अमरोहा में 'घूसखोर पंडत' नामक वेब सीरीज के खिलाफ ब्राह्मण समाज का विरोध बढ़ गया है। रविवार को ब्राह्मण सभा ने वेब सीरीज के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता सहित पूरी टीम के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सभा के अध्यक्ष पं. पवन कौशिक और महामंत्री पं. मनु शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नगर कोतवाली पहुंचा। उन्होंने कोतवाल पंकज तोमर को एक तहरीर सौंपी, जिसमें समाज में विद्वेष फैलाने और धार्मिक-जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। तहरीर में महामंत्री पं. मनु शर्मा एडवोकेट ने बताया कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' का शीर्षक ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक और आहत करने वाला है। उनका कहना है कि इसके प्रसारण से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द को खतरा उत्पन्न हुआ है। शिकायत में नेटफ्लिक्स, निर्माता नीरज पांडे, निर्देशक रितेश शाह और अभिनेता मनोज बाजपेयी सहित अन्य अज्ञात सहयोगियों पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से ब्राह्मणों को नीचा दिखाने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि इस शीर्षक से धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस अवसर पर अध्यक्ष पवन कौशिक, महामंत्री मनु शर्मा के साथ योगेंद्र शर्मा, विकास व्यास, राम प्रकाश शर्मा, विपुल शर्मा, वामदेव नौटियाल, शिवम शर्मा, सुभाष शर्मा, स्वीकृत शर्मा, राजन शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, प्रतुल शर्मा, हिमांशु पाराशर, वरुण त्रिवेदी, शशांक त्रिवेदी, गौरव दीक्षित, पवन शर्मा और राकेश शर्मा सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में अमानात में खयानत का मामला सामने आया है। जिसमें ट्रांसपोर्ट कंपनी में सुपरवाईजर का काम करने वाले युवक ने किराए में ट्रैलर वाहन को चलाने के नाम पर लिया। इसके बाद उसका डाला को बिलासपुर में बेचकर ट्रैलर इंजन बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद ट्रैलर मालिक ने रिपोर्ट दर्ज कराया है। घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कंचनपुर की रहने वाली मीना चौहान 48 साल घरघोड़ा-धरमजयगढ़ मार्ग पर होटल संचालन करती है। वह करीब 2 साल पहले पुराना ट्रैलर वाहन को 16 लाख में खरीदी और 4.5 लाख रुपये जमा कर बाकी रकम को टाटा फायनेंस कंपनी से फायनेंस कराई। जिसके कारण हर माह प्रतिमाह 46650 रुपये का किस्त जमा करती थी। बाद में उस ट्रेलर वाहन का कागजात फेल हो जाने की वजह से वाहन को अपने होटल के पास खड़ी की थी। तब ग्राम बैसकीमुडा लैलूंगा का रहने वाला परमेश्वर चौहान जो घरघोड़ा क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट कंपनियों में सुपरवाईजरी का काम करता था। वह मीना चौहान के होटल में खाना खाने आता- जाता रहता था, जिससे उसका जान परिचय हो गया था। ऐसे में परमेश्वर चौहान ने होटल सामने खड़ी ट्रेलर वाहन के बारे में पूछताछ किया। तब मीना ने बताया कि वह ट्रैलर उसका है और अभी कागजात फेल हो जाने के कारण वाहन को खड़ी कर रखा गया है। हर माह 85 हजार किराया देना तय हुआउसने कागजात बनने बाद वाहन संचालन करने की बात कही। तब जनवरी माह में परमेश्वर चौहान ने उससे ट्रैलर का कागजात को बनाकर किराए में वाहन चलवाने के लिए मांगा। उसने हर माह 85 हजार रुपये किराया देने की बात कही। जिस पर मीना चौहान तैयार हो गई और परमेश्वर चौहान वाहन को किराए में चलाने के लिए दे दी। जीपीएस सिस्टम से लोकेशन पता चलातब 20 जनवरी को परमेश्वर चौहान का साथी लीलाबंर प्रसाद चौहान उसके कहने पर ट्रैलर को चलाकर ले गया। इसके कुछ दिनों बाद परमेश्वर ने अपना मोबाईल बंद कर दिया। ऐसे में मीना और उसके बेटे ने परमेश्वर चौहान की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर उन्होंने जीपीएस सिस्टम से ट्रैलर वाहन को लोकेशन देखा। तब उन्हें जानकारी हुई कि लैलूंगा के कुंजारा में वाहन है। वाहन के डाला को बिलासपुर में बेचाजिसके बाद गुरूवार को मीना अपने बेटे के साथ कुंजाना पहुंची, तो देखी कि ट्रैलर वाहन का सिर्फ इंजन है और डाला गायब है। इसके बाद उन्होंने परमेश्वर का साथी लीलाबंर के पास पहुंचे और पूछताछ करने पर उसने बताया कि दोनों ने 22 जनवरी को वाहन के डाला को बिलासपुर में बिक्री कर दिया है और उसके बारे में परमेश्वर को पता है। इंजन बेचने ग्राहक ढूंढ रहे थेट्रैलर इंजन की बिक्री के लिए भी ग्राहक तालाश किया जा रहा है। जिसके बाद मीना समझ गई कि उन्होंने उसके साथ धोखाधड़ी की है। ऐसे में मीना ने मामले की जानकारी थाना में दी। जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5)-BNS, 316(2)-BNS, 316(3)-BNS, 318(4)-BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश दुबे ने रविवार को हिसार स्थित भाजपा कार्यालय में केंद्र सरकार के बजट को जनहितैषी बताया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सदन में सवाल तो उठाते हैं, लेकिन जवाब सुनने की क्षमता नहीं रखते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य बहस से ज्यादा हंगामा करना है। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण और गृह मंत्री के जवाब के दौरान विपक्ष के व्यवहार को भी असंवैधानिक करार दिया। दुबे ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या लोकतंत्र में केवल 'राजा का बेटा' ही आगे बढ़ सकता है, गरीब का बेटा नहीं? जहां विपक्ष हारता है वहां ईवीएम खराब हो जाती है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर उठाए जा रहे सवालों पर सतीश दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। दुबे ने आरोप लगाया कि जहां विपक्ष जीतता है, वहां ईवीएम को ठीक बताया जाता है और जहां हारता है, वहां उसे खराब बताया जाता है। उन्होंने ममता बनर्जी पर अपने पारंपरिक वोटरों पर भरोसा न होने और रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार उसमें हस्तक्षेप नहीं करती। भाजपा राज में पूरा पैसा जमीन पर पहुंचता है केंद्रीय मंत्री ने दलहन में आत्मनिर्भरता, डिजिटल किसान और किसान सम्मान निधि का उल्लेख किया। मनरेगा में कार्यदिवस बढ़ाने और स्थायी निर्माण कार्य जोड़ने को उन्होंने ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। कहा कि 2014 से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वीकार किया था कि दिल्ली से भेजा गया एक रुपया पूरा लाभार्थी तक नहीं पहुंचता था। मोदी सरकार ने जनधन योजना और डिजिटल इंडिया के माध्यम से इस व्यवस्था को बदल दिया है। अब सब्सिडी और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित होती है।
मनेंद्रगढ़ में 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन हो गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता संदेश दिया गया और यातायात नियमों के पालन की अपील की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत के बयान पर पलटवार किया। मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह समझ से परे है कि नेता प्रतिपक्ष को आपत्ति क्यों हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें खोजने वाली कोई बात नहीं है, बल्कि उन्हें तो धन्यवाद देना चाहिए। मंत्री ने कहा कि गृहमंत्री छत्तीसगढ़ की शांति, खुशहाली और विकास देखने आ रहे हैं। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि वे हर हफ्ते या 15 दिनों में छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, पता नहीं क्या खोजना चाहते हैं। जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की गई वहीं कार्यक्रम में पुलिस विभाग, यातायात पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चलाए गए जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की गई। 2023 की तुलना में 2024 में कम हुए आंकड़े पुलिस विभाग के अनुसार, पिछले साल की अपेक्षा इस साल सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने इसे जागरूकता कार्यक्रमों, नियमों के पालन और लगातार की गई कार्रवाई का परिणाम बताया। राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग पर भी बड़ी संख्या में मौतें पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, एमसीबी जिले में वर्ष 2024 के दौरान सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें अन्य मार्गों पर दर्ज की गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर 304 लोगों की मौत, राजकीय राजमार्ग पर 279 लोगों की मौत, जबकि अन्य मार्गों पर सर्वाधिक 667 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह आंकड़े वर्ष 2023 की तुलना में कम बताए जा रहे हैं। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान निरंतर जारी रहेगा।
यूपी के बरेली में शनिवार को जिस अवैध मस्जिद पर बाबा का बुलडोजर चला उसके लिए ग्रामीणों ने लंबी लड़ाई लड़ी। बरेली के भोजीपुरा के गांव घंघौरा पिपरिया में सरकारी जमीन घेरकर 300 वर्गगज में बनाई गई मस्जिद टूटते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई। दैनिक भास्कर ने लंबी लड़ाई लड़ने वाले चमन सिंह और भाजपा नेता अर्जुन यादव से एक्सक्लूसिव बात की। आईए जानते है कि गांव में ये मस्जिद कब बनी, कितने साल संघर्ष चला और किस विधायक ने मस्जिद को लंबे समय तक हटने ने दिया। लंबा संघर्ष: 1998 में मस्जिद की नींव पड़ी, 2002 में पहली बार हुई हारशिकायतकर्ता अर्जुन यादव ने दैनिक भास्कर को बताया कि ये लोग यहां के मूल निवासी नहीं थे, बल्कि 1984 के बाद धीरे-धीरे यहां आकर बसे। 1998 में जब इन्होंने अवैध मस्जिद बनाना शुरू किया, तब चमन सिंह और गांव के 7 अन्य लोगों ने कोर्ट की शरण ली। अर्जुन यादव के अनुसार, 2002 में ही बेदखली के आदेश हो गए थे, लेकिन कानूनी दांव-पेच और अपील के जरिए कब्जाधारी समय काटते रहे। 2009 और फिर 2014 में भी फैसला ग्राम समाज के हक में आया, लेकिन हाईकोर्ट की पेंडेंसी की आड़ में कार्रवाई रुकी रही। लालच और धमकियों के बीच लड़ी लड़ाईअर्जुन यादव ने बताया कि इस पूरी लड़ाई के दौरान उन पर भारी दबाव था। उन्होंने कहा, हमें लगातार धमकियां दी जा रही थीं कि 'देख लेंगे, सरकार बदल जाने दो'। प्रलोभन और पैसे का लालच देकर भी तोड़ने की कोशिश की गई। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय समाजवादी पार्टी के विधायक शाहजिल इस्लाम ने सत्ता में न होते हुए भी उन लोगों को निशाना बनाने के लिए सदन में सवाल उठाए जो इस अवैध मस्जिद के खिलाफ थे। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छाशक्ति और संगठन (VHP/RSS) के सहयोग से संभव हुई है। मिठाई खिलाकर मनाया जश्न: चमन सिंह की आंखों में आए खुशी के आंसूमस्जिद ढहने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे धर्म और सत्य की जीत बताते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। अर्जुन यादव ने बताया कि उनके साथी चमन सिंह, जो लंबे समय से इसकी पैरवी कर रहे थे, उनकी एक ही ख्वाहिश थी कि जीते-जी यह अवैध ढांचा हट जाए। आज कार्रवाई के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। अभी कार्रवाई अधूरी: 8 मकानों पर भी चलेगा बुलडोजर?अर्जुन यादव ने साफ किया कि करीब 2-3 बीघे के इस रकबे पर मस्जिद के अलावा 8 मकान भी अवैध रूप से बने हैं। कब्जाधारियों ने इन मकानों पर बेदखली का जुर्माना भरकर खुद स्वीकार किया है कि वे अवैध हैं। उन्होंने कहा, अभी काम अधूरा है। हम जल्द ही मुख्यमंत्री योगी से मिलेंगे ताकि पूरी सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर उसे ग्राम समाज के उपयोग में लाया जा सके। 10 अधिकारियों की टीम ने संभाली कमानएसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने इस ध्वस्तीकरण के लिए 10 अधिकारियों और राजस्व कर्मियों की विशेष टीम गठित की थी। टीम में तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार विदित कुमार व अभिषेक तिवारी, राजस्व निरीक्षक हरि प्रकाश गंगवार एवं जगदीश गंगवार शामिल रहे। साथ ही पांच लेखपालों- सौरभ चौहान, राजीव कुमार, महेंद्र पाल, सौरभ कुमार और मोहम्मद इरफान की मौजूदगी में पूरी जमीन को पैमाइश के बाद कब्जा मुक्त कराया गया। SDM सदर का बयानएसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में 'बंजर' (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी। गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था।इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी। तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे। पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए थे, लेकिन वहां से भी उनका मुकदमा खारिज हो गया। अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था। सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई।
भरतपुर में UGC एक्ट 2026 के विरोध में बाजार बंद:सर्वण समाज ने निकाली रैली, केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
भरतपुर जिले के भुसावर इलाके में UGC एक्ट 2026 के विरोध में आज बाजार बंद रहे। सर्वण समाज के लोगों ने रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और SDM को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और आरोप लगाया गया कि यह कानून समाज में विभाजन बढ़ाने वाला है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई है। UGC एक्ट के विरोध में बाजार बंद, रैली निकाली भुसावर क्षेत्र में UGC कानून के खिलाफ सर्वण समाज के आह्वान पर बाजार पूरी तरह बंद रहे। समाज के लोग एकत्रित हुए और रैली निकालकर विरोध जताया। रैली के बाद SDM कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा गया। सरकार पर समाज में विभाजन बढ़ाने का आरोप प्रदर्शन कर रहे लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। समाज के लोगों का कहना था कि सरकार एक तरफ जातिविहीन समाज की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ ऐसा कानून ला रही है जो जातिगत भेदभाव और आपसी वैमनस्यता को बढ़ावा देता है। UGC एक्ट 2026 की पुनर्समीक्षा की मांग समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि UGC एक्ट 2026 की तत्काल पुनर्समीक्षा की जाए और शैक्षणिक परिसरों में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए। समता समिति में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की मांग ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जातिगत भेदभाव से जुड़े प्रावधानों में स्पष्टता लाई जाए। SC/ST और OBC शब्दों के स्थान पर भेदभाव शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए। साथ ही झूठी शिकायत करने वालों पर कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट पर लगाई रोक समाज के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इस पर रोक लगाई है और कुछ तर्क भी दिए हैं। इसी आधार पर समाज ने सरकार से कानून पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी की 102वीं जयंती रविवार को प्रयागराज में मनाई गई। बाईं का बाग स्थित दुर्गा पूजा पार्क में उनके समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:00 बजे हुई। कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई कर डॉ. बाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान 'डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी अमर रहें' के नारे लगाए गए। स्थानीय पार्षद, उनके पारिवारिक सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक इस अवसर पर उपस्थित रहे। 8 फरवरी 1925 को जन्मीं डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी का राजनीतिक कद ऊंचा था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। वे प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) के उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुनी गईं और बाद में सीतापुर से तीन बार लोकसभा सांसद रहीं। डॉ. बाजपेयी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की विश्वसनीय सहयोगी थीं। उन्होंने केंद्र सरकार में समाज कल्याण, श्रम और कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का स्वतंत्र प्रभार संभाला। राजनीति के शिखर पर रहते हुए उन्होंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। डॉ. राजेंद्र कुमारी बाजपेयी की विरासत प्रयागराज की राजनीति में आज भी जीवित है। वह वर्तमान में शहर उत्तरी से भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी की दादी थीं। उनके पुत्र अशोक बाजपेयी भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वक्ताओं ने बताया कि डॉ. बाजपेयी ने अल्लापुर, सलोरी और गोविन्दपुर जैसे मोहल्लों को बसाने और प्रयागराज एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन शुरू करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस जयंती समारोह के माध्यम से युवा कार्यकर्ताओं को उनके आदर्शों और जनसेवा के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का संकल्प दिलाया गया।
डूंगरपुर में घटा अपराधों का ग्राफ:17 प्रतिशत की कमी आई, हत्या; रेप सहित लूट और अपहरण 35 प्रतिशत घटे
आदिवासी बहुल डूंगरपुर में अपराधों की रोकथाम में पुलिस कामयाब रही है। डूंगरपुर जिले में वर्ष 2025 में वर्ष 2024 के मुकाबले 17 फीसदी अपराधों का ग्राफ कम हुआ है। पुलिस की चलाए गए विभिन्न ऑपरेशन के चलते चोरी, नकबजनी, लूट, दुष्कर्म और महिला अपराधों की संख्या में काफी कमियां आई है। डूंगरपुर जिले में एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर जिले में अपराधो में कमी लाने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन चला रखे है। इन्ही ऑपरेशन की वजह से डूंगरपुर जिले की क्राइम रेट में कमी देखने को मिली है। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि अपराधों की रोकथाम को लेकर सख्त कार्रवाई की गई। इसका असर ये हुआ कि 2024 के मुकाबले 2025 में 17 फीसदी तक अपराधों का ग्राफ घटा है। डूंगरपुर में क्राइम रेट के आंकड़ों पर गोर करे तो वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में केवल हत्या की वारदात में इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में हत्या की जहा 28 घटना हुई थी वही वर्ष 2025 में ये आंकड़ा 30 रहा। जबकि हत्या के प्रयास में वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 35 फीसदी की कमी देखी गई है। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 26.96 फीसदी तक चोरियों में कमी आई । इसी तरह नकबजनी में भी वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में करीब 18 फीसदी तक कमी आई है। इसके साथ ही लूट की वारदातों में भी 43.90 फीसदी की कमी आई है। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि डूंगरपुर जिले में वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में अपरहण, रेप व महिला सम्बन्धी अपराधो का भी ग्राफ कम हुआ है। 53.44 फीसदी की कमी रैप, 28.52 फीसदी अपहरण के मामले कम दर्ज हुए। महिलाओं से संबंधित अपराधों में 27.72 फीसदी की कमी दर्ज की गई। एसपी मनीष कुमार ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम व ऑपरेशंस के माध्यम से आगे भी अपराधों पर रोकथाम के लिए काम किया जाएगा।
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कालजयी कृति ‘राम की शक्तिपूजा’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह प्रस्तुति ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत ‘चलो मन गंगा–यमुना तीर’ कार्यक्रम का हिस्सा थी, जिसका आयोजन संस्था माध्यम संस्थान (रंगमंडल) ने किया। वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. विनय श्रीवास्तव ने ध्वनि और प्रकाश के सशक्त संयोजन के साथ इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन किया। मंचन की प्रस्तुति वरिष्ठ निर्देशक डॉ. अशोक कुमार शुक्ल के निर्देशन में हुई। इसमें भगवान राम के उन आंतरिक संघर्षों और मनोभावों को जीवंत किया गया, जो परंपरागत रामायण में सामान्यतः वर्णित नहीं हैं। निराला की इस रचना में युद्ध के दौरान श्रीराम के टूटते आत्मबल, संशय और निराशा को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। रावण पर बार-बार बाण छोड़ने के बावजूद लक्ष्य चूक जाना, रावण के अट्टहास से राम का विचलित होना और जाम्बवान द्वारा उन्हें शक्ति की आराधना का मार्ग दिखाना जैसे दृश्य विशेष रूप से प्रभावशाली रहे। शक्ति पूजा के अंतिम क्षणों में जब राम अपनी आँख अर्पित करने का संकल्प लेते हैं, तब देवी दुर्गा का प्रकट होना मंचन का एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली क्षण था। मंच पर हरि नारायण पांडेय ने राम, कृष्णा यादव ने लक्ष्मण, लवकुश भारतीय ने हनुमान, विपिन गौड़ ने जाम्बवान, ब्रजेश त्रिपाठी ने विभीषण, आर्यन ने सूत्रधार और दिव्या शुक्ला ने दुर्गा का किरदार निभाया। उनके अभिनय को सराहा गया। संगीत संयोजन रिभू श्रीवास्तव ने किया, जबकि अनुपम गुलवाड़ी ने साउंड रिकॉर्डिंग और संजय चौधरी ने रूप सज्जा का कार्य संभाला। कार्यक्रम की अगली कड़ी में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। भजन गायक गणेश श्रीवास्तव ने देवी और गंगा पर आधारित भजन प्रस्तुत किए, जिसके बाद रेखा गौड़ ने लोकगीतों की श्रृंखला से श्रोताओं का मनोरंजन किया। चंडीगढ़ से आए विनोद पवार ने सारंगी वादन की विशेष प्रस्तुति दी। जबाबी बिरहा में शोभालाल, श्रीराम सखा, शशिकला, इंद्रजीत सिंह पटेल, हनुमंत सिंह और जवाहर लाल पाल ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया।
गोंडा में महिलाओं ने एक-दूसरे को पटक-पटककर पीटा, VIDEO:बाल खींचे और जमीन पर गिराकर मारा, केस दर्ज
