अयोध्या में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। गुरुवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, अलनीनो के सक्रिय होने के कारण इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले में कुल 9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल और धूप के बीच आंख-मिचौली चलती रही, जिससे दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी करना कठिन मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को भी जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगामी 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां जल्द शुरू हो सकती हैं, लेकिन अभी मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी करना कठिन है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल माह से ही पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हैं। इसके कारण तापमान सामान्य से कम बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें डॉ. मिश्रा के अनुसार, अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 77 प्रतिशत और न्यूनतम 54 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति 6.9 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवाएं उत्तर-पूर्व दिशा से चलीं। शुक्रवार को वर्षा दर्ज नहीं हुई, लेकिन वातावरण में नमी बनी रही। डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि अलनीनो के सक्रिय होने से इस वर्ष सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम वर्षा होने की आशंका है। यदि ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर धान जैसी खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहें और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती संबंधी कार्य करें।
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर गांव में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राजेश (पुत्र दिवारीलाल) के रूप में हुई है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। यह घटना शुक्रवार दोपहर को हुई, जब राजेश ने गांव निवासी गिरिंद सिंह के खेत में एक पेड़ से रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचायतनामा भरा। इसके बाद, पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि राजेश कुछ लोगों के कर्ज से परेशान थे, जिसके कारण उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। राजेश अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी एक चार महीने की बच्ची भी है। कोतवाल विद्यासागर पाल ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
सतना जिले की चित्रकूट थाना पुलिस ने शुक्रवार को एक हत्याकांड का खुलासा किया है। सती अनुसुईया मार्ग पर झाड़ियों में मिले युवक के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला 8 जून का है, जब सती अनुसुईया मोड़ के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवक का खून से लथपथ शव मिला था। उसकी गर्दन धारदार हथियार से रेती गई थी। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद पुलिस ने पंपलेट, सोशल मीडिया और साइबर सेल की मदद ली। तीन दिन बाद, शव की पहचान प्रयागराज निवासी 35 वर्षीय संदीप भारती पिता सूर्यपाल भारती के रूप में हुई। मृतक की मां और पत्नी ने उसकी पहचान की पुष्टि की थी। शक के आधार पर पत्नी से की पूछताछपुलिस जांच के दौरान मृतक की पत्नी अनीता देवी से पूछताछ और साइबर सेल की तकनीकी पड़ताल से अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि अनीता के अमित सिंह नामक युवक से पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। इसी बात को लेकर संदीप और अनीता के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, इन्हीं अवैध संबंधों के चलते पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बताया कि 7 जून को अमित सिंह और उसके साथी शेरा उर्फ राजू निषाद, संदीप को चित्रकूट घुमाने के बहाने बाइक से सती अनुसुईया मार्ग पर ले गए। रास्ते में एक पुल के पास पेशाब करने का बहाना बनाकर उसे बाइक से उतारा गया और फिर धारदार चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया था। आरोपी हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फोन, पहचान संबंधी दस्तावेज और जेब में रखी नकदी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। चाकू, बाइक और मोबाइल बरामदतकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पत्नी अनीता देवी, उसके प्रेमी अमित सिंह और शेरा उर्फ राजू निषाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त खून लगा बड़ा चाकू, बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल और घटना से जुड़े पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
मुरादाबाद की शिक्षाविद् प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा को फ्रांस में आयोजित होने वाली नौवीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। गोकुल दास हिन्दू गर्ल्स महाविद्यालय की प्राचार्य और बरेली कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मेहरोत्रा 23 जून से 3 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शामिल होंगी। सम्मेलन में वह वैश्विक परिप्रेक्ष्य में योग : प्राचीन ज्ञान और समकालीन प्रासंगिकता का समन्वय विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी। उनके शोध का केंद्र भारतीय योग परंपरा की वैश्विक उपयोगिता और वर्तमान समय में उसकी बढ़ती स्वीकार्यता है। प्रोफेसर मेहरोत्रा का कहना है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। सदियों से योगियों और महर्षियों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखा है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मनुष्य के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम भी है। तनावभरे दौर में बढ़ी योग की जरूरत उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। आधुनिक जीवन प्रणाली में योग स्वास्थ्य और मानसिक शांति दोनों के लिए प्रभावी साधन बनकर उभरा है। भारतीय अंग्रेजी साहित्य के अनेक लेखकों ने भी अपनी कृतियों में योग की महत्ता का उल्लेख किया है। पश्चिमी देशों में भी बढ़ रही स्वीकार्यता प्रोफेसर मेहरोत्रा के अनुसार, वर्तमान समय में यूरोप और पश्चिमी देशों के लोग भी बड़े पैमाने पर योग को अपना रहे हैं। यह भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु यूं ही नहीं कहा जाता, बल्कि यहां की प्राचीन विद्या, दर्शन और जीवन मूल्य आज भी पूरी दुनिया को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। मुरादाबाद की प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलने से शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में प्राप्त चढ़ावे की राशि और संपत्तियों के कथित गबन के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है। इस मामले में अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक द्वारा व्यक्तिगत रूप से दाखिल की गई याचिका में कोर्ट से कथित गबन के मामले की सीबीआई जांच कराने तथा आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। कैग से ऑडिट कराने की मांग याचिका में यह भी मांग की गई है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित नकद धनराशि, सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से विशेष ऑडिट कराया जाए।याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित समाचार विभिन्न मीडिया माध्यमों में प्रकाशित हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और वित्तीय लेखा परीक्षण जरूरी है। केंद्र, राज्य सरकार समेत कई पक्षकार बनाए गए जनहित याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, सीबीआई, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है।याचिका में कहा गया है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग से ऑडिट कराया जाना जनहित में आवश्यक है।
आसाराम ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में दायर अपनी अर्जी को वापस ले लिया है। सूरत की युवती से रेप के मामले में गांधीनगर सेशंस कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं, राजस्थान में रेप मामले में वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बता दें कि आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। गुजरात हाईकोर्ट ने 15 जून तक बढ़ाई थी अंतरिम जमानत गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत रेप केस में आसाराम की अंतरिम जमानत को 15 जून तक बढ़ाया था। इसके बाद आसाराम ने मेडिकल आधार पर अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए आवेदन किया था, जिसे अब वापस ले लिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा को ठहराया आसाराम ने रेप मामले में मिली आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में भी अपील की थी। इस अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को आसाराम की सजा को उचित ठहराया था, जिसके बाद उसने जोधपुर जेल में सरेंडर किया था। सरकारी वकील ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा था कि राजस्थान हाईकोर्ट में उसकी अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। इसलिए आसाराम की अंतरिम जमानत की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। तीन दिन पहले खाने के साथ अल्कलाइन पानी भी देने के दिए थे आदेश इससे पूर्व आसाराम को जेल में खाने के साथ अल्कलाइन पानी भी देने का आदेश दिया गया था। दरअसल, आसाराम ने 28 मई को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद से जेल प्रशासन ने आसाराम को जेल में पहले मिलने वाली सुविधाओं को बंद कर दिया था। इसको लेकर आसाराम की ओर से एक याचिका लगाई गई थी। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को जेल में उपलब्ध कराई जा रही विशेष चिकित्सा एवं सहायक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश में कहा था- ‘किसी कैदी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जातीं क्योंकि उसके खिलाफ अपील का निस्तारण हो चुका है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त आसाराम को पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा प्रदान की गई सुविधाएं आगे भी जारी रखी जाएं ताकि उसकी चिकित्सा जरूरतों और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।' जस्टिस संजीत पुरोहित की एकलपीठ ने आसाराम की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया था। ये खबर भी पढ़िए… 'भूत का साया' क्या था, शिल्पी-शरत को क्यों बरी किया:आसाराम की सजा बरकरार, 16 सवालों से जानिए हाईकोर्ट का फैसला हाईकोर्ट का फैसला-आसाराम को करना होगा सरेंडर, सजा बरकरार:नाबालिग से यौन उत्पीड़न केस में 2 आरोपी बरी, करीब एक महीने बाद सुनाया डिसीजन
नाथद्वारा पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित के बैंक खाते में 2 लाख रुपए वापस जमा करवाए हैं। डिंगेला निवासी सुदर्शन सिंह से सीमेंट खरीद के नाम पर फर्जी बिल भेजकर ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साइबर तकनीकी माध्यमों से राशि ट्रेस की और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पूरी रकम पीड़ित को वापस दिलाई। सीमेंट खरीद के नाम पर भेजा फर्जी बिल जानकारी के अनुसार डिंगेला निवासी सुदर्शन सिंह पुत्र मानसिंह ने नाथद्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। आरोपी ने सीमेंट खरीद को लेकर बातचीत की और विश्वास में लेकर सीमेंट का ऑर्डर देने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने एक फर्जी बिल भेजा। बिल के आधार पर पीड़ित से ऑनलाइन भुगतान करवाया गया और 2 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच मामले की शिकायत मिलने के बाद नाथद्वारा पुलिस ने साइबर तकनीकी माध्यमों से ठगी गई राशि की जांच शुरू की। पुलिस ने लेनदेन का पता लगाते हुए राशि को ट्रेस किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पीड़ित के खाते में लौटाई पूरी राशि जांच के बाद पुलिस ने ठगी गई पूरी 2 लाख रुपए की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा करवाई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देश पर साइबर अपराधों में ठगी गई राशि वापस दिलाने के अभियान के तहत की गई। इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका कार्रवाई में नाथद्वारा थाना अधिकारी कमलेन्द्र सिंह, कांस्टेबल ओमाराम और कांस्टेबल गोविंद सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने जारी की सलाह पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी या भुगतान करने से पहले विक्रेता और भुगतान संबंधी जानकारी की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था ने देवरिया कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने भवन में एक बैठक आयोजित की। शुक्रवार को हुई इस बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। संस्था के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। संस्था के मंत्री लालसा यादव ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए संगठन को सजग और सक्रिय रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। त्रिपाठी ने यह भी जानकारी दी कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े कई लंबित मामलों का निस्तारण कराया गया है और इस दिशा में आगे भी प्रयास जारी रहेंगे। मंत्री लालसा यादव ने कोरोना काल के 18 माह के महंगाई भत्ते (डीए) का अब तक भुगतान न होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षकों को चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रखे जाने को भी एक गंभीर मुद्दा बताया। सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री सुदर्शन कुशवाहा ने सरकारी विभागों और विद्यालयों में रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति की मांग उठाई। संगठन मंत्री रामबिलास मणि ने निजीकरण और व्यवसायीकरण पर अपनी चिंता व्यक्त की। संयुक्त मंत्री दिग्विजयनाथ सिंह ने 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन वृद्धि को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः लागू करने की मांग की। बैठक में संस्था के आजीवन सदस्य स्वर्गीय नागेंद्र विश्वकर्मा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अंत में, अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने सभी उपस्थित पेंशनरों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्त करने की घोषणा की।
झालावाड़ में शहर के गांवघेर स्थित हजरत रोशन अली उर्फ काले शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर शुक्रवार को उर्स का आगाज हुआ। पहले दिन तकरीर और मिलाद शरीफ का कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए और सूफी परंपरा के संदेशों को सुना। इस अवसर पर आलिम मोईन अशरफ ने तकरीर करते हुए हजरत मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने, इंसानियत, भाईचारे और अमन का संदेश अपनाने पर जोर दिया। हाफिज शहीद रज़ा ने देश की एकता और संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भारत को दुनिया के श्रेष्ठ देशों में से एक बताया, जहां संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। हाफिज हसनैन ने अपनी तकरीर से लोगों में उत्साह का संचार किया, जबकि हाफिज दिलावर और मौलाना अब्दुल रशीद ने नात-ए-पाक पेश कर समां बांध दिया। जायरीन ने अकीदत के फूल पेश किएकार्यक्रम में हाफिज शाकिर, हाफिज जाकिर, सदर इमरान खान, नायब सदर मोहम्मद वसीम, सेक्रेटरी बंटू खान, शाहिद खान, कैशियर वसीम अकरम, पूर्व सदर भूरू भाई, सबरी ट्रेलर के शबाब खान एडवोकेट, जुगनू खान, रमजान भाई, इमरान चौधरी, राशिद खान, वाजिद खान, शकील खान, अफसार खान, रिजवान खान, कादिर बाबा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सैकड़ों जायरीन ने दरगाह पर अकीदत के फूल पेश किए। 2 दिन होगा कव्वाली कार्यक्रमउर्स कमेटी के प्रवक्ता आसिफ शेरवानी ने बताया कि 12 और 13 जून को ईशा की नमाज के बाद रात 10 बजे से कव्वाली कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मुंबई के प्रसिद्ध कव्वाल अमन साबरी और दिलशाद-इरशाद साबरी सहित देश की नामचीन कव्वाल पार्टियां अपनी प्रस्तुति देंगी। लंगर कमेटी की ओर से बाहर से आने वाले जायरीन के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, चकरी, मिकी माउस सहित विभिन्न खेल-खिलौनों की दुकानें भी सज गई हैं, जिससे मेले में रौनक बढ़ गई है। आयोजन को लेकर समाज के लोगों में भारी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग मेले तथा कव्वाली कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
मोतिहारी पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 108 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर यह अभियान सफल बनाया। जिला आसूचना इकाई और सभी थानों के समन्वय से मोबाइल ट्रैकिंग की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहाबरामद किए गए 108 मोबाइलों में से 30 फोन विशेष अभियान के तहत और 78 फोन भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर बरामद किए गए। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोबाइल प्राप्त करने वालों में 23 विद्यार्थी, 5 गृहिणी, 1 किसान, 2 सरकारी कर्मचारी, 13 व्यवसायी, 5 निजी क्षेत्र के कर्मचारी, 2 अधिवक्ता, 2 चालक, 9 मजदूर और 46 अन्य वर्ग के लोग शामिल हैं। मोबाइल मिलने के बाद लाभार्थियों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस फोन के मिलने की उम्मीद उन्होंने छोड़ दी थी, उसे पुलिस ने ढूंढ निकाला। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जिले में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 20 चरणों में कुल 1965 मोबाइल फोन बरामदउन्होंने कहा कि आम जनता का सहयोग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से इस तरह की सफलता मिल रही है। गौरतलब है कि अब तक इस अभियान के 20 चरणों में कुल 1965 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 85 लाख 61 हजार रुपये आंकी गई है। यह उपलब्धि पुलिस की तकनीकी दक्षता और जनता के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा:मसाला कारोबारियों के प्रतिष्ठानों से 19 नमूने लिए गए
बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान मसाला कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। दो दिवसीय इस अभियान में कुल 19 खाद्य नमूने एकत्र कर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यह अभियान सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 विनीत कुमार के नेतृत्व में 11 और 12 जून को चलाया गया। विभाग की टीम ने शिकारपुर, खुर्जा, औरंगाबाद रोड, स्याना और रेलवे रोड स्थित कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। अभियान के तहत धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, सोंठ पाउडर, मिर्च पाउडर, जीरा, मिक्स मसाला, हींग और अन्य मसालों के ब्रांडेड तथा खुले नमूने लिए गए। विभागीय टीम ने नियमानुसार सैंपल एकत्र कर उन्हें जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज वर्मा, राम मिलन राना, हरेन्द्र कुमार, मनीषा शर्मा, अनिल कुमार कौशल, संजीव कुमार, सुनील कुमार सिंह, मुनेन्द्र सिंह राना और वरिष्ठ सुपरवाइजर बिहारी लाल शुक्ला सहित विभागीय टीम शामिल थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आम जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
