नोएडा के महामाया फ्लाइओवर के पास कार में लगी:20 मिनट में दमकल ने पाया काबू, शॉट सर्किट बताई गई वजह
नोएडा के महामाया फ्लाइओवर के पास एक कार में आग लग गई। आग की वजह शॉट सर्किट बताई गई। बोनट से कार का धुंआ देखते ही कार चालक गाड़ी से उतर गया। वहां मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दमकल विभाग को दी। मौके पर दमकल की एक गाड़ी पहुंची। 20 मिनट में आग पर काबू पाया गया। इस दौरान यातायात को दो लेन से होकर निकाला गया। कार नोएडा से ग्रेटरनोएडा की ओर जा रही थी। इसी दौरान महामाया फ्लाइओवर के पास कार में आग लगी। आग लगते ही चालक ने कार को साइड किया और उतर गया। इसके बाद दमकल की एक गाड़ी पहुंची। लेन को बंद किया गया और पानी के जरिए कार में लगी आग को बुझा दिया गया। कार जलकर राख हो गई। किसी के हताहत होने की सुचना नहीं है।
पटना में चलती कार में लगी आग:100 मीटर तक दौड़ती रही, बाहर निकले सवारी; बेली रोड फ्लाई ओवर की घटना
शास्त्रीनगर इलाके के बेली रोड फ्लाईओवर पर अचानक चलती कार में आग लग गई। रूपसपुर की ओर से UP नंबर की हैरियर CNG कार लगभग 70 की स्पीड में आ रही थी। इसी बीच फ्लाई ओवर से नीचे उतरने से पहले होटल AVR के पास आग लग गई। जिसके बाद कार सवारों ने उतरकर अपनी जान बचाई। दरअसल 100 मीटर तक धुंआ निकलते रहा। जब जलने की बदबू आने लगी तो कार सवार साइड कर के देखने के लिए उतरे। इसी बीच आग की लपट इंजन की ओर से उठी और तेजी से पूरी बॉडी को चपेट में ले ली। CNG सिलेंडर होने के चलते कार सवार भी गाड़ी छोड़कर दूर भाग गए। SDPO लॉ एंड ऑर्डर की पड़ी नजर इसी बीच SDPO लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद वहां से गुजर रहे थे। अचानक उनकी नजर पड़ी। उन्होंने फौरन अपनी गाड़ी रोक दी और लोगों को रोककर मैसेज वायरलेस पर फ्लैश किया। इसके बाद वहां अग्निशमन की गाड़ी और स्थानीय थाने की पुलिस पहुंची। फिलहाल 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। गाड़ी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। गाड़ी ऑनर के बारे में पता लगाने में जुटी पुलिस पुलिस गाड़ी ऑनर के बारे में पता लगाने में जुटी है। अभी आग लगने की वजह सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट लगने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय सेना ने बदले ब्रिटिश काल के 246 सड़कों और इमारतों के नाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से गुलामी की मानसिकता से बाहर आने का आह्वान किया था। अंग्रेजों के समय के नियमों से लेकर पुराने कानूनों तक को बदलने का काम जारी है
मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार की एक गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन वायरल वीडियो में एक युवक को सरकारी गाड़ी का निजी इस्तेमाल करते हुए देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। वायरल तस्वीरों में दिख रहे गाड़ी पर 'चेयरमैन तिमुल, बिहार गवर्नमेंट' लिखा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल तिमुल (मुजफ्फरपुर डेयरी) की वर्तमान अध्यक्ष सुशीला देवी के परिवार के सदस्यों की ओर से निजी काम या रसूख दिखाने के लिए किया जा रहा था। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्व अध्यक्ष के बेटे गोविंद यादव से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीण एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए वीडियो के संज्ञान में आते ही ग्रामीण एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगा रहा है कि संबंधित सरकारी गाड़ी आधिकारिक रूप से किसके नाम पर आवंटित है और किन परिस्थितियों में एक व्यक्ति इसका उपयोग कर रहा था। सरकारी नियमों के अनुसार, पद के लिए आवंटित गाड़ी का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। एसपी ने निर्देश दिया है कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण एसपी के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी और कानून सम्मत कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे विवाद पर न तो तिमुल प्रबंधन की ओर से और न ही संबंधित परिवार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर मुजफ्फरपुर तिमुल के अध्यक्ष के बेटे का आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल हो रहा है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने कहा कि तिमुल की अध्यक्ष सुशीला देवी के बेटे गोविंद के वीडियो वायरल होने की बात कही जा रही है।
बरेली जनपद की मतदाता सूची से करीब 7 लाख वोटरों का नाम एसआईआर (SIR) सर्वे में संदिग्ध मिलना अब लखनऊ मुख्यालय तक चर्चा का विषय बन गया है। इन मतदाताओं के 'लापता' होने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। आज इसी गंभीर मुद्दे को लेकर विशेष रोल प्रेक्षक संजय कुमार अग्रवाल (IAS) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। चुनाव आयोग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन मतदाताओं को ढूंढने या उनकी वास्तविकता का पता लगाने की है, क्योंकि यह संख्या जिले के कुल वोटरों का लगभग 21 प्रतिशत है। 2 लाख से ज्यादा को नोटिसप्रशासन ने इस विसंगति को दूर करने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि 'नो मैपिंग' और संदिग्ध श्रेणी वाले 2,20,711 मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। कमिश्नर की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण के बाद अब इन मतदाताओं की सुनवाई शुरू की जा रही है। विशेष रोल प्रेक्षक ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन प्रत्येक ईआरओ/एईआरओ कम से कम 150 नोटिसों पर सुनवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी असली मतदाता सूची से बाहर न होने पाए। कैंट और शहर विधानसभा में चुनौतीसर्वे के आंकड़ों ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। सबसे ज्यादा संकट बरेली शहर (124) और बरेली कैंट (125) विधानसभा क्षेत्र में है, जहाँ 35 प्रतिशत से अधिक मतदाता ए.एस.डी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) श्रेणी में पाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को निर्देश दिया है कि घर-घर जाकर इन वोटरों की सच्चाई पता लगाई जाए। इसके लिए 88 अतिरिक्त ए.ई.आर.ओ तैनात किए गए हैं जो केवल इन संदिग्ध मामलों का निस्तारण करेंगे। फॉर्म-6 और वेरिफिकेशन पर जोरइस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए जिले के 3499 बीएलओ और 359 सुपरवाइजरों को मैदान में उतारा गया है। प्रेक्षक संजय अग्रवाल ने साफ कहा कि जहां एक ओर संदिग्धों की छंटनी जरूरी है, वहीं नए पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए जोड़ना भी प्राथमिकता होनी चाहिए। राजनीतिक दलों के साथ भी बैठक कर उन्हें इस स्थिति से अवगत कराया गया है और अब तक विभिन्न दलों द्वारा 12,732 बीएलए तैनात किए जा चुके हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के कभी करीबी रहे और बाद में दुश्मन बने जैद खालिद समेत 12 लोगों को भू माफिया घोषित करने की तैयारी की गई है। एंटी भू माफिया टास्क फोर्स ने यह सूची तैयार की है और संस्तुति के लिए डीएम के पास भेज दी है। इन सभी पर सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जे और अपने हिस्से से अधिक भूमि विक्रय के आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। जैद पर पिछले दिनों एटीएस व ईवीएम गोदाम की जमीन कब्जाने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। 30 जनवरी को हुई बैठक 30 जनवरी को एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तहसील स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें तहसीलदार सदर ने टास्क फोर्स के संज्ञान में लाया कि राजस्व ग्राम रसूलपुर मरियाडीह, रसूलपुर काशीपुर उपरहार, पोंगहट तालुका बमरौली, ग्यासुद्दीनपुर उपरहार सहित अन्य क्षेत्रों में भू-माफिया ने सरकारी और निजी भूमि पर कब्जा किया गया है। इसके साथ ही अंश से अधिक भूमि का अवैध विक्रय भी किया है। इन मामलों में कुछ व्यक्तियों के विरुद्ध पहले ही प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। टास्क फोर्स के समक्ष रखी गई रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि यह कृत्य स्पष्ट रूप से अपराधिक श्रेणी में आता है। जैद खालिद और उसके नेटवर्क पर नजर सूची में शामिल जैद खालिद पुत्र अब्दुल खालिद अल्का बिहार कॉलोनी, बमरौली का रहने वाला है। वह कभी माफिया अतीक अहमद का बेहद करीबी हुआ करता था और अतीक के साथ कई नामजद भी रहा। हालांकि, अतीक अहमद के जेल जाने के बाद एक जमीन को लेकर दोनों के बीच अनबन हो गई। इसके बाद वर्ष 2019 में जैद खालिद ने अतीक अहमद पर अपहरण कर जेल में पिटाई कराने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। अतीक के जेल में रहने के दौरान उसकी जैद से फोन पर बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जो बेहद चर्चा में रहा था। सूची में कौन-कौन लोग अब वही जैद खालिद एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की नजर में आ गया है। इस सूची में उसके भाई जसीम का नाम भी शामिल है। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने जिन 12 लोगों को भू माफिया घोषित करने की संस्तुति की है, उनमें ये नाम शामिल हैं… जैद खालिद पुत्र अब्दुल खालिद वकार अहमद पुत्र अब्दुल माबूद अरविंद कुमार केसरवानी प्रमोद कुमार केसरवानी जसीम अहमद राहिल सिद्दीकी महमूद अख्तर मो. ईसा दिलशाद धीरेन्द्र प्रताप सिंह विकास सिंह अमित कुमार शुक्ला अनुमोदन का इंतजार फिलहाल एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की यह संस्तुति जिलाधिकारी के अनुमोदन के लिए लंबित है। इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव पर अनुमोदन कर दिया जाएगा। अनुमोदन के बाद इन सभी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की राह साफ हो जाएगी। पिछले साल अक्टूबर में दर्ज हुआ था मुकदमा जैद पर पिछले साल अक्टूबर में छह अन्य लोगों के साथ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप लगा था कि सभी ने एटीएस और ईवीएम गोदाम की जमीन पर कब्जा कर लिया। जमीन पर प्लॉटिंग की फिर बेच दिया। लेखपाल की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। लेखपाल सुधीर कुमार और अनूप कुमार की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, जैद खालिद ने रसूलपुर काशीपुर गांव में लगभग 0.38 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी, लेकिन उसने 0.48 हेक्टेयर जमीन बेच दी। इसके अलावा, गाटा संख्या 212 की जमीन, जो ईवीएम गोदाम के लिए दर्ज थी, उस पर जैद और उसके भाई ने मिट्टी भराई और प्लॉट काटना शुरू कर दिया।रसूलपुर काशीपुर उपरहार गांव में चकमार्ग (सार्वजनिक रास्ता) और नाले की जमीन पर भी कब्जा किया गया। एटीएस की जमीन पर रास्ता बनाकर अपनी प्लॉटिंग साइट से जोड़ दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अल्केमिस्ट ग्रुप के मामले में बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 3 फरवरी के अपने आदेश में अल्केमिस्ट लिमिटेड के खिलाफ चल रही कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) को पूरी तरह वापस ले लिया
यूएचसी को मजबूती: आयुष और आधुनिक चिकित्सा का संगम
सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में आयुष को आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकृत करने से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) को मजबूती मिल सकती है
जमुई के 45 पैक्सों के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। राज्य निर्वाचन प्राधिकार के तत्वावधान में होने वाले इस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम नवीन ने अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जिले के 10 प्रखंडों में स्थित इन 45 पैक्सों की प्रबंधकारिणी समिति के विभिन्न पदों के लिए शुक्रवार को सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान होगा। यह चुनाव मतपत्रों के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन पदाधिकारी-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी, गश्ती दल दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट और सुपर जोनल दंडाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्हें निष्पक्ष एवं भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सख्त निर्देश दिए गए। मतदान के दौरान आम मतदाताओं से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष संख्या 06345 224799 है। यह नियंत्रण कक्ष मतदान के दिन सुबह 6 बजे से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक कार्यरत रहेगा। इस मौके पर उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल,अपर समाहर्ता सह विभागीय जांच बालमुकुंद प्रसाद, अपर समाहर्ता रविकांत सिंहा, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार, डीसीएलआर सुजीत कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद सहित पीठासीन पदाधिकारी स्टैटिक पदाधिकारी, गश्ती दल दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट, सुपर जोनल दंडाधिकारी उपस्थित रहे।
दमोह जिले की हटा नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रिश्वत लेने वाले एक कर्मचारी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। आरोपी कर्मचारी ने मकान की दूसरी किस्त जारी करने के लिए एक व्यक्ति से पैसों की मांग की थी। कोर्ट ने इस मामले में कर्मचारी को 4 साल की सजा और जुर्माना सुनाया है। यह है पूरा मामला यह मामला साल 2019 का है। हटा के रहने वाले राजू सिंह राजपूत को उनके मकान की दूसरी किस्त मिलनी थी। लेकिन नगर पालिका में पंप चलाने वाले कर्मचारी सचिन दीक्षित ने इस काम के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी। राजू ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही राजू ने कर्मचारी सचिन दीक्षित को 10,000 रुपए थमाए, वैसे ही पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़ में आने के बाद कर्मचारी ने तत्कालीन अफसर (CMO) प्रियंका झारिया का नाम भी लिया था, लेकिन कोर्ट में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल पाया। कोर्ट का फैसला सभी गवाहों और सबूतों को देखने के बाद जज ने कर्मचारी सचिन दीक्षित को दोषी माना और उसे 4 साल की जेल की सजा सुनाई। वहीं, सबूत न होने के कारण पूर्व अफसर प्रियंका झारिया को केस से बरी कर दिया गया। ।
पीथमपुर में गुरुवार को आयोजित कांग्रेस की एक बैठक में गुटबाजी खुलकर सामने आई। मंच पर वरिष्ठ नेताओं के पोस्टर न लगने को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पार्टी के भीतर का विवाद गहरा गया। यह बैठक एसआईआर को लेकर बुलाई गई थी। हंगामे की शुरुआत तब हुई जब एक वरिष्ठ नेता का पोस्टर न लगाए जाने पर उनके समर्थकों ने आपत्ति जताई। बैठक के दौरान, विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सह-प्रभारी उषा नायडू ने मंच से ही बाहर जाने के लिए कहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटनाक्रम से कांग्रेस का एक गुट नाराज दिखा। सह प्रभारी पर पार्षद का बयान पीथमपुर के वार्ड क्रमांक 6 के कांग्रेसी पार्षद धनंजय राव थोराट ने सह-प्रभारी उषा नायडू के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कठिन समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर जीवित रखने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पार्षद थोरात ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने पहले पार्टी हितों के विरुद्ध काम किया, वे आज मंच पर प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। इसके विपरीत, लंबे समय से संघर्ष कर रहे कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। थोरात ने यह भी कहा कि जिले की राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को समझे बिना बाहरी नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से अपील की कि संगठन को मजबूत करने के लिए जिले की जीमीनी राजनीति को समझने वाले जिम्मेदार नेतृत्व को भेजा जाए। इस मामले पर पार्टी संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा ने कांग्रेस को बताया डूबता जहाज भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष निलेश भारती ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है और उसमें अंदरूनी कलह चल रही है। बैठक की अन्य तस्वीरें…
संभल जिले के चंदौसी स्थित एक निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने गई एक महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। महिला ने अस्पताल के कंपाउंडर पर इंजेक्शन लगाने के बहाने छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे हनुमान गढ़ी स्थित नारायण हॉस्पिटल में हुई। बहजोई थाना क्षेत्र की मदीना मस्जिद निवासी पीड़िता अपनी सास के साथ अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि कंपाउंडर ने सास को बाहर बैठा दिया और महिला को दूसरे कमरे में ले गया। इंजेक्शन लगाने के बहाने कपड़े हटाने के दौरान कंपाउंडर ने कथित तौर पर महिला से छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला ने इसका विरोध किया और अपनी सास के साथ तुरंत घर लौट गई। शाम करीब 5 बजे परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे आक्रोशित होकर चंदौसी स्थित अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। परिजनों ने डॉक्टर पर कंपाउंडर को भगाने का भी आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जांच कर रही है। यह मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़िता के देवर ने बताया कि उनकी भाभी अल्ट्रासाउंड के लिए नारायण हॉस्पिटल आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां को बाहर बैठाकर भाभी को इंजेक्शन लगाने के बहाने अंदर दूसरे कमरे में ले जाया गया, जहां उनके साथ गलत हरकत की गई। देवर ने यह भी बताया कि उनके भाई शिकायत दर्ज कराने पुलिस चौकी गए हैं। थाना प्रभारी अनुज कुमार तोमर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से अलग-अलग बात की जा रही है जांच में जो भी सामने आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। महिला पक्ष ओर से अस्पताल के वार्डबॉय के खिलाफ शिकायत दी गई है।
छुट्टी पर घर आया आर्मी का जवान 2 करोड़ की फिरौती मांगने का मास्टरमाइंड निकला। अपने साथी के साथ मिलकर वह राहगीरों से फोन लूटता और फिर उसी फोन से अलग-अलग व्यापारी को धमकी देकर करोड़ों की फिरौती मांगता था। अलग-अलग नंबरों से कॉल कर आरोपी पुलिस की नजरों से बचते रहे। इसके बाद CCTV फुटेज और तकनीकी मदद से पुलिस ने जानकारी जुटाई और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला श्रीगंगानगर रामसिंहपुर और श्रीविजयनगर थाना पुलिस इलाके का है। बेटे की जान को खतरा बता कर करवाई थी FIR एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया- 28 जनवरी को श्रीविजयनगर थाना क्षेत्र के एक व्यापारी को फोन पर धमकी भरा कॉल आया। फोन करने वाले ने 2 करोड़ रुपए की मांग की और बेटे की जान को खतरा बताया। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद फोन लूटकर व्यापारियों से 2 करोड़ मांगने के आरोप में गुरलाल सिंह उर्फ लाली (33), निवासी तरनतारन (पंजाब) और दिलप्रीत सिंह (18), निवासी 47 जीबी, रामसिंहपुर (श्रीगंगानगर) को गिरफ्तार किया है। जम्मू कश्मीर में तैनात है एसपी ने बताया- पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात का मास्टरमाइंड आरोपी गुरलाल सिंह एक फौजी है, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात है। वह चार-पांच दिन पहले छुट्टी लेकर दिलप्रीत सिंह के पास आया और 2 करोड़ की फिरौती की पूरी प्लानिंग रची। दो वारदात के बाद पकड़े गए आरोपियों ने 28 जनवरी को रावला-खाजूवाला रोड पर औमप्रकाश का मोबाइल लूटा और उसी से व्यापारी को धमकी दी। 30 जनवरी को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रोड पर ढाबे से फोन लूटकर धमकी दी गई। 31 जनवरी को करनैल सिंह का फोन लूटा गया। 1 फरवरी को चन्दूराम का फोन लूटकर फिर से व्यापरी को धमकी दी। फौजी ने लूटे फोन से ही कॉल करके फिरौती की मांग की। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। 31 जनवरी को भी आरोपियों ने रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का मोबाइल लूट लिया गया। पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया और सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज तथा मुखबिरों की सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि आरोपी बार-बार मोबाइल फोन लूटकर नए-नए नंबरों से धमकियां दे रहे थे, ताकि ट्रेस न हो सकें।
