ड्यूटी पर नहीं थे कैप्टन सुमित कपूर, ट्रैफिक में फंसे साथी की जगह भरी उड़ान और बन गई ‘अंतिम उड़ान’
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि सुमित को उड़ान से बेहद लगाव था। वे उड़ान भरने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उन्होंने कभी किसी जिम्मेदारी से पीछे हटने की बात नहीं की। लेकिन इस बार वही जुनून उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से गोरखपुर में पहली बार कम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन होटल कोर्टयार्ड बाय मैरिएट में आयोजित हुआ, जिसमें देश और विदेश से आए विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्रों और तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नई तकनीकों, नवाचार और डिजिटल विकास को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और वीएलएसआई जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।थीमेटिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्रसम्मेलन के दौरान देशभर के नाइलिट केंद्रों द्वारा कई थीमेटिक स्टॉल लगाए गए, जिन्होंने कार्यक्रम का आकर्षण और बढ़ा दिया। इन स्टॉल्स में साइबर सुरक्षा, वीएलएसआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए। इन स्टॉल्स को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्होंने नई तकनीकों को करीब से समझा।डिजिटल जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से ड्रोन तकनीक, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रही कई स्टार्ट-अप कंपनियों ने भी अपने उत्पाद और नवाचार प्रस्तुत किए। आगंतुकों ने इन स्टार्ट-अप्स के काम की खूब सराहना की।डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए ड्रोन बना चर्चा का विषयसाइंस एक्सिबिशन में मणिपुर नाइलिट की ओर से डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए एक खास ड्रोन मॉडल प्रदर्शित किया गया। यह ड्रोन किसी आपदा प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर यह पता लगाएगा कि वहां किस तरह की मदद की जरूरत है। इसके बाद डिलीवरी ड्रोन की मदद से उस इलाके में भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाया जा सकेगा। यह मॉडल आपदा के समय राहत कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने में मददगार साबित हो सकता है।चलने वाला रोबोट डॉग ‘विद्युत’ बना लोगों का पसंदीदावहीं केआईपीएम के छात्रों ने एक खास चलने वाला रोबोट डॉग तैयार किया है, जिसका नाम ‘विद्युत’ रखा गया है। यह रोबोट डॉग सम्मेलन में आए लोगों को नमस्ते करता है और हाथ भी मिलाता है, जिससे लोग काफी प्रभावित हुए। इसकी बॉडी में कैमरा लगाया गया है, जो आसपास की सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है। इसके अलावा इसमें लगे सेंसर की मदद से यह ऑटो मोड में चलते समय किसी से टकराता नहीं है।तकनीक के भविष्य की झलकयह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल छात्रों और युवाओं के लिए सीखने का मंच बना, बल्कि इससे गोरखपुर को तकनीक और नवाचार के नक्शे पर एक नई पहचान भी मिली। आयोजन ने यह संदेश दिया कि आने वाला समय डिजिटल तकनीकों का है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के नौकाविहार इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। सोशल मीडिया रील बनाने वाले युवक शाहिद कुरैशी का छह युवकों ने अपहरण कर लिया। आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर लगभग 30 किलोमीटर दूर ले जाकर चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया। गनीमत रही कि वह बालू पर गिरा, जिससे उसकी जान बच गई।शाहिद कुरैशी तिवारीपुर थाना क्षेत्र के जाफरा बाजार का रहने वाला है। मंगलवार रात करीब 9 बजे वह अपने एक दोस्त के साथ नौकाविहार घूमने गया था। वहां वह एक दुकान पर चाय पी रहा था। इसी दौरान दो गाड़ियों से छह युवक उतरे और अचानक उसके पास पहुंचे। आरोपियों ने शाहिद को जबरन कुर्सी से उठाया। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।पीड़ित शाहिद के मुताबिक, आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और जबरदस्ती कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे भटहट के आगे तक ले जाया गया। रास्ते में आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन चेक किया। मोबाइल की जांच के बाद उन्हें पता चला कि वह जिस व्यक्ति को ढूंढ रहे थे, शाहिद वह नहीं है। इसके बाद आरोपियों ने उसे चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया और फरार हो गए।गाड़ी से गिरने के बाद शाहिद बेहोश हो गया। कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसने खुद को बालू पर पड़ा पाया। इधर, शाहिद के साथ गया उसका दोस्त किसी तरह वहां से बच निकला और पूरी घटना की जानकारी शाहिद की मां को दी। मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही रामगढ़ताल पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शाहिद के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और आधी रात में उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपहरण में शामिल सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया।एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इस मामले में अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सभी आरोपी महराजगंज जिले के रहने वाले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का मकसद किसी और व्यक्ति का अपहरण करना था। दरअसल, महराजगंज की एक युवती लापता थी और उसका लोकेशन नौकाविहार के आसपास मिला था। आरोपियों ने शाहिद को उस युवती का बॉयफ्रेंड समझ लिया और इसी गलतफहमी में उसका अपहरण कर लिया। जब मोबाइल जांच में सच्चाई सामने आई तो आरोपी उसे रास्ते में फेंककर भाग गए।
गाजियाबाद के खोड़ा में शुक्रवार देर रात एक ढाबे पर हुए विवाद में 2 युवकों का मर्डर कर दिया गया। जहां खाने के पैसे अधिक मांगने पर विवाद हुआ। जिसके बाद चाकूबाजी हुई। पूरी घटना घटना अंबेडकर गेट के पास स्थित वैष्णो ढाबे पर हुई। घटना की सूचना पर एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव और डीसीपी मौके पर पहुंचे। रात तक पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी। खाना खाने पर हुआ विवाद पुलिस ने बताया कि वैष्णो ढाबे पर खाना परोसने में देरी को लेकर दोनों पक्षों में पहले बहस हुई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू निकाल लिए। जिसमें खोड़ा निवासी सत्यम और उसका दोस्त श्रीपाल का मर्डर कर दिया गया। इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई, खाना खा रहे लोग भाग निकले। घटना के बाद ढाबे और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी मौके से पैदल ही फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। शराब के नशे में हुआ विवाद डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय दोनों पक्षों ने शराब का सेवन किया हुआ था। उन्होंने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने रात में 4 लोगों को हिरातस में ले लिया है। जहां पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। मौके पर सीसी टीवी को भी देखा जा रहा है। तीसरा युवक नशे में सहीं नहीं बोल पाया एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि दो श्रीपाल (25 साल) मूल रूप से बहराइच का रहने वाला था। जो खोड़ा के नेहरु विहार में किराए पर रह रहा था। वहीं सत्यम (26 साल) की हत्या हुई। तीसरा इनका साथी सही नहीं बोल पा रहा था, जो शराब का सेवन किए हुए था। जांच में आया कि पैसे अधिक मांगने पर विवाद हुआ। खोड़ा निवासी धर्मेंद्र का वैष्णो ढाबा है। हत्या करने वालों में रात में सूरज, राजन और विशेष की पहचान हो चुकी है। डीसीपी ट्रांस हिंडन का बयान डीसीपी ड्रांस हिंडन निमीष पाटिल ने बताया कि डायल 112 की सूचना पर खोड़ा पुलिस और एसीपी इंदिरापुरम मौके पर पहुंचे। जहां तीन लोगों को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, इनमें 2 की मौत हो गई। परिजनों को घटना की जानकारी दी गई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जायेगा।
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में शराब पार्टी के दौरान एक युवक ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। ऐन मौके पर दोस्त पहुंच गया और उसने दरवाजा तोड़कर युवक का नीचे उतार लिया। लोग एकत्र हो गए, जिसके बाद युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के देर से पहुंचने पर लोगों में नाराजगी है। पहले एक नजर पूरे मामले पर मेडिकल थाना क्षेत्र में शास्त्रीनगर ए-ब्लॉक आता है। यहां किराए के मकान में कई दोस्त एक साथ रहते चले आ रहे हैं। बताया जाता है कि शुक्रवार रात एक युवक ने फांसी लगा ली। फंदे पर झूल रहे दोस्त को देखकर वहां मौजूद अन्य युवक ने शोर मचा दिया। इसके बाद आस पास के लोगों की भी भीड़ लग गई। पुलिस से पहले ही युवक को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी है। शराब पार्टी के दौरान हुई वारदात बताया जाता है कि इस मकान में पांच दोस्त रहते हैं। जिस वक्त यह वारदात हुई, उससे कुछ देर पहले तक यहां इन दोस्तों की शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद युवक अपने कमरे में गया और फांसी लगा ली। युवक की पहचान खतौली निवासी हर्ष के रूप में हुई है। लोग बोले- आए दिन होता था हंगामा लोगों के सूचना देने के करीब आधा घंटे बाद मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक लोग युवक को अस्पताल ले जाकर भर्ती करा चुके थे। लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अकसर इस मकान में हंगामा और शोर शराबा होता रहता था। शराब पार्टी तो लगभग हर रोज ही होती थी। पुलिस से पहले ही साफ किया कमरा शोर सुनकर लोग जब कमरे पर पहुंचे तो वहां की हालत बहुत खराब थी। लोगों ने पुलिस बुलाने पर जोर दिया, जिसके बाद इन युवकों ने कमरे को पूरी तरह साफ कर दिया। लोगों का कहना है कि संभवत: शराब पार्टी के दौरान ही कुछ ऐसा हुआ, जिसमें युवक ने फांसी लगा ली।
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित शॉपिंग स्क्वायर-2 में शुक्रवार रात एक रिटायर्ड एयरफोर्स कमी को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है।। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोली लगने से घायल व्यक्ति की पहचान अवधेश कुमार पाठक (60 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में घायल को इलाज के लिए मेदांता हॉस्पिटल भेजा गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना स्थल की जांच की जा रही है और मामले में विधिक कार्रवाई प्रचलित है। फिलहाल गोली लगने के कारणों और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार बार समय दिये जाने के बावजूद जवाबी हलफनामा दाखिल न करने को गंभीरता से लिया है और जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ को 23 फरवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। साथ ही पांच हजार रुपए हर्जाना लगाते हुए उन्हें जवाबी हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि हर्जाना राशि जिला समाज कल्याण अधिकारी अपने खाते से जमा करेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता ने शंभूनाथ सिंह की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि शंभू नाथ सिंह वर्ष 2015 में जिला समाज कल्याण अधिकारी, (विकास ) मऊ के पद से सेवा निवृत हुए। सेवा निवृत होने के बाद मिलने वाले परिलाभो का भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2020 में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने का कई अवसर दिया, फिर भी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में शुक्रवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक महिला होटल से चीखते हुए भाग निकली। उसके पीछे 3 युवक और एक अन्य युवती दौड़े। उन्होंने महिला को पकड़ लिया और फिर उसे घसीटते हुए होटल में ले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त कराया।महिला हिमाचल प्रदेश की है। मामला होटल संचालक से लेन-देन का बताया जा रहा है। पुलिस जांच कर कार्रवाई की तैयारी में है।मामला थाना एत्माद्दौला क्षेत्र अंतर्गत रामबाग स्थित एक होटल का है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को होटल में एक महिला बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इसी बीच महिला चीखते-चिल्लाते हुए होटल से बाहर की ओर दौड़ी। वह सड़क की ओर दौड़ रही थी। 3 युवक-एक युवती ने महिला को खींचातभी होटल के अंदर से ही 3 अन्य युवक और एक युवती भी महिला के पीछे दौड़ते नजर आए। कुछ दूर पर ही इन चारों ने मिलकर महिला को दबोच लिया। महिला ने भागने की कोशिश की लेकिन इन्होंने उसे जकड़ लिया। वह जमीन पर लेट गई। वह मदद के लिए बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रही थी।मगर, चारों ने उसे पकड़ लिया और बाल पकड़कर सड़क पर उसे घसीटने लगे। वह उसे खींचकर होटल के अंदर ले गए। बताया जा रहा है कि महिला ने होटल के शीशे को तोड़ दिया। 112 नंबर दी सूचनाशोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसी बीच किसी ने 112 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दे दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त कराया और उसे खींचकर ले जाने वालों को पकड़ लिया। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास के अनुसार, मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना की रहने वाली महिला टूंडला क्षेत्र में रहती है। उसके तीन बच्चे हैं। महिला का पति से विवाद चल रहा है। बच्चे ऊना में ही रहते हैं। महिला एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है। पिछले दिनों एत्माद्दौला निवासी होटल संचालक से उसकी दोस्ती हो गई। होटल संचालक का भी अपनी पत्नी से विवाद चल रहा है। महिला ने पुलिस को बताया-उसने युवक को कुछ रुपये दिए थे। वह रुपये लेने के लिए होटल में आई थी। इसी बीच विवाद हो गया।
महीने में दो शनिवार को उच्च न्यायालय खोलने के प्रस्ताव का इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में बार एसोसिएशन की ओर से अवध बार एसोसिएशन, इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच सहित देश भर की हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों और क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिशनर एसोसिएशन, एडवोकेट एसोसिएशन को पत्र भेजकर एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया गया है। पत्र में कहा गया है कि यह प्रस्ताव देखने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इससे न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होगी और अधिवक्ताओं, न्यायिक बिरादरी व न्यायालय कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पाण्डे बबुआ, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा और संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय के संयुक्त रूप से कहना है कि हाईकोर्ट सप्ताह में पहले ही पांच दिन सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक कार्य करता है, जबकि अधिवक्ताओं का कार्य इससे कहीं अधिक समय लेता है। सुबह का समय मामलों की तैयारी में और शाम का समय नए मामलों या अगले दिन सूचीबद्ध मामलों को लिखवाने में व्यतीत होता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जटिल और व्यापक तैयारी वाले मामलों पर अक्सर शनिवार और रविवार को ही गहन अध्ययन किया जाता है। अधिवक्ता इन्हीं दिनों विधिक पत्रिकाओं का अध्ययन कर अपने पेशेवर ज्ञान को अद्यतन करते हैं। ऐसे में महीने में दो शनिवार को अदालतें खुलने से कानूनी सहायता की गुणवत्ता और मुवक्किलों के प्रति अधिवक्ताओं के दायित्वों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव ने इस प्रस्ताव को कॉरपोरेट सोच से प्रेरित बताते हुए कहा कि अधिक कार्य घंटे का अर्थ बेहतर न्याय नहीं होता। प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण न्याय के लिए तनावमुक्त वातावरण आवश्यक है। यह जानकारी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी की ओर से दी गई।
आजमगढ़ में DIOS कार्यालय के बाबू पर मुकदमा:हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
आजमगढ़ जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक की तैयारी पर शहर कोतवाली में हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के मामले में ऑफिस के बाबू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पूर्व कार्यालय के बाबू दिनेश कुमार मौर्य को निलंबित भी किया जा चुका है। बाबू दिनेश कुमार मौर्य पर आरोप है कि निसार अहमद और उत्तर प्रदेश राज्य पांच अन्य में पारित आदेश का न तो संज्ञान लिया गया और ना ही न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल करने की कार्रवाई की गई। जिस कारण न्यायालय ने आदेश की अहेलना मानी गई। ऐसे में न्यायालय ने आरोपी लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। यह पूरा मामला आजमगढ़ के शिब्ली कॉलेज से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जिसको लेकर मामला कोर्ट में चल रहा है। इसी मामले में लापरवाही को लेकर कोर्ट ने आरोपी लिपिक के विरोध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। जिले के शिब्ली कॉलेज का मामला लंबे समय से सुर्खियों में है। DIOS ने दी तहरीरआजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस मामले की तहरीर कोतवाली में दी थी। जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
मथुरा में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत:ड्यूटी कर लौट रहे थे घर,अज्ञात वाहन ने मारी बाइक में टक्कर
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र में ड्यूटी कर लौट रहे बाइक सवार 3 युवकों मे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। पानीगांव रोड पर राधारानी मंदिर के समीप हुए इस भीषण सड़क हादसा में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अक्षय पात्र में करते थे काम मथुरा के गांव ऊदलगढ़ी निवासी देवेश और भोला अपने एक अन्य साथी के साथ वृंदावन में मिड डे मील सप्लाई करने वाली संस्था अक्षयपात्र में ड्यूटी करते थे। शुक्रवार की देर रात तीनों युवक ड्यूटी करने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे पानीगांव रोड पर राधारानी मंदिर के पास पहुंचे, एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देवेश, भोला और उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस पहुंची मौके पर हादसे की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों घायल युवक को तुरंत उपचार के लिए जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने 2 युवक देवेश और भोला उम्र करीब 25 वर्ष को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल साथी की हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में पसरा सन्नाटा हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। एक ही गांव के दो युवकों की मौत से थाना मांट क्षेत्र के ऊदल गढ़ी गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस फिलहाल टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि पुलिस हादसे को अंजाम देने वाले वाहन की तलाश कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस अधिकारी नियमित रूप से न्यायाधीशों, विशेष रूप से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों (सीजेएम) पर विशिष्ट आदेश पारित करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने राज्य के वकील से कहा कि न्यायालय उत्तर प्रदेश को पुलिस राज्य बनने की अनुमति नहीं दे सकता। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां की। अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित होकर यह समझाने के लिए कहा गया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों के पैरों में गोली मारने की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है । अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान, न्यायालय ने पाया कि पुलिस अधिकारी, विशेष रूप से सेवा में नए शामिल हुए अधिकारी, न्यायाधीशों पर दबाव डाल रहे थे, खासकर जिला न्यायालयों में। “ हर जिले में कानून का पालन नहीं हो रहा है। मुझे एक भी ऐसा मामला नहीं मिला जहां कानून या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन किया गया हो। कई बार यह जिला पुलिस प्रमुख और न्यायिक अधिकारी के बीच विवाद का कारण बन जाता है। जब भी न्यायिक अधिकारी या मुख्य न्यायिक अधिकारी किसी जिले की किसी घटना के बारे में पूछते हैं कि आप निर्देशों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं, तो पुलिस अधीक्षक (एसपी) और न्यायिक अधिकारी के बीच कहा-सुनी शुरू हो जाती है। यह एक आम बात हो गई है कि एसपी किसी विशेष आदेश के लिए न्यायिक अधिकारी पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं ,” न्यायालय ने कहा। यह एक नियमित प्रक्रिया बन गई है कि पुलिस अधीक्षक किसी विशेष आदेश के लिए न्यायिक अधिकारी पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं। न्यायमूर्ति देशवाल ने यह भी खुलासा किया कि इस खींचतान को रोकने के लिए एक मुख्य न्यायिक न्यायाधीश का तबादला करना पड़ा। हालांकि, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि पुलिस की यह मनमानी किसी एक जिले तक सीमित नहीं थी। कोर्ट ने कहा “यह किसी विशेष जिले का मामला नहीं है। अधिकांश जिलों में, मुझे जिला न्यायाधीशों से यह जानकारी मिली है कि विशेष रूप से युवा पुलिस अधिकारी, आईपीएस अधिकारी होने के नाते, न्यायिक अधिकारियों पर दबाव डालना शुरू कर देते हैं। यदि वे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे जिला न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर कर सकते हैं या आदेश को चुनौती दे सकते हैं।” अदालत ने यह भी कहा कि उसे बार एसोसिएशन के नेताओं से इस बारे में जानकारी मिली है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कभी-कभी अदालत कक्ष में प्रवेश करते हैं और न्यायिक अधिकारी पर दबाव डालते हैं। न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के बीच आपसी सम्मान होना चाहिए, अन्यथा आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। न्यायालय ने आगे कहा कि एक पुलिस अधिकारी को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह न्यायिक अधिकारी से श्रेष्ठ है। न्यायालय ने जोर देते हुए कहा, एक बार जब कोई न्यायिक अधिकारी मंच पर बैठ जाता है, तो चाहे वह कनिष्ठ मंडल अधिकारी ही क्यों न हो, वह अपने सामने बैठे सभी व्यक्तियों से ऊपर होता है। डीजीपी ने अदालत को आश्वासन दिया कि यदि प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया है तो उचित प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के बीच अहंकार का टकराव किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करेगा। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि दंड देने की शक्ति न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में है, न कि पुलिस के पास। डीजीपी कृष्णा ने इस बात पर सहमति जताई कि पुलिस को कानून की सीमाओं के भीतर रहकर काम करना चाहिए।
