Chhattisgarh में दो नए रेल खंड शुरू, CM Vishnu Deo Sai ने दिखाई हरी झंडी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राज्य में दो रेल लाइन का उद्घाटन किया और नये बने इन खंडों पर यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, रायपुर में बनने वाली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (इंजन) रखरखाव सुविधा की आधारशिला भी रखी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिल्ली से ऑनलाइन इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जिन रेल लाइन का उद्घाटन किया गया उनमें ताड़ोकी-रावघाट रेल खंड और अभनपुर-कुरुद ब्रॉड-गेज लाइन शामिल हैं। साय ने रावघाट को रायपुर से और रायपुर को कुरुद से जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश में रेलवे बुनियादी ढांचे में काफी विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान, छत्तीसगढ़ को सालाना रेलवे बजट में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये मिलते थे, जो अब लगभग 24 गुना बढ़कर सात हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। साय ने कहा, यह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि आज दो नई रेल लाइन और ट्रेन सेवाओं का उद्घाटन हो रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए मोदी और वैष्णव को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि रावघाट-रायपुर रेल सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। साय ने कहा कि इस नई रेल सेवाओं से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले, कुरुद होते हुए रायपुर-धमतरी मार्ग पर नैरो-गेज रेलवे लाइन थी, जबकि अब ब्रॉड-गेज नेटवर्क को कुरुद तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस लाइन को आगे धमतरी तक बढ़ाने का काम जारी है। साय ने कहा कि राज्य में कई बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें परमलकासा-खरसिया कॉरिडोर, 182 किलोमीटर लंबी अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)-बरवाडीह (झारखंड) रेलवे परियोजना और रावघाट-जगदलपुर लाइन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशन को विश्व-स्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिनमें से आठ का काम पूरा हो चुका है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार उन क्षेत्रों को जोड़ने के लिए काम कर रही है जो दशकों से रेलवे नेटवर्क से बाहर थे। उन्होंने कहा, नये रेलवे खंड (ताड़ोकी-रावघाट) के उद्घाटन के साथ, रायपुर अब दल्लीराजहरा के रास्ते रावघाट से जुड़ गया है। आगे चलकर इसे जगदलपुर तक बढ़ाया जाएगा, और फिर ओडिशा के कोरापुट तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तक जोड़ा जाएगा। वैष्णव ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने फैसला किया है कि रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 57 हजार करोड़ रुपये के रेल परियोजनाओं पर काम जारी है और राज्य में रेलवे का सौ प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेल परियोजनाओं के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आधुनिक नौ हजार हॉर्सपावर वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (इंजन) के रखरखाव के लिए एक सुविधा केंद्र रायपुर में विकसित किया जाएगा, इसकी आधारशिला मंगलवार को रखी गई। वैष्णव ने कहा कि ये शक्तिशाली और आधुनिक इंजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के हैं, और भविष्य में इन्हें भारत से दूसरे देशों को निर्यात भी किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि 95 किलोमीटर लंबे दल्लीराजहरा-रावघाट रेलवे परियोजना का काम पिछले महीने पूरा हो गया, जब ताड़ोकी और रावघाट के बीच आखिरी 17.5 किलोमीटर के हिस्से में पटरियां बिछा दी गईं। उन्होंने बताया कि 77.5 किलोमीटर लंबे दल्लीराजहरा-ताड़ोकी खंड पर यात्री ट्रेन सेवाएं पहले से ही चल रही थीं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही, हाल ही में पूरे हुए ताड़ोकी-रावघाट खंड पर भी परिचालन शुरू हो गया। अधिकारियों के अनुसार, यह सिंगल-लाइन, विद्युतीकृत ब्रॉड-गेज खंड लगभग 240 किलोमीटर लंबे दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेलवे परियोजना का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना छत्तीसगढ़ सरकार, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और भारतीय रेलवे का एक संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से बस्तर क्षेत्र के दूर-दराज के इलाकों में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बस्तर को कभी माओवादियों का गढ़ माना जाता था। इस परियोजना से रावघाट खदानों से लौह अयस्क को दुर्ग जिले में स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र तक ले जाना आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और साथ ही कृषि उत्पादों तथा अन्य व्यावसायिक सामानों के परिवहन में भी आसानी होगी।
