आजमगढ़ जिले के आउटर वाले इलाकों में बारिश शुरू हो गई है। हालांकि जिले में अभी बारिश नहीं हो रही है। गर्मी और उमस से आम जनता परेशान है। जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में रात में बारिश के साथ ही सुबह फिर से बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटा में जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिले का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है हालांकि खराब मौसम के बाद भी जिस तरह से उमस और गर्मी बढ़ी है। उससे लोगों को काफी समस्या हो रही है। जिले में हो रही इस बारिश से धान की रोपाई करने वाले किसानों को काफी फायदा मिलेगा। मौसम विभाग का दावा है कि उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर हो रहा है। हालांकि अयोध्या, लखनऊ और मथुरा में बारिश हो रही है। सरकार ने सतर्कता बरतने की अपील प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम विभाग के लगातार हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले तीन दिनों के बाद मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।
ललितपुर के पुलिस लाइन में आयोजित 29वीं अंतरजनपदीय बैडमिंटन एवं टेनिस प्रतियोगिता का समापन बुधवार को होगा। समापन दिवस पर विभिन्न वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें खिलाड़ियों के बीच खिताब के लिए रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। मंगलवार को बैडमिंटन की पुरुष और महिला टीम चैंपियनशिप के कई मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता में कानपुर जोन के नौ जिलों—कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, फतेहगढ़, इटावा, झांसी, जालौन, ललितपुर और कानपुर नगर—की टीमों ने हिस्सा लिया। पुरुष सिंगल के फाइनल में इटावा के पवन का मुकाबला ललितपुर के अब्दुल नफीस से होगा। वहीं पुरुष डबल के फाइनल में झांसी के कादिम अली और हरगोविंद की जोड़ी ललितपुर के अब्दुल नफीस और महेंद्र के सामने होगी। सेमीफाइनल में इन टीमों ने बनाई जगह पुरुष टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में ललितपुर, जालौन, कानपुर देहात और झांसी की टीमें पहुंचीं। महिला टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में ललितपुर और कानपुर देहात ने स्थान बनाया। पुरुष 35 प्लस सिंगल वर्ग के सेमीफाइनल में दुर्गेश, अब्दुल नफीस, सुनील कुमार और भूपेंद्र पहुंचे, जबकि 35 प्लस डबल वर्ग के सेमीफाइनल में ललितपुर और कानपुर देहात की टीमें आमने-सामने रहीं। टेबल टेनिस में जालौन और कानपुर देहात का शानदार प्रदर्शन महिला टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप का खिताब जालौन की मालती और रूपल तोमर की जोड़ी ने अपने नाम किया, जबकि इटावा की टीम उपविजेता रही। महिला एकल वर्ग में कानपुर देहात की आरती पाल विजेता और ललितपुर की रंजना पाल उपविजेता रहीं। महिला युगल वर्ग में रंजना पाल (ललितपुर) और आरती पाल (कानपुर देहात) की जोड़ी ने खिताब जीता, जबकि जालौन की मालती और रूपल उपविजेता रहीं।
झांसी में 35℃ टेम्परेचर, राहत के आसार नहीं:दोपहर तक और बढ़ेगी गर्मी और उमस, यलो अलर्ट जारी
झांसी में जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बाद भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। जिले में बीते 15 दिनों के दौरान केवल दो बार ही बारिश हुई है। इसके चलते तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार सुबह 9 बजे ही झांसी का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भीषण गर्मी और उमस रहने की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कई जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि झांसी में भी झमाझम बारिश होगी, लेकिन जुलाई के 15 दिन बीतने के बाद भी जिले में अपेक्षित वर्षा नहीं हो सकी है। बीते नौ दिनों से झांसी में बूंदाबांदी तक नहीं हुई है। बारिश नहीं होने के कारण दिन के तापमान के साथ-साथ उमस भी लगातार बढ़ रही है।बुधवार को सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ गर्म हवाओं का असर दिखाई दिया। सुबह 9 बजे तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही जिले के लिए गर्मी और उमस का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है और उमस लोगों को परेशान करती रहेगी। बारिश के आंकड़ों में पीछे झांसी ● जुलाई के पहले 15 दिनों में जिले में केवल दो दिन ही बारिश दर्ज की गई।● बीते 15 दिनों में झांसी में कुल 101.7 मिलीमीटर बारिश हुई है।● यह सामान्य वर्षा से करीब 44 मिलीमीटर कम है।● पिछले नौ दिनों से जिले में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह तेज गर्मी और उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
अलवर जिले में बुधवार सुबह कुछ देर धूप निकलने के बाद फिर आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मंगलवार को हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे से 3:15 बजे तक शहर में अच्छी बारिश हुई। जिले के कई अन्य इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। शहर में 18 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि भवानी तोप में 13 एमएम, राजगढ़ में 16 एमएम, जयसमंद में 12 एमएम, सिलीसेढ़ में 13 एमएम और नौगांव में 5 एमएम बरसात हुई। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल जिले के लिए कोई मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के चलते सागर में भी पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे जल स्रोतों को राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इससे किसानों के साथ-साथ आमजन को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
रु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट को लेकर चल रहा विवाद अभी थमा नहीं है। तीन दिन तक चली उत्तर पुस्तिकाओं की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान 316 छात्रों ने अपनी कॉपियां देखीं। इनमें से 195 छात्रों ने कहा कि उनकी कॉपियों का सही मूल्यांकन नहीं हुआ है और दोबारा जांच (री-इवैल्यूएशन) की मांग कर दी। इससे पहले एलएलबी के खराब रिजल्ट को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन भी किया था। कई कॉलेजों का रिजल्ट बेहद कम रहा, जबकि छह कॉलेजों का रिजल्ट शून्य आने के बाद मामला राजभवन तक पहुंच गया था। अब विश्वविद्यालय ने जल्द पुनर्मूल्यांकन शुरू कराने का भरोसा दिया है। 622 ने कराया था रजिस्ट्रेशन, 316 ही पहुंचे विश्वविद्यालय के मुताबिक, 22 कॉलेजों के 622 छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, इनमें से सिर्फ 316 छात्र ही कॉपी देखने पहुंचे। कॉपियां देखने के बाद 195 छात्रों ने मूल्यांकन पर आपत्ति जताई और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर दिया। वहीं, 115 छात्रों ने कहा कि उनकी कॉपी का मूल्यांकन सही हुआ है। खराब रिजल्ट के बाद हुआ था हंगामा एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों में नाराजगी फैल गई थी। विश्वविद्यालय से जुड़े 37 कॉलेजों का रिजल्ट करीब ढाई प्रतिशत रहा था, जबकि छह कॉलेजों का परिणाम शून्य आया था। इसके विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। बाद में स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी शिकायत की थी। राजभवन के निर्देश पर 11 जुलाई से उत्तर पुस्तिकाओं का निरीक्षण शुरू कराया गया। अंतिम दिन 6 कॉलेजों के छात्रों ने देखीं कॉपियां मंगलवार को निरीक्षण के आखिरी दिन राजकीय महाविद्यालय मथाना में छह कॉलेजों के छात्रों की कॉपियां दिखाई गईं। इनमें केजीके कॉलेज, न्यू सैनिक कॉलेज ऑफ लॉ, एसएल एजुकेशन इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ, लाल राधेश्याम कॉलेज ऑफ लॉ और नॉर्थ इंडिया कॉलेज ऑफ लॉ, बिजनौर के छात्र शामिल थे। इन छह कॉलेजों के 260 पंजीकृत छात्रों में से 139 छात्र पहुंचे। इनमें 93 छात्रों ने कॉपी दोबारा जांचने की मांग की, जबकि 46 छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नजर आए। 70 छात्र बिना अभिभावक पहुंचे, फिर भी मिली अनुमति विश्वविद्यालय ने नियम बनाया था कि कॉपी देखने के दौरान छात्र के साथ माता या पिता में से किसी एक का मौजूद होना जरूरी होगा। लेकिन अंतिम दिन 70 छात्र बिना अभिभावक के पहुंच गए। ऐसे में कुलसचिव से विशेष अनुमति लेने के बाद उन्हें भी उत्तर पुस्तिकाएं देखने की इजाजत दे दी गई। जल्द शुरू होगी री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया मूल्यांकन केंद्र के समन्वयक ने बताया कि छात्रों की आपत्तियों को देखते हुए एक-दो दिन में पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द इसकी आधिकारिक सूचना जारी करेगा।
जयपुर में अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए भाई ने उसके मेडिकल स्टूडेंट दोस्त को अधमरा कर दिया। आरोपी ने युवक के सिर, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किया। घायल युवक पिछले 8 दिनों से महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। यह पूरी घटना 8 जुलाई की है। घायल युवक के पिता ने 13 जुलाई को जयपुर के संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। वारदात से पहले पिता को धमकी झुंझुनूं के रहने वाले पीड़ित पिता (54 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिलानी के एक कॉलेज से डॉक्टरी (मेडिकल) की पढ़ाई कर रहा है। 8 जुलाई को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अंजान लड़के का फोन आया। कॉल करने वाले ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। कहा- तुम्हारे बेटे की वजह से मेरी बहन ने सुसाइड कर लिया है। अब हम तुम्हारे बेटे को कुल्हाड़ी से काट कर मार देंगे। इस धमकी भरे कॉल के कुछ ही देर बाद एक परिचित ने पिता को फोन कर बताया कि उनके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ है और उसे गंभीर हालत में महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 3 दिन पहले फ्लैट में फंदे से लटकी मिली थी बहन थानाधिकारी के मुताबिक, युवती (मृतक) जयपुर में अपने भाई के साथ एक फ्लैट में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। हमले से तीन दिन पहले, पीड़ित युवक (दोस्त) उनके फ्लैट पर आया था। रात को भाई और बहन अपने-अपने कमरों में सोने चले गए, जबकि दोस्त (मेडिकल स्टूडेंट) बाहर हॉल में सो गया था। अगले दिन सुबह करीब 8 बजे भाई सोकर उठा, तो बहन कमरे में चुन्नी के फंदे से लटकी हुई मिली। पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से सबूत जुटाए और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिवार वालों को सौंप दिया था। परिजनों का आरोप- आत्महत्या नहीं, गला घोंटकर की गई हत्या युवती के परिजनों का आरोप है कि रात को दोस्त के साथ किसी बात को लेकर लड़की की कहासुनी हुई थी। इसके बाद मौका पाकर युवक ने चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और इसे सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 11 जुलाई को युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब सालभर पहले दोनों की दोस्ती हुई थी और उनका आपस में मिलना-जुलना था। बहन की मौत का जिम्मेदार दोस्त को मानते हुए भाई ने बदला लेने के लिए यह कातिलाना हमला किया। वीडियो में कुल्हाड़ी से काटते दिखे दो लड़के अस्पताल में बेटे का इलाज करा रहे बेबस पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। बदमाश कह रहे हैं कि वे उनके बेटे को अस्पताल के अंदर ही मार डालेंगे या बाहर निकलते ही जान से खत्म कर देंगे। पीड़ित पिता को एक वीडियो भी मिला है, जिसमें दो लड़के कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से उनके बेटे के सिर और शरीर पर बेरहमी से वार करते नजर आ रहे हैं। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे। पिता के अनुसार, बेटे की गर्दन, सिर और हाथ-पैर पर गहरे जख्म हैं और उसे कई जगहों से धारदार हथियार से काटा गया है। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
सीतापुर के विकासखंड लहरपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खानपुर सादात में सोमवार को मध्यान भोजन (मिड-डे मील) में कीड़े मिलने की शिकायत आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच टीम ने मंगलवार को विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच की। टीम में तहसीलदार मनीष त्रिपाठी और खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्रनाथ प्रजापति शामिल रहे। इस जांच के दौरान दो बच्चों ने भोजन में कीड़े मिलने की पुष्टि की है। जांच के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय में तैयार किए जा रहे मध्यान भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। साथ ही विद्यालय में मौजूद बच्चों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और उनसे भोजन की गुणवत्ता व अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की। अधिकारियों ने केवल भोजन व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बच्चों के शैक्षिक स्तर का भी आकलन किया। टीम ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, शिक्षकों, रसोइयों और अभिभावकों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, खाद्यान्न के रखरखाव और साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि भोजन में कीड़े मिलने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई। तहसीलदार मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की गई है। जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही बीडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कीड़े मिलने की पुष्टि हुई है। वही स्कूल की प्रधानाध्यापक अर्शिया वालों ने बताया कि उन्हें साजिश के तहत फसाया जा रहा है। बच्चों को मध्यान भोजन में कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी फैल गई थी। इस पर जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं
छत्तीसगढ़ में दो सड़क हादसों का लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। जिससे वो हवा में उछलकर 10 फीट तक सड़क पर घिसट गया। जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि रायगढ़ जिले में कार ने बाइक सवार 3 युवक उड़ा दिया, जिससे वो हवा में उछलकर नीचे जा गिरे। हादसे में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। अब दोनों हादसों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बिलासपुर: स्कूटी मोड़ते ही कार ने मारी टक्कर, मौत पहली घटना बिलासपुर के चकरभाठा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक रहंगी निवासी देवेंद्र शर्मा (52) स्कूटी से किसी काम से निकले थे। हिर्री माइंस चौक के पास उन्होंने अचानक स्कूटी मोड़ने की कोशिश की। उसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि, कार ड्राइवर ने वाहन बचाने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण हादसा टल नहीं सका। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी सवार हवा में उछलकर करीब 10 फीट तक सड़क पर घिसट गया। हादसे में कार ने सड़क किनारे खड़ी एक और स्कूटी को भी टक्कर मार दी। टक्कर मारकर फरार हुआ ड्राइवर घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। रायगढ़: कार की टक्कर से हवा में उछले तीन युवक दूसरी घटना रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के खम्हार चौक की है। तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 3 युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका फुटेज अब सामने आया है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए धरमजयगढ़ रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खम्हार के खम्हार चौक पर रविवार सुबह करीब 7 बजे ग्राम बिहामाटी के तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर चौक स्थित होटल की ओर जाने के लिए सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान धरमजयगढ़ की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। CCTV में कैद हुआ हादसा टक्कर इतनी भीषण थी कि, तीनों युवक बाइक समेत कई फीट दूर जा गिरे। हादसे का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में टक्कर के बाद तीनों युवकों को हवा में उछलकर गिरते देखा जा सकता है। तीनों की हालत गंभीर, अस्पताल रेफर हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। शुरुआत इलाज के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए धरमजयगढ़ रेफर किया गया। फिलहाल घायलों की पहचान और वे कहां जा रहे थे, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा खम्हार चौक पहले भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का गवाह रह चुका है। 30 अक्टूबर 2025 को इसी स्थान पर तेज रफ्तार कार ने बाइक और सड़क किनारे खड़ी महिला को टक्कर मार दी थी। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें कार सवार तीन लोग हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार होते दिखाई दिए थे। दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी बिलासपुर और रायगढ़ पुलिस ने दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संबंधित वाहन चालकों की पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद भर्ती एक और प्रसूता की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले एक महीने में किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन (शरीर के कई अंगों ने काम करना छोड़ा) से चार प्रसूताएं दम तोड़ चुकी है। मृतका के पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी और पुलिस शव जबरन ले गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला पहले से टाइप-1 डायबिटीज (शुगर की गंभीर बीमारी) से पीड़ित थी और उसे बचाने के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह लेकर इलाज किया जा रहा था। पढ़िए ... क्या है पूरा मामला 1. पति बोले- खून बह रहा था, फिर ओटी ले गए पति मेघराज ने बताया - कमला करीब एक महीने से आईसीयू में भर्ती थी। करीब 15 दिन पहले उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था और पांच दिन पहले आईसीयू में ही ट्रेकियोस्टोमी की गई थी। मंगलवार को उसके गले से काफी खून बह रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे पैकिंग खोलने की बात कहकर उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद वापस आईसीयू लाया गया और शाम करीब सवा चार बजे मौत की सूचना दी गई। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने यह भी नहीं बताया कि कमला को ऑपरेशन थिएटर क्यों ले जाया गया था। 2. मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप कमला की मौत की खबर मिलते ही परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल में हंगामा हो गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्चरी में शिफ्ट कराया। पति मेघराज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई और पुलिस शव जबरन ले गई। उन्हें अंतिम बार शव देखने तक नहीं दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मॉर्चरी के बाहर पुलिस तैनात की गई। 3. अस्पताल बोला- मरीज पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया - कमला को टाइप-1 डायबिटीज थी और वह समय पर इंसुलिन भी नहीं ले रही थी। डिलीवरी के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और वह मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन में चली गई। बेहतर इलाज के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह ली गई, लेकिन मंगलवार को कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट आने से उसकी मौत हो गई। 4. मेडिकल बोर्ड ने इलाज की पूरी जानकारी दी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्यामलाल मीणा ने बताया - 23 जून को मेडिकल बोर्ड बनने के बाद कमला की हालत में सुधार हुआ था। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अनिता शर्मा ने कहा - 9 जून को सिजेरियन के बाद यूरिन आउटपुट बंद होने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था। डिलीवरी भी काफी जटिल थी और खून के थक्के बनने के कारण 15 दिन बाद दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फालोदिया ने बताया - कमला के 19 डायलिसिस किए गए थे और इलाज के दौरान उसका यूरिन आउटपुट बढ़कर 900 एमएल तक पहुंच गया था। 5. एक महीने में चौथी प्रसूता की मौत पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन से एक महीने में यह चौथी प्रसूता की मौत है। इससे पहले 19 जून को प्रीति, 21 जून को शारदा और 6 जुलाई को लीला देवी की मौत हो चुकी है। प्रसव के बाद ऐसी हालत में सात प्रसूताओं को भर्ती किया गया था। इनमें से तारा, राहिला और इमरती इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुकी हैं। कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने भी अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीनता और लापरवाही का आरोप लगाया है। 6. प्रदेश में अब तक 23 प्रसूताओं की मौत सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमण से यह प्रदेश की 23वीं प्रसूता की मौत है। इससे पहले कोटा, बीकानेर, जोधपुर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं के बाद ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में संक्रमण की आशंका जताई गई है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों को एसओपी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। --- पीबीएम हॉस्पिटल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं
लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक बार फिर अमेठी में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। संगठनात्मक बैठकों में भाग लेने, स्थानीय नेताओं से मुलाकात और विकास परियोजनाओं से जुड़ाव के चलते जिले की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उनकी लगातार मौजूदगी के बाद भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्मृति ईरानी ने 26 मई को मुसाफिरखाना में भाजपा की संगठनात्मक बैठक को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। इसके अलावा गौरीगंज के चार बार विधायक रहे दिवंगत तेजभान सिंह के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। निबंधन कार्यालय से जुड़ा पुराना प्रस्ताव हुआ साकार गौरीगंज में करीब 3.55 करोड़ रुपये की लागत से बने नए निबंधन कार्यालय का हाल ही में उद्घाटन हुआ। इस भवन के निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2023 में स्मृति ईरानी ने प्रदेश के निबंधन मंत्री रविन्द्र जायसवाल को भेजा था। उद्घाटन कार्यक्रम में वह वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा मंत्री रविन्द्र जायसवाल का आभार व्यक्त किया। चुनावी अटकलों ने पकड़ा जोर स्मृति ईरानी की लगातार सक्रियता के बाद अमेठी की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी दलों के बीच इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह आगामी लोकसभा चुनाव में एक बार फिर अमेठी से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, इसे लेकर उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भाजपा नेताओं का दावा- अमेठी से जुड़ाव कायम स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनावी हार के बावजूद स्मृति ईरानी का अमेठी से जुड़ाव पहले की तरह बना हुआ है। उनका कहना है कि वह संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास कार्यों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
धार शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित नागर की वाड़ी में कथित एमडी नशे के कारोबार का विरोध करने पर एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि देर रात कई लोग घर में घुस आए और धारदार हथियारों से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल का जिला अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि पुलिस ने चार नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। घर में घुसकर किया हमला घायल समीर उर्फ लाल पिता सलीम बागवान की शिकायत पर पुलिस ने गोलू पिता इकबाल, आवेश पटेल, सलमान और दद्दू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी देर रात घर पहुंचे और धारदार हथियारों से हमला कर फरार हो गए। एमडी नशे का विरोध बना विवाद की वजह घायल इरफान ने बताया कि उसके घर के आसपास रोजाना 15 से 20 युवक कथित रूप से एमडी जैसे नशीले पदार्थ का सेवन करते थे। वह उन्हें कई बार वहां नशा करने से मना कर चुका था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगे। उसका आरोप है कि आठ दिन पहले भी उसके साथ मारपीट की गई थी और लगातार धमकियां दी जा रही थीं। परिवार से भी मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप घायल की पत्नी शबनम ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात 7 से 8 लोग जबरन घर में घुस आए। आरोपियों ने उनके पति के साथ मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए, बच्चों से भी मारपीट की और घर में तोड़फोड़ कर फरार हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के पास रहने वाला एक व्यक्ति क्षेत्र में कथित तौर पर एमडी नशे का कारोबार करता है, जिसके यहां दिनभर संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में चार नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। वहीं घायल का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
बुलंदशहर के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र में पहासू रोड स्थित शिल्पा गार्डन के पास बदमाशों ने एक व्यापारी और उनके दो बेटों पर हमला कर 1.70 लाख रुपये लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। हमले में पिता और दोनों बेटे घायल हो गए। मुरारी नगर बिजली घर नंबर चार के निकट निवासी राजकुमार सिंह अपने बेटों आलोक और शेखर के साथ देर रात कार से लौट रहे थे। आलोक वंडर सीमेंट कंपनी में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। पीड़ित परिवार गभाना स्थित वंडर सीमेंट प्लांट से 1.70 लाख रुपये का भुगतान लेकर आ रहा था। पीड़ितों ने बताया कि बदमाशों को नकदी होने की जानकारी पहले से थी और उन्होंने रास्ते में फोन करके उनकी लोकेशन भी पूछी थी। जैसे ही पीड़ित शिल्पा गार्डन के पास पहुँचे, घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने राजकुमार, आलोक और शेखर पर लाठी-डंडों या धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। इसके बाद वे कार की डिग्गी में रखा 1.70 लाख रुपये नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, वारदात में एक कार और तीन बाइकें (एक बुलेट और दो स्प्लेंडर) शामिल थीं। घायल राजकुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला किया और पिस्टल या तमंचे से कई राउंड फायर किए। उन्होंने बताया कि हमलावर उन्हें घायल कर नकदी छीन ले गए। सड़क पर पड़े पीड़ितों को देखकर स्थानीय कॉलोनी के लोगों ने उन्हें उठाया और अस्पताल पहुँचाया। घटना की सूचना मिलते ही पीड़ितों के परिजनों ने 112 नंबर, स्थानीय कोतवाली और एम्बुलेंस को सूचित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
