सतना में एक युवक की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोठी थाना क्षेत्र के रनेही गांव में करीब डेढ़ माह पहले हुई इस वारदात में फरार चल रहे पांचवें आरोपी को पुलिस ने 45 दिन बाद भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बीते 31 अप्रैल की रात रनेही गांव में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों के बीच मामूली विवाद हो गया था। इसके बाद गौरा निवासी 24 वर्षीय रोहित डोहर (पुत्र सुंदरलाल) अपनी बाइक से वापस अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अमर चौधरी, गौरीशंकर वर्मा, संतोष डोहर, मौहारी निवासी उमेश चौधरी (27) और एक नाबालिग ने उन्हें रोक लिया और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल रोहित की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। चार आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेलइस हत्याकांड के बाद मृतक रोहित के भाई भवानी प्रसाद डोहर की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात में शामिल चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन मामले का पांचवां आरोपी उमेश चौधरी वारदात के बाद से ही गांव छोड़कर फरार हो गया था। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से भोपाल से दबोचापुलिस की जांच में सामने आया कि फरार आरोपी उमेश भोपाल में छिपकर फरारी काट रहा है। इसके बाद कोठी थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद से आरोपी की सटीक लोकेशन निकाली। लोकेशन कन्फर्म होने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम को भोपाल भेजा गया, जिसने सोमवार शाम आरोपी उमेश को धर दबोचा। पुलिस उसे सतना ले आई और सघन पूछताछ के बाद घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली।
सतना जिले स्थित उचेहरा थाना क्षेत्र के परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए चर्चित गोलीकांड के मामले में जांच तेज हो गई है। घटना के छठवें दिन फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और अहम साक्ष्य जुटाए। वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम ने परसमनिया पहुंचकर गढ़ी के उस हॉल का निरीक्षण किया, जहां पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रूपेन्द्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही टीम ने उस कमरे की भी सघन जांच की, जहां से उनकी वर्किंग पार्टनर सुनीता सिंह ने फायर किए थे। उचेहरा पुलिस की मौजूदगी में हुई इस जांच की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है। परीक्षण के दौरान टीम को दीवार पर तीन गोलियों के स्पष्ट निशान मिले हैं। फॉरेंसिक टीम जल्द ही अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी। विवाद के दौरान चली थी गोली, पत्नी हुई थी घायलगौरतलब है कि रूपेन्द्र सिंह और उनकी पत्नी योगिता सिंह के बीच कई सालों से पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसके कारण दोनों अलग-अलग रहते हैं। 11 जून को योगिता अपने भाई नागेन्द्र सिंह, बेटे और अन्य साथियों के साथ गढ़ी पहुंची थीं। आपसी चर्चा के दौरान विवाद बढ़ गया और नागेन्द्र व उनके साथियों ने रूपेन्द्र पर हमला कर दिया। इसी बीच, कमरे में बंद सुनीता सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल से 3-4 राउंड फायर कर दिए। इनमें से एक गोली दीवार से टकराकर (रिकोशेट) योगिता सिंह के पेट में जा लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुनीता सिंह जेल में, साले पर भी मारपीट का केस दर्जइस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोली चलाने वाली सुनीता सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। वहीं, दूसरी ओर बाबा राजा (रूपेन्द्र सिंह) की शिकायत पर उनके साले नागेन्द्र सिंह समेत तीन अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और बलवा का मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले की पुलिसिया जांच जारी है। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नागौद राजघराने में फायरिंग के 3 वीडियो, रूपेंद्र सिंह को पीटते दिखे ससुरालवाले सतना में नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुए गोलीकांड के तीन वीडियो सामने आए हैं। इनमें से एक वारदात के समय का है जबकि दो बाद के हैं। पहले वीडियो में रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ उनकी ससुरालवाले मारपीट करते दिख रहे हैं। उनके कपड़े पूरी तरह फट चुके हैं। इस वीडियो में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दे रही है। गोली दीवार पर लगने के बाद धुआं भी दिख रहा है…पूरी खबर पढ़ें
श्रावस्ती में किशोर पर तेंदुए का हमला:आधे घंटे तक लड़ता रहा किशोर, एक आंख नोंची, तेंदुए की हुई मौत
श्रावस्ती के सिरसिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक तेंदुए के हमले से 17 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद वन विभाग के मुताबिक रेस्क्यू किए गए तेंदुए की भी मौत हो गई है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। यह घटना विभूति नाथ मंदिर गेट के पास हुई। जहां बीते मंगलवार कुथनी साईं पुरवा निवासी 17 वर्षीय गुलाम फेरी लगाकर बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजें बेचने गया था, वह फेरी समाप्त कर साइकिल से घर लौट रहा था, तभी घात लगाए बैठी एक मादा तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, किशोर करीब आधे घंटे तक तेंदुए से खुद को बचाने के लिए संघर्ष करता रहा। इस दौरान उसके हाथों और दाईं आंख के पास गहरे जख्म आ गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ किशोर को छोड़कर कुछ दूरी पर खेत में जाकर गिर गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल तेंदुए को रेस्क्यू किया गया। हालांकि, कुछ समय बाद तेंदुए की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेंदुए की उम्र लगभग तीन वर्ष थी और उसके शव को पूर्वी सोहेलवा रेंज कार्यालय भेजा गया है। इस संबंध में श्रावस्ती के डीएफओ गौरव गर्ग ने बताया कि तेंदुआ मादा था और युवावस्था में था। उसके शरीर पर फंगल इन्फेक्शन भी पाया गया है, जिसकी वजह से उसके आक्रामक होने की आशंका है। तेंदुए की मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए सैंपल लेकर बरेली लैब भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। गौरतलब है कि सिरसिया क्षेत्र में पहले भी तेंदुओं के आबादी वाले इलाकों में आने की घटनाएं सामने आती रही हैं। वन विभाग लगातार ग्रामीणों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील करता रहा है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है। ऐसे मे इस क्षेत्र मे रहने वाले लोगों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है।
जयपुर। दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ में शहरवासियों की ओर से बिजली, पानी, सफाई, सीवर, अतिक्रमण, बेसहारा पशु और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्या पोस्ट की जा रही हैं। पोस्ट के जरिये यूजर अधिकारियों को उनके विभाग से जुड़ी समस्याओं की रियल टाइम हकीकत बता रहे हैं। विभाग भी इन समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से सक्रिय है। ‘भास्कर समाधान‘ जयपुर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारों और आम जनता के बीच संवाद का काम कर रहा है। यूजर की समस्याओं, वार्ड की जमीनी हकीकत और अधिकारियों की सक्रियता पर डालते हैं एक नजर.. 14 साल से नहीं बनी सड़क जयपुर से दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर उदयनगर बी, मानसरोवर से नितेश माथुर ने रोड नहीं बनने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि गोपालपुरा बाइपास, निविक हॉस्पिटल के पीछे जेडीए अप्रूव्ड 200 मीटर रोड 14 साल से टूटी पड़ी है। आसपास की दूसरी सड़कें बनी हुई हैं लेकिन इस रोड को ठीक नहीं किया गया। सड़क पर बहता सीवर का पानी 'भास्कर समाधान' पर वार्ड 29 के बसंत विहार, पांच्यावाला से कैलाश कंवर ने सीवरेज से जुड़ी समस्या शेयर की है। उन्होंने लिखा कि हमारे यहां 24 घंटे सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। बच्चों को स्कूल महिलाओं को मंदिर इसी गंदगी से होकर जाना पड़ रहा है। कई शिकायत कर चुके, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। चूहों ने खोखली की पार्क की जमीन जयपुर के पॉश एरिया सिविल लाइंस से खुर्रम मोईन एडवोकेट ने पार्क की बदहाली की तस्वीर भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि राजभवन रोड पर बने लोकभवन पार्क की जमीन चूहों ने बिल खोदकर खोखली कर दी है। अगर जल्द ही इन पर कंट्रोल न किया गया तो पूरा पार्क उजड़ जाएगा। लीकेज पाइपलाइन से बह रहा पानी साबरमती मार्ग, इंदिरा गांधी नगर के सेक्टर 1 से डॉ. हेमंत ताहिलरमानी ने व्यर्थ बहते पेयजल की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि काॅलोनी के मकान नंगर 1 एच 93 के सामने पानी की लाइन टूटी हुई है जिससे सप्लाई के समय हजारों लीटर पानी रोज व्यसर्थ बह रहा है। इसे ठीक कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। अब एक नजर उन समाधानों पर जिनका अधिकारियों ने समाधान करवाया… पोस्ट के बाद ठीक हुई रोड लाइट 'भास्कर समाधान' पर वार्ड 93 की लॉटरी वाली गली से विष्णु ने गली के तिराहे पर एक ही स्ट्रीट लाइट लगे होने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि तिराहे पर अगर दो लाइट लग जाएं तो अंधेरे के कारण हो रहे एक्सीडेंट और चोरियों से राहत मिलेगी। संबंधित विभाग ने दूसरी लाइट लगाकर समस्या का समाधान कर दिया है। सीवर का टूटा खुला ढक्कन हुआ ठीक झोटवाड़ा के निर्मला विहार से 'भास्कर समाधान' पर अरुण कुमार जोशी ने लाइफ लाइन डेंटल क्लिनिक के पास सीवरेज के ढक्कन और सड़क के टूटे होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि इस खुले और टूटे ढक्कन से रात को हादसे का खतरा बना हुआ है। इस पर निगम ने ढक्कन ठीक करवा टूटी सड़क रिपेयर करवा दी है। उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ जयपुर नगर निगम की उपायुक्त मनीषा यादव ने निर्मला विहार में सीवरेज के ढक्कन और सड़क के टूटे होने की समस्या का समाधान करवाया है। उन्होंने टीम भेजकर ढक्कन ठीक करवाकर चैम्बर के आसपास की अूटी सउ़क को भी ठीक करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 3.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 4.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 6.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे ने राजकुमार कॉलेज (आरकेसी) के प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह पर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कॉलेज परिसर में आयोजित एक हॉकी मैच के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा में बात की गई थी। नीता के मुताबिक, उन्हें आरकेसी की ओर से एक मैच में ऑब्जर्वर के रूप में बुलाया गया था। मैच के दौरान अंपायर के एक फैसले को लेकर कुछ देर के लिए खेल रुका, लेकिन बाद में दोबारा शुरू हो गया। इसी दौरान उन्हें प्रिंसिपल के पास बुलाया गया, जहां उनके अनुसार उनसे ऊंची आवाज में सवाल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उनसे घटना पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि हॉकी के नियमों के तहत इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। उनका कहना है कि घटना से आहत होकर उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। महिला आयोग में शिकायत नीता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग में की। उनका आरोप है कि आयोग की ओर से कई बार बुलाए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब आयोग की ओर से दोबारा सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। क्या कहा नीता डुमरे ने नीता का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से ऐसा व्यवहार किया गया, जो किसी महिला और खिलाड़ी की गरिमा के अनुरूप नहीं था। दूसरे पक्ष का इंतजार मामले में प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह और राजकुमार कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोटा। दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ पर कोटा शहर के विभिन्न वार्डों की जमीनी हकीकत पोस्ट के जरिये विभाग और उनके जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच रही है। ‘भास्कर समाधान’ पर यूजर अपने वार्ड, सेक्टर और गली की बुनियादी समस्याओं से जुड़ी फोटो शेयर कर रहे हैं। इनमें बिजली, नाली, पानी, सीवरेज और साफ–सफाई की परेशानी सबसे ज्यादा है। आइए डालते हैं एक नजर अधिकारियों के करवाए समाधानों और यूजर की ओर से भेजी उन समस्याओं पर जो उनके दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। दो गलियों में सीवरेज ओवरफ्लो कोटा की इंदिरा कॉलोनी, पुराना गांधीग्राम रास्ता पर मावा फैक्ट्री के सामने की दोनों गलियों से जुड़ी समस्या बंटी मेघवाल ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि मावा फैक्ट्री के सामने दोनों गलियों में बने सीवर के पानी और बारिश के पानी का निकास नहीं होने के कारण गंदगी गलियों में जमी रहती है। ब्रेकर नहीं होने से हादसे का डर कोटा के चंचल विहार, कुनरी से महेन्द्र मीणा ने सड़क सुरक्षा की समस्या उठाई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि उनके घर के आगे बनी मुख्य सीसी सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। इससे गाड़ियां बहुत तेज स्पीड से निकलती हैं। बच्चों के बाहर खेलने पर हर समय हादसे का डर बना रहता है। स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। जिम पार्क की जाली टूटी, सुनवाई नहीं कोटा के तलवण्डी इलाके के रहने वाले संदीप कुमार रे ने पार्क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कॉमर्स कॉलेज रोड पर बने शिव भगवती मंदिर के जिम पार्क के गेट की वेल्डिंग टूट गई है। पहले भी इसकी शिकायत कर चुके हें लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका है। 4 महीने 3 फीट तक भरा रहता पानी उम्मेद सागर रोड की कहारों की बस्ती से कमलेश सुवालका ने पोस्ट कर कच्चे रास्ते की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके क्षेत्र में शिव सागर कॉलोनी में अब भी कच्ची पगडंडीनुमा रास्ता है। बारिश और घरों के पानी का निकास नहीं है। इससे बरसात में यहां करीब चार महीने तक तीन फीट तक पानी भरा रहता है। अब एक नजर उन समाधानों पर जिन्हें अधिकारियों ने भास्कर समाधान की पहल पर करवाया… 20 दिन बाद ठीक हुई रोड लाइट कोटा के गणेशपुरा रोड की शास्त्री कॉलाेनी की गली नंबर 8 से मोक्षिका राज ने स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनकी गली की स्ट्रीट लाइट पिछले 20 दिनों से खराब है। कई बार शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस पर संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक करवा दी है। यूजर ने इसकी जानकारी दी। कांग्रेस नेता ने उठाया मुद्दा, मिला समाधान कोटा में कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ महासचिव राहुल मेवाड़ा ने ‘भास्कर समाधान’ पर किशोरपुरा गेट से किशोर सागर तालाब तक नहर की दीवार टूटने का मुद्दा स्थानीय कांग्रेस नेता राहुल मेवाड़ा ने उठाया था। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि कोटा शहर के बीच से निकलने वाली इस नहर की दीवार गुमानपुरा की तरफ से टूटी हुई है। सफाई व्यवस्था न होने से नहर डंपिंग जोन बन गई है। जाेधराज बने ‘स्टार ऑफिसर’ किशोरपुरा गेट से किशोर सागर तालाब तक नहर की दीवार टूटने का मुद्दा स्थानीय नेता राहुल मेवाड़ा ने उठाया था। इस पर एक्शन लेते हुए सेक्टर 6 के स्वास्थ्य निरीक्षक जोधराज झांझोट ने दीवार ठीक करवाकर सफाई करवा दी है। उन्होंने पोस्ट पर समाधान होने की जानकारी भी शेयर की है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 2.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
जोधपुर। दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान‘ पर पोस्ट के जरिये यूजर अधिकारियों को उनके विभाग से जुड़ी समस्याओं की रियल टाइम हकीकत बता रहे हैं। विभाग भी इन समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से सक्रिय है। ‘भास्कर समाधान‘ जोधपुर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारों और आम जनता के बीच संवाद की कमी को पूरा कर रहा है। यूजर की समस्याओं, वार्ड की जमीनी हकीकत और अधिकारियों की सक्रियता पर डालते हैं एक नजर.. जमीन को छू रहा ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर जोधपुर के बनार रोड, आदर्श नगर, नांदरी से हिम्मत विश्नोई ने दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि बनार रोड पर एक ट्रांसफॉर्मर गली के बीच में बिल्कुल जमीन को छूते हुए रखा हुआ है। इसमें क्षमता से ज्यादा भार आने पर कई बार आग लग जाती है। सफाई की लेकिन मलबा नहीं हटाया 'भास्कर समाधान' पर शहर के रतनाडा इलाके के श्री कृष्णा मंदिर सर्किल से एक स्थानीय निवासी ने कचरे से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रतनाडा शिव मंदिर के पीछे सफाई के दौरान काफी मलबा और कचरा निकाला गया। लेकिन 6–7 दिन बीत जाने के बाद भी इसे अब तक उठाया नहीं गया है। इससे पूरे इलाके में बदबू फैली हुई है। प्लाॅट में 33 केवी के दो पोल, हादसे का डर लाल सागर एरिया से रामनिवास ने पोस्ट किया है कि उनके क्षेत्र पहाड़गंज में सेकंड फेज रेलवे लाइन के पास प्लाट में 33 केवी के दो खम्भे लगे हुए हैं। इससे हाईटेंशन लाइन की वजह से आसपास के घरों को हर समय खतरे का अंदेशा हता हे। इसे हटाने के लिए विभाग को कई बार कह चुके हें लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। प्याऊ की ट्यूबवैल खराब, सुध नहीं ली सूर सागर रोड पर सोढों की ढाणी देवरिया रोड पर बनी प्याऊ में कभी ट्यूबवैल से पानी आता था। शिकायतकर्ता दीपक कच्छवाहा ने बताया कि काफी दिनों से प्याऊ की ट्यूबवैल खराब हो गई है। राहगीरों और ग्रामीणों ने कई बार इसे ठीक करने के लिए शिकायत करवाई लेकिन आज तक विभाग ने इसकी सुध नहीं ली। अब एक नजर भासकर समाधान पर उन समाधानों पर नजर जो अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयास के बाद हो सके… पोस्ट के बाद वार्ड प्रभारी ने कराया समाधान जोधपुर के सूर सागर बायपास रोड से अंकित सोलंकी ने अपनी कॉलोनी में रोड लाइट बंद होने, सड़क निर्माण का काम पूरा न होने, सीवरेज जाम की समस्या और सफाई कर्मचारी के नियमित न आने की समस्या पोस्ट की थी। पोस्ट के बाद निगम के वार्ड सफाई प्रभारी राजकुमार ने सफाई संबंधी समस्या का समाधान करवा दिया है। लीकेज सीवर लाइन ठीक करवाई अक्की सिंह ने समस्या पोस्ट की थी कि बीते कई सालों से उनके एरिया भीरू जी का चौराहा में सीवर का पानी सड़कों पर फैला रहता है। पेयजल पाइपलाइन में लीकेज से पानी भी व्यर्थ बह रहा है। बरसात में इस वजह से स्थिति और खराब हो जाती है। पंकज सरवटे बने 'पब्लिक के स्टार' भीरू जी चौराहा से समस्या पोस्ट की गई थी कि सीवर का पानी सड़कों पर फैला रहता है। पेयजल पाइपलाइन के टूटने से पानी भी बह रहा है। इस पर वार्ड 4 सफाई प्रभारी पंकज सरवटे ने समस्या का समाधान करवा दिया है। उन्होंने समाधान होने की जानकारी पोस्ट पर कमेंट कर के भी दी। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1. 5 दिनों से बंद बिजली आपूर्ति का हुआ समाधान:शिकायतों के बाद कुछ समस्याओं का हुआ समाधान, कुलदीप सिंह बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 2. ‘भास्कर समाधान’, एक पोस्ट से मिल रहे हल:आंधी में गिरे बिजली के पोल अब तक नहीं लगाए, गंदे पानी से निकलने को मजबूर 3.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
बिलासपुर में सोमवार रात 8 से 10 बदमाशों ने युवक को घेरकर रोक लिया और जबरन अपने साथ ले गए। इस दौरान आरोपियों ने युवक पर उसके दोस्त को बुलाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर बदमाशों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि युवक किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। जानिए पूरा मामला दरअसल, मोपका स्थित मेडिकल स्टोर के पास रहने वाला दीपक चंद्रा (22) ने अपनी शिकायत में बताया कि वह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता है। सोमवार की रात करीब 9 बजे वह अपनी बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान अपोलो चौक के पास पुराने विवाद को लेकर कुनाल वर्मा उर्फ क्राइम और उसके 8-10 साथियों ने उसे रोक लिया, जिसके बाद उसे घेर कर उसके दोस्त अनुराग चंद्रा को बुलाने की बात कहते हुए उसे जबरदस्ती अपनी बाइक पर बैठाकर ले गए। दौड़ा-दौड़ाकर बेल्ट और लात-घूंसों से किया हमला हमलावर हथियारों से लैस थे। उन्होंने दीपक के साथ गाली-गलौज की, जिसके बाद मैदान के पास ले जाकर युवकों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने बेल्ट और हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। किसी तरह उसने बदमाशों से चंगुल से भागकर अपनी जान बचाई। अपहरण के बजाए साधारण मारपीट का केस दर्ज युवक का आरोप है कि उसे युवकों ने अगवा किया, जिसके बाद बेरहमी से मारपीट की। जिससे उसके चेहरे, आंख, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उसकी शिकायत पर पुलिस ने पहले अपहरण का केस दर्ज करने की बात कही थी। हालांकि, घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केवल साधारण मारपीट का मामला दर्ज किया है। वहीं, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों ने भास्कर समाधान पर अपनी समस्याएं पोस्ट कर प्रशासन से राहत की मांग की है। कहीं बेसहारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है तो कहीं नाले का पानी बरसात में सड़कों और दुकानों तक पहुंच रहा है। वहीं खाली प्लॉट में जमा कचरा और सड़क पर बह रहा सीवर का पानी भी स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। दूसरी ओर, स्ट्रीट लाइट और अस्पताल की सफाई से जुड़ी दो शिकायतों का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) बेसहारा कुत्तों से लोग परेशान माखुपुरा रोड स्थित बिहारीगंज से काम्या सांखला ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि सात पीपली बालाजी मंदिर क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से बेसहारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुत्तों के झुंड राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को घर से निकलने में भी डर लगता है। उन्होंने नगर निगम से जल्द कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। बरसात में नाले का पानी भरने से बढ़ती है परेशानी रामनगर रोड स्थित ज्ञान विहार कॉलोनी से नानूराम ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में बना नाला सड़क स्तर से ऊंचा है। इसके कारण बरसात के दिनों में नाले का पानी गली और दुकानों के सामने बहने लगता है। जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने नाले का स्तर सही कर स्थायी समाधान करने की मांग की है। खाली प्लॉट में कचरा, सफाई नहीं होने से बढ़ी समस्या चर्च हॉल रोड स्थित कैलाशपुरी से बालमुकुंद सैन ने शिकायत दर्ज कराई कि आनंद नगर में उनके घर के सामने खाली प्लॉट में लोग लगातार कचरा डाल रहे हैं। लंबे समय से कचरा जमा होने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कचरे में दो बार आग भी लग चुकी है, जिसके चलते फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा था। लोगों ने प्लॉट की सफाई कराने और कचरा डालने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। सड़क पर बह रहा सीवर का गंदा पानी पंचशील कॉलोनी से डॉ. सुरेश बाबलानी ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि सीएम मॉल के पास चाणक्य मार्ग पर नालियां जाम होने के कारण सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। गंदगी और जलभराव के कारण राहगीरों तथा दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई नहीं होने से बदबू फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने जल्द सफाई करवाने की मांग की है। पोस्ट के बाद जलने लगी स्ट्रीट लाइट वार्ड-64, भोपों का बाड़ा, मीठा कुआं, पुलिस लाइन क्षेत्र से रवि वैष्णव ने शिकायत पोस्ट की थी कि पिछले पांच दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। शाम होते ही क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद वार्ड पार्षद नरेंद्र तुनवाल ने मामले का संज्ञान लिया और स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करवाया। समस्या का समाधान होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। जेएलएन हॉस्पिटल में सफाई व्यवस्था की समस्या का हुआ समाधान जेएलएन हॉस्पिटल रोड स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, कला बाग से सीताराम ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि जेएलएन हॉस्पिटल के शौचालयों की साफ-सफाई ठीक ढंग से नहीं हो रही है। सफाई व्यवस्था कमजोर होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध की समस्या के चलते अस्पताल आने वाले लोगों में नाराजगी थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और अस्पताल में सफाई व्यवस्था में सुधार कराया। आज के स्टार ऑफिसर: डॉ. अमित यादव भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर जेएलएन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव रहे। जेएलएन हॉस्पिटल रोड स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, कला बाग से सीताराम ने शिकायत पोस्ट कर बताया था कि अस्पताल के शौचालयों की साफ-सफाई ठीक ढंग से नहीं हो रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलने के बाद डॉ. अमित यादव ने मामले को गंभीरता से लिया और अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उनके प्रयासों से शौचालयों की सफाई करवाई गई और व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। समस्या का समाधान होने के बाद मरीजों और परिजनों को राहत मिली। शिकायतकर्ता ने भी समाधान होने की पुष्टि करते हुए संतोष जताया। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएंदैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 1.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 3.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 4.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 6.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
उदयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नागरिकों ने भास्कर समाधान पर अपनी समस्याएं पोस्ट कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कहीं सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर पानी की निकासी रोकी जा रही है तो कहीं खुले ट्रांसफार्मर और झूलते बिजली के तार हादसे का खतरा बने हुए हैं। वहीं कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से लोगों को अंधेरे में आवागमन करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, एक क्षेत्र में बंद पड़ी रोड लाइट की समस्या का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) खुले ट्रांसफार्मर से हादसे का खतरा सज्जनगढ़ रोड, प्रगति नगर से अनुप परिहार ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि क्षेत्र में लगा बड़ा बिजली ट्रांसफार्मर लंबे समय से असुरक्षित स्थिति में है। ट्रांसफार्मर के तार और दरवाजे खुले रहते हैं तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास बच्चों और राहगीरों की आवाजाही रहती है, ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। नाले में पेड़ लगाकर रोका पानी का बहाव पहाड़ा स्थित हरि विहार कॉलोनी से पायल ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके घर के सामने बने सरकारी नाले में पेड़ लगाकर पानी के बहाव को रोक दिया गया है। उनका कहना है कि नाला हमेशा भरा रहता है, जिससे गंदा पानी आसपास फैलता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सड़क पर भी जगह घेरकर अवरोध किया गया है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। क्षेत्रवासियों ने नाले से अवरोध हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। कृष्णा कॉलोनी में कई दिनों से बंद हैं स्ट्रीट लाइटें सीसारमा रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी से विशाल ने बताया कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें कई दिनों से बंद पड़ी हैं। रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। रहवासियों ने कहा कि अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बढ़ गई है। उन्होंने जल्द स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराने की मांग की है। खुले बिजली तारों से लोगों में डर बड़गांव क्षेत्र से अशोक भील ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि आशापुरा मंदिर के पास लगी डीपी पर बिजली के तार खुले हुए हैं और कई तार नीचे की ओर झूल रहे हैं। क्षेत्र में पशुओं और लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने विभाग से जल्द मरम्मत कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधान खुमानपुरा, महावीर कॉलोनी पार्क क्षेत्र से विद्या शर्मा ने शिकायत पोस्ट की थी कि क्षेत्र की रोड लाइट पिछले 10 दिनों से बंद पड़ी थी। इसके कारण रात में लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने संज्ञान लेते हुए रोड लाइट को ठीक करवा दिया। समस्या का समाधान होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताया। स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुआ समाधान सवीना खेड़ा रोड क्षेत्र से कैलाश नागदा ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि माध्यमिक बालिका विद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई थी। रात के समय पूरे क्षेत्र में अंधेरा रहता था, जिससे छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अंधेरे के कारण दुर्घटना और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और आवश्यक कार्रवाई करते हुए विद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करवाई। लाइट शुरू होने से क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बेहतर हुई और लोगों को राहत मिली। आज के स्टार ऑफिसर बने सवीना खेड़ा रोड क्षेत्र से कैलाश नागदा ने शिकायत पोस्ट कर बताया था कि माध्यमिक बालिका विद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई थी। रात के समय क्षेत्र में अंधेरा रहने से छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। साथ ही दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती थी। शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम के लाइनमैन चुन्नीलाल ने वहां नई रोड लाइट लगाकर समाधान करवाया। विद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करवाई गई और क्षेत्र में रोशनी सुनिश्चित की गई। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.सेक्टर 11 में 33 KV लाइन का गड्ढा रिपेयर:कचरा साफ करवाकर मोहम्मद यासीन बने 'पब्लिक के स्टार', 'भास्कर समाधान' जनता ने उठाई आवाज 2.'भास्कर समाधान' में उठीं शहर की समस्याएं:कहीं कचरे का ढेर तो कहीं बंद स्ट्रीट लाइट, कई मामलों में हुआ तुरंत समाधान 3.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' बना जनता की आवाज:ज्ञान विहार, जैन कॉलोनी में बिजली और कचरे की समस्या से राहत, हिरण मगरी में कचरे की समस्या का नहीं हुआ समाधान 4.उदयपुर में सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान:शहर की सड़कों से पार्क तक समस्याओं का अंबार, शिकायतों पर कुछ जगह मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’ के 12 दिन पूरे:शहरभर से सैकड़ों शिकायतें, कई समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 6.उदयपुर में भास्कर समाधान से राहत:कई समस्याओं पर अफसरों ने लिया एक्शन; कई इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात 7.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:चित्रकूट नगर में रोशन हुईं स्ट्रीट लाइटें, सेक्टर 4 का खुला चैंबर ठीक करने वाले JEN हिमांशु बने ‘स्टार ऑफिसर’ 8.उदयपुर में बिजली आपूर्ति की समस्या का हुआ समाधान:लोगों ने भास्कर समाधान पर उठाई आवाज, आशीष कुमावत बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 9.उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:स्ट्रीट लाइट और झुका बिजली पोल हुआ ठीक; कुंभा नगर, बड़गांव, मीरा नगर में समस्याएं बरकरार 10.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:ज्योति नगर और पत्रकार कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त; सेक्टर-6, विक्रमचार्या नगर और पहाड़ा में समस्याओं से जनता परेशान
सीकर शहर के विभिन्न इलाकों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कहीं महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं तो कहीं सड़क पर बने गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। वहीं पानी की पाइपलाइन लीकेज और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर नागरिकों ने भास्कर समाधान पर शिकायतें दर्ज कर प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, फतेहपुर रोड क्षेत्र में लंबे समय से बनी हुई पानी और नालियों की समस्या का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) तीन-चार महीने से बंद पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें तिरुपति नगर निवासी मूलचंद ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनकी कॉलोनी में पिछले तीन से चार महीने से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। कॉलोनी में आबादी बस चुकी है और सड़कें भी बन चुकी हैं, लेकिन रात होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का भी डर बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें शुरू करवाने की मांग की है। सड़क का गड्ढा बना हादसे का कारण रानी सती मंदिर के सामने स्थित शनि मंदिर के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे को लेकर देवीलाल सैनी ने शिकायत पोस्ट की है। उनका कहना है कि कई दिनों से सड़क पर गड्ढा बना हुआ है, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। यह रास्ता मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। गड्ढे के कारण दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं करवाई गई तो बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पाइपलाइन लीकेज से बह रहा हजारों लीटर पानी वार्ड नंबर-47 स्थित वसंत विहार में सीकर विद्यापीठ के सामने कावरा कुंज के पास पानी की पाइपलाइन फूटने से लगातार पानी बह रहा है। शिकायतकर्ता दीपक कुमार सैनी ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण हर दिन बड़ी मात्रा में पेयजल व्यर्थ हो रहा है। लीकेज के कारण सड़क पर पानी जमा हो रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर शहर में पानी की किल्लत की शिकायतें सामने आती रहती हैं, वहीं दूसरी ओर पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। लोगों ने जलदाय विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। नियमित सफाई नहीं होने से बढ़ी गंदगी राधाकिशनपुरा निवासी पवन कुमार जोशी ने शिकायत पोस्ट की है कि क्षेत्र में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। कई बार 30 से 40 दिनों तक सफाई नहीं करवाई जाती, जिससे नालियों में कचरा जमा हो जाता है और बदबू फैलने लगती है। उन्होंने बताया कि सफाई होने के बाद भी नालियों से निकाला गया कचरा कई दिनों तक वहीं पड़ा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। बस डिपो के पास गड्ढे की समस्या का हुआ समाधान बस डिपो तिराया स्थित बंसल ट्रेनिंग कंपनी के सामने से शिकायतकर्ता दीपक कुमार सैनी ने बताया कि गड्ढे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती थी। जिसके बाद सड़क पर बने गहरे गड्ढे को भर दिया गया है तथा कई बार जाम की स्थिति बन जाती थी। अब समस्या का समाधान होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी और नालियों की समस्या का हुआ समाधान फतेहपुर रोड निवासी लोकेश कुमार ने भास्कर समाधान पर शिकायत पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई थी। आसपास की कॉलोनियों की तुलना में जलापूर्ति प्रभावित रहती थी, जिससे लोगों को घरेलू कार्यों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा क्षेत्र की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी और बदबू की समस्या भी बढ़ रही थी। लोगों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई थी। मामला भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने संज्ञान लिया और क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार किया। साथ ही नालियों की सफाई करवाई गई, जिससे पानी की निकासी सुचारु हुई और गंदगी की समस्या भी दूर हुई। समस्या के समाधान के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और विभाग की कार्रवाई की सराहना की। आज के स्टार ऑफिसर: जेईएन हरिराम भास्कर समाधान के तहत आज के स्टार ऑफिसर जेईएन हरिराम रहे। फतेहपुर रोड से लोकेश कुमार ने क्षेत्र में पानी की कमी और गंदी नालियों की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद जेईएन हरिराम ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए और नालियों की सफाई का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया। उनके निर्देशन में समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे लंबे समय से परेशान लोगों को राहत मिली। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:'भास्कर समाधान' पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 2.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.सीकर में जनसमस्याओं का अंबार, नालिया जाम:जलभराव और अधूरे विकास कार्यों से नागरिक परेशान, समाधान की राह देख रहा शहर 4.पैराडाइज सिटी में पानी की समस्या से मिली राहत:संबंधित विभागों की कार्रवाई से लोगों को मिली राहत, किरण बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 5.भास्कर समाधान का असर: 62 से ज्यादा समस्याओं का समाधान:504 शिकायतें मिली, कई समस्याओं पर काम जारी , लोगों को मिली राहत 6.सीकर के सबलपुरा में 8 दिन में बनी सड़क:स्टेशन रोड पर लीकेज ठीक; बस स्टैंड पर कचरा और पिपराली रोड पर गंदे पानी की सप्लाई 7.भास्कर समाधान में जलभराव की समस्या हुई ठीक:जनसुविधाओं की बदहाली, शिकायतों के बीच कई समस्याओं का हुआ समाधान 8.भास्कर समाधान का असर, पानी लीकेज की समस्या दुरस्त:सीकर में स्ट्रीट लाइट, खुली नाली और गंदगी की समस्याएं बनी चिंता का कारण 9.एक क्लिक पर हुआ सड़क की समस्या का समाधान:नालियों और सीवरेज की समस्याओं से लोग परेशान, JEN हरिराम बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 10.भास्कर ‘समाधान’, एप पर शिकायत से प्रशासन हुआ अलर्ट:पानी, सफाई और आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों का हुआ समाधान
झांसी जिले में एक बार फिर गर्मी और तेज धूप का असर देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण टेम्परेचर 33℃ तक पहुंच गया है। लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को झांसी का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण गर्मी का असर बना रहेगा। दोपहर के समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मंगलवार को बारिश से मिली थी राहत मंगलवार को भी दिनभर तेज गर्मी और उमस के बीच तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था। हालांकि शाम के समय मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। करीब 20 मिनट तक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। आज भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार बुधवार को भी मौसम का मिजाज मंगलवार जैसा रह सकता है। शाम के समय तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। वहीं, बीच-बीच में तेज हवाओं और हल्की बारिश के चलते लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिलने के आसार हैं।
गोरखपुर में जिला विकास एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को निरुत्तर कर दिया। सांसद, विधायकों ने अपने क्षेत्रों में लंबित पड़ी योजनाओं के बारे में पूछा तो उसका कोई सटीक उत्तर नहीं मिल सका। कुछ कार्ययोजना की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो विधायकों ने उसपर आपत्ति जता दी। कहा कि फर्जी रिपोर्ट बनाना बंद करो। बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि जो भी जांच हो, रिपोर्ट बने, उससे जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए।विधायकों ने सड़क, बिजली, पुल आदि का मामला उठाया। मानसून सीजन में बाढ़ बचाव के कार्यों को लेकर भी सवाल किए। सबसे ज्यादा आपत्ति हर घर जल योजना को लेकर रही। पाइप लाइन के कारण सड़कें खराब होने, ओवरहेड टैंक का काम अधूरा होने पर सबने आपत्ति जताई।अधिकारियों ने कहा कि जल जीवन मिशन की 12 हजार 731 परियोजना में से 12 हजार 599 पूरी हो गई है। इसपर पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके यहां ही 16 परियोजनाएं अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की फर्जी रिपोर्ट कहां से बनाते हो। एक बार धरातल पर भी देख आओ। सांसद रविकिशन ने कहा कि कई परियोजनाएं स्वीकृत कराई हैं लेकिन उसके लिए जमीन नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों को कोरम पूर्ति न बनाइए। हम लोगों को चुनाव फेस करना है गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने सिक्टौर में प्रस्तावित फ्लाईओवर के बारे में पूछा तो एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि सर्वे चल रहा है। इस परियोजना के चलते शहर का लिंक कालेसर-जगदीशपुर फोरलेन बाईपास से करना है। जवाब सुनकर विधायक ने कहा कि इस स्पीड से काम होगा तो चुनाव की बीत जाएगा। हमें जनता के बीच जाना है। चुनाव फेस करना है। काम तेज करिए।बांसगांव के विधायक डा. विमलेश पासवान ने भस्मा गांव में बिजली की आपूर्ति न होने की मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 3 साल पहले खंभे लगे हैं लेकिन बिजली नहीं आयी। संतकबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने आयुष्मान कार्ड का मुद्दा उठाया। चौरी चौरा के विधायक ई. सरवन निषाद ने लाइब्रेरी को लेकर प्रगति रिपोर्ट पूछी। जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करें केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि जनपद में विकास से संबंधित संचालित परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी कार्यों की प्रगति से अवगत कराया जाये। उन्होने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों के द्वारा क्षेत्र मे जनता की समस्याओं को संबंधित अधिकारियो से अवगत कराया जाता है तो संबंधित अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण करें।
चंडीगढ़ में विधानसभा (पंजाब और हरियाणा विधानसभा), एमएलए हॉस्टल और अन्य सरकारी संस्थानों से हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में बिक्री होने का मामला और गहरा गया है। इस मामले में अब पंजाब विधानसभा ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए जहां हाउस कमेटी को अधिकार दिए गए हैं। विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि नीलाम हुआ फर्नीचर किसकी कस्टडी में था। चंडीगढ़ प्रशासन से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। क्योंकि 2002 तक हास्टल की देखरेख यूटी के पास था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था। विधानसभा स्पीकर ने इस बारे में क्या बताया, तीन प्वाइंटों में जानें 1. कमेटी को दिए जांच के अधिकार : विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि हाउस की कमेटी को अधिकार दिया गया है कि इसकी जांच की जाए। 2. 2002 में पंजाब को मिले राइट : एक हाई लेवल मीटिंग में मैंने खुद चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि पिछले दिनों जो फर्नीचर अमेरिका में नीलाम हुआ है, वह किसकी कस्टडी में था। क्योंकि 2002 तक एमएलए हॉस्टल व एमएलए फ्लैट के सारे इंतजाम यूटी प्रशासन देखता रहा है। 2002 के बाद यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पंजाब को मिली थी। वहां पर अब कोई भी विरासती फर्नीचर नहीं है। 3. फर्नीचर बाहर जाने की गुजाइंश नहीं : हालांकि विरासती फर्नीचर चंडीगढ़ के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों, यहां तक कि थानों में भी पड़ा है। उसकी इन्वेंटरी बनाई गई है। ऐसे में अब फर्नीचर बाहर जाने की गुंजाइश नहीं है। यह 2002 से पहले ही बाहर गया है। इसलिए पत्र लिखा गया है। कानून मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। 59 लाख से अधिक में बिका फर्नीचर जून 2026 में, अमेरिका के शिकागो में स्थित एक नीलामी घर में पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की गई। नीलामी में हेरिटेज कुर्सियों का एक जोड़ा और चार लो-स्टूल (कम ऊंचाई वाले स्टूल) बेचे गए। फर्नीचर की कीमत करीब 72,720 अमेरिकी डॉलर (यानी 59 लाख रुपये से अधिक) थी। नीलाम कुर्सियों पर बकायदा इन्वेंट्री मार्किंग “MLA (H) PB/1/B-11” लिखी हुई थी। इससे पहले सितंबर 2025 में फ्रांस के पेरिस में एक ऑक्शन हाउस द्वारा पियरे जेनरेट द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की 16 वस्तुओं की नीलामी की गई थी। यह पूरा फर्नीचर करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये में बिका था। पुलिस की कहानी पड़ी, आरोपी हुए बरीहेरिटेज फर्नीचर विदेशों में बिकने के मामले काफी समय से आते रहे हैं। साल 2022 में चंडीगढ़ जिला अदालत में हेरिटेज फर्नीचर चोरी से जुड़ा मामला चल रहा था, लेकिन पुलिस की कमजोर पैरवी और सबूतों की कमी के कारण 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। पुलिस कोर्ट में चोरी की कड़ियों और रिकवरी को पूरी तरह साबित करने में विफल रही थी। हालांकि जांच के दौरान कई बार आरोपियों के तार मुंबई के कबाड़ तस्करों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़े पाए गए, जो चंडीगढ़ के सुरक्षाकर्मियों या कर्मचारियों की मिलीभगत से सामान चुराकर विदेशों में शिप कर देते थे। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद चोरी का सिलसिला पूरी तरह नहीं थम सका है।
गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में अनूठे शांतिदूत 'पीस डॉग' आलोका से मिलने के लिए बड़ी संख्या में पशु प्रेमी, एक्टिविस्ट और प्रशंसक पहुंचे। यहां वॉक फॉर पीस द्वारा एक विशेष 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। होटल के हॉल में मौजूद प्रशंसक आलोका की असीम शांति को देखकर दंग रह गए। कार्यक्रम में आए लोगों ने उसे सहलाया, उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और भिक्षुओं से उसकी जीवन यात्रा के अनुभव सुने। दो दिन पहले दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी उनसे मुलाकात की थी। आलोका ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इंस्टाग्राम पर 4.82 लाख फॉलोअर आलोका कोई साधारण कुत्ता नहीं है, बल्कि भारतीय नस्ल (परिया) का एक ऐसा डॉग है, जिसकी कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। लगभग चार वर्ष के आलोका के माथे पर कुदरती तौर पर दिल के आकार का एक सफेद निशान है, जो उसकी पहचान और शांत स्वभाव को और खास बनाता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आलोका के 4.82 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उसकी हर शांति यात्रा को लाइव मैप के जरिए ट्रैक करते हैं। कोलकत्ता से बौद्ध भिक्षुओं के साथ शुरू हुआ सफर मूल रूप से कोलकत्ता की सड़कों पर लावारिस घूमने वाले इस बेघर डॉग का जीवन साल 2022 में पूरी तरह बदल गया। तब भारत और बोधगया की शांति यात्रा पर आए बौद्ध भिक्षुओं के एक दल के पीछे यह कुत्ता खुद-ब-खुद चलने लगा था। भिक्षुओं के अनुसार अपनी भारत यात्रा के दौरान इस बेनाम कुत्ते ने बिना किसी स्वार्थ या लालच के लगातार 100 से अधिक दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और शहरों की खाक छानी। एक्सीडेंट में घायल हुआ, लेकिन साथ नहीं छोड़ा यात्रा के दौरान वह एक कार दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही वह फिर से भिक्षुओं के शांत काफिले में शामिल हो गया। उसकी इसी अटूट निष्ठा और शांतिपूर्ण व्यवहार को देखकर वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु वेनरेबल भिक्खु पन्नाकारा ने उसे गोद ले लिया और उसे पालि भाषा का नाम 'आलोका' दिया, जिसका अर्थ होता है 'प्रकाश' या 'रोशनी'। अमेरिका में 3,700 किमी की ऐतिहासिक पदयात्रा भारत के बाद भिक्षु आलोका को अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां वह आधिकारिक तौर पर 'वॉक फॉर पीस' अभियान का मुख्य चेहरा बन गया। अक्टूबर 2025 में टेक्सास से शुरू हुई इस वैश्विक शांति यात्रा के तहत आलोका ने भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। गुरुग्राम में उमड़े लोग हाल ही में भारत लौटने पर नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी से मुलाकात करने के बाद आलोका गुरुग्राम पहुंचा। गुरुग्राम में आयोजित 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम पूरी तरह से शांति और मौन ऊर्जा से भरा रहा। भिक्षु पन्नाकारा के मुताबिक इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल आलोका की प्रसिद्धि का जश्न मनाना नहीं, बल्कि समाज में बेसहारा और स्थानीय जानवरों के प्रति दयाभाव जगाना है। भिक्षुओं ने मंच से संदेश दिया कि शांति की शुरुआत हमारे दिलों से और समाज के सबसे कमजोर जीवों की रक्षा से होती है। आलोका बिना बोले ही दुनिया को यह सिखा रहा है कि अगर सही प्यार और गरिमा मिले, तो सड़कों पर रहने वाला एक मामूली जीव भी दुनिया को मानवता और सह-अस्तित्व का सबसे बड़ा पाठ पढ़ा सकता है। भिक्षु पन्नाकारा के बिना, अलोका का जीवन बहुत अलग होता। उनकी सच्ची करुणा ने उन सीढ़ियों का काम किया जिन्होंने उसके पूरे अस्तित्व को ऊपर उठाया।
बदायूं में शाहजहांपुर के भैंस चोर गैंग से मुठभेड़:एक बदमाश गिरफ्तार, सिपाही घायल
बदायूं में पशु चोरी की वारदात को अंजाम देने जा रहे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस दौरान बदमाशों की गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक बदमाश को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाश के दो साथी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। यह घटना दातागंज कोतवाली क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि शाहजहांपुर की ओर से कुछ पशु चोर पिकअप वाहन में सवार होकर बेलाडाडी पुल होते हुए दातागंज की तरफ आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वाहन में सवार लोग भागने लगे। पीछा करने पर पिकअप वाहन बेलाडाडी पुल के पास एक गड्ढे में फंस गया। इसके बाद वाहन में सवार तीनों आरोपी उतरकर भागने लगे। सीओ दातागंज राहुल पांडे ने बताया कि भागते समय एक आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शाहजहांपुर निवासी गुलशन के पैर में गोली लग गई। उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार गुलशन के कब्जे से एक तमंचा, दो कारतूस और पशु चोरी में इस्तेमाल पिकअप वाहन बरामद किया है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी गुलशन के खिलाफ बदायूं, शाहजहांपुर समेत कई जिलों में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। घायल सिपाही और आरोपी गुलशन को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
औरंगाबाद में बुधवार की सुबह सड़क हादसा हुआ। वाराणसी से रांची जा रही रेखा एक्सप्रेस यात्री बस ट्रक से टकरा गयी। ट्रक सड़क निर्माण कार्य में लगा था। हादसे में एक यात्री की मौत भी हुई है, जबकि करीब 22 लोग घायल हो गए हैं। मृतक की पहचान वाराणसी जिले के राजा तालाब निवासी 35 वर्षीय बाबू विवेक सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि वह एक फार्मा कंपनी में कार्यरत थे और कंपनी के काम से अपने सहयोगी आशु पटेल के साथ रांची जा रहे थे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र के एनएच-19 पर पहारचापी मोड के पास की है। रात दो बजे हुआ हादसा, बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त जानकारी के अनुसार रेखा लग्जरी एक्सप्रेस बस सोमवार की रात करीब 9 बजे वाराणसी से रांची के लिए रवाना हुई थी। मंगलवार की सुबह लगभग 2 बजे जब बस मदनपुर थाना क्षेत्र के पहारचापी मोड़ के पास पहुंची, तभी चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया। अनियंत्रित बस आगे चल रहे ट्रक से टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के समय अधिकांश यात्री नींद में थे, जिससे कई लोग सीटों से उछलकर घायल हो गए। अनुमान के अनुसार चालक को झपकी आने से एक्सीडेंट हुआ है। हालांकि पुलिस जांच कर रही है। ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया राहत अभियान, जांच जारी दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में मदनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस के संयुक्त प्रयास से बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर, सदर अस्पताल औरंगाबाद और अन्य अस्पतालों में भेजा गया। घायलों में वाराणसी निवासी मनेश गुप्ता, संजय राम, मनिकेश सिंह, अमन मिश्रा, दुलारी देवी समेत कई अन्य यात्री शामिल हैं। अधिकांश घायल वाराणसी के शहरी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतक के परिजन को सूचना दी गई है मृतक के सहयोगी आशु पटेल ने बताया कि घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के बाद कुछ समय तक एनएच-19 पर यातायात भी प्रभावित रहा। मदनपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
नर्मदापुरम जिले में शोभापुर के पास एक ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बुधवार तड़के 3 बजे रानी पिपरिया नहर की पुलिया पर उसका खून से लथपथ शव बरामद हुआ। मृतक के सिर में गोली मारी गई है। घटना तब हुई जब मंगलवार रात वह एक नकाबपोश युवक के साथ अपने ढाबे से निकला था। गोलीकांड की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 35 वर्षीय सचिन राजपूत के रूप में हुई है, जो सोहागपुर का निवासी था। अजनेरी के पास पिपरिया मार्ग पर उसका 'राजपूत ढाबा' संचालित होता है। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात वह घर से बाजार घूमने की बात कहकर ढाबे पर पहुंचा था। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया कि रात करीब 8 बजे मुंह पर कपड़ा बांधे एक युवक उसके ढाबे पर आया था, जिसके साथ सचिन ढाबे से बाहर निकला था। मोबाइल लोकेशन से रानी पिपरिया नहर पर मिला शवजब सचिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो चिंतित परिजनों और ढाबे के कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर वे शोभापुर पुलिस चौकी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। चौकी प्रभारी राहुल पटेल ने पुलिस टीम के साथ मिलकर मृतक की मोबाइल लोकेशन निकलवाई। लोकेशन पिपरिया-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे की मुख्य सड़क से करीब 1 किलोमीटर दूर रानी पिपरिया नहर की मिली। पुलिस जब सर्चिंग करते हुए वहां पहुंची, तो नहर की पुलिया पर सचिन का शव पड़ा मिला। उसके सिर के दाहिने हिस्से में गोली लगने के स्पष्ट निशान थे और वहां काफी खून बिखरा था। CCTV खंगाल रही पुलिस, संदिग्ध की तलाश तेजघटना की गंभीरता को देखते हुए सोहागपुर थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी, शोभापुर चौकी प्रभारी राहुल पटेल और सेमरी हरचंद चौकी प्रभारी विवेक यादव सहित भारी पुलिस बल रात में ही मौके पर पहुंच गया था। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगर प्रिंट और एफएसएल (FSL) टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। एसपी (SP) सांई कृष्णा एस थोटा ने बताया कि हत्याकांड की हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस उस संदिग्ध नकाबपोश युवक की सरगर्मी से तलाश कर रही है और रास्ते के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
गंगा में डूबे दूसरे युवक का शव मिला:फिरोजाबाद में सोमवती अमावस्या पर हुआ था हादसा
फिरोजाबाद में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के दौरान डूबे दो युवकों में से दूसरे युवक मनीष कुमार का शव सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पहले, अजीत सिंह का शव सोमवार को मिला था, जिसका अंतिम संस्कार देर रात कर दिया गया था। इस हादसे के बाद गांव नगला तुलसी में मातम पसरा हुआ है। थाना टूंडला क्षेत्र के नगला तुलसी गांव निवासी राहुल कुमार रविवार को अपने ट्रक से करीब 80 ग्रामीणों को गंगा स्नान के लिए गंगाघाट ले गए थे। इनमें 18 वर्षीय अजीत सिंह और उसका मौसेरा भाई 18 वर्षीय मनीष कुमार भी शामिल थे। अजीत के साथ उसकी मां ओमा देवी और भतीजी सोनम, जबकि मनीष के साथ उसकी छोटी बहन डौली भी गंगा स्नान के लिए गई थीं। सोमवार सुबह मुख्य घाट पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण ग्रामीण पास के एक टीले के निकट स्नान करने चले गए। इसी दौरान गंगा में स्नान करते समय अजीत और मनीष गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर गोताखोरों और प्रशासनिक टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया। अजीत का शव सोमवार को बरामद कर लिया गया था, जिसका परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। मनीष की तलाश पूरी रात जारी रही और सुबह करीब साढ़े सात बजे उसका शव भी गंगा से बरामद कर लिया गया। दो युवकों की असमय मौत से गांव नगला तुलसी में शोक का माहौल है। परिजनों का दुख गहरा है। मनीष की बहन डौली अपने भाई को याद कर कई बार अचेत हो गईं। गांव के लोग लगातार दोनों परिवारों को सांत्वना दे रहे हैं। हादसे के दूसरे दिन भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा और कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