प्रयागराज के कीडगंज, मधवापुर मोहल्ले में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब किराये के कमरे में रहने वाली एक प्रतियोगी छात्रा का शव फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और जांच शुरू की। मीरजापुर की रहने वाली थी छात्रा मृतका की पहचान मीरजापुर जनपद के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत घूरहू पट्टी गांव निवासी श्यामलाल कौशल की 28 वर्षीय पुत्री प्रतिमा कौशल के रूप में हुई है। प्रतिमा प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। मधवापुर में किराये के कमरे में रहती थी प्रतिमा मधवापुर मोहल्ले में एक मकान में किराये का कमरा लेकर रहती थी। वह पढ़ाई में काफी गंभीर बताई जा रही थी और लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। पिछले वर्ष पास की थी आईआईटी परीक्षा जानकारी के मुताबिक प्रतिमा ने पिछले वर्ष आईआईटी की परीक्षा भी पास की थी। इसके बाद वह आगे की परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। फोन नहीं उठाया तो सहेलियों को हुआ शक पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब आठ बजे बगल में रहने वाली उसकी सहेलियों ने उसे फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कई बार कॉल करने के बाद भी जब संपर्क नहीं हो सका तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा अंदर से बंद मिला सहेलियां जब उसके कमरे पर पहुंचीं तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद मकान मालिक को पूरी बात बताई गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा अंदर का मंजर मकान मालिक की सूचना पर कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा। अंदर प्रतिमा का शव फंदे से लटकता मिला, जिसे पुलिस ने नीचे उतरवाया। कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। छात्रा की सहेलियां भी आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं कर सकीं। परिजनों को दी गई सूचना कीडगंज थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच और थाटीपुर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक हथियार तस्कर को पकड़ा है। उसके पास से एक पिस्टल और एक जिंदा राउंड बरामद की गई है। पूछताछ में पता चला कि उसने 30 मिनट पहले ही एक नाबालिग को 12 हजार रुपए में रिवॉल्वर बेची थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर नाबालिग को रिवॉल्वर के साथ हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है। पुलिस हथियार तस्कर से यह भी पता लगा रही है कि वह हथियार कहां से खरीदकर लाया था, वहीं नाबालिग से पूछताछ कर रही है कि उसने रिवॉल्वर क्यों खरीदी थी। ग्वालियर क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक हथियार तस्कर मरघट रोड, नदीपार टाल, थाटीपुर इलाके में हथियार की तस्करी करने के लिए आया है। इस सूचना से तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में क्राइम ब्रांच और थाटीपुर थाना पुलिस ने सूचना के आधार पर इलाके में हथियार तस्कर की घेराबंदी के प्रयास शुरू किए। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी एवं डीएसपी अपराध नागेंद्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी थाटीपुर विपेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी अपराध अमित शर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर एक युवक बाउंड्री वॉल की ओट में छिपने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 23 वर्षीय अभिषेक पुत्र रमाकांत उचारिया, निवासी न्यू सुरेश नगर, थाटीपुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा राउंड बरामद किया गया। अवैध हथियार के संबंध में गहन पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह हथियारों की खरीद-फरोख्त करता है। कुछ देर पहले ही नाबालिग को बेची थी रिवॉल्वर जब गहराई से पूछताछ की गई तो पता चला कि अभिषेक ने हाल ही में एक रिवॉल्वर 12 हजार रुपए में नदी पार टाल पर एक 17 साल के लड़के को बेची है। यह पता चलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और पता लगाया कि वह नाबालिग कहां बैठा है। तत्काल पुलिस ने उसे भी हिरासत में लिया और उसके पास से रिवॉल्वर बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह ने बताया- दो लोग अवैध हथियार के साथ पकड़े गए हैं। इनमें एक नाबािलग है, जिसने हथियार तस्कर से रिवॉल्वर खरीदी है। फिलहाल पिस्टल के साथ पकड़े गए तस्कर से पूछताछ की जा रही है।
मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे मेडिकल सीट हासिल करने वाले दो डॉक्टरों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। दोनों ही मामलों में डॉक्टरों ने खुद को मध्यप्रदेश का मूल निवासी बताकर राज्य कोटे का लाभ लिया था। अदालत ने साफ कहा कि यह अपराध केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि योग्य छात्रों का हक छीनना है। फर्जीवाड़ा करने वाला डॉ. सीताराम शर्मा जाएगा जेल30 जनवरी 2026 को भोपाल की 23वीं अपर सत्र न्यायालय ने डॉक्टर सीताराम शर्मा को दोषी करार दिया। अदालत ने पाया कि आरोपी ने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट हासिल की थी। इस मामले में अदालत ने धारा 420, 467 और 468 के तहत 3-3 साल की सश्रम कैद और धारा 471 के तहत 2 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। सभी धाराओं में अलग-अलग 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। एडीपीओ आकिल खान ने बताया कि शासन की ओर से एसटीएफ भोपाल के विशेष लोक अभियोजक आकिल खान और सुधाविजय सिंह भदौरिया ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। उत्तर प्रदेश का निवासी, दिखाया खुद को एमपी काजांच में सामने आया कि सीताराम शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इसके बावजूद उसने मुरैना जिले की अंबाह तहसील से जारी दिखाया गया फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र तैयार कराया और उसी के आधार पर पीएमटी परीक्षा के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया। जब प्रमाण पत्र की जांच कराई गई तो वह तहसील रिकॉर्ड में पाया ही नहीं गया। इसके बाद एसटीएफ ने मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। वर्तमान में आरोपी जिला भिंड के एक शासकीय अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ था। कोर्ट की सख्त टिप्पणीअदालत ने फैसले में कहा कि एक सरकारी डॉक्टर द्वारा किया गया यह अपराध बेहद गंभीर है। फर्जी दस्तावेजों से मेडिकल सीट लेने का मतलब है कि किसी योग्य छात्र से उसका हक छीना गया। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न करे। तीन दिन पहले भी मिला था ऐसा ही फैसलाइससे ठीक तीन दिन पहले, 27 जनवरी 2026 को भोपाल की इसी अदालत ने एक अन्य डॉक्टर सुनील सोनकर को भी फर्जी डोमिसाइल के मामले में दोषी ठहराया था। आरोपी ने वर्ष 2010 में पीएमटी परीक्षा पास करने के बाद खुद को मध्यप्रदेश का निवासी बताकर गांधी मेडिकल कॉलेज में सरकारी सीट हासिल की थी। बाद में शिकायत व्यापम और एसटीएफ तक पहुंची। जांच में पाया गया कि सुनील सोनकर का मूल निवासी प्रमाण पत्र फर्जी था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी था, लेकिन सरकारी लाभ लेने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर की गई थी। 15 साल बाद आया इंसाफडॉ. सुनील सोनकर के मामले में 15 साल लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। उसे भी धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराते हुए अधिकतम 3 साल की सश्रम कैद और जुर्माने की सजा दी गई। विशेष लोक अभियोजक आकिल खान ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए मेडिकल सीट लेना न केवल कानून अपराध है, बल्कि इससे सिस्टम पर लोगों का भरोसा भी टूटता है। अदालत के इन फैसलों से साफ संदेश गया है कि चाहे डॉक्टर हो या कोई और, फर्जीवाड़ा करने वालों को सजा जरूर मिलेगी।
दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई बैठक के बाद एमपी कांग्रेस में ताबड़तोड़ नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है। जीतू पटवारी के निर्देश पर एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति की है। 14 प्रकोष्ठों के प्रमुखों की नियुक्तिकांग्रेस ने 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, संयोजक और समन्वयकों की नियुक्ति की है। अलग-अलग जातियों को साधने के लिए बंगाली समाज, बंजारा समाज, तैलिक साहू राठौर समाज, सर्व विश्वकर्मा समाज, स्वर्णकला, कोली/कोरी समाज, रजक समाज के नेताओं को समन्वयक संयोजक बनाया है। 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति छिंदवाड़ा की जिला कार्यकारिणी में 73 महामंत्री बनाएपूर्व सीएम कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी(DCC) में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में कुल 258 नेताओं की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2कोषाध्यक्ष-1कार्यालय मंत्री- 2प्रवक्ता- 1मीडिया प्रभारी- 1सोशल मीडिया प्रभारीउपाध्यक्ष- 33 महामंत्री-73सचिव- 70सहसचिव- 3आमंत्रित सदस्य- 62विशेष आमंत्रित- 9कुल पदाधिकारी - 258 सागर में 23 जिला महामंत्री बनाएउपाध्यक्ष-8महामंत्री- 23सचिव- 21कार्यकारिणी सदस्य- 8संरक्षक सदस्य- 11विशेष आमंत्रित सदस्य- 42प्रवक्ता-2 स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23स्थाई कार्यालय मंत्री-1सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 निर्वाचन प्रभारी -1 मऊगंज जिला कांग्रेस की टीम में 23 महामंत्री बनाएउपाध्यक्ष-7महामंत्री- 23सचिव- 28कोषाध्यक्ष- 1
आजकल किडनी स्टोन, प्रोस्टेट बढ़ना (BPH), पेशाब में जलन या खून आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन और ब्लैडर-किडनी कैंसर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम पानी पीना, जंक फूड, धूम्रपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और पेशाब रोकना इसके मुख्य कारण हैं। इनसे बचने के लिए रोज 3-4 लीटर पानी पिएं, नियमित व्यायाम करें, नमक और तले-भुने भोजन से बचें और 40 वर्ष की उम्र के बाद सालाना जांच जरूर कराएं। ये बातें इंदौर में आयोजित यूरोलॉजी की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस USICON-2026 के दूसरे दिन देश-विदेश से आए एक्सपर्ट्स ने अपने जागरूकता संदेश में कहीं हैं। उन्होंने चेताया कि पेशाब में दर्द, रुकावट, खून, कमर दर्द या रात में बार-बार उठना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर बीमारी को न्योता दे सकता है। कम दिनों तक भर्ती और जल्दी रिकवरी हो फोकसऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा- USICON को सिर्फ एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस के रूप में नहीं, बल्कि हेल्थ मिशन के रूप में डिजाइन किया है। यहां दिखाई जा रही रोबोटिक और लेजर तकनीकें मरीजों के लिए वरदान हैं। कम दर्द, कम खून, कम दिनों तक अस्पताल में भर्ती और जल्दी रिकवरी हो, यह खास फोकस है। इंदौर इलाज के लिए भी देश की पहली पसंद बने। ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने कहा डॉक्टरों का यह आयोजन समाज से जुड़ा हुआ दिखे इसलिए साइक्लोथॉन, मैराथन और हेरिटेज वॉक जैसे कार्यक्रम रखे गए। स्वस्थ जीवनशैली ही हर बीमारी की पहली दवा है। अगर लोग फिट रहेंगे तो अस्पतालों की जरूरत ही कम पड़ेगी। बड़े स्तर की लाइव सर्जरी गर्व की बात ऑर्गनाइजिंग कमेटी के ट्रेजरर डॉ. नीतीश पाटीदार ने बताया 70 से ज्यादा इंटरनेशनल फैकल्टी और इतने बड़े स्तर की लाइव सर्जरी इंदौर में होना हमारे लिए गर्व की बात है। यह आयोजन शहर की क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल एक्सीलेंस को दुनिया के सामने दिखा रहा है। इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. रवि नागर ने कहा कि हर सेशन को प्रैक्टिकल बनाया है ताकि डॉक्टर सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि देखकर और समझकर सीखें। यहां सीखी गई तकनीकें छोटे शहरों और गांवों तक बेहतर इलाज पहुंचाने में मदद करेंगी। हमारा लक्ष्य मरीज की जिंदगी आसान बनाना है। सही इलाज से बीमारियां हो सकती हैं पूरी तरह ठीक को-ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने लोग अक्सर यूरोलॉजी की समस्याओं को शर्म या लापरवाही में छिपा लेते हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। समय पर जांच और सही विशेषज्ञ से इलाज कराने पर ज्यादातर बीमारियां पूरी तरह ठीक हो सकती हैं। जागरूकता ही असली इलाज है और USICON इसी जागरूकता को बढ़ाने का मंच बन रहा है। सर्जरी की नई तकनीकों का किया प्रदर्शन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और देश के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट्स ने दिनभर रोबोटिक, लेजर और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की नई तकनीकों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत योग सत्र से हुई। इसके बाद सेमी-लाइव सर्जिकल सेशन, इंटरनेशनल सोसाइटी लेक्चर, यूरो-ऑन्कोलॉजी केस डिस्कशन, एंडो-यूरोलॉजी अपडेट्स और विश्वस्तरीय विशेषज्ञों द्वारा लाइव सर्जरी का सीधा प्रसारण किया गया। अलग-अलग हॉल में एक साथ कई सत्र चलते रहे, जहां युवा डॉक्टरों ने ऑपरेशन थिएटर की बारीकियां बड़े स्क्रीन पर रियल टाइम में देखीं और सीखी। पूरा दिन ‘देखो–समझो–सीखो’ थीम पर केंद्रित रहा। दोपहर बाद मेहमानों के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश से आए डॉक्टरों ने राजबाड़ा, सराफा और पुराने इंदौर की गलियों के इतिहास को जाना। आयोजकों का कहना है कि मेहमान यहां से केवल मेडिकल ज्ञान ही नहीं, बल्कि इंदौर की संस्कृति, स्वाद और आत्मीयता की यादें भी साथ लेकर जाएं। इससे पहले सुबह 6 बजे सुपर कॉरिडोर पर सैकड़ों डॉक्टर, सर्जन और युवा रेजिडेंट्स साइक्लोथॉन में शामिल हुए। सफेद कोट की जगह स्पोर्ट्स गियर में ये एक्सपर्ट्स साइकिल चलाते हुए फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल का संदेश देते नजर आए। “डॉक्टर फिट तो देश फिट” का नारा पूरे रास्ते गूंजता रहा। 1 फरवरी को ‘पास द बैटन ऑफ लाइफ’ थीम पर होने वाली मैराथन को लेकर भी प्रतिभागियों में खासा उत्साह है, जो ऑर्गन डोनेशन और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देगी।
मिर्जापुर के डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल के दो प्रतिभाशाली स्काउट्स कुबेर गुप्ता और रुद्रांश जायसवाल का चयन राज्य पुरस्कार के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से विद्यालय और जनपद का नाम गौरवान्वित हुआ है। प्रादेशिक मुख्यालय भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, लखनऊ के तत्वावधान में अप्रैल 2025 में जनपद सोनभद्र के श्रीरामकेश सिंह इंटर कॉलेज, पुरना घोरावल में पांच दिवसीय राज्य पुरस्कार जांच शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में दोनों स्काउट्स ने अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। टीमवर्क और सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता शिविर के दौरान विभिन्न शारीरिक, बौद्धिक एवं सामाजिक सेवा से संबंधित परीक्षणों के माध्यम से प्रतिभागियों की योग्यता का मूल्यांकन किया गया। कुबेर गुप्ता और रुद्रांश जायसवाल ने सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह सफलता डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर सीबीएसई स्काउट कृष्ण मोहन शुक्ला और राष्ट्रपति पुरस्कृत स्काउट शिक्षक संजय कुमार के कुशल मार्गदर्शन में प्राप्त हुई है। प्रशिक्षकों ने बताया कि दोनों स्काउट्स ने शिविर के दौरान अनुकरणीय अनुशासन, टीमवर्क और सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अनुशासन और राष्ट्रभक्ति में प्रतिबद्धता का प्रमाण राज्य पुरस्कार के लिए चयनित इन दोनों स्काउट्स को शीघ्र ही राज्यपाल द्वारा राज्यपाल भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान स्काउट्स आंदोलन के सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस उपलब्धि पर विद्यालय के डायरेक्टर अमरदीप सिंह एवं अपराजिता सिंह ने दोनों विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्काउट्स के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मनिर्भरता का विकास होता है।
बहराइच जिले के रूपईडीहा इलाके में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में नेपाली दंपती की मौत हो गई। बाबागंज-मल्हीपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार निजी बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। नेपाल के बांके जिले के रहने वाले 35 वर्षीय बुद्धु अपनी 28 वर्षीय पत्नी सरस्वती के साथ भारतीय क्षेत्र के रामनगर गुलरिहा में अपने रिश्तेदार के घर आ रहे थे। जामोग के पास पहुंचने पर उनकी बाइक को एक निजी बस ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने रूपईडीहा पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस की मदद से उन्हें चरदा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सक अरविंद ने बुद्धु को मृत घोषित कर दिया और सरस्वती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। थाना प्रभारी रूपईडीहा रमेश रावत ने बताया कि सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
मेरठ के टीपीनगर में युवती द्वारा सुसाइड किए जाने की सूचना पर पुलिस दौड़ पड़ी। खुद सीओ ब्रह्मपुरी ने पहुंचकर जांच की। बाद में पता चला कि युवती बीमार चल रही थी, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवती का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। फोरेंसिक टीम ने घर से कुछ साक्ष्य जुटाते हुए जांच शुरु की है। पहले जानते हैं पूरा मामला शुक्रवार शाम टीपीनगर पुलिस को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि नई बस्ती में एक युवती ने प्रेम प्रसंग के चलते सुसाइड कर लिया है। इस सूचना ने पुलिस के होश उड़ा दिए। आनन फानन में एसएचओ टीपीनगर अरुण मिश्रा और फिर सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना मौके पर पहुंच गए और बात की। पता चला कि युवती लंबे समय से बीमार चल रही थी। इसी के चलते उसका सुबह ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। काफी समय से बीमार थी पूजा युवती का नाम पूजा बताया जा रहा है जो एक किताब की फैक्ट्री में काम करती थी। पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रही थी। जिस कारण फैक्ट्री भी नहीं जा पा रही थी। पूछताछ में भाई अर्जुन ने बताया कि बीमार होने के कारण वह छुट्टी पर थी और घर पर ही उपचार चल रहा था। शुक्रवार सुबह वह टॉयलेट से निकलते समय बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चार भाई-बहन में तीसरे नंबर की थी पूजा एसएचओ टीपीनगर अरुण मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने छानबीन की है। किसी के द्वारा भी कुछ भी ऐसा नहीं बताया गया है जो कॉलर ने बताया था। पूजा चार भाई-बहन थे। पूजा तीसरे नंबर की थी। इसके अलावा परिवार में लक्ष्मी, अरुण व अर्जुन हैं। पुलिस से पहले ही कर दिया अंतिम संस्कारशाम के समय पुलिस के पास फोन आया था। पुलिस उस घर को ढूंढते हुए पहुंची और परिवार से बात की। पता चला कि सुबह ही पूजा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उन्होंने प्रेम प्रसंग जैसी बात से साफ इंकार किया। सीओ ने शक के आधार पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाकर जांच कराई है।
अरुणाचल: भारतीय सेना और आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’, युद्ध तैयारियों को मिली मजबूती
भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में चार दिवसीय संयुक्त फायरिंग अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ के दूसरे चरण (फेज-II) का सफल आयोजन किया
राजस्थान: रणथम्भौर सफारी में मोबाइल फोन बैन, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वन विभाग का फैसला
राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
कर्नाटक: मैसूरु में एनसीबी का बड़ा एक्शन, ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कर्नाटक के मैसूरु में एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट और एक गुप्त ड्रग निर्माण लैब का भंडाफोड़ किया है। एनसीबी ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी।
बिहार: दरभंगा में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी
बिहार के दरभंगा जिले में बड़ी संख्या में कौवों की मौत के बाद एवियन इन्फ्लुएंजा (एच1एन1) की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है