100 करोड़ की गिरदावरी परियोजना अधूरी छोड़ गई कंपनी, एप डाउनलोड करना भी असुरक्षित
Girdawari Project Chhattisgarh: राजस्व विभाग ने करीब दो वर्ष पहले फसलों के भौतिक सत्यापन के लिए रामटेक साफफ्टवेयर साल्यूशंस को करीब 100 करोड़ रुपये की निविदा दी थी।
'कच्चा बादाम' वायरल ट्रेंड से रातों-रात सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली मशहूर पर्सनैलिटी अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने के लिए तैयार हैं। अंजलि अरोड़ा रामायण पर आधारित आगामी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के साथ अपना फीचर फिल्म डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह माता सीता के मुख्य और पवित्र किरदार में नजर आएंगी। फिल्म के मेकर्स ने पहला पोस्टर और टीज़र जारी कर दिया है, जिसमें अंजलि अरोड़ा की माता सीता के रूप में पहली मनमोहक झलक दिखाई गई है। इसे भी पढ़ें: 23 साल बाद Emraan Hasmi की जबरदस्त वापसी, Awarapan 2 की सफलता पर पत्नी परवीन ने कही दिल छू लेने वाली बात फिल्म में देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म रामायण पर आधारित है और इसमें महाकाव्य की मुख्य घटनाओं को दिखाया गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी, उनके वनवास की यात्रा और रावण की झलकियाँ दिखाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद Zindagi Na Milegi Dobara के सीक्वल पर Zoya Akhtar का बड़ा खुलासा, स्क्रिप्ट पर शुरू हुआ काम अंजलि अरोड़ा माता सीता का किरदार निभाएंगी अंजलि अरोड़ा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाएंगी। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है और यह उस सोशल मीडिया कंटेंट से बिल्कुल अलग है जिससे उन्हें शुरुआती पहचान मिली थी। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में भगवान राम के रूप में देव शर्मा के साथ अरोड़ा की भूमिका की एक छोटी सी झलक दिखाई गई है। मेकर्स ने टीज़र में किरदारों की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, बल्कि मुख्य किरदारों और रामायण की अहम घटनाओं पर फोकस रखा है। देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे देव शर्मा को भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी और उसके बाद उनके वनवास की यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं। टीज़र में रावण भी नज़र आ रहा है, जिससे पता चलता है कि फिल्म में राम और राक्षस राजा के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। इस समय रामायण पर आधारित कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, और 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' एक और आने वाली फिल्म है जो राम, सीता और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर लाएगी। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म को प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स बैनर के तहत प्रोड्यूस किया है। अजय कनौजिया का AJ फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड इस फिल्म को पेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में की गई है और इसे दोनों भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की रिलीज़ डेट यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। मेकर्स ने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ ही रिलीज़ डेट की घोषणा की। इस फ़िल्म में अंजलि अरोड़ा माता सीता के तौर पर फ़ीचर फ़िल्म में डेब्यू करेंगी, जबकि देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे। फ़िल्म का टीज़र आ चुका है, और अब फ़िल्म की कास्ट, स्केल और रामायण को किस तरह दिखाया गया है, इस बारे में और जानकारी इसके थिएटर में रिलीज़ होने के आस-पास सामने आने की उम्मीद है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi 'MAHAKAVYA SHRI RAMAYAN KATHA' FIRST POSTER + TEASER OUT NOW – 25 SEPT 2026 RELEASE IN HINDI & CHHATTISGARHI... The first poster and teaser of #MahakavyaShriRamayanKatha have been unveiled… The film features #DevSharma as Shri Ram and marks #AnjaliArora 's feature-film debut as… pic.twitter.com/oSa8mdBBXT — taran adarsh (@taran_adarsh) August 18, 2026
छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड: पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट हुए जारी, cgbse.nic.in पर करें चेक
Chhattisgarh CGBSE 12th Revaluation Result 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(CGBSE) ने छत्तीसगढ़ कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। यहां देखें ड