गोंडा जिले के खोडारे थाना क्षेत्र के केशव नगर ग्रांट गांव में दो महिला गुटों के बीच आपसी कहासुनी को लेकर गाली गलौज के बाद जमकर मारपीट हुई है। वीडियो में महिलाएं एक-दूसरे को जमीन पर पटकती और गाली-गलौज करती दिख रही हैं। मारपीट में लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया जिसमें एक लड़की भी शामिल नजर आ रही है। विवाद खत्म करने के बजाय पास में खड़ी एक महिला अपने मोबाइल से इस मारपीट का वीडियो भी बनाती हुई नजर आई है। अब वीडियो सामने आने के बाद खोडारे पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके पर जांच करने पर पता चला कि दोनों महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं। उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों की महिलाओं की तहरीर के आधार पर खोडारे थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों गुटों के लोगों को निर्देश दिया गया है कि दोबारा इस तरीके से मारपीट की घटना नहीं करेंगे नहीं तो इन लोगों के खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खोडारे थाना अध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि वीडियो सामने आने के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। इन दोनों महिलाओं का आपस में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह दोनों महिलाएं रिश्तेदार हैं, जिसके कारण यह मारपीट की घटना हुई है। तत्काल दोनों गुटों की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर के पुलिस लगी हुई है।
मोगा में वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार:चोरी की बाइक बरामद, एक साथी फरार, तलाश में पुलिस दे रही दबिश
मोगा की सिटी पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक युवक को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वरुण कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। हालांकि, इस मामले में शामिल आरोपी का एक अन्य साथी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पाल सिंह को सूचना मिली कि गांव चीमा का निवासी अमोलक सिंह उर्फ अभय और जीरा रोड का आशीष उर्फ कालू वाहन चोरी कर उन्हें बेचने का धंधा करते हैं। इसपर पुलिस ने घेराबंदी की और अमोलक सिंह को धर दबोचा। उसके कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। अनमोल को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। असिस्टेंट थानेदार पाल सिंह ने बताया कि फरार आरोपी आशीष उर्फ कालू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अयोध्या में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती बम विस्फोट की अयोध्या में कड़ी निंदा की गई है। सिटी के के इमामबाड़ा जवाहर अली खां में शिया मुसलमानों की बैठक और एहतेजाजी जलसा आयोजित किया गया। जलसे के दौरान मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। एहतेजाजी जलसे में बड़ी संख्या में मोमेनीन ने शिरकत की। शिया समुदाय ने आतंकवाद को इंसानियत के खिलाफ बताया।वक्ताओं ने कहा कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता।अयोध्या के मुसलमानों ने भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। कहा गया कि हिंदुस्तान की मस्जिदों में बम विस्फोट नहीं होते, यहां अमन-चैन कायम है। 6 फरवरी को जुमे की नमाज़ के दौरान इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। हमले में करीब 70 लोगों की मौत और 169 से अधिक लोग घायल हुए।
प्रयागराज में एक युवती की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। निकाह से ठीक पहले दूल्हे ने फोन कर शादी से इनकार कर दिया। शादी टूटने से लड़की और उसका परिवार सदमे में है। लड़की का कहना है कि उसका एक साल से मेहताब के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों ने निकाह करने का फैसला कर लिया था। एक दिन मेहताब लड़की को अपने घर ले गया। वह तीन दिनों तक उसके साथ रही। बाद में युवक के घरवालों ने निकाह से इनकार करते हुए मेहताब को घर से बेदखल करने की धमकी दी। लड़की का आरोप है इसके बाद मेहताब और उसकी बहन ने मुझे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। मैंने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पंचायत हुई। पंचायत में फैसला हुआ कि दोनों का निकाह किया जाएगा। शुक्रवार को बारात आनी थी, लेकिन इससे ठीक पहले मेहताफ ने निकाह करने से मना कर दिया। पूरा मामला घूरपुर थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला…. घूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती सलमा (काल्पनिक नाम) ने बताया- एक साल पहले दादूपुर के रहने वाले मेहताब उर्फ गाजर से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। इसके बाद हमारी बातचीत होने लगी। एक-दूसरे के करीब आने के बाद दोनों ने निकाह करने का फैसला कर लिया। सलमा ने कहा- एक दिन मेहताब बहाने से अपने घर ले गया। मैं तीन दिन तक उसके साथ रही। बाद में मेहताब के घरवालों ने निकाह से इनकार करते हुए मेहताब को घर से बेदखल करने की धमकी दी। इसके बाद मेहताब और उसकी बहन ने मुझे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। पंचायत में तय हुआ निकाह, शुक्रवार को आनी थी बारात सलमा ने कहा- घर लौटने के बाद परिजनों को पूरी आपबीती बताई। मामला बढ़ा तो दोनों परिवारों के बीच पंचायत हुई। पंचायत में निकाह तय कर दिया गया। 6 फरवरी को बारात आने की तारीख तय हुई। सलमा ने बताया- घर में शादी की पूरी तैयारियां कर ली गईं थी। शादी के कार्ट पत्र बांटे गए थे, खाने-पीने की व्यवस्था हो गई थी और दहेज का सामान भी खरीद लिया गया था शुक्रवार को सुबह से ही घर में चहल-पहल थी। सलमा दुल्हन के जोड़े में बारात का इंतजार करती रही, तभी अचानक मेहताब का फोन आया और उसने कहा कि वह निकाह नहीं करेगा और बारात नहीं आएगी। यह सुनते ही परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा। रिश्तेदार लौट गए और सारी तैयारियां धरी रह गईं। पीड़िता बोली- एक फोन ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी सलमा ने दैनिक भास्कर को बताया- एक साल तक बात की, प्यार की बातें कीं। मुझे अपने घर ले गया और तीन दिन साथ रहा। फिर घरवालों के दबाव में मुझे धक्के देकर निकाल दिया। पंचायत में निकाह तय हुआ था। शुक्रवार को बारात आनी थी, लेकिन एक फोन कॉल ने मेरी पूरी जिंदगी तबाह कर दी। निकाह से इनकार के बाद सलमा और उसके परिजन घूरपुर थाने पहुंचे और पूरे मामले की तहरीर दी। पीड़िता का आरोप है कि लड़के वालों ने साफ कह दिया कि निकाह नहीं होगा, कहीं और कर लो। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलवल में राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री खेल कप प्रतियोगिता का आयोजन 9 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह प्रतियोगिता 11 फरवरी तक नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। इसमें कबड्डी और खो-खो खेलों के सीनियर वर्ग के लड़के और लड़कियों के मुकाबले होंगे। यह जानकारी DC डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने दी। डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि इन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश भर से कुल 1096 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें 598 लड़के और 498 लड़कियां शामिल हैं। सभी खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, दूधौला में की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री कप खेल प्रतियोगिताएं राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। ऐसे आयोजन युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाते हैं और उन्हें अनुशासन, टीम भावना तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करते हैं। खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री कप के माध्यम से खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। ये प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
श्योपुर जिले के ग्राम जैदा में किसान के घर दिनदहाड़े हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने महज 24 घंटे में कर दिया। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया और उसके पास से लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए। पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्योपुर सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी श्योपुर राजीव कुमार गुप्ता की निगरानी में कोतवाली पुलिस ने इस सफलता को हासिल किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, टीआई कोतवाली सत्यम सिंह गुर्जर के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। चोरी का मामला और बरामद सामान घटना 7 फरवरी को हुई थी, जब ग्राम जैदा निवासी महावीर बैरवा ने अपने घर से चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोर ने एक जोड़ी चांदी की पायल (250 ग्राम), एक चांदी का कमरबंद (250 ग्राम) और एक सोने की नथ चुरा ली थी। चोरी की कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई। आरोपी का खुलासा और बरामदगी पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी महावीर मीणा (26) पुत्र शंभूलाल मीणा, ग्राम डाबरसा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया। आरोपी शातिर और आदतन अपराधी गिरफ्तार आरोपी महावीर मीणा एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ श्योपुर जिले के साथ-साथ राजस्थान के खातौली क्षेत्र में नकबजनी, चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट समेत दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में उनके सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करने वाला भोमाराम सामने आया। 28 जनवरी को साध्वी की मौत के 4 घंटे बाद भोमाराम ने ही पोस्ट की थी। उसने बताया कि साध्वी के पिता वीरमनाथ के कहने पर मैंने ही इंस्टाग्राम पर लोगों की सूचना के लिए पोस्ट किया था। वीरमनाथ ने जैसा कहा मैंने वैसा ही मैसेज लिखकर पोस्ट कर दिया था। जिसका उद्देश्य ये ही था कि साध्वी प्रेम बाईसा को न्याय मिले। इससे पहले वीरमनाथ ने सभी संत-महात्माओं और कुछ परिचितों को फोन किए थे। भोमाराम ने बताया कि 28 जनवरी को शाम 6:52 बजे मुझे गुरुजी वीरमनाथ के फोन से कॉल आया था। उनके फोन से सुरेश ने बात की और कहा कि कि बाईसा की तबीयत खराब है, प्रेक्षा हॉस्पिटल आ जाओ। मैं शाम 7:31 बजे प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचा तब तक प्रेम बाईसा का देहांत हो चुका था। वहां वीरमनाथ और आश्रम के कुछ लोग थे। अस्पताल में डॉक्टर ने बोला कि पोस्टमाॉर्टम के लिए ले जाओ तब वीरमनाथ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम तो अपन करवाएंगे लेकिन पहले बाईसा को हम ससम्मान आश्रम में ले जाते हैं, श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे तब तक सभी साधु-संत आ जाते हैं। उसके बाद में अपन पोस्टमॉर्टम के लिए ब्रह्म मुहूर्त में ले जाएंगे। तब रात 8:45 बजे हम लोग प्रेक्षा हॉस्पिटल से निकल गए। रास्ते में संतों को फोन लगाए और उन्हें बाईसा के देहांत के बारे में बताया। फिर हम आरती नगर के मोड़ पर रुक गए। कुछ देर रुकने के बाद आरती नगर आश्रम पहुंचे। आश्रम पहुंचने के बाद कुछ युवकों ने किया हंगामा भोमाराम ने बताया कि आश्रम पहुंचने के बाद वीरमनाथ ने मुझे पोस्ट करने का कहा। इस कारण 4 घंटे की देरी हो गई। मैंने रात 9:38 बजे वो मैसेज डाला था। इसके बाद भक्तों का आना शुरू हो गया। कुछ देर में वो मैसेज वायरल हो गया तो और भी कई लोग आ गए। इसी दौरान 4-5 लड़कों ने विरोध करना शुरू कर दिया और न्याय के नारे लगाने शुरू कर दिए। वो हाथापाई पर उतर आए। उनकी गाड़ी के टायर की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पोस्टमॉर्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लेकर चले गए थे। भोमाराम ने कहा कि जिन लोगों ने उस समय माहौल खराब किया, वे लोग साध्वी बाईसा की समाधि के दौरान नजर नहीं आए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रेम बाईसा अपने वायरल वीडियो के बाद एसआईटी ने भी मुझसे एक बार पूछताछ की है। भोमाराम ने बताया कि आश्रम एक साल पहले बना था। कैमरे लगवाए नहीं थे, कैमरों की अंडर लाइन डाले हुए हैं। लोगों ने बाईसा को कलंकित करना चाहा भोमाराम ने बताया कि पोस्ट डलवाने से पहले वीरमनाथ और मेरी बातचीत हुई। तब उन्होंने कहा कि बाईसा ने 25 साल तक ब्रह्मचर्य का जीवन जिया है और लोगों ने कलंकित किया। बाईसा ने शंकराचार्य को पत्र लिखा तो अब बाईसा दुनिया में नहीं रही, वो न्याय मांग रही थी। जैसा वीरमनाथ ने कहा वैसा ही मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। उन्होंने ही पोस्ट बताई थी। गौरतलब है कि साध्वी की मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई ठोस खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस अब तक 37 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
दमोह में गौवंश तस्करी आरोपी को छुड़ाने का मामला:पुलिस टीम पर हमला करने वाले 16 लोगों पर केस दर्ज
दमोह जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र में गौवंश तस्करी के एक फरार आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया। आरोपी के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया। इस घटना के बाद पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। यह घटना गुरुवार रात रजपुरा थाना क्षेत्र के हरदूटोला गांव में हुई। पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने रविवार को इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशु तस्करी के आरोपी जैसा बंजारा (पिता भामा बंजारा) को गिरफ्तार करने के लिए रजपुरा पुलिस पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने के दौरान प्रेमा बंजारा और अन्य महिलाओं ने पुलिस से विवाद किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी की और पीछे से लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया। इसी बीच, आरोपी जैसा बंजारा मौके से फरार हो गया। रजपुरा थाना पुलिस ने आरोपी जैसा बंजारा सहित एक दर्जन से अधिक नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, एससी/एसटी एक्ट, बलवा और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी के नेतृत्व में कई थानों का पुलिस बल लगातार रजपुरा क्षेत्र में आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ है। रविवार को भी गांव में दबिश दी गई। यह जंगली इलाका है जहां बंजारा समाज के लोग अधिक संख्या में रहते हैं, जिन पर पहले भी पशु तस्करी के कई आरोप लग चुके हैं। इनके नाम हुई FIR एसडीओपी प्रिया सिंधी ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर जितने लोग भी इस घटना में शामिल हैं, उन सभी को हिरासत में लिया जा रहा है। पुलिस ने जैसा और प्रेमा के परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया है। इस मामले में जैसा बंजारा, पेमा बंजारा, उड़ा बंजारा और भामा बंजारा पर नामजद मामला दर्ज किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात लोग भी शामिल हैं।
हाथरस के कोतवाली सासनी क्षेत्र में एक 28 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का नाम रफीक पुत्र कल्लू खां था और वह मोहल्ला आशा नगर का निवासी था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रफीक टीबी की बीमारी से ग्रसित था और मानसिक रूप से भी परेशान था। वह अत्यधिक शराब का सेवन भी करता था। बताया जा रहा है कि रफीक का अपनी पत्नी से तलाक भी हो गया था, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई थी। आज सुबह जब परिवार के लोगों ने रफीक को कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका देखा, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने वहां पहुंचकर लोगों से पूछताछ की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सहारनपुर में अवैध खनन पर एक्शन:पुलिस-राजस्व टीम ने बालू से भरे दो ट्रक किए सीज
सहारनपुर में अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत सरसावा पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दो भारी ट्रकों को सीज किया है। ये ट्रक बालू से भरे हुए थे, लेकिन चालकों के पास खनन सामग्री के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि रविवार को चौकी शाहजहांपुर क्षेत्र में सरसावा पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने सड़क से गुजर रहे दो संदिग्ध 18 टायरा ट्रकों को रोका। जांच करने पर दोनों ट्रकों में भारी मात्रा में बालू भरी हुई पाई गई। अधिकारियों ने चालकों से रॉयल्टी स्लिप, ट्रांजिट पास और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई भी वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रकों को मौके पर ही सीज कर दिया। सीज किए गए ट्रकों में पहला 18 टायरा ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर HR 58 C 9498 और दूसरा 18 टायरा ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर HR 58 E 9498 है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रवेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में थाना सरसावा पुलिस की टीम और नकुड़ क्षेत्र के राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। एसपी देहात सागर जैन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन कर खनन करने या बिना वैध दस्तावेजों के सामग्री ढोने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
फतेहाबाद की सदर थाना पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के एक मामले में आरोपी को पंजाब से काबू किया है। आरोपी की पहचान पंजाब के मानसा जिले के गांव आलुपुर निवासी करण सिंह के रूप में हुई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।फतेहाबाद सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि गांव धारनिया निवासी धर्मपाल की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। धर्मपाल ने बताया कि उसे आधार कार्ड व पैन कार्ड पर लोन दिलाने का झांसा देकर उसके दस्तावेज और मोबाइल सिम का दुरुपयोग किया गया। 30 सितंबर को खाते में जमा हुए 45 हजार 200 रुपएधर्मपाल ने बताया कि फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में आरोपी से उसकी मुलाकात हुई, जिसने सिम कार्ड अपने मोबाइल में डालकर लोन प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। बाद में बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि 30 सितंबर 2025 को 45 हजार 200 रुपये खाते में जमा हुए और 1 अक्टूबर 2025 को वही राशि आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर ली गई। 9 दिसंबर को दर्ज हुआ था केसएसएचओ ने बताया कि इस संबंध में सदर थाना फतेहाबाद में 9 दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
सोनभद्र में नदी किनारे मिला दिव्यांग का शव:मछली पकड़ने गया था, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
सोनभद्र में रेणुका नदी किनारे युवक का शव मिला है। युवक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेज दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। यह मामला ओबरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पनारी टोला कड़िया के पास का है। मृतक की पहचान मालवीय नगर निवासी मनोज साहनी (36) पुत्र पृथ्वीराज साहनी के रूप में हुई है। मनोज जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग था। इसके चलते उसकी शादी नहीं हुई थी। वह रोजाना नाव से रेणुका नदी में जाल डालकर मछली पकड़ने का काम करता था। परिजनों के अनुसार मनोज शनिवार की सुबह में घर से मछली पकड़ने के लिए नदी पर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। रविवार की सुबह में करीब 8 बजे मालवीय नगर निवासी सुनील कुमार ने उनका शव नदी किनारे पानी में पड़ा देखा, जिसकी सूचना डायल 112 पर दी। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मौत का कारण पानी में डूबना प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है। वहीं, मृतक के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि मनोज को तैरने में महारत हासिल थी और वह आसानी से नहीं डूब सकता। मृतक के भाई ने बताया कि उन्होंने अपनी आशंका पुलिस के सामने रख दी है। पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की बात कही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी जिले में डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू ने वाहन चोरी के एक मामले को सुलझाते हुए एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने न केवल चोरी बल्कि हत्या जैसे संगीन अपराध से भी पर्दा उठा दिया है। पकड़े गए आरोपी ने फतेहाबाद में हुई एक महिला की हत्या (ब्लाइंड मर्डर) की बात कबूल कर पुलिस प्रशासन को बड़ी कामयाबी दिलाई है। चोरी की गाड़ी के साथ गांव सिंघानी से दबोचा पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू की टीम ने आरोपी महेंद्र निवासी आजाद नगर, फतेहाबाद को गांव सिंघानी से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से बवानी खेड़ा निवासी सौरभ की घर के गैराज से चोरी हुई टाटा ऐस गोल्ड गाड़ी बरामद की गई है। पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे जब पुलिस ने महेंद्र से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने एक के बाद एक कई वारदातों की परतें खोल दीं। ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: आरोपी ने स्वीकार किया कि 22 जनवरी 2026 को उसने फतेहाबाद में एक महिला की गला घोंटकर हत्या की थी। इस मामले में थाना शहर फतेहाबाद में मामला तो दर्ज था, लेकिन कातिल का सुराग नहीं मिल पा रहा था। भैंस चोरी: आरोपी ने 27 जनवरी 2026 की रात सिरसा के गांव डीग से दो भैंसें चोरी करने की बात भी मानी। बोलेरो पिकअप चोरी: जुलाई 2025 में बवानी खेड़ा क्षेत्र से एक बोलेरो पिकअप चोरी करने की वारदात भी स्वीकार की। नशे की लत ने बनाया अपराधी, दर्ज हैं 14 मुकदमे पुलिस जांच में सामने आया है कि महेंद्र नशे का आदी है और अपनी नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए ही इन वारदातों को अंजाम देता था। उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है: आरोपी के खिलाफ फतेहाबाद, भट्टू कलां, बवानी खेड़ा और राजस्थान के अलवर में हत्या, स्नैचिंग, शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) और चोरी के कुल 14 मामले दर्ज हैं। न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और चोरी किए गए अन्य सामान की बरामदगी के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