लखनऊ हाईकोर्ट ने पीजीआई थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने पर नाराजगी जाहिर की। न्यायालय ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के समय यह पाया कि थाने की फुटेज नहीं मिल पाई है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। यह मामला न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ के समक्ष विवेक सिंह के पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विवेक सिंह को 7 नवंबर 2025 को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज से हिरासत की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पीजीआई थाने ने नहीं दी सीसीटीवी फुटेज पुलिस आयुक्त ने अपने व्यक्तिगत शपथपत्र में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने का कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया। इस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। बैक-अप की कोई व्यवस्था क्यों नहीं न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, थानों में सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आयुक्त के शपथपत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सीसीटीवी सिस्टम कब से काम करना बंद कर दिया था और बैक-अप की कोई व्यवस्था क्यों नहीं थी।
कला स्रोत आर्ट गैलरी, अलीगंज में तीन दिवसीय सोलो आर्ट एग्ज़िबिशन 'अनुभूति' शुरू हो गई है। प्रसिद्ध कलाकार शिखा पांडे की इस प्रदर्शनी का विषय 'रंग, रूह और कहानियाँ' रखा गया है। इसमें शिखा की जीवन यात्रा, भावनाएं और अनुभव कैनवास पर जीवंत हुए हैं। शिखा पांडे ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले तीन दिनों तक चलेगी, जो सुबह 11:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी उनके जीवन की यात्रा को दर्शाती है, जिसमें मानवीय भावनाओं और विभिन्न अनुभवों को पेंटिंग्स के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। सपनों और आत्मविश्वास को बारीकी से उकेरा गया प्रदर्शनी में 'नंदी सीरीज' विशेष आकर्षण का केंद्र है, जिसमें 12 ज्योतिर्लिंगों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाया गया है। इसके साथ ही, 'आदित्य नारी शक्ति' विषय पर आधारित महिला सशक्तिकरण की पेंटिंग्स में महिलाओं के संघर्ष,कठिनाइयों, सपनों और आत्मविश्वास को बारीकी से उकेरा गया है।ये कलाकृतियाँ आज की महिलाओं को बेहतर भविष्य का सपना देखते हुए, हिम्मत के साथ चुनौतियों का सामना करते हुए दिखाती हैं। दर्शकों को काशी विश्वनाथ और बनारस के घाटों से जुड़ी पेंटिंग्स भी खूब आकर्षित कर रही हैं। शिखा पांडे ने बताया कि तीन साल पहले काशी यात्रा के दौरान गंगा किनारे की शांति और घाटों की भव्यता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था। उसी अनुभव और वहाँ खींची गई तस्वीरों के आधार पर उन्होंने 'बनारस घाट सीरीज' तैयार की,जिसमें उनका निजी अनुभव स्पष्ट रूप से झलकता है। जीवन के अनुभवों को पेंटिंग्स में बेहद खूबसूरती से दर्शाया शिखा ने बताया कि वे यह काम अपने जुनून के लिए करती हैं। प्रदर्शनी में पेंटिंग्स की कीमत 18 हजार रुपये से शुरू होकर 60 हजार रुपये तक रखी गई है। इस अवसर पर दिल्ली से आईं कलाकार निकिता जैन ने प्रदर्शनी की सराहना की।उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में एक आर्ट एकेडमी चलाती हैं और लंबे समय से शिखा के साथ पेंटिंग कर रही हैं। निकिता ने कहा कि शिखा ने अपनी भावनाओं और जीवन के अनुभवों को पेंटिंग्स में बेहद खूबसूरती से दर्शाया है। प्रदर्शनी में तीन से चार अलग-अलग सीरीज की पेंटिंग्स हैं।
मेरठ में कपसाड़ कांड के मुख्य आरोपी पारस सोम को जुबेनाइल घोषित कराने को लेकर एक याचिका दायर की गई है। कल इस याचिका पर पुन: सुनवाई होगी। दरअसल, कोर्ट ने याचिका दाखिल होने के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ ही इस मुकदमे के वादी को भी नोटिस जारी किए थे। शनिवार को नोटिस पाने वाले अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं। पहले जानते हैं पूरा मामला मेरठ में 8 जनवरी को सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव का पारस सोम इसी गांव की अनुसूचित जाति की रूबी को अगवा करके ले गया। जाते समय उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ता चला गया। 10 जनवरी को गिरफ्तार हुआ पारस सुनीता की मौत से गांव में तनाव बढ़ गया। एसएसपी/डीआईजी डा. विपिन ताडा ने पुलिस की 10 टीमें आरोपी की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के लिए लगा दीं। 10 जनवरी की रात पुलिस को दोनों की लोकेशन सहारनपुर में मिली। इसके बाद पुलिस ने पारस सोम को गिरफ्तार करते हुए रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। 11 जनवरी को कोर्ट ने पारस को भेजा जेल अगले दिन 11 जनवरी को कड़ी सुरक्षा में रूबी के कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। यहां से रूबी को काउंसलिंग के लिए आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। जबकि कोर्ट ने आरोपी पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तभी से पारस जेल में बंद है। रूबी को काउंसलिंग के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया। बचाव में सामने आया तीन वकीलों का पैनलकई दिन तक मामला सुर्खियों में रहा। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा ने पारस को नाबालिग करार देते हुए उसके केस को जुबेनाइल बोर्ड में ट्रांसफर कराने का ऐलान कर दिया। कुछ साक्ष्य भी एकत्र किए, जिसके अनुसार पारस की उम्र लगभग साढ़े 17 वर्ष बैठ रही थी। दायर याचिका पर शनिवार को सुनवाईतीनों अधिवक्ताओं ने पारस की तरफ से याचिका दायर करने का ऐलान किया। एससी-एसटी कोर्ट में याचिका डाली गई जो स्वीकार कर ली गई। 22 तारीख को नोटिस जारी किए गए। अब शनिवार की तिथि इस पर सुनवाई के लिए निर्धारित है। अधिवक्ताओं की मानें तो प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है। नोटिस पर शुरु होगी कार्रवाई पारस के अधिवक्ता संजीव राणा ने बताया कि उन्होंने पारस की उम्र से जुड़े कुछ साक्ष्य याचिका के साथ जमा कराए थे। वह साक्ष्य पारस के स्कूल से जुड़े हैं। कोर्ट ने स्कूल संचालक अथवा प्रधानाचार्य और इस केस के वादी को नोटिस जारी किया था। शनिवार को इन नोटिस का जवाब ही दाखिल किया जाएगा।
बिजनौर में कारोबारी पर बहू से दुष्कर्म का आरोप:विरोध करने पर मारपीट, पति और ससुर समेत 4 पर केस दर्ज
बिजनौर शहर के एक बड़े कारोबारी पर अपनी पुत्रवधू से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने ससुर, पति, जेठ और सास समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली निवासी महिला ने शहर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसने करीब 11 साल पहले अपनी बेटी का निकाह बिजनौर निवासी एक युवक से किया था। शादी के बाद उनकी बेटी के दो बच्चे हुए। आरोप है कि इसी दौरान दामाद के मेरठ निवासी एक महिला से अवैध संबंध हो गए। जब बेटी ने इसका विरोध किया, तो दामाद ने उसके साथ मारपीट की और घर से निकालने की धमकी दी। पीड़िता ने यह बात अपने ससुर को बताई। आरोप है कि ससुर ने सब कुछ जानने की बात कहते हुए अपनी संपत्ति का हवाला दिया और उसे तीसरी पत्नी के रूप में रखने तथा निकाह करने का प्रलोभन दिया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ससुर ने कथित तौर पर 13 अगस्त को पिस्टल के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि जब पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी, तो पति, जेठ और सास ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में ससुर, पति, जेठ और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के सदल्लापुर गांव में एक दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि उनके तीन बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरे परिवार ने बुधवार रात दाल-चावल खाए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह घटना ईकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र की है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती दंपति की बड़ी बेटी वैष्णवी ने पुलिस को बताया कि खाना खाने के कुछ देर बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। सुबह जब उसे होश आया, तो उसने अपने माता-पिता को जमीन पर पड़ा देखा। सबसे छोटी बेटी लाडो ने मोबाइल फोन लेकर पड़ोसी रामशंकर को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एडिशनल डीसीपी सेंट्रल जोन नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि श्रवण कुमार का शव मकान के पीछे बने कमरे में फर्श पर मिला। उनकी गर्भवती पत्नी नीलम का शव बाहर गैलरी में सीढ़ियों के पास पड़ा था। नीलम के पैरों में चप्पल होने से यह आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की थी। तीनों बच्चे कमरे के बेड पर बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण दिल्ली रेफर कर दिया गया। अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल से किसी जहरीले पदार्थ का रैपर या शीशी नहीं मिली है। उल्टी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी तक यह स्पष्ट नही हुआ है कि दंपति ने किस तरह के जहरीले पदार्थ का सेवन किया था और वह किस प्रकार का जहर था और उनके शरीर में कैसे पहुंचा इस बारे में पीएम रिपोर्ट कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सकी है। इसके कारण पुलिस ने दंपति का बिशरा सुरक्षित कर लिया है। इसके साथ ही उल्टी के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इन सभी नमूनों को गाजियाबाद लैब भेजा गया है ताकि असली तरीके से मौत की असली वजह सामने आ सके। एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने यह भी बताया की जांच में एक और हम बात सामने आई है की घटना स्थल से ना तो कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है और ना ही किसी भी तरह की कोई जहर की शीशी रैपर यह जहरीली दवा मिली है इसी कारण से पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है।पुलिस का यह भी कहना है कि आसपास किसी भी तरह का कोई सीसीटीवी नहीं होने के कारण अब यह अंदेशा लगाना बेहद कठिन हो गया है कि पूरे दिन में कौन-कौन उसे घर में आए थे और रात में क्या-क्या हुआ था इन सभी सवालों का जवाब ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उल्टी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं जिनसे असली वजह पता चल पाएगी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कोंडागांव में किसान एवं मजदूर मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कोंडागांव ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में चौटापी मैदान में आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने किसानों को धान खरीदी केंद्रों में हो रही परेशानियों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि एग्रीटेक भौतिक सत्यापन जैसी सरकारी नीतियों के कारण ब्लॉक के हजारों किसान टोकन नहीं कटवा पाए हैं और धान बेचने से वंचित हैं। इसके अतिरिक्त, कई केंद्रों पर मानक से अधिक प्रति बोरा धान खरीदा जा रहा है। कांग्रेस ने मनरेगा जारी रखने और धान खरीदी समय बढ़ाने की मांग की कांग्रेस ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कानून को जारी रखने और किसानों के धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की। इन मांगों को लेकर आदिवासी विश्राम गृह के सामने नेशनल हाईवे 30 पर चक्काजाम किया गया। इसके बाद महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम एसडीएम कोंडागांव को एक ज्ञापन सौंपा गया। धरना और चक्काजाम के दौरान जिलाध्यक्ष रवि घोष, ब्लॉक अध्यक्ष संजय करन, शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन, महिला शहर अध्यक्ष हेमा देवांगन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गभाना के भामरौला में शुक्रवार शाम एक युवक ने अपने ममेरे भाई के सिर में गोली मार दी। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। आरोपी घटना के बाद से फरार है। यह घटना शुक्रवार शाम को हुई जब कन्हैया और उसका ममेरा भाई जयप्रकाश (निवासी दिल्ली) साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर कन्हैया ने अपनी अवैध पिस्टल से जयप्रकाश पर गोली चला दी। गोली सीधे जयप्रकाश के सिर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल जयप्रकाश को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया। पुलिस के पहुंचने के बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच पड़ताल की। सीओ गभाना धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी कन्हैया घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है। घायल जयप्रकाश पुत्र कालीचरण दिल्ली के नांगलोई का निवासी है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने सोहावल तहसील क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बिना ले-आउट नक्शा स्वीकृत कराए विकसित किए जा रहे प्लॉटों पर बुलडोजर चलाकर सड़क, बाउंड्री और डिवाइडर सहित किए गए निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई कटरौली, सोहावल चौराहा और धन्नीपुर मस्जिद के सामने स्थित क्षेत्रों में की गई, जहां भू-माफियाओं द्वारा नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से भूमि की प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से काटे गए प्लॉटों की आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल और डिवाइडर निर्माण को पूरी तरह गिरा दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि पर बिना ले-आउट नक्शा की स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी, जो अयोध्या विकास प्राधिकरण के नियमों के स्पष्ट रूप से विरुद्ध है। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता (एई) राकेश तोमर और अवर अभियंता चंदन गुप्ता मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। एडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम लोगों को भी भविष्य में गंभीर कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या जमीन की खरीद से पहले संबंधित ले-आउट नक्शा, भूमि उपयोग और प्राधिकरण की स्वीकृति की पूरी जांच अवश्य कर लें। ऐसा न करने पर खरीदारों को कानूनी विवाद, निर्माण ध्वस्तीकरण और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
झज्जर का बहु चर्चित एनकाउंटर मामले में गठित पुलिस SIT टीम की जांच के बाद पकड़े गए दोनों युवकों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने जांच में इस मामले में भूल बताया और दोनों युवकों को कोर्ट के निर्देश पर रिहा कर दिया है। दोनों को पुलिस ने 15 जनवरी की रात को हिरासत में लिया था।राज्य बनाम नितिश आदि मामले में अदालत ने बड़ी राहत देते हुए नितिश उर्फ काले और रोहित को हिरासत से रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश पुलिस द्वारा दाखिल उस आवेदन के आधार पर पारित किया गया, जिसमें पूरे घटनाक्रम को तथ्य की भूल (Mistake of Fact) बताया गया था। SIT जांच के बाद पुलिस ने बताया भूल मामले में एफआईआर संख्या 11, दिनांक 16 जनवरी 2026 को थाना बेरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। बाद में मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि पूरा घटनाक्रम भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 14 व 17 के अंतर्गत तथ्य की भूल का मामला है। FIR को दूसरे मामले में किया गया मर्ज एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह घटना किसी भी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में नहीं आती और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित घटना को एक ही जुड़े हुए मामले के रूप में देखा जाना चाहिए। जिसके चलते वर्तमान एफआईआर को पुलिस स्टेशन सिटी झज्जर के केस नंबर 10/2026 में मर्ज कर दिया गया। आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले ठोस सबूत अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और दलीलों पर विचार करने के बाद कहा कि जब आरोपियों के खिलाफ कोई सामग्री सामने नहीं आई है और डिस्चार्ज रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है, तो मामले को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने नितिश उर्फ काले और रोहित को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए, बशर्ते वे किसी अन्य मामले में वांछित न हों। कोर्ट आदेश पर जेल से किए रिहा हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आरोपियों के खिलाफ कोई नया साक्ष्य सामने आता है, तो पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार रहेगा। आदेश की प्रति जिला जेल अधीक्षक, झज्जर को भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं कोर्ट आदेश की कॉपी मिलने के बाद दोनों युवकों को जेल से शुक्रवार देर शाम 8 बजकर 10 मिनट पर रिहा कर दिया गया।
पीलीभीत के पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ और कटान की समस्या का स्थायी समाधान जल्द होने की उम्मीद है। भाजपा विधायक बाबूराम पासवान ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बाढ़ बचाव परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया। विधायक पासवान ने मुख्यमंत्री को बताया कि शारदा नदी के किनारे स्थित पूरनपुर विधानसभा भौगोलिक रूप से जिले की सबसे संवेदनशील विधानसभाओं में से एक है। हर साल बारिश में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांव जलमग्न हो जाते हैं और बड़ी कृषि भूमि कटान का शिकार हो जाती है। विधायक ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को भी मांग पत्र सौंपा। इसमें शारदा नदी के तटवर्ती संवेदनशील गांवों में नए तटबंधों के निर्माण, क्षतिग्रस्त ठोकरों और स्टड की मरम्मत, तथा नदी की धारा को आबादी से दूर मोड़ने के लिए ड्रेजिंग कार्य की स्वीकृति मांगी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरनपुर क्षेत्र की समस्या को गंभीरता से सुना। उन्होंने विधायक को आश्वासन दिया कि जनहित से जुड़ी इन परियोजनाओं के लिए धनराशि की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाएगी। विधायक पासवान ने मुख्यमंत्री योगी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान सरकार 'अंत्योदय' के संकल्प के साथ हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा शुक्रवार को देर शाम दरभंगा पहुंचे। दरभंगा पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की छोटी पत्नी एवं दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुंदरी साहिबा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपमुख्यमंत्री रामबाग स्थित युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत महारानी के तैलचित्र पर फूल-माला अर्पित कर पुष्पांजलि दी और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। करीब 45 मिनट तक उपमुख्यमंत्री ने युवराज कपिलेश्वर सिंह एवं उनके बड़े भाई राजेश्वर सिंह से बातचीत की। इस दौरान दोनों युवराजों ने दरभंगा महाराज और उनकी विरासत पर लिखी गई पुस्तक उपमुख्यमंत्री को भेंट की।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री ने दरभंगा में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया। दरभंगा के इतिहास और विरासत पर आधारित पुस्तक उपमुख्यमंत्री को भेंट की युवराज कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि उपमुख्यमंत्री उनके आवास पहुंचे और दादी मां को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दरभंगा महाराज का योगदान न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उपमुख्यमंत्री ने दादी मां के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने दरभंगा के इतिहास और विरासत पर आधारित पुस्तक उपमुख्यमंत्री को भेंट की। वहीं युवराज राजेश्वर सिंह ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने उनके आवास पहुंचकर दादी मां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की, इसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण और विकास ही सच्चे विकास की नींव है। दरभंगा के इतिहास पर आधारित पुस्तक उपमुख्यमंत्री को भेंट कर विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि निश्चित तौर पर मिथिला की गौरवशाली विरासत को नमन करने वे दरभंगा आए हैं। उन्होंने कहा कि विरासत ही समाज और संस्कृति की मजबूत नींव रखती है, और जिस दिन विकास विरासत के सम्मान के साथ जुड़ जाएगा, उस दिन विकास की गति चौगुनी हो जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दरभंगा महाराज की भूमिका न केवल बिहार के इतिहास में बल्कि पूरे देश के इतिहास में महत्वपूर्ण रही है। बिहार और मिथिला क्षेत्र ही नही पुरा देश दरभंगा महाराज द्वारा किए गए कार्यों से गौरवान्वित है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री हमेशा से विरासत को विकास के साथ जोड़कर सम्मान देने की नीति पर जोर देते रहे हैं।
UGC नियमों पर रोक के बाद परमहंस आचार्य का बयान:बोले-ट्रंप ने पीएम मोदी पर कराया था वशीकरण
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब अयोध्या के परमहंस आचार्य का बयान चर्चा का विषय बन गया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में परमहंस आचार्य ने नियमों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा एक विवादित दावा किया। परमहंस आचार्य ने कहा कि यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियम देश के हित में नहीं थे और यह सब एक “वशीकरण” का परिणाम था। उन्होंने दावा किया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र के जरिए वशीकरण कराया था, जिसके प्रभाव में आकर यूजीसी ने ऐसे नियम बनाए। आचार्य ने आगे कहा कि अब वैदिक मंत्रों के पाठ के माध्यम से प्रधानमंत्री को उस प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के लिए राहत भरा है और इससे शिक्षा व्यवस्था को सही दिशा में सुधारने का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में लंबे समय से विरोध हो रहा था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को निर्देश दिया कि नियमों को नए सिरे से तैयार किया जाए और इसके लिए एक समिति गठित की जाए। अदालत के फैसले के बाद जहां कई संगठनों ने संतोष जताया, वहीं परमहंस आचार्य का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस का कारण बन गया है।
औरंगाबाद स्थित सम्राट अशोक भवन में शुक्रवार को जिलास्तरीय टीएलएम मेला 3.0 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों से प्रथम स्थान पर चयनित शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें शिक्षकों ने अपने-अपने नवाचारों के साथ भाग लिया। यह टीएलएम कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण अध्ययन एवं उर्दू विषयों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए थे। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) अमृतेश आर्यन एवं एपीओ सर्वेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर प्रसाद साहू ने किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने स्टॉलों का भ्रमण कर शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए टीएलएम का गहन अवलोकन किया। बेहतर टीएलएम तैयार करने वाले शिक्षकों को दिया गया प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अमृतेश आर्यन, पिरामल फाउंडेशन की नेहा कुमारी, प्रथम संस्था के राकेश कुमार गुप्ता तथा डायट दाउदनगर के व्याख्याता नवीन कुमार ने सभी स्टॉलों पर प्रदर्शित टीएलएम का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया और विहित प्रपत्र के आधार पर रेटिंग दी। मूल्यांकन में शिक्षण की सरलता, नवाचार, बच्चों की सहभागिता और सीखने की प्रभावशीलता जैसे बिंदुओं को प्रमुखता दी गई। मूल्यांकन के उपरांत हिंदी विषय में बारुण प्रखंड की सोनल कुमारी गुप्ता, अंग्रेजी में औरंगाबाद के अंसारी शाहरुख, गणित में कुटुम्बा के सोमनाथ प्रसाद, पर्यावरण अध्ययन में नबीनगर की मंजू पांडेय तथा उर्दू में गोह प्रखंड की खुशबू परवीन के टीएलएम को प्रथम स्थान के लिए चयनित किया गया। उत्कृष्ट टीएलएम तैयार करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीईओ सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इस प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट टीएलएम के साथ संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाएं राज्यस्तरीय टीएलएम मेला में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से शिक्षकों में नवाचार की भावना विकसित होती है और बच्चों के लिए शिक्षण प्रक्रिया और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनती है। टीएलएम मेला में भाग लेने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सहभागिता के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एपीओ सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, भावना कुमारी, शोभा तिवारी, मृदुला सिन्हा, प्रीतम कुमार, आशुतोष कुमार सिंह, यशवंत कुमार सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
हरदोई में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ पाली थाना परिसर में 8 महीने के मासूम बच्चे सूर्यांश की मौत हो गई। खेलते समय गुब्बारा उसके गले में फंस गया, जिससे उसकी सांस रुक गई। पाली थाने में सिपाही टीटू अपनी पत्नी सुषमा और आठ माह के बेटे सूर्यांश के साथ थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। टीटू सरकारी कार्य से हरदोई गए थे। घर में सूर्यांश गुब्बारे से खेल रहा था। खेलते समय उसने एक छोटा गुब्बारा निगल लिया, जो उसके गले में फंस गया। इससे बच्चे की सांसें रुकने लगीं और वह अचेत हो गया। मां सुषमा ने पहले उसे सोता हुआ समझा, लेकिन जब बच्चे के शरीर में झटके आने लगे तो वह घबराकर बाहर भागी। मां के शोर मचाने पर थाने में तैनात कांस्टेबल तेजवीर बच्चे को तत्काल पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले गए। वहाँ चिकित्सकों ने सूर्यांश को मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान नर्स ने बच्चे के गले से फंसा हुआ गुब्बारा बाहर निकाला। डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही सिपाही टीटू हरदोई से वापस लौटे। परिवार में शोक का माहौल है। सिपाही टीटू अपने बेटे का शव लेकर अपने पैतृक गांव बदायूँ के लिए रवाना हो गए हैं।
सहारनपुर में आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने शुक्रवार शाम को जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर स्थित सील्ड गोदाम का मासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपेट (वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान, जिला निर्वाचन अधिकारी ने गोदाम की सील, सुरक्षा प्रबंधों, अभिलेखों के रखरखाव और मशीनों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मशीनों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा मानकों और निरीक्षण रजिस्टर के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। गोदाम में सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। मनीष बंसल ने इस अवसर पर कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि ईवीएम और वीवीपेट मशीनें लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए इनके रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और अभिलेख संधारण में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सील्ड गोदाम का मासिक निरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं और भविष्य में होने वाले किसी भी निर्वाचन में उनका उपयोग सुचारू रूप से किया जा सके। यह प्रक्रिया चुनाव की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष बहादुर सिंह सहित निर्वाचन शाखा से जुड़े संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए।
समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र के सतमलपुर बड़ी बाग वार्ड 9 मोहल्ला में शुक्रवार शाम हुई आग लगी की घटना में मोहम्मद करीम का घर जलकर राख हो गया। इस हादसे में मोहम्मद करीम के घर में रखा 30 हजार रुपए नगद के अलावा करीब 2 लाख रुपए मूल्य का सामान आदि भी जलकर खाक हो गया। हल्ला होने पर जुटे आसपास के लोगों ने आपसी सहयोग से आग पर काबू पाया। हालांकि बाद में दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची। तब तक ग्रामीणों ने समरसेबल आदि की मदद से आग को बुझा दिया था। शार्ट सर्किट से उठी चिंगारी से लगी आग घटना के संबंध में लोगों ने बतलाया कि शुक्रवार शाम मोहम्मद करीम के घर वाले घर में बैठे हुए थे । अगले महीने मो करीम की बेटी की शादी होने वाली थी जिसको लेकर भी तैयारी चल रही थी। इसी दौरान बिजली की शार्ट सर्किट से चिंगारी उठी और फिर देखते ही देखते पूरा घर धूं धूं कर जलने लगा। परिवार के लोग घर से बाहर भाग कर अपनी जान बचाई। इस दौरान शोर मचाए जाने पर बड़ी संख्या में गांव के लोग जुटे इसके बाद लोगों ने बगल की समरसेबल से पानी लाकर आग पर काबू पाया। हालांकि इस दौरान दमकल टीम को भी सूचना दी गई लेकिन जब तक दमकल टीम पहुंची तब तक आग को नियंत्रित कर लिया गया था। उधर घटना की सूचना पर स्थानीय समाजसेवी बेलाल राजा भी मौके पर पहुंचे उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय सीईओ को दी । इस मामले में जांच कर्मी को सुबह मौके पर भेजे जाने की बात बताई गई है। बताया गया है कि इस घटना में 30 हजार नगद के साथ ही 2 लाख से अधिक रूपए मूल्य का अन्य सामान जलकर खाक हुआ है क्योंकि मोहम्मद करीम की पुत्री की शादी होनी थी जिसको लेकर कपड़ा आदि की खरीदारी कर उन्होंने रखा हुआ था।
बागपत में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई:डिग्री न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने किया सीज
बागपत में झोलाछाप के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में खेकड़ा क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई की गई। इससे पूर्व अग्रवाल मंडी टटीरी, पिलाना और बिनौली सहित अन्य क्षेत्रों में भी सख्त कार्रवाई की जा चुकी है। खेकड़ा में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे कई झोलाछाप डॉक्टरों को चिह्नित किया। ये डॉक्टर बिना किसी वैध योग्यता, डिग्री या पंजीकरण के क्लीनिक चला रहे थे। जांच में उनके पास कोई मान्य चिकित्सा डिग्री या पंजीकरण नहीं पाया गया, जिसके बाद संबंधित क्लीनिकों को तत्काल सीज कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जिले में चल रहे व्यापक अभियान का ही हिस्सा है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना योग्यता के इलाज करने से मरीजों की जान को खतरा होता है और स्वास्थ्य प्रणाली पर भी अविश्वास बढ़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति बिना डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा सेवा प्रदान करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इलाज कराने से पहले चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण की जांच करें तथा झोलाछाप गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
एटा में छात्र की पिटाई मामले में जांच कमेटी गठित:डीएम ने 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के दिए आदेश
एटा के सेंट पॉल्स विद्यालय में कक्षा 6 के एक छात्र की पिटाई का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। आरोप है कि सेंट पॉल्स विद्यालय के शिक्षकों ने कक्षा 6 के छात्र की बेरहमी से पिटाई की थी। यह मामला सामने आने के बाद से ही परिजनों द्वारा लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी। विद्यालय प्रशासन ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। हालांकि, परिजनों की ओर से आगे की कार्रवाई की मांग जारी रही। जिलाधिकारी एटा, प्रेमरंजन सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने अपर जिला न्यायिक रमेश मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार सिंह की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
औरंगाबाद में तेज रफ्तार बाइक के चपेट में आकर एक वृद्ध की दर्दनाक मौत हो गई। घटना जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देव-मदनपुर एसएच 101 पर रंगा बिगहा गांव स्थित नहर के पास हुई।मृतक की पहचान रंगा बीघा गांव निवासी नरेश प्रजापति 68 के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार नरेश प्रजापति शुक्रवार को अपने घर से बगल के गांव महुआईन में एक ब्रह्म भोज कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहां से पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वे रंगा बीघा नहर के पास पहुंचे, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक चालक मौके से बाइक लेकर फरार हो गया। प्राइमरी हेल्थ सेंटर से सदर अस्पताल रेफर किया, डॉक्टरों ने मृत बताया घटना के बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन आनन -फानन में घटनास्थल पर पहुंचे तथा ग्रामीणों की मदद से घायल वृद्ध को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देव ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद वृद्ध की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद नरेश प्रजापति को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपा गया शव मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलते ही मदनपुर थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और धक्का मार कर भागने वाले बाइक चालक का पता लगाया जा रहा है। इधर, घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।वहीं रंगा बिगहा गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि एसएच 101 का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। सड़क अच्छी होने के कारण वाहनों की स्पीड बढ़ गई है। जिसके कारण उक्त सड़क पर सड़क दुर्घटना की संख्या में भी वृद्ध हुई है। पिछले दिनों उक्त सड़क पर सीमेंट लदा एक मालवाहक टेंपो पलटने से कोचिंग जा रहा है छात्र की मौत हो गई थी। उक्त घटना के कुछ दिन के बाद ही दूसरी घटना हो गई।
देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रामनाथ देवरिया मोहल्ले में शुक्रवार को एक टेंपो चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह अपनी गाड़ी के अंदर अचेत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। मृतक की पहचान रामनाथ देवरिया मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय हरेन्द्र कुशवाहा पुत्र राम भजन के रूप में हुई है। हरेन्द्र टेंपो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार को वह रोज की तरह टेंपो लेकर निकले थे, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटे। बाद में उन्हें अपने टेंपो में अचेत अवस्था में देखा गया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां हरेन्द्र को मृत पाया गया। परिजनों ने आशंका जताई है कि कड़ाके की ठंड के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। उन्होंने इस संबंध में सदर कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा है। परिजनों की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हरेन्द्र कुशवाहा की असामयिक मौत से उनके परिवार में गहरा शोक है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि हरेन्द्र मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। इस घटना से पूरे मोहल्ले में दुख का माहौल है।
लखनऊ के इंदिरानगर में फ्लाईओवर के नीचे मिले लैब टेक्नीशियन की मौत पुल के पिलर से गिरने के कारण हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट और गर्दन की हड्डी टूटने की बात सामने आई है। एहतियातन जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। कुर्सी के मदारीपुर निवासी अभिषेक रावत इंदिरानगर सेक्टर-19 में पत्नी गुड़िया के साथ किराए पर रहते थे। वह लेखराज मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। पत्नी से विवाद के बाद घर से निकला था बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह पत्नी से विवाद के बाद अभिषेक घर से निकल गया था। अस्पताल कर्मियों ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर नशे की हालत में ड्यूटी पर आता था। गुरुवार सुबह उसका शव इंदिरानगर फ्लाईओवर के नीचे मिला था, जिसके सिर पर चोट के निशान थे। सुबह करीब पौने 5 बजे पुल से नीचे गिरा पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो रात करीब 1 बजे अभिषेक अकेले पैदल फ्लाईओवर के नीचे जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह वी-शेप में बने पिलर पर सो गया। सुबह करीब पौने 5 बजे वह अचानक पुल से नीचे गिर गया। इंस्पेक्टर गाजीपुर के मुताबिक, मामले में अब तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
औरंगाबाद में एनएच -19 पर हुई सड़क दुर्घटना में जख्मी एक युवक की मौत इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज ले जाने के क्रम में हो गई। घटना शुक्रवार शाम की है। दुर्घटना जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बटाने नदी के समीप हुई। जहां टोटो और बाइक की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और 112 पुलिस टीम की मदद से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज जारी है। मृतक की पहचान शहर के अलीनगर वार्ड 13 निवासी नसरुद्दीन शाह का पुत्र मोशाहिद आलम 23 के रुप में की गई। घायलों की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के जोगिया निवासी नौशाद आलम, देव थाना क्षेत्र के भटकुर गांव निवासी व वर्तमान में कर्मा रोड निवासी लखन राय के पुत्र प्रिंस कुमार तथा गांधीनगर वार्ड संख्या 33 निवासी टोटो चालक देवनंदन प्रसाद के पुत्र अरुण कुमार के रूप में की गई है। मोशाहिद आलम और नौशाद आलम आपस में मामा-भांजा थे सदर अस्पताल में परिजनों ने बताया कि मोशाहिद आलम और नौशाद आलम आपस में मामा-भांजा थे। दोनों बाइक से औरंगाबाद से जोगिया जा रहे थे। वहीं प्रिंस कुमार और अरुण कुमार पानी लदा टोटो लेकर औरंगाबाद की ओर आ रहे थे। जैसे ही दोनों वाहन बटाने नदी के समीप पहुंचे, तेज रफ्तार के कारण आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने 112 पुलिस टीम की सहायता से सभी घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीन घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर हेल्थ सेंटर रेफर कर दिया। इसी दौरान मगध मेडिकल कॉलेज, गया ले जाने के क्रम में बाइक सवार मोशाहिद ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। युवक की मौत की खबर मिलते ही सदर अस्पताल में अन्य परिजन तथा काफी संख्या में मोहल्लेवासी पहुंचे, जहां कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। एक महीना पहले ही घर आया था मोशाहिद परिजनों ने बताया कि मृतक मोशाहिद आलम मुंबई की एक फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम करता था और कुछ दिन पहले ही घर आया था। शुक्रवार की शाम वह अपने मामा नौशाद आलम को उनके घर जोगिया छोड़ने जा रहा था। मोशाहिद छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसके असमय निधन से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अलीनगर मोहल्ले में भी मातम का माहौल पसरा हुआ है। पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 88वीं बोर्ड बैठक में मथुरा की राया हेरिटेज सिटी परियोजना की समीक्षा की गई। इसे PPP मॉडल पर आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। बोर्ड के समक्ष संशोधित लेआउट रखा गया, जिसमें वृंदावन बाइपास के पास 17.5 हेक्टेयर का पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण या क्रय की जिम्मेदारी YEIDA की होगी। बोर्ड ने संकेत दिए कि बांके बिहारी मंदिर विकास परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों को हेरिटेज सिटी क्षेत्र की आवासीय योजनाओं में आरक्षण देने पर मौजूदा नीति के तहत विचार किया जाएगा, हालांकि इस पर अंतिम मंजूरी फिलहाल नहीं दी गई। वृंदावन में होटल और ठहराव की कमी को देखते हुए अधिसूचित क्षेत्र में आवासीय व मिक्स्ड-यूज योजनाएं लाने पर भी विचार किया जाएगा। OTS की डेडलाइन नहीं बढ़ेगी, 28 फरवरी अंतिम तारीखबोर्ड ने साफ कर दिया कि वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की समयसीमा 28 फरवरी के बाद नहीं बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में 7,197 डिफॉल्टर अलॉटी हैं, जिन पर करीब 4,948 करोड़ बकाया है। अब तक सात बार स्कीम लागू होने के बावजूद केवल 117 आवेदन आए हैं। 28 फरवरी के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा। स्कीम के तहत एकमुश्त भुगतान पर ब्याज माफी और मूल राशि पर 2% छूट, या किस्तों का विकल्प उपलब्ध है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल को 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर जमीनशिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने सेक्टर-34 (PS-01) में 6 एकड़ जमीन 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए आवंटित करने को मंजूरी दी। यह स्कूल प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक संचालित होगा। जमीन बेसिक शिक्षा विभाग को संस्थागत श्रेणी में दी जाएगी, जिसमें भूमि उपयोग परिवर्तन या ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी। अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं में प्रगतिअमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत अटकी परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। नीति के अंतर्गत शामिल 11 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में से 9 डेवलपर्स ने अपने शुद्ध बकाये का 25% (करीब 402 करोड़) जमा किया है। इन 7 परियोजनाओं में 6,828 होमबायर्स शामिल हैं। अब तक 418 फ्लैट्स की रजिस्ट्री हो चुकी है और आगे की कार्रवाई नीति के अनुसार की जाएगी। किसानों को मुआवजे में 2,986 करोड़ का भुगतानकिसान मामलों पर बोर्ड को बताया गया कि 2014-15 से 2025-26 के बीच 2,986 करोड़ अतिरिक्त मुआवजा दिया गया है। इसमें जयप्रकाश इंफ्राटेक द्वारा LFD के तहत दिए गए 76.96 करोड़ भी शामिल हैं।29 गांवों के 6,263 किसानों को 7% आबादी भूखंड के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 4,246 भूखंड विकसित हो चुके हैं। शेष के लिए भूमि अधिग्रहण जारी है। इंडस्ट्रियल पार्क्स अगले साल तक होंगे ऑपरेशनलबोर्ड ने अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, MSME पार्क, टॉय पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक सभी पांचों पार्कों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। विवादित भूमि की खरीद इस साल और अगले साल तक पार्कों को ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है। YEIDA की वित्तीय स्थितिYEIDA की वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा हुई। कैपिटल रिसीट्स 20 जनवरी 2025 को 2,217 करोड़ से बढ़कर 20 जनवरी 2026 को 2,669 करोड़ हो गईं। वहीं, रेवेन्यू खर्च इसी अवधि में 2,293 करोड़ से बढ़कर 5,498 करोड़ तक पहुंच गया। कुल मिलाकर, YEIDA बोर्ड की इस बैठक में शहरी नियोजन, शिक्षा, किसानों, रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले महीनों में जमीन पर दिखने की उम्मीद है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपनी पार्टी लोजपा (रामविलास) के 12 नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की सूची जारी की है। पार्टी ने कहा है कि इन राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को पार्टी की विचारधारा, नीतियों और जनहित के मुद्दों को जनता और मीडिया तक प्रभावी तौर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। लिस्ट में नए लोगों को दी जाएगी जगह लिस्ट में चिराग के जीजा और सांसद अरुण भारती, साथ ही दो अन्य सांसद शांभवी चौधरी और राजेश वर्मा को भी जगह मिली है। साथ ही पुराने नेताओं को भी पुनः अवसर दिया गया है, जैसे कि राजू तिवारी और धीरेंद्र सिन्हा। तीन सांसदों को बनाया गया राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण भारती जमुई लोकसभा क्षेत्र से वर्तमान में सांसद है। साथ ही चिराग पासवान के बहनोई भी हैं और पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों में गिने जाते हैं। अरुण भारती अक्सर कई मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बातों को भी रखने के लिए जाने जाते हैं। अब राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, शांभवी चौधरी समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद है। युवा नेता और पार्टी की ओर से सार्वजनिक मंचों पर बोलने वाली प्रमुख चेहरा में से एक है। अब चिराग पासवान ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में शामिल किया है। खगड़िया लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजेश वर्मा को भी चिराग पासवान ने राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नई सूची में शामिल किया है। पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को दी गई जिम्मेदारी राजू तिवारी पार्टी के पुराने साथी और बिहार के गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। यह पहले से राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर मनोनीत है। धीरेंद्र कुमार सिन्हा ‘मुन्ना’ पार्टी के अनुभवी कार्यकर्ता और चिराग के पुराने साथी है। जिन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं में से अजय पांडेय, मुरारी गौतम, राजेश भट्ट, विनीत सिंह, रितेश कुमार शर्मा, और आलोक रंजन को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
