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Chhattisgarh Ground Water Assessment 2026: एक भी ब्लॉक नहीं बचा संकटग्रस्त

रायपुर, नौ सितंबर छत्तीसगढ़ में अब एक भी विकासखंड भूजल दोहन की ‘संकटग्रस्त’ (क्रिटिकल) श्रेणी में नहीं है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में अब एक भी विकासखंड भूजल दोहन की ‘संकटग्रस्त’ श्रेणी में नहीं है। भूजल संसाधन आकलन-2026 में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में प्रदेश के नौ विकासखंड संकटग्रस्त श्रेणी में थे और वर्ष 2025 तक भी पांच विकासखंड इस श्रेणी में बने हुए थे। वर्ष 2026 के आकलन में ये सभी पांच विकासखंड संकटग्रस्त श्रेणी से बाहर आ गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस आकलन चक्र में प्रदेश के 12 विकासखंडों की भूजल श्रेणी में सुधार दर्ज किया गया है, जबकि एक भी विकासखंड की स्थिति नहीं बिगड़ी है। विकासखंडवार भूजल आकलन प्रारंभ होने के बाद यह छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा एक-चक्रीय सुधार है। प्रदेश में सुरक्षित विकासखंडों की संख्या बढ़कर अब 127 हो गई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूमि जल बोर्ड और राज्य भूजल सर्वेक्षण मंडल द्वारा संयुक्त रूप से तैयार भूजल संसाधन आकलन-2026 को राज्य स्तरीय भूजल आकलन और प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘जन शक्ति से जल शक्ति’ के आह्वान और उनके द्वारा प्रारंभ किए गए ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान ने प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को नयी दिशा और व्यापकता प्रदान की है। शासन के विभिन्न विभागों, जिला प्रशासन, किसानों और आम नागरिकों की भागीदारी से जल संरक्षण का प्रयास आज एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।’’मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के किसानों, नागरिकों और मैदानी अमले को देते हुए कहा कि यह परिणाम केवल शासन की नीतियों का नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का परिणाम है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए जल संचय जन भागीदारी अभियान ने पूरे शासन तंत्र को एक साझा लक्ष्य के साथ कार्य करने का मजबूत आधार दिया। जल संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ जब किसानों और नागरिकों की भागीदारी जुड़ी, तब उसके परिणाम भूजल स्तर में हुए इस ऐतिहासिक सुधार के रूप में सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूजल संसाधन आकलन-2026 के अनुसार प्रदेश में वार्षिक भूजल रिचार्ज बढ़कर 14.65 बिलियन घन मीटर (बीएमसी) हो गया है, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। वर्ष 2017 में प्रदेश का वार्षिक भूजल रिचार्ज 11.57 बीएमसी था। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण संरचनाओं के व्यापक निर्माण और पुनर्जीवन का सीधा प्रभाव भूजल रिचार्ज पर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2020 की तुलना में तालाबों और पोखरों से होने वाले भूजल रिचार्ज में 266.9 प्रतिशत तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं से होने वाले रिचार्ज में 202.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 के भूजल आकलन के लिए प्रदेशभर में कुल दो लाख 28 हजार 736 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं। जल संचय जन भागीदारी तथा जल शक्ति अभियान (कैच द रेन) के अंतर्गत निर्मित और पुनर्जीवित जल संरचनाओं ने भूजल पुनर्भरण की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिकारियों ने बताया कि आकलन का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रदेश में भूजल दोहन में भी गिरावट आई है। वर्ष 2026 में कुल भूजल दोहन 6.21 बीएमसी दर्ज किया गया है, जबकि पिछले आकलन चक्र में यह 6.30 बीएमसी था। उपलब्ध आकलन रिकॉर्ड में यह पहली वार्षिक गिरावट है। प्रदेश में भूजल दोहन का स्तर वर्ष 2022 में 49.5 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जो अब घटकर 46.37 प्रतिशत रह गया है। यह 70 प्रतिशत की सुरक्षित सीमा से काफी नीचे है। अधिकारियों ने बताया कि भूजल संसाधन आकलन में गर्मी के मौसम में धान के रकबे में आई कमी को भूजल दोहन घटाने का एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है। विशेष रूप से बेमेतरा और राजनांदगांव जिलों में किसानों की सहभागिता से उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। बेमेतरा जिले में गर्मी के धान का रकबा लगभग 26 हजार हेक्टेयर से घटकर पांच हजार हेक्टेयर रह गया है। इसी प्रकार राजनांदगांव में यह रकबा 9,400 हेक्टेयर से घटकर लगभग 2,800 हेक्टेयर हो गया। दोनों जिलों में मिलाकर गर्मी के धान के रकबे में लगभग 27,600 हेक्टेयर की कमी आई है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 10:53 pm