मेरठ में रविवार अपहरण की वारदात से सनसनी फैल गई। यहां बहसूमा थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़की से शादी के चंद घंटे पहले बदमाश महिला कांस्टेबल का अपहरण कर ले गया। महिला कांस्टेबल के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी अविनाश पांडे की तरफ से महिला सिपाही की सकुशल बरामदगी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। पहले एक नजर डालते हैं वारदात पर मामला बहसूमा थाना क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर सादान का है। यहां की एक युवती यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और जनपद अलीगढ़ के साइबर क्राइम थाने में तैनात है। रविवार को युवती की बारात आनी थी लेकिन उससे पहले ही ग्राम ढीकोली निवासी अंकित उस युवती को अगवा करके ले गया। सुबह परिवार ने जाकर थाने में बेटी को अगवा करने की सूचना दी तो हड़कंप मच गया। मीरापुर के गांव खेड़की से आनी थी बारातमहिला सिपाही के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस दौड़ पड़ी। मामला एसएसपी अविनाश पांडे तक पहुंचा तो उन्होंने तीन टीमों का गठन कर दिया। परिवार ने पुलिस को बताया कि अंकित अपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ काफी मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बेटी की जान का खतरा है। पुलिस बोली- प्रेम प्रसंग में गई युवतीCO पंकज लवानिया ने बताया- शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि महिला कांस्टेबल पहले से ही अंकित को जानती है। पुलिस ने उसके और आरोपी अंकित के मोबाइल की कॉल डिटेल्स निकाली है जिसमें पिछले कई दिन की काफी सारी कॉल मिली हैं। कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की है। सिपाही बोली- चिंता करने की जरूरत नहीं हैपुलिस सूत्र बताते हैं कि परिवार जब थाने पहुंचा था तो उसके कुछ देर बाद ही महिला सिपाही का घर के एक मोबाइल फोन पर कॉल आया जिसमें उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से जा रही है और उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। युवत ने यह भी कहा कि वह बालिग है और अपना अच्छा बुरा सब समझती है। हालांकि परिवार इसकी पुष्टि नहीं कर रहा। पिता की तहरीर पर दर्ज किया गया मुकदमाCO पंकज लवानिया ने बताया कि इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की टीम दोनों की लोकेशन तलाश कर रही है। पिता की तरफ से तहरीर दी गई है जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द महिला सिपाही को से सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर लगातार हिंदु संगछन और ब्राह्मण समाज के लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मेरठ के भाजपा नेता सुनील भराला ने भारत सरकार का जो टेक्नोलॉजी और सेंसर बोर्ड का कार्यभार संभालने वाले अश्विनी वैष्णव को भी पत्राचार कर नाम बदलने की मांग की जिसके बाद देर रात नाम में बदलाव भी कर दिया गया। समाज को बदनाम करने का हो रहा षडयंत्र- भराला घूसखोर पंडत वेब सीरीज के माध्यम से हमारे पूरे ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का षड्यंत्र किया गया है ,इस से निंदनीय कुछ नहीं हो सकता है कि एक सभ्य वर्ग के नाम पर ऐसा किया जाए। हमने अश्विनी वैष्णव से भी मांग की है कि मुगल काल से ही समाज को जाति को धर्म को बदनाम करने कीने वाले लोगों को इस बार कामयाब नहीं होने दिया जाए। घूसखोर पंडत भी उसी वर्ग का हिस्सा है जो समाज को धर्म, जाति के नाम पर तोड़ने का काम कर रही है। इसी क्रम में यह घोषकर पंडित पूरे ब्राह्मण समाज को सम्मानित करने का काम किया गया है लेकिन वह लोग यह भूल गए कि अब पुरानी सरकार नहीं है अब उन्हें याद रखना चाहिए कि किसी भी जाति के खिलाफ या उसके खिलाफ षड्यंत्र रचना जनता और सरकार कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कल जाट गुंडा और ठाकुर गद्दार उन्होने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ अगर पहली बार में ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इनके होंसले बुलंद हो जाएंगे। आज जिस प्रकार घूसखोर पंडत हमारे ब्राह्मण समाज को बदनाम कर रहा है वैसे ही यह लोग कल को ठाकुर को गद्दार , वैश्य को भ्रष्ट और जाट को गुंडा कहने वाली सीरिज लाई जाएंगी। इस प्रकार की फिल्में बनाने का जो रिवाज चल रहा है यह सीधे तौर पर धर्म पर हमला करने का रिवाज है। इसे तत्काल बंद करना चाहिए और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। हाईकोर्ट तक लेकर जाएंगे मुद्दा हम अश्विनी वैष्णव का तो आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारी मांग को लेकर इस आपत्तिजनक शीर्षक को बदलने का निर्णय लिया है। इसके बाद हम चुप नहीं बैठने वाले हैं हमने इस प्रकरण पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी शुरू कर चुके हैं, इसके साथ ही हाई कोर्ट में भी इस मुद्दे को लेकर जाएंगे ताकि ऐसा करने वालों के लिए कार्रवाई नजीर बन सके।
कानपुर के गोविन्द नगर में बंद कमरे में रेलवे के सीनियर टेक्निशियन का बंद कमरे में शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।ज़ब काफी देर तक मृतक का फोन नहीं उठा तो परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले गुवक को फोनकर कमरे में भेजा जहाँ बेड पर शव पड़ा देख सभी के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाँच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। मूल रुप से बिहार के रहने वाले मूल रूप से बिहार के अमेठ गाँव निवासी कामता प्रसाद (55) रेलवे में सीनियर टेक्निशियन के पद पर गोविन्द नगर में तैनात थे। परिवार में पत्नी की कुछ साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थीं चार बेटे बृजेश कुमार, ऋषि कुमार सोनू, व नीतीश है बेटी काजल है। छोटे बेटे ऋषि ने बताया कि पिता रेलवे में नौकरी लगने के बाद से ही कानपुर के गोविन्द नगर में कच्ची बस्ती मकान बनवा कर रहने लगे थे। शनिवार को सुबह पिता का फोन आया था। तब वह पूरी तरह से ठीक थे घर का हाल चाल लेने के बाद करीब 11 बजे वह ऑफिस जाने कि बात कहकर फोन काट दिया था। शाम को छोटे भाई सोनू ने पिता के नंबर पर फोन किया जिसके बाद पिता के फोन में बेल जाती रही लेकिन किसी ने उठाया नहीं ज़ब काफ़ी देर तक किसी ने फोन नहीं उठाया तो उन्होंने पड़ोस में रहने वाले शशिकान्त सिंह को फोन कर बताया जिसके बाद कमरे में गए तो कमरा अंदर से बंद था। काफ़ी देर तक वह दरवाजा खटकाते रहे मगर कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने 112 नंबर डायल कर घटना कि सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही गोविन्द नगर थाने का फ़ोर्स मौके पर पहुंचा और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। तो पिता का बेड पर शव पड़ा देख सभी के होश उड़ गए। पड़ोसी ने ही फोन कर घटना कि जानकारी दी। जिसके परिजन रविवार को सुबह पोस्टमार्टम हॉउस पहुँचे। गोविन्द नगर थाना प्रभारी ने बताया- प्रथम दृष्टया हार्ट हटैक से मृत्यु कि वजह लग रही है। पुलिस ने घटना कि जाँच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। परिजनों से भी अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई तहरीर मिलेगी तो जाँच कर कार्रवाई की जायेगी।
अयोध्या में एक्सीडेंट में युवती की मौत:रुदौली सामान लेने जा रही थी, बाइक ने मारी टक्कर
अयोध्या जिले के रुदौली कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना भेलसर चौकी क्षेत्र के मकवापुर के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अज्ञात वाहन ने पीछे से बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्काल घायलों को सड़क से हटाकर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मृतका की पहचान मेहनौरा (मीसा) गांव निवासी ओमकार यादव की 20 वर्षीय पुत्री नेहा के रूप में हुई है। वह अपने गांव के रवि कुमार पुत्र रमेश रावत के साथ बाइक से रुदौली सामान लेने जा रही थी। भेलसर चौकी ने एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा। हालांकि, नेहा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रवि कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। यह हादसा नेहा के सगे भाई कुलदीप की शादी से ठीक एक दिन पहले हुआ। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने नेहा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। भेलसर चौकी प्रभारी युवराज सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मुरादाबाद में महिला से छेड़छाड़:विरोध करने पर की मारपीट, शिकायत पर केस
मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पीड़िता परवीन जहां पत्नी अकील अहमद ने भगतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर के समय वह घर पर अकेली थीं। इसी दौरान गांव का तौफीक उनके घर में घुस आया और उनसे छेड़छाड़ करने लगा। परवीन जहां के विरोध करने पर आरोपी तौफीक ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर तौफीक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। वे लाठी-डंडे और लोहे के हथौड़े लेकर घर में घुस आए और परवीन जहां समेत अन्य महिलाओं तथा बच्चों के साथ मारपीट की। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। गोलदारपट्टी रोड पर राजकीय मध्य विद्यालय के पास एक ट्रक हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। तार सटते ही तेज चिंगारी निकलने लगी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारियों ने भयावह रूप ले लिया। हालांकि, ट्रक ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोक दिया। आसपास के लोगों को दूर रहने की अपील की, जिससे किसी प्रकार की जानी नुकसान नहीं हुआ। लोगों ने रोड जाम कर दिया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर ट्रक आगे बढ़ता या तार टूटकर गिर जाता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटनास्थल के पास ही एक सरकारी स्कूल है। इस इलाके में हमेशा भीड़ रहती है। जिससे खतरे की आशंका और बढ़ गई थी। स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर आक्रोशित हो गए। बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने पर ललमटिया पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग सोनू कुमार और अजय कुमार भगत ने बताया कि इस मार्ग पर कई वर्षों से हाई टेंशन तार नहीं बदले गए हैं। तारों की ऊंचाई काफी कम है, जिसके कारण बड़े वाहनों से अक्सर तार सटने की घटनाएं होती रहती हैं। इस समस्या को लेकर बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार सूचित किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने या उन्हें सुरक्षित तरीके से बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार को बारां और किशनगंज पंचायत समिति की चार ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। केलवाड़ा में एक उद्घाटन समारोह में जाते समय उन्होंने यह दौरा किया। निरीक्षण के दौरान गांवों में गंदगी, जाम नालियां और सड़कों पर गंदा पानी भरा देखकर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्वच्छता अभियान की राशि के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए संबंधित अधिकारियों से वसूली और कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री दिलावर सुबह करीब 10:30 बजे सबसे पहले ग्राम पंचायत संबलपुर पहुंचे। वहां ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा सफाई न कराने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से नालियां जाम हैं और नियमित सफाई नहीं हो रही है। मंत्री ने ग्रामीणों के साथ पूरे गांव का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर ही पंचायत समिति बारां की विकास अधिकारी से जवाब तलब किया। मंत्री ने सवाल किया कि जब हर महीने सफाई के लिए अलग से राशि दी जा रही है, तो गांव में सफाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वच्छता अभियान की राशि का उपयोग निर्माण कार्यों में किया गया है, तो पूरी वसूली की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक अभियंता और ग्राम पंचायत के प्रशासक सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों से यह राशि वसूल की जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता अभियान की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और प्रभारी नोडल अधिकारी गैरमौजूद पाई गईं, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री ने ग्राम पंचायत रानीवाड़ा और किशनगंज का भी निरीक्षण किया। किशनगंज में गंदगी के ढेर और सड़कों पर भरे गंदे पानी को देखकर मंत्री ने विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। फल्दी ग्राम पंचायत के निरीक्षण में सरकारी स्कूल परिसर में गंदगी मिली और पुराने शौचालय पर 'पिंक टॉयलेट' लिखा पाया गया। इस पर मंत्री ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने किशनगंज ग्राम पंचायत में पिछले पांच वर्षों में कराए गए सभी निर्माण कार्यों की जांच के लिए जयपुर से विशेष जांच दल भेजने के आदेश भी दिए।
जींद जिले के जुलाना में कुम्हार समाज ने अपनी धर्मशाला में एक बैठक का आयोजन किया। इसमें पारंपरिक व्यवसाय के लिए जमीन पर कब्जे की मांग उठाई गई। समाज ने अपनी मांगों को लेकर 22 फरवरी को जुलाना में जनसभा करने का ऐलान किया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र ने बताया कि सरकार ने मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों को जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, लेकिन यह आज तक कागजों तक ही सीमित है। कई कुम्हार परिवारों को स्वामित्व प्रमाण पत्र तो मिल गए हैं, पर उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिला। बोले- जमीन के बिना पारंपरिक कला खत्म हो रही राजेंद्र ने कहा कि जमीन के अभाव में कुम्हार समाज अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने में असमर्थ है। इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि संसाधनों की कमी के कारण यह पारंपरिक कला धीरे-धीरे खत्म हो रही है। कुम्हार समाज की मुख्य मांगे कुम्हार समाज की मुख्य मांग है कि जिन कुम्हारों को स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। इसी मुद्दे पर जोर देने के लिए 22 फरवरी को जुलाना में एक जनसभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें पूरे हल्के से समाज के लोग शामिल होंगे। इस बैठक में रामकुमार घोड़ेला, महेंद्रपाल, राज सिंह, कपिल, महेंद्र प्रजापति, नरेंद्र सहित समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया गया तो इससे पुरस्कार की गरिमा और बढ़ेगी। मोहन भागवत ने संगठन में पद छोड़ने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्हों कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आमतौर पर 75 वर्ष की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। भागवत ने मुंबई में RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक बनता है। भागवत की स्पीच की 8 बड़ी बातें मोहन भागवत के पिछले 2 बड़े बयान… 7 फरवरी: भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू, संघ किसी के खिलाफ नहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है। RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा कि बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: भागवत बोले- अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या की पहचान करना सरकार की जिम्मेदारी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हैदराबाद में कहा कि अवैध रूप से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करना और उन्हें देश से बाहर भेजना सरकार की जिम्मेदारी है। नागरिक इस तरह के मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… -------------- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भाजपा को RSS कंट्रोल नहीं करता, संघ को पार्टी के नजरिए से देखना गलत RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के नजरिए से आरएसएस को समझना गलत है। सभी स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और संघ किसी (भाजपा) को कंट्रोल नहीं करता। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। पूरी खबर पढ़ें…
पानीपत जिले के उपमंडल इसराना के गांव मांड़ी स्थित संत कृपाल रूहानी मिशन राजेंद्र आश्रम में रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संस्थापक संत कृपाल सिंह महाराज के जन्मदिन के अवसर पर सिविल हॉस्पिटल पानीपत के सहयोग से लगाया गया, जिसमें कुल 27 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर से पहले आश्रम में सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान परिचर राजेंद्र ने संत कृपाल जी महाराज के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला और उनके आध्यात्मिक योगदान को याद किया। संत कृपाल महाराज का जीवन परिचय परिचर राजेंद्र ने बताया कि संत कृपाल जी महाराज का जन्म 6 फरवरी 1894 को रावलपिंडी, पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं से प्राप्त की थी। कृपाल जी महाराज ने समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और आध्यात्मिक ज्ञान व प्रेम का प्रसार किया। उन्होंने विश्व में एकता और मानवता का संदेश दिया। आध्यात्मिकता और सेवा का संदेश परिचर राजेंद्र ने बताया कि कृपाल जी महाराज ने ब्रिटिश शासनकाल में सेना में भी कार्य किया था, लेकिन बाद में उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को प्राथमिकता दी। उन्होंने ‘अच्छे बनो, अच्छा करो, एक हो जाओ’ का संदेश लेकर विश्वभर की यात्रा की और राधा स्वामी पंथ के आध्यात्मिक गुरु तथा रूहानी मिशन के अध्यक्ष बने। वे एक महान विद्वान और योगी थे, जिन्होंने प्रेम, शांति और सद्भाव का संदेश फैलाया। डॉक्टरों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति इस अवसर पर सिविल हॉस्पिटल पानीपत से डॉक्टर रजत गुप्ता, नर्सिंग इंचार्ज सीमा और पंकज, काउंसलर प्रकाश, सोमवीर और सुरेंद्र उपस्थित रहे। राजेंद्र आश्रम से प्रधान रामकुमार, परिचर राजेंद्र सिंह और सेक्रेटरी राजेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
उन्नाव के पुरवा थाना क्षेत्र के टिपरारपुर गांव में एक 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान श्यामू पुत्र अवधेश निवासी टिपरारपुर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, श्यामू ने अपने घर के बाहर बने छप्पर में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। सुबह जब परिजन जागे तो उन्होंने छप्पर में श्यामू का शव लटका हुआ देखा। इस दृश्य को देखते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि मृतक श्यामू मजदूरी का काम करता था और अपने परिवार की आर्थिक मदद करता था। परिजनों के अनुसार, उसका स्वभाव सामान्य था और किसी से कोई विवाद या झगड़े की बात सामने नहीं आई है। आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। श्यामू अपने परिवार में दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा था। सबसे छोटे बेटे की असमय मौत से माता-पिता गहरे सदमे में हैं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं और मामले की गहराई से जांच कर रही है। परिजनों की ओर से फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है।
रायसेन में रविवार को रवि खत्री को श्री हिंदू उत्सव समिति का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। समिति ने इस बार अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर दिया है, जिससे संगठन में एक बड़ा बदलाव आया है।नगर की प्रतिष्ठित सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री हिंदू उत्सव समिति की चुनाव प्रक्रिया के दौरान उत्साह का माहौल रहा। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में रवि खत्री के पक्ष में एकमात्र नामांकन जमा होने के कारण उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया।हिउस अध्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया 3 फरवरी से शुरू हुई थी। पहले चरण में 3 से 5 फरवरी तक सदस्यता अभियान चलाया गया, जिसमें 123 लोगों ने दो वर्षीय सदस्यता ली। सदस्यता शुल्क 500 रुपए निर्धारित किया गया था। चुनाव कार्यक्रम के तहत 7 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन फार्म बिक्री का समय तय था। साथ ही, सदस्यता अभियान चलाकर नए सदस्यों को चुनाव प्रक्रिया में जोड़ा गया है, ताकि समिति में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके। रवि खत्री के निर्वाचन की घोषणा होते ही रायसेन नगर के युवाओं ने इस निर्णय का स्वागत किया। समर्थकों और युवाओं ने आतिशबाजी कर हर्ष व्यक्त किया। युवाओं का मानना है कि रवि खत्री के नेतृत्व में समिति आने वाले त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों को नई ऊर्जा और भव्यता के साथ संपन्न कराएगी।
