वाराणसी कोर्ट ने पैथालॉजी कर्मी से रंगदारी मांगने के मामले में आरोपित को बड़ी राहत दे दी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम द्वितीय) पूनम पाठक की अदालत ने जंसा निवासी बीएचयू छात्र नेता प्रशांत गिरी को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल व संदीप यादव ने पक्ष रखा। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने 22 नवम्बर 2025 को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह डॉक्टर लाल पैथलैब्स, वाराणसी में कार्यरत है। प्रशान्त गिरी विगत तीस दिनों से उनसे बीएचयू परिसर एवं लंका परिक्षेत्र में मिलकर पैसा रंगदारी के रूप में मांगता था। एक-दो बार वादी ने उसको कुछ पैसा डर के मारे दे दिया, जिससे कि वादी शांति से नौकरी कर जीविकोपार्जन कर सके। इस बीच 18 नवम्बर 2025 को प्रशांत गिरी उससे बीएचयू के सर सुन्दर लाल अस्पताल में मिला और पचास हजार रूपए की रंगदारी मांगने लगा। वादी मुकदमा ने विनती किया कि वह छोटा सा कर्मचारी है और इतना पैसा नहीं दे पायेगा। जिसके बाद प्रशांत फिर पूरे दिन उसके नम्बर पर फोन कर पैसा मांगता रहा। तीन दिन बाद 21 नवंबर 2025 को वादी बीएचयू अपने इलाज के लिए आया था। जहां वह आईएमएस, बीएचयू के बगल में कैन्टीन पर जलपान कर रहा था, तभी पुनः प्रशान्त गिरी आ गया और वादी को भद्दी-भद्दी गाली देकर पीटने लगा और डण्डा निकाल के उसके ऊपर जानलेवा प्रहार किया। आरोप है कि प्रशांत ने बोला कि कल तक पचास हजार रूपये नहीं दिये तो अभी डण्डे से पीटा हूं, आगे चलकर जान से मार डालूंगा। वादी पिटाई से चोट ग्रस्त है और उसकी रंगदारी मांगने एवं जान से मारने की धमकी से भयभीत है। वादी की तहरीर पर लंका पुलिस ने आरोपित छात्र नेता प्रशांत गिरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एमपी इंटर कॉलेज के निकट तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक सवार तीन युवकों टक्कर मार दी। इससे में दो जो युवकों मौत हो गई है जबकि एक युवक घायल है जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। हालाकि घटना के बाद टैंकर चालक टैंकर लेकर मोके से फरार हो गया है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है जिससे कि टैंकर की पहचान की जा सके। मामले की सूचना पुलिस ने परिजनों को दे दी है। वहीं घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। देर रात्रि हुआ हादसा आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में देर रात एक बाइक पर सवार तीन युवक सूरज जायसवाल 35, बृजेश राजभर 23 और संत विजय कनौजिया अपने घर जा रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार टैंकर से बाइक में जोरदार टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर बैठे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में सूरज जायसवाल और बृजेश राजभर हैं। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल संत विजय कनौजिया को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस बारे में क्षेत्राधिकारी जायसवाल ने बताया कि इस सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई है जबकि तीसरे युवक का इलाज चल रहा है। वहीं घटना के बाद से टैंकर चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण और बलात्कार के आरोपी एक व्यक्ति की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने ऐसा यह देखते हुए किया कि पीड़िता ने अपनी चिकित्सा जांच के दौरान या न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए गए अपने बयान में जबरन यौन उत्पीड़न के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं किया था। न्यायमूर्ति अचल सचदेव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पीड़िता द्वारा मुकदमे के दौरान मजिस्ट्रेट को दिए गए अपने दोषमुक्ति संबंधी बयानों से मुकर जाने (पीछे हटने) से उसकी सत्यनिष्ठा पर संदेह पैदा होता है और इससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर हो गया है। न्यायालय ने चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट और योनि स्मीयर रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसने अभियोजन पक्ष के इस दावे का खंडन किया कि पीड़िता का अपहरण किया गया था और अपीलकर्ता द्वारा उसके साथ जबरन बलात्कार किया गया था।इस प्रकार पीठ ने आरोपी (भगवत कुशवाहा) द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने विशेष न्यायाधीश झांसी के सितंबर 2019 के उस फैसले को चुनौती दी थी , जिसके द्वारा उसे आईपीसी की धारा 366 (अपहरण, किसी महिला को अगवा करना या उससे जबरन शादी कराने के लिए प्रेरित करना) और धारा 376 (बलात्कार) के तहत दोषी ठहराया गया था। मामले के अनुसार, 28 मई, 2015 को लड़की के पिता ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया था कि उनकी बेटी लापता हो गई है और उसका अपहरण भगवत ने किया है। पीड़िता को अगले दिन पुलिस ने बरामद कर लिया।पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और 30 मई को उसकी चिकित्सा जांच कराई गई। 4 जून को मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने बलात्कार या अपहरण की कोई शिकायत नहीं की । आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद, आरोपी को दोषी पाया गया और उसने अपनी सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी। कहा गया कि पीड़िता नाबालिग (लगभग 17-18 वर्ष की आयु) थी और उसके साथ उसकी सहमति से यौन संबंध थे। न्यायालय ने मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज पीड़िता के बयान पर बहुत अधिक भरोसा जताया , जिसमें उसने स्वीकार किया था कि वह अपीलकर्ता से प्यार करती थी और अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। पीड़िता ने बाद में ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपना रुख बदल दिया और दावा किया कि उसे अपीलकर्ता द्वारा अगवा कर बलात्कार किया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनके द्वारा पहले दिए गए शपथ पत्र से मुकर जाने को संदिग्ध माना और कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान से मुकर जाना गवाह की सत्यनिष्ठा पर संदेह पैदा करता है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दिए गए बयान को मामूली आधारों या केवल इस दावे के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मजिस्ट्रेट ने इसे गलत तरीके से दर्ज किया है। न्यायालय ने यह भी गौर किया कि डॉक्टर को दिए गए अपने बयान में भी, जो कि सबसे पहला बयान था, उसने बल प्रयोग का जिक्र नहीं किया था और केवल इतना कहा था कि वह अपीलकर्ता के साथ झांसी गई थी।अदालत ने पीड़िता की कहानी को तार्किक रूप से कमजोर पाया। उसने दावा किया कि उसे रात में जबरन उसके घर से ले जाया गया और उसने शोर मचाया, लेकिन उसके माता-पिता के उसी घर में सोए होने के बावजूद किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। उच्च न्यायालय ने यह अत्यधिक संभावित पाया कि यदि अपहरण के दौरान उसने वास्तव में शोर मचाया होता, तो उसके माता-पिता सोते नहीं रहते।न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले में खामियां पाईं, जहां अभियोजन पक्ष द्वारा अपने प्रारंभिक सबूत के बोझ को पूरा करने में विफल रहने के बावजूद आरोपी को अनिवार्य रूप से अपनी निर्दोषता को साबित करने के लिए मजबूर किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि दोषसिद्धि पूरी तरह से पीड़िता के बयान पर आधारित थी, जो विरोधाभासों से भरा था। यहां तक कि चिकित्सा रिपोर्ट में भी हाल ही में हुई यौन गतिविधि या बाहरी चोटों के कोई संकेत नहीं थे। अदालत ने निचली अदालत की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने वकील के इस तर्क को खारिज कर दिया कि चिकित्सा परीक्षण और योनि स्मीयर रिपोर्ट अपीलकर्ता के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करती हैं। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि पीड़िता और अपीलकर्ता के बीच संबंध था और पीड़िता ने अपनी मर्जी से अपने पिता का घर छोड़ा था। न्यायालय ने यह भी पाया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं था जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला और आदेश रद्द कर दिया गया और आरोपी को आरोपों से बरी कर दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोने चांदी के जेवरात की लूट व फायरिंग कर दो लोगों को घायल करने के आरोप में दस साल की कैद की सजा भुगत रहे अभियुक्त सतीस सोनी की जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा अपीलों की भारी संख्या को देखते हुए शीघ्र सुनवाई की संभावना नहीं है और याची ने लगभग दो तिहाई सजा पूरी कर ली है। कोर्ट ने मिली सजा निलंबित करते हुए जुर्माने की आधी राशि की वसूली पर भी रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजवीर सिंह ने दिया है। मालूम हो कि शिकायतकर्ता बैग में जेवरात लेकर आ रहा था कि मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों ने फायरिंग की और बैग लूट लिया। फायरिंग में दो लोग घायल हुए।जिसकी रिपोर्ट थाना प्रेम नगर झांसी में दर्ज कराई गई। पुलिस ने सह अभियुक्त सुरेंद्र जाट व ओम बाबू को गिरफ्तार किया। इनके बयान पर याची की भी गिरफ्तारी की गई। सत्र अदालत झांसी ने दस साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। जिसके खिलाफ अपील दायर की गई है और जमानत की मांग की गई थी।याची का कहना था वह छः साल दो महीने की सजा पूरी कर चुका है। एफआईआर में उसका नाम नहीं था। उसके खिलाफ जेवरात की बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है। लूट व षड्यंत्र में लिप्त होने का सबूत नहीं है। इसलिए जमानत दी जाय। कोर्ट ने कहा दो भारी प्रतिभूति जिसमें एक परिवार का सदस्य हो लेकर रिहा किया जाय।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य सरकार को चाइनीज मांझा के निर्माण, खरीद फरोख्त को कड़ाई से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है और कहा है कि यह मानव ही नहीं पक्षियों के लिए घातक है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने जौनपुर के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव व दो अन्य की जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा 2015 में चाइनीज मांझा पर प्रतिबंध के निर्देश दिए गए थे। जिसका पालन नहीं किया गया और याचिकाएं दाखिल हो रही। यह याचिका जौनपुर में चाइनीज मांझा से हुई घटनाओं को लेकर दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिया कि जौनपुर समेत पूरे प्रदेश में चाइनीज मांझा के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। क्योंकि पहले भी हाईकोर्ट द्वारा आदेश दिया जा चुका है और पूर्व के आदेश के पालन के लिए राज्य सरकार बाध्य है।जब भी पतंग उड़ाना अपने चरम पर हो तब राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी है कि चाइनीज मांझा का निर्माण,उपभोग व बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये। क्योंकि यह मनुष्य व पक्षियों के जीवन के लिए संकटमय है। याचिका पर याचीगण के अधिवक्ता शिवा प्रिया प्रसाद ने बहस की। कहा गया कि चाइनीज मांझा बनाने के लिए जिस धागे, शीशे के पाउडर व गोंद इत्यादि पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है वो इसको रेजर के ब्लेड की तरह तेज धार वाला बना देते हैं जो शरीर के किसी भी हिस्से को कपड़ा पहनने के बावजूद काट सकती है।इससे मानव जीवन,जानवरों ,पक्षियों का जीवन लगातार संकट में बना हुआ है और लोग घायल हो रहे हैं। यह मांझा जानलेवा है। कहा गया कि 11 दिसंबर 2025 को अपनी बच्ची को स्कूल से छोड़कर आ रहे अध्यापक संदीप तिवारी की शास्त्री ब्रिज पर चाइनीज मांझा से गला कटने से मृत्यु हो गई।हाईकोर्ट ने 19 नवंबर 2015 को एक जनहित याचिका में राज्य सरकार को आदेश दिया था कि प्रदेश के सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश देकर चाइनीज मांझा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए लेकिन आदेश के बावजूद जिले में बिक्री व उपभोग जारी रहा। अध्यापक के अलावा 15 सितंबर 2015 को उत्तम दुबे की भी चाइनीज मांझा से गला कटने मौत हो चुकी है।
प्रतापगढ़-निंबाहेड़ा नेशनल हाईवे 56 पर बुधवार रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। तीन मुंडा चौराहे के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही छोटीसादड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस के अनुसार, छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र के सेमरथली निवासी दो युवक होटल से खाना खाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रतापगढ़ की ओर से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों पर सवार युवक सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे। अस्पताल ले जाते समय हुई मौत हादसे के बाद दो घायलों को उपजिला अस्पताल छोटीसादड़ी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया।दूसरे घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। वहीं तीन गंभीर घायलों को जिला अस्पताल निंबाहेड़ा ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों और घायलों की पहचान हादसे में धोलापानी थाना क्षेत्र के गंगाराम और छोटू की मौत हो गई। उनके शव जिला अस्पताल निंबाहेड़ा की मॉर्च्युरी में रखवाए गए हैं। दूसरी बाइक पर सवार हर्षित गोयल पुत्र शैलेंद्र गोयल की भी उपचार के दौरान मौत हो गई, जिनका शव उपजिला अस्पताल छोटीसादड़ी की मॉर्च्युरी में रखा गया है। घायलों में राहुल मीणा का इलाज जिला अस्पताल निंबाहेड़ा में जारी है, जबकि पंकज पुत्र नंदलाल प्रजापत को उपजिला अस्पताल छोटीसादड़ी से रेफर किया गया है। विधायक और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे अस्पताल घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व यूडीएच मंत्री और निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी जिला अस्पताल निंबाहेड़ा पहुंचे। उन्होंने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और पीएमओ डॉ. राघव सिंह तथा नर्सिंग अधीक्षक जितेंद्र सिंघवी को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कोतवाली थानाधिकारी रामसुमेर मीणा पुलिस जाप्ते के साथ जिला अस्पताल निंबाहेड़ा पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में संकल्प से समाधान अभियान:31 मार्च तक चार चरणों में चलेगा अभियान, विधानसभावार लगेंगे शिविर
सीएम डॉ.मोहन यादव के निर्देश के बाद शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से संकल्प से समाधान अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के सभी विधानसभा में एक वार्डों में शिविर आयोजित कर भारत सरकार और राज्य सरकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं तथा लक्ष्य आधारित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि शासन निर्देशानुसार यह अभियान चार चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी, दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च, तीसरा चरण 16 मार्च से 25 मार्च और चौथा एवं अंतिम चरण 26 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। इसी क्रम में निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने 15 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक विधानसभावार आयोजित होने वाले “संकल्प से समाधान अभियान” के शिविरों की तैयारियों के संबंध में सिटी बस ऑफिस में समीक्षा की। 85 वार्डों में लगेंगे शिविर निगम आयुक्त ने बताया कि सुशासन एवं स्वराज हेतु प्रतिबद्ध विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के अंतर्गत नगर पालिक निगम इंदौर ने इस विशेष अभियान का आयोजन किया है। अभियान के पहले चरण में 15 जनवरी से 10 फरवरी तक प्रत्येक विधानसभा वार वार्ड स्तरीय समितियों का गठन कर नगर निगम के समस्त 85 वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें हितग्राहीमूलक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय योजनाओं जैसे विभिन्न पेंशन योजनाएं, पीएम स्वनिधि योजना, अविवादित संपत्तियों के नामांतरण, भवन अनुज्ञा प्रमाण-पत्र सहित लगभग 13 सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छ एवं शुद्ध जल प्रदाय सुनिश्चित करने के लिए जल सुनवाई के माध्यम से जल संबंधी समस्याओं के आवेदन प्राप्त कर उनका समाधान किया जाएगा। निगम आयुक्त ने बताया कि अभियान के दूसरे, तीसरे और चौथे चरणों में प्राप्त समस्त आवेदनों का निराकरण करते हुए हितग्राहीमूलक योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वार्ड स्तरीय शिविरों में नोडल अधिकारी, उप यंत्री (जनकार्य एवं पीएचई), बिल कलेक्टर, स्वास्थ्य एवं उद्यान दरोगा, सामुदायिक संगठक, झोन प्रभारी, वार्ड प्रभारी, वार्ड सहायक, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संबंधित स्टाफ की उपस्थिति में आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। निगम के प्रत्येक जोन अंतर्गत वार्डों में आयोजित होने वाले ये शिविर विधानसभा/जोन /वार्ड अनुसार सुबह 10 बजे से आयोजित किए जाएंगे।
आज़मगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र में चेवार पूरब गांव के 3 वर्षीय लड़के आयान की 13 दिसम्बर को उसके घर के बरामदे में छत से गिरा और भैंस के कुचलने से मृत्यु हो गयी थी। जिसके शव को देवगांव क्षेत्र में गांगी नदी के किनारे बिना पोस्टमार्टम कराए दफन कर दिया गया था। इस घटना के कुछ दिन बाद मृतक बच्चे की मां को हत्या की आशंका होने पर जिले के डीएम से जांच कराये जाने की मांग किया। जिससे करीब एक महीने बाद दफन किए गए शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मां ने जताई हत्या की आशंका आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र कि महिला ने आरोप लगाया कि जब बच्चे की मृत्यु हुई तब उसकी मां खेत में घास लेने गई थी। और पिता ट्रेन से इटारसी गये थे। इस मामले में शुरुआती दौर में ग्रामीणों के अनुसार बालक छत से गिरा और दरवाजे पर भैंस बधी जिससे कुचलकर बालक की मौत हो गई। जबकि बाद में दूसरे घर के दिवाल के पास बालक के खून लगे जूते मिले जिससे मां को बच्चे की हत्या की आशंका हुई। इस मामले को लेकर मृतक की मां रीबिका ने 5 जनवरी 2026 को आजमगढ़ जिले के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को आवेदन देकर पुत्र की हत्या की बात कहते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग किया। जिस पर जिलाधिकारी के आदेश तथा एसएसपी के निर्देशन में 14 जनवरी को तहसीलदार लालगंज व क्षेत्राधिकारी लालगंज की देखरेख में शव को वीडियो ग्राफी करते हुए खोद कर बाहर निकाला गया। जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। CO बोले कराई गई वीडियोग्राफी इस मामले में सीओ लालगंज भूपेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल तथा वीडियो ग्राफी के माध्यम से कराई जाएगी। जो भी आगे रिपोर्ट सामने आएंगे उस अनुसार आगे विधिक कार्रवाई की जायेगी।
मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र के गांव लखीमपुर जलालपुर में हुई रोहित और सोनू की हत्या के मामले में फिर से तूल पकड़ने के बाद जांच को स्थानांतरित कर दिया है। हत्याकांड के खुलासे के बाद केस में अपराधी को जेल भेजने के बाद फिर से अब इसकी जांच सरधना थाने से स्थानांतरित कर क्राइम ब्रांच को दे दी गई है। मेरठ SSP द्वारा यह फैसला लिया गया है। सबसे पहले जाने क्या है पूरा मामला ....... मेरठ में 5 जनवरी को एक युवक जल्दी लाश मिली थी हालांकि पुलिस इस मामले का खुलासा भी कर चुकी है। पुलिस के अनुसार युवक की पहले ईट मार कर हत्या की गई इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी लाश को जला दिया गया, लेकिन लोगों का कहना है की मृतक को जिंदा जलाकर मारा गया है। आरोपी ठाकुर समाज से इसलिए इस मामले में भी अब कपसाड़ गांव की तर्ज पर ही राजनीति सक्रिय हो गई है लगातार विपक्षी डालोगे नेता ट्वीट कर और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है आसपास के जिलों की पुलिस से लेकर RAF तक पूरा प्रशासन दोनों गांवों में तैनात है। बताया गया कि रोहित उर्फ सोनू की हत्या के संबंध में धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसकी विवेचना थाना सरधना पुलिस द्वारा की जा रही थी लेकिन 14 जनवरी को पीड़ित परिवार ने प्रकरण की विवेचना किसी राजपत्रित अधिकारी से कराए जाने का अनुरोध किया। इसको देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से जांच अपराध शाखा को सौंपने का निर्णय लिया।