मेरठ की शिफा मलिक ने जीता गोल्ड:जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में बनी चैंपियन
मेरठ की शिफा मलिक ने जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। शास्त्री नगर आरटीओ कार्यालय के निकट रहने वाले शोएब मलिक की पुत्री शिफा ने यह उपलब्धि 'स्कूली कराटे नेशनल चैंपियनशिप-गेम्स सीजन 3' में हासिल की। यह प्रतियोगिता 24 और 25 जनवरी को जयपुर के मालवीय नगर स्थित ज्ञान विहार स्कूल में आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से 100 से अधिक स्कूली टीमों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद शिफा मलिक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनकी इस जीत से उनके परिवार और मेरठ शहर में खुशी का माहौल है। इस चैंपियनशिप में मेरठ की मेक अकादमी, मंगल पांडेय नगर के अन्य खिलाड़ियों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में शिफा मलिक के साथ अथर्व सिंह भी शामिल हैं। काव्यांश सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि कियाना तिवारी, इशी, प्रिया, आध्या, वंश और दक्ष सिंह ने कांस्य पदक हासिल किए। पदक विजेता शिफा, अथर्व, काव्यांश, कियाना, इशी और आध्या के.एल. इंटरनेशनल स्कूल के छात्र हैं। दक्ष सिंह दीवान पब्लिक स्कूल से हैं, जबकि वंश बृजभूषण बालेराम स्कूल के विद्यार्थी हैं। मेरठ कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर और सचिव नरेंद्र सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेरठ के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेरठ के राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन धर्म और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर भी चर्चा की गई। पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री के समक्ष भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय, मेरठ की स्थापना का विस्तृत प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय को बागपत जनपद में स्थित श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थापित करने का विचार है, जो धार्मिक, पौराणिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। शैक्षणिक और तीर्थ स्थल एक साथउन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और वैश्विक एकात्मता के सिद्धांत पर आधारित होगा, जहां भगवान परशुराम के जीवन दर्शन, उनके आध्यात्मिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सनातन परंपराओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। साथ ही देशभर में भगवान परशुराम से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुंड, मध्य प्रदेश के जनापाव, भिंड के जमदार, जबलपुर, राजस्थान के कुंभलगढ़ और पाली को वैचारिक एवं शैक्षणिक रूप से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसके साथ साथ बैठक के दौरान शिक्षा, संस्कृति, साइंस-इनोवेशन-रिसर्च (SIR), अवकाश नीति, जगतगुरुओं से जुड़े विषयों और उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इसे सनातन संस्कृति व राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही एक समिति का गठन कर इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी 6 फरवरी से रिलीज़ होने जा रही फिल्म गोदान के मुख्य कलाकार एवं पंडित सुनील भराला के पुत्र उत्कर्ष सिंह भारद्वाज ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फिल्म की सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बुचीहरदी में तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने साइकिल सवार 14 वर्षीय बालक आयुष यादव को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार, आयुष यादव अपने घर से पेट्रोल पंप के पास जाने के लिए साइकिल से निकला था। जब वह सड़क पार कर रहा था, तभी बलौदा से अकलतरा की ओर आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में नाबालिग की मौके पर मौत टक्कर इतनी भीषण थी कि आयुष साइकिल समेत सड़क पर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसका चेचिस से डाला टूटकर बिखर गया। पिकअप में सवार दो लोगों को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं। मृतक के परिजनों को दी गई सहायता राशि घटना की सूचना मिलने पर बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक आयुष यादव के परिजनों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिद्धार्थनगर में आयोजित कपिलवस्तु महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार रात बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा के कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिला। रात 9 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में वीआईपी पास होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को प्रवेश नहीं मिला। आरोप है कि प्रवेश व्यवस्था केवल प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के चहेते लोगों तक सीमित कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात 9 बजे कार्यक्रम शुरू होने से पहले वीआईपी और वीवीआईपी गेट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वैध वीआईपी पास धारकों को भी प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने दे रहे थे, जिनकी सिफारिश उच्च स्तर से की गई थी। आरोप है कि दिनभर प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के फोन गेट पर आते रहे, और उन्हीं के निर्देशों पर प्रवेश तय किया गया। अंदर मौजूद नेताओं के करीबी लोग बाहर आकर अपने परिचितों को भीतर ले जाते देखे गए। कई मौकों पर प्रशासनिक कर्मियों ने पहचान के आधार पर लोगों को अंदर जाने दिया, जबकि वैध पास धारक बाहर इंतजार करते रहे। कार्यक्रम देखने आईं महिलाएं और युवतियां सबसे अधिक परेशान रहीं। वीआईपी पास होने के बावजूद उन्हें घंटों गेट पर रोका गया। कई महिलाएं निराश दिखीं। दर्शकों ने कहा कि महोत्सव जनता के लिए होता है, लेकिन यहां आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। कपिलवस्तु महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में सामने आई इन अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार की टक्कर से युवक की मौत:गंगानगर में हादसा, आरोपी चालक फरार
मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में समाचार पत्र वितरक की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार हॉकर को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही दम तोड़ गया। मृतक की पहचान 36 वर्षीय आनंद नेगी के रूप में हुई है, जो गंगानगर के आई-ब्लॉक के निवासी थे। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले आनंद मेरठ में अपने परिवार के साथ रहकर अखबार वितरण का काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी चंदा और दो बेटे राहुल (15) व गोलू (7) हैं। परिजनों के अनुसार, आनंद नेगी रोज की तरह शुक्रवार तड़के करीब पांच बजे अपने बेटे राहुल और भतीजे ईश्वर के साथ अखबार बांटने निकले थे। बक्सर चौराहे के पास यशोदा कुंज कॉलोनी के सामने मवाना की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आनंद नेगी का सिर सड़क से टकरा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद कार चालक वाहन सहित मेरठ की ओर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गंगानगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना गंगानगर में मृतक के भाई प्रकाश सिंह नेगी की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
प्रयागराज में शुक्रवार को आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान भूकंप आने की स्थिति को दिखाया गया, ताकि राहत और बचाव से जुड़ी टीमों की तत्परता और आपसी तालमेल को परखा जा सके।ड्रिल में भूकंप आने का सीन तैयार किया गया, जिसमें थाना झूंसी परिसर में स्थित बिल्डिंग गिरने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर बचाव कार्य शुरू किया गया।मौके पर पहुंची संयुक्त रेस्क्यू टीमघटना की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और इलाके को सुरक्षित करने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू के दौरान आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल भी किया गया।अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूदमॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर सर्विस के अग्निशमन अधिकारी राजेश कुमार मौजूद रहे। उनके साथ राकेश चौबे, राम शिव यादव, रवि भान उपाध्याय और अखिलेश कुमार गोस्वामी सहित अन्य कर्मचारी भी बचाव कार्य में शामिल रहे।आपदा से निपटने के लिए तैयारी जरूरीअधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद यह देखना होता है कि आपदा के समय सभी विभाग कितनी तेजी से काम करते हैं और आपस में कितना बेहतर तालमेल बनता है। इससे असली हालात में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।ड्रिल के जरिए यह संदेश दिया गया कि प्रयागराज में आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
महाकुम्भ 2025 ने प्रयागराज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। शहर की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ हवाई यातायात में भी जबरदस्त उछाल आया। एयरपोर्ट ने 2025 में पहली बार किसी कैलेंडर वर्ष यानी जनवरी से दिसम्बर महीने में 10.50 लाख से अधिक यात्रियों का रिकॉर्ड कायम किया। कुल 10,56,311 यात्रियों ने यहां से हवाई यात्रा की, जो एयरपोर्ट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है। दो साल पहले 2023 में यह संख्या महज 6,27,966 थी। महाकुम्भ के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। जिसने यह कमाल कर दिखाया। विमानों की आवाजाही में भी रिकॉर्ड बना। 2025 में 8,915 उड़ानें दर्ज हुईं जबकि 2022 में यह 7,822 तक सीमित थी। महाकुम्भ के दौरान एक दिन में सौ से ज्यादा विमान उतरने-उड़ने लगे थे।इसके दम पर प्रयागराज एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। लखनऊ और वाराणसी के बाद यह सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बना। स्थानीय अधिकारियों ने इसे महाकुम्भ की अपार सफलता का प्रमाण बताया।
बालाघाट जिले में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। दोपहर में किरनापुर में दो युवकों की मौत के बाद देर शाम लांजी क्षेत्र में भी एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लांजी-आमगांव मार्ग पर कुलपा और कारंजा गांव के बीच गुड़ाखु फैक्ट्री के पास दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। मिरिया निवासी विनोद उपराड़े अपनी पत्नी बुलबुल और बेटे समर्थ के साथ अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे सेवेन्द्र राऊत की बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में विनोद उपराड़े की मौके पर ही मौत हो गई। घायल गोंदिया रेफर हादसे में विनोद की पत्नी, बेटा और दूसरी बाइक पर सवार सेवेन्द्र राऊत और उनकी चाची सरिता राऊत गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर डायल 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को लांजी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बुलबुल उपराड़े और सेवेन्द्र राऊत को इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है। पुलिस जांच शुरू अन्य दो घायलों का इलाज लांजी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर लांजी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। एक ही दिन में हुए इन हादसों से जिले में शोक का माहौल है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल और निष्पक्ष आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह परीक्षा राज्यभर के 1,762 परीक्षा केंद्रों पर 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें 6,75,844 छात्राएं और 6,42,002 छात्र हैं। पटना जिले में 84 परीक्षा केंद्र, 73 हजार से अधिक परीक्षार्थी पटना जिले में इंटर परीक्षा के लिए कुल 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां 73,963 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 38,037 छात्राएं और 35,926 छात्र शामिल हैं। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त कराने के लिए कई अहम निर्देश दिए हैं। परीक्षा से एक घंटा पहले मिलेगा प्रवेश, गेट समय से पहले बंद बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। पहली पाली में सुबह 9:30 बजे परीक्षा है, जिसके लिए 8:30 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 9:00 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। वहीं दूसरी पाली में 2:00 बजे परीक्षा है, इसके लिए 1:00 बजे से प्रवेश मिलेगा और 1:30 बजे गेट बंद हो जाएगा। गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा जबरन प्रवेश पर FIR, दो साल तक परीक्षा से निष्कासन यदि कोई परीक्षार्थी गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर या जबरन परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करता है, तो इसे आपराधिक अतिक्रमण माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और प्राथमिकी भी दर्ज होगी। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले केंद्राधीक्षक और कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। दो स्तर पर होगी फ्रिस्किंग, मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले और परीक्षा कक्ष में प्रवेश के समय दो स्तर पर तलाशी (फ्रिस्किंग) अनिवार्य होगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हर परीक्षा कक्ष में कम से कम दो वीक्षक तैनात रहेंगे। CCTV, वीडियोग्राफर और धारा 163 लागू कदाचार रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। हर 500 परीक्षार्थियों पर एक वीडियोग्राफर की तैनाती होगी। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू रहेगी, ताकि अनधिकृत लोगों की भीड़ न जुट सके। व्हाट्सएप ग्रुप और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी परीक्षा से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए बिहार बोर्ड ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसके अलावा 1 फरवरी से 13 फरवरी तक कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। किसी भी समस्या की सूचना कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0612-2232257 या 0612-2232227 पर दी जा सकती है।
रायपुर में 16वीं छत्तीसगढ़ राज्य पैरा एथलीट संगठन प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। यह प्रतियोगिता तीन दिन तक चली, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ से करीब 350 दिव्यांग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के साथ उनके परिजन, कोच और ऑफिशियल भी मौजूद रहे। इस दौरान दौड़, गोला फेंक, तवा फेंक, लंबी कूद और बैडमिंटन जैसे खेल आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गिरीश चंदेल रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर थे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने की। अतिथियों का स्वागत पैरा एथलीट संगठन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा और संगठन के पदाधिकारियों ने किया। अपने संबोधन में गिरीश चंदेल ने कहा कि यह प्रतियोगिता हर साल होनी चाहिए। उन्होंने आयोजन की सराहना की, जिसे खिलाड़ियों ने तालियों के साथ समर्थन दिया। सभापति सूर्यकांत राठौर ने कहा कि आकाश तिवारी द्वारा किया गया यह आयोजन खेलों के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दिखाता है। आकाश तिवारी ने कहा कि यह आयोजन हाल ही में सोचा गया था, जो पैरा एथलीट संगठन के सहयोग से सफल हुआ। समापन से पहले आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई।फिर मिलेंगे” का दिया संदेश तीन दिवसीय प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 100, 200, 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, तवा फेंक और अन्य स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अंत में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने ध्वज उतारकर सलामी दी और प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का समापन “फिर मिलेंगे” के संदेश के साथ हुआ।
मेरठ की एक मोबाइल मार्किट में शुक्रवार को दिल्ली की कंपनी ने छापा मारा। कंपनी को सूचना मिली थी कि यहां एप्पल का नकली सामान बेचा जा रहा है। गुपचुप रेकी करने के बाद टीम ने आठ दुकानों से बड़ी मात्रा में कंपनी का डुप्लीकेट माल जब्त किया और सील कर थाने आ गई। इस दौरान दुकानदारों ने हंगामे का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक ना चली। कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से आठ दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पहले जानते हैं क्या है मामला उत्तर पश्चिमी दिल्ली की जेजे कालोनी स्थित एक कंपनी एप्पल के कॉपीराइट से जुड़े मामले देखती है। शुक्रवार को कंपनी के मैनेजर मोहम्मद तौकीर ने नौचंदी पुलिस को साथ लेकर यहां गढ़ रोड पर नौचंदी थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित नंदिनी प्लाजा की आठ मोबाइल शॉप पर छापा मारा और एप्पल कंपनी का लोगो लगाकर बेचा जा रहा माल जब्त कर लिया। टीम ने बड़ी मात्रा में सामान सीज किया और थाने लेकर आ गई। व्यापारियों ने किया हंगामा कंपनी की इस कार्रवाई को लेकर वहां की एसोसिएशन ने विरोध कर दिया। देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया। दुकानदारों का कहना था कि वह यह माल दिल्ली से लाकर बेचते हैं। ऐसे में कंपनी को वहां से सप्लाई रोकनी चाहिए। यहां का व्यापारी वहां से माल लाकर बेचता है ना कि खुद तैयार करता है। चर्चा है कि व्यापारियों की पुलिस से नोकझोंक तक हो गई। उन्होंने पुलिस को अपनी दुकानों की चाबियां तक सौंपने की कोशिश की। आठ दुकानों क खिलाफ FiRबड़ी मात्रा में सामान जब्त करने के बाद टीम नौचंदी थाने आ गई। इसके बाद आठ दुकानदादों के खिलाफ FiR दर्ज करा दी गई। इनमें गौरव पुत्र राजकुमार, संजय कुमार पुत्र जयकिशन, वजाहत पुत्र इश्तेयाक, विशाल पुत्र सोनू भटनागर, पंकज गुप्ता पुत्र जीतेंद्र गुप्ता, विकास कुमार पुत्र सोमवीर सिंह, रोहित पुत्र योगेश और तरुण कुमार पुत्र ओमप्रकाश शामिल रहे। दुकानों से यह माल हुआ जब्त - गौरव के यहां से 528 पीस स्पेयर पार्ट्स। - संजय की दुकान से 554 पीस स्पेयर पार्ट्स, 16 पीस बैट्री व 61 पीस बैक पैनल। - वजाहत की दुकान से 24 पीस स्पेयर पार्ट्स, 159 पीस बैक पैनल। - विशाल के यहां से 117 पीस बैक पैनल, 3 पीस एडोप्टर, 17 पीस स्पेयर पार्ट्स। - पंकज के यहां से 161 पीस बैक कवर, 206 पीस बैक पैनल। - विकास की दुकान से 58 पीस बैक कवर, 3 पीस केबल। - रोहित की दुकान से 133 पीस बैक कवर, 220 पीस बैक पैनल, 3 पीस बैट्री, 3 पीस एडोप्टर, 1 पीस केबल। - तरुण की दुकान से 168 पीस बैक कवर। इन धाराओं में दर्ज हुई FiR- कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 51- कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63- ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 103- ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 104- भारतीय न्याय संहिता यानि बीएनएस, 2023 की धारा 318(4) व्यापारी बोले- अफसरों से करेंगे शिकायतनंदिनी प्लाजा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा कि जिस माल को डुप्लीकेट बताकर कंपनी ने कार्रवाई की है, वह माल दिल्ली से यहां आता है। कंपनी को वहां रोक लगानी चाहिए। यह व्यापारियों का उत्पीड़न है। जल्द इस मामले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से मिला जाएगा।
मऊगंज जिले में मऊगंज बाईपास क्षेत्र से अनिल पांडेय उर्फ लल्लू पिछले 48 घंटे से लापता है। भूमि विवाद के चलते युवक के अचानक गायब होने से परिवार और ग्रामीणों में गहरी चिंता है। अनिल पांडेय के भाई अनुपेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया है कि बाईपास स्थित जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण लल्लू पर भारी दबाव था। परिवार का दावा है कि भाजपा विधायक प्रदीप पटेल और उनके सहयोगियों की वजह से लल्लू मानसिक तनाव में था। इस विवाद के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए लल्लू की जेसीबी और डंपर भी जब्त कर लिए गए थे। धरने के बाद दर्ज हुआ था मामला घटनाक्रम के अनुसार, 3 जनवरी को विधायक प्रदीप पटेल विवादित जमीन पर धरने पर बैठे थे, जहां ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। इसके बाद विधायक के निजी सचिव की शिकायत पर पुलिस ने करीब 100 से 150 लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने लल्लू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त ही लल्लू ने खुद को जान का खतरा बताया था। घर से टहलने निकला और नहीं लौटा लल्लू 28 जनवरी की रात घर पर खाना खाने के बाद बाहर टहलने निकला था, जिसके बाद से वह वापस नहीं आया। लल्लू का मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। परिजन ने 29 जनवरी की रात मऊगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। युवक की मां ने प्रशासन से बेटे को सुरक्षित ढूंढ निकालने की भावुक अपील की है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है।
माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) रायपुर जोनल यूनिट ने बड़े पैमाने पर GST चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 29 जनवरी की रात करीब 9 बजे रायपुर से हिरासत में लिया गया। DGGI की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस मामले में करीब 80 करोड़ रुपए के फर्जी इनवॉइस बनाए गए। इन इनवॉइस के आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया, जिससे सरकारी खजाने में जाने वाले करीब 14 करोड़ की टैक्स चोरी की गई है। बेटे के नाम पर फर्म रजिस्टर जांच में सामने आया है कि संतोष वाधवानी अपने बेटे के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन कर रहा था। इसी फर्म के जरिए बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस जारी किए गए। डेटा एनालिटिक्स से खुला पूरा खेल DGGI अधिकारियों ने बताया कि ये कार्रवाई खुफिया इनपुट और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर की गई। जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा, अन्य पैसों के लेनदेन का एनालिसिस किया गया। इसके बाद यह साफ हुआ कि आरोपी फर्जी इनवॉइस के जरिए अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट ITC का फायदा उठा रहा था। CGST एक्ट के तहत गिरफ्तारी आरोपी के खिलाफ CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत कार्रवाई की गई है और उसे गिरफ्तार किया गया। यह अपराध अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत दंडनीय है। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को संतोष वाधवानी को रायपुर जिला कोर्ट में पेश किया गया, उसे न्यायिक हिरासत रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने कहा कि GST चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने कारोबारियों से GST कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील की है और फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
राजस्थान पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा देर शाम खाटूश्यामजी पहुंचे। DGP राजीव कुमार शर्मा ने बाबा श्याम के धोक लगाई। DGP शर्मा ने बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। DGP राजीव कुमार ने मेले की व्यापक सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने यातायात मार्ग, 52 बीघा पार्किंग स्थल, तोरण द्वार, चारण मेला मैदान, लखदातार मेला ग्राउंड तथा दर्शन मार्ग, मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान व पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने उन्हें श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर श्याम प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। DGP राजीव कुमार ने कहा कि 21 से 28 फरवरी तक होने वाले फाल्गुनी लक्खी मेले में 35 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के साथ-साथ भक्तों को सुगमता पूर्वक श्याम दरबार तक पहुंचाना पुलिस-प्रशासन की प्रायोरिटी है। DGP राजीव कुमार ने बाबा श्याम के दर्शन कर मेले के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर लाॅ एंड ऑर्डर ADG वीके सिंह, स्टाफ ऑफिसर DIG कुंवर राष्ट्रदीप, IG एचजीआर सुहासा, SP प्रवीण नायक नूनावत, ASP डॉ. तेजपाल सिंह, ASP दीपक गर्ग, DSP राव आनंद और थानाधिकारी पवन चौबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रह। DGP राजीव कुमार ने सीकर पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया और कल नीमकाथाना जाएंगे।
घर खरीदने, प्लॉट लेने या सुरक्षित निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए दैनिक भास्कर का ‘मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो’ एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है, जिसका भव्य शुभारंभ शुक्रवार को बीटीआई ग्राउंड, शंकरनगर में हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मीनल चौबे ने की। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में क्रेडाई छत्तीसगढ़ के मेंबर्स राकेश पांडे भी मौजूद रहे। पहले देखिए तस्वीरें मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रॉपर्टी एक्सपो की सराहना एक्सपो के उद्घाटन पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने सुकून भरे घर का सपना देखता है, जहां क्वालिटी और बेहतर सुविधाएं हों। प्रॉपर्टी एक्सपो के माध्यम से लोगों को शहर के हर कोने की आवासीय परियोजनाओं के बेहतरीन विकल्प एक ही मंच पर मिल रहे हैं। यहां घर खरीदने से लेकर निवेश तक की पूरी जानकारी और सही विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिक को बड़ा लाभ होगा। इस मंच से आम नागरिक का घर का सपना होगा साकार: महापौर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सामाजिक सरोकार की दिशा में भास्कर का यह सराहनीय प्रयास है। इस मंच से लोगों के अपने घर का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और नगर निगम लगातार बेहतर नागरिक सुविधाएं देने की दिशा में कार्य कर रहा है। क्रेडाई के राकेश पांडेय ने कहा कि एक्सपो में हर जरूरत और बजट के अनुरूप प्रॉपर्टी विकल्प उपलब्ध हैं। मौजूदा समय निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। यह आयोजन घर खरीदारों के साथ-साथ बिल्डर्स के लिए भी बेहतर अवसर साबित होगा। कार्यक्रम में बिल्डर व डेवलपर्स, दैनिक भास्कर के स्टेट हेड देवेश सिंह, स्टेट एडिटर शिव दुबे और भास्कर टीम मौजूद रही। मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो के पहले ही दिन लोगों का शानदार रिस्पांस मिला। यहां काफी लोगों ने ऑफर्स के साथ प्रॉपर्टी की बुकिंग कराने विजिट की। एक्सपो से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 97701-19955 और 89829-67169 पर संपर्क किया जा सकता है। एक ही जगह पर हर समाधान एक्सपो में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी के तमाम विकल्प हैं। यहां प्लॉट, फ्लैट, डुप्लेक्स, विला, ऑफिस स्पेस और शॉप आदि के विकल्प मौजूद हैं। लोग अपने बजट, जरूरत और लोकेशन के अनुसार सही प्रॉपर्टी का चयन कर सकते हैं। ऑन-द-स्पॉट बुकिंग पर खास फायदे एक्सपो में बिल्डर्स और डेवलपर्स ने ऑन-द-स्पॉट बुकिंग पर बड़े ऑफर्स और बेहतरीन सुविधाएं दी हैं। ये ऑफर्स आम दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा फायदेमंद हैं, जिससे खरीदारों को बड़ा लाभ मिलेगा। बैंक होम लोन की सुविधा एक्सपो में बैंकों के भी स्टॉल लगे हैं। यहां होम लोन की ब्याज दर, ईएमआई, जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल रही है, जिससे घर खरीदने का फैसला और आसान हो गया है। निवेशकों के लिए भी बेहतरीन मौका यह एक्सपो केवल घर खरीदने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और लाभकारी रियल एस्टेट निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए भी खास है। विजिटर्स के लिए खास इंतजाम एक्सपो में फैमिली सहित आने वाले विजिटर्स के लिए सरप्राइज गिफ्ट्स, जनरल हेल्थ चेकअप स्टॉल, बच्चों के लिए फन जोन और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए फूड स्टॉल हैं, जिनका सभी ने आनंद लिया। एक्सपो में शामिल प्रमुख बिल्डर्स एवं डेवलपर्स अविनाश ग्रुप, रहेजा ग्रुप, वाॅलफोर्ट ग्रुप, क्लासिक ग्रुप, आरसीपी इंफ्राटेक, एम्बियंस नेचर, गोल्ड ब्रिक्स, अष्टविनायक रियल्टीज, श्री स्वास्तिक ग्रुप, भारद्वाज बिल्डर्स, श्री बालाजी बिल्डर्स, वीजीआर रियल एस्टेट, पायोनियर होम्स, रायपुर होम्स एंड रायपुर बिल्डर्स, गौरव प्रमोटर्स एंड बिल्डर्स, वीबी टॉवर, चैत्नय ग्रुप, अर्हम ग्रुप आदि शामिल हैं। प्रॉपर्टी एक्सपो के एसोसिएट पार्टनर हेल्थ पार्टनर-इट्सा हॉस्पिटल, बैंकिंग पार्टनर-बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सोलर पार्टनर-स्विचसोल, फूड पार्टनर-द सिल्वर क्राउन व न्यू देहली स्वीट्स आैर डिजिटल पार्टनर-एसपी एडवरटाइजिंग, आउटडोर पार्टनर-एएसए और जीके टीएमटी हैं।
विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत पर हंगामा:परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम, पति-सास गिरफ्तार
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव रखकर जमकर हंगामा किया। दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों को लेकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के भाई शिवम ने थाना सदरपुर में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन की शादी को अभी दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए थे। शादी में परिजनों ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, इसके बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा लगातार 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर मृतका के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। 29 जनवरी की शाम उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में थाना सदरपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार देर शाम महमूदाबाद–सेमरी रोड स्थित सेमरी चौराहे पर महमूदाबाद–रेउसा हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाए। सूचना पर महमूदाबाद, चांदपुर, रामपुर मथुरा और सदरपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद हंगामा खत्म कर दिया। परिजनों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि विवेचना निष्पक्ष रूप से जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छेड़खानी से परेशान युवती ने पिया फिनायल:हालत गंभीर, दो दिन पहले शिकायत पर नहीं हुई थी कार्रवाई
भदोही के औराई थाना क्षेत्र में छेड़खानी से परेशान एक युवती ने फिनायल पी लिया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। यह घटना तब सामने आई जब युवती की मां ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही थाने में युवक के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी लगातार युवती को परेशान करते रहे। आज दोपहर करीब 4 बजे युवती ने परेशान होकर फिनायल पी लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। युवती की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मां की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित युवती की मां ने बताया कि गांव में कुछ आगे रहने वाले निक्कू और दूधनाथ नामक युवक उनकी बेटी को लगातार छेड़ते थे। घर पर शिकायत करने पर उनके परिजन मारपीट पर उतारू हो जाते थे और जान से मारने की धमकी भी देते थे। मां ने यह भी बताया कि पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, और आज फिर छेड़खानी से तंग आकर बेटी ने यह कदम उठाया। इस संबंध में थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामला पहले संज्ञान में नहीं था किंतु आज जैसे ही तहरीर मिली है। मां द्वारा दिए गए तहरीर के आधार पर दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया है पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को गंभीर चोट लगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों के लिए 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी की हैं। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने स्पष्ट किया कि जिले के पुलिस प्रमुख, जिसमें पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और कमिश्नर शामिल हैं, अगर अपने अधिकार क्षेत्र में एनकाउंटर के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पीयूसीएल बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन नहीं करते हैं, तो वे कोर्ट की अवमानना के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यह आदेश मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार की जमानत अर्जी पर दिया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर की जांच के मामलों में पूरी, प्रभावी और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्ड प्रक्रिया के रूप में महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं। दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘हाफ-एनकाउंटर’ के तरीकों पर कड़ी फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि उनके सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जहां पुलिस अधिकारी केवल समय से पहले प्रमोशन, वरिष्ठ अधिकारियों की तारीफ़ पाने या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए “अनावश्यक रूप से हथियार का इस्तेमाल करते हैं और आरोपी के घुटने के ठीक नीचे पैर में गोली मारकर चोट पहुंचाते हैं।” कोर्ट ने कहा- कानून की नज़र में ऐसा काम स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि आरोपी को सज़ा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। इसे भारत के संविधान के मूल्यों और निर्देशों के अनुसार चलाया जाना चाहिए, जो विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका को स्पष्ट रूप से अलग करता है। कोर्ट ने कहा कि तारीफ़ पाने या अन्य बाहरी उद्देश्यों के बहाने, पुलिस अधिकारियों को अनावश्यक फायरिंग करके और यहां तक कि शरीर के गैर-महत्वपूर्ण हिस्से पर चोट पहुंचाकर किसी अपराधी को सज़ा देने के लिए न्यायपालिका का काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह आदेश तब पारित किया गया जब कोर्ट ने एक आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका को मंज़ूरी दी, जिसे पुलिस एनकाउंटर में गंभीर चोटें आईं। कोर्ट ने देखा कि पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित देश के कानून के बावजूद, उत्तर प्रदेश में पुलिस अक्सर अनिवार्य प्रक्रियाओं को नज़रंदाज़ करती है। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मामले में और इससे जुड़े कई मामलों में किसी भी पुलिस अधिकारी को कोई चोट नहीं लगी थी, जिससे हथियारों के इस्तेमाल की ज़रूरत और अनुपात पर सवाल उठता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को सख्ती से पालन करने के लिए गाइडलाइंस जारी की। 1. अगर किसी जानकारी के आधार पर पुलिस पार्टी मौके पर पहुंचती है और मुठभेड़ होती है जिसमें पुलिस पार्टी द्वारा हथियार का इस्तेमाल किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप आरोपी या किसी अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट लगती है तो इस संबंध में एक प्राथमिकी उसी पुलिस स्टेशन या पास के पुलिस स्टेशन में पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के प्रमुख द्वारा दर्ज की जाएगी, लेकिन उक्त प्राथमिकी की जांच सीबीसीआईडी या किसी अन्य पुलिस स्टेशन की पुलिस टीम द्वारा एक सीनियर पुलिस अधिकारी की देखरेख में की जाएगी, जो पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के प्रमुख से कम से कम एक स्तर ऊपर हो। 2. प्राथमिकी में मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के सदस्यों के नाम आरोपी/संदिग्ध की श्रेणी में बताना ज़रूरी नहीं है, बल्कि केवल टीम, चाहे वह एसटीएफ हो या रेगुलर पुलिस, का उल्लेख किया जा सकता है। 3. घायल अपराधी/पीड़ित को मेडिकल सहायता दी जानी चाहिए और उसकी चोट की जांच की जानी चाहिए। उसके बाद उसका बयान मजिस्ट्रेट या मेडिकल ऑफिसर द्वारा घायल व्यक्ति के फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ रिकॉर्ड किया जाना चाहिए। 4. पुलिस एनकाउंटर की घटना की पूरी जांच के बाद रिपोर्ट सक्षम कोर्ट को भेजी जानी चाहिए, जो पीयूसीएल के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में बताए गए प्रोसीजर का पालन करेगा। 5. पुलिस एनकाउंटर होने के तुरंत बाद पुलिस पार्टी के ऑफिसर को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन या गैलेंट्री अवॉर्ड नहीं दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे अवॉर्ड तभी दिए जाएं या रिकमेंड किए जाएं, जब पुलिस हेड द्वारा बनाई गई एक कमेटी द्वारा व्यक्ति की बहादुरी बिना किसी शक के साबित हो जाए। 6. अगर पुलिस एनकाउंटर में घायल व्यक्ति का परिवार पाता है कि ऊपर बताए गए प्रोसीजर का पालन नहीं किया गया या स्वतंत्र जांच में कमी है या किसी भी अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार या पक्षपात का पैटर्न मौजूद है तो वह पुलिस एनकाउंटर की घटना वाली जगह पर क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र वाले सेशंस जज से शिकायत कर सकता है। उक्त शिकायत मिलने पर संबंधित सेशंस जज शिकायत की मेरिट पर विचार करेंगे और उसमें उठाई गई शिकायत का समाधान करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति पुलिस एनकाउंटर में मौत या गंभीर चोटों के संबंध में कार्रवाई न होने से दुखी है तो वह सेशंस जज के सामने एक एप्लीकेशन फाइल कर सकता है। इसमें आगे कहा गया कि सेशंस जज शिकायत पर कार्रवाई कर सकते हैं। उचित मामलों में मामले को हाईकोर्ट को भेज सकते हैं ताकि डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सके, जहां पुलिस एनकाउंटर पर पीयूसीएल के मामले में दिए गए दिशानिर्देशों का घोर उल्लंघन बताया गया। ---------------- ये भी पढ़ें- मंत्री स्वतंत्र देव का BJP विधायक ने रास्ता रोका:काफिले के आगे 50 गाड़ियां लगाईं, धक्का-मुक्की-बवाल; अखिलेश बोले- ये हारने वाले हैं यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। पढ़िए पूरी खबर…
अनूपपुर जिले में पुलिस ने चोरी के पांच और एक सुनार सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी चोरियों का पता चला है। गुरुवार रात राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के लीला गांव में गश्त के दौरान थाना प्रभारी और महिला आरक्षक ने सड़क किनारे खड़ी संदिग्ध कार में युवकों को बैठे देखा। पूछताछ के दौरान युवक सही जवाब नहीं दे पाए और घबरा गए। पुलिस ने कार में बैठे राकेश नागेश्वर, आर्यन बहारे, अर्जुन चौधरी और अभिषेक चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने राजेंद्रग्राम, डिंडौरी और अन्य जगहों पर चोरी करना स्वीकार किया। सुनार के पास से जेवरात बरामद पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान सुनार अंकित सोनी को बेचना बताया। पुलिस ने अंकित सोनी से पूछताछ के बाद चोरी के जेवरात बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 ग्राम सोना, 1300 ग्राम चांदी, तीन मोबाइल फोन, ताला तोड़ने के औजार और कार जब्त की है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। तीन बड़ी चोरियों का खुलासा राजेंद्रग्राम थाने में दर्ज तीन चोरी के मामलों की गुत्थी सुलझी है। 26 अक्टूबर 2025 को सरला पडवार के सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। 7 जनवरी को जवाहर वर्मा के घर से जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। 15 जनवरी को अजय कुमार अग्रवाल के घर से नकदी चोरी हुई थी। इन मामलों में पुलिस काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी।
हरदा में ओवरलोड रेत ट्रक में लगी आग:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान; एनएच सर्विस रोड पर टायर जलने से हादसा
हरदा जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक रेत से भरे ट्रक में आग लग गई। यह घटना टेमागांव चौकी के पास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर रात करीब 9 बजे हुई। हादसे में ट्रक चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेत से भरा ट्रक ओवरलोड था। अत्यधिक वजन के कारण टायरों पर दबाव पड़ा और उनमें आग लग गई। ट्रक सोडलपुर की तरफ जा रहा था। बुझाने में एक घंटे लग गएसूचना मिलने पर टिमरनी से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह ट्रक खंडवा निवासी महमूद नामक व्यक्ति का है। ट्रक का ड्राइवर और कंडक्टर नर्मदापुरम से रेत लेकर खंडवा जा रहे थे।
मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। एसपी ने कुल 36 मामलों की सुनवाई की और संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता दरबार में पुलिस अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कुछ अनुसंधानकर्ताओं द्वारा लापरवाही और पक्षपात का मामला सामने आया। इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने दो अनुसंधानकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निष्पक्षता नहीं बरतने पर कार्रवाई की पहला मामला पताही थाना से संबंधित है। इसमें नारायणपुर निवासी राजदेव राय ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि अनुसंधानकर्ता दीप नारायण प्रसाद ने मामले में निष्पक्षता नहीं बरती और दूसरे पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए एसपी ने दीप नारायण प्रसाद को निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, प्राथमिकी दर्ज न करने के आरोप में पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रक्रिया दूसरा मामला पकड़ीदयाल थाना का है। आवेदक संजय प्रसाद साह ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पांच माह बीत जाने के बाद भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित अनुसंधानकर्ता विकास कुमार को भी निलंबित किया गया है। एसपी बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया कि अनुसंधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। शिकायतों और समस्याओं को लेकर जनता दरबार में आएं एसपी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर अधिक से अधिक संख्या में जनता दरबार में उपस्थित हों, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।इस अवसर पर डीएसपी कुमार चंदन, पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अशोक साह, अन्य वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे
ईडी भोपाल ने दो अलग-अलग मामलों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर वाहनों की डिलीवरी किए बगैर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में छतरपुर जिले के प्रभारी प्रधानाचार्य की 1.23 करोड़ की अवैध आमदनी पर कोर्ट में पीसी दर्ज कराई गई है। वहीं केनरा बैंक से लोन लेकर 18.32 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के माध्यम से बैंक के डूबे हुए 45 करोड़ रुपए की वसूली में मदद की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा केनरा बैंक के साथ की गई धोखाधड़ी के मामले में 45 करोड़ रुपए की वसूली में मदद की है। यह वसूली जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। जिसमें सीबीआई, बीएस एंड एफसी, नई दिल्ली ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। ईडी के अनुसार, केनरा बैंक के साथ धोखाधड़ी से लगभग 18.32 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। जिसमें ब्याज की राशि शामिल नहीं है। बताया जा रहा है कि एएमडब्ल्यू, उसके निदेशक पुष्पेंद्र सिंह और परिवार के सदस्यों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ इस धोखाधड़ी पर मामला दर्ज किया गया था। फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर नहीं करते थे वाहन डिलीवरी ईडी की जांच से पता चला है कि जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक और मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके और वाहनों की डिलीवरी न करके कई वाहनों पर लोन धोखाधड़ी से हासिल किए। इस प्रकार मिले लोन को उन्होंने अपने अन्य व्यवसाय, परिवार के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किया और अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया। इससे दूसरों के बकाया का भुगतान किया गया। इस तरह आरोपियों ने फर्जी उधारकर्ताओं के नाम पर लिए गए ऋण की राशि को अपने निजी लाभ के लिए हड़प लिया, जिससे कैनरा बैंक, जबलपुर को नुकसान हुआ। कंपनी डायरेक्टर की प्रॉपर्टी कर चुके कुर्क ईडी की अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपियों द्वारा अर्जित अपराध की आय 18.32 करोड़ रुपए है। भोपाल ईडी ने पहले पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत आरोपी पुष्पेंद्र सिंह और अन्य की 5.32 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। इसके बाद अभियोजन शिकायत 13 मार्च 2024 को दायर की गई और शिकायत का संज्ञान विशेष न्यायालय (पीएमएलए) जबलपुर द्वारा लिया गया और आरोप तय किए गए। केनरा बैंक ने 9 जनवरी 2025 को पीएमएलए की धारा 8(8) के तहत कुर्क की गई संपत्तियों की बहाली के लिए एक आवेदन दायर किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायालय (पीएमएलए) जबलपुर ने 29 जनवरी 2026 को एक आदेश पारित किया। जिसमें केनरा बैंक के पक्ष में 45 करोड़ की संपत्तियों की बहाली का निर्देश दिया गया। छतरपुर के प्रभारी प्रधानाचार्य के खिलाफ 1.23 करोड़ की अवैध आय पर पीसी दर्ज एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने सरकारी बी.एड कॉलेज छतरपुर के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोग शिकायत दर्ज की है। विशेष पीएमएलए न्यायालय भोपाल में 28 जनवरी 2026 को यह शिकायत दर्ज की गई। इसके अलावा अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। ईडी ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा विशेष न्यायालय भोपाल में संतोष कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि संतोष कुमार शर्मा ने लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए अपने पद का आपराधिक दुरुपयोग किया और अपनी ज्ञात आय के स्रोतों के विपरीत 1 करोड़ 23 लाख 32 हजार 57 रुपए की संपत्ति अर्जित की। यह भी पता चला कि वह और उनके परिवार के सदस्य अपराध की आय का लाभ ले रहे थे और उन्होंने अनुसूचित अपराध से हासिल अपराध की आय के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया। वैध आय से 95 प्रतिशत अधिक मिली अवैध आमदनी जांच के दौरान ईडी, भोपाल जोनल कार्यालय द्वारा 29 अगस्त 2025 को अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया। इसमें 1 करोड़ 19 लाख रुपए की अचल संपत्ति और 3 लाख 52 हजार 571 रुपए की चल संपत्ति, कुल मिलाकर 1 करोड़ 22 लाख 61 हजार 571 रुपए कुर्क की गई। जांच अवधि के दौरान आरोपी ने 1 करोड़ 30 लाख 27 हजार 494 रुपए की वैध आय अर्जित की, जबकि उसके कुल व्यय और निवेश का आकलन 2 करोड़ 53 लाख 59 हजार 551 रुपए किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1 करोड़ 23 लाख 32 हजार 57 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति हुई, यानी उसकी वैध आय से लगभग 95% अधिक रही है। आरोपी ने कथित तौर पर अपने नाम के साथ-साथ अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर पर्याप्त चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जो स्वामित्व को छिपाने और अवैध स्रोतों से प्राप्त धन को छुपाने के प्रयासों का संकेत देती हैं। बेहिसाब कैश, वित्तीय लेन-देन का भी हुआ खुलासा जांच से यह भी पता चला कि संपत्तियों और परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए बेहिसाब नकदी, अस्पष्ट जमा और कई स्तरों के वित्तीय लेनदेन का इस्तेमाल किया गया था। आरोपी ने काफी मात्रा में ऐसे व्यक्तिगत और घरेलू खर्च भी किए, जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती थी और उसने सीमित वैध आय के साथ मिलाकर अपराध की आय को वैध दिखाने का प्रयास किया। ईडी के अनुसार, प्रथम दृष्टया तथ्यों से यह सिद्ध होता है कि सार्वजनिक पद का दुरुपयोग, अनुपातहीन संपत्ति का कब्ज़ा और अवैध धन को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध है और यह पीएमएलए 2002 के अंतर्गत अपराध है।
गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर हड़पे लाखों रुपये:भू माफिया गजेंद्र नेगी समेत 3 पर केस दर्ज,
कानपुर के महाराजगंज जेल में बंद भू माफिया गजेंद्र सिंह नेगी व उसकी पत्नी व मैनेजर सहित स्टॉफ पर पुलिस ने गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच पड़ताल मे जुट गई है। रावतपुर थाना क्षेत्र के विनायकपुर निवासी अशोक श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने बेटी के विवाह समारोह के लिए केशवपुरम स्थित होटल नेगी ग्रैंड को 15 व 16 नवंबर 2025 के लिए बुक कराया था। इसके एवज में 31 मार्च 2025 को होटल मालिक गजेंद्र सिंह नेगी को 3.50 लाख रुपये अग्रिम के रूप में दिए गए थे। बाद में होटल और उसके मालिक से जुड़े विवादों की खबरें सामने आने पर उन्होंने होटल मालिक की पत्नी प्रीति बाजपेयी से संपर्क किया। आरोप है कि प्रीति बाजपेयी ने होटल का पूरा प्रबंधन अपने हाथ में होने और विवाह समारोह धूमधाम से कराने का भरोसा दिलाया। उनके आश्वासन पर विश्वास कर प्रार्थी ने 3 नवंबर 2025 को 1.50 लाख और 7 नवंबर 2025 को 2.50 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद भोजन व्यवस्था और अन्य खर्चों के नाम पर 4 लाख रुपये कैटरिंग के लिए लिए गए, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। 13 नवंबर 2025 को उसे जानकारी मिली कि होटल नेगी ग्रैंड में विवाद के चलते कुछ लोगों ने लॉन पर कब्जा कर लिया है और होटल में तोड़फोड़ भी की गई है। जब इस संबंध में प्रीति बाजपेयी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया कि अब होटल में विवाह समारोह नहीं हो सकता।जब जमा धनराशि 11.50 लाख वापस मांगी तो प्रीति बाजपेयी, होटल मैनेजर और स्टाफ ने धमकाते हुए पैसा वापस करने से इनकार कर दिया। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्जकर जांच की जा रही है। गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर पैसा लिया गया था। मामले मे जांच कर कार्रवाई की जायेगी।
जोधपुर में दिनदहाड़े एक युवक के अपहरण मामले में पुलिस ने वारदात में शामिल 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अपहृत युवक को भी दस्तयाब कर लिया गया। इस मामले में एक हैरान करने वाला मोड़ तब आया। जब जांच के दौरान पुलिस विभाग के ही दो कांस्टेबलों की भूमिका संदिग्ध होने के संकेत मिले। कमिश्नर ओमप्रकाश ने दोनों कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। खांडा फलसा थाने के कांस्टेबल परसाराम और कांस्टेबल जगदीश को निलंबित किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल्स के आधार पर इन पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में आई है। इसके बाद कमिश्नर ने विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। जोधपुर कमिश्नरेट के खांडा फलसा थाना क्षेत्र में गुरुवार को मेड़ती गेट निवासी मोहम्मद उमर के बेटे मनान का अपहरण हो गया था। सफेद बलेनो कार में आए थे बदमाश घटनाक्रम के मुताबिक, 29 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे मेड़ती गेट निवासी मोहम्मद उमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उनका बेटा मनान चाय पीने के लिए स्कूल के पास शनिश्चर जी के थान की तरफ जा रहा था। तभी एक सफेद रंग की बलेनो कार वहां आई। कार में सवार 4-5 लड़कों ने, जिनके मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था, मनान को जबरदस्ती गाड़ी में डाला और अगवा कर ले गए। घटना की जानकारी मनान के साथी राकिब ने पिता को दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके लिए पूरे शहर की नाकाबंदी करवाई गई। पिता को सूचना देने वाला ही साजिश में शामिल निकला पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पी.डी. नित्या ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सबसे अहम बात ये भी सामने आई कि अपहृत मनान के पिता को अपहरण की सूचना देने वाला राकिब खुद अपहरण की साजिश में शामिल था। इस मामले में पुलिस ने सिवांची गेट निवासी फैजान शाह (20) पुत्र इकलास शाह, उदयमंदिर आसन मदरसा निवासी राकिब (20) पुत्र जाकिर हुसैन अब्बासी, आसिफ अली (24) पुत्र लियाकत अली कुरैशी निवासी कुरैशियों का बास रोहिट, पुलिस थाना रोहिट, जिला पाली, कमलेश कुमार (23) पुत्र रामकिशन, जाति विश्नोई, निवासी रूघानियों की ढाणी इटादा चितलवाना, पुलिस थाना झाब, जिला जालौर और भावेश पटेल (18) पुत्र सोहनराम पटेल निवासी देवपुरा की ढाणी धांधिया, पुलिस थाना लूणी को गिरफ्तार किया गया है। लेनदेन का विवाद, दोनों कांस्टेबल भी साजिश में शामिल पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष पूर्व में एक-दूसरे से परिचित हैं और उनके बीच रुपये-पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अपहरण की इस घटना को अंजाम दिया गया। हैरानी की बात ये भी सामने आई कि इस वारदात में राकिब से पूछताछ और उसके मोबाइल की छानबीन हुई, तो पुलिस को इस वारदात से जुड़े अहम सुराग मिल गए। मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम में दो कांस्टेबलों से राकिब के लगातार संपर्क में होने के संकेत मिले। इतना ही रहीं, राकिब अपहृर्ताओं के भी संपर्क में था। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस आयुक्त ने खांडा फलसा थाने के कांस्टेबल परसाराम (बेल्ट नं. 2553) और कांस्टेबल जगदीश (बेल्ट नं. 1663) को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। निलंबन काल के दौरान इन दोनों का मुख्यालय पुलिस लाइन, जोधपुर रहेगा। पुलिस टीमों में शामिल अधिकारी-जवान दिनदहाड़े हुई इस वारदात का खुलासा करने के लिए एडीसीपी वीरेन्द्र सिंह और एसीपी (सेंट्रल) मंगलेश चुंडावत की अगुवाई में अलग-अलग टीमें गठित की गई थी। इनमें खांडाफलसा थानाधिकारी बलवंतराम, सदर बाजार थानाधिकारी माणक राम, सदर कोतवाली थानाधिकारी अनिल यादव, लूणी थानाधिकारी सुरेश चौधरी और पाली जिले के रोहट थानाधिकारी पदमदान शामिल रहे। इनके सहयोग के लिए खांडाफलसा के उप निरीक्षक किशोर सिंह, साइबर सेल (पूर्व) के एएसआई राकेश और रोहट थाने के एएसआई मोडाराम को भी टीम में जोड़ा गया। इसके अलावा रोहट थाने से हेड कांस्टेबल कमल सिंह, कांस्टेबल गणेश, मनसुख, भैराराम, भंवर लाल, चालक श्रवणराम और दिनेश ने भी अहम भूमिका निभाई। टीम में डीएसटी (पूर्व) के कांस्टेबल गोपीचंद सहित पूरी डीएसटी टीम, सीएसटी टीम, नागोरी गेट थाना टीम और कमांड कंट्रोल रूम की टीम भी शामिल थी। इन सभी के साझा प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
दमोह-जबलपुर मार्ग पर शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। अपनी साली की शादी में शामिल होने जबलपुर जा रहे 32 वर्षीय युवक राजेंद्र गौड़ तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतनी भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबलपुर जाते समय हुआ हादसा दमोह के खजरी मोहल्ला निवासी राजेंद्र गौड़ शुक्रवार शाम अपनी बाइक से जबलपुर के लिए निकला था। उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य सुबह ही वहां पहुंच चुके थे। जैसे ही राजेंद्र तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के पाटन मार्ग पर पहुंचा, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में राजेंद्र के सिर पर गंभीर चोट आई, जो जानलेवा साबित हुई। सड़क पर लगा वाहनों का जाम हादसे के बाद राजेंद्र का शव काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रावेन्द्र बागरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को 108 एम्बुलेंस की मदद से तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया और यातायात बहाल कराया। अज्ञात वाहन की तलाश जारी स्थानीय लोगों ने बताया कि राजेंद्र के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है, और अब इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कैमूर के कुदरा प्रखंड की भदौला पंचायत में पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। वार्ड सदस्य अखिलेश चतुर्वेदी और स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर यह खुलासा किया है। उनका दावा है कि निर्माण में घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है और कई जगहों पर ढलाई के दौरान छड़ें खुली दिख रही हैं, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। वार्ड सदस्य अखिलेश चतुर्वेदी ने कहा, यह निर्माण कार्य पूरी तरह लापरवाहीपूर्ण है। घटिया सामग्री से बने भवन से ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। पंचायत वासियों ने भी निर्माण में भारी गड़बड़ी की शिकायत करते हुए तत्काल जांच की मांग की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग इस संबंध में कुदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी और कैमूर के जिला पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्थानीय लोग इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके। यह घटना पंचायती राज विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठा रही है।
शिवपुरी जिले के करैरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में कुर्सियां और स्ट्रेचर तक फेंके गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह विवाद ग्राम रमगढ़ा में खेत पर मशीन चलाने को लेकर शुरू हुआ था। गांव में हुए झगड़े के दौरान लाठी और कुल्हाड़ी से मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। इन घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए करैरा सीएचसी लाया गया था। कुर्सियां व स्ट्रेचर फेंके गएअस्पताल में आमने-सामने आने के बाद पुरानी रंजिश फिर भड़क उठी। देखते ही देखते दोनों पक्ष एक बार फिर आपस में भिड़ गए, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं और कुर्सियां व स्ट्रेचर फेंके जा रहे हैं। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। पुलिस बल की मदद से काबू पायामौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल भी अस्पताल पहुंचा, जिससे हालात पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। एक ही परिवार के हैं दोनों पक्षथाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं और उनके बीच विवाद गांव में ही शुरू हुआ था। मेडिकल कराने के दौरान अस्पताल में वे फिर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। देखिए मारपीट की तीन तस्वीरें…
मौलाना रजवी ने असम में बढ़ती बयानबाजी पर जताई चिंता:नेताओं से संयम और जिम्मेदारी से बोलने की अपील
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने असम की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में नेताओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की हर बात का समाज पर सीधा असर पड़ता है। मौलाना रजवी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के बयानों का जिक्र किया। उनका कहना था कि सत्ता संभालने के बाद से मुख्यमंत्री के कई बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते दिख रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक राज्य में मुख्यमंत्री केवल एक वर्ग या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने आगाह किया कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर की जाने वाली टिप्पणियां आपसी भाईचारे को कमजोर कर सकती हैं, जिसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मौलाना रजवी ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे राजनीति केवल विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों तक सीमित रखें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाले बयानों से बचने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य का नेतृत्व संविधान की भावना का पालन करते हुए सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करेगा और असम में शांति व सद्भाव बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
सोनीपत जिले के गन्नौर में फर्जी रजिस्ट्री मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्रेता समेत 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में मामला दर्ज किया है। इस पूरे मामले में नायब तहसीलदार की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच करेगी। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। पुलिस और प्रशासन, दोनों स्तरों पर अलग-अलग जांच शुरू कर दी गई है और पूरे रजिस्ट्री प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। 5 नामजद पर केस दर्ज, धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप फर्जी रजिस्ट्री मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने विक्रेता समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने गांव नसीरपुर निवासी फर्जी विक्रेता प्रमोद कुमार, खरीदार पिल्लू खेड़ा निवासी बलबीर सिंह, प्रवीन कुमार, रविंद्र और डीड राइटर विनय को नामजद किया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दस्तावेजों में गंभीर खामियांपुलिस के अनुसार आरोप है कि सभी नामजद आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से नियमों को दरकिनार करते हुए भूमि की फर्जी रजिस्ट्री करवाई। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। दस्तावेजों की वैधता, प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर अनेक सवाल खड़े हुए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। थाना प्रभारी को सौंपी जांच, निष्पक्ष पड़ताल के निर्देशमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच गन्नौर थाना प्रभारी को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, विस्तृत और गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच के दौरान रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। नायब तहसीलदार की भूमिका को लेकर जांच के आदेशपुलिस जांच के दौरान नायब तहसीलदार अमित की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस ने उनकी भूमिका से सीधे तौर पर इंकार नहीं किया है और उनकी अलग से जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच अधिकारी रजिस्ट्री के समय उनकी मौजूदगी, दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर विस्तृत जांच करेंगे। इस जांच की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। प्रशासनिक जांच भी तेज, एडीसी की अध्यक्षता में बनेगी कमेटीप्रशासन स्तर पर भी फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। मामले की प्रशासनिक जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में समिति गठित की जानी है। समिति को 5 फरवरी तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और किन नियमों की अनदेखी की गई।
प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में पिकअप ड्राइवर की लापरवाही ने एक छात्रा की जान ले ली। शुक्रवार दोपहर स्कूटी सवार छात्रा को पिकअप ने टक्कर मारी। इसके बाद पिकअप लेकर भागते समय छात्रा उसमें फंसकर करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई थी। इससे उसकी मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना शहर के धूमनगंज इलाके में मुंडेरा मंडी के गेट नंबर दो के सामने हुई। हादसे की वजह से करीब आधे घंटे तक प्रयागराज-कानपुर रोड पर आवागमन बाधित रहा। धूमनगंज पुलिस ने शव व दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी को हटवाया, तब जाकर आवागमन बहाल हुआ। कौशांबी की रहने वाली कौशांबी जिले के चरवा थानांतर्गत समसपुर गांव निवासी भइया लाल प्रजापति मजदूरी करते हैं। उनके तीन बच्चों में 18 वर्षीया नेहा इकलौती बेटी थी। वह इलाहाबाद इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की छात्रा थी। वह मुंडेरा में किराये पर कमरा लेकर रहती थी। शुक्रवार दोपहर वह स्कूटी में पेट्रोल भरवाने धूमनगंज के पंप पर गई थी। वहां से वापस कमरे पर लौटने लगी। मुंडेरा मंडी के गेट नंबर दो के सामने जैसे ही पहुंची, पीछे से आए पिकअप ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मारी। नेहा का कपड़ा पिकअप में फंस गया, जिस कारण वह करीब 20 मीटर तक घिसटते चली गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बैग में मिला मोबाइल नंबर दुर्घटना के कारण प्रयागराज-कानपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। मौके पर पहुंची धूमनगंज पुलिस को मृतका के बैग से कुछ कागजात व मोबाइल फोन मिला। इसमें लिखे मोबाइल नंबरों पर फोन लगाया तो उसकी पहचान नेहा के रूप में हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। डाॅक्टर बनना चाहती थी नेहा के घरवालों को उससे बड़ी उम्मीद थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घरवालों ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी थी। वह डॉक्टर या आइएएस बनना चाहती थी। पढ़ाई में तेज होने की वजह से उसे मुंडेरा में किराये पर कमरा दिलाया गया। स्कूल आने-जाने में दिक्कत न हो, इसके लिए स्कूटी भी खरीद कर दी थी।
भारत–नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर ने अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सुपौल जिले में शुक्रवार को की गई प्रभावी कार्रवाई के दौरान एसएसबी की सीमा चौकियों ने भारी मात्रा में नेपाली मुद्रा और नेपाली शराब जब्त करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर एसएसबी ने की कार्रवाई इस संबंध में 45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए एसएसबी द्वारा लगातार सघन निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 30 जनवरी को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि सीमा चौकी भीमनगर के जिम्मेदारी क्षेत्र में सीमा स्तंभ संख्या 206/7 के पास नेपाली मुद्रा की तस्करी की जा सकती है। सूचना के आधार पर एसएसबी ने संबंधित इलाके में विशेष चेकिंग एवं निगरानी अभियान शुरू किया। लगभग 14:10 बजे नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद सद्दाम हुसैन, निवासी ग्राम दिमान, जिला सप्तरी (नेपाल) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से कुल 5 लाख 12 हजार रुपये नेपाली मुद्रा बरामद की गई। जब उससे बरामद राशि के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद नेपाली मुद्रा को विधिवत जब्त करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसी दौरान सीमा चौकी पिपराही द्वारा पेट्रोलिंग ड्यूटी के क्रम में कोशी (पलार) क्षेत्र से 252 लीटर नेपाली शराब भी बरामद की गई। इस शराब की तस्करी भारत में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार व्यक्ति और जब्त नेपाली मुद्रा को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय, भीमनगर को सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि जब्त की गई नेपाली शराब को मद्य निषेध विभाग, सिमराही के हवाले किया गया। पूरी कार्रवाई निरीक्षक (सामान्य) अजीत कुमार, उप निरीक्षक (सामान्य) धीरज सिंह तथा अन्य बलकर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई।
घाटमपुर सर्किल के रेउना थाना क्षेत्र अंतर्गत मुगलरोड स्थित शाखा जनवारा गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मारते हुए कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उसकी हालत गंभीर हो गई। घायल अवस्था में युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान रेउना थाना क्षेत्र के ललकी पुरवा निवासी 32 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है। बताया गया कि नरेंद्र बाइक से दूध लेकर मूसानगर गया था। दूध डालने के बाद जब वह वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी शाखा जनवारा गांव के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने के बाद युवक ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत नाजुक हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इधर युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण सीएचसी पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीण शव को लेकर गांव के सामने सड़क पर बैठ गए और मुआवजे की मांग को लेकर जाम लगा दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया। साथ ही फोन पर घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह से भी बात कराई गई। अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई और हर संभव सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया गया। इस दौरान मुगलरोड पर करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है। आश्वासन के बाद ग्रामीणों मुगल रोड पर जाम समाप्त कर दिया।
सहारनपुर में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य मुख्यालय लखनऊ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के निर्देश पर नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। यह प्रशिक्षण 27 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक टीबी सेनेटोरियम हॉल, सहारनपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता, एएनएम, लैब टेक्नीशियन (एलटी) और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को संवेदीकरण और दक्षता प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुक्रवार शाम को इसी कड़ी में ब्लॉक नकुड़ की 93 आशा कार्यकर्ताओं, 4 एएनएम, 1 बीएचडब्ल्यू, 1 स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और 1 एलटी सहित कुल 100 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि जनपद को इस वर्ष मलेरिया मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टीमों द्वारा निरीक्षण भी प्रस्तावित है। उन्होंने यह भी बताया कि 1 फरवरी को जनपद के चिकित्सकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें मेडिकल कॉलेज मेरठ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपमा शर्मा प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवांका गौड़ ने प्रतिभागियों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। आशा कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्रों में बुखार के रोगियों की पहचान करने, मलेरिया की जांच करने और घर-घर सर्वेक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि कूलर,गमले,छत पर रखे पुराने टायर, बोतलें, टंकियां और अन्य बर्तनों में जमा पानी को साप्ताहिक रूप से खाली करें।इस पर विशेष जोर दिया गया, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ रुके हुए पानी में पनपता है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि कूलर को भरने से पहले उसे अच्छी तरह रगड़कर साफ करना चाहिए,क्योंकि एडीज मच्छर के अंडे लंबे समय तक चिपके रह सकते हैं।ग्राम स्तर पर वीएचएसएनसी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति) और प्रधानों के माध्यम से क्या करें-क्या न करें संबंधी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।लक्षणों के संबंध में,तेज बुखार होने पर पैरासीटामोल लेने, ठंडे पानी से शरीर पोंछने और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई। मरीजों को एस्प्रिन और स्टेरॉयड जैसी दवाओं से बचने के लिए भी कहा गया। यदि खून आने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचने और रोगी को मच्छरदानी में रखने की हिदायत दी गई।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर क्षेत्र में वर्ल्ड कॉलेज के पास गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद आरोपी कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव बिरहेड़ा निवासी सपना अपने 16 वर्षीय बेटे कार्तिक और 10 वर्षीय बेटी माही के साथ किसी काम से फर्रुखनगर आई थीं। गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे तीनों वापस अपने गांव लौट रहे थे। जब वे वर्ल्ड कॉलेज के नजदीक सड़क पर चल रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बेटी की मौके और बेटे की इलाज के दौरान मौत टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार ड्राइवर बिना रुके मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने माही को मृत घोषित कर दिया। वहीं कार्तिक की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घायल सपना का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि सपना के पति एक निजी कंपनी में ठेकेदार के तौर पर काम करते हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से गांव बिरहेड़ा में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस फर्रुखनगर थाने के जांच अधिकारी ASI बलवंत कुमार ने बताया कि अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे वाली जगह के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अभी तक कार की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही वाहन और आरोपी ड्राइवर की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मधुबनी की अररियासंग्राम थाना पुलिस ने एक कुख्यात चोर को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रघुनंदनपुर गांव निवासी संतोष चौपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। संतोष चौपाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अररियासंग्राम पुलिस को शराब के खिलाफ संदिग्ध स्थलों पर छापेमारी के दौरान एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, रघुनंदनपुर से सुगरवे नदी की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित पुलिया के पास एक व्यक्ति हथियार के साथ घूम रहा था। देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद सूचना का सत्यापन करने के बाद, अररियासंग्राम थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ी देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संतोष चौपाल के रूप में बताई। तलाशी के दौरान, उसकी जींस पैंट की बाईं तरफ कमर से एक देसी कट्टा और दाहिनी जेब से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया संतोष चौपाल बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने सभी बरामद सामानों की विधिवत जब्ती सूची तैयार की और आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई। गिरफ्तारी की सूचना स्थानीय चौकीदार के माध्यम से उसके परिजनों को दी गई। अररियासंग्राम थाना में संतोष चौपाल के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की पुलिस पूछताछ में संतोष चौपाल ने चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि अंधरठाढी थाना क्षेत्र के एक घर में उसने अपने सहयोगियों के साथ चोरी की थी। इसके अतिरिक्त, 10 जनवरी की रात अररियासंग्राम थाना क्षेत्र के वीरेंद्र कुमार झा के घर से हुई रुपये और जेवरात की चोरी में भी वह अपने साथियों के साथ शामिल था। आरोपी ने सुपौल में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली और अपने सहयोगियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।
वाराणसी में चलती गाड़ी से कूदी महिला:सिर फटने से मौत, शिनाख्त में जुटी पुलिस
वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ-पांचोशिवाला पंचक्रोशी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। चलती सवारी गाड़ी से कूदने के चलते एक महिला की मौत हो गई। महिला के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद सवारी वाहन का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। महिला की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बाद हरहुआ चौराहे की ओर से एक मैजिक सवारी वाहन यात्रियों को बैठाकर पांचोशिवाला की तरफ जा रहा था। वाहन लेकर चालक पंचक्रोशी मार्ग पर पांचोशिवाला के पास पहुंचा था, तभी उसमें सवार एक महिला ने अचानक चलती गाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। सड़क पर गिरते ही महिला का सिर फट गया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते और मदद के लिए आगे बढ़ते, उससे पहले ही महिला की मौत हो गई। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बड़ागांव थाने को सूचना दी। थानाध्यक्ष बड़ागांव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। हालांकि महिला कहाँ की रहने वाली है और कहाँ जा रही थी, तथा वह गाड़ी से छलांग क्यों लगाई इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि महिला वाहन से उतरना चाह रही होगी। संभव है कि उसने चालक से गाड़ी रोकने को कहा हो, लेकिन गाड़ी न रुकने पर उसने जल्दबाजी में चलती गाड़ी से कूद गई होगी। हालांकि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका सही कारण अभी साफ नहीं हो सका है। इस बारे में थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में महिला की मौत हुई है। अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पहचान के लिए महिला की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। वहीं, फरार वाहन चालक की तलाश भी की जा रही है।
सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र स्थित मोहल्ला मूंगागढ़ वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने एक युवक की कथित दबंगई से परेशान होकर शुक्रवार को एसएसपी को शिकायत पत्र सौंपा है। दर्जनों लोगों ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। शिकायतकर्ताओं में पप्पू पुत्र श्यामलाल निवासी मूंगागढ़ ने आरोप लगाया कि मोहल्ले का ही सौरभ नामक युवक दबंग प्रवृत्ति का है। वह क्षेत्र में लोगों को लगातार धमकाता रहता है। पीड़ित के अनुसार, आरोपी खुद को 'गुंडा' बताकर दहशत फैलाता है और विरोध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता है। शिकायत पत्र में यह भी बताया गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर कई बार रंगदारी मांगी और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का आरोप है कि पूर्व में की गई शिकायत के बाद से आरोपी उनसे रंजिश रखने लगा है। पप्पू ने पुलिस को बताया कि 27 जनवरी 2026 की रात करीब 8:19 बजे उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए उन्हें सड़क पर गोली मारने की धमकी दी गई। मोहल्लेवासियों ने आशंका जताई है कि आरोपी कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर काम करता है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी के कई वीडियो भी वायरल हुए हैं। इन वीडियो में वह तलवार और अन्य हथियारनुमा वस्तु लेकर सरेआम मारपीट करता दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में घुसकर एक युवक को पीटते हुए दिखाया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस को इन घटनाओं से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शुक्रवार को पुलिस लाइन पहुंचे महिला-पुरुषों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी की आशंका है। उन्होंने विशेष रूप से त्योहारों के दौरान तनाव बढ़ने की संभावना जताई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू करने की बात कही है।
हमीरपुर में 2016 के एक अपहरण, गैंगरेप और हत्या के मामले में कोर्ट ने 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कीर्ति माला सिंह ने हत्या में दोषी पाए गए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के शीतलपुर गांव का है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि 14 अक्टूबर 2016 को 16 वर्षीय इंटरमीडिएट की छात्रा घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन के बाद सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने अपनी तहरीर में कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर निवासी गौरव, अजीत उर्फ बुग्गा और संदीप पर छात्रा के अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की तलाश के चार दिन बाद सिटी फॉरेस्ट के जंगल में एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान कपड़ों के आधार पर परिजनों ने की, जिसकी बाद में डीएनए जांच से भी पुष्टि हुई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कीर्ति माला सिंह ने गौरव, अजीत उर्फ बुग्गा और संदीप को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बागपत में अवैध खनन पर कार्रवाई, 9 वाहन सीज:अवैध खनन और ओवरलोड पर प्रशासन सख्त
बागपत में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। शुक्रवार को प्रशासन और खनन विभाग की टीमों ने थाना खेकड़ा, बड़ौत और निवाड़ा चेक पोस्ट पर अभियान चलाते हुए कुल 9 वाहनों को सीज किया है। जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में थाना खेकड़ा क्षेत्र से 7 वाहन, बड़ौत से 1 वाहन और निवाड़ा चेक पोस्ट से 1 वाहन पकड़े गए। ये सभी वाहन वैध रॉयल्टी, परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे थे। नियमानुसार,सभी वाहनों को संबंधित थानों में सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई रात तीन बजे चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन के बाद भी जारी रही। इससे पहले, प्रशासन के विशेष रात्रिकालीन अभियान में 16 वाहनों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें 6 वाहनों से 5.90 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया और 10 वाहन सीज किए गए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के सख्त निर्देशों और सतत निगरानी में खनन विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें दिन-रात सड़कों पर गश्त कर रही हैं। प्रमुख मार्गों, अंतरजनपदीय सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग व चेक पोस्ट लगाकर हर खनन वाहन की रॉयल्टी रसीद और अन्य दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण को क्षति पहुंचती है, सड़कें खराब होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। इसी के मद्देनजर, अब अचानक नाकेबंदी, मोबाइल चेकिंग टीमें और रूट-आधारित निगरानी को और मजबूत किया गया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या बिना रॉयल्टी वाले वाहन दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या खनन विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दिन हो या रात, कार्रवाई तय है। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
कौशांबी जिले के भरवारी नगर पालिका परिषद में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी कुटी मंदिर प्रांगण में 26 जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाली इस कथा के चौथे दिन शुक्रवार रात को श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया गया। श्री धाम वृंदावन से आए आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री (राहुल महाराज) ने इस दिव्य लीला का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री ने बताया कि कैसे कंस के कारागार में वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान विष्णु ने कृष्ण का रूप धारण किया। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि जन्म के तुरंत बाद कारागार के द्वार चमत्कारिक रूप से खुल गए, सभी रक्षक सो गए, और वसुदेव बालकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले गए। गोकुल में नंद और यशोदा ने उनका पालन-पोषण किया। कथा में यह भी बताया गया कि कंस को जन्म के समय योगमाया नामक पुत्री प्राप्त हुई, जिसे वह आकाश में फेंकने पर भी नष्ट नहीं कर सका। इन प्रसंगों को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण छा गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान संतोष कुमार वर्मा और शशि देवी हैं। इस अवसर पर राकेश कुमार स्वर्णकार, जितेंद्र कुमार स्वर्णकार, अमित कुमार, अंकित वर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति और महिलाएं श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे।
खगड़िया समाहरणालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों के कुल 131 आवेदनों की सुनवाई हुई। इस दौरान आम लोगों को अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, जीविका योजना, श्रम विभाग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर मामलों की स्थिति की समीक्षा की। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी आवेदनों का नियमानुसार, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है। संबंधित विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी जनता दरबार में कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। जिन मामलों में विस्तृत जांच या संबंधित विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन्हें उचित दिशा-निर्देशों के साथ संबंधित विभागों को आगे भेजा गया। जिलाधिकारी ने दोहराया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जमुई में सरस्वती विसर्जन जुलूस में झड़प:कल्याणपुर से निकले जुलूस में विवाद, पुलिस ने कराया विसर्जन
जमुई शहर में शुक्रवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान युवाओं के बीच झड़प हो गई। यह घटना शहर के कल्याणपुर इलाके से निकले जुलूस में महाराजगंज के पास हुई। कल्याणपुर स्थित विद्यार्थी वृंद समिति के युवा मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा था, तभी महाराजगंज के समीप युवाओं के बीच कर्तव्य दिखाने और आगे-पीछे चलने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ युवक आपस में मारपीट करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख जुलूस के साथ चल रही जमुई पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने पहले युवाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस की सख्ती के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रण में आई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जमुई पुलिस ने स्वयं ही मां सरस्वती की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन कराया। इसके बाद पूरे इलाके में शांति बहाल हो गई। टाऊन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान युवा आपस में ही उलझ गए थे। उन्होंने बताया मामला फिलहाल शांत है और प्रतिमा का विसर्जन पुलिस की देखरेख में करा दिया गया है। एहतियातन पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