जौनपुर में अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित 30 दिवसीय निशुल्क सौंदर्य प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह संपन्न हुआ। यह कार्यशाला निखार ब्यूटी पार्लर, खुझी मोड़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉली जोशी और विशिष्ट अतिथि प्रो. सरिता सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। ट्रस्ट की अध्यक्ष उर्वशी सिंह ने स्वागत भाषण में संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों का संक्षिप्त परिचय दिया। मुख्य अतिथि डॉली जोशी ने ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों और महिलाओं को प्रशिक्षित करने के अतुल्य वेल्फेयर ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की कि सरकार द्वारा आयोजित कल्याणकारी योजनाओं का सहयोग ट्रस्ट को मिलता रहे, ताकि भविष्य में और विस्तृत रूप से कार्य किया जा सके। डॉली जोशी ने ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों को जागरूक करने तथा उनके अधिकारों के लिए कार्य करने को एक पुनीत कार्य बताया। ट्रस्ट महिलाओं और बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसके तहत हर ब्लॉक और तहसील में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।विशिष्ट अतिथि प्रो. सरिता सिंह ने ट्रस्ट परिवार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनेंगी और बच्चियों व महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने में ट्रस्ट के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने अपने क्षेत्र और विद्यालय की बच्चियों को प्रशिक्षित होते देखकर खुशी व्यक्त की और इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यशाला में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सभी बच्चियों और महिलाओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्य अतिथि डॉली जोशी, विशिष्ट अतिथि प्रो. सरिता सिंह, क्षमा सिंह और कार्यक्रम की प्रशिक्षिका सरोज गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में सरोज गुप्ता, डिम्पल गुप्ता, पूजा पाल, सारिका, आंचल, नेहा नागर और चंदा गुप्ता ने मुख्य प्रशिक्षिकाओं के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्थापना दिवस पर 10 फरवरी को जिला स्तरीय अरपा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री के दो दिवसीय जिला प्रवास और अरपा महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने अधिकारियों की बैठक ली। यह महोत्सव हर साल की तरह इस वर्ष भी मल्टी परपज स्कूल मैदान पेण्ड्रा में आयोजित होगा। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में हुई बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई। अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में विभागीय स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों के मनोरंजन के लिए मेला, झूले और फूड जोन लगाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। अरपा महोत्सव में 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह कलेक्टर ने बताया कि अरपा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण होगा। हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत सामग्री और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय भवन का भूमि पूजन और वृक्षारोपण मुख्यमंत्री जिला चिकित्सालय भवन का भूमि पूजन करेंगे और चिकित्सालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया जाएगा। टीबी मुक्त घोषित 51 पंचायतों, बाल विवाह मुक्त 71 पंचायतों और गौरेला एवं पेण्ड्रा के 2 नगरीय निकायों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। अधिकारियों ने महोत्सव स्थल का किया निरीक्षण कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने और महोत्सव को गरिमामय तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी और जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों ने महोत्सव स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने महोत्सव स्थल के पास बने हेलीपैड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और चलित शौचालय सहित सभी तैयारियों के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुष्कर से अजमेर लौटते समय घाटी चढ़ने से पहले ही मोड़ पर एक कार शनिवार रात दीवार तोड़ती हुई पुष्कर फीडर में गिर गई। इसमें सवार दो युवकों को मामूली चोटें भी आई। इस दौरान मौके पर खासी भीड़ जमा हो गई। बाद में क्रेन की मदद से कार को निकाला गया। पुष्कर थाने के ड्यूटी ऑफिसर व एएसआई अमराराम ने बताया-ऐसा कोई घटनाक्रम हमारी जानकारी में नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार-पुष्कर की तरफ से अजमेर आ रही कार घाटी चढ़ने से पहले मोड़ पर रात करीब साढे़ नौ बजे अंसतुलित होकर दीवार तोड़ती हुई फीडर में जा गिरी। कार में दो युवक सवार थे। कार के गिरने के बाद वे बाहर निकले और खुद को सकुशल बताया। बाद में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना के बाद क्रेन मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाया। कार क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जब इस मामले में पुलिस से सम्पर्क किया तो मामले में अनभिज्ञता जताई।
मंदसौर शहर गुरुवार शाम उस वक्त दहल उठा जब वार्ड क्रमांक 15 के भाजपा पार्षद शाहिद मेव की पत्नी रुबीना की सरेआम चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी कोई बाहरी अपराधी नहीं बल्कि मृतका का ही सौतेला बेटा साहिल और उसका दोस्त सोहेल निकला। पुलिस ने शुक्रवार शाम दोनों को जावरा से गिरफ्तार कर लिया है। भास्कर के हाथ लगी जानकारियों ने हत्याकांड को और भी भयावह बना दिया है। मदारपुरा के घर में मजार, गुरुवार को बनते थे ताबीजसाहिल ने गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि रुबीना के पिता के मदारपुरा स्थित घर में एक मजार बना है। गुरुवार के दिन रुबीना यहां लोगों के लिए ताबीज और डोरे बनाती थी, ऐसे में काफी लोगों का यहां आना-जाना था। साहिल, उसकी मां और बहन को इस बात पर शक था कि रुबीना ने तंत्र-मंत्र और टोना-टोटके के जरिए पार्षद शाहिद मेव को अपने प्रभाव में लिया और फिर उससे शादी कर ली। शादी के बाद पारिवारिक हालात बिगड़ते चले गए। शाहिद मेव का अपनी पहली पत्नी के घर आना-जाना कम हो गया, जिससे घर में अक्सर विवाद और तनाव बना रहता था। साहिल इस स्थिति से बेहद नाराज़ था। कई बार परिवार ने रुबीना को समझाने की कोशिश की कि वह शाहिद से दूरी बनाए, लेकिन बात नहीं बनी। खबर तो यह भी है कि शाहिद के नयापुरा स्थित घर के बाहर जादू-टोने से जुड़ी सामग्री और भभूत जैसी चीजें फेंकी जाती थीं, जिससे तनाव और गहरा गया। दोस्त के साथ मिलकर बनाई हत्या की योजनपार्षद के बेटे साहिल ने अपने बचपन के दोस्त सोहेल पिता भुरू पहलवान के साथ मिलकर रुबीना की हत्या की योजना बनाई। सोहेल नयापुरा में साहिल के घर के सामने ही रहता है, जिससे उसे साजिश में शामिल करना आसान हो गया। कुछ दिन पहले साहिल अजमेर गया था, जहां से उसने हत्या में इस्तेमाल होने वाला चाकू खरीदा। घर से 100 मीटर पहले चाकुओं से हमला कर मारा यह दिल दहला देने वाली वारदात गुरुवार शाम करीब साढ़े 5 बजे मंदसौर के अभिनंदन नगर क्षेत्र में हुई। वार्ड क्रमांक 15 के भाजपा पार्षद शाहिद मेव की पत्नी रुबीना, मदारपुरा स्थित अपने पिता के घर से ऑटो में सवार होकर अभिनंदन नगर स्थित किराए के मकान लौट रही थी तो आरोपियों ने उसकी रेकी की। घर से महज 100 मीटर पहले ऑटो रुका, तभी अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार साहिल और सोहेल ने वहां पहुंचकर धारदार चाकू से रुबीना पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पहले साहिल द्वारा पेट पर चाकू मारा गया, फिर सोहेल ने रुबिना के झुकने पर पीठ पर वार किया। इसके बाद सीने के दोनों ओर चाकू घोंपे गए और अंत में सिर में चाकू मारकर निर्ममता से उसकी हत्या कर दी गई। करीब सात बार चाकू से वार किए गए। हमले में गंभीर रूप से घायल रुबीना को उसके पति शाहिद मेव तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जावरा से राउंडअप, जुर्म कबूलपुलिस ने शुक्रवार शाम साहिल और सोहेल को जावरा स्थित हुसैन टेकरी के पास से राउंडअप कर मंदसौर लाया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। शनिवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और चाकू की बरामदगी के साथ अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मृतका की मासूम बेटी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए बताती है दो लड़के आए थे। एक साहिल था और दूसरा उसका दोस्त था। उन्होंने मेरी मम्मी को चाकू मार दिया। ऑटो चालक बोला- ‘तुम नहीं छोड़ रही’ कहकर किया हमलाऑटो चालक सीताबाई डाबी ने बताया कि रुबीना शुक्ला चौक से ऑटो में बैठी थी। घर पहुंचने से 100 मिटर पहले उसने बेटी को ऑटो में बैठाया, तभी पीछे से बाइक सवार युवक आए और कहते हुए हमला कर दिया तुम नहीं छोड़ रही। जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान मौजूद डॉक्टर मीतांशी जैन द्वारा दैनिक भास्कर को बताया गया कि रुबीना को जब अस्पताल लाया गया, उससे पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी, उसके शरीर पर चार से पांच चाकू के निशान थे, सिर पर भी चाकू से वार किया गया था। वहीं 1 जगह से महिला की आंते भी बाहर आ चुकी थी। चार शादियां, टूटते रिश्ते और विवादों से भरा जीवनरुबीना का यह चौथा निकाह था। पहली शादी जावरा में हुई, जो 8 साल बाद टूट गई। दूसरी शादी दिल्ली निवासी युवक से डेढ़ साल चली। तीसरी शादी भीलवाड़ा में हुई, जिससे उसे एक बेटा और एक बेटी हैं। कुछ वर्षों बाद वह रिश्ता भी खत्म हो गया। इसके बाद करीब सात महीने पहले उसने शाहिद मेव से शादी की थी। पार्षद शाहिद मेव भी कर चुके हैं तीन विवाहशाहिद मेव की पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं, 2 बेटियां जिनकी शादी हो चुकी है और एक बेटा साहिल जो हत्या का मुख्य आरोपी है। दूसरी पत्नी से भी उसके दो बेटे हैं। रुबीना उनकी तीसरी पत्नी थी। शाहिद मेव वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर नगर पालिका चुनाव जीतकर पहली बार वार्ड क्रमांक 15 का पार्षद बना था। मृतका के भाई पीरु शाह ने कहा कि उनकी बहन की सरेआम हत्या की गई है और इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सीएसपी जितेंद्र भास्कर ने बताया कि अज्ञात युवक रुबीना नामक महिला की हत्या कर भाग गए थे, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को जावरा हुसैन टेकरी के नजदीक से राउंडअप किया और थाने लाकर पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। प्रारंभिक पूछताछ में साहिल ने बताया कि पिता ने जो विवाह किया था जिसके कारण घर में कलह की स्थिति बन रही थी यही वजह है कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। यह खबर भी पढ़ेंपार्षद की तीसरी शादी…बेटे ने की सौतेली मां की हत्या मंदसौर में भाजपा पार्षद की पत्नी की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वार्ड नंबर 15 से भाजपा पार्षद शाहिद मेव के बेटे ने पिता की तीसरी शादी से नाराज होकर सौतेली मां की हत्या कर दी। आरोपी बेटे का नाम साहिल बताया जा रहा है। देर शाम पुलिस ने साहिल और उसके सहयोगी सोहेल को जावरा हुसैन टेकरी दरगाह के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर पढ़ें...
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना के कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शेष कार्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। CM नीतीश ने अधिकारियों को बचे हुए कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर पुल के साथ-साथ पहुंच पथ निर्माण को भी समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। पटना और उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस परियोजना के पूरा होने से पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। इससे कृषि, उद्योग और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में मरीजों को पटना आने में भी आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। परियोजना की लागत करीब 4,988 करोड़ रुपए कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना बिहार की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना की कुल लंबाई करीब 19.76 किलोमीटर है, जिसमें लगभग 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और करीब 10 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ शामिल है। यह परियोजना करीब 4,988 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है और इसके पूरा होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात काफी आसान हो जाएगा। पहला चरण पहले ही शुरू, राघोपुर दियारा तक सड़क बहाल इस पुल का पहला चरण पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिससे कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक सड़क संपर्क बहाल हो चुका है। परियोजना के अगले चरणों में अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिससे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी सहित कई जिलों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि इस तरह की सड़क और पुल परियोजनाओं से राज्य में आवागमन बेहतर होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए और समय सीमा के भीतर काम पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सैनी रविवार को कुरुक्षेत्र में चल रहे 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेले के समापन कार्यक्रम में पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने ऊंट पर सवारी की और पूरा मेला देखा। उनके साथ कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और सांसद नवीन जिंदल भी मौजूद रहे। मेले में मुख्यमंत्री ने गाय को गुड़ खिलाया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्से से आए पशुपालकों के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री के सामने ऊंट, गाय, भैंस, घोड़े और बकरियों ने रैंप पर कैटवॉक करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पशुपालकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने इस मेले को ग्रामीण संस्कृति, पशुधन परंपरा और आत्मनिर्भर भारत का जीवंत प्रमाण बताया। इंस्पेक्टर के परिजन को नौकरी मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में हुए हादसे को लेकर बड़ा ऐलान किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हादसे में लोगों की जान बचाते हुए शहीद हुए इंस्पेक्टर के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता भी देंगे। घायलों को एक-एक लाख की मदद मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी है। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज पर होने वाला पूरा भी खर्च सरकार वहन करेगी और इलाज पूरी तरह मुफ्त रहेगा। पंजाब को लेकर AAP पर सवाल मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने वहां लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाए। लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। पंजाब की जनता अब कह रही है कि आम आदमी पार्टी से कब पीछा छूटेगा। आरोप लगाया कि पंजाब में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और बिना सेवा के फाइलों पर साइन तक नहीं होते। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति खराब है। HPSC विवाद पर हुड्डा को जवाब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल को प्रदेश की जनता अच्छे से जानती है। हाईकोर्ट ने उस समय क्या टिप्पणियां की थीं, यह सबके सामने है। नौकरी बिकती थी कांग्रेस के राज में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राज में नौकरियां बिकती थीं। लोगों को अपने बच्चों की नौकरी के लिए जमीन तक बेचनी पड़ती थी। मां-बाप को गहने गिरवी रखने पड़ते थे और कर्ज लेना पड़ता था। इसके बावजूद नौकरी नहीं मिलती थी। कांग्रेस भ्रष्टाचार की दलदल में फंसी हुई पार्टी है और युवाओं का उससे विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।
ग्वालियर की मेला रोड पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में कलाकारों के साथ शहरवासियों ने अपनी कल्पनाओं के रंगों को दीवार पर उकेर कर स्वच्छता, नारी सुरक्षा, जल संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दों का संदेश दिया। दरअसल, नगर निगम ग्वालियर द्वारा स्वच्छता के साथ शहर की सौंदर्यता के अंतर्गत आमजन जनजागरूकता के दृष्टिकोण से ‘‘स्ट्रीट वॉल पेंटिंग’’ प्रतियोगिता का आयोजन रविवार को मेला ग्राउंड के पीछे एडवोकेट दर्शन सिंह रोड पर निर्मित दीवार पर किया गया। इन विषयों पर बनाए गए चित्र प्रतियोगिता में स्वच्छता, सिंगल यूज प्लास्टिक निषेध, सार्वजनिक स्थलों को कचरा विहीन रखने, घरेलू सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग रखने, स्वच्छता में जनभागीदारी, जल संरक्षण, नशा मुक्ति थीम आधारित इत्यादि पर पेंटिंग बनाई गई। प्रतियोगिता के लिए छात्र, युवा, कलाकार एवं आम नागरिको ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इसके साथ ही उन्हें स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। प्लास्टिक छोड़ो थैले से नाता जोड़ो दीवारों पर पेंटिंग कर रही हिमान्या अग्रवाल ने बताया कि वो दूसरी बार इस कार्यक्रम का हिस्सा बनी हैं। प्लास्टिक रिड्यूस विषय को उल्लेखित करती तस्वीर बनवा रहीहैं। जिसमें दर्शाया जाएगा कि प्लास्टिक बैग को छोड़िए और कपड़े के बैग को पकड़िए। क्योंकि प्लास्टिक हमारे साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है, और नुकसान पहुंचती है। इसलिए घर से बाहर निकलते समय थैले जरूर साथ ले जाएं। महिला सुरक्षा से जुड़ी पेंटिंग बना रही नेहा शर्मा ने बताया कि जब वाल पर बनी महिलाओं की पेंटिग भी सुरक्षित नहीं है। तो महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी। लेकिन हम जो तस्वीर बना रहे हैं उसमें महिला को सशक्त दर्शाया गया है। जो आज की नारी है और कुछ भी कर सकती है। लेकिन वर्तमान में ऐसे नीच सोच के भी कुछ लोग समाज में हैं तो वो भी अपनी सोच और समझ में सुधार लाएं। और जागरूक बनें। स्वच्छता है बेहद जरूरी स्वच्छता का संदेश देने के लिए पेंटिंग बना रहे बेताल ने बताया कि वे स्वच्छता से जुड़ी जो पेंटिंग बना रहे है उससे संदेश जाता है कि सुरक्षा हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है। केवल घर ही नहीं हमारा शहर ग्वालियर बेहद खूबसूरत है। इसे भी इधर-उधर कचरा फेंककर गंदा न करें। इसके अलावा विभिन्न मुद्दों पर कलाकारों ने अपनी कला का हुनर दिखाया। जिसकी सराहना इस रह से गुजरने वाले हर नागरिक ने की।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सेक्स रैकेट पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एक सप्ताह में तीसरी बार एक्शन हुआ है। बोइरदादर इलाके में पुलिस ने दबिश देकर देह व्यापार चलाने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। साथ ही आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि, बोईरदादर निवासी नारायण वैष्णव (55) बाहर से लड़कियों को बुलाकर अपने घर में देह व्यापार कराता है। पुलिस ने शनिवार की रात पुलिस प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर उसके घर भेजा। इस दौरान 35 साल की संदिग्ध महिला मौजूद थी। ऐसे में प्वाइंटर ने जैसे ही पुलिस को संकेत दिया। चक्रधर नगर, साइबर और महिला थाना की संयुक्त टीम ने मकान को घेरकर दबिश दी। जहां मकान में नारायण वैष्णव और संदिग्ध महिला मिले। लोकल और बाहर से लड़किया बुलाता पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि, नारायण वैष्णव रुपए का लालच देकर लोकल और बाहर से लड़कियों को बुलाता था। उनसे देह व्यापार कराता था। ऐसे में मकान की जांच करने पर यहां आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद किया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही इसके बाद पुलिस ने आरोपी नारायण वैष्णव को गिरफ्तार कर उसके पास से 2 हजार कैश और 2 मोबाइल जब्त किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 3, 4, 5 और 7 अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र में रविवार को गोला-अलीगंज मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक करन की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 45 वर्षीय महिला गीता गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा महमदपुर गांव के पास बस को ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ। पुलिस के अनुसार, अलीगंज से गोला की ओर आ रहे बाइक सवारों ने महमदपुर गांव के पास एक बस को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर बस से टकरा गई। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में करन (18) पुत्र शिशुपाल की मौके पर ही मौत हो गई। घायल गीता (45) पत्नी राजेंद्र को गंभीर हालत में गोला सीएचसी में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना की सूचना मृतक और घायल के परिजनों को दी। मृतक करन के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गोला कोतवाल अम्बर सिंह ने बताया कि यह हादसा बाइक सवार द्वारा बस को ओवरटेक करने के प्रयास के कारण हुआ। गौरतलब है कि गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र में फरवरी माह की शुरुआत से ही सड़क हादसों में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले आठ दिनों में इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हुई है और 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जयपुर में एक शॉप के अंदर घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने दुकानदार से लूट की कोशिश, जिसका एक वीडियो सामने आया है। बदमाशों ने दुकानदार से मारपीट कर चाकू से हमला कर बंधक बनाने का प्रयास किया। प्लानिंग से आए बदमाशों ने दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका था। शोर मचाने पर स्कूटी छोड़कर भागे दोनों बदमाशों को लोगों ने पकड़ लिया और करधनी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। घटनाा शुक्रवार (6 फरवरी) रात करीब 9:45 बजे की है। पुलिस ने बताया- गोविन्दपुरा के कृष्णा विहार-एफ निवासी योगेन्द्र प्रसाद शर्मा (49) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनकी करधनी के कविराज मार्केट में तनिष्का स्टोर के नाम से फैन्सी आइटम की शॉप है। घटनाक्रम के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे वह शॉप बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान खरीदारी के बहाने दो लड़के आए। दोनों लड़कों ने मुंह पर मास्क लगा रखा था। सामान खरीद दिया पेमेंट नकाबपोश दोनों बदमाशों की अलग-अलग डिमांड करने पर दुकानदार योगेन्द्र प्रसाद ने उन्हें सामान निकाल कर दिया। खरीदे गए सामान का बिल बताने पर दोनों लड़कों ने पेमेंट भी दे दिया। जिसके बाद दोबारा सामान मांगा। सामान निकालने के दौरान दोनों बदमाशों ने दुकानदार हमला कर दिया। चाकू से किया वार, बंधक बनाने की कोशिशा काउंटर के पास खड़े लड़के ने दुकानदार योगेन्द्र के बाल पकड़ लिए। बाल पकड़ने के बाद मुंह पर मिर्च पाउडर फेंका। इतने में दूसरे बदमाश ने भी योगेन्द्र के बाल पकड़ लिए। दोनों बदमाश मारपीट कर काउंटर के अंदर जा घुसे। दुकानदार योगेन्द्र को काबू कर बंधक बनाने के लिए बदमाशों ने जेब से चाकू निकालकर हमला किया। चाकू के वार से योगेन्द्र की जैकेट कट गई। भागते बदमाशों को पीछा कर पकड़ा शॉप के अंदर दोनों बदमाशों से गुथमगुात्था होने के दौरान दुकानदार योगेन्द्र ने शोर मचाया। जोर से चिल्लाने पर बदमाशों ने दुकानदार का मुंह बंद करने की कोशिश भी की। सफल नहीं होने पर पकड़े जाने के डर से दोनों बदमाश वहां से भागे। शोर मचाते हुए शॉप से बाहर आकर दुकानदार योगेन्द्र ने शोर मचाया। शॉप के बाहर खड़ी स्कूटी को छोड़कर बदमाश पैदल भाग निकले। बदमाशों का पता चलने पर लोगों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में दोनों हमलावरों के पास दो चाकू और मिर्च पाउडर निकला। करधनी थाना पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों बदमाशों को सौंप दिया।
जालंधर: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष अदालत ने अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में दोषी पिता रंजीत मंडल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने इस मामले में आरोपी के भाई संजीत, मां बीना देवी और बहन पूजा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। 2020 में दर्ज हुआ था मामला यह मामला 11 दिसंबर 2020 को थाना पतारा में दर्ज किया गया था। मृत बच्चों की मां रंगीली देवी ने शिकायत दी थी। रंगीली देवी मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली है और वर्तमान में जालंधर के पतारा क्षेत्र में रह रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि घरेलू विवाद के बाद आरोपी पति रंजीत मंडल ने दोनों बच्चों—बेटी अनमोल और बेटे असमान उर्फ राकेश को अपने साथ ले गया था। इसके बाद बच्चे वापस नहीं लौटे और आरोपी भी फरार हो गया। छप्पड़ से बरामद हुए थे शव बच्चों के लापता होने के बाद परिवार ने तलाश शुरू की। कुछ समय बाद गांव के एक छप्पड़ से दोनों मासूम बच्चों के शव बरामद हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक कलह बताई गई। पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ, जिसके बाद अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। मां ने कहा था 2 महीने से बेटे को नहीं देखा घटना के बाद आरोपी की मां बीना देवी और भाई संजीत भी फरार हो गए थे। करीब दो महीने बाद बीना घर लौटी और बताया कि उसने पिछले दो महीनों से अपने बेटे को नहीं देखा।
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरी गांव के पास एक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर नाली में गिर गई बाइक में चालक सहित दो लोग घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नईगढ़ी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है। बच्चे को बचाने की कोशिश में हादसा जानकारी के अनुसार, ग्राम भीर निवासी केसरी प्रजापति (45) अपने साथी राजेश कुमार प्रजापति (30), निवासी ग्राम पैपखार के साथ बाइक से जा रहे थे। देवरी गांव के पास अचानक सामने आए एक बच्चे को बचाने के प्रयास में बाइक फिसल गई और सड़क किनारे बनी नाली में जा गिरी। ग्रामीणों ने की घायल युवकों की मदद हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घायलों की मदद की और उन्हें नईगढ़ी सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक इलाज शुरू किया। डॉ. आर.के. पाठक ने बताया कि दोनों घायलों का इलाज किया गया है और उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। किसी प्रकार का गंभीर खतरा नहीं है।
बुरहानपुर में रेणुका माता मंदिर के पास बना अटल बिहारी वाजपेयी स्विमिंग पूल एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। यह पूल 2017 में बनकर तैयार हुआ था, लेकिन शुरुआत से ही इसमें पानी लीकेज की समस्या आ गई। पानी टिकता ही नहीं था, इसलिए कुछ ही समय बाद इसे बंद कर दिया गया। इस मामले में लापरवाही के आरोप भी लगे। करीब पांच महीने पहले तत्कालीन नगर निगम आयुक्त और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। कमियों को दूर किया जा रहा हैअब नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया है कि पूल को दोबारा चालू करने की तैयारी की जा रही है। तकनीकी टीम ने पूल की जांच कर ली है और जो कमियां थीं, उन्हें ठीक किया जा रहा है। एक हफ्ते के अंदर मरम्मत का अनुमानित खर्च तय होगा, फिर टेंडर जारी किया जाएगा। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बने इस पूल में लगभग डेढ़ लाख लीटर पानी भरने की क्षमता है। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि जिस जगह पूल बना है, वहां पानी का स्थायी स्रोत नहीं है। इसी वजह से पूल में पानी नहीं रुक पा रहा था। नगर निगम का कहना है कि अब सभी तकनीकी दिक्कतें दूर कर ली गई हैं और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, ताकि इस गर्मी में शहरवासियों को राहत मिल सके।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर कर्मचारियों की ओर से श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट पर सद्बुद्धि यज्ञ किया गया। जिसमें महासंघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए मंत्र उच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां दी। इसके साथ ही मांगें नहीं मानने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बोले- महारैली निकाल आक्रोश जताया था महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कलवानिया और जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने बताया- राज्य के लाखों कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों और 7 संकल्पों पर पूरी तरह अडिग हैं। इन मांगों को लेकर 12 जनवरी को जयपुर में हजारों कर्मचारियों ने चेतावनी महारैली निकाली थी और आक्रोश जाहिर किया था। इस रैली के बाद सीएम ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक घोषणा की थी। सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ महासंघ के प्रवक्ता रविन्द्र शर्मा ने कहा- जिला कलेक्टर के बाहर आज सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया है ताकि सरकार को सद्बुद्धि मिले और वह कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें। कर्मचारी संगठन आगामी राज्य बजट के बाद अपनी मांगों को लेकर नई रणनीति तैयार करेगा। सरकार लगातार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। उग्र आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों की मांगों में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाली, वेतन विसंगतियां दूर करना, समान काम-समान वेतन, न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपए तय करना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, पदोन्नति में तेजी (DPC) और अन्य लंबित मुद्दे शामिल हैं। महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव मुड़िया में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान तनाव उत्पन्न हो गया। देवस्थान पर चल रहे रामायण पाठ और भंडारे के आयोजन का मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने कथित तौर पर विरोध किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने मौके से मुस्लिम पक्ष के छह लोगों को हिरासत में लिया है। यह घटना शनिवार रात की है। गांव के देवस्थान पर रामायण पाठ के बाद भंडारे का आयोजन किया जा रहा था, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान डीजे पर भजन-कीर्तन चल रहा था। आरोप है कि इसी बीच मुस्लिम पक्ष के कुछ लोग कथित तौर पर असलहे लेकर आयोजन स्थल पर पहुंचे और भजनों को बंद करने का दबाव बनाया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पंडाल में अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सूचना मिलने पर पीआरबी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी छह लोगों को शांति भंग की आशंका के चलते मुचलका पाबंद किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गांव में स्थिति पूरी तरह शांत है। थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता फैलाने या धार्मिक आयोजन में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। असलहों से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने गुमशुदा नाबालिग को ढूंढा:तीन दिन में सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा
शाजापुर जिले की मक्सी पुलिस ने तीन दिन के भीतर एक गुमशुदा नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया। 14 वर्षीय मन्नान शाह मक्सी थाना क्षेत्र से लापता हो गया था। फरियादी समद शाह (34 वर्ष), निवासी ग्राम गडरोली, ने 3 फरवरी 2026 को मक्सी थाने में अपने नाबालिग पुत्र मन्नान शाह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी संजय वर्मा ने इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बालक के परिजनों, रिश्तेदारों और सहपाठियों से गहन पूछताछ की, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। बालक के पास मोबाइल फोन न होने के कारण साइबर सेल की मदद भी नहीं ली जा सकी। इसके बाद पुलिस ने कस्बे में लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज से पता चला कि बालक मक्सी रेलवे स्टेशन से मालवा ट्रेन में सवार होकर उज्जैन-इंदौर की दिशा में गया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमें इंदौर, उज्जैन और देवास भेजी गईं। लगातार सीसीटीवी फुटेज की जांच और बालक की तस्वीर दिखाकर तलाश करने के बाद उसे इंदौर के सरवटे बस स्टैंड के पास एक होटल के समीप सकुशल ढूंढ लिया गया। पुलिस ने नाबालिग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया।
बगरू सागर जलकुंभी से ढका, हरा मैदान जैसा दिखा:लोगों के लिए आकर्षण, लेकिन पर्यावरण को खतरा
रूण्डेड़ा स्थित ऐतिहासिक बगरू सागर इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह जलस्रोत पूरी तरह जलकुंभी से ढका हुआ है, जिससे इसका स्वरूप सामान्य तालाबों से भिन्न दिखाई दे रहा है। सड़क मार्ग से गुजरने वाले लोग अनायास ही रुककर इस बदले हुए दृश्य को निहार रहे हैं। सागर की पूरी सतह पर घनी जलकुंभी फैलने के कारण यह दूर से हरे मैदान या क्रिकेट पिच जैसा प्रतीत होता है। पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है मानो पानी के स्थान पर हरी चादर बिछी हो। यह अनोखा नजारा लोगों के लिए रोचक बन गया है, जिसके चलते कई राहगीर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाते देखे जा रहे हैं। हालांकि, यह आकर्षक दृश्य पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय भी बन गया है। जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव से सागर की स्वच्छता और पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जलकुंभी पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करती है, जिससे जलीय जीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जलकुंभी के कारण पानी का प्राकृतिक प्रवाह भी बाधित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि समय रहते जलकुंभी की सफाई नहीं की गई, तो मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सागर गांव की जीवनरेखा है और इसका उपयोग पशुपालन और अन्य दैनिक कार्यों के लिए किया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से बगरू सागर की शीघ्र सफाई कराने तथा इसकी नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को स्वच्छ और संरक्षित रखा जा सके।
अलवर के बहाला में आयोजित ग्रामोत्थान शिविर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज मैं अपने आप को बहुत ही सौभाग्यशाली मान रहा हूँ। आज यहाँ ग्रामोत्थान शिविर के माध्यम से हम अपने किसान भाइयों, बहनों और युवाओं को सौगात देने आए हैं। ये जो हमारे ग्रामोत्थान शिविर हैं, इनके माध्यम से हम उस अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ पहुँचाना चाहते हैं, जिन्हें इन योजनाओं की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से हमने पहले ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अलवर जिले के लिए यह दिन अच्छा है, क्योंकि 152 करोड़ रुपये से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का यहाँ तोहफा मिला है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े 89 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 52 कार्यों का शिलान्यास किया गया है। वहीं एक साथ लगभग 63 करोड़ रुपये की राशि से 149 विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है। इन सभी विकास कार्यों के लिए उन्होंने लोगों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गाँव में किसान के पास जाएगी। हमारे अधिकारी गाँव-गाँव जाकर किसानों को योजनाओं का लाभ पहुँचाएँगे। हम चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिले। नरेगा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को यह भी नहीं पता कि सिर पर साफी कब बाँधी जाती है। किसान सिर पर मुंडासा तब बाँधता है, जब वह सिर पर कोई सामान या वजन उठाता है, या फिर गर्मी और सर्दी के मौसम में। उन्होंने कहा कि विधानसभा में न तो सर्दी होती है और न ही गर्मी, फिर मुंडासा बाँधने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि सिर पर मुंडासा बाँधने से कोई किसान नहीं बनता। किसान खेत में काम करते हुए और खेती का अनुभव प्राप्त करके किसान बनता है। जब इन्हें मुंडासे का ही ज्ञान नहीं है, तो इन्हें क्या पता कि नरेगा में किसान का काम कब चलना चाहिए और कब नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री महिला बहनों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया, लेकिन उनका किसान और मजदूर से कोई वास्तविक नाता नहीं रहा। पिछली सरकार में हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि अपने बच्चों से कहिए कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें। हमारी सरकार ‘ना पर्ची की है, ना खर्ची की’। युवाओं को पूरा मौका मिलेगा और उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि रामगढ़ की जनता ने आपके आह्वान पर विगत उपचुनाव में सुखवंत सिंह को भारी बहुमत से विजय दिलाई। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे तीन ऐसे कार्य गिना सकते हैं, जो रामगढ़ के हर व्यक्ति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में व्यक्ति देखकर पंचायतें बनाई जाती थीं, लेकिन इस बार पंचायत परिसीमन बिना किसी भेदभाव के किया गया है। इसके तहत 25 नई पंचायत समितियाँ बनाई गई हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार रामगढ़ उपचुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ, उसी प्रकार आने वाले पंचायत चुनावों में पूरे अलवर और रामगढ़ से कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने वाला है।
उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कंजा खेड़ा गांव में बीते शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक घटना हुई। शांति देवी पत्नी रामकुमार घर के बाहर मंजन कर रही थीं, तभी उनके छोटे बेटे राजन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली कहासुनी देखते ही देखते ताबड़तोड़ बहस में बदल गई और गुस्से में आकर राजन ने पास पड़ी लोहे की रॉड उठाकर मां के सिर पर कई वार कर दिए। हमले के तुरंत बाद शांति देवी गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ीं और सिर पर गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही गंगाघाट कोतवाली पुलिस, अपर पुलिस अधीक्षक और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के बड़े बेटे राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने राजन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। आरोपी वारदात के बाद फरार था। 24 घंटे में हुई गिरफ्तारी और हथियार बरामद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर शनिवार को आरोपी राजन को आजाद मार्ग पर बदरका चौराहे से मरहला जाने वाले रास्ते पर बाबाकुटी के पास गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कंजा खेड़ा आजाद मार्ग कट के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद की। पैसे न देने को बताया हत्या का कारण पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजन ने मां से पैसे मांगे थे। मां द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर वह झल्ला गया और गुस्से में आकर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने रोते हुए कहता रहा, “गलती हो गई, मां को नहीं मारना चाहिए था।” इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनोद सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया।
भिवानी के कमला भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के तहत सर्व हिन्दू समाज द्वारा हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल सनातन संस्कृति के गौरव का प्रदर्शन था, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का एक अनूठा संगम रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चारण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया। आयोजन समिति के संयोजक एवं सह-संयोजक ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन हिंदू समाज के भीतर सोई हुई चेतना को जगाने और नई ऊर्जा फूंकने का एक सशक्त माध्यम है। इसका मुख्य लक्ष्य समस्त हिंदू समाज को सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक समरसता के एक सूत्र में पिरोना है। नैतिक मूल्यों व पारिवारिक संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता जताई सम्मेलन में विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वक्ताओं ने अपने विचार सांझा किए, जिन्हें मुख्य रूप से चार स्तंभों में बांटा गया। इस दौरान हिंदू समाज की एकता और संगठन की शक्ति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की महत्ता समझाते हुए कहा कि मजबूत परिवार ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता जताई। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर एक हिंदू-श्रेष्ठ हिंदू की भावना को प्रबल करने की बात कही।
भागलपुर जंक्शन एरिया में रेल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चेकिंग के दौरान शक के आधार पर एक युवक को RPF ने रोका। तलाशी के दौरान बैग से 22 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुआ। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11,140 रुपए है। झारखंड से खेप लाई जा रही थी। आरपीएफ ने बरामद शराब और आरोपी सुजीत कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को सौंप दिया है। तीनपहाड़ में 2 लोगों को पकड़ा इसके अलावा रेल पुलिस ने तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर पीआरएस काउंटर के पास से 2 लोगों को पकड़ा है। जिनके पास से तत्काल टिकट, ब्लैंक आरक्षण फॉर्म, मोबाइल और कैश बरामद हुआ है। जिसकी कुल कीमत करीब 10,625 रुपए है। पूछताछ में दोनों आरोपी साहिब अंसारी और आनंद तुरी ने रेलवे टिकट की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त होने की बात स्वीकार की। आरपीएफ ने रेलवे अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी बरामद सामग्री को जब्त कर लिया। डीआरएम के निर्देश पर अभियान मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर लगातार रेलेव स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ अशिम कुमार कुल्लू की देखरेख में यह कार्रवाई की गई है।
अलवर शहर से सटे बाला किला के ठीक नीचे, अंधेरी के घने जंगलों में बाघिन एसटी 2302 एक बार फिर अपने दो नन्हे शावकों के साथ नजर आई। शनिवार शाम सफारी पर निकले पर्यटकों को यह रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जहां ट्रैक के बीचों-बीच बाघिन और उसके शावक मानो एक कतार में बैठे हुए थे। पर्यटकों ने करीब एक घंटे तक इस खूबसूरत नजारे को देखा और कैमरों में कैद किया। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने बताया कि सरिस्का बफर जोन के अंधेरी इलाके में चोर की होली वॉटर पॉइंट के पास यह बाघिन दिखी। उसके दोनों शावक भी पास ही बैठे नजर आए। इससे पहले भी यह बाघिन शावकों संग यहां देखी गई थी, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अब तो एक साथ तीन टाइगर्स का दिखना आम हो गया है! महज दो साल पहले बफर जोन में टाइगर्स की साइटिंग न के बराबर थी, लेकिन अब यहां 10 से ज्यादा टाइगर्स हैं। इस कारण अलग-अलग जगहों पर टाइगर की साइटिंग हो जाती है। देखिए सरिस्का में टाइग्रेस की साइटिंग के PHOTOS---
हाथरस में वाहन ने बाइक सवार को रौंदा:शादी से लौट रहे युवक की मौके पर मौत