450 वें हल्दीघाटी विजय वर्ष एवं महाराणा प्रताप जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार सायंकाल महाराणा प्रताप सर्किल,पांसल चौराहा पर भव्य दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्र गौरव, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को दीप अर्पित कर श्रद्धांजलि समर्पित की। देशभक्ति के जयकारे लगे दीपदान के दौरान उपस्थित जनसमूह में विशेष उत्साह देखने को मिला।महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम एवं राष्ट्रभक्ति पर आधारित गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया। देशभक्ति के गीतों एवं जयघोषों से संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान से ओत-प्रोत हो गया। माल्यार्पण से आयोजन की शुरुआत चेतक पर सवार महाराणा प्रताप व चेतक को बबलू सिंह ठूमिया, विभाग संघचालक चांदमल सोमानी, महानगर संघचालक कैलाश चन्द्र खोईवाल, रघुनन्दन सिंह कानावत ने माला पहना कर दीपदान का शुभारंभ किया,आकर्षक सजावट एवं भव्य व्यवस्थाओं के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजन,गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने सहभागिता निभाई। महाराणा प्रताप के त्याग बलिदान को किया याद उपस्थित वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग, स्वाभिमान एवं राष्ट्रनिष्ठा का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।450वें हल्दीघाटी विजय वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो महाराणा प्रताप के प्रति समाज की अटूट श्रद्धा एवं सम्मान का प्रतीक है। उदयपुर समारोह में शामिल होने भीलवाड़ा से जाएंगे कार्यकर्ता उन्होंने बताया कि 17 जून को उदयपुर के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले 450 वें हल्दीघाटी विजय वर्ष के विराट समारोह में सहभागिता हेतु भीलवाड़ा से बड़ी संख्या में राष्ट्रप्रेमी एवं कार्यकर्ता बसों द्वारा प्रस्थान करेंगे।इस ऐतिहासिक आयोजन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत संबोधित करेंगे।
शहडोल जिले की अमलाई पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे सेमंगलवार को 7 चोरी की बाइक बरामद की हैं, जबकि गिरोह के सरगना समेत दो आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि चोरी की बाइकों के पार्ट्स निकालकर दूसरी बाइकों में लगाए जाते थे। दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन तिवारी और दीपू सिंह के रूप में हुई है। वहीं गिरोह का मुख्य आरोपी मंगेश सिंह और उसका साथी नमन केवट फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी शादी समारोह, पार्टियों और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में पहले रेकी करते थे। इसके बाद बिना लॉक या कम सुरक्षा वाली बाइकों को निशाना बनाकर तकनीकी तरीके से कुछ ही मिनटों में स्टार्ट कर चोरी कर लेते थे। गैराज में बदलते थे बाइकों के पार्ट्स पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी मंगेश सिंह बाइक रिपेयरिंग का गैराज संचालित करता है। चोरी के बाद बाइक वहीं ले जाई जाती थी, जहां उनके पार्ट्स निकालकर दूसरी बाइकों में लगाए जाते थे। जांच में अमन तिवारी को बिना चाबी बाइक स्टार्ट करने में माहिर बताया गया है, जबकि दीपू सिंह उसका सहयोग करता था। 7 चोरी की बाइक बरामद पुलिस ने मंगेश सिंह के गैराज से चार और अन्य स्थानों से तीन चोरी की बाइक जब्त की हैं। बरामद वाहनों में बुलेट, यामाहा आर-वन, स्कूटी और सीडी डीलक्स समेत कुल सात वाहन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये बाइक ओपीएम कॉलोनी, बकहो और आसपास के क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। तीन महीने से मिल रही थीं शिकायतें थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि पिछले तीन महीने में बाइक चोरी की कई शिकायतें मिली थीं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदापुरम के पशु चिकित्सालय में घायल सांप का ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई गई। करीब आधे चले ऑपरेशन में सांप को 20 टांके आएं। मंगलवार को सांगाखेड़ा कला में 10 फीट का लंबा रेड स्नेक कंटीले तारों की फेंसिंग में फंसकर बुरी तरीके से घायल हो गया था। जिससे सांप के पेट, पीठ की चमड़ी फट गई थी। कंटीले तार उसके शरीर में गल गए थे। अधिक खून निकलने के कारण सांप तड़प रहा था, ग्रामीणों ने सांप को बचाने के लिए सर्प मित्र सागर यादव को फोन किया। सर्प मित्र की टीम ने सांप को तारों से बाहर निकाल। इसकी बात उसे लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचे। वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर अरविंद गुप्ता ने सांप का उपचार किया। दर्द के कारण सांप आक्रामक हो गया था। चिकित्सा गुप्ता ने सांप के शरीर में जिस जगह की स्किन फटी हुई थी, उसे जगह पर एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देकर शून्य कर दिया था। इसके बाद टीम की मदद से मशक्कत के बाद सांप को 20 टांके लगाकर फटी चमड़ी को बंद किया गया। दर्द कम करने के दो एंटीबायोटिक के इंजेक्शन लगाए गए। घायल सांप को सिर्फ मित्र को सौंप दिया गया। दो दिन बाद स्वास्थ्य परीक्षण होगा पशु चिकित्सक के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया सांप के शरीर की चमड़ी और मशल्लस फट गई थी, टांके लगाकर उसे बंद किया गया। 2 दिन के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
पति से विवाद के बाद महिला टंकी पर चढ़ी:बोलीं-ठीक से बात नहीं करता पति, पुलिस-प्रशासन ने की समझाइश
लालसोट क्षेत्र के खटवा गांव में बुधवार सुबह एक महिला अपने पति से विवाद के बाद पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूचना मिलते ही लालसोट पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। महिला बोलीं-पति ठीक से बात नहीं करता है खटवा गांव निवासी आरती देवी नामक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि वह उसे ठीक से नहीं रखता और उससे बात भी नहीं करता। महिला का कहना है कि वह अपने पति के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए टंकी पर चढ़ी है। पुलिस पति से भी कर रही पूछताछ लालसोट थाना पुलिस महिला से लगातार बातचीत कर उसे नीचे उतारने की कोशिश कर रही है। लालसोट के एएसपी विनोद सीपा ने बताया कि महिला ने अपने विवाद को लेकर अब तक थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस मामले में महिला के पति से भी पूछताछ कर रही है और महिला को समझाने का प्रयास जारी है।
लुधियाना में एक महिला से लूटपाट का मामला सामने आया है। महिला ने बदमाशों का डटकर मुकाबला किया, लेकिन आरोपी उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार तड़के करीब 4 बजे की है। महिला एटीआई रोड पर करतार चौक के पास थैला लेकर पैदल जा रही थी। उस समय सड़क पर सन्नाटा था। इसी दौरान सामने की ओर से बाइक पर सवार दो युवक आए। उन्होंने पहले महिला को रोकने की कोशिश की और फिर कुछ दूरी पर जाकर रुक गए। इसके बाद चार नकाबपोश बदमाशों ने महिला को घेर लिया और लूटपाट की कोशिश की। महिला ने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद महिला बदमाशों से भिड़ती रही और अपना सामान बचाने का प्रयास करती रही। काफी देर तक संघर्ष के बाद आरोपी महिला का मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। (पढ़ें पूरी खबर) वैष्णो देवी से लौट रहे श्रद्धालुओं का एक्सीडेंट, एक व्यक्ति की मौत लुधियाना के साहनेवाल इलाके में वैष्णों देवी से लौट रहे यात्रियों का एक्सीडेंट हो गया। यात्री आल्टो कार में सवार थे। कार के आगे एक अज्ञात वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दी जिस कारण पीछे से आ रही गाड़ी अनियंत्रित हो गई। कार में बैठे लोगों को काफी चोटें आई। एक 46 वर्षीय व्यक्ति के सिर पर ज्यादा चोट लगने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल भेजा गया। जहां से चंडीगढ़ रेफर किया लेकिन वहां व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। मृतक व्यक्ति के दो बच्चे बेटा और बेटी है। मृतक देहरादून का रहने वाला था। जबकि उसकी पत्नी और दोनों बच्चे घायल हो गए। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर)
यूपी के बरेली में चीनी मांझे से गन्ना मंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्य वीर गंगवार की गर्दन कटने के मामले में अब बरेली पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने इस मामले में बारादरी थाने में हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने माना है कि चीनी मांझा जानलेवा है, जिससे किसी की जान जा सकती है। पुलिस ने दिनभर जगह-जगह चाइनीज मांझे को लेकर छापेमारी भी की, हालांकि पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी। पुलिस को कहीं भी जानलेवा चाइनीज मांझा नहीं मिला। स्कूटी से जा रहे छात्र आदित्यवीर की गर्दन में फंस गया था जानलेवा मांझादरअसल सोमवार की सुबह प्रेमनगर थाना क्षेत्र की बीडीए कालोनी निवासी गन्ना मंत्री के भाई व पीलीभीत जिले के ललौरी खेड़ा ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख अजय वीर सिंह गंगवार का बेटा अपनी ई-स्कूटी से अपने दोस्त के साथ श्यामगंज फ्लाईओवर से रनिंग के लिए कंपनी गार्डन जा रहा था। आदित्यवीर स्कूटी चला रहा था और उसका दोस्त पीछे बैठा हुआ था, तभी जानलेवा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में बुरी तरह फंस गया। उसने एक हाथ से मांझे को हटाने का प्रयास किया तो उसके हाथों की अंगुलियां और हथेली कट गईं और स्कूटर भी गिर पड़ा। जिसमें उसकी गर्दन, गाल, होंठ और कान कट गए। खून से लथपथ आदित्यवीर और उसका दोस्त फौरन स्कूटी से खुद ईशान हॉस्पिटल पहुंचे। गन्ना मंत्री ने डीएम-एसएसपी को दिए सख्ती के निर्देशअस्पताल पहुंचते ही अस्पताल का पूरा फर्श खून से लाल हो गया। फौरन डॉक्टर कौशल कुमार ने आदित्यवीर को बिना देर किए एडमिट किया और परिवार को फोन करके जानकारी दी। जैसे ही इस बात की जानकारी परिवार को हुई तो हड़कंप मच गया। फौरन गन्ना मंत्री संजय गंगवार सारे काम छोड़कर अपने भतीजे को देखने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा जब चाइनीज मांझे को सीएम योगी ने प्रतिबंधित कर दिया है तो कैसे इसका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य को निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर चाइनीज मांझा बिकना नहीं चाहिए। रनिंग के लिए जा रहे छात्र आदित्यवीर की मांझे से कटी थी गर्दनजिसके बाद पुलिस हरकत में आई, पूरे दिन छापेमारी की गई। जिसके बाद बारादरी थाने में दारोगा योगेश कुमार लोकहना की ओर से हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरोगा की ओर से लिखाए गए मुकदमे में कहा गया है कि 15 जून को मैं और सब इंस्पेक्टर अखिलेश उपाध्याय मय कांस्टेबल देवेन्द्र कुमार के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। समय करीब 7 बजे आदित्यवीर सिंह गंगवार पुत्र अजवीर सिंह गंगवार अपने घर से गांधी उद्यान में दौड़ (रनिंग) करने के लिए जा रहा था। श्यामगंज फ्लाईओवर से उतरते समय अज्ञात व्यक्ति द्वारा सड़क/पुल पर लापरवाही एवं घातक रूप से छोड़े गए चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन, होंठ एवं कान पर तेज धारदार हथियार की भांति चोट लगी, जिससे उसके होंठ, कान, गर्दन का पिछला भाग तथा गर्दन का निचला हिस्सा गंभीर रूप से कट गया। चोटें अत्यंत गंभीर और जीवन के लिए संकटकारी प्रकृति की हैं। घायल को तत्काल उपचार हेतु ईशान हॉस्पिटल, विकास भवन के सामने भर्ती कराया गया, जहां घायल का उपचार चल रहा है। पुलिस ने माना कि प्रतिबंधित और अत्यंत घातक चाइनीज मांझे के उपयोग, विक्रय, प्रयोग के कारण यह घटना हुई है। ऐसे घातक मांझे के प्रयोग से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। यह कृत्य मानव जीवन को संकट में डालने वाला और जान से मारने के प्रयास के समान है। जिस पर अज्ञात व्यक्ति, विक्रेता और उपयोगकर्ता के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किया जाना आवश्यक है। इस मामले में घटना के संबंध में धारा 109 BNS हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया गया है।
भिंड जिले में गोरमी थाना पुलिस ने अपने ही 19 वर्षीय भतीजे की हत्या कर फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। शादी में हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए आरोपी ने एक महीने पहले तौलिये से भतीजे का गला घोंटा और शव को सिंध नदी की रेत में दफना दिया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब एक साल पहले एक शादी समारोह के दौरान चाचा और भतीजे के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए चाचा ने अपने एक साथी के साथ मिलकर भतीजे पिंटू करण (19 वर्ष) की हत्या की खौफनाक साजिश रची। नदी किनारे ले जाकर तौलिये से घोंटा गलाआरोपी चाचा योजना के तहत पिंटू को बहाने से रौन थाना क्षेत्र के इंदरूखी गांव के पास ले गया। वहां सिंध नदी के किनारे तौलिये से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या का राज किसी के सामने न खुले, इसलिए आरोपियों ने शव को वहीं नदी किनारे रेत में गाड़ दिया था। 10 मई को पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगीपुलिस के अनुसार, 10 मई 2026 को गोरमी थाना क्षेत्र निवासी युवक के पिता ने बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज कुमार वर्मा, एएसपी प्रदीप पटेल और मेहगांव एसडीओपी संजय कोच्छा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित कर तलाश शुरू की गई थी। रेत से हड्डियां बरामद, साथी पहले ही हो चुका था गिरफ्तारविवेचना के दौरान पुलिस की टीम ने सिंध नदी के किनारे से मृतक पिंटू की अस्थियां और हड्डियां बरामद कीं। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को हत्या में बदलते हुए बीएनएस (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। इस हत्याकांड में शामिल चाचा के साथी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। 16 जून को पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपीघटना के बाद से ही मुख्य आरोपी चाचा फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आखिरकार एक महीने बाद 16 जून को गोरमी पुलिस ने उसे धर दबोचा। इस अहम कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष शर्मा, एसआई अजय कुमार मिश्रा, आरक्षक सूरज, राजकुमार, अनिल राठौर, सुनील सिंह और पंकज शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जगदलपुर की एक युवती से UP के युवक ने फेसबुक के जरिए दोस्ती की, युवती को प्रेमजाल में फंसाया फिर होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। युवती की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार था और मोबाइल बंद कर अपनी लोकेशन छिपाकर रह रहा था। हालांकि, लगातार तलाशी के बाद बस्तर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर जगदलपुर लाया है। जहां से न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। होटल में बुलाकर बनाया अश्लील वीडियो, फिर कई बार किया दुष्कर्म पुलिस के मुताबिक, युवती ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी रवि कुमार राजभर (22) से हुई थी। दोनों के बीच रिश्ते गहरे होते गए। युवक युवती से मिलने जगदलपुर आया। इसके बाद शहर के एक होटल में बातचीत के बहाने ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को कई बार शारीरिक शोषण का शिकार बनाया। जब युवती ने उससे मिलने से इनकार किया तो वह अश्लील वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देने लगा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घर पर नहीं मिलता था आरोपी, मुखबिर की मदद से पकड़ा गया एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी वारदात के बाद से अपने घर में स्थाई रूप से नहीं रह रहा था और लगातार बाहर आना-जाना कर रहा था। पुलिस ने स्थानीय मुखबिर को सक्रिय कर रात में दबिश दी और मऊ जिले के नसीराबाद इलाके से आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसके मोबाइल फोन से पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो भी बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर जगदलपुर लाकर जेल भेज दिया गया है।
शाजापुर जिले के ग्राम खेड़ा पहाड़ में पिछले 15 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। ट्रांसफार्मर (डीपी) जल जाने के कारण ग्रामीण भीषण गर्मी के बीच अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अधिकांश उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल जमा कर दिए हैं और उन पर कोई बड़ा बकाया नहीं है। इसके बावजूद, बिजली कंपनी 80 से 90 हजार रुपए के बकाया बिल का हवाला देकर नई डीपी लगाने से इनकार कर रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े गांवों में लाखों रुपए बकाया होने पर भी राजनीतिक संरक्षण के कारण तुरंत ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं, जबकि छोटे गांवों की उपेक्षा की जा रही है। ग्रामीण बोले-फोन चार्ज के लिए भी दूर जाना पड़ता ग्रामीण दिनेश बंजारा ने बताया कि बिजली न होने से मोबाइल चार्ज करने के लिए उन्हें शहर जाना पड़ रहा है। खाना बनाने, बच्चों की पढ़ाई और अन्य दैनिक कार्यों में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 181 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में, बिजली कंपनी के ग्रामीण जेई पवन पाटीदार ने बताया कि गांव में कुल 42 बिजली कनेक्शन हैं और लगभग 80 हजार रुपए का बिल बकाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 प्रतिशत बकाया राशि जमा होने के बाद ही डीपी बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में कालू रोड पर मंगलवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में घायल दूसरे सगे भाई की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में पहले रामकुमार सारस्वत की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके भाई देवकरण सारस्वत को पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या दो हो गई है। ट्रोमा सेंटर पर लापरवाही का आरोप मृतक रामरख के साथ पीबीएम अस्पताल पहुंचे परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने के कारण रामरख की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमने-सामने की टक्कर में दो भाइयों की गई जान मंगलवार शाम कालू रोड पर गुसाईंसर बड़ा के पास मारुति एर्टिका कार और पिकअप-कैम्पर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई थी। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार गांव राजेरा निवासी रामकुमार सारस्वत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके भाई रामरख (देवकरण) गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में पिकअप भी पलट गई। पिकअप में सवार गांव सातलेरा निवासी गिरधारीलाल जाखड़, उनकी पत्नी शारदा जाखड़, बेनीसर निवासी संतोष जाखड़ और श्रीडूंगरगढ़ निवासी गौरव टाडा भी घायल हो गए। समाजसेवी संस्थाओं की एंबुलेंस से पहुंचाए अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी और आपणों गांव सेवा समिति की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सेवादारों ने सभी घायलों को श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पांचों घायलों को बीकानेर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, विधायक ताराचंद सारस्वत के पुत्र शिव सारस्वत, आरएलपी नेता विवेक माचरा, दलित नेता राजेंद्र बापेऊ और कॉमरेड सीमा जैन सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता पीबीएम ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और घायलों तथा परिजनों की मदद में जुटे रहे। दो दिन में 9 मौतों से सदमे में क्षेत्र श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में लगातार दो दिनों के भीतर सड़क हादसों में 9 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इससे पहले सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की जान चली गई थी। अब कालू रोड हादसे में दो सगे भाइयों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गम का माहौल है।
लखनऊ के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर परीक्षा देने जा रही एक छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास किया गया। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने चाकू की नोक पर छात्रा को आम के बाग में खींच कर उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने छात्रा के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। छात्रा के अनुसार, वह मंगलवार दोपहर बीए थर्ड ईयर की परीक्षा देने जा रही थी। गांव के बाहर स्थित आम के बाग के पास तेज बहादुर उर्फ तेजा ने उसे रोक लिया। छात्रा का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी और उसे जबरन बाग में खींच ले गया। ‘दुष्कर्म के इरादे से कपड़े फाड़ने लगा’ पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे आम के बाग में खींच ले जाने के बाद दुष्कर्म के इरादे से उसके कपड़े फाड़ने लगा। जब छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द बोले। मारपीट के दौरान छात्रा बेहोश हो गई। होश आने पर वह अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना पर परिजन छात्रा को लेकर बीकेटी थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी। बीकेटी के एसीपी विकास पांडे ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी तेज बहादुर उर्फ तेजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। छात्रा बोली- शोर मचाने पर मुंह और गला दबाया छात्रा ने बताया कि वह दोपहर में बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा देने कॉलेज जा रही थी, जो 2:30 बजे शुरू होनी थी। जैसे ही वह गांव के बाहर पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे तेजबहादुर ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ और पीठ में चोटें आईं। छात्रा के अनुसार, जब उसने शोर मचाया तो आरोपी ने उसका मुंह और गला दबा दिया, जिससे वह मौके पर गिर पड़ी। उसे मरा हुआ समझकर आरोपी वहां से फरार हो गया। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- गाजियाबाद में शादी टूटने पर 2 बहनों को गोली मारी : पड़ोसी की खिड़की का शीशा तोड़कर घुसा, बोला- मुझसे पैसे लेकर रिश्ता तोड़ा गाजियाबाद में शादी टूटने से नाराज एक युवक ने घर में घुसकर 2 सगी बहनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, वारदात के बाद कार से थाने जाते समय आरोपी ने खुद का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें उसने लड़की और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। (पूरी खबर पढ़िए)
कोटा में 5 प्रसूताओं (महिलाओं) की मौत के असल कारण सामने आ गए हैं। 3 अलग-अलग जांच कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर हाई लेवल कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट में सभी की मौत के अलग-अलग कारण माने गए हैं। एक मामले में तो 4 माह की गर्भवती के बच्चेदानी में इंफेक्शन होने के बावजूद टांके लगाने का खुलासा हुआ है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 13 दिन में 5 ने तोड़ा दम कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज और जेके लोन हॉस्पिटल में एक के बाद एक पांच प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल्योर की घटना से हड़कम्प मच गया था। पहली मौत 5 मई को अनंतपुरा निवासी पायल की हुई थी। सात मई को ज्योति की मौत का मामला सामने आया। 9 मई को सुवांसा की प्रिया की मौत हुई थी। 10 मई को पिंकी और 17 मई को 20 साल की शिरिन ने दम तोड़ दिया। इस मामले में सबसे पहले कोटा के अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय जांच कमेटी बनाई थी। इसके बाद जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की जांच कमेटी बनाई गई थी। फिर एम्स की कमेटी ने भी जांच की थी। हाई लेवल जांच कमेटी ने तमाम कमेटियों की रिपोर्ट को एग्जामिन (परीक्षण) कर पांचों महिलाओं की मौत के कारण अपनी रिपोर्ट में लिखे हैं। हालांकि अब इस रिपोर्ट को भी प्रमुख गायनोकोलॉजिस्ट के सामने रखने की चर्चाएं हैं। एक गर्भवती महिला की मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म रिपोर्ट के अनुसार, एक गर्भवती की मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म है। यह तब होता है, जब फेफड़ों की धमनी (आर्टरी) में कोई रुकावट आ जाती है। यह रुकावट आमतौर पर शरीर के किसी अन्य हिस्से में बने ब्लड के थक्के के टूटकर फेफड़ों तक पहुंचने से होती है। जब यह थक्का फेफड़ों की ब्लड वेन्स में फंस जाता है तो फेफड़ों के उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है और फेफड़ों के टिश्यू को नुकसान पहुंच सकता है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म गर्भावस्था और प्रसव (डिलीवरी) के बाद के समय में मां की मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में ब्लड का थक्का जमने की आशंका सामान्य समय की तुलना में काफी अधिक होती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में ऐसे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो ब्लड को अधिक आसानी से जमाने में मदद करते हैं, ताकि प्रसव के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग को रोका जा सके। गर्भाशय के बढ़ने से पेल्विक नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे पैरों से हृदय की ओर ब्लड का फ्लो धीमा हो जाता है। हाइपोवोलेमिया से मल्टी ऑर्गन फेलियर, गर्भवती की मौत रिपोर्ट में एक महिला की मौत की वजह हाइपोवोलेमिया से मल्टी ऑर्गन फेलियर को माना गया है। हाइपोवोलेमिया का मतलब है, शरीर में ब्लड या फ्लूइड्स की मात्रा का बहुत कम हो जाना। जब शरीर में ब्लड की कमी होती है तो हृदय शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंचा पाता। इसकी मुख्य वजह होती है प्रसव के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होना। हाइपोवोलेमिया के कारण मल्टी-ऑर्गन फेलियर हो जाता है। यदि प्रसव के दौरान या किसी जटिलता के कारण तेजी से खून बहता है तो स्थिति बहुत जल्दी बिगड़ सकती है। एक गर्भवती की मौत की वजह कार्डियक प्रॉब्लम कार्डियक प्रॉब्लम गर्भावस्था के दौरान होने वाली मां की मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में ब्लड की मात्रा और हृदय की कार्यक्षमता में काफी वृद्धि होती है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि महिला को पहले से कोई हृदय रोग है या गर्भावस्था के दौरान कोई नई समस्या उत्पन्न होती है तो यह स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। एक गर्भवती की मौत पीपीएच के कारण हुई रिपोर्ट में एक महिला की मौत की वजह पीपीएच को माना गया है। पीपीएच का फुलफॉर्म होता है पोस्टमॉर्टम हेमरेज। इसका अर्थ है डिलीवरी के तुरंत बाद बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना। ये गर्भावस्था के दौरान मां की मौत के सबसे सामान्य और प्रमुख कारणों में से एक है। जब प्रसव के बाद यूटरस से इतनी मात्रा में ब्लड निकल जाए कि शरीर में ब्लड की कमी हो जाए। हार्ट शरीर के अंगों को ऑक्सीजन पहुंचाने में असमर्थ हो जाए तो स्थिति जानलेवा हो जाती है। यदि इसका तुरंत इलाज न किया जाए तो यह कुछ ही घंटों में मल्टी-ऑर्गन फेलियर का कारण बनकर महिला की जान जा सकती है। चार महीने की गर्भवती की बच्चेदानी में इन्फेक्शन के बावजूद लगा दिए टांके जांच में सामने आया है कि चार महीने की गर्भवती के बच्चेदानी में इंफेक्शन के बावजूद टांके लगा दिए गए थे। बच्चेदानी में इन्फेक्शन होने पर टांके लगाना कठिन निर्णय माना जाता है। इससे इन्फेक्शन और फैलने का खतरा रहता है। यदि किसी इन्फेक्टेड जगह को टांकों से बंद कर दिया जाता है तो बैक्टीरिया अंदर ही फंस सकते हैं। इससे मवाद बन जाता है। इस मामले में भी इन्फेक्शन फैल गया और फिर मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण गर्भवती की मौत हो गई। प्रशासनिक और सुपरविजन की कमी भी कारण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाईलेवल जांच कमेटी ने इस मामले में प्रशासनिक और सुपरविजन की कमी को भी कारण माना है। हालांकि एम्स की जांच टीम ने ऑपरेशन थिएटर में इन्फेक्शन की आशंका जताई है, लेकिन हाईलेवल कमेटी के सामने ओटी में इंफेक्शन से किसी भी प्रसूता की मौत का कारण सामने नहीं आया है। मामले में अब तक की कार्रवाई घटना के बाद प्रारंभिक जांच में चिकित्सा प्रोटोकॉल और प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही मानते हुए सह आचार्य जनरल सर्जरी विभाग डॉ. नवनीत कुमार को निलंबित कर दिया गया था। यूटीबी पर कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. श्रद्धा उपाध्याय को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा सीनियर नर्सिंग अधिकारी गुरजौत कौर और निमेश वर्मा को भी निलंबित किया गया था। वहीं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के यूनिट हेड डॉ. बीएल पाटीदार और यूनिट हेड डॉ. नेहा सीहरा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन जांच में फेल घटना के बाद ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने कई दवाओं के सैम्पल लेकर जांच भी कराई थी। इनमें एक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का सैंपल जांच में फेल हो गया था। इस इंजेक्शन में कटेंट शून्य पाया गया था, यानि इस इंजेक्शन का मूल घटक ही जांच में नहीं मिला। ड्रग डिपार्टमेंट द्वारा एक ही कंपनी के ऑक्सीटोसिन नाम के इंजेक्शन के दो अलग-अलग बैच की जांच कराई गई थी। इनमें एक पास हो गया,लेकिन दूसरे बैच के इंजेक्शन में कंटेंट नहीं मिला। ड्रग डिपार्टमेंट के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन आईपी 5 IU/ml [tocin] b.no. I-7881,D/M NOV/2025,D/E OCT/2027 में कंटेंट नहीं मिला था। ये इंजेक्शन अमृतसर की जेकसन लेब्रोट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का था। इसकी खरीद भी लोकल लेवल पर की गई थी। -------- ये खबरें भी पढ़िए…
