सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले किसानों ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल ने प्रदर्शन की अध्यक्षता की। किसानों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। सहारनपुर में भी किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों की प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ना किसानों का लंबित भुगतान तत्काल कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की गई। किसानों ने डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की भी मांग की। ज्ञापन में नकली कीटनाशक, खराब बीज और मिलावटी उर्वरकों की बिक्री पर सख्त रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही, खराब या फेल बीजों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की बात भी उठाई गई। किसानों ने फसलों का लाभकारी मूल्य तय करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद की गारंटी देने की मांग भी रखी। अन्य मांगों में फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाना, आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करना, तथा नहरों, रजबहों और ट्यूबवेलों के माध्यम से पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराना शामिल है। किसानों ने कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की। किसान नेताओं ने मांग की कि कृषि यंत्रों, बीज, खाद और सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में भूमि संबंधी विवादों, खतौनी संशोधन, पैमाइश, नामांतरण और अन्य राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी शामिल थी। इस धरना प्रदर्शन में प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल ने कहा कि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिलाध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल ने कहा कि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सिविल लाइंस इलाके की चार शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन दुकानों के सामने भीड़ जुटने और खुले में शराब पीने से यातायात बाधित होने की शिकायतें मिली थीं। तीन दिन पहले, संगम सभागार में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने शहर के प्रमुख चौराहों और शराब दुकानों के बाहर लगने वाली भीड़ पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी किसी भी दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए, जहां भीड़ जमा होती है या खुले में शराब पीने की शिकायतें आती हैं। जिलाधिकारी के आदेश के बाद, आबकारी और पुलिस विभाग की टीम सक्रिय हुई। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थार्नहिल रोड, ऑटो सेल्स चौराहा और बिग बाजार के सामने स्थित चार दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। इन स्थलों पर लोग सड़क किनारे ही शराब का सेवन कर रहे थे, जिससे यातायात में बाधा आ रही थी और राहगीरों को परेशानी हो रही थी। इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने इन चारों दुकानों के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया। प्रशासन के इस कड़े फैसले के बाद अब इन चिन्हित स्थानों पर शराब की दुकानें नहीं खुल सकेंगी। यह कार्रवाई उन दुकानदारों के लिए एक चेतावनी है जो नियमों का उल्लंघन कर अपनी दुकानों के सामने भीड़ इकट्ठा होने देते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात सुरक्षा और जन-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र की पूनम तिवारी ने सोमवार को अपने घर में हुई चोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि के दुगौली (मझियार) गांव की घटना के 21 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरी का खुलासा नहीं कर पाई है। पूनम तिवारी के अनुसार, 30 सितंबर 2024 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच उनके घर में चोरी हुई थी। चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात और लगभग 40 हजार रुपये नकद सहित कुल 50 लाख रुपये का सामान चुरा लिया था। घटना के बाद उन्होंने थाना स्तर से लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक कई बार शिकायतें दर्ज कराईं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी अलग-अलग समय पर आवेदन दिए गए। सीडीआर समेत अन्य सबूत बताए पीड़िता ने बताया कि डीजीपी कार्यालय के निर्देश पर मामले की तकनीकी जांच कराई गई थी। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनके द्वारा बताए गए संदिग्ध व्यक्तियों में से दो की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई। साथ ही, दोनों के बीच आपसी संपर्क के प्रमाण भी मिले हैं। पूनम तिवारी का कहना है कि इन साक्ष्यों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कई बार थाना प्रभारी और अन्य अधिकारियों से कार्रवाई का आग्रह किया, लेकिन चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सोमवार शाम 4 बजे पूनम तिवारी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर न्याय की मांग की। जल्द चोरों तक पहुंचेगी पुलिस इस मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सचि पाठक ने पीड़िता को उचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़िता को उम्मीद है कि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों तक पहुंचेगी और चोरी गए सामान की बरामदगी हो सकेगी।
प्रयागराज में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। अयोध्या-प्रयागराज मार्ग पर सोराँव के होलागढ़ मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चालक ट्रक के अगले हिस्से में फंस गया। ट्रक चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और युवक को कई मीटर दूर भोला रिसोर्ट तक घसीटता हुआ ले गया। गंभीर चोटों के कारण बाइक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पीछे बैठा युवक सड़क पर गिरा, चालक फंस गया टायर में प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पैशन प्रो बाइक पर दो युवक सवार थे। दोपहर करीब 3:30 बजे प्रयागराज की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही बाइक के पीछे बैठा युवक छिटककर सड़क पर गिर गया, जिससे उसकी जान बच गई। वहीं, बाइक चला रहा युवक ट्रक के अगले टायर और हिस्से के बीच में फंस गया। रिसोर्ट के पास ट्रक छोड़ भागा ड्राइवर हादसे को देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और ट्रक चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा। लेकिन ड्राइवर ने घायलों की मदद करने के बजाय गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी। वह बाइक चालक को घसीटते हुए भोला रिसोर्ट तक ले गया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी ड्राइवर ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। शव की शिनाख्त की कोशिश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के थानों और सोशल मीडिया के जरिए शिनाख्त का प्रयास कर रही है, साथ ही फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
नर्मदापुरम में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के तत्वावधान में सोमवार को माखननगर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। संगठन ने समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी, खाद की उपलब्धता और बकाया भुगतान सहित कई मांगें उठाईं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द निराकरण नहीं हुआ तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश मंत्री के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापनराष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश मंत्री रमाकांत मीणा के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला मंत्री भगत बारबाल, जिला संयोजक चंद्रकांत डोब्बाल, जिला संगठन मंत्री निथलेश मरमट, ब्लॉक अध्यक्ष श्याम घुनावत, प्रियंक शर्मा, सोनू डोब्बाल, मनीष मरमट, संजय मीना, रोहन कोटबाड़या, राजकुमार कोटबाड़या, राजू पाखड़ और सुनील मीना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने रखीं ये प्रमुख मांगेंकिसान संगठन ने मांग की कि समर्थन मूल्य पर मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित की जाए और उपार्जन नीति तय कर जल्द खरीदी शुरू की जाए। संगठन ने किसानों को खरीदी फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराने की मांग भी की। इसमें प्रति एकड़ एक बोरी डीएपी, एक बोरी एनपीके और दो बोरी यूरिया देने की बात कही गई। इसके अलावा खरीफ फसल की बुवाई के दौरान खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर बजरी डलवाने, सिंचाई के लिए नलकूपों में उपयोग होने वाले ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले वंचित किसानों का भुगतान जल्द कराने की मांग रखी गई। संगठन ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की लंबित राशि का जल्द भुगतान करने की भी मांग की। निराकरण नहीं हुआ तो होगा आंदोलनकिसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिलेभर में धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन करेगा।
बुरहानपुर में बिजली कंपनी 23 जून (मंगलवार) को 11 केवी इंदिरा कॉलोनी फीडर का आवश्यक रखरखाव कार्य करेगी। इस कारण सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में सप्लाई ठप रहेगीइस रखरखाव कार्य से बहादरपुर रोड, नई-पुरानी इंदिरा कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, ईदगाह जिनिंग फैक्ट्री, गुरूसिख नगर, ज्योति नगर, सर्वोदय नगर, बचपन स्कूल, पब्लिक स्कूल, महाराणा प्रताप नगर और टीचर कॉलोनी जैसे क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत आपूर्ति बंद रहने का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।
5 हजार का इनामी आरोपी नूंह से गिरफ्तार:राजस्थान पुलिस को सौंपा, काफी टाइम से ठिकाने बदल रहा था
राजस्थान के भरतपुर जिले के जुरहेरा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में वांछित 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी को नूंह जिले से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान नूंह जिले के सदर पुन्हाना थाना क्षेत्र के लुहिंगा गांव निवासी मुबारिक पुत्र हाकम के रूप में हुई है। आरोपी राजस्थान के थाना जुरहेरा में दर्ज एक आपराधिक मामले में नामजद था और काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। कानूनी औपचारिकताओं के बाद राजस्थान पुलिस को सौंपा वांछित अपराधियों की धरपकड़ के दौरान सीआईए/सीएस एवं पीओ स्टाफ पुन्हाना की टीम को आरोपी के नूंह क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मुबारिक को पकड़कर हिरासत में ले लिया। पहचान की पुष्टि के बाद नूंह पुलिस ने राजस्थान पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को जुरहेरा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। काफी समय से ठिकाने बदल रहा था आरोपी जुरहेरा थाना पुलिस अब आरोपी को संबंधित कोर्ट में पेश करेगी, जहां से आगे की पूछताछ और जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि आरोपी काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। राजस्थान पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी और यह भी पता लगाएगी कि फरारी के दौरान वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा।
झुंझुनूं की सुलताना थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए देर रात नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की जा रही सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी को जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक बदमाश चूरू के भालेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर चूरू और बीकानेर में 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस ने विजेन्द्र सिंह ( 26 ) पुत्र सुमेर सिंह, निवासी सोमणसर, थाना भालेरी, जिला चूरू और विरेन्द्र सिंह (25) पुत्र नारायण सिंह, निवासी सोमणसर, थाना भालेरी, जिला चूरू को गिरफ्तार कर लिया। विजेंद्र भालेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और इस पर 8 मामले दर्ज हैं। चनाना में की गई नाकाबंदी 21 जून 2026 की रात को सुलताना थानाधिकारी रविन्द्र कुमार और डीएसटी प्रभारी हेमराज के नेतृत्व में पुलिस टीमें चनाना इलाके में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि लोयल की तरफ से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आ रही है, जिसमें दो युवक सवार हैं और उनके पास अवैध हथियार हो सकते हैं। इस सूचना पर पुलिस टीमों ने सतर्कता बढ़ाते हुए आने-जाने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस को देख बैक गियर में भगाई गाड़ी, अंधेरे में भागते हुए पकड़े गए कुछ ही देर में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे वापस मोड़ लिया और तेज गति से भागने लगा। पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत अपनी गाड़ियां बदमाशों की कार के आगे-पीछे लगा दीं और उन्हें घेरकर रुकवा लिया। गाड़ी रुकते ही दोनों आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भागने लगे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और गिरते-पड़ते दोनों बदमाशों को दबोच लिया। तलाशी में मिला कट्टा, पूछताछ में खुला राज जब पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। हथियार का लाइसेंस न होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हथियार और कार जब्त कर ली।
सोनीपत के लघु सचिवालय परिसर में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अजय चोपड़ा की अध्यक्षता में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आमजन की 15 शिकायतें सुनी गईं, जिन पर एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें गांव नाहरी के गणेश गार्डन में अवैध स्विमिंग पूल के संचालन और गंदे पानी को सड़क पर छोड़े जाने की शिकायत प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, गांव जागसी में बरसाती पानी की निकासी के लिए बने होद के स्थान परिवर्तन या मरम्मत की मांग भी रखी गई। गांव दुभेटा से रास्ते में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को स्थानांतरित करने की शिकायत भी सामने आई। अन्य शिकायतों में मयूर विहार, सोनीपत की गली नंबर-8 में पेयजल आपूर्ति बाधित होने, राशन कार्ड में आयु संशोधन, मकान की रजिस्ट्री का इंतकाल और प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित मामले शामिल थे। एडीसी अजय चोपड़ा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनका जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही, शिकायतकर्ताओं को समाधान की स्थिति से समय पर अवगत कराया जाए। इस समाधान शिविर में एसीपी अमित, डीडीपीओ मनीष मलिक, तहसीलदार कीर्ति दहिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
झालावाड़ में ब्रह्माकुमारी संस्थान के ज्ञानोदय भवन में सोमवार को ब्रह्माकुमारी मीना दीदी का 40वां अलौकिक जन्मदिवस मनाया। इस अवसर पर पवित्र ब्रह्माभोज का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक चला। जन्मदिवस समारोह की शुरुआत ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र से जुड़े लोगों और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। ब्रह्माभोज से पहले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र से जुड़ी नेहा दीदी ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि मीना दीदी को ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय परमात्मा से जुड़े हुए 40 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने इस सफर को लंबा और चुनौतीपूर्ण बताया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी केंद्र के भाइयों और बहनों ने मीना दीदी को गुलदस्ता भेंट कर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद नन्हे बालकों और बालिकाओं ने विभिन्न नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटकों की प्रस्तुतियां दीं। बालकों की टीम ने 'शक्ति सहयोग' नाटक के माध्यम से बताया कि सभी के सहयोग से कोई भी कार्य आसानी से पूरा किया जा सकता है। दिल्ली से पहुंची डॉ. प्रीति ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। डॉ. प्रीति के आग्रह पर कार्यक्रम में मौजूद भाई-बहनों ने भी नृत्य कर मीना दीदी को जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर संस्था से जुड़े भाई-बहन और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरा कार्यक्रम आध्यात्मिक वातावरण में ईश्वरीय स्मृति, शुभकामनाओं और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ।
पन्ना में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम में देरी और एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने के मामले में जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यह मामला जहरीला पदार्थ खाने वाली महिला विद्या कुशवाहा की मौत से जुड़ा है। उनकी मौत के बाद पोस्टमार्टम में अनावश्यक देरी हुई और एंबुलेंस भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे अस्पताल में हंगामा हुआ। सीएमएचओ ने इस घटना का संज्ञान लिया है। डॉ. तिवारी ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला अस्पताल में इमरजेंसी और पोस्टमार्टम ड्यूटी के लिए तैनात डॉ. जितेंद्र यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें पहले ही इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन वे बिना किसी पूर्व सूचना के 'टीबी कैंप' के लिए चले गए थे। सही कारण नहीं होने पर लेंगे एक्शन सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने कहा, मैं इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा हूं। यदि डॉक्टर की तरफ से अनुपस्थिति का कोई ठोस या वैधानिक कारण नहीं मिलता है, तो यह माना जाएगा कि उन्होंने अपनी मर्जी से इमरजेंसी ड्यूटी छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाएगा। भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए सभी को सख्त चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही, सीएमएचओ ने एक सप्ताह के भीतर सभी एंबुलेंस की फिटनेस रिपोर्ट भी मांगी है। ये है मामला पन्ना के पड़रहा गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा ने मानसिक तनाव में आकर 20 जून की रात करीब 11:30 बजे ज़हरीला पदार्थ खा लिया था। परिजनों का आरोप था कि घटना के तुरंत बाद 108 को कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस ढाई घंटे देरी से रात 2 बजे पहुंची। अजयगढ़ से जब पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया, तब भी एंबुलेंस के लिए 1 घंटे इंतजार करना पड़ा। आखिरकार निजी वाहन से भागते समय रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। वही परिजन कल 21 जून को सुबह करीब 9 बजे पुलिस पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। सुबह 9 से दोपहर 12:00 बजे तक (3 घंटे) ड्यूटी डॉक्टर के न होने के कारण परिजन अस्पताल में भटकते रहे। आखिरकार परिजनों के भारी हंगामे के बाद डॉ. हिमांशु शर्मा को बुलाकर पोस्टमार्टम कराया जा सका।
आजमगढ़ जिले के डीएम रविंद्र कुमार ने बाद प्रभावित इलाके का दौरा किया। (घाघरा) नदी हर वर्ष बरसात के मौसम में तटीय क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सगड़ी तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों और चल रहे कार्यों का जायजा लिया। डीएम सबसे पहले देवारा खास राजा और गांगेपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने सरयू नदी के किनारे कटान से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। देवारा खास राजा में चल रहे विशेष कटानरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जनता, बुजुर्गों, बच्चों से किया संवादडीएम ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और बाढ़ से बचाव के संबंध में सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। डीएम ने बताया कि पूरे देवारा क्षेत्र के 134 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। जिनमें 78 गांव आबाद हैं। इन गांवों की सुरक्षा के लिए बाढ़ पूर्व तैयारियां तेजी से कराई जा रही हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा कटानरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।इसके बाद डीएम देवारा खास राजा के मौजा बगहवा पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच खटिया पर बैठकर बच्चों और बुजुर्गों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों सृष्टि और आदित्य से उनकी पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान बुजुर्ग महिलाओं गुलैची और दुर्गावती ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को दोनों महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इस अवसर पर सीडीओ परीक्षित खटाना, एसपी ग्रामीण चिराग जैन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद के पुत्र पूर्व सांसद ई. प्रवीण निषाद की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ICU में भर्ती कराया गया है। डा. संजय निषाद ने अपने फेसबुक वाल पर इस बात की सूचना दी है। उन्होंने आज एवं आज के बाद के निषाद पार्टी के सभी कार्यक्रम अगले आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। प्रवीण निषाद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं। निषाद पार्टी के गठन के बाद 2018 में सपा के साथ गठबंधन हुआ था। उस समय ई. प्रवीण निषाद को सपा ने गोरखपुर लोकसभा सीट से उप चुनाव में उतारा था। प्रवीण जीतकर सांसद बने थे। इसके बाद 2019 में डा. संजय निषाद ने भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया और उनके बेटे प्रवीण को संतकबीरनगर लोकसभा सीट से भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया। प्रवीण को इस बार भी जीत मिली। 2024 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्हें इसी लोकसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा था। तभी से वे निषाद पार्टी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। डा. संजय निषाद ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है कि उनके पुत्र पूर्व सांसद ई. प्रवीण कुमार निषाद दिल्ली एम्स के आईसीयू में भर्ती हैं। उन्होंने सभी से उनके लिए दुआ करने की अपील की है। डा. संजय निषाद गोरखपुर में ही थे। कुशीनगर जिले में उनका कार्यक्रम था। उस कार्यक्रम में डा. संजय शामिल हुए और उसके बाद कल से सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। डा. संजय दिल्ली रवाना हो गए हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि दो दिन पहले ही प्रवीण की तबीयत खराब थी। आज स्थिति थोड़ी बिगड़ी तो डा. संजय निषाद ने अपने सभी कार्यक्रम अगली आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण ऐसा किया गया है।
धनबाद-झरिया मुख्य मार्ग पर बस्ताकोला के पास आक्रोशित लोगों ने एक शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आटा मिल कर्मचारी उमेश यादव की हत्या के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिवार के लिए 15 लाख रुपये मुआवजे और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मृतक उमेश यादव रत्न अग्रवाल के आटा मिल में कार्यरत थे। रविवार को वे तकादा कर वापस लौट रहे थे, तभी गोंदुडीह ओपी क्षेत्र के हिल टॉप आउटसोर्सिंग के पास घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से उमेश यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धनबाद में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस अपराधियों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही है। सड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हत्या के पीछे लूट और आपसी रंजिश दोनों पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। पुलिस ने जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