खगड़िया। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बुधवार को हुए एक सड़क हादसे में परबत्ता प्रखंड के वैसा गांव निवासी शेखर चौरसिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना पितौंझिया ढाला और महेशखूंट के बीच हरंगी टोला के समीप हुई, जब शेखर मोटरसाइकिल से महेशखूंट की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक बस ने शेखर की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शेखर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बस के सहचालक ने घायल शेखर को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने शेखर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर कर दिया। गुरुवार को बेगूसराय में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शेखर चौरसिया की मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि आगामी 6 फरवरी को उनके भतीजे की शादी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटना से खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। ग्रामीण हर्ष कुमार ने बताया कि एनएच-31 पर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।
झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र में गुरुवार को मजदूरों को छोड़कर वापस लौट रहे 40 वर्षीय पिकअप ड्राइवर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन चलाने के दौरान ही चालक को सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद गाड़ी बेकाबू होकर पलट गई। ग्रामीणों ने उसे वाहन से बाहर निकाला और निजी वाहन से पास के सरदारपुर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक तबीयत बिगड़ने से पलटा वाहन जानकारी के अनुसार, धोलीखाली निवासी 40 वर्षीय राकेश भाभर गुरुवार सुबह करीब 9 बजे मजदूरों को उनके काम पर छोड़ने बरखेड़ा शेरगढ़ मार्ग पर गए थे। जैसे ही उन्होंने मजदूरों को उतारा और गाड़ी आगे बढ़ाई, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन चलाते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे वे गाड़ी पर काबू नहीं रख सके और वाहन सड़क किनारे पलट गया। ग्रामीणों ने बाहर निकाला, अस्पताल में तोड़ा दम हादसा के बाद वहां मौजूद मजदूरों और ग्रामीणों ने दौड़कर राकेश को वाहन से बाहर निकाला। उस वक्त उनकी सांसें चल रही थीं। ग्रामीणों ने बिना देरी किए उन्हें निजी वाहन से पास के सरदारपुर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच रिपोर्ट में होगा खुलासा राकेश की मौत की वजह को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। दोपहर में डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन प्राथमिक जांच में मौत का सटीक कारण पता नहीं चल सका है। डॉक्टरों ने विसरा सैंपल लेकर लैब भेजे हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई या चोट लगने के कारण। दूसरी शादी की, परिवार में चार बच्चे स्थानीय लोगों ने बताया कि राकेश भाभर के परिवार में चार बच्चे हैं। राकेश की पहली पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी। गुरुवार शाम को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में 10 साल की सजा:पॉक्सो कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी नरेंद्र उर्फ गुड्डे को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना लगभग ढाई महीने पहले 16 अक्टूबर 2025 को हुई थी। विशेष लोक अभियोजक भालेंद्र राठौर ने बताया कि नजीबाबाद क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 को उसकी दो छोटी बेटियां गांव की दुकान से सामान लेने गई थीं। दुकान मालिक धर्मेंद्र का 36 वर्षीय भाई नरेंद्र उर्फ गुड्डे पुत्र ओमपाल दोनों लड़कियों का मुंह भींचकर उन्हें खेत में ले गया। लड़कियों में से एक ने आरोपी के हाथ में काटकर खुद को छुड़ाया और गांव में जाकर शोर मचा दिया कि उसकी बहन को कोई उठा ले गया है। शोर सुनकर ग्रामीण खेतों की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि आरोपी बच्ची को नग्न कर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों को आता देख आरोपी ने बच्ची को उठाकर तालाब में फेंक दिया और भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पीड़ित बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी नरेंद्र उर्फ गुड्डे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। पॉक्सो कोर्ट की स्पेशल न्यायाधीश कल्पना पांडे ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर नरेंद्र उर्फ गुड्डे को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बेतिया जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र से लापता हुईं पांच नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने उन्हें बेतिया लाकर न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया। ये पांचों लड़कियां कुमारबाग के लखौरा गांव की निवासी हैं। इनके अचानक गायब होने से इलाके में चिंता का माहौल था। जानकारी के अनुसार, घर से निकलते समय लड़कियों ने सिलाई सीखने या खेत जाने का बहाना बनाया था। इसके बाद सभी लड़कियां बेतिया रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़कर दिल्ली चली गईं। हालांकि दिल्ली पहुंचते ही लड़कियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वह काम की तलाश में दिल्ली निकली थी। कोर्ट में लड़कियों के बयान दर्ज कराए गएमामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। परिजनों के सहयोग से सुराग जुटाए गए और मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली से सभी लड़कियों को ढूंढ निकाला। बरामदगी के बाद उन्हें बेतिया लाया गया, जहां न्यायालय में उनके बयान दर्ज किए गए। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
जयपुर में वन एवं पर्यावरण संरक्षण मंत्री संजय शर्मा ने कहा- पर्यावरण से ही जीवन संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान एक पेड़ मां के नाम का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे न केवल पेड़ लगाएं, बल्कि पर्यावरण को हरित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा- विज्ञान की प्रगति का अंतिम लक्ष्य मानव जाति का हित होना चाहिए। रामबाग सर्किल स्थित एस.एस. जैन सुबोध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि मंत्री संजय शर्मा ने शुभारंभ किया। इन्टरफेस बिट्वीन साइन्स, सोसायटी एंड एनवायरमेंट: टुवर्ड्स इनक्लुजिव एंड सस्टेनेबल डवलपमेंट विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने विज्ञान, समाज और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया। विकास और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के सचिव वी. सरवन कुमार ने कहा- हमें विकास लक्ष्यों को पर्यावरण के अनुकूल बनाना होगा। वहीं विशिष्ट अतिथि पवन कुमार उपाध्याय (प्रिन्सिपल चीफ कंजर्वेशन ऑफ फॉरेस्ट) ने अरावली पर्वतमाला और वन्यजीव संरक्षण की कहा- पौधों को लगाने के साथ उनकी पेड़ बनने तक देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्य वक्ता और विशेषज्ञों के विचार गौहर रज़ा ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बीच के बारीक अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा- विज्ञान ज्ञान का अर्जन है, जबकि प्रौद्योगिकी हमारी क्षमता विस्तार है। वहीं भुवनेश माथुर ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 'क्लीन एण्ड ग्रीन टेक्नोलॉजी' और बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।
गुरु तेग बहादुर क्रिकेट एकेडमी में रोमांचक मैच:जीटीबी ने मेरठ इलेवन को हराया
गुरु तेग बहादुर क्रिकेट एकेडमी में चल रहे क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत गुरुवार को जीटीबी स्कूल क्रिकेट एकेडमी और मेरठ इलेवन के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। आखिरी ओवर तक चले इस मैच में जीटीबी स्कूल क्रिकेट एकेडमी ने मेरठ इलेवन को एक विकेट से हरा दिया। मेरठ इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने 18.1 ओवर में 171 रन बनाए। बल्लेबाजी में मुआज ने 41 रन की सर्वाधिक पारी खेली। वहीं वर्णिका ने 37, कबीर ने 36, भाविक ने 33 और श्रेयांश ने 30 रन का योगदान दिया। जीटीबी की ओर से गेंदबाजी में विराट और सार्थक ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि नीरव और आदित्य को दो-दो सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुरु तेग बहादुर स्कूल क्रिकेट एकेडमी की टीम ने 19.1 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 172 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में विराट और अक्ष ने 40-40 रन की अहम पारियां खेलीं, जबकि दक्ष ने 37 रन बनाए। मेरठ इलेवन की ओर से गेंदबाजी में आरोहण ने तीन विकेट लिए। इसके अलावा फ़वाज, नितेश और प्रत्यक्ष को दो-दो विकेट मिले। क्रिकेट कोच अतहर अली ने बताया कि टूर्नामेंट के तहत शुक्रवार को एक और मैच खेला जाएगा। मैच के बाद खिलाड़ी अक्ष का जन्मदिन भी मनाया गया।
मुंगेर के तारापुर थाना क्षेत्र के रनगांव गांव में गुरुवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच मारपीट हुई। इस मामले में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान विक्रम पासवान और उनकी पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। उन्हें पहले तारापुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल विक्रम पासवान ने बताया कि गांव में पिछले लगभग आठ महीने से एक कट्ठा जमीन को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों से विवाद चल रहा था। गुरुवार शाम उसी जमीन पर ईंट रखने को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला किया विक्रम के अनुसार, विवाद बढ़ने पर उनके चाचा कहनाई पासवान, चटन पासवान, सौपाल पासवान और खुशबू देवी सहित अन्य परिजनों ने उन पर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में विक्रम और उनकी पत्नी शीला देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही गिर पड़े। ग्रामीणों ने तुरंत तारापुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए तारापुर अस्पताल ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन देने की तैयारी की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मधेपुरा के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में एक नवजात की मौत के बाद हंगामा मच गया है। ग्वालपाड़ा प्रखंड के डेफरा अरार घाट निवासी प्रकाश मंडल की पत्नी मीरा कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन पर अवैध वसूली, बदसलूकी और इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। 3 फरवरी को लेबर पेन के बाद लाए थे स्वास्थ्य केंद्र मीरा कुमारी ने अपने आवेदन में बताया कि 3 फरवरी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें पहले ग्वालपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां आवश्यक संसाधन न होने का हवाला देकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें उदाकिशुनगंज स्थित आशा नर्सिंग होम ले गए, लेकिन वहां से भी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया। दलालों ने जबरन सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में कराया भर्ती पीड़िता का आरोप है कि मधेपुरा पहुंचने के दौरान रास्ते में कार सवार दो कथित दलालों ने एंबुलेंस को रोक लिया। सदर अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्होंने जबरन कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में नवजात को NICU में रखने के नाम पर पहले 5 हजार रुपये और फिर 4 हजार रुपये की वसूली की गई। इसके बाद इलाज के नाम पर करीब 50 हजार रुपये खर्च होने की बात कहकर लगातार दबाव बनाया जाता रहा। ब्लड चढ़ाने के नाम पर 15 से 17 हजार रुपये वसूले जाते गुरुवार सुबह अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों ने भी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ब्लड चढ़ाने के नाम पर 15 से 17 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं और दलालों के जरिए मरीजों को बहला-फुसलाकर अस्पताल लाया जाता है। मीरा कुमारी ने आरोप लगाया कि जब परिजनों ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो अस्पताल कर्मियों का रवैया बदल गया। उन्हें नवजात को देखने तक नहीं दिया गया और अभद्र व्यवहार किया गया। इलाज में देरी और लापरवाही के कारण नवजात की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की परिजनों का यह भी आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। परिवार को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया और मृत नवजात का शव सौंपने में भी आनाकानी की गई। पूरी रात पीड़ित परिवार अस्पताल के बाहर ठंड में बैठा रहा। मीरा कुमारी ने रोते हुए कहा कि “गरीबी का फायदा उठाकर मेरे बच्चे की जान से खेला गया। अगर समय पर सही इलाज मिलता, तो आज मेरा बच्चा जिंदा होता।” संचालक बोले- 50 हजार रुपये की मांग का आरोप बेबुनियाद वहीं, अस्पताल संचालक प्रमोद कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नवजात को 3 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी स्थिति गंभीर थी। उसी दिन रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन बच्चे को ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। 50 हजार रुपये की मांग का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। इस मामले में सिविल सर्जन विजय कुमार ने कहा कि जिले में संचालित अवैध निजी नर्सिंग होम के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अलवर शहर के कोतवाली थाना इलाके में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई। शराब ठेके से एक चोर गल्ले में रखे 28 हजार रुपए चोरी कर फरार हो गया। चोरी की पूरी घटना शराब ठेके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। अलवर के बिजली घर चौराहे के पास स्थित शराब ठेके पर गुरुवार दोपहर 2 बजे वारदात हुई। शराब ठेके पर मौजूद स्टाफ उस समय खाना खा रहा था। इसी दौरान एक युवक शराब लेने के बहाने ठेके पर पहुंचा। जैसे ही सेल्समैन शराब निकालने के लिए पीछे मुड़ा। चोर ने मौका देखकर गल्ले में हाथ डालकर नकदी निकाल ली और वहां से फरार हो गया। पहले देखें PHOTOS गल्ला खुला हुआ था, युवक ने निकाले रुपए शराब ठेके के सेल्समैन जवाहर सिंह ने बताया- आरोपी चोर की उम्र करीब 18 से 20 साल के बीच है। गल्ले में रखे करीब 28 हजार रुपए रबर से बांधकर रखे हुए थे। उस समय गल्ला भी खुला हुआ था। युवक ने बेहद शातिर तरीके से नकदी उठाई और मौके से निकल गया। जवाहर सिंह ने बताया- जब चोरी का पता चला तो उन्होंने आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन बाहर पहले से बाइक लेकर खड़ा उसका दूसरा साथी मौजूद था। इसकी मदद से दोनों फरार हो गए। इसके बाद ठेके के कर्मचारियों ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है और उनकी तलाश की जा रही है।
नरसिंहपुर के स्टेडियम ग्राउंड में बुधवार शाम स्वदेशी मेले की शुरुआत हुई। 15 फरवरी तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया। उन्होंने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को दोहराते हुए नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। आत्मनिर्भरता और हुनर का सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब हर हाथ को काम मिले और काम करने की इच्छा रखने वाले हुनरमंद लोगों को उचित मंच, सहयोग और सम्मान प्राप्त हो। उन्होंने स्वदेशी मेले को आजादी के पहले से चले आ रहे एक निरंतर प्रयास का हिस्सा बताया। भारतीय जीवनशैली और संयम का महत्व बताया मंत्री पटेल ने अपने संबोधन में पाश्चात्य संस्कृति और उपभोक्तावाद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी जीवनशैली ने समाज में अपव्यय (फिजूलखर्ची) को बढ़ाया है, जबकि भारतीय संस्कृति हमेशा संयमित और संतुलित जीवन का संदेश देती है। आज पूरी दुनिया भारतीय तौर-तरीकों की सराहना कर रही है क्योंकि हमारे निर्माण और आवश्यकताएं कभी बर्बादी को बढ़ावा नहीं देतीं। तकनीक और परंपरा का मेल तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि हमें नई तकनीक का विरोध नहीं करना चाहिए। बल्कि, आधुनिक तकनीक को अपनी परंपरागत चीजों और कौशल के साथ जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। इससे हमारे स्वदेशी उत्पाद और अधिक बेहतर और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने सागर के स्वावलंबी केंद्र का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बिना सरकारी मदद के 20-30 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया गया है। स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान इस मेले में समाज के उन परिवारों और कारीगरों को प्रमुखता दी गई है जो घर बैठे उत्कृष्ट उत्पाद तैयार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। 15 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और शुद्ध जैविक खाद्यों के स्टॉल लगाए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस आयोजन से स्थानीय व्यापार को बड़ी मजबूती मिलेगी।
पलवल में सोहना मार्ग पर घुघेरा गांव के पास स्थित सेवी इंटरनेशनल ऑटो पार्ट्स कंपनी में भीषण आग लग गई। यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब कंपनी में कई मजदूर काम कर रहे थे। आग लगने से कंपनी में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान आग से बचने के लिए एक युवक ने छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान शाहजहांपुर (यूपी) के खजूरी गांव निवासी शरद वीर के रुप में हुई है। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से दो कर्मचारी झुलस गए हैं। कंपनी में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग पर काबू पाने के लिए पलवल, होडल और हथीन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। आग लगने के कारणों का नहीं लग सका पता आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि आग गोदाम में लगी, जहां केमिकल के ड्रम रखे हुए थे। आग की लपटें देखकर कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही पलवल और गदपुरी थाना से बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। गदपुरी थाना की धतीर पुलिस चौकी प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि आग लगने के समय कर्मचारी काम कर रहे थे और अफरा-तफरी मच गई, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई। दमकल विभाग के कर्मचारी अभी भी आग पर पूरी तरह काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं।
गाजीपुर पुलिस लाइन परिसर में गुरुवार देर शाम नवनिर्मित मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स/इंडोर स्टेडियम का उद्घाटन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने फीता काटकर इसका लोकार्पण किया। यह कॉम्प्लेक्स पुलिसकर्मियों और उनके परिवारजनों के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों की सुविधा प्रदान करेगा। इंडोर स्टेडियम में दो बैडमिंटन कोर्ट, एक टेबल टेनिस कोर्ट और कैरम बोर्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी खेल क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा, खिलाड़ियों की सुविधा के लिए बैठने की कुर्सियां, फायर अलार्म सिस्टम, पावर बैकअप, चेंजिंग रूम, स्टोर रूम और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने व्यस्त कार्य कार्यक्रम से समय निकालकर खेलकूद में भाग लेना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे और उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। एसपी ने इस पहल को पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रखने और फिटनेस के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन, प्रतिसार निरीक्षक सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। देखें फोटो…
हापुड़ में ट्रैक्टर ने छात्र को रौंदा, मौत:स्कूल की छुट्टी के बाद साइकिल से लौट रहा था घर