लखीमपुर खीरी के प्रसिद्ध शिवधाम लिलौटी नाथ मंदिर में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार की पहल और निगरानी से मंदिर परिसर तथा आसपास का क्षेत्र विकसित हो रहा है। वर्षों से लंबित बुनियादी सुविधाओं के कार्य अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। शुक्रवार को सीडीओ अभिषेक कुमार ने लिलौटी नाथ मंदिर पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की समीक्षा की। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण और पुल निर्माण कार्य की जानकारी दी गई। यह कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी। मंदिर परिसर में नए विद्युत पोल और प्रकाश व्यवस्था भी स्थापित की गई है, जिससे रात्रिकालीन सुरक्षा और सुविधाएं बेहतर हुई हैं। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन चबूतरा अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने पर श्रद्धालुओं को बैठने और पूजा-अर्चना के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी। इसके अतिरिक्त, परिसर में स्टील बेंच लगाने की भी तैयारी चल रही है। नदी और घाट क्षेत्र में चलाए गए सफाई अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। व्यापक सफाई के बाद घाट को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र का धार्मिक और पर्यटन महत्व बढ़ा है। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों से भी संवाद किया और विकास कार्यों को आपसी समन्वय से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बताया कि लंबे समय बाद मंदिर परिसर में इतने व्यापक स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नवागत प्रथम महिला जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रेणु तोमर और संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल का स्वागत किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल-मालाएं और पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. सुनीत गिरी, संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार पाठक, जिला मंत्री पुष्पेश मिश्र तथा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। डॉ. सुनीत गिरी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधायक निर्वाचन के पूर्व प्रत्याशी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय से शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की व्यक्तिगत समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं छात्रोन्मुख बनती है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में संगठन की संरक्षक डॉ. मधुबाला त्यागी, कोषाध्यक्ष आफताब आलम, प्रधानाचार्य राजीव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, प्रधानाचार्य नरेश कुमार, फैसल मसरूर सिद्दीकी, संजीव कुमार बिश्नोई, वीरपाल सिंह तथा यशपाल सिंह सहित कई शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग दलित किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा से शिकायत की। परिजनों ने बताया कि गुरुवार रात किशोरी दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के एक युवक ने उसे सुनसान मकान में ले जाकर कथित तौर पर दुष्कर्म किया। जब किशोरी काफी देर तक घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उन्होंने किशोरी को आरोपी युवक के साथ पकड़ा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंचे और उनके घर में घुसकर मारपीट की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जान से मारने की धमकी दी गई और उन पर हमला किया गया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। परिवार का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित पक्ष शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा से मिला और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी वर्मा ने तत्काल रतनपुरी थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। एसएसपी के निर्देशों के बाद, रतनपुरी थाना पुलिस अपनी गाड़ी लेकर पुलिस ऑफिस पहुंची और पीड़िता तथा उसके परिवार को अपने साथ ले गई। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एनसीसी कैडेट्स के लिए कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) अभ्यास सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र शुक्रवार को भूपियामऊ स्थित संगम इंटरनेशनल स्कूल में हुआ, जिसमें 18 बटालियन एनसीसी, प्रतापगढ़ के कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह विशेष योग सत्र 'Yoga for Healthy Ageing' थीम के अंतर्गत आयोजित किया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सुमन कुशवाहा के निर्देशन में कैडेट्स को कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया। इस दौरान उन्हें योग एवं प्राणायाम के माध्यम से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने, तनावमुक्त जीवन शैली अपनाने तथा तन-मन को स्वस्थ, शांत और प्रसन्न रखने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. सुमन कुशवाहा ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए कैडेट्स को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। वहीं, लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह यादव ने अनुशासित एवं स्वस्थ जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में डॉ. त्रिभुवन राम, डॉ. जय प्रकाश कुशवाहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आयुष) कृष्ण कुमार मौर्य, योग प्रशिक्षक राकेश कुशवाहा, सुनीता सिंह, सुमन सिंह, योग सहायक अजय त्रिपाठी और सतीश सिंह सहित एनसीसी स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ और सभी प्रतिभागियों ने योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को बाराबंकी पहुंचे। उन्होंने दौलतपुर गांव स्थित पद्मश्री किसान राम शरण वर्मा के हाईटेक फार्म हाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने आधुनिक कृषि तकनीकों और केले व टमाटर की खेती के विभिन्न मॉडलों को देखा। मीडिया से बातचीत करते हुए जल शक्ति मंत्री ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी की बेटी या परिवार पर निजी सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया और कहा कि यह ठीक नहीं है। मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश के कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने पद्मश्री किसान राम शरण वर्मा के कृषि मॉडल की सराहना की। मंत्री ने कहा कि वर्मा का यह मॉडल देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
औरंगाबाद शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पिछले दो दिनों से सघन अभियान चलाया जा रहा है। सुबह होते ही जेसीबी मशीनों और प्रशासनिक टीम की कार्रवाई शुरू हो जाती है। सड़क किनारे लगे ठेले, फुटपाथी दुकानों और अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है। इस कार्रवाई से फल और सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी बढ़ गई है। शुक्रवार को औरंगाबाद फल और सब्जी विक्रेता संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक कार्रवाई की कड़ी आलोचना की गई। संघ के सदस्यों ने कहा कि वे शहर को जाम मुक्त बनाने के पक्षधर हैं, लेकिन बिना वैकल्पिक व्यवस्था पूरी किए दुकानों को हटाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि ठेले और दुकान की सामग्री जब्त किए जाने से कई छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हुई है। संघ ने मांग की कि प्रशासन पहले नए बाजार में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए, उसके बाद ही पूरी तरह से स्थानांतरण कराया जाए। नए सब्जी मंडी परिसर में सुविधाओं के अभाव का आरोप संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के उद्देश्य से 14 जुलाई 2025 को मुफस्सिल थाना के पास पांडेयपुर में साढ़े तीन बीघा जमीन 18 साल के लिए लीज पर ली गई थी। इसके लिए हर साल दो लाख रुपये किराया तय किया गया। वहां 82 दुकानों का निर्माण भी कराया गया, जहां 31 मई 2026 से दुकानदारों को शिफ्ट होना था। दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन ने बिजली, टॉयलेट, पेयजल और संपर्क पथ जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह व्यवस्था पूरी नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि बाजार परिसर की जमीन अभी भी मिट्टी भराव की स्थिति में है और बारिश होने पर वहां दलदल बनने की आशंका है। बुधवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी के साथ हुई बैठक में भी इन समस्याओं को उठाया गया था। उस दौरान एक सप्ताह के अंदर बायो टॉयलेट और पानी के टैंकर की व्यवस्था का आश्वासन मिला, लेकिन दुकानदार इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। प्रशासन का सख्त रुख, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी दूसरी ओर, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन हर स्तर पर दुकानदारों के साथ खड़ा है और नई मंडी में सुविधाएं विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। दुकानदार फिलहाल उपलब्ध व्यवस्था के साथ नए स्थल पर स्थानांतरित हो जाएं, शेष सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करा दी जाएंगी। एसडीओ ने कहा कि शहर की मुख्य सड़कें लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही हैं, जिसके कारण आम लोगों को जाम और यातायात बाधित होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन का दायित्व है कि नागरिकों को सुगम यातायात उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क पर दोबारा दुकान लगाने या अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि शहर को जाममुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा।
हरदा जिले की कृषि उपज मंडी आगामी तीन दिनों और फिर 17 जून को बंद रहेगी। मंडी में नीलामी कार्य 13 से 15 जून तक और फिर 17 जून को स्थगित रहेगा। मंडी सचिव हरनारायण भिलाला ने सभी किसान भाइयों को इस संबंध में सूचित किया है। उन्होंने बताया कि 13 जून को द्वितीय शनिवार का बैंक अवकाश, 14 जून को रविवार और 15 जून को सोमवती अमावस्या के कारण मंडी बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती का अवकाश होने के कारण भी मंडी में नीलामी कार्य नहीं होगा। सचिव भिलाला ने क्षेत्र के किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे इन निर्धारित तिथियों पर अपनी कृषि उपज बेचने के लिए मंडी न लाएं।
हांसी स्थित गांव चानौत में भाखड़ा पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। इस धरने को आम आदमी पार्टी (AAP) हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता और पार्टी के हांसी जिला अध्यक्ष राजेंद्र सोरखी ने समर्थन दिया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार पर निशाना साधा। धरने को संबोधित करते हुए सुशील गुप्ता ने कहा कि चानौत के ग्रामीणों का यह आंदोलन अब केवल हांसी या हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है। AAP नेता ने उठाए हर घर नल-हर घर जल योजना पर सवाल गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार की 'हर घर नल- हर घर जल' जैसी योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ इनका प्रचार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कई गांवों के लोग आज भी साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि ऐसे नल का क्या लाभ, जिसमें पीने योग्य पानी ही न आए। सुशील गुप्ता ने दावा किया कि हरियाणा के लगभग 70 से 80 प्रतिशत गांवों में पेयजल व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और लोग खारा पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी चानौत के ग्रामीणों की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक निर्णय ले सरकार : सोरखी वहीं, हांसी जिला अध्यक्ष राजेंद्र सोरखी ने कहा कि इतने दिनों से लगातार धरना जारी रहने के बावजूद समस्या का समाधान न होना सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। ग्रामीणों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जब तक गांव को हांसी के लिए जा रही भाखड़ा पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 28 दिनों से चल रहे इस धरने को अब विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
जीरा 20,500 और सौंफ 11,500 रुपए तक तेज:सिन्धी सुवा के दामों में भी 500 रुपए का आया उछाल
नागौर कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को मसाला फसलों के दामों में मजबूती देखने को मिली है, जहां जीरा, सौंफ और सिन्धी सुवा के अधिकतम भावों में उछाल आया है। वहीं दूसरी ओर दाना मैथी, तारामीरा और ज्वार की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मूंग, ग्वार और तिलहन समेत अन्य प्रमुख जिंसों के भाव पिछले कारोबारी दिन की तरह स्थिर बने हुए हैं। जीरा और सौंफ के भावों में तेजी मंडी में मुख्य मसाला फसलों के अधिकतम भावों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जीरे का अधिकतम भाव 20000 रुपए से बढ़कर 20500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया, जबकि इसका न्यूनतम भाव 15000 रुपए पर स्थिर रहा। सौंफ के अधिकतम भाव में भी 500 रुपए की तेजी आई है, जिससे यह 11000 रुपए से बढ़कर 11500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। सौंफ का न्यूनतम भाव 6500 रुपए बना हुआ है। इसबगोल की नई आवक पिछले कारोबारी दिन यानी 10 जून को मंडी में इसबगोल की आवक न होने के कारण भाव शून्य थे। शुक्रवार को इसबगोल के नए भाव खुले हैं, जिसमें न्यूनतम भाव 9000 रुपए और अधिकतम भाव 11500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है। दाना मैथी, तारामीरा और ज्वार में मंदी कुछ जिंसों के दामों में गिरावट भी देखी गई है। दाना मैथी का अधिकतम भाव 6100 रुपए से घटकर 6000 रुपए रह गया है, हालांकि न्यूनतम भाव 5700 रुपए पर ही टिका है। तारामीरा के न्यूनतम और अधिकतम दोनों भावों में गिरावट आई है। इसका न्यूनतम भाव 5800 रुपए से घटकर 5700 रुपए और अधिकतम भाव 5900 रुपए से घटकर 5850 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। ज्वार का अधिकतम भाव भी 6000 रुपए से कम होकर 5800 रुपए पर आ गया है, जबकि न्यूनतम भाव 5000 रुपए पर स्थिर है। चना और सिन्धी सुवा मजबूत सिन्धी सुवा के अधिकतम भाव में 500 रुपए का उछाल आया है, जिससे यह 7000 रुपए से बढ़कर 7500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। चने के अधिकतम भाव में भी मामूली 50 रुपए की वृद्धि हुई है, जिसके बाद यह 5350 रुपए से बढ़कर 5400 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। चने का न्यूनतम भाव 5000 रुपए पर बरकरार है। इन फसलों के भाव रहे स्थिर मंडी में मूंग, ग्वार, असालिया, काला तिल, सफेद तिल और सरसों के भावों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मूंग के भाव 5500 से 7850 रुपए, ग्वार के भाव 5000 से 5625 रुपए, असालिया के भाव 6000 से 6100 रुपए, काले तिल के भाव 9000 से 9500 रुपए और सफेद तिल के भाव 10000 से 10500 रुपए प्रति क्विंटल पर पूरी तरह स्थिर रहे। सरसों (रायडा) का भाव भी औसत 40 प्रतिशत फेट (तेल) के आधार पर 7300 रुपये प्रति क्विंटल पर यथावत बना हुआ है।
बड़ौद से लापता नाबालिग लड़की गुजरात में मिली:युवक अपहरण के आरोप में गिरफ्तार, कोर्ट ने जेल भेजा
आगर मालवा जिले के बड़ौद थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग लड़की गुजरात के राजकोट शहर में मिली है। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गुरुवार रात लड़की को पुलिस साथ ले आई है। बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह बैस ने बताया कि 8 जून 2026 को एक नाबालिग लड़की के घर से अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजन ने शिकायत में महिदपुर के रहने वाले रोहित सूर्यवंशी पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का शक जताया था। इस आधार पर पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया। राजकोट में मिली लोकेशन, टीम ने दी दबिश नाबालिग का सुराग लगाने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी सबूतों (साइबर सेल) की मदद ली और मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी लड़की को लेकर गुजरात के राजकोट शहर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही बड़ौद पुलिस की टीम राजकोट पहुंची और नाबालिग को सुरक्षित छुड़ा लिया। इसके साथ ही संदेही रोहित (पिता तूफानसिंह सूर्यवंशी, निवासी महिदपुर) को भी हिरासत में ले लिया गया। आरोपी भेजा गया जेल शुक्रवार को पुलिस पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद आरोपी रोहित सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि लापता और अपहरण किए गए बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकालना पुलिस की पहली प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में बिना देरी किए त्वरित एक्शन लिया जा रहा है।
डीडवाना में 3 दिवसीय स्तरीय प्रदर्शनी शुरू:केंद्र-राज्य की 12 साल की विकास यात्रा दर्शाई
डीडवाना में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर आधारित 3 दिवसीय जिला स्तरीय प्रदर्शनी का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' शीर्षक वाली यह प्रदर्शनी पुरानी पंचायत समिति परिसर में आयोजित की गई। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने फीता काटकर किया। कलेक्टर मीना ने इस अवसर पर कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से पिछले 12 वर्षों में देश के आधारभूत ढांचे, सामाजिक सेवाओं और संस्थागत विकास में हुए महत्वपूर्ण बदलावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। 'युवाओं के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी'उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित होगी। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मौजूद जितेंद्र सिंह जोधा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। 14 जून तक चलेगी प्रदर्शनीइस अवसर पर एडीएम विकास मोहन भाटी, नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह, ओमप्रकाश मोदी सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और लो गमौजूद रहे। यह प्रदर्शनी 14 जून तक आमजन के लिए निःशुल्क खुली रहेगी। नागरिक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुरानी पंचायत समिति परिसर में पहुंचकर इसका अवलोकन कर सकते हैं।
दरभंगा में 2 साल पहले चचेरी बहन से लव मैरिज करने वाले शख्स ने अपनी पत्नी के सिर में 3 गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को घटनास्थल से गोलियों के 3 खोखे मिले हैं। महिला की हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंचे उसके पिता ने बताया कि दामाद टॉप मॉडल स्कॉर्पियो, 10 भर सोना, 20 लाख रुपए कैश की डिमांड कर रहा था। उन्होंने कहा कि दहेज के लिए मेरी बेटी की हत्या की गई है। वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने उसके परिवार के 4 सदस्यों को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। घटना कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर पश्चिमी गांव की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के पिता के आरोपों के आधार पर मामले की पड़ताल जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान ब्रह्मपुर पश्चिमी गांव की रहने वाले नीलेश भारद्वाज की बेटी 24 साल की साक्षी कुमारी, जबकि आरोपी की पहचान उसके पति शिशिर भारद्वाज के रूप में हुई है। साक्षी ने लगभग 2 साल पहले गांव के ही रहने वाले ललन ठाकुर के बेटे से लव मैरिज की थी। सबसे पहले जानिए, मृतका और आरोपी पति की प्रेम कहानी मृतका के पिता के मुताबिक, शिशिर भारद्वाज रिश्ते में मेरा भतीजा लगता था। इस रिश्ते से साक्षी और शिशिर भाई-बहन थे, इसलिए मैं शुरुआत से इस शादी के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि मेरा परिवार हरियाणा के फरीदाबाद में रहता है, जहां मैं सिविल इंजीनियर के पद पर काम करता हूं, जबकि मेरी पत्नी मेकअप आर्टिस्ट है। नीलेश भारद्वाज के मुताबिक, मेरा बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। साक्षी मेरी इकलौती बेटी थी। साक्षी भी हम लोगों के साथ फरीदाबाद में ही रहती थी, लेकिन उसकी पढ़ाई दरभंगा से चल रही थी। परीक्षा देने के लिए साक्षी अक्सर दरभंगा आती-जाती थी। उन्होंने कहा कि चूंकि शिशिर हमारे ही परिवार का एक हिस्सा था, इसलिए साक्षी और शिशिर की मुलाकात अक्सर होती थी। हम लोगों की गैरमौजूदगी में शिशिर और साक्षी के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इस बात की जानकारी हम लोगों को नहीं थी। नीलेश ने बताया कि मेरे माता-पिता यानी साक्षी के दादा-दादी गांव में ही रहते हैं, उनके पास ही साक्षी भी रहती थी। 6 महीने तक चले अफेयर के बाद साक्षी और शिशिर ने की थी लव मैरिज नीलेश भारद्वाज ने बताया कि करीब छह महीने तक साक्षी और नीलेश का प्रेम प्रसंग चला था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में परिवार को इस विवाह की जानकारी नहीं थी, लेकिन जब इसकी जानकारी मिली तो शुरुआत में मैंने शादी का विरोध किया, लेकिन मॉर्डन समाज को देखते हुए कुछ दिनों बाद बेटी की शादी को स्वीकार कर लिया। मेरी खुशी मेरी बेटी की खुशी में थी। मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद मुझे पता चला कि शिशिर आपराधिक प्रवृति का है और वो मेरी बेटी को शादी के बाद से ही शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। बेटी को ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, जिसकी जानकारी उसे समय-समय पर मिलती रहती थी। 'दामाद टॉप मॉडल स्कॉर्पियो, सोना और कैश की डिमांड करता था' नीलेश भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शिशिर अक्सर कहता था कि अगर मेरी अरेंज मैरिज होती तो मुझे 10 भर सोना, 20 लाख रुपए कैश और एक टॉप मॉडल स्कॉर्पियो मिलती, जबकि प्रेम विवाह के कारण उसे कुछ नहीं मिला। वो बेटी के जरिए अक्सर इन सबकी डिमांड करता था, जबकि मेरी बेटी हमेशा उसके डिमांड का विरोध करती थी। इसी बात को लेकर शिशिर, उसकी मां, शिशिर की भाभी, शिशिर का छोटा भाई मेरी बेटी से मारपीट करते थे, उसे जान से मारने की धमकी देते थे। उन्होंने बताया कि बेटी पर हो रहे दबाव के कारण मैंने कुछ महीने पहले ही करीब पांच लाख रुपए, छह भर सोना, फर्नीचर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान दहेज के रूप में दिया था। गाड़ी की मांग को लेकर मैंने कहा था कि भविष्य में बेटी को बच्चा होगा तो गाड़ी भी दे दूंगा। ‘बेटी की हत्या की सूचना के बाद घर आया, वो खून से लथपथ पड़ी थी’ नीलेश ने बताया कि मुझे पड़ोसियों ने जानकारी दी थी कि आपकी बेटी के घर में गोली चली है, जिसके बाद से आपका दामाद परिवार के साथ फरार है। मैं वारदात के वक्त गांव में ही मौजूद था। मेरा और बेटी का ससुराल 100 मीटर की दूरी पर ही है। जब मैं बेटी के ससुराल पहुंचा तो देखा कि घर के दरवाजे पर कुंडी लगी है। अंदर पहुंचा तो देखा कि बेटी बिस्तर पर लहूलुहान पड़ी हुई है। मैंने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा। मृतका के पिता ने बताया कि उन्होंने कमतौल थाना में आवेदन देकर दामाद समेत उसके परिवार के अन्य सदस्यों को नामजद किया है। उधर, वारदात की सूचना के बाद कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार और अन्य पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। घटना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी अशोक चौधरी, सदर-2 कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की।
हरदोई में अपनी पत्नी को विदा कराने जा रहे एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर उसकी बाइक के सामने अचानक मोर आ गया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर एक लोडर से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद भीड़ ने लोडर और उसके चालक को पकड़ लिया। मृतक की पहचान हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर पंजा मजरा बेहटा रम्पुरा निवासी बलवीर के 24 वर्षीय पुत्र सोनू राजपूत के रूप में हुई है। सोनू की शादी 6 मई को सांडी थाने के समजलपुर निवासी रामखिलावन की बेटी रुचि से हुई थी। रुचि अपने मायके में थी और सोनू उसे विदा कराने जा रहा था। यह हादसा सांडी-जरौली नेवादा रोड पर भावपुरवा के पास हुआ। सोनू जैसे ही इस स्थान पर पहुंचा, अचानक एक मोर उसकी बाइक के सामने आ गया। मोर को बचाने के प्रयास में सोनू की बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे एक लोडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सोनू राजपूत खेती-बाड़ी का काम करता था और वह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
लखीमपुर मेंमिट्टी का अवैध खनन जारी:जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से मिट्टी की खुदाई
लखीमपुर खीरी के जिला मुख्यालय से सटे रामापुर कस्बे में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि खनन माफिया प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी का अवैध खनन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। रामापुर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से मिट्टी की खुदाई की जा रही है। इसके बाद मिट्टी को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग से अवैध रूप से खनन की गई मिट्टी का परिवहन किया जाता है, उसी रास्ते से पुलिस, खनन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं। इसके बावजूद खनन पर रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि कार्रवाई के अभाव में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों और खबरों के बावजूद जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। अवैध खनन से जहां एक ओर सरकारी राजस्व प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लगातार मिट्टी कटान से भूमि की संरचना प्रभावित होने के साथ-साथ ग्रामीण मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कानपुर की लेदर फैक्ट्री में लगी आग:काले धुएं से दहशत में आए लोग, मजदूरों ने भागकर बचाई जान
कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र स्थित एक लेदर फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग फैक्ट्री के स्प्रे डिपार्टमेंट में लगी और देखते ही देखते उसने अंदर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान मौजूद मजदूरों ने समय रहते बाहर निकलकर जान बचाई, जबकि फैक्ट्री से उठते काले धुएं के गुबार से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, जाजमऊ के केडीए निवासी अरशद की ‘एक्ने ट्रेनर्स’ नामक लेदर फैक्ट्री हिंदुस्तान कंपाउंड में स्थित है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर बने स्प्रे डिपार्टमेंट में रखे कंप्रेसर में कथित शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। उस समय विभाग में छह से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। मजदूरों ने भागकर बचाई जानआग लगते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। सभी मजदूर किसी तरह फैक्ट्री से बाहर निकलने में सफल रहे और आसपास के लोगों को भी सतर्क किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और फैक्ट्री के बाहर भीड़ जमा हो गई। एक घंटे तक चलता रहा आग बुझाने का प्रयासकर्मचारियों ने टेनरी में उपलब्ध उपकरणों और पड़ोसी फैक्ट्रियों से पाइप लगाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। काले धुएं से सहमे लोग, घरों से निकले बाहरफैक्ट्री से निकल रहे घने काले धुएं को देखकर आसपास के लोग घबरा गए। कई परिवार एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर खड़े रहे। लेदर फैक्ट्रियों में बड़ी मात्रा में केमिकल, चमड़ा और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण दमकल कर्मियों को विशेष सतर्कता के साथ रेस्क्यू और आग बुझाने का काम करना पड़ा। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारीफायर अधिकारी राहुल नंदन ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग फैक्ट्री में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
इलाहाबाद जन कल्याण समिति के अध्यक्ष वकील मोहम्मद हन्जला ने नाज़िया इलाही खान द्वारा मोहर्रम एवं मुस्लिम समुदाय के संबंध में कथित रूप से दिए जा रहे विवादित बयानों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को डाक द्वारा प्रार्थना-पत्र भेजा है। मोहम्मद हन्जला ने कहा कि 17 जून से मोहर्रम का पवित्र महीना प्रारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में किसी भी धर्म, समुदाय अथवा धार्मिक परंपरा के संबंध में दिए जाने वाले विवादित बयान सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि नाज़िया इलाही खान द्वारा सोशल मीडिया एवं विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर मोहर्रम तथा मुस्लिम समुदाय के संबंध में लगातार कथित रूप से आपत्तिजनक एवं विवादित टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त है और धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर गुस्सा हन्जला ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि नाज़िया इलाही खान के सोशल मीडिया पोस्टों एवं सार्वजनिक बयानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि जांच में कोई सामग्री कानून का उल्लंघन करने वाली अथवा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य या तनाव उत्पन्न करने वाली पाई जाए तो उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने तथा समाज में नफरत एवं वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि देश में सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारा बना रहे। मोहम्मद हन्जला ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, किंतु किसी भी धर्म, समुदाय अथवा उसकी धार्मिक परंपराओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
एंबुलेंस पुलिया से गिरी, एक घायल:नैनपुर में हादसा, घायल जबलपुर रेफर किया
मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हो गया। ग्राम सूभेवाड़ा के पास एक 108 एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में एंबुलेंस में सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय एंबुलेंस में चालक सहित दो लोग सवार थे। दुर्घटना में चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि दूसरे सवार अमरू को गंभीर चोटें लगी हैं। हादसे के बाद मौके से गुजर रहे एक बाइक सवार ने दोनों घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल नैनपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद अमरू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस में नहीं था मरीज नैनपुर के बीएमओ डॉ. राजीव चावला ने बताया कि एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। उन्होंने पुष्टि की कि चालक को सामान्य चोटें आई हैं, जबकि दूसरे घायल को आगे के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मोड़ पर हुआ हादसा 108 एंबुलेंस के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह ने बताया मोड़ पर अचानक सामने से कुछ लोग आ गए थे। उन्हें बचाने के प्रयास में एंबुलेंस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना की विस्तृत जानकारी स्थानीय स्तर से जुटाई जा रही है। फिलहाल, नैनपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
गोंडा। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने कार मालिक मोहम्मद शोएब और चालक मोहम्मद आबिद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को मालियनपुरवा के पास पावर हाउस करनैलगंज के आगे नहर पुलिया, करनैलगंज चौरी-चौराहा हाईवे मार्ग से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें गोंडा मुख्यालय स्थित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेजने के आदेश दिए गए। हादसे में 5 लोगों की गई जान पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर लापरवाही से वाहन चलाकर लोगों को रौंदने का आरोप है। इस हादसे में गुलशन चौहान, संजय कुमार तिवारी, हसन मोहम्मद और मोहम्मद शाकिर उर्फ इम्तियाज की मौके पर या उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल अंशुमान को गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। कई घायल, इलाज जारी घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले में घायलों के बयान और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दोनों आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी थी। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस बोली- दोनों ने ही दिया घटना को अंजाम करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने ही इस घटना को अंजाम दिया था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा में विवाहिता की संदिग्ध मौत:परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, DM से जांच कराने की मांग
अमरोहा के हसनपुर थाना क्षेत्र में 2 जून को हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को मायके पक्ष के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने विवाहिता की हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने इस प्रकरण में एक भाजपा नेता के हस्तक्षेप का भी दावा किया है। मिली जानकारी के अनुसार, सैद नंगली थाना क्षेत्र के गांव तरारा निवासी शीशपाल सिंह ने अपनी 24 वर्षीय बेटी प्रतिभा उर्फ पिंकी की शादी तीन साल पहले हसनपुर थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर कलां निवासी चेतराम के बेटे सोनू के साथ की थी। मृतका की चाची भावना का आरोप है कि दहेज की खातिर पिंकी की गला घोंटकर हत्या की गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस इस मामले में मनमाना रवैया अपना रही है और जांच में लापरवाही बरत रही है। उन्होंने एक भाजपा नेता पर भी मामले में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। मायके पक्ष ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच जिलाधिकारी की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने विवाहिता को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
जमुई में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर तटवासी समाज न्यास ने बाल मजदूरी के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। शुक्रवार को आयोजित इस अभियान में विभिन्न सरकारी विभागों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने भाग लिया और बाल श्रम उन्मूलन का संकल्प लिया। यह अभियान राज्य सरकार के निर्देशों के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसमें जून माह को बाल मजदूरी विरोधी 'एक्शन मंथ' के रूप में मनाया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान बाल मजदूरी की शिकायतों वाले क्षेत्रों में विशेष जांच, निगरानी और बच्चों को मुक्त कराने के लिए संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रम बचपन, शिक्षा और मूल अधिकार छीन लेतातटवासी समाज न्यास, बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्यरत देश के सबसे बड़े नेटवर्क 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। यह संस्था बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाती रही है। इस अवसर पर तटवासी समाज न्यास के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और मूल अधिकार छीन लेता है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों से अक्सर अमानवीय और खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जाता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जगह ढाबों, दुकानों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि विद्यालयों में है। पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बाल तस्करी की रोकथामसिंह ने यह भी बताया कि बाल तस्करी और बाल मजदूरी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। संस्था जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बाल तस्करी की रोकथाम, बच्चों की मुक्ति और उनके पुनर्वास के लिए लगातार कार्य करती रहेगी। संस्था के अनुसार, 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' नेटवर्क के सहयोगी संगठनों ने अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को तस्करी और बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मौके पर एसडीएम सौरव कुमार ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई।
चंदौली जिले के इलिया कस्बे में स्थित पशु चिकित्सालय की दयनीय स्थिति सामने आई है। शुक्रवार को किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने पाया कि पिछले दो वर्षों से कोई डॉक्टर, कंपाउंडर या चपरासी तैनात नहीं है। इसके चलते 30 से 35 गांवों के पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान, कार्यकर्ताओं ने देखा कि अस्पताल परिसर में झाड़-झंखाड़ का अंबार लगा हुआ है। अस्पताल की दीवारें ढह रही हैं और बाउंड्री गेट तथा अंदर के गेट पर ताला लटका हुआ था। पशुपालकों का आरोप है कि वे इलाज के लिए आते हैं, लेकिन गेट बंद देखकर निराश होकर लौट जाते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण पशुओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे तड़प-तड़प कर मर जाते हैं। पशुपालकों को अपने जानवरों के इलाज के लिए आठ से दस किलोमीटर दूर शहाबगंज या पंद्रह किलोमीटर दूर चकिया या चंदौली जाना पड़ता है। तत्काल इलाज न मिलने से पशुपालकों का पैसा और पशु दोनों बर्बाद हो रहे हैं। अस्पताल में जल्द डॉक्टर की नियुक्ति की मांग किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुमार मौर्य को मामले से अवगत कराया और अस्पताल में जल्द डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की। ब्लाक अध्यक्ष अशोक कुमार द्विवेदी ने जिलाधिकारी से तत्काल डॉक्टर नियुक्त करने का आग्रह किया, क्योंकि उपचार के अभाव में पशु असमय मर रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुमार मौर्य ने आश्वासन दिया कि जुलाई महीने की शुरुआत में इलिया पशु चिकित्सालय में योग्य चिकित्सक की नियुक्ति कर दी जाएगी। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जुलाई में डॉक्टर और कंपाउंडर की नियुक्ति नहीं हुई, तो किसान विकास मंच के कार्यकर्ता मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इस निरीक्षण और बैठक के दौरान राम अवध सिंह, अशोक कुमार द्विवेदी, अभय मौर्य, पीएन यादव और गोपाल यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष का उत्सव मनाने काशी पहुंचे। दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम का हेलीकाप्टर पुलिस लाइन मैदान में उतरा, जहां मंत्रियों और विधायकों ने उनका स्वागत किया। सीएम बनारस के चौकाघाट पर प्रधानमंत्री के उत्सव दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होने पहुंचे। सीएम प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करने के बाद लाभार्थियों से संवाद करेंगे। इसके अलावा 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों गिनाएंगे। पीएम स्वनिधि, स्ट्रीट वेंडर, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री लाभार्थियों को प्रमाणपत्र एवं स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। कार्यक्रम में सभी मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों की धूमडीएम ने बताया कि कार्यक्रम में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के अंतर्गत वाराणसी की पारंपरिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। लस्सी, तिरंगा बर्फी, लौंगलता और बनारसी पान के स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही लकड़ी के खिलौने और गुलाबी मीनाकारी जैसे स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। बाल विकास एवं महिला कल्याण, कृषि, उद्यान, पर्यटन, नेडा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, हथकरघा एवं श्रम, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, सेवायोजन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, पंचायती राज, मत्स्य तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित कई विभाग अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे। ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, नेत्र परीक्षण, सामान्य ओपीडी, आयुष्मान कार्ड निर्माण सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए चिकित्सकों की विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो प्रमाणपत्र जारी करने के साथ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेगी। सीएम करेंगे निर्माण कार्यों की समीक्षामुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान सर्किट हाउस में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना समेत शहर में चल रहे विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद वह बीएचयू में निर्माणाधीन नेशनल एजिंग सेंटर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री बीएचयू में आयोजित विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
दतिया में विरोधियों को हत्या के मामले में फंसाने के लिए एक युवक ने खौफनाक साजिश रची। शुक्रवार को अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने अपने दुश्मनों को जेल भिजवाने की नीयत से एक ऐसे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसका यहां कोई परिजन नहीं था। हत्या के बाद उसने खुद ही थाने पहुंचकर विरोधियों के खिलाफ झूठी कहानी गढ़ दी थी, लेकिन जांच में पूरा घटनाक्रम उलट गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चन्द्र की अदालत ने बड़ौनी निवासी राजेन्द्र उर्फ लला यादव (31) को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। यह मामला बड़ौनी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। ढाबे पर हत्या, फिर विरोधियों पर लगाया आरोपघटना 30 अक्टूबर 2024 की रात की है। राजेन्द्र यादव ने पुलिस को बयान दिया कि वह अपने भाइयों करन और प्रमोद के साथ प्रजापति ढाबे पर खाना खा रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रसूरा के नवल सिंह पटेल और बान सिंह पटेल वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश के चलते उस पर कट्टे से फायर किया। उसने आरोप लगाया कि गोली उसे न लगकर ढाबे पर काम करने वाले जीतू उर्फ जितेन्द्र परदेशी के पेट में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। राजेन्द्र ने घटना के बाद दोनों व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जांच में खुली साजिश की परतेंमामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को घटनाक्रम संदिग्ध लगा। भौतिक, चिकित्सकीय, परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल में सामने आया कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि शिकायतकर्ता राजेन्द्र यादव ने ही की थी। जांच में पता चला कि उसने अपने विरोधी नवल सिंह पटेल और बान सिंह पटेल को हत्या के मामले में फंसाने की योजना बनाकर जीतू उर्फ जितेन्द्र परदेशी को अपने 315 बोर के कट्टे से गोली मारी थी। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक स्थानीय निवासी नहीं था और उसके कोई परिजन भी यहां नहीं थे। इसी वजह से आरोपी ने उसे आसान निशाना समझकर साजिश को अंजाम दिया। अदालत ने माना अभियोजन का पक्षविचारण के दौरान अभियोजन ने घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के समक्ष पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए हत्या, झूठे साक्ष्य गढ़ने, मिथ्या आरोप लगाने तथा आयुध अधिनियम की धाराओं में सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास के साथ विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सश्रम कारावास और अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सोनभद्र में कोर्ट के आदेश के 11 महीने बाद भी एक जमीन का सीमांकन नहीं हो पाया है। पीड़ित मुल्ला खान ने इस मामले में जिलाधिकारी (DM) सोनभद्र और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि कानूनगो और लेखपाल एक दबंग व्यक्ति के प्रभाव में आकर हीलाहवाली कर रहे हैं। पन्नूगंज थाना ग्राम बनौरा प्रथम निवासी मुल्ला खान ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज के न्यायालय ने 25 जून को आराजी नम्बर 198 मि. की पत्थरगड्डी (सीमांकन) का स्पष्ट आदेश पारित किया था। इस आदेश में राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को टीम के साथ मौके पर जाकर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था। अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग इसके बावजूद, आदेश के 11 महीने बीत जाने के बाद भी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। मुल्ला खान का आरोप है कि कानूनगो और लेखपाल लगातार आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। वे कभी धान की फसल तो कभी गेहूं की फसल का बहाना बनाकर सीमांकन में देरी कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, यह हीलाहवाली जमीन के बगल के एक दबंग व्यक्ति के प्रभाव में हो रही है, जिसने जमीन के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है। मुल्ला खान ने यह भी आरोप लगाया है कि दबंग व्यक्ति द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस संबंध में, मुल्ला खान ने अपने अधिवक्ता पुत्र शाहनवाज आलम खान के साथ डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र कार्यालय में एक शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने कोर्ट के आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला (Lab) में हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग और सूक्ष्मदर्शी विश्लेषण के जरिए चावल के पकने, फटने और मुड़ने के पीछे छिपे दिलचस्प वैज्ञानिक कारणों का खुलासा किया है, जो 'जर्नल ऑफ फूड साइंस' में प्रकाशित हुआ है। डॉ. अंकुर मिगलानी, प्रोफेसर पवन कुमार कांकर और डॉ. अमन खुराना के नेतृत्व में हुए इस शोध में पीएचडी स्कॉलर्स नितीन सपकाल, अनूप के. आर. और सौरभ कुमार भी शामिल रहे। पुसा 1121 बासमती चावल पर किए गए इस अनूठे प्रयोग से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 2.7 गुना तेजी से पानी सोखना वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ दाने पूरी तरह पारदर्शी न होकर अपारदर्शी और सफेद होते हैं, जिन्हें “चॉकी ग्रेन्स” (Chalky Grains) कहा जाता है। इन दानों के अंदर सूक्ष्म दरारें और एयर पॉकेट्स (हवा के बुलबुले) होते हैं। इन कमियों के कारण ये दाने अच्छे पारदर्शी चावल की तुलना में 2.7 गुना ज्यादा तेजी से पानी सोखते हैं। अत्यधिक पानी सोखने के कारण पूरी तरह चॉकी दानों में से लगभग 67 फीसदी दाने पकाते समय फट जाते हैं। इसके विपरीत, जो दाने बिल्कुल स्वस्थ और बिना दरार के (हेल्दी ग्रेन्स) होते हैं, उनके फटने की दर केवल 13 प्रतिशत ही होती है। क्यों मुड़ जाते हैं दाने और क्यों बनती है सफेद रिंग? अध्ययन के मुताबिक, जब चावल को भिगोया जाता है, तो दाने के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग गति से पानी सोखते हैं और फैलते हैं। इससे दाने के अंदर एक आंतरिक यांत्रिक तनाव पैदा होता है, जिससे दाना धीरे-धीरे मुड़ जाता है। वहीं, लंबे दाने वाले पके हुए चावल में जो छोटी सफेद रिंग या उभार दिखाई देता है, वह असल में भिगोने के दौरान बनने वाले सूक्ष्म 'ट्रांसवर्स क्रैक' की वजह से उत्पन्न होता है। चावल की अपनी 'मैकेनिकल मेमोरी' होती है इस सफलता पर आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास एस. जोशी ने कहा, यह शोध इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार आईआईटी इंदौर में किया जा रहा वैज्ञानिक अनुसंधान दैनिक जीवन की सामान्य घटनाओं को समझाने के साथ-साथ कृषि, खाद्य गुणवत्ता मूल्यांकन और राइस प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उपयोगी ज्ञान प्रदान कर रहा है। अध्ययन के प्रमुख अन्वेषक डॉ. अंकुर मिगलानी ने बताया कि चावल का प्रत्येक दाना अपने पौधे के भीतर विकास की प्रक्रिया के दौरान एक प्रकार की “मैकेनिकल मेमोरी” बनाए रखता है। सीधे शब्दों में कहें तो, आपकी भोजन की थाली में चावल का दाना सुंदर ढंग से लंबा खिलेगा या पकाते समय टूट जाएगा, इसका निर्धारण संभवतः उसके रसोई तक पहुंचने से बहुत पहले (खेत और मिलिंग के दौरान) ही हो चुका होता है। वैज्ञानिकों ने एक निश्चित 'क्रैक-विथ सीमा' (दरार की चौड़ाई) की पहचान की है, जिससे अब राइस इंडस्ट्री और फूड साइंटिस्ट्स पहले ही यह अनुमान लगा सकेंगे कि चावल की क्वालिटी कैसी रहेगी।