गुरुग्राम में सेक्टर-67 स्थित अंसल वर्सालिया सोसाइटी में घर की पार्किंग में सो रही घरेलू नौकरानी को एक थार गाड़ी ने कुचल दिया। घटना के बाद थार चालक महिला गाड़ी से नीचे उतरी और घायल को दूसरी गाड़ी में निजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद महिला शव को वापस सोसाइटी में ले आई और जिस स्थान पर उसने थार से नौकरानी को कुचला था वहीं रख दिया। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-65 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आरोपी थार चालक महिला से भी पूछताछ कर रही है। मृतक महिला की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा की रहने 57 वर्षीय गुड्डी के रूप में हुई। काम के बाद पार्किंग में सो गई गुड्डी मकान नंबर 4011 में काम करने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर बनी कार पार्किंग में सो रही थी। इस दौरान इसी बिल्डिंग में रहने वाली महिला अपनी थार गाड़ी को बैक कर रही थी जिसके बाद पार्किंग में सो रही महिला के उपर से उसकी थार गाड़ी गुजर गई। वापस पार्किंग में रखा शव मृतका के भतीजे ने बताया कि महिला ने शव को वापस पार्किंग में रख दिया। जब उन्हें इस बारे में पता लगा तो वह मकान के बाहर एकत्र हो गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच कर रही पुलिस का कहना है कि यहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में पत्नी से परेशान होकर युवक ने मंगलवार सुबह 11 बजे थाने के गेट पर खुद को आग लगा ली। युवक चिल्लाते हुए महाराजपुर थाने के गेट पर पहुंचा। बोला- मुझे इंसाफ चाहिए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता उसने पेट्रोल भरी बोतल निकाली और खुद पर छिड़क लिया। फिर माचिस जलाकर खुद को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते युवक आग की लपटों में घिर गया। वह तड़पते हुए इधर-उधर भागने लगा। थाने में अफरा-तफरी मच गई। इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही उसे बचाने के लिए दौड़े। उस पर कंबल डाला। युवक को बचाने के चक्कर में इंस्पेक्टर-सिपाही के हाथ झुलस गए। कुछ लोग बाल्टी में पानी लेकर आए। आग बुझाई। युवक की पहचान महेश (32) के रूप में हुई है। उसका आरोप है कि पत्नी का किसी और से अफेयर चल रहा है। मुझसे लड़ती-झगड़ती है। मारपीट करती है। ताने मारती है। मुझे उसके साथ नहीं रहना है। युवक को गंभीर हालत में उर्सला हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उर्सला में इलाज करने वाले सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया- महेश का शरीर 90 प्रतिशत तक झुलस गया है। यहां से उसे देर रात लखनऊ के केजीएमयू रेफर कर दिया गया है। 2015 में शादी हुई थी, मजदूरी कर घर चलाता हैमहाराजपुर में राजथोक के फुफुवार में महेश पासी (32) पत्नी और 2 बच्चों के साथ रहता है। मजदूरी कर घर चलाता है। उसकी शादी 2015 में कानपुर के सचेंडी की रहने वाली पूनम के साथ हुई थी।दोनों के एक 8 साल का बेटा और 13 साल की बेटी है। महाराजपुर थाने में पत्नी के खिलाफ तहरीर दीमंगलवार सुबह महेश ने महाराजपुर थाने में पत्नी के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद थाने के गेट की तरफ चला गया। चिल्लाने लगा। फिर खुद को आग लगा ली। आग देखते ही पुलिसवाले बचाने के लिए दौड़े। एसएचओ जनार्दन सिंह, दरोगा गौरव सौलिया और सिपाही अरुण कुमार बुरी तरह झुलस गए। आए दिन लड़ते-झगड़ते थे, सोमवार को पत्नी ने मुकदमा लिखवायापुलिस की जांच की तो पता चला कि महेश का पूनम से लंबे समय से विवाद चल रहा है। सोमवार को भी दोनों का आपस में झगड़ा हुआ था। मारपीट तक की नौबत आ गई थी। आसपास के लोगों के समझाने पर झगड़ा शांत हुआ था। इसके बाद पूनम ने रात करीब 8 बजे महेश के खिलाफ महाराजपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। तहरीर में लिखा कि दोपहर 12 बजे मैं घर में थी, पति महेश शराब पीकर आया और बिना कारण के भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा। लात-घूंसों से मारने लगा। उसने बताया कि शरीर के अंदरूनी हिस्से में काफी चोट आई है। महेश आए दिन मुझे मारता-पीटता है। जान से मारने की धमकी देता है। घर से बाहर निकाल देता है। मायके वालों को भी गाली देता है। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने कहा- 14 जुलाई को महाराजपुर थाने के बाद युवक आग लगाने की सूचना मिली थी। युवक ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंध का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया और गेट पर जाकर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। महेश लगभग 70 से 80 प्रतिशत झुलस गया है। सभी पहलुओं पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 60 हजार करोड़ से हाईवे और एक्सप्रेस-वे बनेंगे; लखनऊ को मिलेगा 3 मंजिला 23km लंबा फ्लाईओवर; VIDEO में गडकरी के बड़े ऐलान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार दोपहर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से नए हाईवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की घोषणा की। पढ़िए पूरी खबर
अमरोहा एसपी लखन सिंह यादव ने जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में मंगलवार-बुधवार देर रात बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने एक तबादला सूची जारी की है, जिसके तहत कई इंस्पेक्टर और दरोगाओं के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। तबादला सूची के अनुसार, इंस्पेक्टर सतेंद्र सरोहा को धनौरा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वे पुलिस लाइन में तैनात थे। धनौरा थाना प्रभारी अमरपाल सिंह का बरेली स्थानांतरण होने के कारण यह बदलाव किया गया है। पुलिस लाइन में तैनात महिला इंस्पेक्टर रजनी द्विवेदी को अमरोहा देहात थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह को डिडौली थाने में निरीक्षक अपराध नियुक्त किया गया है। रहरा थाने में कई दिनों से प्रभारी के निलंबित होने के बाद अहम जिम्मेदारी संभाल रहे दरोगा अमित तोमर को अब रहरा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। दरोगा पवन कुमार चौधरी को पुलिस लाइन से हटाकर कोट चौकी प्रभारी बनाया गया है। दरोगा नरेंद्र कुमार को थाना हसनपुर से मुरादाबादी गेट चौकी प्रभारी बनाया गया है। अन्य तबादलों में, दरोगा प्रविंद्र मलिक को पुलिस लाइन से थाना सैद नंगली भेजा गया है, जबकि दरोगा सुनील शर्मा को पुलिस लाइन से थाना गजरौला स्थानांतरित किया गया है। महिला सिपाही रमा को पुलिस लाइन से थाना गजरौला, सिपाही अंकुर राणा को पुलिस लाइन से थाना डिडौली, सिपाही सचिन कुमार को पुलिस लाइन से थाना रजबपुर और सिपाही बबलू कुमार को पुलिस लाइन से थाना नौगावां सादात भेजा गया है। सिपाही मंजीत नागर को पुलिस लाइन से जीडी पुलिस लाइन और सिपाही रविंद्र कसाना को पुलिस लाइन से पेशी सीओ ट्रैफिक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में नदी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर बढ़कर 83.20 मीटर पर पहुंच गया है। इससे मांझा क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, नदी अभी भी खतरे के निशान से 2.36 मीटर नीचे बह रही है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 83.08 मीटर दर्ज किया गया था, जो मंगलवार को बढ़कर 83.20 मीटर हो गया। जलस्तर बढ़ने से कम्हरिया घाट स्थित धर्मशाला की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। कुछ दिन पहले तक पानी धर्मशाला से लगभग 50 मीटर दूर था। निचले इलाकों में नालों के जरिए पानी का दबाव बढ़ने से ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। मांझा कम्हरिया गांव के निवासियों ने बताया कि नदी का पानी धीरे-धीरे धर्मशाला तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में कराए गए कटानरोधी कार्यों के कारण फिलहाल उनका गांव सुरक्षित है और सामान्य परिस्थितियों में पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं पहुंचता। वहीं, पटपरवा गांव के निवासियों का कहना है कि सरयू नदी अभी अपने प्राकृतिक दायरे में बह रही है। हालांकि, यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है और जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है, तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को जलस्तर में किसी भी अप्रत्याशित वृद्धि की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाना पुलिस ने बुधवार सुबह एक मुठभेड़ के बाद हत्या के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है। क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच खुर्जा देहात पुलिस मुंडाखेड़ा नहर की पटरी पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखा। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के ग्राम गवां निवासी लोकेश (पुत्र जयपाल) के रूप में हुई है। पूछताछ में लोकेश ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 12 जुलाई को जान मोहम्मद नामक युवक की गला रेतकर हत्या की थी। हत्या का कारण चौंकाने वाला सामने आया है। आरोपी लोकेश ने बताया कि वह जान मोहम्मद का ऑटो लूटना चाहता था। उसका इरादा था कि वह ऑटो को हड़पकर उस पर अपने पुराने ऑटो की नंबर प्लेट लगाकर चलाएगा। इसी लालच में उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा (315 बोर), खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, मृतक जान मोहम्मद का मोबाइल फोन भी मिला है। सीओ खुर्जा शोभित कुमार ने बताया कि घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। आरोपी ने यह भी कबूल किया है कि घटना के समय पहने हुए खून से सने कपड़े और वारदात से संबंधित कुछ अन्य सामान उसके घर पर छिपाए गए हैं। इनकी बरामदगी के लिए पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
संतकबीरनगर जिला अस्पताल में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बस्ती जिले की रहने वाली 12 वर्षीय एक किशोरी ने मृत नवजात शिशु को जन्म दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और परिजन स्तब्ध रह गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक जानकारी जुटाई। जानकारी के अनुसार, बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली यह अविवाहित किशोरी पेट में तेज दर्द होने के कारण सोमवार को जिला अस्पताल, संतकबीरनगर में भर्ती कराई गई थी। उपचार के दौरान मंगलवार देर रात किशोरी ने एक मृत नवजात को जन्म दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूचना मिलने पर कलेक्ट्रेट चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। कलेक्ट्रेट चौकी प्रभारी ध्रुव नारायण यादव ने बताया कि परिजन नवजात के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं और शव उन्हें सौंपने की मांग कर रहे हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपा जा रहा है।
राजस्थान के बारां जिले में दर्ज साइबर ठगी के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को राजस्थान पुलिस की टीम मैहर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से डेल्हा गांव में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। कई घंटे की पूछताछ के बाद दोनों को आगे की जांच के लिए राजस्थान ले जाया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। 18 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले जानकारी के अनुसार, बारां जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को मैहर जिले के डेल्हा गांव निवासी श्रीकांत लखेरा और राजन के नाम सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोनों के बैंक खातों में 18 लाख रुपए से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। मंगलवार सुबह राजस्थान पुलिस की दो सदस्यीय टीम ने मैहर कोतवाली पहुंचकर आमद दर्ज कराई। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से डेल्हा गांव में दबिश देकर दोनों युवकों को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। मोबाइल और बैंक दस्तावेज किए जब्त कोतवाली में दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान राजस्थान पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए। देर शाम दोनों युवकों को आगे की पूछताछ के लिए राजस्थान ले जाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकांत लखेरा गांव में ऑनलाइन सेंटर संचालित करता है, जबकि राजन पेशे से ड्राइवर है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध लेनदेन में दोनों की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट पुलिस का कहना है कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के खिलाफ क्या आरोप बनते हैं। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी मैहर जिले के रामनगर, अमरपाटन और अन्य क्षेत्रों के कुछ लोगों के नाम दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की जांच में सामने आ चुके हैं। राजस्थान पुलिस इस मामले में भी साइबर नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता का मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गूंजने लगा है। हिंदूवादी संगठन और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के बाद मंगलवार रात उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और चरथावल से समाजवादी पार्टी विधायक पंकज मलिक ने अलग-अलग बयान जारी कर घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की मांग की है। दोनों नेताओं ने साफ कहा कि कुछ उपद्रवी तत्वों की वजह से करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और कांवड़ यात्रा की गरिमा पर आंच नहीं आने दी जानी चाहिए। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने SSP को पत्र भेजकर कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के बीच कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे पत्रकारों के साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जिसमें कई पत्रकार घायल हुए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और मीडिया दोनों ही कानून-व्यवस्था और जनहित के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इनके साथ हिंसा और अभद्रता कानून के शासन पर सीधा हमला है। मंत्री ने पुलिस से निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी विवेचना कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है। सभी श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित बनाने में सहयोग करें। उधर, समाजवादी पार्टी विधायक पंकज मलिक ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को बदनाम करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हुई घटना में पुलिस और पत्रकारों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। पंकज मलिक ने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व पूरे आयोजन की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा का शांतिपूर्ण संचालन प्रशासन, पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, जो धार्मिक यात्रा की आड़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हैं।
रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र की किसान सब्जी मंडी में एक जेबकतरा रंगे हाथों पकड़ा गया। स्थानीय लोगों की मदद से पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। उसके पास से चोरी के ₹7,200 नकद और एक आधार कार्ड बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह घटना आज सुबह करीब 7:00 बजे हुई। वादी अमन कुमार (पुत्र ठाकुरदीन मौर्य, निवासी पूरे खपटिहा, थाना ऊंचाहार) अपनी सब्जी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से ₹1,200 और उनका आधार कार्ड चुरा लिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंडी में सब्जी खरीदने आए एक अन्य ग्राहक धीरेन्द्र कुमार (पुत्र मेवालाल, निवासी पूरे जय सिंह दीन शाह गौरा, थाना गदागंज) की जेब से भी ₹6,000 चोरी कर लिए। अमन कुमार ने सतर्कता दिखाते हुए आसपास के लोगों की मदद से आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्त की पहचान जितेन्द्र कुमार (पुत्र कमललाल, निवासी पौड़ी पिथौराबाद, थाना नागोद, जनपद सतना, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने उसके पास से चोरी किए गए कुल ₹7,200 नकद और एक आधार कार्ड बरामद किया है। वादी की तहरीर के आधार पर ऊंचाहार थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस मामले में त्वरित विधिक कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सौरभ पाण्डेय, आरक्षी मोहित सिरोही और आरक्षी सत्यम शामिल थे।
रायबरेली पुलिस ने नूडल्स बिक्री के 46,000 रुपये हड़पने के लिए खुद से लूट की झूठी कहानी रचने वाले एक एजेंट को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 13 जुलाई को भदोखर थाना क्षेत्र में पीआरवी को सूचना देकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर भदोखर पुलिस टीम ने इस मामले का सफल अनावरण किया। जानकारी के अनुसार, डलमऊ थाना क्षेत्र के वलीपुर निवासी ऋषि कुमार द्विवेदी नूडल्स का थोक व्यापार करते हैं। उनके यहां बिहार का मूल निवासी निजाम एजेंट के रूप में कार्यरत था। 13 जुलाई को मालिक ऋषि कुमार ने निजाम को बाजार में दुकानदारों को सप्लाई देने के लिए लगभग 46,000 रुपये मूल्य के नूडल्स का स्टॉक दिया था। दुकानदारों से माल के एवज में 46,000 रुपये की नकदी वसूलने के बाद निजाम की नीयत बदल गई। उसने पूरी रकम खुद हड़पने की साजिश रची और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने साथ लूट होने की झूठी घटना दर्ज करा दी। भदोखर पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी निजाम ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी सच्चाई बताई। अभियुक्त ने बताया कि वसूली के बाद उसने 46,000 रुपये में से 40,000 रुपये तुरंत अपने बैंक खाते में जमा कराए और वहां से ऑनलाइन माध्यम से अपने जीजा सद्दाम के खाते में स्थानांतरित कर दिए। शेष बचे 6,000 रुपये उसने अपने पास जेब खर्च के लिए रख लिए थे। वह रायबरेली रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर अपने गृह राज्य बिहार भागने की फिराक में था। मुखबिर की सटीक सूचना पर भदोखर पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के दरियापुर पुल के पास से वांछित अभियुक्त निजाम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी जेब से गबन किए गए रुपयों में से 6,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। ऋषि कुमार की लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना भदोखर में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका था।
औरैया: सदर कोतवाली क्षेत्र में छह साल पुराने छेड़खानी के एक मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दो भाइयों साजिद और सादाव को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले की खास बात यह रही कि वादी और पीड़िता दोनों विचारण के दौरान पक्षद्रोही हो गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो मृदुल मिश्रा ने बताया कि शहर निवासी वादी ने 27 नवंबर 2020 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी कोचिंग से घर लौट रही थी, तभी श्रीराम लाज के सामने सादाव और साजिद (पुत्रगण सेठिया उर्फ महबूब खान) ने उसे जबरन रोककर हाथ पकड़ा और छेड़खानी की। विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज भी की। पीड़िता के चिल्लाने पर राहगीरों ने उन्हें ललकारा, जिसके बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने वादी की रिपोर्ट पर नामजद मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम के समक्ष हुआ। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष उस समय हैरान रह गया, जब वादी और उसकी बेटी (पीड़िता) ने आरोपितों के पक्ष में गवाही देते हुए पक्षद्रोही रुख अपना लिया। इसके बाद विशेष लोक अभियोजक ने न्यायालय से घटना के चश्मदीदों को गवाही के लिए तलब करने का आग्रह किया। न्यायालय ने दो चश्मदीद साक्षियों को बुलाया, जिन्होंने घटना की सत्यता की पुष्टि की। मृदुल मिश्रा ने चश्मदीदों की गवाही के आधार पर दोषियों को कठोर दंड देने की बहस की। अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने चश्मदीदों की गवाही को आधार मानते हुए दोनों भाई साजिद और सादाव को छेड़खानी का दोषी करार दिया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें एक-एक एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया। पता चला है कि इन अभियुक्तों का पुराना रिकार्ड खराब रहा है
सिद्धार्थनगर में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर तटबंधों की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। किसी भी क्षति या खतरे की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करना अनिवार्य होगा। राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए नाव, लाइफ जैकेट, राहत सामग्री, आवश्यक दवाइयों और अन्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं। जिलाधिकारी ने सभी तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित गांवों, संवेदनशील इलाकों और तटबंधों की स्थिति की नियमित जांच की जाएगी। किसी भी स्थान पर कटान, तटबंध को नुकसान या पानी का दबाव बढ़ने जैसी स्थिति सामने आने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, पशुपालन और खाद्य एवं रसद सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है। प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि आपात स्थिति की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। जिले में बाढ़ से संबंधित सूचनाओं और आपात स्थितियों के लिए जनपद स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि बाढ़, जलभराव, तटबंधों को नुकसान या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम अथवा संबंधित तहसील प्रशासन को दें। बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर-जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिद्धार्थनगर: 05544-297030, 05544-297010तहसील नौगढ़: 05544-297097तहसील बांसी: 05544-297197, 7524038510तहसील डुमरियागंज: 05544-297043, 9454415945तहसील इटवा: 8188889629तहसील शोहरतगढ़: 05544-297060, 9454415947
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त गोरखपुर क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का मंगलवार को संतकबीरनगर जनपद में प्रथम आगमन हुआ। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया। जिले की सीमा से लेकर भाजपा जिला कार्यालय तक पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया गया। डीघा बाईपास स्थित सोनी होटल के पास सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर से पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। राय ने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। विनोद राय ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना ही आगामी चुनावों में सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से प्रदेश नेतृत्व का सम्मान बनाए रखते हुए पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया। जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि विनोद राय जैसे अनुभवी नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों सीटों पर भाजपा विजय प्राप्त करेगी। इस दौरान सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान और मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने भी 2027 में बूथों की मजबूती पर बल दिया और सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच बताने का आह्वान किया। वहीं इस दौरान जनपद की सीमा पर पूर्व विधायक जय चौबे, हनुमान मंदिर पर पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल, मंझरिया में विधायक गणेश चौहान, मेंहदावल बाईपास पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, सरैया बाईपास पर नगर अध्यक्ष कन्हैया वर्मा ने भी स्वागत किया। इस अवसर जिला प्रभारी अजय सिंह गौतम, पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजीव राय, रामललित चौधरी, श्यामकरन सिंह, मधुसूदन पांडेय, सिद्धार्थ शंकर पांडेय सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
CJI सूर्यकांत को अपशब्द कहने वाला प्रबल प्रताप गिरफ्तार, पास मिली पर्चियों से पुलिस को मिला सुराग
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 13 में हुई। उस समय एक मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें प्रबल प्रताप सिंह स्वयं अपनी ओर से अदालत में उपस्थित हुए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान उन्होंने अचानक ऊंची आवाज में आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