हापुड़ में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीसरी कक्षा के छात्र की मौत हो गई। आरएस फार्म हाउस के सामने एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने साइकिल सवार बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव काकौड़ी का है। जानकारी के अनुसार, गांव काकौड़ी निवासी मन्नू (कक्षा 3) साइकिल से 57 चौराहे से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के पास पहुंचा, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मन्नू सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मन्नू की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पिता सुंदर सिंह, दादा चरण सिंह, मां उषा देवी और बहन मानवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार हादसे के समय ट्रैक्टर तेज गति में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। ट्रैक्टर चालक की पहचान गांव निवासी कलुआ के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी मुनीष प्रताप चौहान ने बताया कि फिलहाल कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झांसी नगर निगम ने गिराया अवैध मकान:भूमाफियाओं ने बेच दी सरकारी जमीनें, गायब कर दिए बोर्ड और पिलर
झांसी नगर निगम ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए जा रहे मकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के पंचवटी इलाके में कई वर्षों से रह रहे परिवारों को पहले ही नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा आदेश का पालन न किए जाने पर यह कार्रवाई की गई। 2.821 हेक्टेयर नगर निगम भूमि पर था अतिक्रमणदरअसल, पंचवटी इलाके में नगर निगम की 2.821 हेक्टेयर भूमि है, जिस पर लंबे समय से खानाबदोशों द्वारा अस्थायी झोपड़ियां बनाकर निवास किया जा रहा था। वहीं, कुछ लोगों ने यहां पक्के मकानों का निर्माण भी कर लिया था। नगर निगम अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह जमीन लगातार कब्जे की जद में आ रही थी। भूमाफियाओं ने रजिस्ट्री कर बेच दी जमीनजानकारी के अनुसार, जमीन का बड़ा हिस्सा भूमाफियाओं द्वारा लोगों को रजिस्ट्री कर बेच दिया गया था। नई नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के चार्ज संभालते ही नगर निगम की ऐसी सभी जमीनों की सूची तैयार कराई गई, जहां अवैध कब्जे थे। इसके बाद कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए। बुधवार-गुरुवार को ध्वस्त किए गए निर्माणनोटिस के बावजूद जमीन खाली नहीं करने पर नगर निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। बुधवार और गुरुवार को बुलडोजर चलाकर बन रहे मकानों का अगला हिस्सा जमींदोज कर दिया गया। नगर आयुक्त की चेतावनीनगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि पंचवटी इलाके में आराजी संख्या 816 में नगर निगम की भूमि दर्ज है। जांच में यहां अवैध कब्जे पाए गए, जिसके बाद अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण करता पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हैदराबाद से पीजीआई में एक सेमिनार में शामिल होने आए एक डॉक्टर से ऑटो चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने डॉक्टर का मोबाइल फोन और लैपटॉप लूट लिया और मौके से फरार हो गए। जाते समय आरोपियों ने डॉक्टर को चलते ऑटो से फेंक दिया। किसी तरह डॉक्टर ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। इसके बाद उसे सेक्टर-32 अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर को प्राथमिक उपचार दिया गया। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि उनके पास अभी शिकायत नहीं आई है। पीजीआई ले जाने की बजाय शहर में घुमाते रहे हैदराबाद निवासी डॉ. अनिल मंगलवार रात को चंडीगढ़ पहुंचे थे। वह रेल से आए थे। रात सवा आठ बजे वह स्टेशन से बाहर निकले और पीजीआई जाने के लिए ऑटो लिया। जब वह ऑटो में बैठे, उस समय चालक के अलावा दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इस दौरान पहले ऑटो चालक और उसके साथी उन्हें पीजीआई ले जाने की बजाय शहर में घुमाते रहे। बाद में वे पीजीआई की जगह इंडस्ट्रियल एरिया के इलाके में पहुंच गए, जहां लाइटें आदि भी बंद थीं। खाते से पैसे निकलवाएं, पुलिस जांच में जुटी पुलिस इसके बाद ऑटो रोककर डॉक्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। आरोपियों के पास तेजधार हथियार भी थे। उन्होंने डॉक्टर के हाथ, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के दौरान आरोपियों ने डॉक्टर को धमकाकर उसका गूगल-पे पासवर्ड भी पूछ लिया। इसके बाद उसके अकाउंट से कुछ पैसे ट्रांसफर कर लिए गए।आरोपियों ने डॉक्टर का मोबाइल फोन और लैपटॉप छीन लिया और उसे चलते ऑटो से फेंककर फरार हो गए। इसके बाद किसी तरह डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
बागपत में एक युवक दूसरे व्यक्ति की कनपटी पर बंदूक रखकर धमकी भरे अंदाज में वोट मांगता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वीडियो में युवक फिल्मी स्टाइल में कहता नजर आ रहा है, “मैं प्रधानी का चुनाव लड़ रहा हूं, वोट मुझे चाहिए… अगर वोट नहीं मिली तो दूसरी तरह से लेनी पड़ेगी।” हालांकि, यह वीडियो रील लाइफ से जुड़ा बताया जा रहा है। लेकिन इसमें खुलेआम हथियार का प्रदर्शन किया गया है। जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। इंस्टाग्राम पर लोकप्रियता का उद्देश्य जानकारी के अनुसार, यह वीडियो सचिन नामक युवक ने इंस्टाग्राम पर लोकप्रियता और लाइक-फॉलोअर्स बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया था। युवक को उम्मीद थी कि यह रील वायरल होगी, लेकिन वीडियो के वायरल होते ही मामला पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो वायरल होने के बाद एक सोशल मीडिया यूजर ने इसे ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बागपत पुलिस को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से हथियार का प्रदर्शन करना और धमकी भरी भाषा का प्रयोग करना गंभीर अपराध है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्रधानी चुनाव में अभी समय है, लेकिन इस तरह की धमकी भरी रील बनाना युवक को भारी पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-53 में बनने वाली हाउसिंग स्कीम को लेकर बड़ा फैसला लिया है। यहां अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) खुद मकान नहीं बनाएगा, बल्कि 9 एकड़ जमीन निजी बिल्डरों को नीलाम की जाएगी। यह पहली बार होगा जब सीएचबी अपनी स्कीम बनाने की जगह जमीन निजी डेवलपर को देगा। प्रशासन की इस योजना को प्रशासक की भी मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल से नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नीलामी के बाद निजी बिल्डर यहां बहुमंजिला इमारतें बनाएंगे, जो शहर की अब तक की सबसे ऊंची हाउसिंग इमारतें होंगी। पहले 372 फ्लैट बनाने की थी योजना पहले प्रशासन ने यहां 372 फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन लागत बहुत ज्यादा होने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। अब प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। अगर मंजूरी मिल जाती है तो निजी डेवलपर यहां हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाएगा और फ्लैट खुले बाजार में बेचेगा। प्रशासन का मानना है कि जितनी ऊंची इमारत बनेगी, उतने ही ज्यादा फ्लैट होंगे और कीमतें कम रहेंगी, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा। सेक्टर-53 करीब 21 एकड़ जमीन में फैला है। इसमें से पहले 11 एकड़ जमीन यूटी कर्मचारियों की आवास योजना के लिए तय की गई थी। बाकी जमीन को नीलाम करने का प्रस्ताव था, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है। नीलामी से पहले यूटी के चीफ आर्किटेक्ट द्वारा जोनिंग प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि सभी नियमों के अनुसार प्रोजेक्ट शुरू किया जा सके। जानिए…. क्यों पीछे हटा CHB सीएचबी ने खुद हाउसिंग स्कीम लाने का फैसला इसलिए छोड़ा, क्योंकि फ्लैटों की कीमतें बहुत ज्यादा आ रही थीं। प्रस्तावित योजना के तहत तीन बेडरूम फ्लैट की कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपए, दो बेडरूम फ्लैट की कीमत करीब 1.97 करोड़ रुपए और ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत लगभग 74 लाख रुपए तय की गई थी। इसके अलावा अप्रैल से कलेक्टर रेट में 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने वाली है, जिससे फ्लैट और महंगे हो जाते। इसी वजह से इस स्कीम को किफायती नहीं माना गया और प्रशासन ने इसे निजी बिल्डरों को देने का फैसला लिया। सेक्टर-53 की यह हाउसिंग योजना पिछले करीब 10 साल से अटकी हुई थी, लेकिन नए फैसले के बाद अब इसके शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मेरठ चलचित्र सोसायटी ने फिल्म के शीर्षक को आपत्तिजनक बताते हुए निर्माता कंपनी फ्राइडे फिल्मवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को कानूनी नोटिस भेजा है। यह फिल्म जल्द ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने वाली है। सोसायटी का कहना है कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समुदाय को भ्रष्ट और अनैतिक दिखाने का प्रयास करता है, जो सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है। संस्था के अनुसार किसी धार्मिक या जातीय पहचान को अपराध जैसे शब्द से जोड़ना न सिर्फ गलत है, बल्कि इससे समाज में आपसी शत्रुता भी बढ़ सकती है। मेरठ चलचित्र सोसायटी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि इस तरह का शीर्षक सामूहिक मानहानि की श्रेणी में आता है और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है। संस्था का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म होने के कारण नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि उसकी पहुंच देश-विदेश के करोड़ों दर्शकों तक है। कानूनी नोटिस में सात प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसमें फिल्म के शीर्षक में तत्काल बदलाव करने, ‘पंडित’ शब्द हटाने और ब्राह्मण समुदाय से सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में किसी भी समुदाय को नकारात्मक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत न करने की चेतावनी भी दी गई है। सोसायटी ने साफ किया है कि यदि फिल्म को इसी शीर्षक और कंटेंट के साथ रिलीज़ किया गया, तो वह फिल्म की रिलीज़ रोकने सहित सभी वैधानिक और लोकतांत्रिक विकल्प अपनाएंगे। संस्था के महासचिव अंबरीश पाठक ने कहा कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। उनका आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में बार-बार हिंदू समाज को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया जाता रहा है। उन्होंने पूर्व में फिल्मकार अनुराग कश्यप से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया। मेरठ चलचित्र सोसायटी का कहना है कि वह रचनात्मक स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है, लेकिन अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। संस्था वर्षों से जिम्मेदार और सकारात्मक सिनेमा के समर्थन में काम करती आ रही है। यह कानूनी नोटिस मेरठ के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट वी.के. शर्मा द्वारा विधिसम्मत रूप से तैयार कर भेजा गया है।
मंडला जिले के मोहगांव जनपद की लेम्प्स सोसायटी में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में कर्मचारी युवतियों के साथ शराब का गिलास थामे हुए फिल्मी गानों पर थिरकता दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि वीडियो में डांस कर रहा व्यक्ति दुर्गेश यादव है। दुर्गेश लेम्प्स सोसायटी में कंप्यूटर ऑपरेटर है। वह दो-तीन युवतियों के साथ शराब के नशे में झूम रहा है। हालांकि, यह वीडियो पुराना है या हाल-फिलहाल का, और यह पार्टी कहां आयोजित की गई थी, इसकी अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। 14 हजार रुपए मासिक वेतन में 'हाई-प्रोफाइल' पार्टी जानकारी के अनुसार, दुर्गेश यादव को इस पद के लिए करीब 14 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। लेकिन वीडियो में जिस तरह का रहन-सहन और 'हाई-प्रोफाइल' पार्टी का नजारा दिख रहा है, उसे देखकर स्थानीय लोग इसे सरकारी मर्यादा का उल्लंघन मान रहे हैं। फिलहाल इस मामले में मोहगांव जनपद या लेम्प्स सोसायटी के किसी बड़े अधिकारी ने खुलकर कुछ नहीं कहा है। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोग उसपर कार्रवाई की मांग कर रहे है। (नोट: दैनिक इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता हैं।)
बिजली पोल की केबल जली:मालीखेड़ी रोड पर आधे घंटे तक सप्लाई हुई प्रभावित
आगर मालवा जिला मुख्यालय के मालीखेड़ी रोड क्षेत्र में गुरुवार शाम एक बिजली पोल पर लगी केबल में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग के कारण क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले केबल से धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही देर में जलते हुए टुकड़े नीचे गिरने लगे। घटना की सूचना मिलते ही बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र का विद्युत प्रदाय तत्काल बंद कर दिया गया। कर्मचारियों ने पोल और केबल की जांच कर सुधार कार्य किया। इस दौरान क्षेत्र में लगभग आधे घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों ने समय पर बिजली बंद करने और त्वरित सुधार कार्य के लिए बिजली कंपनी के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए बिजली लाइनों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत जनपद के सभी बैंकों में स्वीकृत-वितरण के लिए लंबित आवेदन पत्रों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान, एक्सिस बैंक द्वारा 36 आवेदन पत्रों में से केवल 2 का वितरण किया गया, जबकि 12 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि एक्सिस बैंक के खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाए, क्योंकि बैंक सरकारी योजनाओं में रुचि नहीं ले रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा को 330 आवेदन पत्र भेजे गए थे, जिनमें से 131 का वितरण हुआ और 227 निरस्त किए गए। बैंक ऑफ इंडिया में 76 आवेदन पत्रों में से 40 वितरित हुए और 48 निरस्त किए गए। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 25 आवेदन पत्रों में से 12 का वितरण किया गया और 12 निरस्त किए गए। केनरा बैंक को 598 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 213 वितरित किए गए, 394 निरस्त हुए, और 68 स्वीकृत तथा 12 वितरण के लिए लंबित हैं। इंडियन बैंक की शाखाओं में 231 आवेदन पत्रों में से 63 वितरित हुए, 151 निरस्त किए गए, और 33 स्वीकृत तथा 17 वितरण के लिए लंबित हैं। पंजाब नेशनल बैंक को 854 आवेदन मिले, जिनमें से 385 वितरित हुए, 555 निरस्त हुए, और 87 स्वीकृति के लिए लंबित हैं। भारतीय स्टेट बैंक में 790 आवेदन पत्रों में से 252 वितरित किए गए, 567 निरस्त हुए, और 85 स्वीकृति के लिए लंबित हैं। जिलाधिकारी ने केनरा बैंक को 200, बैंक ऑफ बड़ौदा को 100, भारतीय स्टेट बैंक को 300 और पंजाब नेशनल बैंक को 300 आवेदन पत्र एक सप्ताह के भीतर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बैंकों द्वारा योजना में सहयोग नहीं किया जा रहा है, उनके उच्चाधिकारियों और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति को उचित कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाए।
अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की जमीन बेचकर निजी खातों में पैसा जमा किया गया, जो सीधा भ्रष्टाचार है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार किसी बड़ी ताकत के संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एक निष्पक्ष जांच समिति बनाई जानी चाहिए और सभी दोषियों को संगत के सामने लाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, SGPC के भीतर बैठे कुछ अधिकारी सिख संस्थाओं की संपत्ति से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे पूरी सिख कौम आहत है। पावन स्वरूप का मामला- बोले- समय समय पर आकड़े बदले ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने 328 पावन स्वरूपों के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में समय-समय पर आंकड़े बदले गए हैं। इसके अतिरिक्त, 190 पावन स्वरूपों की छपाई से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छपाई के दौरान कागज की गुणवत्ता और प्रिंटिंग मशीन की गड़बड़ी के कारण स्वरूपों के अक्षर दूसरी ओर भी दिखाई दे रहे थे।सत्ता प्राप्ति के लिए समझौते टिकाऊ नहीं उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना पूरी जांच के किसी भी पावन स्वरूप का संस्कार करना सिख मर्यादा के विरुद्ध है। यह सिख पंथ से खिलवाड़ है और इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने राजनीतिक समझौतों पर भी अपना स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि सत्ता प्राप्ति के लिए किए गए समझौते कभी टिकाऊ नहीं होते, बल्कि केवल सिद्धांतों और विचारधारा पर आधारित समझौते ही लंबे समय तक चलते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जब तक सरदार सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष हैं, तब तक किसी भी प्रकार का गठबंधन संभव नहीं है।”डेरावाद को बढ़ावा पंजाब के लिए खतरनाकउन्होंने डेरावाद पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 1947 के बाद एक सोची-समझी साजिश के तहत सिखों को गुरुधामों और गुरबाणी से दूर करने की कोशिश की गई। राजनीतिक दलों द्वारा डेरों को बढ़ावा देना पंजाब और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद घातक सिद्ध हो सकता है।SGPC की जिम्मेदारी मिली तो जारी करेंगे व्हाइट पेपरअंत में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने घोषणा की कि यदि भविष्य में SGPC की जिम्मेदारी मिली तो 1999 से अब तक हुए सभी जमीन घोटालों पर व्हाइट पेपर जारी किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
ट्रेक्टर-ट्रॉली में छुपाकर ले जा रहे डोडा-पोस्त के साथ एक युवक को सोजत सिटी थाना पुलिस ने पकड़ा। आरोपी ने ट्रेक्टर ट्रॉली को दो हिस्सों में बांट रखा था। नीचे वाले हिस्से में डोडा-पोस्त से भरे कट्टे छुपा रखे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कट्टों में करीब 200 किलो डोडा पोस्त हो सकता है। पुलिस फिलहाल डोडा-पोस्त तोलने में जुटी है। पूरी कार्रवाई के बाद ही पता चलेगा कि कुल कितने किलो डोडा-पोस्त है। ट्रॉली के निचले हिस्से में छिपाया था सोजत पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक ट्रेक्टर ट्रॉली में भरकर लाखों रुपए का डोडा-पोस्त ले जा रहा था। इस परचाड़वास रोड पर संदिग्ध ट्रेक्टर ट्रॉली के ड्राइवर को रूकवाया। जांच की तो ट्रॉली में बनाए गए नीचे वाले हिस्से में प्लास्टिक के कट्टे मिले। उन्हें खोलकर देखा तो उसमे डोडा-पोस्त था। खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ ऐसे में ट्रेक्टर ट्रॉली जब्त कर अरूण नाम के युवक को हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। आरोपी डोडा-पोस्त कहां से लेकर आया और उसे कहां सप्लाई करने जा रहा था। इसको लेकर उससे पूछताछ जारी है। कार्रवाई में पाली के टीपी नगर थाने के सब इंस्पेक्टर जाकिर अली, कांस्टेबल रामनिवास जाट, जस्साराम कुमावत, विजय चौधरी, पुखसिंह का भी सहयोग रहा।
मुंगेर में पॉश एक्ट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण:कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य