अदालत में गलत और बढ़ा-चढ़ाकर आपराधिक इतिहास पेश करना थाना सिकंदरा पुलिस को भारी पड़ गया। चोरी के एक मामले में आरोपी के रिकॉर्ड को गलत तरीके से प्रस्तुत करने पर अदालत ने थानाध्यक्ष सिकंदरा और उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि दो माह के भीतर कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। मामला सिकंदरा क्षेत्र का है। वादी वीरेश निवासी विनायक नगर के गोदाम से तांबे के तार के बंडल और पावर बोर्ड चोरी हो गए थे। इस संबंध में पुलिस ने आरोपी विनय समेत अन्य को गिरफ्तार कर 5 मई 2026 को जेल भेजा था। मामले की सुनवाई एडीजे-13 महेश चंद वर्मा की अदालत में चल रही थी। जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान अदालत ने थानाध्यक्ष से आरोपी का आपराधिक इतिहास तलब किया था। इस पर पुलिस की ओर से अदालत में जो रिपोर्ट पेश की गई, उसमें आरोपी के खिलाफ एक की जगह सात मुकदमे दर्शा दिए गए। रिकॉर्ड और अभिलेखों की जांच में यह सामने आया कि आरोपी विनय के खिलाफ वास्तव में केवल एक ही मामला लंबित था। अदालत ने इस अंतर को गंभीर मानते हुए इसे न्यायालय को गुमराह करने का मामला माना। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा गलत तथ्य प्रस्तुत करना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है और यह स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद एडीजे-13 ने थानाध्यक्ष सिकंदरा और उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए। साथ ही पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया गया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई कर दो माह के भीतर अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत की जाए। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल देखी गई। वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत में तथ्य गलत प्रस्तुत करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है, जिस पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
गोपालगंज में जमीन विवाद में मारपीट:दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, 8 लोग घायल, सदर अस्पताल में भर्ती
गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के श्रीराम नगर मुहल्ले में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में आठ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद कृष्णा मांझी और अन्य लोगों के बीच चल रहे जमीन विवाद से शुरू हुआ था। शुरुआती विवाद शांत होने के बाद, गोलू मांझी और कृष्णा मांझी के बीच किसी बात को लेकर फिर से कहासुनी हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। कृष्णा मांझी का किसी और से जमीन विवाद चल रहा थाइस मारपीट में दोनों पक्षों से कुल आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों में श्रीराम नगर वार्ड 26 निवासी अमरजीत मांझी के 21 वर्षीय बेटे गोलू कुमार, 16 वर्षीय बेटी पूनम कुमारी, 38 वर्षीय पत्नी बबीता देवी और हारूनी मांझी के 42 वर्षीय बेटे अमरजीत शामिल हैं। दूसरे पक्ष से कृष्णा मांझी, प्रभु मांझी, लालबाबू मांझी और रिंकू देवी घायल हुए हैं। घायल गोलू मांझी ने बताया कि कृष्णा मांझी का किसी और से जमीन विवाद चल रहा था। जब उन दोनों में विवाद हुआ, तो बीच-बचाव न करने पर कृष्णा मांझी उनसे उलझ गए, जिससे यह विवाद और मारपीट हुई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में ट्रायल कोर्ट के बाद पूर्व मंत्री महेश जोशी को राजस्थान हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने भी महेश जोशी की गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली उनके बेटे रोहित जोशी की बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने जल जीवन मिशन घोटाले मामले में 7 मई को सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने 11 मई को उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। मंत्री के बेटे ने दायर की थी याचिका जस्टिस उमाशंकर व्यास और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसे खारिज करने के कारणों पर अलग से आदेश जारी किया जाएगा। रोहित जोशी ने याचिका में कहा था कि उनके पिता की गिरफ्तारी के समय आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। परिवारजनों को उनकी गिरफ्तारी के आधारों की लिखित जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में महेश जोशी की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सरकार ने कहा-समान बिंदु पर प्रार्थना-पत्र खारिज सरकार की ओर से बहस करते हुए महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस मामले में एसीबी कोर्ट महेश जोशी के प्रार्थना-पत्र को पहले ही खारिज कर चुकी है। वहीं समान मांग को लेकर दो जगह पर याचिकाएं दायर नहीं की जा सकती है। ट्रायल कोर्ट एसीबी की गिरफ्तारी को सही ठहरा चुकी है। ऐसे में इस याचिका को भी खारिज किया जाए। उन्होंने कहा कि परिजनों को गिरफ्तारी के आधार और हालात की सूचना तकनीकी और मौखिक माध्यमों से समय पर मिल चुकी थी। बता दें कि महेश जोशी के प्रार्थना-पत्र को ट्रायल कोर्ट 9 जून को खारिज कर चुकी हैं। बता दें कि JJM घोटाले में ही रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ 17,500 पन्नों की चार्जशीट भी दायर हो चुकी हैं। --- ये खबर भी पढ़िए- शादी की सालगिरह पर महेश जोशी गिरफ्तार:सुबह 4:30 बजे ACB पूर्व मंत्री के घर पहुंची; बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। (पढ़िए पूरी खबर) 900 करोड़ के घोटाला में पूर्व-मंत्री से 8 घंटे पूछताछ:40 से अधिक सवाल पूछे, नहीं दिए संतोषजनक जवाब; जयपुरिया अस्पताल में करवाया मेडिकल
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर में दिनदहाड़े एक आभूषण दुकान से करीब ₹2 लाख के जेवर लूट लिए गए। बाइक सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, दुकानदार के साहस और स्थानीय लोगों की मदद से एक बदमाश को मौके पर ही पकड़ लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार होकर बदमाश दामोदरपुर स्थित आभूषण दुकान पर पहुंचे। दुकान में घुसते ही उन्होंने हथियार निकाल लिए और लूटपाट शुरू कर दी। दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। इस दौरान दुकानदार धर्मेंद्र ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों का मुकाबला किया। एक को भीड़ ने घेराबंदी कर दबोचा दुकानदार धर्मेंद्र के शोर मचाने पर आस-पास के स्थानीय लोग और दुकानदार तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों में से एक को भीड़ ने घेराबंदी कर दबोच लिया। उसके अन्य साथी नकदी और जेवर लेकर भागने में सफल रहे। पकड़े गए अपराधी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। घटना की सूचना मिलते ही कांटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए अपराधी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पकड़े गए बदमाश से पूछताछ जारी है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इसे विकास, सुशासन और जनविश्वास की यात्रा बताया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, विश्वास और जनसेवा की नई इबारत लिखी है। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री पद को सत्ता का नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया है और उसके लाभ देश के 140 करोड़ नागरिकों तक पहुंचाया हैं। वैश्विक मंचों तक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की : रेखा पिछले 12 वर्षों में भारत ने खेत-खलिहान से लेकर चंद्रयान तक और गांव की चौपाल से लेकर वैश्विक मंचों तक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत केवल वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहा, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने की क्षमता भी रखता है। सीएम ने कहा कि 2014 में देश का मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 1,095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। देश में 164 से अधिक हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसी पहलों ने भारत को नई पहचान दिलाई है। पीएम ने गरीब कल्याण, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मोदी सरकार के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। दिल्ली में अभूतपूर्व बुनियादी ढांचा विकास सीएम रेखा गुप्ता ने कहा केंद्र सरकार ने दिल्ली के विकास के लिए पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व निवेश किया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2), दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और नमो भारत कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राजधानी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत मंडपम, प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर एवं सुरंग परियोजना तथा आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर को स्वीकृति दी गई है, जिससे भारत मंडपम, इंडिया गेट, केंद्रीय सचिवालय और कर्तव्य भवन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। जनता का विश्वास ही मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत : हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा मोदी सरकार के 12 वर्ष जनविश्वास, सेवा, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना को समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि जब निर्णय राष्ट्रहित में लिए जाते हैं और सरकार सेवा का माध्यम बनती है, तब जनता उस पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के सड़क और परिवहन ढांचे में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है और एक्सप्रेसवे नेटवर्क ने यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाई है। 30 मिनट में तय की जा सकेगी पंजाब-टिकरी बॉर्डर की दूरी उन्होंने कहा कि, अक्षरधाम से बदरपुर की दूरी अब लगभग 15 मिनट में और पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर की दूरी लगभग 30 मिनट में तय की जा सकेगी। आईएनए से महिपालपुर तक विकसित हो रहा हाईवे दिल्ली में जाम कम करने, समय बचाने और प्रदूषण घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने विकास को जनभागीदारी का आंदोलन बनाया है। कोविड काल से लेकर स्वच्छ भारत अभियान, हर घर तिरंगा, आत्मनिर्भर भारत और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने नागरिकों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा है। मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली भाजपा केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और दिल्ली सरकार के पिछले 15 महीनों के कार्यों को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी और घर-घर जाकर लोगों को इन उपलब्धियों की जानकारी देगी।
लखीमपुर खीरी में मानसून की पहली बारिश के साथ ही बाजारों में दशहरी आम की आवक बढ़ गई है। शहर के कोतवाली चौराहा, सुतियाना चौराहा और गुरु तेग बहादुर चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर फलों के ठेलों पर अब दशहरी आम की भरमार देखी जा रही है। एक सप्ताह पहले तक बाजार में तोतापरी, गुलाब खास और बादाम जैसी आम की किस्में उपलब्ध थीं। हालांकि, बारिश शुरू होते ही अधिकांश ठेलों पर दशहरी आम प्रमुखता से बिकने लगे हैं। आम विक्रेताओं के अनुसार, मौसम में बदलाव के साथ दशहरी आम की आवक में तेजी आई है। ग्राहकों की मांग भी इसी किस्म के आम की ओर अधिक है। आम खरीदने आए लोगों ने बताया कि पहली बारिश के बाद दशहरी आम का स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है, जिससे इसकी मांग में वृद्धि हुई है। इन दिनों सुबह से लेकर देर शाम तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है। फल कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में आम्रपाली, लंगड़ा और चौसा जैसी आम की किस्में भी बाजार में पहुंचने लगेंगी। फिलहाल, दशहरी आम की उपलब्धता ने बाजारों में रौनक बढ़ा दी है।
जौनपुर स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सेवाकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सुशासन को समर्पित था, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में हुए विकास कार्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य बृजेश कुमार सिंह 'प्रिंशू' मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आमजन को स्वास्थ्य विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किए। साथ ही, टीबी रोगियों को 'नि:क्षय पोषण पोटली' प्रदान की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय कर्मचारियों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम ने जनपदवासियों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी सेवाओं एवं योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सत्यव्रत त्रिपाठी सहित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुशील अग्रहरी ने किया।
झांसी में आयुष चिकित्सकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शुक्रवार को बीएएमएस और अन्य आयुष चिकित्सक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जबकि देश के कई अन्य राज्यों में उन्हें अधिक चिकित्सकीय अधिकार दिए गए हैं। कई चिकित्सकीय प्रक्रियाएं करने का अधिकार ही नहीं जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए इंडियन इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. अनुपम सिंह ने कहा कि आयुष चिकित्सक डिलीवरी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं देने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों में आईवी फ्लूड, आईवी इंजेक्शन लगाने और टांके लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है। इससे मरीजों को भी असुविधा होती है और चिकित्सकों की कार्यक्षमता सीमित हो जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 26 मई 2026 को राज्य कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को शामिल करने और आईपीडी सेवाओं को योजना का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसका आयुष चिकित्सकों ने स्वागत किया है। हालांकि उनका कहना है कि जब आयुष चिकित्सकों को कई आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं करने का अधिकार ही नहीं है तो आईपीडी सेवाओं का लाभ प्रभावी रूप से कैसे मिल सकेगा। इमरजेंसी सुविधा देने की मांग ज्ञापन में मांग की गई है कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी पद्धति के चिकित्सकों को आपातकालीन परिस्थितियों में आईवी फ्लूड चढ़ाने, आईवी इंजेक्शन लगाने तथा टांके लगाने का अधिकार दिया जाए। चिकित्सकों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आयुष चिकित्सकों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लगातार सेवाएं दीं। कई आयुष चिकित्सक संक्रमण का शिकार भी हुए, लेकिन सरकार द्वारा जारी हालिया आदेशों में उनके स्थायी समायोजन या मानदेय वृद्धि का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इससे प्रदेशभर के आयुष चिकित्सकों में असंतोष व्याप्त है। मानदेय बढ़े और स्थायी नियुक्ति हो ज्ञापन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत कार्यरत आयुष चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति करने अथवा उनका मानदेय बढ़ाने की मांग भी की गई है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि संविदा एमबीबीएस डॉक्टरों के मानदेय में वृद्धि की बात की जा सकती है तो आयुष चिकित्सकों को भी समान रूप से प्रोत्साहन और सम्मान मिलना चाहिए।आयुष चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रीवा में नगर परिषद मऊगंज के निलंबित उपयंत्री राजेश सिंह ने शुक्रवार को जीवन निर्वाह भत्ता नहीं मिलने के विरोध में कटोरा लेकर भीख मांगी। उन्होंने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में सिरमौर चौराहे पर राहगीरों से भीख मांगकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। 10 माह से भत्ता नहीं मिलने का आरोपराजेश सिंह का कहना है कि उन्हें 28 मार्च 2025 को निलंबित किया गया था। नियमानुसार मिलने वाला जीवन निर्वाह भत्ता पिछले 10 माह से जारी नहीं हुआ है। इसके कारण परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निलंबन को बताया गलत कार्रवाईउपयंत्री पर मऊगंज में पाइप लाइन के ऊपर नाली निर्माण कराए जाने में लापरवाही का आरोप लगने के बाद विभागीय कार्रवाई हुई थी। राजेश सिंह का दावा है कि संबंधित निर्माण कार्य हनुमना नगर परिषद के उपयंत्री द्वारा कराया गया था, लेकिन गलत जानकारी के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सुनवाई नहीं राजेश सिंह के मुताबिक, उन्होंने जीवन निर्वाह भत्ता जारी कराने के लिए कई आवेदन दिए और तीन बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और शिकायतों को बिना संपर्क किए बंद कर दिया गया। कर्मचारियों ने उठाए सवाल विभाग के कुछ कर्मचारियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर दावा किया कि उपयंत्री की आर्थिक स्थिति इतनी खराब नहीं है कि उन्हें भीख मांगने की जरूरत पड़े। कर्मचारियों के अनुसार यह प्रदर्शन सहानुभूति हासिल करने और बहाली की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विभाग ने शासन को भेजा प्रतिवेदन संयुक्त संचालक हिमांशु भट्ट ने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है। भोपाल स्तर पर चर्चा के बाद प्रतिवेदन तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। शासन से निर्णय मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम सिलारी निवासी एक आदिवासी युवक ने जमीन विवाद को लेकर मारपीट, जातिगत अपमान और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। युवक ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर एक आवेदन सौंपा। इसमें उसने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में ग्राम सिलारी निवासी अमर सिंह कोल ने बताया कि मंगलवार को वह अपने साथियों विमलेश कोल और चंदन कोल के साथ जबलपुर से मजदूरी कर घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के ही देवीसिंह लोधी और अखिलेश लोधी ने उसे रोक लिया। अमर सिंह कोल के अनुसार, आरोपियों ने जमीन के कब्जे को लेकर विवाद शुरू किया। उन्होंने गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे अपमानित किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसके बाद देवीसिंह लोधी और अखिलेश लोधी ने लाठियों से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में उसके सिर, हाथ, पैर और बाएं कंधे में गंभीर चोटें आईं। अमर सिंह कोल ने दावा किया कि मारपीट के कारण उसके कंधे और पसली में फ्रैक्चर हुआ है। उसका उपचार अभी भी जारी है। उसने यह भी आरोप लगाया कि जाते समय आरोपियों ने उसे पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। अमर सिंह कोल ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने गोटेगांव थाने पहुंचा, तो आरोपी पहले से ही वहां मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों के प्रभाव के कारण पुलिस ने केवल मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने जातिगत अपमान से संबंधित प्रावधानों और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं को मामले में शामिल नहीं किया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उसने आरोपियों के विरुद्ध जातिगत अपमान, गंभीर मारपीट, फ्रैक्चर और धमकी से संबंधित धाराएं बढ़ाने और उसे न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय को दिए गए इस आवेदन पर अब जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
लोकायुक्त इंदौर ने शुक्रवार को सेवा सहकारी संस्था मर्यादित अत्याना, गौतमपुरा के दो कर्मचारियों को किसान से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। मामला किसान जाकिर हुसैन निवासी ग्राम कुनघारा तहसील देपालपुर का है। उन्होंने डॉ. राजेश सहाय (लोकायुक्त एसपी) को बताया था कि उन्होंने वर्ष 2024 में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत 2 लाख रुपए का लोन लिया था। निर्धारित समय पर राशि जमा नहीं कर पाने के कारण वर्ष 2026 में लोन रिन्यू के लिए उन्हें ब्याज सहित 2.30 लाख जमा करना थे। आरोप है कि लोन नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बदले संस्था के कर्मचारियों ने 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। लोकायुक्त द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया। दोपहर को टीआई प्रतिभा तोमर की टीम ने गौतमपुरा स्थित सेवा सहकारी संस्था कार्यालय में कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रभारी समिति प्रबंधक अमन जोशी व सहायक समिति प्रबंधक रमेशचंद्र पंड्या को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना लोकायुक्त कार्यालय मोती बगला, एम.जी. रोड इंदौर या फोन नं. 0731-2533160, 0731-2430100 को दें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
