रघुवंशी, कुलदीप घुरैया, गौरव देवलिया और सचिन शर्मा की अहम भूमिका रही।
कानपुर 14 साल की लड़की से गैंगरेप केस में पुलिस को जांच के दौरान 5 ऐसे बड़े सबूत मिले, जिसने आरोपी दरोगा और उसके यूट्यूबर साथी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। दरोगा भले ही खाकी की जांच करने के तौर–तरीकों से वाकिफ था, लेकिन हवस ने उसे अंधा बना दिया। उसने देर रात सूनसान सड़क पर अकेली लड़की को देख कर अगवा कर लिया और दोस्त के साथ मिलकर दरिंदगी की। दरोगा पर जब गैंगरेप के आरोप लगे तो पुलिस भी मुकदमा दर्ज करने से पीछे हटी। मामला पेशबंदी का लग रहा था, लेकिन अफसरों ने जब जांच शुरू की तो दरोगा के खिलाफ एक के बाद एक सबूत मिलते गए। उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिसके बाद वह फरार हो गया। आखिर में 50 हजार के इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्य को पुलिस ने 144 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया। अब जानिए 5 ऐसे सबूत जिससे दरोगा सलाखों तक पहुंचा… 1- दरोगा और यूट्यूबर की मोबाइल लोकेशन गैंगरेप वाली जगह मिली गैंगरेप के बाद लड़की जब अपने भाई के साथ चौकी पहुंची तो उसे अगले दिन आने को कहा गया। सुबह पीड़ित लड़की ने जब चौकी में बैठे आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या और यूट्यूबर शिवबरन पर गैंगरेप का आरोप लगाया तो उसे भगा दिया गया। मामला हाईलाइट होने पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने तत्कालीन एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह को जांच करने के लिए मौके पर भेजा था। उन्होंने जांच शुरू कर पीड़िता के बयान लिए और फिर घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस जांच में पीड़ित के बताए गए समय और जगह पर दरोगा और यूट्यूबर के मोबाइल की लोकेशन पुलिस को मिल गई, जो काफी देर तक एक जगह पर पाई गई। फिर कुछ देर बाद दरोगा और यूट्यूबर की लोकेशन अलग–अलग हो गई। इसके बाद अधिकारियों को शक पुख्ता होने लगा। 2- CCTV फुटेज में तीन बार दिखा स्कॉर्पियो का मूवमेंट सचेंडी रेलवे ट्रैक के पास एक भवन निर्माण सामग्री की दुकान थी। यहां सीसीटीवी फुटेज भी मिले। जिसने पुलिस की इनवेस्टिगेशन में अहम रोल साबित किया। मामले की जांच कर रहे IPS कपिल देव सिंह ने दुकान में लगे CCTV कैमरे की फुटेज खंगाली, जिसमें दरोगा की स्कॉर्पियो दिखी। करीब एक घंटे की फुटेज में दरोगा की ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो तीन बार मूवमेंट करते दिखी। इसके बाद शिवबरन अपाचे बाइक से जाते हुए और दरोगा अकेले कार से जाते हुए कैद हो गया। इन सब सबूतों से पुलिस का रुख और स्पष्ट होता चला गया। 3- दरोगा और यूट्यूबर के बीच 25 मिनट हुई थी बातचीत CCTV फुटेज और आरोपियों की घटनास्थल पर लोकेशन मिलने के बाद IPS कपिल देव सिंह ने यूट्यूबर शिवबरन और दरोगा अमित कुमार मौर्या की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली। इसके बाद सारे शक दूर हो गए। दरोगा और यूट्यूबर के बीच 5 जनवरी की रात 3 बार तकबरीन 25 मिनट बात हुई थी। गिरफ्तारी के बाद शिवबरन यादव ने बताया था कि सचेंडी में तेल चोरी के मामले के खुलासे के लिए दरोगा अमित कुमार मौर्या ने उसे भीमसेन जंक्शन के आरपीएफ थाना प्रभारी अजय कुमार मीणा से मिलवाने की बात कहकर बुलाया था। जिस पर वह बाइक से दरोगा के कहने पर पहुंचा, इसके बाद करीब 40 मिनट तक दरोगा, आरपीएफ इंस्पेक्टर और अमित कुमार मौर्या के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान शिवबरन को शक हुआ कि RPF इंस्पेक्टर रिकॉर्डिंग कर रहो, जिस पर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने पर्सनल कॉल करने की बात कही थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर के जाने के बाद दरोगा और यूट्यूबर के बीच दो बार बात हुई थी। 4- 50 गाड़ियों के बीच पीड़िता ने पहचानी स्कॉर्पियो शिवबरन की गिरफ्तारी के बाद दरोगा अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया था, पुलिस ने उसकी स्कॉर्पियो जब्त कर ली थी। पुलिस ने पीड़िता को स्कॉर्पियो पहचानने के लिए बुलाया, जहां दरोगा की स्कॉर्पियो को करीब 50 चार पहिया वाहनों के बीच खड़ा किया गया था। इन वाहनों में कई गाड़ियां ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो भी थीं। पीड़िता ने स्कॉर्पियो की सीट पर कवर्ड पॉलीथिन और कार के पिछले हिस्से में लगे तिब्बति झंडे से स्कॉर्पियो की पहचान की थी और बताया कि इसी पिछली सीट पर उसके साथ 40 मिनट तक हैवानियत की गई। 5- मेडिकल जांच में दरिंदगी आई थी सामने पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई, जिसमें रेप की पुष्टि हुई थी। जांच में पीड़िता के शरीर में चोट और खरोंच के कई निशान मिले थे, जो लड़की के साथ हुई दरिंदगी की दास्ता बयां कर रह थे। पुलिस ने गैंगरेप की पुष्टि के लिए एविडेंस लैब भेजे गए थे, हालांकि अब तक परीक्षण रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। आरोपी दरोगा के खिलाफ 500 पेज की चार्जशीट दाखिल हुई थी पुलिस ने आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्य के खिलाफ करीब दो महीने पहले 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसके अलावा गोरखपुर स्थित उसके घर पर डुगडुगी पिटवाकर नोटिस भी चस्पा कराया गया था। इसमें आरोपी को 30 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। 10 पॉइंट में जानें पूरा मामला .…................... इसी केस से जुड़ी एक और खबर पढ़िए… हर कदम पर पुलिस ने पीड़िता नहीं, दरोगा का साथ दिया; कानपुर पुलिस की लापरवाही पर रिपोर्ट… 5 जनवरी की रात को गैंगरेप होने के बाद पीड़िता और उसका भाई 6 जनवरी की सुबह भीमसेन चौकी पर पहुंचे। दरोगा अमित कुमार और यूट्यूबर शिवबरन के खिलाफ शिकायत सौंपी। मगर दरोगा सुभाष चंद इन लोगों को भगा देते हैं, लिखित शिकायत देने के बाद भी FIR नहीं लिखी जाती है। पीड़िता पुलिस कमिश्नर से मिलती है, इसके बाद थाने में FIR तो लिखी गई, मगर अज्ञात में। मामले की जांच ADCP (वेस्ट) कपिल देव सिंह को दी गई। वो खुद गैंगरेप के स्पॉट पर गए। सर्विलांस की मदद से सामने आया कि जिस दरोगा अमित कुमार को आरोपी बताया जा रहा है, वो इस स्पॉट पर 5 जनवरी की रात को करीब 20 मिनट तक मौजूद था। पढ़ें पूरी खबर…
देश की आजादी, क्रांतिकारी आंदोलन और हिंदी पत्रकारिता में अमिट योगदान देने वाले महान पत्रकार, समाजसेवी और स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न देने की मांग अब लोकसभा तक पहुंच गई है। कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने संसद में विद्यार्थी जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने और कानपुर स्थित ऐतिहासिक प्रताप प्रेस को पत्रकारिता संग्रहालय व डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह मांग चर्चा का विषय बन गई है। ‘प्रताप’ से क्रांति की आवाज बुलंद कीगणेश शंकर विद्यार्थी ने 9 नवंबर 1913 को साप्ताहिक पत्र ‘प्रताप’ की शुरुआत की थी। यह सिर्फ अखबार नहीं, बल्कि आजादी की लड़ाई और क्रांतिकारी विचारों का मंच बन गया था। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि विद्यार्थी जी सिर्फ पत्रकार नहीं थे, बल्कि समाज में सौहार्द और एकता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भी उनका विशेष सम्मान करते थे और उनकी शहादत को अद्वितीय मानते थे। सांसद ने लोकसभा में कहा कि कानपुर की पहचान सिर्फ औद्योगिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि गणेश शंकर विद्यार्थी जैसी महान विभूतियों के कारण भी है। उन्होंने प्रताप प्रेस की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थान आज खंडहर में बदल चुका है, जबकि यहां कभी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने काम किया था। ‘विद्यार्थी जी पहले क्रांतिकारी थे, फिर पत्रकार’विद्यार्थी जी के नाती शैलेन्द्र विद्यार्थी ने कहा कि भारत रत्न की मांग बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। उन्होंने सांसद रमेश अवस्थी के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी को सिर्फ पत्रकार कहना उनके योगदान को सीमित करना होगा। “असल में वह सबसे पहले क्रांतिकारी थे। उन्होंने ‘प्रताप’ इसलिए शुरू किया था ताकि क्रांतिकारियों की आवाज जनता तक पहुंच सके।” उन्होंने बताया कि भगत सिंह करीब दो वर्षों तक प्रताप प्रेस में रहे और विद्यार्थी जी प्रेस की कमाई भी क्रांतिकारी गतिविधियों में लगाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी से पहले कांग्रेस किसी राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक आंदोलन का नाम थी, इसलिए विद्यार्थी जी को किसी दल की सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवियों ने भी किया समर्थनवरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा ने कहा कि यह मांग पहले ही उठ जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसद द्वारा कांग्रेस के पहले प्रांतीय अध्यक्ष रहे गणेश शंकर विद्यार्थी के सम्मान की मांग करना बड़ी बात है। वहीं गांधी शांति प्रतिष्ठान के संयोजक सुरेश गुप्ता ने भी इसे सराहनीय पहल बताया। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भारत रत्न, प्रतिमा स्थापना और प्रताप प्रेस के संरक्षण की मांग की है। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने देश, समाज और पत्रकारिता के लिए कितना बड़ा योगदान दिया।
मेरठ के गंगा एक्सप्रेसवे पर लग्जरी गाड़ियों से स्टंटबाजी और उत्पात मचाने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने दो और वाहनों को सीज कर दिया है, जिससे सीज गाड़ियों की संख्या भी छह हो गई है। युवकों ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब आधे घंटे तक खतरनाक स्टंट किए। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के लिए रील भी बनाई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने थार, स्कॉर्पियो और अन्य महंगी गाड़ियों से एक्सप्रेसवे पर गोल-गोल वाहन घुमाकर स्टंट किए। इस दौरान यातायात सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई। आरोप है कि युवकों ने टोल बैरियर भी तोड़ दिया था। टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाया गया और डिवाइडर तोड़कर गाड़ियां चलाई गईं। बीच सड़क गाड़ियों को आधा घंटे तक गोल-गोल घुमाते हुए रील बनाई और स्टंटबाजी करते रहे। खरखौदा थाना पुलिस इस मामले में पहले ही 4 आरोपियों को अरेस्ट कर चुकी है। अब 2 आरोपियों को और पुलिस ने धरा है। साथ ही इनसे 2 गाड़ियां भी सीज की हैं। अब तक कुल 6 अरेस्टिंग और 6 गाड़ियां सीज हो चुकी हैं। ये आरोपी हुए हैं अरेस्ट 1.तानिष्क पुत्र सुन्दर भडाना निवासी जुर्रानपुर थाना लोहियानगर, मेरठ।2.हर्ष पुत्र बिजेन्द्र सिंह निवासी भोपाल बिहार गढ रोड थाना भावनपुर, मेरठ।3.युवराज पुत्र धीरेन्द्र पाल निवासी चंदपा थाना खरखोदा, मेरठ।4.विक्रान्त पुत्र सुन्दर निवासी धनौटा थाना खरखोदा, मेरठ। दिनांक 29-05-2026 को गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम पता-5-अर्पित पुत्र यादवेंद्र सिंह चौहान निवासी 310/5 नेहरू नगर गढ़ रोड मेरठ6-सौरभ शर्मा पुत्र संजय शर्मा निवासी मकान नंबर 17 कैलाशपुरी मेरठ इन गाड़ियों को पुलिस ने किया सीज 1.महिन्द्रा स्कॉर्पियो सफेद नम्बर- UP15 EC 1616.2.महिन्द्रा थार ब्लैक नम्बर- UP15 EX 3358.3.हुंडई वर्ना लाल नम्बर- DL 05 CP 2052.4.महिन्द्रा स्कॉर्पियो ब्लैक नम्बर- UP15 FF 1515.5.फॉर्च्यूनर व्हाइट कलर UP15ER0008. 6.स्कॉर्पियो ब्लैक कलर UP15EQ9354. 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला वीडियो मेरठ के रहने वाले चौधरी रूपक गुर्जर के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किए गए हैं। इसमें स्टंट करने वाली गाड़ियां नजर आ रही हैं। युवकों ने पहले एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों को गोल-गोल घुमाया। बाद में खड़खड़ी टोल प्लाजा से कुछ आगे जाकर यू-टर्न लिया। इस दौरान गाड़ियों से करीब आधे घंटे तक स्टंट किए गए और सोशल मीडिया के लिए रील भी बनाई गईं। टोल मांगने पर बैरियर तोड़कर भागे इसके बाद जब ये गाड़ियां वापस टोल प्लाजा पर पहुंचीं, वहां कर्मचारियों ने नियमानुसार टोल की मांग की। इस पर कार सवार युवकों ने बैरियर को तोड़ दिया। फिर बिना टोल दिए जबरन निकल गए। सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल युवकों की इस हरकत ने एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे को अत्याधुनिक तकनीक से लैस बताया जाता है। लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया कि सुरक्षा को लेकर अभी भी पुख्ता इंतजामों की कमी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हर किलोमीटर पर लगे कैमरे इन घटनाओं को रोकने में सक्षम हैं? या सिर्फ रिकॉर्डिंग तक ही सीमित हैं? वहीं, टोल प्लाजा मैनेजमेंट ने थाने में स्टंट करने, रील बनाने और टोल का बैरियर तोड़कर जबरन निकलने को लेकर शिकायत दी है। सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि कैमरों की फुटेज देखकर कार और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आसपास के गांवों में मिला मोटा मुआवजा गंगा एक्सप्रेस-वे में बिजौली गांव के लोगों की सबसे ज्यादा जमीनें गई हैं। जिसका उन्हें तगड़ा मुआवजा मिला है। करीब 830 करोड़ की मुआवजे की रकम उनके क्षेत्र में मिली है। इस रकम के आने के बाद से गांवों में रहने वाले परिवारों की काया पलट गई है। गांवों में डिफेंडर, स्कॉर्पियो और थार जैसी महंगी गाड़ियां आ चुकी हैं। मकानों में भी लिफ्ट लग चुकी है। अचानक बदले आर्थिक हालातों के चलते युवा स्टंटिंग और फिल्मी स्टाइल में रहने का शौक पूरा कर रहे हैं। दरअसल, गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ के खरखौदा के बिजौली गांव से शुरू होता है। एंट्री पॉइंट से खड़खड़ी टोल दो से ढाई किमी की दूरी पर है, जहां ये पूरा वाकया हुआ।
बिजनौर में डॉक्टर का पैसे लेते VIDEO:डीएम ने जांच टीम बनाई, क्वेक्स नोडल पद से हटाए गए
बिजनौर में क्वेक्स के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद देशवाल का पैसे लेते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की एक संयुक्त टीम गठित की है। इस बीच, सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डॉ. प्रमोद देशवाल का तबादला कर दिया है और उन्हें क्वेक्स के नोडल पद से हटा दिया है। वायरल वीडियो में डॉ. देशवाल एक युवक से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। चर्चा है कि यह पैसे एक झोलाछाप डॉक्टर से लिए गए थे। यह वीडियो दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। डॉ. प्रमोद देशवाल बिजनौर के नजीबाबाद स्थित समीपुर अस्पताल में तैनात थे और क्वेक्स के प्रभारी भी थे। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए थे। डॉ. प्रमोद देशवाल समीपुर सीएचसी पर चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात थे। सीएमओ ने उनका तबादला सीएचसी समीपुर से सीएचसी अफजलगढ़ में चिकित्सा अधिकारी के पद पर कर दिया है। अब वह केवल मरीजों का इलाज करेंगे और अफजलगढ़ सीएचसी में कोई प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें ब्लॉक नजीबाबाद और शेरकोट के क्वेक्स अधिकारी के कार्यभार से भी हटा दिया गया है। सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने एक पत्र जारी कर कहा है कि अग्रिम आदेशों तक डॉ. प्रमोद क्वेक्स से संबंधित कोई कार्य नहीं करेंगे। बताया जा रहा है कि डॉ. प्रमोद का पहले भी कई बार तबादला हो चुका है, लेकिन उनका अधिकतर समय कोतवाली देहात, किरतपुर सहित बिजनौर जिले में ही तैनाती रही है। क्वेक्स के नोडल अधिकारी का कार्य अपने क्षेत्र में अवैध डिग्री से मरीजों का इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करना होता है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर प्रमोद देशवाल किसी के साथ बैठे हैं और पैसे का लेनदेन और बातें करते हुए की वीडियो वायरल हो रही है । वीडियो का संज्ञान लेते हुए सीएमओ को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित कर दिया गया था। सीएमओ ने उनका चार्ज बदल दिया है और फील्ड की एक्टिविटी का चार्ज जो उन्हें दे रखा था वह भी हटा दिया गया। साथी जिला स्तर पर एक एटीएम और सीएमओ संयुक्त समिति बना दी गई है जो इस प्रकरण की जांच कर ले जांच में यदि यह दोषी पाए गए इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए शासन को रिकमेंडेशन भेजें
