मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कोरबा पहुंचे। उन्होंने पुलिस लाइन के पास बनने वाले नवीन जिला भारतीय जनता पार्टी कार्यालय “अटल स्मृति भवन” का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले युवा कांग्रेस ने किसानों की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया। जिसके बाद कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की और सभा को संबोधित किया। उन्होंने अटल स्मृति भवन को भाजपा संगठन के लिए प्रेरणा का केंद्र बताया। सीएम ने कहा कि यह कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि अटल स्मृति भवन का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और आदर्शों को समर्पित रहेगा। युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता गिरफ्तार मुख्यमंत्री के आगमन से पहले युवा कांग्रेस शहर ग्रामीण इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर “किसानों की मौत पर जश्न नहीं, जवाब चाहिए” और “किसान मर रहे हैं” जैसे नारे लिखे थे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। जिला अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी हिरासत में गिरफ्तार किए गए लोगों में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष, राज्य महासचिव, उपाध्यक्ष, जिला महासचिव, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला सचिव सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
जींद जिले के जुलाना कस्बे के मेन बाजार में सोमवार को पुलिस ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। बढ़ते अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था के कारण यह कार्रवाई की गई। इस दौरान सड़क पर खड़े वाहनों के चालान काटे गए और दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर सामान न रखने की सख्त हिदायत दी गई। मेन बाजार सबसे व्यस्त इलाका वहीं अभियान का नेतृत्व मंडी चौकी इंचार्ज अजय कुमार ने अपनी टीम के साथ किया। अजय कुमार ने बताया कि मेन बाजार जुलाना का सबसे व्यस्त इलाका है, जहां रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए आते हैं। दुकानदारों द्वारा दुकानों के आगे सामान रखने और ग्राहकों द्वारा सड़क पर वाहन खड़े करने से अक्सर जाम लग जाता है। जाम के कारण पैदल चलने वाले राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। वाहन ड्राइवरों को दी चेतावनी अभियान के दौरान पुलिस ने सड़क पर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों के चालान काटे। वाहन ड्राइवरों को भविष्य में नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई। दुकानदारों को भी समझाया गया कि वे अपनी दुकान की सीमा के भीतर ही सामान रखें और सड़क पर अतिक्रमण न करें। दोबारा अतिक्रमण पर होगी सख्त कार्रवाई मंडी चौकी इंचार्ज अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी नियमित रूप से चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी, कि यदि किसी ने दोबारा अतिक्रमण किया या सड़क पर वाहन खड़ा किया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई से बाजार में कुछ समय के लिए व्यवस्था सुचारू रही और लोगों ने राहत की सांस ली।
लुधियाना जिले में जगराओं रेबीज के शक में 5 बच्चों समेत एक ही परिवार के 7 लोगों को पीजीआई रेफर करने का मामला अब और उलझता जा रहा है। सोमवार को एक बार फिर पूरे परिवार को अस्पताल बुलाया गया, जहां उनके एंटी-रेबीज टीके लगाए गए। इसके साथ ही रेबीज टेस्ट के लिए उन्हें दोबारा पीजीआई रेफर कर दिया गया। मामले की पुष्टि करते हुए जगराओं की एसएमओ डॉ. गुरविंदर कौर ने बताया कि मरीज का परिवार डर के चलते लगातार अपने बयान बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जब परिवार पहली बार अस्पताल पहुंचा था, तब उन्होंने घटना की कहानी कुछ और बताई थी, जबकि पीजीआई पहुंचने पर वहां डॉक्टरों को अधूरी व अलग जानकारी दी गई। इसी के चलते पीजीआई से उन्हें बिना पूरी जांच के वापस भेज दिया गया। पीजीआई में होंगे टेस्ट, लगाए जाएंगे टीके : एसएमओ डॉ. गुरविंदर कौर के अनुसार, जब उन्होंने पूरी और स्पष्ट जानकारी पीजीआई के डॉक्टरों को दी, तो वहां से सोमवार को दोबारा जांच के लिए बुलाने को कहा गया। अब पीजीआई में पूरे परिवार के रेबीज संबंधी टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि पहले दिन जब संतोष सैनी अपने परिवार के साथ अस्पताल आया था, उस समय दो बच्चों के मुंह से लगातार लार टपक रही थी। परिवार ने खुद बताया था कि करीब 6 महीने पहले उन्होंने एक कुत्ता कहीं छोड़ दिया था, जिसने बच्चों को काटा था। इसके अलावा घर में रखा गया नया कुत्ता भी बच्चे को हाथ पर उस समय काट गया था, जब बच्चा उसके साथ खेल रहा था। डॉ. कौर ने स्पष्ट किया कि दो बच्चों में मुंह से लार आना और अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने के कारण ही पूरे परिवार को एहतियातन पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन पीजीआई में पूरी जानकारी न देने के कारण मामला भ्रमित हो गया। अब दोबारा सभी टेस्ट कराए जाएंगे, हालांकि इससे पहले सभी को आवश्यक टीके लगा दिए गए हैं। दुबारा जांच के लिए अस्पताल पहुंचा परिवार उधर, सोमवार को जब पूरा परिवार दोबारा अस्पताल पहुंचा, तो उन्हें फिर से पीजीआई भेज दिया गया। पीड़ित के मुताबिक, पहले पीजीआई में न तो खून का टेस्ट हुआ और न कोई मेडिकल जांच, सिर्फ बैठाकर बातचीत की गई और रात करीब 12 बजे घर भेज दिया गया। बाद में अस्पताल की ओर से मैसेज आया कि सोमवार को खून के टेस्ट होंगे। घर के मुखिया संतोष सैनी का कहना है कि वे सिर्फ फ्री का टीका लगवाने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर में पाला हुआ कुत्ता बच्चों के साथ खेलता है और कई बार बच्चे खेल-खेल में कुत्ते के मुंह में हाथ डाल देते हैं। इसी दौरान हल्का सा दांत लग गया, जिससे डर के मारे वे टीका लगवाने पहुंचे थे। डॉक्टरों पर उलटा-सीधा लिखने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर डॉक्टर ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट में उल्टा-सीधा लिख दिया और उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। सतोष का आरोप है किहमें पागल साबित कर दिया गया। लिखा कि रात को नींद नहीं आती, मुंह से लार गिरती है। हम पहले भी ठीक थे, आज भी बिल्कुल ठीक हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह डॉक्टर से सवाल पूछने गया, तो उसे मिलने तक नहीं दिया गया। संतोष का कहना है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, उसे न डॉक्टर का नाम पता है और न ही रिपोर्ट में क्या लिखा गया। बस इतना समझ आ रहा है कि उन्हें जबरन बीमार और पागल साबित किया जा रहा है।
बांदा में महाराजा खेत सिंह की प्रतिमा खंडित:खंगार समाज ने 10 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर जताया रोष
बांदा के पल्हरी बाईपास पर स्थापित महाराजा खेत सिंह खंगार जूदेव की प्रतिमा को अज्ञात तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस घटना के बाद खंगार समाज में रोष व्याप्त है। समाज ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रतिमा की तत्काल पुनर्स्थापना की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री ने 17 फरवरी 2023 को किया था। यह प्रतिमा 15 जुलाई 2024 को खंडित पाई गई। सुबह जानकारी मिलने पर समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे, जहां प्रतिमा की गर्दन, बायां हाथ और घोड़े का पैर टूटा हुआ मिला। घटना के बाद जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, नई प्रतिमा स्थापित करने और चौक के सौंदर्यीकरण का आश्वासन दिया था। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा को 10 दिनों के भीतर पुनर्स्थापित करने का भी वादा किया था। हालांकि, खंगार समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 10 दिन बीत जाने के बाद भी न तो प्रतिमा की पुनर्स्थापना का कार्य शुरू हुआ है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। समाज ने इस संबंध में कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई है। खंगार समाज ने प्रशासन से प्रतिमा की तत्काल पुनर्स्थापना और चौक के सौंदर्यीकरण का अनुरोध किया है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 22 फरवरी 2026, रविवार तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो खंगार क्षत्रिय समाज द्वारा शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सोमवार को जोन-6 स्थित दो वार्डों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, पार्कों के रखरखाव, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। खाली प्लॉटों में पड़े कूड़े के ढेरों की स्थिति का जायजा लिया। मौके पर नगर आयुक्त ने लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। लोगों से लिया डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का फीडबैक सबसे पहले नगर आयुक्त ने आचार्य नरेंद्र देव वार्ड का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नेपियर कॉलोनी, चौपटिया और नवाज गंज क्षेत्रों का भ्रमण कर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से सीधे फीडबैक लिया। नगर आयुक्त महोदय ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की संतुष्टि सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। सार्वजनिक शौचालय की स्थिति पर दिए निर्देश नगर आयुक्त ने सराय माली खां स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शौचालय में पाई गई टूट-फूट और मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा उपलब्ध हो सके। मल्लाही टोला प्रथम वार्ड में व्यवस्थाओं का जायजा नगर आयुक्त महोदय ने मल्लाही टोला प्रथम वार्ड का निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण को लेकर स्थानीय निवासियों से फीडबैक लिया। साथ ही क्षेत्र में गठित आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। नगर आयुक्त ने मनोहर कॉलोनी, जरनैल गंज एवं आशा पुरम क्षेत्रों का भ्रमण किया और वहां स्थित पार्कों की बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए। पार्क, नाले और खाली प्लॉटों को लेकर सख्त निर्देश निरीक्षण के दौरान खाली प्लॉटों में जमा कूड़े के ढेरों की डीप क्लीनिंग कराने के भी निर्देश दिए गए। आशापुरम क्षेत्र में स्थित नाले की सफाई, आवश्यक स्थानों पर नाले को कवर कराने तथा नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाने के लिए जोनल अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए। इसी क्रम में नगर आयुक्त l ने शब-ए-बारात पर्व की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मेहंदी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के साथ-साथ जोन के सभी कब्रिस्तानों की नियमित एवं विशेष सफाई कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त महोदय ने कहा कि धार्मिक अवसरों पर स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ जोनल अधिकारी अमरजीत यादव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर राजेश यादव तथा अधिशासी अभियंता जोन-6 अशोक यादव मौजूद रहे। इस अवसर पर नगर आयुक्त ने आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों की भी समीक्षा की और स्वच्छता कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
शासन ने डामरीकरण सड़क को दी मंजूरी:लीला साहू के 2 साल के संघर्ष के बाद मिली सफलता
मध्य प्रदेश शासन ने लीला साहू के दो वर्ष के संघर्ष के बाद एक बहुप्रतीक्षित सड़क के डामरीकरण को स्वीकृति दे दी है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। लीला साहू ने बताया कि उन्होंने गर्भावस्था के दौरान भी इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई थी। वर्षों से खराब सड़क के कारण ग्रामीणों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को लेकर लीला साहू ने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, जिला कलेक्टर तथा अन्य विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों से संपर्क किया। उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपे, जमीनी हकीकत से अवगत कराया और मीडिया के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठाया। तीन करोड़ में तैयार होगी सड़क लीला साहू ने इसे पूरे क्षेत्र की जीत बताया। उन्होंने जानकारी दी कि डामरीकरण की स्वीकृति मिलने से लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा, जिसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ रुपए है। सोमवार को सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। सभी का जताया आभार लीला साहू ने मध्य प्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके संघर्ष को गंभीरता से लिया। उन्होंने सभी समाचार चैनलों और मीडिया कर्मियों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस सड़क की समस्या को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लीला साहू ने कहा कि इस संघर्ष में समर्थन करने वाले और सवाल उठाने वाले, सभी की भूमिका अहम रही।
हरियाणा कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी एक फुट से आगे का नहीं सोचा, लेकिन BJP देश के लिए 2047 का विजन लेकर चल रही है। वे सोमवार को पंचकूला स्थित पंचकमल पार्टी ऑफिस में बजट पर पत्रकार वार्ता में सवालों के जवाब दे रहे थे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री बेहतर कार्य करत रहे हैं। कांग्रेस का काम विपक्ष के नाते BJP सरकार के कार्यों में नुक्ताचीनी करने का है, जिसे वो अच्छे से कर रहे हैं। देश उन्हें लंबे समय तक यह काम सौंपने का मन बना चुका है। देशहित में बजट के दौरान काफी ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे देश की युवा पीढ़ी का खासकर ध्यान रखा गया है। 2047 का विजन ही नहीं रखा गया है, बल्कि इसके लिए सरकार ने 53 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है। बजट की लेकर प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान लोकसभा प्रत्याशी बंतो कटारिया, जिला प्रधान अजय मित्तल व पंचकूला के पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल मौजूद रहे। तैयार होंगे 10 हजार टूरिस्ट गाइड देश भर में केंद्र सरकार के द्वारा 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। इन युवाओं को पर्यटन स्थलों व दूसरी जानकारियों से अवगत करवाते हुए ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे पर्यटन स्थलों के लिए भी टूरिस्ट ज्यादा आकर्षित होंगे। युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। उन्होंने बजट के बाद शेयर बाज़ार के नीचे आने के सवाल पर कहा कि शेयर बाजार के नीचे आने का कारण बजट नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पैदा हुए अन्य हालात हैं। आमजन को बजट समझाएगा संगठन केंद्र सरकार के द्वारा बजट जारी किए जाने के बाद अब BJP ने जिला व मंडल स्तर पर बजट को लेकर टीमों का गठन कर दिया है। जो हर मंडल स्तर पर जाकर बजट के बारे में आमजन को समझाएंगी। जिससे बजट को लेकर विपक्ष के द्वारा फैलाए जा रहे भम्र को दूर किया जाएगा।
देश में टाइगर व चीता के संरक्षण को लेकर 6 जनवरी को सरिस्का में 18 राज्यों के 76 वन अधिकारी एक टेबल पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व वन मंत्री संजय शर्मा के साथ एक टेबल पर चर्चा करेंगे। सरिस्का में पहली बार चीता के संरक्षण पर चर्चा करने के लिए 58 टाइगर रिजर्व क्षेत्र के निदेशक व 18 राज्यों के मुख्य वन जीव प्रतिपालक आएंगे। इस कार्यशाला में रेस्क्यू के लिए रोडमैप तथा प्रोजेक्ट चीता की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया जाएगा। तकनीकी सत्रों के दौरान मानव बाघ संघर्ष, अखिल भारतीय बाघ आंकलन 2026 तथा बाघ आबादी के सक्रिय प्रबंधन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। सिलीसेढ झील को रामसर साईट घोषित किए जाने के बाद पहली बार 7 फरवरी को सिलीसेढ झील पर बर्ड फेस्टिवल होगा। जिसमें कई तरह के देशी विदेश परिंदों की जानकारी मिलेगी। कई एक्सपर्ट आएंगे। जो हर साल सर्दियों में आने वाले विदेशी पक्षियों के बारे में बताएंगे। इसके अगले दिन 8 फरवरी को अलवर टाईगर मैराथन होगी। जिसका उद्देश्य बाघ संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढाना है। यह कार्यशाला देश में बाघ संरक्षण की समीक्षा करने एवं इसको अधिक सुदृढ बनाने तथा भावी रणनीतियों को निर्धारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। सरिस्का के क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, वन राज्य मंत्री संजय शर्मा व महानिदेशक वन भारत सरकार एवं केन्द्रीय व राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेगें।
गोरखपुर में सोमवार को अंबेडकर चौराहे पर SCST संयुक्त मोर्चा के सदस्य अधिवक्ताओं ने UGC के नए नियम पर रोक के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि UGC कानून को वापस लागू किया जाए। SCST अधिवक्ता मंच के पूर्व संयुक्त मंत्री एडवोकेट संजय प्रकाश ने कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने बिना सुनवाई के, बिना नेचुरल जस्टिस के स्थगन आदेश पारित करना गलत है। जिस देश में इतने किसान आंदोलन हुए, रेसलर ने आंदोलन किया किसी में भी सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान नहीं लिया। लेकिन यह ब्राह्मणवादी जज CJI को क्या इतनी जल्दी थी कि छोटे- छोटे आंदोलन को देखकर यह स्थगन आदेश का फैसला ले लिया गया। इस तरह का कार्य जो सुप्रीम कोर्ट ने किया है, यह सर्वतः निंदनीय है। मैं CJI का भर्त्सना करता हूं। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। ''SC ने बिना सुनवाई के दिया फैसला'' जिला अधिवक्ता एसोसिएशन पूर्व महामंत्री एडवोकेट लालमन ने कहा- हमारी मांगे यह है कि UGC बिल को फिर से लागू किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने बिना किसी सुनवाई के यह फैसला दे दिया। संभावना पर फैसला ले लिया गया है जो गलत है। यह बिल समानता के लिए था। कभी ऐसा हुआ है सामान्य वर्ग को कौन प्रताड़ित करता है। SC हमारे खिलाफ- एडवोकेट गोयचंद एडवोकेट गोयचंद राज का कहना है कि अधिवक्ताओं का यह जो प्रदर्शन है, उससे साबित होता है कि सुप्रीम कोर्ट OBC और SCST के खिलाफ है। यह जबतक यह वापस लागू नहीं होगा तब तक सड़क पर प्रदर्शन करते रहेंगे। सवर्णों के प्रताड़ना से राहुल वेमुला जैसे छात्र हो आत्महत्या करना पड़ा। SCST संयुक्त मोर्चा गोरखपुर के अध्यक्ष रामसुमेर प्रसाद ने कहा- हम UGC के नए नियम का पूरी तरह समर्थन करते हैं। आगे आने वाले दिनों में अपने सभी सहयोगी संगठनों के साथ पूरी तरह मैदान में उतरेगी और इस बिल के रोक पर विरोध करेगी। सड़क से सदन तक करेंगे बवाल- अधिवक्ता एक अधिवक्ता ने कहा- UGC बिल पास होने से देश के सर्व समाज के लोगों भलाई होने वाला है लेकिन कुछ मनुवादी विचार के लोगों ने इसे रोकने का काम किया, यह गलत है। अगर यह लागू नहीं होगा तो सड़क से सदन तक इसका विरोध करेंगे।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में बर्चस्व की लड़ाई जारी है। डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ी। इस पर राजा वड़िंग ने कहा था कि उन्हें पार्टी पहले ही सस्पैंड कर चुकी है जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उनका नाम लिए बिना कह दिया था कि अच्छा हुआ खेड़ा छूट गया। वहीं अब पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस में वापस लाने की बात कर रहे हैं। चन्नी ने कांग्रेस व सिद्धू दंपत्ति के बीच चल रहे मसले को हल करवाने का दावा भी किया। यही नहीं चन्नी ने इस मसले को हल करने के लिए बाकायदा कवायद भी शुरू कर दी। नवजोत कौर सिद्धू को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी का पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के विपरीत बयान देना सीधे तौर पर दर्शता है कि कांग्रेस में खुद को सुपीरियर शो ऑफ करने की जबरदस्त राजनीति चल रही है। मैडम सिद्धू व पार्टी नेताओं से बात कर लीपूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का दावा है कि उन्होंने इस विवाद में मैडम सिद्धू व पार्टी के सीनियर नेताओं से बातचीत कर ली है। उन्हें विश्वास है कि इस मसले का जल्दी ही हल निकल जाएगा। दोनो पक्षों के गिले शिकवे दूर कर दिए जाएंगे। सिद्धू के मन में कुछ रोष, पार्टी बयानों से मुश्किल में चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू के मन में पार्टी के कुछ नेताओं के प्रति रोष है और उन्होंने गुस्से में यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सिद्धू के बयान के कारण पार्टी और पार्टी के नेता मश्किल में हैं। चन्नी ने कहा कि कई बार इंसान गुस्से में कुछ और बोलना चाहता है और बोल कुछ और देता है। यही नवजोत कौर सिद्धू के साथ भी हुआ है। 500 करोड़ के बयान के केंद्र में थे चन्नी नवजोत कौर सिद्धू ने जब 500 करोड़ में सीएम की कुर्सी देने का बयान दिया था तो उसके केंद्र में चरणजीत सिंह चन्नी ही थी क्योंकि तब सीएम की कुर्सी चन्नी को मिली थी। उन्होंने यही आरोप लगाए थे कि चन्नी 500 करोड़ देकर सीएम बने। अब सवाल यह उठता है कि अचानक चन्नी नवजोत कौर सिद्धू के समर्थन में कैसे आ गए? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चन्नी डॉ नवजोत कौर को अपने खेमे में रखने के लिए ये प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नवजोत कौर सिद्धू पार्टी में रहकर अपने विरोधियों को समय समय पर लताड़ती रहेंगी और चन्नी कांग्रेस में मजबूत होते जाएंगे। राजा वड़िंग को खत्म करने के लिए पर्याप्त सबूत: नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी छोड़ते समय कहा कि राजा वड़िंग का राजनीतिक करियर खत्म करने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। वहीं कांग्रेस में चरणजीत चन्नी की सबसे ज्यादा राजा वड़िंग के साथ ही खटकती है। क्या है नवजोत कौर सिद्धू और कांग्रेस नेताओं का आपस में विवाद, जानिए 500 करोड़ के बयान ने आफत में डाली कांग्रेस: नवजोत कौर सिद्धू ने 500 करोड़ में सीएम की कुर्सी देने का बयान देकर कांग्रेस को आफत में डाल दिया। उसके बाद कांग्रेस नेताओं ने उन पर खूब टिप्पणियां की। वड़िंग व रंधावा पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी में शुरू से सबसे ज्यादा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व सुखजिंदर सिंह रंधावा को घेरा। राजस्थान में टिकट बेचना, सरकार में रहते हुए घपले करने जैसे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्टी ने किया सस्पैंड: डॉ नवजोत कौर के बयान से पूरी कांग्रेस पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक को विपक्ष ने घेरा। उसके बाद पार्टी ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पैंड किया। सस्पैंड होने के बाद नवजोत कौर चुप हो गई साथ ही पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने उनके बारे में टिप्पणियां करनी बंद कर दी। राजा वड़िंग पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ी: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ते हुए प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग पर पार्टी को कमजोर करने, आंतरिक कलह बढ़ाने और वफादार नेताओं को नजरअंदाज करने जैसे आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि “मैंने ऐसी पार्टी छोड़ दी है जहां किसी उभरते नेता की आवाज नहीं सुनी जाती,” और यह भी संकेत दिया कि उनकी चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।