सीहोर नेशनल हाईवे-46बी के मिडघाट सेक्शन में बुधवार तड़के करीब 4 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़े एक खराब डंपर में पीछे से आ रहे आइसर ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में एक बच्चे समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-46बी पर एक डंपर खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ा था। उसका चालक वाहन ठीक कर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे आइसर ट्रक ने डंपर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दोनों की पहचान करने में जुटी पुलिसहादसे में एक युवक और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे में घायल हुए अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही बुधनी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया और घटनास्थल का मुआयना किया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बुधनी एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि एक वाहन खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ा था और उसका चालक उसे ठीक कर रहा था। तभी पीछे से आए दूसरे वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की कथित नियम विरुद्ध नियुक्तियों के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मंगलवार को राज्य सरकार को नियुक्तियों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी, जिसमें महाधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं। यह जनहित याचिका हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के संयुक्त सचिव योगेश सोनी ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं किया गया। अपात्र अधिवक्ताओं को नियुक्त करने का आरोप चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और पात्रता पूरी नहीं करने वाले अधिवक्ताओं को भी नियुक्ति दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। याचिका में वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा गया है कि शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किए जाने के लिए कम से कम 10 वर्ष का विधिक अभ्यास अनिवार्य है। आरोप है कि वर्तमान सूची में शामिल कई अधिवक्ताओं के पास यह न्यूनतम अनुभव भी नहीं है। याचिकाकर्ता ने नियुक्तियों को मनमाना और पक्षपातपूर्ण बताते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। नियुक्तियों का रिकॉर्ड पेश करने अतिरिक्त समय मांगा मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियों का रिकॉर्ड पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। अब इस मामले में 10 अगस्त को होने वाली सुनवाई और महाधिवक्ता की व्यक्तिगत उपस्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
प्रयागराज में पहाड़ काटकर प्लाटिंग कर करोड़ों रुपये कमाने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। संगम नगरी के यमुनापार का बहुत सारा इलाका पहाड़ी क्षेत्र है। ये पहाड़ी इलाके आगे जाकर रीवां, सेहागी पहाड़ी से मिलते हैं। भू माफियाओं की काली नजर पहाड़ी भूमि पर प्लाटिंग और पहाड़ी सिटी बनाने पर पड़ी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से गोलमाल शुरू हुआ। लालापुर थाना क्षेत्र के गोल्हैया गांव स्थित करीब 83 बीघा सार्वजनिक खाते की सरकारी पहाड़ भूमि पर भू माफियाओं ने अवैध प्लॉटिंग शुरू कर दी। कंटीले तार, पिलर, खंभे गाड़े जाने लगे। लोकेशन की वजह से रेट चढ़ने लगे। पहाड़ पर प्लाटिंग की शिकायत से हंगामा खड़ा हो गया। लेखपाल प्राची सिंह की तहरीर पर एके ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई है। एफआईआर में भाजपा के ग्राम प्रधान भी पहले नंबर पर है। मामले में किसानों के बयान दर्ज हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक टीम पहाड़ी सिटी को लेकर पूछताछ कर रही है। जानिये क्या है मामला लालापुर के गोल्हैया गांव में स्थित सरकारी पहाड़ भूमि पर अचानक से अवैध कब्जे और प्लॉटिंग शुरू की गई। मामला लखनऊ तक पहुंचा। इसके बाद अपर मुख्य सचिव गृह गोपन वीजा पासपोर्ट एवं सतर्कता विभाग उप्र शासन की ओर से पत्र जारी कर कार्रवाई के लिए कहा गया। शिकायत के बाद उप जिलाधिकारी बारा के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम जांच को पहुंची। मौका मुआयना कर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज सरकारी पहाड़ की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लॉट काटे जा रहे थे और भूमि का स्वरूप बदलने का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद लेखपाल प्राची सिंह ने लालापुर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर में एके ड्रीम सिटी प्रा. लि. के निदेशक नीरज कुमार कुशवाहा निवासी कनिहार हेतापुर झूंसी समेत 19 लोगों को आरोपी बनाया गया। ये हुए नामजद शंकरलाल पाण्डेय निवासी लालापुर, राजनाथ निवासी पूरा फतेह नैनी, बृजेश नाथ निवासी नैनी, उमेश नाथ नैनी, रेखा तिवारी नैनी, कमलेश तिवारी नैनी, रत्नेश तिवारी नैनी, प्रभात कुमार लालापुर, रामदेव लालापुर, सुखदेव लालापुर, जयदेव लालापुर, जगदेव लालापुर, सचिन लालापुर, पीयूष लालापुर, अनीता लालापुर, नीरज कुमार कुशवाहा झूसी, आनंद मिश्रा ठाणे, महाराष्ट्र, पूनम मिश्रा ठाणे, महाराष्ट्र। भाजपा ग्राम प्रधान सबसे ऊपर एफआईआर में पहले नंबर पर शंकरलाल पांडेय का नाम दर्ज है। आरोपी शंकरलाल भटपुरा गांव का भाजपा का ग्राम प्रधान है। उसकी भाजपा के तमाम नेताओं के साथ्रा तस्वीरें हैं। शंकरलाल लंबे वक्त से भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ा रहा। भाजपा में उसे कई पद मिले। क्या बोले अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदब्यास मिश्रा का कहना है कि राजस्व विभाग की रिेपोर्ट और लेखपाल की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सरकारी पहाड़ भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है। किसानों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी लालपाुर अनुभव सिंह पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंच काम पूरी तरह बंद करा दिया है। अब पहाड़ी भूमि पुलिस की निगरानी में है। नामजद लोगों से पूछताछ की तैयारी है। आसपास के लोगों के बयान दर्ज हुए हैं।
सतना जिले की मझगवां थाना पुलिस ने कट्टे की नोक पर कार सवार से लूटपाट करने वाले गिरोह के फरार सातवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित लूटकांड में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 6 जनवरी को हुई थी वारदात थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे ने बताया कि घटना 6 जनवरी 2026 की है। सतना निवासी एक युवक अपनी कार से चित्रकूट जा रहा था। पिंडरा पेट्रोल पंप के पास एक चार पहिया वाहन में सवार बदमाशों ने उसकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने कट्टा दिखाकर युवक के साथ मारपीट की और नकदी लूटकर मौके से फरार हो गए। जांच में छह आरोपी पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उनके कब्जे से लूटी गई नकदी, वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा और घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किए गए थे। मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया सातवां आरोपी गिरोह का सातवां आरोपी शुभम पुत्र रामकेश कुशवाहा (25), निवासी बड़ागांव, थाना देवेन्द्रनगर, जिला पन्ना, घटना के बाद से फरार चल रहा था। मंगलवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी अब जेल में पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सातवें आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस लूटकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए सतना में युवक से लूट के 2 आरोपी गिरफ्तार सतना के मझगवां थाना पुलिस ने कार सवार युवक से कट्टे के दम पर मारपीट और लूटपाट करने वाले गिरोह के दो और आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचाए जा चुके हैं। पढ़े पूरी खबर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आस्ट्रेलिया के मेलबोर्न दौरे के दौरान खालिस्तानियों और भाजपा समर्थक सिखों के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। इसमें खालिस्तानी प्रधानमंत्री मोदी को गाली देता है।भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क ने इस वीडियो को अपने इंस्टा से 15 जुलाई सुबह शेयर किया। इस वीडियो में कुछ खालिस्तानी झंडे लेकर जगविंदर विर्क को घेर लेते हैं और बहस करना शुरू कर देते हैं।इस दौरान एक खालिस्तानी युवक पीएम को गाली निकालता है और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर देता है। बहस सतलुज मूवी को लेकर शुरू होती है।खालिस्तानी सतलुज मूवी पर बैन हटाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री का विरोध करने जा रहे होते हैं तो इस दौरान भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क को घेर लेते हैं। खालिस्तानी इस बात को लेकर बहस करना शुरू कर देते हैं कि सिखों को पीएम मोदी के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए।विर्क इसका विरोध करते हैं तो खालिस्तानी उनको कहते हैं कि अगर प्रधानमंत्री से तुम्हारी इतनी ही नजदीकियां हैं तो सतलुज मूवी पर लगा बैग हटवा दो। विर्क बोले- ये लोग मेरा हौसला नहीं डिगा सकतेबहस का वीडियो शेयर कर विर्क ने लिखा कि ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भी अलगाववादी समूहों का दबाव मेरे दृढ़ विश्वास को डिगा नहीं सकता। कुछ लोग अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देकर विदेश में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं, लेकिन सच यह है कि भारत की एकता विभाजन के किसी भी अभियान से कहीं अधिक मजबूत है। मुझे अपनी भारतीय विरासत पर अत्यधिक गर्व है और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं। कोई भी विरोध, धमकी या दबाव मेरी मान्यताओं को कभी नहीं बदल सकता। भारत की एकता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं हो सकता और न ही कभी होगा। पुलिस ने दोनों की बहस को रुकवायाखालिस्तानी समर्थकों और भाजपा समर्थिक सिखों में आस्ट्रेलिया की सड़क पर बहस इतनी तीखी हो गई कि दोनों ग्रुप जोर-जोर से एक-दूसरे पर चिल्लाने लगे। आवाज सुन प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी में लगी पुलिस फोर्स के जवान मौके पर पहुंचे और मुश्किल से दोनों के बीच चल रही बहस को शांत करवाया। इसके बाद खालिस्तानी समर्थकों ने रोड साइड खिलिस्तानी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। 3 दिन के आस्ट्रेलिया दौरे पर थे प्रधानमंत्री मोदीपीएम मोदी 8 से 10 जुलाई तक आस्ट्रेलिया दौर पर रहे। इस दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार 9 जुलाई को यूरेनियम डील पर मुहर लगी थी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के कानून और बच्चों के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन माहौल बनाने के उसके तरीके से बहुत कुछ सीख रहा है। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया।
मेरठ में कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगाकर बवाल काटने और भीड़ को उकसाने के मामले में नामजद आरोपी सुशील गौतम के तार दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और खालिद सैफी से जुड़ने के संकेत मिले हैं। सोशल मीडिया खातों की छानबीन के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी तस्वीरें हाथ लगी हैं, जिनमें सुशील गौतम, उमर खालिद और खालिद सैफी के साथ दिखाई दे रहा है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब उसके संगठन, गतिविधियों और संपर्कों की गहन पड़ताल में जुट गई है। कलेक्ट्रेट बवाल प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं। इन्हीं में शामिल एक आरोपी सुशील गौतम के सोशल मीडिया अकाउंट से पुलिस को चौंकाने वाली चीजें हाथ लगी है। तीन से चार महत्वपूर्ण तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सिलसिलेवार जानिए क्या है तस्वीर में - पहली तस्वीर किसी कार्यक्रम के मंच की है, जिसमें उमर खालिद मंच पर बैठा दिखाई दे रहा है जबकि मंच से सुशील गौतम संबोधित करता नजर आ रहा है। मंच पर कुछ महिलाएं और बच्चे भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं। - उमर खालिद के साथ सेल्फी ले रहा सुशील दूसरी तस्वीर में सुशील गौतम और उमर खालिद एक साथ बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। यह फोटो किसी यात्रा अथवा कार्यक्रम के दौरान ली गई सेल्फी प्रतीत हो रही है, जिसमें दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल पास बैठे हैं। - तीसरी तस्वीर में सुशील गौतम खालिद सैफी के साथ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पुलिस अब दोनों पक्षों के बीच संबंधों की प्रकृति और अवधि को लेकर जानकारी जुटा रही है। अब पहले जानते हैं कौन है उमर खालिद उमर खालिद और खालिद सैफी का नाम वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा प्रकरण में सामने आया था। दोनों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई थी। इससे पहले वे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग आंदोलन से भी जुड़े रहे थे। मुकदमे में शामिल आरोपियों में सुशील भी मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर हुए प्रदर्शन और जाम के दौरान भीड़ को भड़काने, यातायात बाधित करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में जिन लोगों को नामजद किया गया था, उनमें सुशील गौतम भी शामिल है। घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अपना संगठन चलता है सुशील गौतमजांच में यह भी सामने आया है कि सुशील गौतम ने अपना एक संगठन बना रखा है, जिसके बैनर तले वह विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। पुलिस अब संगठन की पृष्ठभूमि, उसके कार्यक्रमों, फंडिंग और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। SSP बोले- साक्ष्य के आधार पर होगी कार्रवाई SSP अविनाश पांडे का कहना है कि सोशल मीडिया से मिले इन सुरागों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। कलेक्ट्रेट बवाल मामले में अभी भी सात से आठ आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। फरार आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की भी निगरानी की जा रही है। प्रत्येक तथ्य का सत्यापन किया जा रहा है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरा शहर में मंगलवार को एक बच्चे के गले से सोन की चेन छीनकर भाग रहे उचक्के को लोगों ने पकड़ा। लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही नवादा थाना की गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे पुलिस हिरासत में लेकर थाने चली गई। घटना नवादा थाना क्षेत्र के आरा रेलवे स्टेशन रोड की है। घायल आरोपित की पहचान मोती टोला निवासी एक युवक के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह एक बच्चे के गले से सोने का लॉकेट काटकर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान बच्चे के परिजन ने शोर मचाते हुए चोर-चोर, पकड़ो-पकड़ो की आवाज लगाई। शोर सुनते ही आसपास मौजूद लोगों ने पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी आरोपित के पकड़े जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपित पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पिकअप ने बाइक को 100 मीटर तक घसीटा:हरदा में बेटे की मौत मां घायल, बड़े बेटे से मिलकर वापस लौट रहे थे
हरदा जिले के हंडिया थाना क्षेत्र में इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुए सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां घायल हो गईं। हादसा ग्राम कुसिया के पास कबीट वाले नाले के पास हुआ। बुधवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान ग्राम भंवरतलाब निवासी अभिन्न नवरे (22) के रूप में हुई है। हादसे में उनकी मां सुखियाबाई के सिर में चोट आई है। बड़े भाई के पास जा रहे थे मां-बेटेमृतक के बड़े भाई रवि नवरे ने बताया कि अमावस्या की छुट्टी होने के कारण अभिन्न अपनी मां को लेकर निमाखेड़ी से भंवरतलाब उनसे मिलने आया था। रात का भोजन करने के बाद दोनों बाइक से वापस निमाखेड़ी लौट रहे थे। इंदौर-बैतूल हाईवे पर कबीट वाले नाले के पास वे शौचालय के लिए रुके थे। मां कुछ दूरी पर थीं और अभिन्न बाइक पर बैठकर उनका इंतजार कर रहा था। इसी दौरान हरदा की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। पिकअप चालक मौके से फरारटक्कर इतनी तेज थी कि अभिन्न बाइक सहित करीब 100 मीटर से अधिक दूरी तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने डायल-112 को सूचना दी। गंभीर हालत में अभिन्न को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। रवि नवरे ने बताया कि परिवार में वह और अभिन्न दो भाई हैं। अभिन्न की सगाई की बात चल रही थी। इसी सिलसिले में चर्चा करने के लिए मां और भाई उसके पास आए थे।
अजमेर बस स्टैंड से एक महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने, नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत करने, कई दिनों तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। पिता ने आरोपी परिचित पर उसके सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल हड़पने का आरोप लगाया है। मामले में पहले ब्यावर जिले के एक थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र पाए जाने पर केस को अजमेर की एक थाना पुलिस को जांच के लिए भेज दिया गया है। परिचित ने फोन कर बुलाया, कई दिनों तक बंधक बनाया पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में बताया कि परिचित युवक ने फोन कर उसे अजमेर बस स्टैंड बुलाया। वहां उसे चाय पिलाई गई, जिसके बाद वह अचेत हो गई। होश आने पर उसने खुद को फलोदी में पाया। आरोप है कि आरोपी उसे एक होटल में ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार रेप किया। विरोध करने पर मारपीट की गई और उसके पहने हुए सोने-चांदी के जेवर व मोबाइल अपने पास रख लिए। शिकायत में आगे कहा गया है कि इसके बाद आरोपी उसे जोधपुर होते हुए अहमदाबाद के पास एक गांव ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान आरोपी रोज उसके साथ जबरन दुष्कर्म करता रहा और विरोध करने पर मारपीट करता था। कमरे को बाहर से बंद कर वह दिन में काम पर चला जाता था। बाहर निकलने में पड़ोसी ने की मदद पीड़िता ने बताया कि मौका मिलने पर उसने पड़ोस में रहने वाली एक युवती की मदद से कमरे से बाहर निकलकर अहमदाबाद बस स्टैंड पहुंची। वहां एक बस चालक से सहायता लेकर अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों की मदद से वह वापस अपने गांव पहुंची और पूरी घटना की जानकारी देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की है। चूंकि घटना की शुरुआत अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र से होना सामने आया है, इसलिए मामले को आगे की जांच के लिए अजमेर पुलिस को भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जालौन में पांच दिन से बारिश गायब:फिर बढ़ी गर्मी-उमस, किसान भी चिंता में
जालौन में पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण भीषण गर्मी और उमस बढ़ गई है। इससे लोगों की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है। कुछ दिन पहले हुई अच्छी बारिश के बाद अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। हालांकि, बारिश का सिलसिला थमने के बाद तापमान तेजी से बढ़कर लगभग 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर जनजीवन पर स्पष्ट दिख रहा है। सुबह के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर हैं और केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। बारिश न होने का सर्वाधिक असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी, उनके खेतों में नमी तेजी से घट रही है। खेत सूखने लगे हैं, जिससे धान की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान अब ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई संसाधनों का उपयोग कर खेतों में पानी भर रहे हैं। इससे उनकी लागत बढ़ रही है और बिजली तथा डीजल पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। बढ़ती गर्मी और उमस से आम लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। लोग अब मानसून की अगली बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि मौसम सुहावना हो सके और फसलों को पर्याप्त नमी मिल सके। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना है, लेकिन फिलहाल गर्मी और उमस से तत्काल राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।
एटा में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने मंगलवार देर रात 12 बजे क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर सर्किल के सभी थानों के अर्दली रूम का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। बैठक के दौरान एएसपी ने पुलिस कार्यों की गहन समीक्षा की और लंबित विवेचनाओं तथा अपराध नियंत्रण से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं, प्रार्थना पत्रों के निस्तारण, गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) की तामील, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और महिला अपराधों की जांच की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। पाण्डेय ने टॉप-10 अपराधियों की निगरानी, हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई, ई-समन, निरोधात्मक कार्रवाई, यक्ष ऐप सत्यापन, साइबर अपराध, मिशन शक्ति केंद्र की गतिविधियों, माल निस्तारण और पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने वाहन चोरी, नकबजनी और अन्य चोरी के मामलों की विवेचना कर रहे अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को जनता के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार करने, महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अर्दली रूम में क्षेत्राधिकारी नगर कीर्तिका सिंह सहित नगर सर्किल के समस्त थाना प्रभारी, विवेचक और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। एएसपी श्वेताभ पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि जनपद में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और उन पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी-अपनी बीट पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
पाली के गर्ल्स कॉलेज में लगाए 50 पौधे:'एक व्यक्ति, एक पेड़' कैंपेन; सार संभाल की जिम्मेदारी दी
पाली शहर के टैगोर नगर स्थित गर्ल्स कॉलेज में 'एक व्यक्ति, एक पेड़' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में करीब 50 पौधे लगाए गए। साथ ही इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य और पूरे स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर भाग्यवर्धन सिंह चंपावत और मूल सिंह ने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव सभ्यता के बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि वे बड़े होकर पेड़ बनें और पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में हरियाली बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सवाई माधोपुर के पुराने शहर में सीवरेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई जगह सीवरेज लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और आसपास बदबू फैलने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर परिषद को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। स्थानीय निवासी महेश साहू ने बताया कि पुराने शहर की करीब-करीब सभी कॉलोनियों की हालत खराब है। जगह-जगह सीवरेज पाइप जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति एसबीआई बैंक चौराहे की है। इस रास्ते से रोजाना करीब 8 सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों विद्यार्थी गुजरते हैं। इसके अलावा तीन बैंकों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण लोगों में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। तीन सेक्टर, लेकिन एक ही गाड़ी से हो रहा काम जानकारी के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र को पुराने शहर, आलनपुर-हाउसिंग बोर्ड और बजरिया, इन तीन सेक्टरों में बांटा गया है। इन सभी इलाकों में सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए कागजों में तीन गाड़ियां संचालित होना दर्ज है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार खर्च बचाने के लिए सिर्फ एक ही गाड़ी चला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से समय पर सीवरेज लाइन साफ नहीं हो पा रही और समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आयुक्त बोले- बैठक बुलाकर करेंगे समाधान नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही संबंधित जेईएन को निर्देश दे दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बुधवार को बैठक बुलाकर समस्या की समीक्षा की जाएगी और जल्द से जल्द सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
बहुचर्चित ट्विशा केस में पहली बार आरोपी गिरीबाला सिंह की ओर से उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो खुलकर सामने आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके मुवक्किलों ने कभी भी वॉयस सैंपल देने से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कोर्ट में जो हुआ, उसे आदेश पत्रिका के आधार पर सामने आना चाहिए। कार्लो ने बताया कि सीबीआई ने वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान जो ट्रांसक्रिप्ट पढ़ने के लिए दी थी, उसे लेकर उनके मुवक्किलों के मन में कुछ कानूनी शंकाएं थीं। उनका कहना था कि किसी भी आरोपी को अपने अधिवक्ता से कानूनी सलाह लेने का अधिकार है, लेकिन वह अवसर पर्याप्त रूप से नहीं दिया गया। इसके बावजूद, गिरीबाला सिंह ने करीब तीन घंटे तक वॉयस सैंपल दिए थे। शनिवार को ही सीबीआई को दे दी थी सहमति अधिवक्ता कार्लो ने दावा किया कि 11 जुलाई को उन्होंने सीबीआई को स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था कि उनके मुवक्किलों को ट्रांसक्रिप्ट पढ़कर वॉयस सैंपल देने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, हमारे मन में कोई खोट नहीं है, इसलिए डरने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जांच में हर स्तर पर सहयोग किया गया है। कोर्ट ने भी दर्ज किया- वॉयस सैंपल देने में कोई आपत्ति नहीं कार्लो के अनुसार सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों आरोपियों से सीधे पूछा कि क्या उन्हें वॉयस सैंपल देने में कोई आपत्ति है। उनके मुताबिक दोनों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और जो भी पढ़ने के लिए दिया जाएगा, वे पढ़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि यह बात अदालत की आदेश पत्रिका में भी दर्ज है। सीबीआई का आवेदन प्रेस करने की जरूरत नहीं थी अधिवक्ता ने कहा कि जब अदालत के सामने दोनों आरोपियों ने वॉयस सैंपल देने की सहमति जता दी, तब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 349 के तहत सीबीआई के आवेदन पर आगे बहस की आवश्यकता ही नहीं बची। उनके अनुसार अदालत ने कहा कि इस विषय पर पहले ही आदेश पारित हो चुका है और वर्तमान स्थिति में आवेदन को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए प्रक्रिया कार्लो ने कहा कि वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट के सुधीर कुमार बनाम स्टेट ऑफ दिल्ली मामले में वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। उनका कहना है कि वॉयस सैंपल उसी रिकॉर्डिंग के अनुरूप लिया जाना चाहिए, जिससे उसका मिलान किया जाना है। यदि ट्रांसक्रिप्ट को लेकर कोई शंका हो तो जांच एजेंसी का दायित्व है कि वह आरोपी को उसका उचित स्पष्टीकरण दे। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ट्विशा केस: गिरिबाला-समर्थ का फिर वॉयस सैंपल देने से इनकार भोपाल में एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। इसमें CBI ने बताया कि आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने अब तक वॉयस सैंपल नहीं दिए हैं। वहीं, ट्विशा के वकील ने कहा कि भोपाल AIIMS ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से मना कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
