यमुना एक्सप्रेस वे हादसा:मथुरा में अपनों के खोने से बदहवास दिखे परिजन, घरवाले बोले- सब उजड़ गया
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार सुबह हुए हादसे में 6 लोगों की जान चली गई। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों के चेहरे पर अपनों के खोने का गम था तो आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे जो हादसे के समय उसी बस में सवार थे जिसमें कैंटर ने टक्कर मारी थी। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी जबकि एक घायल हुए थे। आगे बढ़ने से पहले जानिए क्या हुआ यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार को दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही स्लीपर क्लास बस को ड्राइवर ने माइल स्टोन 88 पर रोका। यहां बस में सवार यात्रियों में से कुछ टॉयलेट आदि के लिए उतरे। इसी दौरान नोएडा की तरफ से आ रहे तेज रफ़्तार कैंटर ने बस में तक्कर मार दी। इसके बाद अनियंत्रित हुए कैंटर ने टॉयलेट के लिए उतरे यात्रियों को रौंद दिया। जिसमें 6 की मौत हो गयी जबकि एक यात्री घायल हो गए थे। मरने वालों में सभी पुरुष हादसे में मृतक सभी पुरुष थे। जिसमें कन्नौज के रहने वाले असलम,औरैया के रहने वाले पुष्पांक और अनुराग,फिरोजाबाद के प्रमोद,दिल्ली के रहने वाले संतोष और बस्ती के रहने वाले देवेश थे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गयी। बस में सवार मृतकों के परिजन अपनों को खोजने में जुट गए। हादसे की सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। बेटी के जन्मदिन में शामिल होने जा रहे थे प्रमोद फिरोजाबाद के जसराना के रहने वाले प्रमोद दिल्ली के नांगलोई में स्थित एक कंपनी में काम करते थे। शुक्रवार देर रात वह अग्निहोत्री ट्रैवल्स की बस में सवार होकर अपने घर जाने के लिए निकले। प्रमोद की बेटी का रविवार को पहला जन्मदिन था। बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए प्रमोद घर जा रहे थे। शनिवार की सुबह वह घर पहुंचते उससे पहले ही उनकी मौत की खबर परिवार को पहुँच गयी। प्रमोद की मौत की खबर सुनकर पत्नी का हाल बेहाल हो गया। जिस घर में बेटी के जन्मदिन मनाने की तैयारी चल रही थी वहां मातम पसर गया। दामाद की मौत से सास का रो रो कर हुआ बुरा हाल यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में कन्नोज के रहने वाले असलम की भी मृत्यु हुई। असलम दिल्ली में रहकर एक फैक्ट्री में काम कर रहे थे। वह नांगलोई से बस में सवार हुए और कन्नोज के कटरा जा रहे थे। इस बस में उनके साथ ससुर मोहम्मद आरिफ और सास भी थीं। बस रुकने पर असलम नीचे उतरे तभी हादसा हो गया। आंखों के सामने दामाद की हुई मौत से सास बदहवास हो गयीं। उनका रो रो कर बुरा हाल था। ससुर मोहम्मद आरिफ ने बताया वह इटावा के रहने वाले हैं अपने गांव जा रहे थे इसी दौरान यह हादसा हो गया। तेज आवाज से आंख खुली इस हादसे में जान गंवाने वालों में मैनपुरी के रहने वाले संतोष सिंह भी थे। संतोष दिल्ली में रहकर सेल्स मैन का काम करते हैं। यहीं वह अपनी पत्नी संतोषी और दोनों बेटों के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। शुक्रवार की रात को संतोष पत्नी संतोषी के साथ मैनपुरी के गांव सौरिख जा रहे थे। रात ढाई बजे जब बस रुकी तो संतोष पत्नी को बस में सोता हुआ छोड़कर टॉयलेट के लिए नीचे उतर गए। इसी दौरान बस में टक्कर लगने से तेज आवाज हुई जिससे संतोषी की आंख खुली। संतोषी ने जब बगल वाली सीट पर पति को देखा तो वह दौड़कर बस से नीचे उतरीं। जहां उन्होंने देखा कि कुछ लोग कुचले हुए पड़े हैं। संतोषी ने आवाज दी तो उनके पीटीआई ने दर्द से कराहते हुए जबाब दिया वह यहां है। इसके बाद संतोष कुछ न बोल सके। रात दस बजे हुई अंतिम बार बात संतोष के बेटे अभिनय ने बताया रात दस बजे पिता से बात हुई। उन्होंने फोन पर कहा था कि वह बैठ गए हैं बस में सुबह गांव पहुँच कर कॉल करेंगे। इसके बाद रात 3 बजे मां का फोन आया और उन्होंने कहा एक्सीडेंट हो गया है। पापा मम्मी गांव जा रहे थे खेती देखने के लिए। अभिनय ने बताया कि इस हादसे में उनका सब कुछ उजड़ गया।
नोएडा के सेक्टर-146-147 से ग्रेटर नोएडा के एलजी चौक से जोड़ने के लिए एक कनेक्टिंग रोड बन रही है। इस रास्ते के दोनों तरफ नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण अपने-अपने हिस्से में सड़क बना रहे हैं। यहां पुल बनाने का काम यूपी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन कर रहा है। कॉरपोरेशन ने अब पुल पर बिटुमिन व मैस्टिक के काम के लिए टेंडर जारी किया है। उम्मीद है कि मार्च अंत तक सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इसे बन जाने से एक्सप्रेस वे पर यातायात भार कम होगा। साथ ही नोएडा ग्रेटरनोएडा के बीच नया लिंक मिलेगा। यूपी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने नोएडा को बताया कि हिंडन पर पुल बनाने का काम 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। पुल बनाने का काम पूरा होते ही इस पर बिटुमिन व मैस्टिक का काम किया जाएगा। अगर इस टेंडर में किसी एजेंसी का चयन हो जाता है तो मार्च महीने के अंत तक बिटुमिन का काम शुरू करा दिया जाएगा। इसको पूरा होने में करीब एक महीने का समय लगेगा। जुलाई में खोला जा सकता है इस बारे में प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई महीने में इसे वाहनों के लिए खोले जाने की तैयारी है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने-अपने हिस्से में सड़क बना रहे हैं। इसके बन जाने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। नोएडा की एप्रोच रोड 80 प्रतिशत पूरीपुल के अलावा नोएडा में सड़क बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है जबकि ग्रेटर नोएडा में यह काम 50 प्रतिशत हो गया है। नोएडा में पुल को जोड़ने के लिए करीब 800 मीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है जिस पर 31 करोड़ 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पुल बन जाने के बाद नोएडा की ओर के बचे काम को पूरा करने के लिए करीब तीन महीने का समय चाहिए होगा। ग्रेनो प्राधिकरण जल्द पूरी करेगा एप्रोच रोडपिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ने इस काम का जायजा लिया था। ग्रेटर नोएडा की तरफ संपर्क मार्ग की लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जिसे बनाने में लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। प्राधिकरण इसे शीघ्र बनाने के लिए प्रयासरत है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया की बाकी बचे काम पूरे होने में छह माह का समय लगेगा।
शाही इमाम पंजाब सहित 3 लोगों पर जामा मस्जिद, जेल रोड के बाहर तीन लोगों ने अटैक कर घायल कर दिया है। हमलावरों ने शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवीं, मस्जिद कार्यालय प्रबंधक और एक अन्य व्यक्ति पर ईंटे बरसाई है। घटना के पीछे मस्जिद परिसर में बनी दुकानों को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। थाना डिवीजन नंबर-2 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान ब्राउन रोड निवासी उबैद-उर-रहमान, उसके बेटे अतीक-उर-रहमान और मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है। नवीनीकरण के दौरान हुआ विवादमामले में शिकायत मस्जिद कार्यालय प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जामा मस्जिद का नवीनीकरण चल रहा है, जिसकी निगरानी खुद शाही इमाम कर रहे हैं। 1 फरवरी को जब शाही इमाम मस्जिद पहुंचे तो आरोपी वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद उन लोगों ने ईंट से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उन्होंने और शाह नवाज ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। आस-पास के लोग जमा हुए तो आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस को सूचना देकर शिकायत दी गई। दुकानों को लेकर चल रहा था विवाद पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मस्जिद परिसर में कुछ व्यावसायिक दुकानें हैं, जिन पर आरोपी अपना मालिकाना हक जता रहे थे। पूरे परिसर के नवीनीकरण के चलते दुकानों को लेकर विवाद बढ़ गया। पहले दोनों पक्षों में समझौते की कोशिश की गई, लेकिन सहमति न बनने पर पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराएं 115(2) (जान बूझकर चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 332-सी (घर में घुसपैठ), 3(5) (सामूहिक मंशा) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार शाम रायपुर पहुंच चुके है। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। बता दें कि शाह का 2 महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह आज रायपुर के मेफेयर होटल में नक्सलवाद पर बैठक लेंगे। इस दौरान वे इंटेलिजेंस इनपुट्स की समीक्षा करेंगे और छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चर्चा भी करेंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे की डेडलाइन को 52 दिन बचे है। ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रही है। इस डेडलाइन में अब करीब 52 दिन का ही समय बाकी है। अमित शाह बस्तर में पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में पहुंचे थे। मीटिंग के बाद ऑपरेशन होंगे तेज राज्य स्तर पर अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुटी हैं। रायपुर में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जा सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले आखिरी रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिख सकता है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पिछले 5 दिन से लगातार निकल रही तेज धूप के चलते तापमान काफी बढ़ गया है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस फरवरी में अब तक शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान रहा। इतना ही नहीं, 7 फरवरी को पिछले 10 सालों में दूसरी बार सबसे गर्म दिन और रात रहे हैं। वर्ष 2017 से 2026 के बीच 7 फरवरी का रिकॉर्ड देखें तो पता चलेगा इस साल इस डेट को दूसरी बार सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान रहा। इस समयावधि में इस डेट को सबसे अधिकतम तापमान वर्ष 2023 में रहा था। 7 फरवरी 2023 को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। देखें पिछले 10 सालों में 7 फरवरी को तापमान की स्थिति… रविवार को मौसम का हाल रविवार सुबह से ही मौसम खुला हुआ है। ठंड और कोहरे दोनों से राहत है। सुबह से हल्की हवा चल रही है। सुबह का तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में और बढ़ोत्तरी हो सकती है। पिछले दिनों काफी घना कोहरा रहा था। तापमान में भी कम होने की वजह से सर्दी रही। 3 फरवरी से अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है। वहीं, न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। देखें पिछले दिनों तापमान की स्थिति… पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिन में धूप निकलेगी। हालांकि हल्की हवा चलती रहेगी। धूप निकलने के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। 9 फरवरी से मौसम पूरी तरह से खुलने की संभावना जताई जा रही है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति…
नरेंद्र मोदी आरएसएस से नहीं, भाजपा से प्रधानमंत्री, वह संघ के स्वयंसेवक जरूर हैं : मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम, वर्ली में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला 'नए क्षितिज' का शुभारंभ शनिवार को भव्य रूप से हुआ
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
भोपाल के लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नगर निगम की आठ मंजिला इमारत में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना सामने आया है। सीढ़ी के पास ही ओपन एरिया है, जिससे नीचे गिरने का डर रहेगा। ये ओपन एरिया गेट से सटा हुआ है। इसे कवर करने के लिए न तो दीवार बनाई गई है और न ही कोई जाली लगी है। यानी, ये किसी 'मौत के कुएं' से कम नहीं है। इसी बीच ऑफिस शिफ्टिंग का दौर भी शुरू हो गया है। 5 एकड़ जमीन में बनी इस बिल्डिंग में इससे पहले मीटिंग हॉल को लेकर बड़ी भूल सामने आ चुकी है। दरअसल, करोड़ों रुपए की लागत से बिल्डिंग तो बना दी गई है, लेकिन जिम्मेदार मीटिंग हॉल बनाना भूल गए थे। इस कारण कलेक्टर से पास की खाली 0.25 एकड़ जमीन मांगी गई है। जिसमें 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बिल्डिंग में ये खामीबिल्डिंग के पिछले हिस्से में चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ी गई है। अंदर जाने के लिए गेट के पास ही ओपन एरिया है। एक्सपर्ट इसे खराब इंजीनियरिंग का नमूना बता रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में ये चूक जानलेवा बन सकती है। यहीं पर दो जगह पर और ओपन एरिया है। यहां पर गिरने का डर रहेगा। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया, मामले में जानकारी लेंगे। यदि कहीं खामी है तो उसे दूर करवाया जाएगा। लोकार्पण नहीं, लेकिन शिफ्टिंग चालूबिल्डिंग का लोकार्पण नहीं हुआ है, लेकिन जिम्मेदारों ने शिफ्टिंग चालू करा दी है, जबकि बिल्डिंग में फर्नीचर, इलेक्ट्रिक से जुड़े काम बाकी है। जानकारी के अनुसार, सेंट्रल वर्कशॉप, हाउसिंग फॉर ऑल, सिविल, जनसंपर्क, विद्युत शाखाएं यहां आ चुकी हैं। वहीं, बीसीएलएल, जल कार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, झील प्रकोष्ठ, एनयूएलएम, राजस्व, गोवर्धन परियोजना, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन शाखाएं आना बाकी है। अब कमिश्नर का कक्ष आठवीं मंजिल पर रहेगानिगम सूत्र बताते हैं कि पहले आयुक्त और महापौर के कक्ष ग्राउंड फ्लोर पर थे, लेकिन अब आयुक्त का कक्ष आठवीं मंजिल पर रहेगा। जिसमें अभी काम ही चल रहा है। ‘जीरो एसी’ का दावा, पर एयर कंडीशनर लग रहेआठ मंजिला बिल्डिंग को लेकर दावा किया जा रहा था कि यहां पर एक भी एसी यानी, एयर कंडीशनर नहीं लगेगा। यानी, ये 'जीरो एसी' बिल्डिंग रहेगी लेकिन हकीकत कुछ और ही है। भास्कर टीम ने जब बिल्डिंग का मुआयना किया तो कई रूम में एयर कंडीशनर लगते हुए नजर आए। ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाई गई है बिल्डिंगग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम का नया मुख्यालय भवन बना है। इसके बाद 10 से ज्यादा लोकेशन पर बने ऑफिस एक ही छत पर आ जाएंगे। बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी दिशा उत्तर-दक्षिणी होने की वजह से बिजली उत्पादन में असर पड़ सकता है। एक बिल्डिंग, 3 कमिश्नरबिल्डिंग की पूरी डिजाइन निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बनवाई थी। उनकी मौजूदगी में बिल्डिंग का आधे से ज्यादा काम हुआ, जबकि बाकी काम हरेंद्र नारायण के समय हुआ। अब संस्कृति जैन के समय फिनिशिंग हो रही है। उनके कार्यकाल में ही बिल्डिंग शिफ्टिंग का काम भी शुरू किया गया है।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर फिशिंग के जरिए ठगी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन अब ठगी का एक नया पैटर्न सामने आया है। इसके जरिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को निशाना बनाया गया। जनवरी माह से अब तक 10 से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। इनमें से केवल तीन पीड़ित कोहेफिजा थाने पहुंचे और कुल 30 हजार रुपए से अधिक की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हमीदिया अस्पताल का स्टाफ ही ठग जितेंद्र खागरे को मरीजों की जानकारी और उनके परिजन के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इसके बाद ठग खुद को डॉक्टर बताकर बेहतर इलाज का लालच देता और फिर क्यूआर कोड भेजकर अपने खाते में पैसे मंगवाता था। शुक्रवार को ठगी के इस गिरोह के मुख्य आरोपी, बैतूल निवासी जितेंद्र खागरे को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर कोहेफिजा थाने की पुलिस को सौंप दिया। थाने से मिली जानकारी के अनुसार, ठग को गुरुवार रात इंदौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डॉक्टर बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्टाफ को 20% मिलता था कमीशन सिक्योरटी एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, ठग का नेटवर्क हमीदिया अस्पताल में तीन विभागों तक फैला हुआ था। इसमें स्त्री रोग विभाग, पीडियाट्रिक विभाग और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग शामिल हैं। जिसमें अब तक 7 स्टाफ के शामिल होने की बात तक सामने आई है। हालांकि, इन स्टाफ की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। हालांकि, एक बात स्पष्ट हुई है कि स्टाफ ठग को जानकारी सिर्फ कमीशन के लिए दे रहे थे। हमीदिया अस्पताल की सिक्योरिटी एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, मरीजों की फुल डिटेल (वार्ड नंबर, एड्रेस, बीमारी की विवरण), मोबाइल नंबर और मरीज की स्थिति स्टाफ मुहैया कराते थे। जिसके लिए उन्हें 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिन भी स्टाफ के नाम सामने आएंगे, उन्हें तत्काल अस्पताल से हटा दिया जाएगा। वहीं, थाना कोहेफिजा पुलिस इन स्टाफ की पहचान होने के बाद उनपर भी कार्रवाई करेगी। पीड़ित से फोन पर बातचीत की ऑडियो आया सामने आरोपी जितेंद्र खागरे और पीड़ित के बीच में फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे के दिल में छेद था। जिसके इलाज के लिए बच्चे को हमीदिया में भर्ती कराया था। जितेंद्र ने अस्पताल में भी डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात की थी। पढ़िए… ऑडियो में क्या कहा आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार और उसके बीच हुई बातचीत की ऑडियो सामने आई हैं। एक ऑडियो में आरोपी बच्चे के पिता को भरोसा दिला रहा है कि दस हजार रुपए दे दो, इससे ईको करा देंगे। इस पर बच्चे के पिता ने जवाब दिया कि आईसीयू वाले बोल रहे हैं कि एक महीने बाद ही जांच होगी। इससे पहले नंबर नहीं आएगा। आरोपी जवाब देता है कि आप सब छोड़ो मेरा काम करो। तत्काल करा दूंगा। यहां तक की बाद में भी आपका साथ दूंगा। घर जाने के लिए एम्बुलेंस फ्री में दिला दूंगा। मेरे नंबर पर डेढ़ बजे तक पैसा डलवा देना। कहो तो बारकोड सेंड कर देता हूं। बच्चे का पिता जवाब देता है कि आप फिक्र मत करो डेढ़ बजे से पहले ही रकम आप तक पहुंच जाएगी, पैसा मेरे भाई के नंबर से डलवा रहा हूं। जाल में ऐसे फंसाया, वसूले 30 हजार रुपए हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को ठगने का तरीका बेहद शातिर था। नेहरू नगर भोपाल निवासी नितेश विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी किरण विश्वकर्मा गर्भावस्था के चलते हमीदिया अस्पताल में भर्ती हुई थीं। ऑपरेशन के बाद उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को हमीदिया अस्पताल का डॉक्टर बताया और कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों खतरे में हैं, बेहतर इलाज के लिए तुरंत पैसे भेजने होंगे। घबराए नितेश ने बताए गए यूपीआई पर 8,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन बाद फिर कॉल आया और पत्नी की हालत गंभीर बताकर दोबारा 2,999 रुपए मंगवा लिए। बाद में कॉल बंद हो गया, तब जाकर नितेश को ठगी का शक हुआ। जांच में सामने आया कि इसी तरह विनोद अहिरवार और संजय बाटेला से भी पैसे वसूले गए। सिर्फ इन तीन पीड़ितों से ही 30 हजार रुपए से अधिक की ठगी की गई थी। अधीक्षक डॉ. टंडन बोले- यदि कोई पैसे की मांग करे तो शिकायत करें हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने कहा कि ठगी हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा यदि कोई आपसे पैसे मांगे या क्यूआर कोड भेजे तो तत्काल हमीदिया अस्पताल के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को इसकी जानकारी दें। हमीदिया में सभी मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है। कोई भी डॉक्टर किसी मरीज से अतिरिक्त पैसे की डिमांड नहीं करता है। ऐसा यदि कोई करता है, तो यह फ्रॉड है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… फोन पर बोला-आपकी पत्नी के लिवर में सूजन...5 हजार भेजो भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक खास तरीका अपनाकर ऑनलाइन ठगी की गई। शातिर ठग ने यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजन को डॉक्टर बनकर फोन किया। बेहतर इलाज और सुरक्षित ऑपरेशन का झांसा देकर रकम की डिमांड की। क्यूआर कोड भेजकर पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिया। पढ़िए पूरी खबर।
वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर समस्तीपुर में गुरु-शिष्य हस्तशिल्प कार्यक्रम के तहत ग्रामीण महिलाओं को नीटिंग क्राफ्ट (क्रोशिया और बुनाई) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और घर बैठे रोजगार से जुड़ रही हैं। महिलाओं को यह काम न सिर्फ पसंद आ रहा है, बल्कि इससे वे घरेलू सजावटी सामान भी तैयार कर रही हैं। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं के बनाए उत्पादों की बिक्री की जिम्मेदारी जिला उद्योग विभाग उठाएगा। कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) के माध्यम से उत्पाद बाजार तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे महिलाओं को बिक्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा उपेंद्र महारथी शिल्प संस्थान, पटना की ओर से विभिन्न खादी ग्राम उद्योग केंद्रों के जरिए भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि महिलाओं को घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पहले चरण में 30 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इच्छुक अन्य महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। 18 प्रकार के हस्तशिल्प की जानकारी दी जाएगी कार्यक्रम की मुख्य ट्रेनर अनामिका शर्मा ने बताया कि गुरू शिष्य हस्तशिल्प योजना के तहत जिले में पहले चरण में 30 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी उन्हें क्रोशिया की ट्रेनिंग दी जा रही है। अभियान के तहत 18 प्रकार के हस्तशिल्प की जानकारी दी जाएगी। जिसमें मिथिला पेंटिंग, रिंग, बैग, पर्स स्वेटर, बेबी, ड्रेस डिजाईनिंग, सीकी आर्ट के साथ ही घरेलू सजावटी का समान बनाने का प्रशिक्षण शामिल है। प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं अपने घर पर सजावटी सामान बना सकेंगी। महिलाओं की ओर से बनाए गए सजावटी सामान को उपेंद्र महारथी शिल्प संस्थान और कॉमन फेसेलिटी सेंटर के माध्यम से बेचा जाएगा। सजावटी समान बनाकर घर बैठे-बैठे 15-20 हजार रुपए तक महीना कमाया जा सकता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद घर पर काम कर करूंगी प्रशिक्षण ले रही महिला सुदेवी ने बताया कि मैं क्रोशिया से फुल बनाने के साथ ही कई घरेलू सजावटी सामान बनाने की जानकारी दी गई है। सुदेवी ने बताया कि पूर्ण प्रशिक्षण के बाद मैं अपने घर पर इसका निर्माण करूंगी। जिससे आय की प्राप्ति होगी। विभाग की ओर से इसके लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण ले रही कंचन कुमारी ने बताया कि अबतक मछली, कछुआ, फूल, नजरिया, आदि सिख चुकी हूं। घर के कामकाज के बाद मैं घर में बैठी रहती थी। इस कला को सिखने के बाद घर में सजारवटी सामान बना कर रोजगार कर सकूंगी। प्रशिक्षक की ओर से बताया गया है कि सजावटी सामान बेचने के लिए बजार भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
झांसी में जिम के अंदर ज्वेलर के बेटे को बेरहमी से पीटा गया। वह मशीन पर कसरत कर रहा था। तभी दबंग आया और बोला कि मुझे जिम करना है। ये मशीन खाली करो। मना करने पर दबंग ने थप्पड़ जड़ दिया। फिर अपने दोस्तों को बुलाकर उसको पिटवाया। 4 युवक उसे बुरी तरह पीटते हैं। तभी दबंग ने रॉड उठाकर उसके सिर में मार दी। इससे ज्वेलर का बेटे लहूलुहान हो गया। वो इस हाल में घर पहुंचा तो पिता चौकी ले गए। वहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। घटना 6 फरवरी की रात करीब 9 बजे की है। शनिवार को मारपीट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात 4 युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा में केस दर्ज कर लिया है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के फिल्टर रोड पर M-2 जिम का है। दुकान बंद करके जिम करने गया था झारखड़िया मोहल्ला निवासी दिलीप नारायण सोनी ने बताया- मेरी कोतवाली की ढाल पर आरएस ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। मेरा बेटा रोहित सोनी (24) मेरे साथ शॉप पर बैठता है। शाम को दुकान बंद करके हम लोग घर जाते है। इसके बाद बेटा फिल्टर रोड पर गणेश चौराहा के पास M-2 जिम में कसरत करने आता है। रोजाना की तरह 6 फरवरी की रात को वह जिम करने गया था। वहां मशीन पर एक्सरसाइज कर रहा था। तभी वहां कसरत कर रहा एक दबंग युवक आया और बोला कि मशीन खाली करो, मुझे जिम करनी है। तब बेटे ने मना कर दिया। कहा- एक बार एक्सरसाइज कर लेने दो, इसके बाद कर लेना। इस पर वो गालियां देने लगा। इस पर विवाद हो गया। पहले थप्पड़ मारा, फिर रॉड पिता ने आगे बताया- विवाद इतना बढ़ गया कि दबंग युवक ने बेटे को थप्पड़ मार दिया। फिर उसके 3 से 4 साथी आ गए और बेटे को बेरहमी से पीटने लगे। इस दौरान दबंग ने लोहे की रॉड उठाई और बेटे के सिर में दे मारी। इससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। लहूलुहान हालत में वो घर आया तो उसे चौकी ले गए। वहां से पुलिस हम लोगों को अस्पताल लेकर आई। जिन लोगों ने बेटे के साथ मारपीट की, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए घटना से जुड़े दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहे हैं। 4 मिनट 9 सेकेंड के वीडियाे में नजर आ रहा है कि मशीन पर कसरत के दौरान विवाद होता है। तब दबंग युवक रोहित सोनी को थप्पड़ मार देता है। इसी बीच आरोपी के साथी आ जाते हैं और वे उसे नीचे पटक देते हैं। इसके बाद उसके साथ मारपीट की जाती है। इस बीच जिम के अन्य लोग बीच बचाव कर मामले को शांत करवा देते हैं। रोहित और दबंग को दूर-दूर कर दिया जाता है। तभी दबंग युवक कुछ कहते हुए रोहित के पास पहुंच जाता है। दोबारा कहासुनी होने पर रोहित उसे थप्पड़ मार देता है। तभी आरोपी और उसके साथी रोहित को बुरी तरह पीटते है। इस बीच दबंग युवक लोहे की रॉड उठाकर रोहित के सिर में मार देता है। इससे वो लहूलुहान हो जाता है। इसके बाद आरोपी भाग जाते हैं। दूसरे वीडियो में रोहित लहूलुहान नजर आ रहा है। केस दर्ज कर लिया है कोतवाली थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि रोहित की तहरीर पर शनिवार को 4 अज्ञात युवकों के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जिम मालिक से भी आरोपियों के बारे में डिटेल ली जा रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