एमसीबी जिले के जनकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरचौक में ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबने से ट्रैक्टर मालिक सत्येंद्र की मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार शाम 6:00 बजे हुआ, जब पोकलेन मशीन की मदद से ट्रॉली को उठाया जा रहा था। अचानक ट्रॉली असंतुलित होकर नीचे गिर गई, जिसकी चपेट में आकर सत्येंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हरचौका रेत खादान के पास सड़क बनाने के काम चल रहा था। जिसके लिए सत्येंद्र का ट्रैक्टर ट्राली में मुरुम भरकर लाया था। यहां उसकी ट्रैक्टर गड्ढे में फंस गई थी जिसके लिए पास में ही सड़क बनाने के काम मे लगे पोकलेन मशीन को बुलाया गया था। पोकलेन से ट्रॉली उठाते समय सत्येंद्र ट्रैक्टर के पास खड़े थे। कथित लापरवाही से ट्रॉली पलटी इसी दौरान पोकलेन चालक महेंद्र कुमार पटेल की कथित लापरवाही से ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह सत्येंद्र के ऊपर गिर गई। हादसे के बाद सत्येंद्र को जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिर में गंभीर चोट से मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉक्टर रमन सिंह ने बताया कि मृतक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें थीं। प्रारंभिक जांच में सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई है।घटना की सूचना मिलते ही जनकपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मौत का मामला दर्ज पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पोकलेन चालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने पोकलेन चालक महेंद्र कुमार पटेल के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी का बयान जनकपुर थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बिलासपुर के गोकुलधाम इलाके में एक रिहायशी मकान की पार्किंग का फर्श अचानक किसी बम ब्लास्ट की तरह फट गया। इस घटना का लावइ फुटेज भी सामने आया है। जमीन के नीचे से पानी का इतना तेज प्रेशर निकला कि टाइल्स टूट गए। घटना के समय मौके पर खड़े मकान मालिक विशाल शर्मा बाल-बाल बचे। अमेरी के गोकुलधाम इलाके में रहने वाले विशाल शर्मा के घर से करीब 33 फीट दूर खाली प्लॉट में बोरिंग का काम चल रहा था। विशाल शर्मा ने बताया कि 29 जनवरी को हुई इस घटना में अगर मैं दो कदम और आगे होता तो मेरी जान जा सकती थी। बिना अनुमति और भू-तकनीकी सर्वे के पुलिसकर्मी बोरिंग का काम करवा रहा था। जब मैंने नुकसान की बात कही, तो बोर खनन करा रहे आरक्षक ध्रुव पांडेय ने मदद के बजाय धमकाया। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… अचानक रफ्तार में उखड़ने लगा फर्श वीडियो में दिख रहा है कि, तेज दबाव के साथ पानी मकान की पार्किंग के फर्श और टाइल्स को तोड़ता हुए बाहर निकला। जिससे पार्किंग की टाइल्स उखड़ गईं। तेज रफ्तार से पानी का फव्वारा फूटने से मकान की छत में दरारें आ गईं, पंखा टूट गया। कुछ ही पलों में घर के अंदर पानी भर गया। राहत की बात यह रही कि, मकान मालिक विशाल शर्मा घटना के समय घर में मौजूद होने के बावजूद बाल-बाल बच गए। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पाइपलाइन में ड्रिलिंग या दबाव के कारण छेद ड्रिलिंग के दौरान जमीन के नीचे मौजूद कन्फाइंड एक्वाइफर में अनजाने में छेद हो गया, जिससे दबाव में भरा भूमिगत जल तेजी से ऊपर की ओर निकलने लगा। यह पानी आसपास के उन हिस्सों से बाहर आया जहां मिट्टी या चट्टान कमजोर थी। इसमें चूहों के बिल, पहले से मौजूद दरारों या ढीली मिट्टी ने पानी को बाहर आने का रास्ता दे दिया। एक संभावना यह भी है कि नीचे बिछी किसी पुरानी या जंग लगी पाइपलाइन में ड्रिलिंग या दबाव के कारण छेद हो गया हो। दूसरा यह है कि जमीन के नीचे अलग-अलग परतों में बह रहा पानी जब उच्च दबाव वाली निचली परत से ऊपर की कमजोर परत तक पहुंचा तो छेद मिलते ही पानी फव्वारे की शक्ल में आ गया। एक्सपर्ट बोले- सामान्य घटना जियो हाइड्रोलॉजिस्ट एसपी पराते के मुताबिक यह एक सामान्य घटना है। एयर प्रेशर और बीट के जरिए खुदाई की जाती है। ड्रिलिंग के दौरान अंदर वेदर जोन होने और इंटर कनेक्टेड पोर स्पैस होने के कारण वीक जोन तैयार हो जाता है। नुकसान की भरपाई और जिम्मेदार पर एक्शन की मांग पीड़ित विशाल शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि, अवैध बोर खनन की जांच हो। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। उनके घर को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए। वहीं, मोहल्ले के लोग प्रशासन और नगर निगम से बोरिंग कार्यों पर सख्त निगरानी और नियमों के पालन की मांग कर रहे हैं। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… ट्रक ने युवक-युवती को कुचला...मौत का LIVE VIDEO:लड़के ने तोड़ा दम, लड़की घायल, महाराष्ट्र में छत्तीसगढ़ के 2 की मौत, 3 की हालत गंभीर छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक-युवती को कुचल दिया। हादसे में युवक की मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल है। हादसा CCTV कैमरे में कैद हो गया, जिसका फुटेज भी सामने आया है। मामला अकलतरा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
टीकमगढ़ के बैकुंठी मोहल्ले में यहां एक पशुपालक ने गाय से दूध निकालने के लालच में मृत बछड़े का सिर काटकर दीवार पर लटका दिया। इस घटना की जानकारी लगते ही शहर में तनाव फैल गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस क्रूरता के विरोध में सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ 'पशु क्रूरता निवारण अधिनियम' के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। गाय ने दूध देना बंद किया तो बछड़े का गला काटा जानकारी के अनुसार, बैकुंठी मोहल्ला निवासी सतेन्द्र यादव दूध बेचने का काम करता है। कुछ दिन पहले उसकी एक गाय के बछड़े की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बछड़े की मौत के बाद गाय ने दूध देना बंद कर दिया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि इसके बाद सतेन्द्र ने मृत बछड़े का सिर काट दिया और उसे गौशाला की दीवार पर टांग दिया ताकि गाय को लगे कि उसका बच्चा वहीं है। जब पड़ोसियों ने यह देखा, तो तुरंत हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी दी। बजरंग दल ने चकरा तिराहे पर किया चक्काजाम घटना से नाराज बजरंग दल के सदस्य बड़ी संख्या में आरोपी के घर पहुंचे और विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने बछड़े के कटे हुए सिर को सड़क पर रखकर चकरा तिराहा पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोषियों को न बख्शने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। आरोपी पर केस दर्ज, गाय को भेजा गोशाला कोतवाली थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह घोष ने बताया कि आरोपी सतेन्द्र यादव के खिलाफ 'पशु क्रूरता निवारण अधिनियम' के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। तनाव को देखते हुए पुलिस ने बजरंग दल की मांग पर गाय को आरोपी के घर से हटाकर सरकारी गोशाला भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर क्रिमिनल अब तक आम आदमी के फेक आईडी बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे, लेकिन अब अपराधियों ने पुलिस अधिकारियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी करना शुरू कर दिया है। आगरा में सदर एसीपी की फोटो लगाकर एक नहीं तीन - तीन फर्जी फेसबुक आईडी बना ली। उन आईडी पर परिचितों को जोड़कर पुराना फर्नीचर बेचने के नाम पर रुपये मांगने शुरू कर दिए। एसीपी की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बीते दिनों फेसबुक पर एक पोस्ट की। पोस्ट पर उनके परिचितों ने कमेंट किया और उनके नाम से एक और फेसबुक आईडी बनी होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें जानकारी हुई कि डिप्टी एसपी इमरान अहमद नाम से तीन फेसबुक आईडी बनाई गई हैं। उन आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं। इसके बाद तबादला होने की बोल पुराना फर्नीचर बेचने के बहाने रुपए मांगे जा रहे हैं। कुछ परिचितों ने आईडी को सही मानकर रुपये ऑनलाइन भेज भी दिए। इसके बाद एसीपी ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को लोगों द्वारा ठगों को रुपये भेजने के स्क्रीन शॉट और सभी फेक आईडी के लिंक भी उपलब्ध कराए हैं। साइबर थाना पुलिस उक्त आईडी बंद करवा कर लेनदेन में इस्तेमाल खातों की जानकारी कर रहे है। आईडी संचालित करने वाली डिवाइस के आईपी एड्रेस के जरिए शातिरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कुशीनगर के पड़रौना नगर पालिका क्षेत्र में स्कूल की छात्रा हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गई। करंट लगने से शरीर 80% बर्न हो गया। आनन-फानन में बच्ची को तत्काल कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जहां बच्ची का इलाज जारी है। मामला GVP गायत्री विद्यापीठ का बताया जा रहा है। जब सोमवार सुबह छात्रा लंच के बाद स्कूल के टॉप फ्लोर पर खेलने गई थी। छत की बाउन्ड्री के पास से गुजर रहे तार की चपेट मे आकार छात्रा घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, 10 वर्षीय छात्रा शालू कुमारी स्कूल में लंच ब्रेक के समय करंट की चपेट में आई। बताया जा रहा है कि स्कूल के बगल से गुजर रहे 11000 वोल्टेज के खुले तार के कारण यह हादसा हुआ, जिससे शालू गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद स्कूल स्टाफ ने तत्काल बच्ची को जिला अस्पताल/कुशीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। चिकित्सकों ने शालू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। छात्रा के पिता मुन्ना प्रसाद, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में बिजली की व्यवस्था सुरक्षित होती और नियमित जांच की जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। विद्यालय के प्रिंसिपल राम प्यारे सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को कई बार मौखिक रूप से तारों को हटाने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल ने छत पर बाउंड्री कराई है और तारों को पाइप लगाकर कवर भी किया है।
अलवर जिला परिषद के मुख्य गेट पर कठूमर की प्रधान संगम चौधरी अपने करीब 500 कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं। धरने के दौरान उन्होंने बीजेपी विधायक रमेश खींची और कुछ सरपंचों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रधान संगम चौधरी ने कहा कि बीजेपी विधायक रमेश खींची अपने कुछ सरपंच मित्रों के कहने पर उन्हें प्रधान पद का कार्यभार संभालने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निलंबन के बाद न्यायालय से उनकी बहाली के आदेश आ चुके हैं, इसके बावजूद जिला परिषद के सीईओ लगातार टालमटोल करते रहे और पद ग्रहण नहीं कराया। प्रधान ने बताया कि इसके बाद उन्होंने न्यायालय के माध्यम से सीईओ को नोटिस भिजवाए, तब जाकर आदेश तो जारी किए गए, लेकिन कठूमर में जिस वीडीओ के पास चार्ज था, वह बीमारी का बहाना बनाकर वहां से चला गया। इसके बाद अतिरिक्त वीडीओ योगेश भी बीमारी का हवाला देकर चले गए। प्रधान ने मांग की कि दोनों अधिकारियों की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कराई जानी चाहिए।विधायक रमेश खींची पर आरोप लगाते हुए प्रधान ने कहा कि विधायक पहले कांग्रेस में थे और तभी से उनके बीच कहासुनी चल रही है। उसी का बदला लेने के लिए विधायक उन्हें पद संभालने से रोक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक उन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ होने का आरोप लगाते हैं, जबकि हकीकत यह है कि विधायक खुद पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं। प्रधान संगम चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें पद संभालने दिया गया तो वह कई सरपंचों की फाइलें खोलेंगी, जो विभिन्न मामलों में दोषी हैं। इसी डर के कारण कुछ सरपंच विधायक के पास जाकर अधिकारियों को पहले ही समझा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह वीडीओ के पास जाती हैं तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया जाता है कि मौखिक आदेश हैं कि संगम चौधरी को पद संभालने नहीं दिया जाए। फिलहाल बीजेपी प्रधान संगम चौधरी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जिला परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही
रोहतक में पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की तरफ से तीन दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। पटवारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सीएम द्वारा निलंबित किए गए 6 पटवारियों को तुरंत बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर 6 पटवारियों को बहाल नहीं किया तो धरना आगे भी बढ़ाया जा सकता है। पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला उपप्रधान पवन सांवरिया ने बताया कि सीएम नायब सिंह सैनी ने 6 पटवारियों को गिरदावरी कार्य को गलत मानकर सस्पेंड किया था। इस बारे में सरकार से मिलकर राज्य कार्यकारिणी ने ज्ञापन भी दिया है, लेकिन अब तक पटवारियों को बहाल नहीं किया गया। सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है जिसके कारण पटवारियों में रोष बढ़ रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्री होंगी प्रभावितजिला उपप्रधान पवन सांवरिया ने बताया कि पटवारियों की हड़ताल के कारण ऑनलाइन रजिस्ट्री भी प्रभावित होंगी। अभी वो रजिस्ट्री हो रही है, जिनके टोकन 5 दिन पहले लग चुके थे। लेकिन इस हड़ताल का असर दो दिन बाद देखने को मिलेगा, जब रजिस्ट्री नहीं हो पाएंगी। जातिगत प्रमाण पत्र व डोमेसाइल नहीं बन रहेपटवारियों की हड़ताल के कारण तहसील कार्यालय में लोगों को जाति आधारित प्रमाण पत्र व डोमेसाइल बनवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार से प्रमाण पत्र नहीं बन रहे, जिसके कारण लोग इधर उधर भाग रहे हैं। वहीं, जिन लोगों को एमरजेंसी है, उनके प्रमाण पत्र पटवारी बनवा भी रहे हैं। गिरदावरी पर हड़ताल का पड़ेगा असरपटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने जिला उपप्रधान पवन सांवरिया ने कहा कि गिरदावरी का समय आ गया है और पटवारियों की हड़ताल का असर अब गिरदावरी पर भी पड़ेगा। पिछले दिनों ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे फसलों पर असर भी पड़ा है। उसकी गिरदावरी भी करनी है लेकिन हड़ताल के कारण कोई काम नहीं होगा।
जिला अस्पताल में स्थित पुलिस चौकी के बाहर हुए हंगामे के मामले में चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। बदमाशों ने एम्बुलेंस चालक पर हमला किया था। साथ ही अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की थी। कोतवाली पुलिस ने चार लोगों। पर FIR दर्ज की है। बता दें कि मामला रविवार का है। एंबुलेंस चालक मोहम्मद अकील ने बता था कि रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे वह अस्पताल परिसर में था। इसी बीच वहां राजू और उसके 3, 4 साथी लाठियां और हॉकी लेकर उसे मारने के लिए आए और गाली गलौज शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने उस पर लाठियां और हॉकी से हमला करना चाहा, यह देख उसने अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी में घुसकर अंदर से दरवाजे बंद कर अपनी जान किसी तरह बचाई। इस दौरान आरोपियों ने चौकी के दरवाजे पर भी लाठियां बरसाई। अन्य लोगों के आ जाने और चौकी स्टॉफ द्वारा हड़काए जाने पर बदमाश बमुश्किल वहां से गए। उनके जाने के बाद चौकी का गेट खोला और वह बाहर आ पाए। मोहम्मद अकील ने इस दौरान बताया कि एक आरोपी एंबुलेंस चलाता है, जिसे वह सीएनजी से चलाता है। उक्त लोगों द्वारा आए दिन इसी तरह शराब के नशे में हंगामा किया जाता है। रात में तो स्थिति और खराब हो जाती है। इस दौरान महिलाओं तक से छेडछाड़ और बदतमीजी की जाती है। यही नहीं अस्पताल में आने वाली उसकी भतीजी से भी आरोपियों द्वारा बदतमीजी की जाती है, जिससे मना करने पर इसी तरह हंगामा खड़ा कर दिया जाता है। मोहम्मद अकील ने इसकी शिकायत कोतवाली में की थी। उसकी शिकायत पर कोतवाली में राजू वाल्मीकि, अंशु वाल्मीकि, मधु वाल्मीकि और लाखन मालवीय के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जामताड़ा जिले में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में जामताड़ा साइबर अपराध के मामलों में राज्य स्तर पर 14वें स्थान पर है, जो जिले के लिए चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और बैंक, सीएसपी संचालक व एटीएम से जुड़े अधिकारी लापरवाही बरतते रहे, तो जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंच सकता है। एसपी ने कहा कि साइबर अपराध का ग्राफ नीचे लाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो रही है। सीसीटीवी, अलार्म और संदिग्ध लेन-देन की सूचना अनिवार्य एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि पूर्व में ही सभी बैंकों, सीएसपी सेंटरों और एटीएम प्रभारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप सीसीटीवी कैमरा, अलार्म सिस्टम, ग्रिल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लेन-देन, अत्यधिक नकद निकासी और संदिग्ध खातों का डेटा तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया था। बावजूद इसके कई बैंकों और संबंधित संस्थानों द्वारा न तो समय पर डेटा साझा किया जा रहा है और न ही पुलिस को अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। एसपी ने साफ कहा कि यदि किसी खाते से साइबर ठगी की राशि की निकासी हो रही है या किसी म्यूट अकाउंट की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समन्वय बढ़ाने के लिए समाहरणालय में अहम बैठक साइबर अपराध की रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए समाहरणालय स्थित एसजीवाई सभागार में जिले के सभी बैंक अधिकारियों, सीएसपी संचालकों, एटीएम प्रभारियों और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसपी ने साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी संबंधित संस्थान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सतर्कता से काम करें, तो जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के मामलों में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। पुलिस इस दिशा में लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रखेगी।
हैदराबाद के महबूबनगर से चांपा जा रही ट्रेन नंबर 12251 वैनगंगा एक्सप्रेस में रविवार को सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उन्होंने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। राहत की बात यह रही कि मां और नवजात बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। 25 वर्षीय अंकिता कुमारी अपने पति दिनेश कुमार के साथ हैदराबाद से चांपा जा रही थीं। वे स्लीपर कोच S-2 में सफर कर रहे थे। दुर्ग स्टेशन पार करने के अचानक दर्द शुरू होने पर कोच में मौजूद यात्रियों ने ट्रेन के टीटीई ईशांत शर्मा को इसकी जानकारी दी उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी रेलवे प्रशासन को सूचना देने के साथ ही सह-यात्री महिलाओं ने डॉक्टर्स के आने से पहले ही सुरक्षित प्रसव कराने में बड़ी भूमिका निभाई। सभी विभागों ने समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे हॉस्पिटल रायपुर, स्टेशन वाणिज्य अधीक्षक एम.एस. राजा, स्टेशन मास्टर एन.के. साहू, मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, यात्री गाड़ी नियंत्रण कार्यालय और स्टेशन टीटीई संजीत कुमार को अलर्ट किया गया। सभी विभागों ने समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई की। रायपुर स्टेशन पर डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा जैसे ही ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची, वाणिज्य अधीक्षक एम.एस. राजा स्टेशन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे अस्पताल की डॉ. बिजोया और नर्स दीपमाला ने महिला और नवजात की जांच की। और महिला के पति की सहमति के बाद मां और नवजात को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर एम्बुलेंस के जरिए मेकाहारा अस्पताल भेजा गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रायपुर मेकाहार के डॉक्टर्स ने भी जांच के बाद बताया कि मां और नवजात शिशु दोनों की स्थिति सामान्य है। रेलवे प्रशासन, सह-यात्रियों और मेडिकल टीम के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह प्रसव सफल रहा। अंकिता कुमारी- दिनेश कुमार के परिवार ने रेलवे स्टाफ और मदद करने वाले लोगों का आभार जताया है।