भारतीय रेलवे का मेगा प्लान आया सामने, इन 5 राज्यों में बिछेगी 656 किमी नई पटरी, 10783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाएं मंजूर

Indian Railways Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के विस्तार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने देश के 5 राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने और ट्रेनों की भीड़कम करने के लिए ₹10,783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत मंजूर की गई इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत कुल 656 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरियां बिछाई जाएंगी, जिन्हें साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए इस मेगा प्लान की 5 सबसे बड़ी बातें। #WATCH | Union Cabinet briefing | Delhi: Union Cabinet approves 3 multitracking projects covering 14 districts across the states of West Bengal, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh and Chhattisgarh.The Projects will increase the existing network of Indian Railways by about 656… pic.twitter.com/cBlAXhyr1F— ANI (@ANI) September 9, 2026 किन 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने जिन तीन रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी दी है, वे निम्नलिखित हैं: खड़गपुर से झारसुगुड़ा (बागडीही): चौथी नई रेल लाइन। कटनी से पेंड्रा रोड: चौथी नई रेल लाइन। बिलासपुर (उसलापुर) से पेंड्रा रोड: तीसरी नई रेल लाइन। 2. 14 जिलों के 4,790 गांवों को सीधा फायदायह रेल विस्तार 5 राज्यों के 14 जिलों में फैले लगभग 4,790 गांवों को भारतीय रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे क्षेत्र की लगभग 56 लाख आबादी को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी और यात्रा का समय घटेगा।3. धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सफर होगा आसानइन नई रेल पटरियों के बिछने से कई प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंचना काफी सुगम हो जाएगा। इनमें शामिल हैं: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश) अमरकंटक मंदिर (मध्य प्रदेश) अचानकमार टाइगर रिजर्व (छत्तीसगढ़) भगवान जगन्नाथ मंदिर (ओडिशा) रतनपुर महामाया मंदिर (छत्तीसगढ़) 4. माल ढुलाई में तेजी और कम होगी लॉजिस्टिक्स लागतयह पूरा रूट औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील जैसी भारी औद्योगिक सामग्रियों की आपूर्ति होती है। इन नई लाइनों के शुरू होने से रेलवे सालाना 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई करने में सक्षम होगी। पटरियों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे ट्रकों पर निर्भरता घटेगी और रसद/लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।5. पर्यावरण को बंपर फायदा: 12 करोड़ लीटर तेल की बचतसरकार के अनुमान के मुताबिक, सड़कों के बजाय रेलवे से माल ढुलाई बढ़ने से पर्यावरण को बहुत बड़ा फायदा होगा। हर साल लगभग 12 करोड़ लीटर तेल की खपत कम होगी। पर्यावरण में 62 करोड़ किलोग्राम (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा। यह लाभ लगभग 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा।

ज़ी न्यूज़ 9 Sep 2026 5:17 pm

Chhattisgarh Cabinet ने 500 करोड़ के Mukhyamantri Startup एवं NIPUN Mission को दी मंजूरी

रायपुर, नौ सितंबर छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण (न्यू एज इंड्रस्ट्रियल प्रिपेयर्डनेस फॉर अपस्किलिंग न्यू जनरेशन यूथ) मिशन को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सिलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा निपुण जॉब इंजन के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और संगठित रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें नौकरी चाहने वाला से नौकरी देने वाला बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात परिवेश और लॉजिस्टिक ढांचा विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक तथा मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को तेंदुवा गांव में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि लगभग दो सौ करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में तीन हजार प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल और स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं तथा उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों तथा अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 4:42 pm