मां मुझे माफ कर देना... मैं अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभा पाया। लक्ष्मण भैया, मेरी कोई गलती नहीं थी। मैंने ब्रेक लगाया था, लेकिन गाड़ी कंट्रोल नहीं हो पाई।मर्सिडीज वालों ने मुझे बहुत मारा, मेरे परिवार को बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी दी। इसलिए मैं खुद ही अपनी जान दे रहा हूं... ये शब्द हैं ट्रक ड्राइवर ताम्रध्वज साहू (25) के, जिसने आत्महत्या से पहले करीब 8 वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। वीडियो पोस्ट करने के कुछ समय बाद उसका शव दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजारी घाट के पास एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक महासमुंद जिले का रहने वाला था। सड़क हादसे के बाद किया सुसाइड जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ताम्रध्वज साहू ट्रक में सामान लोड कर जगदलपुर से गीदम की ओर जा रहा था। इसी दौरान गीदम थाना क्षेत्र के बंजारी घाट में सामने से आ रही एक मर्सिडीज कार से उसकी टक्कर हो गई। कार बीजापुर जिले के एक व्यक्ति की बताई जा रही है। हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में ताम्रध्वज ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद मर्सिडीज सवारों ने उसके साथ मारपीट की। उसने कहा कि कुछ और लोगों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने उसकी पिटाई की, परिवार को बर्बाद करने और उसे जान से मारने की धमकी दी। वीडियो में उसने दावा किया कि ट्रक न्यूट्रल में चल रहा था और उसने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन एक तरफ का ब्रेक ही काम कर पाया, जिससे वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया और हादसा हो गया। 8 वीडियो बनाकर छोड़े आखिरी संदेश ताम्रध्वज ने आत्महत्या से पहले करीब 8 वीडियो रिकॉर्ड किए। इनमें उसने अपनी मां से माफी मांगी और कहा कि वह परिवार की जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर पाया। वहीं अपने ट्रक मालिक लक्ष्मण नाम के व्यक्ति के लिए भी संदेश छोड़ा और कहा कि दुर्घटना में उसकी कोई गलती नहीं थी। वीडियो में उसने यह भी बताया कि वह मुख्य सड़क से करीब 30 से 40 मीटर अंदर एक पेड़ के पास फांसी लगाने जा रहा है। इसके बाद उसने रस्सी का फंदा बनाया और फांसी लगा ली। शुक्रवार को पुलिस ने उसका शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस बना रही दो अलग-अलग केस- SP दंतेवाड़ा SP गौरव राय ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।उन्होंने कहा- इस मामले में दो अलग-अलग केस बनाए जा रहे हैं। पहला सड़क दुर्घटना से जुड़ा मामला है और दूसरा आत्महत्या का मामला है। युवक के साथ मारपीट हुई थी या नहीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वीडियो मिलने के बाद ट्रेस की लोकेशन- SDOP मामले की जांच कर रहे SDOP गोविंद सिंह दीवान ने दैनिक भास्कर से कहा कि ट्रक मालिक ने पुलिस को फोन कर युवक के आत्महत्या करने की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा- ट्रक मालिक ने हमें बताया था कि युवक ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो पोस्ट किए हैं। इसके बाद हमने उसका मोबाइल नंबर ट्रेस किया। लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। SDOP ने बताया कि दुर्घटना में शामिल मर्सिडीज वाहन बीजापुर जिले के एक व्यक्ति का है। पुलिस वीडियो, घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
अवैध परिवहन करते 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:निवाड़ी के टेहरका में खनिज विभाग का एक्शन
निवाड़ी जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर जमुना भिड़े के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने टेहरका क्षेत्र में चार ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की हैं। ये वाहन मिट्टी और पत्थर का अवैध परिवहन कर रहे थे और इनके पास रॉयल्टी पर्ची या वैध दस्तावेज नहीं थे। यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर को खनिज विभाग की टीम द्वारा टेहरका क्षेत्र में चलाए गए जांच अभियान के दौरान की गई। पकड़े गए वाहनों में तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली खनिज मिट्टी का और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खनिज पत्थर का परिवहन कर रही थी। जांच के समय वाहन चालकों और स्वामियों के पास खनिज परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या रॉयल्टी पर्ची नहीं मिली। इस कार्रवाई का निर्देशन जिला खनिज अधिकारी डॉ. अजय मिश्रा ने किया। अभियान में खनिज निरीक्षक किशन त्रिपाठी, प्रभारी खनिज निरीक्षक बृजेश कुमार सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। टीम में हनीफ, देवानंद और शिवम शुक्ला ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टेहरका थाना की अभिरक्षा में रखा जब्त किए गए सभी चार वाहनों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए टेहरका थाना की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग अब वाहन स्वामियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन या खनिजों का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि भू-माफियाओं और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
फतेहगढ़ साहिब में सरकारी रिकॉर्ड में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव अंबेमाजरा का है। हरविंदर सिंह अपने दिवंगत पिता केसर सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र लेने सरकारी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन विभाग ने उनके पिता की जगह हरविंदर सिंह के नाम का ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। पहचान संबंधी कार्यों में होगी परेशानी अपने ही नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र देखकर हरविंदर सिंह और उनका परिवार हैरान रह गया। परिवार का कहना है कि यदि इस गलती का समय रहते पता न चलता, तो उन्हें भविष्य में बैंकिंग, संपत्ति और पहचान संबंधी कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। परिजनों ने मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठा रही है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एएनएम ने लिपिकीय त्रुटि बताया वहीं दूसरी ओर, डिस्पेंसरी में तैनात एएनएम हरजोत कौर ने इसे एक लिपिकीय त्रुटि बताया है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज तैयार करते समय तकनीकी गलती हुई थी। मामला संज्ञान में आते ही इसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
पटना नगर निगम के 6 अंचल में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। अपने-अपने वार्ड से लोग समस्या लेकर आएंगे। 16 जून 2026 को निगम के विभिन्न अंचलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए ये आयोजन होगा। निगम नियमित रूप से ऑफलाइन सहयोग शिविरों का आयोजन महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को कर रहा है, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें। 16 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों के स्थल नूतन राजधानी अंचल: खाजपुरा सामुदायिक भवन (वार्ड संख्या-04) पाटलीपुत्र अंचल: आर.एस. दरबार कम्युनिटी हॉल, आशियाना नगर, फेज-2, (वार्ड संख्या-02) कंकड़बाग अंचल: सामुदायिक भवन, दसरथा (वार्ड संख्या-30) बांकीपुर अंचल: सामुदायिक भवन, कदमकुआं ( वार्ड संख्या-38) अजीमाबाद अंचल: गुलजारबाग स्टेडियम (वार्ड संख्या-53) पटना सिटी अंचल: टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर (वार्ड संख्या-66) घर बैठे भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत बिहार सरकार द्वारा विकसित सहयोग पोर्टल नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करता है। किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत या सुझाव को पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित आवेदन के लिए एक रेफरेंस नंबर खुद जनरेट हो जाता है, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिकायत पंजीकृत होने के साथ ही संबंधित विभाग को उसकी सूचना खुद उपलब्ध हो जाती है, जिसके आधार पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की जाती है। सहयोग पोर्टल से 98 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निष्पादन पटना नगर निगम द्वारा सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को अधिकतम 10 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गुरुवार तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सहयोग पोर्टल के माध्यम से कुल 463 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 452 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटान किया जा चुका है। इस प्रकार प्राप्त शिकायतों में से 98 प्रतिशत से अधिक मामलों का समाधान सुनिश्चित किया गया है। शेष लंबित मामलों पर भी संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
थ्री-व्हीलर टैक्सी में सवार महिला के गले में पहना मंगलसूत्र बीच रास्ते में चढ़ी महिलाओं ने कैंची काटकर चुरा लिया। जब महिला को पता चला तब तक अज्ञात महिलाएं वहां से जा चुकी थी। घटना बाड़मेर शहर रेलवे स्टेशन के पास आज करीब 12 बजे की है। पीड़िता ने टैक्सी ड्राइवर के सहयोग से करीब 5 किलोमीटर तक पीछा कर दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। कोतवाली पुलिस थाने हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को डिटेन कर उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल के बाद ही कुछ कह पाएंगे। बाड़मेर शहर के इंद्रा कॉलोनी निवासी संजय कुमार ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया- शुक्रवार को करीब 11:30 बजे पत्नी संतु व नोजी पत्नी सत्यप्रकाश, धर्मी पत्नी खींयाराम तीनों महाबार सर्किल पर बस से उतरकर माधव होटल से थ्री-व्हीलर टैक्सी में बैठकर रेलवे स्टेशन की ओर से आ रहे थे। चौहटन सर्किल दो महिलाएं एवं दो व्यक्ति और टैक्सी में बैठे। इस दौरान महिलाओं ने पत्नी संतु के गले में पहना मंगलसूत्र चालाकी से काट लिया। टैक्सी से नीचे उतरकर भाग गई। रेलवे स्टेशन पर संभाला तो मंगलसूत्र गायब था पीड़िता ने बताया- रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद देखा तो गले में मंगलसूत्र नही था। हमें दो औरत और पुरूशों पर शंक होने के बाद टैक्सी लेकर उन अपराधी महिलाअें का पीछा किया। करीब 4 किलोमीटर तक जैसलमेर रोड पेट्रोल पंप के पास बदमाश महिलाओं को पकड़ लिया। वहां से उसे टैक्सी में डालकर कोतवाली थाना लेकर आए। पुलिस को सुपुर्द किया गया। मंगलसूत्र करीब 1 तोले का था। पुलिस कर रही है जांच पड़ताल कोतवाली इंचार्ज मनोज कुमार ने ताया- पीड़ित महिलाएं दो महिलाओं को पकड़ कर लाई है। फिलहाल दोनों को डिटेन किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही जांच पड़ताल कर रहे है।
जींद जिले के उचाना में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अवैध पानी और सीवरेज कनेक्शनों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने अवैध रूप से कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। यह जांच आगे भी जारी रहेगी। एसडीओ सुनीता देवी ने बताया कि अवैध पानी कनेक्शनों की पहचान के लिए विभाग ने दो टीमें गठित की हैं। ये टीमें क्षेत्र में सर्वेक्षण कर ऐसे उपभोक्ताओं का पता लगा रही हैं जिन्होंने बिना अनुमति पानी के कनेक्शन लगाए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी सक्रिय है। जो उपभोक्ता पानी व्यर्थ बहाते पाए जा रहे हैं, उन्हें चेतावनी दी जा रही है। यदि चेतावनी के बाद भी लापरवाही जारी रहती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नए कनेक्शन के लिए अब नहीं देना होगा रोड कट शुल्क जेई विनय कुमार ने जानकारी दी कि पानी और सीवरेज कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। अब नए पानी और सीवरेज कनेक्शन प्राप्त करने के लिए रोड कट शुल्क नहीं देना होगा। उपभोक्ता बिना रोड कट के भी कनेक्शन ले सकेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और प्रक्रिया भी सरल होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अवैध कनेक्शनों को वैध नहीं कराया गया, तो उन्हें काट दिया जाएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर पेयजल और सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, अवैध कनेक्शनों पर रोक लगाकर जल संरक्षण को बढ़ावा देना भी विभाग की प्राथमिकता है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय में निष्कासित छात्र नेताओं को परीक्षा में शामिल होने से रोके जाने पर शुक्रवार को नया विवाद खड़ा हो गया। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे निष्कासित छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। छात्र परीक्षा देने की मांग पर अड़े रहे, जबकि प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने परीक्षा नियंत्रक के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया।इस दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। छात्रों का कहना था कि परीक्षा में शामिल होने का अवसर उनका शैक्षणिक अधिकार है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन अनुशासनात्मक कार्रवाई के आधार पर उन्हें परीक्षा से वंचित कर रहा है। काफी देर तक चले विवाद के बाद छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला। इसके बाद सभी छात्र पुनः अपने धरना स्थल पर पहुंच गए और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उधर, धरना स्थल पर छात्रों का समर्थन करने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पहुंचे। उन्होंने छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली और विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। हमारी हत्या कर दो- का लगाया पोस्टरबैनर के सामने छात्रों द्वारा हाथों में लिए गए पोस्टरों पर लिखा था “या तो निष्कासन वापस लो, या हमारी हत्या कर दो, हम छात्र हैं अपराधी नहीं।” इस संदेश के जरिए छात्रों ने अपनी नाराजगी और मानसिक पीड़ा को व्यक्त करने का प्रयास किया। छात्रों ने धरना स्थल पर “अनिश्चितकालीन धरना, निष्कासन नहीं न्याय चाहिए” का बैनर भी लगाया। बैनर में तीनों निष्कासित छात्र नेताओं की बहाली, छात्रहितों की बात करने पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और फीस वृद्धि को निरस्त करने की मांग की गई है। सरस्वती प्रतिमा पर लगातार चल रहा धरना लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के निष्कासन और फीस वृद्धि को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते 11 दिनों से छात्रों का धरना जारी। इनके समर्थन में पूर्व छात्र संघ पदाधिकारियों के अलावा कई राजनीतिक दल भी खुलकर बोल रहे है। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने निर्णय पर कायम है।
पूर्णिया जिला अंतर्गत बी-कोठी प्रखंड में शुक्रवार को 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईसीडीएस जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को सामाजिक कुरीतियों, महिला अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह उन्मूलन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा, महिला सुरक्षा और अल्पायु में मातृत्व से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी गई। बाल विवाह और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इनके उन्मूलन में समाज की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बी-कोठी और वन स्टॉप सेंटर, पूर्णिया के केंद्र प्रशासक ने 181 महिला हेल्पलाइन की जानकारी दी। जिला मिशन समन्वयक, डीएचईडब्ल्यू, नंदन कुमार सिंह ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली और वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। सिंह ने महिलाओं को नियमित बचत करने और विभिन्न सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए, सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने के विशेष निर्देश दिए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में महादलित टोला के किशोरी समूह की सदस्यों और स्थानीय महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। एमपी-हादसे में रक्षा मंत्री राजनाथ के रिश्तेदार की मौत इंदौर में सड़क हादसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रिश्तेदार की मौत हो गई। एक्सीडेंट शिप्रा थाना इलाके में गुरुवार रात करीब 11 बजे हुआ। शुक्रवार सुबह शव को एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेज दिया गया है। अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होगा। मृतक की पहचान प्रभात सिंह (29) के रूप में हुई है। वे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रेवती, गाय घाट के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में कलेक्शन एजेंट से 30 लाख की लूट, VIDEO इंदौर के पंढरीनाथ इलाके में गुरुवार रात एक कलेक्शन एजेंट से करीब 30 लाख रुपए की लूट हो गई। एक्टिवा सवार दो बदमाशों ने पैसों से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। बैग में बर्तन व्यापारियों का कलेक्शन रखा हुआ था। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें दोनों आरोपी एजेंट से बैग छीनते हुए साफ नजर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… प्यार में लड़के ही जान देते हैं...कहकर लगा ली फांसी इंदौर के नंदा नगर में गुरुवार को एक ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने सुसाइड से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें अपनी प्रेमिका, उसकी बहन, भाई और अन्य लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया। वीडियो उसने अपने भाई को भी भेजा था। वीडियो में युवक ने यह भी कहा कि लड़के सुरक्षित नहीं हैं… उन्हें प्यार साबित करने के लिए जान देना पड़ती है। पढ़ें पूरी खबर… 'सब मैनेज हो जाएगा और गणेश जी सब ठीक करेंगे इंदौर के खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी पुनीत भट्ट और उनकी पत्नी डॉ. इंद्रा भट्ट के बीच चल रहे विवाद में अब दोनों की निजी चैट सामने आई है। चैट में डॉ. इंद्रा खुद को घर से निकाले जाने, अपनों से मिले धोखे और मानसिक तनाव का जिक्र करती नजर आ रही हैं, जबकि पुनीत भट्ट उन्हें दिलासा देते हुए लिखते हैं कि गणेश जी सब ठीक करेंगे और सब मैनेज हो जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर जंक्शन से लक्ष्मीबाई नगर शिफ्ट होंगी ट्रेनें इंदौर के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंदौर जंक्शन के पुनर्विकास और नई भव्य स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के चलते ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर… MPL प्लेऑफ की रेस में आज 3 महामुकाबले मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। शुक्रवार को होने वाले तीन बड़े मुकाबले टूर्नामेंट में प्लेऑफ की तस्वीर साफ करेंगे। अंक तालिका में बने रहने और आगे बढ़ने की इस जंग में हर एक रन और विकेट बेहद कीमती होने वाला है। पढ़ें पूरी खबर… IIT इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून 2026 (शनिवार) को होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य और भारत सरकार के डीएसटी के पूर्व सचिव प्रो. अभय करांदिकर होंगे, जबकि समारोह की अध्यक्षता इसरो (ISRO) के पूर्व चेयरमैन और आईआईटी इंदौर के वर्तमान बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन करेंगे। पढ़ें पूरी खबर… राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में 12वीं की छात्रा ने किया सुसाइड इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा (17) ने शुक्रवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि इलाके में रहने वाला एक युवक लंबे समय से छात्रा को परेशान कर रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों के अनुसार छात्रा ने करीब एक माह पहले परदेशीपुरा थाने में लिखित शिकायत देकर युवक नमन कामले पर पीछा करने और धमकाने के आरोप लगाए थे। पढ़ें पूरी खबर… राऊ सर्कल पर ट्रक की टक्कर से छात्र की मौत इंदौर में सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। राऊ सर्कल पर एक ट्रक की टक्कर से निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्र की मौत हो गई, जबकि लसूड़िया क्षेत्र में भी ट्रक की चपेट में आने से एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…
मोहनिया में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 60 वर्षीय बुजुर्ग परीछा गोंड की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। परीछा गोंड उसरी, थाना मोहनिया के निवासी थे। उन्हें एक ऑटो रिक्शा ने टक्कर मार दी थी। अनुमंडल अस्पताल मोहनिया के चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि परिजनों द्वारा परीछा गोंड को अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। दोनों पैरों के नाखून भी कट गए थे डॉक्टर के अनुसार, ऑटो रिक्शा की टक्कर से बुजुर्ग के सिर और दिमाग में गंभीर चोटें आई थीं। उनके दोनों पैरों के नाखून भी कट गए थे और नाक से लगातार खून बह रहा था। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने उन्हें वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
खंडवा जिले के सनावद क्षेत्र के ग्राम सुलगांव रोड पर शुक्रवार को हाईटेंशन विद्युत लाइन के टावर निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विधवा महिला किसान की जमीन पर टावर लगाए जाने के विरोध में किसानों ने चक्का जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और करीब 18 किसानों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में थाने ले जाया गया। गांव में सुबह से ही तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी के चलते पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आया। राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी। विधवा महिला की जमीन पर टावर लगाने का विरोधविवाद ग्राम सुलगांव निवासी विधवा महिला किसान तुलसाबाई की कृषि भूमि को लेकर है। किसानों का आरोप है कि महिला की करीब तीन एकड़ जमीन में हाईटेंशन लाइन के लिए टावर स्थापित किए जा रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि पहले से ही खेत में दो टावर मौजूद हैं और अब छह नए टावर लगाए जा रहे हैं, जिससे खेती योग्य भूमि का बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा। किसान नेताओं के अनुसार संबंधित भूमि का बाजार मूल्य लगभग 40 लाख रुपए प्रति एकड़ है, जबकि प्रभावित किसान को शुरुआत में केवल दो लाख रुपए की राहत राशि दी गई थी। विरोध के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सात लाख रुपए की राशि स्वीकृत की, जिससे कुल मुआवजा नौ लाख रुपए हो गया। हालांकि किसान इसे बेहद कम बताते हुए उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। एफआईआर के विरोध में किया चक्का जामकिसानों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसी कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और सुलगांव रोड पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने आंदोलन में शामिल किसानों को हिरासत में लेना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई किसानों को वज्र वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया। गिरफ्तारी के विरोध में किसानों ने पुलिस वाहनों को घेर लिया और साथियों की रिहाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। किसान नेताओं सहित 18 लोग हिरासत मेंपुलिस ने कार्रवाई करते हुए करणी सेना के पदाधिकारियों और किसान संगठनों से जुड़े लोगों सहित 18 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें करणी सेना के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष पंकज राज, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के रामेश्वर पाटीदार तथा किसान नेता गजेंद्र सिंह सोलंकी सहित अन्य प्रदर्शनकारी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि कुछ घंटों बाद हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ दिया गया। करणी सेना ने दी आंदोलन की चेतावनीकरणी सेना परिवार के प्रदेश प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने मामले को किसान अधिकारों से जुड़ा बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विधवा महिला किसान की जमीन पर बिना उचित मुआवजे और सहमति के टावर स्थापित करना अन्यायपूर्ण है। किसान हितों की लड़ाई लड़ रहे लोगों की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित किसान परिवार को न्याय और सम्मानजनक मुआवजा नहीं मिला तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। प्रशासन का पक्ष: सिंहस्थ-2028 से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनावहीं जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी का कहना है कि 132 केवी सनावद आरटीएस-निमाड़खेड़ी विद्युत पारेषण लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह परियोजना सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचना परियोजना है। कंपनी के अनुसार प्रस्तावित 63 टावरों में से 61 टावर स्थापित किए जा चुके हैं और शेष कार्य भी समयसीमा में पूरा किया जाना है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना जनहित में है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मौके पर रहा भारी पुलिस बलसंभावित विवाद को देखते हुए धनगांव थाना पुलिस सहित जिले के कई थानों का बल तैनात किया गया था। राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। देर शाम तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि कानून-व्यवस्था नियंत्रण में रही।