हरियाणा के IDFC बैंक घोटाले में बंद पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुरेंद्र जैन को उनकी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए अदालत से बड़ी राहत मिली है। पंचकूला की अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने के बजाय पुलिस सुरक्षा में शादी समारोह में शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। इस दौरान वह पूरी तरह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। पंचकूला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने 15 जून को यह आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को न तो जमानत पर रिहा माना जाएगा और न ही इसे पैरोल अथवा फरलो का लाभ माना जाएगा। वह पूरे समय पुलिस की निगरानी में रहेगा। भांजी की शादी का दिया हवाला आवेदन में बताया गया कि सुरेंद्र जैन की भांजी दीपिका का विवाह 3 जुलाई को होना है। शादी से जुड़े कार्यक्रम 2 जुलाई से शुरू होंगे। दिल्ली के गाजीपुर स्थित पार्टी हॉल में 2 जुलाई को 'मांढा' की रस्म होगी, जबकि रोहतक में 3 जुलाई को बारात का स्वागत और 4 जुलाई को विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। परिवार की ओर से सभी बुकिंग पहले ही कराई जा चुकी हैं और ये गैर-वापसी योग्य हैं। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सुरेंद्र जैन अपनी भांजी के इकलौते मामा हैं और पारिवारिक रस्मों के निर्वहन के लिए उनकी मौजूदगी आवश्यक है। कोर्ट में क्या रखीं दलीलें व ऑर्डर:::
भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया पर आज मेवाड़ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मना रहा है। सबसे पहला कार्यक्रम आज सुबह फतहसागर झील किनारे स्थित मोती मगरी स्मारक में प्रताप जयंती श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रगौरव के भाव के साथ मनाई गई। महाराणा प्रताप स्मारक समिति द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों ने भाग लेकर मेवाड़ के महान योद्धा को नमन किया। समारोह प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा को पुष्पमालाओं एवं आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया। मेवाड़ राजपरिवार के पूर्व सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से महाराणा प्रताप की स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनकी 486वीं जयंती के प्रतीक स्वरूप 486 दीप प्रज्ज्वलित किए गए तथा 486 किलोग्राम लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और अदम्य संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करे, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मोती मगरी परिसर में देशभक्ति, श्रद्धा और गौरव का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान, शौर्य और स्वाभिमान को स्मरण किया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने जयंती के अवसर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक स्मारक में आज आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई। इस पहल से बड़ी संख्या में लोगों ने स्मारक पहुंचकर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रताप जयंती पर ये खबरें भी पढ़े… राजा का फैसला बदलकर प्रताप को गद्दी पर बैठाया था:महाराणा ने मुगलों की बंदी महिलाओं को वापस भेजा, पढ़िए– इतिहास के 5 अनसुने किस्से महाराणा प्रताप की आज 486वीं जन्मतिथि और हल्दीघाटी युद्ध के 18 जून को 450 साल पूरे हो रहे हैं। भास्कर ने प्रताप गौरव केंद्र के शोध प्रभारी डॉ. विवेक भटनागर, एमजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ सुदर्शन सिंह राठौड़ और सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मनीष श्रीमाली से बात कर उनके जीवन के बारे में जाना।
टोंक में बीमार पिता को बचाने के लिए बेटा सड़क पर हाथ जोड़ता रहा, लेकिन आरोप है कि यातायात पुलिस नियमों के पालन में ऐसी उलझी कि मानवता पीछे छूट गई। पीपलू के जवाली गांव निवासी महेंद्र ने आरोप लगाया है कि गंभीर रूप से बीमार पिता शिवजी लाल यादव को अस्पताल ले जाते समय यातायात पुलिसकर्मी ने तीन सवारी और बिना हेलमेट का हवाला देकर उनकी बाइक रोक ली। बार-बार अस्पताल पहुंचाने की गुहार के बावजूद सिपाही करीब एक घंटे तक चालान काटने की जिद पर अड़ा रहा। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान शिवजी लाल की मौत हो गई। बेटे ने मौत के लिए इलाज में हुई देरी को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की शिकायत एसपी रोशन मीणा से की गई है। अब पढ़िए… सिलसिलेवार घटनाक्रम पिता की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल लेकर निकलामहेंद्र के अनुसार, 14 जून की सुबह पिता शिवजी लाल यादव का बीपी अचानक बढ़ गया था। वह दोस्त की मदद से पिता को बाइक पर बैठाकर सोहेला होते हुए टोंक के सआदत अस्पताल जा रहा था। छावनी चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मी राजकुमार शर्मा ने बाइक रुकवा ली। बाइक पर तीन लोग सवार थे और चालक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। पुलिसकर्मी पर बाइक रोकने और चाबी रखने का आरोपमहेंद्र का आरोप है कि उसने पुलिसकर्मी को पिता की गंभीर हालत बताते हुए वाहन का नंबर नोट कर बाद में चालान बनाने के लिए कहा, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने बाइक की चाबी अपने पास रख ली। इस दौरान पिता की हालत बिगड़ती रही और मजबूर होकर उन्हें पुलिस लाइन के बाहर नीम के पेड़ के नीचे लिटाना पड़ा। एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचे, इलाज के दौरान मौतमहेंद्र के अनुसार, करीब एक घंटे बाद चालान भरने पर बाइक वापस मिली। दोपहर 12:45 बजे उन्हें सआदत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पिता को इमरजेंसी से तुरंत आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा, लेकिन दोपहर 2 बजे उनकी मौत हो गई। पुलिसकर्मी ने आरोपों को बताया गलत, एसपी ने कहा- जांच करेंगे वहीं, यातायात पुलिसकर्मी राजकुमार शर्मा ने कहा - बुजुर्ग की तबीयत खराब नहीं लग रही थी। बाइक की चाबी छीनने जैसे आरोप झूठे हैं। डॉक्टर ने कहा- हालत गंभीर थी सआदत अस्पताल की डॉ. दिशा साहनी ने बताया- शिवजी लाल को घबराहट और बढ़े हुए रक्तचाप की स्थिति में लाया गया था। उन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट देकर आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
खैरथल रेलवे स्टेशन पर मंगलवार से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया है। स्टेशन परिसर में मौजूद जनप्रतिनिधियों और लोगों ने लोको पायवट और गार्ड का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिठाई खिलाई। 1 घंटा 5 मिनट लेट पहुंची ट्रेन हालांकि स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा पांच मिनट लेट खैरथल पहुंची। ट्रेन का निर्धारित समय शाम 7:52 बजे था, लेकिन यह रात 8:57 बजे स्टेशन पहुंची। बावल-माजरी नांगल रेलखंड के बीच एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की घटना के कारण ट्रेन लेट हो गई। ट्रेन पहुंचने पर भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर और भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन अशोक डाटा, खैरथल भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा, किसान नेता टिल्लू शर्मा, पार्षद विक्रम यादव, रामबाबू जाटव सहित कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पहले दिन 6 यात्रियों ने कराया आरक्षण स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के ठहराव को पहले ही दिन यात्रियों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला। खैरथल रेलवे स्टेशन से कुल 6 यात्रियों ने टिकट आरक्षित कराए, जिनमें 5 यात्रियों ने अलवर और 1 यात्री ने बांदीकुई के लिए आरक्षण कराया। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेन के ठहराव से खैरथल और आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी। वहीं क्षेत्रवासियों ने इसे खैरथल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में रेलवे सुविधाओं का और विस्तार होगा तथा अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव भी सुनिश्चित किया जाएगा।
शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कुबरा में मंगलवार रात एक नवविवाहिता का शव कुएं में मिला। महिला चार महीने की प्रेग्नेंट है, करीब छह महीने पहले उसकी शादी हुई थी।। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकलवाया। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। घर में अकेली थी, कुएं के पास मिली चप्पल पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान दीपा साहू (21), पत्नी रवि साहू, निवासी ग्राम कुबरा के रूप में हुई है। दीपा का मायका मोहानी गांव में है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना के समय वह घर में अकेली थी, जबकि उसके पति और परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। पानी भरने के दौरान हादसे की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दीपा घर के सामने स्थित कुएं से पानी भरने गई थी और इसी दौरान किसी कारणवश कुएं में गिर गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। शाम को जब पति रवि साहू घर लौटे तो पत्नी घर में नहीं मिली। काफी तलाश के बाद कुएं के पास एक चप्पल दिखाई दी। अनहोनी की आशंका पर ग्रामीणों की मदद से कुएं में तलाश की गई, जहां कांटे की सहायता से शव होने की पुष्टि हुई। सूचना मिलते ही जयसिंहनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। माता-पिता के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने बताया कि मृतका के माता-पिता मजदूरी के सिलसिले में पुणे गए हुए हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तब तक शव को अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, दीपा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और उसका कोई भाई नहीं है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के करोड़पति कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर सफाई दी। टिन्नू ने कहा- जिस जमीन की कीमत 50 करोड़ बताई जा रही है, उसे मैंने साल 2008 में खरीदा था। मैंने ऑटो चलवाकर कमाई की है। चढ़ावे की गिनती से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। टिन्नू ने 50 करोड़ रुपए की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सच का फैसला भगवान श्रीराम करेंगे। इससे पहले चढ़ावा चोरी को लेकर पुलिस के पास 3 शिकायतें पहुंचीं। पहली- धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने की। दूसरी- यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला और तीसरी- करणी सेना ने की है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई भी FIR दर्ज नहीं की है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, भगवान की FIR बड़ी होगी। हम-आप जो कानून वाली FIR करवाते हैं, उसका क्या करोगे? सुबह 11 बजे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम, यानी SIT जांच के लिए मंदिर पहुंची थी। साथ में अयोध्या DM शशांक त्रिपाठी और SSP डॉ. गौरव ग्रोवर भी थे। टीम ने ट्रस्ट के करीब 50 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ की है। रात साढ़े 8 बजे टीम मंदिर से रवाना हो गई। टीम ने सोमवार को ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से चढ़ावा चोरी को लेकर जानकारी ली थी। इसके अलावा, ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को SIT ने बुलाकर उनसे सवाल-जवाब किए। टीम ने 42 संदिग्ध कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। SIT का सवाल- कर्मचारियों की जाते वक्त जांच होती थी या नहीं? सूत्रों के अनुसार, SIT ने सोमवार को सबसे पहले चंपत राय से जांच की जानकारी ली। इसके बाद एक-एक संदिग्ध से बंद कमरे में पूछताछ की। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में प्रवेश के समय कर्मचारियों की चेकिंग होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय नहीं होती थी। अब तक 2 करोड़ की बरामदगी चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था चढ़ावा चोरी से जुड़ी हुई ये खबरें भी पढ़ें- राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450वें साल के मौके पर आज उदयपुर के गांधी ग्राउंड (महाराणा भूपाल स्टेडियम) में 'राष्ट्र चेतना संकल्प सभा' शुरू होगी। इस महाकुंभ में सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मुख्य वक्ता रहेंगे। वह मंगलवार को ही उदयपुर पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे सीधे प्रताप गौरव केन्द्र पहुंचे। 57 फीट ऊंची प्रतिमा का दुग्धाभिषेक, रोशनी से नहाया गौरव केन्द्र समारोह की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रताप गौरव केन्द्र में स्थित महाराणा प्रताप की 57 फीट ऊंची बैठक प्रतिमा का मंत्रोचार के साथ दुग्धाभिषेक किया गया। दुग्धाभिषेक कार्यक्रम में पहुंचे राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने कहा कि महाराणा प्रताप 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के धनी थे। उन्होंने बताया कि प्रताप जैसी महान विभूति का चैप्टर उन्होंने खुद पाठ्यक्रम में जुड़वाया है। वहीं उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि देश को ऐसा सपूत मिला जिसने विषम परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी। कार्यक्रम में विधायक फूल सिंह मीणा, संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख अरुण जैन और क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल सहित कई बड़े नाम मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. रमन कुमार सूद ने किया और अतिथियों का स्वागत सीए महावीर चपलोत ने किया। आज दोपहर 2 बजे के बाद से अगले 4 दिनों तक यानी 20 जून तक केंद्र का एंट्री टिकट सिर्फ 50 रुपए रहेगा। घर-घर पहुंचे 2 लाख पत्रक, गुजरात-MP तक न्योता समिति के महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि इस सभा के लिए हल्दीघाटी विजय की गौरव गाथा वाले 2 लाख पत्रक बांटे गए हैं। यह पत्रक उदयपुर के अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, सलूम्बर, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, झालावाड़ के साथ-साथ गुजरात और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी पहुंचाए गए हैं। 3 डोम, 20 हजार कुर्सियां और हल्दीघाटी की मिट्टी से बनी तस्वीर सभा के लिए 2 लाख वर्गफीट में 3 विशाल डोम बनाए गए हैं, जहां 20 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगी हैं। गर्मी से बचाने के लिए पंखे और मिस्ट सिस्टम लगाए गए हैं। मंच के सामने मिट्टी से कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़ और हल्दीघाटी का लाइव दृश्य उकेरा गया है। सबसे खास आकर्षण कलाकार मनोहर कलार्थी द्वारा हल्दीघाटी की असली माटी से बनाई जा रही महाराणा प्रताप और मोहन भागवत की अनूठी तस्वीर है। प्लास्टिक फ्री रहेगा आयोजन, बाहर वालों को भोजन पैकेट कलेक्टर गौरव अग्रवाल और एसपी अमृता दुहन ने खुद व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। आयोजन को पूरी तरह सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त रखा गया है, पानी के लिए मिट्टी की बोतलें और डस्टबिन इस्तेमाल होंगे। बाहर से आने वाले 25 हजार से ज्यादा लोगों के लिए लौटते समय पार्किंग पर ही भोजन पैकेट दिए जाएंगे। एंट्री के लिए पास के रंग के हिसाब से अलग-अलग गेट और पार्किंग रूट तय किए गए हैं। शहर के मुख्य रास्तों से गांधी ग्राउंड तक आने-जाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था भी की गई है। --- ये खबर भी पढ़ें… महाराणा प्रताप पर मोती मगरी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब:486 दीपों से हुआ गौरव का प्रकाश तो 486 किलोग्राम लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया पर आज मेवाड़ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मना रहा है। सबसे पहला कार्यक्रम आज सुबह फतहसागर झील किनारे स्थित मोती मगरी स्मारक में प्रताप जयंती श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रगौरव के भाव के साथ मनाई गई। (पूरी खबर पढ़ें)
जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित जस्टिस संजय दिवेदी आयोग के समक्ष शिकायतकर्ताओं ने बयान दर्ज कराते हुए कई नए तथ्य और सवाल उठाए हैं। इनमें हादसे के बाद क्रूज और उसके इंजन को कथित रूप से तोड़े जाने, तकनीकी जांच नहीं होने और आपदा प्रबंधन में संभावित चूक जैसे मुद्दे शामिल हैं। क्रूज का इंजन तोड़े जाने पर सवाल सामाजिक कार्यकर्ता नीरज मिश्रा, अखिलेश त्रिपाठी और डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने आयोग के समक्ष कहा कि हादसे के बाद बचे हुए क्रूज और उसके इंजन की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विश्वभर में बड़े रेल, विमान और जलयान हादसों के बाद तकनीकी जांच कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाता है, लेकिन बरगी हादसे में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने हादसे के बाद क्रूज के क्षतिग्रस्त हिस्सों और इंजन को हटाने या तोड़ने की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। कलेक्टर की भूमिका पर भी उठे सवाल शिकायतकर्ताओं ने आयोग से मांग की कि हादसे के समय जिले में आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों, विशेषकर कलेक्टर के बयान भी दर्ज किए जाएं। अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जिला स्तर पर कलेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका और उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा आवश्यक है। क्रूज की फिटनेस और परमिट पर सवाल डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने आयोग को बताया कि बरगी बांध क्षेत्र में संचालन संबंधी कई प्रक्रियाओं के पालन को लेकर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि क्रूज के सर्विस सर्टिफिकेट, तकनीकी फिटनेस और संचालन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि क्रूज के रखरखाव और तकनीकी परीक्षण से जुड़े कई पहलुओं की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन पर आपत्तियां नीरज मिश्रा ने आयोग के समक्ष कहा कि हादसे के दौरान एंबुलेंस तो पहुंची थी, लेकिन उसमें डॉक्टर या पर्याप्त मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। आयोग ने कहा- जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट जस्टिस संजय दिवेदी ने बताया कि अधिकांश शिकायतकर्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कुछ शेष बयानों के बाद जांच का अगला चरण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि आयोग घटनास्थल का निरीक्षण, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर चुका है। जांच रिपोर्ट में जिम्मेदारियों और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं का उल्लेख किया जाएगा। आयोग ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित तीन माह की अवधि पूरी होने से पहले ही जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी। क्या था बरगी क्रूज हादसा? 30 अप्रैल की शाम जबलपुर के बरगी बांध में तेज हवाओं के दौरान एक पर्यटक क्रूज हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना में चार बच्चों सहित 13 पर्यटकों की मौत हो गई थी। घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के लिए जस्टिस संजय दिवेदी आयोग का गठन किया था। ये खबर भी पढ़ें… डूबते क्रूज में लाइफ जैकेट ढूंढते रहे यात्री जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट चढ़ाया गया। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। पढ़ें पूरी खबर… जबलपुर क्रूज हादसे का एक और VIDEO जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे का एक और वीडियो बुधवार को सामने आया। इसमें क्रूज से गिरने के बाद लोग पानी में जान बचाने के लिए तैरते दिखे। महिलाएं और बच्चे भी जद्दोजहद करते नजर आए। पढ़ें पूरी खबर…
बिजनौर जिले में अनाधिकृत रूप से संचालित यात्री वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने एक प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान कुल 17 बसों पर कार्रवाई की गई, जिनमें से पांच बसों को सीज किया गया और 12 बसों का चालान किया गया। अभियान मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा के निर्देशन में चलाया गया। इसके लिए दो टीमें गठित की गईं। एक टीम का नेतृत्व स्वयं महेश शर्मा ने किया, जबकि दूसरी टीम में पीटीओ मुन्ना लाल शामिल थे। यह अभियान चांदपुर-नूरपुर मार्ग, बिजनौर-मीरापुर मार्ग और नजीबाबाद मार्ग पर चलाया गया। परिवहन विभाग के अनुसार, इस दौरान कुल 17 बसों के खिलाफ सीज और चालान की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। सीट बेल्ट का उपयोग न करने, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने, रिफ्लेक्टर टेप न लगे होने और नंबर प्लेट न होने जैसी कमियों के कारण कुल 32 अन्य वाहनों का चालान किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध यात्री वाहनों को रोका गया। कुछ वाहन चालक कार्रवाई से बचने के लिए तेज गति से वाहन भगाकर निकलने का प्रयास करते दिखे, जबकि कई ने लिंक मार्गों का सहारा लेकर बचने की कोशिश की। हालांकि, विभागीय टीमों ने कई ऐसे वाहनों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की। कुछ वाहन मालिकों ने सिफारिश के माध्यम से कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने किसी की बात नहीं सुनी। एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि यह अभियान सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ चलाया गया। उन्होंने कहा कि पांच बसों को सीज किया गया और 12 बसों के चालान किए गए, साथ ही 32 अन्य वाहनों के भी चालान किए गए। शर्मा ने वाहन संचालकों से सभी आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा, जहां अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में पारे में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान में प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश भी रिकॉर्ड की गई। तापमान के आंकड़ों के लिहाज से, बिलासपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में आंधी-बारिश का अलर्ट आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक और धूलभरी आंधी की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मुज़फ़्फ़रनगर के प्रेमपुरी क्षेत्र में मंगलवार देर रात जैन औषधालय के पास एक बिजली के खंभे में आग लग गई। आग तेजी से फैली और उसने पूरे खंभे को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खंभे से लिपटे बिजली के केबल जलने लगे। आग की लपटें और धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। इस घटना के कारण प्रभावित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बाधित हो गई। यह घटना डॉक्टर हरेंद्र जैन के क्लीनिक के समीप हुई। आग लगने के बाद आसपास के लोगों में हलचल मच गई। इस दौरान एक व्यक्ति ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो देर रात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। गौरतलब है कि भीषण गर्मी के कारण इन दिनों बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़े हुए लोड के चलते बिजली के खंभों, केबलों और ट्रांसफार्मरों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से पुराने और जर्जर उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर मुख्य सचिव को विस्तृत सुझाव और आपत्तियां भेजी हैं। प्रशासन की ओर से डीरेगुलेशन 1.0 और डीरेगुलेशन 2.0 के तहत प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, जिसके जवाब में सांसद ने अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रखा है। मनीष तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधन शहर के शहरी स्वरूप, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और विरासत पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े बदलाव से पहले पारदर्शी, वैज्ञानिक और व्यापक जनभागीदारी वाली प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें सांसद मनीष तिवारी ने क्या कहा:- वार्ड-वार इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लूप्रिंट सार्वजनिक करने की मांग सांसद ने प्रशासन से वार्ड-वार म्यूनिसिपल सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लूप्रिंट सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी क्षेत्र में घनत्व वृद्धि या अतिरिक्त विकास अधिकार तभी दिए जाने चाहिए, जब वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और उनका विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
मधुबनी में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के कारण बुधवार सुबह से ही परीक्षार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने से शहर के प्रमुख मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। स्टेशन चौक और आरके कॉलेज परीक्षा केंद्र के आसपास सुबह करीब 7:30 बजे से वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ परीक्षार्थियों को भी आवागमन में काफी कठिनाई हुई। ट्रैफिक जाम के कारण कई परीक्षार्थियों को समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा देने आए राकेश कुमार, विमलेश कुमार, आदित्य सिंह, रौशनी कुमारी और पूजा कुमारी जैसे अभ्यर्थियों ने बताया कि जाम के कारण उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र तक पहुंचने में काफी समय लग रहा था, जिससे परीक्षा छूट जाने का भय बना हुआ था। अभ्यर्थियों ने प्रशासन से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की। परीक्षार्थियों और स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि जाम की समस्या को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। कई स्थानों पर वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही और सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण भी यातायात बाधित रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी और सड़क पर अतिक्रमण ने जाम को और विकराल बना दिया। शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। इस संबंध में ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन ने बताया कि परीक्षा के कारण शहर में बढ़ी भीड़ से कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बनी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और जल्द ही यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों तथा अतिक्रमण फैलाने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना के साहनेवाल में वैष्णो देवी से लौट रहे यात्रियों का एक्सीडेंट हो गया। यात्री ऑल्टो कार में सवार थे। बताया जा रहा है कि आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे पीछे आ रही कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में बैठे लोगों को काफी चोटें आई हैं। एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे में मृतक की पत्नी और दोनों बच्चे भी घायल हो गए। पुलिस ने वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वैष्णो देवी के दर्शन के बाद घर लौट रहे थे पुलिस को दी शिकायत में उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के मोहल्ला पट्टीवाला कठ निवासी रजनीश शर्मा ने बताया कि उनके बुआ के बेटे नरेंद्र कुमार (46) आदर्श नगर हरिद्वार रोड, देहरादून के रहने वाले थे। वह अपनी पत्नी रितेश, बेटे यश कुमार और बेटी रिया कुमारी के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद घर लौट रहे थे। वाहन से टकराई ऑल्टो कार 16 जून की सुबह करीब 4:30 बजे जब परिवार की कार साहनेवाल स्थित गुरुद्वारा रेरू साहिब के सामने पहुंची, तभी आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन ड्राइवर ने लापरवाही से ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे चल रही ऑल्टो कार उस वाहन से टकरा गई। घटना के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हादसे में कार सवार सभी लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने नरेंद्र कुमार को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। नरेंद्र प्राइवेट नौकरी करते थे। थाना साहनेवाल पुलिस ने शिकायतकर्ता रजनीश शर्मा के बयान के आधार पर अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 106, 125(ए), 125(बी) और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार चालक की पहचान के प्रयास कर रही है।
जिस बात पर वर्षों से अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रोटोकॉल से जुड़े लोगों का ध्यान नहीं गया, उसे डूंगरपुर की 13 वर्षीय छात्रा किम भारतीय ने देख लिया। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली किम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष विमान 'एयर इंडिया वन' पर अंकित राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की अधूरी दिखाई देने वाली छवि को लेकर चिंता जताते हुए सीधे पीएमओ को लेटर लिख दिया। फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा के दौरान गया ध्यान किम प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से जुड़ी खबरें और तस्वीरें नियमित रूप से देखती हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा के दौरान टीवी पर प्रसारित दृश्यों में उसने गौर किया कि विमान का मुख्य दरवाजा खुलने पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ का एक हिस्सा छिप जाता है। इससे भारत के राष्ट्रीय प्रतीक की पूरी आकृति दिखाई नहीं देती। किम का मानना है कि प्रधानमंत्री के विमान से उतरने और चढ़ने के दृश्य दुनिया भर के मीडिया में प्रसारित होते हैं। ऐसे में भारत की पहचान, गरिमा और गौरव का प्रतीक राष्ट्रीय चिन्ह हर स्थिति में पूर्ण रूप से दिखाई देना चाहिए। इसी सोच के साथ उसने प्रधानमंत्री ऑफिस को लेटर भेजकर सुझाव दिया कि अशोक स्तंभ को विमान पर ऐसी जगह स्थापित किया जाए, जहां उसकी पूरी आकृति हमेशा दिखाई दे। सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है किम कम उम्र में ही किम भारतीय सामाजिक मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही है। वह डूंगरपुर जिले में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चला चुकी है। अपने पिता के साथ जिलेभर में घूमकर लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा वह कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ भी जागरूकता अभियान में भाग ले चुकी है। विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उसने बेटियों के संरक्षण और सम्मान का संदेश लोगों तक पहुंचाया है। राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान से जुड़ा यह सुझाव बताता है कि उम्र भले छोटी हो, लेकिन देश और समाज के प्रति जागरूक सोच किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