मुंगेर में गुरुवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 (पॉश एक्ट) पर आधारित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम, मुंगेर द्वारा संग्रहालय सभागार में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता मनोज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन मुंगेर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, मुख्य प्रशिक्षक अंकिता कश्यप (महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार पटना), जिला प्रोग्राम पदाधिकारी गुंजन मौली, जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक शालिग्राम प्रसाद, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ मनोज कुमार मंडल और सखी वन स्टॉप सेंटर की शिप्रा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान राज्य परियोजना प्रबंधक ने पॉश एक्ट के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिनियम का पालन न करने वाले संस्थानों पर जुर्माने का प्रावधान है। गठित आंतरिक शिकायत समिति को प्रत्येक वर्ष संबंधित कार्यालय में वार्षिक प्रतिवेदन जमा करना होगा। साथ ही, संस्थान परिसर में अधिनियम से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार करना भी आवश्यक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बरतने वाले संस्थान प्रमुखों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलेक्शन कमीशन (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी। EC ने कोर्ट में बताया कि बंगाल में SIR के दौरान चुनाव अधिकारियों को हिंसा, धमकी और काम में रुकावट जैसे हालात का सामना करना पड़ा। हलफनामे में कहा गया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति अन्य राज्यों से अलग थी, जहां SIR की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना या रुकावट के पूरी हुई। EC ने कहा कि 2025 की वोटर लिस्ट को आगामी विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि SIR के दौरान 58 लाख से ज्यादा मृत, स्थानांतरित और गैर-हाजिर वोटरों की पहचान की गई। EC ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की शिकायतों पर लोकल पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज करने से बचती रही। कई मामलों में जिला चुनाव अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही केस दर्ज हुए। राज्य सरकार ने जानबूझकर FIR दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े EC के निर्देशों का पालन नहीं किया। 24 नवंबर 2024 को कोलकाता स्थित चीफ इलेक्शन ऑफिसर के दफ्तर के घेराव का जिक्र करते हुए EC ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जबरन घुसने की कोशिश की, पुलिस बैरिकेड तोड़े, दफ्तर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों की आवाजाही रोकी। इससे सरकारी कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। बंगाल EC को सिर्फ Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई एफिडेविट में यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का आकलन किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। वह देश के ऐसे एकमात्र चुनाव अधिकारी थे जिन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई। EC ने बताया कि सभी चुनौतियों के बावजूद BLOs ने 7.08 करोड़ से अधिक काउंटिंग फॉर्म जमा किए, जो कुल का 92.40% है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की ओर से करीब 1.51 करोड़ नोटिस जारी किए गए। आयोग ने बताया कि एलिजिबिलिटी तय करने और त्रुटियों को सुधारने के लिए नोटिस फेज बेहद अहम है और इसे बिना डर या दबाव के पूरा किया जाना वोटर लिस्ट की शुचिता के लिए जरूरी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने EC से कहा था कि लॉजिकल गड़बड़ियों वाली लिस्ट में शामिल लोगों के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं, ताकि वहां दस्तावेज और आपत्तियां जमा की जा सकें। बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ी खबरें… 4 फरवरी: ममता बोलीं- EC बंगाल को निशाना बना रहा, नाम मिसमैच पर दिए नोटिस वापस लिए जाएं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के निशाने पर है। जो काम 2 साल में होना था, उसे 3 महीने में करवाया जा रहा है। सुनवाई के बाद CJI सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि असली लोग चुनावी सूची में बने रहने चाहिए। ममता की याचिका पर बेंच ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : ममता बोली- EC ने 6 पत्रों का जवाब नहीं दिया इससे पहले ममता ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले SIR क्यों किया जा रहा है? चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने हैं। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। क्योंकि वह ‘डबल इंजन’ राज्य है। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों पर कहा कि ये लोग (BJP) घुसपैठियों की बात करते हैं लेकिन ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बॉर्डर की रखवाली केंद्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में घुसपैठ के लिए वही जिम्मेदार है। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ममता ने अपने मुद्दे CEC को बताए लेकिन उनका जवाब सुने बिना ही नाराज होकर चली गईं। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। वह इस तरह से बात करते हैं जैसे वह जमींदार हों और हम नौकर। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : ममता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस मामले में पक्षकार बनाया है। इससे पहले उन्होंने 3 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर SIR को मनमाना और त्रुटिपूर्ण बताते हुए रोकने की मांग की थी। 19 जनवरी : SC बोला- आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं। कोर्ट ने यह भी नोट किया था कि राज्य में करीब 1.25 करोड़ मतदाता इस सूची में शामिल हैं। इसमें 2002 की मतदाता सूची से तुलना के दौरान माता-पिता के नाम में अंतर या उम्र से जुड़ी विसंगतियां पाई गई हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में 21-40 की उम्र के बेरोजगारों को ₹1500 मिलेंगे, कर्मचारियों का DA 4% बढ़ा पश्चिम बंगाल में 21-40 साल की आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में दोबारा आती है ते यह योजना 15 अगस्त से शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले में डियरनेस अलाउंस(DA) में भी 4% की बढ़ोतरी की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल से मछली का कारोबार करने सरगुजा पहुंचे दो व्यापारियों को युवकों ने अगवा कर बंधक बना लिया और उनके पास से 35 हजार रुपये नगदी लूट ली। युवकों ने दोनों व्यापारियों को जान से मारने की धमकी देकर दो लाख रुपये मांगे। व्यापारियों के यूपीआई से युवकों ने पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया। दोनों व्यापारियों को आज सुबह छोड़ा गया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के 24 परगना से मछली व्यवसायी अरुप दास अपने साथी के साथ अंबिकापुर पहुंचे थे। दोनों बस स्टैंड के पास मानस होटल में रुके और घूम-घूम कर स्थानीय मछली विक्रेताओं से संपर्क कर रहे थे। बुधवार 03 फरवरी की शाम वे मौलवी बांध तालाब की ओर मछली देखने जा रहे थे। उसी समय एक स्कूटी और एक बाइक में सवार 4 लोग मौके पर पहुंचे। युवकों ने दोनों को रोककर पूछताछ की। लूटे रुपये, धमकी देकर बंधक बनाया युवकों को व्यापारियों ने बताया कि वे कोलकाता से आए हैं और मछली व्यापारी हैं। युवकों ने अरुप कुमार एवं उसके साथी से 35 हजार रूपये नगद, मोबाईल एवं पर्स लूट लिया। दोनों को जान से मारने की धमकी देकर उन्हें एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। युवकों ने दोनों व्यवसायियों के साथ मारपीट करते हुए दो लाख रुपये की मांग की, अन्यथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी। युवकों ने दोनों को धमकाकर उनके यूपीआई अकाउंट से एक लाख रुपये अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिया। गुरुवार सुबह दोनों व्यापारियों को छोड़कर युवक भाग निकले। दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य फरार घटना की रिपोर्ट दोनों व्यापारियों ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 296, 351(3), 115 (2), 190, 191(2), 127(7), 310(2), 135 बीएनएस का अपराध दर्ज किया। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साइबर सेल एवं थाना कोतवाली पुलिस टीम ने यूपीआई ट्रांजेक्शन की हिस्ट्री की मदद से आरोपियों का पता लगाया और दो आरोपियों अलताब खान (21 वर्ष) निवासी रघुनाथपुर, लुण्ड्रा एवं शरद चौधरी (22 वर्ष) निवासी दर्रीपारा, अंबिकापुर को पकड़कर पूछताछ की तो दोनों आरोपियों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। लूट की रकम को आरोपियों द्वारा खाते में जमा कराया गया था। पुलिस ने उनके बैंक खातों को होल्ड करा दिया है। आरोपियों के पास से 3 मोबाइल जब्त किया गया है। घटना में शामिल अन्य आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी शशि कांत सिन्हा ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में एक मकान के सर्वेंट क्वार्टर से 18 साल की युवती शिवानी का शव फंदे से लटका मिला। शिवानी मूल रूप से जीरकपुर के पीरमुछल्ला की रहने वाली थी। घटना के बाद उसके परिजनों ने इसे संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक, शिवानी करीब एक महीने से इस मकान में काम कर रही थी। बुधवार देर रात करीब एक बजे, मकान मालिक के परिवार ने उसे सर्वेंट क्वार्टर में फंदे से लटका देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मोबाइल पुलिस ने लिया कब्जे में सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-11 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कमरे से शिवानी का मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की गई है, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमएसएच-16 अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। मामा को आरोप सुसाइड नहीं हत्या हुई मृतका के मामा लल्लन सिंह ने कहा कि शिवानी ने कभी किसी समस्या की बात नहीं की थी और न ही वह किसी तनाव में थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उसे कोई परेशानी होती तो वह परिवार से जरूर बात करती। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।लल्लन सिंह ने पुलिस से मांग की है कि उनकी भांजी के हत्यारों का जल्द पता लगाकर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।
मधुबनी पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी SIM BOX डिवाइस का उपयोग कर एक समानांतर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजनगर राजपूताना टोल के मंदिप सिंह, लहेरियागंज के मो. अहसान व विकास कुमार तथा शिवीपट्टी के रौशन कुमार कामती के रूप में हुई है। साइबर अपराधी SIM BOX डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर पूरे देश में बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों को अंजाम दे रहे थे। मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने गुरुवार शाम छह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गंभीर कृत्यों की सूचना के सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर नगर थाना क्षेत्र की तिरहुत कॉलोनी स्थित संदिग्ध मंदीप कुमार के घर की घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान, टीम को मंदीप के कमरे में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू हालत में मिले। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर मंदीप कुमार ने बताया कि उसके पास 07 सिम बॉक्स थे। उसने यह भी बताया कि रौशन कुमार कामती सिम की आपूर्ति में सहयोग करता था, जिसके लिए उसे प्रति सिम 800 रुपये का भुगतान किया जाता था। पुराने सिम बंद होने पर उन्हें जला दिया जाता था। मंदीप ने खुलासा किया कि सिम बॉक्स का संचालन उसके लैपटॉप से चीन के लोगों द्वारा किया जाता था। पुलिस ने सभी बरामद सामानों को विधिवत जब्त कर गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 20 स्लॉट वाले 07 SIM BOX, VI, Airtel और Jio के खाली SIM के कई रैपर, 18 मोबाइल फोन, 05 TP-Link इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 02 Airtel Xstream Fiber राउटर, 01 ट्रॉली बैग, 1 लाख 68 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एटीएम/आधार कार्ड/पैन कार्ड जब्त किए।
साइबर ठगी के आरोपी युवती झारखंड से गिरफ्तार:अरवल पुलिस ने की कार्रवाई, 2023 में दर्ज हुआ था मामला
अरवल साइबर थाने की पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में झारखंड की प्रीति कुमारी नामक युवती को गिरफ्तार किया। उसे कड़ी पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी मोथा गांव निवासी अमर लाल सिंह द्वारा 2023 में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर हुई, जिसमें उनके खाते से ₹61,239 की अवैध निकासी का आरोप था। पूछताछ में खुलासे, बॉयफ्रेंड फरारपुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी ने बताया कि प्रीति कुमारी देवघर जिले के पालोजोरी थाना अंतर्गत बाघमारा गांव की निवासी है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका बॉयफ्रेंड वर्षों से साइबर ठगी का काम कर रहा था और ठगी की रकम प्रीति के बैंक खाते में ट्रांसफर करता था। इस दौरान उसका बॉयफ्रेंड फरार होने में सफल रहा। साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपीलअरवल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि साइबर ठगी या धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी मामले की सूचना तुरंत अपने स्थानीय थाने को दें। पुलिस साइबर अपराधियों का भंडाफोड़ करने और त्वरित कार्रवाई करने में लगातार सक्रिय है।
सहरसा में बंद घर से 7.33 लाख की चोरी:नकदी और लाखों के जेवर गायब, पुलिस जांच में जुटी
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी चौक वार्ड संख्या-15 में एक बंद घर से 7 लाख 33 हजार रुपये की नकदी और लाखों के जेवर चोरी हो गए। पीड़िता सुनीता कुमारी ने गुरुवार शाम सदर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सुनीता कुमारी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 4 फरवरी को शाम करीब चार बजे वह घर में ताला लगाकर बाजार गई थीं। उस समय घर में कोई नहीं था। उनके पति और बड़ा बेटा दुकान पर थे, जबकि छोटा बेटा कोचिंग गया हुआ था। घर लौटने पर जब उन्होंने बक्से का ताला खोला, तब चोरी का पता चला। पीड़िता के अनुसार, घर में रखे 1 लाख 25 हजार रुपये नकद गायब थे। इसके बाद अलमारी की जांच करने पर सभी कीमती आभूषण भी चोरी मिले। इनमें चांदी का पायल, सोने का मंगलसूत्र, चकती, कान की बाली, सोने का झुमका और नाक की नथिया शामिल हैं। चोर एक छोटे बैग में रखे 25 हजार रुपये नकद भी ले गए। कुल मिलाकर, नकदी और जेवर की चोरी से करीब 7 लाख 33 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। सुनीता कुमारी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई, चोरी गए सामान की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
संभल में उर्दू अकादमी ने मुशायरे का आयोजन किया:शायरों ने भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब का संदेश दिया
संभल में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी और आयशा विकास समिति ने एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया। यह कार्यक्रम शहर के लाडम सराय स्थित एक निजी पैलेस सभागार में संपन्न हुआ। इसमें दूर-दराज से आए शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मुशायरे की अध्यक्षता मशहूर शायर जहीर अहमद राही ने की। जबकि संचालन सैयद मौ हाशिम ने किया। मुख्य अतिथि राकेश कुमार वशिष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि मुशायरे केवल साहित्यिक आयोजन नहीं होते, बल्कि ये समाज को जोड़ने और भाईचारे का संदेश फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने उर्दू भाषा को गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान बताते हुए ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने पर जोर दिया। शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, मानवीय भावनाओं, प्रेम और जीवन की सच्चाइयों को प्रस्तुत किया। श्रोताओं ने तालियों और 'वाह-वाह' की गूंज से उनका उत्साह बढ़ाया। कई शेरों पर 'सुब्हान अल्लाह' की आवाज़ें भी सुनाई दीं।इस मुशायरे में जहीर राही, अब्दुल हमीद तारिक लालपुरी, जमशेद माहिर हापुड़ी, इक़रार आग़ानपुरी, आदिल रतनपुरी, घाकुल राज, जरीर अमरोही, अशफ़ाक़ जैदी रामपुरी और निसार मुरादाबादी सहित कई अन्य शायरों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजकों ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक और सभी शायरों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजन किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी को उर्दू साहित्य और संस्कृति से जोड़ा जा सके।इस मुशायरे ने न केवल शायरी प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी प्रसारित किया।
बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति को सहेजने के लिए नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार शाम को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। जबेरा विधानसभा से आईं 51 दिवारी टोलियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने ग्वाल-बालों के साथ पारंपरिक दिवारी नृत्य कर सबका मन मोह लिया। दिन में विकास और रात में संस्कृति के रंग आयोजन समिति ने महोत्सव को दो मुख्य हिस्सों में बांटा है। दिन के समय विभिन्न शासकीय विभागों की प्रदर्शनियां, किसान सम्मेलन और जन-जागरूकता कार्यक्रम होंगे। वहीं, रात में सांस्कृतिक संध्या सजेगी, जिसमें 1000 से ज्यादा स्थानीय प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। पुरातत्व विभाग द्वारा महापुरुषों की प्रदर्शनी भी यहाँ लगाई जा रही है। बड़े सितारों से सजेगा मंच इस 10 दिवसीय आयोजन में कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे: कैलाश खेर: सूफी भजनों से समां बांधेंगे। पुनीत इस्सर ग्रुप: महाभारत और अन्य पौराणिक कथाओं का मंचन करेगा। अभिलिप्सा पांडा: 'हर हर शंभू' फेम गायिका सुरों का जादू बिखेरेंगी। हरिओम पवार: प्रसिद्ध कवि ग्रुप द्वारा वीर रस और हास्य का कवि सम्मेलन आयोजित होगा। 12 फरवरी को आएंगे सीएम महोत्सव में 12 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नोहटा पहुंचेंगे। सीएम यहां एक विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। मंत्री लोधी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और क्षेत्र के विकास को नई गति देना है। स्वास्थ्य शिविर भी लगेगा महोत्सव में एक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जा रहा है, जिसमें 100 डॉक्टरों की टीम करीब 10 हजार लोगों का मुफ्त इलाज करेगी। मनोरंजन के लिए हॉट एयर बैलून, बच्चों के झूले और जलपरी जैसे आकर्षण भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन के अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुशमारिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
बुरहानपुर जिले के गंभीरपुरा गांव में शिवा बाबा मेला मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार दोपहर हिंसक हो गया। एक ही वर्ग के दो पक्षों में हुई मारपीट में त्रिलोक पंवार (30) के सिर में गंभीर चोट आई है। पुलिस ने इस मामले में ट्रस्ट अध्यक्ष रूप सिंह, उनके दो बेटों और पोते समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। धूलकोट चौकी प्रभारी कमल मोरे ने बताया कि गुरुवार दोपहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोपी रूप सिंह, उनके दो बेटे विजय व हुकुम और उनके पोते ने मिलकर त्रिलोक पिता मेहताप पंवार के साथ मारपीट की। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। त्रिलोक के रिश्तेदार दशरथ की शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मेला खत्म होते ही हुआ विवाद गंभीरपुरा में हर साल शिवा बाबा और मां जगदंबा का मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं। हाल ही में 23 जनवरी से 4 फरवरी तक यह मेला चला था। मेले के समापन के दूसरे दिन ही यह घटना हो गई। मेले से पहले से ही ट्रस्ट अध्यक्ष रूप सिंह पंवार और दूसरे पक्ष के बीच तनातनी चल रही थी और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं। जल्द खुलेगी मेले की दान पेटी नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि उन्हें मारपीट की जानकारी नहीं है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच शिकायतों का दौर चल रहा था। उन्होंने बताया कि मेले की दान पेटी विधायक की मौजूदगी में जल्द ही खोली जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
खैरथल-तिजारा जिले के माचा गांव में घर के बाहर खड़े 4 वर्षीय मासूम पर पागल कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। बच्चे को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। घटना के समय बच्चे की मां पास में ही मौजूद थी, लेकिन कुत्ते की आक्रामकता के चलते वह कुछ नहीं कर सकी। पागल कुत्ते के हमले में मासूम असवाल पुत्र राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। कुत्ते ने बच्चे की दोनों आंखों के ऊपर सिर पर भयंकर घाव कर दिए। वहीं एक हाथ की अंगुलियों और दूसरे हाथ की बाजू पर भी बुरी तरह नोच लिया। करीब 30 सेकंड तक कुत्ते ने बच्चे को अपने जबड़े में दबाकर रखा। बच्चे के सिर में सात टांके आए हैं। मां की चीख-पुकार सुनकर परिजनों ने बच्चे को छुड़वाया मां की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते से छुड़वाया। खून से लथपथ हालत में घायल बालक को परिजन पहले किशनगढ़ बास अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में बच्चे के सिर में कुल सात टांके लगाए गए हैं। इसके अलावा पलकों, हाथ की अंगुलियों और बाजू पर भी कई टांके आए हैं। फिलहाल मासूम का इलाज अलवर जिला अस्पताल में जारी है। घायल बच्चे के चाचा मुबारिक ने बताया- बच्चा असवाल पुत्र राहुल शाम करीब 6 बजे घर के बाहर खड़ा था। तभी अचानक एक पागल कुत्ता आया और हमला कर बच्चे को करीब 100 मीटर तक घसीट ले गया। कुत्ता अभी तक पकड़ में नहीं आया है। गांव में खुलेआम घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