2 लाख वाले पीएम आवास में सबसे ज्यादा बकाएदार:1500 आवंटियों में से 900 ने नहीं जमा की पूरी धनराशि
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) से संपत्तियां आवंटित कराने के बाद पैसा जमा न करने वाले लोगों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) शुरू की गई लेकिन इसको लेकर लोगों में रुचि नहीं दिखी। प्राधिकरण की ओर से 1 हजार 583 बकाएदार आवंटियों की सूची बनाई गई है। इनमें सबसे ज्यादा बकाएदार उस योजना के हैं, जो 2.5 लाख सब्सिडी पर मिली और जिसके लिए 2 लाख रुपये आवंटी को देने थे। 2016-17 की इस योजना के तहत 1500 आवंटियों को फ्लैट आवंटित हुए और GDA ने सभी को कब्जा भी दे दिया लेकिन अभी भी अधिकतर लोग बकाया नहीं जमा कर पाए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना मानबेला में फ्लैटों का आवंटन अल्पआय वर्ग के लोगों को किया गया था। डूडा से वेरीफिकेशन के बाद यह धनराशि दी गई। GDA ने अपनी जमीन पर ये फ्लैट बनाए थे। इसके बदले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति फ्लैट 2.5 लाख रुपये सरकार की ओर से मिले थे। 2 लाख रुपये 24 महीने में 8 किस्तों में देने थे। ये किस्तें ब्याजमुक्त थीं। इसमें 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले लोग आवेदन कर सकते थे। माना जा रहा है कि किस्तें समय से न जमा करने पर दंड ब्याज लगा, जिसके कारण बकाया अधिक हो जाने से अब यहां के आवंटी जमा नहीं कर पा रहे। बकाएदारों में सूर्य विहार योजना के 221 आवंटी हैं। GDA की यह ऐसी योजना है, जिसमें रजिस्ट्री नहीं की जा सकी है। जमीन विवाद के कारण यहां के आवंटियों को कब्जा तो मिला लेकिन कोई अपने आवास का मालिक नहीं बन सका। अंतिम तिथि नजदीक आयी तो OTS के लिए बढ़ी भीड़ OTS योजना 2026 के तहत 17 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। अब केवल 3 दिन का समय बचा है। अंतिम तिथि नजदीक आते ही प्राधिकरण के कार्यालय में भीड़ बढ़ने लगी है। मंगलवार की शाम तक 60 से अधिक आवंटी योजना की जानकारी लेने आए और पंजीकरण कराया। शुरूआत में ध्यान न देने वाले लोग अब इसमें रुचि दिखा रहे हैं। GDA ने रखा है 53 करोड़ वसूली का लक्ष्य GDA ने इस योजना के तहत विभिन्न योजनाओं के बकाएदारों से 53 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। लेकिन ढाई महीने बीतने को हैं और लगभग 30 प्रतिशत बकाएदार ही पंजीकरण कराने पहुंचे। 1583 बकाएदारों में से 570 लोगों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है। प्राधिकरण ने अंतिम दिनों में नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। फोन करके भी बकाएदारों से इस योजना का लाभ लेने को कहा जा रहा है। इस योजना के तहत बकाएदारों को दंड ब्याज से छूट मिल रही है। अब तक करीब 300 मामलों में छूट के बाद जमा की जाने वाली राशि तय की जा चुकी है, ताकि लाभार्थी शीघ्र भुगतान कर योजना का लाभ उठा सकें। बकाया न जमा करने वालों के साथ बरतेंगे सख्तीGDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि OTS योजना के तहत बकाया जमा करने का यह बेहतरीन अवसर है। 17 जुलाई को बकाएदारों को पंजीकरण करा लेना चाहिए। यह योजना खत्म हो जाने के बाद भी जिनका बकाया जमा नहीं होगा, ऐसे आवंटियों के साथ सख्ती बरती जाएगी। उनके आवास भी खाली कराए जाएंगे।
बड़वानी जिले के खेतिया क्षेत्र में मानसून की लंबी खेंच के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त वर्षा न होने से खेतों में बोए गए खरीफ फसलों के बीज अंकुरित होने के बजाय सड़ने लगे हैं। किसानों ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोयाबीन, मक्का और कपास सहित विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई समय पर कर दी थी। हालांकि, लगातार तेज गर्मी और मिट्टी में नमी की कमी के कारण बीजों का अंकुरण प्रभावित हो रहा है। कई खेतों में बीजों पर फफूंद लगने लगी है, जिससे वे खेत में ही नष्ट हो रहे हैं। किसान बोले-बीज अंकुरित होने से पहले ही खराब किसान आनंद हरसोला ने बताया कि उन्होंने फसलचक्र के अनुसार बुवाई की थी, लेकिन अपर्याप्त वर्षा के कारण बीज अंकुरित होने से पहले ही खराब हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है। हरसोला ने यह भी याद दिलाया कि कुछ वर्षों पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी, तब सरकार ने किसानों को राहत प्रदान की थी। दोबारा बुवाई से फसल की कटाई में देरी किसान प्रकाश सोनिस और लाला सोनिस ने अपर्याप्त वर्षा पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि दोबारा बुवाई से न केवल खेती का खर्च बढ़ेगा, बल्कि फसल की कटाई में भी देरी होगी। उन्होंने ट्यूबवेल जैसे प्रयासों के बावजूद वर्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और सरकार से किसानों को राहत देने की मांग की। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। खेती की बढ़ती लागत के बीच दोबारा बीज और मजदूरी का खर्च उठाना अधिकांश किसानों के लिए मुश्किल होगा। मानसून की लंबी खेंच के कारण खेतों में नमी लगातार कम हो रही है, जिसका सीधा असर फसलों की शुरुआती वृद्धि पर पड़ रहा है। कुछ किसानों ने तो दोबारा बुवाई शुरू की कुछ किसानों ने तो दोबारा बुवाई शुरू भी कर दी है। किसानों ने शासन से स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि पानसेमल स्थित कृषि विभाग के कार्यालय से क्षेत्र के कृषकों को कोई मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है।
दतिया में विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की मंगलवार को स्क्रूटनी पूरी हो गई। कुल 28 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के बाद 4 नामांकन निरस्त कर दिए गए। अब चुनाव मैदान में 24 उम्मीदवार बचे हैं। अंतिम तस्वीर 16 जुलाई को नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद साफ होगी। स्क्रूटनी के दौरान कई उम्मीदवारों के नामांकन में तकनीकी और दस्तावेज संबंधी कमियां मिलीं। इन्हीं वजहों से तीन उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इन चार प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआलोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रामसिंह बघेल के नामांकन में प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं थे। निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमनारायण कुशवाह ने नामांकन के साथ शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा नहीं किया। वहीं, नेशनल पीपुल्स पार्टी के एस. डेनियल का नामांकन तकनीकी खामी के कारण निरस्त कर दिया गया। प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों को कमियां दूर करने का मौका दिया, लेकिन तय समय तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके नामांकन निरस्त कर दिए। कांग्रेस ने चुनाव के लिए डमी उम्मीदवार भी उतारा था। मुख्य उम्मीदवार घनश्याम सिंह का नामांकन सही पाए जाने के बाद नियम के अनुसार डमी उम्मीदवार स्वामी शरण कुशवाह का नामांकन स्वतः निरस्त हो गया।
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के कादरचौक गांव में युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या के बाद मंगलवार को गुस्सा उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर बैठे परिजनों का पांच घंटे तक जाम जारी रहा। रात करीब 10.30 बजे माहौल तब और बिगड़ गया, जब भीड़ में शामिल एक युवक ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगा ली। देखते ही देखते आग पास की सूखी घास में फैल गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दौड़ पड़े। युवक को आग की चपेट में आने से पहले ही दबोच लिया गया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को पीछे धकेला और सड़क खाली कराई। कुछ देर तक चौकी के आसपास अफरातफरी का माहौल बना रहा। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे परिजन हरिओम का शव लेकर नाधा पुलिस चौकी पहुंच गए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर शव रख दिया गया। पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कई दौर की वार्ता हुई। पुलिस ने छह आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा भी दिया, लेकिन परिजन कार्रवाई का ठोस प्रमाण मांगते रहे। इसी बीच भीड़ में आक्रोश बढ़ता गया और लोग पेट्रोल की बोतलें लेकर चौकी के बाहर डटे रहे।
बिहार के 211 प्रखंडों में आज से डिग्री कॉलेज की शुरुआत होगी। गयाजी के 7 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू होने वाली है। उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मंत्रियों से लेकर स्थानीय विधायक और शिक्षाविद् शामिल होंगे। ग्रामीण छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पहले डिग्री की पढ़ाई के लिए बेटियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे कई बार उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी। अब उनके घर के पास ही कॉलेज खुल जाने से उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो जाएगा। मुख्य अतिथियों के अलावा, सभी संबंधित डिग्री कॉलेजों के उद्घाटन समारोहों में जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष और सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। कहां-कहां होना है डिग्री कॉलेज का उद्घाटन मोहड़ा प्रखंड में उच्च विद्यालय सेवतर मोहड़ा डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस समारोह में बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कोच प्रखंड में गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय कोच डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू की जाएगी। उद्घाटन समारोह में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार होंगे। नीमचक बथानी प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मई डिग्री कॉलेज का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर अतरी क्षेत्र के विधायक रोमित कुमार उपस्थित रहेंगे। मोहनपुर प्रखंड में प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया जाएगा। समारोह में बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी शिरकत करेंगी। बांके बाजार प्रखंड में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सैफगंज डिग्री कॉलेज में उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। कार्यक्रम में इमामगंज की विधायक दीपा मांझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।डुमरिया प्रखंड में मध्य विद्यालय शिवनगर डुमरिया डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होना है। इस समारोह में भी इमामगंज की विधायक दीपा मांझी उपस्थित रहेंगी। अतरी प्रखंड में श्री जगदीश चंद्र उच्च विद्यालय टेटूआ डिग्री कॉलेज का उद्घाटन होगा। इस मौके पर मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर छात्रों का हौसला बढ़ाएंगे।
शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर हरियाणा के एक परिवार से 2.25 लाख रुपये, सोने की चेन और मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी का झांसा देकर परिवार को बुलाया गया। शादी के बाद रास्ते में रोककर मारपीट की गई, नकदी और सामान लूट लिया गया। इसके बाद युवती को भी उसके परिजन अपने साथ ले गए। पीड़ित परिवार ने पिछोर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। गुरुग्राम जिले के ग्राम घेगोंला, हरियाणा निवासी प्रीती फोगाट ने बताया कि उनके भाई योगेंद्र कुमार जाखड़ की शादी नहीं हुई थी। उत्तर प्रदेश के महुरानीपुर जिले के ग्राम उलधन निवासी काशीराम अहिरवार और शैलेंद्र अहिरवार ने उनके नाना टेक सिंह से संपर्क कर शादी कराने का भरोसा दिया था। 13 जुलाई को शादी हुईप्रीती के अनुसार, 13 जुलाई को वह अपने भाई योगेंद्र, नाना टेक सिंह, भाभी आकाश और अन्य परिजनों के साथ कार से बबीना पहुंचे। वहां से काशीराम और शैलेंद्र उन्हें पिछोर क्षेत्र के नयागांव चौराहे के पास एक गांव में ले गए। यहां योगेंद्र की शादी एक युवती से कराई गई। आरोप है कि शादी के बाद रात करीब 9:30 बजे जब परिवार युवती को लेकर वापस लौट रहा था, तभी युवती के परिजनों ने रास्ता रोक लिया। उन्होंने पहले पैसे की मांग की और फिर फोन-पे के जरिए एक लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा परिवार के पास रखे 1.25 लाख रुपये नकद, प्रीती की सोने की चेन और चालक देशराज का मोबाइल भी छीन लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और कार में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद युवती को भी उसके परिजन अपने साथ ले गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पिछोर थाने में काशीराम अहिरवार, शैलेंद्र अहिरवार और अन्य लोगों के खिलाफ ठगी, लूट, मारपीट और जबरन वसूली की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्कूली बच्चों की समस्या का तत्काल समाधान किया है। बच्चों ने कलेक्टर को स्कूल जाने वाले मार्ग पर कीचड़ की समस्या से अवगत कराया था, जिसके बाद कलेक्टर ने मंगलवार रात ही उस मार्ग पर मुरम डलवाकर उसे सुगम बना दिया। मामला बांदकपुर में संचालित शासकीय प्राथमिक स्कूल का है। मंगलवार को स्कूल के बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई में अपनी समस्या कलेक्टर के सामने रखी। कलेक्टर ने बच्चों को समस्या के समाधान का आश्वासन देते हुए जिला पंचायत सीईओ को आवश्यक निर्देश दिए थे। स्कूल जाने वाले रास्ते में कीचड़ था दमोह जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत नोनपानी के सुनपुरा टोला में रहने वाले ये बच्चे बांदकपुर के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने जाते हैं। उनके स्कूल जाने वाले रास्ते में भारी कीचड़ रहता है, जिससे बच्चों को पैदल चलने में काफी परेशानी होती है और उनकी स्कूल यूनिफॉर्म भी गंदी हो जाती है। छात्र बोले-स्कूल मार्ग पर कीचड़ से यूनिफॉर्म गंदी हो जाती मंगलवार दोपहर, कक्षा चौथी के छात्र हर्ष तिवारी सहित सात स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से मिलने पहुंचे। छात्र ने कलेक्टर को बताया कि स्कूल मार्ग पर बहुत कीचड़ है और पैदल चलना मुश्किल है। कलेक्टर ने बच्चों से ऑटो से जाने के विकल्प के बारे में पूछा, जिस पर बच्चों ने ऑटो पलटने का डर बताया। कलेक्टर ने बच्चों की बात को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि अगले दिन तक उनके स्कूल जाने वाले मार्ग में कोई वैकल्पिक व्यवस्था जरूर की जाएगी। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों को बिस्किट भी खिलाए। स्कूल जाने वाले मार्ग में अच्छी मुरम डलवाई बच्चों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर यादव ने तत्काल जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए कि स्कूल जाने वाले मार्ग में अच्छी मुरम डलवाई जाए। इन निर्देशों के बाद, जिस मार्ग पर दलदल और कीचड़ भरा रहता था, वहां मंगलवार रात को ही मुरम डलवाकर मार्ग को ठीक कर दिया गया, ताकि बुधवार से बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच सकें। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि बच्चों ने स्कूल जाने वाले मार्ग में कीचड़ की समस्या बताई थी। उन्होंने बच्चों की हर बात को गंभीरता से सुना और तत्काल मुरम डलवाने के निर्देश दिए, जिसका पालन करते हुए मार्ग को दुरुस्त किया गया।
हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर बुधवार सुबह दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक खलासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के कारण एक ट्रक पलट गया और दूसरे ट्रक का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह हादसा सुबह लगभग 5:30 बजे मौदहा मंडी समिति के पास हुआ। कानपुर और कबरई की दिशा से आ रहे दो ट्रक आपस में टकरा गए। दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात बाधित हो गया और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतक की पहचान 20 वर्षीय शाहिद के रूप में हुई है, जो नरायच गांव का निवासी था। घायल चालक हसीब भी उसी गांव का रहने वाला है। परिजनों ने बताया कि दोनों कानपुर की ओर से लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे ट्रक से उनकी टक्कर हो गई। इस हादसे में शाहिद की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि हसीब गंभीर रूप से घायल हो गया। शाहिद अपने परिवार में दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके परिवार के पास लगभग छह बीघा कृषि भूमि है। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौदहा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायल चालक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक शाहिद के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने क्रेन की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त ट्रकों को हाईवे से हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची। दो दोस्तों ने फोन लोकेशन लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाया। रेवाड़ी के गांव ढाणी जड़थल निवासी मोनू हत्याकांड के 22 दिन बाद हुए खुलासे के अब नए खुलासे सामने आ रहे है। 12 पास युवक ने दोस्ती में दो युवक एक अनजान की हत्या करने के लिए न केवल राजी किया, बल्कि दूर बैठकर उनसे मर्डर भी करवा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है। हालांकि अब पत्नी और उसके प्रेमी सहित सभी आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। हत्या के बाद मुलाकात नहीं तन्नु के बुलाने पर 8 जून को कसोली के लिए निकला। उसी दिन अमन और हरिओम ने उसकी हत्या की। हत्या से गिरफ्तारी तक सोनू और तन्नु ने आपस में कोई मुलाकात नहीं की। ताकि अपनी साजिश का राज रखा जा सके। परिवार को मोनू के फोन से तन्नु और प्रेमी सोनू की चैट नहीं मिलती तो शायद मोनू की हत्या का राज भी हमेशा के लिए राज ही रह जाता। 10 जून को मिला था शव 8 जून को घर से निकले मोनू का शव 10 जून को आसलवास के पास नहर में मिला था। 'सीन ऑफ क्राइम' (FSL) टीम को मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले थे और उसकी स्कूटी भी नहर के पास ही बरामद हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला नहर में डूबने का प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था। पहले पत्नी और दोस्त पकड़ा पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले 2 जुलाई को तन्नु और प्रेमी के दोस्त हरिओम को गिरफ्तार किया था। जिनकी गिरफ्तारी के बाद हत्या के राज खुलते गए और प्रेमी के साथ मिलकर रची गई पत्नी की साजिश का खुलासा हुआ। गांव मुंडनवास निवासी अमन और हरिओम ने नाक और मुंह दबाकर 21 वर्षीय इकलौते बेटे मोनू की हत्या की थी। जानिए कैसे दिया अंजाम तन्नु ने गांव मुंडनवास निवासी अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सोनू ने इसके लिए अपने दोस्त अमन और हरिओम को तैयार किया। खुद राजस्थान अपने मामा के घर जाकर बैठ गया। 8 जून की शाम मोनू पत्नी के बुलावे पर कसोली के लिए निकला। तन्नु पति की हर लोकेशन प्रेमी को देती रही। प्रेमी वही लोकेशन अपने दोस्तों को भेजता रहा। जिसके आधार पर दोनों ने बीच रास्ते में मोनू को दबोचकर उसकी हत्या कर दी। अमन 8वीं और सोनू व हरिओम 12वीं पास हैं।
रायगढ़ जिले में तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार 3 युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका फुटेज अब सामने आया है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए धरमजयगढ़ रेफर किया गया है। मामला कापू थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खम्हार के खम्हार चौक पर रविवार सुबह करीब 7 बजे ग्राम बिहामाटी के तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर चौक स्थित होटल की ओर जाने के लिए सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान धरमजयगढ़ की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। CCTV में कैद हुआ हादसा टक्कर इतनी भीषण थी कि, तीनों युवक बाइक समेत कई फीट दूर जा गिरे। हादसे का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में टक्कर के बाद तीनों युवकों को हवा में उछलकर गिरते देखा जा सकता है। तीनों की हालत गंभीर, अस्पताल रेफर हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। शुरुआत इलाज के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए धरमजयगढ़ रेफर किया गया। फिलहाल घायलों की पहचान और वे कहां जा रहे थे, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा खम्हार चौक पहले भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का गवाह रह चुका है। 30 अक्टूबर 2025 को इसी स्थान पर तेज रफ्तार कार ने बाइक और सड़क किनारे खड़ी महिला को टक्कर मार दी थी। उस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें कार सवार तीन लोग हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार होते दिखाई दिए थे। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही कापू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार चालक की पहचान और आगे की कार्रवाई कर रही है।
सतना शहर के खेरमाई रोड स्थित अमृता हॉस्पिटल में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। बिजली कंपनी की औचक जांच में अस्पताल का मीटर बायपास कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने का खुलासा हुआ। जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मीटर बायपास कर चल रहा था अस्पताल बिजली कंपनी की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि अस्पताल का मीटर बायपास कर सीधे लाइन से बिजली ली जा रही थी। पूरे अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही थी और भारी लोड वाली मशीनें भी बिना मीटर के संचालित की जा रही थीं। मौके पर पूरी बिल्डिंग रोशन मिली, जिससे बिजली चोरी की पुष्टि हुई। अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई यह कार्रवाई अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह और कार्यपालन अभियंता मृगेंद्र सिंह के निर्देशन में की गई। कनिष्ठ अभियंता राहुल मिश्रा और उनकी टीम ने जांच के दौरान अनियमितता पकड़ते हुए पुराना मीटर जब्त कर लिया और तत्काल नया मीटर लगाकर कनेक्शन नियमित किया। धारा 135 के तहत दर्ज हुआ मामला बिजली कंपनी ने अस्पताल संचालक प्रकाश पांडेय के खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। नजीराबाद क्षेत्र में भी पकड़ी गई बिजली चोरी इसी अभियान के तहत नजीराबाद क्षेत्र में भी बिजली कंपनी ने कार्रवाई की। कनिष्ठ अभियंता अजय दुबे और उनकी टीम ने रजिया शेख के परिसर में मीटर बायपास कर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा। इस मामले में भी विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अभियान रहेगा जारी बिजली कंपनी ने कहा कि जिलेभर में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। मीटर बायपास या अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एडीजे-5 की अदालत 15 जुलाई यानी आज आदेश सुनाएगी। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला के मुताबिक राहुल गांधी की वास्तविक आवाज और साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत सीडी में दर्ज आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से मिलान कराने की मांग को लेकर दायर रिवीजन याचिका पर बहस पूरी हो चुकी है। निचली अदालत ने खारिज कर दी थी मांग भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता ने 21 मई को सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। इससे पहले निचली अदालत ने राहुल गांधी का वॉइस सैंपल लेकर उसे रिकॉर्ड की गई सीडी से मिलाने की मांग खारिज कर दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन दाखिल किया गया। 30 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 15 जुलाई की तारीख तय की थी। 2018 के बयान से जुड़ा है मामला यह मामला वर्ष 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान से आहत होने का दावा करते हुए सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दायर किया था। अदालत ने परिवाद स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। 2024 में मिली थी जमानत राहुल गांधी ने इस मामले में 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश होकर जमानत ली थी। 26 जुलाई 2024 को उनका बयान भी दर्ज किया जा चुका है। वह आखिरी बार 20 फरवरी 2026 को सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए थे। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। -------------- यह खबर भी पढ़ें… रेलवे अफसर की पत्नी फूट-फूटकर रोई, बोली- जान दे दूंगी, पति को पीटने वाले RPF जवान बर्खास्त हों; यूपी में हजारों रेलकर्मी सड़क पर उतरे आगरा में रेलवे अफसर को प्लेटफॉर्म पर घसीटकर पीटने के विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन तेज हो गया है। पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे मीडिया से कहा- अगर दोषी RPF जवानों को बर्खास्त नहीं किया गया, उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई तो मैं जान दे दूंगी। उन्होंने रोते हुए कहा- इतनी बेरहमी से मेरे पति को पीटा गया कि घटना का वीडियो देखा भी नहीं जा रहा है। मैं अपने पति के लिए ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती। अगर न्याय नहीं मिला, पति का सम्मान वापस नहीं आया तो मैं जान दे दूंगी। इतना कहते हुए वह साड़ी से चेहरा ढककर बिलख पड़ीं। फूट-फूट कर रोने लगीं। पढ़ें पूरी खबर..