पाकिस्तान में बैठी प्रेमिका के झांसे में आकर राजस्थान का एक युवक इंटरनेशनल साइबर ठगी गैंग का सरगना बन गया। हनुमानगढ़ पुलिस ने 1 फरवरी को हरदीप सिंह नाम के युवक को अरेस्ट किया है। महज 10वीं पास हरदीप पाकिस्तान के लाहौर से चल रहे साइबर ठगी गिरोह से संपर्क में था। उसी के इशारे पर करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी गांव के लोगों के बैंक अकाउंट किराए पर ले लेता था। फिर पाकिस्तान में बैठे ठग उन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे ट्रांसफर करने में लेते थे। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि इस ठगी गिरोह से उसे पाकिस्तानी गर्लफ्रेंड राबिया ने जोड़ा था। प्रेम जाल में फंसकर हरदीप पिछले साल पाकिस्तान जाने वाला था। उसके लिए वह धर्म बदलने तक को तैयार था। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के चलते आवाजाही बंद होने के चलते ऐसा हो नहीं पाया। पुलिस के आशंका है कि इसके पीछे पाकिस्तान का धर्मांतरण साइबर ठगी मॉड्यूल हो सकता है। जम्मू-कश्मीर से भी इसका कनेक्शन सामने आया है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए कैसे इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। लाहौर से मिलते थे निर्देश- इस खाते में पैसे ट्रांसफर कर दो हरदीप सिंह को 1 फरवरी को हनुमानगढ़ की साइबर थाना पुलिस ने अरेस्ट किया था। पूछताछ में सामने आया कि हरदीप सिंह पाकिस्तान में बैठे साइबर ठग गिरोह के सीधे संपर्क में था और भारत में उनके लिए फाइनेंशियल सहयोगी था। भारतीयों से ठगी का पैसा किस खाते में डलवाना है, कब निकालना है और किस रास्ते से आगे भेजना है- यह सब निर्देश पाकिस्तान के लाहौर से मिलते थे। साइबर पुलिस ने हरदीप से बरामद 3 मोबाइल का डेटा खंगाला है। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी में हरदीप 10 से 20 प्रतिशत कमीशन रखता था। बाकी पैसा हरदीप के किराए पर खरीदे गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते। फिर उन्हें डॉलर में कन्वर्ट कर पाकिस्तान भिजवाया जाता था। दिव्यांग पेंशन खाते में पहुंचा ठगी का पैसा तो खुला राज पूरा मामला तब सामने आया, जब हनुमानगढ़ जिले के डबली राठान निवासी राजपाल सिंह का बैंक खाता अचानक फ्रीज कर दिया गया। राजपाल सिंह पैरालिसिस पीड़ित हैं और उनके खाते में दिव्यांग पेंशन आती थी। पेंशन रुकने पर जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी संदिग्ध रकम आई है। जांच में सामने आया कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर साइबर थाने और मध्यप्रदेश के देवास जिले से इस खाते को लेकर नोटिस जारी हुए थे। दरअसल, पुलिस को जम्मू-कश्मीर से संदिग्ध पैसे की लेन-देन के सबूत मिले थे। खुद का खाता ब्लॉक होने का बहाना बनाता था तीन स्टेट (मध्यप्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर) की साइबर पुलिस ने जब जांच बढ़ाई तो पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी डबली राठान निवासी हरदीप सिंह है। उसने अपने ही गांव और आसपास के इलाकों के लोगों को निशाना बनाया। आरोपी हरदीप सिंह ने अपने पड़ोसी राजपाल सिंह को यह कहकर भरोसे में लिया कि उसका बैंक खाता बंद हो गया है और एक पेमेंट आने वाली है, जिसे वह राजपाल के खाते में डलवा देगा। बाद में इसी खाते का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम जमा करवाई गई और एटीएम के जरिए निकाल ली गई। राजपाल की शारीरिक मजबूरी का फायदा उठाकर हरदीप ने उनसे एटीएम कार्ड और पिन तक हासिल कर लिया। जांच में सामने आया कि यह कोई एक-दो ट्रांजैक्शन का मामला नहीं था। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच राजपाल समेत 100 से ज्यादा लोगों के बैंक खाते जुटा लिए थे। इन खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने में किया गया। इन खातों से जुड़े 14 राज्यों से कुल 36 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज की गई थी। महज 10वीं पास है हरदीप सिंह आरोपी हरदीप सिंह मूल रूप से हनुमानगढ़ के डबली राठान गांव का रहने वाला है। पिता धान मंडी में पल्लेदारी कर परिवार का पेट पालते हैं। हरदीप केवल 10वीं पास है। माता-पिता गांव में रहते हैं लेकिन कुछ समय से हरदीप हनुमानगढ़ शहर में रह रहा था, जहां उसने साइबर ठगी के इस खतरनाक नेटवर्क में कदम रख दिया। पाकिस्तानी लड़की राबिया के झांसे में बन गया ठग जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान के साइबर ठग के संपर्क में आने से पहले हरदीप सिंह एक पाकिस्तानी युवती के संपर्क में था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। हरदीप उस युवती से मिलने पाकिस्तान जाना चाहता था और इसके लिए प्रयास भी कर रहा था। लेकिन इस बीच ऑपरेशन सिंदूर हुआ और दोनों तरफ से आवाजाही बंद हो गई। इसके चलते वह पाकिस्तान नहीं जा सका। पुलिस के मुताबिक इस बीच राबिया ने ही हरदीप का संपर्क लाहौर में बैठे अपने किसी परिचित के जरिए साइबर ठगों से कराया। इसके बाद हरदीप उस गिरोह के इशारे पर काम करने लगा था। ऐसे करता था गिरोह काम? जांच में सामने आया कि आरोपी हरदीप सिंह और उसके पाकिस्तान में बैठे साइबर ठग गिरोह के हैंडलर भारत में सोशल मीडिया पर कई तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे। आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सस्ता सामान, शेयर मार्केट में निवेश, सस्ता लोन, घर बैठे ऑनलाइन पैसा कमाने जैसे तरीकों से लोगों को झांसे में लेते थे। कट्टरपंथी या धर्मांतरण मॉड्यूल का शक पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लाहौर में बैठा साइबर ठग हरदीप से निजी बातचीत करता था। उसने हरदीप को बताया था कि वह पहले उसकी ही तरह सरदार था, लेकिन बाद में उसने मुस्लिम धर्म अपना लिया। इस बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियां अब इस एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस नेटवर्क के पीछे कोई संगठित कट्टरपंथी या धर्मांतरण से जुड़ा साइबर मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं है। गांव के लोगों को झांसे में लेता था हरदीप- साइबर पुलिस हनुमानगढ़ के साइबर थानाधिकारी राजपाल सिंह ने बताया- जांच में हरदीप के पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संपर्क के ठोस सबूत मिले हैं। आरोपी अपने ही गांव के भोले-भाले मजदूर वर्ग के लोगों को यह कहकर फंसाता था कि उसका बैंक खाता बंद हो चुका है। छोटे-मोटे लालच देकर वह उनके खातों का इस्तेमाल करता था। अशिक्षा और जानकारी के अभाव में लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। आरोपी के पाकिस्तानी महिला से प्रेम संबंध भी सामने आए हैं। जिस ठग से वह संपर्क में था, वह उसी महिला के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। इस आधार पर पूरे गिरोह के तहत साजिश रचे जाने की आशंका है।
आरा शहर पूर्वी गुमटी PSS और 11 केभी शहरी फीडर संख्या-1 से 3 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। आज 8 फरवरी दिन रविवार की सुबह 11 बजे से दोपहर 2 तक बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक विद्युत अभियंत ने बताया कि 33 हजार पूर्वी गुमटी PSS लाइन में सट रहे पेड़ के डाल की छटाई और अन्य विद्युत उपकरणों के मेंटेनेंस का कार्य किया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र के सभी पोल व जर्जर तार की भी मरम्मती की जाएगी ताकि बिजली उपभोक्ताओं को बिजली से संबंधित कोई भी समस्या उत्पन्न न हो। मोहल्ले वासियों से अपील है कि पहले से अपने अपने घरों के जरूरी काम को निपटा ले और पानी की व्यवस्था कर लें। उपभोगताओं को होने वाली असुविधा के लिए खेद है। इन मुहल्लों की बाधित रहेगी बिजली बघउतपुर एवं आनंद नगर, सपना सिनेमा रोड, नेहरू नगर, श्री टोला, बस स्टैंड, रस्सीबागन, जवाहर टोला, शिवपुर, करमन टोला, नवादा, मठिया, महादेवा रोड, जेल रोड, चरखंबा गली, सपना सिनेमा रोड, सदर हॉस्पिटल, P मेहरा रोड, मिल रोड के आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। बंधन टोला, स्टेशन रोड, नवादा थाना, पोस्ट ऑफिस रोड, पूर्वी गुमटी के आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
दरभंगा के पंडौल ग्रिड से निकलने वाली 33 केवी रैयाम फीडर लाइन में मेंटेनेंस कार्य के कारण रविवार को केवटी प्रशाखा क्षेत्र के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। 8 फरवरी को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक 33 केवी लाइन रैयाम में मीटरिंग यूनिट लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके चलते पंडौल ग्रिड से रैयाम फीडर की विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। आवश्यक काम पहले निपटा लेने की अपील इस संबंध में कनीय अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य के दौरान केवटी प्रशाखा अंतर्गत रैयाम और खिरमा के जलवाड़ा पावर सब-स्टेशन से जुड़े सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कटौती के कारण रैयाम, फुलकाही, कमलपुर, नयागांव, केवटी, रनवे, लदारी, खिरमा, ननौरा, पिंडारुच, शेखपुर दानी, छतवन, बाढ़ समैला, असराहा, कोठिया समेत करीब 50 गांवों में डेढ़ घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। मेंटेनेंस कार्य पूर्ण होते ही बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी।
संभल में छेड़छाड़ के एक आरोपी को पीड़िता ने पंचायत के फरमान पर जूती से पीटा। यह घटना थाना कुढ़फतेहगढ़ से कुछ ही दूरी पर हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह पूरा मामला संभल जनपद की चंदौसी तहसील के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव राजथल का है। जानकारी के अनुसार, आरोपी किशोर लंबे समय से पीड़िता को परेशान कर रहा था और अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ करता था। पीड़िता ने अपनी मां को यह बात बताई। शनिवार को मां-बेटी शिकायत लेकर थाना कुढ़फतेहगढ़ पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को मौखिक रूप से छेड़छाड़ की शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। थाने से लौटते समय ग्राम प्रधान और गांव के अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया। करीब 4 घंटे चली पंचायत में यह तय हुआ कि पीड़िता आरोपी किशोर को पांच जूती मारेगी। पंचायत के इस फैसले के बाद, लगभग 20 लोगों की मौजूदगी में किशोरी ने किशोर को अपनी जूती से पीटा। इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया। थाना प्रभारी लोकेंद्र त्यागी ने बताया कि एक किशोरी अपनी मां के साथ छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने आई थी, लेकिन उन्होंने लिखित तहरीर नहीं दी। थाना प्रभारी के अनुसार, थाने से बाहर क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्ष से शिकायत मिलती है, तो जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में मारपीट, VIDEO:तीमारदारों और छात्रों के बीच विवाद, इमरजेंसी के बाहर मारपीट
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार देर रात मरीज के तीमारदारों और छात्रों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवकों ने एक व्यक्ति और उसके परिजनों को इमरजेंसी के बाहर सड़क पर घसीटकर पीटा। सदर कोतवाली क्षेत्र के तिलई बेलवा निवासी कुछ लोग एक बीमार व्यक्ति को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे थे। वहां इलाज को लेकर उनकी स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीमारदारों ने कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी, जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धमकी तक की नौबत आ गई। विवाद की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के दर्जनों छात्र इमरजेंसी के बाहर पहुंच गए। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ युवकों ने घायल व्यक्ति और उसके परिजनों को इमरजेंसी से बाहर खींच लिया और सड़क पर जमकर पिटाई की। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, घटना के बाद पीड़ित परिवार भयभीत होकर बिना इलाज कराए ही घर लौट गया। परिसर में देर रात तक इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी घटना की आंतरिक जांच की बात कही है। इस संबंध में महर्षि देवरहा बाबा कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर एचके मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे सुरक्षा बलों ने समझा-बुझाकर वापस भेज दिया।
लुधियाना में ट्यूशन सेंटर पर हमला,VIDEO:टीचर और स्टाफ को बनाया बंधक, टेबल पर चढ़कर मारी पेट पर लातें
पंजाब के लुधियाना में एक ट्यूशन सेंटर संचालिका के साथ बदसलूकी, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सेंटर में पढ़ने वाले एक छात्र और उसके परिजनों ने मिलकर हमला किया। घटना की CCTV वीडियो भी सामने आई है, जिसमें आरोपी टीचर के ऑफिस में घुसकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 50 से ज्यादा लोगों ने टीचर, उसके पति और स्टाफ को घंटों तक ट्यूशन सेंटर में बंधक बनाए रखा। थाना पीएयू पुलिस ने आरोपी छात्र और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। टेबल पर चढ़कर पेट में मारी टांगेंCCTV फुटेज में आरोपी छात्र की मां, बहनें, पिता और अन्य सहयोगी टीचर के दफ्तर में घुसकर उसे धमकाते और पीटते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग टेबल पर चढ़कर टीचर के पेट में टांगें मारते नजर आए, जबकि उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया। टीचर के पति ने मिन्नतें कर किसी तरह पत्नी और स्टाफ को बचाया। छात्र को गलत हरकतों से रोका, भड़के परिजनपीड़िता सोनिया ने बताया कि वह अपने पति सचिन अरोड़ा और बहन ज्योति प्रीत राय के साथ एबिस मार्केट की दूसरी मंजिल पर स्थित ‘विद्या विंग एसएसएफ’ नाम से ट्यूशन सेंटर चलाती है। छुट्टी के समय वह नीचे खड़ी होकर बच्चों को सुरक्षित घर भेजती है। 3 फरवरी को सेंटर से पढ़ चुका एक पुराना छात्र नीचे खड़ा होकर लड़कों को वीडियो दिखाकर हंस रहा था और लड़कियों की ओर गलत इशारे कर रहा था। सोनिया ने उसे घर जाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। इससे नाराज होकर वह चला गया और कुछ ही देर में अपने परिजनों के साथ वापस पहुंचा। तीन घंटे तक बनाया बंधक, DVR लूटने की कोशिशसोनिया का आरोप है कि छात्र के परिजनों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर हमला कर दिया। एक लड़की टेबल पर चढ़कर मारपीट करने लगी। करीब तीन घंटे तक आरोपी लोगों को बुलाते रहे और सभी को इंस्टीट्यूट में बंधक बनाए रखा। DVR तक लूटने की कोशिश की गई। पति ने मौके पर पहुंचकर बचाई जानसोनिया के पति सचिन अरोड़ा ने बताया कि पत्नी की चीखें सुनकर वह उसके ऑफिस से दौड़कर पहुंचे तो देखा कि उसे जमीन पर गिराकर पीटा जा रहा था। उन्होंने पत्नी को अपने पीछे खड़ा कर बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर लगातार उस पर हाथ उठाने का प्रयास करते रहे। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की धमकियां भी दीं। छात्र ने यहां तक कहा कि उसके चाचा ने चार हत्याएं की हैं और वह भी आने वाले हैं। पुलिस ने केस दर्ज किया, गिरफ्तारी बाकीथाना पीएयू पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्र अमन धीर, रीतिका धीर, अमित धीर, मुस्कान धीर, काहन की बड़ी बहन और गौरव जैन को नामजद किया है। हालांकि अभी तक गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार दहशत में है। शिक्षिका का कहना है कि जब पढ़ाने की जगह ही सुरक्षित नहीं होगी तो बच्चों को कैसे पढ़ाया जाएगा।
16 ब्लैक स्पॉट, 3 साल में 27 मौतें..:इन्हें सुधारने 4 करोड़ मिले थे, निगम ने खर्च ही नहीं किए
शहर में 16 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन्हें खत्म करने के लिए सरकार ने मार्च और मई 2023 में नगर निगम भोपाल को 3.98 करोड़ रुपए दिए थे। निगम ने सिर्फ 5.30 लाख रुपए खर्च किए। उससे भी केवल बागसेवनिया थाना और आशिमा मॉल क्षेत्र का रोड सेफ्टी ऑडिट कराया गया। एसपीए द्वारा तैयार यह डीपीआर भी निगम की फाइलों में धूल खा रही है।सुधार का कोई काम नहीं हुआ। 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 तक इन ब्लैक स्पॉट पर 99 हादसे हुए और 27 लोगों की मौत हो गई। साल 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने ब्लैक स्पॉट के अनुसार हादसों और मौत के आंकड़े आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए, ताकि हकीकत सामने नहीं आ सके। पिछले साल भोपाल में लगभग 3000 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में कम से कम 215 मौतें हो गईं। कब कितनी राशि मिलीमार्च 2023 : 1.73 करोड़ मई 2023 : 2.25 करोड़(राशि मिलने के बाद भी न तो चौराहे रिडिजाइन हुए, न लेफ्ट टर्न सुधारे गए न स्पीड कंट्रोल के इंतजाम किए गए।)अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की टीम आई, फिर भी स्थिति नहीं बदलीअगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति आई थी। 8 ब्लैक स्पॉट देखे थे। अफसरों से पूछा गया था, सुधार कब होगा। फिर भी राशि उपयोग नहीं हुई। जानिए... कहां क्या समस्या प्लेटिनम प्लाजा/अटल पथ: माता मंदिर के पास दुकाने लगने से अंधा मोड़ बन गया है। स्पीड कंट्रोल के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सिग्नल भी अक्सर बंद रहते हैं।रत्नागिरी तिराहा : यहां भी सुरक्षित और स्पष्ट लेफ्ट टर्न की कमी है। अतिक्रमण बड़ी समस्या है।11 मील तिराहा: रात के समय रोशनी की कमी बड़ी समस्या है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। मंडीदीप की तरफ से वाहन बहुत तेज गति से आते हैं। इसलिए स्पीड ब्रेकर/रंबल स्ट्रिप्स की आवश्यकता है।व्यापमं चौराहा, आईएसबीटी, आशिमा मॉल के सामने, कोर्ट चौराहा: यहां खराब सड़क ज्यामिति, अपर्याप्त लेन चौड़ाई, और सुरक्षा संकेतों/रिफ्लेक्टर की कमी जैसी खामियां हैं, जिन्हें सुधारने एजेंसियों को बार-बार निर्देश दिए गए हैं। (गोविंदपुरा टर्निंग, डीबी मॉल चौराहा, 1250 चौराहा, बेस्ट प्राइस तिराहा आदि जगह भी समस्या है।) एक्सपर्ट कमेंट -डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े, ट्रैफिक एक्सपर्ट (मैनिट) बजट नहीं... इच्छाशक्ति की कमी से बने रहते हैं ब्लैक स्पॉटब्लैक स्पॉट पर हादसे सिर्फ तेज रफ्तार से नहीं होते, सड़क की खराब बनावट भी बड़ा कारण होती है। ऐसे स्थानों पर लेन का सही बंटवारा, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे बुनियादी सुधार जरूरी हैं। पैदल लोगों की सुरक्षित आवाजाही, लेफ्ट टर्न क्लियर और सिग्नल दुरुस्त करना भी उतना ही अहम है। कई जगह अतिक्रमण के कारण सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे हादसे बढ़ते हैं। जब तक कब्जे नहीं हटेंगे, सुधार का असर नहीं दिखेगा। इन कामों के लिए इच्छाशक्ति जरूरी है। ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करके प्लान बनाया है। हर एजेंसी के अपने-अपने हिस्से के काम हैं। नगर निगम ने एक कार्ययोजना बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजी है। उसकी मंजूरी का इंतजार है।’-आरआर जारौलिया, सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर, नगर निगम, भोपाल
37000 खिलाड़ियों को हरियाणा की नायब सरकार ने एक साल से नहीं दिया डाइट का खर्च
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में आज सरकार पूरी तरह “फन्नी सीएम मॉडल” पर चल रही है
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा सरकार से योजना का लाभ, श्रेय कांग्रेस कोशिवपुरी जिले के पीछोर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अजीब वाकया सामने आया। यहां एक महिला हितग्राही ने शासन की योजना का लाभ तो लिया, लेकिन उसका श्रेय कांग्रेस को दे दिया। यह सुनकर मंच पर मौजूद भाजपा विधायक प्रीतम लोधी भी हैरान रह गए। दरअसल, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित किए जा रहे थे। इस दौरान भाजपा संगठन और सरकार की ओर से हितग्राहियों को माइक थमाकर योजना के लिए सरकार की सराहना कराने की कोशिश की गई। लेकिन एक महिला हितग्राही ने पूरा माहौल ही पलट दिया। घूंघट में मौजूद महिला ने मंच से कहा कि उसे यह सौगात कांग्रेस की वजह से मिल रही है। यह सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग चौंक गए। इसके बाद मंच पर खड़े एक व्यक्ति ने महिला से कहा कि वह भाजपा की वजह से मिलने की बात कहे। इस पर महिला ने भाजपा की जगह भादवा पार्टी कह दिया। यह सुनते ही मंच पर मौजूद विधायक प्रीतम लोधी सिर पकड़कर रह गए। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि शायद भाजपा कार्यकर्ता महिला हितग्राही को ठीक से समझाकर नहीं लाए थे। भ्रष्टाचार पर मंत्री करण सिंह वर्मा ने कही अजीब बातलाड़ली बहनों का नाम काटने संबंधी बयान देकर बाद में माफी मांग चुके मंत्री करण सिंह वर्मा ने अब भ्रष्टाचार को लेकर एक अजीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं थोड़ा-बहुत तो हर जगह होता है। हालांकि, मंत्री ने रिश्वत लेने वालों को देशद्रोही बताया। साथ ही उन्होंने अपने ही विभाग के उन अधिकारियों का भी जिक्र किया, जिन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में सस्पेंड किया गया है। इतना ही नहीं, मंत्री ने यह भी कहा कि कई बार कलेक्टर पहले ही कह देते हैं कि अगर कोई गलती-सलती हो जाए तो देख लिया जाएगा। खरी बात यह है कि मंत्री जिस ‘थोड़ा-बहुत’ भ्रष्टाचार को स्वीकार कर रहे हैं, उसी पर सबसे ज्यादा सख्ती की जरूरत है। क्योंकि यही ‘थोड़ा-बहुत’ आगे चलकर ‘बहुत’ बन जाता है। मीडिया के सामने आए मंत्री विजय शाह, फिर माफी मांगीभोपाल में शुक्रवार को भाजपा दफ्तर में मीडिया के कैमरे देखकर बचते नजर आए मंत्री विजय शाह शनिवार को जब सार्वजनिक रूप से सामने आए, तो वे कुछ असहज और बेचैन दिखे। कर्नल सोफिया पर दिए बयान को लेकर उन पर कार्रवाई की तलवार अब भी लटकी हुई है। मंत्री विजय शाह ने इस मामले में एक बार फिर माफी मांगी। वे लिखित माफीनामा लेकर पहुंचे थे, जिसे उन्होंने पढ़कर सुनाया। हालांकि माफी के दौरान भी वे चूक कर गए। विजय शाह ने कहा कि मैंने अंतरकरण से क्षमा याचना की है। कई बार कर चुका हूं और आज फिर कर रहा हूं। मेरी छोटी सी त्रुटि से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया, यह मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है। मंत्री के कर्नल सोफिया पर दिए बयान को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जाहिर की। बावजूद इसके, मंत्री ने अपने बयान को ‘छोटी सी त्रुटि’ करार दिया। भाजपा विधायक ने मंच से कहे अपशब्द, बाद में दी सफाईडिंडौरी जिले के शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से अपशब्द का इस्तेमाल किया। वे भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों ने उनसे अधूरे पड़े स्कूल भवन को लेकर शिकायत की। ग्रामीणों की बात सुनते ही विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भावनाओं में बह गए और उनके मुंह से आपत्तिजनक शब्द निकल गया। उन्होंने कहा कि वे गांवों में विकास कार्यों के लिए लगातार मेहनत करते हैं, योजनाएं लेकर आते हैं, लेकिन कुछ लोग “मक्कारी” कर रहे हैं। हालांकि बाद में सफाई देते हुए विधायक ने कहा कि उन्होंने किसी अधिकारी के लिए अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया। इस पूरे मामले को लेकर अब लोग तंज कस रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा में यह चल क्या रहा है, पहले विधायक और मंत्री बयान देकर विवाद खड़ा करते हैं, फिर सफाई देते हैं और खेद जताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इनपुट सहयोग - बृजेंद्र मिश्रा (भोपाल), कपिल मिश्रा (शिवपुरी), मनीष सोनी (राजगढ़), अभिमन्यु सिंह (डिंडौरी) ये भी पढ़ें - मोदी ने की दिग्विजय की बेइज्जती, बोले-ये दिन देखना थे: लाड़ली बहनों को धमकाने वाले मंत्री ने माफी मांगी संसद में बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दिग्विजय सिंह के भाषण पर चुटकी ली। उन्होंने बिना नाम लिए कहा- मैं कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था। वो अपने आप को राजा कहलाने में बहुत गर्व करते हैं, लेकिन वही आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे थे।, जो खुद को राजा माने और वो आर्थिक असमानता की बात करे, क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे? पूरी खबर पढ़ें
29 वर्षों से निभा रहे एक 'वादा':Promise Day पर जानिए गोरखपुर के खास कपल की कहानी
'प्रॉमिस' सिर्फ एक शब्द नहीं, वो विश्वास होता है,जो दो लोगों को जीवन भर साथ जोड़ें रखता। प्रॉमिस डे पर जानिए गोरखपुर के उन कपल की कहानी जिन्होंने एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया और लाइफ पार्टनर बने। कॉलेज के दिनों में मिलने वाले कंचन और संजीत को एक दूसरे की सादगी पसंद आई। दोस्ती प्यार में बदली और एक दिन संजीत ने कभी न साथ छोड़ने का वादा किया। परिवार को मना कर दोनों ने शादी की और ये वादा अब तक निभा रहे। ऐसी ही कुछ कहानी है, अल्पना और सुधीर की। 29 साल पहले दोनों को परिवार ने मिलाया, अरेंज्ड मैरिज हुई। अनजान लोगों के बीच जब कल्पना घबराई तो सुधीर के एक प्रॉमिस ने उन्हें हिम्मत दी। आज ये कपल युवाओं के लिए मिसाल है। एक दूसरे के साथ ने दी हिम्मत कहते हैं लव मैरिज में चुनौतियां बहुत होती हैं, लेकिन अगर इरादे पक्के हों तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। आज 'प्रॉमिस डे' है, और इस मौके पर शहर के प्यारे कपल, कंचन और संजीत की कहानी हमें याद दिलाती है कि वादे सिर्फ लफ्जों से नहीं, बल्कि निभाने की हिम्मत से पूरे होते हैं। शुरुआत एक 'छोटे' वादे सेकंचन और संजीत की मुलाकात कॉलेज की कैंटीन में हुई थी। प्यार हुआ, तो सबसे बड़ी दीवार खड़ी थी, दोनों के परिवार। कंचन कहती हैं कि जब हमने शादी का फैसला किया, तो सब डरा रहे थे कि लव मैरिज ज्यादा दिन नहीं चलती। तब संजीत ने मेरा हाथ पकड़कर एक छोटा सा वादा किया था, चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, हम एक-दूसरे को कभी हारने नहीं देंगे। उस दिन मेरा डर विश्वास में बदल गया और मैंने उनके साथ जीवन बिताने का मन बना लिया। जब वादे ने ली हकीकत की शक्ल2004 में हमारी शादी हुई। शुरुआती साल आसान नहीं थे। घर वालों की नाराजगी और नादानी के बीच कई बार झगड़े भी हुए। संजीत बताते हैं कि प्रॉमिस डे पर लोग महंगे गिफ्ट देते हैं, लेकिन हमने एक-दूसरे को 'वक्त' और 'धैर्य' देने का वादा किया था। कंचन ने जिंदगी की हर मोड़ पर मेरा साथ दिया। ये वादा पूरे जीवन के लिए है। वो 'वादा' जो शादी के बाद हुआ अरेंज्ड मैरिज में अक्सर लोग एक-दूसरे को 'जानने' में सालों लगा देते हैं, लेकिन अल्पना और सुधीर की कहानी इस सोच को बदल देती है। अल्पना बताती हैं, 29 साल पहले उनकी शादी के अगले अनजान लोगों के बीच मैं घबराई हुई थी, तभी सुधीर मेरे पास आएं और बोले- तुम चिंता मत करो मैं हर वक्त तुम्हारे साथ हूं, वादा करता हूं, इस घर में तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। उनकी बातें सुन कर मेरे मन को तसल्ली मिली और तब मुझे लगा मुझे घबराने की जरूरत नहीं है। सुधीर आज तक उस वादें को निभाते हैं। हर मुश्किल में सबसे पहले वो ही मेरे पास होते हैं। अल्पना और सुधीर जैन की कहानी जो आज के युवाओं के लिए मिसाल है। 29 वर्षों पहले दोनों ने तय किया कि वे एक-दूसरे से अपनी कमियां नहीं छुपाएंगे। सुधीर ने वादा किया कि अल्पना की हॉबीज और उसकी सहेलियां शादी के बाद भी उसकी जिंदगी का हिस्सा रहेंगी। उन्होंने वादा किया कि वे एक-दूसरे की खामोशी को भी उतनी ही तवज्जो देंगे जितनी उनकी बातों को। परंपरा और आधुनिकता का मेलजहां दुनिया डेटिंग ऐप्स के जरिए साथी ढूंढ रही है, वहीं अल्पना और सुधीर की यह 'अरेंज्ड' शुरुआत बताती है कि अगर नीयत साफ हो, तो अनजान शख्स के साथ भी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत वादा निभाया जा सकता है।
4 माह पहले रोपे गए हजारों पौधे सूखे
सागर| नगर निगम प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा नमूना नरयावली नाका मुक्तिधाम स्थित नमो उद्यान में देखने को मिला है। करीब चार माह पहले जिस उद्यान को बड़े उत्साह के साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया था, आज वह वीरान हो चुका है। यहां पर 3 से 5 फीट के हजारों पौधे रोपे गए थे, आज उनमें से एक भी जीवित नहीं बचा है। चार महीने पहले लोकार्पण के दौरान नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों इसे शहर का नया ''ऑक्सीजन जोन'' बताया था। लेकिन हकीकत यह है कि रोपण के बाद पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। परिसर में अब पौधों की सूखी टहनियां, टूटी जालियां, पेवर ब्लॉक्स और सूखी जमीन नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी के लिए कराई बोरिंग चालू नहीं होने के कारण पौधों को एक या दो बार ही पानी दिया गया।
युवा वैश्य महासम्मेलन का रक्तदान शिविर आज
सागर| युवा वैश्य महासम्मेलन द्वारा रविवार को जिला चिकित्सालय में दोपहर 12 बजे से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में रक्तदान करेंगे। प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता ने बताया कि शिविर में एकत्रित रक्त का उपयोग थैलेसीमिया से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए किया जाएगा। युवा इकाई जिला अध्यक्ष विकास केशरवानी, जिला प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता एवं रक्तदान प्रभारी समीर जैन ने अधिक से अधिक युवाओं से रक्तदान कर मानवीय सेवा में योगदान देने की अपील की है।
केंद्रीय राज्यमंत्री को सौंपा मांगों का ज्ञापन
सागर| मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच सागर द्वारा सागर प्रवास पर आए केंद्रीय जनजातीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके का मोतीनगर चौराहे पर पुष्पमाला के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर कर्मचारी मंच के पदाधिकारियों ने मंत्री उईके को कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आठवां वेतनमान लागू करने, कर्मचारियों की पदोन्नति सहित अन्य ज्वलंत मांगों को प्रमुखता से रखा गया। इस अवसर पर भूपत मरकाम, बलराम पाराशर, राजू यादव, बद्री भारद्वाज, नरेंद्र कटारी, राजू घोसी सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के वरिष्ठ कर्मचारी, समाजसेवी, गोंडवाना पार्टी के प्रतिनिधि सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री चौहान का किया स्वागत
सागर| केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को अल्प प्रवास पर सागर पहुंचे। ढाना हवाई पट्टी पर उनके आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष तिवारी ने केंद्रीय मंत्री से संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए जिले में संचालित पार्टी गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री चौहान ने संगठनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
सुरक्षा के लिए कृषि उपज मंडी में ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए
सुरक्षा की दृष्टि से और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शनिवार को कृषि उपज मंडी में आने वाली 0000 ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए। मंडी प्रशासन और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से जागरूकता के लिए इस पहल के साथ कदम उठाया। कुछ दिनों पहले कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने इस संबंध में निर्देश दिए थे। अक्सर ट्रॉली के पीछे लाइट नहीं लगी होने के कारण वाहन चालकों को आगे जा रही ट्रॉली का पता नहीं चलता और दुर्घटना हो जाती है। लिहाजा रेडियम रिफ्लेक्टर लगे होने से इस प्रकार की दुर्घटनाएं नहीं होगी। अधिकारियों ने रिफ्लेक्टर लगाने के साथ ही किसानों को ट्रैक्टर, ट्रॉली सड़क के किनारे खड़ी करने के सुरक्षात्मक उपाय भी बताए। यह भी भरोसा दिलाया कि रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने की यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। इस दौरान मंडी सचिव राजेश गोयल, उप पुलिस अधीक्षक यातायात विक्रम सिंह, जितेंद्र अग्रवाल, हजारीलाल मालवीय आदि ने सुरक्षा की दृष्टि से किसानों से रेडियम रिफ्लेक्टर लगवाने का आग्रह किया है। 3 साल में 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की हुई मौत कृषि मंडी चिमनगंज थाना क्षेत्र में आती है। थाने का रिकॉर्ड बताता है कि तीन साल में इस थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई हैं। इनमें से कुछ ट्रैक्टर ट्रॉलियों से जुड़े हादसे भी थे। अधिकांश हादसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के समीप हुए हैं। ये हादसे 2022 से 2024 के बीच के हैं। पुलिस का मानना है कि मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के बंद रहने की स्थिति में जब वाहन अंधेरे में आवागमन करते हैं और वाहनों की लाइट भी बंद रहती है तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े वाहन में चमकीले व लाइट संकेतक नहीं होने से भी हादसे होते हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर से हादसों में कमी आती है।