सतपुड़ा परिसर में अधूरे निर्माण कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए पात्र हितग्राहियों को जल्द पजेशन दें। इसके साथ ही अरावली परिसर में बने 1 बीएचके आवासों के बचे हुए कामों को भी तेज गति से पूरा करने की बात महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों से कही। सोमवार को उन्होंने पीएम आवास योजना और जनकार्य विभाग में चल रहे विकास कामों को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने पीएम आवास योजना के तहत संचालित सभी परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति की डिटेल जानकारी ली। कुल स्वीकृत परियोजनाओं, निर्माणाधीन व पूर्ण परियोजनाओं, निर्मित और आवंटित फ्लैटों की संख्या, लंबित कामों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रमुख समस्याओं की समीक्षा की। लंबित मामलों का जल्द करें निराकरण महापौर भार्गव ने योजना के अंतर्गत निर्मित आवास इकाइयों की स्थिति का प्रेजेंटेशन देखते हुए कुल स्वीकृत फ्लैट, निर्मित फ्लैट, निर्माणाधीन फ्लैट, आवंटित फ्लैट, रजिस्ट्री की प्रगति, रिक्त आवासों की संख्या, प्रतीक्षा सूची की स्थिति एवं निरस्त प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का ओर मौके पर रहे शेष कामों का जल्द निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से लाभान्वित किया जाए। जल्दी पजेशन देने को कहा मीटिंग में सतपुड़ा परिसर और अन्य बन रहे आवास परियोजनाओं की प्रोग्रेस पर खास बातचीत की।महापौर ने सतपुड़ा परिसर में अधूरे निर्माण कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए पात्र हितग्राहियों को जल्द पजेशन देने के निर्देश दिए। अरावली परिसर में निर्मित 1 बीएचके आवासों के शेष कामों को भी तेज गति से पूरा करने के लिए अधिकारियों को बोला है। महापौर ने पीएम आवास योजना 2.0 में सनावदिया एक्सटेंशन, बढ़ियाकीमा, सिंदौड़ा, रंगवासा आदि इलाके में प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और विकास संबंधी कामों की जानकारी ली। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि आवासीय परिसरों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित और हितग्राहियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही आवासीय परिसरों में रहवासी संगठनों के गठन की प्रोसेस को गति देने के निर्देश दिए महापौर द्वारा जनकार्य और योजना विभाग के माध्यम से शहर में रोड निर्माण में बाधक निर्माण को हटाने के पहले ऐसे क्षेत्र के लोगों को पीएम आवास योजना अंतर्गत फ्लैट उपलब्ध कराने के संबंध में भी जानकारी ली और रोड बनाने में बाधक मकान को शिफ्ट करने के लिए आवास की उपलब्धता पर भी बात की।
जोधपुर जीआरपी पुलिस ने ट्रेन में गहने चुराने वाली एक गैंग का खुलासा किया है। जीआरपी टीम ने गैंग में गुजरात के पालीताणा निवासी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन महिलाओं के पास से डायमंड की अंगूठियां भी बरामद की है। ये महिलाएं ट्रेन में चढ़ रहे पैसेंजर्स को घेर लेती और वारतदा करती थी। इतना ही नहीं वारदात से पहले गुजतरा में पूजा करके निकलती थी। सूर्यनगरी एक्सप्रेस में चुराई थी ज्वेलरी मामले को लेकर जानकारी देते हुए एएसआई कंचन राठौर ने बताया कि परिवादी विष्णु कुमार निवासी सूरसागर ने एक रिपोर्ट दी। बताया कि 19 जून को उनके मित्र की पत्नी जो मुंबई में रहती है। एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए वसई महाराष्ट्र से लाडनू जाने के लिए आई थी। वह मुंबई से सूर्यनगरी एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंची और जोधपुर से लाडनू के लिए भावनगर हरिद्वार एक्सप्रेस के कोच एस-5 में रिजर्वेशन सीट पर बैठने के लिए ट्रेन में चढ़ रही थी। इस दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बैग से चार डायमंड की अंगूठियां और एक सोने का लॉकेट चोरी कर दिया था। रिपोर्ट मिलने के बाद थाना अधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में अज्ञात चोरों की तलाश शुरू की। टीम रेलवे स्टेशन के फुटेज खंगालकर आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया टीम ने रसीलाबेन पत्नी आकाश भाई कांगिया उम्र 34 साल निवासी गराजिया रोड भीलवास पुलिस थाना पालीताणा जिला भावनगर गुजरात और मालाबेन उम्र 55 साल पत्नी सूरज बागड़ी निवासी पालीताणा को गिरफ्तार किया। इनमें से गिरफ्तार रसीला बहन के खिलाफ दिल्ली में चोरी के दो मामले दर्ज हैं। आरोपी महिलाओं के पास से चार डायमंड की अंगूठी जिसका वजन करीब 40 ग्राम है और उसकी कीमत 4 लाख 75000 है उसे बरामद किया गया। ऐसे करती थी वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी महिलाएं चोरी करने के लिए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच के आगे खड़ी हो जाती थी। जैसे ही कोई सवारी पीछे से चढ़ने का प्रयास करती उनके पीछे एक दूसरी गैंग की महिला सदस्य लग जाती और धक्का मुक्की के बीच में वह उनके बैग से जेवर चुरा लेती थी।
सोन नदी में करंट लगाकर मछली पकड़ने वाला गया जेल:शहडोल में दो दिल पहले युवक की मौत हुई थी
जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के सरसी गांव में 19 जून को सोन नदी में करंट लगाकर मछली पकड़ने के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। सरसी निवासी रजनीश लेनी (28 वर्ष) और शंकर लोनी नदी के किनारे अवैध रूप से बिजली का कनेक्शन लेकर मछली पकड़ रहे थे। दोनों ने पास के एक खेत से बिजली का तार खींचकर नदी के पानी में करंट छोड़ दिया था। इसी दौरान रजनीश लेनी करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसा होते ही शंकर लोनी अपने साथी रजनीश को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया था। नदी किनारे शव मिलने पर स्थानीय लोगों ने पपौंध थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने सामान आरोपी को भेजा जेल पपौंध थाना पुलिस ने घटनास्थल की जांच की, जहां उन्हें बिजली के तार और अन्य सामग्री मिली, जिससे करंट लगाकर मछली पकड़ने की बात साफ हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर फरार आरोपी शंकर लोनी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जल स्रोतों में करंट लगाकर मछली पकड़ना अवैध और अत्यंत खतरनाक है।
जान-बूझकर की जा रही बिजली कटौती:विधायक लखन घनघोरिया ने एसई को ज्ञापन सौंपकर की सुधार की मांग
जबलपुर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और ट्रिपिंग के विरोध में कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता (शहर) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद विधायक घनघोरिया ने अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा को ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पूरे शहर की तुलना में पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली कटौती की जा रही है। विभाग को रखरखाव कार्यों के लिए 500 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। क्षेत्र में बिजली की लाइनें और कई खंभे अब भी जर्जर स्थिति में हैं, जिसके कारण त्योहारों के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। बड़े बकायादारों पर ठोस कार्रवाई नहीं घनघोरिया ने विभाग पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि गरीब और छोटे उपभोक्ताओं के एक-दो हजार रुपए के बकाया बिल पर तत्काल बिजली कनेक्शन काट दिए जाते हैं, जबकि बड़े बकाएदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं, बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है और स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जबकि उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय अरोड़ा ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शहर के सभी क्षेत्रों में समान रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही है। अरोड़ा के अनुसार, मानसून से पहले कभी-कभी ट्रिपिंग की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे शीघ्र ही पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा।
धौलपुर के आंगई थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार बेकाबू होकर हाईवे से नीचे खाई में जा गिरी। चिलाचोंद गांव के पास हुए इस हादसे में कार में सवार करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों और हाईवे एंबुलेंस टीम ने राहत एवं बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अचानक बिगड़ा संतुलन, खाई में जा गिरी कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अर्टिगा कार सरमथुरा की ओर से तेज गति से आ रही थी। चिलाचोंद गांव के समीप ड्राइवर अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे उतरकर खाई में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया और प्रशासन को सूचना दी। एंबुलेंस टीम ने पहुंचाए अस्पताल सूचना मिलने पर हाईवे एंबुलेंस 1033 की टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस ड्राइवर अनवर खान और उनकी टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को कार से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल सरमथुरा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। कुछ घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने शुरू की जांच हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यातायात नियमों के पालन की अपील पुलिस प्रशासन ने वाहन ड्राइवरों से हाईवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन कर ऐसी दुर्घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में बिजली मांग और सप्लाई का पिछला सभी रिकॉर्ड टूट गया। रविवार यानी 21 जून की रात 10:47 बजे बिजली की मांग 32,348 मेगावाट पहुंची, जो अब तक की सर्वाधिक है। उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है। अब देश में सबसे अधिक बिजली की मांग पूरी करने वाला प्रदेश बन चुका है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी बिजली की इस अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए बिजली कर्मियों को बधाई दी है। महाराष्ट्र में 13 मई को अधिकतम बिजली की मांग 32,317 मेगावाट पहुंची थी। अब यूपी ने इसे भी पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में 21 जून को कुल 67.7 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज हुई। यह भी देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है।
समस्तीपुर में सोमवार को स्कूली बस पर बिजली का पोल टूटकर गिर गया। खंभा गिरते ही शॉर्ट-सर्किट हुआ और लाइन कट हो गई। लाइन चालू रहता तो बस में सवार 25 बच्चे और कर्मी के साथ बड़ा हादसा हो जाता। आसपास के लोगों ने बताया कि केबल वायर था इसलिए बड़ा हादसा नहीं हुआ। हादसे के पीछे बिजली विभाग की लापरवाही बताई जा रही है। सीमेंट के 2 और लोहे का एक खंभा क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना के बाद बिजली विभाग ने पोल और तार को तुरंत दुरुस्त किया। मामला शहर के मगरदही मोहल्ले का है। बस के ऊपर लोहे के पार्ट्स से फंसा वायर डीआरएम कार्यालय भवन रोड से डॉन बॉस्को होते हुए मगरदही चौक जाने वाली सड़क में कुछ दिन पहले ही बिजली तार को बदल कर केबल वायर किया गया था, लेकिन तार काफी नीचे लटक रहा था। मोहल्ले के लोगों ने इस बारे में बिजली विभाग से कई बार शिकायत भी की थी। तार को ऊपर किया जाय, लेकिन विभाग सुन नहीं रहा था। सोमवार को इस रास्ते निजी स्कूल की बस बच्चों को लेकर जा रही थी, इसी दौरान बस में लटक रहा बिजली तार फंस गया। जब तक चालक कुछ समझ पाते वाहन के साथ तार और बिजली पोल गिर पड़ा। तार बस के ऊपरी लोहे में फंस गया था। स्थानीय लोगो ने बच्चों को बाहर निकाला हादसे के बाद बड़ी संख्या में मौके पर स्थानीय मोहल्ले के लोगों ने बस के अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला। इस बस में आरपीएफ के पुलिस पदाधिकारी के बच्चे भी शामिल थे। मौके पर पहुंचे अभिभावक अपने-अपने बच्चों को अपने साथ ले गए। शिकायत की जांच की जा रही है बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि केबल वायर के कारण बड़ा हादसा नहीं हुआ। दो बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसे बदला जा रहा है। केवल वायर को ऊंचा कराया जा रहा है। मोहल्ला वालों ने शिकायत की थी और वायर उंचा नहीं किया गया था इसकी भी जांच कराई जा रही है।
खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर ग्राम पंचायत मातौर में विधिक जागरूकता शिविर लगा। ये शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के अध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास और जिला सचिव अजीत कुड़ी के मार्गदर्शन में सोमवार को हुआ। शिविर में पीएलवी नरेश कुमार शर्मा ने ग्रामीणों को नालसा की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और आपदा पीड़ितों के कानूनी अधिकारों पर जोर दिया। शर्मा ने 'नालसा की वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवा योजना-2016' के बारे में जानकारी दी। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, पेंशन, सुरक्षा और कल्याण संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें अधिवक्ताओं और पीएलवी के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता प्रदान की जाती है। शिविर में 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम-2007' के तहत भरण-पोषण प्राप्त करने के अधिकार, दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया और संपत्ति सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी शर्मा ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 'आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा योजना-2010' पर भी प्रकाश डाला। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और पुनर्वास संबंधी सहयोग उपलब्ध कराना है। विधिक जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्में, हैंडबुक और कार्यशालाओं जैसे माध्यमों का भी उल्लेख किया गया। शिविर के अंत में, ग्रामीणों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही निशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में अनेक लोग मौजूद रहे।
जयपुर के आरआईसी (RIC) स्थित मल्टीपरपज हॉल में RCWS मैंगो फेस्टिवल 2026 आयोजित किया गया। फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद से लेकर महाराष्ट्र के हापुस समेत 20 से अधिक किस्मों के आम लोगों के लिए रखे गए। लोगों ने अलग-अलग स्वाद वाले आमों का स्वाद लिया और उनके बारे में जानकारी हासिल की।फेस्टिवल में आमों के साथ स्वास्थ्य, योग, बैंकिंग जागरूकता, बच्चों की प्रस्तुतियां और मैंगो क्वीन प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहीं। दिनभर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रही और सभी आयु वर्ग के लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। 20 से ज्यादा किस्मों के आमों ने खींचा लोगों का ध्यानफेस्टिवल में लाल मुनीर, गुलाब खास, हिमसागर, रसोल, बनाना आम, टपका, केसर और हापुस सहित कई किस्मों के आम रखे गए। इनमें हिमसागर, गुलाब खास, टपका और केसर आम लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आए। कई लोगों ने पहली बार कुछ नई किस्मों के आमों का स्वाद भी लिया। सेहत और योग पर हुई चर्चाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगाचार्य ढाकाराम सापकोटा रहे। उन्होंने लोगों को नियमित योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को महत्व देने का संदेश दिया। इस दौरान स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। फेस्टिवल में महिलाओं की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। इसके साथ ही आम से बने कई तरह के व्यंजन और रेसिपी लोगों के लिए रखी गईं, जिन्हें खूब पसंद किया गया। आम हर वर्ग का पसंदीदा फल : शशि किरणरेलवे के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने कहा कि आम ऐसा फल है, जिसे आम से लेकर खास तक हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के फेस्टिवल लोगों को एक ही जगह पर कई किस्मों के आमों के बारे में जानने और उनका स्वाद लेने का अवसर देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस फेस्टिवल का आयोजन और बड़े स्तर पर होगा, ताकि शहर के अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। महिलाओं के स्टॉल और आम के व्यंजन रहे खासमुख्य आयोजक संयोगिता राठौर और कविता कुड़ीवाल ने बताया कि मैंगो फेस्टिवल का उद्देश्य लोगों को आम की अलग-अलग किस्मों से परिचित कराना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़ना है। ओनारिका एंटरटेनमेंट, एम्प्रेस क्लब और क्वींस क्लब के सहयोग से आयोजित मैंगो क्वीन प्रतियोगिता कार्यक्रम का खास आकर्षण रही। प्रतियोगिता में महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
जयपुर डिस्कॉम धौलपुर के अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने मचकुंड रोड स्थित वृत्त कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया गया। जनसुनवाई में कुल 62 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों के समाधान के लिए सात दिन का समय निर्धारित किया गया है। जनसुनवाई में बिजली बिल संबंधी 26, वीसीआर (VCR) के 25 और अन्य 11 प्रकरण सामने आए। बिलों में गड़बड़ी की शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनकर रिकॉर्ड के अनुसार निर्णय लिए गए। आवश्यक संशोधन के बाद उपभोक्ताओं से बिल जमा कराए गए। इस जनसुनवाई के दौरान 30 नए और पूर्व में कटे हुए उपभोक्ताओं ने अपनी बकाया राशि और लंबित वीसीआर जमा कराई। इससे डिस्कॉम को लगभग 5 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व वसूली लक्ष्य को प्राप्त करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उपखंड स्तर पर भी बिजलीघरों में शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर राहत मिल सके। पुराने बिजली कनेक्शनों से जुड़े बिल संबंधी मामलों का भी निस्तारण कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की गई। एसई विवेक शर्मा ने कटे हुए कनेक्शनधारकों से बकाया राशि जमा कर नए कनेक्शन लेने की अपील की, ताकि गर्मी के मौसम में बिजली संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी भी दी। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने बकायेदारों से समय पर भुगतान करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 100 यूनिट से कम बिजली खपत दिखाने वाले उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी कर एसी चलाने के मामलों की विशेष जांच भी की जा रही है। जनसुनवाई में एएओ तपेश, एआरओ गणेश झा, मनीष, निशार खान सहित अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।
फरीदकोट जिले के जैतो शहर में चैना रोड स्थित डेरा जलाल के नजदीक एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के अनियंत्रित होकर घर के गेट के पिलर से टकराने के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान मनप्रीत सिंह (25) पुत्र जस्सा सिंह निवासी गांव रामेआणा के रूप में हुई है। उसे पहले सिविल अस्पताल जैतो में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदकोट रेफर कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मनप्रीत सिंह अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर जैतो की ओर जा रहा था। जब वह चैना रोड पर डेरा जलाल के पास पहुंचा तो तेज गति होने के कारण उसका मोटरसाइकिल से संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक घर के गेट के पिलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर गिर पड़ा। घटना ने सूचना लोगों ने सेवा सोसायटी को दी घटना की सूचना राहगीरों द्वारा चढ़दी कला वेलफेयर सेवा सोसायटी को दी गई। सूचना मिलते ही सोसायटी के सदस्य मीत सिंह मीता, रोहित शर्मा और बब्बू मालड़ा एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने तुरंत घायल युवक को प्राथमिक सहायता प्रदान करते हुए सिविल अस्पताल जैतो पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने युवक की हालत गंभीर पाई और प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदकोट रेफर कर दिया। इस संबंध में चढ़दी कला वेलफेयर सेवा सोसायटी के सदस्य मीत सिंह मीता ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर हादसा मोटरसाइकिल की तेज रफ्तार के कारण हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि अधिक गति होने के कारण चालक मोटरसाइकिल पर नियंत्रण नहीं रख पाया। जिससे वाहन अनियंत्रित होकर घर के गेट के पिलर से जा टकराया। उन्होंने वाहन चालकों से सड़क पर सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील भी की है।
किशनगंज में अतिक्रमणकारियों पर चला बुलडोजर:नगर परिषद ने धर्मगंज-रेलवे फाटक से अवैध कब्जे हटाए
किशनगंज नगर परिषद ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सोमवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीन के साथ धर्मगंज चौक और रेलवे फाटक के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी दुकानें और अस्थायी ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया। कुछ जगहों पर दुकानदारों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के कारण वे सफल नहीं हो सके। टीम ने सड़क किनारे लगे ठेले, गुमटी, टीन-टप्पर और पक्के निर्माण को भी हटाया। किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि शहर में जाम और गंदगी का एक प्रमुख कारण अतिक्रमण है। आम लोगों की सुविधा और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए यह अभियान आवश्यक है। नगर परिषद की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि अतिक्रमण हटने से सड़कें चौड़ी होंगी और आवागमन सुगम होगा। अधिकारियों ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा नगर परिषद ने अतिक्रमणकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति दोबारा सरकारी जमीन पर कब्जा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की है, अन्यथा बुलडोजर की कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
बागपत जनपद के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के डौला गांव में पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। गांव निवासी नितिन अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और शिकायत पत्र सौंपकर अपने चाचा पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद के चलते उन्हें लगातार मानसिक और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार नितिन ने शिकायत में बताया कि उनके परिवार और चाचा के बीच काफी समय से पारिवारिक तनाव और विवाद चल रहा है। परिवार का आरोप है कि विवाद लगातार बढ़ता गया और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें पुलिस प्रशासन की शरण लेनी पड़ी। ‘पिता को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा’ शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पारिवारिक रंजिश के चलते उसके पिता को कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाया गया। परिवार का दावा है कि इसी विवाद के कारण उनके पिता को जेल जाना पड़ा। उनका कहना है कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम है। पैतृक जमीन पर कब्जे का भी लगाया आरोप नितिन ने शिकायत में यह भी कहा कि विवाद की जड़ पैतृक संपत्ति है। परिवार का आरोप है कि उनके चाचा जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जमीन से संबंधित दस्तावेज और अधिकार उनके पास मौजूद हैं, लेकिन फिर भी उन पर दबाव बनाया जा रहा है। परिवार बोला- लगातार बढ़ रहा है तनाव पीड़ित परिवार का कहना है कि इस विवाद का असर उनके सामान्य जीवन पर भी पड़ रहा है। उनका आरोप है कि लगातार तनाव और विवाद के कारण परिवार मानसिक रूप से परेशान है और सामाजिक स्तर पर भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई परिवार ने एसपी कार्यालय से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता है। इस मामले में डौला चौक इंचार्ज रजत ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुरैना में जौरा वन विभाग ने सोमवार को खैर की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा है। वन विभाग की दो टीमों ने करीब 22 किलोमीटर तक पीछा कर इस ट्रक को पकड़ा है। वन विभाग ने जब पकड़े गए ट्रक चालक से लकड़ी के दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे पाया। इसके बाद वन विभाग ने ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर वन डिपो जौरा में ले आए और मामला दर्ज किया। पकड़े गए ट्रक और लकड़ी की कीमत 11 लाख रुपये बताई गई है। 22 किलोमीटर तक किया पीछा वन विभाग जौरा ने पगारा डेम और लखनपुरा की तरफ अपनी दो टीमों को खैर की लकड़ी की सर्चिंग में लगाया हुआ था। तभी पगारा डेम की तरफ एक ट्रक क्रमांक MP 043/ZM/8875 वन विभाग की टीम को खैर की लकड़ी ले जाते हुए दिखाई दिया। पहली टीम ने दूसरी टीम, जो लखनपुरा की तरफ थी, उसे सूचना देकर सुमावली की तरफ घेराबंदी के लिए कहा। जब वन विभाग की टीम 22 किलोमीटर तक पीछा करते हुए टेकरी नेशनल हाईवे-44 के पास पहुंची, तो दोनों टीमों ने ट्रक को आगे-पीछे से घेरकर पकड़ लिया। जब चालक से लकड़ी के दस्तावेज मांगे गए, तो चालक अरबाज खान ने वन विभाग को कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। इसके बाद वन विभाग ने ट्रक जब्त कर चोरी के मामले में चालक को गिरफ्तार कर लिया। लगातार मिल रही थी लकड़ी चोरी की सूचनावन विभाग जौरा के रेंजर रामजी लाल भारती के अनुसार, खैर की लकड़ी चोरी की लगातार सूचना मिल रही थी। इसी को लेकर दो टीमों को पगारा डेम और लखनपुरा की तरफ चेकिंग पर लगाया गया था। खैर की लकड़ी से भरा ट्रक पगारा डेम की तरफ से आता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद नेशनल हाईवे-44 टेकरी गांव तक पीछा कर उसे पकड़ा गया। आरोपी चालक को भी गिरफ्तार किया गया है।