गोरखपुर के कान्हा उपवन में गोवंश की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रामगढ़ताल पुलिस ने कान्हा उपवन के संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर निगम की जांच में सामने आया कि गोवंश की देखभाल, साफ-सफाई और चारे की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही की गई थी। यह मामला उस समय सामने आया जब सोमवार को गोवंश की मौत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और तुरंत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कान्हा उपवन में सफाई ठीक नहीं थी, चारे की व्यवस्था कमजोर थी और निगरानी में भी लापरवाही बरती जा रही थी।इन खामियों को देखते हुए पशु कल्याण अधिकारी डॉ. रॉबिन चंद्रा ने रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर कान्हा उपवन के संचालक राजकुमार नायक और तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआ दर्ज की गई।जेल भेजे गए आरोपी पुलिस के अनुसार, सभी की भूमिका गोवंश की देखभाल में लापरवाही से जुड़ी पाई गई है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना के बाद नगर निगम ने कान्हा उपवन की व्यवस्थाएं सुधारने का काम तेज कर दिया है। निगम की टीमें लगातार गौशाला में सफाई अभियान चला रही हैं। परिसर और आसपास जमा कचरे को हटाया जा रहा है ताकि किसी तरह का संक्रमण या बीमारी न फैले।अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि फिलहाल सभी गोवंश सुरक्षित हैं और उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अब पढ़िए क्या था पुराना मामला... गोरखपुर शहर में सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें कई गायें मृत अवस्था में दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो को महेवा स्थित कान्हा उपवन का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, महेवा इलाके में स्थित कान्हा उपवन में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश को रखा गया है। वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड के कारण कई गायों की मौत हो गई है। वीडियो में करीब 10 गायें मृत दिखाई दे रही हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया। लोग गोवंश की देखभाल और सुरक्षा को लेकर नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल उठाने लगे। वीडियो के वायरल होते ही नगर निगम महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, ताकि सच्चाई सामने आ सके।नगर निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि वायरल वीडियो कान्हा उपवन का नहीं है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहा स्थान और वहां की स्थिति कान्हा उपवन से मेल नहीं खाती।नगर निगम का यह भी कहना है कि फिर भी एहतियात के तौर पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो कहां का है और गोवंश की मौत किन कारणों से हुई है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
आगर-मालवा में शनिवार को एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। नारकोटिक्स विभाग ने छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की थी। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। 3 दिन की जांच में फैक्ट्री को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बाहर से यह जगह “तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी” के नाम से संचालित हो रही थी। फैक्ट्री का एमएसएमई रजिस्ट्रेशन इंदौर में पाया गया है। उद्योग विभाग में 29 जून 2024 को लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के रूप में दर्ज कराया गया था। दस्तावेजों में प्लांट की लोकेशन इंदौर के नासिया रोड की बताई गई थी, जबकि हकीकत में फैक्ट्री 145 किमी दूर आगर-मालवा में संचालित थी। रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर संदीप पोखरना और अभय पोखरना के नाम पर दर्ज हैं। 2 किमी कच्ची सड़क से जाता है फैक्ट्री का रास्तायह फैक्ट्री आगर-मालवा से करीब 25 किलोमीटर दूर झालावाड़-कोटा रोड पर स्थित है। हनुमान मंदिर और एक क्रेशर के पास से जंगल के अंदर जाने वाला रास्ता करीब दो किलोमीटर तक कच्ची सड़क से होकर जाता है। यहीं पर तीन एकड़ में फैली नर्सरी बनी हुई है। बाहर “तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी” का बोर्ड लगा है और चारों ओर तारों की फेंसिंग की गई है। आसपास किसानों की खेती की जमीन है। फैक्ट्री के कर्ता-धर्ता इंदौर के बताए जा रहे हैं। कागजों में अनिल, अभय और संदीप पोखरना सहित उनके परिजनों के नाम जुड़े हैं। इसके अलावा कालूराम रातड़िया, उसकी पत्नी आरती रातड़िया और उनके करीबी लोगों के नाम भी सामने आए हैं। नर्सरी का बैंक खाता इंदौर के परदेशीपुरा स्थित एक बैंक में है। दस्तावेजों में इसे पौधों और फूलों के थोक व्यापार के रूप में दर्ज कराया गया था। लैब भी मिली, बाउंड्री पर करंट नारकोटिक्स विभाग की छापेमारी के दौरान परिसर के भीतर एमडी ड्रग बनाने की पूरी लैब मिली। बाउंड्री पर करंट प्रवाहित किया जाता था और सुरक्षा व्यवस्था किसी औद्योगिक इकाई जैसी थी। जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री मंदसौर-राजस्थान के देवलजी नेटवर्क से जुड़ी हुई है। दूसरी बार मंदसौर से जुड़े तारयह दूसरा मामला है, जब ड्रग फैक्ट्री के तार मंदसौर से जुड़े मिले हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर को भोपाल में पकड़ी गई 1814 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग फैक्ट्री में मंदसौर निवासी हरीश आंजना का नाम सामने आया था। पूछताछ में उसने शोएब लाला को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया था। आगर-मालवा मामले में पकड़े गए धारासिंह और प्रहलाद सिंह के तार भी मंदसौर के बड़े तस्कर गब्बू से जुड़े पाए गए हैं। गब्बू से अलग होने के बाद दोनों ने अपना अलग नेटवर्क खड़ा किया, हालांकि ग्राहक पुराने ही बने रहे। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। आरोपी कुशाल सिंह ने पूछताछ में कबूल किया है कि धारासिंह के जरिए एमडी ड्रग देवलजी के जमशेद उर्फ सेठ लाला पठान तक पहुंचाई जानी थी। इससे पहले 21 अक्टूबर को गरोठ में नेटवर्क का एक कनेक्शन पकड़ा गया था, जो 1.50 लाख रुपए की एमडी ड्रग से जुड़ा था। मादक पदार्थों की तस्करी का रिकॉर्ड नर्सरी के संचालक कालूराम रातड़िया के नाम पर मादक पदार्थों की तस्करी और आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। 2 मार्च 2010 को कालूराम पिता लक्ष्मीनारायण रातड़िया के खिलाफ हरियाणा में कुरुक्षेत्र के थानेसर सदर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस की धारा 15 और 29 के तहत केस दर्ज किया था। कालूराम रातड़िया और उसकी पत्नी आरती रातड़िया के खिलाफ कई केस दर्ज हैं। मारपीट, जान से मारने की धमकी का भी केस यह खबर भी पढ़ें... आगर मालवा में जंगल के भीतर 3 हेक्टेयर में फैक्ट्री आगर मालवा में जिस नर्सरी में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चलाई जा रही थी, उसका इंदौर से कनेक्शन सामने आया है। नर्सरी का संचालक कालूराम रातड़िया मूल रूप से सुसनेर के पास मोड़ी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी समेत आगर मालवा में चार से ज्यादा केस दर्ज हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
भोपाल में गोमांस मिलने के मामले में अब आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़ी पूरी फाइल की गहन जांच की तैयारी है। नगर निगम के उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है कि टेंडर की शर्तें तय होने से लेकर टेंडर आवंटन और अंत में कमिश्नर के हस्ताक्षर तक की हर कड़ी की पड़ताल होगी। ताकि, स्पष्ट हो सके कि करीब 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर 33 करोड़ रुपए की लागत से मॉर्डन स्लॉटर हाउस के प्रोजेक्ट, किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर तैयार की। इधर, गोमांस मिलने का मामला फिलहाल शांत होते नजर नहीं आ रहा है। भले ही इस मामले में वेटनरी डॉक्टर समेत कुल 9 कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिर गई हो, लेकिन विपक्ष 'शहर सरकार' पर हमलावर है। निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने अब महापौर मालती राय के स्लॉटर हाउस में निरीक्षण करते हुए वीडियो जारी किया है। नेता प्रतिपक्ष जकी ने लिखा कि आधुनिक स्लॉटर हाउस बनने के बाद असलम चमड़ा के साथ महापौर निरीक्षण करते हुए। बता दें कि मेयर इन कौंसिल ने आधुनिक स्लॉटर हाउस के 20 साल तक संचालन की जिम्मेदारी असलम चमड़ा को ही सौंपी है। स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस मिलने के मामले में ही पुलिस ने असलम चमड़ा को आरोपी बनाया है। संपत्ति की जांच हो, एनएसए की कार्रवाई भी होगोमांस तस्करी के मामले में हिंदू उत्सव समिति ने आरोपी असलम चमड़े के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की। अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि असलम चमड़े के ऊपर NSA की कार्रवाई करते हुए उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए। साथ ही भोपाल में उसकी संपत्ति एवं आपराधिक प्रकरणों की जांच भी हो। यह भी पता लगाया जाए कि स्लॉटर हाउस में उसके साथ कौन लोग काम करते थे? वे रोहिंग्या तो नहीं है। समिति को यह आंदेशा है। संचालक असलम पर भी कार्रवाई तेज कीदूसरी ओर, स्लॉटर हाउस संचालक असलम पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। नगर निगम ने आदमपुर खंती क्षेत्र में स्थित उसके रेंडरिंग प्लांट को सील कर दिया है। इस प्लांट में मृत मवेशियों के वेस्ट से पालतू जानवरों के लिए दाना और अन्य उत्पाद बनाए जाते थे। निगम का कहना है कि फिलहाल यहां सभी गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। मामले को लेकर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी ने कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। जिससे पूरी कार्रवाई की गंभीरता पर संदेह पैदा होता है। परिषद अध्यक्ष ने बताया कि उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन के लिए गुरुवार को शासन को पत्र लिखा जाएगा। रेंडरिंग प्लांट सील, उत्पादन ठपनिगम अधिकारियों के अनुसार आदमपुर खंती स्थित रेंडरिंग प्लांट की क्षमता प्रतिदिन लगभग 5 टन वेस्ट से उत्पाद बनाने की थी। यहां कुत्ते, बिल्ली और मुर्गी के लिए दाने के साथ अन्य उत्पाद भी तैयार होते थे। अब प्लांट पर ताला लगाकर सभी तरह की प्रोसेसिंग रोक दी गई है। वन विहार से भी हटाई गई सप्लाईवन विहार प्रबंधन ने भी असलम से दूरी बना ली है। वन विहार के मुताबिक, मई 2025 में जानवरों के लिए मांस आपूर्ति का अनुबंध हुआ था, लेकिन मामला सामने आते ही असलम की एंट्री बंद कर दी गई। अब वन विहार के भीतर ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राइवेट वेंडर से स्लॉटिंग कराई जा रही है। इस संबंध में नगर निगम और पुलिस को भी सूचना दी गई है। एफआईआर न होने पर उठे सवालनिगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में एफआईआर कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं एमआईसी सदस्य आरके बघेल ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद उल्लंघन पाए जाने पर असलम के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डॉक्टरों और अन्य संबंधित भूमिकाओं की भी जांच की जा रही है। अवैध स्लॉटिंग पर निगम की चुनौतीनिगम सूत्रों के अनुसार असलम का मुख्य कारोबार मांस निर्यात का था, जबकि स्थानीय सप्लाई सीमित थी। मॉर्डन स्लॉटर हाउस शुरू होने पर शहर में अवैध स्लॉटिंग पर रोक लगनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद शहर में अवैध स्लॉटिंग बढ़ने की आशंका है, जिस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है। जांच के दायरे में टेंडर और अधिकारीजांच समिति का फोकस इस बात पर रहेगा कि टेंडर की शर्तें किसने और किन आधारों पर तैयार कीं, टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन थी या ऑफलाइन, किस आधार पर असलम और उसकी फर्म को काम सौंपा गया, और इस पूरे मामले में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि एमआईसी के अधिकार क्या थे और शर्तों के उल्लंघन पर निगम को क्या कदम उठाने थे। स्लॉटर हाउस में गोमांस का यह मामलाजिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। स्लॉटर हाउस को शुरू करने संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं आया। इस वजह से कांग्रेस के साथ बीजेपी पार्षद भी नाराज हैं। इसके चलते वेटनरी डॉक्टर गौर को संभागायुक्त संजीव सिंह ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, स्लॉटर हाउस में तैनात वसीम खान, सलीम खां, राजा खां, शेख यूसुफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद, अब्दुल रहमान को सस्पेंड कर दिया गया। युसूफ खान, अब्दुल हकीम और मोहम्मद रफीक को नोटिस थमाए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें... भोपाल में गोमांस का मामला, मंत्री सारंग बोले-कड़ी कार्रवाई करेंगे भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गोमांस की पुष्टि होने के बाद 'शहर सरकार' चारों तरफ से घिर गई है। विपक्ष लगातार महापौर और एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) का इस्तीफा मांग रहा है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि एमआईसी की मीटिंग में स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव पास कर दिया गया। न तो परिषद में प्रस्ताव लाया गया और न ही शहर को बताया। यह स्लॉटर हाउस 20 साल के लिए दिया गया है।पूरी खबर पढ़ें
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने अपने घर के चौथे माले से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि युवक शराब पीने जा रहा था, जिसे उसके पिता ने रोक दिया। इसके बाद वह घर की छत पर पहुंचा और वहां से कूद गया। गंभीर हालत में उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक घटना गोल्डन पाम टाउनशिप की है। यहां बुधवार रात वैभव (28) पिता राकेश गायकवाड़ ने अपने घर के चौथे माले से कूदकर जान दे दी। घायल अवस्था में पिता और अन्य परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पिता ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि शाम को वैभव ने शराब पी थी। इसके बाद रात में वह दोबारा शराब पीने की जिद कर रहा था। इसी कारण उसे नीचे के गेट पर ताला लगाकर रोक दिया गया। इससे नाराज होकर वैभव ऊपर चला गया और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। वैभव अमेरिका की एक निजी कंपनी के लिए सॉफ्टवेयर का काम करता था और घर से ही वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है।
भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 12 घायल हुए हैं। हादसा बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुआ। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है। टीआई वीरेंद्र सेन ने बताया कि सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में थे। इनमें से पांच की मौत हो गई है। नौ घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोडिंग वाहन में सवार परिवार संक्रांति स्नान के लिए नर्मदापुरम जा रहा था। जैसे ही उनका वाहन बैरसिया थाना इलाके में ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास पहुंचा, सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हो गई। इसमें लोडिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए। हादसे में इनकी गई जान ये हुए घायल देखिए, हादसे की तस्वीरें... तेज रफ्तार बनी हादसे की वजहबैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा, एएसपी नीरज चौरसिया और बैरसिया टीआई वीरेंद्र सेन समेत विधायक विष्णु खत्री अस्पताल पहुंचे। घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए। एसडीएम शर्मा ने कहा- प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। ये खबर भी पढ़ें... 130 की रफ्तार से डंपर में घुसी थी कार, बोनट पर लटका था पूर्व गृहमंत्री की बेटी का शव इंदौर में शुक्रवार अलसुबह इंदौर में हुए भीषण सड़क हादसे में पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन (26) की मौत हो गई। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 130–140 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से कार चला रहा युवक शराब के नशे में था। डंपर की टक्कर से पीछे की सीट पर बैठी प्रेरणा उछलकर बोनट पर जा गिरीं, बाद में उनका शव वहीं मिला। पढ़ें पूरी खबर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के दाखिलों से संबंधित एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक नया शपथपत्र दाखिल कर प्रत्येक जिले में उन स्कूलों की कक्षा-1 की कुल क्षमता का विवरण प्रस्तुत करे, जहां इस प्रावधान के अंतर्गत दाखिले किए गए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने एम.एन. राय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गई है। न्यायालय ने पाया कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में केवल आरक्षित श्रेणी के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की संख्या बताई गई थी, जबकि कक्षा-1 की कुल क्षमता का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया था। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 12(1)(c) के अनुसार, यह आकलन करने के लिए कक्षा-1 की कुल क्षमता का आधार आवश्यक है कि क्या कम से कम 25 प्रतिशत दाखिले सुनिश्चित किए गए हैं। न्यायालय ने कहा कि इस आवश्यक जानकारी के अभाव में प्रस्तुत आंकड़े अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के मूल्यांकन में सहायक नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्रीय कैबिनेट की अप्वाइंटमेंट कमेटी (एसीसी) ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है। वह, 31 अगस्त 2028 तक या रिटायरमेंट तक इस पद पर बने रहेंगे। उनकी तैनाती को लेकर बुधवार देर शाम आदेश जारी कर दिए गए है। एनआईए डीजी का पद IPS सदानंद वसंत दाते के महाराष्ट्र कैडर में लौटने के बाद से खाली था। अभी डीजी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे दाते को इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र पुलिस का पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। सदानंद वसंत दाते के एनआईए से कार्यमुक्त होने के बाद राकेश अग्रवाल एजेंसी में स्पेशल डीजी के पद पर रहते हुए डीजी की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उन्हें स्थायी रूप से NIA का प्रमुख बना दिया गया है। विशेष डायरेक्टर के तौर पर भी सेवाएं दे चुके राकेश अग्रवाल इससे पहले एनआईए में विशेष महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। उन्हें दो वर्षों के लिए अतिरिक्त महानिदेशक के पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड कर विशेष डीजी बनाया गया था। मूल रूप से हरियाणा के निवासी राकेश अग्रवाल मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। उनकी छवि एक अनुशासित, तकनीकी रूप से दक्ष और रणनीतिक सोच रखने वाले अफसर की रही है।
प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। बुधवार को उमरानाला चौकी अंतर्गत लिंगा क्षेत्र में एक दिल-दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे भाई-बहन को रास्ते में चाइनीज मांझे ने अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 4 साल की मासूम ध्रुवी दाडे गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी गर्दन कटने से उसकी आहार नली और सांस नली दोनों क्षतिग्रस्त हो गईं। बुधवार दोपहर स्कूल से छुट्टी के बाद ध्रुवी दाडे अपने भाई के साथ घर जा रही थी। इसी दौरान उनके पड़ोसी ने दोनों को लिफ्ट दी और घर छोड़ने की बात कही। बाइक पर ध्रुवी को सामने बैठाया गया, जबकि उसका भाई पीछे बैठा था। कुछ ही दूरी तय करने के बाद अचानक सड़क पर फैले चाइनीज मांझे की चपेट में ध्रुवी आ गई। मांझा उसकी गर्दन में फंस गया और देखते ही देखते उसकी गर्दन कट गई, जिससे गले से तेज़ी से खून बहने लगा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्ची को तत्काल नजदीकी अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी आहार नली और सांस नली दोनों ही गंभीर रूप से कट चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल नागपुर रेफर किया गया। बुधवार रात करीब 9:40 बजे नागपुर में डॉक्टरों ने मासूम ध्रुवी का आपात ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन से पहले बच्ची के सांस लेने में गंभीर दिक्कत को देखते हुए डॉक्टरों ने बाईपास नली डालकर सांस की वैकल्पिक व्यवस्था की, इसके बाद ही सर्जरी संभव हो सकी। ध्रुवी के पिता सोनू दाडे, जिला कोतवाली छिंदवाड़ा में ऑपरेटर के पद पर पदस्थ हैं। घटना की जानकारी मिलते ही छिंदवाड़ा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू ने तत्काल नागपुर में अस्पताल में इलाज की व्यवस्था कराई। पिता से संपर्क कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस पद पर प्रवीण कुमार इस पद पर थे। उन्हें अब BSF का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। हरियाणा के नए डीजीपी की रेस में भी कपूर का नाम था। हरियाणा सरकार ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों के एक नए पैनल को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा था। इसमें शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल था। इन विभागों में भी चला कपूर का नाम हरियाणा के डीजीपी रहने के बाद शत्रुजीत कपूर का नाम अन्य विभागों से भी जुड़ा था। सरकारी विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कपूर कपूर को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के हेड या अनिल विज के ऊर्जा विभाग में भी एडजस्ट करने की बात चल रही थी। लेकिन, इससे पहले ही उन्हें आईटीबीपी का डीजी नियुक्त कर दिया गया। राकेश अग्रवाल को एनआईए की जिम्मेदारीहिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का महानिदेशक नियुक्त किया गया। 31 अगस्त, 2028 तक वे इस पर रहेंगे। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यहां देखिए ऑर्डर की कॉपी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आम के पेड़ों की जियो-टैगिंग की जिम्मेदारी तय न होने पर राज्य सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने कहा कि 11 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि यह कार्य कौन सा विभाग करेगा। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी मैंगो बेल्ट में आम के पेड़ों के अवैध कटान को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की। न्यायालय ने कहा कि 3 जनवरी 2014 से अब तक 11 वर्षों से अधिक का समय बीत चुका है, फिर भी जियो-टैगिंग की जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे सरकार की उदासीनता बताया और कहा कि मामले में हो रही देरी से लगता है कि राज्य सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख तय की है और अपर मुख्य सचिव, कृषि व निदेशक, कृषि को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। यह आदेश जयंत सिंह तोमर द्वारा 2013 में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। सुनवाई के दौरान वन विभाग ने कहा कि जियो-टैगिंग उसकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह बागवानी विभाग का विषय है। वहीं, बागवानी विभाग ने शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि वे फसलों की जियो-टैगिंग करते हैं, पेड़ों की नहीं। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि यह कार्य कृषि विभाग का है। इसी पर न्यायालय ने अपनी उपरोक्त टिप्पणी की।