सीहोर में ट्रैक्टर चलाने के विवाद में युवक घायल:दबंगों ने लाठी-डंडों से पीटा, पैर में आया फ्रैक्चर
सीहोर जिले में ट्रैक्टर चलाने की बात को लेकर हुए विवाद में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने लाठी-डंडों से युवक पर हमला कर दिया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया है। घायल अवस्था में पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित युवक के अनुसार, विवाद की शुरुआत ट्रैक्टर चलाने को लेकर हुई थी। इसी बात पर विजय सिंह ने अपने पिता और बेटों के साथ मिलकर उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। देखते ही देखते आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसे बुरी तरह पीटा और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किए बयान, मामले की जांच शुरूहमले में घायल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। लाठी-डंडों की इस मारपीट के कारण उसके पैर में गंभीर चोटें आई हैं और फ्रैक्चर होने की वजह से पट्टियां बांधी गई हैं। अस्पताल में पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिसमें उसने विजय सिंह और उसके बेटों पर मारपीट का स्पष्ट आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
5 दिन से पत्नी की कर रहा था तलाश:आगरा में घर के पास मलबे में दबी मिली लाश, देखकर बेसुध हुआ पति
आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के दौरेठा इलाके में 10 दिन से लापता महिला का शव झोपड़ी के पास गिरी दीवार के मलबे में दबा मिला। परिजन कई दिनों से उसकी तलाश कर रहे थे। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दौरेठा नंबर-दो निवासी मजदूर संजय सिंह कई वर्षों से अपनी पत्नी गीता के साथ झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। संजय के मुताबिक, उनकी पत्नी गीता 12 जून को अचानक लापता हो गई थी। परिवार के लोग रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश में जुटे हुए थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। बालू उतरवाते समय गिरी थी दीवारसंजय ने बताया कि 12 जून को झोपड़ी के पास स्थित एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर बालू उतरवाई जा रही थी। इसी दौरान पास की दीवार भरभराकर गिर गई थी। उस समय किसी को यह अंदेशा नहीं हुआ कि गीता दीवार के मलबे के नीचे दब गई होगी। दुर्गंध आने पर हुआ मामले का खुलासासोमवार को झोपड़ी के पास से तेज दुर्गंध आने लगी। स्थानीय लोगों को शक हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मलबा हटवाया तो उसके नीचे गीता का शव दबा मिला। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाईडीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
पहले गोली मारेंगे, फिर सरेंडर करेंगे... यह धमकी आज भी लकी तोमर का पीछा नहीं छोड़ रही। पोरसा का रहने वाला लकी 15 दिनों से अपना घर छोड़कर छिप-छिपकर रहने को मजबूर है। उसका आरोप है कि उसे और उसके दो दोस्तों (ब्रांडी उर्फ हर्ष भदौरिया, मोहित तोमर) को 9 घंटे तक बंधक बनाकर पीटा गया, मुर्गा बनाया गया और झूठे मामलों में फंसाने के लिए फर्जी तस्वीरें खींची गईं। घटना के बाद से तीनों युवक और उनके परिवार दहशत में हैं। पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन चार अब भी फरार हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में लकी ने उन 9 घंटों की आपबीती सुनाई, जिन्हें याद कर वह अब भी सिहर उठता है। पढ़िए रिपोर्ट… पीडीएस चावल का अलग कारोबार शुरू करने को लेकर विवाद लकी के अनुसार, पोरसा निवासी मुख्य आरोपी आकाश तोमर और दोस्त सौरभ तोमर साथ में कंट्रोल दुकानों से चावल खरीदकर बेचने का काम करते थे। एक साल पहले सौरभ ने अपना अलग कारोबार शुरू कर दिया। उसके साथ मैं, मोहित और हर्ष भी जुड़े थे, लेकिन आकाश को हमारा अलग काम शुरू करना अच्छा नहीं लगा। यही बात विवाद की वजह बनी। पहले दो दोस्तों को उठाया, फिर फोन कर मुझे बुलाया लकी के मुताबिक, घटना 31 मई की सुबह करीब 8 बजे की है। आरोपियों ने पहले हर्ष और मोहित को धनेटा रोड के पास से उठाया। दोनों को ज्ञानंद गांव के हार (खेत क्षेत्र) में रखा। करीब 11.30 बजे उनके मोबाइल से मुझे कॉल कर बुलाया। मैं जैसे ही पहुंचा। मुझे पकड़ लिया। जबरन अपने साथ ले गए। वहां पहले से मौजूद हर्ष और मोहित के साथ मुझे भी बंधक बना लिया। देखिए मारपीट की तस्वीरें आरोपियों के पैर पकड़े, लेकिन उन्होंने दया नहीं दिखाई लकी का आरोप है कि दोपहर से रात तक हमें लगातार प्रताड़ित किया गया। कभी मुर्गा बनाया गया तो कभी डंडों और लात-घूंसों से पीटा। थोड़ी-थोड़ी देर बाद उनका अत्याचार दोहराया जाता रहा। हम लोग लगातार छोड़ने की गुहार लगाते रहे। कई बार आरोपियों के पैर भी पकड़े। किसी ने दया नहीं दिखाई। शाम तक बंधक बनाए रखा। बार-बार धमकियां देते रहे। आरोपी बोले- पुलिस-प्रशासन में पहुंच, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा लकी का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने हमारे पास एक चोरी की बाइक, कट्टा और पिस्टल रखकर फोटो खींचे। धमकी दी गई कि यदि पुलिस में शिकायत की तो इन्हीं तस्वीरों के आधार पर चोरी और अवैध हथियार रखने के मामलों में फंसा देंगे। आरोपियों का कहना था कि पुलिस और प्रशासन में उनकी पहुंच है, इसलिए उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। परिवार को बताने की हिम्मत नहीं हुई, ग्वालियर चले गए लकी के अनुसार, दो दिन में एक लाख रुपए देने की शर्त पर आरोपियों ने रात करीब 9 बजे हम तीनों को छोड़ दिया। साथ ही रकम नहीं देने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। लकी का कहना है कि हमारे लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं था। परिवार को जानकारी देने की हिम्मत भी नहीं हुई। शरीर पर चोटें थीं, इसलिए वे सीधे ग्वालियर चले गए और परिचितों की मदद से निजी डॉक्टरों से इलाज कराया। हर्ष और मोहित ने पोरसा छोड़ दिया, मैं भी ठिकाना बदल रहा हूं… लकी के मुताबिक, घटना के बाद से हमारा जीवन पूरी तरह बदल गया। हर्ष और मोहित पोरसा छोड़ चुके हैं। मैं भी लगातार ठिकाने बदल रहा हूं। परिवार के लोग भी भयभीत हैं। लकी का आरोप है कि फरार आरोपी खिलाड़ी तोमर की ओर से लगातार धमकियां भेजी जा रही हैं। कहा जा रहा है कि वह पहले तीनों युवकों को गोली मारेगा। उसके बाद सरेंडर करेगा। आरोपियों ने ही सोशल मीडिया पर डाले थे वीडियो, जो पुलिस तक पहुंचे लकी के अनुसार, आरोपियों ने खुद ही मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे जो बाद में पुलिस तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने हमसे संपर्क किया। घटना के लगभग 10 दिन बाद 10 जून को सौरभ तोमर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बाद घटना के 5 वीडियो और सामने आए। जंगल में ले जाकर घटना का सीन रिक्रिएट कराया एसडीओपी रवि भदौरिया ने बताया कि मामले में नामजद आठ आरोपियों में से चार आरोपियों आकाश तोमर, वीरू तोमर, विष्णु तोमर और प्रमोद तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएशन भी कराया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी खिलाड़ी तोमर, छोटू तोमर, मनीष तोमर और हिमांशु तोमर की तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का जुलूस भी निकाला था। यह खबर भी पढ़ें तीन युवकों को मुर्गा बनाया, डंडे से छह घंटे पीटा...VIDEO, जंगल में ले जाकर की वारदात मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में पुरानी रंजिश के चलते 8 बदमाशों ने तीन दोस्तों को बंधक बनाया। उन्हें ज्ञानंद पुरा के पास जंगल में ले गए। वहां करीब 6 घंटे तक तीनों को मुर्गा बनाकर डंडों से पीटते रहे। आरोपियों ने पीड़ितों को फंसाने के लिए उनके पास कट्टा और चोरी की बाइक रखकर वीडियो भी बना लिया। वारदात के 10 दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें
ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष तृतीया से सप्तमी अर्थात आज 17 से 21 जून 2026 तक इस जैन मंदिर का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव और शिखर पर कलशारोहण समारोह मनाया जा रहा है। इससे पहले विशेषरूप से भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्म जिन तीर्थंकर के काल में हुआ था, ऐसे बीसवें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का भी एक अत्यन्त सुंदर जिनमंदिर इसी तीर्थ परिसर में निर्मित हुआ है। दक्षिण भारतीय अद्वितीय प्राचीन शैली में निर्मित भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी की वेदी अत्यन्त मनमोहक एवं कलात्मक बनायी गयी है। इस वेदी में 21 इंची काले पाषाण में भगवान के विराजमान होते ही 17 जून से भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का पंचकल्याणक मनाया जायेगा। जैनधर्म : कभी 923 दिव्य पुत्रों से समृद्ध थी अयोध्या जैनधर्म इस भारत दरर्ण इतिखनादिकालीन सांस्कृतिक धरोहर मानी जाती अयोध्या के साथ जैनधर्म का पुरातनकालीन महत्वपूर्ण इतिहास आज पूरे विश्व के समक्ष नये स्वरूप में है। वहीं इस युग में अयोध्या में जन्म लेने वाले प्रथम अवतार के रूप में भगवान ऋषभदेव का नाम सुसज्जित प्राप्त होता है। 24 में से जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान कतार के ने जब यहाँ जन्म लिया। पश्चात् उनका विवाह रानी यशस्वती और रानी सुनंदा के साथ हुआ, जिनसे चकठती सम्राट भरत आदि 101 पुत्रों और ब्राह्मी-सुन्दरी दो पुत्रियों ने जन्म लिया। पुनः इसी परम्परा में भरत चक्रवर्ती का विवाह होने के उपरांत उनके 923 पुत्र जन्में, जिन्होंने उसी भव में कठोर तपश्चरण करके मोक्ष प्राप्त वकतलया। ये अद्भुत इतिहास है, जो जैन आगम पुराणों में वर्णित जन सामान्य को जानने के लिए अभी तक रत्सुिलभ नहीं था, लेकिन अब सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा व दूरदर्शिता और नई सोच से एक जिनमंदिर के आकार में परिवर्तित होता दिख रहा है। हाल ही में भगवान ऋषभदेव दिगम्बर जैन तीर्थ, बड़ी मूर्ति, रायगंज में इन्हीं 923 पुत्रों का एक सुन्दर जिनमंदिर निर्मित किया गया है, जो इस इतिहास को आने वाले भक्तों के लिए जानने योग्य बनाकर अजर-अमर करेगा। पाषाण में बनीं ये प्रतिमाएँ भगवान का आकार तभी लेती हैं, जब इनके मस्तक पर मंत्रों के संस्कार और प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न होती है। इसी प्राण प्रतिष्ठा का स्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर हम सब देखने जा रहे हैं। इस महोत्सव में सर्वोच्च जैन साध्वी पूज्य गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी का सान्निध्य, आर्यिका चंदनामती माताजी का मार्गदर्शन एवं पीठाधीश स्वामी रवीन्द्रकीर्ति स्वामी का नेतृत्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही इस अवसर पर आचार्य भद्रबाहुसागर महाराज संघ सहित तीर्थ पर पधार चुके हैं, जो अपना मंगलमयी सान्निध्य प्रदान करेंगे। स्वामी रवीन्द्रकीर्ति ने बताया कि जैनधर्म में पंचकल्याणक का अति विशेष महत्त्व है। जिनके मंत्रों एवं क्रियाविधि में इतनी शक्ति मानी गयी है कि एक धातु अथवा पाषाण की प्रतिमा इन मंत्रों से मंत्रित होते ही पूजा-अर्चना और दर्शन के योग्य बनकर भक्तों को मनोवांछित फल की पूर्ति कराने लगती है। इस महोत्सव में सर्वप्रथम झण्डारोहण, घटयात्रा, मण्डप उद्घाटन, वेदी शुद्धि, मंगल कलश एवं अखण्ड दीप स्थापना, सकलीकरण, यागमण्डल विधान आदि अनेक क्रियाएँ कंकणबंधनपूर्वक सम्पन्न होंगी। डाक्टर जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि प्रथम दिवस गर्भकल्याणक की क्रियाएँ सम्पन्न की जायेंगी। पुनः द्वितीय जन्मकल्याणक महोत्सव भारी धूमधाम के साथ मनाया जायेगा और नगर भ्रमण के साथ विशाल जुलूस एवं पाण्डुकशिला पर जन्माभिषेकपूर्वक भक्तजन पुण्य अर्जित करेंगे। तृतीय दिवस दीक्षाकल्याणक के दिन भगवान के वैराग्य का दृश्य प्रस्तुत होगा और केशलोंच आदि के साथ पिच्छी-कमण्डलु भेंट करके दीक्षाकल्याणक के संस्कार सम्पन्न होंगे। इस अवसर पर भगवान को मतिज्ञान, श्रुतज्ञान एवं अवधिज्ञान के साथ ही चतुर्थ मनःपर्ययज्ञान भी प्रगट हो जाता है और भक्तजन चार बाती का दीपक जलाकर पुण्यार्जन करते हैं। चतुर्थ दिवस केवलज्ञान कल्याणक का मनाया जायेगा, जिसमें भगवान को दिव्य ज्ञान की प्राप्ति होती है और समवसरण रचना में उनकी दिव्य प्रवचन सभा में वाणी खिरती है। पंचम दिवस मोक्षकल्याणक सम्पन्न होगा, जिसमें भगवान आठों कर्मों को नाश करके जन्म और मरण से मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं और इस लोक के अग्रभाग पर ब्रह्म स्थान में उनकी आत्मा निराकार स्वरूप में अनंत सुख के साथ विलीन हो जाती है। इस प्रकार ये सारे दृश्य धार्मिक-संस्कारों एवं अनुष्ठानविधिपूर्वक महोत्सव के प्रतिष्ठाचार्यों द्वारा सम्पन्न कराये जाते हैं। इस महोत्सव में प्रतिष्ठाचार्य के रूप में वरिष्ठ विद्वानों में प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन-हस्तिनापुर, पं. दीपक कुमार जैन-सांगली, पं. अकलंक जैन-लखनऊ तथा अनेक सहयोगी विद्वानों के द्वारा यह महान आयोजन पूर्ण पवित्रता के साथ सम्पन्न कराया जायेगा। पूजन करने वाले इन्द्र-इन्द्राणियों के लिए महोत्सव के मध्य ब्रह्मचर्यव्रत, चौबीस घंटे में एक समय शुद्ध अनाज का भोजन, चारों दिशाओं का बंधन, व्यापार आदि गृहबंधनों का त्याग, व्यसनों का पूर्ण त्याग आदि बाध्यताएं नियमपूर्वक मान्य रहेंगी। महोत्सव का झण्डारोहण 17 जून को शुभ मुहूर्त में प्रातः 7.30 बजे प्रमोद जैन अनीमा जैन-दिल्ली के द्वारा किया गया है। मुख्यरूप से दिनाँक 21 जून को विभिन्न मंदिर के गगनचुम्बी विशाल शिखरों पर स्वर्ण कलशारोहण एवं ध्वजारोहण का भी आयोजन सम्पन्न होगा। नवनिर्मित भगवान मुनिसुव्रतनाथ जिनमंदिर, 923 पुत्र जिनमंदिर, 101 भगवान जिनमंदिर, तीस चौबीसी जिनमंदिर के 7 शिखरों पर स्वर्ण ध्वज और कलश जिनधर्म की कीर्ति को दिग्दिगंत रखने वाली द्योतकरूप सिद्ध होंगे। इस महोत्सव में लगभग 2000 श्रद्धालुओं ठहरने और भोजन व्यवस्था का प्रबंध श्री दिगम्बर जैन अयोध्या तीर्थक्षेत्र कमेटी के द्वारा किया गया है। आवासीय व्यवस्था में लगभग 700 कमरे आरक्षित किये गये हैं। यात्रियों के आवागमन हेतु ई-रिक्शा का प्रबंध भी कमेटी के द्वारा रखा गया है। यहाँ विशाल पंडाल में 2000 इन्द्र-इन्द्राणियों के बैठने का प्रबंध किया गया है। सभी के लिए पूजन हेतु 4000 थाली, क्विंटलों अष्टद्रव्य सामग्री, फल-फूल का प्रबंध तथा इन्द्र-इन्द्राणियों के लिए विशेष पूजन के शुद्ध साड़ी-धोती-दुपट्टा आदि वस्त्रों का वितरण भी कमेटी के द्वारा रखा गया है। लगभग सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद की जा रही हैं, जिसमें कमेटी के पदाधिकारीगण अमरचंद जैन, शुभचंद जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, विजय जैन, आदीश जैन, अंकुर जैन, तेजकुमार जैन, नमन जैन, सुजाता शाह आदि के प्रयास पूर्ण सफलता की ओर हैं।
झारखंड बनने से अबतक राज्य सभा के लिए यहां 7 उपचुनाव और 12 दो वर्षीय सहित 19 चुनाव हुए हैं। इस बार भी दो सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है। झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोट और क्रॉस वोटिंग की कहानी नई नहीं है। यहां इन वजहों से राज्यसभा चुनाव परिणाम और समीकरण कई बार बदल चुका है। इस बार भी इस खेल राजनीतिज्ञ और विधायी विशेषज्ञ इंकार नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत की वजह क्रॉस वोटिंग ही माना जा रहा है। रद्द हुआ एक भी वोट बदल देगा पूरा समीकरण इस चुनाव में सत्तारूढ़ झामुमो के लिए अपने पहले उम्मीदवार के लिए ठीक 28 मतों का दांव लगाना जोखिम से खाली नहीं है। यदि एक भी वोट रद्द होता है, तो पूरा समीकरण बिगड़ सकता है। ऐसी स्थिति में यदि झामुमो अपने उम्मीदवार को सुरक्षित करने के लिए प्रथम वरीयता के 29 या 30 मत दिलाता है, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के दूसरे उम्मीदवार के पास केवल 25 या 26 वोट बचेंगे। ऐसी स्थिति में दूसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए विपक्ष से बड़ी सेंधमारी या अन्य दांव लगाने होंगे। सत्तारूढ़ दल को अपनी दूसरी सीट और विपक्ष को अपनी एकमात्र सीट बचाने के लिए ‘द्वितीय वरीयता’ के वोटों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। झारखंड में राज्य सभा का चुनाव प्रत्याशी और प्रस्तावक के लिहाज से ही नहीं चुनाव परिणाम के लिए भी दिलचस्प रहा है। कभी सुनिश्चित जीत हार में तबदील हुआ तो कभी .01 के न्यूनतम मत के अंतर से हार जीत हुई है। आंकड़ों से समझिए कहां फंस सकता है पेंच इस बार झामुमो के 34 विधायक हैं। जीत के लिए उसे 28 ही चाहिए। इसलिए उसके उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। महागबंधन एक जुट रहा, तब ही कांग्रेस की जीत हो सकती है। अभी महागठबंधन में कुल 56 विधायक हैं। झामुमो के प्रथम वरीयता के 28 वोट के बाद 06 वोट शेष बचता है। कांग्रेस के पास कुल 16 विधायक हैं। झामुमो के शेष छह वोट मिलाकर कुल 22 वोट हो जाता है। छह वोट राजद के चार विधायक और माले के दो विधायक से पूरा हो जाता है। यदि महागठबंधन का वोट एकजुट रहा तो कांग्रेस की जीत सुनिश्चित हो जाएगी। यदि क्रॉस वोटिंग या भीतरघात हुओ तो मामला फंस सकता है। क्रॉस वोटिंग होने पर ही नाथवाणी की जीत होगी। एक्सपर्ट से समझिए तकनीकी बात झारखंड विधानसभा के रिटायर संयुक्त सचिव मधुकर भारद्वाज के मुताबिक राज्य सभा के मतदान में यदि झामुमो के सभी 34 विधायकों ने अपने प्रत्याशी को मत दिया तो कांग्रेस प्रत्याशी के लिए अधिकतम 22 मत और भाजपा समर्थित निर्दलीय के लिए 24-25 मत प्रथम वरीयता के उपलब्ध रहेंगे। सत्ता पक्ष की आपसी प्रतिबद्धता बनी रहे और कांग्रेस के प्रत्याशी को झामुमो के कम से कम 4 प्रथम वरीयता के मत मिले तभी वह प्रत्यक्षत: निर्दलीय प्रत्याशी से आगे रहेंगे और संभावित दूसरी वरीयता के लिए दौड़ में बनें रहेंगे। निर्दलीय प्रत्याशी को 24-25 मत निश्चित लगते हैं। अगर सदस्यों की अनुपस्थिति या त्रुटिपूर्ण मतपत्र के कारण कुल वैध मत 81 से कम हो जाते हैं तो निर्धारित कोटा कम होगा और परिस्थिति बदल सकती है। कुल मत का कम होना कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ाएगा। क्योंकि झामुमो के प्रथम वरीयता के मत के बिना वह निर्दलीय प्रत्याशी से चार मत यूं ही पीछे है। कांग्रेस के लिए जीत तभी संभव है जब झामुमो का कम से कम चार प्रथम वरीयता के और इतने ही दूसरी वरीयता का मत झामुमो को मिले मतपत्र से मिले। निर्दलीय प्रत्याशी की जीत के लिए कुल मतदान का कम होना और झामुमो के अतिरिक्त मत में चाहे प्रथम वरीयता का हो या द्वितीय वरीयता का शेयर लेना जरूरी होगा। ----------------------------------------------- इसे भी पढ़ें…. क्या कांग्रेस से बिहार का बदला झारखंड में लेंगे तेजस्वी:सीट 2-प्रत्याशी 3, RJD किंग मेकर; परिमल का धनबल या इंडिया गठबंधन, कौन जीतेगा झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। प्रत्याशी तीन हैं, जिसके चलते 18 जून को वोटिंग होगी। अहमदाबाद के परिमल नाथवानी के उतरने से मुकाबला रोचक बन गया है। इन्हें भाजपा और NDA का समर्थन है। नाथवानी 755 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि वह ‘हिसाब-किताब’ करके मैदान में डटे हैं। उनके इस गणित को कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग का नाम दे रही है। इंडिया ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं। अगर सब एकजुट रहे तो उनकी दोनों सीटों पर जीत तय है। नाथवानी या कांग्रेस के प्रणव झा जीतेंगे यह तेजस्वी के चार विधायक तय करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
पटना के कारगिल चौक पर मंगलवार देर रात सड़क दुर्घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। एक युवक कार की चपेट में आने से घायल हो गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने कार ड्राइवर को गाड़ी से बाहर निकाला और उसकी पिटाई शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलने पर गांधी मैदान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। लेकिन भीड़ काफी आक्रोशित थी कि बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। भीड़ के आगे पुलिस पूरी तरह से बेबस नजर आ रही थी। करीब आधे घंटे तक बना रहा तनाव का माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कारगिल चौक पर करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी और तनाव के चलते पटना का कारगिल चौक अखाड़ा बना रहा। घटना को देखने के लिए राहगीरों की भी भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। ड्राइवर को भीड़ से निकालकर पहुंचाया अस्पताल काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने कार ड्राइवर को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही घायल युवक को इलाज के लिए PMCH पटना भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। ई-रिक्शा को बचाने के चक्कर में बाइक से टक्कर- पुलिस गांधी मैदान थाना के दारोगा अभिषेक कुमार ने बताया कि, 'कार में पिता पुत्र सवार थे। मरीन ड्राइव से अपने घर कुल्हाड़ियां कॉम्प्लेक्स के पास जा रहे थे। इसी बीच कारगिल चौक के पास सामने अचानक ई-रिक्शा और एक बाइक आ गई। उसे बचाने के चक्कर में एक युवक चपेट में आ गया, जिसके बाद मारपीट होने लगी। पिता पुत्र दोनों अचेत हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने पहले गार्डिनर अस्पताल में एडमिट कराया। वहां से उनके परिजन किसी निजी अस्पताल में लेकर चले गए। पिता सरकारी कर्मचारी हैं। गाड़ी भी हुई क्षतिग्रस्त घटना के दौरान उग्र लोगों ने कार को भी नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि 20 से 25 लोग ड्राइवर के साथ मारपीट कर रहे थे और उसे घसीट भी रहे थे। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना कैसे हुई और घटना के दौरान हुई मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
आगरा में तेज धूप, 38°C पहुंचा तापमान:शाम को बारिश की संभावना, 7 दिन के बाद गर्मी से मिलेगी राहत
आगरा में बुधवार सुबह से ही शहर में तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा। सुबह करीब 7 बजे तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन की शुरुआत उमस और तेज धूप के साथ हुई, जिससे लोगों को सुबह के समय ही गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को आगरा का अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिनभर तेज धूप का असर बना रहेगा, लेकिन दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। शाम तक बादल और बारिश की संभावना मौसम विभाग ने शाम के समय आसमान में बादल छाने और शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कहीं-कहीं गरज-चमक भी हो सकती है। ऐसे में दिन की तपिश के बाद लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। अगले सात दिन बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले सात दिनों तक मौसम का मिजाज बदला-बदला रह सकता है। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। बीच-बीच में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना भी बनी रहेगी। इससे तापमान में फिलहाल बड़ी बढ़ोतरी के आसार कम हैं। पिछले सप्ताह 44 डिग्री तक पहुंच गया था तापमान पिछले एक सप्ताह के दौरान आगरा का मौसम लगातार बदलता रहा। सप्ताह की शुरुआत भीषण गर्मी के साथ हुई थी, जब अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद आई आंधी और बारिश ने लोगों को राहत दी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उमस अब भी कर रही परेशान हालांकि तापमान में कमी आने से मौसम अपेक्षाकृत सामान्य हुआ है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस का असर लगातार महसूस किया जा रहा है। सुबह और दोपहर के समय गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि शाम के समय मौसम राहत देने वाला साबित हो सकता है।
गुना के इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार देर रात प्लास्टिक पाइप बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री के भीतर रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामग्री इसकी चपेट में आ गई। सूचना मिलते ही नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और चार फायर ब्रिगेड की मदद से करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में 70 से 80 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्लास्टिक पाइप बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया में हरीश रत्रा की फैक्ट्री संचालित है। इस यूनिट में खेती और सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक पाइप तैयार किए जाते हैं। फैक्ट्री के एक हिस्से में पाइप निर्माण का काम होता है, जबकि दूसरे हिस्से में प्लास्टिक के दाने, रॉ मटेरियल और तैयार माल का भंडारण किया जाता है। रोजाना की तरह बंद कर घर चले गए थे संचालक फैक्ट्री संचालक हरीश रत्रा ने बताया कि मंगलवार रात रोजाना की तरह काम खत्म होने के बाद करीब साढ़े आठ बजे फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। इसके बाद सभी कर्मचारी और संचालक अपने-अपने घर चले गए थे। उस समय फैक्ट्री परिसर में सब कुछ सामान्य था। कॉलोनी के लोगों ने देखीं आग की लपटें रात करीब 11 बजे इंडस्ट्रियल एरिया से लगी विंध्याचल कॉलोनी के लोगों ने फैक्ट्री की ओर से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती देखीं। आग बढ़ती देख स्थानीय नागरिकों ने तत्काल नगरपालिका और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम आग लगने की जानकारी मिलते ही नगरपालिका का अमला सक्रिय हो गया। कुछ ही समय में नगरपालिका की पूरी टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। आग की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक चार फायर ब्रिगेड वाहनों को राहत कार्य में लगाया गया। लगातार टैंकरों से पहुंचाया गया पानी फैक्ट्री में प्लास्टिक सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल रही थी। आग बुझाने के लिए लगातार पानी की आवश्यकता पड़ रही थी। इसके लिए टैंकरों के माध्यम से लगातार पानी की आपूर्ति की गई, ताकि फायर ब्रिगेड बिना रुके राहत कार्य जारी रख सके। पक्की दीवार बनी सबसे बड़ी चुनौती फायर टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या फैक्ट्री की मजबूत पक्की दीवार थी। आग अंदर भड़क रही थी, जबकि बाहर से सीधे पानी पहुंचाना आसान नहीं था। इसी वजह से आग पर तुरंत काबू पाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गेट का ताला तोड़कर शुरू किया गया रेस्क्यू स्थिति को देखते हुए सबसे पहले फैक्ट्री के छोटे गेट का ताला तोड़ा गया, ताकि फायर ब्रिगेड की टीम अंदर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर सके। इसके बाद भी आग तक पूरी तरह पहुंचना मुश्किल हो रहा था। आग पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने के लिए फायर टीम ने फैक्ट्री की दीवार में कई स्थानों पर छेद किए। इन छेदों के माध्यम से अंदर तक पानी पहुंचाया गया। इसके बाद आग की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगी और राहत कार्य को गति मिली। पांच घंटे तक चला आग बुझाने का अभियान फायर ब्रिगेड, नगरपालिका कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने लगातार करीब पांच घंटे तक राहत एवं बचाव कार्य चलाया। देर रात शुरू हुआ यह अभियान तड़के तक जारी रहा। लंबे प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। 70 से 80 लाख रुपए नुकसान की आशंका घटना में फैक्ट्री के भीतर रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस आगजनी में 70 से 80 लाख रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई गई है। मौके पर नगरपालिका अध्यक्ष पति अरविन गुप्ता सहित नगरपालिका का पूरा अमला मौजूद रहा और आग पर काबू पाने के प्रयासों की निगरानी करता रहा। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। तस्वीरों में देखिए हादसा…
दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक मासूम सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नौरूमारा गांव के पास हादसा जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजे नौरूमारा गांव के पास हुआ। आमने-सामने की टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और चारों सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्नी-बेटी को छोड़कर लौट रहा था युवक मृतक की पहचान मनोज कुर्मी (29), निवासी शाहपुर सोनकिया (पथरिया थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। बताया गया कि मनोज पत्नी और बेटी को जोरतला छोड़ने के बाद चार वर्षीय बेटे वेद कुर्मी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। तीन घायलों को जबलपुर रेफर किया गया दूसरी बाइक पर रामकुमार पटेल (40), निवासी सूखा गांव और गणेश पटेल (35), निवासी खेजरा सवार थे। हादसे के बाद 108 एंबुलेंस सभी घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जांच के बाद डॉक्टरों ने मनोज कुर्मी को मृत घोषित कर दिया, जबकि रामकुमार पटेल, गणेश पटेल और मासूम वेद कुर्मी को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शुरू की जांच ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आरिफ खान ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया है। वहीं, पथरिया पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम किया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना के पॉश इलाके सिविल लाइंस में बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने महिला लेक्चरार को निशाना बनाया। वारदात उस समय हुई जब खालसा कॉलेज में कार्यरत महिला लेक्चरार शाम के समय अपनी एक्टिवा से सैर के लिए निकली थीं। बदमाशों ने सरेराह उनके गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार पीड़िता भावना सचदेवा संत नगर हैबोवाल कलां की रहने वाली हैं। पुलिस को दी शिकायत में भावना ने बताया कि वह 7 जून की शाम करीब 6:10 बजे एक्टिवा पर सवार होकर सैर के लिए निकली थीं। जैसे ही वह दमोरिया पुल से होते हुए सिविल लाइंस स्थित इकबाल नर्सिंग होम के पास पहुंचीं, तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक आए। डेढ़ तोले की सोने की चेन पर मारा झपट्टा पीड़िता के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे बदमाश ने बेहद शातिराना तरीके से उनके गले में पहनी करीब डेढ़ तोले वजन की सोने की चेन पर जोरदार झपट्टा मारा। झटका इतना तेज था कि महिला संभल भी नहीं पाईं और आरोपी चेन तोड़कर मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी इलाके के पॉश होने के बावजूद शाम के समय हुई इस वारदात से स्थानीय निवासियों और सैर करने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस मामले में थाना डिवीजन नंबर 8 में धारा 304 और 3(5) BNS के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही मामले की जांच कर रहे हवलदार असीस कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
अशोकनगर जिले में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले के दोषी दिनेश को उसके शेष प्राकृतिक जीवन (अंतिम सांस) तक के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। देहात थाने में वर्ष 2022 में एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत अपराध क्रमांक 484/2022 के तहत अपहरण (धारा 363 भादवि) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बालिका को बरामद कर आरोपी को किया गया गिरफ्तारप्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी दिनेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयानों और पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कई अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं। पॉक्सो और एट्रोसिटी एक्ट की धाराएं भी जुड़ींपुलिस ने जांच के दौरान मामले में धारा 366-ए, 376(2)(एन) भादवि, पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 व 5(एल)/6 के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दीं। इसके बाद पुलिस टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का प्रभावी संकलन कर एक मजबूत चार्जशीट (अभियोग पत्र) न्यायालय में प्रस्तुत की। साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों पर कोर्ट का कड़ा फैसलाअभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत किए गए पुख्ता साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए विशेष न्यायालय ने आरोपी दिनेश को जघन्य अपराध का दोषी करार दिया। कोर्ट ने इस गंभीर अपराध के लिए उसे अंतिम सांस (शेष प्राकृतिक जीवन) तक जेल में रहने की सजा और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। त्वरित विवेचना से अपराधियों को कड़ा संदेशअशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में महिला एवं बाल अपराधों की त्वरित विवेचना और प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। न्यायालय का यह फैसला पुलिस और अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है, जो समाज में ऐसे अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।
छतरपुर जिले स्थित बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को एंबुलेंस न मिलने और इलाज में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाए गए 53 वर्षीय अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति को गंभीर हालत में दमोह रेफर किया गया था। लेकिन एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा और दमोह पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मामले में एक गर्भवती महिला को भी एंबुलेंस के अभाव में निजी वाहन से दमोह ले जाना पड़ा। बक्सवाहा निवासी अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति सोमवार सुबह करीब 11 बजे न्यायालय परिसर में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद साथी अधिवक्ताओं ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। परिजनों और अधिवक्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें समय पर अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल सकीं। गर्भवती महिला को भी उठानी पड़ी परेशानीउसी दिन अस्पताल में एंबुलेंस न मिलने की एक और घटना सामने आई। ग्राम कुड़ाजनी निवासी कविता यादव को प्रसव पीड़ा होने पर इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद मजबूरी में निजी वाहन की व्यवस्था कर गर्भवती महिला को दमोह ले जाना पड़ा। अधिवक्ता संघ ने उठाए व्यवस्था पर सवालअधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेश बिल्थरे ने इन दोनों घटनाओं को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “साथी अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति को जब गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, तब वहां समय पर समुचित व्यवस्था नहीं मिल सकी। यदि उन्हें तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।” डॉक्टर बोले- आरोप निराधार, हमने किया प्राथमिक उपचारड्यूटी पर मौजूद डॉ. मनीष राज ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा, अस्पताल पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। मैं स्वयं ड्यूटी पर था और मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया था। मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया। अस्पताल की सुविधाओं पर पहले भी उठ चुके हैं सवालबक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी, आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात संतोषजनक नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित करने की मांग की है।
गोंडा में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिले भर में निकलने वाले जुलूसों और धार्मिक आयोजनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहा है, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर ड्रोन कैमरों से जुलूसों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। पुलिसकर्मी और अधिकारी रात के समय भी गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। देर रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) गोंडा विनीत जायसवाल ने कोतवाली नगर क्षेत्र में शिया समुदाय द्वारा निकाले गए अलम के जुलूस का निरीक्षण किया। उन्होंने जुलूस के मार्ग, सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। एसपी जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को जुलूस को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। एसपी ने चेतावनी दी कि माहौल खराब करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि मोहर्रम पर्व के दौरान जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार रात को कोटा पहुंचे। यहां सर्किट हाऊस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने देश और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज देश संकट में है। प्रदेश की जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की बागडोर युवा पीढ़ी के हाथ में है, अगर युवा पीढ़ी नहीं चेती तो देश को भुगतना पडे़गा। बुधवार को राहुल गांधी का कोटा में छात्र संवाद कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार रात को कोटा पहुंचे। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नई बात नहीं है, संसद में भी ऐसे ही व्यवधान डाला जाता है। संसद की अलग मर्यादा होती है, लेकिन वहां भी राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी खुद भी कई बार आरोप लगा चुके हैं। वहां हमारे स्पीकर साहब बैठते हैं। आप सोच सकते हो देश किस दिशा में जा रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि देश कहां जा रहा है। लोकतंत्र खतरे में हैं। गहलोत बोले- युवा पीढ़ी राजनीति में आए वहीं मीनाक्षी नटराजन विवाद को लेकर गहलोत ने कहा कि ये भी बीजेपी की राजनीति का ही पार्ट है। गहलोत ने कहा कि मैं देश की युवा पीढ़ी से आह्वान करता हूं, कि तुम राजनीति में आओ, समझो विचारधारा क्या है। अगर आपको लगे कि कांग्रेस की विचारधारा जो संविधान के तहत बनी है, उसको भी देखो। जहां जाना है जाओ, लेकिन देश के हित में राजनीति में एंट्री करो, देश बहुत बड़े सकंट में है। गंभीर चुनौती है देश के संविधान के सामने, अगर युवा पीढ़ी नहीं चेती तो पूरे देश को भुगतना पड़ेगा और इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। केंद्र सरकार की विदेश नीति फेल केंद्र सरकार के 12 साल के जश्न को लेकर गहलोत ने कहा कि- जश्न मनाने की बात छोड़िए वह तो कुछ भी कर सकते हैं। वह तो पंडित नेहरू के दिन गिनते हैं, उनको नहीं मानते न गिनते हैं उन पर अटैक करते हैं। खुद दिन गिनगिन कर खुद ने हिसाब लगा लिया कि एक दिन ज्यादा बढ़ गए हमसे। लाखों करोड़ो खर्च कर दिए विज्ञापनों पर, कोई गवर्नेंस नहीं है इनकी, इनकी विदेश नीति फेल है, गृह नीति फेल है। जिस प्रकार का ये तांडव कर रहे हैं, देश और प्रदेश में। प्रदेश की सरकार में आप देख लो, किसी गांव में चले जाओ मेरा चेलेंज है, आप पाओगे कि ऐसी सरकार कभी आजादी के बाद नहीं आई, जिसमें भ्रष्टाचार हद से पार है। थानों में सुनवाई होती नहीं है, जो शिकायत करने जाता है, उस पर ही कार्यवाही हो जाती है। हर विभाग के पेमेंट बाकी रेप पीड़िताएं जाती हैं तो आपस में समझौता करने को कहा जाता है। हालात बडे़ गंभीर बन चुके हैं। किसी क्षेत्र में विकास हो नहीं रहा है। पेमेंट बाकी है, हर विभाग के पेमेंट बाकी चल रहे हैं। दो करोड़ तक के पेमेंट तक नहीं हो रहे हैं, ऐसे हालात सामने आ रहे हैं। हालात गंभीर हैं, ये प्रदेश वासियों को भी समझना पडे़गा।
पानीपत में एक सगे चाचा पर अपनी ही 17 वर्षीय नाबालिग भतीजी के साथ छेड़छाड़ और गलत काम करने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर पानीपत महिला थाना पुलिस ने आरोपी चाचा के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कपड़े दिलाने के बहाने कमरे में बुलाया पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मामला कुटानी रोड क्षेत्र का है। पीड़ित नाबालिग लड़की ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके सगे चाचा, जिसकी पहचान विक्रम के रूप में हुई है, ने उसे झांसा देकर जाल में फंसाया। आरोपी ने नाबालिग को नए कपड़े दिलवाने का लालच दिया और इसी बहाने से उसे एक सुनसान और अकेले कमरे में बुला लिया। नाबालिग का आरोप है कि जब वह कमरे में पहुंची, तो वहां कोई और मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी चाचा की नीयत खराब हो गई। उसने पीड़िता को अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती करने और यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ जमकर छेड़छाड़ भी की। विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी पीड़िता ने बताया कि चाचा की इस घिनौनी हरकत से वह पूरी तरह सहम गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी का कड़ा विरोध किया। जब नाबालिग ने खुद को बचाने का प्रयास किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी विक्रम गुस्से में आ गया। उसने पीड़िता का मुंह बंद करने के लिए उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने नाबालिग को डराया-धमकाया कि अगर उसने इस बारे में किसी को भी बताया तो वह अच्छा नहीं करेगा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस घटना के बाद से वह और उसका पूरा परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। आरोपी की धमकियों के कारण पीड़िता और उसके परिजनों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
दौसा जेल में बनेगा विदेशी बंदी डिटेंशन सेंटर:भूमि चिन्हित; जेल डीजी ने बंदियों के नवाचारों को देखा
दौसा के श्यालावास स्थित विशिष्ट केंद्रीय जेल में विदेशी बंदी डिटेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि को चिह्नित कर लिया गया है। जेल महानिदेशक अशोक कुमार राठौड़ ने बुधवार को जेल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ बंदियों द्वारा संचालित विभिन्न उद्योगों और नवाचारों की भी सराहना की। वार्ड, अस्पताल, पुस्तकालय और ई-सेवाओं का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान डीजी राठौड़ ने बंदी वार्डों, बैरकों, सेल, जेल अस्पताल, बंदी मेस और पुस्तकालय का अवलोकन किया। उन्होंने ई-कोर्ट, ई-प्रिजन्स और वीडियो कॉलिंग जैसी डिजिटल सुविधाओं की भी समीक्षा की तथा उनके संचालन की जानकारी ली। जेल उद्योगों का भी किया निरीक्षण डीजी ने जेल में संचालित कालीन उद्योग, कंबल-बेडशीट-दरी उद्योग, फर्नीचर उद्योग, किट बॉक्स उद्योग और कुल्हड़ निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना करते हुए अधिकारियों को इन गतिविधियों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। सुरक्षा जांच के बाद जेल में की एंट्री जेल पहुंचने पर अधीक्षक पारस जांगिड ने डीजी राठौड़ का स्वागत किया। इसके बाद मुख्य प्रहरी रामप्रकाश यादव के नेतृत्व में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जेल प्रशासन के अनुसार आरएसी के मुख्य आरक्षी अभयेंद्र कुमार ने जेल गेट पर उनकी औपचारिक सुरक्षा जांच की, जिसके बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। निरीक्षण के दौरान डीजी राठौड़ ने जेल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर लालसोट एएसपी विनोद सीपा, डॉ. अमित सैनी, जेलर रामचंद्र, पापड़दा थाना प्रभारी रजत खींची, प्लाटून कमांडर मुनेश कुमार सहित जेल स्टाफ के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
रीवा शहर में जोमैटो के माध्यम से मंगाई गई वेज बिरयानी में कीड़ा निकलने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताला हाउस स्थित 'स्ट्रीट किचन रेस्टोरेंट' पर मंगलवार रात छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं और भारी गंदगी मिलने पर विभाग ने रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसे बंद करा दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि रेस्टोरेंट का किचन पूरी तरह से खुले में संचालित हो रहा था। वहां साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, इसी लापरवाही के कारण खाद्य पदार्थों में कीड़े या अन्य दूषित तत्वों के पहुंचने की आशंका बनी हुई थी। सुधार होने तक प्रतिष्ठान बंद, कारोबारियों को निर्देशउपभोक्ता की शिकायत सही पाए जाने पर विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत यह सख्त कार्रवाई की है। व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार होने तक स्ट्रीट किचन रेस्टोरेंट को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। मैंगो शेक की जांच में मिला कलर और शक्कर का पानीकलेक्टर के निर्देश पर चल रहे मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत मोबाइल फूड लैब ने सिरमौर चौराहा क्षेत्र में मैंगो शेक के नमूने भी लिए। जांच में सामने आया कि कई दुकानों पर आम के जूस में फूड कलर, शक्कर का पानी और दूध मिलाकर मैंगो शेक तैयार किया जा रहा था। हालांकि, लैब परीक्षण में किसी हानिकारक रसायन की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग की कार्यप्रणाली और नियमित जांच पर उठे सवालइस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में सैकड़ों रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट संचालित हैं, जहां स्वच्छता को लेकर अक्सर शिकायतें आती हैं, लेकिन नियमित जांच कम ही होती है। उपभोक्ताओं का सवाल है कि क्या प्रशासन केवल शिकायत मिलने पर ही जागेगा या पूरे शहर में नियमित निगरानी की जाएगी। पुरानी जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहींविभागीय कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में विभाग द्वारा कई प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। उन सैंपलों की जांच रिपोर्ट और आगे की गई कार्रवाई को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय का निर्देश:अंक अपलोड के बाद संशोधन नहीं, लापरवाही पर जताई आपत्ति
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने संबद्ध महाविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के आंतरिक, मौखिकी, प्रायोगिक और डिसटेंशन के अंक संबंधित पोर्टल पर अत्यंत सावधानी से अपलोड किए जाएं। एक बार डाटा अपलोड होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कुछ महाविद्यालयों द्वारा अंक अपलोड करने में लापरवाही बरती जा रही है। इस कारण विषय या अंकों को हटाकर दोबारा रीसेट करने के अनुरोध लगातार विश्वविद्यालय को मिल रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रवृत्ति को गंभीर और आपत्तिजनक बताया है। निर्देशों में कहा गया है कि महाविद्यालय अंक अपलोड करने से पहले उनका सावधानीपूर्वक मिलान करें। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंकों को अंतिम रूप से सबमिट किया जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्यांकन कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंकों के संकलन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसलिए, सभी संबद्ध महाविद्यालयों को अपने यहां संचालित पाठ्यक्रमों के आंतरिक, सेशनल, प्रायोगिक और डिसटेंशन सहित सभी प्रकार के अंकों को तत्काल संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा।
जग्गाखेड़ी में 8 नए औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू:निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मंदसौर के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर खुले हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। पूर्व में सभी भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग पर अनुपयोगी भूमि को विकसित कर ये प्लॉट तैयार किए गए हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में जारी इन आठ प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर और छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं। इन पर लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। निवेशकों ने इन नए भूखंडों में रुचि दिखाई है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी ने प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें मंदसौर का जग्गाखेड़ी क्षेत्र भी शामिल है। उद्योग जगत में इस पहल को लेकर उत्साह है। उम्मीद है कि इससे नए निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हीं सुविधाओं के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए भूखंडों की उपलब्धता को उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे मंदसौर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। जग्गाखेड़ी अब मंदसौर के औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कृषि प्रधान जिले के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मंदसौर अब उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। फेज-1 में विकसित किए गए कुल 136 औद्योगिक प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 78 इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं फेज-2 का विकास कार्य भी जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में फेज-1 में नए भूखंडों की उपलब्धता ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और इनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की संभावना जताई जा रही है। छोटे जिलों में औद्योगिकीकरण को मिल रही गति प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर, विदिशा, मंडला, कटनी सहित कई जिलों में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों के चलते छोटे जिलों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ के अनुसार मध्यप्रदेश निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और जग्गाखेड़ी में नए औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मऊ चित्रकूट के तिलौली गांव में बीती रात करीब 10:30 बजे एक महिला को गोली लग गई। महिला अपने घर के आंगन में खाना खा रही थी, तभी छत की ओर से आई गोली उसे जा लगी। घायल महिला की पहचान 50 वर्षीय उषा देवी के रूप में हुई है, जो विजय शंकर की पत्नी और तिलौली की निवासी हैं। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल मऊ सीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया। इस मामले में मऊ कोतवाली में तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में गोलू मिश्रा, बालकृष्ण मिश्रा और राधेश्याम मिश्रा शामिल हैं, जबकि एक अज्ञात निषाद के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मऊ थाना प्रभारी श्री प्रकाश यादव ने बताया कि संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि तीन नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है और जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घायल महिला का इलाज प्रयागराज में चल रहा है।
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसएसपी ने ट्रैक सूट में महिला थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की सतर्कता परखने के लिए विशेष फिल्टर टेस्ट किया। इस दौरान थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। जानकारी के अनुसार, सुबह भ्रमण के दौरान एसएसपी अचानक महिला थाने पहुंच गए। थाने के मुख्य गेट और परिसर में कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। कार्यालय में पहुंचने पर एक महिला सिपाही कुर्सी पर बैठी हुई सोती मिली। एसएसपी के कार्यालय में प्रवेश करने और वहां मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज देखने तक किसी पुलिसकर्मी को इसकी भनक नहीं लगी। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कार्यालय में रखा थाना का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘क्राइम रजिस्टर’ अपने साथ ले गए। इसके बावजूद थाने में मौजूद किसी भी पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में एसएसपी ने महिला थाना प्रभारी सीता सिंह से अपराध रजिस्टर प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद थाना पुलिस में हड़कंप मच गया और पुलिसकर्मी रजिस्टर की तलाश में जुट गए। काफी देर खोजबीन के बाद भी रजिस्टर नहीं मिलने पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज देखने पर पुलिसकर्मियों को पता चला कि स्वयं एसएसपी निरीक्षण के दौरान रजिस्टर अपने साथ ले गए थे।पुलिस विभाग के अनुसार, क्राइम रजिस्टर किसी भी थाने का सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख माना जाता है। इसे चार नंबर रजिस्टर भी कहा जाता है, जिसमें दर्ज सभी मुकदमों और उन पर हुई कार्रवाई का संक्षिप्त लेकिन संपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज होता है।एसएसपी अविनाश पांडेय ने महिला थाना पुलिस की इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने महिला थाने पर तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का तबादला कर दिया तथा उनकी जगह अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती के आदेश जारी किए। एसएसपी ने कहा कि थाने में पीड़ित किसी भी समय सहायता के लिए पहुंच सकता है। ऐसे में ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
कानपुर में तेज धूप और उमस से बेहाल शहरवासी:25 जून के बाद मानसून की उम्मीद; लू और उमस से लोग बेहाल
जून महीने की भीषण गर्मी ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्मी का असर महसूस होने लगा। दिन चढ़ने के साथ सूरज के तेवर और तीखे हो गए, जबकि लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाने का काम किया। गर्मी और उमस के दोहरे प्रहार से लोग दिनभर बेहाल नजर आए। कानपुर में 25 जून के बाद मानसून आने की संभावना है। मुंह ढककर निकले लोगसीएसए की मौसम रिपोर्ट के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक सड़कों को तपा दिया। जरूरी काम से घरों से निकलने वाले अधिकांश लोग मुंह और सिर ढककर नजर आए। 2 तस्वीर देखिए… यूवी इंडेक्स 8.8 पहुंचामौसम विभाग के मुताबिक यूवी इंडेक्स 8.8 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य की मद्देनजर बेहतर नहीं है। इसके चलते धूप में निकलने वाले लोगों को त्वचा में जलन और चुभन का एहसास हुआ। दोपहर के समय लू के थपेड़ों ने भी लोगों को बेहाल कर दिया। कई स्थानों पर हुआ शर्बत वितरणभीषण गर्मी के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की ओर से राहगीरों के लिए शर्बत और ठंडे पेय का वितरण किया गया। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पेड़ों की छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते दिखे। देर शाम तक चलती रही गर्म हवाएंशाम ढलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली। देर शाम तक गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे वातावरण में गर्मी बनी रही। रात के समय भी उमस ने लोगों को परेशान किया और घरों के भीतर भी बेचैनी महसूस होती रही। यूवी व हीट इंडेक्स बढ़े चल रहेमौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि स्ट्रांग अलनीनो की वजह से 28-30 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी ने 10 प्रतिशत बारिश कम रहने की आशंका जताई है। आने वाले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा। तेज धूप निकलेगी व लू चलेगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। उमस वाली गर्मी बनी रहेगी। यूवी व हीट इंडेक्स भी बढ़े चल रहे हैं। इस वजह से गर्मी का अनुभव ज्यादा होगा।
शिवपुरी जिले के भयावन गांव में एक महिला से जुड़े पुराने विवाद को लेकर 40 वर्षीय क्लिनिक संचालक प्रभान सिंह लोधी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने भौंती थाने के सामने पिछोर-शिवपुरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 15 नामजद हैं। खाना खाते समय घर में घुसे हमलावर, बाहर घसीटकर पीटा मृतक की पत्नी मीना लोधी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम प्रभान सिंह घर में बैठकर खाना खा रहे थे, तभी आरोपियों की भीड़ गाली-गलौज करती हुई घर में घुस आई। प्रभान को जबरन घर से बाहर घसीट ले गए। उन पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। जब पत्नी मीना, भाई कृपाराम लोधी और दामाद सचिन लोधी बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। हमलावर प्रभान को अधमरा और मृत समझकर मौके से भाग निकले। परिजन उन्हें तुरंत पिछोर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। देखिए वारदात के बाद चक्काजाम की तस्वीरें महिला को लेकर चल रहा था पुराना विवादपुलिस के अनुसार, मृतक और आरोपियों के बीच एक महिला को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी मामले को सुलझाने के लिए सोमवार को संबंधित महिला को शिवपुरी स्थित वन स्टॉप सेंटर भी भेजा गया था। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद की रंजिश के चलते मंगलवार को आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर लगाया जामहत्या की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में भौंती थाने पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि वारदात में कई लोग शामिल हैं और उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। अपनी मांगों को लेकर परिजनों ने थाने के बाहर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। बाद में पुलिस की समझाइश पर मामला शांत हुआ। इन 15 नामजद आरोपियों पर दर्ज हुआ केसपुलिस ने इस मामले में रामनिवास पाल, देवेन्द्र पाल, राजू पाल, बलवीर पाल, सुदामा पाल, परमेश्वरदास पाल, मिजाजी पाल, केशपाल, प्रदीप पाल, दिनेश पाल, अंगद लोधी, अनिल लोधी, पुष्पेन्द्र पाल, शैतान पाल और मोहर सिंह पाल सहित 15 नामजद तथा 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई- SDOPपिछोर एसडीओपी (SDOP) प्रशांत शर्मा ने बताया कि महिला से जुड़े विवाद के कारण दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी और इसी में क्लीनिक संचालक की हत्या की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कानपुर के घाटमपुर तहसील में बेहटा बुजुर्ग गांव है। यहां पर स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर करीब 4200 वर्ष पुराना है। यह मंदिर मौसम की भविष्यवाणी करता है। मान्यता है, कि मंदिर की छत में लगे पत्थर से पानी की बूंदें जब भगवान जगन्नाथ पर टपकने लगे तो समझ जाइए कि अगले 7 दिनों में अच्छी बारिश शुरू हो जाएगी। इससे मानसून के दस्तक की भी जानकारी पहले ही मिल जाती है। कानपुर के जगन्नाथ मंदिर से दैनिक भास्कर रिपोर्ट पढ़िए…दैनिक भास्कर की टीम कानपुर से 35 किलो मीटर की दूरी पर स्थित बेहटा बुजुर्ग गांव स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंची। यहां पर हमारी मुलाकात मंदिर के पुजारी कुड़हा प्रसाद शुक्ला से हुई। उन्होंने हमे बताया कि इसे विश्व का इकलौता मानसून मंदिर कहा जाता है। यहां आसपास के रहने वाले किसान मानसून की अपडेट जानने के लिए मंदिर की गुम्मद में लगे पत्थर पर आई बूंदों को देखने आते है। आइए बताते हैं, कि जगन्नाथ मंदिर से मानसून को लेकर क्या संकेत मिल रहे हैं। इस बार कितनी बारिश होने की संभावना हैं...? पत्थर में आई पानी की बूंदें, लेकिन टपकी नहींजगन्नाथ मंदिर के पुजारी कुड़हा प्रसाद शुक्ला ने दैनिक भास्कर टीम से बातचीत में बताया कि इस बार पत्थर पूरी तरह भीगा नहीं है। पत्थर में सिर्फ एक तरफ और बीच में पानी की कुछ बूंदें आई हैं। बूंदें अभी तक जमीन पर नहीं गिरी हैं। इससे साफ है, कि अभी अच्छी बारिश होने में समय लगेगा। गुम्मद में लगे पत्थर छोटी-छोटी बूंदों का मतलब हल्की आंधी-बारिश के संकेत हैं। यहां जब बूंदों का आकार छोटा होता है। और पत्थर का एक या दो कोना ही गीला होता है, तो अच्छी बारिश का संकेत नहीं होता। अगर गुंबद से बूंदों के गिरने की स्पीड तेज होती है, तो अच्छी बारिश का संकेत मिलता है। ग्रामीण बोले- एक सप्ताह में मौसम की सटीक जानकारी देगा मंदिरदिनेश शुक्ला ने हमें बताया कि मंदिर की गुम्मद में लगे पत्थर से जितनी ज्यादा बूंदें टपकती हैं, उतनी ज्यादा बारिश होती है। जब बारिश होने लगती है, तो गुम्मद से बूंदों का टपकना बंद हो जाता है। बूंदों के छोटे-बड़े आकार से भी कम-ज्यादा बारिश का अनुमान लगाया जाता है। ग्रामीण पंकज शुक्ला ने बताया कि पत्थर में कुछ बूंदे आई है। हालांकि यह मानसून आने का संकेत है। एक सप्ताह में अगर पत्थर पर बूंदे ज्यादा नहीं आती है, तो इस बार मानसून कमजोर रहेगा। मंदिर के इतिहास पर विवादभगवान जगन्नाथ के इस पौराणिक मंदिर के निर्माण को लेकर इतिहासकार और पुरातत्वविदों में मतभेद हैं। गर्भगृह के भीतर और बाहर पत्थर और दीवारों पर जो आकृतियां उकेरी गई हैं, उसके अनुसार इस मंदिर को दूसरी और चौथी शताब्दी के बीच का निर्माण होना बताया जाता है। मंदिर के बाहर बने मोर और चक्र के निशान देखकर कुछ लोग इसे चक्रवर्ती सम्राट हर्षवर्धन के काल का बताते हैं। हांलाकि इसके अलावा मंदिर में उपस्थित अयागपट्ट के आधार पर कई इतिहासकार इस मंदिर को 4000 साल से ज्यादा पुराना बताते हैं। मंदिर में आखिरी बार 11वीं शताब्दी में जीर्णोद्धार कराए जाने की जानकारी मिलती है। पत्थर से मानसून बताने का रहस्य नहीं खोज पाए वैज्ञानिकवैज्ञानिक इस बात का आज तक पता नहीं लगा पाए कि जगन्नाथ मंदिर के गुंबद में ऐसी कौन-सी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। जो मानसून के दस्तक देने की जानकारी देता है। इसे जानने के लिए कई बार महीनों वैज्ञानिकों ने मंदिर के गुम्मद में लगे मानसून पत्थर का सर्वे किया। लेकिन, तमाम सर्वे के बाद भी मंदिर के निर्माण और रहस्य का सही समय पुरातत्व वैज्ञानिक पता नहीं लगा सके। वैज्ञानिक बस इतना ही पता लग पाए, कि मंदिर का अंतिम जीर्णोद्धार 11वीं सदी यानी एक हजार वर्ष पहले हुआ था। उसके पहले कब और कितने बार जीर्णोद्धार हुए। मंदिर का निर्माण किसने कराया। मंदिर से जुड़ी यह जानकारियां आज भी अबूझ पहेली बनी है। उड़ीसा शैली से अलग है जगन्नाथ मंदिरघाटमपुर के बेहटा बुजुर्ग गांव में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर उड़ीसा शैली से अलग है। वहां मंदिरों में भगवान जगन्नाथ के साथ बलदाऊ और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं होती हैं। यहां भगवान जगन्नाथ के साथ में सिर्फ बलराम की छोटी प्रतिमा है। मंदिर के पीछे उकेरी गई दशावतारों में महावीर बुद्ध की जगह बलराम का चित्र है। यहां पर मंदिर की दीवारों पर चौखट में कई प्रकार की कलाकृति उभरी हुई है। शिल्पकारों ने चौखट में कई कलाकृतियां उभरी हुई है। मंदिर की दीवारें 14 इंच मोटीपुरातत्व विभाग से संरक्षित इस मंदिर के निर्माण काल को लेकर भी असमंजस है। मंदिर बाहर से बौद्ध स्तूप जैसा दिखाई देता है। मंदिर की दीवारें करीब 14 इंच मोटी हैं। अणुवृत्त आकार के मंदिर का भीतरी हिस्सा 700 वर्ग फीट का है। मंदिर के प्रवेश द्वार के बगल में एक प्राचीन कुआं और तालाब स्थित है। मंदिर से प्रतिवर्ष निकलती है रथयात्राहर साल देश और विदेश में आयोजित की जाने वाली रथयात्रा का उत्सव कानपुर के इस मंदिर में भी धूमधाम से मनाया जाता है। प्रतिवर्ष 20 जून को भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा बेहटा बुजुर्ग गांव में भ्रमण करने के बाद मंदिर में समाप्त होती है। इस यात्रा में हजारों भक्त शामिल होते है।
मिर्जापुर। केंद्रीय राज्य मंत्री और क्षेत्रीय सांसद अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार शाम हलिया ब्लॉक के ग्राम देवरी में हरबरा से मध्य प्रदेश बॉर्डर तक मार्ग चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि पूजन किया। इस परियोजना पर 35.55 करोड़ 77 हजार रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना 10.5 किलोमीटर लंबी सड़क को 3 मीटर से बढ़ाकर 7 मीटर चौड़ा करेगी। भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से लंबित थी। सड़क के निर्माण से हलिया क्षेत्र के परसिया, महोखर, करीदिया, सूरजगढ़, हरबरा सहित आसपास के हजारों ग्रामीणों को जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने में सुविधा होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह मार्ग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, विशेषकर सिंगरौली क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। अनुप्रिया पटेल ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में विकास और जनकल्याण की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंची हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खाते, बिजली कनेक्शन, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि देश में करोड़ों लोगों को आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त, 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री ने जनपद में मेडिकल कॉलेज, विंध्य विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, डायलिसिस सेंटर, पासपोर्ट सेवा और विभिन्न सड़क परियोजनाओं सहित अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनके प्रयास जारी रहेंगे। इस अवसर पर छानबे विधायक रिंकी कोल ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश अग्रहरि, अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष राम लौटन बिंद, राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर पटेल, डॉ. एस.पी. पटेल, लाल बहादुर पटेल, रामवृक्ष बिंद और पंकज सिंह चंदेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विदिशा जिले में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे 32 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर औषधि प्रशासन विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की है। जिले में पिछले एक साल से चल रहे सघन जांच अभियान के तहत यह बड़ा कदम उठाया गया है। प्रशासन ने आमजन को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने औषधि प्रशासन विभाग को सभी मेडिकल स्टोर्स और औषधि प्रतिष्ठानों की लगातार औचक जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान संचालन में कई गंभीर खामियां मिलने पर यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इन क्षेत्रों के दवा विक्रेताओं पर गिरी गाजऔषधि निरीक्षक जॉन प्रवीण कुजूर ने बताया कि निरीक्षण में कई स्टोर्स 'औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम' के नियमों का पालन करते नहीं मिले। इसके बाद लटेरी, गंजबासौदा, सिरोंज, कुरवाई, ग्यारसपुर, शमशाबाद और विदिशा क्षेत्र में संचालित 32 थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इन दुकानों पर दस्तावेजी खामियां और वैधानिक मानकों की भारी अनदेखी सामने आई थी। दवा वितरण पारदर्शी बनाने पर जोर, जांच रहेगी जारीकलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बिना वैध अनुमति के चलने वाले या नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य मेडिकल प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने सभी औषधि विक्रेताओं से नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील भी की है।
राजसमंद में आयोजित साइबर जागरूकता एवं डिजिटल सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगाने, मजबूत पासवर्ड बनाने और संदिग्ध एपीके फाइलों पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर गोल्डन ऑवर में शिकायत दर्ज कराने के महत्व की जानकारी भी दी गई। राजसमंद पुलिस की ओर से डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक हेमन्त कलाल के निर्देशन तथा उप अधीक्षक पुलिस एवं साइबर पुलिस थाना प्रभारी दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में नई जिंदगी फाउंडेशन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराधों की दी जानकारी कार्यशाला में साइबर पुलिस थाना राजसमंद के सहायक उपनिरीक्षक नारायण शर्मा ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल आदतें अपनाने पर जोर देते हुए सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय बताए। राजकॉप सिटीजन एप इंस्टॉल करने की अपील कॉन्स्टेबल प्रशाली गोदारा ने राजकॉप सिटीजन एप की उपयोगिता बताते हुए नागरिकों से इसे अपने मोबाइल में इंस्टॉल करने का आग्रह किया। वहीं प्रोग्रामर खैरूल वसीम ने सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने या फर्जी अकाउंट बनाए जाने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई। गोल्डन ऑवर में शिकायत से बढ़ती है रकम फ्रीज होने की संभावना कार्यशाला में बताया गया कि साइबर अपराध होने के बाद शुरुआती समय, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, में शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके लिए नागरिक साइबर अपराध पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत तस्करी के विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष को जिंदा जलाकर मार दिया गया। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने उनकी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे भाजपा नेता के भाई और शिक्षक की अंबिकापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना सोनहत थाना क्षेत्र की है। देखिए पहले ये 4 तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन और तस्करी को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के सामने डंपर वाहन लगाकर उसका रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने और जान बचाकर भागने का मौका नहीं दिया, जिससे वे आग की चपेट में आ गए। कार सवार सभी बुरी तरह झुलसे कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस से घायलों को तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया। इलाज के दौरान शिक्षक नागेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं वीरू सिंह और एक अन्य गंभीर घायल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। देर रात घटनास्थल पहुंचे IG मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात ही कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में गिने जाते थे और सोनहत क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। वे पहले रामचंद्र सिंहदेव के करीबी रहे थे, लेकिन बाद में मतभेद होने पर भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, इस मामले पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो दिन पहले भी हुआ था विवाद रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच दो दिन पहले भी विवाद हुआ था। विवाद के बाद मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह और उनके भाई के बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रेत तस्करी के मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद यह हिंसक वारदात सामने आई। मनोज त्रिपाठी को भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। ……………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कांग्रेस नेता के बेटे की सिर पर गोली मारकर हत्या: नकाबपोश बदमाश घर में घुसे, फायरिंग की; पिता बोले- रेत के कारोबार के कारण मारा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 23 अप्रैल की रात तीन बदमाश नकाब पहनकर घर घुसे और फायरिंग कर दी। आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव का है। पढ़ें पूरी खबर…
भोजपुरी फिल्म अभिनेता देव सिंह ने बताया कि गांव में आर्केस्ट्रा देखने के दौरान सीट न मिलने पर उन्होंने अभिनेता बनने का फैसला किया। उन्होंने ठान लिया था कि उन्हें आर्केस्ट्रा देखना नहीं, बल्कि ऐसा काम करना है कि लोग उन्हें देखें। इसी विचार के साथ उन्होंने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख किया। बलिया के सुअरहां गांव से निकलकर भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले देव सिंह को अपने मुकाम तक पहुंचने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी पढ़ाई बंगाल में हुई। नौकरी के लिए वे दिल्ली गए, लेकिन वहां काम में उनका मन नहीं लगा। उनके दिमाग में हमेशा अभिनेता बनने की धुन सवार रहती थी। दिल्ली से वापस गांव आने के बाद वे मुंबई चले गए। वहां उनका कोई परिचित नहीं था। काम की तलाश में उन्हें काफी भटकना पड़ा, जिसके बाद उन्हें छोटे-मोटे रोल मिलने लगे। इसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया और वे वापस गांव लौट आए। गांव लौटने के बाद उन्होंने सहतवार में कपड़े की दुकान खोली। उनकी मां ने उनसे अपनी मातृभाषा भोजपुरी को कभी न भूलने की बात कही थी। चूंकि वे लंबे समय तक बंगाल में रहे थे, इसलिए कपड़े की दुकान चलाते समय उनकी भोजपुरी भाषा और मजबूत हुई। हालांकि, उनका मन कपड़े की दुकान चलाने में भी नहीं लगा। इसके बाद वे फिर मुंबई चले गए, जहां उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलने लगे। उन्होंने कई धारावाहिकों में काम किया और फिर फिल्मों में भी अभिनय करने लगे। देव सिंह का कहना है कि मुश्किलें हर जगह और हर समय आती हैं, लेकिन व्यक्ति को उन्हें पार करके ही अपना मुकाम हासिल करना होता है। उन्होंने दृढ़ता से मुश्किलों का सामना करने और लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह दी। अपनी सबसे बेहतरीन फिल्म के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने 'सिंह साहब द राइजिंग' का नाम लिया। इस फिल्म का एक प्रसिद्ध संवाद उन्होंने साझा किया: आराम का मैं लेता नहीं और हक का मैं छोड़ता नहीं।
प्रयागराज में शास्त्री पुल के मरम्मत कार्य के कारण मिर्जापुर के शास्त्री सेतु पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने जिले में लागू नो-एंट्री व्यवस्था में अस्थायी संशोधन किया है। यातायात प्रभारी के अनुसार, प्रयागराज स्थित शास्त्री पुल पर 3 जून से 15 जुलाई 2026 तक मरम्मत कार्य जारी है। इस अवधि में भारी वाहनों को प्रयागराज मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं है। इसके चलते सोनभद्र, मध्य प्रदेश और अन्य स्थानों की ओर जाने वाले भारी वाहन अब मिर्जापुर के शास्त्री पुल और औराई-गोपीगंज मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। भारी वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण शास्त्री पुल और नगर क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बन रही थी। आम जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने पूर्व में निर्धारित नो-एंट्री समय में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार, 16 जून से 30 जून 2026 तक रात्रि 10 बजे से प्रातः 7 बजे तक भारी वाहनों को नो-एंट्री से छूट दी गई है। इस दौरान भारी वाहन नगर क्षेत्र से होकर आवागमन कर सकेंगे। यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और इसे प्रयागराज में शास्त्री पुल के मरम्मत कार्य के मद्देनजर लागू किया गया है। परिस्थितियों के अनुसार, नो-एंट्री के समय में भविष्य में फिर से संशोधन संबंधी आदेश जारी किए जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् के नियंत्रणाधीन संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार, ये विद्यालय प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक बंद रहेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 से परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। इसके बाद 25 जून से नियमित पठन-पाठन के लिए विद्यालय खुलेंगे। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि 25 जून को पठन-पाठन शुरू होने से पहले विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां और प्रबंधन सुनिश्चित कर लिया जाए। इनमें लेसन प्लान बनाना, मिड डे मील की तैयारी, पाठ्य-पुस्तकों की व्यवस्था और विद्यालय शिक्षा समिति की बैठकों के माध्यम से समुदाय का सहयोग प्राप्त करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में बाल-वाटिका की तैयारी, परिसर, रसोई और शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यदि विद्यालय में स्मार्ट क्लास या आईसीटी लैब हैं, तो उन्हें क्रियाशील रखा जाए। बिजली कनेक्शन, पेयजल और शौचालयों में पानी की व्यवस्था भी दुरुस्त की जाए। इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक वर्ष 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब छात्र-छात्राएं 25 जून को विद्यालय आएं, तो उनका नियमित पठन-पाठन तुरंत शुरू हो सके। एक अन्य निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक योगाभ्यास सुनिश्चित किया जाए।
बांदा के बदौसा थाना परिसर में हुई 19 वर्षीय शिवानी की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बड़ा फैसला लिया है। मामले की विवेचना अब बदौसा थाने से हटाकर फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा को सौंप दी गई है। इस गंभीर घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में बदौसा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एक उपनिरीक्षक और एक महिला कांस्टेबल को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है। विभागीय जांच भी अतर्रा सर्किल से हटाकर सीओ सदर को सौंपी गई है। यह घटना 18 मई से जुड़ी है, जब बदौसा थाना क्षेत्र के बरछा-बा गांव निवासी 19 वर्षीय शिवानी अपने पड़ोसी ललित वर्मा के साथ घर से चली गई थी। दोनों के अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजनों ने इसका विरोध किया था। शिवानी की मां रन्नो देवी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। लगभग एक महीने बाद, 13 जून को पुलिस ने शिवानी और ललित को मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र से बरामद किया और बदौसा थाने लाई। थाने में काउंसलिंग के दौरान शिवानी ने खुद को बालिग बताते हुए ललित वर्मा के साथ रहने की इच्छा जताई। इसी बात से नाराज होकर उसके पिता सत्यकुमार ने थाने के अंदर ही धारदार हथियार से शिवानी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 जून को तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक सुरेंद्र मिश्रा और महिला कांस्टेबल राखी को लाइन हाजिर कर दिया था। अब इस चर्चित हत्याकांड की विवेचना फतेहगंज थाना प्रभारी राजेश वर्मा करेंगे। साथ ही, विभागीय जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर सौरभ सिंह को दी गई है, जिन्हें सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धरम रहसी-रहसी धरा, खप जासी खुरसाण। अमर विसम्बर ऊपरे, राख नहच्चो राण।। इस दोहे का अर्थ है- ‘धर्म और धरती हमेशा बने रहेंगे, लेकिन ये विदेशी आक्रमणकारी (खुरसाण) एक दिन समाप्त हो जाएंगे।’ ये दोहा मुगल सेनापति रहीम खान-ए-खाना (मिर्जा खां) ने मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के लिए लिखा था। कारण था- हल्दीघाटी युद्ध के दौरान प्रताप ने मुगलों की बंदी महिलाओं को सम्मान के साथ वापस भेजा था। ऊंच-नीच और भेदभाव से परे प्रताप को भील समुदाय के लोग 'कीका' कहकर पुकारते थे। प्रताप की योग्यता के कारण ही उनके पिता महाराणा उदयसिंह द्वितीय के फैसले को बदलकर उन्हें राजगद्दी पर बैठाया गया था। राजा बनने के बाद भी वे अपने साथियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते थे। अपने सहयोगी राजाओं की मदद करने में भी पीछे नहीं थे। प्रताप के प्रति वफादारी का आलम ये था कि अकबर की लाख कोशिशों के बाद भी मुगल उनके हाथी को भी नहीं झुका पाए थे। महाराणा प्रताप की आज 486वीं जन्मतिथि और हल्दीघाटी युद्ध के 18 जून को 450 साल पूरे हो रहे हैं। भास्कर ने प्रताप गौरव केंद्र के शोध प्रभारी डॉ. विवेक भटनागर, एमजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ सुदर्शन सिंह राठौड़ और सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मनीष श्रीमाली से बात कर उनके जीवन के बारे में जाना। आज की रिपोर्ट में पढ़िए- प्रताप के जीवन से जुड़े 5 रोचक किस्से 1– भील समुदाय के प्रिय और लाडले 'कीका' थे प्रताप इतिहासकार डॉ. सुदर्शन सिंह राठौड़ ने बताया कि मेवाड़ में राजगद्दी पर बैठने से पहले कुंवर प्रताप को 'कीका' के नाम से पुकारा जाता था। मेवाड़ के पहाड़ी क्षेत्रों की भीली या वागड़ी भाषा में 'कीका' शब्द का प्रयोग छोटे लड़के के लिए लाड़-प्यार में किया जाता है, जिसे मेवाड़ी में 'कूका' कहते हैं। यह नाम इस बात का प्रमाण है कि प्रताप ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा मेवाड़ के पर्वतीय क्षेत्रों में भील समुदाय के बीच बिताया था। उन्होंने अपने सरल और सहृदय व्यवहार से भीलों का मन जीत लिया था। उस समय के दौरान प्रताप ने भीलों को संगठित करने का काम भी किया था। यही कारण था कि आगे चलकर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष में भील समुदाय उनका प्रमुख सहायक बना था। पर्वतीय भागों में भीलों के बीच रहने और वहां की कठिनाइयों का सामना करने से उनके चरित्र में साहस, धैर्य, स्वाभिमान और त्याग जैसे गुणों का विकास हुआ था। अबुल फजल की 'अकबरनामा', बदायुनी की 'मुंतखब उत तवारीख' और 'तबकात ए अकबरी' जैसे फारसी ग्रंथों के साथ-साथ 'वीर विनोद' जैसी प्रमुख पुस्तकों में भी उन्हें 'राणा कीका' कहा गया है। साथियों के साथ ही खाना खाते थे इतिहासकार डॉ. मनीष श्रीमाली ने बताया कि 'अमरकाव्य' ग्रंथ के अनुसार-जब महाराणा प्रताप को चित्तौड़गढ़ के राज-दरबार में प्रवेश से रोक दिया गया था, तब वे किले की तलहटी में स्थित एक गांव में रहते थे। उस समय किले से उनके लिए खाने-पीने का सामान भेजा जाता था। प्रताप उस भोजन के दोने बनाकर अपने 10 साथियों को देते थे। इसके बाद खुद भी उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते थे। राजगद्दी पर बैठने के बाद भी उन्होंने इस परंपरा को बनाए रखा, जो आगे चलकर मेवाड़ राजपरिवार का एक स्थायी रिवाज बन गया। प्रताप सुबह और शाम दोनों समय इसका पूरी तरह पालन करते थे। (कंटेंट सोर्स - अकबरनामा, मुंतख़ब उत तवारीख़, तबकात ए अकबरी, वीर विनोद।) 2– प्रताप के छोटे भाई को उत्तराधिकारी किया था घोषित इतिहासकार डॉ मनीष श्रीमाली ने बताया- मेवाड़ की राजगद्दी को लेकर जो घटनाक्रम हुआ, वह भुलाया नहीं जा सकता। इसका उल्लेख पुस्तक वीर विनोद और उदयपुर राज्य का इतिहास में हैं, इस घटना को 'राजमहलों की क्रांति' कहा गया है। महाराणा उदयसिंह अपनी भटियाणी रानी धीरकंवर के प्रभाव में थे। इसी कारण उन्होंने परंपरा के खिलाफ जाकर अपने ज्येष्ठ (बड़े) पुत्र प्रताप की जगह छोटे बेटे जगमाल को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। विरोध के डर से उन्होंने इसकी सार्वजनिक घोषणा नहीं की थी। 28 फरवरी 1572 को गोगुन्दा में उदयसिंह की मृत्यु हो गई। परंपरा के मुताबिक- नया राजा अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होता था, बल्कि राजगद्दी पर बैठने की तैयारी करता था। जब उदयसिंह की अंतिम यात्रा में जगमाल नहीं दिखा, तो सामंतों में कानाफूसी होने लगी थी। ग्वालियर के राजा रामशाह के पूछने पर जगमाल के सगे भाई कुंवर सागर ने राज खोला कि उदयसिंह जगमाल को उत्तराधिकारी घोषित कर गए हैं। मेवाड़ को बचाने के लिए सामंतों ने प्रताप को गद्दी पर बैठाया था इतिहासकार डॉ. सुदर्शन सिंह राठौड़ ने बताया कि उस समय मेवाड़ गहरे संकट में था। चित्तौड़गढ़ हाथ से निकल चुका था और अकबर जैसा शक्तिशाली दुश्मन सामने खड़ा था। ऐसे माहौल में सोनगरा मानसिंह अखैराजोत, रावत कृष्णदास और रावत सांगा जैसे वरिष्ठ सामंतों का मानना था कि केवल एक सुयोग्य शासक ही मेवाड़ की रक्षा कर सकता है। उन्होंने एकमत होकर निर्णय लिया कि ज्येष्ठ (बड़े) कुंवर प्रताप सिंह ही हर तरह से सुयोग्य और मेवाड़ के असली अधिकारी हैं। दूसरी तरफ, प्रताप गृह-कलह और अपमान से बचने के लिए मेवाड़ छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। तभी रावत कृष्णदास और राजा रामशाह राजमहल पहुंचे, जहां जगमाल सिंहासन पर बैठा था। उन्होंने जगमाल को हाथ पकड़कर गद्दी से नीचे उतारा और कहा कि छोटा भाई होने के नाते उनका स्थान गद्दी के सामने है। इसके बाद उन्होंने प्रताप को सिंहासन पर बैठाया था। अकबर की शरण में गया था प्रताप का भाई इतिहासकार मनीष श्रीमाली ने बताया कि इस बदलाव से अपमानित महसूस करते हुए जगमाल मेवाड़ छोड़कर पहले जहाजपुर और फिर मुगल बादशाह अकबर की शरण में चला गया। अकबर ने उसे जहाज़पुर की जागीर दे दी और बाद में सिरोही का आधा राज्य भी दिलवा दिया। आखिरकार, साल 1583 ई. में दताणी के युद्ध में जगमाल मारा गया और मेवाड़ के लिए उसका खतरा हमेशा के लिए खत्म हो गया। इस पूरे ऐतिहासिक घटनाक्रम की प्रामाणिक जानकारी हमें 'उदयपुर राज्य का इतिहास' और 'वीर विनोद' जैसी प्रमुख पुस्तकों में मिलती है। इतिहासकार डॉ. विवेक भटनागर ने बताया कि इतिहास में यह घटना इसलिए खास है क्योंकि जहां दूसरे राज्यों में गद्दी के लिए भाई-भाई के बीच खूनी जंग होती थी। वहीं मेवाड़ में यह बदलाव बेहद शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। कटेंट सोर्स - उदयपुर राज्य का इतिहास, वीर विनोद। 3 - मुगल भी करने लगे थे प्रताप का सम्मान इतिहासकार सुदर्शन सिंह राठौड़ ने बताया कि यह घटना हल्दीघाटी युद्ध के बाद के समय की है। साल 1581 ई. के मध्य में रहीम खानखाना को शहजादे सलीम (जहांगीर) का अभिभावक बनाया गया था। वे अजमेर की सूबेदारी छोड़कर मुगल दरबार चले गए थे। जून 1581 ई. से कुछ समय पहले जब रहीम खानखाना राजस्थान के अभियान पर थे। तब मुगल सेना को युद्ध में भारी नुकसान हुआ और महिलाएं भाग खड़ी हुई थीं। तब कुंवर अमर सिंह को लूट के माल के साथ खानखाना (मिर्जा खां) के परिवार की असहाय स्त्रियां भी मिलीं, जिन्हें उन्होंने बंदी बना लिया था। जैसे ही इसकी सूचना महाराणा प्रताप को मिली। उन्होंने इसे अपने क्षत्रिय आदर्शों के सख्त खिलाफ माना। प्रताप ने तुरंत कुंवर अमर सिंह को आदेश दिया कि वे उन सभी महिलाओं को पूर्ण आदर और सम्मान के साथ सुरक्षित रूप से वापस मिर्जा खां के पास पहुंचाकर आएं। कुंवर अमर सिंह ने महाराणा प्रताप के आदेश का पालन करते हुए मुगल महिलाओं को ससम्मान वापस भेज दिया। प्रताप की उदारता को दोहे में व्यक्त किया था इतिकासकार डॉ. विवेक भटनागर ने बताया कि महाराणा प्रताप की इस असाधारण उदारता और नैतिकता से खान-ए-खाना (मिर्जा खां) बेहद प्रभावित हुए। उनके हृदय में प्रताप के प्रति गहरा स्नेह, आदर और श्रद्धा की भावना पैदा हो गई, जो जीवन भर बनी रही। खान-ए-खाना ने अपनी इस श्रद्धा को इस प्रसिद्ध दोहे में व्यक्त किया। इस पूरे ऐतिहासिक घटनाक्रम का प्रामाणिक वर्णन हमें 'अकबरनामा', 'अमर काव्यम्', 'उदयपुर राज्य का इतिहास' और 'राजप्रशस्ति महाकाव्य' जैसी प्रमुख पुस्तकों में मिलता है। (कंटेंट सोर्स - अकबरनामा, अमर काव्यम्, उदयपुर राज्य का इतिहास, राजप्रशस्ति महाकाव्य।) 4 – प्रताप का हाथी भी मुगलों के सामने नहीं झुका था श्रीमाली ने बताया कि बादशाह अकबर को हाथियों में विशेष रुचि थी। उसने महाराणा प्रताप के हाथी रामप्रसाद की जबरदस्त ताकत, विशाल शरीर और उसके युद्ध-कौशल की ख्याति के बारे में गहराई से सुन रखा था। इसी वजह से अकबर ने कई बार राणा प्रताप को संदेश भिजवाया था कि वे रामप्रसाद हाथी को मुगल दरबार में भेज दें, लेकिन अपनी आन-बान और शान के लिए मशहूर राणा प्रताप ने अकबर की इस मांग को हर बार ठुकरा दिया। मुगलों ने प्रताप का हाथी अकबर को दिया था हल्दीघाटी का युद्ध मुगल हार गए थे, लेकिन उन्होंने प्रताप के हाथी रामप्रसाद के महावत को मार गिराया था। इसके बाद राणा प्रताप के हाथी रामप्रसाद को ले लिया। हार के बाद भी अपना अच्छा प्रदर्शन दिखाने के लिए अकबर को इस हाथी को आगरा भेजना तय किया गया। आसफ खां के सुझाव पर इस अहम कार्य की जिम्मेदारी इतिहासकार बदायुनी को दी गई। मानसिंह ने बदायुनी को रामप्रसाद हाथी और उसकी सुरक्षा के लिए 300 घुड़सवार साथ देकर रवाना किया। बदायुनी ने फतेहपुर सीकरी पहुंचकर बादशाह अकबर को युद्ध की पूरी सूचना दी। अकबर इस हाथी को पाकर बेहद खुश हुआ और उसने तुरंत इसका नाम बदलकर 'पीरप्रसाद' रख दिया। वफादार हाथी का बलिदान और ऐतिहासिक पुस्तकों में वर्णन अकबर ने हाथी का नाम बदलकर 'पीरप्रसाद' रख दिया था। इसका उल्लेख फारसी ग्रंथों में मिलता है। अकबर के पास आने के बाद भी हाथी ने प्रताप के प्रति अपनी वफादारी को नहीं छोड़ा था। कहा जाता है कि मुगलों की कैद में जाने के बाद रामप्रसाद ने महाराणा प्रताप के वियोग में अन्न और जल त्याग दिया था। उसने मुगलों का दिया कुछ भी नहीं खाया-पिया। जिसके कारण कुछ समय बाद ही उसने दम तोड़ दिया। इस पूरे प्रसंग का प्रामाणिक विवरण हमें 'मुन्तख़ब उत तवारीख', 'अकबरनामा' और 'वीर विनोद' जैसी प्रमुख ऐतिहासिक पुस्तकों में मिलता है। 5 – प्रताप सहयोगी राजाओं का उठाते थे भार, इतना धन था श्रीमाली ने बताया कि महाराणा प्रताप के बारे में आम तौर पर कहा जाता है कि वे धन की कमी के कारण बेहद मुश्किलों भरा जीवन जी रहे थे। हालांकि, इतिहास के कुछ प्रामाणिक स्रोतों से पता चलता है कि उनकी आर्थिक स्थिति पर्याप्त रूप से काफी अच्छी थी। ग्वालियर के राजा को नकद रुपए देते थे कर्नल जेम्स टॉड ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एनल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान' में एक बेहद महत्वपूर्ण तथ्य का जिक्र किया है। इसके अनुसार- महाराणा प्रताप ग्वालियर के राजा रामशाह तंवर को सेना और अन्य व्यवस्थाओं के लिए हर दिन 800 रुपए (यानी तत्कालीन समय के हिसाब से 100 पौंड) नकद दे रहे थे। इतनी बड़ी रकम रोज देना उनकी मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। प्रसिद्ध इतिहासकार मुंहणोत नैणसी की पुस्तक 'नैणसी री ख्यात' से भी यह साफ पता चलता है कि मेवाड़ के जावर क्षेत्र से महाराणा प्रताप को प्रतिदिन 400 से 500 रुपए की बड़ी आय होती थी। नैणसी के इस दावे की पुष्टि बाद के सालों में महाराणा राजसिंह के समय की एक सरकारी बही (रिकॉर्ड) से भी पूरी तरह होती है। मुगलों को हीरे-जवाहरात भेंट किए थे प्रसिद्ध इतिहासकार गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने अपनी पुस्तक 'उदयपुर राज्य का इतिहास' में इस बात का विस्तार से वर्णन किया है कि महाराणा प्रताप के पास पर्याप्त मात्रा में आर्थिक संसाधन मौजूद थे। वे किसी भी तरह से पैसों की तंगी में नहीं थे। इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण आगे चलकर 'मेवाड़-मुगल संधि' के दौरान मिलता है, जब महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह प्रथम ने मुगलों को बेहद कीमती हीरे और जवाहरात भेंट स्वरूप दिए थे। राजपरिवार के पास मौजूद कीमती रत्न सीधे तौर पर यह प्रमाणित करते हैं कि महाराणा प्रताप के काल में मेवाड़ आर्थिक रूप से कमजोर नहीं था। इस पूरे ऐतिहासिक सच की जानकारी हमें 'जेम्स टॉड की एनल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान', 'मुंहणोत नैणसी की ख्यात' और 'उदयपुर राज्य का इतिहास' जैसी प्रमुख पुस्तकों में मिलती है। (कंटेंट सोर्स - जेम्स टॉड की एनल्स एंड एंटीक्टीवीज आफ राजस्थान, मुंहणोत नैणसी की ख्यात, उदयपुर राज्य का इतिहास।)