शामली में BSNL टावर से चोरी, सेवाएं बाधित:20 दिन बाद FIR दर्ज, अज्ञात चोर फरार
शामली जनपद के बाबरी थाना क्षेत्र में बीएसएनएल के एक मोबाइल टावर से अज्ञात बदमाशों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस चोरी के कारण बीएसएनएल की दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं। चोरों ने टावर से बैटरी बैंक, डीजी इंजन का स्टार्टिंग मोटर और डीसी अल्टरनेटर सहित कई कीमती उपकरण चुरा लिए। घटना के बाद, एरिया इंचार्ज विनोद कुमार ने आसपास के इलाकों में चोरी हुए सामान की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। विनोद कुमार ने इस संबंध में थाने में तहरीर दी। पुलिस ने घटना के लगभग 20 दिन बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसमें किसानों के ट्यूबवेल से सामान चोरी और महिलाओं से चेन लूट जैसी वारदातें शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
छिंदवाड़ा भोपाल में विशेष मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान के दौरान छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहके की गाड़ी पर नियम विरुद्ध हूटर और नेम प्लेट लगे होने के कारण 3 हजार रुपए का चालान किया गया। इस अभियान में सांसद और मंत्रियों के स्टाफ की गाड़ियों पर भी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। भोपाल की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसी ही सख्ती छिंदवाड़ा में भी देखने को मिलेगी। शहर में खुलेआम चल रहे नियम तोड़ने वाले वाहन छिंदवाड़ा की सड़कों पर बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चल रहे हैं, जिन पर अवैध हूटर, पदनाम वाली नेम प्लेट और काली फिल्म लगी हुई है। कई वाहन नियमों के विपरीत विशेष पहचान के साथ सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे कई वाहन कथित युवा नेताओं, प्रभावशाली लोगों, प्रॉपर्टी कारोबारियों और रेत कारोबार से जुड़े लोगों के बताए जाते हैं। कुछ दिन अभियान के बाद वही स्थिति फिर बनी कुछ समय पहले यातायात पुलिस ने काली फिल्म हटाने का अभियान चलाया था। कई वाहनों से काली फिल्म हटाई गई थी और कुछ दिनों तक नियमों का पालन भी दिखाई दिया, लेकिन अभियान खत्म होने के बाद शहर में फिर से काली फिल्म और हूटर लगे वाहन सड़कों पर नजर आने लगे। शहर में आम लोगों के बीच यह चर्चा रहती है कि प्रभावशाली लोगों के वाहनों पर कार्रवाई करने से पुलिसकर्मी बचते हैं। इसी वजह से नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहन बेखौफ सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं। भोपाल की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। अब लोगों की नजर छिंदवाड़ा यातायात पुलिस पर है। यदि शहर में भी हूटर, अवैध नेम प्लेट और काली फिल्म वाले वाहनों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होती है, तो कानून का पालन सभी के लिए एक जैसा नजर आएगा।
आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की भौमवती अमावस्या के अवसर पर मंगलवार को मेनार स्थित प्राचीन चारभुजानाथजी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुए। इस दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और उनका स्वर्ण आभूषणों और सुगंधित पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ और जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी जगदीश वैष्णव ने बताया कि सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान चारभुजानाथजी का पंचामृत से अभिषेक और स्नान कराया गया। इसके बाद ठाकुरजी को स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण आभूषणों, विशेष पिछवाई और मंडफिया से मंगवाई गई आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। सांवलियाजी से विशेष रूप से मंगवाए गए गुलदाउदी, मोगरा, कश्मीरी गुलाब और देशी गुलाब के सुगंधित पुष्पों से भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया गया। चारभुजानाथ की जय के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत और सुरेश मेरावत ने बताया कि शाम लगभग साढ़े 4 बजे भगवान चारभुजानाथजी को 56 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भव्य छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस पुण्य मनोरथ का लाभ केशुलाल, हीरालाल, जगदीशचंद्र और राधाकिशन रामावत परिवार द्वारा लिया गया। छप्पन भोग से पूर्व आयोजित भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विशेष रूप से महिलाओं ने भजनों की धुन पर भावविभोर होकर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर वृंदावन की भक्ति-रसधारा का अहसास कराने लगा। हर ओर श्रद्धा, उल्लास और भक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। महाआरती के समय सैकड़ों दीपों की ज्योति, शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और जयकारों ने अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया। महाआरती के बाद भक्तों ने छप्पन भोग के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और भगवान चारभुजानाथजी से सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम वर्षा की मंगलकामना की। इस धार्मिक आयोजन में मेनार, रुंडेड़ा, खरसान, वाना बांसड़ा, खेरोदा, बाठरड़ाखुर्द, मावली डांगियान, इंटाली, नवानिया सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पंजाब कांग्रेस में जारी सियासी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल को मंगलवार को दिल्ली बुलाया गया है। पार्टी हाईकमान पंजाब में चल रहे विवाद पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेगा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अपनी नाराजगी रख सकते हैं। ऐसे में पंजाब में जारी गुटबाजी और संगठनात्मक विवाद पर आज अहम फैसला होने की संभावना है। भूपेश बघेल पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डालकर पंजाब कांग्रेस के नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। उनका प्रयास अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाकर विवाद खत्म करने का है, लेकिन अब तक पूरी सहमति नहीं बन सकी है। चन्नी ने मुलाकात से पहले रखी थीं शर्तें सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी ने भूपेश बघेल से मुलाकात से पहले दो शर्तें रखी थीं। पहली, बैठक कांग्रेस भवन में नहीं होगी और दूसरी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे। चन्नी की ओर से दो प्रतिनिधियों के जरिए बातचीत की पेशकश भी की गई थी। बताया जा रहा है कि चन्नी सीधे राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं। ऐसे में दिल्ली की बैठक में वे पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और प्रदेश प्रभारी के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रख सकते हैं। बघेल सभी गुटों को साथ लाने में जुटे पंजाब दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। वहीं, उन्होंने साफ कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। इधर, चन्नी खेमे के नेताओं से भी संपर्क बनाए रखने की कोशिश जारी है। चन्नी गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक भी हाल ही में भूपेश बघेल के डिनर कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसे दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिश के तौर पर देखा गया। हाईकमान की नजर पंजाब पर पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक खींचतान जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आज दिल्ली में होने वाली बैठक को पंजाब कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। क्यों अहम है आज की बैठक?
उमरिया जिले में धान के अमानक बीज बेचे जाने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की प्रयोगशाला जांच में कई कंपनियों के धान बीज गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके बाद विभाग ने मानपुर और चंदिया क्षेत्र की छह बीज दुकानों पर संबंधित बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी है। हालांकि रिपोर्ट रोपाई के बाद आने से सैकड़ों किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का खतरा खड़ा हो गया है। मानपुर की 5 और चंदिया की 1 दुकान पर कार्रवाई कृषि विभाग के अनुसार, मानपुर की पांच दुकानों पर छह कंपनियों के धान बीजों की बिक्री प्रतिबंधित की गई है, जबकि चंदिया की एक दुकान पर दो कंपनियों के बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। यह कार्रवाई लैब से मिली अमानक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इन कंपनियों के बीज अमानक मिले मानपुर के मेसर्स राम दरबार बीज भंडार और राम खाद एवं बीज भंडार में सीड वर्क्स इंटरनेशनल लिमिटेड के बीज अमानक पाए गए। शुक्ला बीज भंडार में अंकुर सीड्स प्रा. लि., सायाजी सीड्स और निरमल सीड्स के बीज गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। दिव्या ट्रेडर्स में कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड तथा नयन बीज भंडार में बायर बायोसाइंस प्रा. लि. के धान बीज अमानक घोषित किए गए। वहीं, चंदिया के कुशवाहा बीज भंडार में कृषि हाइब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड का 'पैडी लीडर (RV-01)' और कावेरी सीड्स का 'पैडी कावेरी-468' भी अमानक पाया गया है। रोपाई पूरी, अब किसानों के सामने नुकसान का संकट जिले में अधिकांश किसान धान की बुआई और रोपाई पूरी कर चुके हैं। कुछ क्षेत्रों में बारिश के कारण काम जारी है, लेकिन जिन किसानों ने अमानक बीजों की बुआई या रोपाई कर दी है, उनके लिए अब नुकसान की आशंका बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, 100 से अधिक किसान इन बीजों से प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने सैकड़ों एकड़ में खेती की है। कृषि विभाग ने संबंधित बीज विक्रेताओं से उन किसानों की सूची मांगी है, जिन्होंने अमानक घोषित बीज खरीदे थे। विभाग अब प्रभावित किसानों का आंकलन कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। एक महीने देरी से आई रिपोर्ट पर उठे सवाल किसानों का कहना है कि यदि बीजों की लैब रिपोर्ट समय पर आ जाती तो नुकसान से बचा जा सकता था। उनका आरोप है कि जिन सैंपलों की रिपोर्ट 15 जून तक आ जानी चाहिए थी, वे 15 जुलाई में मिलीं, जब तक अधिकांश किसान रोपाई कर चुके थे। उप संचालक बोले- लैब से रिपोर्ट देर से मिली उप संचालक कृषि संग्राम सिंह मरावी ने बताया कि विभाग ने समय पर बीजों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए थे, लेकिन लैब से रिपोर्ट देर से प्राप्त हुई। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित बीजों की बिक्री तत्काल रोक दी गई है। विभाग प्रभावित किसानों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
महाराजगंज के सिसवा नगरपालिका के इंदिरा नगर वार्ड निवासी युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित नोवोटेल में एक राहुल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। सुबह से दरवाजा न खुलने पर होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो राहुल अचेत अवस्था में बेड पर पड़े मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। राहुल सिंह (22) युवा साइंटिस्ट थे। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे विभूति खंड स्थित नोवोटेल होटल में आकर रुके थे। मंगलवार सुबह चेक आउट के समय जब नहीं निकले तो उनकी मौत की जानकारी हुई। राहुल ने बैटरी से चलने वाला इको फ्रेंडली ट्रैक्टर बनाया था। वो भारत सरकार के अधीन वैज्ञानिक पद पर कार्यरत थे। उनका सिसवा में ड्रोन आईओटी लैब टेस्टिंग सेंटर की स्थापना कराने का सपना था। जिसमें स्थानीय छात्रों को विशेष लाभ मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ने की बात बताई थी। इसका खुलासा राहुल ने विगत 13 जुलाई 2022 को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में किया था। राहुल का कहना था कि सिसवा क्षेत्र का नाम रोशन करना उनका मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए अपने निजी फंडिंग से बहुत जल्द सिसवा में ड्रोन आईओटी लैब टेस्टिंग सेंटर की स्थापना कराएंगे। जिसमें स्थानीय छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा। राहुल ने बताया था कि इस टेस्टिंग लैब में दो फेज़ होंगे। जिसमें फेज़ एक में कक्षा छह से बारह तक तथा फेज़ दो में बारहवीं से स्नातकोत्तर तक के छात्रों को ट्रेनिंग दिया जाएगा। इसके अलावा लैब में देश के नामी गिरामी वैज्ञानिक भी समय-समय पर शिरकत करेंगे। इस टेस्टिंग लैब से दो तरह से फायदा होगा। एक तो वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य बनाने वाले यहां के छात्रों को लाभ मिलेगा साथ ही इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। दो तस्वीरें देखिए मां बार-बार बेहोश हो रही राहुल के पिता संजय सिंह किसान हैं। उनकी मां रासमुनी देवी बेटे की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार बेहोश हो रही हैं। घर में बड़े भाई रोहित सिंह, बहन निशु सिंह हैं। राहुल सबसे छोटे भाई थे। राहुल के मौत की खबर के बाद से मां रासमुनि और बहन निशु का जहां रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं वार्ड में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। राहुल सिंह बचपन से ही होनहार रहे हैं। बाल्यवस्था में ही पढ़ाई के दौरान उन्होंने तमाम उपकरणों का ईजाद किया था। राहुल ने वर्ष 2018 में रोटी मेकर, 2019 में बैटरी चालित इको फ्रेंडली साइकिल, तथा वर्ष 2020 में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में बैट्री चालित इको फ्रेंडली ट्रैक्टर बनाकर पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा राहुल ने एक ऐसे ड्रोन का अविष्कार किया था, जो किसानों के लिए खाद व कीटनाशक छिड़काव में सहयोग करती थी। विगत सात वर्ष पूर्व अपनी खुद की प्रतिभा की बदौलत प्रदेश सरकार की संस्तुति पर राहुल का चयन भारत सरकार के अधीन एक संस्था में वैज्ञानिक पद हुआ था। एक माह से किसी अंजाने भय से ग्रसित थे राहुल सिसवा के इंदिरा नगर वार्ड में दबी जुबान से यह चर्चा बनी हुई है कि राहुल किसी धमकी और अंजाने भय से परेशान थे। जिसको लेकर वे विगत एक माह से परेशान चल रहे थे। हालांकि परिजन इस संदर्भ में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन इस बात की चर्चा सिसवा क्षेत्र में बनी हुई है।
गोरखपुर में यूपी एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में मारे गए इनामी बदमाश मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू का मंगलवार को मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बदमाश को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली उसके दाहिने पैर में लगी, जो आर-पार निकल गई। दूसरी गोली दाहिनी ओर सिर में लगी, वह भी आर-पार हो गई थी, सिर में लगी गोली से ही उसकी मौत हुई थी। चिकित्सकों ने नियमानुसार दोनों चोटों का परीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड तैयार कराया। पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस और एसटीएफ के अधिकारी व जवान भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव को विधिक प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मुस्तफिजुल हसन के घरवालों को सूचना दी थी। मंगलवार सुबह मृतक की मां भाई और भाई की पत्नी, दो अन्य रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पहचान और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पोस्टमार्टम हाउस परिसर में पुलिस और एसटीएफ की विशेष निगरानी रही। गोरखपुर में यूपी STF ने बसपा नेता की हत्या के आरोपी बदमाश को सोमवार रात 11:15 बजे एनकाउंटर में मार गिराया। उस पर 1 लाख का इनाम था। STF और पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर और आंख के पास गोली लगी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर खोराबार क्षेत्र के रामनगर करजहा में हुई। 30 मिनट चली मुठभेड़ में दोनों तरफ से 15 राउंड फायरिंग हुई। बदमाश मुस्तफिजुल हसन ने 4 साल पहले बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या की थी। कलामुद्दीन ने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। मुस्तफिजुल लगातार ठिकाने बदलता रहता था, इसलिए पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही थी। दिसंबर 2024 में पुलिस ने मुस्तफिजुल को गुजरात से गिरफ्तार किया था, लेकिन आजमगढ़ लाते समय वह महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास टॉयलेट जाने का बहाना कर चलती ट्रेन से कूद गया था। मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ आजमगढ़ (8), हरदोई (1) और महाराष्ट्र के अमरावती (1) में हत्या, लूट जैसी धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज थे। एनकाउंटर से जुड़ी हुईं तस्वीरें देखिए… पुलिस ने रोका तो फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में ढेर STF और पुलिस को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर जा रहा है। STF और पुलिस ने रामनगर-कड़जहां फोरलेन पर चेकिंग शुरू कर दी। रात 11 बजे मुस्तफिजुल बाइक से आया। टीम ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वह बाइक मोड़कर भागने लगा। पीछा किया तो फायरिंग कर दी। एक गोली STF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह को लग गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। मुस्तफिजुल को दो गोलियां लगीं और वह सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस घायल सिपाही और बदमाश को खोराबार प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) लेकर आई। रात 1 बजे इलाज के दौरान मुस्तफिजुल की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और कारतूस बरामद किए। बदमाश के भाई की हत्या के आरोपी थे बसपा नेता कमालुद्दीन मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू भी खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। पिता जमालुद्दीन खेती-किसानी करते थे। उसके 3 भाइयों की बीमारी की वजह से मौत हो चुकी है। एक भाई दुबई में रहता है और एक भाई गांव में ही रहता है। 2013 में उसके एक भाई कामरान की हत्या हो गई थी। बसपा नेता कमालुद्दीन हत्याकांड में आरोपी थे। इसके बाद से ही कमालुद्दीन के परिवार को दुबई से लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। हत्याकांड का एक आरोपी अब भी फरार है। बसपा नेता की 2021 में हत्या हुई, दुबई से धमकियां मिल रही थीं यूपी STF के मुताबिक, बसपा नेता कमालुद्दीन भी खुंदनपुर गांव के रहने वाले थे। लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। 15 फरवरी 2021 को उनकी हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस को माफिया मुख्तार अंसारी का सीधा कनेक्शन मिला था। उसके गैंग से जुड़े दो फरार बदमाश अली शेर और मसरूर भी वारदात में शामिल थे। अब दोनों के मकान की तस्वीर देखिए…
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित अभियोजन पदाधिकारी (प्रोसिक्यूशन ऑफिसर) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा बुधवार को मुजफ्फरपुर जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, जैमर, तीन स्तर की तलाशी और दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन विषय की होगी, जबकि दूसरी पाली में विधि (लॉ) विषय की परीक्षा आयोजित होगी। शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स नहीं ले जा सकते जिला प्रशासन के अनुसार पहली पाली के लिए परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 8 बजे से शुरू होगा। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर दो प्रवेश पत्र लेकर पहुंचना अनिवार्य होगा। इनमें से एक प्रवेश पत्र पर हस्ताक्षर कर वीक्षक को जमा करना होगा। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर थ्री-स्टेप फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अभ्यर्थियों की तीन चरणों में तलाशी ली जाएगी, ताकि कोई भी परीक्षार्थी चीट-पर्ची, मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश न कर सके। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और जैमर लगाए गए हैं, जिससे मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
रायबरेली में बिरला कॉरपोरेशन लिमिटेड ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) को जनभागीदारी से गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने निक्षय मित्र अभियान के तहत अमावा ब्लॉक के 101 टीबी मरीजों को गोद लिया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पोषण पोटली वितरण अभियान का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बिरला कॉरपोरेशन के यूनिट हेड सुनील कुमार कोठारी ने जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका का स्वागत किया। इसके बाद, बिरला कॉरपोरेशन की ओर से सांकेतिक रूप से जिलाधिकारी को पोषण पोटली भेंट की गई। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और यूनिट हेड सुनील कुमार कोठारी ने संयुक्त रूप से एक बच्चे को पोषण पोटली प्रदान कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके साथ ही अमावा ब्लॉक के 101 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किए जाने की घोषणा की गई। बिरला कॉरपोरेशन द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रत्येक पोषण पोटली में चना, सत्तू, गुड़, दाल, प्रोटीन पाउडर और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल है। इन पोटलियों का वितरण अमावा ब्लॉक के 101 उपचाराधीन टीबी मरीजों को किया जाएगा, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पौष्टिक आहार मिल सके और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिले। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने इस अवसर पर कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि जब प्रशासन, उद्योग जगत और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने टीबी मरीजों को दवा के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी ही टीबी मुक्त रायबरेली और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी शक्ति है।
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह की रंजिश में हुई महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि घटना में शामिल एक विधि विरुद्ध किशोरी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे भी बरामद किए गए हैं। प्रेम विवाह को लेकर हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, घटना 11 जुलाई 2026 की है। कुम्हारटोली निवासी 55 वर्षीय हरकुँवर प्रजापति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे और बद्री प्रजापति की बेटी ने प्रेम विवाह किया था। इसी रंजिश के चलते बद्री प्रजापति, सोनू प्रजापति, रोशनी प्रजापति और एक विधि विरुद्ध किशोरी ने उनके साथ मारपीट की। इलाज के दौरान महिला की मौत मारपीट में हरकुँवर प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़कर जांच शुरू की। चार आरोपी गिरफ्तार, किशोरी भी हिरासत में मामले की गंभीरता को देखते हुए नौगांव थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। 14 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर बद्री प्रजापति (42), सोनू प्रजापति (22), रोशनी प्रजापति (33) और एक विधि विरुद्ध किशोरी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे भी बरामद कर लिए गए। कोर्ट में पेश, जांच जारी पुलिस ने चारों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जबकि किशोरी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई एसडीओपी नौगांव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय राय के नेतृत्व में की गई। मामले में आगे की जांच जारी है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए बेटी के बॉयफ्रेंड की मां को पीट-पीटकर मार डाला छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के सिल्वर सिटी कुम्हार टोली में 55 वर्षीय हरकुंवर प्रजापति की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आज (सोमवार) मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां हरकुंवर के साथ बेरहमी से मारपीट करती दिख रही.पढ़ें पूरी खबर
देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र में रेलवे लाइन किनारे मिली एक वृद्ध महिला के शव की दूसरे दिन शिनाख्त हो गई है। सोमवार को नोनापार-भटनी मार्ग पर दुर्गा मंदिर के पास यह शव मिला था। मृतका की पहचान भटनी क्षेत्र के बनकटी निवासी धगूरा देवी (70) पत्नी मुक्तिनाथ यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे वृद्ध महिला का शव मिलने की सूचना पर भटनी पुलिस मौके पर पहुंची थी। शुरुआती जांच में पहचान न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से फोटो जारी कर शिनाख्त कराने का प्रयास किया गया। मंगलवार शाम को परिजनों ने सोशल मीडिया पर जारी फोटो देखकर महिला की पहचान धगूरा देवी के रूप में की। परिजनों ने बताया कि धगूरा देवी रविवार रात को शौच के लिए घर से निकली थीं, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटीं। परिजन तब से उनकी तलाश कर रहे थे। परिजनों ने यह भी बताया कि धगूरा देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और अक्सर घर से भटक जाती थीं। आशंका जताई जा रही है कि वह भटकते हुए रेलवे लाइन के किनारे पहुंच गई होंगी। हालांकि, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। भटनी थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने पुष्टि की कि शव की पहचान हो गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) के बाहर मंगलवार को सैकड़ों पारा मेडिकल अभ्यर्थियों ने लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने आयोग के मुख्य गेट के सामने नारेबाजी करते हुए जल्द अंतिम परिणाम जारी करने की मांग की। इस प्रदर्शन में एक्सरे टेक्नीशियन, शल्य कक्ष सहायक (OT Assistant), ECG टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स के अभ्यर्थी शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान, पारा मेडिकल एसोसिएशन ऑफ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने BTSC के विशेष कार्य पदाधिकारी से मुलाकात की। विशेष कार्य पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ECG टेक्नीशियन और शल्य कक्ष सहायक का अंतिम परिणाम शुक्रवार तक प्रकाशित कर दिया जाएगा। वहीं, एक्सरे टेक्नीशियन का परिणाम 24 जुलाई तक जारी करने की बात कही गई। अंतिम मेधा सूची जारी नहीं करने हैं नाराज प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने बताया, संबंधित पदों के लिए भर्ती परीक्षा लगभग एक वर्ष पहले आयोजित की गई थी। इसके अलावा, दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया भी 4 महीने पहले पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद, अब तक अंतिम मेधा सूची जारी नहीं की गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों में निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अंतिम परिणाम अभी भी नहीं जारी किया पारा मेडिकल एसोसिएशन ऑफ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण ने कहा, एक्सरे टेक्नीशियन, शल्य कक्ष सहायक और ECG टेक्नीशियन के पदों के लिए दस्तावेज़ सत्यापन को 4 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अंतिम परिणाम अभी भी लंबित है। उन्होंने आयोग से बिना किसी अनावश्यक देरी के नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया। स्टाफ नर्स के अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बनी संघ के कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन ने स्टाफ नर्स भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अंतिम मेधा सूची जारी होने से पहले अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित की जानी हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। इससे स्टाफ नर्स के अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। चार महीने में भर्ती पूरी करने का था लक्ष्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की नियुक्तियों को चार महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन परीक्षा हुए लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है और वे मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। इन पदों का रिजल्ट अब भी लंबित अभ्यर्थियों के अनुसार फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में निम्न पदों की नियुक्ति का परिणाम लंबित है— भर्ती पूरी होगी तो मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पारा मेडिकल कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ की भारी आवश्यकता है। यदि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो एक ओर योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी और आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। ट्रायल और मेंटेनेंस आदि की पूरी प्रक्रिया होने के बाद मंगलवार शाम को शकूरबस्ती से ट्रेन जींद रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अब दो दिन तक ट्रेन की वाशिंग और डेकोरेशन का काम चलेगा। ट्रेन को भव्य तरीके से सजाया जाएगा। शकूरबस्ती से पहुंची अधिकारियों की टीम की देखरेख में यह कार्य कराया जाएगा। ट्रेन को लेकर 6 लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और दो गार्डों को चेन्नई व गुजरात में स्पेशल ट्रेनिंग दिलाई गई है। नॉन एसी ट्रेन में लग्जरी सीटें, पंखों, सीटों के अलावा खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के लिए हैंडग्रीपर लगाए गए हैं। ट्रेन में चार्जिंग के लिए जगह-जगह सॉकेट लगाए गए हैं। एक बार में ट्रेन में 2600 यात्री सफर कर सकते हैं। 89 किलोमीटर का सफर यह ट्रेन करीब दो घंटे में पूरा करेगी। जींद और सोनीपत समेत 14 स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव होगा। हफ्ते में यह छह दिन चलेगी। रविवार को इसका मेंटेंस किया जाएगा। काफिले के रूट पर सौंदर्यीकरण काम काम आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीएम का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरेगा। इसके बाद वह सड़क मार्ग के रास्ते गोहाना रोड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, पुरानी सब्जी मंडी मोड़ और पटियाला चौक होते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंचेंगे। इस रूट पर सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। गोहाना रोड पर बिजली के तारों व केबलों को बदला जा रहा है। गड्ढे भरे जा रहे, दीवारों पर पेंट हो रहा चिह्नित किए गए मुख्य मार्ग पर सफाई, पेंट और मरम्मत का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सड़कों के गड्ढों को भरा जा रहा है, डिवाइडरों और फुटपाथों को नए रंग-रोगन से चमकाया जा रहा है। इसके अलावा, रूट के आस-पास की दीवारों पर पेंटिंग और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि शहर बेहद स्वच्छ और सुंदर नजर आए। प्रशासन की कई टीमें दिन-रात इस कार्य को पूरा करने में जुटी हैं। रोहतक PGI के विशेषज्ञों की जींद में ड्यूटी प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डॉ. कोहली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने PGIMS रोहतक सहित अन्य जिलों से हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट समेत विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा 15 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और 7 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंसों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। 1,200 हॉर्सपावर, एक बार में 2,638 यात्री सफर कर सकेंगे हाइड्रोजन ट्रेन में 1,200 किलोवाट क्षमता का आधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम लगाया गया है। इसमें एक बार में 2,638 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है, जिससे कम दूरी का सफर तेज और आसान होगा। रोज जींद से सोनीपत के बीच चलेगी ट्रेन ट्रेन नंबर 74010 रोज सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 1 बजे जींद पहुंचेगी। रास्ते में ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भामेवा, ईशापुर खेड़ी, बुताना, खांडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बड़वासनी स्टेशनों पर रुकेगी। 'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' योजना के तहत चलेंगी 35 ट्रेनें भारत सरकार ने 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत रेलवे देश के अलग-अलग हेरिटेज और पहाड़ी रूटों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। एक ट्रेन बनाने में करीब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि हर रूट पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए करीब 70 करोड़ रुपए अलग से खर्च किए जाएंगे।
सोनभद्र के शाहगंज थाना क्षेत्र से एक माह पूर्व अपहृत हुई नाबालिग किशोरी का अब तक पता नहीं चल पाया है। इससे नाराज पीड़ित परिवार ने मंगलवार को वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) से मुलाकात कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार शाहगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ओडहथा निवासी रामलाल श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी खुशबू का अपहरण 4 जून 2026 को हुआ था। आरोप है कि बलुआ निवासी शिवम मौर्य पुत्र राजेश मौर्य ने उसे बहला-फुसलाकर अगवा किया। इस संबंध में शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज है। घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी है। पीड़ित पिता का आरोप है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र और पुलिस उपमहानिरीक्षक मिर्जापुर रेंज सहित कई अधिकारियों से शिकायत की थी। रामलाल श्रीवास्तव के अनुसार, उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद स्थानीय पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि नामजद आरोपी के प्रभाव के चलते विवेचना में लापरवाही बरती जा रही है, और आरोपी पक्ष लगातार परिवार पर दबाव बना रहा है तथा धमकी दे रहा है। पीड़ित परिवार ने एडीजी वाराणसी जोन को दिए गए प्रार्थना पत्र में मामले की जांच एसओजी और सर्विलांस टीम से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए तो बेटी को जल्द सकुशल बरामद किया जा सकता है। पीड़ित पिता ने कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई कर उनकी बेटी को बरामद नहीं किया गया, तो वे परिवार सहित धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर राज्य कर्मचारियों के खेल कौशल को बढ़ावा देने और उनके शारीरिक विकास के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 की सिविल सर्विसेज खेल प्रतियोगिताओं के लिए जिला स्तरीय चयन एवं ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। बलिया में यह ट्रायल 6 अगस्त को होगा। जिला क्रीड़ाधिकारी जवाहर लाल यादव ने बताया कि खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशन में ये चयन ट्रायल वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम, बलिया में प्रातः 10:00 बजे से शुरू होंगे। इन ट्रायल्स में 20 से अधिक खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इनमें टेनिस, वॉलीबॉल, तैराकी, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी, शतरंज, भारोत्तोलन एवं बेस्ट फिजिक, एथलेटिक्स, फुटबॉल, कैरम, ब्रिज, कुश्ती, पावर लिफ्टिंग, क्रिकेट, हॉकी, खो-खो और योगासन शामिल हैं। जिला क्रीड़ाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन ट्रायल्स में केवल पूर्ण रूप से सरकारी राज्य कर्मचारी ही भाग ले सकेंगे। स्वायत्तशासी संस्थाओं, परिषद, बोर्ड, नगर निगम, पंचायत, पुलिस विभाग के कर्मचारी, शिक्षक एवं सहायक अध्यापक इसमें पात्र नहीं होंगे। उन्होंने सभी सरकारी विभागों के कार्यालयाध्यक्षों से अपील की है कि इच्छुक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर चयन ट्रायल में भाग लेने के लिए निर्देशित करें। प्रतिभागियों को चयन प्रक्रिया से पूर्व अपने विभाग द्वारा जारी कार्य-मुक्ति प्रमाणपत्र और सरकारी पहचान पत्र (आईडी) की छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
किशनगंज में संचालित आठ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की विदेशी फंडिंग और गतिविधियों पर सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जांच में इन संस्थाओं की फंडिंग और कुछ गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं, जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। अब विभिन्न केंद्रीय और गोपनीय एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन जांच और सत्यापन में जुट गई हैं। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि जिले में कार्यरत कुछ संस्थाओं के संबंध में प्राप्त सूचनाओं और प्रारंभिक जांच के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उच्च स्तरीय विभागों को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग सहित कई अन्य एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। डीएम के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी स्रोतों से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित नियमों और उद्देश्यों के अनुरूप किया गया है या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि इन संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्य उनके घोषित उद्देश्यों के अनुरूप हैं या नहीं। रिकॉर्ड का मिलान कर रही एजेंसियां जांच के दायरे में इन संस्थाओं की वित्तीय गतिविधियां, बैंक खातों का संचालन, विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उसके उपयोग से जुड़े सभी दस्तावेज शामिल हैं। संबंधित एजेंसियां रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद संस्था का नाम होगा सार्वजनिक प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी भी संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई या आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। जिले में विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाली संस्थाओं की जांच की खबर सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
यात्रियों की जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ रही अवैध और नियम विरुद्ध मॉडिफाइड बसों के खिलाफ जोधपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। मंगलवार देर रात जिला न्यायालय के जजों ने खुद सड़कों पर उतरकर लग्जरी, एसी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया। कई इलाकों में की गई नाकाबंदी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शुरू हुए इस अभियान के तहत कायलाना चौराहे सहित शहर के कई इलाकों में नाकाबंदी की गई। इस दौरान भारी गड़बड़ियां मिलने पर 7 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि कई बस ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक ही नंबर पर चल रही थीं दो-दो बसें देर रात जांच टीम जब कायलाना चौराहे पर पहुंची, तो वहां धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। टीम को देखकर एक बस के ऑपरेटर ने आनन-फानन में आगे की नंबर प्लेट हटा दी। जब अधिकारियों ने नंबर प्लेट मांगी, तो वह काफी देर तक बहानेबाजी करता रहा। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि एक ही नंबर से दो-दो बसें चलाई जा रही थीं। पकड़ी गई बस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और उसके चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा एक बस बिना नंबर प्लेट के भी धड़ल्ले से दौड़ती मिली। इसके अलावा देवनगर ओर प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्रों में भी एक ही नंबर की दो बसें चलना पाया गया। कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में न्यायिक अधिकारी यह पूरी कार्रवाई जिला सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश त्यागी और जोधपुर जिला अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा के निर्देशन में की जा रही है। अपर एवं सेशन न्यायाधीश ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉक्टर मनीष हरजाई ने बताया कि इन दिनों लगातार रालसा के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। जब भी ऐसा लगता है कि कोई ऐसी बस है जिसके खिलाफ कार्रवाई की जानी है उन बसों को रोका जाता है उनकी लम्बाई मापी जाती है सुरक्षा उपकरणों की जांच भी की जाती है। कोई भी कमी पाए जाने पर उनमें सीज का चालान काटने की कार्रवाई की जाती है। पब्लिक भी हो जागरूक न्यायाधीश मनीष हरजाई ने कहा कि पब्लिक को भी इस मुद्दे पर यही कहना चाहते हैं कि आमजन को भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना चाहिए। यदि कोई बस में सवारी कर रहा है तो उसे बस में सुरक्षा उपकरणों की जानकारी कर लेनी चाहिए कि बस में आपात स्थिति में निकलने का इमरजेंसी गेट भी है या नहीं। यदि बस पलटी खा जाए तब ऐसी स्थिति में उस बस से निकलने के लिए छत का कोई रास्ता है या नहीं। इन अधिकारों को लेकर भी जागरूक होना पड़ेगा। अपनी खुद की सुरक्षा के लिए स्वयं सचेत होना भी एक बहुत आवश्यक कदम है। परेशानी होने पर क्या करें न्यायाधीश ने कहा कि यदि ऐसी किसी भी कार्रवाई के दौरान किसी भी ट्रैवल कंपनी या बस से यात्रा करने वाले किसी यात्री को कोई परेशानी होती है तो वह स्थाई लोक अदालत के समक्ष यथोचित कार्रवाई के लिए सामान्य आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। जिसमें बहुत ही सामान्य प्रक्रिया के तहत व्यक्ति स्वयं भी आवेदन कर उसे यथोचित लाभ दिलाने के लिए जिला एवं विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर, रालसा, प्रतिबद्ध है। फलोदी हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर के सचिव राकेश रामावत ने बताया मंगलवार रात को भी 7 बसों को सीज किया गया था। फलोदी में हुई दुर्घटना में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। इसके बाद दौसा में हुए बस हादसे के बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने रालसा को निर्देश दिए थे। जिसमें रालसा ने एक एसओपी जारी की थी। जिसमें पुलिस, मोबाईल मजिस्ट्रेड को भी शामिल किया गया था। ये मिली कमियां रामावत ने बताया बसों में मुख्य तौर पर इमरजेंसी एग्जिट को काटकर छोटा किया गया है। उनमें मानक के तहत इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। बसों को पीछे से चैसिस काटकर के उनको लम्बा किया गया है। डिक्की की साईज बड़ी की गई है जिससे बस का बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसे टैक्निकल भाषा में रियल ओवरहैंगिंग कहा जाता है। यह लगभग सभी बसों में कमियां पाई गई है। आरटीओ इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना आठ से दस बसों को सीज किया जा रहा है। जिन बसों में बड़ा अपराध नहीं है उनका चालान बनाया जा रहा है। जिन बसों में तकनीकी कमियां है उनको दूर नहीं किया गया है, उन बसों को न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान के तहत सीज किया जा रहा है। इन बसों ने अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड से पास की गई थी। जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक बसें नाॅर्थ इस्ट की है, लेकिन अब इना बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 47 बस सीज आरटीओ इंस्पेक्टर फिरोज ने बताया कि 8 जुलाई से यह अभियान चल रहा है। जिसमें अब तक 47 बसों को सीज किया गया है। जिन बसों को नियमों के खिलाफ चलाया जा रहा था। उनके खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उस समय उन्हें हिदायत दी गई थी और चालान काटकर छोड़ दिया गया था, लेकिन अब इन बसों में सुधार नहीं होने पर सीज किया जा रहा है।
मंगलवार को आषाढ़ माह की कृष्ण पक्ष की भौमवती अमावस्या पर मेनार स्थित प्राचीन चारभुजानाथजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान चारभुजानाथजी के जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखनाद से पूरा गांव भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से भगवान को नवीन वागा, तांबे की हुंडी और शुद्ध घी से भरी तांबे की मटकी (गड़ा) भेंट की। उन्होंने सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा, खुशहाली और लोककल्याण के लिए मंगलकामना की। भौमवती अमावस्या के अवसर पर गांव की महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजकर सुब साढ़े 8 बजे पिपली चौक पर इकट्ठा हुईं। यहां से भगवान चारभुजानाथजी के लिए नवीन वागा, तांबे की हुंडी और घी की मटकी सिर पर धारण कर भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। ढोल, नगाड़ों और बैंड-बाजों की मधुर धुनें शोभायात्रा में शामिल थीं। शोभायात्रा थंब चौक, सीनियर सैकंडरी रास्ता, गणेश घाटी, हैरी, विका मेहता चौक, अंबामाताजी मंदिर, कालिका माताजी मंदिर, नीम का चौक, मुख्य बाजार होते हुए ओंकारेश्वर चौक स्थित चारभुजानाथजी मंदिर पहुंची। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई भक्तों ने ठाकुरजी की तांबे की हुंडी में अपनी श्रद्धा अनुसार धनराशि अर्पित कर मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान चारभुजानाथजी को नवीन वागा धारण कराया गया। इसके बाद तांबे की हुंडी और घी की मटकी ठाकुरजी को समर्पित की गईं। मान्यता है कि भगवान को तांबे के पात्र अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है और इससे परिवार में सुख, समृद्धि, आरोग्य तथा वैभव की प्राप्ति होती है। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने सामूहिक भजन-कीर्तन कर भगवान चारभुजानाथजी की महिमा का गुणगान किया। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार और समाज की सुख-शांति, समृद्धि तथा उत्तम वर्षा की कामना की। अंत में महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।