लुधियाना के जगराओं स्थित एसएसपी कार्यालय के बाहर गुरुवार को दलित एवं मजदूर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने काली चुन्नियां लेकर दलित बुजुर्ग दंपती पर झूठा मामला दर्ज किए जाने के विरोध में नारेबाजी की। महिलाओं ने पुलिस के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये पर रोष व्यक्त किया। पेंडू मजदूर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी अवतार सिंह रसूलपुर ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि गांव लक्खा के एक व्यक्ति ने दलित बुजुर्ग दंपती के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर ने अपनी उंगली पर खुद चोट मारकर पीड़ित दंपती और उनके एक पड़ोसी, जो पूर्व दलित सरपंच रह चुके हैं और इस मामले से संबंधित नहीं हैं, के खिलाफ धारा 26 के तहत झूठा मामला दर्ज करवा दिया। एएसआई ने अपनी मर्जी से दर्ज किए बयान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि थाना हठूर के एक एएसआई ने जांच के दौरान पीड़ित बुजुर्ग दंपती के बयान अपनी मर्जी से दर्ज किए और हमलावर पक्ष का समर्थन किया। उनका यह भी आरोप है कि जांच के दौरान ही पीड़ित दलित बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया, जिससे जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। झूठा मामला रद्द करने की मांग पेंडू मजदूर यूनियन की नेता बीबी जसबीर कौर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मांग की गई कि पीड़ित दलित परिवार पर दर्ज झूठा मामला तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही, अत्याचार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। जिला प्रधान सुखदेव सिंह माणूंके ने इसे गंभीर अन्याय बताया। यूनियन मशाल के नेता मदन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि झूठा मामला रद्द नहीं किया गया तो संगठन आगे के संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा।एसएसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन प्रदर्शन के दौरान, एसएसपी लुधियाना देहाती डॉ. अंकुर गुप्ता ने संगठन के नेताओं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जसवीर कौर, बब्बी कौर, परमजीत कौर, सिमलो कौर सहित कई अन्य दलित व मजदूर महिलाएं मौजूद थीं।
रामपुर में युवक की पिटाई का आरोप:पिता ने एसपी से की शिकायत, पुलिस ने सड़क हादसा बताया; जांच जारी
रामपुर के सेफनी थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से पिटाई का आरोप लगा है। घायल युवक के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस पहले इस घटना को सड़क हादसा बताकर दबाने का प्रयास कर रही थी, जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि 21 जनवरी 2026, बुधवार की रात उनके बेटे के साथ चार लोगों ने मारपीट की। इस घटना में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका फिलहाल उपचार चल रहा है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पिता का आरोप है कि उनके पास मारपीट से जुड़े ठोस तथ्य मौजूद हैं, लेकिन पुलिस इसे सड़क दुर्घटना बता रही थी। उन्होंने एसपी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) शाहाबाद देवकी नंदन को सौंप दी है। वहीं, दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह कोई मारपीट की घटना नहीं, बल्कि एक सड़क दुर्घटना का मामला है। सीओ शाहाबाद देवकी नंदन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सड़क हादसा है या मारपीट की घटना। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता और आकाश गंगा रंग चौपाल एसोसियेशन बरौनी की ओर से मध्य विद्यालय बीहट के परिसर में तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का आयोजित हुआष इसका आज समापन दो नाटकों की प्रस्तुति के साथ हो गया। अंतिम दिन पहले रिवाइवल बेगूसराय द्वारा फणीश्वर नाथ रेणु की मूल कहानी का कुमार अभिजीत की ओर से नाट्य रूपांतरण और निर्देशन करते हुए विपद ढोलकिया की प्रस्तुति की गई। लोक कलाओं के संरक्षण, व्यवस्था परिवर्तन और हमारे सामाजिक सांस्कृतिक नैतिक मूल्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करती नाटक समाज के उपर बड़ा छोड़ गया। नाटक विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को संभालने समझने व साहस के साथ कर्मठता से जीवन जीने का संदेश देती दिखी। आज के दौर में लोग जिस तरह आधुनिकता की तरफ भाग रहे हैं। उससे हमारा पुरातन वैभव, संस्कृति, कला और कलाकार छूटते चले जा रहे हैं। उन्हें बस मंच और किताबों तक समेट कर रखने को लेकर विपद ढोलकिया के बहाने निर्देशक ने कई सवाल उठाए। कलाकारों के दर्द को उभारने की कोशिश नाटक पुरानी परंपराओं और कलाकारों के दर्द को उभारने की कोशिश में लगी रही। नाटक के निर्देशक और अभिनेता लुट्टन पहलवान की भूमिका में कुमार अभिजीत की ढोलक अंधेरे, महामारी और विपरीत समय में ग्रामीणों को जीने की प्रेरणा देती है। लेकिन व्यवस्था के बदलते ही वह अप्रासंगिक होकर मिट जाती है। यह नाटक कलाकार के संरक्षण और संवर्धन की वकालत करती है। क्योंकि आज भी लुट्टन सिंह जैसे हजारों लोक कलाकार व्यवस्था से हार कर भूख प्यास और परिवार के लिए कलाकारी और कला को छोड़कर मजदूर बनने को विवश हैं। लुट्टन की भूमिका में कुमार अभिजीत ने दर्शकों को रोमांचित किया। लुट्टन की पत्नी के रूप में रजनी कुमारी, लुट्टन के बेटे की भूमिका में अनिकेत सुलभ और मिहिर मानस ने दर्शकों की तालियां बटोरी। राजा की भूमिका में मनीष कुमार, चांद सिंह की भूमिका में दीपक कुमार, मुंशी की भूमिका में नीरज कुमार, कवि की भूमिका में दीपक कुमार ने काफी प्रभावित किया। ढोलक पर नंदू कुमार, साउंड चंदन कुमार, लाइट मनोज कुमार, मेकअप-अमृता कुमारी का था। दूसरी प्रस्तुति कला भवन नाट्य विभाग पूर्णिया की पंचलाइट रही। नाटक का निर्देशन विश्वजीत कुमार सिंह ने किया। नाटक में पंचों की झूठी शान और अंधविश्वास को दर्शाते हुए यह दिखाया गया कि जरूरत पड़ने पर पुरानी परंपराएं व्यर्थ हो जाती हैं। बिहार के ग्रामीण परिवेश का यथार्थवादी चित्रण करना, जहां संपन्नता न होने पर भी लोग मिल-जुलकर पंचलाइट लाते हैं। इसके साथ ही गोधन और मुनरी के प्रेम के माध्यम से ग्रामीण युवाओं की मासूमियत और मानवीय संवेदनाओं को भी उजागर किया गया। नाटक में प्रेम और मानवीयता के आगे जातिगत भेदभाव और पंचों की संकीर्ण मानसिकता टिक नहीं पाती। ग्रामीण जीवन में आशा और एकता का संदेश देती है। नाटक में सूत्रधार- सूचित कुमार, गुलरी- मंजू देवी, सरपंच- सुमित सिंह, दीवान- अभिनव कुमार, बिलवा- अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कल्लू- शिवाजी राम राव, गोधन- प्रवीण कुमार, मुनरी- गरिमा सिंह, सरपंच- मिताली भौमिक, साक्षी झा, वैभव, चंदन कुमार सिंह, दक्ष, साहिल, संतोष, इरफान की भूमिका महत्वपूर्ण रही। संगीत पर रामपुकार टूटू एवं कुंदन सिंह थे। इसके पहले महोत्सव के समापन समारोह का उद्घाटन तेघड़ा MLA रजनीश कुमार, पूर्व MLC भूमिपाल राय, बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार, बीहट नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अवनीश कुमार, एनटीपीसी के HR प्रबंधक केएन मिश्रा, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार और सचिव गणेश कुमार ने किया। विधायक रजनीश कुमार ने कहा की बीहट सांस्कृतिक राजधानी है। यहां धरती राजनीति, शिक्षा, संस्कृति और खेल से परिपूर्ण है। हम सब की यह जिम्मेदारी है कि आकाश गंगा रंग चौपाल के कलाकार जो काम कर रहे हैं, उन्हें हम सब संरक्षण दें। आगत अतिथियों का स्वागत डॉ. कुंदन कुमार, सचिव गणेश गौरव एवं उपाध्यक्ष दिनेश दीवाना आदि ने किया। इस अवसर पर आनंद, राजू, संतोष, साक्षी, अंजली, निधि, कविता, निखिल, रुही एवं अनिमेष ने गीत-नृत्य की प्रस्तुति दी।
कुएं में फंदे पर मिला नाबालिग का शव:खेत में काम के लिए निकला था; पुलिस को संदिग्ध लग रहा मामला
आगर मालवा के ग्राम दाबढ़िया में एक 16 वर्षीय नाबालिग का शव खेत पर बने कुएं में फंदे से लटका मिला है। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है। नाबालिग की पहचान पवन यादव (16) पिता बने सिंह यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पवन गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अपने घर से खेत पर काम करने के लिए निकला था। दोपहर में जब परिजन खेत पर पहुंचे, तो उन्होंने कुएं पर पानी भरने की गिरनी में बंधी रस्सी से पवन का शव फंदे पर लटका हुआ देखा। पुलिस को मामला लगा संदिग्ध परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या है या किसी अन्य कारण से हुई घटना है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्णिया में गुरुवार को रिश्तेदार के दाह-संस्कार में शामिल होने पहुंचा युवक सौरा नदी में डूब गया। युवक दाह संस्कार के बाद नदी में नहा रहा था, इसी दौरान गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूब गया। मामला सदर थाना क्षेत्र के पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी घाट मुक्तिधाम की है। स्थानीय गोताखोर और SDRF युवक की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका है। अंधेरा होने की वजह से सर्चिंग अभियान सुबह के लिए रोक दिया गया है। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची है। लापता की पहचान भवानीपुर थाना क्षेत्र के भवनदेवी टोला निवासी टिड्डा मेहतर के बेटे रंजन मेहतर (32) के रूप में हुई है। रिश्तेदार विनोद कुमार और रंजन मेहतर की पत्नी पूनम देवी ने बताया कि रंजन मेहतर रिश्तेदार के दाह-संस्कार में शामिल होने भवानीपुर से पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी घाट मुक्तिधाम आए थे। दाह-संस्कार के बाद वे नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले गए। डूबते हुए उन्होंने जब तक आवाज लगाई काफी देरी हो चुकी थी। पानी गहरा होने की वजह से किसी ने पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटाई। युवक के डूबने की सूचना फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई है। शाम होनी की वजह से सर्चिंग अभियान रोका स्थानीय सदर थाना की पुलिस को कॉल कर युवक के डूबने की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों ने युवक को काफी ढूंढा। मगर शाम होनी की वजह से सर्चिंग अभियान रोक दी गई है। सुबह SDRF और स्थानीय गोताखोर तालाब में सघन तलाशी अभियान चलाएंगे। रंजन मेहतर दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी शादी 12 साल पहले हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल है। वो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। घटना के बाद पत्नी पूनम देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
राजगढ़ जिले में संबल योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता न मिलने के मामलों को कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने गंभीरता से लिया है। 180 दिन की निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बावजूद डीएम लॉगिन में 28 प्रकरण लंबित पाए गए। समीक्षा में जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर भारी लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि कई ग्राम पंचायतों में बिना किसी ठोस कारण के संबल योजना के प्रकरण लंबित रखे गए थे। इससे जरूरतमंद परिवारों को अनुग्रह सहायता समय पर नहीं मिल सकी। कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इन पंचायत सचिवों की वेतनवृद्धि रोकी गईकलेक्टर के आदेश पर जनपद राजगढ़ की ग्राम पंचायत कंवरपुरा, तुम्दियाखेड़ी और पिपलिया, जनपद नरसिंहगढ़ की बारवां खुर्रम और बढ़बेली तथा जनपद खिलचीपुर की काछोटीया, जटामढ़ी और चिबड़कलां के पंचायत सचिवों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। इसके अलावा जनपद नरसिंहगढ़ की ग्राम पंचायत चारपुरा, तिन्दोनिया और मुवालिया खेड़र के सचिवों पर भी यही कार्रवाई की गई है। नगर पालिका सीएमओ को नोटिस, एक सचिव निलंबितनगर पालिका ब्यावरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को वेतनवृद्धि रोकने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। वहीं, जनपद खिलचीपुर की ग्राम पंचायत हिम्मतपुरा के सचिव पर वेतनवृद्धि रोकने के साथ निलंबन की कार्रवाई की गई है। सीईओ जनपद राजगढ़ और सीईओ जनपद सारंगपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत निपान्यातुला (सारंगपुर), ओढ़पुर (राजगढ़) और टिकरिया (नरसिंहगढ़) के सचिवों से भी जवाब मांगा गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत देवझिरी और बांसखेड़ा (जनपद राजगढ़) के सचिवों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर बोले– लापरवाही बर्दाश्त नहींकलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि संबल योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में लाभ पहुंचाना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। आगे भी लापरवाही मिलने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कौशांबी के पिपरी कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी के डिहवा के समीप बृहस्पतिवार शाम एक बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान कस्बा चायल निवासी 64 वर्षीय विजय कुमार केशरवानी पुत्र राम सजीवन केशरवानी के रूप में हुई है। वह इलाके में लगने वाली बाजारों में मसाले की दुकान लगाते थे। मृतक के बेटे जितेंद्र केशरवानी ने बताया कि उनके पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था और उनका इलाज प्रयागराज के एक मानसिक रोग विशेषज्ञ से चल रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर वह बिना बताए घर से निकल गए थे। शाम को महमूदपुर मनौरी गांव के डिहवा पर रेलवे लाइन पार करते समय वह एक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के बाद घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मोगा में जिला एवं अतिरिक्त सेशन जज शिव मोहन गर्ग की अदालत ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने सुखमंदर सिंह उर्फ बादल को प्रतिबंधित नशीली गोलियों की बिक्री का दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न भरने की सूरत में उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह कानूनी मामला करीब साढ़े पांच साल पुराना 19 अगस्त 2020 का है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर गांव घोलिया कलां निवासी सुखमंदर सिंह उर्फ बादल को भारी मात्रा में नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि आरोपी इन गोलियों को अवैध रूप से बेचने की फिराक में था। बादल के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा में केस दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों, बरामदगी के दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सुखमंदर सिंह नशीले पदार्थों की तस्करी का दोषी माना। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समाज में नशे के जहर को फैलने से रोकने के लिए ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है, जिसके बाद सुखमंदर को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की गई।जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त कैद अदालत के आदेशानुसार, दोषी को अपनी सजा के साथ-साथ 50 हजार रुपए का जुर्माना अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि भरने में विफल रहता है, तो उसे कानूनी प्रावधानों के तहत 6 महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। फैसले के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इस फैसले को इलाके में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस और न्यायपालिका की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
पटना में थाना स्तर पर फेर बदल और पोस्टिंग हुई है। हॉस्टल कांड के बाद विवाद में आए चित्रगुप्त नगर थाने के नए थानेदार शंकर झा बनाए गए हैं। रौशनी कुमारी के निलंबित होने के बाद किसी की पोस्टिंग नहीं हुई थी। इसके अलावा दीदारगंज, धनरूआ, नौबतपुर, नदी थाने में भी फेर बदल हुआ है। इंस्पेक्टर रैंक के थाने में दारोगा की पोस्टिंग सबसे हैरानी की बात तो ये है कि एकबार फिर से नौबतपुर जैसे इंस्पेक्टर रैंक के थाने में 2019 बैच के दारोगा मंजीत ठाकुर की पोस्टिंग हुई है। जिन्हें लेकर चौक थाने में पटना पुलिस की भारी किरकिरी हुई थी। प्रकाश पर्व के दौरान महिला श्रद्धालु से लूट की वारदात हुई थी। इस घटना के बाद इन्हें चौक थाने से हटा दिया गया था। इन्हें लेकर वरीय अधिकारियों ने पहले कहा कि निलंबित किया गया है। फिर कहा गया कि लाइन क्लोज किया गया है, और इधरे धीरे से DIU में पोस्टिंग कर दी गई। अब नौबतपुर की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। नौबतपुर के निवर्तमान थानाध्यक्ष संजीत कुमार STF में चले गए हैं। धनरूआ के अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार को धनरूआ का थानेदार बनाया गया है। सद्दाम हुसैन को नदी थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीदारगंज और धनरूआ के निवर्तमान थानेदार रणविजय कुमार और महेश्वर प्रसाद को पुलिस केंद्र बुला लिया गया है। विष्णु कुमार को जेपी सेतू उपर दीघा TOP का प्रभारी बनाया गया है।
पानी भरे गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत:घर के पास खेल रहा था 4 साल का बच्चा, उतराती मिली बॉडी
देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के बालेपुर गांव में गुरुवार देर शाम एक चार वर्षीय बच्चे की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। परिजनों द्वारा बच्चे को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, बालेपुर गांव निवासी यह बालक अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह घर के निकट स्थित पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गया। काफी देर तक जब बच्चा दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मासूम को गड्ढे के पानी में डूबा हुआ पाया गया। परिजनों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और स्थानीय लोगों की मदद से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने बताया कि घर के पास यह गड्ढा काफी समय से पानी से भरा हुआ था। पहले भी इससे दुर्घटना की आशंका जताई जाती रही थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद खुले गड्ढों को जल्द भरवाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने जनपद न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह के साथ संभल का दौरा किया। उन्होंने न्यायिक संस्थानों का व्यापक निरीक्षण किया और कई महत्वपूर्ण पहलों का उद्घाटन किया। संभल उत्तर प्रदेश का पहला जनपद बन गया है, जहां न्यायिक कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रांसक्रिप्शन टूल्स का प्रयोग शुरू किया गया है। न्यायमूर्ति देशवाल ने जिला न्यायालय, संभल (चंदौसी) में गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के लिए ट्रांसक्रिप्शन आधारित AI टूल्स का विधिवत उद्घाटन किया। यह पहल ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे गवाहों के बयान अधिक सटीकता से दर्ज होंगे और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता व प्रभावशीलता बढ़ेगी। इसी अवसर पर, न्यायमूर्ति ने उत्तर प्रदेश के पहले कम्प्यूटरीकृत कॉपिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया। यह केंद्र न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाएगा, समय की बचत करेगा और वादकारियों तथा अधिवक्ताओं को न्यायालय के अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां शीघ्र एवं सुगमता से उपलब्ध कराएगा। उन्होंने संभल में निर्मित प्री-फैब्रिकेटेड बाह्य न्यायालय और कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। न्यायमूर्ति ने बहजोई में अधिग्रहित नई भूमि का भी निरीक्षण किया, जहां जनपद न्यायालय का नया मुख्यालय प्रस्तावित है। उन्होंने निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने और समय पर पूरा करने के लिए विस्तृत निर्देश दिए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने संभल में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आयोग के लिए प्रस्तावित नई भूमि का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश जारी किए। यह पूरा दौरा न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और न्यायिक कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। संभल मुंसिफ कोर्ट पहुंचने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल को द सिविल बार कोर्ट एसोसिएशन की ओर से भगवान श्रीकल्कि की प्रतिमा भेंट की गई।
फर्रुखाबाद एसपी ने 181 पुलिसकर्मियों का किया तबादला:कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए फेरबदल
फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों के तबादले किए हैं। कुल 181 सिपाहियों को विभिन्न थानों में नई तैनाती दी गई है। इन तबादलों में शहर कोतवाली से 20 सिपाही, कोतवाली फतेहगढ़ से 14, थाना मऊदरवाजा से 22, कोतवाली मोहम्मदाबाद से 20, नवाबगंज से 7, जहानगंज से 10, अमृतपुर से 10, राजेपुर से 8, कायमगंज से 25, शमशाबाद से 10, कम्पिल से 17 और मेरापुर से 13 सिपाहियों का स्थानांतरण किया गया है। तबादला किए गए सिपाहियों में फर्रुखाबाद कोतवाली से गौतम कुमार, रोहित कुमार सिंह, दीपक कुमार, जितेंद्र प्रताप, विक्रांत चौहान, अजय सिंह, अभिषेक प्रताप सिंह, अमित कुमार, रामकुमार, अंकित पवार, वीरेंद्र सिंह, योगेंद्र यादव, पवन चाहर, सौरभ कुमार, मनोज कुमार, पूनम बघेल, प्रियंका, कुमारी प्रीति, हेमा कुमारी और कामिनी शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार, फतेहगढ़ कोतवाली से मुनाफ अंसारी, छोटेलाल, विक्रांत कुमार, सुमित शर्मा, शुभम सिंह, सत्येंद्र कुमार, दीपू कुमार, यतेंद्र प्रताप सिंह, सुशील कुमार, सोनवीर, रामानंद, नरेश कुमार और कुमारी हिना का स्थानांतरण हुआ है। मऊ दरवाजा थाने से सचिन कुमार, सुभाष चंद्र, कुलदीप सिंह, रवि कुमार, गौरव कुमार, अनुज कुमार, अभिषेक यादव, नफीस अहमद, विपिन कुमार, राजीव कुमार, विपुल वशिष्ठ, प्रवीन यादव, सुरेश कुमार, जितेंद्र कुमार, नितिन यादव, रवि चौधरी, मोहम्मद आलम, दिनेश कुमार, कुमारी विमलेश, मोनिका तिवारी और कुमारी सोनी को नई तैनाती मिली है। मोहम्मदाबाद कोतवाली से सुमित कुमार, बिजेंद्र कुमार, अतुल कुमार, अमित कुमार, रोबिन सिंह चाहर, ओम सिंह, रोहित कुमार, अवधेश कुमार, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, शशांक, अजय कुमार, गुलाम गौस, मुनेश कुमार, योगेश कुमार, अंकुल कुमार, अनीश कुमार, कुमारी नीतू और प्रीति का तबादला किया गया है। इसके अतिरिक्त, नवाबगंज से सात, जहानगंज से दस, अमृतपुर से दस, राजेपुर से आठ, कायमगंज से पच्चीस, शमशाबाद से दस, कम्पिल से सत्रह और मेरापुर से तेरह सिपाहियों की तैनाती में भी बदलाव किया गया है।
भागलपुर के शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरिया गांव के पास फॉरलेन सड़क पर गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे बदमाशों ने एक प्राइवेट कंपाउंडर को गोली मार दी। चार की संख्या में आए हमलावरों ने बाइक सवार कंपाउंडर को घेरकर पीठ में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। घायल कंपाउंडर की पहचान नंदलालपुर चांदनी चौक निवासी 35 साल के पिंटू कुमार दास के रूप में हुई है। गोली लगने के बाद पिंटू सड़क पर करीब आधे घंटे तक तड़पता रहा। उसने किसी तरह अपने मोबाइल से बड़े भाई को सूचना दी। परिजनों की मदद से उसे पहले कहलगांव अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। कहलगांव में प्राथमिक उपचार के बाद, पिंटू की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल, मायागंज अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुराने झगड़े के कारण गोली मारने की आशंका घायल पिंटू कुमार दास ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जैसे ही वह फॉरलेन पर पहुंचा, पहले से घात लगाए चार अपराधियों ने उसे घेर लिया और पीछे से गोली मार दी। पिंटू ने दो बदमाशों की पहचान सुनील कुमार चौधरी और जयकांत शर्मा के रूप में की है। उसने आशंका जताई है कि इस वारदात को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया है। सूचना मिलते ही शिवनारायणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पीड़ित के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का उज्जैन आगमन पर टावर चौक पर भव्य स्वागत किया गया। शहर के युवाओं ने उनका अभिनंदन आतिशबाजी, विशाल मालाओं और अनोखे अंदाज में किया। स्वागत के दौरान, कुछ युवाओं ने जेसीबी मशीन के माध्यम से उन्हें विशाल माला पहनाई, जबकि अन्य ने तलवार भेंट कर सम्मान प्रकट किया। सबसे खास दृश्य तब सामने आया जब युवाओं ने श्याम टेलर को अपने कंधों पर उठाकर एक मंच से दूसरे मंच तक पहुंचाया। इस दौरान पूरे इलाके में ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उत्साह का माहौल रहा। मीडिया से बातचीत में श्याम टेलर ने कहा, “यह बाबा महाकाल की नगरी है, यहां की ऊर्जा ही अलग है। यह नेतृत्व की नगरी भी है, क्योंकि इसी क्षेत्र से हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं।” उन्होंने आगे कहा, आज युवाओं का उत्साह देखकर साफ समझ आता है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के पीछे युवाओं की असीम ऊर्जा काम कर रही है। टेलर ने बताया कि वे उज्जैन में आयोजित युवा संसद में शामिल हुए, जहां उन्हें हर तरफ उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में घर-घर विकास की गाथा पहुंचाने का काम कर रही है। मैं सभी युवाओं का धन्यवाद करता हूं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जोधपुर डिस्कॉम के एक लाइनमैन को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जोधपुर ग्रामीण चौकी द्वारा की गई। आरोपी हरिकिशन मीणा, तकनीशियन प्रथम (लाइनमैन), 33/11 केवी जीएसएस नोसर, कार्यालय सहायक अभियंता (पवस), जोधपुर डिस्कॉम मतोडा, जिला फलोदी में कार्यरत है। बिजली बिल कम करने के एवज में मांगी रिश्वत एसीबी जोधपुर ग्रामीण इकाई को एक शिकायत मिली थी। परिवादी ने आरोप लगाया था कि हरिकिशन मीणा उसके घरेलू बिजली बिल की 80 हजार रुपए की राशि कम करने के एवज में 12 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद, एसीबी जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी के नेतृत्व में निरीक्षक पुलिस अनिल कुमार व उनकी टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। 12 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा ट्रैप के दौरान, आरोपी हरिकिशन मीणा को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिरीक्षक राजेश सिंह के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
धार के प्रसिद्ध गढ़ कालिका माता मंदिर के सामने एक बारात में बार बालाओं द्वारा अश्लील डांस करने का मामला सामने आया है। मंदिर के ठीक सामने काफी देर तक चले इस नृत्य के कारण दर्शन करने आए महिलाएं और बुजुर्ग असहज हो गए। शर्मिंदगी के चलते कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही वापस लौट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि यह बारात किसकी थी। जानकारी के मुताबिक, बारात के साथ लाई गईं बार बालाओं ने मंदिर के ठीक सामने अश्लील डांस किया, जिससे धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ। मंदिर के बाहर यह नृत्य कुछ देर तक जारी रहा। इस दौरान दर्शन के लिए पहुंचे परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु वहां खड़े रहने में असहज महसूस करने लगे। लोगों के टोकने पर आगे बढ़ी बारात स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े व्यक्तियों ने हस्तक्षेप किया और विरोध जताया। इसके बाद बारात को उस स्थान से आगे बढ़ाया गया। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के सामने ऐसी गतिविधियां आस्था और सामाजिक मर्यादा के खिलाफ हैं। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह किसकी शादी थी और यह कौन लोग थे, इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
भागलपुर के सजोर थाना क्षेत्र के जगरनाथपुर गांव में 20 दिसंबर की रात बुजुर्ग महिला किरण देवी की हत्या कर दी गई थी। घटना के एक महीने से अधिक समय बाद भी आरोपी अरेस्ट नहीं हुआ हैं। मृतका की बेटी प्रियंका कुमारी न्याय और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगा रही है। किरण देवी की गला दबाकर सोते समय हत्या की गई थी। सुबह जब परिजनों ने उन्हें बिस्तर पर मृत पाया तो गांव में हड़कंप मच गया। मृतका के बेटे सुमन कुमार सिंह ने सजोर थाना में बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में आरोपियों की पहचान का दावा किया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार को फंसाने के लिए दी थी धमकी मृतका की बेटी प्रियंका कुमारी ने बताया कि उसके भाई सुमन की पत्नी अमृता के गांव के युवक कुंदन कुमार से अवैध संबंध था। उनकी मां किरण देवी इस संबंध का विरोध करती थीं। प्रियंका के अनुसार, अमृता ने परिवार को फंसाने के लिए आत्महत्या की धमकी भी दी थी। किरण देवी ने इस संबंध में पहले ही थाने में सनहा दर्ज कराया था। प्रियंका ने आरोप लगाया कि आरोपी कुंदन ने उसके भाई सुमन को जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय सुमन हैदराबाद में काम कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि सुमन को न पा सकने के बाद आरोपियों ने उसकी मां किरण देवी की हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि हत्या के बाद से वे दहशत में जी रहे हैं। प्रियंका ने बताया कि उन्हें हर दिन डर लगता है। वे पुलिस से न्याय के साथ-साथ अपनी जान की सुरक्षा भी मांग रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। डीएसपी बोले- जल्द अरेस्ट होंगे आरोपी मामले को लेकर विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा
सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को चेतावनी दी कि यदि वे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। मंत्री वर्मा का यह बयान नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है। एक दिन सभी बहनों को बुलाएंगेमंत्री ने मंच से कहा कि वे सीईओ से बात कर एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं। पीएम दिल्ली से भेज रहे गेहूंमंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं, लेकिन लोग सरकार की योजनाओं की अहमियत नहीं समझ पा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने सीहोर जिले के ग्राम नापलाखेड़ी में 56.09 लाख रुपए की लागत से बने नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम धामंदा में 65 लाख रुपए की लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। यह खबर भी पढ़ें ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। पढ़ें पूरी खबर
अनूपपुर जिले की फुनगा पुलिस चौकी ने करोड़ों रुपए के गबन मामले में फरार आरोपी श्याम शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक फर्जी सोसायटी बनाई और ग्रामीणों को कम समय में पैसा डबल करने का झांसा दिया। जब पैसे लौटाने का वक्त आया, तो आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी को रीवा से पकड़ा है। ऐसे की लोगों से ठगी पुलिस के अनुसार, पयारी निवासी हेमलाल चौधरी और अन्य ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रिलायबल को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालक अरविंद त्रिपाठी, श्याम शुक्ला और दीपक त्रिपाठी ने उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया था। ग्रामीणों ने अपनी जमा-पूंजी इस उम्मीद में लगा दी कि कुछ समय बाद उन्हें दोगुनी रकम मिलेगी। लेकिन आरोपियों ने करीब 10 ग्रामीणों से 1 करोड़ 07 लाख रुपये इकट्ठा किए और चंपत हो गए। डेढ़ साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे ठगी का शिकार होने के बाद जब निवेशकों ने पुलिस की शरण ली, तो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की विभिन्न धाराओं (420, 409, 120-बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते और उनकी टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। गुरुवार को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी श्याम शुक्ला रीवा में छिपा है, जिसके बाद टीम ने फौरन दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मुख्य सरगना की तलाश जारी पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले का मुख्य मास्टरमाइंड सोसायटी का संचालक अरविंद त्रिपाठी है। गिरफ्तार आरोपी श्याम शुक्ला को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मेरठ का शोभित विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेलों के लिए भी समर्पित है। लंबे समय से विश्वविद्यालय अवसर के अभाव में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता आ रहा है, जिसका आधार अंतर विश्वविद्यालय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता है। इस बार भी यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत बाबू विजेंद्र कुमार की जयंती के उपलक्ष्य में खेलकूद महोत्सव के रूप में आयोजित होने जा रही है। 6 फरवरी से शुरु होकर यह खेल महोत्सव 8 फरवरी तक चलेगा, जिसमें भारत समेत 15 देशों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने गुरुवार को बुलाई गई प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। बहुराष्ट्रीय और बहुसांस्कृतिक सहभागिता इस खेल महोत्सव को खास बनाती है। 14 देशों के छात्र-छात्राओं के अलावा भारत के 22 राज्यों के विद्यार्थी इसमें प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि अलग अलग संस्कृति और पृष्ठभूमि से जुड़े इन खिलाड़ियों की मौजूदगी विश्वविद्यालय परिसर को एक जीवंत और उत्साहपूर्ण खेल उत्सव का रूप देगी। एनसीसी कैडेट्स का मार्च पास्ट बनाएगा आकर्षककुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने बताया कि 6 फरवरी को महोत्सव का शुभारंभ होगा। मशाल प्रज्ज्वलन के बाद एनसीसी कैडेट्स भव्य मार्च-पास्ट के माध्यम से अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश देंगे। अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की फुटबॉल चैंपियनशिप से खेल प्रतियोगिता का आगाज होगा। दूसरे दिन दिखेगा खेल-कला का संगमदूसरे दिन 200 मीटर दौड़, जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, शॉट पुट, लॉन्ग जंप, हाई जंप, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टग ऑफ वॉर, थ्रो बॉल, रिले रेस होंगी। इनडोर गेम में पोस्टर मेकिंग, शतरंज और कैरम, क्रिएटिव राइटिंग, रंगोली, वॉल पेंटिंग, स्टोन पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, बेस्ट-आउट-ऑफ-वेस्ट और स्टोरीज टोल्ड थ्रू लेंस विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित होगी तो छात्राओं की खो-खो महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम पहल साबित होगी। समापन अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन 8 फरवरी को खेल महोत्सव का समापन होगा। सुबह से ही फाइनल मुकाबलों का दौर चलेगा। परंपरा के अनुरूप रक्तदान शिविर भी आयोजित किया जाएगा। कुंवर शेखर विजेंद्र ने बताया कि अभी तक सेना के सहयोग से यह शिविर लगता था। इस बार रोटरी दिल्ली कैपिटल ब्लड इसे सफल बनाने में भागीदारी निभाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) वीके त्यागी, वंश शेखर, डॉ. देवेंद्र नारायण, डॉ. अभिषेक डबास, डॉ. दिव्या प्रकाश, राज किशोर सिंह, जितेंद्र जादौन, राजेश पाण्डेय और डॉ. नेहा त्यागी उपस्थित रहे।
सड़क दुर्घटना में किशोरी की मौत, दो घायल:बरबीघा-सरमेरा मार्ग पर ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर
शेखपुरा। गुरुवार शाम बरबीघा थाना क्षेत्र के बरबीघा-सरमेरा मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक सड़क दुर्घटना में 17 वर्षीय एक किशोरी की मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र के परनामा गांव निवासी कटिबन पासवान की पुत्री भारती कुमारी अपनी बहन क्रांति कुमारी के साथ बरबीघा बाजार आई थीं। बाजार से लौटते समय वे दोनों बहनें नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी रजनीश कुमार और उसके एक अन्य साथी के साथ एक ही बाइक पर सवार थीं। बाइक रेलवे क्रॉसिंग की ओर जा रही थी, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार किशोरी क्रांति कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। भारती कुमारी और रजनीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को पहले बरबीघा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्घटना के बाद बाइक पर सवार एक अन्य युवक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात ट्रक की पहचान करने और फरार युवक की तलाश में जुटी है। हादसे के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत दधपा गांव में आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की जयंती के अवसर पर भव्य साहित्यिक महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में शास्त्री के व्यक्तित्व, कृतित्व, साहित्यिक योगदान और उनके विचारों पर वक्ताओं ने विस्तार से प्रकाश डाला। क्ताओं ने कहा कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री छायावादोत्तर काल के प्रमुख कवि, लेखक और आलोचक थे। उनका जन्म गया जिले के इमामगंज प्रखंड के मैगरा गांव में हुआ था। प्रकृति की मनोरम छटा के बीच पले-बढ़े शास्त्री जी की प्रारंभिक शिक्षा दधपा स्थित संस्कृत विद्यालय में हुई थी। प्रकृति, प्रेम, सौंदर्य और मानवीय मूल्यों की गहरी अनुभूति उनकी रचनाओं में स्पष्ट झलकती है। वे केवल कवि ही नहीं, बल्कि संवेदनशील विचारक और समाज को दिशा देने वाले साहित्यकार भी थे। हेड मास्टर चंद्रशेखर प्रसाद साहू ने किया मंच संचालन साहित्यिक मंच का संचालन पीएम श्री मिडिल स्कूल कुटुंबा के हेड मास्टर चंद्रशेखर प्रसाद साहू ने किया। प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि शास्त्री मानवीय मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जुड़े छायावादोत्तर कवि थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी कविताओं ने वीर सपूतों के हौसले को बुलंद किया। उस दौर में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खुलकर बोलना कठिन था, इसलिए छायावादी कवि प्रतीकों और बिंबों के माध्यम से अपनी बात रखते थे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अंग्रेजी का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में हिंदी भाषा और साहित्य को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। जन सरोकारों से जुड़ी थी शास्त्री की रचनाएं अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि शास्त्री जी की रचनाएं जनसरोकार से जुड़ी हुई थीं। उनकी कविताओं में गहरी संवेदना और सामाजिक चेतना दिखाई देती है। अंग्रेजी शासनकाल में जब देशवासियों का शोषण हो रहा था, तब उनकी कविताओं में स्वतंत्रता की उम्मीद झलकती थी। स्वतंत्रता के बाद जब सत्ता से निराशा हुई, तब उन्होंने निराशावादी कविताओं की रचना की। उन्होंने कहा कि जिले का एकमात्र साहित्यिक महोत्सव होने के बावजूद इस साल प्रशासनिक स्तर पर इसे स्थगित कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे में जनसहयोग से इस महोत्सव का आयोजन साहित्य साधना को जीवित रखने का प्रयास है। प्रकाश का मार्ग दिखाती हैं कविताएं वक्ताओं ने कहा कि शास्त्री की कविताएं अंधविश्वास और अज्ञानता के अंधकार को चीरकर प्रकाश का मार्ग दिखाती हैं। उनकी उक्तियां जीवन जीने की कला सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि अन्य महोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक होते हैं, जबकि यह साहित्यिक महोत्सव है, जो समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम की रही धूम महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। मिडिल स्कूल दधपा की छात्राओं अंशु, प्रियंका, खुशी और प्रतिमा ने वेलकम सॉन्ग से अतिथियों का स्वागत किया। विभिन्न संस्थानों के बच्चों ने गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। रिया कुमारी, स्वर साधना संगीत महाविद्यालय के प्रतिभागियों और निखिल डांस ग्रुप क्लासेस के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। अंबा की चर्चित नन्ही कलाकार प्रेरणा प्रकाश ने “मोहे पनघट पर नंदलाल छेड़ गयो रे” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं “राधे तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए” गीत पर भी उनकी प्रस्तुति को सराहा गया। सुजीत पाल सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पिछले साल कला संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन के सौजन्य से मनाया गया था महोत्सव बता दें कि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री महोत्सव की शुरुआत साल 2025 में प्रशासनिक स्तर पर हुई थी। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से इसे सरकारी कैलेंडर में शामिल कर दो लाख रुपये की राशि आवंटित की गई थी और दो दिवसीय भव्य आयोजन हुआ था। हालांकि इस साल प्रशासन की ओर से आयोजन स्थगित किए जाने से लोगों में असंतोष है। इसके बावजूद जनसहयोग से आयोजित यह महोत्सव साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहा।
कटिहार जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोशना थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की और ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। कटिहार पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि रोशना थानाध्यक्ष को पश्चिम बंगाल के मालदा से एक ट्रक में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष के निर्देश पर रोशना चेक पोस्ट पर वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोका। तलाशी लेने पर ट्रक में छिपाकर रखी गई कुल 4,844 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक प्रवीण दास (30 वर्ष), निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शराब से लदे ट्रक को भी जब्त कर लिया है। इस संबंध में रोशना थाना में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध शराब तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह खेप कहाँ पहुँचाई जानी थी। पुलिस अधीक्षक चौधरी ने दोहराया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सीकर में युवा कांग्रेस की ओर से मनरेगा बचाओ संग्राम और बुजुर्ग सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम के पोस्टर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की छोटी फोटो लगाने पर पदाधिकारियों ने विरोध जताया। कार्यक्रम के पोस्टर में सचिन पायलट, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़, युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनियां और खेलकूद प्रकोष्ठ के आमीन पठान की बड़ी तस्वीरें दिखाई गई। यह कार्यक्रम सीकर जिले के मंडावरा गांव में गुरुवार को हुआ। कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट गोविंद पटेल ने कार्यक्रम के पोस्टर को लेकर आपत्ति जताई है। पटेल ने पोस्टर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले में छोटी फोटो लगाने को लेकर ऐतराज जताया। पटेल ने कहा- ये पोस्ट प्रोटोकॉल के हिसाब से अनुचित है। गोविंद पटेल ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का पोस्टर डालकर नाराजगी जताई है। पोस्टर में पायलट सहित NSUI प्रदेशाध्यक्ष-युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की बड़ी फोटो कांग्रेस मीडिया पैनलिस्ट गोविंद पटेल ने सोशल मीडिया पर लिखा- सीकर जिले में युवा कांग्रेस का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सचिन पायलट, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़, युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनियां और खेलकूद प्रकोष्ठ के आमीन पठान की बड़ी तस्वीरें दिखाई गईं। यह अच्छी बात है, सभी कांग्रेस परिवार के सम्मानित नेता हैं। उन्होंने कहा- यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तस्वीर कार्यक्रम के पोस्टर में ऐसी जगह कि देखने पर भी नहीं दिखे। डोटासरा का सम्मान और प्रतिनिधित्व सर्वोपरि हो : पटेल कांग्रेस मीडिया पैनलिस्ट गोविंद पटेल ने सोशल मीडिया पर लिखा- गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान कांग्रेस के मुखिया हैं। संगठनात्मक मर्यादा के अनुसार उनका सम्मान और प्रतिनिधित्व सर्वोपरि होना चाहिए। कांग्रेस की मजबूती अनुशासन, समन्वय और नेतृत्व के सम्मान से आती है। ऐसे कार्यक्रमों में शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति और पहचान दिखाई देना संगठन की एकता का प्रतीक होता है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक मिर्ज़ा करामत बेग ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि बुन्देलखण्ड के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्हें इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस एशियन पैसिफिक (ICA-AP) के अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुना गया है। मिर्ज़ा करामत बेग ने कहा कि जापान के बाद श्रीलंका में डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव की यह सफलता झांसी और पूरे बुन्देलखण्ड के लिए गौरव का विषय है। इसी उपलब्धि के उपलक्ष्य में झांसी में समाजवादी पार्टी के 25 वर्ष से समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। 7 फरवरी को कुंज वाटिका में सम्मान समारोहउन्होंने बताया कि आगामी शनिवार, 7 फरवरी को सुबह 11 बजे से झांसी के बस स्टैंड रोड स्थित कुंज वाटिका विवाह घर में विशाल सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। ‘समाजवादी रत्न’ से होंगे सम्मानितइस कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि केवल डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव का अभिनंदन ही नहीं किया जाएगा, बल्कि समाजवादी आंदोलन के उन कर्मठ कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने जीवन के 25 वर्ष या उससे अधिक समय निस्वार्थ भाव और पूरी निष्ठा के साथ पार्टी को समर्पित किया है। ऐसे कार्यकर्ताओं को ‘समाजवादी रत्न’ की उपाधि से नवाजा जाएगा। वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी होंगे मौजूदसम्मान समारोह में समाजवादी पार्टी के झांसी जनपद के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और भारी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। मिर्ज़ा करामत बेग ने समस्त कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इस गौरवशाली क्षण का हिस्सा बनें।
भगवा-ए-हिन्द फाउंडेशन ने जिलाधिकारी और कमिश्नर को शिकायती पत्र सौंपकर शहर के मोहसीन और उसके भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जेल में बंद तौकीर रजा के चचेरे बहनोई मोहसीन ने अपने भाइयों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया है। फाउंडेशन का आरोप है कि यह गिरोह नगर सीलिंग की सरकारी जमीनों को अवैध रूप से कब्जा कर बेच रहा है। 'दाढ़ी वाले मौलाना' के रूप में चर्चित मोहसीन पर 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का दावा भी किया गया है। संगठित गिरोह बना कर जमीनों पर कब्जे का आरोपआरोप है कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बानखाना निवासी मोहसीन ने अपने भाइयों हस्सान और मोनीश के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है। यह गैंग नगर सीलिंग की सरकारी जमीनों को औने-पौने दामों में खरीदकर उन पर अवैध कब्जा करता है और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमा रहा है। तौकीर रजा से कनेक्शन और दंगे में संलिप्तता का आरोपशिकायती पत्र में मोहसीन के रसूख और उसके पारिवारिक संबंधों का भी हवाला दिया गया है। नासिर सिद्दीकी का दावा है कि मोहसीन दरगाह से जुड़े एक कांग्रेसी नेता का दामाद है और बरेली दंगों के मुख्य आरोपी तौकीर रजा (जो वर्तमान में फतेहगढ़ जेल में बंद है) का चचेरा बहनोई है। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 26 सितंबर 2025 को बरेली में हुए बवाल में भी मोहसीन की सक्रिय भूमिका थी। मोहसीन अपनी अवैध कोठी से ही पूरे गिरोह का संचालन कर रहा है और राजाओं जैसी सुख-सुविधाओं वाली जिंदगी जी रहा है। हजारों बीघा जमीन बेचने का दावा, सबूत के तौर पर फोटो संलग्नप्रदेश अध्यक्ष नासिर सिद्दीकी ने प्रशासन को इस गिरोह के खिलाफ पुख्ता सबूत भी सौंपे हैं। शिकायत के अनुसार, मिनी बाईपास से सटे गांवों और महलऊ, रहपुरा चौधरी जैसे इलाकों में हजारों बीघा सरकारी जमीन बेची जा चुकी है। डीएम को सौंपे गए दस्तावेजों में अवैध कॉलोनी, बिना नक्शा पास किए बनाई गई 20 दुकानों की मार्केट, सिटी स्टेशन के पास अवैध सिटी पैलेस होटल और जनकपुरी में बनी अवैध मार्केट के फोटो शामिल हैं। आरोप है कि यह गिरोह पीढ़ी-दर-पीढ़ी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है और इनके खिलाफ इज्जतनगर व प्रेमनगर थाने में मुकदमों की लंबी सूची है। गैंगस्टर और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की मांगनासिर सिद्दीकी ने डीएम से मांग की है कि इस भूमाफिया गिरोह पर तत्काल हिस्ट्रीशीट खोली जाए और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों के ध्वस्तीकरण (बुलडोजर कार्रवाई) और जब्तीकरण की भी अपील की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी जमीनों का यह नेटवर्क शहर के अन्य हिस्सों में भी फैल जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस रसूखदार 'दाढ़ी वाले मौलाना' और उसके गैंग पर क्या कदम उठाता है।
बांका में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस क्रम में जिले के विभिन्न थाना अध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों सहित कुल 29 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस कार्रवाई को बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यकुशलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार को रजौन अंचल निरीक्षक बनाया गया जारी आदेश के अनुसार, इंस्पेक्टर राजेश कुमार को रजौन अंचल निरीक्षक बनाया गया है, जबकि इंस्पेक्टर मनीष कुमार को बौसी अंचल निरीक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर रंजीत कुमार को रजौन से स्थानांतरित कर कटोरिया अंचल निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजरतन को बौसी से रजौन थानाध्यक्ष बनाया गया थानाध्यक्ष राजरतन को बौसी से रजौन थानाध्यक्ष बनाया गया है। एसआई जाया भारती को रजौन थाना से बांका महिला थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार को रजौन थाना से कटोरिया का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।शंभूगंज थाना अध्यक्ष बबलू कुमार को पर्यवेक्षक पदाधिकारी, बांका थाना के रूप में नियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार को पुलिस केंद्र से प्रभारी विधि व्यवस्था कोषांग बनाया गया है। उन्हें बेलहर थाना का अतिरिक्त प्रभार पर्यवेक्षक पदाधिकारी का दायित्व भी सौंपा गया है। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार को बांका टाउन थाना अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राकेश कुमार को अमरपुर थानाध्यक्ष बनाया गया टेक्निकल सेल में पदस्थापित राकेश कुमार को अमरपुर थानाध्यक्ष के रूप में भेजा गया है, जबकि अमरपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा को बौसी थाना अध्यक्ष बनाया गया है। राजकुमार प्रसाद को बेलहर थाना अध्यक्ष से शंभूगंज थाना अध्यक्ष के रूप में स्थानांतरित किया गया है। अशोक कुमार को बाराहाट थाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी साइबर थाना में पदस्थापित इंस्पेक्टर अशोक कुमार को बाराहाट थाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। यातायात प्रभारी दिनेश कुमार वर्मा को बेलहर थाना अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पुलिस केंद्र में पदस्थापित प्रवीण कुमार झा को यातायात थाना अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि देवानंद पासवान को पुलिस केंद्र से क्यूआरटी टीम में भेजा गया है। इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार को कटोरिया थाना अध्यक्ष से स्थानांतरित कर मध निषेध कोषांग का प्रभारी बनाया गया है। बाराहाट थाना अध्यक्ष महेश कुमार को साइबर थाना भेजा गया है। राजेश कुमार को पर्यवेक्षी पदाधिकारी बेलहर से विशेष कार्य पदाधिकारी, पुलिस कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने सभी स्थानांतरित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित करें। इस तबादले से जिले में पुलिस व्यवस्था के और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पाली में गुरुवार को सरदारसमंद बांध कमांड क्षेत्र के अध्यक्ष बाबूसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। वे जिला कलेक्टर एलएन मंत्री से मिले। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ गलती जानकारी देकर उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने बताया कि गत दिनों उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई थी कि ओरण एवं नाडा वाली जमीन पर उनकी और से नियम विरूद्ध सिंचाई की जा रही है। इस शिकायत के बाद तहसीलदार ने उन्हें नोटिस दिया। मामले में फिर से जांच करवाई गई तो सामने आ गया कि उनकी ओर से ऐसा कोई भी गलत कार्य नहीं किया गया। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन सहित उनके खिलाफ झूठी शिकायत करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
बिलासपुर के डीआरएम राकेश रंजन ने गुरुवार को अमृत भारत योजना के तहत अनूपपुर और कोतमा रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने अमृत भारत योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्लेटफॉर्म क्रमांक 01 और 02 का निरीक्षण किया, जिसके बाद रेलवे ट्रैक का भी मुआयना किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट और उसके समीप बनी रेलवे स्टाफ कॉलोनी का भी निरीक्षण किया। स्टेशन पर 40 मिनट बिताए डीआरएम राकेश रंजन ने कोतमा रेलवे स्टेशन पर लगभग 40 मिनट बिताए। उन्होंने प्लेटफॉर्म 3 पर उतरकर पैदल निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने के लिए चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय पर पूरा करने पर जोर दिया। कॉलोनी परिसर में लंबे समय से जमा कचरे के ढेर को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और उसे हटाकर वहां एक मिनी पार्क बनाने का सुझाव दिया। निरीक्षण के दौरान, डीआरएम ने प्लेटफॉर्म पर कुर्सियों की कमी पर भी सवाल उठाए और उन्हें जल्द लगाने के निर्देश दिए। बंद वाटर ठीक करने निर्देश एक बंद वाटर कूलर को देखकर उसे तुरंत ठीक कराने और यात्रियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए हर महीने पानी की गुणवत्ता जांचने को कहा। स्टेशन पर खुली नालियों और गंदगी को देखकर उन्होंने उपस्थित स्वच्छता अधिकारी को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के आदेश दिए।
बिहार राज्य भूमि सुधार संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा), पटना के आह्वान पर सहरसा स्टेडियम में गुरुवार को राजस्व कर्मचारियों ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी सहरसा के समक्ष आयोजित इस एक दिवसीय धरने में जिले के सभी अंचलों से बड़ी संख्या में राजस्व कर्मी शामिल हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। वेतन ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) लागू करने की मांग धरने के दौरान संघ ने स्पष्ट किया कि राजस्व कर्मचारियों से लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, जबकि उनकी सुविधाओं और अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उनकी मुख्य मांगों में सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को गृह जिले में पदस्थापन, वेतन ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) लागू करना, क्षेत्र भ्रमण के लिए ईंधन आपूर्ति के साथ मोटरसाइकिल उपलब्ध कराना और प्रत्येक कर्मचारी को केवल एक हल्का या पंचायत का प्रभार देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित करने, रविवार और अन्य राजपत्रित अवकाश में राज्यपाल के आदेश के विरुद्ध कार्य न लेने, तथा एसीपी/एमएसीपी एवं सेवा संपुष्टि से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की भी मांग की। मॉडम, डोंगल और मासिक रिचार्ज की मांग संघ ने राजस्व कार्यों के प्रभावी निष्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन जैसे मॉडेम, डोंगल और मासिक रिचार्ज (लैपटॉप प्राप्ति की तिथि से जोड़कर) तत्काल उपलब्ध कराने तथा हर महीने समय पर रिचार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। 09 फरवरी को गर्दनीबाग पटना में धरना-प्रदर्शन धरना को संबोधित करते हुए संघ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 09 फरवरी 2026 को गर्दनीबाग, पटना में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें पूरी न होने पर 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा बिहार सरकार की होगी। इस धरना कार्यक्रम में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, भूमि सुधार संघ एवं समाहरणालय संघ के जिला एवं अनुमंडल स्तर के पदाधिकारी, संघर्ष मोर्चा के नेता तथा जिले के दसों अंचलों के राजस्व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आजमगढ़ के हरिऔध कला केंद्र में सड़क सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने सहभागिता की। सड़क सुरक्षा के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनमानस से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की। जिससे कि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस कार्यक्रम में ए आरटीओ प्रवर्तन अतुल यादव और आरटीओ रहे आर एन चौधरी शाहिद बड़ी संख्या में परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सभी लोग निभाए जिम्मेदारीसड़क सुरक्षा कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व आरटीओ आर एन चौधरी का कहना है कि जिस तरह से बड़ी संख्या में बच्चों ने सहभागिता की है। और सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में चर्चा की है। वह निश्चित रूप से सराहनीय है। हम सभी को इससे सीख लेने की जरूरत है। कि हम नशे में गाड़ी ना चलाएं। गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का प्रयोग करें। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के जो भी नियम है। उनका पालन करें। जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। लगातार जिस तरह से हम सभी लोग मिलकर इसका प्रयास कर रहे हैं निश्चित रूप से आने वाले समय में इसका फायदा मिलेगा। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में सराहनीय प्रस्तुति देने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल ऊना के चिंतपूर्णी के तलवाड़ा बाईपास पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। राजस्थान के जयपुर से आए श्रद्धालुओं से भरी एक निजी बस चढ़ाई चढ़ते समय अचानक अनियंत्रित होकर पीछे की ओर चलने लगी। इस अचानक हुए घटनाक्रम से मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन गनीमत यह रही कि इस हादसे में बस में सवार किसी भी श्रद्धालु को चोट नहीं आई और एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई। जानकारी के अनुसार, बस जब तलवाड़ा बाईपास की खड़ी चढ़ाई चढ़ रही थी, तो उसका एयर प्रेशर कम हो गया। इसके कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा। पीछे की तरफ लुढ़कते हुए बस सबसे पहले वहां खड़ी एक स्विफ्ट कार से टकराई और उसके बाद पास की दुकानों की दीवार से जा भिड़ी। इसके बाद ही बस रुक सकी। इससे सड़क के किनारे गहरी खाई में गिरने से बच गई। इस हादसे स्विफ्ट कार और एक टेंपो ट्रैवलर को काफी नुकसान पहुँचा है। लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। यदि बस दीवार से टकराकर रुकी न होती तो सीधे खाई में जाती। इससे एक बड़ा हादसा हो सकता है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला घटना की सूचना मिलते ही चिंतपूर्णी पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले बस में सवार श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और सड़क के बीचों-बीच फंसी बस के कारण बाधित हुए यातायात को सुचारू करवाया। हादसे के बाद बाईपास पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया। प्रेशर कम होने से हुआ हादसा पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि चढ़ाई पर बस का प्रेशर न बन पाने की वजह से ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया था। चिंतपूर्णी पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और वाहनों के तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि पहाड़ी रास्तों पर चलते समय वाहनों की मैकेनिकल जांच सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सिरसा में यूके भेजने के नाम पर 26 लाख ठगे:वर्क वीजा दिलाने का दिया झांसा, गिरोह की महिला ठग गिरफ्तार
