जेल से बाहर निकलते ही आजम खान को ED ने किया गिरफ्तार, सुबह 10 बजे कोर्ट में पेशी
सपा नेता आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए। लेकिन, जेल के गेट पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम को हिरासत में ले लिया। जैसे ही वे बाहर निकले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने आजम से पूछताछ की और उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान ED के अधिकारियों और आजम के बीच तीखी बहस भी हुई। इस बीच, भावुक होते हुए आज़म ने कहा किअब कहने के लिए बचा ही क्या है? मुसलमान होने की यही कीमत चुकानी पड़ती है। एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। बस यही गलती है। यही हमारा एकमात्र अपराध है। इस बीच, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम घर के लिए निकल गए। दरअसल, आजम की रिहाई से लगभग 15 मिनट पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम जेल पहुंच गई थी। इसके अलावा, वहां CRPF के 24 जवानों को भी तैनात किया गया था। इसे भी पढ़ें: ED Action: Chhattisgarh DMF scam में 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, 17 लोगों पर चार्जशीट दाखिल 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े एक मामले में आजम और अब्दुल्ला को सुनाई गई 10 साल की जेल की सजा पर रोक लगा दी थी। दोनों को जमानत मिल गई थी। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से लगभग पाँच महीने पहले आजम खान का जेल से रिहा होना, राजनीतिक नज़रिए से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि नौ दिन पहले, 22 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम से मुलाकात की थी। #WATCH | Uttar Pradesh | SP leader Azam Khan released from Rampur jail. After his release, an ED team has reportedly taken him into custody in connection with a case registered with the agency The Allahabad High Court has granted relief to former Cabinet Minister Mohammad Azam Khan and his son, former MLA Abdullah Azam Khan, in the two PAN card case. The Court had previously reserved its order after hearing applications seeking a stay on their conviction, suspension of their sentences, and the grant of interim bail. — ANI (@ANI) October 31, 2026
ED Action: Chhattisgarh DMF scam में 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, 17 लोगों पर चार्जशीट दाखिल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड के कथित दुरुपयोग के मामले में लगभग 31.70 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है तथा 17 लोगों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि ईडी के रायपुर क्षेत्र कार्यालय ने 29 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) , 2002 के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया और 30 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत (पीएमएलए) में पूरक अभियोजन शिकायत दायर की। बयान के अनुसार, इस शिकायत में सतपाल सिंह छाबड़ा, मंदीप चावला और 15 अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। यह कथित घोटाला राज्य में पिछली भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था। एजेंसी ने बताया कि धन शोधन की जांच राज्य के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो/राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू), रायपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इसके बाद, छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा कांकेर जिले में दर्ज प्राथमिकी और एसीबी/ईओडब्ल्यू की प्राथमिकी को भी इस जांच में शामिल कर लिया गया। ईडी की जांच से पता चला है कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों और समुदायों के कल्याण और विकास के लिए निर्धारित डीएमएफ फंड को कथित तौर पर सरकारी कर्मचारियों और एजेंटों या बिचौलियों के एक संगठित सिंडिकेट ने हड़प लिया। एजेंसी का दावा है कि इस सिंडिकेट ने डीएफएफ फंड के आवंटन और इस्तेमाल में हेरफेर की। उन्होंने ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी, जिनमें खरीद की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था और भारी मात्रा में अवैध कमीशन का भुगतान किया गया। ईडी के अनुसार, एजेंटों और बिचौलियों ने रेट कॉन्ट्रैक्ट रखने वाली कंपनियों को जारी किए गए खरीद ऑर्डरों की कुल कीमत का 25 से 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूला। इसमें कहा गया है कि इन कमीशन का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर सरकारी कर्मचारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों को दिया गया, जिसके बदले में उन्हें डीएमएफ से होने वाले काम आवंटित किए गए, परचेज ऑर्डर जारी किए गए और भुगतान जारी किए गए। एजेंसी ने बताया कि ये कमीशन नकद और बैंकिंग चैनलों, दोनों तरह से वसूले गए। इसके बाद, पैसे के स्रोत को छिपाने के लिए इसे अलग-अलग संस्थाओं और खातों के जरिए घुमाया गया। एजेंसी के अनुसार, जांच में यह भी पता चला कि एजेंटों ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (बीज निगम) के जरिए की गई खरीद के मामलों में भी इसी तरह कमीशन वसूला था। इसमें डीएमएफ के अलावा अन्य फंडों का इस्तेमाल किया गया था। ईडी ने छाबड़ा की पहचान इस कथित सिंडिकेट के मुख्य संपर्क कर्ताओं और वित्तीय समन्वयकों में से एक के रूप में की है। आरोप है कि उसने चुनिंदा वेंडरों को सप्लाई से जुड़े काम दिलाने, परचेज ऑर्डर जारी करवाने, भुगतान रिलीज करवाने और अवैध कमीशन वसूलने व बांटने में मदद की। एजेंसी ने उसे एक सितंबर, 2026 को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों द्वारा अपराध से जुटाई गई रकम लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसके बदले में 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त (अटैच) की गई है। ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी रानू साहू भी शामिल हैं। साथ ही, लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। डीएमएफ एक ट्रस्ट है, जिसे माइनिंग लीज (खनन पट्टा) धारकों के योगदान से फंड मिलता है। इसे राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित किया गया है, ताकि खनन से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों में कल्याणकारी और विकास कार्य किए जा सकें।
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Bhadohi News: भदोही के ईंट भट्ठा व्यवसायी की छतीसगढ़ में सड़क हादसे में मौत
Brick kiln businessman from Bhadohi dies in a road accident in Chhattisgarh
अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद इस चक्रवात ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने तथा करंट लगने व दीवार ढहने जैसी हादसों के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है। तबाही के इस मंजर के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चक्रवात चेतावनी केंद्र ने राज्य के 13 जिलों और यनम क्षेत्र के लिए 'फ्लैश फ्लड' (अचानक आने वाली बाढ़) का मध्यम से उच्च जोखिम वाला अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के दायरे में बापटला, गुंटूर, NTR, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं। चक्रवात 'अर्नब' से 5 लोगों की मौत, सड़कें क्षतिग्रस्त बुधवार तड़के चक्रवात 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके कारण भारी तबाही हुई—पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, और करंट लगने जैसी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच, 6 घंटे की अवधि में यह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से होकर गुजरा, जिससे कई इलाकों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और विजयनगरम सहित 10 से अधिक जिलों के सैकड़ों गांवों पर चक्रवात की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Chhattisgarh में तेज बारिश, रायपुर समेत 12 जिलों में स्कूल बंद चक्रवात चेतावनी केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से कुछ जल क्षेत्रों (watersheds) और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी 'फ्लैश फ्लड' का खतरा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों की मिट्टी पहले से ही पूरी तरह गीली (saturated) है और जो निचले इलाके संवेदनशील माने जाते हैं, वहां सतह पर पानी बहने (surface runoff) और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे से 30 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तरी तमिलनाडु के तट पर तूफानी मौसम का अनुमान जताया है। इस दौरान हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई बुधवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश के गरिबिडी में 26 सेमी बारिश हुई। इसके बाद अनाकापल्ली, श्रृंगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी भीमुनिपटनम, मेंटाडा और येलामंचिली में 24-24 सेमी, जबकि गंट्याडा और रानास्थलम में 23-23 सेमी बारिश हुई। गजपतिनगरम, नेल्लीमेरला, विशाखापत्तनम और मेराकामुदिदाम में 22-22 सेमी, और चोडावरम तथा बोंडापल्ले में 21-21 सेमी बारिश दर्ज की गई। IMD ने गुरुवार, 29 अक्टूबर के लिए तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, इन क्षेत्रों और रायलसीमा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने के आसार हैं। 1, 2 और 3 नवंबर को भी इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। 1 नवंबर तक 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि करंट लगने और दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें, जिनमें धान भी शामिल है, बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय कर्मचारियों का DA 3 फीसदी बढ़ा, ओडिशा में चक्रवात Arnab से अलर्ट चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। मौसम विभाग ने बताया कि इससे पहले, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से तड़के 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच गुजरा, जिसके बाद यह कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड: पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट हुए जारी, cgbse.nic.in पर करें चेक
Chhattisgarh CGBSE 12th Revaluation Result 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(CGBSE) ने छत्तीसगढ़ कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। यहां देखें ड