राजस्थान के पहले टाइगर रिजर्व ‘रणथंभौर’ में कभी सिर्फ 25 टाइगर थे। अब इनकी संख्या 77 तक पहुंच गई है। 53 साल में सिर्फ बाघों की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि उन्हें गिनने का तरीका भी पूरी तरह बदल गया। कभी जंगल में पंजों के निशान खोजे जाते थे। आज वही काम हाईटेक कैमरा ट्रैप कर रहे हैं। टाइगर की पहचान शरीर पर बनी धारियों (स्ट्राइप पैटर्न) से हो रही है। इस बार 1700 वर्ग किलोमीटर के जंगल में 600 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इस दौरान तीन महीने मानसूनी सीजन में टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। समय के साथ ऐसे बदला काउंटिंग पैटर्न… गणना के बाद NTCA जारी करता है डेटा रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया - इलाके में करीब 300 पॉइंट्स निर्धारित किए गए है, जहां पर मॉनटरिंग के लिए दो-दो कैमरे लगाए गए हैं। ऐसे में 600 कैमरों से काउंटिंग की जाएगी। हालांकि सामान्य दिनों में भी यहां 250 से 300 कैमरा ट्रैप हमेशा लगे रहते हैं, ताकि टाइगरों की लगातार मॉनिटरिंग होती रहे। रणथंभौर में टाइगरों की संख्या अधिक होने के कारण निगरानी के लिए ज्यादा कैमरों की जरूरत पड़ती है। डीएफओ ने बताया कि करीब चार साल पहले राजस्थान के टाइगर रिजर्व में वाटर होल पद्धति से होने वाली गणना बंद कर दी गई थी। अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की टाइगर सेल के वैज्ञानिक तरीके से कैमरा ट्रैप के जरिए टाइगरों की गणना की जाती है। इस गणना का पूरा डेटा एनटीसीए जारी करेगा। इसमें टाइगर रिजर्व के साथ-साथ सोशल फॉरेस्ट्री क्षेत्र में टाइगरों की आवाजाही का डेटा भी शामिल रहेगा। धारियों के पैटर्न से होती है पहचान कैमरा ट्रैप से ली गई तस्वीरों में टाइगर के शरीर पर बनी धारियों (स्ट्राइप पैटर्न) के आधार पर उसकी पहचान की जाती है। जिस तरह हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं, उसी तरह हर टाइगर की धारियों का पैटर्न भी अलग होता है। इसी वजह से हर टाइगर की अलग-अलग पहचान कर उसकी सटीक गणना की जाती है। --- रणथंभौर की ये खबर भी पढ़ें … राजस्थान में पहली बार GSM कैमरों से टाइगर की निगरानी:रणथंभौर में अपग्रेड होगा सर्विलांस सिस्टम, हर गतिविधि दिखेगी लाइव, जानें- क्यों पड़ी जरूरत राजस्थान में पहली बार ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस (GSM) से लैस कैमरों और सैटेलाइट टेक्निक से बाघों की निगरानी होगी। पूरी खबर पढ़िए
भोजपुर में मंगलवार को छत से गिरकर शख्स की मौत हो गई। इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ले जाया गया था, पर जान नहीं बची। मृतक सहार थाना क्षेत्र के वरुणा गांव निवासी बच्चा सिंह (50) है। कई साल से जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सिअरुआ गांव में बहन के ससुराल में रह रहे थे। बच्चा सिंह की मौत के बाद उनके परिजन ने सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। जिसके बाद सदर अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने परिजनों को समझा-बूझाकर मामले को शांत कराया गया। इधर, मृतक के भांजे विक्की सिंह ने बताया कि रविवार को बारिश हुई थी। उसी रात अंधेरा होने के कारण मामा बच्चा सिंह का पैर स्लिप कर गया और वह छत से गिर पड़े। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र सिअरुआ गांव की है। कमर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी छत से गिरने के कारण उनकी कमर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जगदीशपुर रेफरल अस्पताल से सोमवार को आरा सदर अस्पताल लाया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। लेकिन डॉक्टर ने पुर्जे पर लिखे इंजेक्शन अन्य मेडिसिन को स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से समय से नहीं देने के कारण मंगलवार देर शाम उनकी मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
सोनभद्र पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में की कार्रवाई:अपराध से अर्जित 28 लाख के दो वाहन कुर्क किए
सोनभद्र पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, घोरावल पुलिस ने अपराध से अर्जित ₹28 लाख मूल्य के दो वाहनों को कुर्क किया। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी घोरावल राजेश कुमार राय के देखरेख मे घोरावल थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह की टीम ने किया। जानकारी के अनुसार शाहगंज थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम से संबंधित मामले में की गई। विवेचना के दौरान, अभियुक्तों द्वारा अपराध से अर्जित धन से खरीदे गए और उपयोग किए जा रहे वाहनों की पहचान की गई। इसकी रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट, सोनभद्र को भेजी गई थी। जिला मजिस्ट्रेट के कुर्की आदेश के बाद, 14 जुलाई को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत दोनों वाहनों को विधिवत कुर्क कर लिया गया। कुर्क किए गए वाहनों में पहला ट्रक संख्या OD06B7503 है, जिसका अनुमानित मूल्य 8,00,000 है। यह ट्रक ओडिशा के ढेंकानाल जिले के मंगलपुर कुसुपंगा गांव का निवासी प्रकाश माहखुड़ पुत्र बसन्त माहखुड़ की थी वही दूसरा वाहन डीसीएम संख्या OD02CB5536 है, जिसकी अनुमानित कीमत 20,00,000 है। यह वाहन ओडिशा के नयागढ़ जिले के हरेकृष्णापुर गांव का रहने वाले निरंजन बग्घा पुत्र गनेश बग्घा का है, कुर्की की इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में घोरावल थाने में तैनात प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह, उपनिरीक्षक सुभाष यादव, हेड कांस्टेबल राज सिंह राणा और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल थे।
पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसके करीबी नीतिश कौशल उर्फ 'लाला' को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। नीतिश कौशल पर अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत अन्य क्षेत्रों में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए अपहरण, हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और अन्य संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। इससे पहले 25 जून 2026 को यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया ने उसके खिलाफ अमेरिका के RICO कानून के तहत संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अब नीतिश कौशल के बारे में जानिए एफबीआई की चेतावनी एफबीआई ने नीतिश कौशल को हथियारबंद और बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा है। एजेंसी के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल सकता है और फरार रहने का प्रयास कर सकता है। एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को उसके संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वे खुद कोई कार्रवाई न करें, बल्कि तुरंत संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी सूचना दें।
सपा का तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन:मिर्जापुर में किसानों की समस्याओं पर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मंगलवार को जिले की चारों तहसीलों सदर, चुनार, मड़िहान और लालगंज मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन किसानों की समस्याओं, खाद की उपलब्धता, बिजली-पानी की बदहाल व्यवस्था, सड़कों की खराब स्थिति और बढ़ती महंगाई के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारियों को मांगपत्र सौंपे। सदर तहसील में जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष झल्लू यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उपजिलाधिकारी महेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें खाद की पर्याप्त उपलब्धता, बिजली संकट का समाधान, महंगाई पर नियंत्रण, जलभराव और पेयजल की समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि यदि किसानों और आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी व्यापक और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सदर तहसील के प्रदर्शन में विधानसभा अध्यक्ष झल्लू यादव, मुन्नी यादव, सतीश मिश्रा, रवि सोनकर, अनीस खान, भोलानाथ यादव, कन्हैया यादव, अशोक यादव, लाल बहादुर यादव, जाहिद अख्तर, रामजी यादव, मनोज चौहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में मड़िहान तहसील मुख्यालय पर विधानसभा अध्यक्ष शैलेश पटेल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी अनेग सिंह को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इस प्रदर्शन में रविंद्र बहादुर सिंह, निराला कोल, गणेश केसरी, विकास केसरी, सतंबीर मौर्य, जमुना यादव, गप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। चुनार तहसील मुख्यालय पर भी खाद, पानी और बिजली की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया गया तथा उपजिलाधिकारी राजेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान राणा प्रताप सिंह, वीरेंद्र यादव, कान्धा यादव, शिवपूजन यादव, सूर्यकांत सिंह, महिपाल सिंह, नरेंद्र यादव और दिनेश यादव मौजूद रहे। वहीं, लालगंज तहसील मुख्यालय पर खाद, बिजली, पानी के साथ स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसमें सोकिम अहमद, हरिशंकर यादव, जुम्मन खान, सुरेंद्र देव त्रिपाठी, सकीम अहमद, रंभा देवी, उग्रसेन पाल, रविंद्र कोल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के उद्गम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मुख्य उद्गम मंदिर को दान में मिले सोने-चांदी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि चढ़ावे में मिले सोने-चांदी के जेवरात अमरकंटक थाने में जमा कराए जाते हैं और इसकी रसीद ट्रस्ट के पास है। हालांकि, थाने के टीआई का कहना है कि उनके पास मंदिर का कोई चढ़ावा नहीं आता। नर्मदा उद्गम मंदिर का संचालन स्थानीय नगर परिषद के जरिए होता है, लेकिन परिषद के पास ट्रस्ट का बायलॉज उपलब्ध नहीं है। इस वजह से दान की गिनती, जेवरातों के संरक्षण और अन्य प्रक्रियाओं के स्पष्ट नियम नहीं हैं। श्री नर्मदा मंदिर उद्गम ट्रस्ट का गठन साल 2001 में हुआ था। ट्रस्ट पर मंदिर संचालन, निर्माण, दानपेटियों की राशि और सोने-चांदी के प्रबंधन की जिम्मेदारी है। हालिया खुलासों के बाद इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं ट्रस्ट 10 दानपेटियां संचालित करता है। इनमें मुख्य मंदिर, कार्तिक स्वामी, राम मंदिर, ग्यारह रुद्र मंदिर, उद्गम स्थल, विष्णु मंदिर और माई की बगिया की दानपेटियां शामिल हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार ट्रस्ट के खाते में लगभग 1.41 करोड़ रुपये जमा हैं। साल 2001 से अब तक दान में मिले सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। 2021 से व्यवस्था संभाल रहे कर्मचारी गणेश पाठक के अनुसार उनके कार्यभार संभालने के बाद सूची तैयार की गई, लेकिन पुराने रजिस्टरों की प्रविष्टियां स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए मंदिर के कुल जेवरातों की संख्या और डिटेल स्पष्ट नहीं है। राम मंदिर चोरी प्रकरण के बाद समिति ने नए जेवरातों की फोटो सहित रिकॉर्डिंग शुरू की, लेकिन पुराने रिकॉर्ड अब भी अधूरे हैं। बैंक लॉकर के बजाय थाने में रखे जाते हैं जेवरात आमतौर पर मंदिरों के कीमती जेवरात बैंक लॉकर में सुरक्षित रखे जाते हैं, लेकिन अमरकंटक मंदिर के जेवरात थाने में जमा किए जाते हैं। यह व्यवस्था कब और किस आधार पर शुरू हुई, इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और सीएमओ चैन सिंह परस्ते को नहीं है। उन्होंने माना कि सोने-चांदी के कुल रिकॉर्ड की स्पष्ट जानकारी उनके पास नहीं है। जेवरात कब और किसकी मौजूदगी में थाने भेजे जाते हैं, इसकी प्रक्रिया भी रिकॉर्ड में नहीं है। नगर परिषद के पास ट्रस्ट का बायलॉज उपलब्ध नहीं नगर परिषद के अनुसार ट्रस्ट का बायलॉज उपलब्ध नहीं है। दान की गिनती, सोने-चांदी के संरक्षण और जवाबदेही से जुड़े नियमों का कोई लिखित दस्तावेज परिषद के पास नहीं है। सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने पुष्टि की कि उनके पास ट्रस्ट का बायलॉज उपलब्ध नहीं है और पुरानी व्यवस्था के अनुसार काम हो रहा है। गणना कक्ष में सीसीटीवी व्यवस्था पर सवाल वर्तमान में दानपेटियों की राशि की गिनती मंदिर परिसर के प्रसाद कक्ष में होती है, जिसका निर्माण लगभग सात साल पहले हुआ था। इससे पहले गिनती अन्य स्थान पर होती थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्षों तक दान की गिनती बिना सीसीटीवी निगरानी के होती रही। हाल में गणना कक्ष में एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। निरीक्षण के दौरान कैमरा बंद मिला। दानपेटी खोलने और हस्ताक्षर करने वालों में अंतर के आरोप आरोप है कि दानपेटी खोलने के लिए बुलाए गए कुछ सदस्य गिनती के समय मौजूद नहीं रहते, जबकि बाद में रजिस्टर पर अन्य लोगों के हस्ताक्षर दर्ज किए जाते हैं। पुजारी दुर्गेश द्विवेदी का आरोप है कि रजिस्टर में हस्ताक्षर प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं। उनके अनुसार कई मामलों में फर्जी हस्ताक्षर या बाद में हस्ताक्षर कराए जाते हैं। इससे दान राशि की गिनती की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। सरकारी रजिस्टर में कटिंग और व्हाइटनर के उपयोग पर सवाल दान राशि और जेवरातों के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में कई स्थानों पर कटिंग और व्हाइटनर का उपयोग दिखाई देता है। कुछ प्रविष्टियों में पहले दर्ज आंकड़ों को मिटाकर नए आंकड़े लिखे गए हैं। इससे रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। दस्तावेजों के अनुसार जेवरातों के वजन और रिकॉर्ड में भी विसंगतियों के आरोप हैं। इस तरह की ये खबरें भी पढ़ें… 1. राम मंदिर के बाद बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी अयोध्या के राम मंदिर के बाद मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर का नाम चढ़ावा चोरी में जुड़ गया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी को 7 दिन में रिपोर्ट देनी है। पढ़ें पूरी खबर… 2. दान-चोरी; बगलामुखी मंदिर समिति के पदाधिकारी अंडरग्राउंड आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू हो चुकी है। मंदिर के नाम पर तीन साल पहले यानी 2024 में बनी ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’ के पदाधिकारी अंडरग्राउंड हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब के तरनतारन जिले के पिद्दी गांव की रहने वाली 24 वर्षीय किरनदीप कौर की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। इस घटना से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। किरनदीप करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन गई थीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थीं। मृतका के पिता सुखदेव सिंह और माता बलजीत कौर ने बताया कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेचकर उसे इंग्लैंड भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी बेटी विदेश में अपना बेहतर भविष्य बनाएगी, लेकिन यह दुखद घटना उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर गई। कमरे में सोते समय हमलावर ने किया हमला परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह किरनदीप अपने कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात हमलावर कथित तौर पर कमरे में घुसा और धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमले में शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। इधर, पंजाब में मौजूद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सुखदेव सिंह, जो एक छोटे किसान हैं, ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनकी बेटी का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके। परिवार को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने भी सरकार से परिवार की हरसंभव सहायता करने और मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, परिवार को उम्मीद है कि ब्रिटेन की पुलिस जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार करेगी।
कानपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग:सिपाही बाल-बाल बचा, घेराबंदी कर शातिर बदमाश गिरफ्तार
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां स्थित उत्तम आईटीआई के सामने मंगलवार रात 10 बजे पुलिस टीम पर एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना में एक सिपाही बाल-बाल बच गया, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फरार चल रहा था और लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। मंगलवार रात उसकी मोबाइल लोकेशन सनिगवां स्थित उत्तम आईटीआई के पास मिली। चकेरी पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर आरोपी अपनी बुलेट बाइक से तेज रफ्तार में भागने लगा। भागने के दौरान आरोपी का संतुलन बिगड़ गया और उसकी बुलेट मोटरसाइकिल सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी। जब पुलिसकर्मी उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े, तो बदमाश ने खुद को घिरा देखकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली सिपाही के बेहद करीब से गुजरी, जिससे वह बाल-बाल बच गया। फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग के बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी। जवानों ने तत्काल चारों ओर से घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और हिरासत में ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर मौके का निरीक्षण किया गया। एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पर फायरिंग की घटना हुई है, लेकिन इसमें कोई पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। एक सिपाही बाल-बाल बच गया। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और वह किन अन्य मामलों में वांछित था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले दो गिरफ्तार:मुरैना में दो माह से थे फरार, देशी कट्टा और कारतूस भी बरामद
मुरैना शहर में फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपियों को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पिछले दो माह से फरार थे। पुलिस ने उन्हें अंबाह बाइपास के पास से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। दो माह से चल रहे थे फरार कोतवाली थाना के अपराध क्रमांक 319/26 में दर्ज मामले के बाद दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अंबाह बाइपास के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनूप उर्फ छोटू (25) पुत्र दुलारे सिंह सेकरवार और अखलेश (28) पुत्र दुलारे सिंह सेकरवार निवासी ग्राम तुसीपुरा, थाना देवगढ़ के रूप में हुई है। कट्टा और कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। दोनों से पूछताछ की जा रही है। सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि कोतवाली थाना के अपराध क्रमांक 319/26 में फरार दोनों आरोपियों ने शहर में दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर उनके पास से कट्टा और कारतूस बरामद किए हैं।
पटना के PMCH में आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बकाया वेतन, वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर जारी आंदोलन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक मरीजों और उनके परिजनों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण अस्पताल के अधिकांश वार्डों में साफ चादरों की व्यवस्था नहीं हो सकी। मंगलवार को अस्पताल के अधिकांश वार्डों में भर्ती मरीजों को साफ चादर उपलब्ध नहीं हो सकी। कई बेड पुराने और गंदे चादरों के साथ ही पड़े रहे, जबकि गंभीर और नए मरीजों को बिना चादर के ही बेड पर लिटाया गया, जिससे उन्हें खासी दिक्कत हुई। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कुछ परिजन तो अस्पताल के स्टोर तक पहुंच गए और खुद सरकारी चादर उपलब्ध कराने की मांग करने लगे। आयुष्मान योजना की सेवाओं पर भी असर हड़ताल का असर केवल वार्डों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। मरीजों ने बताया कि दवा वितरण और इलाज से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर कराने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके कारण बड़ी संख्या में नए मरीजों को मुफ्त दवाएं नहीं मिल सकीं। पुराने मरीजों को किसी तरह दवाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन नए मरीजों को दवाओं के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ा। अधीक्षक ने की बात, लेकिन नहीं बनी सहमति प्रदर्शन की सूचना मिलने पर PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हड़ताली कर्मियों से बातचीत कर काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एजेंसी से इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और जल्द ही बकाया वेतन का भुगतान कराया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी कर्मचारी इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि जब तक एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारी स्वयं आकर लिखित या स्पष्ट आश्वासन नहीं देंगे, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। छह महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से नियमित वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा उन्हें तय 11 हजार रुपये मासिक वेतन के बजाय केवल 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार आर्थिक संकट झेलने के बावजूद उनसे नियमित रूप से काम लिया गया, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की गई। अब मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। 246 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर PMCH में फ्रंट लाइन एजेंसी के माध्यम से 246 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनकी जिम्मेदारी इमरजेंसी, ओटी और वार्डों में मरीजों को भर्ती कराना, बेड पर साफ चादर उपलब्ध कराना, आयुष्मान योजना से जुड़े मरीजों की फाइलों पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर कराना, असहाय मरीजों का स्थानांतरण करना,मुफ्त दवा उपलब्ध कराना, सर्जरी से पहले एनेस्थेसिया विशेषज्ञ, यूनिट इंचार्ज और विभागाध्यक्ष से आवश्यक स्वीकृति दिलाना सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों की होती है। गरीब और आयुष्मान योजना के लाभार्थी मरीज परेशान सोमवार से शुरू हुई हड़ताल के कारण ये सभी सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। जिससे अस्पताल व्यवस्था पर खासा असर पड़ा। अस्पताल में भर्ती मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर गरीब और आयुष्मान योजना के लाभार्थी मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वेतन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं कर्मी अस्पताल प्रशासन फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं दिया जाता और वेतन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
लुधियाना में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जोधेवाल पुलिस ने दो फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उनकी फैक्ट्रियों में नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुल 19 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। शिकायतकर्ता रीतू, निवासी फकीर चंद वाली गली, किला रोड, बठिंडा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह बचपन बचाओ संस्था में प्रोजेक्ट अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 12 जुलाई को मुक्त करवाए नाबालिग 12 जून 2026 को उन्होंने अपनी टीम के साथ गिल नहर क्षेत्र स्थित न्यू लाइज्ड इंटरप्राइजेज फैक्ट्री में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां से 17 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। इसके बाद टीम ने मुक्त होजरी वर्क्स में भी जांच की, जहां से दो और नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। सभी 19 बच्चों को आगे की कानूनी प्रक्रिया और देखभाल के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) कार्यालय, गिल नहर ले जाया गया। शिकायत के आधार पर थाना जोधेवाल पुलिस ने न्यू लाइज्ड इंटरप्राइजेज के मालिक और मुक्त होजरी वर्क्स के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3 और 14 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 और 79 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर के लाल पेड़ा को मिलेगी छूट:ओडीओसी योजना से कारोबार को विदेश तक पहुंचाने की तैयारी