Rajeev Chandrasekhar और P Chidambaram में Chhattisgarh Naxal Attack पर तीखी बहस

तिरुवनंतपुरम, नौ सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बीच 2013 में छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। इस हमले में कांग्रेस के कई नेता मारे गए थे। यह बहस अदालत के उस फैसले के कुछ दिन बाद शुरू हुई, जिसमें बस्तर क्षेत्र में 25 मई 2013 को कांग्रेस के काफिले पर हुए भीषण हमले के मामले में 10 लोगों को दोषी ठहराया गया। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी.सी. शुक्ला समेत कई प्रमुख नेता मारे गए थे। चंद्रशेखर ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम पर निशाना साधा और सत्ता में रहते हुए नक्सली समस्या से निपटने के कांग्रेस के तौर-तरीके पर सवाल उठाए। चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ 2013 में नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व का सफाया कर दिया था। कुछ दिन पहले अदालत ने 10 लोगों को दोषी ठहराया।’’इसके बाद उन्होंने चिदंबरम की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस नेता ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल भाजपा नेता उन लोगों पर हमला करने के लिए करते हैं, जिन पर वे नक्सलवाद के वैचारिक समर्थक होने का आरोप लगाते हैं। चंद्रशेखर ने पूछा, ‘‘ तो गृह मंत्री रहे पी. चिदंबरम स्वीकार करते हैं कि वह ‘दिमागी नक्सल’ थे या हैं। तो क्या कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के नेता भी इस विचारधारा के शिकार हुए?’’उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी समस्याएं दशकों तक अनसुलझी क्यों रहीं। उन्होंने पूछा, ‘‘ क्या आपने कभी सोचा कि जड़ जमा चुकी नक्सल और आतंकवाद जैसी समस्याओं से निपटने और उन्हें हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने का इंतजार क्यों करना पड़ा?’’इस पर चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ हमले से पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय का पद छोड़ दिया था। चिदंबरम ने कहा, ‘‘ राजीव चंद्रशेखर की याददाश्त कमजोर हो गई है। मैंने अगस्त 2012 में गृह मंत्रालय छोड़ दिया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर कायराना हमला मई 2013 में हुआ था।’’चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कहा कि चिदंबरम की जिम्मेदारी केवल हमले की तारीख तक सीमित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, ‘‘ मान लिया कि जिस दिन या जिस वक्त नक्सली हमला हुआ, उस वक्त आप गृह मंत्री नहीं थे। लेकिन आप लगभग चार साल तक गृह मंत्री रहे।’’चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ मई 2013 में आपके कांग्रेस सहयोगियों की हत्या करने वाले नक्सली उस दिन जादू से सामने नहीं आए जिस दिन आप वित्त मंत्रालय में चले गए थे।’उन्होंने आरोप लगाया कि चिदंबरम के गृह मंत्री रहने के दौरान ही माओवादी ‘फले-फूले, हथियार रखने लगे और सक्रिय होते गए’। चंद्रशेखर ने कहा कि हमले के समय गृह मंत्रालय में न होने का हवाला देना इस घटना में मारे गए कांग्रेस नेताओं की स्मृति का ‘अपमान’ है। दोनों नेताओं के बीच यह तीखी बहस चिदंबरम द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर कटाक्ष करने के कुछ सप्ताह बाद सामने आई है। चिदंबरम ने तब कहा था, ‘‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।’’चिदंबरम की प्रधानमंत्री पर यह टिप्पणी मोदी की उस चेतावनी के जवाब में आई थी, जिसमें उन्होंने देश को उन “दिमागी नक्सलियों” से सावधान रहने को कहा था, जो कथित तौर पर व्यवस्था में पैठ बना चुके हैं और नीतियों में हेरफेर करके समाज के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। मोदी ने नागरिकों से ऐसे लोगों को ‘‘पहचानने और अलग-थलग करने’’ का आग्रह किया था।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 12:02 pm

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी, 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; सरगुजा-बिलासपुर में जमकर बरसे बादल

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी, 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; सरगुजा-बिलासपुर में जमकर बरसे बादल

समाचार नामा 9 Sep 2026 8:54 am

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज और 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज और 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी

समाचार नामा 9 Sep 2026 8:53 am

'कच्चा बादाम' फेम Anjali Arora का बॉलीवुड डेब्यू! Mahakavya Shri Ramayan Katha में निभाएंगी माता सीता का किरदार, टीज़र और रिलीज़ डेट आउट!