लखनऊ हाईकोर्ट का नगर निगम को आदेश:बाहरी सीमा के 5 किमी दायरे के भट्टों का सर्वे कर रिपोर्ट पेश करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ नगर निगम को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने निगम से कहा है कि वह जिम्मेदार अधिकारियों को नामित करे। ये अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर नगर निगम की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के भीतर स्थित सभी ईंट-भट्टों का सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद, निगम को एक नया शपथपत्र दाखिल करना होगा। इस शपथपत्र में ईंट-भट्टों की स्थापना की तिथि, उनकी अनुमति की वर्तमान स्थिति और संबंधित वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा दी गई स्वीकृतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने वर्ष 2010 में दुर्गेश कुमार सिंह द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में उत्तर प्रदेश ईंट-भट्टा (स्थापना हेतु स्थान निर्धारण मापदंड) नियमावली, 2012 का भी उल्लेख किया। इस नियमावली के नियम 2(i) के अनुसार, नगर निगम की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर ईंट-भट्टों की स्थापना प्रतिबंधित है। यह नियम 27 जून 2012 से प्रभावी है। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंट-भट्टों के संचालन की अनुमति की अवधि पांच वर्ष होती है। नियम, 2012 के अधिसूचित होने के बाद, ऐसे ईंट-भट्टों के संचालन की अनुमति के नवीनीकरण पर विचार करना आवश्यक है।
काशी किंग विजय टीम ने नोएडा टूर्नामेंट जीता:मेरठ लौटने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत
काशी किंग विजय टीम ने नोएडा के इंदौर स्टेडियम में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रो कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। टीम ने 10 जनवरी को लखनऊ लायंस टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। बुधवार को विजयी होकर मेरठ लौटने पर टीम का गांव भलसौना में जोरदार स्वागत किया गया। गांववासियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। स्वागत समारोह में राजेन्द्र सिंह, इन्द्रपाल सिंह, वर्तमान प्रधान सुशील कुमार, पूर्व प्रधान अमित कुमार, राजवीर मास्टर और पूर्व खिलाड़ी सुभाष शर्मा रतोली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने टीम को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। काशी किंग विजय टीम के हेड कोच सनोज कुमार और खिलाड़ी गौरव कुमार भलसौना ने बताया कि इस जीत के पीछे कोच सनोज कुमार की कड़ी मेहनत और अनुशासन का बड़ा योगदान रहा। कोच सनोज कुमार ने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में टीम राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगी। गांववासियों ने कोच सनोज कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह जीत युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
लखनऊ बेंच ने राजस्व संहिता के उत्तराधिकार संबंधी तीन प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने विशेष रूप से पूछा है कि अविवाहित, विवाहित और विधवा बेटियों को कृषि भूमि में समान अधिकार देने के संबंध में सरकार का क्या विचार है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश सिद्धार्थ शुक्ला व अन्य की जनहित याचिकाओं तथा रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया। न्यायालय ने अपर मुख्य सचिव, राजस्व को स्वयं शपथ पत्र दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। सिद्धार्थ शुक्ला की याचिका में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 108, 109 और 110 को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई है कि ये प्रावधान एक विवाहित महिला को कृषि भूमि के उत्तराधिकार के लिहाज से निचले क्रम में रखते हैं। याचिका में कहा गया है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) और 19(1)(जी) का स्पष्ट उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार से पूछा कि इस विषय पर कैबिनेट की उप-समिति के गठन को लेकर उसकी क्या मंशा है। साथ ही, उप-समिति के पुनर्गठन में कितना समय लगेगा और वह अपनी रिपोर्ट लगभग कितने समय में सौंपेगी। न्यायालय ने यह भी पूछा है कि जिन प्रावधानों को महिला-विरोधी और असंवैधानिक बताया जा रहा है, उनकी संवैधानिक वैधता पर राज्य सरकार का स्पष्ट पक्ष क्या है। न्यायालय ने कहा कि पूर्व में सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र अपर्याप्त थे और वर्तमान मुद्दे के संबंध में केवल विधायी इतिहास बताना पर्याप्त नहीं है। राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अंतिम समय दिया गया है, और स्पष्ट किया गया है कि इसके बाद कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
लखनऊ में बुधवार को साहू समाज ने गुरु गोरक्षनाथ जयंती के अवसर पर 'संक्रांति महोत्सव' का आयोजन किया। यह उत्सव मेंहदीगंज स्थित श्री जगन्नाथ प्रसाद भगवानदेई साहू महाविद्यालय परिसर में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह का शुरुआत पूर्व सांसद राम नारायण साहू ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर गुरु गोरक्षनाथ और नाथ संप्रदाय पर एक व्याख्यानमाला आयोजित की गई, जिसने उपस्थित लोगों को नाथ परंपरा के बारे में जानकारी दी। महोत्सव में रंगोली, नृत्य-गायन, कुर्सी दौड़ और चम्मच दौड़ जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। खिचड़ी भोग वितरण किया गया कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, समाज के वरिष्ठ सेवियों को शॉल-पटका पहनाकर उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। संक्रांति की मिठास बढ़ाने के लिए खिचड़ी भोग का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन रामचन्द्र साहू ने की, जबकि महामंत्री राजेश कुमार साहू और कार्याध्यक्ष गोविन्द कुमार साहू ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। ये लोग शामिल हुए इस आयोजन को सफल बनाने में जितेन्द्र साहू, उमा साहू, अश्वनी साहू, महेश साहू 'ददू', महेश चन्द्र साहू 'साहू बंधु', राजेश साहू, मीरा साहू, हुमा साहू, अन्नू साहू, सूर्यकान्त साहू, राजेन्द्र प्रसाद साहू, मनीष साहू सहित सभी पदाधिकारियों और समाजजनों का सराहनीय सहयोग रहा। संक्रांति महोत्सव ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सेवा-भाव का संदेश दिया।
मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा शुरू हो गया हैं। कथा के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखनाद से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन पर बाल कथा व्यास आचार्य राघवाचार्य ने मंगलाचरण के साथ भागवत महात्म्य का सुंदर एवं भावपूर्ण कथा सुनाई।आज की कथा में उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत पुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को मोक्ष की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा के प्रारंभ में उन्होंने कहा कि यह आयोजन मां भगवती की कृपा से विश्व शांति, लोक कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के संकल्प के साथ किया जा रहा है। सनातन मूल्यों से जुड़कर समाज सशक्त बन सकता है कथा व्यास ने शास्त्रों के अध्ययन के साथ जीवन में सदाचार, संस्कार और धर्म के पालन पर बल देते हुए कहा कि सनातन मूल्यों से जुड़कर ही समाज और राष्ट्र सशक्त बन सकता है। उन्होंने भारत के पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का श्रेय संस्कृति के पुनर्जागरण और युवाओं के सनातन धर्म के प्रति बढ़ते विश्वास को दिया। 22 जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा अभय उपाध्याय ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य जन-जन में भक्ति, सद्भाव और सनातन संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जाएगा। 22 जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।मंदिर प्रबंधन की ओर से निवेदक एवं प्रबंधक देवराज सिंह ने अधिक से अधिक संख्या में कथा सुनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की। कथा में आशा तिवारी, माला गुप्ता, शालिनी, लक्ष्मी, शिवम पांडेय, राहुल सारस्वत, तुषार, मेघांश, विकास, आदर्श सहित अनेक सेवादार सक्रिय रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मेरठ में अनैतिक गतिविधियों में लिप्त स्पा सेंटरों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को हुई कार्रवाई के बाद पुलिस ने बुधवार को सभी स्पा सेंटरों पर ताले डाल दिए। पहले सभी को सील किए जाने का निर्णय लिया गया लेकिन फिर इस कार्रवाई को टाल दिया गया। फिलहाल इनके मालिकों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई से जुड़ी तीन तस्वीरे देखें... पहले एक नजर कार्रवाई पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के निर्देश पर मंगलवार शाम शहर के चार अलग अलग स्पा सेंटरों पर छापेमारी की गई। पुलिस को सूचना मिल रही थी कि यह स्पा सेंटर अनैतिक गतिविधियों में लिप्त हैं। मेडिकल थाना क्षेत्र के दो और नौचंदी व ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के एक एक स्पा सेंटर पर कार्रवाई हुई, जहां से एक युवक और 20 युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मोबाइल फोन से मिला संचालन पुलिस को छापे के दौरान आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि स्पा सेंटर ऑनलाइन संचालित हो रहे थे। इसके साक्ष्य वहां से पकड़ी गई महिला मैनेजरों के मोबाइल फोनों में मिले हैं। जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ा दी गई है। चारों स्पा सेंटर पर डाले ताले बुधवार को सभी सेंटर सील किए जाने थे लेकिन फिर इस कार्रवाई को टाल दिया गया। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने सभी स्पा सेंटरों पर पुलिस के ताले डलवा दिए। यह भी खुलासा हुआ कि चारों स्पा सेंटर तबस्सुम, पूजा शर्मा, आयशा खान और शाइस्ता नाम की महिलाओं ने किराए पर लिए हुए थे। मुकदमों में सभी के नाम शामिल किए जा रहे हैं। मकान मालिक मिले फरार पुलिस ने बुधवार को सभी संपत्तियों के वास्तविक मालिक का भी पता निकाल लिया। दबिश दी गई तो वह सभी फरार हो गए। फिलहाल पुलिस का पहला लक्ष्य इन सभी को गिरफ्तार कर इस पूरे खेल का पर्दाफाश करना है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सीओ क्राइम अभिषेक पटेल को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
नौबस्ता में शोहदों की दुस्साहस का मामला सामने आया है। वाटर पार्क घूमने पहुंची सगी बहनों से 8-10 शोहदों ने छेड़छाड़ की। विरोध किया तो शोहदों ने सरेआम दुपट्टा खींच लिया। तेजाब डालने व वीडियो बनाकर वायरल की धमकी दी। युवतियों के शोर मचाने पर पार्क में घूमने आए लोग आगे आए तो आरोपी धमका कर कार में बैठकर भाग निकले। घर पहुंचने पर डरी-सहमी बहनों ने परिजनों को आपबीती बताई, तब जाकर उनकी मां ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वाटर पार्क में झुंड बनाकर बैठे थे आरोपी तौधकपुर दीनदयालपुरम क्षेत्र की रहने वाली महिला के अनुसार मंगलवार उनकी दो बेटियां 19 व 14 वर्षीय अपने पांच छोटे भाई-बहनों के साथ आवास विकास हंसपुरम में वाटर पार्क घूमने गई थीं। सभी वहां घूमने लगे, तभी पहले से 8-10 शोहदे झुंड बनाकर पार्क में बैठे थे। उनकी बेटियों को देखकर अश्लील कमेंट व गंदे इशारे करने लगे। बेटियों ने उनकी हरकतों को नजरंदाज किया और घूमती रहीं। इसी बीच लड़के बेटियों के पीछे लग गए। इसका बेटियों ने विरोध किया तो शोहदों ने उनसे गाली-गलौज कर दी। लड़कों की हरकत से बेटियां डर गई और पार्क की सुरक्षा में तैनात गार्ड से शिकायत करने के लिए आगे बढ़ी तो आरोपी भड़क गए। महिला के अनुसार उनकी बड़ी बेटी के गले से दुपट्टा खींच लिया, तेजाब डालने की धमकी दी। इससे बेटियां व अन्य बच्चे डर गए। छोटी बेटी ने दुपट्टा खींचने वाले आरोपी का हाथ पकड़ने की कोशिश की तो तीसरे ने उसे धक्का दिया, जिससे वह दूर जा गिरी। इस पर बेटियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर पार्क में टहलने आए लोगों ने शोहदों की हरकतों का विरोध किया। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इस पर लड़के धमकाते हुए पार्क से बाहर निकले और कार में बैठकर निकल गए। महिला के अनुसार इस पर डरी बेटियां व बच्चे तुरंत घर भाग आए, पहुंचते ही घटना की जानकारी दी। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि अंधेरा होने के कारण कार के नंबर ट्रेन नहीं हो सका है। आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
मकर संक्रांति के अवसर पर राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कंबल वितरित किए गए। यह वितरण महाविद्यालय की कम्युनिटी सर्विस प्रमोशन कमेटी द्वारा सर्दी से बचाव के लिए आयोजित किया गया था। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदना और सहयोग का संदेश देती है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में दान और सेवा के महत्व के बारे में बताया। कर्मचारियों के चेहरों पर संतोष की झलक दिखी कंबल प्राप्त कर कर्मचारियों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन और कमेटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें सम्मान और अपनत्व का एहसास कराते हैं। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले संवेदनशील मंच भी हैं। ये लोग शामिल हुए इस सेवा कार्य में कम्युनिटी सर्विस प्रमोशन कमेटी की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। डॉ. गीताली रस्तोगी, प्रोफेसर शर्मिता नंदी, प्रोफेसर संगीता कोतवाल, प्रोफेसर सुषमा त्रिवेदी, प्रोफेसर रीता तिवारी और डॉ. मेघना यादव कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। महाविद्यालय की अन्य शिक्षिकाएं भी इस अवसर पर मौजूद थीं।
मेरठ के सरधना का दो गांव ज्वालागढ़ और कपसाड़ इन दिनों सुर्खियों में है। इन दोनों ही जगह पिछले दिनों हुई दो बड़ी वारदात के बाद पूरे प्रदेश की निगाहें लगी हैं। नेताओं का आना लगा हुआ है। पुलिस ने एंट्री पर लगा रखी है। इसी बीच किसी भी तरह के टकराव और संघर्ष को ध्यान में रखते हुए प्रशास ने इन दोनों गांव में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। पहले यह धारा 144 थी। इसके तहत इन दो गांव में 26 जनवरी तक किसी बाहरी के आने पर रोक रहेगी। गांव में भी लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा। यह 2 तस्वीर देखिए... प्रशासन की ओर से बुधवार को जारी आदेश के अनुसार दोनों गांवों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही किसी भी सामाजिक, राजनीतिक अथवा अन्य प्रकार के संगठन या समूह द्वारा किसी तरह का कार्यक्रम आयोजित करने पर भी रोक लगा दी गई है। किसी संगठन से जुड़े व्यक्तियों का गांवों में आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन की परमिशन से ही मिलेगी एंट्रीहालांकि बिजली, चिकित्सा, खाद्य आपूर्ति, पोस्ट व पार्सल सहित अन्य आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है। किसी अपरिहार्य स्थिति में बाहरी व्यक्ति को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद ही गांव में प्रवेश की अनुमति होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियां आपातकालीन और संवेदनशील होने के कारण यह आदेश जन सुरक्षा, शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। क्षेत्र में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जानिए क्या है बीएनएस की धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 144 का नया रूप है, जो जिला मजिस्ट्रेट को उपद्रव या आसन्न खतरे (nuisance or apprehended danger) की स्थिति में तत्काल आदेश जारी करने का अधिकार देती है। जिससे सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके, जैसे भीड़ इकट्ठा होने, हथियार ले जाने, या किसी विशेष गतिविधि (जैसे डीजे, पटाखे) पर रोक लगाना। यह धारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा सकती है, जिसमें लोगों की आवाजाही, संचार उपकरणों का उपयोग, या कुछ स्थानों पर जाने से रोकना शामिल है। धारा 163 BNSS के मुख्य प्रावधान और उद्देश्य जानिएकानून व्यवस्था बनाना: यह धारा मजिस्ट्रेट को सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने के लिए आपातकालीन आदेश जारी करने की शक्ति देती है।प्रतिबंध लगाने की शक्ति: मजिस्ट्रेट व्यक्तियों को कुछ कार्यों से दूर रहने या संपत्ति के संबंध में विशेष कार्य करने का निर्देश दे सकते हैं। यह इन स्थितियों में लागू होती है-मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा के लिए खतरा।सार्वजनिक शांति में बाधा, दंगे या झगड़े रोकना।गैरकानूनी सभा, रैली, जुलूस, या धरने रोकना।हथियार, लाठी, या अन्य आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध।लाउडस्पीकर, पोस्टर, बैनर के उपयोग पर रोक। इन मौकों पर लगता है प्रतिबंधत्योहारों, चुनावों या संवेदनशील घटनाओं के दौरान शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत अक्सर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जैसे हथियार और डीजे पर रोक लगाना।संक्षेप में, BNSS की धारा 163 एक निवारक उपाय है जो अधिकारियों को किसी भी संभावित अशांति या खतरे को रोकने के लिए त्वरित और अस्थायी आदेश जारी करने में सक्षम बनाती है, जैसा कि पहले धारा 144 CrPC करती थी
बड़वानी के जिला महिला एवं प्रसूति अस्पताल में बुधवार शाम करीब 7 बजे से एक घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान प्रसूति कक्ष अंधेरे में रहने से मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानी हुई। परिजन बोले- यह अस्पताल की लापरवाही पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा गोले ने बताया कि उनकी भतीजी बहू आयुषी राज गोले को प्रसूति के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि संवेदनशील समय में बिजली गुल होने से अनहोनी की आशंका बनी। गोले ने यह भी बताया कि सोमवार और मंगलवार को भी बिजली बार-बार जाती रही थी। शहर निवासी शारदा गोले ने बताया कि उनकी बहू को सुबह 9 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिनभर बिजली बार-बार आई और गई, लेकिन शाम 7 बजे के बाद डेढ़ घंटे तक कक्ष में अंधेरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। ग्राम चिखलदा निवासी राधा अजनारे ने बताया कि उन्होंने अपनी गांव की महिला आरती बिल्लौरे को दोपहर 3 बजे अस्पताल लाया था। डॉक्टरों ने सीजर की सलाह दी थी। ऐसे में बिजली कटौती बेहद चिंताजनक रही। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन से पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बिजली आपूर्ति बहाल, लेकिन व्यवस्था पर सवाल बिजली कंपनी के लाइनमैन महेंद्र सोलंकी ने बताया कि अस्पताल में लगी डीपी का डीओ खराब हो गया था। नया डीओ लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि, अस्पताल में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर लोग आक्राेशित दिखे।
हाथरस के सिकंदराराऊ-जलेसर मार्ग स्थित जरेरा गांव में बुधवार को एक महिला की मिट्टी में दबकर मौत हो गई। 38 वर्षीय मीना देवी अपने बच्चे के साथ नहर के पास पीली मिट्टी खोद रही थीं, तभी ऊपर से मिट्टी खिसककर उन पर गिर गई। गंभीर रूप से घायल मीना देवी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह घटना जरेरा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत हुई। बताया गया कि मीना देवी मकर संक्रांति के अवसर पर घर की लिपाई-पुताई और अन्य घरेलू कार्यों के लिए पीली मिट्टी लेने गई थीं। वह अपने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के साथ नहर के पास खेत में मिट्टी खोदने पहुंची थीं। अन्य लोग मिट्टी लेकर घर लौट गए थे, लेकिन मीना देवी अपने छोटे बच्चे के साथ वहीं मिट्टी खोदती रहीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा खिसककर उनके ऊपर आ गिरा। बच्चे की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मीना देवी को मिट्टी से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने मीना देवी को गंभीर हालत में तुरंत सिकंदराराऊ के एक निजी नर्सिंग होम पहुंचाया। वहां से उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां बुधवार देर शाम चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका मीना देवी अपने पीछे दो पुत्र कन्हैया (18 वर्ष), विनीत (16 वर्ष) और एक पुत्री निशा (20 वर्ष) छोड़ गई हैं। जानकारी के अनुसार, पुत्री निशा की शादी अगले महीने फाल्गुन मास में होनी थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अवध गर्ल्स कॉलेज में सेना दिवस पर प्रतियोगिताएं:छात्राओं ने पोस्टर और कविता पाठ से देशभक्ति दिखाई
अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में सेना दिवस के अवसर पर देशभक्ति से ओत-प्रोत माहौल रहा। कॉलेज परिसर में पोस्टर और कविता पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति और भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. बीना राय के मार्गदर्शन और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. सरिता सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। एनसीसी कैडेट्स ने दोनों प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके पोस्टरों और कविताओं में भारतीय जवानों के शौर्य, बलिदान और देश के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। इन छात्राओं ने शीर्ष स्थान हासिल किया पोस्टर प्रतियोगिता का मूल्यांकन भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. उपमा चतुर्वेदी और पीआई हवलदार त्सेरिंग नोरबू ने किया। इसमें कैडेट रितिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सीपीएल ईशा मिश्रा द्वितीय और एलसीपीएल गुरसिमरन तृतीय स्थान पर रहीं। कविता पाठ प्रतियोगिता का मूल्यांकन पीआई हवलदार त्सेरिंग नोरबू और हवलदार ताशी त्सेवान्ग ने किया। इस प्रतियोगिता में सीपीएल ज्योति त्रिपाठी ने पहला स्थान हासिल किया। एलसीपीएल गुरसिमरन को दूसरा स्थान मिला, जबकि कैडेट रचना मिश्रा और कैडेट प्रज्ञा पांडेय ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। देशसेवा की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश कार्यक्रम के समापन पर, प्राचार्या प्रो. बीना राय ने सभी प्रतिभागी कैडेट्स की सराहना की। उन्होंने छात्राओं को देशसेवा की भावना को जीवन में बनाए रखने का संदेश दिया। एसयूओ खुशी कुमारी और यूओ जाग्रति ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना के साथ संपन्न हुआ।
मलपुरा में रिटायर्ड सूबेदार के घर दिनदहाड़े चोरी:लाखों के आभूषण और नकदी गायब, पुलिस जांच में जुटी
आगरा के मलपुरा कस्बे में एक रिटायर्ड सूबेदार के घर दिनदहाड़े लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। रिटायर्ड सूबेदार देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे वह अपने गांव के घर गए थे, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। उनकी पत्नी पुष्पा देवी घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर मंदिर पूजा करने गई थीं। शाम लगभग 5 बजे जब वे घर लौटे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। चोर दिनदहाड़े दीवार फांदकर घर में घुसे। उन्होंने कमरों के ताले तोड़े और अलमारी में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण तथा लगभग 80 हजार रुपये नकद चुरा लिए। देवेंद्र पाल ने बताया कि उनका पुराना मकान दोबारा बन रहा है, जिसके कारण वे अपनी पत्नी के साथ मलपुरा कस्बे में छोटी नहर के पास बने अपने छोटे घर में रह रहे थे। पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मलपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
नागदा के सिगड़ी 95 स्थित एक होटल में रविवार को ईसाई समाज की प्रार्थना सभा के दौरान विवाद हो गया। स्थानीय हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने सभा के दौरान धर्मांतरण का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। 70 लोग कर रहे थे प्रार्थना जानकारी के अनुसार, सिगड़ी 95 होटल में पिछले एक वर्ष से हर सप्ताह यह प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इसका संचालन नागदा के पाडल्या रोड क्षेत्र में संचालित एक कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों द्वारा किया जाता है। रविवार की सभा में लगभग 50 से 70 लोग शामिल थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। हिंदू संगठनों ने लगाए धर्मांतरण के आरोप हिंदू संगठनों ने सभा पर आपत्ति जताई और धर्मांतरण की गतिविधियों का आरोप लगाया। हालांकि, प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी इच्छा से सभा में आते हैं और किसी प्रकार का दबाव नहीं है। सभा में शामिल एक महिला ने बताया कि लंबे समय से बीमारी से परेशान होने के बाद प्रार्थना में शामिल होने से उसे राहत मिली है। पुलिस ने दी समझाइश बिड़लाग्राम थाना एसआई संजय माथुर ने बताया कि प्रार्थना सभा में अधिकतर लोग हिंदू समुदाय से थे, जबकि एक सिख दंपती भी शामिल था। विवाद की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया। चार शिक्षकों समेत पांच पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने प्रार्थना सभा का संचालन कर रहे चार शिक्षकों नवीन पीटर, पीवी जोश, अजय परमार, आशीष भवासार और होटल मैनेजर सोनू पिता भारत सिंह के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी अवैध या विवादित गतिविधि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का महानिदेशक नियुक्त किया गया। हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को 31 अगस्त, 2028 तक के लिए एनआईए के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। वे एनआईए के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को एनआईए के महानिदेशक के रूप में 31 अगस्त, 2028 तक के कार्यकाल के लिए मंजूरी दे दी है, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि है। यहां देखिए ऑर्डर...
बड़वानी के श्री खाटूश्याम मंदिर में बुधवार को मकर संक्रांति के दिन षट्तिला एकादशी का आयोजन भव्य रूप से हुआ। इस अवसर पर 30 हजार से अधिक श्रद्धालु श्याम बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर को रंग-बिरंगी पतंगों और ताजगी से भरे फूलों से सजाया गया। श्याम बाबा की प्रतिमा को दिल्ली से लाए गए विभिन्न फूलों और कोलकाता से मंगवाई गई आकर्षक पोशाक से सजाया गया। श्याम बाबा को तिल-गुड़ की प्रसादी चढ़ाई सुबह 6 बजे से भक्तों का दर्शन शुरू हुआ और रात 9 बजे तक लगातार श्रद्धालु मंदिर में आए। उन्होंने श्याम बाबा को तिल-गुड़ की प्रसादी चढ़ाई, जो दिनभर वितरित की गई। महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी, जिन्होंने समूह में आकर भजन गाए। कई भक्त दूरदराज के इलाकों से पैदल भी पहुंचे। पूजन, आरती और भव्य दरबार लगा सुबह पंडित बसंत शर्मा ने वैदिक मंत्रों के साथ श्याम बाबा का पूजन किया। सेवादारों ने श्याम बाबा के साथ-साथ भगवान पशुपतिनाथ महादेव, श्री सालासर बालाजी, श्रीराम दरबार और श्री कृष्ण दरबार को भी सजाया। मंगला आरती सुबह 7:30 बजे हुई, जबकि सुबह 11 बजे और शाम 8 बजे भोग आरती संपन्न हुई। शाम 6:30 बजे हजारों भक्तों की उपस्थिति में श्याम बाबा की संगीतमय महाआरती हुई। इसके बाद भव्य दरबार सजाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। श्याम एकादशी प्रसादी ग्रुप ने फलाहारी मिक्सचर और फल-फ्रूट वितरण किया। रात 11 बजे शयन आरती के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। आगामी कार्यक्रम श्याम मंदिर समिति के अनुसार, 15 जनवरी, गुरुवार को भी मकर संक्रांति पर्व के चलते मंदिर दिनभर खुले रहेंगे। आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुबह श्याम बाबा का पूजन और गंगा जल से स्नान कर पीताम्बरी वस्त्र बदलेंगे। पुराने वस्त्र भक्तों में प्रसादी के रूप में वितरित किए जाएंगे।
औरंगाबाद के हसपुरा में मिलेनियम कप क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 आयोजित हुई। इसका भव्य शुभारंभ आज रंगारंग कार्यक्रम के साथ किया गया। उद्घाटन समारोह में खेल, संस्कृति और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय क्रिकेटर्स ने की। कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं एनएसएसटी स्कूल के बच्चों ने हजारों दर्शकों के सामने अनुशासित और आकर्षक प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। भोजपुरी और यूपी की टीम के बीच खेला गया उद्घाटन मैच उद्घाटन मैच बिहार के भोजपुर गर्ल्स क्रिकेट टीम और उत्तर प्रदेश गर्ल्स टीम के बीच खेला गया, जिसमें बिहार की टीम ने एकतरफा मुकाबले में यूपी को 63 रनों से पराजित कर दिया। बिहार की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के सामने यूपी की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई। टॉस जीतकर यूपी की कप्तान मंशा ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बिहार की ओर से सलामी बल्लेबाज प्रियांशी और आकांक्षा मैदान पर उतरीं। शुरुआत में दोनों ने संयम से खेलते हुए 29 रनों की साझेदारी की। दूसरे ओवर में यूपी की गेंदबाज श्वेता ने प्रियांशी को बोल्ड कर दिया। इसके बाद क्रीज पर आईं अमृता ने आकांक्षा के साथ मिलकर तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 114 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। अमृता ने मात्र 26 गेंदों पर 52 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि आकांक्षा ने भी आक्रामक अंदाज में रन बटोरे। निर्धारित 12 ओवर में बिहार की टीम ने 150 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। 87 रनों पर ही सिमट गई यूपी की टीम 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपी की टीम की शुरुआत बेहद धीमी रही। सलामी बल्लेबाज शिल्पी और गीतांजलि ज्यादा देर तक टिक नहीं सकीं। चार रन के स्कोर पर ही गीतांजलि वर्षा की गेंद पर शॉर्ट मिड विकेट पर कैच आउट हो गईं। इसके बाद यूपी की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम 87 रनों पर सिमट गई। अमृता को मिला वीमेन ऑफ़ द मैच बेहतर प्रदर्शन के लिए बिहार की अमृता को वीमेन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। मैच में अंपायरिंग अविनाश कुमार बबलू और राजवीर भारती रिंकू ने की, जबकि स्कोरिंग मनोज कुमार ने संभाली। शिक्षकों हरिद्वार प्रसाद और आसिफ इकबाल ने रोचक और ज्ञानवर्धक कमेंट्री कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष शाहबाज मिन्हाज ने की।
EMI में रिश्वत लेते सीनियर ऑडिट ऑफिसर अरेस्ट:मुरादाबाद में विजिलेंस ने 50 हजार की घूस लेते पकड़ा
बरेली की विजिलेंस टीम ने मुरादाबाद में सीनियर ऑडिट ऑफिसर को ईएमआई में रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पहली किस्त में ही विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोर सीनियर ऑडिट ऑफिसर को धर दबोचा। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की बरेली टीम ने बुधवार को मुरादाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी अनिरुद्ध द्विवेदी को 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। ग्राम पंचायतों के ऑडिट के बदले मांगी थी 3 लाख की घूसपूरा मामला मुरादाबाद जिले की ग्राम पंचायतों के ऑडिट से जुड़ा है। सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी (सहकारी समितियां एवं ग्राम पंचायत) अनिरुद्ध द्विवेदी ने शिकायतकर्ता से उसकी छह ग्राम पंचायतों-दुपैड़ा रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा का वित्तीय वर्ष 2024-2025 का ऑडिट करने के एवज में 3 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। किस्तों में तय हुआ था सौदारिश्वत की बड़ी रकम को लेकर जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई, तो अधिकारी ने इसे किस्तों में लेने पर सहमति दी। अनिरुद्ध द्विवेदी ने कहा था कि पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये दे दो, बाकी की रकम बाद में ली जाएगी। हालांकि, शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय बरेली सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर दी। विजिलेंस ने जाल बिछाकर मुरादाबाद से किया अरेस्टशिकायत मिलते ही विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। बुधवार, 14 जनवरी 2026 को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 50 हजार रुपये नकद अनिरुद्ध द्विवेदी को थमाए, मौके पर मौजूद विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीसतर्कता अधिष्ठान ने इस कार्रवाई के साथ ही आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी लोक सेवक (राजपत्रित या अराजपत्रित) सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक सीधे रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
औरंगाबाद के देव प्रखंड के बाबू खडीहा गांव में आज गांव से दूर रह कर भी गांव के प्रति प्रेम की झलक दिखी। यहां 2000 दलित, महादलित, कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ मकर संक्रांति का महापर्व मनाया गया। इस दौरान सभी को चूड़ा, दही, तिलकुट खिलाया गया। साथ ही उन्हें कम्बल देकर विदा किया गया। यह आयोजन पिछले 21 साल से हो रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद की उपाध्यक्ष किरण सिंह, वरीय राजद नेता इंजीनियर सुबोध कुमार सिंह, देव व्यापार मंडल के अध्यक्ष अरविंद सिंह,उदय प्रताप सिंह, संजीव कुमार सिंह उर्फ राजू आदि ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। लोगों को आभार किया व्यक्त अपने संबोधन में उपाध्यक्ष ने इस कार्यक्रम की न सिर्फ सराहना की बल्कि इस आयोजन से जुड़े लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। जो तन मन धन से निस्वार्थ भाव से इस परमार्थ का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस ठंड में कांपते बदन को कम्बल का सहारा देकर उन्हें कृतार्थ किया है,उससे बड़ा पुण्य नहीं हो सकता। वरीय राजद नेता सुबोध सिंह ने कहा कि इस आयोजन के सूत्रधार गांव के ही देव कुमार सिंह हैं। जो अभी रामगढ़ रांची के वासी हो गए है। लेकिन गांव से दूर रह कर भी उनकी आत्मा अपने पूरे पंचायत के लोगों के साथ जुड़ी है और पिछले 21 साल से उनके दिशा निर्देश पर यह आयोजन निर्बाध गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज अस्वस्थता के कारण वे यहां उपस्थित नहीं हो सके है, लेकिन उनके प्रतिनिधि बनकर उदय प्रताप सिंह यहां मौजूद है। राजद नेता ने कहा कि यहां की मिट्टी का प्यार ही सभी को अपने परिवार और समाज से जोड़ रखा है और यह प्यार आगे भी बरकरार रहेगा।
टीकमगढ़ में पंचायत सचिव से मारपीट:चुनावी रंजिश में घर जाते समय किया हमला; भाजपा नेता पर आरोप
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव जयराम सेन से मारपीट का मामला सामने आया है। बुधवार शाम करीब 5 बजे जयराम सेन मोहनगढ़ से अपने गांव दिगौड़ा जा रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोककर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चुनावी रंजिश में पीटा जयराम सेन ने आरोप लगाया कि 2 जनवरी को पंचायत में हुए उपचुनाव के चलते उन पर हमला किया गया। उन्होंने भाजपा नेता अंशुल खटीक और कुछ अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया। जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि जयराम सेन ने मोहनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। घटना के समय कांटी गांव के पास चार अज्ञात लोगों ने उन्हें रोका। हमलावरों ने चेहरे कपड़े से ढके थे और उन्होंने जयराम सेन की बाइक की चाबी छीन ली। विरोध करने पर दो लोगों ने उनके पैरों पर लाठी से हमला किया और अन्य दो ने हाथों और उंगलियों पर चोट पहुंचाई। पुलिस ने दर्ज की FIR पीड़ित के चिल्लाने पर रास्ते से गुजर रहे ग्रामीण परमलाल केवट रुक गए और मोहनगढ़ सरपंच अखिलेश केवट को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। एसडीओपी ने बताया कि डॉक्टरी रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।
छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित प्रताप सागर तालाब में एक युवक के आत्महत्या करने का संदेह जताया जा रहा है। सबनीगर मोहल्ले का निवासी फरीद नामक युवक मंगलवार रात से लापता है। एसडीआरएफ की टीम तालाब में लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजनों के अनुसार, फरीद मेडिकल क्षेत्र में काम करता था। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे वह अपनी दुकान से निकला था। उसने पहले अपने मालिक को घर छोड़ा। इसके बाद जब परिजनों ने उसे फोन किया तो फरीद ने बताया कि वह थोड़ी देर से घर आएगा। बाद में उसका फोन लगातार व्यस्त आया और कुछ देर बाद बंद हो गया। सीसीटीवी फुटेज में फरीद को प्रताप सागर तालाब की ओर जाते हुए देखा गया है। तालाब के किनारे उसकी स्कूटी और चप्पलें मिली हैं, जिससे आत्महत्या की आशंका और गहरी हो गई है।फरीद के चाचा मोहम्मद सलीम ने बताया कि युवक का विवाह मार्च महीने में तय था। परिवार इस घटना से स्तब्ध है। एसडीआरएफ और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। मंगलवार रात से लापता हुए युवक का बुधवार देर रात तक, यानी 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं।
धार जिले के बाग पास ग्राम देवधा मालपुरा स्कूल के शिक्षक ने बड़वानी थाना क्षेत्र के छोटी कसरावद पुल से नर्मदा नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शाम चार बजे की है।एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर एक घंटे बाद शव बाहर निकाला। बड़वानी अस्पताल में पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस घटना की जांच कर रही है। सुबह स्कूल से बिना बताए निकले जानकारी के अनुसार, ने शिक्षक करमसिंह गहलोत (42) सुबह करीब ग्यारह बजे प्राथमिक शाला मालपुरा देवधा से बिना किसी को सूचना दिए अपनी बाइक लेकर निकल गए थे। शाम चार बजे वह धार और बड़वानी जिले की सीमा पर स्थित छोटी कसरावद पुल पर पहुंचे और बाइक खड़ी कर नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। एनडीआरएफ टीम ने एक घंटे बाद निकाला स्थानीय लोगों से घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद शिक्षक के शव को नदी से बाहर निकाला। शव को बड़वानी अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। एक साल पहले की दूसरी शादी, दो बच्चे कुक्षी थाने की निसरपुर चौकी पुलिस और बड़वानी पुलिस ने मृतक की पहचान की। शिक्षक बाग के समीप ग्राम आगर का निवासी थे और प्राथमिक शाला मालपुरा में पदस्थ थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिक्षक गहलोत की पहली पत्नी का निधन चार साल पहले हो गया था। उन्होंने एक साल पहले दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो बच्चे इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। कुक्षी थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया शिक्षक की पहचान बाग ब्लॉक के ग्राम आगर के रहवासी के रूप में हुई है। बड़वानी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। जांच के लिए केस डायरी बाग थाने भेजी जाएगी, जिसके बाद बाग पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
बालोद जिले में धान खरीदी के दौरान किसानों को हो रही लगातार परेशानियों और प्रशासनिक सख्ती के विरोध में जिले के तीनों विधायक और कांग्रेस पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मुलाकात की और नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने धान खरीदी व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग करते हुए किसानों को राहत देने की बात कही। कांग्रेस जिलाध्यक्ष चन्द्रेश हिरवानी, महिला बाल विकास विभाग की पूर्व मंत्री और डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद और बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। किसानों के घर जाकर स्टॉक जांच करना निंदनीय - कुंवर सिंह निषाद गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि जिले के किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सोसायटी केंद्रों में अव्यवस्था फैली हुई है। किसानों का धान अधिक मात्रा में होने के बावजूद टोकन वितरण में जानबूझकर देरी की जा रही है। इसके बाद किसानों के घर-घर जाकर धान का स्टॉक जांच कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर किसानों पर कार्रवाई करना और उन्हें अपराधियों की तरह खड़ा कर फोटो लेना अन्नदाताओं का अपमान है। इससे ग्रामीण समाज में गलत संदेश जा रहा है। यदि यह कार्रवाई जल्द बंद नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। यह है मुख्य मांगें और समस्याएं........ समय की कमी: धान खरीदी के लिए अब केवल 11 दिन शेष हैं, जबकि जिले के हजारों किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा जा सका है। लिमिट बढ़ाने की मांग: खरीदी केंद्रों की निर्धारित सीमा (लिमिट) को तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि किसान तय समय में अपना धान बेच सकें। प्रशासनिक प्रताड़ना: टोकन वितरण में देरी, अनावश्यक नियमों और प्रशासनिक सख्ती से किसानों को राहत देने की मांग की गई। धान परिवहन रोका जाएगा, आंदोलन करेंगे- चन्द्रेश हिरवानी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रेश हिरवानी ने बताया कि प्रशासन को लिखित रूप से चेतावनी दी गई है। यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जिले में धान परिवहन रोकने जैसे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। इस दौरान पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा, प्रदेश पदाधिकारी कृष्णा दुबे, मिथलेश निरोटी, गुलशन चंद्राकर, भोला देशमुख, राजू प्रभाकर, धनेश्वरी सिन्हा, पीयूष सोनी, रतीराम कोसमा, अंचल साहू, डॉ. किशोर साहू, सादिक अली, नरेंद्र सिन्हा, कुलदीप नौम्हारे, देवेंद्र साहू, कमलेश श्रीवास्तव, मोनू ठाकुर, यशवंत पुरी गोस्वामी, संदीप साहू, वैभव साहू, जमील बॉक्स, जितेंद्र यादव, भूषण साहू, तुल्लेस सिन्हा, हिमांशु सागर साहू सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
40 लाख की ठगी का मामला:फर्जी बंगाली डॉक्टर मथुरा से गिरफ्तार, पीड़ित करैरा थाने पहुंचे
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में 40 लाख रुपये की ठगी के एक मामले में करैरा पुलिस ने बुधवार, 14 जनवरी 2026 को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपी फर्जी बंगाली डॉक्टर बबलू गुचैट को मथुरा से गिरफ्तार किया है। उसे हिरासत में लेकर शिवपुरी लाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बबलू गुचैट 31 अक्टूबर 2024 को अपने परिवार के साथ करैरा से फरार हो गया था। उसने अपना किराए का मकान खाली कर क्लीनिक बंद कर दिया था। इसके बाद उसके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे थे। 4 नवंबर 2024 को वार्ड क्रमांक 12 निवासी सुरेश चंद्र जाटव ने करैरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने लैब खोलने की साझेदारी के नाम पर 7 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने कई अन्य लोगों से भी इलाज, लैब खोलने और निवेश के बहाने पैसे ठगे थे। इससे कुल ठगी की रकम बढ़कर लगभग 40 लाख रुपये हो गई। बुधवार को आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही, ठगी के शिकार हुए कई लोग करैरा थाने पहुंच गए। उन्होंने अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की। पुलिस को भीड़ को समझा-बुझाकर शांत करना पड़ा। करैरा थाना पुलिस ने आरोपी बबलू गुचैट, जो गिधभाष रानीगंज, जिला अररिया, बिहार का निवासी है, के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि शिवपुरी लाने के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। इस पूछताछ से ठगी की कुल रकम, अन्य पीड़ितों की संख्या और पूरे मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ा जाएगा।
जशपुर पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों मोहम्मद नवाब खान और मोहम्मद मुस्तकीम खान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला 6 जनवरी 2026 का है। सिटी कोतवाली जशपुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम डूमरटोली के जंगल मार्ग से बड़ी संख्या में गौवंशों को बेरहमी से पीटते हुए पैदल झारखंड राज्य की ओर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और तत्काल एक पुलिस टीम मौके पर भेजी गई। डूमरटोली जंगल में दबिश के दौरान पुलिस टीम ने 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। हालांकि, पुलिस को आता देख एक संदिग्ध तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया था। बाद में उसकी पहचान अजीत राम (38 वर्ष), निवासी ग्राम डूमरटोली के रूप में हुई, जिसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अजीत राम ने अपने साथी राजेश्वर राम के साथ-साथ गौवंश के मालिक नवाब खान और मुस्तकीम खान के नाम बताए। पुलिस ने उसी दौरान राजेश्वर राम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन दोनों गौवंश मालिक तब से फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की सघन पतासाजी के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद ली। जानकारी मिली कि दोनों आरोपी जशपुर क्षेत्र में ही छिपे हुए हैं। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से नवाब खान उर्फ मनुव्वर खान (38 वर्ष), निवासी आजाद मोहल्ला, जशपुरनगर और मुस्तकीम खान (48 वर्ष), निवासी मधुवनटोली, जशपुरनगर को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने हांकरों के माध्यम से गौवंशों को झारखंड की ओर तस्करी करना स्वीकार किया। आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। उन्हें 13 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी स्थित साईं मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर से दानपेटी लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने मंदिर में घुसते ही पहले अपना चेहरा कपड़े से ढका। इसके बाद उसने सीसीटीवी कैमरे के केबल खींचकर उसे बंद करने का प्रयास किया और दानपेटी लेकर भाग गया। धमतरी जिले में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। नगरी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 स्थित साईं मंदिर में यह चोरी की पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी यहां चोरी हो चुकी है। इस बार अज्ञात चोर दो दानपेटियां लेकर फरार हुए हैं। मंदिर समिति ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की मंदिर में हुई इस चोरी की घटना से भक्तों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने एक बैठक कर चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने साईं मंदिर और आसपास के क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त, पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं की जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है।
एमसीबी जिले में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दानीकुंडी, हसदेव गंगा तट, पालकीमाड़ा और श्री सिद्धबाबा मंदिर में भव्य मेलों का आयोजन किया गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो दिन भर बनी रहीं। भक्तों ने पवित्र स्नान कर सूर्यदेव की उपासना की और दान-पुण्य किया। मेलों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया। मकर संक्रांति के अवसर पर धार्मिक स्थलों को विशेष रूप से सजाया गया। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। पूरे जिले में धार्मिक आस्था, परंपरा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। मनेन्द्रगढ़ के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ मेलों के अलावा मनेन्द्रगढ़ के श्री खाटू श्याम मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर और शनि मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं और कई मेलों में पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रसिद्ध श्री सिद्धबाबा मंदिर और हसदेव गंगा तट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोग-भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई थी। मकर संक्रांति पर सबसे अधिक भीड़ श्री सिद्धबाबा मंदिर में देखी गई। भारी भीड़ के बीच पुलिस ने संभाली व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुबह से ही पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्था संभाले रहा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर होने के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों की सुविधा के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई थी। इन वाहनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पहाड़ी के निचले हिस्से से मंदिर तक और दर्शन के बाद मुख्य मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया गया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक सहयोग, धार्मिक आस्था और सेवाभाव का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला।
लखनऊ के कृष्णा नगर इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। एलडीए कॉलोनी सेक्टर-डी स्थित एलडीए गोल मार्केट की छत से गिरकर एक मानसिक रूप से बीमार महिला की मौत हो गई। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। कृष्णा नगर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली नेहा रानी (35) पत्नी प्रशांत कुमार अपने घर से निकली और एलडीए गोल मार्केट पहुंच गई। किसी तरह वह मार्केट के ऊपरी तल पर चढ़ गई। जहां से नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को तुरंत लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में महिला की पहचान होने पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कृष्णा नगर कोतवाली प्रभारी पीके सिंह ने बताया कि मृतका मूल रूप से लखीमपुर खीरी की रहने वाली थी और वर्तमान में अपने दो मासूम बच्चों के साथ एलडीए कॉलोनी सेक्टर-डी में मानसरोवर गुरुद्वारे के पास किराए के मकान में रहती थी। महिला का पति प्रशांत कुमार बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि उसके ससुर अरुण सिंह कृष्णा नगर के भोला खेड़ा इलाके में रहते हैं। परिजनों ने बताया नेहा रानी पिछले करीब पांच वर्षों से मानसिक रूप से बीमार थी और उसका इलाज अलग-अलग जगहों पर चल रहा था। उसके दो बच्चे सीएमएस स्कूल में पढ़ते हैं। घटना के समय महिला का पति लखनऊ में मौजूद नहीं था और सूचना मिलने के बाद भी वह अभी तक शहर नहीं पहुंच सका है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
संभल हिंसा मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई और उनके पीआरओ संजीव सोम को छर्रे लगने के मुकदमे में 23 जनवरी को सुनवाई होगी। इस मामले में 12 जनवरी को एसपी बिश्नोई के बयान छह घंटे तक दर्ज किए गए थे। न्यायालय में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के बयान दोपहर 12 बजे से शाम 6:30 बजे तक दर्ज किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि एसपी की गवाही मजबूत रही है, क्योंकि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा था। 5 अधिवक्ता मौजूद रहे और 140 सवालों पर बहस की। इस मुकदमे में 25 अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अधिवक्ता जकी अनवर, आफ़ताब हुसैन, कमर हुसैन, जमाल पाशा और मसूद अली फारुखी ने अभियुक्तों की ओर से बहस की। एसपी बिश्नोई के दोनों पैरों में छर्रे लगे थे, जबकि पीआरओ संजीव सोम को भी छर्रे से चोट आई थी। यह मामला 24 नवंबर 2024 को संभल के विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से संबंधित है। थाना नखासा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एडीजे पॉस्को कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। 24 नवंबर 2024 को एसपी के पीआरओ संजीव कुमार की तहरीर पर थाना नखासा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत 100-150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। विशेष जांच दल (SIT) ने इस मुकदमे में 40 से अधिक अभियुक्तों को नामजद किया है, जिनमें से 25 से अधिक अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है और उन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
मेरठ में एक मोबाइल टॉवर हंगामे की वजह बन गया। लोग सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते मकानों पर पलायन के पोस्टर भी लग गए। उनका आरोप था कि अवैध रूप से मोबाइल टॉवर लगाकर उनके परिवारों की जान को संकट में डाला जा रहा है। पहले जानते हैं क्या है मामला मामला ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की फ्रेंड्स कालोनी का है। यहां चार मंजिला मकान पर मोबाइल टॉवर लगाने का काम किया जा रहा है। लोगों को इसका पता चला तो वह विरोध में खड़े हो गए। मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब टॉवर लगाने वाले ने लोगों को धमकाना शुरु कर दिया। चार इंच की दीवार पर टॉवर क्षेत्रीय निवासी जुल्फीकार का कहना था कि 50 गज पर मकान बना है। तीन मंजिल बनाई हुई हैं। तीसरी मंजिल की छत पर यह टॉवर रखा जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि चार इंच की दीवार पर मकान खड़ा है। कभी भी हादसा हो सकता है। विरोध में लगा दिए पोस्टर देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। जिस व्यक्ति का यह मकान है, वह खुद को भाजपा नेता बताता है। लोगों ने जब टॉवर पर आपत्ति की तो वह अभद्रता पर उतर आया। आरोप है कि उसने खुद को भाजपा नेता बताकर धमकाना शुरु कर दिया। इसके बाद लोगों ने विरोध में पलायन के पोस्टर लगा दिए। बीमारी का बढ़ रहा खतरा क्षेत्रीय निवासी सिकंदर ने बताया कि एक टॉवर काफी पुराना है। वह जब रखा गया था, जब यहां आबादी नहीं थी। अब यहां आबादी है। टॉवर कमजोर बिल्डिंग पर लग रहा है, जिससे हादसे का खतरा है। सबसे बड़ी बात यह है कि टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन लोगों को बीमार बना रही हैं। पहले से दिक्कत है। अब और दिक्कत हो जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने भिलाई शहर के मंदिरों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। सर्कुलर मार्केट, कैंप-02 स्थित इच्छापूर्ति दुर्गा-गणेश मंदिर से भगवान हनुमान जी का चांदी का मुकुट और अन्य कीमती धार्मिक सामान चोरी करने के आरोप में एक महिला और बुजुर्ग को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी पति-पत्नी हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। इच्छापूर्ति दुर्गा-गणेश मंदिर, मटका लाइन, कैंप-2, भिलाई की समिति के अध्यक्ष ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंदिर में पूजा-पाठ का कार्य पंडित भोला महाराज करते हैं, जो मंदिर के ऊपर बने कमरे में ही रहते हैं। 9 जनवरी 2026 की शाम लगभग 4 बजे पंडित भोला महाराज मंदिर का गेट खोलकर अपने कमरे में स्नान के लिए चले गए थे। शाम करीब 6 बजे जब वे वापस मंदिर लौटे, तो उन्होंने देखा कि हनुमान जी की मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट, स्टील के बर्तन और लड्डू गोपाल जी की पीतल की मूर्ति झूले सहित गायब थे। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई है। आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से पड़ताल की गई। साथ ही, इलाके में मुखबिरों को सक्रिय किया गया, जिससे पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपियों में महिला की उम्र 48 साल है, जबकि पुरुष की उम्र 65 साल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया चांदी का मुकुट, पीतल की मूर्ति, झूला और अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से मंदिरों को निशाना बना रहे थे और सुनसान समय का फायदा उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
छिंदवाड़ा में बुधवार रात शंकरवन मेले से लौट रहे युवक-युवती के साथ बड़ा सड़क हादसा हो गया। चांद थाना क्षेत्र के ग्राम बाड़ीवाडा के पास अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार नवेगांव निवासी चांदनी (पिता विनोद दर्शनीय) और रोहित (पिता मनीराम गुरेरा अहीर) मोटरसाइकिल से शंकरवन मेले से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बाड़ीवाडा के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि चांदनी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल रोहित को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरई पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है।
दतिया में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने बुधवार को बड़ौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि लापरवाही बरतने पर दो मेडिकल ऑफिसर सहित नेत्र सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, दवाओं की स्थिति और स्टाफ की उपस्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में तीन प्रसूताएं भर्ती पाई गईं, जिनसे डॉ. वर्मा ने बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रसूताओं को दी जा रही सेवाओं पर संतोष जताया। हालांकि निरीक्षण के समय नेत्र सहायक बीपी सुखानी अनुपस्थित मिले, जिस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं मेडिकल ऑफिसर ज्योत्सना सेंगर सहित एक अन्य एमओ के 1 जनवरी 2026 से उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इस लापरवाही पर दोनों अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं, उपकरणों और साफ-सफाई की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेसवे थानाक्षेत्र में सेक्टर-129 के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रक चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना नौ जनवरी की है। घायलों को गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान युवकों की मौत हो गई। थाने में दी शिकायत में संत कबीर नगर के खलीलाबाद निवासी अमित चौधरी ने बताया कि नौ जनवरी को उनके चाचा पंकज कुमार सहकर्मी विवेक कुमार और गुलशेर अली को बाइक पर लेकर परी चौक से होते हुए नोएडा आ रहे थे। रात ग्यारह बजे के करीब एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में ट्रक चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक में टक्कर मार दी। बाइक सवार तीनों युवक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती राहगीरों की मदद से घायलों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के चलते उपचार के दौरान ही विवेक और पंकज की मौत हो गई। गुलशेर अली ही हालत गंभीर है और उसका उपचार चल रहा है। हादसे के बाद घटना की जानकारी घायलों के परिजनों को दी गई थी। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। सिर और सीने में आई थी चोटपुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। घटनास्थल के पास पुलिस को हेलमेट नहीं मिला है। जांच की जा रही है कि बाइक सवार युवकों ने हेलमेट लगाया था या नहीं। मृतक विवेक और पंकज के घर में मातम पसरा हुआ है। घायलों के सिर और सीने में चोट आई थी। टक्कर से बाइक भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। सीधी-रीवा मुख्य मार्ग पर नकटा नाला के पास कृष्णा ट्रेवल्स की बस और एक बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक ने जिला अस्पताल सीधी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद बस का ड्राइवर फरार हो गया। देखें हादसे की 3 तस्वीरें... राहगीरों ने दी सूचना, पुलिस पहुंची मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस करीब 10 मिनट में मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक पनवार सेंगरान और आसपास के गांवों के निवासी थे। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की आगे जांच जारी है। हादसे में इनकी मौत कृष्णा ट्रेवल्स की बस जब्त दुर्घटना में शामिल बस कृष्णा ट्रेवल्स की बताई जा रही है, जिसका नंबर MP-17 P-1250 है। बस सीधी से रीवा की ओर जा रही थी। पुलिस ने बस को जब्त कर निगरानी में खड़ा करा दिया है। जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। सड़क की स्थिति, वाहनों की रफ्तार और लापरवाही जैसे बिंदुओं पर भी जांच हो रही है।
सहारनपुर पुलिस ने बुधवार को एक शातिर स्मैक तस्कर को अरेस्ट किया है। आरोपी के पास से 26 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 5 लाख 20 हजार रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी विकास उर्फ साहिल पुत्र राजपाल के रूप में हुई है। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से यह अभियान तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि, एसएसपी के निर्देश पर जनपद पुलिस लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी। गंगोह पुलिस ने 'ऑपरेशन सवेरा' के तहत इस तस्कर को रंगे हाथों पकड़ा है। थाना गंगोह पुलिस टीम ने गश्त और चेकिंग के दौरान आलमपुर चौराहे के पास से आरोपी विकास उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 26 ग्राम अवैध स्मैक मिली है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 5 लाख 20 हजार रुपये है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विकास उर्फ साहिल लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय था और गंगोह ओर आसपास के क्षेत्रों में स्मैक की आपूर्ति करता था। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में नशे के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे। पुलिस आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। फिलहाल, आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बलरामपुर में नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई:परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान
बलरामपुर में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बुधवार रात एक संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने भगवतीगंज तिराहा और स्टेशन रोड पर चलाया। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ बृजेश कुमार ने किया, जबकि यातायात प्रभारी उमेश सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान दोपहिया, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों की गहन जांच की गई। नशे की हालत में वाहन चलाने के संदेह पर चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, नशे में गाड़ी न चलाने और अपनी व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे चेकिंग अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत महेश पंचायत के मोतीचक फील्ड मैदान में मकर संक्रांति के अवसर पर पुलिस और पब्लिक के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस रोमांचक मुकाबले में पुलिस टीम ने पब्लिक टीम को 24 रनों से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच आपसी सौहार्द, विश्वास और सामाजिक समरसता को मजबूत करना था। मैच 15 ओवर का था, जिसमें दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। पुलिस टीम ने अनुशासित गेंदबाजी और सधी हुई बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। मैच के दौरान मैदान पर बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथियों ने किया टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथियों ने किया। इनमें सुल्तानगंज थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, जदयू अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महेश दास और नगर सभापति राजकुमार गुड्डू प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय हासिल किया और उन्हें खेल भावना के साथ खेलने का आह्वान किया। मैच के समापन के बाद, विजेता पुलिस टीम को मुख्य अतिथियों और महेश पंचायत के मैच आयोजकों की ओर से शील्ड और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे खेल आयोजन सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं और पुलिस व जनता के बीच भरोसे को और मजबूत करते हैं।
इंदौर की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बुधवार रात एनआरआई से जुड़े एक जमीन फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यूएई में मौत हो जाने के बाद इंदौर स्थित उनकी बेशकीमती जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया था। इसी तरह के एक अन्य फर्जीवाड़े के मामले में स्कूल संचालकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। टीआई कन्हैयालाल दांगी के मुताबिक पहला मामला रूबीना पति अजमत उल्ला निवासी नंदनवन माणिकबाग, उसके पति अजमत उल्ला, इल्तिफात अली पुत्र एयू खान और जावेद अली सैय्यद पुत्र हुसैन अली, निवासी अशोक कॉलोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का है। टीआई दांगी ने बताया कि सिंहासा क्षेत्र में करीब 12.66 हेक्टेयर जमीन बरकत उल्ला और करामत उल्ला, पुत्र कुदरत उल्ला की थी। बरकत उल्ला की 7 अक्टूबर 2010 को यूएई में मौत हो चुकी थी। उन्होंने अपने रिश्तेदार अय्यूम को आम मुख्तियार नियुक्त किया था। मुख्तियारनामा के अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए रूबीना और अजमत उल्ला ने पांच विक्रय पत्र तैयार कराए, जिनमें 1 करोड़ 2 लाख रुपए से अधिक की राशि दर्शाई गई। इन दस्तावेजों में बरकत उल्ला को जीवित बताया गया, जबकि शपथ पत्र में काटछांट और ओवरराइटिंग की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि रिश्तेदार अय्यूम की भी पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर लिया। परिवार से जुड़े लोगों ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत ईओडब्ल्यू से की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।
रनिया में अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:पेट्रोल पंप के पास हुआ हादसा, किशोरी गंभीर घायल
रनिया थाना क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 4:30 बजे एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना भोले सिंह पेट्रोल पंप के पास हुई। पुलिस के अनुसार, अकबरपुर की ओर जा रहे बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी थी। सूचना मिलने पर रनिया पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान डेरापुर थाना क्षेत्र के नंदपुर निवासी अंकित कुमार (20) पुत्र राजेश कुमार के रूप में हुई है। दुर्घटनाग्रस्त बाइक का है। बाइक पर दीक्षा पाल नाम की एक किशोरी भी सवार थी, जो टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर नगर के हैलेट अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। रनिया थाना प्रभारी शिव नारायण सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि तहरीर मिलने पर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शराब पीकर टोंक के सरकारी सआदत अस्पताल पहुंचने वाले डॉ.अनुराग शर्मा को कार्यमुक्त कर दिया है। उसे अब जयपुर मुख्यालय पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय जयपुर के लिए रिलीव कर दिया है। सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉक्टर हनुमान प्रसाद बैरवा ने बताया कि कलेक्टर कल्पना अग्रवाल के आदेश पर सआदत अस्पताल में तैनात सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ.अनुराग शर्मा को आज ही जयपुर के लिए यहां से कार्यमुक्त कर दिया है। हालांकि पीएमओ बैरवा की ओर से जारी किए रिलीव आदेश में डॉक्टर शर्मा को कार्यमुक्त करने का कारण प्रशासनिक बताया है। घटना सआदत हॉस्पिटल की सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे की थी। घटना से वार्ड में मौजूद मरीज असहज हो गए और स्टाफ से डॉक्टर को वहां से हटाने के लिए कहा। लेकिन स्टाफ डॉक्टर की इस शर्मनाक हरकत को देखता रहा। सूचना पीएमओ तक पहुंची, जिनकी दखल के बाद डॉक्टर को व्हील चेयर पर बैठाकर घर तक पहुंचाया गया। पहले देखिए- शर्मसार कर देने वाली तस्वीरें पढ़ें ये खबर भी… अस्पताल में नशे में पहुंचा डॉक्टर,मरीजों के सामने टॉयलेट किया:लड़खड़ाते हुए फर्श पर गिर पड़ा, व्हील चेयर पर घर छोड़ना पड़ा टोंक के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में सोमवार रात शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सीनियर मेडिकल ऑफिसर रात को नशे में हॉस्पिटल पहुंचा। (पढ़ें पूरी खबर)
घर का कमरा बंद कर युवक ने लगाई फांसी,मौत:कारणों का पता नहीं लग सका,दो बच्चों का बाप था मृतक
अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उमरैण में 30 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान अमरीश पुत्र खुशीराम, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी ग्राम उमरैण के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मृतक के चाचा के लड़के अमित शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि अमरीश आज शाम के समय अपने घर में मौजूद था। इसी दौरान अज्ञात कारणों के चलते उसने घर के अंदर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजनों ने उसे काफी देर तक बाहर नहीं देखा तो आवाज दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजन अंदर पहुंचे तो अमरीश फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिजन मृतक को अलवर जिला अस्पताल लेकर आए। जहां पर युवक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के अनुसार मृतक अमरीश पेशे से प्लंबर का कार्य करता था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों ने फिलहाल किसी प्रकार के पारिवारिक विवाद या आत्महत्या के ठोस कारण की जानकारी नहीं दी है। आत्महत्या के पीछे किन कारणों से यह कदम उठाया गया, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। अकबरपुर थाना पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मृतक के दो बच्चे है।
भोपाल के अबान को बाबा ने दिया था नशा:पार्टी और पबों में एमडी ड्रग करता है सप्लाई,पुलिस तलाश में जुटी
इंदौर की कनाडिया पुलिस ने 65 हजार की एमडी ड्रग के साथ सैयद अबान शकील को शनिवार रात पकड़ा। उसने बाबा नाम के आरोपी से यह ड्रग देने की बात की थी। जो पार्टी और पबों में नशा करने वालो को यह उपलब्ध कराता है। पुलिस अब सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है।कनाडिया पुलिस ने बायपास में पार्टी मना रहे भोपाल के सैय्यद अबान शकील निवासी कोहेफिजा को पकड़ा था। अबान ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि वह पार्टी मनाने छुट्टी होने पर शनिवार को आता था। यहां दोस्तों के साथ पार्टी करता। उसकी इंदौर के पब में पार्टी के दौरान ही बाबा निवासी लसूडिया नाम के लड़के से पहचान हुई। वह ड्रग पैडलर है। वहीं खुद को इंवेट मैनेजमेंट से जुड़ा बताता है। इसी नाम को लेकर वह पूरा काम करने लगा था।मोबाइल में मिली नशे को लेकर चैटिंगअबान और बाबा के बीच इंदौर आने के पहले वाट्सऐप की चैटिंग भी मिली है। जिसमें नशा देने के लिए बाबा उससे कोडवर्ड में बात कर रहा था। बाबा पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता है। अफसरों के मुताबिक बाबा करीब डेढ़ से दो सालों से इसी तरह के नेटवर्क में जुड़ा है। बताया जाता है कि बाबा ने तीन लोगों को मिलाकर 60 ग्राम एमडी दी थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में साढे 5 ग्राम का ही केस बनाया है।
गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के सामुदायिक निवेश निधि में 1.15 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) कुलदीप कुमार सहित 12 लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इन 12 आरोपियों में समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की महिला पदाधिकारी भी शामिल हैं। सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से चल रहा था। रुपईडीह ब्लॉक एक आकांक्षी ब्लॉक है और नीति आयोग की निगरानी में कार्यरत है। दिसंबर 2023 में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंकिता जैन के निर्देश पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई। लगभग एक साल तक चली इस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ बनाए गए थे। नियमानुसार, प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे। हालांकि, तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख रुपये तक की रकम जारी करवा ली गई। चार अलग-अलग मामलों में जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह, फरेंदा शुक्ल में 21,21,531 रुपये के गबन के आरोप में अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी, कोषाध्यक्ष जोखना देवी व बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं। भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंककुमारी पर केस दर्ज हुआ है। महिला शक्ति ग्राम संगठन, पचरन में 38,85,960 रुपये के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की, कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार आरोपी बनाए गए हैं। राधा महिला ग्राम संगठन,खरगूपुर डींगुर में 42,61,900 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंककुमारी, सचिव काजल तिवारी, कोषाध्यक्ष कांती देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर शेषमणि पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। घोटाले के खुलासे के बाद विकास विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
रेवाड़ी में 11 जनवरी को पुलिस के साथ मुठभेड़ होने से पहले बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। बदमाश करीब चार माह पहले हुई हत्या के मामले में गवाह को तोड़ने के लिए इस वारदात को अंजाम देना चाहते थे। इसी मामले में सीआईए ने बदमाशों को हथियार देने के आरोपी गोकलगढ़ निवासी तरूण उर्फ तन्नु को गिरफ्तार किया है। तीन से चार आरोपियों की अभी भी पुलिस को तलाश है। चार माह पहले हुई थी अंकित की हत्या रेवाड़ी में करीब चार माह पहले बदमशों ने अंकित नामक युवक की हत्या की थी। हत्या के इस मामले में गवाह को तोड़ना चाहते थे। इसके लिए बदमाशों ने अंकित के एक नजदीकी की हत्या करने की तैयारी थी। जिससे गवाह पर दबाव बने और वह गवाही देने से पीछे हट जाए। मीरपुर के पास हुई थी मुठभेड़रेवाड़ी सीएआई इंजार्च सुमेर सिंह की अगुवाई में पुलिस और बदमाशों के बीच 11 शनिवार-रविवार की रात मीरपुर के पास मुठभेड़ हुई थी। जिसमें पैर में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए थे। दो बदमाशों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था और आरोपियों के खिलाफ हत्या प्रयास सहित एक दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस जवान को भी गोली लगी थी, परंतु बुल्टप्रूफ जैकेट के कारण वह बच गया था। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इनामी बदमाश गोकलगढ़ निवासी हर्ष उर्फ तोतला उर्फ चीता और आनंदरपुर रोहतक निवासी विकास उर्फ मोटू घायल हो गए थे। जींद के गुड़ा खेड़ा निवासी रितिक और गोकलगढ़ के नीरज उर्फ अज्जु ने आत्मसंर्पण कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने चारो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना के मैंगल्स रोड में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए एक नया, आधुनिक और हाईटेक भवन बनाया जाएगा। इस पर करीब 51 करोड़ 19 लाख रुपए खर्च होंगे। इस बात की जानकारी खुद उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने दी है। सम्राट चौधरी ने बताया कि यह नया भवन बेसमेंट, ग्राउंड और पांच मंजिल यानी कुल मिलाकर 7 मंजिला होगा। इसी एक ही परिसर में साइबर अपराध से जुड़े सारे बड़े अफसर, तकनीकी टीम और जांच से जुड़े विभाग बैठेंगे। यहां उनके लिए आधुनिक दफ्तर, जरूरी तकनीकी कमरे, मीटिंग हॉल और बाकी सारी सुविधाएं होंगी। अब एक छत के नीचे होगी पूरी साइबर पुलिस अभी तक साइबर अपराध से जुड़े कई दफ्तर अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं, जिससे काम में दिक्कत आती है और समय भी ज्यादा लगता है। नया भवन बनने के बाद सब कुछ एक ही जगह होगा। इससे किसी भी साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, हैकिंग या डिजिटल अपराध की जांच तेजी से और बेहतर तरीके से हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में अपराध का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब अपराधी मोबाइल, इंटरनेट और कंप्यूटर के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। कभी केवाईसी के नाम पर, कभी बैंक अकाउंट खाली कर, तो कभी सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस को भी उतनी ही आधुनिक और तकनीकी तौर पर मजबूत बनाना जरूरी हो गया है। हाईटेक सिस्टम से लैस होगा नया भवन नए भवन में सिर्फ दफ्तर ही नहीं होंगे, बल्कि डिजिटल जांच लैब, डेटा एनालिसिस सेंटर, सर्वर रूम और तकनीकी निगरानी कक्ष भी बनाए जाएंगे। इससे मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच यहीं हो सकेगी और बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे केस जल्दी सुलझेंगे और अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। पुलिस को मिलेगा बेहतर माहौल, आम लोगों को राहत सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ इमारत खड़ी करना नहीं है, बल्कि पुलिस को अच्छा काम करने का माहौल और आधुनिक संसाधन देना है। जब पुलिस मजबूत होगी, तभी आम लोग सुरक्षित महसूस करेंगे। इस भवन के बन जाने से साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगाने में काफी मदद मिलेगी और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। खासकर ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को अब अपनी शिकायतों पर तेज और असरदार कार्रवाई देखने को मिलेगी।
चौकी प्रभारी निलंबित, एसपी ने की कार्रवाई:विवेचना में लापरवाही बरतने पर विभागीय जांच शुरू
मऊ जिले में विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में कुर्थीजाफरपुर चौकी प्रभारी भास्कर राय को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक इलामारन ने यह कार्रवाई कोपागंज थाना क्षेत्र के सोड़सर गांव में हुई मारपीट और फायरिंग की घटना की जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद की है। यह मामला 19 अप्रैल 2025 का है, जब सोड़सर गांव में पट्टीदारों के बीच विवाद के दौरान फायरिंग हुई थी। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले की जांच को लेकर उच्चाधिकारियों के पास शिकायतें पहुंची थीं कि विवेचना तय मानकों के अनुरूप नहीं की जा रही है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की समीक्षा कराई। समीक्षा के दौरान विवेचना में गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद चौकी प्रभारी भास्कर राय के निलंबन का आदेश जारी किया गया। साथ ही, मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक इलामारन ने स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को भविष्य में ऐसी चूक से बचने के लिए सतर्कता बरतने की चेतावनी भी दी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि उपनिरीक्षक भास्कर राय कुर्थीजाफरपुर पुलिस चौकी पर तैनात थे। उन्होंने एक विवेचना में घोर अनियमितता बरती थी, जिसका संज्ञान पुलिस अधीक्षक इलामारन ने लिया। भास्कर राय को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रायबरेली में बुधवार को डलमऊ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में मासूम अली हुसैन की तेज रफ्तार क्रेटा कार ने रौद दिया। जिससे मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अली हुसैन पुत्र अफाक हुसैन अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान अज्ञात परिस्थितियों में तेज रफ्तार क्रेटा कार (संख्या UP 32 QC 1917) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और वाहन चालक ने बच्चे को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डलमऊ पहुंचाया। जहां प्राथमिक इलााज के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे एम्स रायबरेली रेफर कर दिया गया। एम्स रायबरेली में इलाज के दौरान मासूम अली हुसैन ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया है कि दुर्घटना करने वाली क्रेटा कार लखनऊ निवासी शैलजा सिंह के नाम पंजीकृत है। चौकी प्रभारी विनय पाठक ने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे की मौत हुई है। फिलहाल इस मामले में मृतक के परिजनों द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है, जिस कारण अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
संतकबीरनगर में ई-रिक्शा चालक अमन हत्याकांड के फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खलीलाबाद कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एक वर्ष से फरार चल रहे सगे भाइयों के घरों की कुर्की की। बैरमपुर गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराते हुए की गई इस कार्रवाई से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि बैरमपुर गांव निवासी अमन 10 फरवरी 2025 को लापता हो गया था। अगले दिन उसके पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। 11 फरवरी को अमन का ई-रिक्शा महुली थाना क्षेत्र के घोरही गांव के पास लावारिस हालत में मिला, जिससे अनहोनी की आशंका गहराने लगी। 16 फरवरी 2025 को अमन के पिता की तहरीर पर पुलिस ने ओमप्रकाश, जयप्रकाश, श्याम और रोहित उर्फ रवि नामक सगे भाइयों के खिलाफ अपहरण, हत्या और शव ठिकाने लगाने का मुकदमा दर्ज किया। 23 मार्च को महुली थाना क्षेत्र के मैनसिर गांव के सिवान में नहर से एक सड़ी-गली और क्षत-विक्षत लाश बरामद हुई। शव को ईंट से बांधकर पानी में डुबोया गया था। कपड़ों और जूतों के आधार पर शव की पहचान अमन के रूप में हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर जानलेवा वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। करीब दो महीने की गहन विवेचना के बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बैरमपुर निवासी रवि प्रकाश उर्फ रोहित और कटाई गांव निवासी हरिकेश सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त लोहे की पाइप और एक बाइक बरामद की गई। पूछताछ में जमीन विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ओमप्रकाश, जयप्रकाश और श्याम इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता थे, जो घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस द्वारा कई बार दबिश देने के बावजूद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी और वे न्यायालय में भी पेश नहीं हुए। अंततः मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 05 जनवरी को धारा 85 बीएनएसएस के तहत आदेश जारी किया गया। इसके अनुपालन में 13 जनवरी को खलीलाबाद पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों के घरों में मौजूद चल संपत्तियों की कुर्की की। कार्रवाई कोतवाली प्रभारी पंकज कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर क्राइम राकेश कुमार सिंह, तितौवां चौकी इंचार्ज हरिकेश बहादुर सिंह, एसआई इल्ताफ खां समेत भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) ने अदानी ग्रुप की मिर्जापुर थर्मल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के 1500 मेगावाट पावर प्रोजेक्ट के पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) पर बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने बिडिंग रूट से मिली 5.38 प्रति यूनिट की दर को शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया है। आयाेग ने फ्लू गैस डी-स्लफराइजेशन (एफजीडी) संयंत्र न लगाने से होने वाली बचत पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने साफ कहा कि हम कोई डाकघर या सिर्फ मोहर लगाने वाला संस्थान नहीं हैं, उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है। यूपीपीसीएल द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 63 के तहत दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद आयोग ने आदेश जारी किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि एफजीडी न लगने से वास्तविक बचत का सही आकलन जरूरी है। अदानी ग्रुप ने आयोग के दबाव के बाद एफजीडी न लगाने से औसतन 270 करोड़ रुपए की त्रैमासिक बचत बताई, लेकिन आयोग ने इसे अंतिम नहीं माना। पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट शुरू से लेकर पूरा होने तक हर तिमाही वास्तविक बचत का आकलन कर आयोग के सामने पेश करे, ताकि इसका पूरा लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंचे।याचिका दाखिल करते समय यूपीपीसीएल ने एफजीडी न लगने की बचत नहीं दिखाई थी। भारत सरकार द्वारा एफजीडी अनिवार्यता खत्म करने के बाद भी दोनों पक्षों ने आपसी समझ से बचत नहीं बताई, जिस पर आयोग ने कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद ही 270 करोड़ रुपए का आंकड़ा सामने आया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल किया। वर्मा ने कहा कि 270 करोड़ रुपए की बचत वास्तविकता से बहुत कम है। फरवरी 2025 में राज्यसभा में ऊर्जा राज्य मंत्री ने माना था कि एफजीडी की लागत 85 लाख से 1.2 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट है। ऐसे में 1500 मेगावाट प्रोजेक्ट पर अदानी ग्रुप को करीब 2000 करोड़ (कुछ अनुमानों में ₹1750 करोड़) तक की बचत हो सकती है। परिषद ने मांग की कि इस बचत का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिले। कैपिटल कॉस्ट में कमी आएगी, जिससे फिक्स्ड कॉस्ट भी कम होनी चाहिए। साथ ही चेंज इन लॉ के तहत जीएसटी आदि बदलावों से भविष्य में एनर्जी चार्ज में कमी आएगी, इसकी सतत निगरानी हो। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि धारा 63 के तहत टैरिफ एडॉप्शन शर्तों के साथ संवैधानिक है या नहीं। आयोग से पुनर्समीक्षा की मांग की गई, क्योंकि एफजीडी बचत से दर में बदलाव की स्थिति बन सकती है। आयोग ने आदेश में जीएसटी बदलाव का भी आकलन करने को कहा है, जिससे एनर्जी चार्ज में कमी आएगी। कुल मिलाकर फिक्स्ड और एनर्जी चार्ज दोनों में कमी की संभावना है, जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। आयोग ने उपभोक्ता हितों की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत उचित फैसले लेना हमारी जिम्मेदारी है।
किशनगंज में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए निजी नर्सिंग होम की लापरवाही के कारण मरीजों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला शहर के मारवाड़ी कॉलेज रोड स्थित निशा नर्सिंग होम का है, जहां एक महिला मरीज की मौत के बाद नाराज परिजनों ने जमकर बवाल किया। प्रसव पीड़ा के बाद नर्सिंग होम में भर्ती, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत बीते दिनों प्रसव पीड़ा उठने के बाद एक गर्भवती महिला को निशा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। नर्सिंग होम में मौजूद चिकित्सक द्वारा महिला का ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत अचानक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में सिलीगुड़ी रेफर, इलाज के दौरान मौत मरीज की हालत गंभीर होते देख नर्सिंग होम प्रबंधन ने उसे आनन-फानन में सिलीगुड़ी रेफर कर दिया। वहां से महिला को पूर्णिया ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। बुधवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप मृतका की पहचान कोचाधामन थाना क्षेत्र के डेरा मारी पंचायत के बाभन गांव निवासी अनसरी बेगम (पति: अंजार आलम) के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से महिला की किडनी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। शव लेकर नर्सिंग होम पहुंचे परिजन, जमकर किया हंगामा महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर इमाम नगर स्थित निशा नर्सिंग होम पहुंचे और जमकर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हंगामा देख नर्सिंग होम संचालक फरार, बोर्ड तक हटाया हंगामा बढ़ता देख नर्सिंग होम के संचालक और कर्मियों ने नर्सिंग होम में ताला जड़ दिया और फरार हो गए। यही नहीं, नर्सिंग होम का बोर्ड तक हटा दिया गया, जिससे अवैध संचालन की आशंका और गहरा गई। इकरारनामा बना सवालों का कारण नर्सिंग होम की लापरवाही उजागर होने के बाद संचालक द्वारा मृतका के पति अंजार आलम के साथ पंचायती कराई गई। इस दौरान 1000 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर इकरारनामा भी तैयार कराया गया। 75 फीसदी खर्च देने का वादा, हंगामा और केस नहीं करने की शर्त इकरारनामा के अनुसार मरीज के इलाज में हुए कुल खर्च का 75 प्रतिशत भुगतान नर्सिंग होम संचालक द्वारा और 25 प्रतिशत भुगतान परिजन द्वारा किया जाना था। साथ ही इसमें यह भी लिखा गया कि यदि मरीज की मौत हो जाती है तो परिजन किसी तरह का हंगामा या कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।हालांकि यह भी जोड़ा गया कि यदि संचालक 75 प्रतिशत राशि का भुगतान नहीं करता है, तो परिजन कानूनी कदम उठा सकते हैं। बड़ा सवाल: क्या इकरारनामा से खत्म हो जाती है जिम्मेदारी? इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इस तरह का इकरारनामा कर लेने से चिकित्सक और नर्सिंग होम संचालक की कानूनी जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है? कानून के जानकारों के मुताबिक, ऐसे इकरारनामे अपराध की जिम्मेदारी से नहीं बचा सकते। अवैध नर्सिंग होम पर सख्ती के निर्देश, फिर भी जारी धंधा जिला पदाधिकारी विशाल राज द्वारा अवैध नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। बीते दिनों कई अवैध पैथोलॉजी और नर्सिंग होम को सील भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद जिले में आज भी गली-मोहल्लों से लेकर चौक-चौराहों तक दर्जनों अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। बुद्धिजीवियों की मांग, सख्त कार्रवाई जरूरी बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि अवैध नर्सिंग होम में मरीजों की मौत के बाद परिजन अक्सर सड़क जाम या हंगामा कर देते हैं, जिससे विधि-व्यवस्था प्रभावित होती है। लेकिन बाद में अधिकतर मामलों में दोषियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई जाती, जिसका फायदा नर्सिंग होम संचालक उठाते हैं। मुआवजे से रफा-दफा हो जाते हैं मामले जिले में हर साल नर्सिंग होम की लापरवाही से दर्जनों मरीजों की मौत होती है, लेकिन अधिकांश मामलों में संचालक कुछ रुपये देकर मामला रफा-दफा कर देते हैं। इस मामले में भी खबर लिखे जाने तक परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। बिचौलियों की सक्रियता, कार्रवाई पर टिकी नजर सूत्रों की मानें तो घटना के बाद से कई बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि मामला पुलिस तक पहुंचता है या परिजन रुपये लेकर इसे यहीं समाप्त कर देते हैं।बुद्धिजीवियों का कहना है कि जब तक ऐसे नर्सिंग होम संचालकों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाएगा, तब तक इस तरह की घटनाओं पर विराम लगना मुश्किल है।
हमीरपुर में बाइक सवार की हादसे में युवक की मौत:इलाज के दौरान तोड़ा दम, घर लौटते समय हुआ हादसा
हमीरपुर में बुधवार शाम एक बाइक सवार युवक हादसे का शिकार हो गया। गंभीर रूप से घायल युवक को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्करा लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला मुस्करा थाना क्षेत्र का है। यह हादसा मुस्करा थाना क्षेत्र के गहरौली–इमलिया मार्ग पर हुआ। गहरौली गांव निवासी धर्मा इमलिया से बाइक द्वारा अपने गांव लौट रहा था, तभी रास्ते में दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद घायल धर्मा को उसके पिता मलखान प्रजापति एंबुलेंस से सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार धर्मा के सिर में गंभीर चोट थी और अत्यधिक ब्लीडिंग हो चुकी थी, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मृतक के पिता मलखान का कहना है कि बेटे के सिर पर आई चोट को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी और चालक मौके से फरार हो गया। वहीं पुलिस ने सोशल मीडिया सेल के माध्यम से बताया कि धर्मा बाइक से गांव जा रहा था, तभी अचानक सामने जानवर आ जाने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। गिरने से सिर में गंभीर चोट आई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मेरठ के कपसाड़ गांव से बीते गुरुवार को अगवा की गई युवती की बरामदगी होने के बाद परिजनों को सुपुर्द करने के 24 घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया के निर्देश पर सरधना सीएससी से डॉक्टर की टीम पहुंची। उसके स्वास्थ्य की जांच की। दवा देकर आराम की सलाह दी है। पेट दर्द की समस्या थी सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि रूबी के स्वास्थ्य की जांच करने टीम पहुंची थी जिनसे उसने पेट दर्द की समस्या बताई। इसके लिए उसको टीम ने दवा भी दी है। अब उसकी तबीयत में सुधार भी है। अगर भविष्य में फिर कोई समस्या होगी तो आगे भी इलाज कराया जाएगा। घर जाकर ही डॉक्टर ने क्या चेकअप रूबी की तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे डॉक्टर के पास नहीं लेकर गए, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की और से डॉक्टर की एक टीम रूबी के घर पहुंची। इसके बाद उन्होंने उसके घर ही उसके स्वास्थ्य की जांच कर उसका दवाई दी। हालांकि जब रूबी को उसके परिजनों को सुपुर्द किया था, तब भी वह घबराई हुई थी। अब जानिए क्या था पूरा मामला... 8 जनवरी को सरधना के कपसाड़ गांव में रहने वाली रूबी को गांव के ही राजपूत समाज के युवक पारस ने खेत में जाते समय अगवा कर लिया था। इस दौरान बीच बचाव में आई उसकी मां पर पारस ने धारदार हथियार से हमला किया इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। घटना के लगभग 48 घंटे होने के बाद पारस और रूबी को पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। 10 जनवरी की रात मेरठ लाने के बाद रूबी को पुलिस ने ज्योति वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। इसके बाद मेरठ पुलिस ने 11 जनवरी को रूबी को एसीजेएम 2 की कोर्ट में 164 के बयानों के लिए पेश किया। बाद में उसे वापस वहीं भेजने के बाद 12 जनवरी को बयानों के आधार पर रूबी को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था । इसके लगभग 24 घंटे बाद गांव में रूबी की तबीयत खराब हुई जहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरधना सीएससी से डॉक्टर की टीम में जाकर रुबी का मेडिकल चेकअप कर दवा दी।
सड़क के बीच बिजली पोल:जमुई में नगर परिषद की लापरवाही, 24 लाख रुपये की लागत से बन रही
जमुई शहर के वार्ड संख्या 14 स्थित नारडीह गांव में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां 24 लाख रुपये की लागत से 1100 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि सड़क के बीच में एक बिजली का पोल अभी भी खड़ा है। विभागीय नियमों के अनुसार, सड़क निर्माण का एस्टीमेट स्वीकृत होने से पहले सड़क की जद में आने वाले बिजली के पोल को हटाना अनिवार्य होता है। इन नियमों को दरकिनार कर बिना पोल हटाए ही सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में विद्युत विभाग के एसडीओ मिथिलेश कुमार ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि यदि किसी सड़क के बीच बिजली का पोल हो, तो सड़क निर्माण से पहले उसे शिफ्ट करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में विद्युत विभाग की कोई भूमिका नहीं है और बिना पोल हटाए सड़क पास करना संबंधित विभाग की लापरवाही है। स्थानीय वार्ड आयुक्त के पति गौतम सिंह ने बताया कि बिजली पोल हटाने के लिए विद्युत विभाग को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण संवेदक मोनू सिंह ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। विद्युत विभाग और नगर परिषद के पदाधिकारियों को कराया था अवगत स्थानीय निवासी शंभू मोदी ने आरोप लगाया कि संवेदक जबरन उस स्थान पर सड़क निर्माण करा रहा है, जहां बिजली का पोल बीच सड़क में मौजूद है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर या अन्य वाहन पोल से टकरा सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग और नगर परिषद के पदाधिकारियों को पहले ही अवगत कराया था तथा सड़क निर्माण का विरोध भी किया था, लेकिन अब तक किसी वरीय पदाधिकारी द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
पानीपत जिले के नौल्था और शाहपुर में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम गांव नौल्था स्थित डेरा बाबा लाठे वाला गोशाला में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा और पंचायत मंत्री के भाई महेंद्र सिंह पवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोशाला कमेटी ने हरपाल ढांडा का स्वागत किया। इस दौरान हरपाल ढांडा ने गोशाला के लिए 5 लाख रुपए का दान दिया। वहीं, महेंद्र सिंह पवार ने भी गोशाला को 11,000 रुपए की राशि भेंट की। गाय की सेवा को बताया धर्म हरपाल ढांडा ने इस अवसर पर कहा कि गाय की सेवा करना परम धर्म है। उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा गौ सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गौ आयोग का गठन और बजट जारी करना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार गौ सेवा और चारे के प्रबंधन के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है। मकर संक्रांति के महत्व पर डाला प्रकाश मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हरपाल ढांडा ने बताया कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर गए थे, क्योंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 12 जनवरी, 1863 को स्वामी विवेकानंद का जन्म भी इसी दिन हुआ था। यह पर्व भगवान सूर्य देव और उनके पुत्र शनि देव के मिलन के रूप में मनाया जाता है।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के छपका स्थित वृद्धाश्रम में रह रहे रामजियावन पुत्र बिक्कन ने 25 दिसंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मौके पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को भी अवगत कराया गया। मौके पर क्षेत्राधिकारी रॉबर्ट्सगंज, प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज और चौकी इंचार्ज ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे और अपनी निगरानी मे वृद्ध रामजियावन (लगभग 75 वर्ष) पुत्र बिक्कन के शव को जिला चिकित्सालय, लोढ़ी के मोर्चरी में भेज पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में वृद्धाश्रम में हुई इस घटना की गंभीरता से देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच की आवश्यकता बताई थी। इसके बाद, जिला मजिस्ट्रेट ने प्रदीप कुमार यादव, उप जिलाधिकारी, मुख्यालय, सोनभद्र को जांच मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उप जिलाधिकारी यादव घटना के कारणों की तथ्यात्मक और साक्ष्य-आधारित मजिस्ट्रियल जांच करेंगे। उन्हें एक पक्ष के भीतर अपनी स्पष्ट जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
मऊ जिले में मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पतंगबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चीनी मांझे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि पर्व के दौरान जिले के सभी प्रमुख स्नान स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को टालने के लिए चीनी मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध है। अपर पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझे का प्रयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन द्वारा पतंगबाजी वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे केवल सुरक्षित और प्रतिबंध-मुक्त मांझे का ही उपयोग करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
फरीदाबाद में दो महीने से गंदा पानी:सैकड़ों परिवार परेशान, घरेलू कामों के लिए खरीदना पड़ रहा पानी
फ़रीदाबाद में औद्योगिक नगरी फ़रीदाबाद के वार्ड नंबर-9 स्थित जवाहर कॉलोनी में पिछले डेढ़ से दो महीने से नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इलाके में हो रही दूषित और बदबूदार पानी की सप्लाई ने सैकड़ों परिवारों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को संकट में डाल दिया है। हाथ लगाने पर काले पड़ रहे हाथ, बदबू से सांस लेना मुश्किल स्थानीय निवासियों पूनम, विवेक और ब्रह्मदत्त ने बताया कि जिस गली में वे रहते हैं, वहां लगभग 300 से अधिक मकान हैं। पिछले कई हफ्तों से नलों से इतना गंदा पानी आ रहा है कि उसका रंग काला हो चुका है। निवासियों के अनुसार, पानी में इतनी तेज बदबू होती है कि उसे घर के अंदर रखना भी मुश्किल है। इस पानी का इस्तेमाल न तो नहाने के लिए किया जा सकता है और न ही कपड़े या बर्तन धोने के लिए। आर्थिक बोझ और बीमारियों का डर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग जवाहर कॉलोनी के निवासियों ने नगर निगम और संबंधित वार्ड के अधिकारियों के प्रति भारी रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रही इस समस्या के कारण किसी भी समय महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन में आ रही लीकेज या सीवेज मिक्सिंग की तुरंत जांच की जाए और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल की जाए।
जयपुर में निवर्तमान महापौर कुसुम यादव ने कहा- जनसेवा ही उनका सबसे बड़ा उद्देश्य है। भाजपा की विचारधारा के अनुरूप समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए वे लगातार कार्य करते रहेंगी। कुसुम यादव के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उनका सम्मान किया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों, निवर्तमान पार्षदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।सुबह से उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस अवसर पर कुसुम यादव ने विभिन्न मंदिरों में जाकर धोक लगाई। उन्होंने प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सभी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का आभार जतायाकार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा- कुसुम यादव ने हमेशा संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान करने और युवाओं को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों, पूर्व पार्षदों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कुसुम यादव ने सभी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का आभार जताया। उन्होंने कहा- उनका स्नेह और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे इसी जोश और समर्पण के साथ जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे।
मुजफ्फरपुर जिले के देवरिया थाना क्षेत्र स्थित दर्पणी गांव निवासी अजीत कुमार ने अपने ग्रामीण मनोज कुमार यादव और बिट्टू कुमार यादव सहित कुछ अन्य व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में देवरिया थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अजीत कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि बीते 11 जनवरी को जब वे अपने घर से टेंपो लेकर सोहाशी जा रहे थे, तब मनोज कुमार यादव, बिट्टू कुमार यादव और उनके साथ तीन-चार अन्य व्यक्ति पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही अजीत कुमार का टेंपो वहां पहुंचा, इन सभी व्यक्तियों ने उनके टेंपो का पीछा किया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने मारपीट का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें और अधिक पीटा और अपशब्द कहे। इसी दौरान, आरोपियों ने अजीत कुमार के गले से हनुमानी (लॉकेट) निकाल लिया और उनकी जेब से कुछ पैसे भी छीन लिए।अजीत कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उन्हें लगातार दोबारा मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए न्याय की मांग की है। देवरिया थाना प्रभारी मनोज साह ने बताया कि अजीत कुमार द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में बाइक पोल से टकराई, युवक की मौत:हादसे में दूसरा गंभीर घायल; ससुराल आए थे दोनों साढ़ू
उन्नाव के सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में दबौली–जमालनगर मार्ग पर बुधवार देर शाम एक सड़क हादसा हुआ। अनियंत्रित बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे उस पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। मृतक की पहचान हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के छिबरामऊ निवासी अखिलेश (25) पुत्र रामकिशोर के रूप में हुई है। घायल युवक कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के गदनपुर निवासी कुंवर (30) पुत्र सोने लाल हैं। दोनों आपस में साढ़ू थे और बुधवार को सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के बोडेपुरवा स्थित अपनी ससुराल खिचड़ी का त्योहार मनाने आए थे। बताया गया कि बुधवार शाम करीब 7:30 बजे अखिलेश और कुंवर घूमने जाने की बात कहकर बाइक से निकले थे। दबौली–जमालनगर मार्ग पर सनहा गांव के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सफीपुर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। कुंवर की हालत गंभीर देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। मृतक अखिलेश की पत्नी ज्ञानवती ने बताया कि उनका विवाह पिछले वर्ष दिसंबर में हुआ था। अखिलेश खेती-बाड़ी का काम करते थे। खिचड़ी के त्योहार पर उनकी सास सियादुलारी ने दोनों बहनों को उनके पतियों के साथ मायके बुलाया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा दूसरे घायल का इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सहरसा में मकर संक्रांति के अवसर पर सदर थाना के सामने स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने एक धार्मिक आयोजन किया। इस दौरान मां दुर्गा को एक क्विंटल खिचड़ी का महाप्रसाद अर्पित किया गया। बुधवार देर शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मकर संक्रांति पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा के उपरांत खिचड़ी का भोग मां को चढ़ाया गया। प्रसाद वितरण के समय पुरुष, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण करते दिखे। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सावंत कुमार उर्फ रिंकू ने बताया कि यह आयोजन पिछले 15 से 20 वर्षों से चली आ रही एक परंपरा है। हर वर्ष मकर संक्रांति पर मां दुर्गा को खिचड़ी का भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है। इस वर्ष भी इसी परंपरा का पालन करते हुए एक क्विंटल खिचड़ी का प्रसाद तैयार कर बांटा गया। रिंकू ने यह भी कहा कि मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में एकजुटता भी बढ़ाते हैं। समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा। प्रसाद वितरण के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति ने स्वयंसेवकों को तैनात किया था, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
जांजगीर-चांपा के ग्राम पुटपुरा में घरेलू विवाद और जमीन बंटवारे को लेकर छोटे भाई ने बड़े भाई की लोहे के एंगल से हमला कर हत्या कर दी। आरोपी चंद्रहास टैगोर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी जेपी गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक चंद्रभूषण टैगोर (28 वर्ष) के भाई चंद्रमाणी टैगोर ने बताया कि चंद्रभूषण रोजाना शराब पीकर घर में गाली-गलौज करता था। वह अक्सर घरेलू बातों और जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद करता था, जिसे समझाने के बावजूद वह नहीं मानता था। शराब के नशे में मां से कर रहा था गाली-गलौज 13 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे चंद्रभूषण शराब के नशे में धुत होकर छोटे भाई चंद्रहास और अपनी मां को लगातार गाली-गलौज कर रहा था। वह जमीन बंटवारे को लेकर भी विवाद कर रहा था। समझाने के बाद भी जब वह शांत नहीं हुआ, तो इससे परेशान होकर चंद्रहास (26 वर्ष) ने पास रखे लोहे के एंगल से चंद्रभूषण के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में चंद्रभूषण गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सिटी कोतवाली थाने में आरोपी चंद्रहास टैगोर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भागते हुए आरोपी को पकड़ा, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और हत्या में प्रयुक्त लोहे के एंगल को भी जब्त कर लिया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय के निर्देश पर जालोर एसीबी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 हजार की रिश्वत लेते हुए जिले के बागरा पटवारी पूरणमल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 20 हजार मांग रहा था पटवारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी जालोर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप था कि आरोपी पटवारी द्वारा परिवादी के बागरा स्थित कृषि भू-खण्ड का म्यूटेशन भरने की एवज में 20,000 रुपए रिश्वत की मांग कर लगातार परेशान किया जा रहा था। रकम बरामद की शिकायत के सत्यापन के बाद जोधपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में और एसीबी चौकी जालोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मांगीलाल राठौड़ के नेतृत्व में टीम ने जालोर के मीरा दातार के पास ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पटवारी से 18,000 रुपए की रिश्वत राशि बरामद कर उसे मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है, साथ ही उसके ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी की जा रही है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
बैतूल जिले में गर्भवती महिलाओं की जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के चिन्हांकन में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह मामला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा 13 जनवरी को ली गई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया था। बैठक में कई स्वास्थ्य केंद्रों में गंभीर लापरवाही पाई गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। इनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बोदी जूनामानी की मोनिका भूमरकर, डेढ़पानी की ज्योति धोटे और चांदू रातामाटी के संतोष बडकुले शामिल हैं। सीएमएचओ ने कलेक्टर से इन तीनों सीएचओ को कार्य के प्रति उदासीनता और गंभीर लापरवाही के कारण सेवा समाप्त (बर्खास्त) करने की अनुशंसा की है। सात सीएचओ को नोटिस, 3 एएनएम की दो-दो वेतनवृद्धि रोकी इसके अतिरिक्त, सात अन्य सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, तीन एएनएम संध्या कालभोर, उर्मिला इवने और गीता रघुवंशी पर भी कार्रवाई की गई है। इन एएनएम की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी गई है, क्योंकि उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं किया और कार्य में लापरवाही बरती। साथ ही, तीन अन्य एएनएम को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कलेक्टर द्वारा की जा रही सख्त निगरानी का हिस्सा है।
गयाजी के डोभी बहेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना गेट के ठीक सामने से एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई और इस संबंध में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। यह बाइक जमुई जिले के चकाई थाना में दर्ज 11 साल पुराने चोरी के एक मामले से जुड़ी हुई है। बहेरा थाना प्रभारी रविरंजन कुमार ने बताया कि जमुई जिला के चकाई थाना कांड संख्या 18/15, दिनांक 4 मार्च 2015 को दर्ज चोरी के मामले में वांछित यह मोटरसाइकिल बहेरा थाने के सामने जांच के दौरान पकड़ी गई। बाइक पर सवार तीनों आरोपियों की पहचान बाराचट्टी थाना क्षेत्र के छोड़बंद निवासी गुलशाद आलम, सोहराब आलम और औरंगाबाद जिला के मदनपुर थाना क्षेत्र के लालटेनगंज निवासी राजेंद्र पासवान के रूप में हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई वाहन जांच अभियान के तहत की गई। तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी गई है। चोरी की बाइक का 11 साल पुराने केस से बरामद होना पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और स्थानीय स्तर पर वाहन चेकिंग को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहरसा में मछली बनाने से इनकार पर पति-पत्नी में विवाद:सल्फास खाकर दी जान, निजी अस्पताल में तोड़ा दम
सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना 12 जनवरी को हुई थी, जिसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 12 जनवरी काे हुआ था विवाद मृतका की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के सिहौल वार्ड नंबर एक निवासी सरोज कुमार की 27 वर्षीय पत्नी अनीता देवी के रूप में हुई है। मृतका के देवर अनोज कुमार ने बताया कि 12 जनवरी की सुबह सरोज मछली लेकर घर आए थे। अनीता ने मछली बनाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। सास-ससुर और देवर ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। इसके बाद पति घर से बाहर चले गए और सास भी जीविका की बैठक में निकल गईं। देवर भी अपने काम पर चले गए। इसी दौरान अनीता ने घर में रखे गेहूं में कीड़ा मारने वाली सल्फास की गोली खा ली। शाम को अनीता को उल्टी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे पंचगाछीया के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टर ने उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार वालों ने उसे सहरसा शहर के सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अनीता और सरोज ने तीन साल पहले किया था प्रेम विवाह अस्पताल संचालक ने महिला की मौत की सूचना सहरसा सदर थाने को दी। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फिलहाल पुलिस को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन आवश्यक कागजी कार्रवाई की जा रही है। अनीता और सरोज ने तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था और उनका एक साल का बेटा भी है। मृतका का मायका सुपौल जिले के गढ़बरुआरी में है।
चौथम पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए:शराब पीकर मारपीट और नाबालिग भगाने के मामले में कार्रवाई
खगड़िया जिले के चौथम थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ये गिरफ्तारियां नीरपुर पंचायत के आदाबारी और पिपरा पंचायत के ठेरवापार से की गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, नीरपुर पंचायत के आदाबारी में शराब के नशे में परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और उन्हें घायल करने की सूचना मिली थी। इस मामले में पुलिस ने मणिलाल शर्मा के पुत्र शंभू शर्मा को गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच में उसके शराब पीने की पुष्टि हुई है।वहीं, दूसरे मामले में पिपरा पंचायत के ठेरवापार से मोहम्मद इम्तियाज, पिता जब्बार को एक नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चौथम थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि चौथम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने मेंटेनेंस के दौरान करंट से हुई ठेका कर्मी की मौत मामले में मंगलवार को एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (एई) को सस्पेंड कर दिया। वहीं सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) और चीफ इंजीनियर (सीई) को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद में नवंबर 2025 में मेंटेनेंस वर्क के दौरान एक ठेका कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। लेकिन चेयरमैन ने समीक्षा बैठक में सवाल उठाया कि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को क्यों बख्शा गया? उन्होंने पूछा कि सेफ्टी इक्विपमेंट्स के बिना काम क्यों कराया गया? चेयरमैन ने याद दिलाया कि पहले ही निर्देश जारी हो चुके हैं कि जहां भी विद्युत दुर्घटना होगी, वहां एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर भी सख्त कार्रवाई होगी। डॉ. गोयल ने शाहजहांपुर के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर को रूल 10 के तहत शो-कॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा, बिजली दुर्घटनाएं रोकनी हैं, इसके लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ये घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं। बिना सेफ्टी इक्विपमेंट्स पहने कोई मेंटेनेंस वर्क नहीं कराया जाए। अगर कहीं दुर्घटना हुई तो सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिया कि मेंटेनेंस वर्क में सेफ्टी इक्विपमेंट्स जरूर पहनें और इसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करें, ताकि जागरूकता फैले। परफॉर्मेंस पर भी चेयरमैन ने 4 को जारी किया नोटिस चेयरमैन ने सिर्फ दुर्घटनाओं पर ही नहीं, बल्कि खराब परफॉर्मेंस पर भी कड़ा रुख दिखाया। प्रयागराज के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर, मेरठ-1 के चीफ इंजीनियर, अलीगढ़ के चीफ इंजीनियर को वर्क में प्रोग्रेस न होने और खराब परफॉर्मेंस पर शो-कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए। वहीं, बांदा और झांसी में राजस्व वसूली कम होने पर वहां के जेई, एसडीओ, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर को रूल 10 के तहत नोटिस और एडवर्स एंट्री देने को कहा। चेयरमैन ने साफ शब्दों में कहा, बिजली बिल वसूली में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जहां वसूली कम होगी, वहां सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। ट्रांसफॉर्मर डैमेज पर क्यों हो रही लापरवाही? डॉ. गोयल ने ट्रांसफॉर्मर डैमेज के मामलों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि सभी तरह के ट्रांसफॉर्मर डैमेज रुकने चाहिए। लगातार प्रयास करने की जरूरत है। जहां डैमेज कम नहीं हुआ, वहां सख्त ऐक्शन लें। चेयरमैन ने सवाल उठाया कि मेंटेनेंस और बिजनेस प्लान के लिए पूरा फंड दिया जा रहा है, फिर ट्रांसफॉर्मर क्यों डैमेज हो रहे? उन्होंने निर्देश दिया कि दिसंबर 2025 से अब तक जहां भी ट्रांसफॉर्मर डैमेज हुए, वहां जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली बिल राहत योजना को मिल रहा सपोर्ट चेयरमैन ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना को कंज्यूमर्स का अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन अभी और मेहनत करने की जरूरत है। सभी सीनियर ऑफिसर्स की जिम्मेदारी है कि अपने एरिया में स्कीम के योग्य कंज्यूमर्स का रजिस्ट्रेशन कराकर बकाया जमा कराएं। उन्होंने कहा, हर कंज्यूमर से कॉन्टैक्ट करें। फोन कॉल करें, पर्सनली मिलें और स्कीम का फायदा लेने के लिए राजी करें। मुनादी कराएं, पैंफ्लेट्स और इन्फॉर्मेशन स्लीप्स दें। माइक्रो प्लान बनाकर फिन टेक एजेंसियों को लगाकर काम कराएं। बिजली चोरी के मामलों में चेयरमैन ने कहा कि स्कीम के जरिए मुकदमे और एफआईआर का निपटारा कराएं, कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचें। उन्होंने बिल कलेक्शन के लिए अभियान चलाने को कहा। बेहतर बिजली सिस्टम के लिए जरूरी है कि जितनी बिजली दें, उतना राजस्व वसूलें और लाइन लॉसेस कम करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां एटीएंडसी लॉसेस ज्यादा हैं, वहां प्लान बनाकर सुधारें। सबस्टेशन वाइज स्ट्रैटजी बनाएं और फीडर वाइज मैनेजर्स के काम की रेगुलर रिव्यू करें। चेयरमैन ने निवेश मित्र, झटपट पोर्टल और सोलर रूफटॉप में पेंडेंसी की शिकायतों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि इनमें कोई पेंडेंसी नहीं रहनी चाहिए। सोलर रूफटॉप कनेक्शन में कंज्यूमर्स की कई कंप्लेंट हैं, इन्हें ध्यान देकर सॉल्व करें। कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कुमार ने भी बैठक की समीक्षा की। शक्ति भवन में हुई इस मीटिंग में सभी डिस्कॉंम के एमडी, टेक्निकल और कॉमर्शियल डायरेक्टर्स समेत सीनियर ऑफिसर्स मौजूद थे।
श्योपुर शहर के श्रीगुप्तेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार शाम सीप गंगा की महाआरती का आयोजन किया गया। यह आयोजन काशी-बनारस में होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर किया गया, जिसमें श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पांच पंडितों ने ढोल-मजीरों की थाप पर मां सीप गंगा की महाआरती संपन्न कराई। हजारों श्रद्धालु हुए शामिल शशांक भूषण मित्र मंडल के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। करीब एक घंटे चले कार्यक्रम में हजारों सनातन प्रेमियों ने भगवान गुप्तेश्वर महादेव और मां सीप गंगा के चुनरी मनोरथ में भाग लेकर प्रार्थना की और सामूहिक आरती की। चुनरी मनोरथ और वैदिक मंत्रोच्चार शाम 5 बजे से ही शहर के अलग-अलग मार्गों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। सबसे पहले भगवान गुप्तेश्वर महादेव की आरती हुई। इसके बाद चुनरी मनोरथ किया गया, जिसमें मां सीप गंगा को एक तट से दूसरे तट तक वैदिक मंत्रों के साथ चुनरी अर्पित की गई। इस दौरान संगीतज्ञ पं. शंभूदयाल शर्मा ने मां सीप गंगा की आरती का सुंदर गायन किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण अपनी पत्नी अर्चना भूषण के साथ उपस्थित रहे। चारों ओर लगी श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर के चारों ओर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। मंदिर के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई गई, जिस पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। साथ ही बीते एक वर्ष में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण द्वारा किए गए कार्यों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। लोगों ने आयोजन की व्यवस्थाओं और भव्यता की सराहना की। पोष बड़ा महोत्सव भी हुआ महाआरती और चुनरी मनोरथ के साथ ही पोष बड़ा महोत्सव का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं को पुए और मंगोड़े का प्रसाद वितरित किया गया।
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के गवांडे ने जिला अस्पताल में ओपीडी, मेल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, आईसीयू, टेली मेडिसिन वॉर्ड, एआरटी सेन्टर, नेत्र चिकित्सालय, क्षय निवारण केंद्र, निशुल्क जांच केंद्र सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बागोड़ा के दादाल में 7 करोड़ की लागत से संसद भवन जैसा स्कूल बनाने वाले भामाशाह अशोक जैन भी साथ रहे और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए उनके रख-रखाव को लेकर चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता, स्टाफ नियुक्ति, टेक्नीशियन सहित कार्मिकों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए अस्पताल में आने वाले डायलसिस के मरीजों को मिल रही सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्य सचेतक ने कलेक्टर के साथ सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर कचरा और काटे पड़े दिखे तो गर्ग ने कहा कि कलेक्टर साहब आपका सामने बंगला है। उसके सामने कचरा पड़ा है कैसे होगा। इसको साफ कराओ और वहां से निकल गए। अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता कर लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक मुख्य सचेतक ने वार्डों के निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से वार्ता कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आपातकालीन स्थिति में रोगी को तुरंत चिकित्सक सहित सभी व्यवस्थाएं एवं प्रबंधन सुनिश्चित कर तत्काल इलाज प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल बिल्डिंग के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार को लेकर की चर्चा निरीक्षण के दौरान मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जिला अस्पताल के मुख्य भवन में आवश्यकता अनुरूप जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य को लेकर ओपीडी तथा वार्डों के लिए ऑप्शनल इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचेतक द्वारा जिला अस्पताल के पास स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय का निरीक्षण किया गया एमसीएच अस्पताल का किया अवलोकन मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने एमसीएच अस्पताल पहुंच कर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, एएनसी-गायनिक वार्ड, पीएनसी शिशु वार्ड, मदर मिल्क सेन्टर, एमएनसीयू, न्यू बॉर्न केयर यूनिट का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभारी अधिकारियों से हर माह होने वाली प्रसूता जांचों, दवाइयों की उपलब्धता, डिलीवरी, प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधा तथा संसाधनों की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जिला अस्पताल और एमसीएच के अवलोकन के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, शौचालय साफ रखने, मेडिकल वेस्ट के डेली बेसिस पर नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश देते हुए नगर परिषद से स्थायी स्टाफ रखकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर जिला कलक्टर प्रदीप के. गवांडे, सीएमएचओ भैराराम जाणी, भामाशाह डॉ. अशोक जैन, पीएमओ वेद प्रकाश मीणा, डॉ. कमलेश मीणा, डॉ. नैनमल परमार, डॉ. मुकेश चौधरी, डॉ. प्रकाश विश्नोई, डॉ. अभिषेक पटेल सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