महराजगंज के बलहीखोर के पास सोमवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान सिंहपुरगांव निवासी मुन्ना (लगभग 25 वर्ष) पुत्र सिवापर के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मुन्ना अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ने के बाद बाइक से घर लौट रहा था। बलहीखोर के पास उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे एक विद्युत पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल मुन्ना को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में शोक छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
किसान के घर 12 लाख की डकैती:6 बदमाशों ने कटर से दरवाजा काटा, मकान मालिक की गर्दन पर हथियार अड़ाया
धार जिले के निसरपुर पुलिस चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम पुरा में रविवार रात 6 हथियारबंद बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने किसान अमृतलाल पाटीदार के घर से 7 तोला सोना, 2 लाख रुपए नकद और चांदी के जेवर लूट लिए। इस पूरी डकैती में पीड़ित परिवार को करीब 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वारदात तब हुई जब किसान अमृतलाल का मकान जो कि गांव से सटे खेत में बना हुआ है, वहां बदमाश पहुंचे। डकैतों ने सबसे पहले कटर की मदद से घर का मुख्य लोहे का दरवाजा काटा और अंदर घुस गए। खटपट की आवाज सुनकर अमृतलाल की नींद खुल गई, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, एक बदमाश ने उनकी गर्दन पर फालिया अड़ा दिया और उन्हें हिलने तक नहीं दिया। इसके बाद बाकी के बदमाशों ने अलमारी और दराजों को तोड़कर वहां रखे जेवर और नकदी समेट ली। घर में अकेले थे ससुर और बहू घटना के समय घर में केवल अमृतलाल और उनकी बहू ही मौजूद थे। अमृतलाल के बेटे केदारनाथ यात्रा पर गए हैं और उनकी पत्नी किसी काम से सूरत में थीं। अमृतलाल ने बताया कि डकैतों की संख्या 6 थी। चूंकि उनका घर खेत में अकेला था और बदमाशों के पास हथियार थे, इसलिए डर के मारे उन्होंने शोर नहीं मचाया। जैसे ही बदमाश लूटपाट कर भाग निकले, अमृतलाल ने तुरंत फोन कर गांव वालों को इकट्ठा किया और रात में ही बदमाशों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस टीम जांच में जुटी सोमवार सुबह सूचना मिलते ही निसरपुर चौकी प्रभारी रवि वास्के अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर में कुक्षी एसडीओपी सुनील गुप्ता और कुक्षी टीआई राजेश यादव ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित अमृतलाल से पूरी घटना की जानकारी ली। चौकी प्रभारी रवि वास्के ने बताया कि पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए इलाके के और मुख्य मार्गों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही डकैतों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गुरुग्राम में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पहला हादसा सेक्टर 89 इलाके में हुआ जहां एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को रौंद दिया, वहीं दूसरी घटना ग्वाल पहाड़ी इलाके की है जहां एक बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी और इस दौरान ट्रक से गिरकर क्लीनर की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना: ब्रेज़ा की टक्कर से कपड़ा कारोबारी की मौत मूल रूप से उत्तर प्रदेश के खुर्जा (भादवा गांव) के रहने वाले 43 वर्षीय कालीचरण पिछले 15 सालों से गुरुग्राम के नाहरपुर रूपा इलाके में अकेले रहकर कपड़ा बेचने का काम करते थे। दोपहर को वह अपनी बाइक से किसी काम के सिलसिले में सेक्टर 89 की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह बामडोली चौक रेड लाइट के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार ब्रेज़ा कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। रोहतक पीजीआई ले जाते समय मौत हादसे में गंभीर रूप से घायल कालीचरण को तुरंत नजदीकी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। हालांकि, रोहतक ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। कालीचरण अपने पीछे दो पत्नियों और तीन बेटों का परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पहली पत्नी से कोई संतान नहीं थी, जबकि दूसरी पत्नी से तीन लड़के हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा 18 साल का है। परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य खोने से गांव में कोहराम मच गया है। ट्रक ने कई वाहनों को मारी टक्करसड़क दुर्घटना का दूसरा खौफनाक मंजर ग्वाल पहाड़ी इलाके में देखने को मिला। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक बेकाबू हो गया और उसने सड़क पर चल रही कई गाड़ियों को एक के बाद एक जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक की रफ्तार और टक्कर इतनी भयानक थी कि चलते ट्रक से उसका क्लीनर अनियंत्रित होकर सीधे सड़क पर गिर गया। नीचे गिरने से क्लीनर की मौत सड़क पर गिरने के कारण क्लीनर ट्रक की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शनि यादव के रूप में हुई है। हादसे के बाद भी ट्रक चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और वह कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करते हुए मौके से ट्रक लेकर फरार होने में कामयाब रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शनि यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस जांच कर रही पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में फरार कार और ट्रक चालकों की तलाश के लिए आसपास के रूट और घटनास्थलों पर लगे सीसीटीवीकैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
किशनगंज सदर थाना में शांति समिति की मीटिंग:मोहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर हुई चर्चा
किशनगंज सदर थाना परिसर में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न मोहल्लों के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक में एसडीएम अनिकेत कुमार और एसडीपीओ खुर्शीद सिराज ने लोगों से पर्व के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम के जुलूसों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 17 से अधिक मोहर्रम जुलूस निकलने की संभावना किशनगंज जिले में मोहर्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। सदर थाना क्षेत्र से इस वर्ष भी 17 से अधिक मोहर्रम जुलूस निकलने की संभावना है, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की विशेष तैयारी की है। बैठक में जुलूसों के निर्धारित मार्ग, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा न करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के लोग आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ मोहर्रम पर्व मनाएंगे।
नई दिल्ली में रोहिणी जोन की सफाई व्यवस्था को हाईटेक और मजबूत बनाने के लिए निगम ने अपने स्वच्छता बेड़े का विस्तार किया है। सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 35 नए अत्याधुनिक सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन नए वाहनों के सड़क पर उतरने से न केवल जनसेवा के कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि कचरा प्रबंधन भी अधिक कुशल तरीके से हो सकेगा। अब तंग गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक अब कचरा कलेक्शन समय पर हो सकेगा। 7 प्रमुख वार्डों के लोगों को मिलेगा फायदा निगम अधिकारियों के मुताबिक, इन 35 नए वाहनों के आने से रोहिणी जोन के करीब 15 वर्ग किलोमीटर से अधिक के क्षेत्रफल में नियमित सफाई सुनिश्चित की जा सकेगी। इस आधुनिक बेड़े से जोन के 7 प्रमुख वार्डों के लगभग 5 लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। तंग गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक अब कचरा कलेक्शन समय पर हो सकेगा, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी घटेगा। मेयर प्रवेश वाही ने कहा, रोहिणी को साफ-सुथरा और डंप-फ्री बनाना हमारी प्राथमिकता है। इन 35 नए वाहनों के शामिल होने से सफाईकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता को गंदगी से निजात मिलेगी। हम पूरी दिल्ली के स्वच्छता मॉडल को इसी तरह अपग्रेड कर रहे हैं।
सरकारी नौकरी के नाम पर पांच लाख की ठगी:बस्ती में आरोपी पर मुकदमा दर्ज, 2 लाख नकद और 3 लाख ऑनलाइन दिए
बस्ती जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। गौर थाना पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, गौर थाना क्षेत्र के सांवडीह गांव निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2023 में आरोपी ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने 26 जून 2023 को आरोपी को दो लाख रुपये नकद और तीन लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से दिए थे, इस प्रकार कुल पांच लाख रुपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि काफी समय बीत जाने के बाद भी उसे न तो नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस किए गए। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। बाद में पैसे मांगने पर आरोपी ने उसे धमकियां भी दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गौर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमानत में खयानत (धोखाधड़ी) और आपराधिक धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि लेनदेन से जुड़े सभी दस्तावेजों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जा रही है।
दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में घायल युवक:महाराजगंज में प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर रेफर
महाराजगंज के गोपालपुर के पास सोमवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक 20 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे महाराजगंज जिला अस्पताल से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। यह घटना सोमवार शाम करीब 4 बजे हुई। घायल युवक की पहचान अनूप पुत्र प्रदीप के रूप में हुई है। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल अनूप को महाराजगंज जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
बिजनौर में मजार के रास्ते पर बनी दीवार को बुलडोजर से तोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में पहले नगीना सांसद व भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के प्रतिनिधि विवेक कुमार सेन और सीओ अंजनी कुमार हॉट टॉक के बाद धक्का मुक्की हो गई। सीओ ने सांसद प्रतिनिधि से कहा कि यहां गलतफहमी न पैदा करिए। सीओ और सांसद प्रतिनिधि मे हॉट टॉक होत देख जब दरोगा ने बीच बचाव करना चाहा तो सीओ दरोगा पर भड़क गए। कहने लगे कि ये कोई दूध पीते बच्चे हैं, जिन्हें समझा रहे हो। ये गलतफहमी पैदा करने आए हैं। अगले दिन शनिवार को आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने अपने आवास पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल समेत राजस्व विभाग के अफसरों को बुलाया। इस दौरान दरगाह कमेटी के लोगों को भी बुलाया। जब आवास पर सीओ अंजनी कुमार नहीं पहुंचे तो सांसद भड़क गए। सांसद चंद्रशेखर ने कहा- सीओ कितना बड़ा अफसर हो गया है जिसने मेरा दो बार कॉल काटा और बुलाने के बाद भी नहीं आया। मैं अभी अपने लेटर हेड पर तहरीर पर भेजकर FIR करा दूंगा। तब देखता हूं कैसे FIR दर्ज नहीं होगी। मेरा इंतजार नहीं किया गया। रात को ही बुलडोजर चला दिया। इस तरह बुलडोजर चलेगा तो लोग गलत ही समझेंगे। मामला धामपुर की टीचर कॉलोनी के पास बनी नासिर बाबा की मजार से जुड़ा है। 20 जून की रात कार्रवाई हुई। सीओ और सांसद प्रतिनिधि में हॉट टॉक और सांसद के भड़कने के वीडियो आज सामने आए हैं। मौके के दो विजुअल अब समझिए पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर धामपुर तहसील क्षेत्र में टीचर कॉलोनी है। इसी कॉलोनी से सटी हुई नासिर बाबा की करीब 100 साल से ज्यादा पुरानी मजार है। ये मजार करीब दो बीघे से ज्यादा एरिया में बनी हुई है। इसी मजार से होते हुए कॉलोनी के बाहर सड़क तक जाने के लिए कॉलोनी के लोगों ने चौड़े रास्ता बनाने के लिए एसडीएम को लेटर लिखा था। कॉलोनी के नरेश और सुरेश ने 4 महीने पहले 25 मार्च को एसडीएम IAS स्मृति मिश्रा को मजार से निकले रास्ते को चौड़ा करने की मांग की थी। साथ ही दावा किया था कि मजार कागजों में दर्ज जमीन से ज्यादा रकबे में बनी हुई है। अधिक रकबे को कब्जा मुक्त कराया जाए। एसडीएम बोलीं- केयरटेकर को बताया था जमीन ज्यादा है एसडीएम का कहना है इस मामले में एक राजस्व टीम का गठन किया गया था। हमने दो-तीन बार पैमाइश करके वहां के केयरटेकर को बताया था कि आपकी जमीन अधिक पाई जा रही है। इसे कब्जा मुक्त कर दें। मजार से होते हुए दो और रास्ते भी निकले हैं जिनपर दो सीमेंट के पाए बने हुए थे। उनको राजस्व और पुलिस की टीम शुक्रवार की रात को हटाने गई थी। मौके पर धामपुर सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी समेत करीब 12 पुलिसकर्मी भी तैनात थे। रात 8 बजे चला बुलडोजर इसी दौरान दरगाह कमेटी ने विरोध किया और सांसद चंद्रशेखर को सूचना दे दी। सांसद उस समय जिले से बाहर थे, उनके कहने पर प्रतिनिधि विवेक कुमार सेन मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया। इसी दौरान सीओ से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। किसी तरह मौके से सांसद प्रतिनिधि को हटाकर बुलडोजर चलाकर दरगाह की दीवार को तोड़ दिया गया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और इसकी जानकारी नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद तक पहुंची तो वे भड़क गए। अगले दिन शनिवार को सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने आवास पर पहुंचे। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों और सीओ धामपुर को अपने आवास पर बुला लिया। नायब तहसीलदार कपिल कुमार आज़ाद, तहसीलदार और हलका लेखपाल मौके पर पहुंचे। अफसरों को बुलाकर कार्रवाई के संबंध में कड़ी नाराजगी जताई। सांसद ने अधिकारियों से बिना नोटिस कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाए और पूरे मामले की जानकारी ली। नायब तहसीलदार ने हाथ जोड़कर माफी मांगी सांसद ने कहा- बिना किसी नोटिस और कानूनी कार्रवाई के आप कहीं भी बुलडोजर चलवा दोगे तो सब कुछ अपने आप ही हो जाएगा। कोर्ट वगैरह बंद करवा दीजिए। मैंने रात को आने की सूचना दी थी, लेकिन मेरा इंतजार किए बिना ही रात को बुलडोजर चला दिया गया। इस दौरान दरगाह कमेटी के लोगों की तरफ इशारा करते हुए सांसद ने कहा कि ये मेरे लोग हैं। ये गलत होंगे तो मैं इनको समझाऊंगा। अगर जमीन सरकार की है तो ये खाली करेंगे। लेकिन अगर आप लोगों ने गलत किया है तो मैं किसी को छोड़ूंगा नहीं। सभी पर FIR कराऊंगा। चाहे मुझे अपने लेटर हेड पर ही क्यों न तहरीर देनी पड़े। इस पर नायब तहसीलदार कपिल कुमार ने सांसद से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जबकि अन्य अधिकारी चुपचाप खड़े होकर सांसद की बातें सुनते रहे। सांसद की फटकार के बाद राजस्व विभाग की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और दरगाह की जमीन की दोबारा पैमाइश शुरू कराई। तनाव को देखते हुए दरगाह पर 20 पुलिसकर्मियों को तैनात किया किया गया है। एसडीएम स्मृति ने बताया- टीम ने दो से तीन बार पैमाइश की। जांच के दौरान मजार की देखरेख करने वाले लोगों को बताया गया कि मौके पर भूमि निर्धारित सीमा से ज्यादा है। हमने अभी तक मजार या जियारत स्थल पर कोई कार्रवाई नहीं की है। वहां से दो सार्वजनिक रास्ते भी गुजरते हैं, जिन पर सीमेंट के दो खंभे (पिलर) लगाए गए थे। उन खंभों को ही हटाया गया है। -------------- ये खबर भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में बेटे के बर्थडे की रात पिता की हत्या:पार्टी के बहाने बुलाया, शराब पिलाई और मार डाला; पत्नी से अवैध संबंध में दोस्त बना कातिल मुज़फ्फरनगर में एक युवक की उसके दोस्त ने गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मृतक की पत्नी से अवैध संबंध थे। इसी वजह से उसने अपने दोस्त को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पूरी खबर पढ़ें
भिंड के उमरी थाना क्षेत्र के खैरा श्यामपुरा गांव के पास हाईवे-552 पर सोमवार दोपहर सवारियों से भरे एक इको वाहन को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इको वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें एक छह वर्षीय बालक और उसकी मां की हालत गंभीर बताई जा रही है। घाट पूजन में शामिल होने जा रहे थे श्रद्धालुजानकारी के अनुसार, इको वाहन भिंड से उत्तर प्रदेश के गोपालपुर घाट पर आयोजित घाट पूजन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा था। वाहन में चार महिलाएं, दो पुरुष, एक बच्ची और एक बच्चा सवार थे। सामने से आए डंपर ने मारी टक्कर दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच खैरा श्यामपुरा गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने इको वाहन को टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गया, जिससे उसमें सवार लोग घायल हो गए। मां-बेटा गंभीर, जिला अस्पताल रेफर दुर्घटना में छह वर्षीय आर्यन पुत्र राजवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं उसकी 36 वर्षीय मां गुड्कोडी देवी को वाहन का कांच लगने से गंभीर चोटें आईं। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मां-बेटे को जिला अस्पताल भिंड रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही उमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
रामगढ़ जिले के सेंट्रल सौंदा रीजनल वर्कशॉप में विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की है। टीम ने वर्कशॉप में कार्यरत अरुण सिन्हा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, अरुण सिन्हा पर दशरथ मांझी नामक व्यक्ति से ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर नकद राशि लेने का आरोप है। विजिलेंस टीम ने उन्हें कथित तौर पर रंगेहाथ पकड़ा। छापेमारी के लिए विजिलेंस टीम चार कार में सवार होकर पहुंची थी, जिसमें दर्जनों अधिकारी शामिल थे। इस कार्रवाई से बरका सयाल क्षेत्र में एक बार फिर हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम अरुण सिन्हा को अपने साथ ले गई है। आठ दिन पहले, रामगढ़ की प्रोविजनल ऑफिसर सिमरन कुमारी को 5000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने हिरासत में लिया था। एसीबी उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत कुमार के साथ हजारीबाग ले गई थी। कुछ समय पहले रामगढ़ के पोस्ट ऑफिस में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।
व्यापारियों ने जाम, मंडी गेट खोलने की मांग की:जीएसटी विभाग की बैठक में अधिकारियों से समाधान की मांग
कासगंज के विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जीएसटी विभाग और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और उनके तत्काल समाधान की मांग की। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने अमापुर रोड पर लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस जाम से गल्ला आढ़तियों और आम लोगों को काफी परेशानी होती है। व्यापारियों ने मंडी के पिछले गेट को तुरंत खोलने और मंडी परिसर में स्थित धर्मकांटे को फिर से शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे यातायात सुचारु होगा और व्यापारिक गतिविधियों में आसानी आएगी। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं और व्यापार तथा जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने समस्याओं के समय पर समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। बैठक में जीएसटी विभाग से उमराव जी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। व्यापार मंडल की ओर से जिला अध्यक्ष सतीश गुप्ता, अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल, संजय बोहरे, विकास गुप्ता सहित कई व्यापारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अयोध्या में मानसून की दस्तक से पहले ही सरयू नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। रुदौली तहसील क्षेत्र के पास्ता जया की चिंता माफी गांव में स्थापित बाढ़ चौकी पर ताला लटका होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि बाढ़ से निपटने की प्रशासनिक तैयारियां जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रही हैं और अधिकांश व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में प्रशासन ने बाढ़ को लेकर मॉक ड्रिल तो कराई, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव, राहत सामग्री, चिकित्सा टीमों और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता को लेकर कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। रुदौली तहसील के महंगू का पुरवा, कैथी, सराय नासिर और पास्ता समेत कई गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। हर साल डूबते हैं निचले इलाके ग्रामीणों के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर बढ़ते ही इन गांवों के निचले हिस्से जलमग्न हो जाते हैं। इससे संपर्क मार्ग बाधित हो जाते हैं और धान, गन्ना समेत खरीफ की फसलें प्रभावित होती हैं। पशुपालकों को भी चारे की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे मवेशियों के बीमार होने या बह जाने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन हर साल बाढ़ आने के बाद सक्रिय होता है, जबकि बचाव और राहत की तैयारियां पहले से पूरी होनी चाहिए। कटान से भी बढ़ा खतरा बाढ़ के साथ-साथ सरयू नदी का कटान भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। लगातार कटान के चलते उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है और अब खतरा आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है। ग्रामीणों ने तटबंधों की मरम्मत और कटानरोधी कार्यों को तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोकर निर्माण और बोल्डर पिचिंग जैसे कार्य नहीं कराए गए, तो कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। प्रशासन बोला- सभी विभाग अलर्ट रुदौली के एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और बाढ़ से निपटने की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं दो बार बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन और राजस्व विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम के अनुसार, राहत शिविरों के लिए ऊंचे स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। साथ ही नाव, मोटरबोट, गोताखोरों और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी जाएगी।
शिवपुरी में जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिकायत दर्ज कराने जा रहे एक परिवार के साथ न्यायालय परिसर के बाहर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, एफआईआर की कॉपी छीनकर फाड़ दी और मामला वापस लेने का दबाव बनाया। घटना के बाद परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। खेत की फेंसिंग को लेकर हुआ था विवाद ग्राम गुरुकदवाया निवासी रोशनी धाकड़ ने महिला थाना शिवपुरी में दिए आवेदन में बताया था कि 21 जून को खेत की तार फेंसिंग को लेकर गांव के जगदीश जाटव, संजीव जाटव और अशोक जाटव ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। आरोप है कि इस दौरान संजीव जाटव ने कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई। घायल होने पर उन्हें पहले पिछोर अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल शिवपुरी में भर्ती कराया गया था। न्यायालय के बाहर मारपीट का आरोप रोशनी धाकड़ के अनुसार, उनकी शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर उनके पति अनिल धाकड़, देवर रामभरत धाकड़, नीतेश धाकड़ और रिश्तेदार हरीचरण धाकड़ सोमवार को न्यायालय और एसपी कार्यालय पहुंचे थे। परिवार न्यायालय के बाहर आवेदन टाइप करा रहा था। इसी दौरान अशोक जाटव, संजीव जाटव, लखन जाटव समेत अन्य लोग वहां पहुंच गए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने उनसे दर्ज कराई गई रिपोर्ट वापस लेने के लिए कहा। मना करने पर सभी ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित बोला- एफआईआर की कॉपी फाड़ी पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने एफआईआर की कॉपी छीनकर फाड़ दी और रिपोर्ट वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग की।
सिवनी के जिला सत्र न्यायालय परिसर में चाकू और पत्थरों से हमला करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने पांच मुख्य आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। यह घटना पुरानी रंजिश के चलते दिनदहाड़े हुई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन बालिग और दो नाबालिग शामिल हैं। बालिग आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए दो धारदार चाकू भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 जून की दोपहर को न्यायालय परिसर में हुई थी। आरोपी देवू सनकत, अमन झंझोटे, अंकित बैन और उनके दो नाबालिग साथियों ने योगेश उर्फ काली जसोरिया पर हमला किया। आरोपी अमन झंझोटे ने योगेश के सिर पर चाकू से वार किया, जिससे उसके बाल कट गए।इसके बाद आरोपियों ने योगेश और उसके साथियों नयन बघेल व राहुल कश्यप पर पथराव भी किया।अपनी जान बचाने के लिए योगेश और उसके साथियों को न्यायालय के कक्षों में छिपना पड़ा। इस घटना के बाद प्रार्थी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले की मुख्य वजह पुरानी आपराधिक रंजिश थी। इन पक्षों के बीच पहले भी दो बड़े विवाद हो चुके हैं। एक दिन पहले भी हुआ था विवाद पहला विवाद 18 जून 2025 को हुआ था। इसमें बीच-बचाव के दौरान जातिसूचक गालियां देने और मारपीट के बाद दोनों पक्षों के बीच चाकू और लाठियां चली थीं।इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। दूसरा विवाद 23 मार्च 2026 को सत्यम ठाकुर से शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर हुआ था। इस पर वासू सनकत और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।घटना वाले दिन आरोपी इसी प्रकरण में वासू सनकत की जमानत के सिलसिले में न्यायालय आए थे, जहां उनका आमना-सामना होने पर यह वारदात हुई। देव उर्फ देबू सनकत (25), अमन झंझोटे (32) और जबलपुर निवासी हाल मंगलीपेठ सिवनी अंकित बैन (23) को गिरफ्तार किया।इन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जून को आगरा आ रहे हैं। वे मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। वे लगभग 3.30 घंटे शहर में रहेंगे। उनका विशेष जोर लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रोजेक्ट्स पर रहेगा, जहां पुराने कार्यों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ नये कार्यों की योजना पर चर्चा करेंगे। सीएम की बैठक के लिए तैयारियां शुरूसीएम का कार्यक्रम जारी होने के बाद पुलिस-प्रशासन के साथ ही अन्य विभागों ने तैयारी शुरू कर दी है। सीएम के रूट के साथ-साथ मंडलायुक्त कार्यालय में साफ-सफाई के कार्य किए जा रहे हैं। फुटपाथ की धुलाई और मंडलायुक्त कार्यालय में पेड़-पौधों को संवारा जा रहा है। तैयारियों की 3 तस्वीरें… पुलिस ने मीटिंग हॉल की सुरक्षा व्यवस्था परखी। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप और डीएम मनीष बंसल ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। प्रगति रिपोर्ट की जा रही तैयार इधर, सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। इसके साथ ही संभावित नये प्रोजेक्ट का ड्राफ्ट भी तैयार कर रहे हैं। बैठक के दौरान इन्हें सीएम के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है। अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा होगी। कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को सीएम सबसे पहले हाथरस जाएंगे। जहां वे सलेमपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सम्मेलन में भाग लेंगे। सीएम योगी आगरा, मथुरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद में लोक निर्माण विभाग के रूके कार्यों को गति देंगे। जबकि नये कार्यों की योजना को हरी झंडी मिलेगी। विधायकों के प्रस्तावों की तैयार हो रही सूचीचारों के जिले के जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की सूची बनाई गई है। पुराने कार्यों में आ रही अड़चनों पर मंथन होगा। माना जा रहा है कि समीक्षा का मकसद पीडब्ल्यूडी के कार्यों को समय पर पूरा कराना और चुनाव से पहले लोकार्पण का लक्ष्य है। मंडल में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत के सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्य निर्माणाधीन हैं। ये मंत्री भी बैठक में रहेंगे मौजूद ये है सीएम का कार्यक्रम
बरेली में एलएलबी का एक छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। छात्र 17 जून को ट्रेन के जरिए अपने मामा के घर जा रहा था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने सुभाष नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। परिवार वालों को किसी अनहोनी की गहरी आशंका है। सफर के दौरान फोन पर हुई थी आखिरी बातसुभाष नगर थाना क्षेत्र के तपेश्वर नाथ मंदिर के पास रहने वाला 24 वर्षीय अरुण सक्सेना एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। 17 जून को वह बरेली जंक्शन से ट्रेन में सवार होकर सोरों स्थित अपने मामा के घर जा रहा था। यात्रा के दौरान उसकी अपने बड़े भाई वरुण सक्सेना से मोबाइल पर बातचीत हुई थी, जिसमें उसने ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने की बात कही थी। वरुण के अनुसार, अरुण की आखिरी लोकेशन उझानी के पास मिली थी, जिसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा है। मामा के घर नहीं पहुंचा छात्रपरिजनों ने अरुण की तलाश हर संभावित स्थान पर की। उन्होंने मामा के घर फोन कर जानकारी ली, तो पता चला कि अरुण वहां नहीं पहुंचा है। अरुण और वरुण दो भाई हैं और उनके माता-पिता का देहांत हो चुका है। बड़े भाई वरुण ने 19 जून को सुभाष नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस पर आरोप और जांच का दावावरुण ने आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि अभी तक अरुण का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर भी नहीं लगाया गया है, जिससे अनहोनी का डर और बढ़ गया है। दूसरी ओर, सुभाष नगर थाने के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र ने बताया कि 19 जून को गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी। मामले की छानबीन जारी है और लापता छात्र की तलाश की जा रही है।
ब्रह्मांड घाट से स्वच्छता अभियान शुरू:डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने श्रमदान कर दिया संदेश
मथुरा में ब्रज की पावन भूमि को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। तहसील महावन के गोकुल स्थित ऐतिहासिक ब्रह्मांड घाट से 'हम सबने यह ठाना है—ब्रज को स्वच्छ बनाना है' अभियान का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अभियान में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, हार्टफुलनेस संस्था, नगर पंचायत, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। घाट परिसर, सीढ़ियों, आवागमन मार्गों, यमुना तट और आसपास के क्षेत्रों में फैली गंदगी को साफ किया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं झाड़ू लगाई, कूड़ा एकत्रित किया और प्लास्टिक अपशिष्ट हटाकर घाट क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ब्रजभूमि हम सभी की अमूल्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने जोर दिया कि नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, वृंदावन और मथुरा जैसे तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि वे ब्रज में पुण्य कमाने आएं, लेकिन गंदगी फैलाने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक और अन्य कचरा तीर्थस्थलों की गरिमा को प्रभावित करता है, इसलिए सभी को स्वच्छता के प्रति जागरूक होना चाहिए। अभियान में हार्टफुलनेस के स्वयंसेवकों और सनराइज पब्लिक स्कूल मथुरा सहित 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने श्रमदान करते हुए सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। हार्टफुलनेस मथुरा के समन्वयक निशांत शर्मा ने बताया कि पद्मभूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल (डाजी) के आह्वान पर यह जनजागरण अभियान जिला प्रशासन और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सहयोग से शुरू किया गया है। वहीं, परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र ने जानकारी दी कि ब्रह्मांड घाट से शुरू हुआ यह अभियान पूरे ब्रज क्षेत्र में लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ब्रज की सांस्कृतिक गरिमा और स्वच्छता दोनों संरक्षित रह सकें।
लखीसराय जिले में नई पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) डीलर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने सोमवार को समाहरणालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। आवेदकों ने बहाली प्रक्रिया रद्द किए जाने के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। आवेदकों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद बिना उचित कारण बताए बहाली को रद्द कर दिया है। इस निर्णय से सैकड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है। आवेदन जमा करने की अवधि भी बढ़ाई गई थी अभ्यर्थियों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए पीडीएस डीलरों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अधिक भीड़ को देखते हुए आवेदन जमा करने की अवधि भी बढ़ाई गई थी। आवेदन प्राप्त होने के बाद गोदाम, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके उपरांत जिला स्तर पर प्रोविजनल मेरिट सूची प्रकाशित की गई तथा नियमानुसार दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई आवेदकों का आरोप है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और कई आपत्तियां निराधार एवं तथ्यहीन थीं। इसके बावजूद संपूर्ण बहाली प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि जिन अभ्यर्थियों के विरुद्ध कोई आपत्ति नहीं थी, उनकी उम्मीदवारी भी समाप्त कर दी गई। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि न्यायालयों द्वारा भी यह माना गया है कि चयन प्रक्रिया में विज्ञापन, मेरिट सूची एवं निर्धारित नियमों के साथ मनमानी छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उन्होंने न्याय की मांग को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तथा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
धौलपुर में मां पीतांबरा भक्त मंडल की ओर से दतिया वाले स्वामीजी महाराज की पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। शहर की भार्गव वाटिका और गंगाबाई की बगीची में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान स्वामीजी महाराज और मां पीतांबरा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, स्वामी अष्टक, बगलामुखी चालीसा एवं आरती का सामूहिक पाठ हुआ तथा महिला मंडल के भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ। विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना कार्यक्रम की शुरुआत स्वामीजी महाराज और मां पीतांबरा की पूजा-अर्चना से हुई। भक्त मंडल के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने स्वामीजी महाराज के चित्र पर चंदन-तिलक लगाकर पुष्पमालाएं अर्पित कीं। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से स्वामी अष्टक, बगलामुखी चालीसा और मां बगलामुखी की आरती का पाठ कर आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया। भजनों से गूंजा परिसर महिला मंडल की ओर से प्रस्तुत मंगल गीतों और भजनों ने आयोजन को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर भजन-कीर्तन में शामिल हुए और मां पीतांबरा तथा स्वामीजी महाराज के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। स्वामीजी के योगदान को किया याद कार्यक्रम में वक्ताओं ने दतिया वाले स्वामीजी महाराज के जीवन, उनके आध्यात्मिक योगदान और समाज को दिए गए संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वामीजी महाराज का धौलपुर से विशेष लगाव रहा है और उन्होंने कई अवसरों पर यहां आकर धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की थी। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्वामीजी महाराज की शिक्षाओं और कृपा से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के अनुभव साझा किए। भक्त मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि धौलपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दतिया स्थित पीतांबरा पीठ के दर्शन के लिए जाते हैं। विशाल भंडारे के साथ हुआ समापन श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और स्वामीजी महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
मथुरा में शुरू हुआ विशेष स्वच्छता अभियान:DM ने किया शुभारंभ, ब्रह्मांड घाट पर लगाई झाड़ू
भगवान श्री कृष्ण की लीलास्थली ब्रज को स्वच्छ, सुंदर और पवित्र बनाए रखने के संकल्प के साथ विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की गई। सोमवार को तहसील महावन के गोकुल स्थित विश्व प्रसिद्ध, ऐतिहासिक एवं पौराणिक ब्रह्मांड घाट से व्यापक स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हुआ। जहां DM ने झाड़ू लगाकर स्वक्षता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया। ब्रह्मांड घाट से किया अभियान का शुभारंभ हम सबने यह ठाना है—ब्रज को स्वच्छ बनाना है, अभियान के तहत जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, हार्टफुलनेस संस्था, नगर पंचायत और छात्र-छात्राओं के साथ स्वयं सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान घाट परिसर, सीढ़ियों, आवागमन के रास्ते यमुना जी के किनारे तथा आस-पास के क्षेत्र में फैली गंदगी को साफ किया गया। सामाजिक सहभागिता का विषय है ब्रज की सफाई जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं कूड़ा एवं मिट्टी को हटाया। जिलाधिकारी ने एक-एक कर प्लास्टिक को एकत्रित करते हुए यमुना जी के घाटों को प्लास्टिक मुक्त किया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र सहित स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने झाड़ू लगाकर, कूड़ा एकत्रित कर और परिसर को व्यवस्थित कर यह संदेश दिया कि ब्रज की स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का विषय भी है। श्रद्धालु पुण्य कमाएं,गंदगी न फैलाएं अभियान का नेतृत्व करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ब्रजभूमि हम सभी की अमूल्य धरोहर है। नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, वृंदावन और मथुरा जैसे पावन तीर्थस्थलों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि ब्रज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन और पुण्य लाभ के लिए आते हैं, लेकिन अनजाने में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन और अन्य कचरा फैला देते हैं, जिससे तीर्थस्थलों की पवित्रता प्रभावित होती है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि ब्रज की रज अत्यंत पवित्र है। यहां पुण्य कमाने आएं, गंदगी फैलाने से बचें। हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होना होगा।” उन्होंने कहा कि यह अभियान एक दिन का नहीं है, बल्कि पूरे ब्रज में निरंतर चलता रहेगा। पवित्रता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का जनअभियान हार्टफुलनेस मथुरा के समन्वयक निशांत शर्मा ने बताया कि पद्मभूषण डॉ कमलेश डी पटेल (डाजी) के आह्वान पर यह अभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन के सहयोग से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल सफाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि ब्रज की पवित्रता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का जनअभियान है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र ने कहा कि ब्रह्मांड घाट से शुरू हुआ यह स्वच्छता अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन, ब्रज तीर्थ विकास परिषद, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से पूरे ब्रज क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोगों के व्यवहार और सोच दोनों में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को जालोर पहुंचे। उन्होंने कहा- वर्तमान सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और धरना-प्रदर्शन करने वालों पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। सरकार की सुनने की क्षमता समाप्त हो गई। बालोतरा रिफाइनरी में हाल ही में हुई चूक के कारण ही पीएम का दौरा भी रद्द करना पड़ा। यह बड़ी लापरवाही है, जिससे बड़ी घटना हो सकती थी। हालांकि दिल्ली जाने या राजस्थान में रहने के सवाल पर गहलोत ने मारवाड़ी अंदाज में कहा कि 'मैं थासू दूर नहीं' (मैं आपसे दूर नहीं हूं)। राजस्थान की जनता और आलाकमान ने उन्हें 3 बार मुख्यमंत्री और कई बार सांसद-विधायक बनाकर सब कुछ दिया है। वह खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनेता मानते हैं और पार्टी उन्हें संगठन, दिल्ली, जोधपुर या जालोर में जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे वे बिना किसी मांग के स्वीकार करेंगे। पार्टी जिसको मजबूत समझे, उसको आगे लाए। दरअसल, गहलोत जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर पहुंचे थे, जहां उनके दिवंगत पिता की शोक सभा में शामिल होकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने संजय नगर स्थित कांग्रेस के नए कार्यालय भवन का निरीक्षण भी किया। प्रसूताओं के इलाज में सरकार फेलकोटा और बीकानेर के बाद जोधपुर के सरकारी अस्पताल में एक साथ 8 प्रसूताओं को इंफेक्शन होने की घटना पर गहलोत ने पीड़ित परिवारों को सरकार से मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मैं पीड़ित परिवारों से मिलकर आया हूं। इस मामले में सरकार फेल हो चुकी हैं। अपनी पुरानी सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हमने राजस्थान में 25 लाख तक का इलाज और दवाइयां मुफ्त की थीं, जो पूरी दुनिया में बेमिसाल हैं, यहां तक कि अमेरिका में बराक ओबामा की ऐसी ही योजना फेल हो गई थी, लेकिन हमारी योजना बेहद कामयाब रही। 'रात्री चौपाल' में जनता नहीं पूछ पा रही सवालगहलोत ने मौजूदा सरकार की 'रात्री चौपाल' व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली चौपाल वह है जहां ग्रामीणों की समस्याओं का सीधा समाधान हो और फीडबैक मिले। कलेक्ट्रेट के अधिकारियों द्वारा बुलाई जाने वाली चौपालों में जनता सवाल नहीं पूछ पाती। उन्होंने नगर निकाय और पंचायत चुनाव न कराने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनाव में हार का डर है। हाईकोर्ट के आदेश और संविधान का उल्लंघन करने वाली इस सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। पूर्व सीएम ने राम मंदिर चंदा प्रकरण पर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है, इसलिए यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो कार्रवाई होनी चाहिए।
बेगूसराय में रंगदारी नहीं देने पर अपराधियों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारी कुंदन कुमार उर्फ पप्पू कुमार के घर पर 20 राउंड फायरिंग की। कारोबारी ने बताया कि उससे 10 लाख रुपए की डिमांड की गई थी। रविवार को रात करीब 9 बजे कुंदन अपने घर के बाहर खड़े थे। उनका घर सड़क के किनारे ही है। तभी घोड़े पर सवार होकर आए शख्स ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। कारोबारी ने प्रियांशु कुमार और पप्पू नाम के युवकों पर फायरिंग का आरोप लगाया है। वारदात के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। गोलीबारी में कुंदन बाल-बाल बच गए। घटना रिफाइनरी थाना क्षेत्र के केशावे गांव की है। मौके आई तस्वीरें देखिए… 2 दिन से मिल रही थीं धमकियां पीड़ित कारोबारी कुंदन ने बताया कि आरोपी प्रियांशु 2 दिन पहले भी घर पर आया था। मैं उस वक्त घर पर नहीं था। उसने घर पर बच्चों को धमकाया। मेरे स्टाफ को भी धमकी दी थी। रविवार शाम फिर से प्रियांशु मेरे घर पहुंचा था। उसने मेरे स्टाफ संजय सिंह से कहा कि रंगदारी टैक्स अभी तक क्यों नहीं दिया गया है। मालिक को बोल देना आज 10 लाख रुपए घर पर पहुंचा दे। नहीं तो तुम्हारे मालिक को मार देंगे। मुझे देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी कारोबारी ने कहा कि रविवार शाम भी आरोपी प्रियांशु मेरे घर पहुंचा था। उस वक्त भी मैं घर पर नहीं था। काम के सिलसिले में मैं ज्यादातर बाहर ही रहता हूं। रात में घर पहुंचा तो मुझे स्टाफ ने जानकारी दी थी कि प्रियांशु फिर से घर आया था। मैं अपने घर के दरवाजे के पास खड़ा था, मुझे देखते ही प्रियांशु ने गोली चलानी शुरू कर दी। मेरी गाड़ी घर के बाहर ही खड़ी थी। जिसपर गोलियों के निशान देख सकते हैं। प्रियांशु घोड़े पर बैठकर गोली चला रहा था। मैंने गाड़ी की पीछे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। प्रियांशु के साथ 3 अपराधी और थे जो बाइक से थे। गोलीबारी में 2 गोलियां कार पर लगी हैं। एक गोली का खोखा कार की छत पर मिला है। डर के मारे हम अपना कारोबार तो नहीं छोड़ सकते कारोबारी ने बताया कि घटना के बाद मैंने रिफाइनरी थाने को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी की छत पर गिरा खोखा भी बरामद किया है। कुंदन ने बताया कि हमारा घर रोड पर ही है और सड़क पर ही हमारा पूरा बिजनेस चलता है। हम डर के मारे अपना घर और कारोबार तो नहीं छोड़ सकते। मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही थानाध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सम्भल में बालश्रम के खिलाफ अभियान:9 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा
सम्भल में सोमवार को बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों पर 'बालश्रम, भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत थाना AHT टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र में यह कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के आदेश पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत और क्षेत्राधिकारी बहजोई स्तुति सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। थाना AHT प्रभारी निरीक्षक पवनवीर सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. आजम और प्रयत्न संस्था (जस्ट राइट एनजीओ) के गौरी शंकर चौधरी की टीम के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र के भीड़-भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौराहों और 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान भिक्षावृत्ति का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन विभिन्न स्थानों से 9 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। इन बच्चों को काउंसलिंग दी गई और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्हें बाल अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों के प्रति भी जागरूक किया गया।इस अभियान के तहत आमजन को भी बालश्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। आपातकालीन सहायता के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 108, 1076 और 181 की जानकारी भी साझा की गई।अधिकारियों ने बताया कि जिले को बालश्रम और बाल शोषण से पूरी तरह मुक्त करने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने पार्किंग संवेदक का ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई निर्धारित दर से अधिक पार्किंग शुल्क वसूलने और बंदोबस्ती की दूसरी किस्त समय पर जमा नहीं करने के आरोप में की गई है। इस संबंध में डीडीसी सह सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सचिव ने आदेश जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2025-28 के लिए सिंहेश्वर मंदिर परिसर की पार्किंग का ठेका 1 करोड़ 66 लाख रुपये में रामपट्टी निवासी विजय कुमार सिंह को दिया गया था। उन्होंने प्रथम वर्ष (2025-26) के लिए निर्धारित 55 लाख 33 हजार 333 रुपये जमा करने के बाद पार्किंग शुल्क की वसूली शुरू की थी। निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूल रहा समिति न्यास समिति को श्रद्धालुओं से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पार्किंग संवेदक समिति द्वारा निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूल रहा है। इस पर समिति ने अलग-अलग तिथियों में कई बार स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद संवेदक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। साथ ही, पार्किंग स्थल पर समिति द्वारा निर्धारित शुल्क सूची का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, जुर्माना जमा करने के बावजूद निर्धारित दर का बोर्ड नहीं लगाया गया, जिसे समिति ने आदेशों की अवहेलना माना। 17 जून तक भुगतान का अंतिम अवसर था एकरारनामा के अनुसार, 4 जून 2026 से पहले दूसरी किस्त के रूप में 55 लाख 33 हजार 333 रुपये जमा करना अनिवार्य था। इसके लिए कई बार नोटिस जारी किए गए और अतिरिक्त समय भी दिया गया। बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के निर्देश पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बंदोबस्ती तत्काल रद्द नहीं की गई और 17 जून 2026 तक भुगतान का अंतिम अवसर दिया गया। इसके बावजूद संवेदक ने निर्धारित समय तक पूरी राशि जमा नहीं की। न्यास समिति के खाते में केवल 13 लाख 83 हजार 333 रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष राशि बकाया रही। पार्किंग की बंदोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्द न्यास समिति ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एकरारनामा की शर्तों के अनुसार, यदि संवेदक समय पर किस्त जमा नहीं करता या निर्धारित दर से अधिक पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो समिति को बिना किसी आपत्ति के बंदोबस्ती रद्द करने का अधिकार है। समिति ने माना कि संवेदक ने एकरारनामा के विभिन्न शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-28 की शेष अवधि के लिए पार्किंग की बंदोबस्ती तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
देवास में सोमवार दोपहर करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई क्षेत्रों में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित रहा। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। मक्सी रोड पर नालों से पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति देखी गई। एमजी रोड पर सबसे ज्यादा परेशानी सबसे अधिक दिक्कत एमजी रोड क्षेत्र में हुई। यहां चल रहे निर्माण कार्य के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ा। कई वाहन पानी में फंस गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। बारिश थमने के बाद मौसम सुहावना हो गया। लोगों ने गर्मी और उमस से राहत महसूस की।
जयपुर में महिला की हत्या कर शव कुएं में फेंकने के मामले का पुलिस ने सोमवार दोपहर खुलासा किया है। महिला बीना देवी (53) की हत्या लूट के इरादे से कर्ज उतारने के लिए उसके ही सगे भतीजे ने की थी। हत्या के बाद उसने शव को गड्ढा खोदकर छिपा दिया था, लेकिन पकड़े जाने के डर से बाद में अपने साले की मदद से दफनाए गए शव को बाहर निकाला और एक भारी पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी हर रोज कुएं पर जाकर यह चेक करता था कि कहीं लाश पानी की सतह पर तो नहीं आ गई। आरोपी भतीजे ने यूट्यूब पर क्राइम वीडियो देखकर इस पूरी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल, शिवदासपुरा थाना पुलिस हत्या के आरोप में गिरफ्तार भतीजे और उसके साले से पूछताछ कर रही है। दरअसल, आरोपियों ने चांदी के कड़ों के लिए महिला के पैर काटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को साड़ी से बांधकर कुएं में फेंक दिया था। पिछले 8 दिनों से लापता इस महिला का शव 18 जून की सुबह कुएं में मिला था। 6 पॉइंट्स में पढ़िए मर्डर की पूरी खौफनाक कहानी… 1. शव से पत्थर बांधकर कुएं में फेंका डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि हत्या के इस मामले में आरोपी भतीजे सूरज बैरवा (24) निवासी बल्लूपुरा (शिवदासपुरा) और उसके साले विनोद बैरवा (24) निवासी गड़ियों की ढाणी (कानोता) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और लूटे गए चांदी के कड़े बरामद कर लिए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी सूरज बैरवा ने काम के बहाने बुलाकर अपनी ताई बीना देवी (53) की हत्या करना कबूल किया है। उसने बताया कि हत्या के बाद अपने साले की मदद से लाश को एक भारी पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया था। 2. कर्ज होने पर बनाई थी हत्या की साजिश डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सूरज बैरवा बागवानी (नर्सरी) का काम करता है और वह शराब पीने का आदी है। अपनी सुख-सुविधाओं और शौक के कारण सूरज पर करीब 2.53 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया था। उसे पता था कि उसकी ताई बीना देवी पैरों में भारी चांदी के कड़े पहनती हैं। कर्ज उतारने के लिए उसने तीन-चार दिन पहले ही ताई की हत्या कर कड़े लूटने की साजिश रची थी। 3. बागवानी के काम के बहाने ले गया साथ आरोपी भतीजा काफी दिनों से मौके की फिराक में था। 11 जून की सुबह करीब 8 बजे बीना देवी ने भतीजे सूरज से कहा कि उनकी तबीयत खराब है, यदि वह पदमपुरा की तरफ जाए तो उन्हें भी साथ ले चले। हत्या का मौका मिलते ही सूरज ने ताई को झांसा दिया कि पदमपुरा में किसी के घर पर हरी घास (लॉन) लगानी है और उसे घास की जरूरत है। उसने कहा कि यदि वे नदी से हरी घास खुदवाने में उसकी मदद कर दें, तो वह उन्हें डॉक्टर से दवाई दिलवा लाएगा। दोपहर करीब 12 बजे वह ताई को बाइक पर बैठाकर ढूंढ नदी क्षेत्र में ले गया। वहां घास काटने के दौरान उसने ताई के सिर पर पीछे से फावड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद धारदार दांतली (हंसिया) से दोनों पैर काटकर करीब एक किलो वजनी चांदी के कड़े निकाल लिए। साथ ही कानों के टॉप्स और नाक की बाली भी उतार ली। 4. दफनाई हुई लाश को दोबारा बाहर निकाला हत्या और लूट के बाद आरोपी सूरज ने शव को वहीं सुनसान जगह पर गड्ढा खोदकर दबा दिया। लेकिन रात को सोते समय उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा। दिन में वह परिजनों के साथ मिलकर ताई को ढूंढने का नाटक करता रहा, लेकिन अगले दिन 12 जून को वह वापस घटनास्थल पर पहुंचा। वह शव को किसी सुरक्षित जगह ठिकाने लगाना चाहता था। तभी उसे वहां से महज 50 मीटर की दूरी पर पानी से भरा एक कुआं दिखा। देर शाम वह अपने साले विनोद को लेकर वहां पहुंचा और ताई की हत्या की बात बताकर लाश ठिकाने लगाने में उसकी मदद मांगी। 5. 60 फीट गहरे कुएं में डाला शव एसीपी (चाकसू) भवानी सिंह ने बताया कि साले की मदद से आरोपी सूरज ने दफनाई गई लाश को वापस बाहर निकाला। रात के अंधेरे में जीजा-साला लाश को उठाकर करीब 50 मीटर दूर स्थित कुएं तक ले गए। दोनों आरोपियों ने साथ लाई गई साड़ी से एक भारी पत्थर लाश के साथ बांधा और उसे 60 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। लाश पानी के ऊपर न आ जाए, इसलिए सूरज रोज कुएं पर जाकर उसे चेक करता था। 6. यूट्यूब पर ढूंढा था बचने का तरीका पुलिस को आरोपी सूरज के मोबाइल से कई क्राइम सीरियल्स और यूट्यूब (YouTube) पर देखे गए वीडियो मिले हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने ताई की हत्या के बाद पुलिस से बचने और गुमराह करने के लिए ये वीडियो देखे थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी प्लानिंग थी कि ताई बीना देवी के तीनों बेटों की शादी में बहुओं को दी गई ज्वेलरी को लेकर घर में विवाद चल रहा था। छोटी बहू को अन्य दोनों बहुओं से करीब 250 ग्राम चांदी कम दी गई थी, जिसे लेकर अक्सर झगड़ा होता था। इसी विवाद के कारण बीना देवी के दोनों बड़े बेटे गांव का मकान छोड़कर खेत में रहने चले गए थे और सबसे छोटा बेटा गांव वाले मकान में ताई के साथ रहता था। सूरज को लगा कि गहने गायब होने पर पुलिस का शक पारिवारिक विवाद के कारण बेटों पर जाएगा और वह खुद बच निकलेगा। महिलाओं की हत्या और पैर काटने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… महिला की हत्या, कट्टों में भरकर फेंके थे शव के टुकड़े टोंक जिले के लवादर गांव में 12 जून को 4 कट्टों में बुजुर्ग महिला का आधा कटा शव मिला था। सिर धड़ से अलग था और हाथ-पैर के पंजे कटे हुए थे। शव के कई हिस्से कुत्ते नोचकर खा गए थे। ग्रामीणों को बदबू आने पर मामले का खुलासा हुआ था। लोगों को पिछले दो-तीन दिनों से बदबू आ रही थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया था। रात को ज्यादा बदबू फैलने पर लोगों ने कट्टों को देखा तो शव मिला था। पूरी खबर पढ़ें... महिला के पैर काटकर चांदी के कड़े ले गए थे सवाईमाधोपुर में 8 अक्टूबर 2025 की रात 65 साल की बुजुर्ग महिला के पैर के पंजे काटकर बदमाश चांदी के कड़े ले गए थे। घटना के बाद महिला बेहोश हो गई थी। होश आने पर झाड़ियों से रेंगते हुए रास्ते में आई और मदद मांगी थी। वारदात गंगापुरसिटी इलाके में हुई थी। पुलिस ने मामले में बदमाश और उसकी महिला मित्र को अरेस्ट किया था। पूरी खबर पढ़ें… ………….. यह खबर भी पढ़ें... जयपुर- चांदी के कड़ों के लिए महिला के पैर काटे:8 दिन बाद मिली लाश; साड़ी से बांधकर शव को कुएं में फेंका जयपुर में चांदी के कड़ों के लिए महिला की पैर काटकर हत्या कर दी। बदमाशों ने शव को साड़ी से बांधकर कुएं में फेंक दिया। 8 दिन से लापता महिला का शव 18 जून को मिला था। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
गाजियाबाद स्थित नॉर्दर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निटरा) ने सोमवार को अपना 52वां स्थापना दिवस मनाया। समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और वस्त्र उद्योग से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में निटरा के डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा ने संस्थान की स्थापना और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वस्त्र उद्योग की अनुसंधान और तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से भारत सरकार और उद्योग जगत के सहयोग से निटरा की स्थापना की गई थी। आज यह देश के प्रमुख वस्त्र अनुसंधान एवं विकास केंद्रों में शामिल है। 'न्यू एज फाइबर्स' के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मिली पहचान निटरा के महानिदेशक डॉ. एम.एस. परमार ने संस्थान की उपलब्धियों और चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वस्त्र मंत्रालय ने हाल ही में निटरा को 'न्यू एज फाइबर्स' के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नामित किया है। संस्थान वर्तमान में मिल्कवीड, फ्लैक्स और हेम्प जैसे पर्यावरण-अनुकूल रेशों पर अनुसंधान कर रहा है। दुनिया में पहली बार हासिल किया यह प्रमाणन स्थापना दिवस समारोह के दौरान निटरा ने एक बड़ी उपलब्धि भी दर्ज की। संस्थान मिल्कवीड फाइबर के लिए OEKO-TEX Standard 100 प्रमाणन प्राप्त करने वाला दुनिया का पहला संस्थान बन गया है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को सुनिश्चित करता है। अत्याधुनिक अनुसंधान और परीक्षण सुविधाएं निटरा में फायर मैनिकिन टेस्टिंग, तकनीकी वस्त्र, पॉलिमर, पर्यावरण परीक्षण और सुरक्षात्मक परिधानों के मूल्यांकन से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा संस्थान ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत कई स्वदेशी परीक्षण उपकरण भी विकसित किए हैं। मंत्रियों ने की सराहना केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने निटरा की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे देश के वस्त्र क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संस्थान बताया। वहीं केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि निटरा ने 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशी तकनीक को मजबूत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मानसून के दस्तक देने से पहले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) जलभराव की समस्या को लेकर एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को वेस्ट दिल्ली के तिलक नगर इलाके में निगम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़ा एंटी-एंक्रोचमेंट (अतिक्रमण विरोधी) अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत ड्रेनेज चैनल (नाले) के ऊपर अवैध रूप से बनाई गई दुकानों, पक्के निर्माणों और झुग्गियों को बुल्डोजर की मदद से पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, नाले के ऊपर हुए इस अवैध कब्जे के कारण हर साल मानसून में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो रही थी। बार-बार चेतावनी के बावजूद कब्जा न हटाने पर यह सख्त कदम उठाया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था। बुल्डोजर चलते ही कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों ने हल्का विरोध जताया, लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। निगम अधिकारी बोले- अतिक्रमण हटाना जरूरी निगम ने साफ किया है कि जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई और उनके ऊपर से अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है। एमसीडी वेस्ट ज़ोन उपायुक्त के मुताबिक, मानसून के दौरान वेस्ट दिल्ली के लोगों को जलभराव और गंदगी से बचाना हमारी जिम्मेदारी है। नाले जाम होने की मुख्य वजह यह अवैध निर्माण ही थे। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी जमीन या नालों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रावस्ती में चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली भिनगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो घरों में चोरी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात और ₹7,430 नकद बरामद किए गए हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, भिनगा में 22 फरवरी को और अग्गापुर में 21 मई को चोरी की वारदातें हुई थीं। थाना प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में कोतवाली भिनगा पुलिस टीम ने रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। लालपुर-अयोध्या मार्ग पर रामगढ़िया मोड़ के पास दबिश देकर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सद्दाम पुत्र महमूद निवासी राजापुर, थाना फूलबेहड़, जनपद लखीमपुर खीरी, और जंत्री पुत्र नत्थाराम निवासी ग्राम ढखैरा, थाना लहरपुर, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से एक अंगूठी, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी पायल, एक जोड़ी बच्चे का कड़ा (सफेद धातु) और कुल ₹7,430 नकद बरामद किए। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने तीसरे साथी ओरीलाल पुत्र शिवरतन निवासी महारान नगर, थाना धौरहरा, जनपद लखीमपुर खीरी के साथ मिलकर बीते चार महीनों में भिनगा और ग्राम अग्गापुर में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि चोरी के अधिकांश जेवरात फरार आरोपी ओरीलाल ने बेच दिए थे, जबकि उन्हें नकद राशि बांटी गई थी। बरामद सामान की पहचान संबंधित मुकदमों से जोड़ते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। कोतवाली भिनगा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सक्रिय चोरी गिरोह पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
पाकुड़ के नरोत्तमपुर पंचायत अंतर्गत रामचंद्रपुर पहाड़िया टोला में ग्रामीणों ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में एक युवक को पकड़ा है। ग्रामीणों ने उसे मुफ्फसिल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव उत्तम घोष की लिखित शिकायत पर थाना कांड संख्या 76/26 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को सोमवार को जेल भेज दिया गया। प्रमाण पत्र के लिए दो से 10 हजार रुपए तक वसूले ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी की पहचान कैफे संचालक हेमंत कुमार के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह पिछले कुछ महीनों से बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना रहा था। उसने प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए ग्रामीणों से 2 हजार से लेकर 10 हजार रुपए तक वसूले। ग्रामीणों को इन प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की जानकारी तब मिली, जब आधार सेंटर में जांच के दौरान उन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत, ग्रामीणों ने कथित तौर पर और प्रमाण पत्र बनवाने का झांसा देकर हेमंत कुमार को बुलाया। जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। मामले की सूचना सदर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया को दी गई। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच के बाद युवक को मुफ्फसिल थाना पुलिस को सौंप दिया। ग्रामीणों ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी से वसूली गई राशि वापस कराने और पूरे मामले की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले-कई मुस्लिम भाई हमें काफिर बोलते हैं इंदौर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि यहां सड़क बन रही है। यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुस्लिम भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं। अगर हम काफिर हैं, तो हमने सड़क बनाई है, उस पर मत चलो। यदि हम काफिर हैं और आपके घर में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा आ रहा है, तो मत लो। पढ़िए पूरी खबर। 2. लॉ स्टूडेंट ने NEET पेपर बेचने का झांसा देकर ठगा, अरेस्ट इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने NEET परीक्षा का पेपर बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था और उनसे ऑनलाइन पैसे वसूलता था। शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार किया गया। पढ़िए पूरी खबर। 3. आधार कार्ड भूली छात्रा कांपने लगी, NEET एग्जाम के किस्से NEET-UG 2026 की परीक्षा केवल सवालों की नहीं, बल्कि समय, धैर्य और दस्तावेजों की भी परीक्षा बन गई। कहीं अभ्यर्थी गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गए तो कहीं प्रवेश से कुछ मिनट पहले जरूरी दस्तावेज गायब मिलने पर छात्रों के हाथ-पांव फूल गए। पढ़िए पूरी खबर। 4. MCA छात्रा ने लगाई फांसी, परीक्षा के तनाव की आशंका इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाली MCA छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा परीक्षा को लेकर तनाव में थी। पुलिस ने मामला जांच में लिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। पढ़िए पूरी खबर। 5. भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग इंदौर में आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं। एक ओर भेरूघाट पर चलती कार में आग लग गई, वहीं शहर के झंडा चौक क्षेत्र में दो दुकानों में भी आग भड़क उठी। दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। पढ़िए पूरी खबर। 6. इंदौर में जून में अब तक सिर्फ 2 इंच बारिश इंदौर में दो दिनों से मौसम पूरी तरह साफ है और उमस बनी हुई है। इस बार 21 जून तक सीजन व माह की 2 इंच ही बारिश हुई है। आज भी धूप खिली है और फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। ऐसे में अब बचे दिनों में मानसून के रुख पर मौसम का रुख निर्भर है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून की एंट्री होगी। पढ़िए पूरी खबर। 7. 300 नक्शों की जांच, 24 को कम फीस में मिली मंजूरी छोटे भवनों के नक्शों को बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए 24 घंटे में मंजूरी देने के लिए शुरू की गई नगर निगम की डीम्ड अप्रूवल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम की भवन शाखा ने जब पिछले एक महीने में पास हुए 300 नक्शों की स्क्रूटनी की, तो एक बड़ा मामला उजागर हुआ। जांच में 24 ऐसे मामले मिले, जिनमें तय फीस से 8 से 10 हजार रुपए कम जमा कराकर नक्शे मंजूर करा लिए गए। पढ़िए पूरी खबर। 8. स्कूल में लंच के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी इंदौर के एक नामी स्कूल में शनिवार को लंच के बाद कुछ स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई हैं। उन्हें पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई है। इधर, स्कूल में भी हंगामा होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पढ़िए पूरी खबर। 9. लोन दिलाने के नाम पर महिला से 1.43लाख की ठगी इंदौर के तेजाजीनगर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ लोन स्वीकृत कराने के नाम पर 1.43 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को लोन दिलाने में विशेषज्ञ बताते हुए पहले प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम जमा करवाई और बाद में संपर्क कम कर दिया। पढ़िए पूरी खबर। 10. इंदौर अभिभाषक संघ चुनाव: आज नाम वापसी का अंतिम दिन इंदौर अभिभाषक संघ के चुनाव को अब केवल दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सोमवार 22 जून को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। पढ़िए पूरी खबर।
हापुड़ में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय का घेराव कर किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने उर्वरकों की कालाबाजारी, एमएसपी पर खरीद की गारंटी, गन्ना भुगतान और फसल बीमा समेत कई मुद्दों पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की। हापुड़ में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले किसानों ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि किसानों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल रहे हैं और जो उपलब्ध हैं, उनकी ओवररेटिंग की जा रही है। साथ ही बाजार में अच्छी गुणवत्ता के बीजों का भी अभाव है। किसानों ने सभी लंबित अंश निर्धारण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की। इसके अलावा फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। किसानों ने डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने नकली बीज, नकली कीटनाशक और मिलावटी उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि खराब और जांच में फेल बीजों के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, ऐसे मामलों में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों ने सभी फसलों की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने और इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग की। साथ ही गन्ना किसानों के लंबित भुगतान को समय से कराने की भी मांग उठाई गई। भाकियू कार्यकर्ताओं ने फसल बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाने, प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, ओलावृष्टि और कीट रोग से होने वाली फसल क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा आवारा और निराश्रित पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान, नहरों और ट्यूबवेलों से पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था तथा कृषि क्षेत्र को नियमित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान राधेलाल त्यागी, अमरेश कुमार, अजय त्यागी, रबजीत सिंह, अरविंद चौहान, विनीत कुमार, राजवीर सिंह, नरेश तोमर, जागेश्वर त्यागी, सतीश तोमर, सुंदर त्यागी, विनीत त्यागी, रविंद्र सिंह, कुलदीप सहरावत, अशोक, सुनील, उत्तम और पवन कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मुहर्रम के लिए सजे ताजिया बाजार:300 से 20 हजार रुपये तक के ताजिया बने आकर्षण का केंद्र
बलरामपुर में मुहर्रम के आगमन के साथ ही ताजिया बाजार सज गए हैं। नगर के विभिन्न मोहल्लों में कारीगर पारंपरिक कला और खूबसूरत नक्काशी से सुसज्जित ताजिया तैयार करने में व्यस्त हैं। ये ताजिया लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं और इनकी खरीदारी भी शुरू हो गई है। नगर के मोहल्ला अलीजानपुरवा समेत अन्य इलाकों में कारीगर विभिन्न आकार और डिजाइन के ताजिया बनाने में दिन-रात लगे हुए हैं। ताजिया कारीगरों तार बाबू, काजी, गुलाम रसूल, पिंटू और सुबराती ने बताया कि इस वर्ष कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि हुई है। पिछले साल 100 रुपये में मिलने वाली सामग्री की कीमत अब लगभग 150 रुपये तक पहुंच गई है, इसके बावजूद ताजिया निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। देखें, 3 तस्वीरें… कारीगरों के मुताबिक, इस बार 300 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की लागत वाले ताजिया बनाए गए हैं। छोटे ताजिया जहां आम लोगों की पहुंच में हैं, वहीं बड़े और भव्य ताजिया अपनी आकर्षक नक्काशी, रंगीन सजावट और बारीक कारीगरी के कारण विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। कई खरीदार अपने गांवों और कस्बों के लिए पहले से ही ताजिया बुक करा रहे हैं, जबकि अन्य सीधे कार्यशालाओं पर पहुंचकर अपनी पसंद के ताजिया खरीद रहे हैं। कारीगरों ने यह भी बताया कि एक समय बलरामपुर में बने ताजिया उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी भेजे जाते थे। आज भी यहां की पारंपरिक कारीगरी की मांग बरकरार है। मुहर्रम नजदीक आने के साथ ही ताजिया बाजारों में रौनक बढ़ गई है और खरीदारों की आवाजाही तेज हो गई है। इससे स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों में उत्साह का माहौल है।
जीआरपी पुलिस की ओर से मादक पदार्थों के ख़िलाफ़ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जीआरपी थाना सवाई माधोपुर की टीम ने निवाई स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर गुरतेज सिंह (38) पुत्र मलकीत सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो कट्टों में भरा 51.50 किलोग्राम अफीम का डोडा चूरा तथा 109 ग्राम अफीम बरामद की है। जब्त मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब 8 लाख 27 हजार रूपए आंकी गई है। गश्त के दौरान शक होने पर की चैकिंग, तो मिला मादक पदार्थ थानाधिकारी हरिमन मीणा ने बताया कि 21 जून को जीआरपी चौकी निवाई के जाब्ते के साथ रेलवे स्टेशन निवाई के बुकिंग मुसाफिरखाना में गश्त के दौरान पुलिस को एक व्यक्ति दो पीले रंग के कट्टों के साथ संदिग्ध अवस्था में बैठा मिला। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और कट्टे लेकर वहां से जाने का प्रयास करने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। उसने अपना नाम गुरतेज सिंह (38) पुत्र मलकीत सिंह, निवासी वार्ड नंबर 4, पदमपुर, जिला श्रीगंगानगर बताया। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से एक पारदर्शी पॉलीथीन में 109 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसके बाद दोनों कट्टों की जांच करने पर उनमें कुल 51 किलो 500 ग्राम अफीम का डोडा चूरा मिला। आरोपी के पास मादक पदार्थ रखने या परिवहन करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 और 8/15 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी गुरतेज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त मादक पदार्थों को नियमानुसार सील कर कब्जे में लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
शहर के मध्य में स्थित नगर निगम की मुख्य इमारत इस समय स्थानीय निवासियों और वहाँ आने-जाने वाले लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। यह महत्वपूर्ण भवन लंबे समय से रखरखाव के अभाव में जर्जर हालत में पहुंच चुका है। इमारत की दीवारों और मुख्य ढांचे में कई जगह गहरी दरारें आ चुकी हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। हाल ही में हुए अग्निकांड से और कमजोर हुआ ढांचा गौरतलब है कि पिछले दिनों इसी नगर निगम इमारत में एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। इस अग्निकांड में निगम का बेहद महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की तेज तपिश के बाद से इस भवन की बची-कुची मजबूती भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है और इसका ढांचा पहले से कहीं अधिक कमजोर और खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। कर्मचारियों और आम जनता की जान जोखिम में इस जर्जर हो चुकी इमारत में रोजाना सैकड़ों की संख्या में नगर निगम के कर्मचारी अपनी ड्यूटी करने आते हैं, साथ ही शहरभर से बड़ी तादाद में आम नागरिक भी अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए यहाँ पहुंचते हैं। भवन की इस खस्ताहाल स्थिति को लेकर अब कर्मचारियों के भीतर भी डर और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो यह लापरवाही किसी दिन दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। तकनीकी सर्वे और नए निर्माण की उठी मांग खतरे को भांपते हुए क्षेत्र के निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के उच्च अधिकारियों से इस पूरी इमारत का तुरंत तकनीकी सर्वे (Structural Audit) कराने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि तकनीकी जांच में यह इमारत रहने या काम करने के लिहाज से असुरक्षित पाई जाती है, तो इसके क्षतिग्रस्त और खतरनाक हिस्सों को तत्काल प्रभाव से गिरा दिया जाना चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन को यहाँ नए सिरे से मजबूत निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए। फिलहाल, इस गंभीर समस्या को लेकर जनता की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
खंडवा में आंधी के बाद झमाझम बारिश:गर्मी और उमस से मिली राहत, धूल भरी आंधी चली; शहर में बिजली गुल
खंडवा में भीषण गर्मी और उमस के बीच सोमवार को मौसम ने करवट ली। सुबह घने बादल छाए और झमाझम बारिश हुई। हालांकि दोपहर में फिर धूप निकलने से उमस बढ़ गई। शाम होते-होते एक बार फिर बादल छा गए और धूल भरी आंधी चलने लगी। कुछ देर बाद आंधी बारिश में बदल गई और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम में ठंडक भी बनी रही। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित बादलों की गरज और तेज हवा के दौरान बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के कई फीडरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। वहीं तेज हवा और आंधी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। बारिश से किसानों में उम्मीद जगी लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई। किसानों ने खेतों की जुताई कर तैयारी कर रखी है और वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे, ताकि समय पर बोवनी की जा सके। पिछले वर्ष इस समय तक खरीफ सीजन की 40 प्रतिशत बोवनी हो चुकी थी। वहीं साढ़े तीन इंच तक बारिश भी दर्ज की जा चुकी थी। किसानों को जल्दबाजी नहीं करने की सलाह मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि लंबे समय से मानसून महाराष्ट्र में रुका हुआ था, जो अब उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसी गतिविधि के चलते खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फिलहाल बोवनी के लिए जल्दबाजी न करें। जब तक जमीन के भीतर करीब 9 इंच तक नमी न हो, तब तक बीज नहीं डालना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिक उमस के कारण जमीन में कीड़े और बीमारियां बढ़ जाती हैं, जिससे बीज सड़ सकता है। साथ ही उन्होंने नमी होने पर बीज उपचारित करके ही बोने की सलाह दी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिजनौर पहुंचे:'गविष्ठ यात्रा' पर लोगों को संबोधित किया, जोरदार स्वागत हुआ
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी 'गविष्ठ यात्रा' के तहत आज बिजनौर पहुंचे। यहां कई स्थानों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। राजमिलन बैंक्वेट हॉल में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यात्रा का उद्देश्य गौ माता के 'प्राण और प्रतिष्ठा' की रक्षा बताया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश में 'गविष्ठ यात्रा' कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य मतदाताओं को गौ माता की रक्षा के लिए मतदान करने का संकल्प दिलाना है। उन्होंने बताया कि वे 250 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से होते हुए बिजनौर विधानसभा पहुंचे हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र चंदे में कथित चोरी के सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे एक गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि भगवान के मंदिर में चोरी होना कई गंभीर मुद्दों की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के समय से ही गड़बड़ी के संकेत मिलने लगे थे। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण का अवसर आने पर उन लोगों को दरकिनार कर दिया गया जिन्होंने मुकदमे लड़कर जीत हासिल की थी। देश के बड़े धर्माचार्यों और अयोध्या के साधु-संतों को भी ट्रस्ट से बाहर रखा गया, जबकि 'अपने खास और विश्वसनीय कार्यकर्ताओं' को इसमें शामिल कर लिया गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि विश्वसनीय व्यक्तियों को कमेटी में तभी शामिल किया जाता है जब धांधली का इरादा हो। उन्होंने चंपत राय के शुरुआती बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने ऑडिट को 'रूटीन' बताया था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, इसका अर्थ था कि जो कुछ भी हो रहा था, वह उनकी दृष्टि में सामान्य था, जैसे कि वहां रोज चोरी होती हो। उन्होंने चंपत राय के भतीजे से जुड़े सवाल पर भी अपनी बात रखी।नकली हिंदुओं के सवाल पर उन्होंने कहा, यह बहुत बड़ा मामला है। देश में नकली हिंदुओं की बाढ़ आ गई है। नकली हिंदू गाय को माता नहीं कह पा रहे हैं। जिस समय मुसलमान तक यह कह रहा है कि गाय को माता घोषित कर दीजिए, उस समय कुछ हिंदुओं के मुंह से 'माता' शब्द नहीं निकल रहा है। यदि कोई हिंदू है, तो उसे गाय को माता कहने में संकोच क्यों होगा? इसलिए हमारा कहना है कि असली हिंदुओं को ऐसे नकली हिंदुओं को अपने बीच से बाहर कर देना चाहिए। चंपत राय के भतीजे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “भतीजा क्या कह रहा है, इससे ज्यादा हमें चंपत राय के बारे में शंका नहीं है। चंपत राय चोर नहीं हो सकते। यदि वह चोर होते तो उन्हें इतना विश्वास प्राप्त नहीं होता। बड़े-बड़े लोगों का उन पर भरोसा है, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने चोरी की है। हालांकि, एक-एक पैसे का हिसाब पक्का रखा जाना चाहिए। ऐसे विश्वासपात्र लोग अपने लिए नहीं, बल्कि अपने आकाओं के लिए काम करते हैं। आका वे लोग हैं, जिन्होंने उनकी नियुक्ति की है।”
हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार युवक को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सोमवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम हुआ। मृतक की पहचान पचदेवरा थाना क्षेत्र के फिरमा गांव निवासी पुनीत (26) के रूप में हुई है। पुनीत पंजाब के लुधियाना में मजदूरी करता था और 13 जून को ही छुट्टी पर अपने गांव आया था। उसके पिता राम सागर ने बताया कि रविवार शाम को पुनीत अपनी बहन रिंकी के घर जा रहा था, जो शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के रेवा गांव में रहती है। रात करीब आठ बजे शाहाबाद-आलमनगर रोड पर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पहले एक अज्ञात वाहन ने पुनीत की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुनीत गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। राहगीरों की सूचना पर एम्बुलेंस ने उसे शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। पुनीत के पिता ने बताया कि जब रात 9:30 बजे तक वह अपनी बहन के घर नहीं पहुंचा, तो उन्होंने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हादसे की सूचना दी। पुनीत की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। कोतवाल अरविंद कुमार राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भदोही पुलिस ने 117 खोए मोबाइल बरामद किए:कीमत 19.89 लाख रुपये, मालिकों को सौंपे गए
भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख 89 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी के दिशा-निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाना है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने जनपद के सभी थानों में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्हें जनसुनवाई और डायल 112 जैसे माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर तुरंत मोबाइल का IMEI नंबर और संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया था। पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई की गई। नियमित समीक्षा और फॉलो-अप के माध्यम से अधिक से अधिक मोबाइल बरामद करने पर जोर दिया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, कंप्यूटर ऑपरेटरों ने CEIR पोर्टल, जनसुनवाई और डायल 112 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर लगातार काम करते हुए कुल 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए। आज, 22 जून 2026 को, रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन बरामद मोबाइल फोनों को उनके मालिकों को सौंपा। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर मालिकों ने पुलिस अधीक्षक भदोही और जनपदीय पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। बरामद किए गए मोबाइल फोन की थानावार सूची इस प्रकार है: ज्ञानपुर - 26, गोपीगंज - 18, कोईरौना - 06, भदोही - 10, चौरी - 04, औराई - 21, ऊँज - 09, सुरियावां - 21, दुर्गागंज - 02। कुल 117 मोबाइल फोन बरामद हुए।
डेराबस्सी बस स्टैंड से उतारा गया फटा तिरंगा:लेकिन ध्वज को संभालने के तरीके पर नागरिकों ने उठाए सवाल
डेराबस्सी बस स्टैंड से फटा हुआ राष्ट्रीय ध्वज हटा दिया गया है। एक खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे पोल से उतारा। हालांकि, ध्वज हटाने की इस प्रक्रिया पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं और उन्होंने नाराजगी व्यक्त की है। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने फटे हुए तिरंगे को तो हटा दिया, लेकिन उसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं संभाला। लोगों का कहना है कि ध्वज को सम्मानपूर्वक मोड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बजाय उसे गोद में उठाकर ले जाया गया, जिससे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपेक्षित गरिमा नहीं दिखी। गौरतलब है कि डेराबस्सी बस स्टैंड पर लगा तिरंगा कई स्थानों से फट चुका था। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इसकी शिकायत करते हुए इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया था। खबर सामने आने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसलिए उसके रखरखाव, उतारने और बदलने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से जल्द नया तिरंगा लगाने और भविष्य में ऐसे मामलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया है कि डेराबस्सी के अलावा लालड़ू में लगे कुछ अन्य तिरंगों की स्थिति की भी जांच कराई जानी चाहिए। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके।
महाराजगंज के सबया के पास सोमवार को एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। घायल युवक की पहचान ग्राम सिधवे निवासी सुनील पुत्र धर्मेंद्र के रूप में हुई है। यह घटना सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, सुनील किसी काम से जा रहा था, तभी सबया के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गया। वाहन के अनियंत्रित होते ही वह सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसे में सुनील को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। वह मौके पर ही घायल अवस्था में पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत परिजनों को सूचित किया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल महाराजगंज के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए हैं। इस घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे बने गड्ढों को दुर्घटनाओं का कारण बताते हुए संबंधित विभाग से इन गड्ढों की मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
अलवर शहर के दाऊदपुर फाटक के पास सोमवार शाम करीब 4 बजे 45 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी का ऊपरी हिस्सा (टॉप) अचानक भरभराकर गिर गया। टंकी का मलबा ठीक नीचे बने 26 साल पुराने हनुमान मंदिर की छत पर जा गिरा, जिससे मंदिर भी थोड़ा बहुत क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत यह रही कि हादसा शाम 4 बजे हुआ, जबकि मंदिर में भक्तों की भीड़ देर शाम को जुटती है। अगर पूरी टंकी एक साथ गिरती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना के एक घंटे बाद भी जलदाय विभाग या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी में भारी आक्रोश है। तेज आवाज के साथ गिरा मलबा, सरियों से लटका है खतरा मंदिर के पुजारी गगन शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे भी टंकी से थोड़ा मलबा गिरा था, लेकिन शाम 4 बजे एक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और टंकी का ऊपरी व अगल-बगल का पूरा हिस्सा नीचे आ गिरा। मलबे का एक बड़ा हिस्सा अभी भी लोहे के सरियों के सहारे हवा में लटका हुआ है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है। टंकी के आसपास घनी आबादी, मकान और बाजार की दुकानें हैं, जिससे आसपास के लोग भी दहशत में हैं। 6 महीने पहले दी थी चेतावनी पुजारी ने बिताया कि जब भी पास के ट्रैक से ट्रेन गुजरती थी, तो पूरी टंकी हिलने लगती थी। हमने खतरे को भांपते हुए 6 महीने पहले ही जलदाय विभाग (PHED) के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राधारमण विजय ने बताया कि टंकी सालों से क्षतिग्रस्त थी। किसी ने भी इसकी परवाह नहीं की। आज टंकी का टॉप हिस्सा अंदर की तरफ और अगल-बगल का हिस्सा बाहर गिरा। अगर यह रिहायशी इलाके या दुकानों की तरफ गिरती, तो कई जानें जा सकती थीं।
हरदोई के कछौना कोतवाली क्षेत्र के मतुआ गांव में रविवार देर शाम एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय पंकज जायसवाल पुत्र राजेंद्र प्रसाद जायसवाल के रूप में हुई है। पंकज गांव में अपने परिवार के साथ रहता था और अविवाहित था। परिजनों के मुताबिक, रविवार शाम पंकज भैंस चराकर घर लौटा था। घर पहुंचने के बाद वह कुछ देर अपने पिता के पास बैठा रहा और फिर मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चला गया। कुछ समय बाद ऊपर से दरवाजा जोर से बंद होने की आवाज सुनाई दी। अनहोनी की आशंका होने पर पिता तुरंत ऊपर पहुंचे। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो पंकज रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्काल कमरे का दरवाजा तोड़कर पंकज को नीचे उतारा और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना ले गए। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पंकज पिछले कुछ समय से गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) से परेशान था। मानसिक तनाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया। हालांकि गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। परिवार में पंकज के माता-पिता और छोटा भाई पीयूष जायसवाल हैं। बड़े बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी लेडी टीचर मनीषा मौत का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। करीब 10 माह पहले मनीषा स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन उसकी डेडबॉडी खेत में पड़ी मिली थी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है, जो अब भी तक पूरी नहीं हो पाई है। इसी को लेकर परिवार ने 29 जून को अनशन करने की चेतावनी दी है। सोमवार को परिवार के लोग अनशन की परमिशन के लिए डीसी से मिले। परिवार ने अनशन की अनुमति मांगी। मगर, डीसी ने उन्हें अनुमति देने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें परमिशन मिले या ना मिले, लेकिन वे परिवार के साथ अनशन पर जरूर बैठेंगे। बोले कि सीबीआई ने कई माह से मामला अधर में अटका रखा है। 11 अगस्त को लापता हुई, 13 अगस्त को शव मिला पिता संजय के मुताबिक, उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी, जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला था। परिवार ने हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या केस दर्ज किया था। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया था। 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंपी गई थी। भिवानी डीसी को मनीषा केस के बारे में परिवार ने ये बताया… सीबीआई ने बता रही केस की स्टेटस रिपोर्ट हरियाणा बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार बैरागी ने कहा कि मनीषा बेटी के लिए हम परिवार के साथ डीसी से मिले हैं। उन्हें अब तक की परिस्थितियों से अवगत करवाया। हमने बताया कि सीबीआई से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट की ओर से 9 जून का समय दिया गया था, लेकिन जब वहां परिवार पहुंचा तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब 14 अगस्त का समय दिया गया है। अगर कोर्ट के माध्यम से इतनी लंबी डेट मिलेगी तो लगता नहीं की न्याय हो पाएगा। नहीं मिली परमिशन, लेकिन अनशन पर बैठेंगे शिव कुमार बैरागी ने कहा कि हम अनशन की परमिशन के लिए डीसी से मिले थे। उनके नॉलेज में डाल दिया है कि 29 तारिख से परिवार अनशन पर बैठेगा। डीसी ने कहा कि यूजवली हम इस तरह की परमिशन नहीं देते हैं। उन्होंने कानून और नियमों के अनुसार अनुमति नहीं दी। आश्वासन दिया कि आपकी बात को ऊपर तक पहुंचाएंगे। मगर, परिवार अनशन पर जरूर बैठेगा। सभी लोगों का यही निर्णय यही है कि 29 जून को अनशन पर जरूर बैठा जाए। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….
लखीमपुर खीरी में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने अनुशासनहीनता के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में थाना पलिया के उपनिरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा, थाना खीरी के आरक्षी इंद्रपाल सिंह, महिला थाना खीरी की महिला आरक्षी अर्चना यादव और सैनिक/कवच सेल के प्रभारी निरीक्षक असलम अली शामिल हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा और आरक्षी इंद्रपाल सिंह अवकाश समाप्त होने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। महिला आरक्षी अर्चना यादव पर पुलिस वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है। इसे उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023 का उल्लंघन माना गया है। वहीं, सैनिक/कवच सेल के प्रभारी निरीक्षक असलम अली पर पुलिस विभाग से संबंधित एक अपुष्ट और भ्रामक खबर व्हाट्सएप ग्रुप में प्रसारित करने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने इन सभी मामलों को गंभीर अनुशासनहीनता करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय नियमों की अनदेखी, ड्यूटी में लापरवाही और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील के ग्राम मचाखुर्द में प्लॉटों पर रातों-रात अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कई भू-स्वामियों ने पोहरी एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 22 जून की रात अज्ञात लोगों ने उनकी जमीनों पर टपरियां और झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लिया। सुबह जब प्लॉट मालिक मौके पर पहुंचे, तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट पर कब्जे का आरोप भटनावर निवासी मातादीन पुत्र जगदीश प्रसाद गुप्ता और उमा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ग्राम मचाखुर्द के खसरा नंबर 313/1/2 में 2100 वर्गफीट का प्लॉट विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। उनका आरोप है कि 22 जून की मध्यरात्रि में अज्ञात लोगों ने उनकी जमीन पर टपरियां और झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लिया। उन्होंने पुलिस से अतिक्रमण हटाने और कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रास्ता भी हुआ बाधित समसपुर निवासी राजकुमार धाकड़ और संजय कुमार धाकड़ ने भी इसी खसरा नंबर में अपने प्लॉट होने की जानकारी दी। उनका कहना है कि रातों-रात हुए कब्जे से उनके प्लॉट के सामने का रास्ता बाधित हो गया है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की है। एक ही रात में कई जगह कब्जे का आरोप किशनगंज निवासी राहुल नामदेव, मनीष नामदेव और भगवानलाल सोनी ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनके प्लॉटों के सामने अवैध कब्जा कर झोपड़ियां बना दी गई हैं, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यह कब्जा सुनियोजित तरीके से एक ही रात में कई स्थानों पर किया गया है। सभी शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने शिकायतें प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता ने पुष्टि की कि उन्हें अवैध कब्जे की शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार और थाना प्रभारी को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोंडा में परिवहन और ट्रैफिक विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बीते 24 घंटे के दौरान 36 वाहनों को सीज किया गया और 318 वाहनों का चालान किया गया। यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है, जिसमें बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बिना हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को निशाना बनाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान एक 6-सीटर बोलेरो वाहन में 20 यात्रियों को ठूंसकर खतरनाक और तेज गति से ले जाया जा रहा था। इस वाहन को पकड़कर सीज कर दिया गया और इटियाथोक पुलिस के हवाले किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्कूली बसों और शादी समारोह में सवारियां ले जा रहे वाहनों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। शादी समारोह में उपयोग किए जा रहे चार वाहनों का भी चालान किया गया और भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी गई। आज की कार्रवाई में 21 दोपहिया वाहनों को सीज करते हुए 168 वाहनों का चालान किया गया। वहीं, कल देर शाम 20 दोपहिया और पांच बड़े वाहन सहित कुल 25 वाहनों को सीज कर 150 वाहनों का चालान किया गया था। गोंडा के एआरटीओ प्रशासन आरसी भारतीय ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली बसों और शादी समारोह में जा रहे वाहनों की चेकिंग पर जोर दिया, साथ ही तेज गति से गलत तरीके से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। एआरटीओ भारतीय ने यह भी बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और इसमें सीओ ट्रैफिक गोंडा तथा गोंडा ट्रैफिक विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। यातायात नियमों का लोग उल्लंघन न करें अन्यथा लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लगातार पूरे जिले में पुलिस विभाग द्वारा परिवहन विभाग द्वारा अन्य तरीके से भी अभियान चला करके लगातार कार्रवाई की जा रही है ताकि लोग नियमों का उल्लंघन ना करें।
डीग जिले के खोह क्षेत्र में कथित कब्जे और पुलिस उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पूर्व विधायक वाजिब अली के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। वाजिब अली ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि मंत्री बेढ़म ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक पर अपराधियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद जिले की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। धरने में उठाई अन्याय के खिलाफ आवाज कलेक्ट्रेट पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वाजिब अली ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के फेस सेविंग संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना है। 'फेस सेविंग उन्हें करनी चाहिए जो अपराधियों के साथ घूमते हैं' वाजिब अली ने आरोप लगाया कि फेस सेविंग की जरूरत उन्हें है जो अपराधियों को अपनी गाड़ियों में लेकर घूमते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वायरल हो रही तस्वीरों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने पूछा कि क्या कुछ लोगों को हथियारों के साथ फोटो खिंचवाने का विशेष लाइसेंस दे रखा है। बुड़ली प्रकरण को लेकर भी उठाए सवाल पूर्व विधायक ने अपने संबोधन में बुड़ली प्रकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह गृह राज्य मंत्री का क्षेत्र है और प्रशासन भी उनके अधीन कार्य करता है। ऐसे में इतने गंभीर मामले में मंत्री ने क्या जानकारी ली और क्या कदम उठाए, यह जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने राजधर्म का पालन करना चाहिए। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री बेढ़म का पलटवार, बोले- अपराधियों का पक्ष ले रहे हैं पूर्व विधायक के आरोपों पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वाजिब अली स्वयं अपनी फेस सेविंग करने के लिए अपराधियों के पक्ष में खड़े हो रहे हैं। मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या पूर्व विधायक ने कभी क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर आंदोलन किया है। 'व्यापार से फुर्सत नहीं, विकास की चिंता नहीं' मंत्री बेढ़म ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक को अपने व्यापार और व्यवसाय से फुर्सत नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के विकास और क्षेत्रीय मुद्दों की बजाय वे राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस अपराधी को पकड़ने गई थी : बेढ़म बुड़ली प्रकरण पर मंत्री ने कहा कि पुलिस एक अपराधी को पकड़ने गई थी और उस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ ज्यादती की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस का सहयोग किया जाना चाहिए, न कि कार्रवाई में बाधा डाली जानी चाहिए। 'पागलपन जैसे बयान', कांग्रेस नेताओं पर भी साधा निशाना मंत्री बेढ़म ने वाजिब अली के बयानों को पागलपन जैसे बयान बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने अपना आपा खो दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधायक रहने के दौरान जिस तरह की गतिविधियां होती थीं, वे अब बंद हो चुकी हैं। मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कामां की पूर्व मंत्री और नगर के पूर्व विधायक आपस में बातचीत तक नहीं करते थे। उनके अनुसार यह प्रदर्शन जनता के हितों के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता हमेशा असामाजिक तत्वों का समर्थन करते रहे हैं। बयानबाजी से और गरमाई जिले की राजनीति खोह क्षेत्र के विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। एक ओर कांग्रेस प्रशासन और सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार के मंत्री विपक्ष पर अपराधियों का पक्ष लेने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील और चर्चित बन गया है।
अजमेर में एक सूने मकान में चोरी की वारदात सामने आई है। परिवार पारिवारिक काम से जयपुर गया था और पीछे से चोरों ने ताले तोड़कर घर से लाखों के नकदी व जेवरात चुरा लिए। पड़ोसियों ने सुबह सूचना दी तो पता चला। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौका मुआयना किया और जांच में जुटी है। जय हनुमान कॉलोनी निवासी नरेन्द्रसिंह ने बताया-वे पारिवारिक कार्य से परिवार सहित जयपुर गए थे। सुबह पड़ोसियों ने घर के ताले टूटे होने की जानकारी दी। इस पर यहां आए और देखा कि घर के अन्दर आलमारी से सामान व कमरों का अन्य सामान बिखरा पड़ा था। चोर यहां से करीब 15 से 20 लाख के जेवरात व नकदी चुरा कर ले गए। सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना की और पुलिस ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। …… पढें ये खबर भी…. अजमेर में सरकारी जमीन पर अवैध 'आईलैंड' बनाया, घर बेचे:नाले के ऊपर सड़क बनाई, करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट, अधिकारी देखते रहे अजमेर में एक कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले पर एक ‘आइलैंड’ भी बना दिया। इतना ही नहीं खुद की जमीन के साथ नाला और अजमेर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। नाले पर आवाजाही के लिए पुलिया बनाने के बजाय सीमेंट के पाइप डालकर सड़क भी बनाई है। मामला चाचियावास में ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ का है। दिलचस्प बात यह है कि यह सब उस सिस्टम की निगरानी में हुआ, जिसका काम ऐसे निर्माणों पर नजर रखना था। यही नहीं, पूरे सरकारी सिस्टम ने सेवन वंडर पार्क के टूटने से भी कोई सीख नहीं ली। (पूरी खबर पढे़ें)
जालंधर के अवतार नगर स्थित चावला मोबाइल दुकान पर हुई फायरिंग की घटना के बाद सोमवार दोपहर खुद पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दो दिन पहले बाइक सवार दो बदमाशों द्वारा की गई इस फायरिंग में से एक आरोपी को स्थानीय लोगों ने मौके पर ही हथियार और बाइक सहित दबोच लिया था। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया था, जबकि दूसरे फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस कमिश्नर ने दुकान के मालिक अंकुश से घटना को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वर्तमान हालातों व सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी टीम बहुत जल्द दूसरे आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज देगी।युवाओं को किसी के भी बहकावे में नहीं आना चाहिए इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने अपराध की दुनिया में बढ़ते युवाओं के कदम पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई नवजवान विदेशों में बैठे गैंगस्टर्स के बहकावे में आ रही है। चंद रुपयों की लालच में आकर खौफनाक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने अपील की कि युवाओं को किसी के भी बहकावे में नहीं आना चाहिए। साहसी सिक्योरिटी गार्ड और लोगों ने नाकाम की साजिश यह पूरी वारदात दो दिन पहले की है, जब भार्गव कैंप थाने के तहत चावला मोबाइल दुकान पर अचानक सनसनी फैल गई। घटना के वक्त दुकान का सिक्योरिटी गार्ड रोज की तरह बाहर बैठा हुआ था, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात नौजवान वहां पहुंचे। बाइक रुकते ही एक युवक ने नीचे उतरकर सीधे दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से घबराने के बजाय सिक्योरिटी गार्ड ने बेमिसाल बहादुरी दिखाई। गार्ड ने तुरंत जमीन से पत्थर उठाया और हमलावर को दे मारा। गार्ड के इस जवाबी प्रहार से दोनों बाइक सवार घबरा गए और तुरंत मौके से भागने लगे। लेकिन कुछ ही दूरी पर मौजूद स्थानीय लोगों ने गोलियों की आवाज और शोर सुन लिया था। उन्होंने घेर लिया। इसमें एक आरोपी तो भागने कामयाब हो गया। लेकिन एक को लोगों ने हथियार सहित मौके पर ही दबोच लिया।
किसानों ने उचाना पावर हाउस पर जड़ा ताला:2 घंटे बंद रहे फीडर, एक्सईएन के आश्वासन पर धरना खत्म
जींद जिले में उचाना क्षेत्र के करसिंधु, खरकभूरा, अलीपुरा और गुरुकुल खेड़ा गांवों के किसानों ने सोमवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने उचाना पावर हाउस पर ताला जड़ दिया और संबंधित बिजली फीडरों को बंद करवा दिया, जिससे करीब 2 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। पावर हाउस पर ताला लगने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चंद्रपाल और चौकी इंचार्ज राजबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीओ जोजो और पुलिस प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में, नरवाना के एक्सईएन जोगिंद्र कौशिक ने किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों की मांगों पर कार्रवाई करने और संबंधित लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से बदलने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने पावर हाउस का ताला खोल दिया। किसान बोले-कई बार शिकायत देने पर नहीं हुई कार्रवाई किसान कपिल ने बताया कि पिछले 3 महीनों से खेतों में बिजली आपूर्ति बाधित है। इस संबंध में एसडीएम, एसडीओ और एक्सईएन को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए इंचार्ज और जेई तो नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन लाइनमैन की कमी के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बिजली न मिलने से फसलें सूख रही हैं और खेतों में रहने वाले लोगों व पशुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम लगाने की चेतावनी दी किसान अजीत ने बताया कि बिजली की तारें टूटी हुई हैं और कई खंभे गिरे हुए हैं, लेकिन बिजली निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान सड़क जाम करने को मजबूर होंगे। किसान वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि लाइनमैन शिकायतें सुनने से बचते हैं और फोन नहीं उठाते। उन्होंने यह भी बताया कि 8 जून को भी किसानों ने एक्सईएन से मुलाकात की थी, लेकिन तब से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 'नए पोल लगाकर बिजली लाइन चालू की' वहीं एक्सईएन जोगिंद्र कौशिक ने बताया कि हाल ही में आए आंधी-तूफान के कारण नरवाना क्षेत्र में सैंकड़ो बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे कई लाइनें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि अलीपुरा में नए पोल लगाकर बिजली लाइन चालू कर दी गई है। किसानों की मांग पर अलीपुरा के लिए अलग फीडर की व्यवस्था की गई है। जिस लाइनमैन पर आरोप लगाए गए थे, उसकी जगह दूसरे लाइनमैन की नियुक्ति कर दी गई है।
गुरुग्राम में सोमवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने रेलवे रोड इलाके में चल रहे एक अवैध सट्टा रैकेट पर अचानक छापा मारा। इस छापेमारी से पूरे इलाके के सटोरियों और जुआरियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस टीम को देखते ही सट्टा खेल रहे और इसे संचालित कर रहे आरोपी मौके का फायदा उठाकर भाग गए। सीएम फ्लाइंग की टीम ने पीछा करके 8-10 लोगों को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार, सीएम फ्लाइंग को काफी समय से यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि रेलवे रोड के एक व्यस्त इलाके में कुछ लोग सट्टेबाजी का अवैध धंधा चला रहे हैं। यहां रोजाना लाखों रुपए का दांव लगाया जा रहा था, जिससे स्थानीय लोग और दुकानदार भी परेशान थे। सूचना को पुख्ता करने के बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक विशेष रणनीति तैयार की। सोमवार दोपहर को टीम ने अचानक बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक एवं सूचना विज्ञान शास्त्री (बीएससी आईटी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवेश समिति के निर्णय के अनुसार अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश के इच्छुक छात्रों से निर्धारित तिथियों के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्रवेश पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन पत्र भरने से पूर्व अभ्यर्थियों को दिशा-निर्देशों एवं प्रवेश नियमावली का भली-भांति अध्ययन करने की सलाह दी गई है। प्रवेश आवेदन पत्र भरते समय सभी आवश्यक सूचनाएं सही एवं पूर्ण रूप से दर्ज करनी होंगी। प्रवेश आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने की तिथि 25 जून से 20 जुलाई तक निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा के लिए 800 रुपये शुल्क ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जमा किया गया शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा। चयनित छात्रों को देना होगा एंटी रैगिंग शपथ पत्रजो छात्र छात्रावास सुविधा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें प्रवेश आवेदन के साथ छात्रावास आवेदन भी करना होगा। छात्रावास सुविधा के इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त 100 रुपये छात्रावास आवेदन शुल्क भी जमा करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी बताया कि प्रवेश परीक्षा एवं मेरिट सूची से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम अलग से अधिसूचित किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों के लिए एंटी-रैगिंग शपथ-पत्र भरना अनिवार्य होगा। इसके अलावा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान 200 रुपये पंजीकरण शुल्क भी देय रहेगा। विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने तथा अंतिम तिथि का इंतजार न करने की सलाह दी है, ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।
सुजानपुर के 2 आजाद पार्षद कांग्रेस में शामिल:विधायक बोले, परिवार में हुई बढ़ोतरी, मिलेगा मान-सम्मान
सुजानपुर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नगर परिषद चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इसी कड़ी में सुजानपुर से आजाद चुनाव जीतकर आए दो पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है, जिससे स्थानीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।जानकारी के अनुसार, आजाद पार्षद अनुराधा बाली और लक्ष्मी वर्मा ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी में वापसी की है। इनके साथ पूर्व पार्षद महिंदर बाली भी कांग्रेस में शामिल हो गए। सुजानपुर के कांग्रेस विधायक नरेश पुरी ने इन नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए उनकी औपचारिक घर वापसी करवाई। नगर परिषद में मजबूत भूमिका निभाएगी कांग्रेस - विधायकइस अवसर पर विधायक नरेश पुरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं का सम्मान करती है। उन्होंने बताया कि अनुराधा बाली, लक्ष्मी वर्मा और महिंदर बाली का कांग्रेस के साथ पुराना जुड़ाव रहा है। उनकी वापसी से पार्टी को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सुजानपुर में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में पार्टी नगर परिषद में भी अपनी मजबूत भूमिका निभाएगी।अनुराधा बाली हो सकती हैं कौंसिल प्रधानराजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद नगर परिषद में कांग्रेस की स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है। वहीं, सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अनुराधा बाली का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुखता से सामने आ सकता है।हालांकि, अभी तक कांग्रेस पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए अनुराधा बाली के नाम की चर्चा जोर पकड़ रही है। स्थानीय स्तर पर भी समर्थकों के बीच इस विषय को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
सीवान का मॉडल सदर अस्पताल इन दिनों खुद गंभीर बीमारियों से जूझता नजर आ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, आवश्यक दवाओं का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता अब मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है। ताजा मामला पचरूखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव निवासी 16 वर्षीय दीपक कुमार की मौत से जुड़ा है, जिसकी मौत के बाद एक बार फिर सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक दीपक कुमार अपने खेत में काम कर रहा था, तभी उसे जहरीले सांप ने काट लिया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए महज आधे घंटे के भीतर उसे सीवान के मॉडल सदर अस्पताल पहुंचा दिया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुंचने के समय दीपक खुद चलकर इमरजेंसी वार्ड तक गया था और सामान्य रूप से बातचीत भी कर रहा था। लेकिन अस्पताल में इलाज शुरू होने से पहले ही बदइंतजामी का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जिसने आखिरकार उसकी जान ले ली। DNS बोतल भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिली मृतक के भाई के अनुसार इमरजेंसी वार्ड में काफी देर तक कोई चिकित्सक मरीज को देखने नहीं पहुंचा। जब डॉक्टर ने जांच की तो कई आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। परिजनों को बार-बार अस्पताल से बाहर दौड़कर दवाएं खरीदनी पड़ीं। सबसे गंभीर स्थिति तब सामने आई जब सांप काटने के मरीजों को दिए जाने वाले एंटी वेनम इंजेक्शन को चढ़ाने के लिए आवश्यक DNS बोतल भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिली। मजबूरन परिजनों को वह भी बाहर से खरीदकर लानी पड़ी। इस पूरी प्रक्रिया में हुए विलंब ने दीपक की हालत बिगाड़ दी और अंततः उसकी मौत हो गई। इलाज के नाम पर परिजनों को इधर-उधर भटकाया मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि यदि समय पर इलाज और एंटी वेनम उपलब्ध कराया गया होता तो उसके भाई की जान बच सकती थी। उसने कहा कि अस्पताल में न तो पर्याप्त दवाएं थीं और न ही मरीजों के प्रति कोई संवेदनशीलता दिखाई गई। इलाज के नाम पर परिजनों को सिर्फ इधर-उधर भटकाया गया। मामले में जब ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक से बात की गई तो उन्होंने भी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था की पुष्टि करते हुए कहा कि दवाओं की उपलब्धता उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में अकेले डॉक्टर को मरीज देखने से लेकर रजिस्टर संधारण तक का काम करना पड़ता है। ऐसे में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। DNS जैसी बुनियादी और जीवनरक्षक दवा का भी अभाव सबसे चिंताजनक बात यह है कि इमरजेंसी वार्ड में गैस, एलर्जी और उल्टी जैसी सामान्य बीमारियों की इंजेक्शन भी महीनों से उपलब्ध नहीं हैं। अब DNS जैसी बुनियादी और जीवनरक्षक दवा का भी अभाव सामने आ गया है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन स्थिति सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा। जब इस गंभीर मामले को लेकर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल फोन नहीं लग सका। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मरीजों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या मॉडल सदर अस्पताल सिर्फ नाम का मॉडल रह गया है, जहां इलाज से ज्यादा अव्यवस्था का बोलबाला है?
शाजापुर के लालघाटी इलाके में सोमवार दोपहर को एक ई-रिक्शा सड़क पर खुले पड़े गड्ढे में जा गिरा। यह हादसा होंडा शोरूम के पास हुआ। बताया जा रहा है कि नगर पालिका ने यहां एक बड़ा गड्ढा खोदा था, जिसे पिछले दो महीने से ऐसे ही लावारिस छोड़ दिया गया था। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। पाइपलाइन सुधारी, पर गड्ढा भरना भूले मौके पर मौजूद चश्मदीद पप्पू कुशवाहा ने बताया कि करीब दो महीने पहले यहां पानी की पाइपलाइन फूट गई थी। तब नगर पालिका के कर्मचारियों ने सुधार कार्य के लिए यह गड्ढा खोदा था। पाइपलाइन तो ठीक कर दी गई, लेकिन नगर पालिका गड्ढे को बंद करना ही भूल गई। तब से यह गड्ढा आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ था। रिवर्स लेते समय हुआ हादसा यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 4 बजे हुआ। ई-रिक्शा चालक भगवान सिंह कुंडल, जो अपने वाहन से खाने-पीने के सामान की सप्लाई (आपूर्ति) करते हैं, वह होंडा शोरूम के पास अपनी गाड़ी रिवर्स (पीछे) ले रहे थे। इसी दौरान उनका ध्यान नहीं गया और ई-रिक्शा का पिछला हिस्सा सीधे गड्ढे में धंस गया और रिक्शा पलटते-पलटते बचा। यह पूरी घटना पास में ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई है। लोगों ने कड़ी मशक्कत से निकाला बाहर ई-रिक्शा को गड्ढे में गिरता देख आस-पास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने काफी मेहनत की और दो बल्लियों (लकड़ी के लट्ठों) का जुगाड़ कर जैसे-तैसे ई-रिक्शा को खींचकर गड्ढे से बाहर निकाला। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नगर पालिका के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि एक्सीडेंट होने के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है और गड्ढा अब भी खुला हुआ है। लोगों ने मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी से पहले इस गड्ढे को तुरंत भरा जाए।
झांसी में करंट लगने से राजमिस्त्री की मौत हो गई। गर्मी से पोती रो रही थी। चुप कराने के लिए राजमिस्त्री कूलर चलाने गया। तभी तार लगाने समय करंट का जोरदार झटका लगा। अस्तपाल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के जौरी बुजुर्ग गांव का है। कूलर गिरने पर भागे परिजन मृतक का नाम नरेंद्र (45) पुत्र नाथूराम अहिरवार था। वह बड़ागांव के जौरी बुजुर्ग गांव का रहने वाला था। मृतक के भाई घनश्याम ने बताया- मेरा भाई नरेंद्र राजमिस्त्री था।ञ उसके दो बेटे खेमचंद्र और गुलशन है। दोनों की शादी हो चुकी है। शनिवार को भाई काम से घर लौटा था। रात लगभग 8 बजे पोती रो रही थी। इस पर भाई नरेंद्र कूलर चलाने के लिए तार लगाने लगा। इस दौरान करंट का जोदार झटका लगा। इससे भाई गिर गए और कूलर भी गिर गया। तब घरवाले भागकर पहुंचे और तार को हटाया। हम लोग नरेंद्र को मेडिकल कॉलेज लाए। यहां पर डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित कर दिया। नरेंद्र की मौत के बाद घर में मातम छाया है। परिजनों के रो रोकर बुरा हाल है।
इंदौर के ग्राम बुरानाखेड़ी में चोरों ने एक किसान के घर से गेहूं की पेटी में छिपाकर रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना के समय परिवार घर से बाहर डबल चौकी गया था। खुडैल थाना पुलिस के मुताबिक- 35 वर्षीय अर्जुन चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 18 जून को वह घर से बाहर डबल चौकी गए थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाश उनके घर में घुस गए और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जब अर्जुन वापस घर पहुंचे तो देखा कि गेहूं रखने वाली पेटी का ताला टूटा था। वहीं, घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला। पेटी में रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब थे। फरियादी के मुताबिक, चोर पुराना सोने का हार, झुमके, सोने का मंगलसूत्र, चांदी की चार जोड़ी पायजेब समेत अन्य आभूषण चोरी कर ले गए। चोरी हुए जेवरों की कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि फरियादी द्वारा आभूषणों के बिल और मूल्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद नुकसान की सटीक राशि निर्धारित की जाएगी। चोरी की ये वारदातें भी हुईं… भंवरकुआ में भी लाखों की चोरी भंवरकुआ के शांति फार्म हाउस इलाके में रहने वाले राजकुमार वर्मा ने भी लाखों रुपए की चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। राजकुमार ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वह अपने ससुराल गए थे। रविवार को वापस लौटे तो घर का पूरा सामान बिखरा पड़ा था। घर से सोने का हार, कान के टॉप्स, सोने की चार अंगूठियां, सोने की पाटली, मंगलसूत्र, सोने की नथ, कुछ चांदी के जेवर और नकदी गायब थी। वित्त सलाहकार का मोबाइल उड़ाया सराफा पुलिस ने वित्त सलाहकार आशीष जैन का करीब 1 लाख रुपए कीमत का मोबाइल फोन चोरी होने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आशीष के मुताबिक, रविवार सुबह वह नालिया बाखल में सब्जी लेने आए थे। इसी दौरान किसी आरोपी ने उनकी पैंट की जेब में रखा करीब 1 लाख रुपए कीमत का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। कुछ देर बाद मोबाइल नहीं मिलने पर आशीष थाने पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
फाजिल्का-अबोहर रोड पर स्थित गांव गिदड़ांवाली के एक होनहार 16 वर्षीय छात्र और स्थानीय स्तर के उभरते क्रिकेट खिलाड़ी अर्शविंदर सिंह की रविवार सुबह बठिंडा के एम्स (AIIMS) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पिछले 10 दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। अर्शविंदर 13 जून को गांव की फिरनी (बाहरी रास्ता) पर मोटरसाइकिल से जाते समय अचानक बेसहारा पशुओं की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। अर्शविंदर 11 वीं का छात्र था। परिजनों का कहना है कि वह न केवल होनहार छात्र था, लेकिन क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी थी। लोगों को कहना है कि उसकी मौत से परिवार के सपने टूट गए। बाइक से घूमने निकला था, तभी हो गया हादसा पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्यारहवीं कक्षा का छात्र अर्शविंदर सिंह (पुत्र बिंदर सिंह) हादसे वाले दिन अपनी बाइक पर सवार होकर गांव में घूमने निकला था। इसी दौरान जब वह गांव की फिरनी के पास पहुंचा, तो सड़क पर अचानक कुछ बेसहारा पशु आपस में भिड़ गए। लड़ते-लड़ते ये पशु अर्शविंदर की तेज रफ्तार बाइक से जा टकराए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अर्शविंदर सड़क पर दूर जा गिरा और लहूलुहान हो गया। रीढ़ की हड्डी में आई थी गंभीर चोट हादसे को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उसके परिवार को सूचित किया। गंभीर हालत में उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत एम्स (AIIMS) बठिंडा के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि इस भयानक सड़क हादसे में अर्शविंदर की रीढ़ की हड्डी के मनकों (vertebrae) को बेहद गंभीर नुकसान पहुंचा था। एम्स के डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, पिछले 10 दिनों से वेंटिलेटर और गहन चिकित्सा कक्ष में उपचाराधीन अर्शविंदर ने रविवार सुबह आखिरी सांस ली। खेल और पढ़ाई दोनों में था अव्वल गांव और खेल जगत में शोक की लहर अर्शविंदर न केवल अपनी पढ़ाई में बेहद होशियार था, बल्कि वह क्षेत्र का एक बेहद प्रतिभाशाली और उभरता हुआ क्रिकेट खिलाड़ी भी था। उसकी असमय और दर्दनाक मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव गिदड़ांवाली और स्थानीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
बिलासपुर में रेलवे के तृतीय श्रेणी कर्मचारी ने रेलवे में बंगला प्यून की नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला टीचर से 2 लाख रुपए की ठगी कर ली। सरकारी नौकरी की उम्मीद में महिला ने बैंक लोन लेकर उसे पैसे दिए। लेकिन, न तो उसे नौकरी मिली और न ही रुपए वापस मिले। पुलिस ने आरोपी रेलकर्मी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, तोरवा निवासी पीड़िता इशिता बासु वर्तमान में मुंगेली जिले के लालपुर के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल में संविदा शिक्षक हैं। इशिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी जान-पहचान गजाधर सिंह नाम के व्यक्ति से हुई थी, जो रेलवे में 'सहायक ग्रेड-3' के पद पर कार्यरत है। उसने बताया कि रेलवे में बड़े अफसरों तक उसकी पहुंच है और अच्छी सेटिंग भी है। वह उसे बंगला प्यून के पद पर सीधी भर्ती करवा देगा। लेकिन, इसके लिए उसे पैसे देने होंगे। फोन-पे के जरिए अलग-अलग किस्तों में लिए पैसे इस दौरान महिला से उसने 2 लाख रुपए देने पर नौकरी लगवाने की बात कही। महिला उसकी बातों में आ गई। जिसके बाद 21 सितंबर 2024 से 24 सितंबर 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में 2 लाख रुपए फोन-पे के माध्यम से गजाधर सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। न नौकरी मिली, न पैसे, जब पता किया तो उड़ गए होश पैसे लेने के बाद जब महीनों बीत गए और नौकरी का कोई अता-पता नहीं चला, तो पीड़िता ने गजाधर से अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। आरोपी लगातार आज-कल कहकर उसे महीनों तक गुमराह करता रहा और टालमटोल करता रहा। इसी बीच पीड़िता ने जब रेलवे विभाग में अपने स्तर पर छानबीन की, तो उसके होश उड़ गए। उसे पता चला कि रेलवे में बंगला प्यून' के ऐसे किसी पद के लिए न तो कोई वैकेंसी (विज्ञप्ति) आई थी और न ही इसके लिए कोई फॉर्म भरा गया था। उसे समझ आ गया कि रेलवे कर्मी गजाधर ने नौकरी का फर्जी झांसा देकर उसके साथ बड़ी धोखाधड़ी की है। पर्सनल लोन लेकर दिए थे पैसे, हर महीने जमा कर रही किस्त शिक्षिका की आर्थिक स्थिति इतनी बड़ी रकम देने की नहीं थी। गजाधर को पैसे देने के लिए इशिता बासु ने ऑनलाइन फाइनेंस कंपनी से 2 लाख 25 हजार रुपए का पर्सनल लोन लिया था। नौकरी तो मिली नहीं, उल्टा पीड़िता पिछले डेढ़ साल से हर महीने अपनी मेहनत की कमाई से इस लोन की मासिक किस्त नियमित रूप से पटाने को मजबूर है।
बड़वानी में प्री-मानसून में जमकर बरसे बदरा:किसानों को राहत; गर्मी से मिली निजात, कई जगह हुआ जलभराव
बड़वानी में सोमवार को दोपहर 4 बजे गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। करीब आधे घंटे तक हुई इस बरसात से जिले को गर्मी से राहत मिली और तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इस बारिश ने खरीफ की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत दी है। जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी प्री-मानसून की बारिश नहीं हुई थी, जिससे लोग तेज धूप और उमस से परेशान थे। दोपहर 3 बजे के बाद अचानक पश्चिम दिशा से काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। शाम 4 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई, जो जल्द ही तेज बारिश में बदल गई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और वाहनों की गति धीमी हो गई। दफ्तरों और बाजारों से लौट रहे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन ठंडी बूंदों ने उनकी थकान मिटा दी। कई लोग चौराहों, छतों और दुकानों के सामने रुककर बारिश का आनंद लेते दिखे। इस वर्ष प्री-मानसून की बारिश में देरी से किसान चिंतित थे। आमतौर पर जून के पहले पखवाड़े में होने वाली बारिश से खेतों की जुताई शुरू हो जाती थी, लेकिन सूखे के कारण इस बार ट्रैक्टर खड़े थे और बीज गोदामों में बंद थे। सेंधवा रोड के किसान रामसिंह पटेल ने बताया कि आधे जून तक खेतों में दरारें पड़ गई थीं, लेकिन अब बारिश से मिट्टी में नमी आ गई है और वे 2-3 दिन में जुताई शुरू कर देंगे। कृषि विभाग के एसएडीओ ने जानकारी दी कि प्री-मानसून की यह बारिश सोयाबीन, मक्का और कपास की बुवाई की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। मिट्टी में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे किसान अब खेतों की पलटाई शुरू कर सकते हैं। मानसून आने से पहले खेत तैयार होने से बुवाई समय पर हो सकेगी। बारिश के बाद शहर का मौसम सुहाना हो गया और लू जैसी गर्मी से निजात मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24-48 घंटों के दौरान जिले में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। आसमान में अभी भी घने बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी जारी है।
बालाघाट में दो सड़क हादसों में चार घायल:जिला अस्पताल में इलाज जारी, बाइक्स आपस में टकराईं
बालाघाट जिले में सोमवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहली घटना नगरीय क्षेत्र के भटेरा रोड पर हुई। यहां दो बाइक्स आपस में टकरा गईं, जिससे बड़ी कुम्हारी निवासी राकेश गराडे (25) और अभिषेक यादव (27) घायल हो गए। दोनों युवक अपने गांव से बालाघाट आ रहे थे, तभी बालाघाट की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक बाइक सहित सड़क पर घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। दूसरी घटना वारासिवनी क्षेत्र के कोस्ते नाले के पास हुई। यहां एक बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे खुर्सीपार निवासी देवेंद्र लिल्हारे और गुरुदयाल बारेकर घायल हो गए। बताया गया कि दोनों एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे और अपने मामा के गांव मेंढकी जाने के बाद वारासिवनी आ रहे थे। कोस्ते नाले के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। हादसे के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत मदद की और दोनों घायलों को नाले से बाहर निकाला। देवेंद्र लिल्हारे के सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं, जबकि गुरुदयाल बारेकर के हाथ और पैर में चोट लगी है। राहगीरों की सूचना पर 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस चालक योगेश राहंगडाले और ईएमटी योगेंद्र तूरकर ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें सिविल अस्पताल वारासिवनी ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