देवरिया में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत:एक युवक झुलसा, दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख
देवरिया जिले में हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो अलग-अलग घटनाओं में एक किसान की मौत हो गई और एक युवक झुलस गया। इन हादसों में दो रिहायशी झोपड़ियां भी जलकर राख हो गईं। खुखुंदू थाना क्षेत्र के नरायणपुर गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार पुत्र राजदेव खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वे अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक धर्मेंद्र अपने पीछे पत्नी बिंदू देवी और तीन छोटे बच्चों—12 वर्षीय आयुष, 8 वर्षीय अनन्या तथा 3 वर्षीय अश्वनी—को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उधर, भटनी क्षेत्र के सिंगहीडीह गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक हादसा हुआ। गांव निवासी दीपक कुमार पुत्र मुसाफिर अपनी झोपड़ी में सो रहे थे, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से झोपड़ी में आग लग गई। बिजली के करंट से दीपक झुलसकर अचेत हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर उपचार के लिए एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे में दीपक की दो झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग में घर में रखा राशन, भूसा, कपड़े और करीब पांच हजार रुपये नकद भी जल गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास की अन्य झोपड़ियों को बचाया जा सका। लगातार बदलते मौसम और बारिश के बीच आकाशीय बिजली की इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है। वहीं, पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
मेरठ के नए नगर निगम कार्यालय पर हाईकोर्ट सख्त:नोटिस जारी कर मांगा जवाब, 16 जुलाई को अगली सुनवाई
मेरठ में निर्माणाधीन नए नगर निगम कार्यालय को लेकर विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। शास्त्रीनगर स्थित भवन के निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नगर निगम को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी। यह मामला जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट पहुंचा है। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने आरोप लगाया है कि शास्त्रीनगर स्थित आवासीय भूमि पर बिना वैधानिक मानचित्र स्वीकृति के नगर निगम का नया कार्यालय बनाया जा रहा है। याचिका के अनुसार, यह भूमि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की खसरा संख्या 6041 में दर्ज आवासीय श्रेणी की जमीन है। ऐसे में इस पर व्यावसायिक या संस्थागत निर्माण नियमों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश वाले क्षेत्र का भी जिक्र याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिस क्षेत्र में अवैध दुकानों को हटाया गया था, निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय उसी क्षेत्र के दायरे में आता है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि इसी भूमि पर 120 दुकानों वाले 'अर्बन प्लाजा' नामक व्यावसायिक परिसर का भी विकास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने मांगा नगर निगम का पक्ष शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने नगर निगम समेत संबंधित पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान भूमि उपयोग नियमों और भवन निर्माण मानकों की अनदेखी की गई। साथ ही आवश्यक स्वीकृतियां लिए बिना निर्माण कराने का भी दावा किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने थाना नौचंदी पुलिस को निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगर निगम ने आरोपों को बताया निराधार वहीं नगर निगम प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि नए नगर निगम कार्यालय को लेकर कोई विवाद नहीं है और शासन स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि भवन का मानचित्र शासन से स्वीकृत है तथा आवास विकास परिषद का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। नगर आयुक्त ने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट सर्वोपरि है और न्यायालय के सभी आदेशों का पालन किया जाएगा।
बदायूं में माही हेल्थ केयर अस्पताल सील:प्रसूता-नवजात की मौत के बाद अवैध संचालन पर कार्रवाई
बदायूं के इस्लामनगर में एक निजी अस्पताल, माही हेल्थ केयर सेंटर, को प्रशासन ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई प्रसूता और नवजात की मौत के बाद की गई। जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित पाया गया। यह घटना शुक्रवार को सामने आई जब इस्लामनगर थाना क्षेत्र में सीएमओ और नायब तहसीलदार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। टीम में डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. नवनीत कुमार और लिपिक नितिन कुमार शामिल थे। छापेमारी के दौरान पता चला कि सहसवान रोड लालबाग पर स्थित माही हेल्थ केयर सेंटर बिना किसी वैध पंजीकरण के चल रहा था। अस्पताल में बिना डिग्री वाले डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसी अस्पताल में इस्लामनगर के मोहल्ला हाता निवासी 19 वर्षीय नरगिस पत्नी इलयाश की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। अस्पताल को सील करने के बाद टीम ने अन्य अवैध क्लीनिकों पर भी छापेमारी की, लेकिन भनक लगने पर कई झोलाछाप मौके से फरार हो गए। सीएमओ डॉ. मोहन झा ने स्पष्ट किया कि अवैध अस्पताल और क्लीनिक किसी भी कीमत पर संचालित नहीं होने दिए जाएंगे।
दुर्ग जिले में इन दिनों राज्य सरकार का सुशासन तिहार चल रहा है। इसका मकसद लोगों की समस्याएं सुनकर उनका जल्दी समाधान करना है। लेकिन शुक्रवार को थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में जमकर विवाद हो गया। समस्याओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और जनपद CEO के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मौजूद रहे, लेकिन वो चुपचाप खड़े होकर केवल आवेदन को देखते रहे। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, थनौद गांव में सुशासन तिहार के तहत लोगों की शिकायतें सुनी जा रही थीं। भाजपा कार्यकर्ता अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान शिकायत का निराकरण नहीं करने को लेकर जनपद CEO से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और माहौल गर्म हो गया। सीईओ ने कहा- जो करना है कर ले वीडियो में दिखाई दे रहा है कि बहस के दौरान जनपद CEO अपना आपा खो बैठे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता को उंगली दिखाते हुए कहा कि, “तेरे को जो करना है कर ले”। यह पूरा विवाद दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के सामने हुआ। वीडियो में विधायक चुपचाप खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विवाद के दौरान कोई हस्तक्षेप नहीं किया। इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विधायक ने बीच-बचाव तक नहीं किया वायरल वीडियो के बाद विधायक ललित चंद्राकर के व्यवहार की भी चर्चा हो रही है। विधायक के सामने ही बीजेपी कार्यकर्ता को सीईओ ने खूब फटकार लगाई। लेकिन विधायक ने कुछ नहीं कहा। यहां तक की दोनों के बीच बढ़ रही बहस को भी रोकने की कोशिश नहीं कीई। सोशल मीडिया पर कुछ लोग अधिकारी के रवैये को गलत बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कई यूजर्स ने प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