प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहरों में उज्जैन
भास्कर संवाददाता | उज्जैन पछुआ जेट स्ट्रीम चलने के बाद भी प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहरों में उज्जैन शामिल रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को उपोष्ण पछुआ जेट स्ट्रीम बह रही है। यही कारण है कि मैदानी क्षेत्रों में कहीं सर्दी तो कहीं तपन महसूस होने लगी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहा जो कि शुक्रवार के अधिकतम तापमान 29.5 से एक डिग्री कम रहा। शनिवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री से 0.8 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश के पांच सबसे ज्यादा गर्म शहरों में खरगोन 31.2 डिग्री, बड़वानी 29.5, सीहोर 29.4, रतलाम 29.2 और उज्जैन 28.5 डिग्री रहा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 9 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
10 फरवरी से 30 से अधिक ट्रेन के प्लेटफॉर्म में बदलाव
यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन और सभी प्लेटफॉर्मों के समान उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 30 से अधिक ट्रेन के प्लेटफॉर्म में परिवर्तन किया जा रहा है, जो 10 फरवरी से प्रभावी होगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना आैर स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित एवं सुचारू बनाना है। इस प्लेटफॉर्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। इस बदलाव से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांगों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन के अंतिम छोर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इनके प्लेटफॉर्म बदले { इंदौर-शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपर फास्ट एक्सप्रेस, कामाख्या- डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस, नागपुर-इंदौर सुपर फास्ट एक्सप्रेस और प्रयागराज-डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 6 की बजाय 5 पर आएगी। {गांधीधाम-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-1 की बजाय 5 पर आएगी। {इंदौर-बिलासपुर प्लेटफॉर्म नंबर-6 की बजाय 1 पर आएगी। {इंदौर-दौंड सुपर फास्ट प्लेटफॉर्म नंबर-4 की बजाय 8 पर आएगी। {नागदा-उज्जैन पैसेंजर प्लेटफॉर्म नंबर-2 की बजाय 6 पर, उज्जैन-रतलाम मेमू प्लेटफॉर्म -5 की बजाय 2 पर और उज्जैन-इंदौर मेमू प्लेटफॉर्म -5 की बजाय 8 पर आएगी। इनके सहित 25 अन्य ट्रेनों के भी प्लेटफॉर्म बदले है।
यमुना एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप और पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा मांट टोल प्लाजा पर यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एस पी यातायात मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी मांट संदीप सिंह सहित यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित रहे। परमिट वैद्यता की हो जांच कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप ने दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगरा-नोएडा एक्सप्रेस वे पर चलने वाले भारी वाहनों के परमिट की वैधता की जांच की जाए। जिन वाहनों के पास वैध परमिट नहीं होगा उन्हें एक्सप्रेस वे से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। टोल प्लाजा पर स्कैनर एवं वाहन परमिट डाटाबेस से जुड़े सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जाएं, जिससे बिना परमिट वाहन गुजरते ही अलर्ट मिल सके। कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप ने एक्सप्रेस वे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर गाइडलाइंस व हेल्पलाइन नंबर अंकित करने तथा बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए। जगह जगह बनाये जाएं ट्रक ले बाय बैठक में बताया गया कि एक्सप्रेस वे किनारे बने फूड हब प्वाइंट पर भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं है। इस पर मण्डलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने निर्देश दिए कि एक्सप्रेस वे किनारे स्थान चिन्हित कर बस एवं ट्रक ले-बाय बनाए जाएं और उनका संचालन पीपीपी मोड पर कराया जाए। एक्सप्रेस वे पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहनों का लगातार संचालन किया जाए। किनारे लगी तार फेंसिंग की पूरी जांच कर कटी-फटी फेंसिंग को दुरुस्त कराया जाए। पूरे यमुना एक्सप्रेस वे को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने के निर्देश भी दिए गए। अवैध कट किये जाएं बंद पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश पांडे ने यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की और निर्देश दिए कि ओवरलोड व ओवरस्पीड वाहनों के विरुद्ध जुर्माना सहित सख्त कार्रवाई की जाए। इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को क्रियाशील बनाया जाए। डबल डेकर एवं स्लीपर बस मानकों के अनुरूप हों, मानकों के विपरीत चलने वाली बसों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने निर्देश दिए कि सभी अवैध कट बंद किए जाएं, फेंसिंग दुरुस्त कराई जाए, प्रकाश व्यवस्था बढ़ाई जाए तथा पीआरवी की गश्त तेज की जाए।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की कार्यशैली पर न्यायालय ने सख्त नाराजगी जताई है। दो साल तक कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने पर अतिरिक्त सिविल कोर्ट-1 (उत्तर) ने यूडीए सचिव की कुर्सी 23 फरवरी से पहले कुर्क करने के आदेश दिए हैं। आदेश की पालना होने के बाद ही सचिव को कुर्सी वापस मिलेगी। प्रकरण के अनुसार पायड़ा निवासी शांतिलाल बापना, महेश आचार्य, हरीश भट्ट, कुसुम पालीवाल और हरिशंकर नागदा ने 23 अप्रैल 2024 को यूडीए सचिव के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश किया था। परिवादी श्रीनाथ कॉलोनी में रहते हैं, जहां यूआईटी (अब यूडीए) के स्वीकृत प्लान में आराजी नंबर 541 और 542 के बीच 20 फीट चौड़ी सड़क प्रस्तावित थी। इसी भूमि पर नंदलाल पालीवाल ने कृषि भूमि पर अवैध निर्माण कर लिया, जिससे कॉलोनी के गंदे पानी की निकासी बाधित हो गई। शिकायत पर यूडीए ने निर्माण हटाने के आदेश दिए, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से सड़क की चौड़ाई 20 फीट से घटाकर 10 फीट कर प्लान स्वीकृत करवा लिया गया। न तो अवैध निर्माण हटाया गया और न ही नाली बनाई गई। सिविल कोर्ट ने 1 जून 2024 को आराजी 541 और 542 के बीच 109 फीट लंबी नाली तीन माह में बनाने के निर्देश दिए थे, जिनकी पालना अब तक नहीं हुई। यूडीए ने कहा- मकान बिक चुका, डिक्री जरूरी नहींयूडीए की ओर से आरआई प्रताप सिंह राणावत ने तर्क दिया कि नंदलाल मकान बेच चुका है, इसलिए डिक्री की पालना जरूरी नहीं है। दूसरे पक्ष ने बिक्री की पुष्टि की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इससे पालना याचिका अपोषणीय नहीं होती। परिवादियों ने 8 जुलाई 2024 को हकरसी प्रार्थना पत्र दायर किया। यूडीए ने 6 नवंबर 2024 को जवाब दिया कि पानी नाली से निकल रहा है, इसलिए तोड़फोड़ नहीं की गई। कोर्ट ने इसे आदेश की पालना नहीं माना। जज रवींद्र सोलंकी ने अवमानना मानते हुए सचिव की कुर्सी कुर्क करने और वारंट जारी करने के आदेश दिए। अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी। कोर्ट आदेश की प्रभावी पालना तय करना उद्देश्य जब कोई सरकारी अधिकारी या विभाग न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करता, तो अदालत सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत उसकी अचल संपत्ति कुर्क करने का अधिकार रखती है। अधिकारी की कुर्सी को प्रतीकात्मक रूप से अचल संपत्ति मानकर कुर्क किया जाता है। इसका उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करना है। अधिवक्ता बंशीलाल गवारिया के अनुसार कोर्ट मुंसरीम संबंधित कार्यालय में जाकर कुर्सी पर कुर्की आदेश चस्पा करता है और कार्रवाई रिकॉर्ड में दर्ज होती है। इसके बाद अधिकारी कुर्सी पर बैठकर आधिकारिक काम नहीं कर सकता, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। कुर्की के बावजूद काम करना अवमानना माना जाएगा, जिस पर अदालत कठोर कार्रवाई कर सकती है। आदेशों की पालना होने पर कुर्की हटाई जाती है और अधिकारी पुनः कार्यभार संभाल सकता है।
राजगीर में मां और 3 बच्चों की लाशें धर्मशाला के कमरे में मिली थी। मृतकों में जीआर नागा प्रसाद (50) भी शामिल है। जिसने पिछले साल अपने भांजे की हत्या की थी। 5 महीने से वो जेल में था। 17 दिसंबर को उसे जमानत मिली थी। नागा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था, पर कोई काम नहीं करता था, बेरोजगार था। पिता की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं था। नागा पर मां और 2 बहनों की जिम्मेदारी थी। एक बहन की शादी हुई थी, पर तलाक के बाद वो अपने मायके वालों के साथ ही रहती थी। घर में आर्थिक परेशानी भी कम नहीं थी। जिस वजह से ये लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते थे। इसी बीच पूरा परिवार तीर्थयात्रा पर निकला था। ये सारी जानकारी नालंदा पुलिस को बेंगलुरु से मिली। यहां की पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस से फोन पर संपर्क किया था। भांजे की हत्या क्यों की, किस परिस्थिति में की, बेंगलुरु से कौन-कौन लोग पहुंचे क्या कहा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट… भांजा को सट्टा खेलने की लत थी, गुस्से में कर दिया मर्डर पुलिस के अनुसार जिस भांजे की नागा ने हत्या की थी वो तलाकशुदा बहन का बेटा था। जिसे ऑनलाइन गेमिंग का शॉक था। ऑनलाइन सट्टा भी खेलता था। ये बात जब नागा को पता चली तो उसे बहुत गुस्सा आया। नागा सोचता था कि एक तो घर की आर्थिक स्थिति खराब है, ऊपर से भांजा सट्टा खेलता है। ऐसे में आर्थिक परेशानी और भी बढ़ सकती है। नागा ने अपने भांजे को कई बार सट्टा खेलने से मना किया, पर भांजा नहीं मान रहा था। पिछले साल जुलाई महीने में गुस्से में आकर नागा ने अपने भांजे को मार डाला। हत्या के बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। पैतृक गांव में नहीं जाते थे बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में नहीं रहता था। ये लोग गांव तभी जाते थे जब पैतृक संपत्ति विवाद का मामला होता था या फिर इन्हें किन्ही से कर्ज लेने की जरूरत पड़ती थी। गांव में किसी प्रकार का सामाजिक या धर्मिक आयोजन होता था, फिर भी ये लोग शामिल नहीं होने जाते थे। चारों बेंगलुरु शहर में रहते थे। अभी ये क्लियर नहीं है कि शहर में इनका अपना घर था या फिर रेंट के घर में रहते थे। बेंगलुरु से पहुंचे परिवार चारों लाशों का पोस्टमॉर्टम पीएमसीएच, पटना में चल रहा है। मौत की जानकारी के बाद बेंगलुरु से परिवार शनिवार को पीएमसीएच पहुंचा। परिवार में चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी थे। उन्होंने चारों की लाशों को देखा और पहचान की। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, पर उनकी भाषा अलग थी। समझने में पुलिस को थोड़ी परेशानी हुई। जिसके बाद पुलिस ने इंग्लिश में बात करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नाम और उम्र के अलावा कोई दूसरी जानकारी नहीं दी। पोस्टमॉर्टम के बाद पड़ोसियों को सौंपे गए शव बेंगलुरु से पहुंचा परिवार शनिवार रात पटना में ही रुका। पोस्टमॉर्टम के बाद चारों लाशें इन्हें ही सौंप दी गई है, क्योंकि खुद के परिवार में मृतकों का कोई नहीं है। परिवार ने देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के अनुसार लाशों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में अभी 7 दिन का समय लगेगा। पुलिस कह रही है रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पड़ोसियों ने आत्महत्या की बात कही है, लेकिन जिस स्थिति में लाशें मिली थी उससे घटना को दूसरे एंगल से भी देखा जा रहा है। राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला में मिली थी लाशें दरअसल, राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में संदिग्ध हालात में चार पर्यटकों के शव मिले थे। मृतकों में एक मां, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। चारों के शव कमरे के चारों कोनों में फंदे से लटके मिले हैं। पुलिस के अनुसार, जिस रस्सी से शव लटके थे, वह नई थी। शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुके थे। त्वचा निकलने लगी थी, जिससे आशंका है कि सभी की मौत कुछ दिन पहले हुई है। कमरे से 1.18 लाख रुपए कैश और गहने भी मिले थे। SIT का गठन और बेंगलुरु पुलिस से संपर्क नालंदा एसपी भारत सोनी ने मामले की तह तक जाने के लिए 8 सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस टीम में राजगीर SDPO सुनील कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक संजय कुमार, जिला आसूचना इकाई के प्रभारी आलोक कुमार, गिरियक अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमण कुमार, नेहा कुमारी, नवीन कुमार और भानु प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं, पुलिस की एक 2 सदस्यीय टीम को जांच के लिए बेंगलुरु भेजा गया है, ताकि परिवार के किसी अन्य सदस्य और उनके पुराने इतिहास का पता लगाया जा सके। परिवार कर्ज के बोझ में दबा था राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी शनिवार को पटना पहुंचे है। पटना में ही दाह संस्कार गया। परिवार कर्ज के बोझ में दबा हुआ था। इनमें से एक अपने भांजे की हत्या का आरोपी है। उसका भांजा ऑनलाइन गेमिंग की लत में था। जिसके कारण नागा ने अपने भांजे की हत्या की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है
पार्किंग पास के नाम पर गुंडागर्दी:वकील को धमकाया, गाड़ी की चाबी भी छीनी
ग्वालियर व्यापार मेले की पार्किंग में गुंडागर्दी हो रही है। शुक्रवार को खुद को पार्किंग ठेकेदार बताने वाले बदमाश ने वकील का रास्ता रोक लिया और गाड़ी का पास मांगने लगा। पास नहीं होने पर गुंडा भड़क गया और वकील के साथ गाली-गलौज करने लगा। वकील ने शालीनता से बात करने को कहा तो कथित ठेकेदार ने धमकाते हुए कहा कि तेरे जैसे एडवोकेट बहुत देखे हैं। इसके बाद दो अन्य बदमाश मौके पर पहुंचे और वकील की गाड़ी की चाबी छीन ली। वकील ने चाबी मांगी तो बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हालात संभाले और वकील को वहां से जाने दिया। घटना के बाद वकील ने गोला का मंदिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार श्रीराम कॉलोनी गोल पहाड़िया निवासी 26 वर्षीय नीरज शर्मा जिला कोर्ट में वकील हैं। शुक्रवार को वे व्यापार मेला स्थित श्रीराम मंदिर में पूजा करने के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अनीश कंषाना नाम के व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और गाड़ी का पास पूछने लगा। वकील नीरज ने बताया कि वे रोज मंदिर में पूजा करने आते हैं और तय समय से पहले पहुंचते हैं, इसलिए पास की जरूरत नहीं होती। इसी बात पर खुद को पार्किंग ठेकेदार बताने वाला अनीश भड़क गया और अभद्र भाषा में धमकाने लगा। उसने कहा कि तू मुझे नियम बताएगा? अभी यहीं मार दूं क्या? ‘तेरे जैसे बहुत एडवोकेट देखे हैं। नीरज ने खुद को एडवोकेट बताते हुए सभ्य भाषा में बात करने को कहा तो कथित ठेकेदार और उग्र हो गया। उसने कहा कि तेरे जैसे बहुत एडवोकेट देखे हैं पास तो बनवाना पड़ेगा। इसके बाद जान से मारने की धमकी दी गई। इसी बीच दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए और वकील की स्कूटी की चाबी निकाल ली। सीएसपी अतुल कुमार सोनी ने बताया कि पार्किंग कर्मियों ने वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया। पास नहीं होने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पुलिस ने किया बचाव, विवाद बढ़ा तो FIR मौके पर पहुंचे पुलिस सिपाहियों ने कथित ठेकेदार का पक्ष लेते हुए कहा कि पंडित जी जाने दीजिए, पार्किंग वाले ऐसे ही बात करते हैं। घटना से आहत वकील नीरज शर्मा सीधे गोला का मंदिर थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अमृतसर के खासा क्षेत्र में शनिवार रात एनकाउंटर में लकी ओबेरॉय हत्या के आरोपी शमिंदर को टांग पर गोली लगी। एनकाउंटर के बाद आरोपी को रोते-चिल्लाते भी देखा गया।आरोपी ने चिल्लाते हुए बोला, गलती हो गई, एक बार बचालो, दुबारा नहीं करता । इस मामले में (DIG) बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हत्या के तुरंत बाद पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार गैंस्टर विरोधी अभियान तेज कर दिया गया। मिली जानकारी के आधार पर अमृतसर के खासा इलाके में सक्रिय एक आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गईं। एसएसपी अमृतसर देहाती सुहैल कासिम मीर की अगुवाई में पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी और चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध आरोपी मोटरसाइकिल पर आते हुए देखा गया। जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने भागने की कोशिश की और बाइक से गिर गया। गिरने के बावजूद आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी जख्मी हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने मौके से बरेटा ‘मेड इन इटली’ पिस्तौल, बरामद की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शमिंदर के रूप में हुई है। DIG संदीप गोयल और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से पंजाब में गैंस्टर और अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। 6 फरवरी को गोलियां मारकर की थी हत्या AAP नेता की (6 फरवरी) गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर से 5 गोलियां निकाली गईं। 1 गोली गले में राइट साइड, 2 पेट में राइट साइड और 2 सीने में लगी थीं। लक्की राजनीति में होने के साथ रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े थे। मर्डर का कारण खालसा कॉलेज की प्रधानगी को बताया गया। 43 साल के ओबरॉय के घर में उनकी मां, पत्नी, 2 बेटियां और 1 बेटा है। ओबरॉय आम आदमी पार्टी से जालंधर कैंट में वार्ड-35 के हलका इंचार्ज थे।
ISBT: तीन माह में ही लगे ताले, पुराने स्टैंड से चल रही हैं बसें
आईएसबीटी से बस संचालन शुरू होने के महज तीन महीने बाद कुछ महीनों बाद ही ठप हो गया है। यहां बीते वर्ष 10 नवंबर से भिंड और मुरैना रूट की बसों का संचालन शुरू हुआ था, लेकिन नियमित मॉनिटरिंग के अभाव में व्यवस्था चरमरा गई। अब आईएसबीटी में एक भी बस नहीं चल रही। इस टर्मिनल में ताले लग गए हैं। बसें पुराने बस स्टैंड से चल रही हैं।
तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में आज जिला कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया
रेल स्प्रिंग कारखाने में आग की जांच:ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई, मेंटेनेंस का काम बंद हुआ
सिथौली स्थित रेल स्प्रिंग कारखाने में दो दिन पहले हुए हादसे ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एलपीजी गैस रिसाव से लगी आग में पांच कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर ठेकेदार द्वारा मेंटेनेंस में लापरवाही की बात सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय फैक्ट्री में भारी मशीनों का वार्षिक रखरखाव चल रहा था। मशीनों से जुड़ी एलपीजी पाइपलाइन से गैस का रिसाव हो रहा था, लेकिन न तो सुरक्षा अलार्म सक्रिय हुआ और न ही काम रोका गया। इसी दौरान चिंगारी निकलते ही आग लग गई। जिसकी चपेट में कर्मचारी आ गए। इससे पांच कर्मचारी झुलस गए। घायलों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि स्प्रिंग फैक्ट्री की बड़ी मशीनों का वार्षिक मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट करीब 11 करोड़ रुपये में मैसर्स ताइकिशा कंपनी को दिया है। इसके बावजूद संवेदनशील कार्यों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों के बजाय अप्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। अब जांच में एएमसी की शर्तों, सुरक्षा मानकों और निगरानी तंत्र की गहन समीक्षा की जा रही है। यदि लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। फिलहाल फैक्ट्री में मेंटेनेंस काम रोक दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर अमेरिका की तरफ से जारी भारत के मैप से जुड़ी रही। इसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया गया है। दूसरी बड़ी खबर RSS के प्रोग्राम में सलमान खान के पहुंचने की रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया भारत-US डील के बाद ट्रम्प प्रशासन ने भारत का नक्शा जारी किया है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और चीन के कब्जे वाला इलाका अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इससे पहले अमेरिका कई नक्शों में PoK को अलग रंग या डॉटेड लाइन्स से दिखाता था। अब PoK और अक्साई चिन का इतिहास पढ़िए जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) भारत का अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने इसे भारत में विलय किया था। पाकिस्तान का इस पर अवैध कब्जा है और भारत इसे वापस लेने की बात करता है। अक्साई चिन लद्दाख के पूर्वोत्तर में स्थित लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का ऊंचा और बंजर क्षेत्र है। 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत-शिनजियांग सड़क बनाई, जिसका भारत ने विरोध किया। यह विवाद 1962 के युद्ध का मुख्य कारण बना और तब से अक्साई चिन चीन के कब्जे में है। पढ़ें पूरी खबर... 3. एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की चैट सामने आई, सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की 2017-19 की चैट सामने आई है। इसमें बिजनेस के साथ महिलाओं पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को एक लंबी, गोरी स्वीडिश लड़की का ऑफर दिया। इस पर अनिल ने कहा कि इसका इंतजाम कीजिए। रिकॉर्ड दिखाते हैं कि दोनों पेरिस और न्यूयॉर्क में मिले थे। एपस्टीन ने अंबानी से पूछा- आपकी फेवरेट हीरोइन कौन: एपस्टीन ने अनिल अंबानी से पूछा कि आपकी फेवरेट हीरोइन कौन हैं। इस पर अंबानी ने हॉलीवुड अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन का जिक्र किया। मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क गए थे, तब एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया था। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी और उनका यौन शोषण करता था। वह पार्टियां करता था, जिनमें बड़े नेता और सेलिब्रिटी शामिल होते थे और लड़कियों का शोषण होता था। इन मामलों में ट्रम्प और बिल गेट्स जैसे नाम भी सामने आए। 2019 में एपस्टीन जेल में मौत हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा, बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. T-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत से शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया; कप्तान सूर्या की फिफ्टी भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने अमेरिका को 29 रन से हराया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने टॉस हारकर बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 162 रन बनाए। लेकिन अमेरिकी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। मैच के हाईलाइट्स: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 बॉल पर नाबाद 84 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तानी करते हुए 8वां अर्धशतक लगाया है। इतना ही नहीं, सूर्या ने बतौर कप्तान टी-20 इंटरनेशनल में एक हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। अमेरिका की ओर से शुभम रंजने और संजय कृष्णमूर्ति ने 37-37 रन बनाए। जबकि मिलिंद कुमार ने 34 रन स्कोर किए। भारत से मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर... 5. मायावती बोलीं- कमर कस लीजिए, पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सभी को SIR और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक्टिव रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- अब समय कम बचा है, ऐसे में सभी को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। आपको पता होगा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे, भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए प्रोग्राम में सलमान खान पहुंचे। वे फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे और RSS चीफ मोहन भागवत का भाषण सुना। इस दौरान भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला हर कोई हिंदू है। हिंदू एक विशिष्ट समुदाय का नाम नहीं है। हिंदू संज्ञा नहीं, बल्कि एक विशेषण है और यह शब्द बाहर से आया है। पहले के जमाने में विदेशी भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को हिंदू कहते थे। भागवत के स्पीच की 2 बड़ी बातें... RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई RSS के प्रधानमंत्री हैं। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है, वह संघ की नहीं है। हालांकि, संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स को ₹20 की रिश्वत के लिए 4 साल की सजा, निर्दोष साबित होते ही उसकी मौत गुजरात के बाबूभाई प्रजापति को 20 रुपए की रिश्वत लेने के झूठे केस में 4 साल की सजा मिली। वे इसके खिलाफ 30 साल तक गुजरात हाईकोर्ट के चक्कर लगाते रहे। वहीं, 4 फरवरी को जैसे ही हाईकोर्ट ने उन्हें बेगुनाह साबित किया, अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को काम में मेहनत का फायदा मिलेगा। तुला राशि वालों की कमाई में सुधार का संकेत है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (डबोक) देश के उभरते बड़े एविएशन हब की दौड़ में दिखाई दे रहा है। लोकसभा में चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी के सवाल के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि साल 2024-25 में उदयपुर एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 16,50,607 तक पहुंच गई। यह अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। आंकड़ा दर्शाता है कि उदयपुर का टूरिज्म और बिजनेस कनेक्टिविटी नए व तेजी से बढ़ते दौर में है। इतना नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से सुधार के साथ उदयपुर एयरपोर्ट न केवल वर्तमान में यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि भविष्य में मेवाड़ को देश-विदेश से जोड़ने का मजबूत हब बनने जा रहा है। टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग व कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ा उदयपुर एयरपोर्ट पर साल 2015-16 में 7.11 लाख यात्री थे। यह आंकड़ा 2018-19 में 13.92 लाख तक पहुंच गया। कोरोना काल में धक्का लगा और यात्री 4.04 लाख रह गई, लेकिन पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग और बढ़ती कनेक्टिविटी ने इसे तेजी से बढ़ाया। यही नहीं, विमानों की आवाजाही में भी अप्रत्याशित इजाफा हुआ। साल 2015-16 में 7,462 उड़ानें थीं, जबकि 2024-25 में यह संख्या 13,821 पार कर गई, यानी 85% की वृद्धि। फिलहाल रोजाना औसतन 37-38 उड़ानें हो रही हैं। इस बीच शहर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है।
कोटा के तलवंडी में शनिवार रात 9 बजे तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद हर तरफ चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे एक युवक ने जिंदगी की आस में अपनों को फोन किया और बचाने की गुहार लगाई। खाना खा रहे कोचिंग स्टूडेंट समेत कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में 20 साल के कोचिंग स्टूडेंट और 14 साल के बच्चे ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 13 घायलों को कोटा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इमारत गिरने की खबर मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। हालात इतने दर्दनाक थे कि मलबे में दबे लोग चीख रहे थे, हमें बचा लो। मलबे में दबे लोगों का कहीं हाथ दिख रहा था तो कहीं पैर। एक शख्स के तो दोनों पैर कटकर अलग हो गए थे। 3 मंजिला बिल्डिंग में नॉनवेज रेस्टोरेंट चलता था। सबसे नीचे वाले हिस्से में खाना बनता था और ऊपर के फ्लोर खाली थे। अब देखिए हादसे से जुड़ी 10 PHOTOS... ------------------------------------ कोटा हादसे की यह खबर भी पढ़िए.... कोटा में 3-मंजिला बिल्डिंग गिरी, स्टूडेंट समेत 2 की मौत:13 घायल, मलबे में दबे दिखे हाथ-पैर; घायल बोले- खाना खाते समय इमारत ढही राजस्थान के कोटा में शनिवार रात करीब 9 बजे एक 3 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। मलबे में स्टूडेंट्स समेत कई लोग दब गए। हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की की मौत हो गई, जबकि 8 घायल हॉस्पिटल में भर्ती है। पढ़ें पूरी खबर...
