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Garhwal Commissioner ने जारी किए निर्देश, भारी बारिश के चलते थमी Char Dham Yatra

उत्तराखंड के कई ज़िलों में बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के कारण शनिवार दोपहर से रविवार तक चार धाम यात्रा रोक दी गई है। गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सभी ज़िलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि वे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने ज़िलों में ज़रूरी कदम उठाएं। पत्र के अनुसार, मौसम की स्थिति बेहतर होने पर यात्रा फिर से शुरू की जाएगी। इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में Heavy Rain से Lucknow समेत कई जिले प्रभावित, IMD का अलर्ट उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम का अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 और 27 सितंबर के लिए उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौडी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोडा के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी येलो अलर्ट के तहत हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार रेड अलर्ट के तहत हैं, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग को ऑरेंज अलर्ट के तहत रखा गया है। बागेश्वर, अल्मोडा, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: Chhattisgarh Heavy Rainfall | छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, जानें कब फिर से खुलेंगे स्कूल इस साल 50 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्रियों ने चार धाम के दर्शन किए इस साल उत्तराखंड के चार धाम तीर्थस्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 50 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 50.87 लाख श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए हैं। इस आंकड़े में वे लगभग 3.26 लाख तीर्थयात्री भी शामिल हैं जिन्होंने बुधवार तक चमोली ज़िले में हेमकुंड साहिब के दर्शन किए। बद्रीनाथ में सबसे ज़्यादा 17.47 लाख तीर्थयात्री पहुंचे, इसके बाद केदारनाथ में 15.03 लाख, गंगोत्री में 7.95 लाख और यमुनोत्री में 7.13 लाख तीर्थयात्री आए। चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को शुरू हुई थी और इसके नवंबर तक चलने की उम्मीद है; सर्दियों की शुरुआत के साथ चारों तीर्थस्थलों के कपाट अलग-अलग तारीखों पर बंद हो जाएंगे। मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और मौसम से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण इस यात्रा, खासकर केदारनाथ मार्ग पर, बार-बार रुकावटें आईं। इस हफ़्ते की शुरुआत में, केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर चिरबासा के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से यात्रा को दो दिन से ज़्यादा समय के लिए रोक दिया गया था। रास्ता साफ़ होने के बाद मंगलवार को यात्रा फिर से शुरू हुई। सितंबर में यात्रा ने तेज़ी पकड़ी है और पिछले कुछ दिनों में रोज़ाना औसतन लगभग 13,000 तीर्थयात्री चार धाम तीर्थस्थलों पर आ रहे हैं। पिछले दो-तीन सालों में इस यात्रा में हर साल 50 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री शामिल हुए हैं।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 6:34 pm

Chhattisgarh में Dalli Rajhara-Rowghat रेलवे लाइन का अंतिम 17.5 किमी ट्रैक तैयार

छत्तीसगढ़ में 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेलमार्ग परियोजना ताडोकी और रावघाट के बीच आखिरी 17.5 किलोमीटर के हिस्से में ट्रैक बिछाने के साथ पूरी हो गयी है। अधिकरियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अवसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राज्य की राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है। अधिकारियों ने बताया कि नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। फिलहाल दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। रायपुर रेलवे संभाग के वरिष्ठ अधिकारी शिव प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दल्लीराजहरा और ताडोकी के बीच यात्री ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं, जो इस मार्ग का 77.5 किलोमीटर हिस्सा कवर करती हैं। उन्होंने कहा कि तय सुरक्षा और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नए बने ताडोकी-रावघाट खंड पर ट्रेन का संचालन शुरू होगा। दल्लीराजहरा-रावघाट खंड लगभग 240 किलोमीटर लंबे दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेलवे परियोजना का हिस्सा है। प्रसाद ने बताया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ सरकार, ‘नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ (एनएमडीसी), ‘स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (सेल) और रेलवे का एक संयुक्त उद्यम है। अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना को 1993 में सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी, जबकि इसका निर्माण 2010-11 में शुरू हुआ था। प्रसाद ने कहा कि यह रेलवे लाइन रायपुर, भिलाई और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों से परिवहन को बेहतर बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह लाइन दुर्ग जिले में सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन को और आसान बनाएगी, जिससे इस्पात उद्योग को मदद मिलेगी। अधिकारी ने बताया कि इस रेलवे परियोजना की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की दो बटालियन को खास तौर पर तैनात किया गया है। ऐसा एक दशक से अधिक समय से किया जा रहा है क्योंकि पहले वामपंथी उग्रवाद से इस परियोजना की सुरक्षा को खतरा था।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 6:03 pm

Chhattisgarh Heavy Rainfall | छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, जानें कब फिर से खुलेंगे स्कूल

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश और नदियों-नालों के उफान पर होने के कारण उपजे बाढ़ जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए शनिवार को प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होने और बाढ़ का प्रभाव कम होने के बाद ही नियमित कक्षाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और आवागमन में दिक्कतें आ सकती हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि बच्चों को किसी भी तरह के जोखिम का सामना न करना पड़े। CM ने अधिकारियों को बचाव कार्य करने के निर्देश दिए इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और जलभराव को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य करें। इसमें बस्तर संभाग भी शामिल है, जिसमें सात ज़िले आते हैं। रिलीज़ में साय के हवाले से कहा गया, प्रभावित इलाकों में ज़रूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर नज़र रखने का भी निर्देश दिया, जिसमें निचले इलाकों और नदियों व नालों के पास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाके जलमग्न हो गए, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बस्तर क्षेत्र में दूर-दराज़ की बस्तियां कट गईं। इस बीच, उन्होंने राहत और बचाव टीमों को ज़रूरी संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा और ज़िला प्रशासन, पुलिस, शहरी स्थानीय निकायों, पंचायतों और अन्य विभागों को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ज़रूरत के हिसाब से सुरक्षित आश्रय, भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य ज़रूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। कोंडागांव ज़िले में भारी बारिश से एक व्यक्ति की मौत अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण कोंडागांव ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार को पानी से भरे धान के खेत में मछली पकड़ते समय 40 साल का एक किसान पानी से भरे नाले में गिरकर डूब गया। गौरतलब है कि 1 जून से 25 सितंबर के बीच राज्य में औसतन 1,082.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 10 साल के मौसमी औसत (1,081.5 मिमी) का 100.1 प्रतिशत है। अकेले पिछले 24 घंटों में राज्य में औसतन 52.8 मिमी बारिश हुई। बलरामपुर में सबसे ज़्यादा बारिश IMD ने बताया कि बलरामपुर में मौसमी औसत के मुकाबले सबसे ज़्यादा बारिश (169.4 प्रतिशत या 1,527.7 मिमी) दर्ज की गई, जबकि नारायणपुर में सबसे ज़्यादा कुल बारिश (1,600.4 मिमी) दर्ज की गई। हालांकि, कुछ ज़िलों में सामान्य से कम बारिश हुई, जैसे सरगुजा में 606.6 मिमी (75.5 प्रतिशत), जशपुर में 828.7 मिमी (79.7 प्रतिशत), कबीरधाम में 672 मिमी (82.2 प्रतिशत), बेमेतरा में 597.1 मिमी (74.5 प्रतिशत) और कांकेर में 1,110.7 मिमी (75.9 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य बारिश का 74.7 प्रतिशत और बीजापुर में 78.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव में बारिश सामान्य के करीब रही।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:01 pm

Chhattisgarh में भारी बारिश: CM Vishnu Deo Sai ने शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार, 26 सितंबर को राज्य के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है।’’साय ने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने, सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और सभी जिला कलेक्टरों को आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की आशंका होने पर लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने को कहा है। साय ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनती नदियों-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर नहीं जाने तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 5:32 am

आज कैसा रहेगा मौसम?: यूपी के शहरों के लिए रेड अलर्ट, ओडिशा में बारिश-बाढ़ से हड़कंप, छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद

आज कैसा रहेगा मौसम?: यूपी के शहरों के लिए रेड अलर्ट, ओडिशा में बारिश-बाढ़ से हड़कंप, छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद- IMD Rain alert for across country today Chaos in Odisha due to floods schools closed in Chhattisgarh UP Bihar

अमर उजाला 26 Sep 2026 2:13 am

छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर... 300 से अधिक गांव बने टापू, रेल-सड़क और हवाई यात्रा बाधित, सभी 7 जिलों में स्कूल बंद

Chhattisgarh Flood Alert: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से बस्तर संभाग में त्राहि-त्राहि मच गई है।

दैनिक जागरण 25 Sep 2026 8:53 pm

'कच्चा बादाम' फेम Anjali Arora का बॉलीवुड डेब्यू! Mahakavya Shri Ramayan Katha में निभाएंगी माता सीता का किरदार, टीज़र और रिलीज़ डेट आउट!

'कच्चा बादाम' वायरल ट्रेंड से रातों-रात सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली मशहूर पर्सनैलिटी अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने के लिए तैयार हैं। अंजलि अरोड़ा रामायण पर आधारित आगामी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के साथ अपना फीचर फिल्म डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह माता सीता के मुख्य और पवित्र किरदार में नजर आएंगी। फिल्म के मेकर्स ने पहला पोस्टर और टीज़र जारी कर दिया है, जिसमें अंजलि अरोड़ा की माता सीता के रूप में पहली मनमोहक झलक दिखाई गई है। इसे भी पढ़ें: 23 साल बाद Emraan Hasmi की जबरदस्त वापसी, Awarapan 2 की सफलता पर पत्नी परवीन ने कही दिल छू लेने वाली बात फिल्म में देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म रामायण पर आधारित है और इसमें महाकाव्य की मुख्य घटनाओं को दिखाया गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी, उनके वनवास की यात्रा और रावण की झलकियाँ दिखाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद Zindagi Na Milegi Dobara के सीक्वल पर Zoya Akhtar का बड़ा खुलासा, स्क्रिप्ट पर शुरू हुआ काम अंजलि अरोड़ा माता सीता का किरदार निभाएंगी अंजलि अरोड़ा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाएंगी। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है और यह उस सोशल मीडिया कंटेंट से बिल्कुल अलग है जिससे उन्हें शुरुआती पहचान मिली थी। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में भगवान राम के रूप में देव शर्मा के साथ अरोड़ा की भूमिका की एक छोटी सी झलक दिखाई गई है। मेकर्स ने टीज़र में किरदारों की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, बल्कि मुख्य किरदारों और रामायण की अहम घटनाओं पर फोकस रखा है। देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे देव शर्मा को भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी और उसके बाद उनके वनवास की यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं। टीज़र में रावण भी नज़र आ रहा है, जिससे पता चलता है कि फिल्म में राम और राक्षस राजा के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। इस समय रामायण पर आधारित कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, और 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' एक और आने वाली फिल्म है जो राम, सीता और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर लाएगी। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म को प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स बैनर के तहत प्रोड्यूस किया है। अजय कनौजिया का AJ फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड इस फिल्म को पेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में की गई है और इसे दोनों भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की रिलीज़ डेट यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। मेकर्स ने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ ही रिलीज़ डेट की घोषणा की। इस फ़िल्म में अंजलि अरोड़ा माता सीता के तौर पर फ़ीचर फ़िल्म में डेब्यू करेंगी, जबकि देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे। फ़िल्म का टीज़र आ चुका है, और अब फ़िल्म की कास्ट, स्केल और रामायण को किस तरह दिखाया गया है, इस बारे में और जानकारी इसके थिएटर में रिलीज़ होने के आस-पास सामने आने की उम्मीद है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi 'MAHAKAVYA SHRI RAMAYAN KATHA' FIRST POSTER + TEASER OUT NOW – 25 SEPT 2026 RELEASE IN HINDI & CHHATTISGARHI... The first poster and teaser of #MahakavyaShriRamayanKatha have been unveiled… The film features #DevSharma as Shri Ram and marks #AnjaliArora 's feature-film debut as… pic.twitter.com/oSa8mdBBXT — taran adarsh (@taran_adarsh) August 18, 2026

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 10:39 am

छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड: पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट हुए जारी, cgbse.nic.in पर करें चेक

Chhattisgarh CGBSE 12th Revaluation Result 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(CGBSE) ने छत्तीसगढ़ कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। यहां देखें ड

लाइव हिन्दुस्तान 25 Jun 2024 12:50 pm