'कच्चा बादाम' वायरल ट्रेंड से रातों-रात सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली मशहूर पर्सनैलिटी अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने के लिए तैयार हैं। अंजलि अरोड़ा रामायण पर आधारित आगामी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के साथ अपना फीचर फिल्म डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह माता सीता के मुख्य और पवित्र किरदार में नजर आएंगी। फिल्म के मेकर्स ने पहला पोस्टर और टीज़र जारी कर दिया है, जिसमें अंजलि अरोड़ा की माता सीता के रूप में पहली मनमोहक झलक दिखाई गई है। इसे भी पढ़ें: 23 साल बाद Emraan Hasmi की जबरदस्त वापसी, Awarapan 2 की सफलता पर पत्नी परवीन ने कही दिल छू लेने वाली बात फिल्म में देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म रामायण पर आधारित है और इसमें महाकाव्य की मुख्य घटनाओं को दिखाया गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी, उनके वनवास की यात्रा और रावण की झलकियाँ दिखाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद Zindagi Na Milegi Dobara के सीक्वल पर Zoya Akhtar का बड़ा खुलासा, स्क्रिप्ट पर शुरू हुआ काम अंजलि अरोड़ा माता सीता का किरदार निभाएंगी अंजलि अरोड़ा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाएंगी। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है और यह उस सोशल मीडिया कंटेंट से बिल्कुल अलग है जिससे उन्हें शुरुआती पहचान मिली थी। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में भगवान राम के रूप में देव शर्मा के साथ अरोड़ा की भूमिका की एक छोटी सी झलक दिखाई गई है। मेकर्स ने टीज़र में किरदारों की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, बल्कि मुख्य किरदारों और रामायण की अहम घटनाओं पर फोकस रखा है। देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे देव शर्मा को भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी और उसके बाद उनके वनवास की यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं। टीज़र में रावण भी नज़र आ रहा है, जिससे पता चलता है कि फिल्म में राम और राक्षस राजा के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। इस समय रामायण पर आधारित कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, और 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' एक और आने वाली फिल्म है जो राम, सीता और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर लाएगी। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म को प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स बैनर के तहत प्रोड्यूस किया है। अजय कनौजिया का AJ फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड इस फिल्म को पेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में की गई है और इसे दोनों भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की रिलीज़ डेट यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। मेकर्स ने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ ही रिलीज़ डेट की घोषणा की। इस फ़िल्म में अंजलि अरोड़ा माता सीता के तौर पर फ़ीचर फ़िल्म में डेब्यू करेंगी, जबकि देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे। फ़िल्म का टीज़र आ चुका है, और अब फ़िल्म की कास्ट, स्केल और रामायण को किस तरह दिखाया गया है, इस बारे में और जानकारी इसके थिएटर में रिलीज़ होने के आस-पास सामने आने की उम्मीद है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi 'MAHAKAVYA SHRI RAMAYAN KATHA' FIRST POSTER + TEASER OUT NOW – 25 SEPT 2026 RELEASE IN HINDI & CHHATTISGARHI... The first poster and teaser of #MahakavyaShriRamayanKatha have been unveiled… The film features #DevSharma as Shri Ram and marks #AnjaliArora 's feature-film debut as… pic.twitter.com/oSa8mdBBXT — taran adarsh (@taran_adarsh) August 18, 2026

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 10:39 am

छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड: पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट हुए जारी, cgbse.nic.in पर करें चेक

Chhattisgarh CGBSE 12th Revaluation Result 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(CGBSE) ने छत्तीसगढ़ कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। यहां देखें ड

लाइव हिन्दुस्तान 25 Jun 2024 12:50 pm