ग्वालियर में 17 ‘डेथ स्पॉट’...:यहां रफ्तार और नशे में एक साल में 86 लोगों की एक्सीडेंट में मौत
ग्वालियर के 18 पुलिस थानों से होकर गुजरने वाली सड़कें मौत के रास्ते बन चुके हैं। बीते एक साल में इन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों ने 268 लोगों की जान ले ली। कई वाहन लोगों को कुचलकर फरार हो गए, जिन तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। शहर और ग्रामीण इलाकों में 17 ऐसे सड़क पॉइंट हैं, जो मौत के हॉट स्पॉट बन चुके हैं। इन जगहों पर 86 लोगों की जान चली गई। सबसे ज्यादा खतरा ग्वालियर-डबरा हाईवे पर है। इस 44 किमी लंबे इस मार्ग पर एक साल 30 लोगों की मौत हुई। सिकरौदा तिराहा भी जानलेवा है, जहां 10 लोगों की जान गई। भिंड रोड पर सालभर में 9 मौतें हुईं। हादसों की मुख्य कारण-ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना। पुलिस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2024 में 2040 सड़क हादसों में 351 लोगों की मौत हुई थी। 2025 में हादसे घटकर 1951 हुए, लेकिन मौतें बढ़कर 377 हो गईं। 70 फीसदी मौतों की वजह ओवर स्पीड है। बाकी मामलों में नशा और हेलमेट न पहनना जानलेवा साबित हुआ। 73 फीसदी मौतें गांव की सड़कों पर हुईंपुलिस के सर्वे में खुलासा हुआ कि 73 फीसदी मौतें गांव की सड़कों पर हुईं। इसकी बड़ी वजह सड़क डिजाइन की गंभीर खामियां हैं। गांव की सड़कें सीधे 90 डिग्री एंगल पर हाईवे से जुड़ रही हैं। कर्व न होने से वाहनों की रफ्तार कम नहीं होती। चौराहों पर अतिक्रमण से विजिबिलिटी खत्म है। कई जगह साइनेज और स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन सीधे हाईवे पर टकरा जाते हैं। हाईवे पर भी कई जगह इंजीनियरिंग फॉल्ट सामने आए हैं। हादसों की दर्दनाक कहानियां हंसते-खेलते गए थे, लौटे तो कफन में: 16 नवंबर की रात सिकरौदा तिराहे पर तेज रफ्तार कार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। कार में सवार पांच दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन युवक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। दोस्त की बर्थ-डे पार्टी की बात कहकर निकले थे, किसी को नहीं पता था कि यह आखिरी सफर होगा। मां-बेटे गए थे कार्यक्रम में, लौटे कभी नहीं: 28 नवंबर को आगरा–मुंबई हाईवे पर डंपर ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया। दोनों किसी कार्यक्रम में शामिल होने निकले थे। हादसे की जगह आज भी परिजनों को झकझोर देती है। सब्जी लेने गया, मौत की खबर आई: मोतीझील रोड पर तेज रफ्तार कार ने 22 साल के राधेश्याम को कुचल दिया। पिता कहते हैं—बेटा सब्जी लेने निकला था, फिर कभी लौटकर नहीं आया। पिता की मौत के बाद रोटी को मोहताज: पड़ाव पुल पर कार की टक्कर से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बेटी कहती है—पिता ही घर चलाते थे, उनके जाने के बाद सब कुछ उजड़ गया। आंखों के सामने पत्नी ने तोड़ा दम: ईदगाह चौराहे पर तेज रफ्तार ऑटो ने सड़क पार कर रही महिला को कुचल दिया। पति अजय गुप्ता आज भी उस पल को भूल नहीं पाए हैं-“मेरी आंखों के सामने पत्नी तड़पती रही, मैं कुछ नहीं कर सका। 14 नए दुर्घटना स्पॉट पर करेंगे काम पिछले साल की तुलना में इस बार सड़क हादसों में मौत के आंकड़े बढ़े हैं। ग्रामीण इलाकों से जुड़े थाना क्षेत्रों में हादसे में मौत ज्यादा हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर ब्लैक स्पॉट के संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां सुधार कार्य कराए जाएंगे। -अजीत सिंह चौहान, डीएसपी यातायात
प्रयागराज में ‘किराये की कोख’ के लिए अंडाणु बेचा जा रहा है। इस रैकेट का पीछा करते हुए पुलिस 5 लोगों तक पहुंची, इनमें 4 महिलाएं हैं। कम उम्र की लड़कियों के अंडाणु छोटे ऑपरेशन के बाद निकाले जाते थे। अमीर बेऔलाद महिलाओं से 2 से 5 लाख तक की डीलिंग होती थी। ये घिनौना खेल सिविल लाइंस के IVF सेंटर के अंदर हो रहा था। सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट कल्पना को भी अरेस्ट किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि 15 साल की कोमल को उसने फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज लगाकर बालिग बताया था। ये दस्तावेज बनाने में उसके साथी हिमांशु ने मदद की थी। पुलिस अभी तक यह नहीं जान सकी है कि 8 साल में कितनी लड़कियों के अंडाणु निकाले गए। उन्हें किन-किन महिलाओं को बेचा गया। ब्रेनवॉश करके कितनी लड़कियों को इस्लाम कबूल कराया गया। इसके लिए 5 आरोपियों से पूछताछ जारी है। पढ़िए रिपोर्ट… अब तक की छानबीन 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) के बयानों के आधार पर चली। इस लड़की के अंडाणु निकाले गए। कीमत लगाई गई सिर्फ 1 आईफोन और 15 हजार रुपए। पुलिस तक लड़की की मां शालिनी (बदला हुआ नाम) पहुंची। जांच शुरू हुई तो एक-एक करके 5 लोग अरेस्ट हुए। सामने आया कि करीब 8 साल से ये लोग प्रयागराज में किराये की कोख के लिए अंडाणु डोनेट करने के लिए लड़कियों को तैयार करते थे। इसके लिए उन्हें एक फिक्स रकम दी जाती थी। इस सिंडिकेट में काम करने वाले लोगों को 2 तरह के टास्क दिए गए थे। पहला- अंडाणु डोनेट करने के लिए लड़कियों को तैयार करना। दूसरा- ब्रेनवॉश करके लड़कियों को इस्लाम कबूल करने के लिए उकसाना। जानिए कौन-कौन अरेस्ट हुए, उन्हें क्या टास्क मिले थे… 19 साल की पलक रिंकी की बेटी है। वह ज्यादातर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी। वह ज्यादातर कम उम्र की लड़कियों से दोस्ती करती। फिर उन्हें चैट करते हुए कैटरिंग, वेटर्स और एजेंट की जॉब का लालच देती थी। जब लड़कियों से उसकी मुलाकात होती, तब वो उन्हें अपनी मां रिंकी के पास तक लेकर जाती थी। कई लड़कियों को इन लोगों ने अच्छे मोबाइल दिलाए। दबाव में आने वाली लड़कियों से अलग-अलग जिलों के IVF सेंटर में अंडाणु डोनेट कराए। सामान्य सी दिखने वाली महिला रिंकी सिंडिकेट में लीडर की भूमिका में थी। जब पलक उसके पास लड़कियां लेकर आती। तब वह उन्हें कहती कि ठीक है, तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। फिर उन्हें IVF के लिए अंडाणु डोनेट करने का कॉन्सेप्ट समझाया जाता। अंडाणु डोनेट कराने के बाद पैसे देना, फिर धीरे-धीरे जब लड़कियों का भरोसा बन जाए, तब उन्हें दरगाह लेकर जाना। ये इनकी प्लानिंग का हिस्सा था। कोमल को भी 6 दिन प्रयागराज की एक दरगाह पर ले जाया गया था। कल्पना IVF सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट थी। IVF सेंटर के अंदर के कामकाज वही संभालती थी। कोमल के केस में उसने ही फर्जी आधार कार्ड और हलफनामा लगाकर 15 साल की लड़की को 22 साल की शादीशुदा बताया था। कल्पना IVF सेंटर तक आने वाली अमीर बेऔलाद महिलाओं से संपर्क करती थी। लाखों रुपए की डीलिंग कर लेती थी। गारंटी देती थी कि प्रोसेस के बाद आपको बच्चा होगा। सीमा के लिए सबसे बड़ा टास्क नई लड़कियां तलाशना था। वह लगातार फील्ड में नई लड़कियों की तलाश में रहती थी। ताकि, उन्हें रिंकी और कल्पना की मदद से अंडाणु डोनेट करने के प्रोसेज में लाया जा सके। हर लड़की पर 30 से 35 हजार रुपए का कमीशन होता था। सिंडिकेट में हिमांशु के पास फर्जी दस्तावेज तैयार करने का टास्क था। वह लड़कियों के नाम, पते और तस्वीर लेकर उनकी मदद से फर्जी आधार कार्ड और एफिडेविट बनवाता था। इतना ही नहीं, वह दस्तावेजों पर फोटो एडिटिंग भी करता था। शादी के फर्जी प्रमाण-पत्र भी बनवाता था। इन्हीं की मदद से लड़कियों के अंडाणु डोनेट कराए जाते थे। लड़कियों को दरगाह में 4-5 घंटे रखते पुलिस ने 5 पांचों आरोपियों से लंबी पूछताछ की, तब सामने आया कि कोमल के अंडाणु डोनेट करने से पहले उसका ब्रेनवॉश किया गया। उसे समझाया गया कि इस्लाम में बहुत फ्री माहौल होता है। बुर्के में सिक्योरिटी रहती है। कोमल को पलक और रिंकी एक मशहूर दरगाह पर भी लेकर जाते थे। उसे 6 दिन लगातार ले जाया गया, वहां कुछ मौलाना से भी मिलवाया गया था। वहां कोमल को 4-5 घंटे रखा जाता था। मुस्लिम रीति-रिवाज के बारे में बताया जाता था। कई बार मुस्लिम पकवान भी खिलाए जाते थे। पलक अक्सर कोमल से कहती थी, तुम गूगल की मदद से अपनी पसंद का मुस्लिम नाम ढूंढ लो। जब तुम इस्लाम कबूल कर लोगी, तब पहचान भी नई हो जाएगी। अल्पसंख्यक को मिलने वाले फायदे भी मिलेंगे। पहले नाम तय कर लो, फिर मौलाना से उसका अरबी में मतलब भी पूछ लेंगे। पहले प्रयागराज, फिर आसपास के जिलों में ऐग डोनेट करवाते कोमल को यह भी भरोसा दिलाया गया कि डोनर बनने के बाद एक फिक्स रकम उसको मिलती रहेगी। पहले प्रयागराज, फिर कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर के IVF सेंटर्स पर जाकर भी अंडाणु डोनेट करने होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, ये भी कहा जाता था कि अपनी तरह और लड़कियों को इस सिंडिकेट से जोड़ना होगा। पूरा बिजनेस ही कमीशन पर आधारित है। जितनी लड़कियां बढ़ती जाएंगी, उतना पैसा बढ़ता चला जाएगा। पलक ने कोमल से कहा था कि वह पहले भी डोनर बन चुकी है। क्योंकि अब उसकी शादी हो चुकी है, इसलिए कोई दिक्कत ही नहीं होती है। कोमल से कहा गया कि एक बार सब सेट हो जाए, फिर एक अच्छे मुस्लिम लड़के से तुम्हारी शादी करवा देंगे। शादी के बाद भी ऐग डोनेट का काम कर सकती हो। IVF सेंटर की मिलीभगत होने का अंदेशा इस गिरोह के भंडाफोड़ होने के बाद IVF सेंटर की गतिविधियों को लेकर भी जांच हो रही है। अभी तक सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट को ही जेल भेजा जा सका है। दरअसल, IVF सेंटर का सारा प्रोसेस बहुत ही टफ है। दस्तावेजों के साथ ही डॉक्टरों की जांच और कई फॉर्म भराए जाते हैं। ऐसे में महज एक एजेंट पूरे सिस्टम को कैसे चला सकती है। इसलिए और लोगों की मिलीभगत का भी अंदेशा जताया जा रहा है। कोमल की मांग में सिंदूर, साड़ी का पल्लू IVF सेंटर में पूछताछ हुई, तो उन लोगों ने पुलिस को बताया कि दस्तावेज में प्रिया शादीशुदा दिखाई गई। उसका रजिस्ट्रेशन प्रिया दीपक के नाम से हुआ। आधार पर भी यही नाम दर्ज था। प्रिया को वहां जब भी ले जाया गया, तब मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहना देते थे। साड़ी या फिर दुपट्टे का पल्लू यूं करते थे कि चेहरा साफ तौर पर नजर न आए। गेटअप ऐसा होता था कि लड़की पूरी तरह से शादीशुदा दिखे। अब पुलिस की बात 5 अरेस्टिंग हुईं, जांच अभी जारी हैDCP कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा- पहली शिकायत एक महिला से मिली थी। उसको ट्रेस करते हुए 5 लोगों को अरेस्ट किया गया है। IVF सेंटर में अंडाणु डोनेट करने की बात सामने आई है। कुछ फर्जी दस्तावेज की मदद से ऐसा किया गया था। लड़की 15 साल की थी, उसको शादीशुदा दिखाया गया था। अभी हम मामले की जांच कर रहे हैं। ….ये पढ़ें - प्रयागराज में किराये की कोख का रेट आईफोन: मुस्लिम महिला ने ब्रेनवॉश किया, IVF सेंटर में ऑपरेशन से अंडाणु निकलवाए प्रयागराज में 15 साल की लड़की के अंडाणु बेचने का मामला सामने आया है। ‘किराये की कोख’ (सरोगेसी) के लिए कीमत लगाई एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए। पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला सामने आई है। उसने ही 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) का ब्रेनवॉश किया था। कहा था- छोटे से ऑपरेशन के बाद तुम्हें नई जिंदगी मिल जाएगी। पढ़िए पूरी खबर...
गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र पेवनपुर गांव के सीवान में शनिवार सुबह सरसों के खेत में एक युवक की खून से सनी लाश मिली। मृतक के सीने में एक चाकू धंसा था। उसके शरीर पर चाकू के कई जगह जख्म दिखाई दे रहे थे। सीने में एक चाकू धंसा हुआ था। आस-पास के लोगों ने तत्काल गीडा पुलिस को सूचना दी। गीडा पुलिस के साथ फारेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। युवक की पहचान गीडा थाना क्षेत्र के ही नौसड़ निवासी 18 साल के अभिषेक सिंह के रूप में हुई। सूचना पर पिता विजय सिंह गीडा थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभिषेक हाई स्कूल में पढ़ रहा था। इसके साथ ही वह वेटर का भी काम करता था। यह कहते हुए वह रोने लगे, उन्होंने खून से सनी बॉडी देखकर कहा कि हत्यारों ने बड़ी बेरहमी से मारकर हत्या की है। वहीं अभिषेक की मौत की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर की महिलाएं चीखने चिल्लाने लगीं। पुलिस ने लाश कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में लाश एंबुलेंस में लादकर परिजन घर के लिए निकले। जैसे ही नौसड़ के पास पासवान ढाला पर एंबुलेंस पहुंची। वहां भीड़ ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद हत्या से नाराज भीड़ हाइवे पर ही प्रदर्शन करने लगी। करीब 20 मिनट तक सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही अधिकारी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को समझाकर पुलिस ने दाह संस्कार कराया। इस दौरान सैकड़ों की भीड़ वहां मौजूद रही। पिता विजय सिंह ने तहरीर देकर कुछ युवकों पर हत्या की आशंका जाहिर किए। इस आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभिषेक की तीन बहनें हैं, जिनकी शादी नहीं हुई है। अभिषेक दो भाईयों में बड़ा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह पढ़ाई के साथ ही शादी विवाह में वेटर का काम भी करता था। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अभिषेक जान बचाने के लिए काफी देर तक हत्यारोपियों से संघर्ष किया है। इस वजह से ही शरीर के कई स्थानों पर चाकू के जख्म भी मिले हैं। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर में शनिवार सुबह सरसों के खेत में अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव मिला। जिसे देखने के लिए वहां भीड़ जुट गई, लेकिन काेई उसे पहचान नहीं पाया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। खून से सनी लाश और सीने में चाकू धंसा हुआ था। साथ ही शरीर पर कई गहरे जख्मों के निशान थे। जिसे देखकर लोगाेंं की रूह कांप गई। घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले। पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पहचान नौसढ़ निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई है। पूरा मामला गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर गांव का है। वेटर का काम करता था अभिषेक परिजनों ने बताया कि अभिषेक शादी-विवाह और पार्टी में वेटर का काम करता था। शुक्रवार शाम वह घर से पैदल निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तब उन्हें अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पार्टी के बाद हत्या की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि जब वे शनिवार सुबह खेत की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। युवक का शव जमीन पर पड़ा था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से युवक पर कई बार वार किए थे। हत्या के बाद आरोपी चाकू को उसके सीने में ही छोड़कर भाग गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले वहां शराब पार्टी हुई थी। संभावना है कि युवक अपने किसी परिचित के साथ वहां आया था और नशे की हालत में हुए विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान मृतक के पास से इयरबड्स तो मिले, लेकिन उसका मोबाइल फोन गायब था। पुलिस का मानना है कि साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी फोन साथ ले गए। कुछ दिन पहले हरैया के कुछ युवकों ने अभिषेक को घेर लिया था। उनसे किसी बात को लेकर दुश्मनी चल रही थी। घरवालों ने पुलिस को यह बातें बताई हैं। इस संबंध में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि परिजनों ने कुछ युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। इस आधार पर मुकदमा दर्ज कर चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। सीएम योगी की ओर से बजट खर्च की समय-समय पर समीक्षा के चलते सरकारी महकमों ने जारी राशि 470835.97 करोड़ रुपए में से 428495.95 करोड़ (91 फीसदी) खर्च कर लिया है। विभागवार बजट की क्या स्थिति है? किसको अब तक कितनी रकम मिली? उसमें से कितना खर्च हुआ? पढ़िए पूरा लेखा-जोखा… पहले डालिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर नजरवित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने 20 फरवरी, 2025 को विधानसभा में 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ का बजट पेश किया था। उसके बाद वित्तमंत्री ने मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र में दो बार अनुपूरक बजट पेश किया। इस तरह वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजट का कुल आकार 8,65,079.46 करोड़ रुपए हुआ। वित्त विभाग ने बजट में से विभिन्न सरकारी विभागों के लिए 6 फरवरी तक 5,17,168.91 करोड़ (59.78) फीसदी बजट स्वीकृत किया। 4,70,835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) बजट विभागों को आवंटित किया गया। विभागों ने 31 जनवरी तक 4,17,305.32 करोड़ (48.23 फीसदी) और 6 फरवरी तक 4,28,495.95 करोड़ (49.53 फीसदी) बजट खर्च किया है। शिक्षा विभाग- थोड़ा है, थोड़े की जरूरत हैवित्त मंत्रालय ने बजट आवंटन में बेसिक, माध्यमिक, उच्च, व्यावसायिक शिक्षा विभाग पर मेहरबानी की है। इन विभागों ने बजट भी 85 फीसदी से अधिक खर्च किया है। सुरक्षा से समझौता नहींवित्त मंत्रालय ने बजट खर्च में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया है। गृह विभाग के अधीन पुलिस और होमगार्ड को 95 फीसदी से अधिक बजट आवंटित किया है। वहीं, कारागार के लिए भी 60 फीसदी से अधिक बजट जारी किया है। हालांकि, गृह विभाग खुद सीएम योगी के पास है। खाद्य आपूर्ति के लिए खजाना खोलासरकार ने खाद्य और रसद आपूर्ति के लिए खजाना खोला। 10 महीने में करीब 74 फीसदी बजट जारी किया है। इसी तरह गन्ना किसानों के लिए चीनी विभाग को भी 82.63 फीसदी बजट जारी किया है। परिवार कल्याण में दिखी कंजूसीवित्त मंत्रालय ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के परिवार कल्याण विभाग में बजट आवंटन में थोड़ी कंजूसी दिखाई। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और संसाधनों की कमी की शिकायतें जगजाहिर हैं। लेकिन 11 महीने में सरकार से परिवार कल्याण विभाग को 59.75 प्रतिशत, चिकित्सा-शिक्षा को 68.44 फीसदी प्रतिशत बजट मिला है। हालांकि चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग को 69.30 फीसदी से अधिक राशि जारी की गई है। दयाशंकर पर नहीं आई खन्ना को दयावित्तमंत्री सुरेश खन्ना के महकमे ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के परिवहन विभाग पर दया नहीं की है। परिवहन विभाग को अभी तक पास बजट में से केवल 42.60 फीसदी राशि ही दी गई। सबका साथ-सबका विकासवित्त मंत्रालय ने बजट में सबका साथ-सबका विकास की झलक भी दिखाई है। मुस्लिम वक्फ को 91.31 फीसदी बजट जारी किया। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, बजट कमजोरप्रदेश सरकार का पूरा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर है। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से ही व्यापार और रोजगार बढ़ता है। लेकिन, प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े महकमों को जारी बजट राशि की स्थिति कमजोर है। नगर विकास विभाग मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के ऊर्जा विभाग को 69.27 प्रतिशत और नगर विकास विभाग को 47.22 प्रतिशत बजट मिला है। पीडब्ल्यूडी को सड़कों के लिए 60 फीसदी, ब्रिज के लिए 47.81, आवास विभाग को 52.33 प्रतिशत और नागरिक उड्डयन विभाग को 61.88 फीसदी बजट मिला है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नमामि गंगे को केवल 39.11 प्रतिशत और सिंचाई विभाग को 45 प्रतिशत बजट ही अभी मिला है। सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों के लिए बजट पूरा देने की कोशिश की गई है। ओबीसी और दिव्यांगों से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 90 फीसदी बजट जारी किया है। श्रम कल्याण के लिए भी 70 फीसदी बजट जारी किया गया। प्रदेश सरकारी में एकमात्र महिला कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के महिला कल्याण विभाग को मंजूर बजट का 69.77 प्रतिशत दिया है। केशव और राजभर के विभाग को 59 फीसदी बजट मिलावित्त मंत्रालय ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के ग्राम्य विकास विभाग को भी 11 महीने में महज 59.58 फीसदी बजट दिया है। वहीं, पंचायतीराज मंत्री और सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के पंचायतीराज विभाग को 59.71 फीसदी बजट मिला है। जानकार मानते हैं, ओपी राजभर पंचायत चुनाव समय पर होने का दावा कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में ग्राम्य विकास और पंचायतीराज दोनों विभागों के कामकाज के आधार पर जनता मतदान करती है। ऐसे में दोनों विभागों को कम बजट मिलना अच्छा संकेत नहीं। वित्त मंत्रालय ने पेंशन और भत्तों के भुगतान में कतई देरी और कंजूसी नहीं की है। भत्ते और पेंशन के लिए शत प्रतिशत बजट जारी करने के साथ उसका खर्च भी सौ फीसदी किया है। तो कैसे बढ़ेगी औद्योगिक विकास की रफ्तारप्रदेश सरकार का पूरा फोकस प्रदेश के औद्योगिक विकास पर है। औद्योगिक विकास के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। लेकिन, वित्त मंत्रालय ने औद्योगिक विकास के लिए बजट में उतनी दरियादिली नहीं दिखाई। औद्योगिक विकास विभाग मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के विभाग को 45 फीसदी बजट भी नहीं मिला। वहीं, एमएसएमई मंत्रीराकेश सचान के विभाग को करीब 60 फीसदी से अधिक बजट मिला। आपदा के लिए नहीं पड़ी बजट की जरूरतप्रदेश में दैवीय आपदाओं के लिए ज्यादा बजट की आवश्यकता नहीं पड़ी है। 11 महीने में केवल 22.99 फीसदी बजट खर्च किया। अब जानिए सरकार की आय की क्या स्थिति रही नहीं हो रही लक्ष्य के मुकाबले आयवित्त विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि सरकार को लक्ष्य के मुकाबले राजस्व नहीं मिल रहा। इसका सीधा असर विभागों को आवंटित होने वाले बजट पर पड़ रहा। जनवरी तक सरकार को विभिन्न आय के स्रोतों से 1,78,556.43 करोड़ रुपए की आय हुई है जो कि लक्ष्य का 74.1 प्रतिशत है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी तक कर-राजस्व के तहत 178556.43 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि लक्ष्य 240980.67 करोड़ रुपए था। इस तरह लक्ष्य के सापेक्ष 74.1 प्रतिशत कर राजस्व मिला है। जीएसटी में भी कमीरिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में इस वर्ष जनवरी में वैट और जीएसटी से होने वाली आय में भी खास वृद्धि नहीं हुई है। जीएसटी से जनवरी 2026 में 7,161.95 करोड़ रुपए मिले, जबकि जनवरी 2025 में 7167.29 करोड़ रही थी। वहीं वैट से जनवरी 2026 में 2,816.47 करोड़ रुपए की आय हुई, जबकि जनवरी 2025 में 2,797.32 करोड़ रुपए की आय हुई थी। बजट मंजूर करने और खर्च राशि को लेकर यूपी के पूर्व अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल कहते हैं- सरकारें अपनी सहूलियत और राजनीतिक एजेंडे के आधार पर बजट तैयार करती हैं। अधिकांश बजट का आकार ज्यादा रखा जाता है। वास्तविकता में सरकार के पास जितनी आय होती है, उतना ही बजट खर्च होता है। जब सरकार के पास उतनी आय नहीं हो रही, तो बजट कैसे जारी किया जाएगा। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं:दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार जल्द; गुजरात मॉडल अपनाने की तैयारी यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी कर नई टीम भी उतार सकती है। करीब 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं। नए सामाजिक समीकरणों के साथ करीब 15 विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर
गाजियाबाद में 3 बच्चियों का सुसाइड। केस जितना सीधा दिखा, अब उतना ही उलझता जा रहा। कभी पिता का बयान सवालों के घेरे में आता है, तो कभी दोनों मां का सामने न आना केस को संदिग्ध बनाता है। तीनों बच्चियां जिस जगह से नीचे गिरीं, वहां से उनका एक साथ कूदना संभव नहीं। एक बच्ची की लाश अपार्टमेंट की दीवार से महज 1 फीट दूर पड़ी थी। यह भी एक सवाल है। चेतन पहले जिस अपार्टमेंट में रहते थे, वहां उनकी साली की गिरकर मौत हो चुकी है। परिवार ने इसे एक दुर्घटना माना था। लेकिन, ताजा घटना के बाद लोग उस हादसे को इससे जोड़कर देख रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम इस पूरे मामले के हर पहलू को लगातार आप तक पहुंचा रही है। संडे बिग स्टोरी में हम इस केस पर उठे सवालों को जानेंगे… चेतन ने 3 शादियां कीं, बच्चियों पर ध्यान नहीं दियागाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में फ्लैट नंबर- 907 में चेतन अपने परिवार के साथ रहते हैं। चेतन कुमार ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। उनके साथ उनकी 3 पत्नियां रहती हैं। इनके नाम सुजाता, हिना और टीना हैं। सुजाता और हिना सगी बहन हैं। इनकी एक और बहन नेहा भी अक्सर यहां आती रहती है। 3 शादियों की वजह अभी तक यह निकलकर सामने आई है कि चेतन को सुजाता से शुरुआत में बच्चे नहीं हुए। इसलिए उसने हिना से शादी की। हालांकि बाद में दोनों (सुजाता-हीना) से बच्चे हुए। सुजाता से निकिता और लविश हुआ। हिना ने प्राची और पाखी को जन्म दिया। 4 साल की देबू नाम की बच्ची टीना की है। चेतन के ससुर दिलीप कुमार दिल्ली के सीलमपुर में रहते हैं। पहले टैक्सी चलाते थे। पैर में दिक्कत के चलते 2 साल से घर पर ही रहते हैं। वह कहते हैं- मेरे कुल 14 बच्चे हैं। इनमें 11 बेटियां और 3 बेटे हैं। चेतन से हमने अपनी बड़ी बेटी सुजाता की शादी की थी। कुछ साल उससे कोई बच्चा नहीं हुआ। इस पर हमने हिना की भी शादी चेतन से कर दी। चेतन पहले छोटा-मोटा काम करता था। बाद में वह प्रॉपर्टी का काम, गाड़ियों के फाइनेंस का काम, पुराने मकान को ठीक कराकर बेचने का काम करने लगा। उसने अच्छा पैसा कमाया। उस वक्त वह फॉर्च्यूनर से चलता था। बिजनेस में घाटा हुआ, बच्चियों की पढ़ाई रोक दीचेतन पहले दिल्ली के एकता पार्क स्थित शालीमार गार्डेन के फ्लैट में रहते थे। बाद में साहिबाबाद के राजेंद्र नगर चले गए। वहां शुभधाम अपार्टमेंट में रहने लगे। लेकिन, धीरे-धीरे बिजनेस खराब होता गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग में चेतन को घाटा हुआ। इसके बाद उन पर कर्ज हो गया। इसी के चलते बेटियों की पढ़ाई भी छुड़वा दी। निकिता चौथी, प्राची तीसरी और पाखी दूसरी क्लास तक ही स्कूल जा सकी थीं। इसके बाद ये लड़कियां घर में ही रहने लगीं। दिन भर मोबाइल में कोरियन कल्चर से जुड़े ड्रामा और वीडियो देखती रहती थीं। लड़कियों पर हावी हुआ कोरियर कल्चरलड़कियों ने एक कमरे को अपना ठिकाना बना लिया था। उसी में साथ रहती थीं। कोरियन कल्चर इतना हावी हो गया था कि उसी के जैसे अपना लुक बना लिया था। नाम बदल लिया था। बात भी उसी तरह से करने लगी थीं। बच्चियों के पिता चेतन ने कहा था- मेरी लापरवाही रही है। मैंने अपने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया। बेटियां कोरियन पर्सनैलिटी से प्रभावित थीं। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि कोरियन वीडियो, सीरियल और अन्य सभी गेम बंद किए जाएं। मेरे बच्चों की तरह कोई दूसरा परिवार इसका शिकार न हो। इसका बच्चों पर बहुत गलत असर पड़ता है। आर्थिक तंगी में बेचा लड़कियों का मोबाइलइन लड़कियों के पास 2 मोबाइल फोन थे। चेतन की आर्थिक तंगी ऐसी थी कि 6 महीने पहले उसने एक फोन बेच दिया था। दूसरा फोन भी उसने 15 दिन पहले बेटियों से छीनकर बेच दिया था। इसके बाद बच्चियां अकेली हो गईं। हालांकि जांच में ये भी सामने आया है कि बच्चियां बीच-बीच में मां सुजाता का मोबाइल इस्तेमाल कर रही थीं। सोसाइटी के कुछ लोगों के मुताबिक, 3 फरवरी की रात चेतन के घर से गाली-गलौज की आवाजें आ रही थीं। इसी दौरान रात के 2 बजे बच्चियों के बिल्डिंग से नीचे गिरने की आवाज आई। बच्चियों की दोनों माएं दौड़ते हुए नीचे पहुंचीं और लाशों के पास बैठकर दहाड़े मारकर रोने लगीं। सुजाता अपने कपड़े उतारकर बच्चियों के ऊपर डाल रही थी। अपने चप्पल को हाथ में लेकर सीने पर मार रही थी। लगातार गालियां दे रही थी। कह रही थीं- सब बता दूंगी, तूने क्या-क्या किया है। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची। लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इसके बाद से दोनों महिलाएं बाहर नहीं निकलीं। 3 बच्चियों की मौत के मामले में कुछ हद तक पिता चेतन ही सवालों के जवाब दे रहे हैं। चेतन के घर में कलह चल रही थी3 शादियों के चलते चेतन घर में कलह थी। इससे बचने के लिए चेतन लगातार फ्लैट बदलते रहते थे। भारत सिटी में ही उन्होंने एक और फ्लैट ले रखा था। 6 फरवरी को वह उस फ्लैट की बिजली का रिचार्ज करने पहुंचे, तो लोग उन्हें पहचान गए। अब बताया जा रहा कि इस फ्लैट में टीना रहती थी। चेतन भी यहां आते-जाते रहते थे। घटना के बाद से टीना कहीं दूसरी जगह चली गई है। साली की भी गिरने से मौत हुई थीदैनिक भास्कर की टीम ने इस मामले में चेतन के ससुर दिलीप से बात की। वह बताते हैं- आज से करीब 6-7 साल पहले निशिका का जन्मदिन था। तब मेरी छठे नंबर की बेटी आंचल चेतन के घर गई थी। उस वक्त चेतन एकता पार्क के शालीमार गार्डेन की बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर रहता था। आंचल बालकनी में फैलाए गए कपड़े उतार रही थी। तभी फिसलकर गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना था। पुलिस में कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी। आंचल की उस वक्त उम्र 16 साल के आसपास थी। इतनी छोटी खिड़की से कैसे कूदीं?बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां अच्छे से खड़े होने तक की जगह नहीं थी। जिस जगह से बच्चियों के कूदने की बात कही जा रही, वह कमरे से करीब 4 फीट की ऊंचाई पर है। मौके पर देखा गया कि लड़कियों ने वहां प्लास्टिक का स्टूल रखा था। जिस जगह से कूदीं, उस खिड़की की ऊंचाई ढाई फीट और चौड़ाई 1.75 फीट है। मतलब, एक साथ तीनों लड़कियां खिड़की पर खड़ी होकर नहीं कूद सकतीं। एक लड़की की लाश नीचे बिल्डिंग की दीवार से महज 1 फीट की दूरी पर सटकर पड़ी थी। दूसरी और तीसरी बच्ची 8 और 9 फीट की दूरी पर पड़ी थीं। पुलिस इस चीज को भी समझने की कोशिश कर रही है कि ये अंतर कैसे है? दो बच्चियां दूर तो एक इतने करीब कैसे गिरी? इतनी ऊंचाई से दीवार से सटकर गिरना संदेह पैदा कर रहा। सुसाइड नोट की राइटिंग की जांच कर रही पुलिसपुलिस को कमरे से एक छोटी डायरी मिली, इसमें 8 पेज में सुसाइड नोट लिखा है। कोरियन कल्चर, वहां के ड्रामा का जिक्र है। एक जगह यह भी लिखा है, ‘पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।’ पुलिस इस सुसाइड लेटर की राइटिंग की जांच कर रही है। सुसाइड लेटर में I (आई) शब्द का इस्तेमाल है, अगर तीनों लिखतीं तो WE लिखा जाता। दूसरी बात यह कि लेटर में पिता का ही जिक्र है, मां का नहीं। बच्ची सॉरी भी सिर्फ पिता से कह रहीं। लेकिन मौत के बाद महिलाएं जिस तरह से दहाड़े मारकर रो रही थीं, ऐसा लगता है कि माएं अपनी बच्चियों को बहुत प्यार करती थीं। वहीं चेतन चुपचाप खड़े थे, अगले दिन मास्क लगा लिया और फिर किसी से बात नहीं की। अब घर में ताला लगाकर कहीं और चले गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण बच्चियों की सभी पसलियां टूट गई थीं। साथ ही दिल, लिवर, फेफड़े, गुर्दे सहित सभी अंदरूनी अंग फट गए थे। रिपोर्ट में ये भी पता चला कि निशिका के पेट से 50 ग्राम ही खाना था, जबकि प्राची और पाखी के पेट से 200-300 ग्राम तक खाना मिला। इसका मतलब, निशिका ने दोपहर के बाद से खाना नहीं खाया था। जबकि दोनों बच्चियों ने रात में खाना खाया था। चेतन की मानें तो प्राची सभी की लीडर थी। अब सवाल है कि अगर लीडर प्राची थी, तो फिर निशिका ने खाना क्यों नहीं खाया? फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अभी कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। तमाम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। DCP ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने कहा- टीम कई बिंदुओं पर जांच कर रही। जो भी बिंदु सामने आ रहे, उन्हें जांच में शामिल किया जा रहा। घर के अंदर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया गया था, उसके भी कुछ फैक्ट सामने आए हैं। जिन मोबाइल को चेतन ने बेचा है, उन्हें रिकवर किया जा रहा है, ताकि डेटा रिकवर करके सभी तस्वीर सामने लाई जा सके। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद सुसाइड-बच्चियों की मौसी भी घर से गिरकर मरी थी, नाना बोले- दामाद फॉर्च्यूनर से चलता था ‘चेतन के पास अच्छा पैसा था। फॉर्च्यूनर गाड़ी थी। वह गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। पुराने मकान खरीदकर उन्हें बेचता था। यहीं एकता पार्क (दिल्ली) के पास शालीमार बिल्डिंग में रहता था। फिर पता नहीं क्या हुआ…कर्जदार होता चला गया।… अगर ये लोग बच्चियों को अपने साथ सुलाते तो ऐसी कहानी थोड़ी होती।’ ऐसा कहना दिलीप कुमार का है। वे उन तीन बच्चियों- निशिका, प्राची, पाखी के नाना हैं, जिनकी गाजियाबाद में अब मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अब पुलिस कस्टडी में हैं। उन्हें PMCH से बेऊर जेल भेज दिया गया। इससे पहले शुक्रवार देर रात पप्पू यादव को मंदिरी स्थित उनके आवास से 31 साल पुराने एक केस में गिरफ्तार किया गया था। 2 फरवरी को इस केस में कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया गया था। Y प्लस सुरक्षा घेरे में रहने वाले पप्पू यादव को आधी रात को पटना पुलिस को गिरफ्तार करने की नौबत क्यों आई? क्या पप्पू यादव के भागने का खतरा था…या पप्पू यादव कुछ बड़ी प्लानिंग कर रहे थे। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए पप्पू यादव के अरेस्ट होने के पीछे की कहानी.. दिल्ली में बड़े आंदोलन की पटकथा लिख रहे थे पप्पू यादव दरअसल इस गिरफ्तारी के पीछे पूरी कहानी NEET छात्रा रेप-मौत मामले के विरोध प्रदर्शन में पप्पू यादव का इन्वॉल्मेंट है। अब तक पप्पू यादव बिहार में इस मुद्दे पर आवाज बुलंद कर रहे थे। अब वे इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने लगे थे। सबसे पहले उन्होंने संसद में इस मामले पर प्रदर्शन किया। अब आज यानी रविवार को दिल्ली में NEET छात्रा को न्याय दिलाने के लिए बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। NEET छात्रा हत्याकांड संघर्ष समिति के बैनर तले होने वाले इस प्रदर्शन में 5-10 हजार लोगों के जुटान होने की संभावना है। इसमें दिल्ली- NCR में रहने वाले बिहारियों के साथ अन्य लोगों को भी जुटाने की तैयारी है। इसमें NEET छात्रा के परिवार भी शामिल होंगे। प्रियंका गांधी को प्रदर्शन में लेकर आने वाले थे पप्पू पप्पू यादव भी इस आंदोलन का हिस्सा थे। हालांकि की वे सीधे तौर पर इस आंदोलन का चेहरा होने के बजाय बिहाइंड द सीन काम कर रहे थे। इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए पप्पू यादव ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए मना लिया था। इनके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। NEET छात्रा हत्याकांड संघर्ष समिति के को-ऑर्डिनेटर ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि ये पूरी तरीके से आम पब्लिक के आक्रोश का महाजुटान है। इसमें किसी नेता को निमंत्रण नहीं दिया गया था। सभी आंदोलन से स्वत: जुड़ रहे थे। पप्पू यादव खुद आगे बढ़कर इसमें लगे हुए थे।पप्पू यादव के अलावा यूपी के राजीव राय, यूपी के पूर्व DGP विक्रम सिंह भी शामिल होंगे। इससे अलावा दिल्ली -यूपी, NCR में रहने वाले बिहार और देशभर के लोग अपना गुस्सा जाहिर करेंगे और सरकार को मैसेज देंगे। पीड़िता के माता-पिता के साथ आज दिल्ली जाने वाले थे पप्पू यादव सांसद सत्र के बाद शुक्रवार को पप्पू यादव पटना आए थे। शनिवार को दिन में वो वारंट के मामले में पटना सिविल कोर्ट के MP-MLA कोर्ट में पेश होते और शाम में पीड़िता के माता-पिता के साथ दिल्ली निकल जाते। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए पीड़िता के माता-पिता के साथ उनके 7 परिजन दिल्ली जा रहे हैं। वे शनिवार की शाम को पटना से ट्रेन पकड़ेंगे और सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। यहां वे आंदोलन में शामिल होकर वापस पटना लौटते। इसकी पूरी प्लानिंग आंदोलन समिति के साथ पप्पू यादव की थी। इससे पहले ही पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। 26 जनवरी से दिल्ली में नहीं मिल रही थी परमिशन, अब टाइमिंग बदली जा रही दिल्ली में इस प्रदर्शन की तैयारी 26 जनवरी से ही चल रही थी,लेकिन गणतंत्र दिवस के कारण परमिशन नहीं मिली। इसके बाद 1 फरवरी को डेट मांगी गई, लेकिन बजट सत्र के कारण उस दिन भी अनुमति नहीं मिली। अब 8 जनवरी को अनुमति मिली है। प्रशासन ने पहले 8 जनवरी को 2-5 बजे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी थी। अब पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद इसे बदलकर सुबह 10-2 कर दिया है। आयोजन समिति के को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि प्रशासन कहीं डरकर प्रदर्शन की अमुमति को रद्द न कर दे। पप्पू यादव सदन में प्रदर्शन-सड़क पर विरोध मार्च कर रहे पप्पू यादव इस मुद्दे पर सदन से लेकर सड़क तक प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 दिन पहले पीड़िता के गांव से न्याय यात्रा निकाली गई थी। इसमें भी पप्पू यादव शामिल हुए थे। इसके अलावा वे संसद के अंदर लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। पप्पू यादव के अलावा RJD के सांसदों ने भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने संसद भवन में इस मसले पर प्रदर्शन किया था और जवाबदेही तय करने और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की थी। PM को पत्र लिखकर 4 मांग रखेंगे प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर NEET छात्रा के साथ हुए क्रूरता की जानकारी देगी। इसके साथ ही समिति की तरफ से प्रधानमंत्री के सामने अपनी मांग रखेंगे। 1. पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट या माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। 2. पीड़ित परिवार ने जिनपर संदेह जताया है, उनसे सघन पूछताछ की जाए। 3. सबूतों को नष्ट कर जांच को प्रभावित करने वाले पुलिसकर्मियों, हॉस्टल प्रशासन और डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 4. लापरवाह और पक्षपाती अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। अब जानिए किस मामले में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है पप्पू यादव ने NEET स्टूडेंट की मौत पर कई सवाल उठाए पहलाः हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ने कहा कि वो देहरादून में थे, यहां नहीं थे। उसने झूठ बोला, जबकि वो पटना में ही था। दूसराः प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की नर्स ने मुझे बताया कि शाम में उसे प्रभात हॉस्पिटल लाया गया। बच्ची को 6 जनवरी को बेहोश लाया गया, 8 को होश आया। 6 को घटना हुई, 9 तक FIR नहीं करते है। कौन-कौन दोषी है। तीसराः दो बड़ी एजेंसी CID और SIT काम कर रही है। इनको कुछ पता ही नहीं चल रहा है। किसने रेप किया। जबकि हॉस्पिटल में सबको पता चल गया कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। चौथाः पटना पुलिस बस लड़की के परिवार को तंग कर रही है। जब सब का DNA ले लिया, तो अब तो पता चल गया होगा, परिवार के किन लोगों ने गलत किया। अगर नहीं पता चला तो अब परिवार को परेशान क्यों कर रहे है। पांचवांः 18 दिन के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उस लड़की के घर जाते है।वो भी तब जाते है, जब उनको पता चलता है, कि उनके समाज के लोग हैं। कई लोगों के कहने पर वो जाते हैं। छठाः मेरा अंतिम सवाल ये है कि वो बची मारी कैसी। क्या हम सही ट्रीटमेंट नहीं पाए, क्या गलत इलाज कर दिया। अब जानिए NEET छात्रा रेप-मौत केस में अब तक क्या-क्या हुआ
31 साल पुराने मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद पप्पू यादव को पटना के बेऊर जेल में लाया गया। जेल में एंट्री होने के बाद इलाज के लिए उन्हें PMCH लाया गया। अस्पताल में पुलिस कस्टडी में उनका इलाज होगा। सोमवार को इस मामले में अगली सुनवाई होगी। वहीं मधेपुरा और पूर्णिया पप्पू यादव के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का पुतला फूंका गया। इधर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उन्होंने X पर लिखा- ये आवाज दबाने की कोशिश है। प्रियंका गांधी ने भी गिरफ्तारी के विरोध में पोस्ट की है। देखें VIDEO
तेजस्वी का आर-पार वाला मंत्र:आंदोलन की घोषणा कर रोए पप्पू, हार के सदमे में अब भी खेसारी
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
NEET छात्रा रेप-मौत मामले में रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने वाला है। इसके लिए छात्रा के माता-पिता दिल्ली चले गए हैं। दोनों ने कहा कि बिहार सरकार और यहां की पुलिस से भरोसा उठ गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्टर ने छात्रा के परिजनों से बात की। छात्रा की मां ने कहा, ‘मां हूं, बेटी को न्याय दिलाने के लिए राक्षस बन जाऊंगी। मुझे DGP विनय कुमार ने पैसे ऑफर किए। क्या मैं अपने दूध का सौदा करने आई थी?’ छात्रा की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए कैमरे के सामने हाथ जोड़ लिए। आंखों में आंसू लिए बोली, ‘बेटा मुझे अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए।’ उनका दर्द ऐसा था कि पत्थर आंखों से भी आंसू बरसने लगे। दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए, छात्रा के परिजन दिल्ली जाने से पहले क्या बोले? सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर क्या कहा? DGP विनय कुमार से हुई मुलाकात को लेकर क्या आरोप लगाए? जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए छात्रा के माता-पिता दिल्ली गए पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े NEET छात्रा मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे। इससे पहले शुक्रवार देर रात उन्हें 31 साल पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच शनिवार शाम को हमें जानकारी मिली कि छात्रा के परिजन दिल्ली जा रहे हैं। हम पटना जंक्शन के पास छात्रा के माता-पिता से मिले। वे एक गाड़ी में सवार थे। हमने उनसे दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन और बिहार पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच को लेकर बात की। इसके बाद दोनों दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मैं अपने दूध का सौदा करने नहीं आई, दोषी हूं तो जला दीजिए पीड़िता कि मां ने कहा, ‘पप्पू यादव प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन हमलोग इस भरोसे के साथ जा रहे हैं कि बेटी को न्याय मिलेगा। सरकार और प्रशासन मेरी बेटी के मामले को दबाने में लगी है। क्या उनकी बेटी, बहन नहीं हैं। हमने उनलोगों का क्या बिगाड़ा था? हमलोगों को SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। मामला CBI को दे दिए हैं।’ DGP विनय कुमार से मुलाकात पर मां ने कहा, ‘उन्होंने हमें डांटकर भगा दिया था। कहा कि मेरी बेटी ने आत्महत्या की है। वह डिप्रेशन में थी। दवा खाने से मरी है, इसलिए रेप नहीं है। मैंने भी उनसे आंख में आंख डालकर कहा कि मैं एक मां हूं। मरने को तैयार हूं।’ मां ने कहा, ‘मैंने डीजीपी से कहा कि आप कह दीजिए, हमने रेप कराया है। मैं यहां आई हूं। मैदान में खड़ा हो जाती हूं। मुझे जलाकर मार दीजिए। मगर मैं अपने बेटी को न्याय दिलाकर रहूंगी। अपनी बेटी के लिए राक्षस बन जाऊंगी।’ छात्रा की मां का आरोप, DGP ने कहा- कितने पैसे चाहिए छात्रा की मां ने गंभीर आरोप लगाए हुए कहा, ‘DGP ने कहा कि बोलेगी ज्यादा? इससे तुम्हारी बेटी आ जाएगी? कितने पैसे चाहती हो? इससे पहले हॉस्टल की मालकिन ने भी पैसे ऑफर किए थे। कहा था कि जितना पैसा चाहिए दूंगी। मैंने डीजीपी से कहा कि मैं एक मां हूं, मगर राक्षस का भी रूप ले सकती हूं। मेरी बेटी मर गई है, मगर मैं अपने दूध का सौदा करने नहीं आई। क्या मैं इतनी गिरी हुई मां हूं?’ छात्रा के पिता बोले- सरकार नहीं चाहती कि मेरी बेटी को न्याय मिले हमने छात्रा के पिता से बात की। उन्होंने कहा, ‘यहां न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए दिल्ली जाने के लिए निकले हैं। दिल्ली में जंतर-मंतर पर रविवार को प्रदर्शन है।’ हमने पूछा कि वहां किसी नेता से मुलाकात होने वाली है क्या? क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी आपलोगों से मिलेंगे? इसपर उन्होंने कहा, ‘मुझे इसके बारे में नहीं पता। सांसद पप्पू यादव ने कहा था कि दिल्ली में प्रदर्शन करना है। उन्होंने मेरी बेटी के न्याय के लिए लगातार आवाज बुलंद की। इसी का परिणाम है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार नहीं चाहती है कि मेरी बेटी को न्याय मिले।’ छात्रा के पिता ने कहा, ‘मेरी बेटी तो इस दुनिया में नहीं रही। समाज के किसी भी वर्ग की बेटी के साथ ऐसा नहीं हो, इसलिए न्याय की लड़ाई लड़ी जा रही है। सरकार नहीं चाहती कि न्याय हो। आज तक सरकार हमलोगों के साथ काफी अन्याय कर रही है।’ क्या है NEET छात्रा रेप-मौत मामला? 6 जनवरी 2025 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने रूम में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप की बात कही गई। FSL की रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म मिलने की बात सामने आई। बिहार सरकार ने पहले मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। SIT की जांच छात्रा द्वारा नींद की गोली खाने से मौत के एंगल पर टिकी रही। पोस्टमॉर्टम और FSL की रिपोर्ट से रेप की पुष्टि होने से बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठे। मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा की। क्यों हुई पप्पू यादव की गिरफ्तारी? सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने मामले में कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब पटना में NEET छात्रा रेप मौत मामला तूल पकड़ चुका है। पप्पू यादव इस केस को लेकर सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए थे। NEET छात्रा मामले को लेकर पप्पू यादव लगातार सरकार और प्रशासन को घेर रहे थे। उन्होंने अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे, जिनमें इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। इसी मामले में पप्पू यादव ने बिहार के हॉस्टलों में रह रही छात्राओं के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था। वे पटना से जहानाबाद तक हुए विरोध प्रदर्शनों में खुद शामिल भी रहे। पप्पू यादव ने आरोप लगाया था कि इस मामले में एक मंत्री के बेटे की भूमिका है, इसी वजह से सरकार अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
एबी रोड पर 11 किमी लंबा बीआरटीएस कॉरिडोर हटते ही शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली आई-बस सेवा गड़बड़ा गई है। मिक्स लेन में बसें चलने से बार-बार जाम में फंस रही हैं। स्थिति यह है कि 40 मिनट के सफर में करीब 65 मिनट लग रहे हैं। इसका असर यात्रियों की संख्या पर साफ नजर आ रहा है। यात्री 92 हजार से घटकर 55 हजार रह गए हैं। बसें भी 60 से 30 ही रह गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी प्रतिदिन सफर करने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रही है। देरी के कारण कई बार वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं बस स्टॉप हटने से यात्रियों को बीच सड़क पर खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। पीक ऑवर्स में चौराहों पर जाम की स्थिति बनती है। करीब 40 प्रतिशत यात्री संख्या कम होने से एआईसीटीएसएल के राजस्व को बड़ा झटका लगा है। बस स्टैंड पर बैठने की सुविधा नहीं होने से छात्र, बुजुर्ग और रोजाना सफर करने वाले सबसे ज्यादा परेशान हैं। परेशानियां और भी... बीआरटीएस कॉरिडोर के समय औसत 40 मिनट में पूरा होने वाला सफर अब मिश्रित ट्रैफिक में 1 घंटा 5 मिनट तक खिंच रहा है। विजयनगर से एलआईजी चौराहा तक का हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां बस के कुछ सेकंड रुकते ही पीछे वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है और कई बार बसों को रुकने तक की जगह नहीं मिलती। यात्रियों का कहना है कि डेडिकेटेड लेन के दौरान सफर समयबद्ध और आरामदायक था, लेकिन अब जाम में फंसकर सफर थकानभरा हो गया है। मजबूरी में कई लोग निजी साधनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की आशंका है। इधर, एबी रोड की सर्विस रोड और फुटपाथ तक लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, जिससे बस खड़ी भी नहीं हो पाती है। तैयारी अधूरी, सड़क किनारे बस स्टॉप नहीं एबी रोड से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का फैसला हाई कोर्ट के आदेश पर लिया गया था। फरवरी 2025 में इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। टेंडर विवादों के चलते काम में देरी हुई, लेकिन नवंबर 2025 तक कार्य तेज कर दिया गया। हालांकि, कॉरिडोर हटने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को संभालने की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आई। ट्रैफिक सुधार के नाम पर लिया गया यह फैसला फिलहाल आई-बस सेवा और यात्रियों के लिए भारी पड़ता दिख रहा है।
बिहार में सुबह-शाम हल्के कोहरे का दौर जारी है। आज भी कुछ जिलों में धुंध दिखेगी। सुबह-शाम कनकनी महसूस होगी। हालांकि दिन में धूप निकलने से मौसम सामान्य हो जाएगा। मौसम विभाग की ओर से आज किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। फिलहाल प्रदेश का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस है। आने वाले समय में 1-2 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। वहीं, 12 फरवरी के बाद तापमान बढ़ सकता है। बीते 24 घंटे में गोपालगंज सहित कुछ जिलों में कोहरा दिखा। पटना में भी कनकनी रही। तेज हवा चलने से दिन में भी लोगों को ठंड का अहसास हुआ। शनिवार को राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस सीवान के जीरादेई में रिकॉर्ड किया गया। वहीं गया में न्यूनतम तापमान 9.6, औरंगाबाद में 9.7, डेहरी में 10.5 और शेखपुरा में 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर बिहार के कई जिलों में भी सुबह के समय हल्की ठंड बनी रही। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में बदलाव पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। मुजफ्फरपुर में 12.3 डिग्री, वैशाली में 12.0 डिग्री, छपरा में 11.7 डिग्री और मधुबनी में 11.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में रात का तापमान अधिक रहा। कैमूर में 16.1 डिग्री, बांका में 16.4 डिग्री, नालंदा (राजगीर) में 13.5 डिग्री और सासाराम में 12.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। फिलहाल बारिश या शीतलहर का अलर्ट नहीं मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, फिलहाल किसी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बिहार पर नहीं है। आने वाले 4-5 दिनों तक न तो बारिश और न ही शीतलहर की कोई संभावना है। मौसम शुष्क बना रहेगा और दिन के तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी हो सकती है। फरवरी महीने से अब धीरे-धीरे दिन लंबे होने लगेंगे। पटना में सूर्योदय सुबह करीब 6:27 से 6:30 बजे के बीच और सूर्यास्त शाम 5:38 से 5:41 बजे के बीच हो रहा। दिन में तेज धूप से लोगों को हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि सुबह और देर शाम अब भी स्वेटर या हल्के ऊनी कपड़ों की जरूरत पड़ रही है। पटना में अगले 5 दिन साफ रहेगा मौसम पटना में सुबह-शाम हल्की ठिठुरन रहेगी। बाकी मौसम सामान्य रहेगा। अधिकतम तापमान 23-25 डिग्री तो न्यूनतम 13-14 डिग्री के आसपास रह सकता है। 10 फरवरी को न्यूनतम तापमान बढ़कर 15 डिग्री और 11 फरवरी को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन सभी दिनों में आसमान साफ रहेगा और किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। किसानों और आम लोगों के लिए अनुकूल मौसम मौसम के इस रुख को रबी फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। खुले और शुष्क मौसम के कारण खेतों में कार्य आसान रहेगा। आम लोगों को सुबह-शाम हल्की ठंड से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि दिन में धूप से बचाव जरूरी होगा।
15 जनवरी 2026 को एक इंटरव्यू में पवन सिंह ने खेसारी लाल यादव पर तंज करते हुए कहा कि वह खेसारी से कभी नहीं मिलना चाहते। उन्होंने कहा, ‘शायद मुझे ऐसा लगता है कि इस जीवन में मुलाकात नहीं हो, वही अच्छा है।’ 6 फरवरी 2026 को खेसारी यादव ने पटना एयरपोर्ट पर पलटवार करते हुए कहा, ‘अगर वे मुझसे नहीं मिलना चाहते हैं तो कोई बात नहीं। हर कोई अपनी जिंदगी में आजाद है। वे किसी से मिले या न मिले। पवन सिंह के मिलने से न मेरा घर चलता है और न ही उनके मिलने से किसी का घर चलता है।' दरअसल, पवन सिंह और खेसारी यादव के बीच जुबानी जंग चुनाव खत्म होने के बाद भी जारी है। हालांकि जानकार बताते हैं कि दोनों अंदर से मिले हुए हैं। आपस में लड़ते हैं, जिससे दूसरे को आगे आने का मौका नहीं मिल रहा। इस लड़ाई से दोनों खूब कमाई भी कर रहे हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, पवन सिंह और खेसारी के बीच इतना तनाव क्यों है? इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई? इनकी लड़ाई से किसको फायदा और किसको नुकसान हो रहा है? सबसे पहले जानिए दोनों के बीच हुए 3 विवाद और एक-दूसरे पर किए तंज पिछले दिनों पवन सिंह अपने बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान लड़खड़ाते नजर आए। वीडियो सामने आने पर आरोप लगा कि पवन केक काटने के दौरान नशे में थे। अगले दिन खेसारी ने एक स्टेज प्रोग्राम में पवन सिंह का मजाक उड़ाया। लड़खड़ाकर मिमिक्री करते हुए कहा, ‘वो बोल नहीं रहा है, हिल के बता रहा है कि अंदर कुछ गया है। लोग इत्ती सी पी लेते हैं तो हिलने लगते हैं, हमें देखो एक ही जगह खड़े हुए हैं।’ एक कार्यक्रम में खेसारी ने पवन सिंह का नाम लिए बिना तंज कसा, ‘किसी का एक गाना इंटरनेशनल है और मेरा 4 गाना इंटरनेशनल हो गया है।’ इस पर पवन सिंह ने भी बिना नाम लिए जवाब दिया, 'कोई कहता है कि उनके 4 गाने इंटरनेशनल हो गए। अब उनके गाने देश के बाहर विदेश में ही नहीं अंतरिक्ष में बजेंगे।' इसका जवाब देते हुए खेसारी ने कहा, ‘यह अच्छी बात है कि एक पिछड़े समाज के बच्चे और उनके छोटे भाई का गाना स्पेस में बजेगा। उनके आशीर्वाद से हम इसे स्पेस में बजाने की कोशिश करेंगे।’ बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पवन सिंह ने खेसारी पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘खेसारी कभी कहते हैं कि निरहुआ ने मुझे स्टार बनाया, कभी कहते हैं कि पवन भैया ने बनाया है। वह एक पानी पर नहीं रहते हैं।’ इस पर खेसारी ने तुरंत पवन सिंह पर पर्सनल अटैक करते हुए कहा, ‘ठीक है, मैं एक पानी पर नहीं रहता हूं। कम से कम एक बीबी के साथ तो हूं। इसके बाद बहुत विवाद हुआ। पवन सिंह ने कहा, ‘खेसारी को मैं जानता हूं। उसने स्टार बनाने के नाम पर 500 जिंदगी खराब की है।’ ये सिर्फ 3 विवाद नहीं हैं। पवन सिंह और खेसारी के बीच दर्जनों बार बयानबाजी हुई है। खेसारी के विवाद सिर्फ पवन सिंह के साथ नहीं, बल्कि भोजपुरी के अलग-अलग एक्टरों के साथ भी हुए हैं। अभी हाल में ही गोरखपुर महोत्सव में स्टेज से रवि किशन ने कहा था, ‘इंडस्ट्री में एक एक्टर ऐसा है, जो जब नया-नया आया था तो दोनों पैर छूकर सम्मान करता था। बाद में थोड़ा स्टारडम मिला तो घुटना छूने लगा।' इस बयान के जवाब में खेसारी लाल यादव ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान रवि किशन की मिमिक्री की। उन्होंने कहा- 'पहले यहां छूता था, अब यहां छूता है।' खेसारी ने आगे कहा, 'शुक्र मनाइए कि आपका सम्मान करने वाला आपका भाई है। आजकल तो बेटा भी अपने पिता के पैर नहीं छूता। मुझे जन्म देने वाले पिता का नाम मंगरु यादव है और किसी को उनके पिता बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।' कोरोना महामारी के समय हुई थी पवन और खेसारी के बीच विवाद की शुरुआत दरअसल, पवन सिंह और खेसारी के बीच विवाद नया नहीं है। इसकी शुरुआत कोरोना महामारी के समय हुई थी। मई 2022 में खेसारी लाल यादव ने फेसबुक पर लाइव आकर पवन सिंह के फैंस पर आरोप लगाए थे। कहा था कि उनके फैंस उन्हें और उनके परिवार को धमकी दे रहे हैं। खेसारी ने इस लड़ाई का कारण जातिवाद बताया। कहा कि पवन सिंह के फैंस उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। यादव परिवार से आने की वजह से उनके साथ ऐसा किया जा रहा है। इसके बाद पवन सिंह और खेसारी दोनों के फैंस आमने सामने आ गए। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ बातें करने लगे। खेसारी के फैंस ने पवन सिंह के पुराने गाने पर अश्लीलता का आरोप लगाया तो पवन सिंह के समर्थकों ने भी खेसारी पर हमला किया। महिला फैन ने खेसारी की टैटू बनवाई तो पवन सिंह के फैंस ने दी धमकी जुलाई 2023 में सौम्या पोखरेल नाम की एक महिला फैन ने खेसारी के चेहरे वाली टैटू बनवाई। कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पवन सिंह के फैंस ने सौम्या को गाली और धमकी दी। इसपर खेसारी यादव ने फेसबुक लाइव आकर पवन सिंह के फैंस को जुबान कंट्रोल में रखने को कहा। इसके बाद दोनों एक्टर के फैंस सोशल मीडिया पर दो खेमें में बंट गए। यह लड़ाई दो एक्टर्स के बीच नहीं रह गई। भोजपुरी इंडस्ट्री के भीतर पावर और इमेज की जंग बन गई। दोनों की फैन फॉलोइंग जाति, इलाका और राजनीतिक झुकाव के हिसाब से बंट गया। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे पर अपने गानों से तंज कसने लगे। इंडस्ट्री जाति और पॉलिटिकल एक्टिविटी के आधार पर भी बंटने लगी। खेसारी को उनके फैंस ट्रेंडिंग स्टार तो पवन सिंह के फैंस उन्हें पावर स्टार कहने लगे। लोकसभा चुनाव में पवन सिंह के लिए खेसारी ने किया था प्रचार पवन सिंह का झुकाव बीजेपी की तरफ है तो खेसारी का आरजेडी की तरफ। 2024 में पवन बीजेपी के टिकट पर आरा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन बंगाल के आसनसोल सीट से टिकट मिला। पवन ने आसनसोल से भाजपा का टिकट नहीं लिया। काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़े। खेसारी ने काराकाट जाकर पवन के लिए प्रचार किया। दोनों ने स्टेज शेयर किया था। चुनाव खत्म होते ही दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पवन सिंह भाजपा में शामिल हुए। वह काराकाट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। इसी बीच उनकी पत्नी ज्योति ने काराकाट सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी के साथ कैंपेनिंग शुरू कर दी। खेसारी ज्योति सिंह के समर्थन में आए। अक्टूबर 2025 में पवन और उनकी पत्नी ज्योति के बीच विवाद बढ़ा तो खेसारी ने कहा, ‘भाभी का अपराध इतना बड़ा नहीं, माफ कर दो। औरतों की इज्जत न करने वाला घर कैसे चलाएगा?” पवन सिंह ने जवाब नहीं दिया, लेकिन फैन्स ने हमला बोला। इस दौरान ज्योति सिंह ने भी काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पवन सिंह चुनाव नहीं लड़े, स्टार प्रचारक के रूप में बीजेपी के लिए प्रचार किया। दूसरी तरफ खेसारी को आरजेडी ने छपरा से टिकट दिया। चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों के बीच जमकर जुबानी लड़ाई हुई। दोनों ने एक-दूसरे पर खूब तंज कसे। पवन सिंह ने खेसारी पर तंज कसते हुए कहा, ‘उनका हाल अधजल गगरी छलकत जाए वाला है। वह कब बीवी को बहन बना लेंगे और कब बहन को बीवी इसकी कोई गारंटी नहीं है।’ दरअसल पवन सिंह ने ये बातें खेसारी के उस बयान पर कहीं थी, जिसमें खेसारी ने कहा था, ‘मैं अपनी पत्नी को घर में बीबी की तरह प्यार करता हूं। घर से बाहर उसके साथ एक भाई की तरह जाता हूं।’ खेसारी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, ‘मैं रोजी-रोजगार और शिक्षा की बात करता हूं और वो राम मंदिर और धर्म की बात करते हैं। खेसारी के राम मंदिर के बयान पर मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव और रवि किशन ने भी जवाबी हमला बोला था।’ दोनों भोजपुरी एक्टर व सिंगर आए दिन एक-दूसरे पर बयानबाजी करते नजर आते हैं। दोनों की मिलियंस में फैन फॉलोइंग है। दोनों के गाने रिलीज होते ही मिलियंस में व्यूज चले जाते हैं। हमने दोनों से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बीजी शेड्यूल का हवाला देकर इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया। पवन-खेसारी की लड़ाई में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को हो रहा नुकसान इन दोनों के विवाद पर कई बड़े स्टार बोल चुके हैं। रवि किशन ने कहा था, ‘इतने बड़े स्टार्स को निजी तौर पर बैठकर विवाद सुलझाना चाहिए। लाखों युवाओं के रोल मॉडल जब गाली-गलौज और तंज से सुर्खियों में रहेंगे तो उनकी नजर में स्टारडम का मतलब भी यही बन जाएगा। कोई कहानियों पर काम नहीं कर रहा, आपस में लड़ने में लगे हैं।’ रवि किशन ने कहा था, ‘भोजपुरी इंडस्ट्री का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अच्छे लेखक और डायरेक्टर किनारे हो गए। स्टेज शो, वायरल गाने और व्यक्तिगत विवाद मुख्य कंटेंट बन गए हैं।’ गाली-गलौज और सोशल मीडिया विवाद पर चला गया है नए कलाकारों का ध्यान पवन सिंह और खेसारी के बीच चले आ रहे विवाद को लेकर हमने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बात की। जाना कि दोनों की लड़ाई से इंडस्ट्री किस तरह प्रभावित हो रही है। भोजपुरी फिल्म व गाने लिखने वाले विपेंद्र कुमार ने बताया, ‘नए कलाकारों ने विषय और कहानी पर मेहनत छोड़ दी है। ध्यान सिर्फ सनसनी, गाली-गलौज और सोशल मीडिया विवाद पर चला गया है। इससे परिवार भोजपुरी फिल्मों और गानों से दूर हो रहे हैं।’ भोजपुरी इंडस्ट्री में साफ दिख रही खेमेबाजी भोजपुरी के कई एक्टर्स ऑफ रिकॉर्ड यह स्वीकार करते हैं कि पवन और खेसारी के बीच चल रही लड़ाई का असर सेट तक पहुंच गया है। कोई प्रोड्यूसर अगर पवन के साथ फिल्म बनाता है तो खेसारी कैंप के लोग उससे दूरी बना लेते हैं। अगर कोई कलाकार खेसारी के साथ शो करता है तो पवन के समर्थकों का सोशल मीडिया ट्रोल शुरू हो जाता है। आपस में लड़कर दोनों बढ़ाते हैं अपनी कमाई भोजपुरी सिंगर शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि अगर यह लड़ाई यहीं नहीं रुकी तो आने वाली पीढ़ी के लिए यह नॉर्मल हो जाएगा। स्टारडम का मतलब होगा, जितना बड़ा विवाद, उतना बड़ा हीरो। उन्होंने कहा, ‘म्यूजिक इंडस्ट्री में डिस ट्रैक की परंपरा पहले से है। एक स्टार दूसरे पर तंज भरा गाना बनाता है। फैंस दो खेमों में बंटते हैं। इससे व्यूज और कमाई दोनों बढ़ती है। सोशल मीडिया के दौर में विवाद सबसे आसान करेंसी बन गया है। शैलेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘हर तीखा बयान 30 सेकेंड की रील बन जाता है। हर कटाक्ष से नए हैशटैग ट्रेंड में आ जाते हैं। हर झगड़े पर फैनबॉय कमेंट्स की बारिश होती है, जो एल्गोरिदम को और मजबूत करती है और गाने हिट हो जाते।’ लड़ेंगे तभी बिकेंगे, यह मार्केटिंग का नया फॉर्मूला शैलेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘लड़ेंगे तभी बिकेंगे, यह मार्केटिंग का नया फॉर्मूला है। सोशल मीडिया, रील्स और चुनावी भीड़ में बने रहने के लिए विवाद सबसे आसान शॉर्टकट बन गया है। हर बयान पर ट्रेंड, हर लाइव पर हैशटैग, हर क्लिप पर लाखों व्यूज।’ आगे क्या? इंडस्ट्री, इमेज और जिम्मेदारी भोजपुरी इंडस्ट्री पहले से ही अश्लीलता और हिंसा के आरोपों से घिरी रही है, ऐसे में दो सबसे बड़े स्टार्स का लगातार पब्लिक फाइट में पड़े रहना इमेज क्राइसिस को और गहरा कर रहा है। सवाल यही है कि क्या दोनों स्टार्स इस जंग से निकलकर कंटेंट, नई पीढ़ी के कलाकारों और इंडस्ट्री की साख पर ध्यान देंगे, या फिर “लड़ेंगे तभी बिकेंगे” की रेस में भोजपुरी को और ज्यादा विवादों के धुएं में झोंक देंगे।
राजस्थान में लगातार तापमान बढ़ने से दिन में सर्दी का असर लगभग खत्म हो रहा है। शनिवार को हनुमानगढ़, सिरोही को छोड़कर शेष सभी जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान भी 15 शहरों में 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने और तापमान इसी तरह का बरकरार रहने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सभी जगह आसमान साफ रहा और तेज धूप रही। लगातार दूसरे दिन बाड़मेर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बाड़मेर के अलावा पाली, जालोर और जोधपुर ऐसे शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हनुमानगढ़ और सिरोही को छोड़ दे तो शेष सभी शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज हुआ। दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा तापमान अधिक और तेज धूप रहने से लोगों को अब हल्की गर्मी महसूस होने लगी है। इस कारण लोग अब दिन में गर्म कपड़े न पहनकर सामान्य कपड़ों में रह रहे है। कल जयपुर में दिन में तेज धूप रहने से यहां अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिलानी में अधिकतम तापमान 28.9, अजमेर में 28.3, जैसलमेर में 29.2, चित्तौड़गढ़ में 29.6, बीकानेर में 29.2, नागौर में 29, डूंगरपुर में 29.4, दौसा में 28.7, चूरू में 28.6 और भीलवाड़ा में 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसमी बीमारियों का सीजन एसएमएस हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक, अचानक दिन में तेज गर्मी होना और सुबह-शाम तेज सर्दी मौसमी बीमारियों को बढ़ा रहे हैं। इन दिनों ओपीडी में सर्दी, जुकाम और वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, वातावरण में हल्की नमी होने और तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव होना वायरल इंफेक्शन को बढ़ाने के लिए अनुकूल मौसम होता है। न्यूनतम तापमान चढ़ा, 15 शहरों में 10 डिग्री से ऊपर अधिकतम तापमान बढ़ने के साथ अब न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। शनिवार को सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर का रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करौली में 6.5, दौसा में 6.8, पाली में 7.5, अलवर में 7, वनस्थली (टोंक) 7.4, सीकर में 6.3, पिलानी में 9.3 और चूरू में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, गंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बारां, प्रतापगढ़ समेत अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ।
एलिवेटेड कॉरिडोर:एलआईजी, नौलखा व शिवाजी वाटिका पर रोटरी बनाने का प्रस्ताव
एलआईजी से नौलखा तक एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर दो नए प्रस्ताव बनाए गए हैं। तीन चौराहों एलआईजी, शिवाजी वाटिका और नौलखा पर एलिवेटेड रोटरी बनाने और गिटार तिराहा व गीता भवन पर एक-एक भुजा उतारने की योजना है। शनिवार को सिटी बस कार्यालय में हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर सहमति बनी। इंडस्ट्री हाउस, पलासिया, जीपीओ और इंदिरा प्रतिमा पर कोई भुजा या रोटरी की योजना नहीं है। नए प्रस्ताव के साथ फिर ड्राइंग बनाई जाएगी। 10 दिन में सर्वे पूरा किया जाएगा और तुरंत काम भी शुरू होगा। बैठक की अध्यक्षता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। छह साल से अटका है प्रोजेक्ट एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का वर्क ऑर्डर 6 साल पहले जारी हो चुका है। वर्क ऑर्डर निरस्त होने पर कॉन्ट्रैक्टर को 30 करोड़ से अधिक हर्जाने में देना होंगे। प्रोजेक्ट को 15 फरवरी के बाद से शुरू किया जाना है। इसका कॉन्ट्रैक्ट अहमदाबाद की कंपनी राजकमल बिल्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया है। हाई कोर्ट में 25 को सुनवाई बीआरटीएस की परेशानियों को लेकर विचाराधीन याचिका के साथ अतुल सेठ द्वारा दायर याचिका भी कोर्ट में लगी है। इस मामले की सुनवाई अब 25 फरवरी को होगी। आमने-सामने कॉरिडोर पर दो पक्ष नौलखा से एलआईजी तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का फायदा नहीं होगा। हर बड़े चौराहे पर अलग फ्लायओवर बनाने चाहिए। - अतुल शेठ, इंजीनियरअलग-अलग फ्लायओवर 7 साल में ही अनुपयोगी हो जाएंगे। इतनी पास-पास फ्लायओवर बनाने से ग्रेडियंट अत्यधिक होकर आईआरसी मानकों के विपरीत सड़क बनेगी। - अजीत सिंह नारंग, इंदौर उत्थान समिति हर चौराहे की प्रस्तावित प्लानिंगबैठक में लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड रोटरी डिजाइन को लेकर नया प्रस्ताव रखा, इसमें हर चौराहे के लिए प्लानिंग पेश की।
बिहार: गोपालगंज में 8900 लीटर विदेशी शराब जब्त, दो गिरफ्तार
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच गोपालगंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक 22 साल की लड़की बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने पहुंच गई। यह सूचना लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने की पुलिस को मिली। इसके बाद स्टेशन पर पुलिस कर्मी लड़की को ढूंढना शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद प्लेटफार्म नंबर 3 पर लड़की की लोकेशन मिली। इसके बाद जीआरपी के जवान दौड़ते हुए वहां पहुंचे तो देखा एक लड़की ट्रैक के बीच में खड़ी है, उसके सामने से एक ट्रेन आ रही थी। तत्काल पुलिस दौड़ लगाते हुए लड़की तक पहुंची। उसे पकड़कर किनारे कर उसकी जान बचाई। लड़की की काउंसलिंग करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। अब विस्तार से जानें पूरा मामला लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने की पुलिस को दोपहर करीब 1 बजे सूचना मिली कि एक लड़की गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुसाइड करने पहुंची है। इसके बाद पुलिस जल्दी-जल्दी लड़की की तलाश शुरू की। काफी देर तक सर्च करने के बाद भी लड़की स्टेशन पर कहीं नहीं मिली। पुलिस ने कंट्रोल रूम से लड़की का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद हाइटेक तकनीक से नंबर ट्रैक करना शुरू किया। तभी उसकी लोकेशन 3 प्लेटफार्म पर मिला। वहां जब पुलिस पहुंची तो एक जींस और जैकेट पहने लड़की रेलवे ट्रैक के बीचो बची खड़ी दिखी। उसी समय उस ट्रैक पर एक ट्रेन भी आ रही थी। पहले दूर से ही पुलिस ने चिल्लाकर उसे हटाना चाहा, लेकिन लड़की ने अनसुना कर दिया। इसके बाद दौड़ते हुए पुलिसकर्मी समय रहते लड़की के पास पहुंच गए, उसे ट्रेन आने से पहले ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचाई। लड़की ने अपने सहेली को भेजा था वीडियो लड़की से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में रहती है। उसका एक लड़के से काफी दिनों से अफेयर चल रहा है। रोज डे के दिन बॉयफ्रेंड से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह सुसाइड करने का मूड बना ली। इसलिए वह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। रेलवे स्टेशन पर खड़ी होकर उसने एक वीडियो बनाया। जिसमे वह कहती दिख रही है कि मैं बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने जा रही हूं। यह वीडियो उसने अपने सहेली को भेज दिया। सहेली ने पहले कॉल कर उसे समझाना चाहा, लेकिन वह नहीं मानी। तब सहेली ने लखनऊ कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी। जहां से तत्काल सूचना गोरखपुर जीआरपी को दी गई। सहेली की समझदारी और जीआरपी की सक्रियता से लड़की की जान बचाई गई। रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक एक्सपर्ट को बुलाकर लड़की की कांउसलिंग कराई गई। उसने बताया कि वह ग्रेजुएशन करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर सौंप दिया गया। लड़की ने विश्वास दिलाया कि आगे ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी। पुलिस के इस कार्य से आस पास के लोगों व लड़की के परिजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जीआरपी थाना गोरखपुर का धन्यवाद कहा। जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक वीडियो मिला था। कार्यालय में मौजूद मुख्य आरक्षी आशुतोष मिश्रा, मुख्य आरक्षी सिकंदर प्रसाद, मुख्य आरक्षी आशुतोष सिंह के साथ तत्काल वीडियो में दिख रहे स्थान पर पहुंचे, जहां लड़की नहीं पाई गई। लड़की का मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया। इसके बाद आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए नंबर को ट्रैक किया गया तो यह पाया गया कि वह लड़की वहां से कुछ दूर पर प्लेटफार्म की आखिरी छोर पर बीचों-बीच ट्रैक में खड़ी होकर ट्रेन आने की प्रतीक्षा कर रही थी। पुलिस टीम की तत्परता व सतर्कता से लड़की को बचाया गया।
जबलपुर में बरगी डैम की दाईं तट नहर 1 फरवरी को क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते नहर का पानी पास से बह रहे नर्रई नाले में चला गया और खेतों में भर गया। बाढ़ जैसे हालात बन गए और फसलें जलमग्न हो गईं। जानकारी मिलते ही प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल डैम से आने वाला पानी बंद कराया गया और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि नहर का करीब 27 मीटर हिस्सा कट गया है। इस हिस्से से बीते कई महीनों से पानी रिस रहा था। विभाग का दावा है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कर ली जाएगी। साथ ही किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नहर फटे करीब सात दिन हो चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर अब तक हुए काम का जायजा लिया। 100 से ज्यादा मजदूर लगे रबी सीजन में जब खेतों में गेहूं और अरहर की फसल खड़ी है, ऐसे समय नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। आशंका थी कि यदि समय पर पानी नहीं पहुंचा तो सैकड़ों एकड़ में लगी फसल सूख सकती है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का कहना है कि हर हाल में 15 से 20 फरवरी तक नहर को फिर से चालू कर दिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत माइनर नहरों से भी पानी दिया जा रहा है। मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए 100 से अधिक मजदूर, जेसीबी मशीन और एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। नहर का पानी खेतों में घुसा, फसल बर्बाद ईई ने टीम के साथ डाला डेरा बरगी विधानसभा के ग्राम सगड़ा-झपनी में दाईं तट नहर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भोपाल तक पहुंची। इसके बाद भोपाल से एक टीम जबलपुर आई और मौके पर निरीक्षण किया। एनवीडीए की ईई श्रद्धा बनसोडकर ने बताया कि मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। बरगी, पनागर, बरेला और सिहोरा क्षेत्र में किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए रिपेयरिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जमीन का काम किया जा रहा है। बोरियों में मिट्टी भरकर पानी को डायवर्ट किया जा रहा है और तिरछी दीवार (कर्व) बनाई जा रही है। प्रयास है कि काम 24 घंटे लगातार चलता रहे। ईई श्रद्धा बनसोडकर के अनुसार पिपरिया और वसा गांव की माइनर नहर से फिलहाल पानी दिया जा रहा है। जिस स्थान पर नहर फटी है, वहां दो बैराज हैं। एक ओर मरम्मत कार्य जारी है, जबकि दूसरी ओर से जल्द पानी शुरू करने की कोशिश की जा रही है। मेंटेनेंस की जिम्मेदारी पर सवाल जानकारी के मुताबिक बरगी नहर का निर्माण वर्ष 2002 में करोड़ों रुपए की लागत से किया गया था, ताकि जबलपुर सहित कटनी, सतना और रीवा जिलों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा सके। समय-समय पर नहर के रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय थी, लेकिन लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी। अब होगा सिस्टम करेक्शन बरगी नहर की दाईं और बाईं तट नहर के सिस्टम करेक्शन के लिए जल्द टेंडर निकाले जाएंगे। करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से दोनों नहरों का सुधार किया जाएगा। इसका डीपीआर तैयार कर भोपाल भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। दाईं तट नहर का रखरखाव नरसिंहपुर-करेली तक और बाईं तट नहर का रीवा तक किया जाएगा। किसान बोले- अभी मिल रहा है पानी ग्राम पिपरिया निवासी शत्रुघन पटेल ने बताया कि नहर टूटने के एक दिन पहले तक खेतों में पानी मिल चुका था, जिससे करीब 21 दिन तक फसल को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नहर जल्द तैयार हो जाएगी। कुछ किसानों को पानी की कमी जरूर हुई थी, लेकिन बाद में पाइप के जरिए पानी की सप्लाई की गई। यह खबर भी पढ़ें… बरगी बांध की नहर टूटी, खेतों में घुसा पानी बरगी थाना क्षेत्र में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोपहर करीब 12 बजे बरगी बांध की मुख्य दाईं तट नहर ग्राम सगड़ा-झपनी के पास टूट गई। नहर टूटते ही तेज बहाव के साथ पानी आसपास के 6 गांवों के खेतों में घुस गया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 44 पहुंचे हैं, जहां से निशा रूपेश देवलिया पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड का कौन-सा काम अधूरा है और क्यों?जवाब: वार्ड में कुछ जगहों पर पानी की समस्या है। इसके अलावा ड्रेनेज का जो 10 प्रतिशत काम बाकी है, उसका भी निराकरण किया जाना है। यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पानी और ड्रेनेज की समस्या समाप्त हो जाएगी। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन-सी आती है?जवाब: जनता की आम शिकायतों की बात करें तो राशन, पेंशन, ड्रेनेज और पानी से जुड़ी समस्याएं आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए पूरी मॉनिटरिंग की जाती है। जो काम संबंधित विभाग या व्यक्ति को दिया जाता है, वह पूरा हुआ है या नहीं, इस पर पूरी नजर रखी जाती है, ताकि लोगों की समस्याएं दूर हो सकें। सवाल:ऐसा कौन-सा प्रयोग आपने किया और उससे बदलाव देखने को मिला हो?जवाब: हमने यहां पार्षद हेल्पलाइन शुरू की है। लोगों की समस्याओं का निराकरण हुआ या नहीं, इसका पूरा फीडबैक लिया जाता है। ऑफिस में आने वाली शिकायतों पर काम हुआ है या नहीं, इसे वार्ड में जाकर स्वयं जांचा जाता है। लोगों से सीधे बातचीत की जाती है, जिससे जनता से निरंतर संपर्क बना रहता है। लोग खुलकर अपनी समस्याएं बता पाते हैं और आपसी संवाद से समाधान जल्दी हो पाता है। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या?जवाब: हमारे वार्ड में कुछ ही जगहें ऐसी हैं, जहां पानी कम आने की समस्या है। जहां पानी कम आ रहा है, वहां नई लाइन डालने का काम कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर गंदे पानी की समस्या भी आती है, जिसे जांच कर ठीक कराया जाता है। ड्रेनेज की सफाई कराने से गंदे पानी की समस्या भी दूर हो जाती है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है?जवाब: पार्षद निशा रूपेश देवलिया ने बताया कि आगामी 6 महीनों में वे वार्ड में ड्रेनेज और पानी की समस्या को पूरी तरह दूर करने का प्रयास करेंगी, ताकि वार्ड से ये समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएं और लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से जुड़े हालिया फैसलों के विरोध में क्षत्रिय करणी सेना शनिवार को भोपाल में मशाल जुलूस निकालेगी। यह जुलूस आज 8 फरवरी की शाम 6 बजे भारत माता चौराहा से शुरू होकर राजभवन तक जाएगा। जुलूस के समापन पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें यूजीसी के निर्णयों को लेकर समाज की आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष और भोपाल जिला अध्यक्ष आशु सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा और प्रदेश महिला अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान करेंगी। उन्होंने कहा कि जुलूस में भोपाल सहित आसपास के जिलों से हजारों करणी सैनिकों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा सवर्ण समाज के कई संगठन और आम नागरिक भी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वालाआशु सिंह के अनुसार यूजीसी से जुड़े कुछ हालिया निर्णयों को लेकर समाज में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि ये फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी असंतोष को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाने के लिए मशाल जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं की जाएगी। करणी सेना का उद्देश्य केवल अपनी बात रखना और सरकार व संबंधित संस्थाओं का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। जारी रहेगा आंदोलन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है, ताकि जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। करणी सेना ने अपने कार्यकर्ताओं से समय पर पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। करणी सेना का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। फिलहाल आज होने वाला मशाल जुलूस यूजीसी के फैसलों के खिलाफ एक बड़ा और संगठित विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।
आधी रात 40-50 पुलिसकर्मियों की टीम पटना के मंदिरी मोहल्ले के उस घर में पहुंची जहां पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव रहते हैं। 31 साल पुराने एक धोखाधड़ी केस गिरफ्तार किया। कानूनन दिखने वाली इस गिरफ्तारी की टाइमिंग ऐसी है कि राजनीति खत्म नहीं हो रही। ठीक उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब पप्पू पटना की NEET छात्रा रेप-मर्डर केस में सबसे तेज आवाज थे। संसद में सवाल, पटना की सड़कों पर मार्च, मंत्री के बेटे पर आरोप। 31 साल पुराने धोखाधड़ी और संपत्ति के केस में पप्पू यादव की गिरफ्तारी के पीछे राजनीति है क्या? कितने दिन जेल में रह सकते हैं? क्या NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस उठाने के कारण गिरफ्तार किया गया? इन सवालों का जवाब जानेंगे, भास्कर एक्सप्लेनर में…। सवाल-1ः 31 साल पुराने जिस केस में पप्पू यादव गिरफ्तार हुए, उसमें आरोप क्या है? जवाबः 6 फरवरी की आधी रात पूर्णिया सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 1995 के एक केस में गिरफ्तार कर लिया। इन धाराओं में कितनी सजा हो सकती है, सिलसिलेवार तरीके से जानिए… सवाल-2ः आधी रात को गिरफ्तार करने क्यों पहुंची पटना पुलिस? कोर्ट ने क्या कहा था? जवाबः दरअसल, 2 फरवरी को पटना की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने पप्पू यादव के अलावा दो अन्य आरोपियों शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। साथ ही 7 फरवरी तक कोर्ट में हाजिर होने का आर्डर दिया था। सवाल-3ः पप्पू यादव कितने दिन जेल में रह सकते हैं? होली क्या जेल में मनेगी? जवाबः पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट हर्षवर्धन बताते हैं, ‘इस केस में बेल मिलना मुश्किल नहीं है। लेकिन थोड़ा वक्त लग सकता है। चूंकि पप्पू यादव लगातार कोर्ट से गैर हाजिर रह रहे थे। इससे कोर्ट नाराज था। उनको बेल जिला अदालत से ही मिल जाएगी।’ पिछली बार जेल गए तो 5 महीने बाद निकले थे बाहर सवाल-4ः क्या NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस उठाने के कारण पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया? जवाबः सीधे तौर पर नहीं। लेकिन गिरफ्तारी ठीक उस समय हुई जब पप्पू यादव पटना में NEET छात्रा रेप-मर्डर केस पर लगातार सरकार और पुलिस पर हमलावर थे। उन्होंने संसद में सवाल उठाए, मंत्री के बेटे के शामिल होने का आरोप लगाया और जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की। इसलिए गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल-5: पप्पू की गिरफ्तारी पर देश की राजनीति में क्या हंगामा मचा है? जवाबः पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर हमलावर है। सत्ता पक्ष जहां कानून का पालन करने की नसीहत दे रहा है तो विपक्ष आवाज को दबाने का प्रयास बता रहा है। सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए, किसने क्या कहा… सवाल-6: NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस क्या है, जिससे बिहार पुलिस दबाना चाहती है? जवाबः जहानाबाद की रहने वाली NEET स्टूडेंट की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय छात्रा 5 जनवरी को हॉस्टल आई थी।
जागो-जागो रे बिश्नोई भाइयों, खेजड़ली है संकट में… यह बोल उस गीत के हैं, जो खेजड़ी को लेकर गाए जा रहे हैं। खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहा आंदोलन इन दिनों भक्ति का केंद्र बना हुआ है। संतों के सानिध्य में पूरे दिन भजन-कीर्तन चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रदेश और देशभर में बिश्नोई समाज के लोगों से महापड़ाव में पहुंचने की अपील की जा रही है। आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने महापड़ाव छठे दिन भी जारी रहा। पूर्व घोषणा के अनुसार शनिवार को 51 पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे। फलौदी के आउ गांव में शनिवार को हुई खेजड़ी कटने की घटना पर लोगों ने आक्रोश जताया। संत सच्चिदानंद, भागीरथ शास्त्री, आनंद प्रकाश ने कहा कि जब सरकार के मंत्री ने दो संभागों में खेजड़ी की कटाई पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है तो इस अपराध को क्यों नहीं रोका जा रहा है। आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रविवार को भी 51 लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कांग्रेस का पैदल मार्चपूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला अपने कार्यकर्ताओं के साथ महापड़ाव तक पैदल मार्च कर पहुंचे। उन्होंने खेजड़ी के महत्व को उजागर करते हुए मांग रखी कि सरकार को यथाशीघ्र ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सोलर पश्चिमी राजस्थान में प्रकृति के विनाश का एक बहुत बड़ा कारण बनेगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि पूर्व विधायक गिरधारी महिया, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, साइका समाज सहित कई समाजों के प्रतिनिधियों ने महापड़ाव में पहुंचकर आंदोलन का समर्थन दिया है। संभाग के श्रीगंगानगर सहित विभिन्न जिलों से भी पर्यावरण प्रेमी पहुंचे।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के कुलपति डॉ. बलदेव राज कंबोज की धर्मपत्नी संतोष कुमारी विवादों के घेरे में हैं। उन पर सरकारी आवास में रहते हुए गलत तरीके से 39 महीने तक करीब 3 लाख रुपए मकान किराया भत्ता (HRA) लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद अब विजिलेंस जांच और FIR दर्ज करने की मांग तेज हो गई है। संतोष कुमारी वर्तमान में एचएयू स्थित कैंपस स्कूल की निदेशक हैं। संतोष कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए उस अवधि का भी HRA लिया, जब वे अपने पति के साथ विश्वविद्यालय के आधिकारिक कुलपति निवास में रह रही थीं। नियमानुसार, यदि कोई कर्मचारी सरकारी आवास में रहता है, तो वह HRA का हकदार नहीं होता। मामला तब उजागर हुआ, जब एक प्रोफेसर डॉ. अनिल पणिक्कर द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई। बता दें कि, एचएयू के वीसी प्रो. बीआर कंबोज 2019 से एचएयू में हैं। वह पहले इसी यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार थे, इसके बाद वीसी बने। जांच में चौकाने वाली चीजें सामने आई आरटीआई से मिली सूचना में चौकाने वाली चीजें सामने आई। आरटीआई से पता चला कि इस मामले में शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच की गई, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित दंडात्मक विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। हिसार के जिला शिक्षा अधिकारी की इस संबंध में 1 अगस्त 2024 की एक रिपोर्ट भी मिली है। जिसके अनुसार, डॉ. अनिल पणिक्कर की शिकायत पर बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) हिसार-I और बीईओ हिसार-II ने इस मामले की जांच की थी। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में माना कि संतोष कुमारी ने सरकारी आवास (कुलपति निवास) में रहते हुए अनजाने में HRA लिया था। विभाग ने इस जांच के आधार पर गलत लिए गए HRA की राशि सरकारी खाते में जमा करवा ली है। कुलपति की पत्नी से जुड़े तीन मामले… आरटीआई के बेस पर विजिलेंस को शिकायत अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. रमेश चंद पुनिया और मुकेश सैनी ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत भेजकर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में तर्क दिया गया है कि यह केवल पैसे लौटाने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी धन की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने बार-बार जानबूझकर तथ्यों को छिपाया और गलत घोषणाएं कीं। हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत ऐसे मामलों में बड़ी सजा का प्रावधान है। शिकायत में कहा गया है कि एक शिक्षक और प्रिंसिपल जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का आचरण अनैतिक है। किराया भी नहीं दिया और भत्ता भी लिया डॉ. रमेश पूनिया ने बताया कि संतोष कुमारी जब हिसार के मंगली और रावलवास कलां स्कूलों में प्रिंसिपल और पीजीटी के पद पर तैनात थीं, तब वे अपने पति के साथ विश्वविद्यालय के सरकारी आवास (वीसी हाउस) में रह रही थीं। नियम कहता है कि सरकारी आवास में रहने वाला कर्मचारी HRA का हकदार नहीं होता, लेकिन मैडम ने न केवल इसे लिया बल्कि विभाग को यह जानकारी भी नहीं दी कि वे सरकारी आवास का उपयोग कर रही हैं।
अधूरा विस्थापन:रामगढ़ टाइगर रिजर्व में 20 परिवारों को 4 साल बाद भी इंतजार
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बसे गांवों के विस्थापन की सरकारी प्रक्रिया कागजों में तो पूरी हो चुकी, लेकिन जमीनी हकीकत में आज भी ग्रामीण जंगल में फंसे हुए हैं। हालात यह हैं कि वर्ष 2022 में गुलखेड़ी गांव से विस्थापन की शुरुआत होने के बावजूद 4 साल बाद भी 18 से 20 परिवार जंगल के बीच रहने को मजबूर हैं। न जमीन मिली, न पूरा मुआवजा। ऊपर से जंगली जानवरों का खौफ भी। वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा सर्वे सहित तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वर्ष 2022 में ग्राम गुलखेड़ी के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। वर्तमान में गुलखेड़ी गांव में 18 से 20 परिवार ऐसे हैं, जो लगातार विस्थापन का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार वन विभाग और प्रशासन से नियमानुसार विस्थापन की मांग कर चुके हैं। वन विभाग के अनुसार विस्थापन के लिए दो पैकेज दिए जा रहे हैं। पहले कैश पैकेज के तहत प्रति परिवार 15 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। दूसरे लैंड पैकेज में खातेदारी के बराबर भूमि के साथ एक हैक्टेयर अतिरिक्त भूमि देने का प्रावधान है। गुलखेड़ी गांव के सर्वे में 215 परिवार चिह्नित किए गए थे। इनमें से 213 परिवार विस्थापन के लिए सहमत हुए, जबकि 2 परिवार असहमत रहे। 193 परिवारों ने वन विभाग का कैश पैकेज लिया है, जबकि 20 परिवारों ने जमीन के बदले जमीन की मांग की है। इनसेट में : रामगढ़ रिजर्व का बाघ
अब जमीन की पैमाइश में इंच भर की भी गलती की गुंजाइश नहीं बचेगी। राजस्थान में जमीन विवाद, सीमांकन और सरकारी परियोजनाओं के सर्वे का चेहरा बदलने जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग पूरे प्रदेश में हाईटेक CORS नेटवर्क का बड़ा विस्तार कर रहा है, जिससे सेटेलाइट आधारित डिजिटल बाउंड्री सिस्टम लागू होगा। इसके जरिए जमीन की लोकेशन 3 से 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता से दर्ज की जा सकेगी। प्रदेश में पहले से सक्रिय 88 स्टेशनों के अलावा 84 नए स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। भरतपुर व अजमेर सहित कई जिलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीम अब जिलों में सरकारी भवनों और परिसरों में 5x5 मीटर भूमि का चयन करेगी, जहां ये स्थायी स्टेशन लगाए जाएंगे। सिस्टम एक्टिव होते ही जमीन की पैमाइश, नक्शा निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का सर्वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल जमीन विवाद घटेंगे बल्कि राजस्व रिकॉर्ड भी तकनीकी रूप से मजबूत होंगे। सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रदेश के 41 प्रमुख क्षेत्रों को इस नेटवर्क विस्तार में शामिल किया है।सर्वे ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम उन सरकारी परिसरों को प्राथमिकता देगी जो तकनीकी मापदंडों पर खरे उतरते हों। इनमें मुख्य रूप से सरकारी स्कूल परिसर, सुरक्षित शासकीय भवन या खाली पड़े सरकारी भूखंड शामिल होंगे । जमीन उपलब्ध होने के बाद यहाँ ‘जियोडेटिक एसेट्स’स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य और राष्ट्र स्तर की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके ।इससे जमीन की सही पैमाइश होगी। ‘स्वामित्व’ और ‘नक्शा’ जैसे प्रोजेक्ट्स के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों और जमीनों का जो सर्वे होगा, वह पूरी तरह डिजिटल और अचूक होगा। पहले जिस सर्वे में हफ़्तों लगते थे, इस तकनीक से वह काम अब बहुत कम समय में पूरा हो सकेगा। जीपीएस आधारित सटीक लोकेशन होने से जमीन के सीमा विवादों में कमी आएगी। तकनीक का कमाल: 3 से 5 सेमी. तक की अचूक शुद्धता हाईटेक सीओआरएस सिस्टम के जरिए किसी भी जगह की भौगोलिक स्थिति अब 3 से 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता से तुरंत मापी जा सकेगी। आने वाले समय में जमीन सर्वे, सीमांकन और बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की बुनियाद बनेगा। ‘स्वामित्व’, ‘नक्शा’, ‘अमृत’ और ‘रेवेन्यू लैंड मॉडर्नाइजेशन’ जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय अभियानों में यही डेटा आधार बनेगा, जिससे सर्वे और मैपिंग कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में बड़ा सुधार होगा। सीओआरएस (कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन) एक स्थायी सेटेलाइट आधारित ढांचा है, जो रियल टाइम लोकेशन डेटा उपलब्ध कराता है। इसके सक्रिय होने से जमीन के नक्शों में त्रुटियां कम होंगी, राजस्व रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे।
ऑटो और ई रिक्शा के चक्रव्यूह में फंसा ट्रैफिक
जवाहर मार्ग पर शनिवार को लंबे समय तक जाम लगा रहा। दरअसल, बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे ऑटो, ई रिक्शा कहीं पर भी रुककर सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं। इससे ट्रैफिक फंसने लगता है। ई रिक्शा की इसी समस्या को देखते हुए शहर को 7 सेक्टर में बांटकर ई रिक्शा के रूट तय किए गए थे। जनवरी 2026 में यह योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं कर सके हैं। यह नियम बनाए थे प्रत्येक सेक्टर को अलग-अलग रंग-कोडिंग और स्टिकर/पहचान दी जाएगी, ताकि यह पता चले कि किस ई-रिक्शा को किस सेक्टर में चलने की अनुमति है। साथ ही ई-रिक्शा स्टैंड भी चिन्हित किए जाएंगे और वैध दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्रेशन, सीरियल नंबर, रंग कोड आदि दिए जाएंगे। इसलिए हो रही देरी अभी तक सेक्टर-वाइज संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है। लगभग 3,000+ ई-रिक्शाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
प्रेग्नेंसी के दौरान की जाने वाली सोनोग्राफी और नॉन इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट (NIPT) समेत वे सभी हाईटेक जांचें, जिनसे भ्रूण का लिंग पता चलने की आशंका है, अब पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में लाई जाएंगी। केंद्र के निर्देश के बाद मप्र में अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब और IVF/ART सेंटर की मैपिंग शुरू होगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सभी जांचों के लिए पीसीपीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण जांच करना कानूनन अपराध माना जाएगा। इसमें 10 हजार रुपए जुर्माने और 3 साल तक की कैद का प्रावधान है। अब तक यह कानून मुख्य रूप से सोनोग्राफी जांचों पर लागू था। क्या है NIPT, जिसे लेकर बढ़ी सख्तीNIPT यानी नॉन इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट, गर्भवती के रक्त के सैंपल से की जाने वाली जांच है। इसमें भ्रूण के डीएनए की जानकारी मिलती है, जिससे कुछ आनुवांशिक बीमारियों का पता चलता है। लेकिन इसी प्रक्रिया से भ्रूण का लिंग सामने आने की आशंका भी रहती है।
प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में 133 बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है कि आय की तुलना में खर्च बढ़ गया। राजस्व आय और खर्चों के नकद बेमेल को दूर करने के लिए 91,251 करोड़ का रिजर्व बैंक से विशेष एडवांस लेना पड़ा। करीब 271 दिनों तक इस्तेमाल किए गए इस पैसे के बदले सरकार ने 161 करोड़ रुपए का ब्याज चुकाया है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की साल 2024—25 रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024—25 के दौरान राज्य सरकार ने सरकारी कंपनियों, जॉइंट वेंचर और सहकारी समितियों में 1047 करोड़ का निवेश किया था। इसी तरह रोडवेज में 855 करोड़ रुपए और राजस्थान पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड में 170 करोड रुपए का निवेश किया गया। रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार के 62 हजार 818 करोड़ के निवेश पर साल 2024—25 में केवल 6 करोड़ का लाभ हुआ था। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में राज्य सरकार ने अंश पूंजी के रूप में 62,818 करोड़ का निवेश था। सरकार कोई भी, कर्ज लेने में कमी नहीं प्रदेश में सरकार कांग्रेस की रही या फिर भाजपा की। सरकारों ने हर साल कर्ज लेने में कोई कमी नहीं छोड़ी। कैग रिपोर्ट से साफ है कि वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 में सरकार ने हर साल कर्ज लिया। महत्वपूर्ण पहलु यह है कि इसमें से ठोस विकास और भविष्य की संपत्तियां बनाने में उसका आधा भी खर्च नहीं किया। कर्ज का आधा हिस्सा प्रशासनिक और दूसरे खर्चों में चला गया। सरकार ने 2024-25 में 59,098 करोड़ का कर्ज लिया और उसमें से पूंजीगत खर्च 30,777 करोड़ ही किया। साल 2020-21 में सरकार ने 48,941 करोड़ का कर्ज लिया लेकिन पूंजीगत खर्च 15,271 करोड़ ही रहा। पंचायत-निकायों के अनुदान में 15000 करोड़ की बढ़ोतरी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को दिए जाने वाले अनुदान के पैसे में करीब 15000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साल 2020-21 में 39,745 करोड़ रुपए दिए गए थे जो 2024-25 में बढ़कर 54,819 करोड रुपए हो गए। जिला परिषद , पंचायत समितियां और नगर पालिकाओं को 2024-25 में 4819 करोड रुपए दिए गए इस में से जिला परिषदों को 7940 करोड़, नगर पालिका और नगर निगम को सजा 7355 करोड़, पंचायत और पंचायत समितियां को 12,313 करोड़ का अनुदान दिया गया।
शीशे तोड़ने का असफल संघर्ष:पुल की रेलिंग तोड़कर नहर के पानी में गिरी कार, तीन की मौत
इटारसी-पथरौटा मार्ग पर शुक्रवार रात तेज रफ्तार कार पुल की रेलिंग तोड़कर पथरौटा की बड़ी नहर में जा गिरी, जिसमें लकी पटेल (30) रैसलपुर, शिवम तिवारी (26) छीरपानी और अभय चौहान (19) इटारसी की मौके पर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक कार के अंदर फंसे रहे और शीशे तोड़ने की कोशिश करते रहे। सूचना पर पुलिस व नर्मदापुरम से एसडीआरएफ टीम पहुंची। प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार पानी में लॉक हो गई थी। करीब ढाई घंटे बाद क्रेन से कार बाहर निकाली गई। तीनों परिवारों में मातम पसरा है। लकी साईनाथ इलेक्ट्रिशियन सर्विस चलाता था, शिवम किसान संघ पदाधिकारी का बेटा था, जबकि अभय फैक्ट्री कर्मचारी का पुत्र था। हादसे के बाद जर्जर पुल और कमजोर रेलिंग को लेकर लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। 48 साल पुराना पुल, सुरक्षा इंतजाम नहीं पथरौटा मार्ग का पुल 1978 में बना था। सीमेंट रेलिंग टूटने के बाद केवल पतले लोहे के पाइप लगाए गए, जो हाथ लगाने से हिलते हैं। ढाल और मोड़ पर सुरक्षा दीवार नहीं है। जनवरी 2026 में भी यहां ऑटो हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। कार पानी में गिर जाए ये करें कार के पानी में गिरते ही संभलने के महज 30 से 60 सेकंड होते हैं। ऐसे में पानी के दबाव से दरवाजे नहीं खुलते। तुरंत शीशे नीचे कर दें। यदि शीशा न खुले, तो सीट के हेड रेस्ट को निकालकर लोहे की रॉड से खिड़की का कांच व सामने का कांच तोड़ें। खिड़की से निकलें। -अमृता दीक्षित , प्लाटून कमांडर एसडीआरएफ हादसे की मामले की जांच चल रही है। पीएम रिपोर्ट में पता चल पाएगा कि युवकों में किसी ने शराब तो नहीं पी थी। हालांकि कार से एक शराब की खाली बोतल मिली है। - संजीव पवार, थाना प्रभारी पथरौटा
भिंड नगर पालिका में संबल योजना और कर्मकार मंडल घोटाले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंजू अर्गल, संतोष शाक्य और जितेंद्र वर्मा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मंजू ने 16 बैंक खातों में 32 लाख और संतोष ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र नगर पालिका के सामने ऑनलाइन कंप्यूटर दुकान चलाता था और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाता था। 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2024 के बीच 152 हितग्राहियों की सहायता राशि दूसरे खातों में भेजकर करीब 3 करोड़ 4 लाख रुपए का गबन किया गया। मामले की जांच सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत कर रहे हैं। इससे पहले मुख्य आरोपी बाबू राजेंद्र चौहान समेत अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कैसे हुआ 3 करोड़ का फर्जीवाड़ा : संबल और कर्मकार मंडल योजना में मृत हितग्राहियों के परिवार को 2-2 लाख रुपए मिलना था, लेकिन राशि 152 फर्जी खातों में भेज दी गई। जांच समिति की रिपोर्ट 18 जुलाई 2024 को कलेक्टर को सौंपी गई थी। इसके बाद तत्कालीन सीएमओ व कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों की भूमिका : मंजू 0 अर्गल ने खुद और परिवार के खातों में 32 लाख रुपए लिए। संतोष शाक्य ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र वर्मा ने अपनी ऑनलाइन दुकान से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और अपनी मां व पत्नी के खातों में 4 लाख रुपए डलवाए। दैनिक भास्कर ने पहले ही दलालों के नाम उजागर किए थे।
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के स्टेट हाइवे-15 बाड़ी-बकतरा टोल वसूली में सरकारी खजाने को 9.35 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। यहां जिस टोल कंपनी के पास रखरखाव का काम था, उसके ठीक से काम नहीं करने पर एमपीआरडीसी ने 9,41,24,775 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। शुरुआत में यह 6.39 करोड़ रुपए था, लेकिन ब्याज और अन्य राशि मिलाकर यह बढ़कर 9.41 करोड़ रुपए हो गया। संभागीय स्तर के अफसरों ने 21 नोटिस जारी करके इतनी राशि तय की थी, जिसे बाद में कुछ अफसरों ने केवल 6.23 लाख रुपए में बदलकर पूरा निपटा दिया। यह पूरा मामला हाल ही में तब सामने आया, जब इसकी जांच के लिए एमपीआरडीसी ने दस दिन पहले एक कमेटी बनाई। यह है मामला स्टेट हाइवे-15 बाड़ी, बकतरा पर करीब 58.80 किमी सड़क पर बीओटी मॉडल पर बाड़ी बकतरा टोल प्राइवेट लिमिटेड को साल 2016 में दस साल के लिए काम सौंपा गया था। अनुबंध के मुताबिक गुजरात की इस कंपनी को टोल वसूली के साथ-साथ सड़क का नियमित रखरखाव, नवीनीकरण और मरम्मत भी करनी थी। हर साल सड़क की कुल लंबाई में से 15 फीसदी पर बिटुमिन वर्क करना था। लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि कंपनी ने पांच के अनुबंध के दौरान रखरखाव नहीं किया और टोल वसूली लगातार जारी रखी। 21 नोटिस के बाद तय की थी 9.41 करोड़ रुपए की राशि कंपनी को काम मिलने के दूसरे साल से ही सड़क में मेंटनेंस नहीं होने की शिकायत मिलने लगी। इसके बाद एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर की तरफ से इस कंपनी को लगातार नोटिस दिए जाने लगे। खासकर साल 2019 से 2022 के बीच सबसे अधिक नोटिस दिए। इन नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे, टूट-फूट और दुर्घटना की स्थिति बनने लगी थी। इसके बाद भी कंपनी ने मरम्मत नहीं कराई। एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने बताया कि हमने कमेटी बनाकर जांच शुरू करवा दी है। 28 जनवरी को गठित की गई कमेटी में तकनीकी सलाहकार आरके मेहरा को अध्यक्ष, जीएम बीओटी आरएस चंदेल और विधिक सलाहकार स्वास्तिक सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया है।
सरकारी स्कूल निजी संस्थानों से बेहतर हो रहे : रिंटू
अमृतसर| पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत स्कूल ऑफ एमिनेंस फॉर गर्ल्स, मॉल रोड में दूसरी ‘अभिभावक कार्यशाला' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। विशेष अतिथियों में उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना और एसएमसी चेयरमैन गुरप्रीत कटारिया शामिल रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षाओं के मद्देनजर बच्चों के लिए घर में शांत, सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना था। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय प्रेम और धैर्य से संवाद करें। उन्हें सलाह दी गई कि मोबाइल व टीवी का उपयोग सीमित करें और बच्चों की तुलना दूसरों से करने से बचें, ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे। इस दौरान अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों और प्रारंभिक संकेतों की पहचान के प्रति भी जागरूक किया गया। मुख्यातिथि करमजीत सिंह रिंटू ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दे रही है। आज सरकारी स्कूल निजी संस्थानों से बेहतर हो रहे हैं और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कड़ी मेहनत और सत्यनिष्ठा के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का आह्वान किया। स्कूल की प्रिंसिपल मनदीप कौर ने सभी का स्वागत करते हुए विद्यालय की सुविधाओं और विद्यार्थियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
गुरु साहिब के खिलाफ टिप्पणी: गुरजंट सिंह अकाल तख्त पर तलब
भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के आदेश के तहत बरनाला के गुरजंट सिंह को हाल ही में एक गुरमत समागम के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में श्री गुरु नानक देव जी के सम्मान एवं गरिमा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल करने के नतीजतन अकालतख्त पर तलब किया है। गुरजंट को 9 फरवरी को सुबह 10 बजे खुद अकाल तख्त सचिवालय पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं। जत्थेदार गड़गज्ज ने साफ किया कि दुनिया के किसी भी व्यक्ति को सम्मानित सिख गुरुओं के सम्मान और गरिमा के खिलाफ कुछ भी कहने और उनके सम्मान को कम करने की कोशिश करने का अधिकार नहीं है। श्री अकाल तख्त साहिब और पूरा खालसा पंथ ऐसी घटना को कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
कांग्रेसियों का मानसिक संतुलन बिगड़ा: धालीवाल