हाथरस में आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर देर रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। कोतवाली चंदपा के निकट एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय सचिन उर्फ छोटू (पुत्र हरिसिंह, निवासी गोपालपुर भूतपुरा, थाना सासनी) के रूप में हुई है। सचिन देर रात चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था और वापस लौट रहा था। हादसा चंदपा कोतवाली से कुछ दूरी पर गुरुद्वारे के पास हुआ। अज्ञात वाहन ने सचिन की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा... सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान कर परिजनों को सूचना दी गई। मृतक मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 100 मीटर के दायरे में ही शराब दुकान और मंदिर है। पिछले 1 साल से रहवासी इसका विरोध जता रहे हैं। रविवार को मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो यहां पहुंचे और जिला प्रशासन के उस जवाब की पड़ताल की, जो आयोग को दिया गया है। सदस्य कानूनगो मंदिर के पास शराब दुकान देखकर आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी भगवान से ही उनके होने का प्रमाण मांग रहे हैं, ये जवाब हास्यास्पद है। 10 नंबर मार्केट के पास अरेरा कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर के सामने पहुंचे आयोग सदस्य कानूनगो ने रहवासियों से बात भी की। सदस्य कानूनगो ने बताया कि अरेरा कॉलोनी में मंदिर के सामने ही शराब की दुकान संचालित होने का मामला सामने आया है। यह विषय इसलिए भी गंभीर है कि यहां पर भगवान से भगवान के स्वयं होने का प्रमाण मांगा जा रहा है। इस संबंध में आयोग ने जिला प्रशासन को नोटिस दिया था। जो जवाब मिला, उसके बारे में भोपाल के लोगों को पता होना चाहिए। ये मिला जवाबकानूनगो ने बताया, जवाब में कहा गया कि शराब की दुकान से 100 मीटर के दायरे में कोई गजट नोटिसफाइड धर्म स्थल नहीं है। यह जवाब हास्यास्पद है। सरकार का नियम और मंशा है कि धार्मिक स्थल से 100 मीटर की दूरी तक कोई शराब दुकान संचालित नहीं होगी। शराब दुकान और धर्म स्थल का आपस में मेल नहीं हो सकता है। जिला प्रशासन के जवाब में भगवान नोटिसफाइड नहीं है। आज मैं सिर्फ यही देखने आया हूं कि वे कौन लोग हैं, जो भगवान से सरकारी नोटिफिकेशन में भगवान से अस्तित्व का प्रमाण मांग रहे हैं। आबकारी अधिकारी पर नाराजगी जताईकानूनगो ने कहा कि जिला आबकारी अधिकारी को भी दो दिन पहले सूचित किया था, लेकिन वे यहां नहीं आए। इस पर कानूनगो ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कई लोग ने तख्तियां लेकर विरोध जतायाआयोग सदस्य कानूनगो के पहुंचने की खबर मिलने पर कई रहवासी इकट्ठा हो गए। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने शराब दुकान हटाने की मांग की। निरीक्षण के बाद आयोग सदस्य ने स्थानीय आबकारी अधिकारियों से बात की। इस दौरान विभाग की ओर से कहा गया कि ठेकेदार को नोटिस देकर दुकान अगले कुछ दिन में हटा ली जाएगी। पहले शिकायत कर चुके रहवासीअरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया, अरेरा कॉलोनी में जिस जगह पर शराब दुकान संचालित हो रही है, वह पूरी तरह से आवासीय उपयोग के लिए है, लेकिन वर्तमान में इसका कमर्शियल तरीके से उपयोग हो रहा है, जो पूरी तरह मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 एवं नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन है। अवैध अहाता भी चल रहाउन्होंने बताया, उक्त शराब की दुकान पूरी तरह आवासीय परिसर में, आवासीय भूखंड पर अवैध रूप से संचालित की जा रही है। रहवासियों की शिकायत के बाद नगर निगम भोपाल ने 19 नवंबर 2025 को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर व्यावसायिक गतिविधि बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद शराब की दुकान बेखौफ और अवैध रूप से संचालित होती रही वहीं तिरपाल से ढंक कर अवैध अहाता संचालित होता पाया जोकि कानून अपराध हैं । 40 मीटर दूर ही है आर्य समाज मंदिररहवासी त्रिपाठी ने बताया, पिछले करीब एक साल से स्थानीय लोग जिला प्रशासन, नगर निगम, आबकारी विभाग और मानव अधिकार आयोग तक शिकायतें दर्ज कर चुके हैं। जिला प्रशासन ने तो बेहद चौंकाने वाली बात कही है। अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में शराब दुकान के 40 मीटर की दूरी पर स्थित आर्य समाज मंदिर को मंदिर मानने से ही इनकार कर दिया। दुकान की वजह से परेशान रहवासीशराब दुकान के कारण क्षेत्र की शांति, सामाजिक वातावरण और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्रतिदिन वहां पर भीड़, वाहनों की आवाजाही, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और शोर-शराबे की स्थिति बनी रहती है। जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए आवागमन तक कठिन हो गया है। त्रिपाठी ने कहा कि आवासीय भूखंड पर शराब दुकान चलाना न केवल अवैध है, बल्कि यह भोपाल नगर निगम के मानचित्र और भूमि उपयोग नीति के भी पूरी तरह विपरीत है। यह मांग उठा चुके रहवासी ये खबर भी पढ़िए… जिपं CEO से कहा-अफसरों ने मंदिर को ही अवैध बताया भोपाल के अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान के विरोध में मंगलवार को कई लोग जनसुनवाई में पहुंच गए। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी से कहा कि अफसरों ने मंदिर को ही अवैध बता दिया है, जबकि दुकान के पास ही मंदिर भी है। लोगों ने अब तक कार्रवाई नहीं होने की वजह भी पूछी। पढ़े पूरी खबर
बुलंदशहर पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत लगभग 45 लाख रुपये मूल्य के 164 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों को तकनीकी सर्विलांस और सीईआईआर पोर्टल की सहायता से देश के विभिन्न हिस्सों से ट्रेस किया गया। मोबाइल वापस मिलने पर उनके मालिकों के चेहरों पर खुशी देखी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार ने बताया कि गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान में विभिन्न थानों की पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाई। बरामद किए गए फोनों में एक आईफोन 17 प्रो मैक्स भी शामिल है, जिसे बेंगलुरु से बरामद किया गया। यह फोन एसएसपी के एक रिश्तेदार का बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह आईफोन एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा बेचा गया था, जिसे पुलिस ने ट्रेस कर बरामद कर लिया। एसएसपी ने जानकारी दी कि सभी बरामद मोबाइल फोन वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में सूचना दें। इस अभियान में कोतवाली नगर पुलिस ने सर्वाधिक 26 मोबाइल फोन बरामद किए। एसएसपी दिनेश कुमार ने यह भी बताया कि पुलिस भविष्य में भी इस तरह के अभियानों को जारी रखेगी, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
सुल्तानपुर शहर के खैराबाद स्थित इमामबाड़ा बेगम हुसैन अकबर में रविवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मुजफ्फरपुर से आए मौलाना सैयद ज़ीशान हैदर रिज़वी ने संबोधित किया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मजलिस में शिरकत की। मौलाना ज़ीशान हैदर ने कहा कि कुरआन में अल्लाह ने इंसान को एक दिल, दो आंखें और दो कान दिए हैं। अगर इंसान इनके होते हुए भी न दिल से समझे, न आंखों से देखे और न कानों से सुने, तो ऐसा व्यक्ति जानवर है, बल्कि जानवर से भी बदतर है। पांच पाक हस्तियों के सदके में बनी दुनिया मौलाना ने कहा कि दिल, आंख और कान मिलाकर पांच चीजें होती हैं। अल्लाह ने संकेत दिया है कि जो इन पांच को नहीं माने, वह इंसान कहलाने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद, अली, फातिमा, हसन और हुसैन—इन पांचों के सदके में ही अल्लाह ने पूरी दुनिया को बनाया है। ये पांचों अल्लाह की निशानियां हैं, जिनकी वजह से सूरज, चांद, सितारे और समंदर कायम हैं। जो किसी के काम न आए, वह मुर्दा है मौलाना ज़ीशान ने कहा कि वह इंसान मुर्दा है जो किसी के काम न आ सके। कुरआन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अल्लाह ने फरमाया है कि वह ज़मीन मुर्दा है जो किसान को फायदा न पहुंचाए। इसी तरह जो इंसान समाज को फायदा न पहुंचाए, वह भी मुर्दा है और ऐसे समाजी मुर्दों पर फातेहा पढ़नी चाहिए। पाकिस्तान की घटना पर जताया दुख मौलाना ने पाकिस्तान में मस्जिद में मारे गए शिया समुदाय के लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि मारने वाले खुद को मुसलमान कहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद और उनकी बेटी तक को नहीं बख्शा, उनसे इंसानियत की उम्मीद करना बेकार है। पेशखानी और सोजखानी भी हुई मजलिस में ज़मीर सुल्तानपुरी, नज़र सुल्तानपुरी और अमन सुल्तानपुरी ने पेशखानी की, जबकि शफाअत हुसैन ने सोजखानी पेश की। इस मौके पर डॉ. हादी रज़ा, मोहम्मद नज़ीर, शाहिद अकबर, हसन अब्बास, बाक़िर अब्बास, नसीम हुसैन, आलम रिज़वी, शादाब हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के दरगार रोड वार्ड 25 खजूरिया गांव में रास्ता विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस घटना में एक पक्ष के छह लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। घायलों में रामवतार महतो के बेटे कृष्णा महतो, कृष्णा महतो के बेटे बड़े साहब, उनकी पत्नी एजुमरातम, बड़े साहब की दो वर्षीय बेटी आलिया कुमारी, दस वर्षीय बेटी करिश्मा कुमारी और छोटे साहब के पांच वर्षीय बेटे राजा साहब शामिल हैं। आरोपियों के पिता से जमीन खरीदकर बनाया था मकान बताया जाता है कि घायल कृष्णा महतो ने 20 वर्ष पूर्व आरोपियों के पिता से जमीन खरीदकर मकान बनाया था। उनके आने-जाने का रास्ता आरोपियों के घर से होकर गुजरता है। आरोप है कि आरोपी इसी रास्ते से आवागमन रोकते हैं, जिसके कारण कई बार विवाद हो चुका है। दुकान जाने के दौरान रोका रास्ता घायल कृष्णा महतो के बेटे बड़े साहब ने बताया कि वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दुकान जा रहे थे। इसी दौरान नामजद आरोपियों ने रास्ता रोक दिया। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए दो वर्षीय बच्ची को उसकी मां से छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसे चोटें आईं। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों और रॉड से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे बड़े साहब के पिता और मां के साथ भी मारपीट की गई, जिससे वे भी घायल हो गए। इस दौरान बच्चों सहित कुल छह लोग घायल हुए। घायलों ने नगर थाना में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
पानीपत जिले के गांव इसराना में एक अनोखा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ खुशियों के माहौल में झूमती महिलाओं ने पुलिस थाने के मुख्य गेट को ही अपना डांस फ्लोर बना लिया। कुआं पूजन के लिए जा रही महिलाओं का यह उत्साह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, इसराना गांव में आयोजित समारोह के दौरान महिलाएं पारंपरिक रस्म 'कुआं पूजन' के लिए गीत गाते हुए निकल रही थीं। जैसे ही यह महिलाओं का जत्था इसराना थाना के मुख्य गेट के पास पहुँचा, तो गेट के सामने खाली जगह देखकर महिलाएं खुद को रोक नहीं पाईं। ढोल की थाप और मंगल गीतों के बीच महिलाओं ने अचानक थाने के प्रवेश द्वार पर ही शानदार नृत्य करना शुरू कर दिया। बाहर निकल आए पुलिसकर्मी, जुट गई भीड़ थाने के ठीक सामने महिलाओं को नाचते-गाते देख वहां से गुजर रहे राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। थाने के भीतर काम कर रहे पुलिस कर्मचारी भी यह शोर और रौनक सुनकर बाहर निकल आए। वर्दीधारी जवानों के लिए भी यह नजारा थोड़ा हैरान कर देने वाला लेकिन सुखद था। हालांकि, सुरक्षा और रास्ते को देखते हुए कर्मचारियों ने मुस्कुराते हुए महिलाओं को इशारे से गेट के सामने से हटकर एक तरफ अपनी खुशियां मनाने का आग्रह किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिए। अब यह वीडियो क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं: चर्चा का विषय: ग्रामीण इसे पुलिस और जनता के बीच खुशियों का मिलन कह रहे हैं। पारंपरिक उत्साह: लोग महिलाओं के बेबाक उत्साह और हरियाणवी संस्कृति के प्रति उनके प्रेम की सराहना कर रहे हैं।
बस्ती। परशुरामपुर थाने के एसएसआई अजय कुमार गौड़ तीन दिनों से लापता हैं। पुलिस अब तक उनका कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। लगातार तीसरे दिन भी पुलिस की खोजबीन नाकाम रहने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लापता एसएसआई की मोटरसाइकिल सदर सर्किल क्षेत्र के अमहट घाट पर मिली थी। इसके बाद से पुलिस का तलाशी अभियान इसी इलाके पर केंद्रित है। शनिवार से गोताखोरों की मदद से कुआनो नदी में सघन तलाश जारी है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। एसएसआई की पत्नी रंजीता लगातार अमहट घाट पर मौजूद हैं और तलाशी अभियान पर नजर रख रही हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते गंभीरता दिखाई जाती तो शायद कोई सुराग मिल सकता था। रंजीता ने बताया कि उनके पति को दुबौलिया थाने में तैनाती के दौरान एक नाबालिग की मौत के मामले में धमकियां मिली थीं। उन्होंने इस पहलू से गहन जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि अजय कुमार गौड़ को आखिरी बार थाने से निकलते समय सफाई कर्मी पंकज के साथ देखा गया था। हालांकि, इस बिंदु पर पुलिस की कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है। थानाध्यक्ष नगर भानु प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद हैं।
बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र स्थित गुठवनपुरवा गांव निवासी 50 वर्षीय बृज लाल की रविवार को ट्रेन हादसे में मौत हो गई। उनकी पहचान राम अवतार के पुत्र बृज लाल के रूप में हुई है। यह घटना फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बृज लाल रविवार दोपहर लगभग 12 बजे दवा लेने के लिए पैदल फतेहपुर जा रहे थे। फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय वे गोंडा की ओर से आ रही एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक पार करते समय अचानक ट्रेन आ गई, और तेज रफ्तार होने के कारण बृज लाल ट्रैक पूरी तरह पार नहीं कर पाए। ट्रेन से टकराने के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचित किया गया। एंबुलेंस मौके पर पहुंची और बृज लाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर ले जाया गया। वहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. निसार अहमद ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बृज लाल मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो पुत्र हैं, जिनमें बड़ा बेटा रिंकू और छोटा बेटा अनिल शामिल हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलने पर थाना बुढवल कि जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। जीआरपी के उपनिरीक्षक जयंत कुमार दूबे ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने आम जनता से रेलवे ट्रैक पार करते समय सतर्कता बरतने की अपील की है।
रामपुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। पिछले ढाई वर्षों से अस्पताल में कोई नियमित शव वाहन उपलब्ध नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के परिजनों को शव घर ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस या अन्य निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में एक शव वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में खड़ा है। बताया जा रहा है कि इंजन के हिसाब से यह वाहन नया है और इसकी उम्र करीब डेढ़ साल है, लेकिन फिर भी इसे दुरुस्त नहीं कराया गया। एक अन्य शव वाहन सितंबर 2026 में एक्सपायर होना है, लेकिन वह पिछले एक साल से खराब पड़ा है। समय रहते इसकी मरम्मत कराई जाती तो यह अभी भी सेवा में रह सकता था, लेकिन लापरवाही के चलते वह भी बेकार हो गया। हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन का नहीं हुआ विकल्प तीसरा शव वाहन 10 जून 2025 को एक सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था। न तो उसे ठीक कराया गया और न ही उसके स्थान पर कोई नया शव वाहन खरीदा गया। नतीजतन, अस्पताल में शव वाहन सेवा पूरी तरह से ठप हो गई है। हर महीने 20 से 50 तक पोस्टमार्टम जिला अस्पताल की मोर्चरी में हर महीने औसतन 20 से 22 शव पोस्टमार्टम के लिए आते हैं, जबकि कई बार यह संख्या 50 तक पहुंच जाती है। इनमें अधिकांश शव गरीब परिवारों के होते हैं, जिन्हें मजबूरी में निजी एंबुलेंस का भारी खर्च उठाना पड़ता है। सीएमओ बोले- मामला संज्ञान में इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि एक शव वाहन सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ था, जबकि दूसरा पहले से खराब है। सीएमओ के मुताबिक फिलहाल उनके पास एक शव वाहन है, जिससे काम लिया जा रहा है। अधिकारियों के आदेश पर ही मिलता है वाहन हालांकि हकीकत यह है कि सीएमओ के पास मौजूद शव वाहन का उपयोग केवल जिलाधिकारी (DM), अपर जिलाधिकारी (ADM), पुलिस अधीक्षक (SP), मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या सीएमओ के निर्देश पर ही किया जाता है। आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा, जिससे परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
इंदौर के राऊ इलाके में मिले एक युवक के शव की पहचान होने के बाद रविवार को उसके परिजन उत्तर प्रदेश से इंदौर पहुंचे। युवक के पिता और बहन ने उसकी पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पति की मौत के बाद ही पत्नी अपने रिश्तेदार के साथ मायके चली गई। राऊ पुलिस के अनुसार, एमराल्ड स्कूल के पीछे 5 फरवरी की देर रात एक युवक ने कथित रूप से आत्महत्या की थी। शव को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी पहचान प्रवीण काछी, पिता राजकुमार काछी, के रूप में हुई। प्रवीण राऊ की एक चॉकलेट फैक्ट्री में काम करता था और मूल रूप से इटावा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। प्रवीण की पहचान होने के बाद उसके परिजन रविवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने पत्नी अवनी और उसके मायके पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। पिता राजकुमार ने बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद इंदौर में रहने वाले रिश्तेदारों के साथ मिलकर अवनी ने मारपीट की थी। इसके बाद प्रवीण घर से चला गया था। पुलिस ने बताया कि उसी रात अवनी थाने पहुंची थी और उसने पति प्रवीण के लापता होने की सूचना दी थी। पुलिस ने एक दुर्घटना की जानकारी देते हुए पहचान की प्रक्रिया कराई थी। पति के शव के बिना यूपी पहुंची पत्नी इधर, रविवार को पुलिस ने प्रवीण के शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन उसकी पत्नी अवनी वहां नहीं पहुंची। पुलिस के मुताबिक, वह प्रवीण के पिता और बहन के इंदौर पहुंचने से पहले ही उत्तर प्रदेश में अपने मायके चली गई थी। वहीं, प्रवीण के पिता और बहन ने पुलिस से पूरे मामले की जांच की मांग की है।
महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा और पुलिस अधीक्षक भदोही ने संयुक्त रूप से ज्ञानपुर जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, महानिदेशक ने क्लीनिक, परिसर, कार्यालय, बैरकों और मेस की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से खाद्य सामग्री और रसोईघर में तैयार भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता का मूल्यांकन करने के लिए स्वयं भोजन चखा। पी.सी. मीणा ने कारागार अधीक्षक और कर्मचारियों को भविष्य में व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने परिसर के अंदर किसी भी प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश को रोकने और साफ-सफाई बनाए रखने के संबंध में भी निर्देश दिए। महानिदेशक ने जेल में बंद कैदियों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और अधीक्षक को सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कैदियों की प्रतिभा की सराहना की और उनके द्वारा बनाई गई कालीनों की प्रशंसा की। इस संयुक्त निरीक्षण में रसोई घर, स्टोर खाद्यान्न, महिला/पुरुष/किशोर बैरक और जेल परिसर में संचालित डिस्पेंसरी का भी गहनता से निरीक्षण किया गया। डिस्पेंसरी में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई। इस अवसर पर केंद्रीय कारागार अधीक्षक वाराणसी, श्री राधाकृष्ण मिश्र भी उपस्थित थे।
कानपुर में सांड के हमले में बुजुर्ग की मौत हो गई। वह सब्जी लेने के लिए बाजार गए थे लौटते समय सांड ने दौड़ाकर सड़क पर पटक दिया। इस दौरान मौजूद लोगों ने पानी व पत्थर फेंककर किसी तरह सांड को भगाया, लेकिन तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। पूरा मामला शनिवार को किदवई नगर क्षेत्र का है। जूही के बारादेवी नटवन टोला के रहने वाले प्रकाश नारायण 82 साल परचून की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी उमा और दो बेटे आशुतोष व अरविंद हैं। बेटे अरविंद के मुताबिक शनिवार को पिता सब्जी लेने के लिए निकले थे। वह घर के पास कूड़ाघर के नजदीक पहुंचे ही थे कि पीछे से आए सांड ने अचानक हमला कर दिया। सांड ने उन्हें उठाकर सड़क पर पटक दिया और फिर सींग से घसीटने लगा। बुजुर्ग ने इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम शोर सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सांड को भगाया। इसके बाद परिजन बुजुर्ग को तत्काल पास के अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए परिजनों ने घटना को लेकर नगर निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं किदवईनगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। आवारा मवेशियों से लोग परेशान घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जूही बारादेवी क्षेत्र में लंबे समय से आवारा मवेशियों का जमावड़ा है। कई चट्टे संचालित हो रहे हैं, जहां दूध निकालने के बाद मवेशियों को छोड़ दिया जाता है। सड़कों पर मवेशियों के झुंड के साथ कई सांड भी खुलेआम घूमते रहते हैं। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, दो बार महापौर ने अभियान भी चलाया, लेकिन हालात नहीं सुधरे। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते सांड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन चुके हैं।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है । पकड़े गए आरोपियों के पास से देसी पिस्टल सहित धारदार हथियार बरामद हुए हैं । पुलिस का कहना है कि पकड़े के आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज है । पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिलने के बाद पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए मुस्तैद थी । जिन्हें अब गिरफ्तार किया गया है । फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा और पूछताछ की जाएगी । मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई जानकारी देते हुए जलालाबाद के डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने बताया कि जलालाबाद सिटी पुलिस ने मुखबिर खास द्वारा दी गई सूचना के आधार पर लूटपाट करने वाले सात युवकों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया था । जिस दौरान पुलिस ने टिवाना कलां गांव में रेड कर इन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है । पिस्टल और धारदार हथियार बरामद जिनसे एक आरोपी प्रिंस से एक 32 बोर देसी पिस्टल, एक डुप्लीकेट पिस्तौल सहित धारदार हथियार बरामद हुए है । जिससे ये आरोपी लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे । पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रिंस कुमार, मंगा सिंह, खुशप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह, अर्शदीप सिंह, मकसद सिंह और हरजिंदर सिंह के रूप में हुईं है । पकड़े गए आरोपी जलालाबाद इलाके के रहने वाले है । 15 वारदातें कबूल की पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले भी करीब 6 मुकदमे दर्ज है । जबकि अब भी आरोपी पुलिस के समक्ष 15 से अधिक वारदातें कबूल चुके है । फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है । और पूछताछ की जाएगी।