दमोह में तेज आंधी के साथ हुई बारिश:कई इलाकों में रातभर बिजली रही गुल
दमोह में नौतपा के पांचवें दिन शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब 2 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि आंधी के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और लोगों को उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी। बिजली कटने से घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। कई मोहल्लों में लोग देर रात तक जागते रहे। बिजली विभाग की टीमें पूरी रात फाल्ट सुधारने में जुटी रहीं। पथरिया में भी हुई झमाझम बारिश पथरिया ब्लॉक में भी तेज आंधी के साथ करीब एक घंटे तक बारिश हुई। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई। इसके कुछ समय बाद दमोह शहर में भी तेज हवाओं और बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 45 डिग्री सेल्सियस था। कई इलाकों में रातभर रही बिजली गुल आंधी की वजह से शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिजली लाइनों में फाल्ट आ गए। मोरगंज गल्ला मंडी के सामने एक बिजली केबल टूटकर सड़क पर गिर गया। इससे आसपास के लोगों में करंट फैलने की आशंका पैदा हो गई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन बंद कर मरम्मत का काम शुरू किया। शहर की कई कॉलोनियां रातभर अंधेरे में डूबी रहीं। सुबह करीब 6 बजे तक अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार शनिवार को भी मौसम का असर बना रह सकता है। सुबह धूप निकलने के बावजूद उसकी तपिश कम महसूस हुई। यदि दोपहर में बादल छाए रहते हैं तो नौतपा के छठवें दिन भी लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
कानपुर में बीते 24 घंटे में मौसम अचानक बदल गया है। लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। दो दिनों से लगातार रात में हो रही बारिश और तेज हवाओं के असर से अधिकतम तापमान में 6.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं शनिवार को जिले में बारिश के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, एक जून तक आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। 2 तस्वीरें देखिए… दिन व रात का गिरा तापमान सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 6.8 डिग्री की गिरावट के साथ 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर एसएन सुनील पांडेय ने बताया- 1 जून तक आंधी और बारिश के आसार हैं जो की तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट ला सकते हैं। मौसमी सिस्टम के अनुसार शाम से लेकर सुबह तक मौसम बदल सकता है। 25 से 29 मई का तापमान पढ़िए स्रोत: सीएसए बीते सालों का तापमान (30 मई के आसपास, से.) स्रोत: सीएसए मौसम विभाग
बिंदायका थाना क्षेत्र के सिरसी रोड स्थित निमेड़ा गांव में आज सुबह 5 बजे टोरेंट सीएनजी गैस सिलेंडरों से भरा एक ट्रेलर पलट गया। हादसे के बाद ट्रेलर में लदे गैस सिलेंडरों से रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और गैस रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर तेज गति में था और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गया। जिससे ट्रेलर पलट गया। हादसे के बाद कुछ सिलेंडरों से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। थाना प्रभारी विनोद वर्मा ने बताया कि सीएनजी गैस से भरा ट्रेलर बिंदायका पंप से भाकरोटा जा रहा था। अल सुबह होने के कारण ड्राइवर को झपकी आने के कारण पोल से टकराकर पलट गया। ड्राइवर को चोट आई है। उसे इलाज के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने अन्य टीमों के साथ राहत बचाव कार्य शुरू किया। ट्रेलर पलटने से यहां कुछ सिलेंडर से गैस रिसाव शुरू हो गया था। करीब 10 से ज्यादा सिलेंडरों से गैस रिसाव हो रहा था। मौके पर पहुंची टीमों ने गैस सिलेंडरों को आबादी एरिया से दूर करके रेस्क्यू किया। हादसे में गैस रिसाव हुआ लेकिन किसी तरह की आग नहीं लगी। गैस का लीकेज रोका गया सूचना मिलने पर बिंदायका फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और सुरक्षा उपायों के साथ गैस लीकेज को रोकने का अभियान शुरू किया गया। वहीं टोरेंट गैस कंपनी के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और तकनीकी टीम की सहायता से लीकेज रोका गया। आसपास लोगों की आवाजाही रोकी घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम डॉ. खुशबू शर्मा और बिंदायका थाना प्रभारी विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित की गई। बिंदायका इलाके में चौथी घटना स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ। बिंदायका क्षेत्र में गैस रिसाव से जुड़ा यह चौथा मामला बताया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इंदौर में एक महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने साइबर फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। महिला के मुताबिक, 40 हजार रुपए के लोन के बदले उससे 4 लाख 50 हजार रुपए वसूले गए। वहीं आरोपियों ने उसके फोटो एडिट कर अश्लील बनाए और उन्हें परिवार के लोगों को भी भेज दिया। साइबर पुलिस ने बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली हर्षिता नामक महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। महिला ने बताया कि अक्टूबर 2025 में पारिवारिक कारणों से उसे लोन की आवश्यकता थी। उसे प्ले स्टोर पर एक ऐप के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उसने क्रेडिट लीफ नामक एप्लिकेशन डाउनलोड कर 7 दिन के लिए 40 हजार रुपए का लोन लिया। लोन चुकाने की अंतिम तारीख से पहले ही पीड़िता को व्हाट्सएप पर कॉल आने लगे। कॉल करने वाले अंतरराष्ट्रीय नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। जब उसने कॉल रिसीव किया तो आरोपी तत्काल लोन चुकाने के लिए धमकाने लगे। उन्होंने संदेश भेजकर कहा कि उसके मोबाइल में मौजूद फोटो और वीडियो को एडिट कर अश्लील बनाकर लोगों को भेज दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने 80 हजार रुपए की मांग की। पीड़िता ने डर के कारण ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपियों की मांगें नहीं रुकीं। कॉल करने वालों ने पीड़िता के फोटो एडिट कर उसके परिचितों और रिश्तेदारों को भेज दिए। इसके बाद परिचितों के फोन भी पीड़िता के पास आने लगे। आरोपियों ने पिछले 6 माह में उससे करीब 4 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए। पीड़िता ने बताया कि कई बार बिना आवश्यकता के भी उसके अकाउंट में 5 से 10 हजार रुपए जमा कर दिए जाते थे, ताकि बाद में अधिक ब्याज और अतिरिक्त रकम की मांग की जा सके। रकम दो से अधिक यूपीआई आईडी के माध्यम से मांगी गई। पीड़िता ने बताया कि अकाउंट खाली होने के बाद परिवार के लोगों ने उससे जानकारी ली, तब उसने क्रेडिट लीफ ऐप और पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिरसा जिले में डबवाली पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर संचालक से कथित उगाही के मामले में होमगार्ड पर भी गाज गिरी है। अब पुलिस ने सिक्योरिटी एजेंट (एसए) इंद्रपाल और होम गार्ड वीरपाल दोनों को गिरफ्तार किया है। अभी पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। यह मामला तब सामने आया, जब जोगेवाला स्थित मेडिकल स्टोर से रुपए लेते हुए एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और तुरंत जांच शुरू की। इस मामले में एसए इंद्रपाल को पहले लाइन हाजिर और बाद में सस्पेंड कर दिया था। होम गार्ड की पहचान होने के बाद दोनों को गिरफ्तार की। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। डबवाली एसपी जसलीन कौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, मेडिकल संचालक से भी संपर्क किया गया, तो डर के चलते कुछ नहीं बताया। दो हजार रुपए लेने का आरोप आरोप है कि एसए इंद्रपाल उस दिन होम गार्ड वीरपाल के साथ मेडिकल स्टोर पर जाने के बाद दवाओं की चेकिंग शुरू कर दी और वीडियो में हाथों से इशारे करते हुए सवाल-जवाब करते हुए दिख रहे हैं। फिर काउंटर के पास आए तो मेडिकल संचालक ने गल्ले से दो हजार रुपए निकालकर देते दिख रहे हैं और एसए पैसे लेकर अपनी जेब में डाल लेते हैं। इसके बाद दोनों मेडिकल से चले जाते हैं। इसका एक वीडियो बाद में वायरल हो जाता है। भ्रष्टाचार या अवैध वसूली पर किसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा पुलिस विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को विभाग की जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिकायतकर्ता मेडिकल संचालक ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने कार्रवाई का डर दिखाकर उससे रुपए वसूले थे। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