अमृतसर| आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा की ओर से आप मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के परिवारिक सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर कहा कि कांग्रेसियों का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। धालीवाल ने कहा कि जब इनके आका पप्पू (राहुल गांधी) का ही दिमागी संतुलन ठीक नहीं तो फिर बाजवा-वंडिंग के मेंटल हेल्थ के बारे में क्या कहा जाए। उन्होंने कहा कि पप्पू से लेकर नीचे तक के कांग्रेसी बौखला गए हैं। इनके लिए सीएम भगवंत मान से पंजाब में पागलखाना खोलने की सिफारिश करनी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पप्पू के मानसिक संतुलन खो जाने का आलम यह है कि कोई पता नहीं वह कब नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से बाहर निकाल दें तथा कोई पता नहीं कब वापस शामिल कर लें। उन्होंने बाजवा को चुनौती देते हुए कहा कि ईटीओ पर टिप्पणी करने से पहले अपने गिरेबान में झांकें।
बीबीके डीएवी कॉलेज ने जीती ओवरऑल ट्रॉफी
अमृतसर| बीबीके डीएवी कॉलेज फॉर विमेन ने राज्य-स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रतियोगिताओं में ओवरऑल ट्रॉफी पर कब्जा किया है। मानवीय, शैक्षणिक और रचनात्मक श्रेणियों में कॉलेज की छात्राओं ने असाधारण प्रदर्शन कर संस्थान का नाम रोशन किया। कॉलेज की टीम ने फर्स्ट एड (प्राथमिक चिकित्सा), क्विज और पोस्टर मेकिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किया। राज्य भर के विभिन्न संस्थानों के बीच मिली यह जीत कॉलेज की छात्राओं की कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है। प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी कॉलेज द्वारा दी जाने वाली समग्र और मूल्य-आधारित शिक्षा का परिणाम है। इस अवसर पर डॉ. अनीता नरेंद्र (डीन, कम्युनिटी डेवलपमेंट), डॉ. बेनू कपूर (कोऑर्डिनेटर रेड क्रॉस) और सुश्री अक्षिका भी उपस्थित रहीं और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
अजय जमवाल ने दिए संकेत:एक से डेढ़ महीने में मध्य प्रदेश भाजपा को मिल जाएगा नया संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा को नया संगठन महामंत्री एक-डेढ़ माह में मिल सकता है। संभाग प्रभारियों, प्रदेश पदाधिकारी व प्रशिक्षण वर्ग से जुड़ी बैठक में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल ने ये संकेत दिए। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। जमवाल के इस संकेत से उन अटकलों का पटाक्षेप हो सकता है, जिसमें महाराष्ट्र, केरल या गुजरात की तर्ज पर मप्र भाजपा भी बिना संगठन महामंत्री के ही चलेगी। मार्च में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिनिधि सभा की बैठक है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि आरएसएस ने कोई निर्णय लिया है तो उसकी जानकारी प्रतिनिधि सभा में मिलेगी। तब तक जमवाल ही मप्र में पूर्व संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की भूमिका में रहेंगे। बैठक में खंडेलवाल ने भी कहा कि पार्टी को अजय जमवाल जी का मार्गदर्शन मिलता रहेगा। इस बैठक के बाद खंडेलवाल और जमवाल की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भी बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि जितनी भी अलग-अलग नियुक्तियों को लेकर आमराय बन चुकी है। उन्हें जारी किया जाए। इसी के बाद देर शाम जिला प्रभारियों की नियुक्ति के आदेश जारी हो गए। जिलों की टीम भी जल्द... जमवाल ने सभी प्रभारियों और प्रदेश पदाधिकारियों से कहा कि वे इस कोशिश में जुटे हैं कि जिलों में जितनी भी पेंडेंसी है, उसे निपटाया जाए। यानि बचे हुए जिलों की कार्यकारिणी, मंडलों की टीम और मोर्चे की टीमों की घोषणा जल्द हो। इसी के साथ जेल, स्वास्थ्य और कॉलेजों की समितियां फाइनल की जाएं। निकायों में एल्डरमैन बनने हैं, इसमें महापौरों को भी तवज्जो देकर उनके नाम लो। सूची जारी करो। जमवाल ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों व प्रशिक्षण प्रोग्राम को भी करने की बात कही। भाजपा ने घोषित किए 62 जिला प्रभारी बड़े जिलों में संभाग के बाहर के नेता को कमान, 6 में महिलाओं को भाजपा ने संगठनात्मक नियुक्तियां करते हुए शनिवार को 62 जिला प्रभारियों की नियुक्ति कर दी। प्रदेश के बड़े और प्रभावशाली जिलों की कमान संभाग के बाहर के नेता को दी गई है, जो 300 से 600 किमी दूर के जिलों का प्रभार संभालेंगे, जबकि पूर्व में यह दूरी 150 किमी तक रखी थी। प्रभारियों में कई मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक व पूर्व सांसदों को जगह मिली है। कुछ चुनाव हारे हुए नेताओं को भी प्रभार देकर संगठन में एडजस्ट किया है। भोपाल मध्य से चुनाव हारे ध्रुव नारायण सिंह को राजगढ़ जिले का , विकास वीरानी को सीहोर, आलोक संजर को जबलपुर शहर का प्रभार सौंपा गया है। वहीं बड़े जिलों में भोपाल शहर का जसवंत सिंह हाड़ा (शाजापुर), इंदौर शहर का राजेश सोलंकी (ग्वालियर), ग्वालियर शहर का गोपीकृष्ण नेमा (इंदौर), उज्जैन शहर का बजरंग पुरोहित (रतलाम), सागर शहर का लोकेंद्र पाराशर (ग्वालियर), रीवा का प्रभार रविंद्र चौहान (ग्वालियर) को सौंपा। पार्टी ने 10 प्रतिशत यानी 6 जिलों का प्रभार महिला नेताओं को सौंपा है। अर्चना सिंह को दमोह, नंदिता पाठक को मैहर, मनीषा सिंह को जबलपुर ग्रामीण, राजो मालवीय को रायसेन, संगीता सोनी को खरगौन और बबीता परमार को उज्जैन ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न्यायाधीश ने जेल में की बैरकों और खाने की जांच
भास्कर न्यूज | अमृतसर सेंट्रल जेल में कैदियों-हवालातियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को जांच की गई। न्यायाधीश जतिंदर कौर के नेतृत्व में न्यायिक अधिकारियों की टीम ने जेल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान कैदियों-हवालातियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दो सप्ताह का विशेष मेडिकल कैंप लगाने के आदेश दिए गए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट परमिंदर कौर बैंस, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुप्रीत कौर और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव अमरदीप सिंह बैंस भी मौजूद रहे। दौरे की व्यवस्था केंद्रीय जेल अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा की ओर से की गई। न्यायिक टीम ने जेल की बैरकों, रसोईघर, मेडिकल सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और जेल रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की गहन जांच की गई। निरीक्षण में बैरकें और रसोईघर साफ-सुथरे पाए गए और कुल मिलाकर व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं। जांच के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने अंडरट्रायल और सजा काट रहे कैदियों से बातचीत की, उनकी शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अंडरट्रायल कैदियों को समय पर अदालत में पेश करने, अदालती आदेशों के पालन और मानवीय सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कैदियों-हवालातियों की ओर से उठाई गई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि सेंट्रल जेल में दो सप्ताह का विशेष मेडिकल कैंप लगाया जाए। इसके साथ ही पोर्टेबल जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए, ताकि कैदियों-हवालातियों की समय पर जांच, निदान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। डीएलएसए सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने कैदियों के लिए कानूनी जागरूकता सत्र भी आयोजित किया। इसमें मुफ्त कानूनी सहायता, लोक अदालत, प्ली बार्गेनिंग और अन्य कानूनी सेवाओं की जानकारी दी गई। महिला कैदियों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर कैदियों पर विशेष ध्यान दिया गया। दौरे के दौरान जेल में चल रही कानूनी सहायता क्लीनिकों, जेल लोक अदालतों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स के कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही पुनर्वास और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इस न्यायिक जांच के माध्यम से जिला न्यायपालिका और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण अमृतसर ने कैदियों/ को न्याय, कल्याण और सुधारात्मक जेल प्रशासन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जेल अधीक्षक ने सभी निर्देशों के पूर्ण पालन का भरोसा दिलाया।
तेज रफ्तार जीप ऑटो और कार से टकराई, दंपति जख्मी
भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित होते-होते रह गई। एक बेकाबू तेज रफ्तार जीप ने सड़क किनारे खड़े ऑटो रिक्शा और एक कार को टक्कर मार दी। हादसे में एक बुजुर्ग दंपती घायल हो गए, जबकि एक ऑटो रिक्शा सहित कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई। यह घटना शुक्रवार शाम 4 बजे मजीठा रोड की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिती का जायजा लिया। पीड़ित कार मालिक ऋषभ सेठी ने बताया कि उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी की थी। इसी दौरान ढिल्लों कार वॉशिंग सेंटर का एक कर्मचारी तेज रफ्तार में जीप चलाता हुआ आया। सबसे पहले जीप ने सड़क किनारे खड़े बुजुर्ग दंपति को टक्कर मारी। इसके बाद जीप ऑटो रिक्शा से टकराई और फिर ऋषभ की खड़ी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार सड़क के दूसरी ओर जा पहुंची। स्थानीय लोगों ने घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें जीप की तेज रफ्तार और बेकाबू अंदाज साफ दिखाई दे रहा है। घटना के बाद जीप में सवार दो लोग मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थाना सदर पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के बाहर वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत
अमृतसर| अस्पताल के बाहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक दिन के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह घटना 5 फरवरी की है। पुलिस को दी शिकायत में सुखजीत सिंह निवासी गांव जसपाल, तहसील बाबा बकाला ने बताया कि वह आर्मी से रिटायर्ड हैं। 5 फरवरी को उनकी बहन बलजिंदर कौर, पत्नी दर्शन सिंह, इलाज के लिए जीटी रोड स्थित अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी देखभाल के लिए वह और उनके जीजा दर्शन सिंह अस्पताल पहुंचे हुए थे। वह और उनके जीजा अस्पताल के बाहर खड़े थे। इसी दौरान वह करीब दो मिनट के लिए अपनी कार की चाबी लेने अस्पताल के अंदर चले गए। जब वह वापस लौटे तो उनके जीजा दर्शन सिंह गंभीर हालत में सड़क पर गिरे हुए थे। लोगों ने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी है। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एएसआई रणजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में सीसीटीवी खंगाल रहे हैं। जल्द आरोपी को काबू किया जाएगा।
हेरोइन, ड्रग मनी और लग्जरी कार सहित दो तस्कर पकड़े
भास्कर न्यूज | अमृतसर नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी गैंगस्टर सेल सिटी ने दो मामलों में 817 ग्राम हेरोइन, 12 हजार रुपए ड्रग मनी और एक लग्जरी कार समेत दो नशा तस्करों को काबू किया है। दोनों मामलों में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। एसीपी क्राइम हरमिंदर सिंह ने बताया कि पहला मामला थाना छेहर्टा का है। जिसमें आरोपी सरबजीत सिंह उर्फ बब्बा निवासी गांव छिडन लोपोके को काबू किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 615 ग्राम हेरोइन और 4500 रुपए ड्रग मनी बरामद की। जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर गांव छिडन क्षेत्र से 500 ग्राम हेरोइन ओर बरामद की गई। इसी तरह, दूसरा मामला थाना कंटोनमेंट का है, जिसमें पुलिस ने आरोपी विजय पाल सिंह उर्फ जग्गू निवासी गांव गालोवाली, थाना मजीठा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को लोहारका रोड से कार के साथ काबू किया गया। तलाशी के दौरान 202 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि जांच में उसके घर से 7500 रुपए ड्रग मनी भी जब्त की गई। एंटी गैंगस्टर सेल के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
धमकी देने के मामले में पिता-पुत्र पर केस
अमृतसर| कंटोनमेंट थाना के इलाके में धमकी देने और रास्ता रोकने के मामले में पुलिस ने बाप-बेटे के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में हरप्रीत सिंह निवासी संधू कॉलोनी, छेहर्टा ने बताया कि उनका बेटा शैल सिंह (26) का कंवर गुरशेर सिंह संधू से पुराना विवाद चल रहा है। 5 फरवरी को कंवर गुरशेर सिंह संधू उनकी वर्ना कार में उनके बेटे के ससुराल, रणजीत एवेन्यू पहुंचा और उनके बेटे को धमकियां देकर चला गया। हरप्रीत सिंह ने बताया कि इसी संबंध में वह शिकायत देने के लिए थाना कंटोनमेंट पहुंचे थे। इसी दौरान थाने के बाहर कंवर गुरशेर सिंह का पिता नवशेर सिंह संधू अपनी कार लेकर वहां आ पहुंचा। कार पर नंबर प्लेट पीबी-13-जे-0098 लगी हुई थी, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि वही कार पहले पीबी-11-एफएल-2753 नंबर प्लेट के साथ धमकी देने के समय इस्तेमाल की गई थी। आरोप है कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार नवशेर सिंह संधू ने उन्हें देखते ही जान से मारने की धमकियां भी दीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली। एएसआई मुकंदबीर सिंह ने बताया कि कार की नंबर प्लेट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जीएनडीयू में टिकाऊ कृषि, पोषण स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) के गुरु ग्रंथ साहिब भवन में टिकाऊ कृषि, भोजन, स्वास्थ्य और एग्री-लॉजिस्टिक्स पर आधारित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, डॉक्टरों और शिक्षाविदों ने कृषि, पोषण और स्वास्थ्य के भविष्य को लेकर गहन मंथन किया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत अरदास और स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड इनोवेशन की गतिविधियों और सम्मेलन के उद्देश्यों को प्रस्तुत किया गया। वाइस चांसलर प्रो. कर्मजीत सिंह ने टिकाऊ विकास, अंतर-विभागीय समन्वय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। पहले दिन के सत्रों में यह बात सामने आई कि टिकाऊ खेती, पोषण विज्ञान, स्वास्थ्य नवाचार और न्यूट्रिशन के क्षेत्र में हो रही प्रगति से समाज को सीधा लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बीमारियों की रोकथाम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन समारोह के दौरान ‘पंजाब में जल संसाधन प्रबंधन: साझा जिम्मेदारी की ओर’ विषय पर आधारित वर्कशॉप प्रोसीडिंग्स जारी की गईं, जिन्हें डॉ. एसएस कुकल (एमजीएसआईपीए, चंडीगढ़) ने तैयार किया है। इसमें जल संरक्षण के लिए नीति-स्तरीय और सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया गया। सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए, पहला एमओयू जापान की एआईएसटी संस्था और जीएनडीयू के बीच हुआ, जिसमें डॉ. सुनील कौल की मौजूदगी रही। इससे लाइफ साइंस, बायोटेक्नोलॉजी और न्यूट्रास्यूटिकल्स के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग मजबूत होगा। दूसरा एमओयू आईएपी ईएन और जीएनडीयू के बीच हुआ, जिसमें फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल से गुरजीत कौर शामिल रहीं। इससे पोषण और डायटीटिक्स के क्षेत्र में अकादमिक और क्लीनिकल सहयोग को गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश में सर्दी फिर से बढ़ गई है। करीब 15 दिन के बाद रात का टेम्पेरेचर 4 डिग्री से नीचे आ गया है। कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे हैं। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री है, जबकि 13 शहरों में टेम्पेरेचर 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। बीती तीन रात से ठंड का असर बढ़ा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार-शनिवार रात की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा। करौंदी में 3.5 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 4.9 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो में 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड में तापमान 9.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग की माने तो अगले 2 दिन तक तेज सर्दी रहेगी। इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में भी पारा 13 डिग्री से नीचे चल रहा है। इन्हीं जिलों में 8 और 9 फरवरी को भी ठंड का असर बढ़ा हुआ रहेगा। इधर, रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल में हल्का कोहरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल कोहरे और बारिश की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप खिलेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना आदि जिलों में सर्द हवाएं भी चलेगी। देर रात और अलसुबह ठंड ज्यादा असर दिखाएगी। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम नए सिस्टम का असर देखने को मिलेगापश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 12 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है। यानी, अगले 5 दिन तक तो प्रदेश में बारिश या ओले गिरने का अनुमान नहीं है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्मभोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
पुलिस ने 12 मामलों में जब्त नशीले पदार्थ किए डिस्पोज
अमृतसर| सिटी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को शनिवार को नष्ट करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई खन्ना पेपर मिल में की गई, जहां ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी और निगरानी में नशे को बॉयलर में डालकर जलाया गया। ड्रग डिस्पोजल कमेटी के चेयरमैन डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 12 अलग-अलग मामलों में बरामद नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। इस दौरान एडीसीपी डिटेक्टिव जगबिंदर सिंह और एसीपी डिटेक्टिव हरमिंदर सिंह भी कमेटी सदस्य के रूप में मौजूद रहे। नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत जब्त नशीले पदार्थों को सही तरीके से निपटान किया जा रहा है, ताकि इनके दोबारा दुरुपयोग की कोई संभावना न रहे। इस दौरान 2 किलो 320 ग्राम हेरोइन, स्मैक 990 ग्राम, नशीली गोलियां 965, चरस 230 ग्राम को नष्ट किया गया।
अलवर टाइगर मैराथन 2026 (इंटरनेशनल हॉफ मैराथन) रविवार सुबह साढ़े 5 बजे प्रताप ऑडिटोरियम के सामने से शुरू हो गई। एक दिन पहले ही रात को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दिया कुमारी, एक्टर रणवीर हुड्डा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व वन राज्य मंत्री संजय शर्मा अलवर पहुंच गए। इस मैराथन में भारत सहित कुल 8 देशों से 18 हजार 600 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में पहले नंबर पर आने वाले खिलाड़ी को 7500 डॉलर ईनाम मिलेगी। कुल 8 कैटेगिरी में मैराथन है। सब विजेताओं को ईनाम मिलेगा। कई देशों में मैराथन में पहले 5 नंबर तक आने वाले खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं। केन्या, नीदरलैंड व साउथ अफ्रिका सहित 7 अन्य देशों के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर व 2 किलोमीटर की दौड़ होगी। खास बात यह है कि यहां 2 किलोमीटर में दौड़ में करीब डेढ़ हजार से अधिक दिव्यांग दौड़ेंगे। यह संख्या में पिछली बार से तीन गुना से अधिक है।
लवरोज कौर ने पास की यूजीसी नेट परीक्षा
अमृतसर| खालसा कॉलेज के ‘मास्टर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन' (सत्र 2024-25) की छात्रा लवरोज कौर ने पत्रकारिता विषय में यूजीसी नेट की परीक्षा 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण कर संस्थान का नाम रोशन किया है। लवरोज कौर वर्तमान में कॉलेज में ही असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। संस्थान के लिए गर्व का विषय इस शानदार उपलब्धि पर खालसा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. महल सिंह और खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा ने छात्रा को विशेष रूप से बधाई दी। डॉ. महल सिंह ने कहा कि यह सफलता संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और शैक्षणिक मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रिंसिपल डॉ. रंधावा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि लवरोज की मेहनत और मीडिया शिक्षा के प्रति उनका समर्पण काबिले-तारीफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा शिक्षकों की ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं। विभाग में खुशी की लहर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की अध्यक्ष डॉ. सान्या मरवाहा ने लवरोज को एक मेहनती और समर्पित छात्रा बताया।
पीड़ितों से मिले राहुल-प्रियंका:सिंगरौली दौरे पर आ सकते हैं राहुल गांधी
मप्र के सिंगरौली जिले में जंगलों की अंधाधुंध कटाई और खनन से प्रभावित आदिवासियों की गूंज अब दिल्ली के गलियारों में सुनाई दी है। शनिवार को राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। राहुल गांधी ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और जल्द ही सिंगरौली का दौरा भी कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल को बताया कि सिंगरौली के दो कौल ब्लॉक इलाकों में अडानी समूह द्वारा संचालित खदानों के लिए बिना ग्राम सभा की अनुमति के हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं। आदिवासियों ने आरोप लगाया कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर खदानों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे उनकी संस्कृति और आजीविका खतरे में है। राहुल गांधी ने साफ किया कि इस मुद्दे को संसद के चालू सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहीं, प्रियंका गांधी ने भी विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान पर गहरी चिंता जताई। बैठक में बासी बेरधा के पीड़ित अशोक पैगाम और सोनमति ने अपनी आपबीती सुनाई।
‘यंग लीडर्स डायलॉग' में खालसा यूनिवर्सिटी की छात्रा ने रखे विचार
भास्कर न्यूज | अमृतसर खालसा यूनिवर्सिटी की बीकॉम छात्रा शरन्या अरोड़ा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026’ में हिस्सा लेकर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांस्लर डॉ. महल सिंह और एकेडमिक डीन डॉ. सुरिंदर कौर ने छात्रा को बधाई दी। डॉ. महल सिंह ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास और उत्कृष्टता के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यह नेशनल प्लेटफॉर्म देश के युवाओं को लीडरशिप, गवर्नेंस और इनोवेशन जैसे विषयों पर चर्चा के लिए प्रेरित करता है, ताकि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। इस आयोजन में देश के नीति निर्माताओं और विद्वानों के बीच शरन्या ने नेशन बिल्डिंग और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। डॉ. सुरिंदर कौर ने कहा कि ऐसी भागीदारी यूनिवर्सिटी के नेतृत्व-केंद्रित वातावरण को दर्शाती है।
श्रीराम आश्रम स्कूल में ओरिएंटेशन कार्यक्रम
अमृतसर| श्रीराम आश्रम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘ओरिएंटेशन कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य बच्चों को भावी कक्षाओं के लिए दिशा निर्देश देना था। आठवीं कक्षा के पश्चात बच्चों को नए विषयों का चुनाव करना होता है ताकि वह आगामी जीवन के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित कर सके। प्रिंसिपल नीतू शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सही दिशा निर्देशित कर उनमें आत्मविश्वास उत्पन्न कर नए वातावरण के अनुकूल बनाना है। जिससे वह भावी जीवन की चुनौतियों का सामना कर सके। स्कूल के प्रधान बलबीर बजाज ने बताया कि हमारा विद्यालय निरंतर विद्यार्थियों के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करता है।
डीएवी स्कूल में ‘तनाव प्रबंधन' पर कार्यशाला
अमृतसर| डीएवी पब्लिक स्कूल, लॉरेंस रोड में ‘तनाव प्रबंधन’ विषय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र में फरीदाबाद से डॉ. राखी पुरी और अमृतसर से शबनम शर्मा ने संसाधन विशेषज्ञ के तौर पर शिरकत की। विशेषज्ञों ने कहा कि तनाव को दबाव के रूप में देखने के बजाय जीवन का स्वाभाविक हिस्सा मानना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण और मुस्कान के साथ चुनौतियों का सामना करने पर बल दिया। इंटरएक्टिव सत्र और वीडियो के माध्यम से प्रतिभागियों को तनाव के कारणों की पहचान करने और व्यावहारिक रणनीतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। स्कूल की प्रिंसीपल डॉ. पल्लवी सेठी ने विशेषज्ञों के रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि तनाव हमारे भीतर का एक भाव है, इसे बीमारी समझने के बजाय संतुलन बनाना सीखना अनिवार्य है। उन्होंने सभी को कार्यशाला में सीखी गई बातों को दैनिक जीवन में उतारने के लिए प्रोत्साहित किया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे वातावरण संवादात्मक और ऊर्जावान बना रहा।
शिक्षा क्रांति से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली : गुप्ता
अमृतसर| केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, नवाकोट के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में नवनिर्मित कमरों, एलईडी और कंप्यूटर आधारित आधुनिक शिक्षा प्रणाली का निरीक्षण किया। विधायक ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ‘शिक्षा क्रांति' का ही असर है कि आज हजारों विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। स्कूल की प्रिंसिपल नवदीप गिल ने विधायक का धन्यवाद करते हुए कहा कि स्कूल की बेहतरी के लिए डॉ. गुप्ता हमेशा तत्पर रहते हैं। इस अवसर पर मनजीत सिंह, सुखविंदर कौर, रेखा, हरजीत कौर और स्कूल स्टाफ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वॉयस ऑफ अमृतसर ने मानव अधिकारों पर करवाया सेमिनार
भास्कर न्यूज | अमृतसर वॉयस ऑफ अमृतसर सामाजिक सेवा संस्था की ओर से मानव अधिकारों के विषय पर विरसा विहार में एक दिवसीय सेमिनार करवाया गया। संस्था की अध्यक्ष इंदु अरोड़ा और सचिव राजा इकबाल सिंह ने बताया कि मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संस्था द्वारा यह पहल की गई है। इस अवसर पर पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी, सदस्य मानव अधिकार आयोग पंजाब राज्य एवं यूटी चंडीगढ़, विशेष रूप से मुख्यातिथि एवं वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। इस मौके पर डीसी दलविंदरजीत सिंह, श्रीवनीला एडीसीपी पुलिस और सिविल सर्जन सतिंदरजीत सिंह बजाज भी विशेष रूप से मौजूद रहे। संस्था के संस्थापक डॉ. राकेश शर्मा, सीनू अरोड़ा तथा कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया। इ स दौरान पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने शहरवासियों से रूबरू होकर उनके सवालों के जवाब भी दिए। संस्था के यूथ प्रधान अमनदीप सिंह और फाउंडर मेंबर मानवदीप सिंह ने बताया कि इस सेमिनार में शहर के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और मानव अधिकारों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