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र के कमती इमलिया गांव में मंगलवार को उस समय लोगों की भीड़ उमड़ी, जब मां नर्मदा की परिक्रमा पर निकले धर्मपुरी महाराज वहां पहुंचे। वे सामान्य श्रद्धालुओं की तरह पैदल नहीं, बल्कि हाथों के बल लगभग 3500 किलोमीटर लंबी नर्मदा परिक्रमा कर रहे हैं। दशहरा पर अमरकंटक से शुरू की यात्रा जानकारी के अनुसार, धर्मपुरी महाराज ने दशहरा पर्व पर अमरकंटक से नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत की थी। उन्होंने संकल्प लिया है कि पूरी परिक्रमा हाथों के बल ही पूरी करेंगे। उनकी यह कठिन साधना श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अब तक 290 किलोमीटर का सफर पूरा हाथों के बल चलने के कारण यात्रा की गति काफी धीमी है। बताया गया कि अब तक वे अमरकंटक से गोटेगांव क्षेत्र तक करीब 290 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। प्रतिदिन वे करीब ढाई से तीन किलोमीटर ही आगे बढ़ पाते हैं। अनुमान है कि 3500 किलोमीटर की परिक्रमा पूरी करने में करीब चार वर्ष का समय लगेगा। रास्ते भर श्रद्धालु ले रहे आशीर्वाद जहां-जहां धर्मपुरी महाराज पहुंच रहे हैं, वहां श्रद्धालु उनकी तपस्या को देखने और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी संत को हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा करते देखा है। एक समय भोजन, एकादशी पर भंडारा धर्मपुरी महाराज के साथ उनके शिष्य भी परिक्रमा में शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, महाराज दिन में केवल एक बार भोजन ग्रहण करते हैं। प्रत्येक एकादशी पर उनके पड़ाव स्थल पर भंडारे का आयोजन किया जाता है। कमती इमलिया पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद लिया।
अलीगढ़ में जिला उपभोक्ता फोरम ने ओवररेटिंग के एक मामले में सिगरेट बनाने वाली कंपनी ITC और दुकानदार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। दुकानदार ने सिगरेट के पैकेट पर ग्राहक से एमआरपी से 20 रुपए ज्यादा लिए थे। ग्राहक के अनुसार, उसने क्लासिक ब्रांड की सिगरेट का एक पैकेट खरीदा। पैकेट पर इसकी कीमत 340 रुपए लिखी थी। इसके बाद भी दुकानदार ने पैकेट को 360 रुपए दिया। ग्राहक ने दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट किया। फिर इस पेमेंट का प्रिंट आउट निकलवाकर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद जिला अदालत के उपभोक्ता फोरम में मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी की जिम्मेदारी से इनकार करने वाली दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने दुकानदरा और ITC कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना लगा दिया। साथ ही पीड़ित को 5 हजार का मुआवजा और 5 हजार अदालती खर्ज होने का आदेश दिया। मामला जनवरी 2026 का है। कोर्ट ने 16 जून को फैसला सुनाया है। अब जानिए पूरा मामला…. अलीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग के ठीक सामने प्रतिभा कॉलोनी के रहने वाले हीरा लाल वार्ष्णेय की दुकान है। बन्ना देवी थाना क्षेत्र के रघुवीरपुरी इलाके में रहने वाले अधिवक्ता देवेश गौतम ने जनवरी 2026 के आखिरी सप्ताह में इस दुकान से क्लासिक ब्रांड सिगरेट का एक पैकेट खरीदा था। इस पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 340 रुपए लिखा था, लेकिन दुकानदार ने इसके लिए 360 रुपए की मांग की। ग्राहक देवेश ने जब इस ओवररेटिंग का विरोध किया, तो दुकानदार बहस करने लगा और तय कीमत पर सामान देने से साफ मना कर दिया। मजबूरी में देवेश ने ऑनलाइन 360 रुपए का भुगतान किया। देवेश ने डिजिटल पेमेंट का प्रिंट आउट निकलवाया। इसके बाद फरवरी 2026 में सबूत के साथ जिला उपभोक्ता आयोग में केस दर्ज करा दिया। कंपनी की दलील-दुकानदार नहीं है अधिकृत वेंडर मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान आरोपी दुकानदार नोटिस भेजा, लेकिन दुकानदार कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही का फैसला किया। वहीं, मशहूर सिगरेट निर्माता कंपनी ITC ने अपने बचाव में दलील दी कि मेरा दुकानदार से कोई सीधा संपर्क नहीं है। कंपनी ने दुकानदार को अपना अधिकृत वेंडर भी नियुक्त नहीं किया है, इसलिए कालाबाजारी के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है। उपभोक्ता फोरम ने कंपनी के तर्कों को खारिज किया उपभोक्ता फोरम ने ITC के इन तर्कों को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि दुकानदार कंपनी का ही प्रोडक्ट बेच रहा था, इसलिए उसे सब-एजेंट माना जाएगा। कंपनियां अपने प्रोडक्ट की आड़ में हो रही इस तरह की कालाबाजारी की जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकतीं। अदालत ने इसे आम जनता के साथ होने वाली 'छिपी हुई लूट' और अनुचित व्यापार व्यवहार माना। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कोर्ट ने दुकानदरा और कंपनी पर 10 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। इसे उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराया जाएगा। साथ ही पीड़ित ग्राहक को न्याय देते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि देवेश गौतम से वसूले गए अतिरिक्त 20 रुपए का 18% वार्षिक ब्याज के साथ वापस किए जाएं। साथ ही उन्हें हुई मानसिक प्रताड़ना के एवज में 5,000 रुपए का मुआवजा और अदालती खर्च के रूप में 5,000 रुपए अलग से दिए जाएं। 45 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो होगी जेल उपभोक्ता फोरम ने ITC कंपनी और दुकानदार दोनों को इस आदेश का पालन करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है। तय समय सीमा के भीतर जुर्माने और मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत दोनों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - संत बोले- राम मंदिर में चोरी करने वाले कीड़े बनेंगे:अयोध्या में मर्यादा छोड़ दी; जिम्मेदारों को ट्रस्ट के पद छोड़ने चाहिए राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के बाद देशभर के संतों में नाराजगी है। वो कहते हैं कि यह रामजी की अयोध्या है, जहां मर्यादा के लिए उन्होंने सीता माता का त्याग किया। अब करोड़ों का चढ़ावा चोरी हो गया, लेकिन ट्रस्ट का कोई पदाधिकारी आगे आकर जिम्मेदारी नहीं ले रहा। अपने पदों को छोड़ने की बात नहीं कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल में जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान पेंशन संबंधी शिकायत मिलने पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग नाराज हो गए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वार्ड प्रभारी को तलब किया और शिकायत का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री विश्वास सारंग के बंगले पर प्रतिदिन आयोजित होने वाले जनदर्शन कार्यक्रम में नरेला विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-59 स्थित अन्ना नगर की निवासी मंदा सोनवानी, सहला सेनवानी, सुशीला विश्वकर्मा और सोमा सुरेश अपनी पेंशन संबंधी समस्या लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने मंत्री को बताया कि पात्र होने के बावजूद उन्हें पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में कई बार प्रयास करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। वार्ड प्रभारी को बुलाकर लगाई फटकार शिकायत मिलने के बाद मंत्री सारंग ने तत्काल संज्ञान लिया और वार्ड क्रमांक-59 के प्रभारी रमीजुद्दीन को मौके पर बुलाया। उन्होंने वार्ड प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
सोजत के पास पांचवा खुर्द गांव में जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई ने बड़े भाई पर फावड़े से हमला कर दिया। इस हमले में बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सोजत के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना मंगलवार रात की है, जिसके बाद शिवपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। फावड़े से वार कर फरार हुआ छोटा भाई शिवपुरा थाना अधिकारी भंवरलाल बिश्नोई ने बताया कि मंगलवार रात को शिवपुरा थाना क्षेत्र के पांचवा खुर्द गांव में 40 वर्षीय धनाराम देवासी और उसके छोटे भाई 32 वर्षीय बीजाराम देवासी के बीच जमीन (बाड़े) को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई बीजाराम ने बड़े भाई धनाराम के सिर पर फावड़े से वार कर दिया और मौके से फरार हो गया। फावड़े के वार से धनाराम जमीन पर गिर गया। चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और धनाराम को लहूलुहान हालत में पाया। लोगों ने उसे तुरंत सोजत के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल के सिर में गंभीर और गहरी चोट आई है, लेकिन उपचार के बाद अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। होश में नहीं आने पर बयान नहीं हुए दर्ज सूचना मिलने पर शिवपुरा थाने के सहायक उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल धनाराम के बयान लेने का प्रयास किया, लेकिन उस समय वह होश में नहीं था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी छोटे भाई की तलाश जारी है।
सागर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने हेल्थ बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को क्लेम की राशि 17 हजार 122 रुपए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ परिवादी को चुकाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, कंपनी को मानसिक क्षति के रूप में 8 हजार और परिवाद व्यय के लिए 2 हजार रुपए का भुगतान दो महीने के भीतर करना होगा। मोतीनगर निवासी 53 वर्षीय परिवादी सुनील कुमार जैन ने स्वयं, पत्नी और बच्चों के नाम पर 31 हजार 846 रुपए का प्रीमियम जमा कर एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 27 दिसंबर 2023 से 26 दिसंबर 2025 तक के लिए वैध थी। इसी बीच, 9 दिसंबर 2024 को सुनील जैन को पेट दर्द की गंभीर शिकायत हुई और संक्रमण के खतरे को देखते हुए वे डॉक्टर की सलाह पर एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए। 11 दिसंबर 2024 को अस्पताल से छुट्टी मिलने तक उनके इलाज पर कुल 17 हजार 122 रुपए का खर्च आया था। OPD में इलाज संभव बताकर कंपनी ने नहीं दिया पैसाइलाज के बाद आवेदक सुनील जैन ने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ बीमा कंपनी (मुख्य प्रबंधक, हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड, गुरुग्राम) के पास अपना क्लेम पेश किया था। लेकिन बीमा कंपनी ने 30 दिसंबर 2024 को यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं थी और यह बीमारी ओपीडी (OPD) स्तर पर भी ठीक हो सकती थी। साथ ही कंपनी ने पर्याप्त मेडिकल दस्तावेज न होने का तर्क भी दिया। बीमा कंपनी की इस मनमानी से परेशान होकर आवेदक ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली और परिवाद दायर कर दिया। दस्तावेजों के आधार पर फोरम ने सुनाया फैसलामामले की सुनवाई के दौरान परिवादी के अधिवक्ता पवन नन्होरिया ने आयोग के समक्ष इलाज से जुड़े सभी प्रामाणिक दस्तावेज पेश किए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर फोरम ने बीमा कंपनी के तर्कों को अमान्य कर दिया। आयोग ने फैसला सुनाते हुए कंपनी को आदेश दिया है कि वह क्लेम निरस्त होने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित पूरी राशि का भुगतान परिवादी को करे।
पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर अब हाईकोर्ट में मेरिट के आधार पर सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को निरस्त करने की मांग की थी। याचिका में आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया था, जिसके आधार पर उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है। वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल की विधायकी खत्म करने के लिए चुनाव याचिका लगाई है। साल 2024 में दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से ठीक पहले प्रचार बंद होने की अवधि में भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था। इस दौरान उन्होंने चुनावी नारे लगवाए और वोट मांगकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का सीधा उल्लंघन किया, जिसका वीडियो भी बनाया गया था। पहले भी खारिज हो चुका है भूपेश बघेल का आवेदन इस मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल की तरफ से 16 बिंदू पेश कर बताया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और न ही आचार संहिता उल्लंघन करने का कोई साक्ष्य पेश किया गया है। उन्होंने याचिका खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही कहा था कि याचिका चलने के लिए पर्याप्त आधार है। हाईकोर्ट बोला- चलने योग्य है चुनाव याचिका मामले में भूपेश बघेल की तरफ से तर्क दिया गया कि विजय बघेल की यह याचिका पूरी तरह से अस्पष्ट है और इसमें जरूरी तथ्यों का अभाव है। याचिका के साथ दिए गए वीडियो और ई-मेल के सबूतों के लिए जरूरी 65-बी का सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया है। रोड शो में कौन लोग शामिल थे, उनकी पहचान और भूपेश बघेल की सहमति के कोई पुख्ता सबूत नहीं दिए गए हैं, लिहाजा याचिका को बिना ट्रायल के ही तुरंत खारिज कर दिया जाना चाहिए। जिस पर जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने मामला चलने योग्य मानते हुए अब इस पर 23 जून 2026 से मेरिट के आधार पर नियमित सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि याचिका में जो तथ्य दिए गए हैं, वे केस को आगे बढ़ाने के लिए काफी हैं। सबूतों की कानूनी वैधता, डिजिटल सर्टिफिकेट और गवाहों की सच्चाई का फैसला शुरुआती चरण में नहीं होगा। ट्रायल के दौरान गवाहियों और जिरह के बाद इस पर फैसला होगा। सुप्रीम कोर्ट भी गए थे भूपेश बघेल इससे पहले हाईकोर्ट से एक अन्य अर्जी खारिज होने के बाद भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट के सामने दोबारा याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर नए सिरे से आवेदन लगाने की छूट दी थी। इसी निर्देश के तहत उन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन लगाया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा है कि भूपेश बघेल ट्रायल के दौरान सबूतों की प्रामाणिकता और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की वैधता पर अपनी आपत्तियां उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। ……………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भूपेश बघेल की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज: ED की कार्रवाई को दी थी चुनौती; जज बोले-गलती कानून में नहीं, उसके दुरुपयोग में, हाईकोर्ट जाएं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी। उन्होंने शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आगे की जांच करने की शक्ति को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं के दौरान पेड़ों की कटाई को कम करने के उद्देश्य से 'ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026' का मसौदा तैयार किया है। मंगलवार को यह ड्राफ्ट हाई कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष पेश किया गया। प्रस्तावित नीति के तहत सड़क, मेट्रो, रेलवे और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं में पेड़ों को काटने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से दूसरी जगह प्रत्यारोपित करने पर जोर दिया गया है। थाटीपुर पुनर्विकास परियोजना के बाद बनी नीति सरकारी सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर के थाटीपुर पुनर्विकास परियोजना के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया था। बाद में पर्याप्त देखरेख नहीं होने से कई पेड़ नष्ट हो गए। इस मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्ट नीति बनाने को कहा था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिए थे कि पेड़ों के प्रत्यारोपण और कटाई से संबंधित कार्य वैज्ञानिक मानकों और स्पष्ट नीति के आधार पर किए जाएं। इसके बाद राज्य सरकार ने ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी का मसौदा तैयार किया। पेड़ काटना नहीं होगा पहला विकल्प प्रस्तावित नीति के अनुसार किसी भी निर्माण एजेंसी को यह साबित करना होगा कि परियोजना के डिजाइन में बदलाव कर पेड़ों को बचाने के सभी विकल्पों पर विचार किया गया है। यदि पेड़ों को हटाना अपरिहार्य हो, तो प्रभावित पेड़ों में से कम से कम 80 प्रतिशत का वैज्ञानिक तरीके से प्रत्यारोपण करना होगा। जियो-टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग नीति में प्रत्यारोपित पेड़ों और उनके स्थान पर लगाए जाने वाले नए पौधों की जियो-टैगिंग का प्रावधान किया गया है। इसके लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। डैशबोर्ड पर पेड़ों की लोकेशन, तस्वीरें और रखरखाव से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। नए पौधे लगाने की भी व्यवस्था ड्राफ्ट के अनुसार प्रत्यारोपित किए गए प्रत्येक पेड़ के बदले निर्धारित संख्या में नए पौधे लगाने होंगे। इन पौधों की निगरानी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी।
रतलाम शहर में पहली बार श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में ऐतिहासिक महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत सैलाना के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्रीश्री 1008 आनंद गिरी महाराज का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक होगा। यह भव्य आयोजन 13 अखाड़ों के अध्यक्ष 1008 स्वामी रवींद्र पुरी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न होगा, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में शीर्ष संत-महात्मा शामिल हो रहे हैं। पट्टाभिषेक कार्यक्रम से पहले बुधवार (17 जून) सुबह 9:30 बजे संतों की भव्य पेशवाई (शोभायात्रा) निकाली जाएगी। यह यात्रा श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल श्रीजी पैलेस पहुंचेगी। इस दिव्य पेशवाई में संतों के रथ, विशेष झांकियां, सुसज्जित वाहन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। धार्मिक रीति-रिवाज से पट्टाभिषेक और धर्मसभा आजपेशवाई के बाद सुबह 11:30 बजे सैलाना रोड स्थित श्रीजी पैलेस में मुख्य पट्टाभिषेक कार्यक्रम और धर्मसभा की शुरुआत होगी। शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था (केदारेश्वर रोड पंचमुखी हनुमान मंदिर, आडवाणिया आश्रम सैलाना) के अध्यक्ष युवराज सिंह परिहार ने बताया कि संतों के पावन सान्निध्य में महंत आनंद गिरि जी महाराज का पूर्ण वैदिक रीति-रिवाजों के साथ महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया जाएगा। देशभर के ये प्रमुख संत-महात्मा होंगे शामिलइस ऐतिहासिक धार्मिक महोत्सव में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष 1008 महंत रवींद्र पुरी महाराज, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। इनके अलावा महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, पंचायती श्री निरंजन अखाड़ा के सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज और उज्जैन चार धाम आश्रम के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित कई अन्य संत-विद्वान सहभागिता करेंगे। संस्था ने जनता से की शामिल होने की अपीलरतलाम के इतिहास में पहली बार हो रहे इस गौरवमयी आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। संस्था के सचिव महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महामंत्री काजल गुरु (जागीरदार), संजय दवे और समरथ पाटीदार सहित अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से इस भव्य पट्टाभिषेक महोत्सव और संतों की पेशवाई में सपरिवार शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने का आह्वान किया है।
रतलाम के सैलाना में मंगलवार रात करीब 12 बजे गाय के कटे अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में बजरंगदल विश्वहिंदू परिषद के कार्यकर्ता पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। गाय का सिर समेत शरीर के अलग-अलग कटे हुए अवशेष आसपास मिले है। गाय के कटे अवशेष सैलाना में रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग स्थित चरण पेट्रोल पंप के पास नर्सिंग कॉलेज से आगे रोड किनारे पथरीली जगह पर मिले है। रात में गाय के कटे अवशेष के वीडियो भी सामने आए है। जिसमें गाय का सिर व पूरे शरीर के साथ मांस के टुकड़े अलग-अलग बिखेर हुए है। पुलिस रात में घटनाक्रम की जांच में जुट गई। बजरंगदल विश्वहिंदू परिषद के कार्यकर्ता देर रात तक डटे रहे। पुलिस से जांच की मांग कर गाय काटने वाले आरोपियों को पकड़ने की मांग करते रहे। अधिकारी पहुंचे सूचना पर रात में सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभुषण शर्मा, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश व अन्य पहुंचे। देर रात तक पुलिस जांच में जुटी थी और लोगों को समझाने का प्रयास किया। सुबह 5 बजे तक बैठे धरने पर गाय काटने वालों को पकड़ने की मांग को लेकर बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। सुबह 5 बजे तक सड़क पर बैठ कर धरना दिया। रात में पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। दो दिन में आरोपियों को पकड़ने का अल्टीमेटम देकर धरना समाप्त किया।
छिंदवाड़ा जिले के ग्राम चारगांव प्रहलाद में हुए जमीन विवाद और मारपीट के मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू ने मंगलवार को जुन्नारदेव विधायक सुनील उईके सहित कांग्रेस और गोंडवाना संगठन के पदाधिकारियों को मानहानि का नोटिस भेजा है। वहीं, इस विवाद में घायल रिटायर्ड सैनिक आशीष ठाकरे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा है। सांसद विवेक बंटी साहू ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने विधायक सुनील उईके और अन्य नेताओं को मानहानि का नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की चेतावनी दी है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में माफी नहीं मांगी गई, तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए केवल जनसेवा का माध्यम है और वे जनता का विश्वास कभी टूटने नहीं देंगे। पूर्व सैनिक की सफाई- मुझे गुंडा कहना अपमानजनकजमीन विवाद में घायल रिटायर्ड सैनिक आशीष ठाकरे ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे 17 वर्षों तक सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उनका कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। सोशल मीडिया पर उन्हें गुंडा और असामाजिक तत्व कहा जा रहा है, जिसे उन्होंने देश के पूर्व सैनिकों का सीधा अपमान बताया है। ठाकरे ने स्पष्ट किया कि विवादित भूमि किसी आदिवासी की नहीं है और इस पूरे मामले को जानबूझकर गलत राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। खंभे उखाड़ने और हमले से शुरू हुआ था विवादआशीष ठाकरे ने बताया कि चारगांव प्रहलाद स्थित यह भूमि उन्होंने अपने मित्र दीपक साहू के साथ मिलकर खरीदी थी और उसका विधिवत सीमांकन भी कराया गया था। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने सीमांकन के खंभे उखाड़ दिए और जमीन पर अपनी फसल बो दी। इसके बाद 11 जून को जब वे दोबारा सीमांकन कराने पहुंचे, तो विवाद गहरा गया। वहां उन पर पथराव और हथियारों से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उन्हें काफी गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों का जुलूस निकाल चुकी है पुलिसइस हिंसक घटनाक्रम के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मारपीट और हमले के आरोपियों को फौरन हिरासत में ले लिया था। इलाके में कानून-व्यवस्था का सख्त संदेश देने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों का सड़क पर जुलूस भी निकाला था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने मंगलवार देर शाम काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। दर्शन के बाद “हर-हर महादेव” के जयघोष लगाए। इससे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर और मां अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा-अर्चना की। बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार विधि से अभिषेक किया, जबकि मां अन्नपूर्णा मंदिर में विशेष कुमकुम पूजन किया। पूजा 21 ब्राह्मण अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराई। अनंत करीब 45 मिनट तक काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में रहे। 3 तस्वीरें देखिए… बाबा विश्वनाथ की सप्तऋषि आरती देखीमंगलवार शाम करीब 7:24 बजे अनंत अंबानी काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 से परिसर में पहुंचे। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। उन्होंने सबसे पहले बाबा काशी विश्वनाथ का पूजन किया और बाबा विश्वनाथ की सप्तऋषि आरती में भी शामिल हुए। करीब 30 मिनट तक आरती देखी। इसके बाद अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा की। मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज ने अनंत अंबानी को मां अन्नपूर्णा की चुनरी, स्फटिक माला और स्मृति-चिह्न भेंट किया। इसके बाद वे मंदिर परिसर में घूमे। रात करीब 8:15 बजे वह मंदिर से रवाना हो गए। दुर्गाकुंड, कालभैरव दरबार में भी लगाई हाजिरी अनंत अंबानी ने मां दुर्गा के प्रसिद्ध दुर्गाकुंड मंदिर, संकटमोचन मंदिर और काशी के कोतवाल माने जाने वाले बाबा कालभैरव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। उन्होंने सभी मंदिरों में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद अनंत अंबानी के दौरे को देखते हुए निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस बल भी विभिन्न मंदिर परिसरों में मुस्तैद रहा। इसके बावजूद मंदिर प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रखी और किसी के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई।……………… ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर का करोड़पति कर्मचारी टिन्नू यादव सामने आया:बोला- ऑटो चलवाकर कमाए रुपए; चढ़ावा चोरी की 3 शिकायत, FIR अबतक नहीं अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के करोड़पति कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर सफाई दी। टिन्नू ने कहा- जिस जमीन की कीमत 50 करोड़ बताई जा रही है, उसे मैंने साल 2008 में खरीदी थी। मैंने ऑटो चलाकर कमाई की है। चढ़ावे की गिनती से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। टिन्नू ने 50 करोड़ रुपए की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सच का फैसला भगवान श्रीराम करेंगे। पढ़ें पूरी खबर