हरियाणा के नूंह जिले में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के बाहर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। विधायकों सहित वरिष्ठ नेता रहे शामिल धरने में जिला अध्यक्ष शहीदा खान, हरियाणा सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल, नूंह विधायक आफताब अहमद और फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान इंजीनियर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भाग लिया, जिससे पूरा माहौल सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। नाम परिवर्तन बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस धरने को संबोधित करते हुए हरियाणा सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा कानून में किसी भी तरह का बदलाव या नाम परिवर्तन बर्दाश्त नहीं करेगी। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ कर गरीबों के हक पर डाका डालने की कोशिश की है, जिसे कांग्रेस किसी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी जितेंद्र बघेल ने यह भी ऐलान किया कि 10 जनवरी से 25 फरवरी तक लगातार आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मनरेगा का नाम पूर्ववत नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है और इससे खिलवाड़ का मतलब गांव-गरीब के पेट पर लात मारना है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की, कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में तुरंत बहाल किया जाए, अन्यथा सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
लखनऊ के बीबीडी थानाक्षेत्र में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से ट्रक चालक की मौत हो गई। रविवार रात ट्रक के पहिए में फंसी गिट्टी निकालने के दौरान हादसा हो गया। हेल्पर ने परिवार व पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। छपरा सारण बिहार निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह (38) ट्रक चलाते थे। रविवार को ट्रक लेकर कानपुर की तरफ जा रहे थे। तभी टायर से कुछ आवाज आने लगी। रात करीब 8.30 बीबीडी इलाके में स्थित नरेंदी गांव किसान पथ पर ट्रक सड़क किनारे लगाकर देखने लगे। टायर में गिट्टी फंसी दिखाई दी। जिसे सुरेंद्र निकालने लगे। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे दूर जाकर गिरे। सिर व शरीर में गंभीर चोट आई। घटना के हेल्पर ने पुलिस और परिवार को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भाई वीरेंद्र ने बताया कि परिवार में पत्नी सोनी देवी है। घटना की जानकारी होने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। मामले में इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने इसे केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश के भविष्य को संवारने वाला 'विजन डॉक्यूमेंट' बताया। डीग पंचायत समिति सभागार में राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बजट को लेकर चर्चा की। इस अवसर पर डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, जिला कलेक्टर और भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा भी उपस्थित रहे। बेढ़म ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने की स्पष्ट दिशा दिखाता है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा सभी वर्गों के चहुंमुखी विकास के खाके की सराहना की। मंत्री बेढ़म ने अपने विभागों से संबंधित प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बजट में पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह अब किसानों की कुल आय में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान देता है। सरकार ने पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए 'पूंजी सब्सिडी योजना' शुरू करने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। बेढ़म ने राष्ट्रीय फाइबर योजना की भी सराहना की, जिससे रेशम, ऊन और जूट जैसे क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ने की उम्मीद है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में भारी छूट दी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ता इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि देश में नए एम्स और तीन नए आयुर्वेद एम्स (आयुष केंद्र) खोलने के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सरकार ने 'राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान' स्थापित करने का जो निर्णय लिया है, वह अत्यंत आवश्यक और सराहनीय है। डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह बजट 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' की नीति पर आधारित है और सरकार अब सुधारों की चर्चा से आगे बढ़कर 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ-साथ एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी बल दिया गया है ताकि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। विधायक डॉ. सिंह ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कहा कि बजट में महिलाओं को देश की 'ग्रोथ इंजन' माना गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों के निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और लखपति दीदी योजना का विस्तार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। युवाओं के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 'स्किल इंडिया', डिजिटल स्किल्स और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। मंत्री बेढ़म और विधायक डॉ. सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यह बजट सेमीकंडक्टर निर्माण में निवेश बढ़ाने, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने और 'एक जिला-एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत को वैश्विक पटल पर एक आर्थिक महाशक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस जनहितैषी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे 'विकसित भारत' की नींव रखने वाला बजट करार दिया।
आगरा में महिला का हत्याकर शव फेंका:रविवार रात 9 बजे से लापता थी, सुबह टहलने निकले लोगों ने देखा
आगरा के रोहता गांव में सोमवार सुबह एक महिला का शव बरामद हुआ है। महिला की हत्या कर शव को एक मकान की सीढ़ियों के पास फेंका गया था। सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह ग्रामीण टहलने निकले। उन्होंने एक मकान की सीढ़ियों से खून बहते देखा, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। मृतका की पहचान पड़ोस में रहने वाली लगभग 36 वर्षीय पूनम के रूप में हुई है। पूनम अपनी मां विमला देवी के साथ रहती थी और जूते की हील बनाने का काम करती थी। पूनम की बेटी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां रविवार रात लगभग 9 बजे से घर से गायब थी। सुबह तक घर न लौटने पर वह उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसने बराबर के मकान से खून बहते देखा और जांच करने पर अपनी मां के शव की पहचान की। हत्या की सूचना मिलते ही एसीपी सदर इमरान अहमद और एडिशनल डीसीपी अक्षय मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस महिला की हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पूनम के दो बेटे और एक बेटी है। वह अपने पति से लगभग आठ साल से अलग रहकर बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। उसका पति फर्रुखाबाद में रहता है और वहीं नौकरी करता है। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बलौदाबाजार जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परिक्षेत्र रायपुर के मुख्य अभियंता केके मरकाम और अधीक्षण अभियंता समीर गौर ने पलारी आवर्धन योजना और बिटकुली-रामपुर समूह जल प्रदाय योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों का गहन परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाने चाहिए। हर घर जल योजना की प्रगति पर मंथन निरीक्षण के बाद खंड कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें 'हर घर जल' योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कार्यों में तेजी लाने, आपसी समन्वय मजबूत करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जल जीवन मिशन में लापरवाही नहीं चलेगी अधिकारियों ने दोहराया कि जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है। जिले के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेरठ में सांड के अपहरण का प्रयास:नशे का इंजेक्शन देकर कार में डालते आरोपी CCTV में कैद
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के पॉश इलाके शास्त्रीनगर के के ब्लॉक में सोमवार तड़के एक आवारा सांड को बेहोश कर कार में ले जाने की कोशिश की गई। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, दिल्ली नंबर की एक सेंट्रो कार से उतरे लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने इलाके में घूम रहे सांड को नशीला इंजेक्शन लगाकर काबू करने का प्रयास किया। जब सांड पूरी तरह काबू में नहीं आया, तो आरोपियों ने उसे अपने साथ लाए डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान सड़क से एक अन्य कार गुजरने लगी और आसपास हलचल बढ़ गई। स्थानीय लोगों की आहट महसूस होते ही आरोपी घबराकर मौके से फरार हो गए। मोहल्ले के लोगों ने तुरंत पुलिस को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने की बात कही जा रही है, जिसके आधार पर उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और इसमें शामिल लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किस मकसद से इलाके में आए थे और क्या उनका कोई बड़ा नेटवर्क है। इस घटना के बाद से कॉलोनी के लोगों में दहशत और आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने रात और सुबह के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सहरसा के कृष्णानगर में ठगी की एक घटना सामने आई है। बर्तन बदलने के बहाने घर में घुसी एक शातिर महिला ने दो महिलाओं को बेहोश कर करीब ढाई लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गई। पीड़ित परिवार ने सोमवार को सदर थाना में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। कृष्णानगर निवासी कन्हैया कुमार मिश्रा की पत्नी आरती कुमारी ने बताया कि यह घटना 30 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे हुई। उनके पति बिजली मिस्त्री का काम करने घर से निकले थे, तभी एक महिला पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देने की बात कहकर उनके घर पहुंची। आरती कुमारी ने उस महिला को घर के अंदर बैठाया और उससे बातचीत करने लगीं। हवा में किसी पाउडर जैसी चीज उड़ा दी बातचीत के दौरान, ठग महिला ने अचानक दोनों हाथों से ताली बजाई और हवा में किसी पाउडर जैसी चीज उड़ा दी। इसके तुरंत बाद, आरती कुमारी और उनकी बुजुर्ग सास गीता देवी अचेत हो गईं। करीब दो घंटे बाद, दोपहर लगभग एक बजे दोनों को होश आया तो ठग महिला घर से गायब थी। होश में आने पर जब घर के सामान की जांच की गई, तो पता चला कि ठग महिला आरती कुमारी के कान की सोने की बालियां, मंगलसूत्र, नाक की नकमुनी और पायल ले गई थी। इसके अलावा, उनकी सास गीता देवी के कान के सोने के टॉप्स भी चोरी हो गए थे। चोरी हुए जेवरात की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस आसपास लगे CCTV की फुटेज खंगाल रही आरती कुमारी ने रविवार रात पति कन्हैया कुमार मिश्रा के घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सहरसा TOP-2 के प्रभारी सनोज कुमार वर्मा ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV की फुटेज खंगाल रही है। मुहल्ले में बर्तन लेकर घूम रही संदिग्ध महिला का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। ऐसे मे आमलोगो को सचेत रहने आवश्यकता है।
पलवल हाईवे पर कार की टक्कर से युवक की मौत:पैदल सड़क पार कर रहा था; पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव
पलवल जिले में नेशनल हाईवे-19 पर गोढ़ोता चौक के निकट एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने पैदल हाईवे पार कर रहे 25 वर्षीय युवक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। होडल थाना पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। निर्माण कार्य में मदद करने आया था होडल थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार, मृतक की पहचान मथुरा (यूपी) के शेरगढ़ गांव के हरिचंद उर्फ हीरा के रूप में हुई है। हरिचंद अपने दामाद के मकान के निर्माण कार्य में मदद करने के लिए होडल आए हुए थे। हादसे के समय वह बाजार से कुछ सामान लेने के बाद गोढ़ोता चौक के पास नेशनल हाईवे-19 को पैदल पार कर रहे थे। हादसे में सिर में गंभीर चोट लगी शिकायतकर्ता ठाकुरलाल ने बताया कि हसनपुर चौक की तरफ से आई एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने उनके बेटे को सीधी टक्कर मार दी। सैनिक कॉलोनी होडल के ओमवीर ने यह हादसा अपनी आंखों से देखा और भागती हुई अर्टिगा कार का नंबर नोट कर लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हरिचंद के सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल ले जाया गया। हालांकि, जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने हरिचंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। परिजनों के आने पर मृतक हरिचंद के पिता ठाकुरलाल के बयान पर मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने अर्टिगा कार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है।
नालंदा में अलग-अलग सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान तेलमर गांव के रहने वाले रघुवीर मांझी(64) और नगरनौसा के सरैया गांव निवासी राजीव कुमार(22) के तौर पर हुई है। घटना तेलमर और चंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। रघुवीर मांझी के नाती बबलू कुमार ने बताया कि नाना बकरी चराने के लिए सुबह गए थे। गांव से 1 किलोमीटर दूर राजगीर टूरिस्ट वे पर चार पहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। करीब 500 मीटर तक घसीटते हुए लेकर चली गई। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी समेत फरार हो गया। बाइक से ससुराल जा रहा था दूसरे मृतक राजीव के भाई संजीत कुमार ने बताया कि बाइक पर सवार होकर सुराल वारसलीगंज जा रहा था। इस दौरान चंडी थाना क्षेत्र के सालेपुर मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। फरार ड्राइवर की तलाश जारी हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल स्कूल भेज दिया। तेलमर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार और चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। अज्ञात वाहन की पहचान की जा रही है।
अजमेर में मनरेगा को लेकर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने कहा कि मनरेगा से गांव, किसान का विकास हो रहा है। ये रोजगार की गारंटी है और उसे कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर आंदोलन जारी रहेगा। शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजकुमार जयपाल, देहात जिलाध्यक्ष विकास चौधरी, डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी, आरटीडीसी के पूर्व चैयरमेन धर्मेन्द्रसिंह राठौड़, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर, महेन्द्रसिंह रलावता सहित कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां धरना देकर प्रदर्शन किया। यहां कांग्रेस नेता व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मेंबर वैभव गहलोत भी शामिल हुए। गहलोत ने कहा कि हम आवाज उठा रहे गरीबो, मजदूरों की। मजदूरों को रोजगार देने के लिए दिन बढ़ा दिए और काम नहीं देकर षड़यंत्र किया जा रहा है। राज्य सरकार पर बोझ डाला जा रहा है। राज्यों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। गांव में तो पंचायत ही बता सकती है और ये षड़यंत्र ही है कि ये अधिकार पंचायत से छीनकर सरकार को दे रही है। इसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा सरकार केवल सेठ-साहूकारों की जेब भरना चाहती है। बजट में भी राजस्थान को निराशा ही हाथ लगी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस सोच के साथ इस योजना को शुरू किया गया। उसे भाजपा सरकार बंद करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस इसे लेकर जनता के बीच है और सड़क पर प्रदर्शन कर रही है। ………… कांग्रेस के प्रदर्शन की ये खबरें भी पढें… अजमेर में कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प:डीजे की धुन पर निकाला पैदल मार्च,कहा-केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा अरावली बचाओ जन आंदोलन जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत अरावली पर्वतमाला को हो रहे नुकसान, अवैध खनन तथा पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर अजमेर में कांग्रेसियों ने पैदल मार्च निकाला। इस दौरान डीजे पर गाने बजाने को लेकर पुलिस ने टोका तो कांग्रेसियों से झड़प हो गई। बाद में कांग्रेसी नहीं माने और डीजे पिकअप पर गाने चलाते हुए पैदल मार्च निकाला। पूरी खबर पढें डोटासरा बोले-CM की तरह अब काम की भी पर्ची आएगी:अफसर फेसटाइम पर बात करते हैं, मैं कोई लुगाई नहीं हूं; डोटासरा ने मंच पर किया डांस केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को कमजोर करने, महात्मा गांधी जी के नाम को हटाने तथा रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की साजिश के विरोध में कांग्रेस की ओर से अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस का प्रदर्शन करीब चार घंटे चला। पूरी खबर पढें
छिंदवाड़ा के गागीवाड़ा बायपास स्थित श्री आईटीआई कॉलेज के सामने शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक जय ठाकरे (पिता राजेश ठाकरे), निवासी बरारीपुरा, पटेल मंगल भवन के पास, एमपीबी बीजागोरा सब-स्टेशन में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छिंदवाड़ा से परासिया की ओर जा रही मयूर बस ने बस स्टॉप न होने के बावजूद अचानक सवारी बैठाने के लिए ब्रेक लगाया। पीछे से आ रहे जय ठाकरे ने भी अचानक ब्रेक मारा, जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ा और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। हादसे में उसके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं और बहुत खून बहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक ने हेलमेट पहन रखा था, बावजूद इसके चोटें घातक साबित हुईं। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल विवांता अस्पताल, छिंदवाड़ा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन प्रदीप ठाकरे और बहन वर्षा ओकटे अस्पताल पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए बस चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, इलाके के लोगों ने बसों के अनियमित ठहराव और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्ती की मांग उठाई है। इसी मामले में सोमवार को लोनारे कुनबी समाज के पदाधिकारियों और समाजजनों ने देहात थाना पहुंचकर मयूर बस के संचालक व चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। समाज ने चेतावनी दी कि दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। पूर्व कलेक्टर ने बस संचालकों पर दिखाई थी सख़्ती छिंदवाड़ा के पूर्व कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बस चालकों की ओर से बिना स्टॉप के बस रोकने पर सख्त कार्रवाई करवाई थी और बस संचालकों को दिए गए स्टॉक के अलावा अन्य जगहों पर बस को रोकने पर चालानी कार्रवाई करवाई थी लेकिन एक बार फिर बस संचालक अपनी मनमानी में उतर आए हैं और जगह-जगह बस रोक कर सवारी बैठाते नजर आते हैं
आगरा के कोतवाली क्षेत्र के मेवा कटरा का बाजार स्थित एक फर्म से कारीगर दस किलो चांदी लेकर फरार हो गया। व्यापारी ने चांदी के बारे में पूछा तो धमकी देने लगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदता दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में व्यापरी ने कहा-मुस्ताक विगत 3 वर्षों से उसके यहाँ से चाँदी का कच्चा माल ले जाता था और तैयार करके माल वापस कर देता था। 4-5 मई 2025 को मुस्ताक ने 10 किलो चाँदी चेन टाका लेकर गया और कहा कि 10 मई 2025 को तैयार माल वापस कर देगा। लेकिन जब प्रार्थी ने 10 मई 2025 को मुस्ताक से संपर्क किया तो उसका फोन बंद आया और उसके घर पर ताला लगा मिला। प्रार्थी ने जब मुस्ताक के परिवारीजनों से संपर्क किया तो उन्होंने मुस्ताक के बारे में कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया और धमकी दी कि अगर वह उनके घर आया तो उसे जान से मार देंगे। प्रार्थी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि मुस्ताक और उसके पुत्र राहिल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस ने धान खरीदी की समय-सीमा 15 दिन बढ़ाने की मांग की है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस साल सरकार ने धान खरीदी का लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन घोषित किया था, लेकिन वास्तविक खरीदी 139 लाख 85 हजार मीट्रिक टन ही हुई। यानी लक्ष्य से करीब 25 लाख मीट्रिक टन कम। पिछले साल के मुकाबले भी इस बार 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कम धान खरीदा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल 53 दिन खरीदी की, जबकि पहले 75 दिन का आश्वासन दिया गया था। अंतिम तिथि 31 जनवरी थी, लेकिन शनिवार-रविवार होने के कारण आखिरी दो दिन खरीदी नहीं हो सकी। टोकन नहीं, पंजीयन अधूरा—किसान परेशानप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 27 लाख किसानों का पंजीयन हुआ था, लेकिन करीब 2.5 लाख किसान धान नहीं बेच सके। वहीं एग्रीस्टेक पोर्टल की दिक्कतों के चलते लगभग 5 लाख किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पाया। कई जगह किसानों से बिना सहमति के जबरिया रकबा सरेंडर कराया गया और पहले से जारी टोकन भी निरस्त कर दिए गए। इसका नतीजा यह रहा कि हजारों किसान खरीदी से वंचित रह गए। 29 जिलों में कम खरीदी, फिर भी जश्नबैज ने आरोप लगाया कि सरकार ने कम खरीदी पर भी जश्न मनाया। जिलावार आंकड़े जारी कर अधिकारियों और कर्मचारियों को एसएमएस के जरिए बधाई दी गई कि किस जिले में कितनी कमी आई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो बधाई किस बात की? यह साफ करता है कि सरकार का इरादा शुरू से ही कम धान खरीदने का था। उन्होंने बताया कि सिर्फ नारायणपुर, बलरामपुर और बस्तर में पिछले साल के आसपास खरीदी हुई, जबकि बाकी जिलों में 5% से लेकर 32% तक कमी दर्ज की गई। महासमुंद, कवर्धा, कोरबा जैसे जिलों में किसानों की परेशानी बढ़ी, यहां तक कि कुछ जगहों पर किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया और एक मामले में जान भी गई। 15 दिन और खरीदी की मांगदीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार विशेष अभियान चलाकर कम से कम 15 दिन के लिए धान खरीदी फिर शुरू करे, ताकि बचे हुए सभी किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ हुए इस अन्याय के लिए सरकार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
फाजिल्का जिले के अबोहर में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के तीन दिन बाद भी उसके परिवार को न्याय नहीं मिला है। परिजनों ने पुलिस के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक आरोपी कार ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे मृतक का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। यह घटना 2 फरवरी को गांव गोबिंदगढ़-बहावलवासी के निकट हुई थी। हादसे में शामिल वाहन जब्त किया जाए परिवार की मुख्य मांग है कि उनके सदस्य को टक्कर मारने वाले कार ड्राइवर को तुरंत काबू किया जाए और दुर्घटना में शामिल कार को भी जब्त किया जाए। सदर पुलिस के प्रति परिवार में गहरा असंतोष है। पुलिस ने कल रात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मृतक दो छोटे बच्चों के पिता हादसे में गांव बहावलवासी के करीब 50 वर्षीय नाजिम पुत्र बूटा सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। नाजिम अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गए हैं और वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके साथ बाइक पर सवार 22 वर्षीय विजयदीप पुत्र कर्म सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद कार ड्राइवर मौके पर कार छोडकर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने अभी तक केवल उसके खिलाफ मामूली धाराओं में ही मामला दर्ज किया है। ना वाहन कब्जे में लिया और ना ही उसे काबू किया है। जब तक पुलिस आरोपी को काबू नहीं करती, वे नाजम का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। परिवार ने कहा कि अगर दोपहर तक पुलिस ने बनती कारवाई ना की तो वे धरना लगाने को मजबूर होंगे। केस दर्ज कर टीमें गठित की- पुलिस इधर थाना सदर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मृतक नाजम सिंह के बेटे करनदीप सिंह के बयानों पर कार ड्राइवर पक्की टिब्बी कबरवाला के गुरमीत सिंह पुत्र नंछतर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1), 12ए, 125बी, 281, 324 के तहत मामला दर्ज कर लिया है, शीघ्र ही आरोपी को भी काबू कर लिया जाएगा, उसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
इस बजट से मरीजों के चेहरे खिले हुए है। कानपुर में कैंसर के 6 हजार केस हर साल बढ़ते है, जिसका एक मुख्य कारण टेनरी से निकलने वाला वेस्टेज है। जिसके कारण भूजल में क्रोमियम और आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा पाई जा रही है। यहां के तंबाकू का सेवन अधिक करने के कारण भी कैंसर फैल रहा है। शहर में 50 हजार से ज्यादा कैंसर के मरीज अब साल 2026-27 बजट में सरकार ने मधुमेह (डायबटीज) और कैंसर की दवाइयां सस्ती की है। जिससे शहर के करीब 50 हजार कैंसर रोगियों को फायदा मिलेगा। जिसमें करीब 24 हजार मरीज पुराने है। शहर में जेके कैंसर इंस्टीट्यूट समेत करीब 10 अस्पतालों में कैंसर का इलाज किया जाता है। अब कैंसर के मरीजों को इस बजट में दवाइयां सस्ती होने के बाद बड़ा फायदा मिलेगा। एक लाख से ज्यादा डायबिटीज के मरीज कानपुर शहर की बात करे तो यहां एक लाख 20 हजार से ज्यादा डायबिटीज के पेसेन्ट हैं। जो प्रतिदिन दवाई का सेवन करते है। शहरी क्षेत्र में 30 साल से ज्यादा लोगों में डायबिटीज के लक्षण पाए गए। ये आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्र से अधिक है। या यूं कहें शहर के हर चार व्यक्तियों में एक को डायबिटीज या प्री डायबिटीज है। ऐसे में ऐसे लोगों को इस बजट में बड़ी राहत मिली है। कानपुर में आसपास के 17 जिलों के आते है मरीज कानपुर शहर में आसपास के 17 जिलों के लोग इलाज कराने के लिए आते है। शहर के हैलट अस्पताल, कार्डियोलॉजी, जेके कैंसर इंस्टीट्यूट, रेजेंसी हेल्थकेयर, उर्सला आदि अस्पताल में आसपास जिलों से मरीज इलाज के लिए आते है। जिसमें चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, उरई, हमीरपुर, राठ, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, बदायूं, मैनपुरी, इटावा, फतेहपुर इत्यादि जिलों से लोग इलाज करवाने के लिए आते है। शहर में 75 लाख की कैंसर और 1 करोड़ की डायबिटीज दवाइयों की बिक्री बिरहाना रोड स्थित थोक दवा मार्केट से कानपुर शहर के साथ ही आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक जिलो में मेडिसिन जाती हैं। सिर्फ थोक दवा मार्केट की बात करें तो हर माह यहां से लगभग 75 लाख रुपए की कैंसर की दवाइयों की बिक्री होती है। जिसमें विदेशी फार्मा व इंडियन फार्मा दोनों की दवाइया सम्मिलित हैं। इसके अलावा हर महीने एक करोड़ रुपए की डायबिटीज दवाइयों की बिक्री है। इसके साथ ही हार्ट व किडनी की बीमारियों की दवाइयों की बिक्री भी हर माह एक करोड़ रुपए से ऊपर है। बजट में कैंसर, डायबिटीज जैसे रोगों की मेडिसिन सस्ती होने का फायदा लाखों मरीजों और उनके परिजनों को एक बड़ी राहत देगा।
जर्मनी के पोट्सडम शहर में आयोजित 5वीं मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप-2026 में हरियाणा के गांव झांझड़ा श्योराण के खिलाड़ी संदीप कड़वासरा ने स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक चली इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। संदीप कड़वासरा ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में अमेरिका के डॉ. समित गैरेट माइकल ने 189 किलोग्राम भार के साथ रजत पदक जीता, जबकि जर्मनी के केविन क्रीमन ने 185 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया।इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में कुल 22 देशों के 235 महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने भाग लिया। स्वर्ण पदक जीतने के बाद संदीप कड़वासरा ने फोन पर बताया कि उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय ओलंपियन कोच देवरत शर्मा, कोच गोपाल कृष्ण, हरियाणा मास्टर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट महेश श्योराण और कृष्ण ठेकेदार झुप्पा को दिया, जिन्होंने उन्हें सहयोग प्रदान किया। संदीप बोले- पंजाब के निवासी ने की पूरी व्यवस्थाएं संदीप ने यह भी जानकारी दी कि भारतीय मास्टर वेटलिफ्टिंग टीम इंडिया मास्टर वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी उदय शेट्टी के नेतृत्व में जर्मनी गई थी। टीम के सदस्यों संतोष कुमार और राजविंदर कड़वासरा ने बताया कि भारतीय टीम के लिए सभी व्यवस्थाएं और देखरेख पंजाब के गांव गुना चोर निवासी संदीप सिंह ने कीं, जो वर्तमान में जर्मनी के नागरिक हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारतीय मास्टर वेटलिफ्टिंग फेडरेशन की अध्यक्ष अर्जुन अवॉर्डी श्रीमती भारती सिंह, लोहारू नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप तायल, एडवोकेट सुरेंद्र चौधरी, देव सिंह सोनी, कृष्ण ठेकेदार, रमेश रामजीलाल कौशिक और प्रदीप सैनी सहित अनेक खेल प्रेमियों और गणमान्य व्यक्तियों ने संदीप कड़वासरा को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हरियाणवी लोक संगीत ने पर्यटकों का दिल जीत लिया। चौपाल पर प्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री महावीर गुड्डू ने ‘तू राजा की राजकुमारी, पाणी आली पाणी प्यादे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों का मनोरंजन किया। उनके गीतों पर देश-विदेश से आए पर्यटक झूमते नजर आए। देश-विदेश के कलाकार कर रहे हैं मनोरंजन सूरजकुंड मेला परिसर में 15 फरवरी तक रोजाना मुख्य चौपाल, बड़ी चौपाल, छोटी चौपाल और महा चौपाल सहित विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर देश-विदेश के प्रख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा के लोक कलाकार महावीर गुड्डू और उनकी टीम ने बड़ी चौपाल पर हरियाणवी संस्कृति की झलक पेश की। भगत सिंह को किया याद, भावुक हुए लोग महावीर गुड्डू ने ‘तू राजा की राजकुमारी, मैं सिर्फ लंगोटेआला सूं’, ‘पाणी आली पाणी प्यादे’, ‘तूं क्यूं अन्बोल खड़ी हो गईं’ और ‘भगत सिंह कदे जी घबरा जा बंद मकान मैं’ जैसे गीतों के माध्यम से दर्शकों में जोश और देशभक्ति का संचार किया। भगत सिंह पर आधारित गीत के दौरान लोग भावुक हो गए। उन्होंने बिना किसी अंतराल के दो घंटे से अधिक समय तक लगातार प्रस्तुति देकर दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम में सह कलाकार अनु ने ‘राम के थे, राम के हैं और राम के रहेंगे’ गीत की शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर हरियाणा पर्यटन निगम के एमडी पार्थ गुप्ता, एजीएम राजपाल सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
किशनगढ़बास के कृषि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन सोमवार को स्वच्छता अभियान चलाया गया। शिविर 31 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की। उन्होंने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ कचरा एकत्र किया और उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया। इस गतिविधि का उद्देश्य स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का संदेश देना और स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जागरूकता फैलाना था। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. एम.पी. यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वच्छता को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी, डॉ. राज कुमार फगोडिया ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा है और यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं, जिससे एक स्वस्थ, स्वच्छ और जागरूक समाज का निर्माण होता है। इस कार्यक्रम में अनिता, संगीता जाट (प्रयोगशाला सहायक) और अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
झुंझुनू में जमीनी जंग:ट्रैक्टर के आगे आई महिलाएं, आईपीएल क्रिकेटर के पिता सहित रसूखदारों पर FIR
झुंझुनू जिले में कानून को ताक पर रखकर जमीन कब्जाने आए दबंगों को उस वक्त पीछे हटना पड़ा, जब परिवार की महिलाओं ने अपनी जान की बाजी लगा दी। टोडी गांव में रसूखदारों के लाव-लश्कर और चलते ट्रैक्टर के आगे ढाल बनकर खड़ी हुईं सास-बहू के साहस ने भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस मामले में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेटर के पिता और पूर्व पार्षद सहित कई नामजद लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चलते ट्रैक्टर के आगे कूदीं महिलाएं, खदेड़े दबंग घटना उस वक्त की है जब मुन्नी देवी और शाकंभरी देवी अपने परिवार के साथ रास्ते से गुजर रही थीं। उन्होंने देखा कि उनकी विवादित जमीन पर कब्जा करने की नीयत से आधा दर्जन गाड़ियों के साथ आए दबंग जबरन ट्रैक्टर चला रहे हैं। अपनी संपत्ति को लुटता देख मुन्नी देवी बिना डरे चलते ट्रैक्टर के सामने खड़ी हो गईं। अपनी सास को मौत के मुंह में जाते देख बहू और बेटी ने भी मोर्चा संभाल लिया। रसूखदारों का सिंडिकेट: FIR में बड़े नाम शामिल पीड़ित पक्ष के जगदीश प्रसाद की शिकायत पर गुढ़ागौड़जी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, वे समाज के प्रभावशाली तबके से आते हैं। दिलीप खेदड़: आईपीएल क्रिकेटर मुकुल चौधरी के पिता। सतपाल मावलिया: पूर्व जिला परिषद सदस्य। दीपक व अशोक: जमीन के विक्रेता गोपीचंद के पुत्र। पुलिस ने इन सभी पर मारपीट, अवैध घुसपैठ और जानलेवा हमले के प्रयास जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। 6 साल की कानूनी जंग और 25 साल पुराना विवाद यह पूरा विवाद एक ही जमीन को दो बार बेचे जाने से उपजा है। जगदीश प्रसाद का दावा है कि उन्होंने 25 साल पहले गोपीचंद से यह जमीन खरीदी थी। आरोप है कि विक्रेता ने वही जमीन दोबारा रसूखदारों को बेच दी, जिसका मामला 2019 से न्यायालय में लंबित है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चार महीने पहले भी इन दबंगों ने उनका मकान जेसीबी से ढहा दिया था और बिजली के कनेक्शन काट दिए थे। गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस का कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अपनी स्कॉर्पियो और कैंपर गाड़ियां लेकर फरार हो गए थे। पुलिस अब वायरल फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालक और अन्य अज्ञात हमलावरों की शिनाख्त कर रही है।
कुबेरेश्वर धाम में लगाए जाएंगे 1 करोड़ पेड़:14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव, 7 दिन चलेगा भंडारा
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से शुरू होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महोत्सव में श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण रुद्राक्ष दर्शन और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की संभावना है। पुलिस ने किया निरीक्षण महोत्सव की सफल और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने धाम का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मंदिर प्रांगण में एक स्थायी कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन आसान और सुरक्षित हो। भोजनशाला के निकासी द्वार के पास स्थित नाले को जाली से ढकने का भी निर्देश दिया गया, ताकि कोई दुर्घटना न हो। श्रद्धालुओं से पौधा लगाने की अपील पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के आराध्य हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। विशाल भोजनशाला में होगा भंडारा इस बार रुद्राक्ष महोत्सव की भव्यता पहले से कई गुना अधिक होगी। कुबेरेश्वर धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल पक्का पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे।श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ क्षेत्र में भोजनशाला तैयार की गई है। साथ ही, 1 लीटर पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक करीब 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे विभाग के सहयोग से विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है।सुरक्षा के लिए परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। सात दिन, अलग-अलग संतों का आगमन महोत्सव सात दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग संत कथा में शामिल होंगे, ताकि एक दिन में अत्यधिक भीड़ न हो।17 फरवरी को विशेष रूप से बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इसके अलावा विभिन्न दिनों में देश के मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथि भी कथा में भाग लेंगे। इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक रुद्राक्ष महोत्सव सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक भव्य रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस बार यह आयोजन ‘ग्रीन शिवरात्रि’ की थीम पर होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता है। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक वैश्विक अभियान है। पूरी खबर पढ़ें…
समस्तीपुर में बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए डाक विभाग की ओर से संदेश रथ रवाना किया गया। शहर के प्रधान डाकघर परिसर से डाक अधीक्षक रॉबिन चंद्र ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ जिले के अलग-अलग क्षेत्र में जाकर लोगों को सुकन्या योजना के बारे में जानकारी देगा। रॉबिन चंद्र ने बताया कि इस रथ के माध्यम से डाक विभाग की प्रमुख योजनाओं डाक बचत योजनाएं, डाक जीवन बीमा (PLI/RPLI), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), सुकन्या समृद्धि योजना, आधार सुविधा, ई-कॉमर्स सेवाएं और अन्य वित्तीय समावेशन संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग पोस्ट ऑफिस की योजनाओं का लाभ ले सकें। यह रथ जन-जन तक डाक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को वित्तीय साक्षरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डाक विभाग की योजनाओं को घर-घर पहुंचाना है। इसके माध्यम से समस्तीपुर जिले के अलग-अलग ब्लॉकों, ग्राम पंचायतों, बाजारों में जाकर जागरूकता फैलाएगा। जहां स्थानीय लोगों को योजनाओं के लाभ बताए जाएंगे। पंजीकरण, खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 0 से 5 वर्ष के बच्चों का आधार भी बन सकेगा डाक अधीक्षक ने आगे बताया कि इस रथ पर जीरो से 5 वर्ष के बच्चों का आधार बनाने के लिए एक टीम भी सक्रिय रहेगी। जहां पर कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों का आधार बनवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क भी देना नहीं पड़ेगा।
पन्ना जिले की सकरिया हवाई पट्टी के पास सोमवार को सड़क हादसे में 19 साल के युवक की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, ककरहटी निवासी शिवम शिवहरे (19) पिता दुर्गेश शिवहरे पन्ना के निवासी थे। युवक अपने दो साथियों संजय पांडे और शिवा पांडे के साथ बाइक पर पन्ना से ककरहटी की ओर जा रहे थे। सकरिया हवाई पट्टी के पास सामने से आ रहे एक बेकाबू ऑटो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर में युवक की मौके पर मौत, दो लोग घायल टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। संजय पांडे और शिवा पांडे को गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसों के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
बठिंडा की बस्ती में अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर:कब्जाधारी पर नशा तस्करी के केस; सरकारी जगह पर बनाया घर
पंजाब के बठिंडा जिले की धोबीआना बस्ती में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को पुलिस प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया है। यह कार्रवाई ऐसे व्यक्ति के खिलाफ की गई जिस पर पहले से नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। सरकारी जमीन पर किया था कब्जा एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बलविंदर सिंह पुत्र हाकम सिंह ने धोबीआना बस्ती में सरकारी जगह पर अवैध कब्जा कर घर बनाया हुआ था। पुड्डा ने उसे कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी जारी किया था, लेकिन उसने कब्जा नहीं छोड़ा। बेटे पर भी आपराधिक दो केस दर्ज एसपी ने बताया कि बलविंदर सिंह पर पहले भी नशा तस्करी का एक मामला दर्ज है। आज पुलिस प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवाने के लिए सरकारी बुलडोजर चलाकर कब्जा छुड़वाया है। बलविंदर सिंह के बेटे हरप्रीत सिंह पर भी अपराध से संबंधित दो मामले दर्ज हैं।
फर्रुखाबाद में आशा कार्यकर्ताओं का धरना सीएमओ कार्यालय पर जारी है। अपनी विभिन्न मांगों के साथ अब उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के तबादले की मांग भी जोड़ दी है। यह धरना 15 दिसंबर से चल रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हुईं और जमकर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सीएमओ ने उनके लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था, जिसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा था। इस घटना के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव भी किया था, हालांकि सीएमओ बाद में अवकाश पर चले गए। इसके बावजूद सीएमओ कार्यालय में आशा कार्यकर्ताओं का धरना जारी है। आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाना और एकमुश्त धनराशि प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उनकी अन्य लंबित मांगें भी हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
चित्रकूट में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई है। परिवहन और खनिज विभाग ने पहाड़ी कस्बे में संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान एक ओवरलोड ट्रक को पकड़ा गया और उसे जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई आज सुबह पहाड़ी कस्बे के नांदी चौराहे पर की गई। परिवहन विभाग की दीप्ति त्रिपाठी और खनिज विभाग के इंस्पेक्टर मंटू सिंह के नेतृत्व में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था। छापेमारी के दौरान बिना नंबर प्लेट और ओवरलोडिंग करते हुए एक ट्रक को पकड़ा गया। पकड़े गए ट्रक को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया और उसे सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में शामिल ट्रक ड्राइवरों और मालिकों में हड़कंप मच गया है। खनिज विभाग इंस्पेक्टर मंटू सिंह और परिवहन विभाग की दीप्ति त्रिपाठी ने बताया कि जिले में अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी ट्रक अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग करते पाए जाएंगे या विभाग के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
बलिया में मुरलीछपरा विकास खंड के इब्राहिमाबाद गांव निवासी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान शंभू सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचा। शव के पहुंचते ही पूरे गांव और आसपास के इलाके में मातम छा गया। जवान के पैतृक आवास पर जैसे ही शव रखा गया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां और पत्नी की चीत्कार से माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। ददन सिंह के पुत्र शंभू सिंह वर्ष 2011 में एसएसबी में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में थी। वहां के प्रशासन की ओर से परिजनों को बताया गया कि जवान की मौत छत से गिरने के कारण हुई है। हालांकि, परिजनों ने जवान की मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्नी और दो मासूम बेटों को छोड़ गए शंभू सिंह परिजनों का कहना है कि शंभू सिंह पूरी तरह स्वस्थ थे और किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी। ऐसे में अचानक छत से गिरकर मौत की बात कई सवाल खड़े करती है। परिजनों ने बताया कि यह घटना शनिवार रात की बताई जा रही है, जबकि रविवार सुबह फोन के माध्यम से जवान के निधन की सूचना परिवार को दी गई। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। स्वर्गीय शंभू सिंह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम पुत्र छोड़ गए हैं। एक बेटे की उम्र करीब 10 वर्ष और दूसरे की उम्र लगभग 8 वर्ष बताई जा रही है। जवान की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पचरुखिया गंगा घाट पर सोमवार दोपहर बाद जवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। ग्रामीणों, परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने नम आंखों से वीर जवान को अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि शहीद जवान के परिवार को न्याय मिल सके।
शाहजहांपुर के भाजपा सांसद अरुण सागर ने संसद में नियम 377 के तहत मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य संकेतकों की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्ता सुधार के लिए विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज की मांग की। सांसद सागर ने बताया कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शाहजहांपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतक राष्ट्रीय और राज्य औसत से काफी पीछे हैं। उदाहरण के लिए, चार एएनसी जांच प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत 85.69 प्रतिशत की तुलना में शाहजहांपुर में केवल 81.65 प्रतिशत है। नवजात शिशुओं को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की दर 75.91 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 90.55 प्रतिशत उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जो मांग की गई, उम्मीद है कि इस पर भी बहुत जल्द संज्ञान लिया जाएगा ।
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए संशोधनों और नए प्रावधानों के विरोध में सोमवार को झुंझुनूं जिला कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। मण्डावा विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और मनरेगा मजदूर हाथों में कस्सी, परात और गेती लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और नए एक्ट को मजदूर विरोधी करार दिया गया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कुचलने की साजिश - रीटा चौधरी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह इस कानून को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के उद्देश्य से लाए थे। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार अपनी जिद के कारण गरीब मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को कुचलने का काम कर रही है। नए कानून पर उठाए सवाल विधायक रीटा चौधरी ने नए प्रावधानों की खामियों को गिनाते हुए केंद्र को घेरा। पहले मनरेगा का शत-प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब नए प्रावधान के अनुसार केंद्र 60% हिस्सा देगी और 40% भार राज्य सरकार पर डाल दिया गया है। रीटा चौधरी ने तर्क दिया कि प्रदेश पहले से ही भारी कर्ज में डूबे हैं, ऐसे में राज्य सरकारें इस खर्चे को वहन नहीं कर पाएंगी, जिससे नरेगा योजना दम तोड़ देगी। आरोप: ये फंड रोकने का काम चौधरी ने आरोप लगाया कि नए सिस्टम से उन क्षेत्रों के साथ भेदभाव होगा जहां कांग्रेस की सरकारें, प्रधान या जिला प्रमुख हैं। केंद्र सरकार वहां फंड रोकने का काम करेगी। नए एक्ट में रोजगार की गारंटी को लेकर कोई ठोस कानूनी प्रावधान नहीं छोड़ा गया है, जिससे मजदूरों का हक असुरक्षित हो गया है। मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गांवों की लाइफलाइन है। इसे खत्म करने का मतलब है गरीबों के पेट पर लात मारना। प्रतीकात्मक विरोध: औजारों के साथ जताया रोष प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा देखने को मिला जब कार्यकर्ता अपने साथ खुदाई में इस्तेमाल होने वाले औजार (कस्सी, परात, गेती) लेकर आए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि ये औजार मजदूरों के सम्मान के प्रतीक हैं और सरकार इनके हक पर डाका डाल रही है। प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नए कानून को वापस लेने और मनरेगा को पुराने स्वरूप में ही प्रभावी रखने की मांग की गई।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के बीच निर्माणाधीन रेलवे लाइन परियोजना से निर्माण सामग्री के गबन के मामले में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को कंस्ट्रक्शन कंपनी के जेसीबी ऑपरेटर समेत 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है। मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है। दरअसल, आरोपी जेसीबी ऑपरेटर तेजबहादुर पटेल पिछले कई महीनों से रेलवे निर्माण सामग्री चोरी कर कबाड़ी को बेच रहा था। इस मामले में राहुल सिंह मरकाम की संलिप्तता भी सामने आई है। जो कंपनी में ही काम करता है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को गुमराह कर घटना को बाहरी लूट के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन, रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े और कैश जब्त की है। इस तरह पुलिस ने 25 लाख 6 हजार रुपए का माल जब्त किया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? 28 जनवरी की रात निर्माणाधीन रेलवे लाइन परियोजना से निर्माण सामग्री चोरी हो गए थे। जिसकी इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी ने कटघोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रेलवे साइड सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर और अन्य निर्माण सामग्री के गायब होने की जानकारी दी गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान कंपनी कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और अन्य संबंधित लोगों से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह किसी बाहरी लूट या डकैती की नहीं, बल्कि कंपनी के भीतर कार्यरत व्यक्तियों के पद के दुरुपयोग से किया गया आंतरिक गबन है। पूछताछ में जुर्म स्वीकारा जांच के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(5), 317(2), 317(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद जेसीबी ऑपरेटर तेजबहादुर पटेल और सहयोगी राहुल सिंह मरकाम को हिरातस में लिया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से जेसीबी, रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े और कैश जब्त कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फाजिल्का जिले के अबोहर के आभा स्कवेयर मार्केट स्थित एक कंप्यूटर शोरूम में बीती देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर लाखों रुपए के लैपटॉप और मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गए। शोरूम मालिक के अनुसार, इस घटना में उन्हें करीब 6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। चोरी की घटना का पता शुक्रवार सुबह चला, जब शोरूम मालिक दुकान पर पहुंचे। शटर खोलने पर उन्हें चोरी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना सिटी वन पुलिस को दी। लैपटॉप और मोबाइल उठाकर फरार शोरूम मालिक अमन ने बताया कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि चोरों ने शोरूम के पीछे का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद वे वहां रखे कीमती लैपटॉप और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही 112 पुलिस और सिटी-1 पुलिस के एएसआई राजवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं पीड़ित व्यापारी अमन के दोस्त चिराग सेठी ने बताया कि यह शोरूम कुछ महीने पहले ही नई मार्केट में शुरू किया गया था। हालांकि, यहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि महंगे शोरूम होने के बावजूद अभी तक बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। चिराग सेठी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण अबोहर में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रतापगढ़ में ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर:पत्नी की मौत, पति घायल; ट्रक छोड़कर चालक फरार हुआ
प्रतापगढ़ में एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई। महिला के पति विनय शुक्ला उर्फ पिंटू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में ले लिया है। यह घटना प्रतापगढ़ के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत सुखपाल नगर तिराहे के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दंपती मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर गिर गई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद की 2 तस्वीरें… हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक महिला के शव को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, घायल पति विनय शुक्ला को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है, लेकिन उसका चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस चालक की तलाश कर रही है। कोतवाली देहात पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है और तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण कुछ देर के लिए सड़क पर जाम भी लगा रहा।
ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और उसके मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मठ में विशेष पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल के मंत्री लगातार उन पर आक्षेप कर रहे हैं और गौवंश, मांस निर्यात तथा बूचड़खानों के मुद्दे पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। शंकराचार्य ने घोषणा करते हुए कहा- हम देशभर के साधु-संतों को पत्र लिख रहे हैं। 11 व 12 फरवरी को लखनऊ जाकर आगे की रणनीति तय करेंगे। मंत्रियों के बयानों पर सवाल शंकराचार्य ने मंत्री ओम प्रकाश राजभर और धर्मपाल सिंह सैनी के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से केवल भैंस, बकरे और सूअर का मांस निर्यात होता है, गौमांस का नहीं। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश से सूअर के मांस का निर्यात होता ही नहीं है, तो फिर यह दावा किस आधार पर किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि सूअर के मांस के निर्यात की बात कितनी सत्य है। यदि यह झूठ है, तो फिर आगे चर्चा का कोई अर्थ नहीं रह जाता।” भैंस के मांस की आड़ में गौमांस निर्यात का आरोप शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि भैंस के मांस के नाम पर लगातार गौमांस विदेशों में भेजा जा रहा है। उन्होंने नोएडा और भोपाल की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा- शुरुआती तौर पर मांस को भैंस का बताया गया, लेकिन लैब टेस्ट में वह गाय का मांस निकला। जब हर बार जांच में भैंस का मांस गाय का निकल जाता है, तो सरकार के दावों पर भरोसा कैसे किया जाए?” बूचड़खानों की संख्या पर उठाए सवाल शंकराचार्य ने योगी सरकार के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें अवैध बूचड़खानों को बंद करने की बात कही जाती है। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री के कार्यभार संभालने के समय प्रदेश में लगभग 40 प्रसंस्कृत मांस निर्यात करने वाले बूचड़खाने थे, जो अब 9 सालों में बढ़कर 70 से अधिक हो गए हैं। उन्होंने पूछा- यह बढ़ोतरी किसके कार्यकाल में हुई? यदि अवैध बूचड़खाने बंद किए गए, तो इनकी संख्या कैसे बढ़ गई?” संन्यासी होकर मांस व्यापार का आरोप शंकराचार्य ने तीखा हमला करते हुए कहा- कोई साधु, सन्यासी या मठाधीश मांस विक्रेता नहीं हो सकता, चाहे वह गाय का हो या भैंस का। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए योगी आदित्यनाथ मांस निर्यात से होने वाली आय वाले खजाने से वेतन ले रहे हैं। मुख्यमंत्री को मिलने वाला लगभग पांच लाख रुपये मासिक वेतन उसी खजाने से आता है, जिसमें मांस बिक्री का पैसा जमा होता है। 106 महीनों में लगभग चार करोड़ रुपये वेतन के रूप में लिए जा चुके हैं। क्या यह भगवा वस्त्र और सन्यासी परंपरा का अपमान नहीं है?” ‘आका’ शब्द पर आपत्ति शंकराचार्य ने एक मंत्री द्वारा “आका” शब्द के प्रयोग पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह शब्द अरबी मूल का है और एक हिंदू सन्यासी के संदर्भ में इसका प्रयोग अनुचित है। शंकराचार्य के ऊपर कोई नहीं होता। मंत्री के आका मुख्यमंत्री हो सकते हैं, मुख्यमंत्री के आका राज्यपाल या केंद्र हो सकता है, लेकिन शंकराचार्य का कोई आका नहीं होता। शंकराचार्य पद को लेकर बयान पर प्रतिक्रिया मंत्रियों द्वारा शंकराचार्य पद को असंवैधानिक बताए जाने पर शंकराचार्य ने कहा कि जब शंकराचार्य परंपरा स्थापित हुई थी, तब संविधान अस्तित्व में ही नहीं था, लेकिन राजा थे और उन्होंने यह सम्मान दिया था। जब राजा ने हमें यह पद, सिंहासन और सम्मान दिया, तो आज की सरकारें उसी व्यवस्था की उत्तराधिकारी हैं। ऐसे में शंकराचार्य पद की वैधता पर सवाल उठाना अज्ञानता है। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शंकराचार्य पद किसी आधुनिक संविधान की देन नहीं है, बल्कि यह पद संविधान से भी हजारों वर्ष प्राचीन है। “आप यह नहीं कह सकते कि हमारा पद आपके संविधान से आया है। जब आपका संविधान पैदा भी नहीं हुआ था, तब से यह पद चला आ रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य का कार्य किसी को चुनाव जिताना या हराना नहीं है। “हमारा काम सनातन धर्मियों को सही शिक्षा देना है और गौमाता की हत्या जैसे महापाप से समाज को बचाना है। अगर कोई अपनी करनी से हारता या जीतता है, तो उसमें हमारा क्या दोष?” अग्निहोत्री से मुलाकात उन्होंने बताया- कल हमारे शयनकाल में अग्निहोत्री हमसे मिलने आए थे, लेकिन उस समय उनका मौन काल चल रहा था, इसलिए कोई संवाद नहीं हो पाया। उन्होंने अपनी बात रखी, हमने सुनी और उन्हें आशीर्वाद दिया। हमारे मठ के पंडितों ने उन्हें सम्मानित किया, तिलक लगाया और उनके लक्ष्य में सफलता की कामना की।” एससी-एसटी एक्ट को लेकर अग्निहोत्री आंदोलन करने की बात कह रहे थे। लेकिन मैं मौन होने के कारण उनसे अधिक सवाल नहीं पूछ सके। लेकिन एक बात उन्होंने जरूर रेखांकित की कि “त्यागपत्र दिया गया था और वह वापस हो चुका है। आदमी थूक कर चाट चुका है।” आगे की रणनीति : संतों से संवाद आगे की रणनीति पर शंकराचार्य ने कहा कि जनता से हमारा संवाद लगातार जारी है और अब हम देशभर के संतों को एक पत्र लिखने जा रहे हैं। इस पत्र के माध्यम से संतों से पूछा जाएगा कि उनकी सनातन यात्रा सही दिशा में है या कहीं वे भटक तो नहीं रहे। हम संतों को यह भी बताएंगे कि हमने मुख्यमंत्री जी से क्या कहा है और वही बात आप सबसे भी कह रहे हैं — मांस के व्यापारियों से दूरी बनाइए। केवल गेरूवा वस्त्र देखकर किसी पर भरोसा मत कीजिए। आचरण देखिए।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, दूध देखो तो उसकी धार भी देखो, तेल देखो तो उसकी धार भी देखो। केवल रंग देखकर किसी को अपना मत मानिए।” महाकुंभ से हटाए गए शिवलिंग का क्या होगा? महाकुंभ में स्थापित शिवलिंग हटाए जाने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि जब शिविर ही नहीं रहेगा तो शिवलिंग वहां क्यों रहेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि ये शिवलिंग अब उस मंदिर में स्थापित किए जाएंगे, जहां सवा लाख शिवलिंगों की प्रतिष्ठा होनी है। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले, शिवगंगा नदी के किनारे, सपाद लक्षेश्वर धाम (सलधा) में बन रहा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर वहां शिवलिंगों की प्रतिष्ठा शुरू की जाएगी। शंकराचार्य की बड़ी बातें पढ़िए- 1- लखनऊ में जुटेंगे संत, तय करेंगे कौन असली हिंदू शंकराचार्य ने कहा था- 10-11 मार्च को लखनऊ में सभी संत-महंत और आचार्य एकत्र हों। वहां यह तय किया जाएगा कि कौन हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे छद्म हिंदू या नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए। 2- अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था- अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश किया जाना है। जितने भी हिंदू हैं, उनके साथ बहुत बड़ा छल हो रहा है। यह छल खुद को साधु, योगी, संत और भगवाधारी कहने वाले व्यक्ति और उसकी पार्टी द्वारा किया जा रहा। 3- मेला छोड़ने पर कहा- प्रशासन लालच दे रहा था, हमने नकारा माघ मेला छोड़ने पर शंकराचार्य ने कहा था- माफी मांगने का भी एक तरीका होता है, क्षमा याचना करनी पड़ती है। प्रशासन हमें लालच दे रहा था कि आप ऐसे नहा लीजिए, आपके ऊपर फूल बरसा देंगे। अगले साल के लिए चारों शंकराचार्यों के लिए प्रोटोकॉल बना देंगे, लेकिन हमने नकार दिया। हमने कहा कि जिन संन्यासियों पर आपने लाठी बरसाई, उनसे माफी मांगिए। अगर वे क्षमा कर दें, तो ठीक, लेकिन इस सब के लिए प्रशासन आगे नहीं आया। 4- इतिहास में पहली बार शंकराचार्य से प्रमाण मांगा गया अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था- अगले साल माघ मेले में मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करेंगे। इतिहास में पहली बार किसी शासक ने किसी शंकराचार्य से प्रमाण मांगा। विश्व में आपके यहां का गोमांस बिक रहा है। इसे 40 दिन में रोककर दिखाइए, तभी हम मानेंगे कि आप हिंदू हैं। अगर 40 दिन बीत गए और यह नहीं हुआ, तो हम लखनऊ आएंगे। वहां संत-महंतों के साथ बैठकर निंदा करेंगे। …………….. ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले-योगीजी गाय को राज्य माता बनाएं, आपको PM बनवाएंगे:गोमांस बैन करें; वरना धड़कनें बढ़ाने वाला ऐलान करेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने के लिए सपोर्ट देने का ऑफर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर योगी खुद को सच्चा हिंदू साबित करना चाहते हैं तो गाय को राज्य माता घोषित करें और गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं। योगी को हमने 40 दिन का समय दिया है। पढ़िए पूरी खबर
अमेठी में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 'यक्ष' ऐप सक्रिय कर दिया गया है। यह ऐप अपराधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगा। पूर्व में प्रचलित तीन अलग-अलग ऐप्स के डेटा को इसमें एकीकृत किया गया है, जिसका थानों पर मिलान जारी है। इस नई प्रणाली के तहत, अब बीट के अपराधियों की सीधी जिम्मेदारी संबंधित बीट सिपाही की होगी। 'यक्ष' ऐप को पुलिस विभाग के तीन पूर्व-संचालित ऐप्स - त्रिनेत्र, पहचान और प्रहरी - को मिलाकर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसी भी जिले में जघन्य या सनसनीखेज अपराध करने वाले अपराधियों का उनके मूल निवास स्थान के थाने के आधार पर सत्यापन करना है। यदि कोई अपराधी अपना जिला बदलता है, तो बीट सिपाही उसके नए निवास का पता लगाकर 'यक्ष' ऐप पर जानकारी दर्ज करेगा। इसके तुरंत बाद, संबंधित जिले के थाने के बीट सिपाही को मोबाइल पर अलर्ट संदेश प्राप्त होगा, जिसके आधार पर वह मौके पर जाकर अपराधी का सत्यापन करेगा। यह ऐप पुलिस को अपराध रोकने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा। इसके माध्यम से सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, जिलाबदर किए गए व्यक्तियों, वांटेड और पुरस्कार घोषित अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। ऐप में एआई-पावर्ड वॉयस सर्च की सुविधा भी है, जो अपराधियों की पहचान और धरपकड़ में सहायक होगी। सीसीटीएनएस पर आरोप पत्र दाखिल होने के बाद, संबंधित मुकदमों के सभी अभियुक्तों का विवरण स्वतः 'यक्ष' ऐप पर प्रदर्शित होने लगेगा। इसमें टॉप टेन अपराधियों के चयन की पारदर्शी प्रक्रिया भी शामिल है। 'यक्ष' ऐप में एडवांस गैंग एनालिसिस की सुविधा भी उपलब्ध है। यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके उन अपराधियों को एक साथ समूहबद्ध करेगी जो मिलकर गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। इससे पुलिस को पूरे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी होगी।एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि त्रिनेत्र एप, प्रहरी एप व बीट पुलिसिंग एप में दर्ज डाटा को यक्ष एप में फीड करा दिया गया है।सभी बीट सिपाहियों, बीट दरोगा और थाना प्रभारी के मोबाइल पर यक्ष एप डाउनलोड कराया जा रहा है।इस एप से अपराधों के रोकथाम और अपराधियों पर कार्रवाई करने में प्रभावी मदद मिलेगी।
मधेपुरा में जमीन विवाद में दो सगे भाई आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई ने बड़े भाई को गोली मार दी। दाहिने हाथ में बुलेट लगी है। गंभीर हालत में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने भागलपुर रेफर कर दिया। फिलहाल मायागंज में इलाज चल रहा है। घटना चौसा थाना क्षेत्र के भटगामा गांव की है। घायल पंकज यादव(35) ने बताया कि 9 कट्ठा जमीन को लेकर छोटा भाई धीरज अक्सर विवाद करता था। इससे पहले मेरी पत्नी के साथ भी मारपीट कर चुका है। रविवार रात करीब 9 बजे के करीब अपने घर में खाना खा रहा था, इस बीच वो हथियार लेकर पहुंचा और गाली-गलौज करना लगा। अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद भी मैं बाहर नहीं निकला तो वो घर के अंदर घुस गया और मुझे गोली मार दी। गोली लगने के बाद भी मैंने हिम्मत नहीं हारी, उसे पकड़ लिया। हथियार छीनकर उसकी पिटाई कर दी। कारतूस और कट्टा बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एक देसी कट्टा और 16 जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। चौसा थानाध्यक्ष रवि ने बताया कि घायल को इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जमीन विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
बाराबंकी में टीचर की पत्नी की अज्ञात चोरों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव से सोने के झुमके और हाथों से चांदी के कड़े उतार लिए। इसके बाद घर में रखी 2.5 लाख की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। बदमाशों ने महिला के कमरे की कुंडी अंदर से कपड़े से बांध दी थी। जिससे किसी को लूट का शक न हो। इसके बाद पिछले दरवाजे से फरार हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि मकान के ऊपरी हिस्से में उनके बेटे-बहू सो रहे थे। बदमाशों ने घर में घुसकर महिला की हत्या कर दी। इसके साथ ही लूट-पाट घर फरार हो गए। लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की और साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे लूट के उद्देश्य से की गई हत्या मान रही है, हालांकि सभी एंगल से जांच की जा रही है। घटना कोतवाली क्षेत्र की है। पहले देखें 3 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला… पूरा मामला बंकी कस्बे के दक्षिण टोला का है। जहां 85 वर्षीय शकुंतला देवी की लूट के इरादे से आए बदमाशों ने हत्या कर दी। वह निचले हिस्से में अकेली सोती थीं। जबकि उनका बेटा और बहू पहली मंजिल पर रहते हैं। सोमवार सुबह जब काफी देर तक उनके कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो बहू शिव कुमारी नीचे पहुंचीं। कमरे का मेन दरवाजा अंदर से बंद था और कपड़े से अटका हुआ मिला। शक होने पर पीछे के दरवाजे से अंदर जाने पर शकुंतला देवी मृत अवस्था में पाई गईं। कमरे का नजारा देख परिजन सन्न रह गए। शव के पास सारा सामान बिखरा हुआ था। महिला के कान से सोने के झुमके और हाथों से चांदी के कड़े गायब थे। कमरे में नाक की कील गिरी हुई मिली। जिससे आशंका जताई जा रही है कि महिला ने बदमाशों का विरोध किया जिस कारण उन्होंने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। समय की पाबंद थीं शकुंतला देवी बहू शिव कुमारी ने बताया कि उनकी सास रोज सुबह समय पर उठ जाती थीं। सोमवार को जब वह देर तक नहीं जागीं और कमरे में गहने गायब मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शकुंतला देवी के पति जिला कारागार में शिक्षक थे और उनकी पेंशन ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थी। बेटा एलआईसी में कार्यरत है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी। जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा पुलिस कर रही है। आस-पास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज तलाश किए जा रहे हैं। हालांकि घर के आमने-सामने कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने पहले उनके घर की रेकी की है। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- प्रेमानंद महाराज ने नवजोत कौर सिद्धू को दी सीख: बोले- पद का सही उपयोग ही सच्ची भक्ति पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज से सवाल पूछा कि हम समाज सेवा में सक्रिय हैं। हमें अपने आप में क्या सुधार करना चाहिए, ताकि हम समाज की और बेहतर सेवा कर सकें? इस पर प्रेमानंद महाराज ने उन्हें बड़ी सीख देते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि अलग से माला लेकर बैठ जाएं, हमें जो पद मिला है, यदि उसका सही और ईमानदार उपयोग समाज के सुख के लिए किया जाए, तो उसका फल कई गुना होकर मिलता है। जो केवल अपने सुख के बारे में सोचता है, यह गलत मार्ग है। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना जिले के मेहरबान इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। धागे से लदा एक छोटा हाथी सड़क किनारे खुले गटर में जा गिरा। वाहन ड्राइवर संतोष जागीरपुर से बाजड़ा की ओर जा रहा था। सड़क पर पानी भरा होने के कारण उसे गटर दिखाई नहीं दिया, जिससे यह दुर्घटना हुई। गटर में पहिया फंसने से वाहन असंतुलित होकर नीचे गिर गया। घटना में ड्राइवर बाल-बाल बचा और किसी बड़े नुकसान से भी बचाव हो गया। पहले से खुला था गटर का ढक्कन ड्राइवर संतोष ने बताया कि गटर का ढक्कन पहले से ही खुला था। बारिश और ओवरफ्लो के कारण सड़क पर पानी जमा था, जिससे गटर की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाया। मौके पर मौजूद नगर निगम के नंबरदार आनंद ने बताया कि इलाके में पाइपलाइन का काम चल रहा है, जिसके लिए गटर का ढक्कन अस्थायी रूप से खोला गया था। उन्होंने दावा किया कि लोगों की सुरक्षा के लिए गटर के किनारों पर ड्रम और बैरिकेडिंग लगाई गई थी। तीन दिन में पाइपलाइन का काम पूरा टीम द्वारा पूछे जाने पर नंबरदार आनंद ने बताया कि यह काम अगले दो से तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्य पिछले 10 से 15 दिनों से अधूरा पड़ा है। उनके अनुसार, इस वजह से सड़क पर अक्सर गंदा पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए दिन बना रहता है हादसों का खतरा स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि काम में देरी के कारण प्रतिदिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि यदि गटर को समय पर ठीक से ढका गया होता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। निवासियों ने नगर निगम से जल्द से जल्द काम पूरा करने और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
लखनऊ के बीबीडी इलाके में शनिवार देर शाम सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। उसका ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल है और ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। मृतक अपनी शादी का कार्ड बांटने के लिए जा रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता ने थाने में टक्कर मारने वाले वाहन के खिलाफ तहरीर दी है। 13 फरवरी को होनी थी शादी हादसा शनिवार शाम करीब 7:30 बजे किसान पथ पर आनंदी वाटर पार्क के पास हुआ। मृतक की पहचान गोपी कुमार (23) के रूप में हुई है। मृतक गुडम्बा के श्रीकृष्ण पुरवा का रहने वाला था। चाचा राधेलाल ने बताया कि गोपी की शादी 13 फरवरी को शादी होनी थी। 9 फरवरी को तिलक था। इसको लेकर वह बाइक से शादी का निमंत्रण बांटने जा रहा था। तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। मौके पर ही मौत हुई टक्कर इतनी जोरदार थी कि गोपी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार मामा का लड़का गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो चुका था। मृतक के पिता ने बीबीडी थाने में डंपर चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ब्यावर में सवर्ण समाज ने UGC के नए नियमों के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में समाजजनों और 50 से ज्यादा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जिलाधीश को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस विनियम को तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से हुई। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि UGC विनियम 2026 शिक्षा के क्षेत्र में समानता के सिद्धांत पर सीधा प्रहार है। यह विनियम समाज को वर्गों में बांटने, वैमनस्य फैलाने और शैक्षणिक संस्थानों में असंतोष उत्पन्न करने वाला है। 'शिक्षा अधिकार है, दया नहीं'प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “शिक्षा अधिकार है, दया नहीं।” उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षा में किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान की आत्मा के विरुद्ध है। देश को सशक्त बनाने के लिए समरस समाज की आवश्यकता है, न कि कानूनों के माध्यम से समाज को विभाजित करने की साजिश। आंदोलन तेज करने की चेतावनीसवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते UGC विनियम 2026 को वापस नहीं लिया गया, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र, व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान शिक्षा और समान अधिकारों में विश्वास रखने वाला सर्व समाज इससे जुड़ेगा।इस जन-जागरण प्रदर्शन में ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत, कायस्थ और सिंधी समाज सहित सवर्ण समाज के सभी प्रमुख घटकों की प्रभावी भागीदारी रही। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, किंतु समाज का संकल्प, आक्रोश और चेतावनी स्पष्ट रूप से सामने आई। प्रदर्शन के अंत में सवर्ण समाज प्रतिनिधि सभा ने कहा कि देश को बांटने वाले कानून नहीं, बल्कि देश को जोड़ने वाली नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने समान शिक्षा, समान अवसर और समान कानून को ही राष्ट्रहित का एकमात्र मार्ग बताया।
शहडोल में करंट लगने से दो बाघों की मौत:किसान ने फसल बचाने को फैलाया था करंट; जांच टीम मौके पर
शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से रविवार रात एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग में सकते हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल जांच शुरू की गई। वन विभाग को रविवार रात सर्किल मसिरा के आरएफ 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच के दौरान सोमवार तड़के उसी क्षेत्र में एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में एक-दूसरे के नजदीक पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि उनकी मौत एक ही घटना में हुई है। किसान ने फसल बचाने बिछाया था बिजली तार प्रारंभिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों बाघों की मौत बिजली के करंट से होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह सामने आया है कि एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था। इसी तार की चपेट में आने से दोनों बाघों की जान चली गई। गंभीर अपराध का मामला डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह मामला वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक गंभीर अपराध है। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जांच के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। डॉग स्क्वॉड और दूसरे दल मौके पर वन विभाग की डॉग स्क्वॉड टीम, फील्ड स्टाफ और अन्य विशेषज्ञ दल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। संबंधित किसान की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
भूमि अधिग्रहण का किसानों ने किया विरोध:बुलंदशहर में डीएम से उचित मूल्य और सीधी बातचीत की मांग
जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) बिना किसी सीधी बातचीत के उनकी जमीन खरीदने का प्रस्ताव दे रहा है। यह परियोजना बुलंदशहर जिले की खुर्जा तहसील के 7, बुलंदशहर तहसील के 17, स्याना तहसील के 8, शिकारपुर तहसील के 5 और सिकंदराबाद तहसील के 2 गांवों सहित कुल 39 गांवों की भूमि को प्रभावित करेगी। यूपीडा को भूस्वामियों से आपसी सहमति से भूमि क्रय करनी है। किसानों का कहना है कि यूपीडा ने अभी तक भूस्वामियों से भूमि अधिग्रहण के संबंध में कोई सीधी बातचीत शुरू नहीं की है। अधिकांश किसानों की मांग है कि यूपीडा ग्राम या तहसील स्तर पर संबंधित किसानों के साथ बैठकें आयोजित करे। किसानों का मत है कि अब एक्सप्रेसवे केवल जनहित के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए बनाए जा रहे हैं। इनमें टोल लगाकर औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय शहर विकसित किए जा रहे हैं। इसलिए भूस्वामी अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी चाहते हैं। भूस्वामियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी भूमि की कीमत के लिए केवल अच्छे प्रस्तावों पर ही विचार करेंगे। उन्होंने मांग की कि यूपीडा उन्हें प्रस्तावित भूमि दरों के बारे में सूचित करे। किसानों ने कहा कि यदि उचित दरें मिलती हैं, तो ही वे अपनी भूमि देने को तैयार होंगे, अन्यथा वे भूमि देने के इच्छुक नहीं हैं। किसानों ने यह भी मांग की कि यूपीडा प्रत्येक भूस्वामी के साथ बैठकर भूमि के मूल्य का निर्धारण करे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के बिना कोई भी अग्रिम कार्यवाही स्वीकार्य नहीं होगी। भूस्वामी प्रतिनिधि के माध्यम से इस कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और किसी भी 'असंवैधानिक' कार्रवाई को अस्वीकार करेंगे।
फतेहाबाद में तार चुराने के प्रयास में युवक की मौत:11 केवी लाइन से लगा करंट; दूसरा साथी गिरफ्तार
फतेहाबाद जिले की रतिया पुलिस ने बिजली तार चोरी के प्रयास में एक युवक की मौत के मामले में दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना 31 जनवरी 2026 को ढाणी जल्लोपुर के पास 11 केवी लाइन पर हुई थी। मृतक की पहचान मक्खन सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासी हडौली के रूप में हुई, जबकि गिरफ्तार आरोपी गुरप्रीत पुत्र सत्तू निवासी हरोली है। पोल पर लटका मिला व्यक्ति का शव थाना सदर रतिया प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद ने बताया कि 31 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 08:30 बजे द.ह.बि.वि.नि. के लाइनमैन सुरेंद्र कुमार को सूचना मिली थी। उन्हें बताया गया कि ढाणी जल्लोपुर के पीछे स्थित 11 केवी भरपुर एपी लाइन के पोल पर एक व्यक्ति लटका हुआ है। मौके पर पहुंचने पर एक युवक बिजली के पोल पर चढ़ा हुआ मिला और तार कटी हुई अवस्था में पाई गई। खंभे पर चढ़कर तार काट रहा था पुलिस जांच में सामने आया कि मक्खन सिंह और गुरप्रीत दोनों बिजली के तार चुराने के इरादे से मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान मक्खन सिंह खंभे पर चढ़कर तार काट रहा था और गुरप्रीत नीचे खड़ा था। तार चोरी के दौरान 11 केवी लाइन चालू होने के कारण मक्खन सिंह को तेज करंट लगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुरप्रीत मौके से फरार हो गया था। आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस द.ह.बि.वि.नि. रतिया कार्यालय से प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर थाना सदर रतिया में 31 जनवरी 2026 को अभियोग संख्या 17, धारा 62 बीएनएस और 136 इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गहन जांच के दौरान फरार आरोपी गुरप्रीत को काबू कर लिया गया है। उसे नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भंवरकुआ इलाके में सोमवार को एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक टाटा एस लोडिंग वाहन ने दो बाइक और एक एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे में करीब चार लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। पुलिस ने टाटा एस वाहन को जब्त कर लिया है और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर शराब के नशे में था। पुलिस के मुताबिक यह घटना आईटी पार्क के पास हुई। टाटा एस वाहन ने पीछे से दो बाइक और एक एक्टिवा को टक्कर मारी। हादसे में दोनों बाइक सवारों के हाथ और पैर में चोटें आई हैं। मौके पर पहुंचे बीट के जवानों ने घायलों को ऑटो रिक्शा के माध्यम से अस्पताल भिजवाया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर नशे में था। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। इस हादसे में एक युवक के सिर में भी चोट आई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसकी गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए थे। फिलहाल पुलिस वाहन की तकनीकी जांच कराने की बात कह रही है।
समस्तीपुर में जमीन विवाद में दो बड़े भाइयों ने अपने छोटे भाई और उसके परिवार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मारपीट में तीन लोग घायल हो गए। इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायलों की पहचान सुरहा बसंतपुर वार्ड तीन निवासी उमेश यादव, उनकी पत्नी सुधा देवी और पुत्र कुणाल कुमार के तौर पर हुई है। घटना हसनपुर थाना क्षेत्र के सुरहा बसंतपुर गांव की है। इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर राकेश रोशन ने बताया कि नाक के पास उमेश यादव को खंती(धारदार हथियार) लगी है, जिसका एक्सरे कराया जा रहा है। उनकी पत्नी सुधा देवी और पुत्र कुणाल कुमार को अंदरूनी चोटें आई हैं। रिपोर्ट आने के बाद उचित इलाज शुरू होगा। पत्नी और बच्चे को भी मारा घायल उमेश यादव ने बताया कि मैं तीन भाई हूं। सभी के बीच जमीन का बराबर बंटवारा हो चुका है। असम में मजदूरी करता हूं, डेढ़ महीना पहले खेती के काम से अपने गांव आए थे। अपने हिस्से के 6 कट्ठा जमीन में गेहूं लगाया था। भाई गणेश यादव और दिनेश यादव उनके हिस्से की जमीन जोतने का आरोप लगाकार मारपीट शुरू कर दिया। गणेश यादव ने खंती से मेरे पर हमला कर दिया। शोर सुनकर मेरी पत्नी और बेटा बचाने आए तो उसे भी मारा। छानबीन में जुटी पुलिस इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से सूचना मिली है। नगर थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को जांच के लिए भेजा गया है। बयान दर्ज होने के आवश्यक कार्रवाई को लेकर हसनपुर थाना भेज दिया जाएगा।
रामपुर की सेशन कोर्ट में सपा नेता अब्दुल्ला आज़म के दो पैनकार्ड मामले में एक महत्वपूर्ण सुनवाई जारी है। यह सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सात-सात साल की सजा और पचास-पचास हजार रुपये के जुर्माने के खिलाफ दायर अपील पर हो रही है। इस मामले में अब सेशन कोर्ट में बहस तेज हो गई है। सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने कोर्ट में दलील दी कि एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला पूरी तरह कानूनी और तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने अदालत से निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखने की अपील की। दूसरी ओर, रामपुर जिला जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान और जुबेर सहित अन्य वकील रख रहे हैं। बचाव पक्ष सजा में राहत की मांग करते हुए तर्कसंगत बहस कर रहा है। इससे पहले, 12 जनवरी 2026 को सरकार ने इस अपील पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिस पर आंशिक बहस हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने 21 जनवरी 2026 की तारीख तय की थी, और बहस जारी रही। लगातार सुनवाई के बाद आज की तारीख निर्धारित की गई थी। आज भी दोनों पक्षों के अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद हैं और सुनवाई जारी है। सेशन कोर्ट का यह फैसला आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पर रामपुर से लेकर प्रदेश की राजनीति की निगाहें टिकी हुई हैं।
जमुई के सोनो-बाटिया मुख्य मार्ग पर औरैया के पास सोमवार को बालू से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक और खलासी बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। मोड़ पर अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रक सड़क के बीचों-बीच पलट गया। ट्रक पलटने से सड़क पर बालू बिखर गई, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके कारण दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रही। पुलिस टीम मौके पर पहुंची स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना सोनो थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने JCB मशीन की सहायता से पलटे हुए ट्रक को सीधा करवाया और सड़क पर बिखरी बालू को हटवाया। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को सड़क से हटाया जा सका, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई पुलिस के अनुसार, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उज्जैन में मंदिरों के विकास के बाद अब शिप्रा नदी के रामघाट का भी जल्द कायाकल्प होने जा रहा है। सिंहस्थ कुंभ से पहले रामघाट पर होने वाली शिप्रा आरती को वाराणसी की गंगा आरती की तर्ज पर भव्य, अनुशासित और व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। धार्मिक पर्यटन के बढ़ते महत्व को देखते हुए उज्जैन में रोजाना रामघाट पर होने वाली शिप्रा आरती को वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत शिप्रा नदी की महिमा को पुनर्स्थापित किया जाएगा और रामघाट पर होने वाली दैनिक आरती को भव्य रूप दिया जाएगा। आरती स्थल पर स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के सुचारु प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। घाट पर लगाए जाएंगे नए पत्थर उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। देशभर से बड़ी संख्या में भक्त रामघाट पर शिप्रा आरती के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ में देश-विदेश से करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए रामघाट की साज-सज्जा की जाएगी और नए पत्थर लगाए जाएंगे। आध्यात्मिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा रामघाट पर होने वाली शिप्रा आरती में लाइटिंग, मंच, वेशभूषा और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि आरती और अधिक भव्य और आकर्षक बन सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ कुंभ से पहले रामघाट के विकास और शिप्रा आरती से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।
पलवल जिले के मालूका गांव में आपसी रंजिश के चलते एक युवक का अपहरण कर जंगल में ले जाकर हथियारों से बेरहमी से मारपीट की गई। हमलावर युवक को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उटावड़ थाना पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इको गाड़ी में किया अपहरण उटावड़ थाना प्रभारी रेणू शेखावत के अनुसार, मालूका गांव के सुबेद्दीन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दोपहर में शाद, जानू और मोहम्मद ने उनके भतीजे नासिर को जबरन एक इको गाड़ी में डालकर उठा लिया। आरोपी नासिर को एक सुनसान जंगल में ले गए। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें जंगल में आरोपियों ने नासिर पर कुल्हाड़ी और अन्य नुकीले हथियारों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। नासिर के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने घायल नासिर को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मालूका गांव पहुंचकर मामले की तस्दीक की। पुलिस जांच में नासिर के साथ मारपीट होने की बात सही पाई गई है। हालांकि शुरुआती जांच में गाड़ी में डालकर ले जाने (अपहरण) की बात की अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लॉ स्टूडेंट्स ने डिपार्टमेंट के फैकल्टी मेंबर्स पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कईं टॉपर्स को बेहद कम नंबर दिए गए है। इसके चलते तमाम स्टूडेंट्स की मेरिट कम हो गई। स्टूडेंट्स के हंगामा की खबर सुनकर मौके पर डीन सहित प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कई सदस्य पहुंचे। उनकी तरफ से स्टूडेंट्स को समझाने बुझाने का प्रयास किया गया। आक्रोशित स्टूडेंट्स रिजल्ट रिवाइज करने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच कैंपस का माहौल भी गर्म रहा। 'टॉपर्स को भी कर दिया गया फेल' प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र सत्यम ने बताया कि 30 जनवरी को LLB थर्ड ईयर का रिजल्ट जारी हुआ था। इस बार के रिजल्ट में टीचर्स ने नंबर देने में जमकर मनमानी की। कई ऐसे टॉपर स्टूडेंट है जिन्हें 100 में से 8 या 9 नंबर मिले। जबकि कुछ स्टूडेंट्स को 90-95 तक नंबर भी दिए गए हैं। इंटरनल मार्क्स में भी इसी तरह खूब खेला हुआ था। आज जब प्रदर्शन की खबर डीन तक पहुंची, तो उनका कहना था कि अब रिजल्ट आ गया है। अब कुछ नहीं हो सकता। यही कारण हैं कि सभी स्टूडेंट्स बेहद आक्रोशित हैं। 100-150 स्टूडेंट्स रहे मौजूद, जमकर लगे नारे प्रदर्शन के दौरान लॉ के तमाम स्टूडेंट्स मौजूद रहे। काफी देर नारेबाजी करने के बाद स्टूडेंट्स घेरा बनाकर कॉरिडोर में बैठ गए। इस बीच मौके पर पहुंचे डीन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने किसी तरह सभी को शांत कराने की कोशिश की पर स्टूडेंट्स नहीं माने।
झज्जर जिले के गांव सिलानी में एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। मृतक युवक के रात को खेत से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। इस दौरान कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गांव सिलानी निवासी 30 वर्षीय मोहित पुत्र बिजेंद्र के रूप में हुई है। मृतक के पिता बिजेंद्र आर्मी से रिटायर्ड हैं। मृतक मोहित माता- पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन भी है। परिजनों ने बताया कि मोहित रात को करीब 9 बजे खेत से घर की ओर आ रहा था। उसी दौरान अज्ञात कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी और मोहित की मौत हो गई। जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि सिलानी गांव के मोहित के एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर झज्जर के नागरिक अस्पताल में रखवाया। वहीं आज मृतक मोहित के परिजनों के बयान पर अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक की दो बेटियां, निजी कंपनी में करता था नौकरी परिजनों ने बताया कि मृतक युवक मोहित गुरूग्राम में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह रविवार को देर शाम खेत गया था और वापस घर लौटने के दौरान उसके साथ हादसा हुआ है। परिजनों ने बताया मोहित शादीशुदा है उसकी करीब तीन साल पहले शादी हुई थी। मोहित की दो बेटियां हैं जिनमें एक दो साल तो दूसरी बेटी करीब 3 महीने की ही है।
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में गंग नहर में महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह करीब 8 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकलने लोगों ने शव देखा तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लोगों ने बताया कि महिला के शरीर पर न तो कपड़े थे और न ही सिर पर बाल थे। उन्होंने बताया कि शव पानी के तेज बहाव के कारण उतराते हुए यहां तक पहुंचा होगा। राहगीरों ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। मामला टिमकिया-बहरामपुर तिगडडे के पास गंग नहर का बताया जा रहा है। 2 तस्वीरें देखिए... पूरा मामला समझिए… टिमकिया गांव के रहने वाले रॉबिन पूनिया और रजनीश कुमार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। गंग नहर के पुल पर पहुंचे। उनकी नजर बहरामपुर-टिमकिया तिगडडे पर गंग नहर में उतराते शव पर पड़ी। उन्होंने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जानी थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूछताछ के बाद पुलिस ने महिला के शव को गंग नहर से बाहर निकलवाया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से शव की पहचान करवाने की कोशिश की गई। हालांकि शव की पहचान नहीं हो सकी। शव करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है। लोगों ने कहा कि हो सकता है कि महिला का शव किसी अन्य क्षेत्र से बहते हुए आया हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानी थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और महिला की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में भी सूचना भेजी जा रही है।
हरियाणा के गुरुग्राम में एक 13 वर्षीय बच्चे की सोसाइटी की 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। बच्चा उस सोसाइटी से 4 किलोमीटर दूर एक दूसरी सोसाइटी में रहता था। उसके परिवार को भी नहीं पता कि वह वहां कैसे पहुंचा। सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद बच्चे की पहचान की गई। पुलिस सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे चेक कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या है या किसी ने बच्चे को धक्का दिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना पर बच्चे के पिता की 2 बातें… 1. पढ़ाई में बहुत होशियार था आरव सेक्टर-70 स्थित बीपीटीपी एस्टायर गार्डन सोसाइटी में रहने वाले अतुल सक्सेना ने बताया कि मेरा बेटा सेंट एंजेल स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। उनका इकलौता बेटा परिवार में बहुत होशियार था। हमें ये नहीं पता कि मेरे बेटे की मौत कैसे हुई। वह हमारी सोसाइटी से करीब 4 किलोमीटर दूर ट्यूलिप वायलेट सोसाइटी में था। 2. सोसाइटी में आरव की मौसी रहती थी अतुल ने आगे बताया कि उस सोसाइटी के गार्ड को परिसर में तेज आवाज सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचा तो आरव की मौत हो चुकी थी। इस सोसाइटी में ढाई साल पहले तक आरव की मौसी रहती थी और वह पहले उनके पास आता था। फिलहाल उनका परिवार बीपीटीपी एस्ट्रिया में फर्स्ट फ्लोर पर रहता है। आरव किसके साथ वहां, गया इसकी सूचना नहीं है। जांच अधिकारी बोले- बच्चे का फोन जब्त किया बादशाहपुर थाने के जांच अधिकारी अशोक ने बताया कि परिजनों से भी बातचीत की गई, लेकिन अभी तक मौत के सटीक कारण का पता नहीं चल सका। उन्होंने आशंका जताई है कि वह इस सोसाइटी में सुसाइड करने के मकसद से ही आया होगा। बच्चे का मोबाइल फोन जब्त किया गया है। SHO बोले- CCTV खंगाल रहे SHO विजयपाल ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट पता चल पाएगा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। परिवार सदमे में है और यह समझने की कोशिश कर रहा है कि यह आत्महत्या थी या हादसा।
पटियाला में नाभा रियासत के महाराजा रिपुदमन सिंह के पड़पोते अभि उदय प्रताप सिंह की हीरा महल में पगड़ी रस्म निभाई। इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान भी उपस्थित थे। यह समारोह नाभा में आयोजित किया गया। अभि उदय प्रताप सिंह ने गुरु साहिब के चरणों में प्रार्थना की कि वे भी अपने पूर्वजों महाराजा नरिंदर सिंह और अन्य की तरह पंजाब के गुरु घरों की सेवा कर सकें। उन्होंने महाराजा रिपुदमन सिंह के योगदान का भी स्मरण किया, जिन्होंने काली पगड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था और सिख विवाह अधिनियम (सिख मैरिज एक्ट) को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 124 साल पुरानी पंरपरा इस समारोह ने 124 साल पुरानी परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया। यह समारोह 2 फरवरी को आयोजित किया गया। बाबा राय सिंह जी ने बच्चे को पगड़ी बांधी और इस शुभ रस्म को पूरा किया। उन्होंने 31 जनवरी से शुरू होकर दो दिनों तक अखंड पाठ साहिब का भी आयोजन किया था। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, बाबा ब्यास जी, गुरविंदर जी, दादूवाल जी सहित कई संत-महंत और देश के विभिन्न हिस्सों से राजपरिवार तथा भक्तगण उपस्थित रहे। आयोजक ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। आयोजक ने बताया कि यह आयोजन उनके दिल के करीब है, क्योंकि बच्चे ने स्वयं सिख बनने की इच्छा व्यक्त की थी। उनका उद्देश्य था कि बच्चा पगड़ी के महत्व और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को समझे। हीरा लाल जी ने 3 दिन तक सुनी थी पगड़ी उल्लेखनीय है कि 124 साल पहले हीरा सिंह जी ने नाभा किले में तीन दिनों तक पगड़ी सुनी थी और भाई नारायण सिंह जी ने चौक में पगड़ी बांधी थी। इतने वर्षों बाद, वही रस्म आज हीरा महल में दोहराई गई है, जिससे महल में फिर से खुशी और उल्लास का माहौल है। आयोजक ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आजकल कई सिख परिवार अपने बच्चों को पगड़ी नहीं बंधवाते, इसे केवल राजाओं-महाराजाओं का रिवाज मानते हैं। उन्होंने इस परंपरा को फिर से शुरू करने की वकालत की, क्योंकि पगड़ी को हमारी पहचान, शान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। विधानसभा स्पीकर बोले- फिर शान से भरा नाभा रियासत का महल इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 124 साल बाद नाभा रियासत का महल फिर से शान से भर गया है, जैसा कि पुराने समय में राजाओं के महल हुआ करते थे। समारोह के दूसरे दिन, स्पीकर संधवान ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस बजट में वह सम्मान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। संधवा ने आरोप लगाया कि बजट बनाने वालों को देश से कोई प्यार नहीं है और न ही उन्होंने देश की आजादी के लिए कुछ किया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनके पूर्वजों ने आजादी के लिए योगदान दिया होता, तो पंजाब, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं, उसके साथ ऐसा बुरा बर्ताव नहीं होता। उन्होंने प्रधानमंत्री से पंजाब के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की। संधवा ने कहा कि पंजाब देश की 'रोटी की टोकरी' है और इसने ही देश को आजादी दिलाई। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और गरीबों के लिए विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए।
सहारनपुर में कूड़ा डालने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों तरफ से जमकर गाली गलौज हुई। गाली -गलौज मारपीट में बदल गई। दोनों तरफ से लाठी डंडे चले। बीच बचाव में 17 साल का लड़का घायल हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना रविवार को सरसावा थानाक्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला कूड़ा डालने को लेकर हुआ था विवाद आरिफ तितपाल गांव का रहने वाला है। उसके मकान के सामने कुंडा निवासी नसीरु की जमीन है। रविवार दोपहर करीब 11 बजे बाबर, मुकर्रम, शाकिर सहित कई अन्य लोग अपनी जमीन पर पहुंचे। आरोप है कि कूड़ा डालने को लेकर आरिफ के परिजनों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई। दोनों तरफ से गाली-गलौज हुई। रात में इलाज के दौरान तोड़ा दम देखते ही देखते दोनों तरफ से लाठी डंडे चलने लगे। बीच बचाव में आरिफ का बेटा आहत (17) घायल हो गया। वह दसवीं में पढ़ता था। परिजन उसे पास के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के लिए रात में उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों से घटना की जानकारी ली। उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को परिजन दोपहर में थाने में तहरीर देने पहुंचे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद वे शांत हुए।
सुल्तानपुर में स्कूल से घर लौट रहे 12वीं के एक छात्र की कुछ युवकों ने पिटाई की। आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित छात्र मानसिक रूप से परेशान है। यह घटना कूरेभार थानाक्षेत्र के पटेल ढाबे के पास 28 जनवरी की बताई जा रही है। माधवपुर निवासी बिन्नू सिंह के पुत्र निखिल सिंह रामरती इंटर कॉलेज, द्वारिकागंज में 12वीं के छात्र हैं। निखिल के पिता बिन्नू सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 28 जनवरी को दोपहर करीब 11:30 बजे उनका बेटा स्कूल से साइकिल से घर लौट रहा था। रास्ते में पटेल ढाबे के पास कोहड़ा निवासी शुभेंद्र कुमार शर्मा ने अपने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ मिलकर निखिल को रोका। आरोपियों ने निखिल को गालियां देते हुए थप्पड़ और लात-घूंसों से पीटा। उन्होंने निखिल को धमकी दी कि अगर वह दोबारा स्कूल में दिखा तो उसे जान से मार देंगे। शुभेंद्र शर्मा ने पिटाई का वीडियो अपने मोबाइल से बनाया और उसे वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद तनाव में छात्र वीडियो वायरल होने के कारण निखिल सिंह मानसिक रूप से परेशान है। वह बार-बार बेहोश हो रहा है और होश में आने पर रोने लगता है। पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जयसिंहपुर सीओ राम कृष्ण चतुर्वेदी ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और कार्रवाई की जा रही है।
ब्राह्मणों को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों और उन्हें जातिवादी विचारधारा में लपेटने के मामलों पर पूर्व अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ब्राह्मणों को जबरन जातिवाद के दायरे में लाया जाता है, जबकि ब्राह्मण कोई जाति नहीं बल्कि एक वर्ण है। रिटायर्ड आईएएस और पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि यदि ब्राह्मणों को जाति की अवधारणा पसंद होती, तो स्वयं ब्राह्मणों के भीतर भी वैसी ही उपजातियां होतीं जैसी आरक्षित वर्गों में देखने को मिलती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्राह्मण जाति से नहीं, गोत्र से चला है। जाति और गोत्र में फर्क बताया श्रीवास्तव ने लिखा कि जाति और गोत्र में बुनियादी अंतर है। जाति एक सामाजिक व्यवस्था है, जबकि गोत्र पैतृक व्यवस्था है। भारद्वाज, कश्यप, अत्रि, विश्वामित्र, वशिष्ठ, गौतम और जमदग्नि जैसे गोत्र हैं। गोत्र व्यवस्था सगोत्र विवाह का निषेध करती थी, जबकि जाति व्यवस्था अपनी ही जाति में विवाह को बढ़ावा देती है। 'भौगोलिक आधार पर श्रेणियां, जाति नहीं' मनोज श्रीवास्तव ने लिखा कि ब्राह्मणों के अलग-अलग भौगोलिक समूह अवश्य हैं, लेकिन वे जातियां नहीं हैं। कोंकणस्थ, देशस्थ, कान्यकुब्ज, सरयूपारीण, गौड़, कश्मीरी, सारस्वत, मैथिल, उत्कल और द्रविड़, ये सभी एक ही वर्ण के स्थानिक समूह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन समूहों के बीच वह दीवार नहीं है, जो दो अलग-अलग जातियों के बीच होती है। जैसे एक ही देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोग होते हैं, वैसे ही ये भौगोलिक पहचान हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें ऊंच-नीच या पदानुक्रम (Hierarchy) नहीं है, जैसा कि जाति व्यवस्था में होता है। यदि कोई फर्क रहा भी, तो वह ज्ञान के आधार पर था, जैसे द्विवेदी, त्रिवेदी और चतुर्वेदी, यानी जितने वेदों का अध्ययन किया गया। ‘ब्राह्मणों’ की बात करना कुछ लोगों की मजबूरी श्रीवास्तव ने लिखा कि यह समझना जरूरी है कि कुछ लोगों को बार-बार ‘ब्राह्मणों’ की बात क्यों करनी पड़ती है। इसका कारण यही है कि ब्राह्मण एक जाति नहीं, बल्कि वर्ण है। उन्होंने लिखा कि ब्राह्मण इस बात का उदाहरण हैं- प्रैक्टिस बिफोर यू प्रीच। उन्होंने कहा कि आरक्षित और अनुसूचित वर्गों को भी वैसी ही जातिमुक्तता स्थापित करनी चाहिए, जैसी ब्राह्मण वर्ण ने कर दिखाई। खुद जाति के मोह में फंसे रहना और दूसरों पर दोषारोपण करना पाखंड है। पहले स्वयं खंड-खंड में बंटे रहना बंद करें, फिर आगे बढ़ें। उन्होंने अंत में लिखा- कम ऑन, फ्रेंड्स लेट्’स डू इट। चैरिटी बिगिन्स एट होम। नियाज खान कर चुके हैं ब्राह्मणों के लिए आरक्षण की मांग इससे पहले पूर्व आईएएस और उपन्यासकार नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि ब्राह्मण हजारों सालों से सनातन धर्म के संरक्षक रहे हैं, इसलिए उनका सर्वांगीण विकास आवश्यक है। उन्होंने ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण देने और सभी योजनाओं में भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की थी। उन्होंने लिखा था ब्राह्मण मजबूत होगा तो देश, धर्म और आध्यात्म मजबूत होगा। आईएएस संतोष वर्मा ने दिया था विवादित बयान गौरतलब है कि इससे पहले 23 नवंबर 2025 को अजाक्स के एक सम्मेलन में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी उनके बेटे को दान नहीं करता या उससे संबंध नहीं बनाता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… ये खबर भी पढ़ें… ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण मिले:रिटायर्ड IAS नियाज खान बोले अपनी किताबों और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी नियाज खान ने एक नया ट्वीट किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। नियाज खान ने इस बार ब्राह्मण समाज की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का समर्थन करते हुए उन्हें 'आरक्षण' देने की वकालत की है। पूरी खबर पढ़ें…
भिवानी में दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पटवारियों ने कहा कि प्रदेश के 6 पटवारियों को हरियाणा सरकार ने सस्पेंड किया है। जिसके खिलाफ मजबूरन उन्हें यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। सरकार ने कहा था कि 29 जनवरी तक सस्पेंड किए गए पटवारियों को बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने इन्हें बहाल नहीं किया। जुई खुर्द से हल्का पटवारी कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्हें भी सस्पेंड किया गया है। उन पर आरोप है कि क्षतिपूर्ति पोर्टल की गिरदावरी के दौरान एक ही फोटो अलग-अलग खसरा नंबर पर अपलोड कर दिया। उनका कहना है कि बरसात के कारण हर जगह पर दूर-दूर तक पानी भरा हुआ था। ऐसे में उनको सस्पेंड कर दिया, जो गलत है, उनको जल्द से जल्द बहाल किया जाए। हड़ताल से कार्य प्रभावित प्रदेश के छह पटवारियों को हरियाणा सरकार ने सस्पेंड कर दिया, जबकि सभी पटवारी अपने काम को बखूबी कर रहे हैं। सभी पटवारियों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए अन्यथा आंदोलन भी तेज हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल के चलते गिरदावरी, जमाबंदी, इंतकाल, नक्शा, प्रमाणपत्र संबंधित कार्य व राजस्व कोर्ट संबंधित कार्य तथा तहसील के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पटवारियों की मां हो को जल्द से जल्द पूरा करें। अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे।
सिरसा जिले में कालांवाली-रोड़ी रोड पर गांव तिलोकेवाला में एक निजी स्कूल बस और पिकअप की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस ड्राइवर घायल हो गया। बस में सवार सभी 26 बच्चे सुरक्षित बताए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना गांव तिलोकेवाला में पेट्रोल पंप के पास हुई। स्कूल बस कालांवाली से 26 बच्चों को लेकर गांव तिलोकेवाला स्थित स्कूल जा रही थी। वहीं पिकअप रतिया से सरदूलगढ़ होकर कालांवाली की तरफ आ रही थी। सामने से किसी वाहन को ओवरटेक करते समय पिकअप स्कूल बस से टकरा गई। दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पिकअप ड्राइवर की पहचान फतेहाबाद के गांव हम्जापुर के राजकुमार के रूप में हुई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। पिकअप कंडक्टर मग्घर सिंह घायल हो गए। स्कूल बस ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। जानकारी के अनुसार, मृतक राजकुमार मंगलवार को अपनी बेटी की शादी तय करने के लिए डबवाली जाने वाले थे। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और कालांवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पिकअप ड्राइवर और कंडक्टर को सहारा सरबत ट्रस्ट की एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालांवाली पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने राजकुमार को मृत घोषित कर दिया। स्कूल बस दुर्घटना की खबर से कालांवाली क्षेत्र में चिंता फैल गई। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों से संपर्क करते रहे। बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने पर स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ड्राइवर की समझदारी से बची बच्चों की जान प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले जब पिकअप ड्राइवर गाड़ी को ओवरटेक कर रहा था। तब स्कूल बस ड्राइवर ने अपनी समझदारी का परिचय दिया और बस को सड़क से नीचे कच्चे में उतारकर रोक ली। लेकिन बावजूद इसके पिकअप चालक ने ओवरटेक करते हुए स्कूल बस को सामने से टक्कर मार दी। घटना के बाद बस चालक घायल हो गया। जबकि बस में सवार 26 बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित रहे। हालांकि एक बच्चे को मामूली चोट आई है। घटना के तुरंत बाद आस-पास के ग्रामीण व स्कूल प्रबंधक तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी सुरक्षित बच्चों को बस से बाहर निकाला और दूसरी बस मंगवाकर स्कूल में भेजा गया। स्कूल में बच्चों को पानी पिलाकर उन्हें अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने बच्चों को सुरक्षित बताया। बेटी की शादी तय करने जाना था पिकअप के परिचालक मग्गर सिंह ने बताया कि मृतक राजकुमार गांवों में अनाज बेचने का काम करते थे। उनके दो बेटियां व एक बेटा है। इसमें से एक बेटी शादीशुदा है, जबकि दूसरी बेटी की डबवाली में सगाई कर रखी है। कल यानि मंगलवार को ही बेटी की शादी तय करने डबवाली जाना था। मामले की जांच जारी- प्रभारी पुलिस उक्त मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी इस संबंध में कालांवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। गलती पिकअप ड्राइवर की बताई जा रही है। दोनों पक्ष थाने में आए हुए है, पुलिस उक्त मामले की जांच कर रही है।
रायपुर के तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग शुल्क को लेकर उठे विवाद के बाद नगर निगम ने फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क पर पार्किंग शुल्क तय कर निगम के लगाए गए बोर्ड के बाद लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। अब एक फरवरी की शाम महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया कि, फिलहाल पार्किंग शुल्क नहीं लगाया जाएगा। महापौर ने स्वीकार किया कि, सड़क पर खड़ी गाड़ियों से पार्किंग शुल्क वसूलना व्यावहारिक नहीं है। निगम के पास तेलीबांधा तालाब के आसपास ऐसी कोई निर्धारित जगह नहीं है, जहां वाहन व्यवस्थित रूप से पार्क किए जा सकें। इसी वजह से अगले 15 दिनों तक तालाब किनारे बैठने और घूमने आने वालों की मॉनिटरिंग की जाएगी। महापौर ने यह भी कहा कि, तालाब की दूसरी ओर सड़क किनारे बड़े कॉमर्शियल संस्थान हैं, जहां आने वाले लोग अपने वाहन तालाब की ओर खड़े कर देते हैं। जिससे अव्यवस्था होती है। इस पर नियंत्रण का अधिकार नगर निगम के पास नहीं, बल्कि यातायात पुलिस के पास है। इस कारण निगम पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर व्यवस्था बनाने पर विचार करेगा। पहले भी हो चुका है विवाद महापौर ने बताया कि, साल 2021-22 में भी तेलीबांधा तालाब किनारे पार्किंग व्यवस्था को लेकर टेंडर निकाला गया था। लेकिन उस समय कुछ विसंगतियों के चलते भाजपा संगठन और पार्षद दल ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि, वर्तमान निर्णय राजस्व विभाग ने वर्ष 2017-18 के संकल्प के आधार पर लिया था। जिसमें पार्किंग शुल्क की दरें तय थीं। उस आधार पर व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई। यातायात समिति से राय नहीं लेने का आरोप इधर, कांग्रेस और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि, इस बार पार्किंग शुल्क तय करने से पहले यातायात समिति से राय नहीं ली गई। पूर्व सभापति प्रमोद दुबे ने कहा कि, बोर्ड लगाकर सीधे दरें तय कर देना गलत प्रक्रिया है। कांग्रेस का प्रदर्शन, निजीकरण का आरोप तेलीबांधा मरीन ड्राइव के कथित व्यवसायीकरण के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस फैसले को जनविरोधी बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जीई रोड शहर का प्रमुख सार्वजनिक मार्ग है और यहां पार्किंग ठेका देना नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस का आरोप है कि, मरीन ड्राइव वर्षों से शहरवासियों के मॉर्निंग और इवनिंग वॉक का प्रमुख सार्वजनिक स्थल रहा है, लेकिन अब इसे व्यावसायिक हितों में झोंका जा रहा है। शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन समेत अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जबरन वसूली पर रोक की मांग मरीन ड्राइव में जबरन पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, रायपुर सांसद और शहर के चारों विधायकों को पत्र लिखा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि जब पार्किंग की समुचित सुविधा ही नहीं है, तो शुल्क किस आधार पर वसूला जा रहा है।
भागलपुर में डायन का आरोप लगाकर पड़ोसियों ने एक परिवार के साथ मारपीट की है। मारपीट 5 लोग घायल हो गए। इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घटना चौसा थाना क्षेत्र की है। मारपीट का आरोप किरो देवी, केली देवी, फूली देवी, बीरन देवी और भूलचरण मंडल पर लगा है। घायलों की पहचान भागो देवी, उसकी पुत्री आरती कुमारी, दूसरी पुत्री पूजा कुमारी, पति दिनेश और बेटे सूरज के तौर पर हुई है। सभी को सिर और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पहले भी हमला कर चुका है घायल भागो देवी ने बताया कि पड़ोसी भूलचरण मंडल मुझे डायन कहकर प्रताड़ित करता है। बात-बात पर तलवार और धारदार हथियार लेकर मारने पर उतारू हो जाता है। कई बार उस पर हमला भी कर चुका है। कहता है तुमने मेरी बकरी को खा लिया, बेटे को मार दिया, तुम्हें जान से मार देंगे। मारपीट के बाद पुलिस से लिखित शिकायत करने गए थे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की सलाह दी है। इलाज के बाद शिकायत दर्ज कराएंगे।
लातेहार पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवा थाना क्षेत्र में 30 पेटी अवैध शराब जब्त की है। यह कार्रवाई कुजरी नदी ओवरब्रिज के पास की गई, जहां एक इनोवा क्रिस्टा कार से शराब की खेप ले जाई जा रही थी। पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देख तस्कर मौके से फरार हो गया, हालांकि वाहन और शराब की बड़ी खेप पुलिस के हाथ लग गई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस द्वारा जब्त की गई शराब में रॉयल चैलेंज और 8 पीएम जैसे ब्रांड शामिल हैं। जानकारी के अनुसार कुल 30 पेटियां बरामद की गई हैं, जिनमें प्रत्येक पेटी में 180 एमएल की 24-24 बोतलें रखी गई थीं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने शराब ले जा रही बैंगनी रंग की इनोवा क्रिस्टा कार (पंजी संख्या JH 01CA 5365) को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शराब को अवैध रूप से किसी दूसरे जिले या राज्य में खपाने की तैयारी थी। पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटी चंदवा थाना प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि पुलिस को देखते ही शराब तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गया। हालांकि उसकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी। इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। थाना प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों के बीच खलबली मच गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आगे भी ऐसे अभियानों को तेज किया जाएगा। फिलहाल जब्त शराब और वाहन को थाना परिसर में रखा गया है।
हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। उकलाना–दौलतपुर मार्ग पर बाइक और क्रूजर गाड़ी की आमने-सामने हुई टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव साहू निवासी 23 वर्षीय सूरज उर्फ सुशील अपने गांव के वीरेंद्र सहित उकलाना के दो अन्य युवकों के साथ गांव धांसू में वेटर के तौर पर काम करने गया हुआ था। कार्य समाप्त कर चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर धांसू से उकलाना लौट रहे थे। जब वे गांव दौलतपुर से आगे उकलाना की ओर बढ़ रहे थे, उसी दौरान उकलाना से दौलतपुर की ओर जा रही एक क्रूजर गाड़ी से सड़क पर बने मोड़ पर उनकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। भीषण टक्कर में चारों युवक घायल, एक की मौत टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार चारों युवक सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को संभाला और एंबुलेंस के माध्यम से हिसार के सामान्य अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने गांव साहू निवासी 23 वर्षीय सूरज उर्फ सुशील को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घायलों का इलाज जारी हादसे में गांव साहू निवासी वीरेंद्र की टांग में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है, जबकि बाइक पर सवार उकलाना निवासी दो अन्य युवकों को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों का हिसार के सामान्य अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच मृतक सूरज उर्फ सुशील पुत्र सुरजा राम का शव पोस्टमार्टम के लिए हिसार के सामान्य अस्पताल में रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगर में सोमवार सुबह एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना सरस्वती शिशु मंदिर तिराहे के पास सुबह करीब 9 बजे हुई। युवक खुले पड़े विद्युत ट्रांसफार्मर की खूंटी पकड़ने के बाद तेज करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक सड़क किनारे स्थित खुले ट्रांसफार्मर के पास पहुंचा और उसकी खूंटी पकड़ ली। इससे वह बिजली के तेज करंट से झुलस गया। आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मृतक की पहचान सदनपुरी, उरई निवासी 23 वर्षीय इमरान पुत्र मकसूद के रूप में हुई है, जो कबाड़ का काम करता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक कथित तौर पर शराब के नशे में था, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज रमाशंकर तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भिजवाया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। नागरिकों ने आरोप लगाया कि खुले ट्रांसफार्मर और पास में शराब का ठेका होने के बावजूद संबंधित विभागों ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए थे। लोगों ने बिजली विभाग, आबकारी विभाग और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि ट्रांसफार्मर को समय रहते सुरक्षित किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर बिजली उपकरणों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पानीपत शहर के विकास नगर (NFL) निवासी 45 वर्षीय कॉलोनाइजर सुरेंद्र कटारिया ने जहरीली गोलियां खाकर सुसाइड कर लिया। वह तीन बच्चों का पिता था। आरोप है कि बिजनेस पार्टनर्स ने उनके करोड़ों रुपए दबा रखे थे, बल्कि उन्हें दफ्तर बुलाकर पिस्तौल दिखा कर डराया-धमकाया जा रहा था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पार्टनर्स के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जाने क्या है पूरा विवाद… कॉलोनाइजर सुरेंद्र कटारिया की पत्नी सोनिया ने पुलिस को दी शिकायत में पति के सुसाइड पर कई खुलासे किए हैं। सोनिया के अनुसार, पति सुरेंद्र ने सुनील पंडित, वकील, मोनू और प्रदीप के साथ मिलकर गांव सिवाह में जमीन खरीदी थी। वहां पर कॉलोनी काटी गई थी। कॉलोनी में प्लॉट लेने वाले लोग सुरेंद्र पर रजिस्ट्री करवाने का दबाव बना रहे थे, लेकिन सुरेंद्र के बाकी पार्टनर रजिस्ट्री नहीं होने दे रहे थे। सोनिया ने बताया कि जब भी सुरेंद्र अपने पार्टनर्स से रजिस्ट्री की बात करते, वे उन्हें अपने ऑफिस बुला लेते। सोनिया का आरोप है कि आरोपी पार्टनर सुरेंद्र के सामने मेज पर पिस्तौल रख देते थे और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। करोड़ों रुपए के लेनदेन का मामला सोनिया ने बताया कि सुरेंद्र ने मरने से पहले उन्हें पूरी आपबीती सुनाई थी। सुरेंद्र ने आरोपियों को 3 करोड़ 88 लाख रुपए नकद दिए थे। करीब ढाई करोड़ रुपए चेक के माध्यम से दिए थे। आरोपी न तो ये रुपए लौटा रहे थे और न ही ग्राहकों को दिए प्लॉट की रजिस्ट्री कर रहे थे। इससे सुरेंद्र भारी मानसिक तनाव में थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने जहरीली गोलियां खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने चार के खिलाफ दर्ज किया केस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने सोनिया के बयान के आधार पर सुनील पंडित, वकील, मोनू और प्रदीप के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पत्नी दो बार लड़ी चुकी पार्षद का चुनाव जानकारी के मुताबिक सुरेंद्र राजनीति में भी सक्रिय थे। महिला आरक्षित वार्ड होने चलते वार्ड 16 से उसकी पत्नी सोनिया चुनाव लड़ी थी। निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए सोनिया को दोनों बार हार का सामना करना पड़ा था।
मेरठ के बहसूमा थानाक्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर सिखेड़ा में नाबालिग रेप पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया है। रविवार रात से ही मेरठ में कांग्रेस नेताओं के घर पुलिस का कड़ा पहरा है।पुलिस ने कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष सहित तमाम नेताओं को रात से हाउस अरेस्ट किया हुआ है। बता दें कि आज सोमवार को कांग्रेस का 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज रेप पीड़िता के घर शोक जताने जाएगा। लेकिन कांग्रेसियों को पुलिस ने पहले ही मिलने से रोक दिया है। वहीं पीड़िता के घर से लेकर गांव के बाहर भारीफोर्स लगा दी गई है। गांव के सभी प्रवेश रास्तों पर बैरिकेडिंग कर गांव में एंट्री बंद कर दी गई है। वहां भारी पुलिस तैनात है। बहसूमा में कश्यप समाज की बच्ची के साथ हुई अत्यंत गंभीर एवं शर्मनाक घटना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय जी द्वारा एक प्रतिनिधि मंडल का गठन किया गया था।यह प्रतिनिधि मंडल आज बहसूमा जाने वाला था, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखते हुए पुलिस प्रशासन ने कल रात से ही प्रतिनिधि मंडल में शामिल पूर्व ज़िला अध्यक्ष अवनीश काजला एवं शहर अध्यक्ष रंजन शर्मा के आवासों पर पुलिस बल तैनात कर उन्हें गृह नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला ने कहा ये कार्रवाई न केवल असंवैधानिक है, बल्कि पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने की कोशिशों को दबाने का एक स्पष्ट प्रयास है। क्या अब उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों से मिलने का भी अधिकार नहीं है। प्रदेश की योगी सरकार अपराधियों को संरक्षण देने और सच्चाई को छिपाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है और स्पष्ट करती है कि पीड़िता को न्याय दिलाने की लड़ाई किसी भी दबाव में नहीं रुकेगी।यदि पुलिस प्रशासन इसी तरह जनप्रतिनिधियों को रोकेगा, तो कांग्रेस पार्टी इसे जनता के अधिकारों पर सीधा हमला मानते हुए सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
किशनगंज में मुर्गियों की मौत की शिकायतें:बर्ड फ्लू की आशंका से पशुपालकों में चिंता, जांच जारी
किशनगंज में पोल्ट्री फार्मों और घरेलू मुर्गी पालन में मुर्गियों की अचानक मौतें बढ़ने से पशुपालकों और स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई है। जिले के विभिन्न इलाकों से ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय पशुपालक इम्तियाज ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उनके फार्म पर 28 से अधिक मुर्गियां अचानक मर गईं। उनमें बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण देखे। इम्तियाज और अन्य किसान आशंका जता रहे हैं कि यह स्वाइन फ्लू हो सकता है, जो सूअरों से पक्षियों तक फैल गया हो। मुर्गी पालकों ने 50 से 500 तक मुर्गियों की मौत की सूचना दी बहादुरगंज, टेढ़ागछ और किशनगंज सदर जैसे ग्रामीण इलाकों से दर्जनों शिकायतें मिली हैं, जहां मुर्गी पालकों ने 50 से 500 तक मुर्गियों की मौत की सूचना दी है। मारकर दफनाने या जलाने का काम शुरू बिहार में हाल के महीनों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़े हैं। दरभंगा में हजारों कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी, जबकि भागलपुर, पटना और जहानाबाद में भी मुर्गियों में संक्रमण पाया गया था। किशनगंज में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है। पशुपालन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी फार्म में असामान्य मौत होने पर तुरंत सूचना दी जाए। प्रभावित क्षेत्रों में मुर्गियों को सुरक्षित तरीके से मारकर दफनाने या जलाने का काम शुरू कर दिया गया है। सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गौरव के अनुसार, बर्ड फ्लू मनुष्यों में कम फैलता है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा रहता है। मनुष्यों में इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस की तकलीफ शामिल हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे मास्क और दस्ताने पहनें तथा पक्षियों के संपर्क में आने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।
फतेहाबाद में हेरोइन के साथ युवक गिरफ्तार:गुप्त सूचना पर पुलिस की रेड; टीम को देख भागने की कोशिश
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 6 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। यह कार्रवाई रत्ताखेड़ा क्षेत्र में की गई। पकड़े गए आरोपी से पुलिस की टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है, उसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। रत्ताखेड़ा में गश्त कर रही थी पुलिस थाना शहर रतिया प्रभारी महिला निरीक्षक पुष्पा ने बताया कि पुलिस टीम बस अड्डा रत्ताखेड़ा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि भरपूर रोड रत्ताखेड़ा के पास एक युवक हेरोइन बेचने की फिराक में खड़ा है। पुलिस को देख भागने की कोशिश सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस पार्टी को देखकर युवक तेजी से चलने लगा, जिसे शक के आधार पर काबू किया गया। आरोपी की पहचान वकील पुत्र प्रीतम सिंह, निवासी गांव रत्ताखेड़ा, तहसील रतिया जिला फतेहाबाद के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 6 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। केस दर्ज कर जांच में जुटी टीम इस संबंध में थाना शहर रतिया में अभियोग संख्या 35 दिनांक 01.02.2026 के तहत धारा 21-बी/61/85 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपी को नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
राजस्थान में आज UGC के विरोध, मनरेगा बचाओ, नरेगा कानून वापस लाओ और VB-GRAM-G बिल को रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस और अलग-अलग संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। जयपुर में शहीद स्मारक पर धरने में VB-GRAM-G बिल को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदेशभर से मजदूर, कामगार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान गीत गाकर और नाचकर विरोध जताया गया। जयपुर में सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, निखिल डे, जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, गोपाल शर्मा, पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा, चाकसू से पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी सहित कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। 1 घंटे बाद ही निकलते जयपुर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष इस दौरान जयपुर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा 1 घंटे धरने में बैठने के बाद रवाना हो गए। उनके साथ अन्य नेता धरने से निकले। अब विधायक रफीक खान, विधायक प्रशांत शर्मा, विधायक मनीष यादव पोर्ट चाकसू से पूर्व विधायक प्रकाश सोलंकी पहुंचे धरने के दौरान आयोजित मजदूर महापंचायत में निर्णय लिया गया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM-G) को रद्द कर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए। यहां लोगों ने मंच से कहा कि दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर नया कानून लागू करना करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात है। क्योंकि मनरेगा मजदूरों के लंबे संघर्ष से प्राप्त एक कानूनी अधिकार था। ‘लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करता है नया बिल’ सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने कहा- VB-GRAM-G संविधान की आत्मा के खिलाफ है। मनरेगा ने पहली बार गांव के गरीब को राज्य से काम मांगने का अधिकार दिया था, लेकिन नया कानून उस अधिकार को छीनकर रोजगार को केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर बना देता है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर केंद्रीकृत नियंत्रण को बढ़ावा देता है। निखिल डे ने कहा- यह कानून रोजगार की गारंटी नहीं, बल्कि मजदूरों की असुरक्षा की गारंटी है। काम, मजदूरी और योजना….तीनों को ग्राम सभा और राज्यों से छीनकर केंद्र सरकार के नियंत्रण में सौंप दिया गया है। अब काम मांगना मजदूर का कानूनी अधिकार नहीं रहा, बल्कि रोजगार कब, कितना और किसे मिलेगा, यह केंद्र द्वारा तय किया जाएगा। अलवर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बोले- दिल्ली जाकर प्रदर्शन करेंगे अलवर में मिनी सचिवालय के बाहर कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। यहां अलवर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा- मनरेगा का नाम बदलने पर सरकार को जगाने में लगे हैं। हम दुबारा गांव-गांव जाएंगे। दिल्ली में जाकर प्रदर्शन करेंगे। अभी सांकेतिक धरना देकर ज्ञापन दिया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार के बजट में कुछ नहीं दिया गया। राजस्थान व अलवर के लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई। केंद्र से आने वाले बजट में भी कटौती कर दी। केंद्र सरकार को नरेगा में 90 प्रतिशत बजट देना चाहिए। उदयपुर में शांतिपूर्ण धरना दिया गया उदयपुर में मनरेगा बचाओ को लेकर कांग्रेस कमेटी ने संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान देहात अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा- भाजपा सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इसी वजह से मनरेगा को समाप्त किया है। दुनिया महात्मा गांधी को आदर्श मानती है। यहां हमारे प्रधानमंत्री उनके नाम की योजना को खत्म कर नए नाम से शुरू कर रहे हैं। रामजी के नाम से योजना चलाकर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। कोटा में यूजीसी के खिलाफ हुआ प्रदर्शन कोटा में UGC के नए प्रावधान के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने सीएडी सर्किल से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान टायर जलाकर प्रदर्शन किया। 13 जनवरी को जारी की गई अधिसूचना को वापस लेने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
नर्मदापुरम के माखननगर में शनिचरा मोहल्ले में कांग्रेसी कार्यकर्ता के घर के बाहर जमी जुआ फड़ पर पुलिस ने दबिश दी। पुलिस को देखते ही जुआरी भागने लगे। जिनमें तीन को पुलिस ने पकड़ लिया। जबकि चौथा आरोपी कांग्रेसी कार्यकर्ता भाग निकला। चारों के खिलाफ जुआ एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। जुआ फड़ पर छापा, तीन आरोपी पकड़े गए बाद में जुआ के तीनों आरोपी राहुल वर्मा निवासी किला मोहल्ला माखननगर, मोहन नायक निवासी किला मोहल्ला, सुशील मीना निवासी माखननगर को जमानत पर छोड़ दिया। आरोपी शैलू दुबे उर्फ शैलेंद्र फरार है। पुलिस के मुताबिक रविवार शाम को सूचना मिली कि शैलू दुबे के घर के बाहर कुछ लोग जुआ खेल रहे थे। तत्काल एसआई राजेंद्र राजपूत, सउनि गोपाल पाल, प्रधान आरक्षक अजय रघुवंशी, गजेंद्र शनिचरा मोहल्ले में शैलु दुबे के घर के बाहर पहुंचे। जुआ खेल रहे राहुल वर्मा, मोहन नायक, सुशील मीना, शैलू दुबे पुलिस को देख कर भागने लगे। पुलिस ने तीन को पकड़ लिया। शैलू दुबे भाग गया। सभी के खिलाफ 13 जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज किया। बता दें शैलू दुबे शैलेंद्र को कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता है। पिछले महीने सीएम के माखननगर में प्रवास के दौरान प्रदर्शन करने के पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
प्रतापगढ़ के अरनोद उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेड़मा में सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत मैजिक पिट वर्मी कम्पोस्ट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विकास अधिकारी अशोक कुमार डिंडोर और ग्राम विकास अधिकारी अफरोज खान ने कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मापदंडों की गहन जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित कार्मिकों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अधिकारियों ने बताया कि मैजिक पिट वर्मी कम्पोस्ट से जैविक कचरे का उचित निस्तारण होगा। इससे उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का उत्पादन संभव होगा, जिससे स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलेगी और किसानों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को गांव की स्वच्छता और कृषि विकास के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
भागलपुर के पीरपैंता थाना क्षेत्र से एक बुजुर्ग पिछले 17 दिन से लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। थक-हारकर परिजनों ने थाने में आवेदन देकर सकुशल बरामदगी की गुहार लगाया। मामाल सुंदरपुर गांव का है। लापता बुजुर्ग मोहम्मद शेख सकुर(80) के पुत्र मोहम्मद वाहिद ने बताया कि पिताजी 18 जनवरी को दोपहर 1 बजे के करीब घर से निकले थे। हमलोगों ने सोचा कि शायद किसी परिचित के यहां गए होंगे, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटे। आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां खोजा। कहीं कुछ पता नहीं चला। उम्र अधिक होने के कारण उनकी सेहत की भी चिंता है। पिताजी के पास एक कागज है, जिसमें परिवार के सदस्यों का नंबर लिखा हुआ है। ताकि किसी को मिलने पर संपर्क किया जा सके। इसके बावजूद अभी तक कोई सूचना नहीं मिल सकी है। आसपास के थानों से किया संपर्क आवेदन के आधार पर पीरपैंती पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में भी सूचना साझा कर रही है और संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी बुजुर्ग का कोई पता नहीं चल पाने से चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। आम जनता से सहयोग की अपील परिजनों ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी को मोहम्मद शेख सकुर कहीं दिखाई दें या उनके बारे में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल मोबाइल नंबर 9939193534, 9955510508, 7859055581 पर संपर्क करें।