सिरसा में यूके भेजने के नाम पर 26 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में एक महिला ठग को गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस टीम ने इस शातिर गिरोह की सदस्य को पकड़ा है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि यह कार्रवाई ऐलनाबाद थाना क्षेत्र के गांव मौजू की ढाणी निवासी विनोद कुमार की शिकायत पर की गई है। विनोद ने पुलिस को बताया था कि वह परिवार सहित विदेश जाना चाहता था। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात सुखेराखेड़ा निवासी राजन से हुई। राजन ने विनोद को बताया कि उसके भाई अमनदीप और सचिन यूके में रहते हैं और वह उनसे बात करके उसे जल्द ही यूके भिजवा देगा। राजन ने विनोद कुमार और उसके परिवार को यूके भेजने की पूरी प्रक्रिया समझाई और इसके लिए 32 लाख रुपए की मांग की। उसने वर्क परमिट वीजा पर पूरे परिवार को यूके भेजने का आश्वासन दिया। किश्तों में अदा किए 26.19 लाख रुपए एसपी सहारन के अनुसार, राजन और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और जल्द यूके भेजने का वीजा लगवाने का झांसा दिया। इस दौरान, पीड़ित व्यक्ति चेक द्वारा 5 लाख रुपए और बाद में अन्य किश्तों के रूप में 26 लाख 19 हजार 200 रुपए अमनदीप और उसके परिवार के सदस्यों को दिए। इसके बाद, अमनदीप और उसके परिवार के सदस्य लगातार आश्वासन देते रहे कि उनका काम जल्द ही हो जाएगा। लेकिन जब विनोद कुमार ने समय पर वीजा या विदेश यात्रा की स्थिति के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने उन्हें हर बार एक नया बहाना दिया और झूठे आश्वासन देने लगे। हाल ही में, जब पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया, तो उन्हें यह बताया गया कि अब और 9 लाख रुपए की जरूरत है, लेकिन यह राशि देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने उन्हें धोखा दिया है। आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी जांच पीड़ित व्यक्ति की शिकायत के आधार पर 3 सिंतबर 2025 को थाना ऐलनाबाद में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आर्थिक अपराध शाखा सिरसा पुलिस को सौंपी गई थी। जांच के दौरान आर्थिक अपराध शाखा की एक पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में सलिंप्त महिला आरोपी माया देवी निवासी गांव सुखेराखेड़ा तहसील डबवाली जिला सिरसा को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार की गई महिला आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
छतरपुर में भाजपा नेता ने साथियों के साथ मिलकर युवक को पीटा। झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी, फिर गाड़ी में जबरन डालकर ले गए। वारदात का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा नेता भाजपा के मछुआरा प्रकोष्ठ का जिला संयोजक आशीष रैकवार है। वह खुद को भाजपा का बड़ा नेता बताते हुए पुलिस पर अपने प्रभाव का हवाला दे रहा है। घटना कब की है, ये अभी पता नहीं चल सका है। किशनगढ़ एसडीओपी अजय कुमार रिठौरिया ने कहा है कि मामले की जानकारी मिली है लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं की। हम कार्रवाई कर रहे हैं। आरोपी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित का नाम छन्नूलाल अहिरवार है। वह बिजावर के पास पठार तालाब का वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई। देखिए, तस्वीरें…. पढ़िए, भाजपा नेता और युवक के बीच की बातचीत आशीष: मैं जिला अध्यक्ष हूं भाजपा से। पीड़ित: आप भाजपा से जिला अध्यक्ष हैं तो बयान दीजिए न। आशीष: आप क्या बता रहे हैं? पीड़ित: सुनिए मेरी बात, आप बयान दीजिए कि आपको भाजपा जिला अध्यक्ष ने भेजा है। आशीष: मैं खुद हूं। आप क्या हैं, प्रबंधक हैं, कौन हैं आप? क्या हैं? पीड़ित: मोबाइल मत छुड़ाओ, मैं प्रबंधक हूं। आशीष: काहे का प्रबंधक हूं। ये करम किसके हैं? पीड़ित: आपके हैं। आशीष: (गाली देते हुए) रैकवार हूं, रैकवार मैं, तुम्हारा क्या है? अहिरवार समाज से हो तो अपना काम करो, तालाब में क्यों घुस रहे हो? पत्रकार है तो क्या धौंस दिखाएगा। क्या नाम है? पीड़ित: बहस मत करिए। आशीष: क्यों नहीं करूं? पीड़ित: वीडियो बनाता हूं। आशीष: (मोबाइल छुड़ाते हुए? ये क्या है? पीड़ित: मोबाइल मत छुड़ाना। मैं वीडियो नहीं बनाऊंगा। मुझे छोड़ दो। आशीष: क्या है ये? इसे गाड़ी में टांगो। बुला गाड़ी, कट्टा लेकर आ। पीड़ित: मुझे छोड़ दो। आशीष: कट्टा निकाल, गाड़ी लेकर आ। पीड़ित: छोड़ दो मुझे। हम नहीं हैं पत्रकार। आशीष: चुप। पीड़ित: छोड़ दो। आशीष: आप चाचा हो, दूर रहो। वीडियो बना रे। नेता बनेगा, बैठाओ साले को गाड़ी में। गाड़ी में भर। पीड़ित: मैं चलने को तैयार हूं, मारो मत। आशीष: डिक्की में डालो साले को। पीड़ित बोला- मछली चोरी करने पहुंचे थे नेता और साथीपीड़ित ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। उसने वीडियो जारी कर कहा- मेरा नाम छन्नूलाल अहिरवार है। मैं ग्राम एवरा से हूं। जटाशंकर हरिजन मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्यादित एवरा में, मैं प्रबंधक के पद पर हूं। सदस्य भी हूं। आशीष रैकवार और उसके साथी मेरे तालाब पर चोरी से मछली पकड़ने के लिए पहुंचे थे। मैंने उनको रोका तो मुझे कट्टे की धमकी देने लगे और मारपीट की। मेरे साथ ज्यादती हुई है, मुझे न्याय दिलाया जाए। मैं सभी लोगों से आग्रह करता हूं, शासन से आग्रह करता हूं कि ऐसे जो दुराचारी होते हैं, इनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ये लोग मेरी मछली चुराकर ले गए हैं। चार दिन तक इन लोगों ने खेल खेला और मैं वहां पर नहीं पहुंच पाया। मैंने कई जगह आपबीती सुनाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला अध्यक्ष बोले- जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगेभाजपा जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कहा- अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। पहले पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी, उसके बाद ही कोई निर्णय या कार्रवाई की बात की जा सकेगी। ये खबर भी पढ़ें… मंत्री बोले-कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली-बहनों के नाम कटेंगे सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इछावर विधानसभा क्षेत्र के धामंदा गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लाड़ली-बहना योजना की लाभार्थियों को चेतावनी दी कि यदि वे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, तो उनके नाम योजना से काट दिए जाएंगे। पढे़ं पूरी खबर…
इंदौर बीआरटीएस में एलआईजी से नवलखा चौराहे के बीच प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगी है। इस संबंध में इंजीनियर अतुल सेठ द्वारा दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इसे बीआरटीएस और ट्रैफिक से जुड़े अन्य मामलों के साथ लिंक करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 25 फरवरी तय की है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिनव धनोतकर ने दलील दी कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर कराए गए दोनों सर्वे इसकी उपयोगिता साबित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे सही न होने के बावजूद यदि काम शुरू किया गया तो एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) जारी हो जाएगी, जिससे बाद में सुधार संभव नहीं रहेगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि पहले यह कॉरिडोर प्रस्तावित नहीं था, लेकिन अब सरकार का नीतिगत फैसला है कि इसका निर्माण किया जाए। नीतिगत निर्णयों में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता पक्ष ने दोहराया कि कम से कम सर्वे तो सही होना चाहिए, क्योंकि फिलहाल इसकी व्यावहारिक उपयोगिता स्पष्ट नहीं है। सुनवाई के बाद तारीख 25 फरवरी तय की गई है। गौरतलब है कि फरवरी 2025 में इंदौर में बीआरटीएस हटाने का फैसला लिया जा चुका है और हाईकोर्ट से भी मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब तक पूरे 11.20 किमी हिस्से से रेलिंग नहीं हटाई गई है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में अधिकारियों ने बताया था कि 6 किमी हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर का काम 15 फरवरी से शुरू होना है, इसलिए इस हिस्से को छोड़कर शेष लगभग 3 किमी में रेलिंग हटाने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 दिसंबर को इंदौर में हुई विकास बैठक में एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे चुके हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी हाल ही में जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ इस परियोजना को लेकर बैठक की थी। बैठक में जहां अधिकांश जनप्रतिनिधि कॉरिडोर के पक्ष में थे, वहीं कुछ विशेषज्ञों ने इसमें सुधार की जरूरत बताई। विशेषज्ञों का सुझाव था कि कॉरिडोर टू-लेन की बजाय कम से कम थ्री-लेन होना चाहिए और इसे नवलखा की जगह राऊ तक बढ़ाया जाना चाहिए। तय हुआ था कि 7 फरवरी को इन सभी सुझावों पर फिर चर्चा की जाएगी। इसी बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम शुरू कर दिया है और फिलहाल सॉयल टेस्टिंग का काम जारी है।
ग्वालियर की सिथौली स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर को एक हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में बॉयलर गैस रिसाव के चलते वहां काम कर रहे 5 कर्मचारी घायल हो गए।घायल कर्मचारियों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है। यह कर्मचारी हुए घायलरेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में बॉयलर गैस रिसाव में कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, हेमंत चौबे टेक-एमडब्ल्यू अमर सिंह, प्राइवेट एम्प्लॉई घायल हुए हैं। देखिए तस्वीरें…
सिवनी जिले के ग्राम सरंडिया में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। कथा पंडाल में एक कौवा अचानक आकर पूर्वजों की प्रतिमा के समीप बैठ गया, जिसे श्रद्धालुओं ने पितरों का आगमन माना। इस घटना ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। ग्राम सरंडिया में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा चल रही है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचते हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की स्मृति में प्रतिमाएं और तस्वीरें स्थापित की थीं। कथा प्रवचन के समय एक कौवा पंडाल में पहुंचा। वह कुछ देर तक श्रद्धालुओं के बीच घूमता रहा और फिर सीधे जाकर पूर्वजों की प्रतिमा के पास बैठ गया। कौवे को नमन किया हिंदू धर्म में कौवे को पितरों का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से पितृपक्ष के दौरान कौवे को भोजन अर्पित कर पूर्वजों के तृप्त होने की कामना की जाती है। ऐसे में कथा के दौरान कौवे का इस तरह प्रतिमा के पास बैठना श्रद्धालुओं ने पितरों के आगमन का संकेत माना। इस दृश्य को देखकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं में हलचल मच गई। कई लोगों ने इसे दिव्य संकेत बताते हुए कौवे के समीप जाकर हाथ जोड़कर नमन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। कुछ श्रद्धालुओं ने इसे कथा की पवित्रता और भक्ति की शक्ति का प्रमाण बताया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य पहली बार देखा है। उनका मानना है कि श्रीमद् भागवत कथा के पुण्य प्रभाव से पूर्वजों की आत्माएं संतुष्ट होकर आशीर्वाद देने आई होंगी। इस घटना की चर्चा अब आसपास के गांवों में भी फैल गई है, जिससे कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस घटना ने एक बार फिर आस्था, विश्वास और सनातन परंपराओं की गहराई को दर्शाते हुए पूरे क्षेत्र में धार्मिक भावना को और प्रबल कर दिया है। कथा पंडाल की अन्य तस्वीरें…
जमुई सदर अस्पताल में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक और एक मरीज के पुत्र के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। घटना के बाद टाउन थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना सोनो प्रखंड क्षेत्र के सारेबाद गांव निवासी घायल मरीज निरंजन सिंह के इलाज के दौरान हुई। निरंजन सिंह दो दिन पहले सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे और उनके पुत्र पंचम कुमार उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए थे। इसी दौरान डॉक्टर विशाल आनंद और पंचम कुमार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घटना की जानकारी मिलने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विशाल आनंद ने सिविल सर्जन अशोक कुमार को सूचित किया। इसके बाद टाउन थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मरीज निरंजन सिंह ने आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा पहले गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई, जिसके बाद उनके पुत्र ने विरोध किया और विवाद बढ़ गया। वहीं, सिविल सर्जन अशोक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मरीज के पुत्र द्वारा पहले चिकित्सक से मारपीट करने की बात सामने आई है। पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है और मामले को लेकर शिकायत दर्ज की गई है।
रेवाड़ी में गुरुवार को गांव चौकी नंबर दो गांव के सरपंच पर उनके भतीजे ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले को पारिवारिक विवाद के चलते अंजाम दिया गया। राहगीरों ने सरपंच को हमलावर से बचाया और परिवार व पुलिस को सूचना दी। घायल अवस्था में सरपंच को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सूचना के बाद जाटूसाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। भाई की शिकायत पर केस दर्ज गांव चौकी नंबर दो निवासी भूपेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनका भाई के साथ उनका परिवारिक विवाद चल रहा है। जिसे निपटाने के लिए बातचीत चल रही थी। वीरवार को उसका भाई सरपंच संदीप खेतों की तरफ जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे उसके भतीते ने संदीप पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोपी ने संदीप पर कुल्हाड़ी से तीन चार वार किए। जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। बेहोशी होकर जमीन पर गिरा शिकायत में आरोप लगाया कि सरपंच पर हमला होता देख वहां से गुजर रहे राहगीर आगे आए। उन्होंने संदीप को हमलावर से बचाया और घटना की सूचना हमें दी। जिसके बाद घायल अवस्था में संदीप को अस्पताल पहुंचाया। जाटूसाना पुलिस ने कहा कि पारिवारिक विवाद में चाचा-भतीजे में झगड़ा हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नागौर मंडी में 200 रुपए गिरा जीरा:सौंफ 600 तक टूटी, सरसों के भाव स्थिर, मूंग में मामूली गिरावट
नागौर कृषि उपज मंडी में पिछले दो दिनों के दौरान प्रमुख जिन्सों के भावों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। बुधवार 4 फरवरी की तुलना में गुरुवार 5 फरवरी को मंडी में जीरा और मूंग जैसी कीमती फसलों के भावों में मामूली मंदी दर्ज की गई है। जीरा जो बुधवार को 22,500 रुपए के अधिकतम स्तर पर था, वह गुरुवार को 200 रुपए गिरकर 22,300 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह विराट चमकी मूंग के अधिकतम भाव में भी 200 रुपए की कमी आई और यह 89,00 रुपए से घटकर 87,00 रुपए रह गया। सबसे बड़ी गिरावट सौंफ में देखने को मिली, जहां अधिकतम भाव 10,200 रुपए से सीधा 96,00 रुपए पर आ गया। दूसरी ओर, इसबगोल के भाव में 50 रुपये की हल्की तेजी रही, जबकि तिल (सफेद व काला) और सरसों के भाव पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं। मंडी में सरसों (रायडा) 40 प्रतिशत फेट के साथ 6400 रुपये के भाव पर स्थिर है। अन्य जिन्सों जैसे ज्वार, तारामीरा और दाणा मैथी के भावों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
सीधी जिले में कोतवाली पुलिस ने ‘लिफ्ट’ के बहाने बुजुर्गों से चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकद, मोबाइल फोन और बोलेरो वाहन सहित कुल 12.47 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार को की गई। मदद के बहाने गाड़ी में बैठाकर करते थे चोरी पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे बुजुर्गों को निशाना बनाता था। आरोपी मदद और लिफ्ट देने का झांसा देकर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाते और रास्ते में चालाकी से नकदी या कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे। बुजुर्ग के बैग से चुराए थे 50 हजार रुपए गिरोह की वारदात 3 फरवरी 2026 को सामने आई। शिकायतकर्ता लालबहादुर सिंह बैंक से 50 हजार रुपए निकालकर लौट रहे थे। बोलेरो सवार तीन युवकों ने उन्हें बस स्टैंड छोड़ने की बात कहकर गाड़ी में बैठा लिया। रास्ते में आरोपियों ने “दरवाजा ठीक से बंद नहीं है” कहकर बुजुर्ग को बातों में उलझाया और इसी दौरान नोटों से भरे बैग की चेन खोलकर 50 हजार रुपये चोरी कर लिए। कुछ दूरी पर उन्हें गाड़ी से उतारकर आरोपी फरार हो गए। तीन आरोपी गिरफ्तार, सभी आदतन अपराधी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि तीनों आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले भी चोरी, लूट और झपटमारी के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेंद्र उर्फ लाला यादव (26), निवासी बाणगंगा, रीवा, सुधीश यादव (21), निवासी बाणगंगा, रीवा और दुर्गेश शर्मा (32), निवासी रामगढ़, जिला मैहर के रूप में हुई है। आरोपियों से नकद, मोबाइल और बोलेरो जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 33 हजार रुपए नकद, चोरी के पैसों से खरीदा गया 14 हजार रुपए का मोबाइल और करीब 12 लाख रुपए कीमत की बोलेरो जब्त की है। पुलिस ने बुजुर्गों से अपील की है कि अनजान लोगों की गाड़ी में बैठने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। महिला ने नशे की हालत में आरोपी और उसके पूरे परिवार को गाली दी। इस पर गुस्से में आकर आरोपी ने नानी सास की साड़ी के पल्लू से गला दबाकर हत्या कर दी। फिर शव को सड़क किनारे गड्ढे में रखकर पहचान छुपाने के लिए उसके सिर को पत्थर से कुचल दिया। यह मामला थाना चंदौरा क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 को ग्राम पटिया के सरपंच रुद्र प्रसाद ने ग्राम पहिया (कोशाबूपारा) सल्यापहरी जंगल में घाट पेंडारी जाने वाले रास्ते के किनारे एक महिला का शव देखा था। सरपंच ने इसकी सूचना चंदौरा थाना की पुलिस को दी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव का सिर पत्थर से कुचला हुआ था, जिससे चेहरे की पहचान मुश्किल थी। पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा किए और शव की पहचान के लिए जांच में जुट गई। जांच में शव की पहचान रनिया बाई (60 वर्ष) के रूप में हुई। महिला ग्राम दुरती की रहने वाली थी। उसके पति की 2022 में मौत हो चुकी थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। वह ग्राम डोमहत, चंदौरा निवासी अपने सौतेली नातिन के पति कमलेश चेचाम के घर जाकर रहती थी। नातिन के पति ने पूछताछ में जुर्म कबूला पुलिस ने संदेह के आधार पर दामाद कमलेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी कमलेश ने जुर्म कबूल किया। आरोपी कमलेश ने बताया कि 20 दिसंबर 2025 की शाम, रनिया ने उसे अपने घर बुलाया। रास्ते में नशे की हालत में रनिया ने उसे और उसके पूरे परिवार को गाली-गलौज की। पोंडी तक आते-आते गुस्से में आकर उसने रनिया को जान से मारने का फैसला किया। आरोपी ने साड़ी के पल्लू से गला दबाकर मार डाला कमलेश ने बताया कि उसने रनिया को घर न ले जाकर ग्राम दरहोरा, डोमहत, मायापुर होते हुए ग्राम पहिया के जंगल में ले जाकर उसकी साड़ी के पल्लू से गला दबाकर हत्या कर दी। फिर शव को सड़क किनारे गड्ढे में रखकर पहचान छुपाने के लिए उसके सिर पर भारी पत्थर फेंक दिया। इसके बाद आरोपी ने रनिया का मोबाइल और झोला लेकर अपने घर के पास आग लगा दी। पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल, मोबाइल और पत्थर बरामद किए। इस घटना में आरोपी कमलेश चेचाम, पिता बलराम सिंह, उम्र 42 साल, ग्राम डोमहत खुटहनपारा को गिरफ्तार किया गया।
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने आदेश जारी करते हुए प्रभात मिश्रा को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। संस्कृति विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी । आयोग के उद्देश्य 1. राजभाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्जा दिलाना।2. छत्तीसगढ़ी भाषा को राजकाज की भाषा में उपयोग में लाना।3. त्रिभाषायी भाषा के रूप में शामिल पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ी को शामिल करना है। अध्यक्षों की सूची :