औरंगाबाद के रफीगंज थाना क्षेत्र में आज रेलवे ट्रैक से एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। शव दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर फेसरा गांव के पास धावा नदी पुल पर पोल संख्या 27 और 29 के बीच रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया में मामला ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत का लग रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। शुक्रवार दोपहर कुछ ग्रामीण रेलवे ट्रैक की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर ट्रैक पर पड़े एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। शव की स्थिति काफी खराब थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। काफी संख्या में लोगों ने शव को देखा, लेकिन कोई भी उसकी पहचान नहीं कर सकी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलने पर रफीगंज थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि लगभग 50 साल के एक अज्ञात अधेड़ का शव रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया है। शव की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है, लेकिन यह दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक कौन था और वह घटनास्थल तक कैसे पहुंचा। पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव की तस्वीर आसपास के थानों को भेजी गई है और गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक पुलिस अभिरक्षा में रखा जाएगा शव थाना अध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। यदि इस दौरान परिजन या परिचित उसकी पहचान कर लेते हैं, तो शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। पहचान नहीं होने की स्थिति में सरकारी प्रावधानों के तहत पुलिस की ओर से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
चूरू जिले के रतनगढ़ में खुदरा विक्रेता संघ ने एक व्यक्ति द्वारा व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें करने के मामले में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) डॉ. मनीष तिवाड़ी को ज्ञापन सौंपा है। खुदरा विक्रेता संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश इंदौरिया और महामंत्री मातेश्वरी अजीतसरिया के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि कमल कुमार शर्मा नामक एक व्यक्ति स्थानीय व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी और बेबुनियाद शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को कर रहा है। संघ का आरोप है कि इस व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारियों को परेशान करना और व्यापारिक माहौल को खराब करना है। इन झूठी शिकायतों के कारण क्षेत्र के ईमानदार व्यापारियों को मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि भविष्य में इस व्यक्ति द्वारा की जाने वाली किसी भी शिकायत पर सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले उसकी जमीनी स्तर पर जांच करवाई जाए। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर ही आगे कदम उठाया जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यापारी को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। इस अवसर पर दीपक मुरारका, पवन सराफ और निरंजन ताम्रायत सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे।
हिसार जिला पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बरवाला पुलिस ने सरसों चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें काबू किया। थाना बरवाला प्रभारी निरीक्षक कर्मजीत सिंह ने बताया कि भूपेंद्र सिंह पुत्र धर्मबीर सिंह निवासी गांव बबुआ ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने अनाज भंडारण के लिए कमरे बनाए हुए हैं, जिन पर ताले लगे रहते हैं। 6 जून 2026 की सुबह जब वह अपने भंडारण स्थल पर पहुंचा तो कमरे का ताला टूटा हुआ मिला। जांच करने पर अंदर रखे सरसों के कई कट्टे गायब मिले। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी में मिली संदिग्ध गतिविधि मामले की जांच उपनिरीक्षक नवीन कुमार द्वारा की गई। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंकित पुत्र राजेश तथा आशीष पुत्र बलजीत, निवासी गांव बबुआ, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड अवधि के दौरान उनसे चोरी की गई सरसों की बरामदगी, वारदात में इस्तेमाल किए गए साधनों तथा अन्य संभावित चोरी की घटनाओं के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस की आमजन से अपील हिसार पुलिस ने कहा कि चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और दोषियों को समय रहते कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
पंजाब विजिलेंस मुख्यालय से जुड़े 13 लाख रुपये की कथित रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार विजिलेंस इंस्पेक्टर आप राणा, बिचौलिए राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल को शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। पांच दिन का रिमांड पूरा होने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने रिमांड के दौरान इंस्पेक्टर राणा और दोनों बिचौलियों से अलग-अलग तथा आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई पहलुओं पर गहन पूछताछ की और रिश्वत लेन-देन के कथित नेटवर्क को समझने का प्रयास किया। आमने-सामने पूछताछ में अहम जानकारियां मिलीं सूत्रों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के बयानों का मिलान किया। इस दौरान मामले से जुड़े पंजाब विजिलेंस के कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आने की चर्चा है। हालांकि सीबीआई ने अभी तक किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। सीबीआई फिलहाल सामने आई जानकारियों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं तथा जांच आगे बढ़ सकती है। मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की जांच सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने इंस्पेक्टर राणा के मोबाइल फोन की चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की है। जांच के दौरान एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण सुराग और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। आरोपी ओपी राणा पंजाब विजिलेंस में काफी लंबे समय से तैनात था। इसे लेकर CBI उन सभी अफसरों की सूची तैयार कर रही है, जिनके साथ ओपी राणा ने बतौर रीडर काम किया है। उस दौरान अफसरों के साथ आरोपी का तालमेल किस तरह का था, इसका भी पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा तीन साल बाद तबादले की प्रक्रिया होने के बावजूद ओपी राणा रीडर के पद पर तैनात रहा। यह किस अफसर की मेहरबानी से संभव हुआ, इसका भी पता CBI लगा रही है। आरोपी बोला चंडीगढ़ बर्थडे पार्टी में गया था वकील ने चंडीगढ़ अदालत को यह भी बताया था कि आरोपी बाद में सेक्टर-7 में एक बर्थडे पार्टी में गया था। बचाव पक्ष ने खरीदारी के बिल भी कोर्ट में पेश किए। इसी आधार पर आरोपी की ओर से शाम फैशन मॉल और सेक्टर-35 फूल मार्केट के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। हालांकि, इन दलीलों के बावजूद आरोपी को राहत नहीं मिल सकी। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपी के दावों का कड़ा विरोध किया। FIR में क्या, 3 पॉइंट में पढ़िए… स्टेट टैक्स ऑफिसर की शिकायत: विजिलेंस के खिलाफ शिकायत 8 मई को अमित कुमार निवासी अबोहर, फाजिल्का ने दी थी, जो स्टेट टैक्स ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल ठेकेदार हैं। दोनों डीजी विजिलेंस शरद सत्य चौहान और उनके रीडर ओपी राणा की ओर से बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे। आरोपियों ने विजिलेंस मुख्यालय में उसके खिलाफ लंबित शिकायत बताकर उसके निपटारे के लिए रिश्वत मांगी। जैसे ही यह शिकायत मिली, उसके बाद सीबीआई ने एक्शन शुरू किया। 13 लाख रुपए की रिश्वत मांगी: जैसे ही सीबीआई को अमित कुमार की शिकायत मिली, इसकी जांच और वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर अरुण अहलावत को सौंपी गई। वेरिफिकेशन के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी राघव गोयल और विकास गोयल ने शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। कैश के साथ मोबाइल भी मांगा: जांच में यह भी पता चला कि नकद रकम के अलावा आरोपी ओपी राणा के लिए एक मोबाइल फोन की मांग भी की थी। रकम ओपी राणा और डीजी (विजिलेंस) के नाम पर मांगी जा रही थी। 11 मई 2026 की वेरिफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने माना कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 7A के तहत अपराध बनता है। इसके बाद औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई। इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ 11 मई: CBI ने रिश्वत लेते पकड़ा स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत पर CBI ने चंडीगढ़ के होटल में ट्रैप लगाया। होटल में कमरा बुक करवाया गया, जहां बिचौलिए और अन्य लोग मिले। इसी दौरान सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए कैश और मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। राघव और विकास गोयल भागने लगे, लेकिन अंबाला के पास पकड़ लिए गए। ओपी राणा फरार हो गया। इसके बाद CBI ने मोहाली स्थित विजिलेंस हेडक्वार्टर में देर रात रेड की। रिकॉर्ड खंगाले गए और कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए। 12 मई: 9 लाख कैश और दस्तावेज बरामद मंगलवार सुबह करीब 7 बजे सीबीआई की टीमें दोबारा विजिलेंस कार्यालय पहुंचीं और पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर में छानबीन शुरू की। शुरुआत में कर्मचारियों को बाहर रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया। करीब 10 बजे विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान अपने कार्यालय पहुंचे और बिना कुछ कहे अंदर चले गए। इसी दौरान सेक्टर-23 और एक अन्य स्थान पर भी सीबीआई ने दबिश दी, जहां से 9 लाख रुपए कैश और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। CBI ने गिरफ्तार आरोपी बाप-बेटा और अंकित बधवा को चंडीगढ़ की स्पेशल CBI कोर्ट मे पेश किया। अंकित का रिमांड सीबीआई ने नहीं मांगा। बाप-बेटे का 3 दिन का रिमांड गया। जिसके बाद कोर्ट उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। 12 पेजों की वॉट्सऐप चैट कोर्ट के समक्ष पेश की गई। 13 मार्च: 8 फर्जी शिकायतों का खुलासा CBI सूत्रों के मुताबिक दोनों बिचौलिए काफी शातिर थे। जांच में 8 के करीब फर्जी शिकायतों का पता चला। CBI सूत्रों के मुताबिक, बिचौलिए मोहाली के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे, जिसकी बुकिंग भी किसी राजनेता ने करवाई थी। विजिलेंस ने उसकी रिकॉर्डिंग को कब्जे में ले लिया है। वह अफसरों से दोस्ती भी धर्म के आड़ में करते थे। वह जब किसी अफसर से मिलने जाते थे तो कहते थे कि बालाजी सालासर के उपासक हैं। वह अफसरों को प्रशाद व झंडा तक देते थे। इस तरह वह अफसरों के नजदीक जाते थे। इन अफसरों से संपर्क के बाद वह अपना काम करते थे।
सिरोही जिले में कृष्णगंज में अमीर गवारिया के कबाड़ के गोदाम में शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए सिरोही से 2 और पावापुरी धाम से 1 अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचे। इस घटना में लाखों रुपए का कबाड़ का सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सबसे पहले कृष्णगंज पुलिस को सूचना दी गई, जिन्होंने तुरंत सिरोही जिला मुख्यालय और पावापुरी से अग्निशमन वाहनों को बुलाया। दमकल की गाड़ियों ने लगाए कई फेरेदमकल कर्मियों ने कई चक्कर लगाने के बाद काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम का लगभग सारा कबाड़ का सामान जलकर खाक हो गया। आसपास के मकानों और झोपड़ियों को भी इस आग से खतरा था, लेकिन दमकल कर्मियों की समय रहते की गई मेहनत से एक बड़ा हादसा टल गया।सिरोही से अग्निशमन वाहन की टीम में अग्निशमन अधिकारी जालम सिंह, फायरमैन प्रवीण पटेल, अनिल सिंह, जगदीश चंद्र, किशोर कुमार और वाहन चालक मुकेश कुमार तथा विनोद कुमार शामिल थे।
भिवानी जिले में लोहारू के गांव कुड़ल में कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से खेत बचाओ अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान किसानों को मृदा जांच के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र की मृदा वैज्ञानिक डॉ. ममता फोगाट ने किसानों से मिट्टी की जांच के आधार पर ही खाद का प्रयोग करने का आग्रह किया। मृदा परीक्षण से होता है पोषक तत्वों की जांच डॉ. फोगाट ने बताया कि मृदा जांच से खेत की उर्वरता, पोषक तत्वों की उपलब्धता और उनकी कमी का सटीक आकलन होता है। उन्होंने किसानों से रसायनिक खाद के अंधाधुंध प्रयोग से बचने और मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर संतुलित व वैज्ञानिक तरीके से खाद एवं उर्वरकों का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरकों का प्रयोग करने से फसल उत्पादन बढ़ता है, लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता में सुधार आता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलती है। कार्यक्रम में किसानों को मृदा नमूना लेने की सही विधि भी सिखाई गई, ताकि जांच के परिणाम सटीक मिल सकें। किसानों को दी फसल चक्र अपनाने की सलाह इस अवसर पर डॉ. राहुल छिल्लर ने किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियमित फसल चक्र से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है और उत्पादन लागत घटती है। उन्होंने जोर दिया कि वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल का चयन करके किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और टिकाऊ खेती को बढ़ावा दे सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की कि वे मृदा संरक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग के इस संदेश को अन्य किसानों तक पहुंचाएं। इसका उद्देश्य इसे जन-आंदोलन का रूप देकर पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
बालाघाट के बैहर थाना क्षेत्र में मोदीनगर इलाके में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन मकान में 35 वर्षीय महिला सविता धुर्वे की आधी गर्दन कटी लाश मिली है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक सविता धुर्वे चार बच्चों की मां थीं और उनके पति जगानंद धुर्वे का पहले ही देहांत हो चुका है। वह अपनी बेटियों के साथ रहती थीं। गुरुवार शाम को जब उनकी दो बेटियां काम से वापस लौटीं, तो सविता घर पर नहीं थीं। बेटियों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन मां का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद वे खाना खाकर सो गईं। शुक्रवार सुबह जब बेटियां अपने नए बन रहे मकान पर पहुंचीं, तो वहां मां का शव चित्त हालत में खून से लथपथ पड़ा था और गर्दन आधी कटी हुई लटकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम बेटियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बैहर थाना प्रभारी जयंत मर्सकोले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट से फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिचित पर हत्या का शक, जांच जारी पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी जयंत मर्सकोले के अनुसार, हत्या की आशंका महिला के ही किसी परिचित व्यक्ति पर जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के असली कारणों और इसके पीछे की वजह का अभी तक साफ पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए संदिग्धों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है।
हिसार जिले के उकलाना में सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण कार्यों के लिए समर्पित लायंस क्लब प्रताप की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन में किया गया। बैठक में क्लब के आगामी सत्र 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों की सहमति एवं सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। बैठक में लायन कपिल नारंग को क्लब का नया प्रधान (प्रेसिडेंट), लायन विपिन कथूरिया एडवोकेट को सचिव (सेक्रेटरी) तथा लायन हितेश चराया को कोषाध्यक्ष (ट्रेजरर) नियुक्त किया गया। नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद सभी सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सेवा कार्य करने वाला अग्रणी संगठन इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लायंस क्लब समाज सेवा की भावना से कार्य करने वाला विश्व का अग्रणी संगठन है और क्लब की नई टीम समाजहित के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। जरूरतमंद लोगों की करेंगे मदद नवनियुक्त प्रधान कपिल नारंग ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि क्लब के सभी सदस्यों को साथ लेकर समाज सेवा के कार्यों को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में उपस्थित लायंस क्लब उकलाना प्रताप के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने नई कार्यकारिणी को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि क्लब आगामी सत्र में भी समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगा।
गयाजी में रेड के नाम पर अवैध वसूली:जेई को सस्पेंड करने का आदेश, लाइनमैन पर भी कार्रवाई
गयाजी के इमामगंज प्रखंड में जांच और छापेमारी के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। एक आइस फैक्ट्री के मालिक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलने के मामले में गयाजी के डीएम शशांक शुभंकर ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम के निर्देश पर न सिर्फ आरोपी जेई को सस्पेंड करने के लिए विभाग को लेटर लिखा गया है, बल्कि पूरी टीम के खिलाफ सख्त विभागीय के साथ साथ कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं। छापेमारी के नाम पर रची गई 'साजिश' यह पूरा मामला इमामगंज प्रखंड के मंझौली गांव का है। यहां के रहने वाले उमेश साव एक आइस (बर्फ) फैक्ट्री चलाते हैं। पीड़ित उमेश साव ने डीएम से लिखित शिकायत कर बिजली विभाग की टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित का कहना था कि इमामगंज के जेई सचिन कुमार व सहायक अभियंता राजीव झा अपनी पूरी टीम के साथ उनकी फैक्ट्री में पहुंच गए। टीम ने फैक्ट्री में चेकिंग के नाम पर दबाव बनाना शुरू किया और आरोप मढ़ दिया कि फैक्ट्री में टोका फंसाकर मशीनें चलाई जा रही हैं। पीड़ित उमेश साव ने इसका पुरजोर विरोध किया और कहा कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की है, लेकिन अधिकारियों ने मामले को रफा-दफा करने के एवज में भारी-भरकम रकम की डिमांड कर दी। केस दर्ज होने व बदनामी के डर से पीड़ित को झुकना पड़ा। ऑनलाइन घूस लेने का मिला पुख्ता सबूत मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने तुरंत शेरघाटी के एसडीओ को इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा। जब एसडीओ ने मामले की परतें उखाड़नी शुरू कीं, तो बिजली विभाग का पूरा दावा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बिजली विभाग के पास फैक्ट्री में टोका फंसाकर मशीन चलाने का कोई भी पुख्ता सबूत था ही नहीं। यानी, पूरी कार्रवाई सिर्फ डराने और पैसे ऐंठने के लिए की गई थी। जांच में डिजिटल सबूत भी हाथ लगे हैं। सबूत के मुताबिक जेई सचिन कुमार ने अपने अकाउंटेंट रंजीत कुमार के बैंक खाते में डिजिटल पेमेंट के माध्यम से 20,000 रुपये ट्रांसफर करवाए थे। इसके अलावा, पीड़ित ने यह भी गवाही दी कि जेई ने उनसे 50,000 रुपये नकद के रूप में भी अवैध वसूली की थी। इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज अनुमंडल पदाधिकारी (शेरघाटी) की जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि होते ही डीएम शशांक शुभंकर ने एक्शन लेने में देरी नहीं की। डीएम ने अधीक्षण अभियंता (बिजली विभाग) को पत्र लिखकर पूरी टीम के खिलाफ विधि-सम्मत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अल्टीमेटम दे दिया है। इस भ्रष्टाचार के जाल में सचिन कुमार के ( जेई) के खिलाफ निलंबन की सिफारिश की गई है। राजीव झा (एई) - विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में हैं। रंजीत कुमार (लेखापाल) - जिसके खाते में घूस की रकम आई।संजय पासवान (मानव बल) - कार्रवाई के निर्देश।विक्रम सिंह (सुपरवाइजर) - कार्रवाई के निर्देश।लाइनमैन पर दर्ज होगी FIR। साथ ही नौकरी भी जाएगी। इस पूरे खेल में सिर्फ बड़े अधिकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल थे। जांच के दौरान स्थानीय लाइनमैन की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध और संलिप्त पाई गई है। डीएम ने इस मामले को केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा है। बल्कि लाइनमैन के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
आरएलपी कार्यकर्ता सम्मेलन चूरू में आयोजित:संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दे उठाने पर जोर
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने शुक्रवार दोपहर चूरू में एक कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। संदीप कपूरिया के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। पार्टी पदाधिकारी विजय पूनियां ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचकर संगठन की नीतियों एवं विचारधारा का प्रचार-प्रसार करें। पूनियां ने बताया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाना ही पार्टी का मुख्य उद्देश्य है। सम्मेलन में संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यकर्ता सम्मेलन को राजकुमार फगेड़िया, देवेश चौधरी, मुकेश लाटा, सुरेंद्र फगेड़िया और जयप्रकाश गोदारा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विनोद, राकेश, भानुप्रताप, सुलतान बुडानिया और विकास सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
नवादा जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नथनपुरा गांव में बालू माफियाओं की लापरवाही से एक बड़ी घटना हो गई। गांव के बीच से गुजर रहे तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने बिजली के खंभे को तोड़ दिया। इससे ऊपर की 11 हजार वोल्ट की बिजली की तार टूटकर नीचे गिर गई, जिससे 2-3 ग्रामीण और दो गायें बिजली के झटके का शिकार हो गईं।इस घटना में कपिल मांझी समेत तीन लोगों को गंभीर झटका लगा। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खंभे से टकराया। चालक मौके से ट्रैक्टर खड़ा करके फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र ग्रामीणों के विरोध का सामना करते हुए पुलिस को वापस लौटना पड़ा। रोक के बावजूद यह अवैध गतिविधि दिन-रात जारी हैग्रामीणों ने पुलिस पर लंबे समय से आरोप लगाया है कि वे बालू माफियाओं की सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर और टिप्पर जमुआवां-पटवा सराय से अवैध बालू उठाकर नथनपुरा गांव के रेल लाइन के पास जमा करते हैं। इसके बाद यहां से बालू की सप्लाई की जाती है। जिले में बालू खनन पर प्रशासनिक रोक के बावजूद यह अवैध गतिविधि दिन-रात जारी है।ग्रामीणों का आक्रोश घटना के बाद पूरे गांव के लोग एकजुट हो गए। उन्होंने बालू लदे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की और कई ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बीच गांव से गुजरने वाले भारी वाहनों से न सिर्फ बिजली-पानी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों, महिलाओं और मवेशियों की जान भी खतरे में है। प्रशासन पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन विभाग और जिला प्रशासन बालू माफियाओं पर मेहरबान है। पुलिस को सब कुछ पता होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए तो उनका आंदोलन और तेज होगा। इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
किसी भी विषय को सुनियोजित ढंग से मुद्दा बनाना या फिर किसी अवसर से राजनीतिक लाभ हासिल करना राजनीति का ही हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि क्या आस्था और धर्म से जुड़े विषय भी इसके अंग हो सकते हैं। क्या धर्म की चादर ओढ़कर समाज को छलने के प्रयास को भी राजनीति का हिस्सा माना जाना चाहिए। जब भी ऐसी कोशिशें की जाएं तो उसे राजनीतिक चतुरता नहीं माना जा सकता, बल्कि यह समझना चाहिए कि वोटों की खातिर षडयंत्र रचने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बीच राम मंदिर में चढ़ावे पर जो बयान दिए हैं या फिर उससे पहले की उनकी जो गतिविधियां रही हैं, उन्हें राजनीतिक छल से अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता। अब एक बड़ा सीधा सा प्रश्न है कि इसके पीछे उनकी मंशा क्या है? आखिर चाहते क्या हैं अखिलेश यादव? बात को ताजा बयानबाजी से ही आगे बढ़ाते हैं। अखिलेश यादव ने हाल में आरोप लगाया है कि अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम के मंदिर के चढ़ावे में धांधली की जा रही है। मुझे यह कहने में संकोच नहीं कि यह वही राममंदिर है, जिसके निर्माण को उनकी पार्टी ने दशकों तक हर स्तर पर, न्यायालय में, संसद में, सड़क पर रोकने का प्रयास किया। समाजवादी पार्टी ने इसे राम जन्मभूमि न मानते हुए हमेशा 'बाबरी मस्जिद' के रूप में मान्यता दी। फिर भी सनातनधर्मियों की आकांक्षा के प्रतिफल के रूप में राम मंदिर बन गया। अखिलेश यादव को कभी इस राममंदिर की भव्यता नहीं दिखाई दी, गगन में फहराती धर्म पताका नहीं दिखाई दी, रामलला का मोहक रूप नहीं दिखाई दिया। अब अचानक ही अखिलेश यादव राम मंदिर के चढ़ावे की पवित्रता और पारदर्शिता का सवाल उठा रहे हैं, तो यह उपहासजनक प्रतीत होता है, श्रद्धा का नाटक प्रतीत होता है। इतिहास के पन्नों में समाजवादी पार्टी के असली चरित्र के कई उदाहरण हैं। क्या 1990 की स्मृति को मिटाया जा सकता है, जब मुलायम सिंह यादव की सरकार ने अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं। निहत्थे श्रद्धालुओं को गोलियों से भूना गया। 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के समय भी सपा की प्रतिक्रिया उत्साहजनक तो नहीं ही थी। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भी पार्टी का रुख इससे दूरी बनाने और छद्म आलोचना का रहा। फिर अचानक ही अखिलेश चढ़ावे में धांधली की बात उठाकर रामजन्मभूमि ट्रस्ट को कठघरे में लाने का असफल प्रयास करते नजर आते हैं। वह यह भी ध्यान में नहीं लाते कि इस ट्रस्ट के पदाधिकारियों का पूरा जीवन सादगी एवं अनुशासन की मिसाल रहा है। ट्रस्ट का हर कार्यकलाप पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न होता है। इसके नियमित ऑडिट में पाई-पाई का हिसाब दिया जाता है। लेकिन अखिलेश जब यह मुद्दा उठाते हैं तो उनका मंतव्य स्पष्ट दिखाई देता है। हालांकि आमजन भी इसे राजनीतिक लाभ लेने की चेष्टा के रूप में ही देख रहे हैं। यह राजनीति का दोहरापन है और समाजवादी पार्टी के मुखिया के तौर पर अखिलेश यादव की यह कोशिश इसे पूरी तरह उजागर करती है। दोहरेपन का यह अकेला उदाहरण नहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को भी इसमें रखा जा सकता है। काशी के यह संत किस राजनीतिक संस्कृति को आत्मसात करते हैं, यह बताने की आवश्यकता नहीं और इसीलिए योगी सरकार को लेकर मुखर भी हैं। उनके किसी भी बयान को भाजपा के विरुद्ध एक हथियार के रूप में प्रचारित करने में अखिलेश देर नहीं लगाते। किंतु इसके साथ ही एक कड़वा सच भी जुड़ा हुआ है कि जब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की अपनी सरकार थी, तब इन्हीं अविमुक्तेश्वरानंद को उनकी पुलिस ने बेरहमी से पीटा था। उस घटना की स्मृति आज भी उत्तर प्रदेश के संत समाज में जीवंत है। ऐसे शंकराचार्य को ढाल की तरह इस्तेमाल करना न सिर्फ राजनीतिक धृष्टता है, बल्कि सनातन समाज का अपमान भी। अखिलेश की पूरी राजनीतिक नाटकशाला के सबसे विडंबनापूर्ण अध्याय को गोसंरक्षण प्रकरण में देखा जा सकता है। अखिलेश यादव आज अविमुक्तेश्वरानंद के साथ बैठकर गोसंरक्षण का उपदेश दे रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी और वह स्वयं उन राजनीतिक तत्वों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं जो वर्षों से गोकशी को बढ़ावा देते रहे। कौन भूल सकता है कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खाने फले-फूले, गोवंश तस्करी पर कोई प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया और गोसंरक्षण के प्रयासों को सांप्रदायिक रंग देकर कमज़ोर किया गया। इसके पीछे एक सुनिश्चित मुस्लिमपरस्ती थी, जो सपा के हर शासनकाल में देखने को मिली। कब्रिस्तानों और मुस्लिम धार्मिक स्थलों को सरकारी खजाने से मदद में उदारता भी इसी का हिस्सा थी। मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद हिंदुओं के विस्थापन पर आंखें मूंद लेना भी मुस्लिमपरस्ती का बड़ा उदाहरण है। और, इससे भी बड़ा उदाहरण है आतंकवाद के आरोपियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला लेना। आतंकवादियों के प्रति उदारता तुष्टीकरण की किस नीति से उपजी थी, यह प्रश्न आज भी उत्तर मांगता है। यह भी पूछता है कि क्या वोट बैंक की बलिवेदी पर राष्ट्रीय सुरक्षा को चढ़ाया जा सकता है? उत्तर प्रदेश में राजनीति करने वालों को सनातन के प्रति अपनी नजरिया स्पष्ट और खुलकर रखना चाहिए। जब गठबंधन के सहयोगी तमिलनाडु के उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म की तुलना मलेरिया व डेंगू जैसी महामारियों से करते हैं तो अखिलेश का चुप रहना, बहुत कुछ संदेश देता है। ऐसे मामलों में चुप्पी और और राम मंदिर के चढ़ावे पर ट्रस्ट पर निशाना। इन दोनों को साथ रखकर देखें तो अखिलेश की राजनीति का विरोधाभास खुलकर सामने आता है। उत्तर प्रदेश के लोग यह जानने के भी इच्छुक हैं कि मस्जिदों की आय, मदरसों के वित्तपोषण, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन पर अखिलेश ने कभी सवाल क्यों नहीं उठाए। वस्तुतः 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव क्षितिज पर हैं और अखिलेश यादव यह भली-भांति जानते हैं कि इस प्रदेश में बिना हिंदू मतों के सत्ता की सीढ़ी नहीं चढ़ी जा सकती। लेकिन उनकी पार्टी की वैचारिक विरासत और उनका अपना मुस्लिम तुष्टीकरण का इतिहास उन्हें विश्वसनीय हिंदू हितैषी बनने से रोकता है इसलिए वह एक छलावा भरा मध्यमार्ग चुनते हैं। न तो खुलकर सनातन का विरोध करो, न पूर्ण समर्थक बनो, जिससे तुष्टीकरण की राजनीति बची रहे। बस, भ्रम उत्पन्न करते रहो। लेकिन, सनातन समाज सदा से विवेकशील रहा है। उसने युगों-युगों में असली और छद्म भक्त के बीच का अंतर पहचाना है और उसके पास यह दृष्टि अभी बरकरार है।
पानीपत के चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर में श्राइन बोर्ड के अधीन आने के बाद पहली बार दानपात्र खोला गया। समालखा के SDM अमित कुमार के निर्देश पर BDPO शक्ति सिंह और अकाउंटेंट मदन लाल की देखरेख में दानपात्र की गिनती शुरू की गई। 15 सदस्य कमेटी ने शुक्रवार सुबह एक दानपात्र खोला। जिसकी गिनती के लिए मशीनें भी मंगवाई गई है। लेकिन सुबह से शाम 4:30 बजे तक एक भी दानपात्र की गिनती पूरी नहीं हुई है। मंदिर में कुल 22 दानपात्र हैं। इस गिनती प्रक्रिया के लिए 5 बैंक कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। पटवारी विजय और BDPO कार्यालय समालखा के लगभग दो दर्जन कर्मचारियों के साथ-साथ पूर्व प्रधान रोशन लाल, ग्राम सचिव प्रवीण सैनी और सरपंच सतीश ने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। श्याम सेवक रवि, सोनू और कालू ने भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। BDPO बोले- गिनती पूरी होने में 5 दिन लग सकते हैं बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि गिनती पहले हाथों से की जा रही है, जिसके बाद मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच दिन लगने की उम्मीद है। दानपात्र खोलने वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एसडीएम अमित कुमार ने मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया और दानपात्र खोले जाने वाले स्थान पर एक और कैमरा लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने श्याम बाबा मंदिर का जायजा भी लिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान प्रेस को गिनती प्रक्रिया से दूर रखा गया।
झालावाड़ जिले के सुनेल में जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों और आमजन की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें लंबित मांगों के समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र के लगभग 1800 किसान गेहूं तुलाई से वंचित रह गए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद किसानों को अब तक मुआवजा राशि और फसल बीमा का भुगतान नहीं मिला है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद भी उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस ने भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न गंभीर पेयजल संकट को भी उठाया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति न होने से आमजन को परेशानी हो रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने भी किसानों, मजदूरों और आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है, जिससे महंगाई बढ़ रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसीलदार सुनेल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों और आमजन की समस्याओं को सुना और मांगों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। महंगाई और पेयजल संकट से आमजन का जीवन संकट मेंइस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलाल चौहान ने कहा कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार को किसानों और आमजन की मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन आज वह मुआवजा, फसल बीमा, खाद की कमी और उपज तुलाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। वहीं, महंगाई और पेयजल संकट ने आमजन का जीवन भी कठिन बना दिया है। किसानों की लंबित मुआवजा एवं फसल बीमा राशि का शीघ्र भुगतान, खाद की पर्याप्त उपलब्धता निर्धारित करने, गेहूं तुलाई से वंचित 1800 किसानों की पुनः तुलाई कराने, पेयजल संकट के समाधान तथा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।विरोध प्रदर्शन में यह रहे मौजूदइस अवसर पर महिला जिलाध्यक्ष वर्षा शर्मा, नरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह सिसोदिया, शोभाराम, तेजसिंह सिसोदिया, इंद्र सिंह नागर, दौलत सिंह, विशाल, कैलाश, श्याम, महेंद्र सिंह सोनगरा, रंगलाल दांगी, ओमप्रकाश पाटीदार, जितेंद्र सिंह, नेपाल सिंह, सुशीला जैन, युवराज पाटीदार, बद्री शर्मा, अशोक शर्मा, रितेश दांगी, शंकर सिंह, रमेश पालीवाल, सुरेश धाकड़, सुरेश बैरागी, लक्ष्मीनारायण दांगी, अंबेश मीणा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।
पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र में महिला की सादगी का फायदा उठाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। पीड़ित महिला गुनौर क्षेत्र में किराने की दुकान चलाती है और उसका पति बाहर मजदूरी करता है। दुकान पर आने-जाने वाले एक परिचित व्यक्ति ने महिला को अपनी बातों में फंसाया। उसने महिला को वीडियो कॉल किया और झांसा देकर उसके कपड़े उतरवा दिए। इस दौरान आरोपी ने चुपके से स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर महिला का अश्लील वीडियो बना लिया। यही नहीं, आरोपी ने यह वीडियो अपने एक और साथी को भेज दिया। इसके बाद दोनों आरोपी महिला को फोन पर धमकाने लगे कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी, तो वे वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर देंगे। मदद के बहाने गांव के ही शख्स ने किया दुष्कर्म आरोपियों की धमकियों से परेशान होकर जब महिला तनाव में रहने लगी, तो गांव के ही एक अन्य व्यक्ति ने हमदर्दी दिखाने का नाटक किया। उसने महिला को भरोसे में लेकर पूरी बात जान ली और मदद करने के बहाने वह वीडियो अपने मोबाइल में ले लिया। लेकिन मदद करने के बजाय उस शख्स ने भी महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने महिला के ससुर को वीडियो भेजने और बदनाम करने की धमकी देकर उसके साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया। हिम्मत जुटाकर परिवार को बताई बात आखिरकार आरोपियों की रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने हिम्मत जुटाई और पूरी आपबीती अपने सास-ससुर और जेठ को बता दी। इसके बाद परिवार के साथ जाकर गुनौर थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। दोनों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है, जबकि तीसरे फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थी के पिता ने 45 लाख रुपए में उसके लिए पेपर खरीदा था। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी ने पेपर लीक गिरोह से पेपर हासिल किया था और उसे पढ़कर लिखित परीक्षा पास की थी। स्वरूपचंद मीणा (निवासी टिकरी जाफरान, जिला दौसा) ने पेपर लीक के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से 45 लाख रुपए में पेपर का सौदा किया था। स्वरूपचंद ने यह पेपर अपने बेटे बृजेश कुमार मीणा(27) के लिए खरीदा था, जिसे परीक्षा से पहले लीक और सॉल्व्ड पेपर उपलब्ध कराया गया था। लिखित परीक्षा में हासिल किए थे अच्छे अंक एडीजी विशाल बंसल ने बताया- बृजेश कुमार मीणा की लिखित परीक्षा 15 सितंबर 2021 को अजमेर में आयोजित हुई थी। हिंदी विषय में 200 में से 116.23 अंक और सामान्य ज्ञान (जीके) में 200 में से 126.01 अंक प्राप्त कर अवैध रूप से लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। हालांकि, फिजिकल टेस्ट में असफल होने के कारण अंतिम रूप से उपनिरीक्षक (एसआई) पद पर चयनित नहीं हो पाया। पहले भी 2 भर्ती परीक्षाओं में सामने आ चुका है नाम एसओजी ने आरोपी बृजेश कुमार मीणा को 9 जून 2026 को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले से ही 2 मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बृजेश कुमार मीणा (27) निवासी ग्राम टिकरी जाफरान, थाना महुआ, जिला दौसा के रूप में हुई है। 145 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी एसओजी के अनुसार, पेपर लीक सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा और आरोपी के पिता स्वरूपचंद मीणा को पूर्व में गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। इस मामले में अब तक 145 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रकरण में आगे की जांच जारी है।
सिरसा में दोस्त बनकर बेटी को बीमार बताकर इलाज के नाम पर ठगने मामले में डेढ माह बाद ठग पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस के अनुसार, ठग ने परिचित बनकर युवक को फोन किया और कहा, उसकी बेटी अस्पताल में दाखिल है। उसे पैसों की सख्त जरूरत है और शिकायतकर्ता को दोस्त बताते हुए व्हाट्सप पर खाता नंबर भेज दिया, जिस पर विश्वास कर पैसे ट्रांसफर कर दिए। अब साइबर थाना पुलिस ने 60 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के पालमपुर निवासी यमन कुमार के रूप में हुई है। अभी पुलिस आरोपी से पूछताछ में डिटेल जुटाएगी। पुलिस के अनुसार, शहर के रोड़ी गेट निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 13 अप्रैल 2026 को उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उसका दोस्त नवदीप बताते हुए कहा, उसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। उसने यह भी कहा कि उसके बैंक खाते में तकनीकी दिक्कत आ गई है। इसलिए वह सीधे अस्पताल में पैसे जमा नहीं करवा पा रहा। खाते की जांच किए बिना 60 हजार ट्रांसफर किए शिकायत में बताया, आरोपी ठग ने विश्वास में लेने के लिए पीड़ित के मोबाइल पर 25 हजार और 35 हजार रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज भेज दिए तथा एक बैंक खाता नंबर देकर रकम जमा करवाने को कहा। उसने अपने दोस्त को मुसीबत में समझकर पीड़ित ने बिना खाते की जांच किए जल्दबाजी में कुल 60 हजार रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में बैंक खाता चेक करने पर पता चला कि उसके खाते में कोई रकम आई ही नहीं थी और वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका था। साइबर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग डिटेल और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया।
कोटपूतली में 220 जीएसएस पर होगा मेंटेनेंस:3:30 घंटे का रहेगा पावर कट, ये क्षेत्र होंगे प्रभावित
कोटपूतली में 220 केवी जीएसएस पर आवश्यक मरम्मत कार्य के कारण साढ़े तीन घंटे की बिजली कटौती की जाएगी। यह कटौती सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक प्रभावी रहेगी। इन क्षेत्रों में आपूर्ति रहेगी बाधित सहायक अभियंता (RVPN) राहुल शर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य के चलते 33 केवी के भैसलाना, बहरोड़ 2, पावटा, बड़ाबास, पाथरेड़ी, पेनिसिया, पुतली और बीडीएम फीडरों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। ये क्षेत्र रहेंगे प्रभावित इस बिजली कटौती से कोटपूतली के बड़ाबास एरिया, चौकी गोवर्धन पुरा, मानसी बिहार, डाबला रोड, पाथरेड़ी, प्रागपुरा, भूरीभड़ाज, दातील, भैंसलाना, राजनेता, बिठलोदा और पुतली सहित कई क्षेत्र प्रभावित होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को हरदा जिला मुख्यालय के स्वामी विवेकानंद पीएम श्री कॉलेज में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में व्याप्त अकादमिक, प्रशासनिक और आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कुलपति के इस्तीफे और विश्वविद्यालय में धारा 52 लागू कर शासन द्वारा नियंत्रण अपने हाथ में लेने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार बी.डी. तमखाने को सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। कुलपति के पद छोड़ने तक आंदोलन एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जब तक कुलपति पद नहीं छोड़ते या शासन हस्तक्षेप नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। एबीवीपी के नगर मंत्री शुभम ढोके ने आरोप लगाया कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय पिछले कई वर्षों से अकादमिक, प्रशासनिक और आर्थिक अनियमितताओं का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। आरोप- कैलेंडर का पालन नहीं हो रहाशुभम ढोके के अनुसार, विश्वविद्यालय में अकादमिक कैलेंडर का पालन नहीं हो रहा है, प्रवेश प्रक्रिया अव्यवस्थित है और इसके चलते यूटीडी (यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट) में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। कई पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम छह-छह महीने तक लंबित रहते हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि एमबीए प्रथम और तृतीय सेमेस्टर सहित कई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परिणाम महीनों से घोषित नहीं किए गए हैं। पुनर्मूल्यांकन के परिणाम भी एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती नहीं होने के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, और छात्रों ने पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन में भी देरी का आरोप लगाया है।
पानीपत के नौल्था स्थित इंदिरा कॉलोनी में पुरानी रंजिश के चलते दो युवकों ने एक घर में घुसकर मां-बेटे पर गंडासी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में मां अनीता और उसका बेटा विकास घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना 8 जून की रात करीब 1:30 बजे हुई। इंदिरा कॉलोनी निवासी अनीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 जून की रात वे परिवार सहित खाना खाकर सो रहे थे। रात करीब 1:30 बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया और उनके बेटे साहिल का नाम पुकारा। जब उनके दूसरे बेटे विकास ने गेट खोला, तो सामने दो व्यक्ति गंडासी और रॉड लिए खड़े थे। दरवाजा खोलते ही किया हमला बिना कुछ बोले, आरोपी बंटी उर्फ अंकित ने विकास पर गंडासी से हमला कर दिया। दूसरा आरोपी चिंटा, जो उसी कॉलोनी का निवासी है, ने अनीता पर हमला किया। अनीता के चिल्लाने पर उनके भाई और बेटे को आता देख, चिंटा ने उनकी कमर पर रॉड से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर पड़ोसी जाग गए, जिसके बाद दोनों हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। तुरंत 112 पर सूचना दी गई, और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मां-बेटे को पानीपत सिविल अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद थाना इसराना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
अजमेर के क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया है। चोरी की यह वारदात उस समय हुई, जब पीड़ित परिवार अपने गांव गया हुआ था। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, कृष्णा एन्क्लेव निवासी श्यामसुंदर जांगिड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया- बीती 4 जून को वे अपने परिवार के साथ नागौर जिले के आलनियावास गांव गए थे। इस दौरान घर पर कोई मौजूद नहीं था। जब वे वापस लौटे, तो मकान के मुख्य दरवाजे और अलमारियों के ताले टूटे मिले और अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। पीड़ित परिवार ने जब घर के सामान की पड़ताल की, तो अलमारी में रखे करीब 10 हजार रुपए नकद, लगभग 200 ग्राम चांदी की 2 जोड़ी पायजेब, 500 ग्राम चांदी की कनकती और करीब एक तोला सोने के झुमके गायब मिले। इसके अलावा, बिस्तर के नीचे रखे अन्य 10 हजार रुपए भी चोरी हो गए। अब देखिए, चोरी से जुड़ी 2 PHOTOS… पीड़ित ने बताया- उसी रात उनके सामने रहने वाले पड़ोसी देवेंद्र कुमार सांखला के घर को भी चोरों ने निशाना बनाया था। चोरों ने उनके मकान के मुख्य दरवाजे (मेन गेट) और अंदर के गेट का ताला तोड़ दिया था। हालांकि, वहां से किसी सामान की चोरी होने की बात सामने नहीं आई है, लेकिन चोरों ने घर के सामान को खंगाला और उसे अस्त-व्यस्त कर दिया। सूचना मिलने पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के ग्राम जोहरिया में एक दिव्यांग की पत्नी ने ग्राम सरपंच पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। फरियादी फरजाना खान ने इस संबंध में नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक को शुक्रवार को दिए आवेदन में फरजाना खान ने बताया कि गुरुवार को पंचायत में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान उन्होंने अपने मकान के टूटे शौचालय की मरम्मत के लिए वहां काम कर रहे मिस्त्री से एक तसला कंक्रीट मांगा था। फरजाना का आरोप है कि इस बात पर सरपंच सरोज बाई ठाकुर नाराज हो गईं और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की। फरियादी ने यह भी बताया कि सरपंच ने उन्हें जान से मारने और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। घटना के बाद फरजाना खान शिकायत लेकर करेली थाने पहुंची थीं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी सरपंच द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं। फरजाना खान ने बताया कि उनके पति दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और उनके साथ भी उपहास व अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके परिवार को किसी झूठे मामले में फंसाया जा सकता है या उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। फरियादी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपित सरपंच के विरुद्ध कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
भीलवाड़ा में राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने पिछले तीन महीने से बकाया सैलरी की मांग को लेकर शुक्रवार को थाली चम्मच बजाते हुए विरोध जताया। इस दौरान महात्मा गांधी अस्पताल के पीएमओ को ज्ञापन देकर समय पर सैलेरी दिलाने की मांग की। थाली चम्मच बजाकर किया प्रदर्शन इस दौरान बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मचारी महात्मा गांधी अस्पताल के बाहर इकट्ठा हुए और थाली चम्मच बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करवाया। कर्मचारियों का कहना है कि अगर उन्हें समय पर वेतन नहीं मिला तो 15 जून से हर रोज 2 घंटे कार्य बहिष्कार किया जाएंगे। 3 महीने से सैलरी नहीं मिली राजस्थान नर्सिंग एशिया के भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष नारायण माली ने बताया- हमने पीएमओ को अल्टीमेटम दिया है, हमारे जो 86 नर्सिंगकर्मी है उनको 3 महीने सैलरी नहीं दी गई। जबकि जयपुर से सैलरी देने के स्पष्ट आदेश है। हमारी 3 महीने से सैलरी बकाया चल रही है। सोमवार से दो घंटे कार्य बहिष्कार नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि अगर सोमवार तक अस्पताल प्रशासन हमें सैलरी नहीं देता है, तो हम 2 घंटे कार्य का बहिष्कार करेंगे। हम महात्मा गांधी अस्पताल के पीएमओ से मिले और थाली बजाकर इनको चेताया है। हम चाहते हैं कि हमारी सैलरी हमें समय पर मिले।
अलवर के 4 सरकारी कॉलेज में स्टूडेंट्स जापानी और जर्मन भाषा सीख सकेंगे। इसके लिए राजस्थान सरकार ने हैदराबाद की एक यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है। अलवर के कॉमर्स कॉलेज, आरआर कॉलेज और बहरोड़ के सरकारी कॉलेज में जापानी भाषा की क्लास लगेंगी। वहीं, अलवर शहर के जीडी कॉलेज में जर्मन भाषा सिखाई जाएगी। कॉमर्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सत्यभान यादव ने बताया- स्थानीय युवाओं को अलवर के ही जापानी और कोरियाई जोन (नीमराना-बहरोड़) सहित होटल इंडस्ट्री में नौकरी के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इसमें 12वीं के नंबरों से एडमिशन मिलेगा। इस स्पेशल लैंग्वेज कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की आखिरी तारीख जून के अंत तक रखी गई है। आगे पढ़ें कोर्स से जुड़ी मुख्य बातें… 4 महीने की पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्रों को 100 नंबर की एक परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा में सफल होने वाले स्टूडेंट्स को आधिकारिक प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कोर्स पूरा होने के बाद राज्य सरकार इन भाषाओं के आधार पर निजी कंपनियों में जरूरत के अनुसार युवाओं को नौकरी दिलाने और वरीयता (Priority) देने का पूरा प्रयास करेगी। कुल सीटें: केवल 200 सीटें निर्धारित की गई हैं। चयन का आधार: एडमिशन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर होगा। कोर्स की अवधि: यह 4 महीने का शॉर्ट-टर्म कोर्स होगा, जिसमें कुल 160 घंटे की क्लास ली जाएगी। क्लास का समय: कॉलेज आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए मॉर्निंग और ईवनिंग के दो अलग-अलग सेशन रखे गए हैं।
बुरहानपुर में कल 3 घंटे बिजली कटौती:आजाद नगर, नागझिरी सहित शहर के कई इलाकों में आपूर्ति रहेगी बाधित
बुरहानपुर में बिजली कंपनी कल (शनिवार) चार फीडरों का मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सहायक यंत्री एचटी मेंटेनेंस रोहित भारती ने यह जानकारी दी। 11 केवी गुजराती स्कूल फर्स्ट फीडर और 11 केवी गुजराती स्कूल सेकंड फीडर का मेंटेनेंस सुबह 7 बजे से 8 बजे तक किया जाएगा। इससे हनुमान साइजिंग, आलमगंज क्षेत्र, सिंधीपुरा गेट क्षेत्र, आजाद नगर चौराहा क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, केएल लाइन, सोनार पट्टी, सिंधी धर्मशाला, गुजराती स्कूल, कांच मंदिर क्षेत्र, सरदार पटेल कॉलोनी और खैरखानी वार्ड सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। इसी दिन 11 केवी नागझिरी फीडर और 11 केवी आजाद नगर फीडर का मेंटेनेंस सुबह 8 बजे से 10 बजे तक होगा। इससे अख्तर कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, टीआईटी कॉलोनी, आदिल सेठ की डीपी, जलगांव डीजल, उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट क्षेत्र, इतवारा क्षेत्र, बंगड़ीवाला क्षेत्र, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद और कड़वी बाजार जैसे क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार मेंटेनेंस का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।
बिलासपुर में 27 वर्षीय बाउंसर निखिल गोस्वामी की पत्थर से सिर कुचलकर की गई हत्या के मामले में कोटा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद मध्यप्रदेश भाग गए थे, जिन्हें साइबर सेल की मदद से ट्रेस कर मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी है। उसे संदेह था कि उसकी पत्नी और निखिल गोस्वामी के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर निखिल की हत्या की योजना बनाई। वारदात में लाल मिर्च का भी यूज़ किया था पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की थी। निखिल के मजबूत कद-काठी और बाउंसर होने के कारण आरोपियों ने उसे काबू में करने के लिए लाल मिर्च पाउडर का भी इस्तेमाल किया था। बाउंसर के साथ वकील भी था निखिल जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि निखिल गोस्वामी केवल बाउंसर का काम ही नहीं करता था, बल्कि वह पेशे से वकील भी था। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी भोला दास के कुछ मामलों की पैरवी भी निखिल कर रहा था। एक फोन कॉल से मिली आरोपियों की लोकेशन पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे। इसी दौरान एक आरोपी ने अपने रिश्तेदार को फोन किया। साइबर सेल ने इस कॉल को ट्रेस किया, जिससे आरोपियों की सटीक लोकेशन का पता चल गया। इसके बाद पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 6 दिन में पुलिस ने सुलझाया मामला कोटा पुलिस ने महज छह दिनों के भीतर इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं। साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में साइबर सेल और एसीसीयू (ACCU) टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, मनमोहन कोसले और एसीसीयू बिलासपुर की टीम ने विशेष योगदान दिया। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पत्नी से अफेयर का शक, क्लाइंट ने वकील को मार-डाला:आंखों में मिर्ची पाउडर झोंका, पत्थर से सिर कुचला; बाउंसर भी था मृतक छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अफेयर के शक में वकील की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे आरोपी ने वकील की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, फिर पत्थर ताबड़तोड़ हमला किया। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पढ़ें पूरी खबर…
महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में महिला के साथ मारपीट, बंधक बनाकर रखने और मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (एसपी) नारनौल को दी गई शिकायत और उसके बाद उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) मुख्यालय द्वारा की गई जांच के आधार पर की गई है। गांव नायन निवासी गुंजन ने एसपी नारनौल को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 14 मई 2026 को गांव भुंगारका में उसके साथ मारपीट की गई, उसे बंधक बनाकर रखा गया तथा उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। पहले की गई कमजोर कार्रवाई शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया। निष्पक्ष जांच की मांग की थी शिकायत में गुंजन ने बताया कि घटना के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी, जिसने उसे और उसकी रिश्तेदार सुखी को आरोपियों के कब्जे से छुड़ाया था। इसके बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया तथा महिला थाना में शिकायत दी गई। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। डीएसपी ने की जांच एसपी कार्यालय में दी गई शिकायत और आईजीपी कार्यालय में दर्ज शिकायत के आधार पर डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने मामले की जांच की। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए और डायल-112 कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। घरेलू है विवाद जांच में सामने आया कि कोर्ट में चल रहे एक घरेलू विवाद के बाद शिकायतकर्ता गुंजन और उसकी रिश्तेदार सुखी गांव भुंगारका गई थीं। वहां आरोपियों द्वारा दोनों महिलाओं के साथ मारपीट करने, कुछ समय तक बंधक बनाकर रखने और मोबाइल फोन तोड़ने की पुष्टि हुई। छह के खिलाफ मामला दर्ज डीएसपी ने अपनी रिपोर्ट में मामले में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच करने की सिफारिश की। इसके आधार पर थाना नांगल चौधरी में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है।
अमेठी में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची-2026 में शामिल किए जाने की मांग उठी है। मेदनमवई ग्राम पंचायत की प्रधान बबिता मिश्र एवं प्रधान प्रतिनिधि तथा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि स्मृति ईरानी का स्थायी आवास मेदनमवई ग्राम पंचायत में स्थित है और वह यहां की स्थायी निवासी हैं। उनका नाम पहले से विधानसभा एवं लोकसभा की एसआईआर-2026 मतदाता सूची में दर्ज है, इसलिए पंचायत मतदाता सूची में भी उनका नाम शामिल किया जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में जारी पंचायत मतदाता सूची में स्मृति ईरानी का नाम शामिल नहीं होने को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। सूची में नाम न होने के बाद विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे थे। ग्राम प्रधान बबिता मिश्र ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि चूंकि स्मृति ईरानी का निवास और आवासीय पता मेदनमवई ग्राम पंचायत में है, इसलिए उन्हें पंचायत मतदाता सूची में शामिल किया जाना न्यायोचित और नियमसम्मत होगा। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया है कि आवश्यक जांच के बाद उनका नाम पंचायत मतदाता सूची-2026 में दर्ज कराया जाए। प्रधान प्रतिनिधि तीरथ राज मिश्र ने कहा कि पंचायत क्षेत्र की स्थायी निवासी होने के नाते स्मृति ईरानी को भी ग्राम पंचायत के मतदाता के रूप में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, ताकि वह पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे श्योपुर के लोगों को शुक्रवार दोपहर बड़ी राहत मिली। दोपहर करीब 3 बजे तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा वातावरण सुहावना हो गया। 41 डिग्री से सीधे 36 डिग्री पर आया पारा मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 6 जून से 11 जून तक अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। विशेषकर 9 और 10 जून को पारा 41 डिग्री तक पहुंचने से लोग हलाकान थे और दोपहर में सड़कें सूनी हो जाती थीं। इसके मुकाबले शुक्रवार को तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे लोगों को झुलसाती गर्मी से निजात मिली। आंधी के कारण दुकानों में छिपे लोग, किसानों के चेहरे खिले बारिश के दौरान अचानक चली तेज आंधी के कारण सड़कों पर चल रहे राहगीर और वाहन चालक बचने के लिए दुकानों के शेड और अन्य सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेते नजर आए। दूसरी ओर, इस प्री-मानसून बारिश का किसानों ने दिल से स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि इस पानी से खेतों में अच्छी नमी आएगी, जिससे आगामी खरीफ सीजन की फसलों की तैयारियों और बोवनी के लिए खेतों को सुधारने में काफी मदद मिलेगी। आगे भी बना रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वायुमंडल में आए बदलाव के कारण आगामी कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बदला हुआ रह सकता है। क्षेत्र में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बौछारें गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना आगे भी बनी हुई है।
प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने साढ़े तीन साल के लंबे इंतजार के बाद राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) की घोषणा कर दी गई है। इस बार परीक्षा के आयोजन की कमान कोटा यूनिवर्सिटी को सौंपी गई है। साल 2023 के बाद आयोजित होने जा रही यह परीक्षा राज्य के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। यूनिवर्सिटी कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय समिति की बैठक में परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। 14 जून से 15 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन प्रो. सारस्वत ने बताया कि अभ्यर्थी कोटा यूनिवर्सिटी की वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल के जरिए 14 जून से 15 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा 6 सितंबर को प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता तभी आएगी जब योग्य अभ्यर्थी चुने जाएंगे। इसलिए एसईटी का निष्पक्ष और बिना किसी गलती के आयोजन करवाना प्राथमिकता है। नकल रोकने के लिए होंगे पुख्ता सुरक्षा इंतजाम प्रो. सारस्वत ने बताया कि नकल रोकने के लिए जैमर, सीसीटीवी और ओएमआर की थ्री-लेयर कोडिंग जैसी सुरक्षा व्यवस्था इस एग्जाम के लिए की जा रही है। परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई आयु सीमा तय नहीं है। पीजी फाइनल ईयर या रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्र भी प्रोविजनल आवेदन कर सकते हैं। यूजीसी के नियमों के तहत कुल बैठे अभ्यर्थियों में से कैटेगरी वाइज टॉप 6 फीसदी को ही पात्रता सर्टिफिकेट मिलेगा। आवेदन शुल्क और योग्यता पेपर्स, सब्जेक्ट डिटेल और नंबर
आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त के निशाने पर आए महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर के ज्वाइंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण कंडवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोकायुक्त पुलिस ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और पद से हटाने की अनुशंसा करते हुए राज्य शासन को पत्र भेजा है। वहीं छापे के बाद अब उनकी चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा बुधवार को स्कीम नंबर-103 स्थित आवास, जिम और व्यावसायिक परिसरों पर की गई छापामार कार्रवाई में करोड़ों रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ था। जांच के दूसरे दिन सामने आए आंकड़ों के अनुसार आरोपी के नाम और आधिपत्य वाली संपत्तियों का दायरा पहले के अनुमान से कहीं अधिक बड़ा पाया गया है। 25 करोड़ की कृषि भूमि का खुलासा जांच में अब तक आरोपी के आधिपत्य वाली 16.479 हेक्टेयर (करीब 40.72 एकड़) कृषि भूमि सामने आई है, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 25 करोड़ रुपए आंका गया है। यह संपत्ति विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई बताई जा रही है। प्लॉट और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की कीमत करोड़ों में जांच में स्कीम नंबर-140 स्थित एक-एक हजार वर्गफीट के दो प्लॉटों की अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपए पाई गई है। वहीं स्कीम नंबर-103 में स्थित लगभग 2712 वर्गफीट के व्यावसायिक परिसर का बाजार मूल्य करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपए और उसके निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ रुपए आंकी गई है। एक करोड़ से अधिक की सामग्री बरामद लोकायुक्त टीम को छापे के दौरान आरोपी के आधिपत्य से मिली विभिन्न वस्तुओं और संपत्तियों की इनवेंटरी का मूल्यांकन भी किया गया। प्रारंभिक आकलन में बरामद सामग्री की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 58 हजार 85 रुपए पाई गई है। राज्य शासन को भेजी कार्रवाई की अनुशंसा लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य शासन को पत्र भेजा है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के साथ पद से हटाने की सिफारिश भी की गई है ताकि जांच प्रभावित न हो। संपत्तियों की पड़ताल के लिए कई विभागों को पत्र लोकायुक्त पुलिस ने मामले की व्यापक जांच के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं से जानकारी मांगी है। ् जांच का दायरा बढ़ा लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाली जानकारियों के आधार पर संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और बढ़ सकता है।
महाकाल मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना 11 जून की सुबह करीब 6:45 बजे गणेश मंडपम में हुई। शुक्रवार को वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दो युवक लाइन के बैरिकेड पर चढ़कर दूसरी लाइन में पहुंच गए। वह लाइन शीघ्र दर्शन की थी। वहां मौजूद गार्डों की नजर उन पर पड़ी तो दोनों को रोक लिया, जिससे विवाद बढ़ा था। मंदिर के गार्ड दो युवकों का कॉलर पकड़कर उनसे मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं ने मंदिर समिति और सुरक्षाकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तथा विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं। देखें पूरे विवाद की तस्वीरें… समिति बोली- सुरक्षाकर्मी की प्रथम दृष्टया गलती नहीं वीडियो वायरल होने के बाद महाकाल मंदिर समिति ने भी अपना पक्ष रखा। बताया कि कतार तोड़कर नियमों की अवहेलना करना और अराजकता फैलाने का प्रयास न केवल दर्शन व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि भगदड़ जैसी स्थिति का खतरा भी पैदा कर सकता है। ऐसे कृत्य अन्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं। वीडियो फुटेज और उपलब्ध तथ्यों की जांच में प्रथम दृष्टया सुरक्षाकर्मी की कोई गलती सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। हालांकि, मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सुरक्षाकर्मी को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। दोनों गार्ड को गणेश मंडपम से हटा दिया मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि दोनों युवक लाइन जंप कर शीघ्र दर्शन की लाइन में पहुंच गए थे। उन्हें रोकने पहुंचे सुरक्षाकर्मियों से विवाद होने के बाद मारपीट की स्थिति बनी। समझाने पर वे अभद्रता करने लगे और विवाद की स्थिति बन गई। संबंधित सुरक्षाकर्मियों को गणेश मंडपम से हटा दिया है।