तरनतारन जिले के अमृतसर-खेमकरन मेन रोड पर भिखीविंड के पास सेक्रेड हार्ट के सामने बीती रात एक कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर हो गई। इस हादसे में कार में सवार मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक मां-बेटे की पहचान प्रभजीत कौर और फतेह सिंह के रुप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गांव असल उत्तार के दविंदर सिंह (30) चंडीगढ़ में टैक्सी चलाते हैं। वह अपनी पत्नी प्रभजीत कौर और नाबालिग बेटे फतेह सिंह (5) के साथ अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में अपने ससुराल गांव फतेहपुर में एक शादी में शामिल होने जा रहे थे। मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार जब वह बीती रात करीब 8 बजे अमृतसर-खेमकरन मेन रोड पर भिखीविंड के पास सेक्रेड हार्ट के सामने पहुंचे, तो उनकी कार अचानक सड़क पर आगे चल रही मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। साली की शादी में जा रहे थे हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कार चालक दविंदर सिंह को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मृतक के रिश्तेदार सरपंच सुखविंदर सिंह बब्बू ने बताया कि घायल दविंदर सिंह खतरे से बाहर हैं। वह अपनी साली की शादी में शामिल होने जा रहे थे। लोग कार के टायर और LCD ले गए मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्व दुर्घटनाग्रस्त कार के तीन टायर और एक LCD चुरा ले गए। इस घटना से असल उत्तर गांव में गमगीन माहौल है।
जालौन के प्रशासनिक न्यायाधीश एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने उरई जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण को लेकर जेल परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। जज श्रीवास्तव ने जेल अधीक्षक नीरज देव से कारागार की स्थिति, बंदियों की संख्या और व्यवस्थाओं से जुड़ी मूलभूत जानकारी ली। उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद न्यायमूर्ति जेल परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता एवं विधिक सहायता शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। बंदियों द्वारा रखी गई समस्याओं पर उन्होंने समाधान बताते हुए आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन भी दिया। लीगल एड योजनाओं की दी जानकारी अपने संबोधन में जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र बंदियों को इन योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। साथ ही लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) को कर्तव्यनिष्ठा और सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर न्यायमूर्ति ने जेल प्रशासन को बंदियों के मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कारागार में मानवीय दृष्टिकोण के साथ व्यवस्थाएं लागू होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कारागार की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति श्रीवास्तव ने जेल प्रशासन की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी बंदियों के हित में रचनात्मक और आवश्यक कदम उठाते रहने की सलाह दी। अपने अनुभव साझा किए अपने संबोधन में न्यायमूर्ति ने बताया कि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने से पहले वे स्वयं विधिक सहायता से जुड़े रहे हैं, इसलिए इस क्षेत्र का उन्हें विशेष अनुभव है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शांभवी प्रथम मौजूद रहीं। एलएडीसी ने बंदियों को विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक नीरज देव ने न्यायमूर्ति का आभार व्यक्त करते हुए प्रतीक चिन्ह भेंट किया। मौके पर कारापाल प्रदीप कुमार, कारागार चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह व रामलखन, विधिक सहायता डिफेंस काउंसिल के सदस्य, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के प्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज उरई के मनोचिकित्सक, साइकोलॉजिस्ट सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
औरैया में अनियंत्रित कार खड्डे में गिरी:पुलिसकर्मी ने दंपति और दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला
औरैया-दिबियापुर मार्ग पर समाधान पुरवा के पास एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में जा गिरी। हादसे में कार सवार दंपति और उनके दो मासूम बच्चे बाल-बाल बच गए। पुलिसकर्मी विष्णु की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना तब हुई जब राहुल कटियार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गेल गांव से सिकंदरा में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। कार अचानक असंतुलित होकर गहरे नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि कार में सवार चारों लोग सुरक्षित रहे। इसी दौरान एसपी आवास के मीडिया सेल में तैनात पुलिसकर्मी विष्णु अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। उनकी नजर घटना पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल आसपास मौजूद लोगों को इकट्ठा किया और बिना समय गंवाए बचाव कार्य में जुट गए। पुलिसकर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से खड्ड में फंसी कार से महिला और छोटे बच्चों समेत सभी सवारों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मी विष्णु की तत्परता, साहस और मानवीय संवेदना की सराहना की।
धौलपुर में यातायात पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक राहगीर की खोई हुई सोने की अंगूठी महज तीन घंटे में बरामद कर उसे वापस सौंप दी। यह अंगूठी सीसीटीवी कैमरों की मदद से मनियां कस्बे से मिली। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर की गई। शनिवार शाम विनोद कुमार जादौन पुत्र बलवीर सिंह, निवासी एबी रोड, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) ने यातायात पुलिस प्रभारी उप निरीक्षक बलविंदर सिंह को सूचना दी कि उनकी करीब एक तोला वजनी सोने की अंगूठी एक मिष्ठान भंडार के पास गिर गई है। सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी ने पुलिसकर्मियों की एक टीम गठित की। टीम ने अभय कमांड सेंटर और जोधपुर मिष्ठान भंडार के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक बाइक सवार व्यक्ति दुकान के सामने नीचे झुककर कुछ उठाते हुए दिखाई दिया। बाइक नंबर के आधार पर उस व्यक्ति की पहचान मनियां कस्बे के निवासी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत मनियां पहुंची और संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया। पुलिस द्वारा जानकारी देने पर उस व्यक्ति ने अंगूठी मिलने की पुष्टि की और तुरंत पुलिस को सौंप दी। इसके पश्चात पुलिस ने विनोद कुमार जादौन को उनकी खोई हुई सोने की अंगूठी सकुशल वापस कर दी। इस पूरी कार्रवाई में यातायात पुलिस के कांस्टेबल अशोक कुमार (940) और देवेंद्र (541) की विशेष भूमिका रही।
दतिया शहर के किला चौक पर रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब तीन दुकानों को रातों-रात जेसीबी मशीन से तोड़े जाने का मामला सामने आया। दुकानदारों ने इस कार्रवाई के लिए समदरिया बिल्डर्स के इंजीनियर और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। व्यापारियों के अनुसार, शनिवार देर रात समदरिया बिल्डर्स के कर्मचारी दुकानों पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दुकानदारों से दुकान खाली करने को कहा गया था। आपसी सहमति से यह तय हुआ था कि रविवार को दुकानों को हटाया जाएगा, लेकिन आरोप है कि तय समय से पहले ही देर रात कंपनी के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से तीनों दुकानों को ढहा दिया। इस दौरान दुकानों में रखा सामान भी पूरी तरह टूट-फूट कर नष्ट हो गया। दुकानों के टूटने की सूचना मिलते ही गुस्साए व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर कंपनी की जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ कर दी और किला चौक पर जाम लगा दिया। कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी टीआई धीरेंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जाम खुलवाया और व्यापारियों को समझाइश दी। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दियामामले में एसडीएम संतोष तिवारी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि बग्गीखाना क्षेत्र में पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से समदरिया बिल्डर्स द्वारा मॉल का निर्माण किया जा रहा है। मॉल के बाहरी हिस्से में स्थित कुछ दुकानें अभी तक बनी हुई थीं, जिनके मालिकों ने न्यायालय का रुख किया था। एसडीएम के अनुसार, न्यायालय से कंपनी के पक्ष में निर्णय आने के बाद करीब दो माह पूर्व दुकानों को खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों को किसने और किन परिस्थितियों में तोड़ा, इसकी जांच कराई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि समदरिया बिल्डर्स और हाउसिंग बोर्ड से जवाब तलब किया गया है। साथ ही यह भी सामने आया है कि दुकानों को तोड़ते समय न तो प्रशासन और न ही पुलिस को सूचना दी गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमृतसर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर के अजनाला क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी को अमृतसर स्थित खालसा कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में सतर्क थीं। इसी दौरान हरपाल सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर एजेंसियों ने उसे ट्रैक किया और खालसा कॉलेज के आसपास से दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक सीडी भी बरामद की गई, जिसमें देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम और गोपनीय जानकारियां होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस सीडी में सैन्य गतिविधियों, सुरक्षा इंतजामों और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ा डेटा मौजूद हो सकता है। सीडी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि हरपाल सिंह काफी समय से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। बदले में उसे आर्थिक लाभ भी मिलने की बात सामने आ रही है। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और जानकारी कहां-कहां तक पहुंचाई गई। इस गिरफ्तारी के बाद अमृतसर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में शराब पीने के दौरान हुअ विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई। शनिवार रात वह कुछ युवकों के सात शराब पी रहा था। हालांकि, पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामला नैला चौकी उप थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान रोशन सूर्यवंशी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे रोशन सूर्यवंशी कुछ अन्य युवकों के साथ तालाब के पास शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने रोशन के पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उसकी आंतें बाहर आ गईं, जिसके बाद वह दर्द से कराहने लगा। इलाज के दौरान युवक की मौत घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रोशन को तत्काल जिला अस्पताल ले गए। हालांकि, इलाज के दौरान रोशन सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया। नैला चौकी पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। संदेहियों से पूछताछ जारी पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना नैला चौकी उप थाना क्षेत्र की है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने बताया कि अज्ञात लोगों ने रोशन सूर्यवंशी की हत्या कर दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया है। साथ ही मामले की जांच पड़ताल भी की जा रही है।
नोहर में महिला से सोने के कंगन लूटे:बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम, पुलिस जांच शुरू
हनुमानगढ़ के नोहर कस्बे में शनिवार को लूट की एक वारदात हुई। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने एक महिला के हाथों से सोने के कंगन छीन लिए और मौके से फरार हो गए। इस संबंध में नोहर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना पुलिस के अनुसार, वार्ड नंबर 34, नोहर निवासी श्यामसुंदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को उनकी पत्नी गायों को चारा डालने के लिए घर से निकली थीं। गौरव पथ पर ज्ञान मंदिर स्कूल के पास बाइक सवार दो युवक उनके पास आए। बदमाशों ने बातचीत का बहाना बनाकर महिला के हाथों में पहनी तीन सोने की चूड़ियों पर नजर गड़ाई। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, दोनों युवकों ने जबरन उसके हाथ पकड़कर सोने के कंगन छीन लिए। इसके बाद वे तेज रफ्तार में बाइक लेकर फरार हो गए। घटना के बाद महिला ने शोर मचाया, लेकिन तब तक आरोपी दूर निकल चुके थे। आसपास मौजूद लोगों ने महिला को संभाला और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पीड़ित परिवार ने थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। सूचना मिलते ही नोहर थाना पुलिस सक्रिय हुई और मौके का मुआयना किया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। मामले की जांच एएसआई महेंद्र को सौंपी गई है। कस्बे में इस तरह की घटनाओं के सामने आने से लोगों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की मांग की है।
फतेहाबाद जिले के रतिया बस स्टैंड पर रविवार को एक महिला ने भीड़ का फायदा उठाकर एक यात्री के हाथ से सोने का कड़ा काट लिया। मौके पर मौजूद यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। गांव लाली के रहने वाले सुनील कुमार फतेहाबाद जाने के लिए बस में सवार हो रहे थे। बस में चढ़ते समय काफी भीड़ थी, जिसका फायदा उठाकर महिला ने उनके हाथ में पहना सोने का कड़ा काट लिया। यात्रियों ने दिखाई तत्परता कड़ा कटने का अहसास होते ही सुनील कुमार ने शोर मचाया। आसपास मौजूद यात्रियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए महिला को मौके पर ही पकड़ लिया। कुछ ही देर में बस स्टैंड पर अन्य लोग भी जमा हो गए और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्य जुटाए। गिरोह से जुड़ाव की जांच जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जा रही है। महिला से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि वह किसी गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही ऐसी वारदातों को अंजाम देती है। पुलिस ने नियमानुसार सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिवपुरी की करैरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को सिल्लापुर चौराहे पर हाईवे पर बने प्रतिक्षालय से पकड़ा गया। उसके कब्जे से 28 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख 60 हजार रुपये है। थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान कृष्णा कुमार मृधा (20) के रूप में हुई है। वह ग्वालियर जिले के मोहना थाना क्षेत्र के टीकुला, वार्ड क्रमांक 19 का निवासी है। आरोपी के पास से स्मैक के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा भी मिला है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी शिवपुरी और गुना क्षेत्र में स्मैक बेचने की फिराक में था। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से भूरे रंग का स्मैक पाउडर मिला। आरोपी कृष्णा कुमार मृधा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जब्त स्मैक की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
पंजाब में कल से ऑपरेशन प्रहार 2.0 शुरू होगा:72 घंटे पुलिस अधिकारी एक्शन में रहेंगे, जिले अलॉट किए गए
पंजाब पुलिस कल (9 फरवरी) सुबह 8 बजे से ऑपरेशन प्रहार 2.0 शुरू करेगी। यह ऑपरेशन 72 घंटे तक चलेगा। सीनियर अधिकारियों को जिले अलॉट किए गए हैं। ऑपरेशन को लेकर पूरी एसओपी बनाई गई। अधिकारी जिलों में मौजूद रहेंगे। डीजीपी गौरव यादव ने रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा लक्ष्य पंजाब को गैंगस्टर व क्राइम फ्री करना है। जो गैंगस्टर बाहर बैठे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए प्रोसेस केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू हो गया। वहीं, अब सीनियर अधिकारियों की परफॉर्मेंस को रिव्यू किया जाएगा। हाई लेवल मीटिंग में स्ट्रेटजी बनी डीजीपी ने कहा कि जो भी क्राइम पंजाब में करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें स्पेशल डीजीपी, एडीजीपी, आईजीपी मौजूद रहे, जिन्हें जिले अलॉट किए गए हैं। वह फील्ड में मौजूद रहेंगे। 12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे उन्होंने कहा कि वांटेड क्रिमिनल को लेकर यह ऑपरेशन है। इनकी लिस्ट बनाई गई है। ऑपरेशन के दौरान 12 हजार पुलिस कर्मचारी मैदान में उतरेंगे। इनकी दो हजार टीमें बनाई गई हैं। फील्ड ऑपरेशन के लिए हिदायत दी गई है कि मुख्य क्राइम पर एसएसपी समेत सीनियर अधिकारी खुद विजिट करेंगे। मुलाजिमों की कमी को पूरा करने के लिए नॉन कोर ड्यूटी स्टाफ को हटाकर थानों और फिल्ड में लगाया जाएगा। थानों में तैनात मुलाजिमों को वॉकी टॉकी सिस्टम दिए जा रहे हैं। वॉकी टॉकी के लिए भी पॉलिसी तैयारी की गई है। ***************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में ऑपरेशन प्रहार, 72 घंटे में 6 एनकाउंटर: एक गैंगस्टर ढेर किया, 5 को लगी गोली; 3 हजार से ज्यादा गिरफ्तार पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने बताया कि 72 घंटे चले ऑपरेशन प्रहार में 4871 लोगों को हिरासत में लिया गया। जिनमें से 3256 को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 80 भगोड़े अपराधी भी पकड़े गए। जबकि 25 एहतियाती गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान 69 हथियार, 6.5 किलो हेरोइन, 10.5 किलो अफीम, 5092 नशीली गोलियां, 72 किलो भुक्की और 2.69 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की। (पढ़ें पूरी खबर)
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से रविवार को एक हैरान करने वाला नजारा सामने आया। उमरिया–ताला मार्ग पर कोलुआवाह के पास सड़क के किनारे दो बाघ शावकों ने एक चीतल का शिकार कर लिया। यह पूरा दृश्य वहां से गुजर रहे राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो सामने आया है। बाघ शावकों ने छिपकर किया शिकार प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शिकार से पहले एक बाघिन घास में छिपी हुई थी। जैसे ही चीतल पास आया शावक ने अचानक दौड़ लगाई और उसे पकड़ लिया। इसके बाद वह चीतल को घसीटते हुए पास के घास के मैदान की ओर ले गए। यह सब सड़क के किनारे हुआ, जिसे देखकर लोग दंग रह गए। दो साल के हैं दोनों शावक वन विभाग के अनुसार, यह इलाका चबनही बाघिन का क्षेत्र है। उसके दोनों शावक करीब दो साल के हैं और अपनी मां के साथ ही इसी इलाके में घूमते रहते हैं। यहां चीतल और अन्य वन्य जीवों की आवाजाही बनी रहती है। आक्रामक स्वभाव की है चबनही बाघिन चबनही बाघिन को आक्रामक स्वभाव का बताया जाता है। वन विभाग इस क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहा है और सड़क से गुजरने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
हनुमानगढ़ में कृषि नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण दल को शनिवार को रवाना किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने जिला कलेक्टर परिसर से इस दल को हरी झंडी दिखाई। यह भ्रमण दल कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत भेजा जा रहा है। इस दल में जिले की सभी पंचायत समितियों से चयनित 50 युवा प्रगतिशील किसान शामिल हैं। यह दल 8 फरवरी से 14 फरवरी तक सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रहेगा। उपनिदेशक कृषि (आत्मा) सुभाष चंद्र डूडी ने बताया कि भ्रमण के दौरान किसान हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों तथा पशुपालन व डेयरी संस्थानों का दौरा करेंगे। इनमें चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, केंद्रीय गेहूं अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दल आईसीएआर के भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान व केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम (मेरठ), सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली का भी भ्रमण करेगा। इन संस्थानों में किसान वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों से संवाद करेंगे। वे सजीव प्रदर्शनों के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेंगे। भ्रमण में उन्नत बीज किस्में, सिंचाई जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक व कीटनाशी उपयोग जैसे विषयों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, समेकित खेती प्रणाली, जैविक खेती, संरक्षित खेती, उद्यानिकी, व्यवसायिक पशुपालन, वैज्ञानिक प्रबंधन और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी किसानों को शिक्षित किया जाएगा। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने भ्रमण दल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसानों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने और प्राप्त ज्ञान व अनुभव को अपने गांवों के अन्य किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे हनुमानगढ़ जिले में आधुनिक खेती को अपनाने में मदद मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। भ्रमण दल के समन्वय के लिए उपपरियोजना निदेशक आत्मा करणजीत सिंह को प्रभारी और सहायक कृषि अधिकारी गुरमेल सिंह को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर उपनिदेशक उद्यान डॉ. रमेश चंद्र बराला, सहायक निदेशक कृषि डॉ. संजीव भादु सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
भिवानी नागरिक नगर परिषद प्रशासन द्वारा जारी 8053609453 और 8053609445 पर जगह दर्शा कर गंदगी का फोटो भेज सकते हैं। नगर परिषद द्वारा अभी तक दो शिकायत गंदगी की फोटो मिली हैं, जहां पर सफाई करवाकर फोटो सहित वापिस संबंधित व्यक्ति को सूचना भी दे दी गई है। नगर परिषद ने नगर शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे सड़कों पर, खाली प्लाटों या गलियों में इधर-उधर कूड़ा-कचरा ना डालें। जिला नगर आयुक्त गुलजार मलिक ने बताया कि शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए सरकूलर रोड़ के अलावा अन्य स्थानों से भी कचरा प्वाइंट समाप्त किए गए हैं। नागरिकों से अपील है कि वे जगह-जगह पर कचरा न डालें, इससे शहर में गंदगी का माहौल बनता है और वातावरण प्रदूषित होता है। शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने में आमजन का सहयोग जरूरी है। उन्होंने बताया कि आमजन शहर में कहीं पर भी कचरे से संबंधित उठान व सफाई ना हो होने से संबंधित समस्या जारी किए गए नंबरों पर जगह दर्शा कर फोटो भेजे। नगर परिषद द्वारा 24 घंटे के अंदर सफाई करवाते हुए वापस शिकायतकर्ता के पास सफाई की हुई फोटो भेजी जाएगी। शिकायत पर हुई सफाई विकास देशवाल ने बताया कि नगर परिषद द्वारा जारी किए गए नंबरों पर आदर्श नगर के पास ग्रीन बेल्ट के नजदीक और सर्कूलर रोड पर सिटी मॉल के पास कचरा पड़ा होने की शिकायत मिली। शिकायत मिलते ही सफाई कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की। सफाई करवा कर इस स्थान के फोटो भी संबंधित व्यक्ति के पास भेज दिए गए हैं। रविवार को चौधरी बंसीलाल पार्क के पास में सफाई कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया और सफाई व्यवस्था दुरुस्त की गई। जहां-जहां भी नगर परिषद को गंदगी से संबंधित शिकायत मिलती है, वहां पर सफाई कर्मचारी इस समय पहुंचते हैं और सफाई करवाई जाती है।
दमोह स्टेडियम में युवती से छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने नशे में धुत युवक को पकड़ा
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेडियम परिसर में रविवार दोपहर एक युवती से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी युवक को मौके से गिरफ्तार कर कोतवाली थाने ले जाया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। साइकिल से आया युवक, करने लगा आपत्तिजनक हरकत जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर कुछ युवतियां स्टेडियम परिसर में मौजूद थीं। इसी दौरान एक युवक साइकिल से वहां पहुंचा और युवतियों से छेड़छाड़ करने लगा। युवक की हरकतों से घबराई युवतियों ने तुरंत अपने परिजनों को इसकी सूचना दी। डायल 112 की मदद से आरोपी पकड़ा गया परिजनों ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को पकड़कर कोतवाली थाने ले आई। नशे में था आरोपी युवक पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक काफी नशे में था और अपना नाम ठीक से नहीं बता पा रहा था। वह खुद को सागर का निवासी बता रहा था, जबकि जांच में सामने आया कि वह दमोह के पथरिया फाटक क्षेत्र में रहता है। पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें स्टेडियम के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि आरोपी युवक काफी समय से परिसर के आसपास घूमता रहता था और युवतियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी उसकी शिकायत कोतवाली पुलिस में की जा चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
2 महीने पहले बंद करवाया था रेस्टोरेंट:कुछ दिन बाद फिर से शुरू किया, बिल्डिंग की भी अनुमति नहीं थी
कोटा के जवाहर नगर इलाके में ओपेरा अस्पताल के सामने 3 मंजिला रेस्टोरेंट ढ़हने से 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं 15 लोग घायल है। हादसा पूरी तरह से निगम की लापरवाही, बिल्डिंग मालिक की लापरवाही की वजह से हुआ। जो रेस्टोरेंट ढ़हा है और इसके पास वाले मुरादाबादी रेस्टोरेंट को 2 महीने पहले भी बंद करवाया गया था लेकिन फिर से इन लोगों ने यहां पर काम शुरू कर दिया। इसके बाद न तो निगम ने कभी यहां आकर देखा न कोई जांच की। भास्कर ने जब जानकारी जुटाई तो सामने आया कि बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध थी। बिना परमिशन के तीन मंजिला बिल्डिंग बना ली पार्षद योगेश आहलूवालिया ने बताया- जो बिल्डिंग गिरी है वह 200 वर्गफीट का प्लॉट था, जो कि दुकान के लिए अलॉट हुआ था। लेकिन भूखंड मालिक ने यहां तीन मंजिला बिल्डिंग बना ली। बिल्डिंग बनाने से पहले किसी तरह की कोई परमिशन नहीं ली गई। देखादेख पास की दुकान संचालकों ने भी तीन तीन मंजिला बिल्डिंग बना दी। रेस्टोरेंट संचालक दुकान से आगे फुटपाथ तक अतिक्रमण करते थे। एक साल पहले इनके अतिक्रमण हटवाए गए थे। इन्हें चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन बार बार ये फिर से अतिक्रमण कर लेते थे। ऐसे में दो महीने पहले ही वापस से यहां पर कार्यवाही की थी। इनका अतिक्रमण हटवाया था और रेस्टोरेंट भी बंद करवा दिया था। योगेश ने बताया- यहां काम बंद करवा दिया था, लेकिन पंद्रह बीस दिन बाद फिर से रेस्टोरेंट चालू हो गया। फूड लाइसेंस नहीं, बिना अनुमति चल रहा था रेस्टोरेंटपार्षद योगेश ने बताया- रेस्टोरेंट के पास चलने वाले मुरादाबादी रेस्टोरेंट के पास भी कोई फूड लाइसेंस नहीं था। ऐसे में इनका काम बंद करवा दिया गया था लेकिन ये लोग लड़ाई झगड़ा करके फिर से काम चालू कर लेते थे। निगम को भी कई बार इनके अतिक्रमण हटाने और जांच के लिए कहा था। जहां हादसा हुआ, वह जगह कोचिंग एरिया में है। स्टूडेंटस की भीड़ इलाके में रहती है। ऐसे में यहां दुकानदारों ने छोटी छोटी दुकानों को तीन तीन मंजिला बना लिया। जिस जगह हादसा हुआ, वहीं एक साथ 4 रेस्टोरेंट है। लेकिन इनमें किसी के पास फूड लाइसेंस नहीं है। हादसे के बाद अब ये रेस्टोरेंट बंद है। दुकान खुली छोड़ भाग गए रेस्टोरेंट स्टाफजो बिल्डिंग ढ़ही उसके पास मुरादाबादी रेस्टोरेंट है। ये रेस्टोरेंट पूरी तरह अवैध है। बिल्डिंग के आगे अतिक्रमण कर दुकान बना ली गई और उसी में रेस्टोरेंट संचालित किया जाता है। हादसे के बाद से यहां का स्टाफ फरार है। रविवार सुबह जब भास्कर टीम वापस मौके पर पहुंची तो मुरादाबादी रेस्टोरेंट खुला हुआ था। किचन में जो खाना बना हुआ था वैसे का वैसे रखा था, धूल मिटटी और हादसे के बाद मची भगदड़ के निशान नजर आ रहे थे। रेस्टोरेंट मालिक को तलाशने की कोशिश की, उसके नबंर पर भी कॉल किए लेकिन नंबर बंद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालकों ने यहां दादागिरी की हुई थी। कोई विरोध करता तो लड़ाई झगड़ा करते थे, अवैध तरीके से यहां पर रेस्टोरेंट संचालित हो रहे थे। नॉनवेज रेस्टोरेंट चलाए जा रहे थे जिसका लोग विरोध करते थे क्योंकि यहां देर रात तक लोगों की भीड़ जमा रहती थी। ---- हादसे से जुड़ी ये 3 खबरें भी पढ़िए… 1.राजस्थान- रेस्टोरेंट बिल्डिंग दिन में हिली, रात में ढह गई:मां के साथ खाना खाने आए स्टूडेंट की मौत, बैलून बेचने वाले नाबालिग ने भी दम तोड़ा 2. कोटा में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग गिरी, देखिए 10 PHOTOS:मलबे में दबे लोग चीख रहे थे- हमें बचा लो; युवक के दोनों पैर कटे 3. कोटा में जिस रेस्टोरेंट के कारण हादसा वो अवैध:आरोप- अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिल्डिंग गिरी, पहले भी चेताया था
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद (आरएसपी) का यूपी के हाथरस में धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया के आवास के बाहर चल रहे इस धरने में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री समेत कई कार्यकर्ता शामिल हैं। शनिवार को अलंकार अग्निहोत्री समेत सभी कार्यकर्ता पूरी रात खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे रहे। सर्द रात के बावजूद प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर डटे रहे और आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया। अलंकार का कहना है कि वे हाथरस से दिल्ली तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने शासन के निर्देश पर इस पदयात्रा को रोक दिया। इसी के विरोध में शुक्रवार को धरना शुरू किया गया, जो शनिवार को दूसरे दिन में भी जारी रहा। अलंकार ने कहा- सवर्ण परिषद की प्रस्तावित पदयात्रा यूजीसी बिल 2026 और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में थी। निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने धरनास्थल पर कहा- जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता और एससी-एसटी एक्ट समाप्त नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। यह आंदोलन सिर्फ यात्रा का नहीं, बल्कि सनातन स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा है और परिषद किसी भी दबाव में पीछे हटने वाली नहीं है। धरने की तस्वीरें देखिए… टेंट लगाने तक नहीं दे रहा प्रशासनअलंकार अग्निहोत्री और परिषद अध्यक्ष धवरैया ने बताया- महारैली को रोके जाने के बाद कंचन नगर स्थित आवास पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया जा रहा है। प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई थी, पर इसके बाद बावजूद प्रशासन ने धरनास्थल पर टेंट लगाने तक की अनुमति नहीं दी। इसी कारण सर्द रात के बावजूद खुले आसमान के नीचे धरना देना पड़ रहा है। अगर ऐसे में किसी की तबीयत खराब हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? धवरैया ने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर आने वाले लोगों को भी रोका जा रहा है, ताकि आंदोलन कमजोर पड़े। पर हमारे इरादे मजबूत हैं। जब तक कोई सक्षम मंत्री या अधिकारी मौके पर आकर हमारी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा। परिषद अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जिस मोदी सरकार ने सनातन के नाम पर सत्ता हासिल की, उसी सरकार ने सनातन स्वाभिमान यात्रा को रोक दिया। 12 फरवरी तक धरना जारी रखने का ऐलानपंकज धवरैया ने बताया कि सनातन स्वाभिमान यात्रा 12 फरवरी को दिल्ली में समाप्त होनी थी, इसलिए परिषद ने धरना भी कम से कम 12 फरवरी तक जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रशासन से पदयात्रा शुरू करने की अनुमति देने की मांग की और कहा- अगर सरकार का कोई मंत्री या जिम्मेदार अधिकारी हमसे बातचीत के लिए आता है, तो हम तैयार हैं। अन्यथा हमारी गिरफ्तारी कर ली जाए। भारी पुलिस बल तैनात, खुफिया तंत्र अलर्टधरनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूरी रात कंचन नगर इलाके में पुलिस फोर्स मौजूद रही। खुफिया तंत्र भी पूरी तरह अलर्ट रहा और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। फिलहाल धरने में बृजमोहन उपाध्याय, विश्वदीप अवस्थी, कुमकुम अवस्थी समेत कई अन्य पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। पदयात्रा को रोकने पर हुआ था हंगामा… यूजीसी बिल के विरोध में हाथरस में प्रस्तावित पदयात्रा को शनिवार को पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी के बावजूद राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया ने अकेले झंडा लेकर पदयात्रा शुरू करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रोका तो तीखी नोकझोंक हो गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है, इसलिए किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पंकज धवरिया को रोकने की सूचना पर सस्पेंड PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी हाथरस पहुंचे थे। पंकज धवरिया के निवास के बाहर ही जमीन पर उनके साथ बैठकर हनुमान चालिसा का पाठ किया। अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि सरकार डरी हुई है और उसका कोर वोटर उससे दूर हो चुका है। सवर्ण संगठनों की ओर से यह पदयात्रा हाथरस से दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास तक निकाली जानी थी। सुबह से ही इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा। एसडीएम सदर राजबहादुर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर रहे।पदयात्रा में शामिल होने की घोषणा करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों को पहले ही नजरबंद कर दिया गया है। रासप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया को उनके कंचन नगर स्थित आवास पर नजरबंद किया गया था। पुलिस ने उनसे मिलने आने वाले लोगों को भी रोक दिया। इसके बावजूद पंकज धवरिया ने अकेले झंडा लेकर पदयात्रा शुरू करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोका तो तीखी नोकझोंक हो गई। पदयात्रा रोकने के बाद हुआ था हंगामा, तस्वीरें देखिए… घर के बाहर धरने पर बैठे, लगाए सरकार विरोधी नारे पदयात्रा रोके जाने के बाद पंकज धवरिया अपने घर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल और एससी/एसटी एक्ट के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है और पुलिस ने सरकार के इशारे पर पदयात्रा को जबरन रोका है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं:महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे, गुड्डू की पीठ थपथपानी चाहिए महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक समिति (रजि.) की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी के गठन के लिए रविवार को मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में मतदान कराया जा रहा है। मतदान के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी। चुनाव को लेकर सदस्यों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मतदान के लिए मतदाताओं के पास वैध पहचान पत्र और समिति की सदस्यता होना अनिवार्य रखा गया है। सुबह से ही मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। यह दृश्य चुनाव को लेकर सदस्यों के जोश और भागीदारी को दर्शाता है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्र और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। पदों के लिए सीधा मुकाबला समिति के विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। प्रधान पद के लिए माजरा के रहने वाले पूर्व बैंक मैनेजर पन्नी लाल और अमन देवी आमने-सामने हैं। उपप्रधान पद के लिए डॉ. सुनीलदत्त और राजवीर सिंह के बीच मुकाबला है। सचिव पद के लिए रोशन लाल निम्बल और सुभाष कुमार मैदान में हैं। सहसचिव पद के लिए फकीरचंद और अर्जुन सिंह के बीच टक्कर है। खजांची पद के लिए ओम प्रकाश मैनेजर और राजेंद्र कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। कार्यकारी सदस्य पद के लिए 10 उम्मीदवार मैदान में कार्यकारी सदस्य पद के लिए अनूप मालड़ा, मंजू चोपड़ा, उमेद सिंह, महिपाल चौहान, शेर सिंह, सरजीत नम्बरदार, संतलाल, रोशनी देवी, महेंद्र कुमार और हरि सिंह चुनावी मैदान में हैं। मतदान के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
भागलपुर में पुलिस जिला नवगछिया के ग्रामीण इलाकों में सड़क नहीं बनने के कारण लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को खाट पर लादकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मामला गोपालपुर प्रखंड के डीमहा पंचायत से जुड़ा है। एक महिला छत पर चढ़ने के दौरान सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद डॉक्टरों ने सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन सड़क और एंबुलेंस सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन खाट पर मरीज को लादकर पैदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना पड़ा। गांव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब 7 से 8 किलोमीटर है। पैदल ही अस्पताल पहुंचना पड़ा। गांव की हालत जस की तस घायल महिला की पहचान दर्शन पंडित की पत्नी अनीता देवी के तौर पर हुई है। भतीजा मिथलेश ने बताया कि पंचायत में पिछले 17 वर्षों से सड़क नहीं बनी है। इसी वजह से मरीजों को खाट पर ले जाना पड़ता है। गांव में न तो अस्पताल की सुविधा है, न ही स्कूल और न ही आवागमन के लिए पक्की सड़क। कई बार जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन गांव की हालत जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों का भी इस गांव में आना नहीं होता है। सरकारी की सुविधाएं गांव तक नहीं पहुंच सकी है। रात में ज्यादा परेशानी होती है ग्रामीण मुकेश ने बताया कि वर्ष 2008 के बाद से यहां कोई सड़क नहीं बनी है, जिससे वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। खासकर रात में अगर कोई बीमार पड़ जाए तो परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। समय पर इलाज न मिले, तो जान जाने तक की नौबत आ जाती है। सुशासन के नाम पर हम लोगों ने वोट डाला, लेकिन नीतीश कुमार ने नजर अंदाज कर दिया। एंबुलेंस चालक भी गांव में सड़क नहीं होने से आने से मना कर देते हैं। सरकार ने उन्हें मुख्यधारा से बिल्कुल अलग-थलग छोड़ दिया है। इस गांव में लगभग 900 वोटर हैं, लेकिन गांव तक जाने के लिए एक पक्की सड़क नहीं है।
चूरू के रतननगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक सात साल की बच्ची आग से झुलस गई। यह घटना घर में चूल्हे पर पानी गर्म करते समय आग भभकने से हुई। हादसे में बच्ची कविता की गर्दन, हाथ, पैर और पेट झुलस गए। परिजन उसे निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने घायल बालिका का प्राथमिक इलाज किया। इसके बाद उसे बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बालिका के परिजनों ने बताया कि कविता घर में जल रहे चूल्हे के पास बैठी थी। तभी उसने लकड़ी पर लगाई जाने वाली पॉलिश को जलती हुई लकड़ी पर डाल दिया, जिससे आग भभक गई और वह झुलस गई। इमरजेंसी वार्ड स्टाफ ने इस घटना की सूचना अस्पताल चौकी पुलिस को भी दे दी है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कोचिंग बिल और यमुना के पानी को लेकर सरकार पर डबल अटैक किया है। डोटासरा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे कोचिंग माफियाओं के दबाव में काम करने वाली सरकार बता दिया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि कोचिंग नियंत्रण बिल लाकर सरकार ने केवल ‘कलेक्शन’ का काम किया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार अपने शेष ढाई साल के कार्यकाल में यमुना का एक बूंद पानी भी प्रदेश को नहीं दिला पाएगी। डोटासरा सीकर में अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान बोल रहे थे। कोचिंग नियंत्रण बिल पर डोटासरा ने कहा कि 6 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन उसके रूल एंड रेगुलेशन अब तक नहीं बने हैं। कोचिंग बिल आज भी प्रभावी नहीं है। उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कोचिंग माफियाओं के दबाव में काम करने वाले लोग हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुके लोग हैं। कोचिंग बिल लाकर इन्हें जो कलेक्शन करना था वह इन्होंने कर लिया। अब उसे कागजों में दफन कर दिया है। आज भी कोचिंगों पर नियंत्रण का बिल राजस्थान में लागू नहीं हुआ है और आगे भी संभावनाएं बहुत कम है। यमुना जल को लेकर सीएम ने विधानसभा में की थी घोषणा यमुना के पानी को लेकर डोटासरा ने कहा कि यमुना जल हरियाणा से राजस्थान में शेखावाटी के लोगों को मिलना है। जिसमें सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिला शामिल है। 24 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की विधानसभा में यह घोषणा की थी, कि राजस्थान और हरियाणा दोनों ने मिलकर एक MOU किया है और हम संयुक्त रूप से डीपीआर बनाएंगे। इसके लिए एक SIT भी गठित की गई है। DPR बनने के बाद बजट देकर शेखावाटी को हरियाणा से पानी दिया जाएगा। MOU में पहले 2400 क्यूसेक पानी हरियाणा लेगा,अपना स्टोरेज विकसित करेगा। उसके बाद केवल दिसंबर से लेकर मई तक केवल 4 महीने बरसात से जो पानी ओवरफ्लो होगा। वह बरसाती पानी यह ले सकते हैं, वह भी 557 MCM। यमुना जल के लिए नहीं बनी कोई डीपीआर उन्होंने कहा कि आज इनकी सरकार को ढाई साल हो गए हैं। लेकिन यमुना जल के लिए कोई डीपीआर ही नहीं बनी है। एक रुपए का भी बजट जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री केवल झूठी बातें कर रहे हैं। जो जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। जब डीपीआर ही नहीं बनी तो इन्होंने बजट कहां से दे दिया। डीपीआर बनने के बाद बजट का आवंटन होता है। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया होती है,वर्क ऑर्डर होता है और फिर काम शुरू होता है। मुख्यमंत्री कर रहे भ्रमित करने वाली बातें डोटासरा ने कहा कि 2011 में लक्ष्मणगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना का पानी लाने के लिए 833 करोड़ रुपए की योजना की शुरुआत मैंने की थी। 2011 से लेकर 2026 हो गया। 15 साल में भी वह योजना अभी पूरी नहीं हुई है। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, जो केवल भ्रमित करने वाली बातें हैं। शेखावाटी को यमुना का एक बूंद पानी भी नहीं दिला पाएगी सरकार उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा खुद के लिए स्टोरेज विकसित करेगा और उसके बाद ओवरफ्लो बरसाती पानी राजस्थान को देने की बात है। वह बात केवल कागजों में है मौके पर कुछ भी नहीं है। डोटासरा ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि शेष ढाई साल में राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी की सरकार शेखावाटी को यमुना का एक बूंद पानी भी नहीं दे पाएगी,नहीं दे पाएगी, नहीं दे पाएगी।