मिर्जापुर का पारंपरिक लाल पेड़ा अब अपनी नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार ने 'एक जिला-एक व्यंजन' योजना के तहत इसे शामिल किया है। इस योजना के अंतर्गत, लाल पेड़ा कारोबार से जुड़े उद्यमियों को परियोजना स्थापित करने और विस्तार के लिए अनुदान प्रदान किया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि 'ओडीओसी' योजना के तहत 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर सरकार अनुदान देगी। 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर 25 प्रतिशत, 25 लाख से 50 लाख रुपये तक 20 प्रतिशत, तथा 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक 10 प्रतिशत अथवा 10 लाख रुपये (जो अधिक हो) का अनुदान मिलेगा। 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत अथवा 50 लाख रुपये (जो कम हो) के अनुसार अनुदान प्रदान किया जाएगा। वर्तमान में जनपद में लगभग 65 लाल पेड़ा निर्माण इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अंशदान करना होगा, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए यह अंशदान 5 प्रतिशत निर्धारित है। उपायुक्त ने बताया कि उद्यम दो वर्ष तक सफलतापूर्वक संचालित होने के बाद अनुदान की राशि बैंक ऋण में समायोजित कर दी जाएगी। इच्छुक उद्यमी विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली इस मार्जिन मनी सहायता से लाल पेड़ा उद्योग को विस्तार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। संदीप कुमार ने यह भी बताया कि योजना के तहत लाल पेड़ा बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानकों तथा उत्पाद की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से जिले का पारंपरिक लाल पेड़ा देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना सकेगा।
बिलासपुर जोन की 8 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। भाटापारा-हथबंध स्टेशन के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग का काम होगा। इस काम के चलते 18 और 19 जुलाई को मैमू लोकल और पैसेंजर गाड़ियों को रद्द किया गया है। लोकल मैमू ट्रेनें नहीं चलने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी। रेलवे प्रशासन का दावा है कि, बिलासपुर जोन में इंफ्रास्ट्रक्चर और डवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। जिसे जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के मध्य तीसरी लाइन सेक्शन ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का काम होगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रद्द होने वाली गाड़ियां बीच में समाप्त होने वाली गाड़ी 18 और 19 जून को गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से शुरू होगी। गोंदिया और बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।18 और 19 जून 2026 को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर में समाप्त होगी। बिलासपुर एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी।
मिर्जापुर में जिला प्रशासन ने शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल के गर्भगृह, पूजा क्षेत्र और प्रतिबंधित परिसरों में मोबाइल फोन, कैमरा तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय मंदिर की धार्मिक गरिमा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निजता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, मंदिर के गर्भगृह और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति द्वारा मोबाइल, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑडियो रिकॉर्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग अथवा किसी भी प्रकार की दृश्य एवं श्रव्य सामग्री का निर्माण, संग्रहण या प्रसारण पूरी तरह वर्जित रहेगा।प्रशासन ने बताया कि प्रतिदिन और विशेष पर्वों, जैसे नवरात्र, अमावस्या और पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में अनधिकृत रिकॉर्डिंग से मंदिर की धार्मिक मर्यादा, आध्यात्मिक पवित्रता, श्रद्धालुओं की निजता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन प्रभावित होने की आशंका रहती है। यह निर्णय श्री विंध्य पंडा समाज के अनुरोध, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और प्रशासनिक आकलन के आधार पर लिया गया है।हालांकि, प्रतिदिन होने वाली आरती के दौरान सीमित और नियंत्रित रूप से रिकॉर्डिंग की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति केवल जिला सूचना अधिकारी अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि, पंडा समाज के पूर्व अनुमोदित एक प्रतिनिधि तथा मंदिर प्रशासन द्वारा नामित एवं नगर मजिस्ट्रेट से स्वीकृत अधिकृत मीडिया या दस्तावेजीकरण प्रतिनिधि को ही मिलेगी।आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन में प्रयुक्त मोबाइल फोन और कैमरे जब्त किए जा सकेंगे। सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित क्षेत्र की रिकॉर्डिंग प्रसारित कर मंदिर की सुरक्षा, धार्मिक मर्यादा अथवा लोक व्यवस्था प्रभावित करने वालों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम सहित अन्य कानूनों के तहत भी कार्रवाई होगी।नगर मजिस्ट्रेट ने आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं, सेवायतों, पुजारियों, पंडा समाज और मीडिया प्रतिनिधियों से मंदिर की पवित्रता, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
प्रयागराज में उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल:सुबह से बादल छाए, कल से बारिश होने की संभावना
प्रयागराज में सुबह से बादल छाए हुए हैं, मंगलवार को दिन भर उमस और तेज धूप के बाद बुधवार सुबह से बादल हैं साथ ही उमस अधिक होने से लोग परेशान हैं। मानसून की शुरुआत में बारिश के बाद बारिश थमने से एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही हैं। बादलों और धूप की लुकाछिपी के बीच उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को 30% बारिश की संभावना जताई है। सुबह का तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में 56% से अधिक नमी के कारण लोगों को 44 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी महसूस हुई। दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 16 जुलाई से गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। उमस से लोग बेहाल, पंखे और कूलर काम नहीं आ रहे मंगलवार सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन कुछ देर बाद धूप निकल आई। बादलों और धूप के बीच लगातार लुकाछिपी का दौर चलता रहा। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। पश्चिम दिशा से करीब 8 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, लेकिन हवा में अधिक नमी होने के कारण पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। दोपहर के समय यूवी इंडेक्स 10 तक पहुंचने की संभावना है, जिससे धूप का असर और अधिक महसूस होगा। अगले 2 से 3 दिनों में बदलेगा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादलों और धूप की मौजूदा स्थिति मानसून की सक्रियता का संकेत है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर प्रयागराज में दिखाई देने लगा है। इसके चलते अगले दो से तीन दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 जुलाई को दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और रात में हल्की बारिश हो सकती है। 16 जुलाई से गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश शुरू होने के आसार हैं। वहीं, 17 जुलाई को भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। सप्ताहांत तक तापमान में आएगी गिरावट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे सप्ताहांत तक अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। वर्तमान में पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को अगले 24 से 48 घंटों में मानसूनी बारिश के जरिए राहत मिलने की उम्मीद है।
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के बीच निर्माण सामग्री और पुरानी बिल्डिंग से निकल रहे लोहे के सामान की चोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार शाम एक महिला को निर्माणाधीन भवन से लोहे के पाइप चोरी कर ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया, जबकि उसके साथ मौजूद एक किशोर मौके पर अफरा-तफरी का फायदा उठाकर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला पुरानी बिल्डिंग से निकाले गए कटे हुए लोहे के पाइप लेकर बाहर जा रही थी। स्थानीय लोगों को संदेह होने पर उसे रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से पाइप बरामद हुए। घटना की सूचना तुरंत कोतवाली पुलिस को दी गई। पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें जिला अस्पताल में पुराने हिस्से को डिस्मेंटल कर नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। अस्पताल का आधा हिस्सा पहले ही बन चुका है, जबकि शेष भाग में निर्माण कार्य जारी है। इसी दौरान निर्माण सामग्री और टूटी हुई बिल्डिंग से निकलने वाले लोहे सहित अन्य कीमती सामान की लगातार चोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कम उम्र के बच्चे और कुछ महिलाएं परिसर में घुसकर लोहे की सामग्री चोरी कर बाहर कबाड़ में बेच देते हैं। इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है। पुलिस बोली- सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि क्षेत्र से लगातार छोटी-मोटी चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसे देखते हुए सुरक्षा गार्डों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को सामने आए मामले को गंभीरता से लिया गया है और निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
भदोही में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने मंगलवार देर शाम जिले के सात खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। शिक्षा में सुधार और शैक्षिक कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यह स्थानांतरण सूची रात 8:15 बजे जारी की गई। बीएसए ने सभी स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने और अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। जारी सूची के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को जनपद मुख्यालय से नगर क्षेत्र भदोही भेजा गया है। यशवंत सिंह को सुरियावां से भदोही, रमाकांत सिंह को औराई से ज्ञानपुर मुख्यालय, और सुमन केसरवानी को जनपद भदोही से अभोली में तैनात किया गया है। इसी क्रम में, वेद प्रकाश यादव को अभोली से औराई, मनोज कुमार सिंह को ज्ञानपुर से डीघ, और चंद्रशेखर आजाद को भदोही से सुरियावां में स्थानांतरित किया गया है।
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के हॉस्टलों में नॉन-वेज पर बैन को लेकर सियासत शुरू हो गई है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बुधवार को कहा- यह आदेश तुगलकी फरमान है। यूपी के जो भाजपा विधायक मटन पार्टी में कुर्सियां चलाते हैं, उनके लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कोई आदेश देंगी क्या? जो भाजपा सांसद बंगाल में मछली-भात खाते हैं, उनके लिए कोई आदेश देंगी क्या? केवल यूपी में आने के बाद आपकी विचारधारा बदल जाती है, आपका एजेंडा बदल जाता है। लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा- KGMU प्रशासन को यह फैसला वापस लेना चाहिए। भारत में 61% से अधिक लोग मांसाहारी हैं। मेडिकल के नजरिए से मांसाहारी भोजन मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। उससे लोगों को इम्यूनिटी बढ़ती है। वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा- छात्रों को कैसा खाना दिया जाएगा, यह फैसला विश्वविद्यालय खुद करता है। अगर ज्यादातर छात्र किसी खास तरह का भोजन पसंद करते हैं, तो संस्थान उसी के अनुसार व्यवस्था कर सकता है। इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए। ‘नॉनवेज की जगह प्रोटिन वाले शाकाहारी खाने दिए जाएं’ KGMU के चीफ प्रोवोस्ट प्रो. कमल कुमार सावलानी ने 18 हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में नॉनवेज पर बैन को लेकर मंगलवार को आदेश जारी किया। उन्होंने कहा- मेस और कैंटीन में अब मांसाहारी भोजन न तो पकाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा। छात्र-छात्राओं को पर्याप्त प्रोटीन मिले, इसके लिए उनके भोजन में शाकाहारी प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। नॉन-वेज पर बैन को लेकर सियासत से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद अजमेर में एक ही दिन में पानी, अतिक्रमण और बिजली से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। जलदाय विभाग के एईएन धर्मवीर सिंह राव आज के 'स्टार ऑफिसर' बने। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की लंबित समस्या दूर हुई… एईएन धर्मवीर बने 'स्टार ऑफिसर' अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर से धर्मेन्द्र सिंह ने पीने का पानी न आने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया में सप्लाई आने का मैसेज तो आता है लेकिन पानी नहीं आता। जलदाय विभाग के अधिकारियों को कॉल करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग के एईएन धर्मवीर सिंह राव ने समस्या का समाधान करवा दिया है। इसकी जानकारी भी शेयर की। पोस्ट के बाद हटा रास्ते का अतिक्रमण अजमेर के वार्ड 62, घुघरा घाटी, अजमेर रोड से विकास सिंह शेखावत ने कॉलोनी के एकमात्र रास्ते पर पत्थर डालकर अतिक्रमण की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में आने–जाने के इस मुख्य रास्ते पर ठेकेदारी का काम करने वाले एक व्यक्ति ने पत्थर डालकर रास्ता अवरुद्ध कर रखा है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद स्थानीय पार्षद नरेन्द्र तुनवाल ने व्यक्ति को पाबंद कर मलबा हटा रास्ता सुचारु करवा दिया है। 7 साल पुरानी पानी की समस्या सुलझी अजमेर के चंद्रवरदाई नगर से गिरीश शंकर चतुर्वेदी ने अपने एरिया में 7–8 सालों से पीने के पानी की समस्या का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनके मकान संख्या ए–820 में पानी की बहुत समस्या है। प्राइवेट जॉब करता हूं। हर महीने 700 रुपए खर्च कर पानी के चार टैंकर डलवाने पड़ते हैं। विभाग के कर्मचारी लीपापोती कर के चले जाते हैं। मामला सामने आने के बाद जलदाय विभाग ने समस्या का समाधान कर दिया है। पानी की सप्लाई लाइन के स्थायी समाधान के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। बिजली के तार पर झुके पेड़ को हटाया अजमेर के पुलिस लाइंस एरिया से एस. कुमार ने बिजली के तारों की समस्या पोस्ट की थी। पोस्ट में उन्होंने बताया था कि पीडब्ल्यूडी जजेज के क्वार्टर के सामने क्वार्टर जी–10 और जी–11 के सामने बिजली के तारों पर एक पेड़ टूटकर झुका हुआ है। इससे कभी भी यह टूटकर नीचे गिर सकता है जिससे हादसा होने की आशंका है। मामला ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने पेड़ को हटाकर खतरा टाल दिया। इससे स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। आइए अब एक नजर उन समस्याओं पर भी डालें, जिनका समाधान होना अभी बाकी हैं… एक असिस्टेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी अजमेर के सरकारी जेएलएन अस्पताल की मानसिक रोगी ओपीडी की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की गई है। शिकायतकर्ता हेमंत दाधीच ने पोस्ट में लिखा कि अस्पताल के मानसिक रोगी ओपीडी में केवल एक असिस्टेंट डॉक्टर के भरोसे मरीजों का भार है। इससे घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण ओपीडी आने वाले लोगों को काफी असुविधा होती है। हेमंत ने अस्पताल के संबंधित विभागाध्यक्ष से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है। आना सागर: नहीं हटाए मृत जलीय जीव शहर के कैप्टन दुर्गा प्रसाद चौधरी मार्ग, आना सागर से एक यूजर ने जलीय पर्यावरण संकट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने लिखा कि आना सागर में काफी समय से कचरा डालने की वजह से झील का इको सिस्टम बिगड़ गया है। इस पर्यावरण संकट के कारण हजारों जलीय जीव मरकर झील की सतह पर तैर रहे हैं, जिससे संक्रमण और दुर्गंध से काफी परेशानी हो रही है। इसका जल्द समाधान करवाया जाना आवश्यक है। सप्लाई में आ रहा बदबूदार पानी एडवोकेट मोहित गांधी ने गंदा बदबूदार पानी आने की समस्या हमें पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि शहीद अविनाश माहेश्वरी मार्ग, ज्योति नगर में कालिका मंदिर के पास वाली गली में कई दिनों से गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई में आ रहा है। इसे पीने या खाना बनाने में उपयोग नहीं ले सकते। संभवत: सप्लाई लाइन में सीवरेज लाइन का लीकेज हो गया है। लोगों के स्वास्थ्य के नजरिये से विभाग को तुरंत इसका समाधान करवाना चाहिए। हड़ताल खत्म, सफाई फिर भी नहीं ‘भास्कर समाधान’ पर इमरान अली सिद्दीकी ने गंज एरिया से सफाई और कचरे से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हुए कई दिन हो गए। लेकिन कर्मचारी अब भी गंज समेत बहुत से एरियसा में गली का कचरा नहीं उठा रहे। बेसहारा पशु खुले में पड़े कचरे को यहां–वहां फैला देते हैं। कचरा का सही निस्तारण हो तो स्थानीय लोगों को राहत मिले। इस समस्या के बारे में पहले भी शिकायत की थी लेकिन कोई समाधान अब तक नहीं हो सका है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद एक ही दिन में बिजली, पार्क, नाली और रास्ते के कचरे से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। आज पार्क की लंबित सफाई की समस्या का समाधान कर के वार्ड नंबर 54 के जमादार सुमित कुमार 'पब्लिक के स्टार' बने। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की समस्याएं हल हुईं… सुमित कुमार बने 'पब्लिक के स्टार' कोटा के महावीर नगर III, सेक्टर 4 के झूलेलाल मंदिर के पास बने हनुमान मंदिर पार्क की समस्या अनिका गौतम ने पोस्ट की थी। उन्होंने पार्क में नियमित रूप से साफ–सफाई न होने, कचरा समय पर न उठाने और पार्क की दीवारों की दुर्दशा की शिकायत करते हुए समाधान की अपील की थी। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद वार्ड के हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेंद्र पंवार के निर्देश पर वार्ड नंबर 54 के जमादार सुमित कुमार ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान करवाकर स्थानीय लोगों को राहत दिलाई है। 9 दिन बाद बिजली का पोल किया दुरुस्त शहर के नान्ता रोड, गणेश विहार, मालियों की ढाणी से हेमराज वर्मा ने हिलते बिजली के पोल की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि तेज हवा चलने, बंदरों के तारों पर झूलने और बारिश में मिट्टी कटाव होने पर यह बिजली का पोल हिलता है। जिससे इसके कभी भी गिर जाने का खतरा बना हुआ है। इसके बाद संबंधित विभाग ने बिजली के पोल की मरम्मत करवा सीमेंटेड ब्लॉक बनाकर इसे अपनी जगह पर फिक्स करवा दिया है। अब पोल के गिरने का खतरा नहीं है जिससे स्थानीय लोग बहुत खुश हैं। जाम नालियाें की समस्या का हुआ समाधान कोटा के गुमानपुरा रोड से योगिता पीयूष सिंह ने जाम नालियों और निकासी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि बड़े फैरो कवर से ढके होने के कारण इन्हें अक्सर हटाकर सफाई नहीं की जाती जिससे नालियां कचरे से जाम हो गई हैं। निकासी न होने से पानी आगे नहीं जा रहा है। इस समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम कर्मचारियों ने नालियों की सफाई कर निकासी दुरुस्त कर दी है। नदी तक जाने वाली प्राचीन सीढ़ियां आईं नजर कोटा के सकतपुरा से डॉ. मनमोहन शर्मा ने कचरे और उससे हुए अतिक्रमण की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नदी तक जाने वाले पुराने रास्ते पर लोगों ने इतना कचरा डाला कि सीढ़ियां दिखाई देना ही बंद हो गईं। कभी यह सीढ़ियां नदी तक जाने का मुख्य रास्ता हुआ करती थीं। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर संदीप पटोना ने टीम और स्थानीय लोगों की मदद से इस कचरे की सफाई करवाई। सफाई के बाद सीढ़ी का रास्ता फिर से अपने मूल स्परूप में नजर आने लगा है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… 46 साल से खाली प्लॉट में डाल रहे कचरा कोटा के तीन बत्ती सर्किल रोड, महावीर चौक, दादाबाड़ी से गुप्त ने खाली प्लॉट में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में बताया कि महावीर नगर विस्तार योजना हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 5 में मेरे मकान संख्या 5–एच–1 के सामने एक खाली प्लॉट है। 1980 से यह प्लॉट खाली पड़ा है और लोगों ने धीरे–धीरे कचरा डालकर इसे पूरा भर दिया है। इस प्लॉट के मालिक का भी कोई अता–पता नहीं है। कचरा बारिश में सड़ रहा है। हमेशा संक्रमण का डर बना रहता है। एक साल से नहीं हुई नालियों की सफाई शहर के शास्त्री मार्केट की ठठेरा गली से धीरज मंगरानी ने अपनी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ को भेजी अपनी पोस्ट में लिखा कि रामपुरा बाजार की इन गलियों में बीते एक साल से न तो नालियों की मरम्मत हुई है न ही इन नालियों का कचरा निकाला गया है। बारिश के मौसम में नालियां ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी रास्ते पर बहने लगता है। मार्केट के व्यापारी इससे बहुत परेशान है। समस्या का समाधान करवाएं। सड़क पर बना गड्ढा, हादसे का डर आरकेपुरम से चंद्र प्रकाश गर्ग ने सड़क से जुड़ी समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रामलीला मैदान और डीडीपीएस के ठीक सामने सड़क पर गहरे कट और गड्ढे के कारण वाहन चालकों को काफी असुविधा हो रही है। बारिश में इन गड्ढों में पानी भरने या रात के अंधेरे में दृश्यता कम होने पर इनसे हादसा होने की आशंका है। चंद्र प्रकाश ने इन गड्ढों और कट की मरम्मत करवाने की संबंधित विभाग से अपील की है। घर के आगे जलभराव से परेशान सागर कुमार दास ने आदर्श विहार कॉलोनी, बोरखेड़ा से जलभराव और निकासी से जुड़ी समस्या हमें पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि होली फैमिली हॉस्पिटल के आगे, आदर्श विहार कॉलोनी में अपेक्स अकादमी स्कूल के पास निकासी और जलभराव की बड़ी समस्या है। इस कॉलोनी में दोनों तरफ नालियां बनी हुई नहीं हैं। इससे मानसून की हल्की बारिश में ही घर के आगे पानी भरने से मच्छरों का पनपना शुरू हो गया है। इस कॉलोनी की समस्या का समाधन करवा लोगों को राहत दें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। कोटा ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित

