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PM Modi के 76वें जन्मदिन पर Chhattisgarh में जले 1.5 करोड़ से अधिक मिट्टी के दीये
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को पूरे छत्तीसगढ़ में 1.5 करोड़ से अधिक मिट्टी के दीये जलाए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मोदी के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और बड़े मैदानों में दीये जलाए। सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की 25 साल की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत के साथ राज्य भर में बड़े पैमाने पर आशीर्वाद के दीये कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 1.5 करोड़ से अधिक दीये जलाए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम रायपुर में खारून नदी के किनारे महादेव घाट और मरीन ड्राइव पर दीये जलाने के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मरीन ड्राइव पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साय ने कहा कि राजधानी रायपुर में 25 लाख से अधिक दीये जलाए गए हैं। उन्होंने मोदी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री सभी 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानते हैं। इससे पहले, महादेव घाट पर हुए कार्यक्रम में साय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खारुन मैया के पावन तट पर प्रज्वलित सवा लाख दीप प्रधानमंत्री मोदी के प्रति छत्तीसगढ़ वासियों के स्नेह, आत्मीयता और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल की है। वर्षों तक हिंसा और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाले बस्तर में आज शांति और विकास के नए द्वार खुले हैं। सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं तथा विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।’’साय ने बताया कि मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री महादेव घाट पर महाआरती में शामिल हुए, जहां एक साथ 1.25 लाख दीये जलाए गए। एक बयान के अनुसार, विराट दीपोत्सव के दौरान साध्वी प्रज्ञा भारती और आचार्यों ने विधि-विधान के साथ खारुन मैया की महाआरती की। मुख्यमंत्री साय ने भी महाआरती में भाग लिया। इस मौके पर साय ने प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित एक गीत भी जारी किया, जिसे साध्वी प्रज्ञा भारती ने लिखा और संगीतबद्ध किया है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के मेहनतकश श्रमवीरों को ऐतिहासिक सौगातें दीं। राज्य के चहुंमुखी विकास में मजदूरों और कामगारों के पसीने को मुख्य आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए एक सिंगल क्लिक से 1 लाख 43 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे अंतरित की। श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों की 26 प्रमुख योजनाओं के तहत यह वित्तीय संबल श्रमिकों के खातों में सीधे पहुंचा, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर मौजूद हजारों श्रमिकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के खेतों से लेकर शहरों के गगनचुंबी निर्माणों तक राज्य की तरक्की की हर ईंट में श्रमिकों का योगदान शामिल है और यही श्रमशक्ति आने वाले समय में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर उतारेगी।मुख्यमंत्री की तीन ऐतिहासिक घोषणाएं: ई-बाइक, आधुनिक केंद्र और दोगुना ई-रिक्शा अनुदानमहासम्मेलन के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के श्रमिकों की दैनिक दिनचर्या, आवागमन की समस्याओं और स्वरोजगार के विस्तार को केंद्र में रखते हुए तीन अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के तहत शहरों में सुबह-सुबह काम की तलाश में चौराहों और लेबर चौकों पर जुटने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त 'आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में श्रमिकों के सम्मानजनक बैठने, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और दैनिक मूलभूत सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध होगा। दूसरी घोषणा में काम के सिलसिले में रोज लंबी दूरी तय करने वाले पंजीकृत कामगारों के लिए 'ई-बाइक सहायता योजना' शुरू करने का फैसला लिया गया, जिससे उनकी यात्रा सुगम और किफायती बन सके। तीसरी सबसे बड़ी घोषणा के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को पैडल रिक्शा छोड़कर ई-रिक्शा अपनाने के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि को 50 हजार रुपये से सीधे दोगुना करके 1 लाख रुपये कर दिया गया। इस निर्णय से पारंपरिक रिक्शा चालकों को प्रदूषणमुक्त आधुनिक साधन अपनाने और अपनी दैनिक आय बढ़ाने में सीधी मदद मिलेगी।67 जनकल्याणकारी योजनाएं और ₹1000 करोड़ से अधिक की सीधी मददश्रम विभाग के दायरे और उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के तीन प्रमुख श्रम मंडलों के जरिए वर्तमान में 67 विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह योजनाएं श्रमिक के बच्चे के जन्म, पोषण, स्कूली शिक्षा, उच्च अध्ययन, कौशल विकास, बेटियों के विवाह से लेकर वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा तक हर पड़ाव पर एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं। सरकार के पिछले ढाई वर्षों के ट्रैक रिकॉर्ड को रेखांकित करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे श्रमिकों और उनके आश्रितों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के असंगठित और निर्माण क्षेत्र के सभी पात्र कामगारों से अपील की कि वे श्रम विभाग के पोर्टल पर अपना अनिवार्य पंजीयन कराएं ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।शिक्षा से बदलेगी तकदीर: 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' और मनिंदर कौर की प्रेरक उड़ान'श्रमेव जयते' के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में सरकार ने श्रमिक परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी किसी भी होनहार बच्चे की प्रतिभा के आड़े नहीं आने दी जाएगी। 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' के तहत श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को देश के प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में पूरी तरह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना की भारी सफलता को देखते हुए सीटों की संख्या को 100 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया है, जिसका पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन कर रही है। कार्यक्रम के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब सामने आया जब मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवार की होनहार बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1 लाख 75 हजार रुपये का चेक सौंपा। मनिंदर ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद जेईई परीक्षा पास कर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) सूरत में इंजीनियरिंग सीट हासिल की है। मुख्यमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि मनिंदर की इंजीनियरिंग की पूरी पढ़ाई का खर्च अब छत्तीसगढ़ का श्रम विभाग उठाएगा।100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी: मुख्यमंत्री ने खुद की सवारीमहिला सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया आयाम देते हुए सम्मेलन में 'दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना' के तहत 100 महिला श्रमिकों को नए ई-रिक्शा की चाबियां सौंपी गईं और मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्वयं लाभार्थी महिला यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर सवारी की और महिला चालकों की हौसलाअफजाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब घर की महिला आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनती है, तो पूरे परिवार का सामाजिक स्तर सुधरता है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी पुष्टि की कि दीदी ई-रिक्शा योजना के तहत सहायता अनुदान को एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये तक का संबल दिया जा रहा है ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर उद्यमी बनकर समाज में सिर उठाकर जीवन जी सकें।ज़मीन से जुड़ाव: श्रमिक बहनों संग सीएम का दोपहर भोज और जमीनी संवादकार्यक्रम की औपचारिकता से परे हटकर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के दूरदराज के इलाकों से आई श्रमिक बहनों के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया। इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अभिभावक की तरह उनसे पूछा कि क्या सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और राशन मिलने की स्थिति की भी जमीनी जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच एक सामान्य सदस्य की तरह भोजन करते और सुख-दुख बांटते देख उपस्थित श्रमिक बहनों ने भावुक होकर शासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है जब अंतिम पंक्ति के श्रमिक तक सहायता बिना किसी प्रशासनिक देरी के पहुंचे।डिजिटल नवाचार: QR कोड युक्त पीवीसी कार्ड और उपकर कटौती पोर्टल का शुभारंभप्रशासनिक पारदर्शिता और कागजी झंझटों को समाप्त करने के लिए सम्मेलन में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य की नई उपकर (Cess) कटौती वेबसाइट का विधिवत शुभारंभ किया और श्रमिकों के लिए नए पीवीसी एवं क्यूआर (QR) कोड आधारित स्मार्ट श्रमिक पंजीयन कार्ड जारी किए। अब श्रमिक सिर्फ एक स्कैन के माध्यम से अपनी पात्रता, योजनाओं की स्थिति और विवरण की जांच कर सकेंगे। केंद्र सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' और पीएफ (PF) पोर्टेबिलिटी के डिजिटल सुधारों ने उन प्रवासी श्रमिकों के जीवन को बहुत सुरक्षित बनाया है जो काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य आवाजाही करते हैं।'आशीर्वाद का दीया' और विकसित छत्तीसगढ़ का सामूहिक संकल्पविश्वकर्मा जयंती के पावन पर्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक गण और हजारों श्रमिकों ने एक साथ 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्ज्वलित किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आगामी दिनों में तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार मेले के आयोजन की जानकारी दी। इस विराट सम्मेलन ने यह साफ संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा श्रमिक केवल एक लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के नवनिर्माण का सबसे मजबूत भागीदार और शिल्पकार है।
छत्तीसगढ़ में खौफनाक वारदात: मनचले की छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवती को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया
छत्तीसगढ़ राज्य से दिल को दहला देने वाली और समाज को झकझोर कर रख देने वाली एक जघन्य अपराध की खबर सामने आई है। जहाँ एक मनचले युवक की अवांछित हरकतों और छेड़छाड़ का साहसिक विरोध करने पर एक बेकसूर युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने प्रतिशोध और सिरफिरेपन की सारी हदें पार करते हुए युवती पर पेट्रोल छिड़ककर उसे सरेआम आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों से घिरी पीड़ित युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में भारी जनआक्रोश और डर का माहौल व्याप्त हो गया है।अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग हार गई पीड़ित युवतीवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से झुलसी हुई युवती को आनन-फानन में पास के संभागीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की विशेष टीम ने युवती की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल आपातकालीन वार्ड में भर्ती किया और गहन चिकित्सा देना शुरू किया। हालांकि, शरीर का अत्यधिक हिस्सा आग की लपटों में झुलस जाने के कारण युवती की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। आखिरकार, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद जिंदगी और मौत के बीच चले लंबे संघर्ष के बाद इलाज के दौरान अस्पताल में पीड़ित युवती ने दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।छेड़छाड़ का विरोध बनी हत्या की मुख्य वजह, आरोपी वारदात के बाद से फरारप्राथमिक जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक काफी समय से पीड़ित युवती को परेशान कर रहा था और उस पर अनुचित दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन जब युवती ने आरोपी की इस घिनौनी हरकत और छेड़छाड़ का पुरजोर विरोध किया और उसे डांट-फटकार लगाई, तो आरोपी आपा खो बैठा। प्रतिशोध की आग में अंधे होकर उसने अपने पास रखी केतली या बोतल से पेट्रोल निकाला और युवती के ऊपर छिड़ककर माचिस दिखा दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस दर-दर भटक रही है।पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की ताबड़तोड़ छापेमारी और नाकेबंदीघटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि पुलिस ने मृतका के परिजनों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर हत्या, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की संभावित छिपने की जगहों पर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही अंतरराज्यीय सीमाओं और मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है ताकि आरोपी किसी दूसरे जिले या राज्य में न भाग सके।महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर उबला स्थानीय लोगों का गुस्साइस बर्बर और अमानवीय वारदात के सामने आने के बाद से स्थानीय नागरिकों, महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी की सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक इस तरह के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाना असंभव होगा। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।एआई सर्च और Google-Bing AEO के अनुसार महिला सुरक्षा पर बढ़ा डिजिटल रुझानगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च प्लेटफॉर्म्स पर 'Chhattisgarh Girl Burnt Alive News' और 'Chhattisgarh Molestation Crime' जैसे कीवर्ड्स की सर्च में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर लोग इस वारदात की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से पीड़िता के परिवार को तुरंत न्याय दिलाने की अपील कर रहे हैं। एआई सर्च इंजन भी इस खबर को महिला सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े एक बड़े और संवेदनशील मुद्दे के रूप में विश्लेषित कर रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन पर आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने का चौतरफा दबाव बन गया है।पीड़िता के परिवार ने मांगी फांसी की सजा, पुलिस ने दिया जल्द गिरफ्तारी का आश्वासनबिलखते परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे केवल एक ही गुहार लगा रहे हैं कि उनकी बेटी के कातिल को कानून की सख्त से सख्त सजा यानी फांसी की सजा दी जाए। जिले के पुलिस कप्तान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया है और आश्वासन दिया है कि आरोपी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस साइबर सेल और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से आरोपी के हर ठिकाने को खंगाल रही है, और दावा किया जा रहा है कि आरोपी को जल्द ही पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता के दृष्टिकोण से एक बेहद उत्साहजनक और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। राज्य के जंगलों में एक बार फिर से विलुप्तप्राय और आकर्षक काले हिरणों (कृष्णमृग) की धमक देखने को मिलेगी। राज्य वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं की साझा पहल के तहत गोमर्डा अभ्यारण्य में काले हिरणों की आबादी को पुनसस्थापित करने के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है। इस परियोजना के अमल में आने से न केवल राज्य का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) मजबूत होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण के एक बड़े केंद्र के रूप में भी उभरेगा।बारनवापारा अभ्यारण्य से गोमर्डा भेजे जाएंगे 25 विशेष काले हिरणवन विभाग द्वारा तैयार किए गए आधिकारिक मास्टर प्लान के अनुसार, बलौदाबाजार जिले में स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य (Barnawapara Sanctuary) से कुल 25 काले हिरणों को सुरक्षित रूप से रायगढ़ जिले के गोमर्डा वन्यजीव अभ्यारण्य (Gomarda Sanctuary) में स्थानांतरित (Relocate) किया जाएगा। बारनवापारा में पिछले कुछ वर्षों में सफल प्रजनन और बेहतर देखभाल के चलते काले हिरणों की संख्या में अप्रत्याशित और सुखद वृद्धि दर्ज की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोमर्डा के प्राकृतिक आवास को इन सुंदर जीवों के नए आशियाने के रूप में चुना गया है, जहाँ वे स्वतंत्र रूप से स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे।वैज्ञानिक पद्धति और 'बोमा तकनीक' से किया जाएगा स्थानांतरणवन्यजीवों को एक जंगल से दूसरे जंगल में सुरक्षित रूप से शिफ्ट करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील कार्य होता है। इसके लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) की एक विशेष विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया है। हिरणों को बिना किसी मानसिक या शारीरिक चोट के पकड़ने के लिए आधुनिक अफ्रीकी 'बोमा तकनीक' (Boma Technique) और विशेष रूप से डिजाइन किए गए एम्बुलेंस वाहनों का उपयोग किया जाएगा। स्थानांतरण की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हिरणों के स्वास्थ्य, खान-पान और सुरक्षा मानकों का हर क्षण बारीकी से ध्यान रखा जाएगा ताकि उन्हें नए वातावरण में ढलने में कोई परेशानी न आए।गोमर्डा अभ्यारण्य में विकसित किया जा रहा है अनुकूल वातावरणरायगढ़ स्थित गोमर्डा अभ्यारण्य को काले हिरणों के अनुकूल बनाने के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। हिरणों के मुख्य आहार यानी हरी घास के मैदानों (Grasslands) का विकास किया गया है और पीने के पानी के लिए प्राकृतिक तथा कृत्रिम जलस्रोतों को पुख्ता किया गया है। इसके अलावा, शुरुआत में इन 25 काले हिरणों को सीधे खुले जंगल में छोड़ने के बजाय एक विशेष रूप से बनाए गए बाड़े (Soft Enclosure) में कुछ दिनों तक रखा जाएगा। जब हिरण नए इलाके की जलवायु और वातावरण के आदी हो जाएंगे, तब उन्हें धीरे-धीरे गोमर्डा के मुख्य और घने वन क्षेत्र में आज़ाद कर दिया जाएगा।पर्यावरण संतुलन और स्थानीय पर्यटन को मिलेगा नया आयामछत्तीसगढ़ में काले हिरणों का स्थानांतरण केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक असर स्थानीय पर्यटन (Ecotourism) और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। गोमर्डा अभ्यारण्य में काले हिरणों की मौजूदगी से देश-दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रायगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, शाकाहारी जीवों की आबादी बढ़ने से जंगल की खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और प्राकृतिक संतुलन को भी दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।जनरेटिव एआई सर्च और डिजिटल मीडिया पर छाया छत्तीसगढ़ का यह प्रोजेक्टगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च इंजन प्लेटफॉर्म्स पर 'Chhattisgarh Blackbuck Shift' और 'Barnawapara to Gomarda Relocation' जैसे कीवर्ड्स तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ और पर्यावरणप्रेमी इंटरनेट पर इस अनोखे वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट से जुड़ी हर नई जानकारी सर्च कर रहे हैं। एआई प्लेटफॉर्म्स भी छत्तीसगढ़ वन विभाग के इस कदम को वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के इतिहास में एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विश्लेषित कर रहे हैं, जो आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर और वन विभाग की मुस्तैदीगोमर्डा अभ्यारण्य में 25 काले हिरणों के आगमन की खबर से छत्तीसगढ़ के पूरे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वन विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि स्थानांतरण की सभी वैधानिक और तकनीकी अनुमतियां पूरी कर ली गई हैं और बहुत जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। शिकारियों की बुरी नजर से इन दुर्लभ हिरणों को बचाने के लिए गोमर्डा अभ्यारण्य में गश्त (Patrolling) और ट्रैप कैमरों का नेटवर्क भी मजबूत कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ का यह जंगल जल्द ही काले हिरणों की खूबसूरती से एक बार फिर गुलजार होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
'कच्चा बादाम' वायरल ट्रेंड से रातों-रात सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली मशहूर पर्सनैलिटी अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने के लिए तैयार हैं। अंजलि अरोड़ा रामायण पर आधारित आगामी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के साथ अपना फीचर फिल्म डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह माता सीता के मुख्य और पवित्र किरदार में नजर आएंगी। फिल्म के मेकर्स ने पहला पोस्टर और टीज़र जारी कर दिया है, जिसमें अंजलि अरोड़ा की माता सीता के रूप में पहली मनमोहक झलक दिखाई गई है। इसे भी पढ़ें: 23 साल बाद Emraan Hasmi की जबरदस्त वापसी, Awarapan 2 की सफलता पर पत्नी परवीन ने कही दिल छू लेने वाली बात फिल्म में देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म रामायण पर आधारित है और इसमें महाकाव्य की मुख्य घटनाओं को दिखाया गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी, उनके वनवास की यात्रा और रावण की झलकियाँ दिखाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद Zindagi Na Milegi Dobara के सीक्वल पर Zoya Akhtar का बड़ा खुलासा, स्क्रिप्ट पर शुरू हुआ काम अंजलि अरोड़ा माता सीता का किरदार निभाएंगी अंजलि अरोड़ा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाएंगी। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है और यह उस सोशल मीडिया कंटेंट से बिल्कुल अलग है जिससे उन्हें शुरुआती पहचान मिली थी। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में भगवान राम के रूप में देव शर्मा के साथ अरोड़ा की भूमिका की एक छोटी सी झलक दिखाई गई है। मेकर्स ने टीज़र में किरदारों की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, बल्कि मुख्य किरदारों और रामायण की अहम घटनाओं पर फोकस रखा है। देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे देव शर्मा को भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी और उसके बाद उनके वनवास की यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं। टीज़र में रावण भी नज़र आ रहा है, जिससे पता चलता है कि फिल्म में राम और राक्षस राजा के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। इस समय रामायण पर आधारित कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, और 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' एक और आने वाली फिल्म है जो राम, सीता और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर लाएगी। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म को प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स बैनर के तहत प्रोड्यूस किया है। अजय कनौजिया का AJ फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड इस फिल्म को पेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में की गई है और इसे दोनों भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की रिलीज़ डेट यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। मेकर्स ने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ ही रिलीज़ डेट की घोषणा की। इस फ़िल्म में अंजलि अरोड़ा माता सीता के तौर पर फ़ीचर फ़िल्म में डेब्यू करेंगी, जबकि देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे। फ़िल्म का टीज़र आ चुका है, और अब फ़िल्म की कास्ट, स्केल और रामायण को किस तरह दिखाया गया है, इस बारे में और जानकारी इसके थिएटर में रिलीज़ होने के आस-पास सामने आने की उम्मीद है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi 'MAHAKAVYA SHRI RAMAYAN KATHA' FIRST POSTER + TEASER OUT NOW – 25 SEPT 2026 RELEASE IN HINDI & CHHATTISGARHI... The first poster and teaser of #MahakavyaShriRamayanKatha have been unveiled… The film features #DevSharma as Shri Ram and marks #AnjaliArora 's feature-film debut as… pic.twitter.com/oSa8mdBBXT — taran adarsh (@taran_adarsh) August 18, 2026