कोटा में रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के दौरान दोनों रेल इंजीनियर संजय झा और प्रभात सिंह की मौत का कारण काम की जल्दबाजी बताई जा रही है। रेल अधिकारियों और कर्मचारियों में इसकी जबरदस्त चर्चा है।अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन ने 30 मई शनिवार तक स्टील गर्डर हटाने के आदेश दे रखे थे। इसके चलते इंजीनियरों की कोशिश थी, कि शुक्रवार तक सीमेंट कंक्रीट के बक्सों को स्टील गर्डर के नीचे डाल दिया जाए। ताकि इसके बाद शनिवार को स्टील गर्डर को हटाया जा सके। बॉक्स जल्दी और आसानी से डालने के कारण मौके पर मिट्टी भी कुछ ज्यादा मात्रा में खोदी गई थी। जल्दबाजी में डाला गया एक बॉक्स सीमेंट कंक्रीट की निर्धारित जगह से आगे निकल गया। आगे जाकर यह बॉक्स मिट्टी में थोड़ा धंस गया और तिरछा हो गया। इसके बाद मशीनों की मदद से इस बॉक्स को वापस निर्धारित जगह लाकर रखा गया। इसी बॉक्स की गड़बड़ी को देखने के लिए इंजीनिय संजय और प्रभात नीचे गड्ढे में उतरे थे। तभी दोनों अचानक गिरी मिट्टी, गिट्टी, पत्थर और स्लीपर के नीचे दब गए। भारी स्लीपर गिरने से प्रभात का सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि संजय की मौत अस्पताल पहुंचने के बाद हुई। रेलवे सूत्रों ने बताया कि जल्दबाजी का ही नतीजा था की छुट्टी के दिन और वो भी रात में यहां काम चल रहा था। अगर जल्दबाजी नहीं थी तो कोई कारण नहीं था कि रात में भी जोखिम भरा काम किया जाए। खास तौर से वहां पर जहां ट्रेनों का लगातार संचालन बना हुआ है। बॉक्स पुशिंग मेथड का काम सीनियर अधिकारी की देखरेख में होना चाहिए। घटना के वक्त मौके पर कोई भी सीनियर अधिकारी नहीं थे। बताया जा रहा है सीनियर डीईएन एकता मीमरोट घटना वाले दिन शाम 6 बजे मौके पर पहुंची थी। आधे घंटे रुककर वापस लौट गई। कर्मचारी ने बताया कि मौके पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। हेलमेट, बैरिकेटिंग और बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के दोनों इंजीनियर गड्ढे में उतर गए। यह आरोप इंजीनियरों के शव लेने पहुंचे इंजीनियरों के परिजनों में भी रेल प्रशासन पर लगाए हैं। कागजो में दफन हादसों के राज अंडर ब्रिज की ढही मिट्टी में दबने से रेल कर्मचारियों की मौत का 5 साल में यह दूसरा मामला है। इससे पहले मई 2021 को डकनिया स्टेशन के पास निर्माणाधीन अंडर ब्रिज की मिट्टी ढहने से भी एक ट्रैकमैन वसीम खान की मौत हो गई थी। चार-पांच अन्य ट्रैकमैन घायल हो गए थे। इस घटना के बाद रेलवे बोर्ड विजिलेंस की 6 सदस्यीय टीम ने भी मामले की जांच शुरू की थी। लेकिन इस जांच रिपोर्ट का कभी खुलासा नहीं हो सका। रेलवे की देखरेख में इस अंडर ब्रिज का निर्माण नगर विकास न्यास द्वारा करवाया जा रहा था। इस घटना के समय अंडर ब्रिज के ऊपर जेसीबी मशीन चल रही थी। संजय के भाई रमन कुमार ने कहा कि छुट्टी के दिन भी यहां रात तक भी काम करवाया जा रहा था। काम में रेल प्रबंधन की भारी लापरवाही रही है। मौके पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। संरक्षा नियमों से खिलवाड़ कर यहां काम करवाया जा रहा था। मोर्चरी पर डीआरएम खरी खोटी सुनाते हुए कहा मेरे भाई की मौत का जिम्मेदार ठेकेदार व रेलवे प्रशासन है। मीडिया कर्मियों से चर्चा के दौरान रमन ने मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तीन सदस्यी कमेटी गठित मामले की जांच के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजीत सिंह चौहान, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (साउथ) एकता मिमरोट तथा वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) नीरज कुमार शर्मा शामिल है। इस पूरे मामले की जांच मोडक थाना पुलिस भी कर रही है। पुलिस ने बताया कि जल्दी ही मामले की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया सबसे कम दर देने वाली फर्म को काम देने का नियम है। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी बनाई है। इसमें इंजीनियरिंग, सेफ्टी व इलेक्ट्रिकल अधिकारी शामिल है। ब्लॉक के समय अधिकारी गए थे। समय समय पर काम देखा गया था। घटना के समय अधिकारी नहीं थे। सूचना मिलते ही तुरंत पहुंच गए। ---------------------------- ये खबर भी पढ़े नौकरी लगने के 3 महीने बाद रेलवे इंजीनियर की मौत:परिवार का इकलौता बेटा था; अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढहने से 2 की मौत हुई थी खबर पढ़े रेलवे अंडरपास बनाते समय मिट्टी ढही,2 इंजीनियर की मौत:जेसीबी से मिट्टी हटाकर 15 मिनट में दोनों को निकाला, एक अधिकारी ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम खबर पढ़े
राजसमंद के कांकरोली स्थित श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के श्री द्वारकाधीश मंदिर में शुक्रवार को पुरुषोत्तम मास ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तेरस पर दोहरा मण्डान एवं शयन दर्शन में नौमहला बारादरी मनोरथ हुए। इस दौरान प्रभु द्वारकाधीशजी को विशेष भोग अर्पित किए गए और नौमहला में विराजित कर दर्शन कराए गए। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही और भक्तों ने विशेष झांकियों के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने आज के लिए भी विशेष मनोरथ और यातायात व्यवस्था की जानकारी दी है। दोहरा मण्डान में दोगुनी मात्रा में अर्पित किए गए भोग दोहरा मण्डान मनोरथ में प्रभु द्वारकाधीशजी को लगाए जाने वाले सभी विशेष भोग दोगुनी मात्रा में अर्पित किए गए। नित्य नेग और सेवा में उपयोग होने वाली सामग्री भी दोहरी रखी गई। इस विशेष मनोरथ को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। सुबह खुले श्रृंगार दर्शन मंदिर में श्रृंगार दर्शन सुबह करीब 9 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विशेष झांकियों के दर्शन किए। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। शयन दर्शन में नौमहला बारादरी मनोरथ शयन दर्शन में प्रभु द्वारकाधीशजी को नौमहला में विराजित किया गया। बारादरी को विशेष रूप से सजाया गया था। शयन दर्शन शाम करीब 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचे। शनिवार को होंगे फूल मंडली और सावन-भादों मनोरथ मंदिर प्रशासन के अनुसार शनिवार को राजभोग में फूल मंडली तथा शयन दर्शन में भूल-भुलैया में सावन-भादों मनोरथ के दर्शन होंगे। इसके लिए मुखर्जी चौराहा क्षेत्र में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था खेवा पद्धति से संचालित की जाएगी।
कुरुक्षेत्र जिले की शाहाबाद सीट से BJP की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके सुभाष कलसाना को प्रदेश सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। BJP नेता सुभाष कलसाना को हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक (HSCARDB) का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस संबंध में हरियाणा सरकार के सहयोग विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, राज्यपाल ने हरियाणा कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट 1984 की धारा 29(1)(a) के तहत सुभाष कलसाना को बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मैनेजिंग कमेटी में सरकारी नामित सदस्य नियुक्त किया है। इसके साथ ही धारा 30 के तहत उन्हें हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक का चेयरमैन बनाया गया है। शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार नवनियुक्त चेयरमैन सुभाष कलसाना ने कहा कि मैं BJP के शीर्ष नेतृत्व और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। मुझे जिन कार्यकर्ताओं के साथ काम करने का मौका मिला, उन सभी का मैं आभार व्यक्त करता हूं। पार्टी और संगठन ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करूंगा। शाहाबाद से लड़ चुके विधानसभा चुनाव कुरुक्षेत्र जिले की शाहाबाद विधानसभा सीट से सुभाष कलसाना ने साल 2024 में BJP की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी रामकरण काला ने उनको 6441 वोट से हरा दिया था। सुभाष कलसाना ने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक कार्यकर्ता का पार्टी को मजबूत बनाने में अहम योगदान रहा है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को एक ठेकेदार से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई उनके अंसल टाउन स्थित आवास पर की गई। छापेमारी के दौरान सीबीआई को घर से 50 लाख रुपये से अधिक नकदी भी मिली है। यह कार्रवाई कैंट बोर्ड की प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले की गई, जिसमें संबंधित ठेके पर फैसला होना था। जानकारी के अनुसार, बालाजी कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के मालिक विक्की ठेकेदार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि डॉ. शर्मा उनसे 10 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तहबाजारी, पार्किंग और गांधी बाग से जुड़े ठेके को निरस्त न करने के बदले यह रकम मांगी जा रही थी। ठेकेदार के मुताबिक, शनिवार को होने वाली कैंट बोर्ड की बैठक में ठेका निरस्त किए जाने का प्रस्ताव था। 3 लाख रुपए लेकर घर बुलाया, CBI ने दबोचा ठेकेदार ने सीबीआई को बताया कि डॉ. शर्मा ने शुक्रवार दोपहर उन्हें 3 लाख रुपये लेकर अपने आवास पर बुलाया था। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई टीम ने जाल बिछाया और शाम को उनके घर पर छापा मार दिया। सीबीआई ने डॉ. शर्मा को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरे परिसर की तलाशी भी ली गई। घर से 50 लाख रुपए से ज्यादा नकदी बरामद छापेमारी के दौरान सीबीआई को आवास से 50 लाख रुपये से अधिक नकद राशि मिली। एजेंसी इस रकम के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान डॉ. शर्मा की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई। देर रात तक परिवार के सदस्यों से पूछताछ जारी रही। दूसरी बार बढ़ा था कार्यकाल डॉ. सतीश चंद्र शर्मा कैंट बोर्ड में मनोनीत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में उनका कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाया गया था। वह अंसल टाउन में परिवार के साथ रहते हैं, जबकि उनका क्लीनिक लालकुर्ती बड़ा बाजार क्षेत्र में है। पहले भी लग चुके हैं आरोप डॉ. शर्मा पर छावनी क्षेत्र में अवैध निर्माण समेत विभिन्न अनियमितताओं के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। उनके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई है।
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के ग्राम भामा में शुक्रवार शाम एक अनोखा नजारा देखने को मिला। गांव की पानी की टंकी पर एक सांड चढ़ गया। ऊंचाई पर सांड को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। नीचे उतरने का रास्ता नहीं मिला ग्रामीणों के मुताबिक, सांड किसी तरह पानी की टंकी पर पहुंच गया था। लेकिन ऊपर चढ़ने के बाद वह नीचे उतरने का रास्ता नहीं तलाश पाया। काफी देर तक वह टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए। घंटों चला रेस्क्यू सांड को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए ग्रामीणों ने रस्सियों और अन्य साधनों की मदद ली। कुछ लोगों ने उसे नीचे आने के लिए प्रयास किए, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। काफी देर की मशक्कत और सामूहिक प्रयासों के बाद ग्रामीण सांड को सुरक्षित नीचे उतारने में कामयाब रहे। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की नजरें पानी की टंकी पर टिकी रहीं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी सांड को इतनी ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ते देखा है। यही वजह रही कि यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी रही।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। एडमिट कार्ड पहले ही अपलोड कर दिए हैं। 31 मई से 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा और 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। इसके लिए कुल 368 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें अजमेर में 70 सेंटर हैं। एक घंटे पहले मिलेगी एन्ट्री एग्पजाम सेंटर पर अभ्यर्थी को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले ही सेंटर पर पहुंच जाएं, वरना एग्जाम देने से वंचित रह सकते हैं। जिससे सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। फोटो युक्त पहचान पत्र जरूरी कैंडिडेट्स एग्जाम सेंटर पर कलर ओरिजनल आधार कार्ड लेकर जाएं। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य फोटो युक्त पहचान-पत्र तथा वोटर आईडी कार्ड मतदाता, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें नई और कलर फोटो स्पस्ष्ट रूप से हो उसे लेकर एग्जाम सेंटर पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही कैंडिडेट्स प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो लगाएं। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक नियमों को एक बार जरूर देख लें। किसी के बहकावें में नहीं आए आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कार्यों में लिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा और कब निकाली गई वैकेंसी… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा 3944 पदों पर भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) एवं कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या 08) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई। …. पढें ये खबर भी…. RAS रिजल्ट एनालिसिस: इंटरव्यू में गांवों के अभ्यर्थी ज्यादा पहुंचे:सबसे अधिक जयपुर फिर जोधपुर और बाड़मेर के कैंडिडेट; 14 डॉक्टर- 238 इंजीनियर हुए थे शामिल RPSC ने RAS- 2024 एग्जाम के रिजल्ट का एनालिसिस जारी किया है। 1096 पदों के लिए आयोजित हुई इस भर्ती में इंटरव्यू तक 2397 अभ्यर्थियों पहुंचे थे। खास बात ये रही कि प्री-मेंस क्लीयर कर इंटरव्यू तक पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा जयपुर के 247 अभ्यर्थी थे। (पूरी खबर पढें)
आज (30 मई) नौतपा का छठा दिन है। कोचिंग सिटी कोटा में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंचा है। ऐसा लग रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो। दिन में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। गर्मी में गन्ने का जूस, कोल्ड ड्रिंक, लस्सी और छाछ की डिमांड बढ़ी है। हालांकि, तेज गर्मी के बाद भी हींग की कचौरी के प्रति लोगों की दीवानगी कम नहीं हुई है। भरी दोपहरी में भी दुकानों पर कोटा कचौरी का स्वाद लेते लोगों की भीड़ आपको नजर आ जाएगी। तेज झुलसाती गर्मी से इंसान ही नहीं, जानवर भी परेशान हैं। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में जानवरों के केज और ओपन एरिया में धूप से बचाव के लिए ग्रीन नेट लगाए गए हैं। इसके साथ ही डक्टिंग सिस्टम, फॉगर और स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है ताकि जानवरों को ठंडक पहुंचाई जा सके। इतना ही नहीं, जानवरों की डाइट में भी बदलाव किया गया है। शाकाहारी वन्य जीवों की डाइट में फ्रूट क्रीम, खीर और ककड़ी शामिल की गई है। पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स और ग्लूकोज पाउडर मिलाया जा रहा है। गर्मी और हीट वेव का असर आगे भी जारी रहने की संभावना है। पढ़िए नौतपा की रिपोर्ट… कोचिंग एरिया में हर तरफ छाते ही छाते तेज गर्मी के बावजूद कोटा कोचिंग में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के हौसले बुलंद हैं। स्टूडेंट गर्मी से बचाव के लिए छाता लगाकर कोचिंग में पढ़ाई के लिए आ-जा रहे हैं। कोचिंग एरिया में दिनभर हर तरफ छाता लगाए स्टूडेंट्स आते-जाते आसानी से दिखाई पड़ते हैं। ऐसा नजारा बारिश के दिनों में भी नजर आता है। कोचिंग से पढ़कर हॉस्टल जा रही ओडिशा की रहने वाली हफजा ने बताया- यहां बहुत ज्यादा गर्मी हो रही है। बाहर निकलते हैं तो परेशानी बढ़ जाती है। डिहाइड्रेशन हो रहा है। ऐसे माहौल में सरवाइव करना मुश्किल हो रहा है। हम जहां रहते हैं, वहां कोटा जितनी गर्मी नहीं पड़ती। कौस्तुभ सिंह ने बताया- पिछले कुछ दिनों से कोटा में टेंपरेचर काफी ज्यादा है। एक दिन तो 46 डिग्री के पास भी रिकॉर्ड हुआ था। स्वाद के शौकीन तेज गर्मी में भी कचौरी खाने पहुंच रहे तेज गर्मी के कारण कोटा कचौरी की डिमांड पर कुछ असर पड़ा है। लेकिन स्वाद के शौकीन तेज गर्मी में भी हींग की कचौरी खाने दुकानों पर पहुंच रहे हैं। रंगपुर रोड़ निवासी जगदीश ने बताया- गर्मी जोरदार पड़ रही है। काम के सिलसिले घर से 10-12 किमी दूर आना पड़ा। रास्ते में कचौरी की दुकान नजर आ गई, तो कचौरी खाने की इच्छा हो गई। गर्मी में गरमा गरम कचौरी खाने का मजा कुछ अलग ही होता है। सुरेश ने बताया कि गर्मी तेज जरूर है, लेकिन शौक बड़ी चीज है। कचौरी खाने का शौक है। इसीलिए गर्मी में भी कचौरी खा रहे हैं। क्योंकि कोटा कचौरी का टेस्ट अलग ही है। शरीर से पसीना निकल रहा है लेकिन गरमा- गरम कचौरी खाने में मजा आ रहा है। शेर-लेपर्ड फव्वारे में नहा रहे अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में जानवरों को लू से बचाने के लिए खास इतंजाम किए गए हैं। जानवरों के केज और ओपन एरिया में धूप से बचाव के लिए ग्रीन नेट लगाए गए हैं। इसके साथ ही डक्टिंग सिस्टम, फॉगर और स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है ताकि जानवरों को गर्मी से बचाया जा सके। शाकाहारी वन्यजीवों की डाइट में खीरा और ककड़ी शामिल की गई है, ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो। पीने के पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स और ग्लूकोज पाउडर मिलाया जा रहा है। जबकि भालू को फ्रूट क्रीम, तरबूज और खरबूजा दिया जा रहा है। शेर-लेपर्ड को फव्वारे लगाकर नहलाया जा रहा है। गर्मी तेज, लेकिन टूरिस्ट के लिए पसंदीदा कोटा में तेज गर्मी के बाद भी कुछ एक्टिविटी टूरिस्ट की पसंदीदा बनी हुई हैं। इनमें एक है चंबल सफारी। कोटा बैराज के गेट बंद होने से पानी का लेवल भी अच्छा है। यहां शाम के समय कोटा के अलावा आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंच रहे हैं। उनका कहना है गर्मियों चंबल नदी पर शाम बिताना काफी शानदार अनुभव होता है। ….नौतपा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… रेतीले धोरे इतने गर्म, पापड़ तक सिके:लू से बचाव के लिए प्याज लेकर चलते हैं लोग, 11 बजते ही घरों में कैद, सड़कें सूनी गर्मी और सर्दी में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले चूरू में इस बार तापमान 46 डिग्री पार कर चुका है। रेतीले धोरों की मिट्टी के कण छोटे होने के कारण बहुत जल्दी इतने गर्म हो जाते हैं। चिलचिलाती धूप व गर्म हवाओं के कारण लू लगना आम बात है। पढ़ें पूरी खबर
नौतपा के छठे दिन उज्जैन में तेज बारिश:कई दिनों बाद तापमान गिरा, भीषण गर्मी से मिली राहत
उज्जैन में नौतपा के छठे दिन शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलीं, जिससे शहरवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। कई दिनों बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पिछले चार दिनों से उज्जैन भीषण गर्मी की चपेट में था। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, 28 मई को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 29 मई को यह 40 डिग्री और आज सुबह का तापमान 27 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान भी 27 से 28 डिग्री के बीच बना हुआ था, जिससे रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही थी। इन दिनों सुबह की आर्द्रता 63 से 71 प्रतिशत के बीच और शाम की आर्द्रता 24 से 30 प्रतिशत तक दर्ज की गई थी। हवाओं की गति भी सामान्य बनी हुई थी। लगातार तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। शनिवार सुबह मौसम में बदलाव के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट महसूस की गई। सुबह करीब 7 बजे तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने रात में भी बारिश की 44 प्रतिशत संभावना व्यक्त की है। बारिश शुरू होते ही सड़कों पर लोगों ने गर्मी से राहत का अनुभव किया। शहरवासियों ने इसे नौतपा के बीच एक बड़ी राहत बताया। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी पूरी तरह गर्मी से राहत मिलने में समय लग सकता है।
पटना के सरकारी अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है। सामान्य चोट में भी मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया जा रहा है। जिससे 'गोल्डन ऑवर' में इलाज पर संकट गहरा गया है। शुक्रवार को दानापुर निवासी रंजन कुमार(35) सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गहरी चोट लगी थी और लगातार ब्लीडिंग हो रहा था। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों और एंबुलेंस कर्मियों के अनुसार, अस्पताल में सही तरीके से प्राथमिक उपचार नहीं मिला। सिर पर टांके नहीं लगाए गए। केवल ड्रेसिंग कर मरीज को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल को एंबुलेंस से पीएमसीएच लाया गया, लेकिन वहां भी उन्हें तुरंत एडमिट नहीं किया गया। एंबुलेंस कर्मियों ने आरोप लगाया कि कंट्रोल रूम और संबंधित कर्मचारियों ने मरीज को 'लावारिस' बताकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों ने मरीज को एनएमसीएच ले जाने की सलाह दी। इस दौरान मरीज एक घंटे से अधिक समय तक पीएमसीएच परिसर में एंबुलेंस पर ही पड़ा रहा। मरीज दर्ज से कराता रहा सिर में चोट के कारण वह दर्द से कराह रहा था, लेकिन उनका इलाज शुरू नहीं हो सका। मरीज पूरी तरह होश में थे और अपना नाम-पता भी बता रहे थे, इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। कंट्रोल रूम से लेकर कई अधिकारियों तक संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी मरीज को भर्ती कराने की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। इलाज शुरू होने में हुई देरी ने अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए। अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ इलाज मामले की जानकारी जब पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह तक पहुंची, तब उनके हस्तक्षेप के बाद घायल मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। इसके बाद उसका इलाज शुरू हो सका। उन्होंने कहा कि मरीज के सिर में गंभीर नहीं बल्कि सामान्य चोट थी। उसका इलाज किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामान्य सरकारी अस्पताल में किया जा सकता था। उन्होंने माना कि राजधानी के कई अस्पताल छोटे-छोटे मामलों को भी सीधे पीएमसीएच भेज देते हैं, जिससे यहां गंभीर मरीजों के इलाज पर असर पड़ता है। पीएमसीएच पहले से ही गंभीर और जटिल मरीजों के अत्यधिक दबाव रहता हैं। ऐसे में सामान्य मामलों की संख्या बढ़ने से इमरजेंसी सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार देने में कठिनाई होती है। मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर का बढ़ रहा कल्चर पीएमसीएच के प्रो.(डॉ.) नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राजधानी के सरकारी अस्पतालों में रेफर कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। छोटी चोट, कटने-फटने या सामान्य दुर्घटना के मामलों में भी इलाज की जिम्मेदारी लेने से बचा जा रहा है। डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन प्राथमिक उपचार देकर मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर भेज रहे हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान मरीजों को उठाना पड़ता है। पहले मरीज को एक अस्पताल ले जाया जाता है, फिर वहां से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता है। कई बार भर्ती प्रक्रिया और कागजी औपचारिकताओं में घंटों लग जाते हैं। इस दौरान मरीज की हालत और गंभीर हो सकती है। गोल्डन ऑवर में बर्बाद हो रहा समय दुर्घटना के बाद का पहला घंटा चिकित्सकीय भाषा में 'गोल्डन ऑवर' माना जाता है। इसी दौरान मरीज को सही इलाज मिल जाए तो गंभीर स्थिति में भी उसकी जान बचाई जा सकती है। लेकिन अस्पतालों के बीच रेफरल और प्रशासनिक खींचतान में यही महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है। सिर में चोट, अत्यधिक रक्तस्राव या फ्रैक्चर जैसी स्थितियों में शुरुआती इलाज बेहद जरूरी होता है। लेकिन कई अस्पताल संसाधनों या जिम्मेदारी से बचने के कारण मरीजों को तुरंत रेफर कर देते हैं। इससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। जिससे मरीज खतरे में आ जाते हैं। मरीजों और परिजनों पर बढ़ रहा बोझ सरकारी अस्पतालों की इस व्यवस्था का सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। दुर्घटना के बाद परिवार पहले ही मानसिक तनाव में होता है, ऊपर से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भागदौड़ करनी पड़ती है। एंबुलेंस, दवाइयों और अन्य खर्चों का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर पीएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों में सामान्य मरीजों की संख्या बढ़ने से गंभीर मरीजों को भी समय पर बेड और चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ने से इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
मोहाली-जीरकपुर क्षेत्र में रॉयल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार देर शाम दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई हाल ही में पंजाब, चंडीगढ़ और जीरकपुर में समूह से जुड़े ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद की गई है। ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की है। ED की जांच मेसर्स चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (CRCPL)) और रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर चल रही है। कुछ दिन पहले एजेंसी ने जीरकपुर स्थित समूह के मुख्य कार्यालय समेत निदेशकों और सहयोगियों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया था। पंजाब पुलिस ने दर्ज किया था मामला जांच एजेंसी के अनुसार मामला पंजाब पुलिस द्वारा 19 जुलाई 2025 को एसएएस नगर (मोहाली) में दर्ज FIR पर आधारित है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए थे। GMADA को भुगतान में डिफॉल्ट का आरोप जांच में सामने आया कि कंपनी मोहाली के कराला गांव में एक आवासीय कॉलोनी विकसित कर रही थी। आरोप है कि कंपनी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के प्रति अपनी वैधानिक देनदारियों का भुगतान नहीं किया और 32.67 करोड़ रुपए के चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए। ED का दावा है कि कंपनी पर GMADA की बड़ी बकाया राशि थी। इसके बावजूद परियोजना से जुड़े फंड को अन्य संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच में कई संदिग्ध अंतर-कंपनी लेन-देन और फंड की लेयरिंग के संकेत भी मिले हैं। वहीं फर्जी दस्तावेज के जरिए गमाडा से सीएलयू लेने का मामला भी सामने आया है। कई ठिकानों पर छापेमारी ED ने प्रवीण कंसल, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और अन्य संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त किए गए। रियल एस्टेट सेक्टर पर बढ़ी निगरानी मोहाली-जीरकपुर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट परियोजनाओं में देरी, वित्तीय अनियमितताओं और विकास प्राधिकरणों के बकाया भुगतान को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों पर एजेंसियों की निगरानी बढ़ गई है और कई परियोजनाएं जांच के दायरे में हैं।
दरभंगा सदर थाना क्षेत्र के बसैला मोड़ के पास शुक्रवार देर रात जेसीबी से मिट्टी भराई कार्य करा रहे एक जेसीबी मालिक पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले उन्हें गोली मारी और फिर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल की पहचान वासुदेवपुर निवासी विजय यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार विजय यादव देर रात बसैला मोड़ के समीप मिट्टी भराई कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ बदमाश वहां पहुंचे और कथित रूप से रंगदारी की मांग को लेकर विवाद करने लगे। आरोप है कि बदमाशों ने विजय यादव के पेट में गोली मार दी। इसके बाद चाकू से भी हमला कर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घायल जेसीबी मालिक को प्राइवेट अस्पताल में कराया एडमिट घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल विजय यादव को दरभंगा शहर के अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनके पेट में गोली लगी है, जबकि शरीर पर चाकू के दो गहरे जख्म पाए गए हैं। मामले में घायल विजय यादव के फर्द बयान पर सदर थाना में दो नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 राजीव कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। 5 से 7 बदमाशों ने मिलकर वारदात को दिया अंजाम पुलिस की प्रारंभिक जांच में काकरघाटी क्षेत्र के पांच से सात युवकों द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि दो लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं एसडीपीओ-1 ने कहा कि घटना के कारणों और रंगदारी के आरोपों की गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्णिया सिविल कोर्ट कैंपस में हुए हाईवोल्टेज ड्रामा का वीडियो सामने आया है। इसमें एक महिला अपने पति पर सरेआम हमला करती नजर आ रही है। वीडियो में महिला पति का कॉलर पकड़कर उसे घसीटती दिख रही है। इसी दौरान वह उसे पटकने की कोशिश करती है और गुस्से में उसके हाथ प दांत से काट लेती है। कोर्ट परिसर में अचानक हुए इस हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में वकील, मुवक्किल और पुलिसकर्मी मौजूद थे। वीडियो में पुलिसकर्मी महिला को रोकने और दोनों को अलग कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन महिला लगातार चिल्लाती रही। मामला बढ़ता देख महिला और पुरुष पुलिस के जवानों को बुलाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद दोनों को कोर्ट परिसर से बाहर सड़क की ओर ले जाया गया, लेकिन वहां भी महिला का गुस्सा शांत नहीं हुआ। महिला बोली- शादी के बाद से ही पति मुझे साथ नहीं रख रहा था हंगामा कर रही महिला की पहचान कोसकापुर निवासी सोनी कुमारी के रूप में हुई है। महिला ने अपने पति बेसरा विशनपुर निवासी मरगूब आलम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही पति उसे अपने साथ नहीं रख रहा था। उसने आरोप लगाया कि उसका पति उसे बेंगलुरु के रेड लाइट एरिया में बेचकर दूसरी शादी कर चुका है। कुछ दिन पहले पति ने साथ रखने का भरोसा देकर उसकी जमीन बिकवा दी और करीब दो लाख रुपए ले लिए। कोर्ट में चल रहा भरण-पोषण और प्रताड़ना का मामला दोनों के बीच भरण-पोषण और प्रताड़ना का मामला कोर्ट में चल रहा है और उसी मामले की तारीख पर वह कोर्ट पहुंची थी। वहीं दूसरी ओर फटे कपड़ों और घायल हालत में दिख रहे मरगूब आलम ने पत्नी के सभी आरोपों को झूठा बताया। मरगूब का कहना है कि उसकी पत्नी ही उसके साथ मारपीट करती है। जो महिला कोर्ट परिसर में इतने लोगों और पुलिस के सामने ऐसा व्यवहार कर सकती है, वह घर में क्या करती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

